AISMNF की जिला इकाई का गठन:मेरठ में फेडरेशन की जिला इकाई गठित, नीरज को दो मंडलों की जिम्मेदारी
मेरठ में ऑल इंडिया स्माल एंड मीडियम न्यूज पेपर्स फेडरेशन के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शोएब अहमद के निर्देश पर मेरठ में संगठन की जिला इकाई का गठन किया गया है। जिला इकाई में नीरज त्यागी को अध्यक्ष और मनमोहन भल्ला को महामंत्री मनोनीत किया गया है। इसके साथ ही नीरज त्यागी को मेरठ और सहारनपुर मंडल का प्रभारी भी बनाया गया है। संगठन के उपाध्यक्ष मुकेश गोयल और महामंत्री नीरज गुप्ता ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में दोनों मंडलों में संगठन को और मजबूती मिलेगी। पदाधिकारियों ने संगठन के हित में सक्रियता से कार्य करने की बात कही।
सीहोर जिले के पीपलखेड़ा गांव के पास मंगलवार को ज्ञान वैली स्कूल की बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे झाड़ियों और गड्ढे में उतर गई। बस में कई स्कूली बच्चे सवार थे। हादसे में एक बच्ची को मामूली चोट आई, जबकि बाकी सभी बच्चे सुरक्षित हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस रोज की तरह बच्चों को लेकर जा रही थी। पीपलखेड़ा के पास अचानक बस का संतुलन बिगड़ा और वह सड़क से नीचे उतरकर झाड़ियों और गड्ढे में जा पहुंची। बस के नीचे उतरते ही बच्चे घबरा गए और शोर मचाने लगे। ग्रामीणों ने बच्चों को बस से बाहर निकाला हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बस में मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की जानकारी मिलने पर बच्चों के माता-पिता भी मौके पर पहुंचने लगे। एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि अहमदपुर थाना क्षेत्र में ज्ञान वैली स्कूल की बस रसूलपुरा के पास सड़क से उतर गई थी। हादसे में एक बच्ची को हल्की चोट आई, जिसे सहयोग अस्पताल अहमदपुर ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक बस पलटने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
चित्रकूट पुलिस में मंगलवार देर रात बड़ा फेरबदल किया गया। एसपी अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर 62 सिपाहियों और 15 निरीक्षक-उपनिरीक्षकों समेत कुल 77 पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए हैं। सिपाहियों को थानों से हटाकर पुलिस लाइन और अन्य ड्यूटी में भेजा गया है, जबकि कई निरीक्षक और उपनिरीक्षकों की नई तैनाती की गई है। पुलिस विभाग ने तबादलों को प्रशासनिक व्यवस्था के तहत नियमित प्रक्रिया बताया है। फेरबदल के बाद जिले के कई थानों और चौकियों की ड्यूटी व्यवस्था में बदलाव होगा। दो उपनिरीक्षकों के स्थानांतरण स्वास्थ्य कारणों से निरस्त या स्थगित किए गए हैं। चार निरीक्षकों की बदली तैनाती निरीक्षक राजकुमार यादव को मऊ, राजेश उपाध्याय को पहाड़ी, योगेश कुमार चतुर्वेदी को सदर और शिवमसेन को चुनाव सेल से संबंधित नई जिम्मेदारी दी गई है। आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। नौ उपनिरीक्षकों के भी तबादले उपनिरीक्षक राजेश कुमार सरोज को एएसपी कार्यालय वाचक, बालकृष्ण को सीतापुर चौकी, राम सिंह यादव को बरगढ़, शुभाषराम को बहिलपुरवा, यदवेंद्र प्रताप सिंह को मारकुंडी और ज्ञान बहादुर को मानिकपुर भेजा गया है। वहीं अजहर जमाल की तैनाती मारकुंडी, शेषश्याम की रैपुरा और इन्द्रजीत गौतम की खोह चौकी में की गई है। 62 सिपाहियों को भी इधर से उधर किया तबादला सूची में 62 सिपाही भी शामिल हैं। इनमें कई को थानों से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है, जबकि कुछ को अन्य ड्यूटी में लगाया गया है। इससे थानों और चौकियों में तैनाती व्यवस्था में बदलाव होगा। उपनिरीक्षक पुरुषोत्तम पाण्डेय और अरविंद कुमार यादव के स्थानांतरण को स्वास्थ्य कारणों से निरस्त या स्थगित किया गया है। दोनों की नई तैनाती फिलहाल लागू नहीं होगी।
नमामि गंगे की विफलता पर भारी पड़ा जनसहयोग: मुंशीगंज में स्थानीय लोगों ने 5 दिन के कड़े परिश्रम से सई नदी को जलकुंभी से कराया मुक्त एक ओर जहाँ केंद्र व प्रदेश सरकार नमामि गंगे और स्वच्छ भारत अभियान जैसी अतिमहत्वाकांक्षी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही हैं, वहीं ज़मीनी स्तर पर ये योजनाएँ मुँह चिढ़ाती नज़र आ रही हैं। ताज़ा और प्रत्यक्ष प्रमाण रायबरेली के मुंशीगंज स्थित सई नदी के तट पर देखने को मिला, जहाँ प्रशासन की अनदेखी के बाद आखिरकार जनता को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ा। 2019 से जलकुंभी के जाल में जकड़ी थी सई नदी मुंशीगंज क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सई नदी वर्ष 2019 से जलकुंभी की घनी परत से पूरी तरह पटी हुई थी। स्थिति यह हो गई थी कि नदी में पानी का स्वाभाविक बहाव पूरी तरह थम चुका था और सड़ांध व दुर्गंध के कारण पास से निकलने पर राहगीरों का जीना मुहाल हो गया था। स्थानीय निवासियों द्वारा शासन-प्रशासन से सफाई की कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 'सुनिया कथा रघुनाथ की' टीम ने उठाया बीड़ा सरकारी मशीनरी की निष्क्रियता को देखते हुए समाजसेवी संस्था 'सुनिया कथा रघुनाथ की' टीम ने नदी के पुनरुद्धार का संकल्प लिया। टीम के मुख्य देख-रेखकर्ता विवेक मिश्रा (जिलाध्यक्ष, संयुक्त व्यापार मंडल एवं जिलाध्यक्ष, अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा, रायबरेली) के नेतृत्व में एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। 5 दिनों के अथक प्रयास से मिली सफलता विवेक मिश्रा ने बताया कि 5 दिनों तक चले इस गहन सफाई अभियान में 5 कुशल मजदूरों तथा स्थानीय लोगों और युवाओं के अमूल्य सहयोग से नदी को जलकुंभी से पूरी तरह मुक्त करा दिया गया है। आज सई नदी एक बार फिर से स्वच्छ और प्रवाहमान नज़र आ रही है। सफाई अभियान के सफल समापन पर विवेक मिश्रा ने कहा कि जनहित के मुद्दों को उठाना और जनसमस्याओं का स्थायी निराकरण करना हमारी टीम का नैतिक कर्तव्य है।उन्होंने पूर्व में किए गए सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे पूर्व भी उनकी टीम ने बालापुर अभ्यदाता मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें लगवाने का कार्य किया था, जिससे रात में आवागमन सुगम हुआ। वहीं मनिका रोड की जर्जर और बदहाल स्थिति पर खुद गिट्टी व मिट्टी डलवाकर मार्ग को चलने योग्य बनाया था।विवेक मिश्रा ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक उपेक्षा के बावजूद समाज सेवा का यह सिलसिला थमने वाला नहीं है और जनहित के ऐसे कार्य निरंतर जारी रहेंगे।
जींद में आज मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा एक साथ दिखाई देंगे। दोनों जिला स्तरीय सेवा ज्योति यात्रा और अर्जुन स्टेडियम में होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव कार्यक्रम दिखाया जाएगा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी जाएगी। जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों कर चुके निरीक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आयोजन स्थल पर पेयजल, शौचालय, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीसी डॉ. वैशाली शर्मा स्वयं अधिकारी निरीक्षण कर चुकी हैं। उन्होंने अधिकारियों को आपसी तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हो। डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने भी अधिकारियों के साथ आयोजन स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्य निर्देश दिए। लोगों को जागरूक करने का प्रयास डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। सेवा ज्योति यात्रा इसी भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम है, जिसके जरिए समाज में सेवा और सहभागिता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया जा रहा है।
मानसून की विदाई के बाद प्रयागराज में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बुधवार को सुबह से तेज धूप निकली है, जिससे दिन में गर्मी और उमस महसूस हो रही है। वहीं, शाम होते ही मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने से मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। दिन में गर्मी, रात में ठंडक बुधवार को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह धूप निकलने के बाद तापमान बढ़ रहा है। दोपहर में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस होगी। हालांकि, शाम के बाद तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी। देर रात और सुबह के समय हल्की ठंडक महसूस हो रही है। ग्रामीण इलाकों में रात को ज्यादा ठंड शहर की तुलना में ग्रामीण और खुले इलाकों में रात के समय ठंडक ज्यादा महसूस हो रही है। ओस पड़ने और तापमान में गिरावट के कारण देर रात मौसम सुहावना हो रहा है। सुबह के समय भी हल्की ठंडक रहती है, लेकिन सूरज निकलने के बाद तापमान तेजी से बढ़ जाता है। 10 अक्टूबर के बाद बढ़ सकती है ठंडक मौसम में बदलाव के साथ रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है। 10 अक्टूबर के बाद सुबह और देर रात ठंडक बढ़ सकती है। अगले कुछ दिनों तक दिन में तेज धूप और गर्मी, जबकि रात में मौसम ठंडा रहने का अनुमान है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में दिन और रात के तापमान में अंतर और बढ़ने से ठंड का असर धीरे-धीरे महसूस होने लगेगा।
जोधपुर शहर के बासनी थाना क्षेत्र में मंगलवार रात पुलिस ने एक स्पा सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फ्यूजन थैरेपी स्पा सेंटर पर दबिश देकर 4 विदेशी युवतियों और 3 युवकों समेत कुल 7 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक व संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इस पर एसीपी वेस्ट भंवरलाल जांगिड़ के नेतृत्व में बासनी थाना पुलिस ने अचानक फ्यूजन थेरेपी स्पा सेंटर पर छापा मारा। मौके से पुलिस ने 4 विदेशी युवतियों और 3 स्थानीय युवकों को पकड़ा। स्पा सेंटर पर नहीं मिला मालिक एसीपी भजनलाल जांगिड़ ने बताया कि फ्यूजन थैरेपी स्पा सेंटर पर विदेशी युवतियों के ठहरने ओर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी इस पर बासनी थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। वहां तीन युवक ओर चार थाईलैंड की युवतियां मिली। जिन्हें डिटेन कर थाने ले जाया गया। स्पा सेंटर पर मालिक नहीं मिला, लेकिन तीन कर्मचारी मिले। जिन्होंने स्पा सेंटर चलाने का कोई लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर पाए। वहीं थाईलैंड की युवतियों के वीजा पासपोर्ट आदि की जांच की जा रही है। पहले भी पकड़ी गई थी थाईलैंड की युवतियां बता दें कि जोधपुर के बासनी, कुड़ी, चौपासनी में कई अवैध स्पा सेंटरों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई हैं। जहां थाईलैंड की युवतियां पकड़ी गई थी। स्पा की आड़ में अनैतिक गतिविधियां भी करवाई जा रही है, लेकिन पुलिस की पर्याप्त मॉनिटरिंग के अभाव में कई जगहों पर ऐसे स्पा सेंटर नियम तोड़ते नजर आते हैं।
करनैलगंज में राम बारात की भव्य तैयारी:8 अक्टूबर को निकलेगी बारात, सीता-राम का होगा विवाह
गोंडा में करनैलगंज की उत्तर प्रदेश की टॉप फाइव रामलीलाओं में शामिल ऐतिहासिक रामलीला में भगवान श्रीराम की भव्य राम बारात की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 8 अक्टूबर को शाम छह बजे श्री रामलीला भवन, गुड़ाही बाजार से श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की शाही राम बारात गाजे-बाजे के साथ निकाली जाएगी। राम बारात नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गाड़ी बाजार स्थित जनकपुरी धाम मंदिर पहुंचेगी। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत करेंगे। जनकपुरी धाम में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ भगवान श्रीराम और माता सीता का परिणय महोत्सव संपन्न होगा। रामलीला कमेटी अध्यक्ष मोहित पांडेय ने बताया कि आयोजन को भव्य बनाने के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। सुदूर प्रदेशों से आए कलाकार राम बारात में विशेष प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है।
छतरपुर जिले के नौगांव शहर में मंगलवार शाम एसबीआई के पास एक महिला की सोने की चेन झपटने की कोशिश हुई। गल्ला मंडी रोड पर पांच महिलाएं एक साथ जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से आए युवक ने मनोरमा जैन के गले से चेन खींच ली। चेन मजबूत होने के कारण टूटकर जमीन पर गिर गई और आरोपी उसे लेकर भाग नहीं सका। हालांकि, चेन खींचने से महिला की गर्दन पर चोट आई। महिलाओं के शोर मचाने पर आरोपी पास की गली में भाग गया। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में वह गली की ओर भागता दिखाई दे रहा है। दूसरे कैमरे में वह कुछ देर बाद मोबाइल पर बात करते हुए सामान्य तरीके से जाता नजर आ रहा है। आरोपी हिरासत में, आज होगी शिनाख्त नौगांव टीआई संजय राय ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। बुधवार को उसकी शिनाख्ती की जाएगी। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पुलिस का कहना है कि आरोपी महिलाओं का पीछा कर रहा था और मौका मिलते ही उसने मनोरमा जैन की चेन खींच ली। चेन जमीन पर गिरने से सोना बच गया। पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं नौगांव में इससे पहले मंसा देवी मंदिर क्षेत्र में मंगलसूत्र लूट और मोबाइल छीनने की कोशिश की घटना सामने आई थी। वहीं गर्ल्स स्कूल चौराहे के पास भी मोबाइल छीनने की वारदात हो चुकी है। नवरात्रि के चलते शहर के बाजारों और मंदिरों में भीड़ बढ़ी हुई है। ऐसे में गल्ला मंडी जैसे व्यस्त इलाके में चेन झपटने की कोशिश के बाद बाजार, मंदिरों और प्रमुख चौराहों पर पुलिस गश्त बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है।
मंडला शहर के चिलमन चौक स्थित रेड सिग्नल पर यातायात पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। मंगलवार रात का बताए जा रहे वीडियो में आरक्षक भीड़भाड़ वाले चौराहे पर माइक लेकर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने की समझाइश देता नजर आ रहा है। उसके बोलने और व्यवहार के तरीके को लेकर सोशल मीडिया पर उसके नशे में होने की आशंका जताई जा रही है। वीडियो में पुलिसकर्मी भावुक अंदाज में करता दिखा अपील वीडियो में पुलिसकर्मी लोगों से भावुक अंदाज में बात करते हुए पुलिस पर लगाए जाने वाले आरोपों का जिक्र करता सुनाई दे रहा है। वह कहता है कि राजधानी से यातायात नियमों के पालन को लेकर आदेश जारी होते हैं और पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करते हैं। इसके साथ ही वह लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने लिया संज्ञान इसी दौरान किसी व्यक्ति ने पुलिसकर्मी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद यातायात विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है। विभाग अब आरक्षक के व्यवहार और वायरल वीडियो की जांच कर रहा है। मेडिकल जांच के बाद होगी कार्रवाई यातायात प्रभारी ललित धुर्वे ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो की जानकारी मिली है। संबंधित आरक्षक उमेश मरकाम की मेडिकल जांच कराई जा रही है। जांच में यदि वह दोषी पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बाजार का खाना और जंक फूड बच्चों को बीमार कर रहा है। इतना ही नहीं, उम्र में बड़े लोगों को होने वाली बीमारियां बच्चों को होने लगी हैं। बच्चों के लिए जंक फूड कितना खतरनाक है। इसे लेकर डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट के हेड डॉ. मोहन मकवाना से दैनिक भास्कर ने बातचीत की। इसमें उन्होंने बताया- 100 में से 12 बच्चे जंक फूड की वजह से ब्लड प्रेशर (BP) और शुगर जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इनमें 7 से 8 साल तक के बच्चे भी शामिल हैं। जंक फूड में मिलाए जाने वाले केमिकल और आर्टिफिशियल कलर बच्चों की ग्रोथ पर भी असर डाल रहे हैं। इनकी वजह से बच्चों को ग्लूटेन (गेहूं) एलर्जी जैसी बीमारियां भी हो रही हैं। पढ़िए ये खास रिपोर्ट… सवाल-1: क्या होता है जंक फूड, जिसकी वजह से बच्चों में बीमारियां बढ़ रही हैं? जवाब: जंक फूड में ज्यादा तेल, शुगर और एडिबल कंटेंट के साथ एक्स्ट्रा कलर होता है। कई प्रोडक्ट्स ऐसे भी हैं, जिन्हें अल्ट्रा प्रोसेस्ड से गुजारा जाता है। इन सभी की वजह से उस खाने की न्यूट्रिशनल वैल्यू कम हो जाती है। ये केवल खाने में ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। सवाल: 2: यदि बच्चे जंक फूड ज्यादा खाते हैं तो इसका क्या असर होता है? जवाब: पानी- यदि जंक फूड में यूज किया पानी साफ नहीं है तो इससे पेट में खराबी और डायरिया की शिकायत हो सकती है। ज्यादा शुगर और नमक- बच्चों के लिए ये दोनों खतरनाक हैं। इससे मोटापा, ब्लड प्रेशर या फैट ज्यादा बढ़ता है। केमिकल: जंक फूड में मिलाए जाने वाले केमिकल बच्चों में हड्डियों की ग्रोथ को रोकते हैं। ब्लड में इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ता है। कोल्ड ड्रिंक्स: बच्चों के लिए ज्यादा कोल्ड ड्रिंक्स भी खतरनाक है। इससे कैंसर का खतरा तक बढ़ने की आशंका रहती है। सवाल: 3: क्या जंक फूड से बच्चे बीमार हो रहे हैं? कितने बच्चे इस तरह की बीमारी के सामने आ रहे हैं? जवाब: जंक फूड के कारण 7 से 8 साल तक के बच्चों में शुगर और ब्लडप्रेशर जैसी बीमारियां आ रही हैं। 10 से 12 प्रतिशत बच्चे यानी 100 में से 10 से 12 बच्चे इन बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। सवाल: 4: बच्चों में खाने समेत दूसरी एलर्जी का भी कारण क्या जंक फूड हैं? जवाब: हां, इनमें डाले जाने वाले आर्टिफिशियल कलर एलर्जी के सबसे बड़े कारण हैं। इन बीमारियों से बच्चों को सामान्य खाने से जैसे ग्लूटेन एलर्जी का भी खतरा बढ़ रहा है। इसके अलावा पेट, स्किन, ब्लड के अलावा सांस में होने वाली सबसे बड़ी एलर्जी का भी ये ही कारण है। जंक फूड खाते ही यदि बच्चे को खांसी आ रही है तो ये भी एक तरह की एलर्जी है। सवाल: 5: जंक फूड में ऐसा क्या होता है कि बच्चों को शुगर और बीपी जैसी बीमारियां हो रही हैं? जवाब: एक्स्ट्रा ऑयल, शुगर और फैट, मोनो सोडियम ग्लूटामेट, एक्स्ट्रा सॉल्ट, प्रिजर्वेटिव, एनिमल फैट, कलरिंग एजेंट्स। सवाल: 6: क्या प्लास्टिक की बोतल में बिकने वाले पेय पदार्थ भी हानिकारक हैं? जवाब: हां, क्योंकि ये लंबे समय तक प्लास्टिक की बोतल में बंद रहते हैं। हम देखते भी हैं कि दुकानों के बाहर ये रखे जाते हैं। 46 डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर में इसके माइक्रो प्लास्टिक कम्पोनेंट पेय पदार्थ में घुल जाते हैं। फिर हम इस टेम्प्रेचर के पेय पदार्थ को ठंडा करने के लिए फ्रिज में भी रखते हैं। ये कम्पोनेंट बच्चों की बॉडी को अंदर से डेमैज करते हैं। सवाल:7: कितने साल तक के बच्चों को जंक फूड से दूर रखना चाहिए? जवाब: वैसे जंक फूड सभी उम्र के लोगों के लिए खतरनाक है। बच्चों की बात की जाए तो ग्रोइंग ऐज यानी 18 साल तक के बच्चों को जंक फूड से दूर रखना चाहिए। इसका कारण ये है कि शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां जो बड़े उम्र के लोगों में होती थी, वे अब बच्चों में हो रही हैं। सवाल: 8: बच्चों के लिए हेल्दी फूड कौनसा होता है? जवाब: जिनमें पानी साफ हो, मिलावट बिल्कुल न हो, ऑयल को एक बार ही यूज करते हों। इसके अलावा जिनमें फैट, सॉल्ट और शुगर का कंटेंट कम हो। … यह खबर भी पढ़ें... हाईकोर्ट ने स्कूलों में जंक फूड पर रोक लगाई:कैंटीन और स्कूल गेट के 50 मीटर दायरे में बेचने पर बैन; हर महीने जांच करेंगे अफसर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की सभी स्कूलों की कैंटीन और स्कूलों के गेट से 50 मीटर दायरे में जंक फूड बेचने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को लेकर संज्ञान लिया था। जस्टिस अनूप कुमार ढंढ की बेंच ने स्कूलों में जंक फूड बेचने और बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम पर चिंता जताई। (पूरी खबर पढ़ें)
मुजफ्फरनगर में व्यस्त सड़क पर स्कूटी सवार युवकों की खतरनाक स्टंटबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दो युवक चलती स्कूटी पर स्टंट करते नजर आ रहे हैं। एक युवक स्कूटी चला रहा है, जबकि उसके पीछे दूसरा युवक घुटनों के बल खड़ा दिखाई दे रहा है। वीडियो मंगलवार रात करीब 10 बजे का बताया जा रहा है। वीडियो में दोनों युवक सड़क पर चलते ट्रैफिक के बीच इस तरह स्कूटी चलाते नजर आ रहे हैं। पीछे चल रहे कुछ युवकों ने इस पूरी हरकत को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो मंगलवार रात का बताया जा रहा है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो शहर के किस थाना क्षेत्र या किस सड़क का है। वीडियो सामने आने के बाद सड़क पर इस तरह की स्टंटबाजी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। चलती स्कूटी पर इस तरह स्टंट करना सवारों के साथ-साथ सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों के लिए भी खतरा बन सकता है। फिलहाल वीडियो के आधार पर युवकों की पहचान और घटना की सही जगह की जानकारी सामने नहीं आई है। आपको बता दें कि ये ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जबकि इससे पहले भी मुजफ्फरनगर की सड़कों पर ख़तरनाक स्टंटबाजी के वीडियो सामने आते रहते हैं और समय समय पर पुलिस ऐसे लोगों को सबक भी सिखाती रहती है लेकिन युवाओं के सिर पर से जैसे स्टंटबाजी का भूत उतरने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही के दिनों में पानीपत खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल प्लाजा के पास एक बाइक पर सवार 5 युवकों की वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद मीरापुर थाना पुलिस ने सभी पांचों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि बाइक को सीज करते हुए भारी जुर्माना भी किया था।
लखीमपुर खीरी में पत्नी की हत्या के दोषी पति मुन्ना को उम्रकैद मिली है। एडीजे मोहम्मदी दिनेश गौतम की अदालत ने मंगलवार को उसे 11 हजार रुपये जुर्माने के साथ यह सजा सुनाई। 13 जुलाई 2022 को पसगवां थाना क्षेत्र के रूरा गांव में मुन्ना का अपनी पत्नी शाहजहां से झगड़ा हुआ था। उसने बांके से शाहजहां पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी मौके से भाग गया था। रफी अहमद की शिकायत पर मुन्ना के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर खून से सना बांका बरामद किया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने रफी अहमद, चांदनी, यासीन और डॉ. निशात गुप्ता जैसे गवाह पेश किए। अदालत ने मुन्ना को हत्या का दोषी माना। आर्म्स एक्ट में भी मुन्ना दोषी ठहराया गया। उसे तीन साल जेल और एक हजार रुपये जुर्माना मिला।
कौशांबी के सैनी कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार रात दो बजे नेशनल हाईवे-19 पर हादसा हो गया। अठसराय ओवरब्रिज के पास खराब खड़ी डीसीएम में काम कर रहे चालक और कंडक्टर को तेज रफ्तार बलेनो कार ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सीएचसी सिराथू ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात करीब 2 बजे यूपी-112 पर हादसे की सूचना मिली। डीसीएम नंबर यूपी 35 टी 9605 ओवरब्रिज से पहले सड़क किनारे खराब खड़ी थी। चालक और कंडक्टर उसका एयर फिल्टर ठीक कर रहे थे। इसी दौरान कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही बलेनो ने दोनों को जोरदार टक्कर मार दी। एयर फिल्टर ठीक करते समय हुआ हादसाडीसीएम खराब होने के बाद चालक और कंडक्टर सड़क किनारे खड़े होकर वाहन का एयर फिल्टर ठीक कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर उनकी तरफ आ गई और दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कियाहादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को सीएचसी सिराथू भेजा। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। हादसे के बाद बलेनो सवार कार को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है। वाहन के नंबर के आधार पर उसके मालिक और फरार सवारों की जानकारी जुटाई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिसपुलिस हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके जरिए कार सवारों की पहचान और हादसे की पूरी घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मृतकों की पहचान कराने के लिए भी प्रयास कर रही है।
इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में मांगलिया सेंट्रल प्वाइंट के पास मंगलवार रात सड़क हादसे में बाइक सवार पिता की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों भोपाल से गमी के कार्यक्रम में शामिल होकर इंदौर लौट रहे थे। हादसे में अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। मौके पर पिता की मौत, बेटे का इलाज जारी मांगलिया पुलिस चौकी के अनुसार मृतक की पहचान लीलाकिशन (48) और घायल बेटे की पहचान रोहन कसोले (20) के रूप में हुई है। हादसा डाकाच्या के पास हुआ। टक्कर मारने वाले वाहन की फिलहाल पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की मदद से वाहन की तलाश कर रही है। सुबह भोपाल गए थे, देर रात लौटते समय हादसा रिश्तेदारों के मुताबिक लीलाकिशन और रोहन मंगलवार सुबह बाइक से भोपाल एक रिश्तेदार के यहां गमी में शामिल होने गए थे। देर रात इंदौर लौटते समय हादसा हो गया। लीलाकिशन सफाईकर्मी थे, जबकि रोहन एक टेलीकॉम कंपनी में काम करता है। परिवार में पत्नी और दो बेटियां भी हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। देवगुराड़िया हादसे में घायल टेलीकॉम कर्मचारी की मौत खुड़ैल थाना क्षेत्र के देवगुराड़िया के पास सड़क हादसे में घायल हुए टेलीकॉम कंपनी के कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। भवानी नगर निवासी अर्जुन (25) पुत्र तुलसीराम तलवारे 5 अक्टूबर की रात हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्हें उपचार के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार रात उनकी मौत हो गई। चार महीने पहले हुई थी शादी परिजनों के अनुसार अर्जुन एक टेलीकॉम कंपनी में काम करते थे। उनकी शादी करीब चार महीने पहले ही हुई थी। परिवार में माता-पिता और दो भाई हैं। खुड़ैल पुलिस ने मर्ग कायम कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। नगर निगम कर्मचारी ने फांसी लगाई खजराना थाना क्षेत्र में नगर निगम कर्मचारी राजू (66) पुत्र रामप्रसाद ने मंगलवार को अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के समय उनकी पत्नी और बेटा घर पर नहीं थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शराब की लत से घर में रहता था तनाव पुलिस के अनुसार राजू नगर निगम में कार्यरत थे। परिजनों ने बताया कि वह अत्यधिक शराब पीने के आदी थे, जिसके कारण घर में तनाव रहता था। परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
श्रावस्ती में भारी बारिश और तेज तूफान से बाधित हुई बिजली आपूर्ति को बहाल करने का काम अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। दैवीय आपदा के करीब 14 दिन बाद जिले के 405 प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई है। विद्युत विभाग ने अब तक 1635 टूटे पोल बदलने और 33 ट्रांसफार्मर लगाने का दावा किया है। हालांकि अभी भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। बुधवार सुबह 7:00 बजे बिजली विभाग के अनुसार जल्द सभी क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल होगी। विद्युत विभाग के अनुसार 24 और 25 सितंबर को भारी वर्षा, तेज हवा और अतिवृष्टि से जिले की बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान हुआ था। जिले को बिजली आपूर्ति करने वाले 13 विद्युत उपकेंद्र पूरी तरह ठप हो गए थे। इस दौरान करीब 2110 विद्युत पोल और 45 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे। मौसम सामान्य होते ही विद्युत विभाग ने कार्यदायी संस्थाओं और उपकेंद्रवार टीमों को लगाकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। अब तक 1635 पोल बदले जा चुके हैं और 33 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इससे 405 गांवों की आपूर्ति बहाल हुई है। शेष गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए कर्मचारी और कार्यदायी संस्थाएं युद्धस्तर पर जुटी हैं। शेष ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनें बड़ी संख्या में खेतों के बीच से गुजर रही हैं। खेतों में पानी भरा होने और तैयार फसल को नुकसान से बचाने के कारण पोल व लाइन की मरम्मत में दिक्कत आ रही है। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों व किसानों से समन्वय कर रास्ता निकालते हुए मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। विभाग का कहना है कि शेष टूटे पोल और क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर बदलकर जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि गिरे हुए बिजली के तार या पोल को न छुएं और जलभराव वाले स्थानों पर विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति में 1912 या व्हाट्सऐप नंबर 7669003409 पर सूचना देने की अपील की गई है।
बड़वानी शहर के मोटी माता मंदिर के सामने महाराणा प्रताप प्रतिमा स्थल पर नगर पालिका द्वारा करीब तीन महीने पहले कराए गए सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष और राजपूत समाज के राकेश सिंह जाधव ने काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इससे समाज में रोष है। नेता प्रतिपक्ष बोले- खंभे उंगली लगाने से हिल रहे राकेश सिंह जाधव ने कहा कि महाराणा प्रताप की प्रतिमा राजपूत समाज ने स्थापित की थी। नगर पालिका ने तीन महीने पहले प्रतिमा के सामने डेकोरेशन का काम कराया। आरोप लगाया कि खंभे ठीक से वेल्डिंग किए बिना लगाए गए हैं और उंगली लगाने पर हिल रहे हैं। उन्होंने तार टूटकर गिरने और जालियां गिरने या गायब होने की बात भी कही। पालिका के कामकाज पर लगाए गंभीर आरोप जाधव ने नगर पालिका के कामकाज और ठेकेदारी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही व्यक्ति लाइट, सामग्री सप्लाई और ठेके का काम कर रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि प्रभारी इंजीनियर ने किस गुणवत्ता परीक्षण के आधार पर काम और बिल पास किया। उनका कहना है कि महाराणा प्रताप सभी समाज के महापुरुष हैं, इसलिए प्रतिमा स्थल पर गुणवत्तापूर्ण काम होना चाहिए था। नपा अध्यक्ष बोलीं- वेस्ट से बेस्ट पर आधारित है काम नगर पालिका अध्यक्ष अश्विनी निक्कू चौहान ने कहा कि सौंदर्यीकरण का काम वेस्ट से बेस्ट की थीम पर किया गया है। शहर से निकलने वाले पुराने सामान का उपयोग कर बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि पुराने पोल पर नया पोल लगाकर काम किया गया, ताकि पालिका का खर्च कम हो। पोल हिल रहा है तो ठीक करवाएंगे अध्यक्ष ने कहा कि यदि कोई पोल हिल रहा है तो उसे ठीक करवाया जाएगा। राजपूत समाज के साथ पालिका का पूरा समन्वय है और सभी मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने पालिका और समाज के बीच विवाद पैदा करने का प्रयास किया था, लेकिन वह सफल नहीं हुआ।
मैनपुरी में दिनदहाड़े महिला के गले से सोने की चेन झपटकर भागने का मामला सामने आया है। घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। बुधवार को वारदात से जुड़ा एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया, जिसमें बाइक सवार संदिग्ध युवक महिला से चेन झपटते नजर आ रहे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। मामला थाना कोतवाली क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी का है। कृष्णा नगर गली नंबर तीन निवासी रेनू तोमर पत्नी जय कुमार तोमर ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 3 अक्टूबर की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह आवास विकास कॉलोनी स्थित अपनी मामी के घर से वापस अपने घर लौट रही थीं। बिछिया तिराहे पर ऑटो से उतरने के बाद वह पैदल अपनी कॉलोनी की गली की ओर जा रही थीं। पीड़िता के मुताबिक, वह कुछ दूर ही पहुंची थीं, तभी तीन पल्सर मोटरसाइकिलों पर सवार अज्ञात युवक वहां पहुंचे। युवकों ने सोने की चेन पर झपट्टा मारा रेनू तोमर के मुताबिक, बाइक सवार युवकों ने अचानक उनके गले में पहनी सोने की चेन पर झपट्टा मारा और चेन लेकर मौके से फरार हो गए। अचानक हुई वारदात से महिला घबरा गईं। उन्होंने बदमाशों का कुछ दूर तक पीछा करने की कोशिश भी की, लेकिन बाइक सवार तेज गति से भाग निकले। घटना के बाद पीड़िता थाने पहुंचीं और पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। घटना को तीन दिन बीत चुके हैं। बुधवार को वारदात से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया। वायरल वीडियो में बाइक सवार संदिग्ध युवक वारदात को अंजाम देते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस आसपास के CCTV भी खंगाल रही कोतवाली इंस्पेक्टर फतेह बहादुर सिंह भदोरिया ने बताया कि वारदात से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसके अलावा आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। उन्होंने बताया कि फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ पर्व-2026 के अवसर पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मध्य रेलवे ने मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) से बिहार के समस्तीपुर और दानापुर के बीच दो जोड़ी विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों में प्रयागराज छिवकी समेत कई स्टेशनों पर ठहराव होगा, जिससे क्षेत्रीय यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। प्रयागराज छिवकी पर ठहराव दोनों जोड़ी ट्रेनों में प्रयागराज छिवकी पर ठहराव है। 01043 में प्रयागराज छिवकी पर अगले दिन 11:10–11:15 बजे और 01044 में दोपहर 14:15–14:20 बजे ठहराव होगा। इसी तरह 01143 में 10:55–11:00 बजे और 01144 में 06:50–06:55 बजे ठहराव रहेगा। इससे प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर और आसपास के जिलों के यात्रियों को मुंबई और बिहार के बीच सीधी ट्रेन सुविधा मिलेगी। एलटीटी–समस्तीपुर साप्ताहिक विशेष (01043/01044) पहली जोड़ी में गाड़ी संख्या 01043/01044 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–समस्तीपुर–लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक विशेष शामिल है। यह ट्रेन 13 अक्टूबर से 17 नवंबर 2026 तक (01043) और 15 अक्टूबर से 19 नवंबर 2026 तक (01044) चलेगी। प्रत्येक दिशा में कुल 6-6 फेरे लगाए जाएंगे। कोच संरचना में 18 एसी तृतीय, 2 एसी द्वितीय और 2 एसएलआर कोच शामिल हैं, यानी कुल 22 कोच। ट्रेन 01043 एलटीटी से प्रत्येक मंगलवार को दोपहर 12:15 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन रात 23:45 बजे समस्तीपुर पहुंचेगी। वापसी में 01044 समस्तीपुर से प्रत्येक गुरुवार को सुबह 03:00 बजे चलेगी और शुक्रवार को दोपहर 15:45 बजे एलटीटी पहुंचेगी। एलटीटी–दानापुर दैनिक विशेष (01143/01144) दूसरी जोड़ी में गाड़ी संख्या 01143/01144 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–दानापुर–लोकमान्य तिलक टर्मिनस दैनिक विशेष शामिल है। यह सेवा 09 अक्टूबर से 21 नवंबर 2026 तक (01143) और 11 अक्टूबर से 23 नवंबर 2026 तक (01144) चलेगी। प्रत्येक दिशा में कुल 44-44 फेरे लगाए जाएंगे। कोच संरचना में 11 स्लीपर, 5 सामान्य, 4 एसी तृतीय और 2 एसएलआर कोच शामिल हैं, यानी कुल 22 कोच। ट्रेन 01143 एलटीटी से दैनिक सुबह 10:30 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन रात 21:50 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में 01144 दानापुर से रात 00:10 बजे चलेगी और तीसरे दिन सुबह 06:50 बजे एलटीटी पहुंचेगी। अन्य प्रमुख स्टेशन दोनों ट्रेनें पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU), बक्सर, आरा, दानापुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, सोनपुर, सतना, कटनी, इटारसी, भुसावल, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। त्योहारी सीजन में टिकट बुकिंग और अपडेटेड समय-सारणी के लिए यात्री आधिकारिक रेलवे स्रोतों (IRCTC/रेलवे स्टेशन) से पुष्टि कर लें, क्योंकि शेड्यूल में बदलाव संभव है।
उदयपुर में राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर राजस्थान राज्य सूचना आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने जिला रसद अधिकारी (ग्रामीण), उदयपुर पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। मामला वल्लभनगर तहसील निवासी प्रकाश चन्द्र सालवी से जुड़ा है। सालवी ने अपने राशन कार्ड से संबंधित जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी थी। लेकिन तय समय में सूचना नहीं मिली। पहली अपील का भी समाधान नहीं हुआ। इस पर उन्होंने आयोग में दूसरी अपील दायर की, जिसमें 3 फरवरी 2026 को आयोग ने 30 दिन में सूचना देने के निर्देश दिए थे, लेकिन उसकी भी पालना नहीं हुई और करीब सात महीने बाद जाकर जवाब भेजा। जवाब में विभाग ने बताया कि परिवादी के दो राशन कार्ड बने हुए थे, जिसमें से एक को डिलीट करना था, लेकिन भीण्डर पंचायत समिति के कर्मचारियों की गलती से दोनों ही कार्ड डिलीट कर दिए। उदयपुर के जिला रसद अधिकारी मणि खींची ने विभाग ने अतिरिक्त खाद्य आयुक्त, जयपुर को एक कार्ड फिर से एक्टिव करने के लिए पत्र लिखा। आयोग ने जताई नाराजगी राज्य सूचना आयोग ने आदेश में कहा कि सात महीने की देरी से जवाब देना, नोटिस के बावजूद उपस्थित नहीं होना और बार-बार अवसर दिए जाने के बाद भी अपना पक्ष नहीं रखना, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के प्रति गंभीर लापरवाही को दिखाता है। आयोग के अनुसार इस मामले में अधिकतम 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता था। हालांकि, परिवादी की संतुष्टि को देखते हुए 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है।जुर्माने की राशि 21 दिन के भीतर राजस्थान राज्य सूचना आयोग, जयपुर में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रायसेन में धान खरीदी के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए कृषि उपज मंडी को शहर से बाहर शिफ्ट करने की तैयारी तेज हो गई है। मंडी बोर्ड सचिव कविता झारिया ने टीम के साथ डबरा इमलिया के पास प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण किया। टीम ने जमीन की स्थिति देखने के साथ किसानों से भी फीडबैक लिया। किसानों ने नई जगह मंडी बनाए जाने पर सहमति जताई। निरीक्षण से पहले सचिव कविता झारिया ने विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी से भी चर्चा की थी। प्रस्तावित क्षेत्र में करीब 60 एकड़ सरकारी जमीन है, जिसमें से 25 एकड़ जमीन मंडी के लिए प्रस्तावित की गई है। किसानों और व्यापारियों की सहमति विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी के अनुसार नई जगह मंडी शिफ्ट करने को लेकर व्यापारियों से भी सहमति बन चुकी है। प्रस्तावित स्थान सांची, विदिशा और आसपास के करीब 200 गांवों के किसानों के लिए सुविधाजनक बताया जा रहा है। रायसेन मंडी में उपज के अच्छे भाव मिलने के कारण विदिशा जिले के किसान भी बड़ी संख्या में यहां अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं। धान खरीदी के समय वाहनों की संख्या बढ़ने से दशहरा मैदान के आसपास और शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। नई जगह मंडी बनने से शहर के अंदर आने वाले कृषि वाहनों की संख्या कम होने की उम्मीद है। 50 करोड़ से चौड़ा होगा पहुंच मार्ग निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित मंडी स्थल तक पहुंचने वाली सड़क को लेकर भी चर्चा हुई। विधायक डॉ. चौधरी ने बताया कि इस मार्ग को करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से चौड़ा और बेहतर बनाने की स्वीकृति मिल चुकी है। भविष्य में इसे बायपास से जोड़ने की भी योजना है। सड़क चौड़ी होने के बाद किसानों और कृषि उपज लेकर आने वाले वाहनों को नई मंडी तक पहुंचने में सुविधा होगी। मंडी बोर्ड की मंजूरी का इंतजार मंडी बोर्ड की टीम के निरीक्षण, किसानों के सकारात्मक फीडबैक और व्यापारियों की सहमति के बाद अब शिफ्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। प्रस्तावित जमीन को मंडी बोर्ड की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद नई मंडी के निर्माण और शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
एकता नगर में पॉलिटी मैराथन क्लास:सरल तरीके से समझाई पॉलिटी, परीक्षा की तैयारी पर जोर
बरेली के एकता नगर में पारिक्शा गुरु करियर अकादमी की एकता नगर शाखा में पॉलिटी मैराथन क्लास का आयोजन किया गया। इसमें पॉलिटी गुरु के नाम से प्रसिद्ध राजेश सर ने छात्रों को विषय की महत्वपूर्ण जानकारियां सरल और नए तरीके से समझाईं। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ विषय को बेहतर तरीके से समझने के लिए उपयोगी तरीके बताए। क्लास का उद्देश्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि छात्रों की विषय पर पकड़ मजबूत करना और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना रहा। पॉलिटी मैराथन क्लास में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। अकादमी की ओर से बताया गया कि पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाने के लिए इस तरह के विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
सिरसा जिले के गांव शक्कर मंदोरी निवासी मां-बेटी (32 वर्षीय कविता और 2 वर्षीय सानया) की जलने से मौत मामले में पुलिस की कार्रवाई से नाराज होकर मृतका के मायके पक्ष वाले सिरसा एसपी दीपक सहारण से मिले हैं। विवाहिता के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतुष्टि जताई है और सवाल उठाए कि आरोपी पति संदीप ने पुलिस रिमांड में अपराध कबूल कर लिया था और दहेज को लेकर ताना मारने व सास का अहम रोल था। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी सास को गिरफ्तार नहीं किया है, जबकि दूसरी मेन गिरफ्तारी उसकी सास की बनती थी। उसके सास-ससुर घटना के बाद से गांव में घूम रहे हैं। परिजन बोले, पड़ोसियों से पता चला है कि सास-ससुर को घटना में इतना सब कुछ होने के बावजूद कोई फर्क नहीं पड़ा है और न ही उनको किसी का दु:ख है। आरोप लगाया कि उसकी ननंद ने संस्था में रहते हुए ये साजिश रचने में भूमिका निभाई है। परिजनों ने बताया, इस पर एसपी ने निष्पक्ष तौर पर कमेटी से जांच करवा कार्रवाई का आश्वासन दिया है और ये भी कहा कि किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। परिजनों ने एसपी को लिखित शिकायत है। बकायदा, विवाहिता के परिजन (हिसार के रावलवास खुर्द निवासी) एसपी से मिलने दूसरी बार आए थे। पहली मुलाकात में एसपी नहीं मिले तो एएसपी से मिलकर शिकायत सौंपकर चले गए थे, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा मिलने के लिए पहुंचे। आरोप : थाना प्रभारी व आईओ ने फोन तक उठाने बंद किए : परिजन परिजनों ने ये भी आरोप लगाया कि मामले में संबंंधित थाना प्रभारी एवं आईओ ने उनके फोन उठाने तक बंद कर दिए हैं। वे उनको फोन करते हैं तो कोई जवाब नहीं मिलता और प्रभारी व आईओ एक-दूसरे पर जवाब डाल देते हैं कि प्रभारी बताएगा या आईओ बताएगा। इस वजह से वे परेशान हो गए और जांच प्रभावित होने एवं मिलीभगत का शक है। इसलिए एसपी से मिलने पहुंचे। अभी एसपी के आश्वासन पर कार्रवाई का इंतजार करेंगे :परिजन हत्या मामले में बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से विवाहिता के परिजनों में रोष है। उन्होंने संबंधित उच्च अधिकारियों से मिलने की बात कही है। हिसार के रावलवास खुर्द निवासी मायके पक्ष वालों ने कहा, अभी वे एसपी द्वारा दिए गए आश्वासन पर कार्रवाई का इंतजार करेंगे। परिजनों ने कहा, अगर वे दोषी नहीं है तो पुलिस साक्ष्य पेश करे। वरना उनकी गिरफ्तारी कर चालान कोर्ट में पेश करे, ताकि वह अपनी कानूनी लड़ाई मजबूती से लड़ सकें। रविवार (20 सितंबर 2026) को घर के पिछली साइड में बने कमरे में आग लगने से कविता की मौके पर ही मौत हो गई थी और बेटी सानया की बाद में हिसार के प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। दोनों 60 से 70 प्रतिशत तक झुलस गई थी। मामले में नाथुसरी चोपटा थाना पुलिस ने मृतका के परिजनों के बयान पर सास शांति देवी, ससुर ओम सहारण और ननद पर भी दहेज के लिए प्रताड़ित करने व हत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
बदायूं में सहसवान-जरीफनगर सीमा पर जमीन के विवाद को लेकर मंगलवार को दो पक्षों में मारपीट हो गई। एक पक्ष ने तमंचे से फायरिंग कर तीन लोगों को गोली लगने का दावा किया। हालांकि, अस्पताल में मेडिकल जांच के दौरान तीनों के गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस की जांच में भी मौके पर फायरिंग के कोई सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, मदारपुर निवासी पुष्पेंद्र यादव मंगलवार को परिजनों के साथ खेत पर थे। इसी दौरान चंदनपुर निवासी बालेंद्र यादव, यशपाल यादव और रसूलपुर डांस निवासी रामभूप व लायक वहां पहुंचे। खेत की मेड़ को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। मंगलवार को इसी बात को लेकर गालीगलौज के बाद मारपीट हो गई। तीन लोगों को गोली लगने की सूचना दी मारपीट के बाद पुष्पेंद्र पक्ष ने तमंचे से फायरिंग का आरोप लगाया। पुलिस को सूचना दी गई कि पुष्पेंद्र, उसके भाई हरवेंद्र और पिता रामरहीश को गोली लगी है। सूचना पर सहसवान पुलिस तीनों को अस्पताल लेकर पहुंची। वहां मेडिकल जांच में किसी के भी गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई। मौके पर भी नहीं मिले फायरिंग के सबूत पुलिस ने घटनास्थल की जांच की, लेकिन वहां फायरिंग से संबंधित कोई सबूत नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में फायरिंग की घटना सामने नहीं आई है। मामले में दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद और मारपीट की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पहले ही दर्ज हो चुका था मुकदमा पुलिस के मुताबिक, बालेंद्र यादव की ओर से पहले ही पुष्पेंद्र, हरवेंद्र और रामरहीश समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका था। पुलिस का कहना है कि पुराने विवाद में कार्रवाई से बचने और मुकदमे में लाभ लेने के लिए फायरिंग के आरोप लगाए जाने की आशंका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिकंदराबाद पुलिस थाने में महिला सुरक्षा और सहायता को अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मंगलवार रात करीब 8 बजे 'मिशन शक्ति केंद्र' का कायाकल्प कर जीर्णोद्धार किया गया। जीर्णोद्धार के बाद इस केंद्र को न केवल आकर्षक और सुंदर रूप दिया गया है, बल्कि यहां महिला फरियादियों और कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों की सुविधा के लिए कई बुनियादी व्यवस्थाओं का विस्तार भी किया गया है। नवनिर्मित मिशन शक्ति केंद्र में आने वाली पीड़ित महिलाओं और ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के लिए स्वच्छ पेयजल और आधुनिक वॉशरूम की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, शिकायतों के त्वरित व संवेदनशील निस्तारण के लिए केंद्र प्रभारी को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे पीड़िता की बेहतर ढंग से काउंसलिंग कर सकें और उन्हें शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं की सटीक जानकारी प्रदान कर सकें। दो तस्वीरें देखें कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दिनेश कुमार सिंह का महिला पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान और आत्मीयता दर्शाने वाला कदम रहा। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह समेत अन्य उच्च अधिकारियों ने स्वयं अपने हाथों से महिला पुलिसकर्मियों को भोजन परोसा, जिसने सभी का दिल जीत लिया। पुलिस विभाग की इस अनूठी और सराहनीय पहल से समाज में संवेदनशील, पारदर्शी और महिला हितैषी पुलिसिंग का एक मजबूत और सकारात्मक संदेश गया है। इस कार्यक्रम के दौरान जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन में आईपीएस अंतरिक्ष जैन, आईपीएस प्रेमसुख दरिया, एसपी सिटी अभिषेक प्रताप एजेय, एसपी क्राइम नरेश कुमार और सीओ प्रखर पांडेय समेत क्षेत्र के तमाम पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। विभाग की इस पहल से महिला पीड़ितों को पुलिस स्टेशन में एक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक माहौल प्राप्त हो सकेगा।
शहर में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और आए दिन लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़क चौड़ीकरण की तैयारी तेज कर दी है। भूड़ चौराहे से तहसील और तहसील से नेशनल हाईवे-34 तक जाने वाले प्रमुख मार्ग के चौड़ीकरण की योजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना के दायरे में 50 से अधिक मकान और दुकानें आ गई हैं, जो जांच के दौरान सरकारी जमीन पर बने पाए गए हैं। विभाग ने इन निर्माणों को चिन्हित कर रेड मार्किंग की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब जल्द ही इन्हें हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई या ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया जाएगा। PWD की तैयारी से सड़क किनारे लंबे समय से सरकारी भूमि पर काबिज लोगों में खलबली मची है। वहीं, प्रभावित परिवारों के सामने भी निर्माण हटाए जाने का संकट खड़ा हो गया है। भूड़ से तहसील मार्ग को शहर की लाइफलाइन माना जाता है। इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण यहां आए दिन घंटों जाम की स्थिति बनती है। आमजन की इसी समस्या को देखते हुए शासन ने सड़क चौड़ीकरण के लिए 17 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। योजना के तहत सड़क के डिवाइडर के दोनों ओर चौड़ीकरण का काम प्रस्तावित है। सड़क चौड़ी होने के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। सरकारी जमीन पर बने निर्माणों पर हुई रेड मार्किंग चौड़ीकरण के लिए निर्धारित जमीन की जांच के दौरान 50 से अधिक मकान और दुकानें सरकारी भूमि पर बने पाए गए। PWD ने इन निर्माणों को चिन्हित करते हुए रेड मार्किंग की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब विभाग का अगला कदम इन निर्माणों को हटाकर सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन खाली कराना है। निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू होने की तैयारी से सड़क किनारे सरकारी जमीन पर काबिज लोगों में चिंता बढ़ गई है। प्रभावित परिवारों के सामने अपने मकान और दुकानों को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। अतिक्रमण हटाना PWD के लिए बड़ी चुनौती सड़क के निर्धारित दायरे को खाली कराना PWD के लिए प्रशासनिक चुनौती बना हुआ है। स्थानीय निवासियों के विरोध की आशंका को देखते हुए विभाग भी कार्रवाई को लेकर सतर्कता बरत रहा है। निशानदेही का काम पूरा होने के बाद अब निर्माणों को ध्वस्त कर जमीन खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की जानी है। विभाग के मुताबिक, निर्माण हटाए जाने के बाद चौड़ीकरण का जमीनी काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे मार्ग पर यातायात के लिए अतिरिक्त जगह मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। EXEN बोले- जल्द शुरू होगा चौड़ीकरण का काम PWD के अधिशासी अभियंता (EXEN) राहुल शर्मा ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण से पूरे शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। चिन्हित किए गए निर्माणों को हटाकर चौड़ीकरण का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा, ताकि आम जनता को आवागमन में सहूलियत मिल सके।
जिले के गांव ढाणी सुंदारोज में केशव की हत्या के मामले में ब्लॉक समिति के वाइस चेयरमैन पंकज उर्फ रांझ समेत छह आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच के दौरान मुख्य आरोपी पंकज के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों का रिकॉर्ड भी पुलिस के सामने है। वहीं ग्रामीणों ने पंकज पर गांव में युवाओं की गैंग तैयार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस गैंग में कुछ नाबालिग भी शामिल हैं और गैंग से जुड़े युवकों पर गांव में नशा बेचने और सट्टे की बुक चलाने के आरोप हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गैंग से जुड़े युवक अक्सर ग्रामीणों के साथ मारपीट और धमकी देते रहे हैं। इनके खिलाफ पहले भी शिकायतें दी जा चुकी है। लेकिन आरोपी दवाब बनाकर शिकायत वापस करा देते है या फिर फिर केस को रफा-दफा करवा देते है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण आरोपियों के हौसले बढ़ते गए। मारपीट के बाद 3 अक्टूबर को मृतक के पिता को फोन दी थी धमकी केशव हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे नितिन उर्फ नेता का एक पुराना मामला भी सामने आया है। 30 सितंबर को मृतक केशव व उसके छोटे भाई के साथ आरोपियों ने मारपीट की थी। पुलिस के अनुसार इसी दिन दो आरोपियों को रिमांड पर लिया गया था। लेकिन रात के समय मामले में नामजद आरोपी नितिन उर्फ नेता ने मृतक के पिता को कॉल करके धमकी दी थी। करीब 36 सेकेंड की इस ऑडियो रिकॉर्डिंग में आरोपी ने कथित तौर पर 13 गालियां दीं और उसके भी हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी। परिजनों का कहना है कि हत्या से कुछ दिन पहले मिली इस धमकी को गंभीरता से लिया जाता तो शायद वारदात को रोका जा सकता था। हालांकि ने भी ऑडियो सामने आने के बाद इसको जांच में शामिल किया है। आरोपी एक माह में कर चुके है गांव में छह वारदात ग्रामीणों का कहना है कि पंकज उर्फ रांझ के आसपास रहने वाले युवकों का गांव में काफी समय से दबदबा है। आरोप है कि ये युवक नशे की बिक्री और सट्टे से जुड़े हैं। ग्रामीणों के साथ विवाद होने पर मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगते रहे हैं। खास बात यह है कि गैंग में नाबालिगों के शामिल है। पिछले एक माह की बात की जाएं तो आरोपियों ने गांव में करीब छह वारदात की है। जन्माष्टमी के दिन भी आरोपी गांव की लाइब्रेरी में बैठकर शराब पी रहे है। अब इसकी तस्वीरें सामने आई है। इस मामले में एक ग्रामीण ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना भी दी थी। सूचना के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची थी। लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों का रहा है अपराधिक रिकॉर्ड केशव हत्याकांड में पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच करे और पहले हुई शिकायतों को मौजूदा हत्या के मामले की जांच से जोड़े। साथ ही 3 सितंबर की धमकी वाली ऑडियो की जांच कर इसकी आवाज और घटनाक्रम की पुष्टि करने की मांग की जा रही है।
पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ने के करीब 13 दिन बाद मंदसौर निवासी 19 वर्षीय ऋतुराज लोहार की 5 अक्टूबर को मौत हो गई। ऋतुराज का इलाज जयपुर के एसएमएस अस्पताल में चल रहा था। मंगलवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर मंदसौर रवाना हो गए। युवक को पुलिस ने 22 सितंबर को दुबई से सस्ता सोना लाने के नाम पर ठगी के आरोप में पकड़ा था। ऋतुराज के पिता प्रकाश लोहार ने आरोप लगाया कि पुलिस की मारपीट से बेटे के सिर में चोट लगी थी। सिर के अंदर ब्लीडिंग होने के बाद वह कोमा में चला गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने खुद पर 22 लाख रुपए के सोने की ठगी का झूठा आरोप लगाने की बात भी कही है। 22 सितंबर को थाने ले जाने का आरोपमामला 17 सितंबर से शुरू हुआ। ऋतुराज के पिता प्रकाश दुबई से जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे थे। प्रकाश के मुताबिक, एयरपोर्ट के बाहर कुछ लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच का बताकर उनके सामान की तलाशी ली। उनके साथ ऋतुराज भी था। तलाशी में कुछ नहीं मिलने के बाद आरोप है कि दोनों को एक होटल ले जाकर बंधक बनाकर रखा गया। प्रकाश 21 सितंबर को वहां से निकल गए। इसके बाद ऋतुराज के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। 22 सितंबर को उसे राजस्थान के मुहाना थाने लाया गया। वहां तबीयत बिगड़ने के बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 5 अक्टूबर को मौत हो गई। अस्पताल में अलग-अलग नाम से भर्ती कराने का आरोपपरिजनों का आरोप है कि ऋतुराज को पहले मुहाना के लकी हॉस्पिटल में ‘ऋषिराज’ नाम से भर्ती कराया गया। इसके बाद नारायणा अस्पताल में उसे ‘ऋतु’ नाम से भर्ती कराया गया। अगले दिन 23 सितंबर को पुलिस उसे एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंची। लकी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अनिल जैन के मुताबिक, युवक को शाम करीब 4:15 बजे अस्पताल लाया गया था। करीब तीन घंटे बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉक्टर ने आरयूएचएस या महात्मा गांधी अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। CT स्कैन में सिर में अंदरूनी चोट मिलीऋतुराज के दो CT स्कैन हुए। एक नारायणा अस्पताल और दूसरा एसएमएस अस्पताल में किया गया। दोनों में सिर के अंदर चोट सामने आई। एसएमएस अस्पताल में इलाज करने वाले डॉ. श्रीकांत शर्मा के मुताबिक, ऋतुराज के ब्रेन में डिफ्यूज एक्सोनल इंजरी थी। डॉक्टर ने बताया कि ऐसी चोट मारपीट, उल्टा लटकाने, चोट लगने या कुछ अन्य कारणों से हो सकती है। चोट किस वजह से लगी, यह केवल CT स्कैन से तय नहीं किया जा सकता। इसके लिए आगे जांच की जरूरत हो सकती है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि नारायणा अस्पताल में पुलिस ने ऋतुराज को सांप के काटने की बात बताई। अस्पताल में उसे 10 एंटीवेनम इंजेक्शन दिए जाने की बात सामने आई है। परिवार का कहना है कि उसके शरीर पर सांप के काटने का कोई निशान नहीं था। मानवाधिकार आयोग ने मांगी CCTV फुटेजऋतुराज की मौत के बाद राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने जयपुर पुलिस कमिश्नर, जयपुर जिला मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (मानवाधिकार) से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने मुहाना थाने की संबंधित समय की CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और सीलबंद स्थिति में पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की प्रभावी जांच आईपीएस स्तर के अधिकारी से कराने को कहा गया है। अनुपालन रिपोर्ट और सुनवाई के लिए 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे पत्रावली आयोग के सामने पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस बोली- पूछताछ के दौरान टॉर्चर नहीं कियामुहाना थाना प्रभारी मुकेश खराड़िया ने पुलिस पर लगे टॉर्चर के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि मामला विदेश से सस्ता सोना लाने के नाम पर 22 लाख रुपए के लेनदेन और ठगी से जुड़ा है। प्रकाश के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज था। उनके मुताबिक, ऋतुराज को मनोज 21 सितंबर को थाने लेकर आया था और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस का कहना है कि ऋतुराज के साथ मारपीट या टॉर्चर नहीं किया गया। मामले की जांच एसीपी स्तर पर की जा रही है। परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग कीराष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष लालजी राइका ने मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ऋतुराज गाड़िया लोहार समुदाय से था और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि परिवार को न्याय नहीं मिलने पर डीएनटी संघर्ष समिति आंदोलन करेगी। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पुलिस-हिरासत में तबीयत बिगड़ी थी,सिर पर चोट से मौत हुई जयपुर में पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ने के 15 दिन बाद एक युवक की 5 अक्टूबर को मौत हो गई। 6 अक्टूबर को मृतक ऋतुराज लोहार (19) का एसएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान ऋतुराज के पिता प्रकाश ने बताया कि सिटी स्कैन में सामने आया है कि ऋतुराज की मौत सिर में चोट के कारण हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
लखनऊ में CHO का धरना:सरकार से वार्ता विफल, धरना जारी रखने का फैसला
लखनऊ में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) की मांगों को लेकर इको गार्डन में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान चारों CHO संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों समेत आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने PS मैडम से वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल ने CHO की मांगों और वर्तमान परिस्थितियों से सरकार को अवगत कराते हुए समाधान की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, वार्ता के दौरान PS मैडम ने CHO की मांगों को मानने से स्पष्ट इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं से उत्तर प्रदेश का कोई संबंध नहीं है और प्रदेश अपनी नीतियों के अनुसार ही कार्य करेगा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वार्ता के बावजूद मांगों पर कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके चलते CHO संगठनों ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का निर्णय लिया है। CHO प्रतिनिधियों का कहना है कि मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।
सतना के नागौद तहसील में लाइम स्टोन ब्लॉक के लिए 821 हेक्टेयर कृषि भूमि आवंटित किए जाने के विरोध में मंगलवार को 12 गांवों के सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली। किसान सतना-पन्ना हाईवे के मौहारी टोल प्लाजा से ट्रैक्टर लेकर सतना के लिए निकले। राजेंद्रनगर में पुलिस ने ट्रैक्टर रोक दिए, जिसके बाद किसान पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। दोपहर करीब 1 बजे किसानों ने संयुक्त कलेक्टर भवन के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। करीब चार घंटे चले प्रदर्शन में किसानों ने कहा कि जनसुनवाई के बाद उनकी आपत्तियों पर अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलेगा। किसान लाइम स्टोन ब्लॉक के लिए कृषि भूमि दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर लिया ज्ञापन देर शाम करीब 25 किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस से मुलाकात की। इसके बाद कलेक्टर खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और किसानों से ज्ञापन लिया। उन्होंने 17 अक्टूबर को प्रस्तावित जनसुनवाई स्थगित करने की घोषणा की। किसानों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन के इस फैसले से फिलहाल जनसुनवाई टल गई है। आगे जनसुनवाई की नई तारीख प्रशासन की ओर से तय की जाएगी।
गोकुलधाम में अखंड रामायण:भजनों के बीच श्रद्धालुओं ने किया प्रभु श्रीराम का गुणगान
वाराणसी में हरतीरथ स्थित गोकुलधाम में बुधवार को श्री अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक श्री राम प्रकाश केशरी और उनके परिवार रहे। पाठ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए प्रभु श्रीराम का गुणगान किया। रामायण पाठ से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। समापन के बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में ओम प्रकाश केशरी, जय प्रकाश केशरी, श्री प्रकाश केशरी, श्याम सुंदर केशरी और रवि प्रकाश केशरी ने सहयोग किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के अवसर पर बुधवार को उज्जैन में ‘सेवा संकल्प सभा’ और ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सेवा ज्योति कलश यात्रा में शामिल होकर सेवा संकल्प का संदेश देंगे। आस्था गार्डन में पीएम मोदी का लाइव संबोधन कार्यक्रम आस्था गार्डन में होगा। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभा को लाइव संबोधित करेंगे। इस दौरान उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को याद किया जाएगा। सभा में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। आस्था गार्डन से शहीद पार्क तक निकलेगी यात्रा सभा के बाद आस्था गार्डन से शहीद पार्क तक ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली जाएगी। इसमें सेवा ज्योति कलश भी शामिल होगा। यात्रा के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा कार्यों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा और सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा।
धार में मानसून की विदाई के साथ खरीफ फसलों की कटाई अंतिम दौर में है और किसान रबी की बुआई की तैयारी में जुट गए हैं। इस बार किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता सिंचाई के पानी की है। कम बारिश के कारण नदी-नालों के साथ बांध और तालाब भी पूरी क्षमता तक नहीं भर पाए हैं। रबी की फसल के लिए पानी कितना उपलब्ध होगा, इसकी तस्वीर अगले एक सप्ताह में साफ होने की उम्मीद है। सरदारपुर स्थित माही परियोजना के मुख्य बांध का जलस्तर 447.75 मीटर है, जबकि इसकी पूर्ण जलग्रहण क्षमता 451.50 मीटर है। बांध स्थल पर इस वर्ष अब तक 322 मिमी (12.88 इंच) बारिश दर्ज हुई है। वहीं उप मुख्य बांध कालीकराई का जलस्तर 471.80 मीटर है। इसकी पूर्ण क्षमता 474.30 मीटर है और यहां 478 मिमी (19.12 इंच) बारिश दर्ज हुई है। विभाग के अनुसार दोनों बांध अपनी क्षमता के मुकाबले करीब 50 प्रतिशत ही भर पाए हैं। 26 हजार हेक्टेयर जमीन को मिलता है सिंचाई का लाभ माही परियोजना से धार और झाबुआ जिले के सरदारपुर, बदनावर और पेटलावद क्षेत्र में करीब 26 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होती है। इसके अलावा दोनों बांधों से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए पेयजल की आपूर्ति भी की जाती है। ऐसे में बांधों में उपलब्ध पानी का इस्तेमाल सिंचाई के साथ पेयजल के लिए भी करना होगा। माही परियोजना के एसडीओ एचएल डावर के अनुसार 8 अक्टूबर को लाबरिया कार्यालय में किसानों के साथ बैठक होगी। इसमें रबी सीजन के लिए पानी की उपलब्धता पर चर्चा की जाएगी। विभाग किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की बुआई की सलाह भी दे रहा है, ताकि उपलब्ध पानी से ज्यादा क्षेत्र में सिंचाई हो सके और अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जा सके। 61 में सिर्फ 11 तालाबों में नहर लेवल से ऊपर पानी जल संसाधन विभाग के सरदारपुर क्षेत्र में कुल 61 तालाब हैं। इनमें से सिर्फ 11 तालाबों में नहर लेवल से ऊपर पानी है। बाकी तालाबों में पानी नहर लेवल से नीचे है। इन 11 तालाबों से किसानों को कितना पानी दिया जाएगा, इसका फैसला जिला स्तर पर होने वाली जल उपयोगिता समिति की बैठक में किया जाएगा। कम भंडारण के बीच इस बार विभाग के सामने पानी का संतुलित उपयोग करने और रबी के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की चुनौती रहेगी।
दलित बस्ती पोखरा आवास की सड़क गड्ढों में तब्दील:विभागीय अनदेखी से लोग परेशान, मरम्मत की मांग
महराजगंज के नगर क्षेत्र की दलित बस्ती पोखरा आवास में सड़क की हालत बहुत खराब हो गई है। जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी हादसे का डर बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने सड़क की खराब स्थिति को लेकर कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की है। हालांकि, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आने-जाने में सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। प्रदीप, सुभाष, निरहू, राम जान और पहाड़ी जैसे स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। लोगों ने विभाग से जल्द सड़क ठीक कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
सीजीएसटी गाजियाबाद आयुक्तालय की हिन्दी पत्रिका ‘हिंडन’ को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की अखिल भारतीय हिन्दी गृह पत्रिका पुरस्कार योजना में ‘क’ क्षेत्र के लिए द्वितीय पुरस्कार मिला है। इसे गाजियाबाद के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सीएसओआई सभागार में आयोजित राजभाषा सम्मेलन में CBIC के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी ने सीजीएसटी गाजियाबाद के कमिश्नर विपुल गुप्ता को पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार मिलने पर आयुक्तालय में खुशी का माहौल रहा। हिन्दी के प्रचार के लिए काम जारी रहेगा कमिश्नर विपुल गुप्ता ने सीजीएसटी गाजियाबाद परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में पत्रिका को और बेहतर बनाने के साथ हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए आयुक्तालय लगातार काम करता रहेगा। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में कार्यालय में समारोह आयोजित किया गया। इसमें अपर आयुक्त श्रवण बंसल, साहिल सेठ, संयुक्त आयुक्त अभिषेक कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अनिल द्विवेदी ने जिले के दो पेट्रोल पंपों पर कथित अनियमितताओं की शिकायत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के उत्तर प्रदेश प्रमुख संजय भंडारी से की है। शिकायत में पेट्रोल पंपों के संचालन, भूमि के उपयोग, दस्तावेजों और ग्राहकों को दी जा रही सेवाओं से जुड़े कई आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के बाद आईओसीएल ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। अनिल द्विवेदी ने राबर्ट्सगंज स्थित कृष्णा फिलिंग स्टेशन के संचालन और भूमि के उपयोग को लेकर सवाल उठाए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पेट्रोल पंप के लिए आईओसीएल के साथ अनुबंधित भूमि पर बिना अनुमति पेट्रोल पंप का संचालन बंद कर वहां मकान का निर्माण करा लिया गया। इसके अलावा पेट्रोल पंप के कार्यालय को इंडेन गैस एजेंसी के कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने पेट्रोल पंप के स्थानांतरण के दौरान कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और तथ्यों को छिपाने के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित भूमि और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग रखी है। विनायक फिलिंग स्टेशन पर मिलावट-घटतौली के आरोप हिन्दुआरी स्थित विनायक फिलिंग स्टेशन को लेकर भी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक पेट्रोल-डीजल में मिलावट और घटतौली की शिकायतें हैं। सीएनजी के नाम पर पर्याप्त गैस नहीं देने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा ग्राहकों से विवाद और मारपीट की घटनाओं का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है। पेट्रोल पंप के लाइसेंस से संबंधित जमीन के दस्तावेज, बैनामा और अन्य प्रपत्रों में कथित हेरफेर की जांच कराने की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि इन सभी बिंदुओं की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए। इंडेन गैस एजेंसी के संचालन की भी जांच की मांग अनिल द्विवेदी ने राबर्ट्सगंज स्थित इंडेन गैस एजेंसी के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि जांच में यदि किसी संचालक की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका पाए जाने पर उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। आईओसीएल ने बनाई तीन सदस्यीय टीम अनिल द्विवेदी ने बताया कि उनकी शिकायत पर आईओसीएल ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अलवर जिले में मौसम में अब धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 11 से 12 अक्टूबर के आसपास जिले में बादल छाए रह सकते हैं। इसके बाद तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आने का अनुमान है। इससे खासकर रात के समय ठंडक बढ़ेगी और लोगों को मौसम में बदलाव महसूस होने लगेगा। सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़ने लगे पिछले 24 घंटे में जिले में मौसम साफ रहा। दिन में धूप निकलने के कारण तापमान अधिक रहा, जबकि शाम होते ही मौसम में ठंडक बढ़ने लगी। रात के समय अब हल्की ठंड महसूस होने लगी है। मौसम में बदलाव के साथ सर्दी-जुकाम के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। ऐसे में लोग रात के समय कूलर-पंखों का इस्तेमाल कम करने लगे हैं। कल 35 डिग्री तक होगा अधिकतम तापमान मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आज अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री, जबकि 8 अक्टूबर को यह 35 डिग्री तक पहुंच सकता है। 9 अक्टूबर को भी अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री रहने का अनुमान है। वहीं 10 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 21 डिग्री तक पहुंच सकता है। 11 अक्टूबर को दिन का तापमान करीब 35 डिग्री रहने के बाद 12 अक्टूबर से इसमें और गिरावट आने की संभावना है। अक्टूबर की शुरुआत से ही अलवर में मौसम सामान्य बना हुआ है। सुबह धूप निकलने के बाद दिन में मौसम खुला रहता है, जबकि शाम और रात में धीरे-धीरे ठंडक बढ़ रही है।
अलीगढ़ में हादसों के बाद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) में मुआवजे के लिए फर्जी मेडिकल रिपोर्ट लगाने के आरोप में पांच FIR दर्ज हुई हैं। ICICI Lombard General Insurance Company के सत्यापन में ऐसे लोगों को भी घायल दिखाने की बात सामने आई है, जिन्हें हादसे में चोट नहीं लगी थी। बीमा कंपनी के प्रतिनिधि और नियुक्त सत्यापन अधिकारी जीवन पाल डांगी की शिकायत पर एसपी सिटी के निर्देश से बन्नादेवी थाने में मंगलवार रात पांच मुकदमे दर्ज किए गए। पांचों मामलों में डॉ. सुकुमार यादव की मेडिकल रिपोर्ट सामने आई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि रिपोर्ट किसने तैयार कराईं, MACT में किसने दाखिल कीं और बीमा क्लेम की पूरी प्रक्रिया में और कौन-कौन शामिल था। पहले केस में बिना चोट के मेडिकल रिपोर्ट का आरोप पहली FIR में अरुण कुमार पुत्र मुकेश कुमार, निवासी क्वार्सी, अलीगढ़ और डॉ. सुकुमार यादव, संचालक महादेव हॉस्पिटल, बन्नादेवी, अलीगढ़ आरोपी हैं। मामला 12 नवंबर 2025 के हादसे का है। शिकायत के मुताबिक मुकेश कुमार ई-रिक्शा UP81GT0329 चला रहे थे। उनके साथ शिव कुमार पुत्र राजवीर सिंह थे। इसी दौरान टेंपो UP81GT3827 ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी। हादसे में मुकेश कुमार की मौत हो गई, जबकि शिव कुमार को घायल बताया गया। बीमा कंपनी के सत्यापन में आरोप लगाया गया कि शिव कुमार को हादसे में चोट नहीं लगी थी। इसके बावजूद महादेव हॉस्पिटल के लेटरहेड पर उसका मेडिकल परीक्षण दिखाते हुए चोट की रिपोर्ट तैयार की गई। शिकायत में रिपोर्ट पर डॉ. सुकुमार यादव के हस्ताक्षर और मुहर होने की बात कही गई है। आरोप है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर MACT में बीमा क्लेम किया गया। हादसे की FIR अतरौली थाने में 0736/2025 के रूप में दर्ज हुई थी। एक ही हादसे से जुड़ी दूसरी FIR दूसरे मुकदमे में भी अरुण कुमार और डॉ. सुकुमार यादव आरोपी हैं। यह मामला भी 2025 के इसी हादसे से जुड़ा है। शिकायत में आरोप है कि हादसे में वास्तविक रूप से घायल व्यक्ति के अलावा शिव कुमार को भी घायल दिखाया गया और उसके नाम से मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराई गई। यानी एक ही हादसे, एक ही MACT केस और एक ही डॉक्टर से जुड़ी रिपोर्ट के आधार पर दो अलग FIR दर्ज हुई हैं। दोनों मामलों के दस्तावेजों में घटनाक्रम काफी हद तक समान है। पुलिस दोनों मुकदमों में इस्तेमाल दस्तावेजों और उनकी भूमिका का आपसी संबंध भी जांचेगी। तीसरे केस में दो लोगों को बिना चोट के घायल बताया तीसरी FIR में टिटू पुत्र रमेश चंद्र, निवासी इलियासपुर सरसौल महारावल, थाना बन्नादेवी, लोकेश उर्फ लोकेंद्र पाल पुत्र सूरज पाल, निवासी वेदामई, थाना सासनी, हाथरस और डॉ. सुकुमार यादव, देव हॉस्पिटल, बरौला बाईपास, बन्नादेवी आरोपी हैं। मामला 25 जनवरी 2025 के हादसे का है। शिकायत के मुताबिक टाटा 109 वाहन UP81CT9665 को कैंटर NL01AJ1525 ने टक्कर मारी थी। हादसे में टिटू और लोकेश को घायल बताया गया। ICICI Lombard के सत्यापन में आरोप लगाया गया कि दोनों को चोट नहीं लगी थी। इसके बावजूद देव हॉस्पिटल एंड क्रिटिकल केयर के लेटरहेड पर 25 जनवरी 2025 की मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई। शिकायत में इन रिपोर्टों पर डॉ. सुकुमार यादव के हस्ताक्षर और मुहर होने की बात कही गई है। हादसे की रिपोर्ट हरदुआगंज थाने में दर्ज हुई थी। चौथे केस में तीन घायल बताए, दो को चोट नहीं चौथी FIR में जफरुद्दीन पुत्र मोहम्मद अली, निवासी गोंडा रोड, अलहदादपुर निवरी, केशोपुर, थाना रोरावर, अलीगढ़, अजय पुत्र महावीर, निवासी माती, अलीगढ़, ईशानचंद्र उर्फ ईशान और डॉ. सुकुमार यादव आरोपी हैं। मामला 24 नवंबर 2023 के हादसे का है, जिसकी FIR अकराबाद थाने में दर्ज हुई थी। शिकायत के मुताबिक जफरुद्दीन को वाहन UP13BB1248 की टक्कर से चोट लगी थी। अजय और ईशान को भी घायल बताया गया। बीमा कंपनी के सत्यापन में आरोप लगाया गया कि जफरुद्दीन को मामूली चोट थी, जबकि अजय और ईशान को चोट नहीं लगी थी। इसके बावजूद तीनों के नाम से देव हॉस्पिटल एंड क्रिटिकल केयर के लेटरहेड पर 24 नवंबर 2023 की मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराई गई। इन रिपोर्टों को डॉ. सुकुमार यादव से जोड़ा गया है। पांचवें केस में महिला की चोट भी संदिग्ध बताई पांचवीं FIR में वसुधा सिंह पत्नी अभिमन्यु सिंह, निवासी क्वार्सी गली नंबर-2, रामघाट रोड, थाना बन्नादेवी, अलीगढ़ और डॉ. सुकुमार यादव आरोपी हैं। शिकायत के मुताबिक 14 जनवरी 2025 को वसुधा सिंह अपनी भाभी भूमि के साथ बाजार जा रही थीं। इसी दौरान कार UP81DN8222 की टक्कर से उनके घायल होने की बात सामने आई। मामले में क्वार्सी थाने में FIR दर्ज हुई थी। ICICI Lombard के सत्यापन में आरोप लगाया गया कि वसुधा सिंह को हादसे में चोट नहीं लगी थी। इसके बावजूद देव हॉस्पिटल के लेटरहेड पर उनका मेडिकल परीक्षण दिखाते हुए रिपोर्ट तैयार की गई और उसे MACT में मुआवजे के दावे के लिए इस्तेमाल किया गया। एक ही डॉक्टर की रिपोर्ट से जुड़े पांच मामले MACT क्लेमों के सत्यापन के दौरान बीमा कंपनी को मेडिकल रिपोर्ट, चोट और हादसे से जुड़े रिकॉर्ड में अंतर मिला। अलग-अलग हादसों के मामलों में डॉ. सुकुमार यादव की रिपोर्ट सामने आने के बाद शिकायतें की गईं और एसपी सिटी के निर्देश पर पांच अलग-अलग FIR दर्ज हुईं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ मामलों में जिन लोगों को घायल बताया गया था, उनके घायल होने के पर्याप्त आधार नहीं मिले। इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट की भूमिका जांच के दायरे में आई। डॉक्टर के खिलाफ पहले भी हो चुकी है कार्रवाई शिकायतों में डॉ. सुकुमार यादव के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की पहले की जांच और मुकदमों का भी उल्लेख है। शिकायत के मुताबिक PCPNDT के नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश खत्री ने उनके मेडिकल रिकॉर्ड का सत्यापन कराया था। CMO की जांच में 2025 में डॉ. सुकुमार यादव द्वारा बताई गई MBBS रजिस्ट्रेशन संख्या 1952 उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाई थी। इसके आधार पर बन्नादेवी, गभाना, इगलास और छतारी, बुलंदशहर थानों में डॉ. सुकुमार के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई में उनके अस्पतालों को भी सील किया गया था। अब क्लेम तक पहुंचने वाली पूरी कड़ी की जांच पुलिस की जांच अब मेडिकल रिपोर्ट की सत्यता से आगे बढ़कर MACT क्लेम की पूरी प्रक्रिया पर होगी। यह पता लगाया जाएगा कि रिपोर्ट किसने तैयार कराई, डॉक्टर तक कथित क्लेम कराने वालों की पहुंच कैसे हुई और रिपोर्ट MACT में किसने दाखिल की। पुलिस यह भी जांचेगी कि क्लेम के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ, पांचों मामलों के बीच कोई साझा व्यक्ति या मध्यस्थ है या नहीं और क्या इसी तरीके से दूसरे हादसों में भी बीमा कंपनियों से क्लेम लेने की कोशिश हुई। सीओ द्वितीय धनंजय ने बताया कि जांच में इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी।
कानपुर के भाऊपुर-मैंथा स्टेशन मार्ग पर रैपालपुर गांव के सामने सोमवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने रेलवे लाइन के पास एक 22 वर्षीय युवती का शव देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के प्रयास शुरू किए, लेकिन तत्काल पहचान न होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया गया। मंगलवार सुबह सचेंडी पुलिस की कोशिशों के बाद मृतका की शिनाख्त हो सकी। युवती के बाबा गंगा प्रसाद भाऊपुर चौकी पहुंचे और कपड़ों व हुलिए के आधार पर शव की पहचान अपनी नातिन शिवानी उर्फ रूबल कमल (22) के रूप में की। शिवानी कानपुर के सचेंडी स्थित मंगलीपुरवा गांव की रहने वाली थी। हर रोज ट्रेन से दादानगर ड्यूटी जाती थी शिवानी परिजनों के अनुसार, शिवानी परिवार का सहारा बनने के लिए कानपुर के दादानगर स्थित एक सिलाई कंपनी में काम करती थी। वह रोजाना सुबह करीब 9 बजे ट्रेन पकड़कर काम पर दादानगर जाती थी और शाम 6 बजे तक सुरक्षित घर लौट आती थी। सोमवार को भी वह रोज की तरह सुबह काम पर निकली थी, लेकिन जब देर रात तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। वे रातभर उसकी तलाश करते रहे, लेकिन सुबह उन्हें इस अनहोनी की खबर मिली। घर में पसरा सन्नाटा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल शिवानी की मौत की खबर मिलते ही गांव मंगलीपुरवा में मातम पसर गया। बेटी का शव मिलने की सूचना से मां मुन्नी देवी बेसुध हो गईं, वहीं बहन आकांक्षा और दोनों भाइयों—सुधांशु व हिमांशु का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे परिवार में गहरा सदमा है और गांव के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। मामले की जानकारी देते हुए कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सोमवार रात रेलवे लाइन के पास युवती का शव बरामद हुआ था, जिसकी मंगलवार सुबह शिनाख्त हो गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हर संभावित बिंदु से मामले की गहनता से जांच कर रही है। मौत ट्रेन से गिरने के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इसका स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस की विशेष टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।
अयोध्या में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा ज्योति यात्रा निकाली जाएगी। इसमें भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के साथ जिलेभर के सरकारी योजनाओं के लाभार्थी और पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। यात्रा की शुरुआत सुबह 9 बजे सहादतगंज स्थित फॉरएवर लॉन से होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे और प्रधानमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण किया जाएगा। कार्यकर्ता और लाभार्थी सेवा ज्योति के साथ पदयात्रा करते हुए रामपथ तक पहुंचेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मंगलवार को सर्किट हाउस में जिला प्रभारी एवं विधान परिषद सदस्य अनूप गुप्ता की मौजूदगी में भाजपा पदाधिकारियों की बैठक हुई। लाभार्थियों और कार्यकर्ताओं की रहेगी भागीदारी अवध क्षेत्र के भाजपा अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, प्रदेश मंत्री एवं महानगर प्रभारी शिवभूषण सिंह, विधानसभा अध्यक्ष एवं जिला प्रभारी अनूप गुप्ता, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और महानगर अध्यक्ष कमलेश गुप्ता सहित पार्टी के पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल होंगे। बैठक में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। जिला प्रभारी अनूप गुप्ता ने कहा कि सेवा ज्योति यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से लाभान्वित लोगों की भागीदारी से अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने पदाधिकारियों से सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। जिम्मेदारियां तय, कार्यकर्ताओं में उत्साह महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि अयोध्या में सेवा ज्योति यात्रा को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है। यात्रा में लाभार्थियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की व्यापक भागीदारी रहेगी। इसके लिए जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। तैयारी बैठक में विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, अमित सिंह चौहान, चन्द्रभानु पासवान, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, जिला पंचायत प्रशासक आलोक सिंह रोहित और विधायक प्रतिनिधि अमल गुप्ता मौजूद रहे।
सीहोर के रूपादा गांव के पांच ग्रामीणों से बैंक लोन दिलाने के नाम पर 4 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि भाउखेड़ी के पिंटू परमार ने स्टेट बैंक से प्रत्येक व्यक्ति को 6 लाख रुपए का लोन दिलाने का भरोसा दिया था। इसके बदले उसने 7 लाख रुपए मॉर्गेज फीस मांगी थी। रूपादा निवासी बलराम, गोविंद, राजमल, सुरेश और मुकेश को लोन की जरूरत थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात पिंटू से हुई। उसके भरोसे में आकर ग्रामीणों ने दो किस्तों में उसे कुल 4 लाख रुपए दे दिए। इसके बाद जब उन्होंने लोन की प्रक्रिया और दस्तावेजों के बारे में जानकारी मांगी तो पिंटू कथित तौर पर टालमटोल करने लगा। बचे 3 लाख देने के बहाने तहसील बुलाया ग्रामीणों को शक हुआ तो उन्होंने पिंटू को बाकी 3 लाख रुपए देने के बहाने इछावर तहसील परिसर बुलाया। आरोपी के तहसील पहुंचते ही ग्रामीणों ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पिंटू को इछावर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पीड़ित ग्रामीणों ने पुलिस को आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और ठगे गए 4 लाख रुपए वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।
“मेरी जिंदगी तो खराब हो ही चुकी है। लेकिन मैं अपने बच्चों की जिंदगी खराब नहीं करना चाहती।” रामगढ़ के दुलमी प्रखंड के सोसो गांव की कविता देवी जब यह कहती हैं तो उनकी आवाज में संघर्ष साफ सुनाई देता है। पति की बीमारी से करीब तीन साल पहले मौत हो गई। इसके बाद दो बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। बेटा सातवीं और बेटी आठवीं कक्षा में पढ़ रही है। घर में सास-ससुर भी हैं। खर्च चलाने के लिए कविता कभी ईंट भट्ठे में मजदूरी करती हैं, तो कभी दूसरे घरों में काम। लेकिन इसी जिंदगी के बीच उन्होंने होमगार्ड बनने का सपना देखा है। वह कहती हैं, “सुबह करीब 3 बजे उठती हूं। गांव के पास मैदान में जाकर दौड़ती हूं। फिर घर का काम करती हूं और काम पर निकल जाती हूं।” मैदान में पहुंची तो सबके पास जूते थे, मेरे पास कुछ नहीं था कविता को बचपन से खेलकूद का शौक रहा है। स्कूल में भी दौड़ना पसंद था। जब रामगढ़ में होमगार्ड भर्ती के लिए 1600 मीटर दौड़ की जानकारी मिली तो उन्होंने तय किया कि इस बार कोशिश जरूर करेंगी। पैसे की कमी रास्ते में थी। कविता बताती हैं, “मेरे पास अच्छे जूते खरीदने के पैसे नहीं हैं। ट्रैक सूट भी नहीं है। जब दौड़ के लिए मैदान में पहुंची तो बाकी लोगों को अच्छे जूते और ट्रैक सूट में देखा। मेरे पास कुछ नहीं था। लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी।” वह साड़ी पहनकर नंगे पांव ही दौड़ में उतर गईं। 1600 मीटर की दूरी करीब 6 मिनट 45 सेकेंड में पूरी की। ट्रायल में छठे स्थान पर रहीं। दौड़ खत्म हुई तो सांसें तेज थीं। पांव थके थे। लेकिन चेहरे पर संतोष था। बच्चों की पढ़ाई के लिए मजदूरी, अब वर्दी का है सपना कविता बताती हैं कि पति की मौत के बाद घर चलाना आसान नहीं रहा। उनके पति के बड़े भाई की भी मौत हो चुकी है। ऐसे में परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं। बच्चों की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें मजदूरी करनी पड़ती है। वह कहती हैं, “बच्चों को वह सब नहीं दे पाती हूं, जो देना चाहती हूं। इसलिए चाहती हूं कि किसी तरह नौकरी मिल जाए।” गांव से ट्रेनिंग सेंटर दूर है। आने-जाने में खर्च और समय दोनों लगते हैं। इसलिए वह गांव के पास ही अभ्यास करती हैं। मौका मिलने पर ट्रेनिंग के लिए भी जाती हैं। रोज की दिनचर्या में बच्चों की देखभाल, घरेलू काम और मजदूरी के बाद बचा समय दौड़ के नाम है। 284 पदों पर होनी है बहाली, महिलाओं के लिए 50 % आरक्षित रामगढ़ जिला मैदान में होमगार्ड बहाली से पहले 1600 मीटर दौड़ का ट्रायल कराया गया था। महिला और पुरुष अभ्यर्थियों ने इसमें हिस्सा लिया। जिले में 24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक 284 पदों पर बहाली की प्रक्रिया प्रस्तावित है। महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटों का प्रावधान है। विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण का प्रावधान भी बताया गया है। इसी वजह से महिला अभ्यर्थियों में खासा उत्साह है। कविता की साड़ी में नंगे पांव दौड़ने का वीडियो वायरल हुआ तो उनकी कहानी लोगों तक पहुंची। लेकिन कविता के लिए यह सिर्फ वायरल वीडियो नहीं है। वह कहती हैं, “अगर होमगार्ड में भर्ती हो गई तो सबसे पहले घर की आर्थिक स्थिति ठीक करूंगी। बच्चों की पढ़ाई अच्छे से कराऊंगी।” मैदान में उनकी दौड़ अभी खत्म हुई है। मंजिल की दौड़ बाकी है।
चंदौली के बलुआ थाना में पतंजलि के थोक व्यापारी से 1.20 लाख रुपये की लूट का पांच दिन बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। वारदात थाने से महज एक किलोमीटर दूर हुई थी। इससे व्यापारियों में डर और गुस्सा है। व्यापारी का आरोप है कि बदमाशों ने बाइक रोककर लाठी-डंडों से हमला किया और झोले में रखे रुपये समेत जरूरी कागजात लेकर फरार हो गए। पतंजलि के थोक व्यापारी रतन बरनवाल 2 अक्टूबर की रात सकलडीहा से तगादा कर बाइक से सराय लौट रहे थे। सराय टेढ़की पुलिया के पास रानेपुर मार्ग पर बदमाशों ने उनकी बाइक रोक ली। इसके बाद लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। हमले में व्यापारी के सिर में चोट लगी। झोले से कैश और दुकान के कागजात ले गए हमले के बाद बदमाश रतन बरनवाल के झोले से 1.20 लाख रुपये नकद, दुकान की डायरी और बिल लेकर फरार हो गए। घायल व्यापारी ने बलुआ थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। थाने से महज एक किलोमीटर की दूरी पर वारदात होने के बावजूद पांच दिन बाद भी लूट का खुलासा नहीं होने से व्यापारियों में नाराजगी है। सीसीटीवी भी खंगाल रही पुलिस सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। पुराने लुटेरों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस घटना से जुड़े सुराग जुटाकर बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। सीओ बोले- जल्द होगा घटना का खुलासा सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। कई बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। उन्होंने जल्द ही घटना का खुलासा करने की बात कही है।
दमोह में मंगलवार रात अस्पताल चौराहे पर कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाने की कोशिश की गई। पुलिस पहले से ही फायर ब्रिगेड के साथ चौराहे पर तैनात थी। जैसे ही पुतला जलाने का प्रयास किया गया, वाटर कैनन की मदद से आग बुझा दी गई। इस दौरान चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और पानी की बौछारें चलती रहीं। डेढ़ घंटे चला प्रदर्शन, नारेबाजी की कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन करीब डेढ़ घंटे तक चला। इसके बाद नेताओं ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए सीएसपी एचआर पांडे के साथ कोतवाली का पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। जिलाध्यक्ष बोले- मताधिकार से वंचित करने की लड़ाई कांग्रेस जिला अध्यक्ष मानक पटेल ने कहा कि कांग्रेस न्याय के लिए लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 करोड़ 30 लाख मतदाताओं के नाम प्रधानमंत्री के इशारे पर काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इसी मुद्दे को उठा रहे थे और उनकी गिरफ्तारी के विरोध में गृहमंत्री का पुतला जलाने का प्रयास किया गया। नितिन मिश्रा बोले- वोट चोरी कर सरकार बनाने का आरोप कांग्रेस नेता नितिन मिश्रा ने आरोप लगाया कि वोट चोरी कर सरकार बनाने की बात सामने आई है और सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे को उठाया था। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर इसी के विरोध में पुतला दहन किया गया। सीएसपी बोले- पहले से चाक-चौबंद थी व्यवस्था सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन और पुतला जलाने की जानकारी पहले ही मिल गई थी। पुलिस की व्यवस्था पहले से की गई थी और फायर ब्रिगेड मौके पर मौजूद थी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेताओं ने कुछ घास के टुकड़े जलाने का प्रयास किया, जिन्हें तत्काल बुझा दिया गया।
देवरिया के मदरसन स्कूल के बर्खास्त तीनों शिक्षकों को हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल किया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने कानूनी सलाह के बाद मामला सुलझाया। इनमें से एक शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की फरवरी 2026 में मौत हो चुकी है। अब उनकी पत्नी गुड़िया सिंह को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू हुई है। बहाली का पत्र मिलते ही गुड़िया सिंह भावुक होकर रोने लगीं। समय पर न्याय मिलता तो शायद पति की जान बच जाती। तीनों शिक्षकों की नियुक्ति मई 2016 में हुई थी। जुलाई 2021 में नियुक्तियों को गलत मानते हुए वेतन रोका गया और अक्टूबर 2021 में उन्हें नौकरी से निकाला गया। इसके खिलाफ शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। कृष्ण मोहन सिंह ने अधिकारियों पर बहाली के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाया था। उनकी पत्नी की शिकायत पर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ गोरखपुर में केस दर्ज हुआ। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया जिले के बहुचर्चित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, गौरीबाजार के बर्खास्त तीनों शिक्षकों को हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में सवेतन बहाल कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने विधिक राय लेने के बाद प्रकरण का निस्तारण किया। इनमें से एक शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की फरवरी 2026 में मौत हो चुकी है। अब उनकी पत्नी गुड़िया सिंह को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बहाली का पत्र मिलने पर गुड़िया सिंह भावुक हो गईं और फफक-फफक कर रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि यदि उनके पति को समय से न्याय और भुगतान मिल गया होता तो शायद उनकी जान नहीं जाती। विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया उन्होंने कहा कि पति तो नहीं रहे, लेकिन अब उन्हें न्याय मिला है। गौरीबाजार क्षेत्र के मदरसन स्थित इस विद्यालय में मई 2016 में अपर्णा तिवारी, ओंकार सिंह और कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों ने जुलाई 2016 में विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया। बाद में नियुक्तियों को अवैध मानते हुए जुलाई 2021 में तीनों का वेतन रोक दिया गया और अक्तूबर 2021 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके खिलाफ तीनों शिक्षकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी पर रोक लगाते हुए मामले का नियमानुसार निस्तारण करने का आदेश दिया था। पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगाए इसी बीच बर्खास्त शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने तत्कालीन अधिकारियों पर बहाली और भुगतान के नाम पर पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगाए थे। फरवरी 2026 में उनकी मौत के बाद मामला सुर्खियों में आया। उनकी पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ गोरखपुर में मुकदमा दर्ज हुआ। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने हाईकोर्ट के 13 फरवरी 2025 के आदेश के अनुपालन में अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह को सेवा समाप्ति की तिथि से सेवा में बहाल करने का आदेश दिया है। कृष्ण मोहन सिंह को भी सेवा समाप्ति की तिथि से उनकी मृत्यु से एक दिन पहले तक सेवारत माना गया है। आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए वित्तीय लाभ के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने बताया कि तीनों शिक्षकों के मामले का विधिक राय के आधार पर निस्तारण कर दिया गया है। मृत शिक्षक की पत्नी को नियमानुसार मृतक आश्रित कोटे में नौकरी देने के लिए विद्यालय प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं।
वृंदावन के चैतन्य बिहार इलाके में स्थित महर्षि परिणि संस्कृत गुरुकुल विद्यालय में मंगलवार देर शाम हुए हादसे के बाद जिले के अधिकारी देर रात तक घटना स्थल पर पहुंचते रहे। अधिकारियों ने घटना स्थल का दौरा किया, मृतक छात्रों के बारे में जानकारी ली और जिम्मेदारों पर कार्यवाही करने की बात कही। पुलिस ने विद्यालय संचालक सहित 2 लोगों को हिरासत में ले लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। कोई MP से,कोई UP से तो कोई आया है बिहार से महर्षि परिणि संस्कृत गुरुकुल विद्यालय में करीब 200 छात्र पंजीकृत हैं। जिसमें से सौ के रहने की व्यवस्था उसी इकरत में की हुई है। इनमें संस्कृत पढ़ने के लिए कोई मध्य प्रदेश,कोई उत्तर प्रदेश तो कोई बिहार से है। इन बच्चों को इसी गुरुकुल में रखकर संस्कृत की शिक्षा दी जाती है। छात्र यहां वेद,कर्मकांड,पूजन कराना आदि सीखते हैं। 320 गज के इस भवन को आशीष गुरुजी ने पन्ना के रहने वाले सुखेन्द्र मिश्रा से किराए पर लिया था। आशीष यहां छात्रों की संख्या तो बढ़ाते रहे लेकिन सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया। जिसका खामियाजाना छात्रों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। बिना रजिस्ट्रेशन के हो रहा था संचालन वृंदावन के चैतन्य बिहार इलाके में स्थित इस गुरुकुल का संचालन बिना रजिस्ट्रेशन के किए जा रहा था। आशीष यहां छात्रों को रखता और उनकी पढ़ाई का फॉर्म दूसरे स्कूल से भरवाता था। छात्र अपनी शिक्षा पूरी करने के चलते कुछ भी नहीं बोलते। यहां छात्रों को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं थी। परिजनों से बात भी संचालक के फोन पर ही छात्र करते थे। पढ़ने आए छात्रों को गुरुकुल में अलग अलग काम अलग दिन बांटे गए थे। किसी से खाना बनवाया जाता,किसी से साफ सफाई कराई जाती थी। बिना सेफ्टी अपनाए छात्रों को उतारा टैंक में मंगलवार की देर शाम बिल्डिंग के पिछले हिस्से में बने पानी के 3 फीट लंबे 3 फीट चौड़े और करीब 12 फीट गहरे टैंक में से बदबू आने और पानी ओवर फ्लो होने के चलते संचालक ने 5 छात्रों की साफ करने की ड्यूटी लगाई। सबसे पहले साफ करने मनु कटारे उतरा। लेकिन टैंक में उतरते ही वह बेहोश हो गया। उसे बचाने आर्यन,देवांश,विशु और रुद्र उतरे। यह सब भी टैंक में बनी गैस की बजह से बेहोश हो गए। 5 छात्रों को बेहोश होते ही हड़कंप मच गया। सभी को किसी तरह बाहर निकाला और अस्पताल भेजा तो वहां डॉक्टरों ने मनु, देवांश,आर्यन और विशु को मृत घोषित कर दिया। संचालक ने बिना सेफ्टी उपकरण के ही सफाई के लिए छात्रों को टैंक में उतार दिया था। हादसे के बाद फाड़ा गुरुकुल का बैनर हादसा होते ही संचालक ने सबसे पहले इमारत के बाहर लगा गुरुकुल का नाम लिखा वाला बैनर फाड़ा। इसके बाद वह कुछ देर तक मामले को दबाने का प्रयास करता रहा। लेकिन अन्य छात्रों की चीख पुकार सुन वहां स्थानीय लोग एकत्रित हो गए,पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद भी संचालक ने मौके से निकलने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने संचालक आशीष और उनके एक साथी को हिरासत में ले लिया। नहीं जागे जिम्मेदार पिछले दिनों लखनऊ और दिल्ली में हुए हादसों के बाद भी जिम्मेदार नहीं जागे। संकरे भवनों में नियमों को ताक पर रखकर इस तरह के विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन इमारतों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। देर रात मौके पर पहुंचे एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि हादसा कैसे हुआ किसकी लापरवाही रही इसकी जांच की जा रही है। दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। परिजन जो तहरीर देंगे उस पर मुकद्दमा लिखकर कार्यवाही की जाएगी।
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में बुधवार सुबह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी हरलीन देओल और फिल्म अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन किए। दोनों सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचीं और करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती के दर्शन किए। भक्ति में लीन नजर आईं दोनों भस्म आरती के दौरान हरलीन देओल और ईशा कोप्पिकर भक्ति में लीन नजर आईं। दोनों ने हाथ जोड़कर भगवान महाकाल का नमन किया और महाकाल का जाप किया। आरती के बाद दोनों ने महाकाल की देहरी से भगवान का आशीर्वाद लिया और पुजारियों के माध्यम से जल अर्पित किया। मंदिर समिति ने किया सम्मान दर्शन के बाद मंदिर समिति की ओर से हरलीन देओल और ईशा कोप्पिकर का सम्मान किया गया। हरलीन ने कहा कि वह तीसरी बार महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आई हैं। उन्होंने कहा, “आगे भी जब भी महाकाल का बुलावा आएगा, आती रहूंगी।” वहीं, ईशा कोप्पिकर ने कहा कि महाकाल के दर्शन के बाद ऐसा लगा कि उनके पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं। उन्होंने मंदिर में दर्शन और व्यवस्था की भी सराहना की।
लुधियाना के पास इंटरसिटी एक्सप्रेस पर पथराव:खिड़की के 3 शीशे टूटे; RPF ने अज्ञात पर केस दर्ज किया
लुधियाना में दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस पर लुधियाना के नजदीक पत्थर फेंकने का मामला सामने आया है। पथराव से ट्रेन के एक कोच की खिड़की के तीन शीशे टूट गए। घटना में यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की जान को खतरा पैदा हुआ। इस मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 और 147 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल, 6 अक्टूबर को मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष फिरोजपुर से मिली शिकायत में बताया गया था कि किसी ट्रेन पर पत्थर लगने से खिड़की का शीशा टूट गया है। सूचना मिलने पर RPF के उप निरीक्षक विजयपाल सिंह और सहायक उप निरीक्षक चमन लाल ने घटना स्थल एरिया के रेलवे ट्रैक की जांच की। इस दौरान आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने अपना मोबाइल नंबर भी साझा नहीं किया था, जिसके कारण घटना की सटीक जगह की पुष्टि नहीं हो सकी। अमृतसर पहुंचने पर जांच में टूटे मिले 3 शीशे इसके बाद 7 अक्टूबर को मंडल सुरक्षा कंट्रोल रुम की ओर से 139 पर घटना की जानकारी साझा की गई। बताया गया कि RPF पोस्ट अमृतसर के सहायक उप निरीक्षक रणवीर सिंह ने ट्रेन नंबर 14679 दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस के रात करीब 10:25 बजे अमृतसर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पहुंचने पर CW और JE रोहित कुमार के साथ ट्रेन की जांच की। जांच के दौरान कोच नंबर NR 246321 (LWSCZ) में सीट नंबर 43, 44 और 45 के पास खिड़की के दोनों तरफ के शीशे टूटे मिले। इस संबंध में रेलवे अधिकारियों ने संयुक्त नोट भी तैयार किया है। जांच में सामने आया कि मिली शिकायत के अनुसार ट्रेन के लुधियाना से पहले बाईं तरफ से पत्थर लगा था। अज्ञात के खिलाफ केस, तलाश शुरू RPF ने घटना को आपराधिक हस्तक्षेप मानते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने से यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की जान को खतरा पैदा हुआ, इसलिए रेलवे एक्ट की धारा 153 और 147 के तहत कार्रवाई की गई है। घटना की जांच में रेलवे पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को मौके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और उपलब्ध वीडियो फुटेज की जांच कर आरोपियों की पहचान हो सके। RPF अब पत्थर फेंकने वाले आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सुराग जुटा रही है। मामले की आगे की जांच उप निरीक्षक विजयपाल सिंह को सौंपी गई है। उच्च अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दे दी गई है।
जनशिकायतों के निस्तारण में सोनभद्र पुलिस ने लगातार तीसरी बार प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। सितंबर 2026 की आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) रैंकिंग में जिले को 100 में 100 अंक मिले हैं। प्रदेश के साथ वाराणसी जोन में भी सोनभद्र पुलिस अव्वल रही। सोनभद्र पुलिस ने जुलाई और अगस्त 2026 की आईजीआरएस रैंकिंग में भी प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। सितंबर में भी यह प्रदर्शन बरकरार रहा। लगातार तीन महीने प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल करना शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी मॉनिटरिंग का परिणाम माना जा रहा है। एसपी के निर्देशन में शिकायतों की नियमित समीक्षा पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में आईजीआरएस पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। पुलिस टीमों ने कई मामलों में मौके पर पहुंचकर शिकायतों का सत्यापन किया। शिकायतकर्ताओं से संवाद कर नियमानुसार कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई। 22 में से 18 थानों को मिले 100 में 100 अंक आईजीआरएस रैंकिंग में जिले के 22 थानों में से 18 ने भी 100 में 100 अंक हासिल किए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, थानों पर शिकायतों की नियमित समीक्षा करने के साथ निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया। इसी वजह से जिले को लगातार तीसरी बार प्रदेश में पहला स्थान मिला है। निष्पक्ष और पारदर्शी निस्तारण पर जोर पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बेहतर प्रदर्शन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण पुलिस की प्राथमिकता है। शिकायतकर्ता को समाधान का भरोसा दिलाने के साथ उसकी संतुष्टि और निस्तारण की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा रही है। लगातार तीसरी बार प्रदेश में प्रथम स्थान मिलने से सोनभद्र पुलिस की शिकायत निस्तारण व्यवस्था को मजबूती मिली है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में भी आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और जवाबदेही बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
बलिया की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा के पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने चुनाव लड़ने को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि वे बलिया नगर विधानसभा क्षेत्र के अलावा किसी अन्य सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से भी बलिया नगर से ही चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। मंगलवार रात पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला का जन्मदिन उनके कार्यालय पर मनाया गया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बात रखी। शुक्ला ने कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का पालन करेंगे। 2022 के बाद ही नेतृत्व से की थी अपील आनंद स्वरूप शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया था कि बैरिया विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि बलिया नगर विधानसभा क्षेत्र उनकी जन्म और कर्मभूमि है, इसलिए उनकी प्राथमिकता यही सीट है। पांच साल विधायक और राज्यमंत्री के रूप में किया काम पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने पिछले पांच साल तक बलिया नगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक और राज्यमंत्री के रूप में काम किया है। इसी आधार पर उन्होंने पार्टी से आगामी विधानसभा चुनाव में बलिया नगर से ही चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। उन्होंने दोहराया कि वह पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और संगठन जो जिम्मेदारी देगा, उसका पालन करेंगे।
आगामी दुर्गा पूजा, दशहरा और दीपावली को देखते हुए बरेली जोन में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी तेज कर दी है। एडीजी रमित शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक कर सभी जिलों के एसपी-एसएसपी और एएसपी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में मुरादाबाद परिक्षेत्र के डीआईजी समेत जोन के सभी जिलों के अधिकारी शामिल हुए। एडीजी ने कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत करने और त्योहारों के दौरान आमजन के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। सोशल मीडिया और साइबर सेल को 24 घंटे एक्टिव रहने के निर्देश दिए गए हैं। अफवाह या भ्रामक खबर फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। नवरात्रि से पहले सड़कें होंगी दुरुस्त बैठक में थाना क्षेत्रों के संभ्रांत नागरिकों ने जर्जर सड़कों, सफाई और खराब स्ट्रीट लाइट की समस्याएं बताईं। संबंधित विभागों को त्योहारों से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। PWD और नगर निगम को नवरात्रि से पहले सड़कों के गड्ढे भरने को कहा गया। बिजली विभाग को ढीले और लटके तार दुरुस्त करने तथा 10 अक्टूबर से विशेष कंट्रोल रूम शुरू करने के निर्देश दिए गए। पंडालों का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट दुर्गा पूजा पंडालों, मेलों और रामलीला मैदानों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने के निर्देश दिए गए। प्रमुख मंदिरों और उनके पहुंच मार्गों पर सफाई कराई जाएगी। मेलों में झूले लगाने के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र और प्रशासन की अनुमति जरूरी होगी। रावण दहन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग कराई जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर CCTV से निगरानी होगी। अग्निशमन विभाग सभी पूजा पंडालों का फायर सेफ्टी ऑडिट करेगा और जरूरत के मुताबिक फायर टेंडर तैनात रखेगा। तेज डीजे बजाया तो उपकरण जब्त होंगे निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक तेज डीजे बजाने वालों के उपकरण जब्त कर कार्रवाई की जाएगी। एडीजी ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल से ही त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होंगे। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। बैठक में एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह, एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी, एसपी सिटी मानुष पारिक, एसपी साउथ अंशिका वर्मा, एसडीएम बहेड़ी ईशिता किशोर सहित सभी तहसीलों के एसडीएम और क्षेत्राधिकारी मौजूद रहे।
बलिया में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने श्रमिकों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और समय पर जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है और उनका इलाज शुरू होने से गंभीर स्थिति से बचाव संभव है। जनपद स्तरीय समिति की ओर से औद्योगिक और निर्माण श्रमिकों के लिए ‘श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविर’ लगाया जा रहा है। शिविर 7 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक श्री बालेश्वर जी ट्रेडिंग कंपनी, ए-8 इंडस्ट्रियल स्टेट, माधोपुर, रसड़ा में आयोजित होगा। जांच के साथ डॉक्टर देंगे जरूरी सलाह शिविर में श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। डॉक्टर जांच के बाद स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सलाह देंगे। विभिन्न बीमारियों के बारे में श्रमिकों को जानकारी दी जाएगी। जांच के दौरान जरूरत पाए जाने पर दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। पंजीकृत श्रमिक भी करा सकेंगे स्वास्थ्य जांच श्रम विभाग में पंजीकृत औद्योगिक और निर्माण श्रमिक भी शिविर में पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य जांच करा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर स्वास्थ्य जांच कराने से बीमारियों का शुरुआती अवस्था में ही पता चल जाता है, जिससे समय रहते उपचार शुरू किया जा सकता है। डीएम ने शिविर का लाभ उठाने की अपील की जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने जिले के सभी श्रमिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर शिविर में पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य जांच कराएं और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतने और समय-समय पर जांच कराने पर जोर दिया।
प्रयागराज के कर्नलगंज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही युवती ने एक युवक पर शादी का झांसा देकर करीब तीन साल तक शोषण करने का आरोप लगाया है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने उससे करीब ढाई लाख रुपए लिए और शिकायत करने पर धमकी दी। उसने जबरन गर्भपात कराने का भी आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर कर्नलगंज पुलिस ने नरसिंहदासपुर, थाना महरुआ, अंबेडकर नगर निवासी मयंक सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2023 में होटल में बुलाकर संबंध बनाने का आरोप युवती ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी मयंक सिंह से बातचीत होती थी। आरोप है कि 14 अगस्त 2023 को मयंक ने उसे मम्फोर्डगंज स्थित टेम्पटेशन होटल में मिलने के लिए बुलाया। युवती का आरोप है कि वहां उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। युवती के मुताबिक, जब उसने इस घटना की शिकायत करने की बात कही तो आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया। इसके बाद वह लगातार शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाता रहा और उससे मिलता रहा। शादी के नाम पर ढाई लाख रुपए लेने का आरोप तहरीर के अनुसार, आरोपी ने युवती को डराया-धमकाया और उससे करीब ढाई लाख रुपए अपने बैंक खाते में मंगवाए। युवती का कहना है कि 20 फरवरी 2026 को मयंक ने लिखकर भी दिया था कि वह उससे शादी करेगा। युवती के मुताबिक, इसके बावजूद बाद में आरोपी शादी से मुकर गया। युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी अब लगातार फोन कर उसे धमका रहा है। आरोप है कि मयंक ने शिकायत करने पर जान से मरवाने की धमकी दी और कहा कि वह उससे शादी नहीं कर सकता। युवती के अनुसार, आरोपी ने यह भी कहा कि वह उसके साथ धोखा कर रहा था। जबरन गर्भपात कराने का भी आरोप तहरीर में युवती ने आरोपी पर उसका जबरन गर्भपात कराने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। कर्नलगंज पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। पुलिस बैंक खातों में हुए लेनदेन, दोनों के बीच हुई बातचीत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
3 साल के मासूम पर आवारा कुत्तों का हमला:रामपुर में पेट पर काटकर किया घायल, जिला अस्पताल में इलाज
रामपुर में थाना गंज क्षेत्र के सैजनी नानकार गांव में बुधवार सुबह घर के बाहर खेल रहे तीन साल के मासूम बच्चे पर आवारा कुत्तों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया। कुत्तों के हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज कराया गया। जानकारी के अनुसार मिलक क्षेत्र के आरिफ गांव निवासी इमरान अपने परिवार के साथ रिश्तेदारी में थाना गंज क्षेत्र के सैजनी नानकार गांव आए थे। बुधवार सुबह करीब छह बजे उनका तीन साल का बच्चा घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान वहां पहुंचे आवारा कुत्तों के झुंड ने बच्चे को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे के पेट पर काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। बच्चे के चीखने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्तों को भगाकर बच्चे को बचाया। बच्चे के पिता इमरान ने बताया कि गांव और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों का डर बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से आवारा कुत्तों को जल्द पकड़वाने की मांग की है, ताकि किसी अन्य बच्चे पर इस तरह का हमला न हो। उनका कहना है कि बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डर लगता है। उधर, जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर के अनुसार कुत्ता काटने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अकेले रामपुर जिला अस्पताल में रोजाना करीब 100 लोग कुत्ता काटने के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। कई बार यह संख्या 100 से भी अधिक हो जाती है। नगर पालिका ईई दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने बताया नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान भी चलाया जा रहा है। नगर पालिका के अनुसार हर महीने में लगभग 100 आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है। वहां उनके खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की जाती है। इसके बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या को लेकर लोगों में डर बना हुआ है। खासकर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।
खेरवाड़ा के कालीबाई छात्रावास में छात्राओं को मिल रही सुविधाओं में कई खामियां सामने आई हैं। छात्राओं की शिकायत पर 6 अक्टूबर को उएसडीएम, तहसीलदार और बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी ने छात्रावास का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वार्डन मौजूद नहीं मिलीं। उन्होंने बीमार होने के चलते छुट्टी पर होना बताया। दोपहर ढाई बजे तक छात्राओं को भोजन नहीं मिला था और राशन की गुणवत्ता भी खराब पाई गई। छात्रावास के बाथरूम और दरवाजों की हालत खराब थी। छात्राओं को साबुन भी नहीं दिया जा रहा था। छात्राओं ने बताया कि नाश्ता समय पर नहीं मिलता और रात में वार्डन छात्रावास में नहीं रुकती हैं। अधिकारियों ने वार्डन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही, छात्रावास में तुरंत गुणवत्तापूर्ण भोजन, साफ-सफाई व सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए।
मेरठ में एक ब्यूटीशियन ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति तालिब की हत्या कर दी। उसने परिवार को गुमराह करने के लिए मौत की वजह हार्ट अटैक बताई थी। परिवार ने इसे सामान्य मौत मानकर शव को मुजफ्फरनगर में दफना दिया था। बाद में तालिब की गर्दन पर चोट के निशान और उसके मोबाइल में मिली वॉइस चैट से परिजनों को हत्या का शक हुआ। पूछताछ में पत्नी इलमा ने प्रेमी अमन और उसके साथी के साथ मिलकर तालिब की हत्या करने की बात कबूल कर ली। इस मामले में आज बुधवार को डीएम की अनुमति के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस की मदद से तालिब का शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। गर्दन पर चोट का निशान देखकर हुआ शक जाकिर कॉलोनी फतेहउल्लापुर रोड निवासी अकरम अली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका चचेरा भाई तालिब परिवार के साथ जाकिर कॉलोनी में रहता था और राजमिस्त्री का काम करता था। करीब चार साल पहले उसकी शादी ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के अंजुम पैलेस के पास रहने वाले मोमिन की बेटी इलमा से हुई थी। दोनों की तीन साल की बेटी भी है। 28 सितंबर की रात करीब 8 बजे पड़ोस में रहने वाले इनाम ने अकरम के घर पहुंचकर तालिब की मौत की जानकारी दी। अकरम तालिब के घर पहुंचे तो शव को पूरी तरह ढका हुआ था। सिर्फ चेहरा दिखाई दे रहा था। इलमा ने बताया कि तालिब की मौत हार्ट अटैक से हुई है। परिवार ने इसे सच मान लिया और अगले दिन शव को मुजफ्फरनगर स्थित पैतृक गांव रसूलपुर दभेड़ी ले जाकर दफना दिया। शव दफनाने के दौरान किसी ने तालिब के शव की फोटो मोबाइल से खींच ली थी। बाद में फोटो देखने पर परिजनों की नजर तालिब की गर्दन पर पड़े चोट के निशान पर गई। इसके बाद उन्हें मौत के कारण पर शक होने लगा। पड़ोसियों ने अमन के साथ देखे जाने की दी थी जानकारी परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद इलमा का व्यवहार भी बदला हुआ था। वह कहीं जाने के लिए सामान पैक कर रही थी। इसी दौरान तालिब के कुछ पड़ोसियों ने परिजनों को बताया कि इलमा को जाकिर कॉलोनी में सिग्नेचर स्टाइल ब्यूटी स्टूडियो के संचालक अमन के साथ देखा जाता था। इसके बाद परिजनों ने इलमा से सख्ती से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में इलमा ने तालिब की हत्या की बात स्वीकार की और बताया कि वह अमन और उसके साथी के साथ मिलकर हत्या में शामिल थी। इलमा ने पुलिस को यह भी बताया कि तालिब आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। हत्या से तीन दिन पहले वॉइस चैट भेजकर दी थी धमकी पुलिस जांच में तालिब के मोबाइल से एक अहम वॉइस चैट भी सामने आई है। आरोप है कि हत्या से करीब तीन दिन पहले अमन ने तालिब के व्हाट्सएप पर वॉइस चैट भेजकर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। गर्दन पर मिले चोट के निशान और मोबाइल में मिली इस वॉइस चैट ने पुलिस की जांच को हत्या की ओर मोड़ दिया। इसके बाद इल्मा ने हत्या करने की बात कबूल कर ली थी। इल्मा का कबूल नामे का वीडियो भी सामने आया था। जिसके बाद तालिब के भाई अकरम अली की तहरीर पर पुलिस ने इलमा और अमन के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि डीएम से अनुमति लेकर संबंधित दस्तावेज मुजफ्फरनगर पुलिस को भेजे गए हैं। आज बुधवार को तालिब का शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इलमा और अमन के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद अमन के साथी की भूमिका भी स्पष्ट की जाएगी। पुलिस तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी और उनकी तलाश की जा रही है।
छिंदवाड़ा जिले के जंगलों में पिछले करीब डेढ़ माह से घूम रहा जंगली हाथी अब नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा वनवृत्त की सीमा के करीब पहुंच गया है। सोमवार तक हाथी की मौजूदगी बटकाखापा बीट के धौखेड़ा जंगल के पास मिली थी। मंगलवार दोपहर पश्चिम हर्रई से लगी बीटों में भी हाथी के मूवमेंट के संकेत मिले। वन विभाग की टीम को हर्रई परिक्षेत्र क्रमांक-1 के मोहनी घाट के पास हाथी के पगमार्क मिले हैं। गश्ती के दौरान टीम को पगमार्क के साथ हाथी के बिष्टा (गोबर) के निशान भी मिले। इसके अलावा राजस्व क्षेत्र के एक किसान के खेत में भी हाथी की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। नरसिंहपुर वन क्षेत्र की ओर बढ़ने की संभावना वन अधिकारियों के अनुसार, हाथी जिस क्षेत्र में घूम रहा है, वह नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा वनवृत्त की सीमा से लगा हुआ है। ऐसे में उसके नरसिंहपुर के वन क्षेत्र की ओर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही हैं। टीम हाथी के पगमार्क और अन्य संकेतों के आधार पर उसके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। हर्रई वन परिक्षेत्र अधिकारी एचएल कोदर ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है। हाथी का मूवमेंट फिलहाल जंगल क्षेत्र में बना हुआ है। टीम लगातार पगमार्क और अन्य संकेतों की निगरानी कर रही है। सोमवार को धौखेड़ा जंगल में मिला था हाथी सोमवार को हाथी की मौजूदगी बटकाखापा बीट के धौखेड़ा जंगल के पास मिली थी। मंगलवार को पश्चिम हर्रई से लगी बीटों में इसके पगमार्क और अन्य संकेत मिले। वन विभाग की टीमें हाथी के अगले मूवमेंट पर लगातार नजर रख रही हैं।
आजमगढ़ में बादल छाए, भारी बारिश का अलर्ट:50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; 4-5 दिन बारिश के आसार
आजमगढ़ में बुधवार सुबह से आसमान में काले घने बादल छाए हैं। सोमवार शाम से शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही, जिससे तापमान में गिरावट आई है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार सुबह तापमान 27 डिग्री रहा, जबकि दिन में अधिकतम 31 और न्यूनतम 23 डिग्री रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बुधवार को जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। 24 घंटे में 11.7 मिमी बारिश जिले में अब तक 677.4 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य बारिश का आंकड़ा 837.1 मिमी है। पिछले 24 घंटे में 11.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। सोमवार शाम करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली थीं। इससे कई पेड़ और होर्डिंग गिर गए थे। दीवार गिरने से एक मासूम बच्ची की मौत भी हो गई थी। शनिवार को भी तेज हवा और बारिश के कारण जिले के अलग-अलग इलाकों में दो दर्जन से ज्यादा पेड़ गिर गए थे। प्रशासन ने पेड़ों को हटवाकर सड़कों पर यातायात सुचारु कराया था। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा बारिश के बाद घाघरा नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। डीएम रविंद्र कुमार ने नदी किनारे के क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने राजस्व, सिंचाई, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ में बाढ़ के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। गोमती नदी का जलस्तर 9वें दिन भी बढ़ रहा है। फैजुल्लागंज सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां 40 हजार घरों में 5-6 फीट तक पानी भरा है। 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। कई लोग घरों में ताला लगाकर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हैं। इटौंजा में बाढ़ के तेज बहाव में 6 दोस्त बह गए। इनमें से एक की मौत हो गई, जबकि 5 को बचा लिया गया। खाटू श्याम मंदिर, हनुमंत धाम और चंद्रिका देवी मंदिर भी पानी में डूब गए हैं। लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह में 13 फीट तक पानी भर गया है। करीब 20 साल बाद गर्भगृह बंद करना पड़ा है। चंद्रिका देवी मंदिर भी पानी कम होने तक बंद कर दिया गया है। बाढ़ के पानी के साथ सांप और दूसरे जहरीले जीव-जंतु भी घरों में घुस रहे हैं। इससे लोगों में डर बना हुआ है। बाढ़ प्रभावित लोग सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर प्रशासन से मदद की मांग कर रहे हैं।
वाराणसी में बुधवार को पीएम मोदी के राजनीतिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर भाजपा के सेवा संकल्प अभियान का समापन होगा। गुजरात के वडनगर से निकली सेवा संकल्प बाइक यात्रा मंगलवार शाम ही काशी पहुंच चुकी है। सुबह 10 से 11 बजे के बीच पीएम मोदी के लाइव संबोधन को LED स्क्रीन के माध्यम से सुना जाएगा। कार्यक्रम के बाद करीब 500 बाइक यात्री बस से मैदागिन पहुंचेंगे। यहां से पैदल काशी विश्वनाथ मंदिर जलाभिषेक करने जाएंगे। इसके बाद शहर से करीब 10 किमी दूर रोहनिया इलाके में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की जनसभा होगी, जहां 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। जनसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और यूपी भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी भी रहेंगे। काशी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन की यह पहली जनसभा होगी। नितिन नवीन और योगी की जनसभा के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
आगरा में बुधवार सुबह धूप खिली हुई है। करीब 9 किमी/घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। हवा के चलते सुबह के समय गर्मी का असर कम महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार दिन में मौसम में बदलाव हो सकता है। तेज हवाओं के साथ एक-दो बार बूंदाबांदी या बारिश की संभावना है। बारिश होने पर तापमान में और गिरावट आ सकती है। 8 अक्टूबर को भी आगरा में बादल छाए रह सकते हैं, हालांकि बारिश की संभावना नहीं है। 9 अक्टूबर से मौसम साफ रहने के आसार हैं। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। आगरा में अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मानसून में सामान्य से 1% कम बारिश मौसम में बदलाव के बीच दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। एक ओर लखनऊ में बाढ़ के हालात हैं, वहीं आगरा में मानसून के बाद भी बारिश की कमी से सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। आगरा में 1 जून से 30 सितंबर तक मानसून के चार महीनों में सामान्य से करीब 1% कम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में 530.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 527.2 मिमी बारिश दर्ज हुई। यानी सामान्य से 3.1 मिमी कम बारिश हुई है। 1 से 4 सितंबर तक बारिश तो दूर बूंदाबांदी भी नहीं मानसून खत्म होने के बाद भी आगरा में बारिश की कमी साफ दिखाई दे रही है। 1 से 6 सितंबर के बीच सामान्य से 100% कम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 1 से 4 सितंबर के बीच 6.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इन दिनों आगरा में बारिश तो दूर बूंदाबांदी तक नहीं हुई। बारिश नहीं होने से तापमान में बढ़ोतरी हुई। मौसम के उतार-चढ़ाव का असर दिन और रात के तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को 1.5 डिग्री गिरा पारा लगातार तीन दिन तापमान बढ़ने के बाद मंगलवार को इसमें गिरावट दर्ज की गई। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को अधिकतम तापमान 1.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सोमवार को अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस था।
जबलपुर पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। वह संदिग्ध हालात में व्हीकल फैक्ट्री के पास घूम रहा था। स्थानीय लोगों ने पूछताछ की तो उसने अपना नाम हामिद अंसारी बताया। खुद को पाकिस्तान के रावलपिंडी का रहने वाला कहा। इसके बाद लोगों ने रांझी पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया। थाने में उससे पूछताछ की जा रही है। रक्षा संस्थान के पास लोगों ने घेर रखा था घमापुर निवासी एडवोकेट आशीष प्रजापति ने बताया कि वे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। गोकलपुर के पास उन्होंने भीड़ देखी। यहां कुछ लोगों ने एक युवक को घेर रखा था। आशीष ने कहा- युवक जिस जगह मिला, वह डिफेंस संस्थान के नजदीक है। ऐसे में उसके दावे को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचना दी। मंदिर के पास नारे लगाने का भी आरोप स्थानीय लोगों ने युवक पर मंदिर के पास पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इसकी पुलिस स्तर पर अभी पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक तौर पर उसके व्यवहार को स्थानीय लोगों ने असामान्य बताया है। रांझी थाने के एसआई सीताराम बकोड़े ने कहा- युवक कभी अपना नाम शिवा तो कभी हामिद अंसारी बता रहा है। वह बार-बार बयान बदल रहा है। उसकी मेडिकल जांच करा रहे हैं। इसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी कि युवक की वास्तविक पहचान और उसके बयानों की हकीकत क्या है। ये खबर भी पढ़ें… ISI से जुड़े MP के 3 युवक गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने का दावा करते हुए एमपी के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि ये लोग दिल्ली का ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे स्थित एक ढाबा और हरियाणा का सैन्य कैंप उड़ाने वाले थे। पढ़ें पूरी खबर…
वाराणसी में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है। इसी क्रम में दालमंडी गली चौड़ीकरण और पुलिसलाइन-कचहरी चौराह चौड़ीकरण की जद में आये मकानों का अंतिम ध्वस्तीकरण पीडब्ल्यूडी ने दो दिन में पूरा करा लिया। दोनों ही जगह पोकलैंड और जेसीबी मशीनें लगाकर मकानों को ध्वस्त किया गया। कई मकान ताश के पत्तों की तरह पोकलैंड मशीन के द्वारा धराशायी कराए गए। इस दौरान मंगलवार को हुए ध्वस्तीकरण में 7 मशीनों ने दिन भर काम किया और 10 मकानों को तोड़ा तो दालमंडी में भी 6 मशीनों ने 10 मकानों को दिन भर में तोड़ दिया। मजदूरों ने कुछ मकानों पर हथौड़े भी चलाए। अब जल्द ही इन दोनों जगहों पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। दालमंडी में जहां जद में आये 181 मकानों को 132 करोड़ रुपए पीडब्ल्यूडी ने मुआवजे के रूप में बांटे। वहीं कचहरी से पुलिस लाइन तक जद में आये मकानों को अभी तक 80 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। ये सड़क संदहा तक करीब 10 किलोमीटर की बननी है। जिसके लिए 250 करोड़ का बजट पास है। ध्वस्तीकरण के वीडियो को देखने के लिए ऊपर फोटो को क्लिक कीजिये …देखें ध्वस्तीकरण की तस्वीरें …
श्रीगंगानगर पुलिस ने नशे और हथियार तस्करी के नेटवर्क से जुड़े 22 साल के युवक गुरविंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी के घर से पुलिस ने 500 ग्राम मेथएम्फेटामाइन (आइस) बरामद की है। इससे पहले गुरविंद्र को 32 बोर पिस्टल और 47 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। आरोपी फिलहाल 8 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर है। मीरा चौक चौकी प्रभारी नरेश कुमार ने सीआईडी और डीएसटी के सहयोग से यह कार्रवाई की। रिमांड के दौरान पूछताछ में गुरविंद्र ने घर में आइस ड्रग छिपाकर रखने की जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 500 ग्राम ड्रग बरामद की। इस संबंध में एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जवाहरनगर थाना प्रभारी दिनेश सारण कर रहे हैं। दो आरोपियों पर नेटवर्क चलाने का आरोप जांच अधिकारी नरेश कुमार के अनुसार, चक महाराजका निवासी सहजप्रीत सिंह और परमिंद्र सिंह जुलाई 2023 में यूके चले गए थे। दोनों दानीरामवाला निवासी सोनू कुम्हार की हत्या और शव नष्ट करने के मामले में चूनावढ़ पुलिस के वांछित आरोपी हैं। पुलिस पूछताछ में गुरविंद्र ने बताया कि यूके में बैठे सहजप्रीत और परमिंद्र ड्रग व हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस के अनुसार, इनके जरिए भेजे गए नशे और हथियार गुरविंद्र सहित कुछ अन्य युवकों के माध्यम से आगे बेचे जाने की बात सामने आई है। 6 क्विंटल अफीम और 15 किलो से ज्यादा आइस बेचने का दावा पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में गुरविंद्र ने दावा किया कि नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अब तक 6 क्विंटल से अधिक अफीम, 15 किलो से ज्यादा आइस ड्रग, 12 पिस्टल और करीब 100 कारतूस की तस्करी की है। पुलिस को आशंका है कि ड्रग और हथियार पाकिस्तानी हैंडलर्स की मदद से ड्रोन के जरिए सीमा क्षेत्र में गिराए जाते थे। इसके बाद स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से इन्हें आगे पहुंचाया जाता था। पुलिस इन दावों की जांच कर रही है। 60 से ज्यादा बैंक खातों की पासबुक मिलीं पुलिस को गुरविंद्र के कब्जे से पंजाब के 60 से ज्यादा बैंक खातों की पासबुक मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इन खातों में करोड़ों रुपये की ट्रांजेक्शन का पता चला है। आशंका है कि ड्रग और हथियारों से जुड़े पैसों को इन खातों के जरिए इधर-उधर किया जाता था। पुलिस ने संबंधित बैंकों से खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री मांगी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये खाते किन लोगों के नाम पर हैं और इनके संचालन में गुरविंद्र की क्या भूमिका थी। फायरिंग का भी आरोप जांच में गुरविंद्र के एक युवती से संबंध होने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, युवती के परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। आरोप है कि परिवार को डराने के लिए उनके घर पर फायरिंग करवाई गई थी। इस मामले में भी पुलिस गुरविंद्र की भूमिका की जांच कर रही है।
सतना के रेत कारोबारी पर फायरिंग के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 315 बोर का कट्टा बरामद हुआ है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों को घटनास्थल पर लेकर गई और पैदल जुलूस निकाला। टीआई हेमंत शर्मा ने बताया कि 28 सितंबर की रात संजय कुमार अग्रवाल अपने बेटे मोहित के साथ कार से घर लौट रहे थे। भुजवा मोहल्ले में वे पान बंधवाने के लिए रुके थे। इसी दौरान बाइक से आए दो युवकों ने गाली-गलौज की और कट्टे से फायर कर दिया। गोली संजय की जांघ को छूकर निकल गई, जिससे वे घायल हो गए। CCTV से आरोपियों तक पहुंची पुलिस पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज और मुखबिरों की मदद से उमर खान (22) और उसके बड़े भाई भइया खान उर्फ मकबूल (27) की पहचान की। घटना के बाद दोनों फरार हो गए थे। करीब 8 दिन तक तलाश के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, उमर खान के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज है। वहीं भइया खान के खिलाफ रंगदारी और मारपीट के केस दर्ज हैं।
एजुकेशन हब के रूप में फेमस कोटा अब तेजी से देश के प्रमुख इन्वेस्टमेंट और रियल एस्टेट हब के रूप में उभर रहा है। शहर में बड़े पैमाने पर चल रही इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, औद्योगिक विस्तार और आधुनिक अर्बन प्लानिंग से रियल एस्टेट सेक्टर में वैल्यू एप्रिसिएशन और बेहतर रिटर्न की संभावनाएं बढ़ी हैं। इसी निवेश और आवासीय मांग को एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरा करने के लिए दैनिक भास्कर और शुभम ग्रुप की ओर से कोटा संभाग का सबसे बड़ा ‘मेगा प्रॉपर्टी एक्सपो-26’ आयोजित किया जा रहा है। एक्सपो 10 और 11 अक्टूबर को झालावाड़ रोड स्थित माहेश्वरी भवन में होगा। एक ही छत के नीचे मिलेंगे प्रॉपर्टी और बैंकिंग सॉल्यूशन दो दिवसीय एक्सपो में कोटा और जयपुर के प्रमुख डेवलपर्स और बैंक एक मंच पर मौजूद रहेंगे। विजिटर्स को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार प्लॉट, फ्लैट, रो-हाउस और कमर्शियल स्पेस के विकल्प मिलेंगे। एक्सपो में ऑन-स्पॉट बुकिंग कराने वाले विजिटर्स को 1 लाख रुपए तक का विशेष शगुन डिस्काउंट भी दिया जाएगा। एक्सपो के मुख्य प्रायोजक शुभम ग्रुप हैं। सहयोगी के रूप में केजीवी इंफ्रा, पार्थ सारथी ग्रुप, आशीर्वाद हाउसिंग ग्रुप, आशीष ग्रुप, सनराइज ग्रुप, पार्श्वनाथ ग्रुप, विजन ग्रैंड ग्रुप, पिंकवाल ग्रुप और वीआरबी ग्रुप शामिल हैं। बैंकिंग सपोर्ट के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा और एसबी फाइनेंस मौजूद रहेंगे। वहीं, सोलर सॉल्यूशंस के लिए सनोवेटिव सोलर प्राइवेट लिमिटेड की भागीदारी रहेगी। डेवलपमेंट से बढ़ा कोटा में निवेशकों का रुझान प्रदीप दाधीच, डायरेक्टर, पार्श्वनाथ ग्रुप ने बताया कि एजुकेशन सिटी कोटा अब देश के प्रमुख प्रॉपर्टी डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। बेहतर रिटर्न और शहर में हो रहे विकास के कारण देशभर के निवेशकों का रुझान कोटा की ओर बढ़ा है। रोड नेटवर्किंग, रेलवे कनेक्टिविटी और शंभूपुरा में बन रहा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं से शहर में रहने और निवेश, दोनों के लिए संभावनाएं बढ़ी हैं। पार्श्वनाथ ग्रुप शहरवासियों को वाजिब दरों पर गुणवत्तापूर्ण रेजिडेंशियल टाउनशिप उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। कैथून रोड पर निवेश का आदर्श समय प्रेम शंकर शर्मा, डायरेक्टर, सनराइज ग्रुप ने कहा कि दैनिक भास्कर का प्रॉपर्टी एक्सपो सराहनीय पहल है। एक ही प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को अलग-अलग बिल्डर्स के प्रोजेक्ट्स को समझने और अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोटा के कैथून रोड क्षेत्र में तेजी से हो रहे डेवलपमेंट के कारण यहां कई प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में निवेश के लिए यह बेहतर समय है। सनराइज ग्रुप अपने प्रोजेक्ट्स के माध्यम से निवेशकों को बेहतर रिटर्न के अवसर उपलब्ध करा रहा है। एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रॉपर्टी और लोन की जानकारी इंसाफ अली, डायरेक्टर, एसबी फाइनेंशियल सर्विसेज ने बताया कि दैनिक भास्कर की ओर से आयोजित प्रॉपर्टी एक्सपो एक अच्छी पहल है। इसमें शहरवासियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रमुख बिल्डर्स के प्रोजेक्ट्स के साथ होम लोन से संबंधित जानकारी भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोटा में रियल एस्टेट बाजार तेजी से बढ़ रहा है। हाउसिंग लोन के क्षेत्र में भी ग्राहकों के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं और प्रमुख बैंक अपेक्षाकृत कम ब्याज दरों व आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध करा रहे हैं।
छिंदवाड़ा में विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत लाइनों और फीडरों के रखरखाव एवं मेंटेनेंस का कार्य किया जा रहा है। इसके चलते आज बुधवार 7 अक्टूबर को शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों सहित जिले के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति कई घंटे बाधित रहेगी। अलग-अलग फीडरों पर सुबह से शाम तक शटडाउन लिया जाएगा। मोहरली फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली बंद 11 केव्ही मोहरली फीडर पर मरम्मत कार्य के चलते सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इससे फर्स्ट स्टेप स्कूल, ढिमराढाना, जामुनझिरी, झंडा, गिट्टी खदान, मोहरली, खैरी भोपाल और लहगडुआ सहित आसपास के क्षेत्र प्रभावित होंगे। ग्रामीण उपसंभाग में सुबह 8 से शाम 6 बजे तक कटौती 33 केव्ही और 11 केव्ही फीडरों के रखरखाव के कारण ग्रामीण उपसंभाग छिंदवाड़ा के वनगांव मिक्स और सारना मिक्स फीडर भी प्रभावित रहेंगे। इसके चलते वनगांव, सारना, पिपरिया, बिरसा और मंदिर सिवनी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। वहीं 11 केव्ही उसरिया मिक्स फीडर से जुड़े उसरिया, रानी कामथ, बजरंग नगर और राजगृह कॉलोनी में भी सप्लाई बंद रहेगी। उमरानाला उपसंभाग के कई गांव प्रभावित उमरानाला उपसंभाग में भी मेंटेनेंस कार्य के चलते कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। 11 केव्ही भांडखापा डीएल फीडर से जुड़े भांडखापा, सांख और डूंडा सिवनी तथा 11 केव्ही तुर्कीखापा डीएल फीडर से जुड़े सारंगबिहरी, तुर्कीखापा, गोहजर, अडवार, आंजनी, गोरखपुर, हिवरावासुदेव, परसगांव, नीलकंठीकला, राजना, गोंदरा, सामरवोह, सरोरा, पठरानाई और बुचनई क्षेत्र प्रभावित होंगे। विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि शटडाउन की अवधि को ध्यान में रखते हुए जरूरी काम पहले ही निपटा लें।
अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है तो निर्वाचन आयोग ने नाम जुड़वाने का मौका दिया है। मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत 7 से 9 अक्टूबर तक रतलाम जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने से छूटे पात्र लोगों के आवेदन लिए जाएंगे। जिन पात्र नागरिकों का नाम वर्तमान में मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, जो नागरिक 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे भी फॉर्म-6 के जरिए आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म-6 संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) या निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) कार्यालय में जमा किया जा सकता है। ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन मतदाता अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए https://voters.eci.gov.in/ वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म-6 भर सकते हैं। फॉर्म-6 के साथ अलग से घोषणा पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। बूथ लेवल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान के दौरान नाम जुड़वाने से छूटे पात्र लोगों से फॉर्म-6 भरवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र नहीं लिया जाएगा। निर्वाचन आयोग करेगा मॉनिटरिंग अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी बृजेंद्र रावत ने सभी बूथ लेवल अधिकारियों और सुपरवाइजरों को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के दौरान गंभीरता और तत्परता से काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। अभियान की निर्वाचन आयोग द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कटेसरिया ने जिले के पात्र नागरिकों से अभियान का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन पात्र लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करें।
रीवा के 100 बिस्तरों वाले आयुष्मान अस्पताल को बंद करने का मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। रीवा कलेक्टर और एसपी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। जस्टिस विशाल मिश्रा की कोर्ट ने फिलहाल अस्पताल का संचालन रोकने के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही डीजीपी को अस्पताल और पास के पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। 23 सितंबर की रात प्रशासन ने किया था निरीक्षण दरअसल, 23 सितंबर 2026 की रात करीब साढ़े 10 बजे रीवा कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों ने शहर स्थित आयुष्मान अस्पताल में अचानक निरीक्षण किया था। अस्पताल में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद कार्रवाई की गई। अस्पताल के डॉक्टर केडी सिंह के खिलाफ शिकायतों की बात भी सामने आई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की और कई दस्तावेज जब्त किए। प्रशासन की ओर से अस्पताल संचालक डॉ. प्रियंका सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया। इसके बाद 24 सितंबर को अस्पताल के संचालन पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया गया। साथ ही भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए। अस्पताल ने कहा-तीन दिन का समय दिए बिना बंद करने का आदेश प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ आयुष्मान अस्पताल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय के. अग्रवाल और सिद्धार्थ कुमार शर्मा ने कोर्ट में तर्क दिया कि अस्पताल को जारी कारण बताओ नोटिस में तीन दिन में जवाब देने का समय दिया गया था। इसके बावजूद जवाब का इंतजार किए बिना अस्पताल बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया। याचिकाकर्ता ने यह भी सवाल उठाया कि कलेक्टर, एसपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को अस्पताल का निरीक्षण कर इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार किस आधार पर मिला। अस्पताल की कमियों और लाइसेंस संबंधी कार्रवाई के लिए मध्यप्रदेश नर्सिंग होम्स एंड क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट, 1973 के तहत स्वास्थ्य विभाग और सीएमएचओ के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। धारा 6 में एक माह के नोटिस का दिया हवाला अस्पताल की ओर से कोर्ट को बताया गया कि एक्ट की धारा 6 के तहत अस्पताल का पंजीकरण रद्द करने से पहले एक माह का नोटिस देने का प्रावधान है। इसके विपरीत अस्पताल को केवल तीन दिन का नोटिस दिया गया। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि प्रशासन की कार्रवाई पास के पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। सरकार बोली- अस्पताल बंद नहीं किया गया मंगलवार की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता एएस बघेल ने कोर्ट को बताया कि अस्पताल बंद नहीं हुआ है। उनका कहना था कि 24 सितंबर को अस्पताल बंद करने का आदेश लागू नहीं किया गया और अस्पताल को संचालन की अनुमति है। उन्होंने यह भी कहा कि तीन दिन के नोटिस को 30 दिन का माना जा सकता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के इस जवाब को संतोषजनक नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि 24 सितंबर के अंतरिम आदेश में अस्पताल का संचालन तत्काल प्रभाव से रोकने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। अगली सुनवाई तक संचालन नहीं रोका जाएगा सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 24 सितंबर को रीवा कलेक्टर और एसपी की ओर से की गई कार्रवाई पर रोक लगा दी। जस्टिस विशाल मिश्रा की कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक 100 बिस्तरों वाले आयुष्मान अस्पताल का संचालन नहीं रोका जाए। साथ ही डीजीपी को अस्पताल और पास के पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर बदल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक आज (बुधवार) प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। रायपुर समेत 26 जिलों में शाम से रात तक गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। यह नाउकास्ट आज (6 अक्टूबर) शाम 6:20 बजे से रात 9:20 बजे तक के लिए जारी किया गया है। मानसून वापसी की रेखा रायपुर से गुजरने और ऊपरी हवा में सक्रिय सिस्टम के कारण बारिश की स्थिति बन रही है। 26 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर समेत कई जिलों में इसका असर देखा जा सकता है। रायपुर में शाम-रात बारिश के आसार शहर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री ज्यादा रहा। न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने शहर में शाम और रात के समय बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई है। प्रदेश में मंगलवार को मौसम मुख्य रूप से ड्राई रहा, हालांकि मुंगेली और बलरामपुर में कुछ जगह हल्की बारिश दर्ज की गई। अगले तीन दिन भी प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। राजनांदगांव सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा प्रदेश में मंगलवार को सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 35.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 19.2 डिग्री रहा।
गुना शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की त्रिमूर्ति कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय युवती के साथ वर्क फ्रॉम होम जॉब के नाम पर 80 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने पहले भरोसा जीतने के लिए युवती के खाते में काम के बदले छोटी रकम भेजी। इसके बाद टेलीग्राम पर लिंक भेजकर उसके बैंक खाते से 80 हजार रुपए निकाल लिए। त्रिमूर्ति कॉलोनी निवासी उर्वशी सूर्यवंशी (25) पुत्री मुकेश कुमार सूर्यवंशी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उर्वशी ने बताया कि उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने वर्क फ्रॉम होम जॉब दिलाने का झांसा दिया और उससे पर्सनल डिटेल मांगी। पहले खाते में भेजे 3,690 रुपए पुलिस के मुताबिक, 28 सितंबर को काम पूरा करने के बाद आरोपी ने उर्वशी के खाते में UPI के जरिए 1,040, 1,300 और 1,350 रुपए भेजे। इससे युवती को आरोपी पर भरोसा हो गया। इसके बाद आरोपी ने टेलीग्राम आईडी से एक लिंक भेजा। युवती ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, उसके बैंक खाते से दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन में रकम कट गई। दो खातों में ट्रांसफर हुए 80 हजार शिकायत के मुताबिक, खाते से 30 हजार रुपए शाहिल अली के खाते में और 50 हजार रुपए विशाल गनपत माली के खाते में ट्रांसफर हुए। इस तरह कुल 80 हजार रुपए की राशि चली गई। ठगी के बाद भी आरोपी ने 30 सितंबर को युवती को दोबारा मैसेज किया और कहा कि अगर वह 1 लाख रुपए और जमा करती है तो पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। इसके बाद युवती को ठगी का अहसास हुआ। 1930 पर शिकायत के बाद केस दर्ज युवती ने मामले की शिकायत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर भी की। शिकायत और साइबर हेल्पलाइन से मिली जानकारी के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 318(4) और 319(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
जबलपुर रेलवे स्टेशन के जन आहार केंद्र को लेकर महीनों से चल रहे विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने IRCTC को राहत दी है। जस्टिस दीपक खोत की कोर्ट ने मैसर्स कंचन रेस्टोरेंट एंड कैटरर्स की ओर से दायर मध्यस्थ नियुक्ति की अर्जी खारिज कर दी। IRCTC की ओर से अधिवक्ता नवतेज सिंह रूपराह ने पैरवी की। कोर्ट का फैसला जन आहार केंद्र में साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा, कर्मचारियों की कमी और सेवा की गुणवत्ता से जुड़े आरोपों के गुण-दोष पर नहीं, बल्कि मध्यस्थता के क्षेत्राधिकार के सवाल पर आया है। कोर्ट ने आवेदक को सक्षम न्यायालय के समक्ष जाने की स्वतंत्रता दी है। निरीक्षणों में बार-बार मिलीं कमियां IRCTC और रेलवे के रिकॉर्ड के अनुसार जन आहार केंद्र में लगातार निरीक्षण किए गए। इनमें कमियां मिलने पर जुर्माने भी लगाए गए। अप्रैल 2025 में गंभीर कमियों के चलते केंद्र को पांच दिनों के लिए बंद रखा गया था। IRCTC का कहना था कि चेतावनियों और जुर्माने के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। नवंबर 2025 के निरीक्षण में स्वीकृत 40 कर्मचारियों के मुकाबले केवल 12 कर्मचारी पाए जाने का दावा किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार कर्मचारियों के क्यूआर आधारित पहचान-पत्र उपलब्ध नहीं थे और सभी कर्मचारी वर्दी में नहीं थे। पीओएस मशीन के साथ फायर सेफ्टी और ट्रेनिंग प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं मिले। रसोई और भोजन की गुणवत्ता पर भी आपत्तियां निरीक्षण में नॉन-वेज सेक्शन के पास गंदगी और दूषित पानी जमा होने, एग्जॉस्ट पर फ्लाई-मेश नहीं होने तथा बर्तन धोने के क्षेत्र में सुधार नहीं किए जाने जैसी कमियां दर्ज की गईं। IRCTC के दस्तावेजों में निरीक्षण के दौरान खराब पोहा और एग बिरयानी की शिकायतों का भी उल्लेख है। रसोई में एल्युमिनियम के बर्तनों के इस्तेमाल की बात भी रिकॉर्ड में दर्ज है। यात्री से विवाद के बाद मामला और बढ़ा अक्टूबर 2025 में जन आहार केंद्र से जुड़े एक कर्मचारी और यात्री के बीच भुगतान को लेकर विवाद हुआ था। रेलवे रिकॉर्ड में आरोप लगाया गया कि विवाद के दौरान कर्मचारी ने यात्री का कॉलर पकड़ा और उसकी कलाई घड़ी निकाल ली। घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रही। IRCTC ने इसे रेलवे की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया। कंचन रेस्टोरेंट ने मांगा था स्वतंत्र मध्यस्थ इसके बाद कंचन रेस्टोरेंट एंड कैटरर्स ने मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू करते हुए हाईकोर्ट में मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम की धारा 11 के तहत स्वतंत्र मध्यस्थ नियुक्त करने की मांग की। आवेदक का तर्क था कि जन आहार केंद्र जबलपुर में था, काम जबलपुर में हुआ और विवाद भी यहीं पैदा हुआ, इसलिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को मामले की सुनवाई का अधिकार है। इसके विपरीत IRCTC की ओर से अधिवक्ता नवतेज सिंह रूपराह ने अर्जी की वैधता पर प्रारंभिक आपत्ति उठाई। उनका तर्क था कि दोनों पक्षों के अनुबंध में मध्यस्थता का वेन्यू नई दिल्ली निर्धारित किया गया है। इसलिए मध्यस्थ नियुक्त करने का अधिकार दिल्ली के क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय को है। कोर्ट ने माना-नई दिल्ली ही मध्यस्थता की सीट आवेदक की ओर से तर्क दिया गया कि कानून में ‘वेन्यू’ और ‘सीट’ अलग अवधारणाएं हैं और केवल अनुबंध में नई दिल्ली को वेन्यू बताए जाने से दिल्ली को विशेष क्षेत्राधिकार नहीं मिल जाता। इसके समर्थन में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पुराने कोबरा सीआईपीएल फैसलों का भी हवाला दिया गया। 12 अगस्त 2026 को मामले में विस्तृत बहस हुई। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के बीजीएस एसजीएस सोमा, ब्राह्मणी रिवर पैलेट्स और बालको समेत कई फैसलों का परीक्षण किया। कोर्ट ने IRCTC की आपत्ति स्वीकार करते हुए कहा कि जब अनुबंध में मध्यस्थता का स्थान स्पष्ट रूप से नई दिल्ली निर्धारित है और इसके विपरीत कोई संकेत नहीं है, तो नई दिल्ली को ही मध्यस्थता की कानूनी ‘सीट’ माना जाएगा। ऐसे में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को मध्यस्थ नियुक्त करने का क्षेत्राधिकार नहीं है। सफाई और अनुबंध के विवाद पर कोर्ट ने नहीं दिया निष्कर्ष करीब दो महीने बाद फैसला हस्ताक्षरित और घोषित हुआ। कोर्ट ने कंचन रेस्टोरेंट की अर्जी खारिज कर दी और उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष जाने की स्वतंत्रता दी। फैसले की खास बात यह है कि हाईकोर्ट ने जन आहार केंद्र की साफ-सफाई, अनुबंध समाप्त करने की वैधता, नुकसान की भरपाई या अन्य आरोपों के गुण-दोष पर IRCTC के खिलाफ कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं दिया। फैसला केवल मध्यस्थता के क्षेत्राधिकार के सवाल पर IRCTC के पक्ष में रहा। अब कंचन रेस्टोरेंट मध्यस्थ नियुक्त करवाने के लिए दिल्ली के सक्षम न्यायालय का रुख कर सकता है।
चेक महिला के पास और खातों से निकल गई रकम:चेक महिला के पास और खातों से निकल गई रकम
पानीपत में पेंशन खाते से चेक के माध्यम से 1.31 लाख रुपए निकले गए और खाताधारक को इसकी भनक तक नहीं लगी। खाताधाराक कहना था कि जिस चेक से रकम निकाली गई, वह उनके पास था और दूसरा चेक तो खाली था। मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा, लेकिन आयोग ने एसबीआई की पानीपत शाखा की सेवा में कोई कमी नहीं मानी और शिकायत खारिज कर दी। आयोग के अनुसार महिला यह साबित नहीं कर सकी कि दोनों चेक उसने किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं दिए थे। साथ ही, जिन दिल्ली की एसबीआई शाखाओं में चेक भुनाए गए और रकम प्राप्त करने वाले व्यक्ति को भी केस में पक्षकार नहीं बनाया गया। वहीं मामले की शिकायत भी देरी से की गई। ये फैसला जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा, सदस्य डॉ. रेखा चौधरी और विनीत कौशिक की पीठ ने सुनाया। देर से शिकायत करना भी पड़ा भारीआयोग के आदेश के मुताबिक बैंक के रिकॉर्ड में रकम निकलने के बाद मोबाइल पर संदेश भेजे गए थे। आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि बैंक के नियमों के अनुसार ऐसी धोखाधड़ी की शिकायत एक महीने के भीतर की जानी चाहिए, जबकि इस मामले में शिकायत काफी देर बाद की गई। 12 हजार निकालने पहुंची, तब सामने आया 1.31 लाख का मामलागांव बिंझौल निवासी भतेरी का एसबीआई में बचत/वेतन/पेंशन खाता है। 5 मार्च 2024 को उन्हें 12 हजार रुपए की जरूरत थी। वह बैंक पहुंचीं और अपने लिए 12 हजार रुपए निकालने के लिए चेक नंबर 217448 दिया। बैंक अधिकारियों ने चेक का रिकॉर्ड देखा तो भुगतान से इनकार कर दिया। बताया गया कि चेक नंबर 217448 और 217449 पहले ही इस्तेमाल हो चुके हैं। 21 जनवरी 2023 को दो चेकों से दो बार में निकले रुपएबैंक रिकॉर्ड के अनुसार 21 जनवरी 2023 को चेक नंबर 217448 से 66 हजार रुपए और चेक नंबर 217449 से 65 हजार रुपए ट्रांसफर हुए। यानी खाते से कुल 1.31 लाख रुपए निकल गए। महिला का दावा था कि उसने ये चेक किसी को जारी नहीं किए। उसका कहना था कि दोनों चेक उसके पास ही थे और 217449 खाली था। बैंक को शिकायत, रकम वापसी की मांगरकम निकलने का पता चलने के बाद भतेरी ने बैंक शाखा प्रबंधक को शिकायत दी। इसके बाद दिल्ली स्थित एसबीआई कार्यालय में भी शिकायत भेजी। उपभोक्ता आयोग में दायर केस में उसने 1.31 लाख रुपए वापस दिलाने के साथ 21 जनवरी 2023 से 18% ब्याज, 50 हजार रुपए मुआवजा और 22 हजार रुपए मुकदमा खर्च की मांग की। बैंक का तर्क- रकम निकलते ही मोबाइल पर भेजा था मैसेजएसबीआई ने जवाब में कहा कि 21 जनवरी 2023 को दोनों चेकों से रकम निकलने के तुरंत बाद खाताधारक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर कंप्यूटर जनरेटेड मैसेज भेजे गए थे। बैंक के अनुसार महिला ने उस समय कोई शिकायत नहीं की और करीब एक साल दो महीने बाद मामला उठाया। पानीपत में नहीं, दिल्ली की दो शाखाओं में हुए थे चेक कैशबैंक ने आयोग को बताया कि दोनों चेक एसबीआई की दिल्ली स्थित डिफेंस कॉलोनी और ग्रीन पार्क एक्सटेंशन शाखाओं में इस्तेमाल हुए थे। बैंक ने आपत्ति उठाई कि इन शाखाओं और जिस खाते में रकम गई, उसके मालिक को केस में पक्षकार ही नहीं बनाया गया। आयोग बोला- जिस पर रकम लेने का आरोप, उसे ही केस में नहीं बनायाआयोग ने दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद कहा कि महिला यह साबित नहीं कर सकी कि चेक उसके द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को नहीं दिए गए थे। आयोग ने यह भी माना कि दोनों चेक दिल्ली की दूसरी एसबीआई शाखाओं में भुनाए गए थे। उन शाखाओं और कथित रकम निकालने वाले व्यक्ति को पक्षकार नहीं बनाया गया।
करनाल में ट्रैक्टर चालक की संदिग्ध मौत:पंजाब से जा रहा था दिल्ली,नया ट्रैक्टर लेकर निकला था घर से
करनाल के सेक्टर-6 के पास मंगलवार-बुधवार की रात को नया ट्रैक्टर लेकर पंजाब से दिल्ली जा रहे चालक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। चालक ने तबीयत बिगड़ने पर ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़ा किया और नीचे गिर गया। आसपास के लोगों ने उसे देखा और पुलिस को सूचना दी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। रात को घर से नया ट्रैक्टर लेकर दिल्ली के लिए निकला थामृतक की पहचान पंजाब के फतेहगढ़ जिले निवासी लखविंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह नए ट्रैक्टर को एजेंसी या कंपनी तक पहुंचाने का काम करते थे। लखविंद्र सिंह रात को घर से नया ट्रैक्टर लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। करनाल पहुंचने पर सेक्टर-6 के पास अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्होंने ट्रैक्टर को सड़क किनारे लगा दिया और नीचे गिर गए। लोगों ने देखा तो मौके पर पहुंचे, अस्पताल में मृत घोषितलखविंद्र सिंह के नीचे गिरने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने उन्हें चेक किया, लेकिन कोई हलचल नहीं थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। कागजात से परिजनों से हुआ संपर्कसब इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि लखविंद्र सिंह नया ट्रैक्टर लेकर पंजाब से दिल्ली की तरफ जा रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि उन्हें अचानक अटैक आने की बात सामने आई, जिसके बाद वह गिर गए। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के पास मिले कागजातों से घर की जानकारी मिली, जिसके आधार पर परिजनों से संपर्क कर उन्हें सूचना दी गई। परिजनों के आने के बाद होगी पोस्टमार्टम कार्रवाईपुलिस के अनुसार परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने बताया कि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही चल पाएगा। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कोटा शहर में बिजली की लाइनों के मेंटेनेंस कार्य के चलते सुबह से शाम तक कई इलाकों में निर्धारित समय तक बिजली कटौती रहेगी। निजी बिजली कंपनी की ओर से यह शटडाउन लिया गया है ताकि लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों का रखरखाव किया जा सके। इस दौरान तकनीकी टीमों द्वारा वायरिंग, पोल और फीडर की जांच का कार्य किया जा रहा है। कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें और सहयोग बनाए रखें। मेंटेनेंस पूरा होते ही प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। इन इलाकों में की जाएगी बिजली कटौती सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक: जीएमए टाउनशिप, बूंदी रोड, हर्बल पार्क, कृषि फार्म इलाकों की 3:30 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक: तलवंडी सेक्टर ए, बी और सी आंशिक, एसएफएस, पूनम कॉलोनी, दुर्गा नगर, ज्ञान विहार, यश विहार, सोगरिया, सुभाष नगर प्रथम व द्वितीय, सुभाष नगर पीएचईडी, सुभाष नगर स्काई पार्क मल्टी एरिया, आरकेपुरम सेक्टर बी इलाकों की 4 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक: आशापाला मंदिर व आसपास का क्षेत्र की 4 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक:लैंडमार्क सिटी का आंशिक क्षेत्र की डेढ़ घंटे बिजली कटौती की जाएगी। दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक: छोटा रामद्वारा व आसपास का क्षेत्र की 4 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक:जसवंत विहार, राजविलास कृषि फार्म, अग्रवाल होटल, श्रीनाथ रेजीडेंसी और आसपास का क्षेत्र की ढाई घंटे बिजली कटौती की जाएगी।
इंदौर के परदेशीपुरा में फिर धंसी सड़क:नीचे मिली खोखली जमीन; एक साल में दूसरी बार इसी जगह हादसा
इंदौर के परदेशीपुरा की गली नंबर-3 में चैंबर के पास सड़क फिर धंस गई। शहर में यह चार महीने में पांचवीं घटना है। कांक्रीट टूटने के बाद सड़क के नीचे जमीन का बड़ा हिस्सा खोखला मिला। मौके पर सड़क का एक स्लैब हवा में लटका नजर आया। सूचना मिलने पर मंगलवार को निगम के जनकार्य विभाग ने इंजीनियर को मौके पर भेजकर जांच कराई। निगम अधिकारियों के मुताबिक पुराना ड्रेनेज चैंबर ढहने की वजह से सड़क धंसने की आशंका है। यहां ड्रेनेज लाइन पुरानी बताई जा रही है, जबकि चैंबर का ढक्कन नया नजर आ रहा है। हालांकि, सड़क के नीचे बना खोखलापन लीकेज के कारण हुआ या चैंबर के आसपास खराब भराव की वजह से, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। एक साल में दूसरी बार धंसी सड़क स्थानीय जानकारी के मुताबिक करीब एक साल पहले भी इसी जगह सड़क धंसी थी। इसके बाद चैंबर की मरम्मत कराकर मिट्टी का भराव किया गया था। अब दोबारा उसी स्थान पर सड़क धंसने से ड्रेनेज लाइन, भराव और किए गए काम की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लीकेज से मिट्टी बहने पर बनती है खाली जगह पूर्व कार्यपालन यंत्री सुनील गुप्ता के मुताबिक, पुरानी भूमिगत ड्रेनेज लाइन में लीकेज होने पर पानी के साथ आसपास की मिट्टी भी बहती रहती है। इससे धीरे-धीरे सड़क के नीचे खाली जगह बन जाती है। वहीं, नए काम के बाद भराव ठीक से नहीं होने पर भी मिट्टी का कटाव हो सकता है। ऊपर से वाहनों का दबाव पड़ने पर कांक्रीट टूटकर नीचे बैठ जाता है। शहर में लगातार सामने आ रही सड़क धंसने की घटनाएं शहर में पिछले कुछ समय से सड़क धंसने की लगातार घटनाएं सामने आई हैं। मेघदूत गार्डन, गोराकुंड, गाड़ी अड्डा, नासिया रोड और पंढरीनाथ में भी सड़क धंसने के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में परदेशीपुरा की घटना ने सड़क के नीचे की ड्रेनेज लाइन, चैंबर, भराव और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच का मुद्दा फिर उठा दिया है।
रायगढ़ जिले के उद्योगों में अवैध कबाड़ खपाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। GST विभाग की ई-वे बिल जांच में संदिग्ध मिले स्क्रैप से लदे 16 चक्का ट्रक को पुलिस ने जब्त किया है। ट्रक में करीब 32 टन 500 किलो अलग-अलग तरह का लोहे का स्क्रैप मिला। जब्त माल और ट्रक की कुल कीमत करीब 26.50 लाख रुपए है। पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। गुरुवार को रायगढ़ ई-वे बिल जांच दल ने तराईमाल स्थित एनआरव्हीएस प्लांट के पास 16 चक्का ट्रक को जांच के लिए रोका था। वाहन में लदे स्क्रैप और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच में गड़बड़ी मिली। वाहन चालक अलेख्जेण्डर तिर्की (50), निवासी चिड़रापारा पत्थलगांव, जिला जशपुर ने बताया कि वह स्क्रैप को कोरबा से एआर इस्पात, पूंजीपथरा ले जा रहा है। दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर GST विभाग ने वाहन को आगे की जांच के लिए निरुद्ध कर दिया। चालक को MOV-01 और MOV-02 जारी कर ट्रक को पास के पेट्रोल पंप पर उसकी अभिरक्षा में खड़ा कराया गया। बिना अनुमति ट्रक प्लांट ले जाने का आरोप GST विभाग के मुताबिक, बाद में चालक ने संबंधित अधिकारी की अनुमति के बिना निरुद्ध ट्रक को एआर इस्पात के प्लांट परिसर में ले जाकर स्क्रैप अनलोड करने का प्रयास किया। इस पर मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच की गई। फर्म दस्तावेज नहीं कर सकी पेश GST विभाग ने संबंधित कर बीजक जारीकर्ता फर्म मेसर्स पीआर ग्लोबल, जगतपुर रोड रायगढ़ को भी आवश्यक दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, फर्म की ओर से जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए गए। परिस्थितियों को देखते हुए GST विभाग ने स्क्रैप के संदिग्ध और चोरी का होने की आशंका जताई। इसके बाद वाहन और स्क्रैप को आवश्यक कार्रवाई के लिए पूंजीपथरा पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में धरमजयगढ़ से स्क्रैप लाना बताया पुलिस की जांच में ट्रक में टीन, लोहे के टुकड़े, रॉड और वाहनों के पार्ट्स समेत अलग-अलग तरह का स्क्रैप मिला। चालक अलेख्जेण्डर तिर्की से पूछताछ में उसने स्क्रैप को नुनबीरा, धरमजयगढ़ क्षेत्र से लाकर एआर इस्पात में खपाने के लिए ले जाना बताया। पुलिस ने एआर इस्पात पूंजीपथरा से भी वाहन और स्क्रैप के संबंध में जानकारी मांगी। कंपनी की ओर से संतोषजनक जानकारी, पर्चेस ऑर्डर और जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए गए। इसके बाद पुलिस ने करीब 32.5 टन स्क्रैप, जिसकी अनुमानित कीमत 6.50 लाख रुपए है, और करीब 20 लाख रुपए कीमत का 16 चक्का ट्रक जब्त किया। कुल जब्त संपत्ति की कीमत करीब 26.50 लाख रुपए है। मामले में वाहन चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। संबंधित फर्म नहीं कर सका दस्तावेज पेश GST विभाग द्वारा संबंधित कर बीजक जारीकर्ता फर्म मेसर्स पीआर ग्लोबल जगतपुर रोड रायगढ़ को भी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, पर फर्म द्वारा उससे संबंधी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। परिस्थितियों को देखते हुए माल के संदिग्ध व चोरी के होने की प्रथम दृष्टया आशंका पर GST विभाग द्वारा वाहन व स्क्रैप आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना पूंजीपथरा पुलिस के सुपुर्द किया गया। पूछताछ में उद्योग में खफाने ले जाना बताया जहां पुलिस ने आगे की जांच की, तो उसमें विभिन्न प्रकार के टीन, लोहे के टुकड़े, राड व वाहनों के पार्ट्स समेत स्क्रैप लदा पाया गया। वाहन चालक अलेख्जेण्डर तिर्की से पूछताछ करने पर उसने उक्त स्क्रैप को नुनबीरा, धरमजयगढ़ क्षेत्र से लाकर एआर इस्पात में खपाने के लिए ले जाना बताया। आरोपी वाहन चालक के खिलाफ FIR दर्ज एआर इस्पात पूंजीपथरा से संपर्क करने पर भी वाहन व स्क्रैप के संबंध में संतोषजनक जानकारी व पर्चेस ऑर्डर समेत आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर पुलिस ने वाहन में लदे करीब 32.5 टन स्क्रैप, अनुमानित कीमत 6.50 लाख व 16 चक्का ट्रक कीमत करीब 20 लाख, कुल 26.50 लाख की संपत्ति जप्त किया। वहीं मामले में आरोपी वाहन चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अजमेर में स्मार्ट सिटी के तहत 272 करोड़ रुपए से बने एलिवेटेड रोड (रामसेतु) की कचहरी रोड वाली भुजा मंगलवार देर रात यातायात के लिए बंद कर दी गई। यहां टॉप जंक्शन तक जॉइंट रिपेयर एवं रिहैबिलिटेशन का काम होगा। पुराने जॉइंट रात में तोड़कर नए बनाए जाएंगे। इसके बाद कंक्रीट की जाएगी। क्योरिंग के लिए करीब सात दिन का समय लगेगा। इस दौरान कचहरी रोड वाली भुजा सोमवार तक बंद रहेगी। करीब 35 लाख रुपए की लागत का यह काम रिस्क एंड कॉस्ट पर कराया जा रहा है। आरएसआरडीसी ने मरम्मत की अनुमति के लिए 21 अगस्त को आवेदन किया था। अनुमति 6 अक्टूबर को जारी हुई। काम के दौरान ट्रैफिक पुलिस वैकल्पिक मार्ग पर यातायात डायवर्ट करेगी। जॉइंट से निकले एंगल वाहनों से टकराने पर आ रही आवाज, 4 जगह शिकायत कचहरी रोड से पुरानी आरपीएससी की ओर उतरने वाली भुजा एक तरफा यातायात के लिए डिजाइन की गई थी। वर्तमान में इस पर दोनों तरफ का ट्रैफिक चल रहा है। भारी यातायात के दबाव से जॉइंट क्षतिग्रस्त होने की समस्या सामने आई है। इस भुजा पर चार स्थानों पर जॉइंट खुलने की शिकायत है। जॉइंट से निकले एंगल वाहनों से टकरा रहे हैं। भारी वाहन गुजरने पर तेज आवाज भी आती है। रेलवे स्टेशन के सामने एलिवेटेड रोड के जॉइंट भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इस भुजा पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्व में पुल के कई हिस्सों में बोल्ट नहीं लगे होने, ढीले बोल्ट हाथ से कसने और लोहे की जगह लकड़ी के गुटके लगाए जाने जैसी कमियां भी सामने आई थीं। महावीर सर्किल भुजा 6 महीने बंद रही थी करीब 272 करोड़ में तैयार एलिवेटेड रोड महज तीन साल में दूसरी बार बड़ी मरम्मत की स्थिति में पहुंचा है। इससे पहले महावीर सर्किल वाली भुजा क्षतिग्रस्त होने पर करीब 40 लाख रुपए खर्च कर मरम्मत कराई गई थी। उस दौरान करीब छह महीने तक यातायात बंद रहा था। अब कचहरी रोड वाली भुजा सात दिन के लिए बंद की गई है। एलिवेटेड रोड पर अलग-अलग जगह ट्रैफिक मूवमेंट, स्लिप लेन, सड़क व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम से जुड़ी कमियां भी सामने आती रही हैं। पुरानी आरपीएससी और गांधी भवन की ओर का रास्ता भी बंद टीआई नीतू राठौड़ ने बताया कि पुरानी आरपीएससी की ओर उतरने वाली भुजा पर आरएसआरडीसी मरम्मत कार्य कराएगा। इसके चलते एलिवेटेड रोड की पुरानी आरपीएससी वाली भुजा और ऊपर एलिवेटेड रोड से गांधी भवन तक का मार्ग बंद रहेगा।
यमुनानगर जिले के रादौर में मेला देखकर बाइक से घर लौट रहे एक परिवार को गांव माधोबांस के पास तेज रफ्तार वेन्यू कार ने टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी और उनका सात वर्षीय बेटा घायल हो गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक समेत तीनों सड़क पर गिर गए। हादसे के बाद कार ड्राइवर वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं जठलाना थाना पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तेज रफ्तार में आई वेन्यू कार गांव मंधार निवासी सुनील कुमार ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी करता है और उसके दो बच्चे हैं। वह अपनी पत्नी रजनेश और सात वर्षीय बेटे यश के साथ मोटरसाइकिल पर रादौर मेला देखने गया था। मेला देखने के बाद करीब 11 बजे वह परिवार के साथ मोटरसाइकिल से वापस घर लौट रहा था। सुनील के अनुसार, जब वे गांव माधोबांस के नजदीक पुलिया से थोड़ा आगे पहुंचे तो सामने से आ रही काले रंग की वेन्यू कार ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी साइड में आकर मोटरसाइकिल को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह, उसकी पत्नी और बेटा मोटरसाइकिल समेत सड़क पर गिर गए। हादसे में तीनों को चोटें आईं। हादसे के बाद कार छोड़कर भागा ड्राइवर सुनील ने बताया कि टक्कर मारने के बाद कार चालक मौके पर अपनी वेन्यू कार छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और तीनों घायलों को इलाज के लिए यमुनानगर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे में सुनील, उसकी पत्नी रजनेश और बेटे यश को चोटें आई हैं। सुनील ने पुलिस को बताया कि उसे जानकारी मिली है कि हादसे के समय कार चला रहा युवक अमनदीप निवासी गांव नाचरौन, थाना जठलाना है। जठलाना थाना प्रभारी अमित ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रतलाम के डीडी नगर थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक ही कॉलोनी से चार बाइक चोरी हो गईं। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में चार संदिग्ध नजर आए हैं। इनमें एक युवक बाइक ले जाते हुए भी दिखाई दे रहा है। पुलिस ने फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। मंगलवार सुबह रहवासियों ने घरों के बाहर देखा तो बाइक गायब मिलीं। प्राइवेट फैक्टरी में काम करने वाले भूपेंद्रसिंह पंवार निवासी सागोद ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। घर के बाहर खड़ी थीं चारों बाइक भूपेंद्रसिंह ने रिपोर्ट में बताया कि वे वर्तमान में सूरजश्री कॉलोनी में अपनी काकी के यहां रहते हैं। सोमवार रात करीब 10.30 बजे उन्होंने अपनी बाइक (MP 43 ZC 1846) घर के बाहर खड़ी की थी। सुबह 6 बजे उठकर देखा तो बाइक गायब थी। इसी तरह पड़ोसी नरसिंह कटारा की बाइक (MP 43 DP 9436), संदीप कुमावत के घर के सामने खड़ी बाइक (MP 43 ED 7814) और योगेश चौहान की बाइक (MP 09 VY 6872) भी चोरी हो गई। एक चोर बाइक ले जाते दिखा सीसीटीवी फुटेज में चार संदिग्ध रात के समय कॉलोनी में घूमते नजर आ रहे हैं। इनमें एक ने खुद को दरी से ढक रखा है। फुटेज में एक संदिग्ध बाइक ले जाते हुए भी दिखाई दे रहा है। रहवासियों ने सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दिए हैं। एक ही कॉलोनी में आसपास के मकानों के बाहर से चार बाइक चोरी होने के बाद रहवासियों में चिंता है। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश शुरू कर दी है। गल्ले से रुपए निकालते युवक को पकड़ा इधर, डीडी नगर थाना क्षेत्र की हाट की चौकी के सामने गायत्री मल्टीप्लेक्स के पास एक किराना दुकान के गल्ले से रुपए निकालते युवक को लोगों ने पकड़ लिया। किराना दुकान संचालक कैलाश पालीवाल ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे उनकी पत्नी भगवान की पूजा कर रही थीं और वे दुकान में सामान जमा कर रहे थे। इसी दौरान पत्नी की नजर गल्ले से रुपए निकाल रहे युवक पर पड़ी। शोर मचाने पर लोगों ने उसे पकड़ लिया। युवक हाथ छुड़ाकर भागने की कोशिश करने लगा। इस दौरान भीड़ जमा हो गई। लोगों ने उसके हाथ रस्सी से बांधकर खंभे से बांध दिए और पुलिस को सूचना दी। पालीवाल के अनुसार, युवक पकड़े जाने के बाद भी भागने का प्रयास कर रहा था और झूमाझटकी कर रहा था। शांतिभंग में केस, आरोपी जेल भेजा कैलाश पालीवाल के अनुसार, युवक ने गल्ले से करीब 2 हजार रुपए निकाले थे, जो वापस मिल गए। इस कारण उन्होंने चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि बाइक चोरी के आरोपियों की तलाश के लिए टीम बनाई गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। वहीं, गायत्री मल्टीप्लेक्स क्षेत्र की किराना दुकान में हुई घटना में दुकान संचालक ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। पुलिस ने आरोपी यश उर्फ अप्पा (24), पिता राजेश चौहान, निवासी अलकापुरी के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
लखनऊ के फैजुल्लागंज में इन दिनों बाढ़ है। हर तरफ पानी ही पानी भरा है, लेकिन पीने वाला पानी मौजूद नहीं है। कई घरों में बीमार बुजुर्ग तड़प रहे हैं। बुखार है, पर खत्म हुई दवा दोबारा नहीं मिल रही है। घर का कोई लड़का दवा लेने जाता है तो हर तरफ बाढ़ की वजह से 6-6 घंटे लौटने में लग जाते हैं। 10 दिन से चल रहे बाढ़ के हालातों के बीच अब तक बीमारी से ज्ञात 3 मौतें हो चुकी हैं। पहली मौत- 2 अक्टूबर को कैलाश बिहार में मीना कन्नौजिया निधन हो गया। दूसरी मौत- लोहरामऊ में 3 अक्टूबर को डेढ़ साल की बीमार शिफा की मौत हो गई। तीसरी मौत- अन्नपूर्णानगर में बुखार से पीड़ित 72 वर्षीय बंशीलाल ने 5 अक्टूबर को दम तोड़ दिया। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने बाढ़ के हालातों को ग्राउंड से जानना चाहा। 7 अक्टूबर को एक नाव से हम बाढ़ के हालात देख रहे थे, तभी कहीं दूर से मदद की आवाज आई- “ओ नाव वाले भैया... इधर आ जाओ, ओ भैया आ जाओ।” इतना सुनना था कि रिपोर्टर ने नाववाले को रुकवाया। एक युवक कमर तक पानी में चला आ रहा था। उसके हाथ में एक बोरी थी, जिसमें कुछ जरूरी सामान के साथ मां की दवा थी। लखनऊ की बाढ़ की 2 तस्वीरें देखिए- नाव नहीं मिली, तो 5 घंटे से घर नहीं पहुंच पाया युवक का नाम आकाश। वह जिस नाव को आवाज लगा रहा था, उसमें पहले से 7 लोग सवार थे। नाव जर्जर थी। मल्लाह बार-बार नाव में भर रहे पानी को बाहर निकालता और आगे बढ़ता। कुछ देर में नाव आवाज लगाने वाले युवक के पास पहुंची। बात करने पर पता चला कि युवक आकाश करीब 3 किलोमीटर दूर से कमर तक भरे पानी में चलकर यहां पहुंचा था। आकाश ने बताया कि उसकी मां बीमार है। वह करीब 5 घंटे पहले दवा लेने के लिए घर से निकला था, लेकिन नाव नहीं मिलने के कारण घर वापस नहीं पहुंच पा रहा था। आकाश के चेहरे पर मां की बीमारी की चिंता साफ दिखाई दे रही थी। मल्लाह ने उसी जर्जर नाव में उसे भी बैठा लिया और घर तक पहुंचाया। वहां पहुंचकर मां को देखते ही आकाश के चेहरे पर राहत नजर आई। मां बुखार में तप रही थीं। अब बाढ़ की कुछ दूसरी तस्वीरें- रोते हुए मां बोलीं- पानी नहीं मिल रहा, हम जिंदा कैसे रहेंगे प्रभात देवी की आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे। भर्राई आवाज में उन्होंने बताया, दोपहर के 3 बजने वाले हैं, लेकिन अभी तक न एक दाना खाया है और न ही एक घूंट पानी पिया है। एक बेटा मेरे साथ है। दूसरा बेटा अपने बीमार बच्चों को लेकर दोस्त के घर छोड़ने गया है।” उन्होंने बताया, हम करीब 3 घंटे तक नाव का इंतजार करते रहे। जब कोई नाव नहीं आई तो बेटा बच्चों को लेकर चला गया। नीचे घर में पानी भरा है। सुबह से छत पर धूप में बैठे हैं। पीने के लिए एक घूंट पानी तक नहीं मिल रहा। समझ नहीं आ रहा कि हम कैसे जिंदा रहेंगे।” प्रभात देवी ने बताया कि रात में उनकी तबीयत बहुत खराब हो गई थी। सुबह होते ही बेटा करीब 10 नाव वालों को रोककर मदद मांगता रहा, लेकिन कोई नहीं आया। इसके बाद वह सीने तक पानी में करीब 4 किलोमीटर पैदल गया और दवा लेकर लौटा। दवा लाने और वापस आने में करीब 6 घंटे लग गए। उन्होंने कहा, हम खुद को बेसहारा महसूस कर रहे हैं। जिंदगी में इतनी पीड़ा कभी नहीं उठाई। ‘इलाज न मिलने से हुई मौत’ दाउदनगर निवासी उत्कर्ष मिश्रा ने बताया कि इलाके में सीने तक पानी भरा है। नगर निगम या प्रशासन का कोई अधिकारी हालात देखने नहीं आ रहा है। स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने बताया कि मोहल्ले की एक बुजुर्ग महिला को कई दिनों से बुखार था। जलभराव के कारण उन्हें समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा सका और उनकी मौत हो गई। पहली बार ऐसा हुआ है कि पानी के बीच से अंतिम यात्रा निकालनी पड़ी। उत्कर्ष ने कहा कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते हैं और अपनापन दिखाते हैं, लेकिन आज मुश्किल की घड़ी में कोई सहारा देने नहीं आ रहा। उन्होंने बताया कि करीब 10 साल पहले बांध बनाने की योजना पास हुई थी, लेकिन अब तक बांध नहीं बन सका है। ‘20 हजार परिवारों ने किया पलायन’ अलीगंज से आकर फैजुल्लागंज में राहत सामग्री बांटने वाले आशुतोष ने कहा कि यहां के हालात देखकर रोना आता है। उन्होंने बताया कि लगभग 20 हजार परिवार पलायन करने पर , घर छोड़ने पर मजबूर है। लगभग 40 हजार घरों में पहले फ्लोर पर रखा हुआ कीमती सामान टीवी, फ्रिज, एसी सबकुछ बर्बाद हो चुका है। करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है मगर सरकार की तरफ से बेसिक मदद तक नहीं मिल रही। छोटे बच्चों को दूध तक नहीं मिल रहा है पानी में डूबे हुए लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं यहां कितना दुख है क्या-क्या बताया जाए। 'हजारों रुपए का माल हुआ बर्बाद' ग्राउंड फ्लोर पर पानी के बीच खड़े आदर्श ने बताया कि एक हफ्ते से घर के आसपास पानी भरा है। घर के अंदर ही उनकी दुकान भी है। पानी बढ़ने पर बड़ी मुश्किल से कुछ सामान निकालकर फर्स्ट और सेकंड फ्लोर पर रखा, लेकिन इसके बावजूद 10 हजार रुपए से ज्यादा का सामान खराब हो गया। उन्होंने बताया कि दुकान में किराए पर रहने वाले लोग भी अपना सामान छोड़कर चले गए हैं। वे कब लौटेंगे, इसकी कोई जानकारी नहीं है। पिछले 24 घंटे से बिजली भी कटी हुई है। मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहा, जिससे किसी से फोन पर संपर्क करना भी मुश्किल है। आदर्श ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस मुसीबत के बीच घरों में चोरियां भी शुरू हो गई हैं। हम लोग चारों तरफ से परेशानी में घिरे हैं। अंत में 2 और तस्वीरें- ----------------------- ये खबरें भी पढ़िए- लखनऊ में भीषण बाढ़, 6 दोस्त बहे, 1 की मौत:लेटे हनुमान में 13 फीट पानी भरा, खाटू श्याम में बाहर से दर्शन; चंद्रिका देवी बंद लखनऊ में बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे सीएम योगी:खाने का सामान बांटा; 40 हजार घरों में घुसा पानी, सड़क पर उतरे लोग लखनऊ में अचानक आई बाढ़ का ड्रोन VIDEO
प्रदेश में राजस्व विभाग के सारा एप में तकनीकी गड़बड़ी के कारण किसानों की जमीन और बोई गई फसल की लोकेशन खिसकने की शिकायत सामने आई है। इसका असर गिरदावरी पर पड़ रहा है। पटवारी और राजस्व सर्वेयर जब खेत की फसल का सत्यापन करने पहुंचते हैं तो एप में संबंधित खसरे की लोकेशन वास्तविक जगह से 10 से 20 मीटर तक अलग दिखाई देती है। इससे एक किसान की फसल दूसरे किसान के रिकॉर्ड में दर्ज होने की स्थिति बन रही है। इस समस्या के चलते किसानों की नाराजगी का सामना कर रहे पटवारियों ने सरकार से गिरदावरी में जियो टैगिंग के बजाय जियो फेंसिंग यानी ग्राम सीमा को आधार बनाने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, राजस्व विभाग ने फिलहाल इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। खेत में खड़े होने पर भी एप नहीं करता लोकेशन स्वीकार प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी ने बताया कि सारा एप में गांव के खसरा नंबर के प्रत्येक पार्सल के आधार पर गिरदावरी करनी होती है। समस्या यह है कि खेत में खड़े होने के बावजूद कई बार एप जियो टैग गिरदावरी की अनुमति नहीं देता। सैनी के मुताबिक सारा एप में तैयार ऑनलाइन नक्शे और वास्तविक खेत की स्थिति में 10 से 20 मीटर तक का अंतर दिखाई देता है। पटवारी जिस खसरा नंबर में खड़ा होता है, एप में वही जमीन 15 से 20 मीटर दूर दिखाई दे सकती है। ऐसे में किसान की जमीन वास्तविकता में अपनी जगह पर होती है, लेकिन एप की मैपिंग में आगे-पीछे खिसकती नजर आती है। ऐसे समझें गड़बड़ी: सोयाबीन बोई, रिकॉर्ड में मक्का दर्ज पटवारी संघ के अनुसार, इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिए एक किसान के खेत में सोयाबीन बोई गई है और उससे लगे खेत में दूसरे किसान ने मक्का बोया है। यदि एप की मैपिंग में खसरे की लोकेशन खिसकती है तो गिरदावरी करते समय पहले किसान के खेत में मक्का दर्ज हो सकती है। इसका असर फसल के रिकॉर्ड और उसके वैल्यूएशन पर पड़ सकता है। संघ का कहना है कि जमीन मौके पर अपनी जगह रहती है, लेकिन एप में पार्सल की स्थिति बदलने से फसल का रिकॉर्ड प्रभावित हो रहा है। ग्राम सीमा में गिरदावरी का अधिकार देने की मांग अश्विन सैनी ने बताया कि प्रांतीय पटवारी संघ ने प्रमुख सचिव राजस्व को पत्र लिखकर ग्राम सीमा के भीतर गिरदावरी करने का अधिकार देने की मांग की है। साथ ही 500 मीटर की परिधि में गिरदावरी के लिए एक्सेस देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। सैनी के अनुसार, इस संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन देने के बाद एमपी का काम देखने वाले बृजेश नामदेव से भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि काम भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है और इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा। पटवारी संघ का कहना है कि प्रदेश में खरीफ, रबी और जायद तीनों सीजन में गिरदावरी होती है। संघ ने खरीफ में भी जियो फेंसिंग को आधार बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन फिलहाल इसमें बदलाव की संभावना नजर नहीं आ रही है। मेड़ से फसल दिख सकती है तो खेत में जाने की बाध्यता क्यों? धार पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष संजय जाट ने गिरदावरी के दौरान खेत के भीतर जाकर जियो टैग करने की बाध्यता पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि मेड़ पर खड़े होकर भी फसल का भौतिक सत्यापन किया जा सकता है, तो सर्वेयर को खेत के भीतर जाने के लिए बाध्य करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेतों में करंट, जलीय जीव और वन्य जीवों का खतरा रहता है। सर्पदंश की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं और उनके अनुसार दो सर्वेयरों की सर्पदंश से मौत हो चुकी है। ऐसे में दूर से फसल का भौतिक सत्यापन संभव है तो जान जोखिम में डालकर खेत के भीतर जाकर जियो टैग कराने की व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए। पटवारी संघ का कहना है कि तकनीकी रूप से सटीक गिरदावरी के साथ सर्वेयरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
सिरसा के गांव जमाल में सोलर प्लांट ठेकेदार सुभाष बेनीवाल की गोली मारकर हत्या के बाद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि हत्या से तीन दिन पहले भी सुभाष पर फायरिंग हुई थी और गांव में बिना नंबर की गाड़ी से उसकी रेकी की जा रही थी। इस संबंध में डीएसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन आरोप है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। इस घटना के चश्मदीद ने बताया, मंगलवार दोपहर को वह और सुभाष पास में ही ऑफिस में बैठे थे। सुभाष प्लांट के अफसर से फोन पर बात कर रहा था। उस समय एक ने गेट खोला और आते ही गोली चला दी। तीन बाहर खड़े थे। दो गोलियां सुभाष पर चलाई और एक गोली उसके कान के पास से निकली, जिससे वह बच गया। उसने भागकर अपनी जान बचाई। तीन दिन पहले भी सुभाष पर फायरिंग हुई थी और आरोपियों द्वारा मारने, मरने की बात चल रही थी। सोलर के काम को लेकर झगड़ा चल रहा था। प्लांट में चार हिस्सेदार है और एक साइड में अपने हिस्से मे सुभाष काम पर लगा था। घटना के समय उन्होंने कोई बात नहीं की और न ही कुछ पूछा। मौका ही नहीं मिला, सीधे गोलियां चला दी। मृतक के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं और पोस्टमॉर्टम व अंतिम संस्कार से इनकार किया है। पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आज बुधवार को पोस्टमार्टम होना है। सोलर के काम को लेकर झगड़ा परिजनों ने कहा कि तीन दिन पहले भी सुभाष पर फायरिंग हुई थी और आरोपियों द्वारा मारने, मरने की बात चल रही थी। सोलर के काम को लेकर झगड़ा चल रहा था। प्लांट में चार हिस्सेदार है और एक साइड में अपने हिस्से मे सुभाष काम पर लगा था। घटना के समय उन्होंने कोई बात नहीं की और न ही कुछ पूछा। मौका ही नहीं मिला, सीधे गोलियां चला दी। परिजनों व ग्रामीणों की पुलिस व प्रशासन से मांग है कि इसमें जितने भी हमलावर आरोपी शामिल है और पुलिस को शक जताया है। अगर इनको गिरफ्तार नहीं किया, तो वे शव का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। अभी शव का पोर्स्टमार्टम नहीं हो पाया है। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। इस बाद में अपडेट किया जाएगा। पिता के बयान पर मुकदमा दर्ज मामले में नाथुसरी चोपटा थाना प्रभारी प्रमोद कुमार का कहना है कि मृतक के पिता के बयान पर हत्या की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में जांच जारी है। अभी आरोपियों का पता लगा रहे हैं। परिजनो ने कुछ आरोपियो के नाम बताए हैं, उनकी पहचान कर जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द आरोपियों को पकड़ा जाएगा। अभी मृतक का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। शव को अस्पताल में रखवाया गया है। पिता बोले- कुछ देर बाद ही तोड़ दिया था दम मृतक सुभाष के पिता बहादुर सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया, बेटा सुभाष अपने ऑफिस में बैठा हुआ था। उस समय आरोपी आए और आते ही उन्होंने सुभाष पर गोली चला दी। उन्होंने तीसरी गोली भी मारने की कोशिश की। इसके बाद वे फरार हो गए। फैक्ट्री से फोन आया, तो पता चला वह भी गांव से प्लांट की ओर गया। रास्ते में सुभाष को घायलवस्था में गाड़ी लेकर आते मिले, तो वह भी उनके साथ बैठ गया। उस समय सुभाष कुछ बोल रहा था, पर रंगड़ी गांव के पास आकर उसने बोलना बंद कर दिया और हालत नाजुक नजर आई। गोलियां का जहर इतना फैल गया कि वह बच नहीं सका। सुभाष और राकेश अच्छे दोस्त थे, धोखेबाज निकला पिता बहादुर सिंह ने बताया, बचपन से सुभाष और राकेश सब एक साथ रहते थे और अच्छे दोस्त थे। राकेश ही धोखेबाज निकला। करीब 15 दिन पहले आरोपी युवक मेरे से खेत में मिलने आया था और कहने लगा कि अगर कोई कांड कर दिया तो मुझे मत कहना, सुभाष मेरे साथ प्लांट के कार्य में गलत कर रहा है कि उसने मेरे आदमी निकाल दिए। इस पर मैंने कहा, सुभाष ने ऐसा क्या कर दिया। उससे पूछंगा। तीन-चार बार चेतावनी, कांड हो जाए तो मत कहना पिता ने बताया, आरोपी ने मुझे चार से पांच बार चेतावनी देते हुए कहा था कि कोई कांड हो जाए तो मामा मुझे उलहाना मत देना। मैंने उसी दिन शाम को घर आने पर सुभाष से पूछा तो उसने बताया कि, इन्होंने रात को प्लांट में चोरी की है। वहां से 10 से 12 राड़ लाए है और घर पर सोलर लाइट लगवाने के लिए लाए हैं। सुभाष बोला, उसने उसे साफ बोल दिया है कि आपस में सांझा नहीं चल सकता। तू अपना और मैं अपना काम कर लूंगा। झगड़े के बाद लिया था हिस्सेदारी का काम इससे पहले खारिया वाले युवक के साथ 20 लाख के प्लॉट का झगड़ा था। सुभाष के नाम प्लॉट था, जिसकी 8 हजार रुपए किस्त थी। उससे बहकावे में लाकर प्लॉट ले लिया। वह पैसों के पीछे भागता था। सुभाष व्यवहार में था। अब सुभाष ने प्लांट का काम आपसी हिस्सेदारी में लिया था। हमलावरों में चार से पांच लोग थे, जिनमें ढुकड़ा, मंदौरी, मनमंदौरी और कुछ गांव में था। इनका शुरू में पाइलिंग का काम होता था। डीएसपी ने कार्रवाई का दिया था आश्वासन परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया, तीन तारीख को भी सुभाष पर आरोपियों ने गोली चलाई थी। उस समय सुभाष प्लांट से बाहर था तो बच गया। इसके लिए डीएसपी से भी मिले थे और आश्वासन दिया था कि मामले में कार्रवाई करेंगे। पर्चा दर्ज कराया था। गांव में बिना नंबर की गाड़ी पिछले 10-15 दिन से घूम रही थी और घटना में गांव से भी 10 से 15 लोग होने का शक है। चिट्टा बेचने वालों पर पुलिस कार्रवाई करें इस बारे में पुलिस को शिकायत दी थी कि बिना नंबर की गाड़ी गांव में घूम रही है और गांव का माहौल शांत होना चाहिए। डीसी, एसपी को भी शिकायत दी हुई है। अगर प्रशासन सचेत हो तो गांव से चिट्टा वाला युवकों की रोक हो जाए तो वारदात नहीं होती। डीएसपी ने आश्वासन दिया था, पर कोई कार्रवाई नहीं की। किसान नेता बोले- हथियार कल्चर का कारण नशा किसानों नेता ने बताया कि छोटी सी बात हत्या तक पहुंच गई। राकेश नाम के युवक पर गोली चलाने के परिजनों ने आरोप लगाए हैं। कुछ दिन पहले भी गोली चली थी। इस बारे में परिजन डीसी व डीएसपी से मिले थे कि उनकी कहासुनी हुई है और फायरिंग की है। समय से उन आरोपियों पर कार्रवाई होती तो ये नौबत नहीं आती और चार बहनों के भाई की जान बच जाती। ये हथियार कल्चर नशे से ही उत्पन्न हुआ है। चार बहनों का इकलौता भाई था सुभाष पुलिस के अनुसार, सुभाष अविवाहित था और चार बहनों का इकलौता भाई था। जमाल गांव में राजस्थान सीमा के पास 'हैक्सा सन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड' का सोलर प्लांट लगाया जा रहा है, जहां सुभाष ठेकेदारी का काम संभाल रहा था। इसके लिए करीब 300 से 400 एकड़ जमीन ली हुई है। सुभाष व उसके दोस्तों का सोलर का काम को लेकर ही विवाद था। हर कोई खुद ही काम करना चाहता था। इसी रंजिश में गोलियां चला दी।
दिल्ली में मंगलवार को राहुल गांधी और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को हिरासत में लिया गया। इसी के विरोध में दतिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किला चौक पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक दांगी ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल की गिरफ्तारी का कांग्रेस विरोध करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों के साथ खड़ी है और उनके मुद्दे उठाती रहेगी। आंदोलन की दी चेतावनीअशोक दांगी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार कांग्रेस नेताओं और छात्रों-युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश जारी रखती है तो कांग्रेस देशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अन्याय का साथ नहीं देने की अपील की।प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गुरुग्राम में सेवा संकल्प अभियान के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत आज 'विकसित भारत संकल्प सभा - सेवा ज्योति यात्रा' का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस समारोह में देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। यह विशाल कार्यक्रम महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती उद्यान (लेजर वैली) की पार्किंग में आयोजित किया जा रहा है, जिसके लिए सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश और प्रदेश की जनता को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में, इसके समापन पर जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों के लिए एक विशेष 'मशाल यात्रा' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में न केवल गुरुग्राम, बल्कि पड़ोसी जिलों फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी और झज्जर से भी भारी संख्या में जनभागीदारी देखने को मिलेगी। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। इसके बाद उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने स्टेज मैनेजमेंट, सुरक्षा प्रबंध, पब्लिक मूवमेंट, पार्किंग व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा की समीक्षा की। डीसी उत्तम सिंह ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान अन्य जिलों से आने वाले प्रतिभागियों और आम जनता को प्रवेश व निकास के समय किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सुरक्षा के कड़े इंतजाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गुरुग्राम दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। जिलाधीश उत्तम सिंह ने धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए आज पूरे गुरुग्राम जिले में ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून और किसी भी प्रकार के मानव रहित हवाई वाहनों के उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध केवल सरकारी और आधिकारिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर लागू नहीं होगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झांसी के सीपरी बाजार की सब्जी मंडी में बुधवार सुबह 5 बजे एक युवक ने पेट्रोल डालकर दुकानों में आग लगा दी। आग तेजी से फैली और करीब 40 दुकानें चपेट में आ गईं। दुकानों में रखा सब्जी समेत अन्य सामान जल गया। मंडी में करीब 123 दुकानें हैं। घटना के बाद दुकानदारों ने अज्ञात युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि मंडी पर भू-माफिया की नजर है और कब्जे की कोशिश के चलते आग लगाई गई है। मामले की सूचना पर सीपरी बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और CCTV फुटेज के आधार पर युवक की पहचान करने का प्रयास शुरू कर दिया है। 3 महीने पहले मल्टी कॉम्प्लेक्स का प्रस्ताव पास हुआ सब्जी विक्रेताओं के मुताबिक, मंडी गेट पर लगे CCTV कैमरे में बुधवार सुबह करीब 5 बजे एक युवक आता दिखाई दिया। आरोप है कि वह पेट्रोल लेकर आया था। उसने दुकानों में पेट्रोल डाला और आग लगाने के बाद वहां से निकल गया। कुछ ही देर में आग आसपास की दुकानों तक फैल गई। सब्जी मंडी में करीब 123 दुकानें हैं। करीब तीन महीने पहले नगर निगम ने दुकानें हटाकर यहां मल्टी कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद से दुकानें हटाने को लेकर नगर निगम और सब्जी विक्रेताओं के बीच विवाद चल रहा है। सब्जी विक्रेताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद फिलहाल नगर निगम ने दुकानें हटाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई है। दुकानदारों का शुरू से कहना है कि यहां भू-माफिया कब्जा करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। आग के बाद फिर भू-माफिया पर जताया शक बुधवार को अज्ञात युवक के दुकानों पर पेट्रोल डालकर आग लगाने के बाद दुकानदारों ने फिर अज्ञात भू-माफिया को इसके लिए जिम्मेदार बताया है। हालांकि पुलिस जांच के बाद ही आग लगाने की वजह और आरोपी के बारे में स्थिति साफ होगी। दुकानदारों ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में अज्ञात युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 45 लाख रुपए के नुकसान का दावा दुकानदारों का कहना है कि आग में बड़ी मात्रा में सब्जी और अन्य सामान जल गया। इससे करीब 45 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। आग की सूचना पर सीपरी बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुकानदारों से घटना की जानकारी ली और CCTV फुटेज कब्जे में लेकर युवक की पहचान करने का प्रयास शुरू किया है।
पानीपत शहर की न्यू मखीजा कॉलोनी में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खेतों में एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। शव पड़े होने की सूचना राहगीरों ने तुरंत इमरजेंसी कंट्रोल रूम (डायल 112) को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, सीन ऑफ क्राइम (FSL) टीम, तीनों CIA शाखाएं और साइबर सेल की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सिर पर गहरी चोट, घसीटे जाने के निशान प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक की उम्र करीब 28 से 30 वर्ष के आसपास है। पुलिस की FSL टीम ने मौके से साक्ष्य और वैज्ञानिक नमूने जुटाए हैं। जांच के दौरान मृतक के सिर पर किसी भारी या धारदार वस्तु से मारी गई गहरी चोट के निशान मिले हैं। इसके अलावा, जिस खेत में शव पड़ा मिला, वहां जमीन पर घसीटे जाने के भी स्पष्ट सुराग मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या कहीं और कर शव को यहां फेंका गया है। शिनाख्त में जुटीं पुलिस की टीमें फिलहाल मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास की कॉलोनियों, गुमशुदा लोगों के रिकॉर्ड और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि युवक की शिनाख्त की जा सके। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीआईए (CIA) की तीनों यूनिट्स और साइबर सेल की टीम ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मृतक की पहचान कर वारदात का पर्दाफाश किया जाएगा।
श्रीगंगानगर के सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला और आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ. हरीश रहेजा के बीच चल रहे विवाद से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की स्टेट इकाई ने खुद को अलग कर लिया है। स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. महेश शर्मा ने आईएमए के नाम के इस्तेमाल को लेकर डॉ. रहेजा के प्रति नाराजगी जताई है। साथ ही बीकानेर जोनल सेक्रेटरी को जिला इकाई से पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच करवाकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। स्टेट इकाई ने आईएमए जिला अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी जानकारी मांगी है। जोनल सेक्रेटरी से आखिरी चुनाव कब और कहां हुए, किस प्रक्रिया के तहत हुए तथा पदाधिकारियों का चयन किस तरह किया गया, इसकी जानकारी दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट में देने को कहा गया है। सीएमएचओ ने स्टेट प्रेसिडेंट को भेजी थी शिकायत सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने आईएमए स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. महेश शर्मा को पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि डॉ. हरीश रहेजा की ओर से उनके खिलाफ पुलिस और प्रशासन को दी गई शिकायतों में आईएमए के नाम का इस्तेमाल किया गया है। सीएमएचओ ने स्टेट इकाई से यह भी जानकारी मांगी थी कि इन शिकायतों के मामले में क्या आईएमए की स्टेट बॉडी डॉ. रहेजा को किसी तरह का सहयोग कर रही है। 27 सितंबर को जांच के निर्देश शिकायत मिलने के बाद आईएमए स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. महेश शर्मा ने 27 सितंबर को बीकानेर जोनल सेक्रेटरी को पत्र लिखा। इसमें जिला इकाई से संपर्क कर सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला और डॉ. हरीश रहेजा के बीच चल रहे प्रकरण की तथ्यात्मक जांच कराने और रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए। स्टेट इकाई की ओर से यह भी कहा गया कि सीएमएचओ की ओर से डॉ. रहेजा के अस्पताल में की गई जांच प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा है। इसे आईएमए के जिलाध्यक्ष पद या आईएमए की स्टेट इकाई से जोड़कर देखना उचित नहीं है। आईएमए के नाम के इस्तेमाल को लेकर भी स्टेट प्रेसिडेंट ने डॉ. रहेजा के प्रति नाराजगी जताई है। जिला अध्यक्ष के चुनाव का रिकॉर्ड भी तलब मामले में स्टेट इकाई ने आईएमए की जिला इकाई के आखिरी चुनाव से संबंधित पूरा रिकॉर्ड भी मांगा है। जोनल सेक्रेटरी को चुनाव की तारीख, स्थान, प्रक्रिया, पदाधिकारियों के चयन और इससे जुड़े दस्तावेज जुटाकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। सीएमएचओ और आईएमए जिलाध्यक्ष के बीच चल रहे विवाद के बीच स्टेट इकाई की ओर से तथ्यात्मक जांच और जिला अध्यक्ष के चुनाव से संबंधित रिकॉर्ड मांगे जाने के बाद अब जोनल सेक्रेटरी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
उज्जैन में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की बस में आग के बाद कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई है। पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत ने जबलपुर की सार्वजनिक यात्री बस सेवा पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा है कि पुरानी बसों को नया बताकर चलाया जा रहा है। हालांकि काउंटर करते हुए महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू कहते हैं कि ओवरहॉलिंग के बाद पुरानी बसों को सड़क पर उतारना गलत नहीं है, आमजन को सुविधा तो मिल रही है। भनोत का आरोप-नई बताकर पुरानी बसें चला रही सरकार पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत ने आरोप लगाया कि सरकार पुरानी बसों की डेंटिंग-पेंटिंग और रेडियम कराकर उन्हें नई बस के रूप में जनता के सामने पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि बसों को लेकर भ्रष्टाचार की चर्चा चल रही थी और आग की घटना ने इसकी हकीकत सामने ला दी। जबलपुर में 55 पुरानी बसें चलाने की बात जबलपुर में 2 अक्टूबर को 45 पीएम ई-बसों के साथ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की 55 बसों समेत 100 बसों का संचालन शुरू किया गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इनमें 45 ई-बसें और 55 सुगम परिवहन बसें शामिल हैं। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू के अनुसार 55 पुरानी बसों को सर्विसिंग, रंग-रोगन और ओवरहॉलिंग के बाद सड़क पर उतारा गया है। उनका कहना है कि बसों को अंदर और बाहर से ठीक किया गया है और आने वाले समय में शहर में बसों की संख्या 160 से 170 तक पहुंचाई जाएगी। नई सेवा, पुरानी बसें मध्य प्रदेश में करीब 21 साल बाद सरकारी बस सेवा को नए स्वरूप में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के नाम से शुरू किया गया। 25 सितंबर 2026 को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सेवा का शुभारंभ किया। पहले चरण में सात शहरों को इससे जोड़ा गया। योजना के तहत 2031 तक 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। जबलपुर में नई ई-बसों के साथ पहले से संचालित मेट्रो बसों को भी सर्विसिंग और ओवरहॉलिंग के बाद नई व्यवस्था में शामिल किया गया है। ऐसे में सवाल यह है कि पुरानी बसों को सड़क पर उतारने से पहले उनकी उम्र, फिटनेस, तकनीकी सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा की जांच किस स्तर पर की गई। हाईकोर्ट भी 15 साल पुरानी बसों पर रोक को सही ठहरा चुका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में 15 साल से अधिक पुरानी व्यावसायिक बसों के संचालन पर राज्य सरकार की कार्रवाई को सही माना था। कोर्ट के आदेश में 14 नवंबर 2025 के उस निर्देश का उल्लेख है, जिसमें 15 साल से अधिक पुराने वाहनों के संचालन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच पहले ही संबंधित प्रावधान की वैधता बरकरार रख चुकी थी। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन में पुरानी बसों के इस्तेमाल के मामले में केवल रंग-रोगन या बाहरी बदलाव पर्याप्त नहीं माने जा सकते। बस की वास्तविक उम्र, वैध फिटनेस, परमिट और तकनीकी सुरक्षा मानकों की जांच जरूरी है। GPS, CCTV और पैनिक बटन का दावा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को आधुनिक और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के रूप में विस्तार देने की योजना है। नई बसों में जीपीएस, सीसीटीवी, पैनिक बटन और लाइव ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है। ऐसे में उज्जैन की आग की घटना के बाद यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि सेवा से जुड़ी प्रत्येक बस की फिटनेस और सुरक्षा जांच किस प्रक्रिया से हुई है।
दिल्ली में मंगलवार को राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लेकर 2 घंटे बैठाए रखा। इसी के विरोध में बुरहानुपर में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के कहने पर शहर कांग्रेस कमेटी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया। यह प्रदर्शन शहर के जय स्तंभ चौराहे पर हुआ। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। प्रदर्शन की अगुवाई शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टाक ने की। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया और 2 घंटे थाने में बैठाए रखा। चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांगटाक ने कहा कि जब तक चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, वे चुप नहीं रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस किसी भी दमनकारी कोशिश से डरने वाली नहीं है। इस दौरान कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पार्षद, ब्लॉक अध्यक्ष, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता शामिल थे।

