टीकमगढ़ के दिगौड़ा ग्राम पंचायत में डेढ़ महीने से बंद नल-जल योजना को शुरू कराने की मांग को लेकर समाजसेवी रमाशंकर पस्तोर की भूख हड़ताल मंगलवार रात को खत्म हो गई। अधिकारियों ने बुधवार दोपहर 12 बजे तक पानी की सप्लाई शुरू करने का लिखित भरोसा दिया, जिसके बाद पस्तोर ने जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा। दिगौड़ा कस्बे में पिछले डेढ़ महीने से नल-जल योजना ठप पड़ी है। भीषण गर्मी में पानी न मिलने से ग्रामीण बेहद परेशान थे। इसी समस्या को लेकर रमाशंकर पस्तोर मंगलवार दोपहर से बस स्टैंड पर भूख हड़ताल और धरने पर बैठ गए थे। अधिकारियों ने दिया लिखित आश्वासन रात करीब 8 बजे तहसीलदार प्राची जैन, थाना प्रभारी मनीष मिश्रा और पीएचई विभाग के एसडीओ हर्ष राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने समाजसेवी से चर्चा की और बुधवार दोपहर तक योजना चालू करने का लिखित आश्वासन दिया। प्रशासन की अनदेखी पर उठाया कदम रमाशंकर पस्तोर ने बताया कि ग्रामीणों ने 1 अप्रैल और 22 अप्रैल को एसडीएम को ज्ञापन दिया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद 24 अप्रैल को कलेक्टर को सूचना देकर चेतावनी दी गई थी कि अगर 27 अप्रैल तक पानी शुरू नहीं हुआ, तो वे 28 अप्रैल से भूख हड़ताल करेंगे। ये लोग भी रहे शामिल इस अनशन में समाजसेवी के साथ जिला पंचायत सदस्य मनोहर लाल अहिरवार, डॉ. विष्णु राय, प्रेमनारायण लुहारिया, रवि सोनकिया, मनोज सेन, त्रिलोक त्रिपाठी, ताजुद्दीन खान और कई अन्य ग्रामीण भी साथ बैठे थे।
बागपत तहसील क्षेत्र के मवीखुर्द गांव में एक किसान ने सरकारी चकरोड पर अवैध कब्जे की शिकायत की है। किसान का आरोप है कि चकरोड बंद होने के कारण उसकी कटी हुई गेहूं की फसल पिछले 20 दिनों से खेत में फंसी हुई है। गांव निवासी श्रीराम ने जिलाधिकारी कार्यालय में एक शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके चक तक जाने वाली सरकारी चकरोड पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे उन्हें अपने खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है। श्रीराम के अनुसार, उनके लगभग 6 बीघा खेत में गेहूं की फसल 20 दिनों से कटी पड़ी है। रास्ता अवरुद्ध होने के कारण वह फसल को घर नहीं ला पा रहे हैं, जिससे उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मौखिक रूप से रास्ता खुलवाने के कई प्रयास विफल रहे हैं। किसान ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम मौके पर जाकर राजस्व अभिलेखों के आधार पर चकरोड की पैमाइश करे और उसे कब्जामुक्त कराए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी समस्या न हो। कलेक्ट्रेट प्रभारी ज्योति शर्मा ने कहा कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी
आगर मालवा जिले के ग्राम मोड़ी में मंगलवार रात ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें जिला प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। यह कार्यक्रम शासकीय माध्यमिक स्कूल मोड़ी में हुआ। इसमें प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। चौपाल में अलग-अलग विभागों ने स्टॉल लगाए, जहां ग्रामीणों को योजनाओं के बारे में बताया गया और पात्र लोगों को मौके पर ही लाभ दिया गया। पुलिस ने बांटे हेलमेट पुलिस विभाग ने लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान राह वीर योजना और हिट एंड रन से जुड़े नए नियमों की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को हेलमेट भी बांटे गए। इन योजनाओं का मिला लाभ चौपाल में सांवरिया समूह को प्रशस्ति पत्र दिया गया। जय नारायण गिरिराज को सिंचाई यंत्र मिले। लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र और राजस्व विभाग की ओर से स्वामित्व पत्र भी बांटे गए। मौके पर सुलझी समस्याएं ग्रामीण मांगीलाल ने बिजली की समस्या उठाई और बताया कि उनके घर तक लाइन नहीं है। इस पर अधिकारियों को तुरंत निर्देश देकर मौके पर ही समाधान कराया गया। वहीं, ग्रामीण राजेश को पीएम आवास की जानकारी दी गई कि उनका मकान स्वीकृत हो चुका है। मुआवजे के लिए निर्देश मोड़ी गांव से निकले नेशनल हाईवे के लिए जिन ग्रामीणों की जमीन ली गई थी और उन्हें मुआवजा नहीं मिला था, उनके लिए कलेक्टर ने एनएच के अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर प्रीति यादव ने कहा कि प्रशासन का मकसद सीधे लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को दूर करना है।
हरियाणा के जिला सोनीपत के कुंडली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक साथ पांच किशोर (छात्र) संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। घटना 27 अप्रैल 2026 की शाम की है। परिजनों की शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद कुंडली थाना पुलिस ने अपहरण की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। हरिद्वार जाने की बात कहकर निकले थे दोस्त कुंडली थाना में दी शिकायत में गांव सफियाबादकर्ता टेकचंद ने पुलिस को बताया कि उनका 16 वर्षीय बेटा भविष्य उर्फ गोलू (10वीं का छात्र) है। वह अपने चार अन्य दोस्तों तुषार, टोनी, भविष्य (पुत्र सुनील) और सौरव के साथ कल शाम करीब 5:30 बजे देखा गया था। उसने बताया कि ये सभी दोस्त आपस में हरिद्वार जाने की योजना बना रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन लड़कों के पास मोबाइल फोन थे, उन्होंने अपने फोन स्विच ऑफ कर लिए हैं, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। लापता बच्चों का विवरण (हुलिया): परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल लापता बच्चों के परिवारों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन कहीं भी सुराग न मिलने पर पुलिस की मदद ली गई। पुलिस को अंदेशा है कि बच्चे बिना बताए धार्मिक यात्रा या घूमने के इरादे से निकले हैं, हालांकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: दर्ज हुआ मुकदमा घटना की सूचना मिलते ही 112 नंबर की टीम और बारोटा चौकी से ASI राजपाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती छानबीन के बाद, प्रार्थी टेकचंद की लिखित दरखास्त पर कुंडली थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) और 84 JJ एक्ट के तहत केस रजिस्टर किया है।
मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक युवती का शव जानी नहर से बरामद किया गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से युवती को चंदौरा होटल के सामने नहर से बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने तत्काल शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। युवती के बैग से मिले दस्तावेजों के आधार पर डीसीआर के माध्यम से पहचान की प्रक्रिया तेज की गई। देर शाम मृतका की पहचान नेहा उर्फ कोमल (25) के रूप में हुई। वह महेश की पुत्री और ग्राम हसनपुर मसूरी, थाना खेकड़ा, जनपद बागपत की निवासी थी। मृतका के भाई रोहित ने उसकी शिनाख्त की। परिजनों के अनुसार, नेहा पीएचडी की छात्रा थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती घरेलू अवसाद के चलते बिना बताए घर से निकल गई थी। पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर आगे की विधिक प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
महोबा में भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर महिला नेता दीपाली तिवारी ने आरोप लगाए थे। आरोपों की जांच के लिए पहुंची प्रदेश स्तरीय समिति ने इसे महज पारिवारिक मनमुटाव बताया। पांच घंटे की मैराथन बैठक के बाद दीपाली तिवारी ने भी अपने आरोपों को गुस्से का परिणाम बताया। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह तथा क्षेत्रीय महामंत्री संत विलास शिवहरे जांच के लिए महोबा के विरमा भवन पहुंचे। समिति ने विरमा भवन में लगभग पांच घंटे तक बंद कमरे में बैठक की। पार्टी के पदाधिकारियों से की पूछताछइस दौरान जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, महामंत्री जयपाल सिंह, उपाध्यक्ष पंकज तिवारी और जिला कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों से एक-एक कर पूछताछ की गई। यह मामला पुलिस अधीक्षक तक भी पहुंच गया था, जिसमें पद के बदले अनुचित मांग के गंभीर आरोप शामिल थे। हालांकि, जांच समिति ने इसे पार्टी के भीतर का पारिवारिक मनमुटाव बताकर समाप्त कर दिया। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह का आशीर्वाद लिया और भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाए। कमलावती सिंह ने कहा- संगठन एक परिवार है प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह ने बताया कि संगठन एक परिवार की तरह है। उन्होंने कहा कि दीपाली तिवारी अपने प्रमोशन न होने से नाराज थीं। सिंह के अनुसार, परिवार में जांच नहीं होती, बल्कि संवाद होता है, और अब सभी विवाद सुलझ गए हैं। क्षेत्रीय महामंत्री संतविलास शिवहरे ने इस पूरे प्रकरण को गुस्से और राजनीतिक महत्वाकांक्षा से उपजी गलतफहमी बताया। उन्होंने कहा कि संवाद की कमी के कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ था, जो अब शांत हो गया है। आरोप लगाने वाली भाजपा नेत्री दीपाली तिवारी ने भी अपने बयान में कहा कि उन्होंने जो कुछ भी किया, वह केवल गुस्से में किया था। उन्होंने कहा- मेरे लिए पार्टी सर्वोपरि है। मैं पार्टी के लिए काम करूंगी और पार्टी के साथ हूं। गुस्सा जिस बात का था वह अलग विषय था। मुझे पार्टी से कोई गिला शिकवा नहीं है।
बड़वानी जिले में एक अनोखी शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। मंगलवार रात 9 बजे शहर की वृंदावन कॉलोनी में सेन समाज के चचेरे भाई-बहन की वर निकासी बैलगाड़ी में निकाली गई। इस पारंपरिक अंदाज को देखकर शहरवासी और मेहमान हैरान रह गए। पुरानी परंपरा को याद दिलाते हुए दूल्हा घोड़ी, बग्गी या कार के बजाय बैलगाड़ी पर सवार होकर निकला। इस अनोखी वर निकासी को देखने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बैलगाड़ी को बांस, फूल और आकर्षक रंगों से सजाया गया था। घोड़ी और डीजे से बनाई दूरी किसान श्री वास, जो दूल्हा बने थे, अपनी बहन के साथ एक ही दिन शादी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी वर निकासी में घोड़ी, बैंड-बाजे, डीजे या किसी आधुनिक साधन का उपयोग नहीं किया गया। इसके बजाय एक साधारण सजी हुई बैलगाड़ी पर ढोल बजाते हुए यह रस्म पूरी की गई। ये निमाड़ की पुरानी परंपरा रही है। सांस्कृतिक परंपरा को सहेजने की कोशिश इस दौरान रिश्तेदार, मेहमान और दोस्त नाचते-गाते हुए दूल्हे के साथ शामिल रहे। यह अनोखी वर निकासी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए घर पहुंची। लोगों ने इस आयोजन को अपनी संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों को याद दिलाने वाला बताया, खासकर ऐसे समय में जब लोग अपनी परंपराओं को भूलते जा रहे हैं।
कमिश्नर अनिल ढींगरा ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने पीओ यूपीनेडा, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) एवं उपायुक्त उद्योग को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कमिश्नर सीएम डैश बोर्ड पर प्रदर्शित ग्रेड एवं रैंकिंग के आधार पर मंडल में विकास कार्यों, निर्माण कार्यों एवं विभिन्न विभागों की ओर से संचालित फ्लैगशिप योजनाओं के प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। कमिश्नर ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, फैमिली आइडी में मंडल में गोरखपुर की खराब स्थिति, आईसीडीएस पोषण अभियान, सीएम युवा उद्यमी अभियान में संतोषजनक प्रगति न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मंडल के चारो जिलों को डैशबोर्ड पर रैंकिंग को निरंतर बेहतर बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने अच्छी रैंकिंग प्राप्त करने वाली फ्लैगशिप योजनाओं के प्रदर्शन को लगातार बरकरार रखने का निर्देश दिया। उन्होंने मंडल के सभी जिलाधिकारियों तथा मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनपद में सभी विभाग योजनाओं एवं निर्माण कार्यों में शत प्रतिशत लक्ष्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिससे सीएम डैशबोर्ड पर संबंधित जनपद की रैंकिंग अच्छी बनी रहे। सभी जिलाधिकारी , मुख्य विकास अधिकारी तथा विभागीय उच्चाधिकारी विभाग की योजनाओं एवं कार्यों की सतत एवं विस्तृत समीक्षा भी करते रहें। बैठक में मंडलायुक्त द्वारा पीएम सूर्य घर योजना, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति ,राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, प्रधान मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, ऑपरेशन कायाकल्प, जननी सुरक्षा योजना , पोषण अभियान, राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान, राज्य योजना पर्यटन विद्यालय निरीक्षण एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, जल जीवन मिशन, नई सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत, दिव्यांग पेंशन , एकीकृत बागवानी मिशन, फैमिली कार्ड, दैनिक विद्युत आपूर्ति और ट्रांसफार्मर परिवर्तन, आदि विभिन्न फ्लैगशिप प्रोजेक्ट्स पर संबंधित विभागीय अधिकारियों से आंकड़ेवार जानकारी प्राप्त करते हुए विस्तृत समीक्षा की। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने आवेदन को जल्द से जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया। दिव्यांग पेंशन एवं दिव्यांग प्रमाण पत्र के संबंध में मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करें। जल जीवन मिशन कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि जहां भी किसी प्रकार की समस्या हो उसे तुरंत ठीक कराएं एवं यह सुनिश्चित करें कही भी किसी भी प्रकार की शिकायत न प्राप्त हो । बैठक में सेतु निगम के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि भौतिक प्रगति के सापेक्ष वित्तीय प्रगति की स्थिति कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को नई सड़को के निर्माण को जल्द से जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया। बैठक में मंडलायुक्त ने विद्युत विभाग की योजनाओं के समीक्षा के दौरान निर्देश दिया सभी जिलाधिकारी एवं विभागीय अधिकारीगण यह सुनिश्चित करें कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तय रोस्टर के अनुसार में विद्युत आपूर्ति हो। खराब ट्रांसफार्मर तय समय में बदले जाएं।इसी प्रकार मंडलायुक्त ने सभी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की तथा उनकी प्रगति में निरंतरता रखने का निर्देश दिया।
कोटा में अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से पिछले साल मुकंदरा में शिफ्ट की गई बाघिन को 21 हेक्टेयर के एनक्लोजर से छुटकारा मिल गया है। अब वो खुले जंगल में घूम सकती है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान द्वारा बाघिन को खुले जंगल में रिलीज करने की परमिशन के बाद मंगलवार को बाघिन को 82 वर्ग किलोमीटर के के जंगल में रिलीज किया गया। सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया- बाघिन MT -7 को इसी साल फरवरी महीने में 5 से 21 हेक्टेयर एनक्लोजर में रिलीज किया। तब से बाघिन एनक्लोजर में घूम रही थी। इस दौरान मॉनिटरिंग टीम ने बाघिन के शिकार की क्षमता, व्यवहार सहित अन्य चीजों का आंकलन किया। टीम की रिपोर्ट के बाद मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान द्वारा बाघिन को प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने का निर्णय लिया गया। मंगलवार सुबह 9 बजे के आसपास मुकंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व के 21 हेक्टेयर के बाड़े गेट खोल दिए गए। बाघिन शाम 6 बजे के आसपास एनक्लोजर से बाहर निकलकर खुले जंगल में चली गई। बाघिन की गतिविधियों की निगरानी के लिए आधुनिक रेडियो टेलीमेट्री, कैमरा ट्रेप व फील्ड मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। इस मौके पर मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक, उप क्षेत्र निदेशक, सहायक वन संरक्षक, क्षेत्रीय वन अधिकारी, फील्ड स्टाफ और मॉनिटरिंग टीम मौजूद रही। बता दें रणथंभौर में बाघिन टी 114 की मौत के बाद, उसके 2 शावकों (एक नर और एक मादा) को 1 फरवरी 2023 को कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में लाया गया था। उस समय शावकों की उम्र ढाई महीने थी। पार्क में वनकर्मियों ने उनका पालन-पोषण किया और रिवाइल्डिंग की लंबी प्रक्रिया चली।इसके बाद, नर शावक को 4 दिसंबर 2024 को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में छोड़ा गया। मादा शावक, जिसे बाघिन MT-7 के नाम से जाना जाता है, को इसके सात दिन बाद मुकंदरा में स्थानांतरित किया गया था। 14 महीने तक बाघिन MT-7 मुकंदरा के 5 हेक्टेयर के एनक्लोजर में रही। जहाँ उसने कई शिकार किए। इसी साल फरवरी में उसे 21 हेक्टेयर के बड़े बाड़े में छोड़ा गया था। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़े-- कोटा के 21 हेक्टेयर के जंगल में घूमेगी बाघिन MT-7:रेडियो कॉलर से रखेंगे नजर; 14 महीनों से 5 हेक्टेयर के एनक्लोजर में रह रही थी कोटा में अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से पिछले साल मुकंदरा में शिफ्ट की गई बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से छुटकारा मिल गया है। अब वो थोड़े बड़े जंगल में घूम सकती है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा बाघिन को बाड़े से रिलीज करने की परमिशन के बाद आज बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से 21 हेक्टेयर के जंगल में रिलीज किया गया। खबर पढ़े
हरेन्द्र मलिक सरकारी आश्वासन समिति के अध्यक्ष नियुक्त:सपा सांसद को लगातार दूसरी बार मिली जिम्मेदारी
सपा सांसद हरेन्द्र मलिक को लोकसभा में सरकारी आश्वासन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्हें यह अहम जिम्मेदारी लगातार दूसरी बार मिली है। यह नियुक्ति 4 मार्च 2026 से प्रभावी मानी गई है। मुज़फ़्फ़रनगर से सांसद हरेन्द्र मलिक को मिली यह लगातार दूसरी नियुक्ति उनकी संसदीय सक्रियता और अनुभव का प्रमाण मानी जा रही है। समाजवादी पार्टी से जुड़े मलिक वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं। सरकारी आश्वासन समिति संसद में सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों की समीक्षा करती है और उनके क्रियान्वयन की निगरानी करती है। इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकार के वादों और उनके धरातल पर अमल के बीच की स्थिति पर नज़र रखती है। समिति यह सुनिश्चित करती है कि संसद में दिए गए आश्वासन समयबद्ध तरीके से पूरे हों। संबंधित मंत्रालयों को उनकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है। मलिक की अध्यक्षता में अब यह समिति विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े लंबित आश्वासनों की समीक्षा करेगी और सरकार की जवाबदेही तय करने का काम करेगी। इस समिति में अन्य सांसदों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। हरेन्द्र मलिक को दोबारा इस महत्वपूर्ण समिति की कमान मिलने से मुज़फ़्फ़रनगर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व संसद में और मजबूत हुआ है। सांसद हरेन्द्र मलिक ने दूसरी बार समिति का अध्यक्ष बनने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, मैं पार्टी नेतृत्व और लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त करता हूं। यह जिम्मेदारी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने और सरकार द्वारा संसद में दिए गए आश्वासनों के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का एक अवसर है। मैं पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करूंगा।
मौसम की मार झेलने वाले उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। योगी सरकार फसल नुकसान की भरपाई के लिए 4 मई को प्रदेश भर में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इस दिन दोपहर 4 बजे से सभी जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से खरीफ 2025 और रबी 2025-26 की बीमा राशि का वितरण किया जाएगा। कुल मिलाकर 122.28 करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार का मकसद है कि खेती में नुकसान होने पर भी किसान की आय स्थिर बनी रहे। किसे और कितना मिलेगा पैसा? कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा निदेशक सुमिता सिंह ने बताया कि खरीफ 2025 के लिए कुल 730 करोड़ रुपये की मदद तय की गई थी। इसमें से 624 करोड़ रुपये पहले ही किसानों को दिए जा चुके हैं। अब बाकी बचे 105 करोड़ रुपये और रबी सीजन के 17 करोड़ रुपये का भुगतान 4 मई को किया जाएगा। इससे पहले फरवरी में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'वन-क्लिक' के जरिए 2.51 लाख किसानों को करीब 285 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। बीमा के लिए बहुत कम देना होता है प्रीमियम योगी सरकार ने इस योजना को ग्राम पंचायत स्तर पर लागू किया है ताकि हर छोटे किसान को इसका लाभ मिल सके। इसमें धान, मक्का, मूंगफली जैसी खरीफ फसलों के लिए किसानों को बीमित रकम का सिर्फ 2 प्रतिशत और गेहूं, सरसों, चना जैसी रबी फसलों के लिए केवल 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। आलू और अन्य नकदी फसलों के लिए यह दर 5 प्रतिशत है। बाकी का प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भरती हैं, ताकि किसानों पर बोझ न पड़े। अब तक 5700 करोड़ से ज्यादा की मदद साल 2017 से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के 67.86 लाख किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 5755 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बांटी जा चुकी है। यह योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम कर रही है। सरकार ने साफ किया है कि प्रतिकूल मौसम या प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसी भी पात्र किसान को आर्थिक मदद से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
उन्नाव के गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र में पुराने पुल के पास स्थित एक शराब ठेके के बाहर दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवक एक-दूसरे पर बेल्ट और लाठियों से हमला करते दिख रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत किसी बात को लेकर हुई कहासुनी से हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के लोग आक्रामक हो गए और एक-दूसरे पर बेल्ट, लाठी व डंडों से हमला करने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों के उग्र रवैये के कारण कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक बेल्ट निकालकर दूसरों पर प्रहार कर रहे हैं, जबकि कुछ के हाथों में लाठियां हैं। सड़क किनारे यह मारपीट काफी देर तक चलती रही, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। इस दौरान वहां मौजूद कई लोगों ने घटना का वीडियो बनाया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सूचना मिलने के बाद गंगा घाट कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक अधिकांश आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ की और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सदर थाने से जब्त बाइक चोरी, कोतवाली में FIR दर्ज:19 अप्रैल को पुलिस ने एमवी एक्ट के तहत की थी जब्त
बाड़मेर में एक अजीबोगरीब चोरी का मामला सामने आया है। सदर पुलिस थाने से जब्त बाइक चोर चुरा कर ले गए। युवक जब बाइक लेने थाने पहुंचा तो बाइक नहीं होने पर पुलिसकर्मियों के होश उड़े गए। आनन-फानन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले है। वहीं कोतवाली थाने में सदर पुलिस थाने से बाइक चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई है। इधर मंगलवार को बाइक मालिक एसपी से मिलकर बाइक दिलाने की गुहार लगाई है। फिलहाल पुलिस बाइक चोर की तलाश कर रही है। कोतवाली इंचार्ज मनोज कुमार ने बताया- 19 अप्रैल को के.आई होटल के पास शराब के नशे बाइक चलाने वाले दो युवकों को पुलिस ने शांति भंग में गिरफ्तार किया था। बाइक को एमवी एक्ट में जब्त कर सदर थाने में खड़ी करवाई। युवकों की दूसरे दिन एसडीएम कोर्ट में पेश कर जमानत पर रिहा हो गए। बाइक मालिक ने सिविल न्यायधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 1 के आदेशानुसार बाइक लेने के लिए कोतवाली थाने पहुंचा। कोतवाली ने कोर्ट के आदेशानुसार कांस्टेबल रतनसिंह को सदर थाने बाइक लेने के लिए भेजा गया। तो वहां पर बाइक नंबर आरजे04 एसएक्स 7199 नहीं मिलने पर सदर थाने के सीसीटीवी फुटेज को खंगाले गए। 19 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 के बीच में चोर पुलिस थाना सदर परिसर से चुरा कर ले गया। पुलिस ने 26 अप्रैल को सदर थाने के एएसआई श्रीराम की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है। कोतवाल मनोज कुमार ने बताया- हमने रिपोर्ट दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। जल्द ही हम चोर को पकड़कर बाइक बरामद कर लेंगे।
मुजफ्फरनगर के चरथावल कस्बे में मंगलवार देर शाम एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। टहलने निकली महिला को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, जिससे वह पास की नहर में जा गिरी और डूबने से उसकी जान चली गई। यह घटना रात करीब 8 से 9 बजे के बीच हुई। मोहल्ला नहर बस्ती निवासी 45 वर्षीय इमराना पत्नी आस मोहम्मद चरथावल-कुटेसरा मार्ग पर टहल रही थीं। राजू कश्यप की आरा मशीन के पास एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि इमराना नहर में जा गिरीं। आसपास मौजूद युवकों ने तुरंत नहर में कूदकर महिला को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरथावल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इमराना को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एकत्र हो गए। इंस्पेक्टर क्राइम जय किशोर और चौकी प्रभारी राजेश शर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। बताया गया है कि कार चालक वाहन को कुछ दूरी पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है। चरथावल प्रभारी निरीक्षक सत्यनारायण दहिया भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
केंद्रीय राज्यमंत्री उईके कल हरदा आएंगे:अमृत भारत एक्सप्रेस के स्वागत कार्यक्रम में होंगे शामिल
भारत सरकार के अनुसूचित जनजाति कार्य विभाग के केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके कल (29 अप्रैल) हरदा आएंगे। वे हरदा रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह ट्रेन 29 अप्रैल को सुबह 10:20 बजे हरदा पहुंचेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री उईके 29 अप्रैल को सुबह 7:30 बजे बैतूल से प्रस्थान कर सुबह 9:30 बजे हरदा पहुंचेंगे। हरदा रेलवे स्टेशन पर आयोजित रेल संख्या 02531 बनारस-हड़पसर-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम के बाद, मंत्री उईके सुबह 11:30 बजे हरदा से भोपाल के लिए रवाना होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बनारस रेलवे स्टेशन से अमृत भारत एक्सप्रेस की विशेष उद्घाटन सेवा का शुभारंभ किया था। इसके बाद, गाड़ी संख्या 22589/22590 बनारस-हड़पसर-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस का नियमित संचालन 28 अप्रैल से शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री द्वारा शुभारंभ के उपरांत, गाड़ी संख्या 02531 उद्घाटन विशेष सेवा 29 अप्रैल को सुबह 10:20 बजे हरदा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, रेलवे अधिकारियों और नागरिकों की उपस्थिति में एक स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके इस शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। अमृत भारत एक्सप्रेस के संचालन से क्षेत्र के यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त तेज, सुरक्षित और सुगम रेल यात्रा का लाभ मिलेगा। इस सेवा को क्षेत्रीय संपर्क और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा भवन में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की एक अहम बैठक हुई। आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पिछड़े वर्गों के सामाजिक और आर्थिक विकास को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय विमुक्त, घुमन्तू और अर्द्ध-घुमन्तू समुदायों के लिए 'उत्तर प्रदेश घुमन्तू विकास बोर्ड' के गठन को मंजूरी देना रहा। सरकार का मानना है कि इस बोर्ड के बनने से इन समुदायों के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। योजनाओं के लाभ से अब कोई वंचित नहीं रहेगा बैठक के दौरान पिछड़ा वर्ग के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की प्रगति जांची गई। आयोग के अध्यक्ष ने साफ कहा कि सरकार की मंशा है कि योजनाओं का लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा करने और उनकी समस्याओं को दूर करने में कोई ढिलाई न बरती जाए। आयोग ने केंद्र से मिलने वाली शिकायतों का निपटारा भी तुरंत करने को कहा है, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। पारदर्शिता के लिए होगा आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने बताया कि योजनाओं को और बेहतर बनाने के लिए अब आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। तकनीक के इस्तेमाल से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि असली हकदार तक ही लाभ पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या सिस्टम की खामी की वजह से सरकारी मदद से वंचित नहीं रहना चाहिए। बैठक में उपाध्यक्ष और सदस्य रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल और सोहन लाल श्रीमाली समेत कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन का समर्थन किया। आयोग ने संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पिछड़ा वर्ग की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए। योगी सरकार की इस पहल को समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ी मजबूती माना जा रहा है।
संभल में दहेज की अतिरिक्त मांग पूरी न होने पर दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा। दुल्हन हाथों में मेहंदी सजाए इंतजार करती रही, जबकि 300 बारातियों के लिए तैयार किया गया खाना बर्बाद हो गया। यह घटना हज़रतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के नवाड़ा गांव में हुई। गांव निवासी सतीश ने अपनी बेटी पम्मी की शादी सेवापुर उर्फ पदरासपुर निवासी विनीत कुमार से तय की थी। बारात 27 अप्रैल की रात 11 बजे आनी थी। लेकिन, आधी रात 12 बजे दूल्हे पक्ष ने तुरंत 50,000 रुपये की अतिरिक्त दहेज की मांग कर दी। मांग पूरी न होने पर दूल्हे ने बारात लाने से इनकार कर दिया। लड़की पक्ष ने शादी की तैयारी में खेत में एक बड़ा टेंट लगवाया था और 300 लोगों के लिए खाने का प्रबंध किया था। दूल्हे के इनकार के बाद दोनों पक्षों के बीच मध्यरात्रि से लेकर अगले दिन मंगलवार शाम 8 बजे तक बातचीत चलती रही, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला और शादी टूट गई। दुल्हन के पिता सतीश कुमार ने बताया कि उन्होंने पहले ही दहेज में 2,00,000 रुपये नकद दिए थे। उन्होंने यह भी बताया कि दूल्हा पक्ष इस बात से भी नाराज था कि उन्होंने एक रिश्तेदार की मौत के अंतिम संस्कार में शामिल न होने पर नाराजगी जताई थी। सतीश कुमार के अनुसार, उनके द्वारा बनवाया गया खाना और लगाया गया टेंट सब बेकार हो गया। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत मिलने के बाद जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। थाना असमोली क्षेत्र के गांव मालपुर उर्फ मल्लापुर निवासी धर्मपाल सिंह प्रजापति (48 वर्षीय) पुत्र चुन्नी सिंह की मौत हुई थी। मृतक दुल्हन पक्ष का बहुत करीबी था, उसकी मौत होने से दुल्हन पक्ष में शौक था और गमगीन माहौल में शादी की तैयारी की गई। मंगलवार की सुबह 10 बजे दुल्हन पक्ष में 300 बारातियों के लिए बनवाया खाना हाईवे किनारे गड्ढे में फेंक दिया।
राजगढ़ जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 को लेकर जिले में प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने साफ कहा कि इस बार एक भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए, इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी से काम करें। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित प्रशिक्षण में पंजीकरण अधिकारी, सहायक अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स और डाटा एंट्री ऑपरेटर्स को बुलाकर पूरी प्रक्रिया समझाई गई। उन्हें बताया गया कि 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर नगरीय निकाय और पंचायतों की मतदाता सूची तैयार की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सिस्टम पर काम करने के तरीके भी बताए गए, ताकि जमीनी स्तर पर कोई गलती न हो। कलेक्टर बोले- यह सिर्फ औपचारिकता नहींकलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि यह सिर्फ औपचारिक काम नहीं है, बल्कि हर नागरिक के वोट के अधिकार से जुड़ा मामला है। इसलिए समय-सीमा का पालन करते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया जाए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र सिंह दांगी और मास्टर ट्रेनर्स ने व्यावहारिक तरीके से प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों को बताया गया कि पात्रता के नियमों का पालन करते हुए हर योग्य व्यक्ति का नाम सूची में शामिल करना प्राथमिकता है। प्रशासन के इस सख्त संदेश से साफ है कि इस बार मतदाता सूची को लेकर कोई लापरवाही नहीं चलेगी और पूरी प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाने पर जोर रहेगा।
लुधियाना के फोकल प्वाइंट थाना क्षेत्र के मंगली इलाके में एक पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष की बबीता ने बताया कि उसकी शादी लगभग एक साल पहले हुई थी और उनका एक तीन-चार महीने का बेटा भी है। बबीता का आरोप है कि घर में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद उसके पति और ससुराल पक्ष के सदस्यों ने उसके साथ मारपीट की। मारपीट में चोटें आने के बाद वह इलाज और मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल की इमरजेंसी पहुंची। बबीता ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। पीड़िता ने प्रशासन से लगाई न्याय की मांग उनका कहना है कि विवाद इतना बढ़ गया कि यह हाथापाई में बदल गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, दूसरे पक्ष के राजा ने बबीता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। राजा का कहना है कि उसकी पत्नी ने पहले उसकी बहन के साथ मारपीट की थी। इसके बाद उसने अपनी बहनों को घर बुला लिया, जिन्होंने उनके घर पहुंचकर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी झगड़ा और मारपीट की। राजा ने बताया कि उनके परिवार के सदस्यों को भी चोटें आई हैं और उन्होंने भी पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में जांच अधिकारी एएसआई बलबीर सिंह ने जानकारी दी कि पुलिस को दोनों पक्षों से शिकायतें मिली हैं। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मेडिकल रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोनीपत पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मध्य प्रदेश के मुरैना से गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक महिला के बैंक खाते से 6.62 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने ठगी गई राशि में से 2.49 लाख रुपये बैंक खातों में होल्ड कराए हैं और 3,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त ममता सिंह (IPS) के मार्गदर्शन और पुलिस उपायुक्त पश्चिम एवं साइबर सोनीपत कुशल पाल सिंह के नेतृत्व में थाना साइबर सोनीपत की टीम ने की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुरैना, मध्य प्रदेश निवासी तारा सिंह और राहुल के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। सोनीपत निवासी एक महिला ने 25 अगस्त 2025 को थाना साइबर सोनीपत में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि 18 अगस्त को जब वह बैंक में 5 लाख रुपये की आरटीजीएस करवाने गई, तो उसे पता चला कि उसके खाते में केवल 43,159 रुपये बचे हैं। जांच में सामने आया कि 12 से 17 अगस्त के बीच उसके खाते से कुल 6,62,043 रुपये की राशि निकाली गई थी। महिला के अनुसार, उसने हाल ही में एक नया आईफोन खरीदा था, जिसमें उसकी ईमेल आईडी और बैंक से जुड़ा मोबाइल नंबर इस्तेमाल हो रहा था। ठगों ने फर्जी वेबसाइट और दस्तावेजों का उपयोग करके उसके खाते से यह धोखाधड़ी की थी। थाना साइबर सोनीपत के प्रभारी निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक संजय कुमार, नरेंद्र, सिपाही विनय और मुख्य सिपाही विनोद की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने दोनों आरोपियों को मुरैना से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने वाराणसी को 6,332 करोड़ रुपये की 163 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। पीएम ने अपने उद्बोधन में कहा 'हम काशी के माई-बहिन और बिटईन के प्रणाम करत हई आज का ये अवसर नारी शक्ति के वंदन और विकास का अवसर है। उन्होंने आगे इस कार्यक्रम से मैं एक महायज्ञ की शुरुआत के लिए काशी की मां, बहन और बेटियों से आशीर्वाद लेने आया हूं। काशी के सांसद के तौर पर देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे देशहित के एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करना। पीएम ने कहा, अभी भी कुछ दिन पहले सपा और कांग्रेस जैसे दलों की वजह से हमारा यह प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया, लेकिन मैं आप सभी बहनों को फिर से भरोसा देता हूं कि आपके आरक्षण का हक लागू हो, इसमें कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडूंगा। इस पूरे सम्मेलन में 25 हजार से अधिक महिलाएं उमड़ी थीं। इसके पहले वाराणसी पहुंचने पर प्रधानमंत्री की अगवानी एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों ने की। वहीं बरेका हेलीपैड पर सीएम योगी और राज्यपाल आनंदी पटेल ने अगवानी की। इस दौरान कई क्षेत्रों की माहिर औरतें भी पीएम की अगवानी के लिए हेलीपैड पर मौजूद रहीं। प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे पर क्या रहा खास ऊपर तस्वीर पर क्लिक कर देखें वीडियो... प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुडी देखिए तस्वीरें…
कासगंज में भाजपा की महिला जन आक्रोश पदयात्रा में छात्राओं के शामिल होने पर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज पांडेय ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। पांडेय ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य की अनुमति से छात्राओं को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल कराया जा रहा है, जिससे उनके भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पढ़ने की उम्र में छात्राओं को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय समय में यूनिफॉर्म पहने छात्राएं सड़क पर प्रदर्शन कर रही थीं, जो एक गंभीर विषय है। यह मामला संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज सोरों से जुड़ा है। यह कॉलेज पहले भी कई बार विवादों में रहा है। इससे पूर्व, प्रोस्पेक्टस के नाम पर छात्राओं व छात्रों से अवैध वसूली का मामला सामने आया था, जिस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने कार्रवाई की थी। मनोज पांडेय ने प्रधानाचार्य की कार्यशैली की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य राजनीतिक एजेंट बनकर अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे कॉलेज एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है।
मिर्जापुर में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का आगमन 29 अप्रैल को प्रातः विंध्याचल धाम में होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनके प्रथम आगमन को लेकर संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष लालबहादुर सरोज की अध्यक्षता में जिला पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें स्वागत कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तय की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबह 6 बजे मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचेंगे। उनके स्वागत के लिए जिले में तीन प्रमुख स्थान चिन्हित किए गए हैं। पुरजागीर चौराहा पर जिलाध्यक्ष लालबहादुर सरोज के नेतृत्व में चुनार विधायक अनुराग सिंह एवं एमएलसी श्याम नारायण सिंह की मौजूदगी में विभिन्न मंडलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता स्वागत करेंगे। डॉ. सी.एल. बिंद व रविंद्र नारायण सिंह इसके संयोजक रहेंगे। नटवा तिराहा पर मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी के साथ विभिन्न मंडलों, महिला मोर्चा एवं सभासदों द्वारा स्वागत किया जाएगा। गौरव ऊमर व उदयभान तिवारी को यहां का संयोजक बनाया गया है। अटल चौक पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली एवं मझवां विधायक शुचिस्मिता मौर्य के साथ विभिन्न मोर्चा एवं प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता स्वागत करेंगे। स्वामीनाथ सिंह, रोहित त्रिपाठी एवं पं. भावेश शर्मा इसके संयोजक रहेंगे। यह जानकारी जिला मीडिया प्रभारी पं. भावेश शर्मा ने दी। इसी क्रम में भाजपा नगर मंडल पश्चिमी की बैठक होटल राही इन में आयोजित की गई। नगर अध्यक्ष पश्चिमी नितिन विश्वकर्मा के नेतृत्व में स्वागत कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में जिला कोषाध्यक्ष चंद्राशु गोयल, मंडल उपाध्यक्ष दीपा ऊमर, मंडल मंत्री गोपाल अग्रवाल, पुनीत मिश्रा, राहुल चंद्र जैन, बालकृष्ण सोनी, विजेंद्र गुप्ता, सुंदरम सोनी, राकेश सोनी, विनय जायसवाल, गुलशन केशरी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने मंगलवार को गोसाईंगंज क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही 4 अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी से सड़कों, बाउंड्री और प्लाटिंग से जुड़े निर्माण तोड़े गए। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-1 की टीम ने यह अभियान चलाया। जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी ने बताया कि सुलतानपुर रोड स्थित ग्राम मलौली में राजदेव सिंह, सुधीर सिंह और मेसर्स वीर भूमि इन्फ्रा डेवलपर्स के संजय कुमार समेत अन्य लोगों द्वारा करीब 30 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। बिना नक्शा और ले-आउट स्वीकृति के विकसित की जा रही इन तीन कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण किया गया। इसी तरह गोसाईंगंज के ग्राम दुलारमऊ में महेंद्र शुक्ला, एसके गुप्ता, विशाल और अन्य लोगों द्वारा करीब 20 बीघा जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां भी एलडीए की अनुमति के बिना प्लॉट काटे जा रहे थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण और प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। एलडीए अधिकारियों ने कहा कि बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जमीन खरीदने से पहले एलडीए से परियोजना की वैधता जरूर जांच लें।
बलिया रेलवे स्टेशन पर एक लर्निंग अधिवक्ता की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। जीआरपी जवानों और अन्य लोगों ने उन्हें सीपीआर दिया और अस्पताल भी ले गए, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। क्रिमिनल एंड रिवेन्यू बार एसोसिएशन ने रेलवे पुलिस पर समय पर इलाज न मिलने का गंभीर आरोप लगाया है। उपाध्यायपुर, सुरेमनपुर निवासी लर्निंग अधिवक्ता प्रशांत कुमार मंगलवार शाम को न्यायालय का काम निपटाकर अपने घर सुरेमनपुर जाने के लिए बलिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान वे अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिवक्ता और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशांत को बचाने के लिए तत्काल प्रयास किए गए। जीआरपी जवानों ने उन्हें सीपीआर भी दिया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रशांत कुमार अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों, 8 वर्षीय जिया और 3 वर्षीय जग्या को छोड़ गए हैं। उनके असामयिक निधन से परिवार में शोक का माहौल है। घटना के बाद क्रिमिनल एंड रिवेन्यू बार एसोसिएशन के महासचिव भूपेंद्र ने रेलवे पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रेलवे पुलिस की लापरवाही के कारण प्रशांत को समय पर इलाज नहीं मिल सका, जिससे उनकी जान चली गई। वरिष्ठ अधिवक्ता गिरजा शंकर सिंह ने प्रशांत के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रशांत होनहार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। वे लर्निंग अधिवक्ता थे और इस साल उनका अंतिम वर्ष था। वकालत की बारीकियां सीखने के लिए वे वरिष्ठ अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन में नियमित रूप से कोर्ट आते थे। मंगलवार को भी वे न्यायालय आए थे। सिंह ने बताया कि प्रशांत का किसी से कोई विवाद नहीं था।जीआरपी थानाध्यक्ष राजकपूर सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
विंध्य विकास प्राधिकरण में संजय तीर्थवानी उपाध्यक्ष नियुक्त:बोले- विंध्य का विकास मेरा सपना था
सतना के युवा उद्यमी संजय तीर्थवानी को विंध्य विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मध्यप्रदेश शासन के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। प्राधिकरण में रीवा जिले के मनगवां से पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, रीवा से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अजय सिंह पटेल को भी उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। संजय तीर्थवानी ने वर्ष 2008 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता के रूप में छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू किया था। उन्होंने बूथ और मंडल स्तर पर संगठन के लिए काम किया है और जिला भाजपा में उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे सिंधी समाज से आते हैं और एक युवा उद्यमी भी हैं। कहा- यह पद एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारीअपनी नियुक्ति पर संजय तीर्थवानी ने कहा कि यह उनके लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसे वह हर कीमत पर निभाएंगे। उन्होंने बताया कि आम लोगों का विकास हमेशा से उनका उद्देश्य रहा है। तीर्थवानी के अनुसार, विंध्य का विकास उनका सपना था और अब यह उनकी जिम्मेदारी बन गया है। विंध्य विकास प्राधिकरण एक वैधानिक सरकारी निकाय है, जिसका मुख्य कार्य किसी शहर या क्षेत्र के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करना है। यह आवास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और मास्टर प्लान को लागू करने के लिए जिम्मेदार होता है। प्राधिकरण आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक सुविधाओं को विनियमित करके अनियंत्रित विकास को रोकता है और क्षेत्र के सही विकास की दिशा में काम करता है।
बांसवाड़ा के मोटागांव थाना क्षेत्र के टामटिया गांव में युवक की नृंशस हत्या के बाद पुलिस ने 6 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। घटना के बाद बिगड़े हालातों को देखते हुए गांव में अभी भी पुलिस फोर्स तैनात है। साथ ही गांव में हर आवाजाही पर कड़ी निगरानी भी रखी जा रही है। 12 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्टमृतक गोविंद के परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने कुल 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। फिलहाल 6 लोगों को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गमगीन माहौल में अंतिम विदाईसोमवार को हुए पोस्टमॉर्टम के बाद मंगलवार सुबह मृतक गोविंद का शव परिजनों को सौंपा गया। गांव में स्थिति पर काबू बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। भारी सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल के बीच परिजनों ने गोविंद का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस बोली- चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैंमामले के अनुसंधान अधिकारी रूपसिंह का कहना है- हमने मोटागांव थाने में घटना के चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज कर लिए हैं। हिरासत में लिए गए 6 लोगों से पूछताछ की जा रही है। घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं, जिससे दोषियों को सख्त सजा मिल सके। ये खबर भी पढ़िए… युवक की हत्या से गांव में तनाव,घरों में आग लगाई:दावा-पुलिस पर भी हुआ पथराव, रातभर गांव के बाहर बैठे रहे अधिकारी युवक की हत्या से गुस्साई भीड़ ने बस्ती जला दी:चूल्हे पर रोटियां छोड़कर भागे लोग; मशालें लेकर आए ग्रामीणों ने घरों में आग लगाई पहली बार सामने आई बांसवाड़ा हत्याकांड की चश्मदीद:बोली- मेरे सामने 7 लोगों ने घेरकर मारा; भीड़ ने फूंके थे 30 घर, पूरी बस्ती खाली
रामपुर में सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पंचायत सहायकों पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी नत्थू लाल गंगवार ने विभिन्न विकास खंडों में तैनात 33 पंचायत सहायकों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। इस कार्रवाई से पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया गया है कि ये पंचायत सहायक लंबे समय से अपने कार्यस्थलों से अनुपस्थित थे और पंचायत सहायक पोर्टल पर भी नियमित उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे थे। उन्हें कई बार नोटिस और चेतावनी दी गई, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। लगातार अनुपस्थिति के कारण ग्राम पंचायत सचिवालयों का काम प्रभावित हो रहा था, जिससे ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जांच में सामने आया कि अधिकांश पंचायत सहायकों ने एक माह या उससे अधिक समय से उपस्थिति दर्ज नहीं कराई थी। कुछ मामलों में तो नियुक्ति के बाद से ही उपस्थिति दर्ज न करने की बात भी सामने आई। प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और सरकारी कार्यों में लापरवाही माना है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद, जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी संबंधित एडीओ पंचायत को आदेश जारी करते हुए कहा है कि इन पंचायत सहायकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाएं। साथ ही, इस कार्रवाई की रिपोर्ट जनपद कार्यालय को भेजी जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। भविष्य में भी काम में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
मुठभेड़ में दो गौकश घायल, दोनों बदमाश गिरफ्तार:एक आरोपी पर पुलिसकर्मी की हत्या का मुकदमा भी दर्ज
रामपुर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो शातिर गौकश गोली लगने से घायल हो गए। गंज थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से एक बदमाश पर बरेली के सीबीगंज थाने में एक पुलिसकर्मी की हत्या का गंभीर मुकदमा भी दर्ज है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गंज थाना पुलिस अजयपुर गांव के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान, बाइक सवार दो बदमाशों को रुकने का इशारा किया गया। गंभीर धाराओं में दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी शातिर गौकश हैं। उनके खिलाफ रामपुर सहित कई जिलों में गौकशी, लूट, चोरी, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। बरेली में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद से यह बदमाश फरार चल रहा था। मौके से पुलिस ने दो तमंचे, जिंदा और खोखा कारतूस, गौकशी करने के उपकरण और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। घायल बदमाशों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां पुलिस निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और उनके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
कोंडागांव विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने कोंडागांव जिले में नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। अगले चुनाव में अभी करीब ढाई साल का समय बाकी है, लेकिन पार्टी नेताओं ने अभी से जमीनी पकड़ मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, तथा केसकाल के पूर्व विधायक व विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष संत राम नेताम इन दिनों गांव-गांव पहुंचकर लोगों से संपर्क साध रहे हैं। पारंपरिक राजनीति से अलग दिख रहा अंदाज इस बार नेताओं का तरीका मंचीय सभाओं और भाषणों से अलग नजर आ रहा है। वे सीधे ग्रामीणों के सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। कहीं नेता बाराती बनकर नाचते नजर आ रहे हैं,कहीं घराती बनकर कन्या विदाई में शामिल हो रहे हैं, ग्रामीणों के साथ बैठकर सहज बातचीत कर रहे हैं,लोगों के सुख-दुख में सहभागी बन रहे हैं। इस दौरान वे स्थानीय लोगों के साथ सहज संवाद स्थापित कर रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में उत्साह देखा जा रहा है। क्या दिख रहा असर? हार के बाद दूरी मिटाने की कोशिश राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस को जनता से दूरी महसूस हुई थी। अब पार्टी उसी दूरी को खत्म करने की कोशिश कर रही है। रणनीति के पीछे सोच चुनावी माहौल अभी से शुरू कोंडागांव में अगले चुनाव को लेकर माहौल अभी से बनने लगा है। कांग्रेस नेता अब केवल भाषण नहीं, बल्कि रिश्ते बनाने की राजनीति पर जोर दे रहे हैं। आगे क्या? अब देखने वाली बात होगी कि यह सामाजिक-राजनीतिक सक्रियता आने वाले चुनाव में कांग्रेस को कितना फायदा पहुंचाती है।
रायबरेली में 24 अप्रैल 2026 को हरचंदपुर ब्लॉक के कंडौरा गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में भाकपा (माले) ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने विकास भवन से जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला। जिलाधिकारी कार्यालय पर सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के जिला सचिव हनोमान अंबेडकर ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में उच्च न्यायालय की जनहित याचिका और तहसीलदार कोर्ट के फैसले की आड़ ली गई है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और अति पिछड़ी जाति के 127 परिवारों को बेदखल करने की तैयारी की जा रही है, जिसकी शुरुआत कुछ घरों को ध्वस्त करके की गई है। अंबेडकर ने दावा किया कि राजस्व विभाग के कर्मचारियों और कुछ लोगों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के सहारे गरीबों को गांव से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिस रास्ता भूमि का हवाला देकर बेदखली की गई है, वह पहली चकबंदी से पहले खाता संख्या 281, गाटा संख्या 1079 के तहत आबादी के रूप में दर्ज थी, जिसका रकबा 15 बिस्वा था। उन्होंने आगे कहा कि चकबंदी के दौरान इसी आबादी भूमि को रास्ते के रूप में दर्ज कर आबादी से अलग कर दिया गया और इसका रकबा बढ़ा दिया गया। इसी प्रकार, गाटा संख्या 970 तालाब के रूप में दर्ज है, लेकिन इसमें बुद्धू पुत्र ननकऊ का अंश संक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज है, जिस पर बने मकानों को भी ध्वस्त किया गया। अंबेडकर के अनुसार, गाटा संख्या 1078, जिसका रकबा 2 बीघा 13 बिस्वा तालाब अंकित था, चकबंदी में इसका रकबा बढ़ाकर पौने चार बीघा कर दिया गया। इस तरह, 1079 ब को 1078 आ में मिलाकर तालाब बनाने की कार्रवाई के कारण उसमें बसे लोग तालाब के दायरे में आ गए। इसी तरह, गाटा संख्या 1081 चकबंदी से पहले विंदा पुत्र भगवन्ता के नाम दर्ज थी, जिसे चकबंदी में तालाब बना दिया गया। कामरेड अंबेडकर ने कहा कि जिन मकानों को रास्ता भूमि बताकर बुलडोज किया गया है, उसकी चौड़ाई 60 फुट से अधिक है। यह पीछे का हिस्सा है, जबकि पीछे बने रास्ते के सामने वाले हिस्से में काबिज लोगों को अभयदान दे दिया गया है। अभी सैकड़ों घर इसी रास्ते और तालाब के नाम पर उजड़ने का इंतजार कर रहे हैं। तो क्या मार्ग की चौड़ाई उसी समय हाईवे के अनुरूप तय कर दी गई थी, या कुछ विशिष्ट लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए इन गरीबों की बलि चढ़ाई जा रही है? उन्होंने कहा कि अभिलेखों में किए गए हेरफेर के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। यदि 1025 के पूर्व से वहां आबादी थी और लोगों के घर बने हुए थे, तो यह लोगों को उजाड़कर उनकी कीमती जमीन छीनने की कोशिश है। उन्होंने आगे कहा कि तथ्यों के आधार पर तहसीलदार न्यायालय की प्रक्रिया में लेखपाल की भूमिका, अभिलेखों में हेरफेर कर बेईमानीपूर्ण बदलाव के जरिए आदेशों को प्रभावित करने और उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के माध्यम से पूरे गांव के गरीबों, अतिपिछड़ों, दलितों और अनुसूचित जनजाति के बाशिंदों को उजाड़ने की कार्रवाई को विधिक रूप देने की कोशिश की जा रही है। अधिकांश ग्रामीण अशिक्षा और गरीबी के कारण इस जाल में फंसते गए। बाद में जिलाधिकारी को संबोधित तीन सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें न्यायिक प्रक्रिया में शामिल होने और राहत पाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई रोकते हुए समय देने, ग्राम सभा कण्डौरा ब्लॉक हरचंदपुर, जिला रायबरेली के राजस्व अभिलेखों में मनमाने और गैरविधिक परिवर्तन व इंद्राज की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने तथा जांच में उपरोक्त तथ्य सही पाए जाने पर सभी नोटिस वापस लेने की मांग की गई। कार्यक्रम में भाकपा (माले) के पूर्व जिला सचिव उदय पटेल, किसान नेता फूलचंद, इंकलाबी नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष गुलाम अहमद सिद्दीकी, खेग्रामस जिला सचिव राजेश कुमार, ऐक्टू नेता रामगोपाल सहित अन्य लोग भी शामिल रहे।
राजगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी के बीच अब सैंपल लेने की प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है। कागजों में जहां सैंपल के लिए अधिकतम 500 ग्राम गेहूं लेने का नियम बताया जा रहा है, वहीं जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कई खरीदी केंद्रों पर किसानों की उपज से तय सीमा से अधिक गेहूं निकाले जाने की बात सामने आई है। मंगलवार को दैनिक भास्कर की टीम ने इस पूरे मामले की पड़ताल के लिए खिलचीपुर से करीब 6 किलोमीटर दूर बड़वेली गांव स्थित मां यशोदा वेयरहाउस का दौरा किया। यहां सुबह से ही किसान ट्राली में अपनी उपज लेकर बेचने पहुंचे थे और सात कांटों पर तुलाई का काम चल रहा था। पहली नजर में व्यवस्था सामान्य दिखी, लेकिन जैसे ही टीम ने सैंपल लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया, कई अनियमितताएं सामने आने लगीं। तुलाई के दौरान किसानों की ट्रॉलियों से सैंपल के नाम पर गेहूं निकाला जा रहा था, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं थी। न तो सैंपल का वजन मौके पर किया जा रहा था और न ही किसानों को यह बताया जा रहा था कि उनकी उपज से कितना गेहूं लिया जा रहा है। प्लास्टिक की पन्नियों में हाथ से गेहूं भरकर अलग किया जा रहा था। अतिरिक्त गेंहू को बेच दिया जाता हैटीम ने मौके पर मौजूद सर्वेयर गिरिराज दांगी से जब पूछा कि सैंपल के लिए कितना गेहूं लिया जा रहा है, तो उन्होंने बताया कि आमतौर पर 600 से 750 ग्राम तक सैंपल लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी माना कि सैंपल लेने की प्रक्रिया में तौल का उपयोग नहीं किया जा रहा है।स्थिति की सच्चाई जानने के लिए टीम ने मौके पर ही सैंपल का वजन कराने का निर्णय लिया। सर्वेयर द्वारा लाई गई दो अलग-अलग प्लास्टिक की थैलियों का कांटे पर वजन किया गया। पहली थैली में 750 ग्राम गेहूं निकला, जबकि दूसरी में 810 ग्राम। यह अंतर साफ तौर पर दिखाता है कि तय सीमा से ज्यादा गेहूं किसानों की ट्रॉलियों से सैंपल के नाम पर निकाला जा रहा है।वेयरहाउस के आसपास मौजूद एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सैंपल के नाम पर जो अतिरिक्त गेहूं लिया जाता है, उसे बाद में इकट्ठा कर बेच दिया जाता है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। जब इस मामले को लेकर नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक महेश चौधरी से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सैंपल के लिए अधिकतम 500 ग्राम गेहूं ही लिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस 500 ग्राम में से भी केवल 50 ग्राम गेहूं जांच के लिए उपयोग किया जाता है और शेष मात्रा किसान को वापस करना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि यदि कहीं 800 ग्राम तक गेहूं लिया जा रहा है, तो यह नियमों के खिलाफ है और मैं इसका पता करता हूं। सर्वेयर इंचार्ज बोले- एक किलो तक सैंपल ले सकते हैंवहीं दूसरी तरफ सर्वेयर इंचार्ज मुकेश दांगी का बयान अधिकारियों के दावों से अलग नजर आया। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार 500 ग्राम से लेकर 1 किलो तक सैंपल लिया जा सकता है। उनका तर्क था कि सैंपल “राउंड फिगर” में लिया जाता है, इसलिए यह 500, 700 या 800 ग्राम तक हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नियम पुस्तिका में 2 किलो तक सैंपल निकालने का प्रावधान है, जिसमें से 500 ग्राम से 700 ग्राम तक हिस्सा हमें रखना है और बाकी वापस किया जाता है।
सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत फ्लाईओवर पर मंगलवार शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। उसे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। जानकारी के अनुसार, युवक अपनी बाइक से फ्लाईओवर से गुजर रहा था, तभी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद रीवा रोड पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बन गई थी। सूचना मिलते ही कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू की। पुलिस को मृतक के पास से करीब 10 हजार रुपए नकद बरामद हुए हैं। आरोपी की तलाश के लिए सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, युवक यह रकम किसी व्यक्ति को देने जा रहा था। हादसे के बाद मृतक के मोबाइल फोन पर एक कॉल आया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी पहचान देवेंद्रनगर, जिला पन्ना निवासी प्रकाश बागरी के रूप में की। पुलिस अब फ्लाईओवर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि अज्ञात वाहन की पहचान की जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर वाहन चालक की तलाश तेज कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।
सोनीपत पुलिस ने दुकान से पांच हजार रुपये की चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना की सूचना मिलने के दो घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी हुए 3900 रुपये बरामद किए हैं। उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई सोनीपत पुलिस आयुक्त ममता सिंह (आईपीएस) के मार्गदर्शन और पुलिस उपायुक्त क्राइम नरेंद्र कादयान के नेतृत्व में क्राइम यूनिट पश्चिम (सीआईए-1) के इंचार्ज निरीक्षक राजीव कुमार की टीम ने की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीक्षांत उर्फ सन्नी निवासी ज्ञान नगर, सोनीपत के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता महावीर निवासी प्रभु नगर, सोनीपत ने पुलिस को बताया कि उनकी मिशन चौक पर खिलौनों और हार-पगड़ी की दुकान है। 27 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच आरोपी सन्नी उनकी दुकान पर आया था। उसने 11 हजार रुपये की माला बनाने की बात कही। महावीर के अनुसार, उन्होंने 50-50 रुपये के नोटों की एक गड्डी गल्ले के पास रखी थी। जब वह दुकान के अंदर गए, तो सन्नी पांच हजार रुपये लेकर भाग गया। इस संबंध में थाना शहर सोनीपत में मामला दर्ज किया गया था। थाना शहर सोनीपत की जांच टीम में नियुक्त उप निरीक्षक चांद ने अपनी टीम के साथ तत्परता दिखाते हुए आरोपी दीक्षांत उर्फ सन्नी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी से चोरी की गई रकम में से 3900 रुपये बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जगराओं में नशा तस्करों के खिलाफ शिकायत करने वाले एक व्यक्ति के घर पर ईंट-पत्थरों से हमला किया गया है। यह घटना थाना सिटी के नजदीक मोहल्ला रानी वाला खूह में हुई, जिससे पंजाब सरकार और पुलिस के नशा विरोधी अभियान की गोपनीयता और प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं। मोहल्ला रानी वाला खूह निवासी सुखदेव सिंह ने बताया कि उनके इलाके में कुछ लोग कथित तौर पर चिट्टा (सिंथेटिक नशा) बेच रहे हैं। इससे इलाके का माहौल खराब हो रहा है और लड़कियों व आम लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि नशे की लत कई नौजवानों की जिंदगी बर्बाद कर रही है। पुलिस को दी थी गुप्त सूचना सुखदेव सिंह के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में पुलिस विभाग को एक गुप्त शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि यह जानकारी कथित नशा तस्करों तक पहुंच गई, जिसके बाद कुछ लोगों ने उनके घर पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। पीड़ित सुखदेव सिंह हमले में बाल-बाल बच गए, लेकिन अब उन्हें अपनी जान और संपत्ति को नुकसान पहुंचने का डर सता रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके लिए हमलावरों के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही भी जिम्मेदार होगी, क्योंकि उनकी गुप्त शिकायत सुरक्षित नहीं रह सकी। हमले के बाद सुखदेव सिंह ने थाना सिटी जगराओं के प्रभारी इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह को फोन पर घटना की जानकारी दी। पीड़ित बोला- पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई उनके मुताबिक, मौके पर दो पुलिसकर्मी पहुंचे, लेकिन कथित हमलावरों के बारे में बताने के बावजूद कोई तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। पुलिसकर्मियों ने उन्हें पहले लिखित शिकायत देने को कहा और फिर कार्रवाई करने की बात कहकर वापस चले गए।पीड़ित ने पुलिस की इस ढीली कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वही इस पूरे मामले को लेकर जब लुधियाना देहात के एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नशा तस्करी या ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगो पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई भी है इस मामले में आरोपियों को बख्शा नही जाएगा वही वह खुद अपने स्तर पर मामले जांच करेगे
पन्ना जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे एक शराबी युवक ने जमकर ऊधम मचाया। यह वह वार्ड है जहां नवजात बच्चों की माएं रुकती हैं। युवक की हरकतों से वहां भर्ती महिलाएं और उनके बच्चे इस कदर डर गए कि अपनी जान बचाने के लिए वार्ड से बाहर भाग आए। प्रत्यक्षदर्शी गोलू राजा के अनुसार, पवई का रहने वाला 22 साल का हजारी वंशकार भारी नशे में अस्पताल पहुंचा था। उसकी बच्ची अस्पताल में भर्ती है। उसने वार्ड के अंदर घुसते ही हंगामा शुरू कर दिया। उसने वहां रखा खाना फेंक दिया और अपनी पत्नी को गालियां देने लगा। नशे की हालत में उसने खुद के कपड़े भी फाड़ लिए। महिलाओं में फैला डर वार्ड में छोटे-छोटे बच्चे और ऐसी महिलाएं थीं जिनकी हाल ही में डिलीवरी हुई थी। युवक को इस तरह हिंसक होते देख सभी डर गए। कई महिलाएं अपने बच्चों को गोद में लेकर वार्ड के बाहर खड़ी हो गईं। मुश्किल से काबू में आया युवक हंगामे की खबर मिलते ही सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे। युवक ने उनके साथ भी बदतमीजी और गाली-गलौज की। काफी मशक्कत के बाद गार्डों ने उसे पकड़ा और वार्ड से बाहर निकालकर सीधे जिला अस्पताल की पुलिस चौकी ले गए। इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सहारनपुर के देहात कोतवाली क्षेत्र में बेहट रोड स्थित एक पैलेस में निकाह से ठीक पहले दूल्हा और दुल्हन पक्ष के बीच जमकर मारपीट हो गई। मामला गहनों और ‘मेहर’ की रकम को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। जानकारी के अनुसार, बड़गांव क्षेत्र के गांव कुतुबपुर माजरा के रहने वाले अय्यूब उर्फ भूरा के बेटे फिरोज की बारात बड़े धूमधाम से पैलेस में पहुंची थी। लेकिन मंगलवार होने के कारण बाजार बंद थे, जिसके चलते दूल्हा पक्ष अपेक्षा से कम आभूषण लेकर पहुंचा। इसी बात को लेकर दुल्हन पक्ष ने आपत्ति जताई और माहौल गरमा गया। बताया जा रहा है कि गहनों के मुद्दे के बाद 'मेहर' की रकम पर भी दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कहासुनी इतनी बढ़ी कि मामला हाथापाई तक जा पहुंचा। कुछ ही मिनटों में दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर टूट पड़े। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और शादी में आए मेहमान तमाशबीन बन गए। इस झगड़े में दूल्हा पक्ष के दो युवक घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही देहात कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दूल्हे के भाई, दुल्हन के भाई और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया है। सीओ द्वितीय मनोज कुमार यादव के अनुसार, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, दोनों परिवारों के बीच समझौते की कोशिशें भी जारी हैं, ताकि मामला और न बिगड़े।
चित्तौड़गढ़ जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक फैसला लिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हीट वेव यानी लू चलने की चेतावनी दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में बताया गया है कि 29 अप्रैल से जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के सभी बच्चों के लिए स्कूल सुबह 7:30 बजे से लेकर दोपहर 11:00 बजे तक ही लगेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे बच्चों को तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाया जा सकेगा और उनकी सेहत पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। आंगनबाड़ी केन्द्रों में छुट्टी, घर पर मिलेगा पोषाहार सिर्फ स्कूल ही नहीं, बल्कि जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए भी खास निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार आंगनवाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों और महिलाओं के लिए फिलहाल छुट्टी घोषित कर दी गई है। यानी लाभार्थियों को केन्द्र पर बुलाने के बजाय अब उन्हें घर पर ही पोषाहार दिया जाएगा। इसके लिए टेक होम राशन (THR) की व्यवस्था की गई है, जिससे लोगों को धूप में बाहर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह फैसला खासकर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि इस समय तेज गर्मी उनके लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती है। स्टाफ को रहना होगा ड्यूटी पर हालांकि बच्चों और लाभार्थियों को राहत दी गई है, लेकिन स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों में काम करने वाले स्टाफ को पहले की तरह अपनी ड्यूटी करनी होगी। जिला कलेक्टर ने कहा है कि सभी कर्मचारी तय समय तक अपने काम पर मौजूद रहेंगे और अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। साथ ही जिले के सभी स्कूलों के प्रिंसिपल और संस्था प्रधानों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे इन आदेशों का पूरी तरह पालन करवाएं। आदेश नहीं मानने पर होगी कार्रवाई जिला प्रशासन ने इस आदेश को काफी गंभीरता से लागू करने की बात कही है। अगर कोई स्कूल या संस्था इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत होगी, जिसमें नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। जिले में 45 डिग्री पार पहुंचा तापमान बता दें कि चित्तौड़गढ़ में इन दिनों गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन पर असर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं चलने लगती हैं, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में प्रशासन के ये फैसले लोगों, खासकर बच्चों के लिए राहत देने वाले माने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में अगर गर्मी और बढ़ती है, तो प्रशासन की ओर से और भी कदम उठाए जा सकते हैं।
मैनपुरी जिले के दन्नाहार थाना क्षेत्र के ग्राम बरामई में घर के सामने सफाई को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। 26 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे, विंद्रसिंह और उनके बेटे रंजीत पर उनके ही परिवार के सदस्यों और कुछ अन्य लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित विंद्रसिंह के अनुसार, जब वह अपने घर के सामने सफाई कर रहे थे, तभी विवेक, विक्रम, अनूप, सौरभ (रघुराज सिंह के बेटे) और तपेश्वरी के बेटे नरेंद्र ने आपत्ति जताई। उन्होंने पहले विंद्रसिंह के बेटे रंजीत को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया और उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। जब विंद्रसिंह अपने बेटे को बचाने के लिए आगे आए, तो हमलावरों ने उन्हें और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। इस हमले में विंद्रसिंह के शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। पड़ोसियों के हस्तक्षेप के बाद ही हमलावर मौके से भागे। विंद्रसिंह का आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। विंद्रसिंह ने इस घटना की शिकायत दन्नाहार थाने में दर्ज कराई है, लेकिन उनका आरोप है कि विपक्षी के प्रभाव के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। गंभीर घायल अवस्था में उन्होंने मंगलवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी में उपचार कराया और कार्रवाई की मांग की। पीड़ित का कहना है कि हमलावर अब भी उनके घर आकर गाली-गलौज कर रहे हैं और दोबारा मारपीट करने की धमकी दे रहे हैं, जिससे उन्हें किसी बड़ी अनहोनी का डर सता रहा है। इस मामले पर सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच मामूली कहासुनी और झाड़ू लगाकर कूड़ा डालने को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों की शिकायत थाने में दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा में ऐलनाबाद बाईपास पर कैंटर में लगी आग:सरसों के तेल से भरा था, चालक ने छलांग लगाकर बचाई जान
सिरसा जिले के ऐलनाबाद में बाईपास रोड पर सरसों के तेल से भरे एक कैंटर में अचानक आग लग गई। हरिद्वार जा रहा यह कैंटर देखते ही देखते धू-धू कर जल उठा और पूरी तरह राख हो गया। हालांकि, चालक ने कूदकर अपनी जान बचा ली, जिससे किसी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार, यह हादसा शहीद उधम सिंह चौक के पास मंगलवार शाम को हुआ। सरसों के तेल की पैकिंग से भरा यह कैंटर हरिद्वार के लिए रवाना हुआ था। जैसे ही यह शहीद उधम सिंह चौक के पास पहुंचा, कैंटर के पिछले हिस्से में अचानक आग लग गई। आग की लपटें देखकर चालक ने तुरंत ट्रक से छलांग लगा दी। आग लगने के बाद व्यस्त सड़क मार्ग होने के कारण सैकड़ों की संख्या में लोग कैंटर के आसपास जमा हो गए। सूचना मिलने पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए भीड़ को हटाया। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। चालक बोला, पिछले हिस्से में लगी आग जब तक आग पर पूरी तरह काबू पाया जाता, तब तक सरसों के तेल से भरा कैंटर पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। कैंटर में भरा सरसों का तेल भी सड़क पर बिखर गया। कैंटर चालक ने बताया कि वह सरसों तेल की पैकिंग हरिद्वार लेकर जा रहा था और आग अचानक कैंटर के पिछले हिस्से में लगी थी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रयागराज और गयाजी रेलवे स्टेशनों पर चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों के कारण बिलासपुर जोन से गुजरने वाली कई ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी बदलाव किया गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले NTES/139 से ट्रेन की ताजा जानकारी जरूर लें। पूर्व मध्य रेलवे के पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल के गया स्टेशन पर सीसी एप्रन के डिसमेंटलिंग कार्य के चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर गुजरने वाली कुछ गाड़ियों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है। गया स्टेशन से डायवर्ट की गई ट्रेनों में शामिल हैं: इसी प्रकार, उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के अंतर्गत प्रयागराज स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य चल रहा है। इसके फलस्वरूप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर चलने वाली दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस को भी परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है। सारनाथ एक्सप्रेस के परिवर्तित मार्ग इस प्रकार हैं:
जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। इस बदलाव के तहत दो थाना प्रभारियों सहित कई पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। जारी आदेश के मुताबिक, एट थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज पांडेय को उनके पद से हटाकर अपराध शाखा भेजा गया है। चुर्खी थाना प्रभारी निरीक्षक शिव शंकर को एट थाने का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जेल चौकी इंचार्ज अनिल कुमार को पदोन्नत कर चुर्खी थाने का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) अनुज पवार को पथरेटा चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पथरेटा चौकी प्रभारी सत्यनारायण को उरई कोतवाली में स्थानांतरित किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह फेरबदल जिले में बेहतर कानून व्यवस्था, अपराधों पर अंकुश लगाने और पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक सक्रिय व जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से किया गया है। एसपी ने सभी नव नियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करें। उन्हें जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर देने को कहा गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रमुख सचिव पंचायती राज से जवाब मांगा है। यह जवाब पंचायत चुनाव से पहले पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होने के संबंध में दाखिल एक अवमानना याचिका पर मांगा गया है। न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की अवमानना याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिका में पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होने पर अवमानना की कार्यवाही चलाने की मांग की गई है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 मई की तिथि निर्धारित की है। याचिका में 4 फरवरी 2026 के हाईकोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया गया है। उस समय मामले में सुनवाई के समय राज्य सरकार ने न्यायालय को बताया था कि पंचायत चुनाव से पूर्व पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर लिया जाएगा। साथ ही, संबंधित कानून के तहत उक्त आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही ओबीसी आरक्षण लागू किया जाएगा। सरकार के इस जवाब के आधार पर न्यायालय ने संबंधित याचिका को निस्तारित कर दिया था। वर्तमान अवमानना याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा उपरोक्त बयान देने के बावजूद अब तक उक्त आयोग का गठन नहीं किया गया है। याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के जयश्री लक्ष्मण राव पाटील मामले का भी उल्लेख है, जिसमें समर्पित आयोग का गठन कर उसके सर्वेक्षण व रिपोर्ट के आधार पर ही स्थानीय चुनावों में आरक्षण लागू करने का आदेश दिया गया था।
मथुरा की बलदेव सीट पर भाजपा विधायक पूरन प्रकाश को जनता ने पसंद नहीं किया है। भास्कर के सर्वे में 81% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। भाजपा में उम्मीदवार के रूप में पहली पसंद निरंजन सिंह धनगर हैं। यहां पर पार्टी के रूप में सबसे पहली पसंद भाजपा है। दूसरे नंबर पर समाजवार्दी पार्टी, तीसरे नंबर पर कांग्रेस और चौथे नंबर पर बसपा है। BJP उम्मीदवार के रूप में निरंजन सिंह धनगर हैं पसंद बलदेव विधानसभा क्षेत्र से लोग भाजपा प्रत्याशी के रूप में निरंजन सिंह धनगर को देखना चाहते हैं। उनके पक्ष में 33 प्रतिशत लोग थे,जबकि विद्यायक पूरण प्रकाश के पक्ष में महज 22 प्रतिशत लोग नजर आए। पूर्व विधायक श्याम सिंह अहेरिया को 8 प्रतिशत,पूर्व मेयर मुकेश आर्य बंधु को 6 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया। जबकि 31 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो चाहते हैं कि कोई अन्य उम्मीदवार बने। सपा के राजेंद्र सिकरवार के पक्ष में 48 प्रतिशत,रणवीर धनगर के पक्ष में 38,तुलसीराम धनगर के पक्ष में 10 प्रतिशत जबकि 4 प्रतिशत अन्य के पक्ष में नजर आए। इसी तरह कांग्रेस से बलवीर प्रधान के पक्ष में 34 प्रतिशत और विनोद दिवाकर के पक्ष में 19 प्रतिशत लोग नजर आए। जबकि 47 प्रतिशत अन्य के पक्ष में थे। वहीं बसपा से 76 प्रतिशत लोग अशोक कुमार को उम्मीदवार बनाना चाहते हैं। यूपी की 403 सीटों के रिजल्ट जानने के लिए क्लिक करें।
मैहर जिले के ग्राम जीतनगर में मंगलवार शाम करीब 5 बजे पुलिस द्वारा 'जन चौपाल आपकी पुलिस आपके द्वार' कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करना तथा ग्रामीणों को कानून, सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ मैहर थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी, महिला डेस्क प्रभारी वंदना गर्ग, यातायात प्रभारी विक्रम पाठक, सामाजिक कार्यकर्ता रज्जन महाराज और ग्राम सरपंच मुन्नीलाल कोल भी मंच पर मौजूद थे। इस अवसर पर एएसपी डॉ. चंचल नागर ने बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी ने पुलिस की कार्यप्रणाली और आमजन की सहायता में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं, यातायात प्रभारी विक्रम पाठक ने सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाते हुए हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की। महिला डेस्क प्रभारी वंदना गर्ग ने महिलाओं से जुड़े अपराधों, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और लैंगिक उत्पीड़न जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और पुलिस सहायता प्राप्त करने के तरीकों से भी अवगत कराया। साथ ही दहेज प्रथा और उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों पर भी जागरूकता फैलाई गई। कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी समस्या या अपराध की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इस जन चौपाल के माध्यम से पुलिस ने जनता के बीच विश्वास, सहयोग और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया। इसी क्रम में ताला थाने में भी 'आपकी पुलिस आपके द्वार' जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में गांजा, कोरेक्स के दुष्प्रभाव और उनकी सूचना, साइबर अपराध, महिला अपराध एवं यातायात जागरूकता के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एसडीओपी ख्याति मिश्रा, ताला टीआई महेंद्र मिश्रा सहित अन्य गणमान्य नागरिक, महिलाएं, छात्र और बच्चे उपस्थित रहे।
अमृत भारत एक्सप्रेस पहली बार प्रतापगढ़ पहुंची:सांसद-विधायक ने स्वागत कर ट्रेन को आगे रवाना किया
अयोध्या से मुंबई के बीच शुरू की गई अमृत भारत एक्सप्रेस मंगलवार को पहली बार मां बेल्हा देवी प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन के आगमन पर राजनीतिक माहौल गरमा गया, जहां स्वागत के दौरान सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी और हंगामा देखने को मिला। स्टेशन पर सपा सांसद एसपी सिंह पटेल और भाजपा के सदर विधायक राजेंद्र मौर्य अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। भाजपा नेताओं ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच नारेबाजी बढ़ने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामले की सूचना मिलते ही सीओ सिटी भारी पुलिस बल के साथ प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। शाम करीब 8 बजे अमृत भारत एक्सप्रेस प्रतापगढ़ स्टेशन पहुंची। सांसद और विधायक ने ट्रेन का स्वागत किया और उसे आगे के लिए रवाना किया। सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने बताया कि प्रतापगढ़ के बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए मुंबई में रहते हैं। इस ट्रेन के शुरू होने से उन्हें सीधी और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई के लिए सीधी ट्रेन की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया गया है। पहले लोगों को प्रयागराज जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें इस परेशानी से राहत मिलेगी।अमृत भारत एक्सप्रेस के प्रतापगढ़ से होकर गुजरने से क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
करनाल में नीट 2026 परीक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 3 मई को होने वाली इस परीक्षा के लिए जिले में 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 2732 परीक्षार्थी शामिल होंगे। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला परिषद के सीईओ अमित कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के आदेश डीसी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, शौचालय और बिजली की व्यवस्था सुचारू रूप से हो। इसके साथ ही दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए रैम्प और व्हील चेयर की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों के लिए केंद्रों के बाहर ट्रैफिक व्यवस्था और पार्किंग का उचित प्रबंध किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था रहेगी कड़ी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर एक एएसआई और चार कांस्टेबल तैनात किए जाएंगे। डीसी ने कहा कि परीक्षा एजेंसी के निर्देशों के अनुसार, केंद्रों में मोबाइल का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और केवल अधिकृत व्यक्ति ही मोबाइल का उपयोग कर सकेंगे। प्रश्न पत्र पहुंचाने की प्रक्रिया होगी पारदर्शी उन्होंने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम से लेकर परीक्षा केंद्रों तक और वापस उत्तर पुस्तिकाओं को लाने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षा निगरानी में होनी चाहिए। यदि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षार्थियों के लिए बसों का होगा प्रबंध प्रशासन की ओर से परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक लाने और वापस ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था भी की जाएगी। बैठक में सीईओ जिला परिषद अमित कुमार, एसडीएम देवेंद्र शर्मा, डीईओ रोहताश वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मंदिर में चोरी करने वाले 2 युवक गिरफ्तार:कटनी में 95 हजार रुपए के जेवर मिले, एक आरोपी आदतन अपराधी
कटनी की माधव नगर पुलिस ने मंदिरों के गहने चुराने वाले दो लड़कों को पकड़ा है। इनके पास से चोरी किए हुए चांदी के छत्र, सोने का मंगलसूत्र और बाकी जेवर मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 95,000 रुपए है। पिपरौध गांव के संतोष बर्मन ने पुलिस को बताया कि उनके घर के सामने वाले दुर्गा मंदिर में चोरी हो गई। रात को वे देर तक जाग रहे थे, पर उन्हें कुछ पता नहीं चला। सुबह जब पड़ोस की महिला मंदिर में सफाई करने गई, तब देखा कि मूर्ति से चांदी के छत्र और गहने गायब हैं। पूछताछ में मानी बात पुलिस ने शक होने पर प्रकाश दुबे और राहुल सोनी नाम के दो आदमियों को पकड़ा। जब उनसे सख्ती से पूछा गया, तो उन्होंने मंदिर में चोरी करना मान लिया। इनमें से प्रकाश पहले भी कई चोरियां कर चुका है। अब जेल में हैं आरोपी पुलिस ने इनके पास से 150 ग्राम चांदी और सोने का लॉकेट बरामद किया है। मंगलवार को पुलिस ने यह सब बताया और दोनों को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हैं। 2 दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे प्रधानमंत्री ने महिलाओं को संबोधित किया। बरेका में आयोजित जनसभा में मोदी ने 17 मिनट का भाषण दिया। इसमें 15 मिनट तक वह सिर्फ आधी आबादी यानी नारी शक्ति पर बोलते रहे। जबकि भाषण के करीब 2 मिनट में उन्होंने विपक्षी दल कांग्रेस, सपा और TMC पर भी निशाना साधा। प्रधानमंत्री शाम 5:43 बजे अपना संबोधन शुरू किए और 06.05 बजे हर हर महादेव का उद्घोष कर अपना संबोधन समाप्त किए। पीएम मोदी ने कहा- ये परिवारवादी पार्टियां हैं जो नारी शक्ति से घबरा गए हैं। इन्हें पता है कि नारी शक्ति मजबूत हुई तो इनकी राजनीति खतरे में आ जाएगी। इन्होंने नारी शक्ति अधिनियम नहीं लागू होने दिया, लेकिन आज मैं यहां आप माताओं व बहनों का आशीर्वाद लेने आया हूं। काशी का सांसद होने और प्रधानमंत्री होने के नाते यहां आप लोगों का आशीर्वाद लेने आया हूं। मैंने कांग्रेस और सपा के कारण नारी शक्ति वंदन अधिनियम नहीं लागू कर पाया, लेकिन आप परेशान न होइए हम इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। भाषण में चार बार भोजपुरी में किया संबोधनप्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण के बीच में चार बार भोजपुरी भाषा में महिलाओं को संबोधित किए। उन्होंने कहा, हम काशी के माई-बहिन के प्रनाम करत हई.. इसके बाद महिलाओं ने हाथ उठाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा, आज हमार बहिन अपने घर की मलकिन बनत हइयन। मोदी ने कहा, पहले जब यहां सपा की सरकारी होती थी हमारी बहनें घर से निकलना नहीं चाहती थीं लेकिन आज परिणाम देखिए। मोदी बोले, हमने बेटियों की सुरक्षा की गारंटी दी है। उन्होंने कहा, 25 साल पहले गुजरात में जब हम CM बने तो बेटियों के लिए दो बड़ी योजनाओं की शुरुआत की। आज तक हमारी सरकार महिलाओं के लिए तमाम योजनाएं लाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। विकसित भारत का सबसे मजबूत स्तंभ नारी शक्तिप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत को विकसित बनाए जाने का मिशन अनवरत चल रहा है। जब हम विकसित भारत की बात करता हूं तो उसका सबसे मजबूत स्तंभ भारत की नारी शक्ति है। आज इस कार्यक्रम में आप सभी बहनों व बेटियों से एक महायज्ञ की शुरूआत के लिए आशीर्वाद लेने के लिए आया हूं। लोकसभा व विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना बड़ा लक्ष्य है। हमारा प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया, लेकिन इसमें कोई कोर कसर नहीं छोड़ूंगा। उन्होंने कहा अतीत में महिलाओं को बहुत संघर्ष करना पड़ा है। काशी की महिलाओं ने भी संघर्ष किया है। बेटियों को तमाम सवालों से गुजरना पड़ा है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने 40 साल से महिला आरक्षण पर ब्रेक लगाया हुआ था। अब सपा ने फिर से लाल झंडी दिखा दी है। ये सभी नारी शक्ति से डरे हुए हैं।
कानपुर देहात में लूट का खुलासा, तीन गिरफ्तार:नकदी, तमंचे, मोबाइल और बुलेट मोटरसाइकिल बरामद
कानपुर देहात में गजनेर पुलिस, सर्विलांस और स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लूट की एक घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटी गई नकदी, अवैध हथियार और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है। यह घटना 26 अप्रैल को ग्राम जिगनी का पुरवा के पास हुई थी। व्यापारी राजबल्लभ परिहार से तीन अज्ञात बदमाशों ने चाकू से हमला कर लगभग 20 हजार रुपये और अन्य सामान लूट लिया था। इस संबंध में गजनेर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच के लिए टीमें गठित की गईं। घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल बरामद हुई पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच की। सरवन खेड़ा-गंगरौली मार्ग पर चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपी राजरोशन, आकाश कोरी और कुलदीप कोरी को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से लूटे गए 11,400 रुपये, दो देशी तमंचे, चार जिंदा कारतूस, पीड़ित का मोबाइल फोन, कार्ड होल्डर और घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में पता चला कि कुलदीप कोरी ने व्यापारी की गतिविधियों के बारे में अपने साथियों को जानकारी दी थी, जिसके बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस अब इस मामले में एक अन्य आरोपी श्याम कोरी की तलाश कर रही है।घटना का सफल अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक ने 10 हजार रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
कल्याण ज्वेलर्स के अंबिकापुर शो रुम के कर्मचारी ने धनलक्ष्मी गोल्ड स्कीम के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर ली। कर्मचारी ने निवेशक को अपने निजी खाते को क्यू आर कोड भेजकर राशि जमा कराई और कंपनी के खाते में जमा नहीं की। निवेशक ने पांच लाख 70 हजार रुपये ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने एक आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर जिले के कल्याणपुर निवासी अविनाश कुमार ने गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वे 2 जुलाई 2025 को कल्याण ज्वेलर्स के शो रुम में गए थे। वहां उन्हें गोल्ड स्कीम धनलक्ष्मी की जानकारी दी गई। शो रुम के कर्मचारी राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि स्कीम में जिस दिन जितना नगद पैसा जमा करेंगे, उस दिन की कीमत के हिसाब से गोल्ड जमा कर दिया जाएगा। इसकी वे निकासी गोल्ड के रूप में या गोल्ड की कीमत के रूप में कर सकते हैं। निजी क्यू आर कोड भेज जमा कराए रूपये अविनाश कुमार ने अपना गोल्ड स्कीम का खाता खोला और पांच हजार रुपये मासिक जमा करने लगे। 21 अक्टूबर 25 को अविनाश ने अल्पअवधि के लिए 30 हजार रुपया उनके द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड मे जमा कराया। उन्हें 10 दिनों के भीतर 40 हजार रुपये खाते में वापस हो गया। राजेश कुमार तिवारी एवं अन्य के द्वारा 11 नवंबर 25 से दिनांक 22 दिसंबर 25 तक लगातार निवेश के नाम पर कल्याण ज्वैलर्स के कर्मचारियों के नाम के बैंक खाता का क्यू आर कोड भेजकर राशि जमा कराई गई। खाते में नहीं मिले रुपये तो दर्ज कराई रिपोर्ट अविनाश कुमार ने इस अवधि में कुल 7 लाख 59 हजार रुपये जमा कराये। जब वे शो रुम पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनके धनलक्ष्मी खाते से मात्र एक लाख 87 हजार रुपये वापस किया गया। उन्होंने मैनेजर से बात की तो राजेश कुमार तिवारी के शो रुम में नहीं होने की जानकारी दी गई। अविनाश ने कुल 05 लाख 72 हजार रुपये की ठगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस का अपराध दर्ज किया। गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपी राजेश कुमार तिवारी की पतासाजी शुरू की और उसे रायपुर से हिरासत में लिया। पुलिस ने राजेश कुमार तिवारी (28 वर्ष) से पूछताछ की तो उसने ठगी करना स्वीकार किया। मामले में अन्य आरोपी फरार हैं। फरार आरोपी की पतासाजी की जा रही है।
स्वगणना अभियान में रायसेन जिला प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। जिले में 28 अप्रैल तक कुल 82,884 स्वगणनाएं दर्ज की गईं, जो राज्य में सर्वाधिक हैं। इस उपलब्धि के पीछे कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा का विशेष योगदान रहा। वे बीते एक सप्ताह से 43 डिग्री सेल्सियस तापमान में जिले के गांवों का दौरा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठकर स्वगणना के महत्व पर चर्चा की और उन्हें प्रक्रिया समझाई। जनगणना-2027 के तहत 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना के लिए पोर्टल पर विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कलेक्टर विश्वकर्मा के निर्देश पर जिले में इस कार्य को मिशन मोड में चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस अवधि में अपनी स्वगणना पूरी कर सकें। कलेक्टर विश्वकर्मा ने इस सफलता का श्रेय सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार, सीएमओ, अन्य विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों, प्रगणकों और नागरिकों के अथक परिश्रम व सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि स्वगणना कार्य की प्रगति की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वगणना करने की अपील करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया बेहद सरल है और इसे मोबाइल के माध्यम से स्वयं पूरा किया जा सकता है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में नागरिकों में स्वगणना के प्रति जागरूकता लाने के साथ-साथ उन्हें इसकी प्रक्रिया भी समझाई जा रही है। मैदानी अमले द्वारा पंचायतों और वार्डों में शिविर लगाकर स्वगणना की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। अधिकारी नियमित रूप से भ्रमण कर नागरिकों से सीधा संवाद कर रहे हैं और उन्हें स्वगणना के लिए प्रेरित करने के साथ ही मोबाइल से स्वगणना की प्रक्रिया भी पूरी करवा रहे हैं।
उन्नाव के अजगैन कोतवाली क्षेत्र के परसन्दन गांव में मंगलवार शाम एक युवक ने अपने घर में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान पसरसन्दन गांव निवासी 30 वर्षीय सुशील पुत्र ईश्वरदीन के रूप में हुई है। घटना मंगलवार शाम करीब 5 बजे की है, जब सुशील ने अपने कमरे में साड़ी के फंदे से पंखे से लटककर जान दे दी। उस समय उसकी पत्नी आरती अपनी बेटी के साथ खेत पर गई हुई थी। जब आरती खेत से वापस लौटी और घर के अंदर गई, तो उसने कमरे का दरवाजा बंद पाया। आवाज लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर उसे पति पंखे से लटका मिला, जिससे वह घबरा गई। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और दरवाजा तोड़कर सुशील को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पति की मौत से पत्नी आरती और चार वर्षीय बेटी दिव्या का रो-रोकर बुरा हाल है। आरती को अपने छह माह के बेटे और बेटी के भविष्य की चिंता सता रही है। अजगैन कोतवाली प्रभारी सुरेश सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में अभी तक किसी भी पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है।
धार जिले के राजगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार शाम मोहनखेड़ा ओवरब्रिज के सर्विस रोड पर एक कार से अवैध शराब ले जा रहे युवक को गिरफ्तार किया गया। राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि एसपी मयंक अवस्थी के निर्देश और एएसपी पारुल बेलापुर व एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में यह सफलता मिली। पुलिस को कार से अवैध शराब परिवहन की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने घेराबंदी कर कार क्रमांक एमपी 09 सीपी 1118 को रोका। डिक्की में रखी हुई थी शराब कार की तलाशी लेने पर डिक्की में अवैध शराब मिली। पुलिस ने कार चालक धर्मेंद्र पिता लुमसिंह सोलंकी (27) निवासी ग्राम वन, थाना राणापुर, जिला झाबुआ को गिरफ्तार किया। वाहन से 22 पेटी और 60 नग खुले हुए टीन के डिब्बे अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 80,556 रुपए है। एक मोबाइल भी जब्त किया गया। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में राजगढ़ थाने के सहायक उपनिरीक्षक जितेंद्र सांकला, प्रधान आरक्षक विपिन कटारा व गोपाल परमार, आरक्षक अमित, दिलीप और नरेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
टीकमगढ़ में विद्युत विभाग ने बुधवार को 33/11 ढोंगा उप केंद्र में आवश्यक रखरखाव कार्य की घोषणा की है। इस कार्य के कारण शहर के कई इलाकों में सुबह 8 बजे से 11 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में सूचना जारी की। रखरखाव कार्य के तहत 3.15 एमवीए पावर ट्रांसफॉर्मर पर लोड शिफ्टिंग का काम किया जाएगा। इन मेंटेनेंस गतिविधियों के कारण संबंधित सब स्टेशन अस्थायी रूप से बंद रहेगा, जिससे निर्धारित समय अवधि में बिजली आपूर्ति ठप रहेगी। इस दौरान 11 केवी के नूतन विहार, ढोंगा, राजमहल और कलेक्ट्रेट (डिवीजन) फीडर से जुड़े क्षेत्र प्रभावित होंगे। प्रभावित होने वाले प्रमुख क्षेत्रों में नूतन विहार कॉलोनी, खुशीपुरा, सुंदर पटेल के खेत तक का इलाका, हरियाली वेयर हाउस, माइक्रोवेव, बीएसएनएल, ढोंगा, पॉलिटेक्निक कॉलेज, लोटा फैक्ट्री, प्रेरणा फूड, बुंदेलखंड, राजपल्सेस, केयामगाह, विजय कड़ा, नरैया मोहल्ला, राजमहल, ढोंगा बड़ी मंडी, मंडी कॉलोनी, कुंवरपुरा, डिवीजन, शिव शक्ति कॉलोनी, विनोद कुंज, संगम गार्डन, रेलवे स्टेशन और इसके आसपास के सभी संबंधित क्षेत्र शामिल हैं। उपभोक्ता किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए 1912 या 9425424872 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य की प्रगति के अनुसार शटडाउन की समयावधि घटाई या बढ़ाई जा सकती है।
जालौन से गुजर रहे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। महोबा से दिल्ली जा रही एक डबल डेकर बस को पीछे से तेज रफ्तार और ओवरलोड बालू से भरे ट्रक ने टक्कर मार दी। यह घटना एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर संख्या 229 के पास हुई। जानकारी के अनुसार, बस अपने निर्धारित मार्ग पर दिल्ली की ओर जा रही थी। तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने अनियंत्रित होकर बस में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री अपनी सीटों से गिरकर घायल हो गए। इस हादसे में करीब आधा दर्जन यात्री घायल हुए हैं। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों और अन्य वाहन चालकों ने हाईवे रिलीफ टीम को सूचना दी। सूचना मिलते ही हाईवे रिलीफ टीम और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। सभी घायल यात्रियों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों ने बताया कि सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। पुलिस कर रही मामले की जांच इस हादसे में किसी यात्री की जान नहीं गई, जो एक राहत की बात है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक ओवरलोड था और तेज रफ्तार में चल रहा था। इसी कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और यह दुर्घटना हुई। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सुचारू कराया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रभावित रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य कर दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रक चालक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दतिया के सोनागिर पहाड़ी पर स्थित चंद्रप्रभु मंदिर में हुई करीब 23 लाख रुपए की चोरी का पुलिस ने 23 दिन बाद खुलासा कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए चोरी गया पूरा सामान बरामद कर लिया है। आरोपियों में दो दतिया जिले के स्थानीय बदमाश और एक अंतरराज्यीय चोर शामिल है। इस सनसनीखेज वारदात में चोर भगवान चंद्रप्रभु की 7.50 किलो वजनी चांदी की मूर्ति, 2.50 किलो का चांदी का सिंहासन, चार सातिये और फ्रेम सहित अन्य कीमती सामान ले गए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की आधिकारिक घोषणा बुधवार को की जा सकती है। इस केस में फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और साइबर सेल की अहम भूमिका रही। पुलिस ने 500 से अधिक संदिग्धों के फिंगरप्रिंट खंगाले, तब जाकर आरोपियों तक पहुंच सकी। तकनीकी और मैदानी जांच के आधार पर टीम ने छापेमार कार्रवाई कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। सुरक्षा में लापरवाही बनी बड़ी वजह जांच में सामने आया कि घटना एसएएफ जवानों की गंभीर लापरवाही का नतीजा थी। एक जवान बिना सूचना के घर चला गया, दूसरा बीमार होकर अस्पताल पहुंच गया, जबकि तीसरा मंदिर में ड्यूटी के बजाय चौकी में सो गया। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। सुबह मंदिर के माली ने टूटे ताले देखे, तब घटना का पता चला। पुलिस को शुरुआत से ही स्थानीय बदमाशों की संलिप्तता का शक था। चोरों को सीसीटीवी बंद होने और पहाड़ी के रास्तों की पूरी जानकारी थी। वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से फरार हुए, जिससे डॉग स्क्वॉड भी एक सीमा के बाद आगे नहीं बढ़ सका। सीसीटीवी चालू, पर रिकॉर्डिंग गायब जांच में सामने आया कि मंदिर परिसर में कैमरे चालू थे, लेकिन 25 मार्च के बाद की रिकॉर्डिंग डीवीआर में नहीं मिली। यह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सितंबर 2022 में भी इसी मंदिर में हथियारबंद बदमाशों ने डकैती डाली थी। इसके बाद यहां पुलिस चौकी बनाई गई थी, लेकिन समय के साथ सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ गई। चोरी गई चांदी की मूर्ति नवंबर 2025 में ग्वालियर में हुए पंचकल्याण महोत्सव के दौरान दान में मिली थी, जबकि सिंहासन दिल्ली के एक दानदाता ने भेंट किया था। दिसंबर 2025 में इनकी स्थापना मंदिर में की गई थी। इनाम भी किया गया था घोषित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जैन समाज की ओर से 1.10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने भी अलग से इनाम रखा था। यह घटना सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। जहां लाखों श्रद्धालु आस्था के साथ पहुंचते हैं, वहां सुरक्षा में लापरवाही, तकनीकी खामियां और जिम्मेदारी की कमी ने चोरों को मौका दे दिया।
मंडला में नरवाई की आग रिहायशी इलाके तक पहुंची:कई एकड़ फसल जली, दमकल ने मशक्कत के बाद पाया काबू
मंडला जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला ग्राम कटरा के पीछे का है, जहां खेतों में नरवाई में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि कई एकड़ क्षेत्र में गेहूं की फसल कटने के बाद बची नरवाई जलकर खाक हो गई। आग की ऊंची लपटें धीरे-धीरे पास के रिहायशी इलाके तक पहुंच गईं, जिससे खेतों से सटे घरों पर भी खतरा मंडराने लगा। घटना की सूचना दमकल और पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद नगर पालिका के दमकल वाहन ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कीं। हालांकि, बड़े क्षेत्र में आग फैलने की वजह से इसे नियंत्रित करने में मुश्किलें आ रही हैं। आग बुझाने का प्रयास देर शाम तक जारी रहा। गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा नरवाई न जलाने को लेकर लगातार चेतावनी दी जा रही है। इसके बावजूद किसान इस नियम का उल्लंघन कर रहे हैं। इस तरह की घटनाएं न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए बड़े हादसों का कारण भी बन सकती हैं। तस्वीरें देखिए…
भारत का इतिहास हमेशा से गंगा किनारे बसता आया है, लेकिन अब इसी नदी के समानांतर विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट 'गंगा एक्सप्रेसवे' अब हकीकत में बदल रहा है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प का सबसे मजबूत रास्ता है। यह सिर्फ डामर और कंक्रीट की सड़क नहीं है, बल्कि पश्चिमी यूपी को संगम नगरी प्रयागराज से जोड़कर प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक तस्वीर बदलने वाला एक महासेतु है। हर जिले की अपनी पहचान बनेगी उसकी ताकत इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह अपने रास्ते में आने वाले हर जिले की खासियतों को बाजार से जोड़ देगा। मेरठ में जहां डेटा सेंटर और स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को रफ्तार मिलेगी, वहीं हापुड़ में आलू किसानों के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लग रही हैं। बुलंदशहर अपनी रणनीतिक लोकेशन और जेवर एयरपोर्ट की नजदीकी के कारण सप्लाई चेन का बड़ा केंद्र बनेगा। अमरोहा के मशहूर ढोलक और लकड़ी के हस्तशिल्प अब सीधे बड़े शहरों और विदेशी बाजारों तक पहुंच सकेंगे। संभल के 'हॉर्न और बोन' क्राफ्ट को भी अब नई पहचान और बेहतर दाम मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सुरक्षा और सामरिक नजरिए से भी खास गंगा एक्सप्रेसवे केवल व्यापार के लिए ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है। शाहजहांपुर में बनाई गई 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी इसका सबूत है, जहां जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमान भी उतर सकेंगे। बदायूं में बन रही इंडस्ट्रियल टाउनशिप और हरदोई का रणनीतिक केंद्र होना इस कॉरिडोर को और खास बनाता है। उन्नाव, लखनऊ और कानपुर मिलकर एक ‘ट्राई-सिटी मॉडल’ के रूप में उभर रहे हैं, जिससे कानपुर के चमड़ा उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई मजबूती मिलेगी। प्रतापगढ़ का आंवला और प्रयागराज का व्यापारिक हब इस श्रृंखला की मजबूत कड़ियाँ हैं। धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई ऊंचाई आर्थिक लाभ के साथ-साथ यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक आत्मा को भी जोड़ेगा। काशी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे पावन तीर्थों के बीच की यात्रा अब बेहद सुगम हो जाएगी। चित्रकूट और विंध्याचल जैसे धाम भी अब मुख्य पर्यटन सर्किट का हिस्सा होंगे। जानकारों का मानना है कि बुनियादी ढांचे में लगा एक रुपया अर्थव्यवस्था में पांच रुपये का फायदा लाता है। जब लॉजिस्टिक्स सस्ता होगा और बाजार करीब आएगा, तो उद्योगों के साथ रोजगार बढ़ेगा और पलायन रुकेगा। 2025 के महाकुंभ की सफलता के बाद, गंगा एक्सप्रेसवे धार्मिक पर्यटन के जरिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक समृद्धि पहुंचाने का काम करेगा।
संभल शहर में फैल रही बदबू को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बोन मील फैक्ट्री को बंद करा दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट, चिकित्सा विभाग और तहसील प्रशासन ने मिलकर यह अभियान चलाया।मंगलवार शाम 6:30 बजे प्रशासन की टीम संभल कोतवाली क्षेत्र के गांव चिम्यावली पहुंची। डॉक्टर नीरज शर्मा और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल के नेतृत्व में एआर बोन मील का संचालन बंद कराया गया। फैक्ट्री के रॉ मटेरियल को नष्ट करने के लिए नगर पालिका परिषद संभल के बुलडोजर से गड्ढा खुदवाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि उनके न्यायालय में धारा 152 BNSS के तहत पिछले महीने एक आदेश जारी किया गया था। इसी आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए तहसील और मेडिकल टीम निरीक्षण कर रही है। उन्होंने बताया कि गांव चिम्यावली में तीन बोन मिलों के खिलाफ यह आदेश जारी हुआ था, जिसमें फैक्ट्री के रॉ मटेरियल को नष्ट करने और संचालन बंद कराने का निर्देश था। नूरी और एमएस बोन मिल पहले ही बंद हैं। एआर बोन मिल में मौजूद रॉ मटेरियल को नष्ट किया जा रहा है। इसके लिए नगर पालिका की टीम जेसीबी और ट्रैक्टर के साथ मौके पर मौजूद है, जो गड्ढा खोदकर मटेरियल को ठिकाने लगा रही है। सिटी मजिस्ट्रेट ने आगे कहा कि यह कार्रवाई जारी रहेगी और इन फैक्ट्रियों का संचालन पूरी तरह बंद कराया जाएगा। इसका उद्देश्य संभल कस्बे तक फैलने वाली बदबू को रोकना है।
जींद के राज नगर इलाके से एक महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। वरदान हॉस्पिटल में रिसेप्शन पर कार्यरत महिला बीते 24 अप्रैल को दोपहर दो बजे बच्चों की स्कूल फीस जमा कराने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद से वह घर नहीं लौटी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता नरेश कुमार ने बताया कि वह राज नगर, अपोलो रोड, राजा की कोठी के पास का निवासी है। उसकी पत्नी पिछले छह महीने से वरदान हॉस्पिटल में रिसेप्शन पर कार्यरत थी। 24 अप्रैल को दोपहर दो बजे वह बच्चों की स्कूल फीस देने की बात कहकर हॉस्पिटल से निकली थी। महिला के पति ने बताया कि उसकी पत्नी ने हरे रंग का सूट, लाल सलवार और पैरों में चप्पल पहनी हुई थी। उसकी लंबाई लगभग पांच फुट तीन इंच और रंग गोरा है। उसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। नरेश कुमार ने बताया कि उसने अपनी ओर से काफी तलाश की, लेकिन पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने पुलिस से उसे ढूंढने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थाना सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने पर धारा 127(6) बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि महिला की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि जल्द ही महिला का पता लगाने के प्रयास तेज किए जाएंगे।
कानपुर में पारिवारिक शादी-समारोह में शामिल होने के लिए अहमदाबाद से घर जा रहा युवक फजलगंज में बस से उतरने के बाद गश खाकर गिर पड़ा। मौके पर पहुंची पुलिस उसे हैलट अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। साथ ही हीट स्ट्रोक के कारण मौत होने की आशंका जताई। मूलरूप से अमेठी के किशुनी शुकुल बाजार के रहने वाले संदीप कुमार (30) मजदूरी करते थे। परिवार में मां शांति और चार भाई है। भाई सुरजीत ने बताया कि 30 अप्रैल को परिवार में शादी होनी है। जिसमें शामिल होने के लिए संदीप अहमदाबाद से बस से कानपुर आ रहा था। सोमवार शाम को फजलगंज स्थित संत नगर चौराहा में बस से उतरने के बाद वह सवारी का इंतजार कर रहे थे, तभी वह गश खाकर गिर पड़े। राहगीरों की सूचना पर पहुंची फजलगंज पुलिस उन्हें इलाज के लिए हैलट अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फजलगंज थाना प्रभारी ने बताया संभवत हीट स्ट्रोक से युवक की मौत हुई है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।
कोंडागांव जिले में 'सही दवा शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार' थीम के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 15 दिवसीय सघन जांच अभियान शुरू किया है। यह अभियान 27 अप्रैल से 11मई तक चलेगा। इसका मकसद लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ व दवाइयां उपलब्ध कराना है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित की है। यह टीम जिलेभर में निरीक्षण कर नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करेगी। कॉस्मेटिक दुकानों पर अचानक दबिश अभियान के तहत औषधि जांच दल ने 27 अप्रैल को 6 कॉस्मेटिक दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दुकान संचालकों को खरीद-बिक्री के दस्तावेज व्यवस्थित रखने, एक्सपायर्ड सामान अलग रखने और बैच नंबर सहित सभी जानकारियां जांचकर ही माल खरीदने के निर्देश दिए गए। जांच के लिए भेजा गया कॉस्मेटिक सैंपल विकास नगर स्थित माजिसा एजेंसी से एक कॉस्मेटिक उत्पाद का नमूना लेकर राज्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। गुपचुप ठेले, मोमो सेंटर और चाट दुकानों की जांच खाद्य जांच दल ने शहर के गुपचुप ठेलों, मोमो सेंटरों, चाट कॉर्नर और डोसा सेंटरों में भी जांच की। यहां साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों की पड़ताल की गई। दस्ताने-टोपी पहनना जरूरी, गंदगी पर चेतावनी निरीक्षण के दौरान संचालकों को हाथों में दस्ताने, सिर पर कैप और एप्रन पहनने के निर्देश दिए गए। साथ ही परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और ताजी सब्जियों का ही उपयोग करने को कहा गया। खाद्य रंग के इस्तेमाल पर भी नजर टीम ने चेतावनी दी कि खाद्य रंग का उपयोग निर्धारित मानक 100 पीपीएम / 1 ग्राम प्रति 10 किलो खाद्य सामग्री के अनुसार ही किया जाए। इससे ज्यादा उपयोग नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। अगले 15 दिन तक चलेगी सख्त कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान अगले 15 दिनों तक लगातार चलेगा। जांच टीम निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। इससे दुकानदारों और फूड कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) के नवनियुक्त अध्यक्ष रवि सोलंकी ने मंगलवार शाम पदभार ग्रहण किया। उन्होंने अपने सभी सदस्यों के साथ प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर विधिवत कार्यभार संभाला। इस दौरान भाजपा संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यालय के बाहर एक भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसे पहली बार किसी अध्यक्ष की नियुक्ति पर सार्वजनिक और बड़े आयोजन के रूप में देखा गया। मंच से नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोलंकी का जोरदार स्वागत किया। अपने संबोधन में रवि सोलंकी ने भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी एक साधारण कार्यकर्ता को भी बड़ी जिम्मेदारी देती है। सोलंकी ने भरोसा दिलाया कि वे टीम भावना के साथ उज्जैन के विकास को नई दिशा देंगे। सिंहस्थ को लेकर रहेगा फोकस उन्होंने विशेष रूप से सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कों और सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। सोलंकी ने बताया कि आगामी समय में उज्जैन में आवासीय योजनाओं, नई सड़कों और गरीब वर्ग के लिए ईडब्ल्यूएस व एलआईजी फ्लैट्स के निर्माण पर काम होगा। इसके साथ ही, उन्होंने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महाकाल मंदिर सहित चिंतामन गणेश, हरसिद्धि, मंगलनाथ जैसे प्रमुख मंदिरों के विकास की बात कही। उनका उद्देश्य है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु उज्जैन में अधिक समय बिताएं। उन्होंने शहर की धरोहर स्थलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। सोलंकी ने अपने संबोधन में दुर्गा स्तुति और शिव तांडव स्तोत्र की पंक्तियां भी गाईं, जिससे उनकी भगवान महाकाल के प्रति आस्था व्यक्त हुई। उन्होंने इन्हीं पंक्तियों के साथ अपना भाषण समाप्त किया।
खंडवा नगर निगम सभागृह में मंगलवार को आयोजित विशेष सम्मेलन में महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के बाद विपक्ष के असहयोग रवैये के विरोध में कड़ा रुख अपनाया गया। सम्मेलन में महापौर द्वारा प्रस्तुत निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इधर, विपक्षी पार्षदों ने 2023 में कानूनी रूप ले चुके महिला आरक्षण को लागू करने की मांग की। सम्मेलन की अध्यक्षता निगम अध्यक्ष एवं सभापति अनिल विश्वकर्मा ने की। बैठक में साल 2023 में पारित अधिनियम में संशोधन के लिए 16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में प्रस्तुत विधेयक पर विस्तार से चर्चा हुई। इस विधेयक में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान प्रस्तावित था। चर्चा के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। विपक्ष द्वारा इसे परिसीमन से अलग रखने की मांग के बीच पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने पर परिषद ने इसे महिला सशक्तिकरण के खिलाफ असहयोग माना और आपत्ति दर्ज की। सम्मेलन और प्रस्ताव को विपक्ष का ढोंग बताया महापौर अमृता अमर यादव ने कहा कि महिलाओं को राजनीति में समान भागीदारी देना सामाजिक न्याय के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के लिए भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम पर असहयोग महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी है, जिसकी निंदा की जानी चाहिए। इधर, नेता प्रतिपक्ष मुल्लु राठौर ने सम्मेलन और प्रस्ताव को विपक्ष का ढोंग बताया और भाजपा द्वारा झूठ फैलाने, भ्रामक प्रचार की बात कहीं। निगम अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा ने कहा कि नगर निगम परिषद महिला सम्मान और समान प्रतिनिधित्व के पक्ष में मजबूती से खड़ी है। उन्होंने राजनीतिक सहमति नहीं बन पाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सम्मेलन में पार्षद रोशनी गोलकर, सुनीता राठौर, मोनिका बजाज, सीमा यादव, सुवर्णा पालीवाल, स्वाति सकल्ले और रानी वर्मा सहित कई महिला जनप्रतिनिधि मौजूद रहीं।
धार भोजशाला मामले में मंगलवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। जिसमें सीनियर एडवोकेट शोभा मेनन ने महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किए गए। उन्होंने आर्टिकल 25 का संदर्भ लेते हुए तर्क दिया कि वर्तमान विवाद को व्यापक जनहित का स्वरूप देना विधिसंगत नहीं है। यह मूलतः एक विशिष्ट धार्मिक समुदाय से संबंधित प्रश्न है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी याचिका में जब आर्टिकल 21 के उल्लंघन का दावा किया जाता है, तब उस दावे के माध्यम से अन्य व्यक्तियों या समुदायों के मौलिक अधिकारों का अतिक्रमण नहीं किया जा सकता और कोर्ट को इस संतुलन को बनाए रखना आवश्यक है। इसी कड़ी में उन्होंने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के एक फैसला का हवाला देते हुए यह तर्क प्रस्तुत किया कि राज्य किसी एक विषय पर समय-समय पर परस्पर विरोधी रुख नहीं अपना सकता। उन्होंने विशेष रूप से राज्य सरकार और भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) के बीच विद्यमान विरोधाभास पर कहा कि इस प्रकार का बदलता हुआ रुख विधि की दृष्टि में असंगत, मनमाना और न्यायिक परीक्षण में अस्वीकार्य है, क्योंकि राज्य से अपेक्षा की जाती है कि वह एक सुसंगत और स्थिर दृष्टिकोण अपनाए। जनहित का अर्थ संपूर्ण समाज के हित से जनहित याचिका के सवाल पर पर एडवोकेट मेनन ने गुरुवयूर देवासवोम मैनेजिंग कमेटी के निर्णय का विस्तृत उल्लेख करते हुए यह बताया कि “जनहित” का अर्थ संपूर्ण समाज के हित से है न कि किसी एक विशेष समुदाय के हित से। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कोई याचिका केवल एक समुदाय के धार्मिक हितों तक सीमित है, तो उसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करना विधि के सिद्धांतों के विपरीत होगा, क्योंकि पब्लिक शब्द का दायरा सभी समुदायों एवं नागरिकों को समाहित करता है। साक्ष्य एवं क्षेत्राधिकार के महत्वपूर्ण प्रश्न पर उन्होंने कोर्ट का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि भोजशाला विवाद अयोध्या राम मंदिर केस और ज्ञानव्याापी मास्क्यू डिस्पुट तरह एक जटिल मंदिर-मस्जिद विवाद है, जिसमें तथ्यात्मक साक्ष्य, दस्तावेजों और गवाहों का परीक्षण अत्यंत आवश्यक है। 1935 का धार दरबार का दस्तावेज महत्वपूर्ण एडवोकेट मेनन ने यह स्पष्ट किया कि संपत्ति के शीर्षक (Title) का निर्धारण आर्टिकल 226 के तहतसंक्षिप्त कार्यवाही में नहीं किया जा सकता, क्योंकि हाई कोर्ट के पास मूल दीवानी क्षेत्राधिकार नहीं है। इस प्रकार के विवादों का परीक्षण एवं निर्णय संबंधित जिला कोर्ट, विशेष रूप से धार जिला कोर्ट द्वारा साक्ष्यों के मूल्यांकन के पश्चात ही किया जा सकता है। एडवोकेट मेनन ने 24 अगस्त 1935 को धार दरबार द्वारा जारी ऐलान का उल्लेख करते हुए उसे अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि उक्त ऐलान में भोजशाला को मस्जिद के रूप में घोषित किया गया है, जहां मुस्लिम समुदाय पूर्व से नमाज अदा करता आ रहा है और यह प्रथा निरंतर जारी है। उन्होंने इस ऐलान को एक प्रकार की विधिसम्मत अधिसूचना/गजट के रूप में प्रस्तुत करते हुए आर्टिकल 13(3) के अंतर्गत “कानून” की परिभाषा में शामिल बताया, जिससे इसकी विधिक वैधता सिद्ध होती है। तब सक्षम स्थानीय प्राधिकरण था धार दरबार मेनन ने एनसिएंट मोनूमेंट्स प्रिजर्वेशन एक्ट 1904 के प्रावधानों का विश्लेषण करते हुए यह तर्क दिया कि उस समय स्थानीय प्राधिकरण को स्मारकों को संरक्षित घोषित करने का अधिकार प्राप्त था, जो बाद में केंद्र सरकार को स्थानांतरित किया गया। अतः धार दरबार, जो उस समय सक्षम स्थानीय प्राधिकरण के रूप में कार्य कर रहा था। उसके द्वारा जारी किया गया ऐलान पूर्णतः वैध और विधिसम्मत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना किसी विधिवत अधिसूचना, अधिग्रहण या स्वामित्व ग्रहण की प्रक्रिया के किसी संपत्ति का स्वतः सरकार में निहित होना विधि द्वारा मान्य नहीं है। भूमि अधिग्रहण कानूनों का पालन करना आवश्यक अधिग्रहण और संरक्षकता संबंधी प्रावधानों पर उन्होंने यह तर्क दिया कि यदि किसी संपत्ति के स्वामी का पता हो, तो सरकार विधिवत प्रक्रिया अपनाकर उसे अधिग्रहित कर सकती है, किंतु यदि स्वामी अज्ञात हो, तब भी संपत्ति स्वतः सरकार के स्वामित्व में नहीं आ जाती। ऐसी स्थिति में भी विधिक प्रक्रिया, जैसे कि राज्य के प्रचलित भूमि अधिग्रहण कानूनों का पालन करना आवश्यक होता है। उन्होंने विशेष रूप से यह इंगित किया कि इस मामले में ऐसा कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है जिससे यह सिद्ध हो सके कि संबंधित संपत्ति का विधिवत अधिग्रहण किया गया है या उस पर सरकार ने वैधानिक रूप से कब्जा प्राप्त किया है। कोई ठोस विश्वसनीय साक्ष्य अभिलेख पर नहीं एडवोकेट मेनन ने यह भी तर्क दिए कि प्रस्तुत प्रकरण में ऐसा कोई ठोस विश्वसनीय साक्ष्य अभिलेख पर नहीं है, जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि संबंधित स्थल मंदिर है अथवा इसे विधिवत रूप से सरकार द्वारा अधिग्रहित कर संरक्षित स्मारक घोषित किया है। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि इस विवाद का परीक्षण धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि विधि के स्थापित सिद्धांतों के आधार पर किया जाना चाहिए, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या वैध है और क्या अवैध। बुधवार को इस मामले में सुनवाई जारी रहेगी।
शिवपुरी के सिंहनिवास गांव में हुई फायरिंग और हत्या के प्रयास के मामले में कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को कार्रवाई की। पुलिस ने सरपंच पति और पूर्व राज्य मंत्री के भतीजे सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो चारपहिया वाहन, एक रायफल, देशी कट्टा, सरिया, डंडे और अन्य हथियार जब्त किए गए हैं। यह घटना सोमवार की रात को हुई थी। आरोपियों ने पूर्व जनपद अध्यक्ष पारम सिंह रावत के घर में घुसकर फायरिंग की थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। इस दौरान पारम सिंह के भाई और बस ऑपरेटर जयसिंह रावत के हाथ को गोली छूकर निकल गई। घटना में कुछ अन्य लोग भी घायल हुए हैं। कोतवाली प्रभारी रोहित दुबे ने बताया कि फरियादी जयसिंह रावत की शिकायत पर प्रमोद रावत, प्रभात रावत, प्रकट रावत, रोहित धाकड़, दुष्यंत धाकड़, दीपक रावत, राजकुमार रावत, पवन रावत, अरुण उर्फ छोटू रावत, रवि जाट, आदित्य उपाध्याय और अंकेश दीक्षित सहित कई लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। स्कॉर्पियो सवार पांच आरोपियों को गिरफ्तार कियापुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने सूचना मिलने पर फोरलेन बायपास से एक काली स्कॉर्पियो (MP 13 ZT 6327) में बैठे पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें रोहित धाकड़ (22, निवासी राठखेड़ा), दुष्यंत धाकड़ (22, निवासी ठर्रा थाना सिरसौद), आदित्य उपाध्याय (23, निवासी न्यू रेलवे कॉलोनी शिवपुरी), राजकुमार रावत (28, निवासी सिंहनिवास) और रवि जाट (32, निवासी सिंहनिवास) शामिल हैं। इनके पास से देशी कट्टा, लाठी-डंडे और सरिया बरामद किए गए। रेलवे स्टेशन मालगोदाम क्षेत्र से चार पकड़े गएइसके बाद, रेलवे स्टेशन मालगोदाम क्षेत्र से स्विफ्ट कार (MP 33 C 8179) सहित चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी प्रकट रावत (31, निवासी सिंहनिवास), दीपक रावत (26, निवासी नेतवास थाना कोलारस), पवन रावत (20, निवासी सिंहनिवास) और अरुण उर्फ छोटू रावत (21, निवासी सिंहनिवास) हैं। इनके कब्जे से बेसबॉल बैट, लोहे की रॉड और लोहांगी बरामद हुई। घटनास्थल से पुलिस ने 315 बोर की रायफल, तीन खाली खोखे और चार जिंदा कारतूस भी जब्त किए हैं। पुलिस रायफल के लाइसेंसधारी के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस के अनुसार प्रकट रावत पर पहले से हत्या के प्रयास सहित कई मामले दर्ज हैं, जबकि रोहित धाकड़ पर भी मारपीट के प्रकरण दर्ज हैं। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल था, जिसे देखते हुए पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।
रायपुर में एक आरटीओ एजेंट से डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से साइबर फ्रॉड हुआ है। आरोपी ने पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर अलग-अलग किस्तों में 17 लाख 15 हजार रुपए वसूल कर लिए। इस दौरान पीड़ित को झूठी पुलिस कार्रवाई में फंसाने की धमकी भी दी गई। यह पूरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र के मोती नगर की है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मोती नगर के रहने वाले शरद कुमार के पास एक वीडियो कॉल आया। जिसमें सामने वाले ने खुद को सरकारी अधिकारी बताया। उसने शरद कुमार को डरा धमका कर बैंक से जुड़ी डिटेल हासिल की। फिर खातों की जांच के बहाने रुपए ट्रांसफर करवा लिए। कई किस्तों में 17 लाख वसूल किए आरोपी ने अलग-अलग किस्तों में करीब 17 लाख 15 हजार रुपए वसूल कर लिए। पीड़ित ने आरोपी के दिए बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए। जब उसे पैसे वापस नहीं मिले तो उसे ठगी का एहसास हुआ। उसने रायपुर के टिकरापारा थाने में जाकर शिकायत दर्ज करवाई। असम गई पुलिस टीम इस मामले में क्राइम एंड साइबर की टीम ने जांच शुरू की। जानकारी मिली कि बिहार के गया के एक बैंक खाते में पैसे निकाले गए हैं। पुलिस ने गया में आरिफ नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। पता चला कि आरिफ ने चेक के माध्यम से पैसे निकाले थे। आरिफ से पूछताछ में असम के रहने वाले एहसान नाम के व्यक्ति का नाम सामने आया। रायपुर पुलिस ने एहसान को पकड़ कर उससे पूछताछ किया। बताया जा रहा है कि पुलिस को एहसान के पास से करीब 2 लाख रुपए भी मिले हैं। पुलिस को शक है कि ये पैसे ठगी के हो सकते हैं। जिसकी जांच की जा रही है। असम पुलिस ने रायपुर पुलिस से मांगा जवाब हालांकि इस मामले में एहसान के परिजनों ने रायपुर पुलिस पर अवैध हिरासत में लेने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दिसपुर थाना में रायपुर पुलिस के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। इसके बाद असम पुलिस ने रायपुर पुलिस टीम को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। बुधवार को रायपुर पुलिस इस मामले में अपना जवाब पेश करेगी।
छिंदवाड़ा में शहर वितरण केंद्र के अंतर्गत मानसून पूर्व विद्युत लाइनों और उपकरणों के सुधार व रखरखाव कार्य के चलते बुधवार, 29 अप्रैल को शहर के कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। कंपनी के अनुसार, सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। इन क्षेत्रों में रहेगा असर 11 केवी बसंत कॉलोनी फीडर से जुड़े इलाके प्रभावित रहेंगे। इनमें बसंत कॉलोनी, बबन पटेल कॉलोनी, संकट मोचन मंदिर क्षेत्र, अंतरवेल, लाला स्कूल, चमन एजेंसी, जनपद, कृषक कोल्ड स्टोरेज, शिवनंदन कॉम्प्लेक्स, श्याम टॉकीज सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। बिजली से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या के लिए उपभोक्ता 1912 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने यह भी बताया है कि कार्य की प्रगति के अनुसार समय में परिवर्तन (घट-बढ़) संभव है।
रोहतक में गांव खेड़ी साध के पास खेतों के अंदर गेंहू के फानों में आग लग गई। आग लगने के कारण करीब 20 एकड़ से अधिक जगह में फान जलकर राख हो गए। वहीं, मौके पर कोई फायर ब्रिगेड की टीम भी नहीं पहुंची और ना ही कोई किसान नजर आया। गांव खेड़ी साध के पास खेतों में लगी आग के कारण धुंए का गुबार देखने को मिला। धुंए के कारण वहां से गुजरना लोगों के लिए मुश्किल हो गया। वहीं, खेत में लगी आग सड़क किनारे तक पहुंच गई, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका भी बनी रही। हालांकि कोई जान हानि नहीं हुई। खेतों से 200 मीटर दूर है प्राइवेट अस्पतालगांव खेड़ी साध के पास खेतों में जहां आग लगी थी, वहीं 200 मीटर दूर ही एक प्राइवेट अस्पताल है, जिसमें मरीज भी भर्ती है। वहीं, रोजाना सैकड़ों लोग भी वहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। खेतों में लगी आग के धुंए से मरीजों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। फायर ब्रिगेड की नहीं पहुंची टीम खेतों में लगी आग के दौरान कोई किसान मौके पर नजर नहीं आया। खेतों के अंदर दूर तक राख नजर आ रही थी, जो सड़क किनारे हरे पेड़ों तक पहुंची हुई थी। वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर नहीं पहुंची, जिसके कारण आग ने कई एकड़ खेतों में फानों को जलाकर राख कर दिया।
टोंक के पीपलू क्षेत्र में बरौनी के पास पीआर प्रोटीन इंडस्ट्री का लोड बढ़ाने के मामले में मिली गड़बड़ी और अनियमितता पर सहायक इंजीनियर(एईएन) को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही टोंक एक्सईएन और 2 टेक्नीकल हेल्परों (लाइनमैन) को एपीओ करने के आदेश दिए गए हैं। कार्रवाई जयपुर डिस्कॉम एमडी की एमडी आरती डोगरा के निर्देश पर हुईं है, जिसकी पुष्टि बिजली निगम के एसई केएल पटेल ने की है। बिजली निगम टोंक के एसई केएल पटेल ने बताया कि पीपलू बिजली कार्यालय के अधीन बरौनी के पास पीआर प्रोटीन इंडस्ट्री है। इंडस्ट्री संचालक की ओर से गत दिनों फैक्ट्री का लोड बढ़ाने के लिए पीपलू एईएन कार्यालय में आवेदन किया था। मामले में पीपलू एईएन कार्यालय की ओर से लोड बढ़ाने के लिए एस्टीमेट बनाकर फैक्ट्री मालिक को करीब 22 लाख रुपए का डिमांड नोटिस जारी किया था। इसके बाद इंडस्ट्री मालिक की ओर से डिमांड नोटिस जमा करा दिया था। फिर बिजली निगम ने इस कार्य के लिए ठेकेदार किया। इस कार्य के तहत करीब एक किलोमीटर बिजली लाइन खींचने समेत अन्य संबंधित कार्य होने थे। ठेकेदार ने लाइन खींचने समेत अन्य जरूरी कार्य शुरू कर दिया गया था। इसका पास के एक फैक्ट्री मालिक ने विरोध करते हुए बिजली निगम की ओर से बनाए एस्टीमेट में गड़बड़ी व पीआर इंडस्ट्री संचालक को लाभ पहुंचाने आदि शिकायत जयपुर डिस्कॉम कार्यालय में की थी। इसके बाद मुख्यालय जयपुर से निगम की ओर से दो सदस्यीय टीम गठित की गईं थी। इसमें चीफ इंजनियर व एसई शामिल थे। जांच के पीपलू AEN, टोंक बिजली निगम XAN और दो लाइनमैन की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इस पर यह कार्रवाई की गई है।
MSP का पैसा खाते में, नकद नहीं:धार में गेहूं बेच चुके किसान बैंक के चक्कर लगाने को मजबूर
धार जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों को नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उनके बैंक खातों में गेहूं बिक्री की राशि जमा हो चुकी है, लेकिन वे इसे नकद नहीं निकाल पा रहे हैं। कृषि उपज मंडी स्थित जिला सहकारी बैंक शाखा में पिछले दो दिनों से किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं। किसान घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन उन्हें हर बार 'नकद नहीं आया, कल आ जाएगा' का जवाब मिलता है। इस लगातार मिल रहे आश्वासन से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि खाते में पैसा होने के बावजूद वे अपनी दैनिक जरूरतों के लिए नकदी नहीं निकाल पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लेनदेन अभी भी नकद में होते हैं, जिससे डिजिटल या ऑनलाइन भुगतान हर जगह संभव नहीं है। कई किसानों ने बताया कि उनके घरों में शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रम हैं, जिनके लिए तत्काल नकदी की आवश्यकता है। कुछ किसानों को सोसायटी का ऋण भी जमा करना है, लेकिन नकदी न मिलने के कारण वे समय पर भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। एक किसान ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि खाते में पैसा होने के बावजूद जरूरत के समय नकदी न मिलना व्यर्थ है। वे दो दिनों से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। बैंक शाखा पर रोजाना भीड़ बढ़ती जा रही है और किसानों की उम्मीदें टूट रही हैं। यदि जल्द ही नकदी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, तो किसानों की आर्थिक परेशानी और बढ़ सकती है। किसानों ने बैंक प्रबंधन से तत्काल पर्याप्त नकद राशि उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि उन्हें राहत मिल सके।
अंबाला के गांव जैतपुर में आज मंगलवार को तीन दिन से लापता 36 वर्षीय युवक का शव शमशान घाट के पास झाड़ियों में क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ है। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसे आवारा कुत्तों ने बुरी तरह नोच रखा था। इस घटना के सामने आते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान जसबीर सांगवान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जैतपुर का ही रहने वाला था और फोटोग्राफी का काम किया करता था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। 25 अप्रैल को घर से हुआ लापता बताया जा रहा है कि जसबीर 25 अप्रैल को अचानक लापता हो गया था। परिजन उसी दिन से उसकी तलाश में जुटे हुए थे और आसपास के शहरों में भी उसे खोज रहे थे। आज मंगलवार सुबह गांव का एक युवक शमशान घाट के पास से गुजर रहा था। झाड़ियों और कांग्रेस घास के बीच उसने कुछ कुत्तों को एक जगह इकट्ठा होकर कुछ घसीटते देखा। शक होने पर जब वह पास पहुंचा तो वहां एक शव पड़ा मिला। युवक ने तुरंत गांव वालों को सूचना दी, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव की पहचान जसबीर सांगवान के रूप में की गई। कई अंगों को कुत्तों ने नोचा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शव के कई अंग कुत्तों द्वारा नोच लिए गए थे और हालत देखकर लग रहा था कि मौत पहले ही हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार जसबीर सांगवान शमशान घाट जैसी सुनसान जगह पर कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई फिलहाल यह जांच की विषय है। जानकारी के मुताबिक, जसबीर पहले इस्माईलाबाद में फोटोग्राफी की दुकान चलाता था, लेकिन कुछ समय से वह गांव में ही रह रहा था। उसके अचानक लापता होने और फिर इस हालत में शव मिलने से परिवार और गांव के लोग गहरे सदमे में हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े चोरी की एक वारदात सामने आई है। बड़ागांव पुल के पास स्थित एक हार्डवेयर एवं मशीनरी की दुकान से दो बदमाशों ने गल्ले में रखी 20 हजार रुपये की नकदी चुरा ली। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पीड़ित दुकानदार की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह दुकान दुल्लपुर सिविल अस्पताल के पास रहने वाले अनूप नार्वे की है। घटना के समय अनूप किसी काम से बाहर गए हुए थे और उनकी पत्नी साबो दुकान संभाल रही थीं। जानकारी के अनुसार, स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो युवक दुकान पर पहुंचे और ग्राहक बनकर सामान खरीदने का बहाना करने लगे। जब साबो सामान निकालने के लिए दुकान के अंदर गईं, तो एक युवक उन्हें बातों में उलझाए रखा। इसी दौरान, दूसरे युवक ने मौका पाकर काउंटर के ड्रॉअर से लगभग 20 हजार रुपये की नकदी निकाल ली। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी बिना सामान खरीदे ही अपनी बाइक से मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद जब साबो की नजर गल्ले पर पड़ी और नकदी गायब मिली, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत शोर मचाया और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने बताया कि ग्राहक बनकर आए चोरों ने दुकान के गल्ले से 20 हजार रुपये की नकदी चोरी की है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने जल्द ही चोरों को पकड़ने का आश्वासन दिया।
खंडवा रेलवे ट्रैक पर डेटोनेटर लगाकर सेना की विशेष ट्रेन को रोकने के सनसनीखेज मामले में खंडवा रेलवे कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी साबिर उर्फ शब्बीर को कुल 6 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। घटना 18 सितंबर 2024 की है, जब जम्मू-कश्मीर से कर्नाटक जा रही सेना की स्पेशल ट्रेन को डोंगरगांव और सागफाटा स्टेशन के बीच अप ट्रैक पर लगे डेटोनेटर फटने के बाद रोकना पड़ा था। मामले में तत्कालीन वरिष्ठ खंड अभियंता (रेलपथ) आशुतोष कुमार की शिकायत पर रेल सुरक्षा बल थाना खंडवा में अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान घटनास्थल से डेटोनेटर के फटे टुकड़े और खोखे बरामद किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए खुफिया एजेंसियां आईबी, एनआईए और राज्य की एटीएस भी जांच में शामिल हुईं। 8 किमी तक सर्चिंग कर आरोपी को पहचाना रेल सुरक्षा बल के श्वान दस्ते के डॉग ‘जेम्स’ ने करीब 8 किमी तक सर्चिंग कर आरोपी की पहचान करने में अहम भूमिका निभाई। आरोपी रेलवे का ही ट्रैकमैन निकला, जिसने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया। मामले में कोर्ट ने आरोपी को रेल संपत्ती (विधिविरुद्ध कब्जा) अधिनियम की धारा 3(अ) के तहत 3 साल, रेल अधिनियम की धारा 174(सी) में 1 साल और धारा 151 में 2 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं मिलाकर कुल 6 साल की सजा और 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इस पूरे मामले के खुलासे और दोषसिद्धि में निरीक्षक संजीव कुमार, जांच अधिकारी अरविंद कुमार सिंह, एएसआई जगदीश नेहेते, वरिष्ठ लोक अभियोजक अजय सिंह के साथ श्वान दस्ते के ‘जेम्स’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बिलासपुर जिले में जनदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल से शिकायत की। अलग-अलग गांवों से पहुंचे लोगों ने वर्षों पुरानी परेशानियां बताईं। इस दौरान कलेक्टर ने इमलीभांठा निवासी दिव्यांग मेधूराम को तत्काल व्हीलचेयर देकर राहत पहुंचाई। ग्राम भुरकुण्डा के ग्रामीणों ने बताया कि खूंटाघाट से सोन तक 46-47 किलोमीटर सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। बारिश के दिनों में यहां पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है, जबकि चार पहिया वाहन चलना लगभग बंद हो जाता है। ग्रामीणों ने कम से कम 2 किलोमीटर सड़क का निर्माण बारिश से पहले कराने की मांग की। बोरवेल बंद, पानी का संकट... ऊपर से बिजली कटौती ग्राम रांक के इंदल बंजारे ने पेयजल और बिजली की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि पहले बना बोरवेल बंद हो गया है, जिससे पानी का संकट गहरा गया है। वहीं लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ रही है। पुलिया नहीं, गांवों का संपर्क टूटता है भुरकुण्डा और सोडाडीह के बीच छोटे नाले पर पुलिया (रपटा) नहीं होने से बरसात में आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। ग्रामीणों ने जल्द निर्माण की मांग की है। तालाब का पानी मछली पालन में इस्तेमाल, पीने का संकट ग्राम चोरा के लोगों ने शिकायत की कि तालाब के पानी का अत्यधिक उपयोग मछली पालन के लिए किया जा रहा है। इससे हैंडपंप और कुओं का जलस्तर गिर गया है, जिसके कारण पेयजल संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने तालाब के पानी के संतुलित उपयोग की मांग की। बोड़सरा मेले में पानी नहीं, श्रद्धालु परेशान बिल्हा तहसील के ग्राम कुंआ बोड़सरा के ग्रामीणों ने बोड़सरा धाम मेला परिसर में पेयजल व्यवस्था कराने की मांग रखी। उनका कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, लेकिन पानी की कमी से खासकर बच्चे और बुजुर्ग परेशान होते हैं। बार-बार टूट रहे बिजली तार, हादसे का डर शहर निवासी इफत खान ने घर के पास से गुजर रही जर्जर बिजली लाइन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि तार बार-बार टूटते हैं और करंट फैलने का खतरा बना रहता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। कलेक्टर ने दिए त्वरित निराकरण के निर्देश कलेक्टर संजय अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर एसएस दुबे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने जनदर्शन में मिले सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए जल्द समाधान के निर्देश दिए।
जनसभा में अव्यवस्था का आरोप:दो मेडिकल छात्राएं बेहोश; सड़क जाम कर प्रदर्शन; नारे भी लगाए
वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा स्थल पर मेडिकल की छात्राओं ने असुविधाओं का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। इसी बीच दो छात्राओं की हालत बिगड़ गई। कार्यक्रम से लौटते समय उपकार नर्सिंग कॉलेज की नर्सिंग छात्राएं सड़क पर बेहोश हो गई। कई छात्राओं तो चक्कर खाकर गिर पड़ी तो किसी को उल्टियां होने लगी। कार्यक्रम स्थल से किसी तरह उन्हें उपकार नर्सिंग कॉलेज लाया गया, जहां तीन छात्राओं की हालत बुरी तरह खराब हो गई। पीएम जनसभा के आयोजकों पर अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए छात्राओं ने सुंदरपुर-लंका मार्ग को जाम कर दिया। छात्राओं के साथ मौजूद परिजनों और साथियों ने हंगामा काटा। छात्राओं का आरोप था कि इतनी धूप में सभी को बंद पंडाल में बैठा दिया गया, जिसके कारण अंदर ही हालत बिगड़ गई। बाहर जाने का प्रयास किया लेकिन जबरन अंदर ही रोक दिया गया। पानी, हवा और तमाम इंतजाम ध्वस्त रहे इसके चलते बुरा हाल हो गया। अभी सड़क पर हंगामा जारी है और जाम के चलते वाहनों की लंबी कतार लगी है। हंगामा और बवाल बढ़तादेखकर डीसीपी काशी गौरव बंसवाल और एडीएम सिटी मौके पर पहुंचे। सबसे पहले तस्वीरों में देखे आक्रोश एएनएम- GNM की छात्राएं कर रहीं हंगामा हंगामा करने वाली छात्राएं एएनएम, GNM की हैं। इसमें से कई प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में हैं, फाइनल ईएर वाली छात्रों ने जूनियर छात्राओं का बुरा हाल देखकर पूरा मोर्चा संभाल रखा है। अधिकारियों से उनके स्वास्थ्य को लेकर सवाल जवाब कर रही हैं। रैली में जबरन ले जाने का आरोपपुलिस से रोते बिलखती मेडिकल छात्राओं ने कहा- डायरेक्टर को यहीं बुलाओ। हम लोगों को रैली में जबरन ले जाया गया। वहीं इस दौरान सड़क पर जाम लग गया। एक एंबुलेंस भी फंस गई। जिसे निकलवाने में पुलिस जुटी रही। पुलिस आक्रोशित छात्राओं को समझाने का प्रयास करती रही। इसके बाद कॉलेज के प्रबंधन से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे। छात्राओं से अंदर चलकर बात करने की अपील की। पुलिस ने समझाया कि सड़क पर जाम से कई लोग परेशान है, रास्ता साफ होगा तो वो भी घर जाएंगे। कई एंबुलेंस और स्कूली बच्चे भी है जो अभी अपने घर जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस के आश्वासन पर छात्राओं ने प्रदर्शन बंद किया। फिर अंदर कैंपस में सभी छात्राएं आ गई। कड़ी धूप में पैदल चलना पड़ाछात्रा का कहना है कि अन्य कॉलेजों के छात्रों को बस से भेजा गया और उन्हें फोन, पैसे, बैग और पानी की बोतल जैसी सुविधाएं ले जाने की अनुमति दी गई। उनके कॉलेज ने छात्रों को फोन, पैसे और पानी की बोतलें ले जाने से मना कर दिया था। छात्रा का कहना है कि उन्हें कड़ी धूप में पैदल चलना पड़ा, जबकि अन्य के लिए वाहनों की व्यवस्था थी। वह इस बात पर सवाल उठा रही है कि अगर रास्ते में उनके साथ कुछ अनहोनी हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? उसने बताया कि कॉलेज ग्रुप में मैसेज आया था कि बाहर जाने पर कॉलेज की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
रतलाम के नामली के गांव नेगड़दा में दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद इतना बड़ा कि एक पक्ष ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से फायर कर दिया। फायर के कारण तीन लोग बंदूक के छर्रे लगने से घायल हो गए। जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटनाक्रम सोमवार देर रात की दरमियानी रात का है। गांव नेगड़दा निवासी चरणसिह पिता बापूलाल जाट अपने घर के बाहर ट्रैक्टर ट्रॉली में भाई अशोक जाट, पत्नी सोनु जाट व परिवार के सदस्यों के साथ गेहूं भर रहे थे। इस दौरान गांव के दिनेश जाट कार लेकर आए। रास्ता देने को लेकर बहस मारपीट में बदलीकार में उनके साथ बेटा विक्रम जाट व भतीजा कृष्णा पिता विनोद जाट सवार थे। वह रतलाम से गांव पहुंचे थे। रास्ते से ट्रैक्टर ट्रॉली हटाकर कार निकालने के लिए रास्ता देने को कहा। तब अशोक जाट ने कहा कि थोड़ी देर रुक जाओ। हमें गेहूं भरने दो। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। कहासुनी विवाद में तब्दिल होकर मारपीट में बदल गई। लाइसेंसी बंदूक से किया फायर विवाद इतना बड़ा है कि ट्रैक्टर ट्रॉली में गेहूं भर रहे परिवार के अशोक जाट अपने घर से बंदूक लेकर आ गया। फायर कर दिया। फायर के कारण कार सवार दिनेश जाट, विक्रम जाट व कृष्णा जाट को पैर में छर्रे लग गए। इस दौरान भगदड़ की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर रात में भारी पुलिस बल गांव नेगड़दा पहुंचा। बंदूक से घायल पिता व बेटों को रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। दोनों पक्षों के खिलाफ केस नामली थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि एक पक्ष के चरणसिंह पिता बापूसिंह जाट की रिपोर्ट पर आरोपी दिनेश पिता राजाराम जाट, कृष्णा पिता विनोद जाट, विक्रम पिता दिनेश जाट निवासी नेगड़दा के खिलाफ धारा 296(a), 115(2), 351(3), 3(5) BNS के तहत केस दर्ज किया। वहीं दूसरे पक्ष के दिनेश जाट की तरफ से अशोक पिता बापूलाल जाट, चरणसिंह पिता बाबपूलाल जाट व जितेंद्र पिता रमेश जाट के खिलाफ जान से मारने की धमकी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। एसपी अमित कुमार ने बताया दोनों पक्षों में रास्ते को लेकर विवाद हुआ है। विवाद में फायरिंग हुई है। आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लिया है। ऐसे ऑनर जिनके पास लाइसेंसी बंदूक है उनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा कि वह किसी अपराधिक घटना में उपयोग तो नहीं कर रहे है। आरोपी के बंदूक का लाइसेंस भी निरस्त करवाएंगे।
जयपुर नगर निगम शहर में अधिक सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए 2 मई को नया अभियान चलाएगा। निगम की ओर से 2 मई को ‘रंग दे गुलाबी’ अभियान के तहत एक ही दिन में 500 दीवारों को कलर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत देश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में एक दिन में दीवारों को कलर करने की कोशिश की जाएगी। नगर निगम सभागार में मीडिया से बातचीत में कमिश्नर ओम कसेरा ने बताया- सफाई सेवा मैराथन के माध्यम से शहर में स्वच्छता की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया गया था। अब ‘रंग दे गुलाबी’ अभियान के जरिए शहर को अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में अगला कदम उठाया जा रहा है। कमिश्नर ओम कसेरा ने कहा- अभियान में आम लोग सहित स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स आदि भी हिस्सा ले सकते हैं। शहर में दीवारों पर आकर्षक और कलात्मक रंगों का होगा प्रयोग नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने बताया- इस अभियान का उद्देश्य जयपुर की पहचान को मजबूत करना और शहर की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करना है। कसेरा ने कहा- अभियान में गुलाबी नगरी जयपुर की पहचान को बनाए रखते हुए दीवारों पर विभिन्न आकर्षक और कलात्मक रंगों का उपयोग किया जाएगा, ताकि हर क्षेत्र अपनी अलग पहचान के साथ उभरे। इससे शहर की दीवारें केवल रंगीन ही नहीं, बल्कि रचनात्मक और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का माध्यम भी बनेंगी। स्कूल-कॉलेज, एनजीओ ले सकते हैं हिस्सा नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने बताया- अभियान में स्कूल, कॉलेज, एनजीओ, निजी संस्थाएं, कॉर्पोरेट समूह और आम लोग स्वेच्छा से हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित हैं। नगर निगम का मानना है कि जब शहर के लोग स्वयं इस पहल से जुड़ेंगे, तब स्वच्छता और सौंदर्यीकरण का संदेश अधिक प्रभावी रूप से समाज तक पहुंचेगा। बता दें कि पेंटिंग सेवाएं देने के इच्छुक व्यक्ति और संस्थाएं भी अभियान का हिस्सा बन सकती हैं। इसके लिए नगर निगम ने 7470651609 और 7878252518 मोबाइल नंबर जारी किए हैं। इन पर कॉन्टेक्ट कर लोग भागीदारी कर सकते हैं।
आजमगढ़ के महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में गोरखपुर विजिलेंस टीम ने छापेमारी की। टीम ने रजिस्ट्रार डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा के स्टेनो संजय यादव को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने बाब के कार्यालय की अलमारी की तलाशी ली, जहां से 1 लाख 80 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए। मान्यता दिलाने के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत पीड़ित सुधीर सिंह ने शिकायत में बताया कि उनसे डिग्री कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये की मांग की गई थी। तय हुआ था कि 50 हजार रुपये पहले और बाकी ढाई लाख रुपये काम होने के बाद लिए जाएंगे। रामबचन महिला विद्यालय के प्रबंधक सुधीर सिंह ने इस मामले की शिकायत विजिलेंस टीम से की थी। उनका आरोप है कि रजिस्ट्रार के कहने पर ही बाबू संजय यादव रिश्वत की मांग कर रहा था। जाल बिछाकर किया गया ट्रैप विजिलेंस टीम ने पहले से योजना बनाकर जाल बिछाया। जैसे ही सुजीत सिंह ने 50 हजार रुपये दिए, टीम ने मौके पर ही संजय यादव को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी को अपने साथ गोरखपुर ले गई। मामले में आगे की जांच जारी है।
गुरुग्राम पुलिस ने बिलासपुर क्षेत्र में ट्रक से माल चोरी के एक मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। यह घटना 13 अप्रैल 2022 को हुई थी, जब एक कंपनी का ट्रक ब्लूडार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड, बिनौला (बिलासपुर) पहुंचा था। कंपनी के मैनेजर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ट्रक ड्राइवर गाड़ी को गेट के पास छोड़कर फरार हो गया था। बाद में जांच करने पर ट्रक में लदे माल में से करीब 19-20 बॉक्स गायब मिले। आरोप है कि ट्रक ड्राइवर जिलसाद ही माल चोरी कर फरार हुआ था। कल नूंह से पकड़ा गया था एक आरोपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 27 अप्रैल को नूंह से आरोपी जहीर (40) को गिरफ्तार किया। जहीर पलवल जिले के उटावड़ गांव का निवासी है। पूछताछ में जहीर ने बताया कि उसने ट्रक चालक जिलसाद और अन्य साथियों रोहित, मोहम्मद आशिक, परवेज और तारीफ के साथ मिलकर इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उसने खुलासा किया कि इस वारदात में शामिल होने के लिए उसे 50 हजार रुपए मिले थे। गिरफ्तार आरोपी जहीर को 28 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस मामले में और गहन पूछताछ कर रही है ताकि अन्य पहलुओं और फरार आरोपियों का पता लगाया जा सके।
भिंड के अटेर रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर मंगलवार शाम करीब एक घंटे तक लंबा जाम लग गया। जाम इतना गंभीर था कि कई वाहन रेलवे ट्रैक पर ही फंस गए, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब 6 बजे इटावा की ओर से भिंड होते हुए ग्वालियर जाने वाली ट्रेन के गुजरने पर रेलवे फाटक बंद कर दिया गया। ट्रैक पर फंसे वाहनइस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ट्रेन के निकलने के बाद भी जाम की स्थिति बनी रही और कई वाहन चालक जल्दबाजी में ट्रैक पार करने लगे। इसी बीच कुछ वाहन ट्रैक पर ही फंस गए और उन्हें निकालने के लिए चालक मशक्कत करते नजर आए। लोको पायलट ने फाटक से पहले रोका इंजनइसी दौरान ग्वालियर की ओर से अचानक ट्रेन का इंजन आ गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। रेलवे फाटक दोबारा बंद कर दिया गया, लेकिन तब तक कई वाहन ट्रैक पर ही खड़े थे और जाम के कारण वे समय पर हट नहीं पा रहे थे। हालांकि इंजन की गति धीमी होने के कारण लोको पायलट ने सतर्कता दिखाते हुए फाटक से पहले ही इंजन रोक दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। करीब एक घंटे तक रेंगते रहे वाहनघटना के बाद वाहन चालकों ने राहत की सांस ली और धीरे-धीरे ट्रैक खाली कराया गया। इसके बावजूद कुछ समय तक दोनों ओर जाम की स्थिति बनी रही। प्रत्यक्षदर्शी पी.एस. भदौरिया ने बताया कि जाम के चलते लोग ट्रैक पर फंस गए थे, लेकिन इंजन की गति कम होने से समय रहते उसे रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
दमोह हाईवे पर ऑटो में लगी आग, VIDEO:जबलपुर से आ रहे 17 कूलर जलकर खाक
दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर मंगलवार शाम करीब 6 बजे अभाना के पास मुठिया तिराहे पर एक चलते ऑटो में अचानक आग लग गई। ऑटो में 20 से ज्यादा कूलर लदे थे और वह जबलपुर से दमोह की ओर जा रहा था।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही ऑटो तिराहे के पास पहुंचा, उसमें अचानक आग लग गई। कुछ ही पलों में आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान चालक ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। 17 कूलर और ऑटो जलकर खाकआगजनी में करीब 17 कूलर और पूरा ऑटो जलकर खाक हो गया। हालांकि कुछ कूलर आंशिक रूप से ही बचे हैं। राहत की बात यह रही कि आग के बावजूद ऑटो के टायर नहीं फटे, जिससे किसी बड़े विस्फोट या हादसे का खतरा टल गया। पुलिस और टीम मौके पर पहुंचीसूचना मिलते ही नोहटा थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पा लिया गया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और यातायात भी ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि ऑटो का इंजन गर्म होने से आग लगी, जो बाद में पूरे वाहन में फैल गई।नोहटा थाना प्रभारी अभिषेक पटेल ने बताया कि चालक के थाने पहुंचने के बाद बयान दर्ज किए जाएंगे और घटना की विस्तृत जांच की जाएगी। अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र के ग्राम सेमल्दा में 19 अप्रैल की रात एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। घायल युवक का इलाज इंदौर के एक अस्पताल में चल रहा है, जहां वह आईसीयू में भर्ती है। पीड़ित परिवार ने आज (मंगलवार) को पुलिस पर शिकायत दर्ज न करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, सुरेंद्र कुशवाह अपने घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान पास ही रहने वाले कुछ लोगों के घर से विवाद की आवाजें आने लगीं। बताया जा रहा है कि जब सुरेंद्र बीच-बचाव करने के लिए वहां पहुंचे, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। चाकू से पेट में वार कियापरिजनों के मुताबिक, इसी दौरान दुर्गेश पिता शांतिलाल कुशवाहा ने सुरेंद्र पर चाकू से हमला कर दिया और उनके पेट में वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हमले के बाद युवक को एक कमरे में बंद कर दिया गया था। किसी तरह युवक ने फोन कर परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल धामनोद अस्पताल ले जाया गया। घायल की हालत गंभीर होने पर उसे पहले धार और फिर इंदौर रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है। 5-6 लोगों ने मिलकर मारपीट कीपीड़ित परिवार का आरोप है कि इस घटना में 5-6 लोगों ने मिलकर मारपीट की, लेकिन कई बार थाने के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। युवक की बहन अर्चना कुशवाहा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपी पक्ष को ही फरियादी बना दिया है, जबकि वास्तविक पीड़ित उनका भाई है। उनका कहना है कि इस तरह मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। घटना से आक्रोशित परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
RTDC के पूर्व चैयरमैन धर्मेद्र सिंह राठौड़ मंगलवार को एक दिवसीय बाड़मेर दौरे पर रहे। यहां पर ईडब्लूएस को लेकर विचार गोष्ठी का आयोजन किया। मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि जनता के दबाव में केंद्र सरकार नियमों को बदलकर सरलीकरण करेगी। रिजर्वेशन नहीं मिलने पर युवाओं को निराशा हाथ लगती है। प्रदेश भर के जिलों में जाकर विचार गोष्ठी के जरिए जन जागृति लाएंगे। इसके बाद जयपुर में अहिंसात्मक प्रोटेस्ट करेंगे। जरूरत पड़ी तो दिल्ली में भी धरना-प्रदर्शन करेंगे। राठौड़ ने कहा- अभी हम प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाकर जन जागृति कर रहे हैं। पहले चरण में हर जिले में प्रेस वार्ता और विचार गोष्ठी कर रहे हैं। लोगों की क्या राय है, लोग कितने तैयार होते हैं। अभी तक मैं अजमेर, जयपुर, अलवर, जोधपुर गया हूं। आज बाड़मेर में विचार गोष्ठी की है। रिजर्वेशन नहीं होने पर युवाओं को निराशा हाथ लगती है राठौड़ ने कहा कि अभी तक मेरा अनुभव रहा है कि इस मुहिम में लोगों का जबरदस्त रेस्पोंस मिल रही है। युवाओं में बेरोजगारी की भंयकर समस्या है। इस ईडब्लूएस से एक गरीब को नौकरी मिल जाती है तो उस पूरे परिवार को मदद मिलती है। युवाओं को जब लगता था कि हमारे को रिर्जेवेशन नहीं है। तब उनके मन में निराश भाव आता था। लेकिन इसके आने के बाद वह तैयारी अच्छे करता है। जनता का दबाव पड़ेगा तब सरकार इसमें कुछ करेगी राठौड़ ने कहा मेरा यह मानना है कि जब जनता का दबाव सरकार पर पड़ेगा तब सरकार इसमें कुछ करेगी। अलग-अलग एजेसिंयों की रिपोर्ट भी जा रही है। हम आने वाले समय में जयपुर में बड़ा अहिंसात्मक रूप से प्रोटेस्ट करेंगे। जरूरत पड़ी तो दिल्ली में भी प्रदर्शन करेंगे। लोग कितने तैयार होते है वो कितने दिन संघर्ष के लिए तैयार होते है। पूर्व मंत्री बोले- केंद्र ने रिजर्वेशन दिया, लेकिन शर्तों की वजह से नहीं मिल रहा है लाभ राठौड़ ने कहा कि हम सभी बीजेपी के लोगों से आग्रह कर रहे हैं कि इस ईडब्लूएस को लेकर युवाओं की मदद करें। एक प्रोग्राम में विधायक प्रतापपुरी से बात की और कहा कि हमें पीएम नरेंद्र मोदी से समय दिलाकर मिलवा दो। अब अपनी बात उनको बात सकें। राजस्थान, गुजरात और आध्र प्रदेश में जब सरलीकरण हो गया। केंद्र में भी हो जाना चाहिए। रिजर्वेशन आपने कर दिया है तो उसमें शर्ते हटानी चाहिए। तार्किक रूप से बीजेपी का कोई भी आदमी हमें मना नहीं कर पाया है।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते बुधवार को कई इलाकों में निर्धारित समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग की ओर से मेंटेनेंस कार्य के लिए शटडाउन लिया गया है, जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में करीब तीन घंटे तक पावरकट रहेगा। सुबह 7 से 10 बजे तक यहां रहेगा पावरकट भदवासिया फीडर-25 से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से 10 बजे तक बिजली बंद रहेगी। इस दौरान भदवासिया मेन रोड, मंदिर बाना, भार विचला वास, संत रविदास कॉलोनी, दासिया अस्पताल के पास, गालेखर महादेव मंदिर क्षेत्र, परिहार बस्ती, नमर भांड बस्ती और मदवासिया स्कूल के आसपास के इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। 7.30 बजें से 11 बजें तक यहां रहेगी बिजली बंद सुबह 7:30 बजे से 11 बजे तक 33/11 केवी मगजी घाटी जीएसएस से निकलने वाले 11 केवी मण्डोर गार्डन फीडर से जुड़े क्षेत्रों में भी बिजली बंद रहेगी। इनमें निर्माण कॉलोनी, जूनी बस्ती, दादा बाड़ी, गऊ घाटी, पैथलाव नाड़ी, ग्रीन सिटी, महादेव नगर, नीलकंठ नगर, ईंदा फार्म, तन्हा पीर दरगाह, पंचकुड़ा, मण्डोर गार्डन गेट नंबर 2 के सामने और भवाला बेरा के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक यहां नहीं आएगी बिजली जानियों की ढाणी, खारड़ा गांव, गजे सिंह कॉलोनी, गणेश होटल, अम्बेडकर कॉलोनी एवं आस पास का संपूर्ण क्षेत्र।
सतना के बांधवगढ़ कॉलोनी स्थित अय्यप्पा मंदिर की 25वीं वर्षगांठ पर केरल समाज के लोगों ने मंगलवार शाम शहर में एक शोभायात्रा निकाली। इस अवसर पर केरल से आए कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए। कृष्णानगर स्थित निरंकारी भवन से शुरू हुई यह शोभायात्रा सेमरिया चौक, सिंधी कैंप और दयालदास चौक होते हुए बांधवगढ़ कॉलोनी के अय्यप्पा मंदिर पर समाप्त हुई। शोभायात्रा में समाज की महिलाएं पारंपरिक पोशाक में शामिल हुईं, और इसका सर्व समाज के लोगों ने स्वागत किया। 18 सीढ़ियों पर सबरीमाला परंपरा के अनुसार पूजा कीमंदिर में सबरीमाला शैली में विशेष 'पड़ी पूजा' का आयोजन किया गया। अय्यप्पा सेवा समिति के सचिव के एल शिवन पिल्लै ने बताया कि भगवान अय्यप्पा की 18 सीढ़ियों पर सबरीमाला परंपरा के अनुसार पूजा की जाती है, जिसे भक्तों की तपस्या और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। रजत जयंती के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बुधवार को सामूहिक महागणपति होमम उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान भगवान अय्यप्पा का घी, चंदन और केरल से लाए गए 25 पवित्र कलशों द्वारा अभिषेक किया जाएगा। इसी दिन चित्रकला, रंगोली प्रतियोगिता और भजन संध्या का भी आयोजन होगा। देखें तस्वीरें
उदयपुर में एक बच्चे के मुंह में खेलते हुए अचानक 32 MM का स्क्रू गले में चला गया। इसके बाद स्क्रू सांस नली में फंस गया। बच्चे को लेकर परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को मामला बताया। इस बीच बच्चे को खांसी और सांस की तकलीफ होने लगी। डॉक्टरों ने एक्सरे से देखा तो स्कू फेफड़े में फंसा था, जिसे बाद में दूरबीन के जरिए निकाला गया। यह सर्जरी उदयपुर के टी.बी. और चेस्ट अस्पताल बड़ी में डॉक्टर्स की टीम ने की। रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज उदयपुर के प्रिंसीपल डॉ. राहुल जैन ने बताया- कॉलेज के अधीन बड़ी में संचालित टी.बी. अस्पताल में मरीज की जान बचाई गई। डॉ. जैन ने बताया- जटिल मामले में 17 वर्षीय बच्चे की सांस नली में फंसे 32.4 मिमी के लोहे के स्क्रू को बिना चीर-फाड़ और मरीज को बिना बेहोश किए निकाला गया। मामा के घर आया था बच्चा, खेलते हुए निगल गया उत्तरप्रदेश के बरेली का रहने वाला 17 साल का बच्चा उदयपुर में अपने मामा के यहां आया हुआ था। मामा कारपेंटर का काम कर रहे थे, तब बच्चे के हाथ में स्कू था। अचानक स्क्रू बच्चे मुंह में चला गया। मरीज 25 अप्रैल को अस्पताल में आया। उसे सांस लेने में दिक्कत और खांसी होने की बात कहते हुए स्क्रू गले में जाने की बात बताई। इसके बाद डॉक्टर ने उसे भर्ती किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 26 अप्रैल को बच्चे की दूरबीन से सर्जरी की गई। डॉक्टर्स ने 20 मिनट में निकाला टीबी अस्पताल के सहायक प्रोफेसर डॉ. महेश माहिच ने बताया- बच्चे का एक्सरे किया तो पता चला कि उसके दाएं फेफड़े की सांस नली में स्क्रू फंसा था। इस कारण मरीज को लगातार खांसी, छाती में दर्द और बलगम में खून आने की समस्या हो गई थी। अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन ने बताया- टीम ने बिना जनरल एनेस्थीसिया (बेहोश किए) और बिना किसी सर्जरी के फ्लेक्सिबल ब्रान्कोस्कोपी (कम चीर-फाड़ की प्रक्रिया) के जरिए स्क्रू को निकाल दिया। जैन ने बताया कि आमतौर पर ऐसे मामलों में बड़े ऑपरेशन की आवश्यकता होती है, लेकिन टीम ने करीब 15 से 20 मिनट में स्क्रू निकाल दिया। बिना बेहोश किए निकाला स्क्रू सीनियर प्रोफेसर डॉ. महेंद्र कुमार बैनाड़ा ने बताया- अक्सर सांस नली में फंसी वस्तु निकालने के लिए मरीज को बेहोश करना पड़ता है, लेकिन टीम ने फ्लेक्सिबल ब्रान्कोस्कोपी का उपयोग कर जोखिम कम किया और मरीज का इलाज किया। इस दौरान टीम में डॉ. महेश माहिच, डॉ. महेंद्र कुमार बैनाड़ा, डॉ. प्रकाश बिश्नोई, डॉ. भावना, डॉ. हेमकरण, डॉ. गोविन्द, डॉ. राहुल, नर्सिंग अधिकारी गीता और ओ.टी. स्टाफ का योगदान रहा।
पानीपत जिले के समालखा में हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के एक प्रतिनिधि मंडल ने नायब तहसीलदार कैलाश चंद से मुलाकात की। उन्होंने जनगणना-2027 के तहत प्राध्यापकों की ड्यूटी से संबंधित समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में हसला के प्रदेश प्रेस सचिव अजीत चंदेलिया, ब्लॉक प्रधान संदीप के साथ रीना, प्रवीण चंदेलिया, नीलम और सुमन शामिल थे। हसला पदाधिकारियों ने बताया कि समालखा ब्लॉक में ग्रुप 'बी' के राजपत्रित प्राध्यापकों को प्रगणक (एन्यूमरेटर) के रूप में ग्रुप सी के कर्मचारियों के अधीन ड्यूटी दी जा रही है। एसोसिएशन ने इसे सेवा नियमों का उल्लंघन बताया। कम अनुभवी टीचरों को बनाया गया सुपरवाइजर उन्होंने यह भी कहा कि 15-20 वर्ष के अनुभवी प्राध्यापकों को प्रगणक बनाया जा रहा है, जबकि कम अनुभवी शिक्षकों को सुपरवाइजर की जिम्मेदारी दी गई है। इससे प्राध्यापकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और कई स्कूलों में शिक्षण कार्य भी बाधित हो रहा है। मांगपत्र में हसला ने कई प्रमुख मांगें रखीं। जिनमें प्राध्यापकों की प्रगणक ड्यूटी तुरंत हटाने, ग्रुप सी के अधीन दी गई ड्यूटी समाप्त करने और सुपरवाइजर ड्यूटी को अनुभव व वरिष्ठता के आधार पर निर्धारित करने की मांग शामिल है। बीमार कर्मचारियों को ड्यूटी में छूट की मांग इसके अतिरिक्त, एसोसिएशन ने दिव्यांग, गर्भवती और बीमार कर्मचारियों को ड्यूटी से छूट देने, गर्मी के मौसम में कार्य समय को लचीला बनाने और किसी भी स्कूल के 50 प्रतिशत से अधिक स्टाफ को जनगणना कार्य में न लगाने की मांग की। नायब तहसीलदार कैलाश चंद ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हसला पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
ग्वालियर के माधोगंज थाना क्षेत्र की वैष्णो विहार कॉलोनी में फायरिंग की घटना सामने आई है। घटना सोमवार शाम की है जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। पुरानी दुश्मनी के चलते कुछ बदमाशों ने एक व्यक्ति के साथ मारपीट की और फिर उस पर गोली चला दी। पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। फरियादी सुनील उर्फ पप्पू राजावत वैष्णो विहार कॉलोनी में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके दूर के रिश्तेदार धर्मेंद्र चौहान का मोहल्ले के अरुण पांडे से झगड़ा हो गया था। सुनील ने अरुण को फोन पर समझाने का प्रयास किया। आरोप है कि इस पर अरुण ने सुनील को गाली देते हुए धमकी दी। कुछ देर बाद अरुण पांडे अपने साथियों कैंडी तिवारी, बेटू चौरसिया और देव राठौर के साथ सुनील के घर के बाहर पहुंच गया। उनके साथ दो-तीन अज्ञात लोग भी थे। आरोपियों ने सुनील को बाहर बुलाया और गाली-गलौज की। जब सुनील बाहर आया, तो सभी ने मिलकर उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की। सुनील जब बचकर घर के अंदर जाने लगा, तो कैंडी तिवारी ने उस पर कट्टे से फायर कर दिया। गोली सुनील के बगल से निकल गई। आरोपियों ने भागते हुए हवाई फायर किए आरोपियों ने सुनील को धमकी दी कि अगर उसने ज्यादा दखलंदाजी की तो उसे जान से मार देंगे। जाते-जाते कैंडी तिवारी ने हवाई फायर भी किया। बताया जा रहा है कि कैंडी तिवारी एक सब इंस्पेक्टर का भतीजा है, जिसके कारण वह दबंगई दिखाता है। यह पूरी वारदात कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें आरोपी कट्टा लहराते और फायरिंग करते दिख रहे हैं। दिनदहाड़े हुई इस घटना से कॉलोनी में दहशत का माहौल है। फरियादी सुनील की शिकायत पर माधोगंज पुलिस ने अरुण पांडे, कैंडी तिवारी, बेटू चौरसिया, देव राठौर और दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, अवैध हथियार रखने और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

