फिरोजाबाद में रेल प्रशासन त्योहारों पर यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें चला रहा है। दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। यह ट्रेन 12 अक्टूबर से 3 नवंबर तक मालदा टाउन और आनंद विहार के बीच चलेगी। यह दोनों तरफ से कुल 21-21 फेरे लगाएगी। प्रयागराज के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि ट्रेन नंबर 03435 मालदा टाउन-आनंद विहार टर्मिनल साप्ताहिक विशेष ट्रेन हर सोमवार को चलेगी। यह 12 अक्टूबर को सुबह 09:30 बजे मालदा टाउन से रवाना होगी। यह ट्रेन न्यू फरक्का, बोनीड़ंगा, भैरवा जंक्शन, साहिबगंज जंक्शन, पिरपेंटी, खालगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर जंक्शन, अभयपुर, क्यूल जंक्शन, शेखपुरा, वारिसअली गंज, नवादा, तिल्लैया, गया जंक्शन, अनुग्रह एन रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, न्यू वेस्ट केबिन, सूबेदारगंज और गोविंदपुरी होते हुए अगले दिन सुबह 09:30 बजे टूंडला जंक्शन पहुंचेगी। टूंडला में दो मिनट रुकने के बाद यह चिपियाना बुजुर्ग होते हुए दोपहर 1:40 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। वहीं, ट्रेन नंबर 03436 आनंद विहार टर्मिनल-मालदा टाउन साप्ताहिक विशेष ट्रेन 13 अक्टूबर से हर मंगलवार को दोपहर 2:50 बजे आनंद विहार टर्मिनल से चलेगी। यह ट्रेन भी इसी क्रम में होते हुए शाम 5:58 बजे टूंडला जंक्शन पहुंचेगी। यहां दो मिनट रुकने के बाद यह मालदा टाउन के लिए रवाना हो जाएगी। इस विशेष ट्रेन में कुल 21 कोच होंगे, जिनमें एसी द्वितीय के दो, एसी तृतीय के छह, स्लीपर के सात, सामान्य के चार, एसएलआरडी का एक और एसएलआर का एक कोच शामिल है।
वाराणसी में जलकल के निलंबत अधिशासी अभियंता (XEN) ने नगर विकास मंत्री एके शर्मा की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जलभराव होने के पीछे नगर निगम की लापरवाही थी, जिसका ठीकरा उन पर फोड़ा गया है। पत्राचार के बाद 20 अगस्त को पंप बंद किया गया था। बाढ़ की वजह से ऐसा हर साल किया जाता है। ये सबकी जानकारी में था तो फिर मेरी गलती कैसे? उनके इस दावे के बाद दैनिक भास्कर ने 140 एमएलडी पंप हाउस चौकाघाट पहुंचकर इसकी कार्यप्रणाली समझी। लापरवाही कहां हुई, जल निगम या नगर निगम में कौन ज्यादा जिम्मेदार यह भी जानने का प्रयास किया। पढ़िए रिपोर्ट… पहले पंप हाउस की तस्वीरें देखिए… अब जानिए क्या बोले निलंबित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) पवन कुमार गुप्ता और क्या उठाये उन्होंने सवाल… चौकाघाट स्थित 140 एमएलडी पंपिंग स्टेशन पर तैनात रहे पवन कुमार गुप्ता इस समय कानपुर में अटैच किए गई है गए हैं। जल निगम के EE पर जांच चल रही है। कानपुर से फोन पर बात करते हुए अपने निलंबन पर बड़ा सवाल उठाया और कहा की नगर निगम की लापरवाही गाज जल निगम के इंजिनियर पर कार्रवाई क्यों? … जिस आधार पर किया निलंबन वह सही नहीं EE पवन कुमार गुप्ता ने बताया - मेरा निलंबन जिस आधार पर किया गया। वह सही नहीं। चीजें कुछ और है और डायवर्ट किसी और तरफ कर दी गई है। शहर में सीवर चोक हैं। जिसकी वजह से शहर में जलभराव हो रहा है। जलभराव से बचने के लिए इनके पास को संसाधान नहीं है। उस बात को छुपाने के लिए हमारे ऊपर कार्रवाई की गई। जबकि हमने पंप भी चलाये हैं। वरुणा नदी के पास बना है चौकाघाट पंपिंग स्टेशन पवन कुमार गुप्ता ने बताया - पंपिंग स्टेशन चौकाघाट पर जो बना है। वह वरुणा नदी के पास है। इस बार वरुणा का जलस्तर 71 मीटर तक पहुंचा था। पूरा पानी पैक हो गया था। कई बार वरुणा का पानी पंप हाउस में भी भर गया है। ऐसे में जब हम पंप चलाएंगे तो क्या वरुणा का पानी पंप कर पाएंगे। क्यों वरुणा का पानी बढ़ गया है। ऐसे में हम पंप कितना भी करें फर्क नहीं पड़ना है। तो सीवर का पानी कैसे पंप होगा। अपनी कमी छुपाने के लिए हमारे ऊपर लगा रहे हैं आरोप निलंबित एग्जीक्यूटिव इंजिनियर ने कहा - नगर निगम के सभी सीवर चोक और भरे हुए हैं। जिसकी वजह से शहर में जल भरावा हो रहा है। अपनी कमी छुपाने के लिए उन्होंने हमारा नाम ले लिया। और कहा पंप नहीं चल रहा है। जबकि गंगा का पानी जब बढ़ गया है तो पंप कुछ नहीं कर सकता है। यहां बड़ा पंपिंग और रिटेनिंग वाल बननी चाहिये। यह सीवेज पंपमिंग के लिए और हमसे बाढ़ का पानी पम्पिंग करवा रहे हैं। अब जानिए चौकाघाट पंपिंग स्टेशन के साइट इंचार्ज अजय कुमार सिन्हा ने क्या बताया ?... शहर के कई इलाकों से आने वाला सीवर यहां से जाता है एसटीपी अजय कुमार सिन्हा ने बताया - यह 140 एमएलडी सीवेज पंपिंग स्टेशन (नगरीय) है। ये मेनली सीवेज जो कई जगह पर कलेक्शन बना हुआ है। फुलवारिया, कैंटोनमेंट, लहुराबीर और शहर के कई स्थानों से सीवेज की लाइनें आयीं हैं। जिसे हम यहां से पंपिंग कर गार्बेज अलग कर एसटीपी के लिए पंप करते हैं। ट्रीटमेंट के लिए यहां प्राइमरी ट्रीटमेंट होता है। इसके बाद गार्बेज अलग होता है। फिर डायरेक्टर एसटीपी जाता है। बाढ़ आने पर बंद किए जाते हैं पंपिंग स्टेशन अजय ने आगे बताया - यह पंपिंग स्टेशन नदी प्रदूषण से संबंधित है। नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए इसे बनाया गया है। शहरों के नाले और सीवर का पानी जो नदियों में गिरता था। उसे टैप किया जाए। यहां से फिर एसटीपी जाए। क्योंकि यह एरिया वरुणा के किनारे आता है और जब बाढ़ आती है तो पानी बढ़ जाता है और नदी नाले से मिल जाती है। तो उसे कंडीशन में पंपिंग को रोक दिया जाता है ताकि नदी में भी कोई दिक्कत न आये। क्योंकि उसे पानी को हम ट्रीट नहीं कर पाएंगे क्योंकि नदी के पानी को ट्रीट कर वापस नदी में डालने से कुछ नहीं होगा। 20 अगस्त को ही जारी किया था लेटर अजय ने बताया - बाढ़ के समय जितने भी नदी के किनारे पंपिंग स्टेशन हैं। वो बंद कर दिए जाते हैं। ये ऑपरेशनल है। बाढ़ के समय इसे बंद कर दिया जाता है। जिस बार बाढ़ नहीं आती। उस बार हम इसे बंद नहीं करते हैं। इस बार 140 एमएलडी का ये पंप जब गंगा का जलस्तर 68 मीटर के ऊपर पहुंचता है तो वरुणा के पलट प्रवाह से इस स्टेशन की लाइन बंद हो जाती है। उसमें वरुणा का पानी आने लगता है। इस वर्ष भी पूर्व की तरह हमारे अधिशासी अभियंता को दीनापुर एसटीपी से आदेश मिला की 20 अगस्त को नदी नाला मिल चुका है। ऐसे में इसे बंद कर दिया जाए। और मेंटेनेंस का काम किया जाए। पानी घटने पर इसे शुरू किया जाए। 6 साल में पहली बार ऐसा सुना अजय के अनुसार 6 साल में पहली बार यह बात सामने आई है कि एसपीएस बंद होने से शहर में कहीं वाटर लॉगिंग की समस्या आयी है। हमारे लिए भी एक नया विषय है। ऐसे में कुछ कहना असम्भव है। अभी तक का हमारे पास जो दस्तावेज है। रिकार्ड के अनुसार जब भी बाढ़ का पानी आया है तो यही नहीं शहर के सभी गंगा किनारे के पंपिंग स्टेशन बंद हो जाते हैं।
कोटा संभाग में आज और कल बारिश की संभावना:पारा 6 डिग्री गिरा, ठंडक बढ़ी, अब तक सामान्य से 23% कम बरसात
मौसम विभाग ने कोटा संभाग में आज और कल बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। शहर में बादल छाए हैं। हल्की धूप भी खिली है। मौसम सुहावना बना हुआ है। शुक्रवार को शहर में दिनभर बादल छाए रहे। दोपहर में अलग अलग इलाकों में रुक रुक कर रिमझिम बारिश हुई। तापमान में 6 डिग्री की गिरावट हुई। जिससे मौसम ठंडा हो गया। अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री व न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार- इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 23% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 18 सितंबर तक औसत 715.2 मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 553.5 मिमी बारिश हुई है।
हाथरस में सादाबाद के नगला चौधरी निवासी कुशलपाल सिंह की बेटी अनुराधा चौधरी ने जून 2026 में आयोजित ‘‘संयुक्त वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा’’ के परिणाम में 61वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। अनुराधा ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए मुख्य रूप से ‘‘यूट्यूब के माध्यम से पढ़ाई’’ की। इसके अलावा समय-समय पर अभ्यास परीक्षाएं देकर अपनी तैयारी को परखा और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान दिया। लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण के चलते उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की। अपनी सफलता का श्रेय अनुराधा ने अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने बताया कि माता-पिता के प्रोत्साहन और विश्वास ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनकी माता राजकुमारी ने भी बेटी की सफलता के लिए उसका हौसला बढ़ाया। अनुराधा की सफलता पर धानौटी निवासी शिक्षक अशोक सिंह ने उनका स्वागत कर बधाई दी। उन्होंने अनुराधा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
राजीव भवन में कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक में पार्टी से निष्कासित नेताओं की वापसी के 36 आवेदनों पर चर्चा हुई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की मौजूदगी में हुई बैठक में विधानसभा और निकाय चुनाव के दौरान की गई अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की भी समीक्षा की गई। कुछ मामलों में निष्कासन समाप्त करने का फैसला लिया गया, जबकि कई प्रकरणों को फिलहाल लंबित रखा गया। इस बैठक में अमित जोगी, रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह से जुड़े प्रकरणों पर भी चर्चा हुई। अमित जोगी के मामले में समिति ने फिलहाल अंतिम फैसला नहीं लिया और प्रकरण लंबित रखा है। पार्टी विरोधी बयान पर सख्ती के संकेत इस बैठक में पार्टी अनुशासन को लेकर भी चर्चा हुई। समिति ने स्पष्ट किया कि, पार्टी के खिलाफ बयानबाजी या गतिविधियों को अनुशासनहीनता के तौर पर देखा जा सकता है। मीडिया के जरिए दिए गए पार्टी विरोधी बयान भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। चुनाव के समय हुई कार्रवाई की समीक्षा इस समिति ने विधानसभा और निकाय चुनाव के दौरान नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई के मामलों पर भी विचार किया। इसके साथ ही कांग्रेस में दोबारा प्रवेश के लिए मिले आवेदनों पर भी चर्चा हुई। इस बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू, प्रभारी सचिव एस. संपत, जरिता लैतफलांग और विजय जांगिड वर्चुअल रूप से जुड़े। प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, धनेश पाटिला, प्रतिमा चंद्राकर, रवि घोष, जेपी श्रीवास्तव, दीपक मिश्रा और नरेश ठाकुर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। कुल 36 आवेदनों पर हुई चर्चा के बाद समिति ने कुछ मामलों में कार्रवाई समाप्त करने का निर्णय लिया, जबकि बाकी मामलों पर आगे विचार किया जाएगा।
झज्जर आर्य समाज को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो के बाद विवाद बढ़ गया है। वीडियो में आर्य समाज के खिलाफ कथित तौर पर विवादित टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। इसी को लेकर अब गुरुकुल झज्जर के आचार्य विजयपाल ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कथित तौर पर इस्तेमाल की गई ‘लठ मारने’ जैसी भाषा को सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान के खिलाफ बताया। दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल कथित वीडियो झज्जर के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष का बताया जा रहा है। इसमें आर्य समाज को लेकर टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है। इसी मामले में रामपाल की ओर से भी टिप्पणी का समर्थन किए जाने की बात कही जा रही है। इसके बाद आर्य समाज से जुड़े लोगों ने मामले पर विरोध जताते हुए आपत्ति दर्ज कराई है। आर्य समाज कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ खड़ा रहा गुरुकुल झज्जर के आचार्य विजयपाल ने कहा कि आर्य समाज की स्थापना का उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों, पाखंड और अंधविश्वास के खिलाफ लोगों को जागरूक करना रहा है। आर्य समाज हमेशा सामाजिक सुधार और वैचारिक जागरूकता की दिशा में काम करता आया है। ऐसे में आर्य समाज को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी करते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। बोले- इंसान को अच्छे कर्म और भाईचारे की बात करनी चाहिए आचार्य विजयपाल ने कहा कि इंसान को अच्छे कर्म करने चाहिए और समाज में भाईचारा बढ़ाने की बात करनी चाहिए। वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन किसी संस्था या विचारधारा के खिलाफ असम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल सामाजिक वातावरण के लिए उचित नहीं है। उन्होंने धार्मिक और आध्यात्मिक विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि इंसान कभी भगवान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि खुद को भगवान बताने वाले व्यक्ति में भी सबसे पहले मानवता दिखाई देनी चाहिए। आचार्य ने कहा कि भगवान तो दूर, यदि किसी व्यक्ति के व्यवहार में मानवता की उत्तमता भी नजर नहीं आती तो ऐसी बातों पर विचार किया जाना चाहिए। रामपाल और समर्थकों को भाषा पर नियंत्रण की नसीहत आचार्य विजयपाल ने रामपाल और उनके समर्थकों को भी अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि किसी भी विचार या मत का विरोध तर्क और शालीन संवाद के जरिए किया जा सकता है। किसी संस्था के खिलाफ आपत्तिजनक या उकसाने वाली भाषा का इस्तेमाल करने से समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होता है। जुबान पर लगाम रखें आचार्य विजयपाल बोले- रामपाल खुद को भगवान बताते हैं, लेकिन इंसान भगवान नहीं होता और ऐसी विचारधारा में उत्तम मानवता भी नजर नहीं आती।उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन समाज में भाईचारा बनाए रखने के लिए भाषा की मर्यादा और आपसी सम्मान जरूरी है।
अवैध संबंधों का विरोध किया तो हमने योजना बनाकर रस्सी से गला घोंट दिया और शव बोरे में बंद कर खाई में फेंक दिया...—बरेली के थाना भुता पुलिस की हिरासत में खड़े प्रेमी राजा उर्फ रियाज और मृतक की पत्नी नरगिस ने पूछताछ के दौरान कुछ इसी अंदाज में अपना जुर्म कबूला। पुलिस की रिमांड और सिलसिलेवार जांच में दंपती के पुराने विवाद से लेकर मर्डर और पुलिस को गुमराह करने की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो चुका है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर शुक्रवार को शव बरामद कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। अवैध संबंधों से मर्डर तक की पूरी कहानी घटना की शुरुआत 4 साल पहले बदायूं जिले के बलिया गांव से हुई थी, जहां सिलाई का काम करने वाले पप्पू (38 वर्ष) की पत्नी नरगिस (35 वर्ष) और गांव के ही युवक राजा उर्फ रियाज (25 वर्ष) के बीच अवैध संबंध बन गए थे। 3 वर्ष पूर्व पप्पू अपने परिवार के साथ बरेली के थाना भुता क्षेत्र स्थित फैजनगर में मकान बनाकर रहने लगा। लेकिन इत्तेफाक से आरोपी राजा भी फैजनगर का ही निवासी निकला, जिससे दोनों का मिलना-जुलना जारी रहा। पप्पू काम के सिलसिले में अक्सर दिल्ली रहता था, जिसका फायदा उठाकर प्रेमी-प्रेमिका के रिश्ते और गहरे होते गए। 10 सितंबर की रात 12 बजे राजा जब नरगिस से मिलने उसके घर पहुंचा, तो दिल्ली से लौटे पप्पू ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। राजा तो वहां से भाग निकला, लेकिन पप्पू ने गुस्से में आकर पत्नी नरगिस की पिटाई कर दी। इसी मारपीट के बाद नरगिस और राजा ने पप्पू को रास्ते से हटाने का फैसला किया। 11 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे राजा दोबारा घर पहुंचा। दोनों ने मिलकर सो रहे पप्पू पर हमला कर दिया—नरगिस ने पति के पैर मजबूती से पकड़े और राजा ने गर्दन में रस्सी का फंदा डालकर उसकी जान ले ली। हत्या के बाद शव को एक प्लास्टिक के बोरे में भरा, मोटरसाइकिल पर लादा और गांव के पास मिर्जापुर ईंट-भट्टे के पास एक गहरी खाई में फेंक दिया। शातिर दिमाग नरगिस और राजा 15 सितंबर को खुद भुता थाने पहुंचे और पुलिस को गुमराह करने के लिए पप्पू की गुमशुदगी दर्ज करा दी। हालांकि, शक से बचने के लिए 16 सितंबर को नरगिस ने चाल चली और राजा पर ही पति के अपहरण का आरोप लगाते हुए तहरीर दे दी। पुलिस ने जब राजा को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो पूरी परतें उघड़ती चली गईं। कौन है आरोपी राजा और पप्पू 25 वर्षीय राजा उर्फ रियाज बरेली के थाना भुता स्थित ग्राम फैजनगर का निवासी है। वह भुता में बीसलपुर चौराहे पर मोटरसाइकिल रिपेयरिंग (मेकेनिक) का काम करता था। सिलाई कारीगर पप्पू के अक्सर काम के सिलसिले में दिल्ली बाहर रहने के कारण आरोपी राजा उसकी पत्नी नरगिस के संपर्क में आया। पिछले 4 वर्षों से दोनों के बीच अवैध संबंध चल रहे थे। 10 सितंबर को पकड़े जाने के बाद उसने नरगिस के साथ मिलकर सो रहे पप्पू की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। 38 वर्षीय पप्पू पेशे से एक सिलाई कारीगर था। वह मूल रूप से बदायूं के बलिया गांव का निवासी था, लेकिन 3 साल पहले परिवार सहित बरेली के फैजनगर में मकान बनाकर रहने लगा था। पप्पू सिलाई के काम के सिलसिले में अक्सर दिल्ली और अन्य शहरों में रहकर मेहनत-मजदूरी करता था ताकि अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके। 10 सितंबर की रात जब वह अचानक घर लौटा तो उसने पत्नी और राजा को रंगे हाथों पकड़ लिया। इसी विरोध के कारण 11 सितंबर की रात सोते समय उसकी निर्मम हत्या कर दी गई।
चंदौसी में गणेश चौथ मेला:12 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा गणेश चौथ मेला, 317 दुकानें सजेंगी
संभल का चंदौसी का गणेश चौथ मेला आज अपने विशाल स्वरूप के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है। इस ऐतिहासिक मेले की नींव वर्ष 1961 में चंदौसी के प्रथम एमबीबीएस और एमडी चिकित्सक डॉ. गिरिराज किशोर द्वारा रखी गई थी। उन्होंने अपने हाथों से भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमा तैयार की और उसे ठेले पर रखकर नगर में शोभायात्रा निकाली थी। एक छोटा सा प्रयास विशाल मेले का रूप ले चुका है। शुरुआती दिनों में गणेश मंदिर के आसपास केवल पूजा-अर्चना और प्रसाद की कुछ दुकानें ही लगती थीं। धीरे-धीरे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई और यह आयोजन एक बड़े मेले के रूप में तब्दील हो गया। शुरुआत में यह मेला केवल सात दिन तक आयोजित होता था, जो अब बढ़कर करीब 21 दिनों तक चलता है। बढ़ती भीड़ और असुविधा को देखते हुए डॉ. गिरिराज किशोर ने मंदिर के आसपास की जमीन लेकर मेले को एक व्यवस्थित स्वरूप दिया, जो आज चंदौसी की पहचान बन चुका है। दिसंबर 2021 में डॉ. गिरिराज किशोर का निधन हो गया, लेकिन उनके द्वारा शुरू की गई यह परंपरा उनके निधन के बाद भी निरंतर जारी है। वर्तमान में डॉ. साहब के परिवार के मनोज कुमार मीनू, रवींद्र कुमार, ललित किशोर गुप्ता, डॉ. राजीव कुमार, संजय गुप्ता और वरदान गुप्ता इस परंपरा को अपने संसाधनों और प्रयासों से जारी रखे हुए हैं। परिवार की बहू श्रीमती योजना गुप्ता, जो कि देश की अग्रणी समाज सेवी संस्था जायंट्स वेलफेयर फाउंडेशन 5 की यूनिट निदेशक भी हैं, इस परंपरा को आगे बढ़ाने में परिवार का पूरा सहयोग कर रही हैं। वर्ष 2026 में मेले का 66वां आयोजन 12 सितंबर से 2 अक्टूबर तक होगा। मेले को सुव्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 16 ब्लॉकों में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल 317 दुकानों का आवंटन किया गया है। इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता इसकी भव्य रथयात्रा और आकर्षक झांकियां हैं।
पंजाब में 22 सितंबर से बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के करीब 6500 कच्चे कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। यूनियन का दावा है कि प्रदेश में 2700 से ज्यादा बसों का संचालन रुक जाएगा। इससे रोजाना बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर 22 सितंबर से हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार के साथ कई बार बैठकें होने के बावजूद कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। साढ़े चार साल से नियमित करने की मांग शुक्रवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने कहा कि कर्मचारी पिछले साढ़े चार साल से अपनी सेवाएं नियमित करने और ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार इस मामले में सरकार के साथ अब तक करीब 60 से 65 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को परिवहन मंत्री के साथ कर्मचारियों की बैठक होनी थी, लेकिन यह बैठक रद्द कर दी गई। यूनियन का कहना है कि लगातार बैठकें होने के बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ, इसलिए अब कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया है। सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप रेशम सिंह गिल ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले ठेका कर्मचारियों को नियमित करने और उन्हें पूरी वेतन सुविधाएं देने का वादा किया था। यूनियन का आरोप है कि सरकार के कार्यकाल के दौरान परिवहन विभाग में अभी तक एक भी कच्चे कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया। यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से ठेके पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों की नौकरी और भविष्य से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। PF और ESI को लेकर भी लगाए आरोप यूनियन के महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों ने ठेकेदारों के माध्यम से कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) के अंशदान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि PF और ESI के अंशदान के नाम पर कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। यूनियन ने मांग की है कि कर्मचारियों से जुड़े इन मामलों को भी गंभीरता से लिया जाए और ठेकेदारी व्यवस्था को खत्म कर कर्मचारियों को सीधे विभाग के अधीन किया जाए। नई बसों की खरीद की मांग यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विक्की ने कहा कि सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। उनके अनुसार करीब 800 बसें कंडम घोषित हो चुकी हैं, लेकिन नई बसों की खरीद नहीं की गई है। यूनियन महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी बसों का बेड़ा बढ़ाने के बजाय किलोमीटर योजना को बढ़ावा दे रही है। यूनियन का कहना है कि सरकारी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। यूनियन नेताओं ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही जेल में बंद कर्मचारियों को रिहा करने की मांग भी रखी गई है। यूनियन का कहना है कि अब सरकार से मांगों पर ठोस फैसला नहीं होने के कारण 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के आवास के बाहर धरना यूनियन नेताओं ने कहा कि 22 सितंबर से प्रदेश में बसों का चक्का जाम रहेगा। कर्मचारी हड़ताल के साथ मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के आवास के बाहर भी धरना देंगे। यूनियन ने कहा कि आंदोलन के कारण होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी सरकार और परिवहन विभाग के प्रबंधन की होगी। हड़ताल तय कार्यक्रम के अनुसार होती है तो पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की बस सेवाएं प्रभावित होंगी।
राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल में बुलंदशहर पूरे प्रदेश में नंबर-1:आपदा से निपटने की परखी तैयारी
शुक्रवार को हुई राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल में बुलंदशहर प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। यह मॉक ड्रिल भूकंप, आग और रासायनिक रिसाव जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए की गई थी। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मिलकर इसका आयोजन किया था। इसमें जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान चलाकर अपनी तैयारी दिखाई। चांदपुर रोड स्थित कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज में सायरन बजते ही परिसर में हलचल मच गई। प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा के निर्देश पर तुरंत भवन खाली कराया गया। फंसे हुए लोगों को पहचानने के बाद एनडीआरएफ की 8वीं बटालियन ने मोर्चा संभाला। उन्होंने चौथी मंजिल पर फंसी एक घायल महिला को रोपवे के सहारे सुरक्षित नीचे उतारा। इसके बाद दमकल टीम ने आग पर काबू पाया। ट्रायेज टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। नोडल अधिकारी डॉ. सत्येन्द्र सारस्वत ने सभी व्यवस्थाओं को संभाला, जबकि तहसीलदार सदर अखिल गोयल भी वहां मौजूद रहे। यह राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल जिले के 5 खास जगहों पर हुई। इनमें सदर तहसील का रेनेसा स्कूल, सनसिटी सिनेमा एमएमआर मॉल, खुर्जा तहसील का सूरजमल जटिया चिकित्सालय और सिकंदराबाद तहसील में अल्ट्राटेक सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड शामिल थे। इन जगहों पर आग, रासायनिक रिसाव और भूकंप जैसी स्थितियों से निपटने के लिए खोज और बचाव अभियान चलाए गए। छात्रों, कर्मचारियों और आम लोगों को आपदा के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी दी गई। इस अभ्यास में अग्निशमन, स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस, एनडीआरएफ, बिजली, पीडब्ल्यूडी, पंचायती राज, पालिका, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, स्काउट-गाइड, एनएसएस और आपदा मित्रों ने हिस्सा लिया। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने प्रदेश के 34 जिलों की समीक्षा की। इसमें जिलाधिकारी के अच्छे मार्गदर्शन के कारण बुलंदशहर को पहला स्थान मिला। प्रशासन के निर्देश पर सेठ सूरजमल जटिया अस्पताल में भी शुक्रवार को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल हुई। इसमें स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीमें मौजूद थीं।
बास्केटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल:गोरखपुर ने दो वर्गों में जीते खिताब, मेरठ और वाराणसी भी चैंपियन
गोरखपुर में 70 वीं प्रदेशीय माध्यमिक विद्यालयी बास्केटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला शुक्रवार को सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम में खेला गया। गोरखपुर, वाराणसी एवं मेरठ मंडल की टीमों ने फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। अंडर 14 बालिका वर्ग में गोरखपुर मंडल की टीम ने मेरठ मंडल की टीम को रोमांचक मुकाबले में 28-23 से पराजित किया। गोरखपुर ने अपने वर्ग में पहला स्थान और मेरठ की टीम ने द्वितीय तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। अंडर 14 बालक वर्ग में मेरठ की टीम ने गोरखपुर को 35-25 से पराजित किया। जबकि तीसरे स्थान पर वाराणसी की टीम रही। अंडर 17 बालिका वर्ग में मेरठ के खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल का परिचय देते हुए गोरखपुर की टीम को 30-15 से पराजित किया। तीसरे स्थान पर वाराणसी की टीम रही। अंडर 17 बालक वर्ग में गोरखपुर मंडल के खिलाड़ी जो पूरे प्रतियोगिता में अजेय रहे, फाइनल में भी अपने दमखम का परिचय दिया और वाराणसी मंडल की टीम को एक तरफा मुकाबले में 45-10 से पराजित करते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। वहीं तीसरे स्थान पर मेरठ की टीम रही। अंडर-19 बालिका वर्ग में गोरखपुर मंडल की टीम ने रोचक और संघर्षपूर्ण मुकाबले में 45-43 से मेरठ मंडल की टीम को शिकस्त दी। तीसरा स्थान वाराणसी का रहा। अंडर-19 बालक वर्ग का फाइनल मुकाबला वाराणसी और गोरखपुर के बीच खेला गया, जिसमें बनारस के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर गोरखपुर मंडल की टीम को 57-37 से पराजित करते हुए फाइनल मुकाबला जीत लिया। तीसरे स्थान पर आजमगढ़ की टीम रही। पुरस्कार वितरण और सम्मान समारोह एमजी इण्टर कॉलेज में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य डॉक्टर धर्मेंद्र सिंह रहे। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और ट्रॉफी प्रदान किया। विशिष्ट अतिथि राम जन्म सिंह ने कहा कि खेल वह मंच है, जहां जाति, धर्म, मज़हब से ऊपर उठकर सभी खिलाड़ी एक साथ खेलते हैं। इस अवसर पर प्रधानाचार्य गिरजेश, डॉक्टर आशुतोष, शशि भूषण, नन्हे, डॉ अरुणेंद्र, जयप्रकाश, सुशील, डॉ चंदन, सत्य प्रकाश, लक्ष्मण, अनुराग और रोहित उपस्थित रहे।
हाथरस के मेला श्री दाऊजी महाराज में चल रहे अखिल भारतीय कुश्ती दंगल के दूसरे दिन शुक्रवार को पहलवानों ने मध्य रात्रि तक जोर आजमाया। इस दौरान कई मुकाबले हुए। अंतिम दौर की दो बड़ी कुश्तियों ने दर्शकों का उत्साह बढ़ा दिया। इन दोनों कुश्तियों पर 61-61 हजार रुपये की इनाम राशि रखी गई थी। अंतिम से पहले हुई 61 हजार रुपये की कुश्ती में धाऊ बाग के विनीत पहलवान और कुंवरपुर के अजीत पहलवान आमने-सामने थे। दोनों ने एक-दूसरे को हराने के लिए खूब दांव-पेच लगाए, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका। यह कुश्ती बराबरी पर खत्म हुई। इसके बाद दंगल की आखिरी और 61 हजार रुपये की कुश्ती कुंडा के श्यामवीर पहलवान और धाऊ बाग के नरेंद्र पहलवान के बीच हुई। इस मुकाबले में भी दोनों पहलवानों ने काफी देर तक एक-दूसरे पर दांव लगाए। आखिर में यह कुश्ती भी बराबरी पर समाप्त हुई। दोनों मुकाबले बराबरी पर छूटने के बाद इनाम राशि पहलवानों में आधी-आधी बांट दी गई। इस बार दाऊजी महाराज मेले के दंगल में कुश्ती को आधुनिक प्रतियोगी स्वरूप से जोड़ने की कोशिश की गई है। पहले दिन भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के नियमों के हिसाब से अलग-अलग भार वर्गों में महिला और पुरुष पहलवानों के मुकाबले हुए थे। अब 18 से 22 सितंबर तक पारंपरिक दंगल होगा। दूसरे दिन भी अखाड़े में बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी मौजूद थे। उन्होंने देर रात तक मुकाबलों का मजा लिया। इस मौके पर पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय, नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी, दंगल संयोजक विपुल गौड़, विकास भारद्वाज, अशोक शर्मा, सुमित शर्मा, संदीप जादौन, शुभम उपाध्याय, प्रशांत शर्मा, जय शर्मा और लव वार्ष्णेय समेत दंगल कमेटी के पदाधिकारी और कई लोग मौजूद रहे।
हाथरस में मेला श्री दाऊजी महाराज के विशाल पंडाल में देर रात अखिल भारतीय ब्रजभाषा कवि सम्मेलन हुआ। यह कवि सम्मेलन ब्रजभाषा के प्रसिद्ध कवि पंडित सुरेश चतुर्वेदी की याद में आयोजित किया गया था। इस दौरान काका हाथरसी को भी श्रद्धांजलि दी गई। भोर की पहली किरण तक है कवि सम्मेलन चला। अलग-अलग शहरों और राज्यों से आए कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। यह कवि सम्मेलन सुबह की पहली किरण तक चला। उप जिलाधिकारी सदर राज बहादुर ने भी अपनी कविताएं सुनाईं। हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुतियों पर पंडाल में खूब ठहाके लगे। वहीं, वीर रस की रचनाओं ने माहौल में जोश भर दिया। श्रोताओं ने तालियों और वाह-वाह कर कवियों का उत्साह बढ़ाया। इस कवि सम्मेलन में चेन्नई से कवयित्री आरती गौड़ ‘मदरासी’, अलीगढ़ से पूनम शर्मा और रेनू उपाध्याय, राजस्थान से हास्य कवि डॉ. भगवान मकरंद और रामबाबू सिकरवार, अलीगढ़ से कुंवरपाल उपाध्याय, मथुरा से गोपाल चतुर्वेदी कई कवियों ने काव्य पाठ किया आगरा से वीर रस के कवि मोहित सक्सेना, चच्चा उदयभानी, अक्षय चतुर्वेदी, गाफिल स्वामी और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. मुरारी लाल सहित कई कवियों ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम में भाजपा सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी, पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, सांसद प्रतिनिधि राजेश सिंह गुड्डू, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, कार्यक्रम आयोजक अनिल शर्मा बौहरे, सादाबाद के जयप्रकाश पचौरी और सेवा भारती अध्यक्ष चेतन प्रकाश उपाध्याय जैसे कई खास लोग और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। कवि सम्मेलन की रौनक बनाए कवियों की प्रस्तुतियां सुबह की पहली किरण तक चलती रहीं। काका हाथरसी की नगरी में हास्य, व्यंग्य, वीर रस और काव्य की दूसरी विधाओं का रंग एक साथ देखने को मिला। श्रोताओं की लगातार मौजूदगी और तालियों ने देर रात तक कवि सम्मेलन की रौनक बनाए रखी।
कानपुर नगर। रमईपुर ब्लॉक के पिपरगवां में ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने के उद्देश्य से जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में युवाओं को स्थानीय संसाधनों और आधुनिक तकनीक के जरिए रोजगार के अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से कृषि उत्पादों को मूल्यवर्धित उत्पादों में बदलकर आय और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। कार्यक्रम में उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और उद्यमिता से जुड़ी जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में भी बताया गया। कमलेश मिश्रा, ग्राम विकास सचिव रामपाल, डीआरपी शिवम त्रिपाठी और प्रखर त्रिपाठी मौजूद रहे। वक्ताओं ने युवाओं से रोजगार तलाशने के साथ रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
लखीमपुर खीरी के भीरा थाना क्षेत्र के पल्हनापुर गांव में शुक्रवार रात 26 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी के मायके वालों पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाया है। गंभीर हालत में पंकज कुमार को परिजन बिजुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पत्नी के मायके वालों से विवाद के दौरान मारपीट का आरोप मृतक की पहचान पल्हनापुर निवासी डोरे लाल के बेटे पंकज कुमार (26) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, पंकज की शादी 7 मई 2026 को कटैया निवासी रोशनी से हुई थी। शादी के बाद से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। रोशनी के गर्भवती होने की बात भी बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार शाम पंकज और रोशनी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद रोशनी के मायके वालों को घटना की जानकारी हुई। तीन बाइकों से पहुंचे करीब 11 लोग परिजनों का आरोप है कि शाम करीब 7 बजे रोशनी का भाई सुनील, पिता ओमप्रकाश, जीजा और करीब आठ अन्य लोग तीन बाइकों से पल्हनापुर पहुंचे। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और मायके पक्ष के लोगों ने पंकज के साथ मारपीट शुरू कर दी। परिजनों के मुताबिक, लाठी-डंडों से किए गए हमले में पंकज गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया हमले के बाद परिजन पंकज को एंबुलेंस से बिजुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। बताया गया कि रात करीब 9 बजे अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पंकज की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की जानकारी मिलने पर भीरा थानाध्यक्ष अमित पांडेय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाने के बाद शव का पंचनामा भरवाया। रात करीब साढ़े 12 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया। थानाध्यक्ष अमित पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह भी स्पष्ट हो सकेगी।
लखीमपुर खीरी के बिजुआ में शुक्रवार को एक सड़क हादसा हो गया। घटना बिजुआ-भीरा मार्ग पर डिमरौल गांव के पास की है। ग्राम इटकुटी निवासी नजमा परवीन, जो आशाटांडा विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात हैं, शुक्रवार की सुबह अपने परिवार के साथ मोटरसाइकिल से स्कूल जा रही थीं। बाइक पर उनके पति आरिफ खान और दो मासूम बच्चे—अफजल खान (लगभग 9 वर्ष) व पुत्री आफरीन सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही नजमा का परिवार डिमरौल के करीब पहुंचा, सामने से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों लोग उछलकर सड़क पर जा गिरे और खून से लथपथ हो गए। हादसे के तुरंत बाद आरोपी बाइक चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटना होते ही आसपास के राहगीर और ग्रामीण मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस से सभी घायलों को तत्काल बिजुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। सीएचसी में डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन आरिफ खान, नजमा परवीन और दोनों बच्चों की चिंताजनक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखीमपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और टक्कर मारकर भागने वाली अज्ञात बाइक की तलाश जारी है।
श्रावस्ती में सरकारी स्कूल में अब स्क्रीन पर पढ़ाई, VIDEO:लाइव क्लास से सीख रहे बच्चे
श्रावस्ती के जमुनहा शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय खलीफतपुर में बच्चों को स्मार्ट क्लास के जरिए डिजिटल शिक्षा दी जा रही है। लोटस पेटल फाउंडेशन के सहयोग से कक्षा तीन से आठ तक के छात्रों के लिए सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ऑनलाइन कक्षाएं चलती हैं। शनिवार सुबह 8:00 बजे शिक्षिका ने बताया कि इन लाइव कक्षाओं में अलग-अलग विषय पढ़ाए जाते हैं, जिससे बच्चों को नई तकनीक से सीखने का मौका मिल रहा है। लोटस पेटल फाउंडेशन अपने डिजिटल कार्यक्रमों से जरूरतमंद बच्चों तक अच्छी शिक्षा पहुंचा रहा है। संस्था के 'विद्या सहयोग-डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म' के तहत गुरुग्राम कैंपस के स्टूडियो से योग्य शिक्षक लाइव कक्षाएं लेते हैं। इन कक्षाओं को विद्यालय में स्क्रीन पर दिखाया जाता है। स्मार्ट क्लास के दौरान बच्चों की पढ़ाई में मदद और अनुशासन बनाए रखने के लिए स्थानीय असिस्टेंट टीचर या फील्ड कोऑर्डिनेटर मौजूद रहते हैं। इससे बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल सामग्री और कक्षा की गतिविधियों से जुड़ने में आसानी होती है। ऑनलाइन कक्षाओं में सहयोग फील्ड कोऑर्डिनेटर रेखा मौर्य ने बताया कि वह टाटा मोटर्स और लोटस पेटल संस्था के सहयोग से काम कर रही हैं। वह दो विद्यालयों, कंपोजिट विद्यालय खलीफतपुर और अचरौरा शाहपुर, की जिम्मेदारी संभालती हैं। हफ्ते में तीन-तीन दिन दोनों विद्यालयों में जाकर ऑनलाइन कक्षाओं में सहयोग करती हैं। खलीफतपुर विद्यालय में रोजाना करीब 40 या उससे ज्यादा बच्चे कक्षाओं में शामिल होते हैं। डिजिटल तरीके से बच्चों को कई विषयों की लाइव पढ़ाई कराई जा रही है। शिक्षक स्क्रीन पर पाठ समझाने के साथ बच्चों को इंटरैक्टिव तरीके से पढ़ाते हैं। इससे ग्रामीण इलाकों के छात्रों को भी डिजिटल साधनों और ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। विद्यालय में स्मार्ट क्लास का यह संचालन बच्चों की पढ़ाई को तकनीक से जोड़ने का एक अहम कदम है।
छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में जूनियर डॉक्टर एक बार फिर आंदोलन की तैयारी में हैं। स्टाइपेंड, वेतन-मानदेय में संशोधन समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने 21 सितंबर से ओपीडी के बहिष्कार का ऐलान किया है। मांगों का निराकरण नहीं होने पर 23 सितंबर से इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार करने की चेतावनी दी गई है। आंदोलन में एमबीबीएस इंटर्न, पीजी रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के शामिल होने की बात कही गई है। डॉक्टरों का कहना है कि, मांगों को लेकर पहले भी सरकार को ज्ञापन और पत्र दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण दोबारा आंदोलन का फैसला लिया गया है। 19 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री से हुई थी बैठक डॉक्टरों के मुताबिक, 19 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड को लेकर बैठक हुई थी। बैठक के बाद डॉक्टरों ने सरकार से मिले आश्वासन के आधार पर अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। स्वास्थ्य मंत्री की ओर से भी इस संबंध में सोशल मीडिया पर संदेश जारी किया गया था और 1 सितंबर से बढ़ी हुई राशि दिए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि अब तक इस संबंध में कोई ठोस सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है। आश्वासन के बाद भी आदेश नहीं होने से नाराजगी डॉक्टरों का कहना है कि सरकार से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने आंदोलन स्थगित किया था, लेकिन मांग पर अब तक अमल नहीं हुआ। इससे प्रदेशभर के चिकित्सकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि इससे पहले भी कई दिनों तक आंदोलन करने के बाद उन्हें आश्वासन मिला था, लेकिन मांगों का स्थायी समाधान नहीं हुआ। क्या हैं डॉक्टरों की प्रमुख मांगें जूनियर डॉक्टरों की 17 सूत्रीय मांगों में एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, पीजी रेजिडेंट, बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन और मानदेय में संशोधन प्रमुख हैं। इसके अलावा डीएम और एमसीएच सुपर-स्पेशलिटी रेजिडेंट के स्टाइपेंड में संशोधन, डॉक्टरों से जुड़ी वेतन विसंगतियों, बॉन्ड से जुड़े मुद्दों का समाधान और चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण की मांग भी शामिल है। 21 सितंबर से OPD, 23 से इमरजेंसी बंद करने की चेतावनी डॉक्टरों ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। इसके तहत 21 सितंबर से ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। यदि इसके बाद भी मांगों पर कोई निर्णय नहीं होता है तो 23 सितंबर से इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार करने की चेतावनी दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि वे लगातार अपनी मांगें सरकार के सामने रखते रहे हैं। उनका उद्देश्य अपनी मांगों का समाधान कराना है, लेकिन आश्वासन के बाद भी आदेश जारी नहीं होने के कारण उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
जालौन में कोंच ब्लॉक के पिरौना मोहल्ला स्थित खेरापति हनुमान मंदिर के समीप गणेश पंडाल में गणेशोत्सव के तहत पांचवीं झांकी के अवसर पर भव्य कीर्तन का आयोजन किया गया। कीर्तन में छतरपुर से आए कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा पंडाल देर रात तक गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश जी की पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ किया गया। इसके बाद छतरपुर से आए कलाकारों ने गणेश वंदना सहित विभिन्न धार्मिक एवं भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं। शहजाद खां, रजनी सिंह सिंघानिया, आकाश बाड़ी छतरपुर, निहाल सिंह निराला, निर्पत सिंह यादव, रामसेवक भाटिया, वीरेंद्र सिंह ढोलक मास्टर, भूरे पांचाल, लगड़िया मास्टर और गोरीलाल ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का खूब मनोरंजन किया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति के दौरान श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। पंडाल में मौजूद लोगों ने तालियों और जयकारों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। कीर्तन के दौरान बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। गणेश पंडाल समिति के पंडा अरविंद कुशवाहा एवं संयोजक कृष्णकांत प्रजापति के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन में रिंकू सविता, संजय राय, दीपू राठौर, अंकित कुशवाहा, श्यामू कुशवाहा, मनीष तिवारी, मोहित तिवारी, हेमचंद्र पांचाल, राजू सविता, पूरन पांचाल, वीरेन्द्र कुशवाहा, नरेन्द्र सेन आदि का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के समापन पर भगवान गणेश जी की आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन समिति ने कीर्तन में शामिल हुए कलाकारों एवं बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
फर्रुखाबाद के शमशाबाद थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम दो बाइक आमने-सामने टकरा गईं। हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के दौरान एक बाइक पर साइकिल लेकर जा रहे 24 वर्षीय युवक आदेश के सीने में साइकिल के पैडल का बोल्ट घुस गया। इससे उसके सीने में गहरा छेद हो गया और उसकी हालत गंभीर हो गई। सीने में छेद के पास धड़क रहा था दिल हादसे के बाद 108 एंबुलेंस की मदद से आदेश को लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बताया गया कि जिस जगह आदेश के सीने में छेद हुआ था, वहां दिल धड़कता हुआ दिखाई दे रहा था और बार-बार ऊपर की ओर आ रहा था। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया। भाई के साथ बाइक से लौट रहा था आदेश शाहजहांपुर जिले के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के भरतपुर गांव निवासी आदेश (24) अपने भाई नन्हे के साथ फर्रुखाबाद के शमशाबाद आए थे। देर शाम दोनों साइकिल लेकर बाइक से वापस घर लौट रहे थे। वे उत्तरी गुटेटी के पास पहुंचे ही थे कि सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक से उनकी बाइक की टक्कर हो गई। हादसे में साइकिल का पैडल टूट गया और उसका बोल्ट आदेश के सीने में घुस गया। वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। दूसरे घायल का लोहिया अस्पताल में इलाज हादसे में दूसरा युवक माजिद भी घायल हुआ है। उसका इलाज लोहिया अस्पताल में चल रहा है। वहीं, आदेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र में रांची-पटना मुख्य मार्ग पर एनएच-20 स्थित सुभाष चौक के पास देर रात सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। हादसे में दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान भादोडीह निवासी 20 वर्षीय सोनू सिद्दीकी, पिता अलाउद्दीन के रूप में हुई है। घायल युवक मो. आजाद है। जानकारी के अनुसार, बिहार के नवादा से कुछ लोग स्कॉर्पियो से रामगढ़ के रजरप्पा स्थित छिन्नमस्तिका मंदिर जा रहे थे। इसी दौरान झुमरीतिलैया शहर की ओर से एनएच पर चढ़ रहे बाइक सवार दो युवकों को पीछे से आ रही स्कॉर्पियो ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बाइक पर पीछे बैठा सोनू सड़क पर गिर गया, जबकि बाइक चला रहे मो. आजाद की बाइक स्कॉर्पियो में फंस गई। 50 मीटर तक घसीटती गई बाइक हादसे के बाद स्कॉर्पियो बाइक को करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने वाहन को रुकवाया और बाइक सवार आजाद को बाहर निकाला। सड़क पर गिरे सोनू को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रांची रेफर कर दिया। वहीं, आजाद को सदर अस्पताल कोडरमा भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। रांची ले जाने के दौरान रास्ते में ही सोनू की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने स्कॉर्पियो चालक गौरव आनंद और आगे की सीट पर बैठे सौरव कुमार को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, वाहन में पीछे बैठे कुछ लोग मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने स्कॉर्पियो चालक की पिटाई भी कर दी। स्कॉर्पियो में मिला बियर की केन मृतक सोनू सुभाष चौक के आगे अपने भाई के साथ मीट की दुकान चलाता था। उसकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने स्कॉर्पियो में सवार फरार लोगों को जल्द गिरफ्तार कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इधर, स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो सवार लोगों ने कोडरमा बाजार स्थित एक शराब दुकान से बीयर खरीदी थी। वाहन में ही उसका सेवन शुरू कर दिया था। पुलिस ने स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है। वाहन से खाली बीयर की बोतल भी बरामद होने की बात सामने आई है। हालांकि, शराब सेवन और हादसे के बीच संबंध समेत पूरे मामले की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस पकड़े गए लोगों से पूछताछ कर रही है और फरार लोगों की तलाश में जुटी है।
रोहतक की सुपवा यूनिवर्सिटी में हरियाणी इनोवेटिव फिल्म एसोसिएशन (हाइफा) के दो दिवसीय इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ हाइफा का आयोजन आज किया जाएगा। फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन सत्र में कई फिल्मी हस्तियां जुटेंगी। जबकि कार्यकम का समापन कल शाम अवॉर्ड वितरण के साथ किया जाएा। फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत हरियाणवी फिल्म मुआवजा से होगी, जबकि अवॉर्ड समारोह से पहले आखिरी स्क्रीनिंग लाइसेंस फिल्म की रहेगी। दो दिन तक चलने वाले फेस्टिवल में 24 फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इस दौरान फेस्टिवल चेयरमैन एवं अभिनेता यशपाल शर्मा, मशहूर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर की मां अभिनेत्री सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर भी कार्यक्रम में शामिल होंगी। फिल्म फेस्टिवल में जुटेंगे ये कलाकार फिल्म फेस्टिवल के दौरान कलाकार राजीव भाटिया, राजू मान, अनूप लाठर, सुशील दहिया, रेखा वर्मा सरीन, लीला सैनी, मीना मलिक, काका (पंजाबी सिंगर), प्रिंस कंवलजीत सिंह (पंजाबी अभिनेता), मासूम शर्मा सहित बॉलीवुड, पंजाबी एवं हरियाणवी सिनेमा के चर्चित चेहरे व फिल्म जगत की हस्तियां अलग-अलग सेशन में शिरकत करेंगी। सुपवा के स्टूडेंट से कलाकार करेंगे संवाद फिल्म फेस्टिवल के दौरान फिल्मकारों व कलाकारों के साथ नई प्रतिभाओं को संवाद, मार्गदर्शन व सीखने का अवसर उपलब्ध होगा। सुपवा के स्टूडेंट इसका पूरा लाभ उठाएंगे। फिल्म फेस्टिवल हरियाणा में फिल्म संस्कृति को नई दिशा देने की पहल है। आईएफएफएच आने वाले वर्षों में देश-विदेश के फिल्मकारों के लिए एक प्रतिष्ठित मंच के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। विदेशी फिल्म देखने का मिलेगा मौका अवार्ड समारोह में प्रदेश सरकार के सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के कमिश्नर एवं सचिव केएम पांडुरंग मुख्यातिथि रहेंगे। फिल्म फेस्टिवल में पहली बार शहरवासियों को विदेशी फिल्मों की स्क्रीनिंग देखने का अवसर मिलेगा। विशेष ज्यूरी द्वारा चयनित चुनिंदा फीचर फिल्में, रीजनल फिल्में, शॉर्ट फिल्में, डॉक्यूमेंट्री और म्यूजिक वीडियो फेस्टिवल के दौरान प्रदर्शित किए जाएंगे।
शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) राजस्थान जिला शाखा टोंक का जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन आचार संहिता का पालन करते हुए स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल, टोडारायसिंह में आयोजित हुआ। सम्मेलन का शुभारंभ जिलाध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप जाट, प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद टाण्डी एवं व्याख्याता प्रदीप टाण्डी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सम्मेलन में उपाध्यक्ष प्रधान चौपड़ा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रत्तिराम जांगिड़, कनिष्ठ सहायक बद्रीलाल कुम्हार, प्रयोगशाला सहायक प्रतिनिधि शिवजीराम बलोदा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को संगठन के सामने रखा गया। तबादले और पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग जिलाध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप ने बताया- सम्मेलन में शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को विभाग के उच्च अधिकारियों एवं राज्य सरकार तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जायज मांगों को लेकर संगठन लगातार प्रयासरत है। शिक्षकों ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले करने, बकाया छह सत्रों की पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने और विभिन्न संवर्गों की लंबित डीपीसी एवं पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र संपन्न करवाने की मांग की। साथ ही पदोन्नत हुए व्याख्याताओं के भी तबादले करने की मांग रखी गई। पे-प्रोटेक्शन आदेश वापस लेने की मांग सम्मेलन में पे-प्रोटेक्शन संबंधी आदेश प्रत्याहारित करने और शिक्षकों की वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की गई। शिक्षकों ने बीएड इंटर्नशिप के दौरान की जाने वाली वेतन कटौती के आदेश निरस्त करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा उपार्जित अवकाश सहित सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के सभी भुगतान समय पर करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले शिक्षकों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त परिवहन भत्ता देने की मांग की गई। रिक्त पदों को सीधी भर्ती से भरने पर जोर शिक्षकों ने शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने की मांग की। साथ ही प्राचार्य एवं डीईओ के 50 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती की व्यवस्था लागू करने की मांग रखी गई। नव क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याताओं के पद स्वीकृत करने की भी मांग की गई। जर्जर विद्यालयों के पुनर्निर्माण के लिए बजट की मांग सम्मेलन में जमींदोज विद्यालयों एवं कक्षा-कक्षों के पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त बजट जारी करने की मांग की गई। विद्यालयों में गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए अलग से पद सृजित करने तथा मॉडल स्कूल के जिन कार्मिकों का 5 साल का कार्यकाल पूरा हो गया है, उन्हें तुरंत रिलीव करने की मांग भी शिक्षकों ने रखी।
सिरसा में इनेलो के बाद अब सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने भी ग्रीवेंस मीटिंग के चेयरमैन मुख्यमंत्री नायब सैनी पर सवाल उठाए हैं। इसकी वजह है कि फरियादियों की सुनवाई न हो पाना और सिरसा का विकास के बजाय हर कार्यों में लेटलतीफी होना। इसी कार्यप्रणाली को लेकर विधायक गोकुल सेतिया ने शुक्रवार रात्रि को विवादित पोस्ट डालकर आरोप लगाते हुए घेरा हैं। विधायक गोकुल ने पोस्ट में लिखा-अगर मैंने एम्स सिरसा को मिलने पर मुख्यमंत्री को स्टेज पर जाकर धन्यवाद किया था तो आज मैं ही हूं, जो हमेशा की तरह सच्चाई कह रहा हूं। आज तक इतना बेडा़गर्क सिरसा का कभी नहीं हुआ। जितना अब हो रहा है और आप यहां के ग्रीवेंस के चेयरमैन है मुख्यमंत्री साहब। डीएमसी साहब शहर में फोटो शूट पर और काम जीरो, एडीसी साहब के पास ग्रांट नहीं सिर्फ जी विधायक जी, बिजली महकमे वाले बेलगाम, पब्लिक हेल्थ को तो श्राप है कोई काम ढंग से होना ही नहीं, ना नहरों में पानी, तहसील में सब अफसर बीमार। बेड़ागर्क हुआ पड़ा है यहां का और ग्रीवेंस के चेयरमैन मुख्यमंत्री जी हैं। सानू एसतो चंगा किस होर स्टेट च ही पदो (हमें किसी और राज्य में शामिल कर दो), जे तूसी सानू हरियाणा दा हिस्सा नी समझना तां (अगर हम सिरसा को हरियाणा का हिस्सा न समझते हो)। पहली मीटिंग के बाद अब तक कोई विधायक नहीं पहुंचा ग्रीवेंस में शुरू में ग्रीवेंस मीटिंग के दौरान सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया, कालांवाली विधायक शीशपाल कहरवाला, ऐलनाबाद विधायक के प्रतिनिधि सुमित बेनीवाल अपनी-अपनी शिकायतें लेकर आए थे। मुख्यमंत्री के साथ मंच पर दिखे थे और उनकी समस्याओं की फाइल ली थी। इसके बाद से और इस बार कोई विधायक ग्रीवेंस में नहीं आया और तब से अब तक इनेलो विधायक एक भी नहीं पहुंचा। समस्या लेकर आने वाले फरियादी रहते हैं बाहर ग्रीवेंस के लिए मीटिंग हॉल में सिर्फ शिकायतकर्ताओं को ही एंट्री दी जाती है। जो लोग अपनी-अपनी समस्या लेकर आते हैं। चाहे वे किसी तरह से प्रताड़ित है या पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। उनको बाहर ही रोक लिया जाता है और मीटिंग हॉल में एंट्री नहीं दी जाती। जब सीएम ग्रीवेंस के बाद जाते हैं तो उनकी शिकायतें ली जाती है, पर उनमें होता कुछ नहीं। इस बार भी ग्रीवेंस के दौरान घंटों तक फरियादी मीटिंग हॉल के बाहर पार्क में खड़े रहे और गर्मी के चलते एक बुजुर्ग महिला चक्कर आने से नीचे गिर गई थी। अभय चौटाला भी सीएम पर फरियादियों को धमकाने का लगा चुके आरोप इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने भी मुख्यमंत्री नायब सैनी पर ग्रीवेंस में फरियादियों को धमकाने का आरोप लगा चुके हैं। मीडिया को दिए बयान में कहा था कि सीएम फरियादियों की सुनने के बजाय अधिकारियों की तरफदारी करते हैं। अधिकांश फरियादियों को बाहर रखा जाता है। अभय चौटाला ने कहा था, अगली बार मैं आम नागरिक के नाते ग्रीवेंस में जाऊंगा। अगर ये पता चल गया कि ग्रीवेंस में मैं आ रहा हूं तो सीएम ही नहीं आएगा। जब जाऊंगा तो सवाल जरूर पूछूंगा और सिरसा और प्रदेश के हालात पर बात करूंगा। सिरसा में भी फरियादियों के लिए अपने घर जैसा दरबार लगाने की मांग की है।
बदायूं के जरीफनगर थाने में अवैध दबिश के मामले में अब थाना प्रभारी बाबूराम गौतम की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि बस्तोई सीकरी चौकी पुलिस ने 7 सितंबर की आधी रात निजी गाड़ी से एक घर में दबिश दी। इस दौरान महिलाओं से बदसलूकी और घर में तोड़फोड़ के आरोप हैं। पुलिस तीन लोगों को अपने साथ थाने ले गई, लेकिन परिजनों के पहुंचने पर उनके थाने में होने से इनकार किया गया। परिजनों ने एसएसपी से शिकायत की बात कही तो तीनों को छोड़ दिया गया। मामले में पांच पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद अब थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर तलब किया गया है। एसपी सिटी अभिषेक सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। पांचों निलंबित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अब थाना प्रभारी का बयान लेकर उनकी भूमिका की पड़ताल की जाएगी। रात 1 बजे निजी गाड़ी से पहुंची थी पुलिस मामला 7 सितंबर की रात दियोहरा शेखपुर गांव का है। गांव निवासी उदय प्रकाश, उनके भाई अमरीश और पिता कृपाल सिंह घर में सो रहे थे। आरोप है कि रंजिश के चलते अमन ने उदय प्रकाश के घर में मादक पदार्थ होने की सूचना बस्तोई सीकरी चौकी पुलिस को दी थी। इसके बाद चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज सिपाही सुरजीत सिंह, लोकेश, हरीश और संदीप के साथ निजी गाड़ी से सादा कपड़ों में रात करीब एक बजे गांव पहुंचे। गेट तोड़कर घर में घुसने का आरोप परिजनों का आरोप है कि दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिसकर्मियों ने गेट तोड़ दिया और घर के अंदर दाखिल हो गए। इस दौरान महिलाओं से खींचतान और सामान में तोड़फोड़ की गई। अवनेश की पत्नी मंजू ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें कमरे से खींचकर आंगन में लाया और उनके साथ बदसलूकी की। पुलिस उदय प्रकाश, कृपाल सिंह और अवनेश को अपने साथ ले गई। थाने में तीनों के होने से किया इनकार परिजनों के मुताबिक, वे तीनों की तलाश में जरीफनगर थाने पहुंचे। वहां पुलिसकर्मियों ने तीनों के थाने में होने से इनकार कर दिया। हालांकि, परिजनों का दावा है कि उन्होंने तीनों को थाने के अंदर एक कमरे से दूसरे कमरे में जाते हुए देखा। परिजनों ने एसएसपी से शिकायत करने की बात कही तो वे वहां से चले गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों को छोड़ दिया। शिकायत के बाद 5 पुलिसकर्मी निलंबित घटना के दो दिन बाद परिवार ने एसएसपी अंकिता शर्मा से शिकायत की। मामले की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। अब जांच का दायरा थाना प्रभारी तक पहुंच गया है। उन्हें नोटिस जारी कर तलब किया गया है। एसपी सिटी अभिषेक सिंह पांचों निलंबित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर चुके हैं। अब थाना प्रभारी का बयान लेकर यह जांच की जाएगी कि पूरे मामले में उनकी क्या भूमिका रही।
मिर्जापुर के जमालपुर थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म करने और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को देवरिया चट्टी के पास से पकड़ा। आरोपी की पहचान गोरखपुर माफी निवासी बिरू यादव के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने 21 अगस्त को जमालपुर थाने में शिकायत देकर आरोपी पर शादी का वादा कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। महिला का आरोप है कि बाद में युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया और उसकी आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को उप निरीक्षक जय प्रकाश यादव टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर देवरिया चट्टी पहुंचे, जहां आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। शादी का वादा कर दुष्कर्म करने का आरोप पीड़िता ने 21 अगस्त को जमालपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का वादा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में शादी से इनकार कर दिया। महिला का आरोप है कि शादी से इनकार करने के बाद आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। शिकायत मिलने पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। मुखबिर की सूचना पर देवरिया चट्टी से पकड़ा गया पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर आरोपी की तलाश की जा रही थी। शुक्रवार को उप निरीक्षक जय प्रकाश यादव टीम के साथ देवरिया चट्टी पहुंचे। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने वहां से बिरू यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
भारत-नेपाल सीमा पर सघन चेकिंग:बलरामपुर में संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच, संदिग्धों पर रखी नजर
बलरामपुर में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने निगरानी तेज कर दी है। एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर 19 सितंबर को सीमावर्ती इलाकों में संयुक्त पैदल गश्त और सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। संयुक्त टीम ने सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों, गांवों, मुख्य जगहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पैदल गश्त की। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान संदिग्ध लोगों और गाड़ियों की बारीकी से जांच की गई। सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी गई। अभियान के दौरान पुलिस और एसएसबी की टीम ने अवैध तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव और गौ तस्करी पर खास ध्यान दिया। इसके साथ ही अवैध कटान, अवैध खनन, घुसपैठ और दूसरी असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए भी सतर्कता बरती गई। गश्त के दौरान सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती इलाकों के लोगों से बातचीत भी की। ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों और इलाके के सम्मानित नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस टीम ने आम लोगों को कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने के लिए जागरूक किया। उनसे कहा गया कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गाड़ी या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। बलरामपुर पुलिस ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर लगातार निगरानी और संयुक्त चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका मकसद सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर काबू पाना और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बनाए रखना है। 19 सितंबर को हुई यह संयुक्त कार्रवाई सीमा क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी के मिलकर काम करने का हिस्सा है। यह लगातार निगरानी रखने की एक कोशिश है।
मुरैना जिले में इस मानसून सीजन में 1 जून से 18 सितंबर तक औसतन 604.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 328.5 मिलीमीटर कम है। पिछले साल इसी अवधि में जिले में 933.3 मिलीमीटर औसत बारिश हुई थी। जिले की सामान्य वार्षिक औसत बारिश 706.9 मिलीमीटर है। 18 सितंबर को जिले में औसतन 23.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तहसीलवार आंकड़ों में सबसे ज्यादा बारिश सबलगढ़ में 106 मिलीमीटर हुई। इसके बाद मुरैना में 14, कैलारस में 10, पोरसा में 6, जौरा में 4 और अंबाह में 2.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सबलगढ़ में सबसे ज्यादा, अंबाह में सबसे कम 1 जून से 18 सितंबर तक तहसीलवार बारिश में सबलगढ़ 777.5 मिलीमीटर के साथ सबसे आगे है। जौरा में 719, कैलारस में 676, पोरसा में 612.5, मुरैना में 529.8 और अंबाह में 314 मिलीमीटर बारिश हुई है। तहसीलवार बारिश (मिमी में) जिले की सामान्य वार्षिक औसत बारिश 706.9 मिलीमीटर है। इस लिहाज से सबलगढ़ और जौरा में सामान्य वार्षिक औसत से अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि कैलारस, पोरसा, मुरैना और अंबाह में यह आंकड़ा अभी सामान्य औसत से नीचे है।
कोटा में नगर निगम चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है। अब मेयर व डिप्टी मेयर को लेकर पेंच फंस गया है। मेयर की रेस से नाम कटने व डिप्टी मेयर के नाम को लेकर सहमति नहीं बनने से पार्टी को बगावत का डर सता रहा है। रातों रात पार्षदों की बाड़ाबंदी की गई। पार्षदों को चित्तौड़गढ़ ले गए। दो महिला सहित पांच पार्षद पारिवारिक कारण बताकर नहीं गए। अलग-अलग जगहों पर बुलाया लाडपुरा क्षेत्र से जीते पार्षदों को विधायक कल्पना देवी के खेड़ली फाटक स्थित ऑफिस पर बुलाया गया। कोटा दक्षिण के पार्षदों को दक्षिण विधायक संदीप शर्मा के सुभाष नगर कार्यालय पर बुलाया गया। कोटा उत्तर व रामगंजमंडी क्षेत्र के पार्षदों की जिम्मेदारी जिला अध्यक्ष राकेश जैन को दी गई। रात को ही सभी को बाहर भेज दिया। पार्टी के नेता इतने डरे हुए हैं कि सभी पार्षदों के मोबाइल भी बंद करवाकर लिफाफों में रखवा दिए। शुक्रवार को पार्टी की ओर से 9 महिला ओबीसी पार्षदों के नामांकन पत्र तैयार करवाए गए। दोपहर में मेयर के लिए प्रमुख दावेदारों में से एक दो का नाम कटने की चर्चा शुरू हुई। इसके बाद सामने आए फीडबैक से पार्टी नेता सकते में आ गए। मेयर व डिप्टी मेयर को लेकर पेंच फंसा भाजपा के 57 पार्षद चुनाव जीते हैं। इनमें लाडपुरा से 14, दक्षिण से 28 व उत्तर से 12 पार्षद हैं, जबकि 3 रामगंजमंडी क्षेत्र से जीते हैं। कोटा दक्षिण व लाडपुरा से क्षेत्र मेयर व उत्तर से डिप्टी मेयर के नाम की चर्चा है। लाडपुरा विधायक ने लाडपुरा क्षेत्र से डिप्टी मेयर की डिमांड रखी है। कांग्रेस ने सुनीता सुमन को बनाया प्रत्याशी इधर, कांग्रेस की तरफ से शुक्रवार रात को मेयर प्रत्याशी के लिए नाम फाइनल कर दिया गया है। कोटा उत्तर के वार्ड से जीती सुनीता सुमन को मेयर प्रत्याशी बनाया जा रहा है। वार्ड नंबर 17 से जीती कांग्रेस पार्षद सुनीता कुमारी को मेयर के लिए नामांकन भरवाया जाएगा। अब आज नामांकन के साथ ही मेयर पद के दावेदारों की तस्वीर साफ होने लगेगी। भाजपा के भीतर मेयर के साथ डिप्टी मेयर पद के समीकरण को लेकर चल रही कवायद भी नामांकन के बाद सामने आ सकती है। कोटा नगर निगम में मेयर पद के चुनाव को लेकर शनिवार को नामांकन का आखिरी दिन है। मेयर पद के नामांकन के लिए कमरा नंबर 102 में तैयारियां की गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार आज नामांकन दाखिल होंगे। मेयर का चुनाव 25 सितंबर को 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच और 22 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी होगी। मेयर के लिए मतदान 25 सितंबर को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक होगा और इसी दिन परिणाम घोषित किया जाएगा।
चंदौली जिला मुख्यालय से करीब 6 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे-19 की सर्विस रोड पर बना गहरा गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब दो महीने से सड़क की हालत खराब है, लेकिन अब तक गड्ढे की मरम्मत नहीं कराई गई है। इस रास्ते से रोजाना दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गड्ढे के कारण वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ता रहता है। उनका दावा है कि अब तक कई दर्जन लोग हादसों में घायल हो चुके हैं। रात के समय समस्या और गंभीर हो जाती है, क्योंकि गड्ढे के आसपास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। वाहन चालक अचानक गड्ढे के सामने पहुंचने पर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का सवाल है कि जिला मुख्यालय से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर सड़क की ऐसी स्थिति होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग ध्यान क्यों नहीं दे रहा है। जिले में हर महीने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क, यातायात और हादसों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। इसके बावजूद NH-19 की सर्विस रोड पर गड्ढा अब तक जस का तस बना हुआ है। दो महीने से बना है गड्ढा, वाहनों का बिगड़ रहा संतुलन स्थानीय लोगों के अनुसार सर्विस रोड पर यह गहरा गड्ढा करीब दो महीने से बना हुआ है। दोपहिया और चारपहिया वाहन जब यहां से गुजरते हैं तो अचानक गड्ढा सामने आने पर चालकों का संतुलन बिगड़ जाता है। लोगों का दावा है कि कई लोग इसके कारण घायल हो चुके हैं। रात में ज्यादा खतरा, सुरक्षा के इंतजाम नहीं गड्ढे के आसपास किसी तरह का बैरिकेड या चेतावनी संकेत नहीं लगाया गया है। रात में रोशनी कम होने के कारण वाहन चालकों को गड्ढा दिखाई नहीं देता। ऐसे में अचानक वाहन गड्ढे में जाने से हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने तत्काल सुरक्षा इंतजाम कराने की मांग की है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के बावजूद समस्या बरकरार जिले में हर महीने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित होती है। इसमें सड़कों की स्थिति, यातायात व्यवस्था और दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों पर चर्चा की जाती है। इसके बावजूद जिला मुख्यालय के नजदीक NH-19 की सर्विस रोड पर करीब दो महीने से बने गड्ढे की मरम्मत नहीं होने पर लोग सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों में NHAI अधिकारियों के प्रति नाराजगी सुभाष, मदन कुमार, सरोज कुमार और कैलाश ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद नेशनल हाईवे से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी गड्ढे की मरम्मत को लेकर गंभीर नहीं हैं। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति से राहगीरों और वाहन चालकों को रोज परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने जल्द गड्ढा भरने और सर्विस रोड को सुरक्षित कराने की मांग की है।
खंडवा के ओंकारेश्वर नगर परिषद की आय बढ़ाने के लिए ग्राम गोदडपुरा में 1800 वर्गमीटर नजूल जमीन नगर परिषद को आवंटित की गई है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इसके आदेश जारी किए हैं। खसरा नंबर 13/1 की कुल 0.4370 हेक्टेयर शासकीय भूमि में से यह जमीन दी गई है। इसका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। आवंटित जमीन का बाजार मूल्य गाइडलाइन वर्ष 2026-27 के अनुसार 12,320 रुपए प्रति वर्गमीटर तय किया गया है। इस हिसाब से 1800 वर्गमीटर जमीन की कीमत 2 करोड़ 21 लाख 76 हजार रुपए है। नियमानुसार बाजार मूल्य की 50% राशि यानी 1 करोड़ 10 लाख 88 हजार रुपए प्रीमियम के रूप में नगर परिषद को शासन मद में जमा करने होंगे। इसके अलावा 2 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से 3,600 रुपए सालाना भू-भाटक देना होगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हटाए गए थे 19 दुकानदार यह जमीन पहले अतिक्रमण के कारण खाली कराई गई थी। नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने दिसंबर 2025 में कलेक्टर कार्यालय को जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में बताया गया था कि खसरा नंबर 13/1 की जमीन नजूल मद में दर्ज शासकीय भूमि है। इस जमीन पर पहले 19 दुकानदारों ने अनधिकृत रूप से दुकानें बना रखी थीं। हाईकोर्ट जबलपुर में दायर याचिका में दिए गए आदेश के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद जमीन खाली हो गई और फिलहाल वहां किसी का कब्जा नहीं है। इसके बाद नगर परिषद ने इस जमीन को नजूल निर्वर्तन के तहत निकाय को आवंटित करने का प्रस्ताव रखा। परिषद का कहना था कि जमीन मिलने से निकाय की आय बढ़ाई जा सकेगी। 7 सितंबर को जिला समिति ने दी मंजूरी तहसीलदार पुनासा की जांच रिपोर्ट के बाद एसडीएम पुनासा ने भूमि आवंटन की अनुशंसा की। इसके बाद मामला जिला नजूल निर्वर्तन समिति के सामने रखा गया। समिति की 7 सितंबर 2026 को हुई बैठक में जमीन के बाजार मूल्य और लागू नियमों के आधार पर आवंटन को मंजूरी दी गई। मध्यप्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश-2020 के अध्याय 4, भाग-क की कंडिका 92 की तालिका के सरल क्रमांक 5 के तहत बाजार मूल्य की 50% राशि प्रीमियम के रूप में तय की गई। राशि जमा होने के बाद प्रभावी होगा आवंटन कलेक्टर के आदेश के अनुसार नगर परिषद को 1 करोड़ 10 लाख 88 हजार रुपए प्रीमियम और 3,600 रुपए वार्षिक भू-भाटक निर्धारित शासन मद में जमा करना होगा। राशि जमा होने के बाद 1800 वर्गमीटर जमीन का आवंटन नगर परिषद ओंकारेश्वर के पक्ष में प्रभावी होगा। इस तरह हाईकोर्ट के आदेश के बाद 19 अतिक्रमणकारियों से खाली कराई गई शासकीय जमीन के एक हिस्से का अब नगर परिषद व्यावसायिक उपयोग कर सकेगी। इससे निकाय को नियमित आय मिलने की उम्मीद है।
जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम में मेयर के साथ सुकेत नगर पालिका में चेयरमैन के नामांकन के लिए आज आखिरी दिन है। आज तीनों निगमों में कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो जाएगी। कोटा में कांग्रेस ने सुनीता सुमन को मेयर प्रत्याशी बनाया है। बीजेपी ने तीनों निगमों में अपना मेयर बनाने का दावा किया है। बीजेपी को जयपुर और कोटा में पूर्ण बहुमत मिला, जबकि जोधपुर में बहुमत से 6 सीटें पीछे रह गई। हालांकि 7 निर्दलीयों ने बीजेपी जॉइन कर ली। इसके बाद पार्टी के पास 52 पार्षद हो गए हैं। यहां कांग्रेस के 44 पार्षद जीते हैं। जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका का शेड्यूल… जयपुर के पार्षदों को पुष्कर शिफ्ट किया बीजेपी में जयपुर नगर निगम के मेयर प्रत्याशी के लिए आधिकारिक तौर पर रायशुमारी शुरू हो गई। अभी तक प्रदेश नेतृत्व का पूरा फोकस अन्य निकायों पर था, लेकिन वहां तस्वीर साफ होने के बाद जयपुर नगर निगम के लिए रायशुमारी शुरू हो गई। शुक्रवार को जयपुर में बीजेपी पार्षदों से मेयर प्रत्याशी को लेकर वरीयता पूछी गई। सभी पार्षदों से वरीयता के हिसाब से 3-3 नाम लिखवाए गए। इसके बाद देर शाम को सभी पार्षदों को पुष्कर के द सूर्या गोल्डन पैलेस होटल में शिफ्ट कर दिया। मेयर चुनाव से जुड़े अपडेट- जयपुर: नगर निगम जयपुर के 150 वार्डों में बीजेपी 78, कांग्रेस ने 57 और 15 सीटों पर निर्दलीय पार्षद जीते है। जयपुर में बहुमत के बाद बीजेपी की तरफ से सुनील कोठारी और पुनीत कर्नावट को मेयर का बड़ा दावेदार माना जा रहा है। कोटा: कोटा नगर निगम के 100 वार्डों में से 57 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 39 सीट मिली है। मेयर के लिए कांग्रेस बिना मुकाबले के मैदान छोड़ने के मूड में नहीं है। बीजेपी में वार्ड 57 से सुनीता सेन, वार्ड 64 से प्रतिभा सुमन, वार्ड 84 से प्रमिला वर्मा और वार्ड 83 से सीमा चौधरी का नाम चर्चा में है। उधर, कांग्रेस ने वार्ड 17 से जीतीं सुनीता सुमन को मेयर पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि स्थानीय नेताओं ने विचार विमर्श के बाद सिंगल नाम पार्टी की तरफ से तय किया है। जोधपुर: मेयर चुनाव से पहले 7 निर्दलीय पार्षदों को भाजपा की सदस्यता दिलाई गई है। भाजपा की सदस्या लेने वाले 7 में से 4 भाजपा समर्थित और 3 कांग्रेस समर्थित पार्षद हैं, जो बागी होकर चुनावी मैदान में उतरे थे। ऐसे में अब दावा किया जा रहा है कि बीजेपी बोर्ड बनाने के करीब है। क्योंकि बहुमत के लिए 51 पार्षद चाहिए। बीजेपी के 45 पार्षद जीत चुके हैं और इन 7 निर्दलीयों के साथ अब पार्टी के पास 52 पार्षदों का बहुमत है। जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका का शेड्यूल… ये खबर भी पढ़ें 2 निगमों समेत 29-निकायों में भाजपा के निर्विरोध मेयर-चेयरमैन बने:कांग्रेस सिर्फ दो में जीती; धौलपुर में पार्षद का चुनाव लड़े बिना निर्दलीय सभापति बने राजस्थान में 2 नगर निगमों समेत 32 निकायों में निर्विरोध मेयर-चेयरमैन चुने गए हैं। भरतपुर-भीलवाड़ा नगर निगम समेत 29 निकायों में भाजपा के निर्विरोध प्रमुख बने हैं। कांग्रेस सिर्फ दो जगह निर्विरोध जीती। धौलपुर नगर परिषद में पार्षद का चुनाव लड़े बिना निर्दलीय गिरीश गर्ग निर्विरोध चेयरमैन बने। (पूरी खबर पढ़ें)
बदायूं में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 691 जोड़े शादी के बंधन में बंधे। शुक्रवार को एक ही पंडाल में हिंदू और मुस्लिम जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। सेवा संकल्प अभियान के तहत बदायूं और बिल्सी में आयोजित समारोहों में हिंदू जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाज से फेरे लिए, वहीं मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया। ये कार्यक्रम शहर के हाफिज सिद्दीक इस्लामिया इंटर कॉलेज और बिल्सी के विकासखंड अम्बियापुर में हुए। इनमें कुल 663 हिंदू जोड़ों ने सात फेरे लिए और 28 मुस्लिम जोड़ों का निकाह हुआ। इस तरह जिले में कुल 691 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। बदायूं सदर विधानसभा क्षेत्र में 408 हिंदू जोड़ों ने फेरे लिए और 21 मुस्लिम जोड़ों का निकाह हुआ। यहां कुल 429 जोड़े शादी के बंधन में बंधे। बिल्सी विधानसभा क्षेत्र में 255 हिंदू जोड़ों ने फेरे लिए और सात मुस्लिम जोड़ों का निकाह हुआ। यहां कुल 262 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। शहर के कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं। मंत्री ने कहा कि यह समारोह सिर्फ शादी का आयोजन नहीं, बल्कि परिवारों के सपनों और खुशियों का उत्सव है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने जरूरतमंद परिवारों का हाथ थामा है, ताकि वे खुद को अकेला महसूस न करें। बीजेपी जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने नवविवाहित जोड़ों को जीवन के नए अध्याय में प्रवेश करने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जोड़ों से कहा कि वे जीवनसाथी का साथ जीवनभर निभाने का संकल्प लें। सदर विधायक ने भी इस मौके पर अपने विचार रखे। इस दौरान डीएम अवनीश राय, सीडीओ गामिनी सिंगला, डीडीओ मनोज कुमार और जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। बिल्सी में भी इसी तरह का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर शनिवार को ऑपरेशनल दिक्कतों के चलते स्पाइसजेट की कई फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। कुछ फ्लाइट्स में देरी हुई, जबकि कुछ रद्द भी की गईं। इसके कारण सैंकड़ों यात्री परेशान हुए। दिल्ली एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट में यात्रियों से माफी मांगी। एयरपोर्ट के मुताबिक, ग्राउंड स्टाफ प्रभावित यात्रियों को जरूरी मदद दे रहा है और स्पाइसजेट के साथ मिलकर काम कर रहा है। स्पाइसजेट की ओर से फिलहाल कोई बयान नहीं आया है। स्पाइसजेट की उड़ानों में पिछले कुछ दिनों में लगातार देरी की घटनाएं सामने आई हैं। 15 सितंबर को दिल्ली से दुबई जाने वाली दो फ्लाइट्स में घंटों की देरी हुई थी। इनमें एक फ्लाइट करीब 30 घंटे और दूसरी करीब 19 घंटे की देरी से रवाना हुई थी। इस दौरान करीब 200 यात्रियों ने एयरपोर्ट पर प्रदर्शन भी किया था। पहले से वित्तीय संकट से जूझ रही स्पाइसजेट स्पाइसजेट लंबे समय से वित्तीय और ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने 3 सितंबर को बताया था कि सरकार एयरलाइन के साथ उसके संचालन और वित्तीय स्थिति को लेकर लगातार बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा कि स्पाइसजेट को उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया है और एयरलाइन ने जल्द इसमें सुधार का भरोसा दिया है। मंत्री के मुताबिक, स्पाइसजेट ने सरकार से अतिरिक्त वित्तीय मदद नहीं मांगी है, लेकिन ECLGS (इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम) के तहत फंड जुटाने की कोशिश कर रही है। इस योजना में सरकार बैंकों से लिए जाने वाले कर्ज पर गारंटी देती है, जिससे कंपनियों के लिए कर्ज हासिल करना आसान होता है। एयरलाइंस पर बढ़ती ATF कीमतों, एयरस्पेस बंद होने, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी और कम विमान इस्तेमाल जैसी वजहों से वित्तीय दबाव बढ़ा है। इसी को देखते हुए केंद्र ने मई में भारतीय एयरलाइंस के लिए ECLGS 5.0 को मंजूरी दी थी। स्पाइसजेट का समय पर उड़ान का रिकॉर्ड सबसे खराब समय पर उड़ान के मामले में स्पाइसजेट का इस साल का रिकॉर्ड बड़ी एयरलाइंस के मुकाबले कमजोर रहा है। जुलाई में एयरलाइन की सिर्फ 34.5% फ्लाइट्स समय पर संचालित हुईं। स्पाइसजेट की घरेलू बाजार हिस्सेदारी भी घटी जुलाई में स्पाइसजेट की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 1.6% रही, जबकि जून में यह 1.9% थी। यानी एक महीने में हिस्सेदारी 0.3 प्रतिशत अंक घट गई। जुलाई में एयरलाइन ने करीब 1.87 लाख यात्रियों को सफर कराया। इसी अवधि में इंडिगो की हिस्सेदारी 67.4%, एयर इंडिया ग्रुप की 24% और अकासा एयर की 5.5% रही। ----------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… 3 इटालियन नागरिक बिना इमिग्रेशन जांच के दिल्ली से निकले:एअर इंडिया के सिस्टम में चूक का दावा, सरकार ने 7 दिन में जवाब मांगा तीन इटालियन नागरिक बिना इमिग्रेशन जांच के दिल्ली से म्यूनिख चले गए। उन्होंने 4 सितंबर की सुबह लुफ्थांसा की फ्लाइट LH-763 से उड़ान भरी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस मामले में सोमवार को एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एयरलाइन से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। पूरी खबर पढ़ें…
इंदौर के विजय नगर पुलिस ने करीब 18 साल पुराने प्लॉट धोखाधड़ी के मामले में एक मृत व्यक्ति, उसके बेटे और एक दलाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों ने खुद को गृह निर्माण संस्था का पदाधिकारी बताकर पांच प्लॉट का सौदा किया और पीड़ित से 44 लाख 40 हजार रुपए ले लिए। बाद में इन्हीं प्लॉटों का दूसरे लोगों से अधिक कीमत में सौदा किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने ओमप्रकाश अग्रवाल निवासी जगजीवन राम नगर की शिकायत पर भेरूलाल पोरवाल, उसके बेटे पंकज पोरवाल और दलाल राजेंद्र पुराणिक के खिलाफ केस दर्ज किया है। भेरूलाल की मृत्यु हो चुकी है। 2008 में पांच प्लॉट का हुआ था सौदा ओमप्रकाश ने पुलिस को बताया कि राजेंद्र पुराणिक दलाली का काम करता था। उसने उन्हें बताया था कि लक्ष्मण नगर गृह निर्माण संस्था की आईडीए कॉलोनी में प्लॉट उपलब्ध हैं। इसके बाद वर्ष 2008 में पांच भूखंडों का सौदा 44 लाख 40 हजार रुपए में तय हुआ। शिकायत के मुताबिक, भेरूलाल ने खुद को संस्था का पदाधिकारी बताते हुए सौदा चिट्ठी और अन्य लिखित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। दलाल राजेंद्र ने दस्तावेजों पर गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए। न रसीद दी, न संस्था की सूची में नाम पीड़ित के अनुसार सौदे के बाद भेरूलाल और उसके बेटे पंकज ने पांचों भूखंडों की संस्था की ओर से कोई रसीद नहीं दी। इसके अलावा प्राधिकरण को भेजी गई सूची में भी ओमप्रकाश का नाम शामिल नहीं किया गया। जानकारी लेने पर दोनों पिता-पुत्र मामले को टालते रहे। बाद में ओमप्रकाश को पता चला कि जिन पांच प्लॉटों का उनसे सौदा किया गया था, उनका अन्य लोगों से ज्यादा कीमत में सौदा कर दिया गया है। जांच में संस्था से संबंध नहीं होने की बात सामने आई शिकायतकर्ता के मुताबिक बाद में जानकारी मिली कि भेरूलाल और पंकज का लक्ष्मण नगर गृह निर्माण संस्था से कोई संबंध नहीं था। उन्हें भूखंड बेचने का अधिकार या अनुमति भी नहीं थी। इसके बाद पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। पुलिस के अनुसार शिकायत की जांच के बाद शुक्रवार रात भेरूलाल पोरवाल, पंकज पोरवाल और राजेंद्र पुराणिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेज और लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को एक दिवसीय उज्जैन दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 11 बजे शहर पहुंचेंगे। दौरे में धार्मिक कार्यक्रम, औद्योगिक यूनिट का उद्घाटन और युवा धर्म संसद का समापन शामिल है। होटल अंजुश्री में प्राकट्य उत्सव में होंगे शामिल मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे इंदौर रोड स्थित होटल अंजुश्री पहुंचेंगे। यहां पूज्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के प्राकट्य उत्सव के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे संतों का आशीर्वाद भी लेंगे। विक्रम उद्योगपुरी में API यूनिट का उद्घाटन मुख्यमंत्री दोपहर 2.30 बजे विक्रम उद्योगपुरी पहुंचेंगे। यहां जेके लाइफकेयर सेंटर्स की अत्याधुनिक API मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। नई यूनिट से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। शाम को युवा धर्म संसद के समापन में होंगे शामिल मुख्यमंत्री शाम 4 बजे युवा धर्म संसद के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में देश-प्रदेश से आए युवाओं की भागीदारी रहेगी। मुख्यमंत्री युवाओं को संबोधित करेंगे और धर्म, संस्कृति व राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विचार रखेंगे।
बिजनौर के नहटौर नगर के प्रसिद्ध श्री हथिवाला मंदिर में चल रहे 11 दिवसीय श्री गणेश महोत्सव के पांचवें दिन शुक्रवार को भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। संध्या के समय मंदिर परिसर में भव्य भजन संध्या एवं आरती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक गणेश वंदना और भक्ति गीत प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु देर रात तक भजनों की मधुर धुनों पर झूमते और जयकारे लगाते नजर आए। देर रात विशेष महाआरती संपन्न हुई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत भक्तों में विधि-विधान के साथ प्रसाद का वितरण किया गया। महोत्सव के चलते मंदिर प्रांगण को आकर्षक फूलों और विद्युत झालरों से सजाया गया है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि 11 दिवसीय इस महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
जमशेदपुर के किताडीह बॉयज क्लब की ओर से गणेशोत्सव के दौरान 11 किलो के खास लड्डू की नीलामी की गई। इस बार लड्डू की सबसे ऊंची बोली 71 हजार रुपए लगी। किताडीह निवासी राम महतो ने यह बोली लगाकर लड्डू खरीदा। क्लब के अनुसार नीलामी से प्राप्त राशि का इस्तेमाल समाजसेवा के कार्यों और जरूरतमंद लोगों की मदद में किया जाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, जरूरतमंद बच्चों और बेसहारा लोगों की सहायता के साथ अन्य सामाजिक कार्यों में भी इस राशि का उपयोग किया जाएगा। धार्मिक आयोजन के साथ समाजसेवा की इस पहल को स्थानीय लोगों का समर्थन मिलता रहा है। 500 रुपए से शुरू हुई थी बोली क्लब के अध्यक्ष बंटी सिंह ने बताया कि लड्डू की नीलामी की परंपरा पिछले आठ साल से चली आ रही है। जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब पहली बार लड्डू की बोली महज 500 रुपए लगी थी। समय के साथ लोगों की आस्था और आयोजन में भागीदारी बढ़ती गई और बोली की रकम भी लगातार बढ़ती गई। पिछले चार साल से लड्डू की बोली 50 हजार रुपए से अधिक में लग रही है। पिछले साल 11 किलो के लड्डू की सबसे ऊंची बोली 70 हजार रुपए लगी थी। इस बार राम महतो ने 71 हजार रुपए की बोली लगाकर पिछली राशि से अधिक में लड्डू खरीदा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणेश भक्त नीलामी में शामिल हुए। आस्था के साथ समाजसेवा का संदेश क्लब के पदाधिकारियों के मुताबिक, लड्डू की नीलामी से मिलने वाली राशि को धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि इसका इस्तेमाल समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए किया जाता है। क्लब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, जरूरतमंद बच्चों और बेसहारा लोगों की सहायता के अलावा दूसरे सामाजिक कार्यों में भी योगदान देता है। इसी वजह से नीलामी को लेकर लोगों में उत्साह रहता है। लड्डू खरीदने वाले राम महतो ने कहा कि इसकी बहुत मान्यता है, इसलिए उन्होंने 71 हजार रुपए की बोली लगाई। क्लब के सदस्यों का कहना है कि धार्मिक आस्था के साथ समाजसेवा की यह परंपरा लोगों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रेरित करती है।
जौनपुर गोलीकांड के 8 आरोपी फरार:सभी पर 25-25 हजार का इनाम, एक हफ्ते बाद भी फरार
जौनपुर के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र में 9 सितंबर को करंजाकला मोड़ तिराहे के पास गोलीबारी हुई थी। इस घटना में विपिन यादव को गोली लगी थी। पुलिस ने इस मामले में फरार आरोपियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। आरोपियों के गिरफ्तार न होने पर पुलिस ने 11 सितंबर को 8 फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम रखा था। हालांकि, एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस के मुताबिक, 9 सितंबर को करंजाकला मोड़ तिराहे पर जान लेने की नियत से फायरिंग की गई थी। ताबड़तोड़ गोलियां चलने से इलाके में डर फैल गया था। इस मामले में कई लोगों के नाम सामने आए थे। 8 आरोपियों पर इनाम घोषित एसएसपी के निर्देश पर जिन 8 आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया है, उनमें शिवम उर्फ निरहू यादव (घुट्टुर यादव का बेटा), आदित्य यादव उर्फ गब्बर यादव, अंकित यादव (सुभाष यादव का बेटा) और सत्यम यादव (अमलदार यादव का बेटा) शामिल हैं। ये सभी खजुरा, थाना सरायख्वाजा के रहने वाले हैं। इनके अलावा अवनीश यादव (निवासी भैसनी), संतोष पाल (अमरनाथ पाल का बेटा, निवासी खजुरा), सोनू सिंह (तेजप्रताप सिंह का बेटा, निवासी खजुरा) और ओम प्रकाश सिंह (रामजनम सिंह का बेटा, निवासी गडैला) की भी तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार, सभी आठों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम है। आरोपियों को गिरफ्तार कराने या उनके बारे में कोई जरूरी जानकारी देने वाले को नियमों के हिसाब से इनाम मिलेगा।
ट्रेनिंग के दौरान होमगार्ड की मौत:संतकबीरनगर में अचानक तबीयत बिगड़ी, परिवार में मातम
संतकबीरनगर के धनघटा क्षेत्र के कोड़रा गांव निवासी होमगार्ड संजय दुबे (50) की गोरखपुर में ट्रेनिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर तबीयत खराब होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव शुक्रवार देर शाम गांव पहुंचा। शव देखते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। ट्रेनिंग के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत परिजनों के मुताबिक, संजय दुबे गोरखपुर में होमगार्ड की ट्रेनिंग कर रहे थे। शुक्रवार दोपहर ट्रेनिंग के दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। साथी उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शुक्रवार देर शाम शव कोड़रा गांव स्थित उनके घर लाया गया। दो बेटे, एक यूपी पुलिस में तैनात संजय दुबे लंबे समय से होमगार्ड विभाग में सेवाएं दे रहे थे। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अतुल दुबे (30) घर पर रहता है और उसकी शादी हो चुकी है। छोटा बेटा विपुल दुबे (27) यूपी पुलिस की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वर्तमान में बलिया में तैनात है। पत्नी समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल संजय दुबे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पत्नी चंदा देवी समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शव घर पहुंचने के बाद परिवार के लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। संजय की मौत से पूरे गांव में भी शोक की लहर है। ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई।
मानसून विदाई से पहले बाड़मेर शहर समेत गांवों में बारिश हुई है। बाड़मेर शहर में शुक्रवार रात 9 बजे तक 17 एमएम बारिश दर्ज की गई। लेकिन बॉर्डर के गांवों में बारिश नहीं होने से किसान मायूस है। शनिवार को सुबह से आसमान में घने बादल छाए है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आज और कल भी बारिश की संभावना जताई है। दरअसल, सावन के बाद आधा भादो सूखा बीतने के बाद शुक्रवार को दोपहर के समय बादल छाए, शाम को अचानक मौसम बदला और तेज बौछारों के साथ शाम 7 बजे हल्की बारिश शुरू हुई। लेकिन 8 बजे शहर में करीब 15 मिनट तक बारिश से सड़कों पर पानी बहने लगा। बाड़मेर, गडरारोड, धनाऊ समेत कई इलाकों में बारिश हुई। इंतजार के बाद बारिश से मुरझा रही खरीफ फसलों को कुछ जीवनदान मिला। वहीं दिन के पारे में गिरावट से गर्मी से राहत मिली। शहर में 17 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। शनिवार को सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए। इस वजह से धूप नहीं निकली। वहीं मौसम सुहाना बना हुआ है। लेकिन उमस होने से पसीने छूटा रही है। हवा भी थम चुकी है। कई जगहों पर गिरे बिजली के पोल शुक्रवार देर शाम को तेज हवा के साथ रिमझिम बारिश शुरू होने के बाद ग्रामीण इलाकों में लाइट के पोल गिर गए। कुड़ला से नोखड़ा जाने वाली रोड पर कई लाइट के पोल गिर गए। वहीं तार सड़क पर गिर गई। गनीमत यह रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। अब तक 208 एमएम बारिश शहर में इस मानसून सीजन में औसतन 384 एमएम बारिश की आवश्यकता होती है, जिसके मुकाबले अब तक केवल 54 प्रतिशत कोटा ही पूरा हो पाया है। इस वर्ष अब तक कुल 208 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यानि औसत के मुकाबले 46 फीसदी कम बारिश हुई है। इस स्थिति में अधिकांश इलाके सूखे की चपेट में है। दो दिन बारिश का अलर्टट मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार क्षेत्र में बने मानसूनी सिस्टम और वायुमंडलीय दबाव के कारण अगले 24 से 48 घंटों में बादलों की सक्रियता बनी रहेगी। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ सकता है।
देवरिया में कोविड काल के दौरान बैंक में 23.09 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया है। आरोप तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार राकेश पर है। उन्होंने बैंक में जमा होने वाली रकम को खातों में पोस्ट करने के बजाय मैन्युअल पर्चियों के जरिए जमा दिखाया। यह रकम करीब तीन साल तक अलग-अलग समय पर इस्तेमाल की गई। मामला सामने आने के बाद बैंक ने रिकॉर्ड और लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। सलेमपुर के सोहनाग रोड पर सेंट्रल बैंक की एक शाखा है। यहां 2012 से लार थाना क्षेत्र के रावतपार पांडेय बरईटोला निवासी गणेश चौरसिया सीएसपी (ग्राहक सेवा केंद्र) चलाते थे। कोविड काल में बैंक शाखा का काम प्रभावित होने पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने उन्हें बैंक परिसर में काउंटर उपलब्ध कराया। इसके बाद छोटे रकम वाले ग्राहकों की जमा-निकासी का काम सीएसपी के माध्यम से होने लगा। बैंक की सीएसपी व्यवस्था में एक बार में अधिकतम 10 हजार रुपए जमा करने का प्रावधान था। इससे अधिक रकम होने पर ग्राहक की रकम पर्ची के माध्यम से मैन्युअल रूप से बैंक में जमा की जाती थी। आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर कुछ रकम संबंधित ग्राहकों के खातों में पोस्ट नहीं की। आरोप के मुताबिक, पर्चियों के आधार पर जमा अतिरिक्त रकम को खातों में दर्ज करने के बजाय शाखा प्रबंधक ने धीरे-धीरे अपनी पत्नी और परिचितों के खातों में ट्रांसफर किया। करीब तीन साल तक अलग-अलग समय पर रकम निकालने या दूसरे खातों में भेजने का आरोप है। इस तरह कुल 23.09 लाख रुपए की रकम में गड़बड़ी सामने आई है। मामला सामने आने के बाद बैंक अधिकारियों ने रिकॉर्ड और लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। पर्चियों, खातों में हुई पोस्टिंग और रकम के ट्रांसफर का मिलान किया जाएगा। सलेमपुर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सलेमपुर सोहनाग रोड शाखा में करीब 23 लाख रुपए की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार राकेश का तबादला कर दिया गया था। आरोप है कि वर्ष 2020 से 2023 के बीच ग्राहकों की जमा रकम को खातों में पोस्ट करने में गड़बड़ी की गई। मामला सामने आने के बाद बैंक स्तर पर कार्रवाई करते हुए शाखा प्रबंधक का स्थानांतरण किया गया था। बाद में शिकायतकर्ता ने पुलिस और बैंक के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। लेकिन विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं किया। वहीं अमित कुमार राकेश ने दूसरे रिजन में तबादला लेने के बाद मामला ठंडे बह्ते में चला गया था। आपदा में अवसर तलाश लिया था कोविड काल में बैंक की मैन्युअल जमा व्यवस्था का फायदा उठाकर तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार राकेश पर करीब 23 लाख रुपए के गबन कर लिया। बैंक में (सीएसपी) ग्राहक सेवा केंद्र खाते में एक दिन में एक बार में 10 हजार रुपए जमा करने का प्रावधान था। इससे अधिक रकम पर्ची पर मैन्युअल जमा कर बैंक में रखी जाती थी। आरोप है कि मैनेजर ने ऐसी रकम खातों में पोस्ट नहीं की और धीरे-धीरे अपने परिचितों व पत्नी के खातों में ट्रांसफर करता रहा। करीब तीन वर्षों में यह रकम 23 लाख रुपए तक पहुंच गई। मामले की जांच में पर्चियों और खातों के लेनदेन का मिलान किया जा रहा है। सीएसपी संचालक ने की थी शिकायतग्राहकों की जमा रकम में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद सीएसपी संचालक गणेश चौरसिया ने बैंक के उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी। आरोप है कि वर्ष 2020 से अप्रैल 2023 के बीच ग्राहकों से जमा करीब 23.09 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए। शिकायतकर्ता के अनुसार, जांच और शिकायत के बावजूद पुलिस स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। 2023 में शिकायत के बाद भी मुकदमा नहींग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक ने ग्राहकों की रकम में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद वर्ष 2023 में सलेमपुर कोतवाली पुलिस से शिकायत की थी। आरोप है कि ग्राहकों की जमा करीब 23.09 लाख रुपये की रकम अलग-अलग खातों में भेजी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार राकेश समेत अन्य के खिलाफ शिकायत के बावजूद पुलिस ने उस समय मुकदमा दर्ज नहीं किया। बैंक के उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की गई। कार्रवाई न होने पर सीएसपी संचालक ने अदालत का रुख किया। 2020 में सीएससी पर जमा-निकासी की थी 10 हजार की सीमावर्ष 2020 में बैंक की सीएसपी व्यवस्था के तहत ग्राहकों के लिए एक बार में अधिकतम 10 हजार रुपए जमा और 10 हजार रुपए निकासी की सीमा निर्धारित थी। इससे अधिक रकम के लेनदेन के लिए ग्राहकों को बैंक की अन्य प्रक्रिया का सहारा लेना पड़ता था। आरोप है कि इसी व्यवस्था के दौरान अतिरिक्त रकम को मैन्युअल पर्चियों के माध्यम से बैंक में जमा किया जाता था। आरोप के मुताबिक, इन पर्चियों पर दर्ज रकम को संबंधित ग्राहकों के खातों में पोस्ट करने के बजाय दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया। करीब तीन वर्षों में इस तरह करीब 23 लाख रुपए की गड़बड़ी का मामला सामने आया। 33 महीने में शाखा प्रबंधक पर 23 लाख के गबन का आरोपसलेमपुर स्थित सेंट्रल बैंक शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार राकेश पर करीब 33 महीने में 23 लाख रुपए के गबन का आरोप लगा है। आरोप है कि वर्ष 2020 से अप्रैल 2023 के बीच सीएसपी के माध्यम से ग्राहकों से जमा कराई गई अतिरिक्त रकम को संबंधित खातों में पोस्ट करने के बजाय दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया। शिकायत के बाद भी चलता रहा लेनदेन का खेलसेंट्रल बैंक की सलेमपुर शाखा से जुड़े सीएसपी में ग्राहकों की रकम को लेकर गड़बड़ी का आरोप है। शिकायतकर्ता के अनुसार, किसी उपभोक्ता की रकम खाते में जमा न होने पर शिकायत मिलने के बाद दूसरे उपभोक्ता से जमा हुई रकम को पहले वाले खाते में पोस्ट कर दिया जाता था। आरोप है कि इस तरह शिकायतों को तत्काल दबाने के लिए खातों के लेनदेन में हेरफेर किया जाता रहा। बाद में जमा होने वाली रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए जाने का आरोप लगाया गया। करीब 33 महीने में 23.09 लाख रुपए की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। अदालत के आदेश पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत छह लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर छह के खिलाफ गबन का मुकदमाकोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने सलेमपुर स्थित सेंट्रल बैंक की शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार राकेश समेत छह लोगों के विरुद्ध गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई की जानकारी होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। मुकदमे में तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार राकेश, उनकी पत्नी एकता कुमारी, निरंजन कुमार निवासी पंचू, पोस्ट हिसुआ, थाना नवादा, जिला नवादा (बिहार), रमेश कुमार कुशवाहा और परमानंद यादव निवासी गढ़वा धरमपुर, थाना सलेमपुर तथा अनुराग गोंड उर्फ सोनू निवासी टीचर कॉलोनी, थाना सलेमपुर को आरोपी बनाया गया है।
गणेश उत्सव में विधायक ने की पूजा-अर्चना:ढेकहरी बुजुर्ग में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजा पंडाल
सिद्धार्थनगर में गणेश पूजा उत्सव के अवसर पर शुक्रवार की रात करीब 9:30 बजे शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ढेकहरी बुजुर्ग गांव में आयोजित गणेश पूजा कार्यक्रम में पहुंचे। विधायक ने भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। पूजा पंडाल में पहुंचने पर आयोजन समिति और श्रद्धालुओं की ओर से विधायक विनय वर्मा का स्वागत किया गया। उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद विधायक ने भगवान गणेश के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा की और श्रद्धालुओं के साथ कुछ समय बिताया। इस दौरान पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। भगवान गणेश के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। विधायक ने सभी श्रद्धालुओं को गणेश उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्री गणेश सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें। आयोजन समिति की ओर से विधायक के आगमन और पूजा-अर्चना में शामिल होने पर आभार व्यक्त किया गया। देर रात तक पंडाल में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। लोगों ने भगवान श्री गणेश के दर्शन कर परिवार और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया के जयघोष से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
फरीदाबाद के डबुआ कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल में दो नकाबपोश चोर 4.80 लाख कैश समेत चार लैपटॉप और मोबाइल लेकर फरार हो गए। चोरी का एक सीसीटीवी भी सामने आया है। चोरी की इस वारदात को रात के करीब 3 बजे अंजाम दिया गया । मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है। पुलिस का कहना है कि फूटेज के आधार पर चोरों की तलाश की जा रही है। स्कूल के संचालक प्रदीप ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल के स्टाफ की सैलरी देने के लिए पैसे रखे हुए थे। लेकिन वो स्कूल नही जा पाए थे जिस कारण सैलरी नही बट सकी थी। सुबह जब स्कूल का स्टाफ पहुंचा तो देखा कि ऑफिस का लॉक टूटा हुआ है। इतना ही नही अंदर रखी अलमारी और दराज भी खुला हुआ है। जिसके बाद उनको सूचना दी गई। CCTV में घूमते हुए दिखाई दिए चोर स्कूल से करीब 4 लाख 80 हजार रुपये की नकदी, चार लैपटॉप और एक मोबाइल फोन लेकर गए है। चोरी की पूरी वारदात स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें तीन संदिग्ध चोर दिखाई दे रहे हैं। जो अलमारी और दराज का लॉक तोड़ रहे है। पुलिस कर रही फूटेज के आधार पर तलाश डबुआ थाना पुलिस मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फूटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने पीडित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस जल्द ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी।
गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात जीटी रोड पर भीषण सड़क हादसा हुआ। औंरा स्थित संत पॉल्स हाई स्कूल के पास नेशनल हाईवे पर खड़े एक ट्रक में पीछे से आ रहे दूसरे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पीछे से आ रहे ट्रक का अगला हिस्सा और केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद ट्रक का चालक क्षतिग्रस्त केबिन में ही फंस गया। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। काफी मशक्कत के बाद केबिन से निकाला चालक हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और बगोदर थाना पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। क्षतिग्रस्त केबिन में फंसे चालक को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रयास के बाद चालक को केबिन से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे में मृत चालक की पहचान तत्काल नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने में प्रभावित हुआ यातायात हादसे के बाद जीटी रोड पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को सड़क से हटाने और यातायात व्यवस्था सामान्य करने का काम शुरू किया। बचाव अभियान के दौरान नेशनल हाईवे की एक लेन पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इससे सड़क पर यातायात प्रभावित रहा और वाहनों की कतार लग गई। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से आ रहे ट्रक की टक्कर को हादसे की वजह बताया जा रहा है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस मृत चालक की पहचान कराने का भी प्रयास कर रही है।
आगरा के मलपुरा के धनौली में नाले में मिले शिवम की मौत की गुत्थी अब लखनऊ की FSL टीम सुलझाएगी। टीम मौके पर क्राइम सीन भी रीक्रिएट कर सकती है। शुक्रवार को छावनी विधायक डॉ. जीएस धर्मेश परिजन के साथ पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार से मिले। परिजन के आरोप सुनने के बाद कमिश्नर ने DCP सिटी को जांच के निर्देश दिए हैं। परिजन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हत्या के बाद शव को पहले श्मशान में छिपाया गया और बाद में नाले में फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवालविधायक धर्मेश ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा-शिवम के शरीर पर बाहरी चोट नहीं है। आंखें खुली और बाहर निकली हुई थीं। जीभ भी बाहर थी। ऐसा गला दबने से मौत होने पर होता है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट और डूबने से मौत बताई गई है। रिपोर्ट में सांस की नली में कीचड़ मिलने की बात है, लेकिन मुंह और नाक में कीचड़ नहीं मिला तो नली में कैसे पहुंचा? फेफड़ों में गंदा पानी बताया, फिर फेफड़ों को खोलकर क्यों नहीं देखा गया? आशंका है कि डॉक्टर ने दबाव में पोस्टमार्टम किया है। पंचनामा के दौरान परिवार को नहीं बुलायाविधायक ने कहा कि पंचनामा भरते समय परिवार को नहीं बुलाया गया। जल्दबाजी में पोस्टमार्टम कर शव सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार के लिए दबाव बनाया गया। पिता को अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं दी गई है। उस समय रिपोर्ट मिल जाती तो परिजन पैनल से पोस्टमार्टम की मांग कर लेते। इस दौरान भाजपा महानगर महामंत्री महेश शर्मा, मुकेश कुशवाहा मौजूद रहे। परिजन ने सवाल उठाया- - जिस नाले से शव मिला, उसके ऊपर खोखे रखे हैं। निकलने का रास्ता ही नहीं है।- नाले की गहराई सिर्फ 3 फीट है और खोखे से उसकी ऊंचाई महज 1 फीट है।- ऐसे में साढ़े पांच फीट का शिवम नाले में कैसे गिर सकता है?- रात 2 बजे श्मशान घाट का गेट किसकी परमिशन से खोला गया? सपा ने की मजिस्ट्रेट जांच की मांगउधर, समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने भी परिजन से मुलाकात की। सपा नेता विनय अग्रवाल ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है। इस दौरान सतीश चाहर, बलविंदर सिंह, राजीव सविता, परवेज खान मौजूद रहे।
साइबर फ्रॉड के मामलों में फरार चल रहे दो इनामी बदमाशों को जैरोली थाना पुलिस और डीएसटी खैरथल-तिजारा ने गिरफ्तार किया है। ये बदमाश सोशल मीडिया पर विज्ञापन डालकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। गिरफ्तार आरोपियों में थौंस निवासी समयदीन (32) और बेरला निवासी मुबारिक (28) शामिल हैं। समयदीन पर 20 हजार और मुबारिक पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने बताया कि वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा था। इसी के तहत जैरोली पुलिस और डीएसटी को इन दोनों को गिरफ्तार करने के निर्देश मिले थे। टीमों ने जानकारी जुटाकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, मुबारिक के खिलाफ जैरोली थाने में कई धाराओं में मामले दर्ज हैं। समयदीन पर साइबर फ्रॉड के अलावा गोतस्करी और दूसरे मामले भी दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि समयदीन पहले गोतस्करी के मामलों में जेल जा चुका है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर हुई। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमनलाल मीणा और तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह ने मार्गदर्शन दिया। डीएसटी प्रभारी गौरव और जैरोली थानाधिकारी हनुमान यादव के नेतृत्व में पुलिस और डीएसटी की टीम ने आरोपियों को पकड़ा।
टीकमगढ़ में शनिवार को खनिज विभाग की टीम ने सुबह से छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग जगहों से अवैध रेत और गिट्टी का परिवहन करते एक डंपर और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए गए। जिला खनिज अधिकारी विपुल रावत ने बताया कि जतारा रोड पर लार खुर्द गांव के पास अवैध रेत से भरा एक डंपर जा रहा था। टीम ने पीछा किया तो ड्राइवर गाड़ी को गांव के अंदर ले गया और सुनसान जगह पर खड़ी कर भाग निकला। डंपर को जब्त कर मजना पुलिस चौकी को सौंपा गया है। इसके अलावा, बल्देवगढ़ थाना क्षेत्र के वैसा उगड गांव से अवैध गिट्टी का परिवहन करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त किए गए। दोनों को बल्देवगढ़ थाने ले जाकर पुलिस की हिरासत में रखा गया है। अधिकारी ने यह भी बताया कि इससे पहले नदी-नालों से अवैध रेत निकालने पर 7 जेसीबी और पोकलेन मशीनें जब्त की गई थीं। वैधानिक कार्रवाई के लिए सार्वजनिक सूचना भी जारी की गई थी। जब मशीनों के मालिक सामने नहीं आए, तो कलेक्टर ने तीन मशीनों पर चालानी कार्रवाई की। इन तीनों पर करीब 7 करोड़ रुपए का जुर्माना तय किया गया है। बाकी पोकलेन और जेसीबी मशीनों के खिलाफ भी जल्द ही चालानी कार्रवाई की जाएगी।
जिले की सल्लोपाट थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 साल से फरार चल रही 15 हजार रुपए की इनामी वांछित महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह के निर्देशन और वृत्ताधिकारी बागीदौरा श्यामसिंह के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार महिला आरोपी की पहचान भुरी उर्फ आशा डामोर पत्नी दयाराम डामोर, निवासी छायणी, थाना सालमगढ़, जिला प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। 15 हजार रुपए का इनाम घोषित था आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बांसवाड़ा ने 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। 20 सितंबर 2023 को थाना सल्लोपाट पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक बिना नंबर बाइक से 17 किलोग्राम डोडा चूरा जब्त किया था। उस समय मौके से मोटर साइकिल चालक दयाराम को गिरफ्तार किया गया था, जबकि सह-आरोपी भुरी उर्फ आशा मौके से फरार हो गई थी। पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा सल्लोपाट थानाधिकारी जयेश पाटीदार मय टीम ने गठित विशेष टीम ने वांछित अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई में थानाधिकारी जयेश पाटीदार, हैड कांस्टेबल प्रवीण, कानि पंकज, आसूचना अधिकारी बलदेव (विशेष भूमिका), धीरज (साइबर सेल), और कांस्टेबल मनीषा शामिल रहे।
दमोह में बंद कमरे में मिला युवक का शव:राय चौराहे के पास हुई घटना, कमरे से शराब की बोतलें मिलीं
दमोह कोतवाली थाना क्षेत्र के राय चौराहे के पास एक घर के बंद कमरे में शुक्रवार रात 35 साल के एक युवक का शव संदिग्ध हालत में मिला है। स्थानीय लोगों की सूचना पर कोतवाली टीआई पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को जिला अस्पताल भिजवाया। कमरे के अंदर शराब की बोतलें, बीड़ी और सिगरेट भी मिली हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत की सही वजह पता चलेगी। हालांकि, शुरुआती जांच में ज्यादा शराब पीने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। मृतक की पहचान गौरव उर्फ मोंटू पिता पूरनलाल नामदेव के तौर पर हुई है। युवक के माता-पिता का निधन हो चुका है और वह दो मंजिला मकान में अकेला रहता था। मकान के दूसरे हिस्से में किराएदार रहते हैं। दो दिन पहले आया था नजर युवक शराब पीने का आदी था और रोजाना काफी ज्यादा शराब पीता था। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि नामदेव परिवार से सूचना मिली थी कि दूसरी मंजिल पर गौरव का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि युवक को आखिरी बार बुधवार दोपहर 2 बजे देखा गया था, उसके बाद किसी ने उसे नहीं देखा। शराब की खाली बोतलें मिलीं शव से बदबू आ रही थी। पुलिस जब अंदर पहुंची तो युवक का शव पड़ा था और वहां शराब की खाली बोतलें, बीड़ी और सिगरेट के बंडल भी थे। किराएदारों ने बताया कि युवक बहुत शराब पीता था और उसे शुगर की बीमारी भी थी। मृतक की बहनों को सूचना दे दी गई है और शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का सही कारण पता चलेगा।
लखनऊ में कई इलाकों में नहीं आएगा पानी:ऐशबाग-बालागंज, हजरतगंज, चारबाग, चौक समेत इन इलाकों में संकट
लखनऊ में शनिवार शाम कई इलाकों में पानी का संकट हो सकता है। ऐशबाग और बालागंज जलकल से जुड़े दर्जनों मोहल्लों में शाम की पानी की सप्लाई नहीं होगी। नगर निगम और जलकल विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह पानी आने के समय अपनी जरूरत के मुताबिक पानी भरकर रख लें। जलकल अधिकारियों के मुताबिक, ऐशबाग विद्युत उपकेंद्र पर शनिवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शटडाउन रहेगा। बिजली बंद रहने से ऐशबाग और बालागंज जलकल की पंपिंग बंद रहेगी। इसका असर शाम की पेयजल सप्लाई पर पड़ेगा। प्रभावित होने वाले प्रमुख इलाके ऐशबाग जलकल से जुड़े क्षेत्र में हजरतगंज (आंशिक), कैसरबाग और लालबाग, चारबाग और नाका हिंडोला, ऐशबाग, भदेंवा और मोतीनगर,मौलवीगंज, यहियागंज और लाटूश रोड ,माल एवेन्यू और फैजाबाद रोड,आर्यनगर, गढ़ी कनौरा और करेहटा, अंबेडकर नगर और छितवापुर,मनकामेश्वर और बाबूगंज (आंशिक) निशातगंज और न्यू हैदराबाद बालागंज जलकल से जुड़े क्षेत्र में चौक, सआदतगंज और राजाजीपुरम, कश्मीरी मोहल्ला, दौलतगंज और ठाकुरगंज,बालागंज, गऊघाट और अहमदगंज पजावा, कैंपवेल रोड और कन्हैय्या माधवपुर, खदरा-मुसाहिबगंज और इकबाल नगर खंती व पूर्वी देवी मंदिर ठाकुरगंज और गुफ्तीगंज विभाग की अपील जलकल विभाग ने नागरिकों को होने वाली असुविधा पर खेद जताते हुए कहा है कि शनिवार सुबह की वाटर सप्लाई अपने तय समय पर होगी। इसलिए सभी नागरिक सुबह ही पर्याप्त मात्रा में पेयजल का भंडारण कर लें, ताकि शाम को कार्यों में किसी तरह की परेशानी न हो।
सतना के सिटी कोतवाली पुलिस ने एक आधार कार्ड से कई फर्जी सिम जनरेट करने के मामले में अजय कुमार नामदेव (22) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी इन सिम को ई-सिम में बदलकर प्रदेश और दूसरे राज्यों में भेजता था। इन सिम का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किए जाने की बात सामने आई है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे केंद्रीय जेल भेज दिया गया। साइबर सेल से मिले दस्तावेजों की जांच में सामने आया नाम थाना प्रभारी हेमंत शर्मा ने बताया कि 17 सितंबर को आजाक थाना प्रभारी अनिल मिश्रा ने राज्य साइबर सेल, पुलिस मुख्यालय भोपाल से मिले दस्तावेजों की जांच शुरू की। इनमें उन सिम धारकों की जानकारी थी, जिनके नाम पर सिम एक्टिवेट थीं। जांच के दौरान अजय कुमार नामदेव का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की। दो साथियों के साथ मिलकर बनाता था सिम पुलिस के अनुसार पूछताछ में अजय ने बताया कि वह अपने साथी रजनीकांत साकेत और अखिलेश सतनामी के साथ मिलकर एक आधार कार्ड से कई सिम बनाता था। इसके बाद इन सिम को ई-सिम में बदलकर दूसरे राज्यों में भेजा जाता था। पुलिस का कहना है कि इन सिम का इस्तेमाल लोगों के बैंक खातों से जुड़े साइबर फ्रॉड में किया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कितनी सिम तैयार की गईं और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया गया। मोबाइल जब्त, दोनों साथियों की तलाश पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर लिया है। मोबाइल की जांच के जरिए सिम बनाने और उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस उसके दोनों साथियों की भूमिका और साइबर फ्रॉड के पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 3(5), आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और टेलीकॉम एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे केंद्रीय जेल भेज दिया गया।
सीधी शहर के रामगढ़ चौराहे पर शनिवार सुबह करीब 7:40 बजे एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में सड़क पर घूम रहे इस व्यक्ति को एक अज्ञात बाइक सवार ने टक्कर मार दी। हादसे में उसके सिर में चोट आई है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने घायल व्यक्ति को उठाकर पास की एक छोटी दुकान के समीप सुरक्षित जगह लिटाया। इसके बाद तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई। एंबुलेंस के पहुंचने पर घायल को सीधी के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे भर्ती कर प्राथमिक इलाज शुरू किया गया। स्थानीय लोगों ने घायल की पहचान मड़रिया निवासी मेवालाल वर्मा के रूप में बताई है। लोगों का कहना है कि मेवालाल अक्सर शराब पीने के बाद रामगढ़ चौराहे के आसपास आते-जाते दिखाई देते हैं। शनिवार सुबह भी वह नशे की हालत में ही सड़क के आसपास घूम रहे थे। लोगों के मुताबिक, नशे की वजह से मेवालाल को सिर में लगी चोट का तुरंत पूरी तरह एहसास नहीं हो रहा था। हालांकि, हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने इंसानियत दिखाते हुए उन्हें सड़क से हटाकर सुरक्षित जगह पहुंचाया और एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजा। जिला अस्पताल में डॉक्टर अरविंद सोनी ने बताया कि शराब के नशे की हालत में एक व्यक्ति को अस्पताल लाया गया है। उसके शरीर पर चोट के निशान हैं और सिर में भी चोट आई है। फिलहाल उसे प्राथमिक इलाज दिया जा रहा है। डॉक्टर के अनुसार, घायल के परिवार की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस को भी सूचना दे दी गई है।
जैसलमेर में विदाई से पहले जमकर बरसे बादल:शहर और ग्रामीण इलाकों में बारिश हुई, आज भी राहत की उम्मीद
जैसलमेर में शुक्रवार को अचानक मौसम बदला और दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ हुई। बारिश से शहर में 5.5 एमएम बरसात दर्ज की गई। जैसलमेर शहर समेत पोकरण और मोहनगढ़ में भी बारिश होने से मौसम सुहाना हुआ। बारिश के बाद हुए सुहावने मौसम का लोगों ने लुत्फ उठाया और अंतिम दौर की इस मानसूनी बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। जिले में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.0 और न्यूनतम 26.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक बादलों की सक्रियता बनी रहेगी और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। किसानों के चेहरों पर लौटी चमक मानसून के इस अंतिम दौर की बारिश से किसानों के चेहरों पर भी विशेष चमक लौट आई है। कृषि जानकारों का मानना है कि यह मानसूनी बौछारें इस सीजन की अंतिम विदाई से पहले स्थानीय पर्यावरण और मिट्टी की नमी के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगी। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे ग्रामीण इलाकों के किसानों में भी इसको लेकर काफी उत्साह देखा गया। मौसम विभाग का आगामी पूर्वानुमान मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, क्षेत्र में बने एक मजबूत मानसूनी सिस्टम और अनुकूल वायुमंडलीय दबाव के चलते आगामी 24 से 48 घंटों तक बादलों की सक्रियता इसी प्रकार बनी रहने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी अनुमान जताया है कि जैसलमेर और इसके आसपास के कुछ चुनिंदा इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश का दौर आज भी जारी रह सकता है। इस बदलाव से तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है।
भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' आज फतेहगढ़ साहिब से शुरू होगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस यात्रा को रवाना करेंगी। उनके सुबह करीब 10 बजे फतेहगढ़ साहिब पहुंचने की उम्मीद है। कार्यक्रम के अनुसार, रेखा गुप्ता सबसे पहले गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब में मत्था टेककर अरदास करेंगी। इसके बाद सरहिंद बाजार में भाजपा की ओर से एक रैली आयोजित की जाएगी। 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को अगले पड़ाव के लिए करेंगी रवाना रैली को संबोधित करने के बाद वह 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को अगले पड़ाव के लिए आगे बढ़ाएंगी। भाजपा ने कहा है कि इस यात्रा के जरिए पंजाब में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाई जाएगी। पार्टी की तैयारियां पूरी इसके साथ ही लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा। यात्रा के फतेहगढ़ साहिब से शुरू होने को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
हरदा के सरकारी योजनाओं में जनता के पैसे खर्च होते हैं, इसलिए उनके समय पर उपयोग और निगरानी की जिम्मेदारी भी तय होती है। लेकिन आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह के गृहग्राम मकड़ाई में बना एससी बालक छात्रावास 13 साल बाद भी विद्यार्थियों के काम नहीं आ सका है। साल 2013 में 86 लाख रुपए की लागत से स्वीकृत हुआ भवन करीब पांच साल में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन लंबे समय तक इसका उपयोग नहीं हुआ। 86 लाख की स्वीकृति, लागत बढ़कर 1.39 करोड़ पहुंची छात्रावास भवन की स्वीकृति वर्ष 2013 में 86 लाख रुपए की लागत से हुई थी। निर्माण करीब पांच साल में पूरा हो गया, लेकिन इसके बाद भी भवन विद्यार्थियों के लिए शुरू नहीं हो सका। निर्माण पूरा होने के कई साल बाद 18 मार्च 2026 को इसका लोकार्पण किया गया। इस दौरान भवन की लागत बढ़कर करीब 1 करोड़ 39 लाख रुपए पहुंच गई। यानी शुरुआती स्वीकृत राशि की तुलना में करीब 53 लाख रुपए ज्यादा खर्च हुए। लोकार्पण के बाद भी ताला, हैंडओवर नहीं हुआ लोकार्पण के बाद भी छात्रावास का विभागीय हैंडओवर नहीं हो पाया है। भवन बंद पड़ा है और विद्यार्थियों के रहने-पढ़ने की व्यवस्था शुरू नहीं हुई। लंबे समय से उपयोग में नहीं आने के कारण भवन के आसपास झाड़ियां उग आई हैं। छत पर भी पानी रिसने के निशान दिखाई दे रहे हैं। जिस छात्रावास को विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बनाया गया था, वह अभी भी उपयोग में नहीं आ सका है। ऐसे में भवन की देखरेख और भविष्य में होने वाली मरम्मत की जिम्मेदारी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। विभाग बोला- कमियां दूर कराने पीआईयू को बताया आदिम जाति विभाग के जिला संयोजक प्रमोद माथुर ने बताया कि शासन स्तर से अभी तक छात्रावास विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। विभाग के सब इंजीनियर ने भवन का निरीक्षण किया है। निरीक्षण में जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर कराने के लिए पीआईयू के अधिकारियों को जानकारी दी गई है। मकड़ाई में एससी छात्रावास बनाए जाने की जरूरत को लेकर उन्होंने कहा कि यह शासन स्तर का मामला है। विभाग की ओर से शासन को पत्राचार कर इस छात्रावास को अनुसूचित जनजाति वर्ग के बालकों के लिए शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। अब उपयोगिता और जरूरत पर भी ध्यान जरूरी 13 साल पहले स्वीकृत हुए भवन के अब तक उपयोग में नहीं आने से इसकी वास्तविक उपयोगिता का सवाल भी सामने आता है। मकड़ाई और आसपास के गांवों में एससी वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या कितनी है और छात्रावास की वास्तविक मांग क्या थी, इसका आकलन निर्माण से पहले किया गया था या नहीं, यह भी स्पष्ट होना बाकी है। क्योंकि यदि भवन लंबे समय तक बंद रहता है और आगे चलकर मरम्मत की जरूरत पड़ती है, तो इसका अतिरिक्त खर्च भी सरकारी खजाने पर आ सकता है। ऐसे में लागत बढ़ने, निर्माण में हुई देरी, हैंडओवर में विलंब और छात्रावास के वर्तमान उपयोग की स्थिति को लेकर विभागीय स्तर पर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है।
सीकर शहर की मुख्य सिल्वर जुबली रोड पर पुलिस लाइन कट के पास एक कंटेनर अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर तोड़ दिया। हादसे में कंटेनर का टायर फट गया और क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद पुलिस लाइन से बजरंग कांटा और कल्याण सर्किल की तरफ ट्रैफिक जाम हो गया। घटना की सूचना पर कोतवाल सुनील जांगिड़ बाइक से मौके पर पहुंचे और कंटेनर को हटाने के लिए क्रेन बुलाई। कोतवाल सुनील जांगिड़ ने बताया कि पीलीबंगा से गेहूं की सप्लाई लेकर सांवली रोड जा रहे एक अनियंत्रित कंटेनर ने पुलिस कंट्रोल रूम के सामने बने डिवाइडर को जोरदार टक्कर मारी और सड़क के दूसरी तरफ चला गया। गनीमत यह रही कि इस दौरान सामने से कोई वाहन नहीं आ रहा था, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हादसे में कंटेनर चालक पूरी तरह सुरक्षित बच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ड्राइवर शराब के नशे में था। डिवाइडर तोड़ दूसरी लेन में चला गया कंटेनर पुलिस कंट्रोल रूम के ठीक सामने ड्राइवर कंट्रोल खो बैठा और भारी-भरकम कंटेनर डिवाइडर को तोड़ते हुए दूसरी लेन में जा घुसा। जोरदार आवाज सुनकर मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और करीब 2 घंटे तक शहर की मैन रोड का ट्रैफिक सावधानी से निकाला गया। कंटेनर में पीलीबंगा से आए गेहूं के कट्टे सांवली रोड पर उतारे जाने थे। कंटेनर को मुख्य मार्ग से हटाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 4 फायर ब्रिगेड, 1 एंबुलेंस को मौके पर बुलाई गई सुरक्षा और राहत कार्य के लिए 4 फायर ब्रिगेड और 1 एंबुलेंस को मौके पर तैनात किया गया। रात करीब 11 बजे क्रेन से कंटेनर को हटाकर ट्रैफिक बहाल किया गया।
चाय थोड़ी ज्यादा बनाना, मैं भी पीऊंगा। गुटखे की पुड़िया लेकर 10 मिनट में आता हूं। पत्नी और बेटी से यह कहकर घर से निकले पोस्ट ऑफिस एजेंट युनूस खान (40) पुत्र अशरफ खान बुधवार सुबह आहोर बाइपास रोड किनारे झाड़ियों में जलती हालत में मिले। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने उन्हें लपटों में घिरा और चिल्लाते हुए देखा तो आग बुझाकर हॉस्पिटल पहुंचाया। गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया गया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पिता के जाने के गम में बेटी लगातार रो रही हैं। उसके आंसू थम नहीं रहे हैं। बेटी का कहना है कि पापा हमारा बहुत ख्याल रखते थे। पढ़िए यह रिपोर्ट… रात को परिवार के साथ खाना खाया, सुबह चाय के लिए कहा मृतक की बड़ी बेटी जारा खान (18) ने बताया- पापा परिवार का बहुत ख्याल रखते थे। घटना से एक रात पहले भी उन्होंने परिवार के साथ खाना खाया था। काफी देर तक हंसी-मजाक किया। पापा कुछ दिनों से परिवार के साथ अजमेर दरगाह जाने की बात भी कह रहे थे। जारा के अनुसार, बुधवार सुबह पिता ने उठकर चाय पी और मोबाइल चार्जिंग पर लगाया। करीब 8 बजे छोटी बेटी अरीबा खान (12) को पास स्थित साइन स्कूल छोड़कर घर लौटे। इसके बाद उन्होंने पत्नी अफसाना बानू से चाय बनाने और अपने लिए थोड़ी ज्यादा चाय रखने को कहा। फिर गुटखे की पुड़िया लेने के लिए 10 मिनट में लौटने की बात कहकर घर से निकल गए। मां-बेटी उनका इंतजार करती रहीं, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद उनके बाइपास किनारे झाड़ियों में जलती हालत में मिलने की सूचना मिली। राहगीरों ने कपड़ा डालकर बुझाई आग बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे आहोर बाइपास से गुजर रहे वाहन सवारों ने सड़क किनारे झाड़ियों में युनूस को आग की लपटों से घिरा देखा। लोगों ने कपड़ा डालकर आग बुझाई और एंबुलेंस को सूचना दी। उन्हें जालोर जिला हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां से गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। युनूस के चचेरे भाई हजरत रियाज ने बताया- युनूस अपना मोबाइल घर पर ही छोड़ गए थे। परिजनों ने सवाल उठाया कि गुटखा लेने के लिए निकले युनूस बाइपास तक कैसे पहुंचे। आशंका है कि किसी का कॉल आने के बाद वे वहां गए होंगे। उन्होंने कॉल डिटेल और घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियों की जांच की मांग की है। दावा- बयान में तीन लोगों की ओर इशारा किया महिला पुलिसकर्मी गंगा कंवर ने युनूस के बयान मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किए थे। चचेरे भाई हजरत रियाज का दावा है कि किसने जलाया पूछने पर युनूस ने हाथ की तीन अंगुलियां दिखाकर इशारा किया था कि उसे तीन लोगों ने जलाया है। नाम पूछने पर उन्होंने कहा कि वे उन्हें नहीं जानते। उन्होंने उन लोगों के बाइक पर होने की बात भी कही थी। बयान के दौरान मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने वहां बोतल पड़ी होने की बात कही। पुलिसकर्मी ने युनूस से किसी से दुश्मनी होने के बारे में भी पूछा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस दौरान युनूस बार-बार पानी मांग रहे थे। हालांकि, इन दावों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग गुरुवार शाम करीब 5 बजे पोस्टमॉर्टम के बाद युनूस का शव जालोर स्थित निवास पर पहुंचा। यहां बड़ी संख्या में परिजन और मुस्लिम समाज के लोग एकत्र हुए। पुलिस को ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच, घटना में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शुक्रवार को परिजनों ने कलेक्टर से मुलाकात कर मृतक के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने और बड़ी बेटी को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी। जालोर डीएसपी गौतम जैन ने बताया- मामले को लेकर जांच की जा रही है। युनूस घर से बाइपास पर कैसे पहुंचे, इसके लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी खंगाले जा रहे है। जांच के बाद ही पता चलेगा की घटना कैसे हुई हैं। …………………………ये खबर भी पढ़िए… पोस्ट ऑफिस एजेंट झाड़ियों में जलता हुआ मिला:जोधपुर में इलाज के दौरान मौत; बोला- 3 नकाबपोश युवकों ने पेट्रोल डालकर आग लगाई जालोर में आहोर बाइपास रोड पर झाड़ियों में पोस्ट ऑफिस एजेंट जलता हुआ मिला। लोगों ने कपड़ा डालकर आग बुझाई। युवक को जालोर जिला हॉस्पिटल ले जाया गाय, जहां से उसे जोधपुर रेफर कर दिया। जोधपुर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़िए
डूंगरपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण 10 अक्टूबर को तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत लगाएगा। इसमें 1 हजार से ज्यादा मामलों को रखा जाएगा। इन मामलों का दोनों पक्षों की आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा, जिससे लोगों को आसानी से न्याय मिल सके। जिला एवं सेशन न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत 10 अक्टूबर को होगी। इसे सफल बनाने के लिए तैयारियों की समीक्षा की गई है। जिला मुख्यालय और तालुका स्तर पर अब तक कुल 1 हजार 60 मामले चुने गए हैं। लोक अदालत में धारा 138 एनआई एक्ट के लंबित मामलों के लिए नोटिस जारी करने की स्थिति जांची गई। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, चेक अनादरण और पारिवारिक मामलों में भी ज्यादा से ज्यादा केस राजीनामे से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, तलाक से जुड़े मामलों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने यह भी बताया कि लोक अदालत में निपटाए गए मामलों के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती। साथ ही, जमा की गई कोर्ट फीस भी पक्षकारों को वापस मिल जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने राजीनामा योग्य लंबित मामलों का निपटारा लोक अदालत के जरिए कराएं। इस बैठक में पारिवारिक न्यायाधीश नीतू आर्य, एडीजे प्रवीण कुमार, एडीजे सुनीता नसवारिया समेत जिला मुख्यालय और तालुका स्तर के न्यायिक अधिकारी मौजूद थे। डीएलएसए सचिव किरण कुमार चौहान भी बैठक में शामिल हुए।
आगरा में शनिवार सुबह से आगरा में धूप निकली हुई है। हवा भी शांत है। हालांकि उमस से लोगों को राहत मिली है। दिन में कुछ समय के लिए बादल छा सकते हैं, लेकिन बूंदाबांदी या बारिश के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार 21 सितंबर तक मौसम में इसी तरह उतार-चढ़ाव बना रहेगा। 22 सितंबर से मौसम साफ रहने के आसार हैं। अगले कुछ दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मानसून में सामान्य रही बारिश आगरा में इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा फिलहाल सामान्य के आसपास है। पिछले साढ़े तीन महीने में कुछ ही दिनों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कई दिन सूखे रहे। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 18 सितंबर तक आगरा में 513.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 512.7 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक सामान्य से करीब 0.6 मिमी अधिक बारिश हुई है। बारिश का आंकड़ा सामान्य के आसपास रहने के बावजूद आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई तो यह ग्राफ सामान्य से नीचे जा सकता है। पिछले 24 घंटे में 14.6 मिमी बारिश हुई है। 5 दिन में बदला मौसम, लुढ़का तापमान पिछले पांच दिनों में आगरा के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिला। कभी तेज धूप निकली तो कभी बादल छाए। इस दौरान एक-दो दिन बूंदाबांदी भी हुई। इसके चलते तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहा। गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 4.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, गुरुवार को अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। आगे ऐसा रहेगा मौसम 19 सितंबर: धूप, बीच-बीच में बादल; बारिश के आसार नहीं 20-21 सितंबर: बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम 22 सितंबर से: मौसम साफ रहने के आसार अधिकतम तापमान: 36C के आसपास बना रहेगा। न्यूनतम तापमान: करीब 27C रहने के आसार हैं। अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होगा।
जबलपुर जिला अदालत ने कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। 65 वर्षीय रज्जाक पर धोखाधड़ी, अवैध वसूली, धमकी और आर्म्स एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। वह फिलहाल भोपाल जेल में बंद है। अपर सत्र न्यायाधीश, जबलपुर के न्यायालय ने 18 सितंबर 2026 को उसकी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया। शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक अनिल तिवारी ने जमानत का विरोध किया। जमीन बेचने के नाम पर 95 लाख रुपए हड़पने का आरोप ओमती थाने में अजय पटेल की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 374/24 दर्ज किया गया था। इसमें आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 419, 467, 468, 471, 384, 386, 506, 406, 120बी, 34 भादवि और धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार विवेचना में सामने आया कि अब्दुल रज्जाक ने परिवार और अपने गुर्गों के साथ मिलकर षड्यंत्रपूर्वक जमीन बेचने के नाम पर 95 लाख रुपए हड़प लिए। आरोप है कि पेशी के दौरान उसने न्यायालय परिसर में प्रार्थी को जान से मारने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने रज्जाक को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। 1991 से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले पुलिस के मुताबिक अब्दुल रज्जाक के खिलाफ वर्ष 1991 से अब तक मारपीट, अवैध वसूली, बलवा, अवैध हथियार रखने और हथियारों से हत्या जैसे गंभीर अपराधों के प्रकरण दर्ज रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ दर्ज मामलों की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। रज्जाक के खिलाफ दर्ज प्रकरणों की मॉनीटरिंग पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में की जा रही है। नगर पुलिस अधीक्षक ओमती सोनू कुर्मी और थाना प्रभारी ओमती राजपाल सिंह बघेल के नेतृत्व में मामले की कार्रवाई जारी है।
विदिशा में नशे की ओवरडोज से युवक की मौत:पुलिस ने दर्ज किया गैर-इरादतन हत्या का केस, 4 आरोपी गिरफ्तार
विदिशा में 14 सितंबर को लड्डा एजेंसी, खरीफाटक रोड के पास संदिग्ध हालत में मिले 22 वर्षीय गोलू रैकवार की मौत के मामले में कोतवाली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गोलू को अचेत हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। परिजनों, दोस्तों और आसपास के लोगों के बयान के बाद पुलिस ने मर्ग जांच को गैर-इरादतन हत्या के केस में बदल दिया। पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर को मर्ग जांच को बीएनएस की धारा 105 और 123 के तहत अपराध में बदला गया। इसके बाद 17 सितंबर को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। लड्डा एजेंसी के पास मिला था बेहोश गोलू रैकवार काछी कुआं इलाके का रहने वाला था। 14 सितंबर को वह लड्डा एजेंसी के पास बेहोशी की हालत में मिला था। लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। एसपी रोहित काशवानी के निर्देश पर पुलिस ने गोलू के परिजनों, दोस्तों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस को नशीला पदार्थ उपलब्ध कराने वाले लोगों की भूमिका से जुड़े तथ्य मिले। इसके बाद मामले में गैर-इरादतन हत्या की धाराएं बढ़ाई गईं। चार आरोपी गिरफ्तार, नशे की सप्लाई की भी जांच पुलिस ने मामले में सौरभ राठौर निवासी काछी कुआं, नीरज उर्फ बच्चा अहिरवार, हेमलता अहिरवार और खत्तु उर्फ रवि अहिरवार निवासी लोहांगी मोहल्ला को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गोलू तक नशीला पदार्थ कहां से पहुंचा और इसके पीछे सप्लाई नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े हैं। कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज ने बताया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। गोलू की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है। मां का आरोप- इलाके में लंबे समय से चल रहा नशे का कारोबार गोलू की मां सुनीता का आरोप है कि जिस इलाके में उनका बेटा बेहोश मिला था, वहां लंबे समय से नशा करने वाले लोगों का आना-जाना लगा रहता है। उन्होंने काछी कुआं इलाके में नशीले पदार्थ और इंजेक्शन की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि गोलू को नशीला पदार्थ देने वालों को पहले भी ऐसा नहीं करने के लिए कहा गया था, लेकिन इसके बावजूद उसे नशीले पदार्थ मिलते रहे। परिवार के मुताबिक, इलाके में नशे के कारण कई युवाओं की जान जा चुकी है। परिवार ने शादी तय कर रखी थी गोलू तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई कल्लू की करीब दो-तीन साल पहले आत्महत्या से मौत हो गई थी। पिता मजदूरी करते हैं, जबकि मझला भाई शुभम भोपाल में रहता है। गोलू मंडीदीप में काम करता था। परिवार ने उसकी शादी भी तय कर रखी थी और दीपावली के बाद शादी होनी थी। गोलू की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी नशे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की मोहल्ले के लोगों का कहना है कि लड्डा एजेंसी के आसपास अक्सर नशा करने वाले युवक दिखाई देते हैं। उनके मुताबिक, यहां इंजेक्शन और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों का आना-जाना रहता है। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि कुछ दिन पहले भी इंजेक्शन के नशे से एक युवक की मौत हुई थी। लोगों के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र की तखत मल कॉलोनी में भी पहले इंजेक्शन लगाने के बाद एक युवक की मौत हो चुकी है। स्थानीय लोगों और परिजनों का दावा है कि इस साल शहर में नशे से करीब 16 युवाओं की मौत हुई है। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल नशा करने वालों तक सीमित न रहे, बल्कि नशीले पदार्थों की सप्लाई और कारोबार से जुड़े लोगों तक भी पहुंचे। पुलिस का कहना है कि गोलू की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पशुपतिनाथ मंदिर के पास एक मकान में शुक्रवार रात 3 से 4 दिन पुराना शव मिलने से मामला सामने आया। मृतक की पहचान रमाशंकर गर्ग के रूप में हुई है। शव कमरे में तखत पर पड़ा था और शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। आसपास खून के निशान भी मिले, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की आशंका से जांच शुरू कर दी है। पड़ोसी को दुर्गंध आई तो पुलिस को दी सूचना रमाशंकर गर्ग के मकान के पास एक पड़ोसी के घर का निर्माण कार्य चल रहा था। शुक्रवार को पड़ोसी को मकान की तरफ से तेज दुर्गंध आई। शक होने पर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान के बाहर से कुंडी लगी हुई थी। पुलिस ने कुंडी खोलकर अंदर जाकर देखा तो कमरे में तखत पर रमाशंकर का शव पड़ा था। शव करीब 3 से 4 दिन पुराना बताया जा रहा है। शरीर पर चोट और आसपास मिले खून के निशान पुलिस को शव के आसपास खून के निशान मिले हैं। शरीर पर भी गंभीर चोटें दिखाई दीं। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने कमरे और आसपास के हिस्से की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रमाशंकर की मौत किन परिस्थितियों में हुई और चोटें कैसे आईं। परिवार बाहर रहता है, घर में अकेले थे रमाशंकर बताया गया है कि रमाशंकर गर्ग के परिवार के सदस्य बाहर रहते हैं। उनके दो बच्चे भी बाहर पढ़ाई करते हैं। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि घटना के समय रमाशंकर घर में अकेले थे। पुलिस अब उनके आखिरी संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आखिरी बार उनसे कौन मिला था और घटना के दौरान मकान में किसी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही हुई थी या नहीं। अज्ञात के खिलाफ जांच, हत्या की वजह तलाश रही पुलिस पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हत्या की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ तकनीकी साक्ष्यों की भी मदद ले रही है। मकान के बाहर से कुंडी लगी मिलना और अंदर तखत पर शव मिलने की स्थिति को पुलिस जांच का अहम हिस्सा मान रही है। पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़कर मामले का खुलासा करने का प्रयास कर रही है।
लुधियाना के कस्बा जगराओं में बिना अनुमति खाद और कीटनाशक दवाइयों का भंडारण करने के आरोप में दो सगे भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कृषि विभाग की कार्रवाई के बाद थाना सिटी पुलिस ने यह केस दर्ज किया। आरोपियों की पहचान जगराओं के शास्त्री नगर निवासी राजेश कुमार गोयल और अरविंद कुमार गोयल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी अभी फरार हैं। थाना सिटी पुलिस ने आरोपियों पर इंसेक्टिसाइड्स एक्ट, फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। थाना सिटी के एएसआई आत्म सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई खेतीबाड़ी विभाग के कृषि विकास अधिकारी जसवंत सिंह की शिकायत पर हुई। विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि जगराओं में बिना जरूरी अनुमति के खाद और कीटनाशक दवाइयों के दो गोदाम चलाए जा रहे हैं। इस सूचना के बाद जिला और ब्लॉक स्तर के कृषि अधिकारियों की टीम ने शेरपुरा रोड पर कोठे फतेहदीन और डिस्पोजल रोड पर स्थित गोदामों की जांच की। कार्रवाई के दौरान कोठे फतेहदीन वाले गोदाम से खाद और कीटनाशक दवाइयों के सैंपल लिए गए। इन्हें जांच के लिए भेजा गया है। गौरतलब है कि वीरवार देर रात कृषि विभाग की टीम ने जगराओं में दबिश दी थी। टीम ने दोनों कथित अनधिकृत गोदामों की जांच की और उन्हें सील कर दिया। लुधियाना के मुख्य कृषि अधिकारी गुरदीप सिंह ने बताया कि विभाग को गुरदास राम गोयल एंड कंपनी से जुड़े दो गोदामों के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की टीम ने मौके पर जाकर जांच की। पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
उमरिया बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का कॉलर वाला हाथी मैहर की पहाड़ी वाले इलाकों में पहुंच गया है। लगातार उसकी निगरानी के बाद अब वन प्रबंधन ने हाथी को बचाने की तैयारी शुरू कर दी है। टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय सहित उप संचालक और कई अधिकारी-कर्मचारी मैहर पहुंच गए हैं। हाथी कॉलर नंबर चार मैहर वन मंडल के गोरसरी की पहाड़ी वाले इलाकों में घूम रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से हाथी को बचाने के लिए टीम मैहर पहुंच गई है। इस टीम में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के चार हाथी, 20 से ज्यादा गाड़ियां और 60 से अधिक स्टाफ शामिल है। ये सभी जंगल में घूम रहे हैं। बारिश के मौसम के कारण हाथी को बचाने में दिक्कत हो रही है। जेसीबी और हाइड्रा मशीनें भी मौके पर बुलाई गई हैं। टीम लगातार योजना बना रही है, क्योंकि हाथी अपनी जगह लगातार बदल रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि हाथी को बचाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। बारिश के कारण थोड़ी परेशानी आ रही है। उन्होंने कहा कि हमारे पास हाथी, जेसीबी, हाइड्रा और स्टाफ सब तैयार है। सही समय देखकर उसे बचा लिया जाएगा। हाथी पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कटनी के मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा के लिए परेशान होना पड़ रहा है। केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी यहां रात में प्लेटफार्मों पर बत्ती गुल रहती है। साथ ही, यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवान भी नदारद मिलते हैं। शुक्रवार रात मुडवारा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों में असुरक्षा का माहौल साफ दिखा। जबलपुर-अजमेर दयोदय एक्सप्रेस के यात्री लोकेश सेन ने बताया कि वह एक घंटे से अंधेरे में प्लेटफार्म पर बैठे हैं। यहां न तो पर्याप्त लाइट है और न ही सुरक्षा का कोई इंतजाम। आरपीएफ या जीआरपी का कोई जवान भी नजर नहीं आ रहा है। स्थानीय निवासी पंडित रामानंद ने बताया कि वह अपने परिचित को स्टेशन छोड़ने आए थे। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से यहां यही अव्यवस्था है। जिन प्लेटफार्मों पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है, वहीं बत्ती गुल रहती है। बीना की ट्रेन पकड़ने पहुंचे यात्री अरुण और संतोष ने भी अपनी परेशानी बताई। उनके साथ छोटे बच्चे, महिलाएं और बच्चियां भी थीं। उन्होंने कहा कि प्लेटफार्म पर अंधेरा और पुलिस की गैरमौजूदगी के कारण चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं का डर बना रहता है। इसके अलावा, प्लेटफार्म पर टीनशेड भी नहीं है, जिससे यात्री खुले आसमान के नीचे बैठे रहते हैं। स्टेशन परिसर में आवारा मवेशियों और कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। क्या कहते हैं जिम्मेदार पूरे मामले पर मुडवारा रेलवे स्टेशन मास्टर रामेश्वर मीना ने बताया कि प्लेटफार्म की बिजली सप्लाई बंद होने के कारणों की जांच कराई जाएगी। स्टेशन परिसर में कई खुले स्थान होने के कारण मवेशी अंदर घुस आते हैं। परिसर को सुरक्षित करने का काम जल्द शुरू होगा।स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की भारी कमी है, जिसके लिए संबंधित उच्च अधिकारियों को पूर्व में ही पत्राचार किया जा चुका है।करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि यात्रियों को अंधेरे और अनहोनी के डर के बीच सफर करना पड़े, तो यह रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सतना में कॉलेज छात्रा को पिछले करीब 10 महीने से परेशान करने, पीछा करने और फिजिकल रिलेशन के लिए दबाव बनाने के आरोप में कोलगवां थाना पुलिस ने छात्र श्रवण सेन के खिलाफ केस दर्ज किया है। शुक्रवार को पुलिस ने बीएनएस की धारा 74 के तहत छेड़खानी का अपराध दर्ज किया। केस दर्ज करने से पहले पीड़िता के परिवार के कहने पर उसके दोबारा बयान लिए गए। इसके बाद आरोपी श्रवण को कोतवाली बुलाकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच आगे जारी है। जरूरत पड़ने पर पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के सामने भी दर्ज कराए जा सकते हैं। मना करने के बाद भी पीछा करने का आरोप पीड़िता के परिवार का आरोप है कि छात्रा के बार-बार मना करने के बावजूद श्रवण उसका पीछा करता था। वह फोन पर धमकाता था। परिवार के मुताबिक, आरोपी की गर्लफ्रेंड और उसके दोस्तों के जरिए भी छात्रा को धमकियां दिलाई जाती थीं। परिवार का आरोप है कि श्रवण बाइक से छात्रा का पीछा करता था और कॉलेज जाने के रास्ते में बाइक लगाकर उसके साथ गाली-गलौज करता था। इसी दौरान आरोपी की गर्लफ्रेंड पर भी छात्रा को धमकाने का आरोप लगाया गया है। नगर वन में बुलाकर मारपीट का आरोप परिवार के मुताबिक, लगातार दबाव और धमकियों के बाद भी छात्रा जब नहीं मानी तो उसे बहाने से नगर वन बुलाया गया। वहां चार लड़कियों ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि मारपीट के दौरान छात्रा से श्रवण को वीडियो कॉल करवाकर माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। मारपीट का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। परिवार का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद छात्रा काफी परेशान है और घर से बाहर निकलने में डर रही है। उसने कॉलेज जाना भी बंद कर दिया है। जीसी ग्रुप से शुरू हुआ था संपर्क पीड़िता के बयान के मुताबिक, आरोपी की गर्लफ्रेंड ने पिछले साल दिसंबर में उसे इंस्टाग्राम के एक जीसी ग्रुप से जोड़ा था। इसी ग्रुप में श्रवण सेन भी जुड़ा हुआ था। परिवार का आरोप है कि शुरुआत में छात्रा को अश्लील मैसेज भेजे गए। विरोध करने पर उसे लगातार परेशान किया गया। परिवार के मुताबिक, बाद में आरोपी की गर्लफ्रेंड और कुछ अन्य लड़कियां भी छात्रा को परेशान और धमकाने लगीं। छात्रा को अभी भी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से धमकी भरे फोन आने का आरोप परिवार ने लगाया है। पांच आरोपियों के मोबाइल जब्त कोलगवां थाना पुलिस पहले ही श्रवण की गर्लफ्रेंड समेत मारपीट में शामिल चार लड़कियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। अब श्रवण सेन के खिलाफ भी छेड़खानी का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, डिलीट डेटा, सोशल मीडिया चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हासिल करने के लिए मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे। परिवार ने पुलिस से धमकी देने वाले मोबाइल नंबरों की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
कानपुर दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जेल में बंद बहू शालू और सुपारी किलर विशाल की पुलिस कस्टडी रिमांड पर आज सुनवाई होगी। सुबह करीब 10:30 बजे पुलिस हत्यारोपियों को सीजेएम कोर्ट लेकर पहुंचेगी। पुलिस ने कोर्ट ने 24 घंटे की रिमांड मांगी है। पुलिस ने आरोपियों और कारोबारी के बेटे सुब्रत से पूछताछ के लिए 20 से अधिक सवालों की लिस्ट तैयार की है। सुब्रत से आरोपियों का आमना-सामना भी कराया जाएगा। पुलिस पिछले 2 दिनों से कारोबारी के बेटे से पूछताछ कर रही है। सुब्रत ने पुलिस कुछ सवालों के जवाब दिए हैं, तो कुछ सवालों के जवाब में चुप्पी साध ली। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि घटना से जुड़े कई तथ्य अभी सामने नहीं आए हैं। इनको लेकर हत्यारोपियों से अलग-अलग पूछताछ की जाएगी। दरअसल, कारोबारी विनीत मिनोचा की 5 सितंबर को उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। इसकी साजिश रचने का आरोप बहू शालू पर लगा है। आरोप है, बहू ने नौकर से ससुर की हत्या कराई। दोनों आरोपियों से पुलिस कौन-कौन से सवाल पूछ सकती है, पढ़िए… शालू से ये सवाल पूछ सकती है विशाल से ये सवाल पूछ सकती है पुलिस को बेटे सुब्रत पर शक, कई सवाल पूछ चुकी 45 हजार खर्च मिलता था, 49 हजार की दी पार्टी डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया था कि विनीत मिनोचा की हत्या की रात (5 सितंबर) बेटे सुब्रत और बहू शालू तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में कपल किटी पार्टी में गए थे। यह पार्टी सुब्रत ने ही ऑर्गनाइज की थी। इस बात का खुलासा गुरुवार (10 सितंबर) को शालू के भाई धीरज अरोड़ा और बहन सोनिया मेहरोत्रा ने किया। उस कपल पार्टी में 35 लोग शामिल हुए थे, जो दवा कारोबार से जुड़े हैं। रेस्टोरेंट के रिकॉर्ड से सामने आया कि दोनों रात 10:30 बजे ही पार्टी में पहुंच गए थे, जबकि पार्टी रात 11:30 बजे से शुरू होनी थी। इसके साथ ही रात में 3 बजे उनके लाउंज से निकलने की पुष्टि हुई है। पुलिस की जांच और लाउंज के रिकॉर्ड में एक बात और सामने आई कि पार्टी के लिए 1400 रुपए प्रति प्लेट की दर से बुकिंग हुई थी। पार्टी का बिल करीब 49 हजार बना था। पुलिस की पूछताछ में सुब्रत ने बताया था कि उसे 35 हजार रुपए बतौर सैलरी और शालू को 10 हजार रुपए खर्च के लिए मिलते थे। ऐसे में सवाल किया गया कि 45 हजार प्रतिमाह मिलने वाले खर्च में 49 हजार की पार्टी कैसे ऑर्गनाइज की? इसका कोई जवाब उसके पास नहीं था। सोशल मीडिया अकाउंट से डिलीट किए फोटो-वीडियो पुलिस की जांच में एक बात सामने आई कि मर्डर के कुछ दिन बाद सुब्रत ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपनी फर्म ‘फार्मा ट्रेडर्स’ का वॉलपेपर भी लगाया था। जिस पर एक के बाद एक कई कमेंट्स आने के बाद सुब्रत ने अपने अकाउंट से पोस्ट हटा दी। इसके साथ ही उसने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल से पोस्ट की गई फोटो व रील्स भी डिलीट कर दीं। अब जानिए क्या था पूरा मामला कारोबारी विनीत मिनोचा रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर C-104 फ्लैट में परिवार के साथ रहते थे। 4 कमरों और डाइनिंग रूम वाले इस फ्लैट की कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। विनीत बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा की फर्म चलाते थे। विनीत बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे। सालाना टर्नओवर 50 से 60 करोड़ का था। परिवार में पत्नी पुनीता, बेटा सुब्रत, बहू शालू और 5 साल का पोता श्रीजय हैं। शालू और सुब्रत की शादी 7 साल पहले नैनीताल से हुई थी। पत्नी पुनीता मैरिज काउंसलर हैं, वह गाजियाबाद में बेटी सुभानी और दामाद के साथ रहती हैं। शालू मिनोचा के पिता नरेश अरोड़ा कपड़ा कारोबारी हैं। वे लखनऊ के ठाकुरगंज में रहते हैं। 5 सितंबर की रात दवा कारोबारी के गले और सीने में 26 से ज्यादा चाकू से वारकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया था। पुलिस ने कारोबारी की दुकान में काम करने वाले नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को 6 सितंबर की रात एनकाउंटर के दौरान पकड़ा था। विशाल ने कहा था कि उसने बहू शालू के कहने पर वारदात को अंजाम दिया था। वहीं, अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड मदन सिंह ने बताया था कि शालू ने विशाल को घर बुलाया था, जिसके बाद पुलिस ने शालू को अरेस्ट कर जेल भेजा था। बुधवार को पुलिस ने शालू और विशाल की 24 घंटे की कस्टडी रिमांड मांगी थी, लेकिन हड़ताल के चलते मामले की सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की गई है। कारोबारी की पत्नी की वसीयत भी जांच के दायरे में पुलिस जांच के दौरान विनीत की पत्नी पुनीता मिनोचा की जून 2022 में तैयार वसीयत का दस्तावेज भी रजिस्ट्री कार्यालय से मिला है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वसीयत में संपत्ति किसके नाम की गई थी। पुलिस इस दस्तावेज को भी हत्या के पीछे संभावित वजहों की जांच से जोड़कर देख रही है। ------------------------- ये खबर भी पढ़िए- करोड़पति कारोबारी की बहू दुपट्टे से मुंह छिपाती रही, कानपुर में पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची, बोली- फोटो खींचने वालों को रोको कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी की हत्यारोपी बहू बुधवार को कोर्ट में पेशी के दौरान चेहरा छिपाती नजर आई। वह दुपट्टे से लगातार चेहरा ढकती रही और कैमरों से बचती नजर आई। उसने पुलिसकर्मियों से कहा- इनको रोको। इस दौरान उसकी बहन और भाई भी उससे मिलने कोर्ट पहुंचे। हालांकि, पति सुब्रत नहीं आए। पढ़ें पूरी खबर
अजमेर की क्लॉक टावर थाना क्षेत्र के केसरगंज में 8 सितंबर को वकील के मकान से करीब 25 लाख रुपए की चोरी के मामले में पुलिस ने आरोपी जुबेर को गिरफ्तार किया है। मूलतः पश्चिम बंगाल के रानीगंज निवासी जुबेर वहां का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ चोरी, नकबजनी, डकैती की साजिश, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 14 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके कब्जे से 7 लाख 69 हजार 870 रुपए बरामद किए हैं। एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि चोरी की राशि ज्यादा होने के कारण विशेष टीम गठित की गई थी। सीओ साउथ मनीष बड़गुर्जर के नेतृत्व में एसएचओ भीखाराम काला और टीम ने जांच शुरू की। आरोपी की पहचान के बाद उसे दरगाह क्षेत्र से डिटेन किया गया। सूना मकान देख दीवार तोड़कर घर में घुसा था पुलिस के मुताबिक ब्यावर रोड स्थित नर्सिंग होम के पास रहने वाले एडवोकेट विक्रम मल्होत्रा ने 9 सितंबर को थाने में रिपोर्ट दी थी। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर की सुबह करीब 8:55 बजे वे घर से निकलकर सेशन कोर्ट गए थे। इसी दौरान आरोपी पीछे से दीवार तोड़कर मकान में घुस गया। कमरे से लाखों रुपए, एक सैमसंग मोबाइल और सात-आठ घड़ियां चोरी कर लीं। इसके अलावा एक स्मार्टफोन और दो की-पैड मोबाइल भी ले गया। बाकी रकम और साथियों की तलाश पुलिस का कहना है कि जुबेर ने चोरी अकेले की थी। हालांकि उसे संदेह है कि चोरी के बाद वह अजमेर में अन्य लोगों से मिला। पुलिस उसके संभावित साथियों, बाकी चोरी की राशि और अन्य सामान की बरामदगी को लेकर जांच कर रही है।
सिवनी जिले के लखनादौन थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर में जा घुसी। यह हादसा पेट्रोल पंप के पास हुआ, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अच्छी बात यह रही कि हादसे के समय डिवाइडर के आसपास कोई व्यक्ति या दूसरा वाहन मौजूद नहीं था। इस वजह से कोई बड़ा नुकसान होने से टल गया। घटना में किसी के घायल होने या जान का नुकसान होने की खबर नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुक्रवार रात एक कार तेज रफ्तार में जा रही थी। इसी दौरान चालक गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख पाया और कार सड़क के बीच बने डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार डिवाइडर पर चढ़कर फंस गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। घटनास्थल की स्थिति देखकर लोगों ने चिंता जाहिर की। जिस जगह कार डिवाइडर से टकराई, वहां दिन-रात लोगों और गाड़ियों की आवाजाही बनी रहती है। पास में पेट्रोल पंप होने के कारण यहां गाड़ियों की भीड़ और बढ़ जाती है। ऐसे में अगर हादसे के समय डिवाइडर के पास कोई राहगीर या गाड़ी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, अगर अनियंत्रित कार पेट्रोल पंप के किसी हिस्से से टकरा जाती, तो हालात और भी बिगड़ सकते थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। कार डिवाइडर में फंस गई थी, इसलिए उसे हटाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों की मदद से जरूरी इंतजाम करके कार को डिवाइडर से हटाया गया। इसके बाद रास्ते पर ट्रैफिक सामान्य हो पाया।
राजस्थान हाईकोर्ट में नागौर जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) का पद खाली होने का मामला पहुंचा है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने इस संबंध में एक जनहित याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है। जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण और जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। याचिका में बताया गया कि नागौर के तत्कालीन एसपी रोशन मीणा (आईपीएस) का 19 मई 2026 को तबादला हो गया था। इसके बाद से एसपी का पद खाली है। याचिका में आईपीएस लगाने की मांग की थी निकाय चुनावों को देखते हुए याचिकाकर्ता ने एक स्थायी आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति की मांग की थी। याचिका के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने 21 जुलाई को कहा था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए जिला कलेक्टर और एसपी की भूमिका बहुत जरूरी है। निर्वाचन आयोग ने खाली पद भरने की गाइडलाइन जारी की थी इसके बाद 21 अगस्त को आयोग ने खाली पदों को भरने के लिए गाइडलाइन भी जारी की थी। याचिका में कहा गया है कि इसके बावजूद एसपी का पद खाली रहा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को इसकी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। हाईकोर्ट ने मांगा जवाब याचिकाकर्ता ने आशंका जताई है कि चुनाव के दौरान पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है। इसलिए उन्होंने एक सही आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश मांगे हैं। कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मोतीसिंह राजपुरोहित ने वकालत की।
छत्तीसगढ़ में कमजोर पड़ा मानसून अब फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा चलने की संभावना जताई है। रायपुर समेत कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक तेज हवा चल सकती है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इस बीच शुक्रवार रात करीब एक हफ्ते बाद रायपुर में तेज बारिश हुई। शहर के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं। 18 जिलों में 40-60 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा मौसम विभाग के मुताबिक सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, राजनांदगांव, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है। रायपुर समेत 24 जिलों में 30-40 किमी की रफ्तार से हवा दूसरे अलर्ट में रायपुर के साथ सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर को शामिल किया गया है। इन जिलों में हल्की गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। बिजली और तेज हवा से बचने की सलाह बारिश के साथ बिजली गिरने और अचानक तेज हवा चलने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खुले स्थानों पर रहने और पेड़ या कमजोर संरचनाओं के पास जाने से बचने की सलाह है।
चंडीगढ़ मॉडल जेल में अब कैदियों के लिए अतिरिक्त आवास के साथ प्रशासनिक और सुरक्षा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने 26.73 करोड़ रुपए की इस परियोजना को 24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद जेल में 552 कैदियों के लिए अतिरिक्त आवास की व्यवस्था हो सकेगी। मॉडल जेल में बढ़ती आवास और कामकाज से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए यह परियोजना शुरू की गई है। इसका उद्देश्य जेल की क्षमता बढ़ाने के साथ यहां प्रशासन, सुरक्षा, सुधार और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना है। परियोजना में सुविधाओं के साथ पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढांचे को भी शामिल किया गया है। ग्राउंड प्लस दो मंजिला प्रशासनिक ब्लॉक बनेगा नई परियोजना में ग्राउंड प्लस दोमंजिला प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा वॉच टावर के साथ सेंट्रल प्रशासनिक ब्लॉक भी बनाया जाएगा। इन सुविधाओं से जेल का कामकाज व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। जेल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन संतरी पोस्ट और चारदीवारी का भी निर्माण किया जाएगा। परियोजना में जेल परिसर के अंदर आने-जाने की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए आंतरिक सड़कें और पार्किंग की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके साथ जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य जन-स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सीसीटीवी-अग्निशमन सिस्टम भी लगाया जाएगा जेल की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे जेल के हर हिस्से पर नजर रखना आसान होगा। जेल में LAN कनेक्शन की सुविधा भी दी जाएगी। आग लगने पर बचाव के लिए फायर सिस्टम लगाया जाएगा। नई इमारतों में आने-जाने के लिए लिफ्ट भी लगाई जाएगी। परियोजना के तहत कैदियों के लिए एक फैक्ट्री शेड भी बनाया जाएगा। यहां उन्हें अलग-अलग काम का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, कैदियों को दोबारा सामान्य जीवन में लौटने के लिए तैयार करने की गतिविधियां भी होंगी। प्रशासन का कहना है कि इससे कैदियों के लिए प्रशिक्षण और दूसरी जरूरी सुविधाएं बेहतर होंगी। इसका मकसद कैदियों के सुधार और उन्हें समाज में वापस शामिल करने में मदद करना है। 552 कैदियों के लिए बढ़ेगा अतिरिक्त आवास 26.73 करोड़ रुपए की परियोजना का सबसे प्रमुख हिस्सा 552 कैदियों के लिए अतिरिक्त आवास की व्यवस्था करना है। इसके लिए अतिरिक्त बैरकों के साथ आवासीय ब्लॉक भी विकसित किया जाएगा। जेल में मौजूदा सुविधाओं पर बढ़ते दबाव को कम करने और आवास की जरूरत को पूरा करने की दिशा में यह विस्तार किया जा रहा है। परियोजना में अतिरिक्त आवास के साथ प्रशासनिक, सुरक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं एक साथ विकसित की जाएंगी। 24 महीने में निर्माण पूरा होने के बाद मॉडल जेल की क्षमता और कामकाज को आधुनिक जेल मानकों के अनुरूप मजबूत करने का लक्ष्य है।
सलूम्बर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) जिला सलूम्बर के तत्वावधान में शुक्रवार को दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन-2026 शुरू हुआ। सम्मेलन के पहले दिन मूसलाधार बारिश के बावजूद जिले भर से सैकड़ों शिक्षक पहुंचे। सम्मेलन का मुख्य मकसद शिक्षक समाज को राष्ट्रहित, शिक्षा हित और शिक्षक हित से जोड़ना है। सम्मेलन को माकड़ा देव धाम (झाड़ोल) के संत श्री 1008 गुलाब दास जी महाराज मौजूद रहे। संत श्री ने शिक्षक जीवन में संस्कार, सेवा, कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर बात की। मुख्य वक्ता महेश चंद्र आमेटा ने भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्र निर्माण के अलग-अलग पहलुओं पर शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। दूसरे सत्र में पूरणमल लोहार ने हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ और मैं से हम की ओर विषयों पर प्रेरणादायक विचार रखे। विभाग संगठन मंत्री देवीलाल पटेल ने संगठन के दायरे और परिचय पर जानकारी दी, जबकि जिला संगठन मंत्री फणींद्र गर्ग ने संगठन की गतिविधियों पर मार्गदर्शन दिया और आभार जताया। तीसरे सत्र में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश चंद्र मीणा की अध्यक्षता में 'खुला मंच' रखा गया। इसमें शिक्षकों की अहम समस्याओं पर गहराई से चर्चा हुई। इसके बाद राज्य सरकार को भेजे जाने वाले मांग पत्र का मसौदा तैयार किया गया। समारोह में सीबीईओ सलूम्बर कपिल कुमार मेहता, सीबीईओ झल्लारा भगवती लाल शर्मा, लवकुश के प्रधानाचार्य मणिलाल चाष्टा, प्रशासक अरुण चौबीसा, महिला जिला संगठन मंत्री ललिता पूर्बिया और वाकपीठ अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह चुंडावत समेत कई खास लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला मंत्री कमल आमेटा ने किया।
दौसा नगर परिषद सभापति चुनाव को लेकर चल रहा सियासी घमासान अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। भाजपा की बागी राधा जायसवाल ने सभापति पद के लिए दाखिल अपना निर्दलीय नामांकन वापस ले लिया है। इसके साथ ही अब सभापति पद के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होगा। राधा जायसवाल भाजपा से सभापति पद के लिए टिकट की दावेदार थीं, लेकिन पार्टी ने वार्ड 6 की पार्षद कविता गुर्जर को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद राधा जायसवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर भाजपा के सामने चुनौती खड़ी कर दी थी। उनके मैदान में आने से कांग्रेस खेमे में उत्साह बढ़ गया था और चुनाव के त्रिकोणीय होने की संभावना बन गई थी। हालांकि, भाजपा नेता जगमोहन मीणा की समझाइश के बाद राधा जायसवाल ने शनिवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा ने राहत की सांस ली, जबकि कांग्रेस खेमे में फिर मायूसी नजर आने लगी। दोनों दलों ने झोंकी पूरी ताकत सभापति की कुर्सी हासिल करने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पूरी ताकत लगा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से सांसद मुरारीलाल मीणा और विधायक दीनदयाल बैरवा ने कमान संभाल रखी है। कांग्रेस अपने बोर्ड के गठन का दावा कर रही है। वहीं, भाजपा की ओर से जगमोहन मीणा सक्रिय होकर पार्षदों को साधने में जुटे हैं। राधा जायसवाल का नामांकन वापस करवाने के बाद भाजपा ने मुकाबले को लेकर अपनी रणनीति तेज कर दी है। निर्दलीयों के हाथ में चाबी दौसा नगर परिषद में कुल 55 पार्षद हैं। इनमें कांग्रेस के 24, भाजपा के 17 और 14 निर्दलीय पार्षद हैं। ऐसे में किसी भी दल के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है। सभापति की कुर्सी तक पहुंचने के लिए दोनों दलों को निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। यही वजह है कि अब चुनाव का पूरा दारोमदार 14 निर्दलीय पार्षदों पर आ गया है। दोनों प्रमुख दल निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में करने के प्रयासों में जुटे हैं। साथ ही कांग्रेस और भाजपा दोनों को क्रॉस वोटिंग की आशंका भी है। ऐसे में संख्या बल के बावजूद अंतिम समय तक मुकाबला खुला नजर आ रहा है। 21 सितंबर को होगा फैसला राधा जायसवाल के नामांकन वापस लेने के बाद अब सभापति पद के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि, 14 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका और संभावित क्रॉस वोटिंग ने चुनाव को रोचक बना दिया है। अब सभी की निगाहें 21 सितंबर पर टिकी हैं। इसी दिन मतदान के बाद तय होगा कि दौसा नगर परिषद की सभापति की कुर्सी कांग्रेस के पास जाएगी या भाजपा अपना बोर्ड बनाने में सफल होगी।
गुरुग्राम में स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे जिस्म फरोशी के कारोबार पर शनिवार रात को पुलिस ने बड़ी रेड की। पुलिस और हरियाणा राज्य महिला आयोग द्वारा सेक्टर 90 स्थित सफायर 90 मॉल में चल रहे 18 स्पा सेंटरों पर रात 10:00 बजे से सुबह 3:00 बजे तक छह घंटे की लंबी ज्चाइंट छापेमारी की। यह ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस ऑपरेशन के दौरान स्पा सेंटरों में हड़कंप मच गया और महिला और पुरुष अर्धनग्न अवस्था में छिपते नजर आए। पुलिस ने आठ स्पा सेंटरों में बड़ी संख्या में मसाज गर्ल और कस्टमर पकड़े हैं। इनमें से 30 महिलाएं और 20 पुरुषों को हिरासत में लिया गया है। ये सभी संदिग्ध हालत में पाए गए थे। पुलिस इन महिलाओं से पूछताछ की जा रही है ताकि उनकी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके और ऐसी गतिविधियों चलाने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा सके। वहां मौजूद पुरुषों की भूमिका की भी पुष्टि की जा रही है। महिला आयोग की चेयरपर्सन मौजूद रही इस दौरान हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शिनी अपनी टीम के साथ और ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहे। 20 इंस्पेक्टरों समेत लगभग 100 पुलिसकर्मियों ने इस बड़े ऑपरेशन को 'अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956' के तहत नियुक्त विशेष पुलिस अधिकारी और एसीपी हेडक्टवार्टर अभिलक्ष जोशी की देखरेख में अंजाम दिया गया। नाबालिग लड़कियां होने का शक महिला आयोग की चेयरपर्सन का कहना है कि प्रारंभिक तौर की जांच के दौरान कुछ युवतियों ने बताया है कि उन्हें इस देह व्यापार में जबरन धकेला गया है। वहीं, पकड़ी गई महिलाओं में कुछ नाबालिग भी होने का संदेह है। ऐसे में पुलिस आगामी जांच कर रही है। इन स्पा सेंटरों में से कुछ सेंटरों में नशीला पदार्थ भी मौजूद था, जिसे कब्जे में लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामले की जांच में जुटी पुलिस एसीपी अभिलक्ष जोशी ने बताया कि एक साथ की गई इन छापेमारी के दौरान 18 में से 8 स्पा सेंटरों में संदिग्ध गैर-कानूनी गतिविधियों के प्रथम दृष्टया सबूत मिले। महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल, भौतिक और दस्तावेजी सबूत जब्त किए गए हैं। इनके मालिकों, संचालकों, मैनेजरों व मदद करने वालों की भूमिका का पता लगाने के लिए इनकी जांच की जा रही है।
इंदौर के सराफा थाना क्षेत्र में एक व्यापारी पर हुए हमले को लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के साथ ही वे गोपाल मंदिर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानें बंद रखेंगे। व्यापारियों द्वारा विरोध स्वरूप ये दुकानें बंद रखी जाएंगी। व्यापारियों की मांग है कि मामले में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो। दरअसल, शुक्रवार शाम को सराफा इलाके में गोपाल मंदिर के पास फुटपाथ पर दुकान लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। इस दौरान नितेश चौरसिया से मारपीट का आरोप है। नितेश ने मारपीट करने वाले युवक पर चाकू से हमला करने और कट्टा दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया है। इसके बाद सराफा के व्यापारी थाने पहुंचे और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर घेराव किया। घटना के बाद सराफा थाने के बाहर प्रदर्शन इधर, घटना के बाद सराफा थाने के बाहर व्यापारी जमा हो गए और उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। व्यापारियों ने यहां पर जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान एफआईआर को लेकर भी कई घंटे तक व्यापारी प्रदर्शन पर बैठे रहे। ये भी बात सामने आई है कि शनिवार को व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल पुलिस कमिश्नर और निगम कमिश्नर से मिलने जा सकता है। आज दुकानें बंद करने की तैयारी गोपाल मंदिर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के सेक्रेटरी पर हुए हमले के बाद व्यापारियों में आक्रोश है। पदाधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पुलिस से की गई है कि जल्द मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की जाए। इसे लेकर शनिवार को गोपाल मंदिर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की 212 दुकानें बंद रखने की तैयारी भी की गई है।
राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट (आरडीटीएम) 2026 के तहत वार्षिक सितंबर जयपुर पोलो सीजन के दौरान शुक्रवार रात राजस्थान पोलो क्लब ग्राउंड पर एफएचटीआर पोलो कप एग्जीबिशन मैच खेला गया। फ्लडलाइट्स की रोशनी में हुए इस विशेष मुकाबले में टीम जयपुर ने टीम जयगढ़ को 9-4 से हराकर एफएचटीआर पोलो कप अपने नाम किया। मैच देखने के लिए ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि, देश के विभिन्न हिस्सों से आए खरीदार और आमंत्रित विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। रात के समय खेले गए इस मुकाबले में पोलो के रोमांच के साथ जयपुर की रॉयल खेल विरासत की झलक भी देखने को मिली। आरडीटीएम में शामिल प्रतिनिधियों के लिए यह मैच राजस्थान की पर्यटन पेशकश में पोलो और नाइट पोलो की संभावनाओं को करीब से देखने का अवसर रहा। यहां देखिए इवेंट के फोटोज… सवाई पद्मनाभ सिंह ने दागे 7 गोल मुकाबले में टीम जयपुर की ओर से सवाई पद्मनाभ सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अकेले 7 गोल किए। उनके दमदार खेल की बदौलत टीम जयपुर ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। मयूरध्वज सिंह तालाबगांव ने टीम के लिए 2 गोल किए। टीम में प्रताप सिंह कानोता और दिव्यमान सिंह दूजोद भी शामिल रहे। वहीं टीम जयगढ़ की ओर से डीनो धनखड़ ने 3 गोल किए, जबकि कर्नल वी.एस. काहलों, वीएसएम ने 1 गोल किया। टीम में रणशय पुरोहित और कुलदीप सिंह राठौड़ भी खेले। नाइट पोलो को पर्यटन से जोड़ने की पहल मैच के दौरान विभिन्न शहरों से आए ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने नाइट पोलो का आनंद लिया। आयोजन के जरिए पोलो को राजस्थान के पर्यटन आकर्षण के तौर पर प्रस्तुत किया गया। खासतौर पर नाइट पोलो को जयपुर के नाइट टूरिज्म से जोड़ने की संभावनाओं पर जोर दिया गया। ‘जयपुर में नाइट पोलो टूरिज्म का नया विकल्प बन रहा’ पोलो प्लेयर और जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य सवाई पद्मनाभ सिंह ने कहा कि जयपुर में नाइट टूरिज्म को लेकर पर्यटकों के लिए बहुत ज्यादा विकल्प नहीं थे। ऐसे में नाइट पोलो पर्यटन के लिए एक नया विकल्प बन रहा है। पर्यटकों को इससे न केवल रॉयल गेम को करीब से देखने और उससे जुड़ने का मौका मिलेगा, बल्कि पर्यटन गतिविधियों में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस बार पोलो सीजन काफी लंबा चलने वाला है और इसमें कई अच्छे मुकाबले देखने को मिलेंगे। इससे जयपुर आने वाले पर्यटकों को भी पोलो सीजन के दौरान अलग तरह का अनुभव मिल सकेगा। ‘टीम की परफॉर्मेंस बेहतर हो रही है’ अपने प्रदर्शन के बारे में सवाई पद्मनाभ सिंह ने कहा कि उनकी टीम फिलहाल अच्छा खेल रही है और बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। इस बार खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी बेहतर होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी टीम इस सीजन में कुछ टूर्नामेंट के फाइनल में भी खेलती दिखाई देगी। फ्लडलाइट्स में हुए इस मुकाबले ने जयपुर के पारंपरिक पोलो खेल को नाइट टूरिज्म से जोड़ने की संभावनाओं को भी सामने रखा। आरडीटीएम के प्रतिनिधियों के लिए यह आयोजन राजस्थान की संस्कृति, खेल विरासत और पर्यटन अनुभवों को एक साथ देखने का अवसर बना।
इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे संबंधित विभागों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत सामने आने के बाद जिम्मेदार उसका संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें...) वार्ड 39 के प्रभारी दरोगा मुकेश बने आज के 'स्टार ऑफिसर' वार्ड 39 के खिज्राबाद कॉलोनी, खजराना निवासी आकिब ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि इलाके में गाड़ी नहीं आने से व्यापारी और दुकानदार परेशान हैं। शिकायत सामने आने के बाद प्रभारी दरोगा मुकेश ने मामले को संज्ञान में लिया और समस्या का समाधान कराया। एप से लोगों को मिल रहा समाधान छप्पन दुकान: ब्रिज और सीढ़ियों की हुई सफाई वार्ड 39 के छप्पन दुकान निवासी मोहम्मद अबूबकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि इंदौर स्वच्छता के लिए जाना जाता है और छप्पन दुकान शहर का प्रमुख फूड डेस्टिनेशन है। इसके बावजूद यहां का ब्रिज और उसकी सीढ़ियां गंदी पड़ी थीं, जिससे शहर की छवि प्रभावित हो रही थी। शिकायत सामने आने के बाद असिस्टेंट चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर नदीम खान ने मामले को संज्ञान में लिया और सफाई कराकर समस्या का समाधान कराया। आवारा कुत्तों, कचरे के ढेर और गंदे पानी से परेशान शहरवासी करोल बाग ग्रांड: आवारा कुत्तों से रहवासी परेशान, वाहनों को भी नुकसान वार्ड 18 के करोल बाग ग्रांड निवासी अंकित सक्सेना ने शिकायत दर्ज कराई है कि इलाके में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते हो गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, ये कुत्ते यहां पहले से नहीं थे, बल्कि पिछले एक साल में बाहर से लाकर छोड़े गए हैं। इससे रहवासियों को परेशानी हो रही है और वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। सोमानी नगर: बगीचे में कचरे का ढेर, लोगों का आना-जाना बंद वार्ड 14 के सोमानी नगर निवासी नीरज मखीजा ने शिकायत दर्ज कराई है कि बगीचे में कचरे का ढेर लगा हुआ है। लंबे समय से कचरा जमा होने के कारण पूरे परिसर में गंदगी फैल गई है। इससे लोगों को बगीचे में आने-जाने में परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ता ने कचरा हटाकर सफाई कराने की मांग की है। समाजवादी नगर: छह महीने से सड़क पर बह रहा ड्रेनेज का पानी वार्ड 69 के समाजवादी नगर निवासी निहाल कच्छावा ने शिकायत दर्ज कराई है कि ड्रेनेज का पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह समस्या छह महीने से ज्यादा समय से बनी हुई है। नगर निगम के अधिकारियों और दरोगा से शिकायत करने के बावजूद अब तक सुनवाई नहीं हुई है। सड़क पर गंदा पानी जमा होने से रहवासियों को परेशानी हो रही है। त्रिवेणी नगर: रोज भर रहा चेंबर, सड़क पर जमा गंदे पानी से परेशानी वार्ड 64 के त्रिवेणी नगर निवासी महेंद्र ने शिकायत दर्ज कराई है कि यहां चेंबर रोज भर जाता है और उसका गंदा पानी सड़क पर जमा हो रहा है। उन्होंने बताया कि 311 ऐप और सीएम हेल्पलाइन पर कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। सड़क पर गंदा पानी जमा होने से बच्चों और छात्रों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। पब्लिक को आवाज देने का डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। शिकायत संबंधित विभाग और जिम्मेदारों तक पहुंचती है। समस्या का समाधान होने पर यूजर्स इसकी जानकारी एप पर अपडेट भी कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस प्लेटफॉर्म पर संबंधित अधिकारी अपनी कार्रवाई की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। अधिकारी मैप पर शिकायत की लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकते हैं और समाधान होने पर एप के जरिए शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दे सकते हैं। 'भास्कर समाधान' बदलाव की पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य शहर की जनसमस्याओं को सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद हो और समस्याओं के समाधान में तेजी आए।
पानीपत में दोस्ती का फायदा उठाकर एक युवक द्वारा अपने ही दोस्त के बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम घुमाने (मनी म्यूल) के लिए करने का मामला सामने आया है। बैंक खाता ब्लॉक होने और ठगी का अहसास होने पर पीड़ित व्यापारी ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपी दोस्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मदद मांगने के नाम पर लिया बैंक खाता कच्चा फाटक निवासी मोहित कुमार, जो पर्चून व आटा चक्की की दुकान चलाते हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव बिहोली निवासी शुभम उनका पिछले 6-7 सालों से दोस्त है। 10 मई 2026 को शुभम ने फोन कर बताया कि उसे किसी से रुपए लेने हैं, लेकिन उसका अपना बैंक खाता ब्लॉक है। दोस्ती पर भरोसा करते हुए मोहित ने अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी। इसके बाद आरोपी शुभम ने पीड़ित को अपनी गाड़ी में बैठा लिया और उसका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया। ट्रांसफर की साइबर ठगी की रकम गाड़ी में बैठाकर आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल बैंकिंग के जरिए खुद ही अज्ञात स्रोतों से रकम मंगवाई और आगे अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी। पीड़ित का आरोप है कि उसे इस बात की बिल्कुल भनक नहीं थी कि यह पैसे कहां से आ रहे हैं और किसे भेजे जा रहे हैं। शिकायत आने पर अकाउंट ब्लॉक जब पीड़ित किसी काम से अपने बैंक पहुंचा, तो उसे पता चला कि उसके खाते के जरिए हुई संदिग्ध ट्रांजेक्शनों के कारण 3 अलग-अलग जगहों से 4 शिकायतों के आधार पर उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया है। जब पीड़ित ने शुभम से पूछताछ की, तो उसने मामला सुलझाने और खाता चालू करवाने का झूठा दिलासा दिया। काफी दिन बीत जाने पर जब पीड़ित ने आरोपी के गांव बिहोली जाकर छानबीन की, तो पता चला कि शुभम शातिर किस्म का ठग है और इससे पहले भी कई लोगों के बैंक खातों का साइबर ठगी में गलत इस्तेमाल कर चुका है।
वर्ल्ड हार्ट डे से पहले लोगों को दिल की सेहत के प्रति जागरूक करने के लिए कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (CSI) इंदौर शाखा की ओर से रविवार को ‘हार्ट मेला 2026’ लगाया जाएगा। ग्रामीण हाट मेला परिसर में सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक लगने वाला यह मेला पूरी तरह निशुल्क रहेगा। इसमें हर उम्र के लोग शामिल हो सकेंगे। मेले में एक ही जगह कई जरूरी स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलेगी। इनमें ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, HbA1c, कोलेस्ट्रॉल (लिपिड प्रोफाइल), यूरिक एसिड और यूरिन टेस्ट शामिल हैं। इसके अलावा हार्ट पर पड़ रहे दबाव के शुरुआती संकेतों के लिए NT-proBNP टेस्ट, बोन डेंसिटी और डायबिटीज से आंखों पर पड़ने वाले असर की जांच भी की जाएगी। आयोजकों के मुताबिक, इन जांचों से ऐसे स्वास्थ्य जोखिमों की शुरुआती पहचान में मदद मिल सकती है, जिनके लक्षण लंबे समय तक नजर नहीं आते। CPR की मिलेगी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग हार्ट मेले में आम लोगों को CPR की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक कार्डियक अरेस्ट के शुरुआती कुछ मिनट महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में एंबुलेंस या अस्पताल पहुंचने से पहले आसपास मौजूद व्यक्ति द्वारा सही तरीके से CPR देना मददगार हो सकता है। प्रशिक्षण के दौरान लोगों को CPR की बेसिक तकनीक सिखाई जाएगी, ताकि वे आपात स्थिति में परिवार के सदस्य, सहकर्मी या राहगीर की मदद कर सकें। कम उम्र में भी सामने आ रहीं हार्ट संबंधी समस्याएं CSI इंदौर के वाइस प्रेसिडेंट और सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश जैन ने कहा कि कम उम्र में भी हार्ट से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। कई लोगों को हार्ट अटैक से पहले हाई BP, डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों की जानकारी नहीं होती। नियमित स्क्रीनिंग से जोखिम की समय पर पहचान की जा सकती है। CSI इंदौर के प्रेसिडेंट डॉ. प्रदीप गुप्ता ने कहा कि दिल की सेहत केवल बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि बचाव भी जरूरी है। डॉ. परितोष राजपूत ने कहा कि जोखिम कारकों की जल्दी पहचान होने पर गंभीर कार्डियक इमरजेंसी से बचाव की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। पेट्रन व सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एके पंचोलिया ने नियमित स्क्रीनिंग, स्वस्थ जीवनशैली और समय पर डॉक्टर की सलाह को जरूरी बताया।
छतरपुर जिले में किसान से 2 लाख रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में पटवारी महेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। गौरिहार अनुविभाग में हुई इस कार्रवाई से पहले 18 सितंबर को एक ऑडियो सामने आया था, जिसमें पटवारी एक किसान से मामला निपटाने के बदले 2 लाख रुपए की बात करते सुनाई दे रहे थे। ऑडियो सामने आने के बाद एसडीएम गौरिहार विजय डेहरिया ने मामले की जांच कराई। तहसीलदार गौरिहार की जांच रिपोर्ट और वायरल ऑडियो की जांच के आधार पर पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। ऑडियो में 2 लाख रुपए की बात वायरल ऑडियो में ग्राम मोटाखेड़ा, तहसील घुवारा के एक किसान से पटवारी महेंद्र सिंह कथित तौर पर 2 लाख रुपए की मांग को लेकर बातचीत कर रहे थे। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने ऑडियो की जांच के साथ तहसीलदार की रिपोर्ट भी देखी। जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने के बाद एसडीएम ने पटवारी को निलंबित करने के आदेश जारी किए। सेवा आचरण के उल्लंघन पर कार्रवाई एसडीएम विजय डेहरिया ने पटवारी के कृत्य को शासकीय सेवा के आचरण और अनुशासन के खिलाफ माना। आदेश के अनुसार, महेंद्र सिंह पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1), 3(2) और 3(3) के उल्लंघन का आरोप है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत भी कार्रवाई की गई है। जुझारनगर उप तहसील रहेगा मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान पटवारी महेंद्र सिंह का मुख्यालय उप तहसील जुझारनगर, तहसील गौरिहार तय किया गया है। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार गुजारा भत्ता दिया जाएगा।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा माध्यमिक शिक्षा मंडल को एजेंसी घोषित करने और परीक्षा के दायरे में आने वाले शिक्षकों के पदनाम संबंधी आदेश जारी होने के बाद शिक्षक संगठनों ने विभाग से आठ सवाल पूछे हैं। संगठनों ने खास तौर पर पूर्व में नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता लागू होने का नियम स्पष्ट करने की मांग की है। शिक्षक नेताओं उपेन्द्र कौशल और राजेश मिश्रा का कहना है कि विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वर्ष 2018 से पहले नियुक्त शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति और सेवा निरंतरता पर TET का कोई प्रभाव पड़ेगा या नहीं। साथ ही TET में शामिल होने अथवा उत्तीर्ण होने से प्रथम नियुक्ति तिथि, वरिष्ठता, वेतन, पेंशन और अन्य सेवाकालीन लाभों पर कोई असर पड़ेगा या नहीं, यह भी लिखित रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए। TET की अनिवार्यता को लेकर हाईकोर्ट में याचिका TET की अनिवार्यता को लेकर ग्वालियर खंडपीठ में W.P. No. 33517/2026, राजेश मिश्रा विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य प्रकरण पेश किया गया है। याचिका में सेवाकाल में कार्यरत शिक्षकों पर TET की उपयोगिता और संबंधित प्रावधानों को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, ग्वालियर खंडपीठ ने 7 सितंबर 2026 के आदेश में सुप्रीम कोर्ट के TET संबंधी मूल आदेश के पैरा 168 के संदर्भ में 3 सितंबर 2001 से पहले विधिवत भर्ती नियमों के तहत नियुक्त शिक्षकों के संबंध में TET की अनिवार्यता से जुड़े प्रश्न पर विचार किया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कोर्ट ने TET में शामिल नहीं होने पर याचिकाकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है और संबंधित विभाग को नोटिस भी जारी किए गए हैं। इसी बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने 15 सितंबर 2026 को TET संबंधी नया आदेश जारी किया। इसके बाद शिक्षकों में अपनी सेवा स्थिति और TET की अनिवार्यता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नियम 11(2) की प्रयोज्यता पर सवाल शिक्षक नेताओं ने कहा कि विभाग के आदेश में मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम, 2018 के नियम 11(2) का उल्लेख किया गया है। उनका कहना है कि विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि यह नियम किन शिक्षकों और किन परिस्थितियों में लागू होता है। उनके अनुसार यदि नियम 11(2) सीधी भर्ती से संबंधित है, तो पहले से सेवा में कार्यरत प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों पर इसकी प्रयोज्यता का वैधानिक आधार भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। IFMIS और एजुकेशन पोर्टल में दर्ज नियुक्ति तिथि को लेकर चिंता शिक्षक नेताओं ने कहा कि प्रदेश में कई शिक्षक 1998, 2001, 2003, 2006 और 2009 सहित अलग-अलग वर्षों में नियुक्त हुए हैं। ऐसे में TET को वर्तमान सेवा शर्तों से जोड़ते समय यह स्पष्ट होना चाहिए कि इससे उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि और वरिष्ठता प्रभावित नहीं होगी। शिक्षकों ने IFMIS और Education Portal 3.0 में दर्ज प्रथम नियुक्ति तिथि को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि TET में शामिल होने या उत्तीर्ण होने के कारण पहले से दर्ज प्रथम नियुक्ति तिथि में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। परीक्षा से पहले संवर्गवार स्थिति स्पष्ट करने की मांग शिक्षक संगठनों ने विभाग से ये आठ सवालों के जवाब मांगे हैं— शिक्षक नेताओं का कहना है कि वे TET परीक्षा के विरोध में नहीं हैं, बल्कि नियमों की स्पष्टता चाहते हैं। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले संवर्गवार और नियुक्ति वर्षवार लिखित दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि प्रथम नियुक्ति, वरिष्ठता, सेवा निरंतरता और अन्य सेवाकालीन लाभों को लेकर भविष्य में विवाद की स्थिति न बने।
पुलिस कमिश्नरेट और जोधपुर रेंज की कानून-व्यवस्था एवं अपराध की स्थिति की समीक्षा के लिए एडीजी हवा सिंह घुमरिया शुक्रवार को जोधपुर पहुंचे। उन्होंने ऑफिसर मेस में रेंज और कमिश्नरेट के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग की। बैठक में पिछले एक माह के दौरान घटित अपराधों, गंभीर आपराधिक प्रकरणों, लंबित मामलों और पुलिस की कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में जोधपुर पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया, जोधपुर रेंज आईजी सत्येंद्र सिंह, डीसीपी मुख्यालय एवं ट्रैफिक शहीन सी, डीसीपी पूर्व मनीष कुमार चौधरी, डीसीपी पश्चिम कमल शेखावत, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पंकज यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। क्राइम मीटिंग में एडीजी ने अधिकारियों से थानावार अपराध की स्थिति और लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। गंभीर अपराधों में अब तक हुई कार्रवाई, अनुसंधान की प्रगति और लंबित मामलों के कारणों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के साथ ही गंभीर मामलों में प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में पिछले एक माह के दौरान सामने आए अपराधों के ट्रेंड पर भी चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों से अपराधों की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों और संवेदनशील मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया को लेकर फीडबैक लिया गया। गंभीर मामलों की जांच और कार्रवाई की समीक्षा एडीजी ने अधिकारियों से ऐसे मामलों की विशेष रूप से समीक्षा की, जिनमें अनुसंधान लंबे समय से लंबित है या जिनमें पुलिस की कार्रवाई की प्रगति महत्वपूर्ण है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, लंबित जांच और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सहित विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक का एक प्रमुख हिस्सा अपराध नियंत्रण के साथ-साथ लंबित प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निपटाने पर केंद्रित रहा। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अपराध की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और संवेदनशील मामलों में आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। भंवरी मामले की एसआईटी जांच पर भी बोले एडीजी जोधपुर दौरे के दौरान एडीजी हवा सिंह घुमरिया ने भंवरी मामले की एसआईटी जांच को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि एसआईटी सही दिशा में जांच कर रही है। मामले से जुड़े तथ्यों और जांच की प्रगति के संबंध में उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। भंवरी प्रकरण लंबे समय से चर्चित रहा है और इससे जुड़े मामलों में जांच की प्रगति पर लगातार नजर रही है।
जबलपुर में लंबी जांच के बाद शुक्रवार देर रात जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में पदस्थ उच्च वर्ग लिपिक-2 और कर्मचारी नेता वंश बहोर पटेल (62) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पटेल का करीब 10 दिन बाद रिटायरमेंट होना है। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। 1985 में दैनिक वेतन भोगी के रूप में की थी नियुक्ति लोकायुक्त जांच के मुताबिक वंश बहोर पटेल करीब 41 साल से विश्वविद्यालय में नौकरी कर रहे हैं। वर्ष 1985 में दैनिक वेतन भोगी के रूप में नियुक्त होने के बाद वर्ष 1994 में उनकी नियमित कर्मचारी के तौर पर नियुक्ति हुई। जांच में नौकरी के दौरान उनकी आय और संपत्ति में बड़ा अंतर सामने आया है। बरेला क्षेत्र में आलीशान मकान, 25 एकड़ कृषि भूमि भी जांच के दौरान लोकायुक्त टीम को बरेला के सालीबाड़ा, पड़रिया और नीमखेड़ा में पटेल के आलीशान मकानों की जानकारी मिली। इसके अलावा ग्रामीण हिनोतिया में करीब 25 एकड़ कृषि भूमि और एक ट्रैक्टर भी सामने आया है। जांच में एक दर्जन से अधिक छोटे-बड़े वाहनों का भी उल्लेख है। 91.88 लाख आय, खर्च 1.68 करोड़ रुपए शुरुआती जांच में पटेल की कुल आय 91 लाख 88 हजार 611 रुपए आंकी गई है, जबकि कुल व्यय 1 करोड़ 68 लाख 51 हजार 337 रुपए पाया गया। लोकायुक्त के अनुसार आय की तुलना में 85.57 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति सामने आई है। पटेल के खिलाफ करीब दो साल पहले लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत पहुंची थी। इसके बाद डीएसपी स्तर के अधिकारी से जांच कराई गई। लंबी जांच के बाद शुक्रवार देर रात एफआईआर दर्ज की गई। कर्मचारी नेता के तौर पर भी सक्रिय रहे विश्वविद्यालय में कर्मचारी नेता के रूप में पटेल विभिन्न कर्मचारी प्रदर्शनों और अन्य मामलों में नेतृत्व करते रहे हैं। रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले आय से अधिक संपत्ति की एफआईआर दर्ज होने के बाद विश्वविद्यालय में इसकी चर्चा है। लोकायुक्त पुलिस ने पटेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंदसौर शहर में गुरुवार रात करीब 10:30 बजे जैन कॉलेज के पास सड़क हादसा हो गया। अज्ञात बाइक सवार ने समीर की बाइक को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। हादसे में बोतलगंज निवासी 18 वर्षीय समीर पिता जाफर नियारगर और उसके साथ बाइक पर सवार 16 वर्षीय अरमान पिता शब्बीर घायल हो गए। पिता को लेने रेलवे स्टेशन जा रहा था समीर परिजनों के अनुसार, समीर अपने पिता जाफर को लेने बोतलगंज से मंदसौर रेलवे स्टेशन जा रहा था। जाफर ट्रक ड्राइवर हैं और दो दिन पहले ट्रक छोड़ने जयपुर गए थे। वहां से ट्रेन के जरिए मंदसौर लौट रहे थे। इसी वजह से समीर उन्हें लेने के लिए बाइक से निकला था। मंदसौर पहुंचने के बाद कृषि उपज मंडी क्षेत्र पार कर वह जैन कॉलेज के पास पहुंचा था। इसी दौरान सामने से आए अज्ञात बाइक सवार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। चेहरे पर ज्यादा चोट, 10 से ज्यादा टांके लगे हादसे में समीर के दोनों हाथ, कंधे और चेहरे पर चोटें आई हैं। चेहरे पर गंभीर चोट होने के कारण उसे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है। शरीर पर आई चोटों पर करीब 10 टांके लगाए गए हैं और उसका इलाज जारी है। समीर के साथ बाइक पर सवार अरमान के हाथ में चोट आई। उसकी हालत सामान्य होने पर इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राहगीर ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया हादसे के बाद वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। बाद में परिजनों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस अज्ञात बाइक सवार की तलाश कर रही है।
रतलाम। यात्रियों की सुविधा और त्योहारों के दौरान बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए रतलाम रेल मंडल से होकर बांद्रा टर्मिनस-बढ़नी के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन का रतलाम स्टेशन पर भी ठहराव रहेगा। यह ट्रेन स्पेशल किराये के साथ संचालित होगी। ट्रेन नंबर 05038 बांद्रा टर्मिनस-बढ़नी अनारक्षित वीकली स्पेशल प्रत्येक शनिवार को बांद्रा टर्मिनस से रात 9.30 बजे रवाना होगी। ट्रेन रतलाम स्टेशन पर शनिवार रात 8.30 बजे पहुंचेगी और 8.40 बजे रवाना होगी। अगले दिन रात 11.30 बजे बढ़नी पहुंचेगी। यह ट्रेन 10 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026 तक चलेगी। 8 अक्टूबर से चलेगी बढ़नी-बांद्रा ट्रेन वापसी में ट्रेन नंबर 05037 बढ़नी-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को शाम 7.45 बजे बढ़नी से रवाना होगी। ट्रेन शुक्रवार को रतलाम पहुंचेगी। यहां शाम 7.20 बजे आगमन और 7.30 बजे प्रस्थान होगा। इसके बाद शनिवार सुबह 6.30 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन 8 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक चलेगी। दोनों दिशाओं में ट्रेन का बोरीवली, वापी, वलसाड, सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, बयाना, ईदगाह, आगरा, टुंडला, इटावा, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, बादशाहनगर, गोंडा, बलरामपुर और तुलसीपुर स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।
जबलपुर में पवन एक्सप्रेस में मां के साथ सफर कर रही डेढ़ साल की बच्ची चलती ट्रेन से अचानक नीचे गिर गई। घटना 15 सितंबर को कटनी-जबलपुर के बीच हुई। ट्रेन कटनी स्टेशन से निकलने के बाद करीब 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। बच्ची इमरजेंसी खिड़की से करीब 8 फीट नीचे नुकीली गिट्टियों पर जा गिरी। उसे गायब देख मां संजीदा खातून बदहवास हो गईं। यात्रियों ने फौरन चेन पुलिंग की और ट्रैक पर दौड़कर बच्ची को उठा लिया। उसके सिर, पीठ, हाथ-पैर में चोट लगने से बच्ची के शरीर से खून निकल रहा था। बच्ची कब उठी, मां को पता ही नहीं चला 26 वर्षीय संजीदा मुजफ्फरपुर की रहने वाली हैं। उनके पति मुंबई में नौकरी करते हैं। वह डेढ़ साल की बेटी के साथ मुजफ्फरपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल मुंबई जा रही थीं। वह लोअर बर्थ पर बच्ची को साइड में लिटाकर मोबाइल देख रही थीं। इसी दौरान बच्ची उठकर इमरजेंसी खिड़की की रॉड पकड़कर खड़ी हो गई। ट्रेन के झटके से वह खिड़की से बाहर जा गिरी। बच्ची अचानक गायब हुई तो मां को कुछ समझ नहीं आया। यात्रियों ने बाहर गिरने की आशंका जताई। रॉड कम होने से खुली जगह से गिरी यात्रियों के मुताबिक इमरजेंसी खिड़की में सामान्य खिड़की की तुलना में रॉड कम लगी थीं। बच्ची ने रॉड पकड़कर खड़े होने की कोशिश की और झटके के साथ बाहर गिर गई। ट्रेन की रफ्तार और करीब 8 फीट की ऊंचाई से गिरने के बावजूद बच्ची की हालत देखकर यात्रियों ने राहत की सांस ली। कई यात्रियों ने इसे चमत्कार बताया। रेलवे ने दूसरी ट्रेन से मुंबई रवाना कराया ट्रेन जबलपुर स्टेशन पहुंची तो आरपीएफ और कमर्शियल विभाग की टीम ने बच्ची को अटेंड किया और जिला अस्पताल लेकर गई। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। संजीदा ने बताया कि जबलपुर में उनका कोई परिचित नहीं है और वह बच्ची का आगे का इलाज मुंबई में कराना चाहती हैं। इसके बाद रेल प्रबंधन ने उन्हें दूसरी ट्रेन से मुंबई रवाना किया। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने बताया कि घटना कटनी स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के दौरान हुई। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट होने के कारण बच्ची को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था।
गुरुग्राम में अडानी रियल्टी कंपनी के मैनेजर युवराज मनचंदा की हत्या कर शव नाले में फेंकने के मामले में नया खुलासा हुआ है। आरोपियों ने कथित तौर पर युवराज से उनकी कार पार्क करवाई और फिर उन्हें अपनी एसयूवी क्रेटा में बैठा लिया। युवराज आगे की सीट पर बैठे थे, जबकि आन्या वत्स उनके पीछे बैठी थी और संयम सचदेवा गाड़ी चला रहा था। दिल्ली पुलिस का दावा है कि वत्स ने पीछे से युवराज की गर्दन में गोली मार दी। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस द्वारा जांच का हवाला देकर युवराज की हत्या की टाइम लाइन शेयर नहीं की गई है।लाश ठिकाने लगाने के बाद आन्या वत्स और संयम सचदेवा उसके मोबाइल को अपने साथ लेकर चले गए थे। इन्होंने परिवार को गुमराह करने के लिए 2 दिन तक लगातार बहन को मैसेज किए। जिसमें वह अपने सकुशल होने की बात बता रहा था और जल्द ही घर वापस आने के लिए कह रहा था। युवराज की बहन ने बताया कि उन्हें अंतिम मैसेज मिला था कि वह काम से मुंबई या बेंगलुरु जा सकता है। हत्या की वारदात की टाइम लाइन 6 सितंबर को लापता: युवराज मनचंदा अपनी शादी के लिए बहनों के साथ शेरवानी की अंतिम खरीदारी करने के बाद गुरुग्राम में आन्या वत्स से मीटिंग की बात कहकर लापता हो गए। 10 सितंबर को शव बरामद: बादशाहपुर थाना पुलिस को सेक्टर-70 के नाले से शव बरामद किया 14 सितंबर: पुलिस ने पहचान के बिना किसी ज्यादा प्रयास के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। 16 सितंबर: दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड के कैंची धाम से आन्या वत्स और संयम सचदेवा को पकड़ा। 16 सिंतबर: दिल्ली पुलिस गुरुग्राम आई, तब बादशाहपुर थाने ने शव की जानकारी ज़िपनेट पोर्टल पर अपलोड की गई। जानिए वकील रजत जैन के आरोप… आरोपियों के पकड़े जाने पर मर्डर का पता चला: जब लाजपत नगर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया, तब इस पूरी साजिश का खुलासा हुआ। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने युवराज की हत्या करने के बाद उनके शव को गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके में फेंक दिया था, लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती। जल्दबाजी में अंतिम संस्कार: लाजपत नगर पुलिस से मिली जानकारी के बाद जब पीड़ित परिवार और दोस्तों ने बादशाहपुर पुलिस से संपर्क किया, तो उन्हें एक बेहद चौंकाने वाली बात पता चली। बादशाहपुर पुलिस को युवराज का शव 10 सितंबर को ही मिल गया था, लेकिन उन्होंने परिवार को सूचित किए बिना ही 14 सितंबर को शव का अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार को इस बात की जानकारी 16 सितंबर को मिली। ज़िपनेट पोर्टल पर देरी: रजत जैन का कहना है कि वे लगातार ज़िपनेट पोर्टल की जांच कर रहे थे। अगर पुलिस ने शव मिलने के तुरंत बाद 10 सितंबर को जानकारी पोर्टल पर डाल दी होती, तो परिवार समय रहते युवराज की पहचान कर लेता और पुलिस को अंतिम संस्कार करने की नौबत नहीं आती। पुलिस ने शव के निपटारे के दो दिन बाद पोर्टल अपडेट किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी: मामले में पुलिस का रवैया संदेहास्पद रहा है, उन्हें न तो युवराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिखाई गई और न ही मौत के कारणों या जांच के नतीजों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी दी गई। उनको शक है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत बताई गई है, इसमें पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों की भी लापरवाही सामने आ सकती है। गुरुग्राम-दिल्ली से दूर ले जाना चाहते थे डेडबॉडी पुलिस पूछताछ में ये भी पता चला है कि हत्या के बाद उन्होंने युवराज की गाड़ी को पार्किंग में लगा दिया और उसके शव को अपनी गाड़ी की डिग्गी में रखकर गुरुग्राम की सड़कों पर घुमाते रहे। दोनों आरोपी शव को लेकर गुरुग्राम-दिल्ली से बाहर जाना चाहते थे, लेकिन पकड़े जाने के डर से उन्होंने हत्या के दो दिन बाद 8 सितंबर की देर रात नाले में युवराज के शव को फेंक दिया। दोनों नैनीताल के कैंची धाम चले गए थे। आन्या पर तीन एफआईआर दर्ज आरोपी आन्या वत्स पर दिल्ली के संसद मार्ग थाने में ठगी सहित अलग-अलग थानों में तीन एफआईआर दर्ज हैं। पीएनबी बैंक की शिकायत पर मामले में एफआईआर दर्ज की गई थीं। अन्या को कई बार पूछताछ के लिए पुलिस ने बुलाया था। पूछताछ के बाद मामले में संयम को भी आरोपी बनाया गया। शादी की अंतिम खरीदारी, शेरवानी खरीदी बहन करिश्मा ने बताया कि वे शादी की अंतिम खरीदारी के लिए लाजपत नगर गए थे। अक्टूबर में उनकी शादी होने वाली थी। यहां शेरवानी फाइनल करने के बाद, वह यह कहकर निकले कि उनकी अपनी एक पूर्व महिला सहकर्मी के साथ मीटिंग है। उन्होंने इस मीटिंग के बारे में अपनी मंगेतर और अपने बॉस को भी बताया था।
बनारस से वडनगर सेवा यात्रा का हनुमना में स्वागत:कलश को देखने उमड़ी भीड़, जनभागीदारी का दिया संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत बनारस से वडनगर के लिए निकली सेवा यात्रा शुक्रवार शाम मऊगंज जिले के हनुमना पहुंची। यहां जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने सेवा यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। यात्रा में शामिल लोग जल कलश लेकर सेवा, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। हनुमना में हुए कार्यक्रम में खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत दो यात्राएं निकाली गई हैं। एक यात्रा बनारस से वडनगर और दूसरी वडनगर से बनारस के लिए रवाना हुई है। उन्होंने बताया कि काशी से 10 समूह और वडनगर से 10 समूह यात्रा में शामिल हैं। सांसद ने कहा कि यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसके जरिए सेवा और जनभागीदारी का संदेश लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। 7 सितंबर से शुरू हुई यात्रा 7 अक्टूबर को वडनगर पहुंचकर पूरी होगी। यात्रा के दौरान 25 पौधे लगाए जाने की योजना है। इनमें पीपल, आम समेत अन्य उपयोगी पौधे शामिल हैं। इन पौधों के माध्यम से सेवा वाटिका बनाई जाएगी। सांसद ने बताया कि यह सेवा वाटिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा यात्रा के प्रति समर्पण का प्रतीक होगी। सेवा यात्रियों ने मऊगंज तहसील क्षेत्र में पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के साथ समाज में सेवा भावना को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया गया। विष्णुदत्त शर्मा ने नागरिकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त समाज और टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सेवा का भाव जन-जन तक पहुंचाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम में संभाग संगठन प्रभारी विजय दुबे, विधायक मऊगंज प्रदीप पटेल, विंध्य विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र मिश्र, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मृगेंद्र सिंह, जनपद अध्यक्ष नीलम सिंह परिहार, हनुमना नगर परिषद अध्यक्ष आशुतोष गुप्ता, यात्रा प्रभारी विपिन मिश्र, स्वदीप सिंह, युवा मोर्चा के प्रवीण सिंह, अपर कलेक्टर पीके पाण्डेय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

