प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल प्रदेश में दो अलग-अलग संस्थानों और कंपनियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी में करोड़ों रुपए की चल अचल संपत्ति जब्त की है। एक कार्रवाई रीवा और जबलपुर में सड़क निर्माण कार्यों में फर्जी बिल पेश कर सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई जिसमें 55.60 करोड़ रुपए के फर्जी बिल लगाकर सरकारी भुगतान लिया गया, जबकि दूसरा एक्शन भोपाल की एक एजुकेशन सोसायटी से जुड़े वित्तीय घोटाले में किया गया जहां 12 ठिकानों पर सर्चिंग के बाद 3.97 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए हैं। रीवा और जबलपुर में की गई छापे की कार्रवाई के मामले में ईडी ने कहा है कि 19 जून को रीवा और जबलपुर जिलों में विभिन्न परिसरों सर्चिंग की गई। यह कार्रवाई सड़क निर्माण कार्यों में बिटुमिन से संबंधित फर्जी बिल पेश कर सरकारी भुगतान लेने के मामले में की गई। यह सर्चिंग मध्य प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) रीवा एवं जबलपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर PMLA 2002 के अंतर्गत की गई। ठेकेदार केके सोहगौरा और सहयोगियों के यहां सर्चिंग के दौरान ईडी की जांच में सामने आया कि ठेकेदारों ने मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA) की परियोजनाओं में अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर सड़क निर्माण में उपयोग किए जाने वाले बिटुमिन, अस्फाल्ट कार्यों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए भुगतान पाया। इसके लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के नाम से जाली और मनगढ़ंत चालान बनाकर पेश किए गए। 55.60 करोड़ के फर्जी बिल लगाने का खुलासा जांच में पाया गया कि करीब 55.60 करोड़ रुपए के फर्जी बिल लगाकर सरकारी धन का अवैध भुगतान प्राप्त किया गया, जिससे सरकारी राजकोष को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। तलाशी के दौरान संपत्ति संबंधी दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और 23.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा 2.93 करोड़ रुपए की बैंक शेष राशि और सावधि जमा (एफडी) का भी पता लगाकर फ्रीज किया गया है। एजुकेशन सोसायटी के 12 ठिकानों में सर्चिंग उधर राजधानी भोपाल में 23 जून को की गई छापेमारी में एक एजुकेशन सोसायटी से जुड़ी संस्था में करीब 4 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए। ईडी ने कहा है कि एजुकेशन सोसायटी से जुड़े आरोपियों और संस्थाओं के 12 परिसरों पर सर्चिंग की गई। सर्चिंग आवासीय परिसरों, दफ्तरों, शैक्षणिक संस्थानों, ट्रस्टों और ग्रुप से जुड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में की गई। ईडी ने यह जांच ईओडब्ल्यू भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की। जांच में सामने आया कि यह सोसायटी जो कई शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों का संचालन करती है। इसके द्वारा छात्रों से वसूली गई फीस, छात्रवृत्ति अनुदान और बैंकों से लिए गए ऋण की रकम को संबंधित ट्रस्टों, कंपनियों और आरोपियों के नियंत्रण वाली अन्य संस्थाओं में डायवर्ट किया गया। ईडी के मुताबिक सर्चिंग के दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। विभिन्न परिसरों से करीब 3.97 करोड़ रुपए नकद, मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, ERP और Tally डेटा, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। इसके अलावा 3.45 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में निजी कंपनी के ठिकानों पर ED रेड भोपाल में एक निजी कंपनी के शैक्षणिक संस्थानों और उससे जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। 200 करोड़ रुपए से अधिक की कथित वित्तीय हेराफेरी उजागर होने के बाद ईडी की टीम भोपाल सहित ग्रुप के अन्य परिसरों और संबंधित स्थानों पर दस्तावेजों की जांच कर रही है।पूरी खबर पढ़ें
विदिशा जिले के सिरोंज में एक छात्रा ने संजीवनी अस्पताल के संचालक और स्थानीय भाजपा नेता डॉ. संजीव माथुर के खिलाफ छेड़छाड़ तथा अश्लील हरकतों का आरोप लगाया है। पुलिस ने गुरुवार को छात्रा की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, छात्रा पिछले कुछ समय से महिला संबंधी समस्या और पेट दर्द के इलाज के लिए अस्पताल आ रही थी। शिकायत में आरोप है कि उपचार के दौरान डॉ. माथुर ने उसे अस्पताल में काम करने और आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने की बात कही। छात्रा का आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टर ने अस्पताल में उसके साथ गलत व्यवहार किया। केबिन में बुलाकर गलत हरकत कीपीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि 20 जून को अस्पताल के केबिन में बुलाकर उसके साथ अशोभनीय हरकत की गई, और 23 जून को भी आपत्तिजनक बातें कही गईं। छात्रा का आरोप है कि बाद में चिकित्सक उसके घर पहुंचे और वहां भी उसके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। शोर सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डंपर ने बाइक सवार को मारी टक्कर, युवक गंभीर:जालौन में घटना सीसीटीवी में कैद, ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार
जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर मारने की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वहीं हादसे के बाद चालक डंपर लेकर मौके से फरार हो गया। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। यह दुर्घटना उरई कोतवाली क्षेत्र के कालपी रोड पर हुई। एक बाइक सवार युवक अपनी बाइक से उरई की ओर जा रहा था, तभी पीछे से तेज गति से आए एक बेकाबू डंपर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन समेत मौके से निकल गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ड्राइवर की पहचान घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायल युवक को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू कर दिया। घायल की हालत को देखते हुए डॉक्टरों द्वारा विशेष निगरानी में रखा गया है। इस सड़क हादसे की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में डंपर बाइक सवार को पीछे से टक्कर मारते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने भी मामले का संज्ञान लिया है। उरई कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर डंपर और उसके चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन चालकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भिवानी की डाबर कॉलोनी के नजदीक जुई नहर में एक कार गिर गई। हालांकि कार का ड्राइवर इस हादसे में बाल-बाल बच गया। वहीं इस घटना का पता लगते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हाइड्रा क्रेन की मदद से कार को नहर से बाहर निकाला गया। सदर थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। कार को नहर से बाहर निकालकर अनाज मंडी चौकी पुलिस के हवाले कर दिया। क्योंकि एरिया उनका था। प्राथमिक जांच के अनुसार कार को ड्राइवर द्वारा बैक कर रहा था। इसी दौरान अनियंत्रित हो गई और नहर में गिर गई। हालांकि समय रहते ड्राइवर ने कूदकर जान बचा ली। लेकिन कार नहर में जार गिरी। इसके बाद मामले की सूचना डायल 112 पर दी तो डायल 112 की टीम ने मौके पर जाकर कार को नहर से बाहर निकाला। इस हादसे की सूचना के बाद डायल 112 की टीम व दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे। इस दौरान गाड़ी की चारों खिड़की व शीशे बंद मिले। गाड़ी के अंदर कोई व्यक्ति नहीं था। पुलिस ने रस्से बांधकर लोगों की मदद से गाड़ी को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन गाड़ी नहीं निकली तो हाइड्रा क्रेन की मदद से निकाली। जो चंडीगढ़ नंबर की मर्सिडीज कार मिली। घूमने आया तो नहर में पड़ी मिली थी कारस्थानीय निवासी शिवकुमार प्रजापति ने बताया कि वह घूमने के लिए आया तो जुई नहर में कार पड़ी हुई दिखाई दी। उन्होंने इस संबंध में सूचना पुलिस को डायल नंबर 112 पर दी थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। नहर के आसपास रात के समय लोगों की आवाजाही रहती है। सप्ताह में विशेषकर शनिवार, शुक्रवार और रविवार को यहां कई लोग वाहन खड़े कर बैठते हैं तथा नशा करने जैसी गतिविधियां भी होती हैं।
मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में अब लड़कों के साथ-साथ लड़कियों की भी गैंग बन गई है। ये ग्रुप न सिर्फ झुंड बनाकर घूमते हैं, बल्कि अपहरण और मारपीट जैसी वारदातों को अंजाम देकर उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी करते हैं। ताजा मामला जबलपुर के ग्वारीघाट क्षेत्र का है, जहां एक नाबालिग किशोरी ने एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी। उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाली चार लड़कियों ने घर में घुसकर मेरा अपहरण किया और फिर सुनसान इलाके में ले जाकर मारपीट की और कपड़े उतारे। पीड़िता के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे स्थानीय निवासी ने बताया कि तीन दिन पहले दो लड़कियों के साथ यह घटना हुई थी। पड़ोस में रहने वाली कुछ युवतियां और उनके साथी घर में घुसे, दोनों को जबरन एक खंडहरनुमा स्थान पर ले गए और वहां गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। पीड़िताओं के कपड़े भी उतरवाए गए। घटना का वीडियो बनाकर अब सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। चार तस्वीरें देखिए पीड़िताएं शिकायत लेकर ग्वारीघाट थाने पहुंचीं, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामूली धाराओं में मामला दर्ज किया और किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की। इसके बाद स्थानीय लोगों ने एसपी से मुलाकात कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसपी कार्यालय की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मामला गंभीर है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मामले में दो युवकों के नाम भी सामने आए हैं। उनके नाम पवन और शिब्बू बताए जा रहे हैं। वहीं, मारपीट करने वाली सभी युवतियां बालिग बताई जा रही हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों पीड़ित किशोरियों ने अपनी एक सहेली को अपने पास रखा था। सहेली ने बताया था कि उसकी सौतेली मां उसके साथ मारपीट करती है। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर सौतेली मां ने कुछ युवकों और अन्य महिलाओं के साथ मिलकर किशोरियों को सबक सिखाने के उद्देश्य से इस पूरी घटना को अंजाम दिया।
शहडोल-रीवा मार्ग पर युवक का शव मिला:4-5 दिन पुराना होने की आशंका, नहीं हो पाई शिनाख्त
शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में शहडोल-रीवा मुख्य मार्ग पर मऊ गांव के पास सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में चर्चा का माहौल है। गुरुवार को स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे दुर्गंध महसूस की। तलाश करने पर सड़क से करीब 20 फीट नीचे झाड़ियों के बीच एक शव पड़ा मिला। सूचना मिलने पर ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मृतक की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है। हालांकि उसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। चार से पांच दिन पुराना बताया जा रहा शव पुलिस के अनुसार, शव काफी पुराना है और कई दिन तक खुले में पड़े रहने के कारण सड़-गल चुका था। शुरुआती जांच में यह अनुमान लगाया गया है कि व्यक्ति की मौत चार से पांच दिन पहले हुई होगी। शव की स्थिति को देखते हुए मौके पर मौत के कारणों का पता नहीं चल सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। हादसा, हत्या या कुछ और, सभी पहलुओं पर जांच जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि व्यक्ति की मौत घटनास्थल पर हुई थी या शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया। घटनास्थल के आसपास से संभावित साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। मृतक की पहचान के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी की जानकारी खंगाली जा रही है। पुलिस अन्य जिलों से भी संपर्क कर रही है ताकि शव की पहचान हो सके। एफएसएल टीम जुटाएगी वैज्ञानिक साक्ष्य ब्यौहारी थाना प्रभारी जिया उल हक ने बताया कि शव की स्थिति को देखते हुए मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। जांच में मदद के लिए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया है। टीम घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर रही है। उन्होंने कहा कि मृतक की पहचान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
आपातकाल की 51वीं बरसी पर आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करते हुए उनके लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही लोकतंत्र सेनानियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगी। साथ ही उनके निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान झेली गई यातनाओं की आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर पूरा सभागार भावुक हो उठा। लोकतंत्र की रक्षा करने वालों का सम्मान करना गौरव की बात : सीएम लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करना गौरव की अनुभूति है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए जेल की यातनाएं सहीं, अत्याचार झेले और अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय संघर्ष में बिताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित सरकार बनी तो लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और कल्याण के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि प्रदेश सरकार जल्द ही लोकतंत्र सेनानियों के लिए पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले किसी भी सेनानी को इलाज के लिए आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिवारों के सम्मान एवं सुरक्षा के लिए सरकार लगातार नई पहल कर रही है। अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोकतंत्र सेनानियों के निधन पर उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ संपन्न कराने की व्यवस्था भी तैयार कर रही है। उनका कहना था कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए। प्रदेश में 3,780 लोकतंत्र सेनानी और 1,461 आश्रित मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 3,780 लोकतंत्र सेनानी और 1,461 आश्रित पंजीकृत हैं। वर्ष 2018 से प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों और उनके निधन के बाद उनके आश्रितों को प्रतिमाह 20 हजार रुपये सम्मान राशि प्रदान कर रही है। इसके अलावा लोकतंत्र सेनानी या उनके पति-पत्नी को एक सहायक के साथ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी श्रेणी की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है। राजकीय अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। लोकतंत्र सेनानियों का किया सम्मान कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न जिलों से आए लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। इनमें भारत दीक्षित, गया प्रसाद सोनकर, राम सिंह कुशवाहा, विद्या राम वर्मा, अजय सिंह और ओम प्रकाश गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी ने आपातकाल के दौरान जेल में रहकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। मंच से सुनाई आपातकाल की दर्दनाक दास्तां कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानी भारत दीक्षित ने कहा कि आपातकाल लगाने का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के समय उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए थे और सत्याग्रह में भाग लेने पर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया। “नाखून उखाड़े गए, जबरन नसबंदी कराई गई” लोकतंत्र सेनानी विद्या राम वर्मा ने मंच से अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि आज भी आपातकाल की यादें उन्हें भावुक कर देती हैं। उन्होंने बताया कि उस दौर में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया, रात में घरों को घेरकर गिरफ्तारियां की गईं और जेलों में अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि कई कैदियों के नाखून तक उखाड़े गए और जबरन नसबंदी जैसी घटनाएं भी हुईं। उन्होंने कहा कि उस समय हुए अत्याचारों की कल्पना आज की पीढ़ी शायद नहीं कर सकती। लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराया गया कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को नमन करते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए समाज को हमेशा सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और बलिदान को सम्मानित करना केवल सरकार का दायित्व नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
इंदौर के पॉश कॉलोनी तुलसी नगर क्षेत्र में आबकारी विभाग ने अवैध शराब निर्माण के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। तीन दिनों तक गोपनीय निगरानी और रैकी के बाद विभाग ने एक तीन मंजिला भवन पर दबिश देकर वहां संचालित अवैध शराब फैक्ट्री का खुलासा किया। कार्रवाई में 144 बल्क लीटर शराब के साथ भारी मात्रा में नकली लेबल, होलोग्राम, पैकेजिंग सामग्री और शराब निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण जब्त किए गए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश और सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। आबकारी अधिकारियों की टीम ने विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद लगातार तीन दिनों तक सिविल ड्रेस में क्षेत्र की निगरानी की और गतिविधियों की पुष्टि होने पर योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा। मकान के भीतर चल रहा था पूरा शराब निर्माण यूनिट दबिश के दौरान टीम को भवन के भीतर अवैध शराब निर्माण और पैकेजिंग का पूरा सेटअप मिला। यहां से 16 पेटियों में भरी 144 बल्क लीटर देशी शराब, स्प्रिट, कैरेमल, पैकिंग सामग्री, विभिन्न ब्रांडों के हजारों डुप्लीकेट लेबल और होलोग्राम, शराब की बोतलों के कैप, कार्टून और दो बड़ी ब्लेंडर मशीनें बरामद की गईं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त सामग्री से स्पष्ट है कि यहां बड़े पैमाने पर शराब तैयार कर उसे नामी ब्रांडों के नाम से बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी। ब्रांडों के लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री भी बरामद जांच के दौरान मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में बिकने वाली शराब के लेबलों के अलावा राजस्थान में प्रचलित कई ब्रांडों के लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री भी बरामद हुई है। इससे प्रारंभिक जांच में अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित संगठित शराब तस्करी नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। आबकारी विभाग अब इस नेटवर्क के निर्माण, वितरण और वित्तीय तंत्र की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जब्त शराब और अन्य सामग्री की वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा तैयार शराब की सप्लाई किन क्षेत्रों में की जा रही थी। आमजन से सहयोग की अपील सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन या बिक्री की जानकारी मिलने पर तत्काल आबकारी विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जनसहयोग बेहद आवश्यक है और प्राप्त प्रत्येक सूचना पर विभाग गंभीरता से कार्रवाई करेगा।
पेड़ से फंदे पर लटका मिला महिला का शव:बहराइच में नहर पटरी से 100 मीटर फंदे से लटककर जान दी
बहराइच के नानपारा इलाके में गुरुवार को एक पेड़ से संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला का शव लटका मिला। नहर से कुछ दूरी पर शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही नानपारा कोतवाली पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान नानपारा कोतवाली इलाके के बल्हा ग्राम निवासी गुड़िया (48) के रूप में हुई है। बुधवार शाम को गुड़िया अपनी बेटी कामिनी को उसकी ससुराल बड़गांवा छोड़ने गई थी। बेटी को छोड़ने के बाद वह ऑटो से घर के लिए निकली थी। देर रात तक गुड़िया घर नहीं पहुंची, जिसके बाद परिवार के लोग उसकी तलाश कर रहे थे। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने हुसैनीपुरवा नहर पटरी से कुछ दूरी पर एक पेड़ की डाल पर साड़ी के फंदे से लटकता शव देखा। इसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों से जानकारी ली जा रही है। मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
खैरथल-तिजारा जिले के एक मंडी व्यापारी ने अलवर आकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले उसने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा कि आईजी और एसपी साहब एएसआई महेंद्र सिंह यादव तिजारा के खिलाफ कार्रवाई करें। ऐसे इंसान को डिसमिस करें। मेरी सारी गवाही और सबूत मिटा दिए गए, जबकि सीओ शिवराज सिंह ने जांच कर मेरे ऊपर सोनू की तरफ से लगे एससी-एसटी के झूठे मुकदमे लगाए एफआर लगाई। महेंद्र एएसआई तिजारा ने बहुत गलत किया है। मेरे से 18 हजार रुपये रिश्वत ली। मरने वाला झूठ नहीं बोलता। सोनू से सांठगांठ हो गई और फाइल से सारी गवाही हटा दी गई। फेसबुक पर पोस्ट करने के बाद व्यापारी ने तिजारा सीओ शिवराज सिंह को भी मैसेज किया, जिसके बाद उसने अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया। इस दौरान सीओ शिवराज सिंह को शक हुआ तो व्यापारी राजेश गुप्ता (52) की लोकेशन निकलवाने की कोशिश की गई। शुरुआत में लोकेशन नहीं मिली, जिसके बाद सीओ खुद जाप्ते के साथ उसके घर पहुंचे। वहां राजेश का बेटा मिला, लेकिन उसे भी अपने पिता के बारे में जानकारी नहीं थी कि वह कहां गए हैं। हालांकि राजेश पिछले तीन दिनों से गायब था। इसके बाद पुलिस ने फिर लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की तो उसकी लोकेशन अलवर शहर की तेज मंडी के पास दिखाई दी। तिजारा पुलिस ने अलवर पुलिस को सूचना देकर मौके पर भेजा, जहां दा रॉयन गेस्ट हाउस में राजेश गुप्ता पंखे से लटका मिला। इसके बाद उसे नीचे उतारकर जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तिजारा सीओ शिवराज सिंह ने बताया कि राजेश करीब दो साल पहले एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। साथ रहने के बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसके बाद महिला सोनू ने राजेश पर एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था और राजेश ने महिला के खिलाफ 420 का मामला दर्ज कराया था। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच करते हुए एफआर लगा दी थी। इसी के साथ राजेश को कुछ व्यवसायिक नुकसान भी हो रहा था। साथ ही राजेश ने तिजारा मंडी में किसी कच्ची पर्ची का भी जिक्र किया था, जिसमें उसने गड़बड़ी होने की बात कही थी। शिवराज सिंह ने बताया कि राजेश ने दोपहर करीब 12 बजे उनके मोबाइल पर ये मैसेज भेजे थे, जिसके बाद पुलिस हरकत में आ गई और उसकी तलाश शुरू कर दी गई ताकि वह कोई गलत कदम न उठा ले, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। राजेश के पड़ोसी महेंद्र ने बताया कि राजेश घर से बिना बताए अलवर आ गया था और एक गेस्ट हाउस में ठहरा हुआ था। वहीं उसने यह कदम उठा लिया। राजेश के दो बच्चे हैं, जिनमें से किसी की भी अभी शादी नहीं हुई है।
ई-रजिस्ट्रेशन के खिलाफ आगरा सदर तहसील के अधिवक्ता 10वें दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते गुरुवार को तहसील परिसर में न्यायिक कार्य एवं उप निबंधक कार्यालय में निबंधन संबंधी कोई काम नहीं हुआ। सभी अधिवक्तागण, दस्तावेज लेखकगण एवं स्टाम्प वेंडर्स ने यह निर्णय लिया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक न्यायिक एवं निबंधन काम नहीं करेंगे। जमीनों के बैनामा रुकेअधविक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए इसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने ऐलान किया है कि वे किसी भी कीमत पर ई-रजिस्ट्रेशन बर्दाश्त नहीं करेंगे। वकीलों की हड़ताल के चलते 10वें दिन भी निबंधन विभागों में बैनामा नहीं हो सके। जमीन की खरीद-फरोख्त का काम पूरी तरह से रुका हुआ है। ई-रजिस्ट्रेशन/फ्रंट ऑफिस व्यवस्था लागू किए जाने के विरोध में सदर तहसील आगरा के अधिवक्तागण, दस्तावेज लेखकगण, स्टाम्प वेंडर्स एवं सहायकगण की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। गुरुवार दोपहर लगभग 3 बजे सदर तहसील के वकील निबंधन कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। उन्होंने धरना देते हुए ई-रजिस्ट्रेशन का विरोध किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इनके नेतृत्व में हुआ प्रदर्शनतहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंभूनाथ वर्मा एवं महासचिव अरविंद कुमार दुबे एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टाम्प वेंडर्स ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष राम उपाध्याय, लाल बहादुर राजपूत, राजीव उपाध्याय के नेतृत्व में ई-रजिस्ट्रेशन का विरोध किया गया। ये है ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाउत्तर प्रदेश सरकार ने संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसके माध्यम से विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की संपत्तियों की रजिस्ट्री अब ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए संपन्न होगी। नई व्यवस्था के लागू होने से लोगों को बार-बार निबंधन कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक तेज तथा सुविधाजनक बन सकेगी। ई-रजिस्ट्री प्रणाली के तहत संबंधित संस्थाओं को लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिससे वे अपनी संपत्तियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से पूरा कर सकें।नई व्यवस्था के अंतर्गत आवंटियों को रजिस्ट्री कराने के लिए निबंधन कार्यालय में लंबी कतारों में खड़े होने या बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित संस्था के कार्यालय में ही पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्राधिकारी की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी।ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया में बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल हस्ताक्षर और आधार आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य बनाया गया है। इससे आवंटी और संबंधित पक्षों की पहचान का सत्यापन सुरक्षित और विश्वसनीय तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही, दस्तावेजों की प्रामाणिकता भी सुनिश्चित होगी।
बुरहानपुर में ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक रविंद्र महाजन ने गुरुवार को शाहपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों और युवाओं के ज्वलंत मुद्दों को लेकर राष्ट्रव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू कर रही है। इस अभियान के तहत युवाओं और विद्यार्थियों के मुद्दों को आमजन तक पहुंचाया जाएगा। महाजन ने शिक्षा प्रणाली की आलोचना की और नीट पेपर लीक मामले में सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार पेपर लीक होने दे रही है ताकि युवाओं को नौकरी न देनी पड़े। कांग्रेस की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है और परीक्षाओं में सरकार को लाभ हो रहा है, जबकि विद्यार्थियों और अभिभावकों का पैसा खर्च हो रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को ही खकनार में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थी और शिक्षाविद् मौजूद रहे। कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष रविंद्र महाजन ने छात्रों से संवाद करते हुए वर्तमान में हुए पेपर लीक घोटाले, शिक्षा के व्यवसायीकरण और मौजूदा सरकार की शिक्षा नीतियों की कमियों पर चर्चा की। इस अवसर पर कांग्रेस नेता अशोक पाटील, निखिल खंडेलवाल, किशोर खांडवेकर, मुरलीधर महाजन, शैलेश इंगले, मुकेश महाजन, बलवंत पाटील, गिरीश बाविस्कर और आरती लांडे सहित कई अन्य उपस्थित थे।
हरदोई में नवविवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान:दो माह पहले हुई थी शादी, कमरे में फंदे से लटका मिला शव
हरदोई में गुरुवार सुबह एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मृतक की पहचान प्रियांशी (23) के रूप में हुई है। मामला अरवल थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र के बरसोहिया निवासी जगदीश ने अपनी बेटी प्रियांशी का विवाह लगभग दो महीने पहले अरवल निवासी अपने भांजे शंभू शंकर के साथ किया था। शंभू शंकर अहमदाबाद (गुजरात) में नौकरी करता है और शादी के कुछ समय बाद पत्नी को घर पर छोड़कर वापस काम पर लौट गया था। बताया गया कि गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे प्रियांशी ने घर के अन्य दिनों की तरह चाय-नाश्ता तैयार किया। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। काफी देर तक कमरे से बाहर न आने पर परिजनों को चिंता हुई। जब परिजनों ने कमरे में झांककर देखा तो प्रियांशी का शव दुपट्टे के सहारे फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही अरवल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने वीडियोग्राफी के बीच पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता ने फिलहाल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की ओर से मिलने वाली तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। घटना के कारणों को लेकर परिजन भी कुछ स्पष्ट नहीं बता सके हैं।
जवाहर बाग में पेड़ से लटका मिला युवक का शव:मथुरा में कई दिन पहले मौत की आशंका, पहचान में जुटी पुलिस
मथुरा के सदर थाना क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी के अंतर्गत स्थित जवाहर बाग में गुरुवार सुबह एक अज्ञात युवक का शव पेड़ पर लटका मिला। सुबह सैर पर निकले स्थानीय लोगों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी मोनू कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पेड़ से उतरवाकर कब्जे में लिया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में युवक की पहचान नहीं हो सकी है। 35 वर्ष के आसपास उम्र, पहचान से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं मिले पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र करीब 35 वर्ष प्रतीत हो रही है। युवक ने चेकदार शर्ट और नीले रंग की जींस पहन रखी थी। तलाशी के दौरान उसके पास से कोई पहचान पत्र, मोबाइल फोन या अन्य दस्तावेज बरामद नहीं हुए, जिससे उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। शव से आ रही थी दुर्गंध, कई दिन पहले मौत की आशंका चौकी प्रभारी मोनू कुमार ने बताया कि शव काफी पुराना लग रहा है। शरीर में कीड़े पड़ चुके थे और उससे दुर्गंध आ रही थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि युवक की मौत कई दिन पहले हुई होगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान कराने के लिए उसके फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं। साथ ही आसपास के जनपदों की पुलिस से भी संपर्क किया गया है, ताकि युवक की शिनाख्त हो सके। पुलिस का कहना है कि शव की पहचान होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
संभल में प्रशासन ने कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए एक सख्त अभियान चलाया है। इस दौरान नायब तहसीलदार अरविंद कुमार ने चार संस्थानों का निरीक्षण किया, जिनमें दो बेसमेंट में संचालित हो रहे थे। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण इन बेसमेंट सेंटरों को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। गुरुवार दोपहर 1 बजे संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी में स्थित दो कंप्यूटर सेंटर और दो कोचिंग सेंटरों का प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि दो कोचिंग सेंटर बेसमेंट में चल रहे थे, जबकि अन्य दो भूतल पर संचालित हो रहे थे। निरीक्षण के दौरान, बेसमेंट में संचालित दोनों सेंटरों में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने पाया कि इन संस्थानों में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था, जो किसी भी आपात स्थिति में बड़ा खतरा बन सकता था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से वहां कक्षाएं बंद करा दीं और विद्यार्थियों को घर भेज दिया। नायब तहसीलदार अरविंद कुमार ने बताया कि कुल चार सेंटर चेक किए गए थे, जिनमें से दो बेसमेंट में और दो भूतल पर थे। प्रशासनिक टीम ने जनहित कंप्यूटर सेंटर का भी निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाएं अपेक्षाकृत बेहतर पाई गईं। सेंटर में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था थी और यह कई शिफ्टों में संचालित होता है, जिसमें 18 सीटें उपलब्ध हैं। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने जनहित कंप्यूटर सेंटर में एक दिव्यांग छात्रा को भी देखा, जिसके दोनों हाथ नहीं हैं। वह अपने पंजों की सहायता से कंप्यूटर माउस का उपयोग कर ट्रिपल सी (CCC) कोर्स कर रही थी।
सूबे में बिजली आपूर्ति को लेकर शासन के निर्देश पर उपभोक्ताओं को बिजली निर्बाध रूप से मिले, जिसे लेकर आजमगढ़ जिले के नगर क्षेत्र में विद्युत विभाग के अधिकारियों ने टीमों का गठन कर सघन चेकिंग अभियान चलाया। विशेष रूप से बड़े कमर्शियल उपभोक्ताओं के बड़े बकाए को लेकर बिजली विभाग का हंटर चला। जहां 35 की संख्या में कनेक्शन काटे गये, जिसे लेकर बड़े कमर्शियल उपभोक्ताओं में हड़कंप मचा। वहीं विभाग ने 5 लाख से अधिक राजस्व की वसूली भी किये। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के निर्देश पर जिन क्षेत्रों में राजस्व वसूली नहीं हो रही या विद्युत चोरी की संभावना है। उन क्षेत्रों में खंड स्तर पर टीमों का गठन कर चेकिंग की जा रही है। उसी क्रम में आजमगढ़ मुख्यालय के निर्देश पर अभियान चलाया गया जिसमें जिले के शहर क्षेत्र आराजी बाग, ब्रह्मस्थान तथा करतारपुर समेत कई स्थानों पर बिजली चेकिंग के दौरान विधिक कार्रवाई की जा रही। विद्युत विभाग के एसडीओ ने बताया कि बिजली आपूर्ति निर्बाध रूप से मिले रात-रात काम किया जा रहा है। अगर कहीं टेक्निकल फाल्ट हो रहा तो बनाने में थोड़ा समय लगता है। उन्होंने कहा कि विद्युत चोरी किए जाने पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा रही तथा राजस्व का निर्धारण कर उनसे ही जमा कराया जाएगा व उन्हें नोटिस भेजी जायेगी। सुबह से ही शुरू हुआ अभियान बिजली विभाग के सहायक अभियंता उपेंद्रनाथ चौरसिया ने बताया कि सुबह से कमर्शियल उपभोक्ताओं पर चेकिंग को लेकर एसडीओ ने बताया कि 40 ऐसे बड़े कमर्शियल उपभोक्ता हैं। उनके विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिनके बकाया 40 से 50 लाख के आसपास हैं। जिसमें 35 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गये हैं। यह अभियान लगातार चलता रहेगा, शेष सामान्य उपभोक्ता जिनके 10 हजार से ऊपर के भी कनेक्शन काटे जा रहे हैं।
करनाल के बस्ताड़ा टोल प्लाजा पर वीरवार को दोपहर दो बजे से नई व्यवस्था लागू कर दी गई, जिसके तहत अब वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। मल्टी लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) सिस्टम लागू होने के बाद यहां से गुजरने वाले वाहन सीधे अपनी रफ्तार में निकलेंगे और टोल टैक्स अपने आप फास्टैग से कट जाएगा। नई व्यवस्था से समय और ईंधन की बचत के साथ टोल पर होने वाले विवादों से भी राहत मिलेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की पीडी आकृति गुप्ता और अन्य अधिकारियों की अगुवाई में इस सिस्टम को शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के दौरान किसी प्रकार की परेशानी सामने नहीं आई थी और अब लागू करने के बाद भी यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। अब नहीं होंगे टोल बूथ और बैरियर नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा पर न तो कोई बूथ रहेगा और न ही बैरियर। यहां मौजूद स्टाफ भी अब केवल तकनीकी और सुरक्षा से जुड़ा रहेगा। किसी वाहन को रोककर जांच या आईडी देखने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है, जिससे वाहनों का आवागमन पूरी तरह स्मूथ हो गया है। लोकल वाहन ड्राइवरों के लिए नया नियम टोल पर अब लोकल आईडी मान्य नहीं होगी। स्थानीय वाहन ड्राइवरों को 350 रुपए का मासिक पास बनवाना अनिवार्य किया गया है। बिना पास या फास्टैग के वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्या है एमएलएफएफ सिस्टम टोल प्लाजा के ऑपरेशन मैनेजर प्रदीप मलिक ने बताया कि मल्टी लेन फ्री फ्लो एक आधुनिक टोल वसूली प्रणाली है। इसमें वाहनों को रुकना नहीं पड़ता। सड़क पर लगे कैमरे और सेंसर वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं और टोल सीधे फास्टैग या बैंक खाते से कट जाता है। शुरुआत की तारीख में हुआ बदलाव इस सिस्टम को पहले 24 जून रात 12 बजे लागू किया जाना था। बाद में तकनीकी कारणों और ट्रायल के चलते इसे 25 जून सुबह 8 बजे करने की योजना बनी, लेकिन अंततः इसे वीरवार को दोपहर दो बजे शुरू किया गया। कैसे करेगा काम हाईवे पर हाई रेजोल्यूशन कैमरे और सेंसर लगाए गए हैं, जो हर वाहन की नंबर प्लेट को पढ़ते हैं। फास्टैग से लिंक होने पर टोल अपने आप कट जाता है। जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा या बैलेंस नहीं होगा, उन्हें ई-चालान भेजा जाएगा। यात्रियों को मिलेंगे ये फायदे नई व्यवस्था से टोल पर लंबी कतारें खत्म होंगी। वाहन चालकों का समय बचेगा और ईंधन की खपत कम होगी। साथ ही ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और टोल को लेकर होने वाले विवाद भी समाप्त होंगे। इन नियमों का रखना होगा ध्यान सभी वाहनों पर फास्टैग अनिवार्य रहेगा और उसमें पर्याप्त बैलेंस होना जरूरी है। नंबर प्लेट साफ और निर्धारित मानकों के अनुसार होनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। शुरुआती चुनौतियां भी सामने अधिकारियों के अनुसार कई वाहन चालकों के फास्टैग अपडेट नहीं हैं और कुछ की नंबर प्लेट भी मानकों के अनुसार नहीं है। ग्रामीण और स्थानीय लोगों को नई प्रणाली समझने में समय लग सकता है। इसलिए किसी भी परेशानी से बचने के लिए मानकों के अनुसार कार्य करें। प्रशासन ने की पूरी तैयारी टोल प्लाजा पर नई तकनीक आधारित गैंट्री लगाए गए हैं और पहले ट्रायल रन भी किए गए। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया गया ताकि नई व्यवस्था को आसानी से लागू किया जा सके। आधुनिक व्यवस्था की ओर बड़ा कदम बस्ताड़ा टोल पर एमएलएफएफ सिस्टम लागू होने से सफर पहले से ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा। शुरुआती दिक्कतों के बाद यह व्यवस्था ट्रैफिक और टोल प्रबंधन को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
कासगंज पुलिस ने राहगीरों को बांटा शरबत:हीट वेव से राहत देने सोरों गेट चौकी पर हुआ वितरण
कासगंज में बढ़ती गर्मी और हीट वेव के प्रकोप के बीच पुलिस ने राहगीरों को शरबत वितरित किया। यह कार्यक्रम कासगंज शहर की सोरों गेट पुलिस चौकी पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य लोगों को भीषण गर्मी से राहत पहुंचाना था। इस पहल में महिला थाना प्रभारी शांति देवी, दरोगा नरेंद्र कुमार और चौकी पर मौजूद समस्त पुलिस स्टाफ शामिल थे। उन्होंने राहगीरों और आम नागरिकों को ठंडा शरबत बांटा, जिससे उन्हें गर्मी से कुछ राहत मिली। शरबत वितरण के साथ ही, पुलिसकर्मियों ने लोगों को तेज धूप और हीट वेव से बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक भी किया। इस मानवीय और जनसेवा से जुड़े कदम की आने-जाने वाले लोगों ने सराहना की, क्योंकि भीषण गर्मी में यह प्रयास उनके लिए राहत भरा साबित हुआ। स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस कार्य को समाज में एक सकारात्मक संदेश देने वाला बताया। उनका कहना था कि यह दर्शाता है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जनसेवा के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है।
उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार दोपहर नीमच कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग के कार्यालय में कार्रवाई की। टीम ने विभाग के जिला संयोजक राकेश राठौर और छात्रावास अधीक्षक हरीश चौहान को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों अधिकारियों पर मनासा विकासखंड के कुकड़ेश्वर स्थित शासकीय कन्या छात्रावास की सस्पेंड अधीक्षिका कर्दुला इक्का से रिश्वत मांगने का आरोप है। यह राशि विभागीय जांच में राहत देने और उनकी बहाली के पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने के एवज में मांगी गई थी। कुल ₹1 लाख 25 हजार की मांग की गई थी। बहाली के लिए मांगी घूस सस्पेंड अधीक्षिका ने अधिकारियों की इस मांग से परेशान होकर उज्जैन लोकायुक्त से शिकायत की थी। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। शिकायतकर्ता द्वारा ₹25 हजार की पहली किस्त पहले ही दी जा चुकी थी। गुरुवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ₹1 लाख की दूसरी किस्त लेकर कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय पहुंची, लोकायुक्त की टीम ने दोनों को केमिकल लगे नोटों के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त के डीएसपी दिनेश पटेल और टीआई हीना डाबर सहित पूरी टीम ने मौके पर ही कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं। आरोपियों के हाथ धुलवाए गए, जिससे पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत के नोटों पर लगे केमिकल का प्रमाण था। रिलीव होने के पहले थाराए बाबू इस घटनाक्रम में जिला संयोजक राकेश राठौर का हाल ही में नीमच से झाबुआ तबादला हुआ था। वे गुरुवार को ही नीमच से रिलीव होने वाले थे। उनके विभाग में विदाई समारोह की भी चर्चाएं थीं। हालांकि, विदाई से ठीक पहले रिश्वतखोरी के इस मामले ने उनके करीब 10 साल के नीमच कार्यकाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देवरिया के रतनपुर निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. धर्मेंद्र सिंह को भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश का पुनः प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी इस नियुक्ति पर जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बधाई दी है। डॉ. सिंह वर्तमान में गोरखपुर में रहते हैं। भाजपा नेतृत्व ने डॉ. धर्मेंद्र सिंह पर दोबारा विश्वास जताते हुए उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी है। इसे उनकी संगठनात्मक क्षमता, कार्यकुशलता और लंबे राजनीतिक अनुभव का सम्मान माना जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में संगठन को और मजबूती मिलेगी और जनकल्याणकारी नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। डॉ. धर्मेंद्र सिंह इससे पहले गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने पूर्वांचल के 12 जिलों में संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करीबी भी माना जाता है। पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रियता के कारण उन्हें लंबे समय से बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा थी। डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की थी। वर्ष 1991 में वे गोरखपुर विश्वविद्यालय इकाई के मंत्री बने। संगठन में विभिन्न दायित्व निभाते हुए वे प्रदेश मंत्री के पद तक पहुंचे। वर्ष 2002 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में गोरखपुर महानगर महामंत्री का पद संभाला। इसके बाद वे महानगर अध्यक्ष, क्षेत्रीय मंत्री और गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। उनके नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। संगठन में उनकी सक्रियता, अनुशासन और कार्यकर्ताओं से संवाद की क्षमता को उनकी प्रमुख ताकत माना जाता है। प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उल्लेखनीय है कि पार्टी ने उन्हें वर्ष 2022 में एमएलसी भी बनाया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी बहुप्रतीक्षित प्रदेश टीम की घोषणा कर दी है। इस नई टीम में औरैया जिले की राज्यसभा सांसद और जुझारू नेता गीता शाक्य को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। उनके इस पद पर नियुक्त होने के बाद औरैया स्थित भाजपा जिला कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर और ढोल-नगाड़े बजाकर जश्न मनाया। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में घोषित इस टीम में 19 उपाध्यक्ष, आठ महामंत्री और 19 प्रदेश मंत्री शामिल हैं। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया ने इस अवसर पर कहा कि गीता शाक्य एक छोटे से गांव और साधारण परिवार से निकलकर प्रदेश महामंत्री बनी हैं। उनका कोई राजनीतिक परिवार नहीं था। उन्होंने जोर दिया कि भाजपा में ही यह संभव है कि एक छोटे से कार्यकर्ता को प्रदेश स्तर पर इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है। गीता शाक्य पूर्व में भाजपा की जिलाध्यक्ष, क्षेत्रीय मंत्री, भाजपा प्रदेश मंत्री और वर्तमान में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनके प्रदेश महामंत्री बनने से जिले के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। जिला महामंत्री यशवीर सिकरवार और जिला मीडिया प्रभारी भूरे चौबे ने संयुक्त रूप से कहा कि राज्यसभा सांसद गीता शाक्य के प्रदेश महामंत्री बनने से जिले के कार्यकर्ताओं की बात सीधे तौर पर प्रदेश स्तर पर पहुंच सकेगी। यह जिले के लिए गर्व का विषय है कि यहां का कोई नेता प्रदेश टीम में पदाधिकारी बना है। उन्होंने कहा कि गीता शाक्य हमेशा छोटे से छोटे कार्यकर्ता की चिंता करती हैं, और उनके इस पद पर आने से निश्चित तौर पर जिले के कार्यकर्ताओं का सम्मान बढ़ेगा। मिठाई बांटने और जश्न मनाने के दौरान प्रमुख रूप से जिला महामंत्री विशाल शुक्ला, मोनू सेंगर, रवींद्र शाक्य, मनु राजपूत, अवधेश भदौरिया, आशीष दुबे, श्याम मोहन मिश्रा, सुनील बाल्मीकि, सोनू मिश्रा, अवध चतुर्वेदी, जगमोहन सिंह चौहान, कुंवर सिंह बाथम, अनिल कठेरिया, सर्वेंद्र भदोरिया, शिवेंद्र राजपूत, कौशलेंद्र कुशवाहा, कुलदीप सिंह, राज्यवर्धन सिंह गौर, रामजी बाजपेई और संदीप शाक्य सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन ने पूर्वी राजस्थान में युवा संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से सुमित अग्रवाल को अखिल भारतीय युवा अग्रवाल सम्मेलन का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह मनोनयन समाज हित में सक्रियता, संगठनात्मक अनुभव और समर्पण को देखते हुए किया गया है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष के नेतृत्व में पूर्वी राजस्थान में संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। उन्हें युवा शक्ति को सशक्त एवं सक्रिय बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन देशभर के अग्रवाल समाज का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाला एक प्रमुख संगठन है। यह पिछले लगभग 50 वर्षों से अपनी प्रादेशिक और जिला इकाइयों, महिला मंडल तथा युवा मंडल के माध्यम से समाज को संगठित करने और सामाजिक गतिविधियों को मजबूत बनाने का कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक नेतृत्व के निर्देशानुसार पूर्वी राजस्थान में संगठन के कार्यों के प्रभावी संचालन और समाज को संगठित करने के लिए यह नियुक्ति की गई है। संगठन का मानना है कि प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में उनका अनुभव, सक्रियता और कुशल नेतृत्व संगठन की कार्यप्रणाली को नई दिशा देगा। इससे पूर्वी राजस्थान में संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति एवं मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष के सफल कार्यकाल और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद मुज़फ्फरनगर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बुधवार को शुरू हुई कार्रवाई गुरुवार को भी जारी रही। शहर से लेकर देहात तक अस्पतालों, नर्सिंग होम और कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा और आपातकालीन निकास व्यवस्थाओं की सघन जांच की गई। जांच के दौरान गंभीर खामियां मिलने पर दो अस्पतालों के बेसमेंट सील कर दिए गए, जबकि कई संस्थानों को नोटिस जारी किए गए। खतौली में एक कोचिंग सेंटर को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमों ने शहर के प्रमुख अस्पतालों तथा शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। शहर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सदर बाजार स्थित आत्रेय हॉस्पिटल और भोपा रोड स्थित आनंद हॉस्पिटल के बेसमेंट में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी पाई गई। इसके चलते प्रशासन ने दोनों बेसमेंट को सील कर दिया। वहीं पवार हॉस्पिटल और मनोरमा हॉस्पिटल में भी कई कमियां मिलने पर संचालकों को नोटिस जारी कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उधर खतौली में एसडीएम डॉ. ललित शर्मा और सीओ रूपाली रॉय चौधरी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने पैठ रोड स्थित एक निजी अस्पताल का निरीक्षण किया। इसी भवन की दूसरी मंजिल पर संचालित एक कोचिंग सेंटर में फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रबंध नहीं पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने कोचिंग सेंटर को मौके पर ही सील कर दिया। प्रशासनिक कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक मंसूरपुर क्षेत्र में अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण जारी था। टीम द्वारा अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था तथा संबंधित विभागों से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की जांच की जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि जिलेभर में संचालित अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों और अन्य भीड़भाड़ वाले संस्थानों का चरणबद्ध तरीके से निरीक्षण जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लखनऊ जैसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सभी संस्थानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
दमोह-जबलपुर हाईवे पर दो बाइकों में टक्कर:दो घायल जिला अस्पताल लाए गए, एक जबलपुर रेफर
दमोह-जबलपुर हाईवे पर नोहटा थाना क्षेत्र के अभाना गांव के पास गुरुवार शाम दो बाइकों की जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से एक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, नोहटा थाना क्षेत्र के रौंड बनवार निवासी 50 वर्षीय महिपाल सिंह लोधी (पिता मलखान सिंह लोधी) दमोह से अपनी बाइक पर घर जा रहे थे। अभाना के पास पीछे से आ रही एक अन्य बाइक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे एंबुलेंस 1033 के चालक सचिन यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। ड्यूटी डॉक्टर ने महिपाल सिंह का प्राथमिक उपचार कर उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया, जबकि दूसरे घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। नोहटा पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घायलों के बयान भी दर्ज किए हैं। घायल महिपाल सिंह ने बताया कि उन्हें पीछे से आ रही बाइक ने टक्कर मारी थी और वह देख नहीं पाए कि कौन था। टक्कर के बाद वे सड़क पर गिर गए और फिर एंबुलेंस से अस्पताल लाए गए।
मीरगंज के पूरनलाल लोधी बने ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष:भाजपा संगठन में हुए बड़े फेरबदल के बाद
बरेली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश संगठन में हाल ही में हुए बड़े फेरबदल के बाद मीरगंज तहसील क्षेत्र को राज्य स्तर पर नई पहचान मिली है। जटपुरा उर्फ मुगलपुर गांव निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता पूरनलाल लोधी को 'ब्रज क्षेत्र' का क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पूरनलाल लोधी भाजपा के अनुभवी नेताओं में से एक हैं। वे पूर्व में बरेली के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं और लंबे समय से संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी नियुक्ति से जटपुरा उर्फ मुगलपुर गांव का नाम पूरे ब्रज क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। बरेली के वरिष्ठ भाजपा नेता सोमपाल शर्मा वर्तमान में भाजपा जिलाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। एक ही जिले से दो प्रमुख नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारियां मिलने से मीरगंज क्षेत्र का राजनीतिक महत्व और अधिक बढ़ गया है। गांव से निकलकर प्रदेश स्तर पर इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलने से ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यह केवल गांव के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मीरगंज के लिए गर्व का विषय है। समर्थकों ने उम्मीद जताई है कि पूरनलाल लोधी के नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी अनुभवी और जमीनी स्तर पर पकड़ रखने वाले नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करना चाहती है।
CSJMU में पहली बार 'मां-बेटी सम्मेलन':9 जुलाई को आयोजन होगा, छात्राओं का होगा मुफ्त ब्लड टेस्ट
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के 41वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर इस बार एक अनूठी और संवेदनशील पहल की जा रही है। राज्यपाल सचिवालय के निर्देश पर 9 जुलाई को दीक्षांत समारोह के समापन के बाद दोपहर 3:30 बजे विश्वविद्यालय के वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में 'मां-बेटी सम्मेलन' आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में एनीमिया (खून की कमी) को लेकर जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर संवाद स्थापित करना है। सम्मेलन को सीधे छात्राओं के स्वास्थ्य से जोड़ते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 3 जुलाई से 6 जुलाई तक विशेष ब्लड टेस्ट कैंप आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह जांच पूरी तरह निशुल्क होगी। कैंप का संचालन स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज और पालीवाल डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से किया जाएगा। जांच रिपोर्ट सीधे छात्राओं के अभिभावकों, विशेषकर उनकी माताओं तक पहुंचाई जाएगी, ताकि वे अपनी बेटियों की स्वास्थ्य स्थिति से अवगत रह सकें। एनीमिया पर विशेषज्ञ देंगी महत्वपूर्ण जानकारी 9 जुलाई को आयोजित होने वाले सम्मेलन में छात्राएं अपनी माताओं के साथ शामिल होंगी। कार्यक्रम में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की पूर्व विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ प्रो. मीरा अग्निहोत्री मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहेंगी। वह 'एनीमिया : कारण, प्रभाव और निवारण' विषय पर माताओं और छात्राओं को विस्तार से जानकारी देंगी। सम्मेलन के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की जाएगी। राज्यपाल के संवाद की भी संभावना विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम में कुलाधिपति एवं राज्यपाल Anandiben Patel के भी शामिल होने और माताओं व छात्राओं से संवाद करने की संभावना है। इससे कार्यक्रम को विशेष महत्व मिल गया है। माताएं देख सकेंगी बेटियों के हॉस्टल इस बार विश्वविद्यालय ने अभिभावकों के लिए विशेष व्यवस्था भी की है। सम्मेलन के बाद छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं की माताओं को हॉस्टल का भ्रमण कराया जाएगा। माताएं अपनी बेटियों के रहने की व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को करीब से देख सकेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे अभिभावकों का संस्थान पर भरोसा और मजबूत होगा। आयोजन के लिए 12 सदस्यीय टीम गठित कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 12 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है। इसमें चीफ वार्डन, सभी बालिका छात्रावासों की वार्डन, स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी, डॉ. रश्मि गोरे समेत कई वरिष्ठ शिक्षक शामिल हैं। यह टीम सम्मेलन, ब्लड टेस्ट कैंप और अभिभावकों की व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी, ताकि कार्यक्रम का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।
हनुमानगढ़ में कांग्रेस ने भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा है। पार्टी ने इस मुद्दे पर देशव्यापी जनआंदोलन की घोषणा की है। जिला प्रभारी और रतनगढ़ विधायक पूसाराम गोदारा ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। जिला कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को गोदारा ने 'छात्रों की गूंज' अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अभिभावक अपने बच्चों पर लाखों रुपए खर्च करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी कर्ज लेकर या अपनी जरूरतें कम करके बच्चों को कोचिंग दिलाते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और उम्मीदों को तोड़ देती हैं। गोदारा ने नीट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया, लेकिन सरकार ने शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, न्यायालय के हस्तक्षेप, जनदबाव और कांग्रेस के विरोध के बाद ही सरकार को कार्रवाई शुरू करनी पड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक के मामलों की सच्चाई छिपाने का प्रयास कर रही है। गोदारा ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पहल पर कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाना है। पार्टी कार्यकर्ता इस अभियान के तहत ब्लॉक, मंडल और जिला स्तर पर विद्यार्थियों एवं युवाओं से संवाद करेंगे। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए एक कड़ा कानून बनाया था, जिसके परिणामस्वरूप कई पेपर माफिया आज भी जेल में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद भी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं कर सकी है। इस प्रेस वार्ता में पीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल, नोहर विधायक अमित चाचाण, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष मक्कासर, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी और पूर्व सांसद भरतराम मेघवाल सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
केजरीवाल और संजय सिंह बाराबंकी में रुके:अयोध्या जाते समय कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय महासचिव संजय सिंह गुरुवार को बाराबंकी में संक्षिप्त समय के लिए रुके। वे लखनऊ से अयोध्या जाते समय जिले के एक रिसॉर्ट पर ठहरे, जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ दोनों नेताओं का अभिनंदन किया। इस दौरान नेताओं की एक झलक पाने के लिए समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी। पार्टी कार्यकर्ताओं में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह देखा गया, जिससे रिसॉर्ट परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। मीडियाकर्मी भी दोनों नेताओं के आगमन का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। हालांकि, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और न ही कोई राजनीतिक टिप्पणी की। स्वागत कार्यक्रम के बाद दोनों नेता अपने काफिले के साथ सीधे अयोध्या के लिए रवाना हो गए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए थे।इस संक्षिप्त ठहराव के बावजूद, दोनों नेताओं के आगमन से क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बनी रही। समर्थकों ने इसे पार्टी के लिए उत्साहवर्धक दौरा बताया। अयोध्या रवाना होने के बाद रिसॉर्ट परिसर में सामान्य स्थिति बहाल हो गई।
कोटा ग्रामीण पुलिस को अंतर्राज्यीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। रामगंजमंडी और चेचट थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद वाहनों में 4 मोटरसाइकिलें कोटा ग्रामीण, 4 झालावाड़ और 2 मध्यप्रदेश से चोरी की गई थीं। पुलिस एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के नीमच निवासी मुकेश मीणा और चेचट निवासी हंसराज केवट के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सुनसान स्थानों और सार्वजनिक जगहों पर खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मामले का खुलासा रामगंजमंडी क्षेत्र से चोरी हुई एक एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल की जांच के दौरान हुआ। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद विशेष टीम का गठन कर आरोपियों का लगातार पीछा किया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ में कोटा ग्रामीण, झालावाड़ और मंदसौर जिले में हुई करीब दर्जनभर मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों का खुलासा हुआ। आरोपियों की निशानदेही पर कुल 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
मोहर्रम पर्व से पहले जिला प्रशासन और पुलिस ने जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्कता दिखा दी है। गुरुवार को जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में साफ संकेत दिए गए कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही, गुंडागर्दी, अफवाह, नशे के कारोबार या यातायात अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीटिंग में मोहर्रम के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने के साथ-साथ शहर की सुरक्षा, रात को शहर में भारी गाड़ियों की आवाजाही, नीचे लटके बिजली के तार, सीसीटीवी कैमरों की जरूरत और कैफे में नशा बिकने जैसी शिकायतों पर गंभीर चर्चा हुई। जिला कलक्टर डॉ. मंजू और पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने साफ कहा कि त्योहार जिले की परंपरा के अनुसार भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में ही मनाया जाए, इसके लिए प्रशासन पूरी तैयारी कर रहा है और आमजन का सहयोग भी जरूरी है। शांति और सौहार्द पर जोर, अफवाहों से दूर रहने की अपील जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि जिले में सभी धर्मों के त्योहार हमेशा प्रेम, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ मनाए जाते रहे हैं और यही परंपरा आगे भी बनी रहनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और माहौल खराब करने वाली बातों से दूर रहें। मोहर्रम के दौरान जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हों, इसके लिए उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए। खास तौर पर बिजली विभाग को शहर में नीचे लटके तारों को तुरंत दुरुस्त करने को कहा गया, ताकि जुलूसों और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। नगर परिषद को पर्याप्त लाइटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, वहीं त्योहार के दौरान शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने पर भी जोर दिया गया। एसपी बोले- नशा, गुंडागर्दी और अव्यवस्था पर तुरंत होगा एक्शन बैठक में मीटिंग में एसपी धर्मेन्द्र सिंह यादव ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डिटेल में चर्चा की। उन्होंने कहा कि मोहर्रम के दौरान शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पहली प्राथमिकता है और किसी भी तरह की गुंडागर्दी या उपद्रव पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कई लोगों ने शहर के कुछ कैफे में नशा बिकने की शिकायत भी रखी। इस पर एसपी ने लोगों से साफ कहा कि अगर कहीं नशा, गुंडागर्दी या संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें, पुलिस निश्चित रूप से कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि रात के समय शहर में आने वाले भारी वाहनों पर रोक जरूरी है। इसके अलावा पाडन पोल और शास्त्री नगर जैसे क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की जरूरत बताई गई, ताकि निगरानी व्यवस्था मजबूत हो सके। इस पर नगर परिषद के साथ चर्चा कर शहर के कई हिस्सों में कैमरे लगाने की बात कही गई। महिलाओं की सुरक्षा, ट्रैफिक और स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा मीटिंग में एसपी ने आमजन से RajCop Citizen App डाउनलोड करने की अपील की और खास तौर पर महिलाओं को इसे उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस ऐप के जरिए एफआईआर, हेल्पलाइन, इमरजेंसी कॉल और अन्य पुलिस सहायता से जुड़ी सुविधाएं मिल सकती हैं। किसी परेशानी की स्थिति में महिला ऐप के जरिए तुरंत पुलिस तक पहुंच सकती है और जरूरत पड़ने पर लोकेशन के आधार पर मदद भी जल्दी मिल सकती है। बैठक में खनिज विभाग से जुड़े रेती के डंपरों की रफ्तार नियंत्रण, सीएलजी सदस्यों को कार्ड उपलब्ध कराने, बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और बेगूं क्षेत्र की चेची रोड की यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश धाकड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, उपखंड अधिकारी रजनी मीणा, नगर परिषद आयुक्त रविंद्र यादव सहित कई अधिकारी, शांति समिति और सीएलजी सदस्य मौजूद रहे।
आलीराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ा उंडवा में 13 जून की रात हुई सिलसिलेवार चोरियों का खुलासा न होने से नाराज ग्रामीणों ने एसपी को ज्ञापन दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस चोरों का सुराग लगाने में नाकाम रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे जनआंदोलन शुरू करेंगे। चांदी के आभूषणों का बिल मांगने पर आपत्ति पीड़ितों का कहना है कि पुलिस जांच करने के बजाय उनसे चोरी गए चांदी के गहनों के बिल मांग रही है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि आदिवासी समाज में पारंपरिक चांदी के गहने पीढ़ियों पुराने होते हैं, जिनका बिल होना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने एसपी से मांग की है कि पीड़ितों पर बिल जमा करने का यह दबाव तुरंत बंद कराया जाए। जोबट की चोरी से तुलना कर भेदभाव का आरोप ज्ञापन में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भेदभाव का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में जोबट में हुई 19 लाख रुपए की चोरी का खुलासा पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर कर दिया था। इसके उलट, बड़ा उंडवा में हुई चोरियों के मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। डर का माहौल, एसआईटी गठन की मांग ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पहले भी कई चोरियां हो चुकी हैं, जिनका आज तक पता नहीं चला है। इन लगातार वारदातों से पूरे इलाके में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया जाए, ताकि चोरों को पकड़कर चोरी का सामान बरामद किया जा सके।
प्रयागराज में मोहर्रम का माहौल गमगीन रहा। नवीं मोहर्रम पर शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसें और जुलूस आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में अज़ादार शामिल हुए। हज़रत इमाम हुसैन के छह माह के मासूम फरज़न्द हज़रत अली असगर के झूले और हज़रत अली अकबर के ताबूत की ज़ियारत के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। चक जीरो रोड स्थित इमामबाड़ा डिप्टी ज़ाहिद हुसैन में मौलाना सैय्यद ज़मीर हैदर रिज़वी ने मजलिस को संबोधित किया। उन्होंने करबला के मैदान में हज़रत अली अकबर और मासूम अली असगर की शहादत का वर्णन किया, जिसे सुनकर अज़ादारों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान पूरे इमामबाड़े में मातम और सिसकियों की आवाज़ें गूंज उठीं। इससे पहले, रज़ा इस्माईल सफवी और उनके साथियों ने मर्सिया पढ़ा। मजलिस के बाद गुलाब और चमेली के फूलों से सजे ताबूत और झूले को अज़ाखाने से बाहर लाया गया। 'या अली, या हुसैन' के नारों के बीच अज़ादारों ने मातम करते हुए ताबूत और झूले की ज़ियारत की। अंजुमन हुसैनिया कदीम के नौहाख्वानों शाह बहादुर, यूशा बहादुर और मोहम्मद अहमद गुड्डू ने नौहे पेश किए। शहर के अन्य इमामबाड़ों में भी नवीं मोहर्रम की मजलिसें आयोजित की गईं। छोटी चक स्थित इमामबाड़ा वज़ीर हैदर और घंटाघर स्थित इमामबाड़ा सय्यद मियां सहित विभिन्न अज़ाखानों में ज़ाकिरों ने करबला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मीरगंज स्थित इमामबाड़ा रज़ी अस्करी से दुलदुल और अलम का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। यह जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए इमामबारगाह आग़ा महमूद पहुंचकर संपन्न हुआ। करबला के प्यासों की याद में शहरभर में सामाजिक संगठनों ने सबील लगाकर लोगों को ठंडा पानी, दूध और शर्बत वितरित किया। मोहर्रम की दसवीं तारीख यानी आशूरा पर शुक्रवार सुबह ऐतिहासिक तुर्बत का जुलूस निकाला जाएगा। वहीं शाम को शहर के विभिन्न इलाकों में 'शाम-ए-गरीबां' की मजलिसें आयोजित होंगी, जहां करबला के मजलूमों की याद में घरों और गलियों की रोशनी बुझाकर गम मनाया जाएगा।
लखनऊ के राजनारायण लोकबंधु संयुक्त अस्पताल में कर्मचारियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। अस्पताल के एक वॉर्ड बॉय और एक्स-रे टेक्नीशियन के बीच हुई बातचीत का कथित ऑडियो सामने आया है, जिसमें गाली-गलौज सुनाई दे रही है। वॉर्ड बॉय ने आरोप लगाया है कि एक्स-रे टेक्नीशियन ने उसे जान से मारने की धमकी दी, मां-बहन की गालियां दीं और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। मामले की शिकायत अस्पताल के निदेशक से की गई है। ऑडियो वायरल होने के बाद अस्पताल परिसर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ऑडियो ग्रुप पर किया पोस्ट दोनों कर्मचारियों के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो भी सामने आया है। कथित ऑडियो में एक्स-रे टेक्नीशियन द्वारा लगातार गाली-गलौज किए जाने की बात सामने आ रही है। यही ऑडियो अस्पताल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर भी पोस्ट किया गया। ग्रुप में कई महिला डॉक्टर भी मौजूद सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतने आपत्तिजनक ऑडियो के ग्रुप में साझा होने के बावजूद किसी ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर या अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। ऑडियो वायरल होने के अगले दिन गुरुवार को वॉर्ड बॉय अनुज कुमार ने निदेशक को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। निदेशक को पत्र लिखकर की शिकायत वॉर्ड बॉय अनुज कुमार ने निदेशक को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि अस्पताल के एक्स-रे टेक्नीशियन हसमुद्दीन ने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जातिसूचक टिप्पणियां कीं और देख लेने की धमकी दी। शिकायत में आरोपी कर्मचारी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
दुर्ग जिले की नेवई पुलिस ने अवैध रूप से नशीली टेबलेट बेचने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 52 हजार रुपए कीमत की अल्प्राजोलम (Alprazolam) टेबलेट बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक 24 जून को सूचना मिली थी कि स्टेशन मरौदा क्षेत्र का एक युवक घर के पास ही शिवपारा स्थित शीतला तालाब के पास नशीली टेबलेट बेचने की तैयारी में है। वहां पर ग्राहक का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही नेवई थाना पुलिस ने टीम बनाकर मौके पर रेड कार्रवाई की। पुलिस जब बताए गए स्थान पर पहुंची तो वहां मौजूद युवक की घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। 52 हजार कीमत की प्रतिबंधित दवाएं जब्तपूछताछ के दौरान उसकी पहचान सुजल सिंह (22) निवासी स्टेशन मरौदा, शिवपारा शीतला तालाब के पास, थाना नेवई के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से ALPRAZOLAM TABLET I.P. 0.5 mg (ALPRAWIN 0.5) की 13 पत्तियां बरामद हुईं। इन टेबलेट का कुल वजन 16.12 ग्राम बताया गया है। पुलिस ने जब्त दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 52 हजार रुपए आंकी है।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया है। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि मौके पर आरोपी के पास से नशीली टेबलेट मिलने के बाद उसे तत्काल हिरासत में लिया गया। जब्त सामग्री को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए कब्जे में लिया गया। नेवई थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 (बी) के तहत मामला कायम किया गया है। आरोपी इन टेबलेट को कहां से लाया था और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाने की तैयारी थी, इसकी भी जांच की जा रही है।
बहादुरगढ़ नगर परिषद में चल रहा विवाद अब खुलकर राजनीतिक संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है। एक दिन पहले नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी ने उपायुक्त वर्षा खांगवाल से मुलाकात कर डीएमसी अभिनव सिवाच सहित कई अधिकारियों पर विकास कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाए थे। वहीं, आज विधायक राजेश जून भाजपा पार्षदों के साथ डीसी कार्यालय पहुंचे और डीएमसी के समर्थन में मोर्चा खोल दिया। विधायक राजेश जून ने कहा कि डीएमसी अभिनव सिवाच पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहादुरगढ़ में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और कुछ लोग निजी हित प्रभावित होने के कारण अधिकारियों पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। दो दिन में दो धड़े पहुंचे डीसी दरबार नगर परिषद विवाद में लगातार दूसरे दिन डीसी कार्यालय में राजनीतिक हलचल देखने को मिली। बुधवार को चेयरपर्सन सरोज राठी अपने समर्थक पार्षदों के साथ डीसी से मिली थीं, जबकि गुरुवार को विधायक राजेश जून भाजपा पार्षदों के साथ पहुंच गए। इससे साफ है कि नगर परिषद का विवाद अब दो खेमों में बंट गया है। अवैध कब्जों पर कार्रवाई से नाराज लोग लगा रहे आरोप : राजेश जून विधायक ने कहा कि शहर में अवैध कब्जों और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई चल रही है। इससे प्रभावित लोग अधिकारियों की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को बदनाम करना उचित नहीं है। भाजपा पार्षदों का चेयरपर्सन पर हमला भाजपा पार्षदों ने चेयरपर्सन सरोज राठी पर परिषद में सौतेला व्यवहार अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सभी पार्षदों को समान अवसर नहीं दिए जा रहे और विकास कार्यों को राजनीतिक आधार पर प्रभावित किया जा रहा है। कांग्रेस की चेयरमैन बनकर रह गई हैं सरोज राठी भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि सरोज राठी पूरे परिषद की चेयरपर्सन की भूमिका निभाने की बजाय कांग्रेस की राजनीति कर रही हैं। पार्षदों ने कहा कि नगर परिषद को राजनीतिक अखाड़ा बनाने की बजाय विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए। डीएमसी के खिलाफ आरोपों को बताया निराधार विधायक और भाजपा पार्षदों ने डीएमसी अभिनव सिवाच के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना था कि अधिकारी नियमों के अनुसार कार्य कर रहे हैं और नगर परिषद में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे : राजेश जून विधायक राजेश जून ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाएंगे। उन्होंने कहा कि बहादुरगढ़ के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बढ़ा सियासी घमासान चेयरपर्सन और डीएमसी के बीच शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक दलों और पार्षदों तक पहुंच चुका है। लगातार दो दिन डीसी कार्यालय में हुई मुलाकातों ने साफ कर दिया है कि बहादुरगढ़ नगर परिषद का यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।
अलवर के लक्ष्मणगढ़ कस्बे में कठूमर रोड पर नगर पालिका की ओर से 15 लाख से बनाए जा रहे शौचालय पर बुलडोजर चल सकता है।असल में नगर पालिका रोड की जमीन पर शौचालय बनाने में लगी है। जबकि PWD ने पालिका नोटिस भी थमा दिया। इसके बावजूद निर्माण नहीं रुका है। अब यह मामला अलवर कलेक्टर डॉ अर्तिका शुक्ला तक पहुंच गया है। कस्बे के लोगों का कहना है कि नया शौचालय जहां बन रहा है उसके बगल में पहले से पुराना शौचालय है। नगर पालिका द्वारा बनाए जा रहे एक सामुदायिक शौचालय को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) और पालिका के बीच तनातनी भी है। PWD ने साफ कर दिया है कि अगर नगर पालिका ने दो दिन के भीतर अपना अवैध निर्माण नहीं हटाया, तो विभाग खुद बुलडोजर चलाकर इसे ध्वस्त कर देंगे। चेतावनी के बाद भी धड़ल्ले से चल रहा काम PWD के सहायक अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि जहाँ शौचालय का निर्माण किया जा रहा है, वह भूमि सड़क सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। सहायक अभियंता कार्यालय से लेकर अधिशासी अभियंता कार्यालय तक ने पालिका को कई बार नोटिस थमाए हैं। पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि यह निर्माण विभागीय मानकों के पूरी तरह विपरीत है। लेकिन पालिका प्रशासन का निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। अधिशाषी अभियंता विजय प्रताप का कहना है कि हमने नगर पालिका लक्ष्मणगढ़ को दो दिन का अंतिम समय दिया है। वे अपना अतिक्रमण खुद हटा लें, अन्यथा हमारे विभाग द्वारा इस अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
जालोर मे ट्रक और बाइक की भीड़त:रेवत निवासी बाइक चालक गंभीर घायल, जालोर के अस्पताल में चल रहा इलाज
सामतीपुरा रोड स्थित नर्मदा बिजली घर के पास गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक अनियंत्रित ट्रक और मोटरसाइकिल के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल का आगे का पहिया टूटकर पूरी तरह अलग हो गया। इस हादसे में बाइक चालक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। हादसे में रेवत का युवक घायलजानकारी के अनुसार जालोर के रेवत गांव निवासी नरेश कुमार(22)पुत्र दिनेश कुमार मेघवाल अपनी बाइक से सामतीपुरा की ओर से जालोर आ रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही एक ट्रक से भीड़त हो गई। जिसमें बाइक चालक नरेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल, पुलिस जांच में जुटीघटना के तुरंत बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए घायल नरेश को तुरंत एक निजी वाहन की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। घटना में बाइक के आगे का पुरा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इधर, दुर्घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शाजापुर में एनएसयूआई और जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को एक निजी होटल में छात्रों की गूंज कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया। हाल ही में विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामलों के बाद कांग्रेस लगातार शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर कार्यक्रम आयोजित कर रही है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने शिक्षा से जुड़ी अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। एक छात्रा ने सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश न मिलने का मुद्दा उठाया, जिससे छात्रों को परेशानी हो रही है। वहीं, छात्र रोहित कराड़ा ने सीएम राइज स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीब और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। कराड़ा ने शाजापुर के विधायक को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षा संबंधी नीतियों में सुधार नहीं किया गया, तो युवा आगामी 2028 के चुनावों में इसका जवाब देंगे और सरकार बदल देंगे। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के कथन का भी उल्लेख किया कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है जिसे जो कोई पिएगा वह दहाड़ेगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा राजस्थान के कोटा से शुरू किए गए छात्र संवाद अभियान के तहत प्रदेशभर में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और शिक्षा माफियाओं के खिलाफ कांग्रेस छात्रों की आवाज बुलंद कर रही है। पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इरशाद खान ने एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र एक विषय में अनुत्तीर्ण हुए हैं, जिससे उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को छात्रों के हित में सरल और प्रभावी बनाने की मांग की।
कबीरधाम पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बुलेट और अन्य वाहनों में लगाए गए 10 मॉडिफाइड साइलेंसरों को जब्त कर जेसीबी मशीन से कुचलकर नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश पर आम नागरिकों को अनावश्यक शोर से राहत दिलाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। कोतवाली पुलिस ने कवर्धा शहर में विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान 10 ऐसे वाहन पकड़े गए जिनमें नियमों के विपरीत मॉडिफाइड साइलेंसर लगे हुए थे। पुलिस ने सभी वाहनों को थाना परिसर लाकर वाहन मालिकों की मौजूदगी में साइलेंसर निकलवाए। विशेष चेकिंग अभियान में पकड़े गए वाहन इसके बाद संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई और भविष्य में दोबारा ऐसे साइलेंसर का उपयोग नहीं करने की सख्त चेतावनी दी गई। थाना परिसर में की गई कार्रवाई जब्त किए गए सभी 10 मॉडिफाइड साइलेंसरों को थाना कोतवाली परिसर में एकत्र किया गया। बाद में जेसीबी मशीन की सहायता से उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया गया ताकि उनका दोबारा उपयोग न हो सके। आम लोगों के लिए परेशानी बनते हैं मॉडिफाइड साइलेंसर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज ध्वनि प्रदूषण को बढ़ाती है। इससे बुजुर्गों, मरीजों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को परेशानी होती है। साथ ही यह यातायात नियमों का भी उल्लंघन है। आगे भी जारी रहेगा अभियान कवर्धा एसडीओपी आशीष शुक्ला ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिलेभर में ऐसे वाहनों की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जा रही है। कोतवाली और यातायात पुलिस द्वारा भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील की कि वे अपने वाहनों में केवल कंपनी द्वारा निर्धारित मानक उपकरणों का ही उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहन दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय, गौरीगंज में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस से 6 जुलाई तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने की। बैठक में जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण का प्रेरणास्रोत है। भाजपा जनजागरण एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाएगी। इसी क्रम में 25 जून 1975 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल की वर्षगांठ पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने इसे भारतीय लोकतंत्र का 'काला अध्याय' बताया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों का हनन किया गया, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए तथा लोकतंत्र की मूल भावना को कुचलने का प्रयास किया गया। जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने लोकतंत्र सेनानियों के आवास पर पहुंचकर उनका सम्मान किया तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके संघर्ष को नमन किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से पूर्व विधायक तेजभान सिंह सहित अनेक लोकतंत्र सेनानियों एवं वरिष्ठ जनों को सम्मानित किया गया। कार्यशाला और सम्मान कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चों के पदाधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कौशांबी में डंपर की टोचिंग कर रहा ट्रैक्टर पलटा:ड्राइवर की इलाज के दौरान मौत, जांच में जुटी पुलिस
कौशांबी में गुरुवार को हुए एक सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। अटसरॉय गांव के पास हाईवे की सर्विस लेन पर डंपर की टोचिंग कर रहा ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया और डंपर के नीचे दब गया। हादसे में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना सैनी कोतवाली क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार दोपहर करीब एक बजे की है। कानपुर से प्रयागराज की ओर जाने वाली सर्विस लेन पर एक ट्रैक्टर डंपर की टोचिंग कर रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और पलट गया। ट्रैक्टर के पलटते ही वह डंपर के नीचे दब गया, जिससे चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायल चालक को वाहन के नीचे से बाहर निकाला। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। घायल की पहचान सैनी कोतवाली क्षेत्र के काजीपुर गांव निवासी कुलदीप पुत्र गुड्डू सरोज के रूप में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे उपचार के लिए नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद कुलदीप की हालत लगातार गंभीर बनी रही। इलाज के दौरान शाम लगभग 4:30 बजे उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर और डंपर दोनों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगर के आमला चौराहे पर लगातार हो रही गौवंश की मौतों से नाराज ग्रामीणों और युवाओं ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक यातायात बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में लावारिस गौवंश सड़कों पर घूमता रहता है। इसके चलते आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कई गायें और अन्य गौवंश घायल हो जाते हैं या उनकी मौत हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने मांग की कि लावारिस गौवंश को सुरक्षित गौशालाओं में पहुंचाया जाए और उनके रखरखाव की समुचित व्यवस्था की जाए। जाम की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य होने लगी। इस दौरान ग्रामीण आमला और आसपास की गौशालाओं में गौवंश को रखने की मांग पर अड़े रहे। अधिकारियों ने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि आसपास की गौशालाओं में गौवंश को भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त कर दिया और नेशनल हाईवे पर यातायात पुनः सुचारु रूप से शुरू हो सका। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो भविष्य में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इटावा में आपातकाल के 51 साल पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से 25 जून को जनपद कार्यालय पर ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम का गुरुवार दोपहर आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार ‘अन्नू’ गुप्ता ने की। इस दौरान आपातकाल के विरोध में जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) को सम्मानित कर उनके संघर्ष और लोकतंत्र की रक्षा के लिए दिए गए योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में सदर विधायक सरिता भदौरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों ने लोकतंत्र सेनानियों का अंग वस्त्र पहनाकर और फूल माला भेंट कर स्वागत सम्मान किया। वहीं सम्मानित किए गए लोकतंत्र सेनानियों में प्रेम सिंह, मेवाराम, ग्रीश चंद्र, उदल सिंह, प्रेमदास, नरेंद्र बाबू, पवन कुमार जैन, सहदेव सिंह, रेखा देवी (धुंन्नू), अफसाना (मुन्ना जी), कलेक्टर सिंह राठौर, शंकर सिंह, मधुसूदन सिंह, श्याम बाबू, मंसूर अहमद और मुन्नी देवी शामिल रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकतंत्र सेनानी पवन कुमार जैन ने आपातकाल के समय को याद किया और उस दौर के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए किए गए संघर्षों का उल्लेख किया। सदर विधायक सरिता भदौरिया ने कांग्रेस शासनकाल में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान संविधान की भावना, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ। उन्होंने कहा कि उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए और बड़ी संख्या में लोकतंत्र समर्थकों को बिना मुकदमे के जेलों में बंद किया गया। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा। समापन संबोधन में भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार ‘अन्नू’ गुप्ता ने लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और संघर्ष को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए उनके प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी लोकतंत्र सेनानियों का आभार व्यक्त किया।
फिरोजाबाद में बुधवार को ASP ग्रामीण अनुज चौधरी ने इंची टेप से नापकर ताजिए की ऊंचाई चेक की। गुरुवार को इसका वीडियो सामने आया है। ASP अनुज चौधरी इलाके में निरीक्षण पर निकले थे। इस दौरान उन्होंने ताजियों की लंबाई-चौड़ाई का जायजा लिया। उन्होंने कहा- जमीन से ताजिए की कुल ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिससे जुलूस मार्ग पर मौजूद बिजली के तारों में ताजिया न फंसे। किसी प्रकार का हादसा न हो। एसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने कहा- मुहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पहले कई हादसे हो चुके हैं, जिसमें तारों से ताजिए टकराए हैं। इस कारण इस बार ताजिए की लंबाई को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा- जिन क्षेत्रों में निर्धारित सीमा से अधिक ऊंचे ताजिए बनाए जाने की सूचना मिल रही है, वहां पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। अब जानिए पूरा मामला… दरअसल बुधवार दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक मोहर्रम के जुलूस को लेकर एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने फोर्स के साथ शिकाहाबाद इलाके में गश्त किया। इस दौरान उन्होंने कई जगह रुक कर ताजिए की लंबाई चेक की। आयोजिकों से तय मानक के अनुसार ही ताजिए की ऊंचाई रखने के निर्देश दिए। कहा- अगर लंबाई ज्यादा मिली तो कार्रवाई होगी। इस दौरान उनकी नजर इलाके में बन रहे एक ताजिए पर पड़ी। उन्होंने आयोजक से ताजिए की लंबाई के बारे में पूछा। उसे तय मानक के अनुसार 10 फीट की ही ताजिया बनाने के निर्देश दिए। इसके दौरान उन्होंने पुलिसकर्मी से इंचीटेप मंगाकर ताजिए की ऊंचाई चेक की, जो मानक अनुसार मिली। एसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने कहा- मुहर्रम के जुलूसों को लेकर पुलिस लगातार इलाके में मार्च कर रही है। संवेदनशील जगहों पर भी जा रही है। ताजिया समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। सभी आयोजकों से प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा मानकों का पालन किए जाने से मुहर्रम का त्योहार शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सकेगा। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मूक बधिर बच्ची को मां से मिलवाकर रोने लगी सिपाही:कानपुर में बोली- दो बेटे, बेटी नहीं है, उसमें मेरी बेटी दिखी...सोचा था पालूंगी यूपी के कानपुर में 8 साल की मूक-बधिर बच्ची को महिला कॉन्स्टेबल मंदाकिनी ने उसकी मां से मिलवाया। बच्ची मां को देखते ही खिलखिला उठी। झट से उन्हें गले लगा लिया। मां-बेटी का प्यार देख कॉन्स्टेबल मंदाकिनी भावुक हो गईं। उनकी आंखों से आंसू छलक गए। पढ़ें पूरी खबर…
चूरू शहर में व्हाट्सएप हैकिंग के जरिए 48 हजार रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। वार्ड 29 निवासी एक युवक इस ठगी का शिकार हुआ। हालांकि, कोतवाली थाना की साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को उसकी पूरी राशि वापस मिल गई। पुलिस के अनुसार ठगों ने युवक के एक दोस्त का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया था। हैकरों ने इस अकाउंट से युवक को संदेश भेजकर तत्काल पैसों की आवश्यकता बताई। दोस्त की परेशानी समझकर युवक ने बताए गए बैंक खाते में 48 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में, जब युवक ने अपने वास्तविक दोस्त से बात की, तो उसे ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने तुरंत इसकी शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, कोतवाली थाना के साइबर सेल में कार्यरत सुनील कुमार ने तत्काल तकनीकी जांच शुरू की। उन्होंने संबंधित बैंक खाते को होल्ड करवाने की कार्रवाई की, जिससे ठगी की राशि खाते में सुरक्षित रोक ली गई। इसके बाद नियमानुसार कोर्ट के आदेश प्राप्त होने पर बैंकिंग प्रक्रिया पूरी की गई और पीड़ित युवक के खाते में पूरे 48 हजार रुपए रिफंड करवा दिए गए। कोतवाली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी परिचित के नाम से रुपए मांगने का संदेश मिलने पर पहले फोन कर वेरिफिकेशन करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
शहर के दो कराटे कोच द्वारा नाबालिग खिलाड़ी से रेप के मामले में दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेश में भी खिलाड़ी से रेप किया था। उन्होंने एक तीसरे व्यक्ति से पैसे ऐंठने के लिए उससे भी नाबालिग का रेप कराया। कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला वर्ष 2021 का है। गुना के पड़ोसी जिले की रहने वाली 16 वर्षीय नाबालिग कराटे खिलाड़ी ने कैंट थाने में शिकायती आवेदन दिया था। उसने बताया था कि वह वर्ष 2017 में कराटे की ट्रेनिंग के लिए गुना एमपी वाडो काई कराटे एसोसिएशन में जाती थी। उसमें जगवीर जाटव कोच थे। नाबालिग को हफ्ते में तीन दिन कोच के घर रुकना होता था। आगे उसने बताया था कि कोच के घर पर एक और कोच सचिन भटनागर उससे मीठी मीठी बातें करता था। वह कहता था कि मैं तुमको पसंद करता हूं। तुम मुझे अच्छी लगती हो। एक दिन सचिन उसे सुनसान जगह पर ले गया और उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद नवंबर 2017 में वह नाबालिग को ट्रेनिंग के लिए मुंबई लेकर गया। वहां भी होटल के अलग अलग कमरों में उसके साथ गलत काम किया। नाबालिग ने आवेदन में बताया कि जब भी वह ट्रेनिंग के लिए जाती तो सचिन उसका शोषण करता था। कुछ 15- 20 दिन बाद सचिन ने नाबालिग को कहा था कि मैं तुमसे प्यार करता हूँ शादी करूंगा, तुम जगवीर के साथ भी शारीरिक संबंध बना लो, पर नाबालिग ने सचिन बाते नहीं मानी, लेकिन दोनों ने उसका शोषण किया। वह जब भी ट्रेनिंग के लिए जाती तो दोनों उसे सुनसान जगह पर और जंगलों में ले जाकर शोषण करते थे। जब वह टूर्नामेंट के लिए जाती थी, तब होटल के रूम में उसका शोषण करते थे। इसके बाद सचिन को पैसों की जरूरत पड़ी, तो सचिन ने नाबालिग से कहा कि ‘मेरी मदद कर दो, अपन दोनों शादी करेंगे।’ नाबालिग ने अपना फ्यूचर अच्छा करने के लिए अपनी मां के गहने (कडे, अंगूठी, कान की बाली व गुच्छा) दे दिये थे। दूसरे खिलाड़ी के पिता ने बनाए संबंध इसके बाद जब मलेशिया गये, तब वहां पर दोनों ने नाबालिग को कहा कि एक नाबालिग के पिता के साथ शारीरिक संबंध बनाकर पैसे निकलवा लेंगे। पहले नाबालिग ने मना किया, फिर उस पर फोर्स डाला गया और उस के साथ अजीब बर्ताव किया गया। एक खिलाफ के पापा ने भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाये और सचिन व जगवीर ने 4-5 लाख रूपये निकलवा लिये। नाबालिग ने बताया कि उसका का शोषण वर्ष 2019 तक किया गया फिर लॉकडाउन लगा तो उसका कोई संपर्क नहीं रहा। हाल ही में कुछ एक महीने पहले दोनों दोबारा नाबालिग के कस्बे में आये और उसे दोबारा खेल में उतारने के लिए कहा, पर उस ने मना कर दिया। दोनों फोर्स करने लगे पर नाबालिग ने उनकी बात नहीं मानी। नाबालिग ने बात अभी तक अपने घर वालों को नहीं बताई थी, क्योंकि उसे डर लगता था। फिर जब उसने अपनी मम्मी को कई दिनों से गहने ढूंढते हुये परेशान देखा तो उससे से रहा नहीं गया और उसने पूरी घटना अपने माता-पिता को बता दी। नाबालिग की शिकायत पर कैंट पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रेप सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज की। आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी जगवीर जाटव (40) पुत्र हरिराम जाटव निवासी गोपालपुरा और सचिन भटनागर(30) पुत्र शैलेन्द्र भटनागर निवासी नई बस्ती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 7- 7 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मामले में फैसला पॉक्सो मामलों की विशेष न्यायाधीश सोनाली शर्मा ने सुनाया। वहीं शासन की ओर से पैरवी DPO हजारीलाल बैरवा के मार्गदर्शन में ADPO ममता दीक्षित ने की। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि सचिन भटनागर व जगवीर जाटव ने नाबालिग की अपरिपक्व मानसिकता का लाभ उठाते हुए ना केवल नाबालिग के व्यक्तिगत विश्वास के साथ विश्वासघात किया है, बल्कि गुरू शिष्य के पवित्र संबंधों को धूमिल कर सामाजिक मूल्यों का भी हनन किया है। प्रकरण में नाबालिग ने अपनी अल्प आयु में गंभीर प्रकृति के लैंगिक अपराध से उत्पन्न होने वाली पीड़ा को मानसिक रूप से सहन किया है, जिससे उसका संपूर्ण जीवन प्रभावित रहेगा।
जौनपुर नगर में गुरुवार शाम सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह और सहायक पुलिस अधीक्षक गोल्डी गुप्ता ने कोचिंग सेंटरों और रेस्टोरेंटों का औचक निरीक्षण किया। इस अभियान के दौरान कई स्थानों पर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान टीडी कॉलेज के पास स्थित एक रेस्टोरेंट में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। रेस्टोरेंट में असुरक्षित केबिन बनाए गए थे, जिनमें अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकास के कोई उचित प्रबंध नहीं थे। इन अनियमितताओं के चलते रेस्टोरेंट की एक संचालिका और दो अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह ने बताया कि उन्हें टीडी कॉलेज के आसपास कुछ रेस्टोरेंट में सुरक्षित जगह बनाकर लोगों को बैठाए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में पाया गया कि केबिन न तो अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप थे और न ही किसी आपात स्थिति में प्रवेश व निकास के अलग-अलग रास्ते थे। मौके पर ही इन असुरक्षित केबिनों को हटवा दिया गया है, और शेष बचे केबिनों को भी जल्द ही हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बेसमेंट में संचालित हो रही कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों के संबंध में भी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कई लाइब्रेरियों में उचित व्यवस्थाओं का अभाव पाया गया, जिसके बाद उन्हें जल्द से जल्द सुधार करने का अल्टीमेटम दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रवेश और निकास की उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित नहीं हो जातीं और संचालन मानकों के अनुरूप नहीं होता, तब तक बेसमेंट के अंदर चल रहे कोचिंग या अन्य प्रतिष्ठानों को बंद रखा जाएगा। सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के बाद ही इन्हें पुनः संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र में एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। आरोपियों ने शराब पिलाने के बहाने मृतक को हाईवे किनारे बुलाया। वहां पर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। दरअसल, रविवार को नेशनल हाईवे-39 के किनारे युवक का शव संदिग्ध हालत में मिला था। पुलिस ने 4 दिन की जांच के बाद आज गुरुवार दोपहर को मामले का खुलासा किया है। प्रेमी ने साथी के मिलकर किया मर्डर जांच में सामने आया कि युवक की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। मृतक की पहचना रघुनाथ उर्फ सरजू खेवार (38) निवासी ग्राम भरी निवासी के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और संदिग्धों से पूछताछ की। अपने से छोटे युवक से पत्नी का था प्रेम-संबंध पुलिस के अनुसार, मृतक रघुनाथ की पत्नी रामकली (30) का नीरज कुमार शाह (23) से प्रेम संबंध था। दोनों रघुनाथ को अपने रिश्ते में बाधा मानते थे। इसी वजह से रामकली, उसके प्रेमी नीरज शाह और नीरज के साथी सूरज सिंह गोंड ने मिलकर रघुनाथ की हत्या की साजिश रची। शराब पिलाने के बहाने हाईवे किनारे बुलाया योजना के तहत, आरोपियों ने रघुनाथ को शराब पिलाने के बहाने हाईवे किनारे बुलाया। वहां पत्थर से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी गई। बाद में शव को सड़क किनारे एक बोल्डर के पीछे फेंक दिया गया था। मर्डर के आरोप में पकड़ाए तीनों आरोपी पुलिस ने इस मामले में नीरज कुमार शाह (23), सूरज सिंह गोंड (22) और रामकली (30) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त सामग्री भी बरामद कर ली गई है।एसडीओपी राहुल संयम ने बताया कि मुख्य आरोपी नीरज कुमार शाह (23) अविवाहित है। वह गांव में जेसीबी मशीन चलाता है। अफेयर के बाद से पति के साथ नहीं रहना चाहती थी महिला मृतक रघुनाथ लगभग नौ महीने पहले काम के सिलसिले में गुजरात गया था। इस दौरान उसकी पत्नी रामकली अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान रामकली और नीरज कुमार शाह के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए। महिला अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती थी, जिसके बाद उन्होंने रघुनाथ को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। ससुराल में होने वाली शादी में आया था मृतक आरोपी महिला रामकली मृतक रघुनाथ की दूसरी पत्नी है। पहली पत्नी रघुनाथ को छोड़कर जा चुकी है। पत्नी पत्नी से मृतक का 10 साल का बेटा भी है। आरोपी रामकली का भी एक 3 साल का बेटा है। पुलिस के मुताबिक, रघुनाथ 19 तारीख को ससुराल पक्ष में होने वाले एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुजरात से आया था। उसके बाद 21 जून को होने वाले इस वैवाहिक कार्यक्रम के लिए वह अपनी ससुराल जा रहा था। उसने इसकी जानकारी अपनी पत्नी को फोन पर दी।यही जानकारी पत्नी ने अपने प्रेमी नीरज को दे दी और पूरा मर्डर प्लान बनाया। नीरज ने अपने मित्र सूरज को प्लान समझाया और रास्ते में रघुनाथ को शराब पीने के बहाने आरोपियों ने फोन किया और शराब पिलाने के बाद पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- कांग्रेस राज के दौरान मुझसे गलती हुई और मैंने चार-पांच बेईमानों को अच्छी जगह पर नियुक्त कर दिया (रख दिया)। इसके साथ ही डोटासरा ने बीजेपी पर सांसदों और विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए उन्हें 'खच्चर' तक बता दिया। डोटासरा ने राजस्थान यूनिवर्सिटी कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (RUCTA) के कार्यक्रम में कहा- मैं रुक्टा से माफी चाहता हूं। मैं माफी इसलिए चाहता हूं क्योंकि जब पिछली बार हमारी सरकार थी, तो मैं उन लोगों को समझ नहीं पाया और मुझसे भी चार-पांच गलतिया हो गईं। आपने बार-बार आकर मुझसे कहा था कि ये लोग तोड़ने में विश्वास रखते हैं, आप उनकी पैरवी मत करो, लेकिन मुझ पर जुनून सवार था। डोटासरा ने कहीं ये 3 अहम बातें: 1. अब समझ आ गया कि जो जैसा करेगा, उसका हिसाब बराबर करना ही होगाडोटासरा ने कहा- आज देश-प्रदेश में कैसा माहौल चल रहा है? किसी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर दिया कि राहुल गांधी ने अच्छा बोला, तो अगले ही दिन उस कर्मचारी को APO कर दिया जाता है। यह कौन सी राजनीति है? यह कैसी शिक्षा व्यवस्था है? अब मेरी समझ में आया कि ये रुक्टा (RUCTA) वाले बार-बार मुझसे सही कहते थे। मुझ पर तो जुनून सवार था, नया-नया शिक्षा मंत्री बना था, तो मैंने सोचा कि सब मेरे जैसे ही भले लोग हैं। मैंने सोचा कि सब प्रोफेसर हैं, विद्वान हैं, अपनी बात रखते हैं, अपनी नौकरी करते हैं, हमें इन्हें डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए और बचाकर रखना चाहिए। लेकिन अब मेरी समझ में आ गया है कि जो जैसा करता है, उसका हिसाब बराबर करना ही होगा। 2. खच्चर खरीद रहे हो और नाम दे रहे हो ‘ऑपरेशन टाइगर’डोटासरा ने कहा- अभी गहलोत साहब ने कह दिया कि ये लोग (बीजेपी) ऐसे-ऐसे लोग खरीद रहे हैं, तो मदन राठौड़ साहब नाराज हो गए और मीडिया में आकर बोले कि विधायकों को पशु बता दिया। गहलोत साहब ने उन्हें पशु नहीं बताया, उन्होंने तो यह कहा था कि इस तरह से लोकतंत्र का चीरहरण हो रहा है और मान-मर्यादा ध्वस्त हो रही है। उन्होंने कोई गलत बात थोड़ी ही कही है। इन्हें तकलीफ हो गई कि ऐसा कैसे कह दिया! वे कह रहे हैं कि यह तो 'ऑपरेशन टाइगर' था। अरे भाई, खच्चर खरीद रहे हो और नाम दे रहे हो 'ऑपरेशन टाइगर'! इतना सस्ता तो हमारे शेखावाटी में गला हुआ प्याज भी नहीं मिलता। सड़ा हुआ प्याज भी अगर किसान के पास पड़ा हो, तो वह भी उसे इतने सस्ते में नहीं बेचता, जिस तरह बीजेपी एमएलए (MLA) और एमपी (MP) खरीद रही है। 3. जिसे शिक्षा का 'श' नहीं पता उसे शिक्षा मंत्री बना दियाडोटासरा ने निशाना साधते हुए कहा- इन्होंने शिक्षा का सत्यानाश कर दिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री ऐसा बना दिया जिसे शिक्षा का 'श' तक नहीं आता। उच्च शिक्षा मंत्री ऐसा बनाया है जो 'उच्च शिक्षा' शब्द भी सही से नहीं लिख सकता। उनसे किसी ने पूछा कि आप कौन से मंत्री हो, तो वे उच्च शिक्षा भूलकर खुद को परिवहन मंत्री बोल गए। जिस व्यक्ति को शिक्षा के बारे में कोई ज्ञान (नॉलेज) नहीं है, जो शिक्षा को लेकर कोई सोच नहीं रखता, उसे आपने शिक्षा मंत्री बना दिया। और जो किसानों के साथ धोखा करे, उसे कृषि मंत्री बना दिया।
डीग जिले के एक ढाबे पर हमले का वीडियो सामने आया है। जिसमें करीब 15 से 20 बदमाश लाठियों से ढाबे का सामान तोड़ रहे हैं। यह वीडियो 8 दिन पुराना है। ढाबे के मालिक ने डीग जिले के कुम्हेर थाने में FIR दर्ज करवाते हुए बताया है कि सभी हमलावर रारह के रहने वाले थे। वह ढाबे पर शराब पीना चाहते थे। उन्हें जब मना किया तो, उन्होंने सभी पर हमला कर दिया। शराब पीने से मना करने पर किया हमला अशोक कुमार निवासी मथुरा ने 18 जून को कुम्हेर थाने में FIR दर्ज करवाते हुए बताया था कि रारह से मथुरा जाने वाले रोड़ पर उसका एक फैमिली रेस्ट्रोरेंट है। 17 जून की रात करीब 10 बजे योगेश, कृष्णा, कृतपाल निवासी रारह ढावे पर गए। वह ढाबे पर शराब पीने के लिए कहने लगे। अशोक ने सभी लोगों से ढाबे पर शराब पीने से मना कर दिया। 15 से 20 लोगों ने की तोड़फोड़ जिस पर योगेश नाम के युवक ने अशोक को धमकी दी कि वह उसे कुछ देर में देख लेगा। रात 11 बजे योगेश, कृष्णा, कृतपाल अपने 15 से 20 साथियों के साथ ढाबे पर आये। सभी के हाथ में लाठी, डंडा और धारदार हथियार थे। आते ही सभी ने ढाबे पर काम कर रहे कर्मचारियों से मारपीट करना शुरू कर दिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद साथ ही ढाबे के सामान तोडना शुरू कर दिया। सभी बदमाशों ने अशोक और उसके कर्मचारियों पर फायरिंग भी की थी। अशोक और उसके कर्मचारी ढाबे के अंदर छुप गए। तब योगेश और उसके साथ ढाबे के काउंटर में बने गल्ले से 2 लाख 20 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नए बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस कार्यक्रम में कुल 60 सीटें उपलब्ध हैं। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 18 जून 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जो 8 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। विश्वविद्यालय द्वारा 13 जुलाई को मेरिट सूची जारी की जाएगी, जिसके बाद 14 जुलाई से प्रवेश आवंटन प्रक्रिया शुरू होगी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बीबीए के दाखिला ब्रोशर का विमोचन किया। इस दौरान समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा, प्रो. सुनीता तंवर, प्रो. आशीष माथुर, प्रो. सुशीला कुमारी शोरिया, प्रो. पायल कंवर चंदेल और डॉ. सुमित कुमार सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे। कौशल-आधारित और बहुविषयक शिक्षा कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शुरू किया गया यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को उद्योगोन्मुख, कौशल-आधारित और बहुविषयक शिक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य प्रबंधन कौशल, उद्यमिता, नेतृत्व क्षमता और व्यवसाय व प्रबंधन की मजबूत समझ विकसित करना है। बीबीए कार्यक्रम निदेशक और नॉन-सीयूईटी प्रवेश नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग बी. सिंह ने बताया कि प्रवेश 10+2 या समकक्ष परीक्षा में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर होगा। किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 50 प्रतिशत या उससे अधिक अंक (आरक्षित वर्गों के लिए नियमानुसार छूट) प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल https://www.cuh.ac.in/bba_admission.aspx पर विजिट कर सकते हैं।
कांग्रेस ने गुरूवार को देश के छात्रों, नौकरी के अभ्यर्थियों और युवाओं के अधिकारों के लिए एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन छात्रों की गूंज अभियान की शुरुआत की है। कांग्रेस ने इस अभियान के जरिए सीधे केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और देश की परीक्षा व्यवस्था में हो रही गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे तथा पेपर लीक माफिया के साथ उनके संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कोटा में गुजरात में विधायक और कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवानी को इस कार्यक्रम का संयोजन बनाया गया है। गुरूवार को सर्किट हाउस में उनकी मौजूदगी में इस आंदोलन के पोस्टर जारी किए गए। मेवानी ने कहा कि- यह आंदोलन विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा राजस्थान के कोटा से शुरू किया गया है, जो अब देश के 28 प्रमुख शहरों में 40 दिनों तक चलाया जाएगा। इसके तहत कोचिंग हब, कॉलेज कैंपस, लाईब्रेरी और युवाओं के बीच जाकर छात्रों की आवाज को बुलंद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक अगस्त को चिन्हीत 28 शहरों में कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा और इसके बाद अलग अलग प्रदर्शन और आयोजन होंगे, जिसमें धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जाएगी। मोदी शासन में करीब नब्बे एग्जाम के पेपर लीक हुए है। लाखों स्टूडेंटस के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लग चुके है। शिक्षा का बाजारीकरण कर दिया गया है। सरकारी पदों पर भर्तियां नहीं हो रही है। बेरोजगारी चरम पर है। उन्होंने कहा कि 30 जून से सभी 28 प्रमुख शहरों में पर्चा वितरण, नुक्कड़ बैठकें और छात्र संपर्क अभियान की शुरुआत होगी। जुलाई में साप्ताहिक कार्यक्रम, कैंपस संपर्क और अंबेडकर संवाद का आयोजन किया जाएगा। 1 अगस्त को देश के सभी 28 शहरों में छात्र और युवा कलेक्टरेट का घेराव करेंगे। 9 अगस्त को दिल्ली चलो के नारे के साथ देश भर के छात्र दिल्ली में एकजुट होंगे और आंदोलन के पहले चरण का समापन होगा।
ग्वालियर में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के शुभारंभ पर गुरुवार को बिहार के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। छात्रों के मुद्दों पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर राष्ट्रपति भवन को सत्ता का केंद्र बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के रहते भाजपा का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा और देश की जनता भी इसे स्वीकार नहीं करेगी। पप्पू यादव ने कहा कि देशभर में हो रहे पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने छात्रों की गूंज नाम से राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। उनका कहना था कि जब तक डिजिटल परीक्षा कैलेंडर जारी नहीं किया जाता, कोचिंग माफिया पर कार्रवाई नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर चल रही कवायद पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार समाज और विकास से जुड़े वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विभाजनकारी विषयों को आगे बढ़ाती है, जबकि छात्रों और युवाओं से जुड़े अहम मुद्दों को नजरअंदाज किया जाता है। दलबदल की राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने भाजपा पर राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है और सत्ता के लिए हर तरह के राजनीतिक हथकंडे अपना रही है। कांग्रेस का यह अभियान 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा। इसके तहत कॉलेज परिसरों, पुस्तकालयों, छात्रावासों और युवा समूहों के बीच पहुंचकर संवाद किया जाएगा। 30 जून से छात्र संपर्क अभियान शुरू होगा, 1 अगस्त को 28 शहरों में कैंडल मार्च निकाला जाएगा और 9 अगस्त को दिल्ली में संसद घेराव कर छात्रों की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला से चेन लूटने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से लूटी गई दो टूटी हुई चेन और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, 21 जून को जानकीपुरम के सेक्टर-एफ निवासी रश्मि भटनागर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सुबह 7 बजे वह अपने पति आलोक कुमार के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकली थी। उषा वाटिका पार्क के पास टहल रही थी। तभी बाइक सवार बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके गले से चेन लूट ली। मामले में जानकीपुरम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान टीम ने मुखबिर की सूचना पर गुरुवार को सीडीआरआई रोड से आरोपी राजपाल उर्फ दीपक कुमार (29) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से सीतापुर संधना के गढ़ी खेरवा गांव का रहने वाला है और मौजूदा समय में बीकेटी के बरगदी इलाके में किराए पर रहकर पेंटिंग का काम करता है।पूछताछ में आरोपी ने जानकीपुरम की वारदात कबूल कर ली। उसके पास से लूटी गई चेन और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने करीब 15 दिन पहले बीकेटी क्षेत्र में भी चेन लूट की एक अन्य वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बीकेटी थाने से संपर्क किया तो मुकदमा दर्ज मिला। उस मामले में छीनी गई एक टूटी चेन भी आरोपी के कब्जे से बरामद हुई है। आरोपी ने बताया वह महंगे शौक के चलते चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास और अन्य मामलों में संलिप्तता की जांच की जा रही है।
सीधी में ट्रैक्टर ने बाइक सवारों को कुचला:एक की मौत, दो गंभीर; चालक मौके से फरार
सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र के ग्राम खड़बड़ा में एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने तीन बाइक सवार युवकों को कुचल दिया। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन सहित फरार हो गया। यह हादसा गुरुवार सुबह 5 बजे के आसपास हुआ। जानकारी के अनुसार, सोन नदी की ओर से तेज गति से आ रहे एक ट्रैक्टर ने सोनवर्षा की दिशा में जाते हुए विपरीत दिशा से आ रही बाइक पर सवार तीन युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। मृतक और घायल के नाम टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सर्वेश कोल (22) पुत्र लक्षनधारी कोल, निवासी हटवा खास, थाना कमर्जी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अन्य दो घायल युवकों की पहचान प्रवीण साकेत (18) पुत्र रामशरण साकेत और अर्जुन कोल (30) पुत्र लक्षनधारी कोल के रूप में हुई है। सर्वेश कोल अपने मामा के यहां ग्राम खड़बड़ा में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने आया था। वह अपने दोनों साथियों प्रवीण साकेत और अर्जुन कोल के साथ देर रात सोन नदी की ओर घूमने निकला था, तभी यह दुर्घटना हुई। गंभीर रूप से घायल प्रवीण साकेत और अर्जुन कोल को तत्काल अमिलिया अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय सीधी रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया था। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। पुलिस चालक की तलाश कर रही है। चालक की जानकारी नहीं अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। गुरुवार शाम करीब 4 बजे इस संबंध में प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच जारी है और अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हादसे में शामिल ट्रैक्टर किसका है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
जयपुर के रहने वाले युवक ने टोंक में मामा के घर सुसाइड कर लिया। भाई ने बताया- गर्लफ्रेंड सगाई होने के बाद पीछा छुड़ाना चाहती थी। एक दिन पहले दोनों में इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। युवती ने नुकसान पहुंचाने के लिए बदमाशों को सुपारी दी थी। डरकर वह मामा के घर गया था। जहां टीनशेड के कमरे में साड़ी से फंदा लगा लिया। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। मामला टोंक के सदर थाना क्षेत्र के जगदीश नगर का है। घटना 25 जून सुबह की है। जयपुर से टोंक आया था मनोज नामा सांगानेर, जयपुर का रहने वाला मनोज नामा (29) कोई काम नहीं करता था। भाई पंकज नामा ने बताया कि मनोज बुधवार (24 जून) देर शाम को ही टोंक के सदर थाना क्षेत्र स्थित जगदीश नगर में रहने वाले अपने मामा तुलसीराम के घर आया था और वहीं ठहरा हुआ था। सुबह कमरे से बाहर नहीं निकला, फंदे पर लटका मिला भाई के अनुसार गुरुवार (25 जून) सुबह करीब 9 बजे तक मनोज टीन शेड वाले कमरे से बाहर नहीं निकला। इस पर मामा तुलसीराम ने उसे आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। शंका होने पर खिड़की से देखा तो मनोज साड़ी का फंदा बनाकर टीन शेड की एंगल पर लगे पंखे पर लटका हुआ मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव उतारकर अस्पताल पहुंचाया सदर थाने की एएसआई किस्मत ने बताया- घटना की सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। युवक को फंदे से नीचे उतारकर हॉस्पिटल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद जयपुर में रहने वाले उसके परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया तथा पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल मौत के कारणों की जांच की जा रही है। प्रेम प्रसंग में विवाद होने की बात, एक दिन पहले हुई थी कहासुनी मृतक के भाई पंकज नामा ने बताया - मनोज का एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती की कहीं और सगाई हो चुकी थी। इसी बात को लेकर एक दिन पहले मनोज और युवती के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में था और डर के माहौल में रह रहा था। भाई पंकज नामा का आरोप है कि कहासुनी के बाद युवती ने मनोज को नुकसान पहुंचाने के लिए उसके पीछे कुछ लड़के लगा दिए थे। यह जानकारी उन्हें मनोज के एक दोस्त से मिली थी। भाई के अनुसार इसी डर के कारण मनोज जयपुर से टोंक स्थित अपने मामा के घर आ गया था। उनका आरोप है कि भय और मानसिक दबाव के चलते उसने सुसाइड जैसा कदम उठाया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र फेज-3 स्थित बोल बम पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स से गुजरात काम करने गए एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान जमशेदपुर के बागबेड़ा निवासी साजू केसरी के रूप में हुई है। उसका शव गुजरात में फंदे से लटका हुआ मिला था। परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार कर दिया है। उनका आरोप है कि साजू केसरी की मौत के पीछे कोई साजिश हो सकती है और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। गुरुवार को जब शव उसके घर पहुंचा तो परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। इसके बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन शव को लेकर आदित्यपुर स्थित बोल बम पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के गेट पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। लोगों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मामले को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की आदित्यपुर नगर इकाई का भी समर्थन मिला। झामुमो नेता राजेश लाहा धरनास्थल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दुर्ग जिले के सुपेला थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोसायटी के चावल के अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक मालवाहक वाहन को पकड़ लिया। वाहन से 14 कट्टा सोसायटी चावल बरामद किया गया है। चालक चावल के परिवहन से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका, जिसके बाद पुलिस ने वाहन और चावल को जब्त कर लिया। मामले में खाद्य विभाग के साथ मिलकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सन्नी साव (28) के रूप में हुई है। वह सुपेला थाना क्षेत्र के पांच रास्ता स्थित कॉन्ट्रेक्टर कॉलोनी का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 14 कट्टा सोसायटी चावल और मालवाहक वाहन जब्त किया है। पुलिस के अनुसार 24 जून को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक नीले रंग के मालवाहक टेम्पो में लगातार सोसायटी का चावल अवैध रूप से ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही सुपेला थाना पुलिस की टीम सक्रिय हुई और राजीव नगर स्थित ईमामबाड़ा के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया। हालांकि यह चावल किस सोसायटी का है और कहां जा रहा था अब तक पुलिस को इसकी जानकारी नहीं मिली है। प्लास्टिक बोरियों में भरा था चावलजांच के दौरान पुलिस ने बजाज मैक्सीमा मालवाहक वाहन क्रमांक CG 07 CV 2329 की तलाशी ली। वाहन में प्लास्टिक की बोरियों में भरा हुआ कुल 14 कट्टा सोसायटी चावल मिला। इसके बाद पुलिस ने चालक से चावल के परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। ड्राइवर ने नहीं बताया किसका है चावलपुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान चालक चावल के संबंध में स्पष्ट जानकारी भी नहीं दे पाया और लगातार अलग-अलग बातें बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। इसके बाद वाहन चालक को हिरासत में लेकर वाहन सहित थाना लाया गया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। जांच में जुटी खाद्य विभाग की टीममामले की जानकारी खाद्य विभाग को भी दी गई है। पुलिस और खाद्य विभाग संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटे हैं कि चावल कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध परिवहन में अन्य लोग शामिल हैं या नहीं। हालांकि सरकारी चावल को बेचने का खेल लंबे समय से चल रहा है। सूत्रों की माने तो विभाग के अफसरों को पूरे चेन की जानकारी है, बावजूद इसको खाद्य विभाग के अफसर कार्रवाई करने से बचते हैं।
कानपुर देहात में साइबर ठगी की रकम वापस:फोन हैक कर उड़ाए थे रुपए, शिवली पुलिस ने लौटाए 22,930 रुपए
कानपुर देहात की शिवली पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खाते में पूरी धनराशि वापस करा दी है। साइबर हेल्प डेस्क की सक्रियता के कारण ठगी के शिकार युवक को उसके 22,930 रुपये वापस मिल गए। जानकारी के अनुसार, शिवली थाना क्षेत्र के कुरमिन निवादा गांव निवासी जितेंद्र सिंह का मोबाइल फोन साइबर ठगों ने हैक कर लिया था। इसके बाद 8 जून 2026 को उनके बैंक खाते से 22,930 रुपये निकाल लिए गए। खाते से रकम कटने की जानकारी होने पर पीड़ित ने तत्काल शिवली की साइबर हेल्प डेस्क में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद, शिवली थाना की साइबर हेल्प डेस्क ने मामले की जांच शुरू की। संबंधित बैंकिंग और साइबर एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर धनराशि को ट्रेस करने की कार्रवाई की गई। लगातार प्रयासों के बाद, साइबर टीम ने ठगी गई पूरी रकम को सुरक्षित कराते हुए 25 जून 2026 को पीड़ित के खाते में वापस करा दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत साइबर हेल्प डेस्क लगातार शिकायतों का निस्तारण कर रही है। राशि वापस मिलने पर पीड़ित जितेंद्र सिंह ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराएं, क्योंकि समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
श्योपुर के शिवपुरी रोड पर स्थित चौकीडाड़ी होटल में खाना देने की बात को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस ने युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामभरत मीणा सहित पांच लोगों पर केस दर्ज किया है। सभी पर होटल में एक युवक के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। यह पूरी घटना 24 जून की रात करीब 11 बजे की है। वहीं जिलाध्यक्ष ने आरोपों को नकारा है। होटल बंद होने पर खाना न मिलने से शुरू हुआ विवाद कोतवाली थाना पुलिस के मुताबिक, गांधीनगर निवासी फरियादी सुमित गर्ग (33) ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सुमित ने बताया कि वह 24 जून की रात को चौकीडाड़ी होटल पर मौजूद था। इसी दौरान होटल बंद होने के कारण वहां आए लोगों को खाना देने से मना कर दिया गया, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया। गाली-गलौज कर मारपीट की फरियादी सुमित गर्ग का आरोप है कि युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामभरत मीणा, भोला जाट, हेमंत जाट और दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इन सभी पर धारा 296(बी), 115(2), 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। जिलाध्यक्ष बोले- किसी और कि लड़ाई में मेरा नाम लिखा वहीं आरोप पर युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा- मैं वहां खाना खाने गया था, किसी और कि लड़ाई हो रही थी लेकिन मेरा नाम लिखा दिया। इसे लेकर कोतवाली का घेराव किया जाएगा। पुलिस कर रही है मामले की जांच कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक रामबिहारी ने बताया कि घटना की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी के कमरौली थाना क्षेत्र में रिसेप्शन पार्टी के दौरान हुए खूनी संघर्ष में एक युवक की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवती सहित पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फरसा, लाठी और बांस का डंडा भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, दो दिन पहले क्षेत्र के एक गांव में आयोजित रिसेप्शन कार्यक्रम के दौरान डांस करते समय एक बच्चे की शर्ट फट जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। मामूली कहासुनी देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट में बदल गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों परिवारों के लोग आमने-सामने आ गए और संघर्ष के दौरान कई लोग घायल हो गए। मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए ओमप्रकाश चौहान को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी.के. के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसी क्रम में कमरौली थाना प्रभारी मुकेश कुमार पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर पांच वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सहजराम (62), पारसनाथ (33), विष्णु (20), बालक लाल (29) तथा लक्ष्मी (18) शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम पूरे मोलना मजरे बरसण्डा के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया फरसा, लाठी और बांस का डंडा भी बरामद कर लिया है। मृतक की पत्नी की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। कमरौली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें जेल भेजा जाएगा। मामले में अन्य आवश्यक जांच भी जारी है।
लंबे इंतजार के बाद भाजपा की प्रदेश पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में गोरखपुर का दबदबा देखने को मिला। प्रदेश के 19 उपाध्यक्षों में से 3 गोरखपुर के ही हैं। इन तीनों में से दो नेता क्षेत्रीय अध्यक्ष पद के भी दावेदार थे लेकिन उन्हें प्रदेश टीम में एडजस्ट किया गया है। गोरखपुर क्षेत्र की बात करें तो प्रदेश टीम में यहां के 6 नेताओं को जगह मिली है। देवरिया की भाजपा नेता रजनी पांडेय को प्रदेश मंत्री बनाया गया है। इसी तरह क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे सहजानंद राय को भी प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा नेता रमेश सिंह एवं किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह का नाम क्षेत्रीय अध्यक्ष की दौड़ में था। दोनों नेताओं के समर्थ यह दावा कर रहे थे कि इस बार क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी गोरखपुर से ही हैं। इसलिए यहां का दबदबा सूची में देखा गया लेकिन दोनों नेताओं के होने के बाद भी इस बार भी क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी आजमगढ़ को मिली है। कामेश्वर सिंह, रमेश सिंह और डा. धर्मेंद्र सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। डा. धर्मेंद्र सिंह इससे पहले की कार्यकारिणी में भी प्रदेश उपाध्यक्ष थे। एक बार फिर प्रदेश टीम में जगह बनाकर उन्होंने अपनी मजबूती दिखाई है। वह महानगर भाजपा के अध्यक्ष और दो बार क्षेत्रीय अध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं। पार्टी ने उन्हें क्षेत्रीय अध्यक्ष रहते हुए एमएलसी भी बनाया था। वर्तमान में भी वह एमएलसी हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि एक ही जगह से तीन नेताओं को प्रदेश में एक ही पद मिलने से सामंजस्य बैठाना आसान नहीं होने वाला। दिख सकती है वर्चस्व की लड़ाई एक भाजपा नेता ने बताया कि तीनों नेता एक ही जगह से हैं और मुख्यमंत्री योगी के करीबी भी माने जाते हैं। ऐसे में गोरखपुर में होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में मंच पर जगह पाने के लिए भी आपसी जोर आजमाइश होगी। अभी तक प्रदेश उपाध्यक्ष रहे डा. धर्मेंद्र सिंह मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के लगभग हर मंच पर मौजूद रहते हैं। कुछ नेताओं का कहना है कि डा. धर्मेंद्र सिंह एमएलसी होने के कारण मंच पर नजर आते हैं। लेकिन कुछ और एमएलसी इस जिले के हैं और मंच पर नहीं दिखते। ऐसे में माना जा रहा है कि वर्चस्व की लड़ाई दिख सकती है। सोशल मीडिया पर तीनों नेताओं के समर्थकों के बीच बधाई देने का तांता लगा है। इसमें डा. धर्मेंद्र सिंह और कामेश्वर सिंह गोरखपुर महानगर से भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं जबकि रमेश सिंह गोरखपुर जिले से। इन नेताओं के अलावा गोरखपुर क्षेत्र से सहजानंद राय को प्रदेश मंत्री बनाया गया है जबकि विजय राजभर को भी इसी पद की जिम्मेदारी दी गई है। देवरिया जिले की नेता रजनी पांडेय को भी प्रदेश संगठन में प्रदेश मंत्री बनाया गया है।
धार जिले की धरमपुरी तहसील के कालिकिराय गांव में गुरुवार को एक शिव मंदिर के निर्माण कार्य का भूमि पूजन के साथ शुभारंभ किया गया। यह धार्मिक आयोजन श्री श्री 1008 निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में हुआ। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री और धार-महू सांसद सावित्री ठाकुर के आमंत्रण पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि कालिकिराय पहुंचे। उनके आगमन पर श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त गांव पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बन गया। भूमि पूजन वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच विधि-विधान से संपन्न हुआ। मंदिर निर्माण कार्य के शुभारंभ होते ही पूरा वातावरण 'हर-हर महादेव' और 'जय श्रीराम' के जयघोषों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस क्षण को क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए महत्वपूर्ण बताया। सनातन धर्म की महत्ता के बारे में बतायाअपने संबोधन में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने सनातन धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व को मानवता, सेवा, सदाचार और आध्यात्मिकता का संदेश देती है। स्वामी जी ने जोर दिया कि मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाले सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र होते हैं। उन्होंने युवाओं से सनातन मूल्यों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया। इस कार्यक्रम में महामंडलेश्वर श्री नरसिंहदास जी महाराज, सांसद सावित्री ठाकुर, धार विधायक नीना विक्रम वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे। अतिथियों ने मंदिर निर्माण को समाज की आस्था, एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया और इसके लिए जनसहयोग का आह्वान किया।
झारखंड के चतरा जिले में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। चतरा पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के 'प्रतिबिंब पोर्टल' से मिली सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को 'प्रतिबिंब पोर्टल' के माध्यम से चतरा पुलिस अधीक्षक को राजपुर थाना क्षेत्र में एक शातिर साइबर अपराधी के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद तत्काल एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और राजपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार ने किया। पुलिस की इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कलिया नावाडीह गांव निवासी सनोज सिंह (पिता- उमेश सिंह) को धर दबोचा। सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी सनोज सिंह पूर्व में एक सीएससी (CSC) सेंटर भी चलाया करता था। इसी सेंटर की आड़ में वह सीधे-सादे लोगों के निजी दस्तावेजों को चुपके से संग्रहित कर लेता था। बाद में वह इन दस्तावेजों का उपयोग कर अन्य साइबर अपराधियों को मदद पहुंचाता था। आरोपी के खिलाफ राजपुर थाने में कांड संख्या-50/2026 के तहत बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। छापामारी के दौरान पुलिस ने आरोपी से 4 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, कई बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम एवं डेबिट कार्ड, कई आधार कार्ड, एक ही नाम और अलग-अलग नंबर के कई वोटर आईडी कार्ड, कई जाली कागजात, एक कार और एक स्कूटी बरामद किया है।
कानपुर देहात में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई:26 वाहनों पर 19.50 लाख का जुर्माना, 15 सीज
कानपुर देहात में अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत 26 वाहनों पर लगभग 19.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 15 वाहनों को सीज कर दिया गया है। यह कार्रवाई शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में उपखनिज के अवैध खनन और परिवहन पर लगातार निगरानी के तहत की गई है। निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म तथा जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, 24 जून को निदेशालय लखनऊ की टीम ने उपजिलाधिकारी भोगनीपुर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और खान अधिकारी की संयुक्त टीम के साथ मिलकर कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान मौरम से लदे वाहनों के दस्तावेजों और भार की गहन जांच की गई। जांच में कई वाहन बिना वैध परिवहन प्रपत्र के उपखनिज का परिवहन करते हुए पाए गए। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कुल 26 वाहनों का ऑनलाइन चालान किया और उन पर कुल 19 लाख 49 हजार 730 रुपए का जुर्माना लगाया। इसके अतिरिक्त, कई वाहनों में गंभीर अनियमितताएं मिलने के कारण 15 वाहनों को थाना भोगनीपुर में सीज कर दिया गया। इन संबंधित मामलों में आगे की विधिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
श्रावस्ती में उर्वरक वितरण मे अनियमितता पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। एक उर्वरक विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमे नियमों का उल्लंघन करते हुए यूरिया का अवैध भंडारण किया था और बिक्री में अनियमितता बरती थी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश कुमार गुप्ता ने बृहस्पतिवार को प्रेस नोट के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि 13 जून 2026 को विकास खंड हरिहरपुररानी के भंगहा मोड़–तिलकपुर स्थित मै० विजय कुमार खाद बीज भण्डार का औचक निरीक्षण किया गया। 3 बोरी यूरिया बेची, रिकॉर्ड में 32 बोरी दिखाईं निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रतिष्ठान संचालक विजय कुमार ने किसान सुनील को केवल 3 बोरी यूरिया बेची, जबकि पीओएस मशीन पर 32 बोरी यूरिया की बिक्री दर्शाकर उसे खारिज कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त, 198 बोरी यूरिया को नियमों के विपरीत एक अन्य गोदाम में भंडारित किया गया था। जांच में यह कृत्य उर्वरक अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित नियंत्रण आदेश, 1985 की धारा 35ए और 8(2) का उल्लंघन पाया गया। यह आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत एक दंडनीय अपराध है। जिलाधिकारी के निर्देश पर, प्रो. विजय कुमार खाद, पुत्र बालक राम, निवासी भंगहा मोड़–तिलकपुर, विकास खंड हरिहरपुररानी थाना कोतवाली भिनगा के विरुद्ध कोतवाली भिनगा में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। कालाबाजारी या नियमों के उल्लंघन पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भाजपा की नई टीम में वेस्ट यूपी के 6 चेहरे:2027 चुनाव से पहले जातीय समीकरण साधने की रणनीति
विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा ने यूपी में अपनी नई टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में वेस्ट यूपी के चेहरों को तवज्जो दी गई है। पार्टी ने जातीय समीकरणों को साधते हुए प्रदेश में ठाकुर, जाटर, गुर्जर, सैनी और त्यागी हर जाति को स्थान दिया है। आने वाले चुनावों में भाजपा के लिए वेस्ट यूपी बेहद अहम है। माना जाता है कि यूपी को जीतने के लिए वेस्ट यूपी को फतह करना जरूरी है। यहां जातियों को संतुष्ट करने के लिए पार्टी ने एक-एक चेहरे को लेकर कोरम पूरा किया है। गुर्जर चेहरा और यूपी सरकार के पूर्व मंत्री रहे नबाव सिंह नागर को पश्चिम का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया है। नोएडा से रामपुर, मुरादाबाद तक 14 जिलों में गुर्जरों को साधते हुए पार्टी ने ये बड़ा फैसला लिया। जाट चेहरा मोहित बेनिवाल को दोबारा प्रदेश समिति में रखा गया है। बेनिवाल पहले क्षेत्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। ठाकुर नेता पूर्व मंत्री सुरेश राणा को उपाध्यक्ष बनाया गया है। संगठन में उनकी सक्रियता और क्षेत्र में पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। राजनीतिक जानकार इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। सत्यपाल सैनी को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है। बसंत त्यागी को प्रदेश मंत्री और राजेश चौधरी को प्रदेश महामंत्री बनाकर पार्टी ने बड़ा संदेश दिया है। गुर्जर नेता को बनाया पश्चिम का क्षेत्रीय अध्यक्ष वहीं गुर्जर नेता नबाब सिंह नागर को पार्टी आलाकमान ने पश्चिम क्षेत्रीय अध्यक्ष की कमान सौंपी है। बता दें कि मोहित बेनिवाल और नवाब सिंह नागर को अध्यक्ष पद की दौड़ में भी मजबूत दावेदार माना जा रहा था। सुरेश राणा समेत कई चेहरे बने टीम का हिस्सा नई टीम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री सुरेश राणा को भी उपाध्यक्ष घोषित कर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा क्षेत्र के अन्य नेताओं को भी विभिन्न पदों पर स्थान मिला है। भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह नियुक्तियां की गई हैं। चुनाव से पहले साधे जा रहे क्षेत्रीय समीकरण पश्चिमी यूपी को हमेशा से सूबे की राजनीति का पावर सेंटर माना जाता रहा है। ऐसे में नई टीम में क्षेत्र को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि नई नियुक्तियां जमीनी स्तर पर संगठन को और सक्रिय बनाने में मददगार साबित होंगी।
गोंडा के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) आरसी भारतीय को व्हाट्सएप ग्रुप पर जान से मारने की धमकी मिली है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी शाहनवाज खान को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 24 जून को रात 8:49 बजे हुई। धमकी 'सुधेश तिवारी मित्र मंडली' नामक व्हाट्सएप ग्रुप में दी गई थी। शाहनवाज खान ने अपने मोबाइल नंबर 9151643065 से मैसेज किया, जिसमें लिखा था, एआरटीओ गोंडा को इस ग्रुप के माध्यम से सूचित कर रहा हूं कि मेरे हाथों तुम्हारी मौत सुनिश्चित है। मैं आत्महत्या करने जा रहा था, लेकिन आरटीओ भारतीय ने मुझे अपनी मौत का टारगेट दिया है। नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया धमकी मिलने के बाद एआरटीओ आरसी भारतीय ने गोंडा के नगर कोतवाली में तहरीर दी। उन्होंने जान से मारने की धमकी दिए जाने को लेकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि धमकी भरा संदेश उन्हें गोंडा डीएम के पूर्व ओएसडी शिवराज शुक्ला और पीडीडीआरडीए गोंडा के साथ बातचीत के दौरान पीडी डीआरडीए के मोबाइल पर मिला था। तहरीर के आधार पर नगर कोतवाली पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी शाहनवाज खान, जो मेवतियान का रहने वाला है, को गिरफ्तार कर शांति भंग के आरोप में कार्रवाई की गई है। लगातार आरोपों के सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है किसी भी प्रकार की एआरटीओ प्रशासन को दिक्कत होने पर फिर इस आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नगर कोतवाली पुलिस द्वारा की जाएगी। बताया जा रहा है कि एआरटीओ प्रशासन द्वारा आरोपी शाहनवाज खान का कोई काम नहीं किया गया था इसी से नाराज होकर कि उसने धमकी दी थी।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। लोग तमाशा देखते रहे,मैंने पानी में कूदकर जान बचाई इंदौर के विजय नगर इलाके में गैस पाइप लाइन विस्फोट में झुलसी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर गिरि राजकुमारी उर्फ जिनी झाला की हिम्मत और जज्बे की कहानी सामने आई है। हादसे में 20 से 25 प्रतिशत तक झुलसी जिनी फिलहाल बॉम्बे हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती हैं। उनके बाएं हाथ की सर्जरी हो चुकी है, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि पूरी तरह स्वस्थ होने में तीन से चार महीने लग सकते हैं।पूरी खबर पढ़ें मानसून की दस्तक, उमस से मिली राहत इंदौर में बुधवार को मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी। अच्छी बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन पहली ही तेज बारिश ने शहर के करोड़ों रुपए के विकास कार्यों, ड्रेनेज व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी। कई प्रमुख चौराहों पर जलभराव और घंटों ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।पूरी खबर पढ़ें नशे में कार दौड़ाई, कॉलोनी में वाहनों को मारी टक्कर इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की पाश्वनाथ कॉलोनी में गुरुवार अलसुबह एक युवक ने नशे की हालत में कार चलाते हुए कई वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई। रहवासियों ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस के अनुसार घटना सुबह करीब 5 बजे की है। शादी का झांसा देकर क्लासमेट ने किया रेप इंदौर की लसूड़िया पुलिस ने रेप के एक मामले में FIR दर्ज की है। आरोपी ने दोस्ती के बाद पीड़िता को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस के मुताबिक, छात्रा की शिकायत पर मोहित धाकड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। छात्रा ने बताया कि आरोपी उसके साथ पढ़ता था। पिछले दो वर्षों से दोनों के बीच बातचीत हो रही थी। एक साल पहले मोहित ने उसे प्रपोज किया और कहा था कि वह उससे शादी करना चाहता है।पूरी खबर पढ़ें भास्कर समाधान... खुले डीपी बॉक्स पर लगा ढक्कन, टला खतरा इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं, जिसके बाद कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिल रही है।पूरी खबर पढ़ें 220 केवी पावर स्टेशन में लगी आग: ट्रांसफार्मर से उठीं लपटें इंदौर के पास सांवेर क्षेत्र के धरमपुरी के समीप स्थित जैतपुरा पहाड़ी पर बने 220 केवी बिजली पावर स्टेशन में बुधवार देर रात अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते ट्रांसफार्मर से उठीं लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। बुधवार रात रिमझिम बारिश थमने के कुछ देर बाद पावर स्टेशन के एक ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई।पूरी खबर पढ़ें पुलिसकर्मियों पर हमले में FIR, आरोपियों की तलाश जारी इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र की डायमंड कॉलोनी में रविवार रात दो पुलिसकर्मियों के साथ करीब 8 से 10 लोगों ने मारपीट कर दी थी। इस हमले में एक सिपाही के सिर में 8 और दूसरे के सिर में 18 टांके आए। मामला वरिष्ठ अधिकारियों और मीडिया तक पहुंचने के बाद पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई। कनाड़िया थाने में सिपाही विजय सिंह सिकरवार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। उनके साथ सिपाही आशीष शर्मा भी ड्यूटी पर थे।पूरी खबर पढ़ें बिहार की युवती को कोटा ले जाते युवक पकड़ाया इंदौर के आजाद नगर क्षेत्र के युवक को बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोप है कि उसने बिहार की एक युवती को इंदौर बुलाया और उसे जबरन अपने साथ राजस्थान ले जाने की कोशिश कर रहा था। विश्व हिंदू परिषद के नेता तन्नू शर्मा के अनुसार बुधवार रात तीन इमली चौराहे पर खड़ी एक वीडियो कोच बस में इरफान खान निवासी कनावास, जिला चूरू (राजस्थान) एक युवती के साथ संदिग्ध स्थिति में मिला।पूरी खबर पढ़ें पीथमपुर में 90 महिलाओं को BIS ने दिया प्रशिक्षण पीथमपुर और बगदून में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नगर पालिका परिषद् पीथमपुर की अध्यक्ष सेवंती सुरेश पटेल और मुख्य नगर पालिका अधिकारी आरती गरवाल के मार्गदर्शन में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की भोपाल शाखा ने एक दिवसीय विशेष संवेदीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम को बुधवार सुबह आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न स्व-सहायता समूहों की 90 महिला सदस्यों ने भाग लिया।पूरी खबर पढ़ें महू में पलटी कार, दो घायल:4 दिन पहले 3 की हुई थी मौत महू के बड़गोंदा मार्ग पर बुधवार को कार अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे दो लोग घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शी मोहित राठौर ने बताया कि कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया।पूरी खबर पढ़ें
जींद जिले में थाना सदर नरवाना पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 107 कटड़ों से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना सदर नरवाना प्रभारी निरीक्षक कमल सिंह ने बताया कि पुलिस टीम गांव डुमरखां क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि नरवाना-ढाकल रोड पर एक ट्रक में बड़ी संख्या में पशुओं को अमानवीय परिस्थितियों में ले जाया जा रहा है। ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे कटडे़ं सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका और उसकी जांच की। जांच के दौरान ट्रक के अंदर कुल 107 कटड़े ठूंस-ठूंस कर भरे हुए मिले। पशुओं के लिए पर्याप्त जगह, चारा और पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पुलिस ने मौके से पांच व्यक्तियों को काबू किया। इनकी पहचान चरणजीत, रवि और गोला राम निवासी नंगल फतेहाबाद, सुखा निवासी देवबंद जिला सहारनपुर, यूपी तथा जग्गू निवासी सरदारेवाला रतिया के रूप में हुई है। सभी कटड़ों को सुरक्षित नरवाना की गोशाला में पहुंचाया गया, जबकि ट्रक को पुलिस ने जब्त कर लिया। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से आगामी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि पशुओं के प्रति क्रूरता और अवैध पशु परिवहन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
डूंगरपुर जिले में एक महिला कॉन्स्टेबल को पीड़ित के सामने टेबल पर पैर रखकर बैठने के मामले में सस्पेंड कर दिया गया है। बिछीवाड़ा थाने की इस महिला कॉन्स्टेबल का फोटो सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। फोटो में एक बुजुर्ग व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचा हुआ दिखाई दे रहा है। उसके सामने बैठी महिला पुलिसकर्मी बेहद असहज और गैर-पेशेवर अंदाज में कुर्सी पर बैठी नजर आ रही है। पीड़ित के सामने इस तरह का व्यवहार सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कई यूजर्स ने नाराजगी जताते हुए इसे पुलिस की छवि धूमिल करने वाला कृत्य बताया और सम्मानजनक व्यवहार की नसीहत दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डूंगरपुर एसपी ने तत्काल कार्रवाई की। बिछीवाड़ा थाने की महिला कॉन्स्टेबल रीना गर्ग को सस्पेंड कर दिया गया है। लोग इस मामले में विभागीय जांच की मांग भी कर रहे हैं।
पाली में मंदिर पर लाइट डेकोरेशन का काम करते समय करंट लगने से युवक की मौत हो गई। परिजनों ने हादसे के लिए डिस्कॉम की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि काम शुरू करने से पहले बिजली का शटडाउन लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अचानक सप्लाई बहाल कर दी गई, जिससे युवक करंट की चपेट में आ गया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। बाला गांव के मंदिर में कर रहा था काम हादसा पाली जिले के गुड़ा एंदला थाना क्षेत्र के बाला गांव में गुरुवार सुबह हुआ। जानकारी के अनुसार योगेंद्र (20) पुत्र राणाराम सरगरा गांव के एक मंदिर में लाइट डेकोरेशन का काम कर रहा था। इसी दौरान उसे करंट लग गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने लगाया डिस्कॉम पर लापरवाही का आरोप मृतक के परिजनों का कहना है कि मंदिर में काम शुरू करने से पहले बिजली सप्लाई का शटडाउन लिया गया था। आरोप है कि डिस्कॉम कर्मचारियों ने लापरवाही बरतते हुए कुछ समय बाद ही बिजली सप्लाई दोबारा शुरू कर दी। अचानक करंट प्रवाहित होने से योगेंद्र इसकी चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई। परिजनों ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और समाज के लोग बड़ी संख्या में बांगड़ हॉस्पिटल पहुंच गए, जहां माहौल गमगीन रहा।
टीचर्स के तबादले को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति-2026 का पोर्टल बंद हो गया है। ई अटेंडेंस की अनिवार्यता के चलते प्रदेश के हजारों शिक्षक स्थानांतरण के लिए आवेदन करने से वंचित रह गए हैं। पोर्टल पर तय नियमों, तकनीकी खामियों एवं अव्यावहारिक शर्तों के चलते पात्र शिक्षक आवेदन तक नहीं कर सके, जिससे शिक्षकों में गहरा असंतोष है। उधर शासकीय शिक्षक संगठन ने BAC एवं जनशिक्षक पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 52 से बढ़ाकर 56 वर्ष करने की मांग राज्य शासन से की है। तबादले को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने आवेदन के लिए 24 जून तक की तिथि तय की थी और रात 12 बजे के बाद पोर्टल पर स्वैच्छिक आवेदन का आप्शन आना बंद हो गया है। इसके बाद शिक्षक संगठनों ने कहा है कि पोर्टल पर शिक्षकों की सेवा संबंधी जानकारी त्रुटिपूर्ण प्रदर्शित हुई, कई पात्र शिक्षकों को गलत तरीके से अपात्र बताया गया तथा रिक्त पदों की जानकारी भी स्पष्ट एवं पारदर्शी रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अतिरिक्त ई-अटेंडेंस, जनगणना ड्यूटी, परीक्षा एवं मूल्यांकन कार्य, प्रशासनिक दायित्वों तथा अन्य गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के आधार पर शिक्षकों को स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर करना न्यायोचित नहीं है। शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल का कहना है कि प्रदेश के दूरस्थ, आदिवासी एवं दुर्गम क्षेत्रों में वर्षों से सेवाएं दे रहे अनेक शिक्षक पारिवारिक, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कारणों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे थे। स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति उनके लिए राहत का माध्यम बन सकती थी, किन्तु नीति की विसंगतियों और पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण हजारों शिक्षक इस अवसर का लाभ लेने से वंचित हो गए। शिक्षक प्रतिनिधियों द्वारा लगातार शासन एवं विभाग का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित कराया गया तथा समय रहते आवश्यक संशोधन एवं तकनीकी त्रुटियों के निराकरण की मांग की गई लेकिन अधिकांश समस्याओं का समाधान नहीं होने से बड़ी संख्या में शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर रह गए। इससे शिक्षकों में निराशा, असंतोष एवं आक्रोश का वातावरण निर्मित हो गया है। अधिकतम आयु सीमा 52 से बढ़ाकर 56 वर्ष करने की मांग शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल के संचालक को ज्ञापन सौंपकर विकासखण्ड अकादमिक समन्वयक (BAC) एवं जनशिक्षक पदों के लिए तय अधिकतम आयु सीमा 52 वर्ष के स्थान पर 56 वर्ष किए जाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी आदेश में BAC एवं जनशिक्षक पदों की भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 1 जनवरी 2026 की स्थिति में 52 वर्ष तय की गई है, जिससे बड़ी संख्या में अनुभवी एवं योग्य शिक्षक आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं। संगठन का कहना है कि समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत डीपीसी, एपीसी एवं बीआरसीसी जैसे पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 56 वर्ष निर्धारित है, जबकि BAC एवं जनशिक्षक जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक पदों के लिए 52 वर्ष की सीमा उचित नहीं है। ज्ञापन में कहा गया है कि 52 वर्ष से अधिक आयु के अनेक शिक्षकों के पास वर्षों का शैक्षणिक अनुभव, प्रशासनिक दक्षता एवं नेतृत्व क्षमता उपलब्ध है। वर्तमान आयु सीमा के कारण ऐसे अनुभवी शिक्षक चयन प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे, जिससे विभाग उनके अनुभव का लाभ नहीं ले पाएगा। संगठन ने यह भी तर्क दिया है कि मध्यप्रदेश में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष है। ऐसे में यदि आयु सीमा 56 वर्ष निर्धारित की जाती है तो चयनित शिक्षक कम से कम 5 से 6 वर्षों तक प्रभावी सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। इससे शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा तथा विद्यालयों एवं शिक्षकों को बेहतर मार्गदर्शन प्राप्त होगा। पांच पद के लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने बुलाए हैं आवेदन राज्य शिक्षा केंद्र ने विकासखंड अकादमिक समन्वयक (बीएसी) और जनशिक्षक के पदों के लिए आवेदन बुलाए हैं। इसमें कहा गया है कि हर विकासखंड स्त्रोत केंद्र कार्यालय में बीएसी के पांच पदों (जिसमें 2 विज्ञान संकाय, एक सामाजिक विज्ञान संकाय और 2 भाषा जिसमें से एक अंग्रेजी अनिवार्य है) पर और जनशिक्षक के लिए 21 विद्यालयों पर एक के मान से प्रति जन शिक्षा केंद्र में दो जन शिक्षकों के पद भरे जाना है। इसके लिए उच्च श्रेणी शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक को एक जनवरी 2026 की स्थिति में 52 साल की उम्र का ही होना है। इसके लिए 15 जुलाई तक आवेदन बुलाए गए हैं। 20 अगस्त तक इनकी पदस्थापना की कार्यवाही पूरी की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें… ट्रांसफर चाहिए तो मैरिज सर्टिफिकेट लाओ स्कूल शिक्षा विभाग की ऑनलाइन स्वैच्छिक तबादला नीति शिक्षकों के लिए राहत के बजाय परेशानी बनती जा रही है। तबादला पोर्टल में कई तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं, जिससे हजारों शिक्षक आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी पति-पत्नी के आधार पर तबादला चाहने वाले शिक्षकों को हो रही है।पूरी खबर पढ़ें
औरैया पुलिस ने अनुदेशक चकबंदी अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय से मारपीट और मोबाइल छीनने के आरोप में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गौरव यादव, योगेन्द्र यादव और प्रदीप यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल और टाटा हैरियर कार भी बरामद की है। यह घटना 22 जून, 2026 को शाम लगभग 05:30 बजे रामगढ़-दिबियापुर मार्ग पर गुलरिया गांव के पास हुई थी। बिधूना में अनुदेशक चकबंदी अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय अपनी मोटरसाइकिल से ककोर मुख्यालय से डाक लेकर बिधूना कार्यालय जा रहे थे। फोन छीनकर वे मौके से फरार तभी काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों ने पीछे से आ रही एक हैरियर कार में सवार दो अन्य व्यक्तियों की मदद से उन्हें रोका। आरोपियों ने अजय कुमार पाण्डेय के साथ गाली-गलौज की। जब उन्होंने विरोध किया, तो डंडों से उनकी पिटाई की गई और उनका मोबाइल फोन छीनकर वे मौके से फरार हो गए। इस संबंध में अजय कुमार पाण्डेय ने दिबियापुर थाने में तहरीर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस की संयुक्त टीम (थाना दिबियापुर/स्वाट/सर्विलांस) ने 24 जून, 2026 की रात संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग के दौरान कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर केंजरी नहर पुल के पास से रात करीब 08:10 बजे तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि वे इटावा में एक निजी फाइनेंस कंपनी चलाते हैं। उनकी एक महिला सहकर्मी के पति की मृत्यु लगभग पांच वर्ष पहले हो गई थी। उस महिला का अपने ससुर (अजय कुमार पाण्डेय) से गुजारा भत्ता को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बात पर महिला सहकर्मी के कहने पर उन्होंने अजय कुमार पाण्डेय को पीटने और उनका मोबाइल फोन छीनने की योजना बनाई थी, ताकि वे मौके से किसी को फोन न कर सकें।
सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के मोल्हेपुर चौराहे के पास स्थित एक प्लाई फैक्ट्री के पीछे खेत में गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार ग्राम मोल्हेपुर मजरा लोधासा निवासी अनुज कुमार वर्मा पुत्र रामपाल के खेत में कुछ बच्चे बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में पड़े एक व्यक्ति के शव पर पड़ी। बच्चों ने घबराकर इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी वेद प्रकाश श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह तथा फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी खबर लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। इसके बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक भानू प्रताप सिंह का कहना है कि मृतक की पहचान कराने के लिए आसपास के थानों और जनपदों से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल अज्ञात शव मिलने की घटना से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
छतरपुर में पुलिस ने कदारी फोरलेन मार्ग पर घेराबंदी कर नई टाटा नेक्सॉन कार से करीब 20 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान वाहन में कोई सवार नहीं मिला। सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोतिया के अनुसार, देर रात गश्त के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध वाहन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने कदारी के पास फोरलेन मार्ग पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। जांच के दौरान एक टाटा नेक्सॉन कार (ओडी 30 एई 4778) संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। पुलिस टीम ने जब वाहन की तलाशी ली, तो उसमें से करीब 20 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही गांजा और वाहन को जब्त कर लिया। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस अब वाहन के पंजीयन दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। साथ ही संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी की जा रही है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर गांजा तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
मुजफ्फरनगर में रजिस्ट्रेशन विभाग की नई नीतियों के विरोध में प्रदेशभर में चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। गुरुवार को मेरठ रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संयुक्त संघर्ष समिति ने दावा किया कि यह आंदोलन अब केवल दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम जनता, किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग की लड़ाई बन चुका है। संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष योगेंद्र कांबोज ने बताया कि प्रदेश के सभी तहसील मुख्यालयों पर आंदोलन जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार की नई रजिस्ट्रेशन नीति से हजारों लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन नगर विधायक एवं राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, मंत्री अनिल कुमार तथा जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया है। समिति ने मुख्यमंत्री से कुछ प्रमुख मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की है। पहली मांग नई पेपरलेस रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में सुधार की है। समिति का कहना है कि पोर्टल पर तकनीकी खामियों, सर्वर डाउन रहने और ऑनलाइन फीस रिफंड में देरी के कारण जनता और रजिस्ट्रेशन विभाग दोनों परेशान हैं। समिति ने ऑनलाइन के साथ पुरानी भुगतान व्यवस्था का विकल्प भी उपलब्ध कराने की मांग की है। समयबद्ध समाधान की व्यवस्था दूसरी मांग रियल टाइम खतौनी व्यवस्था में सुधार की है। समिति का आरोप है कि नई व्यवस्था में बड़ी संख्या में त्रुटियां सामने आ रही हैं, जिससे किसानों और जमीन मालिकों को बार-बार तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके लिए एक अलग ऑनलाइन पोर्टल और समयबद्ध समाधान की व्यवस्था की जानी चाहिए। तीसरी मांग पुराने और नए रजिस्ट्री दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर ऑनलाइन उपलब्ध कराने की है। इसका उद्देश्य यह है कि मूल दस्तावेज खोने या नष्ट होने पर प्रमाणित प्रति आसानी से मिल सके। चौथी मांग स्टांप विक्रेताओं के कमीशन में बढ़ोतरी की है। समिति का कहना है कि निजी कंपनी को अधिक लाभ दिया जा रहा है, जबकि स्टांप विक्रेताओं का कमीशन घटा दिया गया है, जिससे उनका रोजगार संकट में है। पांचवीं मांग दस्तावेज लेखन शुल्क में संशोधन की है। समिति का कहना है कि वर्तमान शुल्क करीब 40-45 वर्ष पुराना है, जबकि अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और कंप्यूटरीकृत हो चुकी है। ऐसे में नई शुल्क सूची तत्काल लागू की जानी चाहिए। समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एम. डी. चोपदार ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बॉर्डर एरिया में मस्जिदों और मदरसों को निशाना बनाना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह देश के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की सोची-समझी साजिश है। झुंझुनूं में आयोजित जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की नवनियुक्त कार्यकारिणी की पहली बैठक को संबोधित करते हुए चोपदार ने कहा कि हम इस देश के मूल नागरिक हैं। 1965 और 1971 की जंगों का इतिहास गवाह है कि अल्पसंख्यक समुदाय ने हमेशा देश के साथ मजबूती से कदम मिलाकर काम किया है। देश की सीमा और सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है, ऐसे में हमारी देशभक्ति पर सवाल उठाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा चुनाव से डरी हुई है, हम दो-तिहाई बहुमत से जीतेंगे भाजपा सरकार की चुनावी रणनीति पर हमला करते हुए चोपदार ने कहा कि राज्य सरकार नगर निकाय और पंचायत चुनाव कराने से भाग रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपनी हार के डर से इन चुनावों को टाल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब भी चुनाव होंगे, कांग्रेस पार्टी शेखावाटी सहित पूरे प्रदेश में दो-तिहाई बहुमत के साथ अपना परचम लहराएगी। भाईचारे की मिसाल पेश की बाड़मेर के हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने वरिष्ठ नेता उम्मेदाराम बेनीवाल और हरीश चौधरी की सराहना की। चोपदार ने कहा कि दोनों नेताओं ने भाईचारा सम्मेलन आयोजित कर नफरत की राजनीति करने वाली ताकतों को करारा जवाब दिया है। कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार का मंत्र कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष उस्मान खान पठान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिले के हर गांव और ढाणी तक कांग्रेस की विचारधारा को पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों का आह्वान किया कि वे संगठन की मजबूती के लिए पूरी निष्ठा से काम करें। इस अवसर पर नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। बैठक में उदयपुरवाटी, नवलगढ़, मुकुंदगढ़, मंडावा, चिड़ावा, पिलानी, खेतड़ी, बगड़ सहित जिले भर से आए कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन इमरान बडगुजर ने किया और अंत में ब्लॉक अध्यक्ष शब्बीर गहलोत ने सभी का आभार व्यक्त किया।
धनबाद के बरोरा थाना क्षेत्र में हुए तुलेश्वर नोनियां हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि मृतक के मंझले बेटे विजय नोनियां ने ही भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में पिता की नौकरी पाने के लिए हत्या की साजिश रची थी। आरोप है कि विजय ने अखिलेश मल्लाह और अमित कुमार सिंह को 10 लाख रुपए की सुपारी दी थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ड्यूटी से लौटते वक्त तुलेश्वर नोनियां की हत्या की गई ताकि अनुकंपा पर बेटे को बीसीसीएल में जॉब मिल जाए। झाड़ी के पास मिला था शवग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने बताया कि पुलिस को 20 जून की सुबह लगभग 4:45 बजे चौकीदार के जरिए सूचना मिली थी कि चिटाही से बरोरा जाने वाली पीसीसी सड़क के किनारे झाड़ी के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। बरोरा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। मृतक की पहचान तुलेश्वर नोनियां के रूप में हुई थी। पत्थर से कुचलकर हत्या की गई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर खून लगा पत्थर भी बरामदटीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस हत्याकांड में शामिल तीनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया खून लगा पत्थर, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, खून लगे कपड़े, गमछा और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
डिंडौरी में राघोपुर बहुउद्देशीय परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए प्रभावित किसानों ने जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे जाम कर दिया। जोगी टिकरिया गांव के पास हुए इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने राज्यपाल के नाम एसडीएम राम बाबू देवांगन को एक ज्ञापन सौंपा। करीब दो घंटे तक बाधित रहा आवागमन अधिकारियों की समझाइश के बाद बहाल हो सका। डूब प्रभावित किसान संघ के जिला अध्यक्ष ओमकार सिंह ने आरोप लगाया कि परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में अनुसूचित क्षेत्रों में लागू कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए जारी अधिसूचनाओं और सुनवाई प्रक्रिया में ग्राम सभाओं की सहमति नहीं ली गई। प्रभावित किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण से पहले स्थानीय लोगों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। उनकी आपत्तियों को भी गंभीरता से नहीं सुना गया। उन्होंने भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 तथा अनुसूचित क्षेत्रों से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों का हवाला दिया, जिसके तहत आदिवासी क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण के लिए ग्राम सभा की सहमति आवश्यक है। दस्तावेजों में की छेड़छाड़ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सुनवाई से संबंधित दस्तावेजों में अनियमितताएं हुईं और कुछ मामलों में हस्ताक्षरों के साथ छेड़छाड़ की गई। ज्ञापन सौंपने वालों ने परियोजना से प्रभावित आदिवासी और किसान परिवारों के अधिकारों की रक्षा करने, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और सभी कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो प्रभावित ग्रामीण आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों को भेजेंगे मामला एसडीएम राम बाबू देवांगन ने बताया कि किसानों ने ज्ञापन दिया है, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। अधिकारियों की समझाइश के बाद शाम साढ़े चार बजे किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और आवागमन सामान्य हो गया। धरना प्रदर्शन के दौरान एसडीओपी सतीश द्विवेदी, सिटी कोतवाली निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे, यातायात निरीक्षक सुभाष उईके सहित राजस्व और पुलिस बल मौजूद रहा।
अब शादी में कितने भी सिलेंडर ले सकेंगे:सरकार ने पाबंदी हटाई, कॉमर्शियल सिलेंडर पर मिलेगी छूट
सरकार ने कॉमर्शियल गैस (LPG) सिलेंडर के वितरण पर लगाई पाबंदी को हटा दिया गया है। इसके बाद अब रेस्टोरेंट, होटल संचालकों, शादी समारोह में जरूरत के मुताबिक सिलेंडर मिलेंगे। अब कॉमर्शियल सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं होगी। केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। हालांकि इस आदेश में घरेलू उपभोक्ताओं के नए कनेक्शन पर कोई राहत नहीं है। नए घरेलू कनेक्शन पर अब भी रोक बरकरार है। आदेश के अनुसार- कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर लगाए गई रोक हो हटा दिया है। सप्लाई को पहले की तरह ही बहाल किया जा रहा है। हालांकि मंत्रालय ने बल्क इंडस्ट्री एलपीजी (Bulk LPG) की सप्लाई पर जो रोक लगी है, उसे पूरी तरह नहीं हटाकर कुछ राहत दी है। इसे संकट से पहले (मार्च से पहले) जितना उपभोग कंपनियां या औद्योगिक इकाइयां कर रही थी, उसका 50 फीसदी तक सप्लाई की अनुमति दी है। शादी समारोह में अब नहीं आएगी परेशानी वर्तमान में राजस्थान में शादी समारोह के लिए एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए जिला रसद अधिकारी के यहां से स्टॉक रिलीज करवाना पड़ता है। इसके लिए उपभोक्ता को जिला रसद अधिकारी के यहां आवेदन करना पड़ता है, जिसके आधार पर उसे 4 कॉमर्शियल सिलेंडर दिए जाते हैं। इस पाबंदी के हटने के बाद अब जिला रसद अधिकारी के यहां जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनियों को डेटाबेस तैयार करने के निर्देश मंत्रालय ने तीनों ऑयल कंपनियों (HPCL, BPCL, IOCL) को सभी कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं का डेटा बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। तीनों कंपनियां क्षेत्रवार डेटाबेस तैयार करें। साथ ही ऐसे वाणिज्यिक या बल्क उपभोक्ता जिन्होंने पीएनजी अपना ली है, उन्हें पीएनजी पर ही बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान में अभी 19 किलोग्राम वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 3141 रुपए में मिल रहा है। इस साल में कॉमर्शियल सिलेंडर पर कंपनियों ने अब तक 6 बार से ज्यादा बार कीमतों में बढ़ोतरी की है। 31 दिसंबर तक 1608 रुपए में जो सिलेंडर मिलता था, अब 1 जून तक बढ़कर 3141 रुपए में हो गया। जनवरी में कंपनियों ने 111 रुपए, फरवरी में 49.50, मार्च में 141.50 रुपए, अप्रैल में 195 रुपए, मई में 993 और जून में 42 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की थी।
बिलासपुर/रतनपुर में अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति ने रतनपुर स्थित शक्तिपीठ भैरव बाबा मंदिर प्रांगण में निःशुल्क उपनयन संस्कार का आयोजन किया। इस अनुष्ठान में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए ब्राह्मण बटुकों का वैदिक रीति-रिवाज और शास्त्रोक्त विधि-विधान से यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का संचालन विप्र जागरण प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष पं. जागेश्वर अवस्थी के निर्देशन में हुआ। उन्होंने बताया कि अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति द्वारा यह उपनयन संस्कार लगातार चौथे वर्ष आयोजित किया जा रहा है, जो वैदिक परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप होता है। संस्कार संपन्न होने के बाद बटुकों की एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समिति के प्रदेश अध्यक्ष योगेश तिवारी ने जानकारी दी कि प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से आए 31 ब्राह्मण बटुकों का निःशुल्क उपनयन संस्कार कराया गया। इस दौरान विद्वान आचार्यों की उपस्थिति में यज्ञोपवीत धारण, गायत्री मंत्र दीक्षा और अन्य वैदिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हुए। नारीशक्ति प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रमुख चित्रा तिवारी ने उपनयन संस्कार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में वर्णित षोडश संस्कारों में उपनयन संस्कार का विशेष स्थान है। यह संस्कार बटुक को गायत्री मंत्र जप और वैदिक अध्ययन का अधिकारी बनाता है। चित्रा तिवारी ने आगे कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम हैं। अनुष्ठान को आचार्य पं. राजेंद्र दुबे, उपाचार्य पं. कान्हा तिवारी, महेश्वर पांडे और दीपक अवस्थी सहित अन्य विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। पूरे संस्कार के दौरान वातावरण मंत्रध्वनि से गुंजायमान रहा और उपस्थित श्रद्धालुजन भक्ति-भाव में डूबे नजर आए। रतनपुर के भैरव बाबा मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में पूरे दिन आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए संस्कार ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सनातन परंपराओं की झलक दिखाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में रतनपुर नारीशक्ति प्रकोष्ठ की अध्यक्ष कल्याणी शर्मा, पं. कान्हा तिवारी और पं. राजेंद्र शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर प्रतीक तिवारी, गुंजा पांडेय, सुनीता तिवारी, सविता वीरेंद्र शर्मा, मंजू शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाजजन, अभिभावक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दुर्ग में विधवा शिक्षिका से शादी और ट्रांसफर का झांसा देकर 5 लाख 90 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान रायपुर निवासी अर्जुन कसेर के रूप में हुई है। उसने खुद को सिंचाई विभाग में क्लर्क बताकर शिक्षिका को अपने जाल में फंसाया और पैसे ठग लिए। पुलिस के मुताबिक, दुर्ग जिले की सरकारी प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका के पति का अक्टूबर 2024 में निधन हो चुका है। वे अपनी सास और दो बच्चों के साथ रहती है। शिकायत में शिक्षिका ने बताया कि 23 मई 2026 को उनकी पहचान जीवनसाथी ऐप के जरिए अर्जुन कसेर से हुई थी। बातचीत के दौरान अर्जुन ने खुद को तलाकशुदा बताया और दूसरी शादी की इच्छा जताई। उसने शिक्षिका से शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन सुषमा ने पारिवारिक जिम्मेदारियों और पढ़ाई का हवाला देकर फिलहाल शादी से इनकार कर दिया। सिंचाई विभाग में क्लर्क होने की दी जानकारी इसके बाद भी आरोपी लगातार संपर्क में रहा। उसने दावा किया कि वह सिंचाई विभाग में क्लर्क है और उसकी पहुंच बड़े अधिकारियों तक है। आरोपी ने शिक्षिका से कहा कि वह उनका ट्रांसफर धमधा क्षेत्र से रायपुर के आसपास करवा सकता है। उसने बताया कि इसके लिए 7 लाख रुपए खर्च होंगे और वह खुद 1 लाख रुपए लगाएगा, जबकि शिक्षिका को 6 लाख रुपए देने होंगे। आरोपी ने यह भी भरोसा दिलाया कि ट्रांसफर होने के बाद दोनों शादी कर एक साथ रायपुर में रहेंगे। शादी और ट्रांसफर के भरोसे में आकर शिक्षिका तैयार हो गई। शिक्षिका ने पर्सनल लोन लेकर दिए थे पैसे शिक्षिका ने 29 मई 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मालवीय नगर शाखा से 6 लाख रुपए का पर्सनल लोन लिया। उसी दिन उन्होंने 90 हजार रुपए फोनपे के जरिए आरोपी के मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने बाकी रकम जल्द देने का दबाव बनाया। अगले दिन 30 मई को शिक्षिका रायपुर पहुंची। आरोपी ने उन्हें तेलीबांधा थाना के पास बुलाया। वहां मिलने के बाद उसने कहा कि खुले में पैसे लेना सुरक्षित नहीं है और उन्हें अपने परिचित के एक रेस्टोरेंट में ले गया। वहां शिक्षिका ने अपने बैग में रखे 5 लाख रुपए उसे सौंप दिए। महिला की ही गाड़ी लेकर पैसे देने गया आरोपी महिला का आरोप है कि आरोपी रकम लेने के बाद उसकी एक्टिवा लेकर चला गया और करीब एक घंटे बाद वापस लौटा। उसने दावा किया कि वह अधिकारियों को पैसे देकर आया है और जल्द ही ट्रांसफर आदेश जारी हो जाएगा। इसके बाद उसने शिक्षिका को घर लौट जाने को कहा। कुछ दिन बाद शिक्षिका ने आरोपी से तलाक के दस्तावेज और नौकरी से जुड़े कागजात मांगे। लेकिन वह लगातार बहाने बनाता रहा। कभी बेटी की तबीयत खराब होने की बात कही तो कभी दस्तावेज पिता के पास होने का दावा किया। शिक्षिका ने दस्तावेज मांगे तो बनाने लगा बहाने बार-बार टालमटोल करने पर शिक्षिका को शक हुआ। उन्होंने 4 जून को आरोपी से फोन पर बात कर अपने पैसे वापस मांगे। साथ ही शादी और ट्रांसफर की बात खत्म करने की जानकारी दी। आरोप है कि इसके बाद भी अर्जुन कसेर पैसे लौटाने के नाम पर केवल आज-कल करता रहा और रकम वापस नहीं की। खुद को ठगा महसूस करने के बाद शिक्षिका ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की रसीद, बैंक लोन के दस्तावेज और बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सौंपी है। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है और मामले की जांच की जा रही है।
डीडवाना पुलिस प्रशासन ने गुरुवार को मुहर्रम पर्व से पहले शहर के प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला। इसका उद्देश्य पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना तथा आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करना था। यह फ्लैग मार्च अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा, पुलिस उप अधीक्षक जेठूसिंह और थानाधिकारी रामेश्वर लाल के नेतृत्व में निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस का काफिला कचहरी परिसर से शुरू होकर नागौरी गेट, सदर बाजार, चौखड़िया भेरूजी, कुंजड़ पाड़ा, दीन दरवाजा रोड, शहीदों का मोहल्ला और व्यापारियों के मोहल्ले सहित शहर के संवेदनशील व प्रमुख क्षेत्रों से गुजरा। फ्लैग मार्च का समापन फव्वारा सर्किल पर हुआ। मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने मुहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे, सद्भाव और शांति के साथ मनाने की अपील की, साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सतर्क रहने की भी सलाह दी। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भ्रामक सूचना फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। फ्लैग मार्च के माध्यम से पुलिस ने 'आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय' का संदेश दिया।
कैथल में पहले फैक्ट्री के वर्करों को बंधक बना लिया और बाद में गिरोह के एक दर्जन के करीब सदस्यों ने मिलकर डकैती की। इस मामले में पुलिस ने पांच हजार रुपए के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ रात को फैक्ट्री में घुसा था। पैसे नहीं मिले तो वहां से ट्रांसफार्मर का सामान व कैमरे की डीवीआर लूटकर ले गए थे। पकड़े गए आरोपी की पहचान जिला जींद के गांव खापड़ निवासी रिंकू के रूप में हुई है। गांव माजरी में लगा रखी फैक्ट्री चीका निवासी अमित कुमार की शिकायत अनुसार उसने गांव माजरी में शिव कैलाश ग्रीन एनर्जी के नाम से फैक्ट्री लगा रखी है। 19/20 जनवरी की रात करीब 3 बजे पर उसके पास फैक्ट्री से फोन आया कि फैक्ट्री में चोरी हो गई है। इस सूचना पर वह फैक्ट्री में पहुंचा। वहां पर उसने देखा कि वर्कर काफी घबराए हुए थे। रात को दो बजे फैक्ट्री में घुसे वर्कर नवीन कुमार निवासी कैलरम ने बताया कि वह फैक्ट्री में सोए हुए थे तो रात को करीब 2 बजे चार लड़के कमरे के अंदर आए। उन लोगो ने अपना–अपना मुंह ढका हुआ था और हाथ में लाठी, ईंटें ली हुई थी। उन लोगों ने उसको चोट का भय दिखाकर मारपीट करके उसके हाथ पैर बांधकर कहा कि यदि शोर मचाया तो जान से मार देंगे। इसके बाद उससे पूछा कि फैक्ट्री में कौन-कौन है व कितना कैश है। पैसे नहीं मिले तो सामान ले गए नवीन ने बताया कि कैश तो मालिक अपने साथ ले जाता है और अन्य वर्कर दूसरे कमरे में सो रहे हैं। उसके बाद उन लोगों ने दूसरे कमरे में सो रहे रोशन कुमार व भोला को भी बांध दिया। उक्त सभी लड़के फैक्ट्री के ट्रांसफार्मर का सामान व कैमरे की डीवीआर चोरी करके ले गए। इस बारे में थाना गुहला में मामला दर्ज किया गया। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि आरोपी रिंकू चोरी के किसी अन्य मामले में जींद जेल में बंद था, जिसकी उक्त मामले में गिरफ्तारी के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करवाए गए थे। उन्होंने बताया कि उक्त गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पहले ही 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी रिंकू भी उक्त गिरोह में शामिल था, जो अभी तक फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस द्वारा 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जयपुर में बीजेपी प्रदेशध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुछ दिन पहले कहा था कि इंदिरा गांधी होती तो बीजेपी पर बैन लगा देती। आप सोचिए इनकी क्या मंशा है। यह फिर से लोकतंत्र की हत्या करना चाहते हैं। राठौड़ ने कहा- गहलोत खुद को आज कांग्रेस का 'राष्ट्रीय अध्यक्ष इन वेटिंग' समझते हैं। मतलब यह सोच गहलोत की नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस की है। राठौड़ ने कहा- अगर ऐसे लोगों के हाथ में उस्तरा आ गया तो इस देश का क्या होगा। इनके मंसूबे अच्छे नहीं हैं। आपातकाल की बरसी पर दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र में गुरुवार को बीजेपी की ओर से 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम में राठौड़ ने यह कहा। इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा ने मीसा बंदियों की पेंशन में 5 हजार रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा भी की। साथ ही मीसा बंदियों को अब रोडवेज में निशुल्क यात्रा की सुविधा भी मिलेगी। गहलोत बिना सत्ता के तड़प रहे मदन राठौड़ ने मीसा बंदियों से कहा- आप लोगों ने संघर्ष किया है। लोकतंत्र को बहाल किया है, लेकिन आप चुप नहीं बैठ सकते हैं। अभी आपका काम पूरा नहीं हुआ है। आपको समाज को जागरूक करना है। इससे हमारे लोकतंत्र पर कोई गलत नजर नहीं डाल सकेगा। आप इनके मंसूबे देख लो। राठौड़ ने कहा- इन लोगों में राष्ट्रीय चरित्र का भाव नहीं है। यह लोग लोकतंत्र के प्रशंसक नहीं हैं। यह खुद की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। किसी की भी बलि दे सकते हैं। वे बिना सत्ता के ऐसे तड़प रहे हैं, जैसे बिन पानी के मछली तड़पती है। कांग्रेस संविधान की रक्षक नहीं, भक्षक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- आज कांग्रेस पार्टी संविधान की दुहाई देती है। संविधान को बचाने का पाखंड करती है, लेकिन मैं कांग्रेस नेताओं से पूछना चाहता हूं कि आपातकाल की घोषणा से पहले क्या संसद की सहमति ली गई थी? क्या देशवासियों और विपक्ष को भरोसे में लिया गया था? कांग्रेस ने लोकतंत्र का रक्षक नहीं, बल्कि भक्षक बनने का काम किया है। कांग्रेस के लोग आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संविधान बदलने का बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। हम उन्हें आइना दिखाना चाहते हैं कि हकीकत में कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान संविधान में इतने संशोधन किए कि उसे मिनी संविधान कहा जाए तो भी गलत नहीं होगा। कांग्रेस ने तो संविधान की प्रस्तावना तक बदल दी। सीएम बोले- आपातकाल में कांग्रेस ने संविधान की हत्या की थी सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- आज इतने साल बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ चल रही है। आज ही के दिन आपातकाल में कांग्रेस ने संविधान की हत्या की थी। यह देश कभी नहीं भूल पाएगा। सीएम शर्मा ने कहा- हमें युवा पीढ़ी को आपातकाल में कांग्रेस द्वारा किए गए अत्याचारों और कृत्य के बारे में बताने की जरूरत है।
सिरसा जिले में वीरवार को पारिवारिक जमीनी विवाद को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीण थाने के गेट पर धरने पर बैठ गए और उनको समर्थन देने को निहंग भी पहुंच गए। धरनारत लोगों ने पुलिस प्रशासन पर दूसरे पक्ष से मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कार्रवाई न होने पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की भी चेतावनी दी। जानकारी के अनुसार, रानियां के गांव फिरोजाबाद में 18 एकड़ पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। एक पक्ष के जसवंत सिंह और उनके पिता हर किशन ने दूसरे पक्ष के रिछपाल सिंह पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है। इस पर कार्रवाई न होने पर सभी रानियां थाना में पहुंचकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। जसवंत सिंह के अनुसार, शुक्रवार को रिछपाल सिंह अपने परिवार के कुछ लोगों और हथियारबंद व्यक्तियों के साथ खेत में आए। उन्होंने अपने हिस्से की जमीन बताते हुए जबरन खेत की जुताई शुरू कर दी, जिसका जसवंत सिंह और उनके पिता ने विरोध किया। वहीं, रानियां थाना प्रभारी भी मौके पर धरनास्थल पर पहुंचें। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद डीएसपी पहुंचे और अब उनके साथ बातचीत चल रही है। जसवंत बोले- जमीन हड़पना चाह रहे जसवंत सिंह ने बताया कि उनके छोटे भाई सुभाष की मौत हो गई थी। सुभाष की पत्नी ने बाद में परिवार के ही एक व्यक्ति से शादी कर ली, जो उनके खेत में काम करता था। अब ये दोनों साढ़े 3 एकड़ जमीन के अलावा और जमीन में से हिस्सा मांग रहे हैं। जबकि जसवंत सिंह का दावा है कि उन्होंने पहले ही उनका हिस्सा छोड़ रखा है। वो उनकी बाकी जमीन हड़पना चाहते हैं। महिला व उस व्यक्ति पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। पुलिस दूसरे पक्ष का साथ देने का आरोप धरनारत लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन दूसरे पक्ष के साथ मिला हुआ है। उनका कहना है कि पुलिस जानबूझकर रिछपाल सिंह और सुभाष की पत्नी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिसके कारण उन्हें थाने का घेराव करने पर मजबूर होना पड़ा। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'रानियां थाना प्रभारी मुर्दाबाद' के नारे लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। जानिए…क्या है मामला परिवार की कुल 18 एकड़ भूमि है, जिसके बंटवारे को लेकर विवाद है। शुक्रवार को रिछपाल सिंह व उसके परिवार के लोग खेत में आए और अपने हिस्से की जमीन बताते हुए खेत की जुताई शुरु कर दी। इसका जसवंत सिंह व उसके पिता हर किशन ने विरोध किया। जसवंत सिंह ने आरोप लगाया कि रिछपाल उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहता है। इसलिए वह कुछ हथियारबंद लोगों को अपने साथ लाया और धक्के से जमीन की जुताई कर रहा है। रिछपाल बोला- मेरे हिस्से की जमीन नहीं दे रहे वहीं, रिछपाल सिंह का कहना है कि सुभाष की मौत के बाद उसने उसकी पत्नी से शादी की थी। इसी परिवार ने मुझे गोद लिया था। मेरी शादी श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में हुई। मृतक सुभाष की दो बेटियां हैं, जिनकी परवरिश हम दोनों कर रहे हैं। उसका जमीन में चौथा हिस्सा बनता है। उसकी हिस्से के अनुरूप मैं काश्त कर रहा हूं। आज परिवार के लोग मेरे साथ आए हैं। मैंने अपनी जमीन का कब्जा ले लिया है। जसवंत सिंह के पास ईंट भठ्ठा था, वह उसने बेच दिया। खेत के दो एकड़ में से 8 से 10 फीट तक मिट्टी उठाकर बेच दी है। अब वह अपने पिता के साथ मिलकर मुझे जमीन का हिस्सा मुझे नहीं देना चाहता है। इस मामले को लेकर कई बार पंचायत हुई है। यह लोग पंचायत की बात मानने से इंकार करते हैं।
प्रयागराज के नैनी में कक्षा 9 की छात्रा ने अपने अपहरण होने की सूचना दी। फोन करके घर बताया कि 4 किन्नरों ने मेरा अपहरण कर लिया है। वह लोग मुझे ले जा रहे है। घर वाले मौके पर पहुंचा तो कोई नहीं मिला। इसके बाद छात्रा का मोबाइल बंद हो गया। सूचना पर नैनी पुलिस भारी फोर्स के साथ छात्रा के मोबाइल की लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू कर दी। करीब दो घंटे तक पुलिस ने छात्र की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। कुछ देर के बाद जीआरपी के सिपाही ने छात्रा और उसके साथ एक युवक को नैनी स्टेशन के एक बाड़े एक में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। जीआरपी दोनों को थाने लेकर पहुंची और उनके घरवालों को सूचना दी। इसके बाद नैनी इंस्पेक्टर बृजकिशोर गौतम ने जीआरपी थाने पहुंचकर पूरे मामले में युवक और छात्रा का बयान दर्ज किया। फिलहाल नैनी पुलिस ने मामले को जीआरपी को सौंप दिया है। युवक छात्रा के दूर का रिश्तेदार है। उसके साथ भागने का प्लान था। युवक बिहार का रहने वाला है। जीआरपी युवक से पूछताछ कर रही है। 2 तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरा मामलामूल रूप से बिहार के रहने वाली एक छात्रा अपने परिवार के साथ नैनी के चाका में किराए के मकान में रही है। छात्रा के पिता रेलवे में गार्ड है। छात्रा कक्षा 9 की छात्रा है। घरवालों ने बताया कि छात्रा पूजा पांडेय (परिवर्तित नाम) गुरुवार की सुबह 8.30 बजे कोचिंग लिए घर से निकली थी। छात्र करीब 11 बजे तक घर नहीं लौटी। इसके बाद घरवाले परेशान हो गए। भाई ने फोन किया तो फोन स्विच ऑफ मिला। थोड़ी देर के बाद छात्रा ने घर पर फोन के बताया कि उसे चार किन्नर पकड़ लिए है और उसका मोबाइल छीन कर अपने साथ ले जा रहे हैं। इसके बाद छात्रा का फोन बंद हो गया। घरवाले भागते हुए मौके पर पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद भाई ने तत्काल नैनी पुलिस को सूचना दी। सूचना पर नैनी इंस्पेक्टर बृजकिशोर गौतम उपनिरीक्षक यश तिवारी, उत्कर्ष सिंह, बलिराम बड़ी संख्या में फोर्स के साथ जंगल में घुसकर छात्रा की तलाश करने लगे। छात्रा का लोकेशन कई जगह मिला। जहां पर पुलिस पहुंचती रही और तलाश करती रही। नैनी स्टेशन के पास मिली लोकेशन उधर छात्रा के घरवाले भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घरवालों से भी छात्रा के बारे में पूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने आस पास लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला। छात्रा के मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस नैनी स्टेशन के प्लेट फार्म नम्बर चार के पास जंगल में मिली। दो घंटे चली सर्चिंग जहां पुलिस ने जंगल में घुसकर दो घंटे तक सर्चिंग की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। वहीं पुलिस ने एक युवक को पकड़ लिया। जिससे काफी पूछताछ की गई। पकड़े गए युवक ने बताया कि उसे कोई जानकारी नहीं है। कुछ देर के बाद छात्रा एक युवक के साथ नैनी स्टेशन के बाड़ा एक में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ी गई। उस समय बाड़े में कोई नहीं था। बाड़े में आपत्तिजनक स्थिति में मिली छात्रा जीआरपी के एक सिपाही ने दोनों को देखा तो पकड़कर जीआरपी थाने ले आई। इसके बाद छात्रा के घरवालों को सूचना दी गई। छात्रा के मिलने की खबर घरवालों को मिली तो भाई और अन्य लोग जीआरपी पहुंच गए। उधर नैनी इंस्पेक्टर बृजकिशोर गौतम भी फोर्स के साथ पहुंचे और छात्रा के साथ पकड़े गए युवक से पूछताछ की। पुलिस ने दोनों का बयान दर्ज कर उन्हें जीआरपी को सौंप दिया। दूर के एक रिश्तेदार के साथ भाग निकली थी छात्रापुलिस के मुताबिक छात्रा कोचिंग गई हुई थी। जहां उसके ही दूर का एक रिश्तेदार उसे मिलने के लिए फोन किया। इसके बाद दोनों वहां से भाग निकले। छात्रा का फोन बंद आने के बाद पूरा मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया युवक बिहार का रहने वाला है। जिसका नाम हिमांशु पाण्डेय पुत्र महेश पांडेय बताया गया है। फिलहाल जीआरपी ने इस मामले में पूछताछ शुरू कर दी है। नैनी इंस्पेक्टर बृजकिशोर गौतम ने बताया- छात्रा के किन्नर द्वारा अपहरण की सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर तत्काल जांच पड़ताल शुरू की। लोकेशन के आधार पर करीब 2 घंटे तक जंगल में सर्च करते हुए खोजबीन की। छात्रा के एक युवक के साथ जीआरपी थाने में होने की सूचना मिली। जिसके बाद मौके पर पहुंचकर छात्रा और युवक से पूछताछ की गई। क्योंकि मामला जीआरपी के अंतर्गत होने के कारण उन्हें सौंप दिया गया है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सांसद ने राममंदिर जमीन घोटाले के सबूत SIT को दिए:संजय सिंह ने 12 मिनट में एसआईटी अध्यक्ष को 11 सबूत सौंपे; पूछा- अब तक FIR क्यों नहीं हुई अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को आप सांसद संजय सिंह ने जमीन घोटाले से जुड़े सबूत दिए। संजय सिंह गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ में SIT के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के ऑफिस पहुंचे। वे करीब 12 मिनट कमरे में रुके। पढ़ें पूरी खबर
जांजगीर-चांपा जिले में एक दुल्हन ने नशे में धुत होकर बारात लेकर पहुंचे दूल्हे से शादी करने से साफ इनकार कर दिया। दुल्हन के इस फैसले के बाद बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। पूरे इलाके में इस घटना की चर्चा है और लोग युवती के साहसिक फैसले की सराहना कर रहे हैं। मामला चांपा थाना क्षेत्र के ग्राम कोसमंदा का है। 23 जून को ग्राम खोखरा निवासी संत कुमार की शादी कोसमंदा की मुस्कान प्रधान से तय थी। दोनों परिवारों में शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और सभी रस्में चल रही थीं। पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा था दूल्हा शाम को संत कुमार बाजे-गाजे और बारातियों के साथ दुल्हन के घर पहुंचा। बारात का स्वागत किया गया और द्वार पूजा की तैयारी शुरू हुई। द्वार पूजा के समय दूल्हा संत कुमार नशे में इतना धुत था कि वह अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। यह देखकर मुस्कान प्रधान ने उसे दो-तीन थप्पड़ मारे और शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इस घटना से दोनों परिवारों में खुशी का माहौल गम में बदल गया। दुल्हन के परिजनों ने भी उसके फैसले का समर्थन किया। इसके बाद वर और वधू दोनों पक्षों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। परिवार ने भी दिया बेटी का साथ दुल्हन के फैसले के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। हालांकि मुस्कान के परिजनों ने उसका पूरा समर्थन किया और शादी नहीं कराने का निर्णय लिया। सूचना मिलने पर चांपा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सीएसपी योगिताबाली खापर्डे और थाना प्रभारी अशोक कुमार ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। इसके बाद बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई। मुस्कान बोली- जिंदगी किसी नशेड़ी के हवाले नहीं कर सकती मुस्कान प्रधान ने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति के साथ अपना भविष्य नहीं देख सकती जो नशे की गिरफ्त में हो। उसने अन्य युवतियों से भी अपील की कि शादी से पहले लड़के और उसके परिवार के बारे में पूरी जानकारी जरूर लें और अपनी जिंदगी किसी नशेड़ी के हवाले न करें। मुस्कान ने कहा कि जीवन का फैसला बहुत महत्वपूर्ण होता है और किसी भी लड़की को दबाव में आकर समझौता नहीं करना चाहिए। SP ने किया सम्मानित मामले की जानकारी मिलने के बाद जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने मुस्कान प्रधान और उसके परिवार को सम्मानित किया। उन्होंने प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर युवती के साहस की सराहना की। SP ने कहा कि यह केवल एक शादी टूटने का मामला नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ समाज को जागरूक करने वाला संदेश है। उन्होंने कहा कि अन्य युवतियों को भी गलत बातों के खिलाफ आवाज उठाने का साहस दिखाना चाहिए। 'नशा विरोधी अभियान' की यूथ आइकन बनी मुस्कान पुलिस अधीक्षक ने मुस्कान प्रधान को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का यूथ आइकन बताया। साथ ही महिला परिवार परामर्श केंद्र जांजगीर में 5 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय पर जिम्मेदारी देने की घोषणा भी की। इसके अलावा समाजसेवियों से मुस्कान की आगे की पढ़ाई जारी रखने में सहयोग करने की अपील की गई। मुस्कान ने अभी तक 10वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। मां बोली- बेटी के फैसले पर गर्व है मुस्कान की मां ने बताया कि उनके पति का निधन हो चुका है। परिवार ने मजदूरी कर बच्चों का पालन-पोषण किया है। तीन बेटियों और एक बेटे की जिम्मेदारी उन्होंने कठिन परिस्थितियों में निभाई है। उन्होंने कहा कि बेटी ने जो फैसला लिया, उस पर उन्हें गर्व है। समाज में बेटियों को सही और गलत के बीच निर्णय लेने की ताकत मिलनी चाहिए। सोशल मीडिया पर भी मिल रही सराहना घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी मुस्कान के फैसले की जमकर सराहना हो रही है। लोग इसे नशे के खिलाफ मजबूत संदेश और महिलाओं के आत्मसम्मान से जुड़ा साहसिक कदम बता रहे हैं। …………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… शराबी दूल्हे को देखकर दुल्हन ने तोड़ी शादी:बारात में हुआ बवाल, दूल्हा समेत रिश्तेदारों को बंधक बनाने का आरोप, विवाद में पुलिस की एंट्री शादी का मंडप सजा था, बारात दरवाजे पर थी और रिश्तेदार खुशी-खुशी बारात का स्वागत कर रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में माहौल पूरी तरह बदल गया। दूल्हा जैसे ही द्वार-चार की रस्म के लिए उतरा, वह शराब के नशे में लड़खड़ाने लगा। पढ़ें पूरी खबर…
खाद के लिए किसानों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया:ई-टोकन व्यवस्था और किल्लत के खिलाफ जताया विरोध
अलीराजपुर में खरीफ सीजन के दौरान खाद की कमी, ई-टोकन व्यवस्था की अव्यवस्था और कालाबाजारी के आरोपों को लेकर किसानों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। गुरुवार को बड़ी संख्या में किसानों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की। किसानों ने आरोप लगाया कि जिले में यूरिया और डीएपी खाद समय पर उपलब्ध नहीं हो रही है। ई-टोकन व्यवस्था के कारण ग्रामीण और अशिक्षित किसानों को विशेष परेशानी हो रही है। कई किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहे हैं, जबकि टोकन मिलने के बाद भी खाद न मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि कई वितरण केंद्रों पर घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। इससे बोवनी का कार्य प्रभावित हो रहा है और फसल उत्पादन पर संकट मंडरा रहा है। किसानों का यह भी आरोप है कि सर्वर अक्सर डाउन रहता है और टोकन देर रात जारी किए जाते हैं, जिससे ग्रामीण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। किसानों ने एक अन्य समस्या भी बताई कि आलीराजपुर ब्लॉक के किसानों को कई बार चंद्रशेखर आजाद नगर, जोबट और उदयगढ़ जैसे दूरदराज के केंद्रों के टोकन जारी हो जाते हैं। इन केंद्रों पर पहुंचने के बाद खाद उपलब्ध न होने या वितरण से इनकार किए जाने के कारण किसानों को निराश होकर लौटना पड़ता है। जयस जिला अध्यक्ष अरविंद कनेश ने कहा कि गुजरात में आधार कार्ड आधारित सरल व्यवस्था से खाद वितरण किया जा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश में ई-टोकन प्रणाली किसानों की परेशानी बढ़ा रही है। भील सेना के सुप्रीमो शंकर बामनिया ने प्रदर्शन के दौरान जिले को गुजरात से जोड़ने की मांग भी उठाई। इस बीच, प्रशासन का दावा है कि जिले में खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को नियमित रूप से खाद वितरित की जा रही है। हालांकि, किसानों का कहना है कि जमीनी स्तर पर स्थिति प्रशासन के दावों से भिन्न है। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने किसानों को उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

