जयपुर हाईवे पर गुरुवार देर रात ओवर स्पीड स्कॉर्पियो गाड़ी पलटी खा गई। हादसे में स्कॉर्पियो सवार युवक-युवती की मौत हो गई, जबकि उनका साथी घायल हो गया। बगरू थाना पुलिस ने दोनों के शव बगरू सीएससी की मॉर्च्युरी में रखवाए हैं। पुलिस प्रथमदृष्टया जांच में सामने आया है कि हाईवे पर बारिश का पानी में भरा होने पर ओवर स्पीड स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और उसके बाद वह पलट गई। हालांकि पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। हाईवे पर भरा था बारिश का पानी हेड कॉन्स्टेबल भंवर लाल ने बताया- हादसे में श्रीमाधोपुर निवासी अमन मान (21) और सीकर निवासी रेवती (24) की मौत हो गई। उनके एक साथी को गंभीर घायल होने पर हॉस्पिटल में एडमिट करवाया है। घटनाक्रम के मुताबिक, स्कॉर्पियों में तीनों सवार होकर जयपुर से अजमेर की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान बगरू में बड़ के बालाजी के पास रोड पर बारिश का पानी भरा हुआ था। अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई माना जा रहा है कि ओवर स्पीड स्कॉर्पियो के पानी में जाते ही फ्रंट शीशे पर पानी उछलकर आया। कुछ नहीं दिखने के दौरान ब्रेक लगाने पर ओवर स्पीड के चलते स्कॉर्पियो अनियंत्रित हो गई। डिवाइडर से टकराकर दो-तीन पलटी खा गई। स्कॉर्पियो में फंस गए थे तीनों लोग राहगीरों की सूचना पर बगरू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डिवाइडर की रेलिंग पर पड़ी स्कॉर्पियो में फंसे तीनों जनों को बाहर निकाला। पुलिस ने गंभीर हालत में तीनों को हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टर्स ने फ्रंट सीट पर बैठे अमन और रेवती को डेड घोषित कर दिया। घायल साथी को इलाज के लिए एडमिट किया गया। पुलिस ने मृतक युवक-युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए बगरू सीएससी की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी को थाना परिसर में खड़ा करवाया है।
कानपुर में खाकी को दागदार करती शर्मनाक करतूत, एसआई पति ने पत्नी का जबड़ा तोड़ा
कानपुर में खाकी को दागदार करती शर्मनाक करतूत, एसआई पति ने पत्नी का जबड़ा तोड़ा
Balrampur: देर रात कार और बाइक की आमने-सामने की टक्कर में दो युवकों की मौत, इलाज के दौरान दम तोड़ा
राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर रामनगर चौराहे के पास बृहस्पतिवार देर रात कार और बाइक की आमने-सामने की टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद कार सवार वाहन छोड़कर मौके से भाग निकले।
शामली में कांवड़ यात्रा के दौरान लागू यातायात प्रतिबंधों का असर अब रोडवेज बस संचालन पर भी दिखने लगा है। भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक के चलते मेरठ और सहारनपुर रूट की रोडवेज बसों का संचालन बाईपास से किया जा रहा है। इससे बस चालकों और परिचालकों को यात्रियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। मेरठ और सहारनपुर मार्ग की बसों के लिए शहर से बाहर बाईपास पर अस्थायी बस स्टैंड बनाया गया है। यात्रियों को यहीं से बसों में सवार होना पड़ रहा है, जिससे रोडवेज संचालन प्रभावित हो रहा है। कम सवारियों के साथ दौड़ रहीं बसें बस चालकों का कहना है कि शहर के भीतर ईको और अन्य छोटे निजी वाहन यात्रियों को सीधे उनके गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। इसके चलते अधिकांश यात्री बाईपास तक नहीं पहुंचते और रोडवेज बसों में सवारियों की संख्या लगातार कम बनी हुई है। चालकों के मुताबिक कई बार बसों को पर्याप्त यात्री न मिलने के बावजूद रवाना करना पड़ रहा है। इससे रोडवेज के राजस्व पर असर पड़ रहा है और बस संचालन भी आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहा है। व्यावहारिक समाधान की मांग रोडवेज कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों को समस्या से अवगत कराते हुए मांग की है कि शहर से बाईपास तक यात्रियों की पहुंच सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाए या छोटे वाहनों के संचालन को व्यवस्थित किया जाए। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन को सुचारु बनाए रखने के लिए संतुलित समाधान भी आवश्यक है।
मुज़फ़्फ़रनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हैं। गुरुवार देर शाम इसका उदाहरण दो अलग-अलग घटनाओं में देखने को मिला, जब दो कांवड़ियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। दोनों मामलों में मौके पर मौजूद मंत्री, पुलिस अधिकारियों और जवानों की त्वरित कार्रवाई से श्रद्धालुओं को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका तत्काल उपचार शुरू कराया गया। पहली घटना गुरुवार शाम करीब 7:45 बजे रामपुर तिराहे पर हुई। प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल और सीओ अमित कुमार कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहा एक शिवभक्त अचानक सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना देखते ही मंत्री कपिल देव अग्रवाल तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों की मदद से कांवड़िए को संभाला और बिना समय गंवाए उपचार के लिए अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। पुलिस अधिकारियों ने भी तत्काल मौके की व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालु को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया। शिव चौक पर परिक्रमा के दौरान गिरे दिल्ली के श्रद्धालु दूसरी घटना रात करीब 8 बजे शहर के ऐतिहासिक शिव चौक पर हुई। यहां परिक्रमा कर रहे 23 वर्षीय जतिन पुत्र राजू, निवासी शास्त्री नगर, दिल्ली, की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह चलते-चलते बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर, एस्कॉर्ट कर पहुंचाई एंबुलेंस घटना की सूचना मिलते ही शिव चौक स्थित आबकारी पुलिस चौकी प्रभारी शशि कपूर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से श्रद्धालु को संभाला और तत्काल इमरजेंसी एंबुलेंस बुलवाई। शिव चौक पर भारी भीड़ होने के कारण एंबुलेंस को निकलने में परेशानी हुई। ऐसे में पुलिस ने रास्ता खाली कराते हुए एंबुलेंस को एस्कॉर्ट किया और जिला अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने श्रद्धालु का तत्काल इलाज शुरू कर दिया। लाखों श्रद्धालुओं के बीच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट कांवड़ यात्रा के चरम पर मुज़फ़्फ़रनगर से हर दिन लाखों शिवभक्त गुजर रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे कांवड़ मार्ग पर पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एंबुलेंस सेवाओं और ट्रैफिक व्यवस्था को सक्रिय रखा है। गुरुवार को सामने आए इन दोनों मामलों ने दिखाया कि आपात स्थिति में प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय किसी भी बड़ी अनहोनी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समय पर मिली सहायता से दोनों श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी।
देवघर में राजकीय श्रावणी मेला 2026 के पहले सप्ताह में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया है। इस दौरान बाबा मंदिर को विभिन्न स्रोतों से 86 लाख रुपए से अधिक की आय हुई। डीसी सौरभ कुमार भुवानिया और एसपी प्रवीण पुष्कर ने यह जानकारी दी। डीसी ने बताया कि 30 जुलाई से 5 अगस्त तक कुल 10 लाख 5 हजार 885 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। इनमें 23,130 श्रद्धालु शीघ्र दर्शनम कूपनधारी थे। बाबा मंदिर को 30 जुलाई से 4 अगस्त तक 86 लाख 85 हजार 162 रुपये की आय प्राप्त हुई, जिसमें शीघ्र दर्शनम कूपन से 72 लाख 28 हजार 80 रुपए शामिल हैं। 77 आवासन स्थल और तीन टेंट सिटी बनाए गए मेला क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए 597 मजिस्ट्रेट एवं पदाधिकारी, 6763 पुलिसकर्मी, 4 पुलिस अधीक्षक, 3 सीआरपीएफ कंपनियां तथा एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 77 आवासन स्थल और तीन टेंट सिटी बनाए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत 35 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में 33 हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 925 सीसीटीवी, 225 एआई कैमरे और 5 ड्रोन कैमरे सक्रिय हैं। डॉग स्क्वॉड और क्यूआरटी टीम भी तैनात सूचना केंद्रों में 15,549 खोया-पाया मामलों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 10,242 श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया गया। एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि सुरक्षा के लिए 21 अस्थायी ओपी, 13 यातायात ओपी, एटीएस, रैफ, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और क्यूआरटी टीम भी तैनात हैं। प्रशासन ने आगामी तीन सोमवारी को लेकर भी पूरी तैयारी होने का दावा किया है।
जबलपुर में पर्यटन क्विज आज, 303 स्कूलों के 909 छात्र दिखाएंगे ज्ञान का दम
प्रतियोगिता में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रत्येक विद्यालय से तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की टीम बनाई गई है।
पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में गौनाहा जाने वाली 63362 डाउन मेमू ट्रेन का इंजन तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में बंद हो गया। ट्रेन करीब दो घंटे तक ट्रैक पर खड़ी रही, जिससे नंदपुर रेलवे ढाला पर लंबा जाम लग गया।
रांची हाई कोर्ट में धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम की जमीन पर अतिक्रमण हटाने से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने अतिक्रमण हटाने की रिपोर्ट दाखिल की, जिस पर कोर्ट ने न्याय मित्र से जवाब मांगा है।
अजमेर में शुक्रवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शहर में सुबह से बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को उमस से राहत मिली है। मौसम में ठंडक बनी हुई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह 8:30 बजे जारी रिपोर्ट में न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जबकि सुबह 8:30 बजे तक बारिश नहीं हुई। हालांकि, जिले में इस मानसून सीजन में अब तक 365.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से 257.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी जिले में सामान्य से करीब 42 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज (7 अगस्त) सहित अगले दो दिन के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। 8 अगस्त को एक-दो दौर में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। वहीं 9 अगस्त को भी रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है और कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं। अगले तीन दिनों के तापमान की बात करें तो 7 अगस्त को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री रहने का अनुमान है। 8 अगस्त को अधिकतम 27 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री तथा 9 अगस्त को भी अधिकतम 27 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और गरज-चमक के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
मेरठ कांवड़ यात्रा में शिवभक्त दंपती को मिला अनमोल उपहार, सीएचसी में जन्मा 'नन्हा शिवभक्त'
हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही कांवड़ यात्री मनीषा ने मेरठ के पांचली सीएचसी में एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान जन्मे इस बच्चे को शिव का आशीर्वाद माना जा रहा है, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य की समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विश्वविद्यालय परिसर के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए मुख्यालय के मुख्य अभियंता से 15 सितंबर तक का समय मांगा है। यह चौथी बार है जब निर्माण अवधि बढ़ाने संबंधी पत्र भेजा गया है। हरदासपुर गांव में रामगंगा नदी के किनारे 50 एकड़ भूमि पर बन रहे इस विश्वविद्यालय का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने 16 मार्च 2024 को किया था। निर्माण कार्य 24 अगस्त 2024 को शुरू हुआ था। शासन ने सभी भवनों का निर्माण 23 फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। हालांकि, निर्माण शुरू होने के कुछ समय बाद आई बाढ़ के कारण परिसर जलमग्न हो गया, जिससे लगभग दो माह तक कार्य प्रभावित रहा। बाढ़ के कारण परियोजना अपने निर्धारित समय से पीछे चली गई। इसके बाद, जिला प्रशासन की अनुमति से निर्माण कार्य पूरा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तय की गई थी, लेकिन तब भी सभी कार्य पूरे नहीं हो सके। अब विभाग ने शेष निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए 15 सितंबर तक का अतिरिक्त समय मांगा है। कार्यदायी संस्था के प्रबंधक के अनुसार, प्रशासनिक (एडमिन) और शैक्षणिक (एकेडमिक) भवनों का निर्माण 30 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। वहीं, कुलपति आवास, पुलिस बूथ और बालक छात्रावास समेत कई भवनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, परिसर में सड़क, विद्युत, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सौंदर्यीकरण और अन्य विकास कार्य अभी शेष हैं, जिनके पूरा होने के बाद ही विश्वविद्यालय पूरी तरह तैयार होगा।
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोटा में स्लीपर और लग्जरी बसों के खिलाफ संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के रोड सेफ्टी अभियान-2026 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार रात को 10 बसों की जांच की। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर 3 बसों को सीज कर दिया गया, जबकि 4 बस संचालकों पर कुल 2.50 लाख रुपए का चालान किया गया। निरीक्षण दल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गीता चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र पुरोहित, मोटर वाहन निरीक्षक गिरधारी लाल मीणा और यातायात पुलिस के अधिकारी शामिल रहे। टीम ने बसों में एआईएस-119 के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच की। इस दौरान अनाधिकृत लगेज कम्पार्टमेंट, आपातकालीन निकास, निर्धारित क्षमता से अधिक सीट और स्लीपर, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी हैमर और अन्य सुरक्षा उपकरणों का परीक्षण किया गया। अभियान के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के फालोदी बस हादसे से जुड़े निर्देशों की पालना भी जांची गई। अधिकारियों ने बस संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी वाहनों का संचालन निर्धारित तकनीकी एवं कानूनी मानकों के अनुसार ही करना होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार 9 जुलाई 2026 से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत अब तक 54 स्लीपर और लग्जरी बसों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर 17 बसों को सीज किया गया है, जबकि 44 बस संचालकों के खिलाफ कुल 7.01 लाख रुपए से अधिक के चालान किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
प्रदेश में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभाव और उपयोगिता का परीक्षण किया जाएगा।
सम्भल के सिरसी कस्बे में माह-ए-सफ़र की 22वीं रात चेहल्लुम के मौके पर अंजुमन शमीम-ए-ईमान की ओर से कर्बला के शहीदों की याद में 72 ताबूतों की शबीह बड़े अकीदत और एहतराम के साथ निकाली गई। सिरसी समेत सम्भल, इकरोटिया, बुकनाला, कुंदरकी, मुरादाबाद, नगली और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे हजारों जायरीन ने हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके 72 साथियों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। रात करीब 9:30 बजे मोहल्ला बाज़ार स्थित दलान से जुलूस शुरू हुआ। सबसे आगे अलम-ए-मुबारक, जुल्फिकार और 72 ताबूतों की शबीह चल रही थी। रास्ते भर अज़ादार नौहाख्वानी और मातम करते रहे, जबकि या हुसैन की सदाओं से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। मौलाना ने सुनाया कर्बला का पैगाम बुकनाला सादात से आए मौलाना वसीम अब्बास साहब ने बताया कि चेहल्लुम की परंपरा हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत के 40 दिन बाद उनकी बहन हज़रत ज़ैनब अलैहिस्सलाम ने शुरू की थी। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन का संदेश इंसाफ, सच्चाई और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इमाम हुसैन का प्रसिद्ध कथन भी सुनाया कि, मैं न तो खुशी के लिए, न फसाद के लिए और न ही ज़ुल्म के लिए निकला हूं, बल्कि मैं अपने नाना की उम्मत की इस्लाह के लिए निकला हूं। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम जुलूस इमामबारगाह पहुंचने के बाद दुआ, सलाम और मातम का सिलसिला देर रात करीब दो बजे तक चलता रहा। अज़ादारों ने कर्बला के शहीदों को याद करते हुए खिराज-ए-अकीदत पेश किया। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जुलूस मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे।
खाद्य पदार्थों के फिर बढ़े दाम:शक्कर, चावल, दाल, तेल हुए महंगे; रसोई का बजट बिगड़ा
झालावाड़ में जुलाई माह के दौरान खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। चावल, शक्कर, दाल और खाद्य तेल के दामों में बढ़ोतरी से आमजन का रसोई बजट प्रभावित हुआ है। शक्कर की कीमतों में सर्वाधिक उछाल देखा गया है, जिससे सभी वर्ग के उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। बाजार आंकड़ों के अनुसार, बासमती चावल की कीमतों में 10 से 15 रुपए प्रति किलोग्राम तक की वृद्धि हुई है। शक्कर का भाव 45 रुपए से बढ़कर 52 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है। प्रमुख दालों के दाम में भी 5 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है, जबकि खाद्य तेल की कीमतों में लगभग 5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। महंगाई ने और बढ़ाया आर्थिक बोझवर्तमान में शादी-विवाह या अन्य मांगलिक कार्यों का सीजन नहीं होने के बावजूद, रोजमर्रा की जरूरतों की महंगाई ने परिवारों की रसोई पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है। इससे दिहाड़ी मजदूर और सीमित आय वाले परिवार सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। झालावाड़ के किराना व्यापारी अशोक जैन ने बताया कि जुलाई से पहले 40-50 रुपए प्रति किलोग्राम बिकने वाला चावल अब 50-60 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। शक्कर 45 रुपए से बढ़कर 52 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। खाद्य तेल के एक टीन पर लगभग 100 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, और प्रमुख दालों के दाम 105 रुपए से बढ़कर 111 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। व्यापारियों के अनुसार, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई लागत के कारण परिवहन खर्च में वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा है।आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों के मद्देनजर, बढ़ती महंगाई राजनीतिक दलों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा बन सकती है।
बहादुरगढ़ के बादली रोड पर नया गांव स्थित अशोका स्कूल के पास शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में कैंटर के केबिन में अचानक आग लग गई।
हरियाणा में नारनौल थाना सदर क्षेत्र के गांव खासपुर के पास नहर में डूबने से जान गंवाने वाले दोनों किशोरों का शुक्रवार को नागरिक अस्पताल नारनौल में पोस्टमार्टम कराया गया। गुरुवार शाम दौड़ लगाने के लिए नहर किनारे पहुंचे दोनों किशोर नहाने के लिए पानी में उतर गए थे, जहां गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई थी। आपको बता दें कि गांव खासपुर में नहर में नहाने के लिए कार्तिक व गौरव नाम के करीब 13 व 14 वर्षीय किशोर नहर में उतर गए थे। इस हादसे के बाद एक किशोर कार्तिक को ग्रामीणों ने नहर से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे किशोर गौरव का शव करीब तीन घंटे बाद गोताखोरों ने नहर से बरामद किया गया था। गौरव दो बहनों का था भाई हादसे का शिकार हुए दोनों बच्चों के पिता मजदूरी करते हैं। वहीं दोनों ही बच्चे गांव में बने सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। इस दर्दनाक हादसे में मृतक गौरव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। वहीं कार्तिक के परिवार में उसका एक बड़ा भाई भी है। दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में शोक का माहौल है। ये हुआ था हादसा गांव खासपुर निवासी 14 वर्षीय कार्तिक पुत्र सत्यवीर और 13 वर्षीय गौरव पुत्र अशोक गुरुवार शाम गांव हुडीना-खासपुर रोड स्थित नहर के पास दौड़ लगाने के लिए पहुंचे थे। दौड़ लगाने के बाद दोनों नहर में नहाने के लिए उतर गए। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगे। महिलाओं ने देखा था पास में मौजूद महिलाओं ने दोनों को डूबते देखा तो शोर मचाया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों ने कार्तिक को नहर से बाहर निकाल लिया। उसकी सांसें चल रही थीं, इसलिए उसे तुरंत निजी अस्पताल नारनौल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। तीन घंटे बाद मिला था गौरव का शव दूसरे किशोर गौरव की तलाश के लिए पुलिस, प्रशासन, गोताखोरों और ग्रामीणों ने देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया। हादसे के करीब तीन घंटे बाद गोताखोरों ने उसका शव नहर से बरामद किया। दोनों किशोरों के कपड़े नहर किनारे मिले। दोनों परिवार गरीब इस बारे में गांव के सरपंच दारा सिंह ने बताया कि दोनों बच्चे गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। दोनों के परिवारों की आर्थिक हालत सही नहीं है। इनके पिता मजदूरी कर परिवार का गुजारा चलाते हैं।
मुज़फ़्फ़रनगर में कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण के बीच गुरुवार देर रात शिव चौक आस्था, भक्ति और भव्य झांकियों का केंद्र बना रहा। रात करीब 11 बजे हापुड़ जनपद के पास स्थित आसोड़ा गांव से शिवभक्त हरिओम चिंगारी अपनी अनोखी कांवड़ के साथ शिव चौक पहुंचे। श्मशान घाट और भगवान भोलेनाथ की बारात की थीम पर तैयार की गई इस कांवड़ ने हजारों श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। झांकी इतनी जीवंत थी कि कुछ देर के लिए ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं भगवान शिव की बारात शिव चौक से गुजर रही हो। शिव चौक पहुंचते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इस अनोखी झांकी को देखने के लिए रुक गई। पूरी प्रस्तुति के दौरान 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन से वीडियो और तस्वीरें बनाते नजर आए, जबकि कलाकारों की प्रस्तुति पर लगातार तालियां बजती रहीं। अघोरियों के साथ तांडव का सजीव मंचन हरिओम चिंगारी और उनकी टीम ने श्मशान घाट की थीम पर भगवान भोलेनाथ के रौद्र स्वरूप को प्रस्तुत किया। झांकी में भगवान शिव के साथ अघोरियों, भूत-प्रेत और पिशाचों की वेशभूषा में कलाकार शामिल थे, जिन्होंने तांडव नृत्य का सजीव मंचन किया। पूरी झांकी को विशेष प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रभाव और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया था, जिससे श्रद्धालुओं को भगवान शिव के अघोर स्वरूप का अनुभव हो सके। मुंह से आग उगलने की प्रस्तुति ने किया रोमांचित झांकी के दौरान कलाकारों ने कई रोमांचक प्रस्तुतियां भी दीं। विशेष रूप से एक कलाकार द्वारा मुंह से आग उगलने का प्रदर्शन श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बना। इस दौरान लोगों ने उत्साह के साथ कलाकारों का अभिवादन किया और पूरी प्रस्तुति को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। कुछ समय के लिए शिव चौक पर कांवड़ियों और स्थानीय लोगों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा रोककर इस झांकी का आनंद लिया। हर साल नई थीम पर तैयार होती है कांवड़ हरिओम चिंगारी ने बताया कि उनकी टीम हर वर्ष अलग-अलग विषयों पर कांवड़ और झांकी तैयार करती है। इस बार भगवान भोलेनाथ की बारात और अघोर परंपरा को प्रस्तुत करने का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान शिव के उस स्वरूप से परिचित कराना था, जिसका सनातन परंपरा में विशेष महत्व माना जाता है। उन्होंने बताया कि पूरी झांकी को तैयार करने में लंबे समय तक मेहनत की गई, ताकि धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संदेश भी लोगों तक पहुंच सके। देर रात तक शिव चौक पर उमड़ी भीड़ झांकी के शिव चौक पहुंचने के बाद देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। पुलिस और स्वयंसेवकों ने यातायात और भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए लगातार मोर्चा संभाले रखा। श्रद्धालुओं ने झांकी के साथ फोटो और वीडियो बनाए तथा 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच शिवभक्तों का उत्साहवर्धन किया। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में मुज़फ़्फ़रनगर से गुजर रही विभिन्न थीम आधारित कांवड़ों के बीच 'भोलेनाथ की बारात' पर आधारित यह अनोखी झांकी श्रद्धालुओं के लिए सबसे यादगार आकर्षणों में से एक बन गई।
नागौर में खाना परोसने में देरी को लेकर हुए विवाद में एक युवक ने होटल संचालक के सीने में गोली मार दी। गंभीर हालत में उसे पहले नागौर के जेएलएन हॉस्पिटल और फिर जोधपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में खींवसर के पास एंबुलेंस पलट गई। हादसे के बाद घायल को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और हमलावरों की तलाश में जुटी है। घटना शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे सदर थाना क्षेत्र के खरनाल गांव की है। सुबह होटल पर खाना खाने पहुंचे थे युवकपुलिस के अनुसार, नागौर जिले के सदर थाना क्षेत्र के खरनाल गांव में गुरुवार अलसुबह कुछ युवक नीलकंठ होटल पर खाना खाने पहुंचे थे। खाना परोसने में देरी होने पर होटल संचालक रामकुमार उर्फ रामदास (40) निवासी बिहार और युवकों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और एक युवक ने पिस्टल निकालकर रामदास के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े। नागौर हॉस्पिटल से जोधपुर रेफर, रास्ते में पलटी एंबुलेंसमौके पर मौजूद लोगों ने घायल रामदास को एंबुलेंस से नागौर के जेएलएन हॉस्पिटल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें जोधपुर रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में खींवसर के पास एंबुलेंस अचानक अनकंट्रोल होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। एंबुलेंस हादसे की सूचना मिलते ही खींवसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल रामदास को खींवसर के राजकीय हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस और एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्यफायरिंग की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी, सदर थाना पुलिस, कोतवाली थाना पुलिस, डीएसटी और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मौका-मुआयना किया, साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। हमलावरों की तलाश जारीपुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला खाना परोसने में देरी के बाद हुए विवाद से जुड़ा सामने आया है। फिलहाल फायरिंग करने वाले आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच भी जारी है।
बांदा के सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुरेह में दर्जनों दलित किसानों ने जिला प्रशासन पर वर्षों पुराने कृषि पट्टों की जमीन से बेदखल किए जाने का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि 45 से 50 वर्ष पहले शासन द्वारा उन्हें आवंटित की गई कृषि भूमि की श्रेणी बदल दी गई है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें श्रेणी-3 के तहत जो जमीनें पट्टे पर मिली थीं, वे उस समय बंजर थीं। वर्षों की मेहनत से उन्होंने इन्हें खेती योग्य बनाया और तब से इन्हीं खेतों पर खेती कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि राजस्व विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना या सुनवाई के उनकी पट्टे की जमीनों को बंजर, खलिहान या पंचायत भूमि के रूप में दर्ज कर दिया। इसके बाद उन्हें खेती करने से रोका जा रहा है। कुछ स्थानों पर प्रशासन द्वारा वृक्षारोपण भी करा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बने कुछ निर्माण भी हटाए गए हैं, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। उनका कहना है कि उनके पास खेती के लिए कोई दूसरी जमीन नहीं है और पूरा परिवार इन्हीं खेतों पर निर्भर है। पीड़ित किसानों का दावा है कि उन्होंने जिलाधिकारी, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। आदर्श गांव में भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों ने गांव की बुनियादी सुविधाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आदर्श गांव घोषित होने के बावजूद दलित बस्ती में जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए नलों से पानी नहीं आ रहा है, जिससे लोग आज भी हैंडपंपों पर निर्भर हैं। इसके अलावा कई पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने और कुछ लाभार्थियों को आवास निर्माण की पूरी धनराशि न मिलने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके पुराने कृषि पट्टों को बहाल किया जाए, बेदखली की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मध्य प्रदेश में आज से 'जनविश्वास अभियान-2026' शुरू हो रहा है। हर शुक्रवार मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी जनता के बीच जाकर योजनाओं की हकीकत परखेंगे, वहीं जिलों के कामकाज का ऑनलाइन रिपोर्ट कार्ड भी तैयार होगा।
'फोरेंसिक लैब भरोसेमंद नहीं', मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट पर स्वतंत्र जांच के दिए आदेश
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोपाल की राज्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की डीएनए रिपोर्टों में 'कट-पेस्ट' त्रुटि को गंभीरता से लिया है।
दैगमा रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रक खराब, 7 घंटे रहा जाम:100 से अधिक वाहन फंसे, खराब सड़क बनी मुसीबत
शहडोल-उमरिया मुख्य मार्ग पर नौरोजाबाद के पास दैगमा रेलवे क्रॉसिंग पर शुक्रवार तड़के भीषण जाम लग गया। निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के निकट खराब सड़क और गहरे गड्ढों के कारण एक ट्रक खराब हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। रात करीब 2 बजे शुरू हुआ यह जाम सुबह 9 बजे तक भी पूरी तरह नहीं खुल सका। सड़क के दोनों ओर 3 से 4 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिसमें 100 से अधिक ट्रक और अन्य भारी वाहन फंसे रहे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है। बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया था, जिससे गहरे गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक में तकनीकी खराबी आ गई। उसके पीछे आ रहे दूसरे ट्रक ने बगल से निकलने का प्रयास किया, लेकिन वह भी सड़क किनारे बने गड्ढे में धंस गया। दो ट्रकों के फंसने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। घटना की सूचना मिलते ही नौरोजाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। छोटे वाहनों को पाली मार्ग से मोड़ा गया, जबकि भारी वाहनों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से फंसे ट्रकों को निकालने का प्रयास किया। हालांकि, खराब सड़क और कीचड़ के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाई हुई। इस जाम के कारण ट्रक चालकों और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई वाहन चालक पूरी रात सड़क पर फंसे रहे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, निर्माणाधीन ओवरब्रिज के आसपास सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है, और बारिश के मौसम में यहां अक्सर वाहन फंस जाते हैं।
सीहोर शहर में गेल इंडिया कंपनी की गैस पाइपलाइन बिछाने का काम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। कई स्थानों पर खुदाई के बाद गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया है और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग तक नहीं की गई। बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है। खुले गड्ढों से राहगीरों और वाहन चालकों को खतरा पाइपलाइन बिछाने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में खुदाई की गई है, लेकिन कई स्थानों पर गड्ढे कई दिनों से खुले पड़े हैं। इनके आसपास न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा के अन्य इंतजाम किए गए हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए लगातार खतरे की स्थिति बनी हुई है। व्यस्त मार्ग पर भी लापरवाही सैकड़ाखेड़ी बायपास को जोड़ने वाले व्यस्त मार्ग पर भी पाइपलाइन का काम जारी है। यहां पाइप अव्यवस्थित तरीके से सड़क किनारे पड़े हैं और खुदाई वाले हिस्से खुले छोड़ दिए गए हैं। सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोगों को भी आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश ने बढ़ाई मुश्किल मानसून के दौरान खुले गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए हादसे का खतरा और बढ़ गया है। नियमों के पालन पर भी सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान ठेकेदार बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और पूर्व सूचना के मनमाने ढंग से खुदाई कर रहा है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी असुविधा हो रही है। प्रशासन ने लिया संज्ञान सीहोर के तहसीलदार अमित सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि खुदाई के बाद गड्ढे खुले छोड़े जा रहे हैं और बैरिकेडिंग नहीं की गई है, तो यह सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। उन्होंने नगरपालिका को आवश्यक कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देने की बात कही है।
गोरखपुर में शुक्रवार की सुबह से कभी धूप निकल रही और कभी बादल देखने को मिल रहा। हवाओं की रफ्तार बिल्कुल धीमी होने की वजह से उमस काफी ज्यादा महसूस की जा रही है। मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय के अनुसार आज दिन भर बादल छाए रहेंगे। शाम तक गरज-चमक के साथ बारिश होने के 85 परसेंट चांस हैं। इस दौरान लगभग तीन घंटे बारिश हो सकती है। करीब 3.4 मिलीमीटर पानी बरसने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक आज 32 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। वहीं पिछले साल आज ही के दिन अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। जबकि हर साल का औसत तापमान भी अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस ही रहता है। देखिए तस्वीरें … आने वाले दिनों का हालमौसम डॉ. कैलाश ने बताया कि अगले एक से दो दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। कभी धूप निकलेगी तो कभी आसमान में बादल छाए रहेंगे। बीच-बीच में हल्की बारिश भी होगी। हालांकि, बारिश के बाद भी लोगों को गर्मी और उमस से खास राहत नहीं मिलेगी। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने दी सावधानी बरतने की सलाह हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कभी धूप और कभी हल्की बारिश के कारण तापमान में बार-बार उतार-चढ़ाव हो रहा है। इससे सर्दी, जुकाम, खांसी और वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है। बारिश की वजह से जगह-जगह पानी जमा होने पर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों का पनपना शुरू हो जाता है। ऐसे मौसम में खुद को हाइड्रेटेड रखें, खूब पानी पीएं, बाहर का खुला और बासी खाना खाने से बचें और मच्छरों से बचाव के पूरे उपाय अपनाएं। बादल और हल्की बारिश धान की फसल के लिए अच्छा वहीं कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि इस समय धान की फसल को पानी की बहुत जरूरत होती है। हल्की बारिश और बादलों की वजह से खेतों में नमी बनी रहेगी, जो धान के पौधों की ग्रोथ के लिए काफी अच्छी है। जबकि तेज रफ्तार से चलने वाली हवाएं फसलों के लिए थोड़ी चिंता बढ़ा सकती हैं। अगर खेतों में ज्यादा पानी भरा रहा और तेज हवा चली, तो फसल गिर सकती है। अगर शाम को 3.4 मिमी ही बारिश का अनुमान है, जो कि बहुत हल्की बारिश है। इससे खेतों को थोड़ा सहारा तो मिलेगा, लेकिन किसानों को पूरी तरह बारिश पर निर्भर रहने के बजाय सिंचाई के बाकी साधनों का भी ध्यान रखना होगा। पिछले दिनों का तापमान कैसा रहा विभाग के रिपोर्ट के अनुसार गोरखपुर में अगस्त के पहले सप्ताह (1 से 6 अगस्त) के दौरान अधिकतम तापमान 29C से 32C और न्यूनतम तापमान 24C से 26C के बीच दर्ज किया गया है। आने वाले दिनों के तापमान का पूर्वानुमान
हत्या के प्रयास के 2 फरार आरोपी गिरफ्तार:बाइक भी बरामद, थार गाड़ी के टायर पर मारी थी गोली
धौलपुर जिले में आंगई थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त 1 बाइक भी बरामद की है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर वांछित अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी कृपाल सिंह ने बताया कि 31 जुलाई को लालोनी शिवसिंह निवासी समुद्र सिंह ने आंगई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सरिया लगाकर रोकने का किया था प्रयासरिपोर्ट के अनुसार, टोल प्लाजा के पास योगी उर्फ योगेंद्र, अत्तरसिंह उर्फ भडाना और उनके अन्य साथियों ने समुद्र सिंह की थार गाड़ी को सरिया लगाकर रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इसके बाद बदमाशों ने अवैध हथियारों से फायरिंग की, जिसमें एक गोली वाहन के आगे दाहिने टायर में लगी। पीड़ित किसी तरह जान बचाकर वहां से निकल गया, जबकि आरोपी उसका पीछा करते हुए लगातार फायरिंग करते रहे। मामले में आंगई थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने फरार आरोपी योगी उर्फ योगेंद्र (30) निवासी गजपुरा, थाना बाड़ी सदर और अत्तरसिंह उर्फ भडाना (23) निवासी सिंगरावली, थाना गढ़ी बाजना (भरतपुर) को गिरफ्तार किया।
कोटपूतली में 15 घंटे में 15 एमएम बारिश:खरीफ की फसलों को मिलेगा फायदा, कई इलाकों में हुआ जलभराव
कोटपूतली क्षेत्र में मानसून सक्रिय बना हुआ है। पिछले 15 घंटे में कुल 15 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई, जिसमें गुरुवार शाम को 2 मिमी और शुक्रवार सुबह 13 मिमी बारिश शामिल है। अगस्त माह में अब तक कुल 88 मिमी बारिश हो चुकी है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है और किसानों को राहत मिली है। खरीफ की फसलों को मिलेगा फायदा कोटपूतली-बहरोड़ के जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. रामजीलाल यादव ने बताया- बारिश खरीफ फसलों के लिए अत्यधिक लाभदायक है। इससे बाजरा, मूंग, उड़द सहित अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे खेतों में पानी जमा न होने दें और अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें, ताकि फसलों को किसी भी संभावित नुकसान से बचाया जा सके। शहर के कई इलाकों में भरा पानी हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई है। जनाना अस्पताल के सामने, बानसूर रोड, लक्ष्मी नगर, बीएसएनएल एक्सचेंज रोड, डाबला रोड, पुतली रोड, पुलिस थाने के पीछे, नागाजी की गौर और बस डिपो के पीछे के क्षेत्रों में पानी भर गया है। इससे आमजन को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
फतेहाबाद के टोहाना में लक्कड़ बाजार में बिजली का पोल दुकान पर गिरा,तीन को आई मामूली चोटें
फतेहाबाद के टोहाना में लक्कड़ बाजार में बिजली का पोल दुकान पर गिरा,तीन को आई मामूली चोटें
महेंद्रगढ़ में सिटी बस सेवा शुरू, विधायक ने हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ
महेंद्रगढ़ में सिटी बस सेवा शुरू, विधायक ने हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ
कानपुर में काकादेव थाना क्षेत्र के नवीननगर में 18 अप्रैल को इटावा के फ्रेंडस काॅलोनी अजीतनगर निवासी मोनिका सिंह को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोपी छात्र पर दर्ज मुकदमे में पुलिस ने एससीएसटी एक्ट की धारा बढ़ा दी है।
पीथमपुर में ट्रक की टक्कर से युवक की मौत:मनावर निवासी पवन केवड़ा की गई जान, चालक फरार
धार जिले के मनावर तहसील के उम्रबंद निवासी पवन केवड़ा (पंजारी) की पीथमपुर में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। गुरुवार शाम आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार लोडिंग आयशर वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। यह घटना पीथमपुर के सेक्टर-1 थाना क्षेत्र अंतर्गत संजय जलाशय पुलिस चौकी के खंडवा चौराहे पर शाम करीब 5 बजे हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पवन की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद अनियंत्रित लोडिंग वाहन सड़क के बीच बने डिवाइडर से टकराकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही संजय जलाशय चौकी प्रभारी अजय भदौरिया अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल (MP 11 NF 8821) के नंबर के आधार पर मृतक की पहचान की और उनके परिजनों को दुर्घटना की सूचना दी। पुलिस ने आरोपी चालक और फरार वाहन की पहचान के लिए खंडवा चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से लोडिंग आयशर के नंबर और उसके भागने की दिशा का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवा दिया है। पोस्टमार्टम शुक्रवार सुबह किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से सुराग जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही वाहन को जब्त कर आरोपी चालक को हिरासत में लिया जाएगा।
Sirmaur: नाहन में खड़ी बाइक को लगाई आग, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
Sirmaur: नाहन में खड़ी बाइक को लगाई आग, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
यूपी के झांसी जिले के पूंछ थाना क्षेत्र के ग्राम खिल्ली के पास हुए भीषण सड़क हादसे के बाद कार सवारों की पहचान पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई।
फतेहपुर जनपद के धाता विकासखंड स्थित रोहिल्लापुर पौली साधन सहकारी समिति और किशनपुर थाना क्षेत्र की नरैनी साधन सहकारी समिति में भारी जलभराव के कारण बड़ी मात्रा में यूरिया और डीएपी खाद भीग गई। घटना से नाराज सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने समिति परिसर में प्रदर्शन कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि रोहिल्लापुर समिति के सामने बने बड़े नाले की वर्षों से सफाई नहीं कराई गई। बरसात का पानी नाले के जरिए समिति परिसर में भर गया, जिससे यूरिया और डीएपी खाद के सैकड़ों बोरे पानी में भीग गए। किसानों का कहना है कि इससे सरकारी संपत्ति के साथ-साथ किसानों के हितों को भी नुकसान पहुंचा है। जर्जर भवन और जलनिकासी बनी समस्या प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि दोनों समितियां जर्जर भवनों में संचालित हो रही हैं। सड़क ऊंची और समिति भवन नीचे होने के कारण हर वर्ष बारिश में परिसर में पानी भर जाता है। नालियों और नालों की नियमित सफाई न होने से इस बार हालात और गंभीर हो गए। किसानों का यह भी आरोप है कि भवनों की छत से पानी टपकने के कारण भी खाद खराब हुई है। जांच और कार्रवाई की मांग किसानों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, खराब हुई खाद का सही आकलन कराने और समिति परिसर से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की। साथ ही जर्जर भवनों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाने की भी मांग उठाई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने दी यह जानकारी नरैनी समिति के सचिव भगवत प्रसाद ने बताया कि समिति में करीब 600 बोरी यूरिया खाद रखी थी, जिनमें से कुछ बोरियां गीली हो गई हैं और उन्हें बाहर निकालकर सुरक्षित किया जा रहा है। एडीओ कोऑपरेटिव शरद विक्रम ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि समिति में उपलब्ध खाद का वितरण अगले दिन कराया जाएगा। मामले में संबंधित विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
वाहन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस और एक अधिवक्ता के बीच हुए विवाद के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए पुलिस और वकीलों दोनों को कानून के प्रति जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी है। कोर्ट ने कहा कि वाहन चेकिंग के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग, वाहन की चाबी छीनना या अनावश्यक बहस करना उचित नहीं है। साथ ही जबलपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) को शिकायत पर विधि अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वाहन चेकिंग के दौरान हुआ था विवाद याचिका के अनुसार 11 जुलाई 2026 को ट्रैफिक चेकिंग अभियान के दौरान अधिवक्ता को रोका गया। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की, गाली-गलौज की, मारपीट की और आपराधिक धमकी दी। घटना के बाद नाराज वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने एसपी सम्पत उपाध्याय से मुलाकात कर शिकायत सौंपी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित अधिवक्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। राज्य सरकार ने रखा अपना पक्ष सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अधिवक्ता दो अन्य लोगों के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे। तीन सवारी और बिना हेलमेट यात्रा करना मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन था। चालान की कार्रवाई के दौरान ही विवाद की स्थिति बनी। शिकायत एसपी के पास लंबित कोर्ट को बताया गया कि 13 जुलाई 2026 को की गई शिकायत अभी भी जबलपुर एसपी के पास विचाराधीन है और मामले की जांच शुरू हो चुकी है। हाईकोर्ट की दोनों पक्षों को नसीहत जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने कहा कि बार के सदस्यों से अपेक्षा की जाती है कि वे विधि के शासन और वैधानिक व्यवस्था का सर्वोच्च सम्मान करें। कानून की रक्षा करने वालों को स्वयं भी उसका पालन करना चाहिए, क्योंकि कानून की गरिमा शब्दों से नहीं बल्कि आचरण से बनी रहती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारियों का दायित्व है कि वे कानून लागू करते समय धैर्य, शिष्टाचार और संयम बनाए रखें। वाहन चेकिंग के दौरान अनावश्यक कहासुनी, अभद्र भाषा का प्रयोग या वाहन की चाबियां छीनने जैसी शिकायतें अक्सर सामने आती हैं, जो उचित नहीं हैं। एसपी को दिए कार्रवाई के निर्देश दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की मुख्य शिकायत उसकी शिकायत पर कार्रवाई न होने से संबंधित है। चूंकि मामला सक्षम पुलिस अधिकारी के समक्ष लंबित है और जांच जारी है, इसलिए कोर्ट ने जबलपुर एसपी को कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जालोर में जज रात को उतरे सड़कों पर:बसों में इमरजेंसी गेट खराब, चेसिस में वेल्डिंग; 2 बसें सीज
राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर जालोर में गुरुवार रात जज की मौजूदगी में परिवहन विभाग और पुलिस ने निजी बसों की जांच की। जांच में चार बसों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी मिली। बसों की बॉडी तय सीमा से ज्यादा थी, चेसिस में बदलाव किया गया था और कई बसों के इमरजेंसी गेट भी नहीं खुल रहे थे। इस पर दो बसें सीज कर दी गईं, जबकि ज्यादा यात्री होने और उनकी ट्रेन-फ्लाइट की टिकटें होने से दो बसों को 9 अगस्त तक राहत दी गई। कार्रवाई के दौरान यात्रियों को कुछ परेशानी हुई, लेकिन उनके लिए दूसरी बसों और अन्य वैकल्पिक व्यवस्था भी कराई गई। हाईकोर्ट के निर्देश पर रात में शुरू हुआ अभियानराजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना में गुरुवार रात जालोर में निजी बसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उमेश वीर और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विमल व्यास के नेतृत्व में परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अस्पताल चौराहे पर बसों की जांच शुरू की। रात करीब 8 बजे से 10 बजे तक यात्रा के लिए खड़ी और रवाना होने वाली बसों को रोककर उनके दस्तावेज और तकनीकी मानकों की जांच की गई। जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईंजांच के दौरान कई बसें निर्धारित सुरक्षा और निर्माण मानकों पर खरी नहीं उतरीं। डीटीओ कार्यालय के निरीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि कुछ बसों में (AIS-119) मानकों का पालन नहीं मिला। कई बसों की बॉडी और ऊंचाई तय सीमा से ज्यादा थी। चेसिस में अनधिकृत वेल्डिंग, केबिन सपोर्ट में बदलाव और इमरजेंसी गेट में गंभीर खामियां भी मिलीं। कई बसों के इमरजेंसी गेट खुल ही नहीं रहे थे। इन कमियों के आधार पर संबंधित बसों के चालान बनाकर कार्रवाई की गई। चार बसों पर कार्रवाई, दो सीज और दो को राहतअभियान के दौरान कुल चार निजी बसों पर कार्रवाई की गई। इनमें एक बस पर दोपहर में कार्रवाई कर उसे सीज किया गया, जबकि जालोर से जयपुर जाने वाली एक अन्य बस भी सीज कर दी गई। इन दोनों बसों में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण उन्हें दूसरी बसों में बैठाकर रवाना कर दिया गया। वहीं दिल्ली जाने वाली दो बसों में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। कई यात्रियों की आगे ट्रेन और फ्लाइट की टिकटें होने के कारण अधिकारियों ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए दोनों बसों को ऑनलाइन डिटेन कर दो दिन की अस्थायी राहत दी। 9 अगस्त को डीटीओ कार्यालय में पेश होंगी बसेंअधिकारियों ने बस संचालकों को निर्देश दिए कि यात्रियों को गंतव्य तक छोड़ने के बाद 9 अगस्त को बसों को जालोर डीटीओ कार्यालय में पेश करें। वहां तकनीकी कमियां दूर कराने, दस्तावेजों की जांच और वाहन की बॉडी को मानकों के अनुरूप कराने के बाद ही आगे की कार्रवाई और आरसी नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अभियान के दौरान अस्पताल चौराहे पर कुछ समय तक हलचल रही। कार्रवाई से यात्रियों को थोड़ी असुविधा हुई, लेकिन उनकी यात्रा प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी कराई गई।
प्रतापगढ़ में चोरी की वारदातों के खुलासे के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आरोपी घायल हो गए। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपियों के कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देश पर चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए गठित पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम जलपा नहर, सैफाबाद के पास वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी डब्लू वर्मा ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर घेराबंदी की। आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में डब्लू वर्मा के दाहिने पैर में गोली लगी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दूसरे आरोपी गोविंद सिंह पुत्र सुरेश बहादुर सिंह, निवासी ग्राम गोड़े, थाना कोतवाली नगर, को भी घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। दोनों घायलों को पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
फरीदाबाद में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जो सोशल मीडिया पर खूबसूरत युवतियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को पहले प्रेमजाल में फंसाता और फिर वीडियो कॉल के जरिए उनकी अश्लील वीडियो रिकार्ड कर लेते थे। जिसके बाद उनको ब्लैकमेल करके पैसा वसूला जाता था। साइबर पुलिस ने मास्टरमाइंड और साथी सहित को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक नाबालिक को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आसिफ उर्फ भस्सू निवासी गांव कैथवाड़ा, जिला डीग (राजस्थान), फैजान और अमान निवासी जमाई कालोनी शामिल है। पहले यह गिरोह राजस्थान में रहकर ठगी कर रहा था, मगर वहां दबिश बढ़ने के कारण इसने फरीदाबाद में बड़खल की जमाई कालोनी को ठिकाना बनाया। यहां पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर इन्हें धर दबोचा। फर्जी सिम कार्ड के जरिए बनाते थे अकाउंट पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी फर्जी सिम कार्ड के जरिए वाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लड़कियों के नाम से नकली अकाउंट बनाते थे। इन प्रोफाइल पर खूबसूरत युवतियों की तस्वीरें लगाकर लोगों से दोस्ती करते और मीठी-मीठी बातें कर उनका विश्वास जीत लेते थे। इसके बाद वीडियो कॉल के दौरान पहले से रिकार्ड अश्लील वीडियो चलाकर सामने वाले को आपत्तिजनक स्थिति में आने के लिए उकसाते थे। पूरी बातचीत और वीडियो को स्क्रीन रिकार्डर से रिकार्ड कर लिया जाता था। ब्लैकमेल करके पैसे मांगे जाते इसके बाद शुरू होता था ब्लैकमेल का खेल। आरोपित एडिट की गई वीडियो पीड़ित को भेजकर उसे इंटरनेट मीडिया, स्वजन और परिचितों के बीच वायरल करने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते थे। बदनामी के डर से अधिकांश लोग उनकी मांग के अनुसार रुपये ट्रांसफर कर देते थे। ठगी की रकम फर्जी बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। 5 मोबाइल, आठ फर्जी सिम कार्ड बरामद पुलिस ने आरोपियों को पास से कब्जे से पांच मोबाइल और आठ फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में लड़कियों के नाम से बनाए गए कई फर्जी इंटरनेट मीडिया अकाउंट और ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खातों का भी पता चला है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। मास्टरमाइंड 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया सब इंस्पेक्टर अवतार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस गिरोह के मास्टमाइंड आसिफ को कोर्ट में पेश करके 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जबकि दूसरे आरोपी अमान को जेल भे दिया गया है। पुलिस ने एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा है।
मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए की साइबर ठगी की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। राज्य साइबर सेल, ग्वालियर की जांच में गिरफ्तार शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य भाजपा नेता जगदीश कुमार मालवीय उर्फ फौजी से जुड़े करंट बैंक खाते में अब तक देश के अलग-अलग राज्यों में हुई साइबर ठगी के 11 मामलों की राशि के लेनदेन के प्रमाण मिले हैं। आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। राज्य साइबर सेल के डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नवंबर 2025 से आरोपी की संस्था के करंट खाते में साइबर ठगी की रकम आना शुरू हुई थी। अब तक 11 मामलों में करीब दो से तीन करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं। आरोपी के कब्जे से एक लाख रुपए भी जब्त किए गए हैं। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर साइबर सेल की टीम अन्य संदिग्धों की तलाश में सागर पहुंची है। दो फीसदी कमीशन लेता था जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सर्वकन्या अनुसूचित जाति-जनजाति संगठन का अध्यक्ष बनने के बाद संस्था के करंट खाते और नेट बैंकिंग तक उसकी पहुंच हो गई थी। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि दो प्रतिशत कमीशन के बदले संस्था का करंट खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया जाता था। ठगी की रकम खाते में आने के बाद कमीशन काटकर आगे ट्रांसफर की जाती थी। साइबर सेल के अनुसार 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये की ठगी की राशि पहले चरण में 76 बैंक खातों में भेजी गई थी। आरोपी से जुड़े खाते में पहली लेयर में लगभग 77 लाख रुपये पहुंचे। इसके बाद रकम 15 लेयर के जरिए 20 हजार से अधिक बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। विदेश यात्राओं की होगी जांच जांच एजेंसियों के अनुसार करीब 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों के खातों में पहुंची। पूरे नेटवर्क में करंट खातों का इस्तेमाल मनी ट्रेल छिपाने के लिए किया गया। आरोपी की हालिया थाईलैंड, पटाया और बैंकॉक यात्रा भी एजेंसियों के रडार पर है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि यात्रा केवल पर्यटन के लिए थी या उसका साइबर ठगी नेटवर्क से कोई संबंध था।
हमीरपुर में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीन लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने मंदिर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। महिलाओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर मृतकों की आत्मा की शांति और हादसे में घायल यात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। बुधवार देर शाम हुए इस हादसे में परिवहन निगम की बस और ऑयल टैंकर की आमने-सामने की टक्कर में बस चालक, टैंकर चालक और एक यात्री की मौत हो गई थी। हादसे में 17 यात्री घायल हुए थे, जिनमें छह को गंभीर हालत में कानपुर के हायर सेंटर रेफर किया गया। इनमें एक घायल अभी भी वेंटिलेटर पर उपचाराधीन है। श्रद्धांजलि सभा में परिषद की महिलाओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगतों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मातृ प्रकोष्ठ की अध्यक्ष दीपा तिवारी ने कहा कि संगठन मृतकों के परिजनों के दुख में सहभागी है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता है। इस दौरान हाईवे सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। वक्ताओं ने कहा कि कानपुर-सागर हाईवे (NH-34) दो-लेन होने और डिवाइडर न होने के कारण लगातार जानलेवा हादसों का गवाह बन रहा है। प्रतिदिन हजारों भारी और हल्के वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे आमने-सामने की टक्कर का खतरा बना रहता है। परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार, 2025 से अब तक इस हाईवे पर 335 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। स्थानीय सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं और नागरिकों ने एक बार फिर हाईवे को फोरलेन करने और डिवाइडर निर्माण की मांग दोहराते हुए कहा कि इससे भविष्य में ऐसे हादसों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
जावाल में बाइक को बचाने के चक्कर में ऑटो पलटा:हादसे में 7 लोग घायल, गंभीर हालत में 2 को किया रेफर
सिरोही जिले में बरलूट थाना क्षेत्र के जावाल बस स्टैंड के पास गुरुवार देर शाम एक सवारी ऑटो असंतुलित होकर पलट गया। बाइक सवार को बचाने के प्रयास में यह हादसा हुआ। इस घटना में ऑटो में सवार 7 लोग घायल हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत पलटे हुए ऑटो को सीधा किया और सभी घायलों को बाहर निकाला। उन्हें निजी वाहनों की मदद से जावाल के सामुदायिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।जानकारी के अनुसार, ऑटो ड्राइवर मनोरा गांव से सवारियां लेकर जावाल आ रहा था। जावाल बस स्टैंड चौराहे के पास दुपहिया वाहन को बचाने की कोशिश में ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। घायलों में कमलेश कुमार, बबली देवी, बदरी देवी, पार्वती देवी, पूनकी देवी, बसंती देवी और शंकु देवी शामिल हैं। इनमें से कमलेश कुमार और बसंती देवी की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सिरोही ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने जांच के बाद उन्हें भर्ती कर लिया है और उनका इलाज जारी है।घटना की सूचना मिलते ही जावाल चौकी प्रभारी गिरधरसिंह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को अस्पताल भेजने की व्यवस्था की और क्षतिग्रस्त ऑटो को सड़क से हटवाया।
सिलीसेढ़ में 6 इंच पानी की आवक:आज से आंधी- गरज के साथ बारिश का अलर्ट;मौसम सुहावना
अलवर में दो दिन तक हुई अच्छी बारिश के बाद शुक्रवार सुबह से एक बार फिर आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। बारिश के चलते शहर और जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, जबकि नदी-नाले चल पड़े। अरावली क्षेत्र में गरवाजी और किशनकुंड सहित कई जगहों पर झरने भी बहने लगे। सिलीसेढ़ बांध में करीब 6 इंच पानी की आवक हुई, जिससे बांध का जलस्तर 24.10 फीट पहुंच गया है। गुरुवार सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक जिले में सबसे ज्यादा 75 मिमी बारिश कठूमर में दर्ज की गई। वहीं अलवर शहर में करीब तीन घंटे में 31 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा गोविंदगढ़ में 52, सिलीसेढ़ में 35, टहला में 25 तथा रामगढ़ और राजगढ़ में 17-17 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट आई और दिन का तापमान 6.6 डिग्री गिरकर 27.8 डिग्री दर्ज हुआ। 12 अगस्त तक बारिश और बिजली का अलर्ट मौसम विभाग ने अलवर में 7 से 12 अगस्त तक बारिश और गरज-चमक का पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने के साथ कई स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। विभाग ने हर दिन आंधी-गरज के साथ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री और अधिकतम तापमान 29 से 33 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। शुक्रवार को भी बारिश की संभावना बनी हुई है।
बस्ती के नगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह कर्मादेवी विद्यालय के पास एक 36 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान महरीपुर निवासी सत्येंद्र (36) के रूप में हुई है। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे स्थानीय लोगों ने कर्मादेवी विद्यालय के पास सड़क किनारे एक युवक का शव पड़ा देखा। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान महरीपुर निवासी सत्येंद्र के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के कारणों का नहीं चला पता युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि शव कर्मादेवी विद्यालय के पास कैसे पहुंचा और घटना के पीछे क्या वजह रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
फरीदकोट में 50 ग्राम हेरोइन सहित फिरोजपुर के 3 युवक गिरफ्तार
फरीदकोट में 50 ग्राम हेरोइन सहित फिरोजपुर के 3 युवक गिरफ्तार
पानीपत नहर में डूबा बुजुर्ग:सुबह सैर के लिए निकले, फिर परिजनों को कहा- पूजा करने नहर पर आया हूं
पानीपत शहर के सेक्टर-29 निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग महावीर प्रसाद गोयल संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। वे गुरुवार सुबह घर से असंध नहर पर पूजा करने की बात कहकर निकले थे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी वापस घर नहीं लौटे। परिजनों ने हर संभावित स्थान पर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। पीड़ित परिवार ने थाना पुराना औद्योगिक पुलिस को शिकायत देकर बुजुर्ग की जल्द से जल्द तलाश कराने गुहार लगाई है। सुबह 5 बजे निकले थे घर से, 5:30 बजे आया था फोन थाना पुराना औद्योगिक पुलिस को दी लिखित शिकायत में सचिन गोयल निवासी सेक्टर-29, पानीपत ने बताया कि उनके ताऊ महावीर प्रसाद गोयल (उम्र करीब 78 साल) गुरुवार 6 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे घर से निकले थे। इसके बाद सुबह करीब 5:30 बजे उनके ताऊ जी का फोन आया, जिसमें उन्होंने बताया कि वे पूजा-अर्चना के लिए असंध नहर पर पहुंच गए हैं। नहर किनारे पहुंचे परिजन, नहीं हो पाया कोई संपर्क फोन आने के काफी समय बाद जब महावीर प्रसाद गोयल घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। परिवार के सदस्य उनकी तलाश करते हुए तुरंत असंध नहर के आसपास पहुंचे, लेकिन वहां उनका कोई सुराग नहीं मिला। उनका मोबाइल फोन व संपर्क भी नहीं हो पा रहा है।
पूछताछ में बताया गया कि वह स्काईमैक्स कंपनी के नाम पर युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पंजीकरण एवं ज्वाइंनिंग के नाम पर धनराशि वसूलते थे।
फर्रुखाबाद में मोटर पंप ठीक करते समय लगा करंट:युवक की मौत, पत्नी के सामने हुआ हादसा
फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र के परमपुर गांव में टिल्लू पंप ठीक करते समय करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। 26 वर्षीय अमरीश को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लोहिया ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब अमरीश अपने घर पर पानी वाला टिल्लू पंप ठीक कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, वह बिना बिजली काटे ही पंप की मरम्मत कर रहा था। इसी दौरान अचानक बिजली आ गई और उसे तेज करंट लग गया। अमरीश की पत्नी अर्चना भी उस समय वहीं मौजूद थीं। करंट लगने के बाद अमरीश अचेत हो गया। परिजन उसे तुरंत एक निजी वाहन से अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अमरीश क्षेत्र पंचायत सदस्य राम श्री के पुत्र थे और मेहनत-मजदूरी का काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी अर्चना और दो बच्चे, बेटी रुद्रा और बेटा सिया मन राम श्री हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य राम श्री ने बताया कि उनके पुत्र की मौत बिजली के करंट लगने से हुई है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
कानपुर: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे धंसा, कट संख्या 220 पर बना बड़ा गड्ढा
कानपुर: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे धंसा, कट संख्या 220 पर बना बड़ा गड्ढा
कोटकपूरा में अग्रवाल सेवा समिति की बैठक, महाराजा अग्रसेन जयंती को लेकर बनाई रूपरेखा
कोटकपूरा में अग्रवाल सेवा समिति की बैठक, महाराजा अग्रसेन जयंती को लेकर बनाई रूपरेखा
फिरोजाबाद में गैस सिलेंडर लीकेज से लगी आग:खाना बनाते समय मां और बेटी झुलसीं, पड़ोसियों ने बचाई जान
फिरोजाबाद के रामगढ़ थाना क्षेत्र में गैस सिलेंडर में लीकेज होने से रसोई में आग लग गई। हादसे में खाना बना रही मां और उसकी बेटी गंभीर रूप से झुलस गईं। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना गुरुवार रात चिस्ती नगर की है। यहां निवासी खुशनुमा अपनी बेटी के साथ घर में खाना बना रही थीं। इसी दौरान रसोई में रखे गैस सिलेंडर से गैस का रिसाव शुरू हो गया और देखते ही देखते आग भड़क उठी। आग की चपेट में आने से मां-बेटी गंभीर रूप से झुलस गईं। पड़ोसियों ने बचाई जान मां-बेटी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया और दोनों को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही रामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने हादसे के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। लीकेज को माना जा रहा कारण प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण गैस सिलेंडर में लीकेज माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सरयू खतरे के निशान से महज 12 सेमी दूर:अगले 24 घंटे हल्की से मध्यम बारिश के आसार,
अयोध्या जिले में लगातार हो रही बारिश से मौसम पूरी तरह सुहावना बना हुआ है। 24 घंटे में औसतन अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री नीचे रहा। तापमान में आई गिरावट से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। बारिश का असर अब सरयू नदी के जलस्तर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़कर 92.61 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से महज 12 सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन नदी किनारे रहने वाले लोगों और घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 95 प्रतिशत और न्यूनतम 86 प्रतिशत दर्ज की गई। दक्षिण-पूर्वी दिशा से 2.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। कुमारगंज कृषि मौसम वेधशाला में 12.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। अगले 24 घंटे भी बारिश के संकेत मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। अधिकांश स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी किनारे सतर्कता बरतने और बारिश के दौरान आवश्यक सावधानी अपनाने की अपील की है।
कैथल के पूंडरी व बाता में चोरी के मामलों का वांछित आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
पानीपत में सावन के दूसरे शुक्रवार पर शिवालयों और मंदिरों में किया जलाभिषेक, तड़के से लगा तांता
पानीपत में सावन के दूसरे शुक्रवार पर शिवालयों और मंदिरों में किया जलाभिषेक, तड़के से लगा तांता
कानपुर देहात में सड़क बनी दलदल:पांच गांवों के हजारों लोग जोखिम में आवागमन को मजबूर
कानपुर देहात के रसूलाबाद विकास खंड की पूरनपुरवा ग्राम पंचायत के सेहूघिरऊ गांव में विकास के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहां सेहूघिरऊ को भोलापुर से जोड़ने वाली सड़क बारिश के कारण पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर गई है। यह मार्ग अब दलदल में बदल चुका है, जिससे पांच गांवों के हजारों ग्रामीण प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को विवश हैं। ग्रामीणों मनीष, मंगल सिंह, पवन कुमार के अनुसार, यह समस्या वर्षों पुरानी है। सड़क के निर्माण और मरम्मत की मांग लगातार की जाती रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। बारिश शुरू होते ही पूरा मार्ग कीचड़ से भर जाता है, जिससे पैदल चलना भी कठिन हो जाता है। स्कूली बच्चों को फिसलन भरे रास्ते से स्कूल जाना पड़ता है, वहीं महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों को भी आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। कई बार वाहन इस दलदली मार्ग में फंस जाते हैं, जिससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने ग्राम प्रधान से लेकर संबंधित अधिकारियों तक कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन सड़क की स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के दौरान विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जनप्रतिनिधि और प्रशासन इस सड़क को भूल जाते हैं। लोगों में अब गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर जनआंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी।
दमोह-पन्ना मार्ग पर हटा थाना क्षेत्र के प्रेमपुरा गांव के पास गुरुवार रात एक स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से दो घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घायलों को तत्काल हटा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया था। यह दुर्घटना उस समय हुई जब चारों लोग सागर जिले के गढ़ाकोटा से टाइल्स खरीदकर वापस पन्ना जिले के सिमरिया गांव लौट रहे थे। घायलों के नाम घायलों की पहचान सिमरिया निवासी 50 वर्षीय रमेश अहिरवार, 26 वर्षीय पीयूष गुप्ता, 43 वर्षीय अशोक जैन और 48 वर्षीय कुंज बिहारी गुप्ता के रूप में हुई है। रमेश अहिरवार ने बताया कि वे सभी गढ़ाकोटा में टाइल्स खरीदने गए थे और गुरुवार रात घर लौटते समय प्रेमपुरा के समीप उनकी स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान अशोक जैन और कुंज बिहारी गुप्ता की स्थिति गंभीर पाई गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि घायल कुंज बिहारी गुप्ता सिमरिया से उमरी रोड पर एक मैरिज गार्डन बनवा रहे हैं। ये टाइल्स उसी मैरिज गार्डन में लगाई जानी थीं, जिसके लिए चारों लोग गढ़ाकोटा गए थे। हटा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। दो घायल जबलपुर रेफर जिला अस्पताल के प्रबंधक डॉक्टर सुरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि हटा सिविल अस्पताल से चार लोग रेफर होकर दमोह जिला अस्पताल आए थे। अशोक और कुंज बिहारी की हालत नाजुक होने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है अन्य दो घायलों का इलाज चल रहा है। घटनास्थल की अन्य तस्वीरें…
यूएपीए मामले की सुनवाई में देरी पर हाई कोर्ट सख्त, विशेष अदालत से मांगी रिपोर्ट
लखनऊ हाई कोर्ट ने दो आतंकियों के खिलाफ यूएपीए मामले की सुनवाई में लगातार हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है।
लखीमपुर खीरी में लखनऊ मार्ग पर अवैध डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अनुबंधित बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन की अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। गुरुवार को प्रशासन और बस संचालकों के बीच हुई वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद बसों का संचालन ठप रहा। हरदोई रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) गौरव वर्मा और लखीमपुर डिपो की सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) गीता सिंह ने बस संचालकों के साथ वार्ता की। बैठक में हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी और वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई। वार्ता विफल होने के बाद एसोसिएशन के पदाधिकारी और बस संचालक एलआरपी चौराहे पर एकत्र हुए। उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया और अवैध डग्गामार वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग दोहराई। डग्गामार वाहनों से आर्थिक नुकसान का आरोप प्रदर्शनकारी बस संचालकों का कहना है कि लखनऊ मार्ग पर अवैध रूप से संचालित डग्गामार वाहनों के कारण अनुबंधित बसों के यात्री प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई तक जारी रहेगी हड़ताल यूनियन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक डग्गामार वाहनों के खिलाफ स्थायी और प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी और बसों का संचालन शुरू नहीं होगा। धरना-प्रदर्शन में यूनियन अध्यक्ष श्रवण गुप्ता, प्रेम प्रकाश वाजपेयी, रितेश श्रीवास्तव, गुल्लू राना, अमन, मुदित, प्रदीप पटेल, केसी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में बस संचालक मौजूद रहे।
मुज़फ़्फ़रनगर। कांवड़ यात्रा अपने अंतिम और सबसे संवेदनशील चरण में पहुंच चुकी है। लाखों-करोड़ों शिवभक्तों की सुरक्षित और सुचारु यात्रा सुनिश्चित करने के लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। गुरुवार देर रात करीब 12 बजे मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के साथ कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया, अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और रास्ते में शिवभक्तों से बातचीत कर उनकी यात्रा का हाल भी जाना। इस बार की कांवड़ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था का सबसे अलग और महत्वपूर्ण पहलू शहर की हृदयस्थली शिव चौक पर पहली बार बनाया गया पुलिस मोर्चा रहा। आबकारी पुलिस चौकी के ठीक बाहर विशेष रूप से यह मोर्चा तैयार किया गया है, जहां जमीन से लगभग चार से पांच फुट ऊंचा रैंप बनाकर उस पर मिट्टी से भरे बोरे लगाए गए हैं। इस अस्थायी सुरक्षा संरचना पर हथियारों से लैस पुलिसकर्मी लगातार तैनात रहकर पूरे क्षेत्र पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। पुलिस के अनुसार शिव चौक कांवड़ यात्रा का सबसे व्यस्त और संवेदनशील स्थानों में शामिल है, जहां चौबीसों घंटे लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। इसी को देखते हुए इस बार पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर अतिरिक्त रणनीतिक इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह की बॉर्डर जैसी सुरक्षा व्यवस्था देखी है। इससे पहले कभी शिव चौक पर इस प्रकार का पुलिस मोर्चा नहीं बनाया गया था। कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद पुलिस, प्रशासन, पीएसी, एटीएस, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। देर रात हुए निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश भी दिए।
हजारीबाग में दीवार ढहने से मिला पूर्वजों का खजाना, चांदी के सिक्कों से भरा घड़ा देख लोग हैरान
हजारीबाग के टाटीझरिया प्रखंड के अमनारी गांव में बारिश से एक पुरानी मिट्टी की दीवार ढह गई। मलबे में चांदी के सिक्कों से भरा एक गगरा (घड़ा) मिला, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से भीड़ उमड़ पड़ी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले विधायक संजय शर्मा:अनूपशहर के विकास और प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा
अनूपशहर के विधायक संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अनूपशहर विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और विभिन्न समस्याओं के समाधान पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में क्षेत्र की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री को किसानों और कृषि से संबंधित मुद्दों से अवगत कराया। उन्होंने क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के विस्तार पर भी चर्चा हुई। विधायक ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, सड़कों के निर्माण व मरम्मत, निर्बाध बिजली आपूर्ति और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने का अनुरोध किया। विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने हेतु ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी। इस अवसर पर विधायक संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और पारदर्शी सुशासन की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन में अनूपशहर विधानसभा क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि आपसी समन्वय और सकारात्मक सोच के साथ जनता के हितों के लिए एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। इस सकारात्मक पहल से अनूपशहर क्षेत्र में विकास कार्यों की गति और तेज होने की उम्मीद है।
गाजीपुर नगर के विकास कार्यों के लिए विनियमित क्षेत्र मद से लगभग 6 करोड़ रुपये की राशि खर्च करने का निर्णय लिया गया है। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने इस पहल के लिए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डीएम से मुलाकात कर शहर की जल निकासी, नाली, फुटपाथ और सड़कों के निर्माण को योजनाबद्ध तरीके से कराने की मांग की। विजय मिश्र ने बताया कि सीवर और वाटर लाइन बिछाने के कारण नगर की अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। उन्होंने सभी वार्डों की जल निकासी व्यवस्था को आपस में जोड़ने के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का सुझाव दिया। इसका उद्देश्य भविष्य में जलभराव की समस्या को रोकना है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जल निकासी के लिए पहले भी एक सर्वेक्षण कराया गया था, जिसका उपयोग मौजूदा कार्यों में किया जा सकता है। मिश्र ने सुझाव दिया कि सड़क निर्माण से पहले सीवर, वाटर लाइन और अन्य विभागों के सभी संबंधित कार्य पूरे किए जाएं। इसके बाद, पहले नाली, फिर फुटपाथ और अंत में सड़क का निर्माण किया जाए। इस क्रम से सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रहेंगी और सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं होगा। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने इस संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पंजाब कांग्रेस में चल रही घमासान के बीच पार्टी सुप्रीमो राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को फेवरेट लीडर बताकर उनकी तारीफ कर डाली। राहुल गांधी ने जैसे ही कैप्टन अमरिंदर सिंह की तारीफ की वैसे ही पंजाब कांग्रेस में खलबली मच गई। अटकलें लगाई जा रहे हैं कि कहीं पंजाब में गुटबाजी को खत्म करने के लिए राहुल गांधी कैप्टन की कांग्रेस में एंट्री तो नहीं करवा रहे। गुरुवार को दिल्ली में जेन-जी के साथ राहुल गांधी ने इंट्रेक्शन किया। इसी दौरान एक युवा ने राहुल से पूछ लिया कि बीजेपी में आपका फेवरेट लीडर कौन है तो राहुल गांधी ने कह दिया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह मेरे फेवरेट लीडर हैं। राहुल गांधी ने कैप्टन को कूल लीडर के साथ आर्मी हिस्ट्री का एक्सपर्ट भी बताया। यही नहीं राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ काम किया और उसी दौरान उन्होंने अनुभव किया कि कैप्टन बहुत कूल माइंड के नेता हैं। आखिर में राहुल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को हेलो कैप्टन अंकल भी कहा। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो पोस्ट किया है। इसके अलावा शुक्रवार सुबह होते ही वीडियो वायरल होने लगा है और पंजाब में लोग कैप्टन की कांग्रेस में वापसी की अटकलें लगाने लगे हैं। राहुल गांधी के इस वीडियो के क्या मायने, जानिए... *********** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब सांसद ने कहा था- 'कंप्रोमाइज्ड लीडर नहीं चाहिए': कांग्रेस चीफ राजा वड़िंग के 6 घंटे के 13 भाषण, CM मान-AAP सरकार पर 16 मिनट बोले पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बीच गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर रंधावा ने 11 जुलाई को कहा था- हमें ठोककर बोलने वाला लीडर चाहिए, हमें कंप्रोमाइज्ड लीडर नहीं चाहिए। उस वक्त पूर्व CM चरणजीत चन्नी भी उनके साथ खड़े थे। रंधावा ने किसी का नाम नहीं लिया था। हालांकि, उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा रही कि उनका इशारा कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की ओर है। (पढ़ें पूरी खबर)
वाराणसी के कैंट थानाक्षेत्र के वरुणा पुल के पास वरुणा नदी में ऑटो चालक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। वरुणा पुल पर लावारिस ऑटो खड़े होने की सूचना पर कचहरी चौकी इंचार्ज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। ऑटो के अंदर तेजाब की बोतल मिली। जिसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की तो एक लाश वरुणा नदी में उतराई हुई मिली। जिसपर पुलिस ने ऑटो के नंबर और परिजनों को सूचना दी और शव को बाहर निकलवाया और मोर्चरी में भेज दिया। मौके पर पहुंचे मृतक के बेटे ने आरोप लगाया की पापा ने कहा था की तीन दिन से उनका कोई पुलिस वाला पीछा कर रहा है। फिलहाल पुलिस प्रकरण की जांच में लग गई है। सीसीटीवी फुटेज से घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। लावारिस ऑटो खड़े होने की सूचना पर पहुंची थी पुलिस कैंट थाने की पुलिस को लोगों ने सूचना दी थी की वरुणा पुल पर एक लावारिस ऑटो संख्या UP 65 ET 8037 खड़ा है। जिसमें आगे तेज़ाब की बोतल रखी हुई है। इसपर मौके पर फौरन चौकी इंचार्ज कचहरी पहुंचे और ऑटो के संबंध में जानकारी जुटाई तो ऑटो राजेंद्र प्रसाद गुप्ता के नाम पर रजिस्टर्ड मिला। इसपर चौकी इंचार्ज ने फोन किया तो उन्होंने बताया की उनका ऑटो ज्ञानचंद सोनकर चलाता है। इसपर उसका नंबर लेकर उसके परिजनों को काल की गई। मौके पर पहुंचे लड़के ने लगाया आरोप मौके पर सूचना के बाद ज्ञानचंद सोनकर का लड़का आशीष सोनकर मौके पर पहुंचा। पुलिस ने ऑटो की शिनाख्त करवाई। उसके बाद सर्च किया तो एक शव वरुणा में उतराया हुआ मिला। जिसकी पहचान उसके बेटे आशीष ने ज्ञानचंद के रूप में की। आशीष ने बताया सावन में सब लोग अयोध्या गए थे लेकिन पिता जी नहीं गए थे। पिछले तीन दिन से वह यह बात कह रहे थे की कोई पुलिस वाला उनका पीछा कर रहा है। और आज उनका शव मिला है। पुलिस जांच में जुटी कैंट थाना प्रभारी राज किशोर पांडेय ने बताया - शव को पानी से बाहर निकालकर मोर्चरी भेजवा दिया गया है। आज शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों के तहरीर के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज पुलिस चेक कर रही है। आशीष सोनकर, ज्ञानचंद
सीतापुर के हरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कक्षा 11 के छात्र विकास की मौत के मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में उपचार में चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) की जांच रिपोर्ट के अनुसार उपलब्ध चिकित्सकीय अभिलेखों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अस्पताल की ओर से इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही प्रमाणित नहीं पाई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र की मौत का कारण सेप्टीसीमिक शॉक और सेप्टीसीमिया के कारण उत्पन्न इफ्यूजन बताया गया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राम कल्याणपुर, थाना हरगांव निवासी 15 वर्षीय विकास पुत्र सतीश को 6 अगस्त की सुबह करीब 7:55 बजे परिजन निजी वाहन से सीएचसी लेकर पहुंचे थे। उस समय उसकी सांसें तेज चल रही थीं और वह अर्धचेतन अवस्था में था। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सीएमओ ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजते हुए स्पष्ट किया कि उपलब्ध तथ्यों और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर अस्पताल के उपचार में किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही सिद्ध नहीं होती है। परिजनों ने लगाए थे गंभीर आरोप घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ पर गलत इलाज का आरोप लगाया था। पिता सतीश का कहना था कि बारिश में भीगने के बाद विकास को बुखार और खांसी हो गई थी। गुरुवार सुबह उसे इलाज के लिए सीएचसी हरगांव लाया गया, जहां डॉक्टर पंकज कुमार के निर्देश पर कंपाउंडर ने दो इंजेक्शन लगाए। परिजनों का आरोप था कि इंजेक्शन लगते ही विकास की हालत बिगड़ गई, उसके मुंह से झाग निकलने लगा और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। उनका यह भी कहना था कि हालत गंभीर होने के बाद अस्पताल का स्टाफ मौके से हट गया। चार घंटे तक चला हंगामा छात्र की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने करीब चार घंटे तक अस्पताल परिसर में हंगामा किया था। सूचना पर थाना प्रभारी आनंद नारायण त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और समझाकर परिजनों को शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अब सीएमओ की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इलाज में लापरवाही का आरोप पुष्ट नहीं हुआ है। हालांकि, मामले में परिजनों के आरोप और जांच रिपोर्ट को लेकर आगे की कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर नियमानुसार की जाएगी।
अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र में शुक्रवार को 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कुमारगंज पर टेस्टिंग के चलते सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान उपकेंद्र से जुड़े सभी 11 केवी फीडर प्रभावित रहेंगे और करीब 32 हजार उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिलेगी। टेस्टिंग के चलते बंद रहेंगे सभी फीडर विद्युत वितरण खंड मिल्कीपुर के अधिशासी अभियंता वरुण सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के उद्देश्य से उपकेंद्र पर तकनीकी अनुरक्षण और टेस्टिंग का कार्य कराया जा रहा है। इसके कारण सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सभी 11 केवी फीडरों की बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बारिश के बाद बढ़ी ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या उन्होंने बताया कि बारिश के बाद क्षेत्र में लाइन ट्रिपिंग और फॉल्ट की शिकायतें लगातार बढ़ी हैं। पेड़ों की बढ़ी हुई टहनियां बिजली लाइनों से टकराने के कारण बार-बार बिजली बाधित हो रही है। इसे देखते हुए लाइनों की जांच, पेड़ों की छंटाई, फॉल्ट सुधार और अन्य तकनीकी कार्य भी किए जाएंगे। शाम 5 बजे के बाद बहाल होगी आपूर्ति अधिशासी अभियंता ने बताया कि अनुरक्षण कार्य पूरा होने के बाद शाम 5 बजे के बाद चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इस कार्य के बाद ट्रिपिंग और तकनीकी खराबियों में कमी आएगी तथा क्षेत्र के लोगों को अधिक विश्वसनीय और बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
शहडोल संभाग की एंबुलेंस मरम्मत के लिए उमरिया पहुंचीं:बैकअप की कमी, 8 से अधिक एंबुलेंस खराब
शहडोल संभाग में संचालित 108 और जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उमरिया जिले के साथ-साथ शहडोल और अनूपपुर जिलों की एंबुलेंस की मरम्मत भी उमरिया में ही कराई जाती है। इन खराब वाहनों को मरम्मत के लिए 70 से 120 किलोमीटर तक की दूरी तय कर उमरिया लाना पड़ता है। इससे मरम्मत कार्य में अधिक समय लगता है, जिससे आपातकालीन सेवाओं का संचालन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। जिला मुख्यालय स्थित नए बस स्टैंड क्षेत्र में एक निजी मैकेनिक के यहां एंबुलेंसों की मरम्मत की जा रही है। वर्तमान में शहडोल और अनूपपुर जिले की लगभग आठ एंबुलेंस मरम्मत के लिए उमरिया में खड़ी हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जिन वाहनों की मरम्मत चल रही है, उनकी जगह मरीजों की सेवा के लिए पर्याप्त बैकअप वाहन उपलब्ध हैं या नहीं। विशेषकर बारिश के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ने और हायर सेंटर के लिए एंबुलेंस की आवश्यकता होने पर यह समस्या और गंभीर हो जाती है। पहले जबलपुर भेजते थे 108 और जननी एक्सप्रेस के जिला प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि तीनों जिलों की एंबुलेंस की मरम्मत उमरिया में ही होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले वाहनों को मरम्मत के लिए जबलपुर भेजा जाता था, लेकिन अब यह कार्य उमरिया में ही किया जा रहा है। इन सेवाओं का संचालन जय अम्बे इमरजेंसी सर्विस द्वारा किया जाता है।
पंचकूला: 684 डिफॉल्टरों का 36 करोड़ बकाया, निगम ने थमाया आखिरी नोटिस; अब सील होंगी संपत्तियां
पंचकूला में 36 करोड़ रुपये से अधिक के प्रॉपर्टी टैक्स बकाया को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए दो लाख रुपये से अधिक बकाया रखने वाले 684 प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टरों को दूसरा नोटिस जारी कर दिया है।
सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल शुरू होने का इंतजार कर रहे मरीजों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। पहले दो फ्लोर का काम 15 अगस्त तक पूरा होना था, लेकिन निर्माण कार्य में देरी होने से अब इसके मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। कॉन्ट्रेक्टर का कहना है कि मार्च के बाद से राज्य सरकार की ओर से पेमेंट नहीं मिलने और मंजूरियों में देरी के कारण काम प्रभावित हुआ है। पेमेंट और मंजूरियों में देरी से अटका निर्माण कार्य सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का निर्माण तय समय से पीछे चल रहा है। कॉन्ट्रेक्टर मनीष सिंघल ने बताया कि हॉस्पिटल का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जा रहा है, लेकिन मार्च के बाद से राज्य सरकार की ओर से भुगतान नहीं मिला है। वहीं चौथे फ्लोर की मंजूरी करीब छह महीने पहले मिली, जबकि उसकी ड्राइंग तीन महीने पहले उपलब्ध कराई गई। अब निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नया हॉस्पिटल बनने से जिला अस्पताल का घटेगा दबाव मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल शुरू होने के बाद जिला अस्पताल का काफी बोझ कम होने की उम्मीद है। फिलहाल जिला अस्पताल में जगह की कमी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भीड़ रहती है और बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। पार्किंग, वेटिंग एरिया और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर की सुविधा नई बिल्डिंग में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसके अलावा इमरजेंसी, रजिस्ट्रेशन काउंटर, दवा वितरण केंद्र और मरीजों के इंतजार के लिए अलग वेटिंग एरिया बनाया गया है। यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑपरेशन थिएटर भी तैयार किए जा रहे हैं। यही वजह है कि जिले के लोग मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लगातार हो रही मॉनिटरिंग निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बी.पी. मीणा और आरएसआरडीसी के परियोजना निदेशक लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पहले मेडिकल कॉलेज भवन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद प्रिंसिपल ने निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने के लिए पत्राचार भी किया था। अब निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि भविष्य में किसी तरह की गुणवत्ता संबंधी शिकायत न रहे।
कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर देश और कोटा का नाम रोशन करने वाली अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी का गुरुवार को गृहनगर कोटा पहुंची। जयपुर एयरपोर्ट से कोटा तक करीब 250 किलोमीटर के सफर में उन्हें पहुंचने में दो दिन लग गए। इस दौरान रास्ते में करीब 150 से 200 स्थानों पर सामाजिक संगठनों, खेल प्रेमियों और नागरिकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। जयपुर एयरपोर्ट पर अरुंधति के स्वागत के लिए उनके पिता, माता, चाचा, भाई, मामा, मौसी, बुआ सहित पूरा परिवार मौजूद रहा। देर रात जब वह कुन्हाड़ी स्थित अपने घर पहुंचीं तो उनकी मां ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया। आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े घर में प्रवेश करते ही अरुंधति अपनी मां के गले लगकर भावुक हो गईं और आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। इसके बाद उन्होंने अपना स्वर्ण पदक मां के गले में पहनाकर इस उपलब्धि को परिवार को समर्पित किया। यह भावुक दृश्य देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। खेल प्रेमिओं ने किया जोरदार स्वागत कोटा में उनके सम्मान में नागरिक अभिनंदन समारोह का भी आयोजन किया गया। बूंदी रोड स्थित तिरुपति रिसॉर्ट के बाहर आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उनका स्वागत किया। समारोह में अरुंधति को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। ओम बिरला का आभार जताया अरुंधति चौधरी ने कहा कि इस सफलता के पीछे उनके परिवार, प्रशिक्षकों और कोटा की जनता का प्यार और आशीर्वाद है। उन्होंने ओम बिरला का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रोत्साहन और प्रेरणा ने हमेशा आगे बढ़ने का हौसला दिया। कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण भी किया गया।
नागौर के डांगावास हत्याकांड का बहुचर्चित प्रकरण। करीब 11 साल पहले 5 दलितों की हत्या हुई। सीबीआई जांच के बाद मेड़ता की विशेष अदालत में लंबा ट्रायल चला। बुधवार को जजमेंट आया और सभी 40 आरोपी संदेह के लाभ में बरी हो गए। भास्कर ने कोर्ट के फैसले की कॉपी का एनालिसिस किया। साथ ही दोनों पक्षों की अंतिम बहस को खंगाला। ये पता लगाने का प्रयास किया कि आखिर सीबीआई टीम के तर्क कोर्ट ट्रायल में कहां कमजोर पड़ गए। पढ़िए- इस मामले में दोनों पक्षों ने क्या-क्या तर्क दिए और कहां CBI कमजोर पड़ गई? आरोपियों के वकीलों ने CBI इन्वेस्टिगेशन को बताया दूषित पहला तर्क : CBI ने अपनी चार्जशीट में कुल 40 आरोपी नामजद किए थे। इनके खिलाफ 14 अलग-अलग धाराओं में आरोप लगाए थे। आरोपियों के वकीलों ने बहस में सबसे पहले विवादित 23 बीघा जमीन के कब्जे पर तर्क दिए। कोर्ट को बताया- जमीन पर पीड़ित पक्ष का नहीं आरोपी पक्ष का कब्जा था। मौखिक बयानों से ये साबित भी होता है। बस्तराराम ने जमीन गिरवी रखकर 1500 रुपए उधार लिए थे। पैसे नहीं चुकाने पर जमीन का बैनामा (विक्रय पत्र) लिखा गया। लेकिन अनुसूचित जाति के व्यक्ति की जमीन सामान्य जाति के व्यक्ति को बेची नहीं जा सकती थी, इसलिए कागजों में बैनामा अनुसूचित जाति के ही व्यक्ति के नाम पर किया गया था। लेकिन वास्तविक कब्जा 1964 से लगातार आरोपी पक्ष का ही चला आ रहा है। विवादित जगह को लेकर राजस्व कोर्ट ने घटना से एक दिन पहले ही अस्थायी निषेधाज्ञा (मुकदमे की सुनवाई के दौरान किसी संपत्ति को यथास्थिति रखना) के आदेश दिए थे। आरोपी तो केवल अपनी कब्जे वाली जमीन वापस पाने के लिए पंचायत का फैसला करवाने के लिए वहां इकट्ठा हुए थे। दूसरा तर्क : आरोपियों ने पहले अवैध कब्जा हटाने के लिए शांतिपूर्ण निवेदन किया था। परिवादी पक्ष 10 मई 2015 को पंचायत में बुलाने पर भी नहीं गया। इसके बाद 14 मई 2015 को फिर से पंचायत के मकसद से ही गांव के लोग जमा हुए थे। यह कोई प्री प्लांड हमला नहीं था। दूसरी तरफ परिवादी पक्ष ने अन्य गांवों से अपने कई रिश्तेदारों को इकट्ठा कर रखा था। उन हालात में दोनों समूहों के बीच अचानक झगड़ा हो गया था। घटना में फायरिंग से आरोपी पक्ष के रामपाल पुरी की मौत हुई। एक शख्स रामदेव खदाव घायल हुआ। ये घटनाएं एकपक्षीय हमले को झूठा साबित करती हैं। आरोपियों ने ही पीड़ितों को चोट पहुंचाई और उनकी हत्या की हो, यह साबित नहीं होता है। आरोपियों को भी अपनी जान-माल की रक्षा का अधिकार था। तीसरा तर्क : पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) में केवल 6 व्यक्तियों को ही नामजद किया था। अगले दिन 13 नाम जोड़े गए, जिसमें परिवादी पक्ष की जाति के भी 2 नाम शामिल थे। मुख्य गवाह ने स्वयं स्वीकार किया कि उसने घबराहट में नाम लिखवाए थे। इसके बाद 40 आरोपी बनाए, जबकि उनकी कोई शिनाख्त-परेड नहीं करवाई गई थी। एक ही गवाह के पुलिस, सीबीआई और कोर्ट के बयानों में बड़ा विरोधाभास है। इसमें ऐसे व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया, जिनकी घटनास्थल पर उपस्थिति ही नहीं थी। पीड़ित पक्ष के गवाहों ने भी रामदेव सहित कुछ आरोपियों की घटनास्थल पर अनुपस्थिति कोर्ट ने भी स्वीकार की है। बचाव पक्ष ने इन्वेस्टिगेशन को ही दूषित करार दिया। चौथा तर्क : सीबीआई टीम यह साबित करने में विफल रही कि किस व्यक्ति ने क्या क्राइम किया। घायल व्यक्ति भी हमलावरों को पहचान नहीं पाए। केवल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर अपराध साबित नहीं होते। 5 लोगों की हत्या के लिए आरोपी ही जिम्मेदार हैं, इसका भी कोई ठोस सबूत नहीं है। सीबीआई टीम अपनी जांच में तथ्यों के डाउट्स क्लियर नहीं कर पाई है, ऐसे में सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी किया जाए। अब सीबीआई टीम की बहस सुनिए, वकील बोले- अनाज को भूसे से अलग करना कोर्ट का कर्तव्य पहला तर्क : पीड़ित पक्ष से CBI के विशेष लोक अभियोजक ने आरोपी पक्ष के वकीलों के तर्कों का विरोध किया। सबसे पहले ये बताया कि- सभी आरोपी गैंग बना कर, 3 ट्रैक्टरों व लगभग 50 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर, घटनास्थल पर पीड़ित पक्ष पर हमला करने आए थे। संगठित और हमलावर होकर आने का ये तरीका ही उनका मोटिव साबित करता है। आरोपी वहां जानलेवा हथियार लाठी, हॉकी, हैमर, धारदार हथियार और वाहन के साथ पहुंचे थे। मतलब पूरी तैयारी के साथ पीड़ित पक्ष पर हमला करने, उनकी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और उन्हें जान से मारने तक की तैयारी के साथ आए थे। ऐसे में आरोपियों का घटना का मोटिव पूरी तरह से साबित हो जाता है। 149 भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार जब ये साबित हो जाए कि हत्या के आरोपी अवैध भीड़ के सदस्य हैं और भीड़ द्वारा की गई घटना का मोटिव क्लियर हो जाए तो उस भीड़ के अपराध में सभी सदस्य बराबर के दोषी हो जाते हैं। सभी का अलग-अलग अपराध सिद्ध करना महत्वपूर्ण नहीं रह जाता। सभी आरोपियों ने एक ही इरादे से परिवादी पक्ष के साथ संगीन मारपीट की। उनकी झोपड़ी और कमरे को ध्वस्त कर दिया। ट्रैक्टरों से पीड़ित पक्ष के लोगों को कुचल दिया और जानलेवा हमला किया। इस घटना में 11 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए और 5 व्यक्तियों की मौत हो गई। ऐसे नृशंस हत्याकांड के आरोपियों को मामूली विरोधाभास पर संदेह का लाभ नहीं दिया जा सकता। दूसरा तर्क : घायल गवाहों की घटनास्थल पर मौजूदगी उनकी चोटों से स्वयं ही साबित होती है। कानून में घायल गवाहों का विशेष महत्व है। उनकी गवाहियों में मामूली विरोधाभासों से पूरा इन्वेस्टिगेशन अविश्वसनीय नहीं हो जाता। अनाज को भूसे से अलग करना कोर्ट का कर्तव्य है। आरोपियों की घटनास्थल पर अनुपस्थिति नहीं मानी जा सकती, क्योंकि इन्वेस्टिगेशन के दौरान उन्हीं की सूचनाओं के आधार पर इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी हुई थी, जिन पर ह्यूमन ब्लड पाया गया। घायल पीड़ितों ने आरोपियों द्वारा मारपीट कर चोटें पहुंचाने की गवाही भी दी है। तीसरा तर्क : घटना के समय विवादित जमीन पर पीड़ित पक्ष का ही वास्तविक कब्जा था। वहां, उनका बनाया पक्का कमरा, झोपड़ी, वाहन व उनके परिवारजन मौजूद थे। यह फैक्ट साफतौर पर साबित है। राजस्व अभिलेख में खातेदारी भी रतनाराम के नाम दर्ज थी, जहां तक पक्षकारों के बीच राजस्व न्यायालय में विवाद, रुपयों के लेनदेन व कथित अवैध बैनामा का सवाल है, इन आधारों पर आरोपियों को ऐसे सीरियस क्राइम में संदेह का लाभ नहीं दिया जा सकता। जहां राजस्व न्यायालय में पेंडेंसी हो, वहां कानून हाथ में लेकर सैकड़ों की भीड़ के साथ हथियारों से लैस होकर आक्रमण करना निजी प्रतिरक्षा नहीं, बल्कि आक्रामकता है। आरोपियों ने कानून को हाथ में लेकर सीरियस अपराध किया है, जिसके लिए वे पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। चौथा तर्क : रामपाल पुरी की मौत के मामले में अलग मामला दर्ज कर जांच हुई थी, उसमें ऐसा कोई एविडेंस नहीं मिला कि परिवादी पक्ष ने गोली चलाकर हत्या की हो। ऐसे में इस मौत का इस मामले पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। अगर जांच में कोई गलती रही भी हो तो कानून के अनुसार दोषपूर्ण इन्वेस्टिगेशन का लाभ आरोपियों को नहीं दिया जा सकता, जबकि उसके खिलाफ अन्य विश्वसनीय एविडेंस उपलब्ध हों। ऐसे में आरोपियों को उनके इस सीरियस अपराध के लिए सख्त से सख्त सजा से दंडित किया जाना चाहिए। … डांगावास हत्याकांड से जुड़ी ये खबर भी पढ़ेंःराजस्थान- मारपीट-ट्रैक्टर से कुचलकर हुई थी 5 दलितों की हत्या:मर्डर करने वालों को नहीं ढूंढ पाई CBI; जानें- क्यों छूट गए सारे आरोपी कोर्ट ने 245 पन्नों के अपने फैसले में साफ लिखा- पांचों मौतें 14 मई 2015 की हिंसक घटना में हुईं। लेकिन इसे कारित करने वाले कौन हैं? …(CLICK कर पढ़ें) 5 दलितों की हत्या में 40 आरोपी बरी:11 साल पहले डांगावास में हुआ था खूनी संघर्ष; पीड़ित पक्ष बोला- सभी बरी तो हत्या किसने की? नागौर के डांगावास में 11 साल पहले 23 बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद में 5 दलितों की हत्या कर दी गई थी। बुधवार को मेड़ता के एससी-एसटी स्पेशल कोर्ट के जज आशीष बिजराणियां ने फैसला सुनाते हुए सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया। (CLICK कर पढ़ें)
बिजनौर में पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद गंगा नदी उफान पर है। बढ़ते जलस्तर के कारण बिजनौर-बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर पानी भर गया है। हाईवे पर कई स्थानों से गंगा का पानी बहने लगा है, जिससे खादर क्षेत्र के कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पानी में डूब गया है। कई हिस्सों में सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आधा दर्जन गांव बने टापू खादर इलाके के मीरापुर सीकरी, सलेमपुर, रायपुर खादर समेत करीब आधा दर्जन गांव चारों ओर से पानी से घिर गए हैं। गांवों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों पर कई फीट पानी भर जाने से ये गांव टापू जैसे दिखाई देने लगे हैं। बाढ़ जैसे हालात के बीच ग्रामीणों का सामान्य आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। एक गांव से दूसरे गांव तक पहुंचने के लिए लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ी का सहारा लेने को मजबूर हैं। तीन दिन बाद फिर बढ़ा जलस्तर चांदपुर के खादर क्षेत्र में तीन दिन पहले पानी उतरने से लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन शुक्रवार को गंगा का जलस्तर फिर बढ़ गया। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है और बाढ़ की आशंका गहरा गई है।
सीधी जिले के सोन नदी स्थित भवरसेन घाट पर शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। सुबह करीब 7 बजे मूसलाधार बारिश से सोन नदी का पुल पानी में डूब गया, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया। इस स्थिति से सीधी मुख्यालय और रामपुर नैकिन तहसील के लगभग 40 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। लगभग 500 मीटर लंबे इस पुल पर पानी भर जाने से सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है, जो यात्रियों और वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा कर रहा है। पहाड़ी से मिट्टी का कटाव बारिश का असर केवल पुल तक ही सीमित नहीं रहा। भवरसेन पहाड़ी के किनारे बनी सड़क पर लगातार मिट्टी का कटाव और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। पहाड़ी की तलहटी से मिट्टी और मलबा धीरे-धीरे खिसकने लगा है, जिससे यह कभी भी सड़क पर आ सकता है और मार्ग से गुजरने वालों की सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर लोगों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में ऐसी परेशानियों से बचा जा सके। मिट्टी खिसकने का वीडियो सामने आया रामपुर नैकिन थाना प्रभारी सुधांसु तिवारी ने बताया कि पहाड़ी की मिट्टी लगातार खिसक रही है और इसका वीडियो भी सामने आया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस मार्ग से केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही गुजरें और पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं मिट्टी या मलबा गिरता हुआ दिखाई दे तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। वाहन चालकों पर खतरा स्थानीय ग्रामीण शैलेंद्र सिंह सेंगर ने जानकारी दी कि क्षेत्र में मिट्टी का कटाव काफी तेज हो गया है। लगातार बारिश के कारण पुल के ऊपर पानी भर गया है, जिससे सड़क के गड्ढे अदृश्य हो गए हैं। ऐसे में वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
‘हम छोटे भाइयों की मदद करने आए हैं’, जयपाल मुंडा स्टेडियम में SDO ने JPSC अभ्यर्थियों से की बात
रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन जारी है, जिसके बाद सरकार ने उनसे बातचीत शुरू की है।
कानपुर में शुक्रवार तड़के से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 9 अगस्त तक हल्की से भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। गंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है और चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है।
बीएचयू में यूजी प्रवेश प्रक्रिया में दूसरे राउंड का सीट आवंटन शुरू हो गया। लगभग तीन हजार सीटों के लिए सीट आवंटन और कटऑफ जारी किया गया। पहले राउंड में स्नातक पाठ्यक्रमों में लगभग 6500 सीटें अभ्यर्थियों ने लॉक कर दी हैं। इनमें मुख्य परिसर, दक्षिणी परिसर और संबद्ध कॉलेजों की सीटें भी शामिल हैं। बीएचयू में स्नातक पाठ्यक्रमों की कुल 9400 सीटों के लिए पहले राउंड की सीट आवंटन प्रक्रिया पूरी हो गई है। देशभर से पंजीकरण करने वाले 93 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं में मेरिट के आधार पर लगभग साढ़े छह हजार ने अपनी सीटें लॉक की। गुरुवार की शाम दूसरे राउंड का सीट आवंटन राउंड भी शुरू हो गया। सीट लॉक करने के लिए अभ्यर्थियों को आठ अगस्त की रात 11:59 बजे तक का अवसर दिया गया है। इसके बाद बची हुई सीटों पर 12 अगस्त को तीसरे और 17 अगस्त को चौथे राउंड का सीट अलॉटमेंट किया जाएगा। सीटें शेष रहने की स्थिति में आगे स्पॉट राउंड की घोषणा की जाएगी। बीएचयू प्रवेश समिति अगस्त बीतने के साथ ही कक्षाएं शुरू करने की तैयारी में है। बीएफए और बीपीए के प्रैक्टिकल 8 अगस्त से केंद्रीय प्रवेश समिति के समन्वयक प्रो. भास्कर भट्टाचार्य ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षा वाले दो पाठ्यक्रमों बीएफए और बीपीए के प्रैक्टिकल भी 8 से 11 अगस्त के बीच कराए जाएंगे। इनमें बीएफए का प्रैक्टिकल नौ अगस्त और बीपीए का प्रैक्टिकल 8 से 11 अगस्त तक होगा। प्रैक्टिकल के बाद इन पाठ्यक्रमों की लगभग 1300 सीटों पर अलग से सीट आवंटन सूची जारी की जाएगी।
रायसेन में 12 दिन बाद बारिश:15 मिनट की तेज वर्षा से सड़कें तरबतर, किसानों को राहत
रायसेन जिले में 12 दिन के अंतराल के बाद शुक्रवार सुबह करीब 8:15 बजे बारिश हुई। लगभग 15 मिनट तक हुई तेज वर्षा से शहर की सड़कें तरबतर हो गईं और कई दिनों से बनी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। हालांकि, मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जैसी व्यापक बारिश की उम्मीद थी, वैसी स्थिति फिलहाल नहीं बन पाई है। इस बारिश से किसानों को सर्वाधिक राहत मिली है। पिछले कई दिनों से वर्षा न होने के कारण धान की फसल पर संकट गहरा गया था। खेतों में दरारें पड़ गई थीं और धान के पौधे मुरझाने लगे थे। किसानों को अब अगस्त महीने में अच्छी बारिश की उम्मीद है। उनका कहना है कि यदि अगस्त में पर्याप्त वर्षा हुई तो धान की फसल बच सकती है, अन्यथा भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। भू-अभिलेख शाखा के अनुसार, 1 जून से 6 अगस्त 2026 तक जिले में औसतन 448.63 मिमी (लगभग 17.66 इंच) वर्षा दर्ज की गई है। इसमें रायसेन में 14.57 इंच, गैरतगंज में 22.44 इंच, बेगमगंज में 21.36 इंच, सिलवानी में 14.28 इंच, गौहरगंज में 17.82 इंच, बरेली में 15.36 इंच, उदयपुरा में 20.83 इंच, बाड़ी में 16.71 इंच, सुल्तानपुर में 17.99 इंच और देवरी में 15.27 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। बीते 24 घंटे के दौरान जिले में औसतन केवल 1.22 मिमी (लगभग 0.05 इंच) वर्षा दर्ज हुई। इस अवधि में सिलवानी में 1 मिमी, गौहरगंज में 1.8 मिमी, बरेली में 2.8 मिमी, बाड़ी में 2.5 मिमी और देवरी में 4.1 मिमी बारिश हुई, जबकि अन्य वर्षामापी केंद्रों पर कोई वर्षा दर्ज नहीं की गई।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 7 अगस्त, दिन शुक्रवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिये दे सकते हैं।
अंबिका विहार में मकान का रिनोवेशन कार्य करा रहे अधिवक्ता पर डंडे से हमला कर दिया गया। इससे गुस्साए अधिवक्ता हल्द्वानी कोतवाली पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
हाथ जोड़कर माफी मांगते इस शख्स को रील का शौक महंगा पड़ गया। इंस्टाग्राम पर अपलोड करने के बाद पुलिस ने पकड़ा तो हाथ जोड़कर बोला- मैंने आस-पड़ोस के लोगों को डराया-धमकाया। मुझे पुलिस ने गिरफ्तार किया, जेल में डाला। आप सभी से निवेदन है कि ऐसा काम कभी मत करना। मामला बालोतरा के गिड़ा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एयरगन बरामद कर जब्त कर ली। बालोतरा एसपी राजेश कुमार कांवट ने बताया - 3 अगस्त को गिड़ा थाने में रिपोर्ट मिली कि पूनियों का तला निवासी सोनाराम (24) पुत्र नारायणराम एयरगन का प्रदर्शन कर लोगों को डरा-धमका रहा है। सोशल मीडिया पर भी रील पोस्ट की है। गांव से आरोपी गिरफ्तार, एयरगन जब्तएसपी ने बताया - सूचना मिलते ही गिड़ा थानाधिकारी बाबूलाल समेत टीम मौके पर पहुंची। मामले का सत्यापन किया। जांच में सामने आया कि एयरगन दिखाकर पड़ोसियों में डर का माहौल बना रहा था। 6 अगस्त की शाम को पूनियों का तला गांव से आरोपी को गिरफ्तार कर एयरगन जब्त कर ली गई। कार्रवाई में एएसआई रतिराम, कॉन्स्टेबल बींजाराम और ड्राइवर कॉन्स्टेबल फरसाराम शामिल रहे। रील बनाई, सोशल मीडिया पर डाली, फिर माफी मांगीपुलिस के अनुसार आरोपी ने बाइक के साइड में एयरगन रखकर रील बनाई थी। वीडियो में वह सड़क पर बाइक चलाते और फिर रोककर गाने के साथ रील बनाते हुए दिखाई दिया, जिसे 1 अगस्त को इंस्टाग्राम पर पर अपलोड कर दिया। एसपी ने बताया - सोशल मीडिया पर फेक, भ्रामक, आपत्तिजनक और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भिलाई के तालपुरी में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर केस के मुख्य आरोपी रवि शर्मा को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उसकी सजा बरकरार रखते हुए ट्रायल कोर्ट की फांसी की सजा को बदलकर बिना किसी छूट के आजीवन कारावास कर दिया है। यानी अब आरोपी रवि शर्मा को मरते दम तक जेल में रहना होगा। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए फांसी की सजा देना जरूरी नहीं है। बता दें कि निचली अदालत ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी। दरअसल, 21 जनवरी 2020 को तालपुरी के एक किराये के मकान में रवि शर्मा की पत्नी मंजू शर्मा, उनकी डेढ़ माह की बेटी और एन. राजू के शव मिले थे। आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए तीनों के शवों को जलाने की कोशिश की थी। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से मिला चिपकने वाला टेप घटनास्थल पर इस्तेमाल किए गए टेप से मेल खा गया। उसके पास से नींद की दवा एल्प्रेक्स 0.5 का खाली रैपर भी मिला। वहीं, दीवार पर लिखे गए नोट की लिखावट भी आरोपी की लिखावट से मिल गई। पहले देखिए ये तस्वीरें- फिल्मी तरीके से बनाई थी पूरी योजना आरोपी रवि शर्मा ने बेहद चालाकी से हत्या की पूरी योजना बनाई थी। खुद को मरा हुआ साबित करने के लिए उसने अनजान व्यक्ति एन. राजू की हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए तीनों शवों को गैस सिलेंडर से जलाने की कोशिश की। वारदात से पहले उसने पत्नी, अपनी डेढ़ माह की बेटी और एन. राजू को नींद की दवा एल्प्रेक्स 0.5 खिलाई। फिर उनके मुंह, हाथ और पैर पर टेप बांध दिया, जिससे दम घुटने से तीनों की मौत हो गई। बाद में आरोपी ने दीवार पर एक नोट लिखा, ताकि लोगों को लगे कि उसने पत्नी की बेवफाई से परेशान होकर आत्महत्या कर ली है, लेकिन मृतका की मां को आए एक अनजान फोन कॉल से मामले का खुलासा हुआ। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे तो घर के अंदर तीनों के शव मिले। इन सबूतों के आधार पर मिली थी फांसी की सजा जांच के दौरान आरोपी के पास से मिला चिपकने वाला टेप, मृतकों के मुंह और हाथ-पैर पर लगा टेप फोरेंसिक जांच में एक ही पाया गया। इसके अलावा आरोपी के पास से नींद की दवा एल्प्रेक्स 0.5 का खाली रैपर भी बरामद हुआ। घटनास्थल की दीवार पर लिखे गए नोट की लिखावट का मिलान हैंडराइटिंग विशेषज्ञों ने आरोपी की लिखावट से किया, जो पूरी तरह मेल खा गई। इन सभी सबूतों के आधार पर कोर्ट ने माना कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पूरी कड़ी सीधे आरोपी रवि शर्मा की ओर इशारा करती है। इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने कहा- अपराध गंभीर है, लेकिन फांसी जरूरी नहीं डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने हत्या के बाद सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की। उसने एक बेगुनाह की पहचान का इस्तेमाल कर खुद को मृत दिखाने की योजना बनाई। यह अपराध बेहद गंभीर, सुनियोजित और भरोसा तोड़ने वाला है, लेकिन यह ऐसा मामला नहीं है, जहां फांसी की सजा ही एकमात्र विकल्प हो। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी ने अपना गुनाह छिपाने के लिए एक बेगुनाह की हत्या की और अपनी पत्नी के विश्वास को भी तोड़ा। वारदात में उसकी क्रूरता और पूरी प्लानिंग साफ नजर आती है। फिर भी यह मामला 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए फांसी की सजा देना जरूरी नहीं है। कोर्ट ने आरोपी को आईपीसी की धारा 302 (तीन हत्याएं) और धारा 201 (सबूत मिटाने) के तहत दोषी माना। साथ ही कहा कि सामान्य आजीवन कारावास इस अपराध के लिए पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए उसे बिना किसी समयपूर्व रिहाई या कानूनी छूट के आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा दी गई है। हालांकि, संविधान के अनुच्छेद 72 और 161 के तहत राष्ट्रपति या राज्यपाल के समक्ष दया याचिका का अधिकार उसके पास बना रहेगा। ……………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… दुर्ग ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी को मौत की सजा: पत्नी-बेटी को जिंदा जलाया, खुद को मरा साबित करने मानसिक रोगी का गला घोंटा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में दुर्ग कोर्ट ने 6 साल बाद आरोपी रवि शर्मा को मौत की सजा सुनाई है। यह मामला 2020 का है, जिसमें आरोपी ने अपनी पत्नी और डेढ़ साल की मासूम बेटी की हत्या कर दी थी। उस पर किसी को शक न हो इसके लिए उसने एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को भी मार दिया, ताकि वो खुद को मरा हुआ साबित कर सके। पढ़ें पूरी खबर…
सिरसा कांग्रेस के पार्टी संगठन में गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी है और एक-दूसरे पर बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बैनिवाल ने विधायक गोकुल सेतिया की “साथ न चलने वाली पोस्ट” पर कहा, कांग्रेस का बड़ा परिवार है। इसमें मतभेद हो सकता है, मनभेद नहीं। जब वर्करों को जरूरत पड़ेगी तो विधायक उनके साथ होंगे और मैं उनके साथ खड़ी मिलूंगी। 9 तारीख वाली मीटिंग के लिए जिलाध्यक्ष ने कहा, मेरी ओर से भी विधायकों को निमंत्रण जाएगा और पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की ओर से भी निमंत्रण दिया जाएगा। इसे लेकर जिलाध्यक्ष संतोष बैनिवाल जिले के सभी हलकों में दौरा कर रही है और मीटिंग में ज्यादा से ज्यादा लोगों को पहुंचने का निमंत्रण दिया जा रहा है। इसी पर विवाद शुरू हो गया है। अब सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने लगातार चार पोस्टें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डाली है, जिसमें लिखा है कि अब ये जिलाध्यक्ष हमें राजनीति सिखाएगी और पहले नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा और मौजूदा सांसद कुमारी सैलजा और अब विधायकों के बारे में अनाप-शनाप बोल रही है। जो (जिलाध्यक्ष) अपने जेठ को ही राजनीतिक चप्पत लगाने की तैयारी में है। विधायक सेतिया ने थोड़े दिन की एक्सीडेंटल और जल्द पता चलने को बताया है। जानिए विधायक गोकुल सेतिया ने इन चारों पोस्ट में क्या लिखा पहली पोस्ट में लिखा-जो जेठ को राजनीतिक चप्पत लगाने के चक्कर में हैं, अपने घर की, अपने परिवार की सही नहीं, वो किसी और की क्या सगी होगी। माननीय जिला अध्यक्ष जी। दूसरी पोस्ट में लिखा-पहले हुड्डा जी के लिए गलत टिप्पणी नेता प्रतिपक्ष है, वो अब सैलजा जी के लिए भी, मौजूदा सांसद है और अब विधायकों के लिए भी। तुम हो के टोल थोड़े दिन की एक्सीडेंटल जिला अध्यक्ष जी बेरा पाट जावेगा जल्द। तीसरी पोस्ट में लिखा-शीशपाल जी, दूसरी बार के विधायक के लिए कालांवाली में जाकर क्या अनाप शनाप बोलकर आई ये सिरसा की जिलाध्यक्ष। पल्ले नी धेला करदी मेला मेला। चौथी पोस्ट में लिखा-अब ये जिलाध्यक्ष हमें राजनीति का पाठ पढाएगी। ऐसे करना अगला इलेक्शन। दड़बे से फिर से सरपंची का इलेक्शन लड़के देखना, औकात सामने आ जाएगी। खुद कहती थी जिला अध्यक्ष कांग्रेस ने ना बनाया तो बीजेपी में चली जाऊंगी।
Patna: 'हार नहीं, जनता के नेता बनकर उभरे' प्रशांत किशोर पर शत्रुघ्न सिन्हा का बड़ा बयान
Patna: 'हार नहीं, जनता के नेता बनकर उभरे' प्रशांत किशोर पर शत्रुघ्न सिन्हा का बड़ा बयान
धार के तिरला स्थित शासकीय सांदीपनी हाई सेकेंडरी स्कूल में आदिवासी छात्र-छात्राओं के आंदोलन के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रभारी प्राचार्य सीमा मिश्रा को विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) तिरला के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। यह आदेश 6 अगस्त 2026 को जारी हुआ। उनकी जगह शैलेन्द्र त्रिवेदी, उच्च माध्यमिक शिक्षक, शासकीय उमावि आहूं को अस्थायी रूप से बीईओ का दायित्व सौंपा गया है। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब शासकीय सांदीपनी हाई सेकेंडरी स्कूल के 11वीं और 12वीं कक्षा के आदिवासी छात्रों ने रसायन शास्त्र शिक्षिका दीपिका शक्तावत पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों ने उन पर जातिगत भेदभाव, मानसिक प्रताड़ना और अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है। छात्रों के अनुसार, पिछले लगभग एक वर्ष से उनके साथ कथित तौर पर भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा था। छात्रों ने कई बार शिकायतें की थींछात्रों ने कई बार लिखित शिकायतें दी थीं और 20 जुलाई को अभिभावकों ने भी आवेदन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 28 जुलाई को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं लगभग 8 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने शिक्षिका को हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। छात्रों ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य पारुल जैन को सौंपे ज्ञापन में प्रभारी प्राचार्य सीमा मिश्रा और संबंधित बीईओ पर भी आरोप लगाए। इन आरोपों में शिकायतों की अनदेखी, छात्रों को डराना-धमकाना और छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं में अनियमितताएं शामिल थीं। सहायक आयुक्त पारुल जैन ने छात्रों को निष्पक्ष जांच और एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था। जनजातीय कार्य विभाग ने प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए सीमा मिश्रा को बीईओ तिरला के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया। आदेश में इस बदलाव का कारण शैक्षणिक एवं प्रशासकीय कार्य सुविधा बताया गया है। शैलेन्द्र त्रिवेदी को अस्थायी रूप से विकासखंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है।
वाराणसी डॉ भीमराव आंबेडकर स्टेडियम, लालपुर में खिलाड़ियों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह मुकदमा स्टेडियम के चौकीदार छविनाथ दुबे की तहरीर पर दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस ने 14 नामजद और 250 अज्ञात पर FIR लिखी है। जिनकी तलाश सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है। कहासुनी के बाद हुई थी मारपीट स्टेडियम के चौकीदार छविनाथ दुबे ने पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया - बुधवार की सुबह एथलटिक्स ट्रेक पर एक स्टेडियम के खिलाड़ी और एक आउटसाइडर में दौड़ने को लेकर कहासुनी होने लगी। मौके पर पहुंचे कोच और अन्य खिलाड़ियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला और मामला शांत करवा दिया। इसके कुछ ही देर बाद 250 की संख्या में आउटसाइडर्स हाथों में डंडा और रॉड लेकर स्टेडियम में आये और सीधे एथलेटिक्स छात्रावास की तरफा बढ़ गए और यहां तोड़फोड़ करने लगे। इसके बाद वहां मौजूद निहत्थे खिलाड़ी जो भी मिला उसे मारने लगे। किसी तरह बचाई जान, करते रहे तोड़फोड़ छविनाथ दुबे ने बताया - कसी तरह खिलाड़ियों ने खुद को वहां से भागकर बचाया। लेकिन उत्पाती आउटसाइडर्स यहीं नहीं रुके वो हस्टल में घुस गए और वहां रखा सामान तोड़ने लगे। जिसमें सीसीटीवी कैमरा, टीवी, फ्रिज, खिड़कियां, मेस में रखा खाने का समाना तोड़ने लगे। इसपर अंतराष्ट्रीय फ़ुटबाल कोच शम्सी रजा ने रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी बदसलूकी की गई साथ ही फ़ुटबाल के एक खिलाड़ी को भी मारा गया। पुलिस ने दर्ज की 14 नामजद सहित 250 पर FIR इस घटना की सूचना पुलिस को दी गयी थी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को छविनाथ दुबे ने तहरीर दी है। शिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया- तहरीर के अनुसार गोलू यादव, भोलू यादव, चंद्र देव यादव, अजय पटेल, आकाश पटेल, सोनू पटेल, अंकित यादव, संदीप सिंह, संदीप नागवंशी, गोलू यादव, सोनू यादव, प्रिंस यादव, किशन पटेल और कार्तिकेय सिंह सहित 250 अज्ञात पर बीएनएस की धारा 191(2), 1919(3), 333, 115(2), 351(3)S और 324(3) में मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश की जा रही है।
वित्त विभाग ने आगामी वित्त वर्ष 2027-28 के बजट अनुमान तथा 2028-29 एवं 2029-30 के रोलिंग बजट की तैयारी शुरू कर दी है। किसी विभाग को अगर अगले वित्त वर्ष में कोई नई योजना लानी है तो इसकी जानकारी वित्त विभाग को 31 अक्टूबर तक देना होगी। राज्य सरकार आगामी वर्षों की वित्तीय आवश्यकताओं, विकास योजनाओं और राजकोषीय अनुशासन को ध्यान में रखते हुए रोलिंग बजट प्रणाली में बजट तैयार करेगी। सभी विभागों के एसीएस, पीएस और सचिवों को गुरुवार को जारी निर्देश में वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026-27 का बजट भी रोलिंग बजट प्रणाली पर आधारित था और अब इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2027-28 के बजट के साथ-साथ अगले दो वर्षों (2028-29 एवं 2029-30) के वित्तीय अनुमान भी तैयार किए जाएंगे। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि बजट तैयार करते समय 'विकसित मध्य प्रदेश-2047' के लक्ष्यों, राज्य की आर्थिक प्राथमिकताओं, राजकोषीय स्थिति तथा विकास योजनाओं को ध्यान में रखा जाए। साथ ही वर्तमान एवं नई योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधानों का वास्तविक आधार पर आकलन किया जाए। विभागों के लिए ये भी निर्देश वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों को कहा है कि तय समय-सीमा का कड़ाई से पालन करें। समय सीमा के बाद आईएफएमआईएस पर बजट प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे। विभागों को बजट चर्चा से दो दिन पहले सभी आवश्यक जानकारी BEMS पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी। वित्त विभाग ने कहा है कि बजट निर्माण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी विभाग समयबद्ध तरीके से प्रस्ताव तैयार कर निर्धारित अवधि में प्रस्तुत करें, ताकि वित्तीय वर्ष 2027-28 का बजट समय पर विधानसभा में प्रस्तुत किया जा सके। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के पुनरीक्षित अनुमान तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बजट तय करने का कारण बताना होगा इस बार हर विभाग को अपने बजट प्रस्ताव का कारण प्रस्तुत करना होगा। योजनावार Detailed Head तक राशि निर्धारण करते समय गणना की इकाई (Unit of Calculation), संभावित हितग्राहियों की संख्या, पूर्व वर्षों के व्यय, योजना की उपलब्धियों और भविष्य की आवश्यकता का स्पष्ट आधार देना अनिवार्य किया गया है। अप्रभावी योजनाएं होंगी बंद, समान योजनाओं का होगा विलय वित्त विभाग ने विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसी योजनाओं की पहचान करें जो अपनी उपयोगिता खो चुकी हैं। ऐसी योजनाओं को बंद करने तथा समान उद्देश्य वाली योजनाओं के विलय (Merger) पर विचार किया जाएगा। सभी योजनाओं को प्राथमिकता क्रम में व्यवस्थित करते हुए उपलब्ध संसाधनों का पुनः आवंटन (Re-allocation) किया जाएगा, जिससे सार्वजनिक धन का अधिकतम प्रभाव सुनिश्चित हो सके। वेतन, महंगाई भत्ता और स्थापना व्यय के लिए स्पष्ट मानक बजट निर्माण के लिए वेतन मद में हर वर्ष 3 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि का प्रावधान रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं महंगाई भत्ते के लिए वर्ष 2027-28, 2028-29 और 2029-30 के लिये 78 प्रतिशत, 88 प्रतिशत और 98 प्रतिशत का प्रावधान प्रस्तावित करने को कहा गया है। संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 4 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि, संभावित नई नियुक्तियों, सेवानिवृत्तियों तथा IFMIS आधारित पोस्ट मैपिंग को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। नई योजनाओं पर सख्ती, पहले प्रशासनिक स्वीकृति जरूरी नई योजनाओं के प्रस्ताव केवल सक्षम प्रशासनिक स्वीकृति के साथ ही स्वीकार किए जाएंगे। विभागों को नई योजनाओं के उद्देश्य, वित्तीय आवश्यकता, अपेक्षित परिणाम और संसाधनों के स्रोत का स्पष्ट विवरण देना होगा। यदि केंद्र सरकार की नई योजना को राज्य बजट में शामिल करना हो तो केंद्रीय बजट प्रस्तुत होने के तीन दिन के भीतर प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजना होगा।
राजस्थान में SDM को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा ने किया सरेंडर, कोर्ट ने भेजा जेल
युवा नेता नरेश मीणा को टोंक में एसडीएम को थप्पड़ मारने के पुराने मामले में जेल भेज दिया गया है। उन्होंने गुरुवार को नगर फोर्ट थाने में आत्मसमर्पण किया, उनकी जमानत याचिका पर 10 अगस्त को सुनवाई होगी।
रायबरेली के गोराबाजार स्थित एक प्रमुख सड़क का निर्माण अधूरा रहने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब 80 लाख रुपए की लागत से बनाई गई 500 मीटर लंबी और 66 फीट चौड़ी डामर सड़क का उद्घाटन सांसद राहुल गांधी ने किया था, लेकिन निर्माण कार्य पूरा न होने से बारिश के दिनों में सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। यह सड़क पहलवान पीर बाबा और पीएसी गेट के सामने से गुजरती है तथा गोराबाजार नगर पालिका क्षेत्र के घनी आबादी वाले इलाके का प्रमुख मार्ग है। स्थानीय डॉ. अमिताभ पांडेय ने बताया कि अधूरे निर्माण के कारण बारिश होते ही सड़क पर पानी भर जाता है और कीचड़ फैल जाता है। इससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान स्कूली बच्चों को दो से तीन दिन तक घरों में ही रहना पड़ता है, क्योंकि सड़क से सुरक्षित आवागमन संभव नहीं हो पाता। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क का उद्घाटन सांसद राहुल गांधी ने किया था और नगर पालिका अध्यक्ष भी कांग्रेस से हैं, इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया। मोहल्लेवासियों ने शासन-प्रशासन और रायबरेली नगर पालिका परिषद से मांग की है कि 66 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए और जलभराव से स्थायी राहत के लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
बरेली में बारिश का अलर्ट:रुक-रुक हवा बह रही, आसमान में बादल,टेंप्रेचर 32⁰C
बरेली में शुक्रवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। आसमान में घने बादल छाए हैं। ठंडी हवा चल रही है। इससे लोगों को कई दिनों से पड़ रही गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने आज दिनभर रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान जताया है। इस दौरान कुछ इलाकों में बिजली भी गिर सकती है। गुरुवार को भी हुई थी बारिश गुरुवार को भी दिनभर मौसम बदला दिखाई दिया। कभी बारिश हुई तो कभी धूप निकली। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई। आज अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बादलों और बारिश की वजह से तापमान ज्यादा नहीं बढ़ेगा। हालांकि बीच-बीच में हल्की उमस महसूस हो सकती है। किसानों के लिए फायदा लगातार हो रही बारिश धान, मक्का, गन्ना और दूसरी खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। खेतों में नमी बढ़ने से किसानों को सिंचाई भी कम करनी पड़ेगी। बारिश से राहत तो मिली है, लेकिन अगर पूरे दिन बारिश होती रही तो शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है। इससे सड़कों पर पानी भरने और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने की सावधानी बरतने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर न रहें। दोपहिया वाहन चालक सावधानी से वाहन चलाएं और तेज बारिश होने पर बिना जरूरी काम के घर से निकलने से बचें। अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है।
मथुरा में प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) संघ की जिला इकाई के चुनाव गुरुवार देर रात करीब साढ़े 10 बजे संपन्न हो गए। सचिव पद पर हुए मुकाबले में डॉ. भूदेव सिंह ने 15 मतों से जीत हासिल की, जबकि डॉ. देवेंद्र अग्रवाल को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। 94 प्रतिशत मतदान, देर रात आए नतीजे चुनाव मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. संजीव यादव और जिला रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. अनुज चौधरी की देखरेख में कराया गया। कुल 101 पंजीकृत मतदाताओं में से 95 सरकारी डॉक्टरों ने मतदान किया। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान हुआ और देर रात परिणाम घोषित किए गए। सचिव पद पर 15 वोटों से जीत सचिव पद के लिए हुए चुनाव में डॉ. भूदेव सिंह को 55 मत मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी डॉ. विजेंद्र सिसौदिया को 40 वोट मिले। इस तरह डॉ. भूदेव सिंह ने 15 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। अन्य पदों पर निर्विरोध निर्वाचन संघ के अन्य पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। डॉ. देवेंद्र अग्रवाल अध्यक्ष, डॉ. रामवीर सिंह और डॉ. चंदन आनंद उपाध्यक्ष, डॉ. स्वाति जाडिया महिला उपाध्यक्ष, डॉ. गिरेंद्र पाल सिंह केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य, डॉ. नीरज कुमार सिंह कोषाध्यक्ष और डॉ. नीरज सिंह (दंत चिकित्सक) एडिटर चुने गए। नई टीम को सौंपे गए प्रमाण-पत्र परिणाम घोषित होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को निर्वाचन प्रमाण-पत्र सौंपे। इस मौके पर सीएमओ डॉ. राधावल्लभ, पूर्व अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार और पूर्व सचिव डॉ. संदीप चौधरी ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं। डॉक्टरों के हित में काम करने का संकल्प नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने, चिकित्सकों की समस्याओं के समाधान और जनस्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद चिकित्सकों ने एक-दूसरे को बधाई दी।

