मिर्जापुर में कोटा घाट पुल के नीचे बुधवार को नवविवाहिता का शव बेलन नदी में मिला है। शव को देखने के लिए आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए। पुल के ऊपर युवती का दुपट्टा और चप्पल मिलने से नदी में कूदने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। सूचना मिलने पर दो थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। शव किस थाना क्षेत्र में आता है, इसे लेकर दोनों थानों की पुलिस करीब दो घंटे सीमा विवाद में उलझी रही। बाद में लेखपाल ने इसका समाधान किया तब पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। यह पूरा मामला लालगंज थाना क्षेत्र का है। मृतका की पहचान हलिया थाना क्षेत्र के मवई कला गांव निवासी फूलचंद की बेटी नीतू के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर लालगंज और हलिया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। शव किस थाना क्षेत्र में आता है, इसे लेकर दोनों थानों की पुलिस करीब दो घंटे सीमा विवाद में उलझी रही। बाद में लेखपाल और स्थानीय लोगों ने शव लालगंज थाना क्षेत्र में होने की जानकारी दी। इसके बाद तिलाव चौकी प्रभारी अनिल सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुल पर मिले दुपट्टा और चप्पल बेलन नदी के पुल के ऊपर नीतू का दुपट्टा और चप्पल मिले हैं। इनके मिलने के बाद उसके नदी में कूदने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वह नदी तक कैसे पहुंची और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच कर रही है। मई में हुई थी शादी, मायके में रह रही थी नीतू नीतू की शादी मई 2026 में वाराणसी के सिगरा निवासी रणजीत से हुई थी। इन दिनों वह अपने मायके मवई कला में रह रही थी। वह दो बहनों और एक भाई में मझली थी। उसका भाई रोहित बाहर रहकर नौकरी करता है। बुधवार को बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां अमरावती का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बेटी की मौत के सदमे में बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। दोनों थानों की पुलिस ने की जांच घटना की सूचना पर लालगंज इंस्पेक्टर वेद प्रकाश पांडेय, तिलाव चौकी प्रभारी अनिल सिंह, हलिया थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, हलिया थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विवाहिता की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है।
मैनपुरी जिला अस्पताल में सालों से बंद पड़ी कैंसर यूनिट को फिर से शुरू करने की मांग तेज हो गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और लोकविकास जनकल्याण समिति ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर 27 अक्टूबर तक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन में बताया गया कि जिला अस्पताल परिसर में यह कैंसर यूनिट साल 2005 में बनाई गई थी। करीब 20 साल बीत जाने के बाद भी इसे चालू नहीं किया जा सका है। इससे कैंसर के मरीजों को इलाज के लिए काफी परेशानी हो रही है। दोनों संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि लोगों की भलाई को देखते हुए इस यूनिट को जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
भोपाल के गांधीनगर इलाके में अचारपुरा के पास मीणा चौराहे पर 20 वर्षीय नवविवाहिता ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। गंभीर हालत में उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार सुबह इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई। घटना 18 अक्टूबर की बताई जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। छह महीने पहले हुई थी शादी पुलिस के मुताबिक, मृतका की पहचान दीपाली प्रजापति (20) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से छिंदवाड़ा की रहने वाली थी। दीपाली की सोशल मीडिया के जरिए रोहित कुशवाह से दोस्ती हुई थी। इसके बाद दोनों ने करीब छह महीने पहले भोपाल में लव मैरिज की थी। शादी के बाद से वह करोंद की पूजा कॉलोनी स्थित ससुराल में रह रही थी। बता दें कि, रोहित एक निजी कंपनी में डिलीवरी बॉय है, जबकि दीपाली गृहिणी थी। युवती को बचाने के दौरान पति के हाथ भी झुलसे रोहित के मुताबिक, दीपाली अपनी सहेली के साथ बिना बताए ग्वालियर घूमने गई थी। वह 17 अक्टूबर को भोपाल लौटी थी। उसी रात युवती ने घबराहट होने की बात कही और चाय पीने चलने के लिए कहा। इसके बाद रोहित उसे चाय पिलाने के लिए ले गया था। वहां लौटते समय दीपाली ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। उसे बचाने की कोशिश में रोहित के हाथ भी झुलस गए। परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया एएसआई जेएस पाटिल के मुताबिक, मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। फिलहाल परिजनों ने ससुराल पक्ष पर कोई आरोप नहीं लगाया है और न ही मौत को लेकर संदेह जताया है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
बलिया में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले के मतदान केंद्रों की विधानसभावार आलेख्य सूची प्रकाशित कर दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि यह सूची 19 अक्टूबर को जारी की गई है। आम नागरिकों और राजनीतिक दलों को सूची पर आपत्ति एवं सुझाव देने के लिए 26 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया गया है। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार विचार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि मतदान केंद्रों का निर्धारण 1200 मतदाताओं के आधार पर किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में विकसित हो रही नई कॉलोनियों में जरूरत के अनुसार नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य मतदाताओं को मतदान के दौरान किसी तरह की असुविधा से बचाना है। जर्जर भवनों से शिफ्ट होंगे मतदान केंद्र पुराने और जर्जर भवनों में संचालित मतदान केंद्रों को स्थायी सरकारी भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके साथ ही निजी भवनों में चल रहे मतदान केंद्रों को भी सरकारी भवनों में शिफ्ट करने को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन का जोर मतदान केंद्रों पर रैंप सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर रहेगा, ताकि दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं को मतदान में परेशानी न हो। मतदाताओं को 2 किमी से ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा मतदान केंद्रों के निर्धारण में मतदाताओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कोशिश की जाएगी कि किसी मतदाता को मतदान करने के लिए 2 किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। इसके अलावा किसी भी मतदान केंद्र को राजनीतिक दल के कार्यालय से 200 मीटर के दायरे में नहीं बनाया जाएगा। जिला निर्वाचन कार्यालय में दें आपत्ति और सुझाव जिला निर्वाचन अधिकारी ने आम जनता और राजनीतिक दलों से प्रकाशित आलेख्य सूची का अवलोकन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप कोई संशोधन, आपत्ति या सुझाव हो तो उसे 26 अक्टूबर 2026 से पहले जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा संबंधित उपजिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे प्रस्तावित मतदान केंद्रों की सूची पर नियमानुसार विचार कर आवश्यक संशोधन किए जा सकेंगे।
जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार दोपहर 12 बजे एक महिला ने डीजल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बचा लिया। महिला की पहचान बक्शा थाना क्षेत्र के सड़ेरी गांव की रीना निषाद के तौर पर हुई है। रीना निषाद ने बताया कि वह अपने घर के पास अपनी जमीन के प्लॉट नंबर 130 पर पीने के पानी के लिए हैंडपंप लगवा रही थी। तभी गांव के कृपाशंकर यादव अपनी दो बेटियों के साथ आए और बोरिंग रुकवा दी। महिला का आरोप है कि कृपाशंकर ने उसे गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। उसने कई बार पुलिस थाने में इसकी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों से भी कई बार गुहार लगाई गई, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। पानी की दिक्कत के कारण उन्हें गोमती नदी का पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कार्रवाई न होने से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
घर में फंदे पर लटका मिला हिस्ट्रीशीटर का शव:पत्नी जयपुर में थी, बहू ने दी पुलिस को सूचना, जांच जारी
धौलपुर के निहालगंज थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर भूरा यादव का शव देर रात उसके घर में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही निहालगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू की। घर में मिला शव, बहू ने पुलिस को दी सूचना शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना के समय भूरा यादव की पत्नी जयपुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने गई थी, जबकि उनके दोनों बेटे अजमेर में मजदूरी करते हैं। घर पर मौजूद एक बेटे की बहू ने पुलिस को घटना की सूचना दी। जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक जानकारी जुटाई। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मौत की वजह स्पष्ट नहीं, पुलिस कर रही जांच पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भूरा यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। परिजनों के पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकेंगे।
निवाड़ी-पृथ्वीपुर सड़क मार्ग पर लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी पार कर रहे हैं। रेलवे फाटक बंद होने पर भी दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री पटरी पार करते दिखते हैं। स्कूली बच्चों का भी यहां आना-जाना लगा रहता है, जिससे बड़े हादसे का डर है। निवाड़ी रेलवे स्टेशन के पास झांसी-मानिकपुर रेल लाइन पर ओवरब्रिज का काम दो साल पहले शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह निर्माण पिछले छह महीने से रुका है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। इस रेल मार्ग से यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। फाटक बंद होने पर बड़े वाहन इंतजार करते हैं, पर दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री फाटक के नीचे से निकलकर पटरी पार करते हैं। यह स्थिति गंभीर रेल दुर्घटना का कारण बन सकती है। रेलवे ट्रैक के एक तरफ वार्ड नंबर 14 में प्राथमिक विद्यालय है, दूसरी तरफ चुरारा गांव में माध्यमिक विद्यालय है। बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए यह पटरी पार करनी पड़ती है। धूल और जाम से भी लोग परेशानरेल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य लंबे समय से रुका होने के कारण सड़क से उड़ने वाली धूल भी स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। वहीं, ट्रेन गुजरने के दौरान फाटक बंद होने से वाहनों की कतारें लग जाती हैं और लोगों को इंतजार करना पड़ता है। क्षेत्र के निवासियों ने रेल ओवरब्रिज का निर्माण जल्द शुरू कराकर पूरा कराने की मांग की है। इसके साथ ही वार्ड नंबर 14 में संचालित प्राथमिक विद्यालय का माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि बच्चों को शिक्षा के लिए दूसरी ओर जाने की मजबूरी कम हो सके।
एटा में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार सुबह 11 बजे शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसएसपी डॉ. इलामारन जी, एएसपी श्वेताभ पाण्डेय और सच्चिदानंद समेत पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों के बलिदान को नमन किया। इस दौरान देश की एकता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए समर्पित रहने का संकल्प भी लिया गया। कार्यक्रम में एसएसपी डॉ. इलामारन जी, एएसपी श्वेताभ पाण्डेय और सच्चिदानंद सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया। 21 अक्टूबर को मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिवस कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों के सम्मान में आयोजित किया जाता है। इस मौके पर पुलिस बल के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश सेवा के प्रति समर्पण को याद किया जाता है। लद्दाख में शहीद हुए थे CRPF के 10 जवान पुलिस स्मृति दिवस का संबंध वर्ष 1959 की लद्दाख घटना से है। उस दौरान हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों से मुकाबला करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं जवानों के बलिदान की स्मृति में हर साल 21 अक्टूबर को यह दिवस मनाया जाता है। अधिकारियों ने सुरक्षा के प्रति लिया संकल्प कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी नगर कीर्तिका सिंह, सदर संकल्पदीप कुशवाह, सकीट नीतीश गर्ग, जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, अलीगंज राजेश सिंह, यातायात अरुण कुमार सिंह, कार्यालय सुनील अहलावत, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रशांत राणा और प्रतिसार निरीक्षक किशन लाल गौतम समेत अन्य अधिकारियों ने भी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर देश की एकता बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कर्तव्य निभाने का संकल्प लिया गया।
बेमेतरा में विजयादशमी के पावन पर्व पर मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित रक्षित केंद्र में परंपरानुसार मां दुर्गा और शस्त्रों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न की। इस दौरान पुलिस विभाग के शासकीय वाहनों की भी पूजा की गई। धार्मिक अनुष्ठान आचार्य अभिषेक दुबे ने संपन्न कराया। वर्ष 2012 में बेमेतरा जिला बनने के बाद से दशहरा पर्व पर पुलिस लाइन में शस्त्र पूजा की परंपरा निभाई जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में एसपी त्रिलोक बंसल सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। पूजा के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। फल काटकर दी प्रतीकात्मक बलि, अधिकारियों ने किया हवाई फायर शस्त्र पूजा के दौरान परंपरा के अनुसार बलि के स्थान पर रखे फल को तलवार से काटकर प्रतीकात्मक बलि दी गई। इसके बाद पूजा और आरती संपन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान एसपी त्रिलोक बंसल ने हवाई फायर किया। उनके साथ एएसपी और डीएसपी ने भी हवाई फायर किया। जिलेवासियों की सुख-समृद्धि और शांति की कामना इस अवसर पर एसपी त्रिलोक बंसल ने पुलिस परिवार सहित बेमेतरा जिले के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने जिलेवासियों को विजयादशमी की बधाई देते हुए कहा कि दशहरा असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से पर्व को सादगी, आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। जिले के अन्य थाना और चौकी परिसरों में भी मां दुर्गा एवं शस्त्रों की पूजा-अर्चना की गई। इस आयोजन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने जनसुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया।
बाड़मेर जिले की मांगता पंचायत समिति के वार्ड संख्या 8 से कांग्रेस प्रत्याशी ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। उनका शव अपने खेत में पेड़ पर लटका मिला। ग्रामीणों ने शव देखकर परिजनों और पुलिस को सूचना दी। घटना जिले के सदर थाना इलाके के आलमजी का थान गांव में बुधवार तड़के करीब 4 बजे की है। सदर थाना सीआई देवीचंद ढाका ने बताया- मोहनलाल (45) पूनमाराम निवासी आलमजी का थान (उड़ासर) बुधवार तड़के अपने खेत में गए थे। वहां उन्होंने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सुबह आसपास के लोगों ने उन्हें पेड़ पर लटका देखा तो ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और गुड़ामालानी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। सुसाइड के कारणों का पता लगा रही पुलिस सदर थाना सीआई देवीचंद ढाका ने बताया -परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। फिलहाल पुलिस सुसाइड के कारणों का पता लगाने में जुटी है। खबर अपडेट की जा रही है …
हरियाणा सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग ने राज्य के वीआईपी हेलीकॉप्टरों और विमानों के सुरक्षित संचालन, क्रू मेंटेनेंस और तकनीकी देखरेख के लिए एक नया अत्याधुनिक डिजिटल सॉफ्टवेयर खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग ने ई-टेंडरिंग के जरिए ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की हैं। यह नया सॉफ्टवेयर सरकार के तीन प्रमुख वीआईपी उड़न खटोलों H145D3 (VT-HYR), EC145C2 (VT-HRY) और B200 GT फ्यूजन एयरप्लेन (VT-HCA) के लिए लागू किया जाएगा। विमानन क्षेत्र में सुरक्षा और डीजीसीए के सख्त नियमों का पालन सबसे प्राथमिकता वाली बात होती है। पुराने या मैनुअल सिस्टम में कई चुनौतियां आ रही थीं, जिसके कारण इस हाई-टेक सॉफ्टवेयर की जरूरत महसूस हुई। हरियाणा सरकार के पास इस डेटा का पूरा मालिकाना हक और सिक्योरिटी बैकअप रहेगा। इसलिए विमानों को अपग्रेड करने की जरूरत पायलटों की ड्यूटी और उड़ान के घंटों का हिसाब रखने में थोड़ी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों और एयरवर्थनेस निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटेड ट्रैकिंग जरूरी थी। वीआईपी एयरक्राफ्ट के इंजन, कंपोनेंट्स और पार्ट्स की लाइफ साइकल का सटीक रिकॉर्ड न होने से अचानक मेंटेनेंस की जरूरत पड़ जाती थी। नए सॉफ्टवेयर से क्या-क्या बड़े फायदे होंगे… FDTL सॉफ्टवेयर : पायलटों के फ्लाइट टाइम, ड्यूटी टाइम और रेस्ट पीरियड का रियल-टाइम हिसाब रखा जाएगा। यदि किसी पायलट की ड्यूटी तय सीमा से अधिक हो रही होगी, तो सिस्टम पहले ही वार्निंग और अलर्ट जारी कर देगा। पायलटों की छुट्टी, ऑन-कॉल ड्यूटी और क्रू शेड्यूलिंग पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगी। CAMO सॉफ्टवेयर : एयरक्राफ्ट या हेलीकॉप्टर का कौन-सा पार्ट कब बदलना है या सर्विसिंग कब ड्यू है, इसकी एडवांस लिस्ट और अलर्ट खुद-ब-खुद जेनरेट हो जाएंगे। हेलीकॉप्टर के इंजन और कंपोनेंट्स की रनिंग आवर्स (उड़ान के घंटे) का सटीक रिकॉर्ड रहेगा। सभी टेक्निकल रिकॉर्ड, इंस्पेक्शन रिपोर्ट और डीजीसीए ऑडिट रिपोर्ट एक क्लिक में डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध होंगी।
सरगुजा में नेशनल हाईवे 43 में बतौली से दशहरा देखकर सीतापुर लौट रहे दो नाबालिग बाइक सवार ट्रेलर से जा टकराए। हादसे में दोनों नाबालिगों की मौत हो गई। घटना सीतापुर थाना क्षेत्र की है। दूसरे हादसे में खोंदला मोड़ के पास बाइक का हैंडल दूसरे बाइक से टकरा जाने के कारण बाइक सवार गिर गये और घिसटते हुए पेड़ के ठूंठ से टकरा गये। हादसे में एक युवक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना उदयपुर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, बतौली के शांतिपारा से दशहरा कार्यक्रम देखकर सीतापुर के सोनतराई लौट रहे दो नाबालिगों की बाइक को बुधवार 21 अक्टूबर की सुबह करीब 6 बजे कारबेल बिजली टॉवर के सामने सरिया लोड ट्रेलर ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई। सिर में चोट के कारण हुई मौत हादसे में दोनों नाबालिगों के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। मृतकों की पहचान ग्राम सोनतराई निवासी पवन मांझी (16 वर्ष), पिता कुसित मांझी एवं सूर्यकांत पैकरा (15 वर्ष) पिता हरिलाल पैकरा के रूप में हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। हादसे से दोनों परिवारों के लोग सदमें में हैं। दोनों बीती रात करीब 8 बजे शांतिपारा गये थे। बेकाबू होकर गिरे बाइक सवार, एक की मौत एक अन्य हादसे में बीती रात दशहरा देखने पलका जा रहे ग्राम रिखी निवासी राजाराम (22 वर्ष) और परसादी दास (29 वर्ष) खोंधला मोड़ बाजार के पास पहुंचे थे। उनके बाइक की हैंडल एक अन्य बाइक से टकरा गई, जिससे बाइक बेकाबू हो गई। दोनों सवार बाइक सहित सड़क पर फिसलते हुए सड़क किनारे मौजूद पेड़ के ठूंठ से जा टकराए। हादसे में राजाराम के सिर में चोट आई। वहीं परसादी दास के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल राजाराम को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेज दिया गया है। उदयपुर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है।
कासगंज में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार सुबह 10 बजे पुलिस लाइन्स में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहीद स्मारक पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को नमन किया। इस दौरान अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों के बलिदान को याद किया। कार्यक्रम में एसपी कासगंज ओपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह, सीओ रजनीश उपाध्याय, सीओ नगर आंचल चौहान, सीओ सहावर दुर्गेश कुमार मिश्र, सीओ पटियाली अमित कुमार और प्रतिसार निरीक्षक सुभाष सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। 21 अक्टूबर को मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को उन पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया। इस दिन पुलिस बल के जवानों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण को याद किया जाता है। 1959 में शहीद हुए थे CRPF के 10 जवान 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं जवानों के बलिदान की स्मृति में पुलिस स्मृति दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई। शहीदों का बलिदान पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा कार्यक्रम के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया। यह दिवस पुलिस बल के जवानों को देश सेवा, कर्तव्य के प्रति निष्ठा और विपरीत परिस्थितियों में भी साहस के साथ जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है।
शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे पर बुधवार सुबह 5 बजे एक तेज रफ्तार डीसीएम गाड़ी खड़े ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में अमेठी के रहने वाले 21 साल के कंडक्टर सलमान की मौके पर ही मौत हो गई। डीसीएम चालक इरफान और एक अन्य व्यक्ति उवैस इस हादसे में घायल हो गए। तीनों लोग डीसीएम के अन्दर बुरी तरह फंस गए थे। मौके पर जुटी भीड़ ने डीसीएम के पार्ट्स काट-काटकर तीनों को बाहर निकाला। डीसीएम कश्मीर से सेब लेकर सुल्तानपुर जा रही थी। यह हादसा गंगा एक्सप्रेस-वे पर पिलर नंबर 239 के पास हुआ। बताया जा रहा है कि डीसीएम चालक इरफान को झपकी आने के कारण गाड़ी खड़े ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि डीसीएम का अगला हिस्सा बुरी तरह टूट गया। घायल इरफान ने बताया कि सलमान ने तीन बार सांस ली और फिर उसकी मौत हो गई। एनएचएआई की एंबुलेंस टीम ने करीब दो घंटे की कोशिश के बाद घायलों को बाहर निकाला। उनको परशुरामपुरी सीएचसी लाया गया। जहां घायलों का इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसा सुबह 5 बजे हुआ था। उसके बाद से दोपहर 12 तक पुलिस के अधिकारियों से लेकर थाना प्रभारी ये तय नहीं कर पाए हैं कि हादसा कौन से थाना क्षेत्र में हुआ है। सीओ परशुरामपुरी दीपक सिंह ने बताया कि हादसा संभवतः मदनापुर थाना क्षेत्र में हुआ है, परशुरामपुरी थाने से जानकारी की तो पता चला कि थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र में हादसा हुआ है। गढ़िया रंगीन थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि हादसा मदनापुर थाना क्षेत्र में हुआ है। वहीं सीओ सदर शुभम वर्मा ने बताया कि हादसा हुआ है। डीसीएम सवार एक व्यक्ति की मौत हुई है। हादसा कौन से थाना क्षेत्र में हुआ है ये क्लियर किया जा रहा है, संभवतः मदनापुर थाना क्षेत्र में हादसा नहीं हुआ है।
सोनीपत की पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस शहीदी स्मृति दिवस और पुलिस झंडा दिवस मनाया गया। पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) सोनाक्षी सिंह ने शहीद स्मारक पर फूल चढ़ाकर देश के लिए जान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे की वर्दी पर पुलिस फ्लैग लगाए और दो मिनट का मौन रखा। पुलिस उपायुक्त सोनाक्षी सिंह ने बताया कि यह दिवस 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सेना से लड़ते हुए शहीद हुए 10 पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है। यह पुलिस बल के साहस और बलिदान का प्रतीक है। इस मौके पर साल 2025-26 में देशभर में शहीद हुए 154 पुलिस जवानों के नाम याद किए गए। सोनीपत जिले के भी 15 पुलिस अधिकारियों और जवानों ने अलग-अलग अभियानों, आतंकियों/अपराधियों से मुठभेड़ और आपातकालीन हालात में अपनी जान दी है। शहीद परिवारों का सम्मान कार्यक्रम के समापन पर पुलिस आयुक्त ममता सिंह तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम) जितेन्द्र गहलावत सहित सभी आला पुलिस अधिकारियों ने शहीद परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया। पुलिस आयुक्त ने भावुक होते हुए कहा कि सोनीपत पुलिस प्रशासन सदैव शहीद परिवारों के साथ खड़ा है। वहीं शहीद परिजनों ने भी गर्व से कहा कि उन्हें अपने सपूतों के बलिदान पर दुख नहीं, बल्कि इस बात का गर्व है कि उन्होंने देश सेवा में अपने प्राण न्यौछावर किए। शहीद हुए पुलिस कर्मचारी… सिपाही नारायण सिंह: 31 मई 1992 को मतौली (पटियाला) में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए। सिपाही अशोक कुमार: 6 नवंबर 1999 को सोनीपत में आग लगी दुकान से नागरिकों की जान बचाते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। सिपाही रणबीर: 3 जून 2000 को गुड़गांव में अपराधियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए। सिपाही सुभाष: 3 सितंबर 2001 को बहादुरगढ़ कोर्ट परिसर के पास गोलीबारी में वीरगति को प्राप्त हुए। सिपाही शेर सिंह: 30 मार्च 2003 को नहर पुलिया सोनीपत पर नाकाबंदी के दौरान मुठभेड़ में शहीद हुए। यूजीसी रामकिशन: 20 अप्रैल 2005 को कथूरा के पास गश्त के दौरान अपराधियों से मुठभेड़ में शहीद हुए। यूजीसी रणधीर सिंह: 20 अप्रैल 2005 को महम रोड (कधूरा) पर अपराधियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। एएसआई प्रदीप कुमार: 21 अगस्त 2015 को गढ़ी सराय नामदारखां (गोहाना रोड) पर बदमाशों से मुठभेड़ में शहीद हुए। एचसी यशपाल: 17 मार्च 2019 को खरखौदा रोड पर अपराधी को दबोचते समय दुर्घटना में वीरगति को प्राप्त हुए। सिपाही रविन्द्र: 30 जून 2020 को बुटाना (जींद रोड) पर अपराधी के हमले में शहीद हुए।श् एसपीओ कप्तान: 30 जून 2020 को बुटाना में अपराधी से मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। सिपाही संदीप कुमार: 30 सितंबर 2021 को हरिद्वार में अपराधियों से मुठभेड़ में शहीद हुए। मुख्य सिपाही राज सिंह: 11 जून 2003 को रोहतक अदालत परिसर में पेशी के दौरान गोलीबारी में वीरगति को प्राप्त हुए। सिपाही ताराचंद: 12 अप्रैल 1989 को अंबाला कोर्ट परिसर में उग्रवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए। निरीक्षक जगदीश प्रसाद: 7 फरवरी 2026 को सूरजकुंड मेला ड्यूटी के दौरान हादसे में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। यहां देखें फोटो…
उदयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट में दो पक्षों में झगड़ा हो गया। झगड़े में बचाव करने के लिए एक युवक आया तो 3 युवकों ने उसी पर चाकू से हमला कर दिया। घटना ग्लास फैक्ट्री स्थित दया रेस्टोरेंट की है। रेस्टोरेंट में मंगलवार शाम करीब 5 बजे बाइक सवार 3 युवक आए और रेस्टोरेंट कर्मचारियों से किसी बात को लेकर झगड़ने लगे। युवकों ने एक कर्मचारी पर चाकू से हमले का प्रयास किया। इसी दौरान बचाव करने के लिए युवक विक्रम सिंह शक्तावत आया। यवकों ने विक्जिरम सिंह पर चाकू से हमला कर दिया और इस दौकान उसके हथेली में चाकू लगने से वह घायल हो गया। आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसमें बदमाश चाकू लहराते हुए और झगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। मामले की जांच एसआई महेन्द्र सिंह को सौंपी है। पुलिस सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही हैं। आरोपी बोला-तू मुझे नहीं जानता, मैं हिस्ट्रीशीटर हूंपीड़ित विक्रम सिंह(43) पिता शंकर सिंह शक्तावत निवासी चित्तौड़गढ़ हाल भूपालपुरा ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें बताया कि 20 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 5 बजे वह दया रेस्टोरेंट पर नाश्ता करने के गया था। नाश्ता कर रहा था तभी खेमपुरा की तरफ से बाइक सवार 3 युवक कुणाल सिंह कच्छावा, राहुल डांगी और प्रवीण कच्छावा आए। आते ही रेस्टोरेंट कर्मचारियों से गाली-गलौज करने लगे। कर्मचारियों ने युवकों को कहा कि सही से बात करो। तुमने नशा कर रखा है। इतना सुनकर युवक भड़क गए। उनमें से एक युवक बोला कि तू मुझे जानता नहीं है। मैं उदयपुर का हिस्ट्रीशीटर हूं। फिर आरोपी युवक रेस्टोरेंट के कर्मचारी को मारने की धमकी देते हुए चाकू से हमला करने लगा। पीड़ित ने बताया कि वो तुरंत बीच बचाव को गया तो युवक ने हमला कर दिया। विक्रम सिंह ने बताया- हथेली पर चाकू लगने से मैं घायल हो गया। फिर आरोपी युवक ये कहते हुए फरार हो गए कि हम किसी से नहीं डरते हैं।
उदयपुर जिले में पंचायत चुनाव के पहले चरण में जिला परिषद सदस्य व पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान कल होगा। मतदान दलों की रवानगी आज हो गई है। इसमें झाड़ोल, फलासिया, ओगणा, गिर्वा, नाई, मावली, घासा, वल्लभनगर, भीण्डर और कुराबड़ पंचायत समितियां शामिल हैं। प्रथम चरण का मतदान कल जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य का प्रथम चरण का मतदान 22 अक्टूबर को होगा और रिजल्ट 20 नवंबर को घोषित होगा। इसी तरह पहले चरण में सरपंच और वार्ड पंच का मतदान 22 अक्टूबर को होगा और उसके बाद रिजल्ट घोषित किया जाएगा। जिला परिषद में 126 उम्मीदवार मैदान में उदयपुर जिला परिषद के 47 सीटों पर कुल 126 उम्मीदवार मैदान में हैं। पहले चरण में जिला परिषद के 25 वार्डों में मतदान होगा। वहीं, इस चरण में 10 पंचायत समितियों में 435 उम्मीदवार पंचायत समिति सदस्य के लिए मैदान में हैं। हर मतदाता दो वोट डालेगा
सीहोर में पुलिस स्मृति दिवस परेड:MP के 9 जवानों समेत 154 शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि
सीहोर के रक्षित केंद्र में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस परेड आयोजित की गई। इसमें देश की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक शहीद हुए 154 पुलिसकर्मियों के नाम पढ़े। इनमें मध्य प्रदेश पुलिस के 9 जवान भी शामिल हैं। 1959 में शहीद हुए थे CRPF के 10 जवान एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सेना ने सीआरपीएफ की टुकड़ी पर हमला किया था। इस हमले में 10 जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं की याद में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। प्लाटूनों ने दी शहीदों को सलामी परेड की कमान सूबेदार अजय भिरे और पीसी गणेश सिंह डामोर ने संभाली। इस दौरान प्लाटूनों ने शहीद पुलिसकर्मियों को सलामी दी। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार अग्रवाल, कलेक्टर बाला गुरु के., महेश वर्मा, अरविंद सिंह गुर्जर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे भी मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री पोस्ट किए जाने का गंभीर मामला अलीगढ़ में सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की साइबर पेट्रोलिंग के दौरान एक फेसबुक अकाउंट से चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित वीडियो पोस्ट किए जाने की सूचना मिली। गृह मंत्रालय के साइबर सेल पोर्टल से मिली टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर अलीगढ़ पुलिस ने जांच की। इसके बाद तुर्कमान गेट निवासी एक महिला के खिलाफ कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। महिला ने दावा किया है कि मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करने के बाद उसका फोन हैक हो गया था। अब पुलिस इस दावे की भी जांच करेगी कि अकाउंट से आपत्तिजनक सामग्री कैसे पोस्ट हुई।IP एड्रेस से शुरू हुई जांच, फेसबुक अकाउंट तक पहुंची पुलिसपुलिस की जांच आख्या के मुताबिक, साइबर टिपलाइन रिपोर्ट संख्या 236425786 में IP एड्रेस से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी मिली थी। उपनिरीक्षक ने नंबर के इस्तेमाल और संबंधित फेसबुक अकाउंट की पड़ताल की। जांच में तुर्कमान गेट निवासी महिला का नाम सामने आया। आरोप है कि उसके फेसबुक अकाउंट के माध्यम से चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित अश्लील वीडियो अपलोड किया गया या ऐसी सामग्री भेजी गई।हालांकि, किसी अकाउंट या मोबाइल नंबर का किसी व्यक्ति से जुड़ा होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि पोस्ट उसी व्यक्ति ने की है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाएगी कि सामग्री किसने पोस्ट की और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं।महिला बोली- APK फाइल डाउनलोड की, फिर हैक हुआ मोबाइलपुलिस पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर बताया कि उसके मोबाइल पर एक APK फाइल आई थी, जिसे उसने डाउनलोड कर लिया। इसके बाद उसका मोबाइल हैक हो गया। महिला ने आशंका जताई कि इसी दौरान उसकी फेसबुक आईडी से आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट हुई होगी।महिला के इस दावे की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को यह जांचना होगा कि मोबाइल में संदिग्ध एप्लिकेशन इंस्टॉल हुआ था या नहीं, डिवाइस पर अनधिकृत नियंत्रण किया गया था या नहीं और फेसबुक अकाउंट से सामग्री अपलोड करने में किसकी भूमिका थी। जांच में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।क्या होती है MHA की साइबर पेट्रोलिंग?साइबर पेट्रोलिंग इंटरनेट पर संदिग्ध गतिविधियों और संभावित गैरकानूनी सामग्री की पहचान करने की प्रक्रिया है। इसमें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध ऑनलाइन सामग्री की निगरानी, साइबर शिकायतों और टिपलाइन पर मिली सूचनाओं की पड़ताल तथा संबंधित एजेंसियों तक जानकारी पहुंचाना शामिल हो सकता है।संभावित अपराध की सूचना मिलने पर उपलब्ध डिजिटल जानकारी के आधार पर आगे जांच की जाती है। जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस को कार्रवाई के लिए सूचना दी जाती है। इस मामले में भी गृह मंत्रालय के साइबर सेल पोर्टल से मिली टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर अलीगढ़ पुलिस ने जांच कर एफआईआर दर्ज की। हालांकि, इस प्रकरण में MHA की टीम ने निगरानी के लिए किन विशिष्ट तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।क्या होती है साइबर टिपलाइन?साइबर टिपलाइन इंटरनेट पर संभावित गैरकानूनी गतिविधियों या आपत्तिजनक सामग्री की सूचना संबंधित एजेंसी तक पहुंचाने का माध्यम है। इस मामले में मिली टिपलाइन रिपोर्ट में एक फेसबुक अकाउंट से चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित सामग्री पोस्ट किए जाने की जानकारी थी।टिपलाइन पर सूचना मिलने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का अपराध पहले ही साबित हो गया है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को तथ्यों की जांच करनी होती है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई तय करनी होती है।चाइल्ड पोर्नोग्राफी क्या है और क्यों गंभीर है मामला?बच्चों को यौन गतिविधियों या यौन शोषण की परिस्थितियों में दर्शाने वाली अश्लील तस्वीरों, वीडियो और अन्य सामग्री को बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) कहा जाता है। ऐसी सामग्री का निर्माण, प्रसार, साझा करना या उससे जुड़ी अन्य गतिविधियां परिस्थितियों के अनुसार कानून के तहत गंभीर अपराध हो सकती हैं।इस तरह की सामग्री का ऑनलाइन प्रसार बच्चों के शोषण को बढ़ावा दे सकता है और पीड़ितों को बार-बार नुकसान पहुंचा सकता है। इसी कारण ऐसी सामग्री की पहचान, रिपोर्टिंग और उस पर कानूनी कार्रवाई को गंभीरता से लिया जाता है।CO प्रथम बोले- जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाईसीओ प्रथम कमलेश कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय के साइबर सेल पोर्टल से मिली टिपलाइन के आधार पर महिला के फेसबुक अकाउंट से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। महिला ने मोबाइल हैक होने की बात कही है। पुलिस इस दावे की जांच करेगी और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। महिला का मोबाइल हैक हुआ था या नहीं और फेसबुक अकाउंट से आपत्तिजनक सामग्री किसने पोस्ट की, यह डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद स्पष्ट होगा।
कैराना में पानीपत बाईपास फ्लाईओवर पर बुधवार सुबह तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में गाड़ी चालक समेत दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचना दे दी है। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे पानीपत की ओर से तेज गति से आ रही स्कॉर्पियो एन फ्लाईओवर पर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद गाड़ी कई बार पलटी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने गाड़ी चालक संदीप कुमार दुहन और अंकित निवासी रसालापुर, थाना बापौली, हरियाणा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल मेजर और आतिश को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। सीओ हेमंत कुमार ने बताया कि मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजनों के पहुंचने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिस जवानों की स्मृति में बुधवार को यमुनानगर में स्थित पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में पिछले एक वर्ष के दौरान ड्यूटी पर शहीद हुए देशभर के 154 पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने शहीद स्मारक पर पुष्प-चक्र अर्पित कर जवानों के बलिदान को नमन किया। पुलिस गारद ने शहीदों को सलामी दी, जबकि अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें याद किया। कार्यक्रम के दौरान शहीद जवानों के नाम पढ़कर उनके बलिदान को याद किया गया। एसपी कमलदीप गोयल ने कहा कि पुलिस जवान कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। देश और समाज की सुरक्षा के लिए दिया गया उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। शहीदों का साहस और कर्तव्यनिष्ठा पुलिस बल के प्रत्येक जवान के लिए प्रेरणा है। यमुनानगर के सात शहीद जवानों के परिजनों को किया जाएगा सम्मानित एसपी ने कहा कि शहीद हुए जवानों में सात ऐसे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिनका संबंध यमुनानगर जिले से है। इन जवानों की शहादत को सम्मान देने के लिए पुलिस विभाग की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जवानों के गांवों या स्कूलों में पहुंचकर उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि उनके बलिदान और योगदान को स्थानीय स्तर पर भी याद किया जा सके। पुलिस विभाग की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का सिलसिला अगले 10 दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से शहीद पुलिसकर्मियों को याद किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के समापन पर दौड़ का आयोजन किया जाएगा। 22 अक्टूबर को नेहरू पार्क में होगा श्रद्धांजलि कार्यक्रम एसपी ने बताया क पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में 22 अक्टूबर को यमुनानगर के नेहरू पार्क में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें पुलिस बैंड की प्रस्तुति के साथ जिले से संबंध रखने वाले सातों शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। एसपी ने बताया कि हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इसका संबंध वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में हुई घटना से है। उस समय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान सीमा क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस दौरान चीनी सैनिकों के हमले में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।
प्रतापगढ़ के बाघराय थाना क्षेत्र में बुधवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार तीन लोगों की मौत हो गई। सेवा नहर के पास हुए इस हादसे में एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, बाइक पर सवार चार लोग डंपर की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय ग्रामीण और राहगीर जमा हो गए। सूचना मिलते ही बाघराय थाना प्रभारी श्रवण कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एंबुलेंस से तीनों मृतकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाघराय भेजा। गंभीर रूप से घायल बच्चे को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले में जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है और मृतकों की पहचान की जा रही है।
अयोध्या में शारदीय नवरात्र के समापन के बाद बुधवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। सोहावल, रुदौली और मिल्कीपुर तहसील क्षेत्रों में श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और माता रानी के जयकारों के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली व पिकअप से प्रतिमाओं को विसर्जन स्थलों तक ले जा रहे हैं। हरीश घाट, कामाख्या घाट, आमघाट, अमौना घाट, सीता बांधा और ढेमवा घाट समेत अन्य घाटों पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। विसर्जन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। रेछ घाट पर सबसे ज्यादा प्रतिमाएं पहुंचने का अनुमान रुदौली के उपजिलाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि बुधवार को रेछ घाट पर सबसे अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन होने का अनुमान है। यहां अमेठी जिले से भी प्रतिमाएं विसर्जन के लिए लाई जाती हैं। इसे देखते हुए अयोध्या और अमेठी, दोनों जिलों की पुलिस तैनात की गई है। घाट पर गोताखोरों को भी लगाया गया है, ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके। विसर्जन स्थलों पर उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी और स्थानीय पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। उपजिलाधिकारी पवन कुमार शर्मा और पुलिस क्षेत्राधिकारी पीयूष पाल ने भी विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान मिली कमियों को दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए। प्रशासन का ध्यान घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने पर है, ताकि विसर्जन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाएं लेकर निकले श्रद्धालु ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा समितियों ने पंडालों में विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के बाद प्रतिमाओं को वाहनों पर रखकर विसर्जन के लिए रवाना किया। वहीं, जिले में बुधवार को कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित व्यवस्थाओं के तहत प्रतिमा विसर्जन संपन्न कराया जाएगा।
सिद्धार्थनगर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मंगलवार रात रेलवे स्टेशन के सामने महरिया गांव के डोला नंबर 47 को लेकर विवाद हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया। घटना से नाराज दर्जनों ग्रामीण सड़क पर उतर आए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी को धक्का देकर वापस जाने के लिए कहा। इससे मौके पर काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात महरिया गांव का डोला नंबर 47 रेलवे स्टेशन के सामने पहुंचा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि विवाद के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों के साथ मारपीट की। हालांकि, घटना के कारणों को लेकर ग्रामीणों और पुलिस का पक्ष अलग-अलग है। नाराज ग्रामीणों ने की नारेबाजी पुलिस पर मारपीट का आरोप लगने के बाद दर्जनों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी को धक्का देकर वापस जाने को कहा। विरोध के चलते मौके पर काफी देर तक तनाव बना रहा। पुलिस ने बताया, नशे में उग्र हुए थे कुछ लोग सदर थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि कुछ लोग नशे में उग्र हो गए थे। पुलिस ने उन्हें समझाकर मौके से हटा दिया था। पुलिस के अनुसार, स्थिति को संभालने के लिए लोगों को समझाया गया। विसर्जन के दौरान हुए विवाद और पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। फिलहाल, घटना के संबंध में ग्रामीणों के आरोप और पुलिस का बयान सामने आया है। मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मुरादाबाद की आरएसडी एकेडमी की जूडो टीम लखनऊ में होने वाले इंटरनेशनल स्पोर्ट्स ओलंपियाड-2026 में हिस्सा लेगी। यह स्पर्धा सीएमएस लखनऊ में 24 से 27 अक्टूबर तक होगी। इसमें देश-विदेश के कई स्कूलों के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। जूडो कोच मयंक कश्यप ने बताया कि टीम के खिलाड़ी लगातार अभ्यास कर रहे हैं। सभी खिलाड़ी उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने को तैयार हैं। उन्हें उम्मीद है कि टीम स्कूल और मुरादाबाद का नाम रोशन करेगी। टीम में कार्तिक जटवानी, कुंवर नमन कुमार, शुभांग सिंह, हिमांशु सैनी, अधिराज ठाकुर, ख्याति सिंह, मान्या शर्मा, रानी यादव और गुनी चौधरी शामिल हैं। स्कूल निदेशक डॉ. विनोद कुमार, डॉ. श्रीमती जी. कुमार, डॉ. गौरव कुमार, डॉ. गरिमा शर्मा, डॉ. अजय शर्मा और प्रधानाचार्य अभिषेक शर्मा ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और खेल भावना से खेलने की अपील की।
ललितपुर में मंगलवार रात 8 बजे के आसपास दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से लौटते समय एक किसान की ट्रैक्टर से गिरकर मौत हो गई। रात करीब 10 बजे परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार की दोपहर 12 बजे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । नाराहट थाना क्षेत्र के रहने वाले 50 साल के किसान अकबर सिंह लोधी लोधी गांव वालों के साथ जामनी नदी पर प्रतिमा विसर्जन के लिए गए थे। वापस लौटते समय वह गांव से पहले ट्रैक्टर ट्रॉली से गिर गए, जिसकी खबर चालक और गाड़ी में सवार दस से ज्यादा लोगों को नहीं लग पाई। पैदल आ रहे परिजनों ने अकबर को रास्ते में घायल देखा और तुरंत मेडिकल कॉलेज ले गए। इस घटना से 10 मिनट पहले अकबर के 22 साल के चचेरे भतीजे रविंद्र को भी डीजे पिकअप ने टक्कर मार दी थी। रविंद्र घायल है और उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अकबर तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और खेती करते थे। उनकी तीन बेटियां और दो बेटे हैं। नाराहट थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर हादसे में किसान की मौत हुई है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व पर सुकमा पुलिस ने लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए अनूठी पहल की। जिला मुख्यालय स्थित मिनी स्टेडियम में पुलिस की ओर से तैयार किए गए रावण का दहन किया गया। खास बात यह रही कि इस बार रावण को साइबर अपराध के प्रतीक के रूप में सजाया गया था। उसके प्रत्येक चेहरे पर साइबर फ्रॉड से जुड़े अलग-अलग संदेश लिखे गए थे, ताकि लोग डिजिटल ठगी के तरीकों को समझ सकें और उनसे बचने के लिए सतर्क रहें। रावण दहन के जरिए साइबर ठगी से बचाव का संदेश साइबर रावण के दहन की पहल ने पारंपरिक उत्सव के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया। रावण दहन देखने के लिए मिनी स्टेडियम में सैकड़ों लोग मौजूद रहे। पुलिस की इस पहल ने लोगों का ध्यान साइबर अपराधों से बचाव की जरूरत की ओर आकर्षित किया। अनजान कॉल और लिंक पर भरोसा करने से बचें : एसपी पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इन्हें रोकने और लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस हरसंभव प्रयास कर रही है। साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे में आम नागरिकों का सतर्क रहना जरूरी है। किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि पर भरोसा करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। सुकमा पुलिस ने साइबर रावण का दहन कर संदेश दिया कि जिस तरह दशहरे पर रावण का पुतला जलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया जाता है, उसी तरह जागरूकता और सतर्कता के जरिए साइबर अपराध रूपी बुराई पर भी अंकुश लगाया जा सकता है।
भगवान श्रीकृष्ण की लीला भूमि ब्रज और भगवान जगन्नाथ की पावन नगरी पुरी के बीच आध्यात्मिक संबंधों को साकार करती एक अनूठी धार्मिक यात्रा इन दिनों वृंदावन में श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बनी हुई है। विश्व भ्रमण पर निकले भगवान जगन्नाथ जी नेपाल और श्रीलंका की यात्रा के बाद अपनी बहन सुभद्रा जी, भ्राता बलभद्र जी और चक्रराज सुदर्शन के साथ वृंदावन पहुंचे हैं। यहां उनका प्रवास पांच दिन से बढ़ाकर सात दिन कर दिया गया है। कुंभ क्षेत्र में चल रहा उत्सव यमुना के किनारे वृंदावन के कुंभ क्षेत्र स्थित विरजा मंडप में विराजमान भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हरियाली से आच्छादित कुंभ क्षेत्र में यमुना तट का शांत वातावरण, भजन-कीर्तन और भगवान की दिव्य झांकियां इस धार्मिक आयोजन को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान कर रही हैं। ब्रज और पुरी की धार्मिक भावनाओं का हो रहा संगम भगवान जगन्नाथ के भव्य डोले के साथ करीब 500 भक्तों का दल इस धर्म यात्रा में शामिल है। यात्रा का उद्देश्य भगवान जगन्नाथ जी की महिमा और भक्ति का प्रचार-प्रसार करने के साथ विश्व में शांति, सद्भाव और मैत्री का संदेश देना भी है। श्रीकृष्ण की लीला भूमि वृंदावन में महाप्रभु का प्रवास ब्रज और पुरी की समृद्ध धार्मिक परंपराओं के संगम का अनुभव करा रहा है। स्कंद पुराण में वर्णित महिमा का हो रहा गुणगान संत सत्यानंद महाराज ने बताया कि कुंभ क्षेत्र स्थित विरजा मंडप में स्कंद पुराण में वर्णित भगवान जगन्नाथ की महिमा का गुणगान कथा के माध्यम से किया जा रहा है। संत सत्यानंद महाराज, दीनबंधु महाराज, परमानंद महाराज और बाबा दयानिधि दास श्रद्धालुओं को महाप्रभु की लीलाओं और उनकी महिमा से परिचित करा रहे हैं। सुबह छह से साढ़े आठ बजे तक और शाम छह से रात नौ बजे तक कथा श्रवण एवं दर्शन का क्रम चल रहा है। दिल्ली, बेंगलुरु सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचकर इस धार्मिक आयोजन में भाग ले रहे हैं। 24 दिव्य झांकियों के दर्शन बना रहे आकर्षण दीनबंधु दास महाराज ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की सेवा परंपरा में विभिन्न अवसरों पर उनके अनेक दिव्य वेशों के दर्शन का विशेष महत्व है। पुरी की परंपरा से जुड़े इन स्वरूपों में भगवान स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित राजराजेश्वर वेश के साथ गजानन, राधा-दामोदर, त्रिविक्रम, लक्ष्मी-नारायण और नृसिंह स्वरूप में भी भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी प्रकार वनभोजी, कालियादलन, कृष्ण-बलराम, रघुनाथ और पद्म वेश भगवान की विविध लीलाओं एवं स्वरूपों का स्मरण कराते हैं।वृंदावन में भी भगवान जगन्नाथ के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि ओडिशा की पारंपरिक सेवा-पद्धति और पूजन विधान के अनुरूप यहां भी भगवान जी की पूजा-अर्चना की जा रही है। इससे ब्रज में पुरी की धार्मिक परंपराओं का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है। श्रद्धालुओं को करा रहा आध्यात्मिक शांति का एहसास पुरी में महाप्रभु की रथयात्रा और विविध वेशों की परंपरा सदियों से श्रद्धा का केंद्र रही है, वहीं वृंदावन श्रीराधा-कृष्ण की लीलाओं, भजन और संकीर्तन की भूमि है। ऐसे में कुंभ क्षेत्र की हरियाली, यमुना का शांत तट और भक्ति से गुंजायमान वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव करा रहा है। यहां पहुंच रहे भक्त भगवान के दर्शन के साथ कथा-श्रवण और संकीर्तन में शामिल होकर भक्ति के रंग में सराबोर हो रहे हैं।
मेरठ शहर में बुधवार को निकाली गई एक जागरूकता रैली लोगों के लिए मुसीबत बन गई। रैली के चलते कचहरी और आसपास के प्रमुख मार्गों पर करीब डेढ़ घंटे तक भीषण जाम लगा रहा। हालात ऐसे हो गए कि मरीजों को लेकर जा रही और मरीजों को लेने के लिए निकलीं सात एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। पुलिस लाइन रोड से लेकर नेहरू रोड, वेस्टर्न कचहरी रोड, मेघदूत चौराहा, अंबेडकर चौराहा और सहकारी बैंक चौराहे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। फूलबाग कॉलोनी चौराहे से लेकर इवज चौराहा और बच्चा पार्क तक यातायात प्रभावित रहा। हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े जाम के दौरान प्रमुख चौराहों पर इक्का-दुक्का ट्रैफिक पुलिसकर्मी ही नजर आए। जब जाम की सूचना पर अफसरों के फोन घनघनाने लगे, तब ट्रैफिक पुलिस सक्रिय हुई और टीमों को मौके पर भेजा गया। एंबुलेंस फंसीं, मरीजों की बढ़ी परेशानीजाम का सबसे गंभीर पहलू एंबुलेंस का फंसना रहा। इनमें कुछ एंबुलेंस मरीजों को लेकर जा रही थीं, जबकि कुछ को कॉल मिलने के बाद मरीजों को लेने पहुंचना था। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारों के कारण एंबुलेंस को रास्ता मिलने में परेशानी हुई। ऐसे में सवाल उठने लगे कि जब शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ रहा था, तब एंबुलेंस के लिए रास्ता सुनिश्चित करने की व्यवस्था क्यों नहीं दिखाई दी। जागरूकता के उद्देश्य से निकाली गई रैली के कारण आम लोगों के साथ मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रमुख चौराहों पर बिगड़े हालातरैली के दौरान पुलिस लाइन रोड, नेहरू रोड और वेस्टर्न कचहरी रोड पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। मेघदूत चौराहा, अंबेडकर चौराहा और सहकारी बैंक चौराहे पर भी जाम के हालात बने रहे। इसका असर फूलबाग कॉलोनी चौराहे तक पहुंच गया। इवज चौराहा और बच्चा पार्क की तरफ भी वाहन जाम में फंसे रहे। एक मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने से आसपास के रास्तों पर भी वाहनों की रफ्तार थम गई। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए इंतजार करना पड़ा। फोन घनघनाए तो हरकत में आई ट्रैफिक पुलिसजाम के दौरान यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिसकर्मियों की पर्याप्त मौजूदगी नहीं दिखने पर लोगों ने नाराजगी जताई। जब जाम की शिकायतें अफसरों तक पहुंचीं और उनके फोन घनघनाने लगे, तब ट्रैफिक पुलिस हरकत में आई। ट्रैफिक प्रभारी संतोष कुमार सिंह टीम के साथ मेघदूत चौराहे पर पहुंचे और यातायात सुचारु कराने का प्रयास किया। रैली निकलने के बाद भी जाम से राहत मिलने में समय लगा। लोगों को करीब एक घंटे तक और परेशानी का सामना करना पड़ा। रैली का रूट तय था तो ट्रैफिक प्लान कहां था?जाम में फंसे लोग यातायात प्रबंधन पर सवाल उठाते नजर आए। उनका कहना था कि इस तरह की रैलियों का रूट और समय पहले से निर्धारित होता है। ऐसे में संबंधित मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका भी पहले से रहती है। इसके बावजूद प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी क्यों नहीं तैनात थे? क्या रैली के लिए यातायात डायवर्जन की व्यवस्था बनाई गई थी? यदि प्लान तैयार था तो उसे जमीन पर लागू क्यों नहीं किया गया? लोगों का सवाल था कि जागरूकता फैलाने के लिए निकाली गई रैली के कारण आम जनता और मरीजों को परेशानी उठानी पड़े, तो यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी कौन लेगा?
छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को अब तनाव दूर करने और काम करने के तरीके में सुधार के लिए ऑनलाइन कोर्स करना होगा। राज्य शासन ने मिशन कर्मयोगी के तहत iGOT पोर्टल पर उपलब्ध दो कोर्स 31 अक्टूबर तक पूरे करना अनिवार्य किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं। इनमें पहला कोर्स ‘कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन’ और दूसरा ‘स्ट्रेस मैनेजमेंट थ्रू मेडिटेशन एंड योग निद्रा’ है। इन कोर्स के जरिए कर्मचारियों को काम के दौरान होने वाले तनाव को संभालने और अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। विभागों को देनी होगी रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि, वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से तय समय में दोनों कोर्स पूरे करवाएं। किसी भी कर्मचारी का कोर्स पेंडिंग नहीं रहना चाहिए। कोर्स पूरा होने की जानकारी सभी विभागों को 3 नवंबर तक शासन को देनी होगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिकायतें फिर भी कम नहीं हो रहीं सरकारी दफ्तरों में कामकाज सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों की शिकायतें कम नहीं हो रही हैं। कई मामलों का समय पर निराकरण नहीं होने से लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। फाइलें महीनों तक अटकी रहती हैं। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि अब तक ज्यादातर अधिकारियों और कर्मचारियों ने ये कोर्स पूरे नहीं किए हैं। इसी वजह से शासन ने सभी को 31 अक्टूबर तक कोर्स पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें गहन जांच और बेहतर इलाज के लिए बुधवार को एयर एंबुलेंस से हैदराबाद ले जाया गया है। वे तीन दिनों से नागपुर में भर्ती थे। पेट की समस्या के चलते उनका इलाज चल रहा था। 17 अक्टूबर को मुलताई के श्रीराम मंदिर में दादा गुरु महाराज के कार्यक्रम में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें अचानक चक्कर आने लगे। लोगों ने उन्हें संभाला और सीपीआर देकर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें नागपुर रेफर किया गया। बीमारी की अधिकारिक जानकारी नहीं नागपुर में तीन दिनों से उनका इलाज चल रहा था। बुधवार को उन्हें आगे की जांच के लिए हैदराबाद भेजा गया। डॉक्टर पेट से जुड़ी परेशानी की जांच कर रहे हैं। उनकी सेहत को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मिलने गए थे विधायक के अस्वस्थ होने की खबर के बाद कई लोग उनका हाल जानने पहुंचे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और आमला विधायक योगेश भंडारी भी नागपुर में उनसे मिलने गए थे। उनके समर्थक और क्षेत्र के लोग उनके जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं।
नागौर जिले में पंचायत चुनाव के पहले चरण के मतदान की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। बुधवार को मतदान सामग्री के साथ 743 मतदान दलों को रवाना किया गया। पहले चरण में गुरुवार, 22 अक्टूबर को जिले के 739 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। इस दौरान 7 पंचायत समितियों के 120 सदस्यों और जिला परिषद के 21 सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान होगा। साढ़े 6 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने जरूरी व्यवस्थाएं की हैं। मतदान दलों को प्रशिक्षण देने के साथ चुनाव सामग्री उपलब्ध कराई गई है। मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं संभालने और चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। 3,715 मतदानकर्मी संभालेंगे जिम्मेदारी, 223 दल रिजर्व में पहले चरण के चुनाव के लिए गठित 743 मतदान दलों में कुल 3,715 मतदानकर्मियों को शामिल किया गया है। प्रत्येक दल में 5 कार्मिक रखे गए हैं। इसके अलावा 30 प्रतिशत रिजर्व व्यवस्था के तहत 223 अतिरिक्त मतदान दलों के करीब 1,115 कार्मिक तैयार रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर इनकी सेवाएं ली जा सकेंगी। 7 पंचायत समितियों के 120 वार्डों और जिला परिषद के 21 वार्डों में चुनाव पहले चरण में जिले की 7 पंचायत समितियों के 120 वार्डों और जिला परिषद के 21 वार्डों के लिए मतदान होगा। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए 89 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 18 जोनल मजिस्ट्रेट रिजर्व में रखे गए हैं, ताकि जरूरत के अनुसार उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी जा सके। 24 अक्टूबर को 195 ग्राम पंचायतों में मतदान पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के दो दिन बाद, 24 अक्टूबर को जिले की 195 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान होगा। इसके लिए 195 रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जबकि 35 अधिकारियों को रिजर्व में रखा गया है। पंच-सरपंच चुनाव की प्रक्रिया के तहत 25 अक्टूबर को उपसरपंच पद के लिए मतदान कराया जाएगा। दोनों चरणों के चुनाव की व्यवस्थाओं पर जोर प्रशासन की ओर से दोनों चरणों के चुनाव सुचारू रूप से संपन्न कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए मतदान दलों की तैनाती, रिजर्व कार्मिकों की उपलब्धता और निगरानी व्यवस्था की गई है, ताकि चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराए जा सकें। --- पंचायत चुनाव से जुड़ीं ये खबर भी पढ़ें … 1. नागौर: 7 पंचायत-समितियों में 700 से ज्यादा सरपंच-पद के दावेदार:कहीं एक ही गांव में 5 आमने-सामने, पढ़ें- आपके इलाके में कौन जता रहा दावेदारी नागौर में पंचायत चुनाव को लेकर दावेदारी शुरू हो गई है। प्रदेश की 14403 ग्राम पंचायतों में 60 हजार से अधिक चेहरे सामने आए हैं। पूरी खबर पढ़िए 2. नागौर में पूर्व-विधायक भी जिला परिषद सदस्य की दौड़ में:RLP ने भी 37 उम्मीदवार उतारे, पढ़ें तीनों पार्टियों के प्रत्याशियों की प्रोफाइल नागौर जिला परिषद में 37 वार्डों में भाजपा ने 35 कांग्रेस ने 36, RLP ने 37 उम्मीदवार उतारे हैं। इस बार 22 साल के प्रत्याशी से लेकर 73 साल के प्रत्याशी मैदान में हैं। पूरी खबर पढ़िए
भाखड़ा पुल के संरक्षण की मांग:पूर्व विधायक बोले- विशेषज्ञों की राय लेकर तय हो पुल का भविष्य
रामपुर के बिलासपुर स्थित भाखड़ा डैम पर बना करीब 106 वर्ष पुराना ऐतिहासिक भाखड़ा पुल ध्वस्तीकरण की आशंका के बीच संरक्षण की मांग को लेकर चर्चा में है। नए पुल के क्षतिग्रस्त होकर बह जाने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व विधायक संजय कपूर ने पुराने पुल की तकनीकी और संरचनात्मक जांच कराकर उसे ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित करने की मांग की है। उनका कहना है कि विशेषज्ञों की जांच में यदि पुल छोटे वाहनों के आवागमन के लिए सुरक्षित पाया जाता है, तो मरम्मत और जरूरी सुरक्षा इंतजामों के बाद इसका उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने पुल के संरक्षण के लिए पुरातत्व विभाग और विरासत विशेषज्ञों की राय लेने का सुझाव दिया। साथ ही, नए पुल के क्षतिग्रस्त होने की निष्पक्ष जांच कराने और वैकल्पिक स्थान पर नए पुल के निर्माण की संभावनाएं तलाशने के लिए सर्वेक्षण कराने की मांग भी उठाई।
बिलासपुर जिले में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की चुनौती के बीच सकरी थाना क्षेत्र के कोड़ापुरी स्थित कंपोजिट मदिरा दुकान में सेंधमारी का मामला सामने आया है। अज्ञात चोरों ने दुकान की पिछली दीवार में सेंध लगाकर शराब की विभिन्न ब्रांड की बोतलों के साथ गल्ले में रखी नकदी पर भी हाथ साफ कर दिया। चोरी गए सामान और नकदी को मिलाकर 14,400 रुपए की चोरी बताई गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद दुकान के सुपरवाइजर ने सकरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुबह ड्यूटी पर पहुंचा सुपरवाइजर, तब खुला चोरी का राज जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सुजीत चतुर्वेदी (37 वर्ष), पिता ईश्वर लाल चतुर्वेदी, निवासी दौना, थाना सरगांव, कोड़ापुरी स्थित कंपोजिट मदिरा दुकान में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। उनके मुताबिक, 18 और 19 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने दुकान की पिछली दीवार में सेंधमारी कर वारदात को अंजाम दिया। 19 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे जब वह ड्यूटी पर पहुंचे, तब दुकान में चोरी होने का पता चला। महंगी शराब की बोतलें और गल्ले की रकम गायब चोर दुकान से एक पेटी प्लेन मदिरा के 48 पाव, जिसकी कीमत 3,840 रुपए, 3200 रुपए मूल्य की 4 बोतल 8 पीएम ब्लैक, 1400 रुपए की ब्लेंडर्स प्राइड रिजर्व, 640 रुपए की एक बोतल मेड ऑफ प्रीमियम, 960 रुपए की व्हाइट एंड ब्लू चोरी कर ले गए। इसके अलावा दुकान के गल्ले में रखे 4,360 रुपए भी चोरी कर लिए गए। अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी पुलिस घटना के संबंध में सुजीत चतुर्वेदी ने सकरी थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 305(a) और 331(4) के तहत अपराध दर्ज किया है।
मऊ में गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन-2026 के तहत 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले मतदान के लिए पात्र मतदाताओं को विशेष आकस्मिक अवकाश की सुविधा दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी आनंद वर्धन ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि संबंधित शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के बोनाफाइड मतदाता, यानी पात्र मतदाता मतदान के दिन अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश का लाभ उठा सकते हैं। इसका उद्देश्य मतदाताओं को मतदान में भाग लेने की सुविधा उपलब्ध कराना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्धारित मतदान दिवस पर पात्र मतदाताओं को यह सुविधा अनुमन्य होगी, ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मतदाताओं से अपील है कि वे निर्धारित तिथि पर मतदान में भाग लेकर अपनी भूमिका निभाएं।
जमशेदपुर के मानगो स्थित हिल व्यू कॉलोनी में एक बंद घर से लाखों की चोरी हो गई। चोर घर का ताला तोड़कर करीब 10 लाख रुपए के गहने और डेढ़ लाख रुपए नकद लेकर फरार हो गए। यह घटना तब हुई, जब परिवार दुर्गा पूजा देखने गया था। हिल व्यू कॉलोनी निवासी अनुपम ओझा महानवमी की रात करीब 12:30 बजे परिवार के साथ दुर्गा पूजा उत्सव देखने गए थे। बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे लौटने पर उन्हें मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। घर का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी भी टूटी हुई थी। जांच करने पर अनुपम ओझा को करीब 10 लाख रुपए के गहने और डेढ़ लाख रुपए नकद गायब मिले। उन्होंने तुरंत स्थानीय एमजीएम थाने को सूचना दी। सूचना मिलने पर विकास सिंह मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भिवानी जिले के लोहारू बिजली बोर्ड परिसर में बिजली कर्मचारियों ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली निगम का निजीकरण किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया और सरकारी आदेश की प्रतियां जलाई। इससे पहले संयुक्त साझा मोर्चा के आह्वान पर हुई बैठक में तीन दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने की रणनीति बनी। कर्मचारियों ने गुरुग्राम में निजी कंपनी 11 पावर को दिए गए लाइसेंस का विरोध किया। उन्होंने लाइसेंस की प्रतियां जलाकर रोष जताया और सरकार से फैसला वापस लेने की मांग की। तीन दिन की हड़ताल की चेतावनी यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो तीन दिवसीय हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है। उन्होंने ब्लैकआउट जैसे कड़े कदम उठाने की संभावना भी जताई। कर्मचारियों ने आम जनता से हड़ताल को नैतिक समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों की बिजली सेवाओं से भी जुड़ा है। बैठक में डिवीजन प्रधान सोमवीर, सचिव विकास, प्रधान किरोड़ीमल, सुखबीर, रोशन लाल और विकास समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
झज्जर दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए झज्जर ट्रैफिक पुलिस ने ओवरएज वाहनों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। जिले में अब तक 514 पुराने वाहनों को इंपाउंड किया जा चुका है, जबकि करीब 4,200 भारी वाहन अपनी निर्धारित उम्र पूरी कर चुके हैं। पुलिस ने वाहन मालिकों को चेतावनी दी है कि वे अपने पुराने वाहनों को अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर जमा करवाएं, अन्यथा कार्रवाई करते हुए वाहनों को जब्त किया जा सकता है। 4,200 भारी वाहन पुलिस के निशाने पर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन करवाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत पुराने और नियमों के अनुसार चलने के अयोग्य वाहनों की पहचान की जा रही है। झज्जर ट्रैफिक पुलिस ने संबंधित एसडीएम और जिला परिवहन अधिकारी (DTO) को पत्र लिखकर ऐसे वाहनों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है, ताकि कार्रवाई को और तेज किया जा सके। 514 वाहनों पर हो चुकी कार्रवाई ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, अभियान के तहत अब तक 514 वाहनों को इंपाउंड किया गया है। पुलिस की नजर खास तौर पर उन वाहनों पर है, जो निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके हैं और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों के दायरे में आते हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। खुद स्क्रैप करवाएं, नहीं तो होगी कार्रवाई ट्रैफिक एसएचओ सतीश कुमार ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने पुराने वाहनों को अधिकृत केंद्रों पर स्क्रैप करवाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से ओवरएज वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। वाहन मालिक समय रहते नियमों के अनुसार कार्रवाई करें, अन्यथा ऐसे वाहनों को सड़क से हटाने के साथ जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है। पुराने वाहनों को लेकर क्या हैं नियम? दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों को लेकर लागू नियमों के तहत 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध से जुड़े प्रावधान हैं। हालांकि, किसी वाहन पर कार्रवाई उसकी श्रेणी, लागू आदेशों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार तय होती है। ऐसे में वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने वाहन की स्थिति और लागू नियमों की जानकारी संबंधित परिवहन विभाग से प्राप्त करें। प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के चलते आने वाले दिनों में पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होने की संभावना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
सीने में चाकू मारकर युवक की हत्या:हॉस्पिटल में दम तोड़ा, फरार आरोपी के पिता को पुलिस ने पकड़ा
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के जालबसर गांव में मंगलवार रात युवक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। गांव की मेन चौपाल पर उत्तरादा कुएं के पास रात करीब 10:15 बजे 28 साल के नेमीचंद लूखा के सीने में चाकू घोंप दिया गया। गंभीर हालत में उसे उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां खून ज्यादा बहने के कारण उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने रात करीब 3 बजे आरोपी के पिता को डिटेन किया है। पीछे से पकड़कर सीने में चाकू घोंपने का आरोप जानकारी के अनुसार, मृतक नेमीचंद पुत्र हरिराम लूखा गांव में बोलेरो गाड़ी चलाकर सवारियों को श्रीडूंगरगढ़ से जालबसर लाने-ले जाने का काम करता था। आरोप है कि गांव के ही कालूराम जाट ने मंगलवार रात उसके सीने में बांई तरफ चाकू मार दिया। वारदात के समय आरोपी नशे में था। हालांकि, घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की पुलिस जांच कर रही है। रात में ही थाने पहुंचे ग्रामीण, सख्त कार्रवाई की मांग हत्या की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीण थाने पहुंचे और थानाधिकारी से मिले। ग्रामीणों ने गांव में हुई इस वारदात पर नाराजगी जताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। घटनास्थल से दो गली दूर मृतक का घर है, जबकि पास में ही आरोपी की दुकान भी बताई जा रही है। घटना के बाद गांव में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश और हत्या के कारणों की जांच में जुटी है।
गाजीपुर मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में बुधवार सुबह 7 बजे एक मरीज तीसरी मंजिल से खुले शौचालय के चैंबर में गिर गया। मरदह ब्लॉक के सराय मुबारक गांव के मनोहर कुमार (26) शौचालय जाते समय गश खाकर गिरे और सीधे ग्राउंड फ्लोर पर पहुंच गए। इस घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मनोहर अपने पिता शमशेर राम के साथ शौचालय गए थे। चैंबर के प्रवेश द्वार पर लोहे का गेट लगा था, लेकिन वह बंद नहीं था, सिर्फ सटाकर रखा गया था। गश आने पर मनोहर गेट की तरफ गिरे और गेट खुलते ही वह नीचे चैंबर में जा गिरे। उन्हें सिर, चेहरे, हाथ और कमर में चोटें आई हैं। कर्मचारियों ने लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला और इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। डॉक्टरों की जांच और एक्स-रे रिपोर्ट का इंतजार है। मनोहर 19 अक्टूबर को टाइफाइड और दिमागी बुखार के इलाज के लिए भर्ती हुए थे। हादसे के बाद संबंधित चैंबर के गेट पर ताला लगा दिया गया है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने तीसरी मंजिल पर चैंबर के लोहे के गेट में ताला लगवा दिया। अन्य मंजिलों पर भी ऐसे गेट बंद किए गए, जबकि ग्राउंड फ्लोर के गेट को लोहे की रॉड लगाकर बंद किया गया। इससे पहले गेट खुले या ठीक से बंद नहीं होने की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।उसी मंजिल पर भर्ती एक अन्य मरीज के बुजुर्ग तीमारदार ने बताया कि हादसे के समय वह भी आसपास मौजूद था। उसके मुताबिक, गेट पर लगी सिटकनी ठीक से बंद नहीं थी। हल्का धक्का देने पर ही गेट खुल सकता था। उसने बताया कि हादसे के बाद गेट पर ताला लगाया गया। घटना ने अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और चैंबर के गेटों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खरगोन की जिला पुलिस लाइन में बुधवार सुबह पुलिस शहीद स्मृति दिवस मनाया गया। देश की सेवा में जान देने वाले 154 पुलिसकर्मियों को शोक परेड के साथ श्रद्धांजलि दी गई। शहीदों के सम्मान में पहले शस्त्र झुके, फिर अधिकारियों और जवानों ने सिर झुकाकर नमन किया। इसके बाद करीब एक मिनट का मौन रखकर उनके बलिदान को याद किया गया। कार्यक्रम सुबह 9 बजे हुआ। एसपी रविंद्र वर्मा ने 154 शहीद पुलिसकर्मियों के नाम पढ़े। पूर्वमंत्री बालकृष्ण पाटीदार, डीआईजी सिमाला प्रसाद और कलेक्टर गुरु प्रसाद समेत कई अधिकारियों ने शहीदों को फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। तस्वीरें देखें… शहीदों के परिवारों को शॉल देकर सम्मानित किया इस मौके पर खरगोन जिले के शहीद जवानों के परिवारों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इनमें प्रधान आरक्षक बसंत वर्मा का बलिदान भी याद किया गया। उन्होंने 2016 में नर्मदा नदी में एक 10 साल के बच्चे को बचाते हुए अपनी जान दे दी थी।
भोपाल के शाहजहांनाबाद स्थित नूर महल लाल मस्जिद रोड पर आवारा कुत्तों ने 8 साल के बच्चे का मुंह नोंच लिया। इससे उसकी सर्जरी करना पड़ी। बच्चा पिछले 5 दिनों से हमीदिया अस्पताल में भर्ती है। वार्ड-9 के लाल मस्जिद रोड पर पिछले 5 दिनों में कुत्ते 15 से ज्यादा लोगों को शिकार बना चुके हैं। इनमें आठ वर्षीय इब्राहिम भी शामिल हैं। 16 अक्टूबर को एक आवारा कुत्ते ने इब्राहिम को घर में घुसकर काट लिया था। इसके बाद उसके चेहरे पर गंभीर घाव हो गए थे। आनन-फानन में परिजन उसे हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसकी सर्जरी की गई। मामा फैजान ने बताया कि कुत्ते ने इब्राहिम के चेहरे पर चार जगह पर काट लिया। इसके बाद उसकी सर्जरी की गई। पांच दिन से गंभीर हालत में बच्चापरिजनों ने बताया कि पांच दिन से बच्चे की हालत गंभीर है। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामा फैजान ने बताया, डॉक्टरों ने कहा है कि इस सर्जरी से इब्राहिम ठीक हो जाएगा। यदि नहीं होता है तो दोबारा सर्जरी करना पड़ेगी। बच्चों के पीछे लगते हैं कुत्ते, कई बार हुई शिकायत रहवासी मोहम्मद अली ने बताया कि इलाके में कुत्तों से बहुत परेशानी है। सुबह नमाज के लिए जब घर से मस्जिद जाते हैं तो कुत्ते पीछे पड़ जाते हैं। इससे बार-बार बचकर निकलना पड़ता है। शिकायत करने के बाद भी कुत्तों को नहीं हटाया गया है। वासिद खान ने बताया कि बच्चों के स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। नगर निगम को यहां से कुत्तों को हटाना चाहिए। झुंड में 50 से ज्यादा कुत्तेरहवासी इब्राहिम अली दाऊदी ने बताया कि इलाके में कई आवारा कुत्तों का झुंड घूम रहा है। इनकी संख्या 50 से ज्यादा है। इलाके में घूमने वाले डॉग्स अबतक करीब 15 लोगों को निशाना बना चुके हैं। इलाके के लोगों ने उत्तर विधायक आतिफ अकील के साथ वार्ड के पार्षद और निगम अधिकारियों से शिकायत की। जिसमें आवारा कुत्तों को पकड़कर बाहर करने की मांग की है। ताकि, इनके आतंक से लोगों की परेशानी न बढ़े। प्रति डॉग पर 1100 रुपए खर्च करता है नगर निगमभोपाल में अनुमानित सवा लाख स्ट्रीट डॉग्स हैं। जिनकी नसबंदी पर हर साल 3 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाते हैं। इस वित्तीय वर्ष में 3.30 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। प्रति डॉग पर 1100 रुपए खर्च किए जाने के बावजूद इनकी संख्या बढ़ रही है। नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच कुल 25,214 कुत्तों की नसबंदी की गई। तीन एबीसी सेंटरों में 5 दिन तक रखने और ऑपरेशन करने के बाद आवारा कुत्तों को उसी जगह छोड़ दिया जाता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया।
शामली के कैराना में नेशनल हाईवे 709 एडी पर बुधवार को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद गाड़ी डिवाइडर फांदकर हाईवे की दूसरी दिशा में पहुंचकर पलट गई। हादसे में स्कॉर्पियो सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। चारों युवक हरियाणा के पानीपत से हरिद्वार जा रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने अंकित (30) और संदीप (31) को मृत घोषित कर दिया। दोनों घायलों को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया है। दो की मौत, दो की हालत गंभीर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने 30 वर्षीय अंकित पुत्र मेघा निवासी रसलालपुर और 31 वर्षीय संदीप पुत्र सतबीर निवासी सामलपुर को मृत घोषित कर दिया। वहीं, मेजर पुत्र परमजीत निवासी रसलापुर तथा आतेश पुत्र रविंद्र निवासी संजोली, 22 वर्षीय साबिर पुत्र मांगा गांव रसलापुर जनपद पानीपत भी मौजूद था। पुलिस ने परिजनों को दी सूचना हादसे की सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार, सीसी टीम प्रभारी उपनिरीक्षक दुर्गपाल, कांस्टेबल नीरज वर्मा और इमाम गेट चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र त्यागी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाकर घटना की जानकारी जुटाई। मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। दुर्घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
सागर शहर में विजयादशमी के मौके पर पंडालों में विराजमान मां भगवती की प्रतिमाओं का ढोल-नगाड़ों के बीच विसर्जन किया गया। अलग-अलग स्थानों से दुर्गा विसर्जन चल समारोह निकाले गए। तीनबत्ती से राधा टॉकीज तक का इलाका श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। आकर्षक साज-सज्जा के साथ मां दुर्गा की झांकियां निकलीं और पूरे शहर में आस्था का सैलाब नजर आया। चल समारोह के मार्ग पर सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में लोग जमा रहे। शहर की प्रसिद्ध और प्राचीन पुरव्याऊ की कांधे वाली काली माता का चल समारोह भी निकाला गया। पुरव्याऊ से भक्त माता की प्रतिमा को कंधों पर लेकर विसर्जन के लिए निकले। इसके बाद पूरे रास्ते 'चल माई, चल माई' के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर माता को विदाई दी। चल समारोह में सबसे आगे मशाल चल रही थी। सैकड़ों युवा सड़क पर दौड़ते हुए आगे बढ़ रहे थे, जबकि उनके पीछे भक्तों के कंधों पर सवार मां दुर्गा की प्रतिमा चल रही थी। इस दृश्य को देखने के लिए हजारों लोग मार्ग पर पहुंचे। श्रद्धालु माता की झलक मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। देर रात तक चले चल समारोह के बाद चकराघाट पर माता की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। तीनबत्ती पर माता के पहुंचते ही आतिशबाजी पुरव्याऊ की माता का चल समारोह देर रात तीनबत्ती तिराहे पर पहुंचा। जलती मशाल और सड़क पर दौड़ते युवाओं को देखकर चारों ओर 'चल माई, चल माई' के जयकारे गूंजने लगे। जैसे ही माता की प्रतिमा तिराहे पर पहुंची, भक्तों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इसके साथ ही जमकर आतिशबाजी की गई। कटरा बाजार मार्ग पर माता के स्वागत के लिए टेंट लगाए गए थे। यहां डीजे की धुन पर युवा झूमते नजर आए। माता का स्वागत करने के लिए जनप्रतिनिधि भी देर रात तक कटरा बाजार में मौजूद रहे। कैटरिंग एसोसिएशन ने बांटी महाप्रसादी चल समारोह के दौरान कैटरिंग एसोसिएशन की ओर से कटरा बाजार में महाप्रसादी का वितरण किया गया। आयोजकों के अनुसार, 30 हजार से अधिक भक्तों को प्रसादी बांटी गई। देर रात तक प्रसादी वितरण का सिलसिला चलता रहा।
महेंद्रगढ़ में एसडीएम योगेश सैनी ने बुधवार को गांव खैरोली के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल में शिक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसडीएम योगेश सैनी अलग-अलग कक्षाओं में गए और छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा। छात्रों ने बताया कि वे आने वाली परीक्षाओं की तैयारी लगन से कर रहे हैं और अच्छी शिक्षा पाकर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। एसडीएम बोले- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त एसडीएम ने प्राचार्य और स्टाफ सदस्यों को निर्देश दिए कि बच्चे देश का भविष्य हैं, इसलिए उनकी शिक्षा में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सभी जरूरी सुविधाएं मिलें और उनके लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सकारात्मक माहौल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता पर खास ध्यान देने और स्कूल परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
कैथल जिले के पूंडरी क्षेत्र के गांव टयोंठा के रहने वाले करीब 26 वर्षीय युवक अजय चौधरी का शव बुधवार को गांव में पहुंचा। परिजनों ने गांव के रिती रिवाज के अनुसार शव का अंतिम संस्कार किया। उसके शव को भारत लाने में सामाजिक संस्थाओं ने परिवार का सहयोग किया। वहीं दोस्तों और रिश्तेदारों ने भी परिवार का सहयोग किया। चचेरे भाई चिराग ने अजय को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरे गांव के लोगों की आंखें नम दिखाई दी। बता दें कि 15 दिन पहले अजय की अमेरिका में ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई थी। युवक करीब 3 साल पहले अमेरिका गया था। अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। पास में रहने वाले उसके साथियों ने उसे अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने अजय को ये सोचकर विदेश भेजा था कि वहां जाकर दो पैसे कमाएगा और परिवार की गरीबी दूर करेगा, लेकिन अब अजय की मौत के बाद परिवार में मातम पसर गया है और उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। 42 लाख रुपए लगाकर अमेरिका गया था अजय के चाचा विनोद कुमार ने बताया कि अजय 3 साल पहले करीब 42 लाख रुपए लगाकर अमेरिका गया था। वह शिकागो में रह रहा था और एक राशन के स्टोर पर काम कर रहा था। परिवार ने कुछ पैसे अपनी तरफ से जमा किए, तो कुछ पैसे दोस्तों व रिश्तेदारों से उधार लिए थे। उसके बाद उसे अमेरिका भेजा था। पौना एकड़ जमीन पर खेती करता परिवार चाचा विनोद ने बताया कि अजय के परिवार में उसके पिता धर्म सिंह, माता रेखा रानी व एक छोटी बहन है। परिवार करीब पौना एकड़ जमीन पर खेती करता है और वे गांव में ही रहते हैं। अजय की अंतिम यात्रा में गांव सहित आसपास के गांवों के लोग और सामाजिक संस्थाओं के सदस्य शामिल हुए।
जोधपुर के बोरानाडा थाना क्षेत्र में देर रात सरपंच प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी सभा कर लौट रहे भाजपा नेता पर हमले का मामला सामने आया है। बदमाशों ने भाजपा नेता की फॉर्च्युनर कार को कैंपर और पिकअप गाड़ियों से टक्कर मारी। इस दौरान भाजपा नेता वीरेंद्र प्रताप सिंह पाल ने थाने में गाड़ी ले जाकर जान बचाई। भाजपा नेता की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है। विपक्षी सरपंच प्रत्याशी के परिवार पर हमले का आरोप घटना देर रात करीब सवा 10 बजे बोरानाडा हाईवे के पास की है। रिपोर्ट के अनुसार भाजपा नेता वीरेंद्र प्रताप सिंह देवासियों की ढाणी में सरपंच प्रत्याशी गुमानाराम देवासी की सभा में शामिल होकर लौट रहे थे। इसी दौरान बोरानाडा हाईवे पर करीब 5 से 6 कैंपर गाड़ियों में सवार होकर आए बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने भाजपा नेता की गाड़ी को टक्कर मारी। उस दौरान वह जैसे-तैसे करके बोरानाडा थाने की तरफ भाग निकले, बदमाशों ने भाजपा नेता की गाड़ी का काफी दूर तक पीछा भी किया, हालांकि बाद में भाग गए। पुलिस जांच में जुटी मामले में भाजपा नेता वीरेंद्र प्रताप सिंह पाल ने विपक्षी उम्मीदवार सरपंच प्रत्याशी रावत राम बिजारिया के परिवार के लोगों पर हमले का आरोप लगाया है। उन्होंने थाने में रावत राम के भतीजे शेरसिंह सहित अन्य लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। वीरेंद्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी उन्हें सरपंच चुनाव में प्रचार नहीं करने को लेकर धमकियां दी गई थी। इधर मामला सामने आने के बाद बोरानाडा थाना पुलिस जांच में जुटी है।
कानपुर देहात के मूसानगर में सोशल मीडिया पर कथित भड़काऊ पोस्ट को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। फेसबुक पर एक पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और बुधवार सुबह करीब 9 बजे एक युवक को हिरासत में ले लिया। दरअसल, मंगलवार शाम दशहरे के अवसर पर मूसानगर कस्बे में रावण दहन से पहले जुलूस निकाला गया था। इसी जुलूस के संदर्भ में फेसबुक पर जेएन कुरैशी नाम की आईडी से एक पोस्ट किया गया। पोस्ट में मस्जिद के सामने जाम लगाकर नारे लगाने के बजाय इस्लाम कबूल कर अंदर आकर इबादत करने की बात लिखी गई थी। पोस्ट सामने आने के बाद इसका विरोध शुरू होने और माहौल बिगड़ने की आशंका जताई गई। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट की जांच शुरू कर दी। इसके बाद बुधवार सुबह पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मामले को लेकर मूसानगर थाना प्रभारी अमिता वर्मा ने युवक को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है। हालांकि, इस मामले में कुल कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है, इस बारे में उन्होंने फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं दी। थाना प्रभारी का कहना है कि कुछ समय बाद मामले से जुड़ी स्थिति स्पष्ट की जाएगी। फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट और उससे जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस की जांच के बाद ही पोस्ट करने वाले व्यक्ति की भूमिका और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।
पलवल के गदपुरी थाना क्षेत्र के भुर्जा गांव में एक घर से चोर नकदी, सोने के आभूषण और गैस सिलेंडर चोरी कर ले गए। गदपुरी थाना पुलिस ने मकान मालिक की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भुर्जा गांव निवासी रमेश ने पुलिस को बताया कि दो अज्ञात चोर उनके घर में घुसे। चोरों ने अलमारी से तीन हजार रुपए नकद और डेढ़ तोले की सोने की चेन चुरा ली। इसके अलावा, बरामदे में रखा एलपीजी गैस सिलेंडर भी ले गए। सीसीटीवी में कैद हुए दो संदिग्ध युवक चोरी के समय घर के सभी सदस्य काम से बाहर गए हुए थे। घर पर कोई नहीं था। रमेश ने जब अपने घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे देखे, तो उसमें दो युवक बाइक पर सिलेंडर रखकर ले जाते हुए दिखाई दिए। पीड़ित ने इसकी शिकायत गदपुरी थाना की धतीर पुलिस चौकी में दी। जांच अधिकारी एएसआई प्रदीप मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। पुलिस आसपास के कैमरों की फुटेज के आधार पर चोरों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कैम्पर की टक्कर से बाइक सवार दो युवक घायल:राहगीरों ने डीबी अस्पताल पहुंचाया, दोनों की हालत स्थिर
चूरू शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में पांच नंबर रोड पर एक कैम्पर ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक पर सवार 19 साल का दलीप और 20 साल का नवीन घायल हो गए। दोनों युवक कड़वासर गांव के रहने वाले हैं और कैटरिंग का काम करते हैं। वे देर रात काम से लौटकर अपने गांव जा रहे थे। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने उन्हें निजी वाहन से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उनका इलाज किया। फिलहाल दोनों घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलने पर इमरजेंसी वार्ड में लोगों की भीड़ लग गई। कैम्पर ड्राइवर भी अस्पताल पहुंचा और घायल युवकों के परिजनों से उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली।
बड़वानी नर्सिंग कॉलेज की 25 GNM छात्राएं मार्कशीट न मिलने से 10 दिनों से हड़ताल पर हैं। 10वें दिन छात्राओं ने रात में टेंट और सारा सामान हटाने का आरोप लगाया। छात्रा पायल वास्कले ने बताया कि दशहरे पर वे जल्दी चले गए थे। सुबह टेंट हटा हुआ मिला। उन्हें आशंका है कि प्रशासन ने ऐसा किया, क्योंकि हड़ताल खत्म करने को कहा जा रहा था। ये छात्राएं 2020-21 बैच की हैं। कॉलेज प्रबंधन पर मार्कशीट न देने का आरोप है। सुनवाई न होने से नाराज छात्राओं ने जमीन पर बैठकर लड़ने और जान देने की धमकी दी। छात्राओं ने फीस भरी है, पर स्कॉलरशिप न आने पर डायरेक्टर ने घर से फीस भरने को कहा। उन्होंने कलेक्टर-एसडीएम से प्रबंधक को बुलाने की अपील की है, जो रतलाम में रहते हैं और बात नहीं कर रहे। बोलीं- पूरी फीस जमा की पायल ने बताया कि टाइम से फीस भरते आए हैं। फर्स्ट ईयर कंप्लीट है। लॉकडाउन में फीस कम आई थी फिर भी भरी। सेकंड ईयर की 65 हजार फीस पूरी भरी, आवास की किस्त नहीं आई तो घर से जमा की। थर्ड ईयर में भी 10 हजार जमा किए हैं, अभी तक स्कॉलरशिप और आवास नहीं आई। डायरेक्टर सर का कहना है स्कॉलरशिप नहीं आई तो घर से भरो, लेकिन हम कहां से भरें, एडमिशन स्कॉलरशिप बेस पर हुआ था। टोटल फीस 65 हजार है।कलेक्टर-एसडीएम से लगाई गुहारछात्राओं ने कहा कि टेंट नहीं है तो क्या हुआ, नीचे बैठकर लड़ेंगे। अगर ऐसे ही चलता रहा तो रोड जाम करेंगे, रोड पर बैठेंगे, आत्महत्या कर लेंगे, घासलेट डालकर खुद को जला लेंगे। सुनवाई नहीं हो रही, तो जान देकर सुनवाई करवाएंगे। प्रबंधक से बात हुई है, लेकिन वह रतलाम रहते हैं, आ नहीं रहे। हमने कलेक्टर मैडम, एसडीएम सर सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि प्रबंधक से बात करें, लेकिन उन्हें बुला नहीं पा रहे। ऐसा पावर किस काम का जो एक कॉलेज प्रबंधक को भी नहीं बुला पा रहा। हम बस चाहते हैं प्रबंधक को बुलाकर पूछा जाए कि डॉक्यूमेंट क्यों रोक रहे हैं, लेकिन वह हमसे बात ही नहीं कर रहे।
देवास की तुलजा विहार कॉलोनी में बुधवार सुबह एक महिला के किचन में हड़कंप मच गया। महिला खाना बना रही थी, तभी अलमारी में डिब्बा उठाने के लिए उसने हाथ बढ़ाया। डिब्बे के पीछे महज दो फीट की दूरी पर एक जहरीला रसल वाइपर सांप बैठा था। सांप को देखकर महिला घबरा गई और जोर से चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और महिला को वहां से हटाया। इसके बाद परिवार ने सर्प मित्र शाहिद अली को सूचना दी। शाहिद अली अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अलमारी में छिपे सांप को सुरक्षित बाहर निकाला। रसल वाइपर प्रजाति का सांप था सर्प मित्र शाहिद अली ने बताया कि यह रसल वाइपर सांप था। जो बेहद जहरीला होता है। सांप को प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया गया है। समय रहते रेस्क्यू होने से एक संभावित हादसा टल गया।
मरवाही वनमण्डल में वन्यजीवों की आमद लोगों की चिंता बढ़ा रही है। दशहरा की रात गौरेला के बांधामुड़ा के पास एक भालू पहुंच गया। भालू काफी देर तक पेड़ पर चढ़ा रहा। भीड़भाड़ वाले इलाके में भालू को देखकर आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सतर्कता बरतते हुए लोगों को भालू से दूर किया। काफी मशक्कत के बाद भालू को जंगल की ओर खदेड़ा गया। पेड़ पर चढ़ा रहा भालू, मौके पर जुटने लगी भीड़ जानकारी के अनुसार, घटना दशहरा की रात बांधामुड़ा के पास की है। इलाके में अचानक भालू पहुंचने से लोग दहशत में आ गए। भालू काफी देर तक पेड़ पर चढ़ा रहा, जिसे देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम ने लोगों को वहां से दूर किया और सावधानी बरतते हुए भालू को जंगल की ओर खदेड़ दिया। दशहरा के दौरान इलाके में बना रहा डर का माहौल दशहरा के मौके पर इलाके में भीड़भाड़ के बीच भालू की मौजूदगी से लोगों में डर बना रहा। वन विभाग की टीम की कार्रवाई के बाद भालू को जंगल की ओर भेजा गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
विजयादशमी के अवसर पर जांजगीर पुलिस लाइन में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शस्त्र पूजा की गई। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) ने विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा-अर्चना की। उन्होंने जिले में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए जिलेवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं। दशहरा पर्व पर पुलिस लाइन जांजगीर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने पारंपरिक तरीके से शस्त्रों की पूजा की। उन्होंने जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ नागरिकों की सुरक्षा और खुशहाली की कामना की। पुलिस विभाग में दशहरा के अवसर पर शस्त्र पूजा की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसे साहस, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। सभी थानों और पुलिस चौकियों में भी हुई पूजा पुलिस लाइन के साथ जांजगीर-चांपा जिले के सभी थानों और पुलिस चौकियों में भी विजयादशमी पर शस्त्र पूजा की गई। संबंधित थाना प्रभारियों ने विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा-अर्चना कर परंपरा का निर्वहन किया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क, डीएसपी मुख्यालय विजय कुमार पैकरा, डीएसपी अजाक सतरूपा तारम, सीएसपी जांजगीर योगिताबाली खापर्डे, एसडीओपी चांपा लौकेश बंसल, जिला सेनानी योगिता साहू और रक्षित निरीक्षक प्रदीप कुमार जोशी सहित पुलिस लाइन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
शाजापुर शहर में गुरुवार, 22 अक्टूबर को बिजली सप्लाई 4 घंटे के लिए बंद रहेगी। यह पोस्ट मानसून मेंटेनेंस के काम के चलते किया जा रहा है। बिजली सुबह 6 बजे से 10 बजे तक बंद रहेगी। विद्युत विभाग के अनुसार, बेरछा रोड उपकेंद्र से चलने वाले 11 केवी एबी रोड फीडर पर मेंटेनेंस का काम होगा। इससे बेरछा रोड, एबी रोड, आदर्श कॉलोनी, टंकी चौराहा, धोबी चौराहा, रेलवे स्टेशन रोड, फुलखेड़ी चौराहा, सरदार पटेल हॉस्पिटल, उमिया धाम कॉलोनी, मरीमाता बाग, गायत्री नगर, राजनगर, विराज सिटी और शिक्षक कॉलोनी समेत आसपास के इलाकों में बिजली पर असर पड़ेगा। विभाग ने बताया कि यह जरूरी काम बिजली व्यवस्था को ठीक रखने के लिए किया जा रहा है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस तय समय को ध्यान में रखकर अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लें। मेंटेनेंस के हालात के हिसाब से बिजली बंद रहने की अवधि में बदलाव भी हो सकता है।
ग्वालियर-झांसी हाईवे (NH-44) पर डबरा क्षेत्र में होटल रंगे पंजाब के सामने ट्रक चालकों ने जाम दिया था। चालकों का आरोप था कि डबरा क्षेत्र में हाईवे से गुजरने वाले ट्रकों और कंटेनरों को RTO की गाड़ी रोकती है और चालान के नाम पर 500-1,000 रुपए मांगती है। वे इस वसूली को बंद करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। चक्काजाम करीब ढ़ाई घंटे चला, इलके बाद पुलिस की समझाइश पर इसे खोल दिया गया। चालकों के अनुसार, मंगलवार को पंजाब और हरियाणा के ट्रकों को रोके जाने और पैसे मांगे जाने के बाद उन्होंने अपने वाहन हाईवे पर खड़े कर जाम लगा दिया। इसके बाद अन्य चालक भी विरोध में शामिल हो गए। चालकों का दावा है कि विरोध के दौरान RTO की गाड़ी मौके से चली गई। ड्राइवर बोला- रोज़-रोज़ की वसूली से परेशान हरियाणा के ड्राइवर सलीम ख़ान ने बताया मुझ से 500 रुपए लिए गए। जब वीडियो बनाया तो मेरा मोबाइल छीन लिया। इस बात और रोज़-रोज़ की वसूली से परेशान होकर हमने जाम लगाया था। अधिकारियों ने मोबाइल वापस दिलवा दिया है। रुपए भी वापस करवा दिये है। आवेदन दिया है,जाम खोल रहे है। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया सूचना मिलने पर डबरा टीआई संजय शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ट्रक चालकों से बातचीत की। चालकों ने वसूली बंद करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग रखी। इसके बाद SDOP सौरभ कुमार भी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बातचीत करने और समझाइश देने के बाद ढ़ाई घंटे से चल रहा चक्काजाम खोला गया। एसडीओपी सौरभ कुमार का कहना है कि RTO की वसूली और ड्राइवर का मोबाइल छीनने के कारण जाम लगा था। आवेदन लेकर जाम खुलवा दिया गया है। कार्यवाही के लिए RTO को बोला है।
उन्नाव के बिछिया ब्लॉक के नौगवां गांव में बुधवार को परंपरागत दंगल हुआ। इसमें उन्नाव के पहलवान भूपेंद्र यादव ने कानपुर के संजू को हराकर अंतिम कुश्ती जीती। उन्हें 31 हजार रुपए का इनाम मिला। दंगल देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और कुश्ती प्रेमी पहुंचे। यह दंगल पिछले करीब 75 साल से हो रहा है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जयचंद विमल इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। पुरवा के पूर्व विधायक उदयराज यादव, पूर्व विधायक सुंदर लाल लोधी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजकुमार रावत भी मौजूद रहे। अतिथियों ने पारंपरिक कुश्ती को ग्रामीण खेल संस्कृति का अहम हिस्सा बताया। आयोजक अनुज यादव ने बताया कि दंगल का मकसद ग्रामीण कुश्ती को बढ़ावा देना और युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित करना है। इस आयोजन में समस्त नौगवां ग्रामवासियों और गांव के युवाओं ने सहयोग किया। देखें दंगल की 4 तस्वीरें…
करौली में 68वां पुलिस शहीद दिवस रिजर्व पुलिस लाइन में मनाया गया। एसपी लोकेश सोनवाल, एएसपी रामकुमार कस्वां, सुनील, संतराम, डॉ कमल राम, डीएसपी किशोर भदोरिया सुरेश समेत पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र चढ़ाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। जवानों ने तीन चक्र हवाई फायर कर उनके बलिदान को याद किया। एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि यह दिवस 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में देश की रक्षा करते हुए जान गंवाने वाले जवानों की याद में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देश की सेवा में शहीद हुए 154 वीर जवानों के नाम पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।इस दौरान एसपी लोकेश सोनवाल और एएसपी रामकुमार कस्वां समेत पुलिस अधिकारियों और जवानों ने रक्तदान किया। पुलिस लाइन में पौधारोपण कर पर्यावरण बचाने का संदेश भी दिया गया।
रामपुर में बुधवार सुबह 9 बजे एक विवाहिता ने खुद पर डीजल डालकर आग लगा ली। आग की लपटों में घिरकर वो करीब 90 फीसदी झुलस गई। चीख पुकार सुनकर परिजनों ने आग बुझाई और आनन फानन में उसे लेकर CHC पहुंचे, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हायर सेंटर रेफर किया गया है। पति का कहना है कि उसने दो शादियां की थीं। 5 महीने पहले पहली पत्नी ने घर में आग लगाकर जान दे दी थी। इसके बाद 2 महीने पहले ही उसने दूसरी शादी की थी। मामला जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर मिलक थाना क्षेत्र के धनेली गांव का है। दो विजुअल देखिए अब समझिए पूरा मामला धनेली गांव के रहने वाले मनोज (25) ई-रिक्शा चलाते हैं। दो महीने पहले ही उसने राजरानी (19) से दूसरी शादी की थी। शादी के बाद से ही घर में विवाद होने लगा था। मनोज के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 7 बजे राजरानी ने खुद पर डीजल डालकर आ लगा ली। उस समय घर के बाकी सदस्य एक शादी में गए हुए थे। पत्नी घर में अकेली थी। घटना के समय मैं घर से करीब 200 मीटर दूर बने शौचालय में था। चाची की चीख सुनकर दौड़ा इसी दौरान चाची की चीख सुनाई दी तो वह बाहर निकला। घर पहुंचकर देखा तो पत्नी आग की लपटों में घिरी हुई थी। इसके बाद मैंने और चाची ने करीब 20 मिनट की कोशिश के बाद आग बुझाई। इसके बाद मैंने और पास में रहने वाले जीजा अरविंद कुमार पत्नी को लेकर 9:35 बजे सीएचसी पहुंचे। डॉक्टरों ने सुबह 11:20 बजे उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मनोज ने बताया- मैंने पहली शादी 18 फरवरी 2025 को की थी। पहली पत्नी अक्सर घर में झगड़ा करती थी। वो हमेशा गुस्से में रहती थी। कई बार इसे लेकर लड़ाई हुई थी। करीब 5 महीने पहले घर में ही उसने आग लगाकर सुसाइड कर लिया था। इसके बाद मैंने करीब दो महीने पहले ही राजरानी से दूसरी शादी की थी। मनोज की मां कलावती का कहना है कि राजरानी का स्वभाव अच्छा था। कभी बेटे-बहू में झगड़ा भी नहीं होता था। मैं कल ही पास के गांव में एक रिश्तेदार के यहां शादी में गई थी। वहीं पर सूचना मिली कि बहू ने खुद को आग लगा ली है। अस्पताल पहुंचीं राजरानी की मां शांति देवी ने बताया- मेरी बेटी से रात को ही कॉल पर बात हुई थी। उसने मुझे कोई ऐसी बात नहीं बताई। बेटी- दामाद में कभी लड़ाई झगड़ा होने की बात भी सामने नहीं आई। उसने अचानक ऐसा कदम क्यों उठाया। इसके बारे में कुछ नहीं कह सकते।
डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 6 महीने से स्टाइपेंड नहीं मिलने से नाराज 150 इंटर्न डॉक्टर बुधवार सुबह हड़ताल पर उतर गए। 2021-22 बैच के इंटर्न डॉक्टरों ने सुबह करीब 10 बजे नई बिल्डिंग के पोर्च में एकत्र होकर नारेबाजी की और बकाया स्टाइपेंड का भुगतान करने की मांग उठाई। डॉक्टरों का कहना है कि वे कई बार कॉलेज प्रिंसिपल से मिलकर अपनी समस्या बता चुके हैं, लेकिन हर बार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। इलाज और जांच के लिए पहुंचे मरीजों व उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 6 महीने से भुगतान का इंतजार, आश्वासन से बढ़ी नाराजगी डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत 2021-22 बैच के 150 इंटर्न डॉक्टर बुधवार सुबह करीब 10 बजे नई बिल्डिंग के पोर्च में एकत्र हुए। यहां उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए स्टाइपेंड नहीं मिलने पर आक्रोश जताया। इंटर्न डॉक्टरों ने बताया कि वे पिछले 6 महीने से स्टाइपेंड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में कॉलेज प्रिंसिपल से कई बार मुलाकात कर समस्या से अवगत करवाया, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। अब तक न तो बकाया राशि का भुगतान हुआ और न ही समस्या का समाधान निकला। आर्थिक परेशानी बढ़ी, दिवाली से पहले भुगतान की मांग इंटर्न डॉक्टरों ने बताया कि 6 महीने से स्टाइपेंड नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगामी दिनों में दिवाली का त्योहार भी है। ऐसे में लंबे समय से बकाया भुगतान नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। डॉक्टरों ने मांग की कि उनके बकाया स्टाइपेंड का जल्द भुगतान किया जाए, ताकि आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सके। हड़ताल से अस्पताल की सेवाएं प्रभावित, मरीज परेशान इंटर्न डॉक्टर अस्पताल के अलग-अलग वार्डों में ड्यूटी दे रहे थे। उनके हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगीं। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों ने बताया कि वे सुबह से ही कतारों में लगे हैं, लेकिन डॉक्टरों के उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी हो रही है। मरीजों और उनके परिजनों ने जांचें नहीं होने और इलाज में देरी को लेकर नाराजगी जताई। इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल के चलते अस्पताल आने वाले मरीजों को समय पर इलाज मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मऊगंज के बहुती में बुधवार सुबह यात्री प्रतीक्षालय में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, वह पिछले दो दिनों से प्रतीक्षालय में रह रहा था। बुधवार सुबह काफी देर तक जब वह नहीं उठा, तो ग्रामीणों को संदेह हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन खबर लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। सूचना मिलने पर डायल-112 वाहन से आरक्षक रितिक सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यक्ति की मौत की जानकारी थाने को दी। इसके बाद थाना प्रभारी अनिल काकड़े ने जांच के लिए एसआई पीडी सोनवंशी को घटनास्थल पर भेजा। नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखवाया शव पुलिस ने शव को नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखवाया है। एसआई पीडी सोनवंशी ने बताया कि मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पहचान कराने के लिए आसपास के थानों को सूचना भेजी गई है। पुलिस मृतक के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मृतक को पहचानता है या उसके परिवार के बारे में जानकारी रखता है, तो नजदीकी पुलिस थाने या नईगढ़ी पुलिस को सूचना दें। इससे मृतक की पहचान करने और उसके परिजनों तक जानकारी पहुंचाने में मदद मिल सकेगी।
रेवाड़ी के बीजेपी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों पर सवाल उठाए है। विधायक ने नगर परिषद के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर अधिकारी किसका आशीर्वाद लेकर बैठे हैं, जो बार-बार शिकायत और निर्देश देने के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रहे। विधायक द्वारा की गई टिप्पणी को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि नगर परिषद चेयरपर्सन राव सर्मथक है। सेक्टर-4 में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही सीसी रोड से निर्माण के करीब एक माह में ही रोडियां निकलने की शिकायत पर विधायक ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। विधायक ने डीएमसी को सड़क का निरीक्षण कर खामियां मिलने पर उन्हें ठीक कराने के निर्देश दिए हैं। 3 बार मरम्मत के बाद भी नहीं टिकी परत सेक्टर-4 की पुरानी सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही खराब हो गई थी। इसके बाद तीन बार मरम्मत कराई गई, लेकिन सड़क की ऊपरी परत नहीं टिक पाई। लगातार शिकायतों के चलते सड़क को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ी। अब करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि इस बार भी निर्माण में गुणवत्ता और लेवलिंग का ध्यान नहीं रखा जा रहा। आरोप है कि कहीं सड़क ऊंची तो कहीं नीचे बनाई गई है। निर्माण के आगे बढ़ने के साथ पीछे बने हिस्से से रोडियां निकलने लगी हैं। इससे लोगों को आशंका है कि सार्वजनिक धन खर्च करने के बावजूद सड़क ज्यादा दिन नही टिक पाएंगी। विधायक निवास के नजदीक बन रही सड़क सेक्टर-4 की यह सड़क विधायक लक्ष्मण सिंह यादव के निवास के नजदीक है। इसके बावजूद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आने से नगर परिषद की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क से रोडियां निकलने की समस्या को गंभीरता से लेकर निर्माण की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके। मोती चौक-विश्चकर्मा चौक पर उठे थे सवाल शहर में सीसी रोड निर्माण की गुणवत्ता को लेकर यह पहला विवाद नहीं है। मोती चौक से विश्वकर्मा चौक तक बनाई जा रही सीसी रोड के निर्माण पर भी अनियमितताओं के आरोप लगे थे। व्यापारियों ने निर्माण कार्य को लेकर विरोध जताया था। आरोप लगाया गया कि शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच करने में गंभीरता नहीं दिखाई। चुनाव से पहले भी उठा था भ्रष्टाचार का मुद्दा नगर परिषद चुनाव से पहले भी शहर में करोड़ों रुपए की लागत से बनी सीसी सड़कों से रोडियां निकलने के मामले चर्चा में रहे थे। उस समय सड़क निर्माण की गुणवत्ता और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए गए थे। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी चुनावी मंच से भ्रष्टाचार को लेकर नाराजगी जताई थी और इसे बर्दाश्त नहीं करने का संदेश दिया था। अब नई सड़क के निर्माण के दौरान ही शिकायतें सामने आने से नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। अहम सवाल यह है कि पिछली सड़कों की मरम्मत और नए निर्माण पर खर्च होने के बावजूद गुणवत्ता संबंधी शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं। यदि जांच में खामियां मिलती हैं, तो संबंधित ठेकेदार और निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी होगा। फिलहाल सेक्टर-4 की सड़क को लेकर डीएमसी के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
रोहतक जिले के महम में बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में बुधवार को बिजली कर्मचारियों ने विरोध- प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निजीकरण से संबंधित ड्राफ्ट की प्रतियां जलाईं। कर्मचारियों ने बुधवार रात 12 बजे से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। उन्होंने सरकार से गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनियों को लाइसेंस देने का फैसला वापस लेने तथा निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। निजीकरण के विरोध में सभी कर्मचारी एकजुट : बलजीत प्रदर्शनकारी फोरमैन बलजीत ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनियों को लाइसेंस देने के फैसले से बिजली कर्मचारियों में नाराजगी है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने ड्राफ्ट जलाकर अपना रोष जताया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी निजीकरण के फैसले के खिलाफ एकजुट हैं। स्टेट ऑर्गेनाइजेशन के मनदीप शर्मा ने कहा कि करीब दो महीने पहले सरकार के साथ हुई बैठक में कुछ मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद 19 अक्टूबर को सरकार ने गुरुग्राम और नूंह में निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इस कदम से कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे। इसी कारण कर्मचारियों को हड़ताल का फैसला लेना पड़ा है। रात बारह बजे से जाएंगे हड़ताल पर बिजली कर्मचारी प्रवेश ने बताया कि बुधवार को दो घंटे का रोष प्रदर्शन किया गया। इसके बाद कर्मचारी रात 12 बजे से हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान बिजली की लाइनें जिस स्थिति में चल रही होंगी, उसी स्थिति में रहेंगी। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि इस दौरान किसी लाइन में खराबी आने पर वे मरम्मत का काम नहीं करेंगे। कर्मचारियों ने सरकार से निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उनका कहना है कि जब तक निजीकरण से जुड़े फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया जाता, तब तक कर्मचारियों का विरोध जारी रहेगा।
भिवानी के नागरिक अस्पताल में नवजात के पिता धरने पर बैठे गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनका बेटा जीवीत होता तो आज धूमधाम से छटी मनाते, लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण उसके बेटे की मौत हो गई। बेटे की मौत मामले में न्याय के लिए धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे भिवानी की बैंक कॉलोनी निवासी कुलदीप ने बताया कि 16 अक्टूबर को उसके बेटे की मौत हुई थी। आज तक ना ही उसका बच्चा सौंपा गया और ना ही उसके बच्चे की मौत के कारण स्पष्ट किए गए। इसके अलावा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। मजबूरन न्याय के लिए धरना दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे की मौत हो चुकी है, लेकिन किसी दूसरे जच्चा-बच्चा के साथ ऐसा ना हो। इसलिए वे धरने पर बैठे हैं। यहां सुविधाएं नहीं की जातीकुलदीप ने कहा कि यहां पर सुविधा के नाम पर ठगी की जा रही है। यहां सभी सुविधाएं हो सकती हैं, लेकिन नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि उसकी पत्नी को प्राइवेट में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भेजा गया। लेकिन जाने के लिए ना तो एंबुलेंस नहीं दी गई और ना हीं कोई सहायता दी गई। उसकी पत्नी को डिलीवरी रूम में भी नहीं लेकर जाया गया। जबकि उसकी पत्नी की डिलीवरी सभी लोगों के सामने हुई। डॉक्टर व नर्सों ने उसकी पत्नी को संभाला तक नहीं। पुलिस को दी थी शिकायतउन्होंने कहा कि पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन इस मामले में कोई भी कार्रवाई की गई। पहले पोस्टमार्टम करवाने के लिए कहा गया था, लेकिन अभी तक ना ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उनको तीन बेटियां पहले थी, अब चौथे बच्चे के रूप में बेटे ने जन्म लिया था। लेकिन डॉक्टरों व स्टॉफ की लापरवाही के कारण उसके बेटे की मौत हो गई। अब उसका बेटा आज जीवित होता तो उसकी धूमधाम से छटी मनाते, लेकिन आज बेटे को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएभिवानी गौ रक्षा दल के प्रधान संजय परमार व कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि कुलदीप के बच्चे की मौत में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं कुलदीप को न्याय मिलना चाहिए। भिवानी में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की बात कही जा रही है। लेकिन यहां उपचार के लिए आने वाले मरीजों को सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही। जबकि मरीजों को केवल रोहतक पीजीआई में रेफर कर दिया जाता है। दोषी के खिलाफ होगी प्रशासनिक कार्रवाईसीएमओ डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि बच्चे की मौत की सूचना पुलिस को दी गई है तो पुलिस से जैसे ही सूचना आएगी। उसके बाद जो भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी होगा, उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। बच्चे का पोस्टमार्टम हो चुका है, प्रोटोकॉल के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद शव व रिपोर्ट पुलिस सौंप दिया जाता है। जिसका पोस्टमार्टम हुआ है, उसका परिवार भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि जायज मांग मानने के लिए तैयार हैं। वे बच्चे का पोस्टमार्टम दूसरी जगह से भी करवा सकते हैं। अनुरोध है कि अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन ना करें।
निर्माणाधीन फ्लाईओवर से गिरा युवक:फिरोजाबाद में काम करते समय गिरा, ट्रॉमा सेंटर में हालत गंभीर
फिरोजाबाद। निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर काम के दौरान बुधवार सुबह एक मजदूर नीचे गिरकर घायल हो गया। हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। घायल मजदूर को उपचार के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। फ्लाईओवर निर्माण के दौरान हादसे होने की घटनाओं को लेकर कार्यस्थल पर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, प्रदीप (45) पुत्र गुलाल निवासी रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड फ्लाईओवर निर्माण कार्य में लगा हुआ था। बुधवार सुबह काम करते समय वह अचानक नीचे गिर गया, जिससे उसे चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल मजदूर को तत्काल सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर इससे पहले भी कई बार दुर्घटनाएं होने की बात सामने आई है। लगातार हो रहे हादसों के बीच मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के लिए सुरक्षा उपकरणों, पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों और कार्यस्थल पर निगरानी की व्यवस्था जरूरी है। ताजा हादसे ने एक बार फिर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंस्पेक्टर रवि त्यागी का कहना है कि काम करते समय फिसलने की वजह से मजदूर नीचे गिर गया था।
कोटा रोड पर बिखरा घी, फिसलकर गिरे कई बाइक सवार:नगर परिषद ने मिट्टी-चूना डालकर हटाई फिसलन
बारां शहर के कोटा रोड पर मंगलवार शाम एक गाड़ी से घी के पीपे सड़क पर गिरकर फट गए। इससे घी सड़क पर फैल गया और रास्ते पर भारी फिसलन हो गई। फिसलन के कारण कई दुपहिया वाहन सवार संतुलन बिगड़ने से गिरकर घायल हो गए। सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई और बड़े हादसे की आशंका पैदा हो गई। स्थिति की जानकारी मिलते ही हीरो शोरूम के मालिक कवल खत्री ने नगर परिषद को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे नगर परिषद के एसआई नरसीलाल स्वामी ने कर्मचारियों से सड़क पर मिट्टी और चूना डलवाकर फिसलन दूर करवाई, जिससे यातायात दोबारा सुचारू हो सका। पीपे फटने से सड़क पर फैला घी, बढ़ा हादसों का खतरा मंगलवार शाम कोटा रोड पर गाड़ी से घी के पीपे सड़क पर गिर गए। पीपे फटने से घी सड़क पर फैल गया, जिससे रास्ता बेहद फिसलन भरा हो गया। इस दौरान वहां से गुजर रहे कई दुपहिया वाहन सवार फिसलकर गिर पड़े और घायल हो गए। सड़क पर घी फैला होने से अन्य वाहन सवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। समय रहते स्थिति नहीं संभलती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलते ही नगर परिषद की टीम पहुंची सड़क पर फैले घी से पैदा हुई परेशानी को देखते हुए हीरो शोरूम के मालिक कवल खत्री ने तुरंत नगर परिषद को सूचना दी। जानकारी मिलने पर नगर परिषद के एसआई नरसीलाल स्वामी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क पर फैले घी के कारण बनी फिसलन को दूर करने के लिए मिट्टी और चूना डलवाया। सफाई के बाद फिर सुचारू हुआ यातायात नगर परिषद कर्मचारियों की कार्रवाई के बाद सड़क पर फिसलन कम हुई और वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी। समय पर सफाई होने से संभावित बड़े हादसे का खतरा भी टल गया।
मंदसौर शहर के अफीम गोदाम रोड पर मंगलवार रात करीब 12 बजे कार सवार तीन दोस्तों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि बाइक सवार 2 युवकों से कहासुनी के बाद 15 से 20 लोग मौके पर पहुंचे। जिनमें से कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। घटना में तीनों दोस्त घायल हो गए। राकेश पाटीदार के सिर में करीब 10 और राहुल मीणा के सिर में 7 टांके आए हैं। दोनों को जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया है। जबकि तीसरे दोस्त अजय ग्वाला को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इंडिकेटर न देने पर हुआ था विवाद राकेश पाटीदार (32), निवासी ग्राम अघोरिया, राहुल मीणा (24), निवासी रामटेकरी-जमीदार कॉलोनी और अजय ग्वाला, निवासी अभिनंदन नगर, तीनों दोस्त हैं। मंगलवार रात वे कार से अफीम गोदाम रोड पर पिज्जा खाने गए थे। ट्रैफिक बढ़ने पर राकेश ने कार साइड में खड़ी की। इसी दौरान दो बाइक सवार युवकों ने उनसे इंडिकेटर दिए बिना गाड़ी साइड में लेने की बात कही। कार सवारों ने इंडिकेटर देने की बात कही, जिसके बाद कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। पीछे से हमला करने का आरोप पीड़ितों के मुताबिक, विवाद के बाद बाइक सवार युवकों ने कुछ लोगों को मौके पर बुला लिया। कार से उतरते ही उन पर पीछे से हमला कर दिया गया। आरोप है कि मौके पर करीब 15 से 20 लोग थे, जिनमें से कुछ ने मारपीट की। राहुल ने बताया कि हमलावरों ने हाथों में मोटे कड़े पहन रखे थे, जिससे उनके सिर में चोट आई। उनके पास कुछ हथियार होने की बात भी कही गई है। तीनों घायल हमलावरों को पहचान नहीं सके। मारपीट में घायल अजय ही राकेश और राहुल को लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और घायलों का मेडिकल कराया।
पुलिस स्मृति दिवस-रीवा में शहीदों को श्रद्धांजलि:आईजी,डीआईजी,एसपी रहे मौजूद; जवानों ने दी सलामी
रीवा में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार को शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले जवानों को याद किया गया। पुलिस जवानों ने अनुशासित परेड के साथ शहीदों को सलामी देकर उनके बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में शहीद जवानों के परिजनों को सम्मानित किया गया। आईजी गौरव राजपूत, डीआईजी हेमंत सिंह चौहान, एसपी गुरुकरण सिंह समेत पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान शहीदों की वीरता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए उनके परिजनों के त्याग और देश के प्रति समर्पण के लिए आभार जताया गया। 1959 की घटना से जुड़ा है पुलिस स्मृति दिवस पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में हुई घटना की स्मृति में मनाया जाता है। उस दिन चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवान शहीद हुए थे। उन्हीं जवानों की शहादत की स्मृति में देशभर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस उन सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को समर्पित है, जिन्होंने आतंकवाद, नक्सलवाद, अपराध और अन्य सुरक्षा चुनौतियों का सामना करते हुए कर्तव्य निभाया और सर्वोच्च बलिदान दिया। रीवा में आयोजित कार्यक्रम में शहीद जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। साथ ही उनके परिजनों को सम्मानित कर उनके त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता जताई गई।
हापुड़ नगर के शिवगढ़ी मोहल्ले से तीन बकरियां चोरी हो गईं। पीड़ित जीतू पुत्र बनवारी लाल ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उसने पुलिस से बकरियों को जल्द बरामद करने की गुहार लगाई है। जीतू के मुताबिक, 20 अक्टूबर 2026 की रात करीब 12 बजे से सुबह 3 बजे के बीच उसके घर से बकरियां गायब हुईं। इनमें दो लाल रंग की और एक काले रंग की बकरी शामिल है। बकरियां चोरी होने का पता चलने पर जीतू ने आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इस चोरी से उसे आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित ने 21 अक्टूबर 2026 को थाना हापुड़ नगर के प्रभारी निरीक्षक को लिखित शिकायत दी। उसने अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई और चोरी हुई बकरियों की बरामदगी की मांग की है। फिलहाल, पुलिस की तरफ से मामले में क्या कार्रवाई हुई है, यह साफ नहीं है। जीतू को उम्मीद है कि उसकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई होगी।
ऐंचवारा में 151 साल पुरानी रामलीला:दशहरा समारोह में रावण वध की लीला देखकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
चित्रकूट में ऐंचवारा ग्राम समाज रामलीला समिति की ओर से 151 वर्ष पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के तहत भव्य दशहरा समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कानपुर और राठ, हमीरपुर से आए कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया। रावण वध की लीला देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। समारोह में ग्रामीणों और गणमान्य लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन में आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता की झलक देखने को मिली। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि 151 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का माध्यम है। इसके जरिए लोगों को सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती रहेगी। कार्यक्रम में गोबिंद तिवारी, विजय तिवारी, संतोष तिवारी, रामानंद तिवारी, अरुणोदय प्रसाद त्रिपाठी, सुनील तिवारी, नरेंद्र तिवारी, शैलेंद्र तिवारी, दिलीप सिंह, ललित सिंह, आशीष केशरवानी, लवलेश त्रिपाठी, अतुल मिश्रा, हर्षित मिश्रा, शिवम मिश्रा, संदीप तिवारी और रजनीश श्रीवास्तव सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
चित्रकूट में मानिकपुर कस्बे के तिगलिया बाजार में विजयादशमी पर नवयुवक कमेटी की ओर से भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छोटी बच्चियों ने नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। कमेटी ने प्रतिभागियों को उपहार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मऊ सीओ और मानिकपुर थाना प्रभारी एके पांडेय का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी के छोटे भाई को भी सम्मानित किया गया। आकर्षक लाइटिंग, देवी प्रतिमा और छांकियों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वालों को कमेटी ने शील्ड देकर प्रोत्साहित किया। कमेटी के स्वयंसेवक सीटू मिश्रा ने भीड़ से एंबुलेंस को रास्ता देने की अपील की, ताकि मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। कस्बे में जगह-जगह भंडारे लगाए गए। श्रद्धालुओं ने देवी पंडालों में दर्शन-पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया। सजावट, नृत्य और छांकियों ने उत्सव की रौनक बढ़ाई।
सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने परमिंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह से मुलाकात के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे और सरकार की ओर से मिले आश्वासनों पर सवाल उठाए हैं। बलकौर सिंह ने कहा कि बेटे की हत्या के बाद अमित शाह ने उन्हें इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन आज तक न्याय नहीं मिला। जांच के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन दिए गए। मानसा में धरने के दौरान बलकौर सिंह ने झोटा के परिवार को आगाह किया कि ऐसी मुश्किल घड़ी में भावनाओं में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को आश्वासन नहीं, इंसाफ चाहिए। पढ़िए धरने में शामिल होकर बलकौर सिंह ने और क्या कहा… ‘2008 में झोटे के साथ जेल काटी थी’ बलकौर सिंह ने झोटा के परिवार के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उनका इस परिवार से लंबे समय से जुड़ाव है। वर्ष 2008 में उन्होंने और झोटे ने एक साथ धारा 307 के मामले में जेल काटी थी। उन्होंने बताया कि जब भी उनके बेटे को कोई परेशानी होती थी, तो वह झोटे को फोन करते थे और वह तुरंत मदद के लिए पहुंच जाता था। बलकौर सिंह ने कहा कि उनके मन में यह चिंता भी थी कि जिस तरह की गलतियां उन्होंने अपने बेटे की हत्या के बाद कीं, वैसी गलतियां सरदार भीम सिंह न करें। उन्होंने कहा कि जब किसी परिवार पर ऐसी मुसीबत आती है, तो उसके सदस्य अपनी सुध-बुध खो बैठते हैं। परिवार के लोग ठीक से सो और खा नहीं पाते। महज 8 से 10 दिनों में उनकी शारीरिक हालत बिगड़ने लगती है और ऐसे समय में परिवार कोई ठोस फैसला लेने की स्थिति में नहीं होता। उन्होंने झोटा के परिवार का साथ देने वाली सभी जत्थेबंदियों का आभार जताया। बलकौर सिंह के मुताबिक, जत्थेबंदियों के समर्थन और संघर्ष के कारण ही सरकार का ध्यान इस मामले की ओर गया और केंद्रीय गृह मंत्री को भी पंजाब आना पड़ा। ‘मुझे भी संगरूर से चुनाव लड़ने के लिए कहा था’ बलकौर सिंह ने अपने बेटे की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि वह खुद भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिल चुके हैं। उस दौरान उन्हें जांच को लेकर कई आश्वासन दिए गए थे। उन्होंने कहा कि एसआईटी और सेवानिवृत्त जज से जांच कराने की बात कही गई थी। इसके अलावा, उनके संदेह जताने पर आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने का भरोसा भी दिया गया था, लेकिन उनके मुताबिक, इन आश्वासनों का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि चुनाव का समय आते ही नेताओं को हर मुद्दे में राजनीति दिखाई देने लगती है। बलकौर सिंह ने दावा किया कि उन्हें भी संगरूर से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया था। उन्होंने जवाब दिया था कि वह अपने बेटे के फूल चुनकर आए हैं। ऐसे समय में चुनाव लड़कर सांसद बन जाना और फिर घर जाकर जश्न मनाना उनके लिए संभव नहीं था। उन्होंने कहा, “इस दर्द का अहसास उसी को होता है, जिसने अपने हाथों से अपने बच्चे को अग्नि दी हो। राजनीतिक लोगों को केवल यही दिखाई देता है कि वे राजनीति में कैसे बने रहें।” ‘क्या कोई नेता या प्रधानमंत्री झोटे को वापस ला सकता है?’ बलकौर सिंह ने कहा कि नेताओं को वही बात करनी चाहिए, जिससे पीड़ित परिवारों का भला हो। उन्होंने सवाल उठाया कि न्याय आखिर किसे कहते हैं? क्या देश का कोई नेता या प्रधानमंत्री परिवार को उसका खोया हुआ बेटा वापस दे सकता है? उन्होंने अमित शाह के पंजाब दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री पीड़ित परिवारों से मिलने तो पहुंच रहे हैं, लेकिन इन मुलाकातों से परिवारों को क्या हासिल होगा, यह भी स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने झोटा हत्याकांड की जांच पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या जांच अश्विनी से आगे बढ़ी है या अभी तक मामला वहीं अटका हुआ है। 29 मई 2022 को हुई थी सिद्धू मूसेवाला की हत्या गौरतलब है कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके थे। अब उनके पिता बलकौर सिंह भी कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। बेटे की हत्या के बाद से बलकौर सिंह लगातार न्याय की मांग उठाते रहे हैं। उन्होंने जांच प्रक्रिया और सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को केवल भरोसा नहीं, बल्कि इंसाफ मिलना चाहिए।
झांसी में पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक स्थल पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। झांसी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आकाश कुलहरि ने कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में एसएसपी विकास कुमार, एसपी ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार, एसपी सिटी प्रीति सिंह, सीओ सदर सिमरन सिंह, सीओ सिटी प्रिया सिंह और सीओ रामवीर सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। देश और समाज की रक्षा में बलिदान देने वालों को किया याद इस अवसर पर राष्ट्र और समाज की सुरक्षा, शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए पुलिसकर्मियों के बलिदान को नमन किया गया। आईजी आकाश कुलहरि ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए देश और समाज की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। शहीदों के आदर्शों पर चलने का संकल्प कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया गया। अधिकारियों ने जनसेवा, जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया। इस दौरान कहा गया कि शहीद पुलिसकर्मियों का अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा।
भिंड में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस लाइन में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। शोक परेड में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान प्राण गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को याद किया। इस दौरान शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया। हॉट स्प्रिंग्स में शहीद जवानों को भी किया याद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। एसपी ने 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में शहीद हुए पुलिस जवानों के साथ पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले देश के पुलिसकर्मियों के नाम पढ़े। इसके बाद पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर अधिकारियों और जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित किए। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। शहीदों के परिजनों को मदद का भरोसा दिया कार्यक्रम में जिले के शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया। एसपी और अन्य अधिकारियों ने उन्हें शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया। साथ ही भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन उनके साथ है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन राजपूत, अटेर एसडीओपी रविंद्र वास्कले, 17वीं बटालियन के डीएसपी सुबोध लोखंडे, महिला सेल डीएसपी सतीश चौहान, मेहगांव एसडीओपी संजय, गोहद एसडीओपी महेंद्र गौतम, रक्षित निरीक्षक अरविंद सिकरवार सहित विभिन्न थानों के प्रभारी, पुलिस बल और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
धमतरी में पायलीखंड खदान क्षेत्र से चोरी किए गए हीरे बेचने की फिराक में घूम रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को नेशनल हाईवे-30 पर कोड़ापार नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर पकड़ा गया। उसके कब्जे से 146 नग हीरे जैसे पत्थर बरामद किए गए हैं। इनका वजन 13.49 ग्राम और अनुमानित कीमत 10 लाख 15 हजार 200 रुपए बताई गई है। ग्राहक की तलाश में खड़ा था आरोपी पुलिस के मुताबिक, बिरेझर चौकी और साइबर थाना धमतरी की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि NH-30 पर कोड़ापार नहर पुलिया के पास एक व्यक्ति बहुमूल्य पत्थर लेकर ग्राहक की तलाश कर रहा है। टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पॉलीथीन में रखे थे 146 पत्थर आरोपी की पहचान विनोद अग्रवाल (64), निवासी केके वार्ड, भाटापारा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास पॉलीथीन में नीले और फिरोजी रंग की झिल्ली में लिपटे 146 सफेद, चमकदार और पारदर्शी पत्थर मिले। 2018 में पायलीखंड से चोरी करने का दावा पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने वर्ष 2018 में गरियाबंद जिले के पायलीखंड खदान क्षेत्र से इन पत्थरों को चोरी किया था। अब वह इन्हें बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा था। न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 146 नग पत्थरों के अलावा मोबाइल और नकद राशि भी जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 10 लाख 15 हजार 200 रुपए बताई गई है। आरोपी को खनिज अधिनियम के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पलवल में नेशनल हाईवे-19 पर बंचारी गांव के निकट अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त घायल हो गया। पुलिस ने मृतक युवक के पिता की शिकायत पर अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाप केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मुंडकटी थाना प्रभारी कैलाश भड़ाना के अनुसार, जिला इटावा (यूपी) के इस्मायलपुर गांव निवासी चंद्रप्रकाश ने दी शिकायत में कहा है कि उसका 20 वर्षीय बेटा निखिल कुमार अपने साथी विकास के साथ बाइक पर सवार होकर गांव इस्मायलपुर से नोएडा के लिए निकले थे। बाइक पर पीछे बैठा था मृतक युवक रात करीब साढ़े आठ बजे बंचारी के पास केसीएम स्कूल के निकट अज्ञात वाहन ड्राइवर ने तेज रफ्तार व लापरवाही से अपने वाहन को चलाकर उनकी बाइक में टक्कर मार दी। दुर्घटना के समय विकास बाइक चला रहा था और निखिल पीछे बैठा हुआ था। टक्कर से निखिल सड़क पर गिर गया और गंभीर चोटों से उसकी मौत हो गई। दुर्घटना के बाद आरोपी वाहन ड्राइवर मौके से अपने वाहन समेत फरार हो गया। दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने निखिल को मृत घोषित कर दिया। जिसकी सूचना मिलने पर मृतक निखले के परिजन जिला नागरिक अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की मुंडकटी थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचे मृतक निखिल के पिता की शिकायत पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 281, 106(1) के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस जांच अधिकारी हवलदार कर्मबीर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया। आरोपी वाहन ड्राइवर की पहचान और तलाश के लिए हाईवे किनारे स्थित होटलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की खंगाला जा रहा है।
बुरहानपुर की रेणुका पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस मौके पर अपने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। हर साल 21 अक्टूबर को यह दिवस मनाया जाता है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने पिछले एक साल में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के नाम पढ़े। शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र और फूल चढ़ाकर उन्हें याद किया गया। पुलिस फोर्स ने शहीदों को सलामी भी दी। कार्यक्रम में विधायक अर्चना चिटनिस, कलेक्टर हर्ष सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे और नगर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह कुशवाह समेत कई जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सूबेदार दीपाली यादव और रीना सोलंकी ने शहीद दिवस परेड का नेतृत्व किया। यह दिन 1959 में चीन से देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हुए 10 सीआरपीएफ जवानों के बलिदान की याद में मनाया जाता है। देखें तस्वीरें
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया में दशहरे के दिन मीना बाजार में बड़ा हादसा हो गया। यहां आकाश झूले से ऊंचाई से गिरने के कारण 39 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान पठानपारा निवासी नकुल निषाद के रूप में हुई है। घटना खरसिया थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, नकुल निषाद मंगलवार को दशहरे के दिन खरसिया नगर पालिका परिषद के मैदान में लगे मीना बाजार घूमने गया था। शाम के समय वह आकाश झूले में बैठा था। इसी दौरान वह अचानक ऊंचाई से नीचे गिर गया। गिरने से उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद वह बेहोश हो गया। अस्पताल ले जाने से पहले मौत घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शराब के नशे में होने की चर्चा, जांच जारी बताया जा रहा है कि युवक शराब के नशे में था और इसी वजह से उसका संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद मीना बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
10 साल से सड़क बदहाल:फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, पीपल्दा में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
झालावाड़ के खानपुर उपखंड के पीपल्दा गांव में ग्रामीण लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। गांव से चांदपुरा-चपलाड़ा जाने वाली सड़क करीब 10 साल से खराब है, जबकि पीपल्दा से राजपुरा जाने वाली डामर सड़क भी बारिश में उखड़ने के बाद दोबारा नहीं बनी। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से रास्तों पर पानी फैल जाता है। वहीं, पीने के पानी में फ्लोराइड की समस्या और रोड लाइट के अभाव ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों को समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने सड़क निर्माण, नालियों के निर्माण, शुद्ध पेयजल और रोड लाइट की व्यवस्था करने की मांग की है। 10 साल से सड़क बदहाल, पत्थरों पर फिसल रहे बाइक सवार गांव से चांदपुरा-चपलाड़ा जाने वाली सड़क करीब 10 साल से खराब हालत में है। बारिश के दौरान ग्रेवल वाले रास्तों पर चलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत ने रास्ते पर छोटे पत्थर डलवाए हैं, लेकिन इससे राहत मिलने के बजाय बाइक सवारों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। रास्ते से गुजरने वाले लोगों को दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं, पीपल्दा से राजपुरा जाने वाली डामर सड़क भी एक बारिश में उखड़ गई थी। इसके बाद सड़क का दोबारा निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को कई बार समस्या बताई, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला। खराब सड़कों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी नहीं, रास्तों पर फैल जाता है पानी गांव में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है। पानी रास्तों पर फैलने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने गांव में नालियों का निर्माण करवाने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि रास्तों पर पानी जमा होने की समस्या से राहत मिल सके। फ्लोराइडयुक्त पानी से परेशानी, कई परिवारों ने लगवाए आरओ ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पीने के पानी में फ्लोराइड की समस्या भी है। आर्थिक रूप से संपन्न कई परिवारों ने अपने स्तर पर आरओ लगवाकर पीने के पानी की व्यवस्था कर ली है, लेकिन बड़ी संख्या में ग्रामीण अब भी शुद्ध पेयजल के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पेयजल की गुणवत्ता की जांच करवाने और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। रोड लाइट नहीं होने से रात में आवागमन मुश्किल गांव में रोड लाइट की व्यवस्था नहीं होने से रात के समय भी ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। अंधेरे के कारण रास्तों पर चलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, जल निकासी और पेयजल के साथ गांव में पर्याप्त रोड लाइट की व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। ग्रामीणों ने प्रशासन से की स्थायी समाधान की मांग ग्रामीण महेंद्र मीना, देवेंद्र चौधरी, लोकेश नागर, राजकुमार नागर, रेनू नागर, अर्पित नागर, आयुष नागर, निहाल सिंह धाकड़ और शंकर धाकड़ ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से गांव की समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि खराब सड़कों की मरम्मत और निर्माण, जल निकासी के लिए नालियों की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और रोड लाइट लगवाने जैसे कार्य प्राथमिकता से करवाए जाने चाहिए।
सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र में प्राइवेट बस संचालकों की ओर से छात्र-छात्राओं से बस पास होने के बावजूद जबरदस्ती टिकट काटने पर एक बार फिर विवाद हो गया है। इस पर छात्र-छात्राओं ने रोष जताया, परंतु बस कंडक्टर ने उनकी एक न सुनी, उनसे किराया वसूल लिया गया। जानकारी के अनुसार, यह मामला डबवाली-गंगा रूट का है और सभी ने इस पर ऐतराज जताया है। छात्रों का आरोप है कि सबसे ज्यादा इसी रूट के स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। इससे पहले भी छात्रों ने किराया वसूलने पर रोष जताया और पुतला दहन किया था, जिसके बाद कुछ दिन के लिए राहत मिली थी। अब फिर प्राइवेट बस संचालक मनमानी करने लगे हैं। इसे लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) डबवाली इकाई ने निजी बसों में विद्यार्थियों के वैध बस पास होने के बावजूद टिकट काटे जाने के मामले में हरियाणा प्रशासन एवं परिवहन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एबीवीपी द्वारा एसडीएम को शिकायत देने के बावजूद विद्यार्थियों की समस्या का समाधान नहीं हुआ। छात्राओं से वसूले किराए के नाम पर पैसे स्कूल, कॉलेज में आने वाली छात्राओं से किराए के नाम पर प्रावइेट बस संचालकों की ओर से पैसे वसूले गए हैं। किसी से 20 रुपए तो किसी से 30 रुपए लेकर टिकट बना दी गई। सभी छात्राओं के सरकार व संस्थानों की ओर बकायदा बस पस बन हुए हैं। इसके बावजूद किराया लिया जा रहा है। हालांकि, सरकार वे इस मामले में स्थिति स्पष्ट की थी कि कोई भी प्राइवेट बस ऑपरेटर बस पास को मान्य नहीं करता है। मगर इन आदेशों का कोई असर नहीं है। प्राइवेट बस संचालकों के खिलाफ किया था बस स्टैंड बंद गौरतलब है कि इससे पहले भी विद्यार्थी परिषद ने 22 अप्रैल 2026 को बस संचालकों के खिलाफ बस स्टैंड बंद किया था और 2 मई 2026 को भी उनके खिलाफ आंदोलन किया था। इसके बावजूद एक बार फिर वही स्थिति सामने आ रही है और विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्र हित में उठाएंगे ठोस कदम एबीवीपी से नगर मंत्री मोहित बिश्नोई ने हरियाणा प्रशासन एवं परिवहन विभाग से मांग की कि सोमवार तक इस मामले में उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यदि सोमवार तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बस संचालकों के खिलाफ उचित कदम उठाएगी। चेतावनी दी कि विद्यार्थियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और एबीवीपी द्वारा छात्र हित में ठोस कदम उठाया जाएगा।
बूंदी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर बुधवार शाम विराट पथ संचलन निकाला गया। यह संचलन शाम 7:15 बजे खेल संकुल से शुरू हुआ। यह शहर के मुख्य रास्तों से होकर वापस खेल संकुल पर खत्म हुआ। इसमें सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पूरी गणवेश में अनुशासन के साथ घोष की धुन पर कदम से कदम मिलाए। रास्ते में कई जगहों पर लोगों, सामाजिक संगठनों और महिलाओं ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। कई जगह रंगोली भी बनाई गई थी। शस्त्र पूजन भी कियासंचलन के बाद शस्त्र पूजन किया गया। मुख्य अतिथि कृपाल सिंह छाबड़ा और राजस्थान प्रांत के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने लोगों को संबोधित किया।कृपाल सिंह छाबड़ा ने कहा कि ईश्वर एक है और हर जीव में उसका रूप है। निंबाराम ने बताया कि हम सब एक हैं और हमारी संस्कृति वसुदैव कुटुंबकम का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि संघ का विचार सत्य का मार्ग है और यह पूरे हिंदू समाज को संगठित करने का काम कर रहा है।
स्नातक-शिक्षक MLC चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन:भाजपा-सपा ने झोंकी ताकत, 23 अक्टूबर को मतदान
उत्तर प्रदेश विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के लिए आज (21 अक्टूबर) शाम 4 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा। प्रत्याशी और उनके समर्थक जनसंपर्क नहीं कर सकेंगे। इधर, भाजपा और सपा ने अपने प्रत्याशियों के समर्थन में पूरी ताकत झोंक दी है। निर्दलीय प्रत्याशी भी जोर मार रहे हैं। मतदाताओं के घर वोटिंग पर्चियां पहुंचाई जा रही हैं। 22 अक्तूबर को सुबह 10:30 बजे से 12 जिलों से पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगी। 23 अक्तूबर को मतदान प्रक्रिया होगी। मतदान के बाद सभी पोलिंग पार्टियां टूंडला रोड स्थित आगरा की गल्ला मंडी में बनाए गए मतगणना केंद्र पर पहुंचेंगी। 27 अक्तूबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। वोटर को अपनी पसंद के प्रत्याशी के सामने बैंगनी रंग के पेन से वरीयता क्रम में अंक लिखना होगा। अब विस्तार से पढ़िये… आगरा खंड स्नातक-शिक्षक MLC के लिए इस बार 25 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 13 प्रत्याशी स्नातक MLC और 12 प्रत्याशी शिक्षक MLC के लिए किस्मत आजमा रहे हैं। 12 जिलों के 2.41 लाख वोटर अपना स्नातक और शिक्षक MLC चुनेंगे। आगरा में शिक्षक और अलीगढ़ में स्नातक वोटर सबसे अधिक हैं। आगरा खंड में ये हैं 12 जिले आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, एटा, हाथरस, कन्नौज, फर्रुखाबाद, औरेया और इटावा। जानिये किस जिले में कितने पोलिंग स्टेशन… अब जानिये किस जिले में कितने मतदाता भाजपा नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर इस बार विधान परिषद के चुनाव में कांटे का संघर्ष देखने को मिल रहा है। इस बार प्रचार को केवल संगठन के लोगों को प्रत्याशियों के पक्ष में नहीं उतारा गया है बल्कि 12 जिलों के 100 से ज्यादा सांसदों, विधायकों को भी इस कार्य में लगा दिया गया है। इनकी प्रतिष्ठा भी दांव पर है। हर वोट पर नजर है। भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में 12 जिलों के सांसद, विधायकों के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला और शहर अध्यक्षों और ब्रज क्षेत्र के सभी पदाधिकारियों को मतदान के अंतिम दिनों में जुट जाने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन पदाधिकारियों से हर वोटरतक जाने को कहा गया। सपा ने भी लगाई ड्यूटी सपा प्रत्याशियों के समर्थन में भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जुटाया है। पार्टी के सांसदों, विधायकों को प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने के लिए जिलेवार ड्यूटी लगाई गई है। सपा नेता वोटरों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। दो प्रेक्षक नियुक्त किए गए आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने दोनों सीटों के लिए अलग-अलग प्रेक्षक नियुक्त किए हैं। स्नातक सीट के लिए IAS हीरालाल एवं शिक्षक सीट के लिए IAS अभिषेक प्रकाश को प्रेक्षक के रूप में नामित किया गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (नगर) यमुनाधर चौहान ने बताया, प्रेक्षक अभिषेक प्रकाश पहुंच गए। उन्होंने बताया कि प्रेक्षक का प्रवास स्थल सर्किट हाउस कक्ष संख्या-4 निर्धारित किया गया है। निर्वाचन से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत अथवा सुझाव के लिए जनसामान्य प्रेक्षक से मोबाइल नंबर 9286549524 अथवा दूरभाष नंबर 0562-2991067 पर संपर्क कर सकते हैं। ये हैं स्नातक MLC प्रत्याशी चुनाव मैदान में ये हैं शिक्षक MLC प्रत्याशी चुनाव मैदान में 23 अक्तूबर को मतदाताओं के लिए अवकाश घोषित डीएम मनीष बंसल ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश के क्रम में व आयुक्त /रिटर्निंग ऑफिसर निर्देश पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खण्ड स्नातक एवं खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के लिए 23 अक्तूबर को विशेष आकस्मिक अवकाश घोषित किया गया है।
त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने चंडीगढ़ और बरौनी के बीच साप्ताहिक आरक्षित त्योहार स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। 04536/04535 चंडीगढ़-बरौनी-चंडीगढ़ त्योहार स्पेशल ट्रेन गोरखपुर के रास्ते चलाई जाएगी। चंडीगढ़ से यह ट्रेन 23 अक्टूबर से 27 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी, जबकि बरौनी से 25 अक्टूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को इसका संचालन होगा। दोनों दिशाओं में ट्रेन के 6-6 फेरे निर्धारित किए गए हैं। इस ट्रेन के चलने से चंडीगढ़, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के यात्रियों को त्योहार के दौरान आवागमन में सुविधा मिलेगी। खासकर गोरखपुर, देवरिया, सीवान, छपरा और बरौनी की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। चंडीगढ़ से रात 11:45 बजे होगी रवाना 04536 चंडीगढ़-बरौनी साप्ताहिक आरक्षित त्योहार स्पेशल ट्रेन प्रत्येक शुक्रवार को चंडीगढ़ से रात 11:45 बजे रवाना होगी। अगले दिन शनिवार को ट्रेन सुबह 5:43 बजे मुरादाबाद, 7:02 बजे बरेली, 8:10 बजे शाहजहांपुर, 10:20 बजे सीतापुर और दोपहर 1:40 बजे गोंडा पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन शाम 5 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यहां से शाम 6:05 बजे देवरिया सदर, रात 7:10 बजे सीवान और 8:30 बजे छपरा पहुंचेगी। इसके बाद सोनपुर, हाजीपुर और शाहपुर पटोरी होते हुए तीसरे दिन रविवार की रात 12:30 बजे बरौनी पहुंचेगी। बरौनी से सुबह 2:35 बजे चलेगी वापसी ट्रेन वापसी में 04535 बरौनी-चंडीगढ़ साप्ताहिक आरक्षित त्योहार स्पेशल ट्रेन प्रत्येक रविवार को बरौनी से सुबह 2:35 बजे रवाना होगी। ट्रेन सुबह 3:37 बजे शाहपुर पटोरी, 5:05 बजे हाजीपुर, 5:17 बजे सोनपुर और 7:05 बजे छपरा पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन सुबह 7:55 बजे सीवान, 8:55 बजे देवरिया सदर और सुबह 10:20 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। गोरखपुर से रवाना होने के बाद ट्रेन दोपहर 1:20 बजे गोंडा, शाम 4:20 बजे सीतापुर, 6:23 बजे शाहजहांपुर और 7:20 बजे बरेली पहुंचेगी। रात 9 बजे मुरादाबाद से रवाना होकर अगले दिन सहारनपुर, यमुनानगर जगाधरी और अंबाला कैंट होते हुए सुबह 3:35 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। 16 कोच के साथ चलेगी ट्रेन ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इनमें 11 थर्ड एसी, 3 सेकंड एसी और 2 जनरेटर व लगेज कोच शामिल हैं। यह ट्रेन पूरी तरह आरक्षित होगी, जिससे त्योहारों में यात्रियों को सफर करने में सुविधा मिलेगी।
जयपुर में एक 26 साल की युवती ने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड के खिलाफ ब्लैकमेल करने और धमकाने का मामला दर्ज करवाया है। आरोप है कि एक्स बॉयफ्रेंड युवती को उसके प्राइवेट फोटोज वायरल करने की धमकी दे रहा है। युवती की शादी के रिश्ते नहीं होने दे रहा और दोबारा दोस्ती करने का दबाव बना रहा है। थानाधिकारी ने बताया कि जयपुर की रहने वाली 26 साल की युवती ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। आरोप है कि एक ही समाज के होने के कारण आरोपी से उसकी जान-पहचान हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों में दोस्ती हो गई। करीब 4-5 साल से उसकी दोस्ती के दौरान मिलना-जुलना व बातचीत होती रहती थी। आरोपी से 2023 में उसकी दोस्ती टूट गई और बातचीत बंद हो गई थी। पिछले 3 साल से दे रहा धमकी पिछले 3 साल से बातचीत बंद करने को लेकर आरोपी कॉल कर धमकाने लगा। प्राइवेट फोटोज को वायरल करने की धमकी देने लगा। ब्लैकमेल कर दोबारा दोस्ती करने का दबाव बनाने लगा। शादी की बात होने पर लड़के वालों से कॉन्टैक्ट कर उसका रिश्ता तुड़वाता है। ब्लैकमेलिंग के टॉर्चर और रिश्ता तड़वाने से परेशान होकर पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ मंगलवार शाम मामला दर्ज कराया।
राजस्थान के पंचायत चुनाव में बड़गांव पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों के लिए सरपंच पद के दावेदार सामने आ गए हैं। पंचायत समिति की 30 ग्राम पंचायतों में 30 अक्टूबर को चुनाव होंगे। देखें दावेदरों की लिस्ट तीसरे दावेदारों की लिस्ट 1 नवंबर को पब्लिश की जाएगी।
पानीपत शहर के हरिसिंह चौक पर बुधवार देर रात हनुमान स्वरूप की टोली में शामिल एक नाबालिग की हाईटेंशन बिजली की तारों की चपेट में आने से मौत हो गई। टोली के साथ झंडा लेकर आगे चल रहे गौरव का झंडा गली से गुजरते समय ऊपर से गुजर रही बिजली की तारों से टकरा गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गौरव दो बहनों का इकलौता भाई था, उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है। स्थानीय लोगों ने गली में बिजली की तारें कम ऊंचाई पर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन तारों के कारण पहले भी हादसे हो चुके हैं। रात डेढ़ बजे टोली के साथ निकला था जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर छह के भौला चौक निवासी गौरव अपने साथियों के साथ हनुमान स्वरूप की टोली में शामिल था। मंगलवार देर रात करीब 1:30 बजे टोली हरिसिंह चौक पहुंची। गौरव झंडा लेकर आगे चल रहा था। इसी दौरान गली से गुजरते समय झंडा ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारों से टकरा गया। तारों के संपर्क में आते ही गौरव को करंट लगा और वह गंभीर रूप से झुलस गया। अचानक हुए हादसे से टोली में शामिल साथियों में अफरा-तफरी मच गई। सरकारी अस्पताल से पीजीआई रेफर हादसे के तुरंत बाद गौरव को पानीपत के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। हालांकि, परिजन उसे पानीपत के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां इलाज के दौरान गौरव की मौत हो गई। नाबालिग की मौत की सूचना से परिवार और साथियों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शव को पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के सरकारी अस्पताल में रखवाया गया है। लोगों का आरोप- पहले भी हो चुके हादसे ईश्वर चंद, मुकेश, सतीश और डिम्पल ने बताया कि गली में बिजली की तारें कम ऊंचाई पर होने के कारण पहले भी हादसे हो चुके हैं। उनका आरोप है कि झंडा लेकर निकल रही टोली के दौरान तारों से संपर्क होने के कारण यह दर्दनाक घटना हुई। लोगों का कहना है कि बिजली की तारों की ऊंचाई को लेकर गंभीरता बरती जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। हादसे ने परिवार की खुशियां छीनीं हनुमान स्वरूप की टोली में शामिल होकर निकले गौरव की मौत से परिवार और साथियों में शोक है। जिस धार्मिक आयोजन में सभी उत्साह के साथ शामिल थे, उसी दौरान हुए हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। फिलहाल हादसे से संबंधित अन्य आधिकारिक जानकारी की पुष्टि होना बाकी है। बिजली की तारों की ऊंचाई और हादसे के कारणों को लेकर संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
चूरू की रेलवे कॉलोनी में दशहरा पर्व पर रावण दहन का कार्यक्रम हुआ। हनुमान मंदिर विकास समिति ने इसे आयोजित किया। रामलीला में श्रीराम का किरदार निभा रहे कलाकार ने अग्निबाण से रावण के पुतले को जलाया। पुतला जलते ही दर्शकों ने 'जय श्रीराम' के नारे लगाए, जिससे पूरा इलाका भक्तिमय हो गया। इस दौरान बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। रंगीन आतिशबाजी ने मोहा मनअतिथियों ने कहा कि दशहरा हमें श्रीराम के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देता है। रावण दहन का मकसद अपने अंदर के अहंकार और बुराइयों को खत्म करना है। इस मौके पर श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमानजी का राजतिलक भी हुआ।विजयदशमी के मौके पर आतिशबाजी भी की गई। कार्यक्रम में स्टेशन अधीक्षक सुरेश माथुर, एडवोकेट नासिर खान, एसएसई चूरू ख्यालीराम मीणा और टीआरडी जयप्रकाश राजपुरोहित जैसे कई लोग मौजूद थे।
सीकर में बाजार सामान लेने गया स्टूडेंट लापता:हॉस्टल में रहता था; 16 साल की लड़की घर से लापता
सीकर में 17 साल के नीट स्टूडेंट और 16 साल की नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है। स्टूडेंट हॉस्टल से बाजार से सामान लेने गया था। दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है। सामान लेने हॉस्टल से निकला था नीट स्टूडेंट के लापता होने के मामले में पिता ने पुलिस में शिकायत दी है। पिता ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा सीकर में एक प्राइवेट कोचिंग के हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है। बेटा 18 अक्टूबर की दोपहर करीब 1:52 पर हॉस्टल वार्डन से परमिशन लेकर बाजार से सामान लेने निकला था। शाम तक वह हॉस्टल वापस नहीं लौटा। रात करीब 8 बजे हॉस्टल वार्डन से सूचना दी। अब पुलिस स्टूडेंट की तलाश कर रही है। घर का दरवाजा बंद मिला, बेटी नहीं मिली 16 साल की नाबालिग लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 19 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे वह खेत से आ रही थी। जब घर पर पहुंचकर देखा तो कुंडी लगी हुई थी। तब लगा बेटी पड़ोस में गई होगी। काफी देर तक वह वापस नहीं लौटी तो आस-पड़ोस और गांव में तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। इस मामले में भी पुलिस जांच कर रही है।
रामानुजगंज के हाई स्कूल मैदान में विजयादशमी पर 81 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। कार्यक्रम में 20 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल के नेतृत्व में सागर मोती फाउंडेशन ने इसका आयोजन किया। पहली बार बनाया गया 81 फीट का रावण इस साल पहली बार 81 फीट ऊंचे रावण का निर्माण किया गया था। यह लोगों के लिए खास आकर्षण रहा। रावण दहन होते ही पूरा मैदान 'जय श्रीराम' के नारों से गूंज उठा। रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। राम दरबार की झांकी और रावण वध का मंचन कार्यक्रम में राम दरबार की झांकी दिखाई गई। इसके साथ ही रावण वध का नाटकीय मंचन भी किया गया। आयोजन के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत और भगवान श्रीराम के आदर्शों का संदेश दिया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का बुधवार को दूसरा दिन है। सुबह करीब 10 बजे तराना रोड स्थित श्री साईं कुंज कॉलोनी से शुरू हुई यात्रा में दिग्विजय समर्थकों के साथ पैदल चल रहे हैं। हाथ में डंडा लेकर चल रहे दिग्विजय ने चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा- चंदा चोरों को पकड़ो, जेल भेजो, बचाओ मत। वोट चोरी बंद करो। EVM हमें नहीं चाहिए। हमें बैलेट पेपर से चुनाव चाहिए। 950 किलोमीटर की यात्रा कर रहे करीब 950 किलोमीटर लंबी यह यात्रा लगभग 70 दिन में अयोध्या स्थित राम मंदिर पहुंचेगी। दूसरे दिन यात्रा पिंगलेश्वर जोड़, नहारिया जोड़, सायराखेड़ी और देवनखेड़ी होते हुए ताजपुर जोड़ पहुंचने के कार्यक्रम के अनुसार थी। यहां भोजन और विश्राम के बाद यात्रा आगे बढ़नी थी। शाम को देवास जिले के सिंदूरिया गांव में पड़ाव प्रस्तावित था। बोले- शिव धाम से राम धाम तक की यात्रा दैनिक भास्कर से चर्चा में दिग्विजय सिंह ने यात्रा को शिव धाम से राम धाम तक की यात्रा बताया। उन्होंने समर्थकों के साथ बम-बम भोले का उद्घोष किया, जिस पर समर्थकों ने जय सियाराम कहा। दिग्विजय ने कहा कि सनातनी परंपरा कभी सीता जी का अपमान नहीं करती। यात्रा पर मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर बनने के समय वैसा उत्साह नहीं दिखा, जैसा अब मंदिर के चंदे पर सवाल उठाने में दिखाई दे रहा है। इस पर प्रतिक्रिया पूछने पर दिग्विजय सिंह ने कहा- उनको छोड़ दीजिए। मैं जानता भी नहीं उनको। अमृता बोलीं- सनातनियों के स्वाभिमान को ठेस पहुंची दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय ने इसे हर धर्म के व्यक्ति के स्वाभिमान को जगाने वाली यात्रा बताया। अमृता राय के मुताबिक, चढ़ावा चोरी, धर्म के नाम पर धोखेबाजी से सनातन धर्म मानने वालों के स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। यात्रा के जरिए इसी मुद्दे को उठाया जा रहा है। स्थायी रूप से साथ चलने के लिए 3 हजार रजिस्ट्रेशन यात्रा प्रभारी चंदर सिंह सोंधिया ने बताया कि यात्रा में स्थायी रूप से साथ चलने के लिए अब तक करीब 3 हजार लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इसके अलावा हजारों लोग अलग-अलग स्थानों पर यात्रा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से सनातन की सही व्याख्या और भगवान के प्रति समर्पण का संदेश दिया जा रहा है। चढ़ावा चोरी पर बोले- सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई दिग्विजय सिंह ने यात्रा की शुरुआत में कहा था कि सनातन धर्म के नाम पर चुनाव लड़ने और चंदा जुटाने में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ लोगों तक अपनी बात पहुंचाना इसका उद्देश्य है। उन्होंने राम जन्मभूमि के लिए जुटाए गए चंदे में चोरी का आरोप लगाते हुए कहा था कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई, लेकिन बड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं हुई। उन्होंने वोट चोरी और नोट चोरी के मुद्दे भी उठाए हैं। यात्रा के दौरान पर्चे बांटने और राष्ट्रपति के नाम रिपोर्ट पेश करने की बात कही गई है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि इसका उद्देश्य किसी के खिलाफ राजनीतिक इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि लोगों के सामने अपनी बात रखना और न्याय की मांग करना है। दिग्विजय सिंह ने यह भी बताया कि वे अपनी अनुपस्थिति में यात्रा से जुड़े संवाद की जिम्मेदारी पत्नी अमृता राय को सौंप रहे हैं। उन्होंने अमृता राय को अपना प्रवक्ता और उनकी अनुपस्थिति में योगेंद्र परिहार को सह-प्रवक्ता बताया।

