बेकाबू कार मटकी की दुकान में घुसी:फिर फर्नीचर शॉप को मारी टक्कर, नाबालिग चार बच्चे थे सवार
कोटा शहर के बोरखेड़ा-थेगड़ा रोड पर दोपहर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे दुकानों में जा घुसी। कार ने पहले दीपावली के लिए मटकी बेच रही महिला की अस्थाई दुकान को तोड़ती हुई सामने स्थित फर्नीचर की दुकान के बाहर खड़ी स्कूटी को टक्कर मारते हुए लोहे की ग्रिल से जा टकराई। हादसे में दो स्कूटी और मटकी की दुकान के सामान के साथ फर्नीचर शॉप का काफी सामान क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार में चार बच्चे सवार थे। इनमें दो आगे और दो पीछे बैठे थे। कार एक नाबालिग चला रहा था। हादसे के बाद सभी कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। मटकी की दुकान के पास मौजूद एक छोटा बच्चा और महिला भी कार की चपेट में आने से चोटिल हुए, हालांकि दोनों बाल-बाल बच गए। फर्नीचर दुकानदार विनीत शर्मा ने बताया कि कार की टक्कर से प्लास्टिक की कुर्सियां, रिवॉल्विंग चेयर, बेड सहित अन्य सामान टूट गया। उन्होंने बताया कि कर अपनी स्पीड में थी की दुकान के अंदर भी घुस सकती थी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर बोरखेड़ा थाना पुलिस पहुंची। हैड कांस्टेबल रामलखन मीणा ने बताया कि हादसा दोपहर करीब 2:40 बजे हुआ। कोई जनहानि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने नाबालिगों के कार चलाने की बात कही है। पुलिस कार मालिक और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। क्रेन की मदद से कार को मौके से हटवाया गया।
टोंक जिले की चर्चित सीट आवां ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव नतीजों में पूर्व मंत्री के भाई की पत्नी को हार का सामना करना पड़ा है। वहीं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज की पत्नी शोभा भारद्वाज ने जीत हासिल की है। दरअसल, शोभा भारद्वाज ने पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रभुलाल सैनी के छोटे भाई गोवर्धन सैनी की पत्नी मंजू सैनी को 124 वोटों के अंतर से हराया है। शोभा भारद्वाज दूसरी बार आवां की सरपंच बनी हैं। भारद्वाज साल 2000 से 2005 तक और उनकी पत्नी शोभा भारद्वाज 2005 से 2010 तक सरपंच रहीं। फिर महेंद्र भारद्वाज के बेटे दिव्यांश एम भारद्वाज 2020 में इसी ग्राम पंचायत के सरपंच बने। अब शोभा महेंद्र भारद्वाज ने जीत दर्ज कर इस सीट पर परिवार की राजनीतिक विरासत को बरकरार रखा है। इस चुनाव में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे भाजपा नेता प्रभुलाल सैनी के भाई की पत्नी भी मैदान में थीं, जिन्हें शोभा भारद्वाज के हाथों हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि आवां ग्राम पंचायत में कुल 4099 वोटर्स है। शोभा भारद्वाज को 1440 और पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी के भाई गोवर्धन सैनी की पत्नी मंजू सैनी को 1326 मत मिले हैं। इनके अलावा उमेश सोनी को 298 और चौथे प्रत्याशी के 95 वोट आए हैं।
चित्रकूट में कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल संघ की बैठक शुक्रवार, 6 नवंबर को कलेक्ट्रेट परिसर में हुई। बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया के तहत उपस्थित कर्मचारियों ने नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से निर्विरोध चयन किया। मनोज कुमार मिश्र को अध्यक्ष, जग्गीलाल को उपाध्यक्ष, अनिल कुमार को महामंत्री और हिमांशु पांडेय को कोषाध्यक्ष चुना गया। यमगोपाल को कनिष्ठ उपाध्यक्ष, प्रेमचंद और गजनफर अली को सचेतक, कंचनता श्रीवास्तव को सांस्कृतिक मंत्री, देशराज को संगठन मंत्री, विक्रम सिंह को ऑडिटर और गीतू सिंह को संयुक्त मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा तहसील राजापुर से नरसिंह, मानिकपुर से श्रवण कुमार श्रीवास्तव और मऊ से अभिषेक तिवारी को कार्यकारिणी में शामिल किया गया। कर्मचारियों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया और संगठन को मजबूत बनाने के साथ कर्मचारी हितों के लिए मिलकर काम करने की अपेक्षा जताई।
सराफा बाजार में अलर्ट, सड़कों पर उतरी पुलिस:फूलबाग से घंटाघर तक घोड़े पर सवार होकर निकले पुलिस कमिश्नर
धनतेरस और दीपावली के मौके पर शहर में सुरक्षा का कड़ा पहरा लगा दिया गया है। त्योहारों के मद्देनजर शहर में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए पुलिस बल ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल और एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर डॉ. विपिन ताडा के नेतृत्व में पुलिस की टीम सड़कों पर उतरी। शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ फूलबाग से बिरहाना रोड होते हुए घंटाघर तक घोड़े पर सवार होकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान डीसीपी ईस्ट, एडीसीपी ईस्ट और स्थानीय थाना पुलिस भी गश्त में मौजूद रही। सराफा बाजार में सघन चेकिंग, संदिग्धों पर नजर धनतेरस के चलते सर्राफा बाजार में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट दिखा। गश्त के दौरान सर्राफा बाजार में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग की गई। भीड़–भाड़ वाले बाजारों, प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया गया, जिससे किसी भी अप्रिय घटना या अवांछनीय तत्वों की गतिविधि पर तत्काल लगाम लगाई जा सके। व्यापारियों को दिलाया सुरक्षा का अहसास फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बिरहाना रोड और घंटाघर क्षेत्र के व्यापारियों व स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया। अधिकारियों ने सभी को धनतेरस और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सुरक्षित माहौल का भरोसा दिलाया। पुलिस कमिश्नर ने आम जनता से अपील की कि त्यौहार के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु, व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर दें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान शहर में चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चूरू में धनतेरस और भगवान धन्वंतरि जयंती पर बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ रही। देर शाम तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा।बर्तनों की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी भीड़ दिखी। मान्यता के अनुसार, धनतेरस पर नए बर्तन और धातु की चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार बर्तन खरीदे। दीपक, लक्ष्मी-गणेश पूजन सामग्री, सजावटी सामान और दीपावली से जुड़ी दूसरी चीजों की दुकानों पर भी ग्राहक पहुंचे। लोगों ने आतिशबाजी के लिए पटाखे खरीदे। कपड़ों की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही रही। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे बाजारज्वैलरी शोरूम में लोगों ने सोने-चांदी के आभूषण खरीदने में रुचि दिखाई। दुकानदारों को अच्छी बिक्री की उम्मीद रही। शाम ढलने के साथ बाजार रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे। दीपावली को लेकर लोगों में उत्साह दिखा।
जालौन में धनतेरस के शुभ अवसर पर जिले भर के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। सुबह से देर शाम तक उरई, कोंच, कालपी और जालौन नगर सहित प्रमुख कस्बों के बाजार खरीदारों से गुलजार रहे। सोना-चांदी की कीमतों में आई गिरावट का असर खरीदारी पर भी दिखाई दिया। आभूषणों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी तो बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, वाहन और घरेलू सामान की दुकानों पर भी जमकर बिक्री हुई। कारोबारियों के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, धनतेरस पर जिले में 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हो चुका है। बाजारों में कई दिन पहले से शुरू हो गई थीं तैयारियां धनतेरस को लेकर व्यापारियों ने कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। हर वर्ग के उपभोक्ताओं की पसंद और बजट को ध्यान में रखते हुए दुकानों में नए उत्पादों की आकर्षक रेंज उपलब्ध कराई गई थी। बड़े शोरूम से लेकर छोटी दुकानों तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। उरई शहर के प्रमुख बाजारों को रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों और दीपावली की थीम पर सजाया गया था। बाजारों की सजावट और खरीदारों की भीड़ से पूरे जिले में त्योहार का उत्साह नजर आया। झाड़ू, बर्तन और चांदी के सिक्कों की खूब हुई बिक्री धनतेरस पर परंपरागत रूप से झाड़ू की खरीदारी का विशेष महत्व रहा। मान्यता के अनुसार इस दिन झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है। इसी परंपरा को निभाने के लिए लोगों ने जमकर झाड़ू खरीदी। बर्तनों की दुकानों पर भी सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी रही। स्टील और पीतल के बर्तनों के साथ कढ़ाई, थाली, लोटे, पूजा की थाली और अन्य घरेलू सामान की खूब बिक्री हुई। चांदी के गणेश-लक्ष्मी के सिक्कों और पूजन सामग्री की भी लोगों ने खरीदारी की। सोना-चांदी के दाम घटने से ज्वेलरी शोरूम में बढ़ी भीड़ सोना-चांदी के बाजार में भी इस बार विशेष रौनक देखने को मिली। कीमतों में गिरावट के चलते ग्राहकों ने आभूषणों की खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई। ज्वेलरी शोरूम में महिलाओं और परिवारों की भीड़ रही। लोगों ने सोने-चांदी के आभूषणों के साथ सिक्के भी खरीदे। किसानों ने खरीदे ट्रैक्टर, दोपहिया और चारपहिया वाहनों की भी डिलीवरी ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी धनतेरस का उत्साह दिखाई दिया। किसानों ने नए ट्रैक्टर खरीदकर घर पहुंचाए तो आम लोगों ने अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार दोपहिया एवं चारपहिया वाहन खरीदे। कई वाहन एजेंसियों में ग्राहकों को वाहनों की डिलीवरी देने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। पिछले साल से कारोबार बढ़ने का व्यापारियों का दावा व्यापारियों का कहना है कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में कारोबार में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ग्राहकों की अच्छी संख्या और खरीदारी के उत्साह से कारोबारियों के चेहरे खिले रहे। बाजारों में उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी सतर्क रहा। प्रमुख चौराहों और बाजारों में यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के प्रयास किए गए, ताकि खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को जाम और अन्य परेशानियों का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर धनतेरस पर जालौन के बाजार खरीदारों से गुलजार रहे। व्यापारियों को उम्मीद है कि धनतेरस के बाद दीपावली तक बाजारों में इसी तरह रौनक बनी रहेगी और कारोबार के आंकड़े में और इजाफा होगा।
संभल में धनतेरस पर शुक्रवार को बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। संभल और चंदौसी समेत जिलेभर में ग्राहकों की भीड़ रही। व्यापारियों ने इस बार 500 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने का अनुमान जताया है। वाहन, सराफा, मिठाई और अन्य दुकानों पर दिनभर खरीदारों की आवाजाही बनी रही। व्यापारियों के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस बार बिक्री बेहतर रही है। 3 हजार दोपहिया वाहन बिके, 65 फीसदी खरीदारी फाइनेंस पर धनतेरस पर जिले में करीब 3 हजार दोपहिया वाहन बिकने की जानकारी दी गई है। इनमें 130 बुलेट शामिल हैं। इसके अलावा 5 क्रेटा, 5 वेन्यू और 2 ओला समेत 20 से अधिक चारपहिया वाहनों की बिक्री हुई है। दोपहिया वाहनों के शोरूम पर ग्राहकों की भीड़ रही। वाहन कारोबारियों के मुताबिक, इस बार करीब 35 प्रतिशत खरीदारी नकद और 65 प्रतिशत फाइनेंस के जरिए हुई है। अंशुल ठाकुर ने बताया कि उनके शोरूम में सबसे महंगी गाड़ी R2 है। इसे हाल ही में लॉन्च किया गया है और इसकी कीमत करीब 3 लाख रुपए है। उनके मुताबिक, अब तक 3 से 4 R2 बिक चुकी हैं। उन्होंने बताया कि शोरूम में R15, MT-15, FZS, FZ-X, R15 V4 और XXR मॉडल की भी मांग है। ग्राहकों को 5 हजार रुपए कैशबैक, दो हेलमेट मुफ्त और अन्य गिफ्ट दिए जा रहे हैं। चांदी के सिक्कों की मांग बढ़ी, मिठाइयों की भी बिक्री सराफा बाजार में सोने के मुकाबले चांदी के सिक्कों की मांग अधिक रही। ज्वेलर्स कुलदीप ऐरन ने बताया कि ग्राहक हल्के वजन के चांदी के सिक्के खरीद रहे हैं। पिछले साल भी सिक्कों की बिक्री हुई थी, लेकिन इस बार मांग ज्यादा है। उन्होंने बताया कि चांदी के दाम पिछले साल के मुकाबले बढ़े हैं, इसके बावजूद ग्राहक खरीदारी के लिए बाजार पहुंच रहे हैं। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ रही। नंदन स्वीट्स के मैनेजर अजय झा ने बताया कि उनकी दुकान पर काजू बर्फी और मिल्क केक की मांग अधिक रहती है। मिठाइयों में पिस्ता, कैलिफोर्निया के बादाम समेत आयातित ड्राई फ्रूट का इस्तेमाल किया जाता है। बाजारों में पुलिस की गश्त, CCTV से निगरानी धनतेरस पर बाजारों में भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मुख्य बाजार में जाने वाले चार रास्तों पर ई-रिक्शा की आवाजाही प्रतिबंधित कर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है। SP विकास चंद्र त्रिपाठी और ASP सुमित रामटेके व मनोज रावत पुलिस बल के साथ बाजारों में गश्त कर रहे हैं। लोगों की सुरक्षा के लिए वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के अलावा सादे कपड़ों में भी पुलिस तैनात की गई है। सत्यव्रत पूरी चौकी में बने CCTV कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
सवाई माधोपुर जिले में धनतेरस पर बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। शहर से लेकर गांव और कस्बों तक ऑटोमोबाइल, सर्राफा, इलेक्ट्रॉनिक, बर्तन और कपड़ा बाजार में रौनक रही। लोगों ने शुभ मुहूर्त में नए वाहन, सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद खरीदे। बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक जारी रहा। शाम के समय बाजारों में सबसे ज्यादा भीड़ रही और दुकानों पर देर तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। जिले में धनतेरस पर करीब 35 करोड़ रुपए का कारोबार होने का अनुमान है। धनतेरस को लेकर बाजार सुबह जल्दी ही सज गए थे। लोगों ने पहले से ही वाहनों की बुकिंग करा रखी थी। ऐसे में शुभ मुहूर्त में वाहन लेने के लिए लोग शोरूम पहुंचे। नए बर्तन और कपड़ों की खरीदारी को लेकर बर्तन बाजार और रेडिमेड गारमेंट की दुकानों पर भी भीड़ रही। शहर, गांव और कस्बों के बाजारों में दिनभर खरीदारी का माहौल बना रहा। सोने-चांदी के सिक्के भी खरीदे धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ मानते हुए लोगों ने आभूषणों के साथ चांदी के सिक्के भी खरीदे। स्टेशन रोड स्थित सर्राफा व्यापारी कमल छाबड़ा ने बताया कि जिला मुख्यालय पर ज्वेलर्स की करीब 80 दुकानें हैं। धनतेरस पर सर्राफा बाजार में 5 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार हुआ। दिवाली और आगामी शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए भी लोगों ने सोने-चांदी के आभूषणों में रुचि दिखाई। वाहनों के शोरूम पर रही सबसे ज्यादा भीड़ धनतेरस पर ऑटोमोबाइल बाजार में सबसे अधिक रौनक देखने को मिली। दोपहिया और चारपहिया वाहन खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग शोरूम पहुंचे। शुभ मुहूर्त में नए वाहन घर ले जाने को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। जिले में वाहन बाजार में 25 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। धनतेरस पर बाजारवार कारोबार का अनुमान वाहन बाजार में 25 करोड़ रुपए से अधिक, सर्राफा बाजार में 5 करोड़ रुपए से अधिक, कपड़ा बाजार में करीब 3 करोड़ रुपए, बर्तन बाजार में करीब 1 करोड़ रुपए और इलेक्ट्रॉनिक बाजार में करीब 1 करोड़ रुपए का कारोबार होने का अनुमान है।
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की औषधि वाटिका में भगवान धन्वंतरि जयंती पर हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम नीमा (NIMA) वूमेन्स फोरम के तत्वावधान में हुआ। इसमें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक सहित आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति से जुड़े विशेषज्ञ, चिकित्सक और शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम में विधि-विधान से भगवान धन्वंतरि का पूजन किया गया। इसके बाद हवन में आहुतियां देकर विश्व कल्याण, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना की गई। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में आयुर्वेद का विशेष स्थान है। इस अवसर पर पूर्व एवं समकालीन आयुर्वेदिक-यूनानी अधिकारी डॉ. निरंकार गोयल, डॉ. कप्तान सिंह, डॉ. नीरजा गोयल और उत्तर प्रदेश वूमेन्स फोरम की सचिव एवं वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्या डॉ. वंदना पाठक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
गोरखपुर में धनतेरस पर बाजार गुलजार है। शाम होते ही कुछ ज्वेलरी शोरूमों पर चांदी के सिक्कों का शॉर्टेज हो गया। सुबह से ही ज्वेलरी से लेकर सजावट, मिट्टी की मूर्तियां, पूजा के सामानों की जमकर खरीदारी हो रही है। लक्ष्मी पूजा के लिए लोग कौड़ी, झाड़ू, धनिया और सरसों भी खरीद रहे हैं। उनका मनना है कि इन चीजों में मां लक्ष्मी का वास होता है। धनतेरस पर इन्हें खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। चांदी की ज्वेलरी की खरीदारी ज्यादा परंपरा जेम्स एंड ज्वेल्स के डायरेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि इस बार चांदी के सिक्कों में 10 ग्राम, 20 ग्राम, 50 और 100 ग्राम के सिक्कों की बिक्री ज्यादा हो रही है। हमारे पास स्टॉक लगभग खत्म ही होने वाला है। इसके अलावा लोग चांदी की ज्वेलरी भी खरीद रहे हैं। जिसमें बैंगल, नेकलेस, इयरिंग और अन्य चीजें शामिल हैं। 1 ग्राम की गोल्ड रिंग की बिक्री भी ज्यादा उन्होंने बताया कि गोल्ड में लाइट वेट और फैंसी ज्वेलरी की सबसे ज्यादा डिमांड है। धनतेरस को देखते हुए खास तरह की ज्वेलरी मंगाई गई थी। जिसमें 1 ग्राम की गोल्ड रिंग, 100 मिली ग्राम का गोल्ड कॉइन और अन्य ज्वेलरी शामिल है। पीतल और स्टील के बर्तनों का डिमांड रेती रोड स्थित फैंसी बर्तन के ओनर साधु नदीन ने बताया कि इस बार पीतल हुए स्टील के बर्तनों की बिक्री ज्यादा हो रही है। लोग एल्युमिनियम के बर्तन खरीदने से बच रहे हैं, उनका मानना है कि एल्युमिनियम धातु नुकसान करता है। उन्होंने बताया कि स्टील और पीतल में पूजा- पाठ के सामान घंटी, अगरदान, अखंड ज्योति और अन्य लोग ज्यादा खरीद रहे हैं। मुन्नी देवी बोलीं-धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ बर्तन खरीदने आई मुन्नी देवी बागोरा ने बताया कि धनतेरस के दिन पूजा का सामान खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसलिए पूजा के बर्तन खरीदने आई हूं। मैंने मंदिर में रखने के लिए दीया खरीदा है। झाड़ुओं की भी जमकर खरीदारी हुई धनतेरस के दिन झाड़ुओं की भी जमकर बिक्री हुई है। मार्केट में आने वाले लगभग सभी लोगों के हाथों में झाड़ू दिखा। झाड़ू बिक्रेता आसिफ ने बताया कि पिछले साल झाड़ू का शॉर्टेज हो गया था, जिसको देखते हुए इस बार और अधिक स्टॉक मंगाया गया है। शाम तक तो हमारे पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उम्मीद ही कि इस बार किसी तरह का शॉर्टेज नहीं होगा। धनतेरस पर कौड़ी खरीदना शुभ- विद्या बाजार में पूजा सामग्री के दुकानों पर भी खरीदारों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। लोग मंदिर में रखने वाला आसान, चुनरी और चीजों की खरीदारी में जुटे थे। वहीं इस अवसर पर तमाम लोगों ने कौड़ी भी खरीदा। हल्दी, धनिया, शंख चक्र को खरीदा, इसमें मां लक्ष्मी का वास खरीदार विद्या शुक्ला ने बताया कि कौड़ी में मां लक्ष्मी पूजा के लिए हल्दी, धनिया, शंख चक्र और कौड़ी खरीदने आई हूं। उन्होंने बताया कि इन चीजों मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। धनतेरस पर इन्हें खरीदना बहुत शुभ होता है। सुबह से शाम तक शहर के प्रमुख बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। लोग अपने- अपने पसंद और जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं।
देवरिया के सलेमपुर स्थित आरएल एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दीपावली की पूर्व संध्या पर उत्सव का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और राज्याभिषेक पर आधारित झांकी प्रस्तुत की। बच्चों ने रंगोलियां भी बनाईं। झांकी में विद्यार्थियों ने श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत और हनुमान सहित रामायण के विभिन्न पात्रों का रूप धारण किया। पारंपरिक वेशभूषा, सजावट और अभिनय के माध्यम से उन्होंने मर्यादा, त्याग, सत्य और सुशासन का संदेश दिया। आयोजन में शिक्षिकाओं अंशु सिंह, ज्योति मद्धेशिया, आंचल वर्मा, साजिया, संध्या, विद्यावती और पायल ने सहयोग किया। प्रबंधक संदीप कुमार श्रीवास्तव और प्रधानाचार्य संजय पांडेय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग, अनुशासन और कर्तव्यपालन की प्रेरणा देता है।
दतिया शहर में दीपावली पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार पटाखा बाजार घनी आबादी से दूर ठंडी सड़क स्थित डालडा मिल परिसर में लगाया गया है। जिला प्रशासन ने जांच-पड़ताल और पुलिस वेरिफिकेशन के बाद 200 से अधिक दुकानदारों को आतिशबाजी बिक्री के लाइसेंस जारी किए हैं। धनतेरस की शाम से ही पूरा पटाखा बाजार रंग-बिरंगी रोशनी और दुकानों से सजकर तैयार हो गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए बाजार स्थल पर फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की तैनाती की गई है। पटाखा बाजार के लिए जगह का चयन प्रशासन के लिए इस बार बड़ी चुनौती बना हुआ था। पहले लाला के तालाब के पास बाजार लगता था, लेकिन 2024 में तालाब का बंध टूटने के कारण वहां दुकानें लगना बंद हो गईं। इसके बाद कटोरा ताल पर बाजार लगाया जाने लगा, जहां वर्तमान में नगरपालिका नया फायर स्टेशन बना रही है। नई जेल के पास का विकल्प भी घनी आबादी की वजह से खारिज कर दिया गया और अंततः सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने पर डालडा मिल परिसर को चुना गया। एसडीएम सोनाली राजपूत ने बताया कि कुल 295 आवेदनों में से पुलिस जांच के बाद 250 लाइसेंस मंजूर किए गए, जिनकी आवंटन प्रक्रिया कलेक्ट्रेट में गुरुवार देर रात तक चली। रात 8 से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे जलाने की इजाजत त्योहार के दौरान आतिशबाजी को लेकर प्रशासन ने सख्त नियम भी जारी किए हैं। शहरवासी रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही केवल 'ग्रीन पटाखे' जला सकेंगे। लड़ी वाले पटाखों और बेरियम सॉल्ट से बने रासायनिक पटाखों पर पूरी तरह बैन रहेगा। इसके साथ ही ऑनलाइन पटाखे खरीदने पर भी सख्त रोक लगाई गई है। अस्पताल और स्कूल के पास आतिशबाजी पर रोक प्रशासनिक निर्देशों के मुताबिक अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर पाबंदी रहेगी। आतिशबाजी का शोर 4 मीटर की दूरी पर 125 डेसीबल से ज्यादा नहीं होना चाहिए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पटाखों का कचरा नदी-तालाब या पानी के स्रोतों में न बहाएं, बल्कि उसे अलग एकत्र कर नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों को ही सौंपें।
पलवल में कार की टक्कर से युवक की मौत:साथी गंभीर घायल, बाइक पर सवार होकर जा रहे थे दोनों
पलवल जिले में हसनपुर थाना अंतर्गत तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद से कार ड्राइवर मौके से फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हसनपुर थाना प्रभारी विजयपाल के अनुसार, बेला गांव निवासी चरण सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह रात के समय अपने चाचा के लड़के बीरेंद्र और अपने परिचित मोहरु का नंगला गांव निवासी तस्लीम की बाइक पर सवार होकर पिंगौड गांव से अपने निजी काम के बाद घर लौट रहे थे। सामने से आ रही कार ने मारी टक्कर बाइक को चरण सिंह चला रहा था और पीछे बीरेंद्र बैठा हुआ था। रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच जब बाइक गुंडवास चौक से कुछ दूरी पर पहुंची, तो सामने से आ रही कार ने गलत दिशा में लाकर उनकी बाइक को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइक समेत सड़क पर जा गिरे। हादसे में उसे व बीरेंद्र गंभीर रूप से सड़क पर गिर पड़े। अंधेरा होने के कारण वे कार का पूरा नंबर नहीं देख पाए। घटना की सूचना मिलने पर परिजनों ने घायलों को तुरंत संभाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बीरेंद्र की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हॉयर सेंटर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद जब परिजन बीरेंद्र को पलवल के जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, तो डॉक्टरों ने जांच के बाद बीरेंद्र को मृत घोषित कर दिया। हसनपुर थाना पुलिस ने दुर्घटना में घायल चरण सिंह की शिकायत पर अज्ञात कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी वाहन चालक व उसके वाहन की तलाश की जा रही है।
देवरिया के जीएम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दीपावली की पूर्व संध्या पर रंगोली प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर किया। रंगोली प्रतियोगिता दो चरणों में हुई। नर्सरी से कक्षा चार तक के बच्चों ने पारंपरिक डिजाइन बनाए। वहीं, कक्षा पांच से 12 तक के विद्यार्थियों ने मां लक्ष्मी-गणेश, मां काली, पर्यावरण संरक्षण, सोशल मीडिया जागरूकता और मोबाइल के दुष्प्रभाव जैसे विषयों पर रंगोलियां बनाईं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में नर्सरी से कक्षा आठ तक के बच्चों ने दीपावली पर आधारित नृत्य, नृत्य-नाट्य और एकल प्रस्तुतियां दीं। प्रधानाचार्य ने दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज और चित्रगुप्त जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को पटाखों से दूर रहने, पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने और मोबाइल का सही उपयोग करने की सलाह दी।
एक ओर धनतेरस और दीपावली के त्योहार पर शहर में साफ-सफाई और स्वच्छता की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों के बाहर गंदगी का अंबार लगा है। हालात ऐसे हैं कि कार्यालयों के आसपास शराब की खाली बोतलें और नशीली सिरप की शीशियां तक पड़ी हुई हैं। सरकारी विभागों के बाहर फैली गंदगी सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। शहर में आबकारी विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और कृषि विभाग के बाहर सफाई व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। कहीं कचरे के ढेर लगे हैं तो कहीं शराब की खाली बोतलें और अन्य अपशिष्ट खुले में पड़े हैं। इन कार्यालयों में रोजाना अधिकारी-कर्मचारियों के साथ आम नागरिक भी पहुंचते हैं, इसके बावजूद आसपास की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आबकारी विभाग के आसपास शराब की बोतलें और सिरप की शीशियां सबसे गंभीर स्थिति आबकारी विभाग के आसपास की है। यहां शराब की खाली बोतलों के साथ नशीली सिरप की शीशियां भी पड़ी मिली हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि नशे से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने वाले विभाग के आसपास ही इस तरह की गंदगी कैसे जमा हो रही है। अन्य सरकारी कार्यालयों के बाहर भी कचरा और अपशिष्ट खुले में पड़ा हुआ है। कलेक्टर बोले- संबंधित विभागों से जवाब लिया जाएगा धनतेरस और दीपावली जैसे त्योहारों पर शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर रखने की जरूरत है। इसके बावजूद सरकारी कार्यालयों के बाहर ऐसे हालात स्वच्छता के दावों की हकीकत दिखा रहे हैं। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि सरकारी कार्यालयों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है। सभी विभागों को अपने कार्यालय परिसर और आसपास नियमित सफाई सुनिश्चित करनी चाहिए। गंदगी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी में धनतेरस के दिन पटाखा बाजार सजा हुआ है। शहर के विभिन्न इलाकों में पटाखा बाजार का पुलिस प्रशासन ने लाइसेंस दिया है। इसमें बेनियाबाग, नाटी इमली मैदान और कटिंग मेमोरियल के मैदान में लोग पटाखा खरीदने उमड़ रहे हैं। इस बार ग्रीन और रेड पटाखों की डिमांड है तो पटाखे 30 से 35% तक महंगे भी हुए हैं। वहीं कुछ जगहों पर अभी भी पटाखा बाजार नहीं सज सका है और ऐसा लाइसेंस में देरी की वजह से हो रहा है। दुकानदारों ने कहा कि पुलिस को इसमें जल्दी करनी चाहिए ताकि हम बिक्री सही से कर सकें। नाटी इमली मैदान में उमड़े खरीदारवाराणसी शहर के बीचों बीच स्थित नाटी इमली मैदान में पटाखा बाजार सज रहा है। धनतेरस के दिन यहां लोग पटाखा खरीदने पहुंच रहे हैं। यहां 45 दुकानों का लाइसेंस हुआ है। जो दिवाली के दिन तक पटाखा बेचेंगे। वहीं कटिंग मेमोरियल के मैदान पर भी 40 दुकानों का अस्थाई लाइसेंस हुआ है। जिसमें पटाखा बिक रहा है। महंगा बिकेगा पटाखा, बढ़ा रेट पटाखा विक्रेता संदीप गुप्ता ने बताया - इस वर्ष पटाखा करीब 30 से 35 % महंगा बिक रहा है क्योंकि आगे से माल महंगा आया है। पटाखा लेने वाले ग्रीन और रेड पटाखे की डिमांड कर रहे है। ये पटाखे प्रदूषण रहित होते हैं। लोग आज के दिन कम आ रहे हैं लेकिन कल और आपरो दुकानदारी अच्छी होने के आसार है। झाड़ू-बर्तन खरीदने का दिन, पटाखा बच्चों के लिएपटाखा बाजार पहुंची अविनाश कौर ने बताया - धनतेरस के दिन झाड़ू और स्टील का बर्तन जरूर खरीदती हूं। वहीं लेने आई थी। बच्चों ने कहा पटाखा लेना है तो पटाखा बाजार भी आई हूं। इस वर्ष काफी महंगाई दिखाई दे रही है। पटाखा और अन्य सामानों के रेट में बढ़ोत्तरी हुई है।
बिछीवाड़ा के जंगल में मिला लड़की का शव:3 नवंबर को घर से निकली थी, पिता ने की जांच की मांग
डूंगरपुर के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के जंगल में 14 वर्षीय लड़की का शव मिला। वह उदयपुर जिले की रहने वाली थी। उसके परिजनों ने पुलिस से मौत की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।बिछीवाड़ा थाना पुलिस के अनुसार लड़की के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 3 नवंबर की सुबह करीब 8 बजे शौच के लिए घर से निकली थी। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। शाम करीब 4 बजे परिजनों को सूचना मिली कि गांव के जंगल में खाखरे के पेड़ पर एक शव मिला है। पिता और परिवार के अन्य सदस्य बिछीवाड़ा सरकारी अस्पताल पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि शव डूंगरपुर जनरल हॉस्पिटल में रखा गया है।पिता ने रिपोर्ट में बताया कि वे बेटी की मौत का कारण जानने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए पोस्टमॉर्टम में देरी हुई। उन्होंने पुलिस से मौत की जांच, पोस्टमॉर्टम और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चित्रकूट में दीपावली और सोमवती अमावस्या मेले में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में 2 हजार से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र को 8 जोन और 22 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है। शुक्रवार शाम 5 बजे सीतापुर स्थित रामायण मेला परिसर में मंडलायुक्त अजीत कुमार और DIG राजेश एस. ने पुलिसकर्मियों को ब्रीफ किया। उन्होंने ड्यूटी के दौरान सतर्कता बरतने और जिम्मेदारी से काम करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और SP अरुण कुमार सिंह भी मौजूद रहे। घाटों, मंदिरों और परिक्रमा मार्ग पर रहेगी नजर अधिकारियों ने स्नान घाटों, मंदिर परिसरों, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग, पार्किंग और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। SP ने कहा कि मंदाकिनी में स्नान, भगवान कामतानाथ के दर्शन और कामदगिरि की परिक्रमा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। ऐसे में सभी पुलिसकर्मी पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करें। पुलिसकर्मियों को वायरलेस हैंडसेट और लाउड हेलर साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। जोनल और सेक्टर प्रभारी लगातार भ्रमण कर ड्यूटी की निगरानी करेंगे। घाटों, मंदिरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संदिग्ध लोगों और लावारिस सामान पर नजर रखी जाएगी। महिला श्रद्धालुओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। यातायात डायवर्जन का पालन कराने और एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड के लिए रास्ता खाली रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। PAC, SDRF और डॉग स्क्वायड भी तैनात सुरक्षा व्यवस्था में 16 CO, 22 प्रभारी निरीक्षक, 39 निरीक्षक, 269 उपनिरीक्षक और 21 महिला उपनिरीक्षक लगाए गए हैं। इसके अलावा नागरिक पुलिस, यातायात और LIU के जवानों के साथ 155 महिला कांस्टेबल और 117 यातायात पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे। इसके अलावा PAC की 3 कंपनियां, फ्लड कंपनी की 2 प्लाटून और SDRF की एक टीम लगाई गई है। सुरक्षा के लिए 2 डॉग स्क्वायड, एक BDS टीम, 3 HHMD चेक टीम, 5 फायर टेंडर और एक हाइड्रा मशीन भी उपलब्ध रहेगी। अधिकारियों ने सभी विभागों को आपसी तालमेल से काम करने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में ASP पीयूषकांत राय समेत पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
फतेहपुर में धनतेरस पर शुक्रवार को जिलेभर के बाजारों में सुबह से देर शाम तक खरीदारों की भीड़ उमड़ी। बर्तन, सोना-चांदी, वाहन, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों और पूजन सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की चहल-पहल रही। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक, इस बार जिले में एक अरब रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। 600 पुलिसकर्मियों की तैनाती, ज्वैलर्स की दुकानों पर भी सुरक्षा त्योहार पर भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। प्रमुख बाजारों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 600 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। वहीं, जिलेभर में ज्वैलर्स की दुकानों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस व्यवस्था में कुल 4,240 पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। प्रत्येक आभूषण की दुकान पर एक-एक जवान तैनात किया गया। शहर से बाहर एयरपोर्ट मैदान में लगी पटाखा मंडी सुरक्षा के मद्देनजर इस बार पटाखा मंडी को शहर से बाहर हाईवे किनारे स्थित एयरपोर्ट मैदान में शिफ्ट किया गया। यहां पटाखे खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। किसी अप्रिय घटना से निपटने और सुरक्षा मानकों का पालन कराने के लिए अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहीं। करीब एक हजार दोपहिया वाहन बिके ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी धनतेरस पर खरीदारी का उत्साह दिखा। जिलेभर में करीब एक हजार दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई। वहीं, दो चारपहिया वाहन भी बिके। सजावटी और पारंपरिक बाजारों में भी ग्राहकों की भीड़ रही। गणेश-लक्ष्मी की मिट्टी की मूर्तियां 750 रुपये तक में बिकीं। लोगों ने लाई, गट्टा-पट्टी और झाड़ू की भी खूब खरीदारी की। पीतल, तांबे और स्टील के बर्तनों की मांग धनतेरस पर शुभ माने जाने के कारण लोगों ने सोने-चांदी के आभूषणों के साथ पीतल, तांबे और स्टील के बर्तन भी खरीदे। बाजारों में पूजन सामग्री और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। तीन स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था बाजारों में जाम की स्थिति से बचने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने वाहनों की पार्किंग के लिए शहर में तीन स्थान चिह्नित किए थे। पुलिस की यातायात व्यवस्था और पार्किंग इंतजामों के चलते लोगों को खरीदारी में बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
सोलर प्लांट से केबल चोरी के 3 आरोपी गिरफ्तार:2 टेंपो जब्त, गैंग की जानकारी जुटा रही पुलिस
बाड़मेर जिले की शिव थाना पुलिस ने सोलर प्लांट से केबल चोरी की वारदात में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मेहरों की ढाणी, कोटड़ा स्थित रिन्यू सोलर प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट से केबल चोरी की थी। उनके कब्जे से चोरी का माल बरामद किया गया है। वारदात में इस्तेमाल किए गए दो टेंपो भी जब्त किए गए हैं। पुलिस आरोपियों से चोरी में शामिल अन्य साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। 2 नवंबर को दर्ज कराई थी केबल चोरी की रिपोर्ट कोटड़ा के मेहरों की ढाणी निवासी महिपाल सिंह रिन्यू सोलर प्राइवेट लिमिटेड के सोलर प्लांट में सिक्योरिटी इंचार्ज हैं। उन्होंने 2 नवंबर को शिव थाने में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि मेहरों की ढाणी, कोटड़ा स्थित सोलर प्लांट से केबल चोरी कर ली गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मौके का मुआयना किया और जांच शुरू की। तीन संदिग्धों से पूछताछ में सामने आई वारदात एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि चोरी की वारदात का खुलासा करने के लिए पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज आईजी के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी पदमदान रतनू के सुपरविजन में शिव थानाधिकारी मनोहर विश्नोई के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान किशननाथ पुत्र खेतनाथ निवासी भाडखा, मनफूल पुत्र मलाराम निवासी विशाला और जबराराम पुत्र शांतिलाल निवासी भाडखा को डिटेन किया गया। चोरी का माल बरामद, दो टेंपो जब्त पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तीनों आरोपियों ने सोलर प्लांट से केबल चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद किया गया। वारदात में इस्तेमाल किए गए दो टेंपो भी जब्त किए गए हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस चोरी में शामिल अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पलामू के मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र में तीनकोनिया के पास महिला से चार लाख रुपये छीनने के आरोपी को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पूरी रकम बरामद की। आरोपी उसी पंजाब एंड सिंध बैंक में इंटीरियर का काम करता था, जहां से महिला ने पैसे निकाले थे। एसडीपीओ राजेश यादव ने बताया कि आरोपी बैंक आने वाले ग्राहकों पर नजर रखता था। उसने महिला को रुपये निकालकर झोले में रखते देखा और उसका पीछा किया। मौका मिलते ही वह चार लाख रुपये से भरा झोला छीनकर भाग गया। गिरफ्तार आरोपी हैदर अंसारी (25) चैनपुर थाना क्षेत्र के कुदागाखुर्द निवासी निजाम अंसारी का बेटा है। घटना बुधवार दोपहर करीब एक बजे हुई थी। शुक्रवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चैनपुर थाना क्षेत्र के सलतुआ निवासी ललीता देवी अपने पति भोला साव के इलाज के लिए बैंक से चार लाख रुपये निकालकर घर लौट रही थीं। वह तीनकोनिया गैरेज के पास गाड़ी का इंतजार कर रही थीं, तभी आरोपी पैदल आया और झोला छीनकर भाग गया। घटना के बाद पुलिस ने ललीता देवी से पूछताछ की और शहर के अलग-अलग स्थानों और दुकानों के सीसीटीवी फुटेज देखे। फुटेज से आरोपी की पहचान हुई। पुलिस टीम उसके घर पहुंची और छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया।
डीडवाना जिले में दिवाली से पहले मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग जांच अभियान चला रहा है। शुक्रवार को टीम ने लाडनूं में चार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। यह अभियान आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान सरकार के निर्देश पर चलाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र चौधरी के निर्देशन में खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। अभियान का नाम ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ है। टीम ने जोधपुर मिष्ठान भंडार, विशाल ट्रेडिंग कंपनी, अमृत किराना स्टोर और जसराज मिष्ठान भंडार का निरीक्षण किया। यहां से कलाकंद मिठाई, घी, रसगुल्ला और गुलाब जामुन के नमूने लिए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बाबूलाल ने बताया कि सभी नमूने जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, अजमेर भेजे गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि दिवाली को देखते हुए प्रतिष्ठान संचालकों को अच्छी गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ बेचने और दुकानों में साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी इरशाद खान और विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
लखनऊ में दीपावली बाजार से लेकर घर तक स्वदेशी का रंग दिखेगा। व्यापारी इस बार विदेशी सामानों से दूरी बनाकर भारतीय उत्पादों से दीपावली मनाने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही, घरों और बाजारों में पूजित मूर्तियों को सड़कों और नदियों में फेंकने के बजाय सम्मानपूर्वक विसर्जित करने की पहल भी की जाएगी। इसके लिए मंगलमान अभियान के तहत मूर्ति एकत्रीकरण केंद्र बनाए जा रहे हैं। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री संदीप बंसल ने विधायक निवास स्थित दारू सभा में पत्रकार वार्ता में बताया कि संगठन की वर्चुअल बैठक में इस बार स्वदेशी मंगलमान दीपावली मनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत दैनिक उपयोग से लेकर दीपावली की सजावट और पूजन तक भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी। विदेशी सामानों का इस्तेमाल नहीं करने का संकल्प लिया गया है। ऐप से मिलेगी मूर्ति संग्रह केंद्रों की जानकारी संदीप बंसल ने बताया कि मंगलमान अभियान के तहत लखनऊ समेत देशभर में पूजित मूर्तियों का सम्मानपूर्वक विसर्जन कराया जाएगा। लखनऊ में इसके लिए विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही एक ऐप तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से शहरवासी अपने घर, मोहल्ले और बाजार के आसपास मूर्ति एकत्रीकरण केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अभियान के संयोजक डॉ. रामकुमार तिवारी ने बताया कि कोई भी लखनऊवासी इस पहल से जुड़कर अपने घर या बाजार के आसपास मूर्ति एकत्रीकरण केंद्र स्थापित कर सकता है। यहां नगर निगम की ओर से मूर्तियां एकत्रित कर उनका ससम्मान विसर्जन कराया जाएगा। सड़कों और नदियों में न डालें पूजित मूर्तियां संदीप बंसल ने अपील की कि जिन मूर्तियों की वर्षभर पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है, उन्हें सड़कों, मैदानों और नदियों में न डालें। मंगलमान अभियान के माध्यम से इनका सम्मानपूर्वक एकत्रीकरण और विसर्जन सुनिश्चित किया जा रहा है। मूर्ति संग्रह केंद्रों की जानकारी के लिए app.mangalman.in पर संपर्क किया जा सकता है।इस अवसर पर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल महानगर अध्यक्ष सुरेश छाबलानी, महामंत्री अनुज गौतम, कोषाध्यक्ष मुकेश कुमार नाग सहित अन्य लोग शामिल हुए।
हरियाणा के नारनौल में दीपावली के त्योहारी सीजन में आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने नारनौल, महेंद्रगढ़ और कनीना क्षेत्र में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 11 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। डॉ. अमित कुमार ने बताया कि दीपावली के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग की ओर से लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग की जा रही है। इसका उद्देश्य लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। मिलावट से बचें उन्होंने खाद्य कारोबारियों से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखने तथा किसी भी प्रकार की मिलावट से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान विभाग की ओर से खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और नमूने लेने की कार्रवाई जारी रहेगी। पिछले साल से 250% अधिक नमूने लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जिले में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 250 प्रतिशत अधिक खाद्य नमूने एकत्रित किए गए हैं। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग के कमिश्नर डॉ. मनोज कुमार के मार्गदर्शन और निगरानी को इसका श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावी दिशा-निर्देशन के चलते जिले में खाद्य सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों को गति मिली है। संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना देने की अपील डॉ. अमित कुमार ने आमजन से भी अपील की कि दीपावली के दौरान मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उनकी गुणवत्ता एवं स्वच्छता का ध्यान रखें। यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता संदिग्ध लगे तो इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
हमीरपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चिकासी थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई इस घटना में पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खारवार ने शुक्रवार, 6 नवंबर को फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पर कुल 22 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। दीवार फांदकर घर में घुसा था आरोपी सरकारी वकील रुद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, चिकासी थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने 20 अक्टूबर 2021 को पुलिस को घटना की सूचना दी थी। उन्होंने बताया था कि रात करीब 11 बजे उनकी नाबालिग बेटी कमरे में सो रही थी। आरोप था कि गांव का रहने वाला विपिन यादव घर की दीवार फांदकर अंदर घुसा और कमरे में सो रही बच्ची का मुंह कपड़े से दबाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची की चीख सुनकर परिजन जाग गए। पिता ने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़कर थाने ले गई। दो धाराओं में उम्रकैद, तीसरी में तीन साल की सजा पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान पीड़िता और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 6 नवंबर 2026 को विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खारवार की अदालत ने विपिन यादव को पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और SC-ST एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों धाराओं में 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 456 के तहत तीन साल की जेल और दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
संभल में दीपावली पर हिंदू-मुस्लिम एकता, आपसी सौहार्द और स्वदेशी भावना को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार शाम 5 बजे समाजवादी पार्टी के जिला सचिव सईद अख्तर इजरायली के नेतृत्व में मिट्टी के दीयों का वितरण किया गया। इस दौरान लोगों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने और चाइनीज सामान का बहिष्कार करने की अपील की गई। कार्यक्रम के जरिए दीपावली के उजाले के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया। गंगा-जमुनी तहजीब को बताया भारतीय संस्कृति की पहचान सईद अख्तर इजरायली ने कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द में है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं। एक-दूसरे के पर्वों का सम्मान करना और प्रेम-भाईचारे के साथ रहना ही भारतीय संस्कृति की पहचान है। त्योहार खुशियां मनाने के साथ समाज में एकता और सद्भाव मजबूत करने का भी अवसर होते हैं। मिट्टी के दीये खरीदने से कुम्हारों को मिलेगा रोजगार उन्होंने कहा कि मिट्टी के दीये हमारी संस्कृति और परंपरा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़े हैं। दीपावली पर मिट्टी के दीये खरीदने और जलाने से स्थानीय कुम्हारों और कारीगरों को रोजगार मिलता है। उनके परिश्रम को सम्मान देने के लिए लोगों को स्थानीय स्तर पर बने दीये खरीदने चाहिए। इससे स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील सईद अख्तर इजरायली ने लोगों से चाइनीज सामान का बहिष्कार कर देश में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि देश की संस्कृति और आत्मनिर्भरता के प्रति सम्मान भी है। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक एकता, धार्मिक सद्भाव और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने का संदेश दिया गया।
सहारनपुर के रामपुर मनिहारान ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय अलाउद्दीनपुर में अज्ञात चोरों ने स्कूल को निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर विद्यालय के एक कमरे का ताला तोड़कर अंदर घुसे और छत पर लगे दो पंखे उतारकर ले गए। इसके अलावा कमरे में रखा बाल वाटिका का राशन का कट्टा भी चोरी कर लिया। चोरों ने विद्यालय की रसोई को भी निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन अंदर लगा दूसरा लॉक नहीं तोड़ पाए। इससे रसोई में रखा सामान चोरी होने से बच गया। शुक्रवार दोपहर तीन बजे प्रधानाध्यापक ने पुलिस से शिकायत की। घटना का पता चलने पर विद्यालय में हड़कंप मच गया। स्कूल में चोरी की इस वारदात से शैक्षणिक और अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित होने की बात सामने आई है। विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी गतिविधियों के लिए रखे गए सामान की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। प्रधानाध्यापक के मुताबिक, अज्ञात चोरों ने पहले विद्यालय के कमरे का ताला तोड़ा। इसके बाद अंदर पहुंचकर छत में लगे दोनों पंखे उतार लिए। कमरे में रखा बाल वाटिका के राशन का कट्टा भी अपने साथ ले गए। चोरों ने रसोई घर का ताला तोड़ने का भी प्रयास किया। इस दौरान एक ताला टूट गया, लेकिन अंदर लगा दूसरा लॉक नहीं टूटने के कारण चोर रसोई में प्रवेश नहीं कर सके। घटना के बाद प्राथमिक विद्यालय अलाउद्दीनपुर के प्रधानाध्यापक ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि विद्यालय की संपत्ति की सुरक्षा के लिहाज से घटना की जांच जरूरी है। स्कूल में चोरी होने से शैक्षणिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रधानाध्यापक ने पुलिस से अज्ञात चोरों का पता लगाने, चोरी गए दोनों पंखों और राशन के कट्टे की बरामदगी कराने तथा आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस से मामले की जांच कर चोरी का खुलासा करने की अपेक्षा की गई है।
जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने एक दिन में दो कार्रवाई करते हुए 82.81 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त जब्त किया। स्पेशल सेल और बिलाड़ा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दो अलग-अलग ऑपरेशन में दो कारों को जब्त कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए मादक पदार्थ की तस्करी के लिए वैन्यू और ब्रेजा कार का इस्तेमाल किया जा रहा था। दूसरी कार से छह अलग-अलग नंबरों की फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं। जिला पुलिस अधीक्षक पंकज यादव के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। कॉन्स्टेबल सेठाराम की मुखबिर सूचना पर नाकाबंदी की। पहली कार्रवाई में पुलिस ने काले रंग की वैन्यू कार को रुकवाने का प्रयास किया तो ड्राइवर ने नाकाबंदी देखकर कार वापस घुमाने की कोशिश की। पुलिस टीम ने कार को डिटेन कर तलाशी ली तो उसमें 42.850 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त मिला। कार में सवार राकेश जाट निवासी डांगियावास और लिखमाराम विश्नोई निवासी लूणी को गिरफ्तार किया गया। छह फर्जी नंबर प्लेट बरामद वहीं दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने ब्रेजा कार को रुकवाकर तलाशी ली। कार से 39.96 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त और छह अलग-अलग नंबरों की फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई। इस मामले में हड़मान विश्नोई और महेंद्र विश्नोई निवासी कल्याणपुर जिला बालोतरा को गिरफ्तार किया गया। खरीफ फरोख्त के संबंध में की जा रही पूछताछ दोनों कार्रवाइयों में 82.81 किलोग्राम डोडा पोस्त, दो कारें और छह फर्जी नंबर प्लेट जब्त की गई हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत बिलाड़ा थाने में अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। पुलिस आरोपियों से मादक पदार्थों के सप्लायर से लेकर तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
हनुमानगढ़ जिले के संगरिया में फ्रांस से दूल्हा अपनी बारात लेकर पहुंचा तो पूरा इलाका इस अनोखी शादी का गवाह बन गया। फ्रांस निवासी मैकेनिकल इंजीनियर रोमेन ने संगरिया की बेटी दिव्या ज्योति के साथ भारतीय परंपराओं और रीति-रिवाजों के बीच 7 फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का वादा किया। इस शादी का सबसे खास नजारा तब देखने को मिला, जब फ्रांस से आए विदेशी बाराती भारतीय गानों की धुन पर जमकर थिरके। पारंपरिक भारतीय शादी का रंग, ढोल-नगाड़ों की गूंज और विदेशी मेहमानों का देसी अंदाज समारोह का आकर्षण बन गया। न्यूजीलैंड में हुई थी पहली मुलाकातसंगरिया निवासी सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी की बेटी दिव्या ज्योति ने ग्वालियर से बीटेक की डिग्री हासिल की और इसके बाद अपने करियर की शुरुआत की। दिव्या ने गुरुग्राम और नोएडा में प्रतिष्ठित कंपनियों में काम किया। इसके बाद वह न्यूजीलैंड में नौकरी करने लगीं। न्यूजीलैंड में रहते हुए ही दिव्या की मुलाकात फ्रांस निवासी मैकेनिकल इंजीनियर रोमेन से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य परिचय हुआ, लेकिन धीरे-धीरे यह दोस्ती गहरी होती चली गई। एक-दूसरे को समझने और जानने के साथ दोनों के बीच प्यार का रिश्ता बन गया। आखिरकार दोनों ने जीवनभर साथ रहने का फैसला किया। प्यार को मिला परिवारों का साथ, संगरिया में रची गई शादीदिव्या ज्योति और रोमेन ने जब विवाह करने का निर्णय लिया तो दोनों परिवारों ने भी खुशी-खुशी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। परिवारों की सहमति के बाद विवाह समारोह संगरिया में आयोजित करने का फैसला हुआ। इसके बाद फ्रांस से दूल्हा रोमेन अपने परिजनों और दोस्तों के साथ बारात लेकर संगरिया पहुंच गए। दिव्या ज्योति और रोमेन की यह शादी महज 2 लोगों का विवाह नहीं, बल्कि दो देशों की संस्कृतियों, परंपराओं और परिवारों के मिलन की खूबसूरत मिसाल बन गई।
कुशीनगर में धनतेरस पर शुक्रवार को पडरौना समेत जिले के प्रमुख बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। दोपहर बाद बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी। सुभाष चौक से तिलक चौक तक सड़कें खरीदारों से भरी रहीं। व्यापारियों ने जिले में 80 से 90 करोड़ रुपए तक के कारोबार का अनुमान जताया है। बर्तन और पूजा सामग्री की दुकानों पर भीड़ धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा के चलते दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की आवाजाही रही। दुकानदारों ने पूजा और रोजमर्रा के इस्तेमाल के बर्तनों को सजाकर रखा था। राजेश जायसवाल और पप्पू मद्धेशिया ने बताया कि इस बार भी ग्राहकों ने बर्तनों की खरीदारी की। पूजा सामग्री की दुकानों पर लोगों ने मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियों के साथ खील, लाई, बताशे, माला, वस्त्र और अन्य पूजन सामग्री खरीदी। घरों को सजाने के लिए रंग-बिरंगे सजावटी सामान की भी मांग रही। सोने-चांदी के गहनों की भी हुई खरीदारी आभूषण की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ रही। बड़े ज्वेलरी शोरूम से लेकर स्थानीय स्वर्णकारों की दुकानों तक खरीदारी हुई। स्वर्ण व्यवसायी राजेश जायसवाल, वीरेंद्र जायसवाल और अनुज गुप्ता ने बताया कि पहले धनतेरस पर लोग मुख्य रूप से चांदी के सिक्के खरीदते थे, लेकिन अब सोने-चांदी के गहनों की खरीदारी भी बढ़ी है। वाहनों और मिठाइयों की दुकानों पर भी रौनक वाहन बाजार में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ खेती में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टरों की भी बिक्री हुई। TVS एजेंसी के विक्रम अग्रवाल ने बताया कि मोपेड और स्कूटी के साथ महंगे मॉडल के वाहन भी बिके। हीरो एजेंसी के मालिक अजय गुप्ता ने बताया कि ग्राहक अपनी पसंद के अलग-अलग मॉडल की मोटरसाइकिल खरीद रहे हैं। जिले की एजेंसियों पर अच्छी बिक्री हुई है। अनुमान है कि धनतेरस से दीपावली तक 5 हजार से अधिक दोपहिया वाहन बिक सकते हैं। वहीं, स्थानीय एजेंसियों पर चारपहिया वाहनों की भी अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है। धनतेरस से दीपावली तक मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते हुए कारोबारियों ने भी विशेष तैयारियां की हैं। गणेश स्वीट्स, मिठाई महल, गोपाल स्वीट्स, गोकुल स्वीट्स, अशोक कैंटीन और साई स्वीट्स समेत शहर के अन्य प्रतिष्ठानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।
हरियाणा में 25 हजार कारतूसों के साथ बदायूं के गन हाउस संचालक अफीफुद्दीन उर्फ बाबी की गिरफ्तारी के बाद मामला केंद्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। अब इस पूरे प्रकरण की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी। मामले का बदायूं से सीधा कनेक्शन सामने आने के बाद जांच टीम के यहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। गन हाउस से जुड़े लोगों से हो सकती है पूछताछ NIA की जांच का दायरा बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में टीम बदायूं पहुंच सकती है। यहां गन हाउस से जुड़े लोगों, कारतूसों की खरीद-फरोख्त और कथित तस्करी में शामिल अन्य संपर्कों की पड़ताल की जा सकती है। पकड़े गए पांचों आरोपियों से NIA और आईबी की टीमें पहले ही पूछताछ कर चुकी हैं। केंद्रीय एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में कारतूस किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे और इस कारोबार में किन-किन लोगों की भूमिका थी। सीओ सिटी सुमेघ मिलिंद जाधव ने बताया कि फिलहाल सूचना मिली है कि पूरे मामले की जांच NIA करेगी। एजेंसी के अधिकारियों को जरूरी लगा तो टीम बदायूं भी पहुंचेगी। एसटीएफ ने बाबी के घर पर मारा था छापा 3 नवंबर को हरियाणा एसटीएफ ने झज्जर जिले में रोहद टोल प्लाजा के पास दो गाड़ियों से 25 हजार कारतूस बरामद किए थे। दोनों गाड़ियों में सवार बदायूं निवासी अफीफुद्दीन उर्फ बाबी और उसके चार साथियों को पकड़ा गया था। इसके बाद एसटीएफ ने बाबी के घर पर छापा मारा था। वहां लाइसेंसी राइफल के साथ पौनिया और कारतूस मिले थे। हालांकि, असलहों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया गया था। इस मामले में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया था कि वह अपने गन हाउस के स्टॉक और अभिलेखों का हिसाब दुरुस्त रखकर दूसरे स्थानों से कारतूसों की खरीद-फरोख्त करता था। अब केंद्रीय एजेंसियां कारतूसों की सप्लाई और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल करेंगी।
धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ मानने की परंपरा के चलते मंगलवार को आगरा के बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के ज्वेलरी शोरूम में सुबह से ही ग्राहकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। एमजी रोड स्थित तनिष्क शोरूम पर भी दिनभर खरीदारों की भीड़ रही। यहां इस बार 40 लाख रुपए का एक खास डायमंड सेट ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र रहा। खास बात यह रही कि धनतेरस के दिन यह सेट बिक गया। तनिष्क शोरूम के मालिक अनुराग बंसल ने बताया कि इस बार उनके यहां सबसे महंगा सेट 40 लाख रुपए का था। इस सेट को देखने के लिए ग्राहक काफी उत्साहित थे। उन्होंने बताया कि धनतेरस के दिन ही यह सेट बिक गया। त्योहार के चलते शोरूम में लगातार ग्राहक खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। धनतेरस पर शहर के सराफा बाजार में भी खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। लोग सोने के आभूषणों के साथ चांदी के सिक्कों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों का पहुंचना शुरू हो गया। इसी वजह से लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर वाले सिक्कों के साथ सादे चांदी के सिक्के भी खरीद रहे हैं। वहीं चांदी के गिफ्ट आइट्मस जैसे पूजा का थाल, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा खरीद रहे हैं। इसके अलावा चांदी के बर्तन और अन्य सामान की भी मांग बनी हुई है। सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ मानते हैं लोगधनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के खरीदने को विशेष शुभ माना जाता है। इसके अलावा पीतल, तांबे और चांदी के बर्तन खरीदने की भी परंपरा है। इसी मान्यता के चलते लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोने-चांदी की खरीदारी करते हैं। कई लोग इस दिन निवेश के उद्देश्य से भी सोना और चांदी खरीदते हैं।
शहडोल रेलवे स्टेशन पर मदद का भरोसा देकर दो लोगों ने एक यात्री को शराब पिलाई और बेहोश होने पर उसका iPhone और नकदी लेकर फरार हो गए। चोरी गई संपत्ति की कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई गई है। कोतवाली पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरी संपत्ति बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार, बिलासपुर जिले के बेलगहना थाना क्षेत्र निवासी विकास कोल पिता दिनेश कोल 3 नवंबर 2026 को नागपुर-शहडोल ट्रेन से शहडोल पहुंचे थे। रात में घर जाने का साधन नहीं मिलने पर वे स्टेशन पर रुक गए। इसी दौरान स्टेशन के बाहर मिले दो लोगों ने मदद का भरोसा देकर उन्हें शराब की दुकान से शराब खरीदवाई। इसके बाद आरोपी विकास को रेलवे कॉलोनी के एक सुनसान खंडहर मकान में ले गए और शराब पिलाई। नशे में बेसुध होने पर आरोपियों ने उनकी जेब से iPhone और नकदी निकाल ली। 5 नवंबर को दर्ज हुई थी एफआईआर पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने 5 नवंबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने विकास लोधी उर्फ पोल (28), निवासी रेलवे कॉलोनी, शहडोल; राज जायसवाल (19), निवासी ग्राम कुंदरी, थाना सोहागपुर और सागर बर्मन (25), निवासी किरण टॉकीज के पास, शहडोल को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी गई पूरी संपत्ति बरामद कर ली। तीनों आरोपियों को 6 नवंबर को न्यायालय में पेश किया गया। कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार मिश्रा के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने की।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शुक्रवार को नरसिंहगढ़ में एसडीएम अजय प्रताप सिंह, तहसीलदार अनरिक कनौतिया और नगर पालिका सीएमओ अभिषेक जैन अपनी टीम के साथ खुद झाड़ू लेकर सड़क पर उतर गए। अधिकारियों ने वार्ड-7 में सफाई की और कचरा उठाया। अधिकारियों को सफाई करते देख हड़ताल कर रहे कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया- आप हमारी हड़ताल क्यों तुड़वा रहे हैं? बातचीत के दौरान सफाईकर्मचारी जिला अध्यक्ष वीरू कछवाय ने हाथ जोड़कर कहा- 'यह नगर हमारा शरीर है। आप जहां गेती-पावड़ा चलाओगे, चोट हमें ही लगेगी। कहो तो आपके पैर भी छू लूं, लेकिन हमारी हड़ताल मत तुड़वाइए।' वे अधिकारियों के पैर छूने के लिए आगे बढ़े तो अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान एसडीएम ने कहा कि दीपावली का त्योहार साल में एक बार आता है। इस पर कर्मचारियों ने जवाब दिया- 'सर, हमारी तो जिंदगी ही त्योहार करते और करवाते निकल गई।' तहसीलदार बोलीं- हम आपकी हड़ताल नहीं तुड़वा रहे कर्मचारियों के सवाल पर तहसीलदार ने कहा कि वे हड़ताल नहीं तुड़वा रहे हैं, बल्कि शासन-प्रशासन के आदेश का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कर्मचारियों को सफाई करने के लिए नहीं कहा है। इस पर कर्मचारियों ने कहा कि प्रशासन उनकी ताकत खत्म कर रहा है। जिला अध्यक्ष ने कहा- 'कचरा सड़क पर रहेगा तो हड़ताल है, कचरा साफ हो गया तो हड़ताल भी साफ हो गई।' एसडीएम ने कहा कि हड़ताल को तीन दिन हो चुके हैं। प्रशासन ने भी अब तक सहयोग किया और कुछ नहीं कहा। अब त्योहार शुरू हो गए हैं। कर्मचारियों की मांगों पर शासन स्तर से जो फैसला होगा, वह मान्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे कर्मचारियों को काम पर जाने के लिए नहीं कह रहे हैं। सफाईकर्मी बोले- आधी रात कोराना काल में शव उठवाए बातचीत के दौरान जिला अध्यक्ष वीरू कछवाय ने कोरोना काल में सफाई कर्मचारियों की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब लोग अपने परिवार के सदस्यों के शवों को हाथ लगाने से डर रहे थे, तब वाल्मीकि समाज के कर्मचारी प्रशासन के साथ खड़े थे। आधी रात को तालाबों और शवों के बीच भी काम किया। बकरियों और अन्य जानवरों के बीच भी प्रशासन का साथ दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को 6 से 7 हजार रुपए वेतन मिलता है। इतने कम पैसों में परिवार चलाना मुश्किल है। उनकी मांग है कि वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए और कर्मचारियों को स्थायी किया जाए। कर्मचारियों ने अनुकंपा नियुक्ति बंद होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि किसी कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार को नौकरी नहीं मिलती। वहीं, ईपीएफ और जीपीएफ के नाम पर वेतन से पैसे कटने के बावजूद खातों में राशि नहीं पहुंचने की शिकायत भी की। ठेका प्रथा पर बोले- हमारे हाथ काट दिए, अब सिर्फ गर्दन बची है वह भी काट दो वीरू कछवाय ने ठेका प्रथा पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बड़े नेताओं से जुड़े लोगों को ठेके दिए जा रहे हैं। ठेका प्रथा में 12 से 15 हजार रुपए वाले काम के लिए कर्मचारियों को 7 से 8 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा- 'हमारे समाज के हाथ काट दिए गए हैं, अब सिर्फ गर्दन बची है। शासन चाहे तो वह भी काट दे।' कर्मचारी बोले- मांगें नहीं मानीं तो आत्मदाह कर लेंगे बातचीत के दौरान एक कर्मचारी ने अधिकारियों से कहा कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे बच्चों के भविष्य के लिए आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने आग लगाकर मरने की चेतावनी दी। एक अन्य कर्मचारी ने हाथ जोड़कर कहा कि उन्हें परिवार सहित थाने में बंद करवा दिया जाए। यहां भी मर रहे हैं, वहां भी मर जाएंगे। इसी दौरान एक हड़ताली कर्मचारी ने अधिकारियों के साथ सफाई करने पहुंचे नगरपालिका कर्मचारियों पर नाराजगी जताई। उसने कहा कि नगरपालिका के कर्मचारी होकर हड़ताल के बीच सफाई करने में शर्म आनी चाहिए। इस पर तहसीलदार ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बात करने का लहजा ठीक रखें। एसडीएम और प्रशासनिक अधिकारी यहां मौजूद हैं। आप हमारे कर्मचारियों से इस तरह बात नहीं कर सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसडीएम के आदेश पर ही कर्मचारी सफाई के लिए आए हैं।
कटनी में दीपावली पर मिट्टी के दीये बेचने वाले कुम्हारों और ग्रामीण कारीगरों से कोई कर नहीं वसूला जाएगा। कलेक्टर आशीष तिवारी ने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायतों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। बाजार में दीये बेचने आने वाले कारीगरों को मिलेगी सुविधा कलेक्टर ने कहा कि बाजारों में दीये बेचने आने वाले कारीगरों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। वे आसानी से अपने उत्पाद बेच सकें, इसके लिए स्थानीय निकाय जरूरी व्यवस्था करें। उन्होंने आम लोगों को भी पारंपरिक मिट्टी के दीये इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। इससे स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। कारीगरों की आजीविका से जुड़ी है पारंपरिक कला कलेक्टर तिवारी ने कहा कि मिट्टी के दीये हमारी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक लोककला के प्रतीक हैं। इन्हें बनाने और बेचने से कुम्हारों और ग्रामीण कारीगरों की आजीविका जुड़ी है। स्थानीय उत्पाद अपनाने से पारंपरिक कला-संस्कृति को बचाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त, सभी एसडीएम, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और बरही, विजयराघवगढ़ व कैमोर के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशों का पालन कराने को कहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने श्री रामानंद ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई करते हुए 1977 की डिक्री के निष्पादन से जुड़े मामले में अगली सुनवाई तक कार्यवाही पर रोक लगा दी। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने यह आदेश दिया। दलील दी गई कि सीताराम प्रथम विपक्षी ने 1965 में रामानंद दास के खिलाफ वाद दायर किया था, जो 1972 में खारिज हो गया। प्रथम अपील में 25 मई 1977 को वाद डिक्री हुआ। इसके बाद द्वितीय अपील हाईकोर्ट में आई । क्या है मामला जानिये अपील लंबित रहने के दौरान सीताराम ने 1993 में वाद दायर किया, जिसमें दोनों पक्षों ने समझौता किया और 24 अप्रैल 1996 को वाद समझौते के आधार पर डिक्री हुआ। रामानंद दास ने समझौते में अपने हिस्से की संपत्ति पर ट्रस्ट बनाया और 1999 में उनका निधन हो गया। द्वितीय अपील 9 नवंबर 2009 को समाप्त मानकर खारिज हुई। प्रतिस्थापन प्रार्थना पत्र 19 अक्टूबर 2023 को और उसके खिलाफ निगरानी 9 अगस्त 2024 को खारिज हुई। कहा कि 1996 की डिक्री पर अमल हो चुका है, इसलिए 1977 की डिक्री का निष्पादन चलने योग्य नहीं है। धारा 47 सीपीसी की आपत्ति गलत तरीके से खारिज की गई। डिक्री कायम होने की दलील दी विपक्षी अधिवक्ता ने कहा कि द्वितीय अपील समाप्त होकर खारिज हो चुकी है, इसलिए 1977 की डिक्री कायम है और डिक्रीधारक संपत्ति पाने का हकदार है। उन्होंने 1996 की समझौता डिक्री को मिलीभगत वाला बताया। कोर्ट ने विपक्षियों को तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया । अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026को होगी। तब तक निष्पादन वाद की कार्यवाही स्थगित रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जयपुर सीएमएचओ सेकंड डॉ. मनीष मित्तल को एपीओ कर दिया। एपीओ के दौरान सीएमचओ को अपनी उपस्थिति स्वास्थ्य निदेशालय में देनी होंगी। पिछले दिनों केसर स्वीट्स पर कार्रवाई में देरी करने के मामले पर स्वास्थ्य विभाग ने ये एक्शन लिया है। दरअसल दुर्गापुरा स्थित केसर स्वीट्स से सीएमएचओ टीम ने दुर्गापुरा से जेएलएन मार्ग जाने वाले एसएल मार्ग स्थित केसर स्वीट्स पर 24 अगस्त को छापा मारा था। इस दौरान काजू कतली सहित कई मिठाइयों के सैंपल लेकर जांच करवाई थी, जिसमें काजू कतली का सैंपल अनसेफ मिला था। इसके बावजूद भी सीएमएचओ ने इस प्रकरण को करीब डेढ़ माह तक दबाए रखा और केसर स्वीट्स पर कोई एक्शन नहीं लिया। स्वास्थ्य मंत्री तक शिकायत गई तो दुकान सीज की मामला मीडिया में आने के बाद 26 अक्टूबर को दुकान का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद भी दुकान से मिठाइयां बेची जा रही थी। दुकान का फूड लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद मिठाई बेचने की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री के स्तर पर हुई तो फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट हरकत में आया और सीएमएचओ जयपुर को मामले पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल ने टीम को भेजकर केसर स्वीट्स की दुकान पर ताला लगाकर उसे सीज करवाया। इस पूरे प्रकरण में डॉ मनीष मित्तल की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए सरकार ने उन पर एक्शन लेकर उन्हें सीएमएचओ पद से हटाकर एपीओ कर दिया। यह खबर भी पढ़ें… जयपुर में केसर स्वीट्स की दुकान सीज:लाइसेंस सस्पेंड के बाद भी बेच रहे थे मिठाइयां; डेढ़ महीने पहले काजू कतली का सैंपल मिला था अनसेफ जयपुर में केसर स्वीट्स की दुकान को सीएमएचओ टीम ने शुक्रवार को सीज कर दिया। सीएमएचओ टीम ने दुर्गापुरा से जेएलएन मार्ग जाने वाले एसएल मार्ग स्थित केसर स्वीट्स पर 24 अगस्त को छापा मारा था। इस दौरान काजू कतली सहित कई मिठाइयों के सैंपल लेकर जांच करवाई थी, जिसमें काजू कतली का सैंपल अनसेफ मिला था। पढ़ें पूरी खबर
धनतेरस पर बाजारों में बरसी लक्ष्मी:500 किलो चांदी और 30 किलो सोने के आभूषण बिके
झुंझुनूं में धनतेरस पर शुक्रवार को बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। सोने-चांदी के आभूषणों से लेकर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तनों तक हर बाजार में रौनक रही। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक जिले में 30 किलो से अधिक सोने, 500 किलो से ज्यादा चांदी की बिक्री हुई, जबकि 3500 से अधिक दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़कों पर उतरे। चांदी के भाव 2 लाख रुपए प्रति किलो के करीब होने के बावजूद खरीदारी पर महंगाई का असर नजर नहीं आया। चांदी के भाव करीब 2 लाख रुपए प्रति किलो होने के बावजूद लोगों ने परंपरा के अनुसार चांदी के सिक्के, आभूषण और बर्तन खरीदे। कई ग्राहकों ने धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर नए वाहन की डिलीवरी लेने के लिए पहले से बुकिंग करवाई थी। बाजारों में घरेलू उपयोग की वस्तुओं, पूजा सामग्री और सजावटी सामान की दुकानों पर भी अच्छी भीड़ रही। 160 बड़े शोरूम और 400 छोटी दुकानों पर सजे आभूषणों के कलेक्शन जिले में ज्वेलरी का बड़ा बाजार है। कारोबारियों के अनुसार यहां 160 से अधिक बड़े ज्वैलरी शोरूम और करीब 400 छोटी दुकानें हैं। धनतेरस के लिए दुकानों में सोने-चांदी के नए डिजाइन और आकर्षक कलेक्शन सजाए गए थे। इस बार सोने के आभूषणों के साथ चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं, चांदी के बर्तन और उपहार सामग्री की मांग रही। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार जिले में 30 किलो से अधिक सोने और 500 किलो से ज्यादा चांदी के आभूषणों, सिक्कों और बर्तनों की बिक्री का अनुमान है। हल्के वजन के आभूषण और छोटे उपहार आइटम भी ग्राहकों को पसंद आए। टीवी, फ्रिज, मोबाइल और वॉशिंग मशीन पर भी ऑफर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी धनतेरस पर खरीदारी का माहौल रहा। टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मोबाइल, एसी और अन्य घरेलू उपकरणों की खरीदारी के लिए शोरूम संचालकों ने विशेष तैयारियां की थीं। मोबाइल और होम अप्लायंस की दुकानों पर नए मॉडल और आधुनिक फीचर्स वाले उत्पाद उपलब्ध रहे। वहीं, बर्तन बाजार में स्टील, पीतल, तांबे और अन्य धातुओं के बर्तनों की भी जमकर खरीदारी हुई। धनतेरस से दीपावली तक तीन दिन बाजार में रहेगी रौनक धनतेरस के साथ शुरू हुआ दीपोत्सव अगले तीन दिनों तक बाजारों में खरीदारी की रफ्तार बनाए रखेगा। धनतेरस पर सोने-चांदी, बर्तन और वाहन खरीदने के बाद दीपावली तक कपड़े, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, सजावटी सामान और पूजा सामग्री की खरीदारी का दौर जारी रहेगा।
जौनपुर में 8 महिलाओं समेत 14 लोग गिरफ्तार:पुलिस ने चोरी की 4 बाइक, सोने की चेन और 4 मोबाइल बरामद किए
जौनपुर में पुलिस ने चोरी के आरोप में आठ महिलाओं समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी की चार बाइक, सोने की एक चेन, चार मोबाइल फोन और 8,180 रुपए नकद बरामद किए। शुक्रवार शाम 5 बजे पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक नगर अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत कोतवाली, मछलीशहर और मुंगराबादशाहपुर पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की। कोतवाली पुलिस ने पांच पुरुषों और तीन महिलाओं समेत गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 3,480 रुपए, पीली धातु की एक चेन, चोरी की दो बाइक और चार मोबाइल फोन मिले। पुलिस के मुताबिक, चेन कोतवाली में दर्ज चोरी के मामले से जुड़ी है। एक बाइक गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र में दर्ज चोरी के मामले की है। पूछताछ में गिरफ्तार लोगों ने बताया कि वे बिहार के रहने वाले हैं और अलग-अलग जिलों में घूमकर काम करते हैं। वे मेलों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मौका देखकर बाइक चुराते थे। गिरोह की महिलाएं बाजारों और कस्बों में महिलाओं के गले से मंगलसूत्र और चेन काटकर चोरी करती थीं। चोरी का सामान बेचकर मिली रकम से वे अपना खर्च चलाते थे। पुलिस ने बताया कि सभी गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें कोर्ट भेजा जा रहा है।
सहारनपुर में पुलिस ने 15 वाहनों के चालान काटे:बिना जरूरी कागजात और नियम तोड़ने पर 7 बाइक सीज
सहारनपुर में यातायात नियमों की अनदेखी कर सड़कों पर वाहन दौड़ाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। यातायात माह के तहत शुक्रवार दोपहर एक बजे चिलकाना थाना पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाकर 15 वाहनों के चालान काटे, जबकि जरूरी वाहन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने और नियमों के उल्लंघन पर 7 बाइक को सीज कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चालकों में खलबली मची रही। पुलिस ने चिलकाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की जांच की। इस दौरान खासतौर पर बिना नंबर प्लेट, प्रेशर हॉर्न लगाकर चलने वाले और यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों पर नजर रखी गई। चेकिंग के दौरान जिन वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ मौके पर ही चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने सात बाइक को धारा 207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया। सीज किए गए वाहनों में डिस्कवर, हीरो होंडा, स्प्लेंडर, हीरो, प्लेटिना और बुलेट मोटरसाइकिल शामिल हैं। इनमें कुछ वाहन ऐसे भी थे, जिनके जरूरी कागजात मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। यातायात माह के दौरान पुलिस का फोकस सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित कराने और वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने पर है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बिना नंबर प्लेट वाहन चलाना, गलत तरीके से प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करना और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना यातायात नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान एसएसपी सहारनपुर के निर्देशन में चलाया जा रहा है। चिलकाना थाना प्रभारी अक्षय शर्मा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजकुमार चौहान, उपनिरीक्षक रवि कुमार, विकास तोमर और पुलिसकर्मी मोहित शर्मा व दीपक कुमार शामिल रहे। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क पर निकलने से पहले अपने वाहन के सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखें और यातायात नियमों का पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
गुरुग्राम जिले में अवैध पटाखों की बिक्री पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने पिछले दो दिनों में 41 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं। टीमों ने कई क्विंटल पटाखे जब्त किए। वर्क फ्रॉम होम के नियम तोड़ने वाले संस्थानों को भी नोटिस दिए गए हैं। डीसी उत्तम सिंह के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम ने अपने-अपने इलाकों में अभियान चलाया। कार्रवाई उन लोगों पर हुई, जो ग्रीन पटाखों की तय श्रेणी से बाहर के पटाखे बेच रहे थे या तय बिक्री स्थलों के अलावा दूसरी जगहों पर पटाखे बेच रहे थे। शुक्रवार को गुरुग्राम शहर के पटौदी रोड पर एसडीएम हितेंद्र कुमार ने की पटाखा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस दज्ञैरान प्रतिबंधित श्रेणी के 1.2 क्विंटल पटाखे जब्त कर पानी में भीगो कर नष्ट कराया गया। नियम विरूद्ध पटाखों की ब्रिकी प्रशासन ने बादशाहपुर, गुरुग्राम शहर के पटौदी रोड इलाके, मानेसर, फर्रुखनगर और सोहना समेत कई जगहों पर छापे मारे। इस दौरान नियमों के खिलाफ पटाखे बेचने और जमा करने वालों पर कार्रवाई की गई। डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि प्रतिबंधित श्रेणी के पटाखों की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। उन्होंने एसडीएम को अपने इलाकों में लगातार निगरानी रखने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएक्यूएम के निर्देशों का पालन जरूरी : डीसी डीसी ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों का पालन कराने के लिए भी निगरानी की जा रही है। 20 नवंबर तक लागू वर्क फ्रॉम होम के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों और संबंधित इकाइयों को नोटिस दिए गए हैं। एडीसी सोनू भट्ट ने लोगों से अपील की कि अवैध पटाखों की बिक्री या भंडारण दिखने पर डायल 112 या जिला कंट्रोल रूम के नंबर 92897 90948 पर सूचना दें। शिकायत के साथ सही पता और संभव हो तो फोटो या वीडियो भी भेजें, ताकि कार्रवाई की जा सके।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) ने सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा का तरीख घोषित कर दी है। लिखित परीक्षा 19 और 20 नवंबर को प्रदेश के छह मंडल मुख्यालयों में आयोजित होगी। अभ्यर्थी 15 नवंबर से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। परीक्षा का कार्यक्रमपरीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 09:30 से 11:30 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 02:30 से 04:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा आगरा, मेरठ, गोरखपुर, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी मंडल मुख्यालयों को केंद्र बनाकर कराई जाएगी। परीक्षा जनपद की जानकारीआयोग ने अभ्यर्थियों को परीक्षा जनपद की जानकारी 08 नवंबर से उपलब्ध कराने की बात कही है। इसके लिए अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाकर आवश्यक विवरण दर्ज कर अपने परीक्षा जनपद की जानकारी देख सकेंगे। प्रवेश पत्र 15 नवंबर 2026 से वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। यह भर्ती विज्ञापन संख्या 04/2026 के तहत प्रदेश के अशासकीय अनुदानित सह-शिक्षा एवं महिला महाविद्यालयों में सहायक आचार्य के 1,936 पदों के लिए कराई जा रही है। चयन प्रक्रिया में 360 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 40 अंकों का साक्षात्कार शामिल है। अयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थी परीक्षा से जुड़ी ताजा अपडेट, विषयवार कार्यक्रम और प्रवेश पत्र संबंधी सूचना के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित नजर बनाए रखें।
डीग में 4 दुकानों पर कार्रवाई:पनीर, मावा, बर्फी, कलाकंद, लड्डू के लिए सैम्पल; जांच के लिए भेजे नमूने
डीग में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को 3 मिठाई दुकानों और 1 खाद्य प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत टीम ने खाद्य पदार्थों के 5 नमूने लिए। लक्ष्मण मंदिर स्थित सोनी मिष्ठान भंडार से पनीर और मावा के नमूने लिए गए। राधिका मिष्ठान भंडार से मावा बर्फी और कपूर मिष्ठान भंडार से मावा कलाकंद व बूंदी के लड्डू का नमूना लिया गया। सभी नमूने जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, भरतपुर भेजे गए हैं। टीम ने दुकानदारों को मिठाइयों में प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए। साथ ही, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता बनाए रखने के लिए जरूरी सावधानियां बरतने को कहा।कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह, चंद्रभान रंजना, अमित कुमार चतुर्वेदी और वाहन चालक मनीष मौजूद रहे।
पंडोखर में चार हथियारबंद आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने 3 हथियार, 6 जिंदा कारतूस और 2 बाइक जब्त की
दतिया के पंडोखर थाना पुलिस ने ग्राम बरका में हथियारों के साथ मौजूद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 3 अवैध हथियार, 6 जिंदा कारतूस और 2 मोटरसाइकिल जब्त की हैं। आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने शुक्रवार शाम को मामले का खुलासा किया। थाना प्रभारी आजाद खान ने बताया कि गुरुवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बरका गांव में कुछ संदिग्ध लोग हथियार लेकर मौजूद हैं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान तीन आरोपियों के पास से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस मिले। वहीं, एक आरोपी के पास से 12 बोर के 3 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से दो मोटरसाइकिल भी जब्त की हैं। गिरफ्तार आरोपियों में दो बरका गांव के निवासी पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में सुनील बघेल (26), निवासी डेलुआ थाना इंदरगढ़, संदीप कड़ेरे (21), निवासी बरका, वृंदावन (31), निवासी ईटारोड़ा थाना इंदरगढ़ और प्रेमनारायण कड़ेरे (45), निवासी बरका शामिल हैं।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय प्रबंधन ने वाहन चलाने वाले ड्राइवर से पेड़ों की कटाई का काम करवा दिया। ड्राइवर को न तो ग्राइंडर मशीन चलाने का अनुभव था और न ही उसने पहले कभी इस मशीन से काम किया था। पहली बार मशीन पकड़कर पेड़ की डाल काटने लगा तो ग्राइंडर अचानक झटके से पलट गई और उसके पैर में जा घुसी। हादसे में उसका बायां पैर बुरी तरह कट गया। पैर की कई नसें कट गईं और हड्डी भी आधी टूट गई। घायल कर्मचारी खिलेश टंडन का शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी में ऑपरेशन किया गया है। डॉक्टरों ने पूरी तरह ठीक होने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। उसे ठीक होने में दो से तीन महीने तक लग सकते हैं। घायल कर्मचारी की पत्नी ने मोहन नगर थाने में इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ शिकायत की है और कार्रवाई करने की मांग की है। घटना 5 नवंबर की सुबह करीब 11 बजे की है। खिलेश विश्वविद्यालय में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में ड्राइवर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उस दिन विश्वविद्यालय परिसर में पेड़ की डाल काटने का काम कराया जा रहा था। इसके लिए सोनटके सर और शैलेंद्र मिश्रा ने सभी कर्मचारियों को मौखिक रूप से पेड़ और डंगाली काटने का आदेश दिया था। एक डाल खंभे में फंसी हुई थी, जिसे वाहन की मदद से नीचे उतारा गया। इसके बाद डाल को छोटे टुकड़ों में काटने के लिए ग्राइंडर मशीन, आरी और कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा था। खिलेश के मुताबिक उन्होंने पहली डाल ग्राइंडर से काटी। दूसरी डाल काटने के दौरान मशीन अचानक झटके से पलट गई। मशीन उनकी पैंट में फंसते हुए पैर के पीछे जा घुसी। इससे पैर की कई नसें कट गईं और हड्डी भी आधी कट गई। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन किया गया। डॉक्टर बोले- ठीक होने में लग सकते हैं 2 से 3 महीनेखिलेश ने बताया कि ऑपरेशन के बाद भी पैर में दर्द है। डॉक्टरों ने कहा है कि पैर पूरी तरह ठीक हो भी सकता है और नहीं भी। संक्रमण होने का खतरा भी बताया गया है। अस्पताल में उन्हें बताया गया है कि रिकवरी में दो से तीन महीने लग सकते हैं। इस हादसे के बाद उनके सामने भविष्य में चलने-फिरने और दोबारा वाहन चलाने को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है। परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे, वही अकेले कमाने वाले खिलेश ने बताया कि उनके माता-पिता और बड़े भाई का निधन हो चुका है। परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर है। पत्नी ने मोहन नगर थाने में शिकायत देकर विश्वविद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पति का काम ड्राइविंग करना है, पेड़ काटना या ग्राइंडर चलाना नहीं। इसके बावजूद उनसे यह जोखिम भरा काम कराया गया। न तो मशीन चलाने का प्रशिक्षण दिया गया और न ही जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए। पत्नी ने पुलिस से एफआईआर दर्ज कर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने, घटना के समय मौजूद कर्मचारियों के बयान लेने और सीसीटीवी फुटेज व ड्यूटी आदेश सुरक्षित रखने की मांग की है। कुलपति ने फोन नहीं उठायामामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए कुलपति प्रो. संजय तिवारी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। पीड़ित का कहना है कि विश्वविद्यालय की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिली है।
शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र में एक बीमार किसान के डाकघर खाते से साइबर ठगों ने 24 हजार रुपए निकाल लिए। किसान को इस साइबर फ्रॉड की भनक तब लगी, जब उनका बेटा पिता के इलाज के लिए पैसे निकालने पहुंचा। खाते में केवल किसान सम्मान निधि के 2 हजार रुपए बचे थे। किसान के बेने ने अब एसपी दफ्तर की साइबर शाखा में शिकायती आवेदन देकर राशि वापस दिलाने और आरोपी पर केस दर्ज करने की मांग की है। सुभाषपुरा गांव के रहने वाले लाखन सिंह पिता जीवनलाल की काफी समय से तबीयत खराब चल रही है। 6 नवंबर को उनके बेटे सन्नी परिहार ने पिता के इलाज के लिए ‘गूगल पे’ के जरिए डाकघर खाते से पैसे निकालने की कोशिश की। बैलेंस चेक करने पर पता चला कि खाते में कुल 2 हजार रुपए ही बचे हैं, जो कि 30 अक्टूबर को किसान सम्मान निधि की किस्त के रूप में आए थे। न ओटीपी आया न कोई लिंक जब पीड़ित परिवार ने डाकघर पहुंचकर खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तो पता चला कि बीते 16 अक्टूबर को खाते से 24 हजार रुपए उड़ा दिए गए थे। लाखन सिंह का आरोप है कि किसी हैकर ने उनका मोबाइल हैक करके यह धोखाधड़ी की है। हैरानी की बात यह है कि पैसे कटने के दौरान मोबाइल पर न तो कोई ओटीपी आया और न ही उन्होंने किसी लिंक या बारकोड पर क्लिक किया था। मुख्य डाकघर से नहीं मिली मदद जालसाजी का पता चलते ही लाखन सिंह 6 नवंबर को मुख्य डाकघर शिवपुरी पहुंचे और अफसरों को आपबीती बताई, लेकिन वहां से उन्हें कोई मदद नहीं मिली और साइबर सेल जाने की सलाह देकर टाल दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। अब पीड़ित किसान ने पुलिस अधीक्षक की साइबर शाखा को आवेदन दिया है।
सवाई माधोपुर जिले में तीसरे फेज में चार पंचायत समितियों की 145 ग्राम पंचायतों में काउंटिंग के बाद देर रात परिणाम घोषित किए गए। इसके बाद शुक्रवार को उप सरपंच पद का चुनाव हुआ। पढ़िए- कौन कहां से बना उप सरपंच खंडार पंचायत समिति में उपसरपंच मलारना डूंगर पंचायत समिति में उप सरपंच बौंली पंचायत समिति में उप सरपंच बामनवास पंचायत समिति में उप सरपंच
कटनी में रेलवे के एक अधिकारी को 45 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) जबलपुर की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अजयवीर सिंह न्यू कटनी जंक्शन में वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (इलेक्ट्रिक-एम) के पद पर पदस्थ है। सीबीआई ने उसे 5 नवंबर की रात रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। शुक्रवार, 6 नवंबर को आरोपी को सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक, कटनी के श्याम मुखर्जी वार्ड निवासी शशांक कुशवाहा ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत की थी। शशांक ने बताया कि वह रेलवे में ठेकेदार हैं और उनके कई कर्मचारी स्टेशन पर काम करते हैं। कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद आरोपी अजयवीर सिंह ने प्रति कर्मचारी 1,500 रुपए के हिसाब से रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत उन्होंने सीबीआई से की। 4 नवंबर को सीबीआई के उपनिरीक्षक आयुष कुमार ने स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में शिकायत का सत्यापन किया। इस दौरान अधिकारी द्वारा 45 हजार रुपए की रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद 5 नवंबर की रात सीबीआई एसीबी जबलपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। 500 रुपए के 90 नोट लेकर पहुंची सीबीआई टीम ट्रैप कार्रवाई से पहले कटनी पुलिस लाइन में स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पूरी तैयारी की गई। शिकायतकर्ता के पिता तेजराम कुशवाहा ने 500 रुपए के 90 नोट यानी कुल 45 हजार रुपए टीम को उपलब्ध कराए। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सीबीआई के मुताबिक, आरोपी अधिकारी ने तेजराम कुशवाहा से 45 हजार रुपए की मांग की और रकम स्वीकार कर ली। तय संकेत मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया और रिश्वत की रकम बरामद कर ली। गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी करने और आवश्यक आधार बताने के बाद आरोपी का सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उसे जबलपुर की सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 12 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
डिंडौरी में शुक्रवार को कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मंडला रोड बायपास स्थित जीवन आश्रम वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ धनतेरस मनाई। उन्होंने बुजुर्गों को उपहार दिए और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। बुजुर्गों से पूछा हालचाल, स्वास्थ्य की जानकारी ली दिव्य ज्योति सोशल डेवलपमेंट सेंटर द्वारा संचालित आश्रम में कलेक्टर ने बुजुर्गों से मुलाकात की। उन्होंने एक-एक कर सभी का हालचाल पूछा और उनके स्वास्थ्य व रोजमर्रा के जीवन के बारे में जानकारी ली। बुजुर्गों के साथ बैठकर गाए भजन कलेक्टर बुजुर्गों के साथ बैठीं और उनके साथ भजन गाए। इस दौरान आश्रम के संचालक, स्टाफ और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि त्योहारों की खुशी अपनों के साथ समय बिताने और जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां बांटने में है। वरिष्ठजनों का सम्मान और देखभाल करना सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। बुजुर्गों को अपनापन, सम्मान और स्नेह देना हमारी संस्कृति का हिस्सा है।
चूरू में महिला अधिकारिता विभाग ने शुक्रवार को जिला कार्यालय में बाल विवाह मुक्त अभियान पर कार्यशाला आयोजित की। इसमें 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत जागरूकता गतिविधियों पर चर्चा हुई। महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक राजेन्द्र शेखावत ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य में बाधा है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त समाज बनाने के लिए प्रशासन, विभागों, मीडिया और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा। जागरूकता फैलाने में सहयोग करने की अपील शेखावत ने अभियान का संदेश लोगों तक पहुंचाने और जागरूकता फैलाने में सहयोग करने की अपील की। जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के 100 दिवसीय मॉड्यूल के तहत जागरूकता गतिविधियां और कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इनके जरिए लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और रोकथाम में नागरिकों की भूमिका की जानकारी दी जा रही है। कार्यशाला में लेखाधिकारी श्रीरामसिंह, प्रशासनिक अधिकारी अनिल सिहाग, सुपरवाइजर प्रीति, सखी प्रबंधक नीरज कविया, पूनम, हेमंतसिंह, धर्मेन्द्र धायल, भूपेन्द्र सिंह, मंजू, सुमन, शारदा और अंजना गुप्ता मौजूद रहे।
हरदा में शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बाजार आई एक महिला के झोले से पर्स निकाल लिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक घंटे के भीतर महाराष्ट्र के आकोला से आई पांच महिलाओं को पकड़ा। शिवम वाटिका कॉलोनी में रहने वाली सुरेखा गौर अपनी बेटी के साथ ऑटो से बाजार पहुंची थीं। ऑटो से उतरते ही चार महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और उनमें से एक ने झोले से पर्स निकाल लिया। पर्स में 10 हजार रुपए रखे थे, करीब दो मिनट बाद एक महिला लौटी और खाली पर्स के साथ मोबाइल झोले में रखकर चली गई। बाजार की एक कपड़े की दुकान के सीसीटीवी कैमरे में घटना रिकॉर्ड हुईं। सुरेखा ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने बाजार में तलाशी शुरू की। आरक्षक वीरेंद्र राजपूत और सचिन चौधरी ने बड़े मंदिर के पास फुटेज में दिख रही महिलाओं के हुलिए से मिलती पांच महिलाओं को पकड़ा। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने पीड़ित महिला के रुपए वापस लौटाए, उसने रिपोर्ट लिखाने से इनकार कर दिया। टीआई आरएस तिवारी ने लोगों से बाजार में खरीदारी के दौरान सतर्क रहने और संदिग्ध लोगों की जानकारी पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भीड़ वाले इलाकों में चोरी की नीयत से आए लोग वारदात कर सकते हैं।
रामगढ़ जिले की चट्टूपालू घाटी में एक अज्ञात कंटेनर ने पांच गाड़ियों को टक्कर मार दी। हादसे में कई लोग घायल हुए और गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। टक्कर से क्षतिग्रस्त गाड़ियों में ऑल्टो कार, अर्टिगा, नेक्सन और एक टेंपो शामिल हैं। इन पांच गाड़ियों में से एक का ब्योरा नहीं दिया गया है। टेंपो में सवार चार लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। मिथिलेश कुमार (60) और उनकी पत्नी रानी देवी (55) को रामगढ़ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों रांची से बिहार शरीफ जा रहे थे। रानी देवी के सिर में चोट लगी है। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। जानकारी के मुताबिक, कंटेनर का ब्रेक फेल होने के बाद उसने गाड़ियों को टक्कर मारी। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी में भारी गाड़ियों के न्यूट्रल में चलने से ऐसे हादसे होते हैं। उनका आरोप है कि चालक तेल बचाने के लिए ऐसा करते हैं।
बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने और आमजन की सेहत की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हिसार जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधीश महेंद्र पाल ने जिले में सभी प्रकार के पारंपरिक पटाखों और लड़ियों के निर्माण, भंडारण, बिक्री व इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, तय शर्तों के साथ केवल 'ग्रीन पटाखे' जलाने की अनुमति दी गई है। दिवाली और गुरुपर्व पर रात 8:00 बजे से 10:00 बजे तक केवल 2 घंटे पटाखे जलाने की अनुमति होगी। वहीं क्रिसमस और नववर्ष की पूर्व संध्या पर रात 11:55 बजे से 12:30 बजे तक केवल 35 मिनट पटाखे जला सकेंगे। ऑनलाइन बिक्री और जहरीले रसायनों पर पूरी रोक जिलाधीश के आदेशानुसार फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसी किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए जिले में पटाखों की बिक्री या डिलीवरी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा, बेरियम व अन्य खतरनाक रसायनों से बने पटाखों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। डीसी ने कहा, “पटाखों के धुएं और जहरीले रसायनों से बुजुर्गों, बच्चों तथा सांस और हृदय रोगियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इससे वायु और ध्वनि प्रदूषण के साथ ठोस कचरे की गंभीर समस्या पैदा होती है।” उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई आदेशों को जमीन पर लागू कराने के लिए पुलिस प्रशासन, उपमंडल अधिकारियों (SDM), तहसीलदारों, नगर निगम और अग्निशमन विभाग को नियमित छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को रोजाना रिपोर्ट सौंपनी होगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक अधिनियम और अन्य कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
दीपावली और छठ पर्व पर घर लौटने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए आगरा मंडल ने रेलवे की विशेष तैयारियां की हैं। मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के मार्गदर्शन में करीब 71 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। ये ट्रेनें आगरा कैंट, आगरा फोर्ट, ईदगाह, मथुरा जंक्शन और धौलपुर से दिल्ली, मुंबई, सूरत, पटना, बनारस, अहमदाबाद, सियालदह और जोधपुर समेत कई बड़े शहरों के लिए चलाई जा रही हैं। रेलवे का मानना है कि इन विशेष ट्रेनों से नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम होगा और त्योहार पर घर जाने वालों को राहत मिलेगी। साबरमती-मुजफ्फरपुर स्पेशल ट्रेन ईदगाह स्टेशन पर रुकेगीआगरा के यात्रियों के लिए साबरमती-मुजफ्फरपुर स्पेशल ट्रेन महत्वपूर्ण है। गाड़ी संख्या 09473 साबरमती-मुजफ्फरपुर 7 और 14 नवंबर को साबरमती से शाम 7 बजे रवाना होगी। अगले दिन सुबह 9:39 बजे ईदगाह आगरा पहुंचेगी। यहां से टूंडला होते हुए मुजफ्फरपुर जाएगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09474 मुजफ्फरपुर-साबरमती 9 और 16 नवंबर को सुबह 7:30 बजे मुजफ्फरपुर से चलेगी। यह रात 2:24 बजे ईदगाह आगरा पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे। इससे बिहार और गुजरात की यात्रा करने वाले आगरा के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। नवंबर में कई अन्य पूजा स्पेशल ट्रेनें भी चलेंगीरेलवे की ओर से चर्लपल्ली-रक्सौल, नांदेड़-पटना, उधना-जयनगर, बेंगलुरु-बरौनी, पोदनूर-बरौनी और बेंगलुरु कैंट-मुजफ्फरपुर स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया जा रहा है। ये ट्रेनें सीधे आगरा से नहीं गुजरेंगी, लेकिन प्रयागराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और टूंडला जैसे स्टेशनों के जरिए यात्रियों को कनेक्टिविटी मिलेगी। आगरा कैंट और मथुरा में बनाए होल्डिंग एरियात्योहार के चलते आगरा कैंट स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्लेटफॉर्म पर पैर रखने तक की जगह नहीं है। AC कोचों में भी यात्रियों का दबाव बना हुआ है। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए आगरा कैंट और मथुरा जंक्शन पर विशेष होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। यहां यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से ट्रेनों में प्रवेश कराया जा रहा है। अतिरिक्त टिकट काउंटर और ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। CCTV से निगरानी, RPF-GRP की शिफ्टवार ड्यूटीयात्रियों की सुरक्षा के लिए आगरा कैंट और मथुरा जंक्शन के CCTV कंट्रोल रूम में जूनियर स्केल अधिकारियों की शिफ्टवार तैनाती की गई है। आगरा कैंट, मथुरा, ईदगाह और आगरा फोर्ट पर वाणिज्य सुपरवाइजर और RPF के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। समपार फाटकों पर भी RPF की 24 घंटे तैनाती की गई है। प्लेटफॉर्म पर RPF, महिला सुरक्षा बल और पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। GRP के साथ मिलकर ट्रेनों और स्टेशन परिसर में पटाखे, ज्वलनशील पदार्थ, सिलेंडर, पेट्रोल, केरोसिन और अल्कोहल के अवैध परिवहन को रोकने के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा है। दिवाली-छठ पर आगरा मंडल से चलेंगी 71 स्पेशल ट्रेनें: साबरमती-मुजफ्फरपुर ट्रेन ईदगाह स्टेशन पर रुकेगी, यात्रियों की सुविधा के लिए बने होल्डिंग एरिया आगरा कैंट, मथुरा, ईदगाह और आगरा फोर्ट से देश के बड़े शहरों के लिए संचालन; भीड़ संभालने को RPF-GRP तैनात, CCTV से निगरानीरेलवे की ओर से पब्लिक अनाउंसमेंट (PA) सिस्टम के जरिए ट्रेनों के आगमन, प्रस्थान और प्लेटफॉर्म में बदलाव की जानकारी लगातार दी जा रही है। कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क के जरिए यात्रियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपरिचित लोगों से खाने-पीने की चीजें न लें। यात्रा पर निकलने से पहले NTES ऐप या रेलवे हेल्पलाइन के जरिए ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। रेलवे का कहना है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।
चूरू के ख्याली गांव में गुरुवार देर शाम घर के बाहर खड़े मदन सिंह (55) पर सांड ने हमला कर दिया। सांड के सींग उनके सीने और जांघ में घुस गए। उनकी तीन पसलियां टूट गईं और सीने में खून जमा हो गया। फेफड़े में भी हवा भर गई। परिजन उन्हें निजी वाहन से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले गए। उनकी हालत गंभीर थी और उन्हें दूसरे अस्पताल भेजना संभव नहीं था। मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. एमएम पुकार की टीम ने उनका ऑपरेशन करने का फैसला लिया। करीब दो घंटे चले ऑपरेशन के बाद मदन सिंह की जान बच गई। डॉ. पुकार ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा है। मदन सिंह फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर है। ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. विनय जानू, डॉ. गजानंद रसगनिया, डॉ. वेद शेखावत, एनेस्थेटिक डॉ. सुमन करीर, नर्सिंग ऑफिसर उमिला कुमारी और सत्यनारायण शामिल थे। डॉ. पुकार मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल रह चुके हैं।
प्रयागराज में त्योहार पर अगर अचानक बवाल हो जाए और सड़कों पर पथराव शुरू हो जाए तो पुलिस कैसे मोर्चा संभालेगी? उपद्रवियों को कैसे काबू करेगी और हालात बिगड़ने पर क्या रणनीति अपनाएगी? इन सवालों को परखने के लिए शुक्रवार को पुलिस लाइन में चार घंटे तक बड़ा सुरक्षा अभ्यास किया गया। पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया के नेतृत्व में हुई एंटी रॉयट मॉक ड्रिल में पुलिसकर्मियों ने पथराव कर रहे दंगाइयों से निपटने और भीड़ को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान दंगा नियंत्रण की तैयारियों को परखा गया। पुलिसकर्मियों को ऐसी परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास कराया गया, जिनमें अचानक भीड़ उग्र हो जाए और पथराव शुरू कर दे। करीब चार घंटे तक चले इस अभ्यास में पुलिस की रणनीति, मुस्तैदी और आपसी समन्वय का परीक्षण किया गया। इस दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर डॉ. अजयपाल शर्मा समेत कमिश्नरेट के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों की फिटनेस भी देखीमॉक ड्रिल के बाद पुलिस कमिश्नर ने रिजर्व पुलिस लाइन में शुक्रवार की साप्ताहिक परेड की सलामी ली। इसके बाद टोलीवार परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के टर्नआउट, अनुशासन और कार्यकुशलता का जायजा लिया गया। परेड में पुलिसकर्मियों को दौड़ कराई गई और टोलीवार ड्रिल के माध्यम से उनकी शारीरिक दक्षता एवं अनुशासन को परखा गया। मेस से लेकर शस्त्रागार तक का निरीक्षण परेड के बाद पुलिस कमिश्नर ने पुलिस लाइन स्थित मेस का निरीक्षण किया। यहां भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की व्यवस्था देखी। इसके बाद पुलिस लाइन कार्यालय, कैंटीन और गणना कार्यालय का निरीक्षण किया। एमटी शाखा और परिवहन शाखा में वाहनों के रखरखाव और उनकी कार्यशीलता की जानकारी ली। शस्त्रागार का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं को देखा गया। वहीं, डायल-112 के वाहनों की स्थिति और उनकी कार्यशीलता भी परखी गई। पुलिस कमिश्नर ने संबंधित शाखाओं के अभिलेखों का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था, अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय, पुलिस उपायुक्त नगर, गंगानगर, यमुनानगर और यातायात समेत अपर पुलिस उपायुक्त नगर, गंगानगर और यमुनानगर सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
दीपावली से पहले आलीराजपुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई और खाद्य सामग्री की दुकानों की जांच तेज कर दी है। गुरुवार को आजाद नगर (भाबरा) में टीम ने दो दुकानों से कुल 70 किलो मावा और पनीर जब्त किया। इसमें एक दुकान से 20 किलो और दूसरी से 50 किलो मावा-पनीर मिला। 20 किलो मावा मौके पर ही नष्ट कराया गया। कलेक्टर के मार्गदर्शन में 5 नवंबर को खाद्य सुरक्षा और नापतौल विभाग की संयुक्त टीम ने आलीराजपुर और जोबट में मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री की दुकानों की जांच की। विभाग ने शुक्रवार को प्रेस नोट जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी। मिठाई के चार नमूने जांच के लिए भेजे आलीराजपुर की मेसर्स शनि चाट से मावा और मिल्क केक के नमूने लिए गए। मोनिका फूड जोन (अपना स्वीट्स) से मैंगो कटल्स और मावा कतली के नमूने लिए गए। चारों नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। मेसर्स सोमेश्वर टी स्टाल पर निर्माता का नाम और पैकिंग की तारीख दर्ज नहीं किए गए 20 पैकेट नमकीन मिले। इन्हें मौके पर नष्ट कराया गया। वहीं, मोनिका फूड जोन की जांच में नियमों का पालन पाया गया। एमआरपी से ज्यादा कीमत पर कोल्डड्रिंक बेचने पर केस नापतौल विभाग ने जोबट के खत्री रेस्टोरेंट पर मिठाई डिब्बे सहित तौलकर बेचने का मामला दर्ज किया। शनि चाट हाउस, राजस्थानी स्वीट्स एंड नमकीन और सोमेश्वर टी स्टाल पर कोल्डड्रिंक एमआरपी से ज्यादा कीमत पर बेचने के मामले भी दर्ज किए गए। कार्रवाई में आलीराजपुर के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव मिश्रा, नापतौल निरीक्षक आनंद मोहन और खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश गडरिया सहित विभागीय टीम शामिल रही। विभाग के मुताबिक, दीपावली को देखते हुए जिले में खाद्य दुकानों की जांच जारी रहेगी। इसका उद्देश्य मिलावट और ज्यादा कीमत वसूली से उपभोक्ताओं को बचाना है।
दिवाली से पहले खंडवा के आईटीआई मैदान में पटाखा बाजार सज गया है। गुरुवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसपी अगम जैन बाजार का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था देखने के साथ ही उन्होंने व्यापारियों से कारोबार की स्थिति भी जानी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एक व्यापारी से मजाकिया अंदाज में कहा, 'कार्बाइड गन दो, एसपी साहब के बच्चों को खेलना है।' इस पर एसपी अगम जैन ने तुरंत जवाब दिया, 'सच में मिली तो एफआईआर कर दूंगा।' अधिकारियों के बीच हुई इस बातचीत में कार्बाइड गन के खतरों और प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री पर कार्रवाई का संदेश भी दिया गया। कलेक्टर और एसपी ने सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर, सीएसपी अभिनव बारंगे और मोघट रोड थाना प्रभारी विकास खिंची सहित अन्य अधिकारियों के साथ पूरे बाजार का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने दुकानों के बीच की जगह, सुरक्षा इंतजाम और आवागमन की व्यवस्था देखी। व्यापारियों से उनकी समस्याएं और सुझाव भी जाने। 176 दुकानों से 3-4 करोड़ के कारोबार का अनुमान आईटीआई मैदान में पटाखों की 176 दुकानें लगाई गई हैं। इनसे करीब 3 से 4 करोड़ रुपए के कारोबार का अनुमान है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि इस बार बाजार में पहले जैसी ग्राहकी नहीं है। उनका मानना है कि पहले स्टेडियम में दुकानें लगती थीं, तब ग्राहक ज्यादा आते थे। अब शहर से बाहर बाजार लगने के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों ने अधिकारियों को बताया कि पटाखों का ज्यादातर कारोबार अब गोदामों से हो रहा है। कई लोग इंदौर से ही पटाखे खरीद लेते हैं। आईटीआई मैदान के बाजार में मुख्य रूप से फुटकर खरीदार ही पहुंच रहे हैं। व्यापारियों ने यह भी बताया कि इस बार बाजार देर से लगा है। इससे भी कारोबार पर असर पड़ा है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि इस साल फसलों की पैदावार अच्छी हुई है और किसानों को उपज के बेहतर दाम मिले हैं। ऐसे में बाजार में अच्छी खरीदारी की उम्मीद होनी चाहिए। स्टेडियम में दुकानें लगाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक व्यापारियों ने पहले की तरह स्टेडियम में पटाखा बाजार लगाने की बात कही। इस पर कलेक्टर ने बताया कि शासन के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार खेल स्टेडियम में किसी तरह की दूसरी गतिविधि नहीं की जा सकती। इसलिए वहां पटाखा बाजार नहीं लगाया जा सकता। सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को पटाखों के भंडारण और बिक्री में सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि दिवाली पर बड़ी संख्या में लोग पटाखे खरीदने पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पुलिस ने त्योहार के दौरान बाजार में सुरक्षा और आवागमन बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी करने की बात कही।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-150 और सेक्टर-148 के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण इस परियोजना पर 84.16 करोड़ रुपए खर्च करेगा। इसके बनने से दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के दूसरे हिस्सों से सेक्टर-150 और आसपास के सेक्टरों में आने-जाने वाले लोगों को सीधा रास्ता मिलेगा। परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है। अब तकनीकी जांच के लिए इसे IIT रुड़की भेजा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्राधिकरण ने फ्लाईओवर को करीब 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। बीच में नहीं होगा कोई पिलर फ्लाईओवर को नेटवर्क आर्क टाइप ब्रिज के रूप में बनाया जाएगा। इसकी खासियत यह होगी कि मुख्य ब्रिज के बीच में कोई पिलर या केंद्रीय सपोर्ट नहीं होगा। इसका मुख्य स्पैन 65 मीटर का रखा गया है। इसी डिजाइन के आधार पर एक्सप्रेसवे के ऊपर निर्माण किया जाएगा। प्राधिकरण के मुताबिक, फ्लाईओवर की कुल लंबाई 610 मीटर और चौड़ाई 9.5 मीटर होगी। इसमें 545 मीटर लंबे एप्रोच और रैंप भी शामिल हैं। पूरी परियोजना पर 84.16 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सेक्टर-150 जाने वालों को मिलेगी राहत अभी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के दूसरे हिस्सों से सेक्टर-150 की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सीधी कनेक्टिविटी नहीं मिल पाती। फ्लाईओवर बनने के बाद सेक्टर-150 और आसपास के सेक्टरों तक पहुंचने के लिए समर्पित रास्ता उपलब्ध होगा। इससे वाहन चालकों को राहत मिलने के साथ क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी बेहतर होने की उम्मीद है।
फतेहाबाद जिले में रतिया के एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने लघुसचिवालय के मीटिंग हॉल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ पराली प्रबंधन को लेकर मीटिंग की। उन्होंने पराली जलाने की घटनाएं रोकने और फसल अवशेषों का सही प्रबंधन करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और मानव स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने-अपने इलाकों में किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने को कहा। गांवों में जाकर किसानों से सीधे बात करने के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों से सीधे बात करने और पराली प्रबंधन के दूसरे तरीकों की जानकारी देने के निर्देश दिए। कृषि विभाग के अधिकारियों से किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की मशीनों और सरकारी योजनाओं के बारे में बताने को कहा। एसडीएम ने ग्राम स्तर पर बनी टीमों को सक्रिय रखने और पराली जलाने की घटनाओं पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस काम में लापरवाही न हो। अधिकारी आपसी तालमेल से जिम्मेदारी निभाएं और नियमित रूप से इलाकों का दौरा करें। बैठक में नायब तहसीलदार बलवान सिंह, बीडीपीओ विकास लंग्यान और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सीधी में संतों और ब्राह्मण समाज के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में शिवसैनिकों और आम नागरिकों ने प्रदर्शन किया। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे के नेतृत्व में सैकड़ों लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी संतोष कोरी के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी को ज्ञापन देकर संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी की मांग की। रामभद्राचार्य समेत संतों पर टिप्पणी का आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सेमरिया क्षेत्र के निवासी विवेक कोल ने फेसबुक पर रामभद्राचार्य, अनिरुद्धाचार्य, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और प्रेमानंद जी महाराज के खिलाफ अश्लील और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। पोस्ट में ब्राह्मण समाज के लिए भी अभद्र शब्द लिखे गए हैं। संबंधित पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। कार्रवाई नहीं हुई तो खुद पकड़कर थाने ले जाने की चेतावनी विवेक पांडे ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो शिवसैनिक उसे पकड़कर थाने ले जाएंगे। पांडे ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पहले जातिसूचक शब्दों और समाज में भड़काऊ पोस्ट से जुड़े करीब 506 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एएसपी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी ने कहा कि उन्हें इस मामले की पहले जानकारी नहीं थी। ज्ञापन मिल गया है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
धनतेरस के दिन भिवानी के बाजारों में ग्राहकों की रौनक देखने को मिली। इस दौरान ग्राहक बाजारों में पहुंचे और सोना-चांदी, बर्तन आदि सामान की खरीददारी की। बाजार में बढ़ी रौनक से व्यापारी भी खुश नजर आए। वहीं सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने बाजार में वाहनों की नो एंट्री की हुई थी। वहीं पुलिस गश्त के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई हुई है। ज्वैलर्स सचिन जैन ने बताया कि सोने-चांदी के भाव में काफी कमी आई है। जिसके कारण लोगों ने खरीददारी में लोगों ने रूचि दिखाई है। ग्राहकों के लिए रेट कम होने से खरीददारी का काफी मौका होता है। इसलिए काफी भीड़ देखने को मिल रही है। पिछले साल के मुकाबले इस बाद आभूषणों की खरीददारी ज्यादा है। बेहतर बिजनेस हुआ है। इस बार दो गुना से ज्यादा आभूषणों की खरीददारी की गई है। बर्तन व्यापारी अंजू तायल ने बताया कि धनतेरस पर काफी लोग खरीददारी के लिए पहुंच रहे हैं। लोग तांबा, पीतल व कांसी के बर्तन खरीद रहे हैं। ग्राहक अपनी जेब की आर्थिक स्थिति के अनुसार खरीददारी की जा रही है। हालांकि पिछले सालों से कम खरीददारी है। बाजार में खरीददारी करने पहुंचे ग्राहकग्राहक भिवानी की जागृति कॉलोनी निवासी पूनम ने कहा कि धनतेरस पर शॉपिंग की है। यहां पर चेन, सिक्का व पायल खरीदी है। धनतेरस पर खरीददारी को शुभ माना जाता है, इसलिए सोना-चांदी खरीदने के लिए आए हैं। वहीं ग्राहक पूनम ने बताया कि वह भी पायल खरीदने के लिए बाजार में पहुंची है। धनतेरस पर मान्यता है कि सोना-चांदी कुछ भी लें या फिर बर्तन खरीदते हैं। सरस्वती ने बताया कि वह बाजार में घर की शॉपिंग करने आई थी। यहां से बर्तन व घर के लिए पेंटिंग खरीदी हैं। धनतेरस पर मान्यता है कि मिठाई व बर्तन आदि सामान खरीदा जाता है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कीवहीं ट्रैफिक एसएचओ सुनील कुमार ने बताया कि धनतेरस को देखते हुए बाजार में वाहनों की एंट्री बंद की हुई थी। लोग पैदल ही बाजार में जाकर खरीददारी कर रहे थे। वहीं पार्किंग के लिए अस्पताल परिसर में व्यवस्था की गई थी। ताकि खरीददारी करने पहुंचने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। वहीं पुलिस भी लगातार बाजार में गश्त कर रही है। इसके अलावा नाकेबंदी भी की गई है और मचान के माध्यम से पुलिस भीड़ पर भी नजर रख रही है। धनतेरस से जुड़े फोटो…
हरियाणा में अनियमित पाए गए 966 ड्रग सेल लाइसेंस:12 मैन्युफेक्चरिंग/ ब्लड सेंटर लाइसेंस निलंबित
हरियाणा में 1 अप्रैल 2026 से लेकर 30 सितंबर 2026 तक अवधि में 2,389 सैंपल एकत्र किए गए, जिनमें से 2,189 सैंपल की जांच पूरी हो चुकी है और इनमें 11 सब-स्टैंडर्ड पाए गए हैं। विभाग द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए 64 मामलों में अभियोजन दर्ज कराया गया। वहीं अदालत में विचाराधीन 15 मामलों का निपटारा हुआ, जिनमें 8 में सजा और 7 में बरी का फैसला आया। फिलहाल 462 मामले अदालत में लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस और एफडीए अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई के तहत 376 संयुक्त छापेमारी ) की गई, जिसमें एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) के तहत 2 और एमटीपी अधिनियम (MTP Act) के तहत 4 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गईं। 70 लाख रुपये मूल्य के नकली वजन घटाने और मधुमेह नियंत्रण के जब्तएफडीए की टीम ने अप्रैल 2026 में लगभग 70 लाख रुपये मूल्य के नकली वजन घटाने और मधुमेह नियंत्रण के टीकों (नकली 'मौनजारो' इंजेक्शन) को जब्त किया गया। वहीं जुलाई 2026 में एफडीए गुरुग्राम की टीम ने बीपी की नकली दवा 'टेल्मा-एएम' बनाने और बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। इसी कड़ी में 28 जुलाई 2026 को एफडीए फरीदाबाद की टीम ने एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए नकली प्रोपलीन ग्लाइकोल की बड़ी खेप जब्त की। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य मानकों को बढ़ावा देने के लिए 2,675 रिटेल/होलसेल सेल लाइसेंस और 20 मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस जारी किए गए, 14 चिकित्सा संस्थानों को मान्यता दी गई तथा 2 निर्माण इकाइयों को WHO-GMP स्तर में अपग्रेड किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। बाजार में बिकने वाली दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पन्ना-छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना और अन्य विकास योजनाओं से प्रभावित परिवारों के विस्थापन, मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर आंदोलन करने वाली 25 वर्षीय दिव्या अहिरवार को 35 दिन बाद शुक्रवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में पुलिस की कार्रवाई संदेह के घेरे में है। दिव्या ने सैकड़ों महिलाओं के साथ मिलकर यह आंदोलन किया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद पूर्व राज्यसभा सांसद वृंदा करात ने आंदोलन की कमान संभाली थी। ऐसे शुरू हुआ आंदोलन दिव्या अहिरवार लंबे समय से अमित भटनागर के साथ केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित लोगों की लड़ाई लड़ रही हैं। मझगांय डैम में उनके नेतृत्व में चिता सत्याग्रह, फांसी आंदोलन और जल सत्याग्रह किया जा रहा था। आंदोलन में महिलाएं 'न्याय दो या फिर मार दो' के नारे लगा रही थीं। यह आंदोलन जिला प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा था। इसके बाद प्रशासन ने पुलिस के जरिए सख्ती शुरू कर दी। पुलिस ने धारा 307 में किया गिरफ्तार अधिवक्ता अंजना कुरारिया के मुताबिक, 28 से 30 सितंबर तक पन्ना में भारी पुलिस बल के साथ सीआरपीएफ की तैनाती की गई थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमनकारी नीति अपनाई गई और दर्जनों लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि 28 सितंबर की रात पन्ना पुलिस ने दिव्या अहिरवार, हिसाबी राजपूत, इंद्रपाल और कमलेश प्रजापति को धारा 307 के तहत गिरफ्तार किया था। पुलिस उन्हें हनुमतगंज चौकी लेकर गई थी। अगले दिन 29 सितंबर को दिव्या को जिला कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, उसके तीन साथियों को छतरपुर कोर्ट में पेश किया गया। तीनों को 12 अक्टूबर को जमानत मिल गई थी। हाईकोर्ट ने दी जमानत शुक्रवार को जस्टिस विवेक अग्रवाल की कोर्ट में दिव्या की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अधिवक्ता के मुताबिक, कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई को संदेहास्पद मानते हुए जमानत दे दी। कई नेता भी पहुंचे थे समर्थन में आंदोलन को समर्थन देने के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल भी पन्ना पहुंच चुके हैं।
जींद में दिवाली से पहले पुलिस ने अवैध पटाखों के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एटीवी स्टाफ और पुलिस की टीमों ने जींद और उचाना में दो अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर कुल 2 क्विंटल 50 किलो 100 ग्राम पटाखे बरामद किए। आरोपियों ने पटाखों को गत्ते की पेटियों में भरकर दुकान और गोदाम में छिपाकर रखा हुआ था। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पटाखों की खरीद-बिक्री और स्टॉक से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए। पुलिस ने पटाखे कब्जे में लेकर दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जींद की दुकान से 83 किलो पटाखे बरामद एटीवी इंचार्ज यशवीर सिंह ने बताया कि उनकी टीम पटियाला चौक पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि पास के एक प्रोविजनल स्टोर में अवैध रूप से पटाखे बेचे जा रहे हैं। पुलिस टीम ने दुकान पर पहुंचकर जांच की तो गत्ते की पेटियों में पटाखे मिले। दुकानदार पटियाला चौक निवासी अंशुल पटाखों की बिक्री से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इसके बाद पुलिस ने दुकान से 83 किलो 100 ग्राम रॉकेट, फुलझड़ी, पटाखे और फिरकी बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में शहर थाना में केस दर्ज किया गया है। उचाना के गोदाम में मिले 1 क्विंटल 65 किलो पटाखे उचाना थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस को गश्त के दौरान गडरिया कॉलोनी स्थित एक गोदाम में पटाखे रखे होने की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो गोदाम में गत्ते की 9 अलग-अलग पेटियां मिलीं। इनमें कुल 1 क्विंटल 65 किलो पटाखे भरे हुए थे। गोदाम में मौजूद उचाना निवासी गोगी भी पटाखों के स्टॉक और बिक्री से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। पुलिस ने पटाखे जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस ने दोनों जगहों से बरामद कुल 250 किलो 100 ग्राम पटाखों को कब्जे में ले लिया है। गिरफ्तार आरोपियों अंशुल और गोगी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पटाखे कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां बेचने की तैयारी थी।
कुरुक्षेत्र के लाडवा में पश्चिमी यमुना नहर के पास से 13 साल का किशोर लापता हो गया। 27 घंटे से ज्यादा बीतने के बाद उसका कोई सुराग नहीं लगा। परिवार ने किशोर के अंबाला रैली में जाने या नहर में डूबने की आशंका जताई है। परिवार के मुताबिक, बदरपुर गांव के मुरादनगर डेरे का ताहिर कल दोपहर 2 बजे से लापता है। ताहिर की मां ने उसे बदरपुर के ईंट भट्ठे के पास देखा था। तब उसने ताहिर को घर आने की बात कही थी, लेकिन उसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। परिवार और गांव के लोग उसकी तलाश कर रहे हैं। रैली में जाने की जताई आशंका गोताखोर आबिद अली ने बताया कि ताहिर के परिवार ने कल उसके अंबाला रैली में जाने की आशंका जताई जा रही है। कल मुरादनगर डेरे से दोपहर करीब 2 बजे अंबाला के लिए बसें गई थीं। चार अन्य किशोर भी करनाल गए थे। उन बच्चों ने ताहिर के उनके साथ नहीं होने की बात बताई है। हालांकि, ताहिर के अंबाला रैली में जाने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। भट्ठे के CCTV में आते-जाते दिखा ताहिर की तलाश के दौरान भट्ठे के CCTV फुटेज भी सामने आए हैं। फुटेज में वह भट्ठे से निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद वह वापस जाता हुआ भी नजर आ रहा है। परिजन इसी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश कर रहे हैं। हालांकि, फुटेज में दिखाई देने के बाद वह कहां गया, इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है। परिवार ने पुलिस को रात को दी शिकायत ताहिर के लापता होने के बाद रात करीब 10 बजे थाना लाडवा पुलिस को शिकायत दी गई। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर उनकी मदद नहीं करने का आरोप लगाया। इसको लेकर लोगों में नाराजगी है। वे ताहिर को जल्द तलाशने की मांग कर रहा है। गोताखोर नहर में तलाश कर रहे गोताखोर आबिद खान नहर में उसकी तलाश में जुटे हैं। ताहिर के नहर में होने की आशंका के चलते आसपास के इलाके में खोजबीन की जा रही है। फिलहाल उसका कोई सुराग नहीं मिला है। ताहिर 5 भाई-बहन में से एक है। वे 2 भाई और 3 बहनें हैं। परिवार पशुओं की खरीदने-बेचने का काम करता है।
अमलाई OCM में RKTC के हाइवा में लगी आग:चलते वाहन से कूदकर चालक ने बचाई जान; आग से पूरी तरह जला वाहन
शहडोल जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र स्थित अमलाई ओपन कास्ट माइंस (OCM) में RKTC कंपनी के एक हाइवा में आग लग गई। आग तेजी से पूरे वाहन में फैल गई। चालक ने चलते हाइवा से कूदकर अपनी जान बचाई। आग से वाहन पूरी तरह जल गया। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर बुझाई आग जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि, असली कारण जांच के बाद ही पता चलेगा। कंपनी के दूसरे वाहनों की जांच की मांग घटना के बाद SECL से अनुबंधित RKTC कंपनी के दूसरे भारी वाहनों की तकनीकी स्थिति पर सवाल उठे हैं। कंपनी के वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा और परमिट की वैधता जांचने की मांग की गई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल वायरिंग, बैटरी, इंजन और फ्यूल सिस्टम की नियमित जांच करने की बात कही गई है। वाहनों की उम्र और सर्विसिंग का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में रखने की मांग उठी है। खदान में लगातार काम करते हैं भारी वाहन अमलाई OCM में हाइवा और दूसरे भारी वाहन लगातार काम करते हैं। इनके आसपास चालक, ऑपरेटर और अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में वाहनों की तकनीकी सुरक्षा और फिटनेस की जांच जरूरी है।
धौलपुर के सदर थाना क्षेत्र के पचगांव में पटाखों की दो दुकानों में आग लग गई। आग में दुकानों में रखा पटाखों समेत लाखों रुपए का सामान जल गया। एक महिला और बच्चा घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगते ही आसपास के लोग दुकानों से दूर जाने लगे। आग दुकानों के सामने खड़ी दो बाइक तक पहुंच गई। दोनों बाइक जल गईं। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उनका इलाज किया गया। सीओ सिटी पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और आग से प्रभावित जगह पर सुरक्षा संभाली।
उदयपुर में त्योहारों पर मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने 136 मिलावटी मावे के डिब्बे जब्त किए। हर डिब्बे में करीब 15 किलो मावा भरा हुआ था। इस तरह करीब 2 टन मावे की खेप पकड़ी गई। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया- बीकानेर और गुजरात के अहमदाबाद से बसों के जरिए ये मावा उदयपुर लाया गया था। यहां से इसे ऑटो में भरकर शहर की अलग-अलग मिठाई की दुकानों पर सप्लाई किया जाना था। दुकानों तक पहुंचने से पहले ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने उदयपोल बस स्टैंड के पास शुक्रवार को खेप को पकड़ लिया। सीएमएचओ ने बताया कि कुछ सैम्पल में पास हुए हैं उन्हें उनका मावा वापस लौटा दिया है। जबकि कुछ मावा अभी भी सीज करके कोल्ड स्टोर में रखा है। जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। रात से ही कर रहे थे रेकी कार्रवाई के लिए फूड इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह चौहान और सहायक कर्मचारी मोहम्मद सलीम रात से ही रेकी कर रहे थे। टीम ने मावे की आवक और उसकी सप्लाई पर लगातार निगरानी रखी। इसके बाद मौके पर कार्रवाई करते हुए 136 डिब्बों को कब्जे में लिया। कार्रवाई के दौरान संबंधित व्यापारियों को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने मावे के सैंपल लिए। जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। यदि जांच में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पलवल शुगर मिल शुरू नहीं होने पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है। मोर्चा नेताओं ने जल्द ही शुगर मिल शुरू न होने पर मिल के मुख्यद्वार पर अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान किया है। मोर्चा के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान और किसान सभा के जिला प्रधान रूपराम तेवतिया ने बताया कि उन्होंने मिल की एमडी द्विजा कुमारी और डीसी से कई बार मुलाकात की थी। उन्होंने 25 अक्टूबर तक मिल चालू करने की अपील की थी, ताकि गन्ना उत्पादक फसल काटकर गेहूं की बुवाई कर सकें। नेताओं के मुताबिक, प्रशासन ने उनकी अपील पर ध्यान नहीं दिया। 23 अक्टूबर को डीसी से दोबारा मिलने पर 9 नवंबर तक मिल चालू करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन किसानों को अब तक गन्ना डालने की कोई सूचना या पर्ची नहीं मिली है। किसान मोर्चा ने बैठक में तय किया कि 7 नवंबर को खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम से मिलकर मिल चालू कराने का अनुरोध किया जाएगा। इसके बाद भी मिल शुरू नहीं हुई तो मुख्यद्वार पर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने रेल संचालन को अधिक सुरक्षित करने गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि हासिल की है। समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड पर 220 किलोमीटर लंबे पूरे प्लेन ट्रैक का नवीनीकरण पूरा कर लिया गया है। इसके तहत पुरानी 52 किलो रेल के स्थान पर 60 किलो की मजबूत रेल बिछाई गई है। मार्च 2025 में स्वीकृत इस कार्य को महज 19 महीने में पूरा किया गया है। जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया- डबल स्टैक कंटेनर ट्रेनों के संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण इस रेलखंड पर ट्रैक की मजबूती के साथ पुलों और यार्ड की संरचनाओं में भी सुधार किया गया है। आठ गर्डर पुलों पर पुराने ब्रिज चैनल स्लीपर और रेल बदले गए। इनमें दो महत्वपूर्ण पुल भी शामिल हैं। पुलों के एप्रोच मार्ग को चौड़े आधार वाले स्लीपरों से मजबूत किया गया। इसके अलावा 16 यार्ड में टर्नआउट और स्लीपर नवीनीकरण, 4000 कैजुअल स्लीपर बदलने और एसईजे नवीनीकरण का कार्य भी पूरा किया गया है। रेल और वेल्ड फ्रैक्चर की घटनाए घटी डीआरएम ने बताया- ट्रैक सुधार का असर संरक्षा के आंकड़ों में भी नजर आ रहा है। 220 किलोमीटर रेलखंड का टीक्यूआई स्तर 106.20 तक पहुंच गया है। इसे भारतीय रेलवे में सर्वोच्च बताया गया है। रेल और वेल्ड फ्रैक्चर की घटनाएं वर्ष 2023-24 के 21 से घटकर 2025-26 में दो रह गईं, जबकि चालू वित्त वर्ष में अब तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। इसी तरह आईएमआर के मामले भी वर्ष 2024-25 के 132 से घटकर चालू वित्त वर्ष में अब तक आठ रह गए हैं। ट्रेनों की गति बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त वरिष्ठ मंडल इंजीनियर तरुण बीका ने बताया- ट्रैक नवीनीकरण के बाद 100 किलोमीटर रेलखंड पर ट्रेनों की गति 100 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। शेष 120 किलोमीटर में भी दिसंबर 2026 तक गति बढ़ाने का लक्ष्य है। इससे यात्री और मालगाड़ियों के संरक्षित एवं तेज संचालन को मजबूती मिलेगी।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज का कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों और वार्डों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट मिलने में लगने वाले समय, सीटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने मरीजों को समय पर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने और जांच शुल्क की व्यवस्था पारदर्शी रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ब्लड सैंपलिंग और जांच प्रक्रिया के बारे में पूछा। उन्होंने सैंपल की जांच में लगने वाले समय और रिपोर्ट मिलने की अवधि की जानकारी ली। सीटी स्कैन प्रतिदिन कितने मरीजों का होता है, उनसे कितना शुल्क लिया जाता है और उपचार व भुगतान की प्रक्रिया क्या है, इस संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेंटर का निरीक्षण कर वहां की दरों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ओपीडी में मरीजों की संख्या और डिलीवरी की जानकारी ली कलेक्टर ने ओपीडी और आईपीडी की व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या, प्रसव संबंधी रजिस्टर और नॉर्मल व सी-सेक्शन डिलीवरी की जानकारी ली। अस्पताल में उपलब्ध कुल बेड, अलग-अलग वार्डों में बेड की संख्या और 24 घंटे संचालित स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी पूछा। उन्होंने ओपीडी की समय-सारणी का अवलोकन किया। मरीजों के लिए तय समय-सारणी का पालन सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य सेवाएं 24 घंटे सुचारू रखने के निर्देश दिए। एसएनसीयू और पीआईसीयू वार्ड का निरीक्षण कर भर्ती बच्चों, उपलब्ध सुविधाओं और कर्मचारियों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शेड पर गंदगी मिलने पर कलेक्टर ने तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की संख्या और उनकी शिफ्टवार ड्यूटी की जानकारी भी ली। साथ ही सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। ऑपरेशन थिएटर और फायर सुरक्षा व्यवस्था भी देखी कलेक्टर ने ऑपरेशन थिएटर में प्रतिदिन होने वाले ऑपरेशनों और उनके प्रकारों की जानकारी ली। रिकवरी रूम में भर्ती मरीजों की स्थिति देखी और उनके परिजनों से चर्चा की। सर्जिकल रूम और नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों की देखभाल और परिजनों की सुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। इसके अलावा अस्पताल की फायर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने स्टाफ को अग्निशमन उपकरणों के संचालन का नियमित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में उनका सही तरीके से उपयोग किया जा सके।
दीपावली के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में विशेष अलर्ट जारी किया गया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने सभी विभागों को सतर्क रहने और जरूरी दवाओं, इंजेक्शन व जीवनरक्षक मेडिकल सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को तत्काल इलाज देने के लिए डॉक्टरों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को भी तैयार रहने को कहा गया है। 8 और 9 नवंबर को बंद रहेगी ओपीडी दीपावली और गोवर्धन पूजा के सार्वजनिक अवकाश के कारण अस्पताल की ओपीडी दो दिन बंद रहेगी। 8 नवंबर को रविवार और 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा की छुट्टी होने से मरीज ओपीडी में इलाज नहीं करा सकेंगे। हालांकि, इन दोनों दिनों में इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे चालू रहेंगी। 7 नवंबर को सामान्य रूप से मिलेगी ओपीडी की सुविधा 7 नवंबर को छोटी दीपावली यानी नरक चतुर्दशी के दिन ओपीडी सामान्य रूप से संचालित होगी। इसके बाद 8 और 9 नवंबर को ओपीडी बंद रहेगी। 10 नवंबर मंगलवार से ओपीडी की नियमित सेवाएं फिर शुरू हो जाएंगी। अस्पताल प्रबंधन ने त्योहार के दौरान मरीजों को इलाज में परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बुरहानपुर में शिविर के दौरान शुक्रवार को बोहरड़ा में 121 और सुखपुरी में 123 ग्रामीणों को उनके संपत्ति दस्तावेज सौंपे गए। कार्यक्रम से पहले गांव की महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली, जो अलग-अलग रास्तों से होते हुए मुख्य आयोजन स्थल पहुंची। जिले के 1 लाख 13 हजार से अधिक ग्रामीणों को स्वामित्व योजना के तहत उनकी आबादी भूमि का मालिकाना हक मिलने जा रहा है। शुक्रवार को ग्राम बोहरड़ा और सुखपुरी में विशेष शिविर लगाकर पात्र ग्रामीणों को जमीनों की रजिस्ट्रियां बांटी गईं। इस मौके पर खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील मुख्य रूप से मौजूद रहे। जिले में कुल 72 हजार 160 स्वामित्व रजिस्ट्रियां बांटने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसके तहत अब तक 22 हजार 285 रजिस्ट्रियां तैयार की जा चुकी हैं। सांसद बोले- बिना किसी फीस के घर बैठे मिल रहा मालिकाना हक सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कहा कि इस योजना के जरिए ग्रामीणों को अपनी जमीन के कागज बनवाने के लिए रजिस्ट्री दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ते। सरकार न सिर्फ पंजीयन शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी माफ कर रही है, बल्कि पूरी प्रक्रिया का खर्च खुद उठाकर गांव-गांव शिविर लगा रही है। धनतेरस के मौके पर ग्रामीणों को अपनी जायदाद का कानूनी अधिकार मिलना एक तोहफा है, जिसके जरिए वे अब बैंकों से लोन लेकर अपने रोजगार और कारोबार को आगे बढ़ा सकेंगे। बालापाठ में विधायक मंजू दादू ने बांटीं 109 रजिस्ट्रियां दूसरी तरफ, नेपानगर विधानसभा के ग्राम बालापाठ में आयोजित रजिस्ट्री वितरण कार्यक्रम में विधायक मंजू दादू शामिल हुईं। उन्होंने मंच से ही हितग्राही तारासिंग और कृष्णा की ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराई। बालापाठ में प्राप्त 131 आवेदनों में से 109 हितग्राहियों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है। विधायक दादू ने कहा कि बरसों से अपनी ही जमीनों पर बिना कागजों के रह रहे ग्रामीणों को अब वैधानिक अधिकार मिल रहा है, जिससे जमीनी विवादों पर लगाम लगेगी और ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कार्यक्रमों में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जयश्री पाटील, डिप्टी कलेक्टर तपिश पांडेय, एसडीएम पल्लवी पौराणिक, नेपानगर एसडीएम, जनपद सीईओ और तहसीलदारों समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद रहे।
10 लाख रुपए का इनामी माओवादी संजय गोदाराम मुंबई में गिरफ्तार हुआ है। पलामू पुलिस की विशेष टीम उसे पलामू लाने के लिए मुंबई रवाना हो गई है। संजय गोदाराम यादव उर्फ संजय गोदाराम पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र की दिनादाग पंचायत के रेंगनिया गांव का निवासी है। वह प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन में जोनल कमेटी का सदस्य है। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से तलाश में थी पुलिस के मुताबिक, संजय का नाम पुलिस के साथ मुठभेड़, लेवी वसूली और इलाके में दहशत फैलाने के मामलों में रहा है। वह 20 साल से अधिक समय से माओवादी संगठन में सक्रिय था। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं। उसे पकड़ने के लिए पलामू पुलिस बिहार-झारखंड सीमा पर तलाशी अभियान चला रही थी। पुलिस उसके घर पर सरेंडर करने के लिए इश्तहार भी चिपका चुकी थी। करीब आठ साल पहले उग्रवादी संगठन टीपीसी ने संजय का घर जला दिया था। मुंबई में गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पलामू लाने की तैयारी है। हालांकि, पलामू पुलिस के अधिकारी फिलहाल गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। संजय की गिरफ्तारी के बाद झारखंड में इनामी माओवादियों की संख्या पांच रह गई है। पुलिस को उससे संगठन में बचे साथियों की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। संजय गोदाराम नितेश यादव के दस्ते का सदस्य रहा है सुरक्षा एजेंसियों की सूची में झारखंड-बिहार के पांच प्रमुख इनामी माओवादी शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा 15 लाख रुपए का इनाम गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र के तरवाडीह निवासी नितेश यादव उर्फ इरफान उर्फ नन्दू उर्फ किरानी पर है। संजय गोदाराम नितेश यादव के दस्ते का सदस्य रहा है। लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के नगराटोला हेम्ब्ररवार निवासी मनोहर गंझू उर्फ सोहन गंझू उर्फ दिनेश गंझू पर 10 लाख रुपए का इनाम है। गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र के झिंगुरा गांव निवासी पंकज कोरवा और डंडई थाना क्षेत्र के लावाही निवासी राजू भुइयां पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम घोषित है।
मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बरॉव गांव में चोरों ने एक सूने घर को निशाना बनाया। चोर घर का ताला और कुंडी तोड़कर तीन लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के जेवर ले गए। वीरेंद्र यादव की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। रात 12 से सुबह 4 बजे के बीच हुई चोरी वीरेंद्र यादव, रामबहोर यादव के बेटे हैं और बरॉव गांव के निवासी हैं। उन्होंने शाहपुर थाने में लिखित शिकायत दी है। उनके मुताबिक, चोरी रात करीब 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच हुई। चोर घर में घुसे और अलमारी व बक्से में रखा सामान चुरा ले गए। हार, कंगन, मंगलसूत्र समेत कई जेवर ले गए चोरी गए सामान में सोने का हार, कंगन, मंगलसूत्र, कान के झुमके, गले की चेन, अंगूठियां और लॉकेट शामिल हैं। इसके अलावा करधन और पायल भी चोरी हुई हैं। सुबह परिवार के लोगों ने घर का सामान बिखरा देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी रामदीन सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की है और आसपास के संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों का सुराग लगाकर चोरी गए सामान की बरामदगी की जाएगी।
अजमेर में शहरवासियों और ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ाई गई है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत अजमेर में 20 नई एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो गया है। नौसर घाटी स्थित बस डिपो से विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और मेयर अनामिका शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। इन बसों के शुरू होने से शहर के साथ आस-पास के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आने-जाने की सुविधा मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के सहयोग से अजमेर को 100 ई-बसों की सौगात मिली है। नई बसें शहर के विभिन्न इलाकों के साथ ब्यावर, किशनगढ़, नसीराबाद और अराईं जैसे कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों को भी जोड़ेंगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आमजन को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। 6 किमी तक के सफर में 5 रुपए कम लगेगा किराया अजमेर के लिए कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत हैं। इनमें से 5 बसें पहले से संचालित हैं। अब 20 नई बसें शुरू होने के बाद कुल 25 बसें सेवा में आ गई हैं। इन बसों के संचालन और चार्जिंग के लिए नौसर घाटी में 15 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन तैयार किया गया है। नई ई-बसों में सफर करने वाले यात्रियों को किराए में भी राहत दी गई है। 0 से 3 किलोमीटर तक का किराया 15 रुपए से घटाकर 10 रुपए और 3 से 6 किलोमीटर तक का किराया 20 रुपए से घटाकर 15 रुपए किया गया है। यानी शुरुआती 6 किलोमीटर के सफर में यात्रियों को 5 रुपए की बचत होगी। CCTV, इमरजेंसी बटन और फायर सेफ्टी की सुविधा ये बसें 9 मीटर लंबी और 26 सीटों की क्षमता वाली हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक और इमरजेंसी बटन के साथ फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं। बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमैटिक गेट और सुगम प्रवेश की व्यवस्था भी की गई है।
पलवल के सेक्टर-2 स्थित एसपीएस इंटरनेशनल में 5वीं इंटर-स्कूल स्पोर्ट्स मीट 2026 का समापन हुआ। मेजबान एसपीएस इंटरनेशनल 44 स्वर्ण, 34 रजत और 27 कांस्य पदकों के साथ 721 अंक लेकर ओवरऑल चैंपियन बना। मॉडर्न स्कूल सेक्टर-17, फरीदाबाद 392 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। 3 से 6 नवंबर तक चली इस मीट में 150 स्कूलों के 2,500 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कबड्डी, योग, खो-खो, कुश्ती, ताइक्वांडो, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल के मुकाबले हुए। समापन समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैसला गेस्ट ऑफ द डे रहे। एसपीएस इंटरनेशनल ने एसपीएसआई कप-2026 की ट्रॉफी फर्स्ट रनर-अप मॉडर्न स्कूल सेक्टर-17, फरीदाबाद को समर्पित की। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने आगे आकर टीम को ट्रॉफी सौंपी। किस खेल में कौन सा स्कूल जीता कबड्डी में एसपीएस इंटरनेशनल चैंपियन बना। शिक्षा संस्कार इंटरनेशनल और कला मंदिर दूसरे स्थान पर रहे। योग में एसपीएस पहले, पीएमश्री स्कूल पलवल दूसरे और एसआर स्कूल बल्लभगढ़ तीसरे स्थान पर रहा। खो-खो में पीएमश्री खांडावली पहले, डीएवी सेक्टर-30 फरीदाबाद दूसरे और एसपीएस तीसरे स्थान पर रहा। कुश्ती में न्यू डीपीएस दीघोट पहले, बॉन्डन स्कूल सेक्टर-17 फरीदाबाद दूसरे और एसपीएस तीसरे स्थान पर रहा। ताइक्वांडो में एसपीएस पहले, मॉडर्न स्कूल दूसरे और रावल बीएसके तीसरे स्थान पर रहा। एथलेटिक्स में एसपीएस पहले, मॉडर्न स्कूल दूसरे और विद्यानंद तीसरे स्थान पर रहा। अंडर-19 वॉलीबॉल में एसपीएस पहले और रावल बीएसके दूसरे स्थान पर रहा। भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- खेल सर्वांगीण विकास का माध्यम मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैसला ने कहा कि खेल सर्वांगीण विकास का माध्यम हैं और एसपीएस का आयोजन नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहा है। जिला महामंत्री दिनेश कौशिक ने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलों को भी समान महत्व देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान खेलों से है और ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देते हैं। आयोजक स्कूल के चेयरमैन सुरेश भारद्वाज ने कहा, खेल और शिक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं। वाइस चेयरमैन एडवोकेट चेतन भारद्वाज ने कहा, 2022 में शुरू की गई यह पहल आज बड़ा रूप ले चुकी है। इसे और व्यापक बनाया जाएगा। एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, हाइब्रिड एजुकेशन में AI के साथ स्पिरिचुअल इंटेलिजेंस और शारीरिक विकास को महत्व दिया जाता है। हर प्रतिभागी जो मैदान में उतरा, वही विजेता है। अंत में विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सतना। सतना पुलिस ने एक महीने में 17 लाख रुपए कीमत के 115 गुम मोबाइल खोजकर उनके मालिकों को लौटा दिए। इनमें कई मोबाइल मध्यप्रदेश के दूसरे जिलों के अलावा अन्य राज्यों में इस्तेमाल हो रहे थे। साइबर सेल और जिले के अलग-अलग थानों की टीम ने तकनीकी मदद से इन मोबाइल की लोकेशन पता की और संबंधित जगहों की पुलिस से संपर्क कर उन्हें वापस हासिल किया। पुलिस ने CEIR पोर्टल और तकनीकी जानकारी के आधार पर मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद संबंधित जिलों और राज्यों की पुलिस से समन्वय कर मोबाइल बरामद किए। शुक्रवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेमलाल कुर्वे और साइबर सेल प्रभारी अजीत सिंह ने मोबाइल मालिकों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद सभी 115 मोबाइल उनके मालिकों को सौंप दिए। दूसरे जिलों और राज्यों में इस्तेमाल हो रहे थे मोबाइल पुलिस के मुताबिक, गुम हुए कई मोबाइल मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों और दूसरे राज्यों में इस्तेमाल किए जा रहे थे। साइबर सेल ने CEIR पोर्टल की मदद से उनकी जानकारी जुटाई। मोबाइल की लोकेशन मिलने के बाद संबंधित जगहों पर पुलिस से संपर्क किया गया और फोन वापस हासिल किए गए। मोबाइल गुम होने पर CEIR पोर्टल पर कराएं ब्लॉक सतना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर जाकर मोबाइल ब्लॉक कराने की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि उसके गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।
जोधपुर में डरा-धमकाकर धर्म परिवर्तन करवाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़ित को नशे की लत छुड़वाने और बिजनेस शुरू करवाने का लालच दिया गया। बिजनेस के नाम पर एक महिला से संपर्क करवाकर शादी भी करवाई। इसके बाद पीड़ित को ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना कार्यक्रम में ले जाया। जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है। जोधपुर ग्रामीण एसपी पंकज यादव के अनुासर, आरोपी सुजत हनुमान उड़ीसा का रहने वाला है, जो अभी बिलाड़ा में रहता है। जांच में सामने आया कि ये लोगों को ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा में बुलवाने और धर्मांतरण का प्रयास करता था। साल 2015-16 में आया था कॉन्टैक्ट में पीड़ित प्रशांत गर्ग की ओर से पुलिस मे रिपोर्ट दी गई थी। पीड़ित ने बताया कि 2015-16 में उसका कॉन्टैक्ट सुजत हनुमान नाम के व्यक्ति से हुआ था। वह नशे की लत छुड़वाने और आर्थिक स्थिति में सुधार करने का लालच देता था। इस दौरान उसने ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना सभा में आने के लिए भी प्रेरित किया। आरोपी ने चमत्कारी तरीके से समस्याओं का समाधान करने का दावा भी किया। सोसायटी का सदस्य बनावाया, बिजनेस के नाम शादी करवाई पीड़ित ने बताया कि साल 2018-19 के दौरान उसे बालोतरा स्थित कॉलेज में बाइबिल संबंधित कोर्स करने के लिए भेजा गया। जहां बाइबल सोसायटी ऑफ इंडिया का सदस्य बनाया गया। इसके बाद चायपत्ती के बिजनेस के नाम पर गौरा नाम की महिला से संपर्क करवाकर उसकी शादी भी करवाई। पीड़ित ने ये भी आरोप लगाए कि आरोपी सुजत हनुमान उसे वॉट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदू धर्म के लोगों को ईसाई धर्म का प्रचार करने और प्रार्थना कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहता था। इस बीच जोधपुर के पाली रोड स्थित एक संस्था में नौकरी दिलवाई, जहां 14 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। दावा- संस्थान में धर्म से जोड़ने के लिए होता था काम पीड़ित ने बताया कि जिस संस्थान में उसे नौकरी लगावाई गई, वहां ईसाई धर्म से संबंधित किताबों का डिस्ट्रीब्यूशन होता था। इसके अलावा लोगों को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए काम किया जाता था। अजमेर में कई लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया- पीड़ित पीड़ित के अनुसार सितंबर 2026 में सुजत ने चाय के बिजनेस का लालच देकर अजमेर स्थित डीसी सेंटर लेकर गया। वहां पर जयपुर निवासी आनंद करोड़ द्वारा ईसाई धर्म के प्रचार का कार्यक्रम आयोजित था। वहां चाय के बिजनेस के नाम बिना ब्याज 40 हजार रुपए का लोन देने का लालच दिया। परिवादी के अनुसार इस कार्यक्रम में कई लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया था। इसके लिए उसे भी किसी भी दूसरे को जानकारी नहीं देने के लिए कहा गया। मामला सामने आने के बाद शुरू की जांच ग्रमीण एसपी पंकज यादव ने बताया कि ये ईसाई धर्म में परिवर्तन के लिए लालच देते और डरा-धमकाकर धर्मातंरण करवाते थे। इस गिरोह में और भी लोगों की भूमिका संदेह के घेरे में हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
गांवों में पेयजल आपूर्ति नियमित और व्यवस्थित बनाने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग ने नई तकनीक विकसित की है। विभाग ने IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) आधारित रूरल वॉटर सप्लाई ऑटोमेशन सिस्टम तैयार किया है। इससे अब गांवों की नल-जल योजनाओं के पंप मोबाइल से नियंत्रित किए जा सकेंगे। ओवरहेड टंकी में पानी निर्धारित स्तर तक भरते ही मोटर अपने आप बंद हो जाएगी। इससे पानी की बर्बादी और बिजली की खपत कम होगी। इस सिस्टम में GSM आधारित मॉड्यूल लगाया जाता है, जिसे ट्यूबवेल, संपवेल और पानी की टंकी से जोड़ा जाता है। इसके साथ दो वाटर लेवल सेंसर लगाए जाते हैं, जो संपवेल और ओवरहेड टंकी में पानी के स्तर की जानकारी देते हैं। नेटवर्क के माध्यम से यह जानकारी मोबाइल ऐप और ऑनलाइन डैशबोर्ड पर उपलब्ध होती है। टंकी में निर्धारित स्तर तक पानी भरने पर सिस्टम पंप को ऑटोमेटिक बंद कर देता है। जरूरत पड़ने पर ऑपरेटर मोबाइल से भी पंप चालू या बंद कर सकता है। लो वोल्टेज और मोटर खराब होने की समस्या पर लगेगी रोक ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लो वोल्टेज, बिजली के फेज में गड़बड़ी और मोटर के ड्राई-रन होने से जलापूर्ति प्रभावित होती है। कई बार टंकी भरने के बाद भी मोटर चलती रहती है, जिससे पानी ओवरफ्लो होकर बर्बाद होता है। नई तकनीक में वोल्टेज, करंट, फेज, मोटर के संचालन का समय और टंकी के जलस्तर की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। मोटर पर ओवरलोड, ड्राई-रन या वोल्टेज में गड़बड़ी होने पर संबंधित ऑपरेटर को तत्काल डिजिटल अलर्ट मिलेगा। इससे समय रहते खराबी का पता लगाकर उसे दूर किया जा सकेगा। मोटर को नुकसान से बचाने के साथ ही जलापूर्ति बाधित होने की समस्या भी कम होगी। जिले की 79 योजनाओं में इंस्टॉल, पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी बैतूल जिले में जल जीवन मिशन के तहत करीब 1100 नल-जल योजनाएं संचालित हैं। इनमें से फिलहाल 79 योजनाओं में यह सिस्टम इंस्टॉल किया जा चुका है। अब इसे शेष ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने की तैयारी है। गुरुवार को भोपाल में इस नवाचार का प्रेजेंटेशन भी किया गया। तकनीक की उपयोगिता को देखते हुए इसे पूरे मध्यप्रदेश में लागू करने की दिशा में पहल की जा रही है। संचालन में पारदर्शिता आएगी, खर्च भी होगा कम PHE के कार्यपालन यंत्री वर्मा के अनुसार, इस तकनीक से नल-जल योजनाओं के संचालन और संधारण में पारदर्शिता आएगी। पंप ऑपरेटरों और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही भी तय होगी। मोटर खराब होने, अनावश्यक मरम्मत और फील्ड विजिट पर होने वाला खर्च कम होगा। इसका सीधा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति के रूप में मिलने की उम्मीद है। कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवाने ने बताया कि इस नवाचार का भोपाल में प्रदर्शन किया गया है। बैतूल में सिस्टम पूरी तरह सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का प्रस्ताव है।
करौली में दीपावली के पांच दिवसीय पर्व पर पटाखे चलाने का समय और जगह तय कर दी गई है। लोग रात 8 से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे चला सकेंगे। अस्पतालों, स्कूल-कॉलेजों, धार्मिक स्थलों और मुख्य बाजारों में आतिशबाजी पर रोक रहेगी। जिला मजिस्ट्रेट अक्षय गोदारा ने बताया कि पटाखों से ध्वनि और वायु प्रदूषण बढ़ता है और लोगों को परेशानी होती है। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्रीन पटाखे चलाने के लिए दो घंटे तय किए गए हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोकआदेश के तहत अस्पताल, छात्रावास, स्कूल, कॉलेज, न्यायालय परिसर, सरकारी कार्यालय, दूरदर्शन केंद्र, सिनेमाघर, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, पेट्रोल पंप, गैस गोदाम और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। मुख्य बाजारों में भी आतिशबाजी नहीं की जा सकेगी। यह रोक 6 नवंबर की शाम 6 बजे से 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक लागू रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी। प्रशासन ने लोगों से ग्रीन पटाखे चलाने और तय समय का पालन करने की अपील की है।
छत्तीसगढ़ में चिकित्सकों की लंबित मांगों पर सरकार की सहमति के बावजूद अब तक विभागीय आदेश जारी नहीं हुए हैं। इसे लेकर छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (CGDF) और जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने स्वास्थ्य मंत्री को दोबारा पत्र लिखकर जल्द कार्रवाई की मांग की है। फेडरेशन का कहना है कि इन मांगों पर पहले ही सहमति और अनुमोदन मिल चुका है, लेकिन विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से चिकित्सकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। फेडरेशन ने उच्च शिक्षा के लिए NOC की प्रक्रिया आसान करने, बॉन्डेड MBBS और PG चिकित्सकों का मानदेय बढ़ाने तथा PG करने के बाद नियमित चिकित्सकों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार विभाग देने की मांग की है। NOC के लिए संपत्ति गिरवी रखने की शर्त खत्म करने की मांग चिकित्सकों को PG और अन्य उच्च शिक्षा के लिए NOC लेने के दौरान संपत्ति गिरवी रखने की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की गई है। CGDF का कहना है कि दूसरे राज्यों की तरह यहां भी केवल शपथ-पत्र (एफिडेविट) के आधार पर NOC देने की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इससे चिकित्सकों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक और कानूनी अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा। बॉन्डेड MBBS डॉक्टरों का मानदेय 70 हजार करने पर सहमति सामान्य क्षेत्र में सेवाएं देने वाले बॉन्डेड MBBS चिकित्सकों का मानदेय 70 हजार रुपए प्रतिमाह करने पर पहले सहमति बन चुकी है। इसके बावजूद अब तक आदेश जारी नहीं हुआ है। फेडरेशन ने जल्द आदेश जारी कर बढ़े हुए मानदेय का लाभ देने की मांग की है। PG डॉक्टरों के मानदेय में 2 हजार रुपए की विसंगति दूर करने की मांग अनुबंधित PG (MD/MS) चिकित्सकों के मानदेय में भी विसंगति दूर करने की मांग की गई है। फेडरेशन के अनुसार, PG तृतीय वर्ष के चिकित्सकों को मिलने वाले मानदेय से 2 हजार रुपए अधिक यानी करीब 95 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने पर सहमति दी गई थी। इस पर भी अब तक आदेश जारी नहीं हुआ है। PG के बाद विशेषज्ञता के अनुसार विभाग देने की मांग सरकारी मेडिकल कॉलेजों के ऐसे नियमित चिकित्सक, जो अध्ययन अवकाश लेकर PG (MD/MS) की पढ़ाई पूरी कर लौटे हैं, उन्हें उनकी विशेषज्ञता के अनुसार विभाग नहीं दिया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, कोई डॉक्टर PG से पहले रेडियोलॉजी विभाग में काम कर रहा था और उसने सर्जरी में PG की डिग्री हासिल की है, तो उसे सर्जरी विभाग में पदस्थ किया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। CGDF का कहना है कि इससे डॉक्टरों की विशेषज्ञता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। शासन ने जिन चिकित्सकों को उच्च शिक्षा के लिए अध्ययन अवकाश दिया, उनकी नई विशेषज्ञता का लाभ मरीजों और मेडिकल कॉलेजों को भी नहीं मिल रहा है। इसलिए PG की पढ़ाई पूरी करने वाले नियमित चिकित्सकों को उनके विषय के अनुसार विभाग देने का आदेश जारी किया जाए। मांगों पर आदेश जारी करना जरूरी: JDA JDA रायपुर के अध्यक्ष डॉ. पीयूष ने कहा कि चिकित्सक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी जायज मांगों पर केवल सहमति देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय पर विभागीय आदेश जारी करना भी जरूरी है। मांगें लंबे समय से लंबित रहने से चिकित्सकों के शैक्षणिक अवसर, आर्थिक हित और भविष्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, JDA छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री से सभी लंबित विषयों पर जल्द विभागीय कार्रवाई पूरी कर आदेश जारी करने का आग्रह किया है।
खरगोन जिले के ऊन स्थित महालक्ष्मी मंदिर में दीपावली की शुरुआत हो गई। शुक्रवार को धनतेरस पर शाम तक 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर में सुबह 5 बजे से दर्शन शुरू हुए। सुबह 6 बजे आरती के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी। भक्तों ने माताजी को पीले चावल चढ़ाकर दीपावली पर घर आने का न्योता दिया। मंदिर परिसर में दीप भी जलाए गए। पुजारी नरेंद्र पंडित ने बताया कि दीपावली पर महालक्ष्मी पूजा के लिए मंदिर को फूलों और रंगीन रोशनी से सजाया गया है। उनके मुताबिक, निमाड़ के अलावा महाराष्ट्र और गुजरात से 50 हजार से ज्यादा भक्तों के आने का अनुमान है। सेवादार गजेंद्र सोनी ने बताया कि ऊन का महालक्ष्मी मंदिर 11वीं शताब्दी का है। परमार काल के इस मंदिर में माताजी को सिंदूर का चोला चढ़ाने और कमल अर्पित करने की परंपरा है। मंदिर के समकालीन कमल तलाई है। गोपाष्टमी पर क्षेत्र के 50 गांवों के लोग भंडारा करते हैं।
बालाघाट के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में लगे पटाखा बाजार में सुरक्षा नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। यहां करीब 61 फुटकर दुकानें लगाई गई हैं। नियमों के मुताबिक, दुकानों के बीच 3 मीटर की दूरी होनी चाहिए, लेकिन मैदान में दुकानों के बीच करीब एक मीटर का ही फासला है। जगह की कमी के चलते तय मानक से कम दूरी रखी गई है। दुकानदारों के मुताबिक, बाजार में अग्नि सुरक्षा के लिए अग्निशमन उपकरण और रेत से भरी बाल्टियां रखी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए अस्थायी पुलिस चौकी भी बनाई गई है। तीन मीटर की दूरी रखी जाती है फुटकर पटाखा संघ के अध्यक्ष निर्मल कल्लु सोनी ने कहा कि दुकानों के बीच 3 मीटर की दूरी रखी जाती तो मैदान में सभी दुकानें नहीं लग पातीं। उन्होंने दावा किया कि अस्थायी दुकानों में सुरक्षा के पर्याप्त साधन मौजूद हैं। आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए फायर वाहन, अग्निशमन उपकरण और रेत की व्यवस्था की गई है। सोनी ने बताया कि बाजार के सभी फुटकर व्यापारियों के पास प्रशासन की ओर से जारी लाइसेंस हैं। हालांकि, किसी थोक विक्रेता के फुटकर लाइसेंस पर दूसरा व्यक्ति दुकान चला रहा है या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने बताया कि इस साल पटाखों के दाम में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
पंजाब के बठिंडा-सिरसा बॉर्डर पर गांव पथराला के पास हरियाणा के युवक की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। युवक तलवंडी साबो कोर्ट में मारपीट के एक मामले में पेशी भुगतने जा रहा था। युवती समेत 6 नामजद आरोपियों ने पहले कार से युवक का पीछा किया और फिर रास्ते में घेर लिया। जान बचाने के लिए युवक खेतों की तरफ भागा, लेकिन हमलावरों ने वहां उसे घेरकर सिर पर कई वार किए। पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे करीब डेढ़ साल पुरानी रंजिश सामने आई है। जिसके बदला लेने के लिए हत्या की गई। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… कार से पीछा किया, खेतों में घेरकर हमला किया पुलिस के अनुसार, कुलदीप सिंह अपनी ऑल्टो कार (HR 94 2706) में गांव मसीतां से बठिंडा की तरफ जा रहा था। उसके साथ एक साथी भी था। जब वे बठिंडा-डबवाली रोड पर गांव पथराला के पास पहुंचे, तो दूसरी कार में सवार 3 लोगों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ दूरी पर आरोपियों ने उनकी कार रुकवा ली। इसके बाद कुलदीप गाड़ी से उतरकर जान बचाने के लिए गांव पथराला निवासी गुरदीप सिंह पुत्र दान सिंह के खेतों की तरफ भागा। हमलावर भी उसके पीछे खेतों में पहुंच गए और उसे घेरकर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। सिर पर कुल्हाड़ी से कई वार किए गए। हमले में कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई। डेढ़ साल पहले गुरसेवक की हत्या में जेल गया था कुलदीप थाना संगत के एसएचओ इंस्पेक्टर हरबंस सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ साल पहले कुलदीप सिंह ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर गांव मसीतां के गुरसेवक सिंह की हत्या की थी। इस मामले में वह जेल गया था और कुछ समय पहले ही जमानत पर बाहर आया था। पुलिस को शक है कि गुरसेवक की हत्या का बदला लेने के लिए दूसरे पक्ष ने कुलदीप को निशाना बनाया। एसएचओ के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पारिवारिक विवाद और पुरानी रंजिश भी रही है। पहले भी इनके बीच कई मामले और मुकदमे दर्ज हुए थे। युवती समेत 6 नामजद, अज्ञात पर भी केस एसएचओ हरबंस सिंह ने बताया कि पुलिस ने एक युवती समेत 6 लोगों को नामजद किया है। इनके अलावा अज्ञात लोगों के खिलाफ भी हत्या का केस दर्ज किया गया है। नामजद आरोपियों में हर्ष सिंह निवासी मसीतां (डबवाली), सचिन बिश्नोई निवासी ऐलनाबाद, सुखबीर सिंह निवासी डबवाली, वीरदविंदर सिंह उर्फ गोरी निवासी डबवाली, सर्बजीत सिंह निवासी डबवाली और सत्ती कौर शामिल हैं। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, आरोपियों की तलाश में टीमें रवाना डीएसपी ग्रामीण परमिंदर सिंह ने बताया कि खेतों में हत्या की सूचना मिलने पर चौकी पथराला के पुलिसकर्मी, थाना संगत के एसएचओ और वह खुद मौके पर पहुंचे थे। शव की पहचान के बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। डीएसपी के अनुसार, शुरुआती जांच में दोनों पक्षों के बीच पुरानी पारिवारिक रंजिश और पहले दर्ज मुकदमों की बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए CIA और थाना पुलिस की अलग-अलग टीमें रवाना की गई हैं। हत्या समेत कई केस दर्ज, मारपीट के मामले में जा रहा था कोर्ट एसएचओ हरवंस सिंह के मुताबिक, मृतक कुलदीप सिंह के खिलाफ हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज थे। वह हत्या के एक मामले में जेल में बंद था और कुछ समय पहले जमानत पर बाहर आया था। शुक्रवार को वह अपने खिलाफ चल रहे मारपीट के एक मामले में तलवंडी साबो कोर्ट में पेशी भुगतने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी हत्या कर दी गई।
विदिशा जिला अस्पताल में शुक्रवार को डिलीवरी के एक मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। एक प्रसूता के परिजन ने अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने और पेट पर दबाव डालकर जबरन प्रसव कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजन का दावा है कि डिलीवरी के दौरान जच्चा की बच्चेदानी (गर्भाशय) बाहर निकल आई, जिसके बाद उसे आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। फिलहाल मां और नवजात दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है। पीड़ित महिला निकिता प्रजापति के परिजन के मुताबिक, वे प्रसव पीड़ा होने पर उसे शाम करीब 6 बजे जिला अस्पताल लाए थे। परिजन का आरोप है कि प्रसव के दौरान स्टाफ ने महिला के पेट पर अनुचित दबाव बनाया, जिससे नवजात के साथ ही महिला की बच्चेदानी भी शरीर से बाहर निकल आई। परिजन ने आरोप लगाया कि गंभीर स्थिति के बावजूद उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई और गुपचुप तरीके से मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। डॉक्टर की दलील- गर्भ में बच्चे ने किया मेकोनियम मामला बढ़ने पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से पड़ताल करने पहुंचे विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद मिश्रा ने बताया कि रात करीब 2 बजे प्रसव हुआ था। प्रसव से पहले ही बच्चे ने गर्भ के भीतर गंदा पानी (मेकोनियम) पी लिया था, जिससे जन्म के समय ही उसकी सांसें थमने जैसी स्थिति थी। उसे प्राथमिक उपचार (रिसासिटेट) देकर तुरंत एसएनसीयू (SNCU) में भर्ती कराया गया। डॉ. मिश्रा ने स्वीकार किया कि प्रसव के बाद गर्भाशय बाहर आना (यूटेराइन प्रोलैप्स) एक बेहद गंभीर चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जिसमें अत्यधिक रक्तस्राव से जान जाने का खतरा रहता है। डॉक्टर की टीम ने तुरंत महिला को संभाला, ब्लड चढ़ाया और मेडिकल कॉलेज भेजा। डॉक्टर के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में गर्भाशय को वापस सही स्थान पर सेट कर दिया गया है और महिला खतरे से बाहर है, हालांकि नवजात की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। स्टाफ के अभद्र व्यवहार से भड़के परिजन परिजन ने ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ के बर्ताव पर भी ऐतराज जताया है। उनका आरोप है कि स्टाफ ने न सिर्फ स्थिति छिपाकर रखी, बल्कि पूछने पर अभद्रता भी की। इस पर डॉ. प्रमोद मिश्रा ने कहा कि परिजन इलाज से ज्यादा कर्मचारियों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से असंतुष्ट दिखे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले के सभी तथ्यों की बारीकी से जांच की जा रही है और अगले 2 दिनों में जांच पूरी कर दोषी कर्मचारियों पर सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
दीपावली का पर्व 8 नवंबर को देशभर में मनाया जाएगा। इस दिन मां महालक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। जैसलमेर के ज्योतिषाचार्य उमेश आचार्य के अनुसार दीपावली पर स्थिर लग्न में पूजन करना शुभ माना जाता है। जैसलमेर में शाम 6 बजकर 11 मिनट से रात 8 बजकर 2 मिनट तक स्थिर वृषभ लग्न रहेगा। इसके बाद मध्यरात्रि में 12 बजकर 35 मिनट से रात 2 बजकर 45 मिनट तक स्थिर सिंह लग्न रहेगा। अमावस्या तिथि रविवार को सुबह 11 बजकर 29 मिनट से प्रारंभ होगी। आचार्य के अनुसार स्थिर लग्न में षोडशोपचार विधि से महालक्ष्मी, गणेश और कुबेर का पूजन करने से सुख, संपत्ति, वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। स्थिर लग्न में पूजा करने से सुख-समृद्धि बनी रहती है दीपावली पर मां महालक्ष्मी की आराधना का विशेष महत्व है। इस दिन श्रद्धालु घरों और प्रतिष्ठानों में विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन करते हैं। ज्योतिषाचार्य उमेश आचार्य ने बताया कि दीपावली पर स्थिर लग्न में किया गया श्री महालक्ष्मी पूजन, श्री गणेश पूजन और श्री कुबेर पूजन विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि स्थिर लग्न में पूजा करने से घर में स्थायी लक्ष्मी का वास होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। आचार्य उमेश ने बताया कि रविवार 8 नवंबर को दोपहर 11 बजकर 29 मिनट से कार्तिक कृष्ण अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी। दीपावली के दिन जैसलमेर में भारतीय मानक समय के अनुसार शाम 6 बजकर 11 मिनट से रात 8 बजकर 2 मिनट तक स्थिर वृषभ लग्न रहेगा। यह समय महालक्ष्मी पूजन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। इसके अलावा मध्यरात्रि के बाद 12 बजकर 35 मिनट से रात 2 बजकर 45 मिनट तक स्थिर सिंह लग्न रहेगा। श्रद्धालु इन दोनों स्थिर लग्नों में अपनी सुविधानुसार पूजन कर सकेंगे। षोडशोपचार विधि से करें पूजन ज्योतिषाचार्य ने बताया कि स्थिर लग्न में षोडशोपचार विधि से श्री महालक्ष्मी पूजन करना चाहिए। इस विधि में देवी-देवताओं का 16 प्रकार से पूजन एवं सत्कार किया जाता है। दीपावली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश और कुबेर की पूजा का भी विधान है। भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना जाता है, जबकि कुबेर को धन का देवता कहा जाता है। ऐसे में तीनों का एक साथ पूजन करना विशेष महत्व रखता है। स्थायी लक्ष्मी के लिए शुभ माना गया स्थिर लग्न आचार्य उमेश ने बताया कि स्थिर लग्न में किए गए धार्मिक अनुष्ठान और पूजन से स्थायित्व की प्राप्ति होती है। दीपावली पर इस लग्न में मां महालक्ष्मी की आराधना करने से परिवार में सुख, संपत्ति, वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को शुभ समय में विधि-विधान और श्रद्धा के साथ पूजन करने की बात कही।
कैथल के जिमखाना क्लब में भाजपा की ओर से दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने शिरकत की। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी व भाजपा जिला प्रभारी अमरपाल राणा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ एवं पुराने कार्यकर्ताओं का फूल-मालाओं, शॉल एवं मिठाई भेंट कर सम्मान किया गया। सभी ने एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और संगठन की मजबूती एवं आपसी भाईचारे का संदेश दिया। कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत हुआ संगठन कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि भाजपा संगठन अपने समर्पित एवं अनुभवी कार्यकर्ताओं की मेहनत, निष्ठा और त्याग के बल पर निरंतर मजबूत हुआ है। वरिष्ठ कार्यकर्ता संगठन की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने दीपावली पर संगठन की एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यकर्ता ही संगठन की नींव कैथल भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ एवं अनुभवी कार्यकर्ता संगठन की मजबूत नींव हैं। उनका मार्गदर्शन और वर्षों का अनुभव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। इस दीपावली मिलन समारोह का उद्देश्य पुराने साथियों के साथ आत्मीयता बढ़ाना, उनका सम्मान करना और संगठन में आपसी समन्वय एवं भाईचारे को और मजबूत करना है। कैथल भाजपा जिला प्रभारी अमरपाल राणा ने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के समर्पण, सेवा और सामूहिक प्रयासों से चलने वाला परिवार है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान करना और उनके अनुभवों से सीखना संगठन की स्वस्थ परंपरा है। सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर पार्टी की नीतियों एवं जनकल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाना चाहिए।
दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही ग्वालियर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। बाजार सजकर तैयार हैं और खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। कहीं मिट्टी के दीये और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां आकर्षित कर रही हैं तो कहीं पूजा सामग्री, खील-बताशे और खिलौनों की दुकानों पर ग्राहक पहुंच रहे हैं। घरों की सजावट से लेकर पूजन की तैयारियों तक लोग अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। 100 रुपए में मिल रहे 100 मिट्टी के दीये दीपावली पर पूजन के लिए मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ गई है। बाजार में साधारण दीयों के साथ कई डिजाइन और वैरायटी के सजावटी दीये उपलब्ध हैं। छोटे-बड़े दीयों के अलावा करवा मुंह वाले और रंग-बिरंगे दीये भी ग्राहकों को पसंद आ रहे हैं। मिट्टी के दीये बेचने वाली इंदू प्रजापति ने बताया कि इस बार 100 रुपए में 100 दीये बिक रहे हैं। इसके अलावा आकर्षक डिजाइन वाले दीयों की भी कई वैरायटी उपलब्ध हैं। खील-खिलौनों की दुकानों पर भी भीड़ दीपावली पूजन में इस्तेमाल होने वाली खील और खिलौनों की खरीदारी भी तेज हो गई है। बाजार में खील के साथ पारंपरिक खिलौने भी बिक रहे हैं। दुकानदार शुभम ने बताया कि खील करीब 200 रुपए प्रति किलो और खिलौने 200 से 300 रुपए प्रति किलो तक बिक रहे हैं। लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए लोग इनकी खरीदारी कर रहे हैं। इसके अलावा पूजा की थाली, रोली, चावल, बताशे और अन्य पूजन सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहक पहुंच रहे हैं। रंग-बिरंगी लाइटिंग और सजावटी सामान की धूम घरों को आकर्षक तरीके से सजाने के लिए बाजार में लाइटिंग की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। स्टार लाइट, क्रैकर्स लाइट, रंग-बिरंगी बीडिंग, झालर और आकर्षक झूमर ग्राहकों को पसंद आ रहे हैं। इसके अलावा विंड चाइम, सजावटी पौधे और पेड़ सहित घर की सजावट से जुड़ा सामान भी खरीदा जा रहा है। दुकानदारों ने ग्राहकों की पसंद को देखते हुए अलग-अलग डिजाइन और रेंज के उत्पाद सजाए हैं। हर बाजार में दिख रही त्योहार की चमक महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, टोपी बाजार, नजरबाग, सुभाष मार्केट और दौलतगंज में दीपावली की खरीदारी का उत्साह दिखाई दे रहा है। बाजारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए बाजारों के आसपास आठ स्थान तय किए गए हैं, जबकि पांच प्रमुख मार्गों पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है। इसके अलावा जाम से बचने के लिए बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है, ताकि त्योहार के दौरान लोगों को खरीदारी में परेशानी न हो और बाजारों में आवागमन सुचारू बना रहे।

