सर, आप नंबर दीजिए। किसका डेटा चाहिए- बीवी, गर्लफ्रेंड, बिनजनेस पार्टनर या किसी नेता का? हम 6 महीने की कॉल डिटेल निकालकर दे देंगे। इसके अलावा टीडीएस और बैंक खातों की जानकारी भी दे देंगे। भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में एक डिटेक्टिव एजेंसी संचालक और उसके पार्टनर ने यह खुलासा किया। दोनों खुद को जासूस बताते हैं, लेकिन आड़ में लोगों का निजी डेटा बेच रहे हैं। भारतीय टेलीग्राफ एक्ट 1885 और आईटी एक्ट 2000 के तहत निजी जानकारी साझा करना अपराध है। इसमें 3 साल तक की जेल और 1 लाख से 2 करोड़ रुपए तक जुर्माना हो सकता है। इसके बाद भी इन्हें कानून का खौफ नहीं है। इन्होंने हर काम की रेट लिस्ट बना रखी है। यह अकेली एजेंसी नहीं, बल्कि एक सिंडिकेट है, जिसमें डिटेक्टिव एजेंसियों, मोबाइल कंपनी के कर्मचारी और बैंककर्मियों की कथित मिलीभगत है। इस सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने जासूसी एजेंसियों को एमपी के वरिष्ठ आईएएस अफसरों के नंबर दिए। इन्होंने बिना हिचकिचाहट कॉल डिटेल के सैंपल दिखाए और पूरी रिपोर्ट के लिए 20-40 हजार रुपए खर्च बताया। किसी व्यक्ति की सीडीआर निकालना गैरकानूनी है, इसलिए भास्कर रिपोर्टर ने इनसे सीडीआर देने की केवल डील की। साथ ही एक्सपर्ट से समझा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से कितना बड़ा खतरा है। पढ़िए रिपोर्ट 'जासूस' ने खोले अपने काले कारोबार के राजभास्कर की टीम ने मनगढ़ंत कहानी के साथ इंदौर में ‘इंदौर डिटेक्टिव सर्विस’ चलाने वाले मुकेश तोमर और योगेश भेलवाल से संपर्क किया। उन्हें बताया कि एक महिला तहसीलदार को झूठे भ्रष्टाचार के मामले में फंसाया गया है। बहाली के नाम पर एक आईएएस दंपती और तीन दलालों ने उनसे 30 लाख रुपए ठग लिए हैं। अब वे लोग गायब हैं और उनकी लोकेशन, कॉल डिटेल और बैंकिंग जानकारी चाहिए। जासूस मुकेश तोमर को फर्क नहीं पड़ा कि केस सच्चा है या झूठा। उसका एकमात्र टारगेट पैसा कमाना था। रिपोर्टर: हमें कुछ लोगों की डिटेल निकलवानी है... वे मिल नहीं रहे हैं, उनके पीछे एक आईएएस दंपती है। मुकेश तोमर: आप उनके नंबर दे दीजिए... हम आपको डिटेल, लोकेशन और अन्य जानकारी तो दे देंगे लेकिन हम पकड़कर नहीं देंगे। रिपोर्टर: हमें बस इनकी अकाउंट की जानकारी, लोकेशन और कॉल डिटेल मिल जाए तो आगे का हम देख लेंगे। बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जानकारी देने का ऑफरचंद मिनटों में तोमर ने दिए गए नंबरों की कुछ जानकारी निकालकर बता दी। उसने कहा- हम आपके नंबर की भी जानकारी निकाल सकते हैं। साथ ही, जिन लोगों की जानकारी चाहिए, उनकी बैंकिंग जानकारी भी निकाल देंगे कि इन्होंने कहां-कहां और किस खाते में रुपए ट्रांसफर किए। हम उनकी पूरी चेन पकड़ सकते हैं। इनके नंबर की कॉल रिकॉर्ड निकाल सकते हैं। उनके मूवमेंट और लोकेशन भी पता कर सकते हैं। जिनसे बात हुई, उनकी डिटेल भी निकाल देंगे कि ये कौन हैं और कौन इनके सपोर्ट में हैं। उसने दावा किया कि वह मोबाइल फोन से डिलीट डेटा भी रिकवर करवा सकता है। जब काम की वैधता पर सवाल उठाया गया, तो उसने और उसके साथी योगेश ने जो कहा, वह चौंकाने वाला था। 1.85 लाख रुपए का पैकेज की डीलसौदा तय होने पर इन जालसाजों ने वॉट्सएप पर औपचारिक बिल भेजा। यह बिल दिखाता है कि यह छोटा-मोटा अपराध नहीं, बल्कि संगठित कंपनी की तरह चल रहा गोरखधंधा है। जासूस एजेंसी ने तीन लोगों की 6 महीने की कॉल डिटेल के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए चार्ज किए, यानी 40 हजार रुपए प्रति व्यक्ति। इसके अलावा बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन के एनालिसिस के लिए 15 हजार, टीडीएस और बैंकिंग रिटर्न के लिए 10 हजार और कोर इन्वेस्टिगेशन चार्ज के तौर पर 40 हजार रुपए चार्ज किए। यानी कुल डील 1 लाख 85 हजार रुपए में हुई। मैसेज के अंत में लिखा था-‘यह हमारा बेस्ट ऑफर है, इससे कम में काम नहीं होगा।’ बातचीत के दौरान मुकेश तोमर ने अपने फोन पर एक CDR का सैंपल दिखाते हुए कहा, इस तरह की सीडीआर आती है, ये नंबर आते हैं, डेट, टाइम, लोकेशन और टाइम ड्यूरेशन। बहुत आसान होता है हमें इस तरह से ट्रेस करना। भास्कर की टीम ने एक दूसरे 'जासूस' अनिकेत से संपर्क किया, जो इसी तरह के नेटवर्क का हिस्सा है। इस बार कहानी एक आईएएस अफसर की थी, जिसकी कॉल डिटेल निकलवानी थी। रिपोर्टर: एक आईएएस अफसर की कॉल डिटेल निकलवानी है, जो सीएम हाउस में पदस्थ है। अनिकेत: हां, कॉल डिटेल निकल जाएगी... मिनिमम एक महीने की निकलेगी, दो से तीन दिन में निकलवा देंगे। रिपोर्टर: यह लीगल तो है? अनिकेत: नहीं... एक बात और बता देता हूं कि आप इसे कोर्ट केस में नहीं लगा सकते, यह लीगल नहीं है... ये जो आप कॉल डिटेल निकलवा रहे हैं वह पूरी इललीगल है। हम केवल आपकी मदद कर रहे हैं। अनिकेत ने बताया कि जहां कोर्ट को यह जानकारी निकालने में छह से सात महीने लगते हैं, वहीं वह यह काम दो से तीन दिन में कर सकता है। उसने रेट बताए—एक महीने के 12 हजार, तीन महीने के 20 हजार और छह महीने के 35 हजार रुपए। उसने दावा किया कि यह जानकारी केवल आईपीएस स्तर के अधिकारी ही निकाल सकते हैं, वह भी सरकारी अनुमति से। कैसे निकालते हैं यह डेटा? इन एजेंसियों का दावा है कि उनके पास ऐसे सॉफ्टवेयर और 'इनसाइडर' (भीतर के लोग) हैं, जिनकी टेलीकॉम कंपनियों और बैंकों के सर्वर तक सीधी पहुंच है। वे मुख्य रूप से यह जानकारी निकालते हैं: सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड): किस नंबर पर, किस समय, कितनी देर बात हुई और उस समय आपकी लोकेशन क्या थी। बैंक टीडीएस डेटा: आपके बैंक खाते में कितना बैलेंस है, कहां-कहां ट्रांजैक्शन हुए और आपने कितना टैक्स भरा है। वॉट्सएप ट्रैकिंग: ये लोग वॉट्सएप चैट और मीडिया फाइल्स तक निकालने का भी दावा करते हैं। यह एक बड़े 'डेटा ब्रीच' का संकेत है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई प्राइवेट एजेंसी इतनी आसानी से आपकी फाइनेंशियल डिटेल निकाल रही है, तो इसका मतलब है कि हमारे बैंकिंग और टेलीकॉम सिस्टम की सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक है। कौन निकाल सकता है CDR? कॉल डिटेल केवल पुलिस या सरकारी एजेंसियां, वह भी अदालत के आदेश या उच्चाधिकारियों की मंजूरी के बाद ही हासिल हो सकती हैं। एसोसिएशन ऑफ डिटेक्टिव्स एंड इन्वेस्टिगेटर्स (ADI) के चेयरमैन, एस वी जग्गा ने बताया कि, कोई भी डिटेक्टिव एजेंसी किसी भी व्यक्ति की कॉल डिटेल नहीं निकाल सकती। यदि वे ऐसा कर रहे हैं तो वे अपराधी हैं। उन्होंने कहा, यदि कोई सीडीआर निकाल रहा है तो वो कानून का दोषी तो है ही, हम भी उसकी मान्यता रद्द कर देंगे।
गाजियाबाद में मंगलवार, 7 अप्रैल की सुबह 18 साल की छात्रा की 16वीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई। छात्रा ने इसी साल 12वीं की परीक्षा दी थी, वह यूपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी। पुलिस मामले को सुसाइड बता रही है, लेकिन पिता ने कहा- ‘मेरी बेटी के साथ गलत काम किया गया है। उसके बाद हादसा दिखाने के लिए उसे ऊपर से फेंक दिया गया।’ इस केस में छात्रा के फटे कपड़े मौत की गुत्थी को उलझा रहे हैं। लिफ्ट के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि उसने पूरे कपड़े पहन रखे थे, जबकि गिरने के बाद उसके कपड़े फटे हुए थे। पढ़िए ये रिपोर्ट… पहले पूरा घटनाक्रम जानिए… गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में एक परिवार करीब 25 साल से रह रहा है। पिता पास की ही जयपुरिया सनराइज ग्रीन सोसाइटी में गाड़ियों की सफाई करने के अलावा कपड़े प्रेस करने का काम करते हैं। 7 अप्रैल की सुबह करीब 5 बजकर 40 मिनट पर वह स्कूटी से बेटी के साथ सोसाइटी पहुंचे। वह गाड़ी की सफाई करने चले गए। थोड़ी देर बाद लोगों ने बताया कि एक लड़की 16वीं मंजिल से गिर गई, पिता दौड़ते हुए पहुंचे तो बेटी का शव पड़ा था। पिता ने कहा- रेप के बाद बेटी को बिल्डिंग से फेंका गयाछात्रा के पिता ने इंदिरापुरम पुलिस को बयान दिया, मैं बेटी को छोड़कर सोसाइटी के तीसरे बेसमेंट में गाड़ियां साफ करने चला गया। करीब आधे घंटा बाद सूचना मिली कि कोई लड़की गिर गई या कूद गई है। C ब्लॉक टावर के नीचे पड़ी हुई है। पिता ने कहा, जब मैं मौके पर पहुंचा तो देखा कि वो मेरी बेटी थी, जिसकी मौत हो चुकी थी। मुझे आशंका है कि मेरी बेटी के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और उसके बाद साक्ष्य छिपाने तथा हत्या को दुर्घटना दर्शाने के उद्देश्य से उसे C ब्लॉक टावर की किसी मंजिल से नीचे फेंक दिया गया। सीसीटीवी में लिफ्ट तक कपड़े सही थे, फिर कैसे फटे भास्कर को सोसायटी की लिफ्ट का सीसीटीवी फुटेज मिला है। 5 बजकर 53 मिनट पर छात्रा लिफ्ट में थी। जहां वह हल्के सफेद रंग की कुर्ती और ब्लैक कलर की पैंट पहने हुई दिख रही है। छात्रा लिफ्ट में अकेली पहुंची और अकेली ही निकली। पैरों में चप्पल थी। छात्रा का कोई भी कपड़ा फटा हुआ नहीं था। पिता का भी कहना है कि जब वह पहुंचे तो बेटी के ऊपर के कपड़े फटे हुए थे। अंदरूनी कपड़े भी फटे हुए थे। पिता का कहना है कि अगर बेटी गिरी या कूदी तो उसके कपड़े कैसे फटे। पिता का आरोप है कि ‘मेरी बेटी के साथ गलत काम हुआ है, उसे मारकर डाला गया है। उसके कपड़े कैसे फट गए। जब मैं गाड़ी साफ कर रहा था, बेटी बाथरुम जाने की बात कहकर गई थी।’ यदि कोई लड़की या व्यक्ति 160 फीट की ऊंचाई से गिरेगा तो कपड़े कैसे फट जाएंगे। सीडीआर खंगाल रही पुलिसएसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि अभी तक की पड़ताल और फोरेंसिक टीम की जांच में आया है कि लड़की ने सुसाइड किया है। वह लिफ्ट से अकेली 16 मंजिल पर पहुंची और फिर कूद गई। 5 बजकर 53 मिनट पर लिफ्ट में थी, 5 बजकर 57 मिनट गिरने का समय आया। छात्रा खुद मोबाइल नहीं रखती थी। पुलिस छात्रा के पिता की सीडीआर खंगाल रही है। जांच में यह भी आया है कि छात्रा का एक दोस्त था, लेकिन यदि छात्रा ने सुसाइड भी किया तो फिर किन कारणों से किया। पुलिस उस शख्स तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… कानपुर किडनी कांड- लड़कों को गेमिंग ऐप से फंसाते थे:हारने पर कर्ज देते, डॉक्टर ब्रेनवॉश कर कहते थे- एक किडनी वाले लंबा जीते हैं कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोनर को गेमिंग ऐप से फंसाया जाता था। इस पर रुपए हारने के बाद लड़कों को किडनी डोनेट करने के लिए मजबूर किया जाता था। इसके बदले उन्हें 20 से 25 लाख रुपए देने का वादा किया जाता था। मना करने पर लड़कों को अमेरिका और लंदन की रिसर्च भेजी जाती। इनमें ऐसे लोगों का जिक्र होता था, जो एक किडनी के साथ पैदा हुए और अच्छी जिंदगी जी रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड(PSEB) से एफिलिएटिड और एसोसिएटिड स्कूल संचालक 8 वीं क्लास में एडमिशन के लिए बर्थ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को खत्म करने की डिमांड कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूल संचालक टीचर्स के मोबाइल नंबर मांगे जाने का भी विरोध कर रहे हैं। पीएसईबी के चेयरमैन डॉ अमरपाल सिंह ने स्कूल संचालकों को दो टूक कह दिया कि 8 वीं और उससे ऊपर की कक्षाओं में बिना बर्थ सर्टिफिकेट के एडमिशन नहीं होगा और एफलिएटिड व एसोसिएटिड स्कूलों को अपने टीचर्स के मोबाइल नंबर बोर्ड को देने पड़ेंगे। स्कूल संगठनों ने इस संबंध में बोर्ड के चेयरमैन के साथ बैठक भी की लेकिन चेयरमैन ने उनकी इन दोनों डिमांड्स को सिरे से नकार दिया। बोर्ड के रवैये से स्कूल संचालक खफा हैं और उन्होंने पंजाब भर के स्कूल संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक कॉल कर दी। स्कूल संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि पंजाब में 5000 से अधिक एफिलिएटिड व एसोसिएटिड स्कूल हैं जिनमें 10 से 15 लाख स्टूडेंट पढ़ते हैं। वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन एडमिशन के लिए सरकारी स्कूलों को भी आठवीं से 12 वीं तक के स्टूडेंट़स के बर्थ सर्टिफिकेट लगाने होंगे। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के आदेशों में क्या-क्या लिखा है, जानिए… स्कूल संचालक क्यों कर रहे हैं बोर्ड के आदेशों का विरोध, जानिए.. आज जालंधर में होगी बैठक पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से एफिलिएटिड व एसोसिएटिड स्कूलों अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक आज जालंधर में रखी गई है। बैठक में स्कूल संचालक आगे की रणनीति तय करेंगे। स्कूल संघ के कॉर्डिनेटर राजेश नागर ने बताया कि इस बैठक में हर संगठन से प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। बैठक में जो भी रणनीति बनेगी उससे सभी स्कूल संचालकों को अवगत करा दिया जाएगा।
पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में दो सुपरस्टार यो-यो हनी सिंह और करण औजला के बीच राइवलरी छिड़ गई है। हनी सिंह ने दिल्ली के अपने हालिया कॉन्सर्ट में बिना नाम लिए करण औजला ‘6-7’ बताकर तंज कसा था। हालांकि फैंस समझ गए थे कि यह तंज करण औजला पर ही था। अब करण औजला ने यो-यो हनी सिंह पर काउंटर अटैक किया। करण औजला ने अपने लाइव शो में बिना नाम लिए कहा, “साड्डा 6-7 नहीं बेबी, 5-7 आ!”। यह 5-7 है ये 6-7 क्या है, ये तो बच्चों वाली बातें हैं। लेवल चेक करो। औजला के हनी सिंह को दिए जवाब पर फैंस ने जमकर शोर मचाया। दरअसल करण औजला का 5-7 सॉन्ग काफी लोकप्रिय हो रहा है और उस गीत के 36 मिलियन व्यूज हैं। जब यो-यो हनी सिंह ने अपने शो में 6-7 का जिक्र किया तो भी लोगों ने इस गाने को ढूंढकर सुना। औजला के जवाब के बाद दोनों सिंगर के फैंस भी आमने-सामने हैं। औजला के फैंस इसे 'करारा जवाब' बता रहे हैं, वहीं हनी सिंह के फैंस का कहना है कि इंडस्ट्री में 'किंग' का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। हनी सिंह और करण औजला ने एक-दूसरे को क्या कहा हनी सिंह- मेरा शो सुपरहिट, बाकी 6-7यो-यो हनी सिंह अपने माय स्टोरी इंडिया टूर के तहत कुछ दिन पहले दिल्ली कॉन्सर्ट में परफॉर्म कर रहे थे। स्टेज पर बोलते हुए उन्होंने गर्व से कहा कि उनके शो हमेशा ‘सुपरहिट’ होते हैं, जबकि बाकी आर्टिस्ट्स के शो ‘6-7’ ही रह जाते हैं। इस दौरान उन्होंने गंदे इशारे भी किए। ‘6-7’ शब्द Gen-Z स्लैंग में एवरेज परफॉर्मेंस के लिए इस्तेमाल होता है। फैंस ने हनी सिंह के इस कमेंट को करण औजला की तरफ इशारा माना, क्योंकि करण के हाल के गाने और कॉन्सर्ट्स भी जबरदस्त चल रहे हैं और दोनों के बीच इंडस्ट्री में साइलेंट कॉम्पिटिशन की चर्चा पहले से थी। औजला ने कहा- इट्स नॉट 6-7, इट्स 5-7करण औजला ने इस पर पलटवार अपने हाल के लाइव परफॉर्मेंस पी पॉप कल्चर इंडिया टूर के एक शो में किया। स्टेज पर करण औजला ने बिना किसी का नाम लिए कहा – “इट्स नॉट 6-7, इट्स 5-7 बेबी!”। “साड़ा 6-7 नहीं बेबी, 5-7 आं!”। यह 5-7 है ये 6-7 क्या है ये तो बच्चों वाली बातें हैं। लेवल चेक करो। यह लाइन उनके अपने ही हालिया हिट गाने ‘5-7’ का सीधा रेफरेंस थी। करण औजला के 5-7’ गाने का सफरकरण औजला का गाना ‘5-7’ 18 फरवरी 2026 को रिलीज हुआ था। सिंगर-गीतकार-कंपोजर खुद करण औजला, म्यूजिक MXRCI का और फीचरिंग मॉडल-अभिनेत्री अलंकृता है। गाने की थीम, लिरिक्स और विजुअल्स ने युवाओं को आकर्षित किया। रिलीज के कुछ हफ्तों में ही गाने के 3.65 करोड़ (36.5 मिलियन) से ज्यादा व्यूज पार हो गए हैं। यूट्यूब पर यह वीडियो ट्रेंडिंग लिस्ट में छाया रहा। गाना सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय है। ‘5-7’ वाली लाइन खूब वायरल हो रही है। हनी सिंह के कमेंट के बाद और बढ़ गया। हनी सिंह व करण औजला के बीच हुए विवाद गीत और म्यूजिक को लेकर विवाद: हनी सिंह ने कमबैक के बाद कई इंटरव्यू दिए, जिसमें उन्होंने कहा कि आज के पंजाबी कलाकार उनके बनाए रास्ते पर चल रहे हैं। हनी सिंह ने एक बार यह तक कह दिया कि वह आजकल के गानों को बहुत ज्यादा नहीं सुनते। उन्हें लगता है कि म्यूजिक का लेवल गिर गया है। इसके बाद करण औजला ने एक इंटरव्यू में अपनी मेहनत के साथ आज के टाइम के संगीत को सक्सेसफुल बताया था। करण औजला ने कहा था- मैं सबकी रिस्पेक्ट करता हूं। यो-यो हनी सिंह पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि आज म्यूजिक बदल रहा है। अगर आप समय के साथ नहीं बदलेंगे, तो आप पीछे रह जाएंगे। वहीं से दोनों के बीच वॉर शुरू हुई। हनी सिंह के मैनेजर ने करण औजला पर कसे थे तंजहनी सिंह के मैनेजर ने भी पहले करण औजला पर तंज कसे थे। पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में टॉप पर रहने की होड़ में हनी सिंह (जो 2010 के दशक में ‘इंटरनेशनल’ स्टार बने) और करण औजला (नई जनरेशन का चेहरा) के बीच कॉम्पिटिशन नेचुरल है। हनी सिंह ने हाल के सालों में कमबैक किया है, जबकि करण औजला लगातार हिट गाने दे रहे हैं। दोनों के फैंस अकसर सोशल मीडिया पर बहस करते रहते हैं। पंजाबी म्युजिक इंडस्ट्री में करण औजला के विवादों को जानिए… पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में यो-यो हनी सिंह से जुड़े विवादों को जानिए…
सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) ने नया बिजली कनेक्शन लेने पर प्रीपेड स्मार्ट मीटरों की अनिवार्यता खत्म कर दी है। मतलब नया बिजली कनेक्शन लेने पर आपको बताना होगा कि आप प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाना चाहते हैं, या पोस्टपेड स्मार्ट मीटर। बिजली कंपनियां अपनी मर्जी से प्रीपेड मीटर नहीं लगा पाएंगी, न ही ऐसा करने के लिए आप पर दबाव बना पाएंगी। CEA ने 1 अप्रैल को अपने 4 साल पुराने आदेश में बदलाव किया है। इससे यूपी के 70 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। आखिर स्मार्ट प्रीपेड और पोस्टपेड मीटर क्या है? CEA को अपना आदेश क्यों बदलना पड़ा? प्रीपेड मीटर को लेकर आम लोगों को क्या परेशानी थी? स्मार्ट प्रीपेड और पोस्टपेड मीटर में कौन ज्यादा फायदेमंद है? पढ़िए दैनिक भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल 1. प्रीपेड और पोस्टपेड स्मार्ट मीटर में क्या फर्क है? जवाब. ये बिल्कुल आपके मोबाइल सिम के प्रीपेड और पोस्टपेड वर्जन जैसा ही है। जैसे प्रीपेड सिम इस्तेमाल करने के लिए पहले रिचार्ज कराना पड़ता है। इसके बाद ही आप कॉल या मैसेज कर सकते हैं। बैलेंस खत्म होने पर सारी सुविधाएं बंद हो जाती हैं। इसी तरह प्रीपेड स्मार्ट मीटर में रिचार्ज पहले करना पड़ता है। रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कट जाती है। आप स्मार्ट मीटर एप के जरिए बिजली की रियल टाइम खपत, बैलेंस वगैरह देख सकते हैं। इस मीटर के लिए कोई सिक्योरिटी मनी भी डिपॉजिट नहीं करनी पड़ती। वहीं, पोस्टपेड स्मार्ट मीटर में महीने के आखिर में बिल आता है। आप स्मार्ट मीटर के एप पर रोजाना बिजली खपत देख सकते हैं। लेकिन, भुगतान बिल जारी होने पर ही करना होता है। ऐसे कनेक्शन पर सिक्योरिटी के तौर पर 2 हजार रुपए जमा करने पड़ते हैं। सवाल 2. प्राधिकरण ने 4 साल पहले क्या आदेश जारी किया था? जवाब. प्राधिकरण ने 2022 के आदेश में कहा था कि नया कनेक्शन लेने वालों के घर पर अनिवार्य रूप से प्रीपेड स्मार्ट मीटर ही लगाए जाएं। हालांकि, इलेक्ट्रिसिटी एक्ट-2003 की धारा 47(5) उपभोक्ता को अपनी सुविधा के हिसाब से प्रीपेड या पोस्टपेड स्मार्ट मीटर चुनने का ऑप्शन देती है। यूपी उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा के मुताबिक, प्राधिकरण की अधिसूचना सीधे तौर पर एक्ट का उल्लंघन था। इसी वजह से देशभर में इसका विरोध हो रहा था। अब प्राधिकरण ने इस आदेश में बदलाव करके लोगों को प्रीपेड या पोस्टपेड स्मार्ट मीटर चुनने का अधिकार दिया है। सवाल 3. 70 लाख उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा? जवाब. यूपी पावर कॉरपोरेशन ने प्रदेश में अभी तक 75 लाख स्मार्ट मीटर लगाए हैं। इसमें 70 लाख पोस्टपेड और 5 लाख के प्रीपेड मीटर थे। 2022 के आदेश के बाद बिजली कंपनियों ने बिना उपभोक्ताओं की मर्जी के पुराने पोस्टपेड मीटरों को भी प्रीपेड मीटरों में बदल दिया। पोस्टपेड मीटर लगवाते समय जो 2 हजार रुपए की सिक्योरिटी डिपॉजिट किया गया था, उसका रिचार्ज बैलेंस डाल दिया। मैसेज करके उपभोक्ताओं को यह बात बता दी गई। बैलेंस खत्म होने पर लोगों के घरों की बिजली ऑटोमैटिक कट हो गई। ये परेशानी तब और बढ़ गई, जब रिचार्ज करने के बाद भी बिजली चालू नहीं हुई। ऐसा 5 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के साथ हुआ। प्राधिकरण के आदेश में बदलाव के बाद अब कंपनियों को सभी 70 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन फिर से पोस्टपेड करने होंगे। सवाल 4. प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड कराने के लिए क्या करना होगा? जवाब. यूपी उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा के मुताबिक, अपने प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड कराने के लिए अपने इलाके के एक्सईन (अधिशासी अभियंता) को अर्जी देनी होगी। साथ ही केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की अधिसूचना का हवाला देकर या इसकी फोटोकॉपी भी लगानी होगी। पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के एवज में 2 हजार रुपए का सिक्योरिटी डिपॉजिट भी करना पड़ेगा। सवाल 5. अगर बिजली कंपनी पोस्टपेड में न बदले, तो क्या करें? जवाब. इलेक्ट्रिसिटी एक्ट-2003 की धारा 47(5) के तहत आप उपभोक्ता फोरम, यूपी विद्युत नियामक आयोग से शिकायत कर सकते हैं। यूपी उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा के मुताबिक, वे भी ऐसे उपभोक्ताओं की पूरी मदद करने के लिए तैयार हैं। सवाल 6. नए कनेक्शन पर विभाग प्रीपेड मीटर लगाने का दबाव बनाए, तो क्या करें? जवाब. अगर नया बिजली कनेक्शन लेने पर बिजली विभाग का कर्मचारी प्रीपेड मीटर लगाने का दबाव बनाए, तो आप उसके खिलाफ अपने थाने में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विद्युत अधिनियम की धारा 47(5) उपभोक्ता को अपनी सुविधा के हिसाब से प्रीपेड या पोस्टपेड स्मार्ट मीटर चुनने का ऑप्शन देती है। इसका उल्लंघन व्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन कहलाएगी। सवाल 7. आखिर स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर क्या परेशानी है? जवाब. उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा बताते हैं- जैसे मोबाइल में बैलेंस समाप्त होने पर बातचीत नहीं कर सकते, वैसे ही स्मार्ट मीटर का भी फंक्शन है। मोबाइल रिचार्ज करने पर तुरंत बातचीत शुरू हो जाती है, लेकिन प्रीपेड मीटर के साथ ऐसा नहीं हुआ। लोगों ने बैलेंस खत्म होने पर रिचार्ज किया, लेकिन उनकी बिजली चालू नहीं हुई। बिजली चालू होने में 2-4 घंटे से लेकर 2-4 दिन तक लग गए। ऐसा करीब 5 लाख उपभोक्ताओं के साथ हुआ। बिजली चालू कराने के लिए लोग दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर हो गए। बिजली हेल्पलाइन नंबर पर ऐसी शिकायतों भरमार हो गई। इसके पीछे वजह सामने आई कि स्मार्ट मीटर को चलाने वाले मीटर मैनेजमेंट सिस्टम (MDM), हेड एंड सिस्टम (HES) और पावर कॉरपोरेशन के रेवन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (RMS) आपस में कनेक्ट नहीं हो पा रहे थे। सवाल 8. MDM, HES और RMS स्मार्ट मीटर को कैसे कंट्रोल करता है? जवाब. मीटर मैनेजमेंट सिस्टम (MDM) स्मार्ट मीटर का सॉफ्टवेयर है। स्मार्ट मीटर का डेटा जैसे कितनी बिजली खर्च हुई, कब खर्च हुई और लोड वगैरह इसमें जमा होता है। इस डेटा के आधार पर MDM बिल तैयार करता है। फिर कंपनी को रिपोर्ट देता है। आम लोग इसके जरिए बिजली खपत का डेटा, बैलेंस अलर्ट, रिचार्ज हिस्ट्री वगैरह देख पाते हैं। हेड एंड सिस्टम (HES) स्मार्ट मीटर और MDM के बीच का ब्रिज है। ये नेटवर्क के जरिए स्मार्ट मीटर से डेटा लेता है। मीटर को रिचार्ज अपडेशन, कनेक्शन काटने या जोड़ने का कमांड भेजता है। उपभोक्ता जब एप से रिचार्ज करते हैं, तो HES ही मीटर में बैलेंस अपडेट करता है। रेवन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (RMS) पावर कॉरपोरेशन की ओर से चलाया जाता है। बिलिंग, पेमेंट, रिचार्ज, डिस्कनेक्शन-रिकनेक्शन सब RMS ही हैंडल करता है। अगर किसी वजह से HES-MDM का कम्यूनिकेशन बिगड़ता है, तो रिचार्ज अपडेट नहीं होता। ऐसे में मीटर ऑफ रह जाता है। प्रदेश में जो 5 लाख उपभोक्ताओं को परेशानी हुई, ये इसी वजह से हुई थी। सवाल 9. प्रीपेड मीटर की इस गड़बड़ी को दूर करने के लिए क्या हो रहा? जवाब. पावर कॉरपोरेशन कंपनियों ने इस तकनीकी गड़बड़ी को दूर करने के लिए RMS सिस्टम सॉफ्टवेयर अपडेट किया है। इसके लिए RMS सिस्टम 16 घंटे तक बंद रखा गया था। वहीं, HES और MDM का अपडेशन स्मार्ट मीटर लगाने वाली प्राइवेट कंपनियों के पास है। उनकी ओर से भी इसके सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पर काम किया जा रहा है। एक्सपर्ट की मानें, तो स्मार्ट मीटर में लगे चाइनीज हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की वजह से ऐसा हुआ है, जबकि ऐसे स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक थी। पावर कॉरपारेशन के चेयरमैन डॉ आशीष गोयल ने इन खामियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… गंगा एक्सप्रेस-वे पर ड्राइवरों को नहीं आएगी झपकी, हर 75km पर सोने की जगह मिलेगी; मेरठ से 6 घंटे में पहुंचेंगे प्रयागराज यूपी में 594Km लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे लगभग तैयार हो चुका है। PM मोदी इसका उद्धाटन कर सकते हैं। पश्चिमी यूपी को पूर्वांचल से जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज की दूरी सिर्फ 6 घंटे में पूरी हो जाएगी। अब तक 11-12 घंटे लगते हैं। पढ़िए खास रिपोर्ट…
“बहराइच को उसकी सही पहचान देने का वक्त आ चुका है। अभी तक हम गलत इतिहास पढ़ रहे थे। खास वर्ग के वोटबैंक के लिए एक विदेशी आक्रांता को महिमामंडित करके उसकी दरगाह पर मेला लगवाया जाता रहा।” यह कहना है यूपी के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर का। दरअसल, इस साल बहराइच में 10 जून से महाराजा सुहेलदेव की याद में मेला लगाया जाना है। अब तक महमूद गजनवी के कमांडर सैयद सालार मसूद की कब्र पर मेला लगता रहा है। हालांकि, पिछले साल प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। सालार मसूद 10 जून को महाराजा सुहेलदेव के साथ हुए युद्ध में मारा गया था। मेले में सीएम योगी आदित्यनाथ को बुलाने की भी तैयारी है। लेकिन, यह मामला इतना सीधा भी नहीं है। एक मेले के जरिए भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी सुभासपा तीन जातियों को अपने पाले में लाना चाह रही है। सवाल है कि आखिर मेला लगाकर से तीन जातियों को अपने पक्ष में कैसे किया जा सकता है? क्या इस बार दरगाह पर मेला लगेगा या नहीं? 10 जून मेले को लेकर क्या तैयारी है? पढ़िए खास रिपोर्ट… सबसे पहले मेले की सियासत को समझिए… विधानसभा की 110 सीटों पर पड़ सकता है असरराजभर समाज का प्रदेश में 3-4 प्रतिशत वोटबैंक ही है। लेकिन, 40 से 60 विधानसभा सीटों पर इनकी निर्णायक भूमिका मानी जाती है। राजभर समाज महाराजा सुहेलदेव को अपना नायक मानता है। ऐसे में उनकी याद में मेला लगाकर ओमप्रकाश राजभर इसी वोटबैंक को मजबूत करने की कोशिश में हैं। इसी तरह दलित वर्ग में पासी समाज की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी मानी जाती है। ये करीब 50 सीटों पर असर डालते हैं। इस समाज में भाजपा और सपा दोनों की पकड़ है। भाजपा मेले के जरिए पासी समाज को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, राजपूत समाज पहले से ही भाजपा के समर्थन में माना जाता है। ऐसे में यह मेला तीन प्रमुख जातियों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पासी, राजभर और क्षत्रियों के नायक महाराजा सुहेलदेवमहाराजा सुहेलदेव को लेकर इतिहास में अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। क्षत्रिय समाज उन्हें सूर्यवंशी मानता है। इस वजह से उनके विजयोत्सव में बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग शामिल होते रहे हैं। पासी समाज भी महाराजा को अपना मानता है। सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर उन्हें ‘राजभर महाराज सुहेलदेव’ कहते हैं। राजभर का कहना है कि वे उस समय के 165 राजभर राजाओं में सबसे प्रतापी थे। इतिहास में इसे लेकर मतभेद भी रहे हैं। माना जाता है कि वे श्रावस्ती के राजा हरिदेव (या मंगलध्वज) के पुत्र थे। उनके बड़े भाई मल्लदेव एक मंदिर को बचाते हुए शहीद हो गए थे। इसके बाद सुहेलदेव ने स्थानीय हिंदू राजाओं, राजभर, पासी और राजपूत सेनानायकों को साथ लेकर सालार मसूद को हराया। यही वजह है कि कई जाति समूह महाराजा सुहेलदेव को अपने समाज के नायक के रूप में पूजते हैं। वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं- महाराजा सुहेलदेव के प्रति राजभर, पासी और राजपूत समाज में गहरी श्रद्धा है। सैयद सालार गाजी को विदेशी आक्रांता माना जाता है। ऐसे में भाजपा और सुभासपा के लिए यह मेला राजनीतिक रूप से भी अनुकूल माना जा रहा है। इससे एनडीए को सीधा फायदा मिलने की संभावना है। गाजी मियां की दरगाह पर प्रशासन ने पिछले साल मेला रोकाबहराइच शहर के बैंकुंठा इलाके में सैयद सालार मसूद (गाजी मियां) की कब्र है। वह 11वीं सदी के आक्रमणकारी महमूद गजनवी का सेनापति था। राजा सुहेलदेव के साथ युद्ध में मारा गया था। करीब 500 साल पहले मसूद को सूफी संत बताकर सालाना जेठ मेला लगना शुरू हुआ था। यह मेला हिंदू कलेंडर के हिसाब से ज्येष्ठ महीने के पहले रविवार से शुरू होकर करीब एक महीने तक चलता था। मेले में देश के अलावा नेपाल से बड़ी संख्या में मुस्लिम और हिंदू श्रद्धालु शामिल होते थे। इसके अलावा भी लोग सालभर यहां आते रहते हैं। दरगाह परिसर में मस्जिद, लाइब्रेरी और दुकानें हैं। पिछले साल सरकार ने सुरक्षा कारणों से मेला लगाने की परमीशन नहीं दी थी। महाराजा सुहेलदेव स्मारक पर 10 दिन का लगेगा मेलादरगाह से करीब 8 किमी दूर गोंडा रोड पर चित्तौरा गांव के पास 84 बीघा में महाराजा सुहेलदेव का स्मारक है। चित्तौरा झील के पास ही महाराजा ने 10 जून, 1034 को आक्रांता सैयद सालार मसूद और उसकी सेना को हराया था। इसी वजह से इलाके के लोग 10 जून को विजयोत्सव मनाते हैं। फरवरी, 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्मारक की आधारशिला रखी थी। 10 जून, 2025 को सीएम योगी ने महाराजा सुहेलदेव की घोड़े पर सवार 40 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया था। इस साल यहां 10 से 19 जून तक मेला लगाया जाएगा। अब पढ़िए ओपी राजभर ने क्या कहा 17 दिन चले युद्ध के बाद मारा गया सालार मसूदसुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर बताते हैं- सालार मसूद अफगानिस्तान से आया एक विदेशी लुटेरा था। उसके आक्रमण के समय देश में 585 राजा थे। बहराइच और आसपास के इलाकों में 165 राजभर राजा थे। इनमें राजा सुहेलदेव सबसे प्रतापी थे। उन्होंने आसपास के राजाओं को इकट्ठा किया। बहराइच के नानपारा मैदान के पास सालार मसूद से युद्ध किया। 17 दिन युद्ध के बाद 10 जून, 1034 को कोटला नदी (चित्तौरा झील) के किनारे सालार मसूद की हार हुई। इतिहासकारों ने वीर योद्धा महाराजा सुहेलदेव को भुला दिया। एक आक्रमणकारी का महिमामंडन किया। सूफी संत बताकर अंग्रेजी शासन में उसकी कब्र पर दरगाह बनाई गई। हर साल एक महीने तक मेला होने लगा। आईने अकबरी में है सुहेलदेव की वीरता का उल्लेखराजभर बताते हैं- महाराजा सुहेलदेव की वीरता की कहानी 17वीं शताब्दी में फारसी इतिहासकार अब्दुर रहमान चिश्ती की किताब मिरात-ए-मसूदी में है। इसमें सैयद सालार मसूद की जीवनी के साथ राजा सुहेलदेव का विस्तृत उल्लेख मिलता है। आईने अकबरी में भी महाराजा सुहेलदेव की वीरता का जिक्र है। वहीं, ब्रिटिश काल के जिला गजेटियर और स्थानीय लोककथाओं में भी इस घटना का उल्लेख मिलता है। दुर्भाग्य से आजादी के बाद हम एक विदेशी आक्रांता को पूजने लगे। मुस्लिमों के साथ-साथ बड़ी संख्या में हिंदू भी उसकी कब्र पर चादर चढ़ाने लगे। इतिहास में महाराजा के शौर्य को भुला दिया गया था। अब सरकार इसे ठीक कर रही है। अब तक 3 दिन का होता था विजयोत्सव कार्यक्रममहाराजा सुहेलदेव स्मारक समिति के अध्यक्ष यशुवेंद्र विक्रम सिंह बताते हैं- पहले 3 दिन का विजयोत्सव कार्यक्रम होता था। स्मारक के पास प्राचीन मंदिर में भागवत कथा या अन्य धार्मिक आयोजन होते थे। समापन पर प्रदेश सरकार के किसी अतिथि को बुलाकर महाराजा सुहेलदेव के शौर्य पर चर्चा की जाती थी। यशुवेंद्र बताते हैं कि 1950-51 में उनके बाबा राजा वीरेंद्र विक्रम सिंह ने ट्रस्ट की स्थापना की थी। स्मारक के लिए 84 बीघा जमीन दान में दी गई थी। ट्रस्ट के नाम पर करीब 500 बीघा जमीन है। इसमें चित्तौरा झील भी शामिल है। अब स्मारक स्थल पर प्रतिमा के अलावा एक नया मंदिर बनाया गया है। 200 बेड की डॉरमेट्री, 250 लोगों की क्षमता वाला मल्टीपर्पज हॉल और ओपन स्टेज भी है। सीएम ने कहा था कि मसूद के नाम पर मेला न होयशुवेंद्र विक्रम सिंह कहते हैं- सीएम योगी ने 5 अप्रैल को गोरखपुर में सालार मसूद को “उस समय का माफिया” बताया था। सीएम ने कहा था कि आज के माफिया की सोच और कार्यशैली उसी जैसी है। सालार मसूद के नाम पर मेला नहीं होना चाहिए। राष्ट्रनायकों का सम्मान होना चाहिए। वह कहते हैं- महाराजा सुहेलदेव ने सालार मसूद को हराकर लोगों को गुलामी से मुक्ति दिलाई थी। युद्ध के दौरान सुहेलदेव ने गुरिल्ला रणनीति अपनाकर मसूद की बड़ी सेना को हराया था। महाराजा ने सालार मसूद को इस्लाम में सबसे बुरी मौत दी थी। उसे गर्म लोहे के तवे पर बांधकर जला दिया था। यह सजा इस्लाम के अनुसार उसे जहन्नुम (नरक) भेजने की गारंटी देती है। अब 2 सबसे बड़े सवाल… सवाल 1. क्या इस बार गाजी मियां का मेला लगेगा?जवाब. मेला लगाने के लिए प्रशासन, फायर विभाग और पुलिस की एनओसी जरूरी होती है। दरगाह शरीफ प्रबंध समिति ने अभी तक इसके लिए प्रशासन से परमिशन नहीं मांगी है। समिति के अध्यक्ष बकाउल्ला इस पर कुछ भी कहने से इनकार करते हैं। समिति के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मेला आमतौर पर 21 मई के आसपास शुरू होता है। इसमें अभी समय है। फिलहाल, दरगाह पर मेले को लेकर स्थिति साफ नहीं है। मेले में इंतजाम के लिए ठेका भी उठाया जाता है। लेकिन, इस बार मेले का ठेका नहीं दिया गया है। इससे संकेत मिलते हैं कि इस बार भी मेला लगना मुश्किल हो सकता है। दरगाह पर हर साल जनवरी में 5 दिन तक उर्स मेला भी लगता है। हालांकि, इस बार प्रशासन ने सिर्फ 2 दिन की परमिशन दी थी, लेकिन बाहरी दुकानों की परमिशन नहीं थी। इससे साफ है कि इस बार भी मेले की परमिशन मिलना मुश्किल नजर आ रहा है। सवाल 2. क्या सुहेलदेव स्मारक पर भी हाईकोर्ट का आदेश लागू होगा?जवाब. पिछले साल मेले की इजाजत न मिलने पर दरगाह शरीफ प्रबंध समिति ने हाईकोर्ट का रुख किया था। तब हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भी मेले की अनुमति नहीं दी थी। हालांकि, पूजा-पाठ पर पर रोक नहीं थी। लोग बिना जत्था बनाए सामान्य तरीके से पूजा करने जा सकते हैं। हाईकोर्ट का ये आदेश अब भी लागू है और इस पर कोई स्टे नहीं लिया गया है। प्रशासन भी इसी का हवाला दे रहा है। अब सवाल यह है कि जब हाईकोर्ट ने दरगाह मेले की इजाजत नहीं दी, तो सुहेलदेव स्मारक पर मेले की इजाजत कैसे मिलेगी? इस पर सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर कहते हैं कि सुहेलदेव स्मारक पर किसी तरह की रोक नहीं है। अनुमति प्रशासन को देनी है। स्मारक शहर से 8 किमी दूर है, इसलिए मेले में आने वाले लोगों से शहर के यातायात पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… श्रृंगवेरपुर में निषादराज का किला, फिर मजार कैसे, निषाद पार्टी आंदोलन कर रही; मुस्लिम बोले- उनकी सरकार, जो चाहे बनवा लें प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर में यूपी सरकार ने 40 बीघे में निषादराज पार्क बनवाया। इसमें करीब 37 करोड़ रुपए खर्च हुए। पीएम मोदी ने उद्धाटन किया, लोग पार्क में आने लगे। इसी पार्क की बाउंड्री से लगकर एक मजार और मस्जिद है। अब उसे लेकर विवाद हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में मंगलवार को आखिरी गवाह संजीव पाल ने कोर्ट में गवाही दी। संजीव, सौरभ के बचपन का दोस्त है। उसने बताया, मुस्कान पति को मारकर हिमाचल घूमने गई थी। वह सौरभ का मोबाइल भी साथ ले गई थी। जब मैंने कॉल किया तो गालियां दी। धमकाया कि दोबारा कॉल नहीं करना। हत्याकांड में सभी 22 गवाहों की गवाहियां पूरी हो चुकी हैं। केस में अब फाइनल आर्गुमेंट होगा। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। जिसमें पहली बार मुस्कान और साहिल जज के सामने पेश होंगे। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में फैसला आ सकता है। VIDEO में देखिए मेरठ का सौरभ हत्याकांड…
नमस्कार, कल की बड़ी भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को चेतावनी की रही। दूसरी बड़ी खबर जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए 5 लश्कर आतंकियों को लेकर रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान में 10 अहम रेल लाइनों और पुलों पर हमला, खार्ग आइलैंड पर अटैक इजराइल ने ईरान में करीब 10 अहम रेल लाइनों और पुलों पर हमला किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमले इसलिए किए गए ताकि ईरानी सेना अपने हथियार और सैन्य सामान एक जगह से दूसरी जगह न ले जा सके। सबसे बड़ा हमला खार्ग आइलैंड पर हुआ, जहां ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया गया। ईरान का करीब 80 से 90% कच्चा तेल यहीं से एक्सपोर्ट होता है। चीन-रूस का होर्मुज खोलने की मांग पर वीटो: संयुक्त राष्ट्र (UN) में होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर लाया गया प्रस्ताव पास नहीं हो सका। रूस और चीन ने इस पर वीटो कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्ताव में किसी तरह की सैन्य कार्रवाई की बात नहीं थी। यह प्रस्ताव बहरीन की तरफ से लाया गया था। ट्रम्प बोले- ईरान की पूरी सभ्यता खत्म होगी: ट्रम्प ने कहा है कि आज रात ईरान की पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है। आज रात हम दुनिया के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे अहम पल के गवाह बनेंगे। इस पर ईरान ने कहा कि वो ऐसा जवाब देंगे, जिसे अमेरिका कभी भूल नहीं पाएगा। पूरी खबर पढ़ें... 2. राजनाथ बोले- पाकिस्तान कितने टुकड़ों में बंटेगा, भगवान ही जाने, बंगाल में नजर डाली तो बुरा नतीजा होगा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की कोलकाता पर हमले की धमकी पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 55 साल पहले जब पाकिस्तान दो हिस्सों में बंटा था। तब उन्हें इसके बुरे नतीजे भुगतने पड़े थे। अगर उन्होंने बंगाल पर बुरी नजर डालने की कोशिश की, तो भगवान ही जाने कि इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े हो जाएंगे। PAK बोला था- भविष्य में कोलकाता निशाने पर: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने 4 अप्रैल को कहा था, 'अगर भारत कोई फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला) करता है, तो इस बार संघर्ष सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है।' पूरी खबर पढ़ें... 3. असम पुलिस की पवन खेड़ा के घर छापेमारी, हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे असम पुलिस की टीम ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली आवास पर छापेमारी की। हालांकि, पवन खेड़ा उस समय पर नहीं थे। पुलिस ने घर से कुछ डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रिक डिवाइस सीज कीं। ये कार्रवाई CM हिमंता की पत्नी रिनिकी भुइयां की FIR के बाद की गई है। मामले में हिमंता ने कहा;- पवन खेड़ा हैदराबाद भाग गए हैं। कानून अपना काम करेगा। हम खेड़ा को पाताल से ढूंढकर ले आएंगे और पता करेंगे कि उन्हें फर्जी दस्तावेज किसने दिए। खेड़ा ने कहा था- हिमंता की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट: 5 अप्रैल को पवन ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाया था कि उनके पास मिस्र, एंटीगा-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं। हिमंता और उनकी पत्नी ने आरोपों से इनकार किया। पूरी खबर पढ़ें... 4. अखिलेश को पोस्टर में रहमान डकैत दिखाने पर भड़के सपाई, लखनऊ में पोस्टर फाड़े लखनऊ में अखिलेश यादव की रहमान डकैत जैसी दिखने वाली होर्डिंग को लेकर सपाई भड़क उठे। मंगलवार दोपहर सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। पोस्टर फाड़ डाले और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हजरतगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ तहरीर भी दी है। सपाइयों ने कहा- सत्ता पक्ष के लोग ऐसी होर्डिंग्स लगाकर हमारे नेता का अपमान कर रहे हैं। इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ संस्था लगाईं होर्डिंग्स: लखनऊ, जौनपुर, अमेठी समेत 10 जिलों में ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ नाम की संस्था ने ये होर्डिंग्स लगवाए हैं। इसमें अखिलेश को फिल्म 'धुरंधर' के विलेन 'रहमान डकैत' की तरह दिखाया गया है। नीचे लिखा है- अखिलेश का ल्यारी राज। इसमें सपा सरकार के दौरान हुए मुजफ्फरनगर, शामली के दंगों की खबरों की कटिंग लगी है। तस्वीर में अतीक और मुख्तार की कटिंग: होर्डिंग में एक तरफ कन्या पूजन करते योगी की तस्वीर लगी है। नीचे लिखा है- धुरंधर सीएम। इसके नीचे माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी पर एक्शन की कटिंग लगी है। होर्डिंग के जरिए पूछा गया है- आपको क्या चाहिए? पूरी खबर पढ़ें… 5. नीले ड्रम वाली कातिल मुस्कान-साहिल को जल्द सजा, मेरठ कोर्ट में सौरभ के दोस्त की आखिरी गवाही मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में कातिल पत्नी मुस्कान और उसके बॉयफ्रेंड साहिल को जल्द सजा हो सकती है। केस के आखिरी गवाह संजीव पाल ने मंगलवार को गवाही दी। संजीव, सौरभ के बचपन का दोस्त है। उसी ने आखिरी बार सौरभ के मोबाइल पर कॉल किया था। सौरभ का दोस्त बोला- मुस्कान ने गाली दी: संजीव ने कोर्ट को बताया- मैंने सौरभ को कई बार कॉल किया। बहुत देर बाद मुस्कान ने फोन रिसीव किया था। फोन उठाते ही वह मुझे गालियां देने लगी। कहने लगी कि तुम्हें दिख नहीं रहा है कि हम बाहर घूमने मनाली आए हैं। बार-बार कॉल करके परेशान कर रहे हो। पहली बार जज के सामने होंगे मुस्कान-साहिल: सौरभ हत्याकांड में सभी 22 गवाहों की गवाहियां पूरी हो चुकी हैं। केस में अब फाइनल आर्गुमेंट होगा। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी, जिसमें पहली बार मुस्कान और साहिल जज के सामने पेश होंगे। पूरी खबर पढ़ें… 6. जम्मू-कश्मीर में 5 लश्कर आतंकी गिरफ्तार, 16 साल से फरार आतंकी भी अरेस्ट जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 2 पाकिस्तानी आतंकी और 3 स्थानीय मददगार शामिल हैं। आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरेरा 16 साल से फरार था, जबकि उस्मान उर्फ खुबैब भी पकड़ा गया। दोनों 2010 में भारत में घुसे और घाटी में एक्टिव हैं। इस दौरान उन्होंने करीब 40 आतंकियों को तैयार किया। कई राज्यों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया: जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा समेत 19 जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कुछ सामान भी बरामद किया। जांच में LeT के एक नेटवर्क का पता चला, जो आतंकवादियों को लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल मदद करता था। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शख्स ने पालतू तोते के लिए पनडुब्बी बनाई अमेरिका में एक शख्स ने अपने पालतू तोते को समुद्र के अंदर सैर कराई। दरअसल, उसने अपने तोते ‘बेबी’ के लिए एक छोटी सी पनडुब्बी बनाई, जिसमें ऑक्सीजन सिस्टम और एयर पाइप लगाए गए हैं। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कन्या राशि वालों को धन लाभ होने के योग हैं। वृश्चिक राशि वालों के प्रमोशन के रास्ते खुलेंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
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मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) एक्टिव है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर फिर से शुरू हो गया है। मंगलवार को ग्वालियर-चंबल, सागर संभाग में मौसम बिगड़ा रहा। IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने बुधवार को दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओलावृष्टि होने का अनुमान जताया है। वहीं, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर समेत 18 जिलों में अगले 24 घंटे के अंदर बारिश होने का अलर्ट है। इससे पहले मंगलवार को भिंड, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, सतना के चित्रकूट और रीवा में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहा। कहीं, तेज आंधी चली तो कहीं बारिश का दौर जारी रहा। मंगलवार को शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में मंगलवार को तेज बारिश हुई। वहीं रतलाम में धूल भरी हवाएं चली। चार तस्वीरें देखिए अब जानिए अगले 2 दिन कैसा रहेगा एमपी में मौसम… 11 अप्रैल को नया सिस्टममौसम विभाग की माने तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। तेज आंधी भी चलेगीमौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मीजिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था। मार्च के आखिरी में टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट आई। इसी तरह अप्रैल के पहले पखवाड़े में बारिश, ओले और आंधी का दौर चल रहा है। पिछले 7 दिन से प्रदेश में कहीं न कहीं बारिश हो रही है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसमइस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली है। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरें। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड... एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मीअप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानीइंदौर में भी पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। इंदौर में पिछले साल 22.3 मिमी बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 6 साल बारिश हो चुकी है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंडजबलपुर की बात करें तो यहां अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मीग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था, जब 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। 2023 में भी बारिश हुई थी। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंडउज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल एक बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, पूरे महीने 1 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
किदवई नगर में पकड़े गए 9 राज्यों के 14 विश्वविद्यालय की फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले गिरोह के मामले की जांच में जुटी SIT को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज ने अपनी सत्यापन रिपोर्ट सौंप दी है। आरोपियों के पास मिली 98 में 96 मार्कशीट सही पाई गईं हैं, जबकि 2 की रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। यह था पूरा मामला… किदवई नगर पुलिस ने 18 फरवरी को जूही गौशाला स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन के कार्यालय में छापा मारा था। पुलिस को कार्यालय से नौ राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों की 1030 डिग्री और मार्कशीट बरामद हुई थी। इनमें उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 98 मार्कशीट बरामद हुईं थीं। पुलिस ने मामले में गिरोह के सरगना रायबरेली के ऊंचाहार निवासी शैलेंद्र कुमार ओझा, कौशांबी निवासी नागेंद्र मणि त्रिपाठी, गाजियाबाद के जोगेंद्र और उन्नाव के अश्वनी कुमार सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इसके अलावा गिरोह के लिए बिचौलिए का काम करने वाले नोएडा के विनीत कुमार और चमनगंज के शेखू को बाद में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। हाईस्कूल की 36 व इंटर की 62 मार्कशीट सही मिली एडीसीपी साउथ योगेश कुमार की अध्यक्षता में SIT मिली मार्कशीट और डिग्री का संबंधित संस्थान या बोर्ड से सत्यापन करा रही हैं, जिसमें मंगलवार को यूपी बोर्ड ने अपनी सत्यापन रिपोर्ट भेज दी है। एडीसीपी साउथ ने बताया कि इसमें आरोपियों के पास से हाईस्कूल की 36 और इंटरमीडिएट की सभी 62 मार्कशीट सही मिली हैं, जिसमें इंटरमीडिएट की दो मार्कशीटों की रिपोर्ट आना बाकी है। आरोपियों को एक बार फिर रिमांड लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी जाएगी, जिससे गिरोह से जुड़े लोगों की गहनता से जांच की जा सके, इसके लिए जल्द अर्जी दी जाएगी।
धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ भेदभाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच आज लगातार दूसरे दिन सुनवाई करेगी। मंगलवार को पहले दिन 5 घंटे की सुनवाई में केंद्र ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने का समर्थन किया। सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- मंदिर में महिलाओं को न जाने देना उनका अपमान करना नहीं है। भारत में उन्हें पूजा जाता है। हमें इस बात पर ऐतराज है कि मंदिर की परंपरा को ‘अस्पृश्यता’ (छुआछूत या अनुच्छेद 17) कहा गया। छुआछूत जाति के आधार पर होती थी, यह मामला उससे अलग है। उन्होंने आगे कहा- जैसे हम मस्जिद, मजार या गुरुद्वारे में जाते समय सिर ढंकते हैं, वैसे ही सबरीमाला की भी एक अलग परंपरा है और इसका सम्मान होना चाहिए। ये धार्मिक आस्था और संप्रदाय की स्वायत्तता का मुद्दा है, जो कोर्ट के दायरे से बाहर है। इस पर बेंच की एकमात्र महिला जज जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर किसी महिला को उसके मासिक धर्म की वजह से मंदिर में घुसने से रोका जाता है, तो क्या वह ‘छुआछूत’ नहीं है? संविधान में छुआछूत को पूरी तरह खत्म किया गया है। SC बोला- भेदभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता सुप्रीम कोर्ट में 50 से ज्यादा रिव्यू पिटीशन धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव का मामला बीते 26 सालों से देश की अदालतों में हैं। 2018 में, 5 जजों की बेंच ने 4:1 के बहुमत से मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं। सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की संविधान बेंच 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। कोर्ट में रिव्यू पिटीशनरों और उन्हें सपोर्ट करने वाले 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक, जबकि विरोध करने वाले 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक दलीलें दे सकेंगे। सबरीमाला सहित 5 मामले, जिनपर SC फैसला करेगा सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार दिया था। अब बड़ी पीठ तय करेगी कि यह फैसला सही था या नहीं। दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: एडवोकेट सुनीता तिवारी ने 2017 में इसके खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि यह प्रथा महिलाओं के साथ भेदभाव करती है और यह नाबालिग बच्चियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने 2016 में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है। पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने हिंदू व्यक्ति से शादी के बाद अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या गैर-पारसी से शादी करने पर पारसी महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है। मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या धार्मिक गतिविधियों में जेंडर के आधार पर भेदभाव को क्या मौलिक अधिकार का हनन माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने 7 संवैधानिक सवाल तय किए, जिन पर बहस होगी- सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं को एंट्री नहीं, पूरा मामला 5 पॉइंट्स में अदालतों में 26 साल में क्या हुआ, पूरी टाइमलाइन... सबरीमाला में 2 महिलाओं की एंट्री पर प्रदर्शन हुए…फोटोज जानिए सबरीमाला मंदिर के बारे में…
हरियाणा में 'टटीरी' सॉन्ग-विवाद के बाद रैपर और सिंगर बादशाह मुंबई में हरियाणवी सिंगर ढांडा न्योलीवाला की स्टेज पर नजर आए। ढांडा इन दिनों इंडिया टूर कोहराम पर हैं, जो देश के अलग-अलग बड़े शहरों में जाकर लाइव कान्सर्ट कर रहे हैं। ढांडा का भी यह टूर काफी सुर्खियों में हैं। मुंबई में हुए लाइव कॉन्सर्ट में अचानक से हुई रैपर और सिंगर बादशाह की एंट्री ने सबको चौंका दिया। बादशाह ने स्टेज पर आते ही माइक लेते हुए कहा, मेरे को 15-20 साल हो गए इंडस्ट्री में। हर तरह के बंदे देखे हैं, लेकिन जिसमें रीड की हड्डी हो ना दोस्तों, धंधा उनमें से एक ही है। दर्शकों ने ढांडा की जय-जयकार की। इसके बाद बादशाह ने सभी को प्रदर्शन का आनंद लेने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि वह अपने छोटे भाई का समर्थन करने आए हैं।ढांडा ने भी रिप्लाई करते हुए कहा कि कुछ दोस्तों के साथ दोस्ती श्मशानों तक जाती है। बादशाह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यह उनमें से एक है। मरे हुए भी उठ आएंगे तेरे लिए एक बार। जिसके बाद दोनों एक-दूसरे के गले लगे और फिर बादशाह वहां से चले गए। रैपर और सिंगर बादशाह भी टटीरी' सॉन्ग-विवाद के बाद लंदन चले गए थे। जहां पर उन्होंने लाइव कॉन्सर्ट में परफॉर्म किया। टूर के दौरान उनके साथ माता-पिता भी रहे। हालांकि विदेश टूर से पहले ढांडा पंचकूला साइबर क्राइम थाना में पहुंचे थे और जमानत मिलने के बाद यहां से गए थे। अब जानिए ढांडा न्योलीवाला का कोहराम इंडिया टूर… एल्बम 'वोमिट ऑन पेपर' पर हुई थी कन्ट्रोवर्सी करीब तीन माह पहले हरियाणवी रैपर ढांडा न्योलीवाला की नई एल्बम 'वोमिट ऑन पेपर' पर कन्ट्रोवर्सी हो गई थी। ढांडा की इस इस एल्बम में रैपर ने भगवाधारी बाबाओं को मारने-पीटने के सीन थे। साथ ही बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना उनका फोटो एल्बम में लगाकर 'साले' शब्द का यूज किया गया था। इस पर विवाद खड़ा हो गया था। सोशल मीडिया पर हरियाणवी रैपर के पक्ष और विरोध में लोग खड़े हो गए थे। साध्वी देवा ठाकुर ने तो वीडियो जारी कर कह दिया था- तू साधु-संतों को पीट नहीं सकता। मगर, अब तेरे पिटने का टाइम आ गया है। 2 महीने लग जाओ, 6 महीने लग जाओ, पिटेगा जरूर। अगर मेरी जैसी के हाथ लग गया, तो पक्का पिटेगा। वहीं, रैपर के सपोर्ट में भी कुछ लोग खड़े हुए। इसके बाद न्योलीवाला ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर सफाई दी थी। कहा था कि दुख होता है जब उनके अपने लोग इन मुद्दों पर आपस में लड़ते हैं। फिर भी अपने लोगों का दिल रखने और मामला बंद करने के लिए जिस लाइन पर आपत्ति थी, उसे अब बदला जा रहा है। उनके विचार वही रहेंगे, लेकिन अब बेहतर तरीके से पेश किए जाएंगे।
चचेरी बहन को कैंसर था। बालाजी धाम के बाबा ने भरे दरबार में पर्चा निकालकर मुझे पर आरोप लगा दिए कि मैंने उस पर कैंसर करवाया है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पड़ोसी और रिश्तेदारों ने मेरे परिवार से दूरी बना ली। सभी मुझे शक की नजरों से देखने लगे। हांसी के रहने वाले राजेश कुमार ने बालाजी धाम के महंत दिनेश पुरी पर ये आरोप लगाते हुए हिसार सिविल कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया है। राजेश का कहना है कि महंत का वीडियो वायरल होने के बाद उसकी जिंदगी बदल गई। दिनेश पुरी को हांसी वाले बाबाजी के नाम से जाना जाता है। वह अपने दरबार में भूत-प्रेत भगाने और बीमारियां दूर करने का दावा करते हैं। वह बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तरह पर्चा भी लिखते हैं। राजेश के आरोपों के बाद बालाजी धाम की तरफ से कहा गया कि गुरु जी ने सिर्फ राजेश नाम लिया। इस नाम के लाखों व्यक्ति हैं। विशेष तौर पर किसी राजेश का नाम लिया है। न ही वीडियो में संबंधित राजेश की कोई पहचान बताई गई। पहले जानिए राजेश ने दिनेश पुरी पर क्या आरोप लगाए… एडवोकेट बोले- कोर्ट ने दिनेश पुरी को नोटिस जारी किया राजेश के वकील रजत कलसन ने कहा कि कोर्ट ने दिनेश पुरी को नोटिस जारी कर दिया है और अगली सुनवाई पर उनसे जवाब मांगा गया है। राजेश की ओर से सार्वजनिक माफी की मांग की गई है। दिनेश पुरी हांसी के नंद नगर क्षेत्र में बालाजी धाम नामक मंदिर परिसर में दरबार लगाते हैं। यहां वे लोगों को प्रेत बाधा और अन्य समस्याओं से मुक्ति दिलाने का दावा करते हैं। दरबार में पुरी ने कहा था- राजेश से दूर रहना दिनेश पुरी का जो वीडियो सामने आया है, उसमें वह दरबार में आई महिलाओं से कह रहे हैं कि क्या माइक पर उनका नाम बोलें या छिपाएं। इस पर महिलाएं कहती हैं कि यहीं बताइए। फिर पुरी कहते हैं कि वह श्मशान में भी जाता है, रात को उल्टे काम करता है, काली माता की भक्ति करता है और पीर पर भी जाता हैं। वह तुम्हें मेरे पास आने से मना कर रहा था। आखिर में पुरी उन महिलाओं को कहते हैं कि राजेश नामक व्यक्ति से दूर रहना।
छत्तीसगढ़ की कंटेंट क्रिएटर निवेदिता मंडावी को सोशल मीडिया पर गैंगरेप और अपहरण की धमकी दी गई। इंस्टाग्राम के एक कथित नशा मुक्ति ग्रुप में लड़के निवेदिता की फोटो शेयर कर उससे गैंगरेप की बात कर रहे थे। इस साजिश की चैट निवेदिता तक पहुंची, जिससे मामला सामने आया। निवेदिता के पिता पुलिस विभाग में DSP के पद पर हैं। सोशल मीडिया इस घटना की चर्चा जोरों पर है। लोग निवेदिता के समर्थन में वीडियो बना रहे हैं। लड़कों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। दैनिक भास्कर ने इस मामले पर निवेदिता के भाई से बात की। उन्होंने बताया कि केशकाल थाने में FIR दर्ज की गई थी। 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अब जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, इंस्टाग्राम ग्रुप को नशा मुक्ति के नाम पर संचालित किया जा रहा था। 2 महीने पहले लीक हुए चैट्स में सामने आया कि इस ग्रुप में शामिल कुछ लड़के निवेदिता के खिलाफ आपत्तिजनक, अश्लील और आपराधिक साजिश रच रहे थे। चैट्स में आरोपियों ने न सिर्फ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि उनके अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की योजना बनाने जैसी गंभीर बातें भी लिखीं। मामले की जानकारी मिलने के बाद निवेदिता ने इसकी शिकायत पुलिस से की। उन्होंने इस मामले से जुड़ा वीडियो भी शेयर किया था। फैंस बोले- दोषियों पर कार्रवाई हो घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उनके समर्थन में बनाए गए वीडियो वायरल हो रहे हैं। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। एक ‘एक्स’ यूजर ने लिखा- निवेदिता मंडावी छत्तीसगढ़ की अवार्ड-विनिंग क्रिएटर हैं, जो अपने कंटेंट के जरिए बस्तर की रिच ट्राइबल कल्चर को गर्व से दिखाती हैं। उन्हें एक सो-कॉल्ड ‘नशा मुक्ति’ (डी-एडिक्शन) इंस्टाग्राम ग्रुप में इनवाइट किया गया था। रिकवरी टॉक के बजाय? लीक हुई चैट से पता चलता है कि नाबालिग खुलेआम उनकी किडनैपिंग और गैंगरेप की प्लानिंग कर रहे थे। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया केशकाल थाना प्रभारी विकास बघेल ने बताया कि इंस्टाग्राम पर ग्रुप बनाकर अश्लील कमेंट करने के आरोप में 5 युवकों को गिरफ्तार किया गया है। युवक केशकाल, भानुप्रतापपुर और कोंडागांव के रहने वाले हैं। पांचों युवकों के खिलाफ रायपुर में जीरो में अपराध कायम हुआ था। उसके बाद केशकाल में मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई, इन सभी आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
चंडीगढ़ में क्रेस्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में गिरफ्तार प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल ने पूछताछ के दौरान एक IFS अफसर का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अबरोल ने अपनी डिस्क्लोजर स्टेटमेंट में बताया कि इस पूरे घोटाले की जानकारी उक्त IFS अफसर को थी। उसने यह भी दावा किया कि करीब 50 लाख रुपये से अधिक की नकदी उसी अफसर के इशारे पर टैक्सी के जरिए गाजियाबाद भेजी गई। टैक्सी के जरिए पहुंचाया गया कैश अबरोल के अनुसार, यह रकम दो बार टैक्सी से गाजियाबाद भेजी गई, जहां इसे IFS अफसर के रिश्तेदार के घर पहुंचाया गया। उसने टैक्सी चालक का नाम भी पुलिस को बताया है। अब पुलिस सबसे पहले टैक्सी चालक से पूछताछ करेगी, जिसके बाद संबंधित IFS अफसर से भी पूछताछ की तैयारी है। वहीं इस पूरे मामले में चंडीगढ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी नजर बनाए हुए है और उन्हे इस पूरे मामले की जानकारी दी जा रही है। एफडी घोटाले में नलिनी भी जेल भेजी पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सुखविंदर अबरोल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और वह इस समय बुडैल जेल में बंद है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े 118 करोड़ रुपये के फर्जी एफडी मामले में गिरफ्तार चीफ फाइनेंस ऑफिसर नलिनी को भी कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने दोबारा रिमांड नहीं मांगा और उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एनपी शर्मा के खिलाफ सबूत नहीं मिले मामले में पूर्व चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। जांच में न तो उनके खातों में संदिग्ध लेनदेन मिला और न ही एफडी से जुड़े दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर पाए गए। जांच में सामने आया है कि ज्वैलर अनुभव मिश्रा ने अपने माता-पिता के खातों में करीब 70 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। बताया जा रहा है कि इस रकम से उसने एक प्रॉपर्टी भी खरीदी है, जिसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है। सूत्रों के अनुसार, अनुभव मिश्रा ने शुरुआत में इस घोटाले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाने की बजाय मुख्य आरोपी रिभव ऋषि से संपर्क किया और बाद में उसके साथ मिल गया। फिलहाल वह फरार है और एसआईटी उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
सेक्स रैकेट के मामले में जेल गए यूट्यूबर रोहित वर्मा के साथ केक काटते और पार्टी करते हुए दो कांस्टेबलों के वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार शाम डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने दोनों कांस्टेबलों को सस्पेंड कर दिया। कांस्टेबलों की पहचान सेन पश्चिम पारा में तैनात दीपक चौधरी और धर्मेंद्र सिंह के रूप में हुई। उधर किशोर को पीट कर पेशाब करने वाले रोहित के साथी साहिल उर्फ मुसीबत की तलाश में तीन टीमें लगी हुई हैं, वहीं जांच में सामने आया कि पीड़ित किशोर छेदी सिंह का पुरवा का रहने वाला है। बर्रा में किशोर पर बरसाए थे डंडे कल्याणपुर में बीते दिनों सेक्स रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। मामले में बर्रा निवासी यूट्यूबर रोहित वर्मा को पुलिस ने जेल भेजा था। सोमवार को सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए थे, जिसमें एक युवक को रोहित और उसका साथी साहिल उर्फ मुसीबत एक के बाद डंडे मारते हुए नजर आ रहे थे। वहीं एक वीडियो में आरोपी पीटने के बाद किशोर पर पेशाब करते हुए नजर आ रहे थे, जबकि एक अन्य वीडियो में रोहित केक काटता हुआ नजर आ रहा था। इसमें दो सिपाही भी केक काटते और नाचते हुए नजर आ रहे थे। घटना सामने आने के बाद कांस्टेबलों की पहचान दीपक चौधरी और धर्मेंद्र सिंह के रूप में हुई। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि घटना कुछ दिन पुरानी है, इस दौरान कांस्टेबलों की बर्रा थाने में तैनाती थी। वर्तमान में इनकी तैनाती सेनपश्चिम पारा में थी। दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है।
लखनऊ होकर गुजरेंगी दो समर स्पेशल ट्रेन:ऋषिकेश और कोलकाता जाने वाली यात्रियों को मिलेगी सुविधा
गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने दो साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। ये दोनों ट्रेनें लखनऊ मंडल के अहम रूट सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली और मुरादाबाद से होकर गुजरेंगी, जिससे लखनऊ और आसपास के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। ऋषिकेश-गोरखपुर स्पेशल लखनऊ से होकर गुजरेगी 04316/04315 योग नगरी ऋषिकेश-गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 21 अप्रैल से 14 जुलाई 2026 तक चलाई जाएगी। ऋषिकेश से हर मंगलवार को रवाना होकर ट्रेन हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, गोंडा होते हुए गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में गोरखपुर से हर बुधवार को यह ट्रेन चलेगी। इस ट्रेन के संचालन से लखनऊ मंडल के यात्रियों को उत्तराखंड जाने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा, खासकर तीर्थ और पर्यटन सीजन में। अमृतसर-कोलकाता स्पेशल: लखनऊ रूट को लंबी दूरी की कनेक्टिविटी 04624/04623 अमृतसर-कोलकाता साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 13 अप्रैल से 29 जून 2026 तक अमृतसर से और 16 अप्रैल से 2 जुलाई 2026 तक कोलकाता से चलाई जाएगी। यह ट्रेन भी मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, गोंडा और गोरखपुर जैसे स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इससे लखनऊ क्षेत्र के यात्रियों को पंजाब, बिहार और पश्चिम बंगाल तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर लखनऊ महानगर में “वार्ड चलो अभियान” की शुरुआत की गई। अभियान का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और महानगर अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी ने कैंट विधानसभा क्षेत्र के गीतापल्ली वार्ड पहुंचकर किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से संवाद करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। निशातगंज में घर-घर पहुंचकर संपर्क, योजनाओं का किया प्रचार इसी क्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ नीरज सिंह ने निशातगंज स्थित काल्विन कॉलेज वार्ड में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया। उन्होंने डबल इंजन सरकार की नौ वर्षों की उपलब्धियों से संबंधित पत्रक वितरित किए और लाभार्थियों से सीधा संवाद स्थापित किया। इसके साथ ही वरिष्ठ समाजसेवी श्याम लाल वाल्मीकि को उनके आवास पर सम्मानित भी किया गया। जनता के बीच जाने से लोकतंत्र मजबूत होगा: बृजेश पाठक उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सीधे जनता के बीच जाकर संवाद करना लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है। इससे न केवल संगठन को नई ऊर्जा मिलती है, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच विश्वास भी और गहरा होता है। 7 से 12 अप्रैल तक चलेगा अभियान, कई कार्यक्रम होंगे आयोजित महानगर अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी ने बताया कि “वार्ड चलो अभियान” 7 अप्रैल से 12 अप्रैल तक व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। इस दौरान सांसद, विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि वार्ड स्तर पर जाकर बुद्धिजीवियों, प्रबुद्ध नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों से संवाद करेंगे। अभियान के तहत स्वच्छता अभियान, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान, विभिन्न वर्गों के लोगों से संपर्क और सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजनौर के नजीबाबाद थाने में दर्ज शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने शिकायतकर्ता और राज्य सरकार से याचिका पर जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्र एवं न्यायमूर्ति पद्म नारायण मिश्र की खंडपीठ ने की याचिका पर उनके अधिवक्ता और सरकारी वकील को सुनकर दिया है। बिजनौर में दर्ज हुआ मामलायाचियों के विरुद्ध बिजनौर के नजीबाबाद थाने में बीएनएस की धारा 69 (शादी के झूठे वादे पर यौन संबंध) और एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। याचियों के अधिवक्ता ने विश्वज्योति चटर्जी बनाम पश्चिम बंगाल राज्य में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय का हवाला देते हुए तर्क दिया कि पीड़िता और आरोपी पिछले पांच वर्ष से सहमतिपूर्ण संबंध में थे और दो वर्षों से अधिक समय से शारीरिक संबंध में थे। उन्होंने कहा कि पीड़िता वयस्क है और उसने अपनी इच्छा से संबंध बनाए थे। ऐसे में इसे शादी का झूठा वादा कहकर अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। यह भी कहा कि विशाल गुप्ता ने पीड़िता से विवाह कर लिया है, जिससे अब उनके बीच पति-पत्नी का संबंध है। कोर्ट ने राज्य सरकार ने मांगा जवाब खंडपीठ ने मामले की गंभीरता और कानूनी पहलुओं को देखते हुए याचियों की इस मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस जांच जारी रख सकती है लेकिन कोर्ट की अनुमति के बिना अंतिम रिपोर्ट/चार्जशीट दाखिल नहीं की जाएगी। कोर्ट ने याचिका पर राज्य सरकार और शिकायतकर्ता से छह सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही अगली सुनवाई के लिए 29 मई की तारीख लगाई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रेल को बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी का उदघाटन करेंगे। मारवाड़ सहित पूरे राजस्थान के लिए रिफाइनरी के अलग मायने हैं। पीएम मोदी रिफानरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। जनवरी 2026 से ही रिफाइनरी के पहले चरण के ट्रायल रन (कच्चे तेल का प्रसंस्करण) की तैयारी शुरू कर दी गई थी। पीएम मोदी के लोकार्पण के बाद इसमे जल्द कॉमर्शियल उत्पादन शुरु हो जाएगा। पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करके इस बात की जानकारी दी। सीएम ने लिखा- मुझे यह जानकारी देते हुए अत्यंत हर्ष और गर्व की अनुभूति हो रही है कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता, हम सभी के मार्गदर्शक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 21 अप्रेल 2026 को पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण हेतु वीरधरा राजस्थान पधार रहे हैं। यह रिफाइनरी मारवाड़ सहित पूरे राजस्थान के आर्थिक कायाकल्प और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने वाली 'भाग्यरेखा' सिद्ध होगी। रिफाइनरी का दो बार हुआ शिलान्यासपचपदरा रिफाइनरी का शिलान्यास पहली बार 22 सितंबर 2013 को हुआ था। उस समय तत्कालीन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रिफाइनरी का शिलान्यास किया था। प्रदेश में अशोक गहलोत की सरकार थी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 37,230 करोड़ थी। सत्ता परिवर्तन के बाद रिफाइनरी की शर्तों में बदलाव के बाद पीएम मोदी ने 16 जनवरी 2018 को फिर से इसके कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया। इस समय इसकी लागत बढ़कर 43 हजार 129 करोड़ रुपए हो गई। इसका काम 31 अक्टूबर 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार के समय 2 जून 2023 को परियोजना की लागत बढ़कर 72,937 करोड़ रुपए हो गई। वहीं भजनलाल सरकार में कंपनी ने 24 जुलाई 2025 को रिफाइनरी के लागत मूल्य में द्वितीय संशोधन प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत किया। जिसके बाद इसकी लागत बढ़कर 79 हजार 459 करोड़ रुपए हो गई है। रिफाइनरी एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है। दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे पीएमसाल 2026 में पीएम मोदी दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे है। इससे पहले मोदी 28 फरवरी 2026 को अजमेर दौरे पर आए थे। यहां उन्होने अजमेर के कायड़ विश्राम स्थली से राजस्थान में 16,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया था और 21 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे थे।
गोरखपुर के कैंट इलाके के जीएम आफिस के पास दरोगा बनकर रिटायर रेलकर्मी से रुपयों से भरा बैग छीनने के आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया। आरोपी नगर निगम में सफाईकर्मी है। आरोपी के पास से बैग और उसमें रखा 20 हजार रुपया पुलिस ने बरामद कर लिया। पकड़े जाने के बाद आरोपी पुलिस से माफी मांगने लगा। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि वह नगर निगम में सफाई कर्मी भी है। इसके पहले भी वह एक मामले में जेल जा चुका है। आरोपी की पहचान गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर निवासी विक्की बांसफोड़ के रूप में हुई। पेंशन के पैसे निकाल कर घर जा रहे थे रेलकर्मी जानकारी के मुताबिक, खोराबार थाना क्षेत्र के जंगल सिकरी निवासी रामसती ने केस दर्ज कराया। उन्होंने पुलिस को बताया कि रेलवे के जनरल मैनेजर के पत्र वाहक थे। वह साल 2010 में रिटायर हुए हैं। छह अप्रैल की सुबह 10.45 बजे रेलवे जीएम आफिस के सामने स्थित एसबीआई से पेंशन के 20 हजार रुपये निकाले थे। रुपया बैग में रखकर वह पैदल ही जा रहे थे। रेलवे ऑफिस गेट के पास पहुंचे थे कि पीछे से एक शख्स आया और बोला कि तुम गांजा की तस्करी करते हो। खुद को दरोगा बताते हुए चेकिंग के नाम पर बैग ले लिया और रुपया लेकर फरार हो गया। चार घंटे में पकड़ा गया आरोपी पीड़ित ने घटना की सूचना पुलिस को दी थी। कैंट पुलिस ने केस दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच शुरू की। जांच में आरोपी की पहचान कर रेलवे चौकी इंचार्ज अमित चौबे की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 20 हजार रुपया पुलिस ने बरामद कर लिया। रेलवे चौकी इंचार्ज अमित चौबे ने बताया कि सोमवार को घटना की सूचना मिली। इसके बाद तत्काल सीसीटीवी कैमरे से आरोपी की पहचान हो गई। चार घंटे में आरोपी की तलाश कर उसे दबोच लिया गया। पूछताछ के बाद उससे मंगलवार को बैग समेत 20 हजार रुपये बरामद कराया।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गृह विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। सीएम ने मंगलवार को मंत्रियों की बैठक में इसके संकेत दिए। इसको लेकर एक राज्य स्तरीय कमेटी भी बनाई जाएगी। दिवाली से पहले एमपी में इसे लागू किया जा सकता है। गोवा, उत्तराखंड के मॉडल का अध्ययन करेंगे एमपी के अधिकारीसूत्र बताते हैं कि समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने से पहले गोवा सिविल कोड और उत्तराखंड में कुछ समय पहले लागू किए गए यूसीसी का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के लिए व्यावहारिक और संतुलित मॉडल तैयार किया जा सके। ड्राफ्ट तैयार होते ही इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। केन्द्र से मिली हरी झंडी सरकार इसे राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए सही समय पर कैबिनेट में लाने की रणनीति बना रही है। राज्य स्तरीय कमेटी बनने के बाद आगे की प्रक्रिया और ड्राफ्ट को कैबिनेट में पेश करने की टाइमलाइन तय की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूसीसी को प्रमुख एजेंडा बताया था। एमपी सरकार को केन्द्र से इसे लागू करने की सहमति भी मिल गई है। सामाजिक संतुलन यूसीसी में चुनौती मप्र में अलग प्रकार की सामाजिक व्यवस्था है, खासकर आदिवासी समुदायों की परंपराएं, यूसीसी को लागू कराने में एक अलग प्रकार की चुनौती हैं। 230 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में सरकार हर वर्ग की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। क्या बदल सकता हैयदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है और आगे की प्रक्रिया पूरी होती है, तो सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक के समान नियम लागू हो सकते हैं। बहुविवाह पर रोक लग सकती है। महिलाओं को समान अधिकार मिल सकते हैं। संपत्ति और उत्तराधिकार में एकरूपता जैसे बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यूसीसी वाले राज्यों के मॉडल भी समझ लीजिएउत्तराखंड: फरवरी 2024 में बिल पास हुआ और 27 जनवरी 2025 से लागू हुआ। देश में उत्तराखंड पहला राज्य है। जहां यूसीसी लागू किया गया। वहां शादी और तलाक का पंजीयन कराना जरूरी है। लिव इन रिलेशनशिप का 30 दिन में पंजीयन जरूरी है। नियमों का पालन न करने पर तीन महीने की जेल हो सकती है। गुजरात: संपत्ति में बेटा, बेटी को बराबरी का हक होगा। एसटी को इस कानून से बाहर रखा गया है। पहचान छिपाकर धोखे से शादी करना अपराध है। ऐसा करने पर 7 साल तक की जेल हो सकती है। 60 दिन में लिव इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। यहां मार्च 2026 में बिल पास हुआ। जल्द ही लागू हो जाएगा। असम: यहां बहुविवाह को अपराध माना गया है। छठीं अनुसूची क्षेत्र और एसटी कानून से बाहर रखे गए हैं। हालांकि यहां यूसीसी कानून पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया है।
ग्वालियर पुलिस को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गांजा तस्करों के पास से पहली बार ओजी ग्रेड (ओशियन ग्रोथ) का गांजा पकड़ा है। यह हाइड्रोपोनिक है और इसे जमीन पर नहीं सिर्फ पानी में उगाया जाता है। यह आसानी से घर के अंदर उगाया जा सकता है। मध्य प्रदेश पुलिस ने इस तरह का गांजा पहली बार पकड़ा है। देश में इस तरह का गांजा पकड़ने की यह पांचवीं कार्रवाई है। मध्य प्रदेश में एक बार भोपाल में इस तरह का गांजा पकड़ा गया था, लेकिन वह इंटेलीजेंस का एक्शन था। मध्यप्रदेश पुलिस की यह पहली कार्रवाई है। यह पानी में उगने वाला हाइड्रोपोनिक गांजा की कीमत अंतर राष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपए प्रति किलोग्राम है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए गांजा तस्करों से पता लगा रही है कि वह कहां से गांजा की यह खेप लेकर ग्वालियर आए थे। सीएसपी इंदरगंज रोबिन जैन ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर गांजे की खेप लेकर आने वाले हैं। इसका पता चलते ही कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। जिस पर एसआई सुमित्रा तिग्गा, प्रधान आरक्षक रविकांत शर्मा, आरक्षक अभिषेक शर्मा, शैलेंद्र धाकड़ और लवकुश को तस्करों की तलाश की जिम्मेदारी दी। जिस पर पुलिस टीम ने अवाड़पुरा मुर्गी फार्म के पास कैंसर पहाड़िया पर चेकिंग लगाकर यहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेना शुरू कर दिया। पुलिस को देखते ही बाइक लौटाने का किया प्रयास पुलिस चेकिंग कर रही थी कि तभी एक बाइक एमपी 07 एमएन 4218 आती दिखाई दी। जिस पर दो युवक सवार थे। पुलिस चेकिंग को देखकर बाइक सवारों ने बाइक वापस मोड़कर जाने का प्र्रयास किया, लेकिन पुलिस अलर्ट थी और बाइक सवारों को दबोच लिया। पुलिस ने चेकिंग की तो उनके पास से सवा दो किलो के करीब गांजा बरामद हुआ है। पुलिस ने गांजा बरामद होते ही आरोपियों को दबोच लिया है। यह पकड़े गए इनसे मिला तीन ग्रेड का गांजापुलिस ने पकड़े गए तस्करों से पूछताछ की तो उनकी पहचान गौरव कुशवाह पुत्र राजकुमार कुशवाह निवासी भूरे बाबा की बस्ती जनकगंज और दूसरे की पहचान हेमंत उर्फ सार्थक पुत्र भरत लाल निवासी तारागंज कलारी के पास जनकगंज के रूप में हुई। इनके पास से तीन अलग-अलग प्रकार का अवैध गांजा 1 किलो 438 ग्राम कीमती लगभग 30 हजार रुपए एवं एक मोटरसाइकिल एमपी07-एमएन-4218 जब्त की गई है। इसमें पकड़ा गया कुछ गांजा ओजी ग्रेड का गांजा है जो पानी में उगाने वाला गांजा है। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर पता लगा रही है कि वह गांजे की खेप लेकर कहां से आते हैं और कहां पर खपाते हैं। यह गांजा पहले कैलिफोर्निया से मंगाया जाता थाएएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि पकड़े गए तस्करों से ओजी ग्रेड (ओशियन ग्रोथ) का है, यह हाइड्रोपोनिक है और इसे जमीन पर नहीं सिर्फ पानी में उगाया जा सकता है। इसकी मार्केट वैल्यू एक करोड रुपए प्रति किलो के करीब है। अभी तक यह देश भर में सिर्फ पांच स्थानों पर पकड़ा गया है। एक बार भोपाल में पकड़ा गया है, जिसे इंटेलीजेंस द्वारा पकड़ा गया था। एमपी पुलिस की यह पहली कार्रवाई है। इस गांजे को पहले कैलीफोर्निया से मंगाया जाता था, लेकिन अब इसे भारत में भी उगाया जा रहा है। इसे घर के अंदर ही उगाया जा सकता है और यह पांच से छह ग्राम की मात्रा में ही उगाया जा सकता है। इसके साथ ही उड़ीसा ग्रेड वन और नॉर्मल गांजा बरामद हुआ है। पकड़े गए तस्करों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद पता चलेगा वह गांजा कहां से लेकर आते है और कहां पर खपाते हैं।
जयपुर में जापानी महिला टूरिस्ट के साथ छेड़छाड़ मामले में पुलिस ने मंगलवार को एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रामगंज थाना क्षेत्र से आरोपी बाबू का टिब्बा पीएस रामगंज निवासी अमीमुद्दीन उर्फ आमिर (24) को गिरफ्तार किया गया। जयगढ़ किले की पहाड़ी के पास 5 अप्रैल को महिला पर्यटक को अकेले घूमते देख 4 बदमाशों ने छेड़छाड़ की थी। आमेर थाना प्रभारी गौतम डोटासरा ने बताया- विदेशी महिला पर्यटक की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना 5 अप्रैल को करीब सुबह 8 बजे की है, जब इलाके में आवाजाही कम रहती है। इसी दौरान पांच बदमाशों ने पहले महिला से हाथ मिलाने की कोशिश की। इसके बाद गलत नीयत से उनके साथ अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ की। महिला के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। CCTV देख आरोपी को पकड़ा पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें पांच संदिग्ध युवक पहाड़ी से नीचे उतरते नजर आए। फुटेज और पीड़िता की पहचान के आधार पर चिन्हित इलाकों में दबिश दी गई। इसके बाद आरोपी अमीमुद्दीन उर्फ आमिर (24) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मजदूरी करता है। वहीं गिरफ्तार आरोपी से अन्य 3 आरोपियों की पहचान और उनके ठिकानों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस टीम बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है। पहाड़ी पर अकेला पाकर घेरा, गंदी हरकतें कीं आमेर थाने के SHO गौतम डोटासरा ने बताया- जापान से राजस्थान घूमने आई महिला पर्यटक 5 अप्रैल को जयगढ़ महल देखने पहुंची थी। वह महल के पास स्थित गणेश मंदिर की ओर जा रही थी, तभी रास्ते में सुनसान जगह देखकर 5 बदमाशों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने विदेशी महिला के साथ अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ शुरू कर दी। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाना शुरू किया और वहां से भागकर पास ही तैनात सिक्योरिटी गार्ड के पास पहुंची। विदेशी महिला को बदहवास हालत में देख गार्ड ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। महिला के शोर मचाने और गार्ड को आता देख पांचों बदमाश मौके से फरार हो गए थे। सीसीटीवी में कैद हुए संदिग्ध महिला पर्यटक हाल ही जापान से राजस्थान घूमने आई थी। पुलिस को इलाके में एक सीसीटीवी कैमरे में पांच युवक संदिग्ध स्थिति में पहाड़ी से उतरते हुए दिखाई दिए थे। हुलिए के आधार पर स्थानीय बदमाशों और गाइडों के रिकॉर्ड को खंगाला गया। ये खबरें भी पढ़ें... जयपुर में विदेशी महिला से छेड़छाड़:जापान से आई थी घूमने, 5 लड़कों ने की गंदी हरकत, CCTV में दिखे आरोपी जयपुर के आमेर इलाके में जापानी महिला टूरिस्ट के साथ पांच युवकों ने छेड़छाड़ की थी। वह जयगढ़ किले की पहाड़ी पर घूमने गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। (पूरी खबर पढ़ें) ऑटो ड्राइवर ने विदेशी महिला से बुलवाई गालियां, जर्मनी से जयपुर घूमने आई थी, लौटकर शेयर किया वीडियो; आरोपी गिरफ्तार जयपुर में ऑटोरिक्शा ड्राइवर ने विदेशी महिला से गालियां बुलवाईं। महिला ने इसका वीडियो बनाया था, जिसे उसने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। पढ़ें पूरी खबर जयपुर में भीड़ ने सेल्फी के लिए विदेशी महिला को खींचा था, गले में हाथ डाला था जयपुर में विदेशी महिला से कुछ दिन पहले बदसलूकी का वीडियो सामने आया था। युवकों ने सेल्फी लेने के बहाने महिला के गले में हाथ डालकर अपनी ओर खींचा था। युवकों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। ब्रह्मपुरी थाना पुलिस इसकी जांच में जुटी थी। जलमहल की पाल पर विदेशी महिला के साथ अभद्रता का यह वीडियो था। (पढ़ें पूरी खबर...)
भास्कर अपडेट्स:कोलकाता एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो विमान से टकराया, एयरक्राफ्ट को नुकसान
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो के विमान से टकरा गया। यह घटना एयरपोर्ट के पार्किंग बे नंबर-51 में हुई, जहां विमान खड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैटरिंग की गाड़ी अचानक आगे बढ़ी और विमान के इंजन से टकरा गई, जिससे विमान को मामूली नुकसान हुआ। घटना के बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है। उसका मेंटेनेंस किया जा रहा है। यह फ्लाइट कोलकाता से गुवाहाटी जाने वाली थी। यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजा गया है। इंडिगो ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। एयरलाइन जांच में पूरी तरह सहयोग कर रही है।
11 साल बाद दुराचार का आरोपी बरी:हाईकोर्ट ने मानसिक दिव्यांग नाबालिग मामले में सुनाया फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने दुराचार के एक मामले में 11 साल से जेल में बंद एक अभियुक्त को उसकी अपील पर सुनवाई के बाद बरी कर दिया है। न्यायालय ने पुलिस जांच में गंभीर कमियां पाईं और कहा कि साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त को दोषी ठहराना उचित नहीं है। यह फैसला न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने निर्मल कुमार की अपील स्वीकार करते हुए सुनाया। यह मामला अयोध्या जनपद के मवई थाने से संबंधित है और वर्ष 2010 का है। वादी ने आरोप लगाया था कि उसकी 14 वर्षीय मानसिक दिव्यांग बेटी के साथ दुराचार हुआ था। घटना के तीन दिन बाद पीड़िता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद, पीड़िता के पिता ने दुराचार के साथ-साथ हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2018 में अपीलकर्ता को दुराचार के आरोप में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, मृत्यु के कारण की पुष्टि न होने के कारण उसे हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में मानव वीर्य के नमूने तो मिले थे, लेकिन यह साबित नहीं हो सका कि वे नमूने आरोपी के थे। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि डीएनए टेस्ट या कोई अन्य ठोस जांच नहीं कराई गई थी, जिसे एक गंभीर त्रुटि माना गया। न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसे गंभीर आरोपों में केवल संदेह या आशंका के आधार पर किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं है। साक्ष्य के अभाव के कारण मामले में दोषसिद्धि को सुरक्षित नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में मंगलवार को अयोध्या में भव्य “स्वर्ण जयंती एवं अवार्ड समर्पण समारोह मना।यह आयोजन मुनि विभास्वर सागर, मुनि शुद्धोपयोग सागर , श्रम सागर, मुनि सागर ,आदि संतों और गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता के पावन सानिध्य में हुआ। प्रज्ञाश्रमणी चंदनामती माता की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन तथा रवीन्द्र कीर्ति स्वामी के निर्देशन में , भारतवर्षीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समारोह के मुख्य अतिथि जम्बू प्रसाद जैन गाजियाबाद, विशिष्ट अतिथि सुरेश जैन पूर्व आईएएस भोपाल, जस्टिस विमला जैन भोपाल, हंसमुख गांधी इन्दौर, संघपति अनिल जैन दिल्ली, संजय पापड़ीवाल औरंगाबाद, कमल कासलीवाल मुंबई, चंद्रशेखर कसलीवाल चांदवड़, आर्किटेक्ट विशाल जैन लखनऊ के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन जम्बूद्वीप हस्तिनापुर ने की।। अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने कहा कि समारोह का दीप प्रज्ज्वलन अतिथियों, अयोध्या विकास समिति व युवा परिषद् के पदाधिकारियों ने किया, मंगलाचरण पंकज शाह पुणे ने, स्वागत उद्बोधन दिया युवा परिषद् के राष्ट्रीय संयोजक प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन हस्तिनापुर ने।युवा परिषद् का परिचय भूमिका,अब तक की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष में युवा परिषद् के सभी शाखाएं अपने अपने क्षेत्र में सामाजिक धार्मिक आयोजन करावें व नवीन शाखाएं गठन करवाएं। देश की जैन संस्कृति का युग पुरुष सम्मान युवा परिषद् द्वारा कर्मयोगी रवीन्द्र कीर्ति स्वामी जी को प्रदान किया गया।कर्मठ व्यक्तित्व पुरस्कार जवाहरलाल जैन सिकंदराबाद को प्रदान किया गया, उक्त पुरस्कार के सोजन्यकर्ता जीतेन्द्र सपना लुहाड़िया खण्डवा, मध्यप्रदेश हैं।इस अवसर पर युवा परिषद की सबसे प्राचीन कामां शाखा का विशेष अभिनन्दन स्वर्ण जयंती गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।सम्पूर्ण देश की उत्कृष्ट एवं श्रेष्ठ शाखाओं में आउट स्टैंडिंग शाखा प्रताप नगर सम्भाग जयपुर को प्रशस्ति, तिलक,माला,दुपट्टा, पगडी पहनाकर,नकद राशि देकर सम्मानित किया गया,इस अवार्ड के सोजन्यकर्ता तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी मुरादाबाद के कुलाधिपति सुरेश लुहाड़िया थे, एक्सीलेंट अवार्ड कोल्हापुर, महाराष्ट्र को , उक्त अवार्ड के सोजन्यकर्ता आनन्द प्रकाश मदन कुमार नई दिल्ली व बैस्ट परफोर्मेंस शाखा टिकैतनगर को , इस अवार्ड के सोजन्यकर्ता विकास जैन गाजियाबाद थे ।उपरोक्त शाखाओं के कार्यों का गौरवपूर्ण अभिनंदन किया गया। युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि समारोह में सेवा शिरोमणी सम्मान से युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन (जयपुर), राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जैन (जयपुर), पूर्व महामंत्री मनोज जैन मेरठ, पूर्व संयुक्त महामंत्री डॉ. अनुपम जैन (इंदौर), युवा परिषद् के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष बिजेंद्र जैन ( दिल्ली), पूर्व अध्यक्ष कैलाश जैन (लखनऊ) , पूर्व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनिल जैन (प्रीति विहार, दिल्ली) को सम्मानित किया गया।युवा परिषद् के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री दिलीप जैन ने अवार्ड की घोषणा की व अवार्ड प्राप्त कर्ता शाखाओं की प्रगति रिपोर्ट बतायी व राजस्थान प्रदेश की संगठनात्मक स्थिति बताई।युवा परिषद् द्वारा इस अवसर पर सज्जातत्व नव दम्पति स्वर्ण श्री उपाधि से अतिशय जैन दिल्ली, अंकित जैन हीरापुर ( सागर,एम पी ), पुनीत -रूचिका लुहाड़िया मानसरोवर जयपुर, आकार -गरिमा चौकडायत नालन्दा विहार, जयपुर आदि नव दम्पति यों को सम्मान किया गया। समारोह में परम पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने कहा कि यह आयोजन न केवल सेवा, समर्पण एवं संगठन की भावना को सशक्त करेगा, बल्कि युवा शक्ति को समाजहित में सक्रिय योगदान हेतु प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी सिद्ध होगा। माताजी ने कहा कि युवा जैन संस्कृति के संरक्षण, श्रमण परम्परा को जीवन्त रखने के लिए,आगे आए।मुनि विभास्वर सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा परिषद् अच्छे कार्य कर रही है। मुनि ने कहा कि श्रमणों के आहार विहार में विशेष सहयोग करें, उन्होंने सभी को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।प्रज्ञा श्रमणी चन्दना मती माताजी ने युवा परिषद् के संस्मरण सुनाये, स्वर्ण जयंती वर्ष के अन्तर्गत सभी प्रांतीय, सम्भाग,जिला व ईकाई स्तर पर धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम निरन्तर आयोजित करवायें।रवीन्द्र कीर्ति स्वामी ने अपने कहा कि युवा परिषद् जैन समाज के युवाओं की सवसे प्राचीन संस्था है।और स्वयं सबसे पुराना व प्रथम सदस्य हूं और यह संस्था सदैव धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करवाती रहती है,आज यह राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं की एक मात्र संस्था है जो अन्तर्राष्ट्रीय रूप ले रही है। समारोह के अध्यक्षीय उद्बोधन में युवा परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जीवन प्रकाश जैन जम्बूद्वीप हस्तिनापुर ने कहा कि युवा परिषद् आज 50वां स्वर्ण जयंती समारोह मना रही यह एक गोरव की बात है।सभी शाखाएं इस वर्ष अपने अपने क्षेत्र में धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम करें।सभी शाखाएं दिगम्बर जैन धर्म, संस्कृति, वीतरागी मुनियों व आर्यिकाओं के आहार विहार में विशेष सहयोग करें, सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करावें। सभी उपस्थित पदाधिकारियों, श्रेष्ठियों , विभिन्न संस्थाओं से उपस्थित पदाधिकारियों का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर हसमुख गांधी इन्दोर ने युवाओं को जैन संस्कारों से जुडने के बिन्दु बताये, और 1 लाख 11 हज़ार ₹ आचार्य देशभूषण महाराज पुरस्कार के सोजन्यकर्ता बनने की सहमति प्रदान की।इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रान्तों से युवा परिषद् के पदाधिकारी, सदस्य, श्रेष्ठी, देश की शीर्ष संस्थाओं के पदाधिकारियों ने अयोध्या पहुंचकर उक्त आयोजन को गौरवमयी बनाया ।कार्यक्रम का कुशल संचालन युवा परिषद् के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष बृजेन्द्र जैन दिल्ली एवं राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री दिलीप जैन जयपुर ने किया। समारोह में उपाध्यक्ष पवन जैन घुवारा एवं अशोक जैन क्रांतिकारी, कोषाध्यक्ष अतिशय जैन, निधेश जैन, अर्पित जैन वाणी सहित देश की अनेक शाखाओं के सैकड़ों पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि अनुदानित संस्थानों में कार्यरत कार्यवाहक प्रधानाचार्य बिना किसी अतिरिक्त राहत, नियमित प्रधानाचार्य को मिलने वाले वेतन के हकदार हैं। साथ ही नियमित प्रधानाचार्य की नियुक्ति तक उन्हें कार्य करने का अधिकार है, किंतु नियमित नियुक्ति के आते ही पद छोड़ना होगा। पद पर बने रहने का अधिकार नहीं होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने पांच विशेष अपीलों को स्वीकार करते हुए दिया है। वेतन भुगतान का आदेश तीन महीने में पद के वेतन का भुगतान का आदेश देते हुए कोर्ट ने यह भी कहा है कि अपीलार्थी तब तक पद पर बने रहेंगे जब तक नियमित नियुक्ति नहीं होती। कोर्ट ने पुराने फैसलों, धनेश्वर सिंह चौहान बनाम डीआइओएस, नर्मदेश्वर मिश्र बनाम डीआइओएस ,सालोमन मोरार झा बनाम डीआइओएस देवरिया का हवाला देते हुए कहा कि कार्यवाहक प्रधानाचार्यों को नियमित प्रधानाचार्य के समान वेतन मिलना चाहिए, विशेषकर तब जब पद 30 दिनों से अधिक समय तक खाली हो। कब कहां चुनौती दी याचीगण ने एकल जज के 27 जनवरी के निर्णय को चुनौती दी थी। खंडपीठ ने संदर्भ के लिए वीरेश चंद्र मिश्रा और 2 अन्य का मामला लिया। वीरेश चंद्र मिश्रा सेवा चयन बोर्ड द्वारा 16 अगस्त 2001 को रसायन विज्ञान के व्याख्याता नियुक्त किए गए थे। उन्हें उसी साल 16 अक्टूबर को स्वतंत्र भारत अंतर महाविद्यालय, सुरजावली वाया खुर्जा, बुलंदशहर आवंटित किया गया था। यहां 30 दिसंबर 2022 को तत्कालीन प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने त्यागपत्र देने के साथ ही याची को कार्यभार सौंप दिया, जो संस्थान में सबसे वरिष्ठ व्याख्याता थे। उन्होंने प्राचार्य के रूप में कार्य किया, लेकिन उन्हें प्रिंसिपल के पद के अनुसार वेतन नहीं दिया गया। अन्य याचिकाओं के तथ्यों में थोड़ा अंतर था। याचीगण को संबंधित संस्थानों के प्रधानाचार्य के रूप में कार्यवाहक के अनुरूप वेतन दिया जा रहा था,लेकिन शिक्षा आयोग अधिनियम लागू होने पर उसे रोक दिया गया। नये कानून में साफ तौर पर उपबंध है कि प्रबंध समिति या जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा खाली पद विज्ञापित किए बगैर तदर्थ नियुक्ति नहीं की जायेगी। कोर्ट ने पाया कि याचीगण के शिक्षा संस्थानों के प्रबंधन ने निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) को शिक्षा आयोग अधिनियम की धारा 10 के तहत रिक्तियों की संख्या की सूचना नहीं दी जबकि हर वर्ष की 15 जुलाई तक दी जानी चाहिए। उपनियम यह है कि यदि प्रबंधन सूचना देने में विफल रहता है तो प्राधिकृत अधिकारी के रूप में डीआइओएस रिक्तियों का निर्धारण कर आयोग को सूचित करेंगे। याचिकाओं के तथ्यों से साफ था कि प्रबंध समिति और डीआइओएस ने निर्धारित नियम की अनदेखी की। कोर्ट ने कहा, यह नहीं कहा जा सकता कि विधायिका ने कार्यवाहक प्रधानाचार्यों की आवश्यकता को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। यह मौलिक तथ्य है कि कोई भी शैक्षणिक संस्थान प्रशासनिक प्रमुख के बिना कार्य नहीं कर सकता, जिसे प्राचार्य कहा जाता है। कार्यवाहक प्रधानाचार्यों की नियुक्ति के लिए कोई प्रत्यक्ष प्रावधान न होने का कारण संभवत: विधायिका की यह मंशा नहीं होना है कि सभी परिस्थितियों में कार्यवाहक प्रधानाचार्यों की नियुक्ति की जाए। संबंधित प्राधिकरण इस मुद्दे पर ध्यान दें और उचित दिशा-निर्देश जारी करें ताकि शैक्षणिक संस्थानों में स्थिरता और गुणवत्ता बनी रहे। अन्य अपीलार्थियों में घनश्याम सिंह -देवरिया, शिवराज मिश्र -वाराणसी, समिता बुलंदशहर, अरुण कुमार मिश्र व 15 अन्य -महाराजगंज शामिल हैं।
पीलीभीत में एक महिला को जहरीले कोबरा सांप ने डस लिया। परिजनों ने सूझबूझ दिखाते हुए सांप को एक डिब्बे में बंद कर महिला के साथ जिला अस्पताल पहुंचाया। ताकि इलाज में मदद मिल सके। घटना मंगलवार सुबह बरखेड़ा थाना क्षेत्र के मदरिया गांव का है। गांव मदरिया निवासी गंगादेई मंगलवार सुबह करीब 8 बजे अपने घर के आंगन में झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान वहां छिपे एक कोबरा सांप ने अचानक उनके हाथ पर डस लिया। सांप के काटते ही गंगादेई जोर से चीखीं और कुछ ही मिनटों में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। कोबरा को प्लास्टिक के डिब्बे में बंद महिला की गंभीर हालत देखकर परिजनों ने तुरंत स्थानीय 'सांप मित्र' रामकैलास को सूचना दी। रामकैलास ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित एक प्लास्टिक के डिब्बे में कैद कर लिया। परिजन बिना देरी किए गंगादेई को लेकर जिला अस्पताल भागे और साथ में उस डिब्बे को भी ले गए जिसमें जहरीला कोबरा बंद था। जैसे ही जिला अस्पताल के कर्मचारियों और अन्य मरीजों को पता चला कि तीमारदार अपने साथ जीवित कोबरा लेकर आए हैं, परिसर में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में लोग उस डिब्बे को देखने के लिए जमा हो गए। हालांकि, इस सूझबूझ का सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिला, क्योंकि सांप की पहचान से इलाज में सटीकता आई। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया- सांप की प्रजाति का पता होने से सही एंटी-वेनम देने में आसानी रहती है। उन्होंने कहा कि महिला को समय पर अस्पताल लाया गया, जिससे उनकी जान बच गई। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
शाहजहांपुर में राजस्व टीम और पुलिस बल के सामने एक पिता और उनके दो बेटों ने पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल पेड़ पर चढ़कर तीनों को बचाया। इसके बाद एक बेटे को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इस घटना वीडियो भी सामने आया है। इसमें पुलिसकर्मी दो युवकों बचाते हुए दिख रही है। दोनों युवक पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाने की कोशिश कर रहे थे। राजस्व विभाग चकरोड पर बने एक मकान को गिराने पहुंचा था। इसी दौरान परिवार ने यह हंगामा किया। परिवार का आरोप है उनसे 4 लाख रुपए की मांग की गई। मामला जलालाबाद थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला… जलालाबाद तहसील क्षेत्र के मझरेता-मघटोरा गांव में धनपाल ने चकरोड पर मकान का निर्माण कर लिया है। शिकायत पर मंगलवार शाम नायब तहसीलदार रोहित कुमार राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। टीम को देखते ही धनपाल और उनके बेटे विवेक और दुर्गेश ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और परिवार के सदस्यों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। टीम ने मकान तोड़ने की कार्रवाई शुरू की, तो तीनों एक नीम के पेड़ पर चढ़ गए और रस्सी के फंदे से लटककर आत्महत्या करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए पेड़ पर चढ़कर उन्हें नीचे उतारा। फांसी का फंदा कसने के कारण विवेक की हालत बिगड़ गई थी और उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। परिवार का आरोप है कि राजस्व विभाग की टीम ने मकान न गिराने के एवज में उनसे 4 लाख रुपये की मांग की थी। धनपाल और उनके बेटों का कहना है कि वे पिछले करीब 40 सालों से इस मकान में रह रहे हैं और उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के बेघर करने की कार्रवाई की जा रही थी। यह मामला काफी समय से तहसीलदार कोर्ट में विचाराधीन है। विवेक ने बताया, अधिकारी ने कार्रवाई को रोकने के लिए चार लाख रुपए की मांग भी कर रहे थे। रुपये न देने पर मकान तोड़ने की कार्रवाई शुरू करा दी। घटना के बाद सपा के पूर्व विधायक राजेश यादव, पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा समेत तमाम कार्यकर्ता भी मेडिकल कालेज पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध किया। विवेक व उनके परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। चकरोड पर मकान बनाकर किए गए कब्जे को हटाने के लिए टीम गई थी। तहसीलदार कोर्ट से इसको लेकर आदेश हो चुका है। कार्रवाई को रोकने के लिए इस तरह का हंगामा किया गया है। एसपी ग्रामीण दीक्षा अरुण भवरे ने बताया कि राजस्व टीम के साथ पुलिस बल सरकारी जमीन पर कब्जा हटवाने गया था। टीम पर जबाव बनाने के लिए परिवार के लोग पेड़ चढ़े थे। पुलिस ने सूझबूझ के साथ उनको बचाया है। वहीं एसडीएम जलालाबाद और नायब तहसीलदार से उनके नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की तो उनके नंबर पर संपर्क नही हो पाया। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ---------------------- ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में VVIP चौराहे पर अखिलेश यादव के खिलाफ होर्डिंग, 2012-2017 की खबरों की कटिंग लगाई, लिखा- ल्यारी राज नहीं भूलेंगे लखनऊ में VVIP चौराहे पर अखिलेश यादव के खिलाफ होर्डिंग लगाया गया है। इसके जरिये उनके 2012 से 2017 तक के शासनकाल पर सवाल खड़े किए गए हैं। इस होर्डिंग पर लिखा है- सपा का ल्यारी राज न भूले हैं, न भूलेंगे। उस दौरान 5 साल में हुई घटनाओं की खबरों की कटिंग लगाई गई है। इस पर नीचे समाजसेवी देवेंद्र तिवारी लिखा गया है। (पूरी खबर पढ़िए)
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में रिकॉर्ड में वीडियो न होने पर औरैया के एसपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने अंकित यादव की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है। नहाने का अश्लील वीडियो बनाया था पीड़िता ने अजीतमल थाने में याची के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर आरोप लगाया है कि याची ने उसके नहाने का अश्लील वीडियो बनाया और वायरल करने की धमकी देते हुए रेप किया। याची इस आरोप में जेल में बंद है। अर्जी में कहा गया कि याची को झूठा फंसाया गया है। कोई भी अश्लील वीडियो जांच में नहीं पाया गया है। रिकॉ्र्ड में वीडियो साफ नहीं कोर्ट ने कहा कि वर्तमान रिकॉर्ड में ऐसे किसी वीडियो की उपलब्धता के साक्ष्य स्पष्ट नहीं हैं। यह जमानत अर्जी सितंबर 2025 से लंबित है। कोर्ट ने एसपी औरैया को निर्देश दिया कि 13 अप्रैल को संबंधित वीडियो के रिकॉर्ड के साथ स्वयं उपस्थित हों। साथ ही सरकारी वकील को निर्देश दिया कि अगले 48 घंटे में इस आदेश की सूचना संबंधित अधिकारियों को देना सुनिश्चित करें।
भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के दो अधिकारियों को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आवेदक राघवेन्द्र सिंह गुर्जर, निवासी रामनगर आदर्शपुरम, ग्वालियर, जो सांई एसोसिएट फर्म में लायजनिंग मैनेजर हैं। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी फर्म ने सितंबर 2025 में राऊ से बामपुरा तक इलेक्ट्रिक सिटिंग का काम 20 लाख रुपए में लिया था, जिसे एक माह में पूर्ण कर दिया गया था। कार्य पूर्ण होने के बाद जीएसटी सहित 17 लाख रुपए का भुगतान लंबित था। शिकायत में बताया गया कि भुगतान जारी करने के एवज में आरोपी बालकुमार जैन (सहायक यंत्री/प्रभारी कार्यपालन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत व यांत्रिकी संभाग इंदौर) ने 4% के हिसाब से 60 हजार रुपए और आरोपी धीरेंद्र कुमार नीमा (सब इंजीनियर/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी) ने 2% के हिसाब से 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इस प्रकार कुल 90 हजार रुपए की मांग की गई थी। आवेदक ने इसकी शिकायत राजेश सहाय (एसपी, लोकायुक्त) से की। शिकायत के सत्यापन के बाद 7 अप्रैल को ट्रैप दल का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी बालकुमार जैन को 60 हजार रुपए और धीरेन्द्र कुमार नीमा को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बरेली में रेस्टोरेंट मालिक ने की फायरिंग:वायरल वीडियो में अवैध तमंचे का इस्तेमाल, रील बनाने का आरोप
बरेली के सुभाषनगर इलाके में एक रेस्टोरेंट मालिक का अवैध तमंचे से खुलेआम फायरिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह फायरिंग किसी विवाद के दौरान नहीं, बल्कि 'रील' बनाने के लिए की गई थी। इस घटना ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में आरोपी के साथ कुछ अन्य युवक भी दिख रहे हैं, जो इस घटना को रिकॉर्ड कर रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फायरिंग में इस्तेमाल किया गया हथियार देशी कट्टा हो सकता है। यह घटना केवल अवैध हथियारों के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर 'दबंग छवि' बनाने के बढ़ते चलन को भी दर्शाती है। लाइक्स और फॉलोअर्स पाने के लिए ऐसे खतरनाक स्टंट समाज में गलत संदेश दे रहे हैं। इस मामले में थाना इज्जतनगर क्षेत्र के निवासी सुमित कुमार ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप है कि मढ़ीनाथ निवासी कार्तिक शर्मा लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। शिकायतकर्ता ने दिल्ली बाईपास स्थित 80s Dug Out रेस्टोरेंट पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, रेस्टोरेंट में अवैध रूप से शराब परोसी जाती है, नशीले पदार्थों का कारोबार होता है और अवैध असलहों से जुड़े नेटवर्क सक्रिय हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी की दबंगई के कारण कोई भी खुलकर विरोध नहीं कर पाता। इसी वजह से शिकायत सीधे मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई गई है। सुभाषनगर थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में लाया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वायरल वीडियो की पुष्टि के बाद जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध हथियारों के इस्तेमाल पर कड़ी कानूनी धाराएं लगाई जाएंगी। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इलाके में अवैध गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने हजारों छात्र-छात्राओं के हित में विद्यालयों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एमपी संस्कृत बोर्ड की नई नीति पर रोक लगा दी है। साथ ही निर्देश दिया है कि MP बोर्ड और CBSE के छात्रों को 10वीं और 12वीं के फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए। इस फैसले से संस्कृत बोर्ड से जुड़े हजारों छात्रों को राहत मिली है। न्यायमूर्ति एस.एन. भट्ट की अदालत ने महार्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, भोपाल से संबद्ध 11 विद्यालयों को राहत प्रदान की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वे छात्र, जिन्होंने 9वीं और 11वीं कक्षा क्रमशः MP बोर्ड या CBSE से उत्तीर्ण की है, उन्हें 10वीं और 12वीं कक्षा के फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए। उच्च न्यायालय ने 27.06.2024 की नई नीति के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी, जिसमें अन्य बोर्डों से उत्तीर्ण छात्रों को संस्कृत बोर्ड के विद्यालयों में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सभी 11 याचिकाकर्ता उपस्थित रहे। उनकी ओर से सीनियर एडवोकेट नरिंदरपाल सिंह रूपराह, एडवोकेट नवतेज सिंह रूपराह और मुस्कान आनंद ने पक्ष रखा। नीति में बदलाव से प्रभावित हुए हजारों छात्र, कोर्ट से मिली राहत याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट नवतेज सिंह ने अदालत को बताया कि पूर्व में एमपीएसएस (संस्कृत बोर्ड) अपने संबद्ध विद्यालयों को यह अनुमति देता था कि वे ऐसे छात्रों को प्रवेश दें, जिन्होंने अपनी पिछली कक्षा एमपी बोर्ड (माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल) या सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) से उत्तीर्ण की हो। लेकिन अचानक बिना किसी औचित्य के नीति में बदलाव कर दिया गया। इस निर्णय से हजारों छात्र प्रभावित हुए और 11 विद्यालयों को राहत के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। उच्च न्यायालय का यह अंतरिम आदेश उन हजारों छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, जो अपनी पिछली कक्षा एमपी बोर्ड या सीबीएसई से उत्तीर्ण करने के बाद संस्कृत बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में 10वीं और 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं। विवादित आदेश पर रोक, छात्रों को 4 दिन में फॉर्म भरने की राहत याचिकाकर्ता के तर्कों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने माना कि विवादित आदेश दिनांक 27.06.2024 पर स्थगन आवश्यक है। साथ ही निर्देश दिया कि विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को अगले चार दिनों के भीतर फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए। आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन प्रतिवादी संस्था द्वारा अगले चार दिनों में किया जाएगा। इसके बाद छात्र निर्धारित अवधि में परीक्षा शुल्क जमा करेंगे। सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने पर उन्हें नियमानुसार प्रवेश पत्र जारी कर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
शहर में अवैध शराब तस्करी पर कार्रवाई करते हुए अयोध्यानगर पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 पेटी (करीब 90 लीटर) अंग्रेजी शराब बरामद की है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक्टिवा सहित कुल करीब 1.70 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। दोनों आरोपी रायसेन और विदिशा जिले से सस्ते दामों पर शराब लाकर भोपाल में अवैध रूप से बेच रहे थे। ठेका बदलने के दौरान उठाया मौकापुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शराब ठेका बदलने के दौरान कम कीमत पर बड़ी मात्रा में शराब खरीदी थी। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग इलाकों में होम डिलीवरी के जरिए सप्लाई कर मुनाफा कमा रहे थे। घटना 6 अप्रैल की है, जब पुलिस को सूचना मिली कि अयोध्यानगर के डी-सेक्टर दशहरा मैदान के पास दो युवक एक एक्टिवा पर शराब रखकर बेचने की फिराक में खड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को मौके से पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से गोवा ब्रांड की 10 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्डगिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा और मनीष साहू के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे लंबे समय से इस अवैध कारोबार में लिप्त हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रवि शर्मा पर आबकारी एक्ट और मारपीट समेत एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं, जबकि मनीष साहू पर भी पहले से कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। दोनों पूर्व में भी जेल जा चुके हैं।
लखनऊ के हजरतगंज थाने में मूक-बधिर बच्ची खुशी सोमवार को पहुंची तो माहौल भावुक हो गया। कभी अपनी बात न कह पाने वाली खुशी अब साफ बोल और सुन पा रही है। उसने थाना प्रभारी विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री और उनकी फोटो गिफ्ट करके आभार जताया। खुशी 22 नवंबर को मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थी। जिसको मिलाने में इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का अहम योगदान था। कानपुर के ग्वालटोली अहरानी निवासी कल्लू की बेटी खुशी 22 नवंबर को 90 किमी पैदल चलकर लखनऊ के लोकभवन पहुंची थी। उसकी इच्छा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की थी। मुलाकात न होने पर वह रोने लगी। उसी दौरान हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह की नजर उस पर पड़ी। खुशी के हाथ में मुख्यमंत्री का चित्र था, लेकिन वह बोल नहीं सकती थी। जिससे उसकी बात समझ पाना मुश्किल हो रहा था। इंस्पेक्टर ने सीएम से मुलाकात कराई इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने मूक-बधिर विद्यालय से संपर्क कर उसकी बात समझी और उसके बाद प्रयास शुरू किए। उनकी पहल पर 26 नवंबर को खुशी और उसके परिवार की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कानपुर के अस्पताल में खुशी का कॉक्लियर इंप्लांट ऑपरेशन कराया गया। ऑपरेशन के बाद फरवरी में खुशी ने सुनना और बोलना शुरू कर दिया। सोमवार को वह अपने पिता, मां गीता और भाई जगत के साथ हजरतगंज कोतवाली पहुंची। यहां उसने पहली बार इंस्पेक्टर विक्रम सिंह से बातचीत की। खुशी को बोलते-सुनते देख विक्रम सिंह भावुक हो गए। सीएम की फोटो देकर जताया आभार खुशी अपने साथ इंस्पेक्टर का वर्दी में बनाई फोटो और मुख्यमंत्री की फोटो भी लेकर आई थी। जिसे उसने उन्हें गिफ्ट किया।
लखनऊ में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अवध की शासक बेगम हजरत महल की 147 वीं पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि में न्यायाधीश सैयद कमर हसन रिजवी शामिल हुए। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एरा मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर डॉ.अब्बास अली मेहदी और सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल ने बेगम हजरत के जीवन पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा- आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर ने दिल्ली में आज़ादी की मशाल जलाई। जिसके बाद अवध की शासक महारानी बेगम हजरत महल ने उस मशाल की लौ को जीवित रखा। बेगम जंग के मैदान में आगे आईं। अंग्रेज़ों से लड़ीं और युद्व का नेतृत्व किया। वतन से दूर भी होना पड़ा यही वजह है कि उन्हें 150 साल बाद भी याद किया जा रहा है। 1751 में दक्षिण भारत के नवाब हैदर अली, उनके बेटे शेरे मैसूर नवाब टीपू सुल्तान और बंगाल के सिराजुद्दौला ने अंग्रेजों से लोहा लिया था। इन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और उनके सहयोगियों की सेवाएं और बलिदान अविस्मरणीय हैं। लखनऊ पीठ के न्यायाधीश सैयद कमर हसन रिजवी ने कहा कि बेगम हजरत महल अपने राज्य के लोगों का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ मैदाने जंग में भी सक्रिय थीं। वो सम्पूर्ण रूप से महिला शसक्तीकरण का उदाहरण है। वतन की खातिर इसके लिए उन्हें अपने वतन से दूर भी होना पड़ा। कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन प्रोफेसर डॉ. अब्बास अली मेहदी और सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल एडवोकेट ने बेगम हजरत महल और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की सेवाओं और बलिदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बेगम हजरत महल सोसाइटी के फाउंडर अध्यक्ष अब्दुल नसीर नासिर ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि बेगम हज़रत महल की याद में जल्द ही एक ड्रामा ‘बेगम हज़रत महल’ और एक कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया जाएगा। जिससे उनके विचार आम जनता तक पहुंचेंगे।
“डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ठगी की साजिश नाकाम:10 मिनट की तेजी से बच गए 6 लाख रुपये
बरेली में 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर साइबर ठगी का एक बड़ा प्रयास विफल हो गया है। पुलिस की सही समय पर की गई कार्रवाई से एक व्यक्ति के 6 लाख रुपये बचा लिए गए। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के निवासी संजय कुमार को 6 अप्रैल की दोपहर एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस अधिकारी बताया और उनके परिवार को आतंकवाद से जोड़ने का आरोप लगाया। इसके बाद संजय को लगभग 10 घंटे तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया, जिसमें फोन के माध्यम से लगातार निगरानी और दबाव बनाया गया। इस दौरान ठगों ने संजय से उनकी पूरी बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली। हालांकि, अगले दिन सुबह पीड़ित के पड़ोसी ने पुलिस को सूचना दी, जिससे एक बड़े नुकसान को टाला जा सका। सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना पुलिस और साइबर सेल ने तत्काल कार्रवाई की। महज 10 मिनट के भीतर पीड़ित का बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया और मोबाइल को सुरक्षित कर लिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से लगभग 6 लाख रुपये की साइबर ठगी रुक गई। मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एसएसपी बरेली ने इस सराहनीय कार्य के लिए टीम को 10,000 रुपये का इनाम भी दिया है।
मथुरा में वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश:11 चोरी की बाइक बरामद, 2 गिरफ्तार और 3 नाबालिग हिरासत में
मथुरा पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली थाना क्षेत्र की कृष्णानगर चौकी पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और गिरोह में शामिल तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लिया है। उनके कब्जे से चोरी की 11 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। चौकी प्रभारी विपिन तोमर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध युवक अलवर पुल के पास कच्चे रास्ते पर चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ मौजूद हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान नासिर (19 वर्ष) निवासी खामनी, गोवर्धन रोड और साकिर (22 वर्ष) निवासी नई बस्ती, डीग गेट के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है। बरामद की गई 11 मोटरसाइकिलों में अधिकतर स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स मॉडल शामिल हैं। जांच के दौरान कई बाइकों की नंबर प्लेट गायब मिलीं, जबकि कुछ के चेसिस नंबर भी घिसे हुए पाए गए। इससे स्पष्ट है कि आरोपी चोरी के बाद वाहनों की पहचान छिपाने का प्रयास करते थे। इस मामले में थाना कोतवाली में विभिन्न धाराओं के तहत पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा के नेतृत्व में चौकी प्रभारी विपिन तोमर सहित पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेली पुलिस की 'यक्ष एप' पहल ने एक बड़े आपराधिक मामले का खुलासा किया है। एक सड़क दुर्घटना की जांच के दौरान इस डिजिटल टूल की मदद से न केवल पांच मौतों के पीछे का रहस्य उजागर हुआ, बल्कि एक संगठित अपहरण गिरोह का भी पर्दाफाश हुआ। यह घटना 5 अप्रैल को सीबीगंज क्षेत्र में हुई थी, जहां एक तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे एक सामान्य सड़क दुर्घटना माना गया था। हालांकि, पुलिस ने मृतकों के मोबाइल डेटा और 'यक्ष एप' के माध्यम से उनके आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि मृतकों में से कई हत्या, लूट और डकैती जैसे गंभीर मामलों में वांछित थे। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को जानकारी मिली कि ये आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम से एक व्यक्ति और उसके दो बच्चों का अपहरण कर लाए थे। दुर्घटना में घायल मिले दो बच्चे वही अपहृत निकले। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरीदपुर में छापा मारा और अपहृत पिता को सुरक्षित बचा लिया। यह पूरा मामला दर्शाता है कि कैसे डिजिटल तकनीक एक साधारण दिखने वाले केस को भी बड़ी आपराधिक साजिश तक पहुंचा सकती है। डीआईजी बरेली अजय साहनी ने बताया कि 'यक्ष एप' अपराधियों की पहचान, उनके पुराने रिकॉर्ड और नेटवर्क को तुरंत सामने लाने में सहायक है। इससे जांच में लगने वाला समय कम होता है और मामलों का खुलासा तेजी से होता है। इसी तकनीक का उपयोग करते हुए बारादरी क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का भी खुलासा किया गया। सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल डेटा के आधार पर पुलिस ने घर में घुसकर बाइक, मोबाइल और कीमती सामान चुराने वाले दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया।
संभल के बहजोई मुख्यालय के निकट बड़ा मैदान में आयोजित पांच दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन मंगलवार को प्रतिकूल मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। तेज आंधी और भारी बारिश के बीच भी कथा पंडाल में भक्तों की आस्था अडिग रही। महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। महाराज ने जनकपुर के पावन प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मिथिला नरेश राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए स्वयंवर का आयोजन किया था। इसमें शर्त रखी गई थी कि जो भी भगवान शिव के दिव्य धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, वही सीता का वरण कर सकेगा। इस स्वयंवर में देश-विदेश के अनेक राजा-महाराजा और वीर योद्धा शामिल हुए, लेकिन कोई भी उस भारी धनुष को हिला तक नहीं सका। महाराज ने आगे बताया कि जब भगवान राम गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर पहुंचे, तो उनकी दिव्यता से जनकपुरीवासी प्रभावित हुए। स्वयंवर के समय गुरु की आज्ञा पाकर भगवान राम ने सहजता से शिव धनुष उठाया। जैसे ही उन्होंने प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास किया, धनुष भयंकर गर्जना के साथ टूट गया। इस घटना को 'धनुष विध्वंस' के रूप में जाना जाता है। राजा जनक ने भगवान राम को अपनी पुत्री सीता के योग्य वर के रूप में स्वीकार किया। इसके बाद महाराज ने सीता स्वयंवर और राम बारात का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि स्वयंवर के उपरांत अयोध्या से राजा दशरथ के नेतृत्व में भव्य बारात जनकपुर पहुंची। इस अवसर पर पूरे नगर में उत्सव का माहौल बन गया, जहां चारों ओर मंगल गीत, नृत्य और आनंद की लहर दौड़ पड़ी। भगवान राम और माता सीता के विवाह का यह प्रसंग भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है। कथा में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, भाजपा नेत्री मंजू दिलेर, पालिका अध्यक्ष बहजोई राजेश शंकर राजू, वानियाखेड़ा की ब्लॉक प्रमुख डॉ सुगंधा, भाजपा नेता राजेश सिंगल, परमेश्वरलाल सैनी, कैला देवी के महंत ऋषिराज गिरी, सीडीओ गोरखनाथ भट्ट, सीएमओ डॉक्टर तरुण पाठक, समेत सैकड़ों कार्यकर्ता एवं अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
मथुरा के मगोर्रा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के पास सोमवार सुबह एक नहर में किशोरी का शव मिला। सुबह लगभग नौ बजे ग्रामीणों ने शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की सहायता से शव को नहर से बाहर निकाला और जांच शुरू की। शव के गले पर चोट के निशान थे, जिससे ग्रामीणों ने शुरुआती तौर पर हत्या की आशंका जताई। पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ की, लेकिन तुरंत पहचान नहीं हो पाई। इसके बाद फोरेंसिक टीम बुलाई गई, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने किशोरी की पहचान के लिए उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी प्रसारित कीं। जांच के दौरान मंगलवार को किशोरी की पहचान थाना हाईवे आस्थापूरी गिरधरपुर की रहने वाली 16 वर्षीय मनीषा के रूप में हुई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मनीषा के पिता आजाद सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पिता ने बताया कि रविवार शाम घरेलू विवाद के बाद उन्होंने बेटी को डांटा था। इससे नाराज होकर मनीषा अपने कमरे में चली गई और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आजाद सिंह ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद आसपास के कुछ लोगों ने उन्हें शव को जल में प्रवाहित करने की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने रात में ही शव को लालपुर नहर में बहा दिया। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। मगोर्रा थाना अध्यक्ष हरीश चौधरी ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण आत्महत्या ही सामने आया है। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है ताकि किसी भी अन्य संभावना को खारिज न किया जा सके।
बरेली स्थित रुहेलखंड विश्वविद्यालय में आयोजित “ऑरा 2026” डीजे नाइट के दौरान छात्रों के बीच मामूली विवाद हिंसक झड़प और संपत्ति के नुकसान में बदल गया। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन छात्रों को निलंबित कर दिया है और एक जांच समिति का गठन किया है। अटल सभागार में पहली बार आयोजित डीजे नाइट में डांस के दौरान एक छात्र से धक्का लगने के बाद विवाद शुरू हुआ। यह विवाद जल्द ही थप्पड़बाजी और सामूहिक मारपीट में बदल गया। विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। रात की घटना से नाराज एक छात्र गुट ने दूसरे गुट के छात्र की बाइक को हॉस्टल में निशाना बनाया और उसमें तोड़फोड़ की। अगली सुबह, बदले की भावना से एक छात्र को मेस में अकेला पाकर पीटा गया, जिससे वह घायल हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रों के बीच पहले से तनाव मौजूद था और संबंधित छात्र पूर्व में भी आपसी विवादों में शामिल रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए तीन छात्रों को निलंबित कर दिया है और उनके कैंपस में प्रवेश पर रोक लगा दी है। इन छात्रों को 20 अप्रैल को अपने अभिभावकों के साथ विश्वविद्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस घटना ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था, आयोजनों के प्रबंधन और छात्रों के व्यवहार नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाइक तोड़फोड़ के मामले में आर्थिक भरपाई को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद अभी भी जारी है, जिससे स्थिति और संवेदनशील बनी हुई है।
जन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण (IGRS) में बरेली पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य के कुशल निर्देशन में बरेली पुलिस ने लगातार चौथी बार पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। माह मार्च की शासन स्तर से जारी रैंकिंग में बरेली को प्रदेश में टॉप स्थान मिला है, जो जनपद पुलिस के लिए गौरव का विषय है। जिले के 28 थानों ने भी किया टॉपइस बड़ी उपलब्धि की खास बात यह रही कि जिले के सभी 28 थानों ने भी आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण के आधार पर प्रथम रैंक हासिल की है। अलीगंज, देवरनियां, फरीदपुर, प्रेमनगर, इज्जतनगर, बारादरी और महिला थाना सहित सभी थानों का प्रदर्शन 100 प्रतिशत रहा है। शासन द्वारा की गई समीक्षा में बरेली पुलिस के कार्य करने के ढंग को सबसे उत्कृष्ट माना गया। जनता की संतुष्टि में मिली बड़ी कामयाबीबरेली पुलिस की इस सफलता के पीछे शिकायतों की निष्पक्ष जांच और शिकायतकर्ता से सीधा संवाद मुख्य कारण रहा। आंकड़ों के मुताबिक मार्च माह में बरेली पुलिस का कोई भी संदर्भ डिफाल्टर नहीं हुआ। कुल 1108 संदर्भों पर शासन ने फीडबैक लिया। जिसमें से 96.66% आवेदक पुलिस की कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट पाए गए। करीब 98.10% मामलों में पुलिस अधिकारियों ने स्वयं आवेदकों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को सुना। टीम वर्क को दिया सफलता का श्रेयइस ऐतिहासिक उपलब्धि पर एसएसपी अनुराग आर्य ने जनपद के समस्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने टीम को प्रोत्साहित करते हुए भविष्य में भी इसी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ जनसेवा के प्रति समर्पित रहने के निर्देश दिए हैं।
ललितपुर में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और महिला अपराध से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप में बालाबेहट थाना के थानाध्यक्ष वरुण कुमार गौतम को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने मंगलवार को यह कार्रवाई की। पुलिस मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, थानाध्यक्ष वरुण कुमार गौतम पर आरोप है कि उन्होंने जनशिकायतों के निस्तारण में कोई रुचि नहीं ली। इसके अलावा, महिला अपराध से संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज करने और नियमानुसार प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने में भी उन्होंने शिथिलता बरती। इन गंभीर आरोपों का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया है। साथ ही, इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्य में लापरवाही और नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजगढ़ जिले के जीरापुर नगर की आवास कॉलोनी में मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे 4 से 5 माह का भ्रूण मिला। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। कॉलोनी के कुछ लोगों ने भ्रूण देखकर तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने भ्रूण को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक चिकित्सकीय परीक्षण में भ्रूण की उम्र लगभग 4 से 5 माह आंकी गई है। बीएमओ डॉ. सुनील चौरसिया ने बताया कि जांच में यह पुष्टि हुई है कि भ्रूण एक लड़की का था। पुलिस ने CCTV खंगाले लेकिन कोई सुराग नहींपुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, कॉलोनी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि भ्रूण को यहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। हालांकि देर रात तक यह पता नहीं लग सका कि इसे कौन यहां छोड़ गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगरा में पुलिस पेंशनर्स के सम्मान और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक अहम पहल की गई है। पुलिस लाइन में नवनीकृत “पुलिस पेंशनर्स कार्यालय” का उद्घाटन किया गया, जहां अब सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर किया जाएगा। “कर्तव्य के बाद भी, सेवा का सम्मान जारी” की भावना के साथ आगरा में पुलिस पेंशनर्स के लिए एक बड़ी पहल की गई। पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट आगरा दीपक कुमार के निर्देशन में पुलिस लाइन, आगरा में नवनीकृत “पुलिस पेंशनर्स कार्यालय” का उद्घाटन किया गया। इस कार्यालय का उद्घाटन पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह द्वारा फीता काटकर किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस उपायुक्त नगर सैय्यद अली अब्बास, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अतुल शर्मा, सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय श्री इमरान अहमद सहित अन्य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस पेंशनर्स और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को सराहा और इसे पेंशनर्स के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस कार्यालय का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को पेंशन संबंधी कार्य, शिकायत निवारण और अन्य जरूरी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। इससे उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और पारदर्शिता के साथ उनकी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। कार्यक्रम के दौरान पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस विभाग केवल एक सेवा नहीं बल्कि एक परिवार है। रिटायरमेंट सेवा का अंत जरूर है, लेकिन रिश्तों का नहीं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पुलिस विभाग अपने सेवानिवृत्त कर्मियों के अनुभव और योगदान का सम्मान करता रहेगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह नया कार्यालय पेंशनर्स को यह महसूस कराएगा कि वे आज भी पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं। कार्यक्रम में मौजूद पेंशनर्स और अन्य लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनोपयोगी और सराहनीय कदम बताया।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने आगामी परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को आयोग कार्यालय में अत्याधुनिक 'इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम' (ICCR) का उद्घाटन किया गया। इसका लोकार्पण आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने किया गया। एआई कैमरा निगरानी और रियल-टाइम कंट्रोल इस नए कमांड कंट्रोल रूम के माध्यम से अब आयोग द्वारा आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं की निगरानी सीधे मुख्यालय से की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के प्रत्येक कक्ष में अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरों के जरिए अभ्यर्थियों पर नजर रखी जाएगी। सेंटर के जरिए न केवल परीक्षा कक्ष, बल्कि केंद्रों के आसपास की गतिविधियों देखी जाएगी। बायोमेट्रिक सत्यापन व त्वरित कार्रवाई अभ्यर्थियों की उपस्थिति और बायोमेट्रिक सत्यापन का सीधा प्रसारण और रिकॉर्डिंग सीधे आयोग कार्यालय को प्राप्त होगी। यदि परीक्षा की शुचिता प्रभावित होने की कोई भी सूचना मिलती है, तो कंट्रोल रूम से तत्काल प्रभावी कदम और कड़े सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी उद्घाटन के समय संस्था के प्रबंध निदेशक समेत आयोग के सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उपसचिव उपस्थित रहे। उपसचिव व जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि इस तकनीकी अपग्रेडेशन का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है।
सेंट्रल मार्केट की 44 प्रॉपर्टी से जुड़ा सुप्रीम कोर्ट का आदेश अपलोड होने के बाद खलबली मच गई है। एक तरफ जहां आवास विकास परिषद और पुलिस प्रशासन करवाई को लेकर होमवर्क में जुटा है, वही व्यापारियों ने भी विरोध का मन बना लिया है। रात में ही टेंट लगाने का काम शुरू हो गया। इसके अलावा माइक सिस्टम और कुर्सियों की व्यवस्था भी कर ली गई है। भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। देर शाम आया सुप्रीम कोर्ट का आदेश सेंट्रल मार्केट की 44 दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की जानी है। इन्हीं दुकानों को लेकर 6 तारीख में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी जिसके बाद कार्रवाई पर सुप्रीम मोहर भी लग गई। कड़ी टिप्पणी की गई जिसके बाद आवास विकास के अफसरों के साथ ही पुलिस और प्रशासन में भी खलबली मच गई। अब इंतजार था तो केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जो मंगलवार देर शाम अपलोड हो पाया। विरोध की तैयारी में जुटे व्यापारीसुबह सीलिंग की कार्रवाई शुरू होनी है, यह तय हो चुका है। जहां एक तरफ आवास विकास और पुलिस प्रशासन तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यापारी भी विरोध की रणनीति बना रहे हैं। इसके लिए सेंट्रल मार्केट परिसर में टेंट लगाया जा रहा है। बड़ी संख्या में कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा विरोध के लिए माइक और कॉलम की व्यवस्था भी है। देर रात तक कार्यालय में डटे रहे अफसर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद विभाग भी हरकत में दिखाई दिया। रात 11 बजे तक भी आवास एवं विकास परिषद कार्यालय में हलचल साफ देखी जा सकती थी। दरअसल आदेश आने के बाद अफसर ताजी कार्रवाई पूरी करने में जुटे थे ताकि दिन निकलते ही सीलिंग की कार्रवाई शुरू की जा सके सुबह 8 बजे शुरू होगा सीलिंग अभियान सुबह 8 बज सेंट्रल मार्केट में दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू होगी, ऐसे संकेत अफसरों ने दिए हैं। भारी पुलिस बल तैनात रहेगा, जिसमें आठ थानों की फोर्स के अलावा एक बटालियन पीएसी, पुलिस लाइन क्यूआरटी के साथ ही ट्रैफिक पुलिस शामिल रहेगी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह पूरे अभियान की कमान संभालेंगे। इस दौरान दो एसडीएम, दो पुलिस क्षेत्राधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सेंट्रल मार्केट के रास्ते पर लगे बैरिकेट्स सेंट्रल मार्केट की 44 दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई होनी है। इसको देखते हुए मजबूत व्यवस्था की गई है। विरोध होता है तो उससे भी निपटने के इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने सेंट्रल मार्केट की तरफ आने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेट्स लगाए हैं। अगर भीड़ बढ़ती है तो इन बैरिकेट्स को खोलकर यहां पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा। विरोध में बंद रहेगा सेंट्रल मार्केटसीलिंग की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों ने हर संभव विरोध की रणनीति तैयार की है। विरोध स्वरूप पूरे सेंट्रल मार्केट को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रचार गाड़ी भी लगाई गई है जो पूरे बाजार में घूम घूमकर सीलिंग के विरोध का समर्थन जुटा रही है। इवनिंग वॉक पर निकले लोग पहुंचे मार्केटसेंट्रल मार्केट प्रकरण पूरी तरह चर्चाओं में है। 661/6 पर हुई कार्रवाई के बाद इस बाजार में डाउनफॉल शुरू हो गया था। अब जब 44 प्रॉपर्टी पर सीलिंग की कार्रवाई होने की सूचना सार्वजनिक हुई तो लोग हैरानी जताने लगे। देर रात तक घरों से घूमने निकले लोग सेंट्रल मार्केट में चहल कदमी करते दिखे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने प्रदेशभर में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों और नियमों के खिलाफ निजी कोचिंग में पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों पर सख्ती के लिए अभियान चलाया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE)-2009 की धारा-18 के उल्लंघन पर अवैध स्कूलों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी। सचिव भगवती सिंह ने आदेश जारी कर 6 से 18 अप्रैल तक सभी जनपदों में सघन निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई मान्यता प्राप्त स्कूल अवैध संस्थान के छात्रों का प्रवेश दिखाता है, तो उसे भी दंडित किया जाएगा। इसी तरह, उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अधिनियम-2002 के तहत सरकारी शिक्षकों का निजी कोचिंग में पढ़ाना प्रतिबंधित है। उल्लंघन पर शिक्षकों और संस्थाओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित होगी। हाईकोर्ट की जनहित याचिका संख्या 542/2024 के आदेशों के अनुपालन में जनपद स्तर पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। इसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सदस्य हैं। अभियान की अवधि 6 से 18 अप्रैल तक है, जबकि जनपदों को 30 अप्रैल तक रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी। DIOS, BSA और BEO व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे। कोर्ट आदेशों में ढिलाई पर 'कोर्ट की अवमानना' मानी जाएगी। अभिभावकों की सुविधा के लिए मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची upmsp.edu.in पर उपलब्ध है।
प्रयागराज में 75 साल की महिला को धोखे से ले जाकर हत्या करने वाले दो कातिलों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार मिश्रा ने दोषियों धीरज गुप्ता और रिंकू जायसवाल उर्फ रिंकू कचौड़ी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला अगस्त 2021 का है, जिसमें 4.50 लाख रुपये व गहनों की लालच में बुजुर्ग विद्यावती गुप्ता की जान ले ली गई थी। भरोसा जीतकर रची गई साजिशकटरा निवासी विद्यापति गुप्ता अपने बेटों से अलग रहती थीं। इसी का फायदा उठाते हुए मोहल्ले के युवकों ने उनसे नजदीकी बढ़ाई। मोबाइल पर बातचीत कर विश्वास जीता और फिर धीरे-धीरे पैसों की ठगी शुरू कर दी।आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर करीब 4.5 लाख रुपये ऐंठ लिए। गहने न मिलने पर गोल्ड लोन का झांसा देकर उन्हें अपने साथ ले गए और एक प्राइवेट फर्म में गहने गिरवी रखकर करीब 2 लाख रुपये का लोन भी ले लिया।पैसे वापस मांगने पर बना हत्या का प्लानजब विद्यापति ने अपने पैसों का हिसाब मांगना शुरू किया, तो आरोपियों पर दबाव बढ़ गया। पैसे लौटाने से बचने के लिए उन्होंने हत्या की साजिश रची। 17 अगस्त 2021 को उन्हें झांसा देकर उनके पुश्तैनी घर सोरांव के हाजीगंज ले जाया गया। हत्या के बाद जमीन में दफनाया शवहाजीगंज पहुंचने के बाद आरोपियों ने विद्यापति पर हमला कर दिया। वह अचेत हुईं तो शव को जमीन में दफना दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।गुमशुदगी से खुला पूरा राज19 अगस्त को बेटे अरुण कुमार केसरवानी ने कर्नलगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। शुरुआत में जांच धीमी रही, लेकिन बाद में मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पूछताछ में धीरज गुप्ता ने पूरी साजिश का खुलासा किया। उसकी निशानदेही पर 27 अगस्त को हाजीगंज स्थित पुराने घर से जमीन में दबा शव बरामद किया गया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने से विसरा प्रिजर्व किया गया। यह भी बताया गया कि शव 12 दिन पुराना है यानी मौत 17 अगस्त के आसपास ही हुई। नया सिम लेकर किया इमोशनल ब्लैकमेलआरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए नया सिम लिया था। इसी नंबर से वे महिला से बात करते और इमोशनल ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठते रहे। यही कॉल डिटेल पुलिस के लिए अहम सुराग बनी। आरोपियों का आपराधिक इतिहासमुख्य आरोपी धीरज गुप्ता पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। वह दीपक बारी हत्याकांड में नामजद रहा और उस पर गैंगस्टर एक्ट भी लग चुका है। वह कर्नलगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। अदालत का फैसलासुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के एडीजीसी क्रिमिनल भानु प्रताप सिंह और हरिनारायण शुक्ला ने मजबूत पैरवी की। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने धीरज गुप्ता और रिंकू जायसवाल उर्फ कचौड़ी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
घाटमपुर कस्बे के एक ईंट भट्ठे पर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां काम करने वाले परिवार की 21 वर्षीय युवती के साथ उसी भट्ठे में काम करने वाले युवक ने दुष्कर्म किया। घटना से आहत युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन परिजनों की सतर्कता से उसकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने परिवार के साथ भट्ठे पर बनी झोपड़ी में रहती है। मंगलवार सुबह परिवार के अन्य सदस्य काम पर चले गए थे, जबकि युवती घर पर अकेली थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला और भट्ठे पर काम करने वाला आरोपी अमीर पुत्र फरीद उर्फ बऊआ मौके का फायदा उठाकर झोपड़ी में घुस गया और युवती के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद सदमे में आई युवती ने झोपड़ी में ही रस्सी के सहारे फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की, लेकिन समय रहते परिजनों ने उसे देख लिया और फंदे से उतारकर उसकी जान बचा ली। घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसे पीटते हुए थाने ले आए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। एसीपी घाटमपुर कृष्णकांत यादव ने बताया कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और आरोपी को न्यायालय में पेशकर जेल भेजा गया है। सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मंदसौर में कल 5 घंटे बिजली कटौती:भागवत नगर, महादेव विहार समेत कई कॉलोनियों में सप्लाई प्रभावित होगी
मंदसौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कल (बुधवार) विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक यंत्री के अनुसार, 11 केवी विद्युत लाइनों के मानसून पूर्व आवश्यक रखरखाव कार्य के कारण यह निर्णय लिया गया है। मंदसौर शहर के वाटर वर्क्स अंतर्गत चम्बल कॉलोनी फीडर पर रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसके चलते सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इस दौरान भागवत नगर, महादेव विहार, रामटेकरी, हनुमान नगर, नरसिंहपुरा, कामराज वाली डीपी, श्री नाथ विहार, राजपुरिया कॉलोनी और सिद्ध चक्र विहार सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। विभाग ने बताया कि रखरखाव कार्य की आवश्यकता के अनुसार समय में परिवर्तन (घटाया या बढ़ाया) भी किया जा सकता है।
देवास शहर के अलंकार मार्केट क्षेत्र में कस्टमर ने ऑनलाइन फूड ऑर्डर में कॉकरोच निकलने का दावा किया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को कस्टमर ने जोमैटो के जरिए साईं पूजा नाम की दुकान से कोल्ड कॉफी और सैंडविच ऑर्डर किया था। आरोप है कि ऑर्डर किए गए खाने में कॉकरोच निकला, जिसके बाद ग्राहक और दुकान संचालक के बीच जमकर बहस हो गई। ग्राहक का कहना है कि खाने के बाद उसके भाई की तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां शुरू हो गईं, जिसके चलते उसे एमजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। ग्राहक ने साफ कहा कि उन्हें पैसे नहीं चाहिए, लेकिन लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदार बोला- कंपनी से शिकायत करेंवहीं, कैफे संचालक तुषार तलरेजा ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है और इस मामले में शिकायत जोमैटो कंपनी से की जानी चाहिए। विवाद बढ़ने पर ग्राहक ने पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी। ग्राहक ने मामले में औपचारिक शिकायत करने की बात कही है।
भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर भाजपा शहर जिला उदयपुर द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए गए। तीन दिवसीय कार्यक्रमों के अंतर्गत मंगलवार को विभिन्न मोर्चों एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल ने सेवा, स्वच्छता एवं जनसंपर्क से जुड़े आयोजन किए। आयोजन में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रमोद सामर, महामंत्री पारस सिंघवी, संयोजक दिग्विजय श्रीमाली, प्रकाश अग्रवाल मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा चंपावत ने बताया- सत्र में सभी मोर्चों द्वारा निर्धारित स्थानों पर स्वच्छता एवं सेवा अभियान चलाए गए। अल्पसंख्यक मोर्चा प्रभारी देवेंद्र साहू, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष अख्तर सिद्दीकी और इरशाद चैनवाला के नेतृत्व में मुखर्जी चौक क्षेत्र में स्वच्छता कार्यक्रम कर आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। OBC मोर्चा द्वारा गुलाब बाग स्थित कमल तलाई बावड़ी की साफ-सफाई की गई। युवा मोर्चा ने बस स्टैंड पर स्वच्छता अभियान के तहत साफ-सफाई की और स्वच्छता का संदेश दिया। युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पंवार, राजेश अग्रवाल, मनोज साहू आदि उपस्थित रहे। आईआईएम उदयपुर के छात्रों ने ग्लोबल मुद्दों पर रखे विचार बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी का एनुअल प्रोग्राम हर्मीस डायलॉग 6.0’ का आयोजन किया गया। इसमें संयुक्त अरब अमीरात, भारत, इंडोनेशिया, ब्राजील, रूस, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, चीन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान सहित 12 देशों के प्रतिनिधियों ने प्रतिनिधित्व किया। फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट,नेशनल इंश्योरेंस अकादमी, आईआईएम उदयपुर,आईआईएम रोहतक, बिमटेक, श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स,आईआईटी पटना, इंटरनेशनल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट और एनआईए पुणे जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से फाइनलिस्ट प्रतिभागी शामिल थे। जूरी पैनल में भारत सरकार के पूर्व कॉमर्स सेक्रेटरी राजीव खेर (रिटायर्ड आईएएस) और कन्फेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के इंटरनेशनल ट्रेड पॉलिसी के चीफ एडवाइजर सुमंत चौधुरी (रिटायर्ड आईएएस) शामिल रहे। बिमटेक की डायरेक्टर, डॉ. प्रबीना राजिब ने कहा कि ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी को केवल सप्लाई तक सीमित नहीं देखा जा सकता, बल्कि इसमें तकनीकी प्रगति, ट्रेड पॉलिसीज़ और महत्वपूर्ण मिनरल्स पर बढ़ती निर्भरता जैसे पहलू भी शामिल हैं। उदयपुर शहर में रहने वाले हिंगड़ परिवार जुटे, राजकुमार नए अध्यक्ष हिंगड़ परिवार संस्थान, उदयपुर स्नेह मिलन एवं पारिवारिक स्नेह भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भैरव बाग रिज़ॉर्ट में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के पदाधिकारियों ने किया। नवकार मंत्र व मंगलाचरण का पाठ आशा, हंसा, शुभा, शीला और रेणु हिंगड़ ने किया। संस्थान के अध्यक्ष पारस हिंगड़ ने स्वागत उद्बोधन दिया। सह सचिव नितिन हिंगड़ द्वारा विगत बैठक की कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किया गया तथा कोषाध्यक्ष ललित हिंगड़ द्वारा संस्थान की आय-व्यय की जानकारी दी। 80 वर्ष से अधिक सदस्यों का सम्मान कार्यक्रम में 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ सदस्य समाजसेवी गणपत सिंह का सम्मान किया गया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में गत दो वर्षों मे उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले संस्थान परिवार के सदस्यों एवं बच्चों को भी सम्मानित किया गया। इसमें दक्ष हिंगड़, रूचि हिंगड़ और अमिषा हिंगड़ शामिल है। नई कार्यकारिणी का इस दौरान घोषणा की गई। इसमें संरक्षक भंवरलाल हिंगड़ और गणपत सिंह हिंगड़, अध्यक्ष राजकुमार हिंगड़, उपाध्यक्ष प्रकाश हिंगड़ और दीपक हिंगड़, सचिव मुकेश गणपत सिंह हिंगड़, संयुक्त सचिव नितिन हिंगड़ और कोषाध्यक्ष ललित कुमार हिंगड़ चुने गए। नव मनोनीत अध्यक्ष राज कुमार हिंगड द्वारा अपने विचार व्यक्त करते हुए संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया गया। कुणाल चौधरी 'टॉर्चबेयरर' अवॉर्ड से सम्मानित हुए युवा प्रोफेशनल कुणाल चौधरी को प्रतिष्ठित 'टॉर्चबेयरर' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्थान द्वारा केवल शीर्ष 5% छात्रों को उनके उत्कृष्ट योगदान, नेतृत्व क्षमता एवं संस्थान के विकास में सक्रिय भूमिका के लिए प्रदान किया जाता है। भारत के अग्रणी प्रबंधन संस्थान इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी), हैदराबाद से एमबीए डिग्री प्राप्त करने के साथ-साथ कुणाल को यह सम्मान प्रदान किया गया। हैदराबाद में हुए समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर व्हार्टन स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया की डीन एरिका एच. जेम्स मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में आईएसबी के डीन प्रो. मदन पिल्लूटला, प्रो. रामाभद्रन तिरुमलाई एवं प्रो. दीपा मणि भी मौजूद थे।
लखनऊ में प्रीपेड मीटर काउंटर पर भीड़:महिलाओं का प्रदर्शन, डेटा फीडिंग नहीं होने से बिजली बिल अटका
प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड मीटर में बदलने की मांग को लेकर मंगलवार को बिजली उपकेंद्रों से लेकर गोमतीनगर, जानकीपुरम और अमौसी जोन के हेल्प डेस्क कार्यालयों में उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं बर्लिंगटन चौराहा स्थित ओल्ड 1912 कार्यालय में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 2.30 बजे महिलाओं ने कहा- केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद प्रीपेड मोड के आदेश को तत्काल वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की अनुमति के बिना मीटरों को प्रीपेड मोड में बदल दिया गया। इससे आए दिन बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। जिस पर अधिकारियों और उपकेंद्रों पर शिकायत के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होता। वहीं विभागीय अधिकारियों ने कोई स्पष्ट समाधान देने की बजाय उपभोक्ताओं के प्रार्थना पत्रों को मध्यांचल मुख्यालय भेज दिया और आगे के दिशा-निर्देश मांगा। डेटा फीडिंग न होने से बिजली बिल अटका अर्जुनगंज निवासी सुधा ने बताया- परिसर में एक किलोवाट लोड बिजली कनेक्शन (खाता सं.3252002528) है। विभाग ने 19 फरवरी को मीटर बदला, लेकिन अभी तक फीड नहीं हुआ। इससे बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं। वहीं घुसवल कला बरौना निवासी मंशा देवी ने कहा- 25 फरवरी को मीटर बदला गया, लेकिन अभी तक फीड नहीं हुआ।
लखनऊ में पंडित रविशंकर की 107वीं जयंती:राजधानी में सजी सुरों की अद्भुत महफिल
महान सितार वादक पंडित रविशंकर की 107वीं जयंती पर राजधानी में सुरों की अद्भुत महफिल सजी। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और पंडित रविशंकर म्यूजिक फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से 'संगीत की धुनों में भारत की आत्मा' कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन अकादमी परिसर स्थित संत गाडगेजी महाराज प्रेक्षागृह में हुआ, जिसमें संगीत, नृत्य और वादन का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ अकादमी अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, उपाध्यक्ष विभा सिंह और निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर संतूर वादक तरुण भट्टाचार्या, वायलिन वादक मैसूर मंजूनाथ और बांसुरी वादक रोनू मजूमदार जैसे कई दिग्गज कलाकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में इन कलाकारों का सम्मान भी किया गया। वैदिक गुरुकुल के बच्चों द्वारा किए गए शांति पाठ ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। समूह गायन ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया समारोह की शुरुआत युवा कलाकारों के 'भारत गान' से हुई, जिन्होंने तिरंगा वेशभूषा में देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति दी। तेजस्विनी इंगले, मुक्ता चटर्जी, राहुल अवस्थी और आशीष तिवारी के समूह गायन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान पंडित रविशंकर म्यूजिक फाउंडेशन के अध्यक्ष नबारुन चटर्जी ने अयोध्या में 11 हजार गायकों के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने की अपनी योजना भी साझा की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संतूर, बांसुरी और वायलिन का अद्भुत संगम रहा। तरुण भट्टाचार्या ने अपने संतूर वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कश्मीर के इस प्राचीन वाद्य के 100 तारों की मधुर झंकार ने पूरे सभागार को सुरमयी बना दिया। इसके बाद मैसूर मंजूनाथ ने कर्नाटक शैली में वायलिन की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। वादन में शास्त्रीयता और आधुनिकता का मेल दिखा रोनू मजूमदार की बांसुरी की मधुर तान ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। उनके वादन में शास्त्रीयता और आधुनिकता का सुंदर मेल स्पष्ट दिखाई दिया। तबले पर पंडित देव नारायण मिश्रा और युवा कलाकार ज्योतिर्मय रॉय चौधरी ने बनारस घराने की दमदार प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही लूटी।इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी, कलाकार शामिल हुए।जिसने भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा का एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया।
भदोही में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक अशोक कुमार गुप्ता ने अपने लगातार चल रहे वृक्षारोपण अभियान के 3100वें दिन उच्च प्राथमिक विद्यालय कंसापुर में पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अशोक कुमार गुप्ता ने सिंगोनियम का पौधा लगाते हुए बच्चों को पर्यावरण के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पृथ्वी पर जीवन को सुरक्षित रखने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। पेड़ ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अशोक कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि उन्होंने 10 अक्टूबर 2017 से प्रतिदिन पौधरोपण करने का संकल्प लिया था। वे आज भी इस अभियान को पूरी निष्ठा के साथ जारी रखे हुए हैं, जो समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत है। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। शिक्षकों ने बच्चों को पौधों की देखभाल करने तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया। यह पहल न केवल विद्यालय परिसर को हरा-भरा बना रही है, बल्कि बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित कर रही है।
दुर्ग जिले के रिसाली नगर निगम में महापौर शशि सिन्हा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना अंतिम बजट पेश किया। कुल 223 करोड़ 51 लाख रुपए के इस बजट में 223 करोड़ 38 लाख 92 हजार रुपए का अनुमानित व्यय रखा गया है। कागजों पर यह बजट 12 लाख 8 हजार रुपए के मामूली लाभ के साथ संतुलित दिख रहा है, लेकिन बजट पेश होते ही सदन में विवाद शुरू हो गया। बजट का सबसे बड़ा विवाद शिक्षा उपकर (एजुकेशन सेस) को लेकर उठा। महापौर शशि सिन्हा ने खुद इस मुद्दे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि, जब निगम क्षेत्र में कोई शासकीय स्कूल नहीं है, तो शिक्षा उपकर वसूलना अन्यायपूर्ण है। महापौर ने यह भी बताया कि पार्षदों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं को सम्मान राशि देने का प्रस्ताव महापौर ने अपने बजट को विकासोन्मुख बताया और पेयजल समस्या को प्राथमिकता दी। पाइपलाइन विस्तार के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, महिला समूहों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 1500 से 2000 रुपए की सम्मान राशि देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सफाई व्यवस्था को लेकर भी महापौर ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहर में सफाई का असर धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। बजट में इस पर विरोध भी हुआ, लेकिन जनहित को देखते हुए सफाई कार्य के लिए समय-सीमा बढ़ाई गई। कलेक्टर दर पर भुगतान करने का निर्णय निगम ने सफाई का काम स्वयं संचालित करने और कलेक्टर दर पर भुगतान करने का निर्णय लिया है। हालांकि, महापौर ने टेंडर प्रक्रिया और एजेंसी चयन को लेकर निगम आयुक्त की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मौजूदा व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। विपक्ष ने इस बजट को लॉलीपॉप बजट और कमीशन का खेल बताते हुए हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष ने बजट को बताया बेहूदा नेता प्रतिपक्ष शैलेंद्र साहू ने इस बजट को “बेहूदा” बताते हुए सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से जनता को सिर्फ विकास के नाम पर “लॉलीपॉप” दिया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा उपकर के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह राशि स्कूलों के लिए होती है, लेकिन इसे अन्य मदों में खर्च कर दिया गया। साथ ही सफाई टेंडर में देरी को “कमीशन का खेल” बताते हुए निगम में तीन गुटों की आपसी लड़ाई को जिम्मेदार ठहराया। गुटबाजी का आरोप: विकास या अंदरूनी जंग? विपक्ष ने दावा किया कि निगम में महापौर, सभापति और एमआईसी मेंबर्स के अलग-अलग गुट काम कर रहे हैं। इस अंदरूनी खींचतान के कारण न तो ठोस निर्णय हो पा रहे हैं और न ही जनता को बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। उपलब्धियों का दावा: योजनाएं बड़ी, भरोसा छोटा महापौर ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए 182 निर्माण कार्यों के लिए 13 करोड़ 36 लाख की स्वीकृति, 15वें वित्त आयोग से 21 करोड़ 47 लाख के विकास कार्य, और नगरोत्थान योजना से 17 करोड़ 23 लाख के प्रोजेक्ट्स का जिक्र किया। लेकिन विपक्ष और हालात यह संकेत दे रहे हैं कि योजनाओं से ज्यादा चर्चा अब उनके क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर हो रही है।
टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक 10 साल की मासूम बच्ची का शव मिला। बच्ची का शव संदिग्ध हालत में मिला है और उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या की गई है। पलेरा के वार्ड नंबर 3 की रहने वाली पार्वती आदिवासी सोमवार दोपहर से लापता थी। घरवाले और गांव के लोग उसे हर जगह तलाश रहे थे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल रहा था। मंगलवार रात को बच्ची की लाश उसके घर से करीब 600 मीटर दूर एक खेत में पड़ी मिली। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटना की खबर मिलते ही जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड को भी जांच के लिए बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। गांव में दहशत और गुस्से का माहौल मासूम बच्ची के साथ हुई इस हैवानियत से पूरे गांव में दहशत और नाराजगी है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने पुलिस से दोषियों को जल्द पकड़कर सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है। एसडीओपी अभिषेक गौतम ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और भी साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस परिजन और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के बीकॉम और बीसीए तृतीय वर्ष के फाउंडेशन पेपर में पूछे गए एक प्रश्न से विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार को आयोजित परीक्षा में पूछा गया-‘अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं है’। इसके साथ चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें 1. सोमेश्वर, 2. खुदा, 3. शक्तिवान, 4. दंड देने वाला शामिल थे। इस प्रश्न को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने आपत्ति जताते हुए प्रश्न पत्र बनाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के बीकॉम और बीसीए तृतीय वर्ष के फाउंडेशन कोर्स का पेपर सोमवार को आयोजित हुआ था। पेपर सामने आने के बाद उज्जैन सहित रतलाम में हिंदूवादी संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पेपर किसने तैयार किया था। उज्जैन में हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक रितेश माहेश्वरी ने कहा कि जिस प्रोफेसर ने इस तरह का पेपर सेट किया है, उसके खिलाफ विश्वविद्यालय को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इधर विवाद बढ़ता देख सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल शर्मा ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि मामला परीक्षा समिति को भेजा गया है। यह सवाल बीकॉम और बीसीए के फाउंडेशन पेपर में पूछा गया था। फाउंडेशन कोर्स में विभिन्न धर्मों से जुड़े प्रश्न होते हैं, लेकिन इस तरह का प्रश्न अपेक्षित नहीं है। परीक्षा समिति की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कुलपति अर्पण भारद्वाज ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक से इस संबंध में जवाब मांगा गया है कि ऐसा सवाल क्यों पूछा गया। इसके लिए परीक्षा विभाग की बैठक बुलाई गई है। यदि इस प्रश्न को हटाया जाता है, तो विद्यार्थियों को अंक किस प्रकार दिए जाएंगे, इस पर भी चर्चा की जाएगी।
अंगदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े ने शहर के विभिन्न अस्पतालों के संचालकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की। बैठक में अंगदान के क्षेत्र में इंदौर संभाग के प्रयासों की समीक्षा करते हुए इसे जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया। डॉ. खाड़े ने कहा कि इंदौर संभाग अंगदान के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। शहर के 13 अस्पतालों के संचालक, चिकित्सक और विभिन्न सामाजिक संस्थाएं लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं। अब आवश्यकता है कि इन प्रयासों को सकारात्मक आंदोलन में बदला जाए, ताकि इंदौर न केवल प्रदेश बल्कि देश में भी अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी बन सके। उन्होंने कहा कि अंगदान मानवता को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इस कार्य को संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक अस्पताल में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर की नियुक्ति की जाए, ताकि अंगदान से संबंधित जानकारी का समय पर आदान-प्रदान हो सके। साथ ही इन कॉर्डिनेटरों की एक समेकित सूची तैयार कर शासन स्तर पर समन्वय स्थापित किया जाए। बड़े अस्पतालों को छोटे अस्पतालों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए आगे आने की आवश्यकता बताई गई। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि अंगदान के प्रति इच्छुक लेकिन आर्थिक अभाव से जूझ रहे लोगों को चिन्हित कर शासन स्तर से सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएं। एक जिले से दूसरे जिले में अंग प्रत्यारोपण के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित करने और चिकित्सकों के प्रशिक्षण के लिए नियमित शिविर, कार्यशाला एवं सेमिनार आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। कमिश्नर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को भी अंगदान संबंधी प्रशिक्षण दिया जाए। सभी अस्पतालों में पोस्टर, होर्डिंग और बैनर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति प्रतिज्ञा पत्र भरकर नोटो (नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) के साथ पंजीकरण कर सकते हैं। अंगदान केवल ब्रेन डेड घोषित होने और अस्पताल में मृत्यु की स्थिति में ही प्रभावी रूप से संभव होता है। बैठक में बताया गया कि अंगदान वह प्रक्रिया है जिसमें जीवित या मृत व्यक्ति के स्वस्थ अंग या ऊतक निकालकर ऐसे मरीज में प्रत्यारोपित किए जाते हैं, जिनके अंग काम करना बंद कर चुके हैं। इसे “जीवन का उपहार” भी कहा जाता है, जो किसी व्यक्ति को नई जिंदगी दे सकता है। बैठक में इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पुरोहित, मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य व जीतू बगानी, किडनी फाउंडेशन के डॉ. अनिल भंडारी, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. पूर्णिमा गडरिया, इंदौर आई बैंक की उमा झंवर सहित चोइथराम, बॉम्बे हॉस्पिटल, अपोलो राजश्री, जूपिटर, सीएचएल, अमलतास, श्री अरबिंदो, मोहक, शैल्बी, मेदांता एवं एमिनेंट अस्पताल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विदिशा का दौरा किया। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला विदिशा दौरा था, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। खंडेलवाल ने जिला भाजपा कार्यालय में विभिन्न संगठनात्मक बैठकों में भाग लिया। इन बैठकों में उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का आह्वान किया। पत्रकारों से बातचीत में खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण वर्ग संगठन का एक नियमित कार्यक्रम है और इसका आगामी चुनावों से सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में प्रवास कार्यक्रम चलाकर संगठन को और सशक्त किया जा रहा है। गेहूं खरीदी 9 अप्रैल से चालू होगीअंतरराष्ट्रीय हालातों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण बारदाने की कमी रही है। हालांकि, उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी उपज का एक-एक दाना खरीदेगी। समर्थन मूल्य पर खरीदी 9 अप्रैल से शुरू होगी और गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2700 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा। खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा एक बड़ा संगठन है, इसलिए मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन पार्टी में विचारधारा सर्वोपरि है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर उन्होंने बताया कि अन्य देशों की तुलना में भारत में कीमतों में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है। एसएटीआई कॉलेज में वेतन समस्या और किसानों की उपज को मिल पर तौलने के मुद्दे पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि उनका यह दो दिवसीय प्रवास 7 और 8 अप्रैल को रायसेन, विदिशा, मुरैना और भिंड जिलों में रहेगा, जहां वे संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जूनी इंदौर थाने में मंगलवार रात बीजेपी पार्षद कमलेश कालरा अपने समर्थक सचिन जेसवानी के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचे। सूचना मिलने पर सचिन जेसवानी भी थाने पहुंच गए। हालांकि दोनों पक्ष पुलिस अधिकारियों से मिलकर वापस लौट गए। कुछ दिन पहले सचिन जेसवानी से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक महिला से पार्किंग को लेकर कहासुनी होती दिखाई दी थी। यह वीडियो पमनानी नाम के युवक ने बनाया था, जिसे कालरा का समर्थक बताया जा रहा है। सचिन जेसवानी ने थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि महिला ने एक किरायेदार रखा है, जो उनके घर के पास कार पार्क करता है, लेकिन उसकी जानकारी थाने में नहीं दी गई। इसके बाद महिला ने किरायेदार को हटा दिया। वहीं, महिला ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसका सचिन से कोई विवाद नहीं है। मंगलवार को कमलेश कालरा उसी महिला के साथ एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे थे, लेकिन दोनों पक्ष एसीपी और टीआई से चर्चा के बाद बिना शिकायत दर्ज कराए वापस लौट गए।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 8 अप्रैल (बुधवार) को कानपुर नगर और कानपुर देहात के दौरे पर रहेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह लखनऊ से रवाना होकर दोपहर करीब 12 बजे कानपुर नगर पहुंचेंगे।शहर के नौबस्ता के तुलसीनगर पहाड़पुर स्थित गल्ला मंडी में स्व रंजन सिंह यादव उर्फ लाला पहलवान के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त करेंगे। इसके बाद अखिलेश यादव कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित अरेब ग्रीन वर्ल्ड एंड रिसॉर्ट पहुंचेंगे। वहां वे मोहम्मद हारून की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होकर वर-वधू को आशीर्वाद देंगे।कार्यक्रम के बाद वे वापस लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।
दमोह के नूरी नगर (बजरिया सात) में एक महिला ने अपने ही पति पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश का आरोप लगाया है। बुरी तरह झुलसी महिला को मंगलवार रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। 32 साल की तमन्ना कुरैशी ने बताया कि उसकी शादी 9 साल पहले पिपरिया (होशंगाबाद) के रहने वाले अनवर खान से हुई थी। शादी के बाद से वे दमोह में ही रह रहे थे। तमन्ना का कहना है कि उसका पति कोई काम-धंधा नहीं करता और उसे शराब, गांजा और ड्रग्स जैसे महंगे नशे की लत है। इसी वजह से उस पर काफी कर्ज भी हो गया है। जब भी तमन्ना उसे नशा करने से रोकती, तो वह उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज करता था। बाइक से पेट्रोल निकाला और लगा दी आग मंगलवार शाम को नशे में धुत होकर अनवर घर पहुंचा और पहले जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद उसने अपनी बाइक की टंकी से पेट्रोल निकाला और तमन्ना के ऊपर डालकर आग लगा दी। वारदात को अंजाम देकर वह मौके से भाग निकला। महिला की चीख सुनकर उसकी मौसी दौड़कर आईं और किसी तरह आग बुझाई, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। पहले भी की थी पुलिस में शिकायत तमन्ना ने बताया कि पति की शिकायत उसने पहले भी दो बार पुलिस थाने में की थी, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़िता का कहना है कि वह अपने दो छोटे बच्चों के लिए पति से पूरी तरह अलग होना चाहती है और उसे तलाक चाहिए। पुलिस की कार्रवाई दमोह के जिला अस्पताल में डॉक्टर घायल महिला का इलाज कर रहे हैं। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी पति की तलाश की जा रही है।
फरीदाबाद की जिला अदालत में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब WTC के मालिक आशीष भल्ला की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि वकीलों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई की नौबत आ गई और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। जानकारी के अनुसार, अदालत में आशीष भल्ला की जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी। इस दौरान प्लॉट खरीदारों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता सत्य प्रकाश यादव ने जमानत का कड़ा विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बहस शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में विवाद में बदल गई। महिला वकील के साथ अभद्र व्यवहार आरोप है कि इस दौरान WTC पक्ष की एक महिला वकील के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। इसी बीच जिला बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैंसला भी मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि बार प्रधान को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी के बाद दोनों पक्षों के वकीलों के बीच कहासुनी और बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में वकील अदालत की पहली मंजिल पर पहुंच गए, जिससे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को बुलाया गया। एसीपी सेंट्रल राजीव कुमार और एसएचओ रणवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ाई पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर अधिवक्ता सत्य प्रकाश यादव को पुलिस सुरक्षा में कोर्ट परिसर से बाहर निकाला, ताकि किसी तरह की और झड़प न हो। घटना के समय एडीजे-1 सुधीर जीवन अदालत में मौजूद थे या नहीं, इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अदालत परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
उज्जैन पुलिस ने आगामी सिंहस्थ महापर्व और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा के लिए एक नया मॉडल तैयार किया है। मंगलवार को आयोजित सामुदायिक पुलिसिंग क्षमता वर्धन कार्यशाला में इस मॉडल को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें आम जनता की सीधी भागीदारी से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इस मॉडल के तहत, सिंहस्थ में 'सिंहस्थ रक्षा साथी' और स्वयंसेवक (वॉलंटियर्स) महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये स्वयंसेवक पुलिस और प्रशासन के बीच एक सेतु का काम करेंगे, जिससे भीड़ प्रबंधन, सूचनाओं का आदान-प्रदान और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रशासन ने अधिक से अधिक स्वयंसेवकों को जोड़ने के लिए कई सुविधाएं प्रस्तावित की हैं। सेवा देने वाले वॉलंटियर्स को मानदेय, आधिकारिक प्रमाण-पत्र और आयोजन के दौरान ठहरने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं और स्थानीय निवासियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए, उज्जैन जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) राकेश गुप्ता ने सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजनों में नगर रक्षा समिति के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर पुलिसिंग के लिए जनता के साथ समन्वय अत्यंत आवश्यक है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 26 जिलों से नोडल अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। इन अधिकारियों ने सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से अपराध नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और जनभागीदारी बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। यह मॉडल कई मायनों में खास है क्योंकि यह पहली बार बड़े स्तर पर स्वयंसेवक-आधारित सुरक्षा प्रणाली को लागू करेगा। इसमें नगर रक्षा समिति को सक्रिय भूमिका दी जाएगी, जिससे पुलिस और आम लोगों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। यह बड़े आयोजनों में वास्तविक समय (रियल टाइम) सहायता प्रणाली प्रदान करेगा। कार्यशाला के अंत में अधिकारियों ने इस मॉडल को आगामी सिंहस्थ की तैयारियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
ग्वालियर में बजरंग दल ने मंगलवार को त्रिशूल दीक्षा संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया। छत्री मैदान, लश्कर में शाम 6 बजे हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान युवाओं ने हाथ में त्रिशूल लेकर संकल्प लिया और नशा मुक्ति का भी प्रण किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ऋषभदेव आनंद महाराज उपस्थित रहे। विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री जितेंद्र सिंह पवार ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अभय सिंह जादौन ने की, जबकि अवधेश तिवारी मुख्य अतिथि और विश्ववर्धन भट्ट, पप्पू वर्मा, नवल भदौरिया विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री जितेंद्र पवार ने कहा कि सभी हिंदू युवाओं को अपने शौर्य का स्मरण करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि हिंदू केवल शास्त्र में ही नहीं, बल्कि शस्त्र में भी विश्वास रखते हैं। पवार ने कहा कि हमारे देवी-देवताओं ने करुणा के साथ-साथ दुष्टों का दमन भी किया है, और उन्होंने प्रत्येक हिंदू को शास्त्र के साथ शस्त्र धारण करने का संदेश दिया है। पवार ने आगे कहा कि बजरंग दल के युवा आज त्रिशूल धारण कर शस्त्र का संकल्प ले रहे हैं, साथ ही नशा मुक्ति का भी प्रण कर रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि युवा नशा मुक्त होकर बल उपासना करें और शक्ति से युक्त हों, जिससे देश की शक्ति बढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश हमारा है क्योंकि हमने यहां जन्म लिया है, और किसी भी शास्त्र या स्थान पर यह देश हिंदुओं का बताया गया है। उन्होंने प्रशासन से भी कहा कि इस देश में कोई किसी का क्षेत्र नहीं है, यह पूरा देश हिंदुओं का है।
जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बैंक में नकली सोना रखकर गोल्ड लोन वाले दो आरोपी सहित दो ज्वेलर्स के खिलाफ कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरु कर दी है। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपियों ने बड़े ही शातिराना अंदाज से पहले तो नकली सोना रखकर लाखों रुपए का लोन लिया, और फिर नकली को असली वेरीफाई करवाने के लिए दो ज्वलर्स संचालकों को भी साथ में मिला लिया। ईओडब्ल्यू ने 13 लाख 58 हजार रुपए की धोखाधड़ी के मामले में सौरभ चौधरी, अचिन अमलिया, अनिल सोनी और आशुतोष सराफ के खिलाफ धारा 318 (4), 61(2), 336(3), 340(2), के तहत मामला दर्ज किया है। असली बताकर फर्जी मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की दरअसल, सौरभ चौधरी निवासी भीम नगर जबलपुर ने जून 2023 में बैंक आफ महाराष्ट्र से तीन एग्रीकल्चर टर्म लोन (गोल्ड लोन) प्राप्त किए थे। पहला लोन 3,73,000 रुपए का था, जिसे उसने समय पर चुकाकर खाता बंद कर दिया था। इसके ठीक दो दिन बाद, 30 जून 2023 को आरोपी ने दो अन्य लोन क्रमशः 4,79,500 रुपए और 8,78,500 रुपये (कुल 13.58 लाख रुपए) लिए। लोन के लिए जो सोने के जेवर गिरवी रखे गए थे, उनका मूल्यांकन सिद्धेश्वरी ज्वेलर्स (आशुतोष सराफ) और सौम्या ज्वेलर्स (अनिल सोनी) द्वारा किया गया था। इन ज्वेलर्स ने जेवरों को असली बताकर फर्जी मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की थी। अधिकृत ज्वेलर ने जांच में बताया नकली जांच में 10 फरवरी 2025 को बैंक ऑफ महाराष्ट्र के क्षेत्रीय निरीक्षण कार्यालय (भोपाल) के वरिष्ठ प्रबंधक धीरज कुमार ने वार्षिक निरीक्षण किया। रैंडम जांच के दौरान जब सौरभ चौधरी के गिरवी रखे जेवरों के पैकेट खोले गए, और बैंक के अधिकृत ज्वेलर से उनकी जांच कराई गई, तो पैकेट में रखे सभी जेवर पूर्णतः नकली पाए गए, जिनका बाजार मूल्य शून्य था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि जिस दिन लोन की राशि (13.58 लाख रुपए) बैंक खाते में आई थी, उसी दिन 4,56,000 रुपए अचिन उरमलिया नामक व्यक्ति के नए खुले खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। ईओडब्ल्यू ने जांच पर आरोपी सौरभ चौधरी, अनिल सोनी प्रोप्राइटर सौम्या ज्वेलर्स दीक्षितपुरा जबलपुर,आशुतोष सराफ प्रोप्राइटर सिद्धेश्चरी ज्वेलर्स, घमापुर जबलपुर एवं अचिन उरमलिया निवासी भीम नगर एवं अन्य के साथ मिली भगत कर बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा जीएस कॉलेज जबलपुर के साथ धोखाधड़ी कर नकली सोने के जेवरों का मूल्यांकन कराकर, उनकी कूटरचित रिपोर्ट तैयार कराकर एवं इन रिपोर्ट का उपयोग कर लोन लेकर 13.58 लाख रुपए की राशि का गबन करना प्रमाणित पाया गया।
राजगढ़ जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने बिना सूचना गैरहाजिर रहे 8 विभागों के अधिकारियों पर 2-2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से लोग उम्मीद लेकर आते हैं, ऐसे में अधिकारियों की अनुपस्थिति से व्यवस्था प्रभावित होती है और आमजन की उम्मीदों को ठेस पहुँचती है। इन अधिकारियों पर लगाया जुर्मानाजिन अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री (ईई), डब्ल्यूआरडी के कार्यपालन यंत्री (ईई), राजगढ़ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी पवन अवस्थी, आबकारी अधिकारी रितेश लाल ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल, जीएम सीसीबी सहकारिता, उप संचालक पशुपालन और जिला योजना अधिकारी के.के. राज शामिल हैं। कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जनसुनवाई में नियमित रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास मजबूत हो सके।
सलूंबर जिले के दो गांवों में एक अनजान बीमारी से 5 बच्चों की मौत हो गई। इन बच्चों की मौत, अचानक बुखार होने के 24 घंटे बाद हो रही है। एक के बाद एक मासूमों की मौतों की खबर से स्वास्थ्य विभाग सकते में है। पिछले 24 घंटे से गांव में 17 मेडिकल टीमें गांव में घूम-घूम कर लोगों के सैंपल ले रही है। वहीं स्क्रीनिंग के दौरान मंगलवार को तीन बच्चों में बुखार और उल्टी के लक्षण दिखे हैं। सलूंबर पीएमओ राजेश दोषी ने बताया- सलूंबर से शिशु रोग विशेषज्ञ घाटा गांव में स्क्रीनिंग कर रहे हैं। यहीं पर लालपुरा के ग्रामीणों की भी जांच हो रही है। मंगलवार को तीन बच्चों में भी ऐसे ही लक्षण मिले हैं। इनमें सपना (5) पुत्री कालू मीणा और ईश्वर (2) पुत्र गमाना मीणा का तापमान ज्यादा मिला। शाम करीब 5:30 बजे इनका प्राथमिक इलाज कर सलूंबर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं तीसरी बच्ची कमली को लसाड़िया सीएचसी में भर्ती करवाया गया है। इनके सैंपल लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के कारणों के बारे में साफतौर पर जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरतते हुए पूरे क्षेत्र में निगरानी कर रहा है। 562 परिवारों की मेडिकल टीम कर रही है स्क्रीनिंग अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने बताया- लालपुरा और घाटा गांव में 17 टीमें तैनात की गई हैं। इस क्षेत्र में करीब 562 परिवार रहते हैं। टीमें घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही हैं और ब्लड सैंपलिंग क्लेक्ट करने का काम कर रही हैं। ये सैंपल जांच के लिए उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। 1 से 5 अप्रैल तक हुई पांच बच्चों की मौत 31 मार्च से 5 अप्रैल के बीच क्षेत्र में बुखार और ऐंठन की शिकायत के बाद पांच बच्चों की मौत हो गई। 31 मार्च को लालपुरा गांव निवासी मानूराम मीणा के चार साल के बेटे दीपक मीणा को अचानक बुखार आया। उसे पहले धरियावद सरकारी अस्पताल ले जाया गया, फिर हालत में सुधार नहीं होने पर प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उसी दिन लालपुरा गांव में गमाना मीणा की चार साल की बेटी सीमा मीणा को भी बुखार हुआ। 1 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे उसका बुखार तेज हो गया, उल्टियां होने लगीं और शरीर में ऐंठन आई। कुछ ही देर बाद सीमा ने घर पर ही दम तोड़ दिया। 3 अप्रैल को मानूराम मीणा के तीन साल के दूसरे बेटे लक्ष्मण मीणा की भी तबीयत बिगड़ गई। उसे पहले लसाड़िया सीएचसी ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर सलूंबर जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां से तुरंत उदयपुर भेजा गया, जहां दो दिन इलाज के बाद 5 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। इसी दौरान घाटा गांव निवासी प्रकाश मीणा की दो साल की बेटी काजल को 5 अप्रैल की सुबह बुखार हुआ और दोपहर तक उसके शरीर में ऐंठन शुरू हो गई, जिसके बाद उसकी घर पर ही मौत हो गई। वहीं घाटा गांव के ही लक्ष्मण मीणा के चार साल के बेटे राहुल मीणा को भी 5 अप्रैल को बुखार और उल्टी की शिकायत हुई। उसे धरियावद सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर शाम इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। दूरदराज और जंगल क्षेत्र में बसे हैं दोनों गांव लालपुरा और घाटा गांव सलूंबर जिला मुख्यालय से करीब 56 किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में स्थित हैं। खराब सड़क और दूरस्थ स्थान के कारण ग्रामीणों को अस्पताल तक पहुंचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। घाटा गांव लालपुरा से भी करीब 5 किलोमीटर आगे है, जिससे वहां तक पहुंचना और भी मुश्किल हो जाता है। इस घटना से संबंधित ये खबर भी पढ़ें- रहस्यमयी बीमारी से 5 दिन में 5 बच्चों की मौत:सभी मासूम 2 से 4 साल के, बुखार आया, उल्टी हुई और दम तोड़ दिया सलूम्बर जिले के दो गांवों में 5 दिन में 5 बच्चों की रहस्यमयी बीमारी से मौत हो गई। सभी बच्चों को अचानक तेज बुखार, ऐंठन और उल्टी हुई। इसके बाद बच्चों की मौत हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)
आलीराजपुर के ग्राम सूखी बावड़ी में सोमवार रात एक शादी समारोह में खूनी संघर्ष में एक युवक घायल हो गया। पारिवारिक विवाद के दौरान बीच-बचाव करने आए भतीजे रवि सस्तीया पर उसके सगे काका कमल सस्तीया ने तीर से हमला कर दिया। तीर सीधे युवक के पेट में जा धंसा, जिससे वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ा। पेट में फंसा तीर, गंभीर घायल परिजनों ने घायल रवि को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल लाते समय तीर युवक के पेट में ही फंसा हुआ था। डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार देने के बाद रवि की नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए गुजरात के दाहोद रेफर कर दिया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। विवाद शांत कराने के दौरान मारा घायल के भाई राजेश सस्तीया ने बताया कि परिवार के दो सदस्यों के बीच आपसी कहासुनी हो रही थी। जब रवि विवाद शांत कराने के लिए बीच में आया, तो आवेश में आकर कमल सस्तीया ने उस पर तीर चला दिया। घटना के बाद विवाह स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने आरोपी काका को गिरफ्तार किया सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी काका कमल सस्तीया को गिरफ्तार कर लिया है। घायल को अस्पताल पहुंचाने में एम्बुलेंस स्टाफ जवसिंह बामनिया और पायलट महेश मंडलोई ने सक्रिय भूमिका निभाई। मामले की जांच जारी है।
चंडीगढ़ पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए 21 इंस्पेक्टरों के तबादले किए गए हैं। यह आदेश मंगलवार देर शाम जारी किया गया है। कई थानों के प्रभारी बदले गए हैं और कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में शहर के कई प्रमुख थानों—सेक्टर 17, 31, 39, आईटी पार्क, सरंगपुर और मनीमाजरा—में नए थाना प्रभारी लगाए गए हैं। इसके अलावा कुछ अधिकारियों को पुलिस लाइन, जांच शाखा और यातायात शाखा में भेजा गया है। जानिए किस कहां हुए ट्रांसफर इंस्पेक्टर राम दयाल: सेक्टर 39 से आईआरबी। इंस्पेक्टर कुलवीर कौर: एएचटीयू से एएचटीयू व सीआरयू। इंस्पेक्टर शादीलाल: विजिलेंस से सेक्टर 34 थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर आशा शर्मा: सेक्टर 17 से पीसीसी व हाईकोर्ट। इंस्पेक्टर राम रतन: पुलिस लाइन से सेक्टर 26 थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर राजीव कुमार: सेक्टर 31 से सेक्टर 39 थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर उषा रानी: आईटी पार्क से पुलिस लाइन। इंस्पेक्टर मिनी: सरंगपुर से आईटी पार्क थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर हरि ओम शर्मा: मनीमाजरा से सेक्टर 31 थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर रोहित कुमार: सेक्टर 17 से ट्रैफिक। इंस्पेक्टर अशोक कुमार: आईआरबी से सारंगपुर थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर इरम रिजवी: पुलिस हैडक्ववाटर से सेक्टर 17 वुमन सेल थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह: सेक्टर 26 से सीआईडी। इंस्पेक्टर दया राम: आरटीसी से आरटीसी व पुलिस लाइन। इंस्पेक्टर सतिंदर कुमार: सेक्टर 34 से पुलिस लाइन। इंस्पेक्टर तीरथ सिंह: मनीमाजरा से अडिशनल एसएचओ मनीमाजरा। इंस्पेक्टर सुधीर कुमार: फोटो शाखा से क्राइम ब्रांच। इंस्पेक्टर सुदेश कुमार: चौकी 22 से सेक्टर 17 थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर बलजीत सिंह: डीएसपी सेंट्रल रीडर से पुलिस हैडक्ववाटर। इंस्पेक्टर जसकरण सिंह: बस स्टैंड सेक्टर 17 से मौलीजागरा थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर हरभजन सिंह: एमओबी से पीओ व समन स्टाफ।
जोधपुर में नगर निगम चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। जिसे लेकर जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। दूसरी ओर नगर निगम कमिश्नर ने पदभार संभालते ही सख्ती दिखाई। कमिश्नर अचानक निगम कार्यालय पहुंचे, जहां अनुपस्थित मिले कर्मचारियों को नोटिस थमा दिए, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओमकार वर्मा ने ज्ञापन के दौरान कहा कि नगर निगम चुनाव 2026 की मतदाता सूचियों में गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस पार्टी ने पहले भी ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज करवाई थी। लेकिन उस पर सही तरीके से कार्रवाई नहीं की गई और परिणाम स्वरूप बहुत सारी खामियां अभी तक व्याप्त है। राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार, वोटर लिस्ट का इंटेंसिव रिवीजन 1 जनवरी 2015 की रेफरेंस डेट के आधार पर तैयार किया गया था। विधानसभा की मतदाता सूचियों के आधार पर 1 जनवरी 2026 के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम 2026 के दौरान फेक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन नामावली का प्रारूप का अध्ययन करने पर यह तथ्य स्पष्ट रूप से प्रामाणित है, कि जो नगर निगम चुनाव के लिए नामावली जारी की गई है, उसमें कई प्रकार की खामियां अभी व्याप्त है। लिस्ट में मरे हुए और ट्रांसफर हुए वोटर्स के भी नाम नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर जारी मतदाता सूची पर आपत्ति जताते हुए अध्यक्ष वर्मा ने इसे त्रुटिपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि SIR कार्यक्रम के तहत हटाए गए मतदाताओं के नाम फिर से सूची में जोड़ दिए गए हैं, जिससे सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके अलावा सूची में मृत, अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम भी शामिल हैं, वहीं कई वार्डों में अन्य क्षेत्रों के नाम जोड़े और हटाए गए हैं। उन्होंने मांग की है कि पोलिंग बूथ स्तर पर SIR में जुड़े नए नामों का पुनः सत्यापन कराया जाए और प्रशासक को निर्देश देकर सभी त्रुटियों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके। जिला कमेटी के प्रवक्ता डा.संजय गौड़ ने बताया कि ज्ञापन देने में पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह सोलंकी, पूर्व विधायक मनीषा पंवार, पूर्व महापौर कुंती देवड़ा,सूरसागर विधायक प्रत्याशी शहजाद खान डी.सी.सी पूर्व अध्यक्ष नरेश जोशी, सलीम खान,ब्लॉक अध्यक्ष भवरलाल हटवाल,परमसुख पुरोहित, त्रिलोक मेहरा, अखतर खान सिंधी,योगेश कच्छावा, अकमुदीन खान सहित बडी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे। आयुक्त ने किया निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने मंगलवार को निगम कार्यालय का अचानक दौरा गिया। इस दौरान विभिन्न शाखाओं में कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर जांच की गई। इस दौरान उन्होंने बिना सूचना के अनुपस्थित मिले कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों को थमाए गए नोटिस आयुक्त राहुल जैन ने नगर निगम के बोर्ड सभा बैठक कक्ष में चल रहे जनगणना कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान दो कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उसके बाद आयुक्त ने आमजन की शिकायतों के निस्तारण के लिए स्थापित किए गए कंट्रोल रूम का अवलोकन किया उन्होंने शिकायतों के निस्तारण और लंबित समस्याओं को जांचा। साथ ही समय पर आमजन की शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए। आयुक्त ने नगर निगम कार्यालय में बने अभय कमांड कंट्रोल सेंटर का भी दौरा किया, जहां से उन्होंने डोर टू डोर कचरा संग्रहण वाहन, सहारा के कचरे को केरू डंपिंग यार्ड ले जाने वाले डंपर की ऑनलाइन मॉनिटरिंग को देखा। इस दौरान कंट्रोल रूम में अनुपस्थित मिले 4 कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। नगर निगम आयुक्त ने ली अधिकारियों की बैठक नगर निगम मीटिंग हॉल में मंगलवार को निगम आयुक्त राहुल जैन ने कार्यभार संभालने के बाद मंगलवार को स्वच्छता विंग से जुड़े सभी अधिकारियों और संवेदकों के साथ मैराथन बैठक की और शहर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के सख्त निर्देश दिए। फील्ड में उतरकर सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग के निर्देश आयुक्त ने कहा कि नगर निगम का सबसे प्राथमिक कार्य शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर करना है और आगामी दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार नजर आना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को कहा कि वह सप्ताह में दो दिन वार्ड का निरीक्षण करेंगे और सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेंगे। 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26' में बेहतर रैंकिंग के लिए टीम भावना से करे काम आयुक्त राहुल जैन ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण केवल मात्र एक रैंकिंग प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि हमारे शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर करने का अवसर है। आगामी दिनों में स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने वाला है और इससे पहले ही एक टीम के रूप में युद्ध स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छे अंक लाकर रैंक हासिल करना अपना उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि अपना शहर साफ सुथरा नजर आए, लोगों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो और हमारा शहर हर समय स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तैयार रहे, इस तरह की कार्य योजना बनाकर काम करने की आवश्यकता है।
सीकर जिले में पलसाना पंचायत समिति की मंडा ग्राम पंचायत में मनरेगा के कार्यों में भारी लापरवाही सामने आई है। पंचायत परिसर में तैयार हो रही पौधशाला (नर्सरी) में मॉनिटरिंग के अभाव में 40 प्रतिशत पौधे मृत पाए गए। इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला परिषद सीकर के मनरेगा लोकपाल हरिराम ने प्रशासक (निवर्तमान सरपंच), ग्राम विकास अधिकारी (VDO), कनिष्ठ सहायक और कनिष्ठ तकनीकी सहायक (JTA) सहित 4 लोगों को दोषी माना है। लोकपाल ने इन सभी पर कार्रवाई करते हुए नुकसान की राशि चारों दोषियों से समान रूप से वसूलने और 3 अधिकारियों पर जुर्माना लगाने के आदेश जारी किए हैं। मनरेगा लोकपाल हरिराम ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पत्रावलियों और सबूतों को गहनता से जांचा। मंडा पंचायत परिसर में पौधशाला तैयार करने का काम मंजूर हुआ था, जिसके तहत 5000 पौधे लगाए गए थे। लेकिन अधिकारियों की ऑब्जर्वेशनल लापरवाही के कारण इनमें से 40% पौधे (करीब 2000) नष्ट हो गए थे। नियमों के मुताबिक पौधरोपण में 20 प्रतिशत तक का 'कैजुअल्टी फैक्टर' (पौधों के प्राकृतिक रूप से नष्ट होने की दर) मान्य होता है। इस आधार पर शेष बचे 20 प्रतिशत पौधों के नुकसान को सीधे तौर पर कार्मिकों की लापरवाही माना गया और इसे राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों की अवहेलना माना गया। पौधशाला पर कुल 24,153 रुपये का खर्च आया था। लोकपाल ने 20 प्रतिशत अतिरिक्त पौधों के मरने पर कुल व्यय का 20% यानी 4,830 रुपए को बर्बाद माना। इस 4,830 रुपये की राशि को चारों दोषी कार्मिकों से बराबर रूप से (1,207.50 रुपये प्रति व्यक्ति) वसूलने के आदेश दिए हैं। इन 4 कार्मिकों पर हुआ एक्शन, लिया जाएगा जुर्मानामनरेगा अधिनियम 2005 की धारा 25 के तहत लोकपाल ने निम्नलिखित कार्रवाई के आदेश दिए हैं- नेहा देवी (प्रशासक/निवर्तमान सरपंच): सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में इनसे 1,207.50 रुपये की वसूली कर राजकोष में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। छितरमल अहीर (ग्राम विकास अधिकारी - VDO): कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर इन पर 500 रुपये की शास्ति (जुर्माना) लगाई गई है। साथ ही 1,207.50 रुपये की वसूली भी की जाएगी। भगवानसहाय बलाई (कनिष्ठ सहायक): इन पर भी 500 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है और 1,207.50 रुपये की वसूली कर राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। डबकेश चौधरी (कनिष्ठ तकनीकी सहायक - JTA): तकनीकी पर्यवेक्षण में कोताही पर 500 रुपये की शास्ति और 1,207.50 रुपये की वसूली का दंड दिया गया है।
दमोह में आईपीएल का सट्टा खिलाते आरोपी गिरफ्तार:पुलिस को मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची और एक बॉल पेन मिला
दमोह कोतवाली पुलिस ने शहर की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास से एक व्यक्ति को आईपीएल का सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सट्टा खिलाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की है। इस मामले का खुलासा मंगलवार रात को किया गया। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी के निर्देश पर पूरे जिले में आईपीएल का सट्टा खिलाने वाले आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार दोपहर मुखबिर से सूचना मिली थी कि पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में एक आरोपी आईपीएल का सट्टा खिला रहा है। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और आरोपी दीपक अहिरवार को आईपीएल मैच में सट्टा खिलाते हुए पकड़ा। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची और एक बॉल पेन जब्त किया गया। जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच में क्रोम ऐप पर 'IPL CRIKET ID KHELO 7.COM' नाम की एक आईडी बनी हुई मिली। इस आईडी में कॉइन और बैलेंस भी मौजूद था, जो सट्टेबाजी में इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपी दीपक अहिरवार के खिलाफ सट्टा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। टीआई ने बताया कि आरोपी दीपक ने आईडी उपलब्ध कराने वाले कुछ अन्य लोगों के नाम बताए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
विदिशा जिले के शमशाबाद तहसील के ग्राम वर्धा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक निर्माणाधीन मकान की दीवार के अंदर 11 केवी की हाईटेंशन बिजली लाइन को चुनवा दिया गया। इस घटना का वीडियो मंगलवार को सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ट्रांसफार्मर की लाइन को लेकर हुआ विवादजानकारी के अनुसार ग्राम वर्धा निवासी किसान काशीबाई दौलत सिंह के खेत में सिंचाई के लिए 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगा है, जिसके लिए यह हाईटेंशन लाइन बिछाई गई थी। आरोप है कि पड़ोसी रमेश धाकड़ ने सरकारी जमीन पर मकान का निर्माण करते हुए दीवार में तार चुनवा दिए। बिजली विभाग के कर्मचारियों से मिलीभगत कर इस दौरान सप्लाई बंद रखी गई। बिजली बंद कर दीवार में दबाई लाइनबताया जा रहा है कि निर्माण के दौरान लगभग एक घंटे के लिए बिजली आपूर्ति बंद कराई गई और उसी समय लाइन को दीवार के भीतर कर दिया गया। इसके बाद लाइन तो चालू कर दी गई, लेकिन किसान के ट्रांसफार्मर की आपूर्ति काट दी गई। इसके परिणामस्वरूप खेत में खड़ी मूंग की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। जेई ने किसान से ही मांगे कागजात किसान ने जब इस मामले में बिजली विभाग के जेई संदीप नामदेव से संपर्क किया, तो उन्होंने किसान से ही ट्रांसफार्मर और जमीन के कागजात मांगे। जेई ने यह भी कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं है और दावा किया कि लाइन एसडीएम के आदेश पर बंद की गई थी। किसान बोला- बिना सूचना बंद हुई सप्लाईपीड़ित काशीबाई का कहना है कि उन्होंने नियमानुसार ट्रांसफार्मर लगवाया था और आपूर्ति सामान्य थी। अब बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली बंद कर दी गई है, जिससे उनकी फसल बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने जिला अधिकारियों को आवेदन देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। जिम्मेदारी पर उठे बड़े सवालइस संबंध में बिजली विभाग के जेई संदीप नामदेव से बात करने की तो उन्होंने फिर से दोहराया है कि लाइन एसडीएम के निर्देश पर ही बंद की गई थी। सबसे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर हाईटेंशन लाइन को दीवार में कैसे चुनवा दिया गया। विभाग के अधिकारी ने इसपर कोई जवाब नहीं है।
जीरन में बेमौसम बारिश, तापमान गिरा:खेतों में कटी गेहूं-मेथी की फसल को नुकसान की आशंका
नीमच जिले के जीरन और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार शाम को बेमौसम बारिश हुई। दोपहर तक बादलों और सूरज के बीच लुका-छिपी के बाद अचानक हुई इस बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तापमान बढ़ रहा था, जिससे लोग गर्मी से परेशान थे। शाम को अचानक धूल भरी ठंडी हवाएं चलीं और तेज गर्जना के साथ बारिश हुई, जिससे पूरा वातावरण ठंडा हो गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह बारिश उन किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है जिनकी गेहूं और मेथी की फसलें कटाई के अंतिम चरण में हैं या खेतों में ढेर के रूप में रखी हुई हैं। बेमौसम बारिश से फसलों के दाने काले पड़ने और उनकी चमक खोने की आशंका है, जिससे बाजार में उचित दाम मिलना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, इस नमी को आगामी फसलों की तैयारी के लिए जमीन के लिहाज से अच्छा माना जा रहा है। लेकिन वर्तमान में कटी हुई उपज के भीगने से हुए नुकसान ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। जीरन क्षेत्र में बारिश के कारण नीमच शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी देर शाम तक ठंडी हवाएं चलीं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों की चिंता को और गहरा कर दिया है। विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है।
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे मंगलवार को बांसवाड़ा पहुंचीं। शहर के डूंगरपुर मार्ग पर निजी वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मंगलवार देर शाम राजे शक्तिपीठ त्रिपुरा सुंदरी मंदिर पहुंचीं और माता के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। वाटिका में आयोजित 'हर मास एक उपवास' कार्यक्रम में योग गुरु बाबा रामदेव व जैन संत श्री 1008 प्रसन्न सागर से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने आशीर्वाद लिया। राजे ने कहा कि जब भी वे बांसवाड़ा आती हैं, माता के दर्शन किए बिना नहीं जातीं। ऐसा हो ही नहीं सकता कि बांसवाड़ा आए और त्रिपुरा सुंदरी मंदिर दर्शन करने नहीं आऊं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि यहां दर्शन करने के बाद उन्हें एक असीम आंतरिक शांति मिलती है और मन हल्का हो जाता है। मंदिर में हुआ भव्य स्वागतवसुंधरा राजे का काफिला मंदिर परिसर पहुंचा, भाजपा पदाधिकारियों और मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने उनकी अगवानी की। राजे ने माता त्रिपुरा सुंदरी की प्रतिमा के समक्ष मत्था टेका और पंडितों के सानिध्य में विधिवत आरती और विशेष पूजा संपन्न की। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भी देखने को मिली। महीने में एक दिन रखें उपवासवसुंधरा राजे ने आध्यात्मिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वामी बाबा रामदेव के कार्यक्रम में उपवास के महत्व पर चर्चा हुई। मेरा मानना है कि महीने में कम से कम एक दिन उपवास जरूर रखना चाहिए। इससे न केवल हमारा शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन भी शुद्ध और संतुलित होता है।
सीतापुर में आंधी से पेड़ गिरा, छात्र गंभीर घायल:कोचिंग जाते समय हुआ हादसा, जिला अस्पताल रेफर
सीतापुर के पिसावां थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें कोचिंग पढ़ने जा रहा एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना कुतुब नगर मार्ग पर नेवदिया गांव के पास की बताई जा रही है। गरसंडा गांव निवासी रजनीश यादव का 20 साल का बेटा आदित्य यादव मंगलवार शाम करीब 6 बजे स्कूटी से पिसावां कोचिंग के लिए जा रहा था। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया। छात्र जब जायसवाल धर्म कांटा के पास पहुंचा, तभी सड़क किनारे खड़ा एक पुराना आम का पेड़ तेज हवा के चलते अचानक टूटकर उसकी स्कूटी पर गिर पड़ा। पेड़ गिरने से आदित्य गंभीर रूप से घायल हो गया और सड़क पर ही गिर पड़ा। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत पेड़ की टहनियां हटाईं और घायल छात्र को बाहर निकाला। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। घायल छात्र को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार छात्र को गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि तेज आंधी-तूफान के कारण पेड़ टूटकर युवक पर गिर गया, जिससे वह घायल हुआ है। फिलहाल छात्र का उपचार चल रहा है।
भरतपुर के रुदावल थाना इलाके के गांव नारोली के ग्रामीण युवक के शव को लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे। युवक का शव अलवर में पेड़ से बंधे फांसी के फंदे से लटका मिला था। युवक के परिजनों का कहना था कि उसकी हत्या की गई इसलिए इस मामले की जांच CBI से करवाई जाए। करीब 10 पहले गांव के ही कुछ लोगों से पिंटू का झगड़ा हुआ था।शव को देखकर लग रहा हत्या हुई हैभीम आर्मी के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रवीण कबीर ने बताया कि रुदावल थाना इलाके के गांव नारोली का रहने वाला युवक पिंटू (24) का शव अलवर के रैणी थाना इलाके में पेड़ से लटका मिला। उनका पहले से गांव में किसी से विवाद चल रहा था। 5 अप्रैल को पिंटू ने SI भर्ती परीक्षा का पेपर दिया। आज उसका शव पेड़ से लटका मिला। शव को देखकर लग रहा है कि यह सुसाइड नहीं है। यह हत्या का मामला है। रैणी थाने में घटना का मामला दर्ज हुआ है। अलवर पुलिस ने साफ कह दिया की यह सुसाइड का मामला है। हम लोग इससे संतुष्ट नहीं हैं। इसलिए आज हम सभी शव को लेकर भरतपुर एसपी ऑफिस आये हैं। हमारी मांग है कि मामले की CBI जांच हो। जिससे यह साफ हो सके कि यह सुसाइड है या मर्डर है। हमें कोई संतुष्टि नहीं मिल पा रही है। अलवर की रैणी पुलिस कर रही मामले की जांचएडिशन एसपी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अलवर के रैणी थाने में एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला था। उसके संबंध में मृतक के परिजनों ने रैणी थाने पर FIR दर्ज करवाई गई है। रैणी पुलिस द्बारा मामले की जांच की जा रही है। मृतक के परिजन आज यहां आए हैं। मृतक के परिजनों को बता दिया है कि रैणी पुलिस को किसी तरह की मदद की जरूरत होगी उसे हम करेंगे। कुछ दिन पहले पिंटू का झगड़ा हुआ थासोनू नव बताया कि मेरे भाई पिंटू ने 5 अप्रैल को SI भर्ती परीक्षा का पेपर दिया था। करीब 10 दिन पहले गांव के सुमेरा से पिंटू का झगड़ा हुआ था। झगड़े में पिंटू के सिर में चोट आई थी। झगड़े के बाद से पिंटू अपने मामा के यहां घेहलउ में रह रहा था। वहीं से वह पेपर देने के लिए भरतपुर आया था। पिंटू के दो छोटे भाई रिंकू (18) और सोनू (18) और 1 छोटी बहन गुंजन (20) हैं। पिंटू के पिता डाल चंद बीमार रहते हैं। इसलिए वह घर पर ही रहते हैं। पिंटू कंपटीशन की तैयारी कर रहा था।
लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने राह चलते लोगों को निशाना बनाकर टप्पेबाजी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की गई नकदी और वारदात में इस्तेमाल साइकिल भी बरामद हुई है। पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।इंदिरानगर निवासी बलराम साधवाणी ने 20 मार्च को तहरीर देकर बताया कि 16 मार्च को दो अज्ञात युवकों ने साइकिल से टक्कर मारकर उन्हें गिराने की कोशिश की। इस दौरान मदद का दिखावा करते हुए उनकी जेब से 50 हजार रुपए पार कर दिए। मामले में हजरतगंज थाने पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि घटना के खुलते के लिए टीम गठित की गई थी। इस दौरान मुखबिर से टप्पेबाजी करने वाले गिरोह का पता चला। पुलिस ने सोमवार रात करीब 11:15 बजे चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिसारत, वसीम उर्फ शाहिल, अरुण कुमार उर्फ ठाकुर और सचिन चौहान के रूप में हुई। सभी आरोपी मुरादाबाद जिले के कटघर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। मदद के बहाने पार करते रकमपुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले अपने शिकार को चिन्हित करते थे। इसके बाद एक सदस्य साइकिल से टक्कर मारता था और बाकी साथी पीछे-पीछे चलते थे। टक्कर लगने पर जब व्यक्ति संभलने की कोशिश करता, उस दौरान मदद के बहाने उसकी जेब से नकदी और सामान निकालकर भीड़ में फरार हो जाते थे। बाद में चोरी की रकम आपस में बांट लेते थे। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों को तलाश रही है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित प्रकोष्ठ के चेयरमैन तनुज पुनिया (सांसद) और राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने सोनभद्र में नई नियुक्तियां की हैं। ओम प्रकाश राव को अनुसूचित प्रकोष्ठ का जिला चेयरमैन और सुशील कुमार को शहर अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों का स्वागत जिला कांग्रेस कार्यालय में जिला अध्यक्ष रामराज सिंह गौड़ की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रामराज सिंह गौड़ ने कहा कि ओम प्रकाश राव के आने से जनपद में कांग्रेस दलितों की आवाज को और मजबूती से उठाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी दलित समुदाय के मुद्दों को पहले से अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगी। लोगों के मूल अधिकारों और समानता की बात नवनियुक्त जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश राव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी, भीमराव अंबेडकर और पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचारों पर आधारित है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने संविधान निर्माण का दायित्व अंबेडकर जी को सौंपा था, जिन्होंने सभी वर्गों को साथ लेकर संविधान की संरचना की। जिसमें लोगों के मूल अधिकारों और समानता की बात कही गई है। ओम प्रकाश राव ने स्वीकार किया कि आज भी कई जगह विषमताएं देखने को मिलती हैं और दलित वर्ग खुद को हाशिए पर महसूस करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस ने हमेशा दलितों का उत्थान किया है और उनकी हर संभव लड़ाई लड़ी है। उन्होंने सोनभद्र में हर दलित की आवाज बनने और उनकी हर लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। हर लड़ाई लड़ने का काम वहीं, शहर अध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि शहर के अंदर दलित बस्तियों और वार्डों में जाकर सभी को जोड़ने का काम किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी दलित को कोई समस्या होने पर वे उनसे जुड़ें, उनकी हर लड़ाई लड़ने का काम किया जाएगा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य आशुतोष कुमार दुबे (आशु) ने कहा कि कांग्रेस सभी वर्गों को साथ लेकर चलती है। उन्होंने बताया कि ओम प्रकाश राव पूर्व में यूथ कांग्रेस के लोकसभा उपाध्यक्ष और जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और जनपद को भली-भांति जानते हैं। दुबे ने कहा कि वे पहले भी दलित भाइयों की हर संभव लड़ाई लड़ते थे और अब और मजबूती के साथ उनके अधिकार और सम्मान की लड़ाई लड़ने का काम करेंगे।
पन्ना-छतरपुर मार्ग NH-39 पर मंगलवार 7 अप्रैल शाम को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब सीट बेल्ट न लगाने पर रोके जाने से नाराज एक रिटायर्ड डीएसपी और उनकी पत्नी ने पुलिस टीम के साथ बदसलूकी की। आरोप है कि विवाद के दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर बंदूक तक तान दी। मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मैहर के रहने वाले रिटायर्ड डीएसपी भरत सिंह चौहान अपनी पत्नी राजश्री चौहान के साथ कार से निकले। सीट बेल्ट न पहनने के कारण जब पुलिस ने उनकी गाड़ी रोकी, तो पूर्व अधिकारी और उनकी पत्नी भड़क गए। बीच सड़क पर हंगामा और बंदूक की धमक सोशल मीडिया पर पोस्ट हुए वीडियो में साफ दिख रहा है कि रिटायर्ड डीएसपी और उनकी पत्नी पुलिसकर्मियों से उलझ रहे हैं। बहस के दौरान जब पुलिस ने नियम का हवाला दिया, तो उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाल ली। वीडियो में पुलिसकर्मी चिल्लाते हुए कह रहा है, ये बंदूक मत दिखाना मुझे, मैडम को बुलाओ। पुलिसकर्मी- आप उंगली मत दिखाइए। उंगली... हम यहां कोई अपने घर का काम नहीं कर रहे हैं दादा, उंगली मत दिखाइए। बुज़ुर्ग व्यक्ति- तमीज से बात करना सीखो। पुलिसकर्मी- हम तमीज में ही बात कर रहे हैं आपसे। क्या करोगे? बुज़ुर्ग व्यक्ति- बंद कर, पुलिसकर्मी की ओर बढ़ते हुए पुलिसकर्मी- क्या ठीक है? तमीज नहीं है बिल्कुल भी। बुज़ुर्ग महिला- तमीज नहीं? आपको तो बहुत तमीज है। दादागिरी डालोगे? आपको तमीज है? पुलिसकर्मी- हम बता रहे हैं... फिर बोला तूने! हम सौ बार बोलेंगे, हम हजार बार बोलेंगे। बुज़ुर्ग व्यक्ति- तुम बोलेगे तो मैं मारूंगा अभी, तेरे जैसे पुलिस वाले पचासों फेंक दिए मैंने। युवक: क्या कर लोगे? क्या कर लोगे? हम आपके घर के नौकर नहीं हैं यहाँ पे। नौकर नहीं हैं आपके घर के हम यहाँ पे। समझे? ठीक है? युवक: क्या? और ये बंदूक मत दिखाना मुझे। बुलाओ मैडम को। बुलाओ मैडम को। ये बंदूक मत दिखाना, ठीक है? बुलाओ मैडम को। हाँ, ये बंदूक आप लिए घूम रहे हैं, मुझे मत दिखाना बंदूक। बुज़ुर्ग व्यक्ति: तमीज़ से... युवक: तमीज़ से हम... हम... हम कौन सी गाली दे रहे हैं आपको? हम कौन सी गाली दे रहे हैं आपको? बुज़ुर्ग महिला: हम तमीज़ से बोल रहे हैं... युवक: हम गाली दे रहे हैं? यहां खड़े हैं सब लोग, गाली दे रहे हैं हम आपको? बुलाओ मैडम को। रिटायर्ड डीएसपी ने खुद को पुलिस विभाग का पूर्व अधिकारी बताकर रौब झाड़ने की कोशिश की। जब महिला पुलिस अधिकारी ने बंदूक अंदर रखने को कहा, तो रिटायर्ड अधिकारी की पत्नी ने तर्क दिया, हम क्यों रखें? हमारा लाइसेंस है। इस पर अधिकारी ने टोकते हुए कहा कि लाइसेंस होने का मतलब यह नहीं कि आप सड़क पर बंदूक लहराएं। पुलिस का कहना है कि उन्होंने बेल्ट नहीं लगाया था, जबकि कार सवारों ने इससे साफ इनकार किया। प्रशासन की सख्त कार्रवाई पन्ना एसपी निवेदिता नायडू ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति को काबू में करने के बाद मड़ला पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस के साथ अभद्रता करने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह विभाग का पूर्व अधिकारी ही क्यों न हो।
मेरठ के चर्चित ब्लूड्रम सौरभ हत्याकांड में सारी गवाहियां आज मंगलवार को पूरी हो चुकी हैं। गवाहों के बयानों पर जिरह पूरी होने के बाद अब मुकदमे में 313 की प्रोसिडिंग शुरू होगी। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। इस सुनवाई पर हत्याकांड के दोनों आरोपी सौरभ की पत्नी मुस्कान और मुस्कान के प्रेमी साहिल को कोर्ट में जिला जज के सामने पेश होना पड़ेगा।ट्रायल पर चल रहे इस केस में 15 अप्रैल को पहली बार मुस्कान-साहिल कोर्ट में जज के सामने फिजिकली प्रजेंट होंगे। इससे पहले 19 मार्च 2025 को मुस्कान-साहिल को कोर्ट में लाया गया था। इस दौरान कचहरी में वकीलों ने दोनों पर हमला कर दिया था। पुलिस ने किसी तरह मुस्कान-साहिल को वकीलों से बचाकर जेल भेजा था। पहली बार कोर्ट में आएंगे मुस्कान-साहिलदोनों के सुरक्षा कारणों को देखते हुए मुस्कान-साहिल को मिली सरकारी वकील रेखा जैन और थानापुलिस ने कोर्ट से अपील की थी कि मुस्कान-साहिल को कोर्ट में न बुलाया जाए। बल्कि जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनकी पेशी कराई जाए। इसके बाद अदालत ने मुस्कान-साहिल को वीसी के जरिए पेशी की इजाजत दी थी। दोनों को हर बार वीसी के माध्यम से जोड़कर सुनवाई में शामिल किया गया। गवाहों से उनकी तस्दीक भी अॉनलाइन ही कराई जा रही थी। लेकिन अब दोनों को अदालत के सामने फिजिकली पेश होकर सवालों के जबाव देने पड़ेंगे। अपना पक्ष रखना पड़ेगा। बता दें कि मुस्कान-साहिल दोनों जिला जेल में बंद हैं। मुस्कान महिला बैरक और साहिल पुरुष बैरक में बंदियों के साथ बंद है। 15 अप्रैल को दोनों ही आरोपी पहली बार अदालत में पेश होकर अपनी सफाई जज के सामने पेश करेंगे। इस दौरान दोनों का लंबे समय बाद एकदूसरे से आमना सामना होगा। 5 महीने की बेटी को कोर्ट लेकर आएगीबता दें कि 17 मार्च 2025 से जिला जेल में बंद मुस्कान ने 23 नवंबर 2025 को एक बेटी को जेल में ही जन्म दिया है। इस समय मुस्कान की बेटी केवल 5 महीने की है। ऐसे हालात में मुस्कान बच्ची को छोड़कर कोर्ट में कैसे आएगी। मुस्कान अपनी 5 महीने की बच्ची के साथ कोर्ट में साथ लेकर पेशी के लिए आएगी।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का 10 अप्रैल को कानपुर आगमन प्रस्तावित है। उनके दौरे को लेकर कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। इसी क्रम में मंगलवार को क्षेत्रीय मुख्यालय पर क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्रीय पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई। जाजमऊ पुल पर भव्य स्वागत से लेकर क्षेत्रीय कार्यालय में होने वाली बैठक तक की रूपरेखा पर चर्चा की गई। साथ ही कार्यक्रम की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का यह दौरा संगठन के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता और सक्रियता के साथ निभाएं, ताकि कार्यक्रम ऐतिहासिक बन सके।मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी ने बताया कि पंकज चौधरी 10 अप्रैल को दोपहर 1 बजे जाजमऊ पुल पहुंचेंगे, जहां कार्यकर्ता उनका भव्य स्वागत करेंगे। इसके बाद वे भाजपा क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचकर कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और मंडल प्रवासियों की बैठक को संबोधित करेंगे।बैठक में अनीता गुप्ता, सुनील तिवारी, पवन प्रताप सिंह, शिवराम सिंह, उपेंद्र पासवान, अनिल दीक्षित, रीता शास्त्री और भूपेंद्र त्रिपाठी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
स्पेन के मैड्रिड में आयोजित रियल मैड्रिड फाउंडेशन वर्ल्ड चैलेंज में भारत की अंडर-12 फुटबॉल टीम ने चैंपियन का खिताब जीता है। गुरुग्राम के कॉन्शिएंट स्पोर्ट्स द्वारा प्रतिनिधित्व की गई इस टीम ने प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। बता दे कि यह आयोजन रियल मैड्रिड के प्रसिद्ध ट्रेनिंग कॉम्प्लेक्स में हुआ, जिसे दुनिया के शीर्ष युवा फुटबॉल आयोजनों में से एक माना जाता है। कॉन्शिएंट स्पोर्ट्स, जिसकी स्थापना 2010 में हुई थी, पिछले 15 वर्षों से भारत में आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल ट्रेनिंग को बढ़ावा दे रहा है। संस्था बच्चों का कर रही सर्वांगीण विकास संस्था बच्चों के सर्वांगीण विकास, अनुशासित कोचिंग और वैश्विक एक्सपोजर पर केंद्रित है। 2024 में रियल मैड्रिड फाउंडेशन के साथ साझेदारी के बाद, यह कार्यक्रम देशभर में 7,000 से अधिक युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर रहा है। अंडर-12 टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया टूर्नामेंट में भारत की अंडर-12 टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में टीम ने ब्राजील को 3-0 से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह पहली बार है जब किसी भारतीय टीम ने इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय ग्रासरूट टूर्नामेंट में खिताब हासिल किया है, जिससे भारतीय फुटबॉल को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है। 80 से अधिक टीमों ने लिया भाग ईस्टर सप्ताह के दौरान आयोजित इस टूर्नामेंट में अंडर-10, अंडर-12 और अंडर-14 श्रेणियों में 80 से अधिक टीमों और 1,000 से ज्यादा खिलाड़ियों ने भाग लिया। यह आयोजन युवा खिलाड़ियों को उन्हीं मैदानों पर खेलने का अवसर प्रदान करता है, जहां किलियन एम्बाप्पे और विनिसियस जूनियर जैसे दिग्गज खिलाड़ी खेल चुके हैं। अंडर-14 टीम ने भी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया भारत की अंडर-14 टीम ने भी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। उन्हें इटली के खिलाफ एक रोमांचक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीमों ने स्पेन, जर्मनी, ब्राजील, उरुग्वे और अमेरिका सहित कई मजबूत टीमों को कड़ी टक्कर दी, जिससे टूर्नामेंट में भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज हुई।
शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार शाम एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना खंडार रोड पर गुरैया गांव के पास तेज आंधी के दौरान दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर से हुई। घायल को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। शाम करीब 7:30 बजे जलालाबाद से खंडार गांव जाने वाले मार्ग पर गुरैया के पास यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज आंधी के कारण सामने से आ रही एक अज्ञात मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी, जिससे दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। आंधी शांत होने पर मौजूद लोगों ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नगरिया जलालाबाद पहुंचाया। CHC में डॉक्टरों ने बाइक पर पीछे बैठे बालवीर पुत्र राजस्वरूप निवासी आपको पुर को मृत घोषित कर दिया। वहीं, बाइक चालक सूर्यांश पुत्र राजवीर निवासी ग्राम खंडहर की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, सूर्यांश और बालवीर अधिवक्ता की बेटी की शादी के कार्ड बांटने के लिए जा रहे थे। मृतक बालवीर जलालाबाद के पूर्व बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट श्याम बाबू सिंह की कार चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक बालवीर के परिवार में दो बेटियां और दो बेटे हैं। उसकी बड़ी बेटी वैशाली की शादी हो चुकी है, जबकि तीन बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। इस आकस्मिक घटना से परिवार में शोक का माहौल है। वहीं कोतवाली जलालाबाद के थाना अध्यक्ष राजीव कुमार तोमर ने बताया शवको पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, टक्कर मारने वाले दूसरे बाइक चालक की बाइक घटनास्थल पर मिली है दोनों भाई के कब्जे में है वही अज्ञात बाइक चालक का पता लगाया जा रहा है, दूसरी बाइक में नंबर प्लेट ना होने के कारण मामला संदिग्ध लग रहा है प्रार्थना पत्र आने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी

