शुक्लागंज में गंगा घाट थानाक्षेत्र में शराब पार्टी के बाद रविवार देर रात नशेबाजी कर रहे दोस्त ने तमंचे से हर्ष फायरिंग की। इस दौरान गोली उसके साथी के पेट में जा लगी। इस पर सभी के हाथ पैर फूल गए। लहुलूहान हालत में दोनों दोस्त साथी को लेकर उर्सला अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टरों ने गोली लगने का मामला देखकर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। इस पर थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद पांडेय ने घायल युवक के दोनों साथियों को हिरासत में लेने के साथ ही गंगाघाट थाना पुलिस को सूचना दी। 6 माह पूर्व दोनों के बीच हुआ था झगड़ा शुक्लागंज निवासी अजय सविता रविवार देर रात अपने दोस्त सुमित दीक्षित के साथ शराब पार्टी कर रहा था। तभी उसका दोस्त विजय कश्यप आया और पार्टी में चलने को कहा। अजय का अपने दोस्त विजय से करीब 6 माह पूर्व नशेबाजी को लेकर विवाद हुआ था, हालांकि इसके बावजूद वह सुमित के साथ चला गया। विजय कश्यप दोनों को शुक्लागंज बिंदा नगर स्थित सरोज मैरिज हाल ले गया, जहां सभी ने खाना खाने के साथ ही शराब पी। गेस्ट हाउस के बाहर निकलकर विजय कश्यप ने तमंचा निकालकर हर्ष फायरिंग की तभी गोली अजय सविता के पेट में जा लगी और वह लहुलूहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना से अफरातफरी मच गई और लोग भाग निकले। किसी तरह विजय कश्यप और सुमित दीक्षित घायल अजय को लेकर उर्सला अस्पताल पहुंचे। युवक को गोली लगने की बात सुनकर इमरजेंसी में मौजूद डाक्टरों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी तो थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद पांडेय फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने बताया कि घटना शुक्लागंज में हुई घायल को उसके दोनों दोस्त लेकर उर्सला आए थे जो काफी नशे में थे। गंगाघाट पुलिस को इसकी सूचना दी गई है जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र में बेरोजगार बेटे ने अपने पिता की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर आरोपी बेटे को भी हिरासत ले लिया। पुलिस के साथ हुई पूछताछ में आरोपी बेटे ने बताया कि मेरे पिता काम-धंधा करने के लिए हर वक्त ताना मरते थे। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने जरूरी साक्ष्य जुटाया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी बेटे से पूछताछ कर रही है। यह पूरा मामला जिला मुख्यालय से 85 किमी दूरी पर स्थित विंढमगंज थाना क्षेत्र का है। देखें 2 तस्वीरें…. पिता बोला- घर पर बैठकर खाने से काम नहीं चलेगा पकरी गांव निवासी 52 वर्षीय श्रीनाथ पुत्र भृगुन के दो बच्चे हैं। उनके बड़े बेटे (24) सोनू की 7 साल पहले शादी हुई थी। लेकिन करीब 3 साल पहले पत्नी की मौत हो गई। सोनू के दो बच्चे हैं। जबकि श्रीनाथ का छोटा बेटा मजदूरी के सिलसिले में दूसरे प्रदेश में गया है। उसकी पत्नी मायके गई हुई है। श्रीनाथ और सोनू रविवार की रात घर लौटे खाना खाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पिता ने उसे समझाते हुए कहा कि केवल घर पर बैठकर खाने से काम नहीं चलेगा, उसे कोई काम-धंधा भी करना चाहिए। मां को धक्का देकर बेटे ने बगल में रखा डंडा उठाया पिता की बात सुनते ही सोनू नाराज हो गया और गाली-गलौज करने लगा। विवाद बढ़ने पर श्रीनाथ ने बेटे को दो-तीन थप्पड़ मार दिए। इससे आक्रोशित सोनू ने अपना आपा खो दिया और पिता से मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंची मां चंद्रावती ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन आरोपी ने उन्हें भी धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद उसने पास में रखा डंडा उठाकर पिता के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। पुलिस ने आरोपी बेटे को मौके से ही हिरासत में ले लिया गंभीर रूप से घायल श्रीनाथ को परिजन तत्काल विंढमगंज के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉ. सत्येंद्र ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही विंढमंज पुलिस गांव पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी बेटे सोनू को मौके से ही हिरासत में ले लिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी स्थित मर्चरी हाउस भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के वीरवाड़ा गांव के पास सड़क किनारे पेड़ों के झुरमुटों के बीच एक बुजुर्ग विमंदित व्यक्ति बेहोशी की हालत में मिला। सूचना मिलने पर एंबुलेंस 108 मौके पर पहुंची और उसे इलाज के लिए सिरोही ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, वीरवाड़ा एंबुलेंस 108 को सूचना मिली थी कि वीरवाड़ा सर्कल के पास पेड़ों के बीच एक अधेड़ व्यक्ति बेहोश पड़ा है। सूचना मिलते ही एंबुलेंस पायलट सुरेंद्र सिंह देवड़ा और मेल नर्स रोहित पाटीदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने वृद्ध व्यक्ति को एंबुलेंस की मदद से वीरवाड़ा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने वृद्ध की गंभीर हालत देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे सिरोही ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। सिरोही ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर एंबुलेंस को मरीज उतारने के लिए करीब 25 मिनट तक स्ट्रेचर का इंतजार करना पड़ा। स्ट्रेचर उपलब्ध न होने पर मेल नर्स रोहित पाटीदार खुद स्ट्रेचर लेकर आए और मरीज को वार्ड तक पहुंचाया। वृद्ध का इलाज सिरोही ट्रॉमा सेंटर में जारी है। अस्पताल प्रशासन और पुलिस प्रशासन उसके परिजनों की तलाश कर रहे हैं।
मंडी शुल्क में वृद्धि के विरोध में कल (मंगलवार) को पूरे मध्यप्रदेश की कृषि उपज मंडियों में एक दिवसीय व्यापार बंद रहेगा। इस दौरान मंदसौर कृषि उपज मंडी में भी कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री पूरी तरह से बंद रहेगी। यह हड़ताल मंडी शुल्क को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के विरोध में बुलाई गई है। मंदसौर मंडी सचिव लक्ष्मण सिंह ठाकुर ने बताया कि सकल अनाज, दलहन एवं तिलहन व्यापारी महासंघ समिति, मध्यप्रदेश ने मंडी शुल्क वृद्धि के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। इस आह्वान के समर्थन में दशपुर मंडी व्यापारी संघ, मंदसौर ने भी मंडी प्रशासन को सूचित किया है। संघ ने जानकारी दी कि जिले के सभी व्यापारी 23 जून को इस हड़ताल में शामिल होंगे। पूरे दिन खरीद-बिक्री नहीं होगीहड़ताल के कारण कृषि उपज मंडी परिसर में पूरे दिन कृषि उपज की खरीद-बिक्री नहीं होगी। मंडी सचिव ने जिले के किसानों, व्यापारियों तथा हम्माल-तुलावटी बंधुओं से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा है कि 23 जून को अपनी कृषि उपज विक्रय के लिए मंडी में न लाएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मंडी प्रशासन ने किसानों से विशेष आग्रह किया है कि वे अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचने से पहले हड़ताल की स्थिति का ध्यान रखें। किसानों को सलाह दी गई कि वे अगले कार्य दिवस पर ही अपनी उपज लेकर मंडी आएं, जिससे अनावश्यक परेशानी और समय की बर्बादी से बचा जा सके।
सीतापुर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ शहर की सीमा के बाहर लगाए गए पोस्टरों और बैनरों को लेकर सोमवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। पोस्टरों की जानकारी मिलते ही सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया ने स्वयं खंभे पर चढ़कर बैनर फाड़ दिए, जबकि छात्रसभा जिलाध्यक्ष शिवम सिंह के पदाधिकारियों ने भी अन्य पोस्टर और बैनर हटाए। शहर की सीमा के बाहर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कई स्थानों पर समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व को निशाना बनाते हुए पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों पर लाल टोपी, साइकिल निशान, यादववाद इनकी पहचान जैसे नारे लिखे गए थे। साथ ही समाजवादी पार्टी के खिलाफ अन्य आपत्तिजनक और विरोधात्मक संदेश भी अंकित किए गए थे। पोस्टरों की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया ने विरोध जताते हुए एक ऊंचे खंभे पर चढ़कर क्रेन की मदद से चढ़कर बैनर को फाड़ दिया। उनके साथ मौजूद छात्रसभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी विभिन्न स्थानों पर लगे पोस्टरों को हटाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने इसे समाजवादी पार्टी की छवि धूमिल करने की साजिश बताते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की। सपा सांसद आनंद भदौरिया का आरोप है कि अज्ञात लोगों द्वारा जानबूझकर पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष की छवि खराब करने के उद्देश्य से यह कृत्य किया गया है। सांसद ने एसपी अंकुर अग्रवाल से मुलाकात कर मामले की जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी गई है। अब यह देखना होगा कि पोस्टर लगाने वाले लोगों की पहचान कर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
इंदौर में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मंच से कहा कि यहां सड़क बन रही है। यहां हिंदू भाई भी रहते हैं और मुस्लिम भाई भी रहते हैं। कई मुस्लिम भाई हमको काफिर बोलते हैं। अगर हम काफिर हैं, तो हमने सड़क बनाई है, उस पर मत चलो। यदि हम काफिर हैं और आपके घर में लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का पैसा आ रहा है, तो मत लो। उन्होंने आगे कहा, हमने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। हमने कहा है- सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास। यही हमारी नीति रही है। आप हमें वोट दो या नहीं दो, हमारा काम जनता की सेवा करना है। आप वोट देंगे तो ज्यादा दिल लगाकर काम करेंगे, नहीं देंगे तो भी करेंगे, लेकिन काम जरूर करेंगे। दरअसल, रविवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। वार्ड क्रमांक-1 में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह बयान दिया। बता दें कि मंत्री विजयवर्गीय ने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में आयोजित दो दिवसीय विकास कार्यक्रम के दूसरे दिन रविवार को क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-1 और 5 के रहवासियों को 2 करोड़ 39 लाख 80 हजार रुपए के 10 विकास कार्यों की सौगात दी। इस मौके पर उन्होंने कहा था कि पहला सौभाग्य भाजपा का कार्यकर्ता होना है और दूसरा सौभाग्य जनप्रतिनिधि बनकर जनता की सेवा करना है।
शाहजहांपुर में एक दर्दनाक हादसे के बाद दादा और पोते के शवों का 38 घंटे से अधिक समय से अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। परिजन पुलिस पर कार्रवाई में देरी और साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिजनों का आरोप है कि यह घटना शनिवार रात को हुई थी, जिसमें अवैध खनन में लगी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में दादा बुधपाल और उनके पांच वर्षीय पोते अर्णव की मौत हो गई थी। मृतक के पिता सर्वेश का आरोप है कि पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य नष्ट किए और उनके बेटे का शव छूने तक नहीं दिया। रविवार को पूरा दिन किसी अधिकारी ने परिवार से मिलकर अन्तिम संस्कार कराने में रूचि नहीं दिखाई। सोमवार को कई नेताओं और अधिकारियों ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसपी ग्रामीण भी गांव पहुंचीं और परिजनों से बातचीत की। खुदागंज थाना क्षेत्र के दतेली गांव निवासी सर्वेश ने बताया कि वह रुद्रपुर में काम करते हैं। शनिवार रात वह घर लौट रहे थे। खुदागंज में उतरने के बाद उन्होंने अपने पिता बुधपाल को बाइक से लेने बुलाया। पांच वर्षीय बेटे अर्णव ने भी साथ आने की जिद की, जिसके बाद वह भी दादा के साथ आ गया। रास्ते में अवैध खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौत हो गई। सर्वेश का आरोप है कि पुलिस को उस ट्रैक्टर-ट्रॉली के बारे में पूरी जानकारी थी जिससे हादसा हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने जल्दबाजी में शव हटाकर घटनास्थल को धो दिया और उस पर मिट्टी डाल दी, जिससे आरोपियों को बचाने का प्रयास किया गया। परिजनों ने चेतावनी दी है कि जब तक ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। 38 घंटे तक शवो का अंतिम संस्कार न होने की जानकारी जब सपा के वरिष्ठ नेता व कटरा से पूर्व विधायक राजेश यादव, कांग्रेस और भाजपा नेता को हुई तो सोमवार को परिवार से मिलने उनके गांव पहुंचे। तिलहर सर्किल के अधिकारी भी गांव पहुंचे और परिवार से वार्ता की जा रही है ताकि जल्द से जल्द शवो का अंतिम संस्कार किया जा सके।
लखनऊ के जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के 30वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में कुल 360 विद्यार्थियों को डिग्री और फैलोशिप प्रदान की गई। इनमें प्रबंधन कार्यक्रमों के 358 छात्रों को डिप्लोमा तथा फैलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (एफपीएम) के दो शोधार्थियों को फैलोशिप दी गई। संस्थान के अनुसार, जयपुरिया समूह के चारों कैंपसों के 2026 बैच को इस वर्ष 24.11 लाख रुपये वार्षिक का अधिकतम और 11.08 लाख रुपये वार्षिक का औसत पैकेज प्राप्त हुआ। छात्रों को डेलॉइट, ब्लैकरॉक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आदित्य बिड़ला कैपिटल, कोलगेट-पामोलिव, टीवीएस मोटर कंपनी, जियो-बीपी, टाइम्स ऑफ इंडिया और जेके सीमेंट जैसी प्रमुख कंपनियों से रोजगार के अवसर मिले। समारोह में स्नैप इंक. इंडिया के प्रबंध निदेशक पुलकित त्रिवेदी मुख्य अतिथि तथा डॉयचे बैंक के निदेशक एवं संस्थान के पूर्व छात्र गरुण ध्वज सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन शरद जयपुरिया ने की। इनका हुआ सम्मान बेहतरीन परफॉरमेंस के लिए सारिम अहमद खान (पीजीडीएम), अमीषा बिसेन (पीजीडीएम-फाइनेंशियल सर्विसेज) और पलक सिंह (पीजीडीएम-रिटेल मैनेजमेंट) को चेयरमैन गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। अमीषा बिसेन को ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर-2026’ और ‘बेस्ट वुमन स्टूडेंट-2026’ का पुरस्कार भी मिला। वहीं, डॉ. हर्षित श्रीवास्तव को डिस्टिंग्विश्ड फैकल्टी अवॉर्ड और गौरव मौर्य को डिस्टिंग्विश्ड बेस्ट स्टाफ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। एक्सपर्ट्स ने दिए टिप्स मुख्य अतिथि पुलकित त्रिवेदी ने छात्रों से महत्वाकांक्षी होने के साथ-साथ विनम्र और नैतिक बने रहने का जोर दिया। वहीं, गरुण ध्वज सिंह ने करियर की शुरुआत में मजबूत नींव तैयार करने, रिश्ते बनाने और चुनौतियों का सामना करने की बात कही। संस्थान की निदेशक डॉ. सुषमा विशनानी ने कहा कि डिग्री प्राप्त करना सीखने की यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने छात्रों को निरंतर सीखते रहने, चुनौतियों का सामना करने और नैतिक नेतृत्व को अपनाने की सलाह दी।
सिंगरौली में तीन सियारों का रेस्क्यू:घर के अंदर कुएं में गिर गए थे, वन विभाग ने जंगल में छोड़ा
सिंगरौली जिले के माडा क्षेत्र के ग्राम सुलियारी में एक कुएं में गिरे तीन सियारों को वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। यह घटना रविवार रात करीब 1 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, 21 जून की देर रात लगभग 11:30 बजे वन विभाग को इस घटना की सूचना मिली। ग्राम सुलियारी निवासी मनीष सोनी के खेत में बने घर के अंदर स्थित कुएं में तीन सियार गिर गए थे। सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया और वन परिक्षेत्र अधिकारी के निर्देशन में बचाव अभियान की तैयारी शुरू की गई। रात में ही परिक्षेत्र सहायक माडा शिरीष रावत, बीट गार्ड रौंदी दीपेश कोल और सुरक्षा श्रमिकों की एक टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से सावधानीपूर्वक बचाव अभियान चलाया गया। काफी प्रयासों के बाद तीनों सियारों को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाव अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी वन्यजीव को चोट न लगे। कुएं से बाहर निकालने के बाद तीनों सियारों के स्वास्थ्य का अवलोकन किया गया। सभी सियार स्वस्थ पाए गए, जिसके बाद उन्हें उनके प्राकृतिक आवास वाले वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी पुष्पा सिंह ने बताया कि सुलियारी और आसपास का क्षेत्र जंगलों से घिरा हुआ है। इस कारण जंगली जानवर अक्सर भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों में आ जाते हैं। ऐसे मामलों में वन विभाग लगातार निगरानी रखता है और सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि किसी वन्यजीव के फंसने या घायल होने की जानकारी मिले तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें। समय पर मिली सूचना और ग्रामीणों के सहयोग से ही तीनों सियारों का सफल बचाव संभव हो सका।
हमीरपुर में महिला से मारपीट का VIDEO:पड़ोसी पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप
हमीरपुर के कुरारा थाना क्षेत्र में एक महिला से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो भी वायरल हो गया है। घायल महिला ने पुलिस को तहरीर दी है, जिसमें उसने पड़ोसियों पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। यह घटना कुरारा थाना क्षेत्र के कनडौर गांव में सोमवार सुबह करीब 9 बजे हुई। शिवकुमार निषाद ने जब अपने दरवाजे से ट्रैक्टर का कल्टीवेटर हटाया, तो पड़ोसियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट पर उतारू हो गए। आरोप है कि पड़ोसी अवधेश, उसके बेटे धीरज और बेटी राची ने शिवकुमार की पत्नी सुनीता के साथ मारपीट की। इस दौरान किसी ने सुनीता की कलाई पर काट लिया, जिसके निशान उसकी कलाई पर मौजूद हैं। सुनीता ने कुरारा थाना पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि पड़ोसी अवधेश आए दिन किसी न किसी बात पर उनके साथ गाली-गलौज करता है। वह उन्हें जान से मारने और ट्रैक्टर में आग लगाने की धमकी भी देता है। पीड़िता ने तहरीर के साथ मारपीट के वीडियो भी पुलिस को सौंपे हैं और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कुरारा थाना पुलिस फिलहाल वीडियो और तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस के सोशल मीडिया सेल ने बताया कि घायल महिला को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अलवर के देसी ठाठ होटल की सील हटाने और इस एवज में करीब साढ़े 16 लाख रुपए की उगाही करने के गंभीर आरोप में सरकार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (जयपुर द्वितीय) के अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा को सस्पेंड कर दिया है। सरकार ने उनकी सभी न्यायिक शक्तियां भी छीन ली हैं। मीणा पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अलवर के मामले में सुनवाई ही नहीं की बल्कि सील हटाने के आदेश भी दिए थे। यही नहीं खुद मौके पर आकर सील भी हटवाई थी। इससे पहले भी ग्यारसीलाल मीणा पर तीन अन्य मामलों में गंभीर आरोप लग चुके हैं। जयपुर उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा ने नियमों को ताक पर रखकर अलवर के 'देसी ठाठ' होटल से जुड़े एक मामले में सील हटवाई थी। खुद मौके पर आ गए थे। नियम के मुताबिक, उपभोक्ता मामलों की सुनवाई संबंधित जिले के आयोग में ही हो सकती है। अलवर का मामला जयपुर आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था। अध्यक्ष मीणा ने न केवल नियमों के विपरीत जाकर आदेश जारी किए, बल्कि वे खुद ही मौके (अलवर) पर होटल की सील हटवाने पहुंच गए। हाईकोर्ट का डंडा: अलवर यूआईटी (Urban Improvement Trust) ने जयपुर उपभोक्ता आयोग के इस फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए होटल को दोबारा सील करने के आदेश दिए। साढ़े 16 लाख की उगाही का आरोप इस पूरे 'खेल' के पीछे भारी लेन-देन की शिकायत सामने आई थी। आरोप है कि होटल की सील हटाने के बदले साढे़ 16 लाख रुपए की उगाही की गई। इस गंभीर शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा को निलंबित कर दिया। रामसर साइट पर बना है 'देसी ठाठ' होटल विवादों में आया अलवर का यह प्रसिद्ध 'देसी ठाठ' होटल बेहद संवेदनशील इलाके में स्थित है। यह होटल अलवर की मशहूर सिलीसेढ़ झील (रामसर साइट) के पेटे (कैचमेंट एरिया) पर बना हुआ है, जहां भारी अवैध निर्माण किया गया है। इसी अवैध निर्माण के कारण यूआईटी ने इस पर सील लगाई थी, जिसे खुलवाने के लिए यह पूरा हथकंडा अपनाया गया।
भिवानी में सोमवार को कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी व शहरी अध्यक्ष प्रदीप गुलिया ने पत्रकार वार्ता की। देश भर में नीट परीक्षा रविवार ही समाप्त हो चुकी है। वहीं इसको लेकर कांग्रेस पार्टी ने भाजपा को घेरा। ग्रामीण प्रधान अनिरूद्ध चौधरी व शहरी प्रधान प्रदीप गुलिया ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर नीट परीक्षा लीक होने के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। भिवानी के शहरी व ग्रामीण जिला प्रधानों ने आरोप लगाया कि नीट में जिस प्रकार से घोटाला हुआ है। उसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे। पूर्व में हुए इस पेपर के लीक होने के चलते देश के बहुत से प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सुसाइड करना पड़ा तथा बड़ी संख्या में छात्र दोबारा पेपर के तनाव में रहे, इसकी जिम्मेदार सरकार को लेना चाहिए। हालही में राहुल गांधी ने कोटा में कोचिंग ले रहे परीक्षार्थियों के बीच जाकर उनकी आवाज को उठाया तथा इस बात पर चिंता व्यक्त की कि देश में जितना शिक्षा का बजट है, उससे अधिक धन बच्चों के अभिभावकों को उनकी कोचिंग पर खर्च करना पड़ता है। यह देश की शिक्षा प्रणाली के लिए सोचने का विषय है। जिस प्रकार एयरफोर्स का प्रयोग नीट के दूसरी बार हुए पेपर को लाने-ले जाने में किया गया, यह दर्शाता है कि शिक्षा तंत्र फेल था, इसीलिए एयरफोर्स की मदद लेनी पड़ी। नई शिक्षा नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता ग्रामीण प्रधान अनिरूद्ध चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी देश में रोजगार व अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जता चुके है कि देश का पैसा ऐसी जगह निवेश किया जाता है, जहां लेबर आधारित उद्योग नहीं है। जिसके चलते बेरोजगारी बढ़ी है। हालांकि इस व्यवस्था से अल्पकालीन तौर पर अर्थव्यवस्था के आंकड़े भले ही दिखे, परन्तु दीर्घकालीन में इससे बेरोजगारी बढ़ेगी। जो कि भविष्य के लिए चिंता की बात है। अनिरूद्ध चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति में फिर से पुनर्विचार की आवश्यकता है। क्योंकि नई शिक्षा नीति में बच्चों में 8वीं से ही बोर्ड लाना शुरू किया गया है तथा परीक्षाओं का दबाव बढ़ने से उनका नैचुरल टैलेंट दब रहा है। बच्चे गलत कदम ना उठाएंजिला शहरी प्रधान प्रदीप गुलिया ने परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों से अपील की कि वे परीक्षाओं के लिए तैयारी भले ही करें, परन्तु इसके साथ चिंता ना ले। चिंता करना बात का हल नहीं है तथा सुसाइड जैसे कदम बच्चों के अभिभावकों सहित पूरे परिवार को पीड़ित करते है। ऐसे में बच्चों को ऐसे कदम उठाने से दूर रहना चाहिए तथा तनाव मुक्त तरीके से परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए तथा जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गौर करना चाहिए।
धार जिले में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून सक्रिय हो गया है। आज (सोमवार) दोपहर करीब 12 बजे से रिमझिम और मध्यम गति से बारिश का दौर शुरू हो गया। इस वर्षा से किसानों और आम जनता को बड़ी राहत मिली है। शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रिमझिम और मध्यम बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली की चमक के साथ वर्षा हुई, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। वर्षा से खेतों में नमी बढ़ने लगीइस वर्ष मानसून की देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। जून माह का अधिकांश समय बीत जाने के बावजूद जिले में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई थी, जिसके कारण खेतों में बोवनी का कार्य शुरू नहीं हो पाया था। खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें जैसे सोयाबीन, मक्का, कपास और उड़द की बुआई बारिश पर निर्भर रहती है। आज हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। लगातार वर्षा से खेतों में नमी बढ़ने लगी है, जिससे कृषि कार्यों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अब खेतों की तैयारी और बीज व्यवस्था में जुट गए हैं। गर्मी और उमस से भी सुकून मिलाकिसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश होती रही तो जिले में खरीफ फसलों की बोवनी गति पकड़ लेगी और उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। बारिश से केवल कृषि क्षेत्र को ही राहत नहीं मिली, बल्कि भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को भी सुकून मिला। पिछले कई दिनों से उच्च तापमान और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था। वर्षा के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
ग्रामीण विकास शिविरों मे पट्टे नहीं मिलने को लेकर लोगों में गुस्सा है। आज उदयपुर जिले के भैसड़ा कला गांव में आज ग्रामीणों ने शिविर का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि शिविरों में पट्टे नहीं दे पा रहे है तो क्या मलतब है। यहीं नहीं ग्रामीणों ने कहा कि आबादी विस्तार का तीन साल पहले गया प्रस्ताव पर कोई काम नहीं किया गया जिससे सब काम अटक रहे है। ग्रामीणों ने आज हंगामा करते हुए नारेबाजी की और कहा कि इन शिविरों के जरिए हम हमारा हक मांग रहे है। ग्रामीणों ने एक बार तो वहां शिविर में आए नायब तहसीलदार और शिविर कार्मिकों को भवन में बंद ही कर दिया और नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है, शिविर में पट्टे नहीं मिल रहे, आबादी विस्तार हो तो पंचायत पट्टे जारी कर सके और यह काम हो नहीं रहा है। गांव के नवल राम डांगी ने बताया कि पंचायत की आबादी विस्तार की लंबे समय से मांग चल रही है लेकिन इस पर काम नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि आबादी विस्तार के लिए 2023 में प्रस्ताव भेजा गया लेकिन आज तक उस पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि वापस प्रस्ताव भेज रहे है और अब ये प्रस्ताव उदयपुर विकास प्राधिकरण को भेजा जाएागा। डांगी ने बताया कि जब ये प्रस्ताव पूर्व में भेजा जा चुका है तो वापस भेजकर प्रक्रिया को लंबा करा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जब तक आबादी विस्तार नहीं की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी तब तक पट्टे ग्रामीणों को नहीं मिलेंगे। पिछले दिनों इन शिविरों के शुभारंभ के पहले ही दिन उदयपुर शहर के पास चीरवा गांव में ग्रामीणों ने ग्रामीण सेवा शिविर का बहिष्कार कर दिया था। हालांकि, बड़गांव एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की कुछ समस्याओं का तुरंत समाधान किया, जिसके बाद शिविर सुचारू रूप से शुरू हो सका।
चूरू के रामगढ़ के पास सोमवार सुबह दो ट्रेलरों की आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। हादसे में पीवीसी पाउडर से भरे ट्रेलर के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ सफर कर रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को पहले रामगढ़ के सरकारी अस्पताल और बाद में चूरू के डीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया। घायल जसवीर को प्राथमिक इलाज के बाद बीकानेर रेफर किया गया है। अस्पताल में मृत घोषित किया घायलों को तत्काल रामगढ़ के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चूरू के डीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया। डीबी अस्पताल में डॉक्टरों ने हरियाणा के जींद जिले के मेंगलपुर निवासी ट्रेलर ड्राइवर संदीप (35) को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है। परिजनों के पहुंचने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। घायल युवक को बीकानेर किया रेफर हादसे में घायल हिसार जिले के सूरेवाला निवासी जसवीर सिंह (32) का प्राथमिक इलाज किया गया। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए बीकानेर रेफर कर दिया गया। गांधीधाम से कैथल जा रहा था ट्रेलर जसवीर सिंह ने बताया कि वह रविवार सुबह गुजरात के गांधीधाम से ट्रेलर ड्राइवर संदीप के साथ चूरू के लिए रवाना हुआ था। ट्रेलर में पीवीसी पाउडर भरा हुआ था, जिसे हरियाणा के कैथल ले जाया जा रहा था। सोमवार सुबह रामगढ़ के पास पहुंचने पर उनका ट्रेलर हादसे का शिकार हो गया। पुलिस जुटी जांच में पुलिस ने हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर आमने-सामने की टक्कर को हादसे का कारण माना जा रहा है।
हांसी जिले के गांव चैनत में भाखड़ा पाइपलाइन से टी कनेक्शन लगाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पब्लिक हेल्थ विभाग ने इस कनेक्शन को अवैध बताते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इससे करीब 35 दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीणों की राहत की उम्मीदें फिर से धुंधली हो गई हैं। 2 दिन पहले टी कनेक्शन लगने की सूचना पर गांव में जश्न का माहौल था। ग्रामीणों ने थालियां बजाकर खुशी का इजहार किया और मिठाई बांटी। हालांकि, अगले ही दिन पब्लिक हेल्थ विभाग के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) संजीव त्यागी ने सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अज्ञात लोगों पर सरकारी पाइपलाइन से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। ग्रामीण बोले- शिकायत देने वाले अधिकारी मौके पर थे धरना कमेटी के सदस्य अनूप ने विभाग के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह कार्य सरकार की जानकारी और मध्यस्थता से हुआ था। अनूप के अनुसार, पूर्व सरपंच संगठन के प्रधान सोमेश कुमार ने सरकारी स्तर पर मध्यस्थता कर टी लगाने की अनुमति दिलवाई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायत दर्ज कराने वाले अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद थे। एक्सईएन बोले- टी लगाने की कोई अनुमति नहीं दी थी दूसरी ओर, पब्लिक हेल्थ विभाग के एक्सईएन संजीव त्यागी ने स्पष्ट किया कि विभाग ने टी लगाने की कोई अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए न तो विभाग से कोई स्वीकृति ली गई और न ही विभाग का कोई कर्मचारी इसमें शामिल था। त्यागी के मुताबिक, सरकारी पाइपलाइन में अवैध रूप से लगभग 6 इंच की टी लगाकर सरकारी संपत्ति से छेड़छाड़ की गई है। विभाग के तकनीकी अधिकारी मामले का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि पाइपलाइन और जलापूर्ति व्यवस्था को हुए नुकसान का आकलन किया जा सके। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस बोलीं- जांच के बाद होगी कार्रवाई उधर सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सदानंद ने बताया कि पब्लिक हेल्थ विभाग के एक्सईएन संजीव त्यागी की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
धनबाद रेल मंडल के छिपादोहर, बरवाडीह, मंगरा रेलखंड पर दो नई लाइनों के निर्माण कार्य की वजह से धनबाद होकर चलने वाली कई ट्रेनों का रूट बदला गया है। 11631 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस 22, 25 व 26 जून को गढ़वा के बाद गढ़वा लिंक केबिन, सोन नगर, गया होकर धनबाद आएगी। वहीं, 11632 धनबाद-भोपाल 24 व 27 जून को गया, सोननगर, गढ़वा लिंक केबिन के रास्ते गढ़वा जाएगी। 11447 जबलपुर-हावड़ा शक्तिपुंज 22 से 26 जून तक गढ़वा के बाद गढ़वा लिंक केबिन, सोन नगर, गया होकर धनबाद आएगी। 11448 हावड़ा-जबलपुर 23 से 27 जून तक गया, सोननगर, गढ़वा लिंक केबिन के रास्ते गढ़वा होकर जाएगी चलेगी। दो महत्वपूर्ण ट्रेनों के टिकट कोटे में बदलाव इधर, झारखंड के रेल यात्रियों और इलाज के लिए लंबी दूरी की यात्रा करने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए दो महत्वपूर्ण ट्रेनों के टिकट कोटे में बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत रांची- लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस में कोडरमा तक के यात्रियों को जनरल वेटिंग लिस्ट (जीएनडब्ल्यूएल) की सुविधा मिलेगी, जबकि हटिया- एसएमवीटी बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस से काटपाडी (वेल्लोर) जाने वाले यात्रियों को भी अब जीएनडब्ल्यूएल कोटे का लाभ मिलेगा। इससे झारखंड के हजारों यात्रियों, विशेषकर इलाज के लिए वेल्लोर जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। जेडआरयूसीसी के सदस्य अरुण जोशी ने बताया कि यात्रियों की इस लंबे समय से लंबित मांग को हाल में कोलकाता में हुई बैठक में हमने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने इसे मंजूरी दी है। रांची-एलटीटी एक्सप्रेस में बढ़ेगी सुविधा12 अगस्त से ट्रेन संख्या 18609 रांची-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस में कोडरमा तक यात्रा करने वाले यात्रियों को भी जनरल वेटिंग लिस्ट (जीएनडब्ल्यूएल) का लाभ मिलेगा। अब तक यह सुविधा केवल दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक उपलब्ध थी। वहीं, 18 अगस्त से हटिया-एसएमवीटी बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12835) में काटपाडी (वेल्लोर) तक यात्रा करने वाले झारखंड के यात्रियों को भी जीएनडब्ल्यूएल कोटा मिलेगा। अभी तक उन्हें पीक्यूडब्ल्यूएल के तहत टिकट मिलती थी, जिससे वेटिंग क्लियर होने की संभावना बहुत कम रहती थी। हटिया-बेंगलुरु एक्सप्रेस और रांची-एलटीटी एक्सप्रेस में किए गए संशोधन से वेल्लोर और मुंबई रूट पर यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी तथा प्रतीक्षा सूची का दबाव कम होगा। - श्रेया सिंह, सीनियर डीसीएम, रांची रेल मंडल
कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा में इंद्री रोड पर हुए एक्सीडेंट में किसान की मौत हो गई। हादसे में किसान के सिर में ज्यादा चोट लगी थी। पहले उसे लाडवा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से कुरुक्षेत्र और फिर PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया। मृतक किसान की पहचान राजबीर (57) निवासी गोबिंद गढ़ के रूप में हुई। राजबीर सुबह बाइक पर अपने खेत से घर लौट रहा था। इस दौरान उसकी बाइक को कार ने टक्कर मार दी। राजबीर का इकलौता बेटा विनोद कुमार साउदी अरब गया है। उसे घटना की सूचना दी गई है। खेत से लौट रहा था घर गोबिंदगढ़ गांव के पूर्व सरपंच राजबीर सिंह ने बताया कि वे सुबह करीब 8 बजे वह बड़ौदी गांव के पास इंद्री-लाडवा रोड पर पेट्रोल पंप के पास खड़ा था। इसी दौरान गांव का ही रहने वाला उसका हमनाम राजबीर अपनी बाइक पर खेत से घर लौट रहा था। कच्चे रास्ते से मेन सड़क पर चढ़कर गांव की तरफ मुड़ा था। सड़क पर आते ही मारी टक्कर तभी इंद्री की तरफ से आई तेज रफ्तार काले रंग की वेन्यू कार (HR75D1257) ने राजबीर की बाइक को ड्राइवर साइड से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि राजबीर बाइक समेत सड़क पर जा गिरा। उसका सिर सीधे सड़क से टकराया, जिससे उसके सिर में गहरी चोट लगी। चोट लगते ही हुआ बेहोश चोट लगते ही राजबीर बेहोश हो गया। उसके सिर खून की धार भी फूट पड़ी। उसने दौड़कर राजबीर को संभाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लाडवा लेकर पहुंचा। अस्पताल से उसने राजबीर के परिवार को जानकारी दी। लाडवा से उसे डॉक्टरों ने पहले LNJP अस्पताल कुरुक्षेत्र और यहां से PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया। इलाज के दौरान तोड़ा दम यहां सिर में लगी गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उधर, राजबीर की मौत की सूचना पाकर पुलिस PGI चंडीगढ़ रवाना हो गई। पुलिस ने करनाल के रहने वाले आरोपी कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कुरैशी में मोबाइल चोरी के शक में एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक को चारपाई से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि मोबाइल चोरी के आरोप में युवक को पकड़ा गया था। उसे पहले चारपाई से बांधा गया और फिर उसकी पिटाई की गई। मारपीट के बाद युवक को छोड़ दिया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस उन लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने युवक के साथ मारपीट की और कानून को अपने हाथ में लिया।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पूर्व नगर निगम आयुक्त एवं IAS अधिकारी राम कुमार सिंह तथा विकास एवं पंचायत विभाग के पूर्व अधीक्षक प्रिंस शर्मा को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत भेज दिया गया। पंचकूला कोर्ट में पेश करने के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि आरोपी IAS अधिकारी राम कुमार सिंह ने गिरफ्तारी से पहले ही बैंक फ्रॉड के मास्टरमाइंड के साथ हुई अपनी चैटिंग को डिलीट कर दिया। सीबीआई ने कोर्ट में बताया कि जांच अभी जांच अभी निर्णायक चरण में है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल जारी है। सीबीआई के अनुसार हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार की अनुमति के बाद पंचकूला एसीबी में दर्ज एफआईआर को सीबीआई ने अपने हाथ में लिया था। एजेंसी ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि इससे पहले 21 मई 2026 को 13 आरोपियों के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट दाखिल की गई थी। इसके बाद 12 जून को एक पूरक रिपोर्ट दाखिल कर विक्रम वाधवा और राजन सिंह को भी आरोपी बनाया गया। हालांकि अन्य विभागों और संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका को लेकर जांच अभी खुली हुई है। जांच में क्या सामने आया सीबीआई का दावा है कि जांच में राम कुमार सिंह की भूमिका उस समय सामने आई जब वे नगर निगम पंचकूला और नगर परिषद कालका में आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। वहीं प्रिंस शर्मा की भूमिका विकास एवं पंचायत विभाग में तैनाती के दौरान सामने आई है। एजेंसी के अनुसार दोनों आरोपियों को 18 जून को गिरफ्तार किया गया था और अदालत से पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया। पूछताछ के दौरान उन्हें विभिन्न डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों से सामना कराया गया। रिमांड के दौरान आरके सिंह व प्रिंस से मांगे इन सवालों के जवाब
हरदा जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी में कल (मंगलवार) नीलामी कार्य बंद रहेगा। मंडी व्यापारी मध्यप्रदेश शासन द्वारा मंडी शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में खरीदी में हिस्सा नहीं लेंगे। मंडी सचिव हरनारायण भिलाला ने बताया कि ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन, हरदा के अध्यक्ष से 20 जून 2026 को एक आवेदन प्राप्त हुआ है। इसमें उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश दलहन तिलहन, अनाज व्यापारी संघ के आह्वान पर प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों में 23 जून 2026, मंगलवार को नीलामी कार्य विरोध स्वरूप बंद रखा जाएगा। यह विरोध मंडी शुल्क में 0.50 रुपए प्रति सैकड़ा की वृद्धि के खिलाफ किया जा रहा है। इसी कारण हरदा मंडी प्रांगण में मंगलवार, 23 जून 2026 को नीलामी नहीं होगी। किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे मंगलवार को अपनी कृषि उपज बेचने के लिए मंडी प्रांगण में न लाएं।
भीलवाड़ा और मांडल क्षेत्र के युवाओं को सेना भर्ती की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मांडल कस्बे में निःशुल्क सेना भर्ती (अग्निवीर) प्रशिक्षण फिर से शुरू किया गया है। भीलवाड़ा रोड स्थित खेल स्टेडियम में पिछले एक सप्ताह से नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों युवा भाग लेकर शारीरिक दक्षता और भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। रोजाना शाम 6 बजे से निशुल्क प्रशिक्षण मेजा निवासी पूर्व फौजी शंकर सिंह गौड़ और विक्रम सिंह राणावत द्वारा युवाओं को प्रतिदिन शाम 6 बजे से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में दौड़, शारीरिक अभ्यास, अनुशासन और सेना भर्ती से जुड़ी आवश्यक तैयारियां करवाई जा रही हैं। 2025 में 10 अग्निवीर का चयन पूर्व फौजी शंकर सिंह गौड़ ने बताया कि 2025 बैच में भी इस निःशुल्क प्रशिक्षण से 10 अभ्यर्थियों का अग्निवीर में चयन हो चुका है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सेना भर्ती की तैयारी के नाम पर कहीं भी पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। यदि युवा नियमित रूप से मेहनत और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण में समय देते हैं तो सफलता हासिल कर सकते हैं। युवाओं को कमियां सुधारने का अवसर मिलता है उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक सप्ताह ट्रायल आयोजित की जाती है, जिसमें अभ्यर्थियों का फिजिकल टेस्ट, दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सकीय जांच की जाती है।इससे युवाओं को अपनी कमियों को समय रहते सुधारने का अवसर मिलता है। ज्यादा से ज्यादा युवा देश सेवा के लिए पहुंचे पूर्व फौजियों ने क्षेत्र के युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस निःशुल्क प्रशिक्षण का लाभ लेने की अपील की है। उनका कहना है कि क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे लाने और युवाओं को सेना में जाने का अवसर दिलाने के उद्देश्य से यह प्रयास लगातार जारी रहेगा।
उन्नाव के गदन खेड़ा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बैनर लगाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर सपा नेताओं ने नाराजगी व्यक्त की है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी डॉ. अभिनव कुमार और पूर्व विधायक रामकुमार सदर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। डॉ. अभिनव कुमार ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि गदन खेड़ा क्षेत्र में लगाए गए बैनरों के माध्यम से अखिलेश यादव के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। उन्होंने इसे निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर बैनर लगाने वालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सपा नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी राजनीतिक दल या नेता के खिलाफ ऐसी आपत्तिजनक गतिविधियां स्वीकार्य नहीं हैं। डॉ. अभिनव कुमार ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो समाजवादी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान अंशु रावत और भरत सिंह भी उनके साथ मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अपनी सैकड़ों बीघा बेशकीमती भूमि पर हुए अवैध कब्जों को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन कब्जों को हटाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने संपत्ति विभाग से उन सभी जमीनों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है, जिन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया है और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कुलपति के निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय के संपत्ति विभाग में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय की कई भूमियाँ गांवों और कस्बों में खाली पड़ी हैं। इनमें से कुछ को बाउंड्रीवाल बनाकर सुरक्षित किया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसी जमीनें हैं जिनकी घेराबंदी नहीं हो पाई है। इन्हीं असुरक्षित भूमियों पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। कस्बाई क्षेत्रों में विश्वविद्यालय की भूमि पर दुकानें बनाकर व्यावसायिक गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में लोगों ने मकान बनाकर कब्जा जमा लिया है। इन लगातार हो रहे अतिक्रमणों से विश्वविद्यालय की संपत्तियां सिकुड़ रही हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि संपत्ति विभाग को सभी अतिक्रमित भूमि का विवरण शीघ्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी और विश्वविद्यालय की टीम मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करेगी। इस सत्यापन के आधार पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पिछले माह इटौंजा गांव में विश्वविद्यालय की सरकारी भूमि पर कब्जे का प्रयास किया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई कर इसे रुकवा दिया था, हालांकि उस समय अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई थी। अब विश्वविद्यालय प्रशासन अवैध कब्जों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाने की तैयारी में है।
अलवर में शेयर मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस्तगासे पर कोतवाली थाना पुलिस ने रामगढ़ निवासी एक युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार रेवाड़ी (हरियाणा) निवासी एवं वर्तमान में संजय कॉलोनी, रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले तरनजीत सिंह ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। परिवाद में बताया गया कि उसकी रामगढ़ की गुरुनानक कॉलोनी निवासी दमनप्रीत सिंह से पहचान थी। आरोपी ने उसे शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में अच्छा मुनाफा कमाने का भरोसा दिया। भरोसे में आकर उसने अक्टूबर 2024 से मार्च 2026 के बीच कई किश्तों में ऑनलाइन और नकद रकम आरोपी को दी। परिवादी का आरोप है कि उसने गोल्ड लोन, क्रेडिट कार्ड लोन और अपनी जमा पूंजी से कुल 62 लाख 83 हजार 301 रुपये आरोपी को दिए। आरोपी ने विश्वास बनाए रखने के लिए जून 2025 में केवल 8 लाख रुपये लौटाए, जबकि शेष 54 लाख 83 हजार 301 रुपये वापस नहीं किए। जब उसने मई 2026 में अपनी रकम मांगी तो आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया।पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच की जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि परिवादी द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक लेन-देन, लोन दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा के ग्राम दन्या में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के छठे दिन राजस्थान के जसोल राजपरिवार के सदस्य एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल का सम्मान किया गया। उन्होंने जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष महंत नारायण गिरि महाराज के सान्निध्य में कथा श्रवण किया, जिसे प्रख्यात भागवताचार्य पंडित ब्रह्मरत हरितोष (एकलव्य) महाराज ने सुनाया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से कथा परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयघोषों, भजनों एवं संकीर्तन से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद एवं आत्मिक शांति का अनुभव किया। यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना का संगम रहा। आयोजन समिति एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने हरिशचंद्र सिंह जसोल तथा महंत नारायण गिरि महाराज का पुष्पहार, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया। महंत नारायण गिरि महाराज जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। श्रद्धालुओं ने जयघोषों के साथ दोनों का अभिनंदन किया। श्रीमद्भागवत कथा का अमृतमय वाचन देश के प्रख्यात भागवताचार्य, सनातन धर्म के ओजस्वी प्रवक्ता एवं आध्यात्मिक चिंतक पंडित ब्रह्मरत हरितोष (एकलव्य) महाराज ने किया। अपनी प्रभावशाली वाणी, गहन शास्त्रीय अध्ययन एवं भावपूर्ण कथा-वाचन शैली के माध्यम से वे वर्षों से देश-विदेश में श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोपी प्रेम, भक्तवत्सलता, धर्म स्थापना एवं श्रीमद्भागवत के गूढ़ आध्यात्मिक संदेशों का अत्यंत मार्मिक एवं रसपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जीवन में सत्य, प्रेम, सेवा, करुणा, संस्कार एवं ईश्वर भक्ति का संचार करती है और आत्मकल्याण के साथ लोकमंगल का मार्ग भी प्रशस्त करती है। अपने आशीर्वचन में महंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा आत्मिक उन्नति एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देने वाली दिव्य साधना है। कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर सकारात्मकता, सदाचार, संयम एवं आध्यात्मिक जागृति का विकास होता है तथा समाज में सनातन संस्कृति के प्रति आस्था और अधिक सुदृढ़ होती है। इस अवसर पर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सम्पूर्ण विश्व को शांति, सद्भाव, सेवा एवं मानवता का संदेश देने वाली महान आध्यात्मिक धरोहर है। संत-महात्माओं का सान्निध्य एवं श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज को संस्कारित एवं संगठित करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों एवं भारतीय जीवन-दर्शन से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि संतों का मार्गदर्शन राष्ट्र के नैतिक एवं सांस्कृतिक उत्थान का सशक्त आधार है। उत्तराखण्ड देव दर्शन यात्रा के दौरान हरिशचंद्र सिंह जसोल एवं महंत नारायण गिरि महाराज ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। सभी ने उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, जनसेवा, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक ज्योतिषविद पंडित पवन पंत ने सभी संत-महात्माओं, विशिष्ट अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण एवं मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कथा महोत्सव में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं एवं बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। भगवान श्रीकृष्ण के भजनों एवं संकीर्तन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते रहे तथा संपूर्ण कथा परिसर राधे-राधे, जय श्रीकृष्ण एवं हरि बोल के जयघोषों से निरंतर गुंजायमान रहा। आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं एवं प्रशासन के सहयोग से संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर प्रख्यात भागवताचार्य पंडित ब्रह्मरत हरितोष (एकलव्य) महाराज ने समस्त श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान करते हुए राष्ट्र की उन्नति, विश्व शांति, मानव कल्याण एवं सनातन संस्कृति की चिरस्थायी प्रतिष्ठा के लिए मंगलकामना की। महंत नारायण गिरि महाराज ने भी उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा एवं राष्ट्रहित के मार्ग पर अग्रसर रहने का संदेश दिया। हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कथा व्यास, संत-महात्माओं एवं आयोजन समिति का अभिनंदन करते हुए इस भव्य एवं दिव्य आयोजन को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, सनातन संस्कृति एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने वाला प्रेरणादायी आयोजन बताया।
भिवानी जिले में आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग ने शहर में जलभराव और सीवरेज ओवरफ्लो जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सीवरेज लाइनों की सफाई का अभियान तेज कर दिया है। इसके साथ ही, टूटे और खराब मैनहोल के ढक्कनों को भी बदला जा रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) कपिल ने बताया कि मानसून से पहले शहर के विभिन्न वार्डों और प्रमुख मार्गों पर सीवरेज व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया जा रहा है। जहां भी सीवरेज लाइनों में रुकावट या गाद जमा होने की शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल सफाई कार्य कराया जा रहा है। विभाग के कर्मचारी इन कार्यों को तेजी से पूरा करने में जुटे हैं। ढक्कन टूटे हुए और जर्जर ढक्कनों को बदला जा रहा जेई कपिल ने जानकारी दी कि कई स्थानों पर सीवरेज मैनहोल के ढक्कन टूटे हुए या जर्जर स्थिति में पाए गए हैं। इन ढक्कनों को बदला जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और बरसात के दौरान सीवरेज व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता है कि मानसून के दौरान शहरवासियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। किसी भी क्षेत्र में सीवरेज या जल निकासी संबंधी समस्या सामने आने पर उसका तुरंत समाधान किया जाएगा। जेई की लोगों से अपील जेई कपिल ने आमजन से अपील की है कि वे सीवरेज लाइनों में कचरा, प्लास्टिक या अन्य अपशिष्ट सामग्री न डालें, ताकि सीवरेज व्यवस्था प्रभावित न हो और जलभराव जैसी समस्याओं से बचा जा सके। विभाग शहर में बेहतर सीवरेज एवं जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रख रहा है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स ने शानदार प्रदर्शन किया है। विभाग के छात्रों का सिलेक्शन व्हर्लपूल (Whirlpool), रोंच पॉलिमर (Ronch Polymers) और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) जैसी बड़ी कंपनियों में हुआ है। जो सेमीकंडक्टर, वीएलएसआई, एम्बेडेड सिस्टम, टेलीकॉम और आईटी जैसे नए तकनीकी क्षेत्रों में अपना हुनर दिखा रहे हैं। गेट-2026 में अभय ने AIR 429 के साथ बाजी मारी इसके साथ ही गेट (GATE)-2026 परीक्षा में भी विभाग के तीन छात्रों ने बाजी मारी है। इनमें अभय सिंह ने इंस्ट्रूमेंटेशन (IN) में ऑल इंडिया रैंक 429 और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन (EC) में 750वीं रैंक हासिल की। 'चिप्स टू स्टार्टअप' में असिस्टेंट प्रोजेक्ट एसोसिएट बनी कंचन लतावहीं प्रियंका को ईसी में 13,340वीं और सुहानी गुप्ता को 16,640वीं ऑल इंडिया रैंक मिली है। इसके अलावा, 2024-25 बैच की छात्रा कंचन लता श्रीवास्तव का सिलेक्शन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के प्रोजेक्ट 'चिप्स टू स्टार्टअप' (C2S) में असिस्टेंट प्रोजेक्ट एसोसिएट के तौर पर हुआ है। वह फिलहाल एमएमएमयूटी (MMMUT) से पीएच.डी. भी कर रही हैं। शुरू होंगे नए कोर्स, एडवांस टेक्नोलॉजी पर जोरसाल 2021 में शुरू हुए इस ईसीई विभाग में फिलहाल बी.टेक. कोर्स के लिए 75 सीटें हैं। अब नए सत्र से विभाग अपने दायरे को बढ़ाते हुए एम.टेक. इन वीएलएसआई एंड एम्बेडेड सिस्टम और पीएच.डी. कोर्स भी शुरू करने जा रहा है। विभाग का सिलेबस वीएलएसआई डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 5G/6G कम्युनिकेशन जैसी बिल्कुल नई और एडवांस टेक्नोलॉजी पर आधारित है। रिसर्च के क्षेत्र में भी आगेरिसर्च और नए आविष्कारों के मामले में भी विभाग के शिक्षकों और रिसर्चर्स ने बेहतरीन काम किया है। इन्होंने 30 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय स्तर के (SCI-Indexed) रिसर्च पेपर पब्लिश किए हैं। इसके साथ ही विभाग के नाम दो पेटेंट दर्ज हो चुके हैं और एक पेटेंट पब्लिश हुआ है। यहां के रिसर्चर्स 20 से ज्यादा इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में अपने रिसर्च पेपर भी पेश कर चुके हैं। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी बच्चों को इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक पढ़ाई, बेहतरीन लैब की सुविधाएं और अच्छा रिसर्च का माहौल देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए एम.टेक. और पीएच.डी. कोर्स शुरू होने से यह विभाग तकनीकी शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है। रविवार को वाराणसी में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय आसमान में हल्के बादल जरूर दिखाई दिए, लेकिन उमस और गर्मी से लोगों को कोई विशेष राहत नहीं मिल सकी। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून के 25 जून के बाद प्रवेश करने की संभावना है और इसके एक-दो दिन बाद वाराणसी तक पहुंचने का अनुमान है। मानसून के आगमन के साथ लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले दो दिनों से वाराणसी उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर बना हुआ है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कें दोपहर के समय अपेक्षाकृत सूनी दिखाई दे रही हैं। वहीं शाम और रात में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। प्री-मानसून बारिश में भारी कमी इस वर्ष बनारस में प्री-मानसून बारिश बेहद कमजोर रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक जून से 21 जून के बीच जिले में सामान्यतः 38.6 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 3.9 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है। यह सामान्य औसत से लगभग 90 प्रतिशत कम है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी एक सप्ताह के दौरान भी तेज और व्यापक बारिश की संभावना काफी कम दिखाई दे रही है। ऐसे में तापमान और उमस का स्तर अभी कुछ दिनों तक बना रह सकता है। किसानों की चिंता भी बढ़ गई है क्योंकि धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की तैयारी मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। बिजली संकट ने बढ़ाई परेशानी भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई बिजली उपकेंद्रों पर ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग, ट्रांसफार्मरों के खराब होने अथवा जलने और तार टूटने की घटनाओं के कारण बिजली कटौती का सिलसिला जारी है। कहीं एक घंटे तो कहीं दो से तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। कई इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या भी गंभीर बनी हुई है, जिसके कारण पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों की रातों की नींद और दिन का सुकून दोनों प्रभावित हो रहे हैं। अधिकारियों के फोन न उठाने की शिकायतें शहर के विभिन्न इलाकों से बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) और उपखंड अधिकारियों (एसडीओ) के फोन न उठाने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि रात में बिजली गुल होने या आपूर्ति बाधित रहने की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने के लिए संपर्क करना मुश्किल हो जाता है। कई क्षेत्रों के लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली कटौती के दौरान संबंधित उपकेंद्रों के फोन अक्सर व्यस्त कर दिए जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को समस्या की जानकारी या समाधान की स्थिति नहीं मिल पाती।
दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन जुआ-सट्टा और अवैध पैसों के लेन-देन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3 अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऑनलाइन सट्टा ऐप अन्ना रेड्डी के माध्यम से यह पूरा नेटवर्क आरोपी चला रहे थे। मामला थाना खुर्सीपार क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 81 एटीएम कार्ड, 62 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक, 13 मोबाइल, 11 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और हार्ड डिस्क जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब ढाई लाख रुपए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पैसे का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में उन खातों से जुड़े एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम और दूसरे दस्तावेज अपने पास रख लेते थे। इन्हीं खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे से आने वाले पैसों को इधर-उधर करने और असली नेटवर्क छिपाने के लिए किया जाता था। आरोपी खुर्सीपार के मैदान में बिजली खंभे के नीचे बैठकर ही पूरा नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस ने इसके बाद सभी आरोपी को गिरफ्तार किया है। लैपटॉप और मोबाइल से रखते थे रिकॉर्ड पुलिस को 21 जून को सूचना मिली थी कि, आईटीआई खेल मैदान के पास कुछ युवक लैपटॉप और मोबाइल की मदद से ऑनलाइन जुआ-सट्टा चला रहे हैं। सूचना मिलने के बाद खुर्सीपार पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम मौके पर पहुंची। पूरा रिकॉर्ड इनके मोबाइल और लैपटॉप में था। गिरफ्तार आरोपियों में अजय मिश्रा (23), निवासी सेक्टर-1 भिलाई, दीपक कुमार (32), निवासी नालंदा बिहार और करण कुमार सिंह (26), निवासी खुर्सीपार भिलाई शामिल हैं। फिलहाल पुलिस जब्त किए गए मोबाइल, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस को देखकर भागने लगे आरोपी एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि, पुलिस टीम जैसे ही मौके पर पहुंची वहां मौजूद तीनों युवकों ने भागने की कोशिश की। हालांकि घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उनके पास से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल उपकरण मिले। पूछताछ में आरोपियों ने ऑनलाइन सट्टा संचालन और अवैध लेन-देन में शामिल होने की बात कबूल की। जांच में सामने आया कि आरोपी “अन्ना रेड्डी” नाम के ऑनलाइन बेटिंग एप का इस्तेमाल कर सट्टा कारोबार चला रहे थे। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि आईपीएल सीजन के दौरान यह नेटवर्क झारखंड के रांची से ऑपरेट किया जा रहा था। ऐसे काम करता था म्युल अकाउंट नेटवर्क पुलिस के अनुसार इस पूरे खेल में “म्यूल अकाउंट” का इस्तेमाल किया जाता था। इसमें ऐसे लोगों के नाम पर बैंक खाते खोले जाते हैं जिनका लेन-देन से सीधा संबंध नहीं होता। आरोपी खाते खुलवाने के बाद सभी दस्तावेज अपने पास रख लेते थे और फिर उन्हीं खातों के जरिए ऑनलाइन सट्टे की रकम अलग-अलग जगह भेजते थे। लेन-देन को छिपाने के लिए कई मोबाइल नंबर, बैंक खाते, सिम कार्ड और डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता था ताकि असली संचालकों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।
पलवल जिले के रसूलपुर चौक स्थित रॉयल ढाबे पर खाना न मिलने से नाराज युवकों ने एक कर्मचारी को स्कॉर्पियो से कुचलकर मार डाला। हमले में ढाबे के अन्य कर्मी भी घायल हुए। शहर थाना पुलिस ने शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। शहर थाना प्रभारी अनिल कुमार के अनुसार, सोहना रोड़ निवासी ढाबा संचालक विपिन दयाल उर्फ राजा ने पुलिस को बताया कि रात करीब 12 बजे वे अपना ढाबा बंद कर रहे थे, तभी एक काले रंग की स्कॉर्पियो कार वहां रुकी। कार में भमरोला जोगी निवासी पालेंद्र उर्फ पाले और रसूलपुर रोड निवासी गौरव सवार थे। दोनों कथित तौर पर शराब के नशे में थे और जबरन खाना परोसने की मांग कर रहे थे। विपिन के ढाबा बंद होने की बात कहकर मना करने पर दोनों युवक गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने विपिन और उनके बिहार निवासी कर्मचारी रनजीत के साथ लात-घूसों से मारपीट शुरू कर दी। रीढ़ की हड्डी और हाथ-पैर टूटने से मौत मारपीट के बाद पालेंद्र ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी स्टार्ट की और रनजीत के ऊपर दो बार गाड़ी चढ़ा दी। हादसे में रनजीत की रीढ़ की हड्डी, कमर और हाथ-पैर बुरी तरह टूट गए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी ढाबा संचालक और स्टाफ को जान से मारने की धमकी देते हुए गाड़ी सहित मौके से फरार हो गए। साथियों ने किया बीच बचाव ढाबे पर मौजूद अन्य कर्मचारियों राज कुमार, शत्रु, मनोज और जितेंद्र ने तुरंत बीच-बचाव किया। उन्होंने लहूलुहान हालत में विपिन दयाल और रनजीत को इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में इलाज के दौरान रनजीत ने दम तोड़ दिया। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस शहर थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि सोहना रोड़ निवासी ढाबा संचालक विपिन दयाल उर्फ राजा के बयान पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश करने में जुटी हुई है, जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जीपीएम में रविवार को पुरानी जमीनी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने दोनों तरफ से शिकायतें दर्ज कर ली हैं। मामला पेंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम अड़भार का है। पहले पक्ष के राजू केंवट ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी पर देवी आने की बात को लेकर उन्होंने देव कुमारी को आरती करने के लिए कहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश के कारण देव कुमारी, उनके बेटों शिव कुमार, संजीव कुमार और दामाद गनपत केंवट ने गाली-गलौज करते हुए उन पर हमला कर दिया। राजू केंवट के अनुसार, शिव कुमार ने बांस के डंडे से राजू और उनकी पत्नी शारदा केंवट की पिटाई की। इससे दोनों को छाती और पीठ पर चोटें आईं। मौके पर मौजूद सरपंच लाल चंद सोनवानी और अन्य ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया। राजू की शिकायत पर पुलिस ने देव कुमारी, शिव कुमार, संजीव कुमार और गनपत केंवट के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अंधविश्वास को लेकर शुरू हुआ विवाद वहीं, दूसरे पक्ष के शिव कुमार केंवट ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने राजू की बेटी को भूत पकड़ने की बात को अंधविश्वास बताया, तो पुरानी जमीनी रंजिश को लेकर राजू केंवट और दुर्गा केंवट भड़क गए। पुरानी रंजिश में गाली-गलौज और मारपीट शिव कुमार के मुताबिक, राजू केंवट और दुर्गा केंवट ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। राजू ने उनका गला दबाया, जबकि दुर्गा केंवट ने बांस के डंडे से शिव कुमार और उनकी मां देव कुमारी पर हमला किया। आरोपियों पर काउंटर केस दर्ज इस मारपीट में शिव कुमार की पीठ और उनकी मां के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। इस पक्ष की शिकायत पर पेंड्रा पुलिस ने राजू केंवट और दुर्गा केंवट के खिलाफ भी काउंटर केस दर्ज किया है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के कनीना क्षेत्र के गांव छितरोली में घर में घुसकर एक परिवार पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोसियों ने रात के समय घर में घुसकर महिला, उसके पति और बेटे पर तलवार, कुल्हाड़ी और डंडों से हमला कर दिया। हमले में तीनों घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने महिला की शिकायत पर 8 आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रात को किया हमला पुलिस को दी शिकायत में गांव छितरोली निवासी भतेरी देवी पत्नी सुरेश कुमार ने बताया कि बीती रात करीब 8:30 बजे वह अपने पति सुरेश कुमार और बेटे सचिन के साथ घर में सो रही थी, जबकि उसका बड़ा बेटा रविंद्र और बहू दीपिका छत पर सो रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी मंजीत, प्रदीप, कमलेश, उर्मिला, कृष्ण, सुखेंद्र, लोकेश और स्वरूप घर में घुस आए और हमला कर दिया। तलवार और कुल्हाड़ी से किया वार शिकायत के अनुसार मंजीत ने भतेरी देवी पर तलवार से वार किया, जबकि सुखेंद्र ने उसके पति सुरेश कुमार पर कुल्हाड़ी और डंडे से हमला किया। वहीं कृष्ण ने बेटे सचिन पर डंडों से वार कर उसे घायल कर दिया। आरोप है कि जाते समय आरोपी धमकी देकर गए कि इस बार तो बच गए, अगली बार जान से मार देंगे। डॉक्टरों ने रोहतक PGI किया रेफर घटना के बाद तीनों घायलों को इलाज के लिए सीएचसी सेहलंग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहां से वे उप नागरिक अस्पताल कनीना आए। बाद में परिजन घायलों को इलाज के लिए रोहतक पीजीआइएमएस लेकर गए हैं।
बांदा में युवक की पिटाई का VIDEO:अवैध वसूली का विरोध करने पर पीटा, हाथ मे बंदूक लिए नजर आए आरोपी
बांदा में एक युवक की पिटाई का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में कई लोग एक युवक को लात-घूंसों और थप्पड़ों से पीटते हुए दिख रहे हैं। मारपीट के दौरान एक व्यक्ति के हाथ में बंदूक भी दिखाई दे रही है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। यह घटना मटौंध थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। यह क्षेत्र पहले भी अवैध खनन से जुड़े मामलों को लेकर सुर्खियों में रहा है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि यह विवाद अवैध खनन और उससे जुड़ी कथित अवैध वसूली के विरोध के कारण हुआ। आरोप है कि युवक ने अवैध वसूली का विरोध किया था। इसके बाद असलहों से लैस कुछ लोगों ने उसे पकड़कर सार्वजनिक रूप से पीटा। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कई लोग युवक को घेरकर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग केवल देख रहे हैं। घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच के बाद ही मारपीट की असली वजह और इसमें शामिल लोगों की पहचान स्पष्ट हो पाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा में भिवाड़ी बाइपास पर रोडवेज बस बीच सड़क पर पानी में फंस गई। जिससे बस में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। बस यात्रियों को लेकर धारूहेड़ा से भिवाड़ी बाइपास होते हुए सोहना-तावडू की तरफ जा रही थी। इसी दौरान अचानक रैंप- तटबंध टूटने से भिवाड़ी का गंदा पानी सड़क से होते हुए धारूहेड़ा में घुस गया। देखते ही देखते सड़क पर दो से तीन फुट तक पानी भर गया। इसी दौरान रोडवेज की बस पानी में फंसने से बीच सड़क पर फंस गई। सोहना जा रही थी रोडवेज बस जानकारी के अनुसार नूंह डिपो की बस रविवार शाम यात्रियों को लेकर धारूहेड़ा से रवाना हुई। सोहना जाने के लिए बस भिवाड़ी बाइपास से होते हुए निकली। रविवार शाम हुई मामूली बरसात से अचानक भिवाड़ी का गंदा पानी रोकने के लिए बने तटबंध टूट गए। जिससे अचानक बाइपास पर 2 से 3 फीट पानी भर गया। जिससे सड़क पर दुपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। इसी दौरान यहां से सोहना होकर जा रही रोडवेज बस यात्रियों के साथ पानी में फंसकर बंद हो गई। तीन साल पहले बनाया था रैंप रेवाड़ी जिला प्रशासन ने भिवाड़ी से आने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए करीब तीन साल पहले सड़क पर रैंप बना दिया। इससे पहले प्रशासन नियमित रूप से अलवर प्रशासन के साथ संपर्क कर भिवाड़ी का गंदा पानी रोकने के लिए पत्राचार करता रहा। जिस पर कोई ध्यान नहीं देने से रेवाड़ी प्रशासन ने यह कदम उठाया था। इससे पहले भी रैंप टूटने से कई बार भिवाड़ी का गंदा पानी धारूहेड़ा में घुस चुका है। नहीं हो रहा स्थायी समाधान भिवाड़ी से आना वाला गंदा पानी लंबे समय से धारूहेड़ा के लिए समस्या बना हुआ है। दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के बीच उठने के बाद भी मामले का अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ढलान पर होने के कारण भिवाड़ी की फैक्ट्रियों से निकलने वाला और मामूली बरसात का पानी धारूहेड़ा की तरफ आता है। जिससे बरसात के मौसम और बूंदाबांदी होने पर यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है।
झालावाड़ में शहर के खेल संकुल में आतंकी हमले से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार को एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में 5 आतंकवादियों द्वारा खेल संकुल में घुसकर 5 बच्चों को बंधक बनाने का परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और एक विशेष रणनीति के तहत सभी बंधकों को सुरक्षित मुक्त कराया गया। मॉक ड्रिल के दौरान आतंकवादियों ने खेल संकुल में प्रवेश कर 5 बच्चों को बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर की घेराबंदी की। इसके बाद सुरक्षा बलों की विभिन्न टीमों का गठन कर बचाव अभियान शुरू किया गया। मॉक ड्रिल में साहस और सूझबूझ का किया प्रदर्शनएसपी के निर्देश पर सुरक्षा बलों ने खेल संकुल के विभिन्न प्रवेश द्वारों से अंदर प्रवेश किया। उन्होंने 'आतंकवादियों' की गतिविधियों पर नजर रखते हुए पवेलियन के कमरों तक पहुंच बनाई। ड्रिल के दौरान, गोलियों की आवाज और धमाकों के बीच जवानों ने साहस और सूझबूझ का प्रदर्शन करते हुए बंधक बच्चों तक पहुंचने का प्रयास किया। ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों और 'आतंकवादियों' के बीच मुठभेड़ को दर्शाया गया। इसमें 4 'आतंकवादी' मार गिराए गए, जबकि 1 घायल 'आतंकवादी' को जिंदा पकड़ लिया गया।घायल 'आतंकवादी' को हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, और सभी 5 बच्चों को सकुशल मुक्त कराकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। आपात स्थिति से निपटने का प्रदर्शन कियाअधिकारियों ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आतंकवादी हमले जैसी आपातकालीन स्थितियों में पुलिस, प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता, समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना था। ऐसे अभ्यास भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुलिस और प्रशासन ने तैयारी दशाईखेल संकुल में आयोजित इस सफल मॉक ड्रिल ने यह दर्शाया कि जिला पुलिस और प्रशासन किसी भी आतंकी चुनौती या आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से बंधकों को सुरक्षित मुक्त कराने का सफल प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़, एडीएम अनुराग भार्गव, एसपी अमित कुमार, डिप्टी हर्षराज सिंह, खेल अधिकारी कृपाशंकर शर्मा सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
बाराबंकी के संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से नई बिजली लाइन का निर्माण किया गया था। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग ने इस लाइन को चालू नहीं किया है, जिससे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं। अस्पताल में करोड़ों रुपये की आधुनिक मशीनें बिजली की समस्या के कारण निष्क्रिय पड़ी हैं। पर्याप्त विद्युत आपूर्ति न होने से कई महत्वपूर्ण जांच और उपचार संबंधी सेवाएं बाधित हो रही हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में बिजली संकट ने अस्पताल प्रशासन और मरीजों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। बिजली की अपर्याप्त आपूर्ति के कारण अस्पताल की कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मरीजों और उनके तीमारदारों को गर्मी के साथ-साथ आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा का भी सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और विभागीय उदासीनता के कारण करोड़ों रुपये की इस परियोजना का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल प्रशासन भी लंबे समय से इस नई बिजली लाइन को चालू कराने की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब करोड़ों रुपये खर्च कर पूरी व्यवस्था तैयार कर दी गई है, तो आखिर बिजली आपूर्ति शुरू करने में इतनी देरी क्यों हो रही है। क्षेत्रीय जनता ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर अस्पताल को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रेटर नोएडा के बिसरख कोतवाली क्षेत्र में एक युवती द्वारा शराब के नशे में हंगामा करने का मामला सामने आया है। घटना 1 जून 2026 की है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, ग्रेनो वेस्ट स्थित आम्रपाली रिवर व्यू सोसायटी में रहने वाली 32 साल की युवती ने 1 जून को शराब पीने के बाद सड़क पर हंगामा किया। वायरल वीडियो में युवती सड़क पर लेटी हुई दिख रही है, उसके हाथ में सिगरेट है और पास में शराब की बोतल रखी है। युवती लगातार हंगामा कर रही थी, जिससे आसपास राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। लोग उसे समझाने का प्रयास कर रहे थे। उसके इस व्यवहार के कारण सड़क पर यातायात बाधित हुआ और जाम लग गया, जिससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। लोगों को हुई असुविधा के बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस महिला को थाने लेकर आई और उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया। मेडिकल जांच के बाद उसके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई।
भरतपुर-धौलपुर और डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में आरक्षण की मांग को लेकर आज नुमाइश मैदान में जाट समाज की हुंकार सभा होने जा रही है। दोपहर 2 बजे नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भरतपुर पहुंचेंगे और हुंकार सभा में भाग लेंगे। वे इसके लिए जयपुर से अपने समर्थकों के साथ निकल चुके हैं। राजस्थान के अलावा हरियाणा, दिल्ली और यूपी से जाट समाज के लोग और नेता इस रैली में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने बताया- हुंकार सभा के लिए गांव-गांव जाकर लोगों को पीले चावल बांटकर न्योता दिया गया था। नेम सिंह ने बताया- जाट समाज केंद्र में आरक्षण की मांग को लेकर 1999 से लड़ाई लड़ रहा है। कई बार सरकार ने आश्वासन दिया लेकिन, समाज को आरक्षण नहीं मिला। हुंकार सभा में इसे लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। तस्वीरों में देखें हुंकार रैली की अपडेट्स… पल-पल की अपडेट के लिए ब्लॉक से गुजर जाइए…
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने आज हाथरस में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन ओसी कलेक्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में बिहार के भोजपुर में हुई भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से बिहार के भोजपुर में हुई भरत भूषण तिवारी की संदिग्ध पुलिस मुठभेड़ पर ध्यान आकर्षित किया। संगठन का कहना है कि इस घटना से समाज में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मोर्चा ने राष्ट्रपति से पांच प्रमुख मांगें की हैं। इनमें संपूर्ण प्रकरण की तत्काल उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच शामिल है। साथ ही, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है। मोर्चा ने यह भी मांग की है कि यदि मुठभेड़ फर्जी साबित होती है, तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई है। परिवार की जान-माल की सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने राष्ट्रपति से इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और बिहार सरकार को उचित दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। यह रहे मुख्य रूप से मौजूद.... ज्ञापन सौंपने वालों में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (R.A.M.) के जिलाध्यक्ष विजय कुमार शर्मा, जिला महासचिव/हाथरस प्रभारी निशांत उपाध्याय (पूर्व सभासद), जिला मंत्री प्रदीप शर्मा, जिला मंत्री अतुल शर्मा, दीनदयाल शर्मा (दीनू पंडित), मधुकर गौड़, गजेंद्र, सासनी नगर अध्यक्ष महिला मोर्चा कु. प्राची, ललित और दीनदयाल उपाध्याय आदि मौजूद थे।
बारां के राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर देर रात नाइट्रिक एसिड से भरे एक टैंकर में रिसाव हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया। एसिड को सुरक्षित रूप से दूसरे टैंकर में स्थानांतरित किया गया। यह टैंकर सीएफएसएल गढ़ेपान से आगरा जा रहा था, जब बारां के पास उसमें लीकेज का पता चला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था संभाली। सहायक अग्निशमन अधिकारी रामसिंह मीणा ने बताया कि यह घटना रात करीब ढाई बजे हुई। रिसाव की गंभीरता को देखते हुए गढ़ेपान प्लांट से दूसरा टैंकर मंगवाया गया। इसके बाद नाइट्रिक एसिड को सावधानीपूर्वक दूसरे टैंकर में भरा गया। समय पर की गई कार्रवाई से कोई जनहानि नहीं हुई। रिफिलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहकर निगरानी की।
फतेहाबाद जिले के टोहाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने बिजली कटौती से परेशान होकर सरकार और बिजली निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने चंदड़ और ठरवा बस स्टैंड के पास सड़क पर जाम लगाकर जोरदार नारेबाजी की। यह प्रदर्शन सुबह दस बजे से जारी है। गांव इंदाछोई के पूर्व सरपंच जीवन और सुरेश ने बताया कि पिछले 20 दिनों से खेतों में बिजली की भारी कटौती हो रही है। तय शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिलने से खेती का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण बोले- कई बार शिकायत के बाद नहीं हुई सुनवाई प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी में पर्याप्त बिजली न मिलने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे फसलें सूखने की कगार पर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यकारी अभियंता और एसडीओ सहित विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन को दी चेतावनी जाम की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी वीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक बिजली आपूर्ति दुरुस्त नहीं की जाती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
मुरैना में दामाद का बस स्टॉप पर मिला शव:साले की शादी में आया था; मंडप से पहले फांसी पर लटका मिला
मुरैना जिले के कैलारस थाना क्षेत्र के नेपरी गांव में शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब साले की शादी में शामिल होने आए दामाद का शव गांव के बाहर बने यात्री प्रतीक्षालय में फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू कर दी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। जानकारी के अनुसार, नेपरी गांव निवासी बाबूलाल रजक के बेटे की शादी थी। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उसका दामाद सतीश रजक निवासी खनेता, थाना सिविल लाइन, मुरैना करीब एक सप्ताह पहले गांव पहुंचा था। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात सतीश गांव के बाहर स्थित यात्री स्टॉपेज पर पहुंचा और चुनरीनुमा कपड़े से फांसी लगा ली। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दीसोमवार सुबह नेशनल हाईवे-552 से गुजर रहे राहगीरों की नजर फंदे पर लटके शव पर पड़ी। उन्होंने ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद गांव में शादी वाले परिवार को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। परिजनों के अनुसार, रविवार रात घर में महिला संगीत और अन्य वैवाहिक कार्यक्रम देर रात तक चलते रहे। इसके बाद सभी लोग सोने चले गए। ऐसे में सतीश रात के समय बस स्टॉप तक कैसे पहुंचा और उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। आज मंडप, कल बाराज निकलना थाघटना ने शादी वाले घर का माहौल पूरी तरह बदल दिया है। जिस घर में आज (सोमवार) मंडप की रस्म होनी थी और कल (मंगलवार) को बारात निकलना तय था। रात में तीन युवकों से विवाद हुआ थासतीश के बड़े भाई विकास रजक ने मामले में साजिश की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि रात में सतीश का तीन युवकों से विवाद हुआ था। इस बात की जानकारी परिवार के लोगों को भी दी गई थी। विकास का कहना है कि बाद में कुछ लोग उसे खाना खिलाने के बहाने अपने साथ ले गए और सुबह उसकी मौत की सूचना मिली। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कैलारस थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह कुशवाहा ने बताया कि मृतक का शव फंदे पर लटका मिला है। प्रारंभिक जांच में चुनरीनुमा कपड़े से फांसी लगाने की बात सामने आई है। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी। यह खबर भी पढ़ें… एक दिन पहले ससुराल में दामाद ने तालाब में कूदकर खुदकुशी की थी एक दिन पहले मुरैना जिले के दिमनी थाना क्षेत्र में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। जिसमें शादी समारोह के दौरान हुए विवाद के बाद ससुराल में विवाह कार्यक्रम में आए एक दामाद ने तालाब में छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पूरी खबर पढ़िए…
कोडरमा जिले में हाथियों का झुंड एक बार फिर प्रवेश कर गया है। बीती रात डोमचांच थाना क्षेत्र के गोलगो गांव में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान आधे दर्जन से अधिक घरों और एक विद्यालय के मुख्य दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। दो दिन पहले हाथियों के इस झुंड को सतगांवां थाना क्षेत्र के जंगली इलाकों और कोडरमा थाना क्षेत्र के मेघातरी गांव में देखा गया था। हाथियों के प्रवेश से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। गांव चारों ओर जंगल से घिरा हुआ है ग्रामीणों ने हुए नुकसान के लिए वन विभाग से मुआवजे और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। गोलगो गांव चारों ओर से जंगलों से घिरा हुआ है, जिससे हाथियों का प्रवेश आसान हो जाता है। वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड को गांव से बाहर खदेड़ने में जुटी है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की है। बीती रात हाथियों का झुंड गोलगो गांव से सटे ढोढाकोला गांव की ओर बढ़ता देखा गया था। दो सालों में कई क्षेत्रों में मचाया उत्पात वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथियों के झुंड को अक्सर कोडरमा से सटे बिहार के जंगलों की ओर खदेड़ा जाता है, लेकिन वे वापस इसी क्षेत्र में लौट आते हैं। विभाग का मानना है कि हाथियों को स्थायी रूप से दूसरे जंगलों में भेजने की आवश्यकता है। पिछले दो वर्षों में हाथियों के झुंड ने कोडरमा जिले के विभिन्न इलाकों में भारी उत्पात मचाया है। इससे आम लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है और दर्जनों लोगों की जान भी जा चुकी है।
देवरिया के समग्र विकास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'देवरिया नागरिक मंच' का गठन किया गया है। शहर के टाउन हॉल स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित इसके स्थापना समारोह में प्रशासनिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों के कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इस दौरान मंच के उद्देश्यों और भावी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। समारोह का शुभारंभ प्रदेश के पूर्व अपर मुख्य सचिव रविंद्र नायक, पूर्व गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्र, पूर्व जिलाधिकारी अनीता श्रीवास्तव, लखनऊ कैंटोनमेंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक राठौर और नगर पालिका परिषद अध्यक्ष अलका सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। देवरिया नागरिक मंच एक सामाजिक और गैर-राजनीतिक संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर जनपद के विकास के लिए कार्य करना है। यह मंच सामाजिक एकता, जनसहभागिता और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएगा। इसका लक्ष्य देवरिया की समस्याओं और संभावनाओं को सामने लाकर जिले के सर्वांगीण विकास में योगदान देना है। स्थापना समारोह के दौरान विंध्याचल मणि त्रिपाठी उर्फ राजा बाबू द्वारा निर्मित डाक्यूमेंट्री फिल्म 'दिव्य देवरिया' का प्रदर्शन किया गया। इस फिल्म में देवरिया की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को विस्तार से दर्शाया गया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी समारोह को विशेष आकर्षण प्रदान किया। पूनम मणि और राजेंद्र जायसवाल ने भजन एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किए, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया। पूर्व आईपीएस अधिकारी अनीता श्रीवास्तव ने अपनी ग़ज़लों की प्रस्तुति से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, व्यापारी और युवा शामिल हुए। वक्ताओं ने देवरिया के विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया और नागरिक मंच की इस पहल को सराहनीय बताया। कार्यक्रम का संचालन अखिलेंद्र शाही ने किया। अंत में आयोजकों ने मंच के माध्यम से जनपद के विकास, सामाजिक समरसता और नागरिक जागरूकता के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
करीब 80 दिनों तक अलग-अलग वन क्षेत्रों में विचरण करने के बाद चीता KGP-1 एक बार फिर ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित सोन चिड़िया अभयारण्य के आसपास पहुंच गया है। चीते की लोकेशन मिलते ही वन विभाग की टीम अलर्ट हो गई है और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पूर्व में कई बार इस रूट पर आ चुका है चिता वन अधिकारियों के मुताबिक, यह चीता पिछले कई दिनों से शिवपुरी और नरवर के घने जंगलों में लगातार घूम रहा था। लंबी दूरी तय करने के बाद उसने प्राकृतिक वन्यजीव मार्गों यानी वन कॉरिडोर का उपयोग करते हुए ग्वालियर जिले के लखनपुरा और चंदूपुरा वन क्षेत्र में प्रवेश किया। अधिकारियों का कहना है कि चीता पूर्व में भी कई बार इस रूट का इस्तेमाल कर चुका है, जिसके चलते यह मार्ग अब उसके नियमित विचरण क्षेत्र का हिस्सा बनता जा रहा है। यही वजह है कि वह बिना किसी बाधा के दोबारा इस इलाके तक पहुंच गया। मवेशी पशुपालकों ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता चीते की मौजूदगी की पुष्टि उस समय हुई, जब चंदूपुरा क्षेत्र में एक बकरी का शिकार किए जाने की सूचना सामने आई। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों के बीच चीते को लेकर चर्चा शुरू हो गई। जहां एक ओर लोगों में दुर्लभ वन्यजीव को देखने की उत्सुकता दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर पशुपालकों ने अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। कॉलर आईडी से कूनो और वन विभाग की टीम कर रही चीते को ट्रैक वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि चीता स्वभाव से शर्मीला और शांत वन्यजीव माना जाता है, जो सामान्य परिस्थितियों में इंसानों से दूरी बनाए रखता है। उसका मुख्य उद्देश्य भोजन और सुरक्षित आवास की तलाश करना होता है। विभाग का कहना है कि लोगों को अनावश्यक रूप से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन जंगल से लगे इलाकों में सावधानी बरतना जरूरी है। चीते की दोबारा आमद के बाद कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन और वन विभाग की विशेष ट्रैकिंग टीम पूरी तरह सक्रिय हो गई है। चीते की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट कॉलर से प्राप्त संकेतों के साथ-साथ ग्राउंड मॉनिटरिंग भी की जा रही है। विशेषज्ञ लगातार उसके मूवमेंट का अध्ययन कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। ग्रामीणों को वन विभाग ने सतर्क रहने का किया अलर्ट जारी वन अधिकारियों ने आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें, अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें तथा किसी भी स्थान पर चीते की मौजूदगी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विभाग का मानना है कि स्थानीय लोगों के सहयोग से वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा दोनों को बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्स्थापना परियोजना के तहत लाए गए कई चीते समय-समय पर पार्क की सीमाओं से बाहर निकलकर आसपास के जंगलों में भ्रमण करते रहे हैं। ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर और नरवर के वन क्षेत्र अब इन चीतों की गतिविधियों के महत्वपूर्ण हिस्से बनते जा रहे हैं। ऐसे में ग्वालियर अंचल के जंगलों में चीते की लगातार मौजूदगी वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
प्रयागराज के कैंट में एफआईआर दर्ज न करने से नाराज युवती ने थाने में जमकर हंगाामा किया। उसने थाने में ही वीडियो बनाकर वायरल किया जिसमें वह यह कहते सुनाई पड़ रही है कि अकेली आई हूं तो क्या रिपोर्ट नहीं दर्ज करोगे। इस दौरान उसकी थाने के इंस्पेक्टर से जमकर नोकझोंक भी हुई। फिलहाल हंगामे के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामला शादी का झांसा देकर शोषण करने के आरोपों से संबंधित है। नीट एस्पिरेंट है पीड़िताकोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 24 साल की युवती नीट एस्पिरेंट है। उसका आरोप है कि राजापुर, कैंट के रहने वाले युवक ने शादी का झांसा देकर उसका शोषण किया और बाद में मुकर गया। इसकी शिकायत वह चार दिन पहले कैंट थाने लेकर गई तो उसे राजापुर चौकी भेज दिया गया। वहां दो दिन तक टालमटोल करने के बाद फिर थाने जाने को कहा गया। शनिवार को वह थाने पहुंची तो उसे धूप में बैठा दिया गया। तीन घंटे तक वह इंस्पेक्टर का इंतजार करती रही। पूछने पर पुलिसकर्मी कहते रहे कि इंस्पेक्टर खाना खा रहे हैं। आरोप है कि तीन घंटे बाद इंस्पेक्टर बाहर निकले तो उन्होंने ठहरकर उसकी बात भी नहीं सुनी। चलते-चलते ही उसने अपनी बात कही तो उसे ही डांटने लगे। आरोप है कि उसे आवारा कहा और यह भी कहा कि अकेली चली आती हो। इसके बाद वह थाने में ही वीडियो बनाने लगी। इस पर इंस्पेक्टर ने उसे खरीखोटी सुनाई। साथ ही वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों से मोबाइल छीनने को भी कहा। इस दौरान उसकी इंस्पेक्टर से जमकर नोकझोंक हुई। इंस्पेक्टर बोले- वीडियो बनाओगी तो मैं डर जाऊंगा क्या? इस पूरी घटना का वीडियो युवती ने खुद अपने इंस्टाग्राम आईडी से पोस्ट किया है। इसमें कैंट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमरनाथ राय और युवती के बीच नोकझोंक होते दिखाई दे रही है। इंस्पेक्टर वीडियो बनाने पर युवती पर नाराज होते नजर आते हैं। युवती यह कहती सुनाई पड़ती है कि कार्रवाई नहीं करोगे तो वीडियो बनाऊंगी ही। साथ ही इसे लेकर पुलिस कमिश्नर को भी दिखाऊंगी। इस दौरान इंस्पेक्टर यह भी कहते दिखाई देते हैं कि वीडियो बनाओगी तो मैं डर जाऊंगा क्या? आखिरकार दर्ज हुई एफआईआरथाने में करीब आधे घंटे तक हंगामा होने के बाद आखिरकार पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की। साथ ही आरोपी की तलाश में एक टीम उसके मूल निवास जनपद महोबा भी दबिश के लिए रवाना हो गई। युवती की शिकायत मिली थी जिस पर जांच पड़ताल कराई जा रही थी। इसी दौरान उसने थाने में आकर हंगामा शुरू कर दिया। वीडियो बनाने लगी जिस पर उसे शांत रहने को कहा गया। डांटने-फटकारने जैसे आरोप गलत हैं। फिलहाल तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
उन्नाव में पत्नी की पिटाई का VIDEO:मासूम बच्चे बचाने की कोशिश करते रहे, पति-ससुर के खिलाफ केस
उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता दिख रहा है, जबकि उनके बच्चे मां को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में माखी थाना क्षेत्र निवासी अनिल कश्यप पुत्र राकेश अपनी पत्नी से मारपीट करते हुए नजर आ रहा है। वीडियो में महिला जमीन पर गिरी हुई है और बच्चे अपने पिता से मां को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। एक छोटा बच्चा भी अपनी मां को बचाने के लिए चिल्लाता हुआ दिखाई दे रहा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता से बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। पीड़िता ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष माखी, योगेश सिंह ने जानकारी दी कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी है।
ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के गांव चकरायपुरा में रविवार शाम क्रिकेट खेल रहे युवकों पर पड़ोस के दबंगों ने हमला कर दिया। क्रिकेट की गेंद खेत में जाने पर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट और फायरिंग तक पहुंच गया। आरोप है कि खेत मालिक और उसके बेटे ने एक युवक की डंडों से पिटाई कर दी। जब उसका चचेरा भाई बचाने पहुंचा तो आरोपी घर से लाइसेंसी बंदूक लेकर आया और दहशत फैलाने के लिए दो हवाई फायर कर दिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बंदूक जब्त कर ली है। मस्जिद के पास खेल रहे थे क्रिकेट महाराजपुरा थाना पुलिस के मुताबिक चकरायपुरा निवासी 27 साल के आविद खान पुत्र नियामत खान ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आविद रविवार शाम करीब 5:30 बजे अपने चचेरे भाई आसिम खान और अन्य साथियों के साथ गांव की मस्जिद के पास बने मैदान में क्रिकेट खेल रहा था। मैच के दौरान एक शॉट लगने पर गेंद पास में स्थित कल्ला उर्फ दिनेश राजावत के खेत में चली गई। खेत के अंदर ही उसका मकान भी बना हुआ है। आविद गेंद लेने के लिए खेत में गया तो वहां मौजूद राहुल राजावत उसे देखकर भड़क गया और गालियां देने लगा। गाली देने से मना किया तो डंडे से हमला आविद ने गालियां देने का विरोध किया तो राहुल के पिता कल्ला उर्फ दिनेश राजावत ने डंडा उठाकर उस पर हमला कर दिया। डंडा सीधे आविद की दाहिनी आंख के ऊपर और सिर पर लगा, जिससे वह लहूलुहान हो गया। उसके सिर में गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। भाई को पिटता देख मैदान से उसका चचेरा भाई आसिम खान और अन्य साथी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्हें आते देख राहुल राजावत तुरंत घर के अंदर गया और वहां रखी अपनी लाइसेंसी बंदूक उठा लाया। राहुल ने बंदूक तानकर आविद और आसिम को धमकाया और जान से मारने की नीयत से एक के बाद एक दो हवाई फायर कर दिए। गोलियों की आवाज सुनते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोग डरकर भागने लगे। जान बचाने के लिए भागे, पैरों में आई चोट फायरिंग के बाद आविद और आसिम जान बचाकर वहां से भागे। इस दौरान पथरीले रास्ते पर नंगे पैर दौड़ने से आसिम के पैरों के तलवों में गंभीर चोटें आ गईं। दोनों किसी तरह वहां से निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा पूरा घटनाक्रम फरियादी के अनुसार घटना को गांव के नासिर खान और हनीफ खान ने भी देखा। दोनों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए अपने घर में घुस गए। घटना के बाद घायल आविद और उसका भाई आसिम महाराजपुरा थाने पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल मामला दर्ज कर लिया। बंदूक जब्त, लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि फरियादी आविद खान की शिकायत पर कल्ला उर्फ दिनेश राजावत और राहुल राजावत के खिलाफ मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक भी जब्त कर ली गई है। पुलिस अब बंदूक का लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई कर रही है। पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने घायल आविद और आसिम का मेडिकल परीक्षण कराया है। मामले में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि क्रिकेट की गेंद खेत में जाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा और फायरिंग तक पहुंच गया। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
बीजापुर जिले में डीजल-पेट्रोल की कमी के विरोध में किसानों ने सोमवार को एक दिवसीय ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया है। किसानों का कहना है कि ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रैली के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान अपने-अपने ट्रैक्टरों के साथ नैमेड पहुंच रहे हैं। क्षेत्र में किसानों की बढ़ती आवाजाही से आंदोलन को लेकर उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। इसी बीच बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी भी भैरमगढ़ से नैमेड तक ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे। किसानों की यह प्रस्तावित रैली नैमेड से बीजापुर तक निकाली जाएगी। इस दौरान किसान रेड्डी पेट्रोल पंप (नैमेड) सहित बीजापुर के जीवीआर, लुंकड़ और पवार पेट्रोल पंप (गंगालूर रोड) का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद नया बस स्टैंड बीजापुर में एक आमसभा आयोजित होगी। आमसभा के पश्चात किसान रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। रैली को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के तहत थाना नैमेड के जवान भी मौके पर तैनात हैं। किसानों के इस आंदोलन को लेकर जिले के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
माथुगामड़ा गांव में रुकवाया बाल विवाह:माता-पिता को किया पाबंद, चाइल्डलाइन की सूचना पर हुई कार्रवाई
डूंगरपुर जिले में सदर थाना क्षेत्र के माथुगामड़ा गांव में एक नाबालिग की शादी रुकवाई गई है। प्रशासन ने बाल अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की सतर्कता से यह बाल विवाह रुकवाय। माथुगामड़ा में एक नाबालिग लड़की की शादी होने वाली थी। प्रशासन ने लड़की के माता-पिता को कानूनी उम्र पूरी होने से पहले विवाह नहीं करने के लिए पाबंद किया है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के समन्वयक मेहुल शर्मा ने बताया कि उन्हें माथुगामड़ा गांव में करीब 17 साल की लड़की की शादी की सूचना मिली। इसके बाद उन्होंने तत्काल जिला प्रशासन और सदर पुलिस थाना को इस मामले से अवगत कराया। संयुक्त टीम ने मिलकर की कार्रवाईसूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर पुलिस, गिरदावर, पटवारी, सृष्टि सेवा समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। यह टीम तुरंत माथुगामड़ा गांव में नाबालिग के घर पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर लड़की के आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उसकी वास्तविक उम्र 17 वर्ष 10 माह पाई गई। यह कानूनी रूप से विवाह योग्य आयु से कम थी। इस पर टीम ने मौके पर ही बाल विवाह को रुकवा दिया और लड़की के माता-पिता को भविष्य में कानूनी उम्र पूरी होने से पहले विवाह नहीं करवाने के लिए पाबंद किया।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) को चार साल बाद नया अध्यक्ष मिल गया है। नवनियुक्त अध्यक्ष हनुमानसिंह राठौड़ ने सोमवार को परिवार के साथ बोर्ड कार्यालय पहुंचकर पदभार ग्रहण किया। इस दौरान बोर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों ने ढोल-नगाड़ों, साफा और मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। पदभार ग्रहण करने के बाद राठौड़ ने स्पष्ट किया कि उनकी मौजूदा व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की वर्तमान प्रणाली को और बेहतर बनाने तथा सुधार के जरिए बेहतर परिणाम हासिल करने पर उनका फोकस रहेगा। मीडिया से बातचीत में राठौड़ ने कहा कि बोर्ड के सामने सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को सुचारू और प्रभावी ढंग से लागू करने की है। इसके लिए नई पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था, शिक्षकों का प्रशिक्षण और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पक्षों को तैयार करना जरूरी होगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किए जाएंगे। इसके लिए शिक्षकों और संबंधित कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। सिर्फ रिजल्ट नहीं, शिक्षा की गुणवत्ता भी बढ़ाना लक्ष्य राठौड़ ने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य केवल अच्छे परीक्षा परिणाम देना नहीं है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बोर्ड का परिणाम संख्यात्मक रूप से बेहतर होने के साथ-साथ गुणात्मक रूप से भी मजबूत होना चाहिए, ताकि राजस्थान बोर्ड देश के अन्य प्रमुख शिक्षा बोर्डों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके। विवादों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि विवाद व्यक्ति के साथ रह सकते हैं या विवाद समझ के कारण से हो सकते हैं। प्रयत्न करेंगे कि ऐसा नहीं हो। बहुत अनुभवी यहां का स्टाफ है, क्योंकि यहां के स्टाफ का कहीं पर भी स्थानांतरण नहीं होता। वे इस बोर्ड की प्रत्येक प्रणाली के जानकार हैं। टीम वर्क से काम करेंगे। 4 साल से खाली पड़ा था पद REET पेपर लीक मामले को लेकर जनवरी 2022 में सरकार ने बोर्ड के अध्यक्ष डी.पी. जारोली को बर्खास्त कर दिया था। उसके बाद से बोर्ड चेयरमैन के पद पर कोई नियुक्ति नहीं की गई। 131 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी SOG ने REET पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी रामकृपाल मीणा और प्रदीप पाराशर सहित 131 आरोपियों को अरेस्ट किया था। रामकृपाल की गिरफ्तारी के बाद SOG ने ED को कार्रवाई के लिए फाइल भेजी थी। ईडी ने सितम्बर 2024 में रामकृपाल और प्रदीप पाराशर के चार बैंक खातों को फ्रीज किए थे। …… पढें ये खबर भी…. अजमेर में सरकारी जमीन पर अवैध 'आईलैंड' बनाया, घर बेचे:नाले के ऊपर सड़क बनाई, करोड़ों रुपए का प्रोजेक्ट, अधिकारी देखते रहे अजमेर में एक कॉलोनाइजर ने सरकारी नाले पर एक ‘आइलैंड’ भी बना दिया। इतना ही नहीं खुद की जमीन के साथ नाला और अजमेर विकास प्राधिकरण की सरकारी जमीन पर चारदीवारी बनाकर कब्जा कर लिया। नाले पर आवाजाही के लिए पुलिया बनाने के बजाय सीमेंट के पाइप डालकर सड़क भी बनाई है। मामला चाचियावास में ‘जीएस लेक एवेन्यू प्रोजेक्ट’ का है। दिलचस्प बात यह है कि यह सब उस सिस्टम की निगरानी में हुआ, जिसका काम ऐसे निर्माणों पर नजर रखना था। यही नहीं, पूरे सरकारी सिस्टम ने सेवन वंडर पार्क के टूटने से भी कोई सीख नहीं ली। (पूरी खबर पढे़ें)
पलवल में बैग में रखा मोबाइल फटा:श्रमिक की मौत, 2 झुलसे; आग लगने से घबराकर चलते ट्रक से कूदा
पलवल जिले में केएमपी एक्सप्रेस-वे पर एक ट्रक में सवार श्रमिक की हादसे में मौत हो गई। हांसी से अपने परिवार के साथ लौट रहे शिवचंद्र के बैग में रखा मोबाइल अचानक फट गया। इससे बैग में आग लग गई और घबराकर वह चलते ट्रक से कूद गया। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के जामु गांव का निवासी शिवचंद्र हरियाणा के हांसी में ईंट-भट्टे पर मजदूरी करता था। वह रात के समय अपने परिजनों के साथ केएमपी एक्सप्रेस-वे से ट्रक में सवार होकर अपने गांव लौट रहा था। उसने अपना मोबाइल फोन बैग में रखा हुआ था। फोन में धमाका होने से लगी आग, ट्रक से कूदा पलवल सीमा में पहुंचते ही उसके बैग में रखे फोन में अचानक धमाका हुआ और बैग में आग लग गई। यह आग तुरंत ट्रक में रखे पालिथीन के बंडलों तक फैल गई। आग और धमाके से घबराकर शिवचंद्र चलते ट्रक से कूद गया, जिससे गिरने के कारण लगी चोटों से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में 2 अन्य युवक भी झुलस गए। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया। मृतक के परिजनों ने पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर इसे इत्फाकिया हादसा बताया है।
प्रतापगढ़ में नेशनल हाईवे-56 पर बावड़ीखेड़ा गांव के पास देर रात राॅन्ग साइड से आ रहे सीमेंट से भरे ट्रक ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में धमोतर थाना क्षेत्र के बावड़ीखेड़ा निवासी ओमप्रकाश मीणा (21) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा रात करीब 10 बजे हुआ। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर वाहन छोड़कर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार ओमप्रकाश अपने परिजनों के साथ देवगढ़ थाना क्षेत्र के कमलिया खोरी गांव में एक मांगलिक कार्यक्रम से लौट रहा था। वह बाइक पर अकेले आगे चल रहा था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दूसरे वाहनों में थे। ट्रक छोटी सादड़ी से प्रतापगढ़ की ओर आ रहा था। घर से महज 500 मीटर दूर राॅग साइड से आ रहे ट्रक ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। पीछे आ रहे परिजनों ने जब यह हादसा देखा तो वे सदमे में आ गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल की मोर्च्युरी में रखवाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक जब्त कर लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश जारी है। देखें हादसे से जुड़ी PHOTOS जोधपुर में मजदूरी कर चलाता था परिवार ओमप्रकाश जोधपुर में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। तीन साल पहले ही उसका विवाह हुआ था। चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर के ओमप्रकाश पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी। उसकी असामयिक मौत से परिवार पर गहरा संकट आ गया है। नौकरी और गिरफ्तारी की मांग मृतक के जीजा राहुल मीणा ने प्रशासन से मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और आरोपी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
छतैनी गांव में टमाटर के बाजार भाव से अधिक दाम पर बेचने का विरोध करने पर एक युवक पर पांच लोगों ने हमला कर दिया। सब्जी विक्रेता ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवक के घर के सामने गाली-गलौज की और उसके सिर पर डंडे से वार कर दिया। पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। घटना 21 जून 2026 को दोपहर करीब 1 बजे की है। ग्राम छतैनी निवासी 30 वर्षीय हेतराम कोरी अपने घर पर थे। तभी ग्राम गुछारा का प्रहलाद कोरी सब्जी बेचने आया। हेतराम ने जब टमाटर का भाव पूछा, तो प्रहलाद ने ₹80 प्रति किलो बताया। हेतराम ने प्रहलाद से कहा कि बाजार में टमाटर ₹50 प्रति किलो मिल रहे हैं, तो वह यहां महंगा क्यों बेच रहा है। इस बात पर प्रहलाद भड़क गया और हेतराम से बोला- तुम्हारी सब्जी खरीदने की औकात नहीं है। विवाद बढ़ने पर हेतराम अपने घर के अंदर चला गया। साथियों को लेकर आया सब्जीवाला कुछ देर बाद प्रहलाद कोरी अपने रिश्तेदारों रामबाबू कोरी और राजा कोरी के साथ लाठी-डंडे लेकर हेतराम के दरवाजे पर आ धमका। आरोपियों ने दरवाजे पर आकर हेतराम को गालियां दीं। जब हेतराम ने बाहर आकर गाली देने से मना किया, तो रामबाबू कोरी ने डंडे से उसके सिर पर जोरदार हमला कर दिया। हेतराम के चिल्लाने पर रामकरण कोरी और मुन्नी कोरी भी वहां पहुंच गए और वे भी गाली-गलौज करने लगे। शोर सुनकर पीड़ित की पत्नी आरती कोरी और भतीजे दीपक कोरी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन्हें भी धमकाया गया। आरोपियों ने हेतराम को जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने किया क्रास मामला दर्जधरमपुर थाना प्रभारी अनिल राजपूत ने बताया कि हेतराम कोरी की शिकायत पर पुलिस ने प्रहलाद कोरी, रामबाबू कोरी, राजा कोरी, रामकरण कोरी और मुन्नी कोरी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी मामला दर्ज किया है। मामले की विवेचना की जा रही है।
कन्नौज जिले के एक गांव में रोड क्रॉस करते वक्त पिकअप ने बच्ची को टक्कर मार दी। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने आनन-फानन में मृत बच्ची को उठाकर अपनी गाड़ी में डाल लिया और लेकर चले गए। इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया और रोड पर तख्त डालकर जाम लगा दिया। यहां तीन थानों की पुलिस ने मोर्चा संभाला और मामले को किसी तरह शांत कराया। घटना इन्दरगढ़ थाना क्षेत्र के कचाटीपुर गांव की है। रेशमा नागर (50) की रविवार की शाम मौत हो गई, जोकि ठठिया थाना क्षेत्र के बाकी गांव निवासी शिवा नागर की मौसी थीं। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सोमवार सुबह शिवा नागर अपने परिवार के साथ कचाटीपुर गांव पहुंचा था। यहां उसकी 8 वर्षीय बेटी रिया नागर रोड क्रॉस कर रही थी तभी सौरिख की ओर से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना पर इन्दरगढ़ थानाध्यक्ष नीलम सिंह फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गईं। वह बच्ची को अपनी गाड़ी में रखकर तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाने लगीं। परिजनों को जब बच्ची की डेडबॉडी नहीं मिली तो वह लोग आग बबूला हो गए। महिलाएं सड़क पर ही हंगामा करते हुए बैठ गईं। तख्त डालकर और ई-रिक्शा आड़े-तिरक्षे खड़े कर तिर्वा-सौरिख रोड पर जाम लगा दिया। उधर एक्सीडेंट के बाद भीड़ ने पिकअप और उसके ड्राइवर को पकड़ लिया, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया। हंगामा और रोड जाम की सूचना मिलते ही तिर्वा, इन्दरगढ़ और ठठिया थानों की फोर्स वहां पहुंच गई। किसी तरह परिजनों को समझा-बुझाकर पुलिस ने मामला शांत कराया और करीब 30 मिनट बाद जाम खुलवा दिया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें बच्ची की डेडबॉडी नहीं दिखाई गई। पुलिस अपनी गाड़ी में लेकर उसको चली गई, जिससे वह लोग आक्रोशित हो गए।
राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव थाना पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह गंभीर मामला पीड़िता के छह माह की गर्भवती होने के बाद सामने आया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके घर से पकड़ा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नाबालिग को पेट दर्द की शिकायत पर परिजनों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों की जांच में पता चला कि लड़की छह महीने की गर्भवती है। पूछताछ में नाबालिग ने आपबीती बताई। इसके बाद पीड़िता के पिता ने 17 जून को बसंतपुर थाने में आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। क्योंकि घटना डोंगरगांव थाना क्षेत्र की थी, बसंतपुर पुलिस ने 'जीरो' एफआईआर दर्ज कर केस डायरी डोंगरगांव थाने को भेजी। इन धाराओं में केस हुआ दर्ज डोंगरगांव पुलिस ने डायरी मिलते ही अपराध क्रमांक 209/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(1), 65(1) और पाक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल ASP कीर्तन राठौर ने बताया कि एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के संबंध में केस दर्ज किया गया है। इसमें पाक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सुभाष गेडरे (26) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल दाखिल कर दिया गया है।
चंदौली में सड़क-नाली निर्माण की मांग:डेढ़ साल से अटका पड़ा काम, PWD ने बताई तकनीकी कमी
चंदौली जिले के सकलडीहा ब्लॉक क्षेत्र के रेवसा (धुस), पचफेड़वा, सोनकर बस्ती, बसरतिया और आसपास के गांवों के ग्रामीण सड़क और नाली निर्माण की वर्षों से उपेक्षा के कारण आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 2.5 किलोमीटर लंबा कच्चा मार्ग पिछले डेढ़ वर्ष से निर्माण की प्रतीक्षा कर रहा है, जिससे प्रतिदिन दो हजार से अधिक ग्रामीण, किसान, छात्र, महिलाएं और बुजुर्ग आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलभराव से भर जाती है। नाली के अभाव में गंदा पानी रास्तों और घरों तक पहुंच जाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस मार्ग के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और लोक निर्माण विभाग (PWD) से संपर्क किया। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव से रेवसा (धुस) से सोनकर बस्ती होते हुए बसरतिया तक जाने वाले मार्ग एवं पक्की नाली निर्माण को विधायक प्राथमिकता सूची में स्पष्ट रूप से शामिल कर लोक निर्माण विभाग को शीघ्र कार्यवाही करने की मांग की थी। ग्रामीणों ने बताया कि 14 अप्रैल 2025 को विधायक को आवेदन दिया गया था। इसके बाद 28 अप्रैल 2025 को विधायक ने अपने लेटरहेड पर लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। हालांकि, विभाग की ओर से प्राप्त उत्तर में कहा गया कि मार्ग और नाली निर्माण का प्रस्ताव विधायक प्राथमिकता सूची में स्पष्ट रूप से अंकित नहीं है, इसलिए इसे सामान्य मांग मानते हुए कार्ययोजना में शामिल नहीं किया जा सका। रेवसा गांव निवासी अमरीश कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 से यह सड़क कच्ची है। बरसात शुरू होते ही सड़क की हालत इतनी खराब हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने विधायक, सांसद और पीडब्ल्यूडी विभाग से कई बार सड़क और नाली निर्माण की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
दतिया के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां 42 वर्षीय ससुर पर अपनी 20 वर्षीय बहू के साथ छेड़छाड़ करने और विरोध करने पर उसके कपड़े फाड़ने का आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पीड़िता की शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी। उसने शिकायत में बताया कि उसका ससुर अक्सर शराब के नशे में उसके साथ अभद्र व्यवहार करता था और गलत नीयत से बात करता था। 24 मई की रात उसका पति और सास एक शादी समारोह में गए हुए थे। इसी दौरान घर में अकेला पाकर ससुर उसके कमरे में पहुंच गया और छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर कपड़े फाड़ेपीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी ने उसके कपड़े फाड़ दिए। उसने किसी तरह खुद को बचाते हुए दूसरे कमरे में बंद कर लिया और पति व मायके पक्ष को फोन कर घटना की जानकारी दी। परिजन मौके पर पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए। घटना के बाद से वह मायके में रह रही थी। बताया गया है कि परिवार को पूरी घटना बताने के बाद रविवार शाम को पीड़िता अपने पिता के साथ इंदरगढ़ थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी ससुर के खिलाफ छेड़छाड़ से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाश की जा रही है।
कवर्धा में साड़ी दुकान में आग:2 घंटे के बाद दमकल टीम ने पाया काबू, स्टॉक और फर्नीचर जलकर खाक
कवर्धा शहर के महावीर स्वामी चौक स्थित एक होलसेल साड़ी की दुकान में रविवार रात भीषण आग लग गई। रात करीब 10 से 11 बजे के बीच लगी इस आग से लाखों रुपए के नुकसान की आशंका है। दमकल विभाग ने लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने दुकान संचालक और दमकल विभाग को जानकारी दी। दुकान में बड़ी मात्रा में कपड़े और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैली, जिससे आग बुझाने में काफी परेशानी हुई। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। दूर-दूर तक दिखीं आग की लपटें प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें काफी दूर से दिखाई दे रही थीं। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। आग बुझाने के दौरान पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। साड़ियों का स्टॉक और फर्नीचर जलकर खाक प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग से दुकान में रखा साड़ियों का बड़ा स्टॉक, फर्नीचर और अन्य सामान जलकर खाक हो गया है। दुकान मालिक को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन अभी किया जाना बाकी है। शॉर्ट सर्किट की आशंका आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि यह शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी के कारण लगी हो सकती है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
उज्जैन में भगवान महाकाल की भस्म आरती की अनुमति के लिए अब श्रद्धालु तीन माह में केवल एक बार अपने मोबाइल नंबर का उपयोग कर सकेंगे। यह व्यवस्था प्रोटोकॉल से आने वाले ऐसे मोबाइल नंबरों पर भी लागू होगी, जिनसे हर माह भस्म आरती की अनुमति ली जा रही है। हालांकि, मंदिर समिति का कहना है कि यह व्यवस्था पहले से लागू है, जिसे अब और प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। करीब दो वर्ष पहले तक श्रद्धालु भस्म आरती की बुकिंग 15 दिन पहले ऑनलाइन करवा सकते थे। इसके लिए मोबाइल नंबर से जुड़ा कोई विशेष नियम नहीं था। वर्ष 2024 में भस्म आरती की अनुमति को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के चलते तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर से तीन माह बाद ही दोबारा अनुमति देने का निर्णय लिया था। यह व्यवस्था कुछ समय तक लागू रही, लेकिन बाद में बंद कर दी गई थी। अब एक बार फिर भस्म आरती की अनुमति को लेकर मिल रही शिकायतों के चलते मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि एक मोबाइल नंबर का उपयोग तीन माह बाद ही दोबारा किया जा सकेगा। इस व्यवस्था को लागू भी कर दिया गया है। अब जो श्रद्धालु प्रोटोकॉल या अन्य माध्यमों से हर माह भस्म आरती की अनुमति लेकर दर्शन करने आते थे, उन्हें तीन माह बाद ही दोबारा अनुमति मिल सकेगी। महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह व्यवस्था पहले से लागू है। इसे अब और प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। अब एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार मुश्ताक को सोमवार को पांच दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सीआईडी इंटेलिजेंस ने पूछताछ के लिए तीन दिन की अतिरिक्त रिमांड मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। अब आरोपी को 25 जून को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीआईडी इंटेलिजेंस स्पेशल पीपी सुदेश सत्वान ने बताया- जांच के दौरान आरोपी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच की जानी है। पूछताछ में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने चिन्हित कर लिया है। जांच एजेंसियों ने फिलहाल इन लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। सहयोगियों की भी जांच कर रही टीम पांच दिन की रिमांड के दौरान जांच टीम आरोपी को उन स्थानों पर लेकर गई, जहां उसने कथित रूप से फोटो और वीडियो लिए थे। मौके पर जाकर जांच की गई और यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि आरोपी को स्थानीय स्तर पर किस-किस की मदद मिल रही थी। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। लाइव फीड कैमरे लगाने की तैयारी में था गौरतलब है कि सीआईडी इंटेलिजेंस ने मुश्ताक को जैसलमेर से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया है कि वह पिछले करीब दो साल से पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था। आरोप है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देश पर उसने एक चाय की दुकान खोली थी। वहां लाइव फीड कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा था। पाकिस्तानी हैंडलर्स के नंबर मिले जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी सेना और बीएसएफ की गतिविधियों पर नजर रखता था। गूगल मैप और कैमरे की मदद से संवेदनशील स्थानों की सटीक लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजता था। उसके मोबाइल फोन से दो ऐसे नंबर भी मिले हैं, जो खालिद और नजीर अहमद के नाम से सेव थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये दोनों पाकिस्तान में रहकर एजेंटों को ट्रेनिंग देने का काम करते हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपी के नेटवर्क, संपर्कों और आर्थिक लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही हैं तथा इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच जारी है।
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया आज लुधियाना पहुंचे और गुरु नानक भवन के निकट भारत नगर चौक स्थित सोहन लाल पाहवा ऑडिटोरियम में आयोजित ‘अभिनंदन समारोह 2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 300 गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया तथा सफल अभ्यर्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस भव्य समारोह का आयोजन 'सहयोग शिक्षा सेवा समिति (रजि.), लुधियाना' और सहयोगी संस्था 'भारत विकास परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट, पंजाब' द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। लुधियाना के ऋषि नगर सेंटर में मिल रही है निःशुल्क सुविधा कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संतोष तनेजा ने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा में ‘संकल्प’ से जुड़े अभ्यर्थियों का प्रदर्शन इस वर्ष भी बेहद सराहनीय रहा है। वहीं, ‘संकल्प लुधियाना’ के चेयरमैन नरिंदर मित्तल ने बताया कि ऋषि नगर स्थित केंद्र में छात्रों को निःशुल्क वातानुकूलित रीडिंग रूम, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञों द्वारा साक्षात्कार संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति देकर उनकी पढ़ाई में सहायता प्रदान की जाती है। 23 होनहारों का हुआ सम्मान समारोह में कुल 23 नव-चयनित प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इनमें पंजाब के विभिन्न जिलों के युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पटियाला की सिमरनदीप कौर ने ऑल इंडिया 15वीं रैंक प्राप्त की, जबकि मोगा के दीपांशु जिंदल 38वें स्थान पर रहे। वहीं, पटियाला की ही रसनीत कौर ने 51वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया। 307वां रैंक हासिल कर शहर का मान बढ़ाया समारोह के दौरान मंच पर मौजूद इन नव-चयनित अधिकारियों ने अपनी सफलता के सफर और अनुभवों को उपस्थित छात्र-छात्राओं के साथ साझा भी किया। उन्होंने बताया कि कैसे 'संकल्प' संस्थान के मार्गदर्शन ने उनकी सफलता में एक अहम भूमिका निभाई।
घुमका में मकान तोड़ते समय छज्जा ढहा:मलबे में दबकर मजदूर की मौत, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
राजनांदगांव जिले के ग्राम घुमका में रविवार सुबह एक पुराने मकान को तोड़ते समय छज्जा ढह गया। इस हादसे में मलबे में दबकर 28 साल के मजदूर अमर यादव की मौत हो गई। अमर चंडी चौक, घुमका का रहने वाला था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, अमर यादवबिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर समारू वर्मा की टीम में मजदूरी करता था। रविवार सुबह लगभग 7 बजे वह ठेकेदार समारू वर्मा के निर्देश पर घुमका निवासी अशोक साहू के पुराने पक्के मकान को तोड़ने का काम कर रहा था। काम के दौरान जब अमर मकान का छज्जा तोड़ रहा था, तभी वह अचानक भरभराकर ढह गया। संतुलन बिगड़ने से अमर छज्जे के साथ करीब 10 फीट नीचे गिर गया और भारी मलबे के नीचे दब गया। मलबे में दबे अमर को ग्रामीणों ने निकाला छज्जा गिरने की आवाज सुनकर पास बैठे मोहल्ले के नोहेंद्र सिन्हा और अन्य स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद अमर को मलबे से बाहर निकाला। गंभीर हालत में अमर को तुरंत घुमका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था अमर अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर घुमका पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। वह अपने घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी।
जयपुर में रोड किनारे पड़ा मिला शव:25 फीट की ऊंचाई से गिरने से मौत की आशंका, बिहार का रहने वाला था
जयपुर में सोमवार सुबह एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। 25 फीट ऊंची दीवार के पास सड़क किनारे उसका शव पड़ा मिला। जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए शव को एसएमएस (SMS) हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि करीब 25 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण उसकी मौत हुई है। थानाधिकारी (SHO) मुकेश कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान बिहार के वैशाली निवासी अरविंद कुमार ठाकुर (45) के रूप में हुई है। वह ब्रह्मपुरी इलाके में रहकर मजदूरी करता था और नशा करने का आदी था। रविवार को वह मजदूरी करने गया था, जिसके बाद वापस घर नहीं लौटा। सोमवार सुबह करीब 7 बजे मानबाग चौराहा स्थित सुंदर नर्सरी के पास सड़क किनारे उसका शव मिला। एक राहगीर से सूचना मिलने पर जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौका-मुआयना कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। पुलिस का अनुमान है कि मानबाग चौराहे से ऊपर चढ़ते समय रात के अंधेरे में अरविंद को रास्ता नजर नहीं आया और वह 25 फीट ऊंची दीवार से नीचे गिर गया। नीचे पड़े पत्थरों पर गिरने से आई गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
बालाघाट के वैनगंगा नदी के जागपुरघाट में डूबने से युवक की मौत हो गई। युवक की पहचान रघुजी (34) पिता वेंकटेश राणा के रुप में हुई। बताया जा रहा है कि रविवार को नहाने के लिए गया था, जिससे नहाते समय गहरे पानी में समा गया। आज सोमवार को जिला अस्पताल में उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। कोतवाली पुलिस ने शव बरामद कर पंचनामा कार्यवाही के बाद परिजनों को सौंप दिया। युवक दो भाइयों में छोटे था। उसने बीटेक किया था और दो बार पीएससी मेंस परीक्षा भी दिया था। वर्तमान में वह अंग्रेजी विषय से एमए की पढ़ाई कर रहे थे। भाई की तरह प्रोफेसर बनना चाहते थे। युवक की शादी भी हो चुकी थी। तस्वीरे देखिए… पानी में डूबने से युवक की मौत हो गई परिवार युवक की पढ़ाई और करियर को लेकर कई सपने संजोए हुए था। नौकरी न लगने की स्थिति में परिवार उनके व्यवसाय की भी तैयारी कर रहा था। साधन-संपन्न परिवार से आने वाले रघुजी की आकस्मिक मौत से परिवार सदमे में है। प्रथमदृष्टया युवक की मौत पानी में डूबने से प्रतीत हो रही है। हालांकि, पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।
मेरठ में किसानों को हो रहर खाद की कमी और अन्य समस्याओं के संबंध में सोमवार को भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आहवान पर जिला अध्यक्ष करलू प्रधान के नेतृत्व में जिले भर से किसान मुख्यालय पर पहुंचे। पहले किसान कमिश्नरी पार्क में इक्ट्रठा हुआ जहां से वह कलेक्टेट पहुंचेंगे। जिला अध्यक्ष कालू प्रधान का कहना है कि किसान लंबे समय से उनकी समस्याओं को लेकर मांग उठा रहे हैं जिनका समाधान नहीं हो रहा है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान किसान मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपेंगे। किसानों की प्रमुख मांगों में खेती के लिए आवश्यक यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना, अंश फर्द में नाम दर्ज होने में हो रही देरी को समाप्त करना तथा पारिवारिक बंटवारे से संबंधित मामलों का शीघ्र निस्तारण शामिल है। इसके अलावा किसानों ने जमीन के अभिलेखों में समय पर नाम दर्ज न होने और रियल टाइम खतौनी में मौजूद त्रुटियों को भी गंभीर समस्या बताते हुए इनके समाधान की मांग की है।
लखनऊ में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के मुख्यालय के बाहर सोमवार को जूनियर असिस्टेंट अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू हुए तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक रिजल्ट जारी नहीं हुआ है। इससे युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। हरदोई से आए एक अभ्यर्थी ने कहा कि फार्म भरने के बाद से ही लगातार आंदोलन करना पड़ रहा है। कभी वैकेंसी को लेकर, तो कभी परीक्षा कराने की मांग को लेकर और अब रिजल्ट जारी कराने के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है।। 3 तस्वीरें देखिए… प्रदेशभर से पहुंच रहे अभ्यर्थी, लगातार जारी है संघर्ष प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी समय-समय पर लखनऊ पहुंचकर प्रदर्शन करते हैं और आयोग व संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी बात रखते हैं। हालांकि हर बार उन्हें आश्वासन तो मिलता है, लेकिन अभी तक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है और नियुक्तियां भी नहीं हुई हैं। PET-2022 के तहत निकली भर्तियों का परिणाम लंबित अभ्यर्थियों के अनुसार, PET-2022 के आधार पर निकाली गई 1468 पदों वाली ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती और 5512 (संशोधित 5369) पदों की जूनियर असिस्टेंट भर्ती का परिणाम अब तक घोषित नहीं किया गया है। परिणाम में लगातार हो रही देरी से हजारों अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जल्द परिणाम जारी करने और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग प्रदर्शनकारियों ने आयोग से लंबित भर्तियों का परिणाम जल्द घोषित करने और नियुक्ति प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों की तैयारी और परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें नौकरी का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रतापगढ़ पुलिस ने अफीम डोडा चूरा तस्कर को पकड़ा:6 महीने से फरार था, 133 किलो डोडा चूरा जब्त किया था
प्रतापगढ़ की छोटी सादड़ी थाना पुलिस ने अफीम डोडा चूरा तस्करी के मामले में 6 महीने से फरार चल रहे एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चित्तौड़गढ़ के डूंगला निवासी भंवरलाल जणवा के रूप में हुई है। 133 किलो अफीम डोडा चूरा जब्त किया था छोटी सादड़ी थाना अधिकारी प्रवीण टांक ने बताया- पुलिस ने 6 महीने पहले 24 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय राजमार्ग 56 पर गोमाना के पास नाकाबंदी के दौरान एक कार से 133 किलो अफीम डोडा चूरा जब्त किया था। उस दिन, स्वरूपगंज की ओर से आ रही एक कार ने पुलिस नाकाबंदी देखकर कच्चे रास्ते पर मोड़ ली। पुलिस टीम ने पीछा किया, लेकिन चालक कार छोड़कर भाग निकला। कार की तलाशी लेने पर उसमें 8 कट्टों में भरा 133 किलो अफीम डोडा चूरा मिला। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर डोडा चूरा और तस्करी में प्रयुक्त कार को जब्त कर लिया था। मुखबिर की सूचना पर पकड़ा जांच के बाद, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चित्तौड़गढ़ के डूंगला निवासी भंवरलाल जणवा को इस मामले में नामजद किया था। तब से वह फरार चल रहा था। आज मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है।
ग्वालियर शहर में बीते दिन वीवीआईपी मोमेंट को लेकर शहरभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी और पुलिस अलर्ट मोड पर थी। इसी बीच ठाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित श्रीनगर कॉलोनी में चोरों ने एक बंद पड़े मकान को निशाना बनाकर जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना की जानकारी मकान मालिक के लौटने पर सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, शिवम गार्डन, श्रीनगर कॉलोनी निवासी हरिओम रजक वर्तमान में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ जयपुर में रहकर ऑटो चलाते हैं। ग्वालियर स्थित उनके घर में उनकी मां और बच्चे रह रहे थे, लेकिन 10 जून को वे भी जयपुर चले गए थे। इसके बाद मकान कई दिनों से बंद पड़ा था। शुक्रवार और शनिवार की मध्यरात्रि के दौरान अज्ञात बदमाशों ने मकान का मुख्य ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। घर के कमरों की तलाशी लेने के बाद उनकी नजर एक लोहे के संदूक पर पड़ी। आरोपियों ने संदूक का ताला भी तोड़ दिया और उसमें रखे कीमती आभूषण तथा नकदी निकालकर फरार हो गए। चोरी गए सामान में चांदी की चार करधनियां, दो जोड़ी पाजेब, दो चांदी के गुच्छे, सोने का मंगलसूत्र, चार सोने की अंगूठियां, एक जोड़ी कान के फूल, बालियां और करीब 25 हजार रुपए नकद शामिल बताए गए हैं।घटना की जानकारी हरिओम रजक को उनके रिश्तेदार जमुना प्रसाद ने दी, जो पड़ोस में रहते हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि घर के ताले टूटे हुए हैं और चोरी की आशंका है। सूचना मिलते ही हरिओम रविवार रात को ग्वालियर पहुंचे और ठाटीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान दो संदिग्ध युवक कैमरे में कैद हुए हैं, जो चेहरे पर कपड़ा बांधकर कॉलोनी में घूमते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान ने बताया- मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों का पता लगाकर गिरफ्तारी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर की 3 युवतियां प्लेसमेंट के नाम पर चेन्नई पहुंचने के बाद वहां फंस गई हैं। लड़कियों ने वीडियो जारी कर कहा कि, उन्हें घर लौटने नहीं दिया जा रहा है। वापस जाने के लिए 10-10 हजार रुपए जमा करने की शर्त रखी जा रही है। अब पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया है। जानकारी के अनुसार, सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भरतपुर बेलजोरा की प्रतिमा, राधा और जगेश्वरी ने जशपुर में 3 महीने का सिलाई की ट्रेनिंग ली थी। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें बताया गया था कि, चेन्नई में प्लेसमेंट मिलेगा और यदि वहां काम पसंद नहीं आए तो वे वापस घर लौट सकती हैं। इसी भरोसे पर तीनों युवतियां चेन्नई जाने के लिए तैयार हुई थीं। घर लौटने की अनुमति नहीं मिलने का आरोप युवतियों ने वीडियो में बताया कि, उन्हें दो युवती और एक युवक चेन्नई ले गए थे। अब जिस जगह उन्हें काम पर रखा गया है, वहां से वापस लौटने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें चेन्नई छोड़ने वाले लोग अब फोन भी नहीं उठा रहे हैं। वापसी के लिए मांगे जा रहे 10 हजार रुपए युवतियों का कहना है कि, जब उन्होंने घर लौटने की इच्छा जताई तो पहले कुछ दिनों बाद ले जाने का आश्वासन दिया गया। लेकिन अब उन्हें बताया जा रहा है कि घर जाने के लिए हर युवती को 10-10 हजार रुपए जमा करने होंगे। युवतियों ने यह भी कहा कि उन्होंने ट्रेन की टिकट तक बुक करा ली है, लेकिन उन्हें निकलने नहीं दिया जा रहा। वीडियो जारी कर मांगी मदद तीनों युवतियों ने वीडियो के माध्यम से प्रशासन और परिजनों से मदद की अपील की है। उनका कहना है कि वे सुरक्षित अपने घर लौटना चाहती हैं, लेकिन उन्हें वहां से निकलने नहीं दिया जा रहा। विधायक ने एसपी से की बात मामले की जानकारी मिलने के बाद सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने सरगुजा पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल से चर्चा की। विधायक ने तीनों युवतियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। पुलिस जुटी जानकारी एकत्र करने में विधायक ने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस प्रशासन को दे दी गई है और युवतियों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। वहीं सरगुजा पुलिस भी सूचना मिलने के बाद सक्रिय हो गई है और युवतियों के कार्यस्थल और वहां की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। परिजनों की बढ़ी चिंता युवतियों के वीडियो सामने आने के बाद परिजन चिंतित हैं। अब सभी की नजर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर है, जिससे तीनों युवतियों को सुरक्षित उनके घर वापस लाया जा सके।
फतेहाबाद में युवक ने फंदा लगाकर दी जान:4 महीने पहले हुई शादी; 7 दिन पहले मायके गई थी पत्नी
फतेहाबाद के अशोक नगर निवासी युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। युवक माजरा रोड पर मोबाइल शॉप चलाता था। उसकी 4 महीने पहले फरवरी में शादी हुई थी। सूचना पाकर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह में पहुंचाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, अशोक नगर निवासी भैया लाल का 28 वर्षीय बेटा सोनू माजरा रोड पर खुद की मोबाइल शॉप चलाता था। उसकी पत्नी सात दिन पहले ही मायके गई थी। परिजनों के अनुसार, सोनू रविवार रात को खाना खाकर कमरे में सोया था। सुबह देखा तो उसने फंदा लगाया हुआ था। 4 बहन-भाईयों में सबसे छोटा था परिजनों के मुताबिक, सोनू चार बहन-भाईयों में सबसे छोटा था। वह अपने माता-पिता और पत्नी के साथ रहता था। बताया जा रहा है कि रविवार रात को वह होटल से खाना लेकर आया था। इसके बाद माता-पिता और खुद ने खाना खाया। फिर वह कमरे में जाकर सो गया। सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आया, तो माता-पिता ने जाकर देखा।
मानसून सीजन शुरू होने से पहले ही कोटा के सबसे बड़े हॉस्पिटल एमबीएस में मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। अस्पताल के उप अधीक्षक कर्णेश गोयल ने बताया- अभी क्षेत्र में भारी बारिश नहीं हुई है। इसके कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप फिलहाल कंट्रोल में है। रविवार को हुई बारिश के बाद आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पहले ही एडवांस प्लानिंग कर ली है। दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उन्होंने बताया- बारिश के मौसम में आमतौर पर उल्टी-दस्त, दूषित पानी से होने वाले संक्रमण और विभिन्न प्रकार के बुखार के मामले तेजी से बढ़ते हैं। इन स्थितियों से निपटने के लिए अस्पताल के सभी संबंधित वार्डों को पूरी तरह से अपडेट कर दिया गया है। मरीजों के इलाज के लिए दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक है। अस्पताल में मरीजों की वर्तमान स्थिति साझा करते हुए उन्होंने बताया- इस समय अस्पताल की दैनिक ओपीडी लगभग 2100 से 2200 मरीज रोज के स्तर पर चल रही है। मरीजों को सभी आवश्यक दवाइयां अस्पताल के अंदर से ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। अगर कोई जरूरी दवा अस्पताल के मुख्य स्टॉक में उपलब्ध नहीं होती है तो प्रशासन तुरंत एनओसी जारी कर वैकल्पिक माध्यम से मरीज के लिए दवा की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने बताया- अस्पताल में मौसमी बीमारियों के ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीज जनरल मेडिसिन से संबंधित हैं, जिनमें मुख्य रूप से पेट दर्द की समस्या, सामान्य खांसी, जुकाम के ही मरीज आ रहे हैं।
शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में एनएच-46 पर अटलपुर गांव के पास रविवार रात करीब 9:30 बजे एक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार बाइक ने सड़क किनारे खड़े एक 60 वर्षीय बुजुर्ग को टक्कर मार दी। हादसे में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान बदरवास थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी 60 वर्षीय ओंकार सिंह पटेलिया के रूप में हुई है। इस दुर्घटना में बाइक पर सवार दो लोग भी घायल हुए हैं। उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें गुना रेफर किया गया है। फिलहाल घायलों की पहचान नहीं हो पाई है। मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
जालंधर में आर्यन होम्योपैथिक क्लिनिक पर अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। इस वारदात में क्लिनिक के शटर में छेद हो गए और अंदर लगे शीशे टूट गए। जिस समय फायरिंग हुई, उस समय क्लिनिक समेत पूरे इलाके की दुकानें बंद थीं। इसलिए, किसी जानी नुकसान की सूचना नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। दुकानदार महिला बोली- पुलिस ने क्लिनिक सील किया जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात गोली चलने की घटना हुई है। पास ही दुकान चलाने वाली महिला ने बताया कि सुबह जब वह आज दुकान पर पहुंचीं तो वहां पुलिस मौजूद थी। होम्योपैथिक दवाई की दुकान सील करवा दी गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें गोली चलने की जानकारी नहीं है। हालांकि, आसपास चर्चा है कि गोली चली है। दुकान का शटर खुला था, शीशा टूटा था साथ की दुकान चलाने वाले हरविंदर सिंह ने बताया कि गोली चलने की बात सामने आ रही है। यह स्पष्ट नहीं है कि गोली कब चली। उन्होंने कहा कि रविवार होने के कारण सभी दुकानें बंद थीं और सुबह जब वे पहुंचे तो घटना का पता चला। दुकान का शटर खुला था और अंदर शीशा टूटा हुआ मिला। शनिवार को दुकान बंद कर गए थे डॉक्टर वहीं, बगल की दुकान सचदेवा प्रॉपर्टी एडवाइजर के यहां काम करने वाले व्यक्ति ने बताया- यह हमारे बिल्कुल पड़ोस में आर्यन नाम का होम्योपैथिक क्लिनिक है, जहां डॉक्टर संदीप शर्मा और उनके बेटे आर्यन शर्मा बैठते हैं। शनिवार रात को करीब साढ़े 8 बजे वे दुकान बंद करके गए थे और रविवार को दुकान पूरी तरह बंद थी। व्यक्ति ने बताया कि आज सोमवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे जब वे आकर दुकान खोलने लगे, तब देखा कि बाहर कांच बिखरा हुआ है और शटर पर गोली का निशान है। अंदर का शीशा भी टूटा हुआ दिख रहा है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। उसने बताया- इससे पहले कभी उन्हें कोई धमकी मिली हो या ऐसा कोई विवाद हुआ हो, हमारे संज्ञान में ऐसी कोई बात कभी नहीं आई। सुबह जैसे ही पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी गई, वे तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं और आसपास के कैमरों की जांच कर रहे हैं। दुकान मालिक ने ये 2 बातें बताईं… SHO बोले- गोली मजाक में या नशे में चलाई मौके पर पहुंचे थाना 5 के प्रभारी यादविंदर सिंह ने बताया कि हम सारी जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुकान के मालिक ने उन्हें बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और न ही कोई उनके पास बंदूक लेकर आया है। पुलिस अधिकारी ने कहा- मुझे लगता है कि यह गोली किसी ने मजाक में या शराब पीते हुए चलाई है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… अमृतसर में कार का पीछा कर फायरिंग:कारोबारी को 3 गोलियां मारीं, खुद गाड़ी चलाकर दोस्त के पास पहुंचा; VIDEO सामने आया अमृतसर के 88 फुट रोड इलाके में शनिवार शाम को एक कारोबारी युवक पर फायरिंग कर दी गई। दो युवकों ने उसकी गाड़ी का पीछा कर गोलियां मारीं, जिसमें कारोबारी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी पीठ और दिल के पास 3 गोलियां लगी हैं। पढ़ें पूरी खबर…
जिले में प्री-मानसून की अच्छी बारिश के बाद खरीफ सीजन की शुरुआत ने गांवों से लेकर कृषि बाजार तक रौनक बढ़ा दी है। खेतों में जहां किसानों ने बुवाई की तैयारी तेज कर दी है, वहीं बीज-खाद की दुकानें पर भी इन दिनों किसानों की भारी आवाजाही देखी जा रही है। बारिश के बाद जमीन में नमी आने से किसान अब खरीफ फसलों की बुवाई में जुट गए हैं। खास बात यह है कि इस बार किसान सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाजार में भी उनकी हलचल साफ नजर आ रही है। सोयाबीन, मूंग, उड़द और दूसरी दलहनी-तिलहनी फसलों के बीज और खाद खरीदने के लिए किसान दुकानों पर पहुंच रहे हैं। कई जगह सुबह से ही किसानों की भीड़ लग रही है। ऐसे में जिले में खेती का सीजन अब पूरी तरह शुरू होता दिख रहा है। खेतों में तैयारी तेज, बीज-उर्वरक की खरीद बढ़ी प्री-मानसून की बारिश के बाद किसानों ने खेतों का रुख कर लिया है और बुवाई से पहले खेत तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। कहीं जुताई हो रही है तो कहीं नमी का फायदा उठाकर सीधे बुवाई की जा रही है। इसी के साथ बीज-खाद की दुकानों पर भी भीड़ बढ़ गई है। किसान खरीफ सीजन के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले बीज और खाद खरीदने पहुंच रहे हैं। सोयाबीन, मूंग और उड़द जैसे बीजों की मांग सबसे ज्यादा बताई जा रही है। दुकानदारों के यहां किसानों की लगातार आवाजाही बनी हुई है, क्योंकि ज्यादातर किसान समय पर बुवाई करना चाहते हैं। अच्छी बारिश के बाद किसानों को उम्मीद है कि अगर मौसम ने साथ दिया तो इस बार खरीफ फसल अच्छी रह सकती है। यही वजह है कि खेतों के साथ-साथ बाजार में भी खेती से जुड़ी गतिविधियां अचानक बढ़ गई हैं। कृषि विभाग की सलाह, प्रमाणित बीज ही खरीदें बुवाई सीजन को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि किसान सिर्फ अच्छी गुणवत्ता किस्म के बीजों का ही इस्तेमाल करें, ताकि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर मिल सके। इसके साथ ही बीज और खाद खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल जरूर लें। अधिकारियों का कहना है कि कई बार बिना बिल के खरीदी गई सामग्री में बाद में समस्या आने पर किसान के पास कोई आधार नहीं बचता। इसलिए खरीदारी करते समय थोड़ी सावधानी बहुत जरूरी है। विभाग ने यह भी साफ किया है कि सही बीज और सही खाद का चुनाव ही अच्छी फसल की पहली शर्त है। ऐसे में किसान जल्दबाजी में कोई भी सामान लेने के बजाय जांच-परख के बाद ही खरीद करें। बारिश थमी तो सिंचाई करें, नमी बचाने के लिए निराई-गुड़ाई जरूरी कृषि विभाग के अधिकारी शंकर लाल जाट ने किसानों को बुवाई के बाद फसल की देखभाल को लेकर भी सलाह दी है। उन्होंने बताया कि अगर बुवाई के बाद लगातार पांच दिन तक बारिश नहीं होती है तो खेत में हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए, ताकि बीज का जमाव और अंकुरण प्रभावित न हो। वहीं बुवाई के करीब दस दिन बाद निराई-गुड़ाई करने से खेत में नमी बनी रहती है और फसल की बढ़वार बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि अगर लंबे समय तक बारिश नहीं होती है तो कुछ किसानों को दोबारा बुवाई की जरूरत भी पड़ सकती है। इसके अलावा किसानों से उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने की अपील की गई है। विभाग का कहना है कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मददगार हो सकता है। इससे जमीन की सेहत भी बेहतर रहती है और लंबे समय में खेत बंजर होने का खतरा कम होता है।
प्रशासन ने हटाया सरकारी जमीन पर बना चबूतरा:धार्मिक ध्वज विवाद के बाद चला बुलडोजर; पुलिस बल तैनात
सिंगरौली जिले के गनियारी स्थित प्रधानमंत्री आवास क्षेत्र में सोमवार को सरकारी जमीन पर बने एक चबूतरे को प्रशासन ने हटा दिया। धार्मिक ध्वज लगाए जाने को लेकर हुए विवाद के बाद यह कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, देर रात सरकारी जमीन पर चबूतरा बनाकर धार्मिक ध्वज लगाया गया था। सोमवार सुबह इसकी सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और ध्वज हटा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और बहस शुरू हो गई, जिससे मौके पर भीड़ जमा हो गई। बुलडोजर मंगवाकर चबूतरे को हटाया स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और नगर निगम की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। प्रशासन ने बुलडोजर मंगवाकर शासकीय भूमि पर निर्मित चबूतरे को हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस ने हालात को नियंत्रित कर किसी भी अप्रिय घटना को टाल दिया। बजरंग दल के जिला संयोजक राजबली शाह ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से चबूतरा बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। वहीं, मुस्लिम पक्ष के औरंगजेब खान ने बताया कि आगामी त्योहार के लिए ताजिए रखने हेतु यह अस्थायी निर्माण किया गया था, जिसे त्योहार समाप्त होने के बाद स्वयं हटा लिया जाता। उन्होंने क्षेत्र में वर्षों से भाईचारे के साथ धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होने की बात कही। शिकायत मिलने के बाद अतिक्रमण हटाया नगर पुलिस अधीक्षक उमेश प्रजापति ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि संबंधित भूमि शासकीय है और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित क्षेत्र का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर निर्माण किया गया था, वह खेल मैदान के लिए चिन्हित है। शिकायत मिलने के बाद अतिक्रमण हटाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी त्योहारों के लिए नियमानुसार अलग से अनुमति प्रदान की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और प्रशासन निगरानी बनाए हुए है।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चंदा और चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि मामले में अभी तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई और आखिर सरकार किसे बचाने का प्रयास कर रही है। केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थल से करोड़ों रुपए के चंदे और चढ़ावे की चोरी होना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक न तो उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और न ही ईडी अथवा सीबीआई ने कोई कार्रवाई की है। मंदिर से करोड़ों के चंदे की चोरी उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि अयोध्या के राम मंदिर से करोड़ों रुपए के चंदे की चोरी हुई है। उनके अनुसार, लगभग 200 करोड़ रुपए नकद और हीरे-जवाहरात से जुड़े कई बक्से गायब होने की बात सामने आ रही है। इसके बावजूद जांच एजेंसियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं आप संयोजक ने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश, दोनों जगह भाजपा की सरकार है, लेकिन अभी तक न कोई छापेमारी हुई है और न ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उन्हें तुरंत जेल भेजा जाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
जबलपुर शहर के गोहलपुर क्षेत्र में एक युवक पर पास में घूम रहे एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में युवक को शरीर पर कई जगह गंभीर घाव आए। स्थानीय लोगों ने उसे गंभीर हालत में देखा और जैसे-तैसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। गोहलपुर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, मृतक की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है और पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास में जुटी है। जानकारी के मुताबिक, रविवार रात एक युवक गोहलपुर क्षेत्र में घूम रहा था। इसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया और बुरी तरह नोच डाला। अचानक हुए इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल विक्टोरिया अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत उपचार शुरू किया और उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया। बावजूद इसके उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। गोहलपुर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भय और रोष का माहौल है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हमला करने वाला श्वान आवारा था या किसी का पालतू कुत्ता, जिसे खुला छोड़ दिया गया था। फिलहाल मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाई है। इसके लिए पुलिस आसपास के थानों से संपर्क कर रही है। साथ ही लापता व्यक्तियों के रिकॉर्ड और गुमशुदगी की रिपोर्टों की भी जांच की जा रही है, ताकि मृतक के परिजनों तक पहुंचा जा सके।
लोहाणा महापरिषद जोन-13 की संगठनात्मक बैठक रविवार को रायपुर में उत्साह, सौहार्द और समाज सेवा की भावना के साथ संपन्न हुई। बैठक में जोन-13 के नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। उनके सफल कार्यकाल और समाज के प्रति समर्पित सेवा के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं। बैठक में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी समेत छत्तीसगढ़ के कई शहरों से पदाधिकारी और समाजजन शामिल हुए। इस दौरान संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, समाज के हर परिवार तक महापरिषद की गतिविधियां पहुंचाने, युवा पीढ़ी और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान महापरिषद की ओर से संचालित अलग-अलग सेवा और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की गई। पदाधिकारियों को आरोग्य समिति, शिक्षा समिति, मैट्रिमोनियल समिति (लग्न सेतु), महिला समिति, युवा समिति, रोजगार और व्यवसायिक मंच सहित समाज हित में संचालित विभिन्न प्रकल्पों से अवगत कराया गया। सदस्यों को बताया गया कि महापरिषद शिक्षा सहायता, छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता, वैवाहिक सहयोग, युवा सशक्तिकरण, रोजगार अवसर और सामाजिक उत्थान के कार्यक्रमों के जरिए समाज के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि लोहाणा महापरिषद केवल एक सामाजिक संगठन नहीं, बल्कि विश्वभर के लोहाणा समाज को एक सूत्र में जोड़ने वाला सशक्त मंच है। संगठन, सेवा और संस्कारों के माध्यम से समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद बैठक में ट्रस्टी किशनभाई मिरानी, जोन-13 अध्यक्ष प्रकाशभाई दावड़ा, जोन प्रभारी ललितभाई पुजारा, उपाध्यक्ष भरतभाई ठक्कर, सचिव ललितभाई जोबनपुत्रा, छत्तीसगढ़ राज्य अध्यक्ष शैलेशभाई कारिया, महिला विंग की संरक्षिका प्रफुल्लाबेन मिरानी, महिला विंग से प्रगतिबेन मिरानी और युवा विंग से दीप्तिबेन मिरानी मौजूद रहीं। सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को समाज सेवा और संगठन विस्तार के लिए प्रेरित किया। स्विट्जरलैंड से वीडियो कॉल पर जुड़े अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बैठक की विशेष उपलब्धि यह रही कि महापरिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष सतीशभाई विठलानी स्विट्जरलैंड से वीडियो कॉल के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने संगठन की एकता, सेवा भावना और वैश्विक स्तर पर लोहाणा समाज को मजबूत बनाने के लिए सभी से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। नासिक में राष्ट्रीय बैठक का दिया गया निमंत्रण बैठक में आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। इसी क्रम में जुलाई में महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की बैठक का निमंत्रण उपस्थित पदाधिकारियों और समाजजनों को दिया गया। इस बैठक में देशभर के अलग-अलग राज्यों और जोनों से प्रतिनिधि शामिल होंगे। यहां संगठन विस्तार, सामाजिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, युवा सहभागिता और समाज के भविष्य से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। संगठन की मजबूती का लिया संकल्प बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों और समाजजनों ने संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता, सेवा कार्यों के विस्तार और समाज के उत्थान के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।
बैतूल के सांईखेड़ा थाना क्षेत्र में एक गांव में 40 वर्षीय व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। वह रविवार से लापता था और ग्रामीण उसकी तलाश कर रहे थे। सोमवार को उसका शव घर से करीब 300 मीटर दूर एक खेत में पेड़ के नीचे पड़ा मिला। शरीर पर चोट के निशान और शव को अन्य स्थान से लाकर फेंके जाने की आशंका है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान गुणवंत गोविंदराव (40) के रूप में हुई है। वह रविवार सुबह से अपने घर से लापता थे। परिजन और ग्रामीण लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल रहा था। सोमवार को गांव के कुछ लोगों ने खेत में शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। चेहरे, गर्दन और गले पर चोट के निशानप्रारंभिक जांच में गुणवंत के चेहरे, गर्दन और गले पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस का अनुमान है कि शव लगभग एक दिन पुराना है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस खेत में शव मिला है, वहां पहले भी तलाश की गई थी, लेकिन तब शव वहां नहीं था। इससे परिजनों और ग्रामीणों को आशंका है कि हत्या के बाद शव को किसी और जगह से लाकर यहां फेंका गया है। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे और एसडीओपी सुनील लाटा मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। थाना प्रभारी बी.एल. उईके भी पुलिस बल के साथ पहुंचे और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। आबिद अंसारी के नेतृत्व में एफएसएल टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। पीएम के लिए शव जिला अस्पताल भेजाशव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बैतूल भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और हत्या की आशंका पर स्थिति और अधिक स्पष्ट हो पाएगी। थाना प्रभारी बी.एल. उईके ने बताया कि परिस्थितियां संदेहास्पद हैं और हत्या की आशंका के आधार पर पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। मामले के खुलासे के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस टीमें रवाना की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
कोटा में थाने से महज 300 मीटर दूर खड़ी बाइक को चोर 30 सेकंड में चुरा ले गया। मामला अनंतपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां बाइक घर के बाहर खड़ी थी। पूरी वारदात चोरी वाली जगह के पास पूर्व पार्षद के घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। दीनदयाल उपाध्याय नगर के रहने वाले पीड़ित ताराचंद लोधा ने बताया- रोजाना की तरह अपनी मोटरसाइकिल घर के बाहर खड़ी की थी। देर रात 1 बजे एक चोर कुछ ही सेकंड में बाइक का लॉक तोड़कर मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया। पूरी वारदात पास मे ही पूर्व पार्षद सोनू धाकड़ के घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी पहले इलाके की रेकी करता है। मौका मिलते ही बाइक के पास पहुंचकर चोरी कर ले जाता है। सीसीटीवी में तीन से चार संदिग्ध युवक नजर आ रहे हैं, जिससे अंदेशा है कि चोरी की वारदात में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। थाने के इतने पास वाहन चोरी हो रहे हैं तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। क्षेत्रवासियों ने इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
कटनी के लमतरा ब्रिज के पास कन्हावरा मोड़ पर 14 जून को हुए सड़क हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई थी। इस मामले में अब एक नया खुलासा हुआ है। ई-खनिज पोर्टल से सोमवार को सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हाइवा का इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास (ईटीपी) हादसा होने के बाद जारी किया गया था। इस खुलासे ने खनिज परिवहन की वैधता और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त हाइवा के लिए ईटीपी क्रमांक 2610398685, 14 जून को शाम 4:44 बजे जनरेट किया गया था। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कन्हावरा मोड़ पर यह दुर्घटना शाम 4:00 से 4:15 बजे के बीच ही हो चुकी थी। यह स्थिति कई प्रशासनिक और कानूनी सवाल खड़े करती है। यदि वाहन के लिए वैध ट्रांजिट पास हादसे के बाद जारी हुआ, तो वाहन बिना पास के सतना से कटनी के लमतरा ब्रिज तक कैसे पहुंचा? बिना वैध पास के इतनी लंबी दूरी तय करना सीधे तौर पर अवैध खनिज परिवहन की ओर संकेत करता है। ई-खनिज पोर्टल में दर्ज आंकड़ों और भौगोलिक दूरी के विश्लेषण से यह विसंगति और स्पष्ट हो जाती है। सतना जिले के ग्राम सकरिया से कटनी तक की दूरी लगभग 125 किलोमीटर है। पोर्टल के अनुसार, इस दूरी को तय करने में 4 घंटे 10 मिनट का समय लगना चाहिए। यदि ईटीपी में दर्ज शाम 4:44 बजे के समय को वाहन के रवाना होने का समय माना जाए, तो उसे कटनी रात करीब 8:54 बजे पहुंचना था। हालांकि, वाहन शाम 4 बजे ही कटनी में दुर्घटनाग्रस्त हो चुका था। यह विरोधाभास दर्शाता है कि वाहन या तो बिना टीपी के चल रहा था, या फिर दुर्घटना को छिपाने और औपचारिकता पूरी करने के लिए बाद में पोर्टल पर एंट्री की गई। ई-खनिज पोर्टल से प्राप्त आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार इस पूरे खेल में कुछ नाम सामने आए हैं आशुतोष मिश्रा क्रेता अनिल सुहाने वाहन मालिक मेसर्स विजय कुमार कंकने (वाहन क्रमांक: एमपी 21 एच 2099) रिकॉर्ड के मुताबिक वाहन में 18 घनमीटर गिट्टी लोड थी। क्या कहते हैं जिम्मेदारजिस वाहन से एक्सीडेंट हुआ है वह ओवरलोड था, इस संबंध में भंडारण कर्ता को ओवरलोडिंग को लेकर पत्र जारी किया गया है। टीपी के संबंध में अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। यदि समय और पास को लेकर कोई विरोधाभास या गड़बड़ी है, तो यह पूरी तरह से जांच का विषय है।-रत्नेश दीक्षित, जिला खनिज अधिकारी
डिंडोरी में सोमवार को एक 5 वर्षीय बच्चे का शव तीन टुकड़ों में जंगल में मिला है। जानकारी के अनुसार बच्चा 17 जून से लापता था। पुलिस चार दिनों से तलाश कर रही थी। करंजिया थाना क्षेत्र के तरेरा गांव निवासी इख्तियार खान जंगल में लकड़ी लेने गए थे। उनका बेटा इमरान सुबह सोकर उठा और पिता के पीछे जंगल की ओर चला गया। परिजन को लगा कि बच्चा पिता के साथ ही है। पिता के साथ नहीं लौटने पर लापता होने का पता चला इख्तियार लकड़ी लेकर घर लौटे और बेटे के बारे में पूछा, तब परिजन को उसके लापता होने का पता चला। उन्होंने पहले आस-पड़ोस में बच्चे की तलाश की, लेकिन जब वह नहीं मिला तो पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने एक टीम गठित कर जंगल और आसपास के गांवों में सर्चिंग अभियान चलाया। गुमशुदगी की खबर सोशल मीडिया पर भी प्रसारित की गई। सोमवार को गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बच्चे का शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की टीम भी घटनास्थल पर बुलाई गई है।
हरदोई में शारदा नहर पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का 70 फीट का स्लैब गिर गया। हादसे में 2 मजदूर दब गए। दोनों की हालत गंभीर है। हादसा उस वक्त हुआ, जब सोमवार सुबह पुल पर 70 फीट का सीमेंट स्लैब क्रेन से चढ़ाया जा रहा था। हादसे के बाद क्रेन-बुलडोजर से स्लैब हटाकर घायलों को निकाला गया। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घायलों की पहचान सिधौली निवासी राहुल (30) और गेंदालाल (35) के रूप में हुई है। डीएम अनुनय झा ने मामले को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रहे पुल को आरसीएल (RCL) कंपनी बनवा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब डेढ़ माह पहले भी निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया था। हादसे से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए- 29 मई को हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा था, 6 की हुई थी मौत 29 मई को हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब रात 2 बजे गिर गया था। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई थी। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) ने मलबे में फंसे 3 मजदूरों को निकाला था। करीब साढ़े 7 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला था। उस वक्त अफसरों ने बताया था कि आंधी-बारिश के कारण स्लैब गिरा और नीचे सो रहे मजदूर दब गए। पढ़ें पूरी खबर यूपी में पिछले 8 सालों में हुए पुल हादसों के बारे में पढ़िए खबर को लगातार अपडेट की जा रहा है….
फरीदाबाद में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व मंत्री और फरीदाबाद-पलवल एसआइआर कमेटी के प्रभारी करण सिंह दलाल ने दावा किया कि जिले में अब तक केवल 25 से 30 फीसदी मतदाताओं की ही मैपिंग हो सकी है। जिससे 70% वोट नकली होने का आरोप है। उन्होंने कहा कि इससे बाकी वोटों की स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह पैदा होता है। भाजपा नेताओं के घरों पर चल रही प्रक्रिया फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित बीएलए-2 प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे करण दलाल ने कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए कहा कि एसआइआर अभियान को नियमों के अनुसार सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में चलाया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि कई जगहों पर यह काम भाजपा नेताओं और पार्षदों के घरों से संचालित किया जा रहा है, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। 2002-2024 की सूचियां उपलब्ध नहीं दलाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और पार्टी के बीएलए-2 प्रतिनिधियों को अभी तक वर्ष 2002 और 2024 की मतदाता सूचियां उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उनके अनुसार इन सूचियों के बिना सही तरीके से मिलान और सत्यापन संभव नहीं है। एक नाम कई बार रिपीट कांग्रेस नेता ने मतदाता सूची में नामों के दोहराव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं और यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हट जाता है, तो उसे दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया काफी कठिन और लंबी हो सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग से एसआइआर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और सभी राजनीतिक दलों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की।
फतेहाबाद पुलिस ने तोड़फोड़ करने वाला आरोपी पकड़ा:साथियों संग घर में घुसकर मचाया था उत्पात; अब तक 6 काबू
फतेहाबाद की गुरुनानकपुरा चौकी पुलिस ने घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ तथा नकदी छीनने के मामले में गुरुनानकपुरा मोहल्ला निवासी रवि कुमार को काबू किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में अब तक कुल छह आरोपियों को काबू किया जा चुका है। गुरुनानकपुरा चौकी प्रभारी रमेश ने बताया कि गुरुनानकपुरा मोहल्ला निवासी हरेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि पुरानी रंजिश के चलते कई नामजद व अन्य व्यक्तियों ने 6 मार्च की रात उसके घर में घुसकर मारपीट की। दुकान का दरवाजा तोड़ दिया तथा गल्ले से करीब 1500 रुपए निकाल लिए। भाई व रिश्तेदारों के मकानों में फेंके थे ईंट-पत्थर शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बताया था कि आरोपियों ने उसके भाई एवं रिश्तेदारों के मकानों पर ईंट-पत्थर फेंककर नुकसान पहुंचाया तथा उसके चचेरे भाई के मोटरसाइकिल में भी तोड़फोड़ की। इसके अलावा आरोपियों द्वारा जाते समय जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। 7 मार्च को दर्ज किया था केस दर्ज चौकी प्रभारी ने बताया कि इस संबंध में सिटी थाना फतेहाबाद में 7 मार्च को बीएनएस की धारा 191(2), 191(3), 190, 115(2), 333, 351(2), 324(4) व 305 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान गुरुनानकपुरा मोहल्ला फतेहाबाद निवासी रवि कुमार की संलिप्तता पाए जाने पर उसे काबू किया गया। मामले की जांच जारी है।
नौरोजाबाद के पास सड़क पर 4 युवक घायल:बाइक सवार सभी घायल, अस्पताल में भर्ती; पुलिस जांच में जुटी
उमरिया जिले के नौरोजाबाद थाना क्षेत्र में सोमवार को सड़क हादसे में चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना मझगांव के पास हुई। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल उमरिया में भर्ती कराया। पुलिस के अनुसार, ये युवक बाइक क्रमांक MP 20 JDN 3784 पर सवार होकर करकेली से मझगांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात कारण से उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। राहगीरों ने सड़क पर पड़े घायलों को देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसे के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं घायलों में शिवम बैगा, मुकेश बैगा और सुनील बैगा की पहचान कर ली गई है। चौथे घायल युवक की पहचान खबर लिखे जाने तक नहीं हो पाई थी। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। नौरोजाबाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
सपा में टूट का दावा कर उत्तर प्रदेश की सियासत का तापमान बढ़ाने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख और यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को एक बार फिर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। राजभर ने गोमती रिवरफ्रंट घोटाले को लेकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। मंत्री राजभर ने कहा कि गोमती रिवरफ्रंट के लिए आवंटित धनराशि को अखिलेश यादव ने 2017 के विधानसभा चुनाव में खर्च कर दिया। क्योंकि पीएम मोदी की नोटबंदी के कारण वे अतीक अहमद के काले धन का इस्तेमाल नहीं कर सके। राजभर ने यह भी दावा किया कि वह अखिलेश राज के भ्रष्टाचार की फाइल्स एक-एककर सामने लाएंगे। पढ़िए मंत्री राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाया... पूरा बजट खर्च, लेकिन सिर्फ 60% काम हुआ राजभर ने आरोप लगाया कि पूरा बजट खर्च होने के बावजूद गोमती रिवरफ्रंट परियोजना का केवल 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका। बाकी 40 प्रतिशत काम के लिए निर्धारित धन सैफई परिवार की तिजोरी में गया और विधानसभा चुनाव में खर्च कर दिया गया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अखिलेश बाबू को लगा था कि सत्ता में वापसी के बाद उनकी चोरी छिप जाएगी, लेकिन पाप का घड़ा भर चुका था। घोटालेबाजों की सरकार हार गई और सारे घोटाले सामने आ गए। 'जेल में न एसी मिलेगी, न पीसी कर पाएंगे' राजभर ने कहा कि यह अखिलेश राज के भ्रष्टाचार का सिर्फ एक नमूना है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास कई फाइलें हैं और वह एक-एक कर सभी मामलों का खुलासा करेंगे। जांच एजेंसियां गोमती रिवरफ्रंट घोटाले की जांच में जुटी हैं और जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। राजभर ने तंज कसते हुए कहा- धैर्य रखिए, जेल में न एसी मिलेगी, न ट्विटर चलेगा और न ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पाएंगे। अब जानिए गोमती रिवरफ्रंट के बारे में… गोमती रिवर फ्रंट के लिए सपा सरकार ने 1,513 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। जिसमें से 1,437 करोड़ रुपए जारी होने के बाद भी मात्र 60 फीसदी काम ही हुआ है। 95 फीसदी बजट जारी होने के बाद भी 40 फीसदी काम अधूरा ही रहा। आरोप है कि डिफाल्टर कंपनी को ठेका देने के लिए टेंडर की शर्तों में बदलाव किया गया था। पूरे प्रोजेक्ट में करीब 800 टेंडर निकाले गए थे, जिसका अधिकार चीफ इंजीनियर को दे दिया गया था। योगी सरकार ने रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी योगी सरकार ने घोटाले की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आलोक सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। कमेटी की रिपोर्ट पर ही इस प्रकरण में एक्शन शुरू हुआ था। दिसंबर 2017 में रिवर फ्रंट घोटाले में CBI ने FIR दर्ज की थी। यह FIR एक्सईएन रूप सिंह यादव, सुरेंद्र सिंह यादव, मुख्य अभियंता काजिम अली, शिव मंगल यादव, अधीक्षण अभियंता कमलेश्वर सिंह और तत्कालीन मुख्य अभियंता गुलेस चंद समेत 8 लोगों के खिलाफ हुई थी। CBI ने जिन 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, उनमें से 7 लोग विभाग से रिटायर्ड हो चुके हैं। इन सभी लोगों के खिलाफ अधिशाषी अभिवित्तीय अनियमितता और कथित भ्रष्टाचार के धाराओं में केस दर्ज हुआ था। गोमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट में घोटाले की जांच CBI से करवाने की सिफारिश योगी सरकार ने 2017 जुलाई में की थी। सिफारिश में न्यायिक जांच समिति की रिपोर्ट, गोमतीनगर थाने में दर्ज FIR की कॉपी और दूसरे दस्तावेज भी प्रारूप के साथ भेजे गए थे। मानसून सत्र में सपा में टूट का दावा लगातार कर रहे ओम प्रकाश राजभर ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी और मुंबई में शिवसेना (उद्धव गुट) में हुई टूट का हवाला देते हुए दावा किया कि अगला नंबर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान सपा में भी टूट होगी और इसकी अगुवाई 'बागी बलिया का लाल' करेगा। दावा किया कि रामगोपाल यादव ने एक पत्र गृह मंत्री अमित शाह को दिया है। गोमती रिवर फ्रंट के मामले में रामगोपाल यादव के बेटे, शिवपाल यादव, उनके बेटे और उनके परिवार के तमाम लोग शामिल हैं। मैंने कल अखिलेश यादव का बयान पढ़ा, जिसमें उन्होंने कहा कि BJP ने हमारे MLC और MLA को तोड़ लिया है। अब आने वाले दिनों में जो लोग कमजोर और डरपोक हैं, वे टूट जाएंगे। उनके परिवार के 4-5 सदस्यों को छोड़कर हर कोई उन्हें छोड़ने को तैयार है। अखिलेश खुद कह रहे हैं कि डरपोक लोग चले जाएंगे, और हिम्मत वाले और बहादुर लोग हमारे साथ रहेंगे। हालांकि, राजभर के इस दावे को बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय समेत पार्टी के 20 से अधिक सांसद खारिज कर चुके हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी मंत्री राजभर के दावे को बेदम करार चुके हैं। राजभर के खिलाफ लखनऊ में सपा मुख्यालय के बाहर लगी होर्डिंग अखिलेश यादव पर हमलावार ओम प्रकाश राजभर के खिलाफ लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर होर्डिंग भी लगाई गई। सपा नेता इखलाक अहमद ने होर्डिंग लगवाते हुए निशाना साधा। राजभर कि तस्वीर के साथ लिखा 'अरे भाई मेरे विधायक तो खुद सपा का झंडा लगाए घूम रहे है और मैं तोड़ने की बात कर रहा हूं जनता पूछेगी तो क्या जवाब दूगा। मोहम्मद इखलाक ने कहा कि मंत्री ओम प्रकाश राजभर, मंत्री संजय निषाद और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लगातार बयान दे रहे हैं कि समाजवादी पार्टी टूटने जा रही है। ओम प्रकाश राजभर के विधायक समाजवादी पार्टी का झंडा लगाकर घूम रहे हैं। वो लोग अखिलेश यादव को अपना नेता मान रहे हैं। और यह कह रहे हैं कि सपा के सांसद इनके संपर्क में है। निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद पहली बार अखिलेश यादव की वजह से सांसद बने और राजनीति में आगे आए। यह अलग बात है बाद में लालच में आकर सरकार का दामन थाम लिया। -------------- ये खबर भी पढ़ें… अखिलेश के 37 सांसदों से सवाल- क्या सपा टूट रही:16 ने फोन नहीं उठाया, 21 में ज्यादातर बोले- जो चोर होगा, वही जाएगा यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने दावा किया है कि सपा में टूट होने वाली है। इस दावे की सच्चाई जानने के लिए दैनिक भास्कर ने सपा के सभी 37 सांसदों से बात की। 16 सांसदों ने फोन नहीं उठाया, जबकि 21 सांसदों से बातचीत हुई। उनसे दो सवाल पूछे गए। ज्यादातर सांसदों ने राजभर को हवाबाज बताया और किसी भी तरह की नाराजगी से इनकार किया। कहा- जो चोर होगा, जो डरेगा, वही भाजपा में जाएगा। राजभर टीआरपी बटोरने के लिए ऐसे बयान देते हैं। पढ़ें पूरी खबर…
मुज़फ्फरनगर में एक युवक की उसके दोस्त ने गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के मृतक की पत्नी से अवैध संबंध थे। इसी वजह से उसने अपने दोस्त को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 20 जून को मृतक के बेटे का जन्मदिन था। आरोपी रात में पार्टी के बहाने उसे घर से बुलाकर जंगल ले गया। वहां दोनों ने शराब पी। इसके बाद आरोपी ने गमछे से उसका गला घोंट दिया और शव नाले में फेंककर फरार हो गया। रविवार सुबह ग्रामीणों ने नाले में शव पड़ा देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी। मामला शाहपुर थाना क्षेत्र का है। पहले दो तस्वीरें देखिए… जानिए पूरा मामला… शाहपुर थाना क्षेत्र के शाहजुड्डी गांव निवासी रोहित प्राइवेट काम करता था। परिवार में पिता, पत्नी और दो साल का बेटा है। 20 जून को उसके बेटे का जन्मदिन था। शाम को घर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। रोहित के पिता मेहर सिंह ने बताया कि रात में उसके दोस्त राहुल का फोन आया। उसने जन्मदिन की पार्टी मांगी। रोहित ने उसे घर आने के लिए कहा, लेकिन राहुल ने बाहर चलने की बात कही। इसके बाद रात करीब 11 बजे रोहित घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश की, मगर कोई सुराग नहीं मिला। नाले में मिला शव, परिजनों ने किया हंगामा रविवार सुबह गोयला गांव के जंगल के पास स्थित नाले में लोगों ने शव देखा। सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। शव की पहचान रोहित के रूप में होने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा किया और जल्द खुलासे की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और रोहित की कॉल डिटेल खंगाली। इसी आधार पर राहुल की तलाश शुरू की गई। मुठभेड़ में आरोपी को अरेस्ट किया तो खुला राज रविवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी शाहपुर कस्बे में छिपा है। घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने रोहित को पार्टी के बहाने बुलाया था। पहले दोनों ने शराब पी, फिर उसने गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को गोयला गांव के जंगल के पास नाले में फेंक दिया, ताकि किसी को उस पर शक न हो। पुलिस के मुताबिक, राहुल के रोहित की पत्नी से अवैध संबंध थे। उसका लंबे समय से घर आना-जाना था। रोहित को इस संबंध की जानकारी होने लगी थी। इसी वजह से आरोपी ने उसकी हत्या की साजिश रची। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके खिलाफ हत्या, अवैध हथियार रखने और पुलिस पर फायरिंग समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, रोहित झोलाछाप चिकित्सक था और पशुओं का इलाज करता था। उसके पास किसी मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं थी। आरोपी ने जुर्म कबूल किया- एसएसपी SSP संजय वर्मा ने बताया- आरोपी राहुल को पैर पर गोली मारकर पकड़ा गया है। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसके मृतक की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे। घटना वाले दिन दोनों ने पहले साथ में शराब पी और फिर मौका पाकर राहुल ने रोहित की गला दबाकर हत्या कर दी। -------- ये खबर भी पढ़ें 16 साल के लड़के ने भाई-भाभी, भतीजे की हत्या की:गोरखपुर में सोते वक्त वारदात, कमरे में दुबककर बैठ गया यूपी के गोरखपुर में 16 साल के लड़के ने बड़े भाई, भाभी और 3 साल के भतीजे की सोते वक्त गड़ासे से हत्या कर दी। 9 साल की भतीजी ने उसे हत्या करते देख लिया और चिल्लाते हुए कमरे से बाहर भागी। चीख सुनकर माता-पिता की नींद खुल गई। पूरी खबर पढ़ें

