भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में अब 33% महिला पदाधिकारी शामिल होंगी। यह फॉर्मूला संसदीय बोर्ड से लेकर सचिव स्तर तक लागू होगा। राज्यों में भी यही व्यवस्था अपनाई जाएगी। संगठन महासचिव की निगरानी में इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संसद में नारी वंदन विधेयक पास न होने के बाद भाजपा ने अन्य दलों को महिला विरोधी बताने का रुख अपनाया है। ऐसे में संगठन के भीतर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी माना जा रहा है। फिलहाल संसदीय बोर्ड में सिर्फ एक महिला सदस्य है। महासचिव स्तर पर कोई महिला नहीं है, जबकि उपाध्यक्ष और सचिव पदों पर भी संख्या कम है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महिलाओं की हिस्सेदारी 10% से भी कम है।ॉ राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 100 से ज्यादा महिलाएं होंगी तय फॉर्मूले के मुताबिक, 12 सदस्यीय संसदीय बोर्ड में 4 महिलाएं होंगी। 7 महासचिव पदों में से 2, 12 उपाध्यक्ष पदों में से 4 और 11 राष्ट्रीय सचिव पदों में से 3 महिलाओं को दिए जाएंगे। पार्टी के एक सीनियर नेता के मुताबिक, इस बार राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 100 से ज्यादा महिलाओं को जगह मिलेगी। फिलहाल इसमें कुल 396 सदस्य हैं। सुषमा स्वराज की अध्यक्षता में समिति बनी थी 2007 में भाजपा अध्यक्ष रहते हुए राजनाथ सिंह ने संगठन में 33% महिलाओं को जगह देने के लिए सुषमा स्वराज की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी। तब यह सवाल उठा था कि 33% हिस्सेदारी पदों के हिसाब से दी जाए या कुल पदाधिकारियों में महिलाओं की संख्या 33% रखी जाए। 16 अप्रैल को 54 वोट से बिल गिरा था लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई थी। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई थी। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया। पूरी खबर पढ़ें…
उन्नाव में होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज 9 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। प्रत्येक पाली में 2448 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिससे कुल 4896 परीक्षार्थी एक ही दिन में परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्र शहर के अटल बिहारी इंटर कॉलेज जीआईसी सहित विभिन्न प्रमुख विद्यालयों में बनाए गए हैं। शुक्लागंज क्षेत्र में ओपीजेडी को भी एक केंद्र बनाया गया है ताकि स्थानीय अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर जोनल, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। पर्याप्त पुलिस बल भी मौजूद रहेगा। केंद्रों के अंदर और बाहर दोनों जगह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी ताकि परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। जिला प्रशासन के निर्देश पर सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उड़नदस्ते भी सक्रिय रहेंगे। स्थानीय थाना पुलिस को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और नियमित गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा देने पहुंची अभ्यर्थी श्रद्धा ने बताया कि उन्होंने दरोगा भर्ती परीक्षा भी दी थी। अटल बिहारी परीक्षा केंद्र पर नीरज नामक अभ्यर्थी ने बताया कि उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है और दरोगा भर्ती परीक्षा भी दी है। वे पूरी तैयारी के साथ होमगार्ड भर्ती परीक्षा देने आए हैं।
बीकानेर के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सही करियर चयन के उद्देश्य से दैनिक भास्कर एवं ईवा क्लासेज के संयुक्त तत्वावधान में 26 अप्रैल को रविंद्र रंगमंच में ‘सपनों की उड़ान’ करियर काउंसलिंग सेमिनार आयोजित किया जाएगा। यह सेमिनार विद्यार्थियों को करियर की दिशा तय करने, सही विषय चुनने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा। ईवा क्लासेज के डायरेक्टर डॉ. जालुराम मोटसरा ने बताया कि यह सेमिनार हजारों विद्यार्थियों के करियर में मील का पत्थर साबित होगा। इसमें विशेष रूप से SSC और CUET जैसी प्रमुख परीक्षाओं पर फोकस किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को केवल परीक्षा की तैयारी ही नहीं, बल्कि सफलता के व्यावहारिक सूत्र भी बताए जाएंगे। प्रवेश नि:शुल्क, 25 अप्रैल तक रजिस्ट्रेशन सेमिनार में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया है। इच्छुक विद्यार्थी 25 अप्रैल 2026 तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए 9413388280 और 8619406514 पर संपर्क किया जा सकता है। इंग्लिश और फॉरेन लैंग्वेज की बढ़ती जरूरत डॉ. मोटसरा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में उत्कृष्ट अंग्रेजी और एक विदेशी भाषा का ज्ञान अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए बेहद आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका, जापान, चीन और जर्मनी जैसे देशों में शोध और अवसरों के लिए स्थानीय भाषा के साथ अंग्रेजी का ज्ञान अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ईवा क्लासेज विद्यार्थियों के ‘इंग्लिश फोबिया’ को दूर करने में विशेष दक्षता रखता है। साथ ही जनरल नॉलेज, जनरल साइंस और रीजनिंग जैसे विषयों को भी सरल और प्रभावी तरीके से पढ़ाया जाता है। क्यों जरूरी है करियर काउंसलिंग? दसवीं के बाद विषय चयन विद्यार्थियों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय होता है। अक्सर विद्यार्थी और अभिभावक आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स या अन्य विकल्पों को लेकर असमंजस में रहते हैं। ऐसे में करियर काउंसलिंग सही दिशा दिखाने का काम करती है। यह सेमिनार विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता और भविष्य की संभावनाओं के आधार पर सही स्ट्रीम और कोर्स चुनने में मदद करेगा। इससे वे आगे चलकर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और अपने लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता स्पष्ट कर पाएंगे। ईवा क्लासेज के विद्यार्थियों ने रचे सफलता के नए आयाम ईवा क्लासेज के कई विद्यार्थियों ने एक ही तैयारी के दम पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इनमें शिवम सियाग, गणपत गोदारा, हर्षित कुमार कावरा, जयंत चौधरी, दीनदयाल गोदारा और भगीरथ महिया जैसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने SSC, SBI, IBPS, DSSSB, पुलिस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन किया है।
कन्नौज कलक्ट्रेट में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने के तरीके और उनसे जुड़ी शिकायतों को लेकर भी विभाग को चेतावनी दी है। कलक्ट्रेट सभागार में भाजपा विधायक कैलाश राजपूत ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनके घरों में स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि स्मार्ट मीटर से संबंधित सभी शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए। विधायक ने तिर्वा एसडीओ के खिलाफ भी शिकायत की, आरोप लगाया कि वे फोन नहीं उठाते और अक्सर स्विच ऑफ रखते हैं, जिससे बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। विधायक की शिकायत पर जिले की प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान बिजली विभाग ने बताया कि जिले में अब तक 82 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए विभिन्न स्थानों पर कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
बाड़मेर में अप्रैल के लास्ट वीक में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिया है। इस सीजन पहली तापमान 44 डिग्री से पार पहुंचा है। वहीं बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने आगनवाड़ी और प्राइमेरी स्कूल का समय बदल दिया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में हिटवेव का अलर्ट जारी किया है। दरअसल, हर साल अप्रैल के शुरूआती दिनों में गर्मी तेज हो जाती है। लेकिन बैक-टू-बैक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने के कारण गर्मी का असर कम रहा था। लेकिन अप्रैल के आखिरी वीक में गर्मी तेज होने लगी है। बाड़मेर इस सीजन में अब तक कई बार प्रदेश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया है। शुक्रवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जो इस साल अब तक का सबसे अधिक तापमान रहा है। मौसम विभाग के अनुसार थार के इस रेगिस्तानी इलाके में गर्म हवाओं और साफ आसमान के चलते सूरज की किरणें सीधे धरातल पर पड़ रही हैं, जिससे तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। बढ़ते तापमान का सीधा असर बाड़मेर के जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। आंगनवाड़ी और प्राइमेरी स्कूल का समय अब 11:30 बजे तक एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत ने बताया- भीषण गर्मी और हीटवेव की संभावना को देखते हुए बाड़मेर जिले के समस्त सकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा प्री प्राईमरी, कक्षा 1 से 8 तक तथा आंगनबाड़ी केन्द्रो के बच्चों का समय बदला गया है। 25 अप्रैल से अग्रिम आदेश तक समय प्रातः 07:30 से 11:30 बजे तक किया गया है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णसिंह महेचा ने बताया कि इस दौरान संबंधित विद्यालयों में कार्यरत शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कार्मिको को पूर्ववत विभागीय समयानुसार उपस्थिति देनी होगी l मनरेगा का समय बदला जिला परिषद सीओ रवि कुमार ने बताया- वर्तमान में प्रदेश में प्रचंड गर्मी के दृष्टिगत मनरेगा कार्यों का समय सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक करने के निर्देश दिए गए है। यदि कोई श्रमिक समूह समय से पूर्व निर्धारित टास्क के अनुसार कार्य पूर्ण कर लेता है। वह कार्य की माप मेट के पास उपलब्ध मस्टररोल में दर्ज टास्क प्रपत्र में करवाने एवं समूह के मुखिया के हस्ताक्षर के बाद एनएमएमएस की निर्धारित प्रकियानुसार दूसरी पारी की हाजरी दर्ज करवाने के बाद कार्य स्थल छोड़ सकता है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच से जुड़े विवादित आदेशों के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने पूर्व में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के निर्देश को वापस लेते हुए अब पूरे मामले को प्रशासनिक समिति के हवाले कर दिया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ग्वालियर बेंच के जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता के कथित विवादित आदेशों को लेकर चल रही सुओ मोटू कार्यवाही में अहम मोड़ आ गया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने इस मामले में 22 सितंबर 2025 को पारित उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें रजिस्ट्रार जनरल को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर करने के निर्देश दिए गए थे। दरअसल, यह मामला तब शुरू हुआ था जब जस्टिस अतुल श्रीधरन की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने जस्टिस गुप्ता द्वारा पारित दो आदेशों पर आपत्ति जताई थी। इन आदेशों में शिवपुरी के एडीशनल जज विवेक शर्मा के खिलाफ की गई टिप्पणियों को न्यायिक अधिकार क्षेत्र से परे बताया गया था। जस्टिस श्रीधरन की पीठ ने माना था कि न्यायिक अनुशासन के चलते हाईकोर्ट स्वयं इन आदेशों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता, इसलिए उनकी समीक्षा केवल सुप्रीम कोर्ट ही कर सकता है। इसी आधार पर रजिस्ट्रार जनरल को एसएलपी दायर करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, बाद में जस्टिस श्रीधरन के इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर के बाद मामले की फाइलें फिर से तलब की गईं और प्रिंसिपल रजिस्ट्रार विजिलेंस से रिपोर्ट मांगी गई। इसके बाद पूरा मामला हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति को भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के 9 अप्रैल 2026 के एक महत्वपूर्ण आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी न्यायिक आदेश में त्रुटि या कमी नजर आती है, तो पहले उसे हाईकोर्ट के इन-हाउस मैकेनिज्म के तहत ही देखा जाना चाहिए। इसी आधार पर कोर्ट ने कहा कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पहले से ही ऐसी व्यवस्था मौजूद है, जिसके तहत न्यायाधीशों के आदेशों में की गई टिप्पणियों या सिफारिशों की समीक्षा प्रशासनिक समिति करती है। डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि चूंकि मामला पहले से ही प्रशासनिक समिति के विचाराधीन है, इसलिए सुओ मोटू कार्यवाही को यहीं समाप्त किया जाता है। अब आगे की कार्रवाई समिति की सिफारिश और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के अनुसार होगी। ये था मामला 12 सितंबर 2025 को जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता ने एक आदेश पारित कर शिवपुरी एएसजे विवेक शर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। यह मामला एक धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़ा था, जिसमें एएसजे शर्मा ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए थे। बाद में आरोपी ने जमानत याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई जस्टिस गुप्ता की बेंच में हुई। जस्टिस अतुल श्रीधरन की आपत्ति जस्टिस अतुल श्रीधरन ने जस्टिस गुप्ता के आदेश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह आदेश बिना अधिकार क्षेत्र के पारित किया गया है। उन्होंने इस आदेश पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि जस्टिस गुप्ता की टिप्पणियां अभद्र और अनुचित थीं। जस्टिस श्रीधरन ने यह भी उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि निचली अदालतों के जजों पर इस तरह की टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्देश जस्टिस श्रीधरन की बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह 10 दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर करे, ताकि जस्टिस गुप्ता के आदेश को चुनौती दी जा सके।
उत्तर प्रदेश होमगार्ड-2025 की लिखित परीक्षा शनिवार से कौशांबी जिले में शुरू हो गई है। यह परीक्षा तीन दिनों तक चलेगी। जिले के छह परीक्षा केंद्रों पर कुल 12,384 अभ्यर्थी इसमें शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए हैं। कौशांबी में होमगार्ड भर्ती परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। प्रत्येक पाली में 2064 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया लगभग 240 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी। प्रत्येक कक्ष और परिसर पर कैमरों से लगातार नजर रखी जाएगी। जिले में होमगार्ड लिखित परीक्षा के लिए छह केंद्र बनाए गए हैं। इनमें करारी इंटर कॉलेज करारी, कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कॉलेज भरवारी, महात्मा ज्योतिबा फुले राजकीय पॉलिटेक्निक टेवा, नेशनल इंटर कॉलेज भरवारी, एसएवी इंटर कॉलेज सिराथू और श्री हुबलाल इंटर कॉलेज चायल शामिल हैं। परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों और अधिकारियों की पर्याप्त तैनाती की गई है। प्रत्येक कक्ष में एक कक्ष निरीक्षक और एक सहायक कक्ष निरीक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक, सहायक केंद्र व्यवस्थापक, सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेंगे। कुल 105 कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। अभ्यर्थियों को सघन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
शहडोल के खैरहा थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव में खाने को लेकर दो भाइयों में विवाद हो गया। इस दौरान छोटे भाई ने अपने बड़े भाई की सब्बल से वार कर हत्या कर दी। घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे की है। मृतक की पहचान पन्नेलाल कोल (52) के रूप में हुई है। खाने को लेकर दोनों भाइयों में हुई कहासुनी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पन्नेलाल कोल अपने घर पर मौजूद थे, तभी उनका छोटा भाई जगमोहन कोल वहां पहुंचा। दोनों के बीच सामान्य बातचीत चल रही थी, जब भोजन के संबंध में पूछे गए सवाल पर जगमोहन ने खाने से इनकार कर दिया। इसी बात पर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बड़े भाई के सिर पर सब्बल से किया वार विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर जगमोहन ने पास रखी लोहे की सब्बल उठा ली। उसने पन्नेलाल के सिर पर जोरदार हमला किया, जिससे पन्नेलाल ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हालांकि, तब तक आरोपी जगमोहन कोल वहां से फरार हो चुका था। सूचना मिलते ही खैरहा थाना प्रभारी उमा शंकर चतुर्वेदी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। आरोपी छोटा भाई मर्डर के बाद फरार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी बुढ़ार विकास पांडेय भी मौके पर पहुंचे और पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। एसडीओपी विकास पांडेय ने बताया कि आपसी विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या की है। आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है और पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
सतना में बच्चे के प्राइवेट पार्ट में घुसा सरिया:मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर जान बचाई
सतना के टिकरिया गांव में शुक्रवार को खेलते समय एक 6 साल के बच्चे के शरीर में लोहे का सरिया घुस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इमरजेंसी ऑपरेशन कर बच्चे की जान बचा ली। फिलहाल बच्चा अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, टिकरिया गांव निवासी अमन रावत अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान वह लोहे की सरिया के संपर्क में आया और अचानक संतुलन बिगड़ने से उस पर गिर पड़ा। गिरते ही सरिया उसके शरीर के एक नाजुक हिस्से में घुस गया। इस वजह से बच्चे को तेज दर्द हुआ और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने बच्चे को मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर हालत में किया गया रेफर डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए उसे तुरंत जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया, ताकि बेहतर इलाज मिल सके। जिला अस्पताल पहुंचते ही मेडिकल कॉलेज की टीम ने बिना समय गंवाए बच्चे का इलाज शुरू कर दिया। उसे तुरंत इमरजेंसी में लिया गया। तुरंत लिया गया ऑपरेशन का फैसला सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. अनुराग जैन के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने स्थिति को देखते हुए तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। डॉ. आनंद गुप्ता, डॉ. नीलेश पांडेय और डॉ. सौहार्द जैन की टीम ने करीब आधे घंटे तक जटिल सर्जरी की। इस दौरान सरिया को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। समय पर इलाज से बची जान डॉक्टरों के अनुसार, यदि इलाज में थोड़ी भी देरी होती तो अधिक रक्तस्राव या संक्रमण के कारण बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। फिलहाल बच्चे को सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उसकी हालत स्थिर है और लगातार उपचार जारी है।
रायसेन के सांची रोड स्थित कोड़ी के पास भोपाल-रायसेन-विदिशा औद्योगिक कॉरिडोर के तहत बन रही फोरलेन सड़क वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। निर्माण कंपनी द्वारा किए गए अव्यवस्थित डायवर्जन और गलत बैरिकेडिंग के कारण चालक लगातार रास्ता भटक रहे हैं। यहां बनाए गए अस्थायी तिराहे पर स्पष्ट संकेतक बोर्ड (Signage) न होने से भोपाल, सांची, सागर और विदिशा जाने वाले लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिससे उन्हें अपनी यात्रा में 10 से 15 मिनट का अतिरिक्त समय लग रहा है। संकेतक बोर्ड के अभाव में रास्ता भटक रहे चालक औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण के दौरान कंपनी ने सांची-रायसेन मार्ग को डायवर्ट किया है। हालांकि, यह डायवर्जन व्यवस्थित नहीं होने के कारण चालकों के लिए भ्रम पैदा कर रहा है। कोड़ी के पास बने अस्थायी तिराहे पर न तो बैरिकेडिंग सही दिशा में की गई है और न ही दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप, भोपाल से विदिशा या सागर की ओर जाने वाले वाहन चालक गलत दिशा में मुड़ रहे हैं और काफी आगे निकलने के बाद वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं। शादी सीजन में बढ़ी मुसीबत, 15 मिनट की देरी वर्तमान में शादियों का सीजन होने के कारण इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव काफी ज्यादा है। रायसेन से विदिशा जाने वाले चालक रास्ता समझ न आने पर सांची की ओर पहुंच जाते हैं। इस अव्यवस्था के कारण हर वाहन चालक को करीब 10 से 15 मिनट की देरी हो रही है। राह चलते लोगों को रास्ता पूछने के लिए रुकना पड़ रहा है, जिससे सड़क पर ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति भी बन रही है। स्थानीय लोगों ने की स्पष्ट बैरिकेडिंग की मांग अव्यवस्थित डायवर्जन को लेकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में नाराजगी है। लोगों ने निर्माण कंपनी से मांग की है कि मोड़ और तिराहे पर बड़े और स्पष्ट संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही, बैरिकेडिंग को इस तरह व्यवस्थित किया जाए जिससे वाहन चालक स्वतः सही दिशा में मुड़ सकें। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सुधार नहीं किया गया, तो रात के समय यहां दुर्घटना की संभावना भी बढ़ सकती है।
गाजियाबाद पुलिस लाइन में कमिश्नरेट गाजियाबाद में कुल 582 रंगरूटों की 9 महीने की ट्रेनिंग पूरी हो गई। इन सभी का प्रशिक्षण पूरा होने पर कल 26 अप्रैल को को पासिंग आउट परेड कार्यक्रम है। इसके लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गईं हैं। पुलिस लाइन ग्राउंड को सजाया गया है। परेड स्थल पर बाहरी लोगों को आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। मैदान में बीच में हरी घास तैयार की गई है, वहीं चारों तरफ मिट्टी को समतल कर लिपाई की गई है। रात में सामूहिक भोज का आयोजन पासिंग आउट परेड के उपलक्ष्य में शुक्रवार रात ट्रेनिंग करने वाले सभी रंगरूटों के साथ अधिकारियों द्वारा सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड, एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय केशव कुमार चौधरी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर राज करन नैयर, डीसीपी धवल जासवाल, डीसीपी एसएन तिवारी, एसीपी प्रियाशीपाल आरआई चंद्रभान सिंह, आरआई धर्मेंद्र सिंह ने सभी को भोजन परोसकर उन्हें पुलिस सेवा की परम्पराओं, अनुशासन तथा सेवा भावना का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया। अलग अलग कार्यक्रमों का आयोजन कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं द्वारा अलग अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। जिसमें प्रशिक्षुओं द्वारा नृत्य, संगीत, नाटक, कवितापाठ और लोकगीत जैसी विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया। प्रशिक्षुओं द्वारा पारम्परिक लोकनृत्य, आधुनिक नृत्य एवं गीतों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता को दर्शाया। सामूहिक भोज का आयोजन न केवल प्रशिक्षु सिपाहियों के लिए एक सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार करने के लि किया गया, बल्कि इसका उद्देश्य उन्हें पुलिस सेवा की गरिमा, अनुशासन और परंपराओं का अनुभव कराना भी था। हमेशा अनुशासन में रहें एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजकरण नैय्यर ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भावना ही पुलिस बल की असली पहचान है। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर ने कहा कि हमेशा अनुशासन में रहें। पहचान एक दिन में नहीं बनती। ऐसा कोई काम न करें जिससे पुलिस की छवि पर सवाल उठें।
पानीपत के थाना सनौली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव नन्हेड़ा में जमीनी विवाद को लेकर समालखा बार एसोसिएशन के प्रधान और उनके दो भाइयों पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने अपने 10-12 अन्य साथियों के साथ मिलकर खेत में घुसकर गंडासी, लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खेत में पानी चलाने गए भाई को दी धमकी समालखा बार एसोसिएशन के प्रधान और पेशे से वकील अशोक कुमार निवासी नन्हेड़ा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 अप्रैल 2024 की शाम करीब 7:30-8:00 बजे वह अपने भाई संसार और पहल सिंह के साथ जलालपुर-बापौली रोड स्थित अपने खेतों में गए थे। जब उनका भाई पहल सिंह खेत में पानी चलाने गया, तो पड़ोसी अनिल और जॉनी ने उनके खेत में जबरन गेहूं और भूसा निकाल रखा था। विरोध करने पर आरोपियों ने देख लेने की धमकी दी। मोटरसाइकिलों पर आए 10-12 हमलावर शिकायत के अनुसार, कुछ ही देर में मोटरसाइकिलों पर सवार होकर करीब 10-12 लोग वहां पहुंचे। अनिल हाथ में गंडासी लेकर ललकारते हुए आया और संसार के सिर पर सीधा वार कर दिया। इसके बाद जॉनी ने लोहे की रॉड से संसार और पहल सिंह के हाथों पर हमला किया। सोनू ने डंडों से ताबड़तोड़ वार किए। आरोपियों के साथ आए बिट्टू (निवासी नन्हेड़ा) और सतपाल (निवासी जलालपुर) ने भी लाठी-डंडों से अशोक कुमार और उनके भाइयों को बुरी तरह पीटा। यमुना पार के खेतों को लेकर चल रहा है विवाद अशोक कुमार ने बताया कि हमलावर मारपीट करते हुए धमकी दे रहे थे कि यमुना पार वाले खेतों पर कानूनी कार्रवाई बंद कर दो, वरना जान से मार देंगे। पीड़ित वकील का आरोप है कि आरोपी अनिल पहले भी कई बार उन्हें जान से मारने की धमकी दे चुका था। घटना वाले दिन भी हल्का पटवारी के दफ्तर में अनिल ने उन्हें धमकी दी थी, जिसकी शिकायत उन्होंने तुरंत एसडीएम समालखा को दी थी। पुलिस कार्रवाई मारपीट में घायल हुए वकील और उनके भाइयों का उपचार करवाया गया है। सनौली थाना पुलिस ने अशोक कुमार की शिकायत पर अनिल, जॉनी, सोनू, बिट्टू, सतपाल और 10-12 अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमला करने, बंधक बनाने और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
लुधियाना के हैबोवाल जवंद विहार संधू नगर इलाके में एक होजरी फैक्ट्री के भीतर हुए सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने आज बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी चाचा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि वारदात वाली रात शराब के नशे में शुरू हुई मामूली बहस ने खूनी मोड़ ले लिया और चाचा ने अपने ही भतीजे को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस मामले में आज औपचारिक रूप से धारा 103 (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई सुनियोजित हत्या नहीं थी बल्कि नशे की हालत में उपजे गुस्से का खौफनाक अंजाम था। पुलिस ने आरोपी बच्चे लाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी यूपी के जिला श्रावस्ती के गांव गलगल कोटिया का रहने वाला है। खुलासा: शराब के दौर के बाद हुई गाली-गलौज और कत्ल पुलिस ने बताया कि वारदात वाली रात फैक्ट्री में चाचा बच्चे लाल और उसका भतीजा एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। शराब के नशे में दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे को गालियां देने लगे। गाली-गलौज से गुस्साए चाचा बच्चे लाल ने तैश में आकर पास पड़ा लकड़ी का भारी स्टूल उठाया और भतीजे के सिर पर दे मारा। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण भतीजे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। क्या था पूरा मामला? यह घटना संधू नगर स्थित एक होजरी फैक्ट्री की है। फैक्ट्री मालिक उमी लाली के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे उन्हें ठेकेदार राहुल का फोन आया कि फैक्ट्री में रह रहे लड़कों के बीच झगड़ा हो गया है। जब मालिक और पुलिस मौके पर पहुंचे, तो खून से लथपथ शव पड़ा मिला।बताया जा रहा है कि आरोपी भतीजे खुद ही करीब एक महीना पहले अपने चाचा को काम दिलाने के लिए लुधियाना लेकर आया था। उसे क्या पता था कि जिस चाचा का वह सहारा बन रहा है वही उसे मोत के पास ले जाएगा ।
बिलासपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 29 तारबाहर में उपचुनाव से पहले मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इसमें बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जारी वोटर लिस्ट से 201 मतदाताओं के नाम गायब हैं, जिस पर कांग्रेस ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और इसे बीजेपी का षडयंत्र बताया है। कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर से शिकायत कर काटे गए नामों को जोड़ने की मांग की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने बताया कि एसआईआर के बाद प्रकाशित भाग संख्या 201 और 203, जिन्हें अब नगर निगम नामावली में भाग संख्या 6 और 8 के रूप में शामिल किया गया है। उनमें से 201 मतदाताओं के नाम त्रुटिपूर्वक विलोपित कर दिए गए हैं। पहली नजर में यह मामला बीएलओ की लापरवाही लगता है। इसी कारण इन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से वार्ड नंबर 28 में डाल दिए गए हैं, जबकि वे सभी वार्ड 29 के ही रहने वाले हैं। बीएलओ ने किया था सत्यापन, प्रमाण के साथ की शिकायत सिद्धांशु मिश्रा ने बताया कि 22 अप्रैल को हल्का पटवारी, बीएलओ और अन्य अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन भी कर चुके हैं, जिसमें स्पष्ट हुआ कि सभी 201 मतदाता वार्ड 29 के ही निवासी हैं। इसके अलावा 17 अप्रैल को दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के तहत विधिवत आपत्ति भी दर्ज कराई जा चुकी है। पार्षद चुनाव में जीत-हार तय करने के लिए किया गया षडयंत्र उन्होंने कहा कि वार्ड चुनाव में जीत-हार का अंतर बेहद कम वोटों से होता है, ऐसे में 201 मतदाताओं के नाम हटाकर अन्य वार्ड में जोड़ना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने इस सत्ताधारी दल भाजपा का षडयंत्र बताया है। उनके नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सुधार की मांग की। साथ ही काटे गए मतदाताओं के नाम नहीं जोड़ने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भरत कश्यप, शिबली मिराज, संतोष गर्ग, मोहम्मद आजम, तरुण यादव, विक्की यादव, सुजल खरे, नरेंद्र टंडन, जयपाल निर्मलकर, दीपक कौशिक, तस्लीम खान सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में छात्रा यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर को महाविद्यालय प्रशासन ने बर्खास्त कर दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के नेतृत्व में छात्रों के प्रदर्शन के दबाव में यह फैसला लिया गया। साथ ही, पीड़ित छात्रा पर दबाव बनाने वाले सहयोगी शिक्षकों को कोर्स कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया गया। पीड़ित छात्रा पिछले दो माह से न्याय की लड़ाई लड़ रही थी। उसने पीएमओ और यूजीसी तक गुहार लगाई थी। अभाविप महानगर मंत्री प्रतीक मिश्र ने इसे 'सत्य की जीत' बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई शिक्षण संस्थानों में नैतिकता व छात्र सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है। प्रोफेसर पर कार्रवाई अनुशासन समिति के निर्णय पर आधारित है। हालांकि, छात्रों के विरोध के बाद प्रशासन ने मामले पर पुनर्विचार की मांग स्वीकार कर ली। प्राचार्य प्रो. आनंद शंकर सिंह ने बताया कि इसे सोमवार को समिति के समक्ष दोबारा रखा जाएगा, जहां छात्रा के पक्ष की समीक्षा के बाद अंतिम फैसला होगा। फिलहाल, छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। प्रोफेसर समर्थक छात्रों ने जताया विरोध कॉलेज परिसर में प्रोफेसर के समर्थन में बड़ा छात्र गुट उतर आया। समर्थकों ने आरोपों को 'बेबुनियाद' व 'शिक्षक की छवि धूमिल करने की साजिश' करार दिया। उन्होंने प्रोफेसर को ससम्मान बहाल करने की मांग की। कॉलेज में दो गुटों के बीच तनाव बढ़ गया है। प्रशासन ने वार्ता का प्रयास किया, लेकिन गतिरोध बरकरार है।
अलीगढ़ में सुबह से मौसम गर्म, यलो अलर्ट जारी:शनिवार को 44.0°C से अधिक तापमान रहने की संभावना
अलीगढ़ में भीषण गर्मी ने आम जनजीवन पर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। सुबह से ही सूरज निकलने के साथ ही तापमान में गर्म होना शुरू हो जाता है। लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए मौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो अप्रैल के महीने में साल 2010 के बाद यह पहली बार होगा जब पारा इस स्तर तक पहुंचेगा। सुबह से ही बढ़ने लगी गर्मी शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और बाजारों की रफ्तार लगभग थम गई। लोग चेहरे पर स्कार्फ बांधकर और सिर ढककर ही बाहर निकलने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं। शनिवार को सुबह से ही तापमान में गर्मी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 18 अप्रैल 2010 को अलीगढ़ में 44.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था, जो अब तक का ऑल टाइम हाई है। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए लू का यह असर रविवार तक बने रहने की संभावना है। अलीगढ़ के क्लाइमेट स्कोर में भारी गिरावट इस बदलाव के पीछे जलवायु परिवर्तन के कुछ आंकड़े सामने आए हैं। नई दिल्ली स्थित जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य राष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुसार पिछले 16 वर्षों में अलीगढ़ के क्लाइमेट स्कोर में 36.6 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। औद्योगिक गतिविधियों, घटते हरित क्षेत्र और बढ़ते शहरीकरण के कारण जिले के तापमान में लगभग 13.08% का असंतुलित परिवर्तन दर्ज किया गया है। वर्तमान में गर्मी की तीव्रता का स्तर 76 तक पहुंच चुका है। दोपहर में बाहर निकलने से बचें डॉ. मोहम्मद शाकिर का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, क्योंकि लू लगने पर चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में पानी की कमी न होने दें और नींबू पानी या छाछ का निरंतर सेवन करते रहें। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है, इसलिए उन्हें ठंडी और छायादार जगहों पर ही रखें।
यात्रियों की सुविधा एवं समर वेकेशन के दौरान बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे तीन जोड़ी स्पेशल अनारक्षित ट्रेन चलाने जा रहा है। यह ट्रेनें रतलाम रेल मंडल से होकर चलेगी। गाड़ी संख्या 09007 उधना दानापुर स्पेशल 26 अप्रैल रविवार को उधना से 1.30 बजे चलेगी। अगले दिन 12 बजे दानापुर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम (08.17/08.18 रविवार) एवं उज्जैन 10.47/10.57) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। गाड़ी संख्या 09008 दानापुर उधना स्पेशल 27 अप्रैल सोमवार को दानापुर से 15 बजे चलेगी। अगले बुधवार को 1.15 बजे उधना रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का उज्जैन (17.17/17.20, मंगलवार) एवं रतलाम (19.40/19.45) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। उधना-जयनगर-उधना गाड़ी संख्या 09003 उधना जयनगर स्पेशल 26 अप्रैल रविवार को उधना से 00.30 बजे चलेगी। सोमवार को 20 बजे जयनगर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम (07.17/07.27, रविवार) एवं उज्जैन (09.47/09.57) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। गाड़ी संख्या 09004 जयनगर उधना स्पेशल 27 अप्रैल सोमवार को जयनगर से 23 बजे चलेगी। बुधवार को 16.30 बजे उधना पहुँचेगी। इस ट्रेन का उज्जैन (08.29/08.32) एवं रतलाम (10.52/10.57) बजे आगमन-प्रस्थान होगा। उधना-दानापुर-उधना गाड़ी संख्या 09021 उधना दानापुर स्पेशल 26 अप्रैल रविवार को उधना से 14.30 बजे चलेगी। मंगलवार को रात्रि 1 बजे दानापुर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम (21.17/21.27 रविवार) एवं उज्जैन (23.47/23.57) बजे आगमन प्रस्थान होगा। गाड़ी संख्या 09022 दानापुर उधना स्पेशल 27 अप्रैल सोमवार को दानापुर से 4 बजे चलेगी। अगले दिन 14.15 बजे उधना रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का उज्जैन (06.17/06.20, मंगलवार) एवं रतलाम (08.40/08.45) बजे आगमन-प्रस्थान होगा।
यूपी होमगार्ड के करीब 42 हजार पदों को भरने के लिए होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज से हो रही है। यह परीक्षा शनिवार से सोमवार तक होगी। परीक्षा में करीब 25 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में सुबह 10 से 12 और शाम 3 से 5 बजे तक होगी। शनिवार की परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों तक आने शुरू हो गए हैं। परीक्षा के दौरान 3 दिन तक प्रदेश पुलिस अलर्ट पर रहेगी। उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष एसबी शिरडकर ने बताया- श्रावस्ती को छोड़कर अन्य सभी जिलों में एक हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के सकुशल आयोजन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिनकी देखरेख में प्रश्नपत्र जिलों के स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा में पहुंच चुके हैं। परीक्षा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहेंगे। होमगार्ड भर्ती परीक्षा से जुड़े लाइव अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए…
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से आयोजित होमगार्ड एनरोलमेंट परीक्षा-2025 आज से शुरू हो रही है। वाराणसी के 45 सेंटरों पर सुबह 10 से 12 बजे तक और दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। वाराणसी जनपद में बनाए गए सेंटरों पर 3 दिन में 20,112 परीक्षार्थी शामिल होंगे। शनिवार को पहले दिन सुबह से ही एग्जाम सेंटर पर भीड़ देखी जा रही है। सुबह 8 बजे से ही छात्रों को एग्जाम सेंटर में प्रवेश दिया जा रहा है। इसके पहले सख्त चेकिंग की जा रही है। साथ ही अंदर बायोमैट्रिक जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिला रहा है। वहीं पूरे केंद्र की सीसीटीवी से मॉनिटरिंग की जा रही है। होमगार्ड एनरोलमेंट परीक्षा आज से वाराणसी में 45 केंद्र पर होमगार्ड एनरोलमेंट परीक्षा-2025 का आयोजन किया गया है। यह परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में कराई जा रही है। वाराणसी के सेंटरों पर सुबह 8 बजे से परीक्षार्थियों को इंट्री दी जा रही है। जहां मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस जैसे इलेक्ट्रानिक डिवाइस ले जाने पर पूरी पाबंदी है। साथ ही परीक्षा केंद्र के 200 मात्र के एरिया में किसी भी तरह की फोटो स्टेट की दूकान खोलने की मनाही है। जोनल, स्केटर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात होमगार्ड एनरोलमेंट परीक्षा-2025 की परीक्षा के लिए डीएम और डीआईजी शिवहरि मीणा ने संयुक्त बैठक कर जोनल, सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अलावा पुलिस केंद्र प्रभारी, कार्यदायी संस्था के प्रभारी, केंद्र व्यवस्थापक और सह केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया प्रत्येक परीक्षा केंद्रों पर एक-एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनात की गई है।
रसोई गैस की बढ़ती मांग और पैनिक बुकिंग को देखते हुए तेल कंपनियों ने बुकिंग के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई ग्राहक गैस सिलिंडर बुक करता है, तो उसे 10 दिनों के भीतर सिलिंडर लेना जरूरी होगा। अगर इस अवधि में सिलिंडर नहीं लिया गया, तो गैस एजेंसी की सिफारिश पर कंपनी उस बुकिंग को रद्द कर देगी। इसके बाद ग्राहक को फिर से नई बुकिंग करनी पड़ेगी। हालांकि राहत की बात यह है कि दोबारा बुकिंग कराने पर 25 या 45 दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ग्राहक जैसे ही नई बुकिंग करेंगे, उन्हें तुरंत डिलीवरी अथेंटिकेशन कोड (DAC) मिल जाएगा और सिलिंडर की डिलीवरी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जानिए क्यों लागू हुआ यह नियम इन दिनों गैस की किल्लत के डर से लोग जरूरत से पहले ही सिलिंडर बुक करा रहे हैं। शहरों में जहां 25 दिन का गैप होता है। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह अवधि 45 दिन की है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो अक्सर इस तय सीमा के अंदर सिलिंडर खाली हो जाता है। लेकिन शहरों में छोटे परिवारों का सिलिंडर 25 दिन में खत्म नहीं होता। इसके बावजूद लोग समय पूरा होते ही बुकिंग करा देते हैं। समस्या कैसे बढ़ रही है बुकिंग के बाद 1-2 दिन में डिलीवरी बॉय सिलिंडर लेकर घर पहुंच जाता है। लेकिन कई घरों में पुराना सिलिंडर अभी खाली नहीं होता, इसलिए ग्राहक डिलीवरी टाल देते हैं। इससे एजेंसियों पर बैकलॉग बढ़ जाता है। इसके अलावा कई उपभोक्ताओं का शिकायत है कि डीएसी नंबर आने के बाद उन्हें कई कई दिनों तक एजेसी की तरफ से न फोन आता है न ही डिलीवरी की जाती है। ऐसे में हम जैसे कस्टमर घंटों लाइन में लगे रहते हैं। खासतौर पर उन घरों में यह समस्या ज्यादा है, जहां सिर्फ एक ही सिलिंडर कनेक्शन है। जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि लोग घबराहट में बुकिंग तो कर रहे हैं, लेकिन समय पर सिलिंडर नहीं ले रहे हैं। इससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ जरूरत होने पर ही बुकिंग कराएं, ताकि सभी को समय पर गैस मिल सके। कस्टमर ने हाकर पर लगाया गड़बड़ी का आरोप कई गैस उपभोक्ताओं ने कुछ गैस एजेंसियों के डिलीवरी बॉय भी इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। वे कम खपत वाले ग्राहकों से DAC कोड मांग रहे हैं और वादा कर रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर किसी और के कोड से सिलिंडर दिला देंगे। हालांकि यह तरीका नियमों के खिलाफ है और अधिकांश ग्राहक अब ऐसे ऑफर से बच रहे हैं।
कटनी में बारातियों और लड़की वालों की पिटाई करने वाले दो सब इंस्पेक्टर को लाइन अटैच किया गया है। लेकिन पुलिस की धमकी से दोनों परिवार डरे हुए हैं। शादी वाले घरों में खुशी का माहौल नहीं है। दूल्हा-दुल्हन समेत परिवार सदमे में है। 20 अप्रैल की रात बारात मैहर जिले के अमदरा से आई थी, जो कटनी से 50 किमी दूर है। दुल्हन का घर कटनी के इंदिरा नगर में है। घर में मेहमान हैं, लेकिन शादी जैसी खुशी नहीं है। दो दिन पहले दूल्हा बने राजाराम डरे हुए दिखे। उनकी पत्नी ऋचा चौधरी के चेहरे पर भी डर और गुस्सा है। दैनिक भास्कर ने दूल्हे राजाराम वर्मा और पत्नी ऋचा से बात की। दो तस्वीरों में देखिए 20 अप्रैल का घटनाक्रम… दुल्हन बोली- पुलिस ने हमारी सारी खुशियां छीन लीं ऋचा कहती हैं- अपनी शादी की खुशी किसे नहीं होती, लेकिन पुलिस ने हमारी खुशियां छीन लीं। लोग शादी को जिंदगीभर याद रखते हैं, पर मैं पुलिस की मारपीट याद करूंगी। उन्होंने मेरे पति को पीटा, मुझे धक्का दिया और गालियां दीं। परिवार को भी चोट आई। मैंने हाथ जोड़कर रोका, लेकिन मुझे भी धक्का दिया ऋचा कहती हैं- 20 अप्रैल को शादी थी। रात में बारात आने वाली थी। मैं घर के अंदर सहेलियों के साथ सजी बैठी थी। बैंड-बाजे की आवाज आई तो सबने कहा बारात आ गई है। घर के लोग बारातियों की ओर गए। बताया गया कि बारातियों और पुलिस में बहस हुई है। कुछ देर बाद बाराती खाना खा रहे थे। करीब एक-डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने बच्चों, बड़ों और महिलाओं को लाठी से पीटना शुरू कर दिया। पुलिस ने टेबल पर रखा खाना फेंक दिया। पिटाई में आकाश गिर गए और उन्हें घसीटकर ले जाने लगे। मैं बाहर आई और हाथ जोड़कर रोका, लेकिन मुझे धक्का दिया। फिर हमें गाड़ी में जबरन बैठा लिया। मैंने कहा- हमें जाने दें, लेकिन वे धमकी देते रहे ऋचा कहती हैं- हमें पीछे के रास्ते से थाने ले जाया गया। अंधेरे कमरे में मुझे और भाई को खड़ा किया। कई पुलिसवाले गालियां दे रहे थे। मैंने कहा, आज मेरी शादी है, जाने दें, लेकिन उन्होंने गालियां दीं और अपमान किया। वे नशे में थे। मैंने कहा कि पिता कर्ज लेकर शादी कर रहे हैं, हमें जाने दें, लेकिन वे धमकी देते रहे। छोड़ तो दिया पर आगे क्या होगा, यह डर बना है ऋचा कहती हैं- थोड़ी देर में बड़े अधिकारी आए। उन्होंने पूछा और मेरी बात सुनकर हमें छोड़ने को कहा। एक एसआई भाई को रोकना चाहता था, लेकिन मैंने मना किया, फिर तीनों को छोड़ने का आदेश हुआ। तड़के करीब पौने चार बजे हमें चौराहे पर छोड़ दिया गया। हम किसी तरह घर पहुंचे। अब आगे क्या होगा, यह डर बना है। छोड़ते समय धमकी दी- शादी हो जाने दो, फिर देखेंगे राजाराम की शादी दो दिन पहले हुई थी, लेकिन उनके चेहरे पर खुशी नहीं है। वे कहते हैं- बारात चौराहे से लगनी थी। तैयारी के बीच पुलिस आई और चली गई। बाद में बाराती खाना खा रहे थे, तभी पुलिस लाठी लेकर आई और लोगों को पीटना शुरू कर दिया। राजाराम कहते हैं- रात करीब दो बजे हमें गाड़ी में बैठाकर पीछे के रास्ते से थाने ले गए। वहां बदतमीजी की और मुझे पीटा। दुल्हन के साथ भी अभद्र व्यवहार हुआ और कोई महिला पुलिस नहीं थी। उन्होंने गालियां दीं और मोबाइल छीनकर रीसेट कर दिया। छोड़ते समय धमकी दी- शादी हो जाने दो, फिर देखेंगे। घर सजा है, लेकिन परिवार के चेहरों पर खुशी नहीं नीली दीवारों वाले घर की चौखट पर ‘शुभ विवाह’ लिखा है और तोरण लगा है। दीवार पर ऋचा-राजाराम का नाम है। घर सजा है, लेकिन परिवार के चेहरों पर खुशी नहीं है। ऋचा के पिता परसद्दी लाल चौधरी मजदूरी करते हैं। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। उन्होंने बेटी की शादी के लिए तीन लाख रुपए कर्ज लिया था। वे कहते हैं- शादी धूमधाम से करने की तैयारी की थी, लेकिन पुलिस ने सब बिगाड़ दिया। हम अनुसूचित जाति के हैं, हमारे साथ ज्यादती हुई परसद्दी लाल कहते हैं- प्रीतिभोज के दौरान पुलिस आई और लाठीचार्ज किया। बेटे, समधी और दामाद को पीटा, समधी का कंधा टूट गया। पत्नी को भी मारा। दूल्हा-दुल्हन को जबरन थाने ले गए। उन्होंने कहा- सरकार ने कानून बनाए हैं, लेकिन पुलिस ही तोड़ रही है। हमने एसपी और अजाक थाने में शिकायत दी है और आरोपियों पर SC/ST Act में FIR की मांग की है। दुल्हन की मां के हाथ पर लाठी मारी गई भाग्यवती चौधरी कहती हैं- मैं मेहमानों को बचाने हाथ जोड़ रही थी, लेकिन पुलिस ने मुझे पीटा। बुलाए गए मेहमान घायल होकर भूखे लौट गए। पुलिस के कारण शादी की रस्में पूरी नहीं हो सकीं। तड़के 4 बजे छोड़ने के बाद जल्दी में बाकी रस्में कर विदाई हुई। अब जानिए किस बात को लेकर विवाद हुआ था…? आकाश ने बताया- रात 12:30 बजे बारात लग रही थी। पुलिस ने डीजे बंद करने को कहा, बारातियों ने समय मांगा। पुलिस चली गई, लेकिन एक घंटे बाद लौटकर लाठीचार्ज किया। बाद में दो एसआई को लाइन हाजिर किया गया और कुछ लोगों पर केस दर्ज हुआ। ASP बोले- लोग नशे में थे, पुलिस पर पथराव किया एएसपी संतोष कुमार डेहरिया ने कहा कि पड़ोसियों की शिकायत पर पुलिस पहुंची। वहां लोग नशे में थे और पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। ये भी पढ़ें- शादी वाले घर में घुसी पुलिस, बारातियों को पीटा VIDEO कटनी में कुठला थाना पुलिस शादी वाले घर में घुसी। बारातियों और घरवालों पर लाठियां बरसाईं। रात ढाई बजे दूल्हा, दुल्हन और उसके भाई को थाने ले गई। काफी मिन्नतों के बाद सुबह चार बजे छोड़ा, जिसके बाद शादी हो पाई। पढ़ें पूरी खबर…
झांसी में एक पिता ने अपने 3 साल के मासूम बेटे की गला रेतकर हत्या कर दी। फिर खुद भी सुसाइड कर लिया। बच्चा अपनी मां के पास सोया था। आरोपी पिता पड़ोसी की शादी से देर रात लौटकर आया। शराब के नशे में वह बच्चे को उठाकर कमरे में ले गया। कमरा बंद करके वारदात को अंजाम दिया। देर रात 2 बजे पत्नी जागी तो बच्चा गायब था। कमरा अंदर से बंद था। जब खिड़की से झांककर देखा तो बच्चे का शव नीचे पड़ा था और पति फंदे पर झूल रहा था। सूचना पर परिजन आ गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला रक्सा थाना क्षेत्र के ढिमरपुरा गांव का है। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
कमिश्नर राजेश प्रकाश ने जताई नाराजगी, दिया अल्टीमेटम:'ए' श्रेणी न मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी
मिर्जापुर। विन्ध्याचल मण्डल के मण्डलायुक्त राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों, निर्माणाधीन परियोजनाओं, छोटी एवं सहायक नदियों के पुनरोद्धार, राजस्व, चकबन्दी, कर तथा वन भूमि से प्रभावित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मण्डल के तीनों जनपदों मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान बताया गया कि सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की 66 योजनाओं में मण्डल को 'ए' श्रेणी प्राप्त हुई है। इस पर संतोष व्यक्त करते हुए मण्डलायुक्त ने 'बी' व 'सी' श्रेणी में आने वाले विभागों के अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले माह तक हर हाल में प्रगति सुधार कर 'ए' श्रेणी सुनिश्चित की जाए, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिन योजनाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा, उनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मनरेगा, आवास योजनाएं, छात्रवृत्ति योजनाएं, स्वच्छ भारत मिशन, पशुपालन, सड़क निर्माण और एंबुलेंस सेवाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। राजस्व संबंधी 35 मदों में भी मण्डल को 'ए' श्रेणी प्राप्त हुई, जिसमें भूलेख, नामांतरण, आय-जाति प्रमाण पत्र, डिजिशक्ति, राइट ऑफ वे, आपदा प्रबंधन और अन्य ऑनलाइन सेवाएं प्रमुख रहीं। मण्डलायुक्त ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से सप्ताह में तीन दिन शिकायतकर्ताओं से संवाद कर फीडबैक लेने को भी कहा। निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधूरी परियोजनाओं को समय सीमा में पूरा करने, तकनीकी जांच के बाद हैंडओवर करने तथा विलंबित परियोजनाओं के लिए समय विस्तार हेतु शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। 'हर घर जल' योजना की खराब परियोजनाओं की सूची उपलब्ध कराने और उन्हें प्राथमिकता से पूरा करने का भी निर्देश दिया गया। वहीं, 'पीएम सूर्य घर' योजना की धीमी प्रगति पर भी असंतोष जताते हुए लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए गए। बैठक में मण्डलायुक्त ने छोटी नदियों के पुनरोद्धार, चकबन्दी और वन भूमि से प्रभावित परियोजनाओं की भी बिंदुवार समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
सोनभद्र में रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में फरार चल रहे आरोपी सूरज कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। मुखबिर की सूचना पर हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने वार्ड नंबर-10, हमीद नगर पूरब मोहल्ला निवासी सूरज कश्यप पुत्र गुलाब को घुवास मोहल्ला क्षेत्र से घेराबंदी कर पकड़ा। यह गिरफ्तारी जघन्य अपराधों में वांछित अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पीड़िता ने 1 अप्रैल को रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में तहरीर दी थी। उसने बताया कि 29 मार्च की रात नशे का आदी सूरज उसके घर में घुस आया और उसके साथ जोर-जबरदस्ती की। शोर मचाने पर पड़ोसी और उसका बेटा आए, जिसके बाद आरोपी धमकी देकर फरार हो गया। पीड़िता ने यह भी बताया कि जब वह अपने पति और बेटे के साथ आरोपी के घर शिकायत करने गई, तो सूरज ने हथौड़ी से उसके पति का सिर फोड़ दिया। इस हमले में पीड़िता को भी चोटें आईं। पुलिस जांच में मामला दुष्कर्म का निकला, जिसके बाद संबंधित धाराओं में वृद्धि की गई। प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि आरोपी सूरज कश्यप का आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में 2011 से अब तक मारपीट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, गुंडा एक्ट और महिला अपराध से जुड़े सात मामले दर्ज हैं। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा, उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार और कांस्टेबल अशोक यादव शामिल रहे।
बलिया में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे एक सहायक अध्यापक को बर्खास्त कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह ने यह कार्रवाई की है। शिक्षक पर 21 वर्षों तक अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर वेतन लेने का आरोप है। बर्खास्त किए गए शिक्षक का नाम सुनील कुमार है, जो शिक्षा क्षेत्र नगरा के कंपोजिट विद्यालय बाराडीह लवाईपट्टी में तैनात थे। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया है कि सुनील कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए और उनसे प्राप्त किए गए पूरे वेतन की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाए। सुनील कुमार सीयर ब्लॉक के क्रिडिहरापुर के निवासी हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2004 की बीटीसी चयन प्रक्रिया के तहत शिक्षक पद हासिल करने के लिए अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाण पत्र इस्तेमाल किया था। जबकि वह वास्तव में अनुसूचित जाति से संबंधित हैं। इस मामले की शिकायत हरींद्र प्रसाद ने वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और बीएसए को पत्र लिखकर की थी। शिकायत के बाद हुई जांच में यह सच्चाई सामने आई कि सुनील कुमार ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर 21 वर्षों तक सरकारी वेतन प्राप्त किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए मनीष कुमार सिंह ने तत्काल प्रभाव से सुनील कुमार की सेवा समाप्त कर दी।
मेवात में 18 शातिर ठग गिरफ्तार:3 लग्जरी गाड़ियां बरामद, जंगलों में 4 घंटे चलाया सर्च ऑपरेशन
डीग जिला पुलिस ने मेवात क्षेत्र में संगठित अपराध और साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 'ऑपरेशन एंटी-वायरस' और 'वज्र प्रहार' अभियान के तहत जुरहरा थाना क्षेत्र के कलतरिया के जंगलों और भंडारा गांव की सीमा में 4 घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस मेगा कार्रवाई में पुलिस ने 18 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर ठगी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। गिरफ्तार किए गए 18 आरोपियों में से 11 नकली सोने की ईंट दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य हैं। 4 आरोपी ऑनलाइन साइबर फ्रॉड से जुड़े हैं, जबकि 3 लंबे समय से फरार चल रहे वांछित अपराधी हैं।पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी की कमाई से खरीदी गई 3 लग्जरी गाड़ियां (थार, स्कॉर्पियो और हैरियर), नकली पीतल की ईंटें, चार एंड्रॉयड मोबाइल और सात फर्जी सिम कार्ड जब्त किए हैं। एसपी शरण गोपीनाथ ने बताया कि आरोपी पीतल की ईंटों पर पॉलिश करके उन्हें 'खुदाई में निकला प्राचीन सोना' बताकर लोगों को ठगते थे। साइबर ठग फर्जी आईडी और सोशल मीडिया चैट के माध्यम से लोगों को ब्लैकमेल करते थे।पुलिस अब गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के बैंक खातों और उनके नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। इस जांच से कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
बलिया के वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित 75वीं अन्तर्जनपदीय पुलिस फुटबॉल प्रतियोगिता (पुरुष वर्ग) का समापन हो गया है। इस प्रतियोगिता में जौनपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि मेजबान बलिया की टीम उपविजेता रही। जनपद बलिया द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का फाइनल मैच जौनपुर और बलिया की टीमों के बीच खेला गया। शुक्रवार देर शाम पुलिस अधीक्षक ओमवीर ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार व ट्रॉफी वितरित कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। देखिए तस्वीरें… इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल में शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, आपसी सौहार्द और खेल भावना को बढ़ावा देना था। इसमें मंडल के विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ओमवीर ने कहा, खेल न केवल शारीरिक फिटनेस के लिए जरूरी हैं, बल्कि ये पुलिस कर्मियों में टीम वर्क और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ाते हैं। पुलिस का काम चुनौतीपूर्ण है, और ऐसे आयोजन मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होते हैं। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों ने पेशेवर खेल भावना का परिचय दिया। आयोजक टीम ने सभी पुलिस टीमों, रेफरी और आयोजक मंडल का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ल, क्षेत्राधिकारी नगर मो0 उस्मान, क्षेत्राधिकारी पुलिस लाइन अक्षय कुमार, प्रतिसार निरीक्षक बलिया सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ में मानिकपुर पुलिस ने पुलिस अभिरक्षा से फरार चल रहे वांछित अपराधी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है। 21 अप्रैल को इलाज के दौरान प्रयागराज के एसआरएन (SRN) अस्पताल से चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अवैध असलहा और कारतूस भी बरामद किए हैं। अस्पताल से दुष्कर्म का फरार आरोपी गिरफ्तार मानिकपुर पुलिस क्षेत्र में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि पुलिस कस्टडी से फरार एक शातिर अपराधी अवैध हथियार के साथ करेंटी गंगा पुल के रास्ते गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने करेंटी तिराहे के पास घेराबंदी कर दी। संदिग्ध के आने पर जब पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस मुठभेड़ में दोनों पैर में लगी गोली पुलिस की चेतावनी के बाद भी आरोपी लगातार गोलियां चलाता रहा। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल होकर गिर पड़ा। अभियुक्त की पहचान कुण्डा निवासी जलालुद्दीन उर्फ डब्बू के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से देशी तमंचा, कारतूस और एक खोखा बरामद किया है। 21 अप्रैल को अस्पताल से हुआ था फरार आरोपी जलालुद्दीन पर पहले से ही कई गंभीर मामलो में मुकदमे दर्ज हैं। वह न्यायिक अभिरक्षा में था, लेकिन 21 अप्रैल को इलाज के दौरान प्रयागराज के एसआरएन (SRN) अस्पताल से चकमा देकर फरार हो गया था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मुठभेड़ में घायल आरोपी को तत्काल सीएचसी कालाकांकर ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक आरोपी की हालत अब खतरे से बाहर है। अभियुक्त ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया था। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ है। पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद से ही इसकी तलाश की जा रही थी। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना से जुड़ी तस्वीरें…
कासगंज में महिला की मौत के बाद बवाल:शव देखते ही भड़के मायके वाले, ससुरालियों को लाठी-डंडों से पीटा
कासगंज जिले के ढोलना थाना क्षेत्र के नगला चौखंडा गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद तनाव फैल गया। शुक्रवार को 30 वर्षीय प्रभा देवी, पत्नी अमित कश्यप, का निधन हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही प्रभा देवी के मायके पक्ष के लोग गांव पहुंचे। शव देखते ही वे आक्रोशित हो गए और उन्होंने ससुराल पक्ष के लोगों पर हमला कर दिया। मायके पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से ससुराल पक्ष के सदस्यों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस अचानक हुई मारपीट से गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। सूचना मिलने पर ढोलना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत की और दोनों पक्षों को अलग कर मामला शांत कराया। इस दौरान लाठी लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार दिया गया। ढोलना इंस्पेक्टर जगदीशचंद्र ने बताया कि महिला की मौत के बाद मायके पक्ष के लोग उत्तेजित हो गए थे, जिसके कारण मारपीट हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी पक्ष की ओर से तहरीर दी जाती है, तो रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद में होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज से शुरू हो गई है। जिले में इसके लिए 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन अभ्यर्थियों को कड़ी चेकिंग के बाद ही केंद्रों में प्रवेश दिया जा रहा है। परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू हुई, लेकिन अभ्यर्थियों को सुबह 8 बजे से ही प्रवेश दिया जाने लगा था। केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिसमें मेटल डिटेक्टर से जांच भी शामिल है। इसके बाद बायोमेट्रिक कराई गई। यह भर्ती परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल तक यानी तीन दिनों तक चलेगी। इसमें इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कन्नौज सहित अन्य जनपदों से भी अभ्यर्थी शामिल होने आए हैं। जनपद में तीन दिनों में कुल 42,624 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिनमें से एक पाली में 7,104 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। अभ्यर्थी सुबह 7 बजे से ही केंद्रों के बाहर पहुंचना शुरू हो गए थे। इटावा से आए राम मोहन ने बताया कि वे देर रात अपने घर से रोडवेज बस से फर्रुखाबाद पहुंचे और सुबह 5 बजे ही आ गए थे। उन्होंने परीक्षा की बेहतर तैयारी होने की बात कही। परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस लाइन में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से सभी परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जबलपुर में देर रात दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। खमरिया थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार एंबुलेंस ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे 36 वर्षीय असीम दुबे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसा रात करीब डेढ़ बजे का है, जब असीम दुबे रांझी से अपने गृहग्राम पिपरिया लौट रहे थे। खमरिया अस्पताल तिराहे के पास शहडोल से जबलपुर की ओर आ रही एंबुलेंस ने उनकी बाइक (MP-20-ZA-1445) को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर के बाद एंबुलेंस भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर गई और पेड़ से जा टकराई। घटना के बाद राहगीरों ने तुरंत पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। हादसे की सूचना मिलते ही खमरिया पुलिस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एंबुलेंस में सवार मरीज को पुलिस और सुरक्षा गार्ड की मदद से दूसरे वाहन से अस्पताल भेजा गया। शादी से लौट रहे थे, एआईडीईएफ से जुड़े थे मृतक जानकारी के मुताबिक, असीम दुबे रात करीब एक बजे एक शादी समारोह से लौट रहे थे। हादसे में उनके सिर, सीने, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतक असीम दुबे ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लाई फेडरेशन की व्हीकल फैक्ट्री कार्य समिति के सचिव थे। उनकी मौत की खबर से कर्मचारियों में शोक की लहर है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद असीम दुबे का अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम पिपरिया में किया जाएगा। हादसे की तस्वीरें…
अंबेडकरनगर को मिली नई डीएम ईशा प्रिया:जनकेंद्रित प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर दिया जोर
अंबेडकरनगर को नई जिलाधिकारी मिल गई हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की 2016 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की अधिकारी ईशा प्रिया ने शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार के डबल लॉक में विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। श्रीमती ईशा प्रिया इससे पहले पर्यटन विभाग में विशेष सचिव एवं निदेशक के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने वर्ष 2015 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में 75वीं रैंक हासिल कर प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया था। वह अंबेडकरनगर की 35वीं जिलाधिकारी होंगी। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अपने कार्यालय कक्ष में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और प्रमुख चुनौतियों की जानकारी ली। नवागत जिलाधिकारी ने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने, आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने राजस्व कार्यों में तेजी लाने और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाने पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योत्स्ना बंधु, अपर जिलाधिकारी न्यायिक रंजीत सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
फिरोजाबाद के टोल प्लाजा पर एक आयशर कैंटर चालक ने नियमों का उल्लंघन करते हुए गलत दिशा से प्रवेश किया और टोल बैरियर तोड़कर फरार हो गया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात एक कर्मचारी ने कूदकर अपनी जान बचाई। यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। टोल प्रशासन ने वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। टोल प्रबंधक किरण शिवाजीराव जानुगडे ने बताया कि यह घटना 22 अप्रैल की दोपहर करीब दो बजे हुई। फिरोजाबाद से आगरा जा रहा एक आयशर कैंटर निर्धारित दिशा का पालन न करते हुए तेज रफ्तार में गलत लेन में घुस आया। यह लेन (संख्या सात) आगरा से फिरोजाबाद आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित है। ड्यूटी पर तैनात टोल कर्मचारी मनोज उर्फ सीटू ने कैंटर को गलत लेन में आते देख चालक को रुकने का इशारा किया और सुरक्षा के लिए स्टॉपर भी लगा दिया। हालांकि, चालक ने वाहन की रफ्तार कम करने के बजाय उसे और तेज कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार कैंटर सीधे कर्मचारी मनोज की ओर बढ़ा। कर्मचारी ने फुर्ती दिखाते हुए एक ओर छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। इसके बाद कैंटर चालक टोल बैरियर को तोड़ते हुए मौके से फरार हो गया। इस घटना से टोल प्लाजा पर कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यदि कर्मचारी समय रहते छलांग नहीं लगाता, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। सोशल मीडिया पर सामने आई सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि वाहन तेज रफ्तार में गलत लेन से आता है, कर्मचारी उसे रोकने का प्रयास करता है, लेकिन चालक बिना रुके बैरियर तोड़कर आगे निकल जाता है। सीसीटीवी फुटेज अब पुलिस को सौंपने की तैयारी की जा रही है ताकि वाहन नंबर के आधार पर चालक की पहचान कर गिरफ्तारी की जा सके।मामले में टोल उप प्रबंधक धीरेंद्र कुमार उपाध्याय की ओर से वाहन चालक के खिलाफ तहरीर दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि थाना पुलिस का कहना है कि अभी तक औपचारिक तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिलते ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी में हीटवेव से बचाव को एडवाइजरी जारी:डीएम के निर्देश पर आमजन से सतर्क रहने की अपील
अमेठी में बढ़ते तापमान (40 से 43 डिग्री सेल्सियस) के मद्देनजर भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अर्पित गुप्ता ने यह एडवाइजरी जारी की। इसमें सभी संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं और आमजन से सतर्क रहने की अपील की गई है। एडवाइजरी में घरों को गर्म हवाओं से बचाने के उपाय बताए गए हैं। इसके तहत खिड़कियों को एलुमिनियम पन्नी, गत्ते या रिफ्लेक्टर से ढकने की सलाह दी गई है, ताकि बाहरी गर्मी घर में प्रवेश न कर सके। जिन खिड़कियों और दरवाजों से दोपहर में गर्म हवा आती है, वहां काले परदे लगाने को कहा गया है। लोगों से स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर भी ध्यान देने और तापमान में संभावित बदलाव के प्रति सजग रहने की अपील की गई है। बाहर निकलते समय सिर और शरीर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढकना अनिवार्य बताया गया है। भोजन के संबंध में संतुलित, हल्का और ताजा आहार लेने की सलाह दी गई है। बासी भोजन और मादक पदार्थों से परहेज करने को भी कहा गया है। लू से बचाव के लिए शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न हो, इसके लिए लस्सी, छाछ, मट्ठा, बेल का शर्बत, नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल और आम का पना जैसे पेय पदार्थों का नियमित सेवन करने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में हीटवेव (लू) को परिभाषित किया गया है। इसके अनुसार, जब तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक हो जाता है, तो उसे हीटवेव कहा जाता है। मार्च से जून के बीच तापमान अधिक रहने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। लू लगने के लक्षणों में गर्म, लाल और शुष्क त्वचा, पसीना न आना, तेज नाड़ी, सांस लेने में तेजी, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, भ्रम की स्थिति और कमजोरी शामिल हैं। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में कुछ विशेष समूहों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इनमें 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, श्रमिक, खिलाड़ी, बीमार और मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति शामिल हैं।
छिंदवाड़ा में शुक्रवार कों बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बस स्टैंड स्थित बालक शाला परिसर में लगे पुराने नीलगिरी के पेड़ की भारी-भरकम डाली अचानक टूटकर नीचे गिर गई। डाली पास की एक दुकान की छत से टकराते हुए सड़क पर खड़े तीन बच्चों पर जा गिरी, जिससे वे घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने की मदद गनीमत रही कि बच्चों को गंभीर चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्चों को संभाला और प्राथमिक उपचार दिलाया। फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी। यदि यह डाली स्कूल समय में गिरती, तो बड़ी संख्या में बच्चे इसकी चपेट में आ सकते थे और गंभीर हादसा हो सकता था। घटना की पूरी तस्वीर आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें डाली के अचानक गिरने और मौके पर अफरा-तफरी का मंजर साफ देखा जा सकता है। सरपंच पहुंचे मौके पर सूचना मिलते ही सरपंच कपिल ठाकुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्राम पंचायत के कर्मचारियों को बुलाकर जेसीबी मशीन की मदद से गिरी हुई डाली को तुरंत हटवाया। साथ ही आश्वासन दिया कि इस पुराने और जर्जर पेड़ को जल्द हटाया जाएगा। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड क्षेत्र में लगे पुराने और खतरनाक पेड़ों की जल्द पहचान कर उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
झज्जर के बादली हल्के की राजनीति में लंबे समय से चल रही बयानबाजी अब कानूनी लड़ाई में बदलती नजर आ रही है। मौजूदा कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने पूर्व विधायक नरेश शर्मा को 5 करोड़ रुपये का मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। राज्यसभा चुनाव को लेकर लगाए गए आरोप नोटिस के अनुसार, 16 मार्च 2026 को हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर नरेश शर्मा द्वारा सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और यूट्यूब पर ऐसे आरोप लगाए गए, जिनमें विधायक कुलदीप वत्स पर कथित तौर पर राज्यसभा चुनाव में पैसे लेकर वोट प्रभावित करने या रद्द करवाने जैसी गंभीर बातें कही गईं। विधायक पक्ष का कहना है कि इन आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और यह केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से फैलाए गए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट बनी विवाद की जड़ कानूनी नोटिस में 17 मार्च, 19 मार्च और 5 अप्रैल 2026 को की गई फेसबुक पोस्ट और यूट्यूब वीडियो का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन पोस्ट और वीडियो के जरिए लगातार एक ही तरह के आरोप दोहराए गए, जिससे न केवल विधायक की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, बल्कि आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न हुई। नोटिस में इसे सुनियोजित तरीके से छवि धूमिल करने की कोशिश बताया गया है। 48 घंटे में माफी और 5 करोड़ हर्जाने की मांग नोटिस के माध्यम से पूर्व विधायक नरेश शर्मा को 48 घंटे के भीतर सभी कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो हटाने, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने और 5 करोड़ रुपये का हर्जाना अदा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा के भीतर इन शर्तों का पालन नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ दीवानी और आपराधिक मुकदमा दायर किया जाएगा। पुराना सियासी टकराव फिर सतह पर बादली हल्के की राजनीति में कुलदीप वत्स और नरेश शर्मा के बीच टकराव कोई नया नहीं है। कुलदीप वत्स कांग्रेस से दो बार विधायक रह चुके हैं, जबकि नरेश शर्मा भी इसी हल्के से दो बार विधायक रहे हैं—एक बार निर्दलीय और एक बार कांग्रेस से। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और बयानबाजी चलती रही है। दीपेंद्र हुड्डा के चुनाव में भी हुआ था विवाद बताया जाता है कि दीपेंद्र सिंह हुड्डा के लोकसभा चुनाव के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच खुला टकराव देखने को मिला था, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया था। मौजूदा घटनाक्रम को उसी कड़ी का विस्तार माना जा रहा है। अब नजर नरेश शर्मा के जवाब पर इस पूरे मामले में अब सभी की नजर पूर्व विधायक नरेश शर्मा के जवाब पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि वे इस नोटिस का किस तरह से जवाब देते हैं—क्या वे अपने आरोपों पर कायम रहते हैं या फिर माफी का रास्ता अपनाते हैं। फिलहाल, इस नोटिस के बाद बादली हल्के की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है और सियासी हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नरेश शर्मा से हुई बातचित में बताया कि आने वाले दो दिन में बयाज समेत जवाब देगें।
उमरिया में एक सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा अमहा के पास खेरमाई मंदिर के नजदीक हुआ, जहां बाइक सवार युवक एक खड़े ब्रेकडाउन ट्रक से टकरा गए। हादसा शुक्रवार देर रात का है। हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत मृतकों की पहचान नौरोजाबाद थाना क्षेत्र के बरही निवासी सनन (18) पिता सुखराम बैगा और अभिषेक (20) पिता बाबूलाल बैगा के रूप में हुई है। दोनों चचेरे भाई थे। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दो गंभीर घायल, शहडोल रेफर हादसे में घायल हुए शिवम (10) पिता दादू राम बैगा और छोटू (25) पिता आशाराम बैगा निवासी कंचनपुर की हालत गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को शहडोल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। शिवम की स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। शादी में शामिल होने जा रहे थे बाइक सवार जानकारी के अनुसार, सभी युवक ग्राम किरनताल में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। हाईवे पर खड़े एक ब्रेकडाउन ट्रक (MP20ZH 7833) से उनकी बाइक अनियंत्रित होकर टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने 108 एम्बुलेंस की सहायता से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां से गंभीर घायलों को शहडोल रेफर किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुज़फ़्फ़रनगर जनपद के चरथावल थाना क्षेत्र में एक पब्लिक स्कूल के चौकीदार की हत्या का मामला सामने आया है। छपार-रोहना रोड स्थित किड्स हेवन पब्लिक स्कूल परिसर में चौकीदार का खून से लथपथ शव मिला। मृतक की पहचान करीब 50 वर्षीय राजू के रूप में हुई है, जो कस्बे की दलित बस्ती का निवासी था और स्कूल में चौकीदार के पद पर कार्यरत था। वह शुक्रवार रात अपनी ड्यूटी पर था। आशंका है कि देर रात अज्ञात हमलावरों ने स्कूल परिसर में घुसकर धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। शनिवार सुबह स्कूल स्टाफ के पहुंचने पर राजू का शव खून से लथपथ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना स्थल पर स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, हत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रवि शंकर मिश्रा ने बताया कि घटनास्थल के पास एग्जिट पॉइंट पर खून के निशान मिले हैं, जिनकी जांच डॉग स्क्वायड की मदद से की जा रही है। पुलिस स्कूल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा और आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन में संन्यास को लेकर उठे विवाद पर स्वामी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने संतों के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा- महाराज जी, मैं अभी उज्जैन में हूं। इससे पहले मैं 2019 से उत्तराखंड में थी। क्या आपको पता है मैं वहां क्या कर रही थी? अपना काम छोड़कर वहां क्यों थी? मैं कौन सी साधना, कौन सी तपस्या और किस गुरु के सानिध्य में कर रही थी? कौन कितने साल तपस्या करके यहां संत बना है। किसी को कुछ नहीं पता है, महाराज जी। लेकिन कुछ लोगों के जब रिकॉर्ड निकलते हैं, तो वो रिकॉर्ड काफी डरावने होते हैं। अब यह मत कह दीजिएगा कि हर्षा रिछारिया ने संतों का अपमान किया। महाराज जी आप यह साबित कर दीजिए कि मुझे विदेश से फंडिंग हो रही है। अगर आप गलत साबित हुए, तो आपको मुझे मानहानि के रूप में 1 करोड़ रुपए देना होगा। बता दें कि महाकुंभ 2024 से सुर्खियों में आई हर्षा रिछारिया ने हाल ही में संन्यास लिया है वह अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी। वे आधिकारिक रूप से संन्यास ले चुकी हैं। उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में उन्हें महामंडलेश्वर सुमनानंदजी महाराज ने दीक्षा दिलाई। हालांकि, उनके संन्यास पर मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिलानंद को ऐतराज जताया था। यूनिवर्सिटी के एक संत भाग रहे थे तब महाराज जी कहां थे हर्षा रिछारिया का शुक्रवार को वीडियो सामने आया। उन्होंने कहा- हर्षा रिछारिया लेंस लगाए। हर्षा रिछारिया मेकअप कर ले। हर्षा रिछारिया नजर का चश्मा लगाए, जो डॉक्टर ने दिया है और जो धूप में काला हो जाता है, क्योंकि मुझे दिन की रोशनी से आंखों में दिक्कत हो रही है। हर्षा रिछारिया ने फैशनेबल चश्मा लगा लिया है, मतलब हर्षा रिछारिया अपनी सेहत का ख़याल आपकी सोच के हिसाब से करे, है न पूजनीय महाराज जी? अगर इस लड़की ने संन्यास लिया है तो इसे 10 साल तक हिमालय पर तपस्या करनी पड़ेगी। महाराज जी मैंने तब विरोध किया, जब अशोक खेराज जैसे लोग अरेस्ट हुए। उनके वीडियो सामने आए। आपने तब हंगामा किया, जब किसी यूनिवर्सिटी के एक संत भागते-भागते फिर रहे थे। यौन शोषण के मामले में जब लड़कियां थाने तक पहुंच गई थीं। तब आपने विरोध किया था क्या? मुझे याद नहीं आ रहा महाराज जी। महाराज जी बताएं, मैंने कहां अपनी सीमाएं लांघीं? आज आप एक लड़की का विरोध कर रहे हैं कि ये संत कैसे बन गई। संत मैं अपने जीवन में बनी हूं। अपने जीवन का मैंने यहां पिंडदान किया है। आपको कुछ गलतफहमी हुई है। मेरा विरोध करने से पहले मेरे बारे में जानिए तो। मैंने कब कहा कि मैं संन्यासी हूं, मैं साध्वी हूं? प्रयागराज कुंभ से पहले या बाद में, मैंने तो मीडिया के जरिये पचासों बार इससे इनकार किया है। मुझे लगता है कि एक समझदार और बुद्धिमान व्यक्ति वही होता है, जो किसी पर आरोप लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करता है। आप बार-बार कह रहे हैं कि मैंने प्रयागराज कुंभ को खराब किया। मैंने जाकर किसका अपमान किया? मैंने किसका विरोध किया? किसे अपमानित किया? कहां अपनी सीमाएं लांघीं? कहां अपने संस्कारों से हटी? मैं सनातन धर्म में मैं पैदा हुई हूं महाराज जी। ब्राह्मण परिवार, वशिष्ठ गोत्र में मेरा जन्म हुआ। अब मेरा गोत्र अच्युत है। जो सच्चा साधु-संत का होता है। फॉरेन फंडिंग को साबित करें, मैं मीडिया के सामने बैंक डिटेल्स रखूंगी उन्होंने कहा- जहां तक फॉरेन फंडिंग की बात है। महाराज जी आप यह साबित कर दीजिए कि मुझे विदेश से फंडिंग हो रही है। भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचाने के लिए। मैं अपनी पूरी बैंक डिटेल्स, प्रयागराज महाकुंभ से अब तक की सारी जानकारी, मीडिया और देश के सामने रखने को तैयार हूं। अगर यह साबित हो जाता है कि मुझे विदेश से या देश के भीतर से भी लाखों-करोड़ों की कोई बड़ी फंडिंग मिली है। तो मैं अपनी पूरी संपत्ति आपके चरणों में अर्पित कर दूंगी। लेकिन अगर आप गलत साबित हुए, तो आपको मुझे मानहानि के रूप में 1 करोड़ रुपए देना होगा। आरोप गलत हुए तो मुझे एक करोड़ रुपए दें क्योंकि अपमान आपने जरूरत से ज्यादा किया है। पहला आरोप, मैंने दो बार संन्यास लिया, जो पूरी तरह गलत है। दूसरा आरोप आपने नचनिया-कुदनिया जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जो एक लड़की के लिए अपमानजनक है। तीसरा फॉरेन फंडिंग का झूठा आरोप लगया और चौथा कि मैं महाकुंभ को खराब करने आई हूं। भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचा रही हूं। आप ऐसे आरोप लगाकर उन लोगों के मन में भी भ्रम और नफरत पैदा कर रहे हैं, जो संतों में ईश्वर को देखते हैं। अब आप बताइए, मैं कब मीडिया के सामने अपनी बैंक डिटेल्स रखूं? कब पूरी सच्चाई बताऊं? ये खबर भी पढ़ें अनिलानंद ने कहा-900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकतीं महाराज अनिलानंद ने कहा- यह पूरा घटनाक्रम गलत और सनातन धर्म की मर्यादा के विपरीत है। 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकती। प्रयागराज कुंभ के दौरान हर्षा ने संन्यास लेने का दावा किया, लेकिन बाद में सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं। ऐसे व्यक्ति का संन्यास लेना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हर्षा को दीक्षा दिलाने वाले सुमनानंदजी महाराज की जांच हो। यहां पढ़ें पूरी खबर…
कोटा में महिला की हत्या के करीब 21 महीने पुराने मामले में कोर्ट (अपर सेशन न्यायाधीश क्रम 4) ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हत्या के आरोपी दूसरे पति मुकेश वाल्मीकि को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। कोर्ट ने माना की FSL रिपोर्ट पूरी घटना को आरोपी से जोड़ने में असमर्थ है। केवल एक लिंक पर्याप्त नहीं है। मामले में FIR देने वाला मृतका का बेटा विकास से लेकर मृतका का भाई, बहनोई व अन्य रिश्तेदार और गवाह के भी बयान बदल गए हैं। FSL जांच में मृतका का डीएनए आरोपी दूसरे पति की शर्ट पर मिले खून में पाया गया था। लेकिन मृतका के शरीर व कपड़ों में मिला सैम्पल आरोपी के डीएनए से मैच नहीं हुआ। मतलब मृतका का खून आरोपी की शर्ट पर मिला है, लेकिन आरोपी द्वारा मृतका के साथ रेप करने संबंधी कोई प्रमाण नहीं मिला। अलग-अलग जगह पर एक से ज्यादा पुरुषों का डीएनए मिला है। आरोपी से बरामद पत्थर पर भी मृतका के खून से संबधित सबूत नहीं मिले। कोर्ट ने 20 अप्रैल को सुनाए फैसले में सबूत के अभाव में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया। कोर्ट में 19 गवाहों के बयान हुए और 31 दस्तावेज पेश किए गए। ये था मामला पहले पति की मौत के बाद महिला 6-7 साल से दूसरे पति के साथ रह रही थी। दोनों कचरा व थैली बीनने का काम करते थे। 5 जुलाई 2024 को एक खाली प्लॉट में महिला का लहूलुहान हालत में शव मिला था। उसके सिर पर चोट के निशान थे। शव को छिपाने के लिए 20 से 30 फीट दूर पत्थर व कचरे वाली जगह पर पटक दिया था। सूचना पर पुलिस, एफएसएल और डॉग स्क्वॉयड टीम ने मौके पर जाकर जांच की। FSL टीम को मौके पर एक जोड़ी चप्पल,एक जोड़ी पायल, दो खाली सादा शराब के नींबू के प्लास्टिक के पव्वा,एक सादा देशी शराब का पव्वा और लाल व नीले रंग के ढक्कन मिले थे। हत्या के बाद महिला के बेटे ने मुकेश पर हत्या का शक जताते हुए पुलिस को रिपोर्ट दी थी। पुलिस ने जांच के बाद दूसरे पति को गिरफ्तार किया।उसकी निशान देही पर खून लगी शर्ट व वारदात में काम में लिया पत्थर जब्त किया था।
फतेहपुर जिले के खागा विधानसभा क्षेत्र में हरदो और त्रिलोचनपुर के बीच 'औलिया दरगाह' के पास बिजली के शॉर्ट सर्किट से गेहूं के खेत में आग लग गई। दोपहर करीब 1 बजकर 45 मिनट पर लगी इस आग में लगभग दो बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। आग तेजी से आसपास के क्षेत्र में फैलने लगी। मौके पर मौजूद कुछ लोगों और ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। पास के एक घर से पानी उपलब्ध कराया गया, जिससे आग बुझाने में मदद मिली। समाजवादी पार्टी के खागा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी राम तीरथ परमहंस अपने साथियों के साथ विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहे थे, तभी उन्होंने खेतों में आग लगी देखी। उन्होंने तुरंत अपने साथियों और ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब डेढ़ से दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। परमहंस ने बताया कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण न पाया जाता, तो सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलकर खाक हो सकती थी। अग्निकांड की सूचना मिलने पर राजस्व और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नुकसान का आकलन करने और घटना की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
नर्मदापुरम में 20 करोड़ रुपए से बनने वाला में नर्मदा लोक का कार्य अधर में लटक गया है। भूमिपूजन के तीन माह बीतने के बाद पहले चरण का शुरू हुआ। लेकिन रफ्तार धीमी है। नपाध्यक्ष नीतू यादव का कहना है कि ठेकेदार नगर पालिका की नहीं सुन नहीं रहा। धीमी रफ्तार और नहीं सुनने की वजह से नगर पालिका ने कुशल गुरु कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार पवन शर्मा को दिया टेंडर निरस्त करने का निर्णय ले लिया है। जिसका पत्र भी नगर पालिका ने ठेकेदार को मेल कर दिया है। जल्द ऑनलाइन टेंडर निरस्त होगा। खास बात यह है कि नर्मदा लोक का टेंडर लेने वाली फर्म के ठेकेदार पवन शर्मा भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी है। टेंडर निरस्त के निर्णय की जानकारी मिलते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विधायक और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद टेंडर निरस्त करने की बात फिलहाल टल गई है। साथ ही आज शनिवार को कलेक्ट्रेट में इस संबंध में बैठक बुलाई गई है। बैठक में जनप्रतिनिधियों व कलेक्टर की मौजूदगी में नपा और एजेंसी दोनों अपना-अपना पक्ष रखेंगे। इस बैठक के बाद ही नर्मदा लोक के संबंध में कोई ठोस हल निकलेगा। 4 बार दिए नोटिस, कार्य में तेजी नहीं नर्मदा जयंती पर 25 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किए नर्मदा लोक का भूमिपूजन किया था। तीन माह बाद भी पर्यटन घाट के पास पार्किंग के लिए धीमी गति से कार्य शुरू हुआ। जिसके चलते नगर पालिका अध्यक्ष, परिषद और अधिकारियों ने टेंडर को निरस्त का निर्णय लिया। जिसका पत्र भी ठेकेदार को 22 अप्रैल को मेल किया। ऑनलाइन टेंडर निरस्त होने की प्रक्रिया शेष है। सीएमओ हेमेश्वरी पटले ने बताया कि ठेकेदार को करीब 4 नोटिस दिए थे, लेकिन काम नहीं होने के कारण टेंडर को निरस्त कर रहे है। नपाध्यक्ष नीतू यादव ने ठेकेदार द्वारा नहीं सुनने की अपनी पीड़ा भी बताई है। उनका आरोप है कि बार बार पत्र लिखने के बावजूद ठेकेदार नगर पालिका की नहीं सुन रहे। ठेकेदार पवन शर्मा का कहना है कि हमारा काम चल रहा है। नगर पालिका उन्हें सहयोग नहीं कर रही। हमें परेशान कर रही है। नपाध्यक्ष के मन की बात; लोकार्पण हमारे हाथों हो नगर पालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने कहा मां नर्मदा जन्मोत्सव पर जल मंच से 3 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा लोक की घोषणा की थी। 3 साल पूरे हो चुके हैं, चौथे साल में 25 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के हाथ से भूमिपूजन कराया। जिसे तीन महीने पूरे हो गए। एक प्रतिशत काम भी ठेकेदार द्वारा नहीं किया गया। नपा अध्यक्ष नीतू यादव की दिल की बात जुंबा पर आई, उन्होंने कहा हमारा सपना है कि जब भूमिपूजन हमने किया तो लोकार्पण भी हम ही करें। लेकिन कार्य नहीं होगा तो वह अधूरा ही रहेगा। यही कारण है कि हमने उसके टेंडर निरस्त ठेकेदार नगर पालिका की नहीं सुन राज इसलिए टेंडर निरस्त करने का निर्णय लिया है। हमारा काम चालु है, नपा नहीं कर रही सहयोग नर्मदा लोक बनाने का कुशल गुरु कंस्ट्रक्शन को ठेका मिला है। जिसके ठेकेदार पवन शर्मा और दिलीप मेहतो है। उनका कहना है कि दिसंबर 2025 टेंडर हुआ। हमें काम शुरू करने के लिए भूमिपूजन तक का इंतजार बोला गया। 25 जनवरी को भूमिपूजन हुआ। 18 महीने में नर्मदा लोक का काम पूरा करना है। जो डिजाइन दी, उसमें बदलाव किया। नगरीय प्रशासन ईएनसी ने कहा कि काम चालू होने के पहले रेड स्टोन की जगह ब्लैक पत्थर लगाने के लिए रिवाइज की स्वीकृति ली जाएं। लेकिन आज दिनांक तक नगर पालिका ने न डिजाइन बनवाई और न ब्लैक पत्थर के रिवाइज की स्वीकृति कराई। हमने कोरी घाट पर काम शुरू कर दिया है। करीब 50 डंपर मिट्टी डाली है। बहाव अधिक होने से मिट्टी बह रही थी, इसलिए पाइप भेजे। नगर पालिका पूरा दोष हम पर थोप रही। द्वेषपूर्ण भावना से काम कर रहे है, शायद मन पसंद ठेकेदार को काम देने की तैयारी हैं। सारी गलतियां नगर पालिका की है। बुधवार को जब हमने एक पत्र भेज तो दूसरे दिन हमें निरस्त करने का नोटिस दिया। घाटों के किनारे मजबूत होंगे, पक्के घाट बनेंगे नर्मदा लोक के तहत 20 करोड़ से पहले चरण में कई प्रमुख काम होना है। मंगलवारा घाट से लेकर पर्यटन घाट तक एक दूसरे को जोड़ना है। इसमें मंगलवारा से लेकर काले महादेव तक घाट ही नहीं बना है। यहां गैबियन स्ट्रक्चर से घाटों को किनारे को बचाने का काम पहले हुआ है। इसलिए अब मंगलवारा घाट को सबसे पहले सेठानीघाट से जोड़ना है। घाटों और किनारों को मजबूती देने के लिए बनाया जा रहा है।
दुर्ग पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों से बाइक चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में एक नाबालिग समेत कुल 5 आरोपी शामिल हैं। आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी दोपहिया वाहनों को निशाना बनाते थे और चोरी के बाद उन्हें भिलाई नगर रेलवे स्टेशन के पास स्थित गौठान की झाड़ियों में छिपाकर रख देते थे। आरोपियों के पास से 6 चोरी के वाहन भी बरामद किए गए हैं, जिनमें 5 स्प्लेंडर और 1 एक्टिवा शामिल है। आरोपी बाइक और स्कूटी को ही निशाना बनाते थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है और एक नाबालिग को अभिरक्षा में रखा गया है। मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है। सुपेला के लक्ष्मी नगर से संदेह के आधार पर लिया हिरासत में पुलिस ने बताया कि लक्ष्मी नगर क्षेत्र से संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे मिलकर अलग-अलग जगहों से वाहन चोरी करते थे और बाद में उन्हें छिपा देते थे। इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई, जब भिलाई के मदर टेरेसा नगर कैंप-01 निवासी सुखदेव पाण्डेय ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 25 दिसंबर 2025 को नेहरू नगर स्थित अटल प्रतिमा के पास से उनकी स्प्लेंडर बाइक चोरी हो गई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बिना नंबर के भी दो बाइक बरामद जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले और 24 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों की निशानदेही पर भिलाई नगर रेलवे स्टेशन के पास गौठान क्षेत्र की झाड़ियों से 6 चोरी के वाहन बरामद किए गए। लंबे समय से चोरी की वारदात में संलिप्त थे आरोपी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। वे भीड़भाड़ वाले और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाते थे, जहां से आसानी से गाड़ी चुराकर निकल सकें। चोरी के बाद वे वाहनों को सुनसान जगहों पर छिपा देते थे और मौका मिलने पर उन्हें बेचने की फिराक में रहते थे। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
शहर में भीषण गर्मी के बीच मासूम बच्चों की सेहत को लेकर एक बड़ा अलर्ट सामने आया है। अब साधारण लू के साथ-साथ 'ड्राई हीट' बच्चों के लिए नया और जानलेवा खतरा बन रही है। बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र कुमार गौतम ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चे का शरीर आग की तरह तप रहा है और उसे पसीना नहीं आ रहा, तो यह उसके शरीर के 'कूलिंग सिस्टम' के फेल होने का संकेत है। ऐसी स्थिति में बच्चे के अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है या वह बेहोश हो सकता है, इसलिए इसे मामूली बुखार समझने की गलती न करें। पसीना न आना है शरीर के सिस्टम फेल होने का इशारा अक्सर माता-पिता को लगता है,कि यदि बच्चे को पसीना आ रहा है, तो वह गर्मी झेल पा रहा है। लेकिन ड्राई हीट के मामले में शरीर इतना गर्म हो जाता है कि दिमाग का वह हिस्सा, जो तापमान को कंट्रोल करता है, काम करना बंद कर देता है। इसका सीधा असर यह होता है कि शरीर झुलसने लगता है लेकिन पसीना आना पूरी तरह बंद हो जाता है। डॉ. गौतम के मुताबिक, पसीना न आना इस बात का साफ संकेत है कि बच्चे का शरीर अब अंदरूनी गर्मी को बाहर निकालने में पूरी तरह अक्षम हो चुका है। बेहोशी और झटकों का खतरा, स्थाई नुकसान की आशंका बाल रोग विभाग के विभागध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि,ड्राई हीट की चपेट में आने पर बच्चे को सिर्फ तेज बुखार ही नहीं होता, बल्कि उसे चक्कर आने लगते हैं और आँखों के सामने धुंधलापन छा सकता है। गंभीर मामलों में बच्चा बेहोश हो सकता है या उसे झटके (सीज़र) भी आ सकते हैं। ऐसी हालत में की गई जरा सी भी देरी बच्चे के नाजुक अंगों को स्थाई रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। सरकारी अस्पतालों में बच्चों के लिए खास AC वार्ड सक्रियभीषण गर्मी और ड्राई हीट से निपटने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में व्यापक इंतजाम किए हैं। हर बड़े अस्पताल में विशेष 'हीट वेव वार्ड' बनाए गए हैं, जो पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) हैं। यहां इलाज की सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। मैटरनिटी विंग में जहां 20 बेड आरक्षित किए गए हैं, वहीं पीडियाट्रिक विभाग के वार्ड नंबर 8 में बच्चों के लिए विशेष रूप से 6 बेड सुरक्षित रखे गए हैं, जहां डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे तैनात है।डॉक्टर ने बताया बचाव का तरीका,धूप से तौबा और भरपूर पानीडॉ. शैलेंद्र कुमार गौतम ने माता-पिता को सलाह दी है,कि छोटे बच्चों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर बिल्कुल न निकालें। यदि बाहर जाना बहुत आवश्यक हो, तो बच्चे के हाथ, पैर और मुंह को सूती कपड़े से अच्छी तरह ढक कर रखें। बच्चा प्यासा न भी हो, तब भी उसे थोड़ी-थोड़ी देर में पानी, ओआरएस या घर के बने तरल पदार्थ पिलाते रहें ताकि शरीर में नमी बनी रहे। यदि बच्चे में अत्यधिक सुस्ती या पसीना न आने जैसे लक्षण दिखें, तो बिना समय गंवाए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल ले जाएं।
प्रयागराज में अप्रैल के महीने ने ही भीषण गर्मी का अहसास करा दिया है। शुक्रवार को शहर का तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जो इस सीजन के लिए एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है। इसके साथ ही प्रयागराज प्रदेश का सबसे गर्म जिला बन गया। सुबह से ही तेज और चिलचिलाती धूप ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। ऐसा महसूस हो रहा था मानो आसमान से आग बरस रही हो। दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा छा गया और लोग घरों में रहने को मजबूर दिखे। जरूरी काम के अलावा कोई भी बाहर निकलने से बचता नजर आया। गर्मी का असर शहर की दिनचर्या पर साफ दिख रहा है। बाजारों में ठंडे पेय पदार्थों की मांग अचानक बढ़ गई है। जूस, शिकंजी और नारियल पानी की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। हर कोई किसी न किसी तरह से गर्मी से राहत पाने की कोशिश में लगा है। धूप से बचने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं। कोई गमछा और टोपी का सहारा ले रहा है, तो कोई छाता लेकर निकल रहा है। बावजूद इसके, तेज लू और तपती धूप ने जनजीवन को काफी प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।
भीषण गर्मी और सूरज की आग उगलती तपिश अब सिर्फ त्वचा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे आपके दिल पर प्रहार कर रही है। पारा चढ़ने के साथ ही हृदय रोगियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। कानपुर के हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) में मरीजों की बढ़ती भीड़ इस बात की तस्दीक कर रही है कि गर्मी का यह दौर दिल के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। हार्ट पर बढ़ रहा है दोगुना दबाव कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ.राकेश वर्मा ने कहा कि,गर्मी के कारण शरीर में 'हीट स्ट्रेस' और 'डिहाइड्रेशन' यानी पानी की कमी की स्थिति पैदा हो रही है। इससे रक्त संचार प्रभावित हो रहा है, जिसका सीधा असर दिल की धमनियों पर पड़ रहा है। हृदय रोग संस्थान के निदेशक प्रो. राकेश वर्मा बताते हैं कि उच्च तापमान में शरीर का कूलिंग सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाता, जिससे रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं। लंबे समय तक पानी की कमी से खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे दिल को शरीर में रक्त पंप करने के लिए सामान्य से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इमरजेंसी में हर दिन 50 मरीज हो रहे भर्ती कार्डियोलॉजी विभाग के आंकड़े चिंताजनक हैं। इमरजेंसी में रोजाना 40 से 50 ऐसे मरीज भर्ती हो रहे हैं जिनमें डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, लो ब्लड प्रेशर और अत्यधिक थकान जैसे गंभीर लक्षण मिल रहे हैं। व ओपीडी में परामर्श के लिए हर रोज 600 से 700 मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इनमें से ज्यादातर मरीज वे हैं जो पहले से ही बीपी या हृदय की किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। सीने में जलन, सांस फूलना, घबराहट और अचानक बेहोशी जैसी शिकायतें अब आम हो गई हैं। बचाव के लिए बरतें सावधानीडॉ.राकेश वर्मा कहना है कि,यदि आप पहले से ही हृदय रोग या हाई बीपी के मरीज हैं, तो विशेष सावधानी बरतें। सबसे पहले सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। खान-पान में बदलाव करते हुए सुपाच्य, कम नमक और कम फैट वाला भोजन लें। तरबूज, खरबूजा, संतरा, केला और नारियल पानी जैसे फलों और तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। इसके अलावा गर्मी में लगातार काम करने से बचें और शरीर में अधिक गर्मी महसूस होने पर तुरंत किसी ठंडे स्थान पर लेटकर आराम करें। बीपी, शुगर और मोटापे को नियंत्रित रखने के लिए डॉक्टर की सलाह और दवाओं के समय का कड़ाई से पालन करें। विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्कता ही इस जानलेवा गर्मी से बचने का एकमात्र उपाय है और थोड़ी सी भी असहजता महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करने में देरी न करें।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (पूविवि) ने खेल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसी शैक्षणिक सत्र से परिसर में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीईएस) पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, परिसर में खेल सुविधाओं के विस्तार और अधीसंरचना को मजबूत करने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। अब तक यह पाठ्यक्रम केवल गाजीपुर स्थित पीजी कॉलेज में संचालित हो रहा था, जो विश्वविद्यालय से संबद्ध है। जौनपुर जनपद में इसकी व्यवस्था न होने के कारण खेल शिक्षा में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को अन्य जिलों का रुख करना पड़ता था। विश्वविद्यालय परिसर में यह पाठ्यक्रम शुरू होने से जौनपुर सहित आसपास के जिलों के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें स्थानीय स्तर पर ही खेल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। कुलपति प्रो. वंदना सिंह की पहल पर विश्वविद्यालय में खेल अधीसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया गया है। इस कवायद के तहत खेल मैदानों के विकास, विभिन्न खेलों के लिए आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, इंडोर व आउटडोर खेल गतिविधियों के लिए संसाधनों का विस्तार तथा प्रशिक्षित खेल प्रशिक्षकों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास पर भी जोर देना है। उन्होंने कहा, खेल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बीपीईएस पाठ्यक्रम परिसर में शुरू किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं को खेल के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकें। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बीपीईएस पाठ्यक्रम शुरू होने से परिसर में खेल संस्कृति को नया प्रोत्साहन मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को खेल शिक्षा के क्षेत्र में व्यवस्थित प्रशिक्षण प्राप्त हो सकेगा और विश्वविद्यालय स्तर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में भी सुधार की उम्मीद है।
रोहतक पुलिस की कस्टडी में आरोपी की मौत:परिवार का थर्ड डिग्री देने का आरोप; इलाज के दौरान तोड़ा दम
रोहतक जिला सीआईए-2 पुलिस की हिरासत में एक 51 वर्षीय आरोपी की मौत हो गई। मृतक के परिवार ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर करने का आरोप लगाया। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस में रखवा दिया। मृतक का आज पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। मृतक की पहचान गांव टिटोली के नरेश कुमार के रूप में हुई। मृतक नरेश कुमार को सीआईए-2 टीम ने देर शाम को उठाया था और रात को तबीयत बिगड़ने के बाद प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया। थर्ड डिग्री टॉर्चर का लगाया आरोप मृतक नरेश के परिजनों ने सीआईए-2 टीम पर थर्ड डिग्री टॉर्चर करने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस ने सख्ती के साथ पूछताछ करते हुए गंभीर चोट मारी। जिसके कारण ही उसकी मौत हुई है। परिजनों ने सीआईए टीम पर कार्रवाई करने की मांग की। दुष्यंत चौटाला ने सीआईए पर उठाए सवाल पूव्र डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कल ही प्रेस कांफ्रेंस में सीआईए टीम पर गुंडागर्दी करने के आरोप लगाए थे। दुष्यंत चौटाला ने कहा था कि सीआईए टीम बिना वर्दी, बिना नंबर प्लेट की गाड़ी पर काले शीशे लगाकर घूमती है। आम लोगों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जाता है। रोहतक सीआईए टीम को लेकर भी सवाल उठाया था। हार्टअटैक के कारण हुई मौत सीआईए-2 इंचार्ज का कहना है कि आरोपी को हार्टअटैक आया है। जिसके कारण रात के समय आरोपी को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान आरोपी की मौत हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह में भेजा हुआ है।
कुशीनगर में आज से होमगार्ड भर्ती परीक्षा शुरु:10,358 अभ्यर्थी होंगे शामिल, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कुशीनगर में उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा-2026 आज से शुरू हो रही है। यह परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल को दो पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 10,358 अभ्यर्थी शामिल होंगे। प्रशासन ने परीक्षा को सकुशल, पारदर्शी और नकलविहीन संपन्न कराने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जनपद में इसके लिए चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां प्रत्येक पाली में 1,728 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इन केंद्रों में उदित नारायण इंटरमीडिएट कॉलेज पडरौना, स्योबाई कमला देवी टिबड़ेवाल कन्या इंटरमीडिएट कॉलेज पडरौना, किसान इंटरमीडिएट कॉलेज पडरौना और बुद्ध इंटरमीडिएट कॉलेज कुशीनगर शामिल हैं। परीक्षा से पूर्व एडीएम वैभव मिश्र और एएसपी सिद्धार्थ वर्मा की मौजूदगी में विकास भवन सभागार में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल, स्टेटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की गई है। प्रवेश द्वार पर सघन चेकिंग की जाएगी ताकि परीक्षा की शुचिता बनी रहे। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने की अपील की है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपने साथ केवल एडमिट कार्ड और एक वैध फोटो पहचान पत्र ही लेकर केंद्र पर पहुंचें। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन फ्रिस्किंग के साथ एडमिट कार्ड और पहचान पत्र का मिलान किया जाएगा, जिसके बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटे पहले केंद्र पर पहुंच जाएं, क्योंकि निर्धारित समय के बाद गेट बंद कर दिए जाएंगे और विलंब से आने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
नगर निगम के कोतवाली जोन में पराड़कर भवन के पास हाल ही में बने शौचालय के बंद होने पर महापौर ने सख्ती दिखाई है। महापौर के निरीक्षण में शौचालय बंद मिला तो उन्होंने जिम्मेदारों से जानकरी ली पर कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने संचालक पर 5000 रुपए जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है। इसके आलावा कोतवाली इलाके में जगह-जगह जल जमाव मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। बंद मिला शौचालय तो की कार्रवाई महापौर अशोक तिवारी सप्ताहव्यापी महा-अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने मैदागिन स्थित कोतवाली जोन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में फैली गंदगी, जलजमाव और अतिक्रमण को देखकर महापौर ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। वहीं पराड़कर भवन के पीछे नवनिर्मित शौचालय बंद मिलने पर महापौर ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 5000 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। नाली पर अतिक्रमण पर दिखाई सख्ती महापौर ने इस दौरान मैंदागिन चौराहे पर संकटहरण महादेव मंदिर के सामने हुए जलजमाव को साफ करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कोतवाली चौकी के बगल में टाउनहॉल बाउंड्री से सटी सड़क को चौड़ा करने का निर्देश दिया गया। अग्रसेन कन्या इंटर कालेज के सामने नाली पर वाहनों के अतिक्रमण और नाली जाम होने की समस्या पर महापौर ने सख्त नाराजगी जताई और तत्काल अतिक्रमण हटवाने व सफाई के निर्देश दिए। कालेज के बगल में स्थित एक बिल्डिंग संबंधित को तत्काल नोटिस देकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दिए ये निर्देश महापौर ने इसके अलावा गोदौलिया से चौक रोड के नाले और गलीपीट की तत्काल सफाई व मरम्मत। बाबू नंदन चौरसिया पान दुकान के सामने और पराड़कर भवन के सामने नाली व गलीपीट की स्थिति सुधारने। काल भैरव मंदिर के पास सीवर चेंबर की सिल्ट सफाई कराने। टाउन हाल के पीछे दुकान द्वारा रेलिंग लगाकर किए जा रहे अवैध कब्जे को हटवाने। टाउन हाल के पीछे अवैध रूप से रेलिंग लगाकर रोड कब्जा करने का प्रयास पर तत्काल कार्रवाई करने।क्षेत्र में साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि आमजन कोई असुविधा न हो सके।
पीलीभीत में घनी आबादी वाले क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक कोल्ड स्टोरेज पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस प्लांट को तुरंत सील करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई गौरी शंकर मंदिर रोड स्थित अग्रवाल कोल्ड स्टोरेज एवं आइस फैक्ट्री पर की गई। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि यह कोल्ड स्टोरेज बिना किसी वैध लाइसेंस और अनिवार्य एनओसी (NOC) के संचालित किया जा रहा था। रिहाइशी इलाके के बीचों-बीच अमोनिया गैस का उपयोग किया जा रहा था, जिससे स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा था। उद्यान विभाग की छापेमारी के दौरान कोल्ड स्टोरेज के अंदर गुप्त रूप से बनाए गए चैंबरों में भारी मात्रा में फलों और सब्जियों का भंडारण मिला। संचालक के पास इस भंडारण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। अवैध संचालन के साथ-साथ यह मामला अब जीएसटी विभाग की जांच के दायरे में भी आ गया है। जिलाधिकारी ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि कोल्ड स्टोरेज के पिछले सभी रिकॉर्ड की जांच की जाए, ताकि संभावित टैक्स चोरी का पता लगाया जा सके। प्रशासन का मानना है कि बिना पंजीकरण के व्यापार कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोरेज अधिनियम के उल्लंघन के मामले में संचालक को स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया था, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद अब कठोर कार्रवाई की जा रही है। जांच में कई विभागों की ओर से अनदेखी सामने आई है। अग्निशमन विभाग की ओर से अग्नि सुरक्षा के इंतजामों का अभाव पाया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संचालन हेतु आवश्यक सहमति (CTE/CTO) नहीं ली गई थी। साथ ही, विद्युत विभाग से बिना औद्योगिक कनेक्शन के भारी लोड का उपयोग किया जा रहा था। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि शहर के बीचों-बीच बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे ऐसे अवैध व्यापार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोल्ड स्टोर सील किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
आज हीटवेव का अलर्ट, कल से 5 दिन बूंदाबांदी:44.0°C पहुंचा आगरा का तापमान, कल से मिलेगी गर्मी से राहत
भीषण गर्मी के बीच आगरा का तापमान 44.0C पहुंच गया है। लू ने लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। आज भी हीटवेव रहेंगी। गर्म हवा के झोंके त्वचा को झुलसा देंगे। तापमान और बढ़ेगा। शनिवार को इसके 45C पार करने की संभावना जताई गई है। मगर, 26 अप्रैल से एक बार फिर मौसम पलटेगा। मौसम विभाग ने 26 से 30 अप्रैल तक बूंदाबांदी और बादल छाये रहने की संभावना जताई है। इसके बाद गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। तापमान में गिरावट आएगी। गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को दिन के तापमान में 0.8C की बढ़ोत्तरी हुई। गुरुवार को अधिकतम तापमान जहां 43.2C था वहीं, शुक्रवार को 44C पर पहुंच गया। हालांकि न्यूनतम तापमान में 0.4C की गिरावट आई है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 24.3C था वहीं, शुक्रवार को 23.9C पर आ गया। जानिए 13 दिनों की तापमान की स्थिति… आज दोपहर में संभलकर निकलेंशनिवार को दिन में गर्म हवाएं चलेंगी। ऐसे में दोपहर के समय संभलकर निकलें। गर्म हवाएं न सिर्फ त्वचा को झुलसा सकती हैं बल्कि बीमारी कारण भी बन सकती हैं। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। स्थिति ये है कि शाम को भी गर्मी कम नहीं हो रही। शाम के समय भी गर्म हवाएं बेचैन कर रही हैं। पानी का छिड़काव, फिर भी नहीं मिल रही राहतनगर निगम द्वारा सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, लेकिन भीषण गर्मी के सामने यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है। सुबह से ही तेज धूप और शांत हवा के कारण गर्मी का अहसास और बढ़ गया है। 27 से तापमान में गिरावटमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 से 30 अप्रैल तक तक बूंदाबांदी की संभावना है। बादल भी छाये रहेंगे। इससे तापमान में गिरावट आएगी। मौसम विभाग ने 27 अप्रैल से तापमान में गिरावट का अनुमान लगाया है। 25 और 26 को तापमान 45C पहुंच सकता है। ये रह सकती है तापमान की स्थिति
हरियाणा सरकार में पब्लिक हेल्थ मिनिस्टर रणबीर सिंह गंगवा आज (शनिवार) दोपहर बाद टोहाना शहर पहुंचेंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासन और गोशाला प्रबंधन समितियों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री गंगवा चंडीगढ़ रोड स्थित ज्योतिपुंज गोशाला में पहुंचेंगे, जहां वे टोहाना उपमंडल की विभिन्न गोशाला प्रबंधन समितियों को चारा अनुदान राशि के चेक वितरित करेंगे। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गोशाला से जुड़े पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। गोशाला प्रबंधकों की समस्याएं भी सुनेंगे कार्यक्रम में गोशालाओं के संचालन, पशुओं के रखरखाव और चारे की व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। सरकार द्वारा गोशालाओं को नियमित रूप से अनुदान देने की योजना के तहत यह राशि वितरित की जा रही है, ताकि पशुओं के पालन-पोषण में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। यह अनुदान उन्हीं गोशालाओं को मिलेगा, जो हरियाणा गो सेवा आयोग के तहत पंजीकृत है। मंत्री के दौरे के चलते सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम में एसडीएम आकाश शर्मा, पब्लिक हेल्थ, पीडब्ल्यूडी और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
सोनभद्र में शादी से लौट रही बारातियों की कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। हादसा वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर लोढ़ी स्थित टाटा मोटर्स एजेंसी के पास शनिवार सुबह 4 बजे हुआ। मृतकों की पहचान दिलीप पासवान, नीतीश यादव और जितेंद्र साहनी के रूप में हुई है। बताया गया कि तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार में चालक सहित कुल आठ लोग सवार थे। घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल चालक छोटेलाल साहनी को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। मृतकों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सभी बाराती खलियारी बैनी रायपुर से कन्हौरा लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। अचानक वाहन के अनियंत्रित होकर पलटने से यह बड़ा हादसा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क किनारे हटाकर यातायात बहाल कराया गया। खबर लगातार अपडेट की जा रही है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने विवाहित पुरुष के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस संजय एस अग्रवाल ने कहा अगर महिला को पहले से पता हो कि पुरुष शादीशुदा है और उसके साथ संबंध बनाती है, तो बाद में वह उस पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने या धोखाधड़ी का आरोप नहीं लगा सकती। हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ निचली अदालत से आरोपी को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा है। साथ ही महिला की अपील को खारिज कर दी है। इस मामले में महिला ने खुद पैरवी की। जानिए क्या है पूरा मामला ? डोंगरगढ़ की रहने वाली महिला ने अनुसार उसकी शादी 8 मई 2008 को महेश गंजीर के साथ हुई थी और 21 जनवरी 2009 को शादी का इकरारनामा भी तैयार किया गया था। महिला का दावा था कि इसके बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। इस दौरान उनके बीच शारीरिक संबंध भी बने। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसने अलग-अलग यात्राओं पर 85 हजार रुपए खर्च किए, लेकिन जब उसने और पैसे देने से मना किया तो पति महेश ने उसे घर से निकाल दिया, जिसके बाद महिला ने महेश पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए निचली अदालत में मामला पेश किया था। निचली अदालत ने आरोपी को किया बरी कोर्ट ने पाया कि महिला के दावों में कई विरोधाभास थे। रिकॉर्ड के अनुसार महिला की ओर से पहले दिए गए नोटिस और पुलिस शिकायत में शादी की निश्चित तारीख का जिक्र नहीं था, बल्कि उसमें केवल यह कहा गया था कि आरोपी ने शादी के बहाने मई से सितंबर 2008 के बीच शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा महिला के एक अन्य नोटिस से यह स्पष्ट होता है कि वह अच्छी तरह जानती थी कि महेश पहले से शादीशुदा है। महिला को उसकी पहली पत्नी का नाम भी पता था। लिहाजा कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया। पहली पत्नी जीवित, इसलिए धोखाधड़ी नहीं महिला ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। केस की सुनवाई के दौरान अपील करने वाली महिला ने खुद पैरवी की। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि आईपीसी की धारा 493 के तहत अपराध का मुख्य तत्व धोखाधड़ी है, जिसमें पुरुष महिला को यह विश्वास दिलाता है कि वह उसकी वैध पत्नी है। जब महिला और पुरुष दोनों को पता हो कि वे कानूनी रूप से विवाहित नहीं हैं। पुरुष की जीवित पत्नी है तो धोखाधड़ी का सवाल ही नहीं उठता। क्योंकि महिला को महेश के विवाहित होने की जानकारी थी, इसलिए कोर्ट ने माना कि शादी का इकरारनामा हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 5 और 11 के तहत पहले ही शून्य था। ……………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 'दूसरी शादी के लिए पहले पति से तलाक जरूरी': डिवोर्स लिए बिना की दूसरी शादी, फिर मांगने लगी गुजारा-भत्ता, हाईकोर्ट में महिला की अपील खारिज 'दूसरी शादी करने के लिए पहले पति से तलाक लेना जरूरी है। पहली शादी के कानूनी रूप से अस्तित्व में रहते हुए दूसरी शादी करना, फिर दूसरे पति से गुजारा भत्ता की मांग करना उचित नहीं है।' छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गुजारा भत्ते की मांग करते हुए लगाई गई महिला की अर्जी खारिज कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…
नागौर जिला सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी जिला बन गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से तैयार जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा एक्शन प्लान को पूरा करने वाला नागौर, देश के चिन्हित 100 सर्वाधिक दुर्घटना वाले जिलों में पहले स्थान पर है। शासन सचिव (परिवहन) के निर्देशानुसार तैयार इस प्लान का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों की दर को न्यूनतम करना है। सेफ सिस्टम अप्रोच : गलती इंसान करे, पर सिस्टम जान बचाए इस एक्शन प्लान में सड़क सुरक्षा को महज विभाग का काम न मानकर 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी' माना गया है। खास बात यह है कि इसमें ‘सेफ सिस्टम्स अप्रोच’ अपनाई गई है। इसका मतलब है कि यदि सड़क पर चालक से मानवीय त्रुटि हो भी जाए, तो सड़क की इंजीनियरिंग और सुरक्षा ढांचा ऐसा हो कि वह गलती मौत का कारण न बने। 2026 के लिए 'मिशन मोड' लक्ष्य जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने आगामी वर्ष के लिए कड़े माइलस्टोन तय किए हैं: सख्ती: ओवरस्पीडिंग पर रोज 200 ई-चालान और ड्रंक एंड ड्राइव पर हर थाने में कम से कम एक चालान रोज। सुरक्षा: हेलमेट पहनने की दर को 85% तक पहुंचाना और 11 खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करना। जांच: सभी बस और स्कूल वैन चालकों का 100% विजन टेस्ट और टोल प्लाजा पर 5000 बड़े वाहन चालकों का हेल्थ चेकअप। एजुकेशन: जिले में 50 'सेफ स्कूल जोन' विकसित किए जाएंगे। इलाज में देरी नहीं : अपग्रेड होंगे ट्रॉमा सेंटर हादसे के बाद 'गोल्डन ऑवर' में जान बचाने के लिए मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है: रिस्पॉन्स टाइम: शहर में 20 और गांवों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस पहुंचेगी। अपग्रेडेशन: नागौर के जेएलएन अस्पताल समेत मेड़ता सिटी और खींवसर के ट्रॉमा सेंटर्स को लेवल-2 में उन्नत किया जाएगा, ताकि गंभीर घायलों को तुरंत बेहतर इलाज मिल सके। निगरानी के लिए बना ‘साप्ताहिक चक्र’ एक्शन प्लान केवल कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए पुलिस थाना स्तर पर हर सप्ताह समीक्षा होगी। इसमें देखा जाएगा कि 24 घंटे के भीतर दुर्घटना का डेटा (e-DAR) पोर्टल पर फीड हुआ या नहीं। जिला स्तर पर हर महीने कलेक्टर और सड़क सुरक्षा समिति इसकी प्रगति की जांच करेंगे।
लुधियाना में अवैध निर्माण को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। नगर निगम की शिकायत पर एक व्यक्ति के खिलाफ सील तोड़कर दुकानों का निर्माण करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। रिहायशी एरिया के अंदर अवैध रूप से दुकानों का निर्माण किया शिकायतकर्ता निरवाण सहायक नगर योजनाकार (एस्सिटेंट टाउन प्लानर) जोन-बी, नगर निगम लुधियाना ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 अप्रैल 2026 को PGD नंबर 792991/792768 के तहत जांच के दौरान सामने आया कि मनीष कुमार ने न्यू शिवाजी नगर इलाके में रिहायशी एरिया के अंदर अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कर रखा है। नगर निगम द्वारा उक्त दुकानों पर सील लगाई गई थी आरोप है कि नगर निगम द्वारा उक्त दुकानों पर सील लगाई गई थी, लेकिन आरोपी ने नियमों की अवहेलना करते हुए सील को तोड़ दिया और निर्माण कार्य जारी रखा। अधिकारियों को जब सूचना मिली तो उन्होंने मौके देख तुरंत पुलिस को सूचित किया। मामले में आरोपी की पहचान मनिष कुमार निवासी गली नंबर-4, न्यू शिवाजी नगर, लुधियाना के रूप में हुई है। मामले की जांच जारी, पुलिस ने दर्ज किया केस थाना डिवीजन नंबर-3 की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 223, 221 और 329 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
हम्मीर पुलिया पर बड़ा हादसा होने से टला:महिला और बच्चों से भरी ट्रॉली का ट्रैक्टर से संपर्क टूटा
सवाई माधोपुर की हम्मीर पुलिया पर शुक्रवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां शुक्रवार शाम को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली हम्मीर पुलिया से गुजर रहा था जिसमें एक दर्जन से अधिक महिलाएं और बच्चे सवार थे। सभी लोग किसी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी अचानक ट्रैक्टर और ट्रॉली के बीच का कनेक्शन टूट गया। तेज आवाज से सहमे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कनेक्शन टूटते ही तेज धमाके की आवाज आई और ट्रॉली ट्रैक्टर से अलग हो गई। कुछ पल के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि ट्रॉली अनियंत्रित होने के बावजूद पलटी नहीं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था और कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। घटना के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। यहां पहुंचकर लोगों ने ट्रॉली में सवार महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। हलांकि इस घटना के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी बाधित रहा। जिसे बाद में स्थानीय लोगों, प्रशासन व यातयात पुलिस की मदद से स्थिति को संभाला गया और रास्ता फिर से चालू किया गया। जिससे यहां यातायात सुचारू हो सका।
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। वहीं 25 से 27 अप्रैल तक मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की गई है। सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी रायपुर में शुक्रवार को हीटवेव की स्थिति बन सकती है। यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का अनुमान है। इसके अलावा मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के बाद प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। हालांकि, इसके बावजूद अलग-अलग स्थानों पर लू का असर बना रह सकता है। अब देखिए ये तस्वीरें- क्यों बढ़ रही गर्मी? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक विदर्भ से लेकर दक्षिण भारत तक ट्रफ लाइन और बंगाल-ओडिशा क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवाती प्रभाव के चलते गर्म और शुष्क हवाओं का असर बना हुआ है। इसी वजह से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। परीक्षाओं के समय में बदलाव भीषण गर्मी को देखते हुए बिलासपुर में व्यापम की प्रतियोगी परीक्षाओं के समय में बदलाव किया गया है। अब परीक्षाएं सुबह 10 बजे से होंगी, जो पहले दोपहर 12 बजे से आयोजित होती थीं। 26 अप्रैल को मंडी बोर्ड उप निरीक्षक, 14 मई को एसएससी नर्सिंग और पीईटी, तथा 21 मई को पीपीएचटी परीक्षा सुबह 10 बजे से आयोजित की जाएगी।
लखनऊ में शनिवार सुबह से तेज चटक धूप निकली है। तापमान सुबह 8 बजे 30 डिग्री पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि लखनऊ का अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास दर्ज किया जाएगा। दिन में गर्म हवा के थपेड़े चलते रहेंगे। लू का अलर्ट है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री रहा। यह सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक रहा। अधिकतम आर्द्रता 53 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 11 फीसदी रही। लखनऊ में लू का अलर्ट राजधानी लखनऊ में 25 और 26 अप्रैल को लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार को पश्चिमी यूपी के मेरठ, आगरा, शाहजहांपुर और अलीगढ़ के साथ पूर्वांचल के हरदोई, वाराणसी और प्रयागराज में लू की स्थिति दर्ज की गई। अगले 2-3 दिनों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में लू का असर बना रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गर्म रातें भी पड़ सकती हैं। हल्की बारिश के बाद मिलेगी राहत मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 अप्रैल से मौसम बदलने के आसार हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश शुरू हो सकती है, जो धीरे-धीरे पूर्वी यूपी की ओर बढ़ेगी। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे 27 अप्रैल के बाद लू से राहत मिलने की उम्मीद है।
सतना के झिंगोदर में गांजा की खेती का खुलासा:325 हरे पौधों के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
सतना जिले के जसो थाना क्षेत्र के झिंगोदर में पुलिस ने गांजा की खेती का खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से 325 हरे पौधे जब्त किए और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी बृजभान सिंह ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुखबिर से सूचना मिली थी। झिंगोदर की नईबस्ती निवासी रामनरेश पुत्र लख्खू कोल (60 वर्ष) के खेत पर स्थित बगिया में दबिश दी गई। तलाशी के दौरान वहां गांजा के पौधे लहलहाते पाए गए। पुलिस टीम ने कुल 325 हरे पौधों को उखाड़कर जब्त कर लिया। इन पौधों का कुल वजन 9 किलो 500 ग्राम था, जिसकी अनुमानित कीमत 47 हजार 500 रुपए आंकी गई है। आरोपी रामनरेश कोल को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में एएसआई प्रहलाद कुशवाहा, प्रधान आरक्षक आशीष तिवारी, विनोद मिश्रा, अर्पित सेन, आरक्षक रवीन्द्र रैकवार और भरत बागरी की अहम भूमिका रही।
सिरसा जिले में ग्राम सरपंच पद का दुरुपयोग कर एवं ब्लैकमेलिंग और झूठा मामला दर्ज कराने के षड्यंत्र मामले में गिरफ्तार महिला सरपंच के भतीजे सुरेंद्र ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी भतीजे सुरेंद्र ने बताया, गांव का मोहन लाल बार-बार आरटीआई लगा रहा था। उसे सबक सिखाना था, इसीलिए महिला के जरिए मोह के जाल में फंसाने की चाचा के साथ मिलकर योजना बनाई थी। इसके लिए गांव की ही एक महिला को चुना और अपने साथ शामिल किया। महिला के जरिए मोहन लाल से संपर्क करवाया। दोनों ही सोशल मीडिया या व्हाटसप पर बातचीत होने लगी और महिला के मोह में वह फंस गया। इस पर उन्होंने मोहन पर दबाव बनाया और झूठा केस दर्ज करा झांसे में लेने को भी कहा। महिला ने उनके बीच बातचीत के कुछ स्क्रीनशॉट भी ले लिए। पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र महिला के लगातार संपर्क में था और उन स्क्रीनशॉट के आधार पर मोहन को केस दर्ज कराने तक की भी धमकी दी। मगर मोहन नहीं माना और उसने आरटीआई लगाना भी बंद नहीं किया। इससे वह और चाचा सरपंच प्रतिनिधि परेशान हो गए थे। ऐसे में ये षडयंत्र का मोहन को पता चल गया। उनके बीच इस बारे में झगड़ा भी हुआ और मामला पुलिस के पास जा पहुंचा। 30 वर्षीय महिला भी इसमें संलिप्त, वो भी फरार यह मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने जमाल गांव के भतीजे सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया, महिला की तलाश जारी है। थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार के अनुसार, इस षडयंत्र में आशा नाम की महिला संलिप्त है, जो गांव की ही है। वह इस मामले के बाद फरार है। महिला की उम्र करीब 30 साल है। उसको पकड़ने को दाबिश जारी है। आरोप है कि सरपंच पद के दुरुपयोग से जुड़े मामले में आरटीआई के जवाब न देने एवं शिकायतकर्ता को महिला के जरिए मोह के जाल में फंसाकर दबाव बनाना है। अब नाथूसरी चौपटा थाना पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया। इसे लेकर गांव जमाल निवासी मोहन लाल ने पुलिस को शिकायत दी थी। मोहन लाल ने आरोप लगाया था कि उसने 18 जनवरी 2026 को आरटीआई के जरिए गांव के विकास कार्यों और सरपंच की शैक्षणिक योग्यता के बारे में डीसी कार्यालय सिरसा और सीएम कार्यालय से जानकारी मांगी थी। जानिए शिकायत में आगे क्या बताया शिकायत में मोहन ने आगे बताया, इस जानकारी मांगने से नाराज होकर गांव की महिला सरपंच, सरपंच प्रतिनिधि और अन्य व्यक्तियों ने मोहन लाल को झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने गांव की एक महिला को मोहन लाल के मोबाइल पर वीडियो कॉल के माध्यम से अश्लील बातचीत करने के लिए उकसाया। आरोपियों ने महिला को मीठी बातों में फंसाकर मोहन लाल के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाने की योजना बनाई थी। इस साजिश का उद्देश्य मोहन लाल को ब्लैकमेल करना था। गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके। पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और मामले में जो भी व्यक्ति संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रामनगरी अयोध्या में इन दिनों धार्मिक उत्सवों की धूम है। बैसाख शुक्ल नवमी पर मनाई जाने वाली सीता जयंती इस बार विशेष रूप से भव्य रूप से मनाई जा रही है। राम जन्मभूमि मंदिर समेत शहर के कई प्रमुख मंदिरों में श्रद्धा और उल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि राम मंदिर में सीता जयंती का आयोजन पहली बार भव्य रूप में किया जा रहा है। इसे लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। जनकनंदिनी मां जानकी के प्राकट्योत्सव के अवसर पर कनक भवन को विशेष रूप से सजाया गया है। मां जानकी का सुबह 5 कुंतल दुग्ध से अभिषेक किया गया। यहां पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और विशेष अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल है। छोटी देवकाली में सजेगी नौ दुर्गा की झांकी इधर, शाक्त परंपरा के प्रसिद्ध छोटी देवकाली मंदिर में नौ दिवसीय अनुष्ठान के बीच अखंड श्रीसीताराम संकीर्तन जारी है। बैसाख शुक्ल अष्टमी के पर्व पर शुक्रवार को छोटी देवकाली मंदिर से देवी मां की भव्य शोभायात्रा बड़े धूमधाम से निकाली गयी। देवकाली समाज संस्था के तत्वावधान में निकली इस शोभायात्रा में नौ दुर्गा के भिन्न-भिन्न स्वरूपों की भी झांकियों को शामिल किया गया था। यह शोभायात्रा राम पथ से गुजरते हुए भक्ति पथ होकर हनुमानगढ़ी, दशरथ राजमहल, वेद मंदिर के रास्ते कौशलेश सदन, अशर्फी भवन होकर गोला बाजार व तुलसी उद्यान होते हुए अपने गंतव्य पर पहुंची। यहां देवी मां की आरती उतार कर यात्रा को विराम दिया गया। इसके पहले शोभायात्रा का स्थान -स्थान पर श्रद्धालुओं ने आरती उतार कर स्वागत किया और प्रसाद का वितरण किया। श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा के मार्ग की धुलाई और चौक बनाकर भी अपनी श्रद्धा निवेदित की। बैसाख शुक्ल नवमी के पर्व पर शनिवार को राम मंदिर में पहली बार देवी मां का प्राकट्य उत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के वातावरण में मनाया जाएगा। वहीं छोटी देवकाली मंदिर में देवी मां के फूल बंगले की झांकी सजाई जाएगी और 1051 बत्ती की महाआरती का भी आयोजन किया जाएगा। बैसाख नवमी के पर्व पर देवकाली समाज संस्था का 91 वां वार्षिकोत्सव भी मनाया जा रहा है। यह एक मई को ध्वजारोहण व कन्या बरुआ के भंडारे से विराम लगेगा। इसके पहले नवमी पर्व पर दुर्गा सप्तशती पारायण सहित अन्य अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी। कनक भवन में प्रातःकाल किया जाएगा कनक बिहारिणी जू अभिषेक-पूजन: उधर कनक भवन सहित वैष्णव मंदिरों में प्रातः देवी मां के विग्रह का अभिषेक कर पूजन किया जाएगा और मध्याह्न में देवी मां के प्राकट्य की आरती होगी। कनक भवन में बैसाख शुक्ल पंचमी से शुरू हुआ उत्सव बैसाख पूर्णिमा तक चलेगा। पूर्णिमा के पर्व पर कनक बिहारी -बिहारिणी सरकार की अष्ट सखियों में प्रधान सखी चारु शिला का भी प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा। कनक भवन में भी उत्सव की शुरुआत वहीं प्रतिष्ठित कनक भवन में भी जानकी उत्सव का शुभारंभ हो चुका है, जो बैसाख पूर्णिमा तक चलेगा। यहां प्रतिदिन शाम को बधाई गान और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
मंदसौर में वाहन की बाइक से टक्कर, दो युवक घायल:जिला अस्पताल में भर्ती, बाजखेड़ी फंटे के पास हादसा
मंदसौर जिले के बाजखेड़ी फंटे पर शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार, 40 वर्षीय बल्लू गुर्जर (पिता मोहनलाल, निवासी ग्राम चिरमोलिया) और 28 वर्षीय परमेश्वर गुर्जर (पिता भंवरलाल, निवासी ग्राम झावल) मंदसौर से अपने गांव चिरमोलिया लौट रहे थे। दोनों युवक हाउसिंग फाइनेंस का काम करते हैं और काम समाप्त कर देर रात बाइक से घर जा रहे थे। बाजखेड़ी फंटे के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत 108 एंबुलेंस को बुलाया। एंबुलेंस से दोनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, परमेश्वर को हाथ, सिर और पैर में चोटें लगी हैं। वहीं, बल्लू गुर्जर के मुंह, सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अज्ञात वाहन की तलाश जारी है।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ ने एक पुलिस सब इंस्पेक्टर के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट की तामील नहीं होने पर पुलिस की कार्य शैली पर नाराजगी जताते हुए कड़ी फटकार लगाई है। जस्टिस फरजंद अली की एकल पीठ ने स्थिति को अत्यंत खेदजनक करार देते हुए कहा कि ‘इससे बदतर स्थिति कोई और नहीं हो सकती।’ कोर्ट ने जोधपुर रेंज आईजी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि जब खुद पुलिस अधिकारी ही कोर्ट के वारंट की अनदेखी करें, तो ये न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत है। जबकि वह स्वयं किसी स्थान पर ड्यूटी पर तैनात हो सकता है। एक साल से गवाही देने नहीं आए I/O, पुलिस नहीं कर पाया वारंट तामील यह पूरा मामला गुणवंतलाल नागदा बनाम राजस्थान सरकार केस के आपराधिक जमानत प्रकरण की सुनवाई से जुड़ा है। सिरोही के स्वरूपगंज थाने में 2023 में दर्ज मामला, जिसमें सब इंस्पेक्टर कमल सिंह जांच अधिकारी (I/O) हैं। ट्रायल कोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कमल सिंह को 27 मई 2025 को गवाह के रूप में पेश किया गया था। उस दिन उनकी गवाही शुरू हुई, लेकिन समय की कमी के कारण वह अधूरी रह गई। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 10 जून 2025 को फिर से उपस्थित होने के लिए पाबंद किया था। हैरानी की बात यह है कि जून 2025 के बाद से यह अधिकारी एक बार भी कोर्ट में नहीं आए। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें बुलाने के लिए कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी किए, लेकिन पुलिस ने अपने ही विभाग के इस अधिकारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश नहीं किया। परिणामस्वरूप, पिछले एक साल से मामले की सुनवाई केवल इसलिए रुकी हुई है, क्योंकि मुख्य गवाह (जांच अधिकारी) उपलब्ध नहीं है। हाईकोर्ट ने इसी विफलता पर संज्ञान लिया है कि जो पुलिस अधिकारी संभवतः कहीं न कहीं ड्यूटी पर तैनात होगा, उसका ही वारंट पुलिस तामील नहीं करवा पा रही है। तल्ख टिप्पणी: पुलिस महकमे के भीतर ही वारंट की गंभीरता नहीं जस्टिस फरजंद अली ने कहा कि यह स्थिति बहुत दुखद है कि एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट का निष्पादन नहीं हो पा रहा है। कोर्ट ने माना कि यह न केवल न्यायिक प्रक्रिया में बाधा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पुलिस महकमे के भीतर वारंट की गंभीरता को महत्व नहीं दिया जा रहा है। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि कई अन्य मामलों में भी ऐसा ही पैटर्न देखा गया है, जहां पुलिस कर्मियों के वारंट तामील नहीं होते। यह 'गणेश राम बनाम राजस्थान राज्य' मामले में हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। अदालत ने पुलिस की जवाबदेही तय करने के लिए दिए आदेश आईजी की व्यक्तिगत पेशी: आईजी, जोधपुर रेंज को 28 मई को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। उन्हें कोर्ट को संतुष्ट करना होगा कि उनके अधीनस्थ अधिकारी अपनी ड्यूटी निभाने में विफल क्यों हो रहे हैं। एडिशनल एसपी करेंगे गिरफ्तारी: कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को नया गिरफ्तारी वारंट जारी करने का निर्देश दिया है। आईजी जोधपुर रेंज को आदेश दिया गया है कि वे इस वारंट की तामील के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से कम रैंक के अधिकारी को नियुक्त नहीं करेंगे। सब-इंस्पेक्टर को पेश करने का जिम्मा: नियुक्त एडिशनल एसपी की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह संबंधित सब-इंस्पेक्टर कमल सिंह को गिरफ्तार करे और अगली सुनवाई से पहले ट्रायल कोर्ट में पेश करे। दोषियों की सूची: आईजी को उन सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची पेश करनी होगी, जो वारंट जारी होने के बाद से अब तक इसे तामील कराने में विफल रहे। साथ ही, उनकी लापरवाही के लिए उनके खिलाफ क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित है, इसकी जानकारी भी देनी होगी।
अजमेर के देहली गेट क्षेत्र में शुक्रवार देर रात वाहन का हॉर्न बजाने को लेकर गुजरात से आए जायरीन और स्थानीय लोगों में मारपीट हो गई। इससे कई लोगों के चोटें पहुंची। देर रात घायलों का गंज थाना पुलिस ने जेएलएन अस्पताल में मेडिकल करवाया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस लाइंस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया। पुलिस के अनुसार कुम्हार मोहल्ला निवासी लक्ष्मी ने बताया कि रात करीब दस बजे स्थानीय रमेश अपने वाहन से कामकाज के बाद घर लौट रहे थे। उन्होंने भीड़ को देखते हुए साइड के लिए वाहन का हॉर्न बताया। इससे वाहन के आगे जा रही जायरीन महिला और उसकी पुत्री भड़क गई। उनके साथ चल रहे परिजन ने आक्रोशित होकर रमेश और उसकी पत्नी के साथ मारपीट कर दी। लक्ष्मी ने बताया कि जायरीन परिवार ने बीच-बचाव करने आए लोगों से भी मारपीट की। उनके भी कंधे और कमर में दांत से काट लिया। आरोपी समझाइश पर भी नहीं माने। संगठन विशेष के लोग भी जुट गए। वहीं गुजरात से आए जायरीन मोहम्मद उस्मान ने बताया कि वह छठी शरीफ की रस्म में शामिल होने आए है। दरगाह बाजार में एक होटल में सो रहे थे। उनकी मां और बहन दरगाह बाजार से खरीदारी कर वापस होटल लौट रहे थे। इसी दौरान बार-बार हॉर्न बजाने को लेकर टोका तो आरोपी अभद्रता और मारपीट पर उतार आए। इससे मोहम्मद इजहार और मोहम्मद अफजल सुपारीवाला सहित उनके सिर और हाथ-पैरों में चोटें आई है। गंज थाना प्रभारी महावीरसिंह राठौड़ ने बताया-मामले की जांच की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फोटो वीडियो-नजीर कादरी ……….. पढें ये खबर भी…. महिला कैंडिडेट ने खुद को विधवा तो कभी अविवाहित बताया:ग्रामीणों ने की शिकायत; शिक्षा विभाग भेजेगा कर्मचारी चयन बोर्ड को मामला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के दस्तावेज सत्यापन में एक महिला अभ्यर्थी की ओर से खुद को विधवा-परित्यक्ता कोटे में नौकरी के लिए फर्जी दावा करने के आरोप का मामला सामने आया है। अभ्यर्थी के दस्तावेज सत्यापन के बाद ग्रामीणों ने उसके विवाहित बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। पूरी खबर पढें
गाजियाबाद में शनिवार सुबह से तेज धूप खुली है, आज सुबह न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचाने का अनुमान है। आज हवा की गति 8 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से है, मौसम विभाग के अनुसार 26 अप्रैल से गाजियाबाद और आसपास के जिलों में फिर मौसम बदलने का अनुमान है। दिन निकलते ही भीषण गर्मी अप्रैल माह का लास्ट वीक चल रहा है। सुबह से ही लगातार लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय दिन का अधिकतम तापमान दर्ज किया जा रहा है। जबकि सुबह सुबह 5 बजे न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया जा रहा है। दोपहर के समय हीटवेव चल रही है। लू के प्रकोप से बचने के लिए क्या करें ADM सौरभ भट्ट ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से जारी की गई एडवाइजरी के अनुसार जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 5 दिनों तक प्रदेश में उष्ण लहर, लू चलने की सम्भावना है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से उपर जाने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जिले में 44.48 डिग्री सेल्सियस तापमान होने पर हीटवेव घोषित किया गया है। ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार लू होने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। साथ ही आम जनमानस को यह भी बताया जाना आवश्यक है कि उच्च आद्रता तथा वायुमण्डलीय परिस्थितियों के कारण उच्च तापमान लोगों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। शरीर में हो जाती है पानी की कमी जिसके कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाईड्रेशन) एवं ऐठन की शिकायत आती है, और कभी-कभी इसके कारण लोगों की मौत भी हो जाती है। शहरी क्षेत्रों में तापमान उच्चतम हो जाने से अर्बन हीट आइलैंड की स्थिति बन जाती है। हिटवेव (लू) से वृद्ध, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बीमार, मजदूर, दुर्बल, एवं निराश्रित लोग अधिक प्रभावित होते है। ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वैभव पाण्डये जिला आपदा विशेषज्ञ जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, गाजियाबाद द्वारा हीटवेव से बचाव के लिए निम्नलिखित एडवाइजरी जारी की जाती है। हीट वेव से बचाव के लिए यह सावधानी बरतें
दमोह-सागर हाईवे पर शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। यह हादसा सरदार पटेल ओवरब्रिज के समीप हुआ। इस घटना में कार में सवार सभी छह शिक्षक घायल हो गए। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को दमोह जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। घायल शिक्षक सागर जिले के गढ़ाकोटा स्थित शासकीय बालक स्कूल में पदस्थ हैं। वे छतरपुर जिले के बक्सवाहा में अपने एक साथी शिक्षक के पिता की बरसी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वापसी के दौरान यह हादसा हुआ। घायल शिक्षकों में राजकुमार सोनी (38), राजेश जैन (46), विनोद नामदेव (42), उमाशंकर पटेल (30), अनुज पटेल (32) और इरशाद खान शामिल हैं। घायल शिक्षक विनोद नामदेव ने बताया कि उन्हें अचानक हुए इस हादसे का कारण पता नहीं चला। जिला अस्पताल पहुंचने पर कुछ युवाओं ने घायलों की मदद की और उन्हें कंधे के सहारे अस्पताल के अंदर ले गए। सागर नाका चौकी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीधी जिला जेल में पॉक्सो एक्ट के तहत बंद कैदी रजनीश दुबे की शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर मौत के समय को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जेल प्रशासन बोला-पहले से कैदी की तबीयत खराब थई जेल अधीक्षक रविशंकर सिंह के अनुसार, कैदी रजनीश दुबे की तबीयत पहले से खराब थी और जेल में ही उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार दोपहर उसकी तबीयत बिगड़ी और रात करीब 9 बजे हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर बोले-अस्पताल लाने से करीब 8 घंटे पहले ही हो चुकी मौत जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. खरे के बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने बताया कि कैदी की मौत अस्पताल लाने से करीब 8 घंटे पहले ही हो चुकी थी। इस खुलासे के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि अगर कैदी की मौत पहले ही हो गई थी, तो उसे समय पर अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया गया। क्या इलाज में लापरवाही हुई या फिर घटना को छिपाने की कोशिश की गई। न्यायिक जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
कोटा के इटावा थाना क्षेत्र में दौलतपुरा गांव के युवक की मौत के मामले मे सनसनीखेज खुलासा हुआ है। लड़का पसंद नहीं होने पर युवती ने शादी के आठ दिन पहले मंगेतर के पैर तोड़ने के लिए 10 हजार रुपए में सुपारी दी। बदमाशों ने उसे इतना पीटा कि वह मर गया। युवती उससे शादी नहीं करना चाहती थी, उसने सोचा कि मंगेतर के पैर टूटने से शादी टल जाएगी। बदमाशों के हमले के दौरान युवक गंभीर घायल हो गया और ज्यादा खून बहने से उसकी मौत हो गई। इस षड्यंत्र में उसने बाकायदा अपने छोटे भाई को भी शामिल किया। छोटे भाई के साथ मंगेतर को गौणदी से जलेश्वर महादेव मंदिर से जल लाने को कहा। जलेश्वर महादेव मंदिर से लौटते समय रास्ते में घात लगाए बैठे बदमाश ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवक पर हमला कर दिया। ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि मृतक के परिजनों ने भी युवती और उसके नाबालिग भाई पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी मुकुट गोचर को डिटेन किया है, जबकि बाकी दो संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। मुकुट के पैर में भी गंभीर कट है। इससे उसकी नस कट गई। अभी पुलिस निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। दरअसल दौलतपुरा निवासी धर्मेंद्र की शादी मुंगेना निवासी जोधराज सेन की बेटी से तय हुई थी। शादी की तैयारियां हो चुकी थीं। 27 अप्रैल को लग्न और एक मई को शादी होना था। युवती ने 22 अप्रैल को धर्मेंद्र को फोन करके कपड़े और गहने खरीदने के लिए बुलाया। खरीदारी के बाद जब धर्मेंद्र अपने होने वाले साले के साथ जलेश्वर महादेव के दर्शन कर वापस गांव लौट रहा था। तभी गौणदी और गणेशगंज के बीच मुकुट गोचर निवासी नोनेरा और उसके साथियों ने उस पर हमला कर दिया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर घायल धर्मेंद्र को कोटा रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस पूछताछ में हत्या की कहानी सामने आई। मुकुट ने बताया कि युवती ने उसे धर्मेंद्र के पैर तोड़ने की सुपारी दी थी। कहा था कि दूल्हा यहां आएगा। अकेले में पकड़कर उसके पैर तोड़ देना। जिससे वह 1 मई को शादी लायक नहीं बचे। इसके बदले वह उसे 10 हजार रुपए देगी। मुकुट ने दो साथियों के साथ मिलकर धर्मेंद्र पर हमला किया। हमले में उसके पैर में भी गंभीर चोट लगी है। पुलिस की पूछताछ में युवती ने भी यही कहानी बताई है। पुलिस सभी तथ्यों को जोड़कर आगे की कार्रवाई करेगी। पुलिस हत्या का कारण जानने में जुटी है। पुलिस इसमें शामिल सभी लोगों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक युवती ने इटावा के बदमाश मुकुट को सुपारी दी थी। तीन बदमाशों ने धर्मेंद्र पर हमला किया। जबकि युवती का भाई हमलावरों को धर्मेंद्र के आने व जाने की पूरी सूचना दे रहा था। इन सब ने मिलकर ही पूरी साजिश रची थी। शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थी। -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़े- कोटा में शादी से 8 दिन पहले युवक का मर्डर:ससुराल अंगूठी का नाप देने गया था, रास्ते में बदमाशों ने हमला किया, परिवार बोला- मंगेतर-साले पर शक कोटा में शादी से आठ दिन पहले एक युवक की हत्या कर दी गई। वह ससुराल से अपनी अंगूठी का नाप देकर साले के साथ घर लौट रहा था।रास्ते में तीन बदमाशों ने लाठी, डंडों और पाइप से उस पर हमला कर दिया, जिससे युवक के हाथ-पैर टूट गए। साला भी मौके से भाग गया। बुधवार देर रात इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। इटावा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। परिजनों ने युवक की मंगेतर और साले पर हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने का शक जताया है। खबर पढ़े
नागौर में 27 अप्रैल को गो सम्मान अभियान के तहत पशु प्रदर्शनी स्थल पर गोभक्तों और संतों का जमावड़ा होगा। अभियान की रूपरेखा विश्व स्तरीय गो चिकित्सालय में बैठक में तय की गई और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। अभियान के तहत गो हत्या निषेध कानून पुरे देश में लागु करने और गो माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए मांग को लेकर जिले भर से 51 हजार साइन जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 25 हजार साइन हो चुके हैं। चार चरणों में चलेगा अभियान महामंडलेश्वर कुशाल गिरी महाराज ने बताया कि अभियान चार चरणों में संचालित होगा। यह पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसमें धरना या भाषण नहीं होंगे। संतों, गोभक्तों और आमजन के सहयोग से कार्यक्रम आगे बढ़ाया जाएगा। योजना के तहत उपखंड मुख्यालयों से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 51 हजार साइन का लक्ष्य कामधेनु के निदेशक दौलत राम सारण ने बताया कि जिले में 51 हजार साइन जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक तहसील स्तर पर 25 हजार से ज्यादा साइन पूरे हो चुके हैं। आगे सरकार के निर्णय के बाद अगले चरण में जिला मुख्यालयों पर भी प्रक्रिया दोहराई जाएगी। वृंदावन में लिया गया निर्णय दौलत राम सारण के अनुसार देश के संतों ने वृंदावन में बैठक कर निर्णय लिया था कि 27 अप्रैल को देश की सभी तहसीलों में गोभक्त प्रार्थना पत्र देंगे। इसी निर्णय के तहत नागौर में भी अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी समर्थन ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित बैठकों में भी इस अभियान को समर्थन मिल रहा है और लोगों से भागीदारी की अपील की जा रही है। बैठक में कई लोग रहे मौजूद विश्व स्तरीय गो चिकित्सालय में महामंडलेश्वर कुशाल गिरी महाराज के निर्देशन में हुई बैठक में नागौर तहसील के कई गो-प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी से 27 अप्रैल को अभियान में शामिल होने की अपील की गई।
झाबुआ के थांदला थाना क्षेत्र के ग्राम वालाखोरी, ग्वालरूंडी में एक व्यक्ति ने पड़ोसी की गाय को अपने घर ले जाकर कुल्हाड़ी से उसकी हत्या कर दी। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब गाय की देखरेख कर रहे जोगड़िया सिंगाड़िया अपने साले रामा मईड़ा के घर पहुंचे। घर से गायब मिली सफेद गाय रामा मईड़ा वर्तमान में मजदूरी के लिए गुजरात के मोरवी में हैं। उनकी अनुपस्थिति में जोगड़िया ही उनके घर और पशुओं की देखभाल कर रहे थे। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे जब जोगड़िया साले के घर पहुंचे, तो उन्हें वहां बैल और केड़ा तो मिले, लेकिन सफेद गाय गायब थी। पड़ोसी ने कुल्हाड़ी से की गाय की हत्या शक होने पर जोगड़िया ने रामा के बेटे विजय से पूछताछ की। विजय ने बताया कि पड़ोसी तानू पिता उकार मईड़ा गाय को चुपचाप अपने घर के अंदर ले गया है। जब जोगड़िया और विजय ने तानू के घर की तलाशी ली, तो उन्हें गाय मृत अवस्था में जमीन पर पड़ी मिली, जिसके सिर से खून बह रहा था। पास ही खून से सनी एक लोहे की कुल्हाड़ी भी पड़ी थी। आरोपी पड़ोसी मौके से हुआ फरार घटना का पता चलते ही आरोपी तानू मईड़ा मौके से खेतों की तरफ भाग निकला। शोर सुनकर गांव के सुभाष पिता कालु मईड़ा, मुन्ना पिता सुकिया मुणिया, कसन पिता भोदरिया डामर और रामचंद सहित अन्य ग्रामीण भी वहां जमा हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने मृत गाय को अपने कब्जे में लेकर थांदला गौशाला भिजवाया, जहां पशु चिकित्सकों द्वारा उसका पोस्टमार्टम किया गया। फरियादी जोगड़िया की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी तानू के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2), 325, 4, 5, 6 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 के पहले चरण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत सरकार गृह मंत्रालय के अंतर्गत जनगणना निदेशालय, मध्य प्रदेश ने सभी कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में 1 मई से 30 मई 2026 के बीच जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य किया जाएगा। इस दौरान हर प्रगणक और सुपरवाइजर को अपने-अपने आवंटित क्षेत्र में जाकर मकानों का भौतिक सत्यापन करना होगा। निर्देशों के मुताबिक, प्रगणकों और सुपरवाइजर्स को 26 से 30 अप्रैल के बीच अपने क्षेत्र का दौरा कर ब्लॉक की सीमाओं की सही पहचान करनी होगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मकान छूटे नहीं और न ही दोहराव हो। जनगणना निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारियों से अपील की गई है कि वे निर्देशों का पालन सुनिश्चित कर जनगणना कार्य को सफल बनाएं। 25 अप्रैल तक पूरा होगा प्रशिक्षण सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 25 अप्रैल तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद फील्ड विजिट के जरिए उन्हें अपने-अपने क्षेत्र की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाएगा। यदि सीमाओं के निर्धारण में किसी तरह की त्रुटि सामने आती है, तो उसे HLBC पोर्टल पर तुरंत अपडेट कर संबंधित अधिकारियों को जानकारी देना अनिवार्य होगा।
कटनी। मुड़वारा और कटनी साउथ रेलवे स्टेशनों पर लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें (ATVM) लंबे समय से बंद पड़ी हैं। इनका उद्देश्य यात्रियों को सुविधा देना और टिकट काउंटरों पर भीड़ कम करना था, लेकिन रखरखाव और ऑपरेटर की कमी के चलते ये बेकार साबित हो रही हैं। ज्यादातर मशीनें बंद मुड़वारा स्टेशन पर टिकट घर में चार एटीवीएम मशीनें लगाई गई थीं, जिनमें से अभी केवल एक मशीन ही ऑपरेटर के जरिए चल रही है, जबकि तीन बंद हैं। वहीं कटनी साउथ स्टेशन पर लगाई गई तीनों मशीनें शुरू ही नहीं हो सकी हैं। ऑपरेटर नहीं मिलने से ठप व्यवस्था इन मशीनों के बंद रहने की मुख्य वजह ऑपरेटरों की कमी बताई जा रही है। रेलवे इन मशीनों को चलाने के लिए स्थानीय ऑपरेटर नियुक्त करता है, जिन्हें टिकट बिक्री पर 5 प्रतिशत कमीशन मिलता है। इसके बावजूद पर्याप्त लोग इस काम के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। काउंटरों पर बढ़ रही भीड़ स्टेशनों पर टिकट काउंटर पहले से ही कम हैं और कई बार स्टाफ की कमी के कारण कुछ काउंटर बंद रहते हैं। ऐसे में ट्रेन आने के समय यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है और लंबी कतारें लग जाती हैं। एटीवीएम बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्मार्ट कार्ड योजना भी ठप रेलवे ने एटीवीएम को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट कार्ड योजना शुरू की थी, जिसमें ₹100 रिचार्ज पर ₹105 का बैलेंस मिलता है। लेकिन जानकारी के अभाव और मशीनों के बंद रहने के कारण यात्री इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। साथ ही, कार्ड की 6 महीने की वैधता खत्म होने का डर भी लोगों को पीछे रोक रहा है। डिजिटल पेमेंट से आसान प्रक्रिया एटीवीएम से टिकट निकालना बेहद आसान है। यात्री स्क्रीन पर स्टेशन और टिकट का विकल्प चुनकर क्यूआर कोड या अन्य डिजिटल माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। इसके बाद तुरंत टिकट प्रिंट होकर मिल जाता है, जिससे समय की बचत होती है। जल्द होगी व्यवस्था दुरुस्त जबलपुर मंडल के सीनियर डीसीएम मधुर वर्मा ने बताया कि दोनों स्टेशनों पर जल्द ही नए ऑपरेटर नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही यात्रियों को मशीनों के उपयोग के लिए जागरूक भी किया जाएगा, ताकि उन्हें कतारों से राहत मिल सके।
मुरैना में अवैध खनन करते दो लोग गिरफ्तार:डस्ट भरकर डंपर और पत्थर भरकर जा रहे ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त
सिविल लाइन पुलिस ने चैकिंग के दौरान अलग-अलग जगह से अवैध डस्ट से भरा एक डंपर और एक पत्थर से भरा ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ा है। पुलिस के द्वारा दोनों वाहनों के चालकों से डस्ट और पत्थर के वैध दस्तावेज मांगे तो वह नहीं दे पाए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। दो वहान जब्त जिले में चल रही अवैध खनन पर कार्रवाई के चलते सिविल लाइन पुलिस के द्वारा चैंकिंग के दौरान अवैध गिट्टी डस्ट से भरा डंपर को एबी रोड से पकड़ा है। इस डंपर के चालक से जब पुलिस ने वैध दस्तावेज मांगे तो वह नहीं दे सका। पुलिस ने डंपर चालक को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। इस डंपर की कीमत 20 लाख रुपए बताई गई है। दूसरे प्रकरण में सिविल लाइन पुलिस ने लश्करी पुरा तिराहा के पास से एक पत्थर से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ा। चालक के पास कोई भी दस्तावेज इस पत्थर के नहीं निकले तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया। ट्रैक्टर और पत्थर की कीमत 7 लाख रुपए बताई गई है। दोनों वाहन जब्त सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव के अनुसार अवैध खनिज पर कार्रवाई जिले भर में चल रही है। जिसके तहत दो वाहन जब्त कर दोनों चालकों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार किया है।
जैसलमेर जिले के झिनझिनयाली थाना क्षेत्र के बीरे की ढाणी में 22 अप्रैल की रात किसान अमराराम की पत्नी हथु देवी (50) की गोली मारकर हत्या के मामले में पड़ोसी हेमसिंह (25) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि घर में रखे करीब 30 बोरी जीरा, जिसकी कीमत 5-6 लाख रुपए थी, को चोरी करने के इरादे से आरोपी ने वारदात की और बाद में इसे लूट दिखाने की कोशिश की। मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध व्यवहार के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ा। एसपी अभिषेक शिवहरे के निर्देशन में जांच के बाद आरोपी ने पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया कि महज कुछ बोरी जीरे के लालच के चलते एक महिला की बेरहमी से हत्या की। यह घटना झिनझिनयाली गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर बीरे की ढाणी में हुई। घटना का समय और स्थान मंगलवार 22 अप्रैल की देर रात महिला घर में अकेली थी। बुधवार 23 अप्रैल सुबह जब उसका पति अमराराम घर लौटा तो उसने पत्नी का शव कमरे में देखा। गुरुवार 24 अप्रैल को पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें सिर में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई। खिड़की से नजदीक से फायर जानकारी के अनुसार अमराराम शादी समारोह में गया हुआ था। घर में उसकी पत्नी हथु देवी अकेली थी। आरोपी हेमसिंह, जो पड़ोस में ही खेती करता है, को यह जानकारी थी। वह अवैध बंदूक लेकर घर पहुंचा। पहले महिला बाहर सो रही थी, लेकिन आहट सुनकर वह डर गई और कमरे के अंदर जाकर सो गई। हेमसिंह ने सोचा की कहीं उसने उसे देख तो नहीं लिया, उसने पहले नथु देवी को मारने का प्लान किया और कमरे की खिड़की खोलकर बेहद नजदीक से फायर किया। गोली सिर में लगी, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। फायर के कारण आंख के ऊपर बड़ा छेद हो गया, एक आंख बाहर निकल गई और चेहरे के एक तरफ गहरा गड्ढा हो गया, जबड़ा भी टूट गया। टोपीदार बंदूक के छर्रे सिर और गले में मिलने की बात भी सामने आई है। लूट का रूप देने की कोशिश हत्या के बाद आरोपी घबरा गया और जीरा नहीं चुरा पाया। इसके बाद उसने घटना को लूट का रूप देने की कोशिश की। घर के बाहर खड़ा ट्रैक्टर लेकर करीब 8 किलोमीटर दूर सड़क पर लावारिस छोड़ दिया। अगली सुबह वह फिर घटनास्थल पर पहुंचा और रेत में ट्रैक्टर के पहियों के निशान और अपने पैरों के निशान मिटाने की कोशिश की। पुलिस को चकमा देने की कोशिश जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी वहीं मौजूद था। वह पुलिसकर्मियों को चाय-पानी पिलाकर मदद करने का दिखावा करता रहा ताकि उस पर शक न हो। शुरू में मामला लूट का लगा क्योंकि ट्रैक्टर गायब था, जबकि गहने सुरक्षित थे। मोबाइल लोकेशन ने खोला राज शुरुआत में पुलिस को लगा कि यह लूट का मामला है क्योंकि ट्रैक्टर गायब था, हालांकि गहने सुरक्षित थे। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि के बाद एसपी अभिषेक शिवहरे के निर्देशन में पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना शुरू किए। पुलिस ने क्षेत्र के मोबाइल टावर की लोकेशन खंगाली, जिसमें हेमसिंह की उपस्थिति संदिग्ध पाई गई। पुलिस को उसके हाव-भाव पर भी संदेह हुआ। जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि जीरे की खरीद-फरोख्त को लेकर पहले भी अमराराम से उसकी कहासुनी हुई थी। नशे का आदी और कर्जे में डूबा था हेमसिंह पुलिस जांच में सामने आया कि हेमसिंह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और उस पर काफी कर्ज था। वह शराब पीने का भी आदी था। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने अपने ही पड़ोसी के घर चोरी करने का मन बनाया, लेकिन पहचान लिए जाने के डर से उसने हथु देवी की जान ले ली। --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… जैसलमेर में महिला की गोली मारकर की थी हत्या:टोपीदार बंदूक में बारूद भर किया फायर, सिर और गले में मिले छर्रे जैसलमेर में एक घर में किसान की पत्नी की मंगलवार रात को हत्या कर दी गई थी। बुधवार सुबह जब महिला हथु देवी (50) का पति अमराराम घर पहुंचा तो घर में पत्नी की लाश देखी। (यहां पढ़ें पूरी खबर) सिर पर वार कर महिला की हत्या:दो दिन बाद शादी से लौटा पति तो मिला शव, सोने-चांदी के गहने सुरक्षित मिले जैसलमेर में बदमाशों ने किसान की पत्नी की हत्या कर दी। आरोपी ट्रैक्टर और जीरा भी चुरा ले गए। हत्या के समय महिला घर पर अकेले ही थी। किसान किसी शादी में गया हुआ था। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
यूपी के मऊ में शनिवार तड़के भीषण सड़क हादसे में मां-बाप-भाई समेत 5 लोगों की मौत हो गई। परिवार रांची में बेटी की शादी कराके स्कॉपियो से गोरखपुर लौट रहा था। तड़के 3 बजे हाईवे पर अचानक स्कॉर्पियो बेकाबू हो गई। डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में चली गई। सामने से आ रहे ट्रेलर से टकरा गई। हादसे के बाद बुरी तरह पिचकी स्कार्पियो में परिवार फंस गया। स्थानीय लोगों और पुलिस ने जैसे-तैसे सभी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। हादसा दोहरीघाट थाने में हुआ। शुरुआती वजह ड्राइवर को झपकी मानी जा रही है। पुलिस के मुताबिक, हादसे में विनय श्रीवास्तव (53), पत्नी अर्चना श्रीवास्तव (48) और बेटे कृतार्थ (27) की मौत हो गई। परिवार गोरखपुर के रानीडीहा थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। जबकि दोनों ड्राइवर नीतीश कुमार (20) और पुरुषोत्तम कुमार (28) बिहार के गया के रहने वाले थे। शादी के बाद लौट रहा था परिवारगोरखपुर के खोराबार गांव के रहने वाले विनय श्रीवास्तव की बेटी विमन्सा की शादी रांची में तय हुई थी। 20 अप्रैल को शादी हुई। शादी संपन्न होने के बाद परिवार किराए पर एक स्कॉर्पियो लेकर 24 अप्रैल को रांची से 558 किमी दूर गोरखपुर के लिए रवाना हुआ। क्योंकि, दूरी ज्यादा थी। इसलिए स्कॉर्पियो में दो ड्राइवर भी थे। परिवार करीब 400 किमी की दूरी तय करके कुसुम्हा बशारतपुर के पास तक पहुंच चुका था। गाड़ी ड्राइवर पुरुषोत्तम चला रहा था। बगल की सीट पर विनय श्रीवास्तव बैठे थे। बीच की सीट पर मां, बेटा और पालतू कुत्ता था। जबकि पीछे की सीट पर ड्राइवर नीतीश आराम कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, हादसे के वक्त गाड़ी की स्पीड 90 से 100 किमी के बीच थी। ड्राइवर पुरुषोत्तम को झपकी आई और स्कार्पियो डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरे लेन में पहुंच गई। उधर, भी तेज रफ्तार ट्रेलर था। ट्रेलर की चपेट में स्कार्पियो आ गई। टक्कर के बाद ट्रेलर कई मीटर तक स्कार्पियो को घसीट ले गया। हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। गैस कटर से गाड़ी काटकर निकाले गए शवहाईवे पर हुई टक्कर इतनी भीषण थी कि कई किलोमीटर तक उसकी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के गांव वाले मौके पर पहुंचे। हादसे की सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी संजय कुमार त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक स्कॉर्पियो में सवार सभी पांच की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शवों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन शव इस कदर फंसे हुए थे कि बाहर नहीं निकाल पाए। फिर गैस कटर और ट्रैक्टर मंगाया गया। गैस कटर से गाड़ी को काटा गया। ट्रैक्टर से स्कॉर्पियो को खींचकर ट्रेलर से अलग किया। तब जाकर शवों को बाहर निकाला जा सका। शवों बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो गए थे। किसी का हाथ कुचल गया था तो किसी क सिर पहचान में नहीं आ रहा था। पुलिस ने परिवार को सूचना दे दी है। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है…
राजस्थान में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम किया जाएगा, जबकि 1 मई से स्वगणना चरण शुरू होगा। टोंक जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि नागरिक https://se.census.gov.in पोर्टल पर 15 मई तक खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर डाटा कलेक्ट करेंगे। पूरी प्रक्रिया में जुटाई गई जानकारी को सुरक्षित और गोपनीय रखा जाएगा। स्वगणना चरण 1 मई से 15 मई तक कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि जनगणना राष्ट्र की महत्वपूर्ण और व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक से संबंधित सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्रित की जाती है। इन आकंड़ों के आधार पर केन्द्र एवं राज्य सरकारें विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य जन कल्याणकारी कार्यक्रमों की योजना बनाती है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक किया जाना है। इससे पूर्व 1 मई से 15 मई 2026 तक स्वगणना चरण चलेगा। इस दौरान नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपने परिवार से जुड़ी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। यह सुविधा लोगों की सहूलियत के लिए शुरू की गई है ताकि वे अपनी जानकारी आसानी से उपलब्ध करा सकें। ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध सुविधा स्वगणना के लिए https://se.census.gov.in पोर्टल उपलब्ध रहेगा, जो अंग्रेजी, हिंदी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में काम करेगा। परिवार का कोई भी सदस्य करीब 15 से 20 मिनट में प्रक्रिया पूरी कर सकता है। जानकारी दर्ज करने के बाद स्वगणना पहचान संख्या मोबाइल या ई-मेल पर मिल जाएगी। 16 मई से घर-घर सर्वे शुरू स्वगणना के बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। इस दौरान नागरिकों को अपनी स्वगणना पहचान संख्या बतानी होगी, जिससे दर्ज जानकारी का सत्यापन और अंतिम प्रस्तुतिकरण किया जा सके। जानकारी रहेगी पूरी तरह सुरक्षित जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी। यह प्रक्रिया प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण है और इससे सामाजिक, आर्थिक और जनसंख्या से जुड़े आंकड़े जुटाए जाते हैं। योजनाओं के लिए उपयोगी होंगे आंकड़े जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें विकास योजनाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम तैयार करती हैं। डिजिटल तकनीक का उपयोग जनगणना 2027 में डाटा कलेक्शन और मैनेजमेंट के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा। प्रगणक मोबाइल एप के जरिए जानकारी दर्ज करेंगे, जिससे प्रक्रिया की गुणवत्ता, गति और समयबद्धता बेहतर होगी। कलेक्टर टीना डाबी ने जिले के नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य में सक्रिय भागीदारी और सहयोग करने की अपील की है, ताकि यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो सके।
हम लोग नहाने के लिए गुड़ा की क्रेशर खदान पर आए थे। हम 7 दोस्त थे। तेजराम पहले भी यहां आ चुका था, वही हम सभी को साथ लेकर आया था। यहां पहुंचने के बाद तनिश नहाने के लिए खदान में उतरा। गहरे पानी में जाने से वह डूबने लगा। यह देख अभिषेक और तेजराम उसे बचाने के लिए दौड़े और पानी में कूद गए, लेकिन वे दोनों भी डूबने लगे। उन्हें डूबता देख मैं भी उन्हें बचाने के लिए पहुंचा। मैंने उनका हाथ पकड़ने की कोशिश की, लेकिन मैं भी पानी में चला गया और डूबने लगा। तभी किनारे खड़े दोस्त रोहित और मोहित आए और उन्होंने अपनी जींस फेंकी। मैंने जींस पकड़ ली और उन्होंने मुझे खींचकर बाहर निकाल लिया। लेकिन हम लोग तनिश, तेजराम और अभिषेक को नहीं बचा पाए ये शब्द हैं क्रेशर खदान में डूबे युवकों के दोस्त आयुष के। आयुष ने तीनों को बचाने की कोशिश की। लेकिन सफल नहीं हो सका। दरअसल सागर के बहेरिया थाना क्षेत्र स्थित गुड़ा गांव के पास एक क्रेशर खदान में शुक्रवार दोपहर नहाते समय 3 युवक डूब गए। गहरे पानी में डूब रहे एक दोस्त को बचाने के प्रयास में दो अन्य दोस्तों की भी जान चली गई। एसडीआरएफ ने 9 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शुक्रवार रात 20 वर्षीय अभिषेक का शव बरामद कर लिया है। लापता दो अन्य युवकों (तनिश और तेजराम) की तलाश के लिए शनिवार सुबह दोबारा सर्चिंग अभियान शुरू किया गया है। हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। गांव वाले ने टोका था, अनसुना कर गहरे पानी में उतरेशुक्रवार दोपहर कैंट क्षेत्र के बंगला नंबर-9 निवासी 7 दोस्त तेजराम पटेल (20), अभिषेक उर्फ अध्धा (20), तनिश कोरी (19), आयुष, मोहित, रोहित और शिवा वाल्मिकी गुड़ा के पास क्रेशर खदान में नहाने पहुंचे थे। घर वालों को इसकी जानकारी नहीं थी। तेजराम पहले भी यहां आ चुका था और वही सबको लेकर पहुंचा था। नहाते समय गांव का एक व्यक्ति वहां से गुजरा था। उसने युवकों को गहरे पानी में जाने से रोका था, लेकिन युवकों ने उसकी बात अनसुनी कर दी और हादसे का शिकार हो गए। जींस फेंककर बचाई आयुष की जानहादसे में बाल-बाल बचे आयुष ने बताया, किनारे खड़े दोस्त रोहित और मोहित आए और उन्होंने जींस फेंका। मैंने जींस देखा और पकड़ लिया। उन्होंने खींचकर मुझे बचा लिया। लेकिन हम लोग तनिश, तेजराम और अभिषेक को नहीं बचा पाए। वह मंजर बार-बार मेरी आंखों के सामने आ रहा है। वहीं मौके पर मौजूद दोस्त शिवा वाल्मिकी ने बताया, हम सभी दोस्त यहां नहाने के लिए आए थे। सभी ने नहाया। तनिश भाई अंदर था, थोड़ी ही देर बाद वह गहराई में डूबने लगा। उसको बचाने के लिए अभिषेक भाई पहुंचे। उनके पीछे तेजराम भी गया तो उसको पकड़ लिया। आयुष भी उसको बचाने गया तो हमने उसे पकड़ लिया। पैंट की मदद से बाहर निकाला। बाकी हम सब लोगों को बुलाने गए तो वो तीनों पानी में ही चले गए। रात 11 बजे तक चला सर्चिंग अभियान, आज फिर रेस्क्यूदोस्तों को डूबते देख बचे हुए युवकों ने तत्काल पुलिस और गांव वालों को सूचना दी। विधायक प्रदीप लारिया और परिजनों के साथ पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ को बुलाकर सर्चिंग शुरू की गई। रात होने पर प्रशासन ने मौके पर उजाले की व्यवस्था कराई। रात करीब 11 बजे तक चले सर्चिंग अभियान में अभिषेक का शव बरामद कर लिया गया। शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। लापता तेजराम और तनिश का रात में पता नहीं चल सका, जिसके बाद टीम लौट आई थी और शनिवार सुबह से दोबारा सर्चिंग शुरू की गई है। CM ने की 4 लाख की घोषणा, तहसीलदार ने दी जानकारीघटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर घटनाक्रम को लेकर संवेदनाएं व्यक्त कीं और पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि जल्द दिलाने की घोषणा की। मामले को लेकर तहसीलदार राहुल गौंड ने बताया, “खदान पर सात दोस्त नहाने के लिए पहुंचे थे। जिनमें से तीन दोस्त पानी में डूबे हैं। सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ को बुलाकर सर्चिंग शुरू कराई गई। सर्चिंग के दौरान एक शव बरामद किया गया है। देर रात तक सर्चिंग में दो युवकों का पता नहीं चल सका है। शनिवार सुबह दोबारा सर्चिंग कराई जाएगी। मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।” ये खबर भी पढ़िए… क्रेशर खदान में नहाते समय डूबे 3 युवक, सागर में एक का शव निकाला सागर की एक क्रेशर खदान में नहाते समय तीन युवक डूब गए। एक की बॉडी निकाली ली गई। वहीं नौ घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी दो लोगों का पता नहीं चल सका है।मामले की जानकारी मिलते ही सीएम ने सोशल मीडिया एक्स पर शेयर कर परिजनों को 4-4 लाख रुपए देने की घोषणा की है… पूरी खबर पढ़िए
मेवाड़ के कृष्णधाम सांवलियाजी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को आसान और सुचारु बनाने के लिए मंदिर प्रशासन ने एक बदलाव किया है। अब यहां श्रद्धालुओं की ओर से भगवान को भोग चढ़ाने और खास तौर पर 56 भोग लगाने की परंपरा को बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए मोरपंख, गुलाब की डालियां या अन्य सजावटी चीजें लेकर मंदिर में प्रवेश करने पर भी रोक लगा दी गई है। नए नियम के अनुसार अब भक्त सिर्फ भंडार में नकद राशि या सोना-चांदी जैसी भेंट ही दे सकेंगे और दर्शन के लिए उन्हें खाली हाथ ही मंदिर में जाना होगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए जरूरी हो गया था। भीड़ और अव्यवस्था बनी वजह मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव के अनुसार पिछले कुछ समय से श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही भोग चढ़ाने की संख्या भी काफी ज्यादा हो गई थी। कई लोग बड़े समूह में आते थे और भोग चढ़ाने के दौरान गर्भगृह के सामने काफी देर तक रुक जाते थे, जिससे लंबी कतारें लग जाती थीं और बाकी श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी। खासकर 56 भोग लगाने में करीब एक घंटा लग जाता था और एक दिन में कई बार ऐसा होने से व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही थी। इसके अलावा कुछ लोग गाजे-बाजे के साथ आकर नाचते-गाते हुए मंदिर परिसर में घूमते थे, जिससे माहौल भीड़भाड़ वाला हो जाता था। फोटोग्राफी और विवाद भी बढ़े उन्होंने यह भी बताया कि भोग चढ़ाने के बाद कई लोग मंदिर के गार्डन क्षेत्र में फोटो और वीडियो बनाने लगते थे, जबकि वहां ऐसा करना पहले से ही मना है। इस वजह से अन्य श्रद्धालुओं को असुविधा होती थी और कई बार इसको लेकर बहस और विवाद भी सामने आते थे। मंदिर में शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए इन गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी समझा गया। प्रशासन का मानना है कि इन नियमों से अब दर्शन की प्रक्रिया तेज होगी और ज्यादा लोग बिना परेशानी के भगवान के दर्शन कर सकेंगे। नकली सामग्री भी बनी चिंता एक और बड़ी वजह बाजार में बिक रही नकली सामग्री रही। मंदिर प्रशासन के अनुसार हाल के समय में नकली मावे से बनी मिठाइयां, नकली मोरपंख और कृत्रिम फूल बड़ी मात्रा में उपयोग होने लगे थे, जो धार्मिक भावना के साथ-साथ गुणवत्ता के लिहाज से भी ठीक नहीं थे। इसी कारण इन सभी चीजों पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि देश के बड़े मंदिरों में भी इस तरह की भोग और सामग्री चढ़ाने की व्यवस्था नहीं है, इसलिए यहां भी इसे बंद करना उचित कदम है। श्रद्धालुओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया और नई व्यवस्था इस फैसले पर लोगों की प्रतिक्रिया अलग-अलग सामने आ रही है। कुछ श्रद्धालु इसे सही मानते हैं और कहते हैं कि इससे दर्शन आसान होंगे, वहीं कुछ लोग चाहते हैं कि भोग चढ़ाने के लिए कोई अलग व्यवस्था बनाई जाए। फिलहाल मंदिर प्रशासन ने भोग प्रसाद के लिए काउंटर शुरू किए हैं, जहां से प्रसाद लिया जा सकता है। जो श्रद्धालु विशेष भोग लगाना चाहते हैं, वे आरती के बाद लगने वाले राजभोग के लिए रसीद कटवाकर यह व्यवस्था कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य सिर्फ व्यवस्था सुधारना और हर भक्त को बेहतर अनुभव देना है।
लुधियाना चंडीगढ़ रोड पर शुक्रवार दोपहर भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। रेत-बजरी (रोड मटेरियल) से भरे एक तेज रफ्तार टिप्पर ने बाइक सवार को बेरहमी से कुचल दिया। मृतक घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, जिनकी मौत के बाद अब परिवार के सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। सामान लेने निकले थे सुखदेव नगर के रहने वाले राज कुमार घाई (48) घर पर ही ट्रेडिंग का काम करते थे। शुक्रवार दोपहर करीब 4:30 बजे वह अपनी बाइक (PB91B-7456) पर सवार होकर ट्रांसपोर्ट नगर की तरफ जा रहे थे। जब वह पेट्रोल पंप से चौधरी ढाबा की ओर मुड़े पीछे से आ रहे तेज रफ्तार टिप्पर (PB10H-8355) ने उन्हें टक्कर मार दी। चश्मदीद कुलदीप राज ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। वारदात के बाद आरोपी ड्राइवर टिप्पर समेत मौके से फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने दबोच लिया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा राज कुमार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी 4 बेटियां हैं, जिनमें से अभी केवल एक की ही शादी हुई है। बाकी 3 बेटियों की पढ़ाई और उनके शादी की पूरी जिम्मेदारी राज कुमार के ही कंधों पर थी। पत्नी साक्षी घाई ने रोते हुए बताया कि उनके पति ही पूरे घर का खर्च चलाते थे। अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे अपनी बेटियों का भविष्य कैसे संवारेंगी। पुलिस की कार्रवाई: आरोपी ड्राइवर गिरफ्तार मोती नगर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए टिप्पर को कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर की पहचान कुलदीप राज (निवासी गांव बरवाला, कुहाड़ा) के रूप में की है। पुलिस ने साक्षी घाई और चश्मदीद के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 281 (रैश ड्राइविंग) और 106(1) (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज कर लिया
लुधियाना में शादी समारोह के दौरान DJ बंद कराने को जमकर हंगामा हो गया। इस दौरान कुछ युवकों ने DJ का सामान तोड़ दिया और ऑपरेटर के साथ मारपीट की। मौके पर जमकर दोनों पक्षों में बवाल हुआ। फिलहाल पुलिस घटना स्थल की वीडियो फुटेज खंगाल रही है, ताकि पता चल सके कि लड़ाई का असल कारण क्या था। 21 अप्रैल की रात को हुआ विवाद शिकायतकर्ता जगदीप सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 21 अप्रैल 2026 को उन्होंने अपने मोबाइल नंबर से एक विवाह समारोह के लिए भट्टियां रोड स्थित डॉ. अंबेडकर भवन में DJ बुक किया था। रात के समय भवन की मैनेजमेंट कमेटी ने DJ बंद करने को कहा, लेकिन लड़का-लड़की के डांस के लिए सभी की सहमति से रात करीब 11:30 बजे तक DJ चलाया गया। नशे में धुत युवकों ने किया हमला इसके बाद जब वह अपना DJ का सामान गाड़ी में रखकर जाने लगे, तभी कुछ नशे में धुत युवकों ने उनकी गाड़ी से सामान नीचे फेंक दिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। आरोप है कि युवकों ने उनके साथ मारपीट भी की। शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान लक्की, मनी, दीपक, गंजू, बिल्ला, दीपु और सरवन (निवासी बठिंडा, लुधियाना) के रूप में हुई है, जबकि 3-4 अन्य आरोपी अज्ञात बताए जा रहे हैं। पीड़ित जगदीप सिंह निवासी इंडियन पेट्रोल पंप के पास, गांव सस्सीधवा बेट, तहसील जगराओं, जिला लुधियाना का रहने वाला है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही पुलिस थाना सलेम टाबरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 126(2), 324(4), 332(C), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
जोधपुर जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अगले दो-तीन दिनों में हवाई हमले की चेतावनी (एयर रेड) और ब्लैकआउट का मॉक अभ्यास किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा सुरक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए इस पूर्व निर्धारित अभ्यास के दौरान सायरन बजाने और ब्लैकआउट की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह अभ्यास भारत सरकार के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा आलोक रंजन के मार्गदर्शन में होगा। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में विभिन्न सरकारी विभागों की तत्परता, आपसी समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता का मूल्यांकन करना है। नागरिक सुरक्षा विभाग ने इसे संस्थागत रूप देने के लिए पूरी योजना तैयार की है। कई विभागों की रहेगी सक्रिय सहभागिता इस महत्वपूर्ण मॉक अभ्यास में जिला प्रशासन के साथ नागरिक सुरक्षा, पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और होमगार्ड्स की सक्रिय भागीदारी रहेगी। इनके अलावा एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस, नेहरू युवा केन्द्र, चिकित्सा विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग और जोधपुर डिस्कॉम सहित अन्य संबंधित विभागों के बीच कॉर्डिनेशन की टेस्टिंग की जाएगी। प्रशासन की अपील: अफवाहों पर ध्यान नहीं दें जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि मॉक अभ्यास के दौरान एयर रेड सायरन बजने या ब्लैकआउट की स्थिति होने पर अनावश्यक घबराहट से बचें। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए इस अभ्यास को सफल बनाने में सहयोग करें।
बहराइच जिले के कैसरगंज थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। युवती के रिश्तेदारों पर यह आरोप है। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने युवक को बचाया। घायल युवक की पहचान कुमारनपुरवा निवासी गणेश के रूप में हुई है। उसका इलाके की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। कुछ दिन पहले दोनों घर से भाग गए थे। युवती के परिजनों के दबाव और पुलिस में शिकायत के बाद युवक ने उसे घर छोड़ दिया था। हालांकि, बाद में युवती ने अपना बयान बदलते हुए युवक पर जबरदस्ती ले जाने का आरोप लगाया। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच रंजिश चल रही थी। शुक्रवार देर शाम जब गणेश काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था, तभी युवती के रिश्तेदार रंगीलाल ने उसे फोन कर सुलह के बहाने बुलाया। आरोप है कि रंगीलाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर गणेश पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग लगने के बाद गणेश की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए। परिजनों ने गंभीर रूप से झुलसे गणेश को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल गणेश ने बताया कि युवती उसकी मर्जी से उसके साथ गई थी। पुलिस और परिवार के दबाव के बाद उसने युवती को घर छोड़ दिया था, लेकिन युवती ने बाद में अपना बयान बदल दिया। गणेश ने आरोप लगाया कि युवती के परिवार वाले इसी बात को लेकर रंजिश रखे हुए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि उन्हें मामले की सूचना मिली है, लेकिन अभी तक कोई लिखित शिकायत (तहरीर) प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी।
राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम को लेकर हो रही है, वो है संदीप पाठक, जिनका सीधा संबंध छत्तीसगढ़ से रहा है और जिन्हें पार्टी का चुनावी ‘थिंक टैंक’ माना जाता रहा है। AAP के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के तौर पर संदीप पाठक ने कई राज्यों में पार्टी के विस्तार और चुनावी रणनीति को आकार दिया। ऐसे में उनका बीजेपी में जाना न सिर्फ राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सियासत में भी इसके असर को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश प्रभारी रहे संदीप पाठक छत्तीसगढ़ की राजनीति को करीब से समझते थे और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ थी। उनके बीजेपी में जाने के बाद अब प्रदेश में कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना बड़ी चुनौती है। वहीं छत्तीसगढ़ आप के कार्यकारी अध्यक्ष का कहना है कि उनके जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। वे सक्रिय ही नहीं थे। पिछले 2 सालों से वे छत्तीसगढ़ आए ही नहीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पार्टी पर ‘सबका विश्वास’ बढ़ रहा है। वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि ये भाजपा की बी टीम है और ओरिजनल पार्टी में जा रहे हैं। आप और भाजपा में अंतर नहीं है। ये लोग मुख्यधारा में वापस पहुंच गए। क्या हुआ शुक्रवार शाम को? शाम करीब 4 बजे दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राघव चड्ढा ने ऐलान किया कि AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद अब बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इनमें शामिल नाम: प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल सीधे बीजेपी मुख्यालय पहुंचे और औपचारिक रूप से पार्टी जॉइन कर ली। संदीप पाठक का छत्तीसगढ़ कनेक्शन एक साधारण किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाने वाले संदीप पाठक की पृष्ठभूमि छत्तीसगढ़ से जुड़ी है। मुंगेली जिले के बटहा गांव में रहने वाले किसान शिवकुमार पाठक के बड़े बेटे संदीप का जन्म 4 अक्टूबर 1979 को हुआ। परिवार में उनसे छोटे भाई प्रदीप पाठक और बहन प्रतिभा पाठक हैं। संदीप पाठक की शुरुआती पढ़ाई लोरमी क्षेत्र के गांव में ही हुई। इसके बाद वे छठी कक्षा से आगे की पढ़ाई के लिए बिलासपुर आ गए। यहां से उन्होंने विज्ञान विषय में उच्च शिक्षा हासिल की और MSC पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव रिसर्च की ओर बढ़ा इसके बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, हैदराबाद और नेशनल केमिकल लेबोरेटरी, पुणे से आगे की शिक्षा प्राप्त की। फिर वे हैदराबाद और फिर उच्च अध्ययन के लिए ब्रिटेन चले गए। करीब 6 साल तक ब्रिटेन में रहकर उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज से पीएचडी की डिग्री हासिल की। 2016 में उन्होंने आईआईटी दिल्ली में फिजिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। क्यों अहम है संदीप पाठक का जाना? साल 2016 में संदीप पाठक ने आम आदमी पार्टी के साथ सक्रिय राजनीति में कदम रखा। संगठन और चुनावी रणनीति में उनकी पकड़ जल्द ही पार्टी के भीतर साफ दिखने लगी। खासकर 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP को मिली प्रचंड बहुमत वाली जीत के पीछे उनकी रणनीति को अहम कारणों में गिना गया। इस सफलता के बाद पार्टी ने उन्हें अप्रैल 2022 में पंजाब से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुना। उसी साल दिसंबर में संदीप पाठक को पार्टी का राष्ट्रीय संगठन महासचिव नियुक्त किया गया। इसके साथ ही उन्हें पार्टी के प्रमुख निर्णय लेने वाले निकाय, यानी राजनीतिक मामलों की समिति का सदस्य भी बनाया गया, जहां से वे संगठन और चुनावी फैसलों में अहम भूमिका निभाते रहे। संगठनात्मक काम छत्तीसगढ़ तक फैला रहा इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम नाम संदीप पाठक का है, क्योंकि उनका संगठनात्मक काम छत्तीसगढ़ तक फैला रहा है। AAP के विस्तार में उनका रोल राज्यों में रणनीति बनाने का रहा। छत्तीसगढ़ में AAP को खड़ा करने की शुरुआती कोशिशों में उनका योगदान माना जाता है। पाठक अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी माने जाते थे। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में भी उनकी भूमिका अहम रही है। करीब एक साल पहले उन्हें पार्टी ने छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया था, जहां संगठन खड़ा करने और नए चेहरों को जोड़ने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। ऐसे में उनके पार्टी छोड़ने को राज्य में AAP के संगठनात्मक ढांचे के लिए झटके के तौर पर भी देखा जा रहा है। अब उनका बीजेपी में जाना, उस पूरी राजनीतिक लाइन को बदलने जैसा है। AAP के चुनावी रणनीतिकार थे पाठक आम आदमी पार्टी के भीतर संदीप पाठक की भूमिका सिर्फ एक सांसद तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें पार्टी का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता रहा है। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP को मिली प्रचंड जीत के पीछे उनकी चुनावी रणनीति को केंद्रीय भूमिका में देखा गया। उम्मीदवार चयन से लेकर कैंपेन प्लानिंग, संसाधनों के प्रबंधन और ग्राउंड लेवल नेटवर्क खड़ा करने तक, पाठक ने पूरे चुनावी ढांचे को व्यवस्थित करने का काम किया। इसके बाद पार्टी ने उन्हें गुजरात, गोवा समेत अन्य राज्यों में विस्तार की जिम्मेदारी भी सौंपी, जहां उन्होंने नए सिरे से संगठन खड़ा करने और स्थानीय स्तर पर कैडर विकसित करने पर जोर दिया। खास तौर पर उनका फोकस बूथ लेवल स्ट्रक्चर मजबूत करने पर रहा, जिसे किसी भी चुनाव में जीत की बुनियाद माना जाता है। यही वजह है कि उन्हें AAP के भीतर इलेक्शन मशीन और सिस्टम का अहम हिस्सा कहा जाता रहा। पंजाब और 2027 चुनाव का सीधा असर यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पंजाब में AAP की सरकार है और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरुआती स्तर पर शुरू हो चुकी हैं। संदीप पाठक उन्हीं नेताओं में रहे हैं, जिन्होंने पंजाब में पार्टी का ग्राउंड नेटवर्क खड़ा किया, चुनावी कैडर तैयार किया और बूथ मैनेजमेंट को मजबूत बनाने की रणनीति पर काम किया। ऐसे में उनका बीजेपी में जाना सिर्फ एक व्यक्तिगत राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि AAP की आगामी चुनावी तैयारियों पर सीधा असर डालने वाला माना जा रहा है, खासकर उस राज्य में जहां पार्टी को अपनी सरकार बचाने की चुनौती होगी। पार्टी पर बढ़ रहा ‘सबका विश्वास’ - साय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आम आदमी पार्टी के नेताओं के भाजपा में शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘आज भारतीय जनता पार्टी न केवल देश, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘सबका विश्वास’ भारतीय जनता पार्टी, एनडीए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लगातार बढ़ता जा रहा है।’ मुख्यमंत्री ने इसे भाजपा की नीतियों और कार्यशैली में बढ़ते भरोसे का संकेत बताते हुए कहा, ‘इसी कारण भाजपा की रीति-नीति से प्रभावित होकर आम आदमी पार्टी के नेता भी जुड़ रहे हैं, उनका हम स्वागत करते हैं।’ भानुप्रतापपुर सीट पर पार्टी को मिले सबसे ज्यादा वोट 2023 विधानसभा चुनाव में कोमल हुपेंडी आप के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष ने कांकेर भानुप्रतापपुर से चुनाव लड़ा था। उन्हें 15,255 वोट (कुल मतों का लगभग 9.2%) मिले थे। यह अब तक का ‘आप’ का छत्तीसगढ़ में किसी भी विधानसभा सीट पर सबसे शानदार प्रदर्शन रहा है। छत्तीसगढ़ में पार्टी के 3 कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी के जाने के बाद से ही छत्तीसगढ़ में आप पार्टी नेतृत्व के संकट से जूझ रही थी। हालांकि, बीच में गोपाल साहू को जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया। इसके बाद 3 कार्यकारी अध्यक्षों का प्रयोग किया गया। उत्तम जायसवाल, देवलाल नरेटी और उत्तम मिश्रा फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष हैं। राजनीति से जुड़े विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी अब तक पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति भी नहीं की जा सकी है। 2 सालों से छत्तीसगढ़ आए ही नहीं पाठक- जायसवाल आप के कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि प्रदेश प्रभारी के जाने से छत्तीसगढ़ में पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। वे सक्रिय ही नहीं थे। पिछले दो सालों से वे छत्तीसगढ़ आए ही नहीं। पार्टी को मजबूत करने हम 90 विधानसभा में 450 ब्लाक अध्यक्ष की नियुक्ति कर रहे हैं। 11693 ग्राम पंचायतों के 21000 हजार गांव में ग्राम समिति का गठन कर रहे हैं। वहीं पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी आप, जयंत गायबधने ने कहा कि आम लोगों ने आम आदमी पार्टी को जिस विश्वास के साथ भाजपा-कांग्रेस के एक विकल्प के रूप में देखा था, उसपर पार्टी खरी नहीं उतर पाई। पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं पर आरोप लगे। इससे लोगों का विश्वास टूटा। चुनावों के समय आए आब्जर्वरों ने कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी। इससे लोग दूर होते गए। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा भाजपा में: कहा- 10 में से 7 सांसद साथ, अशोक मित्तल ने ED छापे के 10वें दिन भाजपा जॉइन की पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है, इसमें 6 पंजाब से हैं। इसका ऐलान पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। इसके बाद वह भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राघव के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल को पार्टी की सदस्यता दिलाई। पढ़ें पूरी खबर
नर्मदापुरम के मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार रात 9 बजे एक डंपर की टक्कर से बाइक चालक की मौत हो गई। हादसा इतना दर्दनाक था कि मौके पर ही घायल ने दम तोड़ दिया। घटनास्थल पर खून का ढेर लग गया। मृतक की पहचान मडावन ग्राम के प्रीतम अहिरवार के रूप में हुई। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीणों को भीड़ लग गई। ग्रामीण आक्रोशित हो गए और चक्काजाम लगा दिए। कुछ देर बाद माखननगर थाना प्रभारी अनूप कुमार उइके बल के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर ग्रामीण अड़े रहे। जिसके चलते रात करीब 12 बजे तक भी शव को सड़क किनारे से नहीं हटाया गया था। मौके पर एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ी मौके पर ही खड़ी रही। पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। मोहासा इंडस्ट्रियल के एंट्री गेट पर जाम लगने से गाड़ियां खड़ी रही। कंपनी के प्रतिनिधि को बुलाकर आश्वासन देने की मांग पर अड़े मडावन के रहने वाला मृतक प्रीतम अहिरवार परमेशु बायोटेक के चल रहे प्लांट के सिविल वर्क में काम करता था। रात 9 बजे ड्यूटी से बाइक से लौटने के दौरान ग्रीन टैक प्लांट के पीछे एमपीआईडीसी की पांच नम्बर पानी की टंकी के पास एक डंपर ने टक्कर मारी। मृतक टकराकर नीचे गिर गए। सिर में चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही माखननगर थाने से पुलिस स्टॉफ मौके पर पहुंचा। शव पोस्टमार्टम के लिए माखननगर ले जा रहे थे। परिजन और ग्रामीण ने शव को मोहासा इंडस्ट्रियल एरिया के मेन गेट पर शव रख, चक्काजाम करने लगे। परिजनों ने मांग की कि जिस कंपनी में मृतक काम करता था। उनके प्रतिनिधि को बुलाकर मुआवजा और नौकरी दी जाएं। एसडीएम जय सोलंकी के पहुंचने पर समझाइश दी। जिसके बाद शव को उठाया गया।
रीवा जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र स्थित छुहिया घाटी और विंध्य पर्वत श्रृंखला के जंगलों में आग लगने का मामला सामने आया है। वन विभाग, नगर परिषद की फायर ब्रिगेड और स्थानीय समाजसेवियों की मदद से फिलहाल आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। डीएफओ के अनुसार, एक दिन पहले आग बुझा दी गई थी, लेकिन यह दोबारा भड़क गई, जिसके पीछे मानवीय लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और वन विभाग की टीम दोबारा आग लगने से रोकने के लिए क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है। दुर्गम रास्तों और हवा से हुई परेशानी, शिकारघा पहाड़ी सुरक्षित जानकारी के अनुसार, आग धीरे-धीरे जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में फैल रही थी। सूचना मिलने पर आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय समाजसेवी पीयूष त्रिपाठी और राहुल शर्मा के साथ गोविंदगढ़ नगर परिषद की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और लगातार प्रयास शुरू किए। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और तेज हवा के कारण शुरुआती समय में राहत कार्यों में दिक्कतें आईं। हालांकि, टीम ने शिकारघा पहाड़ी के पास के एक हिस्से को सुरक्षित करने में सफलता हासिल कर ली। इसके साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी आग पर नियंत्रण के प्रयास जारी रखे गए। धुएं से वायु गुणवत्ता पर असर की आशंका, बड़ा नुकसान नहीं वनाग्नि के कारण काफी समय तक जंगल से धुआं निकलता रहा। इस धुएं के फैलने से आसपास के क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि स्थानीय स्तर पर किसी भी तरह के बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन द्वारा वर्तमान स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। DFO बोले- मानवीय लापरवाही से इनकार नहीं, जांच कर रहे हैं इस संबंध में डीएफओ लवकेश निरापुरे ने बताया, एक दिन पहले आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन बाद में उसी क्षेत्र में फिर से आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। प्रारंभिक तौर पर मानवीय लापरवाही की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसकी जांच की जा रही है। वन विभाग के अनुसार, फिलहाल स्थिति सामान्य है और विभागीय टीम क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है ताकि आग की घटना दोबारा न हो।
वैश्विक तनाव का असर अब आम आदमी की जेब पर साफ दिखने लगा है। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें बढ़ा दी हैं। इसका सीधा असर हवाई किरायों पर पड़ा है। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस ने लागत बढ़ने के चलते ‘फ्यूल सरचार्ज’ लागू कर दिया है। इसके बाद मध्य प्रदेश सहित देशभर में फ्लाइट टिकट 15 से 20% तक महंगे हो गए हैं। मार्च के अंत से लागू समर शेड्यूल के बाद इंदौर से कई शहरों की सीधी फ्लाइट्स बंद हो गई हैं। यात्रियों को अब कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेनी पड़ रही हैं, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। इसका असर समर वेकेशन प्लान पर भी पड़ा है। कई लोग अब ट्रेन या दूसरे विकल्प चुन रहे हैं। ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) के चेयरमैन हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे और एटीएफ सस्ता नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में किराए और बढ़ सकते हैं। इंदौर से उड़ानें सबसे ज्यादा महंगी, कोलकाता रूट ने तोड़े रिकॉर्ड इंदौर से चलने वाली घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के किराए में औसतन 20% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ रूट्स पर यह और ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर इंदौर से मुंबई का किराया 4500 रुपए से बढ़कर करीब 6500 रुपए तक पहुंच गया है। कोलकाता जाने वाला किराया सबसे ज्यादा बढ़ा है। जहां पहले टिकट 6500-7500 रुपए में मिल जाता था, वहीं अब 8500 से 12,000 रुपए तक पहुंच गया है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस रूट पर कम प्रतिस्पर्धा और ज्यादा मांग की वजह से किराए तेजी से बढ़े हैं। ट्रैवल एक्सपर्ट हेमंत धनोतिया बताते हैं कि इंदौर के हवाई मार्ग पर इंडिगो की उड़ानों का दबदबा है, जिसके कारण प्रतिस्पर्धा कम होने और ईंधन महंगा होने का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। इंटरनेशनल फ्लाइट्स में 35% तक उछाल खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाले कई हवाई मार्ग प्रभावित हुए हैं। रूट डायवर्जन के कारण दूरी और ईंधन खर्च बढ़ा है। इसका असर इंटरनेशनल टिकट पर ज्यादा दिख रहा है, जहां किराए में 30-35% तक उछाल दर्ज किया गया है। कई फ्लाइट बंद हो गई किराया बढ़ने के साथ-साथ इंदौर के हवाई यात्रियों के लिए एक और बड़ी समस्या कनेक्टिविटी की कमी के रूप में सामने आई है। मार्च के अंत से लागू हुए नए समर शेड्यूल के कारण इंदौर से कई प्रमुख शहरों की सीधी उड़ानें बंद कर दी गई हैं। सीधा संपर्क टूटने की वजह से यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है, जो समय और पैसा दोनों के लिहाज से काफी महंगा पड़ रहा है।
छिंदवाड़ा जिले में नरवाई जलाने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार शाम पांचघर-चंदन गांव क्षेत्र में खेत में नरवाई जलाने की घटना सामने आई। यह इलाका कॉलोनी से सटा हुआ है, जिससे आग फैलने का खतरा बना रहा। वहीं देर शाम लिंगा बायपास क्षेत्र में भी एक किसान द्वारा नरवाई जलाई गई, जो देखते ही देखते बड़े इलाके में फैल गई। पिछले कई दिनों से जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसके चलते आसपास के क्षेत्रों में आग फैलने और नुकसान की शिकायतें भी दर्ज हुई हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई है। जिला प्रशासन द्वारा अब तक 60 से अधिक किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा चुके हैं। कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि नरवाई जलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद किसान आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं और लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई जारी है, लेकिन बार-बार हो रही घटनाएं रोकथाम के प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही हैं।
सकतपुर रोड निवासी कार्तिक ओझा की बारात में ऐन वक्त पर घोड़ी या बग्गी का इंतजाम न होने पर दूल्हे ने अपनी ही कार की छत पर बैठकर बारात निकाली। शुक्रवार रात सकतपुर रोड से कोल्हूपुरा तक गई इस बारात में दूल्हा कार की छत पर बैठकर और खड़ा होकर डांस करता नजर आया, वहीं बाराती बैंड-बाजे की धुन पर साथ चलते रहे। शहर में बिना घोड़ी-बग्गी के कार की छत पर निकली इस बारात ने राहगीरों का ध्यान खींचा और बड़ी संख्या में लोगों ने इसका वीडियो अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। ऐन वक्त पर नहीं मिला घोड़ी-बग्गी का इंतजाम जानकारी के अनुसार, सकतपुर रोड निवासी कार्तिक ओझा की शादी की तैयारियां लंबे समय से चल रही थीं और उनकी बारात कोल्हूपुरा जानी थी। बारात चढ़ाने के समय अचानक घोड़ी या बग्गी नहीं मिल सकी। शुरुआत में इससे बाराती निराश हो गए, लेकिन दूल्हे कार्तिक ने अपनी कार की छत पर बैठकर बारात निकालने का फैसला किया। इसके बाद पूरी बारात बैंड-बाजे के साथ कार के इर्द-गिर्द आगे बढ़ी। कार की छत पर खड़े होकर किया डांस बैंड-बाजे की धुन पर बाराती कार के साथ नाचते-गाते चले। इस दौरान दूल्हा भी कार की छत पर कभी बैठा तो कभी खड़े होकर डांस करता दिखा। रास्ते में कई जगह लोगों ने इस बारात का स्वागत किया। राहगीरों ने बनाए वीडियो सड़क से गुजर रहे लोगों ने इस नजारे को देखकर मोबाइल से वीडियो बनाए और सेल्फी ली। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बिना घोड़ी वाली इस बारात को देखा और वर्तमान में यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

