राजधानी लखनऊ में राज्य कर विभाग और परिवहन विभाग के संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन कवच' के दौरान जीएसटी चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच टीम ने दिल्ली से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में व्यापारिक माल ले जा रही नौ लग्जरी यात्री बसों को पकड़कर बड़ी कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बसों के जरिए बिना ई-वे बिल और अन्य वैध दस्तावेजों के भारी मात्रा में व्यापारिक माल की ढुलाई की जा रही थी। विभाग का अनुमान है कि बसों से करीब 300 बोरे संदिग्ध माल बरामद हुआ है, जिस पर कर चोरी का मामला बनता है। दो दिन चला हाईवे पर सघन जांच अभियान शासन के निर्देश पर 19 और 20 जुलाई को राज्य कर विभाग के लखनऊ जोन प्रथम व द्वितीय तथा परिवहन विभाग (प्रवर्तन) ने राजधानी आने वाले प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान कई लग्जरी यात्री बसों की तलाशी ली गई। जांच में पाया गया कि यात्रियों के सामान के साथ बड़ी मात्रा में व्यापारिक माल भी लदा था, लेकिन उसके परिवहन से जुड़े अनिवार्य दस्तावेज और ई-वे बिल उपलब्ध नहीं थे। राज्य कर कार्यालय लाकर शुरू की गई कार्रवाई कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई बसों में एनकेबी स्मार्ट बस, मेट्रो बस, न्यू इंडिया रिलैक्स हॉलीडे, आईटीसी ट्रैवल्स समेत अन्य बसें शामिल हैं। इनमें कुछ बसें बिहार, असम और उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हैं। सभी नौ बसों को हजरतगंज स्थित राज्य कर विभाग कार्यालय लाकर माल का सत्यापन किया गया और संबंधित बस संचालकों के खिलाफ अर्थदंड की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यात्री परिवहन की आड़ में कर चोरी का आरोप राज्य कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार कुछ बस संचालक यात्री परिवहन की आड़ में व्यापारिक माल की ढुलाई कर जीएसटी चोरी कर रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ वैध व्यापार करने वाले कारोबारियों के लिए भी असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा होती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों पर सख्ती जारी रहेगी और संयुक्त अभियान आगे भी लगातार चलाया जाएगा। अधिकारियों की निगरानी में चला ऑपरेशन अभियान का नेतृत्व राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त (विवेचना एवं अनुश्रवण) मनोज कुमार विश्वकर्मा और अमरेश त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया। परिवहन विभाग की ओर से संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय के निर्देशन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) आस्था बंसल सहित अन्य अधिकारियों ने कार्रवाई में भाग लिया। सचल दल की विभिन्न इकाइयों ने अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध बसों को रोककर दस्तावेजों का सत्यापन किया और अनियमितता मिलने पर उन्हें कब्जे में ले लिया।
राजधानी में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के बढ़ते मामलों को देखते हुए रायपुर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। विशेष अभियान के तहत शहर के विभिन्न स्कूलों के बाहर जांच के दौरान 61 नाबालिग छात्रों को दोपहिया वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। सभी छात्रों के अभिभावकों को शाम 5 बजे यातायात मुख्यालय, कालीबाड़ी बुलाकर काउंसलिंग की गई और भविष्य में नाबालिगों को वाहन नहीं देने की समझाइश दी गई। डीसीपी बोली बच्चों को सुरक्षित करना उद्देश्य पुलिस कमिश्नरेट रायपुर में डीसीपी (यातायात) डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी स्कूलों के बाहर नियमित जांच अभियान जारी रहेगा। काउंसलिंग कार्यक्रम में डीसीपी डॉ. अर्चना झा ने अभिभावकों से कहा कि पुलिस का मकसद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि बच्चों की जान बचाना है। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े वीडियो और प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि कम उम्र में वाहन चलाना बच्चों के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है। 25 हजार रुपए तक का जुर्माना, तीन साल तक की सजा पुलिस ने अभिभावकों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A की जानकारी देते हुए बताया कि नाबालिग को वाहन चलाने देना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में वाहन मालिक या अभिभावक पर 25 हजार रुपए तक का जुर्माना, तीन साल तक की सजा और नाबालिग के 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद भी निर्धारित अवधि तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किए जाने का प्रावधान है। बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था का ही करें उपयोग चूंकि अधिकांश मामलों में यह पहली गलती थी, इसलिए बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की कि वे सुविधा के लिए नाबालिग बच्चों को दोपहिया वाहन न दें और स्कूल भेजने के लिए स्कूल बस या अन्य सुरक्षित परिवहन व्यवस्था का ही उपयोग करें।
लखनऊ में सोमवार को बारिश के बाद उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। विभिन्न इलाकों में बिजली गुल रही । राजाजीपुरम में बारिश के बीच बिजली के खंभे में आग लग गई जिससे पूरे इलाके की बत्ती गुल हो गई। मलिहाबाद में 33 केवीए लाइन में फाल्ट आने से तहसील और मिर्जागंज समेत पांच फीडरों जुडे इलाकों में घंटों बिजली संकट बना रहा। रहीमाबाद के 50 से अधिक गांवों के लोग 10 घंटे बिजली संकट से जूझे। माल क्षेत्र में सात घंटे बिजली गायब रही. 11 हजार वोल्ट के तार वाले खंभे में आग लग गई राजाजीपुरम स्थित बॉथम चौराहे पर 11 हजार वोल्ट के तार वाले खंभे में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तारों को चपेट में ले लिया। पूरे इलाके की बिजली उड़ गई। लोगों की सूचना पर उपकेंद्र से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद की गई। आग लगने से तार टूट कर जमीन पर गिर पड़े थे। इससे लोगों में दशहत का माहौल रहा। घटना के बाद स्थानीय लोगों को बिजली कटौती की वजह से परेशानियां झेलनी पड़ी। रहीमा बाद में 5 फीडर बंद सोमवार को बारिश के कारण 33 KVA रहीमाबाद लाइन में अचानक खराबी आ गई। इस मुख्य लाइन के ठप होने से 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र मलिहाबाद की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई। उपकेंद्र से जुड़े तहसील मिर्जागंज, चांदपुर, गल्ला मंडी और नवीन मंडी फीडर से जुड़े विभिन्न गांव और कस्बे में देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। काकोरी में ट्रांसफार्मर का तेल और कॉपर चोरी काकोरी इलाके में चोरी की वजह से लगातार बिजली ठप हो रही है। रविवार रात में चोरों ने मायापुरी कालोनी, चौधरी खेड़ा से 400 केवी के ट्रांसफार्मर का कापर और तेल चोरी कर लिया। इससे पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विभाग की ओर से शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी। 50 गांवों में गुल रही बिजली रहीमाबाद इलाके के करीब 50 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। गदिया खेड़ा, उमरावल, गढ़ी, जिन्दौर, लालूहार, शेर नगर गांवों के लोग बिजली संकट से जूझे। माल क्षेत्र में सोमवार सुबह दस बजे से गुल हुई बिजली शाम 6 बजे आई। पता चला कि लाइन में फाल्ट आने से यह समस्या आई है। दिन लोग लाइट के बिना परेशान रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के मोबाइल फोन तक डिस्चार्ज हो गए।
छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 172 करोड़ रुपये के कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले में गिरफ्तार पूर्व प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। तीन दिन की प्रारंभिक रिमांड पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने सोमवार को उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया। अदालत ने जांच एजेंसी की मांग स्वीकार करते हुए चार दिन की अतिरिक्त रिमांड मंजूर कर दी। इन सवालों का जवाब तलाश रहे अफसर ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का मानना है कि त्रिपाठी से पूछताछ के दौरान अवैध भुगतान की मंजूरी, कथित कमीशन नेटवर्क, मैनपावर एजेंसियों की भूमिका और अन्य अधिकारियों की संलिप्तता से जुड़े अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मामले के अन्य आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जाएगी, ताकि भुगतान प्रक्रिया और कथित साजिश की परतें खोली जा सकें। 2019-20 से 2023-24 के बीच हुआ ओवरटाइम घोटाला जांच के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त चार कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर नियमों के विपरीत 172 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। आरोप है कि सर्विस चार्ज के रूप में जारी राशि का बड़ा हिस्सा कथित तौर पर कमीशन के रूप में एक सिंडिकेट के जरिए बांटा गया। जांच एजेंसी अब रकम भेजने वाले और रीसिव करने वालों का पता लगाने में जुटी है। 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट हो चुकी पेश इस मामले में ईओडब्ल्यू-एसीबी पहले ही कारोबारी अनवर ढेबर समेत 12 आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्क फोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर सॉल्यूशंस जैसी मैनपावर एजेंसियां भी जांच के दायरे में हैं। अब पढ़िए क्या है CSMCL ओवरटाइम घोटाला जांच एजेंसियों के मुताबिक शराब दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों को ओवर टाइम का पैसा मिलना था। लेकिन फर्जी बिल, बढ़े हुए भुगतान और अवैध कमीशन व्यवस्था के जरिए घोटाले की रकम को अधिकारियों, सिंडिकेट और संबंधित कंपनियों के पास गई।
मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन में सोमवार देर रात चोर...चोर... का शोर मच गया। लोगों ने एक बंद मकान के बाहर खड़े संदिग्ध को दबोच लिया। आरोपी के पास से एक प्लास और तार बरामद हुआ जो उसने घर के अंदर से काटा था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इसका दूसरा साथी मकान के अंदर मौजूद है। लोगों ने उसकी काफी तलाश की लेकिन वह अंधेरे का लाभ उठाकर बच निकला। फिलहाल पुलिस पकड़े गए संदिग्ध को थाने लेकर आ गई है। जागृति विहार एक्सटेंशन में सोमवार देर रात करीब पौने बारह बजे एक शख्स की नजर बंद मकान के बाहर खड़े संदिग्ध पर पड़ी। बारिश में उसकी मौजूदगी उस शख्स को खटकने लग। उसने आस पास के लोगों को फोन पर उस व्यक्ति के बारे में बताया। इसके बाद कई लोग गुपचुप उसकी हरकत पर नजर रखने लगे। पता चला कि उसका कोई साथी भी था जो उस मकान के अंदर कूद चुका था। इसके बाद लोग घरों से निकल आए और उन्होंने आरोपी को दबोच लिया, जिसने अपनी पहचान अजय निवासी प्रवेश विहार के रूप में कराई। संदिग्ध की जेब से मिला प्लास लोगों ने उस संदिग्ध को पकड़ा तो वह खुद को छुड़ाकर भागने का प्रयास करने लगा। लोगों ने उसकी तलाशी ली तो जेब के अंदर से एक प्लास बरामद हो गया। उससे मकान के बाहर खड़े होने का कारण पूछा तो वह बता नहीं पाया। इसके बाद वहां काफी सारी और लोग एकत्र हो गए। तय हुआ कि अंदर मौजूद शख्स को पकड़ने के लिए पुलिस को बुलाया जाए। लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। प्राइवेट गाड़ी में पहुंचे दरोगा लोगों ने पुलिस को चोर पकड़े जाने की सूचना दी। इसके बाद मेडिकल थाने के एक दरोगा अपनी प्राइवेट गाड़ी से ही मौके पर पहुंच गए। इसके कुछ देर बाद थाने की फैंटम पुलिस भी वहां पहुंच गई और संदिग्ध को लोगों से अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। गायब हुआ दूसरा संदिग्ध पुलिस आते ही उस शख्स से पूछताछ करने लगी जिसे भीड़ ने पकड़ा था। दूसरे व्यक्ति की तरफ उनका ध्यान ही नहीं गया। नतीजा यह हुआ कि अंदर मौजूद संदिग्ध किसी तरह वहां से भाग निकला। पुलिस ने किसी तरह अंदर पहुंचकर उसे तलाशा लेकिन वह नहीं मिला। मकान मालिक से किया संपर्क जिस मकान के बाहर यह संदिग्ध खड़ा था, वह किसी प्रवीण कुमार का है। पुलिस ने रात में ही प्रवीण कुमार से संपर्क किया और उसे घटना के बारे में बताया। फिलहाल पुलिस प्रवीण के आने का इंतजार कर रही है। दरोगा ने अपनी प्राइवेट गाड़ी से उस संदिग्ध को थाने भेज दिया है। दिन में चोरी के बाद लोग डरे हुए जागृति विहार एक्सटेंशन के लोग डरे हैं। दरअसल, दिन में यहां से कुछ ही दूरी पर चोरी की वारदात हो चुकी थी। लोग अभी रात में जागकर पहरा देने की योजना बना ही रहे थे कि रात में यह वारदात हो गई। लोगों का कहना है कि पुलिस की देरी के कारण ही दूसरा आरोपी भागा है।
राजधानी में बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ चल रहे यात्री वाहनों पर परिवहन विभाग ने सख्ती तेज कर दी है। 'ऑपरेशन कवच' के पहले दिन सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 66 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 16 वाहनों को सीज (निरुद्ध) कर दिया गया। सीज किए गए वाहनों में 14 बसें और दो कार (आर्टिगा) शामिल हैं। यह अभियान 20 से 21 जुलाई तक मुख्यालय के निर्देश पर चलाया जा रहा है। पहले दिन आलमबाग चौराहा-नहरिया रोड, पीजीआई मार्ग, सुल्तानपुर रोड स्थित अहिमामऊ-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और पॉलीटेक्निक-कमता-अयोध्या रोड पर चार संयुक्त टीमों ने जांच अभियान चलाया। इनमें परिवहन विभाग, राज्य कर विभाग, परिवहन निगम और यातायात पुलिस के अधिकारी शामिल रहे। परमिट के खिलाफ चल रही थीं बसें जांच के दौरान कई बसें परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए चलती मिलीं। इनमें चार स्लीपर बसों की छत पर व्यावसायिक सामान लादकर ढुलाई की जा रही थी, जबकि इसकी अनुमति नहीं थी। इन बसों को सीज कर दिया गया। राज्य कर विभाग ने भी इन वाहनों में लदे सामान की जांच कर अलग से कार्रवाई की। दो राज्यों के बीच चल रही थीं बसें अभियान के दौरान चार स्लीपर बसें ऐसी भी मिलीं जो अपने गृह राज्य से संचालित होने के बजाय दो दूसरे राज्यों के बीच चल रही थीं। यह ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की शर्तों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित परमिट जारी करने वाली प्राधिकरण को आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। चार विभागों ने मिलकर चलाया अभियान यह अभियान उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम और आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पाण्डेय के निर्देशन में चलाया गया। अभियान में परिवहन विभाग, राज्य कर विभाग, परिवहन निगम और यातायात पुलिस के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। परिवहन विभाग का कहना है कि अवैध रूप से चल रहे यात्री वाहनों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल जितेंद्र यादव का निधन:शोपियां में ड्यूटी के दौरान बीमारी से निधन
सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल जितेंद्र यादव का श्रीनगर के शोपियां जिले में बीमारी के कारण निधन हो गया। वह मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के गाजीपुर गांव के निवासी थे और सीआरपीएफ की 178 बटालियन में तैनात थे। परिजनों ने बताया कि जितेंद्र यादव लंबे समय से शुगर और उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। सोमवार देर शाम जितेंद्र यादव का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव गाजीपुर पहुंचा। यहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के लोग शामिल हुए। हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त की। परिजनों के अनुसार, जितेंद्र यादव पिछले महीने ही छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो बेटे हैं। उनका छोटा भाई बेंगलुरु में सेना में डॉक्टर के पद पर तैनात है।
मेरठ में फ्लाईओवर पर कंटेनर ने युवक को कुचला:मंदिर से लौटते समय हादसा, पिता की शिकायत पर केस दर्ज
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में अतुल माहेश्वरी फ्लाईओवर पर हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी कंटेनर चालक की तलाश शुरू कर दी है। चालक हादसे के बाद वाहन सहित फरार हो गया था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वाहन नंबर के आधार पर उसकी तलाश कर रही है। मोहकमपुर निवासी जयकरण ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा मनीष 14 जुलाई की रात करीब 9:20 बजे माधवपुरम स्थित हनुमान मंदिर से प्रसाद चढ़ाकर बाइक से घर लौट रहा था। अतुल माहेश्वरी फ्लाईओवर से नीचे उतरते समय पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मनीष कंटेनर के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी चालक पर लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने का आरोप लगाया है।मृतक के परिजनों ने आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि घटना स्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में पांचवीं के छात्र से मारपीट:अध्यापिका पर एक महीने से उत्पीड़न का आरोप, पुलिस जांच जारी
मेरठ के एक निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा के छात्र से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र के परिजनों ने स्कूल की एक अध्यापिका पर पिछले एक महीने से लगातार मारपीट करने का आरोप लगाया है। नवीनतम घटना के बाद छात्र कथित तौर पर मानसिक सदमे में है। जागृति विहार एक्सटेंशन निवासी छात्र की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा काली नदी के पास स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यापिका छोटी-छोटी बातों पर छात्र को पीटती थीं। पहले भी स्कूल प्रबंधन से शिकायत की गई थी, जिसके बाद अध्यापिका ने भविष्य में ऐसी घटना न दोहराने का आश्वासन दिया था। परिजनों के अनुसार, 18 जुलाई को अध्यापिका ने एक बार फिर छात्र से मारपीट की। इस घटना के बाद बच्चा डरा हुआ घर पहुंचा और लगातार रोता रहा। परिवार का कहना है कि छात्र अब स्कूल जाने से भी डर रहा है और उसका व्यवहार सामान्य नहीं है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस चौकी और थाने के कई चक्कर लगाने के बावजूद अब तक इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। इस संबंध में थाना प्रभारी सतवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राणा सोमवार शाम रामपुर के मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पहुंचीं। उन्होंने धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। सुमैया राणा ने कहा- पीएम को अब झोला उठाकर भागने की तैयारी कर लेनी चाहिए। इस तरह की तानाशाही ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि देश संविधान और कानून के अनुसार चलता है और आगे भी उसी के अनुसार चलेगा। जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को गिराने के आदेश के बाद विश्वविद्यालय के छात्र 3 दिनों से धरने पर बैठे हैं। 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे' सपा प्रवक्ता ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय के छात्रों के भविष्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन छात्रों और उनके अभिभावकों के वोटों से प्रदेश सरकार बनी है, वही सरकार अब उनके भविष्य को संकट में डाल रही है। छात्रों के आंदोलन को बताया जायज सुमैया राणा ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी उनके संघर्ष में पूरी तरह साथ है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने प्रदेश सरकार से युवाओं में बढ़ रही नाराजगी को गंभीरता से लेने की अपील की। उनके अनुसार, दिल्ली से लेकर रामपुर तक का माहौल सरकार को जनता के गुस्से का संकेत दे रहा है। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में तानाशाही की राजनीति लंबे समय तक नहीं चल सकती। तीसरे दिन भी जारी रहा छात्रों का धरना इस बीच, मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर छात्रों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेताओं के लगातार विश्वविद्यालय पहुंचने से परिसर के बाहर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
मेरठ में महिला पर ब्लेड से हमला:आरोपी वसीम 5 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस ने CCTV फुटेज से दबोचा
मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक महिला पर ब्लेड से हमला करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने वारदात के करीब पांच घंटे के भीतर आरोपी वसीम को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना एनएएस कॉलेज के पास हुई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। सोमवार देर शाम आरोपी को मीडिया के सामने पेश किया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी वसीम और पीड़िता महिला कई वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। रविवार शाम दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के चलते वसीम ने महिला पर ब्लेड से कई वार किए। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला को घर भेज दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी वसीम को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से हमले के पीछे की असल वजह और दोनों के बीच चल रहे विवाद की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद अन्य तथ्यों को भी सार्वजनिक किया जाएगा।
देवरिया में सड़क हादसे में युवक की मौत:बाजार से खरीदारी कर लौटते समय अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर
देवरिया के सदर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार रात करीब 9 बजे सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। बाजार से खरीदारी कर घर लौट रहे युवक को सड़क पार करते समय अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान औरा चौरी निवासी बलिंदर राजभर (40) पुत्र छेदी राजभर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बलिंदर सोमवार रात जिला मुख्यालय से खरीदारी कर ई-रिक्शा से औरा चौरी चौराहे तक पहुंचे थे। वहां से वह पैदल अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पार करते समय तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल बलिंदर को तत्काल देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल राकेश राय ने बताया कि अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में बारिश के मौसम में शहर की बिजली व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए सोमवार शाम 6 बजे केस्को एमडी ने निरीक्षण शुरू किया। रात तक कई उपकेन्द्रों पर उन्होंने निरीक्षण किया। 33/11 केवी पराग डेयरी विधुत उपकेंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बिजली आपूर्ति व्यवस्था, फॉल्ट आने पर अनुरक्षण कार्यों और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। सुरक्षा मानकों के पालन के दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान केस्को एमडी नेहा जैन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि अनुरक्षण कार्य करते समय सभी सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही से बचते हुए उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बिजली चोरी रोकने और लाइन लॉस घटाने पर जोर प्रबंध निदेशक ने अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों की समीक्षा करते हुए बिजली चोरी वाले क्षेत्रों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाइन हानियां कम होने से वैध उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। नए उपकेंद्र के लिए चिन्हित भूमि का भी किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने पराग डेयरी क्षेत्र में मॉडर्नाइजेशन योजना के तहत प्रस्तावित नए 33/11 केवी विधुत उपकेंद्र के लिए चिन्हित भूमि का भी जायजा लिया और परियोजना की प्रगति की जानकारी ली।
पुलिस कमिश्नरेट में रविवार को हुआ प्रशासनिक फेरबदल चर्चा का विषय बन गया। नवागंतुक एसीपी राजकुमार सिंह को उनकी तैनाती के महज 13 दिन बाद ही कर्नलगंज सर्किल से हटा दिया गया। उन्हें एसीपी फूलपुर बनाया गया है, जबकि फूलपुर के एसीपी विवेक यादव को कर्नलगंज सर्किल की कमान सौंपी गई है। इतनी कम अवधि में एसीपी स्तर के अधिकारी का तबादला होने से इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। राजकुमार सिंह का हाल ही में प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में आगमन हुआ था। उन्हें 7 जुलाई को एसीपी कर्नलगंज की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद रविवार को जारी तबादला आदेश में उन्हें ग्रामीण सर्किल फूलपुर भेज दिया गया। महज 13 दिन में हुए इस बदलाव का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।सबसे महत्वपूर्ण सर्किलों में गिना जाता है कर्नलगंजप्रयागराज के सिटी जोन में कर्नलगंज सर्किल को सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में माना जाता है। इसी क्षेत्र में कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय के कई छात्रावास, प्रमुख शिक्षण संस्थान और कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थित हैं। बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र भी इसी इलाके में रहते हैं। कानून-व्यवस्था की दृष्टि से यह सर्किल हमेशा संवेदनशील माना जाता है।अधिवक्ता-पुलिस विवाद से जोड़कर देखी जा रही कार्रवाईपुलिस महकमे में चर्चा है कि हाल ही में जॉर्जटाउन थाना क्षेत्र में हुए अधिवक्ता-पुलिस विवाद के बाद यह फैसला लिया गया है। हालांकि पुलिस कमिश्नरेट की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 15 जुलाई को हुआ था बवालदरअसल, कुछ दिन पहले एक अधिवक्ता के मकान में संचालित रेस्टोरेंट को लेकर विवाद हुआ था। मामले में पुलिस ने कुछ अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने 15 जुलाई को जिला न्यायालय के बाहर करीब छह घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। विरोध इतना बढ़ गया कि देर शाम जॉर्जटाउन थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार को हटाए जाने के बाद ही अधिवक्ताओं ने आंदोलन समाप्त किया।पुलिस विभाग के अंदर यह चर्चा है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप नहीं होने और विवाद को बढ़ने से नहीं रोक पाने को भी राजकुमार सिंह के तबादले की एक वजह माना जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में किसी अधिकारी ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है।2020 में इंस्पेक्टर से बने सीओमूल रूप से अयोध्या के रहने वाले राजकुमार सिंह 2020 बैच के प्रमोटेड पीपीएस अधिकारी हैं। वर्ष 2020 में उनका इंस्पेक्टर से क्षेत्राधिकारी (सीओ) के पद पर प्रमोशन हुआ था। प्रयागराज कमिश्नरेट में उनकी यह पहली तैनाती थी, लेकिन कर्नलगंज में उनका कार्यकाल केवल 13 दिन का ही रहा। नए एसीपी के सामने ढेरों चुनौतीतबादला आदेश के अनुसार अब विवेक यादव कर्नलगंज के नए एसीपी होंगे। उनके सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ विश्वविद्यालय क्षेत्र, अधिवक्ताओं से जुड़े मामलों और संवेदनशील इलाकों में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने की चुनौती रहेगी।
हरदोई के कछौना थाना क्षेत्र के सुठेना गांव में सेवानिवृत्त सैनिक रामनन्दन कन्नौजिया के घर हुई करीब 37 लाख रुपए की चोरी का 26 दिन बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। मामले में कार्रवाई न होने से नाराज पीड़ित ने सोमवार को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। रामनन्दन कन्नौजिया ने बताया कि 24 जून की रात चोर उनके घर से करीब 35 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और 1.80 लाख रुपये नकद चोरी कर ले गए थे। घटना के बाद कछौना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन अब तक न चोरी का माल बरामद हुआ और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस वास्तविक आरोपियों तक पहुंचने के बजाय उनके ही परिवार के सदस्यों से बार-बार पूछताछ कर रही है। उनका कहना है कि यदि शुरुआत से तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाती, तो अब तक घटना का खुलासा हो सकता था। सेवानिवृत्त सैनिक ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में बिताया, लेकिन अब अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने और न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच, चोरी गए माल की बरामदगी और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, कछौना थानाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए साइबर सर्विलांस, एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार काम कर रही हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है और जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वसीम मेडिकल एजेंसी मामले में सुनवाई करते हुए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के बकाया भुगतान न करने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने हापुड़ के सी एम ओ का खाता कुर्क करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता एजेंसी का बरेली, सहारनपुर, बिजनौर, आगरा, गाजियाबाद, कासगंज, हरदोई, हापुड़, रामपुर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, जौनपुर और बदायूं के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों पर दवाइयों और अन्य चिकित्सा सामग्री का भुगतान बकाया है। सुनवाई में क्या हुआ जानिएसुनवाई के दौरान बरेली, सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद, रामपुर, अलीगढ़, आगरा और जौनपुर के सी एम ओ ने बकाया राशि चुका दी। जौनपुर सी एम ओ ने 31 मार्च 2026 को 95,960 रुपये का भुगतान किया। हापुड़ के सी एम ओ ने पांच बिलों में से केवल एक (99,994 रुपये) का भुगतान किया, जबकि 61,920 रुपये, 30,272 रुपये, 46,784 रुपये और 36,808 रुपये कुल 1,75,784 रुपये के बिल बकाया रहने की बात स्वीकार की,। बजट न होने और तकनीकी कारणों का हवाला देकर भुगतान न कर पाने की मजबूरी बताई। कोर्ट ने इस बहाने को खारिज करते हुए कहा कि व्यावसायिक लेन-देन में स्वीकृत देनदारी के मामले में बजट की कमी कोई बहाना नहीं हो सकती, क्योंकि सरकार के पास सभी संसाधन उपलब्ध हैं। कोर्ट ने इसे नौकरशाही बहाना करार दिया। खाते से तुरंत कुर्क करें रुपएकोर्ट ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन), हापुड़ को निर्देश दिया कि सी एम ओ हापुड़ के खाते 1,75,784 रुपये की सीमा तक तुरंत कुर्क किए जाएं और 22 जुलाई 2026 तक रिपोर्ट पेश की जाए। कहा भुगतान होते ही कुर्की स्वतः हट जाएगी। इसके अलावा कासगंज, हरदोई, मुजफ्फरनगर, जौनपुर और बदायूं के सी एम ओ को 22 जुलाई 2026 दोपहर 2 बजे कोर्ट में हाजिर होकर यह बताने को कहा गया है कि उनके खाते भी क्यों न कुर्क किए जाएं। अगली सुनवाई भी उसी दिन तय की गई है।
मिर्जापुर में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत:परिजनों ने शव रखकर किया चक्का जाम, पिटाई का आरोप लगाया
मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद सोमवार रात परिजनों और स्थानीय लोगों ने युवक का शव न्यू वीआईपी मंदिर गेट के सामने सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। परिजनों ने युवक के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 12 जुलाई को सड़क हादसे में हुआ था घायल मृतक की पहचान विंध्याचल के बंगाली चौराहा निवासी शिव मोहन (19) पुत्र शिव कुमार के रूप में हुई है। वह विंध्याचल धाम स्थित एक कपड़े की दुकान पर काम करता था। परिजनों के अनुसार, 12 जुलाई की रात करीब आठ बजे वह बाइक से देवरहवा बाबा आश्रम मार्ग की ओर जा रहा था। महुआरी गांव के पास उसकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। इलाज के दौरान हुई मौत घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, विंध्याचल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव रखकर किया प्रदर्शन युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और मोहल्ले के लोग शव लेकर न्यू वीआईपी मंदिर गेट पहुंच गए। उन्होंने सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप था कि शिव मोहन के साथ मारपीट की गई थी, जिसकी भी जांच होनी चाहिए। पुलिस के आश्वासन पर खुला जाम सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता कर निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद जाम समाप्त कराया गया। दो महीने पहले हुई थी शादी परिजनों ने बताया कि शिव मोहन का विवाह करीब दो महीने पहले जौनपुर में हुआ था। उसके पिता विंध्याचल धाम में नगाड़ा बजाने का काम करते हैं। पांच भाइयों में शिव मोहन सबसे बड़ा था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हमीरपुर जिले के बुल्डोजर कार्रवाई व पाक्सो के एक बहुचर्चित मामले में जजों में मतभिन्नता के कारण तीसरे जज से सुनवाई के लिए केस रेफर कर दिया है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने फैमुद्दीन एवं अन्य की याचिका पर यह आदेश दिया, जिसमें संपत्ति सील करने और ध्वस्तीकरण की आशंका को लेकर संवैधानिक संरक्षण मांगा गया था। याचिकाकर्ताओं ने क्या कहा जानिएयाचियों का कहना था कि उनकी रिश्तेदार आफान खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 64(1), 62/351(3), 61(2), आईटी एक्ट की धारा 67, पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज है। आरोप है कि आफान खान का याचिकाकर्ताओं की संपत्तियों आवासीय मकान, इंडियन लॉज नामक व्यावसायिक प्रतिष्ठान और आरा मिल में कोई स्वामित्व नहीं है, फिर भी बिना नोटिस या सुनवाई के इन संपत्तियों को सील करने और ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है, जिसे उन्होंने सामूहिक दंड और भीड़तंत्र जैसी राजनीतिक रूप से संरक्षित कार्रवाई बताया। सरकारी वकीलों ने कहा तथ्य छिपाए गए राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता प्रियंका मिड्ढा ने अदालत को बताया कि याचिका में तथ्य छिपाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इंडियन लॉज सिंचाई विभाग की जमीन पर बना है और 2021 की एक जनहित याचिका में पहले से ही अतिक्रमण हटाने के आदेश हैं। पुलिस पक्ष ने बताया कि 16 वर्षीय एक नाबालिग पीड़िता के साथ बलात्कार, आपत्तिजनक वीडियो बनाने, ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप है, और इसी लॉज में यह घटना हुई बताई गई। जांच में याचिकाकर्ता फैमुद्दीन की भूमिका भी सामने आई और उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। आरा मिल पर वन विभाग के तहत अलग से कार्रवाई चल रही है, क्योंकि वहां संरक्षित प्रजाति की लकड़ी बरामद हुई थी। जजों की राय को जानिएन्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने सुप्रीम कोर्ट के बुलडोजर जजमेंट (इन रि: डायरेक्शंस इन द मैटर ऑफ डिमॉलिशन ऑफ स्ट्रक्चर्स) का हवाला देते हुए यह व्यवस्था दी कि किसी आरोपी के घर को केवल इसलिए ध्वस्त करना कि उस पर आपराधिक मामला दर्ज है, प्रतिशोधात्मक कार्यकारी विवेकाधिकार माना जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि एफआईआर दर्ज होने की तारीख से दो वर्ष तक किसी आरोपी का घर ध्वस्त न किया जाए, जब तक कि सार्वजनिक भूमि पुनः प्राप्त करने की तत्काल आवश्यकता न हो और कार्रवाई केवल आरोपी के घर तक सीमित न हो। साथ ही यह भी जोड़ा कि यदि कोई व्यक्ति तीन वर्ष या उससे अधिक समय से अवैध निर्माण में रह रहा है, तो प्राधिकरण को नगरीय कानून के तहत कार्रवाई शुरू करने से एक वर्ष पहले सूचना देनी होगी, ताकि वह वैकल्पिक व्यवस्था कर सके। साथी न्यायाधीश के फैसले से असहमतिन्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने अपने साथी न्यायाधीश के फैसले से आंशिक असहमति जताते हुए कहा कि अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट को दो साल जैसी कोई निश्चित समय-सीमा तय करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि इससे कानून का प्रवर्तन उतने समय के लिए स्थगित हो जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह की छूट का दुरुपयोग हो सकता है । लोग कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए जानबूझकर तुच्छ मुकदमे या एफआईआर दर्ज करा सकते हैं ताकि दो साल की सुरक्षा का लाभ उठाया जा सके। उन्होंने इसे अवांछित न्यायिक सक्रियता और विधायिका के अधिकार-क्षेत्र में हस्तक्षेप करार दिया। इसी तरह, ध्वस्तीकरण से पहले एक वर्ष की नोटिस ऑफ इंटेंट वाली शर्त को भी उन्होंने कानून में प्रावधान न होने के आधार पर अस्वीकार किया। हालांकि एक राय भी हुएहालांकि, दोनों न्यायाधीश इस बात पर सहमत रहे कि यदि निर्माण उल्लंघन को लेकर नोटिस जारी किया जाता है, तो संबंधित दोषी अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत समानांतर कार्रवाई भी शुरू की जानी चाहिए और उसे छह महीने के भीतर तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए। दोनों ने यह भी माना कि विकास प्राधिकरण की कार्रवाई किसी एक व्यक्ति के विरुद्ध चुनिंदा नहीं होनी चाहिए, अन्यथा पीड़ित पक्ष अदालत का रुख कर सकता है। फैसले में न्यायमूर्ति नंदन ने सुपरटेक बनाम एमराल्ड कोर्ट और एशा एकता अपार्टमेंट्स जैसे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अवैध निर्माणों के लिए अकेले उल्लंघनकर्ता ही नहीं, बल्कि निर्माण को मंजूरी देने वाले विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी उतने ही जिम्मेदार हैं, और दोनों के बीच अक्सर मिलीभगत पाई जाती है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ आम नागरिक के अवैध निर्माण को गिराना पर्याप्त नहीं, बल्कि लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई जरूरी है। चूंकि दोनों न्यायाधीशों के बीच दो अहम कानूनी सवालों पर मतभिन्नता (1) क्या अनुच्छेद 226 के तहत दो साल की सामान्य रोक लगाई जा सकती है, और (2) क्या नगरीय कानून के तहत कार्रवाई से एक साल पहले नोटिस ऑफ इंटेंट देना अनिवार्य किया जा सकता है, यह मामला अब मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा जाएगा, जो इसे किसी तीसरे न्यायाधीश या पीठ को सौंपेंगे। तब तक याचिकाकर्ताओं की आवासीय संपत्ति को लेकर राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है, जबकि आरा मिल के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत कार्रवाई यथावत जारी रहेगी। इंडियन लॉज, जो आपराधिक मामले में घटनास्थल है, केस प्रॉपर्टी के रूप में बी एन एस एस के प्रावधानों के तहत निपटाई जाएगी।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बहुअरा गांव में सोमवार को 16 साल की लड़की का शव खेत में बने एक कुएं से मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लोढ़ी भेज दिया गया। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, बहुअरा गांव निवासी रामकेश यादव की बेटी वंदना यादव (16) रविवार को घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। ग्रामीणों ने कुएं में देखा शव सोमवार दोपहर खेत की ओर गए कुछ ग्रामीणों ने कुएं में एक शव उतराता देखा। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। शव की पहचान वंदना यादव के रूप में होने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। परिवार की आर्थिक मदद करना चाहती थी किशोरी मृतका की बहन ने बताया कि वंदना पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थी। उसके पिता गांव में चाय की दुकान चलाते हैं और दुकान के लिए लोन लिया हुआ है। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वंदना लकड़ी बीनकर पिता की मदद करती थी। बहन के मुताबिक, वह पिछले कुछ दिनों से कोई दूसरा काम करने की बात कह रही थी, ताकि अधिक कमाई कर परिवार का सहयोग कर सके। नगर क्षेत्राधिकारी रणधीर मिश्रा ने बताया कि किशोरी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की हर संभावित पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मैहर जिले के अमरपाटन में नेशनल हाईवे-30 पर रीवा से नागपुर जा रही एक यात्री बस को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में 12 से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें से 5 की हालत गंभीर है। हादसा ग्राम पड़हा के पास सोमवार रात करीब 10 बजे हुआ। सवारी उतारते वक्त हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, यात्री बस ग्राम पड़हा के पास बस से उतरने वाले यात्रियों को उतारने के लिए रुकी हुई थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस से उतर रहे यात्री और ट्रक चालक दोनों इसकी चपेट में आ गए। घायलों में 5 की स्थिति गंभीर, अस्पताल में इलाज जारी हादसे की सूचना मिलते ही अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह पारस्ते पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल अमरपाटन पहुंचाया। घायलों में मऊगंज, रीवा, मैहर और पड़हा के स्थानीय निवासी शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल 5 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की टक्कर मारने वाला ट्रक चालक विजय प्रताप (निवासी मिर्जापुर, गुजरात मार्ग) भी हादसे में घायल हुआ है। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोनों वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात बहाल कराया। यह लोग हुए घायल
शहर में सोमवार को स्टार शेफ हरपाल सिंह सोखी की मास्टर क्लास आयोजित हुई। कारीगरी रेस्टोरेंट में हुए इस विशेष सेशन में प्रतिभागियों ने लाइव कुकिंग के जरिए तीन नई डिश बनाना सीखा। शेफ सोखी ने स्वाद के साथ कुकिंग से जुड़े कई टिप्स भी साझा किए। मास्टर क्लास में रोटरी क्लब मोनार्क की सदस्याओं ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। लाइव डेमो के बाद सभी ने शेफ द्वारा तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद लिया। कार्यक्रम के दौरान मनोरंजक गेम्स भी आयोजित किए गए, जिनमें सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रोटरी क्लब मोनार्क की अध्यक्ष अलका गुप्ता ने बताया कि इस तरह के आयोजन सदस्यों को नई चीजें सीखने और आपसी संवाद का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में क्लब की सचिव प्राची मित्तल, वर्षा गुप्ता, वर्षा गर्ग, शिखा जैन, प्राची बंसल, अनिता जैन, सपना जैन, स्मृति, सुमन सहित अन्य सदस्याएं मौजूद रहीं। पूरे आयोजन में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।
तेज रफ्तार डंपर ने युवक को रौंदा, हालत गंभीर:प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर उठे सवाल
आगरा के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की डंपर की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उसका इलाज चल रहा है। यह घटना माल गोदाम के पास हुई। घायल युवक की पहचान जीवनी मंडी निवासी विष्णु के रूप में हुई है। बताया गया कि विष्णु अपनी दुकान से बाइक से घर लौट रहे थे, तभी माल गोदाम के पास तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें कुचल दिया। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर एत्माद्दौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर घायल को उपचार के लिए भेजा। चालक की तलाश जारी है और मामले की जांच के साथ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस हादसे ने शहर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मार्ग पर दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, वहां रोजाना ट्रैक्टर, डंपर और सीमेंट से लदे भारी वाहन बेखौफ गुजरते देखे जाते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि माल गोदाम क्षेत्र में लंबे समय से नियमों की अनदेखी हो रही है, लेकिन संबंधित विभाग कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा। यह घटना प्रतिबंधित क्षेत्र में डंपर की मौजूदगी और यातायात नियमों के पालन तथा प्रशासनिक निगरानी पर बड़ा सवाल उठाती है।
यूपी एटीएस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट के सीधे निर्देश पर देश विरोधी और आतंकी गतिविधियों में शामिल एक युवक को गिरफ्तार किया है। एटीएस यूपी को सूचना मिली थी कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के आतंकी नेटवर्क द्वारा भारतीय युवाओं को आर्थिक लाभ का लालच देकर सोशल मीडिया के जरिए स्लीपर सेल बनाने और आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है। इसी सिलसिले में बलरामपुर जिले के ग्राम जमधरा, थाना गैसड़ी निवासी 29 वर्षीय शहरोज अहमद को गिरफ्तार किया गया है। एटीएस के प्रवक्ता ने बताया कि अभियुक्त शहरोज अक्टूबर 2025 में फेसबुक पर पाकिस्तानी एजेंट जसवीर चौधरी जो ISI के लिए काम करता है, से जुड़ा है। जसवीर ने फेसबुक पर हिम्मत और जिगर वाले शूटरों की जरूरत बताई थी, जिस पर शहरोज ने कमेंट किया। इसके बाद बातचीत व्हाट्सएप, मेसेंजर और एन्क्रिप्टेड ऐप सिग्नल पर शुरू हो गई। जसवीर ने शहरोज को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाया और राजस्थान के श्रीगंगानगर जाकर हथियार एवं विस्फोटक सामग्री लेने का निर्देश दिया। शहरोज मुंबई में रहता था और दो दिन पहले ही गांव आया था। जसवीर ने शहरोज के खाते में इन गतिविधियों के लिए पांच हजार रुपये भी भेजे थे।
फर्रुखाबाद में युवक की संदिग्ध मौत:परिजनों ने मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया, जांच जारी
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव बंधुआ में सोमवार रात करीब 9:15 बजे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजन गंभीर हालत में उसे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने परिवार के ही कुछ लोगों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान शैलेष (30) के रूप में हुई है। उसके भाई अखिलेश कुमार ने बताया कि सोमवार शाम शैलेष घर लौट रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते परिवार के कुछ लोगों ने उस पर हमला कर बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि हमलावर शैलेष को घर के पीछे घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। कुछ देर बाद उसकी बेटी ने उसे अचेत हालत में देखा और परिजनों को सूचना दी। परिजन तत्काल शैलेष को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाकर पुलिस को सूचना दी। अखिलेश कुमार ने बताया कि 16 जुलाई को भी उनके बहनोई राजवीर के साथ इन्हीं लोगों ने मारपीट की थी। उस घटना को लेकर उलाहना देने पर आरोपी पक्ष ने धमकी दी थी। उनका आरोप है कि उसी रंजिश के चलते शैलेष की हत्या की गई। शैलेष पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी शादी नहीं हुई थी। घटना के बाद मां विमला देवी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी तेज सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उड़ीसा से फतेहपुर तक वाया प्रयागराज 100 किलो गांजा की बड़ी खेप पहुंचाने की साजिश को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नाकाम कर दिया। तस्कर सोमवार को एक कार में गांजा लेकर फतेहपुर जा रहे थे, लेकिन शाम को कौशाम्बी के कोखराज टोल प्लाजा के पास एएनटीएफ की टीम ने उन्हें दबोच लिया। 50 लाख का गांजा बरामद हुआ कार से 100 किलो गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक मोबाइल फोन और 500 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।एएनटीएफ प्रयागराज यूनिट ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फतेहपुर जिले के हथगांव थाना क्षेत्र के कुठली गांव निवासी मो. आयान पुत्र एजाज अहमद और राहुल कुमार पुत्र रमेश के रूप में हुई है। फतेहपुर में देने जा रहे थे सप्लाईपूछताछ में दोनों ने बताया कि वे साझेदारी में गांजा तस्करी का काम करते हैं। फतेहपुर के एक व्यक्ति के कहने पर वे उड़ीसा से गांजा लाकर उसकी सप्लाई करते थे। इस बार भी वे 100 किलो गांजा लेकर फतेहपुर जा रहे थे, लेकिन कौशाम्बी में एएनटीएफ की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। अब पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसके लिए यह खेप लाई जा रही थी। कोखराज टोल प्लाजा के पास गिरफ्तारीदोनों आरोपियों की गिरफ्तारी सोमवार को कोखराज टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर आगे कानपुर लेन पर बरीपुर गांव के पास की गई। इस संबंध में थाना कोखराज में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपियों के कब्जे सेएक टोयोटा ग्लैंजा कार भी बरामद हुई है।
बलिया में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को '1857 के महानायक मंगल पांडेय' नाटक का सजीव मंचन किया गया। गंगा बहुउद्देशीय सभागार में हुए कार्यक्रम के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह, राष्ट्रीय कला मंच के राष्ट्रीय प्रमुख अंकित शुक्ल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री पुनीत और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर दयाशंकर सिंह ने शहीद मंगल पांडेय के व्यक्तित्व और उनके बलिदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरुआत रायबरेली से आईं आल्हा गायिका शीलू सिंह की ओजपूर्ण प्रस्तुति से हुई। उन्होंने वीर रस से ओत-प्रोत गीतों के माध्यम से मंगल पांडेय की शौर्यगाथा प्रस्तुत कर दर्शकों में देशभक्ति का उत्साह भर दिया। इसके बाद निर्देशक आशीष त्रिवेदी के निर्देशन में '1857 के महानायक मंगल पांडेय' नाटक का मंचन हुआ। नाटक में अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचार, भारतीय सैनिकों की पीड़ा, धार्मिक आस्थाओं पर चोट और एनफील्ड राइफल के चर्बी लगे कारतूसों से उपजे विद्रोह को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। संकल्प संस्था के कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से ऐतिहासिक घटनाओं को जीवंत कर दिया। नाटक के दौरान सभागार कई बार भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से गूंज उठा। मंचन में राहुल चौरसिया ने मंगल पांडेय, रिया वर्मा ने भारत माता तथा तुषार पांडेय, अनुपम पांडेय, यश गुप्ता, प्रियांशु, संजीत, कुमार यादव ने सैनिकों की भूमिका निभाई। वहीं ऋतिक गुप्ता, मौसम कुमार, सूरज ने ग्रामीण पात्रों और उत्कर्ष शर्मा ने अंग्रेज अधिकारी का किरदार निभाया। भाग्यलक्ष्मी, आरती रेखा और सुशील तिवारी ने गायन किया, जबकि ट्विंकल गुप्ता सह-निर्देशक रहीं।
लखनऊ जन उद्घोष व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जानकीपुरम और जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र की बदहाल और जर्जर सड़कों की समस्या से विधायक को अवगत कराया। व्यापार मंडल ने बताया कि सीवर खुदाई के कारण लंबे समय से सड़कें टूटी हुई हैं। सड़कों पर मिट्टी के ढेर लगे होने से स्थानीय व्यापारियों, क्षेत्रवासियों और राहगीरों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है। 48 घंटे के भीतर सड़क की मरम्मत का अल्टीमेटम विधायक डॉ. नीरज बोरा ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल लोक निर्माण विभाग और जल विभाग के अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर सड़क की मरम्मत और आवश्यक कार्य शुरू करने का अल्टीमेटम दिया। डॉ. बोरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित विभागों द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो वे स्वयं क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों के साथ धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की समस्याओं के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। क्षेत्र की सड़कों की स्थिति में सुधार का आश्वासन जन उद्घोष व्यापार मंडल ने विधायक डॉ. नीरज बोरा द्वारा त्वरित संज्ञान लेने और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मंडल ने उम्मीद जताई कि जल्द ही क्षेत्र की सड़कों की स्थिति में सुधार होगा, जिससे आम जनता और व्यापारियों को राहत मिलेगी। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश महामंत्री विनोद कुमार सिंह, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, प्रदेश मंत्री आर के सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष नवीन सिंह और डॉ. रवीश कुमार सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
भोपाल के अवधपुरी थाना क्षेत्र की सुभाष विला कॉलोनी में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर दिया। एम्स भोपाल में पदस्थ 34 वर्षीय नर्सिंग ऑफिसर दिव्या ने अपने आठ वर्षीय बेटे और तीन वर्षीय बेटी को स्कूल भेजने के कुछ देर बाद घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जब घटनास्थल पर पंचनामा कार्रवाई कर रही थी, तभी स्कूल से लौटे दोनों मासूम बार-बार कहते रहे, हमें मम्मा के पास जाना है। बच्चों की यह पुकार सुनकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग भी भावुक हो गए। तमिलनाडु की रहने वाली थीं पुलिस के अनुसार, दिव्या मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली थीं। करीब दो महीने पहले उनके पति सुरेश ने तमिलनाडु में आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद वह दोनों बच्चों को लेकर भोपाल आ गई थीं। यहां उन्होंने बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया और उनकी देखभाल के लिए एक केयर टेकर रखा था। सोमवार सुबह बच्चों को स्कूल भेजने के बाद उन्होंने कमरे में फांसी लगा ली। केयर टेकर ने नाश्ता तैयार होने पर उन्हें आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो दिव्या फंदे पर लटकी मिलीं। पुलिस ने शुरू की जांच एफएसएल टीम ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों के तमिलनाडु से भोपाल पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जांच में पति की मौत के बाद मानसिक तनाव में होने की बात सामने आई है। हालांकि, आत्महत्या के कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
लखनऊ में कजरी गीत कार्यशाला का पांचवां दिन:महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीतों का अभ्यास किया
लखनऊ में गौरैया संस्कृति संस्थान द्वारा आयोजित कजरी गीत कार्यशाला के पांचवें दिन महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीतों का अभ्यास किया। इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य सावन-भादो की लोकगायन परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और भारतीय लोक संस्कृति का संरक्षण करना है। संस्थान की उपाध्यक्ष आभा शुक्ला ने जानकारी दी कि गोमतीनगर के वास्तुखंड स्थित केंद्र पर 'ए' ग्रेड लोकगायिका रंजना मिश्रा के निर्देशन में एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। सत्र का आरंभ 'सुमिरिनी कजरी' से हुआ, जिसके उपरांत प्रतिभागियों को 'बारामासा – कौन हरे मोरी पीरा सजन बिन...' गीत सिखाया गया। कार्यशाला में सावन और भादो में गाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के कजरी गीतों का अभ्यास कराया जा रहा है। सावन गीत, कजरी और नकटा का अभ्यास कराया संस्थान की अध्यक्ष रंजना मिश्रा ने बताया कि हनुमान सेतु स्थित प्रतिभा तीर्थ अपार्टमेंट में भी एक अन्य सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में वरिष्ठ लोकगायिका इंदिरा श्रीवास्तव के निर्देशन में सावन गीत, कजरी और नकटा का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम की शुरुआत देवी गीत 'मइया बड़ी वरदान मैं देखिए आई...' से हुई, जिसके बाद प्रतिभागियों ने 'सावन ऋतु आ गई...' गीत का अभ्यास किया। प्रतिभागियों में विशेष उत्साह दिखा दोनों केंद्रों पर आयोजित इस कार्यशाला में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से लगभग 30 महिलाएं शामिल हुईं। इनमें प्रतिमा त्रिपाठी, अल्पना श्रीवास्तव, नीलिमा सिंह, सुनीता निगम, आशा तिवारी, निशा पाठक, रीना सिंह, आभा श्रीवास्तव, सुनीता चौरसिया, सरिता अग्रवाल, वीना सक्सेना, अमिता द्विवेदी, निकिता मिश्रा, प्रीति दिवाकर, सुषमा रस्तोगी, रंजना सिंह, भावना शुक्ला, अरुणा उपाध्याय, सीमा पांडेय, कुमकुम मिश्रा और अनुराधा गुप्ता प्रमुख रूप से उपस्थित थीं। आयोजकों ने बताया कि लोकगीत सीखने के प्रति प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखा गया।
लखनऊ संप्रेक्षण गृह में 15 दिवसीय संगीत कार्यशाला का समापन:किशोरों ने भजन और प्रेरणादायक गीत गाए
लखनऊ के राजकीय संप्रेक्षण गृह मोहन रोड में आयोजित 15 दिवसीय संगीत कार्यशाला का सोमवार को समापन हो गया। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला के समापन समारोह में किशोरों ने अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर किशोरों ने भजन और प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किए, जिनकी अतिथियों ने सराहना की। मंच पर उनकी आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुतियों ने कला और संगीत के युवाओं के व्यक्तित्व विकास में महत्व को रेखांकित किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत थे। विशिष्ट अतिथियों में अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह और उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र शामिल रहे। राजकीय संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक अनिमेष श्रीवास्तव, कार्यक्रम संचालक प्रशांत पाठक, कार्यशाला प्रशिक्षक विनोद कुमार तथा संस्थान के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। अतिथियों ने कार्यशाला में भाग लेने वाले किशोरों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि संगीत जैसी रचनात्मक गतिविधियां आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और जीवन को नई दिशा प्रदान करती हैं। समारोह के अंत में, अतिथियों ने सभी प्रतिभागी किशोरों को कार्यशाला के प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।
रूस के हमले में देवरिया का नाविक की मौत:यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास शिप पर हुआ हमला
देवरिया यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास रविवार रात रूस द्वारा किए गए हमले में एक मालवाहक जहाज पर सवार देवरिया के नाविक की मौत हो गई। सोमवार शाम करीब आठ बजे शिपिंग कंपनी के एजेंट ने फोन पर परिजनों को घटना की सूचना दी। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गौरीबाजार थाना क्षेत्र के करमेल गांव निवासी अभिषेक निषाद (26), पुत्र कौशल निषाद, पिछले महीने 10 जून को मुंबई के एक एजेंट के माध्यम से 'गोल्डेन लिओ' नामक मालवाहक जहाज पर नाविक के रूप में नौकरी करने गए थे। परिजनों के अनुसार, रविवार को जहाज यूक्रेन से सामान लेकर सीरिया जा रहा था। इसी दौरान ओडेसा बंदरगाह के निकट रूसी हमले में जहाज निशाना बन गया। हमले के बाद जहाज पर सवार कई लोग लापता हो गए थे, जिनमें अभिषेक भी शामिल थे। सोमवार शाम शिपिंग कंपनी के एजेंट ने अभिषेक के पिता को फोन कर उनकी मौत की पुष्टि की। सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने भी परिजनों से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी ली। परिवार भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से अभिषेक का पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया में जुटा है। परिजनों ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि अभिषेक का शव जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था कराई जाए, ताकि उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जा सके।
लखनऊ मारुति नंदन श्री कृष्ण लीला मैदान ट्रस्ट ने आगामी जन्माष्टमी महोत्सव और शोभायात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बैठक गायत्री नगर स्थित पुरुषोत्तम बाल विद्या मंदिर में हुई। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जन्माष्टमी महोत्सव 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा, जबकि शोभायात्रा 13 सितंबर 2026 को निकाली जाएगी। बैठक की अध्यक्षता सुनील तिवारी ने की। उन्होंने बताया कि आयोजन को भव्य बनाने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अब हर सप्ताह नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। इच्छुक लोग ट्रस्ट के नाम और मोनोग्राम वाले होर्डिंग्स लगवाकर सहयोग कर सकते हैं। शोभायात्रा का मार्ग तय किया गया समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश लोधी ने शोभायात्रा का मार्ग घोषित किया। यात्रा मोहिबुल्लापुर स्थित दुर्गा-हनुमान मंदिर से शुरू होगी और बाल निकेतन स्कूल, ज्ञानोदय डिग्री कॉलेज, रामलीला मैदान, नौबस्ता पुलिया, मोहिबुल्लापुर, श्रीनगर, मड़ियांव थाना और तड़ीखाना होते हुए विंध्याचल मंदिर पहुंचेगी। शोभायात्रा का समापन और विश्राम विंध्याचल मंदिर पर होगा। बैठक में विभिन्न व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। आशीष पांडेय ने पूरे मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की। राजू पांडेय ने आर्थिक सहयोग में पारदर्शिता के लिए बैनरों पर क्यूआर कोड लगाने का सुझाव दिया, जिससे श्रद्धालु आसानी से दान कर सकें। लक्ष्मी नारायण ने यात्रा मार्ग से पेड़-पौधों की शाखाएं और बिजली के तार जैसी बाधाओं को समय रहते हटाने का आग्रह किया। समिति की अगली बैठक मोहिबुल्लापुर में होगी समिति ने स्थानीय विधायक, मेयर, पार्षद और अन्य विशिष्ट अतिथियों को कार्यक्रम में आमंत्रित करने का निर्णय लिया है। ढोल-नगाड़ों और अन्य सांस्कृतिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि शोभायात्रा के दौरान किसी भी अनैतिक गतिविधि की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। आयोजन में सिविल डिफेंस का सहयोग भी लिया जाएगा। समिति की अगली बैठक 26 जुलाई 2026, रविवार शाम 6 बजे कृष्ण लीला मैदान, मोहिबुल्लापुर में होगी, जहाँ तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र स्थित नाका चंद्रवदनी चौराहे के पास सोमवार शाम करीब 6 से 6:30 बजे एक खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय स्कूटी पर कोई सवार नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूटी मालिक किसी काम से वाहन खड़ा कर पास ही गया था। जब वह वापस लौटा तो स्कूटी में अचानक आग भड़क उठी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास मौजूद लोग आग बुझाने का प्रयास भी नहीं कर सके। देखते ही देखते पूरी स्कूटी आग की चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने की वजह इलेक्ट्रिक स्कूटी में शॉर्ट सर्किट हो सकती है। आग की चपेट में पास खड़ी एक कार भी आ गई, जिससे वह आंशिक रूप से झुलस गई।फिलहाल स्कूटी मालिक की पहचान और उसके निवास की जानकारी सामने नहीं आई है। घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित एजेंसियों ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
छिंदवाड़ा शहर के छोटा तालाब में सोमवार देर शाम मछलियों को आटा खिलाने पहुंची एक बुजुर्ग महिला तालाब में गिर गई, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में महिला की पहचान नहीं हो सकी थी। इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर फोटो जारी कर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया। कुछ देर बाद महिला की पहचान मीना झाम (65), पति प्रेम झाम, निवासी श्याम टॉकीज, पुराना पंजाब भवन के पास के रूप में हुई। मछलियों को आटा खिलाने के दौरान हुआ हादसाप्राथमिक जांच में सामने आया है कि मीना झाम रोज की तरह तालाब में मछलियों को आटा खिलाने गई थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे सीधे तालाब में गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद होगी आगे की कार्रवाईपुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों और तालाब के चौकीदार से पूछताछ की जा रही है ताकि हादसे की परिस्थितियों की पुष्टि हो सके। कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि महिला की पहचान हो चुकी है। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर मामला पैर फिसलने से तालाब में गिरने का प्रतीत हो रहा है, हालांकि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाने की पुलिस ने सचिवालय में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर 10 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी को सोमवार की रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान कौड़ीराम निवासी विनय उर्फ विपिन तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने और लोगों को अपना शिकार बनाया है। लखनऊ में ज्वानिंग कराने का दिलाया था विश्वास पुलिस के मुताबिक, बांसगांव थाने में 13 जून को खुशी यादव की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि विनय उर्फ विपिन तिवारी ने सचिवालय में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उससे 10 लाख रुपये ले लिए थे। इसमें 3.50 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से और 6.50 लाख रुपये नकद दिए गए थे। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने पीड़िता को सचिवालय का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया और लखनऊ पहुंचकर ज्वाइनिंग कराने का भरोसा दिलाया। जब पीड़िता नियुक्ति पत्र लेकर सचिवालय पहुंची तो जांच में वह फर्जी निकला। इसके बाद पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर बांसगांव पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इस संबंध में सीओ बांसगांव अनुज सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। आरोपी के अन्य ठगी के मामलों में शामिल होने की भी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दुर्ग के चंद्रशेखर आजाद स्कूल में बच्चों के कथित रूप से नशीली दवा के सेवन से बीमार होने के मामले ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस घटना के विरोध में सोमवार को शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने अध्यक्ष और पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में कोतवाली थाना का घेराव किया। कांग्रेस ने एसपी के नाम सीएसपी हर्षित मेहर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव भवन से रैली निकालकर कोतवाली थाना पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शहर में बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बच्चों और युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। कांग्रेस ने ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। संगठन का कहना है कि 6 से 8 विद्यार्थियों के बीमार होने की घटना बेहद गंभीर है। कांग्रेस ने पीड़ित विद्यार्थियों के बेहतर इलाज और हर जरूरी मदद देने की भी मांग की। स्कूल तक नशा कैसे पहुंचा? कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर नशीली दवा स्कूल तक कैसे पहुंची। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि मामला सिर्फ एक स्कूल तक सीमित है या दूसरे स्कूलों में भी ऐसा नेटवर्क सक्रिय है। उनके मुताबिक यह घटना शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। शहर में बढ़ते नशे पर कांग्रेस का हमला धीरज बाकलीवाल ने आरोप लगाया कि दुर्ग में नशे और सिंथेटिक ड्रग्स का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं और बाल अपराध भी बढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने सभी स्कूलों और उनके आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की। स्कूलों के आसपास पुलिस निगरानी बढ़ाने की मांग कांग्रेस ने स्कूलों के आसपास नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने, संदिग्ध लोगों और गतिविधियों पर नजर रखने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस ने कहा कि यदि मामले में जल्द और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यार्थियों की सुरक्षा और जनहित को देखते हुए बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि दुर्ग को नशामुक्त और अपराधमुक्त बनाने के लिए प्रशासन को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।
’पब्लिसिटी मंत्रा' की ओर आयोजित और 'SESR फाउंडेशन' की ओर से संचालित 'मूवर्स कनेक्ट बिजनेस समिट 2026' में प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और इन्वेस्टमेंट पॉलिसी में सुधार की गुंजाइश जताई गई। राजधानी के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में पॉलिसी बनाने वालों, बिज़नेस लीडर्स, कनाडा, यूएसए, यूएई और देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स प्रोफेशनल्स, एंटरप्रेन्योर्स और एक्सपोर्टर्स को एक मंच पर लाकर भारत के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मज़बूत करने और उत्तर प्रदेश को इन्वेस्टमेंट, व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए एक पसंदीदा जगह के तौर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। मूविंग इंडिया फॉरवर्ड (भारत को आगे बढ़ाना) थीम पर आयोजित इस समिट में लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, रिलोकेशन, एक्सपोर्ट, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सस्टेनेबिलिटी और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के भविष्य पर विस्तार से चर्चा हुई। चर्चाओं में भारत की ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस को बढ़ाने और उत्तर प्रदेश के वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने के विज़न को सपोर्ट करने में एक कुशल लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया गया। समिट की मुख्य बातों में से एक थी ऑर्गनाइज़्ड मूविंग और रिलोकेशन इंडस्ट्री को भारत की लॉजिस्टिक्स वैल्यू चेन का एक अहम हिस्सा मानने पर चर्चा। इंडस्ट्री के जानकारों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह सेक्टर एमएलएमई, कारीगरों और एक्सपोर्टर्स के लिए प्रोफेशनल पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, फर्स्ट-माइल और लास्ट-माइल ट्रांसपोर्टेशन, रिलोकेशन सपोर्ट और इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन सॉल्यूशन देकर 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) पहल को काफी मज़बूत कर सकता है। कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद, राष्ट्रीय लोक दल के उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री अनुपम मिश्रा ने भारत के लॉजिस्टिक्स और रिलोकेशन इकोसिस्टम को मज़बूत करने में स्किल डेवलपमेंट की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे लॉजिस्टिक्स सेक्टर तेज़ी से बढ़ रहा है, इंडस्ट्री की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम कुशल वर्कफोर्स तैयार करने की तत्काल ज़रूरत है। उन्होंने कहा, स्किल इंडिया का विज़न रोज़गार के अवसर पैदा करके, सर्विस की क्वालिटी बढ़ाकर और युवाओं को इंडस्ट्री-स्पेसिफिक स्किल्स से लैस करके ऑर्गनाइज़्ड मूवर्स और रिलोकेशन सेक्टर के लिए विकास का एक बड़ा जरिया बन सकता है। श्री मिश्रा ने 'पब्लिसिटी मंत्रा' और 'SESR फाउंडेशन द्वारा 'मूवर्सकनेक्ट’ को एक इनोवेटिव इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म बनाने और आयोजित करने के लिए बधाई भी दी, जो उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और आर्थिक विकास के भविष्य पर चर्चा करने के लिए पॉलिसी बनाने वालों, बिज़नेस और स्टेकहोल्डर्स को एक साथ लाता है। समिट में CSIS, वाशिंगटन DC में सीनियर फेलो और इंडिया एंड इमर्जिंग एशिया इकोनॉमिक्स के चेयर, जयंत कृष्णा के विचारपूर्ण भाषण भी शामिल थे, जिन्होंने भारत की व्यापक लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट रणनीति में ऑर्गनाइज़्ड मूविंग और रिलोकेशन सेक्टर को शामिल करने की ज़रूरत पर प्रकाश डाला। इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की यूपी कोऑर्डिनेशन कमिटी के चेयरमैन मुकेश बहादुर ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को ग्लोबल निवेश के मौकों से जोड़ने पर बात की। वहीं, मानसिंह गोयल ग्रुप के चेयरमैन सर्वेश गोयल ने भारतीय इंडस्ट्री की कॉम्पिटिटिवनेस (प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता) बढ़ाने के लिए वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल लॉजिस्टिक्स के महत्व पर ज़ोर दिया। PwC इंडिया के यूपी पार्टनर सौरभ राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक ग्रोथ को तेज़ करने, एक्सपोर्ट बढ़ाने और टिकाऊ रोज़गार के मौके पैदा करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मज़बूत पब्लिक-प्राइवेट सहयोग वाला एक मज़बूत लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम ज़रूरी है। इस मौके पर बोलते हुए पब्लिसिटी मंत्रा के फाउंडर अनूप कुमार मिश्रा ने कहा: भारत का लॉजिस्टिक्स सेक्टर आर्थिक बदलाव के केंद्र में है। 'मूवर्स कनेक्ट' के ज़रिए हमारा मकसद एक ऐसा सहयोगी प्लेटफ़ॉर्म बनाना है जहाँ सरकार, इंडस्ट्री, एकेडेमिया और निवेशक मिलकर ऐसे आइडिया और नीतियाँ बना सकें जो सप्लाई चेन को मज़बूत करें, एक्सपोर्ट बढ़ाएँ और ऑर्गनाइज़्ड मूविंग और रिलोकेशन इंडस्ट्री को भारत की ग्रोथ स्टोरी में एक रणनीतिक योगदानकर्ता के तौर पर स्थापित करें। SESR फ़ाउंडेशन के डायरेक्टर राकेश मिश्रा ने कहा: आर्थिक विकास का भविष्य सरकार, इंडस्ट्री और सिविल सोसाइटी के बीच सार्थक सहयोग पर निर्भर करता है। 'मूवर्स कनेक्ट बिज़नेस समिट' एक ऐसी पहल है जिसका मकसद काम की नीतिगत बातचीत को बढ़ावा देना, इनोवेशन को प्रोत्साहित करना, एंटरप्रेन्योरशिप और स्किल डेवलपमेंट को सपोर्ट करना और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स सिस्टम को मज़बूत करना है, जो उत्तर प्रदेश की लंबी अवधि की आर्थिक ग्रोथ में योगदान दे सकें। इस पहल की अहमियत बताते हुए APML के CEO श्री अजय गोयल ने कहा कि www.moversconnect.org प्लेटफ़ॉर्म इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को जोड़ने वाली एक अहम कड़ी का काम करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि समिट से मिलने वाले सुझाव लॉजिस्टिक्स में सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने और पॉलिसी में नए बदलावों से जुड़ी चल रही चर्चाओं में मदद करेंगे। इससे भारत में उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। प्रतिभागियों ने वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल लॉजिस्टिक्स, ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन, क्वालिटी स्टैंडर्ड्स, एक्सपोर्ट को आसान बनाने, नीतिगत सुधारों और निवेश के मौकों पर भी चर्चा की। समिट का समापन इस मज़बूत सहमति के साथ हुआ कि मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और समावेशी आर्थिक विकास को सपोर्ट करने में सक्षम, ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिटिव लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम बनाने के लिए सरकारी संस्थानों, इंडस्ट्री एसोसिएशन, लॉजिस्टिक्स कंपनियों, स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच बेहतर सहयोग को बढ़ावा दिया जाए
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने शहर के 17 कब्रिस्तानों में किसी भी प्रकार का नया अवैध निर्माण नहीं होने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधित विभागों और वक्फ समितियों को निर्देश दिया है कि सभी पक्ष संयुक्त रूप से इसकी निगरानी और पालन सुनिश्चित करें। न्यायाधीश डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी व न्यायाधीश प्रवीर भटनागर की खंडपीठ मोहिनुद्दीन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। चार सप्ताह बाद होगी सुनवाई याचिका में मारवाड़ वेलफेयर एंड एजुकेशन सोसायटी की ओर से कब्रिस्तान में पार्किंग के लिए 30 मार्च 2024 को जारी निविदा को निरस्त करने, वक्फ संपत्ति में हस्तक्षेप रोकने तथा सोजती गेट स्थित तकिया चांद शाह संपत्ति से किराया वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से 19 नवंबर 2025 के आदेश की पालना के लिए अतिरिक्त समय मांगा। हाईकोर्ट ने आग्रह स्वीकार करते हुए चार सप्ताह का समय दिया। साथ ही अंतरिम आवेदन का निस्तारण करते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक 17 कब्रिस्तानों में किसी भी प्रकार का नया अवैध निर्माण नहीं होना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
जोधपुर में चेन स्नेचिंग की तीन वारदातें हुईं:बाइक सवार बदमाशों ने की वारदात; पुलिस खंगाल रही CCTV
जोधपुर कमिश्नरेट में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पिछले 24 घंटों में महानगर के पूर्व और पश्चिम जिले के थानों में लूटपाट, अवैध कब्जे, धोखाधड़ी, मारपीट और मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामले दर्ज किए गए हैं। बाइक सवारों ने छीनी महिला की चेन जोधपुर में महिलाओं के साथ चेन स्नेचिंग के मामले सामने आए। उदयमंदिर थाना क्षेत्र में अभय कमांड कंट्रोल रूम के पास 19 जुलाई की शाम दो बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने राह चलती महिला के गले से सोने की चेन पर झपट्टा मारा और फरार हो गए। महिला के पुत्र राहुल सोनी की ओर से इसको लेकर मामला दर्ज करवाया गया है। टैक्सी सवार महिला से कंठी लूटी महामंदिर क्षेत्र के सनसिटी अस्पताल के पास टैक्सी सवार महिला की मौसी के साथ कंठी लूट की वारदात सामने आई है। महिला ने इसे लेकर थाने में रिपोर्ट दी है। बाइक पर सवार आरोपियों ने लूटी चैन महामंदिर थाना क्षेत्र के चन्द्रमंगल हॉस्पिटल के पास बाइक पर सवार होकर आए आरोपियों ने महिला के गले में पहनी सोने की चेन लूट ली। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी हुई है। महिला रश्मि दाधीच (48) बेंगलुरु से जोधपुर में अपने पीहर भाई के घर आई हुई थी।
कोटा में पुलिस ने अपराध नियंत्रण, साइबर अपराधों पर कार्रवाई और आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर एक साथ कई अहम कदम उठाए। उद्योग नगर थाना क्षेत्र में चलाए गए ‘एरिया डोमिनेशन’ अभियान के तहत पुलिस ने छह स्थायी वारंटियों समेत कुल 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, साइबर थाना पुलिस ने BGMI गेमिंग आईडी सस्ते दामों में उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। उद्योग नगर क्षेत्र में एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा के निर्देशन में नौ पुलिस टीमों का गठन किया गया। इनमें उद्योग नगर, गुमानपुरा, रेलवे कॉलोनी, महावीर नगर, विज्ञान नगर, जवाहर नगर, अनंतपुरा, कोतवाली, आरके पुरम और रानपुर थाना पुलिस शामिल रही। ड्रोन टीम और घुड़सवार पुलिस की निगरानी में मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया और विभिन्न संदिग्ध स्थानों पर सघन दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान छह स्थायी वारंटियों सहित कुल 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई। वहीं, साइबर थाना कोटा शहर ने सवाई माधोपुर निवासी 28 वर्षीय नासिर खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फेसबुक के जरिए पुणे निवासी युवक को BGMI गेमिंग आईडी सस्ते में दिलाने का झांसा दिया और कोटा निवासी इरफान के बैंक खाते का क्यूआर कोड हासिल कर 68 हजार रुपए की ठगी की रकम उसमें जमा करवाई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 11 हजार रुपए नकद, एक मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। मोबाइल की जांच में अन्य लोगों से साइबर ठगी के साक्ष्य भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। इधर, आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कोटा रेंज आईजी और एसपी तेजस्विनी गौतम ने थाना कुन्हाड़ी में जनसुनवाई आयोजित की। यह जनसुनवाई विशेष रूप से कुन्हाड़ी, नांता और नयापुरा क्षेत्र के परिवादियों की सुविधा के लिए आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही राजकॉप सिटीजन ऐप, महिला हेल्पलाइन “नीड हेल्प”, साइबर हेल्पलाइन और पुलिस विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा सीएलजी बैठक आयोजित कर सदस्यों की समस्याओं पर चर्चा की गई। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन गरुड़व्यूह-2” के तहत किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना कोटा शहर पुलिस के व्हाट्सएप नंबर 9530443141 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
मंदसौर जिले में 12 दिन के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को मानसून ने वापसी की। जिला मुख्यालय सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई। हालांकि, यह बारिश ज्यादा देर तक नहीं चली, लेकिन इससे उमस और गर्मी से आंशिक राहत मिली। जिले में आखिरी अच्छी बारिश 8 जुलाई को हुई थी। 9 जुलाई की रात को जिला मुख्यालय और कुछ अन्य क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई थी, जिसके बाद से बारिश लगभग थम गई थी। इस लंबे सूखे दौर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। सोमवार सुबह तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे। दोपहर में हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन जल्द ही धूप फिर निकल आई। शाम को बादल छाए और लगभग 15 से 20 मिनट तक तेज बारिश हुई। इसके बाद बारिश रुक गई। देर रात तक जिला मुख्यालय में हल्की बूंदाबांदी जारी रही। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त पिपलिया मंडी, नारायणगढ़, सोनगरी, मल्हारगढ़, सुठोद, बरखेड़ा शाहिद और आसपास के क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। हालांकि, जिले के अधिकांश हिस्से अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। खेतों की नमी कम हो चुकीलगातार शुष्क मौसम के कारण खेतों की नमी कम हो गई है। इससे सोयाबीन और मक्का सहित खरीफ फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। जिले में अब तक औसतन 10.10 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 12.69 इंच से लगभग ढाई इंच कम है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में बारिश का लंबा अंतराल किसानों के लिए चिंता का मुख्य कारण बना हुआ है। कम बारिश के कारण शहर के प्रमुख जल स्रोतों का जलस्तर घटने लगा है। इसे देखते हुए नगर पालिका के जल कार्य विभाग ने पेयजल वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है। अब शहर के अधिकांश क्षेत्रों में एक दिन छोड़कर होने वाली जलापूर्ति के स्थान पर दो दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाएगी। दो दिन छोड़कर होगी पानी की सप्लाईविभाग के निर्णय के अनुसार, 19 जुलाई को जिन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई हुई थी, वहां अगली सप्लाई 22 जुलाई को होगी। इसी प्रकार 20 जुलाई को जिन क्षेत्रों में पानी दिया जाएगा, वहां अगली सप्लाई 23 जुलाई को की जाएगी। हालांकि खानपुरा क्षेत्र और पुराने शहरी किला जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में पहले की व्यवस्था जारी रहेगी। यहां एक दिन छोड़कर 40 मिनट तक पानी की सप्लाई होती रहेगी। नगर पालिका ने नागरिकों से पानी का अनावश्यक उपयोग नहीं करने, जल की बर्बादी रोकने तथा जल वितरण के दौरान विद्युत मोटर का उपयोग नहीं करने की अपील की है, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से पानी पहुंच सके। अगले तीन दिन बारिश के आसारमौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश, 22 जुलाई को गरज-चमक के साथ बारिश तथा 23 जुलाई को जिले के कई क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो किसानों की फसलों के साथ-साथ शहर के जल स्रोतों को भी बड़ी राहत मिलेगी। 23 को इन्द्रदेव प्रार्थना-कीर्तन यात्रा इधर, जिले में अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए सर्व समाज ने 23 जुलाई (गुरुवार) को सुबह 9 बजे तलाई वाले बालाजी मंदिर (बालागंज) से भगवान इन्द्रदेव प्रार्थना-कीर्तन यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। यात्रा पशुपतिनाथ मंदिर तक पहुंचेगी। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यदि 23 जुलाई को बारिश होती है, तब भी यात्रा पूर्व निर्धारित समय पर ही निकाली जाएगी। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इसे जनकल्याण, सर्वधर्म सौहार्द और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बताते हुए नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
ललितपुर जिला बार एसोसिएशन वर्ष 2026 के चुनाव के परिणाम सोमवार रात घोषित कर दिए गए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रात करीब 8:30 बजे मतगणना पूरी हुई। अध्यक्ष पद पर राजेश देवलिया, महामंत्री पद पर लखन यादव और कोषाध्यक्ष पद पर अर्चना परमार निर्वाचित हुईं। अध्यक्ष पद पर 90 वोटों से जीते राजेश देवलिया अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में राजेश देवलिया ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी हेमंत चौधरी को 90 मतों से हराया। राजेश देवलिया को 236, हेमंत चौधरी को 146, कृष्ण कुमार बंसल को 98 और राजेंद्र कुमार रजक को 61 मत मिले। वहीं महामंत्री पद पर लखन यादव ने महेंद्र कुमार जैन 'झब्बू' को 26 मतों से पराजित किया। लखन यादव को 167, महेंद्र जैन को 141, हरीश कुमार अग्रवाल को 122 और शंभू दयाल शर्मा को 112 मत मिले। कोषाध्यक्ष पद पर अर्चना परमार की सबसे बड़ी जीत महिला आरक्षित कोषाध्यक्ष पद पर अर्चना परमार ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की। उन्हें 416 मत मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी भारती वर्मा को 92 वोट प्राप्त हुए। इस पद पर 39 मत अवैध घोषित किए गए। अर्चना ने 324 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। 592 में से 549 अधिवक्ताओं ने किया मतदान जिला बार एसोसिएशन चुनाव के लिए सोमवार सुबह 8:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान हुआ। कुल 592 मतदाताओं में से 549 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद शाम 4 बजे से मतगणना शुरू हुई, जो रात 8:30 बजे तक चली। अन्य पदों पर भी घोषित हुए विजेता वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कैलाश बाबू समैया ने 299 मत हासिल कर भगवत पाठक (245 मत) को पराजित किया। कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर अजय कुमार कुशवाहा 129 मत पाकर विजयी रहे। कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य पद पर अर्जुन कुशवाहा (393), गंधर्व सिंह यादव (296), राहुल शुक्ला (288), रमाकांत गोस्वामी (270), प्रवेश कुमार शर्मा (264) और पुष्पलता प्रजापति निर्वाचित हुए। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ चुनाव चुनाव प्रक्रिया एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह तथा सदस्य कुशल चंद्र जैन, सुरेंद्र कुमार खैरा, विजय कुमार सक्सेना और अनिल कुमार अलया की देखरेख में संपन्न हुई। मुख्य चुनाव अधिकारी विपिन कुमार सक्सेना ने बताया कि मतदान और मतगणना पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीओ सिटी अजय कुमार और शहर कोतवाल अनुराग अवस्थी पुलिस बल के साथ पूरे समय मौके पर मौजूद रहे।
सुलभ इंटरनेशनल की ओर से टोंक में 'नई दिशा' मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुलभ इंटरनेशनल की कार्यकारी संयोजक नित्या पाठक ने कहा कि 'नई दिशा' केवल एक मेला नहीं, बल्कि देश की महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण का एक राष्ट्रीय अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। नित्या पाठक ने कहा कि सुलभ इंटरनेशनल इस अभियान को देश के प्रत्येक जिले और गांव तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में अलवर में आयोजित पहले 'नई दिशा' मेले की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सही अवसर और प्रशिक्षण मिलने पर महिलाएं समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। डॉ. विंदेश्वर पाठक को दी श्रद्धांजलिसंस्थापक स्वर्गीय डॉ. विंदेश्वर पाठक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में शुरू की गई इस पहल ने मैला ढोने की अमानवीय प्रथा से मुक्त कराकर महिलाओं को सम्मानजनक जीवन दिया है। आज कई महिलाएं सफल उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने पद्मश्री उषा चोमर का उदाहरण देते हुए कहा कि सही सहयोग से महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू सकती हैं। स्टॉल लगाकर प्रदर्शित किए उत्पादकार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न खाद्य पदार्थों और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों की आकर्षक स्टॉलें भी लगाई गईं। नित्या पाठक ने बताया कि संस्था देशभर में 'नई दिशा' केंद्रों का विस्तार जारी रखेगी।
मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा जैसे मामलों का निराकरण तय समय-सीमा के भीतर पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन से जुड़े राजस्व कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-सीमा से बाहर के मामलों के लिए चलेगा विशेष अभियान कलेक्टर ने 0 से 3 माह, 3 से 6 माह, 6 माह से एक वर्ष और उससे अधिक समय से लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने समय-सीमा पार कर चुके मामलों के तेजी से निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि बिना वाजिब कारण के फाइलें रोकने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। राजस्व वसूली और योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश समीक्षा के दौरान राजस्व वसूली की सुस्त प्रगति पर असंतोष जताते हुए कलेक्टर ने लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। इसके अलावा फार्मर रजिस्ट्री, ई-केवाईसी, समग्र आईडी और खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करने को कहा ताकि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। जर्जर भवनों का सर्वे और रास्ते के विवाद सुलझाने के आदेश बैठक में प्रधानमंत्री राहत योजना के मामलों को जल्द स्वीकृत करने, ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने और रास्ते से जुड़े विवादों को निष्पक्षता से सुलझाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिले के जर्जर भवनों का सर्वे कर सुरक्षा उपाय करने के भी निर्देश जारी किए। बैठक में एडीएम, एसडीएम और सभी तहसीलदार उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस को कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर अधिक प्रभावी ढंग से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाने के लिए प्रयासों में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस के विभिन्न स्तरों पर करीब 25 हजार पदोन्नतियां होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को बधाई दी। साथ ही एक साल पहले पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की घोषणा के बावजूद अब तक इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर अधिकारियों से जानकारी ली। पुलिस मुख्यालय में अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के नए कानूनों का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। राजधानी से लेकर जिलों तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिस बल आगामी त्योहारों तथा स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों की तैयारियां समय रहते पूरी करें, ताकि नागरिकों को बेहतर कानून-व्यवस्था का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान पुलिस अमला पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभाए। नक्सलमुक्त क्षेत्रों के विकास में पुलिस निभाए भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब इन क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ानी है। ऐसे इलाकों में पुलिस भी सकारात्मक गतिविधियों से जुड़कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशामुक्ति अभियान लगातार जारी रहना चाहिए। जिस तरह मध्यप्रदेश नक्सलवाद से मुक्त हुआ है, उसी तरह नशामुक्ति के लक्ष्य को भी तय समय-सीमा से पहले हासिल करने का प्रयास किया जाए। पुलिस विभाग, उच्च शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर शिक्षण संस्थानों में जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करे। अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को पुरस्कृत भी किया जाए। साथ ही अन्य राज्यों से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उद्योगों और संस्थानों को उपलब्ध कराया जाए सुरक्षा स्टाफ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। विभिन्न संस्थानों और उद्योगों के लिए एसआईएसएफ के माध्यम से लाइसेंसधारी सुरक्षा स्टाफ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विकास क्षेत्रों और सामाजिक स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयारी रखी जाए। वरिष्ठ अधिकारी हर समस्या के समाधान के लिए सक्रियता से काम करें। प्रमोशन और भर्ती की प्रक्रिया नियमित चले मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग के आवश्यक पदों को स्वीकृति दी जा चुकी है। हाल ही में विशेष अभियान के तहत विभिन्न स्तरों पर करीब 25 हजार पदोन्नतियां की गई हैं। आरक्षक से लेकर उपनिरीक्षक और निरीक्षक तक के पदों पर वर्षों से पदोन्नतियां नहीं हुई थीं। आगे भी पद रिक्त होने पर डीपीसी के माध्यम से समय पर प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके लिए वार्षिक कैलेंडर बनाया जाए। पदों की पूर्ति के लिए बैकलॉग समाप्त किया जाए और स्वीकृत पदों को भरने में देरी न हो। उन्होंने कहा कि पुलिस के सभी स्तरों पर रिक्त पदों की भर्ती भी बिना विलंब पूरी की जाए। प्रदेश की तीन विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, सहरिया और भारिया—की नियुक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इन जनजातियों के निवास वाले छह जिलों में योग्य युवाओं को पुलिस सहित विभिन्न सेवाओं में उनकी रुचि के अनुरूप भर्ती देने पर भी विचार किया जाए। हर जिले में होगा अपना पुलिस बैंड मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी गणतंत्र दिवस तक प्रत्येक जिले का अपना पुलिस बैंड तैयार हो जाना चाहिए। अधिकांश जिलों में पदों की पूर्ति की जा चुकी है। शेष जिलों में भी यह कार्य जल्द पूरा किया जाए। बैठक में पुलिस हाउसिंग बोर्ड के कार्यों, वाहनों की आवश्यकता, पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड के गठन तथा घटनास्थल (सीन ऑफ क्राइम) पर एफएसएल की तर्ज पर त्वरित जांच व्यवस्था विकसित करने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। यूसीसी, कॉकरोच जनता पार्टी और ओबीसी महासभा को लेकर अलर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों से कहा है कि दिल्ली में जंतर मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के साथ चल रहे आंदोलन के मद्देनजर मध्य प्रदेश में भी पुलिस सतर्क रहे और हर तरह की गतिविधियों की निगरानी कर मुस्तैदी से काम करें। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि प्रदेश में यूसीसी कानून जल्दी ही लागू होने वाला है, इसलिए प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी पुलिस अधिकारी अलर्ट मोड में रहें। बैठक में इसके साथ ही ओबीसी महासभा द्वारा किए गए भोपाल के प्रदर्शन पर भी नजर रखने और सरकार के सूचना तंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए निर्देश दिए गए।
खंडवा में लंबी खेंच के बाद सोमवार रात को बारिश हुई। सवा 8 बजे से तकरीबन एक घंटे तक पानी गिरा। पहले रिमझिम और आखिरी में तेज बरसकर शांत हो गया। 12 दिन से बारिश के बिना उमस और गर्मी का मौसम था। दिन में धूप और सुबह-शाम ठंडक के चलते बादल कमजोर पड़ गए थे। इधर, एक घंटे की बारिश ने गर्मी और उमस से राहत दिलाई तो वहीं फसलों को बूस्टर डोज दे गया। हालांकि कुछ देर की बारिश सिर्फ फसल के पत्तों को छू सकी हैं। उनकी जड़ों तक पानी नहीं पहुंच पाया। खेत की मिट्टी भी नहीं भीग पाई। यह जरूर है कि आसमानी पानी लगने से फसलों को जीवनदान मिला है। मुरझाने जैसे संकट को टाल दिया है। मौसम पूर्वानुमान की बात की जाए तो मंगलवार से बारिश के और मजबूत होने के आसार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कल से अच्छी बारिश के आसार बन रहे है।
नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) ने भोपाल के शाहपुरा तालाब के 50 मीटर बफर जोन में अवैध निर्माण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी ने अवैध निर्माण पर तुरंत रोक के आदेश दिए हैं। साथ ही सात दिन के अंदर गाद हटाने को कहा है। कलेक्टर, निगम कमिश्नर को रिपोर्ट पेश करने के आदेश भी दिए गए। शाहपुरा तालाब के संरक्षण, अतिक्रमण और जल प्रदूषण से जुड़े मामले नितिन सक्सेना विरुद्ध एमपी स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए। न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह एवं विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने निर्देश दिया है कि शाहपुरा तालाब और उसके बफर जोन में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। NGT के यह आदेशएनजीटी ने सख्त हिदायत दी है कि तालाब की सफाई के दौरान बाहर निकाली गई गाद, जो तटबंधों पर जमा है, उसे एक सप्ताह के भीतर तुरंत हटाया जाए। ताकि, बारिश के मौसम में यह मिट्टी/गाद दोबारा बहकर तालाब के पानी को दूषित न करें। यह काम सात दिन में करें। अतिक्रमण पर पूर्ण रोक और सटीक सीमांकननगर निगम, कलेक्टर और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया गया है कि वे उपलब्ध राजस्व और उपग्रह अभिलेखों के आधार पर तालाब की वास्तविक सीमा और इसके 50 मीटर बफर जोन का सटीक सीमांकन एवं पहचान करें। इस संबंध में उल्लंघन की विस्तृत रिपोर्ट 3 सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। अशोधित जल के प्रवेश पर रोकअधिकरण ने स्पष्ट किया है कि शाहपुरा तालाब की पारिस्थितिकी और जल संचयन क्षमता को सुधारने के लिए तालाब में बिना उपचार किए गंदे पानी के डिस्चार्ज को पूरी तरह रोका जाए और नियमित रूप से गाद निकालने की प्रक्रिया चलाई जाए। अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी। कलियासोत डैम किनारे शनिवार-रविवार को होती है रैलीइधर, पर्यावरणविद् राशिद नूर ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। इसमें एनजीटी के आदेश और संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट भी दी। कहा कि अवहेलना करते हुए कलियासोत डैम और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को अवैध कार रैली, ऑफ रोड ड्राइविंग, खतरनाक वाहन संचालन किया जा रहा है। नूर ने बताया कि पूर्व में भी ऐसे आयोजन कलियासोत जलाशय, बांध एवं आसपास के जंगल क्षेत्रों, भोपाल के कोहेफिजा मैदान सहित अन्य स्थानों पर किए जाते रहे हैं। इन गतिविधियों के कारण कानून-व्यवस्था, यातायात एवं जनसुरक्षा प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसी प्रकार पूर्व में वीआईपी रोड पर कुछ बाइकर्स द्वारा खतरनाक स्टंट एवं रेसिंग की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। जिन पर भोपाल पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई कर रोक लगाई गई थी। इससे स्पष्ट है कि इस प्रकार की गतिविधियां सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं। वर्तमान में कलियासोत जलाशय एवं उससे जुड़े वेटलैंड, कैचमेंट और एफटीएल क्षेत्र में पुन: कुछ लोग व ग्रुप ने बिना अनुमति के रैली का आयोजन शुरू किया है।
उज्जैन में भगवान श्री महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ 2026 की सवारियां इस बार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहेंगी। ये सवारियां संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता का भी संदेश देंगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने सभी सवारियों के लिए अलग-अलग थीम तय की हैं। मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने बताया कि प्रत्येक सवारी को एक विशेष स्वरूप दिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को हर सोमवार एक नया अनुभव मिल सके। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले जनजातीय नृत्य दल सभी सवारियों में अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे। मंदिर समिति के अनुसार, इस बार सवारियों को अधिक भव्य, आकर्षक और जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी की गई है। अंतिम राजसी सवारी में सिंहस्थ-2028 की झलक और ड्रोन से होने वाली पुष्पवर्षा श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र होगी।
इंदौर में नौकरी दिलाने के नाम पर स्टूडेंट्स की ओरिजनल मार्कशीट रखने और वापस करने के एवज में 5 हजार रुपए की डिमांड करने वाले एक कंसलटेंसी के मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसके पास से 313 स्टूडेंट्स की 10वीं-12वीं की मार्कशीट मिली। कई स्टूडेंट्स ने पुलिस को इस बात की शिकायत की थी, जिसके बाद विजय नगर पुलिस हरकत में आई और मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि ऑर्बिट मॉल में मयंक सर्राफ का कंसलटेंस ऑफिस है। वह AZFA इंटरप्राइजेज नाम फर्म के माध्यम से इंदौर में पढ़ने आए स्टूडेंट्स को पार्ट टाइम, फूल टाइम नौकरी दिलाने का काम करता है, नौकरी पाने की इच्छुक स्टूडेंट्स द्वारा संपर्क करने पर उनकी ओरिजनल मार्कशीट अपने पास रख लेता और उन्हें टास्कअप, टेलीपरफॉर्मेंस, प्राइवेट बैंक आदि जगह पर नौकरी दिलाता और बदले में 5 हजार रुपए प्रतिव्यक्ति से लेता, जब तक वे 5 हजार रुपए जमा नहीं करते। तब तक उनकी मार्कशीट वापस नहीं करता। आरोपी मंयक स्टूडेंट्स पर लगातार 5 हजार रुपए देने का दबाव बनाने और प्रताड़ित करने लगा। 313 स्टूडेंट्स की 313 ओरिजनल मार्कशीट आरोपी ने अपने कब्जे में रखी थी। इधर, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर और भी जानकारी निकाल रही है।
मेरठ के कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने सम्बोधन में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का विराट व्यक्तित्व हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ निश्चय और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की भावना से विभिन्न रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया। यदि सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण नहीं किया होता तो आज भारत अखंड नहीं होता। राज्यपाल ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और योगदान पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। सभी विश्वविद्यालय इस विषय पर प्रस्तुति तैयार करें और सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति को राजभवन में प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों को महान व्यक्तित्वों के बारे में पढ़ना और जानना चाहिए। 450 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, छात्राओं की बढ़ती भागीदारी पर खुशी राज्यपाल ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि इस दीक्षांत समारोह में 450 विद्यार्थियों को उपाधि मिली, जिनमें 329 छात्र और 120 छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने याद किया कि कुछ वर्ष पहले छात्राओं की संख्या बहुत कम थी, लेकिन अब लगातार उनकी भागीदारी बढ़ रही है, जो महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण है। राज्यपाल ने बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में 22 पदक प्रदान किए गए। इनमें 12 पदक छात्राओं और 10 पदक छात्रों को मिले। वहीं चार प्रायोजित स्वर्ण पदकों में तीन छात्राओं और एक छात्र को सम्मानित किया गया। उन्होंने सभी पदक विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि इस दीक्षांत समारोह में 450 विद्यार्थियों को उपाधि मिली, जिनमें 329 छात्र और 120 छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी का उल्लेख करते हुए कहा कि नेतृत्व का मूल्य पद से नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, परिश्रम और जनहित के कार्यों से तय होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और संगठन दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राज्यपाल ने कहा कि केवल भाषण देने से बदलाव नहीं आएगा। विश्वविद्यालयों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर शिक्षा, शोध और नवाचार में सुधार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर की अच्छी व्यवस्थाओं से सीख लेकर उन्हें अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को इसरो जैसे संस्थानों का कार्य समझना चाहिए। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की रक्षा और वैज्ञानिक उपलब्धियों में विश्वविद्यालयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विद्यार्थियों को ऐसे कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। महिला सुरक्षा और छात्राओं के लिए विशेष योजनाएं राज्यपाल ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की प्राथमिकता है। कॉलेज जाने वाली बेटियों के लिए परिवहन और अन्य सुविधाओं पर लगातार कार्य किया जा रहा है ताकि उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सरकार ने छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की थी। शुरुआत में इसमें 90-95 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्राओं को ही स्कूटी देने का प्रावधान था। उन्होंने कहा कि इससे गांवों और संसाधनों की कमी वाले परिवारों के बच्चों को नुकसान होता, क्योंकि उनके पास उतनी सुविधाएं नहीं होतीं, जबकि इसका लाभ अधिकतर संपन्न और अधिकारियों के बच्चों तक पहुंच जाता। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री से योजना में सुधार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके लिए बजट भी दिया है, इसलिए इसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचना चाहिए। शोध का लाभ किसानों तक पहुंचे उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रहे शोध कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में विभिन्न शोध परियोजनाओं को करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता मिली है। उन्होंने अधिकारियों से इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और उनका लाभ किसानों तक पहुंचाने को कहा। राज्यपाल ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्रों ने वर्ष 2025-26 में 1,800 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे हजारों किसान लाभान्वित हुए। उन्होंने बायोगैस संयंत्र, डेयरी फार्मिंग, मशरूम उत्पादन, प्राकृतिक खेती और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक किसान को समय पर मृदा परीक्षण की सुविधा मिलनी चाहिए। यदि स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ को इसकी अनुमति मिले तो कम लागत में अधिक किसानों तक यह सुविधा पहुंचाई जा सकती है।। शोध केवल फाइलों तक सीमित न रहे उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने शोध, पेटेंट और नवाचार का वास्तविक प्रभाव दिखाना चाहिए। यदि कोई विषय नहीं मिलता तो गांवों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और किसानों पर भी शोध किया जाए ताकि समाज को उनसे प्रेरणा मिले। राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक किसान को समय पर मृदा परीक्षण की सुविधा मिलनी चाहिए। यदि स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ को इसकी अनुमति मिले तो कम लागत में अधिक किसानों तक यह सुविधा पहुंचाई जा सकती है। राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन का बड़ा केंद्र है। विश्वविद्यालयों को गन्ने की नई किस्मों, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए शोध करना चाहिए। उन्होंने पुरस्कार पाने वाले वैज्ञानिकों से इस दिशा में संकल्प लेने का आह्वान किया। आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य अभियानों की जानकारी उन्होंने बताया कि प्रदेश में हजारों आंगनबाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही एचपीवी वैक्सीन अभियान चलाकर किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। दीक्षांत समारोह के दौरान भी छात्राओं और महिलाओं के लिए टीकाकरण एवं स्वास्थ्य किट वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी डिग्री और अंकपत्र डिजिलॉकर में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रमाणपत्र सुरक्षित रहेंगे और उन्हें बार-बार दस्तावेज लेकर नहीं जाना पड़ेगा। छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था टेंडर व्यवस्था पर उठाए सवाल राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में पानी की टंकियां तो बनाई गई हैं, लेकिन उनकी स्थिति जर्जर है और उनका सही उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएं। राज्यपाल ने कहा कि कई छात्रावासों में भोजन व्यवस्था ठेकेदारों के माध्यम से संचालित होती है। उन्होंने चिंता जताई कि कई बार टेंडर व्यवस्था में एक्सपायरी मसालों और अन्य खाद्य सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता और भोजन की गुणवत्ता व खाद्य सामग्री की नियमित जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी छात्रावासों का नियमित निरीक्षण होना चाहिए। भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, वाशिंग मशीन जैसी सुविधाएं और ठेकेदार व्यवस्था की समीक्षा कर छात्र समितियों को अधिक जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि बॉयज हॉस्टल में वाशिंग मशीन की व्यवस्था भी होनी चाहिए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि उनका एक ही मंत्र होना चाहिए— 'देश प्रथम'। उन्होंने कहा कि माता-पिता के संघर्ष को कभी न भूलें और अपने ज्ञान व परिश्रम का उपयोग देश और समाज के विकास के लिए करें। अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री बांटने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि 'दीक्षा उत्सव' होना चाहिए। इसमें गांव, किसान, महिलाएं, छात्र, शोधकर्ता और समाज सभी की भागीदारी होनी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय समाज के विकास का केंद्र बन सके।
उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के अहिरन पुरवा गांव में सोमवार शाम तेज बारिश के कारण एक कच्चा छप्पर ढह गया। इस हादसे में छप्पर के नीचे बैठे 54 वर्षीय रामप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। रामप्रकाश सोमवार शाम करीब पांच बजे अपने घर के बाहर बने छप्पर के नीचे आराम कर रहे थे। इसी दौरान लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जर्जर छप्पर अचानक भरभराकर गिर पड़ा। मलबे में दबने से रामप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों और परिजनों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने घायल का उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मृतक रामप्रकाश अपनी बेटी और दामाद के साथ रहते थे। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण कई कच्चे मकान और छप्पर कमजोर हो गए हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन से जर्जर कच्चे आवासों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
ब्लीडिंग होने पर परिजन प्रसूता को सीकर के नीमकाथाना के मातृ एवं शिशु अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां से डॉक्टर ने प्रसूता को जयपुर रेफर कर दिया। लेकिन, यहां डॉक्टर ने कहा कि प्रसूता के गर्भ में बच्चा नहीं है। प्रसूता की डिलीवरी या गर्भपात हो चुका है। घटना के बाद गुस्साएं परिजन वापस नीमकाथाना पहुंचे और अस्पताल में हंगामा कर दिया। परिजनों ने बच्चे को बरामद करने, मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ब्लड नहीं रुकने पर किया था रेफर कोटा निवासी महिला के पति दलीप वर्मा ने बताया- 19 जुलाई की सुबह मेरी पत्नी किरण (30) के तेज दर्द उठा। सुबह करीब 5 बजे मैं उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंच गया। यहां एक नर्स उसे अंदर ले गई, करीब 10-15 मिनट उसे अंदर रखा। इसके बाद उन्होंने कहा इसकी हालत ज्यादा खराब है, ब्लड नहीं रुक रहा है, इसे जयपुर ले जाओ। वहां डॉक्टर ने हमें बताया कि पेट में बच्चा है ही नहीं। पति ने कहा- मैं जब उसे घर से लेकर आया था, वह बिल्कुल नॉर्मल थी। ब्लड यहीं चालू हुआ था। पेट में केवल बच्चे की नाल थी। बच्चा यहीं निकल गया था। अभी वह जयपुर के जनाना अस्पताल में भर्ती है। हमें हमारा बच्चा चाहिए, जिंदा हो या मर गया हो। जांच के लिए 4 सदस्यों की समिति गठित जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. कमल सिंह शेखावत ने बताया- दलीप कुमार की लिखित शिकायत मिली है। जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह जांच का विषय है कि गर्भपात अस्पताल में हुआ,घर पर हुआ, रास्ते में हुआ या जयपुर में। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज देखने से पता चलता है कि पूरे समय महिला के साथ परिजन मौजूद थे। नीमकाथाना कोतवाली पुलिस को भी सूचना दी गई है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। महिला की डिलवरी डेट 20 अक्टूबर 2026 थी। अब परिजनों ने यहां आकर विरोध जताया है। डॉ. जी.एस. छापोला ने उनसे समझाइश की है कि यहां गर्भपात नहीं हुआ है। महिला के आने के आधे घंटे बाद रेफर कर दिया था महिला को अटेंड करने वाले डॉ. खटाना ने कहा-नर्स ने मुझे सुबह करीब 5:30 बजे कॉल किया था। ब्लीडिंग होने पर जो प्राथमिक उपचार होता है वो किया गया। 6 बजे के आसपास उसको रेफर किया था। जयपुर करीब 8:30 बजे पहुंची थी। परिजन यहां कह रहे है कि जयपुर में डॉक्टर ने कहा है कि महिला के पेट में बच्चा नहीं है। मातृ एवं शिशु अस्पताल के प्रभारी डॉ. जी.एस. छापोला ने कहा- परिजनों में गर्भपात को लेकर भ्रम की स्थिति है। महिला को उपलब्ध सोनोग्राफी रिपोर्ट और मेडिकल स्थिति के आधार पर अधिक ब्लीडिंग होने पर तत्काल जयपुर रेफर किया गया था। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
भोपाल के कोहेफिजा स्थित ओल्ड सेक्रेटिएट में नया प्रशासनिक कॉरिडोर बनेगा। जिसमें कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय होंगे। इसमें कई विभाग है। जिसकी शिफ्टिंग शुरू हो गई है। सोमवार को कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने बैठक लेकर 10 अगस्त तक सभी दफ्तरों को शिफ्ट करने के निर्देश दिए। बता दें कि हाउसिंग बोर्ड ने मौजूदा कलेक्टोरेट परिसर में ही नए कंपोजिट एडमिनिस्ट्रेटिव हब के निर्माण का आधिकारिक टेंडर जारी किया है। इसके साथ ही पर्यावरणीय अड़चनों में फंसा प्रोफेसर कॉलोनी वाला पुराना प्रस्ताव भी समाप्त हो गया। अब ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर ही भोपाल का नया प्रशासनिक कॉरिडोर बनेगा, जहां कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय एक ही परिसर में संचालित होंगे। इस निर्माण के बदले चयनित डेवलपर को पुराने सचिवालय परिसर में 3.36 हेक्टेयर जमीन कंपंसेटरी लैंड पार्सल (सीएलपी) के रूप में मालिकाना हक के साथ दी जाएगी। इस जमीन का मिक्स लैंड यूज रखा गया है, यानी यहां रेसीडेंशियल और कमर्शियल हाईराइज प्रोजेक्ट विकसित किए जा सकेंगे। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 217.96 करोड़ रुपए है, जबकि बदले में दी जाने वाली जमीन की कीमत 256.92 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह पूरा मॉडल राज्य सरकार की री-डेंसिफिकेशन नीति के तहत लागू किया जा रहा है, ताकि सरकारी खजाने पर सीधा वित्तीय बोझ न पड़े। एक परिसर में होंगे तीन बड़े दफ्तरप्रोजेक्ट के तहत जी+7 कंपोजिट ऑफिस बिल्डिंग बनाई जाएगी, जिसमें कलेक्टर कार्यालय, संभागायुक्त कार्यालय और आईजी कार्यालय संचालित होंगे। इसके अलावा जी+2 मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें 80 ईसीएस क्षमता रहेगी। परिसर में संप वेल, बिजली सब-स्टेशन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। 3 हिस्सों में बांटी गई डेवलपमेंट लैंडडेवलपर को दी जाने वाली जमीन तीन हिस्सों में बांटी है। सीएलपी-1 सबसे बड़ा 2.15 हेक्टेयर का ब्लॉक होगा। 0.63 हेक्टेयर और 0.58 हेक्टेयर के दो अन्य पार्सल भी शामिल किए गए हैं। ये ऑफिस शिफ्ट होंगेबैठक में कमिश्नर शर्मा ने ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर के अंतर्गत सभी शासकीय कार्यालय की शिफ्टिंग के संबंध में चर्चा की। कलेक्ट्रेट कार्यालय का अभिलेखागार, परिसर का अधिवक्ता हॉल, न्यायालय, पुलिस महानिरीक्षक, सायबर सेल सहित अन्य कार्यालयों को 10 अगस्त तक शिफ्टिंग करने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास, कृषि, श्रम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कार्यालय शिफ्ट किए जा चुके हैं। तहसील हुजूर, तहसील बैरागढ़ शहर को नए भवन में शीघ्र अति शीघ्र शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए गए। भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को आर्थिक विकास का मॉडल बनाएंसोमवार को ही कमिश्नर शर्मा ने भोपाल विकास प्राधिकरण की बैठक भी की। उन्होंने कहा कि भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को आर्थिक विकास का मॉडल बनाएं। इसके लिए सभी संबंधित विभाग पूरे समन्वय से कार्य करें। बैठक में बीडीए की अलग-अलग संचालित एवं निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में एकाई सिटी, भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR), नवीन प्रोजेक्ट के टेंडर प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई। शर्मा ने भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) प्लान से जुड़े काम की प्रगति बैठक में BMR के ओवरव्यू, प्रोजेक्ट की प्रस्तावित समय-सीमा और इसमें शामिल काम के अलग-अलग चरणों की जानकारी को प्रजेंटेंशन के माध्यम से समय-सीमा तैयार करने की प्रक्रिया और मौजूदा स्थिति के विश्लेषण पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें डेमोग्राफी, मोबिलिटी और ट्रांसपोर्टेशन, इकॉनमी, इकोलॉजी और प्राकृतिक संसाधन, फिजिकल और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान दिया गया है। बीएमआर का आर्थिक मॉडल जिसमें नाॅलेज एवं एआई सिटी के साथ क्षेत्रवार एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर लॉजिस्टिक एवं सेटेलाइट टाउन, पर्यटन एवं कृषि आधारित उद्योगों का क्षेत्रवार विकास शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि, औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा और पर्यटन जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए मुख्य संभावित इलाकों की पहचान की गई है। सभी संबंधित क्षेत्रों के स्टेकहोल्डर के साथ बैठकें करने, सुझाव आमंत्रित करने और जी -20 सम्मेलन आयोजित करने का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। इससे प्रोजेक्ट की समग्र कार्यप्रणाली और आउटपुट को मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के साथ व्यापक स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन करने का भी निर्देश दिया। ताकि, उन्हें योजना बनाने की प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। इससे क्षेत्र के समग्र विजन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कमिश्नर ने बैठक में अलग - अलग स्तर पर लंबित प्रोजेक्टस की समीक्षा के दौरान मिसरोद फेस-1, आईएसवीटी, विवेकानंद के साथ - साथ रिडवलपमेंट कार्यों में गति लाने के लिए सभी संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय करने के निर्देश दिए।
रीवा के गांधी मेमोरियल एवं संजय गांधी अस्पताल के पीडियाट्रिक्स (बाल रोग) विभाग में सोमवार शाम को उस समय हड़कंप मच गया, जब रीवा मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्र डॉ. संजय जाटव चाकू से घायल अवस्था में मिले। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल स्टाफ और डॉक्टर मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल इलाज के लिए भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डॉ. संजय जाटव मूल रूप से इंदौर के रहने वाले हैं और रीवा मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक्स विभाग से पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं। आज उनकी ड्यूटी संजय गांधी अस्पताल के बच्चा वार्ड में थी। ड्यूटी के दौरान ही वे चाकू से घायल अवस्था में मिले। साथी डॉक्टरों और कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया। हमला या आत्मघाती प्रयास, कंफर्म नहींफिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि डॉ. जाटव ने खुद को चाकू मारा या किसी अन्य व्यक्ति ने उन पर हमला किया। पुलिस दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अस्पताल परिसर के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने घायल डॉक्टर के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। संजय गांधी अस्पताल की सीएमओ डॉ. सुप्रिया अग्रवाल ने बताया कि पीजी छात्र डॉ. संजय जाटव घायल अवस्था में मिले थे। उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। अभी स्पष्ट नहीं है कि चोट कैसे लगी।
भागीरथपुरा दूषित पानी हादसे में 36 लोगों की मौत के मामले में सोमवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और आलोक अवस्थी की डबल बेंच के समक्ष पेयजल गुणवत्ता और जल प्रदूषण से जुड़ी जनहित याचिका पर बहस हुई, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से नए तथ्यों को रिकॉर्ड पर लेने की मांग की गई। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट अजय बागडिया और सैली पुरंदरे ने दो अंतरिम आवेदन प्रस्तुत किए। इनमें दावा किया गया कि भागीरथपुरा क्षेत्र को जलापूर्ति करने वाली ओवरहेड टंकी में कथित रूप से पोटेशियम क्लोराइड की गोलियां डाले जाने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में पुलिस जांच के निर्देश देने का अनुरोध किया गया। साथ ही क्षेत्र के निवासियों के वीडियो रिकॉर्डिंग वाले पेन ड्राइव को भी साक्ष्य के रूप में रिकॉर्ड पर लेने की मांग की गई। जल वितरण प्रणाली पर उठाए सवालसुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने तर्क दिया कि उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलते हैं कि जल प्रदूषण का स्रोत मुख्य जलापूर्ति व्यवस्था नहीं, बल्कि अंतिम वितरण तंत्र हो सकता है। एडवोकेट बागडिया ने कहा कि प्रदूषण की घटना से पहले संबंधित ओवरहेड टंकी में संदिग्ध सामग्री डाले जाने की जानकारी मिली है, इसलिए वहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। नगर निगम ने किया विरोधइंदौर नगर निगम की ओर से एडवोकेट ऋषि तिवारी ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि लगाए गए आरोप पर्याप्त साक्ष्यों से समर्थित नहीं हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट पहले ही रिटायर्ड जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित कर चुका है, जिसे इस पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच का दायित्व सौंपा गया है। ऐसे में नए आरोपों की जांच भी आयोग के समक्ष कराई जा सकती है। कोई अंतरिम आदेश नहीं, अगली तारीख भी तय नहींसुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने दोनों अंतरिम आवेदनों पर फिलहाल कोई आदेश पारित नहीं किया। साथ ही मामले की अगली सुनवाई की तारीख भी निर्धारित नहीं की गई है। कोर्ट अब जांच आयोग की प्रक्रिया और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की दिशा तय करेगा।
टाटा मैजिक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई, दो घायल:एक की हालत गंभीर, मेरठ रेफर किया गया
शामली में पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार शाम एक तेज रफ्तार टाटा मैजिक अनियंत्रित होकर आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। इस हादसे में दो लोग घायल हो गए, जिनमें से एक को गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया है। दुर्घटना सोमवार शाम लगभग 5:30 बजे पीके रोड के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टाटा मैजिक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।हादसे में टाटा मैजिक में सवार बिजरोल निवासी सचिन गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार अटाली निवासी विजेंद्र कश्यप को भी चोटें आईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।चिकित्सकों ने सचिन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर कर दिया। विजेंद्र कश्यप का उपचार जिला अस्पताल में ही किया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों, टाटा मैजिक और ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपने कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिया है।जांच अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीलीभीत में DCM और बाइक की आमने-सामने टक्कर:बाइक सवार युवक की गई जान, इलाज के दौरान तोड़ा दम
पीलीभीत जिले के पूरनपुर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक सड़क हादसे में 30 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई। यह घटना माधोटांडा रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित यूके बैटरी की दुकान के समीप हुई, जहां एक तेज रफ्तार डीसीएम और मोटरसाइकिल की आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसा सोमवार शाम लगभग 7:00 बजे हुआ। राहगीरों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पूरनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पूरनपुर भिजवाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने युवक का परीक्षण किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का निरीक्षण कर जांच शुरू की। मृतक की पहचान पीलीभीत के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रम्पुरा निवासी ताराचंद (30) पुत्र राम भरोसे के रूप में हुई। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दी। हादसे की खबर मिलते ही ताराचंद के गांव और घर में शोक छा गया। परिजन अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
टेक्सटाइल हब पाली की कपड़ा इंडस्ट्रीज में रोजाना होने वाली प्लास्टिक पैकिंग पाउच (थैलियों) की भारी मांग को देखते हुए शहर में आधुनिक कटिंग-स्लिटिंग मशीन स्थापित की गई है। इस पहल से स्थानीय उद्यमियों को गुजरात से कम दामों पर पैकिंग सामग्री मिलेगी, साथ ही करीब 250 महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। सोमवार शाम मंडिया रोड स्थित सरस्वती स्कूल में लघु उद्योग भारती, पाली की ओर से हुए कार्यक्रम में इस मशीनरी का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने 28 इंच पीवीसी कटिंग मशीन और 63 इंच नॉन-वूवन स्लिटिंग मशीन की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। रोजाना 3 लाख पाउच की जरूरतकार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने बताया कि पाली की कपड़ा इंडस्ट्रीज में सलवार-सूट और अन्य तैयार वस्त्रों की पैकिंग के लिए रोजाना करीब 3 लाख प्लास्टिक थैलियों की जरूरत होती है। अब तक स्थानीय उद्यमी इन्हें सूरत और बड़ौदा (गुजरात) से मंगवाते थे। पाली में ही मशीन स्थापित होने से अब उद्यमियों को गुजरात की तुलना में भी कम दरों पर पैकिंग मैटेरियल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा। 250 महिलाओं को मिलेगा रोजगारपूर्व विधायक पारख ने बताया कि मशीन से रोजाना लाखों पाउच की कटिंग की जाएगी, जिनकी सिलाई और जिप (चैन) लगाने का कार्य महिलाओं द्वारा किया जाएगा। इससे एक ही मशीन के माध्यम से करीब 250 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। भविष्य में मांग बढ़ने पर शहर में ऐसी और भी मशीनें लगाई जाएंगी। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन महामंत्री प्रकाशचंद गुप्ता, समाजसेवी भगवती महेश बल्दवा, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, राजू भाई मेड़तिया, विनय बम्ब, रामकिशोर साबू, नारायण कुमावत, महावीरसिंह टेवाली, रमेश परिहार, राजेंद्रसिंह धुरासनी, तिलोक चौधरी, जितेन्द्र भाटी, मानवेन्द्र सिंह भाटी, मुकेश प्रजापत, मुकेश गोस्वामी और रणवीरसिंह राजपुरोहित सहित कई लोग मौजूद रहे।
जयपुर में एक मकान में सिलेंडर भभकने से एक महिला 90% झुलस गई। यह हादसा मोतीडूंगरी थाना क्षेत्र स्थित मोतीडूंगरी रोड के आनंदपुरी इलाके में सोमवार शाम साढे़ 6 बजे हुआ। गली नंबर-1 स्थित मकान संख्या P-12 की दूसरी मंजिल पर हुए हादसे में गंभीर घायल महिला स्वाति सैनी को SMS हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही मोतीडूंगरी थाना प्रभारी मोहन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री) टीम को भी मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में पुलिस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध मानकर सभी पहलुओं से जांच कर रही है। दूसरी मंजिल के हॉल में लगी आग, किचन में नहीं मिले शुरुआती संकेत प्रारंभिक जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस सिलेंडर ब्लास्ट की बात कही जा रही है, उसकी आग किचन में नहीं बल्कि हॉल में लगी हुई प्रतीत हुई। दूसरी मंजिल पर बने हॉल में ही स्वाति सैनी अपने पति हरीश सैनी के साथ रहती थीं, जबकि हॉल के आगे किचन बना हुआ है। मौके पर हॉल में आग लगने के कारण कमरे में काले धुएं के निशान दिखाई दिए। वहीं कमरे में लगी एक तस्वीर का शीशा भी टूटा हुआ मिला, जिससे घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं स्वाति, दो बेटियों की मां घायल स्वाति सैनी एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। उनकी शादी हरीश सैनी से हुई है और दंपती की दो बेटियां हैं। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य भी मकान में मौजूद थे। एक ही मकान में रहता है पूरा परिवार जानकारी के अनुसार, मकान की पहली मंजिल पर स्वाति के जेठ गोविंद और जेठानी रीना रहते हैं। परिवार में सास गीता देवी और ससुर सत्यनारायण सैनी भी निवास करते हैं। मकान का ग्राउंड फ्लोर किराये पर दिया हुआ है। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई घटना, हर पहलू से जांच पुलिस और एफएसएल टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग वास्तव में सिलेंडर ब्लास्ट से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य सिलेंडर दुर्घटना से अलग दिखाई देने के कारण पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट और एफएसएल की राय के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
विदिशा जिले में करीब दो सप्ताह के लंबे इंतजार के बाद सोमवार को बारिश हुई। इस हल्की बारिश से सूख रही फसलों को शुरुआती राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक जिले में हल्की बारिश की संभावना जताई है। पिछले दो सप्ताह से बारिश न होने के कारण किसान चिंतित थे। सोयाबीन और धान की फसलें पानी के अभाव में प्रभावित हो रही थीं। कई स्थानों पर फसलें पीली पड़ने लगी थीं, जिससे किसानों को ट्यूबवेल और नदी से सिंचाई करनी पड़ रही थी। हालांकि, यह पानी कुछ ही घंटों में सूख जा रहा था, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही थी। सोमवार को ग्यारसपुर, शमशाबाद, नटेरन, विदिशा सहित जिले के कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। ग्यारसपुर में अच्छी बारिश हुई, जबकि विदिशा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पांच से दस मिनट तक हल्की बारिश हुई। किसानों का कहना है कि भले ही बारिश कम हुई हो, लेकिन इससे फसलों को शुरुआती राहत मिली है। अभी लगातार अच्छी बारिश की जरुरतकिसानों के अनुसार, धान की खेती के लिए अभी भी लगातार अच्छी बारिश की आवश्यकता है। यदि एक सप्ताह तक लगातार बारिश होती है, तो नदी-नाले भरेंगे, भूजल स्तर सुधरेगा और धान व सोयाबीन की फसल को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। फिलहाल, कई किसान कम बारिश के कारण धान की रोपाई करने से भी बच रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक जिले में हल्की बारिश और मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि मानसून ट्रफ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मध्य प्रदेश में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। यदि मौसमीय तंत्र पश्चिम की ओर सक्रिय होता है, तो पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मथुरा में बेटी की शादी के लिए 25 लाख रुपये लेकर जा रहे प्लाईवुड कारोबारी के कर्मचारियों को बदमाशों ने कुछ ही मिनटों में शिकार बना लिया। बाइक सवार बदमाशों ने कार के पास आकर कहा- गाड़ी के इंजन से तेल रिस रहा है। चालक ने जैसे ही कार रोककर बोनट खोला, बदमाशों ने कर्मचारियों का ध्यान भटकाया और कार में रखा 25 लाख रुपये से भरा बैग लेकर फरार हो गए। वारदात सोमवार शाम करीब 7 बजे थाना हाईवे क्षेत्र में राधा वैली के पास हुई। चंद्रिका प्लाईवुड के मालिक नीलेश अग्रवाल ने बताया कि उनकी बेटी की शादी की तैयारियां चल रही हैं। इसी सिलसिले में 25 लाख रुपये गोविंद नगर निवासी उनके साढ़ू सुनील बंसल के पास भेजे जा रहे थे। कार में चालक रमेश के अलावा कर्मचारी सुनील और मेघश्याम भी सवार थे। 'इंजन से तेल रिस रहा है', कहकर रुकवाई कार पुलिस के मुताबिक, बाइक सवार बदमाश पहले से ही कार पर नजर रखे हुए थे। उन्होंने चालक से कहा कि गाड़ी के इंजन से तेल रिस रहा है। चालक ने कार रोककर बोनट खोल लिया और इंजन देखने लगा। इसी दौरान बदमाशों ने कर्मचारियों का ध्यान भटकाया और कार में रखा नकदी से भरा बैग उठाकर फरार हो गए। कुछ सेकेंड में हुई वारदात चालक और कर्मचारी जब तक कुछ समझ पाते, बदमाश मौके से निकल चुके थे। बैग गायब होने का पता चलते ही कर्मचारियों ने शोर मचाया और कारोबारी नीलेश अग्रवाल को सूचना दी। इसके बाद परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी सूचना मिलते ही एसपी सिटी राजीव कुमार, सीओ प्रवीन कुमार तिवारी और थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और चालक व कर्मचारियों से पूछताछ की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में इसे सुनियोजित टप्पेबाजी की वारदात माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
जोधपुर में दोस्त को लोन दिलाने के नाम पर आरोपी दोस्त ने लाखों रुपए की धोखाधड़ी कर दी। आरोपी ने पीड़ित के डॉक्यूमेंट लगाकर उसके फर्जी साइन कर क्रेटा कार समेत लाखों का इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान लोन पर उठा लिया। जब पीड़ित के अकाउंट से लोन की किस्तें कटी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। बासनी थाना पुलिस ने 6 महीने से फरार आरोपी सुनील राव (34) पुत्र साबूराम निवासी मेलाणा खेड़ापा को अजमेर से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है। लोन के नाम पर आरोपी ने लिए पीड़ित के डॉक्यूमेंट्स बासनी थानाधिकारी गजेंद्र कुमार की टीम ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित हेमराज सोलंकी को पैसों की जरूरत थी। उसने अपने दोस्त सुनील राव से मदद मांगी। सुनील ने हेमराज को पर्सनल लोन दिलवाने का झांसा दिया और उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, बैंक पे-स्लिप और खाली चेक ले लिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित के फर्जी साइन कर बजाज फाइनेंस, आईडीएफसी फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक से क्रेटा कार, एलईडी टीवी, मोबाइल और वाशिंग मशीन फाइनेंस करवा ली और खुद यूज करने लगा। जब हेमराज के खाते से लोन की किस्तें कटने लगीं, तब उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला। 6 महीने बाद पुलिस ने अजमेर से आरोपी को दबोचा उन्होंने बताया कि घटना के बाद जब पीड़ित ने कोर्ट के जरिए बासनी थाने में मामला दर्ज कराया तो आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स का तकनीकी विश्लेषण किया। करीब 6 महीने की तलाश के बाद पुलिस टीम ने उसे अजमेर से गिरफ्तार कर लिया। फाइनेंस कंपनी पहले ही जब्त कर चुकी है क्रेटा कार थानाधिकारी गजेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी सुनील राव काफी शातिर किस्म का है। लोन चुकता न करने के कारण फाइनेंस कंपनी ने पहले ही क्रेटा कार जब्त कर ली थी। उन्होंने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि फर्जी तरीके से खरीदे गए अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की बरामदगी की जा सके। कार्रवाई में एएसआई नैनाराम, कॉन्स्टेबल शंकरलाल और जितेंद्र सिंह शामिल रहे।
बालोद पुलिस ने 72.621 किलो गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के साथ मामले में सभी 7 आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। दोनों को मध्यप्रदेश के रायसेन और भोपाल से पकड़ा गया। यह मामला 9 जून 2026 का है, जब साइबर सेल और डौंडीलोहारा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम भेड़ी मुख्य मार्ग पर कार्रवाई की थी। उस समय पांच आरोपियों के कब्जे से 72.621 किलोग्राम गांजा, चार बाइक और छह मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। जब्त गांजे की कीमत लगभग 36.31 लाख रुपए और कुल जब्त संपत्ति की कीमत 40.52 लाख रुपए आंकी गई थी। उस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी फरार हो गया था और पूछताछ में गिरोह के मुख्य सरगना का नाम भी सामने आया था। तकनीकी जांच के बाद मध्य प्रदेश से मुख्य सरगना गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम गठित की गई। तकनीकी सबूतों, साइबर एनालिसिस और लगातार तलाश के आधार पर टीम को मध्य प्रदेश भेजा गया। टीम ने रायसेन और भोपाल के शुकी सेवरिया क्षेत्र में दबिश देकर फरार आरोपी और गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर बालोद लाया। सभी सात आरोपी पकड़े गए गिरफ्तार आरोपियों में रायसेन जिले के राहुल नगर वार्ड-14 निवासी 31 वर्षीय सतनाम गोड़ और भोपाल जिले के एकता नगर, शुकी सेवरिया निवासी 21 वर्षीय भगवान सिंह बंजारा उर्फ भग्गु शामिल हैं। इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही इस एनडीपीएस प्रकरण में सभी सात आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो गई है। पूरे तस्करी नेटवर्क पर पुलिस का फोकस पुलिस ने बताया कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की अन्य कड़ियों की भी जांच की जा रही है। एसपी किरण गंगाराम चव्हाण ने बताया कि 'मिशन नवचेतना' के तहत यह कार्रवाई केवल मादक पदार्थ जब्त करने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य पूरे तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
प्रयागराज जनता दर्शन से चार अफसर नदारद:कलेक्ट्रेट के 25 कर्मचारी भी अनुपस्थित, डीएम ने वेतन रोका
प्रयागराज में जनता दर्शन और कलेक्ट्रेट के औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने चार विभागों के नोडल अधिकारियों और कलेक्ट्रेट के 25 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। सोमवार को जनता दर्शन कार्यक्रम में जनसुनवाई के लिए सभी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य थी, लेकिन जिला विकास अधिकारी, नगर निगम नोडल, मुख्य चिकित्साधिकारी नोडल और जिला आपूर्ति विभाग नोडल जैसे चार महत्वपूर्ण विभागों के नोडल अधिकारी अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने इन सभी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण मांगा और एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया। जनता दर्शन के बाद, जिलाधिकारी ने सुबह 10:30 बजे कलेक्ट्रेट का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कार्यालयों में जाकर उपस्थिति पंजिका की जांच की। इस दौरान, कलेक्ट्रेट के 25 कर्मचारी बिना किसी पूर्व अनुमति के अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने इस पर भी कड़ी नाराजगी जताई और सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य में जनता दर्शन और कार्यालयों में समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया और स्पष्ट किया कि जन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अपर जिलाधिकारियों को समय-समय पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जोधपुर में डिलीवरी से पहले एक और प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई। महिला को रविवार को उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था, जिसे दौरे आने लगे थे। हालांकि उसकी हालत में सुधार है, लेकिन उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं इससे पहले एक प्रसूता समू की रविवार को महात्मा गांधी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इधर, मथुरादास माथुर और उम्मेद हॉस्टिपल में सोमवार को 68 डिलीवरी हुईं। इनमें 33 सिजेरियन डिलीवरी थी। अभी महात्मा गांधी और उम्मेद हॉस्पिटल में दो-दो प्रसूताएं एडमिट हैं। महात्मा गांधी में भर्ती दो प्रसूताएं डायलिसिस पर हैं, जबकि उम्मेद में भर्ती दोनों महिलाएं वेंटिलेटर पर हैं। रेफर होकर आई थी एक प्रसूता डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- एक प्रसूता रेफर होकर रविवार शाम को उम्मेद हॉस्पिटल आई थी। डिलीवरी से पहले उसे दौरे आने लगे थे। वहीं डिलीवरी के बाद भी उसे दौरे आए थे। इसके बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं इससे पहले यहां भर्ती एक और प्रसूता सरोज भी वेंटिलेटर पर है। उसे डिलीवरी के दौरान कॉर्डिक प्रॉब्लम हुई थी। हालांकि दोनों की स्थिति में सुधार है। वहीं गलत खून चढ़ाने से धापू की 13 जुलाई को तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। ऐसे में उसका लगातार डायलिसिस चल रहा है। एक दिन में हुई 68 डिलीवरी, 33 सिजेरियन डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- अभी तक सभी केस जो आए हैं, वे रेफरल हैं। इसकी भी रिपोर्ट हमने भेजी है। उन्होंने बताया- मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में 19 डिलीवरी हुई थी। इनमें 9 सिजेरियन थे। जबकि उम्मेद हॉस्पिटल में 49 डिलीवरी हुई थी। इसमें से 24 सिजेरियन और 25 नॉर्मल थी। दोनों हॉस्पिटल में 33 सिजेरियन हुए हैं और सभी की हालत सामान्य है। गलत खून चढ़ाने वाले मामले में अब तक नहीं सौंपी रिपोर्ट इधर, गलत खून चढ़ाने के मामले में अभी तक पूरी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। दरअसल, उम्मेद हॉस्पिटल की ओर से प्रारंभिक रिपोर्ट दे दी गई थी, लेकिन इनमें लापरवाही बरतने वालों के नाम नहीं थे। इस पर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने सभी के नाम मांगे थे। डॉ. बीएस जोधा ने बताया- इनमें नाम मांगे गए थे। ये रिपोर्ट अभी सब्मिट नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह खबर भी पढ़ें... डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो बच्चेदानी निकाली,अब मौत:महिला की किडनी डैमेज हुई; जोधपुर में 25 दिन से वेंटिलेटर पर थी कोटा, बीकानेर, बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी एक प्रसूता की मौत हो गई। महिला की 24 जून को तिंवरी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो उसे उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। (पूरी खबर पढ़ें)
महोबा में विक्की ठाकुर पर हुए हमले के मुख्य आरोपी और बीजेपी नेता शिव प्रताप सिंह परमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक सभी पांच आरोपी पकड़े जा चुके हैं। हालांकि, पीड़ित परिवार पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। यह घटना 14 जुलाई की रात महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के समदनगर इलाके में पेट्रोल पंप के पास हाईवे पर हुई थी। दबंगों ने ज्यवेंद्र सिंह उर्फ विक्की ठाकुर पर कुल्हाड़ी से हमला कर उनके दोनों हाथ काट दिए थे। विक्की ठाकुर इस समय दिल्ली के एक अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परिजनों की तहरीर पर तीन नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने शुरुआत में रोहित, नादिर और अभिषेक नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपी बीजेपी नेता शिव प्रताप सिंह परमार घटना के बाद से फरार था, जिसे लेकर विपक्ष और पीड़ित परिवार लगातार पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रहे थे। सोशल मीडिया पर पीड़ित की बहन सुनीता द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाने के बाद पुलिस हरकत में आई और शिव प्रताप सिंह परमार व उसके साथी राजेश उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार बिल्कुल संतुष्ट नहीं है। विक्की ठाकुर की बहन संगीता सिंह ने प्रशासन पर बड़े नेताओं के दबाव और मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके भाई के दोनों हाथ काट दिए गए हैं और वह अब किसी काम के नहीं रहे। संगीता ने मांग की है कि इस जघन्य अपराध के बदले आरोपियों का या तो एनकाउंटर किया जाए या उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। वहीं, गिरफ्तार आरोपी बीजेपी नेता शिव प्रताप सिंह परमार ने खुद को बेकसूर बताते हुए इस पूरे मामले को एक बड़ी साजिश करार दिया है।
हाथरस के कोतवाली चंदपा क्षेत्र के बूलगढ़ी गांव में मंगलवार को प्रस्तावित सवर्ण संगठनों की महापंचायत और चंदपा थाने के घेराव के ऐलान को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सोमवार शाम करीब सात बजे से गांव के अंदर और बाहर बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जिले का खुफिया तंत्र भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और पल-पल की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज रहा है। यह मामला 10 जुलाई को दलित समाज के 19 वर्षीय युवक सनी की संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रैक्टर से दबकर हुई मौत से जुड़ा है। घटना के बाद चंदपा पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर ट्रैक्टर मालिक को गिरफ्तार कर लिया था। ट्रैक्टर मालिक ठाकुर समाज से बताया जा रहा है। परिजनों ने हत्या का लगाया था आरोप पोस्टमार्टम के बाद जब युवक का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने आरोपी बनी सिंह और उसके भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी थीं। सवर्ण संगठनों ने बताया हादसा दूसरी ओर, करणी सेना समेत विभिन्न सवर्ण संगठनों का कहना है कि युवक की मौत एक दुर्घटना थी, हत्या नहीं। संगठनों ने कई बैठकें कर प्रशासन से हत्या और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं हटाने की मांग की है। महापंचायत और थाने के घेराव का ऐलान इसी मुद्दे को लेकर सवर्ण संगठनों ने मंगलवार को महापंचायत आयोजित करने और चंदपा थाने के घेराव का ऐलान किया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने गांव को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। गांव के प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। करणी सेना के प्रदेश महासचिव हाउस अरेस्ट एहतियात के तौर पर पुलिस ने राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश महासचिव निशांत चौहान को हाउस अरेस्ट कर लिया है। इसके अलावा कुछ अन्य पदाधिकारियों और सक्रिय लोगों की गतिविधियों पर भी खुफिया एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं। 2020 की घटना के कारण भी संवेदनशील है बूलगढ़ी बूलगढ़ी गांव पहले भी वर्ष 2020 की चर्चित दलित युवती प्रकरण के कारण राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रह चुका है। उस मामले को देखते हुए गांव पहले से ही संवेदनशील माना जाता है। वर्तमान में भी पीड़ित परिवार के घर पर सीआरपीएफ की तैनाती है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित रोटरी चौराहे पर एक टैक्सी चालक से मोबाइल छीनकर भागने की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई है। मामले।में किशोर कुमार (25) पुत्र लक्ष्मणराम, अर्जुन (22) पुत्र लक्ष्मणराम, निवासी जगदंबा कॉलोनी नया गांव पाली को गिरफ्तार कर लिया। क्या है पूरा मामला कापरड़ा निवासी प्रमोदपुरी पुत्र छोटूपुरी रातानाडा इलाके में टैक्सी चलाता है। 19 जुलाई की शाम करीब 5:45 बजे वह रोटरी चौराहे के पास सरकारी स्कूल के सामने अपनी टैक्सी खड़ी कर पिछली सीट पर बैठा था। उसका वन प्लस मोबाइल टैक्सी के डैशबोर्ड पर रखा हुआ था। इसी दौरान रिक्तिया भैरूजी चौराहे की तरफ से एक बाइक पर दो युवक आए। उनमें से एक युवक बाइक से उतरा और डैशबोर्ड से मोबाइल उठाकर बाइक पर बैठकर भागने लगा। जब प्रमोदपुरी ने हिम्मत दिखाकर बदमाशों का पीछा किया, तो आरोपियों ने उसे धक्का दे दिया और मेडिकल चौराहे की तरफ फरार हो गए। वारदात के बाद पीड़ित की शिकायत पर शास्त्रीनगर थानाधिकारी दिनेश लखावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों को सक्रिय किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस आउट कर पाली जिले के ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र से दबोच लिया। कार्रवाई में थानाधिकारी दिनेश लखावत, एएसआई थानाराम, एएसआई घेवरराम, कांस्टेबल महेन्द्र, राजूराम और राजेन्द्र शामिल रहे।
सिरसा अशोक हत्याकांड: 5 आरोपी गिरफ्तार:खेत से लौटते वक्त किया था हमला, 1000 रुपए को लेकर था विवाद
सिरसा जिले के गांव छतरियां में युवक अशोक कुमार की हत्या के मामले में बड़ागुड़ा थाना पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। यह घटना 12 जुलाई को हुई थी, जब अशोक कुमार अपने भाई मुकेश और चाचा के साथ खेत से चारा लेकर लौट रहे थे। शिकायत के अनुसार, पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया। मुकेश और उनके चाचा जान बचाकर भाग गए, लेकिन हमलावरों ने अशोक को पकड़ लिया और लाठियों व लोहे के पाइपों से बेरहमी से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उपचार के दौरान सिविल अस्पताल में अशोक की मौत हो गई। एक हजार रुपए को लेकर था विवाद पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच पिछले दो-तीन महीनों से 1000 रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद को लेकर ग्राम पंचायत में समझौता भी हुआ था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार बड़ागुढ़ा थाना पुलिस ने मृतक के भाई मुकेश कुमार की शिकायत पर 16/17 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बड़ागुढ़ा थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर लाभ सिंह ने बताया कि जांच के दौरान 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गांव छतरियां, जिला सिरसा निवासी साहब राम पुत्र ताराचंद, संजय पुत्र साहब राम, यशपाल उर्फ काकू पुत्र रणजीत सिंह, विनय पुत्र जयसिंह और संदीप पुत्र पृथ्वी राज के रूप में हुई है।
संभल के नखासा थाना क्षेत्र के शरीफपुर गांव में बच्चों की परवरिश को लेकर पति से विवाद के बाद 24 वर्षीय महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला अपने पीछे तीन साल और आठ माह के दो मासूम बेटों को छोड़ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पति के काम पर जाने के बाद लगाया फंदा पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 10 बजे पति मनोज कुमार मजदूरी के लिए घर से निकल गए थे। इसके बाद उनकी पत्नी किरन ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। करीब दो घंटे बाद बच्चों के रोने की आवाज सुनकर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो किरन फंदे से लटकी हुई थी। परिजन उसे तुरंत नीचे उतारकर संभल के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चार साल पहले हुई थी शादी मृतका की पहचान किरन (24) पत्नी मनोज कुमार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से असमोली थाना क्षेत्र के बेला की मिलक गांव की रहने वाली थी। करीब चार वर्ष पहले उसकी शादी मनोज कुमार से हुई थी। दंपती के दो बेटे हैं, जिनमें आर्यन (3) और विराट (8 माह) शामिल हैं। बच्चों की परवरिश को लेकर था विवाद परिजनों के अनुसार, बच्चों की परवरिश को लेकर पति-पत्नी के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि आठ माह पहले दूसरे बेटे के जन्म के बाद दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया था। 112 पर सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस दोपहर करीब 1:30 बजे घटना की जानकारी मिलने पर महिला के मायके पक्ष के लोग भी ससुराल पहुंच गए। शुरुआत में मायके और ससुराल पक्ष कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते थे, लेकिन शाम करीब 4:30 बजे किसी ग्रामीण ने डायल 112 पर घटना की सूचना दे दी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और महिला पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है। दोनों पक्षों की अनिच्छा के बावजूद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित जागृति विहार एक्सटेंशन में सोमवार को चोरों ने महज 9 मिनट में बंद मकान खंगाल दिया। नगदी व कीमती सामान समेटकर बदमाश फरार हो गए। घर लौटा परिवार तो घटना का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। इस चोरी के बाद लोगों में खलबली मची है। CCTV कमरे में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं। सेक्टर 5, जागृति विहार एक्सटेंशन में जितेंद्र पाल पुत्र विजयपाल सिंह परिवार के साथ रहते हैं। वह एक फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं। सोमवार दोपहर परिवार कहीं गया हुआ था। इसी दौरान चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर में प्रवेश कर लिया। अंदर कमरे का ताला तोड़कर बदमाश घर में घुसे और अलमारी से नगदी और जेवरात समेटकर फरार हो गए। घर लौटने पर वारदात का पता चला जितेंद्र पाल मूलरूप से भावनपुर थाना क्षेत्र के किनानगर के रहने वाले हैं। सोमवार सुबह 9 बजे वह अपनी पत्नी सीमा को लेकर गांव गए थे। वहां पूजा रखी गई थी। पत्नी को गांव में छोड़कर वह किसी काम से निकल गए। दोपहर करीब 1 बजे सीमा घर लौटी तो ताले टूटे देख कर दंग रह गई। इसके बाद सीमा ने शोर मचा दिया। सीमा के चिल्लाने पर जुटे क्षेत्र के लोगसीमा के चिल्लाने पर आसपास के लोग उनके घर की तरफ दौड़े। सीमा ने पति को फोन कर बताया कि घर में चोरी हो गई है। इसके बाद काफी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए। कुछ देर में जितेंद्र पाल भी आ गए और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और उसने मेडिकल पुलिस को बुला लिया। नकदी और जेवरात ले गई चोर जितेंद्र पाल ने पुलिस को बताया कि घर की अलमारी में करीब 65000 रूपए रखे थे। इसके अलावा सोने की 7 ग्राम वजन की एक अंगूठी, दो मंगलसूत्र, चांदी की चार पाजेब भी गायब हैं। चोर ने घर के मुख्य दरवाजे से लेकर अंदर कमरों के दरवाजे पर लगे ताले भी तोड़े हैं। पूरे घर को अच्छी तरह खंगाला गया है। 9 मिनट तक घर के अंदर रहे चोरइस घटना के बाद पुलिस कैमरे खंगाल रही है। जितेंद्र भी अपने स्तर से कुछ कैमरे देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 9:20 पर वह गांव के लिए निकले थे। इसके 10 मिनट बाद ही चोर वहां आ गए। एक चोर घर के अंदर चला गया और दूसरा बाहर बाइक पर खड़े होकर निगरानी करने लगा। दिनदहाड़े हुई चोरी से लोगों में नाराजगी दिनदहाड़े हुई चोरी की वारदात के बाद लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पुलिस चौकी की मांग काफी समय से उठाई जा रही है लेकिन कोई अफसर नहीं सुनता। इसके अलावा कई बार जाग्रति विहार एक्सटेंशन में बिना नंबर की बाइक पर संदिग्ध भी देखे गए। थाना पुलिस से शिकायत की लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। पहले भी कई बार चोरी हो चुकी है।
गुटखा थूकते समय ट्रेन से गिरा बुजुर्ग, गंभीर घायल:हरिद्वार से लौटते समय कायमगंज के पास हुआ हादसा
फर्रुखाबाद के मेरापुर थाना क्षेत्र के ग्राम मुरान निवासी गजेंद्र सिंह (56) सोमवार को कासगंज अनवरगंज एक्सप्रेस से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना कायमगंज से पहले हुई, जब वे गुटखा थूकने के लिए ट्रेन के गेट पर थे। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गजेंद्र सिंह अपनी पत्नी सुमन के साथ हरिद्वार में रह रहे पुत्र और बहू से मिलकर घर लौट रहे थे। सोमवार दोपहर 12:55 बजे वे कासगंज जंक्शन से ट्रेन संख्या 15038 में सवार हुए थे। उनके साथ दंपति की बड़ी पुत्री का पुत्र परवन सिंह भी था। गजेंद्र सिंह ने बताया कि कायमगंज से पहले गुटखा थूकने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ा और वे ट्रेन से नीचे गिर गए। गनीमत रही कि रेल ट्रैक पर गिट्टी डालने का काम चलने के कारण ट्रेन की रफ्तार धीमी थी, जिससे उन्हें सिर में चोट आई, लेकिन बड़ा हादसा टल गया। अधेड़ के ट्रेन से गिरने पर ट्रेन में मौजूद पुलिसकर्मी ने तुरंत ट्रेन रुकवाई। मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर घायल गजेंद्र सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज पहुंचाया। वहां गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल फर्रुखाबाद रेफर कर दिया। डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल में 108 एंबुलेंस के ईएमटी ने गजेंद्र सिंह को भर्ती कराया। ड्यूटी पर तैनात डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने उनका उपचार शुरू किया। डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि गजेंद्र सिंह की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। उनके सिर में चोट लगी है और फिलहाल उनका उपचार जारी है।
राजगढ़ जिले की खुजनेर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत लाख्या के ग्रामीण सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सरपंच बीरम सिंह चौहान और पंचायत सचिव के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने पांचवें वित्त आयोग की राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है, जिसमें 2023 से अब तक 50 से 60 लाख रुपए बिना कार्य कराए फर्जी बिलों के माध्यम से निकालने की बात कही गई है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सरकारी राशि की वसूली की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में बिना वर्क कोड खोले और किसी भी निर्माण कार्य के बिना लगभग 28 लाख रुपए केवल 15 दिनों के भीतर निकाल लिए गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि भुगतान के लिए एक ही बिल को कई बार स्कैन कर लगाया गया और कागजों में काम दिखाकर राशि निकाली गई, जबकि मौके पर अधिकांश कार्य दिखाई नहीं देते। कई संदिग्ध खर्चों का भी उल्लेखआवेदन में कई संदिग्ध खर्चों का भी उल्लेख है। इनमें दो लाख रुपए की फोटोकॉपी, 60 हजार रुपए की मिठाई, 18 हजार रुपए का नाश्ता, एक लाख रुपए का मोबाइल, एक लाख रुपए का लैपटॉप, दो लाख रुपए में जमीन लीज, जेसीबी के टायर, पानी की मोटर, सफाई, किराया और पुरानी पुलिया को नया बताकर भुगतान शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इनमें से कई कार्य वास्तव में धरातल पर हुए ही नहीं हैं। ग्रामीणों ने पंचायत भवन निर्माण में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। साथ ही पुराने पंचायत भवन का फर्नीचर, गार्डर, पंखे, गोडरेज, टीवी, सोलर प्लेट सहित अन्य सरकारी सामग्री का भी कोई हिसाब नहीं है। आरोप- गांव में संबंधित काम नहीं हुएग्रामीण हिंदू सिंह ने बताया कि सरपंच और सचिव ने मिलकर फर्जी बिल लगाकर सरकारी राशि निकाली, जबकि गांव में संबंधित कार्य नहीं हुए। वहीं दुर्गेश पटेल ने कहा कि कागजों में लाखों रुपए के खर्च दिखाए गए हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति अलग है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं सरपंच और पंचायत सचिव का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। ये बिल ग्रामीणों ने ज्ञापन के साथ सौंपे हैं…
नवजात की मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया:बहराइच मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल ने जांच के आदेश दिए
बहराइच मेडिकल कॉलेज के महिला विंग में एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। हरदी थाना क्षेत्र के नेपालपुरवा गांव निवासी ज्योति नामक गर्भवती महिला को उनके पति अमित शुक्ला ने रविवार रात करीब 11 बजे अस्पताल में भर्ती कराया था। सोमवार सुबह अल्ट्रासाउंड किया गया, जिसमें नवजात की धड़कन नहीं मिली। शिकायत करने पर डॅाक्टर भड़के पति अमित शुक्ला का आरोप है कि सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जब ज्योति की तबीयत अधिक खराब हुई, तो उन्होंने अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर से संपर्क किया। अमित का दावा है कि उन्हें उचित इलाज नहीं मिला और प्रसव पीड़ा बढ़ाने के लिए दी गई दवा के बाद ज्योति की हालत बिगड़ गई, जिससे बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर चिकित्सक भड़क उठे। घटना की सूचना पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संजय खत्री और सीएमएस डॉ. एसके वर्मा मौके पर पहुंचे। प्रिंसिपल खत्री ने बताया कि महिला का देर रात और सोमवार को अल्ट्रासाउंड किया गया था। इसमें नवजात में कोई हरकत नहीं दिखी, जिसके बाद दोपहर में प्रसव पीड़ा बढ़ाने के लिए दवा दी गई। उन्होंने आशंका जताई कि नवजात की गर्भ में ही मौत हो चुकी थी। प्रिंसिपल ने कहा कि परिजनों के आरोपों के आधार पर एक टीम गठित कर जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नवजात की मौत के बाद पिता अमित शुक्ला अपने मृत बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दिखे।
सरगुजा पुलिस ने सोमवार को गुम व चोरी हुए 129 मोबाइल फोन उनके मालिकों को वापस किया। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल एवं पुलिस अधिकारियों ने मोबाइल मालिकों को उनका खोया फोन लौटाया तो उनके चेहरे खिल उठे। पुलिस लगातार चोरी व गुम हुए मोबाइलों को खोजकर मालिकों को लौटा रही है। सरगुजा में मोबाइल चोरी के दर्ज अपराधों पर साइबर सेल अंबिकापुर एवं समस्त थाना, चौकी पुलिस टीम द्वारा नागरिकों के गुमे हुए मोबाइल फ़ोन को वापस लाने लगातार प्रयास कर रही है। अभियान चलाकर पुलिस मोबाइल फोन बरामद कर रही है। चोरी व गुम हुए फोन को सर्विलांस तकनीक की मदद से खोज जा रहा है। पिछले 05 महीने में कुल 129 गुम मोबाइल बरामद किए गए हैं, जिनकी लागत लगभग 31 लाख रुपये है। धारकों को लौटाए गए मोबाइल फोन सोमवार को सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल, एएसपी अमोलक सिंह, सीएसपी राहुल बंसल सहित अधिकारियों ने मोबाइल के धारकों को उनका गुम मोबाइल लौटाया। सभी धारकों को मोबाइल फोन लौटाते हुए उन्हें सतर्क रहने की अपील की गई। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने कहा कि कई मोबाइल धारको को मोबाइल गुमने के पश्चात वापस मिलने की उम्मीद नहीं होती है, लेकिन पुलिस टीम के सामूहिक प्रयास से आपको आपका गुमा हुआ मोबाइल वापस खोजकर दिलाया गया है। एसएसपी ने कहा कि मोबाइल धारक अपने मोबाइल संभाल कर रखे, स्वयं सचेत रहे एवं दूसरों को भी सचेत करें। मोबाइल में हर किसी कि कई गोपनीय जानकारी एवं महत्वपूर्ण जानकारी रहती है, जो मोबाइल गुमने पर उस जानकारियों का गलत एवं मनमाना तरीके से उपयोग कर साइबर ठगी जैसी घटनाये कारित की जाती हैं। इसके पूर्व सरगुजा पुलिस द्वारा फ़रवरी 2026 मे 525 नग गुमे हुए मोबाइल वापस को बरामद कर मोबाइल धारकों को वापस साैंपा गया था।
फिरोजाबाद में पिता की हत्या का आरोपी बेटा गिरफ्तार:घरेलू विवाद में दिया अंजाम, बैट और फ्राईपैन बरामद
फिरोजाबाद में सिरसागंज थाना पुलिस ने घरेलू विवाद में अपने पिता की हत्या करने के आरोपी बेटे को वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बेसबॉल बैट और स्टील का फ्राईपैन भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, सिरसागंज के अहीर टोला निवासी 75 वर्षीय राकेश बाबू शर्मा की उनके बेटे उपेन्द्र शर्मा ने घरेलू विवाद के दौरान बेसबॉल बैट से सिर पर हमला कर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतक के दूसरे बेटे लालजी की तहरीर पर सिरसागंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ऊमरी मोड़ के पास से आरोपी उपेन्द्र शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी वारदात के बाद फरार होने की फिराक में था। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बेसबॉल बैट और स्टील का फ्राईपैन भी बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लखीमपुर खीरी में सोमवार को दिनभर मौसम का मिजाज बदला रहा। रुक-रुक कर हुई हल्की से मध्यम बारिश ने उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत दिलाई, लेकिन शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव होने से आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और बीच-बीच में बारिश होती रही। बारिश के दौरान लोग छाता और रेनकोट के सहारे अपने गंतव्य तक पहुंचते नजर आए। दोपहर करीब एक बजे हल्की धूप निकलने से कुछ समय के लिए उमस बढ़ी, लेकिन शाम होते-होते फिर फुहारों ने मौसम को सुहावना बना दिया। लगातार बारिश के चलते शहर के कई निचले क्षेत्रों में पानी भर गया। शिव कॉलोनी, अर्जुनपुरवा, सब्जी मंडी, संकटा देवी और गंगोत्री नगर सहित कई इलाकों की सड़कें जलमग्न हो गईं। जलभराव के कारण राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़क और नालियों का अंतर मिट जाने से हादसे की आशंका भी बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिले में येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
गुरुग्राम में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार:बिना डिग्री कर रहा था इलाज, अवैध रूप से बेच रहा था एमटीपी किट
गुरुग्राम जिले के घाटा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति बिना किसी वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज कर रहा था और गर्भवती महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के एमटीपी किट बेच रहा था। उप सिविल सर्जन एवं पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह सोलंकी ने थाना सेक्टर-56 पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि न्यू दीपक मेडिकोज पर विकास नामक व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताकर इलाज कर रहा है। इस सूचना की पुष्टि के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक डिकॉय ऑपरेशन चलाया। महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा ऑपरेशन के तहत, एक महिला को ग्राहक बनाकर मेडिकल स्टोर भेजा गया। वहां आरोपी ने महिला को बिना किसी वैध पर्चे के एमटीपी किट दी और गर्भपात की पूरी प्रक्रिया भी समझाई। पूर्व निर्धारित संकेत मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर छापा मारा और आरोपी को पकड़ लिया। उसके कब्जे से एक एमटीपी किट और डिकॉय महिला द्वारा दिए गए रुपए बरामद किए गए। इस शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-56 में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी के पास नहीं मिली कोई मेडिकल डिग्री पुलिस ने 20 जुलाई को आरोपी विकास, जो फतेहपुर बेरी (नई दिल्ली) का निवासी है, को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पूछताछ की। जांच में खुलासा हुआ कि उसके पास कोई मेडिकल डिग्री या वैध चिकित्सकीय योग्यता नहीं थी। इसके बावजूद, वह पिछले लगभग 8 महीनों से मेडिकल स्टोर पर मरीजों का इलाज कर रहा था। पुलिस के अनुसार, मेडिकल स्टोर का संचालक और फार्मासिस्ट भी उसकी इन गतिविधियों से परिचित थे। आरोपी एमटीपी किट की खरीद-बिक्री से संबंधित कोई वैध रिकॉर्ड या बिल भी प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है।
कानपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार शुक्ला की कोर्ट ने इलाज में डाक्टरों की लापरवाही से आइटीबीपी जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले में चार्जशीट का संज्ञान ले लिया है। तीन डॉक्टर समेत चार अभियुक्त जमानत पर है। कोर्ट ने तीन डॉक्टरों समेत पांच अभियुक्तों के खिलाफ समन जारी कर तलब किया है। मामले की सुनवाई 14 अगस्त को होगी। ग्राम आलीमऊ खागा फतेहपुर निवासी आईटीबीपी जवान विकास सिंह 19 मई को अपनी मां का कटा हाथ लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंच गए थे। आरोप था कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उसकी मां को अपना हाथ गंवाना पड़ा। आरोप था कि उसकी मां को सास लेने में तकलीफ थी। इसके बाद उन्हें कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के दूसरे ही दिन लापरवाही के कारण हाथ में इंफेक्शन फैल गया था। करीब 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल ज्यादा हालत बिगड़ने पर उन्हें पारस अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। वहां डॉक्टरों ने बताया था कि इंफेक्शन पूरे हाथ में फैल गया है। जान बचाने के लिए हाथ काटना जरूरी है। 24 मई को रेलबाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचक ने करीब 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। कोर्ट ने प्रथम द्रष्टया अपराध मानते हुए चार्जशीट का संज्ञान ले लिया है। डॉक्टरों के खिलाफ समन जारी आदेश में कहा है कि अभियुक्त डॉ. विजय कुमार चौरसिया, डॉ. अनुज मेहरोत्रा, आशीष कुमार, डॉ. धीरज उपाध्याय जमानत पर हैं। अभियुक्त डॉ. शिवम दीक्षित, डॉ. उत्कर्ष कुमार, डॉ. तरुण कुमार, प्रसीद पी अनंथ, रजत बजाज को विवेचक ने नोटिस दे दी है, फिर भी जमानत नहीं कराई है। इसलिए इन सभी के खिलाफ समन जारी किया जाता है। यह सभी अभियुक्त 14 अगस्त को कोर्ट में पेश हों।
प्रदेश में सरकार ने ग्रामीण-शहरी शिविर की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। एक बार फिर प्रदेशभर में यह शिविर मंगलवार से लगेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को सीएमआर में राज उन्नति की 7वीं बैठक के दौरान शिविरों के समीक्षा करते हुए इनकी डेट बढ़ाने का फैसला लिया। बैठक में सीएम ने 7 विभागों की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। सीएम ने कहा- विकास परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा कर जनता को समय पर लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को संदेश दिया- वे काम में बहाने नहीं बनाएं और जनता के काम को समय पर पूरा करें। दो अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई मुख्यमंत्री भजनलाल ने बैठक में संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों की समीक्षा करते हुए बूंदी जिले में प्रसूति सहायता योजना के तहत लाभार्थी मनीषा मीणा को समय पर लाभ नहीं मिलने पर संयुक्त श्रम आयुक्त दीपक यादव और संकेत मोदी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परिवादी ने साल 2023 में प्रसूति सहायता योजना के तहत आवेदन किया था, जिसे दस्तावेज अपूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया गया। वहीं प्रतापगढ़ में चुपना के राजीविका के जागृति क्लस्टर संगठन की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से चार्जशीट देने के निर्देश दिए। संगठन ने शिकायत दी थी कि ब्लॉक परियोजना प्रबंधक धर्मेन्द्र पंवार द्वारा उनके क्लस्टर संगठन का खाता बंद कर दिया गया और उनसे कमीशन की मांग की गई। इस संबंध में संगठन ने विभिन्न स्तरों पर परिवाद दर्ज कराया। शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाई जाने के बावजूद लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई में देरी पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को चार्जशीट दिए जाने के निर्देश दिए। 15 जुलाई तक 19 हजार से ज्यादा शिविर लगे प्रदेशभर में 12 जून से 15 जुलाई तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 19 हजार से ज्यादा शिविर आयोजित हो चुके हैं। शहरी सेवा शिविरों में 42 हजार से अधिक पट्टे जारी करने के साथ ही 13 हजार से अधिक नाम हस्तांतरण भी किए गए। वहीं, 1 लाख से अधिक जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीकरण, पालनहार योजना में 12 हजार से अधिक सत्यापन, 18 हजार से अधिक पीएम स्वनिधि ऋण आवेदन तथा 41 हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए। इसी प्रकार ग्रामीण सेवा शिविरों में 1 लाख 97 हजार से अधिक नामांतरण, लगभग 48 हजार से अधिक पत्थरगढ़ी/सीमाज्ञान, 27 हजार से अधिक आपसी सहमति से विभाजन तथा 18 हजार से अधिक रास्तों के प्रकरणों का निस्तारण किया गया। साथ ही ग्रामीण सेवा शिविरों में 25 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार, 11 लाख से अधिक की टीबी स्क्रीनिंग तथा साढ़े 4 लाख से अधिक महिलाओं की ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग भी की गई।
बाराबंकी के रामसनेहीघाट स्थित लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर एक रेस्टोरेंट में परोसे गए भोजन में कीड़ा मिलने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, सुमेरगंज निवासी शुभम साहू रविवार देर रात अपने दोस्त प्रशांत जायसवाल के साथ हाईवे स्थित रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे थे। उन्होंने शाही पनीर और रोटी का ऑर्डर दिया। शुभम का आरोप है कि आधी रोटी खाने के बाद जब उन्होंने सब्जी देखी, तो उसमें एक बड़ा कीड़ा मिला। शिकायत के लिए जब वे काउंटर पर पहुंचे तो वहां ग्राहकों के लिए रखी सौंफ और मिश्री में भी कीड़े दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। शुभम का आरोप है कि रेस्टोरेंट में साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की जा रही है। मामले की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी बृजेंद्र उपाध्याय ने संबंधित विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए रसोई, खाद्य सामग्री के भंडारण, बर्तनों और भोजन परोसने की व्यवस्था में स्वच्छता बनाए रखना अनिवार्य है। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत चेतावनी, जुर्माना या अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच की मांग वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सोमवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति के चैंबर में करीब दो घंटे तक चली इस सुनवाई के बाद मामले की अगली तारीख 20 अगस्त तय की गई है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति बीआर सिंह की खंडपीठ ने इस आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका कर्नाटक निवासी भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने दायर की है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ लगे आरोपों की सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की गई है। इस मामले में न्यायालय पहले ही संबंधित एजेंसियों को निर्देश दे चुका है कि शिकायत मिलने पर आरोपों का कानून के अनुसार सत्यापन किया जाए। कोर्ट ने सीबीआई और ईडी को कानून के तहत उचित कार्रवाई करने की स्वतंत्रता भी दी थी। इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने डीओपीटी, वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) को भी याचिका में लगाए गए आरोपों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। सोमवार को हुई सुनवाई के बाद देर शाम तक आदेश हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं हो सका। मामले की अगली सुनवाई अब 20 अगस्त को निर्धारित की गई है।
दुर्ग जिले में शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर एक ड्राइवर से 19 लाख रुपए की ठगी की गई है। आरोपियों ने 28 महीने में रकम चार गुना करने और हर महीने 10 से 12 प्रतिशत रिटर्न देने का लालच दिया था। मामले में एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला उतई थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, आरोपी तृप्ति साहू खुद को 'रैम्बो इंटरनेशनल ट्रेडिंग कंपनी' की लीडर बताती थी। जांच में उसके कई बैंक खातों में लाखों रुपए के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। पुलिस का कहना है कि निवेशकों से मिली रकम का इस्तेमाल वह निजी कामों में कर रही थी। ड्राइवर को चार गुना रकम का लालच शिकायतकर्ता दीपक कुमार अहिरवार (35), निवासी ग्राम जोरातराई, उतई, पेशे से ड्राइवर हैं। उन्होंने बताया कि साल 2024 में उनकी पहचान ललित साहू के जरिए तृप्ति साहू से हुई। उसने दावा किया कि उसकी कंपनी 28 महीने में निवेश की रकम चार गुना कर देती है और हर महीने 10 से 12 प्रतिशत तक रिटर्न देती है। उसने यह भी कहा कि इसी कारोबार से उसने घर और कार खरीदी है। दीपक ने बताया कि 28 फरवरी 2024 को उन्होंने उतई में ललित साहू के घर पर तृप्ति साहू को 5 लाख रुपए नकद दिए। अगले दिन उनके नाम से निवेश की आईडी बनाई गई। करीब एक महीने बाद आरोपी ने 45 हजार रुपए देकर भरोसा जीत लिया। बैंक से लोन लेकर भेजे 14 लाख रुपए शुरुआती रकम मिलने के बाद दीपक ने एक्सिस बैंक से 15 लाख रुपए का लोन लिया। 28 मार्च 2024 को उसमें से 14 लाख रुपए आरोपी के कहने पर निखिल पिल्लई के एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी उनसे लगातार और निवेश करने के लिए कहा जाता रहा। रिश्तेदारों और दोस्तों से भी कराई निवेश आरोपी ने ज्यादा लोगों को जोड़ने पर अतिरिक्त कमाई का लालच दिया। इस पर दीपक ने अपने भाई, दोस्त और एक रिश्तेदार से 4 लाख रुपए लेकर निवेश कराया। उनके नाम से भी आईडी बनाई गई, लेकिन किसी को कोई रिटर्न नहीं मिला। पैसे मांगने पर पहचानने से किया इनकार कुछ समय तक रिटर्न मिलता रहा, लेकिन अप्रैल 2024 के बाद भुगतान बंद हो गया। आरोपी कंपनी अपडेट होने का बहाना बनाकर टालती रही। जब निवेशकों ने अपने पैसे वापस मांगे तो उसने पहचानने से इनकार कर दिया और कहा कि निवेश अपने जोखिम पर किया गया था। 19 लाख की ठगी का मामला दर्ज शिकायतकर्ता ने कुल 23 लाख रुपए निवेश करने की बात कही। हालांकि पुलिस जांच में फिलहाल 19 लाख रुपए की धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर उतई थाना में अपराध क्रमांक 389/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बैंक खातों में मिले संदिग्ध लेनदेन जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के एसबीआई, यस बैंक, केनरा बैंक और एचडीएफसी बैंक खातों की जांच की। खातों में लाखों रुपए के संदिग्ध लेनदेन मिले। पूछताछ में आरोपी ने निवेशकों से मिली रकम का निजी इस्तेमाल करने और कुछ लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की बात स्वीकार की। महिला गिरफ्तार, कार और दस्तावेज जब्त 20 जुलाई 2026 को पुलिस ने तृप्ति साहू को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से बैंक पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड और कार (CG-07-CF-8179) जब्त की है।
बेमेतरा जिले के ग्राम निनवा के हल्का क्रमांक-40 की पटवारी अम्बा उपाध्याय पर स्वामित्व योजना के तहत डिजिटल रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप लगा है। ग्राम निनवा, सावतपुर, डुडा और उघरा के ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि ड्रोन सर्वे के बाद स्वामित्व योजना के तहत कब्जाधारियों का नाम डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए 20 हजार से 30 हजार रुपए तक की मांग की जा रही है। पैसे नहीं देने पर नाम दर्ज नहीं करने और काम रोकने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में कई लोगों के नाम शामिल शिकायत पत्र में कई ग्रामीणों के नाम और उनसे कथित रूप से मांगी या ली गई राशि का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ मामलों में पैसे लेने के बाद भी काम पूरा नहीं किया गया, जबकि एक प्रकरण में जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज करने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीण महिला ने सुनाई आप बीती ग्रामीण बैसाखी बाई ने बताया कि वह अपने बेटे के नाम पर आबादी भूमि दर्ज कराने के लिए पटवारी अम्बा उपाध्याय के पास गई थीं। उनके अनुसार, पटवारी ने काम के बदले पैसे मांगे और कहा कि यदि रकम नहीं दी गई तो नाम दर्ज नहीं किया जाएगा। जांच की मांग, कलेक्टर ने दिया भरोसा ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पटवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई के सांडी थाना क्षेत्र के चर्चित ईश्वरवती दहेज हत्याकांड में करीब आठ वर्ष बाद अदालत ने सोमवार शाम फैसला सुनाते हुए मृतका के पति को दोषी करार दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) की अदालत ने आरोपी अनूप कुमार को सात वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला वर्ष 2018 में न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार, कोथैरा पुरवा मजरा खुजरहरा निवासी लालता प्रसाद ने 2014 में अपनी पुत्री ईश्वरवती का विवाह सांडी थाना क्षेत्र के आदमपुर निवासी अनूप कुमार से किया था। विवाह में 75 हजार रुपये नकद सहित करीब डेढ़ लाख रुपये का दहेज दिया गया था। आरोप है कि शादी के बाद पति और उसके परिजन अतिरिक्त दहेज में मोटरसाइकिल की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ईश्वरवती को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप लगाया कि अनूप कुमार के एक अन्य महिला से संबंध थे। इसका विरोध करने पर ईश्वरवती के साथ मारपीट की जाती थी। 10 मार्च 2017 को परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिली। परिवार का आरोप था कि मारपीट के बाद उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिलाकर हत्या की गई। परिजनों का आरोप था कि स्थानीय पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों और न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर 13 अप्रैल 2018 को सांडी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना और सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। अदालत ने आरोपी अनूप कुमार को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार, यह फैसला 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम है। अभियोजन अधिकारी चंद्र कुमार सिंह, विवेचक सीओ देवेंद्र राय तथा थाना सांडी के पैरोकार मुख्य आरक्षी अमित कुमार की प्रभावी पैरवी से अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध कराने में सफल रहा।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही के दौरान कथित तौर पर बाधा डालने के आरोप में दो LLB छात्रों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों छात्रों का एक वीडियो सामने आया था। बाद में वो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था। जिसमें वो सुप्रीम कोर्ट के अंदर कथित तौर पर हंगामा करते, जज के सामने कागज फेंकते और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते नजर आए। मामले में FIR दर्ज होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की है। LU के सेकेंड कैंपस के अपर प्रॉक्टर की ओर से गठित समिति की संस्तुतियों के आधार पर दोनों छात्रों को जांच पूरी होने तक निलंबित किया गया है। हॉस्टल कमरा भी निरस्त, कैंपस में प्रवेश पर रोक विश्वविद्यालय के नोटिस के अनुसार, निलंबित छात्रों में तीन वर्षीय LLB पाठ्यक्रम के पांचवें सेमेस्टर के छात्र सुरेंद्र सिंह और चंद्र भान शामिल हैं। दोनों को जांच अवधि के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय के परिसरों में प्रवेश से रोक दिया गया है। इसके अलावा, दोनों छात्रों के आवंटित हॉस्टल कमरों का आवंटन भी निरस्त कर दिया गया है। उन्हें छात्र संबंधी सुविधाओं से भी वंचित किया गया है। छात्रों को तीन कार्य दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। LU के प्रवक्ता मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर छात्रों के खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने गिरफ्तार किया था पुलिस के अनुसार, दोनों छात्रों को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कथित तौर पर हंगामा करने, CJI के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, जज की ओर कागज फेंकने और एक सुरक्षाकर्मी से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मामले में सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्था की गरिमा के प्रतिकूल आचरण से जुड़े आरोपों में FIR दर्ज की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया, जिसमें शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर बैठे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। नूंह दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में चौटाला ने कहा कि हजारों छात्र शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के सामने अपनी बात रख रहे थे। उनकी मांगों को सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए। छात्र कथित पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले युवाओं को न्याय दिलाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। चौटाला ने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से मतभेद भुलाकर छात्रों के समर्थन में खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट के अलावा हरियाणा में भी कई भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो युवाओं का व्यवस्था और सरकार पर से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। नूंह में मनाई जाएगी चौधरी देवीलाल की जयंती इसी बीच, अभय सिंह चौटाला ने घोषणा की कि इनेलो का स्थापना दिवस और पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती इस वर्ष 27 सितंबर को नूंह में भव्य स्तर पर मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले यह कार्यक्रम 25 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन जुम्मे की नमाज को देखते हुए मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए तिथि बदलकर 27 सितंबर कर दी गई है। चौटाला ने यह भी बताया कि पुन्हाना अनाज मंडी का निरीक्षण करने पर स्थान छोटा प्रतीत हुआ है। इसलिए कार्यकर्ताओं को 20 से 30 एकड़ खुली जमीन तलाशने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि विशाल रैली का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा सके।
इंदौर के राजनगर में नशे की लत, कर्ज चुकाने के लिए पैसों की जरूरत और पारिवारिक मनमुटाव के चलते एक भतीजे ने अपने ताऊ की चाकू मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने पड़ोसी की दीवार पर खून से सने हाथों के निशान बनाए और ऐसा दिखाने की कोशिश की कि आरोपी पड़ोसी के घर की ओर भागा है। हालांकि, उसकी यह चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चली। रविवार को हुई इस वारदात का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए 50 वर्षीय कमल कुमावत हत्याकांड में आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में टूटा, कबूल कर ली हत्या पुलिस ने जब मृतक कमल कुमावत के 19 वर्षीय भतीजे चेतन कुमावत, पिता पप्पू कुमावत, निवासी डी सेक्टर राजनगर से पूछताछ की तो वह घबरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि कुछ महीने पहले तक पूरा परिवार संयुक्त रूप से रहता था। उस समय ताऊ का व्यवहार अच्छा था, लेकिन बंटवारे के बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी। नशे की लत और पैसों के विवाद में की हत्या पूछताछ में चेतन ने बताया कि वह ब्राउन शुगर का आदी है। डीसीपी सुनील कुमार मेहता के अनुसार, आरोपी ने नशे और कर्ज चुकाने के लिए ताऊ से रुपए मांगे थे, लेकिन उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर उसने रात होने का इंतजार किया। रात करीब 2:30 बजे वह रसोई से चाकू लाया और सो रहे ताऊ पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने मृतक की पैंट की जेब से अलमारी की चाबी निकालकर नकदी तलाश की, लेकिन पैसे नहीं मिले। शक से बचने के लिए उसने जेवरात नहीं छुए। पुलिस को गुमराह करने के इरादे से उसने अपने खून से सने हाथ पड़ोसी की दीवार पर लगाए और ऐसा दिखाने की कोशिश की कि आरोपी पड़ोसी के घर की ओर भागा है। सुबह सामान्य होने का किया नाटक वारदात के बाद आरोपी ने खून से सने कपड़े फेंक दिए, हाथ-पैर धोए और सो गया। सुबह वह रोज की तरह काम पर चला गया, लेकिन चोट लगने के कारण उसे वापस घर भेज दिया गया। घर लौटने के बाद वह ताऊ के कमरे में पहुंचा और जोर-जोर से चिल्लाकर परिजन व आसपास के लोगों को बुला लिया। इसके बाद लोगों की मदद से कमल कुमावत को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की, जिसके बाद पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया।
झांसी के बुंदेलखंड डिग्री कॉलेज में एलएलबी प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने आए एक छात्र ने कॉलेज के प्रवक्ताओं पर मारपीट और पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्र का कहना है कि उसके दस्तावेजों को फर्जी बताकर पहले उसे शाम को मिलने के लिए कहा गया और खर्च-पानी देने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। शनिवार को लौटाया, सोमवार को बुलाया छात्र अनुज सिंह ने बताया कि एलएलबी फर्स्ट ईयर की मेरिट सूची में नाम आने के बाद वह शनिवार को प्रवेश लेने कॉलेज पहुंचा था। आरोप है कि प्रवेश प्रक्रिया देख रहे शिक्षक मीटिंग का हवाला देकर चले गए और उसे सोमवार को आने के लिए कहा गया। 'दस्तावेज फर्जी हैं, शाम को मिलना' अनुज का आरोप है कि सोमवार को कॉलेज पहुंचने पर शिक्षकों ने कहा कि उसके दस्तावेज उत्तराखंड के हैं और उन्हें फर्जी लग रहे हैं। इस पर उसने दस्तावेजों की जांच कराने की बात कही। छात्र का आरोप है कि इसी दौरान एक शिक्षक ने उसे शाम को मिलने और कुछ खर्च-पानी देने की बात कही। विरोध पर मारपीट का आरोप छात्र का कहना है कि उसने उसी समय प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की बात कही, जिस पर शिक्षकों ने एडमिशन देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि कहासुनी के दौरान गाली-गलौज हुई और एक अन्य शिक्षक ने उसके साथ मारपीट कर दी। प्राचार्य बोले- आरोप निराधार, छात्र पर होगी कार्रवाई कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एस.के. राय ने छात्र के सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई। उनके अनुसार छात्र जो ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र लेकर आया था, वह प्रवेश के लिए मान्य नहीं था। प्राचार्य ने कहा कि छात्र ने ही अनुशासनहीनता की है, जिसके चलते उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों के दावे आमने-सामने फिलहाल मामले में छात्र और कॉलेज प्रशासन के बयान एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। छात्र ने मारपीट और पैसे मांगने का आरोप लगाया है, जबकि कॉलेज प्रशासन ने आरोपों से इनकार करते हुए छात्र के व्यवहार को अनुशासनहीन बताया है। घटना के समय पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन अभी तक मामले में किसी भी पक्ष ने पुलिस से शिकायत नहीं की है।
हापुड़ डिवीजन के अतराड़ा बिजलीघर से जुड़े गांव अजराड़ा में एंटी करप्शन टीम ने अवर अभियंता (जेई) सुधीर और संविदा लाइनमैन तारा को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ देहात थाने में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दो कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए मांगी थी रिश्वत गांव अजराड़ा निवासी युनूस ने बताया कि उन्होंने सरताज और समीर के नाम पर दो-दो किलोवाट के दो कॉमर्शियल बिजली कनेक्शनों के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि अवर अभियंता सुधीर ने आवेदन निरस्त कर दिया और लंबे समय तक उन्हें परेशान करता रहा। अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद युनूस ने एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई। 15 हजार की मांग, 12 हजार में हुई सौदेबाजी शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाई। टीम ने युनूस से अवर अभियंता को फोन कराया, जिसमें जेई ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में दोनों के बीच 12 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। सोमवार को रिश्वत की रकम देने का समय तय किया गया। लाइनमैन को पैसे लेने भेजा, दोनों रंगे हाथ दबोचे गए टीम प्रभारी मयंक अरोड़ा के नेतृत्व में ट्रैप टीम प्रभारी राहुल देव तोमर, जसवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, किशनपाल सिंह समेत 17 सदस्यीय टीम ने कार्रवाई की। अवर अभियंता ने युनूस को ट्याला स्टैंड पर बुलाया। आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बाद जेई ने संविदा लाइनमैन तारा को रुपये लेने भेज दिया। शाम करीब सात बजे जैसे ही तारा ने 12 हजार रुपये लेकर जेई के पास पहुंचा, एंटी करप्शन टीम ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। देहात थाने में दर्ज हुई एफआईआर कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन टीम दोनों आरोपियों को देहात थाने ले गई, जहां उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मेडिकल परीक्षण के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। देहात कोतवाली प्रभारी पारस मलिक ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

