लुधियाना में हुए प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।गोलियां मारकर और फिर तेजधार हथियारों से काटकर की गई इस हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। अब इस मामले में मृतक के पिता का बेहद भावुक बयां करने वाला बियान दिया है कैमरे पर पिता ने सीधा आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या कोई अचानक हुआ झगड़ा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। इसके लिए खास तौर पर अमृतसर से सुपारी देकर ऐसे शूटर बुलाए गए थे,जो पहले ही 5 मर्डर कर चुके हैं। पिता का खुलासा: घर पर खाना खिलाया और बेटे को मारने भेज दिया पिता ने अपने जवान बेटे को खोने के दर्द के साथ कैमरे पर जो बातें बताईं, वो पुलिस इन्वेस्टिगेशन को एक नया एंगल देने वाली हैं: अमृतसर से आए थे पेशेवर शूटर: पिता ने कहा,हमारा किसी से कोई जाती झगड़ा या दुश्मनी नहीं थी। जिन लोगों ने मेरे बच्चे पर हमला किया वो लोकल नहीं थे। उन्हें खास अमृतसर से सुपारी देकर सिर्फ मेरे बच्चे को मारने के लिए बुलाया गया था। पहले कर चुके हैं 5 कत्ल: सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए पिता ने बताया,ये कोई आम बदमाश नहीं हैं। इन शूटर्स ने अमृतसर में पहले ही 5 कत्ल किए हुए हैं। वहां की पुलिस इन्हें पकड़ नहीं पाई, और अब लुधियाना आकर इन्होंने मेरे बेटे का छठा कत्ल कर दिया। राजीनामे और प्रधान पद का विवाद: विवाद की असली वजह बताते हुए पिता ने कहा कि इस पूरी साजिश की जड़ एक राजीनामे का विवाद था। दूसरी पार्टी लगातार राजीनामा करवाने का दबाव बना रही थी राजीनामा ना होने के चलते खुन्नस में यह हत्या की गई। हमले में एक साथी ने दिया साथ: पिता ने बताया कि जब शूटर गोलियां चला रहे थे, तो वहां मौजूद उनके एक साथी (दोस्त ) ने उनका मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन शूटर्स उसके पीछे भी गोलियां चलाते हुए भागे। किस्मत से उसकी जान बच गई सिलसिलेवार समझिए: पहले दिन से लेकर धरने तक, कब क्या-क्या हुआ इस पूरे हत्याकांड और उसके बाद मचे बवाल को समझने के लिए मामले को शुरुआत से जाने : वारदात का दिन : लुधियाना में दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर पर हमलावरों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए पहले ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। जब वह गिर गया, तो उस पर तेजधार हथियारों से बेरहमी से कई वार किए गए। पुलिस की एंट्री और FIR: मामले की भनक लगते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। परिवार के बयानों और सीसीटीवी/शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की नामजद FIR दर्ज कर ली। सड़कों पर उतरा लोगों का गुस्सा : इस क्रूर हत्या के बाद परिवार और इलाके के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इंसाफ की मांग और कातिलों की जल्द गिरफ्तारी को लेकर भारी भीड़ ने जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। करीब 7 घंटे तक यह जाम लगा रहा, जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। 2 दिन का अल्टीमेटम और धरना खत्म: हाईवे जाम के दौरान पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिवार को शांत करने की काफी कोशिश की। लंबी बातचीत और जद्दोजहद के बाद, परिवार ने पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 2 दिन (48 घंटे) का अल्टीमेटम दिया है। पुलिस के आश्वासन के बाद परिवार ने हाईवे से अपना धरना खत्म कर दिया। हालांकि, परिवार का साफ कहना है कि अगर 2 दिन में कातिल नहीं पकड़े गए,तो वे फिर शव के साथ सड़कों पर उतरेंगे। पुलिस अब पिता के इस नए अमृतसर कनेक्शन वाले बयान की बारीकी से जांच कर रही है। देखना होगा कि 2 दिन के इस अल्टीमेटम में पुलिस इन खूंखार शूटर्स तक पहुंच पाती है या नहीं।
हरियाणा में एक दिन के ब्रेक के बाद आज से 13 अगस्त तक प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ के अनुसार प्रदेश में 10, 11 और 13 अगस्त को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 12, 14 और 15 अगस्त को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान 10, 11 और 13 अगस्त को प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश होने के आसार हैं। यमुनानगर में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ भारी बारिश की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता की जरूरत है। कई हिस्सों में सक्रिय रहेगा मानसून मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 10 से 13 अगस्त के दौरान मानसून की गतिविधियां प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकती हैं। यमुनानगर, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत और पानीपत में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में होगी कम बारिश इसके अलावा पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, भिवानी और चरखी दादरी में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और जींद में छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। बारिश के साथ कुछ इलाकों में मौसम सुहावना होने तथा तापमान में भी राहत मिलने की संभावना है। अधिकतम तापमान में 2.8 डिग्री की बढ़ोतरी मौसम विभाग की ओर से 9 अगस्त को जारी अधिकतम तापमान रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में 2.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि यह सामान्य के आसपास रहा। प्रदेश में सबसे अधिक 37 डिग्री सेल्सियस तापमान अंबाला में दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 36 डिग्री, करनाल में 35.2, रोहतक में 35.3 और हिसार में 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा। नारनौल में रहा सबसे कम तापमान महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.3 डिग्री कम रहा। यानी प्रदेश के कई हिस्सों की तुलना में नारनौल में दिन का तापमान कम दर्ज किया गया। यमुनानगर के लिए चेतावनी विभाग के अनुसार 10, 11 और 13 अगस्त को प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। खासकर यमुनानगर में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। उमस से मिलेगी राहत प्रदेश में बारिश का यह दौर अलग-अलग क्षेत्रों में जारी रहने की संभावना है। इससे उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही किसानों के लिए भी यह बारिश फसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अंबाला के पंजोखरा साहिब में 7 अगस्त को खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर हमला हुआ। मंड गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे, जहां विवाद के बाद भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में मंड समेत चार लोग घायल हुए, जबकि उनकी कार में भी तोड़फोड़ की गई। मंड लंबे समय से पंजाब की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। कांग्रेस से उनका पुराना जुड़ाव रहा है। वे खालिस्तान के खिलाफ मुखर रुख के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इंटरनेशनल एंटी-खालिस्तान टेररिस्ट फ्रंट बनाया और खुद को इसका राष्ट्रीय अध्यक्ष बताते हैं। पूर्व पीएम राजीव गांधी की प्रतिमा को पगड़ी से साफ करने की घटना के बाद मंड देशभर में चर्चा में आए थे। उन्हें समय-समय पर धमकियां मिलने और सुरक्षा को लेकर भी विवाद सामने आते रहे हैं। अब अंबाला में हुए हमले के बाद एक बार फिर मंड चर्चा में हैं। जानिए कौन हैं गुरसिमरन सिंह मंड और अब तक किन विवादों से जुड़ा रहा उनका सफर... अब विस्तार से पढ़िए कौन हैं मंड… अब वो लेटेस्ट मामला, जिससे फिर सुर्खियों में मंड7 अगस्त 2026 की शाम अंबाला के पंजोखरा साहिब में मंड पर हमला हुआ। वे गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मंड की गाड़ी को गुरुद्वारा साहिब की ओर जाने वाले भीड़भाड़ वाले रास्ते पर ले जाने को लेकर कुछ श्रद्धालुओं ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद विवाद बढ़ा। मंड ने अस्पताल से मीडिया को बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने उन पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टरपंथियों ने मुझे खालिस्तानी नारे लगाने को कहा था। जब मैंने मना किया तो मुझे मारने लगे। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। हमले में चार लोग घायलअंबाला पुलिस के मुताबिक, घटना में मंड, उनके साथ मौजूद लुधियाना के भावजोत और दो पुलिसकर्मी राकेश कुमार तथा कुलबीर राणा घायल हुए। मंड की कार को भी नुकसान पहुंचा। घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें कुछ युवक कथित तौर पर उनकी गाड़ी पर डंडों और ईंटों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस से दूरी, अब भाजपा के समर्थन में नजर आते हैंमंड का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था, लेकिन समय के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से उनकी दूरी बढ़ती गई। वे अब सोशल मीडिया पर भाजपा का समर्थन करते नजर आते हैं। मंड ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनकर 'मां तुझे सलाम' जैसे स्लोगन के साथ भी अपनी राजनीतिक पहचान को सामने रखा है। कांग्रेस की राजनीति से निकले मंड की पहचान बाद में खालिस्तान विरोधी नेता के तौर पर बनी। मंड ने बताया कि वह धमकियाों को लेकर 12 के करीब FIR दर्ज करा चुके हैं। --------- ये खबर भी पढ़ें… लुधियाना के हिंदू नेता बोले-'खालिस्तान जिंदाबाद' न बोलने पर पिटा:निहंग ने कहा-मंड वाई सिक्योरिटी का रौब झाड़ रहे थे हरियाणा के अंबाला में हुई मारपीट पर लुधियाना के हिंदू नेता गुरसिमरन सिंह मंड का नया वीडियो सामने आया है। अस्पताल में भर्ती मंड ने कहा- कट्टरपंथियों ने मुझे खालिस्तानी नारे लगाने को कहा था। जब मैंने मना किया तो मुझे मारने लगे। मेरी कार पर चढ़कर तलवार-डंडों से हमला किया गया। (पढ़ें पूरी खबर)
एमपी में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष होंगे या अप्रत्यक्ष, इसका फैसला मुख्यमंत्री करेंगे। उच्च शिक्षा विभाग नवंबर 2024 में इसका ड्राफ्ट तैयार कर चुका है। अब सरकार एक कमेटी बनाकर ड्राफ्ट की समीक्षा करेगी। सूत्रों के मुताबिक, कुछ बदलावों के साथ इसे लागू किया जा सकता है। प्रदेश में 2017 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। चुनाव कराने की मांग को लेकर पिछले साल हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने 5 अगस्त को सरकार को सितंबर में चुनाव कराने की जानकारी देने को कहा था। छात्र संगठन प्रत्यक्ष चुनाव की मांग कर रहे हैं, जबकि विशेषज्ञ पुराने अनुभवों के आधार पर सरकार के अप्रत्यक्ष प्रणाली को प्राथमिकता देने की संभावना जता रहे हैं। चुनाव होने पर प्रदेश के 1400 से ज्यादा कॉलेज और 74 विश्वविद्यालयों के 14 लाख से अधिक छात्र अपने प्रतिनिधि चुन सकेंगे। इसका अगले साल के नगरीय निकाय और 2028 के विधानसभा चुनाव पर भी असर पड़ सकता है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सरकार ने चुनाव कराने की जानकारी दीछात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर जबलपुर निवासी छात्र अदनान अंसारी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के रवैये पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने सरकार से चुनाव की निश्चित तारीख, 2026-27 का शैक्षणिक कैलेंडर और पूरी कार्ययोजना पेश करने को कहा। इसके बाद सरकार ने सितंबर में चुनाव कराने की जानकारी हाईकोर्ट को दी। सबसे बड़ा सवाल: प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष चुनाव?सरकार के सामने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों विकल्प हैं। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक सहमति के बाद होने की बात कही जा रही है। छात्र संगठन प्रत्यक्ष प्रणाली की मांग कर रहे हैं। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि संगठन लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव की मांग कर रहा है। एबीवीपी प्रत्यक्ष चुनाव के पक्ष में है। चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि 2017 के बाद कांग्रेस और बीजेपी सरकारों ने छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित रखा। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि चुनाव की प्रणाली सरकार को तय करनी है, लेकिन संगठन प्रत्यक्ष चुनाव चाहता है। उन्होंने प्रत्यक्ष चुनाव नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। विशेषज्ञों के अनुसार सरकार प्रत्यक्ष की जगह अप्रत्यक्ष प्रणाली को प्राथमिकता दे सकती है। उनका तर्क है कि प्रत्यक्ष प्रणाली में विश्वविद्यालय अध्यक्ष पद के लिए व्यापक दावेदारी हो सकती है। कौन लड़ सकता है चुनाव?नियमों के अनुसार केवल नियमित छात्र ही चुनाव लड़ सकते हैं। कॉलेज या विश्वविद्यालय से बाहर के व्यक्ति चुनाव प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकते। राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की प्रत्यक्ष भूमिका पर भी रोक रहती है, जबकि छात्र संगठनों की वैचारिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं होता। इसका उद्देश्य बाहरी हस्तक्षेप कम करना और कैंपस का शैक्षणिक माहौल बनाए रखना है। चुनाव कैसे कराए जाएंगे?प्रत्येक कॉलेज में चुनाव अधिकारी नियुक्त होगा। शिकायतों के निपटारे के लिए अलग समिति बनाई जाएगी। जरूरत के अनुसार वीडियोग्राफी और सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। चुनावी खर्च और प्रचार पर सख्ती लिंगदोह कमेटी की प्रमुख अनुशंसाएं छात्रसंघ चुनाव का प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा? वरिष्ठ पत्रकार दिनेश गुप्ता के मुताबिक, यदि छात्रसंघ चुनाव नियमित रूप से होते हैं तो इसका असर विश्वविद्यालयों से आगे प्रदेश की राजनीति और राजनीतिक दलों के संगठन पर भी पड़ेगा। इसका प्रभाव 2028 के विधानसभा चुनाव में दिखाई दे सकता है। उनके अनुसार छात्रसंघ चुनाव में उभरने वाले नेता अगले 2-3 वर्षों में नगर निगम, पंचायत और विधानसभा की राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। ऐसे में ये चुनाव 2028 के लिए नए राजनीतिक चेहरों की तलाश का मंच बन सकते हैं। बीजेपी के लिए युवाओं के समर्थन का दावा करने का मौकाप्रदेश में बीजेपी की सरकार होने के कारण छात्रसंघ चुनाव के नतीजे उसकी राजनीतिक साख से भी जोड़े जा सकते हैं। बीजेपी का छात्र संगठन एबीवीपी कई कॉलेजों में लंबे समय से सक्रिय है। चुनाव होने पर पार्टी को नए युवा नेताओं के उभरने का अवसर मिल सकता है। बेहतर प्रदर्शन की स्थिति में बीजेपी इसे युवाओं के समर्थन के संकेत के तौर पर पेश कर सकती है। कांग्रेस के लिए संगठन मजबूत करने का मौकाकांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के लिए चुनाव संगठन को फिर मजबूत करने का अवसर हो सकते हैं। इससे जिला और विधानसभा स्तर पर नए युवा चेहरे उभर सकते हैं। यदि एनएसयूआई बड़े विश्वविद्यालयों में अच्छा प्रदर्शन करती है, तो कांग्रेस इसे सरकार के खिलाफ युवाओं के रुख के तौर पर पेश कर सकती है। सरकार के लिए भी राजनीतिक संकेतयदि सत्ता समर्थित छात्र संगठन अधिकांश विश्वविद्यालयों में अच्छा प्रदर्शन करता है, तो इसे सरकार के पक्ष में सकारात्मक संकेत के तौर पर पेश किया जा सकता है। वहीं, विपक्ष समर्थित छात्र संगठन बेहतर प्रदर्शन करता है तो विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ युवाओं के रुख के संकेत के रूप में प्रस्तुत कर सकता है। गैर-राजनीतिक युवाओं के लिए भी मौकाभोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा और सागर जैसे विश्वविद्यालय नए राजनीतिक नेतृत्व के उभरने का मंच बन सकते हैं। ऐसे में किसी राजनीतिक दल से सीधे जुड़े नहीं रहने वाले युवाओं को भी स्थानीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर मिल सकता है।
सहारनपुर में थाना कोतवाली देहात पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में फरार एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद सोमवार सुबह 3 बजे गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को देखकर टेंपो से भागने की कोशिश की। पीछा करने पर टेंपो का टायर कच्चे रास्ते पर बनी नाली में फंस गया। इसके बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, 10 अगस्त की रात सब इंस्पेक्टर विजय सिंह और विमल कुमार पुलिस टीम के साथ मिनी बाईपास से करीब 100 मीटर टपरी की तरफ संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान टपरी की तरफ से एक टेंपो आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने टॉर्च की रोशनी दिखाकर उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस का कहना है कि टीम को देखकर टेंपो चालक घबरा गया और टेंपो को मोड़कर तेज गति से जंगल की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर भागने लगा। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया। टेंपो का टायर नाली में फंसा कुछ दूरी पर जाने के बाद कच्चे रास्ते पर बनी नाली में टेंपो का टायर फंस गया, जिससे वह रुक गया। पुलिस के मुताबिक, टीम को नजदीक आता देखकर टेंपो सवार आरोपी ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान वाजिद पुत्र साजिद, निवासी टपरी अंडरपास के पास, टपरी बाजार, थाना कोतवाली देहात, के रूप में हुई है। पुलिस ने घायल आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में था फरार पुलिस के अनुसार, वाजिद थाना कोतवाली देहात में दर्ज मुकदमे में फरार था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से .315 बोर का एक तमंचा बरामद किया है। इसके अलावा एक जिंदा और दो खोखा कारतूस .315 बोर, 230 रुपए नकद तथा बिना नंबर प्लेट का एक टेंपो बरामद किया गया है।
भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट पर काम कर रही दोनों टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) अब तक 260 मीटर सुरंग बना चुकी है। भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड के नीचे से अंडरग्राउंड रूट निकल रहा है। मेट्रो अफसरों की माने तो अगले डेढ़ से दो साल में अंडरग्राउंड रूट का काम पूरा कर लिया जाएगा। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी और सड़क यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से भूमिगत कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। भूमिगत सुरंग का निर्माण दो चरण में किया जा रहा है। प्रथम चरण में दोनों टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) भोपाल रेलवे स्टेशन से ऐशबाग की ओर आगे बढ़ रही हैं। सुरंगें जमीन से करीब 60 फीट नीचे बनाई जा रही हैं। निर्माण कार्य में दोनों टीबीएम अब तक करीब 260 मीटर सुरंग का निर्माण कर चुकी है। पहली टीबीएम लगभग 160 मीटर और दूसरी करीब 100 मीटर सुरंग बना चुकी है। सुरंग निर्माण के दौरान टीबीएम मिट्टी को काटते हुए आगे बढ़ रही है और इसके साथ सुरंग के भीतर स्थायी प्री-कॉस्ट आरसीसी रिंग बना रही है। इससे भूमिगत सुरंग की संरचनात्मक स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायता मिल रही है। लोगों की सुरक्षा सबसे पहले भूमिगत निर्माण में आमजन, भवनों एवं श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सुरंग के ऊपर स्थित भवनों एवं अन्य संरचनाओं में संभावित कंपन (वाइब्रेशन) और जमीन के बैठने (सेटलमेंट) की निगरानी के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन एवं मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इससे किसी भी असामान्य बदलाव की समय रहते जानकारी प्राप्त कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, मजदूरों की सुरक्षा के लिए फ्रेश एयर वेंटिलेशन सिस्टम और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। सुरंग में गैस की नियमित जांच के साथ 24 घंटे सुरक्षा निगरानी की जा रही है। प्रदेश में पहली बार दो टनल मशीनें उतरीं जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पहली बार इस प्रकार की दो टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। यह सुरंग ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी के बीच निर्मित की जा रही है, जो भोपाल रेलवे स्टेशन एवं नादरा बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगी। टीबीएम तकनीक को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह घनी आबादी वाले एवं संवेदनशील शहरी क्षेत्र के नीचे उच्च सटीकता और सुरक्षा के साथ कार्य कर सके। इनके प्रयासों से रफ्तार पकड़ रही मेट्रोमेट्रो प्रोजेक्ट को भोपाल नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD), रेलवे, पुलिस विभाग, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों का सहयोग मिल रहा है। सुभाषनगर से करोंद के बीच काम जारी भोपाल में एम्स से करोंद चौराहे तक ऑरेंज लाइन का काम चल रहा है। सुभाषनगर से एम्स के बीच 6 किमी लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर है। जहां पर मेट्रो चल रही है। इसी लाइन के सेकंड फेज यानी, सुभाषनगर से करोंद के बीच काम चल रहा है। यहां पर मेट्रो अंडरग्राउंड भी गुजरेगी। दो स्टेशन, 180 मीटर रहेगी लंबाई इस कॉरिडोर में भोपाल और नादरा, दो अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जिनकी लंबाई करीब 180-180 मीटर होगी। टीबीएम से बनी सुरंग 3.39 किमी तक जाएगी। इसके बाद बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर स्लोप के जरिए मेट्रो फिर जमीन के ऊपर आ जाएगी। अंडरग्राउंड स्टेशन के तीनों फ्लोर पर कहां, क्या होगा
इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे संबंधित विभागों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत सामने आते ही जिम्मेदार संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें...) जोन 18 के जोनल अधिकारी अतीक खान बने आज के 'स्टार ऑफिसर' वार्ड 51 के मां भगवती नगर, पलदा मेन रोड निवासी प्रकाश यादव ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पानी की निकासी नहीं होने से चैंबर ओवरफ्लो हो रहा था और पूरी गली में जलभराव हो गया था। शिकायत सामने आने के बाद आज के ‘स्टार ऑफिसर’ जोन 18 के जोनल अधिकारी अतीक खान ने मामले पर संज्ञान लिया और मौके पर सफाई कराकर पानी की निकासी कराई। समाधान की पुष्टि भी एप पर की गई, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। एप से लोगों को मिल रहा समाधान लहिया कॉलोनी: बंद स्ट्रीट लाइट हुई चालू वार्ड 33 के लहिया कॉलोनी, काबीट खेड़ी निवासी दीपक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गली की स्ट्रीट लाइट कई महीनों से बंद थी। इससे रात में अंधेरा रहता था और घरों के बाहर खड़े वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। शिकायत के बाद लाइट की मरम्मत कराई गई। समाधान की पुष्टि शिकायतकर्ता ने एप पर की। खुली नालियों, टूटे चैंबर और अंधेरे से परेशान इंदौरवासी मधुबन कॉलोनी: खुली नाली से बढ़ रही गंदगी, रहवासी परेशान वार्ड 71 के उषा नगर, विजय सिंडिकेट कॉलोनी निवासी खुशी ने शिकायत दर्ज कराई है कि डोसा मैजिक के पास गली की नाली खुली पड़ी है। इसमें गंदगी जमा है और चूहे भी हो रहे हैं। नाली खुली होने से बदबू की समस्या बनी हुई है। तुलसी नगर: मलबे से चोक हो रही मुख्य लाइन वार्ड 37 के तुलसी नगर, निपानिया निवासी धर्मेंद्र ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि एक प्लॉट के काम के दौरान चैंबर के ऊपर मलबा डाल दिया गया है। इससे मुख्य लाइन बार-बार चोक हो रही है। कई बार शिकायत के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। स्टार स्क्वायर: दो महीने से बंद पड़ी गार्डन लाइट वार्ड 39 के स्टार स्क्वायर निवासी रवि सोलंकी ने शिकायत दर्ज कराई है कि बैंक ऑफ बड़ौदा के पीछे स्थित गार्डन की लाइट करीब दो महीने से खराब है। इससे पूरे गार्डन में अंधेरा रहता है। उन्होनें जल्द समाधान करने की मांग की हैं। पंचवटी कॉलोनी: मुख्य सड़क पर टूटा चैंबर वार्ड 35 के पंचवटी कॉलोनी, तलावली चंदा निवासी रामकृष्ण रघुवंशी ने शिकायत दर्ज कराई है कि मुख्य सड़क पर चैंबर करीब एक महीने से टूटा हुआ है। न ढक्कन बदला गया है और न ही मरम्मत हुई है। उन्होनें जल्द समाधान करने की मांग की हैं। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। यह मंच आमजन और प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम बन रहा है। समस्या का समाधान होने पर शिकायतकर्ता इसकी जानकारी एप पर अपडेट कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस प्लेटफॉर्म पर संबंधित अधिकारी अपनी कार्रवाई की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचती है। अधिकारी मैप पर लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकते हैं और समाधान होने पर एप के माध्यम से इसकी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर अधिकारी शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' बदलाव की दिशा में सकारात्मक पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोगों की समस्याएं सीधे जिम्मेदार विभागों तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके। यह मंच जनसमस्याओं को सामने लाने और उनके समाधान की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने इमरजेंसी के दौरान जेल जाने वाले बंगाल के 325 लोगों के लिए ₹10,000 पेंशन का ऐलान किया है। उन्होंने रविवार को कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र को बचाने के लिए काफी परेशानियां झेली थीं। राज्य सचिवालय में एक कार्यक्रम के दौरान अधिकारी ने बताया कि इमरजेंसी में जेल गए 325 लोगों की पहचान 'पश्चिमबंग लोकतंत्र सेनानी सम्मान' के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि नई सरकार देश के लिए कुर्बानी देने वाले इन्हीं वीरों के आदर्शों पर बनी है। केंद्र की भाजपा सरकार 1975 में लगी इमरजेंसी के दिन (25 जून) को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाती है। नासिक-पुणे रेलवे रूट बदलने पर लोगों का प्रदर्शन, पुलिस ने NCP नेता को हिरासत में लिया महाराष्ट्र के नासिक में रविवार को नासिक-पुणे सेमी-हाई-स्पीड रेलवे लाइन का रूट बदलने के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि रेलवे का पुराना रूट ही रखा जाए। इस चक्का जाम के कारण हाईवे पर ट्रैफिक ठप हो गया। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे विधान परिषद सदस्य (MLC) सत्यजीत तांबे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दरअसल, पुणे के पास जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (GMRT) के सिग्नलों में रुकावट की आशंका जताई गई थी। इसके कारण नारायणगांव और संगमनेर वाले सीधे और छोटे रूट को रद्द करने की खबर आई थी। सरकार ने इसके बदले अहिल्यानगर और शिरडी होकर नया रूट प्रस्तावित किया है, जिसका स्थानीय लोग जमकर विरोध कर रहे हैं। अगरतला में सीएम साहा ने सुप्रा अस्पताल का उद्घाटन किया, बिजली-रोड कामों की समीक्षा भी की त्रिपुरा के अगरतला में 10 अगस्त को मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मोटरस्टैंड में नए सुप्रा मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। इसे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बताया गया। रविवार को कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम साहा ने सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को बढ़ाने और बेहतर करने में निजी अस्पतालों की अहम भूमिका को भी माना।
सूखे जैसे हालात से जूझ रहे मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है। मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) की वजह से रविवार को प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। सोमवार को भी 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। भोपाल-उज्जैन संभाग में सबसे ज्यादा असर रहेगा। मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक, सोमवार को राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश जारी रह सकती है। दो दिन तेज बारिश का दौरमौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि वर्तमान में लो प्रेशर एरिया के बाद मानसूनी गतिविधि बढ़ी है। हालांकि, तेज बारिश का दौर दो दिन ही रहेगा। 11 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल–बांग्लादेश तट के पास नया साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 13 अगस्त को नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। 12–13 अगस्त को हल्की बारिश के संकेत है। डिंडौरी में बारिश से गिरा मकान, मंडला में पुल के ऊपर बही नर्मदाइससे पहले रविवार को डिंडौरी में तेज बारिश से कच्चा मकान गिर गया। मलबे में दबकर 7 साल के राजा की मौत हो गई। नर्मदा नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। किनारे बसे 7 परिवारों को रैन बसेरा में शिफ्ट किया गया। मंडला में भी नर्मदा नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। रविवार सुबह 9 बजे यह 435 मीटर था, जो शाम 4 बजे तक वार्निंग लेबल को क्रॉस कर 437.6 मीटर पर पहुंच गया। छोटा पुल (रपटा) डूब गया है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के 5 गेट 11 मीटर खोलकर पानी छोड़ा गया। भोपाल, बालाघाट, ब्यावरा, विदिशा, हरदा, मंडला और नरसिंहपुर में रुक-रुककर बारिश हुई। इससे पहले डिंडौरी में शनिवार रात 9 बजे से रविवार सुबह 6 बजे तक रिकॉर्ड 6 इंच बारिश हुई। बालाघाट में 24 घंटे में औसतन सवा 2 इंच बारिश दर्ज की गई जबकि बिरसा तहसील में सबसे ज्यादा साढ़े 3 इंच पानी गिरा। विदिशा जिले के पठारी में लगातार बारिश से क्षेत्र की नदी-नाले उफान पर हैं। पठारी-छपारा मार्ग पर रहटी नदी के पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं। देखिए, रविवार को हुई बारिश की तस्वीरें… प्रदेश में अब तक 17.8 इंच बारिश हुईमौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 17.8 इंच (453 एमएम) बारिश हो चुकी है। यह औसत बारिश 22 इंच (560 एमएम) से 4.2 कम है। यानी, प्रदेश में 19% पानी कम गिरा है। पूर्वी हिस्से में 20% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 18% बारिश कम हुई है। 49 जिलों में कम बारिशप्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 20% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में 3% से 50% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, बड़वानी और विदिशा में औसत से 4% से 45% कम पानी गिरा है। 6 जिलों में ज्यादा बारिशIMD की माने तो पश्चिमी हिस्से के ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून के बाद जुलाई में भी आंकड़ा कम मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंचप्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। अब जानिए, एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड... भोपाल में 2006 में अगस्त में 35 इंच बारिश का रिकॉर्डभोपाल में अगस्त में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश हो चुकी है, जो साल 2006 में हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश करीब 12 इंच 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल में इस महीने औसत 14 दिन बारिश होती है। इस दौरान 13 दिन तक पानी गिर जाता है। जुलाई जैसे ही सिस्टम एक्टिव होते हैं। इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानीइंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बनाया था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है। ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्डग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 10 अगस्त 1927 को बना था। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1916 में 28 इंच हुई थी। इस महीने की औसत बारिश साढ़े 9 इंच है। एवरेज 12 दिन बारिश होती है। जबलपुर में 102 साल पहले गिरा था 44 इंच पानीजबलपुर में एक महीने में 44 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। 102 साल पहले यानी, वर्ष 1923 में अगस्त महीने में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसी साल 20 अगस्त को 24 घंटे में ही 13 इंच बारिश हुई थी। यहां बादल फटने जैसी स्थिति बनी थी। जबलपुर में इस महीने की औसत बारिश 18 इंच है। करीब 16 दिन तक पानी गिरता है। पिछले 10 साल की बात करें तो साल 2019 में यहां 30.61 इंच बारिश हुई थी। उज्जैन में अगस्त में जमकर होती है बारिशउज्जैन में साल 2006 में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बना था। इस साल अगस्त महीने में करीब 35 इंच बारिश हुई थी। इसी साल 24 घंटे में सर्वाधिक 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त को बना था। उज्जैन में अगस्त की औसत बारिश 10 इंच है। 10 से 11 दिन यहां बारिश होती है।
मध्य प्रदेश में रविवार को कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। मंडला में नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी, जबकि डिंडौरी में भारी बारिश के बाद सोमवार को नर्सरी से 12वीं तक सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। प्रदेश में सक्रिय मानसूनी ट्रफ और बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के चलते अगले कुछ दिनों में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।यूपी में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं। गंगा, यमुना, शारदा और सरयू समेत 10 से ज्यादा नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। सोमवार को पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना है। ललितपुर और महोबा में भारी से भारी बारिश का अलर्ट है। बिहार में मानसून एक्टिव है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज 20 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आकाशीय बिजली भी गिरने की आशंका है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
पंजाब के खड़ूर साहिब के एक सिख ने राजस्थान के श्रीगंगानगर की नाबालिक लड़की की ग्रूमिंग करने की कोशिश की। लड़की की AI से अश्लील फोटोज बनाई और उसे गलत काम करने के लिए उकसाया। लड़की के पिता ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में बताया कि उसकी इंस्टाग्राम पर करीब 5 महीने पहले चैट हुई। उसने खुद को बंदी सिंहों का साथी बताया और कहा कि वह पंजाब के खड़ूर साहिब का रहने वाला है। जगतार सिंह हवारा के नाम पर सिम्पैथी लेकर उसने बातचीत और चैट शुरू की। उसने बच्चों के बारे में पूछा और उनसे भी बात करने लगा। इसके बाद वह चोरी से उसकी 12 साल की बेटी से बात करने लगा और उसकी ग्रूमिंग शुरू कर दी। वह उससे गंदी चैट करता रहा। उसने उसे केश कत्ल करने को कहा और केश कटवा दिए। जब उसने लड़की को गुटका साहिब की बेअदबी के लिए कहा तो उसने इनकार कर दिया। मुझे बेटी पर शक हुआ और उसके बाल देखे तो उसकी पिटाई की। इस पर बेटी ने बताया कि कुलदीप सिंह उससे बात करता है। उसने उसकी गंदी फोटो बना रखी हैं। वह धमकी दे रहा था कि बाप को बताया तो मैं बंदी सिंह हूं और तुम्हारे परिवार को मरवा दूंगा। लड़की ने कुलदीप सिंह के कारनामों के बारे में वीडियो कॉल पर रो-रोकर बताया। उसने कहा कि उसने अपनी बातों से ऐसा कर दिया था कि वह जैसा कहता था, मैं वैसा ही करने लग पड़ी थी। पिता बोले- खालिस्तान से निकला लिंक, पुलिस कर रही कार्रवाई लड़की के पिता ने बताया कि उसकी बेटी के साथ ग्रूमिंग होने पर उन्होंने यह मसला निहंग जत्थेबंदियों के पास उठाया। उनके वीडियो देख बाबा मान सिंह सहित कई निहंग जत्थेबंदियां उनके पक्ष में आईं। जब कुलदीप सिंह के बारे में इन्क्वायरी की तो पता चला कि उसका खालिस्तान से भी लिंक है और नजायज असलहा रखने सहित रेप केस दर्ज है। फिरोजपुर जेल में बंद है आरोपी लड़की के पिता ने बताया कि जब कुलदीप सिंह के बारे में जानकारी जुटाई गई तो उनको पता चला कि वह पहले से ही फिरोजपुर जेल में बंद है। उन्होंने दावा किया वह जेल के अंदर से ही फोन कर रहा था। निहंग जत्थेबंदियों ने दावा किया कि वीडियो सामने आने के बाद फिरोजपुर पुलिस ने जेल में बंद आरोपी का मोबाइल जब्त कर लिया है। हालांकि, दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता। श्रीगंगानगर पुलिस भी कर रही है पूछताछ लड़की के पिता के साथ हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने सिख ग्रूमर के खिलाफ श्रीगंगानगर पुलिस को शिकायत की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीगंगानगर पुलिस ने परिवार के बयान दर्ज कर लिए हैं और आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने के लिए पंजाब पुलिस के साथ राबता कर रही है। लड़की पिता ने रोते हुए बताई सारी बात… ग्रूमिंग क्या है? ग्रूमिंग ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कोई व्यक्ति किसी बच्चे या नाबालिग का विश्वास जीतकर धीरे-धीरे उसे अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता है। इसमें दोस्ती, पढ़ाई, मदद, धार्मिक शिक्षा या किसी अन्य बहाने से बच्चे के करीब आना, निजी बातचीत करना, फोटो या निजी जानकारी हासिल करना और बाद में दबाव, धमकी या गलत काम के लिए उकसाना शामिल हो सकता है। जब यह प्रक्रिया इंटरनेट, सोशल मीडिया, चैट या दूसरे ऑनलाइन माध्यमों से होती है तो इसे ऑनलाइन ग्रूमिंग कहा जाता है। जगतार सिंह हवारा कौन है? जगतार सिंह हवारा को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में हुई हत्या के मामले में दोषी ठहराए गया है। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 2007 में हवारा को मौत की सजा सुनाई थी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 2010 में हवारा की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। हवारा को जिंदगी भर जेल में रखने के आदेश दिए। 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में हुए विस्फोट में तत्कालीन सीएम बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत हुई थी। हवारा इस वक्त बुड़ैल जेल में बंद है। हाल ही में पंजाब के सीएम भगवंत मान ने लेटर लिख हवारा को पैरोल देने की सिफारिश की है।
भगवान शिव को प्रिय सावन माह की शुरुआत हो गई है। देशभर से भक्तों का भगवान महाकाल के दर्शन और आशीर्वाद के लिए उज्जैन पहुंचना शुरू हो गया है। महाकाल मंदिर आने वाले अधिकांश श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी इच्छा तड़के होने वाली भस्म आरती के दर्शन करने की होती है। भस्म आरती से जुड़ी कई ऐसी परंपराएं हैं, जिनकी जानकारी आम लोगों को नहीं होती। भगवान महाकाल को जगाने से लेकर शयन आरती तक हर प्रक्रिया तय नियमों और पवित्र परंपराओं के अनुसार संपन्न होती है। सावन में प्रत्येक सोमवार को भगवान महाकाल को रात 2:30 बजे तथा मंगलवार से रविवार तक तड़के 3 बजे जगाया जाता है। महाकाल मंदिर में तड़के होने वाली आरती का वास्तविक नाम मंगला आरती है, लेकिन भस्म अर्पित किए जाने के कारण यह वर्षों पहले भस्म आरती के नाम से प्रसिद्ध हो गई। उज्जैन में भगवान महाकाल की पूजा राजा के रूप में होती है। भस्म आरती केवल 16 अधिकृत पुजारी या उनके परिवार के सदस्य ही कर सकते हैं। प्रत्येक छह माह में भस्म आरती करने वाले पुजारियों का क्रम बदलता है। सबसे पहले देखिए भगवान महाकाल की नगरी से ताजा तस्वीरें… निराकार से साकार रूप में होते हैं भगवान के दर्शन मान्यता है कि भगवान महाकाल अनेक रूपों में भक्तों को दर्शन देते हैं। मंदिर के पट खुलने से लेकर भस्म रमाने तक भगवान निराकार स्वरूप में रहते हैं। इसके बाद उनका राजसी शृंगार किया जाता है। भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल को आभूषण, रुद्राक्ष माला, मुंडमाला, बेलपत्र, शेषनाग का रजत मुकुट तथा फल-मिष्ठान का भोग अर्पित कर साकार स्वरूप में सजाया जाता है। महाकाल के लिए एक दिन पहले मांगी जाती है भिक्षा महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा के अनुसार भस्म आरती की तैयारी एक दिन पहले ही शुरू हो जाती है। भस्म के लिए पांच कंडों पर कपूर रखकर धूनी प्रज्ज्वलित की जाती है। यह प्रक्रिया ओंकारेश्वर मंदिर के पीछे स्थित भस्म कक्ष में होती है। इसी दिन वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल के भोग के लिए भिक्षा भी मांगी जाती है। पुजारी परिवार की ओर से नियुक्त व्यक्ति शाम करीब 4 बजे पीतल की बड़ी थाली लेकर शहर की 20 से अधिक दुकानों पर प्रसाद, फूल, दूध, मिठाई, फल, पान और अन्य सामग्री एकत्र करता है। इसे 'भगवान का कंड्या' कहा जाता है। इसी भिक्षा से एकत्र प्रसाद का भोग भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को अर्पित किया जाता है। भस्म अर्पित करते समय महिलाएं करती हैं घूंघट भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल दिगंबर स्वरूप में रहते हैं। इसी कारण परंपरा के अनुसार महिलाओं को भस्म अर्पित होने तक घूंघट की आड़ लेने के लिए कहा जाता है। भस्म अर्पित होने के बाद भगवान का शृंगार किया जाता है और उनके साकार स्वरूप के दर्शन कराए जाते हैं। इसके बाद महिलाएं घूंघट हटा सकती हैं। आज्ञा लेकर ही खुलते हैं महाकाल मंदिर के पट भस्म आरती के लिए पुजारी सुबह स्नान कर मंदिर पहुंचते हैं। सबसे पहले कोटि तीर्थ के जल से स्वयं को शुद्ध करते हैं। इसके बाद घंटी बजाकर भगवान महाकाल से मंदिर में प्रवेश की आज्ञा ली जाती है। वीरभद्र का स्नान कराने के बाद मुख्य द्वार का शुद्धिकरण किया जाता है। भगवान गणेश, माता पार्वती और कार्तिकेय का पूजन-अभिषेक होता है। मंदिर में वर्षों से प्रज्ज्वलित दोनों दीपकों की सफाई की जाती है। दूसरी बार घंटी बजने के बाद ही भक्तों को भस्म आरती के लिए प्रवेश दिया जाता है। 16 मंत्रों के साथ होता है अभिषेक पूजन के दौरान ध्यान मंत्र, आह्वान मंत्र, आसन मंत्र, पाद्य मंत्र, अर्घ्य मंत्र, आचमन मंत्र सहित कुल 16 मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। इसके साथ दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। इत्र, भांग, गन्ने का रस और सप्त नदियों का स्मरण कर जल अर्पित किया जाता है। इसके बाद रुद्री पाठ के साथ स्नान प्रक्रिया पूरी होती है और जलाभिषेक बंद कर दिया जाता है। नंदी का अभिषेक, फिर दिव्य शृंगार भगवान महाकाल के जलाभिषेक के बाद नंदी महाराज का अभिषेक किया जाता है। इसके बाद भगवान का भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से शृंगार होता है। पूरी प्रक्रिया में लगभग दो से ढाई घंटे का समय लगता है। शृंगार पूर्ण होने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत भगवान महाकाल को भस्म अर्पित करते हैं। भस्म आरती में सभी के लिए विशेष ड्रेस कोड भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में पुजारी, सेवक तथा परंपरा से जुड़े श्रद्धालु उपस्थित रहते हैं। इस दौरान महिलाओं के लिए साड़ी और पुरुषों के लिए सोला धोती पहनना अनिवार्य होता है। सुबह दो बार लगता है भोग निर्धारित pH वैल्यू का जल अर्पित किया जाता है भगवान महाकाल के जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर स्थित कोटि तीर्थ कुंड का जल उपयोग में लिया जाता है। ज्योतिर्लिंग का क्षरण न हो, इसलिए अर्पित की जाने वाली सामग्री की pH वैल्यू जांची जाती है। शिवलिंग पर केवल pH 7 से 9 के बीच का अल्कलाइन जल ही चढ़ाया जाता है। 16 मंत्रों के साथ जलाभिषेक पूर्ण होने के बाद 'हरिओम' उच्चारण के साथ अर्पित जल को हरिओम जल कहा जाता है, जिसे बाद में भक्तों में वितरित किया जाता है। सावन में भगवान भी रखते हैं उपवास श्रावण माह के प्रत्येक सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं की तरह भगवान महाकाल भी उपवास रखते हैं। सोमवार को सुबह नैवेद्य नहीं लगाया जाता। शाम को सवारी से लौटने के बाद ही भगवान को नैवेद्य अर्पित किया जाता है। चढ़ाए गए फूलों से बनती है धूप बत्ती, अगरबत्ती महाकाल मंदिर में सुबह पट खुलने से लेकर रात शयन आरती तक देश भर के भक्त रोजाना करीब चार टन से अधिक पुष्प अर्पित करते हैं। ये संख्या पर्व के दिनों में और अधिक बढ़ जाती है। रोजाना बड़ी मात्रा में निकलने वाले पुष्प मंगलनाथ के पास एक अगरबत्ती बनाने की यूनिट में भेज दिए जाते हैं। जिसके बाद अर्पित किये हुए पुष्प से धूप बत्ती, अगरबत्ती, हवन कप और अष्ट गंध बनाई जाती है। ये खबरें भी पढ़ें… महाकाल मंदिर में पहली बार दक्षिण भारतीय प्रसाद महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में अब दक्षिण भारतीय भोजन भी परोसा जा रहा है। मंगलवार से इसकी शुरुआत कर दी गई है। मंदिर प्रशासन ने कहा है कि अब हर मंगलवार और शुक्रवार को यहां आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में साउथ इंडियन डिशेज दी जाएंगी। सावन में यहां फलाहारी भोजन मिलेगा।पूरी खबर पढ़ें
जिस पिता ने जिंदगीभर मेहनत कर अपने चार बच्चों को पाला, कमाया और जो कुछ बनाया उसे उनके बीच बांट दिया, जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर वही पिता अपनों से दूर वृद्धाश्रम में थे। मौत के बाद भी परिवार उनका अंतिम चेहरा देखने नहीं पहुंचा। भोपाल के 'अपना घर' वृद्धाश्रम में करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद दो दिन तक आश्रम प्रबंधन परिजनों के आने का इंतजार करता रहा। बेटी ने आने से इनकार कर दिया, जबकि बेटे ने भी पहुंचने में असमर्थता जताई। परिवार की ओर से बार-बार आश्रम से ही अंतिम संस्कार करने और बाद में डेथ सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने को कहा जाता रहा। आश्रम संचालिका माधुरी मिश्रा के मुताबिक बुजुर्ग की मौत 4 अगस्त 2026 को हुई थी। परिवार से संपर्क की कोशिशें की गईं, लेकिन कोई अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचा। शव को दो दिन तक इस उम्मीद में रखा गया कि शायद कोई अपना आएगा। बाद में पुलिस की मदद से अंतिम संस्कार कराया गया। दो दिन तक शव रखा, पुलिस को पहले दिन ही सूचना दी माधुरी के अनुसार आश्रम के पास शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद परिजनों के आने की उम्मीद में दो दिन तक पार्थिव देह रखी गई। पुलिस को पहले ही दिन सूचना दे दी गई थी। बाद में पुलिस के सहयोग से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। बुजुर्गों की मौत के बाद परिवार के नहीं पहुंचने की स्थिति में आश्रम के सामने सबसे बड़ी समस्या यही होती है कि शव को सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद मानवीय संवेदनाओं के चलते आश्रम परिवार का इंतजार करता है। बेटी ने कहा- भाई ने संपत्ति ले ली, हम क्यों आएं परिवार से संपर्क होने पर बेटी ने कहा कि उसके पिता ने अपनी संपत्ति बेटे को दे दी थी। भाई के साथ उसके संबंध भी अच्छे नहीं हैं। उसका कहना था कि उसे पिता की संपत्ति में कुछ नहीं मिला, इसलिए वह अंतिम संस्कार के लिए क्यों आए। माधुरी के मुताबिक बेटे से संपर्क हुआ तो उसने भी आने में असमर्थता जताई। बातचीत में उसने अपने पिता को लेकर कहा कि उन्होंने हमारे लिए किया ही क्या है। जबकि आश्रम के अनुसार बुजुर्ग ने पूरी जिंदगी मेहनत कर अपने बच्चों का पालन-पोषण किया था। साइकिल के टायर-ट्यूब का कारोबार किया, चार बच्चों को पाला माधुरी बताती हैं कि बुजुर्ग का नाम घनश्याम जी था। वे साइकिल के टायर-ट्यूब का थोक कारोबार करते थे। उनके दो बेटे और दो बेटियां थीं। उन्होंने बताया था कि उन्होंने मेहनत करके जो कुछ बनाया, उसे बच्चों के बीच बांट दिया। लेकिन उम्र के अंतिम पड़ाव पर वही बुजुर्ग आश्रम में रहने को मजबूर हुए। आश्रम में प्रवेश के समय बुजुर्गों से परिवार और संपर्क की पूरी जानकारी ली जाती है, लेकिन कई बार बुजुर्ग जो नंबर देते हैं, वे बच्चों के नहीं बल्कि परिचितों के होते हैं। ऐसे में मौत के बाद परिवार को ढूंढना मुश्किल हो जाता है। ट्रेन का टिकट नहीं है... बस का टिकट नहीं है माधुरी के मुताबिक परिवार से संपर्क के बाद भी दो दिन तक आने को लेकर तरह-तरह के बहाने बनाए जाते रहे। कभी ट्रेन का टिकट नहीं होने की बात कही गई तो कभी बस का टिकट नहीं होने की। इस बीच आश्रम शव को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद करता रहा। बाद में जब परिवार की ओर से डेथ सर्टिफिकेट की मांग की गई तो माधुरी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के अंतिम संस्कार में परिवार शामिल नहीं हुआ, उसके मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी आश्रम पर दबाव नहीं बनाया जा सकता। बता दें कि इनका परिवार इंदौर का रहने वाला है। 30 साल में ऐसे कई मामले देखे माधुरी मिश्रा पिछले करीब 30 वर्षों से बुजुर्गों की सेवा कर रही हैं। उनका कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई बार बुजुर्गों को उनके बच्चे आश्रम में छोड़ जाते हैं और फिर उनका हाल तक जानने नहीं आते। उन्होंने बताया कि एक बुजुर्ग घनश्याम जी, जिनकी उम्र करीब 75 से 80 वर्ष थी, को भी परिवार का कोई सदस्य छोड़ गया था। वे कई दिनों तक भटकते रहे और हबीबगंज स्टेशन पर भीख मांगकर गुजारा करते थे। मौसम खराब होने पर उनकी हालत देखकर कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से उन्हें आश्रम लाया गया। वे करीब चार साल तक आश्रम में रहे। माधुरी के मुताबिक कई बुजुर्गों को अपने बच्चों का सही पता तक नहीं मालूम होता। कई मामलों में बच्चे बुजुर्गों के आधार कार्ड और दूसरे दस्तावेज भी अपने पास रख लेते हैं, जिससे बाद में उनकी पहचान और परिवार तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। माता-पिता को जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया जा रहा माधुरी का कहना है कि समाज में बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता कम होती जा रही है। उनका आरोप है कि कुछ परिवारों में माता-पिता को उनकी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई बुजुर्गों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में भीख मांगने के लिए छोड़ दिया जाता है और उनकी कमाई तक बच्चे ले जाते हैं। वे कहती हैं, माता-पिता ने जिंदगीभर बच्चों के लिए मेहनत की, लेकिन आज कई बच्चे उनसे पूछते हैं कि आपने हमारे लिए किया क्या? यह सवाल ही अपने आप में बहुत बड़ा सवाल है। पहले भी सामने आए हैं दर्दनाक मामले माधुरी ने बताया कि इससे पहले भी ऐसे कई मामले उनके सामने आए हैं। एक बुजुर्ग महिला के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि परिवार की बेटियों ने उनके साथ मारपीट की और उनके गहने तक छीन लिए थे। बाद में वह महिला आश्रम में रही। माधुरी कहती हैं कि हर बेटी या बेटा ऐसा नहीं होता, लेकिन ऐसे मामले यह सवाल जरूर खड़ा करते हैं कि आखिर बुजुर्गों के प्रति परिवार की जिम्मेदारी कहां खत्म हो रही है। ये खबर भी पढ़ें… मदर्स डे स्पेशल: बेटों ने छोड़ा, बहुओं ने ठुकराया मां…सिर्फ एक शब्द नहीं, पूरा संसार है। मां जीवन का आधार है, लेकिन वक्त का सबसे दर्दनाक सच यह है कि जिस मां ने बच्चों को उंगली पकड़कर चलना सिखाया, आज वही मां उम्र के आखिरी पड़ाव पर सहारे की मोहताज है। हैरानी की बात यह है कि बेटों ने घर से निकाल दिया, बहुओं ने साथ छोड़ दिया, महीनों मिलने नहीं आए… फिर भी इन माताओं की जुबां पर शिकायत नहीं, सिर्फ बच्चों के लिए दुआ है।पूरी खबर पढ़ें
हरिद्वार की हर की पौड़ी से सोनीपत के रतनगढ़ माजरा के लिए निकली यह कांवड़ अपने आप में अनोखी है। रतनगढ़ माजरा निवासी ईशु उर्फ फौजी रतनगढ़िया कंधों पर भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा रखकर पैदल चल रहे हैं और प्रतिमा के दोनों कंधों पर एक लड़के और एक लड़की की डॉलनुमा तस्वीरें लगाई गई हैं। यह कांवड़ किसी व्यक्तिगत मनोकामना के लिए नहीं, बल्कि अपनी मुंहबोली धर्म बहन दर्शना हरियाणवी के लिए उठाई गई है, जो करीब 12 साल से संतान की प्रतीक्षा कर रही हैं। ईशु की प्रार्थना है कि दर्शना की प्रेग्नेंसी सुरक्षित रहे और उनके घर में बच्चे की किलकारी गूंजे। लेकिन इस कांवड़ की कहानी यहां से शुरू नहीं होती। इसके पीछे पहले एक महिला का वर्षों का दर्द, फिर उससे प्रभावित होकर एक युवक द्वारा शुरू की गई मुहिम और आखिर में उस मुहिम से जुड़े दूसरे भाई का कांवड़ उठाने का प्रण है। एक निसंतान महिला को दो धर्म के भाईयों ने सहयोग करने के लिए अनूठा रास्ता ढूंढ़ा और पहले आईवीएफ के लिए खुद पैसे दिए और उसके मान-सम्मान को ठेस न पहुंचे इसलिए धर्म की बहन को आत्मनिर्भर बनाने का अनूठी पहल शुरू की। महिला के जीवन में एक भाई मोहित है और दूसरा ईशू है। एक ने सोशल मीडिया से मुहिम शुरू कर कर्जवान होने से बचाया तो ईशू ने बहन के लिए कांवड़ उठाकर दुआएं मांगी। पहले जानिए दर्शना का दर्द, शादी के सालों बाद भी नहीं हुई संतान निसंतान दर्शना के लिए मुहिम: दर्शना का जन्म हांसी जिले के महिंद्रगढ़ी में हुआ था और उनकी शादी भिवानी के जीता खेड़ी में हुई। शादी के कई साल गुजरने के बाद भी उनके घर में संतान नहीं हुई। संतान न होने की वजह से वह काफी निराश रहने लगीं। दर्शना सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर भी हैं और अपने मन का दर्द अक्सर वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर साझा करती थीं। उनकी यही वीडियो आगे चलकर उनकी जिंदगी में एक ऐसी मुहिम की शुरुआत का कारण बनी, जिसका असर अब उनकी जिंदगी में दिखाई देने की उम्मीद है। वीडियो देखकर मोहित हुए प्रभावित: सोनीपत निवासी मोहित ने दर्शना की सोशल मीडिया पर चल रही वीडियो देखीं। वह उनके दर्द से प्रभावित हुए। कुछ साल पहले एक गौशाला के कार्यक्रम में मोहित और दर्शना की मुलाकात भी हो गई। मोहित ने बातचीत के दौरान दर्शना से उनके उदास रहने का कारण पूछा। तब दर्शना ने उन्हें अपनी संतान न होने की परेशानी बताई। बातचीत में यह भी सामने आया कि वह आर्थिक रूप से इतनी मजबूत नहीं थीं कि आईवीएफ जैसे महंगे उपचार का खर्च उठा सकें। आईवीएफ से संभव है संतान, लेकिन खर्च बना सबसे बड़ी परेशानी: मोहित के अनुसार, उन्होंने दर्शना से कहा कि आज के समय में आईवीएफ जैसी चिकित्सा सुविधा के जरिए भी संतान प्राप्ति संभव है। लेकिन दर्शना ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि वह इसका खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। मोहित ने उनकी आर्थिक मदद करने की पेशकश की, लेकिन दर्शना ने किसी से पैसे लेने से मना कर दिया। यहीं से मोहित ने ऐसा रास्ता निकालने की सोची, जिसमें दर्शना को मदद भी मिले और उन्हें किसी के सामने हाथ भी न फैलाना पड़े। अनूठी मुहिम की शुरूआत इस प्रकार हुई… मोहित ने कहा- मदद पैसे से नहीं, सोशल मीडिया से करेंगे:मोहित ने दर्शना के लिए एक अलग तरीका निकाला। उन्होंने यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर उन्हें आगे बढ़ाने और लोगों से जोड़ने की मुहिम शुरू करने का फैसला किया। लोगों से अपील की गई कि वे दर्शना को सोशल मीडिया पर फॉलो और सब्सक्राइब करें। उद्देश्य यह था कि जैसे-जैसे उनके फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर बढ़ेंगे, सोशल मीडिया से आमदनी शुरू होगी और उस पैसे को उनके इलाज में लगाया जा सकेगा। मोहित और दर्शना के बीच यह भी सहमति बनी कि जब उनके पास पैसे आने लगेंगे तो वह अपनी क्षमता के अनुसार हर महीने 100 रुपए वापस देंगी। आर्थिक सहारे की जगह आत्मनिर्भर बनाने पर जोर: मोहित का कहना है कि उन्होंने दर्शना को अपनी धर्म बहन बनाया है। उनका उद्देश्य सिर्फ तत्काल आर्थिक मदद करना नहीं था, बल्कि ऐसा जरिया तैयार करना था जिससे दर्शना भविष्य में अपने इलाज और दूसरी जरूरतों के लिए खुद सक्षम हो सकें।धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर लोगों का जुड़ना शुरू हुआ और मुहिम आगे बढ़ती गई। एक सब्सक्राइबर को एक रुपया मानकर आगे बढ़ी मुहिम सोनीपत के माेहित के अनुसार,मुहिम में एक सब्सक्राइबर को एक रुपए के बराबर माना गया। इसी के तहत दर्शना हरियाणवी के इंस्टाग्राम पर करीब एक लाख फॉलोअर्स हो चुके हैं। यूट्यूब पर भी करीब 50 हजार सब्सक्राइबर होने वाले हैं। फेसबुक पर भी लगातार फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं। मोहित के अनुसार, सोशल मीडिया से अब दर्शना को करीब 8 से 10 हजार रुपए की आमदनी होने लगी है। इसके अलावा कुछ प्रमोशनल काम भी मिलते हैं। उनका कहना है कि धीरे-धीरे यह आमदनी बढ़ेगी और दर्शना अपने इलाज के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहेंगी। हालांकि आईवीएफ के शुरूआती खर्च के पैसे मोहित द्वारा सहयोग के लिए दिए गए हैं और जब दर्शना ने लेने से मना किया तो हर महीने 100 रू देने की शर्त पर सहमति बनी। आईवीएफ उपचार चल रहा, करीब छह महीने की प्रेग्नेंट हैं दर्शनार: मोहित के अनुसार, दर्शना इन दिनों आईवीएफ के जरिए अपना उपचार करवा रही हैं और करीब छह महीने की गर्भवती हैं। उनका कहना है कि करीब 12 साल बाद दर्शना मां बनने की उम्मीद में हैं।यानी जिस परेशानी से शुरू हुई थी यह मुहिम, वह अब एक उम्मीद में बदल चुकी है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। इस मुहिम से एक और भाई जुड़ा और उसने अपनी तरफ से ऐसा कदम उठाने का फैसला किया, जिसने इस पूरी कहानी को एक अलग रूप दे दिया। अब पढ़िए ईशु ने क्या संकल्प लिया और कांवड़ उठाया… मोहित की मुहिम देख ईशु ने कहा- बहन के लिए मैं भी कुछ करूंगा: सोनीपत के रतनगढ़ माजरा निवासी ईशु उर्फ फौजी रतनगढ़िया पहले से मोहित के संपर्क में हैं। उन्होंने दर्शना के लिए चलाई जा रही पूरी मुहिम को देखा और उससे प्रभावित हुए। ईशु के अनुसार, जब उन्होंने देखा कि मोहित अपनी धर्म बहन के इलाज और भविष्य के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं तो उनके मन में भी आया कि वह भाई के रूप में दर्शना के लिए कुछ करें। इसी सोच ने उन्हें कांवड़ उठाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। ईशु ने कांवड़ को दर्शना की संतान की मनोकामना से जोड़ दिया: ईशु ने तय किया कि वह हरिद्वार जाएंगे और भोलेनाथ से दर्शना के लिए प्रार्थना करेंगे। उन्होंने कांवड़ यात्रा को दर्शना की संतान प्राप्ति की मनोकामना से जोड़ दिया। उनका कहना है कि वह दर्शना को सोशल मीडिया पर प्रमोट करने के साथ-साथ उनकी प्रेग्नेंसी के दौरान किसी तरह का दुख-दर्द न आए, इसी प्रार्थना के साथ कांवड़ लेकर आ रहे हैं। वहीं ईशु का ये कहना है कि ये कांवड़ हर उस बहन को समर्पित है जो निसंतान है और भोले बाबा सबके घर में संतान सुख दें। कांवड़ में बच्चों की तस्वीर लगाने के पीछे भी खास संदेशर: ईशु ने भोलेनाथ की प्रतिमा को अपने कंधों पर रखा है। प्रतिमा के दोनों कंधों पर एक लड़के और एक लड़की की डॉलनुमा तस्वीरें लगाई गई हैं। ईशु के मुताबिक, ये तस्वीरें उस संतान की खुशी का प्रतीक हैं, जिसकी दर्शना लंबे समय से प्रतीक्षा कर रही हैं। उनका संदेश है कि भोले बाबा सबके दुख-दर्द हरने वाले हैं और वह दर्शना के परिवार में भी सुख-शांति के साथ संतान की प्राप्ति की प्रार्थना कर रहे हैं। ईशु की दूसरी कांवड़, पहली मनोकामना पढ़ाई के लिए मांगी थी: ईशु ने बताया कि यह उनकी दूसरी कांवड़ है। इससे पहले उन्होंने आईटीआई के दौरान भोले बाबा से मनोकामना मांगी थी। उन्होंने संकल्प लिया था कि यदि आईटीआई में 70 प्रतिशत से ज्यादा अंक आए तो वह कांवड़ लेकर आएंगे। उनके 70 प्रतिशत से अधिक अंक आए और उन्होंने अपनी मनोकामना पूरी होने पर कांवड़ यात्रा की। इस बार उन्होंने अपनी मनोकामना नहीं, बल्कि अपनी धर्म बहन की खुशी को कांवड़ का उद्देश्य बनाया है। 3 अगस्त को घर से निकले, 5 अगस्त को हर की पौड़ी से जल उठाया ईशु के अनुसार, मोहित 3 अगस्त को अपने घर से निकले थे और 5 अगस्त को हरिद्वार की हर की पौड़ी से जल उठाया गया। इसके बाद ईशु कांवड़ लेकर पैदल सोनीपत के रतनगढ़ माजरा स्थित अपने पैतृक गांव की ओर रवाना हुए। गांव पहुंचकर वह भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। यह यात्रा उनके लिए एक धार्मिक संकल्प के साथ-साथ अपनी बहन के लिए की गई प्रार्थना भी है। रोज 35 किलोमीटर पैदल सफर, पैरों में पड़े छाले फिर भी कदम नहीं रुके ईशु बताते हैं कि वह प्रतिदिन करीब 35 किलोमीटर पैदल चलते हैं। जब थकान होती है तो रास्ते में आराम कर लेते हैं। लगातार पैदल चलने के कारण उनके पैरों में छाले भी पड़ चुके हैं।इसके बावजूद वह यात्रा जारी रखे हुए हैं। उनका कहना है कि पैरों का दर्द वह सह लेंगे, लेकिन उनकी इच्छा है कि लंबे समय के बाद दर्शना के घर में बच्चे की किलकारी गूंजे। कांवड़ उठाने से पहले ईशु ने हरिद्वार में भोले बाबा के चरणों में अर्जी लगाई। उनकी प्रार्थना थी कि जीवन में जो भी दुख-दर्द उनके हिस्से में हो, वह उन्हें दे दिया जाए, लेकिन उनकी मुंहबोली बहन दर्शना को किसी तरह का कष्ट न हो। उन्होंने भोलेनाथ से उनकी प्रेग्नेंसी सुरक्षित रहने और घर में सुख-शांति के साथ संतान की प्राप्ति की कामना की। दर्शना का एक और दर्द- सगा भाई नहीं था, अब दो भाई साथ खड़े दर्शना अक्सर इस बात को लेकर भी दुखी रहती थीं कि उनका कोई सगा भाई नहीं है। इसी कमी को मोहित ने धर्म भाई बनकर पूरा करने की कोशिश की और अब ईशु भी उनके साथ भाई के रूप में खड़े हैं। एक भाई ने सोशल मीडिया को सहारा बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने की मुहिम शुरू की, तो दूसरे भाई ने भोलेनाथ के दरबार में पहुंचकर उनके लिए संतान सुख की प्रार्थना करने का प्रण लिया। अब कांवड़ में सिर्फ जल नहीं, एक परिवार की उम्मीद भी ईशु की कांवड़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोग भोलेनाथ की प्रतिमा और उसके कंधों पर लगी बच्चों की तस्वीरों को देखकर इस कहानी से जुड़ रहे हैं। पोस्ट और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं और ईशु की पहल की तारीफ हो रही है। रतनगढ़ माजरा पहुंचकर जब ईशु भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे, तब उस कांवड़ के साथ एक ऐसी कहानी भी पूरी होगी, जिसकी शुरुआत दर्शना के दर्द से हुई थी, मोहित की मुहिम से आगे बढ़ी और ईशु की आस्था के जरिए हरिद्वार से सोनीपत तक पहुंची। अब इस पूरी कोशिश की मंजिल यही प्रार्थना है कि दर्शना के घर लंबे इंतजार के बाद बच्चे की किलकारी गूंजे।
छोटे कपड़े लड़की पहनती है और पिता के पीछे बाइक पर दोनों टांग करके बैठती है। पिता यह नहीं कह पाता कि बेटी, तू ऐसे कैसे बैठी है। हमारे DJ बजेगा ही नहीं, न हम लड़की को फोन दिलाएंगे। इन बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है। 1 अगस्त को जींद के रामराय गांव में हुई नौगामा खाप पंचायत में सदस्य वीरेंद्र ढुल ने ये बातें कहीं थीं। पंचायत में तय हुआ था कि एक ही गांव के युवक-युवती अगर लव मैरिज करते हैं तो उनकी गांव में एंट्री बैन रहेगी। सोशल मीडिया पर लोग लड़कियों को लेकर ऐसी सोच पर सवाल उठा रहे हैं। इन्फ्लुएंसर अंजलि ने कहा- ऐसे लोग हरियाणा को मिनी अफगानिस्तान बनाना चाहते हैं, क्योंकि ये लोग नहीं चाहते कि लड़कियों के पास फोन हो या वे डांस करें। वीरेंद्र ढुल जींद के जाट स्कूल में पढ़ाते हैं। विवाद बढ़ने पर दैनिक भास्कर ने वीरेंद्र ढुल से बात की। उन्होंने कहा, “मैंने पंचायत में व्यक्तिगत तौर पर अपनी राय रखी थी। यह सबका हक है।” पहले जानिए सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा… ‘लड़कियों को दबाने के बजाय उनकी सेफ्टी और एजुकेशन पर बात करें’ हरियाणवी सिंगर राहुल फाजिलपुरिया ने वीडियो जारी कर कहा, “लड़कियों के साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है? लड़कों के साथ क्यों नहीं हो रहा? पहले लड़कियों को कोख में मार देते थे, आज इन्हें जीते-जी मार दो। लड़कियों को सिखाने के बजाय हम इन्हें दबा रहे हैं। इतनी बड़ी पंचायत जुड़ी थी तो इन्हें रेप के खिलाफ कानून बनाने को लेकर बात करनी चाहिए थी। एजुकेशन और उनकी सेफ्टी पर बात करनी चाहिए थी। लड़कियों को मेंटली टॉर्चर नहीं करना चाहिए। लड़कियां आज IAS से लेकर IPS बन रही हैं। इनके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।” 'लड़कियों को कम प्यार किया जाता है' फनी वीडियो बनाने वाले आदी अंतिल ने कहा, “पूरे संसार में सबसे कम लड़कियां हरियाणा में हैं, क्योंकि यहां लड़कियों को कम प्यार किया जाता है। सभी को लड़के पसंद हैं। अभी खाप पंचायतों में लड़कियों को लेकर बातें हो रही हैं कि इनसे फोन छीनो, इन्हें बाइक पर बैठना नहीं आता। क्या पता उस पिता ने उस लड़की को अपना बेटा समझकर पाला हो। कई पिता अपनी बेटी को बेटा कहते हैं। अगर किसी पिता को गलत लगेगा तो वह खुद कह लेगा। ऐसी पंचायतों में अपनी बात दूसरों पर थोपना गलत है। ‘लड़कियों को दबाकर रखना चाहते हैं’ ओमप्रकाश हरियाणा नाम के इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर ने वीडियो बनाकर कहा, “भाई, ये क्या चल रहा है हरियाणा में? लड़कियों के बारे में ये बातें बोलने वाला यह आदमी कौन है? हमें इसकी सोच से कुछ लेना-देना नहीं है। ये चाहता है कि जैसे पहले महिलाएं दबकर रहती थीं, वैसे ही रहें। इससे क्या देश की इकोनॉमी बढ़ जाएगी? मैं ऑस्ट्रेलिया में रहता हूं। यहां महिलाएं हर काम करती हैं। यहां की इकोनॉमी इंडिया से काफी ज्यादा है।” ‘लड़कियों का फोन भी बंद करवा दोगे क्या?’ गीता ढांडा नाम की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने वीडियो जारी कर कहा, “औरतों को कितना दबाया जा रहा है। हर चीज औरत के लिए है। जब औरत बोलने लगती है तो आदमियों को काफी बुरा लगता है। ये लोग चाहते हैं कि जैसे पुराने समय में औरतें रहती थीं, वे अभी भी वैसे ही रहें। ये कहते हैं कि लड़कियों को फोन न दिया जाए, ऐसा क्यों? आजकल हर स्कूल में होमवर्क भी फोन पर आता है। इसका मतलब तो लड़कियों का फोन भी बंद करवा दोगे।” इन्फ्लुएंसर गीता ढांडा के वीडियो पर ये कमेंट्स आए… अब जानिए पंचायत में क्या फैसला हुए…. नशे की सूचना देने पर 5 हजार का इनाम नौगामा खाप के प्रधान जयवीर सिंह लोहान ने बताया कि रामराय में हुई पंचायत में फैसला लिया गया कि एक ही गांव में प्रेम शादी करने वाले जोड़ों को गांव में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। नशे की सूचना देने वाले व्यक्ति को 5 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। वहीं, अश्लील गाने बजाने पर जुर्माना लगाया जाएग। 21 गांवों से एक-एक सदस्य की कमेटी नौगामा खाप के फैसलों को लागू कराने के लिए 21 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें सभी 21 गांवों से एक-एक सदस्य शामिल होगा। इसके अलावा, प्रत्येक गांव में अलग कमेटी बनाई जाएगी। गांव की कमेटी स्थानीय स्तर पर नियमों के उल्लंघन के मामलों में जुर्माना तय करेगी, जबकि 21 सदस्यीय कमेटी फैसलों को लागू कराने और उनकी निगरानी का काम करेगी। पंचायत के अनुसार, सभी अधिकार 21 सदस्यीय कमेटी के पास रहेंगे। एक्सपर्ट से जानिए क्या कहता है हमारा कानून...
सोनीपत में 15 साल की किशोरी की मौत के बाद उसके शव को जोहड़ के पास गड्ढा खोदकर दबाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी को करीब ढाई साल पहले असम से खरीदकर सोनीपत लाया गया था। उसे आगे किसी व्यक्ति को अच्छे दाम में बेचने की योजना थी, लेकिन खरीदार नहीं मिला तो वह जयंती और उसके पति ओम प्रकाश के साथ उनके घर में ही रहने लगी। कुछ समय बाद किशोरी को टाइफाइड हुआ। 16 जुलाई को इलाज के दौरान रोहतक में उसकी मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद अंतिम संस्कार करने के बजाय जयंती और ओम प्रकाश शव को गाड़ी में रखकर मलिकपुर गांव ले गए और जोहड़ के पास करीब दो फीट गहरा गड्ढा खोदकर उसे जमीन में दबा दिया। 18 जुलाई को कुत्तों ने गड्ढा खोदकर शव को बाहर निकाल दिया। ग्रामीणों की नजर पड़ने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने जयंती को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका पति ओम प्रकाश फरार है। ओम प्रकाश के खिलाफ पहले भी मानव तस्करी का मामला दर्ज है। ढाई साल पहले असम से सोनीपत लाई गई पुलिस पूछताछ में जयंती ने बताया कि किशोरी को करीब ढाई साल पहले असम से खरीदा गया था। जयंती और ओम प्रकाश उसे आगे किसी व्यक्ति को अच्छे दाम में बेचने के लिए लाए थे। काफी समय तक खरीदार नहीं मिला तो किशोरी दोनों के साथ उनके घर में ही रहने लगी। घर पर रहने के दौरान किशोरी की तबीयत बिगड़ गई। उसे टाइफाइड हुआ था। हालत गंभीर होने पर उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया गया और रोहतक में इलाज चला। इलाज के दौरान किशोरी की मौत हो गई। गांव गोरड़ में अंतिम संस्कार की तैयारी थी पुलिस के मुताबिक, किशोरी की मौत के बाद जयंती और ओम प्रकाश उसका दाहसंस्कार गोरड़ गांव में करना चाहते थे। इसी दौरान किसी ग्रामीण ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस को सूचना मिलने के बाद दोनों शव को लेकर वहां से निकल गए। इसके बाद उन्होंने शव को अंतिम संस्कार के लिए यमुना ले जाने की बात कही। वे शव को गाड़ी में रखकर मलिकपुर पहुंचे। यहां ओम प्रकाश की बहन का घर है। दोनों ने बहन के घर के सामने जोहड़ के पास गड्ढा खोदा और शव को उसमें दबा दिया। करीब दो फीट गहरे गड्ढे में दबाया शव किशोरी के शव को करीब दो फीट गहरे गड्ढे में रेतीली जमीन के अंदर दबाया गया था। इसके बाद वहां किसी को शव के बारे में जानकारी नहीं थी। 18 जुलाई को जोहड़ के किनारे एक व्यक्ति अपने पशु चराने गया था। उसने पंचायत की जमीन पर बनी कॉलोनी के पास रेतीली जमीन पर कुत्तों को गड्ढा खोदते देखा। पास जाकर देखा तो जमीन में दबा किशोरी का शव दिखाई दिया और कुत्ते उसे नोच रहे थे। उसने इसकी सूचना गांव के सरपंच को दी। सरपंच ने पुलिस को बताया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। ग्रामीण सुरजीत के मुताबिक, शव की हालत काफी खराब थी। कुत्तों ने किशोरी की गर्दन बुरी तरह नोच दी थी। शव का एक हाथ और गर्दन का हिस्सा भी कुत्तों ने खा लिया था। उसके शरीर पर सूट और सलवार था। ओम प्रकाश पर पहले से मानव तस्करी का केस पुलिस के मुताबिक, ओम प्रकाश के खिलाफ खरखौदा थाने में पहले से मानव तस्करी से संबंधित मामला दर्ज है। पुलिस अब पुराने मामले और इस घटना के बीच किसी कड़ी की भी जांच कर रही है। साथ ही किशोरी के परिवार और असम में उसके मूल स्थान के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मुरथल थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि जयंती को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उसका पति ओम प्रकाश अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।
श्रावण माह के दूसरे सोमवार को देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे हैं। विश्व प्रसिद्ध बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी हुई है। भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट तड़के 2:30 बजे खोले गए। भस्म आरती के बाद दर्शन का सिलसिला लगातार जारी है, जो रात 10 बजे होने वाली शयन आरती तक चलेगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बता दें, पिछले सोमवार को 6.13 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए थे। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक पूजनश्रावण माह के दूसरे सोमवार पर मंदिर के पट खुलने के बाद सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन कर भगवान से आज्ञा लेकर चांदी का पट खोलकर कर्पूर आरती की। नंदी हॉल में नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भगवान महाकाल का रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और आभूषणों के साथ भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट का श्रृंगार कर भस्म चढ़ाई गई। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ सुगंधित पुष्पों से बनी फूलों की माला धारण की। भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। बिना परमिशन वालों को भी भस्म आरती में मिला प्रवेशभस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था में बिना परमिशन वाले भक्तों ने भी भस्म आरती के चलित दर्शन किए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई थी। महेश पुजारी ने बताया कि श्रावण माह तपस्या का माह रहता है। महाकाल मंदिर में तीन बजे भस्म आरती हुई है। भगवान की दिनचर्या रोजाना की तरह रही। सुबह भगवान को भांग और चंदन अर्पित किया गया। श्रावण माह में महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त जल अर्पित कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेकर उन्हें प्रसन्न करते हैं। सामान्य श्रद्धालु यहां से प्रवेश कर सकेंगेदेश भर से आए भक्त दर्शन के लिए त्रिवेणी संग्रहालय से प्रवेश करते हुए नंदीद्वार महाकाल महालोक से होते हुए मानसरोवर भवन, फेसेलिटी सेंटर 1, टनल मंदिर परिसर, कार्तिक मण्डपम और गणेश मण्डपम से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन कर सकते हैं। ऐसी रहेगी दर्शन के लिए प्रवेश व्यवस्थाआम श्रद्धालुओं के लिए दो अलग-अलग द्वार से दर्शन की व्यवस्था रहेगी। सामान्य दर्शन व्यवस्था श्रावण-भादौ माह में त्रिवेणी संग्रहालय के समीप से नंदीद्वार, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसिलिटी सेंटर-1, टनल मंदिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से भगवान के दर्शन करेंगे। नीलकंठ प्रवेश द्वार की ओर से आने वाले श्रद्धालु मानसरोवर भवन में प्रवेश कर फेसिलिटी सेंटर-1 और टनल मंदिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से दर्शन उपरांत (निर्माल्य द्वार) अथवा नवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से सीधे बाहर के लिए प्रस्थान करेंगे। 4 दिन कावड़ यात्रियों की दर्शन व्यवस्था श्रावण-भादौ मास के दौरान अत्यधिक संख्या में कावड़ यात्रियों का आगमन होना निर्धारित रहता है। कावड़ यात्रियों की जल अर्पण की व्यवस्था के लिए सप्ताह में 4 दिवस मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार की गई है। कावड़ यात्री दल को गेट नंबर 1 और हरसिद्धि-चौराहा स्थित विशेष दर्शन मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा। शनिवार, रविवार तथा सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक होने के फलस्वरूप किसी भी कांवड़ दल को अनुमति जारी नहीं की जाएगी। यह रहेगा सवारी मार्ग सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में विधि-विधान से पूजन-अर्चन के उपरांत अपने निर्धारित समय से प्रारंभ होकर महाकाल लोक, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होते हुए रामघाट, शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां सवारी का पूजन-अर्चन होने के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होती हुई श्री महाकालेश्वर मंदिर में वापस आएगी। जबकि अंतिम शाही सवारी 7 सितंबर को अतिरिक्त टंकी चौराहा से मिर्जा नईम बेग, तेलीवाड़ा चौराहा, कंठाल, सतीगेट, सराफा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
लखनऊ के जानकीपुरम के जानकी विहार में चोरों ने रिटायर्ड शिक्षक के बंद मकान को निशाना बनाया। बदमाशों ने महज 21 मिनट में घर के ताले तोड़कर करीब 80 लाख रुपए के जेवर और ढाई लाख रुपए नकद चोरी कर लिए। घटना 29 जुलाई की रात की है। पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे में बाइक सवार दो बदमाश घर में घुसते और बाहर निकलते दिखाई दिए हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मूलरूप से सीतापुर के अटरिया गांव के रहने वाले रामनरेश शुक्ला जानकी विहार में मकान बनाकर परिवार के साथ रहते हैं। 29 जुलाई को वह मकान में ताला लगाकर गांव चले गए थे। 5 अगस्त की सुबह करीब 9:30 बजे घर में काम करने वाली राधा ने फोन कर बताया कि मकान का ताला टूटा हुआ है। रामनरेश पत्नी और बेटे के साथ दोपहर में घर पहुंचे। मुख्य दरवाजे का अंदरूनी ताला और कमरों के ताले टूटे मिले। घर के अंदर रखी दो लकड़ी और एक लोहे की अलमारी के सभी लॉकर भी टूटे हुए थे। जांच करने पर करीब 80 लाख रुपए के जेवर और ढाई लाख रुपए नकद गायब मिले। बाइक कुछ दूर खड़ी कर पैदल पहुंचे बदमाश पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में 29 जुलाई की रात करीब 1:51 बजे बाइक सवार दो युवक दिखाई दे रहे हैं। दोनों ने बाइक घर से कुछ दूरी पर खड़ी की और पैदल पहुंचकर बाउंड्री फांदकर बारी-बारी से मकान में दाखिल हुए। करीब 21 मिनट बाद रात 2:10 बजे दोनों घर से बाहर निकलते दिखाई दिए। गुडंबा थाने के पास मिली बाइक इंस्पेक्टर विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। बदमाशों की बाइक गुडंबा थाने के पास लावारिस हालत में मिली है। बाइक के नंबर की जांच में उसके इंदिरानगर निवासी एक व्यक्ति के नाम होने की जानकारी मिली है। पुलिस बाइक मालिक से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।
Yamuna Nagar News: शिवरात्रि पर 50 रुपये प्रति किलो महंगा हुआ गेंदा
सावन की शिवरात्रि पर भगवान शिव के पूजन और मंदिरों की सजावट के लिए फूलों की मांग बढ़ गई है। सामान्य दिनों में 70 से 100 रुपये किलो बिकने वाला गेंदा इन दिनों 120 से 140 रुपये किलो तक पहुंच गया है।
Yamuna Nagar News: तेजली खेल परिसर में बनेगा सिंथेटिक ट्रैक
तेजली खेल परिसर में जल्द ही खेल सुविधाओं का विस्तार होगा। परिसर में पहले सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। इसके बाद तीरंदाजी के लिए मैदान बनेगा।
Yamuna Nagar News: आस्था का दम, छाले नहीं रोक पा रहे कदम
सावन की शिवरात्रि नजदीक आते ही वातावरण शिवमयी होता नजर आ रहा है। हर तरफ बोल बम और जय भोले के उद्घोष सुनाई दे रहे हैं।
Yamuna Nagar News: श्रद्धालुओं को बताया गुरु की भक्ति का महत्व
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम हनुमान गेट जगाधरी में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। साध्वी भावना भारती ने श्रद्धालुओं को गुरु की भक्ति का महत्व बताया।
Yamuna Nagar News: ट्रेन की चपेट में आने से बुुजुर्ग महिला की मौत
रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह ट्रेन में सवार होने की कोशिश के दौरान 56 वर्षीय महिला का पैर फिसल गया। ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
Yamuna Nagar News: किराये के फेर में आबाद नहीं हुई 3.16 करोड़ की चांदपुर ऑटो मार्केट
शहर में ऑटो, दोपहिया और चार पहिया वाहनों की मरम्मत करने वाले दुकानदारों को एक जगह सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चांदपुर में बनाई गई ऑटो मार्केट अब तक आबाद नहीं हो सकी है।
Yamuna Nagar News: रोडवेज बस में बिना टिकट सफर कर रहे पांच यात्रियों पर जुर्माना
हरियाणा परिवहन विभाग की ओर से बिना टिकट सफर करने वाले यात्रियों के विरुद्ध विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
Yamuna Nagar News: विदेश जाने की चाहत रखने वाले लोग ठगों के निशाने पर
विदेश जाकर नौकरी करने और बेहतर भविष्य बनाने की चाहत लोगों को ठगों के जाल में फंसा रही है। जिले में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
Yamuna Nagar News: मांगें लागू न हुईं तो हड़ताल को करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की यमुनानगर इकाई ने राज्य कमेटी के आह्वान पर चल रही हड़ताल को तीन दिन और बढ़ा दिया है। अब कर्मचारी 11 अगस्त तक हड़ताल पर रहेंगे।
Yamuna Nagar News: ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा साइबर पुलिस का सीयूजी नंबर
ठगों ने साइबर थाना पुलिस के सरकारी सीयूजी मोबाइल नंबर को कई व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया। इन ग्रुपों में बाद में अश्लील और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो भेजे गए।
Yamuna Nagar News: दिनभर छाए रहे बादल शाम को बरसे, मिली राहत
जिले में रविवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आया। सुबह धूप निकलने के बाद बादल छा गए। दिनभर सूरज और बादलों के बीच आंख-मिचौली चलती रही।
26 लाख की बिना नंबर वाली बीएमडब्ल्यू बाइक सीज, VIDEO
26 लाख की बिना नंबर वाली बीएमडब्ल्यू बाइक सीज, VIDEO
Una News: मेले में चिंतपूर्णी मंदिर में नारियल और झंडे ले जाने पर रहेगा प्रतिबंध
माता चिंतपूर्णी मंदिर में 13 अगस्त से शुरू होने वाले सावन अष्टमी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर मंदिर प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं।
Una News: खस्ताहाल टायरों के सहारे यात्रियों की जिंदगी का सफर
एचआरटीसी की बसों के रखरखाव के दावों की रविवार को दौलतपुर में फिर पोल खुल गई।
Una News: ऊना-संतोषगढ़ मार्ग पर पिछले एक वर्ष से नालियां जाम
ऊना-संतोषगढ़ सड़क पर जनकौर गांव में ड्रेनेज सिस्टम की बदहाली अब लोगों के लिए मुसीबत बन गई है।
Una News: जिले में मक्की की कटाई शुरू फसल लेकर मंडी पहुंच रहे किसान
जिले में मक्की की फसल की कटाई का काम शुरू हो गया है।
Una News: एनजीटी से आठ माह से मिल रही सिर्फ तारीख पे तारीख
पंडोगा औद्योगिक क्षेत्र में नियमों के विपरीत एसिड और केमिकल उद्याेगों का संचालन किया जा रहा है।
Una News: सेल्फी के चक्कर में वायडक्ट पर पहुंचा युवक, लोको पायलट की सूझबूझ से बची जान
दौलतपुर-करतोली वायडक्ट पर शनिवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
Una News: चिंतपूर्णी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी की घोषणा
चिंतपूर्णी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने संगठन का विस्तार करते हुए नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है।
Una News: मैहतपुर में 66 केवी विद्युत स्टेशन योजना को लगा झटका
स्थानीय विद्युत सब स्टेशन को 33 से 66 केवी में परिवर्तित करने को लेकर चल रही विद्युत बोर्ड की योजना को बड़ा झटका लगा है।
Una News: उपमुख्यमंत्री को सौंपी एससी और एसटी अत्याचार की रिपोर्ट
प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्याचारों व कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया।
Una News: जनकौर में हल्की बारिश से ही सड़क बनी तालाब
स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी देर की बारिश भी इस मार्ग को तालाब का रूप दे देती है।
पीरनिगाह मामले पर भाजपा में मची खलबली : कांग्रेस
तपाल रायजादा ने इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर जनता के बीच अपनी बात रखी है।
Una News: गगरेट में गरजी कांग्रेस, चौक पर विधायक सुधीर का पुतला फूंका
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर कड़ा रोष जताया।
Varanasi News: बीएचयू में संडे ऑन साइकिल, नशे से बचाने का अभियान शुरू
'Sunday on Cycle' and campaign to prevent substance abuse launched at BHU.
कांवड़ यात्रा : 11 अगस्त तक मुख्य मार्गों पर नहीं दौड़ेग बड़े वाहन
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Udhampur News: एसडीएच भद्रवाह पहुंचे सीएमओ डोडा, कार्यप्रणाली जांची
एसडीएच भद्रवाह पहुंचे सीएमओ डोडा, कार्यप्रणाली जांची
Udhampur News: मेडिकल कॉलेज उधमपुर में 2.19 करोड़ रुपये से जल्द बनेगा आधुनिक शवगृह
मेडिकल कॉलेज उधमपुर में 2.19 करोड़ रुपये से जल्द बनेगा आधुनिक शवगृह
Udhampur News: मवेशियों के अवैध परिवहन में जब्त वाहन को शर्तों पर छोड़ने के आदेश
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Udhampur News: रामनगर में निकली कलश वंदन यात्रा, विधायक ने किया यात्रा का नेतृत्व
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Udhampur News: कास्तीगढ़ में जंगली सुअरों के झुंड ने फैलाई दहशत
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Udhampur News: क्लीन एंड ग्रीन उधमपुर’ के संदेश के साथ हाउसिंग कॉलोनी पार्क में चलाया पौधरोपण अभियान
क्लीन एंड ग्रीन उधमपुर’ के संदेश के साथ हाउसिंग कॉलोनी पार्क में चलाया पौधरोपण अभियान
Udhampur News: दूरदराज स्कूलों की बदहाली पर बरसे पठानिया, शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग
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Sultanpur News: अगस्त क्रांति दिवस पर कांग्रेस ने किया शहीदों को याद
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Sultanpur News: बंद घर से लाखों के जेवर चोरी, मिली आरी
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समाज की तरक्की शिक्षा व रोजगार में निहित : धर्मवीर प्रजापति
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Sultanpur News: छात्रों को बताया जाएगा अखंड भारत के बंटवारे का दर्द
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Sultanpur News: नहर में महिला के डूबने की आशंका, तलाश जारी
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Sultanpur News: वनरोज से टकराई बाइक, चाचा-भतीजा घायल, हालत गंभीर
वनरोज से टकराई बाइक, चाचा-भतीजा घायल, हालत गंभीर
Sultanpur News: स्कूलों से गांवों तक पहुंचेगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश
स्कूलों से गांवों तक पहुंचेगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Sultanpur News: नौकरी का झांसा देकर 11 युवाओं से 33 लाख ठगे
नौकरी का झांसा देकर 11 युवाओं से 33 लाख ठगे
Sultanpur News: दो बाइकों की भिड़ंत में युवक की मौत, दो घायल
दो बाइकों की भिड़ंत में युवक की मौत, दो घायल
Sonebhadra News: दंपती लाचार... मगर व्यवस्था निकली लचर
दंपती लाचार... मगर व्यवस्था निकली लचर
Sonebhadra News: बल्कर में फंसकर 100 मीटर घिसटता रहा युवक, माैत
बल्कर में फंसकर 100 मीटर घिसटता रहा युवक, माैत
Sonebhadra News: हीरेश्वरनाथ महादेव का हुआ दिव्य हरित शृंगार
हीरेश्वरनाथ महादेव का हुआ दिव्य हरित शृंगार
Sonebhadra News: गोंडवाना पार्टी ने मनाया विश्व आदिवासी दिवस, समाज के उत्थान पर जोर
गोंडवाना पार्टी ने मनाया विश्व आदिवासी दिवस, समाज के उत्थान पर जोर
मन चंगा तो कठौती में गंगा... की परिकल्पना सार्थक : भूपेश
मन चंगा तो कठौती में गंगा... की परिकल्पना सार्थक : भूपेश
Sonebhadra News: दूसरा सोमवार आज, शिवद्वार में 20 हजार कांवड़िये करेंगे जलाभिषेक
दूसरा सोमवार आज, शिवद्वार में 20 हजार कांवड़िये करेंगे जलाभिषेक
Sonebhadra News: चौपाल में उठे महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य-शिक्षा की बदहाली के मुद्दे
चौपाल में उठे महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य-शिक्षा की बदहाली के मुद्दे
Sonebhadra News: भारतीय ज्ञान परंपरा की जीवंत धरोहर है जनजातीय समाज का पारंपरिक ज्ञान
भारतीय ज्ञान परंपरा की जीवंत धरोहर है जनजातीय समाज का पारंपरिक ज्ञान
Solan News: नालागढ़ के युवाओं ने उठाया चिट्टे के खिलाफ जंग का बीड़ा
क्षेत्र में चिट्टे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ अब युवा और पूर्व सैनिक एकजुट हो गए हैं।
Solan News: शिव महापुराण कथा में 12 ज्योतिर्लिंगों की महिमा बताई
कथा व्यास शशांक कौशल ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा से जुड़े धार्मिक और आध्यात्मिक प्रसंगों का श्रवण करवाया।
Solan News: नालागढ़ में पूर्व सैनिक सामुदायिक भवन के दूसरे तल का कार्य प्रगति पर
बीबीएन पूर्व सैनिक लीग की ओर से नालागढ़ में सामुदायिक भवन के दूसरे तल कार्य प्रगति पर है।
Solan News: विद्यार्थियों को दी गई प्राचीन जीवनशैली की जानकारी
'आदिवासी गौरव अभियान' का आयोजन किया।
Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में आई वार्ड तैयार, अब हो सकेंगे ऑपरेशन
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में एक साल से बंद पड़े नेत्र रोग के ऑपरेशन अब जल्द ही शुरू होंगे।
Solan News: शिमला समेत अन्य जिलों के बड़े डिफाल्टरों नहीं हो पाई गिरफ्तारी
बघाट बैंक के 50 से अधिक बड़े डिफाल्टरों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है।
Solan News: लंपी वायरस को लेकर कृष्णगढ़ पंचायत में अलर्ट, एडवायजरी जारी
सुबाथू छावनी के साथ लगती ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ में पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
Solan News: रामशहर में 700 बोरी यूरिया खाद पहुंची, आज से होगा वितरण
खरीफ सीजन में किसानों की बढ़ती मांग के बीच रामशहर कृषि सेवा सहकारी समिति में रविवार को 700 बोरी यूरिया खाद पहुंची।
Solan News: बारिश के समय गिरा पेड़ काटकर मालरोड पर छोड़ा
शहर के मालरोड पर कन्या स्कूल के पास शुक्रवार को गिरा पेड़ नगर निगम ने उसी दिन काट दिया, लेकिन तीन दिन बाद भी वह मालरोड पर ही पड़ा है।
Srinagar News: शोपियां में हर घर तिरंगा अभियान का जोरदार आगाज
jammu and kashmir news
Solan News: नशा मुक्ति जन जागरूकता कार्यक्रम से बताए नशे के दुष्प्रभाव
नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष नशा मुक्ति जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
Solan News: कसौली रोड पर वीकेंड में भारी जाम, बेतरतीब खड़े वाहनों से लोग परेशान
कसौली में भले ही कारोबारियों से शहर गुलजार है, लेकिन कसौली रोड पर वीकेंड में पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण यातायात जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है।
Solan News: शहर में बढ़ती जा रही है तहबाजारियों की संख्या, कारोबारियों को नुकसान
शहर में बढ़ रही तहबाजारियों की संख्या और अतिक्रमण शहर के कारोबारियों के लिए परेशानियों का कारण बनता जा रहा है।
जम्मू कश्मीर के लिए धारा 370 रही अभिशाप : राज्यपाल
प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि धारा 370 जम्मू कश्मीर के लिए अभिशाप रही।
Sitapur News: महिला ने किया आत्महत्या का प्रयास
महिला ने किया आत्महत्या का प्रयास
Sitapur News: विद्यालय प्रबंध समिति को हाईकोर्ट से राहत
विद्यालय प्रबंध समिति को हाईकोर्ट से राहत
Sitapur News: डीसीएम से आए बदमाशों ने कई राउंड की फायरिंग, दहशत
डीसीएम से आए बदमाशों ने कई राउंड की फायरिंग, दहशत
Sitapur News: कॉलेज जाते समय किशोरी से छेड़छाड़, प्राथमिकी दर्ज
कॉलेज जाते समय किशोरी से छेड़छाड़, प्राथमिकी दर्ज
Sitapur News: सीएचसी अधीक्षक पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप
सीएचसी अधीक्षक पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप

