डिजिटल समाचार स्रोत

...

नोएडा में 40 करोड़ का स्काईवॉक, 2 करोड़ का पाथ:2035 तक कर दिया जाएगा डिस्मेंटल, मॉल से दोनों मेट्रो स्टेशनों को करेंगे इंटरकनेक्ट

नोएडा में ब्लू लाइन के सेक्टर-52 और एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला स्काईवॉक जल्द शुरू किया जाएगा। हालांकि 2029 में या 2035 तक इसे डिस्मेंटल कर दिया जाएगा। यहां बनने वाले मॉल से दोनों मेट्रो स्टेशन को इंटर कनेक्ट कर दिया जाएगा। सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि इसका निर्माण हो चुका है। अब प्रियार्टी से जल्द से जल्द शुरू करने की है। सेक्टर-51 में स्वीडन की कंपनी IKEA कंपनी को 49,675 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई है। इसी जमीन पर इंगका सेंटर्स नाम से विशाल मॉल का निर्माण हो रहा है। प्राधिकरण और कंपनी के बीच हुए एग्रीमेंट के मुताबिक, मॉल के डिजाइन में ही सेक्टर-52 और सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशनों को इंटरकनेक्ट करने की व्यवस्था शामिल है। एग्रीमेंट साफ कहता है कि कंपनी 2029 के बाद स्काईवॉक को डिस्मेंटल कर सकती है, क्योंकि तब मॉल के अंदर से ही दोनों स्टेशनों को जोड़ा जाएगा। यदि किसी वजह से 2029 में यह नहीं हटाया गया, तो 2035 में इसे अनिवार्य रूप से तोड़ा जाएगा, क्योंकि तब तक मॉल का निर्माण पूरा हो जाना है। यानी 40 करोड़ रुपये का यह स्काईवॉक अस्थायी ढांचा है, जिसकी उम्र पहले से तय है। पांच महीने की डेडलाइन, डेढ़ साल बाद भी अधूरास्काईवॉक का निर्माण जून 2023 में शुरू हुआ था। इसे महज पांच महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन अब तक काम अधूरा है। इस दौरान प्राधिकरण करीब 40 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। अब नई तकनीकी समस्या सामने आई है। सेक्टर-51 की ओर जहां स्काईवॉक को जोड़ा जाना है, वहां बीम आ गई है। समाधान के नाम पर अब स्ट्रक्चर टेस्टिंग कर बीम को हटाने और मेट्रो स्टेशन के भार को दूसरे बीम पर डायवर्ट करने की तैयारी है। यह सब उस स्काईवॉक के लिए किया जा रहा है, जिसे खुद एग्रीमेंट के अनुसार कुछ सालों में तोड़ा जाना है। पहले 2 करोड़ का वॉक-वेसबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्काईवॉक से पहले प्राधिकरण ने दोनों स्टेशनों को जोड़ने के लिए वॉक-वे भी बनाया गया है। इस पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए। कुछ महीनों तक इस रास्ते पर ई-रिक्शा भी चलाए गए, लेकिन जैसे ही स्काईवॉक का काम शुरू हुआ, वॉक-वे पर ई रिक्शा को बंद कर दिया गया। अब मुसाफिर पैदल ही जाते है। अब न वॉक-वे पर ई रिक्शा, न स्काईवॉक पूरा हुआ।इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यही है कि जब मॉल बनने के बाद स्थायी इंटरकनेक्शन तय था, तो फिर 42 करोड़ रुपये खर्च कर अस्थायी स्काईवॉक और पाथ वे बनाने की जरूरत क्या थी? क्या यह फैसला यात्रियों की सुविधा के नाम पर लिया गया, फिलहाल हकीकत यही है कि नोएडा में जनता के पैसे से बना यह स्काईवॉक अधूरा, अस्थायी है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:37 am

UP बोर्ड एग्जाम : कंट्रोल रूम को अलर्ट करेगा AI:JD दिनेश सिंह से विशेष बातचीत, देखिए मंडल के संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्राें की सूची

UP बोर्ड (उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद) की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा में किसी तरह की सेंधमारी न होने पाए इसके लिए शासन से लेकर अफसर विभिन्न पहलुओं पर नजर रखे हुए हैं। नकलविहीन परीक्षा किस तरह से आयोजित कराए जाने की तैयारी है, इस संबंध में ‘दैनिक भास्कर’ की वाराणसी मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह से विशेष बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि वाराणसी मंडल में 96 ऐसे परीक्षा केंद्र चिह्नित किए गए हैं जो संवेदनशील हैं और 44 अति संवदेनशील परीक्षा केंद्र हैं। इस पर विशेष फोकस होगा। उन्होंने बताया कि राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम की मानिटरिंग के लिए AI सिस्टम का प्रयाेग होगा, जो कंट्रोल रूम को भी अलर्ट करता रहेगा। जैसे किसी परीक्षा केंद्र पर अस्वाभाविक गतिविधियां हो रही हैं तो AI कंट्रोल रूम को अलर्ट करेगा। जानिए, कौन सा केंद्र संवेदनशील वाराणसी : जौनपुर : गाजीपुर: चंदौली ये हैं अति संवदेनशील परीक्षा केंद्र वाराणसी में कोई भी अति संवदेनशील केंद्र नहीं हैं। जौनपुर गाजीपुर चंदौली

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:30 am

होली पर रेलवे चलाएगा साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन:गोमतीनगर से खातीपुरा के लिए 3 मार्च से शुरू होगा संचलन

होली के त्योहार पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ और पंजाब व उत्तर भारत की ओर सफर की मांग को देखते हुए रेलवे ने साप्ताहिक होली विशेष ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। रेलवे की ओर से इसका शेड्यूल जारी कर दिया गया है। मार्च महीने में ये ट्रेनें तय दिनों पर चलेंगी, जिससे त्योहार पर घर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। गोमतीनगर–खातीपुरा होली विशेष ट्रेन का संचालन रेलवे के अनुसार रेलगाड़ी संख्या 05023/24 गोमतीनगर–खातीपुरा–गोमतीनगर होली विशेष गाड़ी चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 05023 गोमतीनगर से 3 मार्च से 24 मार्च तक प्रत्येक मंगलवार को रवाना होगी। यह ट्रेन रात 11:55 बजे गोमतीनगर से प्रस्थान कर बादशाहनगर, डालीगंज, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, दिल्ली जंक्शन, दिल्ली कैंट और गुड़गांव होते हुए अगले दिन सुबह 7:30 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। खातीपुरा से गोमतीनगर वापसी सेवा वापसी में रेलगाड़ी संख्या 05024 खातीपुरा से 4 मार्च से 25 मार्च तक प्रत्येक बुधवार को चलाई जाएगी। यह ट्रेन शाम 6:50 बजे खातीपुरा से रवाना होकर उसी मार्ग से गोमतीनगर पहुंचेगी। रेलवे के अनुसार यह होली विशेष गाड़ी कुल चार फेरों के लिए संचालित की जाएगी। मऊ जंक्शन–अंबाला कैंट साप्ताहिक होली विशेष ट्रेन इसके अलावा रेलवे मऊ जंक्शन और अंबाला कैंट के बीच भी साप्ताहिक होली विशेष गाड़ी चलाएगा। रेलगाड़ी संख्या 05301 मऊ जंक्शन से 5 मार्च से 26 मार्च तक प्रत्येक बृहस्पतिवार को सुबह 4 बजे प्रस्थान करेगी। वहीं, वापसी में रेलगाड़ी संख्या 05302 अंबाला कैंट से प्रत्येक शुक्रवार को रात 1:40 बजे मऊ जंक्शन के लिए रवाना होगी।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:28 am

मार्च में राष्ट्रपति आ सकती हैं वृंदावन:राम कृष्ण मिशन चैरिटेबल हॉस्पिटल के पदाधिकारियों ने दिया निमंत्रण,कैंसर रोगियों की इलाज को पूर्णतया समर्पित ब्लॉक का होगा उद्घाटन

मथुरा के वृंदावन में स्थित रामकृष्ण मिषन सेवाश्रम अस्पताल में नव निर्मित कैंसर ब्लॉक के उद्घाटन के लिए वृन्दावन रामकृष्ण मठ एवं मिशन के सचिव स्वामी सुप्रकाशानंद महाराज एवं सह सचिव स्वामी काली कृष्णानंद महाराज ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को वृन्दावन आने का निमंत्रण दिया। रामकृष्ण मठ एवं मिशन के पदाधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। मठ के सह सचिव ने बताया वह मार्च महीने में वृंदावन आ सकती हैं। 68000 वर्ग फुट में बना है कैंसर ब्लॉक निर्धन, असहाय एवं जरुरतमंद रोगी नारायण की सेवा में समर्पित रामकृष्ण मिषन सेवाश्रम अस्पताल में कैंसर रोगियों के लिए 68000 वर्ग फुट में चार मंजिला एक कैंसर ब्लॉक जल्द शुरु होने जा रहा है। जिसकी विधिवत तथा औपचारिक शुरुआत मार्च महीने के अंतिम सप्ताह तक होने की पूरी संभावना है। मंगलवार को सेवाश्रम के सचिव स्वामी सुप्रकाषानंद महाराज एवं सह सचिव स्वामी कालीकृष्णानंद महाराज ने राष्ट्रपति से औपचारिक भेंट कर इस आधुनिक कैंसर विंग के उद्घाटन हेतु वृन्दावन आने का निमंत्रण दिया। 11 मार्च से 31 मार्च तक आ सकती हैं राष्ट्रपति राष्ट्रपति से भेंट के बाद सह सचिव स्वामी काली कृष्णानंद महाराज ने बताया कि महामहिम ने सेवा के इस विराट प्रकल्प की सराहना करते हुए कहा कि यह कैंसर प्रकल्प जरूरतमंद एवं असहाय लोगों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा एवं रामकृष्ण मिशन समाज सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया की जल्द ही उनके कार्यालय से उदघाटन का तारिख की सूचना भेजी जाएगी। संभावना है राष्ट्रपति 11 मार्च से 31 मार्च के बीच कभी भी वृंदावन आ सकती हैं। राष्ट्रपति ने इससे पहले रामकृष्ण मिशन के रांची एवं जमशेदपुर शाखाओं में उनकी यात्रा के पलों को महाराज लोगों के संग याद किया। सह सचिव स्वामी काली कृष्णानंद महाराज ने राष्ट्रपति को युग पुरुष स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा भेंट करते हुए कहा कि इन्हीं युग पुरुष की प्रेरणापुंज का यह बीज आज 400 बिस्तरों वाले अस्पताल का साकार वटवृक्ष बन चुका है। उन्होंने बताया कि आसपास के क्षेत्रों में यह कैंसर ब्लॉक रोगियों के सेवार्थ और लाभार्थ उत्कृष्ट कार्य करेगी। कैंसर ब्लॉक में होंगी यह सुविधा अत्याधुनिक मेडिकल संसाधनों से सुसज्जित एवं सुशोभित इस कैंसर ब्लॉक में रेडियोथेरेपी, ब्रकीथेरेपी, कैंसर आधुनिक शस्त्र चिकित्सा, कीमोथेरेपी, इम्मुनोथेरपी एवं हॉर्मोनथेरपी, आरटी सीटी स्कैन, पिईटी सीटी स्कैन, एक जनरल वार्ड, डे केयर, फार्मेसी, प्राइवेट केबिन जैसे कई सुविधाएँ उपलब्ध हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं आस-पास के राज्यों में यह केवल एकमात्र आधुनिकतम सुविधावाली कैंसर चिकित्सा विभाग होगी एवं यहाँ पर हर तरह के कैंसर का पूर्ण इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:28 am

राजस्थान- तेज रफ्तार कार ट्रेलर में घुसी, 5 की मौत:अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार किया, जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर एक्सीडेंट

दौसा में भीषण सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है। हादसा बीती देर रात करीब 11 बजे जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर कैलाई गांव के पास हुआ। जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर दूसरी साइड से गुजर रहे ट्रेलर से टकरा गई। खबर अपडेट की जा रही है....

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:25 am

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 26 ट्रेनें रद्द:महाराष्ट्र-दिल्ली-बिहार जाने वाले यात्री परेशान होंगे, 14-15 फरवरी, 4 से 26 अप्रैल तक नहीं चलेंगी गाड़ियां

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 26 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इनमें एक्सप्रेस और मेमू ट्रेनें शामिल हैं। नागपुर मंडल गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म-3 पर बने वॉशेबल एप्रन का डिस्मेंटलिंग और बैलेस्टेड ट्रैक बनाने का काम होगा। जिसके लिए 20 दिन तक ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान 14 ट्रेनों को 4 से 26 अप्रैल तक कैंसिल किया गया है। इसके अलावा रायपुर मंडल में हथबंद-भाटापारा सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज निर्माण के लिए गर्डर लॉन्चिंग का काम किया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे 14 और 15 फरवरी को यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इसके अलावा भिलाई स्टेशन पर डिस्मेंटलिंग कार्य के कारण भी कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी। रेलवे के अनुसार 14 और 15 फरवरी को कुल 12 ट्रेनें रद्द रहेंगी। इन ट्रेनों के रद्द होने से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार और पंजाब जाने वाले यात्रियों को दिक्कत होगी। खासकर रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग, गोंदिया, नागपुर, शालीमार (कोलकाता), अमृतसर, हजरत निजामुद्दीन और लोकमान्य तिलक टर्मिनल (मुंबई) रूट के यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच करें। रेलवे ने यात्रियों से वैकल्पिक व्यवस्था करने और यात्रा से पहले जानकारी लेने की अपील की है। इसके अलावा 14 फरवरी को 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू बिलासपुर में ही समाप्त होगी और बिलासपुर-गोंदिया के बीच रद्द रहेगी। इसी दिन 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू बिलासपुर से ही रवाना होगी और गोंदिया-बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी। कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस भी रहेगी रद्द गाड़ी संख्या 18030 और 18029 (शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस) 4 से 24 अप्रैल और 6 से 26 अप्रैल तक रद्द रहेंगी। इसी तरह 18237 (कोरबा-अमृतसर) और 18238 (अमृतसर-बिलासपुर) एक्सप्रेस भी 5 से 27 अप्रैल के बीच रद्द रहेंगी। 12409-12410 (रायगढ़-हजरत निजामुद्दीन) और 12101-12102 (लोकमान्य तिलक टर्मिनल-शालीमार) सहित 12807-12808 (विशाखापत्तनम-हजरत निजामुद्दीन) एक्सप्रेस भी अलग-अलग तिथियों में अप्रैल में रद्द रहेंगी। इसके अलावा कई मेमू और डेमू पैसेंजर ट्रेनें 5 से 25 अप्रैल तक बंद रहेंगी। साथ ही कुछ ट्रेनें अपने गंतव्य तक नहीं जाएंगी और बीच रास्ते में ही स्टॉप की जाएंगी। गोंदिया-बल्लारशाह रूट की कई पैसेंजर ट्रेनें 5 से 25 अप्रैल तक हिरदामाली स्टेशन तक ही चलेंगी और आगे का सफर रद्द रहेगा। वहीं 15231-15232 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस को 5 से 26 अप्रैल तक दुर्ग स्टेशन तक ही चलाया जाएगा। दुर्ग से गोंदिया और गोंदिया से दुर्ग के बीच का सफर रद्द रहेगा। गंतव्य से पहले समाप्त होने वाली गाड़ियां ……………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में 6 पैसेंजर ट्रेनें 2 दिन कैंसिल: बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जाने वाले यात्री परेशान होंगे, 19 जनवरी तक नहीं चलेंगी गाड़ियां छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल में ब्रिज मरम्मत के चलते रेलवे में 2 दिन ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा। इस काम के चलते छत्तीसगढ़ की 6 पैसेंजर ट्रेनों को कैंसिल किया गया है। बिलासपुर रेल मंडल के कोटमीसोनार-जयरामनगर सेक्शन के बीच ट्रैफिक ब्लॉक लेकर मेंटेनेंस वर्क किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:19 am

दैनिक भास्कर वार्ड टॉक- पार्षद मनोज मिश्रा से सीधी बात:बोले- नर्मदा-विहीन कॉलोनियों में नर्मदा पहुंचाई, लगातार लोगों के संपर्क में रहता हूं

इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 33 पहुंचे हैं, जहां से मनोज रामकिशोर मिश्रा पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब। सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि कौन-सी है? जवाब: हमारे वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है नर्मदा। मेरे मन में विचार था कि अगर मैं पार्षद बनूंगा तो सबसे पहले पानी की समस्या को हल करेंगे। पार्षद बनने के बाद लाहिया कॉलोनी, कबीडखेड़ी, शारदा नगर, स्वास्थ्य नगर, संस्कृति नगर में नर्मदा पहुंचाई है। ये नर्मदाविहीन कॉलोनियां थी। यहां पर एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो रही है। सवाल: कौन सा काम अधूरा है और क्यों? जवाब: अधूरे काम की बात करें तो वह भी नर्मदा से जुड़े कार्य हैं। पहला, मेरे वार्ड में नर्मदा की टंकी नहीं है। अमृत-2 योजना में नर्मदा की टंकी प्रस्तावित की गई है। अभी जो चर्चा चल रही है, उसके अनुसार आने वाले समय में उसका टेंडर होगा। जोन क्रमांक-5 की सुखलिया टंकी से जो पानी की सप्लाई होती है, उसके लिए नई लाइन डाली जा रही है। वह काम अभी अधूरा है। ठेकेदार ने टेंडर तो ले लिया है, लेकिन काम धीमी गति से कर रहा है, इसलिए यह काम अधूरा है। यह काम पूरा होने से गंदे पानी की समस्या और कम प्रेशर की परेशानी से भी निजात मिलेगी। अधूरे कामों को पूरा कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सवाल: जनता की सबसे आम शिकायत क्या आती है? जवाब: जनता की शिकायतों की बात करें तो सबसे अधिक ड्रेनेज से जुड़ी शिकायतें आती हैं। जब ड्रेनेज चौक हो जाती है, तो लोग फोन कर सूचना देते हैं कि नाली जाम हो गई है। भागीरथपुरा की घटना के बाद से जनता ज्यादा अलर्ट हो गई है। कहीं गंदा पानी आ रहा हो या नर्मदा के पानी में बदबू आ रही हो, तो लोग तुरंत फोन कर शिकायत दर्ज कराते हैं। हम मौके पर पहुंचकर सबसे पहले ड्रेनेज लाइन की जांच करते हैं। ड्रेनेज लाइन साफ होते ही गंदे पानी की समस्या दूर हो जाती है। कभी-कभी स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायतें भी आती हैं। सवाल: किसी नए प्रयोग से क्या बदलाव हुआ? जवाब: नए प्रयोग तो विशेष रूप से नहीं किए गए हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हमारा सबसे बड़ा प्रयोग यही है कि हम जनता के जनप्रतिनिधि हैं। पार्षद जैसा पद जनता ने हमें चुनकर दिया है। नगर निगम से जुड़ी समस्याएं पिछले कई सालों से चली आ रही हैं। मैंने तत्कालीन महापौर मधुकर वर्मा के कार्यकाल का समय भी देखा है, जब इंदौर में डामर की सड़कों की ही कल्पना की जाती थी और सीमेंट की सड़कें नहीं बनती थीं। इसके बाद जब कैलाश विजयवर्गीय महापौर बने, तब उन्होंने इंदौर में विकास किस तरह होता है, यह सिखाया। मेरा मानना है कि पार्षद बनने के बाद भी यदि नगर निगम की समस्याएं हल नहीं हो पा रही हैं, तो सबसे पहला कर्तव्य यह होता है कि जब जनता आपको बुलाए, तो आप उनके बीच जाकर उनसे मिलें और उनकी समस्याएं सुनें। जनता को यह महसूस होना चाहिए कि उन्होंने सही पार्षद चुना है। मेरा यही प्रयोग रहा है कि मैं वार्ड में निरंतर लोगों के संपर्क में रहता हूं। पूरे वार्ड में शायद ही कोई ऐसा परिवार हो, जो मेरे संपर्क में न हो। सवाल: किन इलाकों में काम नहीं हो पाया? जवाब: मेरा वार्ड काफी पुराना है। यहां अधिकतर हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां हैं। मेरे पूर्व के पार्षद भी होनहार और मजबूत रहे हैं, जिनमें काम करने का गुण था। राजेंद्र राठौर और चंदू शिंदे जैसे पार्षद यहां रह चुके हैं, जिनके कार्यकाल में काफी विकास कार्य हुए हैं। सवाल: आपके यहां पानी की शिकायत आई है क्या? जवाब: नर्मदा के पानी को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं है, क्योंकि यहां दो स्थानों से नर्मदा जल की आपूर्ति होती है। हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में सुखलिया टंकी से कई सालों से नियमित रूप से पानी सप्लाई किया जा रहा है, जहां प्रॉपर नल से पानी आ रहा है। वहीं लाहिया कॉलोनी और शारदा नगर में स्कीम नंबर-136 की टंकी से एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है। बीच में पुरानी लाइनों में दिक्कत आने के कारण कुछ इलाकों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इन पुरानी लाइनों को बदलने का काम फिलहाल जारी है। सवाल: अगले 6 महीने का रोडमैप क्या है? जवाब: अगले छह महीनों के रोडमैप की बात करें तो संजीवनी से जुड़ा काम पहले लंबित था, जिसका टेंडर अब हो चुका है। इंदौर में फिलहाल यही एकमात्र स्थान है, जहां संजीवनी का टेंडर हाल ही में हुआ है। अब यहां संजीवनी का काम शुरू किया जाएगा, जिसके लिए हमारे पास पर्याप्त जगह उपलब्ध है। इसके अलावा कबीडखेड़ी में बनाए गए श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण का कार्य भी शुरू किया जाना है। वहां अभी सभी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जैसे चौकीदार की झोपड़ी और लकड़ी-कंडे रखने की व्यवस्था। इन सभी व्यवस्थाओं के लिए फाइल बन चुकी है और जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। न्याय नगर के सौंदर्यीकरण को लेकर महापौर और विधायक रमेश मेंदोला से चर्चा हो चुकी है। उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण भी कर लिया है। न्याय नगर का सौंदर्यीकरण होना एक बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि यहां वीआईपी मूवमेंट रहता है। इसके अलावा छह गलियों के सौंदर्यीकरण का काम अगले महीने शुरू किया जाएगा। जो कार्य लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:05 am

आदि महोत्सव में देखें सांस्कृतिक कार्यक्रम और शिल्प प्रदर्शनी:भोपाल में आज कई इलाकों में गुल रहेगी बिजली; जानिए शहर में कहां-क्या खास

आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:05 am

कैथल में पेंशन मुद्दे को लेकर इनेलो की बैठक:पूरे जिले से कार्यकर्ता पहुंचेंगे, आंदोलन की बनाएंगे रणनीति

कैथल में आज इनेलो के जिला कार्यालय में पार्टी की बैठक का आयोजन किया जाएगा। बैठक में जिलेभर से इनेलो के कार्यकर्ता और नेता भाग लेंगे। बैठक की अध्यक्षता इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा करेंगे। इस दौरान हरियाणा प्रदेश में सरकार द्वारा काटी गई पेंशन के मुद्दे को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। साथ ही इसको लेकर इनेलो द्वारा किए जाने वाले आंदोलन की रूप रेखा तैयार की जाएगी। इनेलो के जिला अध्यक्ष अनिल तंवर ने बताया कि इस बैठक में पूरे जिले से कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है। सबसे विचार विमर्श करने के बाद 20 फरवरी को होने वाले प्रदेश स्तरीय आंदोलन की तैयारी की जाएगी। बोले- बुजुर्गों के साथ किया अन्याय जिला अध्यक्ष अनिल तंवर ने कहा कि स्वर्गीय ताऊ देवी लाल ने अपने कार्यकाल में बुजुर्गों को राहत देने के लिए पेंशन शुरू की थी, लेकिन भाजपा सरकार ने पेंशन काटकर बुजुर्गों और अन्य पेंशन लाभार्थियों के साथ अन्याय किया है। इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। रोजाना बुजुर्ग अपनी पेंशन दोबारा शुरू करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सभी बुजुर्गों की पेंशन दोबारा से बहाल नहीं की जाती, तब तक इनेलो चुप नहीं बैठेगी। इसे लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू किए जाएंगे। उन्होंने मांग की कि काटी हुई पेंशन का लाभ तुरंत प्रभाव से लाभार्थियों को दियया जाए।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:05 am

यमुनानगर में ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराकर अधेड़ की मौत:दो बच्चों का पिता, पशुओं को चारा डालने जा रहा था, ड्राइवर फरार

यमुनानगर के रादौर क्षेत्र के गांव रपौली में पशुओं को चारा डालने जा रहे व्यक्ति की बीच रास्ते में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर लगने के कारण मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क के बीचों-बीच बिना किसी चेतावनी संकेत के लापरवाही से खड़ी थी, जिससे यह जानलेवा दुर्घटना हुई। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जबकि रादौर थाना पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान जसविंद्र सिंह (उम्र लगभग 45 वर्ष) निवासी गांव रपौली के रूप में हुई है, जो रोजाना की तरह सुबह पशुओं को चारा डालने और दूध निकालने के लिए घर से निकला था। दो बच्चों का पिता था पुलिस को दी शिकायत में रपौली निवासी महिंद्र सिंह ने बताया कि उसके परिवार में तीन भाई और चार बहनें हैं तथा सभी की शादी हो चुकी है। उसका छोटा भाई जसविन्द्र सिंह भी शादीशुदा था, जिसके एक बेटा और एक बेटी हैं। जसविंद्र सिंह पिछले लगभग एक साल से हरविंद्र सिंह निवासी नमदारपुर के यहां नौकरी कर रहा था। वह रोजाना हरविंद्र के पशुओं को चारा डालने और दूध निकालने के लिए काम पर जाता था। मंगलवार को भी जसविन्द्र सिंह रोज की तरह अपनी मोटरसाइकिल पर काम के लिए निकला। भाई को राम-राम करके निकला था उसी समय वह खुद भी गांव की सड़क पर टहलने के लिए निकला हुआ था और जसविन्द्र सिंह ने उसे रास्ते में राम-राम कहा। आगे कुछ दूरी पर सड़क के बीचों-बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना किसी संकेतक, रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड के खड़ी थी, जिससे दूर से उसका पता नहीं चल सकता था। अंधेरे के कारण पीछे से आ रही जसविन्द्र सिंह की मोटरसाइकिल उस खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई, जिससे गंभीर दुर्घटना हुई और जसविन्द्र सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई। महिन्द्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली का चालक वहां आया, जिसे उसने देख लिया और पहचान सकता है, लेकिन गांव के लोग इकट्ठा होने पर चालक भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज किया इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल जसविन्द्र सिंह को निजी वाहन से सिविल अस्पताल यमुनानगर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिकायतकर्ता ने अपने बयान में स्पष्ट कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने लापरवाही से वाहन सड़क के बीच खड़ा किया था और कोई चेतावनी चिन्ह नहीं लगाया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। जांच अधिकारी के अनुसार हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सड़क पर बिना संकेतक खड़ी ट्रॉली को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन सड़क पर खड़ा करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:03 am

खेजड़ी बचाओ आंदोलन:संत ने कहा- कांग्रेसी विधायक विधानसभा में धरने पर बैठें, हरीश ने कहा- संख्या 101 चाहिए, हमारे पास नहीं

खेजड़ी बचाओ आंदोलन 9वें दिन भी जारी रहा। संत भागीरथ शास्त्री की वाणी मंगलवार को अन्य दिनों की अपेक्षा तीखी थी। उसमें क्रोध झलक रहा था। खेजड़ी बचाने के लिए बायतू विधायक हरीश चौधरी को उन्होंने मंच से विधानसभा में सभी कांग्रेसी विधायकों के साथ धरने पर बैठने की सलाह दी। बाद में मीडिया से बातचीत के दौरान चौधरी ने कहा, यदि हमारे पास 101 विधायक होते तो खेजड़ी की रक्षा कर लेते। यहां नहीं आते। ताकत संख्या से होती है, जो हमारे (कांग्रेस) पास नहीं है। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत बिश्नोई धर्मशाला के सामने चल रहे धरने पर संत भागीरथ शास्त्री एक बार फिर मुखर हुए। दरअसल बायतू विधायक हरीश चौधरी और पीलीबंगा के विधायक विनोद कुमार गोठवाल सोमवार को अपना समर्थन जताने महापड़ाव पर पहुंचे। खेजड़ी के संरक्षण को लेकर हरीश चौधरी का भाषण खत्म होने के बाद संत भागीरथ शास्त्री ने माइक थाम लिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन में जीत-हार नहीं होती। मांगें मान लें तो सफल, नहीं तो असफल होते हैं। कानून बनाना चाहते हैं तो विधानसभा में धरने पर बैठ जाएं, वरना भाषण देना तो सबको आता है। जयपुर में मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भी कटाई पर प्रतिबंध नहीं लगने पर संत भावुक होकर बोले—हमें राजनीति नहीं आती, इसलिए धोखा हो गया। सरकार की बात समझ नहीं आई। हम धार्मिक लोग हैं। धर्म की बात ही जानते हैं। भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा के पाठ हुए महापड़ाव पर मंगलवार को दिनभर भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा के पाठ होते रहे। स्वामी भागीरथदास शास्त्री, स्वामी पवनपुरी महाराज, महंत शिवदास महाराज, स्वामी सेवादास महाराज और साध्वी ने प्रवचन दिए और खेजड़ी पर कठोर कानून बनाने की मांग की। बलवाना से पूर्व विधायक राजेंद्र कौर, युवा आइकन राजवीर सिंह, अलाय से दिलीप सियाग ने भी महापड़ाव में पहुंचकर अपना समर्थन दिया। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई और आंदोलन संयोजक परसराम बिश्नोई ने आगामी रणनीति की जानकारी दी। ओमप्रकाश खीचड़ ने सरकार की हठधर्मिता पर रोष जताया। शशिकला राठौड़, मोहनलाल गोदारा, सुनील सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। रावला में पेड़ काटने के मामले में रेंजर एपीओ, दो वनकर्मी निलंबित रावला में विद्युत निगम और जलसंसाधन विभाग की जमीन पर पेड़ काटने के मामले में एक रेंजर को एपीओ कर दिया गया है तथा सहायक वनपाल और वन रक्षक को निलंबित किया गया है। रावला के चक 30 एएसबी में कीकर, शीशम और खेजड़ी के करीब पेड़ काटने के विरोध में पर्यावरण प्रेमी पुलिस थाने पर धरने पर बैठ गए थे। इस संबंध में रेंजर अजय सिंह, सहायक वनपाल लक्ष्मीनारायण मीणा और वनरक्षक श्रवण सिंह के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। खेजड़ी को लेकर बीकानेर में महापड़ाव के चलते मामला गंभीर होने के कारण मंगलवार को रेंजर के एपीओ और दोनों वनकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के संयोजक परसराम बिश्नोई ने बताया कि रावला में लोग तहसील पर धरने पर बैठे हैं। फलोदी में भी मंगलवार को आंदोलन के समर्थन में महारैली निकाली गई। यह आंदोलन प्रदेश के हर जिले, गांव-ढाणी तक फैल गया है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:01 am

बरेली में विधवा महिला के घर पर दबंगों का धावा:दीवार तोड़कर कब्जे की कोशिश, हिस्ट्रीशीटर ने साथियों के साथ मिलकर महिला का गला दबाया

बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र के जौहरपुर गांव में सोमवार शाम को एक हिस्ट्रीशीटर ने अपने बेटों और साथियों के साथ मिलकर एक विधवा महिला के घर पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने न सिर्फ महिला के साथ मारपीट की, बल्कि उसके घर की दीवार तोड़कर जमीन कब्जाने का प्रयास किया। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए पथराव भी किया गया। अकेला देख घर में घुसे हमलावर, अपहरण का प्रयासपीड़िता सुनीता देवी पत्नी स्वर्गीय नरेंद्र श्रीवास्तव का आरोप है कि सोमवार शाम करीब 6 बजे वह घर पर अकेली थीं। इसी दौरान गांव का ही हिस्ट्रीशीटर नरेश गुप्ता अपने बेटों जतिन उर्फ काले, रोहित, आकाश, सीमा गुप्ता और 10-12 अज्ञात हमलावरों के साथ उसके घर में घुस आया। महिला का आरोप है कि जतिन और उसके साथियों ने उसे पकड़कर मारपीट की और गला दबाकर अपहरण करने की कोशिश की। तमंचा तानकर दी धमकी, दीवार गिराकर शुरू किया कब्जासुनीता देवी के मुताबिक, जब उन्होंने विरोध किया तो हिस्ट्रीशीटर नरेश गुप्ता ने तमंचा निकाल लिया और गोली मारने की धमकी दी। दबंगों ने महिला पर जान से मारने की नीयत से पथराव किया, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ी। होश आने पर पीड़िता ने देखा कि आरोपी उसके घर की दीवार तोड़कर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहे थे। किसी तरह जान बचाकर महिला ने रिश्तेदारों और पुलिस को सूचना दी। पूरे परिवार को जान का खतरा, दहशत में ग्रामीणपीड़िता ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई है कि विपक्षी बेहद शातिर और आपराधिक किस्म के लोग हैं। इस घटना के बाद से सुनीता और उसका परिवार दहशत में है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:00 am

RPF ने फेयरवेल देकर ट्रैकर डॉग 'तूफान' को विदा किया:झांसी में हुई पार्टी में दूसरे डॉग भी आए, अधिकारियों ने परोसा मनपसंद खाना, मुकुट पहनाकर किया सम्मानित

झांसी मंडल के रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) का ट्रैकर डॉग तूफान मंगलवार को अपने दस साल के सेवाकाल के बाद सेवानिवृत्त हो गया। इस अवसर पर आरपीएफ लाइन परिसर में विशेष फेयरवेल समारोह आयोजित किया गया, जहां तूफान और उसके डॉग स्क्वायड के अन्य साथियों के लिए फेयरवेल पार्टी रखी गई। समारोह के दौरान तूफान और उसके साथी डॉग्स को उनका पसंदीदा भोजन और बिस्कुट दिया गया। अधिकारियों और जवानों ने तूफान को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया और मुकुट लगाकर विदाई दी। समारोह में मौजूद कई जवान भावुक नजर आए, क्योंकि तूफान केवल एक डॉग नहीं बल्कि वर्षों तक फोर्स का अभिन्न हिस्सा बनकर काम करता रहा। पहले फेयरवेल पार्टी की दो तस्वीर देखें… एक दशक तक आरपीएफ का भरोसेमंद सिपाही रहाआरपीएफ ने वर्ष 2016 में ट्रैकर डॉग तूफान की तैनाती झांसी मंडल में की थी। तब से लेकर अब तक तूफान ने रेलवे स्टेशन, ट्रेनों और ट्रैक पर होने वाली चोरियों व अपराधों के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अपने पूरे सेवाकाल के दौरान तूफान ने लगभग 25 शातिर चोरों को पकड़वाने में मदद की। कई ऐसे ब्लाइंड केस रहे, जिनमें आरपीएफ को कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था, लेकिन तूफान ने अपनी सूंघने की क्षमता और ट्रैकिंग स्किल से चंद मिनटों में ही रास्ता खोज लिया।आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक, तूफान की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहते हुए सटीक दिशा पकड़ लेता था।हैंडलर से था खास भावनात्मक रिश्ता तूफान के साथ तैनात डॉग हैंडलर का कहना है कि वह हर ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता के साथ काम करता था। ट्रेनिंग से लेकर फील्ड ऑपरेशन तक, तूफान ने कभी भी लापरवाही नहीं दिखाई।हैंडलर ने बताया कि कई बार रात के अंधेरे में, जंगल और सुनसान इलाकों में भी तूफान ने बिना घबराए अपराधियों तक पहुंचने में मदद की। इतने वर्षों तक साथ रहने के कारण तूफान और हैंडलर के बीच गहरा भावनात्मक रिश्ता बन गया था।बीएसएफ कैंप से मिली थी विशेष ट्रेनिंगजर्मन शेफर्ड नस्ल के तूफान को हैदराबाद से लाकर आरपीएफ में शामिल किया गया था। उसकी मां सायरा और पिता रुस्तम भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं।आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट के.एन. तिवारी ने बताया कि आरपीएफ में शामिल होने से पहले तूफान की ट्रेनिंग ग्वालियर स्थित टेकनपुर बीएसएफ कैंप में कराई गई थी। वहां से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह झांसी आरपीएफ डॉग स्क्वायड का स्थायी सदस्य बना।तूफान की मदद से खुलीं कई बड़ी चोरियां केस-1 साल 2021 में ललितपुर रेलवे स्टेशन के पास लेवल क्रॉसिंग से 20 बैटरियां चोरी हुई थीं। तूफान ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक जंगल की ओर ट्रैक कर झाड़ियों में छिपी बैटरियां बरामद कराईं और चोरों तक पहुंचाया। केस-2 अप्रैल 2022 में झांसी-बीना रेलखंड पर तीसरी लाइन के लिए बिछाई गई लाखों रुपये कीमत की ओएचई केबल चोरी हुई। तूफान की मदद से केबल बरामद हुई और आरोपी गिरफ्तार किए गए।सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षित जीवनआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद तूफान की देखभाल के लिए आगरा की एक पशु प्रेमी संस्था से संपर्क किया गया है, जहां उसकी नियमित देखभाल, भोजन और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था रहेगी।अधिकारियों का कहना है कि फोर्स को ऐसे जांबाज डॉग्स पर गर्व है, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के देश और समाज की सेवा की। गणतंत्र दिवस परेड का आकर्षण रहा था तूफानरिटायरमेंट से पहले ट्रैकर डॉग तूफान ने अपने सेवाकाल की अंतिम गणतंत्र दिवस परेड में भी भाग लिया था। परेड के दौरान तूफान ने अधिकारियों के सामने लाइव प्रदर्शन करते हुए यह दिखाया कि यदि कोई व्यक्ति चोरी कर सामान लेकर भीड़ में छिप जाए, तो भी वह उससे बच नहीं सकता।प्रदर्शन के दौरान तूफान ने चोरी कर भीड़ में छिपे व्यक्ति को खोजकर पकड़ लिया, जिसे देखकर मौजूद लोग हैरान रह गए।परेड के समापन से पहले तूफान ने झांसी मंडल के डीआरएम अनिरुद्ध कुमार को आखिरी सलामी भी दी।आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट के.एन. तिवारी ने बताया कि फोर्स के नियमों के अनुसार किसी भी डॉग को दस साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त कर दिया जाता है। इसी नियम के तहत तूफान को भी भारी मन और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ विदा किया गया।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:00 am

कानपुर की कल की 10 बड़ी खबरें, VIDEO में:इंजीनियरिंग कॉलेज में फाइन के नाम वसूली, BJP प्रदेश अध्यक्ष से मेयर की शिकायत

नमस्कार, कानपुर में कल (मंगलवार) की बड़ी खबरें… लेम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को कुचलने के मामले में कारोबारी पिता केके मिश्रा ग्वालटोली थाने पहुंचे। दावा किया कि हादसे के वक्त बेटा शिवम नहीं, बल्कि ड्राइवर मोहन लेम्बोर्गिनी कार चला रहा था। शिवम उस वक्त सो रहा था। पुलिस कमिश्नर झूठ बोल रहे हैं। HDFC बैंक में ‘ठाकुर हूं, ऐसी-तैसी कर दूंगी’ कहने वाली रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह ने वीडियो जारी करके सफाई दी। उन्होंने कहा- मेरा विवाद बैंक की एक महिला संविदा कर्मचारी के पति से हुआ था। उसने मेरी जाति पूछकर मेरे साथ अभद्रता की। तभी मुझे गुस्सा आ गया। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1: कारोबारी बोले-कानपुर पुलिस कमिश्नर झूठ बोल रहे:लेम्बोर्गिनी बेटा नहीं, ड्राइवर चला रहा था; योगी का आदेश- एक्शन लो कानपुर में लेम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को कुचलने के मामले में नया ट्विस्ट आ गया है। कारोबारी पिता केके मिश्रा मंगलवार को ग्वालटोली थाने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि हादसे के वक्त बेटा शिवम नहीं, बल्कि ड्राइवर मोहन लेम्बोर्गिनी कार चला रहा था। शिवम उस वक्त सो रहा था। केके मिश्रा ने कहा- हादसे के बाद कार लॉक हो गई थी, जिससे बेटे की तबीयत बिगड़ गई। ठीक होने पर बेटे को लेकर मैं खुद थाने आऊंगा। मीडिया ने पूछा कि पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि गाड़ी शिवम चला रहा था। इस पर पिता ने जवाब दिया- पुलिस कमिश्नर झूठ बोल रहे हैं। वहीं, कारोबारी के वकील ने दावा किया कि शिवम बेहोश है और दिल्ली में भर्ती है। पढ़ें पूरी खबर 2: 'ठाकुर हूं, ऐसी-तैसी कर दूंगी'...कहने वाली बैंककर्मी सामने आई:कहा- बदतमीजी की, इसलिए गुस्सा आया, ठाकुर होने पर गर्व कानपुर में HDFC बैंक में ‘ठाकुर हूं, ऐसी-तैसी कर दूंगी’ कहने वाली महिला बैंक कर्मी सामने आ गई है। रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह ने वीडियो जारी करके सफाई दी। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा- मैंने किसी ग्राहक के साथ अभद्रता नहीं की। मेरा विवाद बैंक की एक महिला संविदा कर्मचारी के पति से हुआ था। उसने मेरी जाति पूछकर मेरे साथ अभद्रता की, तभी मुझे गुस्सा आ गया। मैं आज भी अपने बयान पर कायम हूं। ठाकुर हूं, मुझे गर्व है। पढ़ें पूरी खबर 3: जिस अस्पताल में मासूम जिंदा जली, उसका लाइसेंस रद्द:NICU का परमिशन नहीं था, पिता बोले- जिसका चेहरा देखना था; उसकी लाश मिली कानपुर के राजा नर्सिंग होम का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। NICU को सील कर दिया गया। वहीं, अस्पताल के डॉक्टरों पर केस दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई डीएम के आदेश पर सीएमओ ने की। CMO ने बताया कि अस्पताल में बगैर अनुमति के NICU चल रहा था। एक्सपायर अग्निशमन यंत्र मिले। सीएमओ ने बताया कि एनआईसीयू यूनिट को सील कर दिया गया है। अस्पताल को पूरी तरह बंद रखने के आदेश हैं। प्रबंधन को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा गया है। दरअसल, रविवार को NICU के वॉर्मर मशीन में आग लग गई। पढ़ें पूरी खबर 4: छात्र बोले- लेट आने पर टीचर डस्टर से पीटते हैं:फाइन के नाम पर वसूली चल रही, कानपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में हंगामा कानपुर के महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में टीचर और स्टूडेंट्स के बीच का विवाद थम नहीं रहा है। 6 दिन में सोमवार को तीसरीबार कॉलेज में करीब 300 छात्र कॉलेज गेट पर हंगामा किया। हंगामा करने वाले छात्र नेताओं पर मुकदमा दर्ज होने और मांगों पर कोई कार्रवाई न होने से नाराज थे। हंगामे के बाद कई थानों की पुलिस, PAC, एसीपी कल्याणपुर और एडीसीपी वेस्ट मौके पर पहुंचे। छात्रों को समझाकर मामला शांत कराया। छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन अटेंडेंस का प्रतिशत और लेट आने को आधार बनाकर साल में लाखों रुपए की वसूली करता है। इस पेनाल्टी के पैसे कैश में लिए जाते हैं। क्लास के अंदर टीचर छात्रों को डस्टर से पीटते हैं। पढ़ें पूरी खबर 5: निष्कासित पार्षदों को प्रदेश अध्यक्ष ने लखनऊ बुलाया:पंकज चौधरी बोले- मैं दर्द समझ सकता हूं; पार्षदों ने कानपुर की समस्याएं बताई कानपुर में BJP मेयर और पार्षदों के बीच चल रहे विवाद मामले में पार्षदों ने 46 दिन बाद दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की। सोमवार को पार्षदों ने कानपुर शहर की समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। साथ ही मेयर द्वारा किए गए निष्कासन के मामले में भी अलग से ज्ञापन दिया। पार्षद पवन गुप्ता ने बताया- प्रदेश अध्यक्ष मेरे “बॉस” हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि न्याय होगा। उन्होंने 15 फरवरी के बाद लखनऊ आकर मिलने के लिए भी कहा है। पढ़ें पूरी खबर 6: हाईवे पर कंटेनर ने 2 को रौंदा, मौत:कानपुर में मारपीट करते हुए रोड पर आए, तभी हादसा हुआ; पुलिस बोली- नशे में थे कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में देर रात सड़क किनारे मारपीट के दौरान बड़ा हादसा हो गया। दो पक्षों के बीच झगड़ा हाइवे तक पहुंच गया, तभी तेज रफ्तार कंटेनर की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दूसरा पक्ष मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के आईआईटी गेट के पास रहने वाले सूरज कुमार (30) एक फास्ट फूड की दुकान पर पत्नी इंद्रावती के साथ काम करते थे। पढ़ें पूरी खबर 7: रमईपुर चौराहे पर 6 घंटे लगा भीषण जाम:सड़क संकरी और हाइवे पर चढ़ते समय रुकता है ट्रैफिक; रोज यही हाल कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र स्थित रमईपुर चौराहे पर लगने वाला जाम अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। मंगलवार सुबह एक बार फिर यहां भीषण जाम लग गया, जिससे करीब छह घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। जाम में फंसे राहगीर, स्कूली बच्चे, डॉक्टर, शिक्षक और सरकारी कर्मचारी समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। जाम को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस लगातार मशक्कत करती नजर आती है। पढ़ें पूरी खबर 8: कल्याणपुर में गर्भवती पत्नी के पेट पर लात मारी:महिला बोली- घर से निकाला, विधायक का ड्राइवर है पति कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा अपनी गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक ने दो माह की गर्भवती पत्नी के पेट में लात मारकर उसे घर से बाहर निकाल दिया। पीड़िता का कहना है कि उसका पति एक विधायक का ड्राइवर है। महिला ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह पुलिस आयुक्त से मिलकर गुहार लगाएगी। पढ़ें पूरी खबर 9: होलिका दहन की जमीन पर कब्जे को लेकर हंगामा:ग्रामीणों ने किया विरोध, पुलिस दोनों पक्षों को थाने लाई कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बैरी अकबरपुर गांव में ग्राम समाज और होलिका दहन की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर मंगलवार को विवाद हो गया। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य का विरोध किया और 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को शांत कराया और दोनों पक्षों को थाने ले जाकर पूछताछ की। गांव निवासी नितिन कुमार कनौजिया ने बताया कि वर्षों से ग्राम समाज की इसी जमीन पर होलिका दहन होता आ रहा है और यह बच्चों के खेलने की जगह भी है। पढ़ें पूरी खबर 10: बिल्हौर तहसील में समस्याओं पर वकीलों का विरोध:SDM को सौंपा ज्ञापन, बोले- दाखिल-खारिज में देरी हो रही; प्राइवेट कर्मी मनमानी कर रहे कानपुर में बिल्हौर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) डॉ. संजीव दीक्षित से मुलाकात कर तहसील परिसर में फैली अव्यवस्थाओं और विभिन्न पटलों पर बढ़ती समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने नियमविरुद्ध तरीके से तहसील में प्राइवेट कर्मचारियों की मौजूदगी और उनकी मनमानी के कारण कामकाज प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट बृजेश कटियार और महामंत्री सौरभ कटियार के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ता दोपहर में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:00 am

लुधियाना में पंजाबी सिंगर पर जानलेवा हमला:बदमाशों ने घेर कर पीटा, सिर पर मारे धारदार हथियार, टूटी हड्डी

पंजाब के लुधियाना में अंबेडकर नगर इलाके में पंजाबी सिंगर अमन सहोता पर 4 से 5 युवकों ने धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में अमन गंभीर रूप से घायल हो गया। खून से लथपथ हालत में उसे लोगों ने तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत बेहद नाजुक बताते हुए देर रात PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया। सिर की हड्डी के हुए दो टुकड़े डॉक्टरों के मुताबिक अभी तक जो शक है कि शायद अमन के सिर की हड्डी के दो टुकड़े हो गए हैं और उसकी आंख तक बाहर आ गई है। बाकी स्कैन आदि करने पर पूरा क्लियर हो पाएगा। घायल अमन दुगरी इलाके के हिम्मत नगर का रहने वाला है और अक्सर स्टेज शो में गाने गाता है। धारदार हथियारों से हुआ है हमला अमन के दोस्त अर्श कुमार ने बताया कि अमन किसी काम से अंबेडकर नगर गया था, जहां कुछ युवकों ने उसे घेर लिया और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। पहचान वाले दोस्तों ने उसे खून से लथपथ हालत में अस्पताल पहुंचाया। परिजनों को सूचना दे दी गई है। फिलहाल हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस को सूचना दी जा रही है और मामले की गहन जांच शुरू की जाएगी।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:00 am

मुख्यमंत्री को कहा 'राजा राम', मोहन ने लगा दी मुहर:समर्थकों ने कमलनाथ को फिर 'सीएम' की रेस में खींचा; गोपाल भार्गव का छलका दर्द

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। ‘कमलनाथ फिर एक बार’ समर्थकों ने लगाए नारेहाल ही में जब कमलनाथ छिंदवाड़ा पहुंचे, तो समर्थकों ने उनके सामने जमकर नारेबाजी की। ‘मध्य प्रदेश की फिर पुकार… कमलनाथ फिर एक बार…’ और ‘हमारे मुख्यमंत्री कैसे हों… कमलनाथ जैसे हों…’ नारे गूंजे। हालांकि अपने नेता के समर्थन में ऐसे नारे लगना कोई नई बात नहीं है, लेकिन ये नारे कांग्रेस के उन नेताओं को बेचैन कर सकते हैं, जो पार्टी की राजनीति में अपनी लाइन क्लीयर मानकर चल रहे हैं। यानी कांग्रेस की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री वही बनेंगे, ऐसी उम्मीद पाले बैठे हैं। कांग्रेस में अलग-अलग बड़े नेताओं के समर्थक समय-समय पर अपने-अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगा चुके हैं। एक मौके पर सीनियर नेता सज्जन वर्मा ने जीतू पटवारी को लेकर कहा था कि अभी ये मुख्यमंत्री बनेंगे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के समर्थन में भी उनके समर्थकों ने नारे लगाए थे। इधर, भले ही कमलनाथ की सक्रियता इन दिनों मध्य प्रदेश की राजनीति में कुछ कम नजर आ रही हो, लेकिन उनके समर्थक उन्हें फिर से मैदान में उतारने की कोशिश में जुटे हैं। उधर दिग्विजय सिंह, अरुण यादव और अजय सिंह की भी अपनी-अपनी सियासी फील्डिंग है। कुल मिलाकर मुकाबला तगड़ा है। विधायक और सांसद ने सीएम को कहा राजा रामभाजपा विधायक शरद कोल और भाजपा सांसद राजेश मिश्रा ने भरे मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जमकर जय-जयकार की और उनकी तुलना भगवान राम से कर दी। दरअसल, मुख्यमंत्री शहडोल जिले के गंधिया पहुंचे थे, जहां उन्होंने माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मंच से विधायक शरद कोल ने कहा कि जिस तरह प्रभु श्रीराम ने माता शबरी को दर्शन देकर उन्हें आशीर्वाद दिया था, उसी तरह राजा राम के स्वरूप में आप हमारे बीच पधारे हैं। वहीं, सांसद राजेश मिश्रा ने कहा कि यह स्थान त्रेता युग से जुड़ा हुआ है और द्वापर युग में भगवान कृष्ण, यानी मोहन का जन्म हुआ था। आज इस स्थल पर त्रेता और द्वापर युग दोनों का अहसास हो रहा है। सांसद ने डॉ. मोहन यादव की जय के नारे भी लगवाए। बात यहीं खत्म नहीं हुई। जब मुख्यमंत्री संबोधन के लिए आए, तो उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिससे लगा मानो उन्होंने विधायक और सांसद की भावनाओं का सम्मान किया हो। सीएम ने कहा कि जब हेलिकॉप्टर उतरा, तो वहां इतनी भीड़ थी, जैसे सभा वहीं लग गई हो। मुझे लगा यह सभा मेरे लिए नहीं है। ये लोग भगवान राम के पुष्पक विमान को देखने आए हैं। गोपाल भार्गव बोले- मुझे दिग्विजय ने ऑफर दिया थाभाजपा के सबसे सीनियर विधायक गोपाल भार्गव ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कभी दिग्विजय सिंह ने उन्हें कांग्रेस में शामिल होने का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। गोपाल भार्गव का यह बयान अब सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, एक कार्यक्रम के दौरान वे अपनी राजनीतिक यात्रा और भाजपा के प्रति अपनी वफादारी का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति लगातार संघर्ष करता रहे, अपनी मांगें रखता रहे, लेकिन अगर सरकार सुनने को तैयार न हो, तो किसी का भी हौसला टूट सकता है। उसकी ताकत जवाब दे सकती है और मनोबल गिर सकता है। लेकिन मैंने 20 साल तक अपने मन को बांधे रखा। भार्गव ने आगे बताया कि कई मंत्री और मुख्यमंत्री उनसे कहते थे। दिग्विजय सिंह भी कहते थे कि गोपाल जी, वहां बीजेपी में क्या रखा है? कुछ नहीं है। आप हमारे पास आ जाइए, मैं आपको अच्छे विभाग का मंत्री बना दूंगा। इस पर मैंने कहा- राजा साहब, एक बात साफ कह देता हूं, यह माल टिकाऊ है, बिकाऊ नहीं। उन्होंने कहा कि वे 20 साल तक पार्टी में टिके रहे, जबकि आज लोग 20 महीने में ही पाला बदल लेते हैं। हमने धैर्य रखा और सोचा कि जब हमारी सरकार आएगी, तब अपने क्षेत्र का विकास करवाएंगे। जनता ने भी मेरा पूरा साथ दिया। अब इस बयान को गोपाल भार्गव की भाजपा में कथित उपेक्षा और उन्हें मंत्री नहीं बनाए जाने के दर्द से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बजट की खूबियां बताने आए, कमियों पर झल्लाए मंत्रीभिंड में केंद्रीय बजट की खूबियां गिनाने पहुंचे मंत्री एदल सिंह कंसाना एक सवाल पर झल्ला गए। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने जैसे ही सवाल किया, मंत्री ने तल्ख लहजे में कह दिया कि सरकार की आलोचना करना आपकी आदत बन गई है। मंत्री के इस बयान पर वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने एकजुट होकर प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह आलोचना नहीं, बल्कि सच्चाई है। दरअसल, पूरा मामला नेशनल हाईवे-719 (भिंड–ग्वालियर) से जुड़ा था। रिपोर्टर ने सवाल किया था कि बजट में इस हाईवे के उन्नयन का कोई जिक्र क्यों नहीं है। इस पर सीधे जवाब देने के बजाय मंत्री ने मीडिया पर नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगा दिया। माहौल बिगड़ता देख मंच पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नरवरिया और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह को हस्तक्षेप करना पड़ा। मंत्री को समझाया कि NH-719 जिले का सबसे बड़ा और संवेदनशील जनहित का मुद्दा है। इसके बाद मंत्री कंसाना शांत तो हुए, लेकिन हाईवे से जुड़े सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। अब इस पूरे घटनाक्रम पर लोग तंज कसते नजर आ रहे हैं, कह रहे हैं कि मंत्री जी तो बजट की खूबियां गिनाने आए थे, फिर भला खामियां क्यों सुनते और उन पर जवाब क्यों देते। इनपुट सहयोग - देवेंद्र ठाकुर (छिंदवाड़ा), सौरभ पांडे (शहडोल), जितेंद्र तिवारी (सागर), पवन दीक्षित (भिंड) ये भी पढ़ें - भरे मंच पर भाजपा विधायक ने सीएम को टोका: सिंधिया ने खुद को बताया डब्बा मंत्री शहडोल जिले के जैतपुर से भाजपा विधायक जयसिंह मरावी ने मंच पर ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को टोक दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा- इधर भी थोड़ा मेरा ध्यान रख लीजिए, मुख्यमंत्री जी। ये सुनकर हर कोई हैरान रह गया। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:57 am

वादे जो उम्र भर का साथ निभाएंगे:Promise Day पर जानिए गोरखपुर के निशा-रजत और स्वाति-दीपक की प्रेम कहानी

वैलेंटाइन वीक का पांचवा दिन प्रॉमिस डे के लिए जाना जाता है। इस दिन अक्सर लोग वो वादा कर जाते हैं, जो वर्षों तक निभाते हैं। ऐसी ही कुछ कहानी है गोरखपुर के निशा- रजत और स्वाति- दीपक की। एक तरफ शादी से पहले रजत की ओर से कभी न साथ छोड़ने का प्रॉमिस ने निशा का दिल जीता, तो दूसरी ओर स्वाति और दीपक ने शादी के बाद एक- दूसरे को हमेशा सपोर्ट करने का वादा करके एक-दूसरे का साथ निभाया। ये कपल हर साल अपनी प्रॉमिस को याद करते हैं,और निभाने के लिए दुबारा से यही प्रॉमिस करते। रजत के प्रॉमिस से हुआ यकीन, शादी के लिए राजी हुई निशा निशा और रजत की मुलाकात कॉलेज के दिनों में हुई। धीरे- धीरे पहचान बढ़ी और दोनों की गहरी दोस्ती हो गई। आगे चलकर दोस्ती प्यार में बदली। अब बारी थी जीवन साथ बिताने की। निशा बताती हैं कि कहीं न कहीं मेरे मन में डर था कि रिलेशनशिप आगे तक जाएगी या नहीं। पता नहीं रजत इसे कैसे देखता है। लेकिन एक साल प्रॉमिस डे पर उसने मेरे लिए सरप्राइज रखा। मुझे घूमने के बहाने ले कर गया। और वहीं उसने हाथ पकड़ कर कहा- ये रिश्ता बस इस जन्म का नहीं है। मैं वादा करता हूं हर जन्म में तुम्हारे ही साथ बिताऊंगा। उस दिन मुझे उस पर पूरा यकीन हो गया। हमने अपने घर वालों को मना कर अगले साल 2019 में वैलेंटाइन वीक में ही 9 फरवरी को शादी की। हम हर साल इस दिन को और उस वादे को याद करते हैं और बचे हए जीवन के हर दिन उसे निभाने का फिर से वादा करते हैं। शादी के ढाई महीने और भरोसे का अहसास ​स्वाति और दीपक की शादी साल 2009 में 27 नवंबर को घर वालों की मर्जी से हुई थी। शादी के बाद पहला वेलेंटाइन वीक उनके लिए बेहद ही खास था। स्वाति बताती हैं कि उस साल का प्रॉमिस डे वह कभी नहीं भूल सकती। लगभग ढाई महीनों के इस सफर के बाद उस दिन मुझे यकीन हो हुआ कि दीपक से अच्छा जीवन साथी मेरे लिए और कोई नहीं। प्रॉमिस डे के दिन सुबह ऑफिस जाने से पहले दीपक मेरे पास आएं और पूछा कि तुम्हारे सपने क्या हैं ? मैं थोड़ी देर चुप थी कि पता नहीं मेरी बात सुनकर ये क्या सोचेंगे। मैंने धीरे से कहा मुझे आगे पढ़ कर कुछ करना है, जिससे मेरी पहचान बने। फिर दीपक ने कहा- शादी के बाद यह पहला प्रॉमिस डे है। आज के दिन मैं वादा करता हूं कि तुम लाइफ में जो भी बनना चाहती हो, जो कुछ भी करना चाहती हो मैं उसमें तुम्हारे साथ हूं। यह सुनकर मेरे दिल को तसल्ली हुई। फिर मैंने भी उनसे प्रॉमिस किया कि लाइफ में कुछ भी करूंगी उनका और परिवार का ध्यान सबसे पहले रखूंगी। हर प्रॉमिस डे पर हम दोनों उस प्रॉमिस को याद करते हैं।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:57 am

मथुरा में बांके बिहारी कॉरिडोर का विरोध:मंदिर-मकान न देने की कसम ली, कहा- सरकार ने दबाव डालकर रजिस्ट्री कराई

बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए कुछ लोग अपने मकान और जमीन की रजिस्ट्री कर दी है। वहीं, कुछ लोगों ने अब इसका विरोध शुरू कर दिया है। मंदिर के मुख्य द्वार पर गोस्वामी, स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान विरोध कर रहे लोगों ने हाथ उठाकर कसम खाई कि वह किसी कीमत पर अपने मकान और मंदिर नहीं देंगे। विरोध कर रहे लोगों ने कहा- सरकार कुछ भूमाफियाओं द्वारा दबाव डालकर जबरदस्ती हमारे सैकड़ों साल पुराने मंदिरों और मकानों को छीनना चाहती है। दबाव में करवाई रजिस्ट्री प्रदर्शन करने पहुंचे सोहन लाल मिश्र ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश है कि यदि कॉरिडोर बनता है तो बिहारी जी के कोष से रकम दी जाएगी और बिहारी जी मंदिर के निमित्त ही रजिस्ट्री होगी। फिर यह सरकार, प्रशासन अपने नाम रजिस्ट्री कैसे करवा सकता है और कहां से धन दे रहा है। यह सब जो रजिस्ट्री हुई हैं, यह सब अवैध हैं और दबाब डालकर करवाई गई हैं। गुमराह कर दिखाई जा रही भीड़ राधा मिश्रा ने कहा कि प्रशासन जनता के बीच में भ्रम की स्थिति पैदा करके बाकी अन्य लोगों को भी दबाव में लेने की कोशिश कर रहा है। शशि पहलवान खोआ वालों ने कहा कि एक दर्शनार्थी जूते चप्पल लेने को दो बार घूमकर मंदिर आता है और इससे प्रशासन भीड़ का अतिरिक्त दबाव बनाकर ज़बरदस्ती भीड़ दिखाता है। ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन करके सरकार इस दबाव को कम कर सकती है। यह रहे मौजूद प्रदर्शन करने वालों में बृजेन्द्र गोस्वामी, देव गोस्वामी, नीलम गोस्वामी, रेनू गोस्वामी, अलौकिक गोस्वामी, आकाश गोस्वामी, सोमनाथ गोस्वामी, रुक्मणि रमन गोस्वामी, दीपक पाराशर, गोविन्द खंडेलवाल, वैभव सिद्ध आदि उपस्थित रहे। इस दौरान सभी ने हाथ उठाकर कसम ली कि कोई भी अपना मकान और मंदिर नहीं देगा।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:55 am

ड्रोन सर्वे से रेवेन्यू बढ़ाने में उलझा खान विभाग:लीजधारकों का आरोप- सर्वे से पहले उन्हें सूचना तक नहीं दी गई, करोड़ों की पेनल्टी पर विवाद

प्रदेश में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर रोक के साथ राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से हर खदान का ड्रोन सर्वे कराने की प्रक्रिया अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। खान विभाग का दावा है कि ड्रोन सर्वे से लीज क्षेत्र के आसपास हुए अवैध खनन को पकड़कर पेनल्टी वसूली जाएगी, लेकिन व्यवहार में यह प्रक्रिया खुद विभाग के लिए उलझन बनती जा रही है। विभाग निजी कंपनियों के माध्यम से ड्रोन सर्वे करवा रहा है। आरोप है कि सर्वे के दौरान पूरी खदान के पूरे पिट (खड़े) को ही खनिज मानकर उसका वॉल्यूम निकाला जा रहा है और उसी आधार पर पेनल्टी तय की जा रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि खनन के दौरान मिनरल के साथ ओवरबर्डन, वेस्ट, मिट्टी व अन्य सामग्री भी निकलती है। इसके बावजूद पूरे खड़े को खनिज मानकर करोड़ों रुपए की पेनल्टी थोप दी जा रही है। लीजधारकों का आरोप है कि कई मामलों में ड्रोन सर्वे से पहले उन्हें कोई सूचना तक नहीं दी गई। इससे विवाद बढ़ते गए और अब कई मामले न्यायालय तक पहुंच चुके हैं। भास्कर एक्सपर्ट- पीआर आमेटा, सेवानिवृत्त अतिरिक्त खान निदेशक लीजधारक को सूचना देना जरूरी ड्रोन सर्वे नियमानुसार उचित है, लेकिन इसकी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। लीजधारक को पूर्व सूचना देना अनिवार्य है। सर्वे के दौरान विभाग के जियोलॉजिस्ट से वॉल्यूम की जांच होनी चाहिए, जिसमें ओवरबर्डन, वेस्ट और बाहर पड़े माल को घटाकर रिपोर्ट बने। अभी निजी कंपनियां अचानक जाकर सर्वे कर रही हैं, विभागीय टीम साथ नहीं होती। इससे सर्वे रिजल्ट पर सवाल उठते हैं। कई मामलों में 10 से 50 करोड़ रुपए तक की पेनल्टी लगा दी गई है, जबकि न उतना मिनरल निकला और न ही उतना मौजूद था। मिनरल की ग्रेड के आधार पर ही राशि तय होनी चाहिए। नियमों के अनुसार 10 गुना तक दंड का प्रावधान एसपी शर्मा, एसएमई उदयपुर जोन ने कहा कि ड्रोन सर्वे की सूचना दी जाती है। कुछ लोग बीमारी या अन्य कारण बताकर सर्वे टालने का प्रयास करते हैं। कई लीज 30 साल पुरानी हैं, उस समय रॉयल्टी कम थी। अवैध खनन पकड़े जाने पर उस तिथि के अनुसार पेनल्टी तय होती है, जिसमें नियमों के तहत 10 गुना तक दंड लगाया जा सकता है। बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 23 जनवरी को खान विभाग द्वारा ड्रोन सर्वे के आधार पर जारी किए गए शो-कॉज नोटिसों को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:54 am

आज राजस्थान का बजट:घोषणाओं के पूरा होने की आस, उदयपुर के लिए पिछले बजट में की गई घोषणाएं कागज से बाहर नहीं आ पाईं

राजस्थान सरकार का बजट बुधवार को पेश किया जाएगा, जिससे पूरे प्रदेश के साथ-साथ उदयपुर को भी नई उम्मीदें हैं। हालांकि, बीते साल के बजट में भी उदयपुर के विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की गई थीं। इनमें ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट, इंस्टीट्यूट ऑफ माइंस, नाइट टूरिज्म, वैदिक गुरुकुल, वैदिक पर्यटन केंद्र सहित कई प्रोजेक्ट शामिल थे। सरकार और सत्ताधारी दल ने उस समय इन योजनाओं को लेकर बड़े दावे किए थे, लेकिन भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि इनमें से अधिकांश योजनाएं आज भी घोषणाओं और फाइलों से आगे नहीं बढ़ पाई हैं। 1. ट्राइबल टूरिस्ट सर्किटआदिवासी बहुल क्षेत्रों में ऋषभदेव सहित दक्षिणी राजस्थान के धार्मिक, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने के लिए 100 करोड़ का ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव था। 2. इंस्टीट्यूट ऑफ माइंसउदयपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ माइंस खोलने की घोषणा हुई थी। इसके लिए एमपीयूएटी के सीटीएई परिसर को चिह्नित किया गया, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। 3. वैदिक पर्यटन केंद्रवैदिक शिक्षा और संस्कृति के प्रचार के उद्देश्य से वैदिक गुरुकुल व पर्यटन केंद्र की घोषणा की गई थी, लेकिन न तो जमीन चिह्नित हुई और न ही बजट जारी किया गया। 4. पैरा-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्ससंभाग में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए पैरा-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की घोषणा की थी। अभी पैरा बॉक्सिंग रिंग और टॉयलेट्स ही उपलब्ध कराए गए हैं। 5. बलीचा तिराहे पर फोर-लेन फ्लाईओवर इस फ्लाईओवर के लिए राज्य सरकार ने बजट में 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो पाया। 6. मेडिकल कॉलेज में स्पाइनल इंजरी सेंटर आरएनटी मेडिकल कॉलेज में 120 बेड क्षमता वाले स्पाइनल इंजरी सेंटर का विस्तार किया जाना था, ताकि गंभीर मरीजों को बाहर रेफर न करना पड़े।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:52 am

मेवाड़ अंचल को सौगात:उदयपुर-असारवा के बीच 16 फरवरी से दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन, अन्य ट्रेनों से 1 घंटा जल्दी पहुंचाएगी

मेवाड़ अंचल को इसी महीने आधुनिक रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भारतीय रेलवे 16 फरवरी से उदयपुर से गुजरात के असारवा रेलवे स्टेशन तक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करेगा। इस हाईस्पीड और सेमी-हाईस्पीड ट्रेन के संचालन से उदयपुर, डूंगरपुर सहित मेवाड़-वागड़ क्षेत्र का सीधा रेल संपर्क अहमदाबाद से हो जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन और उद्योग को भी नई रफ्तार मिलेगी। शिड्यूल के अनुसार ट्रेन सुबह 6:10 बजे उदयपुर से रवाना होकर 10:25 बजे असारवा पहुंचेगी। वापसी में शाम 5:45 बजे असारवा से रवाना होकर रात 10 बजे उदयपुर आएगी। सफर में 4 घंटे 15 मिनट लगेंगे, जबकि अन्य ट्रेनों से सवा 5 घंटे लगते हैं। इससे यात्रियों का 1 घंटे 10 मिनट समय बचेगा। ट्रेन सप्ताह में 6 दिन चलेगी। चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने 16 फरवरी से संचालन शुरू होने की जानकारी दी। बता दें कि अभी उदयपुर-अहमदाबाद फ्लाइट लगभग बंद है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और चित्तौड़ सांसद सीपी जोशी ने इस ट्रेन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। नई वंदे भारत ट्रेन उदयपुर से रवाना होकर डूंगरपुर और गुजरात के हिम्मतनगर होते हुए असारवा पहुंचेगी। खास बात यह है कि उदयपुर-अहमदाबाद रेल लाइन के आमान परिवर्तन और पूर्ण विद्युतीकरण के बाद इस रूट पर यह पहली वंदे भारत ट्रेन होगी। इसके जरिए उदयपुर को अहमदाबाद, मुंबई और आगे दक्षिण भारत के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। कम समय में लंबी दूरी तय करने वाली यह सेवा खासतौर पर कारोबारियों, नौकरीपेशा यात्रियों और पर्यटकों के लिए फायदेमंद साबित होगी। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि भविष्य में इस ट्रेन को सूरत तक बढ़ाया जाना चाहिए। अहमदाबाद-मुंबई के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:47 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:AI वीडियो के लिए नियम लागू होंगे; स्पीकर बिरला को हटाने का प्रस्ताव; अखिलेश बोले-गोलियां चलवाने वालों ने राम मंदिर बनवाया

नमस्कार, कल की बड़ी खबर AI वीडियो के लिए बने नए नियम से जुड़ी रही। यह 20 फरवरी से लागू होंगे। दूसरी बड़ी खबर बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह को मिली जान से मारने की धमकी को लेकर रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... ​​​​​​1. लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश, ओम बिरला का लोकसभा नहीं जाएंगे विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया है। इस पर 118 सांसदों ने साइन किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। वो अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही स्पीकर की चेयर संभालेंगे। अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। विपक्ष का आरोप- ओम बिरला बोलने नहीं देते: विपक्ष का आरोप है कि बिरला सदन की कार्यवाही में भेदभाव करते हैं। वे सत्तापक्ष को मौका देते हैं, जबकि विपक्ष की आवाज दबाते हैं। राहुल गांधी को बोलने ही नहीं देते। विपक्ष का कहना है कि ओम बिरला ने महिला सांसदों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने का झूठा आरोप भी लगाया। पढ़ें पूरी खबर... 2. अखिलेश बोले- जिन्होंने गोलियां चलवाई, वे राम मंदिर बनवा रहे अखिलेश यादव ने मंगलवार लोकसभा में केंद्र और यूपी सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा- मनरेगा का नया नाम वीबीजी रामजी कर दिया है। भाजपा सांसद अरुण गोविल की तरफ इशारा करते हुए पूछा- हमारे रामजी कहां हैं। हम उन्हें बचपन से देखते आए हैं। लोकसभा में रामजी को सबसे पीछे बैठाया है। जबकि उन्हें आगे लाकर नंबर 2 सीट पर बैठाना चाहिए। वहीं, सत्ता पक्ष के सांसदों ने कहा- कार सेवकों पर गोली चलाने वाले ये बात कर रहे हैं। यह सुनते ही अखिलेश भड़क गए। उन्होंने कहा- जिन्होंने गोली चलवाई, वो राम मंदिर बनवा रहे हैं। अगर कुछ पता ना हो तो जाकर के पूछ लेना पता कर लेना। आधी-अधूरी जानकारी के साथ मत आया करो यहां पर। अखिलेश का इशारा IAS नृपेंद्र मिश्रा की तरफ था। नृपेंद्र मिश्रा राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन हैं। उनकी देखरेख में राम मंदिर बना है। 1990 में नृपेंद्र मिश्रा मुलायम सिंह के प्रमुख सचिव थे। जब कारसेवकों पर गोली चलाई गई थी। पढ़ें पूरी खबर… 3. AI कंटेंट पर 20 फरवरी से लेबल लगाना जरूरी, डीपफेक वीडियो-फोटो भी 3 घंटे में हटाने होंगे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI कंटेट शेयर करने से पहले नए नियम का पालन करना होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, यूट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को अब AI कंटेंट पर लेबल लगाना होगा। साथ ही डीपफेक फोटो-वीडियो 3 घंटे में हटाने होंगे। ये नियम 20 फरवरी से लागू होंगे। इससे अश्लील कंटेंट और मिसइन्फॉर्मेशन पर रोक लगेगी। नए IT नियमों में ये भी 2 बदलाव होंगे गंदे और भ्रामक कंटेंट पर लगाम: सरकार ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स (सॉफ्टवेयर) इस्तेमाल करें, जो AI के जरिए बनाए गए गैर-कानूनी, अश्लील या धोखाधड़ी वाले कंटेंट को रोक सकें। हर 3 महीने में चेतावनी देना अनिवार्य: कंपनियों को हर 3 महीने में कम से कम एक बार अपने यूजर्स को वॉर्निंग देनी होगी। उन्हें बताना होगा कि अगर उन्होंने AI का गलत इस्तेमाल किया या नियम तोड़े, तो उन्हें सजा या जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। ​​​​​​​पढ़ें पूरी खबर... 4. मथुरा में परिवार के 5 लोगों की लाश मिली:पति-पत्नी, 3 बच्चे; 3 जगह सुसाइड नोट मिले मथुरा में एक ही कमरे से एक परिवार के 5 लोगों की लाशें मिलीं। मृतकों में पति, पत्नी और 3 बच्चे शामिल हैं। कमरे में बेड पर मां, एक बेटी-बेटा मिले। दूसरी बेटी चारपाई पर पड़ी थी, जबकि पति का शव फर्श पर मिला। पुलिस के मुताबिक, पति ने पहले पत्नी की हत्या की, फिर बच्चों की जान ली। बाद में खुद करंट लगाकर आत्महत्या कर ली। SSP श्लोक कुमार ने बताया- घटना का पता उस समय चला, जब सुबह बच्चे दिखाई नहीं दिए। पड़ोस में रहने वाले मनीष के भाई जयकिशन मौके पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद होने की वजह से जयकिशन मेन गेट फांदकर अंदर गए। फिर कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर सभी मृत पड़े मिले। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पढ़ें पूरी खबर… 5. ब्रिटेन की पहली मुस्लिम PM बन सकती हैं शबाना, एपस्टीन फाइल्स विवाद से PM स्टार्मर की कुर्सी खतरे में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादों को लेकर ब्रिटेन PM कीर स्टार्मर के इस्तीफे की मांग हो रही है। नए प्रधानमंत्री पद की होड़ में कश्मीरी मूल की शबाना महमूद हैं। वह ब्रिटेन की गृह मंत्री है। अगर वह प्रधानमंत्री बनती हैं, तो ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री भी होंगी। 45 साल की शबाना महमूद पहले न्याय मंत्री और लॉर्ड चांसलर रह चुकी हैं। स्टार्मर के भरोसेमंद ने इस्तीफा दिया: ब्रिटेन में एपस्टीन फाइल विवाद के कारण PM स्टार्मर के भरोसेमंद सहयोगी और डाउनिंग स्ट्रीट के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का समर्थन करने वाले पीटर मंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाकर भेजा था। मैकस्वीनी ने माना कि यह नियुक्ति उनकी गलती थी। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... लोगों के खाते में रातों-रात ₹3.62 लाख करोड़ आए साउथ कोरिया में ‘बिथंब’ नाम की एक क्रिप्टोकरेंसी कंपनी ने 700 ग्राहकों के अकाउंट में गलती से 3.62 लाख रुपए करोड़ भेज दिए। कई लोगों ने तुरंत बिटकॉइन बेच दिए। हालांकि, कंपनी ने सभी अकाउंट को फ्रीज कर 99.7% राशि वापस ले ली। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों को बिजनेस में नए ऑर्डर मिल सकते हैं। मकर राशि के लोगों की पद और प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:45 am

भिड़ने वाली मंत्रीजी की साली फिर करेंगी हल्ला-बोल:विधायक पुत्र को डिफेंडर गिफ्ट; वैलेंटाइन-डे में डूबीं दरोगा मैडम

ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें…यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है.…

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:43 am

हिस्ट्रीशीटर के साथ भागने वाली सिपाही की लव स्टोरी:मेरठ में बुआ के घर हुई पहली मुलाकात; बोली- दुल्हन तो सिर्फ अंकित की बनूंगी

मेरठ की रहने वाली सिपाही संध्या भारद्वाज के अपहरण केस की छानबीन करते हुए पुलिस उसकी लव स्टोरी तक पहुंच गई। अपनी शादी वाले दिन वह खुद हिस्ट्रीशीटर अंकित चौहान के साथ गई थी। दोनों कोर्ट मैरिज करना चाहते थे, लेकिन पुलिस की घेराबंदी बढ़ गई। यही वजह है किडनैपिंग के सिर्फ 8 घंटे के अंदर महिला सिपाही खुद ही मवाना थाने पहुंच गई। इस मामले में पिछले 48 घंटे में 2 बड़े घटनाक्रम हुए। पहला- 9 फरवरी को महिला सिपाही के कोर्ट में बयान हुए। दूसरा- 10 फरवरी को हिस्ट्रीशीटर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसे जेल भेजा गया। सिपाही ने कोर्ट में कहा- मैं अंकित के साथ अपनी मर्जी से गई थी। हम कोर्ट मैरिज करने वाले थे। उससे पहले मेरी मां वहां आ गईं। इसलिए हम कोर्ट मैरिज नहीं कर सके थे। दरअसल, संध्या की शादी अलीगढ़ के बन्नादेवी थाने में तैनात सिपाही अतुल शर्मा से तय हुई थी। 8 फरवरी को शादी होनी थी, लेकिन उसी दिन सुबह संध्या भाग गई। इसके चलते उसके पिता की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा था। महिला सिपाही ने एक झटके में अपनी शादी तोड़ दी, परिवार से बगावत की थी। लेकिन, यह सब अचानक नहीं हुआ। इसकी शुरुआत 12 साल पहले हुई थी। जब महिला सिपाही अपने गांव से 6km दूर अपनी बुआ के साथ रहकर 9वीं की पढ़ाई कर रही थी। पढ़िए वो लव स्टोरी, जिसमें एक महिला सिपाही ने पूरे सिस्टम से बगावत कर दी… शादी वाले दिन क्या हुआ, पहले यह जानिए रात 2 बजे अंकित बाइक पर आया, संध्या को साथ ले गया7 फरवरी को बहसूमा इलाके के अकबरपुर सादात गांव में सिपाही संध्या का घर सजा हुआ था। घर के अंदर ढोलक पर महिलाएं बधाई गीत गा रही थीं। परिवार के लोग शादी की तैयारियां कर रहे थे। भाई प्रिंस ने बताया- शादी का पूरा अरेंजमेंट DPM स्कूल के पास स्थित प्रधान फॉर्म हाउस में किया गया था। दिनभर की दौड़-भाग के बाद हम लोग थक चुके थे। सारा बवाल, रात 2 बजे हुआ, जब घर के बाहर एक बाइक आकर रुकी। कोई और नहीं, हिस्ट्रीशीटर अंकित चौहान हमारे घर पहुंचा था। उसने संध्या को फोन किया। कुछ देर में संध्या के साथ उसके परिवार के लोग भी घर के बाहर निकल आए। गहमा-गहमी शुरू हुई। अंकित चिल्लाया- जब मैंने कहा था कि संध्या की शादी मुझसे होगी, तो आप लोग क्यों कहीं और उसकी शादी कर रहे हो। इसके बाद संध्या उसके साथ बाइक पर बैठ गई। इससे पहले परिवार के लोग उसको रोक पाते, दोनों वहां से चले गए। इस घटना के बाद पिता सुभाष शर्मा ने थाने में अंकित चौहान के खिलाफ बेटी को किडनैप करने की FIR दर्ज करा दी। पुलिस ने मेरठ बॉर्डर पर घेराबंदी तेज कर दी। मामला महिला सिपाही से जुड़ा था, जिसे शादी से पहले किडनैप किया गया था। कोर्ट मैरिज करनी थी, लेकिन तेजी से घटनाक्रम बदलते गएदूसरी तरफ, संध्या की मां भी लगातार अपनी बेटी को कॉल करके समझा रही थीं। वह अपने परिवार के एक सदस्य के जरिए संध्या को फॉलो करने की कोशिश कर रही थीं। संध्या और अंकित ने पहले ही अपनी कोर्ट मैरिज की तैयारी कर ली थी। संध्या ने अपनी मां को फोन पर बता दिया कि आप परेशान मत हो। मैं शादी ही कर रही हूं। अब दूल्हा आपकी नहीं, मेरी पंसद का होने जा रहा। संध्या कैसे मिली, इसकी 2 कहानी सामने आईं संध्या अपने परिवार से नाराज थी, इसलिए वो अपने पिता के घर वापस नहीं आई, बल्कि अपने ननिहाल चली गई। वहां पहुंचकर संध्या ने परिवार को पूरी बात बताई। इसके बाद संध्या के मवाना थाने में बयान दर्ज हुए। वहीं, पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में संध्या के पिता का आरोप अंकित चौहान पर लगाया। कहा कि उसने संध्या का अपहरण किया है। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट में बदलाव कर दिया था। अब संध्या-अंकित की लवस्टोरी पढ़िए बुआ के घर पर मिले, दोस्ती के बाद मुलाकातें होने लगीं संध्या ने मवाना थाने के SHO पूनम जादौ को अपनी लव स्टोरी भी सुनाई। संध्या के मुताबिक, यह 2015-16 की बात है। उसका परिवार बहसूमा के अकबरपुर सादात गांव में रहता था। संध्या की स्कूलिंग मनफूल कन्या इंटर कॉलेज, बहसूमा में हुई। कॉलेज की पढ़ाई ASPG कॉलेज, मवाना से हुई। संध्या ने यहां से B.COM की पढ़ाई की। संध्या जब 9वीं में पढ़ती थी, तब वह अपने गांव से 6km दूर अपनी बुआ के गांव ढकौल चली गई थी। गांव में ही अंकित चौहान भी रहता था। उस वक्त वो 10वीं की पढ़ाई कर रहा था। अंकित ने इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। लेकिन, उसका संध्या की बुआ के घर आना-जाना था। यही वो वक्त था, जब संध्या और अंकित की मुलाकातें हुई। पहले घर, फिर घर के बाहर भी दोनों मिलने लगे, लेकिन मामला दोस्ती तक था। दोनों को यह नहीं पता चला कि वो प्यार की नाजुक डोर में धीरे-धीरे बंधते जा रहे थे। बुआ के घर में भी यही पता था कि अंकित से संध्या की दोस्ती है। पढ़ाई पूरी करने के बाद 2021 में संध्या का सिलेक्शन यूपी पुलिस में हो गया। उसको साइबर क्राइम थाने में तैनाती मिल गई। वहीं, अंकित चौहान के पैर क्राइम की दुनिया में जमते जा रहे थे। 1-1 करके उसके खिलाफ 11 केस दर्ज हो गए। पुलिस रिकार्ड में वह हिस्ट्रीशीटर बन गया था। बहुत कुछ बदला, लेकिन संध्या और अंकित का प्यार कम नहीं हुआ। इस दौरान संध्या की शादी अलीगढ़ के बन्नादेवी थाने में तैनात सिपाही अतुल शर्मा से तय कर दी गई। तब संध्या ने अपने घर पर अंकित चौहान के लिए बात की। परिवार के लोगों ने कहा कि एक सिपाही को छोड़कर तुम हिस्ट्रीशीटर के साथ घर बसाना चाहती हो। हम यह नहीं होने देंगे। इसके बाद ही संध्या ने अंकित के साथ घर से भागने की प्लानिंग कर ली। सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया- मई, 2025 में अंकित चौहान ने शराब के ठेके पर लूट की थी। इसमें ठेका मालिक की हत्या कर दी गई थी। पुलिस मुठभेड़ में अंकित के पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने उसको जेल भेजा था। कुछ दिन पहले ही अंकित छूटकर बाहर आया था। अंकित पर मवाना थाने में 9 केस, जबकि 2 केस किला परीक्षितगढ़ थाने में दर्ज हैं। ठेका मालिक की हत्या करने में अंकित के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। वह मेरठ के गोलू गैंग से जुड़ा है। अब संध्या के पिता की पूरी बात पढ़िए पहले टीचर बनना चाहती थी, फिर यूपी पुलिस में सिलेक्ट हुई पिता सुभाष शर्मा कहते हैं- संध्या चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। दूसरे नंबर का भाई प्रिंस है, जो बीएससी कर रहा। उसके बाद हर्षित और एक छोटी बहन भी है। सभी पढ़ाई कर रहे हैं। संध्या पहले टीचर बनना चाहती थी। B.Ed की पढ़ाई नहीं की, इसलिए पुलिस विभाग में भर्ती होने का फैसला किया। उसने 2020 की भर्ती परीक्षा भी पास की थी, लेकिन दौड़ में पीछे गई थी। उसके बाद रेलवे का एग्जाम दिया और उसे भी पास कर लिया। वहां भी हाइट आड़े आ गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस का भी एग्जाम क्रैक किया, लेकिन हाइट के चलते सिलेक्शन नहीं हुआ। 2021 का यूपी पुलिस का एग्जाम पास करने के बाद वह कॉन्स्टेबल बन गई। पिता का दावा- धमकी देकर किया गया अगवा सुभाष शर्मा का कहना है- अगर संध्या को मनमानी ही करनी होती तो वह ड्यूटी से ही चली जाती। उसने अपनी शादी की सारी खरीदारी की। वह अपनी शादी को लेकर बहुत खुश थी। तनाव जैसी बात उसके चेहरे पर नजर नहीं आई। निश्चित तौर पर अंकित ने उसे धमकी दी होगी या हथियारों के बल पर उसे ले गया होगा। पिता ने यह भी बताया कि बेटी के लापता होने की सूचना जब वर पक्ष को लगी तो उन्होंने फोन पर सारी जानकारी ली थी। उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया था, लेकिन उसके बाद उनसे कोई बात नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 5 फरवरी को सगाई हुई थी, जिसमें वह दहेज का ज्यादातर सामान बेटी की ससुराल भेज चुके हैं। इसमें एक लाख रुपए कैश भी शामिल है। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें - मथुरा में परिवार के 5 लोगों की लाश मिली, पति-पत्नी, 3 बच्चे; किचन की दीवार समेत 3 जगह सुसाइड नोट मिले मथुरा में एक ही कमरे से एक परिवार के 5 लोगों की लाशें मिलीं। मृतकों में पति, पत्नी और 3 बच्चे शामिल हैं। कमरे में बेड पर मां, एक बेटी-बेटा मिले। दूसरी बेटी चारपाई पर पड़ी थी, जबकि पति का शव फर्श पर मिला। पुलिस के अनुसार, पति ने पहले पत्नी की हत्या की, फिर बच्चों की जान ली। बाद में खुद करंट लगाकर आत्महत्या कर ली। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:42 am

मृत पैदा हुई, आंखें बड़ी थी तो देवी मान लिया:मैनपुरी में 60 हजार चढ़ावा आया, मंदिर बनाने की तैयारी; डॉक्टर बोले- अविकसित भ्रूण था

‘देवी मां पैदा हुईं...9 दिन में मइया ने 9 रूप दिखाए। पहले काली मां का, फिर दुर्गा मां का। आखिर में कह कर चली गईं कि जा रही हूं… मां मेरा स्थान यहां बना देना।’ मैनपुरी के दन्नाहर क्षेत्र के हलपुरा गांव में यह बात कंचन की पत्नी राधा हर आने-जाने वाले को बता रही हैं। उनका दावा है कि जिस बच्ची को जन्म दिया, वो देवी है। जन्म से पहले देवी ने सपने में अपने बारे में सब कुछ बता दिया था। अब 13 दिन से उनके घर के बाहर कीर्तन हो रहा। चमत्कार का दावा किया जा रहा। दूर-दूर से लोग दर्शन करने आ रहे। 60 हजार का चढ़ावा आ चुका है। मंदिर बनाने की तैयारी है। हालांकि परिवार बार-बार अपना बयान बदल रहा। दैनिक भास्कर की टीम गांव पहुंची, वहां की स्थिति जानी। परिवार का दावा क्या है? डिलीवरी कराने वाले डॉक्टर का क्या कहना है? ऐसे पैदा होने वाले बच्चों के बारे में एक्सपर्ट से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले पढ़िए पूरा मामला…मैनपुरी के हलपुरा गांव के रहने वाले कंचन की पत्नी राधा ने 21 जनवरी, 2026 की सुबह करीब 11 बजे एक बच्ची को जन्म दिया। घरवालों का दावा है कि यह कोई सामान्य बच्ची नहीं, देवी का अवतार थी, जिसने 9 दिनों तक अलग-अलग रूपों में दर्शन दिए। परिवार के अनुसार, राधा को कुछ समय पहले सपने में देवी के दर्शन हुए थे। जिसमें देवी ने उनके घर जन्म लेने की बात कही थी। इसके कुछ समय बाद राधा को प्रसव पीड़ा हुई। उन्हें कुचेला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उन्होंने कन्या को जन्म दिया। घरवालों का दावा है कि नवजात पूरी तरह स्वस्थ थी। डॉक्टरों ने भी बच्ची को सामान्य बताया, जिसके बाद उसे घर लाया गया। राधा का कहना है कि बच्ची ने आने से पहले सपना दिया और फिर उसी रात प्रसव पीड़ा हुई। सपने में कहा कि मां मैं आपकी कोख से जन्म ले रही हूं। मैं एक बेटी नहीं, मां हूं। मैंने अपने पति को बताया था कि मुझे सपना आया है। अल्ट्रासाउंड में पहले ही बता दिया था कि न ये लड़की है, न ही लड़का। डॉक्टर ने कहा था कि जितनी जल्दी हो ऑपरेशन करवा दो। लेकिन, मैंने ऑपरेशन नहीं करवाया। क्योंकि मां ने मुझे रोककर रखा था, ऐसा ना करवाना मां। राधा का कहना है कि जन्म के बाद डॉक्टर ने कहा कि बच्चा जिंदा नहीं है। लेकिन मैंने उसे 8 दिन रखा, नौंवें दिन उसे सबने देखा था, फिर देवी जागरण हुआ। बच्ची ने मुझसे सपने में कहा था कि मां मैं समाधि लेने जा रही हूं। मेरा स्थान यहीं बनाना। वह काली के रूप में आई थी। परिवार के दावे ही अलग-अलगदैनिक भास्कर ने परिवार के सदस्यों से अलग-अलग बात की, तो उन्होंने अलग-अलग बातें बताईं। मां राधा ने पहले कहा कि बच्ची ने अस्पताल से आने के बाद दूध पीया, फिर पीना बंद कर दिया। घर आने के बाद विशाल रूप दिखाया और 9 रूप में दर्शन दिए। कंचन (बच्ची के पिता) के भाई चरण सिंह का कहना है कि बच्ची के नैन-नक्श माता दुर्गा जैसे थे। वो माता है। फोन पर बातचीत के दौरान चरण सिंह कहते हैं कि वह बच्ची 9 दिन तक जीवित रही। इस दौरान वह थोड़ा-थोड़ा दूध पीती थी। कभी काली, तो कभी विशाल रूप में दिखाई देती थी। चरण सिंह और बच्ची की मां राधा बताती हैं- हम एक चौकी पर बैठे थे, तभी माता ने समाधि ले ली। फिर मुझे सपने में दर्शन देते हुए बच्ची ने कहा कि वह जा रही है। उसका स्थान यहीं बनाया जाए। परिवार का यह भी दावा है कि सपने में बच्ची ने खुद को “नादाऊ धाम” की देवी बताया। बच्ची के पिता कंचन का कहना है- मेरी पत्नी को सपना आया था। हॉस्पिटल में बताया था कि ये ना लड़का हैं ना लड़की। कुचैला के सरकारी अस्पताल में बच्ची का जन्म हुआ। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद हम उसे घर लेकर आए। घर आने के बाद देवी ने रंग बदल लिया। उसके बाद गांव में जागरण होने लगा। अब बहुत भीड़ हो रही है। ढोल-नगाड़े बज रहे हैं। स्थान बना दिया है, अब मंदिर बनवाएंगे।’ हालांकि बाद में राधा ने भी बताया कि डॉक्टरों ने जन्म के समय ही बच्ची को मृत घोषित कर दिया था। राधा ने बताया कि बच्ची का जन्म 8वां महीना पूरा होने में 5-6 दिन बाकी थे, तभी हुआ था। डॉक्टरों ने अस्पताल में कहा कि घर ले जाकर इसका अंतिम संस्कार कर देना। लेकिन, जब मैं घर आई तो बच्ची ने आंखें खोलीं और मां काली के रूप में दर्शन दिए। नादऊ धाम क्या है?स्थानीय लोगों के अनुसार, नादऊ धाम को एक दैवीय स्थान माना जाता है। जहां दर्शन करने के लिए लोग दूर-दराज से आते हैं। यह स्थान गांव से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पिछले तीन-चार साल से यहां लोगों की आस्था बढ़ी है। अब नियमित रूप से दर्शन के लिए भीड़ पहुंचने लगी है। कंचन, राधा और उसका पूरा परिवार यहां हमेशा आते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु इसे किसी अवतार या दिव्य शक्ति से जुड़ा स्थल मानते हैं। मनोकामना पूरी होने की मान्यता भी प्रचलित है। हालांकि, नादऊ धाम को लेकर जो भी कथाएं और विश्वास हैं, वे स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। कंचन और राधा की 11 साल पहले हुई थी शादीकंचन ने बताया कि वह मजदूरी करता है। उसकी पत्नी गृहिणी है। दोनों पढ़े-लिखे नहीं हैं। दोनों का एक ढाई साल का बेटा है। यह दूसरी बेटी हुई थी। कंचन और राधा की शादी करीब 11 साल पहले हुई थी। कंचन के 5 भाई हैं। वह चौथे नंबर का है। पांचों भाई मजदूरी करते हैं। कंचन अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चे के साथ अलग रहता है। अब गांव में माहौल के बारे में जानिए… पड़ोसी बोले- मां में शक्ति हैयह खबर फैलने के बाद गांव में भीड़ लगने लगी। एक टेंट लगा दिया गया है। बच्ची के शव को शृंगार करके 2 फरवरी को समाधि दे दी गई। वहां सजावट कर दी गई है। समाधि पर कालीजी की फोटो रख दी गई है। वहां भजन-कीर्तन और हवन-पूजन हो रहा। दूर-दराज से लोग दर्शन करने आ रहे है। आगे मंदिर बनाने की तैयारी की जा रही है। गांव के पड़ोसी रंजीत यादव दावा करते हैं कि मां काली की शक्ति है। मां सच्ची है, मां का स्थान सच्चा है। काली के रूप में मां ने जन्म लिया। काफी दूर-दूर से भक्त आ रहे हैं। अब गांव में भक्तिमय माहौल है। जल्द ही मंदिर बना दिया जाएगा। अब तक यहां पर 50 से 60 हजार का चढ़ावा भी चढ़ाया जा चुका है। डॉक्टर ने बताई सच्चाई, कहा- मृत पैदा हुई थी बच्चीकुचैला सीएचसी के अधीक्षक डॉ. एसएस भदौरिया से हमने बात की। उन्होंने बताया कि बच्ची मृत पैदा हुई थी। क्या कहते हैं एक्सपर्ट?मेडिकल साइंस की नजर में यह अविकसित भ्रूण है। जिसकी समय से अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच न होने के कारण ऐसा हुआ। लेकिन, अंधविश्वास के चलते लोग इसे दैवीय अवतार मान रहे। गोरखपुर जिला अस्पताल के साइकेट्रिस्ट डॉ. अमित शाही का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। लेकिन, अंधविश्वास के चलते लोग इन्हें दैवीय अवतार मानने लगते हैं। ऐसा कुछ नहीं होता। गोरखपुर के संजीवनी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के एमडी फिजिशियन डॉ. संजीव बताते हैं कि कई बार कुछ बच्चों के जन्म के वक्त आखें बड़ी, माथा चौड़ा या बहुत छोटा होता है। फेस की आकृति थोड़ी विचित्र होती है। ऐसे मामलों में नवजात में जन्मजात विकृति के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसे मेडिकल भाषा में कन्जेनाइटल डिफॉर्मिटी (Congenital Deformity) कहा जाता है। संभव है कि इस बच्ची को अंदरूनी तौर पर कोई चिकित्सकीय समस्या रही हो। हालांकि, बिना मेडिकल जांच के कहना कि क्या समस्या है, वो संभव नहीं। कन्जेनाइटल डिफॉर्मिटी क्या होती है?वह शारीरिक विकृति या असामान्यता, जो बच्चे में जन्म के समय से मौजूद होती है। जब बच्चे के शरीर का कोई हिस्सा (हाथ-पैर, चेहरा, दिल आदि) सामान्य बनावट से अलग हो। यह फर्क जन्म से ही दिखे, तो वह कन्जेनाइटल डिफॉर्मिटी कहलाती है। एक्सपर्ट के अनुसार, यह समस्या गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के विकास में गड़बड़ी के कारण होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कन्जेनाइटल डिफॉर्मिटी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे प्रमुख कारणों में जेनेटिक या वंशानुगत गड़बड़ी शामिल है। इसमें माता-पिता के जीन या क्रोमोसोम की समस्या बच्चे में आ सकती है। ऐसा क्यों होता है?गर्भावस्था के दौरान होने वाले संक्रमण, जैसे रूबेला (जर्मन मीजल्स), टॉक्सोप्लाज्मोसिस या सिफिलिस, भ्रूण के अंगों के विकास को प्रभावित करते हैं। पोषण की कमी भी एक बड़ा कारण मानी जाती है। डॉक्टरों के मुताबिक, गर्भावस्था में फॉलिक एसिड की कमी से रीढ़ और मस्तिष्क से जुड़ी जन्मजात विकृतियां होने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, गर्भावस्था के दौरान शराब, सिगरेट, तंबाकू या कुछ दवाओं का सेवन, केमिकल्स और रेडिएशन के संपर्क में आना भी कन्जेनाइटल डिफॉर्मिटी का कारण बन सकता है। इसके साथ ही मां की डायबिटीज, थायरॉइड जैसी बीमारियां, अधिक उम्र में गर्भधारण और प्लेसेंटा से जुड़ी समस्याएं भी जोखिम बढ़ाती हैं। कई मामलों में तमाम जांच के बावजूद साफ कारण सामने नहीं आ पाता। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें… मैनपुरी में नवजात बच्ची को देवी मानने का दावा, दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ मैनपुरी के दन्नाहर क्षेत्र के हलपुरा गांव में एक नवजात बच्ची को देवी का स्वरूप मानने का दावा किया जा रहा है। गांव निवासी कंचन के परिवार का कहना है कि उन्हें कन्या के रूप में देवी के दर्शन हुए हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में चर्चा का माहौल है। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:42 am

शादी के 26 दिन बाद हत्या, पति ही निकला हत्यारा:सांसें नहीं थमी तो मांस काटने के चाकू से गला काटा, पार्ट-2

राजस्थान क्राइम फाइल के पार्ट-1 में आपने पढ़ा था कि एक घर से महिला के चिल्लाने की आवाज आई। कुछ देर बाद उसी घर से एक युवक कट्टे में लाश लेकर निकल गया। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंचे पुलिस ने ताले तोड़कर घर में घुसी तो वहां खून बिखरा हुआ मिला। कुछ घंटे बाद युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल ली। अब पढ़िए आगे की कहानी… पकड़े गए युवक ने पुलिस को बताया कि उसका नाम मुकेश कुमार खियानी (36) है। जिसकी हत्या की वो और कोई नहीं, उसकी पत्नी जेनिफर दास (32) थी। 26 दिन पहले ही उनकी शादी हुई थी। मुकेश ने बताया कि एक परिचित के जरिए वो और जेनिफर शादी के लिए एक दूसरे से मिले थे। घरवाले भी राजी हो गए। 29 अक्टूबर 2022 को दोनों ने अजमेर के एक आश्रम में शादी कर ली। शादी में दोनों पक्षों की तरफ से करीब 400-500 लोग उपस्थित हुए। जेनिफर की मां द्वारा अपनी बेटी की शादी में अपनी हैसियत के अनुसार दहेज दिया था। शादी के बाद महिला जेनिफर और मुकेश कुमार अपने भाई के द्वारका नगर स्थित घर में रहने लगे। उनके साथ मुकेश का छोटा भाई मां वह छोटी बहन भी रहती थी। मुकेश शादी में ज्यादा पैसे खर्च होने व कर्ज से परेशान रहने लगा। जेनिफर को बोलने लगा कि तुम्हारे घर वालों ने शादी में मुझे कुछ भी नहीं दिया। सारा खर्चा उसने ही उठाया। लेकिन महिला जेनिफर ने कुछ नहीं बोला और वह सुनती रही। मुकेश ने जेनिफर से कहा कि उसने शादी के खाने में चार लाख रुपए खर्च किए थे। आधे पैसे दो। लाख रुपए तुम्हारी मां से लेकर आओ। शादी के 5 दिन बाद महिला जेनिफर अपने पीहर चली गई और तीन-चार दिन वहीं रही। इसी बीच मनोज ने पत्नी जेनिफर से फोन पर बातचीत की और 2 लाख लाने के लिए कहा। जेनिफर ने अपनी मां को बताया और पति मुकेश से बात करवाई। जेनिफर की मां ने मुकेश को याद दिलाया कि उसने शादी से पहले कुछ भी मांग नहीं होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि फिर भी वह 2 साल बाद रिटायर्ड होने पर 2 लाख दे देगी। तब तक वह उनकी बेटी को रुपए के परेशान न करे। करीब तीन-चार दिन बाद जेनिफर वापस अपने ससुराल चली गई। जेनिफर को नॉनवेज का शौक था। उसने पति और सास को कहा, लेकिन सास ने कार्तिक माह की बात कहकर मना कर दिया। इसे लेकर दोनों में बहस हो गई। मुकेश की मां अपने छोटे बेटे और बेटी को लेकर वहां से चली गई। पैसों को लेकर मुकेश फिर से जेनिफर को ताने मारने लगा। 22 नवंबर 2022 को मुकेश देर रात रात घर आया और खाना खाकर सो गया। 23 नवंबर 2022 को मुकेश सुबह 9-10 बजे के बीच उठा। उस समय उसकी पत्नी जेनिफर मकान की तीसरी मंजिल पर कपड़े धो रही थी। मुकेश ऊपर गया और जेनिफर से कहा कि वह फोन करके अपनी मां से 2 लाख रुपए मांगे। दोनों के बीच बहस हो गई। इसी बीच जेनिफर के पास कॉलोनी की एक महिला ने फोन किया। वह अपने बच्चों को जेनिफर से ट्यूशन पढ़वाना चाहती थी। जेनिफर ने पड़ोसी महिला से कहा कि अभी उसके घर में पति से प्रॉब्लम चल रही है। इतना कहकर फोन काट दिया। इस बात से मुकेश और गुस्सा हो गया। मुकेश ने चाकू से जेनिफर का गला काट दिया। जेनिफर दर्द से कराहने लगी। इसके बाद एक बड़ा चाकू लेकर जेनिफर पर कई और वार किए। कुछ ही देर में जेनिफर की सांसें टूट गईं। मुकेश घबरा गया। उसने तय किया कि वह भी आत्महत्या कर लेगा। सुसाइड करने के लिए वह घर बंद कर आनासागर की तरफ जाने लगा। रास्ते में जाते समय अपनी मां को फोन कर पत्नी की हत्या की बात बताई। ये भी बताया कि वो आत्महत्या करने जा रहा है। उसकी मां ने उसे पुलिस थाने जाने के लिए कहा। उसके बाद मुकेश दोबारा घर आया। पत्नी की लाश को घर में पड़े सफेद प्लास्टिक के कट्टे में डाला और घटनास्थल पर फैले हुए खून को साफ कर दिया। पत्नी की लाश को सफेद कट्टे में डालकर स्कूटी पर रखने लगा। तभी कट्टे का मुंह खुल गया और पड़ोसियों ने शव देख लिया। उसके जाने के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दे दी। इधर, मुकेश कट्टे को स्कूटी पर रखकर बूढ़ा पुष्कर रोड पर गया। वहां वन विभाग की दीवार के पास सुनसान जगह देखकर पत्नी की लाश डालकर वापस अपने घर की तरफ आया। अपने घर की तरफ पुलिस और लोगों की आवाजाही को देखकर घूमता फिरता बस स्टैंड के पीछे डीआरएम ऑफिस के सामने सुनसान जगह पर छिप गया। वहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में जेनिफर के भाई रोनी दास ने मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें उसने बताया कि उसकी बहन जेनिफर को उसका पति मुकेश लगातार पैसों के लिए परेशान कर रहा था। 23 नवंबर को बहन को कई कॉल किए। एक रिंग जाने के बाद कॉल डिस्कनेक्ट हो रहा था। इसके बाद उसने मुकेश को कॉल किया तो उसका भी फोन बंद आ रहा था। चिंता हुई तो वह बहन के ससुराल गया। घर के लॉक लगा हुआ था। पड़ोसियों से पूछा तो बताया कि थोड़ी देर पहले ही उसका जीजा स्कूटी में कुछ कट्टे में डालकर लेकर गया है। तभी उसे शक हो गया था। भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी पति मुकेश ने पूछताछ में बताया था कि वह टीवी पर क्राइम पेट्रोल सीरियल देखा था। इसी से उसे लाश ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने का आइडिया आया था। इसी आइडिया के जरिए उसने पूरे घर में पोंछा लगाया और शव को पुष्कर की तरफ जाकर फेंक दिया। आरोपी हत्या से एक दिन पहले अपनी पत्नी को पुष्कर घूमने भी लेकर गया था। वहीं से उसे लाश ठिकाने की जगह मिली थी। उसने पत्नी पर पहले छोटे चाकू से वार किए, लेकिन उसकी सांसें चल रही थी। इसके बाद बड़ा चाकू लगाया और गला काट दिया। आरोपी अभी जेल में है और केस चल रहा है। कट्‌टे में किसकी लाश लेकर घर से निकला था युवक:मुझे माफ कर दो... चिल्लाती महिला की आवाज अचानक बंद हुई, पार्ट-1

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:41 am

नागपुर की रबड़ी, राजस्थान के रसगुल्ले; 5 किमी तिरंगा लाइटिंग:बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर 301 जोड़ों का विवाह; 12 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

खजुराहो के बागेश्वर धाम में 15 फरवरी यानी महाशिवरात्रि पर होने वाली 301 जोड़ों के विवाह समारोह की तैयारियां आखिरी दौर में हैं। 12 फरवरी से तीन दिन कल्चरल नाइट होगी। इन दिनों में करीब 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, इसलिए इतने ही लोगों के भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है। मेहमानों के लिए नागपुर से रबड़ी और राजस्थान से रसगुल्ले मंगवाए जा रहे हैं। 100 एकड़ में कार्यक्रम की व्यवस्था है। बारातियों के लिए बुफे की व्यवस्था रहेगी। पिछले साल इलाहाबाद में हुए महाकुंभ की तर्ज पर 11 तोरण द्वार भी बनाए गए हैं। मुख्य कार्यक्रम में छह प्रदेशों के मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश के राज्यपाल, विदेशी मेहमान, सेलिब्रिटी और खिलाड़ी शामिल होंगे। दैनिक भास्कर की टीम शादी की तैयारियों का जायजा लेने बागेश्वरधाम पहुंची। दो किमी दूर से नजर आने लगती है सजावट अलसुबह अभी सूरज नहीं निकला है। जैसा कि बताया गया था कि शादी के लिए बागेश्वरधाम तिरंगा थीम पर सजाया जाएगा। उसकी झलक धाम के पांच किलोमीटर दूर से ही नजर आने लगती है। सड़क के दोनों पर तिरंगा थीम पर लाइटिंग की गई है। कुछ देर में धाम के मुख्य मंदिर के सामने पहुंच गए। यहां आरती हो रही है। दूर-दूर से दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की भी भीड़ है। जिस जगह पर समाराेह होना है, वहां 24 घंटे काम चल रहा है। सामान से भरी लारियां आ रही हैं। सेवादार सही जगह पर सामान अनलोड कराने में व्यस्त हैं। किसी में टेंट का सामान है, तो किसी में खाने-पीने का। कोलकाता से आए कारीगर रंग-बिरंगा छत्री नुमा टेंट लगा रहे हैं। दूसरे लोग डोम के लिए पाइप कस रहे हैं। राज मिस्त्री करीब छह लाख लोगों के लिए बनने वाले खाने के लिए बड़ी-बड़ी भट्टियां बना रहे हैं। शादी वाली इस जगह की जिम्मेदारी संभाल रहे सेवादार नितेंद्र चौबे कहते हैं कि चार दिन बचे हैं, सभी काम समय से पूरे हो जाएंगे। पांच तस्वीरों में तैयारियां पंडित प्रदीप मिश्रा से लेकर मोरारी बापू तक आएंगे नितेंद्र कहते हैं- पहले 300 बेटियों की शादी होनी थी, लेकिन अब ये संख्या 301 हो गई है। उसी हिसाब से तैयारियां हो रही हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली की मुख्यमंत्री कन्याओं को आशीर्वाद देने आ रहे हैं। 12 फरवरी को गुरुकुलम के भूमिपूजन के लिए एमपी के राज्यपाल मंगुभाई पटेल आने वाले हैं। 13 से 15 फरवरी तीनों दिन अलग-अलग लोग आएंगे। इसमें संत राजेंद्र दास, इंद्रेश कुमार, अनिरुद्धचार्य, पुंडरीक महाराज, मोरारी बापू, बाबा रामदेव, पंडित प्रदीप मिश्रा और रमेश भाई ओझा का आना तो तय हो चुका है। कई दूसरे संत भी आएंगे, लेकिन उनकी अभी तारीख फिक्स नहीं हुई है। कुछ खिलाड़ी भी आने वाले हैं- उमेश यादव और शिखर धवन का आना तय हो चुका है। 1500 विदेशी भक्त भी आएंगे शादी समारोह के मुख्य व्यवस्थापक धीरेंद्र गौर कहते हैं कि आस-पास के ग्रामों में पीले चावल बांटे जा रहे हैं। विदेश से करीब 1500 भक्त आएंगे। अभी करीब 100 श्रद्धालु आ चुके हैं। दुबई, नेपाल, फिजी आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और लंदन से गुरुभाई आना शुरू हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड के तो एमएलए भी आ रहे हैं। तीन दिन में 10 से 12 लाख लोगों के आने का अनुमान है। बहुत बड़ी व्यस्था होनी है। भारत में धाम से रजिस्टर्ड 75 सेवादारों के संगठन अलग-अलग जगह हैं। इनके करीब 12 हजार सदस्य शादी समारोह की व्यवस्था संभालने आ रहे हैं। उनकी अलग-अलग ड्यूटी लगाई जाएगी। पंडित धीरेंद्र शास्त्री को पसंद है मटर पनीर भंडारा प्रभारी कपिल साहू के पास भंडार की जिम्मेदारी है। शादी पंडाल के आसपास ये तीन जगह होगा। एक बराता-घराती के लिए तो दूसरा सेवादारों के लिए। वहीं, तीसरा– शादी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए। इसके अलावा, धाम में आठ-दस जगह भी भोजन-फल की व्यवस्था है। वह कहते हैं कि गुरु धीरेंद्र शास्त्री को मटर-पनीर की बहुत पसंद है, वो खासतौर पर शादी वाले दिन ही बनाई जाएगी। ये मटर-पनीर आने वाले पांच सीएम के अलावा अन्य VVIP को भी परोसी जाएगी। इसमें सबसे खास बात है कि इस बार माल-पुआ के साथ लाखों मेहमानों के लिए नागपुर से रबड़ी और राजस्थान से रसगुल्ले मंगवाए जा रहे हैं। अस्थायी अस्पताल भी बनाया समारोह के लिए प्रशासन द्वारा यहां अस्पताल भी बनाया गया है। राजनगर बीएमओ और बागेश्वर धाम में स्वास्थ व्यवस्था प्रभारी अवधेश चतुर्वेदी ने बताया कि टीम 24 घंटे काम करेगी। तीन शिफ्ट में 50 स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी पर रहेंगे। जिनमें डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय और ड्रेसर शामिल हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन, पलंग और आपातकालीन दवाओं की सुविधा रहेगी। फिलहाल 6 बेड की व्यवस्था की गई है। दो एम्बुलेंस तैनात रहेंगी। 12 से 14 फरवरी के दौरान तीन और एम्बुलेंस आ जाएंगी। हालत गंभीर होने पर मरीज को छतरपुर रेफर किया जाएगा। इसलिए दी जा रही 30-30 हजार रुपए की FD समारोह के मुख्य व्यवस्थापक धीरेंद्र गौर को बनाया गया है। इस बार नव दंपत्ति को बाइक और होम आटा-चक्की नहीं दी जा रही है। धीरेंद्र गौर कहते हैं कि इन दो उपहार से नए परिवार का खर्च बढ़ रहा था, इसलिए इस बार प्रत्येक जोड़े को 30- 30 हजार की फिक्स डिपॉजिट (FD) दी जा रही है। इसके साथ ही सोने की लौंग और बाली। मंगलसूत्र के साथ दुल्हन को श्रृंगार और ढाई लाख रुपए का घर-गृहस्थी के सामान दिया जा रहा है। छह स्लाइड में पढ़िए समारोह की पूरी व्यवस्था

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:38 am

राजस्थान के कई जिलों में हल्की बारिश:दिन-रात के तापमान में बदलाव, पारा 30 डिग्री के करीब, जानें- आगे कैसा रहेगा मौसम

राजस्थान के मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। न्यूनतम-अ​धिकतम तापमान बढ़ने के कारण सर्दी धीरे-धीरे कम होने लगी है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक पहुंच गया। यहां हल्की बारिश भी हुई। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले एक सप्ताह मौसम साफ रहने और तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना जताई है। दोपहर बाद बदला मौसम पिछले 24 घंटे में बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू, झुंझुनूं, सीकर के एरिया में आसमान में मंगलवार दोपहर में हल्के बादल छाए। चूरू, श्रीगंगानगर के एरिया में कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अचानक तापमान बढ़ने और वातावरण में ह्यूमिडिटी (नमी) की मात्रा ज्यादा होने से स्थानीय स्तर पर बादल बन गए। इस कारण मौसम बदला। 7 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री पर दर्ज राजस्थान में मंगलवार को कई शहरों में हल्की गर्मी रही। 7 शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। इसमें बाड़मेर, पिलानी, चित्तौड़गढ़, बीकानेर, चूरू, फतेहपुर और दौसा शामिल है। राजधानी जयपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर में दिनभर तेज धूप रही और देर शाम को भी सर्दी का असर कम रहा। रात में सर्दी गायब, न्यूनतम तापमान 17 डिग्री से ऊपर पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में तो रात में भी सर्दी लगभग गायब हो गई। मंगलवार बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री दर्ज हुआ। बीकानेर में न्यूनतम तापमान 15.1, झुंझुनूं में 14, जयपुर में 14.5 और अजमेर में 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:30 am

हिमाचल-बिहार में घना कोहरा, विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रही:हरियाणा के 15 जिलों का पारा 10°C से नीचे; जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी शुरू

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 40 मीटर दर्ज की गई। बिहार के मधेपुरा, सुपौल और मधुबनी में सुबह-सुबह घना कोहरा छाया रहा। यहां विजिबिलिटी जीरो रही। इससे वाहन चालकों को सुबह के वक्त परेशानी हुई। हरियाणा के 15 जिलों में तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया है। राज्य का अधिकतम तापमान 24C के आसपास रहा, जबकि न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई है। कई जिलों में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही। वहीं मंगलवार शाम से जम्मू कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई। मौसम विभाग ने 9-11 फरवरी तक हिमालयी राज्यों में बर्फबारी और बारिश की चेतावनी जारी की थी। राज्यों में मौसन की 5 तस्वीर… अगले दो दिन का मौसम…

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:30 am

करनाल रेप मामले में दोषी को 20 साल की सजा:पॉक्सो कोर्ट का फैसला, जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कारावास

करनाल में पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 6 महीने का कठोर कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने नाबालिग लड़के से दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर कारावास की सजा तय की है। कोर्ट के फैसले के बाद दोषी को जिला जेल करनाल भेजने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसलायह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-कम-फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो कोर्ट करनाल के न्यायाधीश गुनीत अरोड़ा की अदालत ने सुनाया। मामला 2021 में दर्ज हुआ था। शिकायत के अनुसार, कुंजपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 5 मार्च 2021 में शिकायत दी थी कि उसके 17 वर्षीय बड़े बेटे के साथ आरोपी अंग्रेज बीते एक वर्ष से गलत काम करता आ रहा है। जिसने मेरे लड़के को कहा कि अगर यह बात किसी को बताई तो मैं तुझे खत्म कर दूंगा। जब मेरे लड़के को दिक्कत आई और जोर देकर लड़के से पूछा गया तो उसने सारी आपबीती बता दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर लिया। लड़के का इंद्री के सीएचसी में मेडिकल करवाया गया और पुष्टि होने के बाद 6 मार्च 2021 को आरोपी अंग्रेज को गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन यानी 7 मार्च को आरोपी के ब्यान दर्ज किए गए, जिसने कबूल किया कि करीब डेढ़ महीना पहले रात के समय उसने गांव के नाबालिग लड़के के साथ खेतों में बने ट्यूबवैल के कमरे के पीछे पराली जमीन पर बिछाकर अप्राकृतिक संभोग किया था और वह ऐसा करीब डेढ़ साल से करता आ रहा है। वह उसको बहला फुसलाकर ले जाता और गलत काम करता। इसके साथ ही दोषी ने अपने ब्यान में यह भी खुलासा किया था कि वह इसके बदले नाबालिग को पैसे भी देता था। जिसको 10 रुपए दे चुका था। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया और सजा की अवधि तय की। अदालत ने गांव चुंदिपुर निवासी अंग्रेज पुत्र पाला राम को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने और धमकी देने का दोषी माना। पॉक्सो एक्ट में 20 साल का कठोर कारावासपीपी अमन कौशिक ने बताया कि कोर्ट ने पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया। इसके साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया तो दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धमकी देने के मामले में अलग सजाअदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत भी आरोपी को दोषी ठहराया। इस मामले में उसे 6 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने आदेश में कहा कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जिला जेल भेजने का वारंट जारीफैसले के बाद सेशन कोर्ट की ओर से कारावास भेजने का वारंट जारी किया गया। इस वारंट के तहत जिला जेल करनाल के जेल अधीक्षक को आरोपी को सजा भुगतने के लिए जेल में दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। रिकॉर्ड के अनुसार जुर्माना अभी अदा नहीं किया गया है। न्यायालय का सख्त संदेशपीपी अमन कौशिक ने बताया कि अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसे मामलों में कानून किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। इस फैसले से समाज में यह संदेश गया है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को कड़ी सजा तय है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:30 am

कलश के लिए दौड़ीं हजारों महिलाएं...मच गई भगदड़:डबरा स्टेडियम का सिर्फ एक गेट खुला रखा; भीड़ का अनुमान नहीं लगा पाना बड़ी चूक

ग्वालियर के डबरा स्टेडियम ग्राउंड में मंगलवार सुबह 10.30 बजे हजारों की संख्या में महिलाएं एकत्रित थीं। यहां एशिया के सबसे बड़े नवग्रह मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था। 25 हजार महिलाओं को साड़ियां पहले ही बांटी जा चुकी थीं, जबकि कलश स्टेडियम मैदान से वितरित किए जाने थे। बताया गया था कि यात्रा के बाद कलश और साड़ी वापस नहीं लिए जाएंगे। इसी कारण महिलाएं जल्द से जल्द कलश पाने की होड़ में आगे बढ़ने लगीं। गेट नंबर-1 के सामने भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी। स्टेडियम में प्रवेश के लिए चार गेट थे, लेकिन एक को छोड़कर बाकी सभी बंद रखे गए थे। हालात ऐसे थे कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मी स्थिति नियंत्रित नहीं कर पा रहे थे। इसी दौरान अफवाह फैल गई कि कलश वितरण शुरू हो गया है। महिलाओं ने गेट पर दबाव बनाया और गेट खुलते ही भगदड़ मच गई। जो गिर पड़ीं, उन्हें पैरों तले रौंदते हुए हजारों महिलाएं आगे बढ़ गईं। हादसे में 70 वर्षीय रतिबाई साहू की मौत हो गई। जबकि एक चार साल की मासूम प्राची समेत आठ महिलाएं घायल हैं। प्रारंभिक जांच में आयोजकों द्वारा भीड़ का सही आकलन न कर पाना हादसे का प्रमुख कारण सामने आया है। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस की लापरवाही भी मानी जा रही है। दैनिक भास्कर ने हादसे के कारण तलाशे। प्रत्यक्षदर्शियों से बात की। जिम्मेदारों से वजह पूछी। पढ़िए.. 25 हजार महिलाएं आनी थी, तो क्यों बंद रखे गेटडबरा के जिस स्टेडियम ग्राउंड से कलश यात्रा निकाली जानी थी और कलश वितरित किए जाने थे, वहां सुबह 9 बजे से ही महिलाओं का जुटना शुरू हो गया था, जबकि कलश यात्रा दोपहर 12 बजे के बाद निकलनी थी। आयोजनकर्ताओं के अनुसार, करीब 25 हजार पीली साड़ियां बांटी गई थीं और उसी संख्या के अनुसार कलश मंगाए गए थे। यह भी बताया गया था कि कलश यात्रा के बाद साड़ी और कलश संबंधित महिलाओं के पास ही रहेंगे। स्टेडियम में प्रवेश और निकास के लिए कुल चार गेट हैं, लेकिन सुबह 10.30 बजे तक चारों गेट बंद रखे गए थे, जबकि कुछ महिलाएं पहले से ही अंदर मौजूद थीं। अस्पताल के सामने स्थित गेट नंबर-1 पर महिलाओं की भारी भीड़ एकत्र हो गई थी, लेकिन गेट बंद था। मौके पर न तो आयोजनकर्ता दिखाई दे रहे थे और न ही पर्याप्त पुलिस बल मौजूद था। भीड़ नियंत्रण के लिए केवल दो से तीन पुलिसकर्मी तैनात थे। ऐसे में जब हजारों महिलाएं एकत्रित हो गईं, तो गेट पर लगी जंजीर टूट गई और महिलाएं अंदर की ओर दौड़ पड़ीं, जिससे भगदड़ मच गई। पीछे से भगदड़ में धक्का लगा फिर उठ नहीं पाएडबरा स्टेडियम ग्राउंड में गेट नहीं खुलने पर मची भगदड़ में घायल आरती की बेटी चार साल की प्राची की हालत बेहद नाजुक है। वह आयोजकों द्वारा बांटी गई साड़ी पहनकर कलश लेने के लिए पहुंची थी। गेट पर सबसे आगे थी और अपनी बेटी का हाथ थामे हुए थी। जैसे ही गेट खुला तो महिलाएं कलश के लिए दौड़ पड़ीं। नानी गिरीं, लोग उन्हें रौंदते हुए निकलेरति साहू के नाती हेमंत ने बताया कि मेरी नानी रतिबाई साहू गेट पर सबसे आगे खड़ी थीं। प्रशासन या आयोजनकर्ताओं को चाहिए कि महिलाओं की पीछे कर व्यवस्थित कर गेट खोलें, लेकिन अचानक गेट खुला और नानी गिर पड़ीं। नानी के गिरते ही उनके ऊपर से कई महिलाएं उनको रौंदते हुए निकल गईं। मेरी नानी वहां पर तड़प रही थीं। हम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तो वहां 20 मिनट तक डॉक्टर ही नहीं मिले। इतना बड़ा आयोजन हुआ और अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे। मैं कहता रहा कि नानी को ऑक्सीजन लगाइए लेकिन डॉक्टर सुन नहीं रहे थे। मेरी आंखों के सामने तड़पते हुए उन्होंने दम तोड़ दिया। भीड़ का आकलन नहीं कर सका प्रशासन आयोजनकर्ताओं ने कलश यात्रा के लिए 25 हजार साड़ियां बांटी थीं। अनुमान था कि करीब 20 हजार महिलाएं कार्यक्रम में पहुंचेंगी, लेकिन आयोजनकर्ताओं, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित नहीं हो सका। प्रशासन भीड़ का सही आकलन नहीं कर पाया। यही कारण था कि सुबह 9 बजे से ही स्टेडियम ग्राउंड में महिलाएं पहुंचने लगी थीं, लेकिन मौके पर प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। आयोजनकर्ता भी नदारद रहे। पुलिस व्यवस्था के नाम पर गेट नंबर-1 पर केवल दो से तीन पुलिसकर्मी तैनात थे। इस हादसे के लिए आयोजनकर्ता, प्रशासन और पुलिस तीनों की जिम्मेदारी बनती है। अफवाह के बाद मची भगदड़ जानकारी के अनुसार, जब गेट के बाहर महिलाओं की भीड़ एकत्र हो गई थी, तभी अफवाह फैल गई कि कलश वितरण शुरू हो चुका है और केवल वही महिलाएं कलश प्राप्त करेंगी, जो सबसे पहले पहुंचेंगी और आयोजनकर्ताओं द्वारा वितरित की गई साड़ी पहने होंगी। इस अफवाह के बाद महिलाओं ने गेट पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। जैसे ही गेट खोला गया, महिलाएं तेजी से अंदर की ओर दौड़ पड़ीं। इसी दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कुछ लोग गिर पड़े और भीड़ उन्हें पैरों तले रौंदते हुए कलश लेने आगे बढ़ गई। बिखरी पड़ी चप्पलें, कड़े और चूड़ियां जब दैनिक भास्कर की टीम डबरा के स्टेडियम ग्राउंड पहुंची, तो वहां खामोशी छाई हुई थी। चारों ओर बिखरा पड़ा सामान हादसे को साफ बयां कर रहा था। गेट नंबर-1, जहां हादसा हुआ था, वहां चप्पलें पड़ी थीं, तो कुछ दूरी पर पर्स, चूड़ियां और कड़े बिखरे नजर आए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता था कि भगदड़ के दौरान पैरों तले कुचले गए लोगों की स्थिति कितनी भयावह रही होगी। हादसे में 20 से अधिक घायल, 9 अस्पताल पहुंचे हादसे में सरोज साहू पत्नी लालाराम साहू (निवासी दर्शन कॉलोनी), सुमन पत्नी कमल किशोर, विनीत पिता बाबूलाल कोरी, विमला देवी, पुष्पा, दुर्गेश, उम्मेद सिंह रावत (निवासी अशोक नगर), अनिता अहिरवार, चार वर्षीय प्राची जाटव और आरती अहिरवार घायल हुईं। वहीं, 70 वर्षीय रतिबाई साहू निवासी हनुमान कॉलोनी, डबरा की मौत हो गई।अस्पताल तक 9 घायल पहुंचे, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायलों की संख्या 20 से अधिक थी। कई घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मौके से ही रवाना कर दिया गया। 2 हजार पुलिसकर्मी की तैनाती का दावा फेल एशिया के सबसे बड़े और अद्भुत नवग्रह मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के 11 दिवसीय आयोजन का शुभारंभ मंगलवार को कलश यात्रा के साथ होना था। इससे एक दिन पहले ग्वालियर रेंज के आईजी अरविंद सक्सेना ने निरीक्षण कर दो हजार से अधिक जवानों और अधिकारियों की तैनाती का दावा किया था। हालांकि, यह सुरक्षा व्यवस्था मंदिर परिसर और कलश यात्रा मार्ग तक ही सीमित रही। जिस स्थान पर कलश वितरण किया जा रहा था, वहां न तो पुलिस बल नजर आया, न ही प्रशासन का कोई कर्मचारी मौजूद था। आयोजनकर्ताओं की ओर से भी कोई प्रभावी प्रबंधन दिखाई नहीं दिया। सुबह 9 बजे से कलश की चाह में जुटी भीड़ वैसे तो कलश यात्रा दोपहर 12.40 बजे शुरू होनी थी। आयोजनकर्ताओं ने घर-घर जाकर साड़ियां बांटी थीं और कहा गया था कि जो महिला यह साड़ी पहनकर स्टेडियम ग्राउंड आएगी, उसे कलश दिया जाएगा। बाद में वह कलश और साड़ी उसी महिला की हो जाएगी। इसी कारण कलश पाने की होड़ में सुबह 9 बजे से ही महिलाएं स्टेडियम पहुंचने लगी थीं। भीड़ प्रबंधन फेल कैसे हुआ? डबरा के स्टेडियम ग्राउंड में चार गेट हैं, लेकिन आयोजनकर्ताओं और प्रशासन ने शुरुआत से ही क्राउड मैनेजमेंट पर ध्यान नहीं दिया। चार में से तीन गेट बंद रखे गए थे। गेट नंबर-1 से ही महिलाओं को प्रवेश देने और कलश वितरण की व्यवस्था की गई थी। आयोजनकर्ताओं की ओर से पर्याप्त वॉलेंटियर तैनात नहीं किए गए थे। गिने-चुने कार्यकर्ताओं के भरोसे पूरा आयोजन संचालित किया जा रहा था। जब तक पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ग्राउंड में मौजूद रहे, तब तक भारी पुलिस बल तैनात था, लेकिन उनके जाने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके से नदारद नजर आए। 15 हजार की क्षमता, पहुंच गए 25 हजार डबरा के जिस स्टेडियम में कलश वितरण होना था, उसकी क्षमता 10 से 15 हजार लोगों की है, जबकि वहां 20 से 25 हजार लोगों की भीड़ पहुंच गई। क्षमता से अधिक भीड़ होने के बावजूद उचित प्रबंधन नहीं किया गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। ग्वालियर आईजी बोले- फोर्स बढ़ा दिया गयाघटना के बाद ग्वालियर आईजी अरविंद सक्सेना, आईजी अमित सांघी और कलेक्टर रुचिका चौहान पुलिस बल के साथ डबरा पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आधे घंटे से अधिक समय तक स्टेडियम ग्राउंड में रहकर घटना के कारणों की समीक्षा की। जब आईजी अरविंद सक्सेना से हादसे के कारणों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि कलश पाने की जल्दबाजी में महिलाओं का उतावलापन इस भगदड़ की मुख्य वजह बना। ये खबरें भी पढ़ें… 25 हजार कलश, 1500 पुलिसकर्मी… फिर भी भगदड़ ग्वालियर के डबरा में बने एशिया का सबसे बड़े नवग्रह मंदिर के स्थापना समारोह के पहले दिन बड़ा हादसा हो गया। एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। सात महिलाएं घायल हैं। ये सभी वे महिलाएं हैं जो कलश यात्रा में शामिल होने आई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें... डबरा में कलश बांटते वक्त भगदड़...VIDEO:महिला की मौत, बच्ची समेत 8 घायल मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कलश यात्रा शुरू होने से पहले भगदड़ मच गई। इसमें 70 वर्षीय महिला रति साहू की मौत हो गई। बच्ची समेत 8 लोग घायल हो गए हैं। इनमें से एक की हालत गंभीर है। ग्वालियर रेफर किया गया है। पढ़ें पूरी खबर देश का सबसे बड़ा नवग्रह मंदिर: 12 एकड़ जमीन पर सिर्फ मंदिर बना एशिया का सबसे बड़ा और अद्भुत नवग्रह मंदिर ग्वालियर के डबरा में बना है। वैदिक धर्म ग्रंथों एवं शास्त्रों में बताया गया है कि संपूर्ण ब्रह्मांड में कुल 27 तारामंडल हैं। इन तारामंडलों की चार दिशाएं हैं। यदि हम 27 को 4 से गुणा करते हैं, तो कुल 108 संख्या आती है।जिसका अर्थ यह है कि संपूर्ण ब्रह्मांड का स्वरूप 108 अंक है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:30 am

'घर से लौटने पर कर रही थी सुसाइड की बातें':भोपाल में MBBS छात्रा की मौत पर PG इंचार्ज का दावा; पिता बोले-पढ़ाई का था स्ट्रेस

भोपाल में एमबीबीएस की छात्रा रोशनी की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव एक प्राइवेट पीजी के बाथरूम में मिला था। पास ही एसिड की बोतल भी पाई गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एसिड से मौत की पुष्टि हुई है। बेटी का शव लेने आलीराजपुर से आए छात्रा के पिता वंतर सिंह ने बताया कि रोशनी पढ़ाई के दबाव में जरूर थी, लेकिन आत्महत्या जैसा कदम उठाएगी, इसकी कभी कल्पना नहीं की थी। वह अच्छी डॉक्टर बनना चाहती थी। नीट परीक्षा में 400 से अधिक अंक लाकर खुद गांधी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था। दूसरी ओर, जिस पीजी में छात्रा रहती थी, उसकी संचालक का दावा है कि रोशनी घर से लौटने के बाद पिछले दो दिनों से सहेलियों से सुसाइड की बात कर रही थी। सुबह जब वह कॉलेज जाने के लिए बाहर नहीं निकली तो साथ रहने वाली छात्राओं ने दरवाजा तोड़कर देखा। वह बेसुध हालत में थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, कॉलेज डीन ने भी पुष्टि की है कि रोशनी पढ़ाई समझ न आने के कारण मानसिक तनाव में थी। पिता बोले- बेटी कुछ दिनों से घर पर ही थी अलीराजपुर जिले के अकलवा गांव की रहने वाली रोशनी के पिता वंतर सिंह कलेश ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8.30 बजे बेटी की हालत की जानकारी मिली। रोशनी कुछ दिनों से घर पर ही थी। वह दो बहनों में बड़ी थी। शनिवार को ही तो उसे अलीराजपुर से भोपाल के लिए ट्रेन में बैठाया था। रविवार और सोमवार वह भोपाल में रही। पढ़ाई का दबाव था, लेकिन हिम्मत वाली थी रोशनी पिता वंतर सिंह ने कहा कि रोशनी ने पढ़ाई के स्ट्रेस का जिक्र जरूर किया था, लेकिन वह हमेशा यही कहती थी कि “पापा, मैं पढ़ लूंगी।” नीट परीक्षा में उसके 400 से ज्यादा अंक आए थे और उसने खुद गांधी मेडिकल कॉलेज का चयन किया था। वह शुरू से डॉक्टर बनना चाहती थी। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी मेहनत के दम पर आगे बढ़ेगी। पीजी इंचार्ज बोलीं- सभी से अच्छे से बात करती थी जिस प्राइवेट पीजी में रोशनी रह रही थी, उसकी संचालक करुणा नायर ने बताया कि रोशनी का स्वभाव बेहद अच्छा था। वह हमेशा हंसते-खेलते रहती थी और सभी से अच्छे से बात करती थी। पीजी में हर जगह कैमरे लगे हैं, जिससे बच्चों की निगरानी की जाती है। करुणा नायर के मुताबिक, रोशनी की दोस्तों ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से सुसाइड करने की बात कर रही थी। वह दो दिन पहले ही घर से लौटकर भोपाल आई थी। अगर यह बात समय रहते उन्हें या परिवार को बता दी जाती, तो शायद कोई कदम उठाया जा सकता था। कई बार आवाज देने पर भी नहीं निकली गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी का शव उसके पीजी के बाथरूम में मिला था। मंगलवार सुबह जब वह कॉलेज जाने के लिए कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ पढ़ने वाली छात्राओं को शक हुआ। कई बार आवाज देने और फोन कॉल करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो पीजी के गार्ड को बुलाया गया। पहले कमरे और फिर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया, जहां रोशनी बेसुध हालत में पड़ी मिली। उसके पास एक खाली एसिड की बोतल भी मिली। अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया साथी छात्राओं और पीजी स्टाफ ने तत्काल कॉलेज प्रबंधन को सूचना दी। इसके बाद रोशनी को सुबह करीब 8:30 बजे हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पीएम रिपोर्ट में एसिड पीने से मौत की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि रोशनी की मौत एसिड पीने से हुई। डॉक्टरों के मुताबिक, एसिड से उसके अंदरूनी अंग बुरी तरह जल गए थे, जिससे उसकी जान नहीं बच सकी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। डीन ने कहा- पढ़ाई समझ न आने से थी परेशान गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन कविता एन. सिंह ने बताया कि रोशनी के मोबाइल में परिजनों को भेजे गए मैसेज से पता चला है कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में थी। वह मेहनत तो कर रही थी, लेकिन उसे लग रहा था कि सब कुछ ठीक से समझ में नहीं आ रहा है। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान थी। डे-स्कॉलर थी, प्राइवेट पीजी में रहती थी कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार, रोशनी डे-स्कॉलर थी और कोहेफिजा इलाके में स्थित एक प्राइवेट पीजी में रह रही थी। उसने अक्टूबर में ही एडमिशन लिया था। साथी छात्राओं ने बताया कि रोशनी शांत स्वभाव की थी और पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर रहती थी। यह खबर भी पढ़ें… भोपाल में बाथरूम में मिला MBBS छात्रा का शव भोपाल में एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा रोशनी का शव बाथरूम में पड़ा था। पास ही एसिड की बोतल भी मिली है। रोशनी ने पिछले साल ही अक्टूबर में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया था। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:30 am

45 पैसे के इंश्योरेंस में परिजन को मिले 10 लाख:ट्रेन हादसे में मौत के 5 साल बाद मिला न्याय; टिकट बुक करते समय ना करें यह चूक

मुरैना जिले के रवि कुमार शर्मा ने 19 अक्टूबर 2020 को मुरैना से निजामुद्दीन जाने के लिए भोपाल एक्सप्रेस का ऑनलाइन टिकट बुक किया था। टिकट के साथ महज 45 पैसे का ट्रेवल इंश्योरेंस भी लिया था। 21 अक्टूबर 2020 की रात करीब 3:20 बजे मुरैना रेलवे स्टेशन पर तेज बारिश और अंधेरे के बीच बिजली गुल थी। प्लेटफॉर्म पर कोच नंबर बताने वाला डिस्प्ले बोर्ड भी बंद था। जब रवि कुमार शर्मा अपने आवंटित डी-1 कोच तक पहुंचे तो गेट बंद मिला। वे दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगा ही रहे थे कि ट्रेन अचानक चल पड़ी। पायदान पर चढ़ चुके रवि कुमार शर्मा का पैर फिसल गया और वे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़े। फिर उन्हें 108 एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी मनीषा शर्मा ने आईआरसीटीसी को घटना की सूचना दी। निर्देश मिलने पर उन्होंने बीमा कंपनी बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंस में अगस्त 2021 में सभी दस्तावेजों के साथ क्लेम प्रस्तुत किया। इसके बावजूद बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया और यह कहकर मामला टालती रही कि दस्तावेज पूरे नहीं हैं। जनवरी 2022 में भी दस्तावेज दोबारा दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, मामला भोपाल उपभोक्ता आयोग पहुंचा। सुनवाई के बाद आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह 10 लाख रुपए की बीमा राशि परिवाद दायर करने की तारीख से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित दे। इसके अलावा मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति के लिए अलग से 10 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए दो माह के भीतर अदा करे। तय समय में भुगतान न होने पर ब्याज दर 9 प्रतिशत होगी। उपभोक्ता आयोग पहुंचा मामला बीमा राशि न मिलने से परेशान होकर मनीषा शर्मा ने 30 सितंबर 2022 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, भोपाल की बेंच-2 में परिवाद दायर किया। परिवाद में कहा गया कि यात्रा के दौरान दुर्घटना हुई, बीमा लिया गया था और इसके बावजूद भुगतान न करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा है। यह फैसला आयोग की बैंच 2 की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह सदस्य अंजुम फिरोज ने सुनाया। आयोग ने क्या माना, क्या नहीं माना बीमा कंपनी की टालमटोल पर सख्त टिप्पणीआयोग ने आदेश में कहा कि बीमा कंपनी ने समय पर क्लेम का निराकरण नहीं किया, जबकि आईआरसीटीसी और बीमा कंपनी के बीच हुए अनुबंध में 15 दिन के भीतर भुगतान का प्रावधान है। इसके बावजूद दो साल तक भुगतान न करना स्पष्ट रूप से सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा है। आयोग का स्पष्ट आदेश भोपाल उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह 10 लाख रुपए की बीमा राशि परिवाद दायर करने की तारीख से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित दे, इसके अलावा मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति के लिए अलग से 10 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए दो माह के भीतर अदा करे। तय समय में भुगतान न होने पर ब्याज दर 9 प्रतिशत होगी। अधिवक्ता बोले- एक क्लिक का बीमा, परिवार का सहारा मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता अरुण सिंह राणा का कहना है कि यह केस हर रेल यात्री के लिए जागरूकता का उदाहरण है। टिकट बुक करते समय एक क्लिक में लिया गया बीमा हादसे की स्थिति में परिवार को इधर-उधर भटकने से बचा सकता है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी की जिम्मेदारी थी कि समय पर भुगतान करे, लेकिन टालमटोल के कारण परिवार को अदालत जाना पड़ा। पत्नी बोली- हादसे की जिम्मेदार सिर्फ रेलवे मृतक की पत्नी मनीषा शर्मा ने बताया कि पति की मौत के बाद जीवन पूरी तरह बदल गया। घर में दो बेटियां, एक बेटा और सास-ससुर हैं। वह सिलाई का काम कर किसी तरह घर चला रही हैं। मनीषा शर्मा का कहना है कि इस हादसे के लिए रेलवे की लापरवाही जिम्मेदार है और आयोग के फैसले से उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। हर यात्री के लिए सबक यह मामला बताता है कि रेल टिकट बुक करते समय ट्रेवल इंश्योरेंस पर टिक न करना एक छोटी सी चूक हो सकती है, लेकिन हादसे की स्थिति में यही चूक परिवार के लिए भारी नुकसान बन जाती है। रवि कुमार शर्मा द्वारा लिए गए महज 45 पैसे के बीमे ने उनके परिवार को 10 लाख रुपए का कानूनी हक दिलाया। यह भी जानें और समझें टिकट बुक करते समय रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस कैसे भरें रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस– कितना होता है? यह होता है फायदा रेल टिकट इंश्योरेंस क्लेम कैसे करें यह खबर भी पढ़ें… भोपाल स्टेशन FOB हादसा...मरने के बाद मिला इंसाफ भोपाल रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज हादसे में रेलवे जिस दलील के सहारे जिम्मेदारी से बचना चाहता था, उसे जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने सख्ती से खारिज कर दिया है। रेलवे का तर्क था कि ट्रेन से उतरते ही यात्री की यात्रा समाप्त हो जाती है और स्टेशन की सुविधाएं निःशुल्क होती हैं, इसलिए उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:30 am

झज्जर में सड़क हादसे में रिटायर्ड फौजी की मौत:अज्ञात वाहन की टक्कर से गई जान, देर रात गए थे खेत, ड्राइवर फरार

झज्जर जिले में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में रिटायर्ड फौजी की मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक पर सवार एक अन्य व्यक्ति को हल्की चोटें आई। हादसा उस समय हुआ जब दोनों खेत से काम निपटाकर घर लौट रहे थे। टक्कर मारने वाला वाहन ड्राइवर वाहन सहित मौके से फरार हो गया। हादसे में मृत व्यक्ति की पहचान बलजीत पुत्र बलवंत सिंह (57 वर्ष) बिरधाना निवासी के रूप में हुई है। मृतक बलजीत सेना से सेवानिवृत्त हो चुके थे। बताया जा रहा है कि बलजीत अपने साथ एक मजदूर को लेकर बाइक पर गेहूं के खेत में सिंचाई के दौरान इंजन बंद करने गए थे। खेत में सिंचाई का कार्य चल रहा था और देर रात दोनों काम पूरा कर वापस घर लौट रहे थे। साथ गए मजदूर ने दी हादसे की जानकारी इसी दौरान रास्ते में एक वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार दोनों व्यक्ति सड़क पर गिर गए और घायल हो गए और बेहोश हो गए। कुछ समय बाद जब साथ गया मजदूर होश में आया तो उसने घटना की जानकारी फोन के माध्यम से परिजनों को दी। वहीं जानकारी के अनुसार हादसा झज्जर जिले के गांव जौंधी से गिरावड़ रोड पर हुआ बताया जा रहा है। डॉक्टर ने जांच के बाद किया मृत घोषित सूचना मिलते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को इलाज के लिए झज्जर के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बलजीत को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल मजदूर को हल्की चोटें ही आई। पुलिस हादसे को लेकर मामले में जुटी मृतक के शव को नागरिक अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए रखवाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और हादसे को लेकर जांच की। पुलिस ने फिलहाल घटना को लेकर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी वाहन और ड्राइवर का पता लगाया जा सके। जानकारी के अनुसार मृतक बलजीत के दो बेटे हैं और एक बेटा आर्मी में है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:26 am

भूपेश समेत 3 कांग्रेसियों पर 500 करोड़ का मानहानि केस:12000 बीघा जमीन कब्जा करने के आरोप पर भड़के CM हिमंता, बोले- सबूत पेश करें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ 500 करोड़ का मानहानि मुकदमा किया है। इनके साथ कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह और गौरव गोगोई का नाम भी शामिल है। यह मामला एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए गए '12,000 बीघा जमीन' के कथित आरोपों से जुड़ा है। दरअसल, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि, भूपेश बघेल और अन्य कांग्रेस नेताओं ने उनके खिलाफ जानबूझकर गलत और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाए। जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। इसलिए उन्होंने अदालत में सिविल और क्रिमिनल मानहानि का केस दर्ज कराया है। 9 फरवरी को शुरू हुई कानूनी कार्रवाई हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को भूपेश बघेल सहित कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने कहा कि, राजनीतिक असहमति अलग बात है, लेकिन सार्वजनिक मंच से निराधार आरोप लगाना कानून के दायरे में आता है। सीएम सरमा का आरोप है कि, कांग्रेस नेताओं, खासकर भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उनके खिलाफ ऐसे बयान दिए जो पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन हैं। इसी को लेकर उन्होंने सीधे कोर्ट का रुख किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयान बने विवाद की वजह बता दें कि, मामला 4 फरवरी को गुवाहाटी में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता से शुरू हुई। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी की आंतरिक जांच में यह सामने आया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने राज्य भर में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है। सरमा ने इन दावों को पूरी तरह से झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक करार दिया है। इससे पहले सरमा ने कहा था कि वे गांधी परिवार के गुलामों की ओर से किए जा रहे प्रचार, बदनाम करने की कोशिश या राजनीतिक नाटक से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिट एंड रन राजनीति का दौर खत्म हो चुका है। अगर उनके पास जरा भी साहस या सबूत है तो अदालत में पेश करें। इसी बीच असम की राजनीति में हिमंता सरमा और गौरव गोगोई के बीच टकराव और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में आरोप लगाया था कि गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान के नागरिक अली तौकीर शेख से गहरे संबंध हैं और इससे संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचने की आशंका जताई थी। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है और उन्होंने मानसिक संतुलन खो दिया है। ……………………… राजनीति से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… चंद्राकर बोले-मनरेगा में छत्तीसगढ़ जोड़ने पर रोने लगे थे भूपेश:पूर्व मंत्री ने कहा-कांग्रेस को छग नाम से घृणा,नाम बदलने का काम कांग्रेस ने किया छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर सोमवार को बालोद दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट को लेकर पत्रकारों से चर्चा की। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि जब 100 दिन के रोजगार की गारंटी पूरी नहीं हो पाती, तो 150 दिन का लक्ष्य कैसे पूरा होगा। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:25 am

दुग्ध संघ की ‘सरस मायरा योजना’:डेयरी ने 10 माह में 504 दुग्ध उत्पादकों की बेटियों के लिए 1.5 करोड़ रुपए का मायरा भरा

जयपुर डेयरी की ‘सरस मायरा योजना’ अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर के दुग्ध उत्पादकों के लिए अनुकरणीय पहल बनती जा रही है। जयपुर सरस डेयरी के सफल क्रियान्वयन के बाद मध्यप्रदेश की भोपाल स्थित सांची डेयरी ने भी दुग्ध उत्पादकों के लिए मायरा योजना लागू की है। केंद्र सरकार स्तर पर भी योजना को लेकर सकारात्मक रुख देखने को मिल रहा है। जयपुर डेयरी 10 माह में योजना के तहत जयपुर और दौसा जिले के 504 दुग्ध उत्पादकों की बेटियों का 1 करोड़ 50 लाख रुपए मायरा भरा है। मंगलवार को जयपुर दुग्ध संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश पूनिया और प्रबंध संचालक मनीष फौजदार बिंदायका जोन की दुग्ध समिति लोछब की ढाणी की दुग्ध उत्पादक चंदादेवी की पुत्री कल्पना लोछब का सरस मायरा भरा और 21 हजार रुपए राशि का चेक सौंपा। साथ ही उत्पादक परिवार की माता और पुत्री को वस्त्र भेंट कर कन्यादान की परंपरा निभाई गई। इस मौके पर आसपास की दुग्ध समितियों के सचिव, समिति पदाधिकारी, दुग्ध उत्पादक एवं संघ के अधिकारियों ने भी मायरा राशि भेंट की।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:17 am

बुंदेलखंड राज्य की मांग पर 16 फरवरी से 13 मार्च तक जनआक्रोश रथ यात्रा

सागर| बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा द्वारा 16 फरवरी से 13 मार्च तक जनआक्रोश रथ यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में संचालित होगी, जिसमें क्षेत्र के 350 गांवों से सहभागिता होगी। मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय ने बुधवार को मीडिया को यह जानकारी दी। इस अवसर पर मोर्चा के अंकलेश्वर दुबे, डॉ. विवेक तिवारी, प्रवक्ता रघुराज शर्मा और मीडिया प्रभारी हनीफ खान उपस्थित रहे। भानू सहाय ने कहा कि बुंदेलखंड के लोग वर्षों से अलग राज्य की मांग कर रहे हैं। वर्ष 2014 में बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने का वादा किया गया था। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण की अखंड बुंदेलखंड जनआक्रोश रथ यात्रा चित्रकूट से ओरछा तक निकाली जाएगी। यात्रा चित्रकूट, बांदा, पन्ना, दमोह, सागर, टीकमगढ़, ललितपुर, दतिया, उरई, हमीरपुर, महोबा, छतरपुर, निवाड़ी, झांसी देहात, झांसी होते हुए ओरछा पहुंचेगी।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:15 am

बोर्ड परीक्षा शुरू होने के पहले शिक्षकों के मोबाइल हुए सील

मंगलवार से एमपी बोर्ड की परीक्षा शुरू हो गई। कक्षा-12वीं के अंग्रेजी विषय का पेपर 120 परीक्षा केंद्रों पर हुआ। कुल दर्ज 21232 विद्यार्थियों में से 21006 विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे। 226 अनुपस्थित रहे। 23 दलों ने कुल 56 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। हालांकि कहीं भी कोई नकल प्रकरण नहीं बना। बोर्ड परीक्षा के पहले पेपर से ही सख्ती देखने को मिली। विद्यार्थियों को केंद्र में अंदर जाने से पहले उनकी जांच की गई। मोबाइल सहित किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस न ले जाने की चेतावनी दी गई। परीक्षा केंद्र के अध्यक्ष से लेकर वीक्षक के रूप में ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों के मोबाइल परीक्षा शुरू होने के पहले पेटी मंे रखकर सील कर दिए गए। 11 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी हुई, जिसमें डीईओ ऑफिस, जेडी ऑफिस, एनआईसी और जिला पंचायत कार्यालय से नजर रखी गई। भोपाल से भी सीधे निगरानी हुई। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने बताया है कि विद्यार्थियों को परीक्षा के समय किसी भी समस्या के निदान के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। मोबाइल नंबर- 8223868738, 9343177347 एवं 7024054428 पर किसी भी समय संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले शिक्षकों के मोबाइल पेटी में रखवा लिए गए।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:14 am

सिपाही भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा 23 से होगी

सागर| आरक्षक (जीडी) एवं रेडियो के 7500 पदों की भर्ती के दूसरे चरण की शारीरिक दक्षता परीक्षा 23 फरवरी से 10 मार्च तक होगी। ऑनलाइन परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की 800 मीटर दौड़, लंबी कूद, गोला फेंक परीक्षा कराई जाएगी।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:14 am

आयुर्वेदिक एम्स उज्जैन में स्थापित करने की मांग

उज्जैन| प्रदेश सरकार द्वारा आयुर्वेदिक एम्स के लिए भोपाल का प्रस्ताव भेजे जाने पर सजग उज्जैन संगठन ने इसे उज्जैन में स्थापित करने की मांग की है। संगठन के महासचिव संतोष सुपेकर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। डॉ. संजय नागर ने बताया कि संगठन ने आयुर्वेदिक एम्स उज्जैन में स्थापित किए जाने की मांग उठाई है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:13 am

कालिदास अकादमी में हुआ सिख समाज का समाज गौरव सम्मान समारोह , प्रतिभाओं का सम्मान किया

उज्जैन| समाज के सफल व्यक्तियों का सम्मान उनके उत्साह को बढ़ाता है और अन्य लोगों में प्रेरणा का संचार करता है। यह बात वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. एस.के. सलूजा ने पंजाबी साहित्य अकादमी, भोपाल के सहयोग से सिख समाज उज्जैन द्वारा कालिदास अकादमी के अभिरंग नाट्यगृह में आयोजित समाज-गौरव सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य नगरों में भी अकादमी को समाज की प्रतिभाओं को पहचानकर सम्मानित करना चाहिए। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। शिक्षा के लिए डॉ. बलबीर सिंह मक्कड़, समाज सेवा में सुरजीत सिंह डंग एवं जसविंदर सिंह ठकराल, धर्मसेवा में अमृत कौर, उद्योग में चरणजीत सिंह कालरा, चिकित्सा में डॉ. राजदीप बग्गा एवं डॉ. मयूरी कालरा, शोध में डॉ. इमित सिंह सलूजा, कला में हरपाल सिंह चावला, विधि में जिगर सिंह छाबड़ा तथा राजनीति में पार्षद नीलम कालरा को सम्मान चिह्न, पट्टिका एवं सिख साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। पंजाबी साहित्य अकादमी के निदेशक सरदार इंद्रजीत सिंह खनूजा ने सभी सम्मानितों को बधाई देते हुए उन्हें समाज के लिए आदर्श बताया। अतिथि जगदीश हुरिया, इकबाल सिंह गांधी एवं चरणजीत सिंह कालरा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत से हुआ। स्थानीय संयोजक यू.एस. छाबड़ा एवं डॉ. राकेश ढंढ ने अतिथियों का स्वागत किया। स्वागत भाषण यू.एस. छाबड़ा ने दिया। संचालन डॉ. पिलकेंद्र अरोरा ने किया तथा आभार खुशाल सिंह वाधवा ने व्यक्त किया। समारोह में डॉ. कुलदीप अरोरा, मस्तान सिंह छाबड़ा, ऋषिराज अरोरा, स्वाति कालरा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:13 am

पंचमपुरा मार्ग चौड़ीकरण में किसी को एक तो किसी को दो फीट के लिए भी नोटिस

टैगोर चौराहा से दो तालाब तक (पंचमपुरा) मार्ग चौड़ीकरण के लिए नगर निगम की तरफ से भवन स्वामियों को नोटिस बंटना शुरू हो गए हैं। मार्ग विस्तार में 50 से अधिक भवन-प्रतिष्ठान ऐसे है जो कि एक-दो फीट ही प्रभावित हो रहे हैं। लिहाजा ये मांग उठने लगी है कि मार्ग के विस्तार में प्रस्तावित तीन फीट का डिवाइडर छोटा किया जाए ताकि ये लोग प्रभावित होने से बच सकेंगे। नए शहर का पंचमपुरा वाला ये मार्ग वर्तमान में सिंगल लेन व संकरा है। भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से इसे करीब 60 फीट चौड़ा किया जाना है। निगम की तरफ से यहां रहवासियों को नोटिस जारी करने के साथ ही प्रभावित होने वाले भवन-प्रतिष्ठानों पर निशान भी लगा ​दिए हैं। रहवासियों का कहना है कि नोटिस में सात दिन में अपने भवन-दुकानों का प्रभावित हिस्सा स्वयं हटा लेने के लिए कहा गया है। यहां कई के केवल ओटले, कुछ के एक से दो फीट तक के हिस्से व गैलरी आदि इस विस्तार में प्रभावित हो रहे हैं। जनप्रतिनिधि व अधिकारी एक बार करे क्षेत्र का दौरा रहवासी चाहते हैं कि निगम के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि व अधिकारी एक बार क्षेत्र का दौरा कर समाधान निकाले। तीन-साढ़े तीन फीट के डिवाइडर की चौड़ाई कुछ कम कर दी जाएगी तो इन लोगों का लाखों रुपयों का होने वाला नुकसान होने से बच जाएगा। पार्षद नवीता विकास मालवीय ने एक पत्र जनता की तरफ से तैयार कर मामले में जनप्रतिनिधि व अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:13 am

जावरा ग्रीन फील्ड का निर्णय नहीं, इंदौर रोड के प्रभावितों ने 25 से आंदोलन का अल्टीमेटम दिया

उज्जैन को इंदौर और जावरा को जोड़ने वाले दोनों ग्रीन फील्ड रोड का मसला अब तक नहीं सुलझा। उज्जैन-जावरा रोड प्रभावितों को जनवरी अंत तक जमीन व सड़क की स्थिति स्पष्ट करने का वादा भी अधूरा रह गया। इसी बीच उज्जैन-इंदौर ग्रीन फील्ड से प्रभावित किसानों ने 25 फरवरी से उज्जैन में धरने की चेतावनी दे डाली। इसमें प्रशासन के लिए सबसे दुविधा वाली बात यह हैं कि उज्जैन-इंदौर से दोनों जिले के प्रभावित सभी 28 गावों के किसान उज्जैन में ही धरना देंगे। वहीं उज्जैन-जावरा रोड से प्रभावित 62 गांव के किसान भी इनके समर्थन में उज्जैन जुटेंगे। यानी 90 गांवों के किसान धरने पर बैठने की तैयारी में है। इसको लेकर प्रभावित गांवों की मिलकर बनाई किसान संघर्ष समितियों ने तैयारी शुरू कर दी है। हर गांव में बैठक रखकर आंदोलन की रूपरेखा बना रहे है। स्थानीय अफसरों ने भी अब इस मामले को उच्च स्तर का मानते हुए निर्णय भोपाल के अफसरों का हवाला देते हुए हाथ खड़े करना शुरू कर दिए। किसानों की मांग है कि हाइवे नार्मल बनाए और बाजार मूल्य से जमीन का मुआवजा दिया जाए। उज्जैन-इंदौर ग्रीन फील्ड रोड से प्रभावित 28 गांवों के किसान उज्जैन में ही प्रदर्शन करेंगे। दोनों जिले की संयुक्त बैठक भी हो गई। किसानों ने 25 फरवरी से उज्जैन कलेक्टोरेट के पास अनि​श्चितकालीन धरने पर बैठने का निर्णय लिया है। उज्जैन-जावरा प्रभावितों ने भी इन्हें समर्थन देने का भरोसा दिलाया है। भोपाल घेरा तो डबल सर्वे, फिर भी निर्णय नहीं उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड हाईवे के विरोध में प्रभावित 62 गांवों के लोगों ने जनवरी में एमपीआरडीसी भोपाल का घेराव किया। उस समय अफसरों ने फिर से सर्वे करवाकर एक्सिस कंट्रोल की जरूरत परखने का भरोसा दिलाया। सर्वे होकर रिपोर्ट भी भोपाल पहुंच गई, लेकिन अफसर अब तक इसका निर्णय नहीं ले सके। अफसरों की लेतलाली को देख किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड प्रभावितों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से आंदोलन शुरू हो गया तो अफसरों की मुश्किलें बढ़ जाएगी। शासन स्तर से ही होगा निर्णय ^उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड एक्सिस कंट्रोल रोड के मामले में फिर से ट्रैफिक सर्वे करवा लिया है। रिपोर्ट भी मुख्यालय भेज दी है। इस मामले में शासन स्तर से ही निर्णय लिया जाएगा। विजय सिंह, संभागीय प्रबंधक एमपीआरडीसी उज्जैन

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:13 am

प्रावि देसाईनगर परिसर में बांध रहे मवेशी गंदगी के पास क्लास, दुर्गंध के बीच भोजन

मप्र सरकार की सबसे प्राथमिकता वाले महर्षि सांदीपनि स्कूल में शामिल प्रावि स्कूल को कुछ लोगों ने मवेशियों का तबेला बना दिया। शहर के बीचोबीच संचालित हो रहे शासकीय प्रावि नूतन देसाई नगर के 136 बच्चों की गोबर व गंदगी के ढ़ेर के पास ही क्लास लगाना पड़ रही है। दुर्गंध के बीच ही उन्हें मध्याह्न भोजन करना पड़ रहा है। खास बात यह हैं कि देसाईनगर वाला यह प्रावि स्कूल महर्षि सांदीपनि जाल सेवा निकेतन उमावि में शामिल है। शहर के बीचोबीच बने इस स्कूल में पिछले 6 माह से कुछ लोग मवेशी रोक रहे है। अतिक्रमणकर्ताओं ने पास में बने खंडहर व स्कूल भवन के बीच पुलिस के बैरिकेड्स बांधकर मवेशियों का अघोषित तबेला बना लिया। रात में यहां मवेशियों को छोड़ दिया जाता है और सुबह होते ही बाहर निकाल दिया जाता है। 5 शिक्षकों के स्टॉफ वाले इस स्कूल के ​परिसर में जबरन बनाए गए तबेले को लेकर विभाग ने भी ध्यान देना उचित नहीं समझा। अतिक्रमणकर्ताओं की धौंस ऐसी हैं कि स्टॉफ सदस्यों ने भी मवेशियों रोकने वालों के खिलाफ आवाज उठाने की ​हिम्मत नहीं जुटाई। स्कूल परिसर शरारती तत्वों का अड्‌डा, आए दिन शराब पार्टी नूतन देसाई नगर स्कूल परिसर शरारती तत्वों को अड्डा भी है। यहां गेट नहीं होने के कारण रात में शरारती तत्व घूस जाते है। स्कूल के गेट व सामने पड़े खुली जगह में ही शराब पार्टी होती है। सुबह स्कूल पहुंचते समय शिक्षक व बच्चों को शराब की बॉटल के कांच को ध्यान रखते हुए स्कूल के अंदर जाना पड़ता है। तत्काल चैक कराएंगे ^यदि स्कूल परिसर को मवेशी का बाड़ा बना लिया है, तो बहुत गलत है। बीआरसी को भेजकर इसे तत्काल चैक कराएंगे। अतिक्रमण कर्ताओं के​ खिलाफ कार्रवाई करेंगे। -महेंद्र खत्री, प्रभारी डीईओ

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:12 am

दिल्ली के हाईटेक चोर:कार से जयपुर आए, गूगल से VIP एरिया पूछा, सी-स्कीम में 25 रुपए लाख चुराए, ​अरेस्ट

शहर में अब चोर तकनीक का उपयोग कर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। दिल्ली से कार में आए 5 शातिर चोरों ने सेंधमारी के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल किया। मोबाइल पर शहर के पॉश इलाके सर्च किए, फिर कार से बंद मकानों की रैकी की। सी-स्कीम क्षेत्र की भागीरथ कॉलोनी में 28 जनवरी की शाम ज्वेलरी व्यवसायी रचना सबीखी परिवार के साथ तीन घंटे के लिए बाहर गई थी। इस दरम्यान गिरोह के बदमाश मकान की कुंडी तोड़कर अंदर घुसे और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। फिर तीन घंटे में मकान खंगाला और लोहे की अलमारी में रखे लाखों रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। विधायकपुरी थाना, साइबर सेल और जिला स्पेशल पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई से वारदात का खुलासा हुआ। पुलिस ने दिल्ली के मयूर विहार व यूपी के बिजनौर से गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। तीन सदस्य अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने 25 लाख नकद और ज्वैलरी बरामद की है। दिल्ली में बार-बार पकड़े जा रहे थे, ​इसलिए जयपुर चुनापुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शान मोहम्मद उर्फ शानू (25) निवासी संजय कैम्प, त्रिलोकपुरी, दिल्ली और शकील अहमद निवासी चांदपुर बिजनौर (उत्तरप्रदेश) बेहद शातिर हैं। जयपुर आने से पहले दोनों ने दिल्ली में उसी मॉडल के कार की नंबर प्लेट चोरी की और अपनी गाड़ी पर लगा ली, ताकि सीसीटीवी और पुलिस ट्रैकिंग से बच सकें। शान मोहम्मद के खिलाफ चोरी, नकबजनी, मारपीट, आर्म्स एक्ट लूट सहित 35 प्रकरण दर्ज हैं। उसे कोर्ट से दो बार सजा भी हो चुकी है। इसी पैटर्न पर कई शहरों में वारदात कीथानाधिकारी नरेंद्र भडाना ने बताया कि बदमाशों के आने-जाने का रास्ता मैप करने के लिए इलाके और आसपास लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। संदिग्ध कार की पहचान कर नंबर ट्रैक किए तो पता चला कि नंबर प्लेट 11 जनवरी को दिल्ली से चोरी की गई थी। इसके बाद तकनीकी सर्विलांस और दिल्ली पुलिस के सहयोग से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि गैंग अलग-अलग शहरों में इसी पैटर्न पर वारदात को अंजाम देता है। पुलिस अब फरार साथियों, रिसीवर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:12 am

एलिवेटेड रोड:लक्ष्मीबाई समाधि के पास काम करने की एएसआई ने नहीं दी अनुमति, लूप डिजाइन में होगा बदलाव

स्वर्ण रेखा नदी पर निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के लिए लक्ष्मीबाई समाधि के पास काम पर एएसआई ने स्वीकृति नहीं दी है। जिस कारण यहां पिलर और लूप के काम पर संकट आ गया है। इसका समाधान करने के लिए अब यहां के लूप डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। जिसके लिए सर्वे एवं कागजी प्रक्रिया शुरू हो गई है। दरअसल, हजीरा की तरफ से फूलबाग रोड की तरफ आने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर का लूप लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के पास उतारा जाना था। समाधि स्थल से 100 मीटर की परिधी में काम करने के लिए एएसआई से अनुमति मांगी गई। जो कि एएसआई ने देने से मना कर दिया। अब लूप के लिए जगह व डिजाइन बदला जाएगा। उसके बाद यहां काम आगे बढ़ सकेगा। समाधि स्थल के आसपास काम में ज्यादा रोड़े अतिक्रमण: लक्ष्मीबाई समाधि के पिछले हिस्से में 28 मकानों का अतिक्रमण कई पिलर और स्लैब का काम रोके हुए है। ये मकान सरकारी जमीन पर बने हैं। कई बार नोटिस जारी हो चुके हैं, लेकिन अतिक्रमण नहीं हट सका। इतना ही नहीं करीब 10 दिन पहले यहां पीडब्ल्यूडी कर्मियों पर पथराव भी हो चुका है। अनुमति: एएसआई ने भी समाधि से 100 मीटर के दायरे में लूप उतारे जाने की अनुमति नहीं दी है। अब इस लूप को समाधि के काफी पहले से उतारना शुरू किया जाएगा। फिर समाधि स्थल की दीवार से दूर स्वर्ण रेखा पर ही एक छोटा पुल बनाकर उसी पर रैंप बनेगा। जहां से ट्रैफिक का आवागमन होगा। जल्द ही यहां लूप के लिए प्लान फाइनल हो जाएगालक्ष्मीबाई समाधि स्थल के पास लूप की अनुमति को लेकर वरिष्ठ कार्यालय में संपर्क किया गया है। जल्द ही यहां लूप के लिए प्लान फाइनल हो जाएगा। अतिक्रमण हटाने के लिए भी लगातार प्रयास कर रहे हैं।- जोगिंदर यादव, कार्यपालन यंत्री/सेतु संभाग लोनिवि

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:12 am

मास्टर प्लान…:प्रीमियम एफएआर की दरों में 7 माह बाद भी करेक्शन नहीं, 2 हजार करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट अटके

मास्टर प्लान में थोड़ी सी त्रुटि के कारण लगभग तीन साल से दो हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अफसरों को जब इस गलती के संबंध में जानकारी दी गई तो उन्होंने संशोधन करने का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया, लेकिन इसके 6 महीने बाद भी संशोधन नहीं हो पाया है। इसका असर शहर के विकास कार्य पर पड़ रहा है। पिछले तीन सालों में यहां एक भी बहुमंजिला इमारत की मंजूरी नहीं हो पाई है। इस कारण शासन को मिलने वाला राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। नए मास्टर प्लान में प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) की खरीदी की दर 0.05 के स्थान पर 0.50 दर्ज कर दी गई। इसका विरोध होने पर विभाग ने 19 जुलाई 2025 को दरों का संशोधन करने के लिए विज्ञापन जारी किया। इसमें एक महीने में आपत्ति मांगी गईं। विभागीय रिकार्ड के अनुसार इस मामले में एक भी आपत्ति नहीं आई और यह जानकारी भी मुख्यालय को भेज दी गई, लेकिन मास्टर प्लान में अभी तक संशोधन नहीं हो पाया है। क्या है मामला…: मास्टर प्लान 2035 का ड्राफ्ट 15 अक्टूबर 2021 को प्रस्तुत हुआ था। उसके अनुसार एफएआर खरीदने के लिए संबंधित क्षेत्र की कलेक्टर गाइड लाइन की दरों के हिसाब से 5% राशि जमा कराना थी। राजनीतिक अड़ंगों के चलते लगभग दो साल तक मास्टर प्लान भोपाल मुख्यालय में अटका रहा। कोर्ट के आदेश पर सरकार ने आनन फानन में 20 अप्रैल 2023 को मास्टर प्लान लागू कर दिया। लेकिन इसमें एफएआर खरीदी की दर 50% कर दी गई। खास बात यह है कि इंदौर में इसकी दर 5% ही है। प्रदेश के दूसरे महानगरों में यह व्यवस्था लागू नहीं है। क्या होता है फ्लोर एरिया रेशो: फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) का मतलब किसी भी साइज के प्लॉट पर निर्माण के लिए एक एरिया निर्धारित किया जाता है। ग्वालियर में प्रचलित एफएआर 1.25 है। इसका मतलब जमीन का सवा गुना निर्माण। यानि एक हजार वर्गफीट के प्लॉट पर दो मंजिलों तक अधिकतम निर्माण 1250 वर्गफीट ही किया जा सकता है। इसके लिए ग्राउंड फ्लोर पर आगे, पीछे और साइड की ओर कुछ एरिया खाली छोड़ना पड़ता है। एफएआर ऑन परचेज योजना: एफएआर ऑन परचेज योजना के तहत बड़े निर्माण कार्य कराने वालों को सुविधा दी गई है कि यदि कोई बिल्डर यदि बड़े भूभाग पर इमारत का निर्माण करता है तो इसे मास्टर प्लान के अनुसार 1.25 एफएआर ही मिलेगा। लेकिन प्लॉट साइज के हिसाब से वह 3 तक एफएआर खरीद सकता है। इसके लिए उसे संबंधित क्षेत्र में प्रचलित कलेक्टर गाइड लाइन कर दरों की निर्धारित राशि जमा कराना होगी। भास्कर एक्सपर्ट - वीके शर्मा, पूर्व संयुक्त संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश संशोधन में देरी का असर शहर विकास पर मास्टर प्लान में प्रीमियम एफएआर खरीदी की दरों में गलती हुई थी, उसके संशोधन के लिए जुलाई में विज्ञापन का प्रकाशन करा दिया था। 30 दिन में आपत्तियां मांगी थीं, लेकिन इस मामले में कोई आपत्ति भी नहीं आई। ऐसे में सिर्फ असफसरों के रुचि न लेने के कारण मामला लंबित है। इसका असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। संशोधित दरों को शीघ्रता से लागू करने पर इसका लाभ शहर के बिल्डरों को तो मिलेगा ही साथ ही सरकार को भी करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होगा।संशोधन के मामले में जल्द चर्चा करूंगामास्टर प्लान में संशोधन के मामले को लेकर मैं संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समीक्षा करूंगा। साथ ही यह भी देखूंगा कि यह मामला किस स्तर पर लंबित है। इसे संशोधित कराने के प्रयास किए जाएंगे। -तुलसीराम सिलावट, प्रभारी मंत्री, ग्वालियर ग्वालियर में ही लगाया अनोखा टैक्सप्रदेश में ग्वालियर में अनोखा टैक्स लगाया है। इंदौर में इसकी दर 5%है, जबकि ग्वालियर में 50% कर दिया। चेंबर के प्रतिनिधि मंडल ने बिल्डरों के साथ अधिकारियों से मुलाकात की तो संशोधन का नोटीफिकेशन जारी हुआ, लेकिन संशोधन नहीं हुआ। -दीपक अग्रवाल, मानसेवी सचिव, चेंबर ऑफ कॉमर्स

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:09 am

भोपाल-इंदौर समेत 15 शहरों में पारा 30°C पार:एमपी में दिन में गर्मी बढ़ी; रातें सर्द...11 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे

मध्य प्रदेश में अब दिन गर्म होने लगे हैं। मंगलवार को भोपाल, इंदौर समेत 15 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से पार रहा। हालांकि, रातें अभी भी ठंडी है। बीती रात 11 शहरों में टेम्पेरेचर 10 डिग्री से नीचे रहा। मौसम विभाग ने दो दिन बाद दिन-रात के तापमान में गिरावट होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, देश में दो सिस्टम एक्टिव है, लेकिन कमजोर होने की वजह से बारिश के आसार कम ही है। दूसरी ओर, 13 और 16 फरवरी को नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं। इसका असर एमपी में दिखाई दे सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। दिन में नर्मदापुरम सबसे गर्म, कल्याणपुर की रात ठंडीमंगलवार को भोपाल, इंदौर, दमोह, खजुराहो, मंडला, सागर, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम समेत 15 शहरों में पारा 30 डिग्री से ज्यादा रहा। नर्मदापुरम में तापमान सबसे ज्यादा 33 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सोमवार-मंगलवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर की रात सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री पहुंच गया। कटनी के करौंदी में 5.9 डिग्री, अनूपपुर के अमरकंटक में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी-उमरिया में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.5 डिग्री और नौगांव में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बर्फ पिघलने के बाद बढ़ेगी सर्दीमौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक साइक्लोनिक सर्ककुलेशन एवं वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। वहीं, पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश होने का अनुमान है। इस वजह से प्रदेश में अगले 2 दिन तक तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्से में मंगलवार को दिन में तेज धूप खिली रही। इससे अधिकतम तापमान में बढ़ा हुआ रहा। हालांकि, रात व अलसुबह ठंड का असर बरकरार रहेगा। पारे में जरूर बढ़ोतरी होगी। इसलिए बदलेगा मौसममौसम वैज्ञानिक के अनुसार, सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट होगी और ठंड का असर बढ़ जाएगी। उत्तर से ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं फरवरी में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:05 am

ग्वालियर में अवैध कत्लखाना...!:सेवानगर की पहाड़ी से हर हफ्ते झांसी-कटनी जा रहे मांस व हड्डियों से भरे ट्रक

ग्वालियर के सेवानगर और नूरगंज इलाके में झाड़ियों और पहाड़ियों के बीच अवैध कत्लखाना संचालित हो रहा है। शहर के आवारा मवेशियों को चोरी-छिपे पकड़कर किले की तलहटी में ले जाया जाता है, जहां उन्हें काटकर उनके मांस और हड्डियों को बोरियों में भरा जा रहा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ कि वसीम खान नाम का सरगना अपने 30 से 40 गुर्गों के साथ मिलकर हर महीने 4 से 5 ट्रक माल झांसी, आगरा और कटनी भेज रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे काले कारोबार को ‘मृत पशुओं के शव उठाने’ के ठेके की आड़ में अंजाम दिया जा रहा है। वसीम और उसके बेटों ने सेवानगर इलाके को अपना किला बना लिया है। सूत्रों के मुताबिक, इलाके में करीब 30 से 40 युवक तैनात रहते हैं, जो किसी भी अनजान व्यक्ति या पुलिस की गाड़ी देखते ही कोड वर्ड में सिग्नल दे देते हैं। यही वजह है कि सालों से पहाड़ियों के पीछे मवेशियों के वध का यह अवैध धंधा बेखौफ चल रहा है। यही नहीं वसीम हड्डियों एवं मांस का सौदा व्हाट्सएप पर ही तय करता था। इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप पर ट्रक की लोडिंग से लेकर हाइवे की लोकेशन तक साझा की जाती थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब ट्रकों में 250 से ज्यादा मवेशियों का मांस-हड्डियां जमा हो जाती हैं, तब रात के सन्नाटे में उन्हें रवाना किया जाता है। खाल भी बरामद, पुलिस छिपा रही सोमवार रात झांसी रोड पुलिस ने मवेशियों की हड्डियों से भरा ट्रक पकड़ा था। ट्रक झांसी नंबर का है। समाजसेवी पंकज ठाकुर और एपीएस गुर्जर की शिकायत पर पुलिस ने आसिफ खान, शाहरुख खान, अनवर खान और अरमान खान के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। समाजसेवियों का दावा- वसीम खान कर रहा गौमांस और हड्डियों की तस्करी समाजसेवी एपीएस गुर्जर ने दैनिक भास्कर को बताया कि सेवा नगर में किले की तलहटी पर झाड़ियों से घिरी एक सुनसान जगह पर लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही थीं। हमें सूचना मिली कि 27 जनवरी को ट्रक में मवेशियों का मांस और हड्डियां लोड कर भेजी जाएंगी, हम पहुंचे तो ट्रक निकल चुका था। इसके बाद सूचना मिली कि 9 फरवरी की रात ट्रक रवाना होगा। इस बार ट्रक निकलते ही उसका पीछा कर रोक लिया। ट्रक में गायों के कटे हुए पैर, हड्डियां और मांस बरामद हुआ। तत्काल पुलिस को सूचना देकर FIR कराई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। सेवानगर की पहाड़ी से बरामद हड्डियों का जखीरा, इनसेट में मवेशी के पैर की ह​ड्‌डी। (एपीएस गुर्जर इसे गाय के पैर की हड्‌डी बता रहे हैं।) आरोपी का कबूलनामा- पंचायतों से लिया है ठेका गिरफ्तार मुख्य सरगना वसीम खान ने पुलिस पूछताछ में खुद को बचाने के लिए नया पैंतरा चला है। उसने दावा किया कि उसने शिवपुरी की पंचायतों से मृत पशुओं को उठाने का ठेका ले रखा है और वह केवल हड्डियों की पिसाई के लिए उन्हें कटनी भेजता है। लेकिन सवाल यह है कि अगर काम कानूनी है, तो रात के अंधेरे में तस्करी जैसी लुका-छिपी क्यों की जा रही? पल्ला झाड़ते अफसर: किसी ने नहीं दी अनुमति, फिर कैसे चल रहा कत्लखाना? भास्कर एक्सपर्ट - दवाइयों और खाद में इस्तेमालमवेशियों की हड्डियों का इस्तेमाल दवाइयों के कैप्सूल (जिलेटिन), चीनी की सफाई (बोन चार), और महंगे बोन चाइना बर्तनों में होता है। इनमें मौजूद फास्फोरस से खेती के लिए खाद का काम करते हैं। इसके साथ ही सौंदर्य प्रसाधन भी बनाए जाते हैं। - डॉ. राकेश धाकड़, वेटनरी डॉक्टर

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:04 am

बजट सत्र का 11वां दिन:सदन में बजट पर चर्चा जारी; विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया

संसद के बजट सत्र का बुधवार को 11वां दिन है। लोकसभा में पिछले कुछ दिनों से विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हो रही थी। हालांकि मंगलवार को दो बार स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने यूनियन बजट पर बहस की शुरुआत की। अब बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने बजट चर्चा के लिए कुल 18 घंटे तय किए हैं और उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को इस पर जवाब देंगी। इसी बीच मंगलवार को विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश कर दिया। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही वह स्पीकर की चेयर संभालेंगे। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। 13 फरवरी को बजट सत्र के पहले सेशन का आखिरी दिन है। इसके बाद 8 मार्च से सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी। संसद में पिछले 10 दिन की कार्यवाही पढ़ें... 10 फरवरी : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश विपक्ष ने संसद की कार्यवाही के 10वें दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही वह स्पीकर की चेयर संभालेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 9 फरवरी: लोकसभा केवल 13 मिनट चली, विपक्ष की मांग राहुल गांधी को बोलने दें बजट सत्र के 9 वें दिन लोकसभा की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्ष सदन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करता रहा था। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि 1 घंटा पहले स्पीकर के पास हम गए, स्पीकर ने हमें कमिट किया कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिए जाएगा, आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप मुझे बोलने देंगी या नहीं। पूरी खबर पढ़ें… 6 फरवरी: लोकसभा हंगामे के कारण पूरे दिन स्थगित, केंद्रीय मंत्री बिट्टू बोले- राहुल PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे संसद में शुक्रवार को भी लोकसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई। पहली बार 3 मिनट और दूसरी बार 7 मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी। इसके बाद लोकसभा 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा को भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्‌टू ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा- उन्हें कल सबने बालक कहा। आज PM की पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को कामयाब होना बताया गया। अगर राहुल भी पीएम की पाठशाला में चले जाएं तो जिंदगी में कामयाब हो जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें… 5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में पीएम ने 97 मिनट का भाषण दिया बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। वहीं प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया। विपक्षी सांसदों ने स्पीच की शुरुआत में यहां भी हंगामा किया और फिर वॉकआउट कर गए। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:03 am

जोधपुर की दासानिया पंचायत में कमेटी की मनमर्जी:खाली भूमि पर भी 91 पट्टे... लेने वालों में 3 सरपंच-उप सरपंच परिवार के

दासानिया पंचायत में पट्टों को लेकर धांधली हुई है। वर्ष 2020 से 2025 तक 5 साल में यहां 210 पट्टे जारी हुए। इनमें से खसरा नंबर 449/2 में खाली जमीन पर 91 पट्टे जारी कर दिए। जबकि खाली जमीन पर बिना नीलामी पट्‌टे नहीं दिए जा सकते। ये पट्‌टे लेने वालों में पंचायत स्टैंडिंग कमेटी में शामिल उपसरपंच रुपाराम के दो बेटे बाबूलाल और उत्तम सिंह भी हैं। सरपंच परिवार के गंगाराम को भी पट्‌टा मिला है। नियमानुसार कमेटी सदस्य के परिवार को पट्‌टे जारी नहीं हो सकते। इसमें खसरा 375/2 में 30% पट्‌टे ऐसे हैं जो है तो दुकानों के हैं, जो आवासीय में बनी हैं। ऐसे पट्‌टे कॉमर्शियल श्रेणी में ही ​दे सकते हैं।यहां तक की गैर मुमकिन ओरण 375 में भी पट्टा जारी किया गया है। इधर, पट्टों के लाभार्थियों से जो भी डीएलसी राशि ली गई उसे ग्राम विकास अधिकारी ने पंचायत के बैंक खाते में डाला ही नहीं। इसे नगद खर्च किया गया। इसे अलग से कैश बुक में इंद्राज किया गया है। ऐसे में पैसों की धांधली की भी आशंका है। विधानसभा में 55 पट्‌टों की ही जानकारी15वीं विधानसभा के दौरान तत्कालीन विधायक दिव्या मदेरणा के सवाल के जवाब में शेरगढ़ पंचायत समिति के तत्कालीन विकास अधिकारी ने गलत जानकारी भी भेजी। ग्राम पंचायत के कुल 55 पट्टों की जानकारी ही दी जबकि उस समय भी यह संख्या 150 के करीब थी। जिनकी जानकारी छुपाई गई उसमें आदुराम सहित कई रसूखदार के पट्टे हैं। खाली जमीन पर इनको दिए पट्टेइन खसरों में रमेश पुत्र टीकूराम, दीपाराम पुत्र उदाराम, हरदानराम पुत्र नरिंगराम, उपसरपंच पुत्र बाबूलाल व उत्तम सिंह पुत्र रूपाराम, प्रेमसिंह पुत्र नरपतसिंह, मानाराम पुत्र हदुराम, पेम्पराम पुत्र खेताराम, मोटाराम पुत्र भभूताराम, गंगाराम पुत्र प्रभु राम, आदूराम पुत्र गजाराम, लाखाराम पुत्र नगाराम, रामूराम पुत्र खेताराम सहित करीब 91 लोगों को पट्टे जारी किए गए हैं। सीईओ-संपर्क पोर्टल के जवाब विरोधाभासी 9 जुलाई 2025 को पंचायत समिति शेरगढ़ के अतिरिक्त बीडीओ ने जिला परिषद के सीईओ को जांच रिपोर्ट में कहा था कि खसरा 449 में कोई पट्टा जारी ही नहीं किया गया है। कमेटी में शामिल सदस्य के परिवारजन पट्‌टे नहीं ले सकते हैं दासानिया में बिजली पोल के पीछे दिख रही इसी खाली जमीन पर पंचायत ने पट्टे जारी कर रखे हैं। “फाइल मंगवाकर मामले की जांच करवाई जाएगी जो भी गड़बड़ मिलती है उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।”-आशीष कुमार मिश्रा, सीईओ, जिला परिषद, जोधपुर “पूर्व में अगर किसी ने गलत जवाब भेजा है तो देखना पड़ेगा। जो भी रिपोर्ट है उसे देखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”-धनसिंह, बीडीओ, पंचायत समिति, शेरगढ़

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:01 am

होली पर गोरखपुर होकर चलेगी मऊ-अंबाला स्पेशल ट्रेन:CPRO बोले- जल्द और गाड़ी का होगा ऐलान, यात्रियों को मिलेगा राहत

होली के त्योहार के मौके पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए मऊ जंक्शन और अम्बाला कैंट के बीच साप्ताहिक होली विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह ट्रेन कुल 4 फेरे लगाएगी।जानिए कब और कितने दिन चलेगी ट्रेन05301 मऊ जं.–अम्बाला कैंट होली विशेष ट्रेन 05 मार्च से 26 मार्च 2026 तक हर बृहस्पतिवार को मऊ जंक्शन से चलाया जाएगा। इसके साथ ही 05302 अम्बाला कैंट–मऊ जं. होली विशेष ट्रेन 06 मार्च से 27 मार्च 2026 तक, हर शुक्रवार को अम्बाला कैंट से चलेगी।मऊ से अम्बाला कैंट जाने वाली ट्रेन (05301)यह ट्रेन मऊ जंक्शन से सुबह 4:00 बजे रवाना होगी और रास्ते में बेलथरा रोड, भटनी, देवरिया सदर, गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, मनकापुर, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर जंक्शन, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, दिल्ली, सोनीपत और पानीपत जंक्शन पर रुकेगी। यह ट्रेन अगले दिन रात 12:30 बजे अम्बाला कैंट पहुंचेगी।अम्बाला कैंट से मऊ जंक्शन आने वाली ट्रेन (05302)वापसी में यह ट्रेन अम्बाला कैंट से रात 1:40 बजे चलेगी और पानीपत जंक्शन, सोनीपत, दिल्ली, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर जंक्शन, बुढ़वल, गोंडा, मनकापुर, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, देवरिया सदर, भटनी और बेलथरा रोड होते हुए रात 11:00 बजे मऊ जंक्शन पहुंचेगी।ट्रेन में कोचों की व्यवस्थाइस होली विशेष ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:-1 जनरेटर सह लगेज कोच-4 सामान्य द्वितीय श्रेणी कोच-5 शयनयान कोच-2 वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी कोच-6 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी कोच-2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी कोच-1 वातानुकूलित प्रथम सह द्वितीय श्रेणी कोच-1 एलएसएलआरडी कोचइस विशेष ट्रेन के चलने से होली के दौरान पूर्वांचल और उत्तर भारत के विभिन्न शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:00 am

पंचकूला में DRO की अग्रिम जमानत पर फैसला आज:पर्ल ग्रुप जमीन केस; तहसीलदार विक्रम सिंगला हो चुके गिरफ्तार, खरीदारों को तलाश रही पुलिस

पंचकूला में पर्ल ग्रुप की जमीन से जुड़े रजिस्ट्री घोटाले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के डीआरओ (DRO) जोगिंद्र शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रायपुररानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला की गिरफ्तारी के बाद अब वे एसीबी (ACB) की रडार पर हैं। जोगिंद्र शर्मा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत मांगी है। उनकी याचिका पर आज एडीजे बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट में सुनवाई होगी। पंचकूला के रायपुररानी तहसील के तहसीलदार विक्रम सिंगला की गिरफ्तारी के बाद से DRO जोगिंद्र शर्मा छुट्‌टी पर चल रहे हैं। ACB की जांच में सामने आया है कि जिस नवीन के नाम पर पर्ल ग्रुप से जड़ी रजिस्ट्री हुई है, वो उनका रिश्ते में भाई है। एसीबी के सूत्रों के अनुसार यह मामला बेनामी संपति से जुड़ा भी हो सकता है। हांसी के बडाला गांव निवासी नवीन की गिरफ्तारी के लिए भी ACB प्रयास कर रही है। क्योंकि नवीन ने यह जमीन आगे भी रजिस्ट्री होने के एक माह बाद ही बेच दी थी। 4 नई रजिस्ट्री भी आई सामने पंचकूला ACB की टीम ने तहसीलदार विक्रम सिंगला का रिमांड पूरा होने के बाद उनसे जुड़ी दूसरी रजिस्ट्रियों को खंगाला तो 4 ऐसी रजिस्ट्री सामने आई हैं, जो पर्ल ग्रुप की जमीन से जुड़ी हैं। दो रजिस्ट्री 16-16 व दो रजिस्ट्री एक-एक एकड़ जमीन से जुड़ी हैं। इन जमीनों के रिकॉर्ड को एसीबी के द्वारा निरीक्षण किया रहा है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:00 am

हरियाणा के 100 डाउटफुल JBT टीचर आज पंचकूला तलब:पंचकूला में कमेटी करेगी जांच, 12 साल बाद भी खत्म नहीं हो रहा मामला, 375 टीचर चिन्हित

हरियाणा में शिक्षा विभाग का डाउटफुल केस 12 साल बाद भी खत्म नहीं हो रहा। अब विभाग ने 375 डाउटफुल जेबीटी टीचर की लिस्ट जारी कर दी है। पहले दिन आज बुधवार को जांच के लिए 100 टीचर को पंचकूला सेक्टर-2 स्थित उत्कर्ष सोसाइटी मुख्यालय बुलाया गया है। प्रदेश में डाउटफुल श्रेणी में डाले गए जेबीटी को पंचकूला बुलाने के लिए विभाग निदेशालय ने 10 फरवरी को सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को विभाग की ओर से निर्देश जारी किए। जिसमें स्पष्ट कहा गया कि अगर टीचर का ट्रांसफर भी हो चुका है तो संबंधित ब्लाक शिक्षा अधिकारी को सूचित किया जाए। उनकी जिम्मेदारी टीचर तक सूचना पहुंचाने की रहेगी। ये है डाउटफुल मानने का मामला.. डाउटफुल की श्रेणी में उन टीचर को रखा गया है, जिनके थंब इंप्रेशन को लेकर गड़बड़ी चल रही है। मधुबन, करनाल लैब में प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 375 जेबीटी शिक्षक पंचकूला बुलाए हैं। मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी शेड्यूल अनुसार वेरिफिकेशन की जाएगी। संबंधित बीईओ को भी बुलाया गया। कमेटी उनकी मौजूदगी में वेरिफिकेशन का कार्य करेगी।पंचकूला में 4 दिन चलेगी जांचनिदेशक मौलिक शिक्षा की ओर से जेबीटी शिक्षकों के फिजिकल वेरिफिकेशन को लेकर सभी डीईईओ को लेटर भी भेजा गया है। लेटर में दिए गए शेड्यूल अनुसार, शिक्षकों को अलग-अलग डेट पर बुलाया गया है। 11 से 14 फरवरी तक वेरिफिकेशन का कार्य किया जाना है। बुलाए गए जेबीटी शिक्षकों में विज्ञापन 4/2009, 2/2012 को लिया गया है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:00 am

5 कारणों से हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन होल्ड:65 से 70 आयु वर्ग वाले 70 हजार लोग; CM ने 3 सीनियर अधिकारी तलब किए

हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन कटने को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। समाज कल्याण विभाग में पेंशन का काम देखने वाले सेवा सेक्शन ने 65 से 70 साल के आयु वर्ग के बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन होल्ड की है। ऐसे बुजुर्गों की संख्या लगभग 70 हजार है। सूत्रों के मुताबिक, पेंशन रोकने के मुख्य कारण कुछ बुजुर्गों के खाते डाकघर में होना, इनकम टैक्स विभाग से संदिग्ध खातों की जानकारी मिलना, पेंशन लेने वालों में कुछ के परिवार में कार होना, और कुछ पेंशन धारकों के नाम पर 20 एकड़ तक कृषि भूमि होना। इसके अलावा, कुछ मामलों में रिकॉर्ड में आयु 60 साल से कम पाई गई है। अधिकारी ऐसे लोगों के डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रहे हैं। अगर कोई कमी नहीं मिलती है तो पेंशन एरियर के साथ रिलीज कर दी जाएगी। उधर, पेंशन को लेकर मचे बवाल के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक आज इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में सेवा विभाग के 3 सीनियर अधिकारियों को तलब किया गया है। इस बैठक में पेंशन से जुड़े 11 अन्य अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। अब जानिए पेंशन होल्ड करने की वजहें... 1. डाकघर के खातों को बैंक में कनवर्ट: हरियाणा में जिन 70 हजार बुजुर्गों की पेंशन रोकी गई है, उसकी पहली वजह सेवा विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने यह बताई है कि सरकार पेंशन सीधे बैंक खातों में भेजती है, लेकिन कुछ बुजुर्गों के खाते डाकघर में चल रहे हैं, जिसके कारण कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही है। इसलिए, अब इन खातों को बैंक में कनवर्ट किया जा रहा है। 2. इनकट टैक्स डिपार्टमेंट से मिला इनपुट: सेवा विभाग के सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के आयकर विभाग से कुछ संदिग्ध खातों की जानकारी भेजी गई है। इन संदिग्ध खातों में वे खाते शामिल हैं जिनमें रिटायर्ड फौजी, प्रिंसिपल या अन्य ऐसे ही लोग हैं। इन लोगों की पत्नियां भी इस बुढ़ापा पेंशन का लाभ ले रही हैं। यह जानकारी मिलने के बाद विभाग की ओर से ऐसे खातों की वेरिफिकेशन शुरू की गई है। 3. कार वाले भी ले रहे पेंशन: पेंशन रोकने का तीसरा कारण विभाग के सूत्रों ने यह बताया है कि पेंशन लेने वाले कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनके परिवार में मोटर-कार भी है। परिवार पहचान पत्र में भी उन्होंने यह जानकारी छिपाई है। यह जानकारी मिलने के बाद सेवा विभाग की ओर से पेंशन रोक दी गई है। 4. मेरी फसल मेरा ब्योरा का इनपुट: सबसे अहम बात यह है कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर कुछ ऐसे पेंशन धारक भी चिह्नित हुए हैं जिनके नाम पर 20-20 एकड़ तक कृषि भूमि रजिस्टर्ड है। इसके अलावा, ये पेंशन धारक केंद्रीय योजनाओं के तहत किसानों को दिए जाने वाले आर्थिक लाभ भी ले रहे हैं। 5. 60 साल से कम मिली है आयु: विभाग के सामने यह भी आया है कि कुछ बुजुर्गों के रिकॉर्ड में 60 साल से कम आयु पाई गई है। इसका कारण यह है कि ये 15 साल पुराने पेंशनर हैं, जिनकी आयु मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर निर्धारित की गई थी। उन लोगों से बातचीत जिनकी पेंशन नहीं आ रही… करनाल के रविंद्र की नवंबर 2025 से पेंशन बंद करनाल के रविंद्र मरवाहा ने बताया कि उनकी उम्र 70 साल है। जब वे 60 साल के थे, तब पेंशन बन गई थी। करीब डेढ़ साल पहले पेंशन 7 महीने के लिए बंद हो गई थी, लेकिन बाद में फिर से शुरू हो गई। अब नवंबर 2025 से पेंशन बंद है। वे समाज कल्याण विभाग, करनाल के दफ्तर में पहुंचे, जहाँ उन्हें पता चला कि उनकी पेंशन काट दी गई है। इसके बाद उन्होंने अपनी फैमिली आईडी ऑनलाइन निकाली, तो उसमें उनकी पत्नी के नाम कई वाहन दर्ज मिले। अश्विनी बोले- पिछले महीने पेंशन कटी फतेहाबाद जिले के टोहाना में वार्ड नंबर 17 के रहने वाले अश्विनी कुमार ने कहा कि उनकी पेंशन एक साल से सही आ रही थी। पिछले महीने उनकी पेंशन कट गई। उनकी उम्र 65 साल है और पेंशन से ही उनकी दवाई और खर्चा चलता है। जब वे समाज कल्याण विभाग के दफ्तर गए, तो उन्होंने बताया कि उनकी फैमिली आईडी में इनकम ज्यादा है, इसलिए पेंशन काटी गई है। CM सैनी बोले- विपक्ष भ्रम फैला रहा 10 फरवरी को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है कि प्रदेश के 2 लाख लोगों की पेंशन काटी है। दो लाख मामलों में से लगभग 1 लाख 3 तीन हजार ऐसे लाभार्थी हैं, जिनकी मृत्यु के उपरांत पेंशन बंद हुई। अक्टूबर 2024 से रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया पोर्टल में किसी तकनीकी समस्या के कारण प्रदेश सरकार को हरियाणा में मृत हुए व्यक्तियों का डेटा नहीं मिला था। यह डेटा नवंबर, 2025 में प्राप्त होने के बाद एकमुश्त में ऐसे मृतकों की पेंशन कटी है। अब जानिए पेंशन को लेकर विपक्ष का क्या दावा… INLD: इंडियन नेशनल लोकदल के मुखिया अभय सिंह चौटाला ये दावा कर रहे हैं कि सरकार लगातार बुढ़ापा पेंशन काट रही है। वह इसका विरोध कर रहे हैं, इसके लिए वह 20 फरवरी को सड़कों पर उतरेंगे। उनके लिए बुजुर्गों की पेंशन जरूरी है, चुनाव नहीं। पहले यह लड़ाई लड़ेंगे फिर कुछ और सोचेंगे। कांग्रेस: रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने भी पेंशन काटे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस इसका जमकर विरोध करेगी। युवा कांग्रेस 17 फरवरी को पंचकूला में इसके विरोध में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेगी। जजपा: जननायक जनता पार्टी के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि बुढ़ापा पेंशन पर लगातार झूठ बोलने की बजाय बीजेपी सरकार अपनी मंशा स्पष्ट करे कि वह पुरानी योजना पर प्रहार करके उसे समाप्त करने की साजिश क्यों कर रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह किसी भी बुजुर्ग की पेंशन न रोके और योजना से वंचित किए गए बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन को तुरंत बहाल करे। पेंशन बनाने की पहले और अब की प्रक्रिया पढ़िए… वर्ष 2014 से पहले प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन बनाने के लिए एक कमेटी गठित की जाती थी, जिसमें एक डॉक्टर, जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारी और गांव का सरपंच शामिल होते थे। यह कमेटी ही बुजुर्ग व्यक्ति की आयु का निर्धारण करती थी। 2014 के बाद जब प्रदेश में बीजेपी की सरकार आई, तो बुढ़ापा पेंशन के लिए आयु का निर्धारण जन्म प्रमाण पत्र, वोटर कार्ड और मेडिकल प्रमाण पत्र को आधार मानकर किया जाने लगा। इसके बाद 10वीं कक्षा के प्रमाण पत्र और 1991 से पहले के पांच साल पुराने वोटर कार्ड को भी आयु प्रमाण पत्र का आधार माना जाने लगा। उसी आधार पर लोगों को बुढ़ापा पेंशन मिलने लगी। अप्रैल 2023 से तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में वृद्धावस्था पेंशन बनाने के लिए परिवार पहचान पत्र (PPP) को आधार माना जाने लगा और सभी पेंशन इसी के आधार पर बनाई जा रही हैं। अभी हरियाणा में जो भी व्यक्ति 60 वर्ष की आयु पूरी करता है और उसकी आय 3 लाख से कम है, उसे समाज कल्याण विभाग के सेवा विभाग की ओर से एक संदेश भेजा जाता है, जिसमें सरकार के द्वारा यह पूछा जाता है कि क्या आप बुढ़ापा पेंशन के पात्र हैं और क्या आप पेंशन लेना चाहते हैं। इसके अलावा, यदि किसी बुजुर्ग की पेंशन काटी जाती है, तो उसे संदेश भेजकर नोटिस भेजा जाता है कि आपके दस्तावेजों में कुछ कमी पाई गई है, इसलिए आपके कागज़ों को वेरिफिकेशन के लिए भेजा गया है, इस कारण से आपकी पेंशन रोकी या काटी जा रही है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 5:00 am

ट्रांसफर पॉलिसी में चालकों की पदोन्नति की राह खुली:3 बार बिना टिकट यात्रा कराने पर 5 साल डिपो में नियुक्ति नहीं

राजस्थान रोडवेज में ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। अब सभी स्थानांतरण तय नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर होंगे। पॉलिसी में अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई और ईमानदार कर्मियों को प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। पॉलिसी के अनुसार बिना टिकट यात्रियों को ले जाने, कार्यस्थल पर शराब या मादक पदार्थों के सेवन और स्टेपनी के दुरुपयोग जैसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले कंडक्टरों पर सख्त कार्रवाई होगी। तीन या उससे अधिक बार बिना टिकट यात्रा कराते पाए जाने वाले कंडक्टरों को निलंबित किया जाएगा। निलंबन के बाद ऐसे कंडक्टर को 5 साल तक उसी डिपो और 3 साल तक उसी जोन में दोबारा पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। गंभीर प्रकरणों में लिप्त अन्य कार्मिकों पर भी यही प्रावधान लागू होगा। ​​​किसी भी कार्मिक का दो साल से पहले तबादला नहीं किया जाएगा। जिन कंडक्टरों की सेवानिवृत्ति में 12 माह या उससे कम समय शेष है, उन्हें आवेदन पर गृह जिले या नजदीकी डिपो में स्थानांतरण दिया जाएगा। ड्राइवरों को सहायक यातायात निरीक्षक (यांत्रिक) पद पर पदोन्नत का प्रस्ताव है। ऐसे में 54 वर्ष की उम्र और 27 साल की सेवा पूरी कर चुके ड्राइवर पदोन्नत हो सकेंगे। हालांकि, गृह जिले में तबादले के बाद यदि कोई कंडक्टर बिना टिकट, भ्रष्टाचार या गबन के प्रकरण में लिप्त पाया गया तो उसे निलंबित कर दूसरे जिले में स्थानांतरित किया जाएगा। टारगेट से अधिक राजस्व लाने वाले और जिनके खिलाफ कोई रिमार्क नहीं है, ऐसे कंडक्टरों को स्थानांतरण में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही ड्राइवरों के लिए पदोन्नति का रास्ता भी खोला गया है। “ट्रांसफर-पोस्टिंग पॉलिसी लाूग हो गई है। अब इसी के आधार पर स्थानांतरण होंगे। ड्राइवरों की पदोन्नति का प्रस्ताव बोर्ड से पास होकर सरकार को भेजा गया है।” -पुरुषोत्तम शर्मा, एमडी, रोडवेज

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:57 am

बैंककर्मी की खुदकुशी में नया मोड़:पत्नी के आरोप- नमकीन कारोबारी ने लोन में फंसाया, पैसा बेटी की कंपनी में लगाया

इंदौर प्रीमियर को-ऑपरेटिव बैंक में मैनेजर हेमंत ब्रह्मवंशी की खुदकुशी में मंगलवार को नया खुलासा हुआ। भास्कर से चर्चा में हेमंत की पत्नी हेमलता उर्फ ममता ने आरोप लगाया कि पति को बैंक लोन के जंजाल में नमकीन कारोबारी उमेश जाजू ने फंसाया है। इधर, पुलिस मर्ग कायम कर मामले में जांच कर रही है। हेमलता के आरोप हैं कि पति हेमंत उमेश की दुकान पर नमकीन लेने जाते थे। इसी दौरान उनकी दोस्ती हो गई। दोस्ती गहरी होने पर उमेश जाजू से पति हेमंत ने अपनी बीमारी का जिक्र करते हुए किडनी ट्रांसप्लांट करवाने को लेकर चर्चा की। इस पर उमेश ने उन्हें सलाह दी कि किडनी ट्रांसप्लांट में 40 लाख से ज्यादा का खर्च आता है, इसके लिए काफी पैसा लगता है। उमेश ने पति को सलाह दी कि वे स्कीम 54 स्थित मकान बैंक में गिरवी रख 2 करोड़ का लोन ले लें। जब लोन का पैसा आ जाएगा तो उस पैसे को राजस्थान में बेटी (उमेश की) की कंपनी में लगा देंगे। उसके बाद कुछ ही समय में 10 से 15 करोड़ का रिटर्न आपको मिल जाएगा। उससे आप अपना मकान भी छुड़वा लेना और अन्य प्रॉपर्टी व गाड़ी-बंगले ले लेना। उमेश की बातों में आकर पति ने लोन ले लिया। लोन के रुपए भी बिना हमारी जानकारी के जाजू के कहने पर लगा दिए। घर, दुकान व खेती की जमीन भी बिकवा दीहेमलता का आरोप है कि उमेश 2 करोड़ के लोन में जमानतदार भी है। कोर्ट से जो कुर्की का आदेश निकला है, उसमें उमेश की बेटी व उमेश का भी नाम है। लोन के 2 करोड़ रुपए के अलावा उमेश के कहने पर पति ने मेरे सोने के जेवर भी गिरवी रखवा दिए। राऊ का करोड़ों का मकान भी 40 लाख में बिकवा दिया। कस्तूरी सभाग्रह की दुकान, जो रजत जयंती कॉम्प्लेक्स में थी, उसे भी बिकवा दिया। खेती की जमीन भी बिकवा दी। लोन चुकाने के लिए बैंक के नोटिस, किडनी की बीमारी में डायलिसिस की चिंता व उमेश द्वारा कोई सहयोग नहीं किए जाने से पति तनाव में आ गए और जान दे दी। हेमंत से परिचय था, लेकिन परिवार ने जो आरोप लगाए, वे गलत हैंहेमंत से मेरा परिचय था, लेकिन मुझ पर उनका परिवार जो भी आरोप लगा रहा है, वे गलत हैं। - उमेश जाजू हर बिंदु पर कर रहे जांचबैंककर्मी हेमंत ब्रह्मवंशी की आत्महत्या में हर बिंदु पर जांच की जा रही है। पत्नी व परिवार के सदस्यों के बयान नहीं हुए हैं। महाराष्ट्र बैंक के अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई करने का पक्ष रखा है। पत्नी ने यदि किसी पर आरोप लगाए हैं तो हम उसकी भी गंभीरता से जांच करेंगे। फिलहाल मर्ग कायम है। - चंद्रकांत पटेल, टीआई, विजय नगर

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:56 am

ट्रंक लाइन पेट्रोलिंग पर हर माह 18 लाख खर्च:मोहनगढ़ लिफ्ट परियोजना की पाइप लाइन लीक, 2 दिन सप्लाई बंद रहेगी

बाड़मेर लिफ्ट परियोजना की गूंगा व बड़ोड़ा गांव के पास मुख्य पाइप लाइन लीकेज होने से दो दिन का शटडाउन लिया गया है। ऐसे में बाड़मेर व बालोतरा के लिए होने वाली नहरी पानी की सप्लाई दो दिन बाधित रहेगी। परियोजना के तहत मोहनगढ़ से बाड़मेर तक पहुंचने वाली मुख्य पाइप में लीकेज होने के चलते पिछले 4 महीने में 16 बार शटडाउन लिए जा चुके हैं। विभाग की ओर से ट्रंक लाइन की देखरेख पर मासिक 18 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन फिर भी ट्रंक लाइन में बार-बार लीकेज हो रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही व संबंधित फर्म के अधूरे मेंटेनेंस कार्य के चलते जैसलमेर, बाड़मेर व बालोतरा की जनता परेशान है। पीएचईडी नगरखंड एक्सईएन बिजेंद्र प्रसाद मीणा का कहना है कि नहरी पानी के बाड़मेर जीरो पॉइंट तक नहीं पहुंचने से बाड़मेर शहर व आसपास के इलाकों में बुधवार व गुरुवार दो दिन सप्लाई बंद रखी जाएगी। वहीं दूसरी ओर फर्म की ओर से ट्रंक लाइन की मॉनिटरिंग भी समय पर नहीं होने से बाड़मेर तक पहुंचने वाले 20% से 25% पानी की चोरी हो रही है। ऐसे में बाड़मेर शहर सहित आसपास के गांवों में सर्दियों में भी जल संकट बना है। चार माह में लीकेज के कारण 16 बार शटडाउन फर्म की लापरवाही के चलते बार-बार ट्रंक लाइन में लीकेज, पेट्रोलिंग के अभाव में न तो पानी पहुंच रहा है और न ही चोरी रोकी जा रही है। पीएचईडी परियोजना खंड मोहनगढ़ ट्रंक लाइन मेंटेनेंस के नाम पर अक्टूबर 25 से फरवरी तक 16 दिन शटडाउन ले चुका है। अक्टूबर में तीन बार लाइन फूटने के कारण शटडाउन लिया गया। अक्टूबर 4, 5 तथा 31 को नहर बंद रही। नवंबर में चार दिन नहर बंद रखी गई। नवंबर 1, 2, 3 तथा 28 को पानी बंद रहा। दिसंबर में 7 दिन शटडाउन लिया गया। नवंबर 4, 5, 14, 15, 16, 17, 18 को शटडाउन लिया गया। बीकेजी में पाइप लाइन फूटने तथा गैसकेट फटने से 5 दिन लगातार पानी सप्लाई बंद रखी गई। अब मोहनगढ़ से भागू का गांव में ट्रंक लाइन लीकेज के चलते दो दिन शहर में पानी नहीं पहुंचेगा। शहर में चार महीने से पानी का अंतराल एक-दो दिन के स्थान पर 6 से 7 दिन का जारी है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:53 am

10 मंजिला सुपर स्पेशिएलिटी:इलाज का रास्ता सीढ़ियों से ही तय करें, 12 में से 8 लिफ्ट बंद, 4 महीने से परेशान हो रहे मरीज और परिजन

10 मंजिला सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में 15 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से लगाई गईं लिफ्ट मरीजों व उनके परिजन को काम नहीं आ पा रही हैं। अस्पताल में लगी कुल 12 लिफ्ट में से 8 लिफ्ट मेंटेनेंस का ठेका खत्म होने के बाद नई व्यवस्था नहीं होने से बंद पड़ी हुई हैं। अस्पताल में रोज 150 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। डॉक्टर, स्टाफ, परिजन भी इन्हीं लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं। यानी हर दिन 500 से ज्यादा लोग लिफ्ट पर निर्भर हैं। लिफ्ट बंद होने से बुजुर्ग, गंभीर और कमजोर मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी उठाना पड़ रही है। कई मरीजों को सीढ़ियों और रैम्प का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि अस्पताल में मरीजों को अभी छठी मंजिल तक भर्ती किया जाता है। प्रभारी अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा ने बताया पीडब्ल्यूडी से पत्राचार जारी है और लिफ्ट संचालन जल्द शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। 2021 में लगी थीं, ठेका अक्टूबर 2025 में खत्मअस्पताल में सभी लिफ्ट वर्ष 2021 में एक मल्टीनेशनल इलेक्ट्रिकल कंपनी द्वारा ही इंस्टॉल की गई थीं, जिस पर 15 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हुए थे। इंस्टॉलेशन के साथ दो साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी कंपनी की थी। इसके बाद वर्ष 2023 में पीडब्ल्यूडी ने एक निजी फर्म को मेंटेनेंस का ठेका दिया। शर्त यह थी कि लिफ्ट का मेंटेनेंस कंपनी या उसके अधिकृत डीलर से ही कराया जाएगा, क्योंकि सॉफ्टवेयर से जुड़ा तकनीकी नियंत्रण कंपनी के पास ही था। यह ठेका 9 अक्टूबर 2025 को समाप्त हो गया। गलत तकनीकी शर्तों से जनवरी का टेंडर खुलने से पहले ही निरस्तठेका खत्म होने से पहले ही अस्पताल प्रबंधन ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज को सूचना दी थी, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी को नया टेंडर निकालने के लिए पत्र भेजा गया। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिकल विभाग ने जनवरी 2026 में जो टेंडर निकाला, उसमें सामान्य इलेक्ट्रिकल फर्मों को शामिल कर लिया गया। तकनीकी खामी सामने आने पर कॉलेज प्रबंधन ने आपत्ति जताई, जिसके बाद 10 फरवरी को टेंडर खुलने से पहले ही निरस्त कर दिया गया। पहले ढूंढा अस्थायी समाधानएक माह पहले मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने लिफ्ट लगाने वाली कंपनी से सहयोग लेकर कुछ लिफ्ट अस्थायी रूप से चालू कराई थीं, लेकिन नियमित मेंटेनेंस ठेका नहीं होने के कारण कंपनी ने दोबारा सहायता से इनकार कर दिया। इसके चलते लिफ्ट फिर से बंद हो गई हैं। इस बीच कर्मचारी लिफ्ट के सॉफ्टवेयर को रिसेट कर जैसे-तैसे काम चलाते रहे। अब फिर टेंडर, दो माह लगेंगेटेंडर निरस्त होने के बाद पीडब्ल्यूडी को पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करना होगी, जिसमें एक से दो माह लग सकते हैं। ऐसे में अक्टूबर से मार्च के बीच छह माह तक मरीजों को परेशानी झेलना पड़ सकती है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा रही है और तकनीकी शर्तों में सुधार के बाद जल्द निर्णय लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:52 am

इंदौर ईओडब्ल्यू में ही 10 केस दर्ज, 12 जांच में:14 महीने में 41 करोड़ के लोन घोटाले 100 करोड़ तक पहुंच सकता है आंकड़ा

राष्ट्रीयकृत बैंकों में आम आदमी के लिए लोन लेना जहां आज भी कठिन प्रक्रिया है, वहीं बैंक मैनेजर और स्टाफ ने कमीशन के लालच में धोखेबाजों के साथ मिलकर ऐसे लोन बांट दिए, जिनकी वसूली संभव ही नहीं है। गिरवी रखी गई संपत्तियों की जांच जब रीजनल मैनेजर स्तर पर हुई तो फर्जीवाड़े की परतें खुलती चली गईं। इसके बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को शिकायतें भेजी गईं और बीते 14 महीनों में 10 बैंक लोन घोटालों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन मामलों में कुल 41 करोड़ 33 लाख रुपए की धोखाधड़ी हो चुकी है। जांच एजेंसियों का आकलन है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, यह राशि 100 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकांश मामलों में शाखा प्रबंधक ही घोटालों के मास्टरमाइंड निकले हैं। दर्जनभर से ज्यादा केस जांच मेंईओडब्ल्यू के पास बैंक लोन फ्रॉड से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामले विचाराधीन हैं। इनमें बिना गारंटी लोन, फर्जी वैल्यूशन, बिक चुकी संपत्तियों को गिरवी दिखाने जैसी शिकायतें शामिल हैं। जांच के दायरे में सहकारी साख संस्थाएं, को-ऑपरेटिव, निजी सेक्टर और राष्ट्रीयकृत बैंक भी हैं। केनरा बैंक के दो मामले बने जांच की बड़ी कड़ीकेनरा बैंक क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर के उप महाप्रबंधक आनंद शिवानंद तोतड़ की शिकायत पर जांच हुई। चंद्रशेखर पचोरी ने मे. आर. शिवम एंड कंपनी के नाम से 40 लाख का लोन लिया। राममोहन अग्रवाल को को-ऑब्लिगेंट बनाकर संपत्ति गिरवी दर्शाई। जिस प्लॉट को निर्विवाद बताया वहां इमारत थी और फ्लैट बिक चुके थे। पचोरी व अग्रवाल सहित तत्कालीन शाखा प्रबंधक रजतिन गुप्ता सहित अन्य पर केस दर्ज किया। नेहा तांबी, मनीष तांबी ने कैनरा बैंक से 2 करोड़ 56 लाख रुपए का लोन बैंक अफसरों के साथ मिलकर हासिल कर लिया था। शाखा प्रबंधक पवनकुमार झा द्वारा स्थल निरीक्षण की गलत रिपोर्ट मिलने के बावजूद लोन स्वीकृत कर दिया था। जो संपत्ति गिरवी रखी गई थी, वह पहले ही बेची जा चुकी थी। पैनल एडवोकेट ने भी इस गलती को छुपाया। बैंक ने वसूली का प्रयास किया तो जमीन मालिक ही दूसरा निकला। ऐसे किया फर्जीवाड़ा e 22.88 करोड़ प्रारंभिक जांच में दर्ज धोखाधड़ी कॉसमॉस को-ऑपरेटिव बैंकe 6.87 करोड़ एचडीएफसी बैंक e 4.20 करोड़ आईसीआईसीआई होम फाइनेंस e 3.57 करोड़ बैंक ऑफ बड़ौदाe 2.55 करोड़ केनरा बैंक e 85.46 लाख म.प्र. ग्रामीण बैंक e 40 लाख केनरा बैंक बैंक अधिकारी, वकील, निजी एजेंसियां भी जांच के दायरे मेंविभिन्न बैंकों में लोन फ्रॉड की शिकायतें विचाराधीन थीं। जांच में यह सामने आया कि बिक चुकी या कम मूल्य की संपत्तियों को बंधक दिखाकर लोन स्वीकृत किए गए। इसमें बैंक अधिकारियों, पैनल एडवोकेट और निजी एजेंसियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अब सभी मामलों में चालान पेश करने की तैयारी है। -रामेश्वर सिंह यादव, एसपीदोषी अधिकारियों से वसूली की तैयारी में जांच एजेंसी दोषी अधिकारियों से वसूली के प्रयास किए जाएंगे। उन्हें पद से हटाने के लिए भी बैंकों के प्रबंधन को पत्र लिखे गए हैं। वहीं बैंकों ने लोन जारी करने की जो फाइल तैयार की थी उसे भी जब्त कर लिया गया है ताकि बैंककर्मी उनमें हेराफेरी नहीं कर सके। इन मामलों में अभियोजन स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होगी, ऐसे में कार्रवाई तेजी से जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:49 am

स्वास्थ्य से खिलवाड़:कागजों में 71 की मान्यता, गांवों में 300 से ज्यादा अस्पताल फर्जी डॉक्टर चला रहे

कागजों पर सिर्फ 71 अस्पताल, लेकिन हकीकत में 300 से ज्यादा अवैध क्लिनिक। यह आंकड़ा किसी तरक्की का नहीं, बल्कि बाड़मेर के ग्रामीण इलाकों में फैलते झोलाछाप अस्पतालों का है। भास्कर स्टिंग में जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे रूह कंपाने वाली हैं क्योंकि बिना डिग्री के फर्जी डॉक्टर सरकारी अस्पताल के ठीक सामने चारपाई पर ड्रिप चढ़ा रहे हैं। हाल ये है कि बाड़मेर जिले में फर्जी डॉक्टरों ने गांवों के गली-मोहल्लों तक अवैध क्लिनिक खोल रखे हैं और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की जिंदगी से इलाज के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रसूताओं की जांच से लेकर प्रसव तक अवैध क्लिनिक पर करवाए जा रहे हैं। भूणिया में पीएचसी के सामने मेडिकल स्टोर पर रोज सुबह होते ही मरीजों के लिए बेड लग जाते हैं। ऐसे ही हालात बामणोर सीएचसी की नवीन बिल्डिंग के सामने के है। यहां 100 मीटर में करीब 5-7 अवैध क्लिनिक हैं। बड़े अक्षरों में अस्पताल का नाम भी लिख रखा है। भूणिया, बामणोर सहित कई गांवों में मान्यता प्राप्त अस्पताल एक भी नहीं है। सेड़वा, बाखासर, सांता, चौैहटन, धनाऊ, रामसर, गडरारोड, गागरिया, शिव, गुड़ामालानी, धोरीमन्ना, तालसर सहित करीब 140 से ज्यादा गांवों में बड़े स्तर अवैध क्लिनिक संचालित हो रहे हैं। सरकारी अस्पताल के सामने ही अवैध क्लिनिक भास्कर टीम जब भूणिया पीएचसी पहुंची, तो यहां का नजारा सरकारी सिस्टम को चुनौती देने वाला था। एक तरफ सरकारी अस्पताल है, तो ठीक उसके सामने मेडिकल स्टोर के बाहर मरीजों के लिए चारपाइयां बिछी हुई थीं। बिना किसी डिग्री के धूल और मक्खियों के बीच मरीजों की रगों में सीधे ड्रिप उतारी जा रही थी। जबकि यहां से रोज स्वास्थ्य अधिकारी निकलते हैं। बाहर मेडिकल स्टोर, अंदर अस्पताल यह तस्वीर भूणिया की है, जहां बाहर तो मेडिकल स्टोर का नाम लिखा है, लेकिन अंदर पहुंचते हैं तो पीछे पूरा अस्पताल है। यहां खुलेआम फर्जी डॉक्टर मरीजों की जिंदगी से खेल रहे हैं। इसी तरह भूणिया में सोनू मेडिकल, गोदारा मेडिकल, चौधरी मेडिकल, श्रीराम मेडिकल, बालाजी लेबोरेट्री सहित कई अवैध क्लिनिक चला रहे है, यह सब मेडिकल स्टोर की आड़ में ही संचालित हो रहे हैं। बामणोर सीएचसी के सामने चल रहे कई अवैध अस्पताल यह तस्वीर बामणोर सीएचसी की नवीन बिल्डिंग के सामने की है। जहां 100 मीटर में करीब एक दर्जन अवैध क्लिनिक, अस्पताल है। खुलेआम मरीजों को बेड पर लिटाया हुआ है। यहां तक की कई मेडिकल स्टोर के साथ अस्पताल भी खोल रखे हैं। ओपीडी के साथ वार्ड भी बनाए हुए हैं और उनमें मरीज भर्ती हैं। भास्कर टीम जब शटर वाली दुकान में पहुंची तो अंदर दो मरीजों को ड्रिप चढ़ रही थी। ​यहां अस्पताल ही नहीं, अवैध लेबोरेट्री भी चल रही है। बाहर सीमेंट के दुकान का कलर है, लेकिन अंदर अस्पताल है। 71 अस्पताल ही मान्य भास्कर ने अस्पतालों को लेकर पड़ताल की तो सामने आया कि जिले में 71 अस्पताल ही मान्यता प्राप्त है। बाड़मेर शहर में 37, चौहटन में 7, गुड़ामालानी में 6, धनाऊ में 3, शिव में 2, धोरीमन्ना में 4, सेड़वा में 4, रामसर में 3, मांगता, नोखड़ा, सनावड़ा, गडरारोड में 1-1 अस्पताल हैं। ये अस्पताल कस्बों के आसपास खुले हैं। इनके अलावा विभाग के रिकार्ड में किसी को मान्यता प्राप्त नहीं है। अवैध क्लिनिकों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट और एनएमसी एक्ट में कार्यवाही और एफआईआर दर्ज करवाने का प्रावधान है। शहर में सिर्फ 6 लेबोरेट्री, गांवों में एक को भी नहीं बाड़मेर शहर में लक्की, हरि दयालु, महालक्ष्मी, उषा, महावीर व भारत 6 लेबोरेट्री को मान्यता दी गई है। इनके अलावा गांवों में कोई भी लेबोरट्री स्वास्थ्य विभाग से अधिकृत नहीं है। सिस्टम से ये 2 ​तीखे सवाल 1. सरकारी अस्पताल के सामने अवैध क्लिनिक चल रहे हैं, क्या विभाग को ये नजर नहीं आता? 2. बिना डिग्री के प्रसव करवा रहे हैं, अगर किसी जच्चा-बच्चा की जान गई तो जिम्मेदार कौन होगा? “कई बार अवैध क्लिनिकों के खिलाफ कार्रवाई कर सीज भी किए हैं। यह ड्रग इंस्पेक्टर और मूल विभाग का काम है। अब अभियान चलाकर कार्यवाही करेंगे। -डॉ. विष्णुराम विश्नोई, सीएमएचओ, बाड़मेर।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:48 am

लैब बनाकर बनाते थे सिंथेटिक ड्रग:चंदेरी में एमडी ड्रग फैक्ट्री पकड़ी, इंदौर नारकोटिक्स टीम ने दो आरोपी दबोचे

जिले के चंदेरी क्षेत्र में नारकोटिक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। ग्राम कडराना में दो युवक प्रियांशु जैन उर्फ शानू मोदी (31) निवासी हाटकापुरा चंदेरी और राघवेंद्र परमार (38) निवासी कडराना घर में लैब बनाकर केमिकल से ड्रग तैयार कर रहे थे। इंदौर से डीएसपी संतोष हाड़ा के नेतृत्व में पहुंची 15 सदस्यीय टीम ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। टीम को मौके से एक किलो से अधिक एमडी ड्रग, बनाने का उपकरण, एक कार और अवैध पिस्टल बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपए बताई जा रही है। नारकोटिक्स विभाग को इंदौर में पकड़े गए एक नशेड़ी से सूचना मिली थी कि ड्रग चंदेरी से सप्लाई हो रही है। इसके बाद टीम ने गांव पहुंचकर छापामार कार्रवाई की। पूछताछ में आरोपियों ने प्रदेश के बड़े शहरों के साथ अन्य राज्यों में भी सप्लाई करने की बात स्वीकार की है। मंगलवार को दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल और ट्रांजेक्शन के आधार पर अन्य ग्राहकों व केमिकल सप्लायर की जांच कर रही है। घर में बना रखी थी पूरी ड्रग लैब जांच में सामने आया कि राघवेंद्र परमार के घर में ही पूरी लैब तैयार की गई थी, जहां केमिकल की मदद से एमडी ड्रग बनाई जाती थी। तैयार माल इंदौर, भोपाल समेत बड़े शहरों में भेजा जाता था। कुछ ग्राहक सीधे गांव पहुंचकर भी ड्रग लेते थे। पुलिस का कहना है कि लैब में इस्तेमाल उपकरण और केमिकल की जांच कर सप्लाई चेन का पता लगाया जाएगा। फिल्म शूटिंग मैनेजमेंट से जुड़े तारों की जांच : सूत्रों के अनुसार आरोपी प्रियांशु जैन चंदेरी में होने वाली फिल्म शूटिंग के दौरान मुंबई से आने वाली टीम का मैनेजमेंट देखता था। ऐसे में महंगे नशे के शौकीनों से संभावित कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मोबाइल डेटा और आर्थिक लेनदेन की जांच के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:43 am

चंबल सेंचुरी में पनडुब्बी से रेत खनन:डॉल्फिन-घड़ियाल के अस्तित्व पर खतरा

नेशनल हाईवे-719 पर एमपी-यूपी सीमा जोड़ने के लिए चंबल नदी पर बन रहे हैंगिंग ब्रिज निर्माण में प्रतिबंधित रेत के उपयोग का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य उत्तरप्रदेश सरकार करा रही है और कंपनी द्वारा नदी में पनडुब्बी लगाकर उत्खनन किए जाने के आरोप हैं। चंबल नेशनल सेंचुरी संवेदनशील वन्यजीव क्षेत्र है, जहां डॉल्फिन, घड़ियाल और कछुओं का प्राकृतिक आवास है। रेत खनन से जैव विविधता और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। ड्रोन कैमरा लेकर पहुंची भास्कर टीम को कंपनी कर्मचारी ने रोक दिया। एसडीओ श्याम सिंह चौहान और टीआई सतेंद्र राजपूत ने मामले की जांच व कार्रवाई की बात कही है। पुल की लंबाई 594 मीटर और लागत 296 करोड़ रुपए बताई गई है। चंबल की रेत मिलने पर वाहन राजसात का प्रावधान चंबल नदी सेंचुरी क्षेत्र में रेत उत्खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों के अनुसार यदि किसी वाहन में चंबल का रेत मिलता है तो सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि वाहन को सीधे राजसात करने तक का प्रावधान है। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:39 am

कलेक्टोरेट में जनसुनवाई:सोसाइटी अध्यक्ष पर जमीन हड़पने का आरोप

कलेक्टोरेट में मंगलवार को जनसुनवाई हुई । इस दौरान जिले के विभिन्न इलाकों से आए लोगों ने अपनी समस्या के समाधान के लिए आवेदन अफसरों के सामने पेश किए। सीईओ जिला पंचायत इला तिवारी, एडीएम प्रकाश नायक और एडीएम पीसी शाक्य ने लोगों की समस्याएं सुनीं। अनेक समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया गया। जनसुनवाई में 152 आवेदन प्राप्त हुए। अफसरों ने लोगों की शिकायती आवेदन की जांच और उसके समाधान के लिए संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। 1... पुष्प मयूर हाउसिंग सोसाइटी में जमीन फर्जीवाड़े का मामला लालघाटी निवासी बुजुर्ग अमान उल्ला, जफर उल्ला, नासिर मोहम्मद व रहमान उल्ला पिता असद उल्ला ने पुष्प मयूर हाउसिंग सोसाइटी के अध्यक्ष नवाब खान पर फर्जीवाड़ा कर साढ़े पांच एकड़ जमीन हड़पने का आरोप लगाया। पीड़ितों का कहना है कि ग्राम खुदागंज में उनकी सवा तेरह एकड़ जमीन वर्ष 1981 से दर्ज थी। वर्ष 1985 में तीन अलग-अलग रजिस्ट्री कर 5.50 एकड़ जमीन को फर्जी तरीके से सोसाइटी के नाम ट्रांसफर कर दिया गया। मामले की जांच उपायुक्त सहकारिता को सौंपी गई है। मामले की शिकायत ईओडब्ल्यू दफ्तर में की जा चुकी है। उन्होंने मांग कि नामांतरण को रद्द किया जाए। 2... महिला ने फर्जी तरीके बेच दी जमीन जहांगीराबाद निवासी जीतेंद्र यादव का कहना है कि ग्राम सागोनी गुनगा में उनके दादा के नाम 8 एकड़ जमीन दर्ज है। आरोप है कि शारदा बाई पुत्री भवानी प्रसाद ने फर्जी तरीके से जमीन पूजा कुमारी को बेच दी। पीड़ित द्वारा आपत्ति लगाए जाने और कोहेफिजा थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज होने के बावजूद अपर तहसीलदार हुजूर आलोक पारे ने अगस्त 2025 में नामांतरण कर दिया। 3... सरकारी जमीन पर कब्जा, कार्रवाई नहीं होने का आरोप शिवाजी नगर 6 नंबर बस स्टॉप के पास आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के विंध्याचल भवन स्थित शासकीय आवास परिसर में अतिक्रमण का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला द्वारा विभाग की शासकीय भूमि पर पहले कच्ची व बाद में पक्की झुग्गी बनाई जा रही है। 12 जनवरी 2026 को मना करने पर कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ गाली-गलौज की गई। सूचना पर 112 पहुंची, तब महिला सामान छोड़कर भाग गई, लेकिन बाद में फिर कब्जा कर लिया। प्रभा सेन व आरके नामदेव का कहना है कि शिकायते बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:37 am

कामां थाना क्षेत्र का मामला:बेटी की शादी से 9 दिन पहले मां की मौत चारा लेकर घर लौटते समय लगा था करंट

कामां थाना क्षेत्र के गांव नगला हरसुख (पाछौल) में बेटी की शादी से महज 9 दिन पहले एक महिला की करंट लगने से मौत हो गई। खेत से हरा चारा लेकर घर लौट रही महिला सरसों के खेत में टूटे पड़े 11 हजार केवी बिजली के तार की चपेट में आ गई। हादसे के बाद परिवार की शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। मिली जानकारी के अनुसार नगला हरसुख (पाछौल) निवासी समय सिंह गुर्जर की 40 वर्षीय पत्नी संजो गुर्जर मंगलवार दोपहर खेत से चारा लेकर लौट रही थी। इसी दौरान खेत में टूटे पड़े बिजली के तार से करंट लग गया। पास ही सिंचाई कर रहे पति समय सिंह और ग्रामीणों ने महिला को तार से अलग कर तुरंत कामां अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर राजपाल यादव ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत के बाद गांव में शोक की लहर है। बताया गया है कि संजो की बेटी पूजा और उनके बड़े भाई पूरन सिंह की बेटी रोशनी की शादी 19 फरवरी को होनी थी। 13 फरवरी को दोनों की लग्न-सगाई बरसाना थाना क्षेत्र के गांव डभारा में तय थी। शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सूचना पर भी विभाग ने नहीं की सुनवाई संजो गुर्जर की करंट से मौत ने बिजली विभाग की लापरवाही उजागर कर दी। गांव के बंध वाले जंगल में परिवार के 3 ट्यूबवेलों के लिए निकली 11 हजार केवी लाइन के क्रॉसिंग पाइंट पर स्पार्किंग हुई और तार सरसों के खेत में गिर गया। फसल में तार दिखाई नहीं दिया और महिला चपेट में आ गई। ग्रामीणों ने बताया विभाग ने शिकायत पर भी सुनवाई नहीं की।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:37 am

मंत्रालय में एसीएस की अध्यक्षता में हुई बैठक:नए कानूनों के तहत अब वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

मप्र में अब अपराधों की जांच और न्याय प्रक्रिया पारंपरिक तौर-तरीकों से निकलकर पूरी तरह डिजिटल और वैज्ञानिक होने जा रही है। मंत्रालय में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि राज्य की पुलिस नवीन आपराधिक कानूनों (बीएनएस, बीएनएसएस, बीएसए) के तहत तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए पूरी तरह तैयार है। बैठक में भारत सरकार की संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा) निष्ठा तिवारी ने भी क्रियान्वयन की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। नए कानूनों के तहत अब गंभीर अपराधों के घटनास्थलों पर फॉरेंसिक साक्ष्यों का संकलन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए राज्य में फॉरेंसिक लैब की क्षमता बढ़ाने और जांच अधिकारियों को आधुनिक गैजेट्स से लैस करने पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से जांच प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है, जिससे केस डायरी से लेकर साक्ष्यों की प्रस्तुति तक सब कुछ ऑनलाइन और पारदर्शी होगा। बैठक में बताया गया कि साइबर अपराध, मादक पदार्थ नियंत्रण व आतंकवाद निरोध जैसे मामलों में अब वैज्ञानिक साक्ष्य ही मुख्य आधार बनेंगे।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:36 am

अब मप्र की होगी खुद की अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी:गरीब व मध्यम वर्ग के घर अब मप्र की नीति से बनेंगे, केंद्र के नियमों से राहत

मप्र में अब अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए केवल पीएम आवास योजना के नियमों पर निर्भर नहीं रहना होगा। छोटे-बड़े कस्बों और शहरों की जरूरत के अनुसार प्रदेश अपनी अलग नीति बनाएगा। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की मदद से इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। ड्राफ्ट बनने के बाद शासन से मंजूरी ली जाएगी। पीएमएवाई 2.0 के तहत राज्यों को अपनी नीति बनाने के निर्देश मिले हैं। इसके बाद बिल्डर संगठनों, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, विकास प्राधिकरण, नगर निगम और रेरा से चर्चा कर सुझाव जोड़े जाएंगे। पीएमएवाई 2.0 में 45 वर्ग मी. तक आवासों की अनुमति पीएम आवास योजना के पहले चरण में 30 वर्ग मीटर तक आवास बनाने का नियम था, जिसे दूसरे चरण में बढ़ाकर 45 वर्ग मीटर कर दिया गया है। इससे लागत बढ़ेगी, क्योंकि पहले चरण में 18% जीएसटी नहीं था, जो बाद में जोड़ दिया गया। केंद्र के नियम सभी निकायों पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे जमीन महंगी हो या सस्ती। नई नीति में एफएआर में बदलाव के बिंदु भी शामिल होंगे। सुझावों के बाद सरकार शहरी आवास का डाटा कलेक्शन करेगी और बड़े शहरों में आसपास के गांव-कस्बों से हुए पलायन का आकलन होगा। जरूरत अनुसार डेवलपमेंट और रजिस्ट्री शुल्क में छूट दी जाएगी। एक्सपर्ट बोले- नए ड्राफ्ट से फंड जैसे कई फायदे मिलेंगे आर्किटेक्ट और अर्बन प्लानर डॉ. विनय श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य की खुद की नीति बनने से जमीनों और हितग्राहियों से जुड़े विवाद खत्म होंगे। राज्यों के लिए किफायती आवास की परिभाषा तय करना आसान होगा। जैसे मप्र में 6 से 12 लाख तक ये आवास बनते हैं तो महाराष्ट्र के बड़े शहरों में 15 से 25 लाख तक भी लिमिट है। किफायती आवासों को अमृत आदि योजनाओं से जोड़ेंगे।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:35 am

पानी में खतरनाक फ्लोराइड और नाइट्रेट मिला:प्रदेश के 6 हजार से ज्यादा गांवों के पानी में हानिकारक रसायन

प्रदेश के 6 हजार से ज्यादा गांवों का पानी गुणवत्ता में खराब पाया गया है। उसमें कई प्रकार के हानिकारक रसायनों की मात्रा मिली है। सबसे ज्यादा गांवों में स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक फ्लोराइड और नाइट्रेट मिला है। इसका टीडीएस बढ़ा हुआ है। जलशक्ति मंत्रालय की वर्ष 2025–26 की गुणवत्ता रिपोर्ट में 6211 गांवों से लिए पानी के सैंपल में रासायनिक और बैक्टीरिया मिले हैं। पूरे प्रदेश में 1193 गांवों में फ्लोराइड और 1708 गांवों में नाइट्रेट की मात्रा अधिक पाई गई है। 62 गांवों में पीएच, 1198 गांवों में टीडीएस बढ़ा हुआ, 21 गांवों से लिए गए नमूनों में अन्य प्रकार की गंदगी पाई गई। नागौर, डीडवाना-कुचामन और बाड़मेर में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है। नागौर जिले के 32 गांवों के पानी में पीएच, 171 में टीडीएस, 147 में क्लोराइड, 115 में फ्लोराइड और 134 में नाइट्रेट मिला है। डीडवाना के 133 गांवों में टीडीएस, 103 में क्लोराइड, 120 में फ्लोराइड और 135 गांवों के पानी में नाइट्रेट की मात्रा मिली है। इसी तरह बाड़मेर के 171 गांवों में टीडीएस, 132 गांवों में क्लोराइड, 113 गांवों में फ्लोराइड व 160 गांवों के पानी में नाइट्रेट की मात्रा पाई गई है। बाड़मेर से ही अलग होकर बने नए जिले बालोतरा के भी 200 गांवों के पानी से लिए नमूनों में हानिकारक पदार्थ मिले हैं। टोंक के 272 गांवों में पानी अशुद्ध मिला है। इसी तरह बीकानेर के 52 गांवों में खारापन और 69 में नाइट्रेट की समस्या है, जबकि चूरू के 68 गांवों में नाइट्रेट और 51 में फ्लोराइड पाया गया। सीकर जिला पूरे प्रदेश में नाइट्रेट के मामले में सबसे खराब है। यहां सर्वाधिक 204 गांवों का पानी इस रसायन से दूषित है। अन्य जिलों में दौसा, झुंझुनूं, जयपुर, जालोर, कोटा, टोंक इत्यादि जिलों के भी दर्जनों गांवों में इस तरह की समस्या है। कोटा के 98 गांवों में नाइट्रेट और 43 में टीडीएस की समस्या मिली है। बारां के 46 गांव, टोंक के 66 गांव, झुंझुनूं के 170 गांव, पाली के 32 गांव, जालोर के 71 गांव, जोधपुर के 24 गांव के लोग पानी में नाइट्रेट की समस्या से परेशान हैं। उदयपुर के 42 गांवों में फ्लोराइड का असर है। यह रिपोर्ट उन्हीं गांवों के सर्वे की है, जहां से केंद्रीय टीम ने सैंपल लिए थे। 12 जिलों के गांवों के पानी में जीरो टीडीएस प्रदेश के 41 जिलों में अजमेर, बांसवाड़ा, ब्यावर, बूंदी, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, जैसलमेर, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, प्रतापगढ़ ऐसे जिले हैं, जहां के गांवों में पानी के नमूनों में बिल्कुल टीडीएस नहीं मिला है। अन्य हानिकारक तत्व भी नहीं मिले हैं। इसी तरह धौलपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ जैसे जिलों में भी टीडीएस या फ्लोराइड की मात्रा बहुत कम मिली है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:35 am

आदिवासी क्षेत्रों के 63 हजार घरों में पहुंचेगी बिजली:जनजातीय कार्य, महिला बाल विकास की 10 योजना 2031 तक बढ़ीं, 7133 करोड़ मंजूर

राज्य सरकार ने आदिवासी के हित से जुड़ी 9 सरकारी योजनाओं और महिला बाल विकास विभाग की एक सरकारी योजना को अगले पांच साल यानी 2030-31 तक जारी रखने के लिए मंगलवार को 7133.17 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इन योजनाओं का कार्यकाल मार्च 2026 में खत्म हो रहा था, अब यह सभी योजनाएं मार्च 2031 तक लगातार जारी रहेंगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने बिजली की पहुंच से दूर आदिवासी क्षेत्रों को रोशन करने के धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 63 हजार 77 घरों और 650 सरकारी संस्थानों तक ग्रिड आधारित बिजली पहुंचाने के लिए 366.72 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है। इस अभियान में 220.03 करोड़ रुपए केंद्र सरकार देगी। वहीं मप्र सरकार 146.69 करोड़ रुपए का अंशदान मिलाएगी। इसके साथ ही ऐसे बसाहट जहां विद्युत लाइन नहीं पहुंच सकती है, ऐसे 8521 घरों को ऑफ ग्रिड सोलर विद्युतीकरण योजना के तहत सौर ऊर्जा से रोशन करने के लिए 97 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इन परिवारों को सरकारी खर्च पर सोलर लाइट और एक किलोवाट क्षमता की बैटरी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें वे घर शामिल हैं जो खेतों या पहाड़ी क्षेत्रों में बने हैं, लेकिन 5 से कम संख्या में हैं। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को यह निर्णय लिए गए हैं। इन योजनाओं को मिली 2030-31 तक के लिए मंजूरी जनजातीय कार्य विभाग पीवीटीजी आहार अनुदान योजना - 2,350 करोड़ रुपए एकीकृत छात्रावास योजना - 1,703 करोड़ 15 लाख रुपए सीएम राइज विद्यालय योजना - 1,416 करोड़ 91 लाख रुपए आवास सहायता योजना - 1,110 करोड़ माशिमं को शुल्क प्रतिपूर्ति योजना (अजा व अजजा), अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना और कक्षा 9वीं की छात्रवृत्ति योजना के लिए - 522 करोड़ 8 लाख रुपए (इसमें शुल्क प्रतिपूर्ति व अन्य छात्रवृत्तियां भी शामिल है) धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (ग्रिड विद्युतीकरण) - 366 करोड़ 72 लाख रुपए ऑफ-ग्रिड सोलर विद्युतीकरण योजना - 97 करोड़ रुपए महिला एवं बाल विकास विभाग: मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना - 31 करोड़ 3 लाख रुपए अदालतों में कंप्यूटर ऑपरेटर पदों की भर्ती में मिलेगी 5 साल की छूट कैबिनेट ने मप्र हाई कोर्ट और जिला अदालतों में आईटी संवर्ग के तहत होने वाली कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती में आयु सीमा में 5 साल की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह छूट सिर्फ एक बार ही मिलेगी। वर्तमान में न्यायपालिका में तकनीकी संवर्ग में सामान्य वर्ग के लिए भर्ती की आयु सीमा 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष है। दोनों ही वर्गों को इसमें 5-5 साल का लाभ मिल सकेगा।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:33 am

बेटी बोली- हमें पापा का इंसाफ चाहिए, मिल रही धमकी:आरोपी कहते हैं हमारी जेब में पुलिस, बड़े व्यक्ति का दामाद हैं भैया, परशुराम मर्डर केस

रेवाड़ी के गांव बव्वा निवासी परशुराम की मौत के बाद उनकी 20 साल की बेटी संजू मंगलवार को मीडिया के सामने आई। संजू ने रविवार रात अपने पिता को खो दिया। ममेरे भाई के साथ पैसों के लेनदेन के विवाद में परशुराम की हत्या की गई थी। संजय ने बताया कि पापा कहते थे, मुझे पैसे लेने है, भैया कहते हैं मुझे लेने हैं। किसे किससे पैसे लेने हैं, यह हमें नहीं पता। भैया अब भी हमें धमकी दे रहे हैं। कहते हैं पुलिस हमारी जेब में है, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। भैया बड़े व्यक्ति का दामाद है। हमें तो केवल पापा का इंसाफ चाहिए। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रोहित और ज्योति को गिरफ्तार कर चुकी है। बुआ फूफा बोले, अब हमारा संबंध नहीं : संजू संजू ने कहा कि रोहित के मम्मी पापा (बुआ-फुफा) दोनों मेरे पापा के अंतिम संस्कार में शामिल होने गांव आए थे। दोनों गुरुग्राम में रहते हैं। ऊपर के फ्लैट में परिवार के साथ रोहित और नीचे बुआ- फुफा रहते हैं। सोमवार को पापा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद उन्होंने हमसे कहा था कि, अब रोहित से हमारा कोई लेना देना नहीं है। दो बहनों का इकलौता भाई था परशुराम दो बच्चों (संजू और अक्षय) के पिता परशुराम दो बहनों के इकलौते भाई थे। बड़ी बहन संतोष और जीजा राजेश रोहित के साथ गुरुग्राम में रहते हैं। परशुराम ने लॉकडाउन में अपना गुरुग्राम का मकान बेचकर गांव में बना लिया था। परशुराम की पत्नी सुमन गांव में रहती है और बेटा-बेटी दोनों ग्रेजुएशन कर रहे हैं। परशुराम अकेला गुरुग्राम रहता था और हर शनिवार को गांव आता था। पापा के पास पढ़ती थी बहन संजू ने बताया कि रोहित की एक बहन है। उसने 8वीं तक की पढ़ाई पापा के पास रहकर बव्वा गांव में की थी। रोहित भी छुटि्टयों में यहीं आकर रहता था। इकलौता मामा होने के कारण पहले बहुत अच्छे संबंध थे, परंतु पिछले तीन साल से बोलचाल बंद थी। बच्चे होने के कारण हमने कभी हस्तक्षेप करना सही नहीं समझा। पैसे वाला का दामाद है भैया संजू ने बताया कि रोहित भैया बड़े व्यक्ति के दामाद है। उनकी पत्नी ज्योति अक्सर अपने पिता के पैसों की धौंस दिखाती रहती है। अपने ससुर के पैसे धौंस दिखाकर रोहित पापा की मौत के बाद भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार धमकी दे रहे हैं। यह था मामला गांव बव्वा में रविवार रात पैसों के लेनदेन में मामा भांजा के बीच विवाद मारपीट में बदल गया था। मारपीट के दौरान सिर में चोट लगने से बब्वा निवासी परशुराम की मौत हो गई थी। जिसके आरोप गुरुग्राम निवासी भांजे रोहित, उसकी पत्नी ज्योति और साथियों पर लगे थे। कोसली पुलिस ने मृतक की पत्नी सुमन की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। दो आरोपी किए गिरफ्तार कोसली थाना प्रभारी मनोज कुमार ने कहा कि पुलिस ने दो आरोपियों रोहित और ज्योति को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है। आरोपी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:30 am

पानी में संक्रमण या साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर की आशंका:4 दिन में अलापुरी गर्ल्स हॉस्टल की 13 छात्राएं बीमार, अस्पताल में भर्ती

बयाना के अलापुरी स्थित देवनारायण राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी आवासीय स्कूल के हॉस्टल में पिछले 4 दिन से छात्राओं के बीमार होने का सिलसिला चल रहा है। बीते 4 दिनों में 13 छात्राएं बीमार हो चुकी हैं। जिन्हें स्कूल प्रशासन ने अस्पताल में भर्ती कराया है। मंगलवार को भी कक्षा 8 से 12 तक की आधा दर्जन छात्राएं अचानक बीमार पड़ गईं। छात्राओं में सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बेचैनी, घबराहट और पेट दर्द जैसी की शिकायतें सामने आईं। एसडीएम दीपक मित्तल ने दो डॉक्टरों सहित चार अफसरों की जांच कमेटी गठित की है। हॉस्टल वार्डन हेमेंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कुछ छात्राओं में बेचैनी, सांस लेने में तकलीफ, घबराहट और पेट दर्द जैसी शिकायतें सामने आ रही थीं। मंगलवार को भी अचानक पांच छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। एसडीएम ने बताया इसके लिए 4 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। छात्राओं का उपचार करने वाले उप जिला अस्पताल के डॉक्टर निर्भय सिंह गुर्जर ने बताया कि हॉस्टल की छात्राएं लक्ष्मी (16), रामा (14), मंजू (15), मनीषा (13) और इशू (15) को भर्ती किया गया है। सभी छात्राओं में पेट दर्द, घबराहट, बेचैनी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समान समस्याएं पाई गईं। इस तरह की शिकायत पीने के पानी में संक्रमण के कारण हो सकती है। वहीं साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर की भी संभावना है। इनमें से लक्ष्मी की हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। इससे पहले हॉस्टल की छात्राएं शिवानी, जान्हवी, कविता, पूजा, कोमल, लक्ष्मी, प्रियंका, मोनिका भी बीमार पड़ चुकी हैं। भास्कर एक्सपर्ट- डॉ लखपत महावर, सी. फिजिशियन उप जिला अस्पताल बयाना छात्राओं का नियमित मेडिकल चेकअप होता है। सोमवार को भी डॉ. सुनीता शर्मा ने स्वास्थ्य जांच की। 260 छात्राओं में कुछ छात्राओं का बीमार होना सामान्य है। मौसम परिवर्तन के कारण भी छात्राएं भी बीमार हो सकती हैं। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद स्थिति सामने आएगी। -पाना देवी, प्रिंसिपल, देवनारायण राजकीय आवासीय स्कूल, अलापुरी

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:28 am

नई बिल्डिंग में खेल:बीएमसी... शिफ्टिंग हुई नहीं और मनपसंद केबिन के दरवाजे पर चिपकाए अपने नाम

तुलसी नगर स्थित भोपाल नगर निगम के नए हाईटेक मुख्यालय में शिफ्टिंग प्रक्रिया शुरू होते ही 'अपनों' के बीच खींचतान शुरू हो गई है। आधुनिक बिल्डिंग में कुर्सियों की खींचतान से शिफ्टिंग फंस गई है। लीज लाइन और लिफ्ट का काम फिनिशिंग टच में है, लेकिन दफ्तरों के आवंटन को लेकर विवाद सातवें आसमान पर है। कई अफसर और रसूखदार कब्जा बचाने के लिए मुहूर्त निकलवाकर पूजा-पाठ तक कर चुके हैं, ताकि उनकी जगह कोई और न ले। नए भवन में फ्लोर अलॉटमेंट को लेकर रोज़ नए विवाद सामने आ रहे हैं। कंप्यूटर और बिजली विभाग के लोग नई बिल्डिंग में पहुंच चुके हैं। अतिक्रमण शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी-अपनी नेम प्लेट लगाकर कब्जा कर लिया है। कई कर्मचारी पेन से नाम टेबल पर लिखकर स्थान सुरक्षित कर चुके हैं। 7वीं मंजिल पर जाने को कोई तैयार नहीं, जबकि कुछ 8वीं मंजिल पर ऑफिस चाहते हैं। मिनी हॉल में ही परिषद हाॅल बनाने का सुझाव निगम ने 250 लोगों की क्षमता वाला एक मिनी हॉल तैयार किया जा रहा है। कई अधिकारियों का तर्क है कि इसी मिनी हाॅल में परिषद बनाई जा सकती है। अधिकारी मांग रहे अलग जगह, स्टाफ नहीं समा रहा कई अधिकारियों का कहना है कि जनता से जुड़े काम नहीं हैं, इसलिए अलग जगह चाहिए। कुछ इंजीनियरों और प्रभारियों के चेंबर में पूरा स्टाफ नहीं समा पाएगा। फाइलों के अंबार के बीच बैठेंगे कहां? ये काम पूरे नहीं हुए शिफ्टिंग को लेकर तैयारी तेजी से की जा रही है। फर्नीचर पहुंच चुका है। जैसे ही इंटरनेट की लीज लाइन चालू होगी, मुख्यमंत्री के हाथों उद्घाटन की तारीख तय हो जाएगी। फिलहाल सारा जोर ‘मनपसंद कुर्सी’ और ‘सही फ्लोर’ की सेटिंग बिठाने पर है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:28 am

20 मिनट रुका रहा ट्रैफिक:विधानसभा के सामने खंभे से टकराई पिक-अप, तार गिरे, बड़ा हादसा टला

भोपाल में अरेरा हिल्स स्थित नई विधानसभा के सामने मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अमूल दूध सप्लाई करने वाली एक पिक-अप वैन ने सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे में इतनी जोरदार टक्कर मार दी कि दोनों पोल बुरी तरह मुड़कर यू-शेप में झुक गए। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खंभों से जुड़ी बिजली लाइन टूटकर सीधे सड़क पर आ गिरी। घटना के समय विधानसभा मार्ग पर आवाजाही सामान्य थी। तार गिरते ही वहां से गुजर रहे वाहन चालक और राहगीर अचानक रुक गए। करंट फैलने की आशंका से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। एहतियातन दोनों तरफ का ट्रैफिक रोक दिया गया, जिससे करीब 20 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और बिजली कंपनी को सूचना दी। तार में 440 वोल्ट करंट था पर सप्लाई बंद होने से नहीं फैला मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के साउथ डिवीजन के डीजीएम राकेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले की रिपोर्ट संबंधित थाने में दर्ज कराई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पर गिरी लाइन एलटी (लो टेंशन) यानी निम्न दाब की एरियल बंच केबल थी, जिसमें घरों तक लगभग 440 वोल्ट का करंट प्रवाहित होता है। सुरक्षा तंत्र के तहत लाइन टूटने या फॉल्ट होने पर बिजली सप्लाई स्वतः बंद हो जाती है, इसलिए सड़क पर करंट फैलने की कोई गुंजाइश नहीं थी। घटना के बाद बिजली कंपनी की टीम मौके पर पहुंची। क्षतिग्रस्त खंभा हटाने, लाइन को सुरक्षित करने और वैकल्पिक सप्लाई बहाल करने का काम शुरू किया गया। पुलिस ने मार्ग पर यातायात सामान्य कराया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप वैन चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे हादसा हुआ। वाहन जब्त कर चालक से पूछताछ की जा रही है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:26 am

सीएम भजनलाल शर्मा अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करेंगे:पिछली घोषणाएं अधूरी: सिटी बस से पेयजल तक कई प्रोजेक्ट फाइलों में

सीएम भजनलाल सरकार का तीसरा बजट बुधवार को आने वाला है, जिसको लेकर भरतपुर की जनता को बेसब्री से इंतजार है, लेकिन सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर जारी किए जा रहे रिपोर्ट कार्ड में भले ही उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त गिनाई जा रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। बजट घोषणाओं में शामिल कई योजनाएं आज भी फाइलों में अटकी पड़ी हैं, जबकि कुछ योजनाएं आधी-अधूरी हालत में ही छोड़ दी गई हैं। वहीं, योजनाओं की मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन की कमी के चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई विभागों में समन्वय की कमी भी बड़ी वजह बन रही है। दूसरी ओर प्रशासन का दावा है कि अधिकांश योजनाएं प्रक्रियाधीन हैं और जल्द ही धरातल पर नजर आएंगी। पिछले दो बजट में सरकार कई अहम और बड़ी योजनाओं की घोषणा कर भूल गई। भरतपुर जिले के लोग अब भी पिछली दो बजट घोषणाओं के अधूरे वादों का हिसाब मांग रहे हैं। सिटी बस सेवा, शहरी पेयजल परियोजना, पाइप लाइन बदलाव और सड़क सुरक्षा जैसे करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। हालात ये हैं कि 2024-25 और 2025-26 के बजट में घोषित कई बड़े काम कागजों से बाहर ही नहीं निकल सके, जबकि नई घोषणाओं की तैयारी हो चुकी है। वहीं सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की पिछली बजट घोषणाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बजट 2024–25 में पीडब्ल्यूडी के तहत 163 निर्माण कार्यों की घोषणा की गई थी। इनमें से 120 कार्य पूरे हो चुके हैं, 38 कार्य प्रगति पर हैं, जबकि 5 कार्य अड़चनों के कारण अब भी लंबित हैं। मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2025–26 के तहत शुरू किए गए कई बड़े प्रोजेक्ट्स में अपेक्षित गति नहीं दिख रही है। अधूरे और लंबित प्रोजेक्ट (जो सिर्फ कागजों तक सीमित) प्रगति पर हैं ये प्रोजेक्ट (जिनका काम अभी जारी है ) “बजट घोषणा 2024–25 के तहत पीडब्ल्यूडी में घोषित 163 कार्यों में से 120 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि शेष 38 कार्य अंतिम चरण में हैं। बजट घोषणा 2025–26 के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को शुरू करा दिया गया है और सभी परियोजनाएं निर्धारित योजना के अनुसार प्रगति पर हैं।” -आर.सी. मीना, अधीक्षण अभियंता (एसई), सार्वजनिक निर्माण विभाग

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:25 am

सवालों के घेरे में एसआईआर:फॉर्म-7 के जरिये नाम काटने के आवेदन, लेकिन यह फॉर्म जिन्होंने भरे, उन्हें ही जानकारी नहीं

एसआईआर के तहत मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। नियमों के अनुसार एक दिन में किसी राजनीतिक दल का बीएलए अधिकतम 10 मतदाताओं के नाम काटने की आपत्ति दर्ज करा सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। दस्तावेजों के मुताबिक एक ही दिन में एक-एक व्यक्ति ने 100 से 300 तक आपत्तियां दर्ज कराईं हैं। अब तक कुल 12 हजार 746 आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा आपत्तियां नरेला विधानसभा से आई हैं, जहां अकेले 5 हजार 110 आपत्तियां दर्ज हुईं। इस स्थिति ने एसआईआर की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में पता चला है कि जिन नामों से आपत्तियां दर्ज हुई हैं, उनमें से ज्यादातर को इसकी जानकारी ही नहीं है। अधिकांश मामलों में कहा गया कि वोटर दिए गए पते पर नहीं रहते, जबकि जांच में वे वहीं रह रहे हैं। आवेदनों में बड़ी गड़बड़ी... कांग्रेस ने कहा- फर्जी आपत्ति कराने वालों को चिह्नित कर रहे, दर्ज कराएंगे एफआईआर भाजपा टारगेट कर नाम कटवा रही हैभाजपा कार्यकर्ता टारगेट कर फॉर्म-7 भरकर वोटर्स के नाम पर आपत्ति पेश कर रहे हैं। ऐसे लोगों की शिकायत थाने और आयोग दोनों जगह पर की जा रही है। ज्यादातर आपत्ति ऑनलाइन दर्ज करा दी गई हैं। इन्हें चिह्नित कर एफआईआर कराएंगे। -प्रवीण सक्सेना, जिलाध्यक्ष कांग्रेस बिना सबूतों के बातें करती है कांग्रेस कांग्रेस बिना सबूत के निराधार बातें करती है। यदि कोई सबूत हैं तो निर्वाचन आयोग को दें। आयोग फैसला करेगा कि क्या सही है और क्या गलत। कोई दल ये तय नहीं कर सकता है कि किसका नाम कटना है और किसका नहीं। -रविंद्र यती, जिलाध्यक्ष भाजपा बीएलओ नहीं, ऑनलाइन आपत्ति लगींज्यादातर आपत्ति ऑनलाइन लगाई गई हैं। यानी बीएलओ को ये आपत्ति सीधे नहीं दी गई। इसका मतलब साफ है कि कोई ये चाहता ही नहीं था कि ये पता चल सके कि ये आपत्ति किसके द्वारा लगाई जा रही हैं। बीएलओ के पास यदि ये आपत्ति दी जाती तो बीएलओ को इसकी जानकारी होती। पक्ष सुने बिना नहीं हटाएंगे नाम आपत्तियों की जांच का जिम्मा बीएलओ को सौंपा है। संबंधित वोटर को नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। पक्ष सुनने व जांच के बाद ही नाम हटाने या नहीं हटाने का फैसला लिया जाएगा।-भुवन गुप्ता, उप जिला निर्वाचन अधिकारी

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:20 am

50% पैरेंट्स बोले- हमारे बच्चे ऑनलाइन बुलीइंग का शिकार हुए:लोकलसर्किल्स सर्वे में खुलासा- 9 से 17 साल के बच्चे रोजाना 3 घंटे+ ऑनलाइन

देश में 9 से 17 साल के बच्चों के ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। लोकलसर्किल्स के दिसंबर 2025 में हुए सर्वे में 50% पैरेंट्स ने माना कि उनके बच्चे या तो ऑनलाइन बुलीइंग का शिकार हुए या उन्हें गलत कंटेंट देखने को मिला। सर्वे में यह भी सामने आया कि 9 से 17 साल के करीब आधे बच्चे रोजाना 3 घंटे या उससे ज्यादा समय ऑनलाइन बिताते हैं। इससे उनमें गुस्सा, नींद की कमी, पढ़ाई से ध्यान हटना और एंग्जायटी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। लोकलसर्किल्स ने 302 जिलों से 89 हजार से ज्यादा शहरी पैरेंट्स के जवाब को शामिल किया गया। इनमें 61% पुरुष और 39% महिलाएं थीं। …………………… लोकलसर्किल्स के ये सर्वे भी पढ़ें… सर्वे में दावा- फूड एप पर खाना महंगा: 55% यूजर्स ने रेस्टोरेंट से ज्यादा दाम चुकाए; सर्वे में 79 हजार जवाब शामिल देशभर में फूड डिलीवरी एप जैसे जोमैटो, स्विगी और ब्लिंकिट को लेकर उपभोक्ताओं और डिलीवरी वर्कर्स की नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोकलसर्किल्स के हालिया सर्वे में 55% उपभोक्ताओं ने कहा कि जब वे इन एप से खाना ऑर्डर करते हैं, तो रेस्टोरेंट में जाकर खाने की तुलना में उन्हें ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:19 am

ट्रैफिक पुलिस ने हटाया कब्जा:पु​लिस चौकी के अतिक्रमण पर चला पुलिस का बुलडोजर, कब्जे की जगह लेफ्ट टर्न बना

ज्योति टॉकीज पुलिस चौकी पर लंबे समय से पुलिस के कब्जे को मंगलवार दोपहर पुलिस ने ही तुड़वा दिया। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई। सोमवार शाम कमिश्नर यहां निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उनकी नजर पुलिस चौकी के आगे करीब 4 फीट तक किए गए अतिक्रमण पर पड़ी। छोटे पोल और चेन लगाकर पुलिस ने इस हिस्से को घेर रखा था। इससे बोर्ड ऑफिस से एमपी नगर जोन-1 की ओर आने वाले ट्रैफिक का लेफ्ट टर्न बाधित हो रहा था। कब्जा हटने के बाद रात में यहां काम भी शुरू हो गया। कमिश्नर ने मिलन से ज्योति की ओर आने वाली सर्विस रोड भी ठीक करवाने के निर्देश दिए हैं। यहां हर घंटे 3 हजार वाहन बोर्ड ऑफिस से एमपी नगर को जोड़ने वाला प्रमुख जंक्शन है ज्योति चौराहा। ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है, पर लेफ्ट टर्न न होने से परेशानी बनती थी। यहां प्रति घंटे 3 हजार से ज्यादा चार पहिया गुजरते हैं। लेफ्ट टर्न न होने से जाम रहता था। 37 लेफ्ट टर्न पर अभी बाधा शहर के 16 ब्लैक स्पॉट, 37 लेफ्ट टर्न और 200 बिजली के पोल व डीपी शिफ्टिंग का मसला सांसद की बैठक में भी उठा था। इन्हें सुधारने की कवायद एक साल से जारी है। 11 ब्लैक स्पॉट और 27 लेफ्ट टर्न के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:17 am

मंत्री ने एक हफ्ते में मांगी रिपोर्ट:बेतवा उद्गम स्थल पर पंप से पानी निकालने पर मंत्री ने लगाई रोक

बेतवा नदी के कैचमेंट क्षेत्र में जंगल काटकर खेती करने और उद्गम स्थल (गौमुख) पर भूजल पंप लगाकर पानी निकालने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। मंगलवार को इस मुद्दे पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा से उनके निवास पर मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। दोनों मंत्रियों ने माना कि बेतवा के कैचमेंट क्षेत्र में हो रही गतिविधियां पर्यावरण और नदी के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा हैं। जंगल कटने से न केवल भूजल स्तर प्रभावित होगा, बल्कि भविष्य में नदी के सूखने का जोखिम भी बढ़ेगा। जल संसाधन मंत्री ने वन विभाग के अपर मुख्य सचिव से फोन पर बात कर नियमों के तहत तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बेतवा के उद्गम स्थल पर लगे भूजल पंप से पानी निकालने पर तुरंत रोक लगाने के भी निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के बाद नदी संरक्षण के उपाय किए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:15 am

निर्विरोध वार्ड पार्षद मीना देवी लड़ चुकी है मुखिया का चुनाव

भास्कर न्यूज | रामगढ़ रामगढ़ नगर परिषद के वार्ड संख्या 16 से निर्विरोध वार्ड पार्षद बनने वाली मीना देवी (पति गणेश पासवान) की राजनीतिक उपलब्धि मिसाल बन गई है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद वार्ड क्षेत्र के लोगों में उत्साह और खुशी का माहौल है। इस बीच वार्ड लोगों के अलावा समाज के लोग स्वागत कर सम्मानित कर रहे है। क्योंकि, वार्ड पार्षद मीणा देवी लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही है, और क्षेत्र की जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ बनाई है। स्वच्छता, सड़क, नाली, पेयजल, शिक्षा और गरीब-वंचित तबके के लिए कई कार्यों से खुद को स्थापित किया है। मंगलवार की शाम को अखिल भारतीय अनुसूचित जाति उत्थान परिषद रामगढ़ के लोगों ने वार्ड पार्षद मीणा देवी के आवास सिरका पहुंचे। यहां, लोगों ने निर्विरोध पार्षद बनने पर बुके और नीला गमछा देकर सम्मानित किया। गौरतलब है कि निर्विरोध वार्ड पार्षद मीना देवी ने वर्ष 2010 में त्रिस्तरीय चुनाव में सिरका पूर्वी पंचायत से मुखिया पद के लिए चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में वे महज 56 वोटों से हार गई थी। इस सीट से मंजू जोशी जीती थी। इस बीच 2018 में नगर परिषद बनने के बाद चुनाव में मीना देवी के पति गणेश पासवान लड़े और जीत कर वार्ड पार्षद बने। इस बार उनकी पत्नी मीना देवी निर्विरोध वार्ड पार्षद बनी है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:14 am

श्री कृष्णा विद्या मंदिर में विद्यार्थियों को आशीर्वचन

रामगढ़ | शहर के विकास नगर स्थित श्री कृष्ण विद्या मंदिर में मंगलवार को बारहवीं साइंस व कामर्स के छात्र-छात्राओं के बीच आशीर्वचन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन के सचिव विमल किशोर जाजू और सदस्य विमल बुधिया का स्वागत छात्रों ने फूलों का गुच्छा देकर किया। वहीं अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने छात्रों से परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्कूल और माता-पिता का नाम रौशन करने को कहा। इस दौरान ग्यारहवीं के छात्रों ने शैक्षणिक उपलब्धियां, नैतिक अनुशासन और मूल्यपुरक शिक्षा परंपरा का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया। आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्र्स्तुत कर छात्रों ने सबों का मन जीत लिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के माननीय अध्यक्ष आनंद अग्रवाल (अधिवक्ता) ने विद्यार्थियों को स्नेहपूर्ण आशीर्वचन प्रदान करते हुए उन्हें आगामी बोर्ड परीक्षाओं में हर वर्ष की तरह उत्कृष्टतम प्रदर्शन कर विद्यालय की कीर्ति को और अधिक दीप्तिमान करने हेतु प्रेरित किया।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:14 am

नगर परिषद चुनाव पर भाजपाइयों ने की चर्चा

रामगढ़ | नगर परिषद चुनाव को लेकर मंगलवार को सांसद कार्यालय में भाजपा की बैठक हुई। बैठक में नगर परिषद चुनाव प्रभारी शशि भूषण भगत और सह प्रभारी अमरनाथ चौधरी ने चुनाव की तैयारी पर चर्चा की। चुनाव को लेकर चुनाव संयोजक रंजीत पांडे, सह संयोजक आनंद बेदिया, जगेश्वर प्रजापति, सुनील साहू को बनाया गया। वहीं सभी विभागों के प्रबंधन समिति के अलावा नगर परिषद को 12 शक्ति केंद्रों में बांटा गया। शक्ति केंद्र के लिए जगेश्वर प्रजापति, विनोद मिश्रा, संतोष शर्मा, मनोज गिरी, पवन रवानी, राजू चतुर्वेदी, संजय साहा, आनंद बेदिय, कमलेश बेदिया, संतराज पासवान, विजय जायसवाल, पुरुषोत्तम पांडेय, राम प्रसाद मलिक, कुश श्रीवास्तव, राजीव रंजन प्रसाद, जगनारायण सिंह, बिट्टू महतो, वारिस खान रणधीर गुप्ता, शिवकुमार महतो, रूपा देवी, मनोज सिंह, दिलीप सिह, विरेंद्र महली, सरदार अनमोल सिंह और प्रवीण सोनू को बनाया गया है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:14 am

कृष्ण प्रेम में रंगा हुआ और वाणी अलौकिक होती है संत की : स्वामी

रामगढ़| वृंदावन में प्रेम मंदिर की स्थापना करने वाले जगद्गुरु श्री कृपालु श्री महाराज के वरिष्ठ प्रचारक डॉ स्वामी युगल शरण जी की आध्यात्मिक संस्था ब्रज गोपिका सेवा मिशन की ओर से प्रवचन कार्यक्रम कराया जा रहा है। छावनी फुटबॉल मैदान में प्रवचन श्रृंखला चल रही है। बुधवार की शाम को डॉ स्वामी युगल शरण ने प्रवचन में कहा कि वास्तविक संत को पहचानने के लिए शास्त्रों में अनेक सावधानी बताई गई है। संत के विशेष लक्षण होते है, जिनके आधार पर चतुर और विवेकशील जीवात्मा उन्हें पहचान सकता है और वास्तविक संत की शरणागति कर सकता है। भगवान कहते है कि उनकी प्राप्ति के लिए उनके भक्त, अर्थात् वास्तविक संत की शरणागति करनी होगी।महापुरुष की पहचान श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ जिसका शास्त्रों का सम्यक् ज्ञान हो। केवल शाब्दिक नहीं, बल्कि अनुभवात्मक ज्ञान हो। जिसने स्वयं भगवान को जाना, देखा और तद्रूप हो गया हो। जो जीवात्मा परमात्मा को जान लेता है, वह स्वयं भी उन्हीं के समान हो जाता है। महापुरुष की पहचान में सावधानी में वास्तविक महापुरुष हमें संसार में नहीं उलझाते, वे सिद्धियों का चमत्कार नहीं दिखाते,तीन प्रकार की सिद्धियां तामसिक, राजसिक और सात्त्विक होती है,संतों के पास दिव्य शक्तियां जो उन्हें भगवत्प्राप्ति के बाद प्राप्त होती है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:14 am

समारोह में उचक्कों ने महिलाओं के सोने के चेन उड़ाए

भदानीनगर | गायन महिला समिति के सौजन्य से मंगलवार को चैनगडा तुरी टोला की रहने वाली गरीब युवती रेखा कुमारी की शादी का आयोजन किया। शादी समारोह में पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव शामिल हुए। महिला समिति की ओर से युवती का विवाह पूरे विधिविधान शादी के रस्मों को कराया। जिसमें पूर्व कृषि मंत्री ने एक पिता की तरह हर नियम को निभाने का काम किया। महिला समिति के द्वारा युवती को शादी के लिए 41 हजार नगद, अलमीरा, सोफा, ड्रेसिंग टेबल, बक्सा सहित कई सामग्रियों का सहयोग किया। समिति के लोगों ने कहा कि उनका उद्देश्य गरीब-जरूरतमंद युवतियों को मदद करना। मौके पर नंदकिशोर गुप्ता, अमित सिंह, संतोष सिंह, अमित श्रीवास्तव, अनामिका श्रीवास्तव, कयूम अंसारी, विक्की खान, विनोद मुंडा, अनिल मुंडा, शिबू महतो, विशेश्वर मुंडा, सुभाष उरांव, मुकेश मुंडा, मो. अतुल,मो. कलाम अंसारी सहित अन्य मौजूद थे। पतरातू | रेलवे डीजल शेड स्टेडियम में खेले जा रहे 37 वें शमशेर जंग फुटबॉल टूर्नामेंट का मंगलवार को फाइनल मुकाबला हुआ। जिसमें रामगढ़ और घाटो के बीच मैच खेला गया। मैच में रामगढ़ की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए घाटो की टीम को 2-1 से शिकस्त दी और विजेता शील्ड पर कब्जा जमा लिया। इससे पूर्व मैच के मुख्य अतिथि हाजीपुर जोन के सीएमपी केएन सिंह यादव और विशिष्ट अतिथि स्वर्गीय शमशेर जंग की बहन सरोज राजवाड़े, पुत्र गौरव जंग और कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, सचिव निशांत पटेल ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर और आसमान में गुब्बारा छोड़कर मैच का शुभारंभ कराया। अतिथियों ने विजेता और उपविजेता दोनों टीमों के बीच ट्रॉफी का वितरण किया। मैच में रेफरी की भूमिका बीएन राय, छोटू दास, योगेश हेंब्रम, याकूब हुसैन ने निभाई। इस अवसर पर शशि भूषण सिंहा, आरपीएफ इंस्पेक्टर एक सिंह, एमएम अंसारी, मुक्तेश्वर ओहदार, एमपी मेहता, उमेश कुमार, पीके वर्मा, बिरसा उरांव, अजीत कुमार, विवेक कुमार, सनोज राय, सुनील सिंह, शंभू कुमार, रामकुमार, नितेश राय आदि कई मौजूद थे। रामगढ़ | बाजारटांड़ स्थित सिद्धो-कान्हों मैदान में आठ फरवरी को आयोजित सांसद सामूहिक विवाह उत्सव के दौरान उचक्कों द्वारा भीड़ में कई महिलाओं के सोने का चेन, कान की बाली व मोबाइल चुराए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में भाजपा महिला मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष सरस्वती देवी ने रामगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की भाजपा नेत्री उषा पांडेय समारोह में शामिल होने आई थे। जिन्हें गेट में प्रवेश करने के दौरान भीड़ में शामिल असमाजिक तत्वों ने उनके गले के सोने का चेन खींच लिया। वहीं कई महिलाओं के सोने के चेन व कान की बाली भी उचक्कों द्वारा गायब किये जाने की बात उन्होंने कही। समारोह स्थल में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया था। सीसीटीवी लगे होने पर महिलाओं की दुर्दशा नहीं होती।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:14 am

श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव पर निकाली कलश यात्रा

भास्कर न्यूज | रामगढ़ श्रीश्री 108 संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन किया गया है। गोला रोड के यूको बैंक के पास 10 से 17 फरवरी तक महोत्सव होगा। इसके तहत मंगलवार को कलश यात्रा निकाली गई। गोला रोड से जीवंत झांकी के साथ महिलाओं ने कलश लेकर दामोदर नदी पहुंची। यहां, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीधाम अयोध्या के आचार्य ब्यास जी महाराज व अन्य ब्राह्मणों ने यजमान रामबिलास प्रसाद अग्रवाल, पत्नी माया देवी और देवेंद्र अग्रवाल को पूजा कराई। पूजन के बाद 108 महिलाएं कलश में पवित्र जल उठाकर नगर भ्रमण कर महोत्सव पहुंची। इस दौरान गाजे बाजे और भजनों पर लोग झूमते रहे। श्रीमद्भागवत कथा का वाचन आचार्य व्यास जी महाराज करेंगे। कथा के दौरान प्रतिदिन विभिन्न आध्यात्मिक प्रसंगों का वर्णन, भजन-कीर्तन व धार्मिक अनुष्ठान होंगे। बुधवार को कथा प्रारंभ, 12 फरवरी को हिरण्याक्ष वध, जड़भरत प्रसंग,13 को गज-ग्राह उद्धार कथा, 14 को श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव, 15 को बाल लीला प्रसंग,16 को गोवर्धन पूजा व छप्पन भोग, 17 को सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, शुकदेव विदाई,18 फरवरी को हवन और यज्ञ की पूर्णाहुति होगी।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:14 am

कैंटोनमेंट बोर्ड ने 45 लाख से लगाए थे नौ प्याऊ, 5 में 2 साल से पानी नहीं

भास्कर न्यूज | रामगढ़ कैंटोनमेंट बोर्ड ने कोविड के बाद लोगों को पीने का पानी मुहैया कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में शहर के 9 सार्वजनिक स्थलों में करीब 45 लाख रुपए खर्च कर अत्याधुनिक प्याऊ का निर्माण कराया गया। इसके तहत न्यू बस स्टैंड, बिग्रेडियर पूरी पार्क, पुराना बस स्टैंड, वेजिटेबल वेडिंग जोन, साप्ताहिक हाट बाजार टांड, थाना चौक के अंबेडकर पार्क, नईसराय, गांधी घाट, बुजुर्ग जमीरा में प्याऊ लगाए गए थे। इसमें वाटर कुलिंग मशीन, फिल्टर लगाई गई और वाटर टंकी को सप्लाई वाटर से कनेक्शन किया गया। ताकि लोगों को शीतल पेयजल के साथ पीने का स्वच्छ पानी मिल सके। वर्ष 2022 में सभी प्याऊ का उद्धाटन किया गया था। लेकिन इनमें से पांच प्याऊ से लोगों को दो साल से पानी नहीं मिल पा रहा है। अधिकतर प्याऊ रख-रखाव के अभाव में खराब हो चुके हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी हो रही है। गर्मी में शहरी क्षेत्र के लोगों को फिर पेयजल समस्या का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि कैंटोनमेंट बोर्ड के वार्ड संख्या सात में फेज टू प्रोजेक्ट से पूरी तरह से वाटर सप्लाई नहीं हो पाई है। जबकि, वार्ड संख्या दो नईसराय व गोलपार और वार्ड संख्या 6 के आदर्श कॉलोनी में पेयजल की समस्या है। शेष वार्डों में भी नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने से पानी का संकट गहरा रहा है। ऐसे में गर्मी में लोगों को पेयजल को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वार्ड संख्या 6 की आदर्श कॉलोनी में पेयजल संकट ^सार्वजनिक स्थलों के सभी प्याऊ को सुचारु रूप से चलाने के लिए समय-समय पर मरम्मत की जाती है। ताकि, लोगों को पेयजल की सुविधा मिल सके। नियमित पानी सप्लाई के लिए प्रयास किया जा रहा है। गर्मी से पहले प्याऊ की व्यवस्था को दुरुस्त लिया जाएगा। -पिंटू कुमार, जेई, कैंटोनमेंट बोर्ड अंबेडकर पार्क के पास प्याऊ की टंकी में पानी नहीं थाना चौक के अंबेडकर पार्क के बगल में बने प्याऊ की भी स्थिति खराब है। यहां, टंकी में पानी नहीं आता है। स्थानीय लोग और पार्क में आने वाले लोगों का कहना है कि बोर्ड ने प्याऊ तो बना दिया है। लेकिन, इसकी देख भाल करने वाला कोई नहीं है। इस कारण पिछले वर्ष से खराब पड़ा है। यहां पेयजल आपूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:14 am

सावधान... एनएच पर पटेल चौक से मांडू तक 25 किमी में 16 अवैध कट

भास्कर न्यूज | रामगढ़ फोर लेन नेशनल हाइवे 33 पर पटेल चौक से लेकर मांडू तक करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर 16 अवैध कट बना दिए गए हैं। जिससे लगातार दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। इन्हीं कट की वजह से कई दुर्घटनाएं भी हुई। लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, मौत भी हुई है। स्थानीय लोगों ने आवागमन में सुविधा के लिए सड़क के डिवाइडर काट दिए हैं, जिसके कारण हाइवे पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक क्रॉसिंग आम हो गई है। इन अवैध कटों से दोपहिया वाहन ही नहीं बल्कि चारपहिया वाहन भी बेरोकटोक गुजर रहे हैं। कई स्थानों पर वाहन चालक गलत दिशा में भी ड्राइविंग करते हैं, जो हाइवे सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन है। विशेषकर मुर्रामकलां क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर है। यहां दोनों ओर गांव बसे होने के कारण लोग रोजाना सड़क पार करते हैं। जिस स्थान पर अवैध कट बनाया गया है, वहां रांची की ओर से आने वाले वाहनों के लिए ढलान है, जिससे तेज गति में चल रहे भारी वाहन अचानक सामने आने वालों को संभाल नहीं पाते। इससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पोचरा के पास लोगों ने लंबा चक्कर काटने से बचने के लिए डिवाइडर तोड़कर रास्ता बना लिया है। पहले ग्रामीणों को एक किलोमीटर से अधिक घूमकर जाना पड़ता था। अब सीधा कट बनने से जोखिम और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन को जानकारी दी गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया। रात के समय और भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। लोगों ने कटों को ठीक करने की मांग की है। ^अवैध कट को बंद करने की कार्रवाई लगातार की जाती है। लेकिन पुनः डिवाइडर काट देते हैं। सभी कटों को फिर से बंद किया जाएगा और डिवाइडर तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -एकता कुमारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई पिछले साल हादसे में 180 लोगों की हुई ​थी मौत पिछले साल 2025 में जनवरी से लेकर दिसंबर तक सड़क दुर्घटना में 180 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें 133 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 22 लोग मामूली रूप से घायल हुए। लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अवैध रूप से बनाए गए कट को तत्काल बंद करना जरूरी है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:14 am

बेटुलकलां में बच्चा चोरी का संदेह, लोगों ने दंपती को पकड़ा; जांच कर पुलिस ने छोड़ा

मगनपुर| बेटुलकलां गांव में मंगलवार को बच्चा चोरी की आशंका को लेकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। संदेह के आधार पर ग्रामीणों ने एक दंपती को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मामले की जानकारी देते हुए गोला थाना प्रभारी अभिषेक कुमार ने बताया कि पकड़ा गया दंपती चित्तरपुर क्षेत्र का निवासी है। जो कई वर्षों से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर जीवनयापन कर रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा संदेह जताए जाने पर दोनों को थाना लाया गया था। पुलिस की पूछताछ और सत्यापन के बाद बच्चा चोरी से जुड़ा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलने पर दोनों को छोड़ दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल मामले में किसी प्रकार की आपराधिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन पुलिस सतर्कता के साथ निगरानी बनाए हुए है। इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और आशंका का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में बच्चों के अपहरण और लापता होने की घटनाओं की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। माता-पिता अब अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी परहेज कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि संदिग्ध की जांच की जाए तथा बिना पहचान के झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे लोगों का सत्यापन किया जाए। कुछ समय पूर्व रांची निवासी अंशिका और अंश नामक दो बच्चों का अपहरण का मामला सामने आया था। जिन्हें चित्तरपुर गांव से बरामद किया गया था। यह मामला पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ था और बच्चों की सुरक्षित बरामदगी को लेकर व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई थी। घटना के बाद दहशत का माहौल और गहरा गया है। पुलिस अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:14 am

एनपीएस और ओपीएस दोनों के लिए नए पेंशन नियम जारी:मप्र में पहली बार एनपीएस कर्मचारियों के परिजनों को भी फैमिली पेंशन, तलाकशुदा बेटी को भी हक

मध्यप्रदेश सरकार ने पेंशन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव करते हुए पहली बार नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) से जुड़े कर्मचारियों के परिजनों को फैमिली पेंशन का अधिकार दिया है। अब यदि 1 जनवरी 2005 के बाद भर्ती किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु 10 वर्ष की सेवा अवधि पूरी होने से पहले हो जाती है, तो उसके आश्रित परिवार को राज्य सरकार अपने वित्तीय संसाधनों से फैमिली पेंशन देगी। यह पेंशन कर्मचारी के अंतिम वेतन का एक-तिहाई होगी। अब तक एनपीएस में असमय मृत्यु की स्थिति में नियमित फैमिली पेंशन का प्रावधान नहीं था। इस फैसले के साथ सरकार ने उस खाली जगह को भरा है, जिसे लंबे समय से एनपीएस की सबसे बड़ी कमी माना जा रहा था। इसी फैसले के साथ सरकार ने फैमिली पेंशन की परिभाषा को भी व्यापक किया है। अब ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीसी) और एनपीएस दोनों में सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसकी तलाकशुदा बेटी भी फैमिली पेंशन की पात्र होगी। इसके लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होगी। पुनर्विवाह की स्थिति में यह पेंशन बंद हो जाएगी। इससे पहले फैमिली पेंशन का अधिकार केवल 25 वर्ष तक की अविवाहित बेटी या बेटे तक सीमित था। सरकार ने अब मानसिक रूप से विकलांग संतान को भी इस दायरे में शामिल कर लिया है। पहले यह सुविधा केवल शारीरिक विकलांग संतान तक सीमित थी। नए प्रावधान के तहत 40% से अधिक दिव्यांगता होने पर मेडिकल बोर्ड के प्रमाणपत्र के आधार पर फैमिली पेंशन मिलेगी। इन बदलावों को मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई। एनपीएस में 8 लाख कर्मियों को लाभ, फैसला 1 अप्रैल से लागू फैसला कब से लागू होगा?- सभी नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इसके बाद होने वाली मौतों पर यह व्यवस्था लागू होगी। जल्द वित्त विभाग की ओर से इनका गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। फैसले से कितने कर्मचारियों पर असर?- सरकार के इस फैसले से ओल्ड पेंशन स्कीम के तहत आने वाले लगभग 6 लाख सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को लाभ मिलेगा। वहीं नेशनल पेंशन स्कीम के तहत आने वाले 4 लाख राज्य सरकारी कर्मचारियों और निगम, मंडल, प्राधिकरण व अन्य सरकारी उपक्रमों में कार्यरत लगभग 8 लाख कर्मचारी भी फैमिली पेंशन के दायरे में आएंगे। निगम, मंडल व उपक्रमों के कर्मचारियों पर यह नियम कैसे लागू होगा?- सरकारी नोटिफिकेशन के बाद निगम और मंडल के कर्मचारियों पर यह नियम स्वतः लागू होंगे। राज्य सरकार के पीएसयू के लिए अलग आदेश जारी किया जा सकता है। क्या फैमिली पेंशन जीवनभर मिलेगी?- नहीं। किस परिजन को कितने समय तक फैमिली पेंशन मिलेगी, यह पात्रता के नियमों के अनुसार तय होगा। पुनर्विवाह की स्थिति में क्या होगा?विधवा या तलाकशुदा बेटी के पुनर्विवाह के बाद फैमिली पेंशन बंद हो जाएगी। एनपीएस में ‘अंतिम वेतन का एक-तिहाई’ कैसे तय होगा?ओपीएस में फैमिली पेंशन पहले 7 साल तक अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत और उसके बाद 30 प्रतिशत होती है। एनपीएस में यह शुरुआत से ही अंतिम वेतन का एक-तिहाई होगी। क्या आय-सीमा लागू होगी?यदि विधवा या तलाकशुदा बेटी पुनर्विवाह नहीं करती और आर्थिक रूप से अक्षम है, तो आयु की कोई सीमा नहीं होगी। क्या पति से अलग रह रही विवाहित बेटी को भी लाभ मिलेगा?नहीं। इसके लिए कानूनी रूप से तलाक होना जरूरी है। विकलांग संतान के लिए पात्रता कैसे तय होगी?मेडिकल बोर्ड से 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता का प्रमाणपत्र जरूरी होगा। क्या यह नियम पहले से लंबित मामलों पर भी लागू होगा?फिलहाल नियमों का गजट नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है। उसके बाद सरकार इस पर निर्णय ले सकती है। एनपीएस धारकों का परिवार पेंशन का निर्धारण कैसे होगा?- एनपीएस धारक व्यक्ति यानी जो 1 जनवरी 2005 से सरकार की सेवा में आए हैं। ऐसे अफसर या कर्मचारी की 10 साल में मृत्यु हो जाती है तो उनके लिए मौजूदा पुरानी पेंशन की तर्ज पर परिवार पेंशन की पात्रता होगी। अभी परिवार पेंशन में पात्रता किसे है?- सेवा में रहते हुए मृत्यु पर यह पत्नी को पात्रता होती है। पत्नी के मौजूद न रहने पर 25 वर्ष तक के बेटे या बेटी को यह पात्रता होती है। परिवार पेंशन कितनी होगी?- यदि सेवा में रहते कर्मचारी की मृत्यु 10 साल में हो जाती है तो पत्नि को 30 प्रतिशत पेंशन की पात्रता होगी। यानी सेवा में रहते शासकीय सेवक का अंतिम वेतन 50 हजार रुपए वेतन मिल रहा है तो परिवार पेंशन की राशि पत्नी को 15 हजार रुपए पेंशन राशि मिलेगी। क्या 10 साल की सेवा के बाद भी एनपीएस धारक कर्मचारियों को परिवार पेंशन की पात्रता होगी।- हां हो सकती है, लेकिन इसके लिए कर्मचारी को परिवार पेंशन का विकल्प चुनना होगा। उदाहरण के तौर पर 33 साल की सेवा के बाद कर्मचारी रिटायर होता है और उसकी मृत्यु हो जाती है, उस स्थिति में सरकार का अंश हटाकर जो कर्मचारी के अंश की जमा राशि इकट्‌ठा हुई है, उसमें परिवार पेंशन मिलेगी। यह कैसे तय होगा?- एनपीएस में कर्मचारी के वेतन से 10% राशि कटती है, जबकि 14% राशि सरकार मिलाती है। इस राशि से जो कार्पस फंड बनता है, उसमें से सरकार के हिस्से की जमा 14% में जो भी जमा हुआ है उसे हटाकर कर्मचारी के जमा कार्पस में से ही जमा एन्युटी के हिसाब से परिवार पेंशन का भुगतान किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:12 am

शिविर में 71 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच

भास्कर न्यूज | महुआडांड़ प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव दौना में 32वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, लातेहार द्वारा मानव चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर श्री राजेश सिंह, कमांडेंट, 32वीं वाहिनी एसएसबी, लातेहार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस चिकित्सा शिविर में दौना, दुरूप, आधे एवं मेढ़रुआ गांवों के कुल 71 ग्रामीण शामिल हुए, जिनमें 37 महिलाएं, 18 बच्चे एवं 16 पुरुष थे। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया तथा गंभीर रोगों से ग्रसित लोगों की काउंसलिंग एवं स्क्रीनिंग कर आगे के उपचार हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:12 am

श्रमदान से दुरुस्त कराई जर्जर सड़क

मनिका |प्रखंड के रांकीकला पंचायत में देवलाल के घर से लंका शिव मंदिर होते हुए बालेश्वर सिंह के घर तक जाने वाली सड़क पिछले 10 वर्षों से जर्जर स्थिति में थी। जिसे पूर्व मुखिया साहेब सिंह ने अलोक राय, कामेश्वर सिंह और दिलीप राम के सहयोग से निजी खर्च पर मिट्टी-मोरम भरकर दुरुस्त कराया है। इस सड़क की मरम्मत होने से नकटा, सेवधरा, उचवाबाल और रांकी कला जैसे गांवों की लगभग 3000 की आबादी को बड़ी राहत मिली है। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं और खराब रास्ते की वजह से गांव में एम्बुलेंस तक नहीं पहुंच पाती थी, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगाकर थक चुके थे, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। महुआडांड़ | न्यायालय में दायर एक रिट याचिका पर पारित आदेश के अनुपालन में महुआडांड़ थाना पुलिस द्वारा शनिवार को कुरो मोड़ के पास सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व थाना प्रभारी मनोज ने किया। वाहन जांच के दौरान दो पहिया, तीन पहिया एवं चार पहिया सहित सभी प्रकार के वाहनों की गहन जांच की गई। यह अभियान विशेष रूप से उन वाहनों पर केंद्रित रहा जिनमें प्रेशर हॉर्न, सर्किट फ्लैश लाइट, काले शीशे, लाल-पीले रंग की लाइटें, राजनीतिक दलों के झंडे तथा धार्मिक झंडे लगाए गए थे, जो नियमों के विरुद्ध हैं। जांच के दौरान कई वाहनों से राजनीतिक एवं धार्मिक झंडे मौके पर ही हटवाए गए। लातेहार | विज्ञान के क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं के सपनों को उड़ान मिलेगी। इसके लिए सरस्वती विद्या मंदिर लातेहार में साइंस एंड रिसर्च क्लब का गठन किया गया है। पूरी योजना की प्रेरणा और मार्गदर्शक की भूमिका में लातेहार के पूर्व सिविल सर्जन और विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. एसके सिंह हैं। क्लब में कक्षा पंचम से लेकर दशम तक के 30 छात्र छात्राओं का चयन विशेष प्रशिक्षण की दृष्टि से हुआ है। छात्र-छात्राओं को विज्ञान से अलग-अलग विषयों पर विशेष मार्गदर्शन विशेषज्ञों द्वारा दिया जाएगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने बताया कि डॉ. एसके सिंह द्वारा मंगलवार को योजना का शुभारंभ किया गया। प्रथम दिवस में छात्र-छात्राओं से परिचय के उपरांत डॉ. एसके सिंह ने छात्र-छात्राओं को सोलर सिस्टम पर विस्तृत जानकारी दी। विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव राजीव रंजन कुमार पांडेय ने डॉ. एसके सिंह के पहल की सराहना की।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:12 am