मेरठ के सदर अरविंद पुरी निवासी राजेंद्र मित्तल सराफ हैं। हर रोज वह अपनी पत्नी शशि मित्तल के साथ काली पलटन मंदिर जाते हैं। गुरुवार शाम भी वह मंदिर से वापस घर लौट रहे थे। बालाजी मंदिर मोड़ से जैसे ही उन्होंने सड़क पार करने का प्रयास किया, तभी सदर शिव चौक की तरफ से आ रहे बाइक सवार युवक ने लापरवाही से बाइक दौड़ते हुए उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। पहले तीन तस्वीरें देखिए... टक्कर लगते ही घायल हुई दंपति टक्कर लगते ही राजेंद्र मित्तल और उनकी पत्नी शशि मित्तल सड़क पर जा गिरे और घायल हो गए। उनकी स्कूटी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसा होते देख लोग उस तरफ दौड़ पड़े। उन्होंने आरोपी युवक को पकड़ लिया और किसी तरह दंपति को संभालते हुए सड़क के एक तरफ बैठाया। महिला के चेहरे और सिर में आई चोट हादसे में दंपति को गंभीर चोट लगी थी। हालांकि शशि मित्तल के चेहरे और सिर से खून निकल रहा था। आसपास के लोगों ने दोनों को पानी लाकर पिलाया। परिवार के बारे में पूछा तो पता चला कि बेटा वृंदावन गया हुआ है। कुछ देर बाद ही राजेंद्र मित्तल के पड़ोसी वहां आ गए और दोनों को कार की मदद से ले जाकर उपचार दिलवाया। युवक को पुलिस ने लिया हिरासत में एक्सीडेंट करने वाले युवक की पहचान मेहताब निवासी अलतीशान के रूप में हुई। पूछताछ में उसने बताया कि वह रक्षाबंधन के पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाकर लौट रहा था। कुछ ही देर में सदर बाजार पुलिस मौके पर आ गई और उन्होंने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दोनों वाहन भी अपने कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिए। CO बोली- तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई CO कैंट नवीना शुक्ला ने बताया कि इस मामले में अभी दंपति पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर उनकी तरफ से तहरीर मिलती है तो पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल परिवार के लोग दंपति का उपचार करा रहे हैं। युवक को हिरासत में रखा गया है।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक सड़क हादसे में एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। जुडमनिया गांव के पास बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई, जिससे चालक सड़क पर गिर पड़ा। घायल को इलाज के लिए नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के बाद परिजन उसे अपने साथ ले गए हैं। हादसा गुरुवार रात करीब 9:30 बजे जुडमनिया-मुरली मार्ग पर हुआ। जुडमनिया गांव के रहने वाले 45 वर्षीय रामसुख साकेत अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे। तभी अचानक गांव के पास ही उनकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज रफ्तार में सड़क पर फिसल गई। इस हादसे में रामसुख को काफी चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल रामसुख को संभाला। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
बैतूल के आमला में आज (गुरुवार) जीआरपी पुलिस ने जीटी एक्सप्रेस ट्रेन से अवैध मादक पदार्थ तस्करी का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 8.600 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 29 हजार रुपए बताई गई है। जीआरपी पुलिस प्रभारी प्रमोद पाटिल के मुताबिक ट्रेन नंबर 12615 (नई दिल्ली-चेन्नई एक्सप्रेस) में सवार दो संदिग्ध युवकों को आमला रेलवे स्टेशन पर पकड़ा। जांच के दौरान दोनों के पास से बैग बरामद किए गए, जिनमें अलग-अलग पैकेटों में गांजा भरा मिला। पुलिस के अनुसार आरोपी ताजिम अनवर (27) निवासी हूल्ली, जिला श्रीरामपुर, पश्चिम बंगाल और सलीम कुमार नायक (33) निवासी कंजामाली, जिला गजपति, ओडिशा हैं। ताजिम के पास से 4.240 किलो गांजा जबकि सलीम नायक के पास से 4.360 किलो गांजा बरामद हुआ। दोनों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी यह गांजा ओडिशा से लेकर महाराष्ट्र की ओर तस्करी कर रहे थे। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
संभल जिले के अल्लीपुर खुर्द गांव में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। तहसील प्रशासन ने आठ बीघा सरकारी जमीन पर बने 40 मकानों की पैमाइश की है। इनमें बंजर भूमि पर 22 और खलियान की भूमि पर 15 मकान शामिल हैं। इसके अलावा, खाद के गड्ढे और खेल के मैदान की भूमि पर किए गए कब्जों को भी मुक्त कराया गया है। यह कार्रवाई हयातनगर थाना क्षेत्र के अल्लीपुर खुर्द गांव में हुई। गाटा संख्या 411 क की लगभग छह बीघा बंजर भूमि पर 22 मकानों का निर्माण पाया गया। इसी तरह, गाटा संख्या 415 की दो बीघा खलियान भूमि पर 15 मकान बने हुए मिले। प्रशासनिक टीम ने गाटा संख्या 237 (खेल का मैदान) और गाटा संख्या 238 (खाद के गड्ढे) पर किए गए कब्जों को भी हटाया। गुरुवार दोपहर 2 बजे कानूनगो उरमान सिंह और हल्का लेखपाल सरजीत कुमार के नेतृत्व में पांच लेखपालों की टीम, जिसमें ज्ञानेश कुमार और शहराज उस्मानी भी शामिल थे, मौके पर पहुंची। लेखपाल सरजीत कुमार ने बताया कि गांव के दो व्यक्तियों द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीम ने गांव में फीता डालकर पैमाइश की है। अब सरकारी जमीन पर बने मकानों को चिह्नित कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बुरहानपुर के ग्राम झिरी स्थित नवलसिंह सहकारी शकर कारखाना के श्रमिक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 20 जनवरी से आंदोलन कर रहे हैं। इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर स्थित इस कारखाने के सामने श्रमिकों ने गुरुवार से क्रमिक भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। आज शाम नेपानगर विधायक मंजू दादू ने आंदोलन स्थल पहुंचकर श्रमिकों से मुलाकात की। विधायक मंजू दादू ने श्रमिकों को सलाह दी कि वे कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर से आग्रह किया जाए कि समझौता पत्र पर कारखाना के एमडी से चर्चा कर उसे भोपाल भेजा जाए। विधायक ने आश्वासन दिया कि वे भोपाल में सहकारिता मंत्री से बात कर समझौते को लागू करवाने का प्रयास करेंगी। तीन महीने में कुछ नहीं हुआ, इसलिए आक्रोशराष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के अध्यक्ष ललित कश्यप ने बताया कि यह हड़ताल नवलसिंह सहकारी शकर कारखाना प्रबंधन और श्रमिक संघ के बीच अक्टूबर 2023 में हुए समझौते का पालन न होने के कारण की जा रही है। उन्होंने कहा कि समझौते के तीन माह बीत जाने के बाद भी उस पर अमल नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। कश्यप के अनुसार, जुलाई 2023 से कार्यरत श्रमिक कर्मचारियों को शासन द्वारा स्वीकृत महंगाई भत्ता नहीं दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022-23 में हुए समझौतों का भी उल्लंघन किया गया है। उन्होंने बताया कि 1990 से लगातार समझौते होते आए हैं, लेकिन अब उन पर अमल नहीं हो रहा है। ललित कश्यप ने यह भी बताया कि पिछले 40 वर्षों में इस समय कारखाना सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। कम मजदूरों के साथ भी अच्छा उत्पादन और रिकवरी हो रही है, लेकिन कर्मचारियों को केवल मजदूर बनकर काम करना पड़ रहा है। रिक्त पदों पर भी 10 से 12 हजार रुपए में काम करवाया जा रहा है। कारखाने में कुल 450 कर्मचारी कार्यरत हैं। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि 28 जनवरी तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे 29 जनवरी से आमरण अनशन शुरू कर देंगे। 20 जनवरी से कर रहे आंदोलनगौरतलब है कि कर्मचारियों ने 20 जनवरी से आंदोलन शुरू किया। पहले दिन काली पट्टी बांधकर काम किया। दूसरे दिन कारखाने के गेट के पास विरोध प्रदर्शन किया। तीसरे दिन गुरुवार से क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की। 27 जनवरी को दोपहर एक बजे एक घंटा नो वर्क ड्यूटी की जाएगी। 28 जनवरी को स्लो डाउन किया जाएगा।
कन्नौज में एसपी आवास के पास एक परचून दुकानदार पर युवकों ने हमला कर दिया। दुकान में रखा सामान उठाकर फेंक दिया। मारपीट और उपद्रव से चौराहे पर अफरातफरी मच गई। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के गोलकुआं चौराहे का है। यहां गुरुवार शाम एक परचून दुकान पर तीन युवक पहुंचे और सिगरेट की डिब्बी मांगी। दुकानदार अमित तिवारी ने सिगरेट की डिब्बी दे दी, जिसे युवक ने अपनी जेब में डाल लिया और आपस मे बातचीत करने लगे, कुछ देर बाद दुकानदार ने पैसे मांगे तो युवक ने फिर सिगरेट की डिब्बी मांगी। दुकानदार ने बताया कि वह डिब्बी दे चुका है तो युवक भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। दुकानदार ने जब उसका विरोध किया तो युवक ने फोन कर अपने 8 से 10 साथियों को बुला लिया। सभी ने एकजुट होकर दुकानदार पर हमला कर दिया और मारपीट करते हुए अमित तिवारी व उनके साथियों को घायल कर दिया। जब दुकानदार ने शटर बन्द करने का प्रयास किया तो वहां रखा सामान हमलावरों ने फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस को सूचना देने पर हमलावर पथराव करते हुए भाग गए। मारपीट और उपद्रव के दौरान चौराहे पर भगदड़ मच गई। ये घटना एसपी आवास से चंद कदम की दूरी पर है। मामले को लेकर पीड़ित दुकानदार अमित तिवारी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह में बताया कि दुकान पर झगड़ा हुआ है। जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
यूपी में खुले नालों और असुरक्षित निर्माण कार्यों ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दी हैं। नोएडा में हाल ही में हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब बरेली के भोजीपुरा से विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां प्रशासन और ग्राम प्रधान की घोर लापरवाही के कारण डेढ़ साल के मासूम प्रयाग को अपनी जान गंवानी पड़ी। घर के ठीक सामने बने गहरे नाले ने उस वक्त काल का रूप ले लिया जब बच्चा वहां खेल रहा था। वोट नहीं देने पर जानबूझकर बनाया नालाबरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो किसी का भी कलेजा चीर दे। एक लाचार पिता अपनी गोद में अपने डेढ़ वर्षीय मृत बच्चे प्रयाग को लिए बैठा है- यह मौत कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि एक प्रधान को वोट नहीं देने का नतीजा है। मोहम्मदपुर ठाकुरान गांव में घर के पास बने एक अवैध नाले ने इस मासूम की जिंदगी छीन ली। परिवार का आरोप है कि जिस नाले को मौत का कारण बताया जा रहा है, वह न केवल अवैध है बल्कि उसे चुनावी रंजिश के चलते जानबूझकर खतरनाक स्थिति में छोड़ा गया था। देखे 3 तस्वीरें ..... खेलता हुआ बचपन नाले की गंदगी में समायाजानकारी के मुताबिक, जितेंद्र का डेढ़ वर्षीय पुत्र प्रयाग गुरुवार दोपहर को घर के पास ही खेल रहा था। खेलते-खेलते वह अचानक पास ही बने गहरे नाले में जा गिरा। जब तक परिजनों की नजर पड़ी और उसे बाहर निकाला गया, मासूम की सांसें उखड़ चुकी थीं। बदहवास परिजन उसे लेकर तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और परिवार का इकलौता चिराग बुझ जाने से कोहराम मचा हुआ है। अनसुनी रही मुख्यमंत्री पोर्टल तक की गुहारमृतक मासूम के दादा रामदास ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि यह नाला सरकारी नक्शे में दर्ज ही नहीं है, बल्कि प्रधान पति रामकिशोर ने इसे अवैध तरीके से बनवाया था। परिवार ने इसे लेकर कई बार शिकायत की थी, यहाँ तक कि करीब एक माह पूर्व 'मुख्यमंत्री पोर्टल' (आईजीआरएस) पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत पर भोजीपुरा पुलिस गांव आई भी थी और निस्तारण के निर्देश दिए थे, लेकिन रसूख के आगे कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई। न तो नाले को बंद कराया गया और न ही उसे ढका गया, जिसका नतीजा आज इस मासूम की मौत के रूप में सामने आया है। प्रधान पति पर मुकदमा दर्जहादसे से आक्रोशित परिजन बच्चे का शव लेकर सीधे भोजीपुरा थाने पहुंचे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर प्रधान पति के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
श्रीरामलल्ला के पाटोत्सव महोत्सव–2026 के पावन अवसर पर गुरुवार, 22 जनवरी को मणिरामदास की छावनी, वासुदेव घाट में यह महोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति भाव से हुआ। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष, महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज के अस्वस्थ होने के कारण कार्यक्रम को सादगीपूर्वक आयोजित किया गया। महंत नृत्यगोपाल दास के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं शतायु होने की मंगलकामना का संकल्प इस अवसर पर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं शतायु होने की मंगलकामना का संकल्प भी लिया गया।विदित हो कि 22 जनवरी 2024 को प्रभु श्रीरामलला अपने जन्मस्थान पर विराजमान हुए थे। तभी से श्रीरामलल्ला अयोध्या जी सेवा समिति के तत्वावधान में प्रतिवर्ष प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है। इसी क्रम में श्रीराम यंत्र पर प्रभु श्रीरामलला की स्थापना कर विधिवत पूजन किया गया तथा भक्तों के मध्य उसका वितरण भी किया गया। 108 आचार्यों द्वारा सामूहिक रूप से सुंदरकाण्ड का पाठ किया गयागुरुवार को सम्पन्न इस धार्मिक अनुष्ठान में मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास तथा ज्योतिषाचार्य डॉ. आचार्य राजानंद शास्त्री (डॉ. हरीश शास्त्री) द्वारा वैदिक विधि से पूजन सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर 108 आचार्यों द्वारा सामूहिक रूप से सुंदरकाण्ड का पाठ किया गया तथा श्रीराम रक्षा यंत्र का पूजन एवं श्रीराम रक्षा स्तोत्र का सस्वर पाठ सम्पन्न हुआ।ज्योतिषाचार्य डॉ. आचार्य राजानन्द शास्त्री ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीराम रक्षा यंत्र का निर्माण चाँदी पर किया गया है, जिसे ऑनलाइन माध्यम से श्रद्धालु भक्तों तक पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस यंत्र से भक्तों को आध्यात्मिक, मानसिक एवं दैहिक लाभ की अनुभूति हो रही है।उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम अत्यंत भव्य रूप में आयोजित किया जाना प्रस्तावित था, किंतु ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास महाराज के अस्वस्थ होने के कारण कार्यक्रम को सीमित स्वरूप में सम्पन्न किया गया। साथ ही ब्राह्मणों को विशेष संकल्प प्रदान किया गया कि वे श्री महाराज जी की दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए पाठ एवं जप करें, जिससे श्री महाराज जी शतायु हों और पुनः स्वस्थ होकर अपने शिष्यों एवं श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते रहें।
वाराणसी जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक लेखपाल पर दबंगों ने हमला कर दिया। सरकारी आदेश का पालन कराने पहुंचे लेखपाल के साथ मारपीट की गई और उनके सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए गए। यह घटना डेगरुपुर गांव में हुई। खबर को पढ़िए विस्तार से... रौना कला के लेखपाल सतीश यादव गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे डेगरुपुर गांव पहुंचे थे। वे तहसीलदार न्यायिक सदर वाराणसी के आदेश पर और एक आईजीआरएस प्रार्थना पत्र की जांच के संबंध में विपक्षी रघुनाथ यादव को अतिक्रमण हटाने का नोटिस देने गए थे। दबंगों ने लाठी-डंडों से पीटा लेखपाल के अनुसार, जैसे ही वे मौके पर पहुंचे, आरोपी रघुनाथ यादव और उनके परिजनों ने उन्हें घेर लिया। दबंगों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला किया। आरोपियों ने लेखपाल के हाथ से सरकारी फाइल, नजरी नक्शा और महत्वपूर्ण नोटिस छीनकर फाड़ दिए। 20 लेखपाल चौबेपुर थाने पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। लगभग 20 लेखपाल तुरंत चौबेपुर थाने पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए तहरीर दी। लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कार्य बहिष्कार जैसा कदम उठा सकते हैं। गांव के सुरेंद्र पाल ने बताया कि सरकारी जमीन खाली कराने का प्रार्थना पत्र उन्होंने ही दिया था। हालांकि, उन्होंने लेखपाल के सरकारी दस्तावेज फाड़ने जैसी घटना से इनकार किया। थानाध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने बताया ''तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं''
देवरिया जिले के बलटिकरा गांव में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। यहां भू-माफिया ने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार को काम रोकने से इनकार कर दिया और उन्हें चुनौती दी। इस घटना का वीडियो सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बलटिकरा निवासी एक व्यक्ति ने तहसीलदार से लिखित शिकायत की थी कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार ने नायब तहसीलदार को तत्काल मौके पर भेजकर निर्माण कार्य रुकवाने के निर्देश दिए थे। जब नायब तहसीलदार अवैध निर्माण स्थल पर पहुंचे, तो वहां मौजूद भू-माफिया ने सरकारी आदेश मानने से इनकार कर दिया। दबंग व्यक्ति ने अधिकारी को खुलेआम चुनौती देते हुए कहा, किसी के कहने पर काम नहीं रुकेगा, आपके कहने से भी नहीं रुकेगा। वीडियो में नायब तहसीलदार निर्माण रोकने की अपील करते दिख रहे हैं, जबकि भू-माफिया बेखौफ होकर काम जारी रखने की बात कह रहा है। इस घटना ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम लोगों में रोष है। बलटिकरा क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं। प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण भू-माफियाओं के हौसले बढ़े हैं। अब जिला प्रशासन पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि इस मामले में क्या सख्त कार्रवाई की जाती है और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाता है या नहीं।
प्रयागराज के माघ मेले में स्थित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में सवा लाख शिवलिंग पैक रखे गए हैं। जबकि यह श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए यहां पर लाए गए थे। करीब 5 हजार शिवलिंग यहां सजाए जा चुके थे लेकिन इसी बीच मौनी अमावस्या के मौके पर यहां अविमुक्तेश्वरानंद महराज के साथ संगम पर प्रशासन के साथ विवाद हो गया था। तब से लगातार नाराज शंकराचार्य अपने शिविर के बाहर ही बैठे हुए हैं। वह लगातार 6 दिनों से अपने शिविर में अंदर नहीं गए हैं। यही कारण है कि यह जो शिवलिंग छत्तीसगढ़ से लाए गए थे वह कार्टून में पैक ही रखे गए हैं। ऐसी स्थिति में यह खोला नहीं जा रहा है। शंकराचार्य ने कहा, कि एक साथ सवा लाख शिवलिंग किसी ने देखा है क्या? हम यहां पर सवा लाख शिवलिंग लेकर आए थे लेकिन तब तक यह घटना घट गई। सवा लाख शिवलिंग के दर्शन से यहां आने वाले श्रद्धालु वंचित रह गए। यह किसका दोष है? छत्तीसगढ़ में बनना है सवा लाख शिवलिंग वाला मंदिरशंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य विवेक शुक्ला एडवोकेट ने दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में बताया कि छत्तीसगढ़ में रायपुर के बेमेतरा में सवा लाख शिवलिंग का मंदिर बनना है जो एशिया के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में जाना जाएगा। इसकी लागत करीब 65 करोड़ रुपये होगी। वहां पर जो शिवलिंग स्थापित होनी थी वह शिवलिंग माघ मेले में यहां लाई गई है। ताकि इस पवित्र त्रिवेणी संगम आने वाले श्रद्धालु भी इसका दर्शन कर सकते। इसके बाद इसे यहां से वह रायपुर ले जाने की तैयारी लेकिन बवाल के बाद से यह सब नहीं हो पाया। अब महराज जी अंदर नहीं आ रहे हैं। कुछ शिवलिंग ही लगे हैं बाकी सब पैक हैं। प्रशासन की जिद के आगे यह सब हो रहा है। जहां पर होता था प्रवचन, वहां छायी है खामोशीमाघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर स्थित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का शिविर है। यहां हर बार प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान व कार्यक्रम आयाजित होते थे। लेकिन इस मौनी अमावस्या के दिन हुए बवाल के बाद से सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। यहां शिविर के अंदर पूरी तरह से खामोशी छायी हुई है। मंच पर शंकराचार्य के आराध्य देव विराजमान हैं जहां एक वेदपाठी लगातार वहां बैठा हुआ है। बाकी गिने चुने उनके शिष्य ही यहां नजर आते हैं। शंकराचार्य से गुरु दीक्षा लेने व आशीर्वाद लेने के लिए आने वाले श्रद्धालु भी लौट जा रहे हैं। शिविर में बंद हैं सभी धार्मिक आयोजनपंडित अनुराग भार्गव कहते हैं कि पिछले 6 दिनों से महराज जी अंदर नहीं आए हैं। यहां चार बजे से सुबह 6 बजे तक धर्म सभा होती थी, जिसमें प्रयाग के संत समाज के लोग आते थे और गुरुजी के गो माता-राष्ट्र माता अभियान में समर्थन देते थे। इसके लिए हम लोगों ने “गौ माता से सरकार डरती है-पुलिस को आगे करती है” का नारा दिया है। महाराज जी ने मेला क्षेत्र में संतों के बीच में जाकर गौ माता-राष्ट्र माता के लिए शपथ दिला रहे हैं। सरकार को इस पर आपत्ति है। उन्होंने कहा, कि मौनी अमावस्या के बाद से शिविर के अंदर कोई धार्मिक कार्यक्रम, पूजा पाठ आदि नहीं हो पा रहा है। बड़ी संख्या में महराज जी के शिष्य आते लेकिन इस तरह की स्थिति होने के चलते वहा यहां नहीं आ पा रहे हैं।
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में शासकीय कार्यक्रमों के नाम पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े पदाधिकारियों को मंच दिए जाने को लेकर एनएसयूआई (NSUI) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। एनएसयूआई ने इसे विश्वविद्यालय की अकादमिक तटस्थता और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। एनएसयूआई के प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को RSS का वैचारिक मंच बनाने का प्रयास किया जा रहा है। दरअसल, 21 जनवरी 2026 को आयोजित “श्रीमंत शंकरदेव शोधपीठ लोकार्पण समारोह” में डॉ. कृष्ण गोपाल (माननीय सह-सरकार्यवाह, RSS) को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था। इसके विरोध में आज NSUI ने जोरदार प्रदर्शन किया है। एनएसयूआई का कहना है कि यह निर्णय विश्वविद्यालय की शासकीय मर्यादाओं, अकादमिक निष्पक्षता और संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के पूरी तरह विपरीत है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर कुलपति के नाम की पट्टिका लगाई। इस पर पदनाम लिखा था - कुलपति एवं RSS कार्यकर्ता। पाल ने कहा- RSS कोई शैक्षणिक संस्था नहीं बल्कि एक वैचारिक संगठन है। शासकीय विश्वविद्यालय किसी एक राजनीतिक या वैचारिक संगठन का मंच नहीं हो सकता। ऐसे में उनके पदाधिकारी को विश्वविद्यालय के मंच से मुख्य वक्ता बनाना विचारधारात्मक प्रचार की श्रेणी में आता है। एनएसयूआई के सवाल एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल किए हैं कि— राजनीतिक एजेंडे का आरोप एनएसयूआई का आरोप है कि इस तरह के आयोजन संविधान की धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है। विश्वविद्यालय को एक विशेष राजनीतिक-वैचारिक एजेंडे का उपकरण बनाया जा रहा है। एनएसयूआई की मांग एनएसयूआई ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे कि RSS से जुड़े व्यक्ति को किस हैसियत और किस नियम के तहत आमंत्रित किया गया। भविष्य में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय सहित सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में राजनीतिक या वैचारिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों को मुख्य वक्ता या मुख्य अतिथि बनाने पर तत्काल रोक लगाई जाए। ये रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल के साथ मोनू तिवारी, गवेश साहू, अंकित बंजारे, सुजीत सुमेर, मनीष बंधे, शेख अरसलान, आलोक खारे, हर्ष शर्मा, यश देवांगन, भोला विश्वकर्मा सहित अन्य छात्र नेता मौजूद रहे।
सोनभद्र में गुरुवार को डायट परिसर, उरमौरा, रावटसगंज में सरस मेला एवं बाल पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) जागृति अवस्थी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय ने दीप प्रज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया। बाल पुस्तक प्रदर्शनी में 160 विद्यालयों के कक्षा तीन से आठ तक के 1000 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य बच्चों में किताबें पढ़ने की रुचि बढ़ाना था, ताकि वे मोबाइल की दुनिया से निकलकर किताबों के माध्यम से अपना ज्ञान बढ़ा सकें। कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की रुचिकर पुस्तकें रखी गई थीं, जिससे बच्चे कहानियों और गीतों के जरिए विषयों को आसानी से सीख सकें। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए और सीडीओ जागृति अवस्थी ने उनसे किताबों के विषयों पर चर्चा की। सरस मेले का आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा किया गया था, जिसमें कुल 16 स्टॉल लगाए गए। 50 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने बनाए उत्पादों को बिक्री और प्रदर्शनी के लिए रखा। इस मेले में 700 से अधिक महिलाओं ने भागीदारी की। मेले में मिलेट्स फूड, सोया मिल्क पनीर, सोया मिल्क दही, सोया मक्खन, रागी के लड्डू, बांस के सामान, मूंज के उत्पाद, आधुनिक कपड़े और जैविक सब्जियां जैसे विभिन्न उत्पाद उपलब्ध थे। जन समुदाय से सैकड़ों लोगों ने इसमें भाग लिया, जिससे स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को पहचान मिली। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। उपयुक्त रोजगार अधिकारी ने बताया कि समूह द्वारा निर्मित सामग्रियां अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी हेमंत सिंह और डीसी जीरामजी रविंद्र सिंह,जिला पंचायतीराज अधिकारी नमिता शरण , उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता सिंह , समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, योगेश पांडेय समस्त जिला समन्वयक ,सहित जनपद एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में मानसिक रूप से कमजोर पिता और मूक-बधिर मां की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि इस गंभीर मामले में रामपुरा थाना पुलिस शुरुआत में लीपापोती करने में जुटी रही। लेकिन जब प्रकरण उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया। तब जाकर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और पीड़िता को चिकित्सकीय परीक्षण व न्यायालय में बयान के लिए जिला मुख्यालय भेजा। घटना के बाद पीड़ित परिवार बेहद असहाय स्थिति में है। नाबालिग के पिता मानसिक रूप से बीमार हैं। जबकि मां मूक-बधिर है। बताया गया कि करीब एक माह पूर्व 20 दिसंबर 2025 को 13 वर्षीय किशोरी टीहर गांव के रहने वाले ज्ञानेंद्र दीक्षित पुत्र विजय शंकर दीक्षित की दुकान पर घरेलू सामान लेने गई थी। इसी दौरान आरोपी ने नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करते हुए दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना से आहत बच्ची ने किसी तरह अपने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती बताई। परिजनों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बावजूद आरोप है कि थाना स्तर पर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि कार्रवाई न होने पर वे नाबालिग को लेकर थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी। इसके बावजूद पुलिस ने एक ग्राम प्रधान के कथित इशारे पर तहरीर बदलवाकर मामले को छेड़छाड़ तक सीमित करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, गंभीर अपराध को दबाने के लिए पीड़िता के पिता से चिकित्सकीय परीक्षण न कराने की बात भी कहलवाई गई। गुरुवार को पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण जिला अस्पताल में कराया गया। परिजनों का कहना है कि बच्ची की शारीरिक स्थिति भी ठीक नहीं है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि बच्ची की हालत गंभीर है। उसे लगातार चिकित्सकीय देखरेख की आवश्यकता है।
लखनऊ में गुरुवार को ईपीएस- 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले पेंशनरों ने विरोध प्रदर्शन किया। पेंशन बढ़ोत्तरी, महंगाई भत्ता और मुफ्त चिकित्सा सुविधा जैसी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। गोमती नगर स्थित ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय पर मांगे ना पूरी होने पर नाराजगी जताई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के.एस तिवारी ने बताया कि केन्द्रीय श्रम मंत्री को संबोधित ज्ञापन ईपीएफओ आयुक्त को सौंपा है। पेंशन बढ़ोतरी का बार-बार आश्वासन देने के बावजूद अभी तक इसकी घोषणा नहीं की गई है I सरकार अलग अलग योजनाओं में बिना किसी अंशदान के तीन चार हजार पेंशन बांट रही है। ये बेहद अफसोसनाक है कि हमारी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। 81 लाख वृद्ध पेंशनरों के साथ अन्याय प्रदर्शन में शामिल उमाकांत सिंह ने कहा कि ईपीएस- 95 पेंशनरों को 30-35 साल अपने सेवा काल में नियमित पेंशन अंशदान ईपीएफओ में जमा करने के बावजूद औसतन 1171 रुपए मासिक पेंशन दी जा रही है। जो कि देश के 81 लाख वृद्ध पेंशनरों के साथ अन्याय है। न्यूनतम पेंशन 7500 हजार रुपए किए जाने की मांग पेंशनर्स ने केंद्र सरकार से आगामी बजट में न्यूनतम पेंशन 7500 हजार रुपए किए जाने की मांग की। प्रदर्शन में अपट्रान की महिला पेंशनर, रोडवेज, आवश्यक वस्तु निगम, एचएएल, आईटीआई, सीड कॉरपोरेशन, एफसीआई, वन निगम, निर्माण निगम सहित कई निगमों और निजी संस्थाओं के पेंशनर शामिल हुए। मांगे पूरी न होने पर भविष्य में महा आंदोलन की चेतावनी दी।
लखीमपुर में युवक को जिंदा जलाने की कोशिश:चौराहे पर पेट्रोल डालकर खोखा फूंका, एक घायल
लखीमपुर में भीरा थाना क्षेत्र के ईंट कुटी चौराहे पर गुरुवार रात एक युवक को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। शराब के नशे में धुत एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक खोखे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस घटना में खोखा संचालक रवि गुप्ता गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी को मामूली चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुरुवार रात रवि गुप्ता अपने खोखे में सामान रख रहे थे। इसी दौरान उनका विवाद सोबरन यादव से हो गया। आरोप है कि विवाद के बाद सोबरन यादव तीन-चार अन्य लोगों के साथ मौके पर दोबारा पहुंचा। उसने खोखे में रखा पेट्रोल निकालकर पहले खोखे पर और फिर रवि गुप्ता पर डाला, जिसके बाद माचिस से आग लगा दी। आग की चपेट में आने से रवि गुप्ता बुरी तरह झुलस गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। इस घटना में खोखा पूरी तरह जलकर राख हो गया। घायल रवि गुप्ता को तुरंत बिजुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर कर दिया गया। उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी को भी उपचार दिया गया, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही भीरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गुरुवार शाम उस वक्त सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए, जब चेकिंग के दौरान एक यात्री के बैग से कारतूस बरामद हुआ। जानकारी मिलने के बाद एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। दिल्ली होते हुए दम्माम जाने की थी तैयारीजानकारी के मुताबिक, बिहार के अकबरपुर, रोहतास का रहने वाला वसीम अकरम (31) पुत्र अकील अहमद खान एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (IX-1049) से शाम करीब 4 बजे दिल्ली जाने वाला था। दिल्ली पहुंचने के बाद उसे रात 8:30 बजे की कनेक्टिंग फ्लाइट से सऊदी अरब के दम्माम शहर के लिए उड़ान भरनी थी। यात्री ने बोर्डिंग पास ले लिया था। स्कैनर से जांच के दौरान मिला कारतूसमामले का खुलासा तब हुआ जब यात्री सीआईएसएफ (CISF) के सुरक्षा घेरे में पहुंचा। उसके द्वारा लिए जाए जा रहे सामानों की स्कैनिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात जवानों को बैग के भीतर कुछ संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। उसके बाद सघन तलाशी ली गई तो बैग से एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। कारतूस मिलते ही सुरक्षाकर्मियों ने वसीम को घेरे में ले लिया और उसे हवाई यात्रा करने से रोक दिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी गई। वसीम नहीं दिखा पाया कोई वैध दस्तावेजशुरुआती पूछताछ में यात्री कारतूस के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। ऐसे में स्थानीय अधिकारियों को सूचना देने के साथ ही सीआईएसएफ के जवानों द्वारा फूलपुर पुलिस के साथ-साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो और एलआईयू के बारे में इसकी सूचना दी गई। बाद में यात्री को बाबतपुर पुलिस चौकी पर पहुंचाया गया। फिलहाल, पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या यह कारतूस किसी लाइसेंसी हथियार का है, जिसे यात्री भूलवश साथ ले आया, या फिर इसके पीछे कोई साजिश या आपराधिक इरादा था। यात्री को पुलिस कस्टडी में ले लिया है। खबर लिखे जाने तक यात्री से पूछताछ चलती रही। यह भी बता दें कि यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी इसी साल दो यात्रियों के बैग से कारतूस बरामद हो चुके हैं।
मेरठ में बसंत पंचमी की धूम:छतों पर पतंगबाजी की तैयारियां , पतंग बाजारों में उमड़ी भीड़
मेरठ में बसंत पंचमी पर उत्सव का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही लोगों में बसंत को लेकर खासा उत्साह नजर आया। परंपरा के अनुसार छतों पर पतंग उड़ाने की तैयारियां हुईं और बाजारों में पीली पतंगों की डिमांड बढ़ गई। शहर के पतंग बाजारों में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की भारी भीड़ रही। दुकानदारों ने बताया कि इस बार बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रही। साथ ही सादा मांझा और पर्यावरण सुरक्षित सामग्री की मांग बढ़ी है। बसंत पंचमी को लेकर घरों की छतों पर सफाई और सजावट की गई। बच्चों में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। बाजारों में पीले फूलों, प्रसाद और वाद्ययंत्रों की दुकानों पर रौनक रही। ढोल, मंजीरा और संगीत ने माहौल को और उत्सवमय कर दिया। कई क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां की गईं और सोशल मीडिया पर भी बसंत पंचमी की तस्वीरें वायरल होती रहीं। पतंग उड़ाने के दौरान सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। प्रशासन ने चीनी मांझे से बचने की अपील की और लोगों ने पारंपरिक तरीके से पर्व मनाने का संकल्प लिया। कुल मिलाकर बसंत पंचमी ने पूरे शहर को रंग, उमंग और उल्लास से भर दिया।
कौशांबी में रुपए के लेनदेन में फायरिंग और बमबाजी:आरोपी फरार, युवक बाल-बाल बचा; जांच में जुटी पुलिस
कौशांबी में गुरुवार रात करीब 8 बजे रुपयों के लेनदेन को लेकर फायरिंग और बमबाजी की घटना सामने आई। एक युवक पर बम से हमला कर फायरिंग की गई, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। यह घटना कोखराज थाना क्षेत्र के भरवारी कस्बे में मदरसा के सामने हुई। मोहम्मद अरशद पर उनके रिश्ते के मामा के बेटे आलीशान पुत्र कल्लू ने हमला किया। आलीशान, जो गनसरी थाना संदीपन घाट का निवासी है, ने गली में घुसते ही अरशद पर बम फेंका। अरशद इस हमले में बच गया। बम फेंकने के बाद जब अरशद अपने घर की ओर भागा, तो आरोपी आलीशान ने उस पर फायरिंग भी की। बमबाजी और फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर कोखराज थाना की भरवारी चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। भरवारी चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पुलिस द्वारा जांच की जा रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला रुपयों के लेनदेन से जुड़ा हुआ है।
लखीमपुर में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित चौगुर्जी गांव, जो वर्षों से नदी और दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण विकास से वंचित था, अब मुख्यधारा से जुड़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार की योजनाओं और जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल से गांव के 109 परिवारों को बुनियादी सुविधाएं मिली हैं। गुरुवार को जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और निघासन विधायक शशांक वर्मा ने कर्णाली और मोहना नदी पर बने पांटून पुल का लोकार्पण किया। इस पुल के निर्माण से गांव तक पहुंचने का समय दो घंटे से घटकर कुछ मिनट रह गया है। अब एंबुलेंस, स्कूल बस और अन्य आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। जल जीवन मिशन के तहत गांव के सभी 109 परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल की सुविधा मिली है। इससे वर्षों से आर्सेनिक युक्त पानी पीने की समस्या का समाधान हुआ है। इसके अतिरिक्त, गांव में 20 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, जिससे रात के समय रोशनी और सुरक्षा में सुधार हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। परिषदीय विद्यालयों में सोलर विद्युत व्यवस्था, स्मार्ट क्लास और नया फर्नीचर उपलब्ध कराया गया है। इससे सीमांत क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान विधायक शशांक वर्मा और जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया। जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए, पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड सौंपे गए और किसानों को मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत उथले नलकूप योजना का लाभ दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें वर्षों बाद बुनियादी सुविधाएं मिली हैं। चौगुर्जी गांव में हुए ये विकास कार्य जिले में चल रहे व्यापक विकास प्रयासों को दर्शाते हैं।
नर्मदापुरम में एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम जोड़ने काटने की चल रही दावा-आपत्ति के प्रक्रिया पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिवकांत पांडे के नेतृत्व में युवा कांग्रेस ने गुरुवार को मामले में अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम राजीव रंजन पांडे को ज्ञापन सौंपकर एसआईआर की प्रक्रिया को निष्पक्ष करने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी। कहा कि गड़बड़ी होती है तो हम हाईकोर्ट तक जाएंगे। युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नर्मदापुरम में षड्यंत्र पूर्वक सत्तारूढ़ दल के BLA द्वारा BLO पर पात्र मतदाताओं का नाम काटने के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। युवा कांग्रेस नगर अध्यक्ष गुलाम मुस्तफा ने बताया नगर के विभिन्न वार्डों में अलोकतांत्रिक और तरीके से अनावश्यक व्यक्तियों द्वारा पात्र मतदाताओं के नाम काटने के लिए BLO को आपत्ति दर्ज कराई जा रही है, जो असंवैधानिक है। हमने ज्ञापन के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की इस प्रक्रिया के अंतर्गत पारदर्शी तरीके से और गड़बड़ी कर रहे BLO पर कार्रवाई की जाए। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएं और मतदाता सूची से विलोपित किए गए नामों को सार्वजनिक कर उपलब्ध कराया जाए। जिलाध्यक्ष बोले- शहर में ऐसे कई मामलेकांग्रेस के रिजवान खान ने बताया मैं बूथ नंबर 55 से कांग्रेस का बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) हूं। मेरे नाम से ही किसी ने इटारसी निवासी रोहित सूर्यवंशी ने नाम कटवाने के लिए आपत्ति लगाई। जबकि आपत्तिकर्ता से बात करने पर पता चला कि उसके द्वारा किसी भी प्रकार की आपत्ति नहीं लगाई गई है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिवकांत पांडे ने बताया ऐसे कई मामले शहर के अत्यधिक वार्डों में देखने को मिल रहे। जिसके लिए बिना दबाव में निष्पक्ष तरह से कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवकांत पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष अनोखी राजोरिया, नगर अध्यक्ष कमलेश बाथरे, धर्मेंद्र तिवारी, फैज़ान उल हक़ , अजय सैनी, इरारसी नगर अध्यक्ष कन्हैया गोस्वामी, प्रताप ठाकुर, गुलाम हैदर, जिला प्रवक्ता अनिल रैकवार, सूरज तिवारी, कुलदीप राठौर , अमित खत्री, अजय दुबे, गुलरेज़ बेग, सिराज खान समेत अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्तिथ रहे।
सीतापुर में गुरुवार को बकाया वसूलने गई बिजली विभाग की टीम पर गांववालों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने बिजली कर्मियों को दौड़ाकर पीटा। ईंट-पत्थरों और धारदार हथियारों से हमला किया। मारपीट में 3 कर्मचारी घायल हो गए। सूचना पर जेई मौके पर पहुंचे और पुलिस को बुलाया गया, लेकिन तब तक हमला करने वाले भाग चुके थे। घायल कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। कर्मचारियों की शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस गांववालों की तलाश कर रही है। मामला पिसावां थाना क्षेत्र के गडासा गांव का है। अब जानिए पूरा मामला... टेक्नीशियन अजीत कुमार पांडे, शुभम कुमार, राहुल कुमार सिंह और अनूप कुमार देवगंवा विद्युत उपकेंद्र पर तैनात हैं। गुरुवार दोपहर तीनों कर्मचारी गडासा गांव में बिजली बिल के बकाया की वसूली करने पहुंचे थे। टीम ने कई उपभोक्ताओं से बकाया राशि जमा कराई। जिन उपभोक्ताओं ने भुगतान नहीं किया, उनके कनेक्शन काट दिए। देर शाम वसूली टीम गांव निवासी सियाराम के घर पहुंची। उन पर करीब 28 हजार रुपए का बिजली बिल बकाया था। भुगतान न करने पर टीम खंभे के पास पहुंचकर कनेक्शन काटने लगी। तभी सियाराम और उसके साथियों ने हमला कर दिया। धारदार हथियारों से वार किए। ईंट-पत्थर बरसाते हुए बिजलीकर्मियों को गिराकर पीटा। हमले के दौरान एक कर्मचारी वीडियो बनाने लगा, तो उसका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया। इस हमले में शुभम कुमार के सिर में गंभीर चोट आई। वह हेलमेट पहने थे, जो हमले में टूट गया। अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही जूनियर इंजीनियर रजनी कुमार रावत मौके पर पहुंचे। स्थिति का जायजा लिया। घायल कर्मचारियों को उपचार के बाद देर रात पिसावां थाने लाया गया। उपकेंद्र के टेक्नीशियन अजीत कुमार पांडे ने थाने में शिकायत दी। उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, धारदार हथियार से हमला करने और सरकारी अभिलेख और मोबाइल तोड़ने के आरोप लगाए हैं। थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें 50 हिंदू लड़कियों के AI से अश्लील वीडियो बनाए, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया; मिर्जापुर में 5 जिम मालिक अरेस्ट मिर्जापुर में जिम की आड़ में चल रहे जबरन धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। दो लड़कियों की शिकायत पर एक्शन लेते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी और एक जिम मालिक फरीद अहमद को एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। उसके पैर में गोली लगी है। पूरी खबर पढ़ें
बीजापुर के सांस्कृतिक मैदान में हिंदू समाज का एक दिवसीय सम्मेलन गुरुवार को संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर धर्म, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सशक्त बनाना था। सम्मेलन के दौरान मंडली टीम द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए। संत-महात्माओं की उपस्थिति में पूजा-पाठ और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। छोटे बच्चों ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जो आकर्षण का केंद्र रहीं। धर्म और संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर वक्ताओं ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता, समरसता और सनातन मूल्यों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से एकजुट रहने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने का आह्वान किया। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समाज के सदस्यों ने सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने सनातन संस्कृति के संरक्षण और उसके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
घाटमपुर के ईटर्रा में ईंट लोड ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते पुलिस मौके पर पहुंची। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग पर जाम लगाकर चालक को बुलाने की मांग पर हंगामा काटा। पुलिस ने परिजनो और ग्रामीणों को समझाकर अधेड़ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घाटमपुर थाना क्षेत्र के ईटर्रा गांव के मजरा कंठीपुर निवासी 55 वर्षीय कूड़हादीन संख्वार बाइक लेकर घर से बाजार करने गए थे, देर शाम वह घर वापस लौट रहे थे, तभी ईटर्रा गांव के पास पहुंचते ही ईंट लोड ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मारते हुए कुचल दिया। हादसे में अधेड़ की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। राहगीरों ने घटना की सूचना फोनकर पुलिस को दी। घटना के बाद ट्रैक्टर छोड़कर चालक भाग निकला। जानकारी मिलते पुलिस मौके पर पहुंची। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग पर जाम लगाकर ट्रैक्टर चालक को मौके पर बुलाने की मांग शुरू कर दी। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने परिजनो और ग्रामीणों से वीडियो कॉल पर बात करके कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसपर ग्रामीण माने है। इसके बाद पुलिस ने अधेड़ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि वह हाईकोर्ट गए हुए थे, घटना की सूचना पर वीडियो कॉल के माध्यम से परिजनो और ग्रामीणों को समझाया है, इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
आगरा में चलती कार में लगी आग:जिंदा जल गया कार चालक, फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू
आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के मघटई में कार में आग लग गई। आग में कार चालक जिंदा जल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस औ फायर ब्रिगेड पहुंच गई। आग पर काबू पाया। कार से शव को बाहर निकाला गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। खबर अपडेट की जा रही है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) ने लाइवलीहुड कौशल विकास मिशन में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। पार्टी ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। यह प्रदर्शन आज सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुआ। गोंगपा का आरोप है कि लाइवलीहुड कौशल विकास मिशन की योजनाओं में धांधली की गई है और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे लाखों रुपये का गबन किया गया है। पार्टी ने प्रशासन पर जिला रोजगार अधिकारी को संरक्षण देने और इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। पार्टी का आरोप- प्रशासन की लापरवाही और राजनीतिक मिलीभगत उजागर पार्टी नेताओं ने बताया कि छात्र संघ ने इस मामले में कई बार आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। उनका कहना था कि कौशल विकास मिशन में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अधिकारी पर कार्रवाई न होना प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक मिलीभगत को दर्शाता है। गोंगपा ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई या भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो आने वाले समय में पार्टी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस संबंध में प्रशासन ने बताया कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा सौंपा गया ज्ञापन उचित कार्रवाई के लिए राज्यपाल महोदय को भेजा जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। इसमें 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया है। शहीद हुए जवानों में हरियाणा के झज्जर जिले का आर्मी जवान मोहित भी शामिल। इसकी सूचना गांव में गुरुवार की देर शाम को परिजनों को मिली। सूचना मिलने के बाद से ही मोहित के पैतृक गांव गिजाड़ोध में मातम छा गया। परिवार के मुताबिक, मोहित 5 साल पहले आर्मी में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। करीब एक साल पहले ही मोहित की शादी हुई थी। सरपंच नरेश ने बताया कि मोहित की पार्थिव देह कल गांव पहुंचने की सूचना मिली है। सेना द्वारा जवान का पार्थिव शरीर पूरे सैन्य सम्मान के साथ गांव लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन की ओर से भी देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवान मोहित को अंतिम विदाई देंगे। जम्मू कश्मीर में हुए हादसे के 2 PHOTOS... यहां जानिए कश्मीर में कैसे हुआ हादसा... 400 मीटर गहरी खाई में गिरी गाड़ी जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। इसमें 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 को एयर लिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया है। हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास हुआ। डोडा के डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने बताया कि सड़क पर बर्फ होने की वजह से ड्राइवर ने गाड़ी से कंट्रोल खो दिया था। गाड़ी से ऊपरी पहाड़ी पर जा रहे थे जवानसेना के अधिकारी ने बताया कि गाड़ी में सवार 21 जवान डोडा से ऊपरी पोस्ट पर जा रहे थे। सेना ने अभी यह नहीं बताया है कि जान गंवाने वाले और घायल जवान किन राज्यों से हैं। भद्रवाह-चंबा रोड जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश को जोड़ता है। रास्ते में ऊंचे पहाड़, गहरी खाइयां और घने जंगल हैं। सड़क बेहद संकरी है और कई जगह तीखे मोड़ (हेयरपिन बेंड) हैं। जहां हादसा हुआ, उस खन्नी टॉप इलाके की समुद्र तल से ऊंचाई 9 हजार फीट है। यहां मौसम तेजी से बदलता है। ठंड और कोहरा छाया रहता है। बर्फबारी के बाद यह रास्ता ज्यादा खतरनाक हो जाता है।
हिसार जिले के पटेल नगर क्षेत्र में ई-रिक्शा और पिकअप वाहन सवार लोगों के बीच हुए विवाद के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस वारदात में एक युवक पर छुरी से हमला किया गया था। पुलिस ने आरोपी जतिन के कब्जे से हमले में इस्तेमाल की गई छुरी भी बरामद कर ली है। पीएलए चौकी प्रभारी एएसआई अनूप ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि फतेहाबाद जिले के कुलान के राजबीर सिंह को लड़ाई-झगड़े में चोटें आई हैं और उन्हें सिविल अस्पताल हिसार में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और घायल राजबीर सिंह के बयान दर्ज किए। गाड़ी मोड़ने को लेकर हुआ विवाद राजबीर सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पिकअप गाड़ी का ड्राइवर है। 21 जनवरी को वह पटेल नगर, हिसार में हार्डवेयर का सामान सप्लाई करने गए थे। सामान उतारते समय गाड़ी मोड़ने को लेकर उनका एक ई-रिक्शा चालक से विवाद हो गया।विवाद के दौरान ई-रिक्शा चालक ने गाली-गलौज शुरू कर दी। पिकअप गाड़ी के ड्राइवर पर हमला वहीं कुछ ही देर में 5 युवक मौके पर पहुंच गए और उन्होंने राजबीर सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान आरोपी जतिन ने उन पर छुरी से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। पुलिस वाहन के मौके पर पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने केस किया था दर्ज शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन हिसार में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि ई-रिक्शा चालक सुरेश का ही पिकअप ड्राइवर राजबीर से विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने अपने साथियों को बुलाया था। चार आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पटेल नगर के रहने वाले सुरेश, सुभाष, जतिन और सचिन के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी जतिन से वारदात में प्रयुक्त छुरी बरामद कर ली है। सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
राजगढ़ में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर सियासत गरमा गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने नेताओं और जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में योजनाबद्ध तरीके से मतदाता सूची में हेरफेर कर रही है। कांग्रेस समर्थकों, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम काटने के लिए बीएलओ पर दबाव बनाकर बड़ी संख्या में फॉर्म-7 भरवाए जा रहे हैं। फर्जी हस्ताक्षर कर भरवाए जा रहे फॉर्म-7 प्रियव्रत सिंह ने आरोप लगाया कि सारंगपुर ब्लॉक, ब्यावरा और सुठालिया में सरकारी बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने खानपुरा के प्रहलाद और कन्हैयालाल दांगी का उदाहरण देते हुए कहा कि इनके फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म-7 के जरिए नाम काट दिए गए, जिसके प्रमाण कांग्रेस के पास हैं। सिंह ने इसे लोकतंत्र और वोट के अधिकार पर सीधा हमला बताया। मंत्री के बेटे ने BLO को दिए 300 फॉर्म जिला अध्यक्ष ने भाजपा के इलेक्शन मैनेजमेंट मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सब राजनीतिक संरक्षण में हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सारंगपुर में एक मंत्री के बेटे ने पाड़लिया पोलिंग बूथ के सरकारी बीएलओ को करीब 300 फॉर्म देकर नाम काटने के निर्देश दिए। इसी तरह ब्यावरा में भी भाजपा नेताओं द्वारा निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2023 के चुनाव में भी अंतिम समय में लाखों नाम जोड़े और काटे गए थे, जिसका असर नतीजों पर पड़ा था। कलेक्टर से की शिकायत, आयोग जाने की चेतावनी इस मामले में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि जमा हुए फॉर्म की सूची दी जाएगी और अत्यधिक संख्या में फॉर्म स्वीकार नहीं होंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि यह फर्जीवाड़ा नहीं रुका, तो वे निर्वाचन आयोग में शिकायत करेंगे और दोषियों पर आपराधिक मामला दर्ज करवाने की मांग करेंगे। देखिए तस्वीरें...
उज्जैन के तराना में गुरुवार शाम दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। इससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। कुछ उपद्रवियों ने बस स्टैंड पर खड़ी 11 बसों में तोड़-फोड़ कर दी। स्थिति को कंट्रोल करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब एक पक्ष के लोगों ने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के एक प्रचारक और उसके एक साथी के साथ मारपीट कर दी। घटना में दोनों घायल हो गए। उन्हें पहले तराना अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उज्जैन रेफर कर दिया गया। देखिए घटना की तस्वीरें तराना थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कियामारपीट की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और तराना थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और इलाके में गश्त बढ़ा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 7:30 बजे कुछ लोगों ने बस स्टैंड पर खड़ी बसों पर पत्थर और लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे 11 बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। हिंदूवादी कार्यकर्ता प्रणव मित्तल ने बताया कि संगठन के कार्यकर्ता सोहेल ठाकुर और रजत ठाकुर के साथ मारपीट की घटना के बाद ही क्षेत्र में तनाव फैल गया। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि घायलों की हालत खतरे से बाहर है। तराना में हालात काबू में हैं। मामले में कुछ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।
शिवपुरी में पिकअप और टवेरा की भिड़ंत, 1 की मौत:ग्वालियर से लौट रहे थे लोग; 4 घायल, एक महिला भी शामिल
शिवपुरी जिले के पोहरी अनुविभाग में गुरुवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गोवर्धन थाना क्षेत्र में आम वाली चौकी के पास एक पिकअप और टवेरा गाड़ी आमने-सामने भिड़ गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टवेरा सवार रियाज खान (55) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्वालियर से पोहरी आ रही थी टवेरा जानकारी के अनुसार, टवेरा वाहन ग्वालियर से पोहरी की ओर आ रहा था। तभी आम वाली चौकी के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। भिड़ंत इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। हादसे में पावर हाउस के पास पोहरी के रहने वाले रियाज खान (55) पुत्र खुदाबख्श ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायलों का बैराड़ अस्पताल में इलाज जारी दुर्घटना में टवेरा में सवार नंदू धाकड़ (निवासी पिपरघार), एक महिला, सफीक खान और इकबाल खान घायल हुए हैं। राहगीरों की मदद से सभी को तत्काल बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीकर जिले में 17 साल की नाबालिग लड़की के साथ रेप का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने नाबालिग लड़की के अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए उसे धमकाया और कई बार रेप किया। पुलिस को दी शिकायत में 18 साल की युवती ने बताया- जब वह 17 साल की थी तो आरोपी ने उससे बातचीत करके नजदीकियां बढ़ाई। आरोपी ने नाबालिग के अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। आरोपी ने दबाव बनाकर शादी करने के बहाने नाबालिग को भगाया। वीडियो वायरल करने की धमकी दीइसी दौरान आरोपी युवक ने अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद कई बार होटल में नाबालिग लड़की के साथ रेप किया। जब नाबालिग ने विरोध किया तो अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। 5 लोगों पर मामला दर्ज किया आरोपी युवक के घर वालों ने भी इस अपराध में उसका सहयोग किया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी युवक और उसके पिता सहित कुल 5 परिजनों पर पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पानीपत जिले में इसराना पुलिस ने डाहर गांव में मनी ट्रांसफर दुकान में लूट के प्रयास के आरोपी अंकुश को बुधवार शाम गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान डाहर गांव के रहने वाले अंकुश के रूप में हुई है। थाना इसराना प्रभारी सब इंस्पेक्टर महिपाल ने बताया कि पूछताछ में अंकुश ने अपने साथी प्रिंस के कहने पर नारायणा गांव के ही वंश के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपी ने बताया कि एक महीने पहले दुकानदार अशोक से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। प्रिंस इसी बात का बदला लेना चाहता था और उसने वंश के साथ मिलकर अंकुश को लूट के लिए भेजा था। आरोपी को कोर्ट में किया पेश पुलिस ने गुरुवार को आरोपी अंकुश को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। दो आरोपी जेल में हैं पुलिस ने यह भी बताया कि प्रिंस और वंश को पहले थाना समालखा में मिठाई की दुकान पर फायरिंग कर रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों फिलहाल पानीपत जेल में बंद हैं और सीआईए-3 पुलिस ने उन्हें कुछ दिन पहले हथियारों सहित गिरफ्तार किया था। मनी ट्रांसफर की दुकान पर लूट का प्रयास बता दे कि डाहर गांव के अशोक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनकी गांव में अड्डे पर गुप्ता फैक्ट्री के पास कनफेक्शनरी और मनी ट्रांसफर की दुकान है। 31 दिसंबर की दोपहर बाइक सवार दो नकाबपोश युवक दुकान में घुसे और लूटने की नीयत से पिस्तौल दिखाई। अशोक के शोर मचाने पर दोनों युवक बाइक छोड़कर फरार हो गए थे। इस संबंध में थाना इसराना में अशोक के बयान पर मामला दर्ज किया गया था।
नीमच जिले के चीताखेड़ा में बुधवार को हुई जिस लूट ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी, पुलिस ने उसका खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि लूट की कोई वारदात हुई ही नहीं थी, बल्कि महिला ने घर में हुई गहनों की कमी को छिपाने के लिए यह झूठी कहानी रची थी। महिला ने पुलिस को सूचना दी थी कि दो युवक और एक बुजुर्ग महिला मोटरसाइकिल से मरीज बनकर उसके घर में घुसे और फिर रिवॉल्वर की नोक पर सोने-चांदी के जेवर और नकदी लूटकर भाग गए। दिनदहाड़े लूट की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और जीरन थाना प्रभारी सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालांकि, जब पुलिस ने महिला से बारीकी से पूछताछ की, तो उसके बयान बार-बार बदलने लगे, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। पति के डर से गढ़ी साजिश सख्ती से पूछताछ करने पर महिला ने सारा सच उगल दिया। उसने बताया कि पिछले दो-तीन सालों के दौरान उसने घर के पुराने जेवर गांव के ही एक सुनार को बेच दिए थे। अब जब घर में गहने नहीं होने की बात सामने आने लगी, तो पति की डांट और गुस्से से बचने के लिए उसने लूट का नाटक रचा। पति ने बताया कि उसकी पत्नी की 2020 से मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने मीडिया और प्रशासन को गुमराह करने के लिए यह काल्पनिक कहानी गढ़ी थी। अब पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है
केंद्र सरकार ने गुरुवार को जनगणना 2027 से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें जनगणना में पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट है, जिसमें मकान, परिवार, वाहन से जुड़े सवाल हैं। जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया को ये जानकारियां देनी होंगी। इससे पहले सरकार ने बताया था कि जनगणना दो फेज में होगी। पहला फेज अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें घरों की लिस्टिंग और घरों का डेटा जुटाया जाएगा। दूसरा फेज फरवरी 2027 से आबादी की गिनती से शुरू होगा। पहला फेज 1 अप्रैल 2026 से केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने 8 जनवरी को बताया था कि देश में होने वाली जनगणना 2027 का पहला फेज 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने यहां 30 दिनों में यह काम पूरा करेंगे। सरकार ने यह भी कहा कि घरों की लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले लोगों को खुद से जानकारी भरने (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा। दरअसल जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था, जो अब 2027 में पूरी होगी। जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी सरकार ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे। मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना बहुत हद तक पेपरलेस होगी। ये ऐप Android और iOS दोनों पर काम करेंगे। जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति की गिनती शामिल होगी। इससे पहले अंग्रेजों के समय 1931 तक जाति आधारित जनगणना हुई थी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने अप्रैल में लिया था। 2011 की पिछली जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी करीब 121 करोड़ थी, जिसमें लगभग 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं। मैप पर हर घर ‘डिजी डॉट’ बनेगा, इसके 5 फायदे होंगे 1. आपदा में सटीक राहत- जियो टैगिंग से बना डिजिटल लेआउट मैप बादल फटने, बाढ़ या भूकंप जैसी आपदा के समय उपयोगी साबित होगा। सुदूर हिमालयी क्षेत्र में बसे किसी गांव में बादल फटने जैसी घटना के समय इस मैप से तुरंत पता चल जाएगा कि किस घर में कितने लोग रहते हैं। होटलों में क्षमता के हिसाब से कितने लोग रहे होंगे। इस ब्योरे से बचाव के लिए जरूरी तमाम नौका, हेलिकॉप्टर, फूड पैकेट आदि की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी। 2. परिसीमन में मदद मिलेगी- राजनीतिक सीमाएं जैसे संसदीय या विधानसभा क्षेत्रों का युक्तिसंगत तरीके से निर्धारण करने में भी इससे मदद मिलेगी। जियो टैगिंग से तैयार मैप से यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि क्षेत्र में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र का संतुलित बंटवारा कैसे हो। समुदायों को ऐसे न बांट दिया जाए कि एक मोहल्ला एक क्षेत्र में और दूसरा मोहल्ला किसी अन्य क्षेत्र में शामिल हो जए। घरों के डिजी डॉट से डिलिमिटेशन की प्रक्रिया में आसानी होगी। 3. शहरी प्लानिंग में आसानी- शहरों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों या पार्कों की प्लानिंग करने में भी यह मैप उपयोगी साबित होगा। अगर किसी जगह के घरों के डिजिटल लेआउट में बच्चों की अधिकता होगी तो पार्क और स्कूल प्राथमिकता से बनाने की योजना तैयार की जा सकेंगी। यदि किसी बस्ती में कच्चे मकानों या खराब घरों की अधिकता दिखेगी तो वहां किसी मेडिकल इमरजेंसी के समय तत्काल मोबाइल राहत वैन भेजी जा सकेंगी। 4. शहरीकरण और पलायन दर का डेटा मिलेगा- इस जनगणना के दस साल बाद होनी वाली जनगणना में डिजिटल मैप के परिवर्तन आसानी से दर्ज किए जा सकेंगे। देश के विभिन्न हिस्सों में शहरीकरण की दर और पलायन के क्षेत्रों की मैपिंग की तुलना सटीक ढंग से की जा सकेगी। 5. मतदाता सूची से डुप्लीकेट नाम हट जाएंगे- आधार की पहचान के साथ जियो टैगिंग मतदाता सूची को सटीक और मजबूत बनाने में सहायक होगी। जब वोटर किसी भौगोलिक स्थान से डिजिटली जुड़ा होगा तो दोहरे पंजीकरण के समय उसके मूल निवास का पता भी सामने आएगा। …………………… ये खबर भी पढ़ें... देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होगी, बिहार चुनाव से पहले केंद्र का फैसला देश में आजादी के बाद पहली बार जाति जनगणना कराई जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट ने जाति जनगणना को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसे मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। देश में इसी साल के आखिर में बिहार विधानसभा के चुनाव होने हैं। पूरी खबर पढ़ें...
सीकर में 22 महिलाओं, 2 बच्चों को रेस्क्यू किया:पिपराली गांव में चल रहा था अवैध महिला आश्रम
सीकर जिले के पिपराली गांव में स्थित अवैध महिला आश्रम पर कार्रवाई हुई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला अधिकारिता, सामाजिक न्याय-अधिकारिता और जिला बाल संरक्षण इकाई ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 22 महिलाओं और 2 बच्चों को रेस्क्यू किया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पिपराली में संचालित बिना मान्यता के नीडी ब्रिज महिला अनाथ आश्रम में रेस्क्यू कर 22 महिलाओं व 02 बच्चों को मुक्त करवाया और सभी को मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में शिफ्ट कर दिया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीकर सचिव शालिनी गोयल ने गुरूवार को पिपराली में बिना किसी मान्यता, डाक्यूमेंट्स के बिना चल रहे निडी ब्रिज महिला अनाथ आश्रम संचालन की सूचना मिलने पर उक्त केन्द्र की जांच की। निरीक्षण के दौरान सचिव शालिनी गोयल के निर्देशन में महिला अधिकारिता विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र चौधरी, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग की डिप्टी डायरेक्टर प्रियंका पारीक, जिला बाल संरक्षण इकाई व बाल अधिकारिता विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर गार्गी शर्मा और बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अंकुर बहड़ आदि शामिल रहे। संयुक्त कार्यवाही के दौरान वहां पर 22 महिलाएं और 2 छोटे बच्चे पाए गए, जिनमें कुछ महिलाएं मानसिक विमंदित श्रेणी की मिलीं। पूछताछ में आश्रम संचालक ने बताया कि इन महिलाओं और बच्चों को पुलिस विभाग ने सुपुर्द किया और रेस्क्यू कर लाया गया है। जिला विधिक प्राधिकरण सचिव शालिनी गोयल ने बताया कि सभी महिलाओं को सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग ने मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में शिफ्ट करके मेडिकल जांच करवाने के निर्देश दिए।
सीसीटीवी फुटेज से शातिर वाहन चोर गिरफ्तार:चोरी की स्कूटी बरामद, आरोपी पर पहले भी दर्ज हैं मामले
ओमती पुलिस ने दुपहिया वाहन चोरी के एक मामले में एक शातिर चोर को गुरुवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से चोरी की गई स्कूटी भी बरामद की है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। ओमती थाना प्रभारी राजपाल सिंह बघेल ने बताया कि यह मामला 22 जनवरी 2026 को थाना ओमती में दर्ज किया गया। नेपियर टाउन, लक्ष्मी बाग निवासी गगनप्रीत सिंह सलूजा (34) ने शिकायत कराई थी कि 18 जनवरी की शाम वे मढ़ाताल गुरुद्वारे गए थे। उन्होंने अपनी एक्सिस स्कूटी (क्रमांक एमपी 20 एसएन 7688) गुरुद्वारे के सामने सड़क किनारे खड़ी की थी। शाम करीब 7:30 बजे बाहर आने पर गगनप्रीत सिंह सलूजा को अपनी स्कूटी मौके से गायब मिली, जिसे अज्ञात चोर द्वारा चुरा लिया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 303(2) बीएनएस के तहत जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज की मदद से पुलिस ने आरोपी श्यामुद्दीन अंसारी (35) की पहचान की, जो अंसार नगर, गोहलपुर का निवासी है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई स्कूटी बरामद कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, श्यामुद्दीन अंसारी एक शातिर वाहन चोर है, जिसके खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।
रोहतक में जिला प्रशासन द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत गांव भैयापुर और मकड़ौली खुर्द में कार्रवाई की गई। प्रशासन की टीम ने लगभग 13.5 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।। इस अभियान के तहत 3 निर्माणाधीन संरचनाओं, सीवरेज सिस्टम, 10 बाउंड्री वाल, पक्के सड़क नेटवर्क और डब्ल्यूबीएम सड़क नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि जिला में अवैध निर्माण या अवैध कॉलोनियों को पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस बल भी रहा तैनात भैयापुर और मकड़ौली खुर्द में चलाए गए इस तोड़फोड़ अभियान के दौरान जिला नगर योजनाकार कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तोड़फोड़ दल के साथ तैनात था। अवैध कॉलोनियों में निवेश न करें लोग जिला नगर योजनाकार सुमनदीप ने भी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपनी पूंजी को अवैध निर्माणों या डीलरों/भू-मालिकों द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनियों में निवेश न करें। उन्होंने सलाह दी कि निवेश करने से पहले नागरिक सेक्टर-1 स्थित उनके कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर आकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं अधिकारी बोले-अभियान जारी रहेगा गुप्ता ने कहा कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी जीवन भर की कमाई को अवैध निर्माण या कॉलोनी में निवेश न करें, क्योंकि प्रशासन नियमित अंतराल पर ऐसी अवैध संरचनाओं को गिराने का अभियान चलाता है।
बीजापुर में बुलडोजर कार्रवाई के बाद अवैध अतिक्रमणकारियों के नाम सार्वजनिक करने को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। चट्टानपारा में 118 मकानों को तोड़े जाने के बाद कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। कांग्रेस ने पहले भाजपा नेता और ठेकेदार संजय लुंकड़ पर अवैध जमीन कब्जे का आरोप लगाया था। इसके जवाब में भाजपा ने जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे और पुरुषोत्तम सल्लूर पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया। कांग्रेस ने आज गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा जिलाध्यक्ष पर भी जमीनों के अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाया। विधायक बीजापुर ने कहा कि जब जवान नक्सलियों के खिलाफ जंग लड़ रहे थे, तब अधिकारी उनके घरों को तोड़कर परिवारों को बेघर कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बेघर हुए लोगों को बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। नीना रावतिया ने निष्पक्ष जांच की मांग की विधायक निवास में हुई प्रेस वार्ता में नीना रावतिया उद्दे ने भाजपा जिलाध्यक्ष और संजय लुंकड़ पर अवैध अतिक्रमण का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वालों की सरकार है और वह निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं, लेकिन भाजपा के कई नेताओं के अवैध कब्जों की भी जांच होनी चाहिए। भाजपा ने 25 कांग्रेसियों के अवैध अतिक्रमण का दावा किया इससे पहले, भाजपा जिलाध्यक्ष घासीराम नाग, सांसद प्रतिनिधि जिलाराम राणा और महामंत्री संजय लुंकड़ ने एक प्रेस वार्ता में नीना रावतिया उद्दे और पुरुषोत्तम सल्लूर के साथ-साथ 25 अन्य कांग्रेसियों के अवैध अतिक्रमण की सूची होने का दावा किया था। इस पर विधायक विक्रम मंडावी ने पलटवार करते हुए भाजपा नेताओं से उन 25 कांग्रेसियों के नाम सार्वजनिक करने की चुनौती दी। बीजापुर में बुलडोजर कार्रवाई अब पूरी तरह से सियासी वार-पलटवार में बदल गई है, जहां दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का गुरुवार को सीएसजेएम यूनिवर्सिटी में रोड शो समापत हुआ। यहां पर उन्होंनें कार्यकर्ताओं से बात की और इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मंच पर आते ही सबसे पहले कार्यकर्ताओं की अफरा-तफरी पर नाराजगी जताई। इसके साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि संगठन काे मजबूती देने और आगे बढ़ाने के लिए यहां पर आया हूं। इस दौरान प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ अभद्रता या फिर कानपुर में मेयर और पार्षदों के बीच गुटबाजी समेत कई सवाल किए गए, लेकिन उन्होंने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। मंच पर फोटो खिंचाने को मच गई थी अफरा-तफरी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मंच संभालते ही कहा कि मैं जरा कड़ा बोलने जा रहा हूं। महामंत्री जी और क्षेत्रीय अध्यक्ष जी मैं मंच पर देख रहा था कि केवल फोटो के चक्कर में मंच पर अफरा-तफरी मची थी। बताया जा रहा था कि वी शेप बनाओ सबका फोटो आएगा, लेकिन कोई बात सुन नहीं रहा था। हम भी बार-बार अपने हाथ से दिखा रहे थे कि मित्रों थोड़ा दाएं और बाएं हो जाओ लेकिन कोई सुन नही रहा था। ये हमारी पहचान से अलग है। हमारी पार्टी की पहचान ही अनुशासन है। मैं जनता हूं कि कार्यकर्ता जब हमसे मिलने आता है तो मैं किसी को निराश करके नहीं भेजता हूं। क्योंकि ऐसे भीड़ में फोटो नहीं आता है। मैं अब तक 50 हजार कार्यकर्ताओं से एक-एक करके मिल चुका हूं। कार्यकर्ता को कुछ नहीं बस सम्मान चाहिए उसको प्यार चाहिए। सिर्फ 10 प्रतिशत लोग ही बायोडाटा लेकर आते हैं कि मुझे पदाधिकारी बनना है। लेकिन मैं निवेदन करूंगा कि मेरी पहचान है। हमारी पार्टी अन्य पार्टियों से अलग है। SIR में एक भी वोट कटने नहीं पाए, यह पूरा किया तो आधी जीत पहले ही पक्की हो जाएगीप्रदेश अध्यक्ष ने कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों से कहा कि एसआईआर में भारी संख्या में गड़बड़ियां सामने आई हैं। कई लोगों के नाम कट गए हैं। हमारे एमपी-एमएलए और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि घर-घर जाकर एक-एक वोट की तस्दीक करें। अगर किसी का कट गया है तो वोटर लिस्ट में उसका नाम बढ़वाने का काम करें। ये कार्यकर्ता से लेकर जिले और मंडल के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है। अगर यह काम हमने पूरा कर लिया तो आधी जीत हमारी चुनाव से पहले ही पक्की हो जाएगी। पार्टी में गुटबाजी और घेरेबंदी की बात स्वीकारी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2027 में हमें भाजपा की सरकार बनानी है, आज सरकार हमारी है कुछ कमी हो सकती है। जब घर भरा रहता है तो बर्तन खड़खड़ाने का काम करते हैं, लेकिन जब घर खाली होता है तो बर्तन खड़खड़ाने का भी अवसर नहीं मिलेगा। इसलिए कार्यकर्ता होने के नाते आपसे वचन चाहता हूं कि चुनाव में मात्र साल भर रह गया है। किसी भी कमी को हम पीछे छोड़ें, आगे लक्ष्य को देखें। इसके बाद हम आपस में बात कर लेंगे। हम भी नेता हैं आप ही की तरह, हमारे यहां भी घेराबंदी होती है। गुटबाजी चलती है। मैं इन सभी चीजों से परचित हूं कोई अनिभिज्ञ नहीं हूं। लेकिन उसे बावजूद भी जब पार्टी का विषय आता है तो सारी चीजों को भूलकर हमारा लक्ष्य होना चाहिए की पार्टी कैसे आगे बढ़े। 2047 में प्रधानमंत्री ने जो विकसित राष्ट्र का सपना देखा है। उस विकसित राष्ट्र को बनाने वाला दिल्ली जाने का रास्ता उत्तर प्रदेश होकर जाता है। इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। सभी गिले–शिकवे को भूलकर हमें अपने दायित्व को पूरा करना है। संगठन का दायित्व सभी दायित्व से बढ़कर होता है। संगठन भी हम सभी की पहचान है। अभी दो दिन पहले नितिन नबीन काे राष्ट्रीय अध्यक्ष पद ग्रहण करते समय प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर कहा कि मैं एक कार्यकर्ता हूं। आज से नितिन नबीन जी मेरे बॉस हैं। अब मैं उन्हें रिपोर्ट करूंगा। प्रधानमंत्री ने संदेश दिया है कि संगठन ही सर्वोपरि है। इसलिए हमें अनुशासन में रहकर काम करना चाहिए। मैं सात बार भले सांसद, केन्द्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष हूं, लेकिन मेरे लिए सर्वोपरि कार्यकर्ता है। मनरेगा को लेकर कांग्रेस भ्रम फैला रही इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी दल मनरेगा को लेकर पूरे देश में भ्रम फैला रहे हैं। हां, मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (VB-G RAM G) किया गया है। इसमें रोजगार घटा नहीं बल्कि बढ़ाया गया है। इसके तहत अब काम के दिन 100 से बढ़ाकर 125 किया गया है। अब इसके तहत काम करने वाले श्रमिको काे हर सप्ताह भुगतान दिया जाएगा। अगर 15 दिन से ज्यादा तक भुगतान रुकता है तो ब्याज भी देना होगा। अगर 125 दिन काम नहीं मिला तो भत्ता भी देना होगा। इसमें 60 दिन का जो गैप दिया यगा है किसान इसमें अपने खेती से संबंधित काम करके अपनी मजदूरी को बढ़ा सकेगा। इससे उसके रोजगार का अवसर बढ़ेगा। हमें घर-घर जाकर इस भ्रम को दूर करना होगा। कांग्रेस जो नरेटिव सेट कर रही है, जन-जन तक पहुंचकर ही इसे दूर किया जा सकता है। BJP ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया प्रदेश अध्यक्ष ने मंच से कहा कि मैं अपने केंद्रीय नेतृत्व का धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने लगातार मुझपर भरोसा जताते हुए टिकट देने का काम किया। मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे एक बार नहीं बल्कि दो बार मोदी जी की कैबिनेट में काम करने का मौका मिला। इतना ही नहीं मुझे एक बार फिर से इतने बड़े प्रदेश का नेतृत्व करने का मौका दिया है, मैं पुन: केन्द्रीय नेतृत्व को धन्वाद देता हूं। साथियों आज के दिन मैं अपने संस्थापक सदस्य स्वर्गीय श्यामाप्रसाद मुखर्जी को नमन करना चाहता हूं और स्मरण करना चाहता हूं, उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित करता हूं। उन्होंने कहा था कि एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे। हमारी पार्टी का ये मूल मंत्र है। हमारे संस्थापक सदस्य की जो सोच थी आदणीय प्रधानमंत्री ने धारा-370 समाप्त करके भारत को कहीं न कहीं एक लड़ी में पिरोने का काम किया है। इसी के साथ मैं पंडित दीनदयान जी के भी जो उनके सूत्र मंत्र थे उसको भी दोहराना चाहता हूं। दीनदयान जी कहते थे कि जब तक अंत्योदय यानी कि अंतिम व्यक्ति का कल्याण नहीं होगा तब तक देश का कल्याण नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने आज अंतिम व्यक्ति को वो सारी सुविधाएं देने का काम किया है। इसके साथ ही सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास का काम किया है। अगर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बात है तो हमारी सरकार ने ही राम मंदिर निर्माण कराने का काम किया है। काशी विश्वनाथ का कॉरीडोर भी हमने बनवाया, महाकाल भी कॉरीडोर बनवाने का काम भी हमारी सरकार में हुआ है। विपक्षी दल कहते हैं कि भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को समाप्त कर रही है। अगर आप देखें तो 2014 से पहले हमारे देश की देवी देवताओं की जो मूर्तियों थीं इस देश से कहीं न कहीं चोरी और स्मगलिंग करके ले जाया गया। पिछलीं सरकारें मात्र 13 मूर्तियां वापस लेकर आए थे, लेकिन जब से हमारी सरकार बनी है हमनें 650 से ज्यादा मूर्तियों को वापस अपने देश में लेकर आए हैं। हजारों साल पुरानी अन्नपूर्णा जी की मूर्ति को भी हमारी सरकार में वापस लाया गया है। उसे आज काशी विश्वनाथ में स्थापित करने का काम प्रधानमंत्री जी ने किया है। एक गरीब आदमी को जो जरूरत है चाहे वह मकान हो वहां पर शौचालय, पीने का पानी, बिजली और राशन और बीमार होता है इलाज का इंतजाम होना चाहिए। इतना ही नहीं हमारी सरकार ने गरीबों को बीमा तक देने का काम किया है। हमारी इस सकार में कार्यकर्ता ही सरकार है। हमारे लिए सबसे मूल्यवान कार्यकर्ता है। मैं केन्द्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से पहले कार्यकर्ता हूं मैं सात बार भले सांसद रहा हूं, केन्द्र में मंत्री रहा हूं, लेकिन आज भी मैं एक कार्यकर्ता की तरह काम करता हूं। प्रदेश अध्यक्ष के लिए मेरे नाम की घोषणा हुई तो कुछ लोगों ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नए हैं। वो केवल दिल्ली की राजनीति किए हैं, उत्तर प्रदेश की राजनीति नहीं जानते हैं। और मेरा मानना है कि भाजपा के कार्यकर्ता को कोई भी पद सौंपा जाए या दायित्व दिया जाए तो उसे एक फ्रेम में बंद नहीं किया जा सकता है। हमारा छोटा सा भी कार्यकर्ता कोई भी काम कर सकता है। उसका उदाहरण मैं देता हूं। नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। इससे पहले संगठन के कार्यकर्ता रहे, संगठन से जब उन्हें लाया गया तो उन्होंने गुजरात में अपना परचम लहराया। पूरे देश में गुजरात नंबर एक पर पहुंच गया। आज 2014 से देश की कमान संभाल रहे हैं तो आज मुझे लगता है कि दुनिया में सबसे लोकप्रिय नेता बनके उभरने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। कोविड के दौरान दुनिया की अर्थव्यवस्था बैठ गई थी, लेकिन उन्होंने देश को संभाला और दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला भारत है। आज हम चौथे स्थान पर हैं और 2027 में तीसरे और 2047 तक हमें दुनिया के पहले पायदान पर पहुंचना है। आज भी कोई कुछ कहता है तो मैं सुन लेता हूं मैं शब्दों से नहीं अपने काम से जवाब देता हूं। उत्तर प्रदेश की सरकार ने भी अच्छा काम किया है, चाहे वह लॉ एंड ऑर्डर हो या विकास की बात हो उत्तर प्रदेश का चेहरा बदलने का काम किया है।
नागौर में कल 2 घंटे गुल रहेगी बिजली:मरम्मत कार्यों के चलते शटडाउन, जानिए कौनसे इलाके रहेंगे प्रभावित
अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के नागौर स्थित 33/11 केवी जीएसएस बड़ली पर आवश्यक रखरखाव और तकनीकी सुधार कार्य किया जाएगा। इस कारण शुक्रवार, 23 जनवरी को शहर के विभिन्न हिस्सों और ग्रामीण फीडर से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक अभियंता कैलाश चन्द जैन ने बताया कि मरम्मत कार्यों के चलते सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक बिजली बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इन प्रमुख इलाकों में प्रभावित रहेगी विद्युत सेवाबिजली कटौती के कारण शहर के बंशीवाला, लोढ़ा का चौक, लोहियों का चौक, सलेऊ चौराहा, बख्तासागर, राठौड़ कुआ, माही दरवाजा, त्यागी मार्केट, मेजर करीम नगर और किदवई कॉलोनी जैसे घने क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित होगी। इसके साथ ही गिनाणी गली, बाजरवाड़ा, सुनारों की गली, चांदीवाड़ा, सुसवाणी माता मन्दिर, शारदापुरम, श्री विजयानन्द सूरी जैन स्कूल, दादावाड़ी, सतगुरु दयाल फार्म, नेहरू कॉलोनी, मोहम्मदपुरा, अनाथ आश्रम के पास, लौहारपूरा, फुलवारियां, बड़ली, शिल्पबाड़ी, तारकिन की दरगाह, भट्टियों का पुल, झालरा, डेह रोड़, बच्चा खाडा, शिव कॉलोनी, सिपाहियों का मोहल्ला, महाराणा प्रताप कॉलोनी और खत्रीपुरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी दो घंटे तक बिजली नहीं रहेगी। निगम ने उपभोक्ताओं से असुविधा से बचने के लिए आवश्यक कार्य समय पूर्व निपटाने की अपील की है।
अयोध्या में रामलला के विराजमान होने की दूसरी वर्षगांठ गुरुवार देर शाम बालाघाट में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस खास मौके पर पूरा शहर भक्ति के रंग में डूबा नजर आया और जगह-जगह धार्मिक अनुष्ठान किए गए। शहर के आंबेडकर चौक पर भव्य राम दरबार सजाया गया, जहां भगवान श्रीराम की प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दीप प्रज्ज्वलन रहा, जिसमें दीयों की मदद से 'जय श्रीराम' लिखकर उन्हें रोशन किया गया। इसके साथ ही सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। 500 वर्षों का इंतजार और महाआरती विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष लालू चावड़ा ने बताया कि यह उत्सव 500 वर्षों के लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद मिली सफलता की खुशी में मनाया जा रहा है। उन्होंने इस दिन की तुलना भगवान राम के वनवास से लौटने के उत्सव से की। कार्यक्रम के दौरान भव्य महाआरती हुई और पूरा क्षेत्र 'जय श्रीराम' के नारों से गूंज उठा। आयोजन के अंत में सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद का वितरण किया गया।
भोपाल सांसद आलोक शर्मा की मीटिंग के बाद लगातार दूसरे दिन भी अतिक्रमण पर एक्शन हुआ। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की टीमों ने पुराने शहर के बाजारों से अतिक्रमण हटाया। इस दौरान अवैध निर्माण तोड़े गए और 4 ट्रक सामान भी जब्त किया। गुरुवार को टीमें नदीम प्रेस रोड, इब्राहिमपुरा, चिंतामन चौराहा, जैन मंदिर रोड, मारवाड़ी रोड, जामा मस्जिद आदि क्षेत्रों में पहुंची और अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की। यहां से 3 ट्रक विभिन्न प्रकार का सामान जब्त किया गया। वहीं, निगम अमले ने शहर के अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 1 ट्रक सामग्री जब्त की। राहुल नगर में झुग्गियां हटाईंनिगम अमले ने जिला प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग करते हुए राहुल नगर क्षेत्र में 4 अवैध झुग्गियां तोड़ी। साथ ही भवन अनुज्ञा शाखा की कार्रवाई में सहयोग करते हुए अयोध्या नगर, अयोध्या बायपास एवं मीनाल रेसीडेंसी क्षेत्र में अवैध रूप से बने पक्के निर्माण भी तोड़े गए। भोपाल में अतिक्रमण हटाने की तस्वीरें… यहां भी हुई कार्रवाईजहांगीराबाद, प्रभात चौराहा, अयोध्या बायपास रोड, इंडस कॉलोनी, इंडस मुस्कान कॉलोनी, देवमाता हॉस्पिटल, मीनाल रेसीडेंसी गेट नंबर-1, दुर्गेश विहार कॉलोनी, ओल्ड सुभाष नगर, हबीबगंज थाना, 6 नंबर बस स्टॉप, एमपी नगर जोन-1 एवं 02, 1100 क्वाटर्स, कटारा स्प्रिंग वैली, पत्रकार कॉलोनी, राहुल नगर, नीलबड़, गांधी नगर बस स्टैंड, करोंद, लाल क्वार्टर आदि क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई हुई। यहां से तार फेंसिंग, छप्पर, चबूतरे, ठेले, गुमटी, काउंटर, सादे व इलेक्ट्रॉनिक कांटे आदि को हटाया गया।
मेरठ के कवि सम्मेलन में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक अपने संघर्ष के दिनों को याद कर फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा- जब मैं लखनऊ आया था, तो कड़ाके की ठंड में मेरे पास पहनने के लिए जूते तक नहीं थे। मैं गरीबी का दर्द अच्छी तरह समझता हूं, क्योंकि इसे खुद जिया है। मैं खुद को डिप्टी सीएम नहीं, गरीब का सेवक मानता हूं। बृजेश पाठक का रोते हुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ये लगभग डेढ़ मिनट का है। डिप्टी सीएम नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में शामिल होने मेरठ पहुंचे थे। अब जानिए पूरा मामला उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक गुरुवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के मंच पर बेहद भावुक नजर आए। वह अपने पुराने दिनों और संघर्ष को याद कर रो पड़े। उन्होंने कहा- चप्पल होता था, जूता नहीं होता था। गर्मी में चप्पल, जाड़े में जूता मिलना मुश्किल होता था। जब एक गरीब व्यक्ति को मैं देखता हूं, सड़क पर वो दुखी है, तो मैं दुखी होता हूं। मुझे महसूस होता है। बाबा साहेब को जब मैंने सुना तो मुझे लगा कि ये तो पिता समान हैं। मेरे पिताजी नहीं हैं, मैंने उनको अपना पिता माना। मैं अपने आपको यहां लायक समझता ही नहीं हूं, जहां मैं खड़ा हूं, मैं इस लायक अपने को समझता ही नहीं हूं। अम्मा ने स्टोव दिया थाडिप्टी सीएम ने कहा- मैंने अपने आप अपनी दुनिया बनाई है। मुझे आटा माढ़ना नहीं आता था। जब आटा माढ़ता, तो कभी आटा ज्यादा होता तो कभी पानी ज्यादा हो जाता। कभी ज्यादा आटा माढ़ लेता और एक आदमी खाने वाला था। अम्मा ने स्टोव दिया था, वो मिट्टी तेल का स्टोव होता था। लखनऊ आया तो उसी स्टोव पर रोटी पकाते थे। तो जानता हूं कि गरीबी क्या होती है। इसलिए मैं आपका सम्मान करता हूं। आप कितने बड़े व्यक्ति हैं। पल आते-जाते रहते हैं, लेकिन मां भारती के तिरंगे को आपने दुनिया में पहुंचाया। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें.... कानपुर में ट्यूशन टीचर, बॉयफ्रेंड समेत 3 को उम्रकैद:कारोबारी के बेटे की किडनैपिंग करके हत्या की, 30 लाख की फिरौती मांगी थी कानपुर में कारोबारी के बेटे कुशाग्र की हत्याकांड में ट्यूशन टीचर समेत 3 को उम्रकैद की सजा हुई है। कोर्ट ने कहा कि तीनों दोषियों को मरते दम तक जेल में रखा जाए। मां सोनिया कनोडिया रोते हुए बोलीं- तीनों को फांसी होनी चाहिए। अभी मेरा घाव भरा नहीं है, जैसे इन लोगों ने मेरे बच्चे का गला दबाकर मारा है। वैसे ही उनका भी गला दबना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर...
नेशनल हाईवे 43, अंबिकापुर-रायगढ़ मुख्यमार्ग में राधापुर बैरियर के पास तेज रफ्तार में बाइक सवार सड़क किनारे खड़ी ट्रक से जा टकराए। हादसे में एक युवक की मौके पर मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। घायलों में एक की हालत गंभीर है। तीसरे को मामूली चोटें आई हैं। घटना सीतापुर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, सीतापुर थाना क्षेत्र के राधापुर वेयर हाउस में काम खत्म कर तीन युवक गुरुवार शाम करीब 7 बजे वापस घर लौट रहे थे। तीनों युवक चलता के निवासी हैं। बाइक सवार तीनों युवक नेशनल हाईवे 43 में पहुंचे, जहां तेज रफ्तार में युवकों की बाइक सड़क किनारे खड़ी ट्रक से टकरा गई। एक की मौत, दूसरे की हालत गंभीर बाइक ट्रक के पिछले हिस्से में टकरा गई। हादसे में बाइक चला रहे युवक वेद कुमार सिंह (24 वर्ष) और बीच में बैठे युवक के सिर में गंभीर चोटें आईं। बाइक चला रहे वेद कुमार सिंह की मौके पर मौत हो गई। वहीं पीछे बैठा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। बाइक पर बैठे तीसरे युवक को मामूली चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से मृतक एवं घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। एक युवक को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, वहीं गंभीर रूप से घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर रेफर कर दिया गया है। सीतापुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।
झुंझुनूं CMHO गुरुवार देर शाम बिना किसी पूर्व सूचना खेतड़ी के उपजिला अस्पताल और फिर बुहाना के सीएचसी पहुंच गए। उन्होंने इमरजेंसी सेवाओं को परखा और वार्डों में जाकर मरीजों से फीडबैक लिया। CMHO डॉ. छोटेलाल गुर्जर खेतड़ी-बुहाना अस्पतालों में मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए पहुंचे थे। खेतड़ी में इमरजेंसी यूनिट का निरीक्षण सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने अपने दौरे की शुरुआत उप जिला अस्पताल खेतड़ी से की। वहां पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले इमरजेंसी यूनिट का निरीक्षण किया। जहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ मुस्तैद मिला। उन्होंने वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों से बातचीत की। पूछा- क्या डॉक्टर ने कोई दवा बाहर से तो नहीं मंगवाई? इस पर मरीजों ने सकारात्मक जवाब देते हुए बताया कि सभी दवाएं और उपचार अस्पताल से ही फ्री मिल रहे हैं। सीएमएचओ ने पीएमओ डॉ. अक्षय शर्मा को 'माँ योजना' के तहत मैसेज और कवरेज बढ़ाने, अस्पताल में प्रसव (डिलीवरी) की संख्या में बढ़ोतरी करने और 'लाडो योजना' की पेंडेंसी को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। बुहाना में प्रसूताओं से कलेवा योजना का लिया फीडबैक खेतड़ी के बाद सीएमएचओ बुहाना सीएचसी पहुंचे। यहां उन्होंने रात्रि कालीन ड्यूटी डॉक्टर से मुलाकात कर व्यवस्थाएं देखी। विशेष रूप से प्रसूति वार्ड में जाकर उन्होंने नवजात शिशुओं की माताओं से बातचीत की। मुफ्त भोजन और देखभाल: डॉ. गुर्जर ने प्रसूताओं से पूछा- क्या सरकार की ओर से निर्धारित खाना और दवाएं समय पर मिल रही हैं? प्रसूताओं ने बताया कि उन्हें अस्पताल से ही पूरा भोजन और दवाएं दी जा रही हैं। डॉ. गुर्जर ने उन्हें बताया कि 'कलेवा योजना' के तहत सरकार की ओर से प्रसूताओं को निशुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने कहा- आगामी दिनों में भी इसी तरह रात्रि कालीन सेवाओं का औचक निरीक्षण जारी रहेगा। कहीं भी ड्यूटी में लापरवाही मिली या मरीजों को परेशान किया गया तो सख्त कार्रवाई करेंगे।
राजस्थान हाईकोर्ट में आज उस समय आपातकालीन सेवाओं की पोल खुल गई, जब एक घायल महिला वकील को अस्पताल ले जाने के लिए हाईकोर्ट की एम्बुलेंस में ड्राइवर नहीं मिला। वकीलों ने पूरे ड्राइवर की पड़ताल की तो पता चला कि वह आज हाईकोर्ट पहुंचा ही नहीं था। घटना के वकील रविन्द्र सिंह शेखावत एम्बुलेंस चलाकर घायल महिला वकील को एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर लेकर पहुंचे। इस दौरान वकील सतीश खंडेलवाल ने उनकी मदद की। घायल महिला वकील को अस्पताल में भर्ती कराया। फिर एम्बुलेंस को लेकर वापस हाईकोर्ट पहुंचे और उसे उसकी जगह पर पार्क किया। लेकिन इस घटना के बाद वकीलों में नाराजगी है। वकीलों का कहना है कि हाईकोर्ट परिसर में आपातकालीन सेवाओं को तुरंत दुरुस्त किया जाना चाहिए और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ड्राइवर का फोन भी बंद थावकील सतीश खंडेलवाल ने बताया कि सुबह महिला एडवोकेट प्रिया प्रकाश अपनी स्कूटी से हाईकोर्ट आ रही थीं। हाईकोर्ट के पास उनका एक्सीडेंट हो गया। वो जैसे-तैसे हाईकोर्ट की डिस्पेंसरी पहुंचीं, लेकिन वहां से चिकित्सकों ने उन्हें ट्रोमा सेंटर रेफर कर दिया। मैं और साथी वकील रविन्द्र सिंह शेखावत उन्हें लेकर एम्बुलेंस के पास पहुंचे, लेकिन एम्बुलेंस लॉक थी, मेडिकल स्टाफ और ड्राइवर मौके पर नहीं मिले। एम्बुलेंस में लगी एक पर्ची में मेडिकल स्टाफ का नंबर लिखा था। उस पर फोन करके उसे बुलाया गया, लेकिन उसने कहा कि एम्बुलेंस का ड्राइवर नहीं है। ड्राइवर को फोन किया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उसके बाद हमने स्वयं एम्बुलेंस चलाकर अस्पताल जाने का निर्णय किया। वकील रविन्द्र सिंह शेखावत ने एम्बुलेंस चलाई और मैंने इसमें उनकी मदद की। हाईकोर्ट में आपातकालीन सेवाओं की यह स्थिति चिंताजनक है। कोर्ट में बड़ी संख्या में वकील और जज मौजूद रहते हैं। ऐसे में आपातकालीन सेवाएं दुरुस्त होनी चाहिए।
रायपुर पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 11 इंटर स्टेट ठगों को अरेस्ट किया है। आरोपी शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ज्यादा कमाई का लालच देकर लोगों से ठगी की थी। गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र से 5, उत्तर प्रदेश से 2, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उड़ीसा से 1-1 आरोपी शामिल हैं। इन आरोपियों के खिलाफ देश के 66 अलग-अलग थाने और साइबर सेल में केस दर्ज हैं। आरोपियों ने छत्तीसगढ़ में 1 करोड़ 80 लाख रुपए की ठगी की थी। केस- 1 पहला मामला राखी थाना क्षेत्र का है। दरअसल, माया तिवारी पटेल के साथ शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 89 लाख रुपए की ठगी गई थी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने धारा 318(4), 3(5) के तहत केस दर्ज किया था। केस- 2 दूसरा मामला आमानाका थाना क्षेत्र का है। जहां जयंत चंद्राकर से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 26 लाख रुपए की ठगी की गई थी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने धारा 318(4), 3(5) के तहत केस दर्ज किया था। केस- 3 तीसरा मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। सत्येंद्र श्रीवास्तव से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 32 लाख रुपए की ठगी की गई थी। जिस पर पुलिस ने धारा 318(4), 3(5) और 66(D) आईटी एक्ट के तहत मामले दर्ज किया था। पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वॉट्सऐप डेटा का विश्लेषण किया और आरोपी को पकड़ा। केस- 4 चौथा मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है। कपिल दासवानी से ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के बहाने 15 लाख रुपए की ठगी की गई थी। जिस पर पुलिस ने धारा 318(4) केस दर्ज किया था। बैंक जानकारी और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपी चिह्नित किया गया। केस- 5 पांचवां मामला रेंज साइबर थाना क्षेत्र का है। राहुल सिंह से शेयर ट्रेडिंग में अत्यधिक लाभ का लालच देकर 18 लाख रुपए की ठगी की गई। जिस पर धारा 318(4) और 66(D) आई.टी. एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए पुलिस ने मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर और वॉट्सऐप से मिली जानकारी से आरोपी की पहचान की। गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका ओंकार बंगारी (27), पुणे, महाराष्ट्र भूमिका – ठगी की राशि को विभिन्न लेयर के बैंक खातों के माध्यम से अन्य आरोपियों तक पहुंचाना(कुल 11 रिपोर्ट दर्ज) पवन शाखाराम बुरकुल (23), जालना, महाराष्ट्र भूमिका – कमीशन पर फर्जी बैंक खाते खुलवाना(कुल 6 रिपोर्ट दर्ज) रितेश बारहटे, नाशिक, महाराष्ट्र भूमिका – फर्जी कंपनियों के बैंक खातों के माध्यम से रकम को घुमाना(कुल 17 रिपोर्ट दर्ज) साहिल संतोष महले, नाशिक, महाराष्ट्र भूमिका – कमीशन के आधार पर बैंक खाते उपलब्ध कराना(कुल 5 रिपोर्ट दर्ज) युवराज आठवले (21), सोलापुर, महाराष्ट्र भूमिका – ठगी के लिए फर्जी प्रमोशनल मैसेज भेजना राजू शर्मा (18), कुशीनगर, उत्तरप्रदेश भूमिका – यूट्यूबर, सोशल मीडिया पर प्रमोशनल वीडियो वायरल कर ठगी का प्रचार और गिरोह विस्तार आकाश बरनवाल (24), लखनऊ, उत्तरप्रदेश भूमिका – कमीशन लेकर फर्जी बैंक खातों की व्यवस्था करना डोंतामाला किशोर कुमार (40), हैदराबाद, तेलंगाना भूमिका – फर्जी कंपनियों के खातों से रकम को घुमाना(कुल 9 रिपोर्ट दर्ज) आनंद बड़ोनिया (37), ग्वालियर, मध्यप्रदेश भूमिका – शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड को योजनाबद्ध तरीके से संचालित करना(कुल 14 रिपोर्ट दर्ज) भवानी सिंह राजपूत (23), अजमेर, राजस्थान भूमिका – कमीशन पर फर्जी बैंक खाते खुलवाना(कुल 4 रिपोर्ट दर्ज) भागीरथी महतो (21), सुंदरगढ़, ओडिशा भूमिका – फर्जी प्रमोशनल मैसेज भेजना और गिरोह में लोगों को जोड़ना
मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने एक और विश्व रिकॉर्ड बनाया है। मिट्टी के मटकों से 'सेवा, संस्कृति और पर्यावरण' लिखकर अपना दसवां विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। उदयपुर के शिकारबाड़ी में गुरुवार को डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने रिकॉर्ड बनाया। लक्ष्यराज सिंह ने पहले ही शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला स्वच्छता और पर्यावरण के क्षेत्र में 9 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं। अब यह उनका दसवां रिकॉर्ड है। मिट्टी के मटकों से बनाया रिकॉर्ड, बढ़ाया मेवाड़ का गौरवडॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने पर्यावरण संरक्षण, जन-जागरूकता और हुनरमंदों की कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1400 से ज़्यादा मिट्टी के मटकों का निर्माण करवाकर उन्हें जरूरतमंदों में वितरित किया। इस कार्य से उन्होंने 10वां गिनीज वर्ल्ड ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर मेवाड़ का गौरव बढ़ाया। पिता को समर्पित किया कीर्तिमान, बताए मटके के फायदेमेवाड़ ने अपने दिवंगत पिता अरविंद सिंह मेवाड़ को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके कला, संस्कृति व परम्परा के संरक्षण में उनके योगदान को याद किया। डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने प्राचीन काल से चली आ रही मिट्टी के मटकों की परंपरा, उनके वैज्ञानिक महत्व और स्वास्थ्यवर्धक गुणों को बताते हुए कहा कि आधुनिक जीवनशैली की दौड़ में लोग मटकों में उपलब्ध प्राकृतिक रूप से ठंडे एवं शुद्ध जल के महत्व को सदैव याद रखें। उन्होंने रेफ्रिजरेटर के अत्यधिक ठंडे पानी के संभावित दुष्प्रभावों और मटके के पानी के स्वास्थ्य व पर्यावरण अनुकूल लाभों को सरल शब्दों में समझाया। डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के अब तक के रिकॉर्ड
अलवर में शराब दुकान पर तीन युवकों का झगड़ा हो गया। इसमें दो युवकों ने युवक रवींद्र के सिर व गले पर कांच की बोतल से हमला कर दिया। गले पर बड़ा घाव होने से रवींद्र खून से लथपथ हो गया। उसे गंभीर हालत में भाई अलवर जिला अस्पताल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया। मामला अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में अग्रसेन पुलिया के नीचे गुरुवार रात करीब 8 बजे का है। वहीं घायल के भाई ने कहा- कोई मदद करने आगे नहीं आया। मैं भाई को अस्पताल लेकर पहुंचा। सिर पर कांच की बोतल से किया हमलाघायल युवक रवींद्र के बड़े भाई नरेंद्र ने बताया कि दाऊदपुर निवासी रवींद्र अग्रसेन पुलिया के नीचे शराब ठेके पर शराब लेने गया था। तभी वहां उसका दीपू और पिल्लू नाम के युवकों से झगड़ा हो गया। इसके बाद दोनों युवकों ने रवींद्र के सिर पर कांच की बोतल से हमला कर दिया। इसके सिर व गले पर गंभीर चोट लगी है। जो खून से लथपथ हो गया। आसपास के लोग भी भाई को छुड़ाने नहीं आए। बड़ी मुश्किल से अस्पताल लेकर पहुंचा हूं। झगड़े का कारण पता नहीं चला है। शराब के नशे में झगड़ा किया है। युवक रवींद्र बेलदारी का काम करता है।
माघ मेला में आज योगगुरु बाबा रामदेव पहुंचे। उन्होंने संत सतुआ बाबा के साथ संगम में पवित्र स्नान किया। स्नान के बाद बाबा रामदेव श्री बड़े हनुमान जी के दर्शन करने पहुंचे। इसके बाद बाबा रामदेव पूरी के शंकराचार्य के शिविर में गए। वहां उन्होंने शंकराचार्य के चरणों में बैठकर आशीर्वाद लिया और गमछा फैलाकर प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद वे सतुआ बाबा के आश्रम पहुंचे। देखें तस्वीरें... इस मौके पर बाबा रामदेव ने कहा कि यह केवल माघ स्नान नहीं, बल्कि महा स्नान है। उन्होंने कहा कि संगम में स्नान करने से आत्मा में दिव्य स्मरण होता है, जो जन्म-जन्मांतर का पुण्य देता है। वहीं जब उनसे शंकराचार्य को लेकर सवाल पूछा गया, तो बाबा रामदेव ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
खैरथल-तिजारा जिले की ग्राम पंचायत बड़ली में खो-खो मैट निर्माण सामग्री की खरीद में अनियमितताओं के मामले में राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। पंचायत राज विभाग, राजस्थान सरकार ने प्रशासक एवं निवर्तमान सरपंच श्रीमती लक्ष्मी देवी को उनके पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद की गई है। पंचायत राज विभाग द्वारा जारी विभागीय आदेश क्रमांक 13524345 दिनांक 11 फरवरी 2025 के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई गई। आदेश में पंचायत समिति मुंडावर, जिला खैरथल-तिजारा की ग्राम पंचायत बड़ली की प्रशासक लक्ष्मी देवी को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय सक्षम स्तर से अनुमोदित है। जिला कलेक्टर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश सरकारी आदेश के अनुसार, जिला कलेक्टर खैरथल-तिजारा सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर आदेश की पालना को लेकर संबंधित विभागों में हलचल देखी जा रही है। विद्यालय में निर्माण सामग्री खरीद का मामला यह पूरा मामला ग्राम रायपुर स्थित शहीद करण सिंह उच्च प्राथमिक विद्यालय में खो-खो मैट निर्माण सामग्री की खरीदी से जुड़ा है। जांच में खरीद प्रक्रिया को लेकर नियमों की अनदेखी और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। पंचायत राज विभाग में और कार्रवाई की अटकलें इस कार्रवाई के बाद पंचायत राज विभाग में आगे भी सख्त कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है। जानकारों का मानना है कि यह फैसला भ्रष्टाचार के मामलों में राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है और आने वाले समय में ऐसे मामलों पर और कड़ी नजर रखी जा सकती है।
नागौर पुलिस में घेराबंदी करके तस्कर को पकड़ा:आरोपी की बाइक सीज, पूछताछ में खुलासे की उम्मीद
नागौर जिला पुलिस ने अजमेर रोड पर घेराबंदी कर तस्कर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 15.61 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई है। पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि अजमेर जाने वाले मार्ग पर केटर मशीन के पास मौजा चेनार रोड पर मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। इस पर कोतवाली थानाधिकारी अमरचन्द और डीएसटी प्रभारी मुकेश चन्द्र के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने मौके पर दबिश देकर संदिग्ध आरोपी अनिल चौधरी निवासी खरनाल को रोका। तलाशी लेने पर आरोपी के पास से अवैध स्मैक बरामद हुई, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी अनिल चौधरी को गिरफ्तार करने के साथ ही तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल (आरजे 21 एसएक्स 2083) को भी जब्त कर लिया है। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई में जिला विशेष टीम (DST) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
डीडवाना-कुचामन जिला कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पांचवीं किस्त हस्तांतरण का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। जिले के 1,48,857 पात्र किसान लाभार्थियों को कुल 14 करोड़ 88 लाख रुपए की राशि जारी की। जिला स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जिले के किसान, कृषि विभाग और सहकारिता विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अतिरिक्त जिला कलेक्टर मोहनलाल खटनावलिया, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक हरिओम सिंह राणा और सहकारिता विभाग के सहायक रजिस्ट्रार पीथदान चारण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पांचवीं किस्त के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, उन्हें ग्राम उत्थान शिविरों के उद्देश्यों से भी अवगत कराया गया।
रेलवे प्रशासन ने कम यात्री भार को देखते हुए जोधपुर से रामदेवरा के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन को बंद करने का फैसला लिया है। यह आदेश शुक्रवार, 23 जनवरी से प्रभावी होगा। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया - गाड़ी संख्या 04867/04868 (जोधपुर-रामदेवरा-जोधपुर स्पेशल) का संचालन यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू किया गया था। पिछले कुछ समय से इस ट्रेन में पर्याप्त संख्या में यात्री नहीं मिल रहे थे। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस स्पेशल ट्रेन सेवा को 23 जनवरी से रद्द करने का निर्णय लिया है। रेलवे ने बाबा रामदेव के जातरूओं की सुविधा के लिए 20 जनवरी से यह स्पेशल ट्रेन 28 जनवरी तक चलाने का फैसला किया था। यानी, इस ट्रेन को कुल 9 फेरे के लिए संचालित किया जाना था। लेकिन ऑफ-सीजन होने के कारण ट्रेन को उम्मीद के मुताबिक यात्री नहीं मिले। नतीजतन, ट्रेन 20, 21 और 22 जनवरी को चलने के बाद अब 23 जनवरी से पटरियों पर नहीं दिखेगी। ये था शेड्यूल और रूटयह ट्रेन (04867) जोधपुर से सुबह 9:30 बजे रवाना होकर दोपहर 1 बजे रामदेवरा पहुंचती थी। वापसी में (04868) रामदेवरा से दोपहर 2 बजे चलकर शाम 5:30 बजे भगत की कोठी/जोधपुर पहुंचती थी। इस रूट पर इस ट्रेन का राईका बाग, मंडोर, मारवाड़ मथानिया, तिंवरी, ओसियां, मारवाड़ लोहावट और फलोदी स्टेशनों पर तय किया गया था। इसमें 9 साधारण श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 11 डिब्बे लगाए गए थे।
आजाद ने डकैती के आरोप में काटी 24 साल जेल:हाईकोर्ट ने किया बरी, 7 हजार रुपए के लिए फंसी थी रिहाई
मैनपुरी के रहने वाले आजाद खान को डकैती के झूठे मुकदमे में 24 साल 8 महीने जेल में काटनी पड़ी। आजाद ख़ान जेल में रहते हुए दो बार पागलखाने भी गए। इस बीच हाईकोर्ट ने उन्हें निर्दोष बरी कर दिया है। लेकिन इसके बाद भी आजाद खान को जेल से बाहर आने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 22 अक्टूबर 2000 को एलाऊ थाना में मुक़दमा दर्ज हुआ था। पिछले साल 19 दिसंबर 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस और अभियोजन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें निर्दोष बरी कर दिया। जिसके बाद बुधवार देर शाम ई-मेल के जरिए रिहाई परवाना बरेली सेंट्रल जेल पहुंचा। इसके बाद आज़ाद खां (45) जेल से बाहर आए। आज़ाद खान को 2002 में मैनपुरी की विशेष अदालत ने उन्हें डकैती और गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया था। जिसे अदा न करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान था। इससे पहले 2001 में आज़ाद खां को आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले के एक अन्य मामले में 10 साल की सजा और सात हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया था। सजा के बाद उन्हें पहले फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में रखा गया। जबकि 2003 में उन्हें बरेली सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया। जहां वे लगातार सजा काटते रहे। पढ़िए पूरा मामला... गवाहों के अभाव में दोषमुक्त इस बीच आज़ाद की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की गई। लंबी सुनवाई के बाद 19 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने डकैती के मामले में साक्ष्य और चश्मदीद गवाहों के अभाव में उन्हें दोषमुक्त करार दे दिया। हालांकि, हाईकोर्ट से राहत मिलने के बावजूद कानूनी प्रक्रियाओं के चलते उनकी रिहाई में देरी होती रही। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी मैनपुरी की विशेष अदालत से रिहाई आदेश समय पर जारी नहीं हो सका। मामला सामने आने पर बरेली सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अविनाश गौतम ने मैनपुरी की विशेष अदालत को पत्र लिखकर रिहाई आदेश भेजने का अनुरोध किया। जेलर नीरज कुमार और मैनपुरी जेल प्रशासन के बीच समन्वय के बाद आखिरकार ई-मेल के माध्यम से रिहाई परवाना बरेली जेल पहुंचा। 2000 का वो काला दिन, आज़ाद की दुनिया छीन ली2000 में अचानक पुलिस आजाद खान के घर पहुंची। उसे डकैती के संगीन मामले में आरोपी बनाया। मैनपुरी की निचली अदालत ने उसे धारा 395 और 397 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले ने आजाद के परिवार को तोड़कर रख दिया। लेकिन उसका भाई मस्तान डटा रहा। मस्तान ने दिन-रात मजदूरी की, एक-एक रुपए जोड़ा ताकि बड़े वकील कर सके और अपने भाई को इस कलंक से मुक्ति दिला सके। उसकी यह मेहनत तब रंग लाई जब मामला हाईकोर्ट पहुंचा। बिना साक्ष्य के सिर्फ बयान पर सजा गलत-HCइलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस और अभियोजन पक्ष की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। 19 दिसंबर 2025 को आए फैसले में न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि महज इकबालिया बयान किसी को अपराधी साबित करने के लिए काफी नहीं है। पुलिस आजाद के खिलाफ कोई भी ठोस सबूत या साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। नतीजतन, कोर्ट ने उसे डकैती के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। लेकिन, इस आदेश के बाद भी आजाद की मुश्किलें कम नहीं हुईं, क्योंकि रिहाई के रास्ते में धारा 437-ए की कानूनी दीवार खड़ी थी। रिहाई में फंसा 'पेच' और 7 हजार रुपए की मजबूरीदोषमुक्त होने के बाद भी आजाद खान बरेली सेंट्रल जेल से बाहर नहीं निकल पा रहा था। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार उसे 20-20 हजार के दो जमानतदार पेश करने थे। सीनियर जेलर नीरज कुमार के मुताबिक, आजाद पर धारा 307 का एक पुराना मामला भी था, जिसमें उसकी 10 साल की सजा पूरी हो चुकी थी। लेकिन 7 हजार रुपए का जुर्माना बकाया था। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे एक साल और जेल काटनी पड़ती। गरीबी का आलम यह था कि 24 साल तक पैरवी में सब कुछ लुटा चुका परिवार 7 हजार रुपए जुटाने में भी असमर्थ था। ई-मेल से पहुंचे आदेश और संस्था ने चुकाया 'आजादी का मोल'जेल सुपरिंटेंडेंट अविनाश गौतम ने सक्रियता दिखाते हुए न्यायालय को प्रार्थना पत्र भेजा और ई-मेल के जरिए कागजी कार्रवाई पूरी करने का निवेदन किया। इसी बीच 'छोटी सी आशा' संस्था की पारुल मलिक देवदूत बनकर सामने आईं। उन्होंने आजाद की गरीबी को देखते हुए जुर्माने की 7 हजार रुपए की रकम जमा कराई। औपचारिकताएं पूरी होते ही देर रात मैनपुरी सत्र न्यायालय से रिलीज ऑर्डर ई-मेल के जरिए बरेली जेल पहुंचा। जेल प्रशासन ने रात में ही आजाद को उसके भाई मस्तान के सुपुर्द कर दिया। केस की पूरी डिटेल और कानूनी पेचआजाद खान मूल रूप से मैनपुरी के थाना अलाऊ के ज्योति कतारा क्षेत्र का रहने वाला है। उस पर साल 2000 में डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें मैनपुरी की निचली अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उसके भाई मस्तान ने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट के जस्टिस जेजे मुनीर ने 19 दिसंबर 2025 को उसे बेगुनाह पाते हुए दोषमुक्त कर दिया।हालांकि, कानूनी नियम धारा 437-ए के तहत उसे दो जमानतदार देने थे, जो वह नहीं दे पाया। साथ ही, एक अन्य केस (धारा 307) की सजा पूरी होने के बाद भी 7 हजार रुपए का जुर्माना न भर पाने के कारण उसकी रिहाई अटकी रही। अंत में 'छोटी सी आशा' संस्था द्वारा जुर्माना भरने के बाद 24 साल बाद वह आजाद हो सका। पुलिस ने केवल इकबालिया बयान के आधार पर उसे आरोपी बनाया था। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। भाई मस्तान ने मजदूरी कर पाई-पाई जोड़ी और 24 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। जुर्माना भरने के लिए पैसे न होने के कारण बेगुनाह होने के बाद भी जेल में रहना पड़ा। ------------------------------- ये भी पढ़ें... बर्थडे गर्ल के सामने न्यूड हुए DSP-दरोगा:गोरखपुर में 12 पुलिस वालों को फंसाया, रंगदारी नहीं मिली तो मैनेजर के दोस्त को गोली मारी गोरखपुर में अपने बर्थडे पर युवक को गोली मारने वाली लड़की ब्लैकमेलर निकली। सूत्रों के मुताबिक, उसके मोबाइल से पुलिस को अश्लील वीडियो मिले हैं। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया- शौक पूरे करने के लिए मैं लोगों को फंसाती थी, फिर न्यूड होकर वीडियो कॉल करती। उसे रिकॉर्ड कर लेती थी। इसके बाद उनसे पैसे वसूलती थी। पुलिस के मुताबिक, ब्लैकमेलर अंशिका ने 5 साल में 150 लोगों से वीडियो कॉल पर संपर्क किया। इनमें अयोध्या के एक DSP और गीडा थाना प्रभारी समेत 12 से ज्यादा पुलिसवाले भी हैं। पढ़ें पूरी खबर...
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर डीग जिले के 97,651 किसानों के खातों में 9.76 करोड़ रुपए की सीएम किसान सम्मान निधि की 5वीं किश्त सीधे हस्तांतरित की गई। प्रदेश के गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने गुरुवार को पंचायत समिति सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में यह जानकारी दी। मंत्री बेढ़म ने इस अवसर को सुशासन और जनकल्याण को समर्पित बताया। उन्होंने सिरोही से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। समारोह के दौरान मंत्री बेढ़म और जिला कलेक्टर उत्सव कौशल की उपस्थिति में सीएम किसान सम्मान निधि की यह किश्त डीबीटी के माध्यम से जारी की गई। सहायक रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग रामावतार सिंह ने बताया कि जिले के कुल 97,651 लाभार्थी किसानों को 9 करोड़ 76 लाख 51 हजार रुपए की राशि हस्तांतरित की गई है। गृह राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य स्तर पर जारी 1500 करोड़ रुपए के पैकेज में डीग जिले की यह हिस्सेदारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने इसे किसानों, महिलाओं और श्रमिकों के आर्थिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इसी क्रम में, मंत्री बेढ़म ने जिले भर में 'ग्राम उत्थान शिविरों' की शुरुआत की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना को साकार करना है, जिसके तहत प्रशासन अब कार्यालयों तक सीमित न रहकर गिरदावर सर्किल स्तर पर शिविर लगाकर आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करेगा। इस अवसर पर जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में इन शिविरों का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता और गंभीरता से किया जाएगा, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी योजनाओं का लाभ मिल सके। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी किसान उपस्थित रहे।
बैंकों में 5 डे वीक वर्किंग यानी, पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर अब बैंककर्मी हड़ताल पर जाएंगे। 27 जनवरी को एक दिवसीय हड़ताल होगी। फिर भी मांग नहीं मानी गई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी। इससे पहले गुरुवार शाम को अरेरा हिल्स में बैंककर्मी इकट्ठा हुए। उन्होंने मोबाइल की टॉर्च जलाकर विरोध जताया। गुरुवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके चलते ही फोरम की स्थानीय भोपाल इकाई के आह्वान पर राजधानी भोपाल के सैकड़ों बैंक कर्मचारी और अधिकारी शाम 5.30 बजे पंजाब नैशनल बैंक इंदिरा प्रेस कॉम्प्लेक्स के सामने एकत्रित हुए। उन्होंने अपनी मांग के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और सभा की। फोरम में शामिल बैंक यूनियंस के पदाधिकारी केके शर्मा, सुबिन सिन्हा, प्रवीण मेघानी, नजीर कुरैशी, दिनेश झा, विशाल जैन, संजय कुदेशिया, वीएस नेगी, सुनील सिंह आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि 27 जनवरी को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है। इस हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों के 8 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे। आंदोलित बैंक कर्मियों की मांग है कि बैंकिंग उद्योग में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने के लिए केंद्र सरकार मंजूरी दें। शेष सभी शनिवार (वर्तमान में केवल दूसरा और चौथा शनिवार अवकाश है), को अवकाश घोषित किया जाए। लंबे समय से हो रही मांगयूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स लंबे समय से बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में 5 कार्य दिवस लागू करने की मांग करता आ रहा है। 2015 में हुए 10वें द्विपक्षीय समझौते/7वें जॉइंट नोट में भारतीय बैंक संघ (IBA) और केंद्र सरकार द्वारा सहमति व्यक्त की गई थी। जिसके अनुसार प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया गया और अन्य शनिवारों को आधे दिन के बजाय पूरा कार्य दिवस किया गया। उस समय यह भी आश्वासन दिया गया था कि शेष सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की मांग पर उचित समय पर विचार किया जाएगा, किंतु यह मुद्दा लंबित रहा। 2022 में केंद्र सरकार और भारतीय बैंक संघ ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के साथ इस विषय पर चर्चा करने पर सहमति जताई। ताकि कार्य घंटे बढ़ाकर शेष शनिवारों को अवकाश घोषित किया जा सके। साल 2023 में चर्चा के पश्चात यह सहमति बनी कि सोमवार से शुक्रवार के कार्य घंटे प्रतिदिन 40 मिनट बढ़ाए जाएंगे और शेष शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को विधिवत सरकार को भेजा गया, लेकिन दुर्भाग्यवश पिछले दो वर्ष से सरकार की स्वीकृति लंबित है। सरकार से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 24 एवं 25 मार्च-25 को दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। उस समय सरकार ने बताया कि मामला सक्रिय विचाराधीन है। जिसके चलते हड़ताल स्थगित कर दी गई थी। इस ठोस आश्वासन के बावजूद अब तक स्वीकृति नहीं दी गई।
दमोह के हटा में हुए चर्चित कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में जबलपुर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सबूतों की कमी के चलते मामले के 16 आरोपियों को दोषमुक्त (बरी) कर दिया है। इससे पहले निचली अदालत ने इन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस हत्याकांड में कुल 23 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा मिली थी, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने पाया कि जिन 16 लोगों को बरी किया गया है, उनके नाम मूल एफआईआर (FIR) में दर्ज नहीं थे। साथ ही, घटना में उनकी क्या भूमिका थी, इस बारे में भी पर्याप्त सबूत नहीं मिले। इसी आधार पर न्यायालय ने उन्हें राहत दी, जबकि अन्य 7 आरोपियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। क्या था पूरा मामला यह हत्याकांड 15 मार्च 2019 को हुआ था। मामले में कुल 27 लोग आरोपी बनाए गए थे। सुनवाई के दौरान हटा न्यायालय ने 23 आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। एफआईआर में मुख्य रूप से चंदू सिंह, गोविंद सिंह, गोलू सिंह, इंद्रपाल पटेल, लोकेश पटेल, श्रीराम शर्मा और अमजद उर्फ डूठा के नाम शामिल थे, जिनकी सजा फिलहाल बरकरार है। पीड़ित पक्ष अब जाएगा सुप्रीम कोर्ट पीड़ित पक्ष के वकील मनीष नगाइच ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे न्याय के लिए अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने बताया कि बरी हुए 16 लोगों के खिलाफ याचिका दायर की जाएगी। साथ ही, जिन 7 आरोपियों की उम्रकैद बरकरार रखी गई है, उनके अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें फांसी की सजा देने की मांग भी की जाएगी।
नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की हादसे की मौत से जुड़ी जानकारी कर रही एसआईटी को गुरुवार को प्राधिकरण ने सात बिंदुओं पर अपना जवाब तैयार किया। जवाब 60 से अधिक पेज का है। इसके अलावा डिजास्टर रिपोर्ट पर भी एसआईटी ने चर्चा की। ये रिपोर्ट कल सौंपी जाएगी। अब टीम इन रिपोर्ट का एनालिसिस करेगी। इसके बाद 24 जनवरी को रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। माना जा रहा है कि इसके बाद तेजी से प्रशासनिक अमलों में फेरबदल की जा सकती है। अब तक इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटाया गया। वहीं एक जूनियर इंजीनियर की सेवा समाप्त की गई है। इस घटना में जिला प्रशासनिक, पुलिस और प्राधिकरण तीनों का ही फैलियर रहा है। एसआईटी भी रिपोर्ट के अनुसार जिम्मेदारी तय करेगी। इन बिंदुओं पर प्राधिकरण ने तैयार किया जवाब 60 से ज्यादा पेज का जवाब, सीएम को दी प्राइमरी जानकारी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के सामने प्राधिकरण की ओर से करीब 60 पेज का विस्तृत जवाब बताया गया। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने इस मामले की शुरुआती फैक्ट-फाइंडिंग की जानकारी मुख्यमंत्री को मौखिक रूप से दे दी है। इसके साथ ही संकेत मिले हैं कि अगले दो दिनों के अंदर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। प्राधिकरण और मामले से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारियों पर इसकी शिकन साफ देखने को मिल रही है। डिजास्टर से संबंधित सवालों पर दिया जवाबएसआईटी ने डिजास्टर को लेकर कई सवाल पूछे है। जिनका जवाब जिला प्रशासन की ओर तैयार किया गया। घटना के समय कंट्रोल रूम, फील्ड स्टाफ और संबंधित विभागों के बीच किस स्तर पर समन्वय था, इसका पूरा ब्यौरा दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें रिस्पॉन्स टाइम, मौके पर पहुंची टीमों की तैनाती, वार रूम की भूमिका और आपात स्थिति में अपनाई गई प्रक्रिया को बिंदुवार रखा गया है। हालांकि एसआईटी इस बात की गहन जांच कर रही है कि युवराज की कार डूबने के बाद करीब दो घंटे तक रेस्क्यू क्यों नहीं हो सका। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि जलभराव वाले इलाके को पहले से चिह्नित किया गया था या नहीं और यदि था तो समय रहते चेतावनी या बैरिकेडिंग क्यों नहीं की गई। सेक्टर में लगाई जाएंगी बैरिकेडसेक्टर में सेफ्टी के लिए सड़क के दोनों ओर सिमेंट ब्लाक की बैरिकेड लगाई जाएंगी। ये प्रक्रिया टेंडर से होगी। ये काम जल्द शुरू होगा। इसके अलावा घटना स्थल को छोड़कर बाकी पूरे सेक्टर और नोएडा के अन्य प्लाट में बने गढ्ढों से पानी की निकासी की जाएगी। सभी सर्किल अधिकारियों को इसके निर्देश दिए गए है।
हनुमानगढ़ में संगरिया पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 59 किलो 230 ग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया है। इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नागौर जिले के भोमासर निवासी श्यामाराम (25 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद एसआई प्रमोद सिंह के नेतृत्व में हरिपुरा जोतावाली रोड पर सख्त नाकाबंदी की गई। नाकाबंदी के दौरान एक बिना नंबर की स्विफ्ट गाड़ी को रोका गया, जिसकी तलाशी लेने पर उसमें से अवैध डोडा पोस्त बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से कार जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी डोडा पोस्त की सप्लाई के उद्देश्य से इसका परिवहन कर रहा था। मामले की जांच तलवाड़ा झील थानाधिकारी जगदीश सिंह कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति किन-किन स्थानों पर की जानी थी। इसके साथ ही, आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई में जिला विशेष टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आदित्य सिंह को अशोक नगर के कलेक्टर पद से हटाने के मामले में नया मोड़ आया है। उनके ट्रांसफर के एक दिन बाद गुरुवार को आनंदपुर ट्रस्ट ने आदित्य सिंह द्वारा रिश्वत मांगने के आरोपों को खारिज किया है। ट्रस्ट के शब्द सागर आनंद महात्मा ने बयान जारी कर कहा है कि आदित्य सिंह की ओर से उनसे किसी भी तरह की राशि नहीं मांगी गई थी और न ही ट्रस्ट की तरफ से इस संबंध में कोई शिकायत की गई थी। शब्द सागर आनंद महात्मा ने कहा- ट्रस्ट को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि कलेक्टर के खिलाफ शिकायत किस आधार पर की गई। पैसे मांगने से जुड़ी खबरें पूरी तरह निराधार हैं। इस तरह की गलत जानकारी फैलाने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान कर जांच होनी चाहिए। दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने बुधवार रात आदित्य सिंह का अशोक नगर कलेक्टर के पद से तबादला कर दिया था। उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में उपसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह साकेत मालवीय को नया कलेक्टर बनाया गया है। हालांकि, गुरुवार रात तक साकेत ने कलेक्टर का पदभार ग्रहण नहीं किया था। 2014 बैच के अफसर आदित्य सिंह को अशोक नगर से हटाए जाने के बाद खबरें आई थीं कि आनंदपुर धाम से तीन करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के चलते ये ट्रांसफर किया गया है। खबरों के मुताबिक, आनंदपुर ट्रस्ट ने तत्कालीन कलेक्टर आदित्य सिंह के खिलाफ प्रधानमंत्री दफ्तर में इसकी शिकायत की थी। दिन में सम्मान का ऐलान, रात में ट्रांसफरदिलचस्प बात यह भी है कि बुधवार दिन में ही आदित्य सिंह को अशोक नगर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में बेहतर प्रदर्शन के लिए 25 जनवरी को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई थी। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनका समर्थन भी किया था। उनके समर्थन में एक आमसभा करने की भी तैयारी चल रही थी, लेकिन रात होते-होते उनके तबादले का आदेश आ गया था। साइकिल से करते थे गांवों का दौराअशोक नगर के कलेक्टर रहते हुए आदित्य सिंह सप्ताह में दो या तीन दिन गांवों का दौरा करते थे। लोगों के बीच जाकर समस्याएं सुनते थे। कई बार साइकिल से भी चले जाते थे। बारिश के दौरान आधी रात को बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू कराने के लिए खुद मौके पर पहुंचे थे। उनके कार्यकाल में जनसुनवाई में आवेदकों की संख्या बढ़कर 1200 तक हो गई थी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी खुले मंच से कई बार उनकी तारीफ कर चुके हैं। कांग्रेस का आरोप- आनंदपुर धाम में चल रहा सेक्स रैकेटकांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के मध्य प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने सोमवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें कहा था कि आनंदपुर धाम में सालों से अवैध गतिविधियां चल रही हैं। यहां युवकों का शोषण किया जा रहा है। देह व्यापार का संगठित रैकेट चल रहा है। इसके वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। अहिरवार ने कहा था कि IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल, अविनाश लवानिया और मयंक अग्रवाल आनंदपुर धाम ट्रस्ट के माध्यम से काले धन को सफेद करने में मदद कर रहे हैं। ट्रस्ट की सालाना कमाई लगभग 800 करोड़ रुपए है, लेकिन इसका कोई हिसाब-किताब नहीं रखा जा रहा है। ये तीनों अफसर आनंदपुर ट्रस्ट आते-जाते रहते हैं। स्थानीय पंचायतों के सरपंच लगातार शिकायतें कर रहे हैं। उन शिकायतों पर इन अफसरों के प्रभाव के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है। सरकार जांच कराएंगी तो सब सामने आ जाएगा। कांग्रेस ने 5 वीडियो भी जारी किए थेअहिरवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांच वीडियो भी जारी किए थे। इनमें से तीन वीडियो आपत्तिजनक हैं। एक में युवक अश्लील हरकत कर रहा है। अहिरवार का आरोप है कि ये युवक आनंदपुर धाम का महात्मा है। दूसरे वीडियो में एक बाबा किसी से संबंध बनाता दिख रहा है। तीसरे वीडियो में एक बाबा पलंग पर निर्वस्त्र बैठा दिखाई दे रहा है। चौथे वीडियो में एक युवक ने बाबा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पांचवें वीडियो में एक महिला सेवादार किसी पर आरोप लगा रही है कि उन्होंने हमसे लड़कियां सौंपने को कहा। ये सभी वीडियो करीब एक साल पुराने बताए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर इनकी पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में युवक बोला- भगत जी जब चाहे जबरदस्ती करता था एक वीडियो में एक युवक अपना नाम और गांव का नाम बताते हुए कह रहा है कि मेरे साथ अवधेश भगत जी, फौजी भगत जी ने अत्याचार किया है। वो बोलता था कि मेरे साथ कर नहीं तो तेरे को यहां से भगा दूंगा। मैं मना करता था तो कहता था कि कर, नहीं तो चाहे जाे कर दूंगा तेरे साथ। युवक ने आगे कहा- मैंने इसके वीडियो बनाए। ये चाहे जब जबरदस्ती मेरे साथ करता था। फिर सोचा कि कब तक ऐसा करूंगा। ऐसे तो मैं मर ही जाऊंगा। मैंने ये वीडियो सुरेंद्र महात्मा जी, सोनू महात्मा जी को भेजे। उन्होंने मुझे अतिथि गृह बुलाकर मुझसे दस्तखत करवाए लिए। पता नहीं क्यों करवाए। मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूं। फिर मुझसे कहा कि तू तेरे बाप-महतारी को बताएगा तो जान से मार डालेंगे। न तेरे मां-बाप को पता चलेगा, न किसी और को। मैं अकेला भाई हूं। डर गया साब। यहां लंगर में काम करता था। सुरेंद्र महात्मा जी ने मेरे वीडियो यहां से मिटा दिए हैं, लेकिन मेरे पास ये वीडियो है। मुझे इंसाफ नहीं मिलेगा तो मैं आत्महत्या भी कर सकता हूं। आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करने के भी आरोपअहिरवार ने यह भी कहा था कि ट्रस्ट द्वारा आदिवासियों की जमीन और सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है। 2025 में गौहत्या की शिकायत के बावजूद डीजीपी स्तर पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ट्रस्ट से जुड़े कई महात्माओं पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। यह पूरा मामला मानव तस्करी से भी जुड़ा हुआ हो सकता है। शिकायत पर केंद्रीय मंत्री ने भी कुछ नहीं कियाकांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया था कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस विषय में हस्तक्षेप करना उचित नहीं समझा। पिछले 5 साल से लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कांग्रेस ने इसे 'डेरा सच्चा सौदा पार्ट-2' बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। अहिरवार ने कहा कि वे मामले में और जल्द ही हाईकोर्ट का रुख करेंगे। दीवारें किले जैसी, गेट पर सिक्योरिटी गार्डअशोक नगर जिला मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर चंदेरी रोड पर ईसागढ़ के पास 95 साल पहले महज एक टपरी से शुरू हुआ आनंदपुर धाम आश्रम करीब 1500 बीघा में फैला है। आश्रम में तीन प्राइवेट बस स्टैंड हैं, खुद की फायर ब्रिगेड है तो बेहद खूबसूरत गार्डन भी हैं। आश्रम की दीवारें किले के परकोटे जैसी हैं। जिनके ऊपरी हिस्से पर नुकीले कांच लगाए गए हैं। ये इंतजाम इसलिए किया गया है ताकि कोई भी दीवार फांदकर अंदर दाखिल न हो पाए। आश्रम के मेन गेट पर सिक्योरिटी गार्ड खड़े रहते हैं। कई अनुयायी औपचारिक रूप से पंजीकृत नहींआनंदपुर धाम के अनुयायी दुनियाभर में फैले हैं। विशेष रूप से उन देशों में जहां भारतीय प्रवासी समुदाय मौजूद हैं, जैसे अमेरिका, कनाडा, और यूनाइटेड किंगडम। हालांकि, इनकी संख्या सीमित है। कई अनुयायी औपचारिक रूप से पंजीकृत नहीं होते, इसलिए इनका सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इनकी सटीक संख्या आश्रम प्रबंधन के पास भी नहीं है, लेकिन वैशाखी पर लगने वाले मेले में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है। अद्वैत मत: एक ही सत्य है और वही ब्रह्म हैअद्वैत मत हिंदू दर्शन की एक शाखा है, जिसका शाब्दिक अर्थ है- दो का अभाव। यह वेदांत दर्शन का एक रूप है, जो उपनिषदों, भगवद्गीता और ब्रह्मसूत्र जैसे ग्रंथों पर आधारित है। अद्वैत मत के अनुसार, वास्तविकता में केवल एक ही सत्य है, जिसे ब्रह्म कहा जाता है। यह ब्रह्म निर्गुण (गुणों से परे), निराकार और सर्वव्यापी है। इस दर्शन में आत्मा और ब्रह्म को एक ही माना जाता है, यानी आत्मा और परमात्मा में कोई भेद नहीं है। स्वरूप आनंद महाराज ने की थी आनंदपुर धाम की स्थापनापरमहंस अद्वैत मत के संस्थापक परमहंस दयाल महाराज का आगरा में प्रवचन चल रहा था। इस प्रवचन को सुनने ईसागढ़ के सेठ पन्नालाल मोदी भी गए थे। यहीं उन्होंने महाराज से ईसागढ़ आने का निवेदन किया। महाराज ने बाद में आने का आश्वासन दिया। 1930 के लगभग दूसरे गुरु स्वरूप आनंद महाराज ईसागढ़ आए। इन्होंने ही आनंदपुर धाम आश्रम की स्थापना की। 1954 में श्री आनंदपुर धाम ट्रस्ट की भी स्थापना हुई। यह ट्रस्ट, आश्रम की चल-अचल संपत्ति की देखरेख और सुरक्षा करता है। ट्रस्ट के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों के लिए स्कूल और हॉस्पिटल भी संचालित होता है। सिंध प्रांत से हुई थी संप्रदाय की शुरुआतस्थानीय इतिहासकार हेमंत दुबे ने कहा- ये आजादी के पहले का संप्रदाय है। सबसे पहले इसकी स्थापना सिंध प्रांत में हुई थी। आजादी के बाद दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के क्षेत्रों में फैला। इन्हीं क्षेत्रों में ज्यादा अनुयायी हैं। इस मत के 4 गुरुओं की समाधि यहीं आनंदपुर धाम आश्रम में हैं। इनके मंदिर भी आगरा के ताजमहल की तरह संगमरमर के बने हुए हैं। यही कारण है कि ये इस संप्रदाय का सबसे महत्वपूर्ण स्थान बन गया है। यहां सभी जाति और धर्म के लोग जुड़ सकते हैं, लेकिन ज्यादातर जो अनुयायी यहां देखे जाते हैं वो बाहर से ही आते हैं। 1500 बीघा में आश्रम, इसके अलावा अन्य जमीनेंआनंदपुर धाम के महात्मा सोनू महाराज कहते हैं कि सभी धर्मों और जातियों के लिए दरबार खुला हुआ है। आश्रम में साधु, साध्वी, भगत सभी मिलाकर करीब 1500 लोग रहते हैं। इनमें से कुछ प्रचारक हैं, जो मत के प्रचार के लिए देशभर में घूमते रहते हैं।वैशाखी, व्यास पूजा और दीपावली आश्रम के मुख्य उत्सव हैं। आश्रम ट्रस्ट जिले में तीन स्कूल और एक हॉस्पिटल संचालित करता है। बच्चों की पढ़ाई, ड्रेस और खाना सब फ्री होता है। अस्पताल में भी इलाज और दवाइयां फ्री हैं। ये खबर भी पढ़ें... सेक्स स्कैंडल के आरोपों से घिरे आनंदपुर धाम का सच बाबाओं के सेक्स स्कैंडल के आरोपों से देशभर में चर्चा में आए अशोक नगर के आनंदपुर धाम आश्रम को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है। आश्रम के भीतर क्या चल रहा है, ये न तो प्रशासन को मालूम है, न ही आसपास के लोगों को। आश्रम में किसी की भी एंट्री नहीं है। आश्रम प्रशासन का कहना है कि भीतर एक हजार से ज्यादा महात्मा और भगत हैं। इसमें 60 फीसदी महिला भक्त हैं। पढ़ें पूरी खबर...
बरेली के घी मंडी स्थित आलमगीरगंज में आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ के मंच से हिंदुत्व की रक्षा का संकल्प लिया गया। इस दौरान राजनीति के गलियारों में हलचल पैदा करने वाला एक बड़ा बयान भी सामने आया। भाजपा नेत्री दीप्ति भारद्वाज ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी साइलेंट मोड में ईसाई मिशनरियों के साथ मिलकर हिंदुओं के धर्मांतरण के खेल में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ मुस्लिम धर्मांतरण और लव जिहाद का खतरा मंडरा रहा है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस और वामपंथी दल हिंदुओं को जातियों में बांटकर देश को कमजोर करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग एकजुट हुए। लव जिहाद, धर्मांतरण और हिंदू राष्ट्र के संकल्पों पर धारदार चर्चा हुई। प्रियंका गांधी और धर्मांतरण का 'साइलेंट' खेलदैनिक भास्कर से खास बातचीत में भाजपा नेत्री दीप्ति भारद्वाज ने बेहद तल्ख तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि आज देश में धर्मांतरण एक कैंसर की तरह फैल रहा है। दीप्ति ने दावा किया कि प्रियंका गांधी स्वयं ईसाई मिशनरियों के कार्यों को बढ़ावा दे रही हैं ताकि भारत की सनातन चेतना को चोट पहुंचाई जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम धर्मांतरण के बारे में तो दुनिया जानती है, लेकिन कांग्रेस का यह ‘ईसाई मॉडल’ पर्दे के पीछे से हिंदुओं को खत्म करने की साजिश है। दीप्ति ने दोटूक कहा, अगर सनातनी आज नहीं जागे, तो फिर कभी नहीं जाग पाएंगे। 'जाति मुक्त भारत' और RSS का शताब्दी संकल्पआरएसएस के शताब्दी वर्ष पर आयोजित इस सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में महानगर कार्यवाह प्रोफेसर विमल ने समाज को आईना दिखाया। उन्होंने रामायण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जिस तरह भरत ने भगवान राम के प्रति समर्पण दिखाया और राजकाज के मोह को त्याग दिया, उसी तरह आज के हिंदुओं को आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे का साथ देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि विदेशी ताकतें और वामपंथी दल हिंदुओं को जातियों में बांटकर सत्ता हथियाना चाहते हैं। विमल ने स्पष्ट किया कि 'जाति मुक्त भारत' ही सशक्त हिंदू राष्ट्र की नींव बनेगा। संभाजी महाराज का बलिदान और बॉलीवुड पर निशानाव्यापारी नेता अनिल पाटिल ने जब धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान का जिक्र किया, तो पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। उन्होंने बताया कि औरंगजेब ने संभाजी महाराज को पूरा राज्य और ऐशो-आराम देने का लालच दिया था, शर्त सिर्फ इस्लाम कबूल करने की थी। लेकिन महाराज ने 41 दिनों की असहनीय यातनाएं सही और धर्म के लिए प्राण दे दिए। पाटिल ने इसी दौरान लव जिहाद के मुद्दे पर बॉलीवुड को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि फिल्मों और वेब सीरीज के जरिए हमारी युवा पीढ़ी को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसी फिल्मों पर प्रतिबंध लगना चाहिए जो लव जिहाद और कट्टरपंथ को बढ़ावा देती हैं। संतों की अपील और मातृशक्ति का जागरणसम्मेलन की शुरुआत महंत कालू गिरी महाराज और धर्माचार्य पंडित केके शंखधार ने दीप प्रज्वलित कर की। कालू गिरी महाराज ने सनातनियों को केवल कर्मकांड तक सीमित न रहकर शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञान के प्रति जागरूक होने को कहा। वहीं, पंडित शंखधार ने कहा कि एकजुटता ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है। दीप्ति भारद्वाज ने महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि जब तक सनातन धर्म की महिलाएं घर से बाहर निकलकर हिंदुत्व के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेंगी, तब तक समाज को लव जिहाद जैसे खतरों से नहीं बचाया जा सकता। मंच पर मौजूद रहे ये दिग्गजइस विराट आयोजन में आरएसएस के महानगर प्रचारक मयंक साधु, विहिप के विभाग संगठन मंत्री देवेंद्र, वरिष्ठ पत्रकार पवन सक्सेना सहित कई गणमान्य मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रवि अग्रवाल 'गट्टू मल' ने की, जबकि सफल संचालन डॉ. अतुल शर्मा ने किया। सम्मेलन को सफल बनाने में सचिव राजीव पंडित और व्यापारी नेता राजकुमार राजपूत का विशेष योगदान रहा। राजकुमार राजपूत ने सुझाव दिया कि हिंदुओं को संगठित करने के लिए ऐसे विराट सम्मेलन अब हर मोहल्ले और गली में आयोजित किए जाने चाहिए। शामिल होने वाले प्रमुख नामइस भव्य कार्यक्रम में सनातनी एकता का प्रदर्शन करने के लिए हर्ष अग्रवाल, सर्वेश अग्रवाल, विजय गोयल, विशाल मल्होत्रा, मुकेश सिंघल, रचित अग्रवाल, मयूर अग्रवाल, माधुरी अग्रवाल, अनु शर्मा, अनीता गोयल, प्रियंका कपूर, मानसी अग्रवाल, आदित्य, अविरल, नवीन कक्कड़, मयूर अग्रवाल, अरुण सिंह, पवन बाजपेई, अविनाश पाटील, सरजराव पाटिल, रवि और पुनीत अग्रवाल सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में समिति के अध्यक्ष रवि अग्रवाल गट्टू मल ने सभी का आभार व्यक्त किया और हिंदू राष्ट्र के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड कंपनी में जीएसटी विभाग की कार्रवाई पिछले चार दिनों से जारी है। यह कार्रवाई 19 जनवरी को शुरू हुई थी और 22 जनवरी की देर शाम तक चलती रही। जीएसटी अधिकारियों की शुरुआती जांच में पता चला है कि कंपनी ने बड़े पैमाने पर टैक्स में अनियमितता की है। अब तक की जांच के आधार पर विभाग ने लगभग 15 करोड़ रुपए से ज्यादा टैक्स चोरी का अनुमान लगाया है। कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कंपनी के पास 1 अप्रैल 2025 से अब तक के प्रोडक्शन का कोई भी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। जीएसटी नियमों के अनुसार किसी भी औद्योगिक इकाई को अपने उत्पादन, बिक्री और टैक्स से संबंधित सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से रखना अनिवार्य होता है, लेकिन हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड कंपनी के पास 10 महीने से प्रोडक्शन का कोई रिकॉर्ड नहीं है। बिजली की खपत भी मानक से कहीं ज्यादा जीएसटी की छापेमारी में यह बात भी सामने आई है कि कंपनी की बिजली खपत मानक से कहीं अधिक है। जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्पंज आयरन और टीएमटी बनाने वाली कंपनी के लिए बिजली खपत का एक तय सीमा (स्टैंडर्ड) होता है। अगर बिजली की खपत इस सीमा से ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि उत्पादन भी ज्यादा हुआ है। इसी आधार पर जीएसटी विभाग ने अनुमान लगाया है कि कंपनी ने वास्तविक उत्पादन छिपाकर टैक्स चोरी की है। मुंबई में ब्रांच, सॉल्टी ऑक्सीजन के इस्तेमाल भी जोड़ते हैं कास्टहरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड स्पंज आयरन से टीएमटी सरिया बनाती है और खुद को उच्च गुणवत्ता वाला टीएमटी निर्माता बताती है। कंपनी की एक शाखा मुंबई में भी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मुंबई ब्रांच में समुद्री तटीय क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले सॉल्टी ऑक्सीजन के मानकों के अनुसार टीएमटी पर विशेष पेंट किया जाता है और उसकी अतिरिक्त लागत जोड़ी जाती है। साल के अंत में करवाते हैं ऑडिट, उसी में करते हैं डाटा एडजेस्टजानकारी के अनुसार, कंपनी के मालिक हर साल वित्तीय वर्ष के अंत में ऑडिट करवाते हैं और उसी समय कुछ आंकड़ों को एडजेस्ट कर देते हैं। जीएसटी के अफसरों के मुताबिक, पिछले 10 महीनों का कंपनी के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। जीएसटी अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद टैक्स देनदारी की राशि और बढ़ सकती है। कंपनी के मालिक बाहर, मेंटेनेंस के नाम पर प्लांट बंदइस बीच बताया जा रहा है कि कंपनी के मालिक संदीप अग्रवाल के मुंबई में होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि दूसरे मालिक भगवानदास अग्रवाल के बारे में बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी की तबीयत खराब है और वे अस्पताल में हैं। जीएसटी की कार्रवाई के दौरान कंपनी प्रबंधन ने प्लांट को मेंटेनेंस का हवाला देकर बंद कर दिया है।
दो बाइकों की भिड़ंत में 3 युवक गंभीर घायल:पुलिसकर्मी ने सड़क किनारे पड़े देखकर बस से पहुंचाया अस्पताल
गांव बहज के पास गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। घायलों की पहचान हेमंत (27), युधिष्ठिर (30) निवासी देविया नगला और निशांत (29) निवासी साद मोहल्ला डीग के रूप में हुई है। हेमंत और युधिष्ठिर अपनी ससुराल पास्ता से अपने गांव देविया नगला लौट रहे थे, तभी गोवर्धन की ओर से आ रही निशांत की बाइक से उनकी टक्कर हो गई। दुर्घटना के बाद तीनों घायल सड़क किनारे पड़े थे। उसी दौरान डीग एसपी कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मी देवेश वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने घायलों को देखकर एक रोडवेज बस रुकवाई और सभी को बस में बैठाकर डीग अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया और उनके परिजनों को घटना की सूचना दी गई। परिजनों के अस्पताल पहुंचने के बाद, घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर डीग कोतवाली के एएसआई राजवीर सिंह अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस के अनुसार अभी तक किसी भी पक्ष ने इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई है।
फरीदाबाद जिले में रिश्वत लेने के एक मामले में पुलिस विभाग के एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी ASI जसपाल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराया और उसे सजा सुनाई। बता दे कि कोर्ट ने ASI जसपाल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत 4 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही धारा 13(1)(b) सहपठित धारा 13(2) के तहत भी 4 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई है। शिकायत पर ACB ने की कार्रवाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे प्रत्येक धारा में छह-छह महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। बता दे कि मामला 7 जुलाई 2023 का है। नगला एनक्लेव पार्ट-2 के रहने वाले श्रीनिवास ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को दी गई शिकायत में बताया था कि वह एक निजी कंपनी में लेबर सप्लाई का काम करता है। 1 लाख की मांगी थी रिश्वत वहीं पीएफ जमा कराने को लेकर उसका एक कंपनी से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते संबंधित कंपनी की ओर से मुजेसर थाना में श्रीनिवास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।शिकायतकर्ता का आरोप था कि मुजेसर थाने में तैनात ASI जसपाल ने मामले को रफा-दफा करने के बदले उससे एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। दबाव में आकर श्रीनिवास ने ASI जसपाल को 70 हजार रुपए दे दिए, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ASI लगातार शेष 30 हजार रुपए की मांग को लेकर उसे परेशान करता रहा।
जयपुर में देवर ने चाकू से गोदकर भाभी की हत्या कर दी। दोनों के बीच मामूली कहासुनी के बाद झगड़ा हुआ था। इसके बाद देवर ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर भाभी की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को डिटेन कर लिया है और उससे पूछताछ में जुटी है। आरोपी महिला की बुआ सास का बेटा है। घटना शास्त्री नगर थाना इलाके की प्रेम बस्ती में हुई। मर्डर की सूचना पर शास्त्री नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और FSL टीम की मदद से मौके से सबूत जुटाए। एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया- नेहरू नगर की प्रेम बस्ती में पूनम धानका (30) के पति का देहांत करीब 5 साल पहले हो गया था। वह ससुराल में 2 बेटों (12 साल और 9 साल) के साथ रहती थी और काम कर खर्च चलाती थी। गुरुवार शाम 7 बजे पूनम काम से घर लौट रही थी। इसी दौरान घर से 100 मीटर पहले शिव मंदिर के पास रिश्ते में देवर अनिल ने चाकू से गोदकर पूनम की हत्या कर दी। पूनम को कांवटिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर परिवार के लोगों के साथ ही मोहल्ले के लोग अस्पताल में पहुंचे। परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल में हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर विधायक गोपाल शर्मा भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। परिवार के सदस्य विनोद ने बताया- किसी मामले को लेकर पिछले 1 साल से परिवार ने अनिल से रिश्ता खत्म कर दिया था। खबर लगातार अपडेट की जा रही है...
सेंसपुरा राजस्व ग्राम में सार्वजनिक भूमि पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। इस दौरान खसरा संख्या 638/305 पर किए गए अवैध निर्माण को हटा दिया गया। ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर कमल राम मीना से सिवायचक भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत की थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर मीना ने गुरुवार को तहसीलदार हनुत सिंह को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद ब्यावर की तहसील टीम ने नगर परिषद ब्यावर के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के तहत खसरा संख्या 638/305 पर लगभग 15x10 फीट क्षेत्रफल में बने अवैध निर्माण को हटाया गया। इसके साथ ही, भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया। इस अभियान में देलवाड़ा गिरदावर चैतन्य प्रकाश पारीक, लसाड़िया पटवारी पंकज कुमावत और नगर परिषद के जेईएन कपिल गोरा सहित अन्य टीम सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक और राजस्व भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस तरह की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी।
जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में मध्याह्न भोजन खाने के बाद 12 छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उल्टी, पेट दर्द और सिर दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद सभी को उपचार के लिए पामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया। बच्चों का उपचार जारी है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद एसडीएम देवेंद्र चौधरी ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। मध्याह्न भोजन के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट दो से तीन दिनों में आने की उम्मीद है। मध्याह्न भोजन के बाद 12 बच्चों की तबीयत बिगड़ी जानकारी के अनुसार, स्वामी आत्मानंद स्कूल में कुल 127 बच्चों ने मध्याह्न भोजन किया था। इनमें से 12 बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजनों को सूचित कर बच्चों को सीएचसी अस्पताल पामगढ़ में भर्ती कराया गया। गुरुवार को मध्याह्न भोजन में पत्ता गोभी की सब्जी और मिक्स अचार परोसा गया था। मिक्स अचार से फूड पॉइजनिंग की आशंका आशंका जताई जा रही है कि मिक्स अचार खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ी होगी। फूड इंस्पेक्टर को भोजन के नमूने जांच के लिए दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही फूड पॉइजनिंग के वास्तविक कारण का पता चल पाएगा। इस रिपोर्ट में कम से कम दो से तीन दिन का समय लगने की बात कही गई है। बच्चों की हालत स्थिर, अस्पताल में निगरानी में उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बीएमओ रश्मि धीरही ने बताया कि कुछ बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और सिर दर्द की शिकायत थी। सभी बच्चों का उपचार किया गया है और उनकी हालत स्थिर है। उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। दो से तीन बच्चों के परिजन उन्हें अस्पताल से ले जा चुके हैं।
प्रतापगढ़ जिले में निजी वाहनों पर अनाधिकृत रूप से पदनाम प्लेटों के उपयोग को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं नगर परिषद आयुक्त ने भी पार्षदों और उनके परिजनों को स्पष्ट चेतावनी जारी की है। जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया ने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि निजी वाहनों पर लगी अनाधिकृत पदनाम प्लेटों को तुरंत हटवाया जाए। उन्होंने बताया कि सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, उप प्रधान, प्रधान और जिला परिषद सदस्य जैसे जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल 9 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद कुछ पूर्व जनप्रतिनिधि अभी भी अपने निजी वाहनों पर पदनाम की प्लेट लगाकर आवागमन कर रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से नियमों के खिलाफ है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें उपलब्ध कराने को भी कहा गया है। इस आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ को भी भेजी गई है, ताकि प्रवर्तन में समन्वय बना रहे। नगर परिषद आयुक्त ने जारी की चेतावनी इसी क्रम में नगर परिषद प्रतापगढ़ के आयुक्त ने सभापति, उपसभापति और पार्षदों को पत्र लिखकर स्पष्ट चेतावनी दी है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि निजी वाहनों पर स्वयं के या रिश्तेदारों के नाम से पदनाम अथवा नगर परिषद के नाम का उपयोग करना नियमसंगत नहीं है। नगर परिषद आयुक्त ने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि किसी ने आदेशों की अवहेलना की, तो जिला परिवहन अधिकारी और पुलिस प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना और आमजन में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखना है।
प्रतापगढ़ में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डॉ. प्रभात अग्रवाल ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की जेल और 50 हजार रुपए का अर्थदंड का फैसला सुनाया है। आरोपी मध्यप्रदेश का रतलाम निवासी पिंकू उर्फ पिंकेश मीणा (23) है। डेढ़ साल पुराने मामले में सजा मामले के अनुसार- लड़की के पिता ने 6 जुलाई 2024 की रात रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि उसकी नाबालिग बेटी घर के बाहर सो रही थी, लेकिन सुबह वह वहां नहीं मिली। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसी दौरान मेरे छोटे बेटे के मोबाइल पर आरोपी का फोन आया। आरोपी ने बताया कि वह लड़की को रात में उठाकर ले गया है और उसे अपनी पत्नी बनाकर रखा हुआ है। 17 गवाहों के बयान हुए पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक किशन लाल कुमावत ने पैरवी की। उन्होंने 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 37 दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए।
प्रयागराज के एक युवक की महाराष्ट्र के नागपुर जिले के जरीपटका थाने में फांसी लगा ली। युवक का शव गुरुवार सुबह हवालात के भीतर फंदे से लटका मिला। युवक के मुंह से खून निकल रहा था। पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, जबकि परिजनों ने हिरासत में पिटाई से मौत का गंभीर आरोप लगाया है। युवक उतरांव के मदारीपुर गांव निवासी था। महाराष्ट्र पुलिस युवक को 4 दिन पहले एक किशोरी के अपहरण के मामले में ले गई थी। उस पर किशोरी के अपहरण का मुकदमा भा दर्ज था। अब जानिए पूरा मामलानागेंद्र कुमार भारतीय (20) पुत्र रामजी उतरांव थाने के मदारीपुर गांव का रहने वाला था। डीजे साउंड का काम करता था। उसका हंडिया थाना क्षेत्र की एक किशोरी से अफेयर चल रहा था। किशोरी परिजनों के साथ नागपुर में ही रहती है। एक शादी समारोह में गांव आने के दौरान ही उसकी मुलाकात नागेंद्र से हुई और फिर दोनों में फोन पर बातें होने लगी। नागेंद्र के घरवालों का कहना है कि 16 जनवरी को किशोरी के बुलाने पर नागेंद्र नागपुर पहुंचा। दोनों वहां से भागकर प्रयागराज के मदारीपुर गांव आ गए। घरवालों ने अपहरण का मुकदमा लिखायाइस बीच किशोरी के परिजनों ने नागपुर के जरीपटका थाने में नागेंद्र के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। बताया जा रहा है कि किशोरी अभी 17 साल की है और उसके बालिग होने में करीब 2 महीने बाकी हैं। 18 जनवरी को महाराष्ट्र पुलिस उतरांव थाना पहुंची। दोनों को नागपुर ले गई। इसके बाद युवक को पुलिस अभिरक्षा में जरी पटका थाने की हवालात में बंद किया गया। फोन पर मिली जानकारीपिता राम जी ने बताया कि 21 जनवरी को नागपुर पुलिस ने फोन कर कहा- नागेंद्र को घर ले जाया जा सकता है। वह पत्नी पुष्पा और कुछ रिश्तेदारों के साथ नागपुर के लिए रवाना ही हुए थे कि 22 जनवरी की सुबह फोन आया कि नागेंद्र ने हवालात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। दोपहर 1:00 बजे के करीब वह जब थाने में पहुंचे तो देखा कि बेटा हवालात के दरवाजे पर सलाखों में फंसे फंदे पर लटका हुआ था। उसके पैर जमीन को छू रहे थे। पुलिस वालों ने बताया कि उसने सुसाइड किया है। पिता का कहना है कि बेटे के पैर जमीन पर थे और इससे साफ है कि मामला सुसाइड का नहीं है। शाम 7 बजे तक नहीं हो सका था पोस्टमॉर्टमपिता ने बताया- शाम 7:00 के करीब शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। फिलहाल पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका है और अब पुलिस शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम करने की बात कह रही है। परिजनों ने बताया- नागेंद्र और किशोरी अलग-अलग जाति के हैं। किशोरी बनिया समाज से है। दोनों भाग कर प्रयागराज आए थे और कोर्ट मैरिज का भी प्रयास किया था, लेकिन नाकाम रहे। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें.... कानपुर में ट्यूशन टीचर, बॉयफ्रेंड समेत 3 को उम्रकैद:कारोबारी के बेटे की किडनैपिंग करके हत्या की, 30 लाख की फिरौती मांगी थी कानपुर में कारोबारी के बेटे कुशाग्र की हत्याकांड में ट्यूशन टीचर समेत 3 को उम्रकैद की सजा हुई है। कोर्ट ने कहा कि तीनों दोषियों को मरते दम तक जेल में रखा जाए। मां सोनिया कनोडिया रोते हुए बोलीं- तीनों को फांसी होनी चाहिए। अभी मेरा घाव भरा नहीं है, जैसे इन लोगों ने मेरे बच्चे का गला दबाकर मारा है। वैसे ही उनका भी गला दबना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर...
रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में हाल ही में हुए आगजनी कांड के बाद खतरा बताते हुए अधजले भवन को गिरा दिया था। लेकिन अब ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप लगाया जा रहा है कि महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की गई है। इसे गंभीर और चिंताजनक बताते हुए एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने DEO कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। संगठन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच के लिए CBI या SIT जांच की मांग की है। एनएसयूआई का कहना है कि आगजनी के बाद जिस तरह साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोशिश हुई, उससे स्थानीय स्तर की जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता। FSL की टीम भी पहुंची इस विरोध प्रदर्शन के बीच FSL की टीम भी पहुंची थी। टीम ने पूरे भवन की बारीकी से जांच की है। इस दौरान हादसे वाले स्पॉट को नो एंट्री जोन मार्क किया गया था। FSL की टीम ने मौके से कुछ चीजों को पैक कर लैब में भी भेजा है। हजारों अहम फाइलें जलकर राख आगजनी में मध्यान्ह भोजन में कथित चोरी से जुड़े दस्तावेज, अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित हजारों शिकायतें, निजी और गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की फाइलें, नौकरियों के आवेदन सहित बड़ी मात्रा में कागजात जलकर नष्ट हो गए हैं। कड़ी कार्रवाई की मांग एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा ने कहा, “यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह एक खतरनाक परंपरा बन जाएगी, जिसमें साक्ष्य मिटाकर जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश होगी। हम उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।” प्रदर्शन में ये रहे मौजूद प्रदेश महासचिव निखिल वंजारी, प्रदेश सचिव महताब हुसैन, विशाल कुकरेजा, जिला उपाध्यक्ष वैभव मुजेवार, शिवांक सिंह, विधानसभा अध्यक्ष अंकीत शर्मा, जिला महासचिव सेवा साहू, दिव्यांश श्रीवास्तव, यश सागर, प्रतीक ध्रुव, प्रियांशु सिंह, यूनिवर्सिटी उपाध्यक्ष आलोक सिंह, अनिकेत गोड़, कृष सहारे, दुर्गेश, सौरभ, हर्ष, करण, जुबैर, ईश्वर, लोमश समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शिवपुरी के प्रख्यात न्यायविद, वरिष्ठ अधिवक्ता और लोकतंत्र सेनानी उत्तमचंद जैन का हाल ही में 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। गुरुवार को स्थानीय मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। शासन के निर्देशों के अनुसार, प्रशासन द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पुलिस बल ने मातमी धुन बजाते हुए पुष्पचक्र अर्पित कर अंतिम सलामी दी। इस अवसर पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, न्यायिक जगत की हस्तियां, जनप्रतिनिधि, अभिभाषक संघ के पदाधिकारी, व्यापारी वर्ग और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। अंत्येष्टि में कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी और पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। वरिष्ठ अभिभाषक उत्तमचंद जैन को मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र निर्जय जैन और नाति सोमेश जैन ने दी। वरिष्ठ अधिवक्ता जैन एक कुशल वकील होने के साथ-साथ लोकतंत्र सेनानी भी थे। जून 1975 में देश में आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए दो माह की जेल यात्रा की थी। 2018 में मिला था ताम्रपत्रमीसाबंदी लोकतंत्र सेनानी के रूप में उन्हें 26 जनवरी 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ताम्रपत्र से सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त, उन्हें हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी को शॉल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया जाता रहा। उनकी सादगी, निर्भीकता और गहन कानूनी ज्ञान के लिए उन्हें जाना जाता था। उनके निधन पर अभिभाषक संघ, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने शोक व्यक्त किया। शोक सभा में वक्ताओं ने उन्हें मार्गदर्शक स्तंभ बताया और कहा कि उनका जाना शिवपुरी के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने पीछे एक समृद्ध वैचारिक विरासत छोड़ी है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
चार दिन पहले पुणे से गिरफ्तार किए गए सट्टा किंग दीप सिन्हा पर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस ने पूछताछ के लिए दीप सिन्हा को दो दिन की रिमांड पर लिया था। गुरुवार को पुलिस दीप सिन्हा को उसके घर लेकर पहुंची। घर बंद होने पर पुलिस ने ताला तुड़वाया और वहां से नकदी और जमीन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। पुलिस उसकी बेनामी संपत्तियों की भी तलाश कर रही है। छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में सट्टा चलाने वाले मुख्य सटोरिए दीप सिन्हा को सरगुजा पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया है। उस पर करीब 300 म्यूल अकाउंट चलाने और करोड़ों रुपए के लेनदेन का आरोप है। दीप सिन्हा करीब पौने दो साल से फरार था। वह लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा चला रहा था। यह सट्टा मुख्य रूप से आईपीएल मैचों पर लगाया जाता था। पुलिस ने जब्त किया नगदी एवं दस्तावेज पुलिस ने दीप सिन्हा को दो दिन की रिमांड पर लिया था। गुरुवार को कोतवाली पुलिस उसे उसके सत्तीपारा स्थित घर लेकर पहुंची। घर पर ताला लगा हुआ था और परिजन वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने ताला तुड़वाकर घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कुछ नकद रुपए और जमीन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। फिलहाल कोतवाली पुलिस ने यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की है कि घर से क्या-क्या सामान मिला है। आशंका जताई जा रही है कि दीप सिन्हा ने पहले ही कुछ दस्तावेज और नकदी घर से हटा दी थी। पुलिस के अनुसार, दीप सिन्हा ने करोड़ों रुपए की संपत्ति अपने और परिजनों के नाम पर खरीदी है। इसके अलावा बेनामी संपत्तियां भी बनाई गई है। पुलिस ने राजस्व विभाग से संपत्तियों को ब्योरा भी मांगा है। साथ ही दीप सिन्हा को कोर्ट में पेश कर दो दिन की अतिरिक्त रिमांड की मांग भी की गई है। सहयोग करने वाले रिश्तेदार व अन्य गिरफ्तार कोतवाली पुलिस ने दीप सिन्हा की गिरफ्तारी के बाद उसके वॉट्सऐप चैट और लेन-देन की जांच की। जांच में पता चला कि उसके फरारी के दौरान दीप सिन्हा को उसके साले संतोष कश्यप ने दो बार 50-50 हजार और 17 नवंबर 2025 को दो लाख 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। मोंटी सोनी ने भी उसे आर्थिक मदद की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 249 बी का अपराध दर्ज दोनों को गिरफ्तार किया है।
छतरपुर में महाराज छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (एमसीबीयू) का पांचवां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को शताब्दी हॉल परिसर में आयोजित किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल करेंगे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा। दीक्षांत समारोह में मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. खेमसिंह डहेरिया, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार और क्षेत्रीय विधायक श्रीमती ललिता यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। गुरुवार को हुई अंतिम रिहर्सलसमारोह से पूर्व गुरुवार को अंतिम रिहर्सल आयोजित की गई। इसमें कुलगुरु प्रो. राकेश कुशवाह, रजिस्ट्रार यशवंत सिंह पटेल और दीक्षांत समारोह समन्वयक डॉ. ममता बाजपेई मौजूद रहे।मीडिया समिति के सदस्य पूजा तिवारी और एनके पटेल ने बताया कि रिहर्सल में स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले प्रतिभागी, शोध छात्र, एनसीसी, एनएसएस के छात्र-छात्राएं और संगीत विभाग के दल ने अभ्यास किया। 278 प्रतिभागियों को मिलेगी उपाधिदीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के कुल 278 प्रतिभागियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी।इनमें से 46 प्रतिभागियों को स्वर्ण पदक और 19 शोधार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा प्रदान की जाएगी। दीक्षांत शोभा यात्रा से होगा कार्यक्रम का शुभारंभसमारोह की शुरुआत दीक्षांत शोभा यात्रा से होगी। इसके बाद राष्ट्रगान, सरस्वती वंदना और कुलगान की प्रस्तुति दी जाएगी।कुलगुरु प्रो. राकेश कुशवाह स्वागत भाषण देंगे और विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। मंचासीन अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय की स्मारिका ‘दीक्षावाणी’ का विमोचन किया जाएगा। इस अवसर पर सभी उपाधिधारक शपथ भी ग्रहण करेंगे।राज्यपाल मंगुभाई पटेल अध्यक्षीय उद्बोधन देंगे, जबकि प्रो. खेमसिंह डहेरिया दीक्षांत उद्बोधन प्रस्तुत करेंगे। प्रवेश व पार्किंग की व्यवस्थाविश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार सभी छात्र-छात्राएं और शोधार्थी शुक्रवार सुबह 10 बजे निर्धारित यूनिफॉर्म व आई कार्ड के साथ साइकिल स्टैंड वाले छोटे गेट से प्रवेश करेंगे।वाहनों की पार्किंग साइकिल स्टैंड से वाणिज्य विभाग तक निर्धारित की गई है। जबलपुर से आमंत्रित पुलिस बैंड पार्टी राष्ट्रगान की विशेष प्रस्तुति देगी। जिला, पुलिस और नगरीय प्रशासन दीक्षांत समारोह में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल ने विश्वविद्यालय के पीजी कक्षाओं के सभी नियमित विद्यार्थियों से निर्धारित यूनिफॉर्म और आई कार्ड पहनकर अधिक से अधिक संख्या में समारोह में उपस्थित रहने की अपील की है।साथ ही सभी आमंत्रित अतिथियों से पूर्वाह्न 10:30 बजे तक अपने स्थान ग्रहण करने का अनुरोध किया गया है।
बुरहानपुर के गंभीरपुरा स्थित सुक्ता नदी किनारे 10 दिवसीय शिवाबाबा और माता जगदंबा मेला शुक्रवार से शुरू होगा। इस बार मेले की निगरानी 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी, जिनकी संख्या अगले दो-तीन दिनों में और बढ़ाई जाएगी। नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने गुरुवार को मेला स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने झूलों के संचालन में सावधानी बरतने और झाबुआ की घटना को देखते हुए कम संख्या में लोगों को बैठाने के निर्देश दिए। मेले में बड़ी संख्या में झूले लगाए गए हैं। मेले में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात सहित अन्य राज्यों से करीब 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। भक्त यहां मन्नतें उतारने और शिवा बाबा व माता जगदंबा को मिठाई का भोग लगाने आते हैं। गुरुवार को भी पांच हजार से अधिक भक्त यहां पहुंचे। मेले में करीब 300 से अधिक दुकानें लगाई गई हैं। नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है। मेला समिति अध्यक्ष रूपसिंह पंवार ने बताया कि विभिन्न प्रदेशों और मध्य प्रदेश के खंडवा, बड़वानी, खरगोन, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर जैसे जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले में 4 जिलों से पुलिस बल तैनात किया गया है, जो 24 घंटे ड्यूटी पर रहेगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्ते रखे गए हैं। यह मेला करीब छह एकड़ क्षेत्र में लगाया गया है।
कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल आतंकियों ने कानपुर के शुभम द्विवेदी की हत्या कर दी थी। इसका दर्द उनकी पत्नी ऐशान्या द्विवेदी आज भी झेल रही हैं। ऐशान्या ने आगरा में हिंदू सम्मेलन में अपना यह दर्द शेयर किया। कहा- हम धर्म पूछकर कह नहीं कह सकते कि हम आपसे सामान नहीं लेंगे, क्योंकि आप हिंदू नहीं हैं। हम आपके साथ काम नहीं करेंगे, क्योंकि आप हिंदू नहीं हैं। अपने अंदर ये जगाइए...नहीं तो बहुत जल्द हम खत्म हो जाएंगे। लेकिन, यह होने नहीं देना है। ऐशान्या आगरा के जीआईसी मैदान पर गुरुवार को हुए हिंदू सम्मेलन में आई थीं। उन्होंने कहा- मेरी कथा और व्यथा सबको पता है, लेकिन इस घटना को अपनी ताकत बनाकर आगे चलना चाहती हूं। 22 अप्रैल, 2025 का दिन वो 'ब्लैक डे' था, जिस दिन हिंदुओं से कहा गया था कि कलमा पढ़ो। नहीं पढ़ोगे तो गोली मार देंगे। फिर भी मेरे पति ने गर्व से कहा था कि मैं हिंदू हूं। पढ़िए ऐशान्या की कही बातें बुर्केे वाली तीन महिलाएं, मुझे देखकर लौट गईंपहलगाम घटना के बाद की एक घटना को याद करते हुए ऐशान्या ने कहा- आतंकी हमले के बहुत दिनों बाद मैं अपनी बहन के स्टोर पर गई थी। वहां बुर्केे में 3 महिलाएं आईं, लेकिन मुझे देखकर लौट गईं। कुछ आगे चलकर आपस में कहने लगीं कि यह वही पहलगाम वाली लड़की है। इसके यहां से कुछ नहीं खरीदना है। हिंदू होने की वजह से हम पर गोलियां चलाईंमैंने उनका क्या बिगाड़ा था? उन्होंने मेरा धर्म पूछा था, मेरे मुसलमान न होने और हिंदू होने की वजह से हम पर गोलियां चलाईं। मैंने उनके साथ गलत नहीं किया था। फिर भी वो मेरे मुंह पर बोल कर गईं कि इनके यहां से कुछ नहीं लेना। क्योंकि, ये वही पहलगाम वाली हिंदू लड़की है। हिंदुओं से कहा कि आपका खून कब खौलेगा ऐशान्या ने कहा- आपके जेहन में कब ये बात घुसेगी...आपके जेहन में कब ये बात आएगी...आपका खून कब खौलेगा कि हम हिंदू हैं? हम एक हैं...हम एक साथ ही रहेंगे। हम नहीं जाएंगे, जहां वे हिंदुओं को छोटा समझते हैं। हिंदू होने पर हमारे बारे में खराब बोला जाता है। जब वो ऐसा कर सकते हैं, तो हम धर्म पूछकर क्यों नहीं कह सकते कि हम नहीं लेंगे आपसे सामान, क्योंकि आप हिंदू नहीं हैं। हम नहीं करेंगे आपके साथ काम, क्योंकि आप हिंदू नहीं हैं। अपने अंदर ये जगाइए। नहीं तो बहुत जल्द हम खत्म हो जाएंगे, लेकिन हमें यह होने नहीं देना है। मैं नहीं चाहती कि अब और किसी बेटी या बहू के साथ ऐसा हो। एक रहिए...हिंदुस्तान हिंदुओं का स्थान था...है और रहेगा। कश्मीर में 'हिंदू बहुमत' पर जोरऐशान्या ने कश्मीर की स्थिति पर कहा- अगर कश्मीर में हिंदू बहुमत में होते, तो उन 26 लोगों को नहीं मारा जाता। मेरे पति ने गोली नहीं खाई होती। अगर समय रहते एकजुटता नहीं दिखाई गई, तो देश की स्थिति खराब होने में वक्त नहीं लगेगा। अब पढ़िए कश्मीर के आतंकी हमले में क्या हुआ था... 31 साल के शुभम द्विवेदी की ऐशान्या से शादी हुई थी। शादी के करीब 2 महीने बाद 17 अप्रैल, 2025 को ऐशन्या और शुभम परिवार के 11 सदस्यों के साथ कश्मीर घूमने गए थे। उन्हें 23 अप्रैल को घर लौटना था। लेकिन, इससे एक दिन पहले 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने हमला कर दिया। इसमें शुभम समेत 27 लोगों की मौत हो गई। 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। आतंकी हमले का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें मैदान एक लाश दिख रही थी। इसके बाद ऐशान्या ने परिवारवालों को फोन पर बताया था कि आतंकियों ने पहले नाम पूछा और फिर शुभम के सिर में गोली मार दी। .......................यह भी पढ़ें : शुभम और ऐशन्या का 70 दिन का साथ, डेस्टिनेशन वेडिंग की, 2 महीने बाद आंखों के सामने हत्या; शादी से अंतिम यात्रा तक 24 तस्वीरें पहलगाम आतंकी अटैक में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी का राजकीय सम्मान के साथ गुरुवार को अंतिम संस्कार हुआ। शुभम पत्नी और परिवार के 11 लोगों के साथ ट्रिप पर गए थे। उनकी दो महीने पहले ही शादी हुई थी। दोनों की ओरछा में डेस्टिनेशन वेडिंग हुई थी। पति की अंतिम यात्रा निकली तो पत्नी ऐशन्या चीखने लगी। चीख-चीखकर यही कहती रही, मुझे अकेला क्यों छोड़ गए। पढ़िए पूरी खबर...
सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में यूकेजी में पढ़ने वाले 6 साल के छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि पेंसिल चोरी के शक में एक शिक्षक ने बच्चे की पिटाई कर दी, जिससे उसके गाल पर चोट आई है। गुरुवार शाम को परिजन ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की है। जानकारी के अनुसार, आरएसपी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले इस बच्चे पर उसकी ही क्लास के एक छात्र ने पेंसिल चोरी का आरोप लगाया था। इसके बाद शिक्षक ने बच्चे के बैग की तलाशी ली, जिसमें पेंसिल मिल गई। आरोप है कि इसके बाद शिक्षक ने बच्चे को शारीरिक दंड दिया। घर पहुंचने पर जब बच्चे ने रोते हुए चोट के निशान दिखाए, तब यह पूरा मामला खुला। थाने पहुंचा मामला और पुलिस की जांच नाराज परिजन बच्चे को लेकर चितरंगी थाना पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। थाना प्रभारी सुदेश तिवारी ने बताया कि पेंसिल चोरी की बात को लेकर शिक्षक पर सजा देने का आरोप लगा है। पुलिस ने बच्चे का मेडिकल कराया है और मामले की बारीकी से जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि परिजन फिलहाल शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कराना चाह रहे हैं, फिर भी कानूनन जांच जारी है।
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सामने कंटेनर में 26 टन गोमांस मिलने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी असलम चमड़ा और उसके चालक शोएब को प्रोडक्शन वारंट पर 25 जनवरी तक रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उसे गो तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाएगी। पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की जा सकती है। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर विदेश तक गोमांस भेजे जाने के पूरी चेन की जानकारी हासिल करेगी। एसीपी उमेश तिवारी के मुताबिक केस के संबंध में आरोपियों से हम पूछताछ की जानी है। लिहाज कोर्ट की अनुमति के बाद दोनों को प्रमाण पर लिया गया है। ये खबर भी पढ़ें.. स्लॉटर हाउस का मकसद-शर्तें क्या? हर कड़ी की पड़ताल भोपाल में गोमांस मिलने के मामले में अब आधुनिक स्लॉटर हाउस से जुड़ी पूरी फाइल की गहन जांच की तैयारी है। नगर निगम के उच्च स्तर पर निर्णय लिया गया है कि टेंडर की शर्तें तय होने से लेकर टेंडर आवंटन और अंत में कमिश्नर के हस्ताक्षर तक की हर कड़ी की पड़ताल होगी। ताकि, स्पष्ट हो सके कि करीब 100 करोड़ की सरकारी जमीन पर 33 करोड़ रुपए की लागत से मॉर्डन स्लॉटर हाउस के प्रोजेक्ट, किस उद्देश्य से और किन शर्तों पर तैयार की।पूरी खबर पढ़ें
सरकारी भर्तियों की ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाने का मामला सामने आने के बाद राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। अब भविष्य में सभी भर्ती परीक्षाओं की ओएमआर शीट ऑनलाइन अपलोड की जाएंगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष और सार्वजनिक होगी। इसकी शुरुआत चपरासी भर्ती परीक्षा से की जाएगी। हाल ही में चयन बोर्ड के अफसरों सहित फर्म के कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों से पैसे लेकर ओएमआर शीट में नंबर बढ़ा दिए थे। जिससे इन अभ्यर्थियों की सरकारी नौकरी लग गई थी। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया- हाल ही ओएमआर शीट में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इसके बाद अभ्यर्थियों की ओर से भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर शिकायतें भी मिली हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए बोर्ड ने चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। इससे न सिर्फ अभ्यर्थी अपनी उत्तर पुस्तिका देख सकेंगे, बल्कि आम लोग भी बोर्ड की प्रक्रिया की निष्पक्षता को परख सकेंगे। चपरासी भर्ती परीक्षा से होगी शुरुआतबोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया- इस व्यवस्था की शुरुआत चपरासी (फोर्थ ग्रेड) भर्ती परीक्षा से की जाएगी। इस भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट इसी महीने के अंतिम सप्ताह या फरवरी के पहले सप्ताह तक ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी। इसके बाद आने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं में भी यही व्यवस्था लागू की जाएगी। आलोक राज ने कहा- कर्मचारी चयन बोर्ड अब तक पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाओं का आयोजन करता आया है। आगे भी इसी सोच के साथ काम करेगा। ओएमआर शीट को सार्वजनिक करने का फैसला इसी कड़ी का हिस्सा है। इससे भर्ती प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों पर विराम लगे और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत हो। गड़बड़ी की आशंका होगी कमबोर्ड के इस फैसले से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका कम होगी। अभ्यर्थी अपनी ओएमआर देखकर संतुष्ट हो सकेंगे और गलत सिलेक्शन या हेर-फेर को लेकर उठने वाले सवालों पर भी रोक लगेगी। चयन बोर्ड के फैसले को छात्रों और अभ्यर्थियों के हित में बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अगर ओएमआर शीट में किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो फिर कर्मचारी चयन बोर्ड की कार्यशैली पर सवाल खड़े होंगे। यह खबर भी पढ़ें... फेल अभ्यर्थियों को पास किया, 38 सरकारी नौकरी लगे:पैसे लेकर 2 नंबर के 206 कर दिए; 5 गिरफ्तार, 60 लाख रुपए जब्त स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए OMR शीट में नंबर बढ़ाने वाली गैंग का खुलासा किया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के तकनीकी प्रमुख सहित 5 लोगों को एसओजी ने अरेस्ट किया है। जो तीन भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर 38 अभ्यर्थियों की सरकारी नौकरी लगा चुके हैं। टीम ने दो आरोपियों के पास से 60 लाख रुपए और डॉक्यूमेंट जब्त किए। (पूरी खबर पढ़ें)
खरगोन के सामेड़ा फाटा ढाबे पर बुधवार रात हुए चाकूबाजी हमले के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने एक युवक को सिर और सीने में चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घायल को इंदौर रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मंडलेश्वर एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने ढाबे और संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। प्रत्यक्षदर्शियों और मुखबिरों से भी जानकारी जुटाई गई, जिसके आधार पर मुख्य आरोपी राधेश्याम उर्फ राधु भूरिया (निवासी देवझिरी सादडबन, हाल मुकाम मोहाली बैड़ी) और जगदीश उर्फ जगनिया वास्कले (निवासी मोहाली पीपलगोन) की पहचान हुई। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने वारदात कबूल कर ली। राधेश्याम की निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया। दोनों आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी राधेश्याम उर्फ राजू के खिलाफ पहले भी मारपीट का एक मामला दर्ज है। विवाद रोकने पर आरोपियों ने की थी हाथापाई घटना बुधवार रात की है, जब फरियादी राजू और उसका मौसी का लड़का मोहन ढाबे पर पानी पीने गए थे। वहां पहले से मौजूद दो लोग ढाबा कर्मचारी से विवाद कर रहे थे। जब राजू और मोहन ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनसे भी विवाद शुरू कर दिया और गालीगलौज व हाथापाई की। इसी दौरान, आरोपियों में से एक ने अपने पास से चाकू निकालकर राजू के सिर और पेट पर वार कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा। दोनों आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर खामखेड़ा चौकी प्रभारी शत्रुघ्न देशमुख टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल को 112 की मदद से अस्पताल भिजवाया।
आजमगढ़ के महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में संचालित स्नातक स्तर की परीक्षाएं निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुचारु प्रशासनिक व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुईं। इसी क्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बीकॉम तृतीय सेमेस्टर का परिणाम भी घोषित कर दिया गया है। परिणाम विश्वविद्यालय की अधिकारिक वैबसाइट पर उपलब्ध है। रिज़ल्ट जारी होने से छात्र-छात्राओं में उत्साह का माहौल देखा गया। परीक्षा अवधि के दौरान कुलपति प्रो.संजीव कुमार ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए परीक्षा कक्षों में पहुंचकर परीक्षार्थियों की उपस्थिति, बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्रों के वितरण की प्रक्रिया देखी। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराना प्राथमिकता इस दौरान उन्होंने परीक्षा ड्यूटी में तैनात केंद्राध्यक्षों, कक्ष निरीक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए ।निरीक्षण के उपरांत कुलपति प्रो.संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि परीक्षाएं पूर्णतः शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न हों। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से उच्च स्तर की जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई। परीक्षा नियंत्रक आनंद कुमार मौर्य ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई थीं। किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या के त्वरित समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष लगातार सक्रिय रहा। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए हर स्तर पर निरंतर निगरानी रखी गई। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि स्नातक और परास्नातक परीक्षायो का परिणाम अतिशीघ्र घोषित कर दिया जाएगा |
हरियाणा के गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर रॉन्ग साइड से आ रही एक तेज रफ्तार फॉरच्यूनर गाड़ी बेकाबू हो गई। ड्राइवर स्टेयरिंग पर काबू नहीं पाया और फॉरच्यूनर ने डिवाइडर तोड़कर कर स्टाफ ले जा रही एक कार को जोरदार टक्कर मार दीइस हादसे में कुल 6 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 4 युवतियां शामिल हैं। घायलों में से एक युवक और एक युवती की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के एक तरफ के परखच्चे उड़ गए। उसमें सवार सभी लोग 20 मिनट तक अंदर ही फंसे रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी में फंसे युवक-युवतियों को निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। यह पूरी घटना कार के डैश कैम में कैद हो गई है। इसमें फॉरच्यूनर गाड़ी डिवाइडर को तोड़कर अनियंत्रित होकर सड़क पर आती दिखाई दे रही है। पुलिस ने राजस्थान नंबर की फॉरच्यूनर गाड़ी को कब्जे में ले लिया। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा... छह दिन पहले काली स्कॉर्पियो और थार ड्राइवरों ने दिखाया था स्टंट छह दिन पहले भी गुरुग्राम के सेक्टर-85 में काले रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो और थार द्वारा सार्वजनिक सड़क पर खतरनाक स्टंट करने का वीडियो सामने आया था। वीडियो में दोनों गाड़ियां गोल-गोल तरीके से घूमती नजर आ रही थी, जबकि बैकग्राउंड में हरियाणवी डायलॉग म्हारी होड़ न कर लागदार, ना तो कर्जे में डूब जाएगा बज रहा था। इसके बाद दोनों वाहन तेज रफ्तार से सड़क पर दौड़ लगाते दिखे थे।इससे राहगीरों और अन्य वाहनों की जान जोखिम में पड़ गई थी। स्टंटबाजी में मस्त युवकों के साथी ने ही इसका वीडियो बनाया और फिर सोशल मीडिया पर डाल दिया था। ---------------- ये खबर भी पढ़ें... गुरुग्राम में कैब सवार युवकों की खतरनाक हरकत:चलती कार के दरवाजे खोलकर पैर बाहर लहराए, दूसरे वाहन सवारों की जान खतरे में डाली गुरुग्राम-महरौली रोड पर गुरुवार रात करीब एक बजे एक कैब में सवार कुछ युवकों ने चलती कार के दरवाजे खोलकर खतरनाक तरीके से पैर बाहर निकालकर स्टंट किया। इस लापरवाही से आसपास की गाड़ियों और राहगीरों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)
जयपुर में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- जो सेवा करता है, उसको आशीर्वाद देना चाहिए। जो सेवा नहीं करता है, उसके कान मरोड़ने चाहिए। राठौड़ ने कहा- एक तरफ हमारे कार्यकर्ता हैं, जो सेवा करते हैं। दूसरी तरफ वे लोग हैं, जो आपका वोट लेकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। समाज की चिंता नहीं करते हैं। फिर 5 साल बाद आकर अपनी पगड़ी आपके पैरों में रख देते हैं और आप वोट दे देते हो। अगर आप ऐसा करोगे तो दिन-रात मेहनत करने वाला कार्यकर्ता भी सोचेगा कि मैं क्यों गर्मी में घूमू। हर पांच साल में एक बार इनके पैरों में अपनी पगड़ी रखो या इनको कोई लालच दो, यह वोट दे देंगे। बीजेपी एसटी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष गोपीचंद मीणा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में गुरुवार को बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह कहा। उन्होंने कहा- जो समाज को तोड़कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम करते हैं, उन्हें बेनकाब करने की जरूरत है। समाज को जागरूक करने की जरूरत हैमदन राठौड़ ने कहा- आज समाज को जागरूक रखने की जरूरत है। देश-प्रदेश में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी होनी चाहिए। हमको भ्रमित करके कोई राजनीतिक रोटियां नहीं सेक सके, इसके लिए जागरूक रहने की आवश्यकता है। जो समाज को तोड़ना चाहता है, उसे कमजोर करिए, उसकी हिम्मत तोड़िए। जो समाज को जोड़ने के लिए काम करता है, उसको मजबूत करने का काम कीजिए, उसका साथ दीजिए। राठौड़ ने कहा- आज की आवश्यकता है कि हम इतने जागृत रहें कि हमारा भला कौन कर सकता है। हमारे हितों की रक्षा कौन कर सकता है। हमारे लिए अच्छी योजनाएं कौन लाकर दे सकता है। ट्रिपल इंजन की सरकार बनानी हैइस मौके पर एसटी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष गोपीचंद मीणा ने कहा- कांग्रेस शासन के दौरान राज्य के लाखों युवाओं के साथ धोखा किया गया। उन्होंने पेपरलीक माफिया तैयार कर दिया और हर पेपर में मिलीभगत कर युवाओं के सपने चकनाचूर करने का कार्य किया। भाजपा के दो साल के शासन में किसी भी युवा के साथ धोखा नहीं होने दिया गया है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले पंचायत चुनाव में अभी से जुट जाएं। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए ट्रिपल इंजन की सरकार बनानी है।
मंडला जिले के खड़देवरा चौराहा (पदमी) में हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति ने हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। सम्मेलन का असल मकसद लोगों के बीच अपनी पुरानी संस्कृति को बचाए रखना, आपसी भाईचारा बढ़ाना और देश के प्रति प्रेम जगाना था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर की गई, जिसके बाद पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद जगद्गुरु स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने प्रवचन में समाज को एक नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि हमें छोटी-छोटी बातों और आपसी मतभेदों को छोड़कर देश के बारे में सोचना चाहिए। महाराज जी ने क्रांतिकारी बिरसा मुंडा को एक 'संत' बताते हुए कहा कि उन्होंने देश को ही भगवान माना और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए जान न्योछावर कर दी। उनके जीवन से हमें सीख लेनी चाहिए। महिलाओं के बीच बैठीं मंत्री संपतिया उईके इस मौके पर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। खास बात यह रही कि वे किसी प्रोटोकॉल के बजाय आम महिलाओं (मातृशक्ति) के बीच जाकर बैठीं और पूरे कार्यक्रम का आनंद लिया। उन्होंने वहां हो रही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की खूब सराहना की और समाज में महिलाओं की भागीदारी को जरूरी बताया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और बच्चों का सम्मान सम्मेलन में स्थानीय बच्चों ने श्रीराम भजन, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और वंदे मातरम की शानदार प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के इस टैलेंट को देखकर मंत्री जी और अन्य अतिथियों ने उन्हें मंच पर बुलाकर इनाम दिए और उनका हौसला बढ़ाया। छोटी-छोटी मंडलियों द्वारा गाई गई श्रीराम स्तुति ने सबका मन मोह लिया। भारत माता की आरती के साथ समापन कार्यक्रम के आखिरी में सभी ने मिलकर भारत माता की आरती की। इस आयोजन को सफल बनाने में क्षेत्र के संतों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने जी-जान से मेहनत की। अंत में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने एकता और सद्भाव का संकल्प लिया।
लखनऊ विश्वविद्यालय में लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (LT) स्टूडेंट्स का रिक्रूटमेंट करेगी। यूनिवर्सिटी के केंद्रीय प्लेसमेंट सेल के माध्यम से कंपनी ने आवेदन मांगे हैं। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में लखनऊ यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड कॉलेज के स्टूडेंट्स भी शामिल हो सकेंगे। ग्रेजुएट कमर्शियल ट्रेनी पद के लिए पैन इंडिया पोस्टिंग के लिए भर्ती होगी। वहीं, चयनित अभ्यर्थियों को वित्त और लेखा संचालन, जीएसटी, टीडीएस सहित कराधान गतिविधियां साइट प्रशासन, खरीद और सामग्री प्रबंधन, औद्योगिक संबंधों में सहयोग, एमआईएस रिपोर्टिंग करने के साथ-साथ आंतरिक समन्वय बनाना होगा। ये है आवेदन के लिए शैक्षिक योग्यता व पात्रता आवेदन के लिए के लिए बीकॉम, बीबीए, बीबीएम, बीएससी (गणित, सीएस, सांख्यिकी) व बीए (मटेरियल मैनेजमेंट) के अंतिम वर्ष के पूर्णकालिक स्नातक छात्र पात्र हैं। अभ्यर्थियों के लिए स्नातक (चौथे सेमेस्टर तक) व कक्षा 10 व 12 में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक और कोई बैकलॉग न होना अनिवार्य है। जबकि 1 जुलाई 2003 से 30 जून 2008 के बीच जन्म लेने वाले अभ्यर्थी ही जॉब के लिए योग्य होंगे। 3.57 लाख तक का मिलेगा सालाना पैकेज चयनित अभ्यर्थियों को तीन लाख प्रति वर्ष और 3.57 लाख रुपये प्रति वर्ष (प्रोजेक्ट साइट-आधारित) CTC के साथ प्रशिक्षण व करियर विकास के अवसर प्रदान किए जाएंगे। शुक्रवार तक आवेदन का मौका आवेदन की अंतिम तारीख 23 जनवरी है। रात 11:30 बजे तक आवेदन किए जा सकते हैं। आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.lkouniv.ac.in के सीपीसी अनुभाग पर अपलोड की गई है।
सीधी में रेत तस्कर गिरफ्तार:फरार होने पहाड़ी पर चढ़ाया ट्रैक्टर, 1.55 लाख रुपए का माल जब्त
सीधी जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जमोड़ी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सोन नदी तट से अवैध रूप से रेत परिवहन कर रहे एक तस्कर को पीछा कर गिरफ्तार किया। इस दौरान रेत से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त कर लिया गया। थाना प्रभारी जमोड़ी उप निरीक्षक दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, ग्राम भेलकी स्थित सोन नदी तट से अवैध रेत का परिवहन किया जा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही नीले रंग के सोनालिका ट्रैक्टर का चालक रेत से भरा वाहन तेज रफ्तार में भगाने लगा। पुलिस ने शासकीय वाहन से उसका पीछा किया। खुद को घिरता देख आरोपी ने भेलकी-अमरवाह मार्ग की पहाड़ी पर ट्रैक्टर चढ़ाकर भागने का प्रयास किया। पहाड़ी की तीखी ढलान और ट्रैक्टर में भरी भारी मात्रा में रेत के कारण वाहन का अगला हिस्सा हवा में उठ गया और ट्रैक्टर असंतुलित हो गया। चालक ने खुद को फंसा देख ट्रैक्टर छोड़कर जंगल की ओर भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान अनिकेत सिंह उर्फ काजू सिंह चौहान (उम्र 32 वर्ष, निवासी अमरवाह) के रूप में हुई है। जांच के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध रूप से उत्खनित रेत पाई गई, जिसके संबंध में आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने लगभग 1.55 लाख रुपए कीमत का ट्रैक्टर-ट्रॉली और रेत जब्त की है। आरोपी चालक एवं वाहन स्वामी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(5) सहित खान एवं खनिज (विनियमन) अधिनियम, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम और भारतीय वन अधिनियम 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत थाना जमोड़ी में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
बुरहानपुर के सिलमपुरा स्थित प्राचीन स्वामीनारायण मंदिर में भगवान हरि कृष्ण महाराज के 155वें पाटोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 23 जनवरी से शुरू होने वाले इस पावन पर्व को लेकर मंदिर परिसर में हरि भक्तों की चहल-पहल, भजन-कीर्तन और धार्मिक गतिविधियों से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। यह मंदिर स्वामीनारायण संप्रदाय के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। यहां विराजमान भगवान लक्ष्मी नारायण देव की प्रतिमा की स्वयं भगवान स्वामीनारायण ने छह माह तक पूजा-अर्चना की थी और बाद में यह प्रतिमा बुरहानपुर के हरि भक्तों को अपने हाथों से प्रदान की थी। इसी कारण यह मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। 23 जनवरी: पाटोत्सव का शुभारंभपाटोत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी को दोपहर 3 से 5 बजे तक मंदिर परिसर में विशेष सत्संग के साथ होगा। इसके बाद सभी हरि भक्त ताप्ती नदी के राजघाट पहुंचेंगे, जहां ताप्ती मैया का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाएगा। पूजन के पश्चात भगवान स्वामीनारायण का नौका विहार संपन्न होगा। नौका विहार के बाद ताप्ती मैया के पवित्र जल को कलश में भरकर भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो नगर भ्रमण करते हुए मंदिर परिसर में पहुंचेगी। 24 से 26 जनवरी: भक्त चिंतामणि कथा24 से 26 जनवरी तक प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक भक्त चिंतामणि कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा का वाचन शास्त्री चिंतन स्वामी अपने मधुर वाणी, संगीत और शास्त्रार्थ के माध्यम से करेंगे। कथा के यजमान श्री गोविंददास नगिनदास शाह (वडतालवाले) रहेंगे। 25 जनवरी: विशेष अभिषेक और शाकोत्सव25 जनवरी को प्रातः मंगला आरती के बाद भगवान लक्ष्मी नारायण देव एवं हरि कृष्ण महाराज का विशेष अभिषेक किया जाएगा। इस अभिषेक में फलों का जूस, शक्कर, केसर, दूध और दही का उपयोग होगा। इसके पश्चात भगवान का फूलों से भव्य राजोपचार किया जाएगा। मान्यता है कि इस पावन अभिषेक के जल का सेवन करने से कैंसर जैसी असाध्य बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है। यह जानकारी शाकोत्सव के यजमान पंकज शाह ने दी।अभिषेक के बाद आरती, पूजन और छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। संध्या काल में कथा के पश्चात शाकोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें सभी हरि भक्त महाप्रसाद ग्रहण करेंगे। 26 जनवरी: समापन समारोह26 जनवरी को संध्या समय कथा की भव्य पूर्णाहुति के साथ पाटोत्सव का समापन होगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी। इस संपूर्ण आयोजन की जानकारी कोठारी महंत पीपी स्वामी एवं शास्त्री चिंतन स्वामी ने प्रेस वार्ता में दी। वहीं मंदिर के दिनेश भगत द्वारा हरि भक्तों को सेवा और सहभागिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह जानकारी मंदिर के मीडिया प्रभारी गोपाल देवकर ने साझा की।
कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में बाढ़ से इफैक्टेड फसल की एक ही फोटो बार-बार पोर्टल पर अपलोड करने से किसानों का मुआवजा अटक गया। अब मुआवजा अटकने से किसानों ने लापरवाह पटवारी को सस्पेंड करने की मांग की। मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने रोड जाम करने की चेतावनी दी है। दरअसल, पिछले साल सितंबर में बाढ़ से कुरुक्षेत्र जिले में धान की फसल खराब हो गई थी। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, पोर्टल पर करीब 81 हजार एकड़ की फसल खराब होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन किसानों का कहना है कि उनको करीब 7 हजार एकड़ का मुआवजा जारी किया गया। बाकी नुकसान काे पोर्टल से हटाया बकाया नुकसान को पोर्टल से हटा दिया गया। इससे किसानों ने सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए। आरोप लगाया कि सीएम ने दीवाली से पहले मुआवजे की राशि किसानों के खातों में डालने का ऐलान किया था, लेकिन उनको मुआवजा नहीं मिल पाया। पटवारी की गलती से उनका नुकसान नलवी गांव के किसान गुरबक्श सिंह, जसबीर सिंह, तारा सिंह और जसवंत सिंह के मुताबिक शाहाबाद के तहसीलदार से उनको जानकारी मिली कि पटवारी ने पोर्टल पर एक ही फोटो बार-बार अपलोड कर दी। उसकी गलती से उनका खराब फसल का मुआवजा रद्द हो गया, जबकि सीएम और DC समेत अन्य अधिकारी खुद खराब फसल का जायजा लेकर गए थे। सीएम विंडो पर दर्ज कराई शिकायत- सरपंच सरपंच अमरबीर सिंह ने बताया कि मुआवजे को लेकर गांव के किसान कई बार अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं। यहां तक कि सीएम विंडो पर भी शिकायत दर्ज करवाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके गांव की फसल मंडी में नहीं बिकी और ना पोर्टल पर भी कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। फिर भी अधिकारी उनसे सबूत मांग कर परेशान कर रहे हैं। लापरवाह पटवारियों को सस्पेंड करे सरकार- चढूनी उधर, भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने सीएम से मुलाकात की। इसमें पटवारियों की लापरवाही की बात सामने आई है। इसमें किसानों का कोई दोष नहीं है। इसलिए पटवारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उनको सस्पेंड करके किसानों काे उनका मुआवजा दिया जाए।

