चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आज पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया ने ED की कार्रवाई और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के उन आरोपों पर पलटवार किया, जिसमें बिट्टू ने दावा किया था कि मुंडिया विदेश चले गए हैं। मुंडिया ने कहा कि वह चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित पार्टी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, अमेरिका में नहीं। बता दें कि ED ने मंत्री के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस के साहनेवाल स्थित घर पर तलाशी ली थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्रवाई GMADA से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। 'लगता है बिट्टू ने मेरे घर के पास ट्रैवल एजेंसी खोल ली' मुंडिया ने बिट्टू पर तंज कसते हुए कहा, बिट्टू से मैं कहना चाहूंगा कि लगता है उनकी टिकट कटने के बाद अब उन्होंने चंडीगढ़ रोड पर मेरे घर के पास ट्रैवल एजेंसी खोल ली है। वहां उन्होंने मेरी और मेरे भतीजे की टिकट बुक कर हमें अमेरिका भेज दिया। मुंडिया ने कहा कि बिट्टू ने उनके भतीजे को भांजा बताया, जबकि प्रिंस उनका भतीजा है। उन्होंने कहा कि मीडिया के सामने भी इस मामले को लेकर गलत जानकारी दी गई। 'परिवार के लोगों को घंटों परेशान किया' ED की कार्रवाई पर मुंडिया ने आरोप लगाया कि प्रिंस के घर पर परिवार के सदस्यों को परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रिंस की मां, पत्नी, सालेहार और तीन साल की बेटी घर में मौजूद थे। उनके मुताबिक, करीब 11 बजे से रात 3 बजे तक तलाशी चली। मुंडिया का आरोप है कि परिवार के लोगों से पूछा गया कि वे मंत्री के साथ कब से हैं और उन्हें कितने पैसे मिलते हैं। उन्होंने कहा कि प्रिंस की सैलरी तक पूछी गई और यह भी पूछा गया कि इतनी सैलरी में परिवार का गुजारा कैसे होता है। 'मंत्री का साथ छोड़ने या पार्टी बदलने को कहा' मुंडिया ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने प्रिंस की मां से कहा कि वह अपने बेटे को समझाएं कि वह मंत्री का साथ छोड़ दे या मंत्री पार्टी छोड़ दें। उन्होंने दावा किया कि प्रिंस की पत्नी गर्भवती हैं और उन्हें करीब साढ़े चार घंटे तक खड़ा रखा गया। मुंडिया ने यह भी आरोप लगाया कि एक बच्चे की मां को बच्चे को फीड तक नहीं करने दिया गया और परिवार की विधवा सदस्य को भी परेशान किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं है। ED की ओर से तलाशी के दौरान इन कथित व्यवहार संबंधी आरोपों पर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। 'हम डरकर पार्टी नहीं छोड़ेंगे' मुंडिया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एजेंसियों के जरिए पंजाब में कार्रवाई की जा रही है और हम पंजाबी हैं, हम डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह ED की कार्रवाई से डरकर पार्टी नहीं छोड़ेंगे। मुंडिया ने पंजाब में आगामी चुनावों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग भी भाजपा के खिलाफ सड़कों पर आ गए हैं और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। ED ने 26 ठिकानों पर की थी कार्रवाई उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, ED ने GMADA से जुड़ी जांच में दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और लुधियाना समेत कई स्थानों पर सर्च और सर्वे किए हैं। जांच का संबंध तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स और उससे जुड़ी कंपनियों से बताया गया है। ED की कार्रवाई के दौरान प्रिंस के घर से एक लैपटॉप अपने कब्जे में लिए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
रेलवे कर्मियों की सैलरी पर बैंक हड़ताल का नहीं होगा असर, निर्धारित समय से बैंक में भेजने की व्यवस्था
Salaries of Railway Employees:वित्त अनुभाग गुरुवार को ही वेतन बिल पास करके बैंकों को भेज देंगे। जिससे शुक्रवार तक वेतन रेलकर्मियों के खाते में आ जाएंगे।
सहारनपुर में बेटी के साथ मारपीट और अभद्रता के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार को एक रिटायर्ड दरोगा ने एसएसपी ऑफिस में पहुंचकर हंगामा कर दिया। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बुजुर्ग पूर्व दरोगा को अपने पास बुलाया और उनकी पूरी बात सुनी। रिटायर्ड दरोगा अपनी बेटी की शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर एसएसपी से मिलने पहुंचे थे। बेटी की शिकायत लेकर एसएसपी से मिलने पहुंचा था रिटायर्ड दरोगा इसी मामले में प्रीति का पिता विनोद कुमार,जो रिटायर्ड दरोगा है, गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचा। बेटी की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज पूर्व दरोगा ने कार्यालय परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे तक हंगामा होने की सूचना है। मामला बढ़ने के बाद एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बुजुर्ग पूर्व दरोगा को अपने पास बुलाया। उन्होंने पूर्व दरोगा की बात सुनी और बेटी की शिकायत से संबंधित पूरा मामला जाना। इसके बाद शिकायत और लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात सामने आई है। थाना नकुड़ क्षेत्र के नल्हेड़ा गांव से जुड़ा है। यहां की रहने वाली जीएनएम की छात्रा प्रीति ने एसएसपी को दिए प्रार्थना-पत्र में गांव के ही दो युवकों समेत कई लोगों पर घर में घुसकर हमला करने, तमंचे दिखाकर जान से मारने की धमकी देने और उसके व उसकी बहन के साथ अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रार्थना-पत्र में पुलिस चौकी से लेकर थाना और अस्पताल तक कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत भी की गई है। कमरे में पढ़ाई कर रही थीं दोनों बहनें, तमंचे लेकर घुसने का आरोप प्रीति ने एसएसपी को दिए प्रार्थना-पत्र में बताया कि वह जीएनएम थर्ड ईयर की छात्रा है और देवबंद स्थित श्री धन्वंतरि पैरामेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करती है। वह नकुड़ रोड स्थित अंबेहटा पीर में श्री कटारिया क्लीनिक एवं फिजियोथैरेपी सेंटर में काम भी करती है। उसके अनुसार वह सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक ड्यूटी करती है। प्रार्थना-पत्र में बताया गया है कि वह करीब छह महीने पहले राजकीय अस्पताल अंबेहटा पीर में भी कार्य कर चुकी है। प्रीति की बहन उपासना भी उसी कॉलेज में जीएनएम प्रथम वर्ष की छात्रा बताई गई है। वह भी क्लीनिक में काम करती है। प्रार्थना-पत्र के मुताबिक घटना के समय दोनों बहनें घर के कमरे में बैठकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही थीं। प्रीति का आरोप है कि इसी दौरान गांव के अमित कुमार पुत्र नाथीराम और मनोज कुमार पुत्र नाथीराम हाथों में देशी कट्टे लेकर कमरे में घुस आए। दोनों ने उसके और उसकी बहन के साथ मारपीट की। आरोप है कि दोनों बहनों के साथ अश्लील हरकतें की गईं और उन्हें नीचे गिराकर उनके ऊपर बैठकर तमंचों से मारपीट की गई। शोर सुनकर परिवार और ग्रामीण पहुंचे, कई लोगों पर धमकी देने का आरोप प्रार्थना-पत्र के अनुसार दोनों बहनों के शोर मचाने पर उनकी मां के साथ रविंद्र पुत्र चुहड़ सिंह, सतीश कुमार प्रधान पुत्र किशना सिंह, सुंदर उर्फ छोटा पुत्र गेंदा राम समेत कई लोग मौके पर पहुंच गए। प्रीति ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान अमित और मनोज के पिता नाथीराम तथा नाथीराम पुत्र हरमल, कृष्णपाल पुत्र परमाल और परमाल पुत्र हरमल भी लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर वहां पहुंच गए। प्रार्थना-पत्र में आरोप है कि इन लोगों ने जान से मारने की धमकी दी और दोनों बहनों को सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करने की धमकी दी। साथ ही उनकी पढ़ाई छुड़वाने की बात कहने का भी आरोप लगाया गया है। चौकी से थाना तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप प्रीति का कहना है कि घटना के बाद वह अपनी मां और अन्य लोगों के साथ शिकायत लेकर अंबेहटा पीर पुलिस चौकी पहुंची। वहां दरोगा तपन जयंत सिंह को प्रार्थना-पत्र देने की बात कही गई है। आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उन्हें वहां से वापस भेज दिया गया। इसके बाद वह लोग नकुड़ थाने पहुंचे। प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि थाने में पुलिसकर्मियों से मिलने के बावजूद उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़िता ने अपनी डॉक्टरी कराने से भी पुलिस द्वारा इनकार किए जाने की बात कही है। अस्पताल में पट्टी की, भर्ती और मेडिकल नहीं कराने का आरोप प्रीति ने बताया कि पुलिस से कार्रवाई नहीं होने के बाद वह अपनी मां और अन्य लोगों के साथ सहारनपुर के एसबीडी बाजोरिया अस्पताल पहुंची। उसके अनुसार इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर ने पट्टी आदि की, लेकिन उन्हें भर्ती नहीं किया गया और न ही मेडिकल कराया गया। प्रार्थना-पत्र में कहा गया है कि उसने अस्पताल में भर्ती करने और भर्ती का मेमो थाना जनकपुरी तथा एसएसपी को भेजने की मांग की, ताकि मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई हो सके। प्रीति ने एसएसपी से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उसका मेडिकल कराया जाए। उसने थाना महिला, सहारनपुर में मुकदमा दर्ज कराने के आदेश की भी मांग की है।
कोटा में 25 सितंबर को निकलने वाली अनंत चतुर्दशी की शोभायात्रा इस बार भक्ति, शौर्य, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ नजर आएगी। देश की दूसरी सबसे बड़ी और राजस्थान की सबसे बड़ी मानी जाने वाली इस शोभायात्रा में करीब 4 से 5 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इस बार इसमें केरल का पारंपरिक युद्ध कौशल कलरी विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगा। 90 अखाड़े और 200 झांकियां होंगी शामिल अनंत चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति की अध्यक्ष महामंडलेश्वर साध्वी हेमा सरस्वती के अनुसार, शोभायात्रा में करीब 90 अखाड़े, लगभग 200 झांकियां व अखाड़े, 10 भजन मंडलियां और 10 डांडिया मंडलियां शामिल होंगी। इस बार इसमें केरल के पारंपरिक युद्ध कौशल कलरी को भी शामिल किया गया है। शहर में करीब 150 स्वागत समितियां शोभायात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगी। जुलूस मार्ग पांच किलोमीटर लंबा है जिसे पूरा होने में दस से 12 घंटे का समय लगता है। दोपहर 11.30 बजे सूरजपोल गेट से शुरू होगी शोभायात्रा शोभायात्रा 25 सितंबर को दोपहर 11.30 बजे सूरजपोल गेट से रवाना होगी। इसके बाद यह मोखापाड़ा, कैथूनीपोल, सब्जीमंडी, चरखंभा होते हुए रामपुरा और आर्य समाज मार्ग से बारहदरी पहुंचेगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। शोभायात्रा में 200 सुरक्षा स्वयंसेवक और 150 महिला सुरक्षा स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। कई स्थानों पर गणपति विसर्जन की व्यवस्था लोगों की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गणपति विसर्जन के लिए कई स्थानों पर व्यवस्था की गई है। बारहदरी, बारहदरी के दाएं-बाएं रैंप, महिला घाट, महिला घाट के बाईं ओर और सेवन वंडर्स पार्किंग स्थल समेत विभिन्न स्थानों पर विसर्जन की सुविधा रहेगी। बारहदरी के अलावा नए कोटा के भीतरिया कुंड क्षेत्र में दो अस्थाई कुंड बनाए गए हैं। वहीं मौजी बाबा की गुफा में भी गणपति विसर्जन के लिए अस्थाई कुंड तैयार किया गया है। जुलूस की पहली प्रतिमा विसर्जन स्थल पर करीब सात से आठ बजे पहुंचेगी। बड़ी प्रतिमाओं के लिए क्रेन एवं अन्य संसाधन उपलब्ध गणपति विसर्जन स्थलों पर नगर निगम के वाहन उपलब्ध रहेंगे। बड़ी प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए क्रेन सहित आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्रों में प्रशासन एवं निगम के वाहन विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रहेंगे। जो श्रद्धालु अपने गणपति की प्रतिमा का विसर्जन निगम के वाहनों के माध्यम से करवाना चाहते हैं, उनके लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे श्रद्धालुओं को स्वयं प्रतिमा लेकर विसर्जन स्थल तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी ।
बुरहानपुर नावरा रेंज के गोराडिया गांव में करीब एक महीने से तेंदुए की आवाजाही बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि डर के कारण वे खेतों में जाने से बच रहे हैं। मजदूर भी खेतों में काम करने से मना कर रहे हैं। इससे तैयार मक्का की फसल की कटाई का काम प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, अब तक तेंदुआ चार बकरियों और दो कुत्तों का शिकार कर चुका है। एक दिन पहले भी उसे गांव के बाहर प्राथमिक स्कूल के पास से खेतों की ओर जाते देखा गया। इसके बाद मक्का के खेत में तेंदुए के पंजों के निशान भी मिले हैं। मजदूर अंदर के खेतों में जाने से कर रहे मना किसानों ने बताया कि सड़क किनारे वाले खेतों में तो कुछ मजदूर पहुंच रहे हैं, लेकिन अंदर के खेतों में जाने से साफ मना कर रहे हैं। मक्का की फसल तैयार है, लेकिन तेंदुए की मौजूदगी के कारण किसान उसकी कटाई नहीं कर पा रहे हैं। वन विभाग के मुताबिक, तेंदुआ गांव की पुलियाओं के नीचे आराम करता है और फिर आसपास के खेतों की ओर चला जाता है। अभी तक तेंदुए ने किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया है। आठ वनकर्मी निगरानी में तैनात तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। आठ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें चार वनरक्षक और चार चौकीदार शामिल हैं। कर्मचारी रात में गांव के आसपास गश्त कर रहे हैं और पटाखे फोड़कर तेंदुए को आबादी से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। वन विभाग ग्रामीणों से समूह में बाहर निकलने और रात में जरूरत होने पर ही घर से बाहर जाने की अपील कर रहा है। पिंजरे की अनुमति का इंतजार नावरा रेंजर पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन अभी अनुमति नहीं मिली है। इसके लिए अधिकारियों से दोबारा चर्चा की जा रही है। अनुमति मिलने के बाद तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
अब मानेसर से दिल्ली जाना होगा आसान, द्वारका एक्सप्रेसवे पर सिटी बस सेवा शुरू; टाइमिंग और रूट तय
द्वारका एक्सप्रेसवे पर IMT मानेसर से सेक्टर-113 बजघेड़ा तक सिटी बस सेवा शुरू हो गई है, जिसे जल्द ही द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन तक बढ़ाया जाएगा।
बेटे निशांत को वाराणसी से चुनावी मैदान में उतारने की उड़ी जोरदार राजनीतिक चर्चा
उत्तर प्रदेश की सियासत में आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से ही तापमान काफी हाई हो चुका है और इस बीच एक ऐसी सनसनीखेज राजनीतिक खबर सामने आ रही है जो देश भर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) को लेकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वे आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों में भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खुलकर साथ दे सकते हैं। इतना ही नहीं, सियासी गलियारों में यह सुगबुगाहट भी बहुत तेज हो गई है कि नीतीश कुमार अपने राजनीतिक उत्तराधिकार और परिवार से जुड़े सियासी भविष्य को एक नई दिशा देने के लिए अपने बेटे निशांत कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी (काशी) की किसी प्रमुख सीट से सीधे चुनावी मैदान में उतार सकते हैं। यदि यह सियासी समीकरण जमीन पर उतरता है, तो यह उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों की राजनीति में एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, जिस पर इस समय तमाम राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर टिकी हुई है।उत्तर प्रदेश और बिहार की सियासत का नया समीकरण और एनडीए के भीतर बढ़ती सुगबुगाहटबिहार की राजनीति में लंबे समय से मुख्य धुरी बने रहे नीतीश कुमार और उनकी पार्टी का राष्ट्रीय फलक पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना कोई नई बात नहीं है, लेकिन उत्तर प्रदेश के रण में सीधे तौर पर उतरने की चर्चा ने एक अलग ही राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर आपसी तालमेल को और अधिक मजबूत करने तथा क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर निकलकर पार्टी के जनाधार को फैलाने की रणनीति पर काम चल रहा है। उत्तर प्रदेश की सीमाएं बिहार से सटी हुई हैं और पूर्वांचल के कई जिलों में कुर्मी (पटेल) मतदाताओं की अच्छी खासी आबादी है, जिन्हें साधने के लिए नीतीश कुमार का प्रभाव बेहद कारगर साबित हो सकता है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यदि जेडीयू यूपी चुनाव में एनडीए के हिस्से के रूप में या फिर चुनिंदा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारती है, तो इससे एनडीए का सामाजिक और जातिगत समीकरण और अधिक मजबूत हो जाएगा, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के उन इलाकों में जहां कुर्मी वोट बैंक हार-जीत तय करने में अहम भूमिका निभाता है।राजनीति में निशांत कुमार की संभावित एंट्री और वाराणसी को चुनने के सियासी मायनेइस पूरी राजनीतिक चर्चा का सबसे दिलचस्प और मुख्य केंद्र नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार हैं, जो अब तक सक्रिय राजनीति और मीडिया की चकाचौंध से हमेशा दूर ही रहे हैं। निशांत कुमार का स्वभाव शांत और प्रशासनिक तथा पारिवारिक जिम्मेदारियों तक सीमित माना जाता रहा है, और पार्टी कार्यकर्ताओं की तरफ से कई बार उन्हें राजनीति में लाने की मांग उठती रही है, जिसे नीतीश कुमार ने हमेशा व्यक्तिगत निर्णय पर छोड़ा है। अब यदि वे वाराणसी जैसी हाई-प्रोफाइल सीट से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करते हैं, तो यह सीधे तौर पर एक राष्ट्रीय संदेश देने की कोशिश होगी। वाराणसी केवल उत्तर प्रदेश का ही नहीं बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक और राजनीतिक राजधानी का दर्जा रखता है, जहां से खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद हैं। ऐसे में वाराणसी की धरती से निशांत कुमार के चुनावी मैदान में उतरने का मतलब होगा कि जेडीयू राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक नई और बड़ी पारी की शुरुआत करने जा रही है, जो विरोधी दलों के लिए भी एक बड़ा रणनीतिक संदेश होगा।पूर्वांचल के सियासी समीकरण और कुर्मी मतदाताओं की गोलबंदी का बड़ा खेलउत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में चुनावी जीत और हार के गणित को समझने के लिए जातिगत आंकड़ों की अपनी एक अलग अहमियत है। वाराणसी, मीरजापुर, जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जैसे जिलों में ओबीसी वर्ग और विशेषकर कुर्मी समुदाय के मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है, जो कई विधानसभा सीटों पर निर्णायक साबित होते हैं। नीतीश कुमार खुद इसी समुदाय से आते हैं और हिंदी बेल्ट में उनकी छवि एक विकास पुरुष और सुशासन बाबू के रूप में रही है। यदि वे खुद उत्तर प्रदेश में कैंपेन करते हैं और अपने बेटे को वाराणसी के रास्ते राजनीति में लॉन्च करते हैं, तो इसका सीधा असर पूर्वांचल के तमाम मतदाताओं पर पड़ सकता है। विपक्षी दलों को यह अच्छी तरह पता है कि यदि जेडीयू और बीजेपी का यह साझा सियासी दांव सफल होता है, तो एनडीए को इस क्षेत्र में एक अजेय बढ़त मिल सकती है, यही वजह है कि इस खबर के सामने आते ही विरोधी खेमे में भी मंथन का दौर शुरू हो चुका है।योगी आदित्यनाथ और नीतीश कुमार की जोड़ी पर टिकी हैं राजनीतिक भविष्य की निगाहेंउत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास के मोर्चे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुलडोजर मॉडल और सख्त प्रशासन पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है, जबकि बिहार में नीतीश कुमार का लंबा प्रशासनिक अनुभव और सुशासन का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। जब ये दोनों दिग्गज नेता एक ही वैचारिक और चुनावी मंच पर साथ खड़े नजर आएंगे, तो उसका प्रभाव मतदाताओं पर गहरा पड़ेगा। हालांकि, अभी तक जेडीयू या बीजेपी के किसी आधिकारिक केंद्रीय नेतृत्व की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि निशांत कुमार सचमुच चुनाव लड़ेंगे या नहीं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म होना इस बात की ओर इशारा करता है कि पर्दे के पीछे कुछ बहुत बड़ा पक रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या वाकई बिहार के मुख्यमंत्री के सुपुत्र उत्तर प्रदेश के रास्ते चुनावी राजनीति में कदम रखते हैं और क्या योगी-नीतीश की यह जोड़ी यूपी चुनाव में कोई नया इतिहास रचने में कामयाब होती है।
पटना गोलीकांड पर प्रशांत किशोर का नीतीश सरकार पर तीखा हमला, पूछा- क्या होगा अंजाम
बिहार की राजधानी पटना में हाल ही में हुई सनसनीखेज गोलीबारी और बढ़ते अपराध के ग्राफ ने एक बार फिर सूबे की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक और दहला देने वाली घटना के बाद राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पटना गोलीकांड को लेकर राज्य की नीतीश कुमार सरकार पर अब तक का सबसे तीखा और आक्रामक हमला बोला है। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए सीधा सवाल किया है कि यदि पुराना दौर 'जंगल राज' था, तो आज सरेआम हो रही इन वारदतों को क्या नाम दिया जाए। प्रशांत किशोर ने यहां तक कह दिया कि या तो अपराधियों का एनकाउंटर कीजिए या फिर उन्हें सरेआम फांसी पर लटका दीजिए, वरना इस राज्य की जनता का कानून से पूरी तरह भरोसा उठ जाएगा। इस बयान के सामने आने के बाद से बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है और हर तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है कि क्या वाकई सुशासन बाबू के राज में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है।पटना गोलीकांड की खौफनाक दास्तान और आम जनता के बीच फैला खौफ का माहौलयह पूरी सनसनीखेज घटना पटना के व्यस्त इलाके में उस समय घटी जब बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े गोलीबारी की इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। इस गोलीकांड में कई निर्दोष लोगों के गोलियों का शिकार होने और गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने आई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अपराधियों के दिलों में पुलिस और कानून का खौफ इस कदर खत्म हो चुका है कि उन्हें अब किसी का कोई डर नहीं रहा है। आए दिन राजधानी पटना समेत पूरे बिहार से हत्या, लूट, अपहरण और गोलीबारी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आम नागरिक अपने ही घरों में खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। इस तरह की वारदतों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है, जिसके बाद से लगातार सरकार विरोधी सुर तेज होते जा रहे हैं।प्रशांत किशोर का तीखा तंज: 'जंगल राज' की परिभाषा और मौजूदा सरकार की नाकामी पर सवालअपनी जन सुराज यात्रा और जनसभाओं के माध्यम से लगातार बिहार की व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले प्रशांत किशोर ने पटना गोलीकांड को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पुरानी सरकारों के कार्यकाल की याद दिलाते हुए मौजूदा सत्ताधीशों से तीखे शब्दों में पूछा कि अगर उस दौर को विपक्ष जंगल राज कहता था, तो आज सरेआम निर्दोषों का खून बहने वाली इस व्यवस्था को क्या कहा जाना चाहिए। पीके का साफ कहना है कि नाम बदलने या विज्ञापनों से जमीन पर हकीकत नहीं बदलती है। आज बिहार का युवा रोजगार के अभाव में पलायन करने को मजबूर है और जो लोग पीछे रह गए हैं, वे अपराधियों की गोलियों का निशाना बन रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शासन चलाने में पूरी तरह विफल हो चुकी मौजूदा सरकार को अब जनता के सामने सच स्वीकार करना चाहिए और अपराधियों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के कठोरतम कार्रवाई करनी चाहिए।अपराधियों के हौसले बुलंद, पुलिस प्रशासन और एनकाउंटर नीति पर गरमाई सियासतबिहार में बढ़ते अपराध और बेखौफ घूम रहे अपराधियों पर लगाम कसने के लिए अब राजनीतिक गलियारों में एनकाउंटर और सख्त सजा की मांग जोर पकड़ने लगी है। प्रशांत किशोर द्वारा यह कहना कि या तो अपराधियों का एनकाउंटर किया जाए या उन्हें फांसी के फंदे पर लटकाया जाए, इस बात को दर्शाता है कि राज्य की जनता और नेताओं में अब व्यवस्था को लेकर कितना भारी आक्रोश भरा पड़ा है। पिछले कुछ महीनों में जिस तरह से आपराधिक घटनाओं में इजाफा हुआ है, उसने पुलिस की खुफिया तंत्र और पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी गंभीर उंगलियां उठाई हैं। विपक्षी दल लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि राजनीतिक संरक्षण के चलते अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस केवल कागजी कार्रवाई करने तक सीमित रह गई है। इस बढ़ते दबाव के बीच अब देखना यह होगा कि क्या शासन-प्रशासन नींद से जागकर कोई ठोस कदम उठाता है या फिर हालात ऐसे ही बद से बदतर बने रहते हैं।बिहार के राजनीतिक भविष्य और बदलाव की बयार पर क्या होगा इसका असरपटना गोलीकांड और उस पर आए प्रशांत किशोर के इस आक्रामक बयान ने आने वाले समय के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। बिहार की जनता अब परंपरागत जातियों की राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सबसे बढ़कर अपनी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर बात करना चाहती है। जन सुराज के मंच से उठ रही यह आवाज इस बात का संकेत है कि राज्य का मतदाता अब बदलाव चाहता है और किसी भी दल को केवल खोखले वादों के आधार पर माफ करने के मूड में नहीं है। यदि सरकार ने समय रहते अपराधियों पर नकेल नहीं कसी और कानून का राज स्थापित नहीं किया, तो आगामी चुनावों में जनता का यह आक्रोश सत्ता परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। बहरहाल, पटना की सड़कों पर बहा यह खून और उस पर हो रही सियासत ने एक बार फिर से बिहार के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं।
उमरिया जिले में गुरुवार को महरोई रोड पर गिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली का अचानक पहिया निकल गया। इसके बाद ट्रॉली सड़क पर पलट गई। ट्रॉली में सवार 4 मजदूर महिलाएं सड़क पर गिरकर घायल हो गईं। हादसे में किसी की जान नहीं गई। उमरार डेम के पास निकला पहिया जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली कारिमाटी स्थित स्टोन क्रेशर से गिट्टी लेकर महरोई की ओर जा रही थी। उमरार डेम के पास अचानक ट्रॉली का पहिया निकल गया। पहिया निकलते ही ट्रॉली बेकाबू होकर सड़क पर पलट गई। उसमें सवार मजदूर महिलाएं भी ट्रॉली के साथ सड़क पर गिर गईं। साथी मजदूरों ने घायलों को संभाला हादसे में 4 महिलाओं को चोटें आईं। मौके पर मौजूद अन्य महिला मजदूरों ने सड़क पर गिरी महिलाओं को उठाया और उन्हें संभाला। अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। हादसे में जनहानि नहीं होने से लोगों ने राहत की सांस ली। ट्रॉली की फिटनेस पर सवाल हादसे के बाद गिट्टी परिवहन में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली वाहनों की फिटनेस और क्षमता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही ट्रॉली में मजदूरों को ले जाने के दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर दिए मुकेश सहनी के विवादित बयान से मचा भूचाल
भारतीय राजनीति के गलियारों में इन दिनों बयानों की भाषा लगातार गिरती जा रही है और इसी कड़ी में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख और बिहार के चर्चित नेता मुकेश सहनी का एक बेहद विवादित तथा सनसनीखेज बयान सामने आया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर दिए गए उनके इस भड़काऊ बयान ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। मुकेश सहनी ने सार्वजनिक मंच से यह तक कह डाला कि यदि कानून में 'एक खून माफ' का प्रावधान होता, तो वे मुख्य चुनाव आयुक्त को गोली मार देते। इस तरह की अमर्यादित और हिंसात्मक भाषा का प्रयोग करने के बाद से चारों तरफ उनकी निंदा हो रही है और चुनाव आयोग की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने लगी है।क्या था पूरा मामला और क्यों मुख्य चुनाव आयुक्त पर भड़के मुकेश सहनी?यह पूरा विवाद उस समय उपजा जब राजनीतिक रैलियों, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण या चुनाव आयोग द्वारा लिए गए कुछ कड़े प्रशासनिक फैसलों के खिलाफ विपक्षी दलों में नाराजगी चल रही थी। मुकेश सहनी अपनी एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे, जहां चुनावी माहौल और जनता के जोश के बीच उनका गुस्सा इस हद तक बढ़ गया कि उन्होंने संवैधानिक संस्था के मुखिया के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर डाला। एक जिम्मेदार राजनीतिक दल के नेता द्वारा देश के मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर इस तरह की खुली धमकी देना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ माना जा रहा है। इस बयान के सामने आने के बाद से ही मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है कि क्या राजनेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने से भी बाज नहीं आएंगे।संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग की गरिमा पर सीधा प्रहारभारत का निर्वाचन आयोग यानी इलेक्शन कमीशन देश के लोकतंत्र की वह धुरी है जो निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाता है। मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे उच्च पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इस प्रकार की हिंसात्मक टिप्पणी करना न केवल एक व्यक्ति पर हमला है, बल्कि यह देश की पूरी संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक परंपराओं पर सीधा प्रहार है। जानकारों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब नेता अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुखों को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने लगते हैं, तो इससे देश में अराजकता और नफरत का माहौल पैदा होता है। इस बयान ने एक बार फिर से इस बात पर बहस छेड़ दी है कि राजनीतिक बहसों में शालीनता की सीमाएं क्यों लगातार टूटती जा रही हैं।राजनीतिक दलों और विरोधियों की तीखी प्रतिक्रिया, गिरफ्तारी की उठ रही मांगमुकेश सहनी के इस विवादित बयान के सामने आते ही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य दलों के नेताओं ने उन पर कड़ा हमला बोल दिया है। विरोधियों का कहना है कि यह सिर्फ एक बयान नहीं है बल्कि एक संवैधानिक अधिकारी को खुलेआम दी गई जान से मारने की धमकी है, जिसके लिए पुलिस को स्वतः संज्ञान लेते हुए तुरंत कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख इस तरह के नेता कानून को अपने हाथ में लेने की बात करने लगे हैं। चुनाव आयोग की सुरक्षा और उसकी गरिमा को बनाए रखने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों और वकीलों द्वारा भी मुकेश सहनी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की मांग की जा रही है।नेताओं के बिगड़ते बोल और भारतीय राजनीति में गिरते स्तर पर गंभीर चिंतायह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी राजनेता ने अपनी जुबान पर काबू न रखते हुए इस तरह की हिंसात्मक या अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया हो, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ 'गोली मारने' जैसी बात कहना अपने आप में बेहद गंभीर और चिंताजनक है। देश के आम नागरिक और मतदाता हमेशा यह उम्मीद करते हैं कि राजनेता जनता के सामने एक मिसाल पेश करेंगे, लेकिन इसके विपरीत इस तरह के बयान राजनीति के अपराधीकरण को बढ़ावा देते हैं। आने वाले दिनों में देखना यह होगा कि निर्वाचन आयोग या चुनाव आयोग के अधिकारी इस मामले में क्या कानूनी कदम उठाते हैं और क्या मुकेश सहनी को अपने इस बयान के लिए माफी मांगनी पड़ती है या फिर उन्हें कानून के लंबे हाथों का सामना करना पड़ता है।
हाथरस में गुरुवार को गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। शहर के अलग-अलग इलाकों से भक्तों ने गणेश प्रतिमाओं के साथ शोभायात्राएं निकालीं। गाजे-बाजे और भजन-कीर्तन के बीच निकली यात्राओं से पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बना रहा। गणेश चतुर्थी पर घरों और मंदिरों में स्थापित की गई प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए भक्त शोभायात्रा के रूप में लेकर निकले। शोभायात्राएं शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए अलीगढ़ रोड स्थित नहर पर पहुंचीं, जहां पूजा-अर्चना के बाद गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। रास्ते में कई स्थानों पर शोभायात्राओं का स्वागत किया गया। भक्तों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर उत्सव मनाया और गणेश जी के जयकारे लगाए। भक्त भजन-कीर्तन करते हुए शोभायात्राओं में शामिल हुए। ‘गणपति बप्पा मोरिया’ के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। महिलाएं भी बड़ी संख्या में यात्रा का हिस्सा बनीं और नाचते-गाते हुए आगे बढ़ीं। जमकर उड़ा रंग और गुलाल शोभायात्राओं के दौरान भक्तों ने एक-दूसरे पर गुलाल उड़ाया। रंग और गुलाल से पूरा माहौल उत्सवमय हो गया। भक्तों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर उत्साह दिखाई दिया। विसर्जन से पहले की पूजा-अर्चना नहर पर पहुंचने से पहले और विसर्जन से पूर्व भक्तों ने विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद श्रद्धा के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान भक्तों ने गणपति बप्पा के जयकारे लगाए। जगह-जगह हुआ शोभायात्राओं का स्वागत शहर के विभिन्न स्थानों पर शोभायात्राओं का स्वागत किया गया। लोगों ने फूलों की वर्षा कर भक्तों का उत्साह बढ़ाया। भक्तों ने भी एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटीं। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान पूरा शहर भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा दिखाई दिया।
गणेश चतुर्थी पर शहर में सजाए गए गणेश पंडालों की प्रतिमाओं का शुक्रवार को विसर्जन होगा। बड़ी संख्या में प्रतिमाएं रामघाट रोड से होकर अलीगढ़ से करीब 50 किलोमीटर दूर बुलंदशहर सीमा के आसपास स्थित गंगा घाटों तक जाएंगी। रामघाट रोड पर विसर्जन जुलूस और श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए यातायात पुलिस ने सुबह 5 बजे से विसर्जन कार्यक्रम समाप्त होने तक भारी वाहनों और बसों के प्रवेश पर रोक लगाई है। शहर की ओर आने वाले वाहनों को अलग-अलग स्थानों से डायवर्ट किया जाएगा।8 प्रमुख पॉइंट पर लागू रहेगा डायवर्जनअतरौली के अवंतीबाई चौराहे से रामघाट रोड की ओर आने वाले भारी वाहन और रोडवेज/प्राइवेट बसें शहर की तरफ नहीं आ सकेंगी।छर्रा चौराहे से अतरौली की ओर जाने वाले भारी वाहन व बसों को डायवर्ट किया जाएगा।बुलंदशहर की ओर छतारी मोड़ से अतरौली आने वाले भारी वाहन और बसों का प्रवेश रोका जाएगा।महेशपुर तिराहे से क्वार्सी की ओर भारी वाहन और बसें नहीं आ सकेंगी।दिल्ली, खुर्जा, गभाना, कानपुर और एटा की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को भांकरी, महरावल कट, खैरेश्वर, आगरा चेंजर, मथुरा चेंजर और बोनेर तिराहे से शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। इन्हें जीटी रोड हाईवे बाईपास से भेजा जाएगा।सारसौल चौराहे से शहर की तरफ भारी वाहन और रोडवेज बसें प्रतिबंधित रहेंगी।मथुरा और इगलास की ओर से आने वाले भारी वाहन व बसों को मथुरा चेंजर से हाईवे बाईपास पर डायवर्ट किया जाएगा।आगरा की ओर से आने वाले भारी वाहन व बसें आगरा चेंजर से शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगी। इन्हें जीटी रोड बाईपास से निकाला जाएगा।रामघाट रोड पर दिखेगा मेले जैसा नजारागणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामघाट रोड से गंगा घाटों की ओर जाएंगे। अलीगढ़-बुलंदशहर सीमा के आसपास करीब चार-पांच गंगा घाटों पर प्रतिमाओं का विसर्जन प्रस्तावित है। ऐसे में सुबह से ही रामघाट रोड पर वाहनों और श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। यातायात पुलिस ने इसी को देखते हुए भारी वाहनों को शहर और रामघाट रोड की ओर आने से रोकने की व्यवस्था की है।आपातकालीन वाहनों को छूटयातायात पुलिस के अनुसार एंबुलेंस समेत सभी आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को डायवर्जन व्यवस्था से मुक्त रखा गया है। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित डायवर्जन मार्गों का प्रयोग करने की अपील की है।
हिमाचल पुलिस की एएसआई कमलेश कुमारी का चयन संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के लिए हुआ है। वे दक्षिण सूडान में शांति और सुरक्षा से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां निभाएंगी।
झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से अधेड़ की मौत:परिजनों ने गलत इलाज का आरोप लगाया, पुलिस ने जांच शुरू की
दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र के फुटेरा गांव में एक झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 53 साल के एक अधेड़ की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने डॉक्टर पर गलत इलाज का आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस ने गुरुवार दोपहर शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक की पहचान घुराटा निवासी 53 वर्षीय कोमल अहिरवार के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजन शव को बटियागढ़ अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। खुजली की परेशान परिजनों ने बताया कि कोमल अहिरवार को खुजली की परेशानी थी। इसके इलाज के लिए उन्होंने 18 सितंबर को फुटेरा में चल रहे एक निजी क्लीनिक में इलाज कराया। वहां बंगाली डॉक्टर बबलू नागर ने इंजेक्शन लगाने के बाद दवाएं दीं। डॉक्टर ने जहां इंजेक्शन लगाया था, वहां एक फोड़ा हो गया। मृतक के भतीजे ने बताया कि वह अपने चाचा को फिर से बंगाली डॉक्टर के पास लेकर गए। डॉक्टर ने बताया कि जहां इंजेक्शन लगाया था, वहां मरीज को मवाद जमा होने लगी है। यह सुनते ही परिजन घबरा गए। तब डॉक्टर ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, मरीज को सागर इलाज के लिए लेकर चलेंगे। 23 सितंबर की सुबह डॉक्टर चाचा को सागर के एक निजी अस्पताल में लेकर गया। वहां कुछ देर इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। सागर में इलाज का पूरा खर्च भी झोलाछाप डॉक्टर ने ही उठाया था। भाई की मौत के बाद परिजन शव लेकर बटियागढ़ अस्पताल आए और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीएम रिपोर्ट का इंतजार फुटेरा चौकी प्रभारी आनंद कुमार ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता चलेगी। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच भी की जा रही है।
CBSE Board Exam 2027: 10वीं-12वीं के सैंपल पेपर जारी, बिना बदलाव के होगा परीक्षा पैटर्न
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के सैंपल क्वेश्चन पेपर और मार्किंग स्कीम जारी कर दिए हैं, जिनका उपयोग विद्यार्थी 2027 की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए कर सकेंगे।
शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के कार्या गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां गोबर फेंकने गई 53 वर्षीय महिला की करंट लगने से मौत हो गई। परिजन महिला को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, कार्या गांव की रहने वाली ईश्वरदेवी जाटव गुरुवार सुबह भैंसों का गोबर इकट्ठा कर बाड़े में फेंकने गई थीं। बाड़े में घरेलू बिजली सप्लाई की लाइन निकली हुई थी, जिसके तार में कट लगा हुआ था। ईश्वरदेवी ने तार को हटाने के लिए जैसे ही हाथ लगाया, उन्हें तेज करंट लग गया और वे बेसुध होकर जमीन पर गिर गईं। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कियाबेसुध पड़ी महिला को परिजन तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और फिर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। फिलहाल पुलिस घटना की विस्तृत जांच कर रही है।
धौलपुर के अल्हेपुरा गांव में 23 साल की एक विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतका के पीहर पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मृतका की पहचान छितापुरा मोतीपुरा निवासी इकबाल खान की बेटी सन्नो के रूप में हुई है। उसकी शादी 11 अक्टूबर 2024 को अल्हेपुरा निवासी सन्नी से हुई थी। सन्नो की करीब डेढ़ साल की एक बच्ची भी है। सन्नो के पिता इकबाल खान ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उनसे चार पहिया वाहन और गहनों की मांग कर रहे थे। दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को कथित तौर पर परेशान किया जाता था और उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। पिता ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीहर पक्ष के अनुसार, उन्हें सुबह फोन पर बेटी की मौत की सूचना मिली। इसके बाद परिजन जिला अस्पताल पहुंचे, जहां सन्नो का शव मोर्चरी में रखा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। सीओ सिटी प्रदीप नेहरा ने भी अस्पताल पहुंचकर परिजनों से घटना की जानकारी ली। विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सेवा संकल्प योगदान के तहत केलो नदी खर्राघाट में सेवादान व घाट नवनिर्माण व ऑक्सीजोन के शिलान्यास कार्यक्रम रखा गया था। जहां केलो नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के संदेश के साथ गुरुवार को वित्तमंत्री ओपी चौधरी खुद नदी में उतर गए। उन्होंने नदी में विसर्जन किए गए गणेश प्रतिमाओं के अवशेष और कचरे को बाहर निकाला। वित्त मंत्री के नदी में उतरने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने नदी के आसपास भी साफ-सफाई की और लोगों को केलो नदी को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। सफाई अभियान के दौरान रायगढ़ महापौर जीवर्धन चौहान और पार्षद आनंद भगत भी वित्त मंत्री के साथ मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि केलो नदी शहर की पहचान और महत्वपूर्ण जलस्रोत है, इसलिए इसे स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी है। मौसम खराब होने से सीएम नहीं पहुंच पाए गुरुवार की सुबह केलो नदी खर्राघाट के पास घाट नवनिर्माण व ऑक्सीजोन के शिलान्यास कार्यक्रम रखा गया था। यह कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी मे होना था, लेकिन बुधवार को मौसम खराब होने की वजह से मुख्यमंत्री रायगढ़ नहीं पहुंच पाए।
छत्तीसगढ़ का बस्तर अब अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। कभी नक्सलवाद और हिंसा के संदर्भ में चर्चा में रहने वाला यह क्षेत्र आज प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और आतिथ्य के कारण पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। बदलते माहौल के साथ बस्तर में पर्यटन, इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के नए अवसर आकार ले रहे हैं। बस्तर की सबसे बड़ी विशेषता यहां प्रकृति और संस्कृति का संगम है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, कुटुमसर और कैलाश गुफाएं, मां दंतेश्वरी मंदिर, दलपत सागर और बस्तर पैलेस जैसे स्थल पर्यटकों को प्रकृति, रोमांच, अध्यात्म और इतिहास का अनूठा अनुभव देते हैं। यहां आने वाला पर्यटक केवल दर्शनीय स्थल नहीं देखता, बल्कि स्थानीय जीवन, पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और संगीत से भी जुड़ता है। यही वजह है कि बस्तर को केवल पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि अनुभव आधारित पर्यटन के एक खास क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। कनेक्टिविटी से खुल रहे विकास के नए रास्ते पर्यटन के विस्तार के लिए बेहतर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। बस्तर में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत करने के प्रयास पर्यटन की संभावनाओं को नई गति दे रहे हैं। ‘बस्तर 2.0’ ब्लूप्रिंट में 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव दूरस्थ क्षेत्रों तक संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट बस्तर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में रायपुर और हैदराबाद के लिए हवाई संपर्क उपलब्ध है। वहीं रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना जैसी योजनाएं भविष्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की संभावनाएं रखती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ केवल पर्यटकों को नहीं मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार, ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क और युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। होमस्टे से गांवों तक पहुंचेगा पर्यटन का लाभ बस्तर में ग्रामीण और जनजातीय होमस्टे पर्यटन विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के साथ रहकर ग्रामीण जीवन, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक खान-पान का अनुभव देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। होमस्टे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पर्यटन का आर्थिक लाभ सीधे स्थानीय परिवारों तक पहुंच सकता है। पर्यटकों के ठहरने के साथ भोजन, स्थानीय गाइड, परिवहन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए आसपास के अन्य परिवारों के लिए भी आय के अवसर बन रहे हैं। बस्तर में नए कमरे के निर्माण पर प्रति कमरा 1 लाख रुपए और पहले से बने कमरे के नवीनीकरण पर प्रति कमरा 50 हजार रुपए की सहायता का प्रावधान है। न्यूनतम एक और अधिकतम नौ कमरों तक सहायता की व्यवस्था से ग्रामीण परिवार अपनी क्षमता के अनुसार पर्यटन गतिविधियों से जुड़ सकते हैं। वर्तमान में 85 हितग्राहियों के अनुदान के लिए बैंकों को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, जबकि 27 होमस्टे पहले से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ पंजीकृत हैं। संस्कृति बनी पर्यटन की सबसे बड़ी ताकत बस्तर की जनजातीय संस्कृति उसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बेलमेटल और धातु शिल्प, लकड़ी और बांस की कला, पारंपरिक आभूषण, नृत्य, संगीत और खान-पान देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन इस सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच दे रहे हैं। वर्ष 2026 के बस्तर पंडुम में जनजातीय संस्कृति की 12 विधाओं को मंच मिला और करीब 55 हजार आदिवासी लोगों की सहभागिता हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का अवसर दिया। आस्था से एडवेंचर तक पर्यटन की कई संभावनाएं बस्तर में धार्मिक, सांस्कृतिक, इको और एडवेंचर पर्यटन की संभावनाएं एक साथ मौजूद हैं। मां दंतेश्वरी मंदिर और बस्तर दशहरा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को आधार देते हैं। वहीं कांगेर घाटी और धुड़मारास जैसे क्षेत्र प्रकृति और रोमांच आधारित पर्यटन के लिए नए अवसर दे रहे हैं। धुड़मारास में एडवेंचर पर्यटन, ग्लास ब्रिज और कैनोपी वॉक जैसी सुविधाओं की योजना है। गांव का यूएन टूरिज्म बेस्ट टूरिज्म विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए चयन भी ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान दे रहा है। पर्यटन से रोजगार और स्थानीय समृद्धि बस्तर के पर्यटन विकास का सबसे महत्वपूर्ण पहलू स्थानीय समुदाय तक इसका लाभ पहुंचाना है। होमस्टे संचालक, पर्यटन गाइड, स्थानीय ड्राइवर, भोजन सेवा, हस्तशिल्प विक्रेता, सांस्कृतिक कलाकार और साहसिक पर्यटन से जुड़े युवा इस नई पर्यटन अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं। बस्तर के पर्यटन रोडमैप के तहत 45 युवाओं को पर्यटन प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है। इससे पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों के विकास तक सीमित न रखकर स्थानीय कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयास सामने आते हैं। बस्तर की बदलती तस्वीर बस्तर का पर्यटन ऐसा मॉडल तैयार करने की दिशा में बढ़ रहा है, जिसमें प्रकृति सुरक्षित रहे, जनजातीय संस्कृति की मौलिकता बनी रहे और पर्यटन से होने वाली आय का लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंचे। सड़कें बस्तर को जोड़ रही हैं, हवाई संपर्क दूरी कम कर रहा है, रेल कनेक्टिविटी की संभावनाएं विस्तार पा रही हैं, होमस्टे गांवों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ रहे हैं और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन इसकी सांस्कृतिक पहचान को देश के सामने ला रहे हैं। बस्तर अब केवल अतीत की कहानी नहीं है। यह संभावनाओं का नया अध्याय है, जहां जंगलों की हरियाली, जलप्रपातों की सुंदरता, जनजातीय संस्कृति की जीवंतता और स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी मिलकर छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई दिशा दे रही है। बस्तर की नई पहचान अब उसके अतीत से नहीं, बल्कि शांति, प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय विकास की नई संभावनाओं से लिखी जा रही है।
डिंडौरी विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने अमरकंटक सहित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के आदिवासी व वनांचल क्षेत्रों को रेल सुविधा से जोड़ने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर ‘नर्मदा-विंध्य रेल कॉरिडोर’ के फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया है। पेंड्रा रोड से गोटेगांव तक प्रस्तावित कॉरिडोर विधायक मरकाम के अनुसार प्रस्तावित रेल लाइन पेंड्रा रोड–अमरकंटक–डिंडोरी–मंडला–घंसौर–लखनादौन–गोटेगांव/श्रीधाम तक होगी। यह कॉरिडोर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम करेगा। मरकाम ने पत्र में कहा है कि रेल कनेक्टिविटी से अमरकंटक, डिंडोरी, मंडला, घंसौर, लखनादौन और गोटेगांव क्षेत्र में सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। अमरकंटक में रेल सुविधा नहीं अमरकंटक धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन के लिए प्रमुख स्थल है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अभी सीधी रेल सुविधा नहीं है। ऐसे में यहां पहुंचने के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। विधायक ने कहा कि प्रस्तावित रेल कॉरिडोर से स्थानीय लोगों, व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटन से जुड़े लोगों को आवागमन की सुविधा मिल सकती है। साथ ही मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। रेलवे के पत्र का भी दिया हवाला मरकाम ने अपने पत्र में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के 9 जुलाई 2026 के पत्र का भी उल्लेख किया है। पत्र क्रमांक सीईओ/सी/बीएसपी/सीपीजीआरआई/आरएमएस/26-27 में रेलवे ने प्रस्ताव को उपयोगी बताते हुए आगे की कार्रवाई के लिए परिचालन विभाग को भेजा था। विधायक ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए रेल मंत्री से फाइनल लोकेशन सर्वे को जल्द मंजूरी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सर्वे की मंजूरी के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
आगरा में जलभराव से मिलेगी मुक्ति, 72 करोड़ से बनेंगे सुल्तानगंज और गल्ला मंडी नाले
नगर विकास विभाग ने आगरा में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 72.74 करोड़ रुपये की लागत से सुल्तानगंज की पुलिया नाला और नवीन गल्ला मंडी नाला के निर्माण को मंजूरी दी है।
बालोतरा जिले की ग्राम पंचायतों के सरपंचों-वार्डपंचों की आज आरक्षण लॉटरी निकाली गई। बालोतरा पंचायत समिति सभागार में बालोतरा और कल्याणपुर पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों की आरक्षित सीटें तय की गईं। लॉटरी निकालने के लिए स्कूली छात्राओं ने पर्चियां निकालीं। यह पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। इस दौरान एसडीएम राजेश कुमार और दूसरे संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। बालोतरा पंचायत समिति की कुल 56 ग्राम पंचायतों में से ठीक आधी 28 पंचायतें महिलाओं के लिए रिजर्व की गई हैं। वर्गवार आरक्षण के तहत एससी के लिए 9 पंचायतें (4 महिला, 5 ओपन), एसटी के लिए 7 पंचायतें (3 महिला, 4 ओपन), ओबीसी के लिए 11 पंचायतें (5 महिला, 6 ओपन) और अनारक्षित वर्ग के लिए कुल 29 पंचायतें (16 महिला, 13 ओपन) निर्धारित की गई हैं। कल्याणपुर पंचायत समिति की कुल 39 ग्राम पंचायतों में से 19 पंचायतें महिलाओं के लिए रिजर्व की गई हैं। वर्गवार आरक्षण के तहत एससी के लिए 5 पंचायतें (2 महिला, 3 ओपन), एसटी के लिए 4 पंचायतें (2 महिला, 2 ओपन), ओबीसी के लिए 8 पंचायतें (4 महिला, 4 ओपन) और अनारक्षित वर्ग के लिए कुल 22 पंचायतें (11 महिला, 11 ओपन) निर्धारित की गई हैं।
नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार रात स्लीपर बस में आग लग गई। 9 यात्री जिंदा जल गए। बस में 35 यात्री थे। कई ने खिड़कियां तोड़कर बाहर छलांग लगाई और जान बचाई। आग इतनी भयानक थी कि यात्रियों के शव बुरी तरह जल चुके थे। सिर्फ हड्डियां ही बची थीं और पहचान करना तक मुश्किल हो गया। फायरकर्मियों ने जली बस का पिछला हिस्सा काटकर एक-एक शव बाहर निकाला। VIDEO देखने के लिए ऊपर क्लिक करें।
सुल्तानपुर में भारी बारिश से कच्चा मकान गिरा:पानी से भर गए धान के खेत, रात से तेज बारिश जारी
सुल्तानपुर जिले में गुरुवार सुबह से तेज बारिश हो रही है, जिसका सिलसिला दोपहर 1 बजे तक जारी है। शहर और ग्रामीण इलाकों में रुक-रुककर बारिश जारी है। भदैया क्षेत्र में भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान गिर गया। ग्रामीण इलाकों में रात से ही तेज बारिश हुई है, जिससे धान के खेत पानी से भर गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक बारिश की संभावना है। इस दौरान तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस रहेगा। हवा उत्तर-पूर्व दिशा से 29 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जिसके झोंके 54 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। हवा में नमी 90-93 प्रतिशत और बादल 100 प्रतिशत छाए रहने की संभावना है। इस अवधि में 14.8 मिलीमीटर बारिश हो सकती है। शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक भी बारिश जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। हवा की गति 25-29 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंके 54 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकते हैं। हवा में नमी 91-95 प्रतिशत और बादल 100 प्रतिशत छाए रहने की संभावना है। इस समय 16.6 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना है। कादीपुर क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश हो रही है। यहां पूरवा हवा चल रही है। हवा तेज होने पर बारिश रुक जाती है और हवा बंद होते ही फिर से शुरू हो जाती है। अखंडनगर में भी रुक-रुककर बारिश हो रही है। किसान संतोष कुमार ने बताया कि यह हल्की बारिश किसानों के लिए फायदेमंद होगी। कूरेभार क्षेत्र में बुधवार आधी रात से हल्की बारिश शुरू हुई, जो गुरुवार सुबह तक जारी रही। पिछले एक घंटे से यहां बारिश हो रही है। भदैया क्षेत्र में बुधवार रात हल्की बारिश हुई थी। गुरुवार सुबह से यहां बादल छाए हैं और हल्की हवा चलने से मौसम ठंडा हो गया है। किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। जयसिंहपुर क्षेत्र में भी बुधवार रात हल्की बारिश हुई। गुरुवार सुबह से यहां बादलों के साथ तेज पूरवा हवा चल रही है, जिससे मौसम में ठंडक आ गई है। लंभुआ में रात 9 बजे मौसम अचानक बदल गया। ठंडी पूर्वी हवा के साथ लंभुआ के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। रात भर बूंदाबांदी और पूरवा हवा चलती रही। सुबह करीब 3 बजे एक बार फिर तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। दुबेपुर क्षेत्र में रात भर हुई रिमझिम बारिश से मौसम सुहाना हो गया है।
पंचकूला के तीन प्राइवेट स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक, सतलुज पब्लिक स्कूल, लिटिल फ्लावर स्कूल और मानव मंगल स्कूल को यह धमकी मिली है। इसके बाद सावधानी के तौर पर बच्चों की छुट्टी कर दी गई। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गए। सुरक्षा को देखते हुए स्कूल परिसरों की जांच की जा रही है। बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल प्रबंधन ने यह कदम उठाया है। पुलिस कर रही मामले की जांच फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वह धमकी की गंभीरता और इसके स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में गणेश उत्सव के दौरान बुधवार रात भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला। बड़ी गली स्थित वार्ड नंबर 12 के कायस्थ मोहल्ले में न्यू चिंता हरण गणेश उत्सव समिति के पंडाल में भगवान गणेश को 56 तरह के व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस आयोजन की खास बात यह थी कि वार्ड के हर घर से एक प्रसादी तैयार कर भगवान गणेश को अर्पित की गई। 25 मिनट तक चली ढोल-मंजीरों के साथ महाआरती रात करीब 9:30 बजे 56 भोग के दर्शन के लिए पंडाल के पट खोले गए। इसके बाद ढोल और झांझ-मंजीरों की गूंज के साथ महाआरती शुरू हुई। करीब 25 मिनट तक चली इस महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती संपन्न होने के बाद गणपति बाप्पा के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा और श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। 20 साल से हो रही स्थापना, इस बार ऊंट पर विराजे गणेशजी न्यू चिंता हरण गणेश उत्सव समिति पिछले 20 साल से लगातार यहां गणेश प्रतिमा स्थापित कर रही है। इस बार पंडाल में करीब 5.5 फीट ऊंची ऊंट पर बैठे भगवान गणेश की प्रतिमा विराजमान की गई है। प्रतिमा का विशेष श्रृंगार किया गया और भगवान गणेश को दूर्वा की आकर्षक माला पहनाई गई। हर घर से आई प्रसादी समिति के सदस्यों ने बताया कि इस आयोजन में वार्डवासियों की अटूट श्रद्धा और भागीदारी देखने को मिली। वार्ड के प्रत्येक परिवार ने अपने घर पर विशेष व्यंजन तैयार कर भगवान गणेश को भोग लगाया। 56 भोग में गुलाब जामुन, जलेबी, समोसा, ब्रेड बड़ा, केक, पालक बड़ा, नमकीन सेव और पानी पताशे जैसे कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन शामिल रहे।
थाने के सामने युवक की पीट-पीटकर हत्या:पत्थर से सिर कुचला, लोगों में आक्रोश
अलवर के बडौदामेव में थाने के सामने युवक की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। युवक अपने चाचा के साथ सामान खरीदने बाजार आया था। जानकारी के अनुसार- बड़ा बास बुटोली निवासी सेकून खान (40) थाने के सामने से निकल रहा था। इसी दौरान हर्ष नाम के युवक ने पत्थर से हमला कर दिया। युवक का शव अलवर जिला हॉस्पिटल लाया गया है। घटना से लोगों में आक्रोश है और दोषी को पकड़ने की मांग कर रहे हैं। --- खबर अपडेट की जा रही है….
ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के पंजाब और चंडीगढ़ दफ्तरों में ED की रेड तीसरे दिन भी जारी है। ED ने बुधवार को मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे के घर लुधियाना में भी रेड की। रात को टीम दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के चंडीगढ़ स्थित घर भी पहुंची। इसके बाद देर रात पंजाब सरकार हाईकोर्ट चली गई है। सरकार ने हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग की। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने ED की छापेमारी की निगरानी के लिए वारंट ऑफिसर नियुक्त किया है। वारंट ऑफिसर को मौके पर जाकर छापेमारी की स्थिति देखने और इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। वारंट ऑफिसर किसी भी समय छापेमारी वाली जगह पर जाकर निरीक्षण कर सकता है। उसे गुरुवार दोपहर 2 बजे तक मामले की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपनी होगी। इधर, एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि पंजाब के एक IAS अधिकारी के घर से करीब ढाई करोड़ कैश, सवा किलो सोना-चांदी और जमीन के कुछ दस्तावेज मिले हैं। इनकी जांच जारी है। ED की रेड के बीच पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व पंजाब के भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट से खलबली मचा दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में दावा किया है कि पंजाब का एक मंत्री देश छोड़कर भाग गया। बताया जा रहा है कि बिट्टू का इशारा मंत्री मुंडियां की तरफ है। हालांकि, इसकी ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है। मोहाली दफ्तर के 3 मंजिल सील किए ED ने मंगलवार सुबह मोहाली स्थित GMADA के फेज-8 में मुख्यालय में कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद से ED और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान व अधिकारी मौके पर अब भी मौजूद हैं। ED अधिकारी सरकारी रिकॉर्ड खंगालने के साथ GMADA के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं। मोहाली दफ्तर के 3 मंजिलों को सील कर रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई जा रही है। इसके अलावा IAS अधिकारी राजीव गुप्ता की सेक्टर-19 स्थित कोठी में टीम पहुंची थी। मंत्री के रिश्तेदार के घर भी पहुंची ED इसी जांच के दौरान बुधवार को पंजाब के शहरी आवास एवं विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी उर्फ प्रिंस के लुधियाना के साहनेवाल स्थित घर पर भी ED ने तलाशी ली। रिपोर्टों के अनुसार, वहां कार्रवाई दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई और देर तक जारी रही। इसके बाद आज सुबह उसका कार्रवाई खत्म हुई। 26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे ED के अनुसार, तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में 26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे की कार्रवाई की गई है। इनमें कंपनी के प्रमोटर, निदेशक और उनसे जुड़े लोगों के ठिकाने शामिल हैं। ED के मुताबिक, GMADA और पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग के कार्यालयों में भी PMLA के तहत सर्वे किया जा रहा है, ताकि संबंधित कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड और सबूत जुटाए जा सकें। 290 करोड़ के बैंक फ्रॉड और GMADA से जुड़े लेनदेन की जांच ED के मुताबिक, जांच में तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़े करीब 290 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड का मामला भी शामिल है। एजेंसी के अनुसार, मामले में नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल प्रोजेक्ट से जुड़े लेनदेन के साथ GMADA से कथित तौर पर वैधानिक बकाया में छूट और रद्द किए गए प्लॉट के दोबारा आवंटन की भी जांच की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, रेमिगेट से जुड़े मामले में करीब 57 करोड़ रुपए का आर्थिक लाभ दिए जाने की भी जांच है। साथ ही जमीन अधिग्रहण से जुड़ी कथित अनियमितताओं में एक निजी कंसल्टेंसी फर्म की भूमिका और अधिकारियों से उसके संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच अभी जारी है। ED की तलाशी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… चंडीगढ़ में सरकारी कोठी पर ED की रेड:AAP मंत्री हरदीप मुंडियां के भांजे के घर भी पहुंची टीमें; पंजाब के IAS अफसर का घर खंगाला पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे पर ED ने रेड की है। टीमें लुधियाना पहुंचकर मंत्री के भांजे गुरप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस के घर की तलाशी ले रही हैं। यह रेड ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) में चल रही कार्रवाई का ही हिस्सा है। मुंडियां अर्बन हाउसिंग मिनिस्टर हैं और GMADA भी उनके मंत्रालय के अंडर ही आता है। (पढ़ें पूरी खबर)
भोपाल में सोमवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस निर्वाचन सदन यानी चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर राजद्रोह का केस दर्ज होने और उनके खिलाफ कार्रवाई होने तक कांग्रेस आंदोलन जारी रखेगी। कांग्रेस ने अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए 34 लाख से ज्यादा नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार ब्योरा सार्वजनिक करने की भी मांग की है। पटवारी ने कहा कि इसके बाद प्रदेशभर में जिला निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। कलेक्टर जिला निर्वाचन अधिकारी होते हैं, इसलिए मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर कांग्रेस जिला स्तर पर भी आंदोलन करेगी। उन्होंने यह ऐलान उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया, जिसमें चुनाव आयोग के भीतर दर्ज कथित लिखित आपत्तियों, SIR और मध्य प्रदेश की मतदाता सूची को लेकर जवाबदेही के सवाल उठाए गए। पटवारी ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि हर मतदाता के अधिकार और मतदाता सूची की विश्वसनीयता का सवाल है। 14 लिखित आपत्तियों पर कांग्रेस ने मांगा जवाब पटवारी ने द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं। उनके मुताबिक ये आपत्तियां मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने, Form-6 और चुनावी आईटी सिस्टम से जुड़े विषयों पर थीं। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग पर कोई अप्रमाणित आरोप नहीं लगा रही है। सवाल उन दस्तावेजों से उठे हैं, जिनका उल्लेख मीडिया रिपोर्ट में किया गया है। उन्होंने मांग की कि इन आपत्तियों में क्या लिखा था, किन फैसलों पर आपत्ति हुई और उनका निपटारा कैसे किया गया, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। Form-6 में SIR से जुड़े बदलाव पर सवाल पटवारी ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में SIR से जुड़ी घोषणा जोड़े जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि इस बदलाव को लेकर चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति दर्ज की थी तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इसे किस प्रक्रिया और कानूनी प्रावधान के तहत लागू किया गया। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक Form-6 में SIR से जुड़े सवाल जोड़े गए थे और दो चुनाव आयुक्तों ने इसके लिए नियमों में बदलाव की जरूरत बताई थी। MP में SIR के आंकड़ों पर कांग्रेस के सवाल पटवारी ने मध्य प्रदेश में SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलाव का आंकड़ा सामने रखते हुए कहा कि SIR से पहले प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 मतदाता दर्ज थे। प्रक्रिया के दौरान 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 गणना प्रपत्र प्राप्त हुए और उनका डिजिटलीकरण किया गया। दिसंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 42 लाख 74 हजार 160 नाम बाहर हुए थे। इनमें करीब 31.51 लाख शिफ्टेड या अनुपस्थित, 8.46 लाख मृत और 2.77 लाख एक से अधिक स्थान पर पंजीकृत बताए गए। पटवारी ने स्पष्ट किया कि 42.74 लाख अंतिम रूप से हटाए गए मतदाताओं की संख्या नहीं है। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद अंतिम आंकड़ा बदला। अंतिम सूची में 34.25 लाख नाम हटे 21 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची में मध्य प्रदेश में 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 मतदाता दर्ज हुए। अंतिम प्रक्रिया में कुल 34 लाख 25 हजार 78 नाम हटे, जबकि ड्राफ्ट सूची के बाद 8 लाख 49 हजार 82 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि हुई। पटवारी ने कहा कि ड्राफ्ट और अंतिम सूची के आंकड़ों को एक जैसा बताना गलत होगा। उनके मुताबिक मतदाता सूची में नाम हटने और फिर नाम जुड़ने की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ सामने रखा जाना चाहिए। 7.17 लाख ने नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान मध्य प्रदेश में करीब 7.17 लाख नाम जोड़ने के आवेदन और लगभग 83 हजार नाम हटाने से संबंधित आपत्तियां प्राप्त हुईं। उन्होंने सवाल किया कि जिन लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया, उनमें कितने आवेदन स्वीकार हुए और कितने खारिज हुए। अगर किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हट गया तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? कांग्रेस ने पांच मांगें रखीं पटवारी ने मांग की कि मध्य प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए 34.25 लाख नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार विवरण सार्वजनिक किया जाए। ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए 42.74 लाख नामों में से कितने दावे-आपत्तियों के बाद वापस जुड़े, इसका पूरा डेटा जारी किया जाए। इसके अलावा नाम बहाली के लिए आए आवेदनों की स्वीकृति और अस्वीकृति का कारणवार विवरण, मतदाता सूची के डिजिटल सिस्टम में ERO और BLO की भूमिका तथा उसका ऑडिट ट्रेल सार्वजनिक करने की मांग भी की गई। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कार्रवाई की मांग पटवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और उनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक कांग्रेस शांत नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि तीन दिन बाद कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक होगी, जिसमें पूरे देश में आंदोलन और कार्यक्रमों की रणनीति तय की जाएगी। विधायक-सांसद खरीदने और सरकारें गिराने का आरोप पटवारी ने चुनावी प्रक्रिया के साथ-साथ सरकारों और चुने हुए जनप्रतिनिधियों को लेकर भी भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि “विधायक-सांसद खरीदे जा रहे हैं, सरकारें गिराई जा रही हैं और चुने हुए जनप्रतिनिधियों की बोली लग रही है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने कथन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने देश से कहा था कि न झुकूंगा, न झुकने दूंगा। पटवारी ने आरोप लगाया कि मौजूदा दौर में लोगों को भाषण, विज्ञापन और सपने तो मिले, लेकिन आम नागरिकों का जीवन मुश्किल हुआ है। ये पटवारी के राजनीतिक आरोप हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। मतदाता सूची को लोकतांत्रिक अधिकार से जोड़ा पटवारी ने कहा कि कांग्रेस का सवाल किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि व्यवस्था की जवाबदेही से है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में दर्ज एक नाम केवल एक आंकड़ा या एंट्री नहीं है, बल्कि वह एक नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो, डेटा सुरक्षित रहे और निर्णय लेने की प्रक्रिया जनता के सामने स्पष्ट हो।
प्रकाश झा की चर्चित वेब सीरीज ‘एक बदनाम आश्रम’ के चौथे सीजन की शूटिंग कूकस और आसपास की लोकेशन पर चल रही है। बाबा निराला के किरदार में एक बार फिर बॉबी देओल जयपुर की लोकेशन पर नजर आए। कूकस स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बनाए गए शूटिंग सेट पर बॉबी देओल की पहली झलक देखने को मिली। वैनिटी वैन से बाहर निकलते ही कॉलेज के स्टूडेंट्स ने उन्हें घेर लिया। शूटिंग यूनिट ने सुरक्षा घेरा बनाकर बॉबी को शूटिंग स्थल तक पहुंचाया। बॉबी ने भी स्टूडेंट्स का हाथ हिलाकर अभिवादन किया और सभी का अभिवादन स्वीकार किया। शूटिंग के दौरान बॉबी एक बार फिर बाबा निराला के अंदाज में नजर आए। सीरीज से जुड़ा चर्चित संबोधन ‘जपनाम’ भी उनके किरदार के अंदाज में सुनाई दिया। कैमरा लगने के बाद टीम ने अपने तय दृश्यों की शूटिंग शुरू की। कूकस और आसपास की कई लोकेशन पर सीरीज के चौथे सीजन के अलग-अलग दृश्यों को फिल्माया जा रहा है। जयपुर में बॉबी का शूटिंग शेड्यूल अब आने वाले कई दिनों तक जारी रहने की संभावना है। यहां देखिए शूटिंग के फोटोज… कॉलेज में बनाई गई नई लोकेशन, बच्चों के बीच पहुंचे बाबा दरअसल, कूकस के जिस इंजीनियरिंग कॉलेज में शूटिंग हो रही है, वहां कहानी की जरूरत के अनुसार लोकेशन तैयार की गई है। यहां स्टूडेंट्स के बीच बाबा निराला के पहुंचने वाले दृश्य फिल्माए जा रहे हैं। बॉबी के सेट पर पहुंचते ही वहां मौजूद स्टूडेंट्स में उत्सुकता दिखाई दी। कई स्टूडेंट्स ने उन्हें अपने कैमरे में कैद किया। शूटिंग टीम ने बॉबी को वैनिटी वैन से सीधे सेट तक पहुंचाने के लिए चारों तरफ घेरा बना रखा था। सेट पर पहुंचने के बाद बॉबी ने वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया। इसके बाद वे शूटिंग में व्यस्त हो गए। इस दौरान उनके लुक और किरदार को लेकर भी सेट पर खास तैयारी नजर आई। सीरीज के पिछले सीजन में बाबा निराला के जिस अंदाज ने दर्शकों का ध्यान खींचा था, उसी पहचान के साथ उनका किरदार आगे बढ़ता नजर आएगा। शिव विलास में बना है बाबा निराला का आलीशान आश्रम जयपुर में सीरीज की शूटिंग के लिए कूकस स्थित शिव विलास होटल में बाबा निराला के आश्रम की लोकेशन तैयार की गई है। आश्रम को भव्य और आलीशान रूप दिया गया है। इसकी झलक शूटिंग के दौरान पहले भी सामने आ चुकी है। कहानी में बाबा निराला के बढ़ते प्रभाव और उसके आसपास बने पूरे साम्राज्य को दिखाने के लिए आश्रम की लोकेशन महत्वपूर्ण है। कूकस के अलावा जयपुर के आसपास की अन्य लोकेशन को भी कहानी की जरूरत के अनुसार शूटिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे चौथे सीजन में राजस्थान और खासकर जयपुर की लोकेशन की मौजूदगी पहले के मुकाबले ज्यादा दिखाई देने की संभावना है। बाबा निराला के साथ फिर नजर आएंगे पुराने चेहरे सीरीज में बॉबी देओल के अलावा कई ऐसे कलाकार हैं, जो पहले तीन सीजन से कहानी का अहम हिस्सा रहे हैं। चंदन रॉय सान्याल बाबा निराला के सबसे करीबी सहयोगी भोपा स्वामी की भूमिका निभा रहे हैं। भोपा स्वामी का किरदार बाबा के साम्राज्य में बेहद महत्वपूर्ण रहा है और वह लंबे समय से उसके साथ खड़ा नजर आया है। अदिति पोहनकर फिर पम्मी के किरदार में दिखाई देंगी। पम्मी की कहानी बाबा निराला के खिलाफ संघर्ष से जुड़ती है और पिछले सीजन में उसका किरदार कहानी के प्रमुख केंद्रों में रहा। त्रिधा चौधरी भी बबिता के किरदार में सीरीज का हिस्सा हैं। इसके अलावा अनुप्रिया गोयनका, ईशा गुप्ता, अध्ययन सुमन, विक्रम कोचर, राजीव सिद्धार्थ, सचिन श्रॉफ, अनुरिता झा, प्रीति सूद, परिणीता सेठ और जहांगीर खान जैसे कलाकार भी सीरीज के अलग-अलग महत्वपूर्ण किरदारों में नजर आए हैं। प्रकाश झा इस सीरीज का निर्देशन कर रहे हैं। ‘आश्रम’ का पहला सीजन वर्ष 2020 में आया था और इसके बाद इसके अगले सीजन दर्शकों तक पहुंचे।
इस महीने के अंत में एक बार फिर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इसके चलते तीन दिन तक बैंकों में कामकाज नहीं होगा। हड़ताल के बाद फिर शनिवार और रविवार को भी वित्तीय कार्य प्रभावित होंगे। आगरा यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की ओर से 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय बैंक हड़ताल प्रस्तावित की गई है। इसके लिए बैंक कर्मियों ने 24 और 25 सितंबर तक बैंक के कामों को निपटाने की सलाह दी है। 26 सितंबर से 30 सितंबर तक 5 दिन लगातार बैंकों में कोई कामकाज नहीं होगा। बैंक अधिकारियों के अनुसार 24 और 25 सितंबर तक ही बैंक सामान्य रूप से खुली रहेंगी। इसके बाद 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंकों में साप्ताहिक अवकाश रहेगा।वहीं 28 से 30 सितंबर तक बैंकों की देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। ऐसे में लगातार 5 दिन तक बैंक बंद रहने से लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और अन्य कामकाज प्रभावित रहेंगे। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), इंडियन बैंक व अन्य ने अपने ग्राहकों के लिए सूचना जारी कर जरूरी बैंकिंग लेन-देन पहले ही पूरा करने की सलाह दी है, ताकि हड़ताल के दौरान उन्हें परेशानी न हो। पीएनबी की ओर से कहा गया है कि ग्राहक नकदी निकासी, चेक जमा करने और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्य निपटा लें। वहीं, ग्राहक सेवा से संबंधित आवश्यकताओं के लिए ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) और बिजनेस कारेस्पोंडेंट (बीसी) की सेवाएं लेने को कहा गया है। पीएनबी ही नहीं सभी सरकारी बैंक इन तीन दिन की हड़ताल में शामिल रहेंगी। बैंक अधिकारियों की ओर से पीएलआइ, पांच दिवसीय कार्य सहित कई मांगों को लेकर ये हड़ताल की जा रही है।
धार हाईवे पर चलती कार में अचानक लगी आग:SI ने कूदकर बचाई जान, कार जलकर हुआ खाक; शॉर्ट सर्किट की आशंका
धार के अमझेरा थाना क्षेत्र में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर हातोद के पास गुरुवार को चलती कार में अचानक आग लग गई। कार राजगढ़ से इंदौर की ओर जा रही थी। आग लगते ही कार में सवार पुलिस सब इंस्पेक्टर ने वाहन रोककर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। आग लगने की जानकारी आसपास मौजूद लोगों ने डायल-112 को दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम और दमकल मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया था। कुछ ही देर में कार पूरी तरह जल गई। केस के सिलसिले में इंदौर जा रहे थे सब इंस्पेक्टर अमझेरा थाना प्रभारी राजू मकवाना ने बताया कि कार में रायपुरिया थाने के एक सब इंस्पेक्टर सवार थे। वे एक केस के सिलसिले में इंदौर हाईकोर्ट जा रहे थे। हातोद के पास अचानक कार में आग लग गई। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि, आग लगने के सही कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना में किसी को चोट नहीं आई है। दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी।
कुशीनगर के पनियहवा पुल पर REEL बनाने के दौरान ट्रैफिक जाम हो गया। इस दौरान दो महिलाएं सड़क पर गुलाटिया मारते नजर आईं। उनकी हरकतें देख लोग अपने वाहन सड़क पर खड़ा करके उनके हटने का इंतजार करते हैं। पुल पर दोनों तरफ 100 गाड़ियां खड़ी हो गई। दोनों महिलाएं लोगों का परवाह किए बगैर पूरा वीडियो शूट करवाया। महिलाओं की इस हरकत से स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ट्रैक पर REEL बनाने के कारण महिला पर रेलवे भी केस दर्ज करवा चुका है। यह पूरा मामला जिला मुख्यालय से 30 किमी की दूर खड्डा थाना क्षेत्र का है। रील बनाने से ट्रैफिक रहा जाम महिला की पहचान बरवा रतनपुर निवासी सुशीला के रूप में हुई है। वह वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट करती है। इंस्टाग्राम पर उसके करीब 2 हजार फॉलोअर्स हैं। वह अब तक 1331 पोस्ट कर चुकी है। सुशीला अपने दोस्त के साथ मंगलवार की दोपहर में पनियहवा पुल पर वीडियो शूट करवा रही थी। पुल की सड़क संकरी होने के कारण वाहन चालकों को पहले से ही सावधानी बरतनी पड़ती है। ग्रामीणों का आरोप है महिला झगड़ालू स्वभाव की है। इसके चलते कोई वीडियो बनाने से रोकने की हिम्मत नहीं कर सका। यूजर्स ने जमकर लताड़ लगाई दोनों महिलाओं को वीडियो शूट करवाता देख लोग अपने वाहन खड़ा करके उनके हटने का इंतजार करते रहे। दोनों महिलाएं लोगों का परवाह किए बगैर करीब 2 घंटे तक वीडियो शूट करवाती रहीं। जब सुशीला ने वीडियो पोस्ट किया तो यूजर्स ने जमकर लताड़ लगाई। फैन किंग नाम के यूजर्स ने लिखा कि पनियहवा पुल का सत्यानाश करके रख दी है। कोई पनियहवा पुल की इज्जत बचा लो भाई। वहीं, रोहन यादव ने लिखा कि ऐसे-ऐसे लोग समाज को गंदा कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि पुलिस कार्रवाई करे। वहीं, यूजर्स ने लिखा कि कुछ सेकंड की वीडियो बनाने के लिए व्यस्त पुल पर आवाजाही रोकना कहां तक सही है। पहले भी दिए जा चुके हैं निर्देश गौरतलब है कि सुशीला पर कप्तानगंज में रेलवे ट्रैक पर REEL बनाने के कारण GRP ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया था। बता दें कि पनियहवा पुल पर REEL और फोटो बनाने के दौरान ट्रैफिक जान होने की शिकायतों के बाद खड्डा एसडीएम की ओर से नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद पुल पर दोबारा इस तरह का वीडियो बनाने से साफ है कि स्थानीय पुलिस की ओर से निगरानी नहीं की जा रही है।
मऊ जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में गुरुवार दोपहर 12 बजे आशा बहुओं और आशा संगिनियों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि और लंबे समय से रुके भुगतानों को तत्काल जारी करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के जरिए मुख्यमंत्री को पत्रक भेजा। प्रदर्शनकारी आशा बहुओं ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 का टीबीआई भुगतान अभी तक नहीं मिला है। इसके अलावा टीबी मरीजों के इलाज से जुड़े आशा कार्यकर्ताओं की वर्ष 2024 से 2026 तक की प्रोत्साहन राशि भी लंबित है। उन्होंने सभी रुके हुए भुगतानों को जल्द जारी करने की मांग की। आशा बहुओं ने कहा कि टीबी मरीजों के इलाज और देखभाल से जुड़े कार्यों के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबे समय से लंबित है। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के टीबीआई भुगतान के साथ वर्ष 2024 से 2026 तक की बकाया प्रोत्साहन राशि का निस्तारण करने की मांग की। आभा आईडी बनाने का भुगतान भी लंबित प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने आभा आईडी बनाने के बदले मिलने वाले भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि आभा आईडी बनाने का काम करने के बावजूद उसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने संबंधित भुगतान भी जल्द जारी करने की मांग की। JSY के भुगतान को लेकर भी नाराजगी आशा बहुओं ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जननी शिशु सुरक्षा योजना (JSY) के तहत लाभार्थियों और आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान भी रुका हुआ है। उन्होंने लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की। साथ ही आशा बहुओं और आशा संगिनियों को दूसरी जगह ट्रांसफर न करने की मांग भी रखी। मानदेय बढ़ाने की मांग दोहराई प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि सभी लंबित प्रोत्साहन राशि और भुगतानों का जल्द निपटारा किया जाए। प्रदर्शन में रेनू सिंह, पिंकी सिंह, पूनम यादव, लालसा यादव, मीरा साहनी, उषा देवी, संगीता, मनोरमा, मीरा रीत, पुष्पा, सुमन, निर्मला, शशिकला समेत बड़ी संख्या में आशा बहुएं और आशा संगिनियां मौजूद रहीं।
जान से मारने की धमकी देकर मारपीट, VIDEO:पीड़ित ने की एसपी से कार्रवाई की मांग, 181 पर भी कॉल किया
सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र में जान से मारने की धमकी देने और घर के बाहर मारपीट करने की शिकायत मिली है। पीड़ित ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत की है। उसने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में घटना से जुड़े लोगों के नाम और मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं। यह घटना करीब पंद्रह दिन पुरानी है, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आया है। पीड़ित ने बताया कि उसे पहले जान से मारने की धमकी मिली थी। शिकायत में लक्ष्मण प्रसाद जैसवाल, रवि लाल जैसवाल, लाल बहादुर जैसवाल और मनीष पाण्डेय समेत अन्य लोगों के नाम बताए गए हैं। पीड़ित का आरोप है कि धमकी के बाद उसने 181 नंबर पर भी शिकायत की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, शिकायत के बाद कुछ लोग शूलोचन जैसवाल के घर पहुंचे और उससे मारपीट की। इसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। पीड़ित का आरोप है कि उसके घर के बाहर भी मारपीट की गई। शिकायत में बताया गया है कि मारपीट की यह घटना 23 अगस्त 2026 और फिर 9 सितंबर 2026 को दोबारा हुई। पीड़ित ने बताया कि उसे इस मामले में अब तक न्याय नहीं मिला है। पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में पीड़ित ने पूरे मामले की जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में घटना से जुड़ा वीडियो होने की बात भी कही गई है। नियमानुसार होगी कार्रवाई सरई थाना प्रभारी प्रहलाद मस्कोले ने बताया कि शिकायत की जानकारी लेकर मामले की जांच होगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता के आरोपों की पुलिस अपने स्तर पर पुष्टि करेगी। फिलहाल यह मामला शिकायत और जांच के स्तर पर है। पुलिस जांच के बाद ही मारपीट और धमकी के आरोपों की असली सच्चाई सामने आ सकेगी।
करौली जिले में टोडाभीम इलाके के मोहन सिंह उर्फ सिद्धू मीना हत्याकांड में पुलिस ने 5 दिन के अंदर दूसरे आरोपी को पकड़ लिया है। इस मामले में एक नाबालिग लड़की को भी डिटेन किया गयाहै। इससे पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका था। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे पैसों का लेनदेन और पुरानी दुश्मनी वजह है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी 2 और युवकों की हत्या की प्लानिंग कर रहे थे। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। घर के बाहर से स्कॉर्पियो में जबरदस्ती ले गए थेपुलिस ने बताया कि 17 सितंबर की रात मोहन सिंह उर्फ सिद्धू मीना को उसके गांव सरसैना में घर के बाहर से काली स्कॉर्पियो में जबरदस्ती ले जाया गया था। अगले दिन उसका शव राजकीय कॉलेज टोडाभीम के पीछे एक सुनसान जगह पर मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल व दूसरी जांच टीमों की मदद से सबूत जुटाए। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया। मोबाइल पर हुई थी बहसजांच में पता चला कि मृतक मोहन सिंह और आरोपी शैलेन्द्र उर्फ कबीर के बीच पैसों का लेनदेन था। पुलिस के अनुसार, शैलेन्द्र ने मोहन सिंह से 6 हजार रुपए लिए थे। मोहन सिंह ब्याज के साथ 12 हजार रुपए वापस मांग रहा था। इसी बात पर दोनों के बीच मोबाइल पर बहस हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इसी दुश्मनी की वजह से हत्या की साजिश रची गई। आरोप है कि आरोपियों ने मोहन सिंह को बहाने से घर से बाहर बुलाया और स्कॉर्पियो में बिठाकर ले गए। बाद में उसे राजकीय कॉलेज के पीछे पहाड़ी की तरफ ले जाकर डंडों और सरियों से हमला किया गया, जिससे उसकी जान चली गई। 10 हजार का इनामी बदमाश पकड़ापुलिस ने तकनीकी सबूतों और मुखबिरों की मदद से महवा निवासी मयंक जाटव को मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। मयंक की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। इस मामले में शैलेन्द्र उर्फ कबीर मीना को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। घटना के बाद आरोपियों को पकड़ने की मांग को लेकर गांव वालों ने धरना-प्रदर्शन भी किया था। पुलिस ने बताया कि टोडाभीम थाना पुलिस, साइबर सेल और जिला स्पेशल टीम ने इस मामले में कार्रवाई की है। बाकी आरोपियों की तलाश अभी जारी है।
बाराबंकी में अवध ताइक्वांडो चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को गुरुवार को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने अपने कार्यालय में खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान मिलने पर खिलाड़ियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। डीएम ने खिलाड़ियों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया और भविष्य में भी इसी तरह मेहनत जारी रखने की सीख दी। उन्होंने कहा कि खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा के साथ लगातार मेहनत, अनुशासन और लगन जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने खिलाड़ियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाने का लक्ष्य रखने को कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और मेहनत से बाराबंकी के साथ प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। इन खिलाड़ियों को मिला सम्मान इस मौके पर अव्यांश, अरुण प्रताप सिंह, वरुण प्रताप सिंह, वैष्णवी, ईशान सिंह, अक्षत सिंह, अथर्व वर्मा, समर मौर्य, रेयान, असदुल्ला, एकाग्र सिंह, अनुभव मिश्रा और अनय वर्मा को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ ताइक्वांडो प्रशिक्षक और राष्ट्रीय रेफरी जितेंद्र कुमार मौर्य ने जिलाधिकारी को पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार जताया। प्रशिक्षकों ने डीएम को प्रतीक चिन्ह दिया कार्यक्रम में ताइक्वांडो प्रशिक्षक मनीष दत्त और तुषार विश्वकर्मा ने एसोसिएशन की ओर से जिलाधिकारी को प्रतीक चिन्ह भेंट किया। वरिष्ठ प्रशिक्षक जितेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि खिलाड़ियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए लगातार ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मान से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होते हैं। उत्तर प्रदेश ताइक्वांडो एसोसिएशन के महासचिव राजकुमार और जिला सचिव सतीश चौहान ने भी सम्मानित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बहराइच के देहात कोतवाली क्षेत्र के डपालीपुरवा मोहल्ले में बुधवार शाम एक युवक ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान फखरपुर क्षेत्र के कुंडासर निवासी 26 वर्षीय सचिन त्रिपाठी के रूप में हुई है। सचिन एक निजी कंपनी में एमआर के पद पर काम करता था। घटना की जानकारी शाम करीब 6 बजे मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक, कमरे की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें युवक ने मम्मी-पापा से माफी मांगते हुए दुनिया से जाने का दुख जताया है। नोट में उसने अपना मोबाइल फोन जरूर देखने की बात भी लिखी है। पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में एक संगठन के पदाधिकारी पर दोस्ती में धोखा देने का आरोप भी लगाया गया है। फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने कमरे से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक का पोस्टमार्टम आज कराया जाएगा। सुसाइड नोट और मोबाइल की जांच कर रही पुलिस देहात कोतवाल दद्दन सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और मौके से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
दुनिया के 120 से ज्यादा देशों में घूम चुके हरियाणा के ट्रैवल व्लॉगर परमवीर बेनीवाल को अमेरिका में नस्लीय टिप्पणी का सामना करना पड़ा। लास वेगास में दो अमेरिकन युवकों ने बेनीवाल को रोककर कमेंट किए और इसकी लाइव स्ट्रीमिंग भी की। अमेरिकन युवकों ने मजाक उड़ाते हुए कहा- क्या 7-इलेवन में कैशियर बनोगे असल में 7-इलेवन कन्वीनियंस स्टोर चेन है, जिसमें काफी संख्या में भारतीय कैशियर-क्लर्क जैसे जॉब करते हैं, जिन्हें अमूमन अमेरिकन यूथ जॉब के तौर पर पसंद नहीं करते। इसे कम दर्जे वाली जॉब मानते हैं। अचानक हुई इस तरह की टिप्पणी पर परमवीर घबराए नहीं बल्कि करार जवाब दिया। परमवीर ने कहा- तुम मुझे अफॉर्ड नहीं कर पाओगे ये सुनकर अमेरिकन युवक सन्न रह गए और कोई जवाब नहीं दे पाए। फिर वो डोंट-डोंट करते रहे। परमवीर ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने यूटयूब चैनल पैसेंजर परमवीर पर अपलोड किया है, जो काफी वायरल हो रहा है। पहले जानिये…लास वेगास का पूरा घटनाक्रम वीडियो वायरल होते ही दबाव में आया वेब स्ट्रीमर परमवीर का वीडियो वायरल होने के बाद कमेंट करने वाले अमेरिकन वेब स्ट्रीमर की ओर से भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया सामने आई है। इंस्टा अकाउंट @fore1gnxprime पर डाली वीडियो क्लिप्स के मुताबिक, उसने कहा कि हम पर भारतीयों का हमला हो गया है। उसने माना कि उसने “गलत इन्फ्लुएंसर से पंगा ले लिया”। यह भी कहा कि उसे लगता है कि वह भारत में बड़ा इन्फ्लुएंसर है, इसलिए अब भारतीय यूजर्स उसके अकाउंट्स पर स्पैम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय यूजर्स स्ट्रीमर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पहुंचकर उसके डायरेक्ट मैसेज (डीएम) में उसकी हरकत की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। एक क्लिप में स्ट्रीमर ने अपने फॉलोअर्स से कहा कि आगे की कुछ वीडियोज़ में वह 7-इलेवन रेज बेटिंग (यानी लोगों को भड़काने वाला कंटेंट) वापस लाएगा। उसने यह भी कहा कि तुम लोगों ने गलत इंसान से पंगा लिया है। यानी माफी मांगने या अपने व्यवहार पर खेद जताने के बजाय उसने उसी तरह का कंटेंट दोबारा बनाने की बात कही। क्या है 7-इलेवन वाला ताना परमवीर ने बताया कि अमेरिका में भारतीयों और अन्य दक्षिण एशियाई लोगों को अक्सर कन्वीनियंस स्टोर के कैशियर या कैब ड्राइवर के स्टीरियोटाइप में बांधकर मजाक बनाया जाता है। उनके मुताबिक, भारतीयों के लिए 7-इलेवन और अरब मूल के लोगों के लिए 9/11 जैसे तंज कसे जाते हैं। असल में 9/11 अमेरिका पर हुए आतंकी हमले का दिन रहा है। 7-इलेवन दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल-कन्वीनियंस स्टोर चेन में से एक है। सॉफ्ट रेसिज्म रोज झेलना पड़ता है परमवीर ने वीडियो में कहा कि उन पर इस घटना का ज्यादा असर नहीं पड़ा, क्योंकि विदेशों में सॉफ्ट रेसिज्म का सामना वे रोज करते हैं। उनका कहना था कि भारतीय मेहनत और कानूनी तरीके से कमाकर उन देशों की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं रुकनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत से लोग ऐसे तंज समझ ही नहीं पाते और नस्लभेद का शिकार होकर चुप रह जाते हैं। वीडियो को मिले 32 लाख से ज्यादा व्यूज परमवीर ने यह पूरा वाकया 22 सितंबर को अपने चैनल पर साझा किया। वीडियो लास एंजिल्स के वेनिस बीच से लास वेगास तक के सफर पर आधारित है। खबर लिखे जाने तक इसे 32 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका था और 54 हजार से ज्यादा लाइक मिल चुके थे। परमवीर के यूट्यूब पर करीब 28.4 लाख सब्सक्राइबर हैं।
बहराइच में दो कारों की जोरदार भिड़ंत:हादसे में 5 लोग घायल, दोनों गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त
बहराइच में मटेरा थाना इलाके में बहराइच-रूपईडीहा हाईवे पर करौंदा गांव के पास एक पेट्रोल पंप के सामने बुधवार देर रात तेज रफ्तार दो कारों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और पांच लोग घायल हो गए। पुलिस को सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस से सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। गाड़ियों से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर रात करीब 12:30 बजे करौंदा गांव के पेट्रोल पंप के पास टियागो और बोलेरो की आमने-सामने तेज टक्कर हुई थी। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को गाड़ियों से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। हादसे में बोलेरो में सवार रूपईडीहा थाना इलाके के अंटहावा गांव निवासी कन्हैया लाल (30) पुत्र शंभु और नफीस अली (23) पुत्र रज्जब अली घायल हो गए। वहीं, टियागो कार में सीतापुर जिले के तंबौर थाना इलाके के शालपुर निवासी प्रियांशु मिश्रा (20) पुत्र शिवाजी, उनकी 19 साल की पत्नी और चैनपुरवा निवासी शेखर (20) पुत्र शैलेंद्र भी घायल हुए। पुलिस ने बताया कि टियागो में सवार लोग नेपाल से वापस आ रहे थे। वहीं, बोलेरो में सवार लोग कलेक्ट्रेट से अंटहावा गांव जा रहे थे। पुलिस ने क्षतिग्रस्त गाड़ियों को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिवपुरी में फंदे पर लटका मिला अधेड़ का शव:परिवार मजदूरी पर गया था, टीबी की बीमारी से था परेशान
शिवपुरी के कोलारस थाना क्षेत्र के लुकवासा में बुधवार शाम 50 वर्षीय भूरा जाटव का शव उनके घर में फंदे पर लटका मिला। घटना के समय परिवार के लोग मजदूरी करने गए थे और भूरा घर पर अकेले थे। सूचना मिलने पर लुकवासा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम किया। गुरुवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। मजदूरी से लौटने पर पत्नी ने देखा गांधीनगर वार्ड क्रमांक 13 निवासी भूरा पुत्र ओमकार जाटव के बेटे रंजीत, पत्नी गुड्डी बाई और दूसरे बेटे राजा बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे मजदूरी करने घर से निकले थे। शाम करीब 4:30 बजे गुड्डी बाई वापस लौटीं तो उन्होंने भूरा को कमरे में फंदे पर लटका देखा। इसके बाद परिजन और मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। टीबी का इलाज चल रहा था परिजनों के मुताबिक, भूरा जाटव पहले से टीबी की बीमारी से परेशान थे और उनका इलाज चल रहा था। घटना के पीछे की अन्य वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की सूचना मिलने पर लुकवासा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम किया। गुरुवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बागपत डीएम कार्यालय पर बिनौली गांव के ग्राम प्रधान पति उपेंद्र धामा के नेतृत्व में स्थानीय लोग गुरुवार को पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत करते हुए बताया कि बिनौली से पुरा महादेव जाने वाला मार्ग काफी समय से बदहाल है। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को आए दिन परेशानी होती है और हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने मार्ग का चौड़ीकरण जल्द कराने की मांग की। उनका कहना है कि इस सड़क के बेहतर होने से बड़ी संख्या में वाहन चालकों और आसपास के लोगों को राहत मिलेगी। अधिकारियों ने लोगों को जल्द मांग पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। स्थानीय निवासी मास्टर मोहन वीर उज्ज्वल ने बताया कि मार्ग के चौड़ीकरण से हजारों लोगों को फायदा होगा। यह एक शॉर्टकट मार्ग है, जिसका रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन के लिए इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सड़क खराब होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। चौड़ीकरण से आवागमन होगा आसान ग्राम प्रधान पति उपेंद्र धामा ने कहा कि मार्ग का चौड़ीकरण तत्काल कराया जाना चाहिए। इससे वाहन चालकों को राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा। उन्होंने कहा कि सड़क के बेहतर होने से व्यवसाय के नए रास्ते खुल सकते हैं और उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। हादसों की आशंका से लोग चिंतित स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है और हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों ने अधिकारियों से मार्ग की मरम्मत के साथ चौड़ीकरण का काम जल्द शुरू कराने की मांग की। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह क्षेत्र की प्रमुख मांगों में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग की। फिलहाल अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
जालौन में मानदेय बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार दोपहर 12 बजे आशा कार्यकत्रियों और आशा संगिनियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर घेराव किया। बड़ी संख्या में पहुंचीं कार्यकत्रियों ने सरकार से मानदेय बढ़ाने और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई। इस दौरान कार्यकत्रियां जिलाधिकारी समीर को कार्यालय से बाहर बुलाने की मांग पर अड़ गईं। डीएम के बाहर नहीं आने पर कई आशा कार्यकत्रियां उनके कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गईं। जहां उन्होंने डीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आशाओं को समझाने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार पहुंचे, जिन्होंने आशाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन आशा डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ी हुई है। कार्यकत्रियों का कहना था कि ऑल आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति के बैनर तले उरई के कलेक्ट्रेट पहुंचीं कार्यकत्रियों का कहना था कि सरकार की ओर से विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा एवं अन्य कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है, लेकिन आशा और आशा संगिनियों के मानदेय में अभी तक कोई वृद्धि नहीं की गई है। मांगों की अनदेखी की जा रही है उनका कहना था कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। कार्यकत्रियों ने राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की भी मांग उठाई। इसके साथ ही कुछ ब्लॉकों में यूसीजी की सिम बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन की जिलाध्यक्ष राजकुमारी सिद्ध ने बताया कि कदौरा ब्लॉक में उपलब्ध कराई गई सिम करीब दो माह से बंद है। उन्होंने मांग की कि आशा एवं आशा संगिनियों के मोबाइल रिचार्ज की सुविधा पूर्व की तरह उपलब्ध कराई जाए, ताकि विभागीय कार्यों में परेशानी न हो। 30 सितंबर से इको गार्डन लखनऊ में प्रदर्शन प्रदर्शन के दौरान कार्यकत्रियां डीएम समीर को बाहर बुलाने की मांग करती रहीं। डीएम कक्ष के बाहर करीब 30 मिनट से धरना जारी रहा। बाद में सीएमओ हरिनंदन और सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा, साथ ही चेतावनी दी कि 29 सितंबर तक यदि उनकी मांगा को पूरा नहीं किया गया तो 30 सितंबर से इको गार्डन लखनऊ में प्रदर्शन होगा। राज्यकर्मचारी का दर्जा दिया जाए जिलाध्यक्ष राजकुमारी ने कहा कि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया जाए, आशा कार्यकत्री को 18 हजार और संगिनी को 21 हजार मानदेय के साथ राज्यकर्मचारी का दर्जा दिया जाए। यदि पूरी मांग नहीं हुई तो प्रदेशभर की आशा एवं संगिनियां आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगी। इस प्रदर्शन के दौरान मिथलेश, जयकुमारी, फूलन देवी, ऊषा, सरिता, नीलम, रजनी, अनोजा देवी, माया देवी, भूरी देवी, रामाननी, मिथलेश, रानी, निर्मल देवी, रिकी देवी, किरना पाल, मोती कुँवर, सरिता देवी, रामा देवी, गुड्डन देवी, सीता रानी, ऊषा देवी, कुसमा, सुषमा देवी सावित्री देवी, मोती कुँवर, सरिता, कौशल्या, विजयला, रामा, मनुजिया, सीता, आरती, पूना, सुमन, किरण, राजकुमारी, सीमा, प्रतिमा, ज्योति, उभा, अन्नपूर्णी, नीलग, रिस्त, शनी, राजकुमारी, किरण, प्रभा, मुन्नी, संतोषी, प्रतिमा, संतोषी, सरिता, अनीता, संगीता, विनीता मौजूद रही।
बलरामपुर में नगर पालिका परिषद कार्यालय में डीजे संचालकों के साथ बैठक हुई। बैठक डीजे संचालन पर लगे प्रतिबंध और प्रशासन के निर्देशों को लेकर बुलाई गई थी। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने संचालकों से नियमों का सख्ती से पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। अध्यक्ष ने कहा कि कानून व्यवस्था, नागरिकों की सुविधा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी कार्यक्रम में तय नियमों और प्रशासनिक निर्देशों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने डीजे संचालकों से सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार ही उपकरण चलाने को कहा। डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि डीजे संचालक ऐसा कोई काम न करें जिससे लोगों को परेशानी हो या कानून व्यवस्था पर असर पड़े। कार्यक्रमों के दौरान प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। नगर पालिका का उद्देश्य व्यवस्था बनाए रखना अध्यक्ष ने बताया कि नगर पालिका का उद्देश्य सरकार के निर्देशों का पालन करवाने के साथ शहर के लोगों को सुविधा, सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रशासन के साथ डीजे संचालकों और नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। नियमों और प्रशासनिक निर्देशों की दी जानकारी बैठक में डीजे संचालकों को सरकार और प्रशासन की ओर से तय नियमों और निर्देशों की जानकारी दी गई। इनका पालन करने पर विशेष जोर दिया गया। अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासनिक निर्देशों और नागरिकों की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नगर पालिका अध्यक्ष ने डीजे संचालकों से उम्मीद जताई कि वे नियमों का ध्यान रखते हुए जिम्मेदारी से काम करेंगे। साथ ही प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों में पूरा सहयोग करेंगे, जिससे शहर में व्यवस्थित और शांतिपूर्ण माहौल बना रहे।
कौशांबी के महेवाघाट थाना क्षेत्र के अंधावा गांव के पास गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे एक सीएनजी ऑटो बेकाबू होकर तालाब में जा घुसी। ऑटो में लगभग 15 स्कूली बच्चे सवार थे। यह घटना उस समय हुई जब ऑटो बच्चों को स्कूल ले जा रही थी। हादसे में किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत तालाब में पहुंचकर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद बच्चे काफी डरे हुए थे। यह सीएनजी ऑटो डकशरीरा, निखोदा और मनकापुर गांव के बच्चों को महर्षि पब्लिक स्कूल पश्चिम शरीरा ले जा रही थी। अंधावा गांव के पास तेज रफ्तार के कारण ऑटो बेकाबू होकर सड़क किनारे तालाब में गिर गई। ग्रामीणों ने तुरंत बच्चों के परिजनों को घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चों को अपने साथ घर ले गए। महर्षि पब्लिक स्कूल के प्रबंधक राजकुमार त्रिपाठी ने बताया कि स्कूल अपने वाहन से बच्चों को लाता और सुरक्षित छोड़ता है। गुरुवार को बस चालक को बुखार होने के कारण अभिभावकों को मैसेज के जरिए इसकी जानकारी दे दी गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें सीएनजी ऑटो से बच्चों को स्कूल लाए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
आजाद समाज पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष विजय कुमार आजाद के नेतृत्व में दोपहर करीब 12:30 बजे हुए प्रदर्शन में 24 सूत्री मांगें रखी गईं। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं और अन्य वंचित वर्गों के लिए सामाजिक न्याय, समान अवसर और उचित प्रतिनिधित्व की मांग की गई। पार्टी ने महिला आरक्षण के तहत महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने और दलित, आदिवासी व पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए कोटे के अंदर कोटा तय करने की मांग रखी। साथ ही लोकसभा और विधानसभा में ओबीसी को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने, जातिगत जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने और उनकी आबादी का वैज्ञानिक व पारदर्शी आकलन कराने की मांग की गई। मौजूदा कानून के तहत नारी शक्ति वंदन अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान है। उच्च न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व की मांग ज्ञापन में उच्च न्यायपालिका में एससी, एसटी और ओबीसी का प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की गई। ओबीसी क्रीमी लेयर निर्धारित करने के लिए आय सीमा की समीक्षा कर मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार इसमें तत्काल संशोधन करने की बात कही गई। सरकारी सेवाओं में एससी, एसटी और ओबीसी को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देने की मांग भी रखी गई। यूजीसी के नियम लागू करने की मांग पार्टी ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने से जुड़े यूजीसी के 2026 के विनियमों को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि इन नियमों को कानून का रूप देकर बाध्यकारी बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव मुक्त माहौल मिल सके। यूजीसी के 2026 के इक्विटी विनियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है और केंद्र सरकार ने अदालत को बताया है कि नियमों पर पुनर्विचार किया जा रहा है। एससी-एसटी एक्ट में मुआवजा बढ़ाने की मांग एससी-एसटी एक्ट के मामलों में पीड़ितों को मिलने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने की मांग की गई। पार्टी ने दोषी आरोपी से यह राशि वसूल करने की व्यवस्था करने और पुलिस की जांच व अभियोजन व्यवस्था को जवाबदेह बनाने की मांग भी रखी। प्रदर्शन के दौरान रजनीश राहुल कश्यप, विनोद गौतम, आकाश अरविंद गोलू, सुनील कुमार, सभाजीत, रोहित, राहुल, किशन, सूरज, प्रीतम, चंदू और विपिन समेत कई कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि समान कार्य कर रहे वरिष्ठ अधिकारी का वेतन कनिष्ठ कर्मचारी से कम नहीं हो सकता, भले ही कनिष्ठ को आरक्षण के तहत पहले पदोन्नति मिली हो।
नर्मदापुरम में अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हर्बल पार्क किनारे बनाए गए कृत्रिम कुंड में होगा। कुंड की साफ-सफाई के बाद 10.5 फीट तक गहरीकरण किया गया है। इसे नर्मदा के पानी से भरा जा रहा है। हर साल हर्बल पार्क गेट के पास बनाए जाने वाले कच्चे कुंड में प्रतिमाओं का विसर्जन होता था, लेकिन इस बार नर्मदा का जलस्तर कम होने के कारण घाट किनारे कृत्रिम कुंड में विसर्जन की व्यवस्था की गई है। कलेक्ट्रेट से हर्बल पार्क तक रूट रहेगा वन-वे विसर्जन के दौरान कलेक्ट्रेट गेट के अंदर से हर्बल पार्क गेट और फॉरेस्ट ऑफिस के सामने वाला मार्ग वन-वे रहेगा। प्रतिमाएं लेकर आने वाले वाहन कलेक्ट्रेट गेट के बाजू से फॉरेस्ट ऑफिस होते हुए कृत्रिम कुंड तक पहुंचेंगे। विसर्जन के बाद खाली वाहन हर्बल पार्क गेट के सामने से तवा भवन होते हुए वापस लौटेंगे। प्रतिमा ले जाने वाले रास्ते में कई जगह गड्ढे हैं। फॉरेस्ट ऑफिस, कृषि विभाग के सामने और हर्बल पार्क घाट रोड पर सड़क खराब है। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी से चलना होगा। रात में विसर्जन के लिए रास्ते और घाट पर लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है। छह स्थानों पर बनाए जाएंगे कलेक्शन सेंटर सीएमओ वैभव देशमुख ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर में छह स्थानों पर मूर्ति कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। इनमें आजाद चौक ग्वालटोली, एसपीएम गेट नंबर-4 रसूलिया, हरियाली चौक, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, काली मंदिर सतरस्ता और चक्कर रोड मालाखेड़ी शामिल हैं। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार इन सेंटरों पर प्रतिमाएं जमा कर सकेंगे। यहां से प्रतिमाओं को एकत्रित कर कृत्रिम कुंड में विसर्जित किया जाएगा। इस बार हर्बल पार्क में अलग से कच्चा कुंड नहीं बना बीते कुछ वर्षों से हर्बल पार्क में कृत्रिम कुंड बनाया जाता था। इस बार नर्मदा का जलस्तर कम होने के कारण घाट किनारे बने बड़े और पक्के कुंड में विसर्जन की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि इससे बड़ी और छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन में श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। राजस्व, नगर पालिका और पुलिस की ड्यूटी सिटी मजिस्ट्रेट सीमा बडोले ने बताया कि हर्बल पार्क घाट पर बने कुंड में बड़ी और छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। व्यवस्था सुचारू रखने के लिए राजस्व, नगर पालिका, पुलिस और यातायात विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। स्वच्छता दल, अतिक्रमण दल और राजस्व की टीम भी मौके पर तैनात रहेगी। सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात एसडीओपी जितेंद्र पाठक ने बताया कि गणेश प्रतिमा विसर्जन और जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था के लिए शहर में जगह-जगह पुलिस जवान तैनात रहेंगे। प्रतिमा लेकर आने वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग और विसर्जन के बाद वापसी के लिए अलग रूट निर्धारित किया गया है। इससे जुलूस और वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित रखने की कोशिश की जाएगी।
उज्जैन में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से करीब 24% कम बारिश हुई है। 30 सितंबर को मानसून खत्म होने वाला है, लेकिन जिले में अब तक सिर्फ 26 इंच (682 मिमी) बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 36 इंच (900 मिमी) होती है। यह बीते 10 साल में सबसे कम बारिश है। कम बारिश से जिले के नदी-तालाब और जलाशय खाली हैं। इसका असर किसानों के साथ आम लोगों और व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में नए मौसम सिस्टम के असर से उज्जैन और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। गंभीर डैम में 110 दिन की जलापूर्ति और 654 एमसीएफटी पानी उज्जैन शहर को पानी देने वाले गंभीर डैम में अभी 110 दिन की सप्लाई का पानी बचा है। डैम की क्षमता 2250 एमसीएफटी है। फिलहाल इसमें 754 एमसीएफटी पानी है। इसमें 100 एमसीएफटी पानी डेड स्टोरेज का है, जिसे सप्लाई में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ऐसे में शहर के लिए 654 एमसीएफटी पानी ही बचा है। रोज 8 से 9 एमसीएफटी पानी सप्लाई किया जाता है। इस हिसाब से डैम का पानी औसतन 110 दिन तक ही चल सकेगा। अगर अगले एक सप्ताह में तेज बारिश नहीं हुई तो जिले में भीषण जलसंकट की स्थिति बन सकती है। 54 डैम-तालाबों में सिर्फ 37% पानी, 10 इंच बारिश कम जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक राजेन्द्र गुप्ता के अनुसार, उज्जैन में सामान्य बारिश 36 इंच (900 मिमी) होती है। मानसून खत्म होने वाला है और अब तक 26 इंच (682 मिमी) बारिश ही हुई है। सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा करने के लिए अभी करीब 10 इंच यानी 218 मिमी बारिश की जरूरत है। जिले के छोटे-बड़े 54 डैम और तालाबों में अभी सिर्फ 37% पानी जमा हुआ है। कम बारिश से खेती और कारोबार पर भी असर कम बारिश से जमीन के नीचे पानी का स्तर भी नहीं बढ़ पाया है। इससे किसानों को रबी सीजन में गेहूं और चना बोने और फसलों की सिंचाई को लेकर चिंता है। पानी का स्तर नीचे रहने से सिंचाई के साधनों पर भी दबाव बढ़ सकता है। गांवों के कारोबार में आई सुस्ती का असर उज्जैन के बाजारों पर भी दिख रहा है। इससे व्यापारी भी परेशान हैं। अगले दो दिन उज्जैन में अच्छी बारिश की उम्मीद मौसम विभाग के अनुसार, उड़ीसा के तटीय इलाकों में कम दबाव का नया मौसम सिस्टम बन रहा है। इसके असर से अगले दो दिनों में उज्जैन और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है। फिलहाल शहरवासियों को बारिश का इंतजार है। बीते 10 साल के रिकॉर्ड में इस साल उज्जैन में सबसे कम बारिश दर्ज हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर गुजरात के बड़नगर से वाराणसी के लिए निकली सेवा संकल्प बाइक रैली गुरुवार को हरदा पहुंची। माहेश्वरी धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से यात्रा में शामिल लोगों से संवाद किया और सेवा संकल्प से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। वर्चुअल संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने यात्रियों से सेवा कार्यों को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सेवा का संकल्प केवल बातों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सेवा करके उसे जमीन पर उतारना चाहिए। उन्होंने सेवा कार्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में भाजपा के कई नेता रहे मौजूद कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल मौजूद रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन के बाद हेमंत खंडेलवाल और विश्वास सारंग ने यात्रा में शामिल लोगों से बातचीत की। खंडेलवाल बोले- पीएम मोदी का हर शब्द प्रेरणा देता है मीडिया से चर्चा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर शब्द प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन सेवा को समर्पित किया है और देश के नागरिकों का जीवन बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया है। खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यों से भारत आने वाले समय में दुनिया का नेतृत्व करेगा। सेवा संकल्प बाइक रैली बड़नगर से निकलकर वाराणसी की ओर जा रही है। यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर सेवा से जुड़ी गतिविधियां और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
बुधवार रात अनूपपुर में कलेक्टर बंगले के पास सोन नदी पुल पर एक कार रेलिंग तोड़कर करीब 40 फीट नीचे गिर गई। इस हादसे में कार में सवार तीन लोग घायल हो गए। कार अनूपपुर से पसला की ओर जा रही थी। रात करीब 11.30 बजे तेज रफ्तार कार (MP 65-C-7111) पुल की लगभग 30 फीट लंबी लोहे की रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरी। गनीमत रही कि कार नदी के किनारे वाले हिस्से में गिरी, जहां करीब 2 फीट पानी का बहाव था। इससे कार का सिर्फ अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकाला हादसे के दौरान वहां से गुजर रहे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने नदी किनारे उतरकर तीनों घायलों को बाहर निकाला। उन्हें एक निजी कार से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। तीनों में से एक को ज्यादा चोट आई थी, लेकिन डॉक्टरों को हैरानी हुई कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी किसी को गंभीर चोट नहीं लगी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन बुलाकर गिरी हुई कार को बाहर निकलवाया। कार को थाना परिसर में खड़ा किया गया है। पुलिस ने कुछ समय के लिए पुल पर यातायात भी रोका, जिसे करीब आधे घंटे बाद फिर से शुरू कराया गया। ये हुए घायल एसआई कोमल अजरिया ने बताया कि कार में सवार अनुभव शुक्ला (32), रतनेश शुक्ला (30) और ऋषि तिवारी (26) शराब के नशे में थे। ये सभी अनूपपुर के जमुडी और सकरा के रहने वाले हैं। घायलों ने हादसे के बारे में कुछ नहीं बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, पुल की टूटी हुई रेलिंग अब वहां से गुजरने वाले यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन गई है। पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री पीके लारिया ने बताया कि रेलिंग की मरम्मत का काम जल्द ही करवा दिया जाएगा। हादसे की अन्य तस्वीरें…
लुधियाना के हैबोवाल इलाके में पारिवारिक विवाद के चलते एक व्यक्ति ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने मरने से पहले एक 3 मिनट 43 सेकेंड का वीडियो बनाया और एक सुसाइड लेटर लिखा। मृतक की पहचान केहर सिंह नगर निवासी विजय कुमार पठानिया के रूप में हुई है। वीडियो में उसने अपनी पत्नी पर एक रिश्तेदार (कजन) के साथ कथित अवैध संबंध होने का आरोप लगाया। साथ ही ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए। विजय की हालत बिगड़ने पर उसका भाई अजय पठानिया उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल लुधियाना लेकर पहुंचा। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे खरड़ के अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही विजय की मौत हो गई। 9 साल पहले हुई थी शादी, बच्चों से मिलने को लेकर भी विवाद विजय के भाई अजय पठानिया, निवासी टिब्बा रोड, ने बताया कि विजय की शादी करीब 9 साल पहले हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से उसकी पारिवारिक जिंदगी में दखल बढ़ने लगा था। आरोप है कि विजय का साला और ससुराल परिवार के अन्य सदस्य उसे परेशान करते थे। अजय ने आरोप लगाया कि विजय की पत्नी के अपने ही एक रिश्तेदार के साथ कथित अवैध संबंध थे। इस बात को लेकर विजय काफी परेशान रहता था। कुछ समय पहले उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। अजय के मुताबिक, विजय को अपने दो बच्चों से मिलने भी नहीं दिया जाता था। एक दिन पहले बच्चों से मिलने गया था अजय के अनुसार, घटना से एक दिन पहले विजय अपने बच्चों से मिलने गया था। वहां कथित तौर पर उसकी बहस हुई और उसे वापस भेज दिया गया। इसके बाद विजय हैबोवाल स्थित अपने किराए के कमरे पर लौट आया। पहले सुसाइड नोट लिखा, फिर बनाया वीडियो अजय ने बताया कि कमरे पर पहुंचने के बाद विजय ने पहले सुसाइड नोट लिखा और इसके बाद वीडियो बनाया। वीडियो में उसने पत्नी पर लगाए गए आरोपों के अलावा ससुराल पक्ष से कथित प्रताड़ना की बात भी कही। इसके बाद उसने सल्फास निगल लिया। विजय की हालत बिगड़ने की सूचना मिलने पर अजय उसे तुरंत सिविल अस्पताल लेकर गया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे खरड़ रेफर किया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। सुसाइड नोट और वीडियो की जांच के बाद साफ होगी तस्वीर परिजनों के मुताबिक, विजय का शव खरड़ अस्पताल से लुधियाना सिविल अस्पताल लाया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी। पुलिस के लिए विजय का सुसाइड नोट और घटना से पहले बनाया गया वीडियो महत्वपूर्ण सबूत हो सकते हैं। दोनों की जांच के बाद ही मामले में लगाए गए आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
पिछड़ा दलित समाज सेना के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए शिवराजपुर में डोर-टू-डोर सदस्यता अभियान चलाया गया। इस दौरान क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की। जितेंद्र कुशवाहा ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अभियान गांव-गांव और घर-घर तक जारी रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही कानपुर जिला कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा, जिसमें सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिलेगी। कुशवाहा ने बताया कि राष्ट्रीय संयोजक अंकित श्रीवास्तव के निर्देश पर जल्द ही जिला स्तर पर 'जनता दरबार' लगाया जाएगा। इसमें जनसमस्याओं को सुनकर उन्हें शासन-प्रशासन के सामने मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज को उठाना और उन्हें न्याय दिलाना है। इस दौरान बड़ी संख्या में पदाधिकारी व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
नोएडा में स्लीपर AC बस अग्निकांड में 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इनमें 8 पुरुष और एक महिला है। प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि इन लोगों की कार्बन मोनो ऑक्साइड से दम घुट गया। इसके बाद सभी लोग जिंदा जल गए। आग बस के इंजन में लगी। फिर धुआं बस के अंदर भर गया। धुएं से यात्रियों का दम घुटने लगा, वह खिड़की और दरवाजे से जान बचाने के लिए कूद गए। बस के आगे का हिस्सा और दरवाजा आग की चपेट में आ गया। इस कारण से लोग अंदर फंस गए। उनका दम घुट गया और वह जहां थे, वहीं गिर पड़े। फिर आग में उनका पूरा शरीर जल गया। करीब 2 घंटे तक डेडबॉडी जलती रहीं। आग बुझने के बाद रेस्क्यू कर रही टीम ने बस का पिछला हिस्सा कटर से काटा। पुलिसकर्मी और एफएसएल टीम जब अंदर गए तो देखा कि लाशें कंकाल बन चुकी थीं। तीन यात्रियों की चमड़ी सीटों से चिपकी हुई थी। कुछ लाशें बस की गैलरी में बिखरीं पड़ी थीं। उनके बॉडी चिपकी हुई थी। मांस लोथड़े में बदल गए थे। मोबाइल फोन आग में जलकर किसी के पैर तो किसी के सीने में चिपक गए थे। सीटों पर खाने के खुले हुए टिफिन मिले। टीम को बस के अंदर से डेडबॉडी कलेक्ट करने में करीब 45 मिनट लगे। इसके बाद डेडबॉडी को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। पुलिस को घटना की जानकारी कब और कैसे हुई? कितने बजे पुलिस पहुंची। कितने शवों की शिनाख्त हुई? जिन लोगों की शिनाख्त नहीं हुई, उसके लिए क्या प्रकिया अपनाई जाएगी? पढ़िए ये रिपोर्ट... 2 घंटे तक बस जलती रही, 25 मिनट में पुलिस और दमकल पहुंची यमुना एक्सप्रेस वे पर दयानतपुर गांव के पास में रात करीब 11.30 बजे आग लग गई। जहां बस में आग लगी वहां से करीब 300 मीटर पहले पुलिस पेट्रोलिंग की गाड़ी खड़ी थी। वह करीब 10 मिनट में बस के पास पहुंच गई। आग को बढ़ते देख सिपाहियों ने जेवर थाने में फोन किया। थाना प्रभारी अजय कुमार ने दमकल विभाग को फोन किया और मौके के लिए निकल गए। करीब 25 मिनट में थाना पुलिस और दमकल मौके पर पहुंच गई। टीम ने रेस्क्यू कर कुछ लोगों को बाहर निकाल लिया। करीब 30 मिनट में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। बस आग की लपटें उठती देख गांव के लोग भी पहुंच गए। इसके बाद करीब 30 मिनट में मौके पर ग्रेनो ओर यमुना एक्सप्रेस वे में लगीं करीब 20 एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेज दिया। रात करीब 1.30 बजे दमकल की चार गाड़ियों ने आग को बुझा दिया। आग बुझने के बाद बस का अगला हिस्सा धधक रहा था। उसकी बॉडी गर्म थी। इसलिए पुलिस ने कटर से बस का पिछला हिस्सा काटा। तब तक एफएसएल टीम पहुंच गई। पुलिस टीम को बस के अंदर से डेडबॉडी को बाहर निकालने में करीब 45 मिनट का समय लगा। धुआं भरने से दम घुटने की आशंका, भाग नहीं सके लोग सूत्र बताते हैं कि बस में कुल 35 लोग सवार थे। बस से कुल 9 लोगों के शव निकाले गए। शवों को पहचानना बेहद मुश्किल है। आग से बस पूरी तरह जल गई थी। बताया प्रथम दृश्टया यह लग रहा है कि शॉर्ट सर्किट से बस की AC में आग लगी। इसके बाद आग बस की केबिन से होती हुई अंदर तक पहुंच गई। आग से बस की सीटें, उसमें लगी प्लास्टिक, सीट कवर पर्दे, फाइबर ने आग पकड़ ली। इससे आग और भड़क गई। फिर लोगों का सामान जल गया। आग से बस की सीटें जलकर राख हो चुकी थीं। सिर्फ लोहे का ढांचा बचा हुआ था। बताया कि बस में जब आग लगी तो अधिकतर लोग अपने स्लीपर केबिन में थे। अधिकतर लोग सो रहे थे। इसलिए वह समय से बस से बाहर नहीं आ सके। कुछ गैलरी में फंस गए तो कुछ सीटों पर ही बैठे रह गए। तब तक बस के अंदर धुआं भर गया। इससे कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें बनीं। जिससे लोगों का दम घुट गया। जो लोग बाहर आ गए, वह बच गए। बाकी लोगों का अंदर ही दम घुट गया। बस में सवार जो लोग मिसिंग हैं, उनके घरवाले पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए हैं। जेवर एसडीएम दुर्गेश सिंह और जेवर थाना प्रभारी अजय कुमार भी वहां पहुंचे हैं। दोनों अफसरों की मौजूदगी में सभी 9 शवों को खोला जाएगा। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे लोगों से शिनाख्त कराई जाएगी। जितने शवों की शिनाख्त हो जाएगी। उन शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। जिन लोगों की शिनाख्त नहीं हो पाती है। उनका DNA टेस्ट होगा। घटनास्थल से 2 KM दूर बस खड़ी की, चालक-हेल्पर जेल गए हादसे के बाद पुलिस ने बस को मौके से हटा दिया है। बस को घटनास्थल से 2 किमी दूर जेवर टोल प्लाजा के पास एक्सप्रेस वे के नीचे खड़ा किया गया है। पुलिस ने बताया कि बस राज कल्पना ट्रैवल्स की है। दस्तावेजों के मुताबिक बस मध्य प्रदेश से संचालित है। लेकिन नई दिल्ली के कश्मीरी गेट बस डिपो से चलती है। बस का पंजीकरण बिहार के मधुबनी जिले में किया गया है। बस का फिटनेस प्रमाण पत्र राजस्थान और प्रदूषण प्रमाण पत्र हरियाणा से जारी हुआ है। उधर पुलिस ने बस के दो ड्राइवर पवन और विनोद को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही हेल्पर योगेश को भी पकड़ लिया है। पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया है। ………………..ये खबर भी पढ़िए- नोएडा में AC बस में आग लगी, 9 जिंदा जले:यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसा, 35 यात्रियों को लेकर महोबा जा रही थी यूपी के नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर AC बस में आग लग गई। हादसे में 9 यात्री जिंदा जल गए। इनमें 8 पुरुष और एक महिला है। बस में 35 यात्री सवार थे। कई यात्रियों ने खिड़की तोड़कर कूदकर जान बचाई, जबकि 20 यात्रियों को रेस्क्यू किया। पढ़ें पूरी खबर
ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात बस में आग लगने की घटना हुई। जैसे ही यह खबर कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र के कनपटियापुर गांव में पहुंची, वहां चिंता फैल गई। इस हादसे में स्लीपर बस के 9 यात्रियों की जान चली गई, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। बस दिल्ली से महोबा जा रही थी और रात करीब 11:30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर इसमें आग लग गई। इस हादसे का कनेक्शन कानपुर देहात के रसूलाबाद से भी है। बस का ड्राइवर पवन कुमार पांडेय रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र के कनपटियापुर गांव का रहने वाला है। पवन पिछले करीब 15 साल से ड्राइविंग कर रहा है और लगभग पांच साल से बस चला रहा है। नोएडा में किराए के मकान में रहता हादसे के बाद परिवार के लोग उससे बात नहीं कर पा रहे हैं। पवन अपने परिवार के साथ नोएडा में किराए के मकान में रहता है। उसके परिवार में पत्नी और 13 साल का बेटा शुभम हैं। पवन के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह अपने पांच भाइयों में से एक है। उसके भाई राजनिश, संजीव, प्रवीण, पवन और किशन हैं। परिवार के मुताबिक, चार भाई नोएडा में रहते हैं, जबकि एक भाई गांव में है। प्रवीण गांव में पंडिताई का काम करते हैं और बाकी भाई नोएडा में नौकरी करते हैं। पवन के चाचा माधव पांडेय ने बताया कि मोबाइल पर हादसे का वीडियो देखने के बाद परिवार को घटना की जानकारी मिली। पुलिस की तरफ से जानकारी इसके बाद पवन को फोन किया गया, लेकिन उससे बात नहीं हो पाई और उसका नंबर बंद मिला। हालांकि, हादसे से जुड़ी ताजा पुलिस रिपोर्टों में ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में लिया गया है। इसलिए पवन की स्थिति को लेकर पुलिस की तरफ से जानकारी का इंतजार है। माधव पांडेय ने यह भी बताया कि गांव में रहने वाले पवन के भाई की बेटी को एक दिन पहले सांप ने काट लिया था। परिवार के लोग उसे इलाज के लिए ले गए हैं। ऐसे में एक तरफ परिवार पहले से ही चिंता में था और दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा बस हादसे की खबर ने उनकी चिंता और बढ़ा दी। पुलिस के मुताबिक बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। आग लगने के बाद कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ यात्री बस के अंदर फंस गए। हादसे की वजह की जांच पुलिस के अनुसार नौ लोगों की मौत आग और दम घुटने से हुई। हादसे की वजह की जांच जारी है। कनपटियापुर गांव में अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि पवन की स्थिति क्या है और हादसे की जांच में आखिर क्या सामने आता है।
मनरेगा योजना में कार्यरत महिला मेटों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी को 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। मेटों ने सम्मानजनक मासिक मानदेय निर्धारित करने की प्रमुख मांग रखी है। उन्होंने मांग की कि मेटों के लिए 20 श्रमिकों की बाध्यता खत्म कर, 7 से 10 श्रमिक होने पर भी उनकी हाजिरी लगाई जाए। इसके अलावा, श्रमिक डिमांड पत्र पर महिला मेट के हस्ताक्षर अनिवार्य करने, एनएमएमएस कार्य के लिए मोबाइल व रिचार्ज उपलब्ध कराने और नए श्रम कानूनों के आधार पर नियुक्ति पत्र देने की मांग भी मजबूती से उठाई गई। सेवरही ब्लॉक अध्यक्ष ममता देवी के नेतृत्व में प्रतिला, मुन्नी, सुनीता, रिंकू और राजमती देवी सहित कई मेटों ने डीएम से जल्द मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।
भिवानी जिले में सूखे को लेकर यहां के किसानों में भारी रोष है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। इसे लेकर वीरवार को अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों ने डीसी ऑफिस के बार धरना दिया और सरकार को चेतावनी दी कि अगर दो-तीन दिन में उनकी मांगें नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अपनी मांगों को लेकर किसानों ने डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा है। धरने पर किसान नेता दयानंद ने बताया कि पूरा भिवानी जिला सूखे की चपेट में है। सिवानी और तोशाम क्षेत्र की हालत सबसे ज्यादा भयंकर है। नहरों में पानी नहीं है, जिससे पकने वाली फसल 2-3 दिन में सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है। पशुओं के चारे के दाम 1000 रुपये से ऊपर पहुंच गए हैं। ये रखी चार मांगेवहीं किसान सभा ने सरकार से चार मांगें रखी हैं। भिवानी जिले को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। नहरों में पानी और खाद की व्यवस्था की जाए और टावर लाइन के नाम पर किसानों के साथ हो रही धक्काशाही पर रोक लगाई जाए। पिछली बार बाढ़ तो इस बार सूखे की मार किसान नेता मास्टर जगरोशन, कामरेड ओमप्रकाश ने बताया कि जिले में बहुत भयंकर सूखा पड़ा हुआ है। इसलिए सरकार तुंरत क्षतिपूर्ति पोर्टल खोले। इससे पहले मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल को भी खोला जाए। विशेष गिरदावरी करवाई जाए और 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि पिछली बार बाढ़ की मार थी, इस बार सूखे की मार है। कम रेट में बिक रहा बाजारा, किसानों को नुकसान किसान नेता ने कहा कि खड़े किए जा रहे टॉवरों का किसानों को न्यायोचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि मंडी में बाजरा 2250 से 2300 बिक रहा है, जबकि इसका भाव 2929 है और इससे किसानों को 600-650 का नुकसान हो रहा है। किसान सभा ने चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
वाराणसी के कालीमहाल स्थित शिया मस्जिद से अलम का 114 साल पुराना एहतेजाजी जुलूस उठाया गया। यह जुलूस दालमंडी, चौक, मैदागिन, विशेश्वरगंज, मछोदरी होते हुए मुकीमगंज स्थित मदरसा इमानिया में समाप्त हुआ। ईरान के मशहद शहर में स्थित शिया मुसलामानों के 8वें इमाम, इमाम रजा के रौजे (कब्रगाह) पर सन 1912 में पहले इस्लामिक कैलेंडर के रबीउससानी महीने की 11 तारीख को रशिया के ततकालीन बादशाह जार ने बमबारी कराई थी। रिकार्ड के अनुसार 29 मार्च 1912 (11 रबी-उल-सानी 1330 हिजरी) को रशिया (रूसी साम्राज्य) के तत्कालीन जार निकोलस द्वितीय के शासनकाल के दौरान रूसी सेना ने ईरान के पवित्र शहर मशहद में स्थित शिया मुसलमानों के आठवें इमाम के पवित्र रौजे पर बमबारी कराई थी। जिसके विरोध में हर साल वाराणसी के शिया समुदाय के लोग यह एहतेजाजी जुलूस निकालते हैं। जुलूस काली महल शिया मस्जिद से अंजुमन हैदरी के जेरे इंतजाम उठाया गया। जुलूस उठने के पहले मौलाना ने की तकरीर जुलूस निकालने के पहले तकरीर करते हुए मौलाना ने पढ़ा कि जुल्म - कही भी हो रहा हो मजलूम की हिमायत में आवाज उठनी चाहिए और जालिम के खिलाफ बगावत का बिगुल भी बजाना चाहिए। हमारे नबी ने हमारे इमाम ने यही बताया है कि कही भी रहो जुल्म की हिमायत न करो। जुलूस अंजुमन हैदरी के सेक्रेटरी नायब रजा के संयोजन में कालीमहल से उठा और इमामिया अरबी कॉलेज पहुंचा जहां पर नमाज अदा की गई और मजलिस का आयोजन हुआ। 113 साल से उठा रहा जुलूस नायब रजा ने बताया - जुलूस पिछले 113 सालों से लगातार उठाया जा रहा है। इस वर्ष भी जुलूस में अलम के साथ अंजुमन हैदरी ने नौहाख्वानी व मातम किया और पूरे रास्ते रशिया की इस नापाक हरकत का एहतेजाज किया। उन्होंने कहा हमारा विरोध शांतिपूर्वक तरीके से होता है। हम पिछले 113 सालों से शांतिपूर्व तरीके से हर साल हम विरोध करते हैं। कई घरों से उठा अलम इस जुलूस में कच्ची सराय से जैनुल हसन के निवास से हाड़ासराय के खुर्शीद खान के निवास से और चौक से डॉ कब्बन के निवास से अलम शामिल किया गया। अलम के साथ साथ लोग नौहा मातम करते चल रहे थे। जिन लोगों ने इसमें कलाम पेश किया उसमें मुख्य रूप से जुल्फिकार जैदी, जैन बनारसी आदि लोग शामिल रहे।
मारुति सुजुकी का बड़ा कदम: मानेसर संयंत्र में लगाया 300 किलोवाट का हरित हाइड्रोजन प्लांट
मारुति सुजुकी ने मानेसर संयंत्र में 300 किलोवाट का हरित हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित किया है। इसका उपयोग प्राकृतिक गैस के साथ विनिर्माण प्रक्रियाओं में ईंधन के रूप में होगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
कैथल के गांव सेरधा में अज्ञात आरोपी ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से 2 लाख 30 हजार रुपए निकाल लिए। आरोपी ने उसका मोबाइल हैक कर लिया। जब मोबाइल अपडेट हुआ तो उसके पास रुपए कटने के मैसेज आए। इस संबंध में व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मोबाइल पर मैसेज आए तो पता लगा गांव सेरधा निवासी महेश कुमार ने साइबर थाना में दी शिकायत में बताया कि उसका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बैंक खाता है और उसके साथ उसका मोबाइल नंबर जुड़ा हुआ है। 21 सितंबर को उसका मोबाइल अपने आप अपडेट होने लगा। कुछ देर बाद जब फोन ठीक हुआ तो मोबाइल पर रुपए कटने के मैसेज आए हुए थे। अलग-अलग समय में रुपए कटे जब उसने अपना बैलेंस चेक किया तो पाया कि एसबीआई बैंक खाते से अलग अलग समय में दो लाख 30 हजार रुपए कट गए। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसका मोबाइल हैक करके 2 लाख 30 हजार रुपए की ठगी की है। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उसके रुपए वापस दिलाने की मांग की है। साइबर थाना के जांच अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
घर से निकला किसान वापस नहीं लौटा:बदायूं में फंदे से लटका मिला शव, पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा
बदायूं में बुधवार सुबह से लापता एक किसान का शव बाग में फंदे से लटका मिला है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह मामला अलापुर थाना क्षेत्र के नवादा गांव का है। गांव के रहने वाले होराम सिंह (35) पुत्र नरेश पाल किसान थे। परिजनों ने बताया कि वह बुधवार सुबह घर से निकले थे, लेकिन फिर वापस नहीं आए। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और गांव के आसपास भी उन्हें ढूंढा गया, पर कोई खबर नहीं मिली। जब देर तक उनका पता नहीं चला तो परिवार के लोग परेशान हो गए। इसी बीच, गांव के पास आम के बाग की तरफ गए कुछ लोगों ने एक शव देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि शव फंदे से लटका हुआ था। यह खबर गांव में फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिवार में मातम छा गया शव की पहचान लापता होराम सिंह के तौर पर हुई। सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव देखते ही परिवार में मातम छा गया। पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल होराम सिंह के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां हैं। उनकी मौत की खबर के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों ने बताया कि होराम सिंह खेती का काम करते थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया है। सभी पहलुओं की जानकारी फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पता चल पाएगी। परिजनों और गांव वालों से भी घटना के बारे में जानकारी ली जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सूरजपुर जिले के उमापुर में लिव इन रिलेशन में रह रही नाबालिग ने फांसी लगा ली। मामले में परिजनों ने ब्वॉयफ्रेंड एवं परिवार पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मामले की जांच के बाद नाबालिग के ब्वॉयफ्रेंड के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का अपराध दर्ज किया है। मामला रामानुजनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम मांजा निवासी दीपिका (बदला हुआ नाम) 17 वर्ष निवासी का अफेयर उमापुर निवासी युवक ललित साहू के साथ था। करीब 8 माह पूर्व दीपिका अपने ब्वॉयफ्रेंड ललित के घर आ गई थी और दोनों लिव इन रिलेशन में रह रहे थे। दीपिका के परिजनों ने उसे वापस बुलाने की कोशिश की, लेकिन वह तैयार नहीं हुई। परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप,FIR दर्ज 17 सितंबर को दीपिका ने अपने ब्वॉयफ्रेंड के घर फांसी लगा ली। परिजनों के अनुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे दीपिका ने घर के किचन में फांसी लगा ली। परिजनों ने उसे शव को उतार लिया और यह स्पष्ट हो गया कि उसकी मौत हो गई है तो ललित साहू ने इसकी सूचना दीपिका की बड़ी बहन को फोन कर दी। सूचना पर परिजन उमापुर पहुंचे तो दीपिका का शव बेडरूम में पड़ा था। पुलिस ने कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में शव का पंचनामा एवं पोस्टमॉर्टम कराया। पुलिस ने मृतका के परिजनों का बयान दर्ज किया। मामले में परिजनों ने दीपिका की हत्या का आरोप लगा एसपी सूरजपुर से शिकायत की है। परिजनों ने शिकायत में बताया है कि उन्हें अंतिम संस्कार के किसी कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई। दीपिका के साथ मारपीट की गई, जिससे उसके शरीर पर चोट के निशान थे। जांच के बाद पुलिस ने दीपिका के ब्वॉयफ्रेंड ललित साहू के खिलाफ धारा 108 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।
ग्वालियर अंचल में बदलते मौसम और बारिश के बीच संक्रामक व मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। अस्पतालों की OPD में स्वाइन फ्लू, डेंगू और मौसमी बुखार के मरीजों की संख्या में 25 से 30% तक इजाफा हुआ है। बीते 24 घंटे में आई जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू (H1N1) के 2 और डेंगू के 2 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन अलर्ट हो गया है। स्वाइन फ्लू के नए मरीजों में एक ग्वालियर केंद्रीय जेल में बंद कैदी है, जबकि दूसरी मरीज बुजुर्ग महिला है, जो हाल ही में दिल्ली से ग्वालियर लौटी थी। दोनों को अस्पताल के विशेष आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। डेंगू के मरीज बढ़कर 98 हुए स्वास्थ्य विभाग और जीआरएमसी (गजराराजा मेडिकल कॉलेज) की वायरोलॉजी लैब के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से सितंबर तक मौसमी बीमारियों के मामले सामने आते रहे हैं। डेंगू के 2 नए मरीज मिलने के बाद जिले में इस साल अब तक पुष्ट मामलों की संख्या 96 से बढ़कर 98 हो गई है। नए मरीजों में 5 साल का बच्चा भी शामिल है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। H1N1 के 10 केस, 2 मरीज ठीक होकर घर लौटे स्वाइन फ्लू के 2 नए केस मिलने के बाद इस साल अब तक 10 मरीजों में H1N1 वायरस की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से पहले भर्ती किए गए 2 मरीज उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। वहीं, इस सीजन में चिकनगुनिया के भी 6 पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। निजी लैब की रिपोर्ट भी जुटा रहा स्वास्थ्य विभाग मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जीआरएमसी वायरोलॉजी लैब के साथ निजी पैथोलॉजी सेंटरों से भी रोजाना जांच रिपोर्ट का डेटा लिया जा रहा है। इससे क्षेत्र में संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों की निगरानी के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात की गई है। टीम 24 घंटे मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी पैरामीटर पर नजर रख रही है।
बलरामपुर के गौरा चौराहा इलाके में बुधवार रात करीब 8 बजे तेंदुआ दिखाई देने से राहगीरों में हड़कंप मच गया। जमुवरिया से बेनीनगर जाने वाले रास्ते पर एक पुलिया की दीवार पर तेंदुआ बैठा नजर आया। अचानक जंगली जानवर को सामने देखकर लोग डर गए और कुछ दूरी बनाकर उसकी हरकतों को मोबाइल में रिकॉर्ड किया। जमुवरिया निवासी अरशद ने भी तेंदुए का वीडियो बनाया। वीडियो में तेंदुआ पुलिया की दीवार पर साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। तेंदुआ दिखने की जानकारी मिलने के बाद आसपास के गांवों के लोग भी सतर्क हो गए हैं। रात में राहगीरों को सतर्क रहने की सलाह स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात में इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चिंता है। ग्रामीणों ने लोगों से रात के समय सावधानी बरतने और तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास नहीं जाने की अपील की है। तेंदुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आसपास के इलाकों में भी लोग सावधानी बरत रहे हैं। राहगीरों को अकेले सुनसान रास्ते से गुजरने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। आबादी के पास तेंदुआ दिखने से चिंता आबादी वाले और भीड़भाड़ वाले रास्ते के पास तेंदुआ दिखाई देने से वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, अभी तक इस इलाके में तेंदुए के दोबारा दिखाई देने की कोई सूचना नहीं है।
बदायूं: किसान समेत तीन लोगों ने दी जान, अलग-अलग इलाकों में हुई घटनाएं
किसान ने अवसाद तो युवक ने पत्नी से विवाद, महिला ने पति के दूर रहने की वजह से दी जान
यमुनानगर के चूहड़पुर में कमरे में सो रहे 26 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह काम पर जाने के लिए साथियों ने उसे उठाने का प्रयास किया, तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कमरे में जाकर देखा तो उसका शरीर नीला पड़ा था। साथी उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक के साथियों ने कमरे के आसपास झाड़ियों को देखते हुए सर्पदंश की आशंका जताई है, हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मृतक की पहचान अनूप निवासी इटाला, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। अनूप यमुनानगर में हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य में हाइड्रा मशीन चलाता था। रात को खाना खाकर सोया, सुबह नहीं उठा काम के सिलसिले में अनूप अन्य मजदूरों के साथ चूहड़पुर में ठेकेदार की ओर से उपलब्ध कराए गए कमरों में रहता था। मृतक के साथी संतोष ने बताया कि रात को सभी ने खाना खाया और इसके बाद अपने-अपने कमरों में सो गए। सुबह सभी को काम पर जाना था। जब अनूप को उठाने के लिए उसके कमरे में पहुंचे, तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पास जाकर देखा तो उसके शरीर का रंग नीला पड़ा हुआ था। इसके बाद साथी उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। कमरे के आसपास झाड़ियां, सांप के काटने का शक संतोष के अनुसार, जिस स्थान पर मजदूरों के कमरे बने हुए हैं, उसके आसपास काफी झाड़ियां हैं। इसी वजह से उन्हें आशंका है कि रात के समय किसी जहरीले सांप ने अनूप को डस लिया होगा। हालांकि, अभी तक सर्पदंश की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की सही वजह सामने आएगी। अनूप की मौत की सूचना उत्तर प्रदेश में रह रहे उसके परिजनों को दे दी गई है। फिलहाल शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जोधपुर जिले में पंचायत चुनाव को लेकर 649 ग्राम पंचायतों और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी आज सुबह 11 बजे से निकलना शुरू हो गई। जिले की 23 पंचायत समितियों में लॉटरी निकालने का समय अलग-अलग तय किया गया है। 649 ग्राम पंचायतों की लॉटरी निकलने के साथ ही गांवों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो जाएंगी। जिले के सभी उपखंड अधिकारियों की ओर से अपने-अपने क्षेत्र की पंचायत समितियों में ग्राम पंचायतों और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जा रही है। 649 ग्राम पंचायतों के सरपंच पद अहम बता दें कि पिछले कई महीनों से सरपंच व पंच के पदों के दावेदारों को लॉटरी का इंतजार था। गांव की स्थानीय राजनीति में सरपंच का पद सबसे अहम है। लॉटरी निकलने के बाद साफ होगा कि किस ग्राम पंचायत में सरपंच का पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा। बुधवार को निकल चुकी प्रधान पदों की लॉटरी गौरतलब है कि जोधपुर जिले की 23 पंचायत समितियों के प्रधान पद, सदस्यों और 43 जिला परिषद वार्डों की लॉटरी कल निकाली जा चुकी है। इससे पहले 13 अगस्त को जिला प्रमुख पद के लिए जयपुर में लॉटरी निकाली जा चुकी है। ये पद अनारक्षित ओपन के लिए रिजर्व हुआ है। जिले की 23 पंचायत समितियों के प्रधान पदों का रिजर्वेशन भी तय हो गया है। जिले में पंचायत समिति प्रधान के लिए एससी ओपन की 2, एससी महिला की 2, एसटी ओपन की 1 सीट निर्धारित की गई है। वहीं ओबीसी ओपन की 2, ओबीसी महिला की 2 सीटें तय की गई हैं, जबकि 7 सीटें अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व की गई हैं। 7 सीट ही अनारक्षित ओपन रहेंगी। अब ग्राम पंचायत और वार्ड पंचों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ पंचायत चुनाव की तस्वीर और साफ हो जाएगी। देखिए जोधपुर जिले के 23 प्रधान पदों की आरक्षण लिस्ट --------------------- ये खबर भी पढ़िए… जोधपुर जिले के 23 प्रधान पदों की निकली लॉटरी:43 जिला परिषद सदस्यों की सीटें रिजर्व; जानिए कौनसा वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित
सतना के ककलपुर गांव में प्रभात स्टोन क्रेशर की खुली खदान में डूबे 13 साल के किशोर का शव करीब 34 घंटे बाद गुरुवार तड़के मिला। मृतक की पहचान ककलपुर निवासी लल्लू उर्फ अखिलेश साहू, पिता चंद्रभान साहू के रूप में हुई है। शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने खदान के पास प्रदर्शन किया और सुरक्षा इंतजामों पर नाराजगी जताई। सामान लेने निकला था, फिर नहीं लौटा परिजनों के मुताबिक, अखिलेश मंगलवार शाम करीब 6 बजे साइकिल से सामान लेने घर से निकला था। देर तक वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। खदान के पास उसकी साइकिल और कुछ सामान मिला। साइकिल खदान की बाउंड्री से लगी थी, जबकि उसकी चप्पल पानी में तैरती मिली। इसके बाद परिजनों ने उसके खदान में डूबने की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। अंधेरा होने के कारण मंगलवार रात बचाव अभियान शुरू नहीं हो सका। बुधवार सुबह SDRF की टीम मौके पर पहुंची और खदान के पानी में किशोर की तलाश शुरू की, लेकिन देर शाम तक उसका पता नहीं चल सका। तड़के पानी में तैरता दिखा शव गुरुवार सुबह करीब 4 बजे परिजनों और ग्रामीणों ने खदान के पानी में शव तैरता देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। शव मिलने के बाद नाराज ग्रामीणों ने उसे मौके पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि खुली खदान के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और लोगों को खतरे की जानकारी देने के लिए चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। 10 लाख रुपए मुआवजे के आश्वासन पर शांत हुए ग्रामीण प्रदर्शन की सूचना मिलने पर टीआई संदीप चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की। करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद खदान मालिक की ओर से 10 लाख रुपए मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
दौसा पंचायत समिति क्षेत्र की गुरुवार को 37 ग्राम पंचायतों की लॉटरी कलेक्ट्रेट सभागार में निकाली गई। एसडीएम संजू मीणा व तहसीलदार गजानंद मीणा के निर्देशन में लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई। जहां राज्य सरकार के निर्देश अनुसार आरक्षण रोस्टर के तहत स्कूली बच्चे से लॉटरी पर्चियां निकलवाई गई। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में लोगों की भीड़़ देखी गई, जो कि लॉटरी पूरी होने तक डटी रही। दौसा पंचायत समिति क्षेत्र ग्राम पंचायतों की लॉटरी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले 'संपूर्ण भागीदारी महाआंदोलन' को प्रशासनिक अनुमति न दिए जाने के विरोध में गुरुवार को गोरखपुर की सड़कों पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी का भारी आक्रोश देखने को मिला। दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शहर के अंबेडकर चौराहे पर इकट्ठा हो गए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री अवनीश निगम के साथ अन्य कार्यकर्ताओं ने सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का सीधा आरोप लगाया। लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही सरकार- कार्यकर्ता उनका कहना है कि दिल्ली में होने वाला यह महाआंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और संवैधानिक था, जिसमें देशभर से दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज के लोग अपने बुनियादी हक मांगने आ रहे थे। लेकिन प्रशासन को ढाल बनाकर आंदोलन की अनुमति रद्द कर दी गई, जो सीधे तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। कार्यकर्ताओं का साफ आरोप है कि सरकार जनहित और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने का हर संभव प्रयास कर रही है। पार्टी की प्रमुख मांगें प्रदेश संगठन मंत्री अवनीश निगम ने कहा कि पार्टी की मांग है कि देश के चार प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में SC और ST वर्ग के लिए लागू 70 प्रतिशत आरक्षण को खत्म करने का जो प्रयास किया जा रहा है, उसे तुरंत रोका जाए और पुराना कोटा बहाल रखा जाए। इसके अलावा, देश की अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की विशाल आबादी को उनकी संख्या के अनुपात में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिया जाए ताकि राजनीतिक फैसलों में उनकी बराबरी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही, राजनीति में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने के सरकारी दावों पर भी स्थिति साफ की जाए कि इसमें SC, ST और OBC वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कितना कोटा आरक्षित रखा जाएगा। राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी करीब दो घंटे तक चले इस जोरदार विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचें। DM को राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह प्रदर्शन तो महज एक शुरुआत है। अगर सरकार ने उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया और दमनकारी नीतियां बंद नहीं कीं, तो आने वाले दिनों में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी मिलकर विधानसभा का घेराव करेगी और इसके बाद दिल्ली कूच कर बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ेगी, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन और स्थानीय प्रशासन की होगी।
शिमला के कुमारसैन से 12 सितंबर से लापता 18 वर्षीय स्नेहा सतलुज नदी में मृत मिली है, जिसके पिता कुलदीप राणा का शव भी पहले नदी से बरामद हुआ था। पुलिस इस दुखद घटना की जांच कर रही है।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज की ओर से गुरुवार को अंबाला कैंट के PWD रेस्ट हाउस में जनसुनवाई का कार्यक्रम रखा गया है। जनसुनवाई का समय दोपहर 12 बजे निर्धारित था, लेकिन 12 बजे के बाद भी विज मौके पर नहीं पहुंचे हैं। वहीं अपनी समस्याएं लेकर सैकड़ों की संख्या में लोग PWD रेस्ट हाउस पहुंच चुके हैं और मंत्री के आने का इंतजार कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि विज उनकी समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश देंगे। 18 सितंबर को 2 पुलिसकर्मी किए थे सस्पेंड पिछली जनसुनवाई के दौरान शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं करने के मामले में अंबाला पुलिस के दो ASI को निलंबित किया गया था। 18 सितंबर को मंत्री अनिल विज के जनता दरबार में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर दो शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें चोरी जैसे मामलों में FIR दर्ज नहीं करने और समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे थे। इसके बाद SP अजीत सिंह शेखावत ने 21 सितंबर को ASI गुरदेव सिंह और ASI सुखविंद्र सिंह को निलंबित कर पुलिस लाइंस भेजने के आदेश जारी किए थे। हम खबर लगातार अपडेट कर रहें हैं…
जींद जिले के जुलाना कस्बे के महाराणा प्रताप भामाशाह पार्क में रिटायर्ड कर्मचारी संघ की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता संघ के प्रधान ईश्वर ठाकुर ने की। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें जल्द पूरा करने की मांग की। संघ के अध्यक्ष ईश्वर ठाकुर ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर 29 और 30 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर रिटायर्ड कर्मचारी धरना देंगे। ईश्वर ठाकुर ने कहा कि रिटायर्ड कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि पेंशन से जुड़े नियम और अधिनियम वापस लिए जाएं। साथ ही, आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल किया जाए, ताकि पेंशनभोगियों को फायदा मिल सके। लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग कर्मचारियों ने अंतरिम राहत देने और 18 महीने के रुके हुए महंगाई भत्ते (डीए) का तुरंत भुगतान करने की भी मांग की। उनका कहना है कि उनकी मांगें काफी समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रिटायर्ड कर्मचारियों ने अपना पूरा जीवन सरकारी सेवाओं में लगाया है। इसलिए सरकार को उनकी समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार करके उनका समाधान करना चाहिए। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
भगवान श्री गणेश का यज्ञ अनुष्ठान:विधि-विधान से हुआ गणेश पूजन और यज्ञ, कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
लखनऊ में गोमती नगर के विभूति खंड में एसीसी सीमेंट और अंबुजा सीमेंट की ओर से भगवान श्री गणेश का पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद विधि-विधान से यज्ञ अनुष्ठान संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में कंपनी से जुड़े कर्मचारियों ने श्रद्धा के साथ भाग लिया और भगवान गणेश की आराधना की। कार्यक्रम का संचालन पंडित कृष्ण देव पांडे के सानिध्य में किया गया। इस दौरान कुमार आकाश, महेंद्र मोहन श्रीवास्तव, धनंजय राय, आलोक कुमार, जितेंद्र शर्मा, अमित श्रीवास्तव, करुणेश वर्मा सहित एसीसी परिवार के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने भगवान गणेश से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। यज्ञ अनुष्ठान के बाद प्रसाद वितरण भी किया गया।
सीतापुर के कोतवाली देहात क्षेत्र के बेलही गांव में बुधवार देर रात 12:30 बजे माता-पिता के साथ बेड पर सो रही तीन वर्षीय मासूम बच्ची को सांप ने डस लिया। सांप के काटने के बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। परिजन पहले गांव में झाड़-फूंक कराते रहे। हालत गंभीर होने पर गुरुवार सुबह करीब 4:15 बजे बच्ची को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार बेलही गांव निवासी सतीश की तीन वर्षीय बेटी गायत्री बुधवार रात अपनी मां और पिता के साथ बेड पर सो रही थी। देर रात अचानक कहीं से सांप बेड पर चढ़ गया और बच्ची को डस लिया। बच्ची के पिता सतीश के मुताबिक, रात में जब उन्हें ठंड महसूस हुई तो उन्होंने सिर के पास रखा कंबल उठाने का प्रयास किया। इसी दौरान कंबल के पास सांप उनके हाथ में आ गया। सांप दिखाई देते ही उन्होंने उसे झटककर दूर फेंक दिया। इसके कुछ देर बाद बच्ची को उल्टियां होने लगीं। सांप के बेड पर आने और बच्ची की हालत बिगड़ने के बाद परिजनों को उसके सांप के डसने का शक हुआ। इसके बाद परिवार के लोग बच्ची को लेकर गांव में झाड़-फूंक कराने लगे। इस दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। परिजनों के अनुसार बच्ची की स्थिति गंभीर होने पर गुरुवार सुबह करीब 4:15 बजे उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। परिवार में कोहराम मच गया वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद गायत्री को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
वाराणसी में बिजली मीटर लगाने को लेकर मारपीट:युवती समेत 3 घायल, मोबाइल-चेन छीनने का आरोप; 7 पर FIR
वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव में बिजली का मीटर लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। आरोप है कि कहासुनी के बाद एक पक्ष के लोगों ने युवती समेत तीन लोगों को लात-घूंसों से पीटा। घटना में तीन लोग घायल हुए हैं। इरज अंसारी की तहरीर पर पुलिस ने नुरुद्दीन, रियाजुद्दीन, अजहरुद्दीन उर्फ बम्बम, मोहीद्दीन, असजद, रहमुद्दीन और जैनुद्दीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मारपीट के दौरान मोबाइल और सोने की चेन छीनने का आरोप भी लगाया गया है। मीटर लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद कुड़ी गांव निवासी इरज अंसारी के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 11 बजे बिजली का मीटर लगाने को लेकर गांव के कुछ लोगों से उनकी कहासुनी हुई। आरोप है कि इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग एकजुट होकर गाली-गलौज करने लगे। परिजनों ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान नुरुद्दीन समेत सात लोगों ने इरज अंसारी, उनके चाचा जमालुद्दीन और इरम के साथ मारपीट की। मोबाइल वापस किया, चेन गायब होने का आरोप इरज का आरोप है कि तीनों को लात-घूंसों से पीटा गया। इसी दौरान उनका मोबाइल भी छीन लिया गया, जिसे बाद में वापस कर दिया गया। वहीं झड़प के दौरान सोने की चेन गायब होने का आरोप लगाया गया है। मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक महिला और युवक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। सात नामजद आरोपियों पर केस इरज की तहरीर के आधार पर बड़ागांव पुलिस ने देर रात सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मारपीट और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पंचकूला के स्कूल को धमकी: बम से उड़ाने की आई मेल, मचा हड़कंप; स्कूल खाली करवाकर सर्च शुरू
पंचकूला सेक्टर-14 स्थित लिटिल फ्लावर स्कूल को वीरवार दोपहर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया।
भोपाल में वकील से मारपीट के मामले में FIR और निलंबन के बाद जहांगीराबाद के तत्कालीन TI राजन सिंह अहिरवार ने VIDEO जारी किया। उन्होंने कहा- वह बहुत कुछ कहना चाहते हैं, लेकिन अभी कह नहीं सकते। सत्य हमेशा सूर्य के समान होता है। बादल कितने भी घने हों, एक दिन छंटेंगे। वीडियो में राजन सिंह ने महिला पुलिस अधिकारी पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारी पुलिसकर्मियों को मानसिक तनाव देती हैं। उन्होंने अधिकारी को मामले से दूर रखने की मांग की। राजन ने कहा कि सही समय पर तथ्यों और सबूतों के आधार पर सच्चाई सामने आएगी। बोले- गलत काम के लिए निलंबित नहीं हुआ राजन सिंह ने कहा- उन्हें किसी गलत काम के लिए निलंबित नहीं किया गया है। उनके खिलाफ पहले भी किसी आपराधिक मामले में कार्रवाई नहीं हुई है। विभाग के अधिकारी उनके साथ हैं। पूरा मामला उनके सामने है। वे तथ्यों के आधार पर खुद फैसला करें। राजन ने जहांगीराबाद में अपने कार्यकाल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वहां की जनता ने उन्हें सहयोग और अपनापन दिया। उनके मुताबिक, उन्होंने क्षेत्र में गुंडागर्दी, जुआ और सट्टे पर रोक लगाने के लिए काम किया। FIR के बाद सामने आया VIDEO यह VIDEO अधिवक्ता राकेश रावल की शिकायत पर राजन सिंह समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद सामने आया। मंगलवार रात विवाद के बाद अधिवक्ता FIR की मांग को लेकर जहांगीराबाद थाने पहुंचे थे। बुधवार को बड़ी संख्या में वकीलों ने जिला अदालत के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद कोर्ट चौराहे पर चक्काजाम किया गया। देर रात FIR दर्ज होने के बाद वकीलों ने आंदोलन खत्म कर दिया। पुलिस ने TI राजन सिंह अहिरवार के अलावा आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को भी निलंबित किया है। वहीं, पुलिस की ओर से अधिवक्ता राकेश रावल के खिलाफ भी शासकीय काम में बाधा, अभद्रता और मारपीट के आरोप में केस दर्ज किया गया है। गणेश विसर्जन के दौरान रास्ते को लेकर विवाद मामला 22 सितंबर का है। अधिवक्ता राकेश रावल गणेश प्रतिमा विसर्जन के कारण बंद रास्ते को लेकर पुलिसकर्मियों से विवाद के बाद जहांगीराबाद थाने पहुंचे थे। राकेश का आरोप है कि थाने में उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि उन्हें कीचड़ में पटककर डंडों से पीटा गया। इसके बाद बड़ी संख्या में वकील देर रात थाने पहुंचे और करीब रात 3 बजे तक विरोध किया। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने TI राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को पुलिस लाइन भेज दिया था। आरक्षक की शिकायत में वकील पर ये आरोप आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत पर राकेश रावल के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। शिकायत के मुताबिक, 22 सितंबर को शाम करीब 8 बजे आरक्षक की ड्यूटी खटलापुरा विसर्जन घाट पर यातायात व्यवस्था के लिए पीएचक्यू गेट नंबर-1 के पास लगी थी। इसी दौरान एक व्यक्ति लाल रंग की कार (MP04ZL3133) से खटलापुरा रोड की ओर जाने लगा। आरक्षक ने उसे वहां से जाने से रोका तो उसने कार बीच सड़क पर खड़ी कर दी। इससे यातायात रुकने लगा। आरक्षक से झगड़ा और मारपीट करने का आरोप आरक्षक का आरोप है कि समझाने पर वह व्यक्ति नशे में लगा और पूरे पुलिस विभाग को गालियां देने लगा। उसने खुद को भोपाल कोर्ट का वकील बताते हुए अपना नाम राकेश रावल बताया। इसके बाद आरक्षक के साथ झगड़ा और मारपीट की। आरक्षक ने आरोप लगाया कि राकेश रावल ने उसे जान से मारने की धमकी दी। वकील ने कहा- 2 मिनट में तेरी वर्दी उतरवा दूंगा। उसने यह भी कहा- तू मुझे दूसरे रूट पर भेज रहा, क्या पेट्रोल का पैसा तेरा बाप देगा? आरक्षक ने घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। उनके कहने पर वह शासकीय काम में बाधा और अभद्रता की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचा। बुधवार शाम राकेश रावल की शिकायत पर भी BNS की धारा 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई। ट्रैफिक डायवर्ट होने के कारण जाम लगा FIR के मुताबिक, राकेश रावल भोपाल जिला न्यायालय में नियमित वकालत करते हैं। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर को सुबह करीब 8 बजे वे जहांगीराबाद से अपने घर जा रहे थे। ट्रैफिक डायवर्ट होने के कारण जाम लगा था। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से कहा कि वे जाम में फंस गए हैं और उनकी गाड़ी में पेट्रोल नहीं है। राकेश का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उनसे अभद्रता की। जब उन्होंने खुद को वकील बताया तो पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर कहा, ‘तुम्हारी वकालत निकालते हैं।’ अंधेरे में ले जाकर डंडों और लात-घूंसों से मारपीट शिकायत के मुताबिक, इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें जबरदस्ती पुलिस वाहन में बैठाकर जहांगीराबाद थाने ले गए। वहां सामने बने ग्राउंड में अंधेरे में ले जाकर डंडों और लात-घूंसों से मारपीट की गई। पीठ, दाएं पैर के घुटने और बाईं आंख में चोट आई। उन्होंने कहा कि मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों को सामने आने पर पहचान सकते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मामले में पुलिस और अधिवक्ता, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ होगी। ………………………………. यह खबर भी पढ़िए… 1. भोपाल में वकील-पुलिसकर्मी विवाद, दोनों तरफ से FIR भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में अधिवक्ता राकेश रावल और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद में दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। राकेश रावल की शिकायत पर थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज की गई है। जबकि आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत पर राकेश रावल के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, अभद्रता और मारपीट का मामला दर्ज किया गया। पढ़ें पूरी खबर… 2. MP पुलिसकर्मी वर्दी में रील-फोटो पोस्ट नहीं कर सकेंगे मध्य प्रदेश के DGP कैलाश मकवाना ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर 24 बिंदुओं वाली गाइडलाइन जारी की है। इसमें फेसबुक, WhatsApp, X, Instagram और YouTube समेत अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर पोस्ट, कमेंट, फोटो, वीडियो और दस्तावेज साझा करने के लिए नियम तय किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड में नया मोड़: बेटा सुब्रत गिरफ्तार, बहू शालू की जल्द होगी रिहाई
कानपुर के दवा कारोबारी हत्याकांड में नया मोड़ आया है, जहां बेटे सुब्रत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस बहू शालू को छोड़ने की तैयारी में है।
नागौर में नई परिषद के कामकाज की शुरुआत आज सभापति संतोष टाक और उपसभापति के कार्यभार ग्रहण करने के साथ हुई। नगर परिषद परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुभ मुहूर्त में दोनों ने पदभार संभाला। इस दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा समेत भाजपा के कई नेता, नवनिर्वाचित पार्षद और शहरवासी मौजूद रहे। कार्यभार संभालने के बाद सभापति संतोष टाक ने कहा कि शहर का विकास, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में सुधार उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने सभी पार्षदों और शहरवासियों को साथ लेकर काम करने की बात कही। साथ ही कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ विकास कार्यों को गति दी जाएगी। ज्योति मिर्धा बोलीं- टीम भावना से काम करें पार्षद समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा ने कहा कि नगर परिषद के सभी पार्षद टीम स्पिरिट के साथ काम करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में नागौर को भी विकास की इस यात्रा में आगे ले जाना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी टीम का योगदान जरूरी है। सभी पार्षद आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे तो शहर के विकास को गति मिलेगी और आमजन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में मदद मिलेगी। भाजपा नेताओं और पार्षदों की रही मौजूदगी समारोह में खींवसर विधायक रेवंत राम डांगा, पूर्व विधायक मोहनराम, भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया, हुकमीचंद टाक, कृपाराम देवड़ा, पूर्व सभापति मागीलाल भाटी, पूर्व चेयरमैन विक्की सदावत, श्रीकृष्ण उपाध्याय सहित भाजपा नेता मौजूद रहे। नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ बड़ी संख्या में शहरवासी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
महराजगंज के वार्ड 19 चिऊरहा निवासी चंद्रशेखर साहू ने जनहित से जुड़ी आठ मांगों को लेकर महराजगंज से नई दिल्ली तक पदयात्रा करने की जानकारी जिलाधिकारी को दी है। उन्होंने बताया कि यह पदयात्रा 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। वह रामलीला मैदान, नई दिल्ली तक पैदल जाएंगे और वहां पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठेंगे। चंद्रशेखर साहू ने साफ किया कि उनकी यह पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और अहिंसक होगी। इस दौरान कोई चक्का जाम, नारेबाजी या कानून-व्यवस्था पर असर डालने वाली गतिविधि नहीं की जाएगी। उनका मकसद जनहित की इन आठ मांगों को अधिकारियों और सरकार तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि उनकी पदयात्रा की जानकारी पर ध्यान दिया जाए। चंद्रशेखर साहू ने यह पत्र 24 सितंबर 2026 को जिलाधिकारी को सौंपा। पत्र में उन्होंने अपना पता वार्ड 19, चिऊरहा, नगर पालिका परिषद महराजगंज बताया है।
राजधानी में महिला सुरक्षा को लेकर गुरुवार को लखनऊ पुलिस एक्शन में नजर आई। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के निर्देश पर हजरतगंज क्षेत्र में नेशनल पीजी कॉलेज से लेकर प्रमुख सड़कों तक एंटी रोमियो अभियान के तहत सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान छात्राओं को जागरूक भी किया गया। इस अभियान का नेतृत्व संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार, हजरतगंज एसीपी रजनीश वर्मा और हजरतगंज कोतवाली प्रभारी विक्रम सिंह ने किया। पुलिस टीम ने नेशनल पीजी कॉलेज और हजरतगंज की मुख्य सड़कों पर गश्त करते हुए संदिग्ध रूप से घूम रहे युवकों से पूछताछ की और नियम उल्लंघन करने वालों को सख्त चेतावनी दी। पिंक स्कूटी टीम ने छात्राओं को किया जागरूक अभियान के दौरान एंटी रोमियो टीम के साथ पहुंची पिंक स्कूटी टीम ने नेशनल पीजी कॉलेज परिसर और आसपास मौजूद छात्राओं से संवाद किया। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल होने वाले हेल्पलाइन नंबरों—112 (आपातकालीन सेवा), 1090 (वुमन पावर लाइन), और 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने के लिए प्रेरित किया। महिला सुरक्षा पहली प्राथमिकता पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, कॉलेजों और बाजारों में महिलाओं तथा छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। संदिग्धों पर नजर रखने के लिए एंटी रोमियो और पिंक पैट्रोल टीमों का यह चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
पंचकूला जिले के पिंजौर में 22 साल की एक महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतका की पहचान कौशल्या डैम के पास रहने वाली लता के रूप में हुई है। पति विजय ने बताया कि ऑटो ठीक कराने के लिए पैसे मांगने पर उनकी पत्नी से झगड़ा हुआ था। महिला के पति विजय ने बताया कि झगड़े के बाद वह अपने दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ने चला गया। जब वह घर लौटा और दरवाजा खटखटाया तो लता ने कुंडी नहीं खोली। इसके बाद विजय सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़ा और लोहे का दरवाजा तोड़ा। अंदर उसकी पत्नी लता फांसी पर लटकी हुई थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित विजय ने तुरंत अपने परिवार वालों को घटना की जानकारी दी। लता को पिंजौर अर्बन पॉलीक्लिनिक सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विजय ने बताया कि उनकी शादी को 8 साल हो चुके थे। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें 7 साल की बेटी और 5 साल का बेटा शामिल है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लता के शव को कालका अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में विधायक ओमप्रकाश यादव ने आज विधानसभा क्षेत्र के चार गांवों में विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इसी क्रम में नांगल काठा गांव में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन कर उन्हें ग्रामीणों को समर्पित किया। गांव में कराए गए विकास कार्यों पर कुल 96.92 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। विधायक के पीआरओ राजेश यादव ने बताया कि इनमें श्मशान घाट में चारदीवारी एवं पानी की टंकी के निर्माण पर 10 लाख रुपए खर्च हुए हैं। एससी चौपाल की मरम्मत पर 4.16 लाख रुपए, हनुमान चौक से एससी चौपाल तक रास्ते के पुनर्निर्माण पर 16.30 लाख रुपए खर्च होंगे। रास्ते के निर्माण पर 2 लाख खर्च इनके अलावा बाबा मेघा से फूल सिंह के घर तक रास्ता निर्माण पर 2.46 लाख रुपए तथा कृष्ण मंदिर से रघुवीर के घर तक रास्ता निर्माण पर 2 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इन पांच कार्यों की कुल लागत 34.92 लाख रुपए है। इसके अलावा गांव से संबंधित करीब 62 लाख रुपए की लागत के अन्य विकास कार्य भी कराए गए हैं। इससे गांव में हुए विकास कार्यों पर कुल खर्च 96.92 लाख रुपए तक पहुंचता है। इन कार्यों के लिए HRDF, HGVY और DPLAN जैसी योजनाओं का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों को मिलेंगी सुविधाएं उद्घाटन कार्यक्रम में विधायक ओमप्रकाश यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना प्राथमिकता है। सड़क, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आवश्यकता के अनुसार विकास कार्य आगे भी जारी रहेंगे। ग्रामीणों ने आभार जताया इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी प्रदीप यादव, कनिष्ठ अभियंता हरीश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने विकास कार्यों के लिए विधायक का आभार जताया। साथ ही उन्होंने गांव की अन्य आवश्यक समस्याओं से भी विधायक को अवगत कराया और उनके समाधान की मांग रखी।
फतेहपुर के कबीरपुर गांव में बहू की विदाई को लेकर मायके और ससुराल पक्ष के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि मायके वालों ने दहेज का सामान वापस न करने पर ससुराल के लोगों को बंधक बना लिया। उनके साथ मारपीट भी की गई। पुलिस को सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाया। ससुराल पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने बुधवार रात मायके पक्ष के 10 लोगों पर केस दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, करीब सात साल पहले कबीरपुर के रामनरेश चौहान की बेटी पूनम की शादी हुई थी। पूनम का छह साल का बेटा लवकुश भी है। करीब तीन महीने पहले पूनम अपनी चचेरी बहन की शादी में मायके आई थी। मंगलवार को पूनम अपनी मां वेदवती, छोटे बेटे अनुज, भतीजे जितेंद्र सिंह और दामाद मुनपाल सिंह के साथ कबीरपुर पहुंची। आरोप है कि शाम करीब चार बजे रामनरेश ने अपने बेटों राजेंद्र, राजेश और बहुओं पिंटली व उमा देवी के साथ मिलकर पूनम को विदा करने से मना कर दिया। इस दौरान दहेज का सामान वापस करने की मांग की गई। सामान नहीं लौटाने पर विवाद बढ़ गया। गाली-गलौज के बाद दोनों पक्षों में हाथापाई भी हुई। आरोप है कि इसके बाद मायके वालों ने ससुराल के लोगों को बंधक बना लिया। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाया। ग्रामीणों के बीच काफी देर तक झड़प पुलिस के लौटने के बाद रात में गांव में फिर हंगामा होने की बात सामने आई। पुलिस और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक झड़प हुई। हंगामा शांत होने के बाद कई लोग गांव से भाग गए। बुधवार को एएसपी ज्ञान प्रकाश राय मामले की जांच करने गांव पहुंचे। उनके सामने दोनों पक्ष मौजूद थे। सीओ सिटी गौरव शर्मा ने गुरुवार को बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कोलकाता: 65 एकड़ जमीन पर बनेगा 2000 बेड वाला अस्पताल, CM शुभेंदु ने 'अदाणी आरोग्य मंदिर' की रखी नींव
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के न्यूटाउन में अदाणी समूह के 2,000 बेड वाले 'अदाणी आरोग्य मंदिर' अस्पताल का शिलान्यास किया।
प्रयागराज में क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय की ओर से 26 सितंबर को रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। मेला विवेकानंद निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, भावपुर, शिवगढ़, सोरांव में लगेगा। इसमें गंगापार क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को निजी कंपनियों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। रोजगार मेले में 23 निजी कंपनियां शामिल होंगी। इंटरव्यू के जरिए 3,300 से ज्यादा पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को पद के अनुसार 10 हजार से 30 हजार रुपए तक मासिक वेतन मिलेगा। इन शैक्षिक योग्यताओं वाले युवा ले सकेंगे हिस्सा सहायक निदेशक सेवायोजन राजीव कुमार यादव के मुताबिक हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा, पॉलिटेक्निक, बीई, बीबीए, बीटेक और एमबीए पास युवा मेले में शामिल हो सकते हैं। अभ्यर्थियों की उम्र 18 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। कंपनियों और उनके रिक्त पदों से जुड़ी विस्तृत जानकारी रोजगार संगम पोर्टल पर उपलब्ध है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी रोजगार मेले में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश सरकार के रोजगार संगम पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। बिना पंजीकरण के मेले में भाग लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। मूल दस्तावेज साथ लाने होंगे इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थियों को अपने सभी शैक्षिक प्रमाण पत्र, मार्कशीट और जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रतियों के साथ उनकी फोटोकॉपी भी लानी होगी। सेवायोजन विभाग ने स्पष्ट किया है कि रोजगार मेले में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा।
'हनुमान अंश' के 'अंश' ने दिया आशीर्वाद, आगरा पहुंचे बाबा नीब करौरी के पौत्र
बाबा नीब करौरी के पौत्र डॉ. धनंजय शर्मा आगरा पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ में भाग लिया। उन्होंने बाबा पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता पर बात की और युवाओं को व्यसनमुक्त जीवन जीने का संदेश दिया।
उदयपुर सेंट्रल जेल में एक बार फिर कैदी के पास मोबाइल मिला है। इस संबंध में जेल प्रहरी लक्ष्मणराम ने सूरजपोल थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत में बताया कि बुधवार करीब 3:30 बजे कैदियों की तलाशी ली गई। इस दौरान विचाराधीन कैदी विक्रम सिंह पुत्र रामसिंह शेखावत निवासी सवाई माधोपुर के कब्जे से की-पेड वाला मय बैटरी मोबाइल मिला। तलाशी के दौरान उसने मोबाइल अपने बाएं हाथ की बाजू के बीच छिपाया हुआ था। जेल प्रहरी ने मोबाइल जब्त कर पुलिस को सुपुर्द किया। वही, पुलिस इस मामले में जांच में जुट गई है। 8 दिन पहले भी मोबाइल मिला था करीब 8 दिन पहले भी इसी जेल में एक हिस्ट्रीशीटर के बैरक से मोबाइल और जली हुई बीडी-सिगरेट मिली थी। ऐसे में बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या जेल में खुलेआम इनका उपयोग हो रहा है। बाहर से कैदियों के पास प्रतिबंधित चीजें कैसे पहुंच रही हैं, क्योंकि कैदियों तक सिर्फ जेल प्रशासन ही पहुंच सकता है। 8 दिन पहले भी मोबाइल, जली हुई सिगरेट-बीडियां, इंडक्शन मिला था इससे पहले घटना 15 सितंबर 2026 को जब सूरजपोल थाना पुलिस जेल का निरीक्षण करने पहुंची थी। उस दौरान हिस्ट्रीशीटर नरेश वाल्मिकी के बैरक की जांच की। जहां से एक मोबाइल बरामद किया। वहीं, जली हुई सिगरेट, बीड़ियां और इसके रेपर भी पड़े मिले। बैरक के पास ही एक इंडक्शन भी मिला। अन्य बैरकों की भी तलाशी ली गई थी लेकिन कुछ बड़ा हाथ नहीं लगा था। हालांकि ये पहली बार नहीं है कि जेल में बीड़ी-सिगरेट, गुटखा-तंबाकू, गांजा और मोबाइल मिले हैं। इससे पहले भी ऐसे मामले आ चुके हैं। जेल प्रशासन इस पर रोक लगाने में पूरी तरह नाकाम हैं।
तारीख : 23 सितंबर, दिन: बुधवार। समय : रात 11.30 बजे। नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार रात स्लीपर बस में आग लग गई। बस में 35 यात्री सवार थे, जिनमें से 9 लोग जिंदा जल गए। वहीं, कई यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर कूदकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से कुछ देर पहले बस में जलने की तेज बदबू आ रही थी। एक यात्री ने बताया कि उसने ड्राइवर और कंडेक्टर को इसकी जानकारी दी, लेकिन उसकी बात को अनसुना कर दिया। दोनों केबिन में सिगरेट पीने लगे। कुछ देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से आग की लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते आग पूरी बस में फैल गई। बस के अंदर चीख-पुकार मच गई। कोई खिड़की तोड़ रहा था, कोई धुएं के बीच बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। कई यात्री किसी तरह बच गए, लेकिन 9 लोगों की जलकर मौत हो गई। 4 पॉइंट में समझिए हादसा और रेस्क्यू कैसे हुआ…. . रात करीब 9:30 बजे दिल्ली के कश्मीरी गेट से बस निकली। 11:30 बजे बस यमुना एक्सप्रेस-वे पहुंची। इसी दौरान बस के AC में स्पार्क या ब्लास्ट होने से इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लग गई। केबिन से लगी आग धीरे-धीरे बस के अंदर पहुंच गई। आग लगते ही लोग बस रोकने के लिए चिल्लाने लगे। कुछ लोग शीशे तोड़कर बाहर कूदने लगे। . हादसे वाली जगह से करीब 300 मीटर पहले पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी खड़ी थी। सूचना मिलते ही टीम करीब 10 मिनट में बस के पास पहुंच गई। इसके बाद फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब 1 घंटे में आग पर काबू पाया। . आग पर काबू पाने के बाद बस के अंदर रेस्क्यू शुरू हुआ। फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने 20 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को अस्पताल भेजने के लिए ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे पर तैनात करीब 20 एंबुलेंस मौके पर बुलाई गईं। . आग बुझने के बाद बस काटकर रेस्क्यू किया गया। फायरकर्मियों ने बस के पिछले हिस्से को काटकर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद एक-एक कर 9 शव बाहर निकाले गए। शव पूरी तरह जल चुके थे, इसलिए मौके पर उनकी पहचान करना मुश्किल था। रेस्क्यू की तस्वीरें देखिए- दिल्ली से महोबा जा रही थी बस राज कल्पना ट्रैवल्स की प्राइवेट स्लीपर AC बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से बुधवार रात करीब 9:30 बजे महोबा के लिए रवाना हुई थी। बस में करीब 35 यात्री सवार थे। रात करीब 11:30 बजे बस यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर थाना क्षेत्र में किलोमीटर-33 के पास पहुंची। जेवर एयरपोर्ट से करीब 500 मीटर पहले बस में अचानक आग लग गई। आग तेजी से पूरी बस में फैल गई। जलने की बदबू आई, फिर ड्राइवर सीट से निकली लपटें हमीरपुर के राठ के रहने वाले सुनील कुमार ने जेवर थाने में दी तहरीर में बताया कि आग लगने से कुछ देर पहले ड्राइवर केबिन से जलने की बदबू आ रही थी। यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर केबिन में सिगरेट पीने लगे। कुछ देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से तेज आग की लपटें निकलने लगीं। यात्रियों ने बस रोकने के लिए शोर मचाया, लेकिन बस नहीं रोकी गई। वहीं परिचालक यात्रियों को डांट रहा था। बोला कि मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे। तब तक आग तेजी से बस में फैल गई। बस के अंदर धुआं भर गया। लोग आग और धुएं के बीच बस में ही फंस गए। ‘मैं बाहर कैसे आई, मुझे नहीं पता; पति अभी तक नहीं मिले’ हादसे में घायल रेखा भारद्वाज जेवर के आरोग्य अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने पति के साथ दिल्ली से महोबा जा रही थीं और बस में सो रही थीं। अचानक शोर मचा तो सभी यात्री बाहर निकलने के लिए भागने लगे। बस में चारों तरफ धुआं था। रेखा ने बताया कि भागते समय वह बस में ही गिर गईं और उनके ऊपर से कई लोग निकल गए। कुछ देर बाद उन्होंने खुद को सड़क पर पड़ा पाया। रेखा के पति अभी तक नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि शायद उनके पति की मौत हो गई है। एक-एक कर निकाले गए 9 शव हादसे वाली जगह से करीब 300 मीटर पहले पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी मौजूद थी। सूचना मिलने के करीब 10 मिनट में पुलिस टीम बस के पास पहुंच गई। इसके बाद फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद बस के अंदर फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू हुआ। फायर ब्रिगेड की टीम ने बस के पिछले हिस्से को काटकर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद एक-एक कर 9 शव बाहर निकाले गए। मृतकों में 8 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे पर तैनात करीब 20 एंबुलेंस को भी मौके पर बुलाया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। एडीएम अजीत कुमार सिंह के मुताबिक, कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद महोबा भेज दिया गया। एक महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है। --------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- नोएडा में AC बस में आग लगी, 9 जिंदा जले:यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसा, 35 यात्रियों को लेकर महोबा जा रही थी यूपी के नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर AC बस में आग लग गई। हादसे में 9 यात्री जिंदा जल गए। इनमें 8 पुरुष और एक महिला है। बस में 35 यात्री सवार थे। कई यात्रियों ने खिड़की तोड़कर कूदकर जान बचाई, जबकि 20 यात्रियों को रेस्क्यू किया। शव बुरी तरह जल गए हैं, पहचान करना मुश्किल है। पढ़ें पूरी खबर…

