एयरफोर्स कर्मी के खिलाफ गलत तथ्यों पर ससुर ने रिपोर्ट तो दर्ज कराई, साथ पुलिस ने भी उसे गुंडा बताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। सपने में जीजा के छेड़ने वाले केस को आधार बनाते हुए नौबस्ता थाना इंस्पेक्टर आशीष कुमार शुक्ला ने एयरफोर्स कर्मी पर गुंडा एक्ट पर मुहर लगा दी, हालांकि एडीएम सिटी की कोर्ट से पीड़ित को राहत मिली। इसके बाद भ्रूण हत्या का केस भी दर्ज कराया गया, जिसमें आरोप सही न मिलने पर फाइनल रिपोर्ट लगाई गई। इन 7 वर्षों में एयरफोर्स कर्मी का सुकून और प्रमोशन सपने में छेड़छाड़ की भेंट चढ़ गया। 2015 में एयरफोर्स में मिली थी नौकरी बिठूर निवासी एयरफोर्स कर्मी ने बताया कि वर्ष 2015 में ही उन्हें नौकरी मिली गई थी। नौकरी के दौरान वह देश के अलग-अलग कई हिस्सों में तैनात रहे। 10 फरवरी 2019 को उनकी शादी हुई, जिसके बाद पहला मुकदमा नौबस्ता थाने में साली से छेड़छाड़ का दर्ज किया गया था। इस मामले में उन्हें 19 दिन जेल में रहना पड़ा। हालांकि कोर्ट ने सपने में छेड़छाड़ के आरोप को सही नहीं माना और एयरफोर्स कर्मी को बरी कर दिया। एयरफोर्स कर्मी ने बताया कि इसी दौरान 10 फरवरी 2020 को उनके खिलाफ नौबस्ता पुलिस ने गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की। पुलिस ने लिखा आरोपी अभ्यस्थ अपराधी है, जिसकी सामाजिक ख्याति एक गुंडा प्रवृत्ति की है। उसके विरुद्ध दुस्साहसिक आपराधिक कृत्यों से जनमानस भयभीत है और इसके विरुद्ध सूचनाएं देने से डरते हैं। एयरफोर्स कर्मी ने बताया कि उस दौरान वह पुणे एयरफोर्स में तैनात थे। पुलिस की इस कार्रवाई से उनकी सामाजिक क्षति हुई जिससे उन्हें खाडे़पुर का अपना मकान भी औने पौने दाम पर बेचना पड़ा था। अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को एयरफोर्स कर्मी ने एडीएम सिटी की कोर्ट में चुनौती दी। महज एक मुकदमे के आधार पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई को तत्कालीन एडीएम सिटी अतुल कुमार की कोर्ट ने गलत पाया और खारिज कर दिया। भ्रूण हत्या के केस में लगी अंतिम रिपोर्ट उन्होंने बताया कि पत्नी ने उनके खिलाफ बिधनू थाने में 27 अगस्त 2020 को अपने ही भ्रूण हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में विवेचना के बाद आरोप गलत पाते हुए फाइनल रिपोर्ट लगाकर मामला बंद कर दिया था। एयरफोर्स कर्मी ने बताया कि वर्ष 2015 में उनकी ज्वाइनिंग लीडिंग एयर क्राफ्ट मैन के पद पर हुई थी। वर्ष 2020 में उन्हें कारपोरल के पद पर प्रमोशन मिलना था लेकिन जेल जाने के कारण प्रमोशन रोक दिया गया। छह साल बाद कोर्ट से बेकसूर साबित होने के बाद अब उन्हें कारपोरल के पद पर प्रमोशन मिलेगा। वर्ष 2028 में सार्जेंट के पद पर प्रमोशन मिलना है। मुकदमे के कारण वह अपने साथ काम करने वाले साथियों से पद और प्रमोशन में कई साल पीछे रह गए।।
प्रयागराज में हजरत अली डे पर गम का इजहार किया गया। पहले इमाम हजरत अली की शहादत 21 रमजान पर बक्शी बाजार स्थित मस्जिद काजी साहब से अंजुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया व मोमेनीन की ओर से मोमबत्तियों की रोशनी में ताबूत मौला ए कायनात अमीरुल मोमेनीन निकाला गया। मौलाना जव्वादुल हैदर रिज़वी ने बा जमात नमाज अदा कराई। मौलाना रिज़वी ने हज़रत अली की शहादत का जिक्र शुरू किया तो हर तरफ से आहो बुका की सदाएं गूंजने लगीं। अंजुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया के सदस्य ताबूत ए अली लेकर आए तो सैकड़ों लोगों ने कंधा दिया। सबसे बड़ा कदीमी जुलूस इमामबाड़ा आजम हुसैन रानीमंडी से निकाला गया। अंजुमन ए अब्बासीया रानीमंडी के नौहाख्वान डॉक्टर अबरार, फैज जाफरी, हुसैन मेहंदी, गौहर, सादिक़ आदि ने पुरदर्द नौहा पढ़ते हुए जुलूस में शिरकत फरमाई। उम्मुल ल बनीन सोसायटी के महासचिव सैय्यद मोहम्मद अस्करी के अनुसार रानीमंडी से निकाले गए दोनों जुलूस बच्चा की धर्मशाला चड्ढा रोड कोतवाली नखास कोहना खुल्दाबाद हिम्मतगंज होते हुए चकिया कर्बला पहुंचे। अलम ताबूत और जुल्जनाह का जुलूस निकाला गया दरियाबाद के प्रसिद्ध इमामबाड़ा हुसैन अली खान का 21 रमजान शहादत हजरत अली का लम ताबूत और जुल्जनाह का जुलूस इमाम बाड़े से पूरी हकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस से पहले इमामबाड़ा के अंदर एक मजलिस हुई जिसे जनाब अशरफ अब्बास साहब ने खिताब फरमाया। जुलूस में नगर की प्रसिद्ध अंजुमन अंजुमन हाशिमया ने नौहाख्वानी और सीनाज़नी की। शहीदे कूफा के मातम में नाम हुई आंखें दरियाबाद के यमुना नदी के किनारे बने दरगाह फातहे फुरात पर भी तीन दिवसीय शोक दिवस के अंतिम दिन अंतिम दिन अब्बास ज़की पासबां ने सोज़ख्वानी की। अजहर दरियाबादी ने पेशख्वानी की। मौलाना सैयद मोहम्मद अकील हुसैनी ने ग़मगीन मसायब पढ़ें।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कोर्ट ऐसे मामलों से परेशान है, जिनमें याचिकाकर्ताओं ने वैकल्पिक उपाय का लाभ उठाया है—जो कि सिविल अदालतों द्वारा प्रदान किया गया था, और अवमानना के मामले भी दायर किए गए हैं; फिर भी राज्य की संस्थाओं द्वारा अदालत के आदेशों का बेशर्मी से उल्लंघन किया जाता है। जिससे वैकल्पिक उपाय की उपलब्धता ही व्यर्थ हो जाती है। इस कोर्ट का मानना है कि सिविल अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने के लिए राज्य के अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। कोर्ट के पास सिविल अदालत के आदेशों के ऐसे उल्लंघनों का स्वतः संज्ञान लेने का पर्याप्त आधार है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कानून का शासन कायम रहे। अफसरों को दंडित किया जाना जरूरी कोर्ट ने कहा राज्य को यह समझना चाहिए और ध्यान में रखना चाहिए कि एक बार सक्षम क्षेत्राधिकार वाली अदालत द्वारा कोई न्यायिक आदेश पारित कर दिया जाता है, तो उसका पालन किया जाना अनिवार्य है, या फिर उसे किसी उच्च अदालत के आदेश द्वारा स्थगित किया जाना चाहिए। यदि राज्य आदेशों का पालन नहीं करता है और न ही उन्हें स्थगित करवाने के लिए कोई कदम उठाता है, तो यह घोर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसी परिस्थितियों में, राज्य के अधिकारियों को अवमानना के लिए दंडित किया जाना चाहिए। एसडीएम मधुबन राजेश हाजिर हों कोर्ट ने सिविल कोर्ट मऊ की यथास्थिति कायम रखने व अदालत की अवमानना नोटिस के बावजूद आदेश की अवहेलना जारी रखने को गंभीरता से लिया है और एसडीएम मधुबन राजेश अग्रवाल को व्यवस्थित हलफनामे के साथ 13 मार्च को हाजिर होने का निर्देश दिया है।और पूछा है कि उनके खिलाफ 30 अक्टूबर 24 के सिविल अदालत के आदेश की अवहेलना के लिए क्यों न अवमानना कार्यवाही की जाय। कोर्ट ने कहा यदि वह हाजिर नहीं होंगे तो उन्हें पेश करने के लिए जमानती व तत्पश्चात गैर जमानती वारंट जारी किया जाएगा। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को याची की जमीन पर सड़क निर्माण पर रोकने का भी आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने श्रीमती आशा त्रिपाठी की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याची को आदेश का पालन कराने के लिए हाईकोर्ट में दो बार याचिका दायर करनी पड़ी। अधिकारी अदालत के आदेश का उल्लघंन कर रहे शुरू में जमीन विवाद को लेकर याची ने प्राइवेट विपक्षियों के खिलाफ सिविल वाद दायर किया। सिविल कोर्ट ने यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया। इसके विपरीत सरकार ने याची की विवादित जमीन पर सड़क का निर्माण जारी रखा।तो रोकने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। कोर्ट ने कहा सिविल कोर्ट में आदेश 39 नियम 4 ए के अंतर्गत वैकल्पिक उपचार के तहत अवमानना अर्जी दायर करें। याची की अर्जी पर सिविल कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी की है। इसका कोई असर नहीं पड़ा। निर्माण जारी रखा तो दुबारा यह याचिका दायर कर याची की जमीन पर सड़क निर्माण पर रोक लगाने की मांग की। कोर्ट ने कहा राज्य के अधिकारी अदालत के आदेश का उल्लघंन कर रहे हैं। ऐसे में हाईकोर्ट को स्वयं कार्यवाही करने की शक्ति प्राप्त है।और ऐसे अधिकारियों को दंडित करना चाहिए।जिसपर कोर्ट ने एस डी एम को तलब किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीरेंद्र बहादुर यादव को ए डी एम वित्त एवं राजस्व आजमगढ़ द्वारा गुंडा नियंत्रण कानून के तहत जारी नोटिस का जवाब दाखिल करने का आदेश देते हुए याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा तथा न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ल की खंडपीठ ने बीरेंद्र बहादुर यादव की याचिका पर दिया है। मनमानी नोटिस का आरोप लगा याची का कहना था कि ए डी एम ने जरूरी तथ्य पर विवेक का इस्तेमाल किए मनमानी नोटिस जारी की है।यह कार्यवाही हाईकोर्ट के आंचल यादव केस के फैसले के विपरीत की गई है। इसलिए गुंडा एक्ट की नोटिस रद्द की जाय। सरकारी वकील ने कहा समाज में शांति कायम रखने व कानून व्यवस्था के लिए नियमानुसार निरोधात्मक कार्यवाही की गई है।याची को नोटिस का जवाब सक्षम अधिकारी के समक्ष देना चाहिए। इसलिए याचिका खारिज की जाय। इस पर कोर्ट ने याची को कारण बताओ नोटिस का जवाब दाखिल करने को कहा है।
आप लोगों के क्षेत्रों में अधिकारी निकलेंगे और नशीला पदार्थ खरीदेंगे… और वह नशीला पदार्थ लेकर सीधे आपके थाने में आएंगे। अगर ऐसा हुआ, तो आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर में मादक पदार्थों की हो रही ब्रिकी को लेकर यह आदेश पुलिस कमिश्नर ने क्राइम मीटिंग में दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर क्षेत्र में स्मैक, चरस, गांजे की ब्रिकी हो रही है तो कार्रवाई करें… कोताही बरतने पर कड़े परिणाम भुगतने पड़ेंगे। 13 थानेदारों को मिली हिदायत बुधवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल की अध्यक्षता में क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया। उन्होंने शहर के 13 थानेदारों को साफ संदेश देते हुए कहा कि व्यवहार सुधारो, गुडवर्क करो, नहीं तो थाना छोड़ दो … उन्होंने चोरी, हत्या, लूट के पूर्व के मामलों में खुलासे न होने पर फटकार लगाई। फरार आरोपियों, वारंटियों, हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ हुई कार्रवाई की रिपोर्ट पूछी। क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर सवाल जवाब किए। 4 थानेदारों के खिलाफ रात्रि की गश्त न करने की शिकायतें मिली थीं, जिस पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। दो थानेदार पिछली मीटिंग के साथ ही इस बार की मीटिंग में भी नदारद मिले, जिसके बाद उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था विपिन ताडा और ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर मुख्यालय व अपराध संकल्प शर्मा से ओवरऑल रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। सबसे पहले आईजीआरएस में पहली रैंक आने पर सभी पुलिसकर्मियों को बधाई दी गई। सात थानेदारों का बदल सकता प्रभार क्राइम मीटिंग में अधिकारियों ने 5 से 7 थानेदारों को बदलने का इशारा किया है। जिसमें सेंट्रल जोन के 3, पूर्वी के 1, पश्चिम के 2 और दक्षिण के 1 थानेदार शामिल हैं। दक्षिण के थानेदार ने गुडवर्क तो ठीक किए हैं, लेकिन आईजीआरएस की शिकायतों में खेल करने की जानकारी हुई है। वहीं पश्चिम जोन के ग्रामीण क्षेत्र के एक थानेदार को कुछ महीने पहले ही चार्ज मिला है, लेकिन उनका रवैया ठीक नहीं है। सेंट्रल जोन के एक थाना प्रभारी काफी समय से चार्ज पर हैं। उनके बारे में भी क्षेत्र के लोगों ने शिकायतें की हैं। एक एडीसीपी, 3 एसीपी की बदलेगी जिम्मेदारी एक एडीसीपी और तीन एसीपी की जिम्मेदारी भी जल्द ही बदल जाएगी। एडीसीपी के खिलाफ स्टाफ से अभद्र व्यवहार करने और जांच में लापरवाही बरतने की शिकायतें मिली हैं। वहीं 3 एसीपी का उनके क्षेत्र में तालमेल बेहतर नहीं मिला है। थानेदार और चौकी इंचार्ज उनके खिलाफ आरोप लगा चुके हैं। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि कुछ थानेदार कार्य ही नहीं कर रहे हैं। उनसे उम्मीद थी, लेकिन अपराध रोकने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने में शून्य साबित हुए हैं। कुछ थानेदारों को अल्टीमेटम दिया गया है। कलक्टरगंज में 9 चोरियां, एक का भी खुलासा नहीं कलक्टरगंज थाने में एक के बाद एक 9 चोरियां होने और एक का भी खुलासा न होने से नाराज पुलिस कमिश्न ने थानेदार को फटकार लगाई। चकेरी, नरवल, चौबेपुर और बादशाहीनाका को भी हिदायत दी गई। ककवन में लूट को लेकर भी अधिकारी नाराज थे। थानेदारों से साफ कहा, अपराध नहीं रोक सकते तो थानेदारी नहीं रहेगी। जल्द से जल्द खुलासा करने की हिदायत दी गई। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के मद्देनजर एलपीजी सिलेंडर व आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी पर नजर रखने के निर्देश दिए। चेतावनी दी गई, किसी के क्षेत्र में कालाबाजारी मिली तो खैर नहीं।साइबर क्राइम के हॉटस्पॉट पर रखें नजरपुलिस कमिश्नर ने कहा कि प्रतिबिंब पोर्टल पर साइबर क्राइम के हॉट स्पॉट्स सचेंडी, रेउना, किदवई नगर, काकादेव, रावतपुर, चकेरी आदि चिंहित किए गए हैं। इन जगहों पर नजर रखें और साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
चंडीगढ़ नगर निगम में स्मार्ट सिटी फंड से जुड़े लगभग 116.84 करोड़ के घोटाले बड़ा खुलासा हुआ है। सामने आए दस्तावेजों के अनुसार निगम का सरकारी पैसा केवल फर्जी एफडी के जरिए ही नहीं हड़पा गया, बल्कि उसे ओपन मार्केट में बिल्डरों, होटलियर्स और ज्वैलर्स को मोटे ब्याज पर इस्तेमाल करने के लिए भी दिया गया। दस्तावेजों के अनुसार यह पूरा खेल 20 मार्च 2025 के आसपास शुरू हुआ और करीब दस महीनों तक पैसा ओपन मार्केट में चलता रहा। इस दौरान प्राइवेट खातों में लगातार बड़े पैमाने पर ट्रांजेक्शन होते रहे। सरकारी खाते से पैसा प्राइवेट खातों में जाता और कुछ समय बाद दोबारा उसी राशि को वापस सरकारी खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता था। बताया जा रहा है कि इस दौरान मिलने वाला ब्याज कथित तौर पर कुछ बिचौलियों और अधिकारियों के बीच बांट लिया जाता था। निगम अधिकारियों को भनक तक नहीं मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि नगर निगम के सरकारी खाते से बड़ी रकम बार-बार प्राइवेट खातों में ट्रांसफर होती रही, लेकिन निगम के कई अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सूत्रों के अनुसार सैकड़ों बार इस तरह पैसों का लेन-देन किया गया। पहले सरकारी खाते से पैसा प्राइवेट खातों में भेजा जाता था और कुछ महीनों बाद वही रकम फिर से प्राइवेट खातों से वापस सरकारी खाते में ट्रांसफर कर दी जाती थी। यह प्रक्रिया एक-दो बार नहीं, बल्कि कई बार दोहराई गई। खुलासे से बचने के लिए बनाई गई एफडी जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि प्रोजेक्ट का पैसा नगर निगम के अन्य खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। इसके बाद यह राशि नगर निगम के खाते में भी ट्रांसफर कर दी गई। इसके बावजूद अकाउंट ब्रांच की ओर से 116.84 करोड़ की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) बनवा दी गई, जबकि यह रकम पहले से ही निगम के सुरक्षित खातों में मौजूद थी। नियमों के अनुसार इस राशि की केवल एक एफडी बननी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय 11 एफडी बनाई गईं। हैरानी की बात यह है कि रिकॉर्ड में केवल एक ही एफडी की एंट्री दर्ज की गई, जिसे सही बताया जा रहा है। आईडीएफसी बैंक में करवाई गई 11 एफडी 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 25 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 27 मार्च 2026 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 25 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 27 मार्च 2026 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 10 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 27 मार्च 2026 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 10 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 27 मार्च 2026 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 10 करोड़ रुपये की एफडी 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 10 करोड़ रुपये की एफडी 28 मार्च 2025 को 6 करोड़ 61 लाख 11 हजार 278 रुपये की एफडी 2 अप्रैल 2025 को 1 साल के लिए 10 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 1 अप्रैल 2026 2 अप्रैल 2025 को 1 साल के लिए 5 करोड़ रुपये की एफडी 6 अप्रैल 2025 को 1 साल के लिए 5 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 5 अप्रैल 2026 6 अप्रैल 2025 को 22 लाख 90 हजार 386 रुपये 37 पैसे की एफडी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि पत्नी के पास पति से अलग रहने के पर्याप्त कारण मौजूद हैं, तो वह गुजारा भत्ता पाने की हकदार है। हाईकोर्ट ने परिवार अदालत के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका पर हस्तक्षेप से इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की पीठ ने मनोज कुमार यादव द्वारा दायर एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश दिया। पति ने हाईकोर्ट का रुख किया ललितपुर की परिवार अदालत ने पति द्वारा पूर्व में जारी भरण-पोषण के आदेश को वापस लेने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी थी। पति याची का तर्क था कि उसकी पत्नी वर्ष 2005 से बिना किसी उचित कारण के उससे अलग रह रही है और उसने वैवाहिक दायित्वों का पालन नहीं किया है, जो कि क्रूरता की श्रेणी में आता है। पति ने यह भी दावा किया कि पत्नी एक वकील है और उसकी मासिक आय लगभग 30,000 रुपये है, इसलिए उसे भरण-पोषण नहीं दिया जाना चाहिए। पत्नी के पास अलग रहने के ठोस कारण अदालत ने पाया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से मुकदमेबाजी चल रही है, जिसमें दहेज उत्पीड़न (धारा 498-ए) के मामले भी शामिल हैं। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2010 में ही यह निर्धारित हो गया था कि पत्नी के पास अलग रहने के ठोस कारण हैं। इसके अतिरिक्त, पति ने वर्ष 2016 में भरण-पोषण की राशि 3,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये किए जाने के आदेश को समय रहते चुनौती नहीं दी थी। कोर्ट ने कहा पुनरीक्षण क्षेत्राधिकार के तहत उच्च न्यायालय साक्ष्यों का पुन: मूल्यांकन नहीं कर सकता, बशर्ते निचली अदालत के आदेश में कोई स्पष्ट कानूनी त्रुटि न हो।ट्रायल कोर्ट ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद ही निर्णय लिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में आईपीएस अधिकारी शैलेश कुमार यादव के खिलाफ केंद्रीय सूचना आयोग द्वारा लगाए गए जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति आदेश रद्द कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने शैलेश कुमार यादव की याचिका पर दिया है। याची वर्ष 2006-2007 में गाजियाबाद में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी और जन सूचना अधिकारी के रूप में कार्यरत था। सूचना अधिकार कानून का पालन न करने पर उसके खिलाफ आदेश जारी किया गया था। जानबूझकर या उचित कारण न होने पर लगेगा जुर्माना कोर्ट ने कहा सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की धारा 20 के तहत जुर्माना केवल तभी लगाया जाना चाहिए जब अधिकारी ने जानबूझकर या बिना किसी उचित कारण के जानकारी देने में देरी की हो। बताया गया कि गाजियाबाद पासपोर्ट कार्यालय में कर्मचारियों की भारी कमी और काम के अत्यधिक दबाव के कारण देरी हुई थी, जिसे विभाग की आंतरिक जांच रिपोर्ट में भी स्वीकार किया गया था । कोर्ट ने पाया कि तत्कालीन सूचना आयुक्त डॉ. ओ.पी. केजरीवाल ने मुख्य पासपोर्ट अधिकारी की जांच रिपोर्ट का इंतजार किए बिना ही जल्दबाजी में 25,000/- का अधिकतम जुर्माना लगा दिया और अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी कर दी, जो कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण था। सूचना आयोग के आदेशों की भाषा से पूर्वाग्रह और पक्षपात हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि सूचना आयोग के आदेशों की भाषा से याची के प्रति पूर्वाग्रह और पक्षपात झलकता है। आयोग ने याची के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग भी किया है और बिना किसी ठोस सबूत के उन्हें असभ्य नौकरशाह की संज्ञा दी थी। कहा कि केवल लापरवाही या अनजाने में हुई देरी के लिए धारा 20(2) के तहत कठोर कार्रवाई की सिफारिश नहीं की जा सकती। याचिकाकर्ता को राहत देते हुए कोर्ट ने 08 फरवरी 2007 और 19 मार्च 2007 के उन दोनों आदेशों को रद्द कर दिया जो उनके कैरियर के लिए हानिकारक साबित हो रहे थे,और उसे बड़ी राहत दी है।
आयुष्मान योजना में निजी अस्पतालों के लिए NABH फाइनल लेवल सर्टिफिकेट अनिवार्य किए जाने के फैसले के बाद नया विवाद सामने आया है। नर्सिंग होम एसोसिएशन का दावा है कि इस फैसले के बाद निजी कंपनियां और एजेंट सक्रिय हो गए हैं। ये एजेंट अस्पतालों में पहुंचकर NABH सर्टिफिकेट दिलाने के नाम पर दो से ढाई लाख रुपए तक के पैकेज ऑफर कर रहे हैं। इसमें आवेदन से लेकर कागजी प्रक्रिया और सर्टिफिकेट दिलाने तक की जिम्मेदारी लेने की बात कही जा रही है। एसोसिएशन ने इसे गंभीर मामला बताते हुए सरकार के फैसले का विरोध किया है और कोर्ट जाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। बैठक में सामने आया एजेंटों का मामलानर्सिंग होम एसोसिएशन की बुधवार को हुई बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान योजना में NABH फाइनल लेवल की अनिवार्यता लागू होते ही कई निजी कंपनियां और एजेंट सक्रिय हो गए हैं। ये एजेंट सीधे अस्पताल संचालकों से संपर्क कर रहे हैं और NABH सर्टिफिकेट दिलाने का भरोसा दे रहे हैं। इसके लिए वे दो से ढाई लाख रुपए तक का पैकेज बता रहे हैं। इस पैकेज में आवेदन करने, जरूरी दस्तावेज तैयार कराने और पूरी प्रक्रिया पूरी कर सर्टिफिकेट दिलाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही जा रही है। चार बड़े शहरों के अस्पतालों पर सबसे ज्यादा असरसरकार का यह नियम फिलहाल मध्यप्रदेश के चार बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के निजी अस्पतालों पर लागू किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक इन शहरों में कुल 395 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हैं। इनमें से 212 अस्पताल पिछले करीब पांच साल से NABH के एंट्री लेवल सर्टिफिकेट पर ही काम कर रहे हैं। वहीं, केवल 59 अस्पतालों के पास ही फुल NABH सर्टिफिकेट है। ऐसे में करीब 336 अस्पतालों के योजना से बाहर होने की स्थिति बन सकती है। अस्पतालों को मिला 15 दिन का अतिरिक्त समयस्थिति को देखते हुए आयुष्मान कार्यालय ने सभी अस्पताल संचालकों को एक ई-मेल भेजा है। इसमें NABH सर्टिफिकेट के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। अब जिन अस्पतालों ने 31 मार्च तक NABH सर्टिफिकेट नहीं कराया है, उन्हें 15 अप्रैल तक का समय दिया गया है। इसके बाद 16 अप्रैल के बाद स्टेट हेल्थ अथॉरिटी इस पूरे मामले की समीक्षा करेगी और आगे का निर्णय लिया जाएगा। नर्सिंग होम एसोसिएशन जाएगा हाईकोर्टइस फैसले के विरोध में नर्सिंग होम एसोसिएशन ने कोर्ट जाने का फैसला किया है। एसोसिएशन का कहना है कि इतने कम समय में सभी अस्पतालों के लिए NABH फाइनल लेवल हासिल करना संभव नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर जबलपुर में नर्सिंग होम एसोसिएशन की ओर से एक जनहित याचिका भी दायर की गई है। इस याचिका पर 16 मार्च को सुनवाई होना तय है। छोटे शहरों के अस्पतालों के सामने बड़ी चुनौतीनर्सिंग होम एसोसिएशन के सचिव डॉ. संजय गुप्ता का कहना है कि प्रदेश के कई शहरों में NABH सर्टिफाइड अस्पतालों की संख्या बहुत कम है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उज्जैन में केवल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अस्पताल ही NABH सर्टिफाइड है, जबकि बाकी अस्पतालों के पास यह सर्टिफिकेट नहीं है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार के इस फैसले का पूरे प्रदेश के निजी अस्पताल संचालक विरोध कर रहे हैं और अपनी बात सरकार व अन्य मंचों तक पहुंचाने की रणनीति बनाई जा रही है।
बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड के आरोपी बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री अधिवक्ता अरिदमन सिंह को 6 माह बाद बुधवार को जेल से रिहाई मिल गई। अरिदमन पर दर्ज सभी 8 मामलों में जमानत मिलने के बाद देर शाम जेल से छोड़ दिया गया। 20 जून 2020 को गोली मारकर हुई थी हत्या चकेरी के मंगला विहार निवासी बसपा नेता पिंटू सेंगर की 20 जून 2020 को चकेरी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भाई धर्मेंद्र सिंह की तहरीर पर चकेरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में एक दर्जन से ज्यादा आरोपियों को जेल भेजा गया था। घटना के 5 साल बाद पिछले साल 25 अगस्त को चकेरी पुलिस ने बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री अधिवक्ता अरिदमन सिंह को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अरिदमन की गिरफ्तारी से पूर्व अधिवक्ता धीरज उपाध्याय उर्फ दीनू को भी पुलिस ने जेल भेजा था। दोनों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। पिंटू सेंगर हत्याकांड में अरिदमन सिंह को पिछले साल 25 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में जनवरी 2026 में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। हालांकि अन्य मामलों में जमानत न मिलने के चलते वह जेल में बंद थे। अरिदमन के खिलाफ थे 8 मुकदमे अरिदमन पर पिंटू सेंगर हत्याकांड समेत कुल 8 मुकदमे दर्ज थे, जिसमें चकेरी थाने में दो, नौबस्ता थाने में एक, कोतवाली में तीन और एक मामला गैंगस्टर एक्ट का शामिल था। हाईकोर्ट के आदेश पर सिंगल सिक्योरिटी दाखिल किए जाने के बाद सभी मामलों में जमानत की प्रक्रिया पूरी हो गई। इसके बाद बुधवार शाम अरिदमन सिंह को जेल से रिहा कर दिया।
प्रसूता महिलाओं को मिलने वाली सरकारी योजनाओं के भुगतान में देरी स्वास्थ्य कर्मचारियों को महंगी पड़ गई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) मध्यप्रदेश ने जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना की राशि समय पर जारी नहीं करने पर तीन स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन कर्मचारियों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में हितग्राहियों का भुगतान अब भी लंबित है। इसके बाद विभाग ने तीनों कर्मचारियों के 10 दिन का वेतन काटते हुए चेतावनी दी है कि कार्य में सुधार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रीवा और सीधी जिले के कर्मचारियों पर कार्रवाई राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के मिशन संचालक ने रीवा और सीधी जिले के तीन स्वास्थ्य कर्मचारियों पर यह कार्रवाई की है। इनमें विकासखंड हनुमना (मऊगंज), जिला रीवा के विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक रोहित सिंह, विकासखंड सिहावल, जिला सीधी के विकासखंड लेखा प्रबंधक रोहित सिंह और जिला अस्पताल सीधी के लेखा प्रबंधक अरुण सिंह शामिल हैं। इन कर्मचारियों को हितग्राही मूलक योजनाओं के भुगतान में अनावश्यक देरी और कार्य के प्रति उदासीनता के कारण पहले नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बाद भी लंबित रहे कई भुगतान स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी कई प्रसूताओं को मिलने वाली योजनाओं की राशि लंबित पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि नोटिस जारी होने की तारीख से लेकर अब तक बड़ी संख्या में जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के हितग्राहियों को भुगतान नहीं किया गया। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। 10 दिन का वेतन काटा, दी चेतावनी कार्य में लापरवाही और राज्य कार्यालय के आदेशों की लगातार अनदेखी करने पर स्वास्थ्य विभाग ने तीनों कर्मचारियों पर अर्थदंड लगाया है। कार्रवाई के तहत उनके 10 दिन का वेतन काटा गया है। साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया है कि लंबित भुगतान जल्द से जल्द निपटाएं। सरकार की प्राथमिकता है समय पर भुगतान स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना का उद्देश्य प्रसूता महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है, ताकि उन्हें प्रसव के समय बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। सरकार की प्राथमिकता है कि इन योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को समय पर मिले। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के चर्चित नमाज विवाद मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के शीर्ष अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने रिट याचिका संख्या 5646/2026 (तारिक खान बनाम उत्तर प्रदेश राज्य) की सुनवाई करते हुए बरेली के जिलाधिकारी (DM) अविनाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी 23 मार्च को उपस्थित नहीं हुए, तो उनकी मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया जा सकता है। बुलडोजर चलवा देंगे, पीड़ित ने कोर्ट में बयां किया पुलिस और प्रधान का खौफसुनवाई के दौरान उस मकान के मालिक हसीन खान का बयान खुली अदालत में दर्ज किया गया, जहां 16 जनवरी 2026 को नमाज पढ़ी जा रही थी। हसीन खान ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा, उस दिन मैं अपने घर में परिवार के साथ नमाज पढ़ रहा था, तभी पुलिस मुझे उठाकर ले गई और चालान कर दिया। बाद में आरिफ प्रधान और मुख्तयार ने मुझे धमकाया कि अगर कोर्ट में उनके मुताबिक नहीं बोला तो घर पर बुलडोजर चलवा दिया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस वालों ने उन्हें गांव के बाहर घेरकर एक लिखित कागज पर अंगूठा लगवा लिया, जिसे वह पढ़ नहीं सके क्योंकि वह अनपढ़ हैं। सरकार का तर्क: निजी संपत्ति पर नमाज के लिए ली गई थी अनुमतिअदालत ने अतिरिक्त महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी से सीधा सवाल किया कि क्या 16 जनवरी को हसीन खान की निजी संपत्ति पर नमाज पढ़ने के लिए कोई अनुमति मांगी गई थी? इसके जवाब में सरकार की ओर से चालान की प्रति का हवाला देते हुए बताया गया कि वहां मौजूद मकान मालिक सहित सभी व्यक्तियों से अनुमति ली गई थी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब 23 मार्च 2026 को दोपहर 2:00 बजे अंतिम आदेश के लिए तारीख तय की है। 24 घंटे साये की तरह साथ रहेंगे दो गनमैन, सुरक्षा में चूक पर राज्य होगा जिम्मेदारहसीन खान द्वारा अपनी और परिवार की जान को खतरा बताने पर हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से उन्हें 24/7 सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि दो सशस्त्र गार्ड हमेशा हसीन खान के साथ रहेंगे। पीठ ने सख्त लहजे में कहा कि यदि हसीन खान या उनकी संपत्ति को कोई नुकसान पहुँचता है, तो प्रथम दृष्टया इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार माना जाएगा। इस आदेश की प्रति तत्काल एडवोकेट जनरल कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सुरक्षा आज से ही सुनिश्चित की जा सके। हाईकोर्ट आदेश का मुख्य अंश
अलीगढ़ के गांधीपार्क थाना क्षेत्र के डोरी नगर में बुधवार को 35 वर्षीय युवक ने वीडियो बनाकर खुदकुशी कर ली। वीडियो में युवक ने साले पर धमकी देने का आरोप लगाया है। युवक आर्थिक तंगी और पत्नी की गंभीर बीमारी के कारण लंबे समय से मानसिक तनाव में था। युवक की मौत से गुस्साए परिजन ने थाने के सामने शव रखकर हंगामा किया। बाद में पुलिस के सख्त कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद परिजन माने। मजदूरी से करता था परिवार की परवरिश डोरी नगर निवासी दीपक कुमार (35) पुत्र मोहनलाल पेशे से मजदूर था। उसके परिवार में पत्नी नीलम और दो छोटी बेटियां हैं। परिजन ने बताया कि नीलम पिछले दो साल से किडनी की बीमारी से जूझ रही है, जिसका इलाज आगरा के एक अस्पताल में चल रहा है। मजदूरी से होने वाली मामूली आय और इलाज के भारी खर्च के कारण दीपक आर्थिक संकट में था। बंद कमरे में लगाया फंदा बुधवार सुबह बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान दीपक ने कमरे के अंदर से कुंडी लगा ली और फंदे से लटक गया। पिता जब घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका होने पर परिजन ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर दीपक का शव लटका मिला। शव लटका परिजन में हड़कंप मच गया। चीखपुकार पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। डॉक्टरों ने मृत घोषित किया लोगों ने घटना की जानकारी तुरंत थाना बन्नादेवी पुलिस को दी। खुदकुशी की जानकारी होने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद पुलिस की मदद से परिजन दीपक को अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां पर जांच करने के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे भड़के परिजन ने हंगामा शुरू कर दिया। 'इलाज के पैसे मांग रहा था ससुराल पक्ष' परिजन ने पुलिस को बताया कि दीपक का अपनी ससुराल वालों से विवाद चल रहा था। आरोप है कि दीपक ने आत्महत्या से ठीक पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड किया है। इसमें दीपक ने कहा है कि ससुराल पक्ष पत्नी के इलाज के लिए रुपयों की मांग कर रहा था और साला लगातार उसे जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसी प्रताड़ना और दबाव से तंग आकर उसने मौत को गले लगा लिया। थाने पर शव रखकर हंगामा घटना से आक्रोशित परिजन ने दीपक के शव को गांधीपार्क थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। मोबाइल में लगा है पैटर्न लॉक प्रभारी निरीक्षक गांधीपार्क राजवीर सिंह परमार ने बताया कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। परिजन ने साले पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है और एक वीडियो की बात कही है। फिलहाल मोबाइल में पैटर्न लॉक लगा है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 19 मार्च के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ का एक दिवसीय अयोध्या भ्रमण कार्यक्रम कल दिनांक 12 मार्च को है। सीएम का आगमन लगभग 10 बजे राम कथा हेलीपैड पर होगा। इसके बाद वे वहां से हनुमानगढ़ी पहुंचकर दर्शन पूजन करेंगे और उसके बाद श्रीरामजन्म भूमि परिसर में पहुंच कर प्रभु श्री राम लला का दर्शन पूजन करेंगे। इसके बाद 19 मार्च को प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद पीएफसी सभागार में राष्ट्रपति के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक तथा जनपद के प्रमुख विषयों पर चर्चा की जाएगी। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री लगभग दोपहर 12 राम कथा हेलीपैड पहुंचेंगे जहां से लखनऊ के लिए रवाना होंगे। एडीजी जोन ने चंपत राय सहित अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की सीएम की अयोध्या यात्रा की पूर्व संध्या परश्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चम्पत राय, अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन प्रवीण कुमार, मंडलायुक्त अयोध्या राजेश कुमार एवं डीआईजी सोमेन बर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रपति के जनपद अयोध्या आगमन की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक श्रीराम जन्मभूमि परिसर के पीएफसी सभागार में आयोजित की गई।बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनिल मिश्रा, गोपाल, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर सहित जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी गण मौजूद रहे। बैठक में माननीय राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, वीआईपी मूवमेंट, प्रोटोकॉल तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कार्यक्रम से संबंधित सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर ली जाएं तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए-एडीजी जोन अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन प्रवीण कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए। मंडलायुक्त राजेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति का अयोध्या आगमन अत्यंत महत्वपूर्ण है, सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल, मार्ग व्यवस्था, पार्किंग, यातायात डायवर्जन, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य व्यवस्थाओं को समय से सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी निखिल टी फुडे ने कहा कि राष्ट्रपति के आगमन की तैयारी को समस्त संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। यह भी ध्यान दिया जाए कि दर्शन करने आ रहे हैं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो।
मेरठ के सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के किंडरगार्टन विंग में बुधवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मेरठ की लोकपाल अंशु त्यागी उपस्थित रहीं। समारोह के दौरान किंडरगार्टन के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने आकर्षक वेलकम डांस प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। वहीं प्राइमरी कक्षाओं के छात्रों ने एक लघु नाटिका प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न टाइटल और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। इनमें मिस ऑल राउंडर भूमिका रस्तोगी, मिस्टर ऑल राउंडर अक्ष, मिस्टर मैनर्स अपूर्व, मैन्ड मैडन कैडेंस, गुड स्मार्टियन अनन्या और सुमेर, बेस्ट ड्रेस्ड वृषांक, बेस्ट परफॉर्मेंस हर्षिता और अब्दुल, अमेजिंग आर्टिस्ट नवजोत सिंह, लर्निंग लवर अर्शिका मीणा तथा सुपर रीडर अद्विक सिंह शामिल रहे। इसके साथ- साथ बच्चों के अभिभावकों को भी उनके सहयोग और सहभागिता के लिए विभिन्न आकर्षक टाइटल्स से सम्मानित किया गया। इनमें मोस्ट कोऑपरेटिव पेरेंट्स, मोस्ट अटेंटिव पेरेंट, मोस्ट सपोर्टिव पेरेंट और मोस्ट डेडिकेटेड पेरेंट्स के पुरस्कार शामिल रहे। सभी विजेताओं को ट्रॉफी और सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान यूकेजी के सभी विद्यार्थियों को भी ट्रॉफी और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शिमोना जैन ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया तथा अभिभावकों को बच्चों और विद्यालय के प्रति सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मुख्य अतिथि अंशु त्यागी ने भी विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से दूर रखने की सलाह दी और उनके सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने का संदेश दिया।
रायबरेली में गैस सिलेंडर को लेकर रात को लगी लाइन:पुलिस निगरानी में हो रहा वितरण, लोग परेशान
रायबरेली में घरेलू गैस सिलेंडर की कमी के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को आधी रात में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। जिला प्रशासन भले ही पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। लोगों को आधी रात को गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर सलोन-जगतपुर मार्ग पर स्थित कहुआ इंडेन गैस एजेंसी पर देखने को मिला। यहां रात करीब 9:30 बजे सैकड़ों ग्रामीण गैस सिलेंडर लेने के लिए कतारों में खड़े नजर आए। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस की निगरानी में आधी रात तक गैस सिलेंडरों का वितरण किया गया। गैस लेने पहुंचे लोगों का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद उन्हें सिलेंडर मिलने में काफी देरी हो रही है। इस बीच, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी होटलें भी व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कमी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। होटल संचालकों का कहना है कि समय पर गैस नहीं मिलने से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गैस की आपूर्ति सुचारु कराने और एजेंसियों पर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
सीतापुर में नगर पालिका परिषद की जमीन पर सपा कार्यालय के आवंटन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी राजा गणपति आर के निर्देश पर इस प्रकरण में सपा के पूर्व विधायक और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल समेत चार लोगों के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया है। नोटिस देकर टाउन हॉल की जमीन खाली करने को लेकर प्रशासन को हाईकोर्ट से फटकार भी लगी थी जानकारी के अनुसार मामला टाउन हॉल परिसर में सपा कार्यालय के लिए जमीन आवंटन से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2005 में नगर पालिका परिषद की भूमि सपा कार्यालय के लिए आवंटित की गई थी। उस समय सपा से नगर पालिका अध्यक्ष रहे राधेश्याम जायसवाल ने तत्कालीन सभासदों के प्रस्ताव के आधार पर 15 जनवरी 2005 को इस जमीन का आवंटन किया था। मामले में तत्कालीन सभासद मुजीब अहमद, महेंद्र सिन्हा और कुंती कश्यप का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि इन सभासदों के प्रस्ताव के आधार पर नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा जमीन का आवंटन किया गया था। दो बाद पूर्व टाउन हाल को कब्जे में लेने के लिए डीएम के निर्देश पर नोटिस देकर कब्जे में लेने का प्रयास किया था लेकिन हाईकोर्ट की फटकार के बाद डीएम सहित पूरा प्रशासनिक अमला बैकफुट पर आ गया था। इसके उपरान्त अब इस पट्टे को लेकर सवाल उठने पर मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान एसपीओ (SPO) की आख्या में उक्त आवंटन को नियम विरुद्ध और गलत बताया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका परिषद के संपत्ति लिपिक राकेश मिश्रा ने इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। कोतवाली नगर पुलिस ने पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल समेत चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक अनूप शुक्ला का कहना है कि सम्पत्ति लिपिक की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद शहर की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।
लखनऊ में मां-बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि आरोपी की पहचान मोहनलालगंज के सिसेंडी कस्बा के रहने वाले किशन रावत के रूप में हुई है। मामले की जांच के दौरान उसका नाम सामने आया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर केस में रेप की धारा भी बढ़ाई गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगातार तलाश कर रही थीं। मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी बुधवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी हुलासखेड़ा से खुजौली की ओर नहर किनारे रास्ते से जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बाजखेड़ा-हुलासखेड़ा ईंट भट्ठे के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी भागने लगा और तमंचे से फायर कर दिया। गोली लगने से एक सिपाही घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी किशन रावत के पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद वह वहीं गिर पड़ा और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। घायल सिपाही को मोहनलाल CHC में भर्ती कराया पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर घायल सिपाही को इलाज के लिए सीएचसी मोहनलालगंज भेजा। आरोपी के पास से .315 बोर का अवैध तमंचा और दो कारतूस खोखा बरामद किए गए हैं। घर में मिली थी मां-बेटे की लाश इससे पहले सिसेंडी गांव में रेशमा और उसके नेत्रहीन बेटे की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। महिला गुमटी में परचून की दुकान चलाकर बेटे का पालन-पोषण करती थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो बेटे की लाश पानी के हौदे में डुबोकर रखी मिली थी और उसके ऊपर दूसरा हौदा रखा गया था। वहीं महिला का शव कमरे में बिस्तर पर कपड़ों से ढका पड़ा था और उसके गले में कपड़ा लिपटा हुआ था। 160 रुपए के उधार को लेकर रंजिश जांच में सामने आया कि आरोपी पर महिला की दुकान के 160 रुपए उधार थे। महिला उससे लगातार पैसे मांग रही थी। दो दिन पहले इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ था। बताया जा रहा है कि इसी रंजिश में आरोपी ने पहले शराब पी और फिर पैसे देने के बहाने महिला के घर पहुंचा। वहां उसने महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी ने पहले महिला की हत्या की और फिर उसके नेत्रहीन बेटे को पानी के हौदे में डुबोकर मार डाला। वारदात के बाद वह फरार हो गया था ………………………….. संबंधित खबर पढ़ें लखनऊ में मां-बेटे की घर में घुसकर हत्या:नेत्रहीन बेटे को पानी के हौदे में डुबोकर मारा, महिला का शव कपड़े में लपेटा मिला लखनऊ में मां-बेटे की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। 18 साल का बेटा नेत्रहीन था। मां गुमटी में परचून की दुकान चलाकर उसका पालन-पोषण कर रही थी। हत्या की सूचना पर पुलिस पहुंची तो देखा कि बेटे को पानी के हौदे में डुबोकर मारा गया है। उसकी डेडबॉडी के ऊपर दूसरा हौदा रख दिया गया था। वहीं, मां का शव कमरे में बिस्तर पर कपड़े में लपेटा पड़ा था। यहां पढ़ें पूरी खबर
देवरिया में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने के लिए अतिरिक्त शुल्क मांगने के आरोप में एक ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी रतन कुमार ने जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद यह कार्रवाई की है। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। यह मामला विकास खंड सलेमपुर की ग्राम पंचायत कस्या सलेमपुर से संबंधित है। कस्बा सलेमपुर के पूर्व ग्राम प्रधान मोहम्मद सादिक अली ने शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत अधिकारी त्रिलोकीनाथ शाह जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने के लिए अतिरिक्त पैसे की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद जिला विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी सलेमपुर को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद 30 दिसंबर 2025 को खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) और सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) सहित अन्य अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने ग्राम पंचायत में मौके पर जाकर जांच की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता की उपस्थिति में गांव के कई लोगों ने लिखित बयान दिए। इनमें अप्सरा, अनवारुद्दीन, बेबीनाज, वसीम और नौशाद शामिल हैं। सभी ने अपने बयानों में आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत अधिकारी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने के लिए अतिरिक्त शुल्क मांगते हैं। शिकायतकर्ता मोहम्मद सादिक अली ने भी 10 हजार रुपये की मांग का आरोप लगाया। जांच में उपलब्ध कराए गए मोबाइल चिप के ऑडियो रिकॉर्ड से भी आरोपों की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम पंचायत अधिकारी त्रिलोकीनाथ शाह को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्हें विकास खंड लार से संबद्ध किया गया है। मामले की विभागीय जांच के लिए सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (प्राविधिक) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें एक माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के अधिकारियों द्वारा आरटीआई के जवाब में कथित तौर पर गुमराह करने और सूचना मांगने वाले व्यक्ति पर ही मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने का मामला अब गरमा गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सुरेश कुमार दुबे की अदालत ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बरेली मंडल को जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने बीएनएसएस की धारा-175 (4) के तहत तथ्यों की स्पष्ट जांच कर 20 मार्च 2026 तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। क्या है पूरा मामला?सरस्वती नगर निवासी विनोद कुमार जोशी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उन्होंने बीडीए से एक आर्किटेक्ट, सुमित अग्रवाल की नियुक्ति और उन्हें किए गए करोड़ों के भुगतान के संबंध में सूचना मांगी थी। आरोप है कि बीडीए के जनसूचना अधिकारी ने न केवल अधूरी और भ्रामक जानकारी दी, बल्कि तथ्यों को भी छिपाया।विनोद जोशी का कहना है कि जब उन्होंने सूचना के लिए दबाव बनाया, तो बीडीए के अधिकारियों ने लोक सेवक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने के बजाय, उनके खिलाफ ही थाना बिथरी चैनपुर में एफआईआर दर्ज कराने की तहरीर दे दी। पीड़ित ने पुलिस के आला अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांगविनोद जोशी के वरिष्ठ अधिवक्ता लवलेश पाठक ने बताया कि विनोद ने अपनी शिकायत में बीडीए के शीर्ष अधिकारियों को नामजद करते हुए कार्रवाई की मांग की है। इसमें बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मणिकंदन ए., संयुक्त सचिव दीपक वर्मा और अधिशासी अभियंता व जनसूचना अधिकारी अनिल कुमार को विपक्षी बनाया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य अज्ञात कर्मचारियों और वर्दीधारियों पर भी प्रार्थी को धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट का कड़ा रुख: कमिश्नर करेंगे जांचविनोद जोशी के वरिष्ठ अधिवक्ता लवलेश पाठक ने बताया कि अदालत ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पाया कि मामला सीधे तौर पर बड़े प्रशासनिक अधिकारियों से जुड़ा है। न्यायाधीश ने आदेश में स्पष्ट किया कि मामले के निस्तारण से पहले घटना के तथ्यों और परिस्थितियों की विधिनुसार जांच आवश्यक है। इसके लिए कमिश्नर बरेली मंडल को अधिकृत किया गया है। अदालत का आदेश: प्रार्थना पत्र में वर्णित घटना के तथ्यों एवं परिस्थितियों की विधिनुसार स्पष्ट जांच आयुक्त बरेली मंडल, बरेली से कराया जाना न्यायोचित है। वे अपनी रिपोर्ट 20 मार्च तक न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें। आरोपों के मुख्य बिंदुकरोड़ों का भुगतान: आरटीआई के जवाब में बताया गया कि आर्किटेक्ट सुमित अग्रवाल को अब तक 1,47,85,590.06 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। झूठी सूचना: विनोद का दावा है कि प्राधिकरण ने कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर छिपाया जो विधि के विरुद्ध है। उत्पीड़न का आरोप: आरोप है कि 10 अगस्त 2025 को अधिकारियों ने बुलाकर धमकी दी कि यदि आरटीआई डालना बंद नहीं किया, तो जेल भिजवा देंगे। अब सबकी नजरें 20 मार्च को आने वाली कमिश्नर की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि बरेली विकास प्राधिकरण के गलियारों में क्या वाकई सूचना के अधिकार को दबाने का खेल चल रहा था।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में लाडवा-यमुनानगर हाईवे पर सड़क हादसे में 22 साल के अग्निवीर जवान और उसकी भतीजी की मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा अभि (13) जख्मी हो गया। अभि का कुरुक्षेत्र के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनकी कार सड़क किनारे पेड़ से टकरा कर खेत में पलट गई। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान अग्निवीर आर्यन और 11 साल की कनिका निवासी बडौंदा के रूप में हुई। पुलिस ने चाचा-भतीजी के शव को कब्जे में लेकर मॉर्चरी में रखवा दिया है। कल सुबह पुलिस उनके शव का पोस्टमॉर्टम करवाएगी। उधर, चाचा-भतीजी की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। लाडवा से लौट रहे थे घर पुलिस के मुताबिक, आर्यन अपनी भतीजी कनिका व भतीजे अभि के साथ कार में सवार होकर लाडवा गया था। शाम को तीनों में वापस अपने घर आ रहे थे। इसी दौरान रात करीब 8 बजे गांव लाठी धनौरा-जैनपुर जाटान के बीच उनकी कार बेकाबू होकर सड़क के किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। पेड़ से टकरा कर कार खेत में पलट गई। आसपास के लोगों ने निकाला घटना के बाद आसपास के गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और तीनों को कार से बाहर निकाल कर लाडवा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने आर्यन व कनिका की जांच करके उनको मृत घोषित कर दिया। वहीं अभि की गंभीर हालत को देखते हुए उसे कुरुक्षेत्र रेफर कर दिया गया। पुलिस कर रही मामले की जांच उधर, थाना लाडवा के SHO गुरनाम सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। आर्यन और कनिका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिवार तक सूचना पहुंचा दी गई है। पुलिस कल परिवार के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
देवरिया में 40 पुलिसकर्मियों का तबादला:तीन दरोगा समेत 12 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, एसपी ने लिया एक्शन
देवरिया जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने बुधवार को पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। इस आदेश के तहत आठ उपनिरीक्षकों (दरोगा) समेत कुल 40 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। वहीं, कार्य में लापरवाही के आरोप में तीन उपनिरीक्षकों और नौ कांस्टेबलों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। लाइन हाजिर किए गए उपनिरीक्षकों में भलुअनी थाने में तैनात वीरेंद्र कुमार, बनकटा थाने में तैनात अनिल कुमार राय और सदर कोतवाली में तैनात गुलाब चंद्र यादव शामिल हैं। इनके अतिरिक्त, सदर कोतवाली में तैनात कांस्टेबल आनंद कुमार यादव, रामराज यादव, कृष्ण गोपाल गोड़, विक्रांत सिंह, पवन यादव, राम आशीष यादव, गुलशन सोनकर, रामचंद्र यादव और आशीष कुमार गोड़ को भी लाइन हाजिर किया गया है। तबादले की सूची के अनुसार, उपनिरीक्षक वीरेंद्र कुमार को थाना भलुअनी से पुलिस लाइन भेजा गया है, जबकि उपनिरीक्षक अनिल कुमार राय को थाना बनकटा में ही तैनात रखा गया है। उपनिरीक्षक गुलाब चंद्र यादव को पुलिस लाइन से सदर कोतवाली भेजा गया है। उपनिरीक्षक रविंद्र नाथ यादव को पुलिस लाइन से थाना बनकटा, उपनिरीक्षक अंकित कुमार सिंह को थाना मईल से चौकी प्रभारी गढ़रामपुर बनाया गया है। इसी प्रकार, उपनिरीक्षक नितिन कुमार मिश्रा को थाना तरकुलवा से पुलिस लाइन और उपनिरीक्षक रविंद्र नाथ चौबे को थाना मईल से पुलिस लाइन स्थानांतरित किया गया है। उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह को कोतवाली से पुलिस लाइन भेजा गया है। पुलिस लाइन से राहुल यादव को थाना श्रीरामपुर भेजा गया है। वहीं, हरिकेश कुमार यादव, आशीष कुमार यादव, नरेंद्र कुमार यादव, विनय प्रकाश खरवार, अमित कुशवाहा, राहुल कुमार, सनोज कुमार यादव, दयाशंकर यादव, ओमप्रकाश, रामानंद सिंह यादव, अनुज कुमार चौधरी और प्रवीण कुमार पांडेय को सदर कोतवाली में तैनाती दी गई है। कोतवाली में तैनात कुछ कांस्टेबलों को अन्य थानों में स्थानांतरित किया गया है। इनमें विनोद कुमार पटेल को थाना महुआडीह, अजीत कुमार को थाना तरकुलवा, विमलेंद्र प्रताप यादव को थाना भलुअनी, पवन कुमार यादव को थाना सुरौली और धर्मेंद्र कुमार को थाना एकौना भेजा गया है। महिला कांस्टेबल ममता यादव को भलुअनी से न्यायालय सुरक्षा तथा महिला कांस्टेबल रंजना यादव को रामपुर कारखाना थाना भेजा गया है।
जौनपुर में जनसेवा केंद्र संचालक को गोली मारी:बदमाश बाइक, बैग और मोबाइल लेकर फरार, हालत गंभीर
जफराबाद क्षेत्र के गोसाईपुर गांव के पास बुधवार रात बाइक सवार बदमाशों ने एक सहज जन सेवा केंद्र संचालक को गोली मार दी। बदमाश उनकी बाइक, बैग और मोबाइल लेकर फरार हो गए। घायल संचालक को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। गोसाईपुर गांव निवासी प्रेमचंद यादव (पुत्र तेजू यादव) गोसाईपुर चौराहे पर सहज जन सेवा केंद्र चलाते हैं। बुधवार रात करीब नौ बजे वे अपना केंद्र बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे। केंद्र से लगभग 500 मीटर दूर ब्राह्मण बस्ती के पास पहुंचते ही एक बाइक पर सवार बदमाशों ने उन्हें रोका और गोली मार दी। गोली प्रेमचंद के सीने और पेट के बीच लगी है। बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद उनकी बाइक, बैग और मोबाइल फोन लेकर भाग गए। गोली लगने के बाद प्रेमचंद यादव भागकर ब्राह्मण बस्ती पहुंचे और लोगों से मदद मांगी। ब्राह्मण बस्ती के लोगों ने ग्राम प्रधान को सूचना दी, जिसके बाद प्रेमचंद को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश शुक्ल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का पता लगाया जा सके।
सहारनपुर में तेज रफ़्तार कार हाइवे पर रेलिंग से टकराई:हादसे में बुजुर्ग महिला की मौत, चालक गंभीर
सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर बुधवार शाम को एक सड़क हादसा हुआ। गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव हरियाबास के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग से टकरा गई। इस दुर्घटना में कार सवार 91 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक महिला की पहचान देहरादून निवासी प्रभादेवी (91 वर्ष) पत्नी हंसराज के रूप में हुई है। वह हरियाणा के गुरुग्राम से किसी निजी काम से लौट रही थीं और अपनी कार से दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे के रास्ते देहरादून जा रही थीं। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम चार बजे जब उनकी कार गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव हरियाबास के पास पहुंची, तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार रेलिंग के कई पिलर तोड़ते हुए उसमें फंस गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के कारण रेलिंग के लगभग आधा दर्जन पिलर टूट गए और लोहे की रेलिंग कार को चीरते हुए अंदर तक घुस गई। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गागलहेड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने कार में फंसे घायल चालक रवि दयाल को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। रवि दयाल को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बुजुर्ग महिला प्रभादेवी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने बाद में सामान्य कराया। थाना प्रभारी अमित नागर ने बताया कि मृत महिला के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कार के अनियंत्रित होने से हादसा होना सामने आ रहा है।
सहारनपुर में 19 गैस एजेंसियों की जांच:कहीं नहीं मिली LPG की कमी, अधिकारी बोले आपूर्ति नियमानुसार
सहारनपुर में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सक्रिय है। डीएम मनीष बंसल के निर्देश पर बुधवार को जिला पूर्ति विभाग ने जनपद की विभिन्न गैस एजेंसियों पर व्यापक जांच अभियान चलाया। जिला पूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों, पूर्ति निरीक्षकों और आपूर्ति लिपिकों की कई टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों में गैस एजेंसियों और उनके गोदामों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान एलपीजी गैस के स्टॉक, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाओं की बारीकी से पड़ताल की गई। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी निर्धारित नियमों के अनुसार हो रही है या नहीं। जांच टीमों ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कुल 19 गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया। इनमें चिलकाना रोड स्थित गणपति इंडेन गैस सर्विस और सनबीम गैस एजेंसी, पेपर मिल रोड की संदीप गैस एजेंसी, गौरव गैस एजेंसी और दोआबा गैस एजेंसी प्रमुख थीं। इसके अतिरिक्त, गागलहेड़ी, कैलाशपुर और टपरी क्षेत्र की एजेंसियों की भी जांच की गई। रामपुर मनिहारान में सिद्धार्थ गैस एजेंसी और शिव शक्ति गैस एजेंसी का निरीक्षण हुआ, जबकि नकुड़ क्षेत्र में वीर राजेश गैस एजेंसी और इंडेन गैस एजेंसी की भी पड़ताल की गई। ग्रामीण इलाकों में तल्हेड़ी बुजुर्ग स्थित ग्रामीण गैस वितरक, बिहारीगढ़ और छुटमलपुर क्षेत्र की कई एजेंसियों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने गैस सिलेंडर के स्टॉक रजिस्टर, गोदाम में उपलब्ध सिलेंडरों और वितरण प्रक्रिया की पूरी जानकारी ली। जिला पूर्ति विभाग की टीम ने जांच के बाद बताया कि किसी भी गैस एजेंसी पर एलपीजी सिलेंडर की कमी नहीं पाई गई। सभी जगह पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध मिला और उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद नियमानुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह भी पाया गया कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय उपभोक्ताओं से ओटीपी लेकर ही सिलेंडर दिया जा रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी समय-समय पर इसी तरह के निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे।
बदायूं में बुधवार रात एक नाबालिग लड़के को उसके दो दोस्तों ने गोली मार दी। घटना के पीछे क्रिकेट खेलने को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल लड़के को हायर सेंटर रेफर किया गया है। वह स्थानीय सभासद का भतीजा है। यह घटना कोतवाली दातागंज इलाके के कांसपुर रोड के पास हुई। दातागंज के वार्ड संख्या 15 के सभासद सुरेश माथुर के भतीजे वैभव (16) पुत्र विपिन ने सुबह अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेला था। परिजनों के अनुसार, खेल के दौरान युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी, जिसे उस समय मौजूद लोगों ने शांत करा दिया था। बताया जा रहा है कि शाम को उसी विवाद की रंजिश में वैभव के दो दोस्त उसे घर से बुलाकर अपने साथ ले गए। कांसपुर रोड पर एक सुनसान जगह पर ले जाकर उन्होंने वैभव पर गोली चला दी। गोली वैभव के पेट में लगी और छर्रे भी पेट समेत आसपास के हिस्सों में धंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने घायल वैभव को तुरंत दातागंज सीएचसी में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में भी सुधार न होने पर उसे हायर सेंटर भेजा गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। प्रभारी निरीक्षक वेदपाल सिंह ने बताया कि क्रिकेट खेलने के दौरान युवकों में कहासुनी हुई थी, जिसके बाद रंजिश में युवक को गोली मारी गई है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिजनौर के एक गांव में ट्यूशन पढ़ने गई 15 वर्षीय छात्रा के अश्लील फोटो का भय दिखाकर ट्यूटर द्वारा दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट की स्पेशल अपर सत्र न्यायाधीश कल्पना पांडे ने सुखपाल सिंह उर्फ जोनी को दोषी पाकर 10 वर्ष की कठोर सजा का फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पर 12 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। विशेष लोक अभियोजक भालेंद्र राठौर ने बताया कि बिजनौर के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें बताया कि उसकी 15 वर्षीय लड़की गांव के सुखपाल सिंह उर्फ टोनी से ट्यूशन पढ़ती थी। एक दिन आरोपी ने पीड़िता के नहाते वक्त मोबाइल से फोटो खींच लिए। आरोपी मोबाइल से खींचे फोटो का डर दिखाकर पीड़िता को अपने घर बुलाकर दुष्कर्म करता था। सात अक्टूबर 2022 की रात को भी आरोपी ने पीड़िता को घर बुलाकर गलत काम करने के लिए विवश किया। पीड़िता के मना करने पर आरोपी ने उसे मां-बहन की गालियां देकर डंडे से मारपीट की। जिससे पीड़िता की बायीं आंख में चोट लग गई। किशोरी ने सारी घटना अपने मां-बाप को बताई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मजिस्ट्रेट के समक्ष किशोरी के बयान दर्ज कराकर आरोपी को जेल भेज दिया और आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक की ओर से मामले से जुड़े 10 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया। बुधवार को अदालत ने सुखपाल सिंह उर्फ जोनी दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की कठोर सजा का सुनाकर सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।
सहारनपुर में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की परीक्षा की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। बुधवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम मनीष बंसल और एसएसपी अभिनंदन सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया, जहां परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर डीएम मनीष बंसल ने जोर दिया कि भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित ढंग से कराई जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने के निर्देश दिए। डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। एसएसपी अभिनंदन सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए। एसएसपी ने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, प्रवेश द्वार पर सघन चेकिंग तथा अभ्यर्थियों की पहचान की प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने पर भी बल दिया। बैठक में अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुगम प्रवेश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बिजली-पानी की उपलब्धता, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी गहन चर्चा की। डीएम ने निर्देश दिए कि परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए सभी व्यवस्थाओं का पूर्व में निरीक्षण अवश्य किया जाए। डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभाने को कहा। प्रशासन की प्राथमिकता है कि भर्ती परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाए। बैठक के अंत में परीक्षा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए,ताकि उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2025 जिले में सकुशल और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके।
कूड़ा डालने पर विवाद, महिला से मारपीट:जमुनापार थाने में शिकायत दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
मथुरा के थाना जमुनापार क्षेत्र के गांव दीवाना खुर्द में कूड़ा डालने को लेकर हुए विवाद में एक महिला से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ थाना जमुनापार में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांव दीवाना खुर्द निवासी रेखा देवी पत्नी अशोक कुमार ने आरोप लगाते हुए पुलिस को बताया कि वह अपने घर का कूड़ा डालने के लिए अपने प्लॉट पर गई थीं। इसी दौरान गांव के टिकट पुत्र देवकी सिंह और संजू पुत्र देवी सिंह वहां आ गए और कूड़ा डालने को लेकर उनसे विवाद करने लगे। आरोप है कि दोनों ने महिला के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। रेखा देवी के अनुसार, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें धमकाया। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यदि दोबारा वहां कूड़ा डाला तो जान से मार देंगे। महिला किसी तरह वहां से अपने घर पहुंची। आरोप है कि कुछ देर बाद दोनों आरोपी उनके घर में घुस आए और लात-घूंसों व डंडों से रेखा देवी के साथ मारपीट की। इस हमले में रेखा देवी के सिर में गंभीर चोट आई है। मारपीट करने के बाद आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता थाना जमुनापार पहुंची और पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शहर में आज शाम करीब 8 बजे के बाद कई प्रमुख सड़कों पर भीषण जाम लग गया। जौरा रोड नेशनल हाईवे-552, बैरियल चौराहा नेशनल हाईवे-44, ऋषिगावल रोड, अंबाह ओवरब्रिज, बायपास और अन्य मार्गों पर वाहन घंटों तक फंसे रहे। जाम के कारण एम्बुलेंस और बारातें भी रास्ते में अटक गईं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जौरा रोड पर जाम के दौरान दो मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस भी लंबे समय तक फंसी रही। लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील समय में भी पुलिस या ट्रैफिक पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। स्थिति यह रही कि जाम में फंसे लोगों ने खुद ही सड़कों पर उतरकर धीरे-धीरे यातायात को व्यवस्थित किया, तब जाकर रास्ता खुल सका। शादी समारोहों के कारण बढ़ी भीड़बताया जा रहा है कि 11 मार्च को शहर में बड़ी संख्या में विवाह समारोह होने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई। बारातों और निजी वाहनों की भीड़ के चलते कई मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। लोगों ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवालमहापुर रोड निवासी रेनू तोमर ने बताया कि वह एक शादी में शामिल होने बाइक से जौरा रोड जा रहे थे। वहां दोनों ओर लंबा जाम लगा था। ऋषिगावल रोड पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी थीं और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। उन्होंने बताया कि जाम में एम्बुलेंस भी मरीजों के साथ खड़ी रही, लेकिन कहीं भी पुलिस या ट्रैफिक पुलिस नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि जब शहर में अधिक शादियां होती हैं तो पुलिस को पहले से यातायात व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था देखने को नहीं मिली। घंटों बाद स्थानीय लोगों की मदद से धीरे-धीरे जाम खुल सका।
सहारनपुर में दो नशा तस्कर गिरफ्तार:302 ग्राम स्मैक बरामद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 60 लाख
सहारनपुर पुलिस ने दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 302 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 60 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई थाना गंगोह पुलिस ने 'ऑपरेशन सवेरा' अभियान के तहत की। सीओ अशोक सिसोदिया ने बताया कि डीआईजी अभिषेक सिंह के निर्देश पर 'ऑपरेशन सवेरा' अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसएसपी अभिनंदन के निर्देशन में थाना गंगोह पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक अवैध स्मैक लेकर सहारनपुर की ओर जा रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने विद्यार्थी तिराहे के पास चेकिंग अभियान शुरू किया। चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर दो संदिग्ध युवक रुक गए। संदेह होने पर पुलिस ने उन्हें रोककर तलाशी ली, जिसमें उनके पास से कुल 302 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में उनकी पहचान सहारनपुर के थाना नकुड़ अंतर्गत घाटमपुर निवासी आवेश उर्फ बिल्लू पुत्र आलिम और शामली के थाना कैराना अंतर्गत बसेड़ा निवासी आरिफ पुत्र अली हसन के रूप में हुई। आवेश के पास से 252 ग्राम और आरिफ के पास से 50 ग्राम स्मैक मिली। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना गंगोह पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है ताकि स्मैक के स्रोत और इसकी आपूर्ति के गंतव्य का पता लगाया जा सके। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी आरिफ का आपराधिक इतिहास भी है। उसके खिलाफ पहले से हत्या और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले दर्ज हैं। पुलिस इस मामले में नशा तस्करी से जुड़े अन्य संभावित लिंक की भी जांच कर रही है।
ED के लखनऊ जोनल ऑफिस ने अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (APIL) और उसके प्रमोटरों की 313.12 करोड़ रुपए की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ईडी की जांच में सामने आया है कि कंपनी ने लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर होमबायर्स से भारी रकम वसूल कर उसका एक बड़ा हिस्सा अन्य गतिविधियों में डायवर्ट कर दिया। आगरा की 9.08 हेक्टेयर जमीन कुर्क ईडी की ओर से कुर्क की गई संपत्तियों में आगरा में स्थित करीब 9.08 हेक्टेयर आवासीय जमीन शामिल है। इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 313.12 करोड़ रुपए बताई गई है। जांच एजेंसी के अनुसार ये संपत्तियां अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़ी सहयोगी कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं। कुर्की की यह कार्रवाई चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। सुशांत गोल्फ सिटी प्रोजेक्ट में गड़बड़ी का आरोपईडी की जांच मुख्य रूप से लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों पर केंद्रित है। आरोप है कि इस प्रोजेक्ट के नाम पर होमबायर्स से बड़ी रकम एडवांस के रूप में ली गई, लेकिन समय पर फ्लैट नहीं दिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि प्रोजेक्ट से जुड़े फंड का सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया और धन को अन्य गतिविधियों में डायवर्ट किया गया। होमबायर्स से 1234.92 करोड़ रुपए वसूले ईडी के अनुसार कंपनी ने सुशांत गोल्फ सिटी परियोजना के नाम पर ग्राहकों से कुल 1234.92 करोड़ रुपए एडवांस के रूप में जुटाए थे। हालांकि जांच में पाया गया कि इस रकम में से केवल 921.80 करोड़ रुपए ही प्रोजेक्ट के निर्माण और उससे जुड़े परिसंपत्तियों पर खर्च किए गए। बाकी करीब 313.12 करोड़ रुपए को अन्य गैर-प्रोजेक्ट गतिविधियों में डायवर्ट कर दिया गया। 278 एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच ईडी ने यह जांच अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज 278 एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इन एफआईआर में आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसे आरोप शामिल हैं। देश के विभिन्न शहरों में दर्ज इन मामलों में आरोप है कि कंपनी ने प्रोजेक्ट के नाम पर ग्राहकों से पैसा लिया, लेकिन उन्हें तय समय पर फ्लैट नहीं दिए गए। होमबायर्स के हितों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई ईडी का कहना है कि जांच के दौरान जो धन अपराध की कमाई के रूप में सामने आया था, वह सीधे तौर पर उपलब्ध नहीं था। ऐसे में उसके बराबर मूल्य की वैकल्पिक संपत्तियों को कुर्क किया गया है।
आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर मौत हो गई। युवक शादी समारोह से लौट रहा था। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। यह घटना एत्मादपुर थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड पर बुधावार रात करीब 9:30 बजे हुई। छोटा सुरेरा निवासी 24 वर्षीय जय किशन पुत्र राजवीर सिंह अपनी अपाचे बाइक से एत्मादपुर स्थित एक मैरिज होम से दावत खाकर घर लौट रहे थे। तहसील के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि जय किशन की मौके पर ही मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर जमा हो गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की पुलिस से तीखी बहस भी हुई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। थाना प्रभारी आलोक कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संभल में 21 रमज़ान पर इमाम अली का यौमे शहादत:शिया समुदाय ने शबीहे ताबूत निकालकर खिराजे अकीदत पेश की
संभल में शिया समुदाय ने 21 रमज़ान को इमाम अली इब्ने अबी तालिब अलैहिस्सलाम का यौमे शहादत अकीदत और गम के साथ मनाया। इस अवसर पर विभिन्न मस्जिदों और अज़ाखानों में मजलिसों का आयोजन किया गया, साथ ही शबीहे ताबूत के जुलूस भी निकाले गए। थाना असमोली क्षेत्र के गांव बुकनाला सादात में भी यौमे शहादत पर ग़म और अकीदत का माहौल रहा। यहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत अज़ीज़ुल हसन और उनके साथियों द्वारा पेश किए गए मर्सिया से हुई। इसके बाद मौलाना ईसार हुसैन नक़वी ने मजलिस को संबोधित करते हुए इमाम अली के जीवन, न्याय, बहादुरी और शहादत से जुड़े वाकये बयान किए। मौलाना की तकरीर के बाद नायाब अली बुकनालवी ने नौहे पढ़े, जिससे माहौल और गमगीन हो गया। मजलिस के समापन के बाद जामा मस्जिद से शबीहे ताबूत का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस मातम करते हुए दरगाहे हुसैनी पर समाप्त हुआ। इस दौरान अकीदतमंदों ने इमाम अली की शहादत को याद करते हुए देश में अमन-चैन, न्याय और भाईचारे के लिए दुआएं मांगीं। संभल कोतवाली क्षेत्र के गांव नूरियों सराय और थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र की नगर पंचायत सिरसी कस्बे में भी 21 रमज़ान पर मजलिसों का आयोजन किया गया। इन सभी स्थानों पर कार्यक्रम शाम 6 बजे शुरू होकर मध्यरात्रि तक चले।
फर्रुखाबाद के क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान में श्री श्याम सेवा समिति द्वारा पांचवें फाल्गुन महोत्सव का आयोजन किया गया। बुधवार शाम 7 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में खाटू श्याम का दिव्य दरबार सजाया गया है। महोत्सव में 3000 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं, और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। महोत्सव की तैयारियां बीते दो दिनों से चल रही थीं। कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद जैसे-जैसे समय बढ़ता गया, श्रद्धालुओं की भीड़ भी लगातार बढ़ती गई। इस दौरान भजनों का दौर भी जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। देखें, 4 तस्वीरें… कार्यक्रम में रात करीब 10 बजे मनोना धाम के महंत का आगमन हुआ। वे एक खुली गाड़ी में बैठकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। आवास विकास तिराहे से महोत्सव स्थल तक बड़ी संख्या में लोग पैदल उनके पीछे दौड़ते हुए जय-जयकार कर रहे थे। महंत के पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। महोत्सव स्थल पर खाटू श्याम का भव्य दिव्य दरबार सजाया गया है। दरबार तक पहुंचने के लिए एक अलग गैलरी बनाई गई है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुलाब के फूल लेकर खाटू श्याम के दर्शन के लिए कतारबद्ध खड़े हैं।
तमिलनाडु के ईरोड जिले में बंधुआ मजदूरी की स्थिति में फंसे भीमपुर ब्लॉक के 24 आदिवासी मजदूरों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के हस्तक्षेप के बाद मुक्त कराकर मध्यप्रदेश लाया गया। बुधवार को सभी मजदूर बैतूल पहुंचे, जहां प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें रिसीव किया गया और देर रात बस से उनके गांव भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार भीमपुर क्षेत्र के ये मजदूर पिछले चार-पांच महीनों से तमिलनाडु के मोडाकुरिची क्षेत्र के ओलापालयम में बंधुआ मजदूरी की स्थिति में काम कर रहे थे। मामले की जानकारी सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग तक पहुंची। इसके बाद आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप किया। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के निर्देश पर आयोग के सलाहकार और पूर्व जिला न्यायाधीश प्रकाश उइके ने तमिलनाडु के डीजीपी, मुख्य सचिव और बैतूल एसपी को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कराई। इसके बाद तमिलनाडु पुलिस सक्रिय हुई और ईरोड जिले में कार्रवाई करते हुए सभी 24 मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू के बाद मजदूरों को दो दिन तक मोडाकुरिची के कम्युनिटी हॉल में रखा गया, जहां श्रम विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद 10 मार्च 2026 को शाम 5:15 बजे उन्हें राप्तीसागर एक्सप्रेस (12512) से मध्यप्रदेश के लिए रवाना किया गया। यात्रा के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी भी उनके साथ रहे। बुधवार को मजदूर बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, एसपी वीरेंद्र जैन, एएसपी कमला जोशी, एसडीएम अभिजीत सिंह, लेबर ऑफिसर धम्मदीप भगत सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मजदूरों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। मुक्त कराए गए मजदूरों में 4 महिलाएं, 5 नाबालिग लड़कियां, 1 बच्चा और 14 पुरुष शामिल हैं। प्रशासन ने सभी के भोजन और अन्य व्यवस्थाएं कराते हुए देर रात बस के माध्यम से उन्हें उनके गांव रवाना कर दिया। इनमें।चार मजदूर हरदा जिले के भी शामिल है। मजदूर संगीता ने बताया कि उनसे सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक गन्ना कटवाया जाता था। करीब 16 घंटे तक काम कराया जाता था, जबकि खाने में सिर्फ चावल दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि वहां किसी से बात करने, फोन पर संपर्क करने या कहीं आने-जाने की मनाही थी। ठेकेदार के लोग पूरे समय उनकी निगरानी करते रहते थे।मजदूर अल्लू ने बताया कि उन्हें पहले महाराष्ट्र के शोलापुर ले जाया गया था और वहां से तमिलनाडु भेज दिया गया। उन्हें पहले दिवाली और फिर होली पर घर भेजने का वादा किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें वापस आने नहीं दिया जा रहा था।इस पूरे रेस्क्यू अभियान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़े कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी पहल से मामला संबंधित अधिकारियों और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग तक पहुंच सका।
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में बुधवार रात करीब 9 से 10 बजे के बीच दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक महिला समेत पांच लोग घायल हुए हैं। मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस की मदद से सभी को शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में बिजाना के रहने वाले पप्पू शर्मा की हालत काफी नाजुक बनी हुई है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर कर दिया है। बाकी चार घायलों का इलाज शाजापुर अस्पताल में ही चल रहा है। शादी में जाते समय हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, नागझिरी निवासी कमल मालवीय, अंकित मालवीय और कमल अहिरवार एक बाइक पर सवार होकर खोरया नयता गांव में एक शादी में शामिल होने जा रहे थे। वहीं, दूसरी बाइक पर बिजाना निवासी पप्पू शर्मा और रेखा शर्मा शाजापुर से अपने गांव लौट रहे थे। टिमाइची गांव के पास हुई टक्कर मोहन बड़ोदिया क्षेत्र के ग्राम टिमाइची के पास दोनों बाइकें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया। अस्पताल पुलिस चौकी के प्रधान आरक्षक पदम सिंह ने बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए लाया गया था। फिलहाल घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिसके बाद मामले की जानकारी संबंधित थाने को दी जाएगी।
मेरठ के पल्लवपुरम थाना क्षेत्र स्थित मिलांज मॉल पर राघव वाइंस के नाम से संचालित हो रही वाइन शॉप में बुधवार देर शाम बड़ी संख्या में एक्सपायर बीयर बिकती हुई मिली। एक ग्राहक ने जब एक्सपायर बीयर का सेवन कर लिया तो उसके बाद उसने इसकी शिकायत वाइन शॉप पर मौजूद सेल्समैन से की। इसकेबाद सेल्समैन ने उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और एक बियर के बदले दो बियर फ्री देने की बात कही जिससे गुस्साए ग्राहक ने पल्लवपुरम थाना पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देते हुए शिकायत की। पीने के बाद हुई समस्या बीयर खरीदने पहुंचे ग्राहक निरंकार सिंह ने बताया कि जब उसने वाइन शॉप से बीयर खरीदने के बाद उसमें कुछ फर्क महसूस हुआ तो उसने बीयर की एक्सपायर डेट देखी । जिसमें वह बीयर 3 महीने पहले एक्सपायर हो चुकी थी। उसके बाद उसने बीयर बेचने वाले सेल्समैन को दिखाया और उसकी शिकायत की तो सेल्समेन में उसे दो मुफ्त बीयर कालालच दिया। मौके पर पहुंची पल्लवपुरम पुलिस ने बीयर का पूरा स्टॉक चेक करवाया जिसमें भारी मात्रा में एक्सपायर बीयर वाइन शॉप के अंदर मिली। अनुज्ञापी को पूरे मामले की जानकारी दी गई और इसके साथ ही थाना पुलिस ने आबकारी पुलिस को भी घटना की जानकारी थी ।फिलहाल कितनी बीयर वाइन शॉप में मौजूद है और कब से इसकी बिक्री की जा रही थी इसकी जांच चल रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई- आबकारी अधिकारी जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि वाइन शॉप पर एक्सपायर बियर का मामला संज्ञान में आया है अनुज्ञापी और संबंधित जोन देखने वाले इंस्पेक्टर से पूरी जानकारी ली जा रही है। जांच के आधार पर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी
ललितपुर में बजाज फाइनेंस कंपनी और आम नागरिकों के साथ 1.71 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कंपनी की ललितपुर शाखा में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था। मुख्य आरोपी दिनेश कुमार उर्फ कार्तिक (31) को गिरफ्तार किया है। आरोपी बैंक कॉलोनी निवासी विनोद कुमार का पुत्र है। पुलिस ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक स्कॉर्पियो कार, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक कलाई घड़ी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, झांसी स्थित बजाज फाइनेंस लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर रिस्क संदीप सिंह सोलंकी ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि महेंद्र बरार, नवनीत और अन्य लोगों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनी को 1,71,01,703 रुपये का नुकसान पहुंचाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी क्रम में वांछित आरोपी दिनेश कुमार को भी दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बजाज फाइनेंस की ललितपुर शाखा में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर भोले-भाले लोगों को लोन दिलाने का झांसा दिया और उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज ले लिए। इसके बाद फर्जी बिक्री और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोन स्वीकृत कराया और रकम हड़प ली। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह में कंपनी के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार गिरोह ने वर्ष 2024 और 2025 में फर्जी ऋण आवेदन और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपी ने ठगी के पैसों से स्कॉर्पियो कार खरीदी और ऐशो-आराम पर खर्च किया। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी, निरीक्षक नरेंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी सत्येंद्र सिंह और महिला कांस्टेबल नीलम शामिल रहीं। पुलिस अब इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
बिलासपुर में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित सिम्स जन औषधि केंद्र को वर्ष 2024-25 के लिए राज्य का सर्वश्रेष्ठ जन औषधि केंद्र घोषित किया गया है। यह सम्मान सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया। इस उपलब्धि पर आज केंद्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को एक प्रोत्साहन कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष संजय अग्रवाल (आईएएस) की उपस्थिति में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने की। इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. बी.एल. गोयल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. लखन सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जन औषधि केंद्र की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिल रही हैं, जिससे उनके उपचार का खर्च कम हो रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिल रही है। कलेक्टर ने केंद्र के संचालन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार जनसेवा की भावना से कार्य करते रहने की अपेक्षा जताई। कार्यक्रम का संचालन और आभार ज्ञापन रेड क्रॉस सोसाइटी के जिला समन्वयक सौरभ सक्सेना ने किया।
खरोरा में पुलिस की कांबिंग गश्त, 17 आरोपी पकड़े गए:2 वारंटी गिरफ्तार, अवैध शराब के 2 केस दर्ज
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने खरोरा थाना क्षेत्र में कांबिंग गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में 17 आरोपियों को पकड़ा गया है, जिनमें गुंडा-बदमाश, फरार वारंटी और अवैध शराब कारोबारी शामिल हैं। यह कार्रवाई जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई। पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला और नगर पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी खरोरा, निरीक्षक कृष्ण कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने व्यापक गश्त की। अभियान के तहत कुल 17 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की गई। पुलिस ने दो फरार वारंटियों को भी गिरफ्तार किया। इसके अतिरिक्त, अवैध शराब बेचने के आरोप में आबकारी अधिनियम के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, अवैध शराब बेचने के आरोप में ग्राम भैसा निवासी विजय कुमार सेन और खरोरा निवासी परदेशी यादव के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में अपराधियों, असामाजिक तत्वों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इसका उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
133 प्रशिक्षु IFS अधिकारी छत्तीसगढ़ पहुंचे:वन प्रबंधन और जल संरक्षण मॉडल का करेंगे अध्ययन
भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के 133 प्रोबेशनर अधिकारियों का एक दल छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पहुंचा है। ये अधिकारी राज्य के वन प्रबंधन और जल संरक्षण मॉडल का अध्ययन करेंगे। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून के 2025-26 बैच के ये प्रशिक्षु 15 मार्च तक दक्षिण सिंगपुर वन परिक्षेत्र स्थित पम्पारनाला में “सॉइल एंड वाटर कंजर्वेशन मेजर्स“ विषय पर जमीनी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव के निर्देशन में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसमें वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षुओं को तकनीकी पहलुओं और वन प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (मानव संसाधन) शालिनी रैना, रायपुर सीसीएफ मणिवासगन एस. और दुर्ग सीसीएफ मर्सीबेला ने भी मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षुओं को पम्पारनाला में वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी धमतरी जिले के डीएफओ जाधव श्रीकृष्ण ने प्रशिक्षुओं को पम्पारनाला परियोजना की सफलता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले इस क्षेत्र में अत्यधिक मृदा अपरदन (सॉयल एरोज़न) और मानसून के बाद सूखे जैसी गंभीर समस्याएं थीं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए स्थल के अनुरूप वैज्ञानिक उपचार किए गए हैं। परियोजना के तहत ब्रशवुड चेकडेम, लूज बोल्डर चेकडेम, गेबियन संरचनाएँ और 30-40 मॉडल जैसी प्रमुख संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इनका मुख्य उद्देश्य पानी के बहाव को धीमा करना, मिट्टी के कटाव को रोकना और भू-जल स्तर को बढ़ाना है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, पम्पारनाला में अब बारहमासी जल भराव रहता है। इससे न केवल सिंगपुर, कमईपुर और राउतमुड़ा के ग्रामीणों को सिंचाई सुविधा मिली है, बल्कि वन्यप्राणियों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। प्रशिक्षु अधिकारियों को 8 समूहों में बांटकर दी गई ट्रेनिंग प्रशिक्षु अधिकारियों को बेहतर समझ प्रदान करने के लिए 8 समूहों में बांटा गया था। बलौदाबाजार डीएफओ गणवीर धम्मशील, राजनांदगांव डीएफओ आयुष जैन, कांकेर डीएफओ रौनक गोयल, दुर्ग डीएफओ दिपेश कपिल और बालोद डीएफओअभिषेक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों ने ग्रुप लीडर के रूप में फील्ड पर लाइव डेमो और तकनीकी प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षु 14 मार्च को दुगली स्थित वन धन विकास केंद्र में वनों के दोहन, कूप मार्किंग और कटाई कार्य का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमें भी सुरक्षा व आपातकालीन सेवाओं के लिए तैनात रहीं।
आईजी रामगोपाल गर्ग कोरबा पहुंचे:अधिकारियों संग बैठक में बेहतर पुलिसिंग, ट्रैफिक सुधार के निर्देश दिए
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग मंगलवार देर शाम कोरबा पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिले के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें कोरबा की वर्तमान पुलिसिंग व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस बैठक में कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी मौजूद रहे। आईजी ने कानून व्यवस्था, लंबित अपराधों और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। आईजी ने 'बेहतरीन पुलिसिंग' के निर्देश दिए मीडिया से बात करते हुए आईजी गर्ग ने बताया कि यह उनका नियमित भ्रमण था। उन्होंने कोरबा की जटिल यातायात समस्या पर चिंता व्यक्त की और कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को इसे सुधारने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। आईजी ने अधिकारियों को 'बेहतरीन पुलिसिंग' के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति संवेदनशील और अपराधियों के प्रति सख्त होना चाहिए। लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और अपराध नियंत्रण पर भी जोर दिया गया। इस प्रवास के दौरान आईजी ने दो थानों का निरीक्षण भी किया, जिससे पुलिस महकमे में सक्रियता देखी गई।
भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर बुधवार रात करीब 9 बजे के बाद अचानक जाम के हालात बन गए। दबोहा पुलिया के पास करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लगा, जिसमें सैकड़ों वाहन फंस गए। एंबुलेंस के फंसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर बुधवार रात दबोहा पुलिया के पास यातायात व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई। रात करीब 9 बजे के बाद यहां धीरे-धीरे वाहनों की लंबी कतार लगनी शुरू हुई और कुछ ही देर में जाम करीब दो किलोमीटर तक फैल गया। जाम में दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन फंस गए, जिससे लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। क्षेत्र में दर्जन भर मैरिज गार्डनस्थानीय लोगों के मुताबिक शास्त्री कॉलोनी से लेकर दबोहा पुलिया तक करीब एक दर्जन मैरिज गार्डन स्थित हैं। इन दिनों शादी समारोहों का सीजन चल रहा है, जिसके चलते लगातार बारातें निकल रही हैं। बारातों के दौरान सड़क पर डीजे, बैंड और नाचते बारातियों के कारण यातायात रुक-रुक कर चलता रहा, जिससे जाम की स्थिति बन गई। नेशनल हाईवे होने के कारण इस मार्ग पर रोजाना भारी वाहनों का भी अधिक दबाव रहता है। ऐसे में जब एक साथ कई बारातें सड़क पर निकलती हैं तो यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। जाम में कई एंबुलेंस भी फंस गईं, जिससे मरीजों को ले जा रहे परिजनों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी के सीजन में इस क्षेत्र में हर साल इसी तरह के हालात बनते हैं। हाईवे के किनारे कई मैरिज गार्डन होने के कारण बारातें सीधे सड़क पर निकलती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। लोगों ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल अंतर्गत लगभग 133 किलोमीटर लंबे नीमच–रतलाम रेल खंड के दोहरीकरण का कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में 10 और 11 मार्च 2026 को मल्हारगढ़–मंदसौर रेल खंड का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा निरीक्षण और गति परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। पश्चिम परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास ने 10 मार्च को मल्हारगढ़–मंदसौर रेल खंड का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान नवीन दोहरीकृत रेल लाइन के अंतर्गत बनाए गए पुलों, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई), रेलवे ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य सभी संरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। 120 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार से हुआ ट्रायल रननिरीक्षण के अगले दिन यानी 11 मार्च को इस नवीन दोहरीकृत ट्रैक पर निरीक्षण यान को 120 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति से दौड़ाकर ट्रैक की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की परख की गई। परीक्षण संतोषजनक पाए जाने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त ने मल्हारगढ़–मंदसौर खंड पर यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के लिए उपयुक्तता प्रमाणपत्र जारी कर दिया। 23.35 किमी दोहरीकृत ट्रैक को संचालन की अनुमतिमल्हारगढ़–मंदसौर खंड के लगभग 23.35 किलोमीटर लंबे दोहरीकृत ट्रैक को ट्रेन संचालन की अनुमति मिलने के साथ ही नीमच–रतलाम दोहरीकरण परियोजना का 85 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। 133 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड में से अब तक लगभग 115 किलोमीटर रेल लाइन का दोहरीकरण किया जा चुका है और परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। बचे दो खंडों पर तेजी से जारी है कामपरियोजना के तहत मंदसौर–दलौदा रेल खंड तथा रतलाम–धौसवास रेल खंड पर दोहरीकरण का कार्य तेज गति से जारी है। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि इन शेष हिस्सों का काम भी जल्द पूरा कर उन्हें ट्रेन संचालन के लिए खोल दिया जाए। नीमच–रतलाम रेल खंड का दोहरीकरण पूरा होने के बाद रतलाम–चित्तौड़गढ़ रेल मार्ग पूरी तरह दोहरीकृत और विद्युतीकृत हो जाएगा। इससे इस सेक्शन की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी।दोहरीकरण से ट्रेनों के क्रॉसिंग और पासिंग में लगने वाला समय कम होगा। इससे यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा और यात्रियों को अपने गंतव्य तक कम समय में पहुंचने की सुविधा मिलेगी। उद्योगों को भी मिलेगा फायदारतलाम–चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में स्थित सीमेंट, जिंक और अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए मालगाड़ियों की आवाजाही और अधिक सुगम हो जाएगी। इससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल द्वारा इस महत्वपूर्ण दोहरीकरण परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों और उद्योगों को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
तिल्दा-नेवरा में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में तिल्दा-नेवरा पुलिस ने शराब के नशे में बाइक चला रहे एक युवक पर 10 हजार रुपए का चालान काटा। यह कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक युवक मोटरसाइकिल (CG-04 CW-6204) से शराब के नशे में व्यस्त सड़कों पर वाहन चलाते हुए मिला। पुलिस ने युवक को रोका और पूछताछ की। उसे यातायात नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। इसके बाद मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे शराब पीकर वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। ऐसा करने से सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।
गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मरवाही थाना क्षेत्र में एक महिला से मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। बेबी बाई नामक महिला ने आरोप लगाया है कि 10 मार्च 2026 को महुआ बीनने जाते समय बीरन दास और जीवन दास ने उन पर हमला किया। बाद में अमृतदास भी इसमें शामिल हो गया। बेबी बाई के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज करते हुए डंडे से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर अमृतदास भी मौके पर पहुंचा और उन्हें अपशब्द कहे। बीच-बचाव करने आए पति को दी धमकी जब बेबी बाई के पति संजय कुमार बीच-बचाव करने आए, तो अमृतदास ने उन्हें टंगिया (कुल्हाड़ी) से मारने की धमकी दी। बेबी बाई ने बताया कि वे घर के अंदर घुसकर दरवाजा बंद कर ली, लेकिन आरोपी दरवाजा तोड़कर अंदर आ गए और उनके साथ दोबारा मारपीट की। इस मारपीट में बेबी बाई के दाहिने पैर के घुटने के पास और बाएं कमर में गंभीर चोटें आई हैं। बेबी बाई ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी पहले भी कई बार उनके साथ मारपीट कर चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मरवाही थाना प्रभारी सनीप रात्रे ने बताया कि पीड़ित महिला की शिकायत पर अपराध दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिसार के कैंची चौक से मिर्जापुर रोड की ओर स्थित कौशिक नगर के पास बुधवार को दो गुटों के बीच जमकर झगड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। करीब आधे घंटे तक इलाके में हंगामा और पत्थरबाजी होती रही, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही एचटीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने के बावजूद दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते रहे। पुलिस की संख्या कम होने के कारण काफी देर तक दोनों गुट आपस में ही भिड़े रहे और स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। झगड़े में हुए कई लोग घायल झगड़े के दौरान 4 लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को उपचार के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि अभी तक घायलों की पहचान और उनकी हालत के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुरानी रंजिश में हुए बवाल मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से ही रंजिश चली आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों गुट इलाके में नशा बेचने का काम करते हैं और इसी को लेकर अक्सर उनके बीच झगड़े होते रहते हैं। बुधवार को भी इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मामला मारपीट और पत्थरबाजी तक पहुंच गया। नशा बेचने को लेकर विवाद घटना के दौरान वहां मौजूद एक महिला ने बताया कि बस्ती में नशा बेचने को लेकर अक्सर विवाद होता रहता है। दोनों गुट इसी धंधे से जुड़े बताए जाते हैं और इसी कारण इलाके में कई बार तनाव की स्थिति बन चुकी है। मामले की जांच में जुटी पुलिस एचटीएम थाना के एसएचओ ईश्वर सिंह ने बताया कि मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांजगीर चांपा जिले के ग्राम पोड़ी में एक बेटे ने अपनी मां पर धारदार हथियार से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोपी बेटे ने अपनी 52 वर्षीय मां बुधवारा बाई के गले पर हमला किया। नवागढ़ पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे हुई, जब बुधवारा बाई अपने घर में सो रही थी। तभी उनके बड़े बेटे दया शंकर कश्यप ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। हमले में बुधवारा बाई गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला बिलासपुर रेफर घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। घायल बुधवारा बाई को तत्काल सीएचसी अस्पताल नवागढ़ में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि आरोपी दया शंकर कश्यप की पत्नी कुछ महीनों से अपने मायके में थी, जिसके कारण वह लगातार शराब पीने का आदी हो गया था। उसकी मां बुधवारा बाई उसे शराब पीने से मना करती थीं, इसी बात को लेकर वह नाराज था। धारदार हथियार से मां पर किया हमला इसी नाराजगी के चलते उसने अपनी मां पर धारदार हथियार से हमला किया। घटना के बाद दया शंकर कश्यप ने नवागढ़ थाने में आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और जल्द ही न्यायिक रिमांड पर भेजेगी।
6 साल की बच्ची से रेप का आरोपी पकड़ाया:कटनी में बेर खिलाने का लालच देकर किया था गलत काम, जेल भेजा
कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में एक 6 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है। एक 22 साल के युवक ने मासूम को बेर खिलाने का लालच देकर अपनी हवस का शिकार बनाया। 11 मार्च को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, यह वारदात पिछले शनिवार 7 मार्च की है। आरोपी अनिल केवट ने देखा कि बच्ची घर में अकेली है। उसने बच्ची को बेर खिलाने का झांसा दिया और उसे घर के पीछे एक सुनसान जगह पर ले गया। वहां उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी की बर्बरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने बच्ची के पेट पर दांतों से काटकर उसे बुरी तरह घायल भी कर दिया। परिजन की शिकायत पर तुरंत एक्शन बच्ची ने जब रोते हुए अपने परिवार को पूरी बात बताई, तो परिजन उसे लेकर तुरंत बड़वारा थाने पहुंचे। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और दबिश देकर आरोपी अनिल केवट को गांव से ही दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटा लिए हैं।
हिट एंड रन के 4 पीड़ितों को 2-2 लाख:बिलासपुर में मृतकों के मामलों की समीक्षा, योजना के प्रचार पर जोर
बिलासपुर में हिट एंड रन के चार मामलों में पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। जिला स्तरीय समिति ने इन सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों के प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक में योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके। यह समीक्षा बैठक कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें हिट एंड रन से हुई सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों पर विचार-विमर्श किया गया। सड़क हादसे में जिला समिति की राहत मंजूरी समिति के समक्ष सीपत तहसील के ग्राम सोठी की सतरूपा बाई, बोदरी तहसील के ग्राम सरगांव निवासी संतोष कुमार वर्मा, कोटा तहसील के ग्राम देवरी कला निवासी कुसुम बाई मेहरा और बिल्हा तहसील के ग्राम मोहदा की राजेश्वरी पटेल के निकट संबंधियों की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के मामले प्रस्तुत किए गए। जांच और परीक्षण के बाद समिति ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपए की सहायता राशि देने की अनुशंसा की। बैठक में जिला स्तरीय समिति के सदस्य के तौर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, एडीएम शिव कुमार बनर्जी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जीव धरणी फाउंडेशन के अध्यक्ष विकास चंद्र वर्मा और न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। समिति ने पात्रता के आधार पर प्रकरणों का परीक्षण कर सहायता राशि की सिफारिश की। उल्लेखनीय है कि हिट एंड रन मोटर दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए प्रावधान है कि मृत्यु की स्थिति में 2 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दी जाए। यह प्रावधान 1 अप्रैल 2022 से लागू है।
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने RLP सांसद हनुमान बेनीवाल को डिप्टी स्पीकर बनाने की पैरवी की है। ओवैसी ने कहा- संविधान के अनुच्छेद 93 में डिप्टी स्पीकर का प्रावधान है। मैं, चंद्रशेखर और राजकुमार रोत मिलकर कल एक प्रस्ताव लाएंगे कि हनुमान बेनीवाल को डिप्टी स्पीकर बनाया जाए। पप्पू यादव भी हैं। वे आएंगे कि नहीं, लेकिन हम मिलकर प्रस्ताव लाएंगे। ओवैसी ने कहा- भारत में पावर सेपरेशन है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से देख रहे हैं कि सरकार बार-बार विधायिका (संसद) पर कब्जा करना चाहती है। संसद पर सरकार हावी हो रही है ओवैसी ने कहा- आज संसद पर सरकार हावी हो रही है। आजादी कम होती जा रही है और स्पीकर पर सरकार हावी हो रही है। सोमनाथ चटर्जी ने इसी कुर्सी पर बैठकर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस को नकारा था और कहा था कि सुप्रीम कोर्ट को कोई अधिकार नहीं है कि लोकसभा की अंदरूनी प्रोसिडिंग में दखल दे। नेहरू के घर के बाहर किया था प्रदर्शन ओवैसी ने कहा- 60 के दशक में मनीराम बागड़ी हिसार से सांसद थे। उन्होंने नेहरू के घर के बाहर प्रदर्शन किया था। पुलिस उन्हें अरेस्ट करना चाहती थी। वे तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष हुकुम सिंह के पास आए। हुकुम सिंह ने उनसे कहा था कि आप संसद परिसर में रहो, कोई अरेस्ट नहीं करेगा। वे टेंट लगाकर संसद परिसर में रहे। पुलिस अरेस्ट नहीं कर सकी। 1965 में जब वे संसद परिसर से बाहर निकले, तब पुलिस ने अरेस्ट किया। यह लोकसभा स्पीकर की ताकत होती है। ओवैसी ने कहा- 2016 में हमने देखा कि उसी संसद भवन के सामने आर्मी के टैंक को खड़ा कर दिया गया। यह विधायिका की तौहीन नहीं है तो क्या है? स्पीकर के नाक, कान और आंख नहीं होती। स्पीकर संसद की आंख से ही देखता है और उसके कान से ही सुनता है। बेनीवाल बोले- उपाध्यक्ष हमारे दलों से बनाएं अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा- लोकसभा उपाध्यक्ष हो जाए तो अध्यक्ष का भार कम हो जाएगा। उपाध्यक्ष अच्छा करे। मेरा तो सुझाव है कि उपाध्यक्ष हमारी तरफ के दलों से ही बनाएं। लोकसभा स्पीकर को अविश्वास प्रस्ताव से हटाया जा सकता है। उपराष्ट्रपति देश में राष्ट्रपति के बाद दूसरा बड़ा पद है। पहले उपराष्ट्रपति से इस्तीफा ले लिया था, क्योंकि वे किसान के बेटे थे, इसलिए बात ही नहीं चली। अब लोकसभा स्पीकर का इस्तीफा ही ले लो। इस्तीफा ले लेते तो इतनी बात ही नहीं होती। इस तरह अविश्वास प्रस्ताव से कितनी बदनामी होती है। हम जैसे सांसदों की हालत ईरान युद्ध में भारत जैसी बेनीवाल ने कहा- लोकसभा स्पीकर की जिम्मेदारी है कि वे सब दलों के सांसदों से बराबरी का व्यवहार करें। स्पीकर राजस्थान के हैं। हम जैसे एक सांसद वाली पार्टी वालों और निर्दलीयों की तो हालत यह हो गई है जैसे ईरान, इजराइल और अमेरिका युद्ध में भारत सरकार की है, यानी तटस्थ।
उदयपुर जिला कलेक्टर नमित मेहता ने तत्कालीन कनिष्ठ सहायक अल्पेश लट्ठा को राजकीय सेवा से निष्कासित (रिमूव फ्रॉम सर्विस) करने के आदेश जारी किए हैं। अल्पेश लट्ठा सराड़ा तहसील कार्यालय में कार्यरत हैं। जिन्हें राजकीय कार्य के प्रति घोर लापरवाही और बिना सूचना के लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के मामले में निष्कासित किया गया है। आदेश के अनुसार कनिष्ठ सहायक लट्ठा बिना किसी सूचना या स्वीकृत अवकाश के दो चरणों में लगभग 596 दिनों तक अनुपस्थित रहे हैं। प्रथम चरण में 21 जनवरी 2021 से 3 अक्टूबर 2021 तक और दूसरे चरण में 4 फरवरी 2022 और 14 फरवरी 2022 से लगातार अनुपस्थित रहे। विभाग द्वारा जारी नोटिस और आरोप पत्र के जवाब में कर्मचारी ने अपनी माता की बीमारी और स्वयं के माइग्रेन से पीड़ित होने का हवाला दिया था। हालांकि जांच अधिकारी (उपखण्ड अधिकारी, खेरवाड़ा) की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि कर्मचारी ने बीमारी के संबंध में कोई ठोस मेडिकल दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए थे। दस्तावेजों की जांच में यह भी सामने आया कि कार्मिक अपनी प्रथम नियुक्ति (वर्ष 2013) से ही अपनी मर्जी से अनुपस्थित रहने का आदी रहा हैं। इससे पहले भी वह अपने परिवीक्षाकाल के दौरान विभिन्न अवसरों पर कुल 1029 दिनों तक बिना अनुमति के अनुपस्थित रहा था। जिसके लिए उसके खिलाफ पहले भी सीसीए नियम-16 के तहत कार्रवाई की गई थी। कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कार्मिक का यह कृत्य गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इन्हें सेवा से निष्कासित कर दिया है। साथ ही अनुपस्थिति अवधि का कोई वेतन या भत्ता देय नहीं होगा ।
छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र की पड़रिया चौकी अंतर्गत ग्राम पड़रिया में स्थित एक ट्रांसफॉर्मर निर्माण एवं रिपेयर फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लगने का मामला सामने आया है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही पलों में उसने विकराल रूप ले लिया और पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। घटना से आसपास के इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार फैक्ट्री थाने से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आग लगने की सूचना मिलते ही पड़रिया चौकी प्रभारी कमला सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक आग इतनी भीषण है कि उसकी लपटें दूर से दिखाई दे रही हैं। फैक्ट्री में ट्रांसफॉर्मर से जुड़े सामान और ऑयल होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आग के कारण आसपास के खेतों और फसलों को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक समय में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता के सामने उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। पुलिस और दमकल कर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन का कहना है कि आग पर नियंत्रण के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा और मामले की जांच की जाएगी।
बालाघाट में बुधवार देर शाम हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक युवक की जान चली गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, एक दूसरे हादसे में कार सवार परिवार बाल-बाल बच गया, लेकिन मवेशियों को काफी चोटें आईं। पहला दर्दनाक हादसा किरनापुर थाना क्षेत्र के सेवती और भानेगांव के बीच हुआ। यहां एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पुलिया से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के दरवाजे बुरी तरह पिचक गए और उसमें सवार दो युवक अंदर ही फंस गए। पुलिस और राहगीरों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने दीपक उर्फ रजत सोनवाने (निवासी बूढ़ी) को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे युवक राजू कोसरे का इलाज चल रहा है। फोरलेन पर भैंसों से भिड़ी कार दूसरी घटना नेवरगांव फोरलेन के पास हुई। गोंदिया से बरघाट लौट रहे एक परिवार की कार सड़क पर अचानक आई भैंसों से टकरा गई। कार चालक नंदराम ठाकुर ने बताया कि वे परिवार के चार सदस्यों को लेकर जा रहे थे। इस भिड़ंत में कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और कार सवारों को मामूली चोटें आईं, लेकिन सभी सुरक्षित रहे। हालांकि, हादसे में तीन भैंसें गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। इस घटना के कारण काफी देर तक सड़क पर ट्रैफिक बाधित रहा।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय (एफटीसी) ने अपनी ही मां के साथ दुष्कर्म और मारपीट करने वाले आरोपी बेटे को 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई दुर्ग स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई, जहां न्यायाधीश अवध किशोर ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि आरोपी का कृत्य न केवल मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित करता है, बल्कि पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला अपराध है। अभियोजन के अनुसार, घटना 23 अगस्त 2025 की रात करीब 12 बजे की है। उस समय महिला घर में अकेली थी, जबकि उसका पति और बच्चे नाइट ड्यूटी पर गए हुए थे। इसी दौरान आरोपी बेटा घर पहुंचा और मां से शादी कराने और पैसे देने को लेकर विवाद करने लगा। उसने शराब पीने के लिए 500 रुपए की मांग की। मां ने जब पैसे देने से इनकार किया तब वह गाली-गलौज करने लगा और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद आरोपी ने दरवाजा तोड़कर कमरे में घुसते हुए मां को बिस्तर पर पटक दिया और बुरी तरह पीटा। महिला के हाथ, सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि गंभीर चोटें पहुंचाने के बाद आरोपी ने जबरदस्ती उसके कपड़े उतारकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से हत्या के मामले में सजा काट चुका था। वह करीब 9 साल जेल में रहने के बाद पैरोल पर बाहर आया था। परिवार के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद आरोपी का व्यवहार बेहद आक्रामक हो गया था। वह अक्सर गाली-गलौज करता था और घर में विवाद करता रहता था। घटना वाली रात भी इसी विवाद ने भयावह रूप ले लिया। सामाजिक शर्म के डर से पहले नहीं बताया दुष्कर्म पीड़िता ने शुरुआत में पुलिस को केवल मारपीट और गाली-गलौज की शिकायत दी थी। लेकिन अगले दिन वह अपने पति और बेटी के साथ थाने पहुंची और लिखित शिकायत देकर बताया कि आरोपी बेटे ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया है। कोर्ट में पीड़िता ने बताया कि सामाजिक बदनामी के डर से उसने शुरुआत में यह बात छिपा ली थी। आरोपी उसका बेटा है, इसलिए वह मानसिक रूप से बेहद सदमे में थी। मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट की पुष्टि मामले में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। डॉक्टरों ने उसके सिर और चेहरे पर कई चोटों के निशान पाए। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में जबरन दुष्कर्म के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। अदालत ने कहा कि घटना के करीब 41 घंटे बाद मेडिकल जांच हुई थी और पीड़िता बुजुर्ग महिला है, इसलिए ऐसे मामलों में प्रत्यक्ष सबूत मिलना हमेशा संभव नहीं होता। इसके बावजूद शरीर पर मिले चोटों के निशान पीड़िता के बयान की पुष्टि करते हैं। परिवार के सदस्यों ने भी कोर्ट में दिया बयान मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता की बेटी, पति और अन्य बेटे ने भी अदालत में बयान दिया। बेटी ने बताया कि आरोपी उसका बड़ा भाई है और हत्या के मामले में करीब 9 साल जेल में था। जेल से आने के बाद वह परिवार से ठीक से बात नहीं करता था और अक्सर झगड़ा करता था। पीड़िता के पति ने भी अदालत को बताया कि जब वह सुबह घर पहुंचे तो पत्नी का चेहरा सूजा हुआ था और आंख पर चोट के निशान थे। कोर्ट में आरोपी ने खुद कबूला अपराध सुनवाई के दौरान आरोपी ने अदालत में दिए बयान में कई अहम बातें स्वीकार कीं। उसने माना कि उसने मां के कमरे का दरवाजा खटखटाया और मारपीट की। साथ ही उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने मां के कपड़े उतारकर उसके साथ दुष्कर्म किया। हालांकि उसने अपने कृत्य के लिए परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जेल से लौटने के बाद परिवार ने उसे समाज में ढलने का समय नहीं दिया। कोर्ट की सख्त टिप्पणी अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मां-बेटे का रिश्ता समाज का सबसे पवित्र रिश्ता माना जाता है। आरोपी का यह कृत्य इस रिश्ते की मर्यादा को पूरी तरह नष्ट करने वाला है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे अपराध केवल पीड़िता ही नहीं बल्कि पूरे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं। आरोपी ने अपने अपराध पर कोई पछतावा भी नहीं दिखाया, इसलिए उसके प्रति नरमी बरतने का कोई कारण नहीं है। 25 साल की कठोर सजा सुनाई सभी सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(f) के तहत दुष्कर्म का दोषी माना। अदालत ने उसे 25 साल के कठोर कारावास और 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त 15 दिन की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा मारपीट के अपराध में धारा 115(2) के तहत 6 महीने की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई। कुछ आरोपों से आरोपी बरी अदालत ने यह भी कहा कि घटना घर के अंदर हुई थी, इसलिए सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता और जान से मारने की धमकी से संबंधित धाराएं साबित नहीं हो सकीं। इस कारण आरोपी को इन आरोपों से बरी कर दिया गया।
जयपुर के ब्रह्मपुरी स्थित गढ़ गणेश मंदिर पर रोप-वे बनाने का रास्ता साफ हो गया हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में लगी याचिका को निस्तारित करते हुए करीब डेढ़ साल पहले रोप-वे निर्माण पर लगाई गई रोक (यथास्थिति) को हटा लिया हैं। जस्टिस गणेश राम मीणा की अदालत ने दामोदर रोपवेज की याचिका को मेंटिनेबल (चलने योग्य) नहीं मानते हुए उसे निस्तारित कर दिया। वहीं याचिकाकर्ता को 15 दिन में राज्य सरकार के समक्ष अपील दायर करने की छूट भी दी हैं। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 1 अगस्त 2024 को रोप-वे के निर्माण पर यथास्थिति के आदेश दिए थे। जिससे रोप-वे के निर्माण का काम रूका हुआ था। लेकिन अब याचिका खारिज होने के बाद एक बार फिर रोप-वे का काम शुरू हो सकेगा। अक्टूबर-2023 में रोप-वे का शिलान्यास और भूमि पूजन कार्यक्रम भी काफी चर्चा में रहा था। पूर्व जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी जब इस रोप-वे का शिलान्यास करने पहुंचे, तो राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण अधिकारियों ने उन्हें शिलान्यास से रोक दिया था। जिसे लाइसेंस दिया, उसके पास अनुभव नहींमंदिर श्री गढ़ गणेश जी ट्रस्ट की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता अभि गोयल और एएजी जीएस गिल ने कहा कि रोपवे अधिनियम की धारा 22 के तहत कलक्टर के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार के समक्ष अपील की जाएगी। ऐसे में वैकल्पिक उपाय उपलब्ध होने के कारण याचिका को खारिज किया जाए। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सरकार ने मंदिर ट्रस्ट को रोप-वे निर्माण की अनुमति दी थी, लेकिन ट्रस्ट ने इसका काम मैसर्स शिवम प्राइम इन्फ्रा को सौंप दिया। जबकि इस कंपनी ने रोपवे निर्माण के लिए कभी आवेदन ही नहीं किया था। जिस कंपनी को रोप-वे का काम सौंपा गया था, उसके पास रोप-वे निर्माण का कोई अनुभव भी नहीं हैं। इस पूरी प्रक्रिया में आरटीपीपी एक्ट की पालना भी नहीं की गई हैं। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दिया। श्रृद्धालुओं को 365 सीढ़ियां नहीं चढ़नी पड़ेगीजयपुर में सामोद और खोले के हनुमान जी मंदिर के बाद अब गढ़गणेश मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रोप-वे बनाया जा रहा हैं। इसके बनने के बाद जयपुर में बिना सूंड वाले बालरूप भगवान श्रीगणेश के दर्शनों के लिए श्रृद्धालुओं को 365 खड़ी सीढ़ियों की चढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। श्रृद्धालु केवल तीन मिनट में मंदिर पहुंच सकेंगे। यहां बनने वाले रोप-वे 6 ट्रॉलिया का सेटअप लगेगा और एक ट्रॉली में 6 व्यक्ति एक साथ बैठ सकेंगे। ये ट्रॉली 3 मिनट में गढ़-गणेश मंदिर तक पहुंच जाएगी। इस ट्रॉली का मैन स्टैण्ड गेटोर की छत्रियों पर बनाया जाएगा।
करनाल के इंद्री रोड स्थित एक निजी मैरिज गार्डन में उस समय अनोखा नजारा देखने को मिला, जब अंबाला से एक दूल्हा अपनी बारात हेलीकॉप्टर से लेकर पहुंचा। हेलीकॉप्टर की लैंडिंग होते ही शादी समारोह में मौजूद लोगों का उत्साह बढ़ गया और माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया। इस खास पल को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। अंबाला के गांव पंजोखड़ा निवासी गुरसेवक पेशे से एडवोकेट है। उसके पिता सर्वजीत सिंह शंकर प्रॉपर्टी डीलर हैं। गुरसेवक का विवाह करनाल की इंदिरा कालोनी निवासी चार्टेड अकाउंटेंट मिनाक्षी के साथ तय हुआ था। 6 लाख रुपए खर्च किए यह अरेंज मैरिज है। दूल्हा गुरसेवक हेलीकॉप्टर से करनाल पहुंचा। बताया गया कि हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने में करीब 6 लाख रुपए खर्च किए गए।दूल्हे गुरसेवक ने बताया कि उसके पिता सर्वजीत सिंह शंकर का सपना था कि उनका बेटा हेलीकॉप्टर से अपनी बारात लेकर जाए। परिवार ने मिलकर यह सपना पूरा किया। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर में उनके साथ बहन, जीजा और भांजी भी आई हैं। वापसी में उनके पिता भी हेलीकॉप्टर से जाएंगे। वहीं बाकी बारात गाड़ियों से करनाल पहुंच रही है। सालियों ने किया स्वागत, मुंह मीठा कराकर निभाई रस्म हेलीकॉप्टर से उतरते ही दूल्हे गुरसेवक का जोरदार स्वागत किया गया। दुल्हन की बहनों यानी सालियों ने आगे बढ़कर दूल्हे का मुंह मीठा कराया और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। साली रेणु और सोनिया ने बताया कि उनके जीजा हेलीकॉप्टर से आए हैं, जिससे शादी में अलग ही माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि उनकी बहन मिनाक्षी अब हेलीकॉप्टर से ही अपनी ससुराल जाएगी, जिससे परिवार में भी काफी खुशी का माहौल है।
रायबरेली के अटौरा क्षेत्र में एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर जांच-पड़ताल कर रही है। मृतक की पहचान बलवंत साहू (पुत्र सत्रोहन) के रूप में हुई है, जो हरचंदपुर थाना क्षेत्र के लखनखेड़ा गांव का निवासी था। वह अपने ससुराल अटौरा आया हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार, बलवंत साहू ने कथित तौर पर पति-पत्नी के विवाद के चलते फांसी लगा ली। शव सकल नारायण विद्यालय के बगल में एक पेड़ पर लटका हुआ मिला था। यह घटना करीब रात 7:40 बजे के आसपास सामने आई, जब ग्रामीणों ने शव को पेड़ से लटका देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
नीमच के टैगोर मार्ग पर बुधवार को दिल्ली निवासी एक व्यक्ति की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। कमल चौक के पास हुई इस घटना ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के दावों में बड़ा अंतर देखने को मिला। मृतक की पहचान राजीव के रूप में हुई है, जो अपनी बहन अलका राव के साथ कार से सफर कर रहे थे। मौके पर मौजूद स्थानीय दुकानदारों और लोगों का कहना है कि कार अचानक रुकी और भाई-बहन के बीच झगड़ा शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि महिला ने राजीव को बीच सड़क पर बेरहमी से पीटा, उनके कपड़े तक उतार दिए और लात-घूंसों से हमला किया। लोगों का यह भी कहना है कि जब राजीव की सांसें चल रही थीं, तब महिला ने उन्हें अस्पताल ले जाने से मना कर दिया और मदद के लिए आए लोगों को वहां से भगा दिया। पुलिस का बयान: बीमारी बनी वजह दूसरी तरफ, कैंट थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि राजीव लंबे समय से दिल की बीमारी से जूझ रहे थे और काफी कमजोर थे। पुलिस के मुताबिक, उनकी बहन उन्हें पीट नहीं रही थी, बल्कि संभालकर कार में बैठाने और अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रही थी। पुलिस ने मारपीट की बात से साफ इनकार किया है। जांच जारी राजीव के साथी विशाल त्रिपाठी ने बताया कि वे 'जीसूस काल' संस्था में काम करते थे। फिलहाल राजीव के शव को अंतिम संस्कार के लिए हरियाणा भेज दिया गया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि मौत की असली वजह और मारपीट के दावों की सच्चाई सामने आ सके।
दिल्ली में हुए तरुण हत्याकांड को लेकर जान गंवाने वाले तरुण खटीक की आत्मा की शांति के लिए सर्व समाज ने गांधी पार्क से घंटाघर तक हाथों में मोमबत्तियां लेकर कैंडल मार्च निकाला। लोगों ने हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग की।इस दौरान मार्च में शामिल सभी लोगों की आंखें नम थी। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने कहा कि इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने ईश्वर से तरुण की आत्मा को शांति देने के लिए प्रार्थना की गई। साथ ही दोषियों को कड़ी सजा देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में सर्व समाज तरुण के परिवार के साथ मजबूती से खड़ा हैं। राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह रहे मौजूदइस कैंडल मार्च में भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, प्रभु बाडोलिया, शैलेन्द्र चौधरी, बबलू टैंकर, राधेश्याम चावला, तरुण टिक्कीवाल, पंकज पहाड़िया, गणपत पहाड़िया, कमलेश चावला, रतिराम पहाड़िया, कमलेश यादव, ललित जगरवाल, सुभाष चावला, सत्यनारायण चावला, राजेश चावला, महेंद्र टेपण, रोबिन चावला, नन्दलाल जाट, सुरेश खटाना, बलवंत मराठा, देवराज गुर्जर, आरव सिसोदिया, शंकर जाट, हेमंत सैनी, सुभाष सैनी, अजय सांखला, उम्मेद चौधरी सहित अन्य आमजन उपस्थित रहे।
मध्य-पूर्व में जारी अंतरराष्ट्रीय तनाव और सोशल मीडिया पर गैस संकट की अफवाहों के बीच जिला रसद विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। जिला रसद अधिकारी ने जिले के उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि बांसवाड़ा में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। प्रशासन ने लोगों से पैनिक बुकिंग या अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। अफवाहों से बचें, पैनिक में न करें बुकिंग DSO ओम प्रकाश जोतड़ ने बताया कि हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय स्थितियों के कारण गैस संकट की आशंका जताई जा रही है, जो पूरी तरह निराधार है। तेल और गैस कंपनियों के साथ समन्वय बिठाकर जिले में सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उपभोक्ता अपनी सामान्य आवश्यकता के अनुसार ही बुकिंग करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। कालाबाजारी रोकने के लिए 'स्पेशल टास्क फोर्स' तैयार शासन सचिव के निर्देशानुसार, जिले में निर्बाध सप्लाई और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं: स्पेशल एनफोर्समेंट टीम: रसद विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई है जो गैस सप्लाई पर कड़ी निगरानी रखेगी। हफ्ते में दो बार रैंडम चेकिंग: यह टीम हर सप्ताह कम से कम दो गैस एजेंसियों की औचक जांच करेगी। स्टॉक रजिस्टर और वितरण रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जाएगी। इनको मिलेगी प्राथमिकता: आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्टल और आंगनबाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर गैस सप्लाई दी जाएगी। चेतावनी: दर्ज होगा मुकदमा जिला रसद अधिकारी जोतड़ ने बताया की अगर किसी भी गैस एजेंसी के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलती है या जरूरत से ज्यादा स्टॉक छिपाकर रखा पाया जाता है, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीलीभीत में गैस सिलेंडर की संभावित किल्लत की अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर शासन के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) विक्रम दहिया ने सभी गैस एजेंसी संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। एएसपी विक्रम दहिया ने स्पष्ट किया कि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहेगी। उन्होंने कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए। बैठक के दौरान एएसपी ने कहा कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर का वितरण केवल नियमानुसार ओटीपी (OTP) के माध्यम से ही किया जाए। जमाखोरी रोकने के लिए दो सिलेंडरों की रिफिल बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन का अंतराल अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एजेंसी के सॉफ्टवेयर को भी अपडेट करने को कहा गया है। उन्होंने घरेलू एलपीजी सिलेंडर का उपयोग होटल, रेस्टोरेंट या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में न हो, इसके लिए हॉकरों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। एएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए सभी गैस एजेंसियों और गोदामों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की अपील की। उन्होंने एजेंसी संचालकों से प्रतिदिन स्टॉक और वितरण की स्वयं निगरानी करने को कहा। यदि वितरण के दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संचालक तुरंत संबंधित थाना प्रभारी को सूचित करें। एएसपी ने चेतावनी दी कि युद्ध की स्थिति को देखते हुए यदि कोई व्यक्ति गैस की किल्लत या कीमतों को लेकर भ्रामक अफवाह फैलाता है या कालाबाजारी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी (DSO), सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी सहित जनपद की विभिन्न गैस एजेंसियों के स्वामी और प्रोपराइटर मौजूद रहे। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की घबराहट में न आएं और नियमित रूप से अपनी आवश्यकतानुसार गैस प्राप्त करें।
बागपत जनपद के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के बसौद गांव निवासी 40 वर्षीय कपिल की दिल्ली में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह दिल्ली में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत थे। इस घटना से उनके परिवार में शोक का माहौल है। यह दुर्घटना बुधवार को दिल्ली से करनाल रोड पर हुई। कपिल अपनी बाइक पर जा रहे थे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल कपिल की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। कपिल पुत्र इंदर, दिल्ली के अलीपुर स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी करते थे। मृतक कपिल के दो बेटियां और एक बेटा है। उनके छोटे भाई प्रवेश इंदौर में नौकरी करते हैं, जबकि दूसरे भाई विपिन दिल्ली में ही निजी नौकरी करते हैं। कपिल के पिता इंदर का बसौद बस स्टैंड पर सैलून है। बड़े बेटे की असामयिक मृत्यु से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
प्रतापगढ़ के नाकोड़ा नगर क्षेत्र में जैन मंदिर के पास एक मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। घटांली थाने में तैनात हैं पुलिसकर्मी मकान पुलिसकर्मी पंकज मीणा का बताया जा रहा है, जो वर्तमान में घंटाली थाने में तैनात हैं। आग से घर में रखा सोफा, फर्नीचर और पीओपी का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस घटना में करीब 4 से 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। आग की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। नगर परिषद की टीम और बिजली विभाग के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। आग की तीव्रता को देखते हुए नगर परिषद की दमकल को तत्काल बुलाया गया। आग पर पाया काबू कोतवाली थाने के द्वितीय थाना अधिकारी कमल चंद्र ने बताया कि दमकलकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। आग लगने के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, जिसके चलते पुलिस ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटा दिया। दमकलकर्मियों की त्वरित कार्रवाई के कारण आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और इसे आसपास के मकानों तक फैलने से रोका जा सका। आग बुझाने के बाद मौके पर स्थिति सामान्य है और क्षेत्र में शांति बनी हुई है।
सीधी में पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म:शाम 5 बजे के बाद लोग परेशान, बोले- जानबूझकर स्टॉक छिपाया जा रहा
सीधी शहर में बुधवार शाम अचानक पेट्रोल और डीजल की किल्लत हो गई। शाम 5 बजे के बाद शहर के कई बड़े पेट्रोल पंपों पर सप्लाई बंद होने से हड़कंप मच गया। पेट्रोल के लिए भटक रहे सैकड़ों वाहन चालकों को खाली हाथ लौटना पड़ा, जिससे लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। शहर के सूखेजा पेट्रोल पंप और गंगा फ्यूल समेत करीब पांच प्रमुख पंपों पर ईंधन मिलना बंद हो गया। पंपों के बाहर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, लेकिन कर्मचारियों ने स्टॉक खत्म होने का हवाला देकर ग्राहकों को लौटा दिया। इससे शहर में भ्रम की स्थिति बन गई कि आखिर अचानक पेट्रोल-डीजल कहां गया? युद्ध की अफवाह और जमाखोरी के आरोप इस संकट को लेकर अलग-अलग चर्चाएं गर्म हैं। कुछ लोग इसे ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर मान रहे हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ने की बात कही जा रही है। वहीं, कई लोगों का सीधा आरोप है कि पंप संचालक मनमानी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि रात में कीमतें बढ़ने की उम्मीद में जानबूझकर स्टॉक छिपाया जा रहा है। परेशान हुए राहगीर पेट्रोल के लिए भटक रहे सुनील सिंह ने बताया कि वे महिलाओं और बच्चों के साथ घर लौट रहे थे, लेकिन कहीं भी ईंधन न मिलने से वे बीच रास्ते में फंस गए हैं। इसी तरह शिवम साकेत और राम विशाल शर्मा जैसे कई लोगों ने अपनी आपबीती सुनाई, जो पिछले दो दिनों से पेट्रोल के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही है।
कानपुर में सिलेंडर की कालाबाजारी को लेकर जिला प्रशासन की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है। जिलापूर्ति अधिकारी की टीम ने दो ठिकानों पर छापेमारी करके 49 सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण बरामद किया है। सिलेंडर का अवैध रूप से स्टॉक करने और कालाबाजारी को लेकर दोनों लोगों के खिलाफ संबंधित एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है। सिलेंडर का अवैध स्टॉक मिला, भारी दामों पर की जा रही थी रिफिलिंग जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि टीम ने बुधवार शाम ग्वालटोली क्षेत्र में इकबाल पुत्र सिद्दीकी के आवास पर छापेमारी की गई। मौके से घरेलू और कमर्शियल श्रेणी के कुल 46 सिलेंडर, छह रिफिलर और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा बरामद किया है। जांच में गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग करने की पुष्टि हुई है। यहां पर अवैध रूप से सिलेंडरों की खरीद-फरोख्त और सिलेंडर रिफिल किए जा रहे थे। इसी तरह दूसरी छापेमारी रेलबाजार थाना क्षेत्र के फेथफुलगंज पानी टंकी के पास इमरान की दुकान पर की गई। यहां पर 3 एलपीजी सिलेंडर (दो खाली और एक भरा), रिफिलिंग उपकरण तथा नोजल बरामद हुए। जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया कि दोनों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए संबंधित थाने में तहरीर दी गई है। कंट्रोलरूम में पहुंची 101 शिकायतें जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया कि गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए 11 मार्च को कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम की लैंडलाइन और व्हाट्सएप के माध्यम से कुल 101 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 14 शिकायतों का उसी दिन निस्तारण कर दिया गया है, जबकि शेष शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण कराया जा रहा है। डीएसओ ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के 9 क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और 18 पूर्ति निरीक्षकों को क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों की निगरानी के लिए लगाया गया है। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाना क्षेत्र में 4 मार्च को हुए सड़क हादसे में घायल युवती ने बुधवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसा इटावा लिंक रोड पर हुआ था, जहां तेज रफ्तार बाइक ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में दो सगी बहनें गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। मृतका के पिता ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पिता सुभाष ने बताया कि 4 मार्च की सुबह करीब 8 बजे वह मजदूरी करने के बाद अपनी दो बेटियों के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इटावा लिंक रोड पर जगपाल के ट्यूबवेल के पास उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल कच्चे रास्ते में खड़ी कर दी और किसी परिचित से बातचीत करने लगे। इसी दौरान उनकी दोनों बेटियां भी वहीं मौजूद थीं। इसी समय कुरथल गांव के रहने वाले समर (पुत्र टीटू) और रवि (पुत्र सुनील) तेज गति और लापरवाही से मोटरसाइकिल चलाते हुए वहां पहुंचे। उनकी बाइक ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सुभाष की दोनों बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ भेजा गया। वहां हालत गंभीर होने पर उन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान मंगलवार (11 मार्च) को सुभाष की बेटी कोमल ने दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी बेटी सानी के दोनों पैरों और एक हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन कर पैरों में रॉड डाली है। मेडिकल थाना पुलिस ने मृतका कोमल के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है। पीड़ित पिता सुभाष ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी है। बुढ़ाना थाना प्रभारी सुभाष बाबू अत्री ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एटा की जलेसर पुलिस ने न्यायालय और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 'ऑपरेशन दहन' के तहत कोतवाली में जब्त किए गए विस्फोटक पदार्थ और पटाखों को नष्ट कर दिया है। ये विस्फोटक विभिन्न मुकदमों में पकड़े गए थे। कोतवाली प्रभारी संजय सिंह राघव ने जानकारी देते हुए बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन दहन' के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई। इसमें मुकदमा अपराध संख्या 396/23 और मुकदमा अपराध संख्या 454/25 से संबंधित विस्फोटक शामिल थे। पुलिस ने बम निरोधक इंस्पेक्टर गंगा प्रसाद और अन्य पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में लगभग 5 किलोग्राम बारूद, जिसका उपयोग पटाखे बनाने में होता था, को एक निर्जन स्थान पर नष्ट कराया। इस दौरान बम निरोधक इंस्पेक्टर गंगा प्रसाद, सब इंस्पेक्टर सत्यराम, हेड मोहर्रिर संजय सिंह जादौन सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
संभल में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। यह परीक्षा 14 और 15 मार्च को दो पालियों (पूर्वाह्न 10 बजे से मध्याह्न 12 बजे तक तथा अपराह्न 3 बजे से सायं 5 बजे तक) में आयोजित की जाएगी। बुधवार शाम जिला कलक्ट्रेट सभागार में तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें विभिन्न अधिकारी शामिल हुए। परीक्षा के लिए जनपद में कुल 10 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 13,440 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इन केंद्रों पर कुल 130 कक्षों के लिए 10 केंद्र व्यवस्थापक, 20 सहायक केंद्र व्यवस्थापक और 280 कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए 5-5 सेक्टर/स्टेटिक मजिस्ट्रेट को रिजर्व में भी रखा गया है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने परीक्षा को शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र पर किसी भी व्यक्ति या परीक्षार्थी के पास मोबाइल फोन नहीं होना चाहिए। साथ ही, सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने के आदेश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक मशीनें समय पर लगाने के कड़े निर्देश दिए। परीक्षार्थियों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। बैठक में एंट्री फ्लोचार्ट और ई-केवाईसी जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। अपर जिलाधिकारी प्रदीप वर्मा ने अधिकारियों से परीक्षा की गंभीरता को समझने और बोर्ड द्वारा जारी निर्देशिका पुस्तिका को ध्यानपूर्वक पढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने पर जोर दिया। एएसपी कुलदीप सिंह ने बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, उपजिलाधिकारी चंदौसी आशुतोष तिवारी, उपजिलाधिकारी सम्भल निधि पटेल, डिप्टी कलक्टर नीतू रानी, डिप्टी कलक्टर रामानुज, डिप्टी कलक्टर विकासचन्द और क्षेत्राधिकारी चंदौसी दीपक तिवारी सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जूही थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद और बेटे से बिछड़ने के दर्द में 33 वर्षीय युवक ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर फांसी लगाकर जान दे दी। मोहल्ले के एक युवक ने लाइव देखकर परिजनों को सूचना दी, लेकिन जब तक घरवाले कमरे तक पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बंबुरहिया, जूही निवासी मनीष उर्फ छोटू (33) लोडर वाहन चलाते थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में बड़े भाई राजकुमार और उनके परिजन हैं। भतीजे रॉकी के मुताबिक मनीष की शादी करीब आठ साल पहले माही से हुई थी और उनका एक बेटा पुच्चू है। करीब छह साल पहले पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद समझौता हुआ था, जिसके बाद पत्नी बेटे को अपने साथ लेकर चली गई थी। परिजनों के अनुसार बेटे से दूर होने के कारण मनीष काफी परेशान रहते थे और अक्सर उसे याद कर रोते थे। मंगलवार को गंगा मेला के दौरान उन्होंने दिनभर रंग खेला। इसके बाद शाम को पहली मंजिल पर अपने कमरे में चले गए। नशे की हालत में होने के कारण परिवार के लोग कमरे में नहीं गए। देर शाम मोहल्ले के कुछ युवक दौड़ते हुए घर पहुंचे और बताया कि मनीष ने फांसी लगा ली है। परिजन तुरंत ऊपर पहुंचे और दरवाजा खोलकर अंदर गए तो वह पंखे से लटके मिले। रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा गया और पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 25 मिनट बाद दोस्त ने देखा लाइवभतीजे रॉकी ने बताया कि कमरे में जाने के बाद मनीष इंस्टाग्राम पर लाइव हो गए थे। लाइव के दौरान उन्होंने पंखे से रस्सी बांधी और अपनी बातें कहते हुए फंदा लगा लिया। मोहल्ले के एक युवक ने करीब 25 मिनट बाद लाइव देखा और तुरंत घरवालों को सूचना दी। सूचना पर पहुंची जूही पुलिस ने युवक का मोबाइल कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। गोविंद नगर में वैभव ने की आत्महत्या गोविंदनगर में दरोगा भर्ती की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय वैभव शुक्ला ने बुधवार सुबह कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। देर तक बाहर न आने पर मां ने देखा तो शव लटका मिला। पड़ोसियों ने उतारा, लेकिन मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मोबाइल कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम भेज दिया है।
युवती के पेट पर लात मारी, गर्भपात हुआ:लखनऊ में शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया
लखनऊ के आलमबाग इलाके में रहने वाली एक 23 साल की युवती ने युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और मारपीट कर गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। बिहार के गोपालगंज हुस्सेपुर की रहने वाली युवती अपने परिवार के साथ आलमनगर स्थित अशोक विहार, राज गार्डेन इलाके में रहती है। पीड़िता के अनुसार वह पिछले तीन सालों से अपनी मां के साथ यहां रह रही है। फर्जी तरीके से हस्ताक्षर भी करवा लिए गए युवती का आरोप है कि उसकी दोस्ती कश्मीरी बाग पक्का पाग निवासी फरदीन खान से हो गई थी। फरदीन ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसाकर शादी का दबाव बनाया और 20 अक्टूबर 2024 को यह कहकर शादी किया कि शादी के बाद वह हिंदू धर्म अपना लेगा और हिंदू रीति-रिवाज से भी शादी करेगा। पीड़िता का आरोप है कि निकाहनामा पर उससे फर्जी तरीके से हस्ताक्षर भी करवा लिए गए। आरोपी उसके साथ मारपीट करता था पीड़िता के मुताबिक निकाह के बाद आरोपी उसे अपने घर ले जाने के बजाय पास में किराए के मकान में रखता रहा और बार-बार कलमा पढ़कर मुस्लिम रीति-रिवाज से रहने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने पर आरोपी उसके साथ मारपीट करता था। आरोपी ने जबरन उसे गर्भवती कर दिया। करीब तीन माह की गर्भावस्था के दौरान जब उसने आरोपी से धर्म परिवर्तन के वादे को लेकर सवाल किया तो उसने पेट पर लात मार दी। जिससे उसका गर्भपात हो गया। इसके बाद आरोपी उसे उसी हालत में छोड़कर चला गया। एक साल से परेशान कर रहा पीड़िता का कहना है कि आरोपी पिछले एक साल से उसका मानसिक और शारीरिक शोषण करता रहा और शिकायत करने पर जान से मारने व बेच देने की धमकी भी देता था। इंस्पेक्टर तालकटोरा कुलदीप सिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है।
महिला को घर में घुसकर पीटा,VIDEO:बेहोशी की हालत में सड़क पर छोड़ गए,एक साल से चला रहा विवाद
अलवर के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में पड़ोसियों द्वारा घर में घुसकर महिला से मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक महिला और दो पुरुष समेत करीब चार लोग मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। मारपीट के बाद आरोपी महिला को सड़क पर बेहोशी की हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। घायल महिला को अलवर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। घटना बुधवार शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। घायल महिला नर्वदा की पुत्रवधू कोमल ने बताया कि उनके घर के सामने रहने वाले विजेंद्र, राजू, मोहन और गुड्डी जबरन घर में घुस आए और अपने पालतू कुत्ते को साथ लाकर गाली-गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने नर्वदा और उनके नवासे निशांत के साथ भी मारपीट की। इसके बाद नर्वदा को घर से घसीटते हुए बाहर सड़क पर ले जाकर पीटा और बेहोशी की हालत में छोड़कर चले गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि पड़ोसियों से करीब एक साल से कहासुनी चल रही है और पहले भी मारपीट हो चुकी है। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन परिवार का आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की। फिलहाल नर्वदा का सरकारी अस्पताल के महिला मेडिकल वार्ड में इलाज जारी है और पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ थाने में शिकायत दे दी है।
लुधियाना में उड़ीसा से कूरियर कंपनी के जरिए नशे की सप्लाई की जा रही है। लुधियाना पुलिस की क्राइम ब्रांच को सूचना मिली तो क्राइम ब्रांच टीम ने एक्सप्रेसबीस नामक कूरियर कंपनी के गोदाम में रेड की और वहां से 56 किलोग्राम गांजा बरामद किया। कूरियर कंपनी का रिकार्ड चेक करने से पता चला कि ये पैकेट ओडिशा से आए हैं। इसी कंपनी के जरिए पहले भी नशा भेजा गया था और उसे पुलिस ने पकड़ लिया था। पुलिस अब ओडिशा से कूरियर भेजने वालों का पता करने में भी जुट गई है। ओडिशा से आया था नशा, पार्सल पर नहीं थे पूरे पते क्राइम ब्रांच के इंचार्ज नवनीत कुमार ने बताया कि यह गांजा ओडिशा से अलग-अलग पैकेटों में भरकर भेजा गया था। इन पार्सल को लुधियाना के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाना था। जांच के दौरान पाया गया कि किसी भी पैकेट पर भेजने वाले या प्राप्त करने वाले का पूरा पता नहीं लिखा था, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके। कंपनी को पहले भी दिया गया था नोटिस पुलिस के मुताबिक इस कूरियर कंपनी के रिकॉर्ड पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। क्राइम ब्रांच पहले भी इसी कंपनी से 1 क्विंटल से ज्यादा गांजा पकड़ चुकी है। अब तक इस कंपनी के जरिए आए करीब 7 क्विंटल गांजे को पुलिस जब्त कर चुकी है। पिछली कार्रवाई के बाद पुलिस ने कूरियर कंपनी को सख्त हिदायत और नोटिस दिया था। आज कंपनी की ओर से ही सूचना दी गई थी कि कुछ संदिग्ध पार्सल आए हैं। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर तलाशी ली और करीब 56 किलो गांजा बरामद किया। मामले की गहराई से जांच जारी है। पुलिस मोबाइल नंबरों से कर रही है ट्रेस पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों और रूट की जांच कर रही है जिनके जरिए ये बुकिंग हुई थी। पुलिस का मानना है कि इस तस्करी के पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है जो कूरियर सेवाओं का दुरुपयोग कर पंजाब में नशा फैला रहा है। एक व्यक्ति को पहले किया था गिरफ्तार इंस्पेक्टर नवदीप सिंह ने बताया कि पहले एक व्यक्ति काे इसी केस में गिरफ्तार किया था। उससे इनपुट मिलने के बाद नशे को ट्रेस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी में जैसे ही संदिग्ध पार्सल आए तो उन्होंने तुरंत सूचना दी। उनके बारकोड के आधार पर जांच की जा रही है। कंपनी के कर्मचारी भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
प्रयागराज में सोशल मीडिया पर अदालत और न्यायाधीशों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में दो सगे भाइयों को कैंट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस उनसे यह राज नहीं उगलवा पाई कि उन्होंने ऐसा कमेंट क्यों किया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उन्होंने कोई खास कारण नहीं बताया है। दोनों भाई जालौन के रहने वाले गिरफ्तार दोनों भाई जालौन जिले के उरई थाना क्षेत्र स्थित रूरा अड्डू और पिया निरंजनपुर गांव के रहने वाले हैं उनके नाम दीपक कुमार और देविंदर कुमार हैं। दोनों खेती करते हैं। कैंट पुलिस ने मीठा से संपर्क कर उनके फेसबुक आईडी के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी थी। इसके बाद उनके नाम सामने आए। इस पर प्रयागराज पुलिस की एक टीम जालौन भेजी गई और फिर दोनों को गिरफ्तार कर लाया गया। बता दें कि इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। अदालत ने पुलिस को 16 मार्च तक आरोपी को ट्रेस कर कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा हाईकोर्ट चौकी प्रभारी विनय कुमार शुक्ला की तहरीर पर कैंट थाने में आरोपी फेसबुक अकाउंट ‘अश्वनी अंबेडकर मूलनिवासी’ के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। कैंट थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गयाहै। पूछताछ में उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कोई खास वजह नहीं बताई।
हांसी नगर परिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए डोर-टू-डोर कचरा उठान का पांच साल का टेंडर जारी किया है। यह टेंडर कुरुक्षेत्र की एक कंपनी को मिला है। इस नई व्यवस्था के तहत शहर में कचरा उठाने के लिए 30 ऑटो टिपर और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग किया जाएगा, जिससे सफाई व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद है। इसी क्रम में बुधवार को विधायक विनोद भयाना ने 10 ऑटो टिपरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की सुविधा से शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और नागरिकों को कचरा निस्तारण में कोई परेशानी नहीं होगी। 12 करोड़ सफाई में होंगे खर्च नगर परिषद के अनुसार, इस व्यवस्था पर प्रतिदिन लगभग 19 लाख 94 हजार 480 रुपये का खर्च आएगा। पांच साल की अवधि में कुल 11 करोड़ 96 लाख 68 हजार 800 रुपए खर्च किए जाएंगे। सफाई कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी ऑटो टिपरों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है। डोर-टू-डोर कचरा एकत्र किया जाएगा जिससे नगर परिषद के अधिकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उनकी गतिविधियों की निगरानी कर सकेंगे। नगर परिषद द्वारा कुल 30 ऑटो टिपर, दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक लोडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन वाहनों के माध्यम से शहर के प्रत्येक वार्ड से डोर-टू-डोर कचरा एकत्र किया जाएगा। कचरा फैलने की समस्या होगी समाप्त इससे सड़कों और गलियों में कचरा फैलने की समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है। इस अवसर पर एसडीएम राजेश खोथ, नगर परिषद के अध्यक्ष प्रवीण इलाहाबादी, वाइस चेयरमैन अनिल बंसल सहित कई पार्षद और नगर परिषद के अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था के लागू होने से शहर को साफ-सुथरा रखने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
बुलंदशहर में एक युवती द्वारा खुद को आईएएस बनने का दावा करने का मामला जांच में फर्जी साबित हुआ है। युवती ने यूपीएससी परीक्षा में 113वीं रैंक आने की बात कही थी। लेकिन प्रशासनिक जांच में पता चला कि वह मुख्य परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थी। शिखा ने दावा किया था कि उसने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 113वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का गौरव प्राप्त किया है। युवती ने अपना नाम शिखा बताते हुए इस सफलता की जानकारी दी थी, जिसके बाद इलाके में जश्न मनाया गया और लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। हालांकि, बाद में शिखा गौतम नाम की वास्तविक अभ्यर्थी सामने आईं। जिन्होंने दावा किया कि वही 113वीं रैंक हासिल करने वाली उम्मीदवार हैं। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने युवती के दस्तावेजों की जांच की। जांच में सामने आया कि दावा करने वाली युवती का नाम शिखा नहीं, बल्कि शिखा रानी है। साथ ही वह यूपीएससी की मुख्य परीक्षा (मेन्स) भी पास नहीं कर पाई थी। जिसके कारण उसका इंटरव्यू के लिए चयन ही नहीं हुआ था। तहसील के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच के दौरान युवती और उसके परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए अधिकारियों से माफी मांग ली। इस फर्जी दावे के उजागर होने के बाद युवती के परिजन घर में ही बंद हैं। किसी का फोन भी नहीं उठा रहे हैं। युवती के आईएएस बनने के दावे के बाद परिजनों और परिचितों ने इलाके में मिठाई बांटी थी। घर पर लोगों की भीड़ जुटी थी और स्वागत के दौरान युवती भावुक होकर रो भी पड़ी थी। हालांकि, जांच में सच्चाई सामने आने के बाद अब वही खुशी चर्चा और सवालों में बदल गई है। --------------------------------- ये भी पढ़ें बस ने अर्टिगा को मारी टक्कर, 2 भाइयों-दोस्त की मौत:शाहजहांपुर में कार काटकर निकाले गए शव; होंडा सिटी खरीदने जा रहे थे शाहजहांपुर में तेज रफ्तार बस ने आर्टिगा कार को टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार युवक, उसके फुफेरे भाई और एक दोस्त की मौके पर ही मौत हो गई। दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस सड़क के किनारे गड्ढे पर लटक गई। जबकि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
जयपुर में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, अवैध रीफिलिंग या घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जयपुर जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम उपभोक्ताओं तक गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की चिकित्सीय और शैक्षणिक संस्थानों में भी निर्बाध उपलब्धता बनी रहनी चाहिए, ताकि आवश्यक सेवाओं पर कोई असर न पड़े। हेल्पलाइन नंबर 1445 और 112 जारी जिला कलक्टर ने नागरिकों से अपील की कि गैस आपूर्ति को लेकर किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही गैस कंपनियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उपभोक्ताओं तक प्रमाणिक जानकारी और जागरूकता संदेश पहुंचाएं, जिससे किसी प्रकार का भ्रम न फैले। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 1445 और पुलिस आयुक्तालय जयपुर ने हेल्पलाइन नंबर 112 जारी किए हैं। किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। बैठक में जिला कलक्टर ने रसद विभाग के अधिकारियों को घरेलू गैस सिलेंडरों के वाणिज्यिक उपयोग, अवैध रीफिलिंग और कालाबाजारी पर लगातार निगरानी रखने तथा प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। “ऑपरेशन प्रवर्तन – सतर्क नागरिक, सुरक्षित शहर” अभियान चलाया गौरतलब है कि जयपुर में पहले से ही प्रशासन की ओर से “ऑपरेशन प्रवर्तन – सतर्क नागरिक, सुरक्षित शहर” अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध रीफिलिंग, अवैध उपयोग और भंडारण पर रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। जिला कलक्टर ने अभियान की निगरानी के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर (दक्षिण) युगांतर शर्मा और जिला रसद अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग, रीफिलिंग या कालाबाजारी की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (दक्षिण) युगांतर शर्मा, जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम प्रियव्रत सिंह चारण, जिला रसद अधिकारी जयपुर द्वितीय संघमित्रा बरड़िया और तीनों प्रमुख गैस कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कटनी में ट्रक घर में घुसा:बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त; कोई घायल नहीं, ड्राइवर नशे में धुत था
कटनी के कैमोर-मैहर मुख्य मार्ग पर बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एसीसी कॉलोनी के पास संडे मार्केट इलाके में एक तेज रफ्तार ट्रक बेकाबू होकर सीधे एक घर में जा घुसा और पलट गया। इस टक्कर से मकान की बाउंड्री वॉल पूरी तरह टूट गई। राहत की बात यह रही कि जिस वक्त ट्रक घर की दीवार तोड़कर अंदर घुसा, वहां कोई मौजूद नहीं था। अगर उस हिस्से में कोई होता, तो बड़ी जानहानि हो सकती थी। हादसे के बाद मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। नशे में धुत था ड्राइवर वहां मौजूद लोगों ने ट्रक के केबिन में फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि ड्राइवर शराब के नशे में बुरी तरह धुत था और इसी वजह से वह ट्रक पर कंट्रोल नहीं रख पाया। ट्रक की रफ्तार भी बहुत ज्यादा थी। लोगों में नाराजगी और आंदोलन की चेतावनी हादसे के बाद इलाके के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। उनका कहना है कि इस रोड पर ओवरलोड गाड़ियां बहुत तेज चलती हैं, जिससे हमेशा डर बना रहता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर नशेड़ी ड्राइवरों और बेलगाम गाड़ियों पर जल्द ही रोक नहीं लगाई गई, तो वे चक्काजाम और आंदोलन करेंगे।
ताजमहल सहित देश के सभी राष्ट्रीय स्मारकों पर 15 अगस्त और 26 जनवरी के दिन तिरंगा फहराने की मांग को लेकर अखिल भारत हिन्दू महासभा आगरा से दिल्ली तक साइकिल यात्रा निकालेगी। यह यात्रा 14 मार्च को ताजमहल के पश्चिमी गेट से शुरू होगी और नई दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय पर्यटन मंत्री को मांग पत्र सौंपा जाएगा। संगठन की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस यात्रा में शामिल होगा। यात्रा की शुरुआत 14 मार्च को सुबह 8 बजे ताजमहल के पश्चिमी गेट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ की जाएगी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल साइकिल से दिल्ली के लिए रवाना होगा। यात्रा में मंडल महामंत्री नीतेश भारद्वाज, जिला मीडिया प्रभारी बबलू निषाद, आयुष तोमर और मनीष पंडित शामिल रहेंगे। यह दल आगरा से खेरिया मोड़, अर्जुन नगर, साकेत कॉलोनी, शाहगंज और बोदला नेशनल हाईवे होते हुए मथुरा, कोसी, पलवल, बल्लभगढ़ और फरीदाबाद के रास्ते नई दिल्ली पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल 20 मार्च को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर अपनी मांग से जुड़ा ज्ञापन सौंपेगा। संगठन ने इस यात्रा की जानकारी प्रशासन को भी दे दी है।
लखनऊ में SIR के तहत बुधवार को मंडल के निर्वाचन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। एनआईसी सभागार में अध्यक्षता विशेष रोल प्रेक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने की। मंडलायुक्त एवं रोल प्रेक्षक विजय विश्वास पंत, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी विशाख जी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में निर्वाचन से जुड़ी गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रेजेंटेशन के जरिए दी गई निर्वाचन कार्यों की जानकारीबैठक की शुरुआत में लखनऊ मंडल के सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों ने अपने-अपने जनपद की भौगोलिक स्थिति और निर्वाचन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी।इस दौरान विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों की स्थिति, बीएलओ की तैनाती, गणना प्रपत्रों की प्रगति और मतदाताओं की मैपिंग से जुड़ी जानकारी साझा की गई। साथ ही डिजिटाइज किए गए प्रपत्रों की अद्यतन स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बीएलओ के घर-घर सर्वे की समीक्षाबैठक में बीएलओ द्वारा किए जा रहे घर-घर भ्रमण और मतदाता सत्यापन अभियान की भी समीक्षा की गई। इस दौरान एएसडी श्रेणी के चिन्हित मतदाताओं की संख्या और उनके सत्यापन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी अधिकारियों को दी गई।अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए लगातार फील्ड स्तर पर कार्य किया जा रहा है। मैपिंग और लॉजिकल एरर पर तुरंत कार्रवाई के निर्देशसमीक्षा के दौरान विशेष रोल प्रेक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने निर्देश दिया कि मैपिंग और लॉजिकल एरर से जुड़े मामलों में जारी नोटिसों की सुनवाई पूरी होने के बाद उन्हें तुरंत ऑनलाइन अपडेट किया जाए।उन्होंने कहा कि आलेख्य प्रकाशन अवधि के दौरान प्राप्त दावों और आपत्तियों का बीएलओ के माध्यम से नियमानुसार सत्यापन कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। राजनीतिक दलों से संवाद बनाए रखने के निर्देशविशेष प्रेक्षक ने निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि समय-समय पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं।उन्होंने कहा कि इन बैठकों के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी सभी जानकारियां राजनीतिक दलों को दी जानी चाहिए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति न पैदा हो। नए मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष जोरबैठक में नए मतदाताओं के पंजीकरण पर भी विशेष बल दिया गया। विशेष रोल प्रेक्षक ने फॉर्म-6 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए अभियान चलाया जाए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी हुई बैठकबैठक के दौरान विशेष रोल प्रेक्षक ने जनपद लखनऊ के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी अलग से बैठक की। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जनपद में चल रही SIR प्रक्रिया की सराहना की और निर्वाचन कार्यों को पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ाने के प्रयासों की प्रशंसा की।
कोटा के एमबीएस अस्पताल में ईएनटी विभाग के डॉक्टरों ने एक जटिल ऑपरेशन कर 2 माह के मासूम की जान बचा ली। अस्पताल के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने एंडोस्कॉपी तकनीक की मदद से बच्चे की नाक में फंसी लोहे की क्लिप को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। डॉ. शिवकुमार ने बताया- बूंदी के खेडा गांव का दो माह के बच्चे के साथ उसका ढ़ाई साल का भाई खेल रहा था। बड़े भाई ने खेल-खेल में बालों में लगाने वाली लोहे की क्लिप उसकी नाक में डाल दी। नाक में पिन डालकर उसने क्लिप नाक के अंदर घुसा दी। डॉ. शिवकुमार ने आगे बताया- 2 इंच का यह क्लिप उसकी नाक और दिमाग के बीच में फंस गया। जिससे बच्चे की हालत गंभीर हो गई। उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी और वह लगातार रोने लगा। परिजन पहले बच्चे को बूंदी अस्पताल लेकर गए, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत कोटा रेफर कर दिया गया। कोटा में बुधवार दोपहर बच्चे को एमबीएस अस्पताल लाया गया। जहां बच्चे का एक्सरे देखने पर पता लगा कि उसकी नाक के पीछे क्लिप फंसी हुई है। इसके बाद तुरंत बच्चे की एंडोस्कॉपी की मदद से ऑपरेशन किया गया और सावधानीपूर्वक क्लिप को बाहर निकाल लिया। डॉक्टरों का कहना है कि इतने छोटे बच्चे में इतनी बड़ी क्लिप फंसना जानलेवा साबित हो सकता था, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।
आजमगढ़ में बिना अनुमति जुलूस निकालने के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट के जज अनुपम त्रिपाठी ने पूर्व सांसद डॉक्टर संतोष कुमार सिंह को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 2009 के लोकसभा चुनाव के समय शहर में धारा 144 लागू थी। उस समय 30 मार्च को शहर के सिविल लाइन चौराहे पर दिन में लोकसभा प्रत्याशी डॉक्टर संतोष कुमार सिंह ने अपने 50 -60 समर्थकों के साथ जुलूस निकाला और नारेबाजी की। तत्कालीन शहर कोतवाल ने डॉ संतोष सिंह तथा अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल किया। चार गवाहों ने दी गवाहीइस मामले में डॉ संतोष कुमार सिंह के अधिवक्ता राजेश कुमार सिंह पाराशर ने बताया कि अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल चार गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए गए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद पर्याप्त सबूत के अभाव में अदालत ने पूर्व सांसद डॉक्टर संतोष कुमार सिंह को दोषमुक्त कर दिया।
डिंडौरी जिले में बुधवार शाम एक पिकअप वाहन पलटने से करीब 20 लोग घायल हो गए। यह हादसा शाहपुर थाना क्षेत्र के सारस ताल और रामहेपुर गांव के बीच शाम 4 बजे के आसपास हुआ। हादसे के बाद सभी घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे का शिकार हुए लोग अनूपपुर जिले के सुआ दंड गांव के रहने वाले हैं। वे एक पिकअप वाहन किराए पर लेकर घुसिया गांव में एक बच्चे के चौक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। गाड़ी में बच्चों और महिलाओं समेत करीब 30 लोग सवार थे। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह घायलों के मुताबिक ड्राइवर गाड़ी काफी तेज चला रहा था। रास्ते में एक मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे उसमें सवार लोग दूर जा गिरे। चीख-पुकार सुनकर पास के गांव वाले मदद के लिए दौड़े और घायलों को संभाला। गाड़ी के मालिक और ड्राइवर बेचन सिंह को भी चोटें आई हैं। घायलों की हालत खतरे से बाहर अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर सुरेश मरावी ने बताया कि घायलों के कंधे, मुंह और पैरों में चोटें आई हैं। राहत की बात यह है कि किसी की भी हालत गंभीर नहीं है और सबका इलाज चल रहा है। घायलों में 70 साल की बुजुर्ग महिला से लेकर 5 साल तक के बच्चे भी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली-NCR और देश के दूसरे हिस्सों में घर खरीदने वालों को ठगने के लिए बैंकों और डेवलपर्स के बीच गठजोड़ की जांच के लिए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन(CBI) को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जांच को लंबा खींचने से फ्लैट खरीदने वालों को और परेशानी होगी। CBI ने अन्य राज्यों के केसों को संबंधित राज्य की एजेंसी को ट्रांसफर करने की मांग की थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने CBI के इस बयान पर एतराज जताया। टॉप कोर्ट 1,200 से ज्यादा घर खरीदने वालों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें मुख्य याचिका हिमांशु सिंह ने वकील अक्षय श्रीवास्तव के ज़रिए दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने NCR, खासकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में अलग-अलग हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में सबवेंशन प्लान के तहत फ्लैट बुक किए थे। उनका आरोप है कि फ्लैट का कब्जा न होने के बावजूद बैंक उन्हें किश्तें देने के लिए मजबूर कर रहे थे। कोर्ट ने कहा- CBI का यही तरीका रहा तो वो कमेटी बनाएगा बेंच ने कहा कि अगर CBI का यही तरीका रहा, तो वह एजेंसी की जांच की निगरानी के लिए एक कमेटी बना सकती है। टॉप कोर्ट ने कहा कि अगर CBI को मामलों की जांच के लिए स्टाफ की कमी का सामना करना पड़ रहा है, तो वह राज्यों के DGP को लिख सकती है और उनकी इकोनॉमिक ऑफेंस विंग की मदद ले सकती है। कोर्ट ने इस आरोप पर नाराजगी जताई कि CBI बैंक अधिकारियों की जांच नहीं कर रही है। बेंच ने अगली सुनवाई तक एक हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इसमें कहा गया कि CBI को पिछले साल 29 अप्रैल को एमिकस क्यूरी राजीव जैन की इस मामले में फाइल की गई रिपोर्ट देखनी चाहिए और एजेंसी को जांच पूरी होने की संभावित टाइमलाइन बताने का निर्देश दिया। सबवेंशन स्कीम क्या है? सबवेंशन स्कीम के तहत, बैंक मंजूर की गई रकम सीधे बिल्डरों के अकाउंट में डालते हैं। जिन्हें तब तक मंजूर लोन की रकम पर EMI देनी होती है जब तक कि फ्लैट घर खरीदने वालों को नहीं मिल जाते। जब बिल्डरों ने बैंकों की EMI नहीं चुकानी शुरू की, तो तीन-तरफा एग्रीमेंट के हिसाब से, बैंकों ने घर खरीदने वालों से EMI की मांग की, जो एग्रीमेंट में तीसरा पक्ष था। क्या है मामला… 29 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने CBI को सुपरटेक लिमिटेड समेत NCR में बिल्डरों के खिलाफ सात शुरुआती जांच रजिस्टर करने का निर्देश दिया था। घर खरीदने वालों को ठगने के लिए डेवलपमेंट अथॉरिटी के अधिकारियों, बैंकों और बिल्डरों की मिलीभगत पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि उसे नोएडा, गुरुग्राम, यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा, मोहाली, मुंबई, कोलकाता और इलाहाबाद में जाने-माने बैंकों और बिल्डरों के बीच पहली नजर में सांठगांठ मिली है। जज ने सुपरटेक लिमिटेड को घर खरीदने वालों के साथ धोखाधड़ी करने का मुख्य दोषी बताया था। कोर्ट ने पाया कि कॉर्पोरेशन बैंक ने सबवेंशन स्कीम के जरिए बिल्डरों को 2,700 करोड़ रुपए से ज्यादा का लोन दिया था। एमिकस रिपोर्ट से पता चला है कि अकेले सुपरटेक लिमिटेड ने 1998 से 5,157.86 करोड़ रुपए का लोन लिया है। पिछले साल CBI को जांच का आदेश दिया गया पिछले साल 23 सितंबर को, सुप्रीम कोर्ट ने CBI को मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, मोहाली और प्रयागराज में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में घर खरीदने वालों को ठगने के लिए बैंकों और डेवलपर्स के बीच सांठगांठ के बारे में छह और रेगुलर केस रजिस्टर करने की इजाजत दी थी। 20 जनवरी को, टॉप कोर्ट ने एक स्पेशल CBI कोर्ट से कहा कि वह इन मामलों में फेडरल एजेंसी द्वारा फाइल की गई तीन चार्जशीट पर दो हफ्ते के अंदर संज्ञान ले और ट्रायल को आगे बढ़ाए। उससे दो महीने पहले, कोर्ट ने CBI को 22 केस रजिस्टर करने की इजाजत दी थी। इनमें नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में सबवेंशन स्कीम का इस्तेमाल करके घर खरीदने वालों को ठगा गया था। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- UCC लागू करने का समय आ गया:संसद फैसला करे; शरियत कानून में सुधार की जल्दबाजी न करें, इससे नुकसान की आशंका सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समय आ गया है। इस पर फैसला करना कोर्ट के बजाय संसद का काम है। कोर्ट शरियत कानून 1937 की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कोर्ट ने कहा- शरियत कानून की धाराएं रद्द कर दी गईं तो मुस्लिम समुदाय में संपत्ति के बंटवारे को लेकर कोई स्पष्ट कानून नहीं बचेगा। पूरी खबर पढ़ें…
कानपुर में बुधवार को एक रिटायर्ड एयरफोर्सकर्मी ने सुसाइड कर लिया। सुबह उनका शव घर की रेलिंग से रस्सी के सहारे लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही मोहल्ले में हड़कंप मच गया। शोर सुनकर परिवार के लोग और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके की जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें लिखा है- बुढ़ापे में अब कोई सहारा नहीं है, मेरी देहदान करने की इच्छा है। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच कर रही है। परिजनों के मुताबिक रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी की शादी हुई थी, लेकिन बाद में उनका तलाक हो गया था। इसके बाद से वह अकेले रह रहे थे। उनकी देखभाल उनके भाई के बच्चे किया करते थे। यह घटना किदवईनगर के वाई-ब्लॉक की है। मकान की पहली मंजिल पर अकेले रहते थेमृतक की पहचान सुभाष चंद्र कनौडिया (82) के रूप में हुई है। वह एयरफोर्स में स्टोर सीनियर सुपरिटेंडेंट के पद से सेवानिवृत्त थे। सुभाष चंद्र कनौडिया अपने मकान की पहली मंजिल पर अकेले रहते थे। परिवार में उनके भाइयों के बच्चे ही उनकी देखरेख करते थे। भतीजे सुधीर कुमार ने बताया- सुभाष की शादी हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद ही उनका तलाक हो गया था। इसके बाद वह अकेले रहने लगे। वह अक्सर इस बात को लेकर चिंतित रहते थे कि बुढ़ापे में अगर वह लाचार हो गए तो उनकी देखभाल कौन करेगा। स्कूल जाते समय भतीजी ने देखा शवबताया गया कि बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे उनके बड़े भाई सुनील की बेटी पलक, जो रतनलालनगर के एक स्कूल में शिक्षिका है, स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। उसी दौरान उसने पहली मंजिल की रेलिंग से बाबा का शव लटका देखा और चीख पड़ी। उसकी आवाज सुनकर परिवार के लोग और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। कमरे से मिला सुसाइड नोटसूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने स्वेच्छा से आत्महत्या करने और देहदान की इच्छा जताई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। --------------------------------- ये भी पढ़ें बस ने अर्टिगा को मारी टक्कर, 2 भाइयों-दोस्त की मौत:शाहजहांपुर में कार काटकर निकाले गए शव; होंडा सिटी खरीदने जा रहे थे शाहजहांपुर में तेज रफ्तार बस ने आर्टिगा कार को टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार युवक, उसके फुफेरे भाई और एक दोस्त की मौके पर ही मौत हो गई। दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस सड़क के किनारे गड्ढे पर लटक गई। जबकि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
शाजापुर विधानसभा के दो गांवों में बिजली कटौती को लेकर छिड़ा विवाद अब विधायक और अधिकारी की लड़ाई में बदल गया है। बुधवार शाम भाजपा विधायक अरुण भीमावद के समर्थकों ने बिजली कंपनी के कार्यपालन यंत्री (EE) के दफ्तर पर ताला जड़ दिया। यह सारा हंगामा फोन पर हुई बातचीत में बदतमीजी के बाद शुरू हुआ। बुधवार शाम करीब 4 बजे विधायक समर्थकों ने दफ्तर के कर्मचारियों को बाहर निकाला और गेट पर ताला लगा दिया। इसके बाद विधायक भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ बड़े अधिकारी (अधीक्षण यंत्री) के ऑफिस पहुंचे। वहां करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा और अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगे। फोन पर हुई बहस पूरा मामला बिकलाखेड़ी और भदौनी गांवों की बिजली काटने से शुरू हुआ। विधायक अरुण भीमावद का कहना है कि जब उन्होंने इस बारे में कार्यपालन यंत्री चंद्रशेखर झा को फोन किया, तो अधिकारी ने सीधे जवाब देने के बजाय कहा कि मेरा ट्रांसफर करवा दो। विधायक ने आरोप लगाया कि अधिकारी विरोधियों के कहने पर बिजली काट रहे हैं और भेदभाव कर रहे हैं। अधिकारी का पक्ष: 20 लाख का बकाया दूसरी तरफ, कार्यपालन यंत्री चंद्रशेखर झा ने बताया कि गांव पर 20 लाख रुपए का बिल बकाया है, इसलिए तीन दिन से बिजली काट रखी है। विधायक ने फोन कर शादी के लिए बिजली चालू करने को कहा था, लेकिन बकाया होने के कारण मना कर दिया गया। अधिकारी ने माना कि उन्होंने विधायक से ट्रांसफर की बात कही थी क्योंकि उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। रिश्वत के भी लगे आरोप हंगामे के दौरान ही एक कॉलोनाइजर आलोक गुप्ता ने भी विधायक के सामने अधीक्षण यंत्री को शिकायत सौंपी। इसमें उन्होंने कार्यपालन यंत्री झा पर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल पूरे मामले में तनाव बना हुआ है और प्रशासन जांच की बात कह रहा है।
बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन ने पीएमश्री स्कूल चकरभाठा का औचक निरीक्षण किया। 16 कमरों वाले इस स्कूल की दीवारों पर सीपेज मिली, जिस पर उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र से पहले भवन की मरम्मत और सीपेज दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान, संभागायुक्त ने प्राचार्य से कक्षाओं और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और स्कूल में सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूल भवन के पीछे परिसर में एक गार्डन और ओपन जिम बनाने का सुझाव भी दिया। हाई टेक और ऑनलाइन बने लाइब्रेरी कमिश्नर ने शिक्षकों के रिक्त पदों की भी जानकारी ली और शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने लैब और लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए लाइब्रेरी को सुव्यवस्थित, हाईटेक बनाने और सभी व्यवस्थाओं को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। बच्चो के लिए हो मिनी स्टेडियम इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्कूल परिसर में एक मिनी स्टेडियम बनाने के भी निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान डिप्टी कमिश्नर स्मृति तिवारी, समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक ओम पांडे और स्कूल के प्राचार्य सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
हिसार जिले के अग्रोहा में कमरे में सोए एक छात्र पर लाठी-डंडों से हमला करने के मामले में अग्रोहा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान निपिन निवासी एकता कॉलोनी, रोहतक के रूप में हुई है। पुलिस प्रवक्ता दीपक के अनुसार शिकायतकर्ता हितेश ने थाना अग्रोहा में लिखित शिकायत दी थी कि वह थाना क्षेत्र के अंतर्गत मिड-वे होटल के नजदीक किराये के कमरे में रहता है। शिकायत में उसने बताया कि 5 फरवरी को उसके दोस्त अमन का फोन आया था, जिसमें उसने बताया कि प्रतीक और निपिन उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, इसलिए सावधान रहने को कहा। लाठी-डंडों से किया था हमला हितेश के अनुसार 6 फरवरी की रात वह अपने कमरे में सोया हुआ था, तभी आरोपी प्रतीक और निपिन वहां पहुंचे और उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। मामले की शिकायत मिलने के बाद अग्रोहा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी गिरफ्तार, एक पहले हो चुका गिरफ्तार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब पुलिस ने दूसरे आरोपी निपिन को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
शाहजहांपुर में एक नाबालिग के थाने से लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे विरोधियों से मिलकर गायब कर दिया है। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने थाने के गेट पर जाम लगाकर जमकर हंगामा किया। यह घटना शाहजहांपुर के कांट थाना क्षेत्र की है। 9 मार्च को कांट पुलिस मारपीट के एक मामले में एक नाबालिग को पूछताछ के लिए थाने लाई थी। नाबालिग पूर्वी पट्टी निवासी देश कुमार का बेटा बताया जा रहा है, जिसका होली के दिन डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था। 10 मार्च को परिजनों ने थाने के अंदर नाबालिग से मुलाकात की थी। हालांकि, बुधवार को जब परिजन दोबारा उससे मिलने थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें मिलने नहीं दिया। बाद में जब परिजनों ने थाने में नाबालिग को ढूंढा, तो उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने विरोधियों के साथ मिलकर उनके बेटे को गायब कर दिया है। उनका कहना है कि पुलिस ने पहले पूछताछ का बहाना बनाया और फिर उसे लापता कर दिया। देर शाम तक नाबालिग का कोई सुराग न मिलने पर परिजनों ने थाने के गेट पर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। उन्होंने अपने बेटे की तत्काल बरामदगी की मांग की। स्थिति बिगड़ती देख दो थानों का पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। पुलिस परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है। सीओ सदर प्रयांक जैन ने बताया कि परिवार से पुलिस बातचीत कर रही है। युवक की तलाश की जा रही है।

