हरियाणा बिजली कर्मचारी व इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर करनाल जिले के घरौंडा सिटी सब यूनिट में सब अर्बन व सिटी सब यूनिट की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए एग्री डिस्कॉम, पैरेलल लाइसेंस और स्मार्ट मीटर के विरोध में आवाज बुलंद की। साथ ही मांगें नहीं मानी गईं तो 11, 12 व 13 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल करने की चेतावनी दी गई। बैठक की अध्यक्षता एएचपीसी वर्कर्स यूनियन सिटी सब यूनिट के प्रधान जयकुमार और एचएसईबी सब अर्बन सब यूनिट के प्रधान प्रदीप कुमार ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन सब अर्बन सब यूनिट प्रधान सही राम ने किया। इस दौरान एचएसईबी यूनियन के केंद्रीय कमेटी नेता देवेंद्र शर्मा और एएचपीसी वर्कर यूनियन के केंद्रीय कमेटी नेता रमेश कुमार (यूनिट नंबर-2, करनाल) विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों यूनियनों के यूनिट व सब यूनिट पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने बैठक में भाग लिया। सरकारी नीतियों पर उठाए सवाल यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार किसानों के हितों का हवाला देकर एग्री डिस्कॉम बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसे तुरंत रोका जाए। इसके अलावा गुरुग्राम व नूंह में पैरेलल लाइसेंस देने की योजना पर भी रोक लगाने की मांग की गई। कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि इससे आम उपभोक्ता और कर्मचारी दोनों प्रभावित होंगे। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उन्हें लागू किया जाए। विभाग को निजीकरण की ओर ले जाना गलत उन्होंने बताया कि पहले बिजली बोर्ड पर करीब 498 करोड़ रुपए का घाटा था, जो अब बढ़कर 29 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। उनका कहना था कि सरकार के गलत फैसलों के कारण यह स्थिति बनी है। ऐसे में विभाग को सुधारने के बजाय निजीकरण की ओर ले जाना गलत है। बैठक में कहा गया कि विभाग में कनेक्शनों के हिसाब से नियमित भर्ती की जाए ताकि कार्यप्रणाली मजबूत हो सके।
हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू शहर में दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर गुरुवार को एक सड़क हादसे में नंदी की मौत हो गई। वन विभाग कार्यालय के सामने एक पिकअप वाहन की चपेट में आने से यह घटना हुई। घटना की सूचना मिलते ही गोरक्षक दल के सदस्य सतवीर ने डायल-112 पर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से नंदी का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शहर में बेसहारा गोवंश की बढ़ती समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि लोहारू शहर के मुख्य मार्गों, बाजारों और हाईवे पर बड़ी संख्या में बेसहारा गोवंश घूमते रहते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बेसहारा गोवंश के कारण हो रहे हादसे स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पूर्व में भी बेसहारा गोवंश के कारण कई सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए, उन्हें गौशालाओं में रखा जाए और शहर तथा हाईवे पर उनकी आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाए। नगरपालिका टेंडर करेगी जारी इस संबंध में नगरपालिका प्रधान प्रदीप बंटी तायल ने कहा कि नगरपालिका बेसहारा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान के लिए टेंडर जारी करेगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बेसहारा गोवंश को पकड़कर सुरक्षित स्थानों और गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा। जिससे शहर की सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर उनकी आवाजाही नियंत्रित हो सके तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
जयपुर में एक व्यक्ति को ब्लैकमेल कर युवती ने रुपए ऐंठ लिए। दोनों के बीच हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग डिलीड करने के बदले 1 लाख रुपए मांगे। रुपए की डिमांड पूरी नहीं करने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर ब्लैकमेलर युवती के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया- जयपुर के रहने वाले व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। साल 2025 में बारिश के सीजन के दौरान बाइक से घर लौट रहा था। इस दौरान रास्ते में बारिश आने पर रुक गया। बाइक खड़ी कर एक दुकान के बाहर खड़ा हो गया। दुकान पर बैठी युवती बात करने लगी। बातचीत के दौरान खुद को तलाकशुदा होना बताया। शादी के लिए अच्छे लड़के को ढूंढने के बारे में भी बताया। नजर में कोई लड़का हो तो बताने के लिए कहा। मोबाइल पर बात कर करने लगी रिकॉर्डिंग युवती ने फोन कर बातचीत करना शुरू कर दिया। आए दिन बात कर उसके घरवाले-परिचितों के बारे में भी पूरी जानकारी जुटा ली। मोबाइल पर बातचीत के दौरान प्लानिंग के तहत युवती कॉल रिकॉर्डिंग करने लगी। कॉल के दौरान प्राइवेट बातों की रिकॉर्डिंग करने पर युवती ने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। 1 लाख रुपए की रखी डिमांड अगस्त-2025 में पीड़ित को कॉल रिकॉर्डिंग के बारे में बताया। रिकॉर्डिंग को वायरल कर घरवालों व परिचितों तक पहुंचाकर बदनाम करने की धमकी देने लगी। रिकॉर्डिंग डिलीट करने के बदले ब्लैकमेल कर 1 लाख रुपए की डिमांड की। ब्लैकमेल कर 20 हजार रुपए में सौंदा तय किया। ऑनलाइन पेमेंट ऐप के जरिए 20 हजार रुपए लेने के बाद रिकॉर्डिंग डिलीट करना बताया। झूठे केस में फंसाने की धमकी आरोप है कि कुछ दिन बाद दोबारा युवती ने परेशान करना शुरू कर दिया। कॉल कर और रुपयों की डिमांड करने लगी। रिकॉर्डिंग को सबूत बताकर झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगी। रुपए नहीं देने पर धमकाया कि रिकॉर्डिंग वायरल कर झूठा केस दर्ज करवा दूंगी। टॉर्चर से परेशान होकर पीड़ित ने ब्लैकमेलर युवती के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
वाराणसी के जैतपुरा थाना क्षेत्र के जलालीपुरा इलाके में पड़ोसी 6 वर्षीय मासूम के साथ अश्लीलता की। गली में खेलती बच्ची को पकड़कर कोने में ले जाता फिर उसके प्राइवेट पार्ट को टच करता। प्राइवेट पार्ट के साथ मनमानी हरकत करता। बच्ची ने बैडटच बताकर मना किया तो पीटने की धमकी दी। उसकी बात मानने के लिए चॉकलेट देने का लालच दिया। आरोपी हर जुमां को मासूम के साथ अश्लीलता करता और फिर अपनी दुकान पर चला जाता। मासूम के बताने पर परिजनों ने शिकायत की तो आरोपी ने उल्टा धमकाना शुरू कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने जैतपुरा थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं बच्ची ने पुलिस को पूरी आपबीती सुनाते हुए कई बार हुई घटना को बताया। हालांकि आरोपी फरार हो गया है और पुलिस केस दर्ज करके उसकी तलाश कर रही है।
फर्रुखाबाद में 6 वाहन सीज:ओवरलोड, कर बकाया पर कार्रवाई, परिवहन विभाग ने लाखों का जुर्माना लगाया
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने ओवरलोड और कर बकाया वाले वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के तहत कुल 6 वाहन सीज किए गए और उन पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया। अभियान के दौरान, चार ओवरलोड ट्रक सीज किए गए, जिन पर 98 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त, दो डग्गेमार बसें भी सीज की गईं और उन पर 65 हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया। चार अन्य वाहन कर बकाया के मामले में सीज किए गए, जिन पर 75 हजार रुपये का कर लगाया गया। परिवहन विभाग, फर्रुखाबाद ने 1158 वाहन मालिकों को कर जमा करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इन पर कुल 1193.01 लाख रुपये का कर बकाया है। इसके साथ ही, 146 वाहन मालिकों को 120.16 लाख रुपये की वसूली के लिए वसूली-पत्र भी जारी किए गए हैं, जिसकी वसूली राजस्व विभाग द्वारा की जाएगी। कर बकाया वाले वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जनपद के थानों में सीज किए गए कर बकाया वाले 30 वाहनों की विभाग द्वारा नीलामी भी की जा चुकी है। शेष बचे ऐसे वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) कार्यालय परिसर में बिजली निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखबीर जे. तंवर और ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव ने शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचकर बिजली कर्मचारियों और किसानों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने सरकार से बिजली निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की। सरकार किसान- कर्मचारी हितों की अनदेखी कर रही : तंवर धरने को संबोधित करते हुए सुखबीर जे. तंवर ने कहा कि बिजली जैसी बुनियादी सेवा का निजीकरण सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का षड्यंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की नीति पर काम कर रही है। तंवर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसानों और कर्मचारियों को बर्बाद कर निजीकरण को सफल नहीं होने देगी। तंवर ने हरियाणा एग्रो डिस्कॉम निगम के गठन को किसानों और कर्मचारियों के हितों पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार स्मार्ट मीटर बदलने और नई योजनाओं के नाम पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। बिजली वितरण व्यावसायिक नहीं, जनता का अधिकार तंवर ने कहा कि, बिजली वितरण केवल एक व्यावसायिक सेवा नहीं, बल्कि आम जनता का मूलभूत अधिकार है। उन्होंने जोर दिया कि बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं का उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए, न कि निजी कंपनियों का मुनाफा। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि बिजली निजीकरण से किसानों को महंगी बिजली मिलेगी, उपभोक्ताओं के प्रति जवाबदेही कम होगी और कर्मचारियों को ठेका प्रथा व सेवा सुरक्षा पर गंभीर खतरों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस इस नीति का पुरजोर विरोध करती है और किसानों तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। धरने पर यह लोग रहे मौजूद धरने की अध्यक्षता सुखबीर सिंह सीए ने की। इस अवसर पर बिजली कर्मचारी यूनियन के प्रधान अशोक लांबा, पूर्व प्रधान राजकुमार जेई, सुशील प्रधान, रविंद्र जेई, नसीब जेई, आशीष शर्मा, रजनीश, हरिकिशन, राजेंद्र और नवीन शर्मा सहित बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी, किसान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
हरिद्वार में उत्तराखंड रोडवेज की बस ने कांवड़ लेने आ रहे हरियाणा के बाइक सवारों को टक्कर मार दी, जिससे एक कांवड़िए की मौत हो गई। उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों की मदद की और पुलिस को सूचना दी। वहीं, बस ड्राइवर मौके से बस लेकर फरार हो गया। यह हादसा शुक्रवार सुबह श्यामपुर थाना क्षेत्र के हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे स्थित कांगड़ी फ्लाईओवर के पास हुआ। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
श्रावस्ती के सिरसिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने सिरसिया थाने में तैनात मुख्य आरक्षी रामकेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस विभाग ने शुक्रवार 12:00 बजे के बाद जानकारी देते हुए बताया कि एसपी राहुल भाटी ने आरोपी मुख्य आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, बालिका के परिजनों ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को लगातार फोन और मैसेज कर प्रेमजाल में फंसाया गया। बातचीत न करने पर उसका उत्पीड़न किया जाता था। इससे क्षुब्ध होकर बालिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस तहरीर के आधार पर थाना सिरसिया में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना, सर्विलांस और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संबंधित मोबाइल नंबर की जांच की। जांच में पुष्टि हुई कि यह मोबाइल नंबर सिरसिया थाने में तैनात मुख्य आरक्षी रामकेश द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था। सर्विलांस सेल से प्राप्त कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीएएफ) और अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के बाद उसका नाम विवेचना में सामने आया। अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रकेश सिंह ने बताया कि मामले में साक्ष्य संकलन की कार्रवाई जारी है। सभी साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र ही आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। गिरफ्तार मुख्य आरक्षी को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
आगरा के चारों दिशाओं में भगवान शिव विराजमान हैं, इसी वजह से आगरा को शिव की नगरी कहा जाता है। बल्केश्वर, राजेश्वर, पृथ्वीनाथ और कैलाश महादेव को यहां के लोग शहर का कोतवाल मानते हैं। हर साल सावन के दूसरे सोमवार से पहले रविवार की रात शहर के लाखों शिव भक्त करीब 44 किमी की परिक्रमा लगाते हैं। लेकिन इस बार भक्तों की राह आसान नहीं दिख रही। परिक्रमा मार्ग का बड़ा हिस्सा मेट्रो ने घेर लिया है। उस दिन काम भले बंद रहेगा, लेकिन जगह-जगह बैरिकेडिंग लगी हुई है। इसके अलावा सीएम ग्रिड योजना के तहत कई जगह सड़कें खोदी गई हैं। बारिश के बाद कीचड़ और फिसलन हो गई है। कई मार्गों पर सड़क से गिट्टी निकल रही है। ऐसे में नंगे पैर चलने वाले भक्तों के पैरों में कंकड़ चुभेंगे। मौसम ने भी चिंता बढ़ा दी है। अगर बारिश हुई तो शहर की बदहाली अभी तक किसी से छुपी नहीं है। हर कोने में जलभराव हो जाता है। भक्तों को मानो भव सागर से होकर गुजरना पड़ेगा। रामनगर पुलिया की सकरी गलियों में स्ट्रीट लाइट नहीं है। अंधेरे में फिसलन और गड्ढों की वजह से चोट लगने का खतरा भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर परिक्रमा से पहले टूटी सड़कों की मरम्मत और कीचड़ हटवा दिया जाए तो भक्तों को बड़ी राहत मिलेगी। पुलिस और नगर निगम का दावा है कि परिक्रमा के दिन विशेष सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। लेकिन मार्ग की मौजूदा हालत को देखते हुए भक्तों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
कोतवाली चौराहे पर ई-रिक्शा चालकों में मारपीट:सवारी बैठाने को लेकर भिड़े, वाहनों की लंबी लाइन लगी
जौनपुर के व्यस्त कोतवाली चौराहे पर शुक्रवार सुबह 11 बजे तीन ई-रिक्शा चालकों के बीच सवारी बैठाने को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही हाथापाई में बदल गया, जिससे चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात बाधित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हनुमान मंदिर के पास सवारी बैठाने को लेकर चालकों में कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते यह मारपीट में बदल गई, जिसके कारण चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को असुविधा का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही चौराहे पर तैनात पिकेट और यातायात पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए तीनों चालकों को अलग किया और स्थिति को शांत कराया। इसके बाद यातायात को सुचारु रूप से बहाल किया जा सका। पुलिस की सक्रियता से किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कोतवाली चौराहा शहर के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक है। यहां ई-रिक्शा के अव्यवस्थित संचालन और मनमाने तरीके से सवारी भरने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस तरह के विवाद पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि चौराहे पर ई-रिक्शा संचालन के लिए निर्धारित स्टैंड बनाए जाएं, प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए और सख्त यातायात व्यवस्था लागू की जाए। उनका मानना है कि इससे जाम और ऐसी घटनाओं पर स्थायी रूप से अंकुश लगाया जा सकेगा।
इंदौर के विजय नगर स्थित अवंतिका गैस पाइपलाइन हादसे में झुलसे लोगों के इलाज और मुआवजे को लेकर शुक्रवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में फिर सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में शपथ पत्र में इलाज का पूरा खर्च चुकाए जाने की जानकारी गलत पाए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। शुक्रवार को इस मामले में जूनी इंदौर के एसडीएम घनश्याम धनगर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और शपथ पत्र में गलत जानकारी दिए जाने पर कोर्ट से माफी मांगी। शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि शपथ पत्र में मुआवजे और इलाज के खर्च से संबंधित जानकारी समझाने में गलती हो गई थी। शासन ने आश्वस्त किया कि हादसे में झुलसे सभी लोगों के इलाज का खर्च सरकार द्वारा अदा किया जाएगा। कोर्ट ने शासन और नगर निगम को यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीड़ितों को इलाज के साथ उचित मुआवजा भी मिले। गुरुवार को सुनवाई में शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि हादसे में झुलसे सभी लोगों के इलाज का खर्च सरकार चुका चुकी है। हालांकि, पीड़ितों की ओर से इस दावे को गलत बताया गया था। खासकर इन्फ्लुएंसर गिरी उर्फ राजकुमारी झाला की ओर से बताया गया था कि अहमदाबाद में उनका इलाज जारी है और करीब 14 लाख रुपए का अस्पताल बिल अब तक शासन ने नहीं चुकाया है। इस पर हाईकोर्ट ने शासन के शपथ पत्र पर गंभीर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को एसडीएम घनश्याम धनगर कोर्ट में उपस्थित हुए। उन्होंने शपथ पत्र में गलत जानकारी जाने पर न्यायालय से माफी मांगी और शासन की ओर से स्थिति स्पष्ट की। सभी झुलसे लोगों का इलाज खर्च सरकार देगी आज सुनवाई के दौरान शासन ने स्पष्ट किया कि हादसे में झुलसे किसी भी व्यक्ति को इलाज के खर्च को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा। सभी पीड़ितों के उपचार का खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा। कोर्ट ने भी शासन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीड़ितों को उनके इलाज और मुआवजे का लाभ मिले। अब हादसे में झुलसे लोगों को कितनी राशि मुआवजे के रूप में दी जाएगी, इसका निर्धारण अगली सुनवाई में होगा। इसके लिए हाईकोर्ट ने 27 अगस्त की तारीख तय की है। संचार नगर गैस लीकेज हादसे पर भी कोर्ट नाराज सुनवाई के दौरान हाल ही में संचार नगर में गैस पाइपलाइन लीकेज के बाद आग लगने की घटना का मुद्दा भी उठा। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई और शासन तथा नगर निगम से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि इस हादसे में झुलसे लोगों को भी उचित मुआवजा मिले। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और पीड़ितों के हितों की रक्षा को लेकर गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। अवंतिका गैस एजेंसी को भी रखना होगा अपना पक्ष मामले की सुनवाई के दौरान अवंतिका गैस एजेंसी की ओर से अब तक पक्ष सामने नहीं आया है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई में एजेंसी का पक्ष भी प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में 27 अगस्त को होने वाली सुनवाई में शासन के साथ-साथ गैस एजेंसी की भूमिका और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हो सकती है।
डूंगरपुर के मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं किए जाने के विरोध में आदिवासी कांग्रेस ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोगरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। प्रधानमंत्री के दौरे और घोषणा का किया जिक्र विधायक गणेश घोगरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मानगढ़ धाम का दौरा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने 1913 के मानगढ़ नरसंहार में शहीद हुए 1500 से अधिक भील आदिवासियों को नमन किया था। उस दौरान मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की बात कही गई थी। घोगरा ने कहा कि संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का कोई प्रस्ताव या विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद संसद में आया यह जवाब सरकार की कथनी और करनी के अंतर को दर्शाता है और इससे भील एवं आदिवासी समाज में नाराजगी है। गोविंद गुरु से राणा पूंजा तक आदिवासी इतिहास का जिक्र प्रदर्शन के दौरान मानगढ़ धाम के ऐतिहासिक महत्व को भी सामने रखा गया। घोगरा ने कहा कि गोविंद गुरु के नेतृत्व में आदिवासियों ने देश की आजादी से पहले ही अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और बड़ी संख्या में शहादत दी। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने वाले सेनापति राणा पूंजा भील थे, लेकिन आदिवासियों के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं मिला, जिसके वे हकदार हैं। मणिपुर से हसदेव तक उठाए मुद्दे वक्ताओं ने मणिपुर हिंसा, हसदेव के जंगलों की कटाई तथा चारागाह और बिलानाम भूमि पर बसे आदिवासियों को हटाने से जुड़े कैबिनेट फैसलों का भी जिक्र किया। इन मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए और आदिवासी हितों की अनदेखी रोकने की मांग की गई। दिल्ली तक आंदोलन की चेतावनी गणेश घोगरा ने कहा कि यदि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं दिया गया और आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी जारी रही, तो आने वाले समय में सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की चेतावनी दी। घोगरा ने कहा कि अब देश का आदिवासी जाग चुका है और अपने गौरव व धरोहर की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा।
खंडवा के एक बालक छात्रावास में शुक्रवार को परोसे गए भोजन में इल्लियां मिलने के बाद छात्र आक्रोशित हो गए। छात्रों का आरोप है कि इस तरह की स्थिति महीने में तीन-चार बार सामने आती है और शिकायत के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। नाराज छात्र हाथों में थालियां लेकर छात्रावास से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालते हुए पहुंचे। कलेक्ट्रेट में छात्रों ने जिम्मेदार कर्मचारियों और वार्डन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। छात्रों की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित कर तत्काल छात्रावास भेजने के निर्देश दिए हैं। दाल-चावल में मिलीं इल्लियां छात्रों ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें दाल-चावल परोसे गए थे। भोजन करते समय दाल में इल्लियां दिखाई दीं। छात्रों का आरोप है कि अनाज में इल्लियां होने के बावजूद कर्मचारियों ने उसे पकाकर बच्चों को परोस दिया। उनका कहना है कि दाल में पर्याप्त सामग्री नहीं होती और कई बार अधपके चावल भी परोसे जाते हैं। छात्रों के मुताबिक, शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार भी भोजन नहीं बनाया जाता। विरोध करने पर हॉस्टल के कर्मचारियों और वार्डन पर अभद्रता और गाली-गलौज करने के आरोप लगाए गए हैं। कर्मचारियों पर शराब के नशे में खाना बनाने का आरोप छात्रों ने आरोप लगाया कि भोजन बनाने वाले कुछ कर्मचारी शराब के नशे में छात्रावास आते हैं और इसी हालत में खाना तैयार करते हैं। छात्रों का यह भी आरोप है कि कर्मचारी शराब पीने के लिए उनसे पैसे मांगते हैं। पैसे नहीं देने पर घर फोन कर झूठी शिकायत करने की धमकी दी जाती है। छात्रों का कहना है कि इस संबंध में अधिकारियों को पहले भी जानकारी दी गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। थाली लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र भोजन की गुणवत्ता और कथित अभद्र व्यवहार से नाराज छात्रों ने हॉस्टल से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। छात्रों ने हाथों में अपनी थालियां लेकर जिम्मेदारों के खिलाफ नारेबाजी की और शिकायत का ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता सुधारने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। चार सदस्यीय टीम करेगी जांच सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने बताया कि छात्रों ने छात्रावास में खराब भोजन परोसे जाने और कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत की है। शिकायत आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य को भी तलब किया गया है। इसके साथ ही चार सदस्यीय टीम गठित कर उसे तत्काल छात्रावास भेजने के निर्देश दिए गए हैं। टीम मौके पर जाकर छात्रों के बयान दर्ज करेगी और भोजन तथा छात्रावास की व्यवस्थाओं की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद संकट पर किसानों का चक्काजाम:तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, आवागमन प्रभावित
विजयपुर में शुक्रवार को खाद की किल्लत से नाराज किसानों ने तहसील कार्यालय के बाहर चक्काजाम कर दिया। बड़ी संख्या में किसानों ने सड़क पर जाली लगाकर रास्ता रोका, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन प्रभावित हुआ। किसानों का कहना था कि खरीफ सीजन के इस महत्वपूर्ण समय में फसलों को खाद की सख्त आवश्यकता है, लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। खाद वितरण केंद्रों पर सुबह से लंबी कतारों में लगने के बावजूद किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल रही है। प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि खाद की उपलब्धता को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। कई दिनों से किसान केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समय पर खाद नहीं मिली तो फसलों की बढ़वार पर सीधा असर पड़ेगा और उत्पादन प्रभावित होगा। खाद संकट से आक्रोशित किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चक्काजाम के कारण आम लोगों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। खाद मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा किसानों ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। उन्होंने मांग की कि जब तक पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने का ठोस भरोसा नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने खाद की नियमित आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की, ताकि उन्हें घंटों लाइन में खड़े होकर परेशानी न उठानी पड़े। चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार और विजयपुर टीआई मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा की। अधिकारियों ने किसानों को समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया।
आधे-अधूरी हालत में नहीं कटेगा सफर! RAC वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कर दिया बड़ा एलान
भारतीय रेलवे ने आरएसी यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए वातानुकूलित श्रेणियों में पूरा बिस्तर उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया है।
कानपुर के कर्नलगंज इलाके में स्मार्ट मीटर लगाने गए एक कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों और साथी कर्मचारियों ने कंपनी अधिकारियों पर जबरन बिजली कनेक्शन जुड़वाने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस पर भी अभद्रता और मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद कंपनी ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता दी। साथ ही सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन भी दिया। हालांकि परिजन अधिकारियों पर कार्रवाई और 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। एक साल पहले हुई थी शादी बर्रा विश्व बैंक निवासी तिलक शर्मा ई-रिक्शा चलाते हैं। उनके 22 साल के बेटे अंशुमन शर्मा केस्को से संबद्ध कंपनी जीनस में टेक्नीशियन थे। उनकी शादी जुलाई 2025 में वर्षा से हुई थी। अंशुमन स्मार्ट मीटर लगाने का काम करते थे। मीटर लगाने के बाद कनेक्शन जोड़ने का लगाया दबाव परिजनों के मुताबिक, गुरुवार को अंशुमन छोटे मियां हाता क्षेत्र में एक घर में स्मार्ट मीटर लगाने गए थे। आरोप है कि मीटर लगाने के बाद कंपनी अधिकारियों ने उनसे बिजली का कनेक्शन जोड़ने के लिए दबाव बनाया, जबकि यह उनका काम नहीं था। बताया गया कि अंडरग्राउंड केबल कटी होने के कारण कनेक्शन जोड़ते समय उन्हें तेज करंट लग गया और वह तार से चिपक गए। आसपास मौजूद लोगों ने डंडे की मदद से उन्हें छुड़ाया और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों और साथी कर्मचारियों ने कंपनी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। उनका कहना था कि कर्मचारी से जबरन ऐसा काम कराया गया, जो उसकी जिम्मेदारी में नहीं था। पुलिस पर भी लगाए आरोप परिजनों ने आरोप लगाया कि कर्नलगंज पुलिस ने कंपनी अधिकारियों को बंधक बनाने की बात कहकर कर्मचारियों को अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। इस आरोप को लेकर भी काफी देर तक विवाद चलता रहा। दो घंटे की बातचीत के बाद बनी सहमति हंगामे के बीच कंपनी अधिकारियों को पुलिस सुरक्षित स्वरूप नगर थाने ले गई। वहां करीब दो घंटे तक कई दौर की बातचीत हुई। इसके बाद कंपनी ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता दी और सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं, परिजन मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर कायम हैं।
सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र के गांव देसूजोधा में दूषित पेयजल से पीलिया और लीवर संक्रमण फैलने के बावजूद रोकथाम एवं पर्याप्त इलाज न मिलने पर आज शुक्रवार को ग्रामीणों ने जलघर के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण बोले, गांव के 15 से 16 बच्चे व युवा पंजाब के बठिंडा अस्पताल में दाखिल है और एक युवती की हालत गंभीर बनी हुई है। इनका जिम्मेवार कौन होगा, प्रशासन कोई समाधान नहीं दे रहा। धरनारत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम चेकअप के बाद गोली देकर चली जाती है। यहां उनके पास पर्याप्त इलाज नहीं है। डबवाली से मरीजों को बठिंडा रेफर कर दिया जाता है। पब्लिक हेल्थ की टीम ने आकर कहा, पाइप की सब लीकेज ठीक कर दी है। सप्लाई में पानी ठीक आ जाएगा। आप लोग टयूबवैल का पानी पी रहे हो, जिस कारण बीमार हो रहे हो। ये कहकह दोनों विभागों ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। ग्रामीण बोले, अब एक-दो दिन से टयूबवैल का पानी पीना शुरू किया है, क्योंकि सप्लाई में आज भी गंदा पानी आ रहा है। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि ठेकेदार और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पीड़ित बच्चों का उचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा। ग्रामीणों ने लगाए यह आरोप ठेकेदार द्वारा पाइप लाइन बिछाने में बरती जा रही लापरवाही गुरप्रेम देसूजोधा ने बताया कि गांव में ठेकेदार द्वारा पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया था। आरोप है कि ठेकेदार और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की लापरवाही के कारण नालियों का गंदा पानी जलघर की डिग्गियों में मिल गया, जिससे पीने का पानी दूषित हो गया। कई जगहों पर पाइप-टोंटियां लीक हो रही ग्रामीणों के अनुसार, गांव की नालियां कचरे से भरी पड़ी हैं और पीने के पानी की पाइपलाइन भी दूषित हो चुकी है। कई स्थानों पर पाइप और टोंटियां लीक कर रही हैं। नलों से अक्सर गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायतें मिल रही हैं। ग्रामीणों ने दूषित पेयजल और खराब सफाई व्यवस्था को बीमारी का मुख्य कारण बताया है। आरोप-स्थायी समाधान नहीं किया निजी लैब की जांच रिपोर्टों में कई मरीजों के बिलीरुबिन, एसजीओटी और एसजीपीटी का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक पाया गया है, जो पीलिया और लीवर संक्रमण की पुष्टि करता है। गांव के कई बच्चों और युवाओं का उपचार एम्स बठिंडा, डीएमसी लुधियाना, सिरसा और रामा मंडी जैसे अस्पतालों में चल रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गंभीर स्थिति के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है, जिसके कारण गांव में संक्रमण के और फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने ठेकेदार व एसडीओ पर कार्रवाई की मांग इसको लेकर ग्रामीणों ने आज शुक्रवार को जल घर के आगे धरना लगाकर ठेकेदार व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई गई है।वहीं, ग्रामीण ने मांग उठाई है कि जो बच्चे अलग-अलग अस्पतालों में उपचार दिन है वे गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं।जो कि निजी अस्पताल में अपना उपचार करवाने में असमर्थ है।उनका सरकार की और से उपचार करवाया जाए।धरनारत ग्रामीणों व पीड़ित परिवारों ने कहा कि जब तक उनकी समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो जाता तब तक यह धरना निरंतर जारी रहेगा। 60 से 65 बच्चे, युवा-महिला आ चुके संक्रमण की चपेट में अब तक देसूजोधा गांव में करीब दो सप्ताह में 60 से 65 बच्चे, युवा और महिलाएं पीलिया और लीवर संक्रमण बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें किसी का इलाज डबवाली तो किसी पंजाब के बठिंडा के अस्पताल में चल रहा है। एक युवती की हालत नाजुक बताई जा रही है। ग्रामीण बोले, हेल्थ विभाग की टीम ने लोगों की जांच की और उनको गोलियां दे दी। जो डबवाली अस्पताल में गए थे, वहां से रेफर कर दिया। विभाग के पास इलाज ही नहीं है।
ओडिशा में वोटर लिस्ट से हटाए गए 50 हजार नाम, 19 अगस्त तक जवाब नहीं देने पर और कटेंगे नाम
ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत अब तक करीब 50 हजार नाम हटाए गए हैं। जिन मतदाताओं को नोटिस जारी हुए हैं, उन्हें 19 अगस्त तक जवाब देना होगा, अन्यथा उनके नाम भी हटाए जा सकते हैं।
पलवल में नेशनल हाईवे-19 पर होडल के हसनपुर चौक फ्लाइओवर के निकट एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। बंचारी स्थित जेबीएम कंपनी में कार्यरत ये दोनों युवक ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आए एक अनियंत्रित कंटेनर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे के बाद कंटेनर भी हाईवे पर पलट गया। घटना से हाईवे पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की कतारें लग गईं। होडल थाना प्रभारी बलजीत के अनुसार, जिला मथुरा (यूपी) के कोसीकलां (अग्रवाल कॉलोनी) निवासी नकुल ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। नकुल ने बताया कि वह जेबीएम कंपनी में वेल्डर का काम करता है। 6 अगस्त की रात को नकुल, उसका छोटा भाई दीपक और दोस्त कृष्णकांत (निवासी अलवाई, तहसील छाता, जिला मथुरा) अपनी-अपनी बाइकों से घर लौट रहे थे। कंटेनर ने बाइक को मारी टक्कर कृष्णकांत बाइक चला रहा था और दीपक उसके पीछे बैठा था, जबकि नकुल अपनी बाइक से उनके पीछे चल रहा था। जब उनकी बाइक नेशनल हाईवे-19 पर हसनपुर चौक फ्लाई-ओवर पर पहुंची, तभी पीछे से आए एक बंद बॉडी के कंटेनर ड्राइवर ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए कृष्णकांत की बाइक में सीधी टक्कर मार दी। दोनों शवों को अस्पताल भिजवाया हादसे में पीछे चल रहा नकुल बाल-बाल बच गया, लेकिन उसकी आंखों के सामने ही दीपक और कृष्णकांत की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही होडल थाने से एएसआई सतबीर सिंह और सिपाही कृष्ण पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था कर घायलों को जिला नागरिक अस्पताल पलवल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने दीपक और कृष्णकांत को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को अस्पताल में रखवा दिया है। पुलिस आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है। पुलिस रात्रि में ही हाईवे से कंटेनर को हटवा कर जाम को खुलवा दिया था।
गोरखपुर में मासूम बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे अपहरण, दुष्कर्म और हत्या जैसे अपराधों को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कानून-व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। BSP ने कहा कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है और अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पार्टी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट, समयबद्ध जांच, आरोपियों पर गैंगस्टर और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद समेत कई मांगें प्रशासन के सामने रखीं। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर 6 महीने में सजा की मांग ज्ञापन में BSP ने मांग की कि बच्चों से जुड़े सभी गंभीर मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएं। इन अदालतों में रोजाना सुनवाई हो और अधिकतम छह महीने के भीतर दोषियों को सजा दिलाई जाए। पार्टी का कहना है कि कड़ी और त्वरित सजा से अपराधियों में कानून का डर पैदा होगा। POCSO और गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की मांग पार्टी ने कहा कि ऐसे मामलों में आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो। उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को भी जब्त किया जाए, ताकि अपराधियों को कड़ा संदेश मिल सके। 30 दिन में जांच पूरी करने की मांग BSP ने जांच प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर जोर दिया। पार्टी ने मांग की कि हर मामले में विवेचना अधिकारी की जवाबदेही तय हो और 30 दिन के भीतर जांच पूरी कर चार्जशीट अदालत में दाखिल की जाए। यदि किसी मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो। पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा और नौकरी देने की मांग ज्ञापन में पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे परिवार को 24 घंटे पुलिस सुरक्षा देने की मांग की गई। इसके अलावा स्कूलों, कोचिंग संस्थानों और संवेदनशील इलाकों के 500 मीटर दायरे में पुलिस पिकेट और डायल-112 की तैनाती बढ़ाने की भी मांग उठाई गई। लापता बच्चों पर तुरंत FIR और SIT गठित करने की मांग BSP ने कहा कि किसी भी बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही तत्काल FIR दर्ज की जाए। ऐसे मामलों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर निष्पक्ष और तेज कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। BSP ने आंदोलन की चेतावनी दी जिला अध्यक्ष ऋषि कपूर ने कहा कि गोरखपुर में बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे जघन्य अपराध बेहद चिंताजनक हैं और इससे साफ है कि प्रशासन अपराध रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो BSP बड़े स्तर पर जनआंदोलन शुरू करेगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
हरियाणा के नारनौल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आगामी 9 अगस्त को राज्य स्तरीय घर-घर तिरंगा अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद 17 अगस्त तक यह अभियान प्रदेश भर में चलाया जाएगा। यह जानकारी विधायक ओमप्रकाश यादव ने आज यहां प्रेस कांफ्रेंस में दी। मीडिया सेंटर में आयोजित पत्रकारवार्ता में विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी 9 अगस्त को राज्य स्तरीय मेराथन को हरि झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसी दौरान वे घर-घर तिरंगा अभियान का भी शुभारंभ करेंगे। यह कार्यक्रम हर साल स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर चलाया जाता है। नशा मुक्ति के लिए मेराथन उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में नशा मुक्ति के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। इसी के चलते महेंद्रगढ़ जिला में यह कार्यक्रम हो रहा है। इसमें हाफ मैराथन व मैराथन दोनों होंगी। शर्मिला धनखड़ भी होंगी शामिल उन्होंने बताया कि इस मैराथन का उद्देश्य लोगों को नशे से दूर रखना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रमंडल खेल 2026 की स्वर्ण पदक विजेता और भारतीय पैरा खिलाड़ी शर्मिला धनखड़ इस आयोजन में ब्रांड एंबेसडर के रूप में शामिल होंगी। ये रहेगा रूट उन्होंने बताया कि इस दौड़ का स्टार्टिंग प्वाइंट नूनी शेखपुरा-सेक्टर मोड़ से शुरू होगा। 5 किलोमीटर वाले धावक मिनी बाईपास से थोड़ा आगे तथा सूरज स्कूल से पहले वाले कट से यू टर्न लेंगे। वहीं 10 किलोमीटर वाले धावक अब टांटला चौक के नीचे से निकलकर लहरोदा गांव में मित्रपुरा चौक से यू टर्न लेंगे। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रधान यतेंद्र यादव, भाजपा नेता जेपी सैनी व सोमेश यादव सहित कई भाजपा नेता भी मौजूद रहे।
गाजियाबाद के शास्त्री नगर स्थित आई ब्लॉक में शुक्रवार सुबह एक व्यक्ति गहरे और दलदली नाले में फंस गया। अग्निशमन एवं आपात सेवा की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के लिए संजयनगर स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय भेजा गया। फायर स्टेशन कोतवाली गाजियाबाद को सुबह करीब 10:11 बजे सूचना मिली कि आई ब्लॉक क्षेत्र में एक व्यक्ति गहरे और गंदे नाले के दलदल में फंसा है और बाहर नहीं निकल पा रहा है। सूचना मिलते ही अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में फास्ट क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल (एफक्यूआरवी) और फायर स्टेशन कविनगर से एक फायर टेंडर मौके के लिए रवाना किया गया। दमकल टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर पहले स्थिति का आकलन किया। इसके बाद सुरक्षा उपकरणों और विशेष रेस्क्यू तकनीकों की मदद से कर्मियों ने सावधानीपूर्वक नाले में उतरकर फंसे व्यक्ति तक पहुंच बनाई। दलदल और गंदगी के कारण बचाव अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद मौके पर ही उसकी प्रारंभिक जांच की गई और तत्काल अस्पताल भेजा गया। घायल व्यक्ति की पहचान 47 वर्षीय गौरव के रूप में हुई है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने बिना देरी किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया था। प्रशिक्षित कर्मियों की तत्परता, बेहतर समन्वय और आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की मदद से व्यक्ति की जान बचाई जा सकी।
समाजवादी पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव की जमीन मजबूत करने में जुट गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने 2 दिन आगरा में रह कर न सिर्फ कार्यकर्ताओं को संगठन का पाठ पढ़ाया बल्कि पीडीए को मजबूती देने का काम किया। उनका फोकस आगरा की 9 में से 2 सुरक्षित सीटों पर ही रहा। सपा प्रदेश अध्यक्ष मंगलवार देर शाम आगरा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। बुधवार को आगरा छावनी और गुरुवार को आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन किए। दोनों ही विधानसभा सीट एससी के लिए आरक्षित हैं। सपा का फोकस पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) पर है। श्याम लाल पाल भी आगरा में इसकी जमीन को मजबूत करने आए थे। दोनों सुरक्षित सीटों के क्षेत्र में सम्मेलन कर उन्होंने दलित वोट बैंक को साधा। वोट बैंक को ऐसे साधा सपा प्रदेश अध्यक्ष ने ये भी कहा
मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने शासन की ओर से मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। राजस्व विभाग ने पटवारियों की पदोन्नति के लिए विभागीय नायब तहसीलदार परीक्षा कराने, लंबित भुगतान जल्द कराने और शिकायतों में प्रारंभिक जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रमुख सचिव राजस्व ने सभी कलेक्टरों को पत्र भेजकर संबंधित विभागों से समन्वय कर पटवारियों और राजस्व कर्मचारियों का लंबित भुगतान कराने को कहा है। 2026 में होगी नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा मध्यप्रदेश पटवारी संघ के अनुसार, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव के साथ हुई कई दौर की चर्चा के बाद शासन ने उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई शुरू की है। इसके बाद संघ की राज्य स्तरीय बैठक में आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने वर्ष 2026 में होने वाली विभागीय नायब तहसीलदार परीक्षा की प्रक्रिया तय कर दी है। इसके साथ ही पटवारियों के स्थानांतरण से जुड़े लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। शासन ने अन्य मांगों पर भी तय समय-सीमा में निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। शिकायत पर पहले होगी प्रारंभिक जांच पटवारियों के खिलाफ शिकायतों को लेकर राजस्व विभाग ने प्रक्रिया स्पष्ट की है। अब शिकायत मिलने पर पहले प्रारंभिक जांच की जाएगी। जांच में तथ्य सही पाए जाने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए सीधे कार्रवाई न की जाए। शिकायतों की जांच के बाद ही मामले में आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। कलेक्टरों को लंबित भुगतान जल्द कराने के निर्देश प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई. रमेश कुमार ने सभी जिला कलेक्टरों को पटवारियों और राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारियों का लंबित भुगतान जल्द कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग से समन्वय कर अलग-अलग योजनाओं में किए गए कार्यों का भुगतान कराया जाए। कई जिलों में इन योजनाओं के तहत किए गए काम का भुगतान समय पर नहीं हो सका है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वामित्व योजना और कृषि गणना का भुगतान भी शामिल निर्देशों के अनुसार, स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि सर्वे, अधिकार अभिलेख तैयार करने, प्रारंभिक और अंतिम प्रकाशन, दावा-आपत्ति प्रक्रिया, प्रिंटिंग और स्टेशनरी जैसे कार्यों का लंबित भुगतान कराया जाएगा। इसके अलावा 11वीं कृषि संगणना (2020-21) और छठी लघु सिंचाई गणना (2017-18) के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय का भुगतान भी गाइडलाइन के अनुसार कराने के निर्देश दिए गए हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ के ब्राह्मण सम्मेलन में दिए गए PDA वाले बयान पर भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने पलटवार किया है। शुक्रवार को दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पहले यह स्पष्ट करें कि आखिर PDA बनाया किसके लिए है, क्योंकि वे हर मंच पर इसका अलग-अलग मतलब बता रहते हैं। प्रकाश पाल ने कहा कि अखिलेश यादव अब समाजवादी पार्टी का नाम लेने से भी बच रहे हैं और PDA के नाम पर लोगों के बीच जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि सपा का ब्रांड बदनाम हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश लगातार PDA के अर्थ को लेकर लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। कभी PDA का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताते हैं, तो अब ब्राह्मण सम्मेलन में P का अर्थ 'पीड़ित पंडित' बता दिया। उन्होंने कहा, सबसे पहले अखिलेश यादव यह साफ करें कि PDA आखिर किसके लिए बनाया गया है। अगर आज P का मतलब पंडित है तो पहले जिन पिछड़ों और दलितों की बात करते थे, उनका क्या हुआ? 'A का मतलब भी बता दें' भाजपा नेता ने कहा कि अखिलेश पहले भी PDA के कई अर्थ बता चुके हैं। उन्होंने कहा, मैंने पहले PDA का मतलब 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' और 'पावर ऑफ डिंपल-अखिलेश' बताया था। अब तो लगता है कि इनके PDA का मतलब 'पिछले दरवाजे से आना' हो गया है। प्रकाश पाल ने कहा कि अखिलेश यादव जहां जाते हैं, वहीं के हिसाब से PDA का अर्थ बदल देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, इन पर तो कहावत फिट बैठती है, गंगा गए तो गंगादास, जमुना गए तो जमुनादास। 'लोगों को गुमराह कर रहे' उन्होंने आरोप लगाया कि ब्राह्मण सम्मेलन में P का मतलब पंडित बताकर अखिलेश यादव लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रकाश पाल ने कहा, “अगर अब PD का मतलब पंडित है तो पिछड़े और दलित समाज को भी समझ लेना चाहिए कि उनके लिए PDA में अब जगह नहीं बची। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव यह भी बता दें कि PDA में A का मतलब क्या है? अल्पसंख्यक है या फिर अखिलेश?
उज्जैन के रामघाट पर रोजाना होने वाली शिप्रा आरती को लेकर प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों के बीच विवाद की स्थिति बन गई है। करीब 11 साल से शिप्रा किनारे पूजन-पाठ कराने वाले पुरोहित आरती कराते आ रहे हैं। अब महाकाल मंदिर समिति की ओर से बटुकों को आरती की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। गुरुवार को पुरोहितों और मंदिर समिति के बटुकों ने अलग-अलग स्थानों पर आरती की। शुक्रवार शाम को भी विवाद बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने पुरोहितों को आरती से रोका गुरुवार को महाकाल मंदिर समिति की ओर से बटुक रामघाट पर शिप्रा आरती करने पहुंचे। इसी दौरान पंडा समिति के पुरोहित भी आरती करने पहुंच गए। एसडीएम एलएन गर्ग ने पुरोहितों से आरती नहीं करने और मंदिर समिति के बटुकों के साथ शामिल होने को कहा। हालांकि, पुरोहित आरती करने पर अड़े रहे। इसके बाद पुरोहितों ने अपनी जगह पर आरती की, जबकि महाकाल मंदिर समिति के बटुकों ने रामघाट पर दूसरी जगह आरती की। शुक्रवार को फिर जुटे तीर्थ पुरोहित शुक्रवार को एक बार फिर तीर्थ पुरोहित रामघाट पर एकत्रित हुए। उन्होंने शाम को होने वाली शिप्रा आरती स्वयं कराने की बात कही है। इधर प्रशासन की टीम भी शाम को रामघाट पहुंचेगी। ऐसे में यदि प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से पुरोहितों की जगह पर ही आरती कराने का प्रयास किया गया तो विवाद बढ़ने की आशंका है। पंडा समिति बोली-11 साल बाद अचानक कैसे बदला निर्णय पंडा समिति के राजेश त्रिवेदी ने कहा कि वर्ष 2015 से लगातार तीर्थ पुरोहित शिप्रा आरती कराते आ रहे हैं। पिछले वर्षों में आरती का स्वरूप भी बदला गया और इसे भव्य बनाया गया। उन्होंने कहा कि 11 साल बाद अचानक महाकाल मंदिर समिति को आरती की जिम्मेदारी देना पुरोहितों को बाहर करने जैसा है। त्रिवेदी ने कहा कि पुरोहित हर हाल में शाम को आरती करेंगे और महाकाल मंदिर समिति को आरती नहीं करने देंगे। उन्होंने प्रशासन से अपना काम करने और पुरोहितों को अपना काम करने देने की बात कही। विरोध के दौरान उन्होंने कहा कि वे कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेंगे। एसडीएम बोले- साथ आरती करने का प्रस्ताव दिया था एसडीएम एलएन गर्ग ने बताया कि प्रशासन ने पंडा समिति के पुरोहितों से कहा था कि वे भी महाकाल मंदिर समिति के बटुकों के साथ आरती में शामिल हो जाएं, ताकि दोनों मिलकर आरती कर सकें। हालांकि, पुरोहित इसके लिए तैयार नहीं हुए। एसडीएम के मुताबिक अब रोजाना शिप्रा आरती महाकाल मंदिर समिति की ओर से कराई जाएगी। शुक्रवार शाम को भी रामघाट पर आरती होगी। इससे पहले से आरती करा रहे तीर्थ पुरोहितों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… शिप्रा आरती का आयोजन महाकाल मंदिर समिति के जिम्मे उज्जैन के शिप्रा नदी के रामघाट पर रोजाना होने वाली शिप्रा नदी की आरती को अब महाकाल मंदिर समिति आयोजित करेगी। गुरुवार से इसकी शुरुवात कर दी गई है। इससे पहले शिप्रा आरती पंडा समिति करवाती थी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा क्षिप्रा तट के रामघाट पर मां क्षिप्रा की आरती श्री महाकालेश्वर वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान में अध्ययनरत वेदपाठी के लिए मंदिर समिति ने एक पत्र अलग अलग विभागों को भेजा था। पढ़ें पूरी खबर…
पन्ना से कटनी जा रही एक यात्री बस शुक्रवार, 7 अगस्त को ककरहटी-देवेंद्रनगर मार्ग पर ग्राम खपटहा अहरी के पास अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। छंगे राजा बस (क्रमांक-एमपी-35, पी-0325) पलटने से बाल-बाल बची, जिससे इसमें सवार सभी 25 से 30 यात्री सुरक्षित रहे। एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने बताया कि यह घटना मार्ग के अत्यधिक संकरा और खराब होने के कारण हुई। इस स्थान पर अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं, क्योंकि वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों को रास्ता देने में काफी परेशानी होती है। यात्री लवकुश कुशवाहा के अनुसार, बस में 20 से 25 लोग सवार थे। उन्होंने बताया, “सड़क बहुत संकरी और खस्ताहाल है, जिसके कारण क्रासिंग के दौरान बस अनियंत्रित होकर पलटने से बची। सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण यहाँ हमेशा खतरा बना रहता है। पिछले साल भी इसी जगह गौतम बस के साथ ऐसा ही हादसा हुआ था।” रास्ता संकरा है स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी नीलम ने बताया कि यह घटना उनके घर के ठीक सामने हुई। उन्होंने कहा, यहां रास्ता इतना संकरा है कि दो वाहन एक साथ आसानी से नहीं निकल पाते। पहले भी यहाँ बस दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। आज भी बस सड़क से नीचे उतर गई थी और पलटने ही वाली थी, लेकिन एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ककरहटी-देवेंद्रनगर मार्ग के संकरे और खतरनाक हिस्सों को जल्द से जल्द चौड़ा और दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि को रोका जा सके। दुर्घटनास्थल की अन्य तस्वीरें…
नयागढ़ के 65 वर्षीय शुकदेव नाहक ने टूटे पैर के इलाज के लिए 250 किलोमीटर तिपहिया साइकिल चलाकर बरहमपुर अस्पताल पहुंचे।
फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक स्थिर बना हुआ है। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 136.80 दर्ज किया गया। इससे पहले, बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक 10 सेंटीमीटर और गुरुवार सुबह से शाम तक 5 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई थी। बीते कई दिनों से लगातार बढ़ रही गंगा का जलस्तर मंगलवार रात से स्थिर होना शुरू हो गया था। गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक इसमें कोई और कमी नहीं आई। नरौरा बांध से शुक्रवार सुबह गंगा में 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी ब्लो गेज में चल रही है। शुक्रवार सुबह खो बैराज से 20,594 क्यूसेक, हरेली बैराज से 249 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 2,955 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। फर्रुखाबाद में कुल 36 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें कायमगंज तहसील के 13, अमृतपुर तहसील के 14 और सदर तहसील के 9 गांव शामिल हैं। बाढ़ से कुल 5,725 परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने जिले में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय बनाए हैं, जिनमें से तीन सक्रिय कर दिए गए हैं। इन तीनों शरणालयों में 423 लोग रह रहे हैं, जिन्हें प्रशासन द्वारा पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए नावें और मोटरबोट तैनात की गई हैं। सदर तहसील के 9 गांवों में 18 नाव और 2 मोटरबोट, कायमगंज तहसील के 13 गांवों में 17 नाव और 4 मोटरबोट, तथा अमृतपुर तहसील के 14 गांवों में 16 नाव और 4 मोटरबोट लगाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां भी संचालित की जा रही हैं, जिन पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
शाजापुर जिले के रामनगर-जलोदा जोड़ के पास शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बेकाबू होकर सड़क किनारे खंती में पलट गई। हादसे में खेत पर मजदूरी के लिए जा रही करीब 15 से 20 महिला मजदूर घायल हो गईं। चालक के थूकने के चक्कर में बेकाबू हुआ ट्रैक्टर चालक के पूड़ी-गुटखा थूकने के दौरान स्टेयरिंग अचानक गलत दिशा में मुड़ गई। इस वजह से वाहन का संतुलन बिगड़ गया और ट्रैक्टर-ट्रॉली सीधे सड़क से उतरकर खंती में जा गिरी। स्थानीय लोगों और पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और पुलिस की मदद से सभी घायल महिलाओं को तुरंत शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़ित महिलाएं रामनगर गांव की निवासी हैं। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर जिला अस्पताल के डॉक्टर अरुण पाटीदार के अनुसार घायलों का प्राथमिक उपचार कर कुछ को निगरानी में रखा गया है। किसी भी महिला को गंभीर चोट नहीं आई है और सभी की हालत स्थिर है। सुनेरा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ स्थित दिल्ली-मथुरा-आगरा हाईवे पर शुक्रवार सुबह तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। संत सूरदास मेट्रो स्टेशन से करीब 300 मीटर आगे नहर से पहले लोहे की कॉयल (स्टील रोल) से लदे एक ट्राला में पीछे से तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डंपर का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्राला के पिछले हिस्से में घुस गया और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में डंपर ड्राइवर शेरमोमिन और उसका कंडक्टर घायल हो गए। राहगीरों की मदद से दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। डंपर बड़खल की ओर से पलवल जा रहा था जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे हुआ। डंपर बड़खल की ओर से पलवल जा रहा था। इसी दौरान ओवरटेक लेन में खड़े ट्राला से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। डंपर का अगला हिस्सा बुरी तरह दब जाने के कारण ड्राइवर और कंडक्टर अंदर फंस गए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। कंपनी में माल पहुंचाने जा रहा था ड्राइवर ट्राला ड्राइवर राकेश ने बताया कि वह गुरुवार रात करीब 11:30 बजे बाटा के पास स्थित एक कंपनी से दो लोहे की कॉयल लोड कर सेक्टर-57 की कंपनी में माल पहुंचाने जा रहे थे। रास्ते में ट्राला का एक टायर फट गया, जिसके चलते उन्हें वाहन को ओवरटेक लेन में रोकना पड़ा। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से ट्राला से करीब 50 मीटर पीछे रोड सेफ्टी गार्ड भी लगाया गया था, ताकि पीछे से आने वाले वाहन समय रहते सावधान हो सकें। ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा राकेश का कहना है कि डंपर ड्राइवर तेज रफ्तार में था और ओवरटेक करने के दौरान उसे खराब खड़ा ट्राला दिखाई नहीं दिया। इसी वजह से डंपर सीधे ट्राला के पिछले हिस्से से जा टकराया। हादसे के समय वह ट्राला के अंदर बैठे हुए थे। तेज धमाके की आवाज सुनकर बाहर निकले तो देखा कि डंपर बुरी तरह ट्राला में फंसा हुआ है। इसके बाद उन्होंने राहगीरों की मदद से घायल चालक और कंडक्टर को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दिल्ली-मथुरा-आगरा हाईवे पर लंबा जाम हादसे के चलते दिल्ली-मथुरा-आगरा हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सुबह के समय रोजमर्रा के काम पर निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और हाइड्रा व क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त डंपर और ट्राला को हाईवे से हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। बाद में दोनों वाहनों को थाने भेज दिया गया। ट्रैफिक पुलिस ने पहुंचकर संभाली व्यवस्था ट्रैफिक पुलिस के एएसआई नरेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे हादसे की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जाम खुलवाया और दोनों वाहनों को सड़क से हटवाया। उन्होंने बताया कि डंपर चालक और कंडक्टर को चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत गंभीर नहीं है। हादसे की असली वजह और इसमें किसकी लापरवाही रही, इसकी जांच पुलिस कर रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर इसे स्थानीय अखबार की शैली में और अधिक प्रभावशाली बनाना हो, तो शुरुआती पैराग्राफ को और भी कड़क बनाया जा सकता है।
महाराजगंज सिविल लाइन बस स्टेशन पर ई-रिक्शा चालकों के जमावड़े के कारण यातायात बाधित हो रहा है। ई-रिक्शा चालक घंटों तक अपने वाहन बस स्टेशन के बाहर खड़े कर देते हैं, जिससे बसों को परिसर से निकलने में परेशानी होती है। इस संबंध में एआरएम सर्वजीत वर्मा ने बताया कि ई-रिक्शा चालकों को बार-बार बस स्टेशन परिसर के बाहर वाहन खड़े न करने के लिए कहा जाता है। इसके बावजूद वे मनमाने ढंग से अपनी ई-रिक्शा खड़ी कर देते हैं। यातायात प्रभारी अरुणेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि ई-रिक्शा चालकों पर चालान की कार्रवाई करने के बावजूद भी वे अपनी गाड़ियां वहीं खड़ी करते रहते हैं। वहीं, ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि उनसे प्रतिदिन स्टैंड के नाम पर 40 रुपये वसूले जाते हैं। इसके बावजूद उन्हें कोई निर्धारित स्टैंड उपलब्ध नहीं कराया गया है। चालकों का कहना है कि वे मजबूरी में अपनी गाड़ियां बस स्टेशन पर खड़ी करते हैं।
बलरामपुर में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी नेता फिरोज अहमद उर्फ फिरोज पप्पू हत्याकांड में आज फैसला आएगा। एमपी-एमएलए कोर्ट दोपहर बाद अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में बहस पूरी हो चुकी है। फैसले के पहले कोर्ट परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। कोर्ट रूम में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज सहित सभी आरोपी मौजूद हैं। यह हत्याकांड 2022 का है। 4 जनवरी 2022 की रात तुलसीपुर नगर के जरवा रोड स्थित अपने घर के पास फिरोज पप्पू पर हमला हुआ था। वे पान की दुकान पर रुके थे तभी हमलावरों ने उन पर लोहे की रॉड और चाकू से हमला कर दिया। हमलावरों ने उनके सिर पर वार किया और गला रेत दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घायल अवस्था में उन्हें सीएचसी तुलसीपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। हत्या के बाद तुलसीपुर में तनाव फैल गया था। पुलिस ने तत्काल इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की। छह दिनों की जांच के बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने इस हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस ने पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा, दामाद रमीज सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या राजनीतिक वर्चस्व और विधानसभा टिकट की होड़ का परिणाम थी। पुलिस के अनुसार, फिरोज पप्पू की लोकप्रियता बढ़ रही थी। वह समाजवादी पार्टी से तुलसीपुर विधानसभा सीट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। दूसरी ओर, पूर्व सांसद रिजवान जहीर अपनी बेटी जेबा को टिकट दिलाने की कोशिश कर रहे थे। इसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण दोनों गुटों के बीच तनाव बढ़ गया था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश लगभग एक महीने पहले रची गई थी और फिरोज पप्पू की हत्या के तीन असफल प्रयास भी किए गए थे। आखिरकार 4 जनवरी 2022 की रात मेराजउल हक उर्फ मामा और महफूज ने वारदात को अंजाम दिया, जबकि पुलिस के अनुसार पूरी साजिश रिजवान जहीर, जेबा, रमीज और शकील ने रची थी। आज इसी बहुचर्चित मामले में कोर्ट अपना फैसला सुनाने जा रही है। पूरे जिले की निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात है।
टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर शुक्रवार को प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शिव धाम कुंडेश्वर पहुंचीं। श्रावण मास के अवसर पर उन्होंने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से अभिषेक और पूजन किया। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ करीब एक घंटे तक पूजा अर्चना कराई। इस अवसर पर मंत्री कृष्णा गौर ने जिलेवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली और सर्वांगीण विकास की कामना की। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त से पूरे मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान शुरू होगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है। अभियान के तहत, अब हर शुक्रवार को कोई शासकीय बैठक नहीं होगी। सभी अधिकारी फील्ड पर रहकर निरीक्षण करेंगे और मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे। इस अभियान की शुरुआत शुक्रवार को लिधौरा तहसील से हुई। मंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 'घर-घर तिरंगा' अभियान और 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका दिवस' पर कार्यक्रमों के आयोजन की भी जानकारी दी। इन कार्यक्रमों के लिए कार्यकर्ताओं की बैठक कर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रभारी मंत्री लिधौरा रवाना कुंडेश्वर में पूजा अर्चना के बाद प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर लिधौरा के लिए रवाना हो गईं। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष सरोज राजपूत, अभय सिंह यादव, एसडीएम संस्कृति लटौरिया और तहसीलदार सतेंद्र सिंह गुर्जर सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
महराजगंज में तीन बच्चों की मौत पर न्याय की मांग:परिजनों ने DM से दोषियों पर FIR की लगाई गुहार
महराजगंज के सिसवा नगर पालिका क्षेत्र में निर्माणाधीन अमृत सरोवर में डूबने से तीन बच्चों की मौत के मामले में परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई है। शुक्रवार को मृतक बच्चों के परिवारों ने जिलाधिकारी को अलग-अलग प्रार्थना पत्र सौंपकर घटना के वास्तविक दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रार्थना पत्र देने वालों में रमेश यादव, रामलखन यादव और विनोद रौनियार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2 अगस्त 2026 को निर्माणाधीन अमृत सरोवर में डूबने से उनके मासूम बच्चों की जान चली गई थी। परिजनों का आरोप है कि यह हादसा लापरवाही का परिणाम था, जिसे समय रहते रोका जा सकता था। परिजनों ने अपने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में यह तथ्य दर्ज है कि ठेकेदार ने आवश्यकता से अधिक गहरी खुदाई कराई थी। इसके साथ ही, सुरक्षा के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, जिसके कारण बच्चे सरोवर तक पहुंच गए और यह दुखद घटना हुई। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि निर्माण कार्य में अनियमितताओं और सुरक्षा संबंधी खामियों की शिकायत पहले ही जिलाधिकारी से की गई थी। इस शिकायत के आधार पर 20 जुलाई 2026 को एक जांच समिति भी गठित की गई थी, लेकिन न तो निर्माण कार्य रोका गया, न ही सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई और न ही समय पर जांच पूरी हुई। परिजनों का मानना है कि यदि संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई की होती तो तीनों बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि नगर पालिका अध्यक्ष, अध्यक्ष प्रतिनिधि, अधिशासी अधिकारी, संबंधित अवर अभियंता (जेई) और निर्माण कार्य की निगरानी व सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता के तहत इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
बांसवाड़ा के गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में शुक्रवार को ‘नशा मुक्त वागड़, स्वस्थ युवा सशक्त जनजाति एवं विकसित भारत’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं की ताकत कम करने और उन्हें खोखला बनाने के लिए ड्रग्स भेजा जा रहा है। राज्यपाल ने नशा मुक्ति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को गरीबी दूर करने का माध्यम बताया। राज्यपाल बोले- युवाओं को खोखला करने के लिए ड्रग्स भेजा जा रहा संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि भारत के युवाओं की ताकत कम करने के लिए ड्रग्स भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल पैसा कमाना नहीं, बल्कि देश की युवा शक्ति को कमजोर करना है। राज्यपाल ने युवाओं से पूरी तरह नशे से दूर रहने की अपील की और कहा कि नशे के कारण सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। इससे हंसते-खेलते परिवार उजड़ रहे हैं। नशा मुक्ति और शिक्षा से गरीबी दूर होगी राज्यपाल ने कहा कि नशा मुक्ति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरिए गरीबी को दूर किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ अपनी बौद्धिक क्षमता, नैतिकता और सभ्यता के विकास पर भी ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है और जनजाति वर्ग के बच्चों को अधिक से अधिक शिक्षा हासिल करनी चाहिए। टीबी मुक्त भारत अभियान में सहयोग की अपील राज्यपाल ने युवाओं से टीबी मुक्त भारत अभियान में सहयोग करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि आसपास रहने वाले टीबी मरीजों के इलाज में मदद की जानी चाहिए, ताकि उन्हें समय पर उपचार मिल सके। गोविंद गुरु के योगदान को याद किया राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम में गोविंद गुरु के योगदान को याद किया। उन्होंने जनजाति समाज के युवाओं से शिक्षा के जरिए आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान गोविंद गुरु के प्रपौत्र कन्हैयालाल, देवी सिंह और राजेश का सम्मान किया गया। राज्यपाल का गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कार्यक्रम में कुलसचिव उदय सिंह सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के युवा और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
डूंगरपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को श्री भोगीलाल पंड्या राजकीय महाविद्यालय के सामने प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज गेट पर नारेबाजी करते हुए धरना दिया और छात्रसंघ चुनाव करवाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कॉलेज प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी के छात्रावास कार्यप्रमुख अनिल धमलात के नेतृत्व में विद्यार्थी कॉलेज गेट पर एकत्र हुए। उन्होंने एबीवीपी के झंडे और पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी की और गेट बंद कर धरने पर बैठ गए। 'चुनाव नहीं होने से स्टूडेंट्स की आवाज उठाने वाला कोई नहीं'अनिल धमलात और राजेंद्र खराड़ी ने कहा कि सरकार छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाकर छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 3 शैक्षणिक सत्र से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं, जिससे विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर विद्यार्थियों की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। एबीवीपी नेताओं ने यह भी कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने चुनाव नहीं करवाए और अब भाजपा सरकार भी ऐसा ही कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि एबीवीपी हमेशा छात्र हितों को लेकर आंदोलन करती रहेगी। इसके अलावा, छात्रों ने जिले के सरकारी कॉलेजों में स्थायी प्रिंसिपल न होने और कई कॉलेजों में लेक्चरर के पद खाली होने जैसी समस्याओं को भी उठाया। एबीवीपी ने सरकार से इन सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की।
बूंदी के नैनवां स्थित देई कृषि उपज मंडी में 16 से 25 अगस्त 2026 तक 9 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव आयोजित होगा। हाड़ौती क्षेत्र में पहली बार श्रीराम कथा के साथ पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव का शुभारंभ 16 अगस्त को 1100 कलशों की विशाल कलश यात्रा से होगा। धार्मिक अनुष्ठानों के लिए 111 विद्वान वेदपाठी आचार्य मौजूद रहेंगे। कथा के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय संत महंत राममोहनदास रामायणी होंगे। आयोजन समस्त क्षेत्रवासियों और देई नगरवासियों के तत्वावधान में किया जा रहा है। सुबह-शाम होंगे वैदिक अनुष्ठान आयोजन के दौरान वैदिक अनुष्ठान प्रतिदिन सुबह 7 से 10 बजे और शाम 6 से 9 बजे तक होंगे। वहीं संगीतमय श्रीराम कथा दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। आयोजन समिति के अनुसार एक यजमान केवल एक ही पारी में भाग ले सकेगा, चाहे वह सुबह की पारी हो या शाम की। पार्थिव शिवलिंग अभिषेक में शामिल होने वाले यजमानों को अपने साथ एक थाली और पांच कटोरियां लानी होंगी। 21 हजार में 9 दिवसीय पार्थिव शिवलिंग पूजन श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और दोष निवारण सेवाओं की व्यवस्था की गई है। 9 दिवसीय पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं अभिषेक की सेवा राशि 21 हजार रुपए निर्धारित की गई है। इसमें यजमान के लिए एक ब्राह्मण द्वारा 9 दिनों में 17,500 महामृत्युंजय मंत्रों का जाप कराया जाएगा। वहीं एक दिवसीय पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं अभिषेक की सेवा राशि 2,100 रुपए रखी गई है। कालसर्प दोष निवारण में 18 हजार मंत्र जाप कालसर्प दोष निवारण की सेवा राशि 5100 रुपए निर्धारित की गई है। इसके तहत दो ब्राह्मणों द्वारा दो दिनों तक राहु शांति के लिए 18 हजार मंत्रों का जाप और दो दिनों तक रुद्राभिषेक किया जाएगा। गुरु चांडाल और अंगारक दोष निवारण की भी व्यवस्था गुरु चांडाल योग निवारण के लिए सेवा राशि 15 हजार रुपए निर्धारित है। इसमें तीन ब्राह्मण तीन दिन तक 48 हजार बृहस्पति एवं 18 हजार राहु के जप करेंगे तथा तीन दिन रुद्राभिषेक होगा। इसी तरह अंगारक दोष निवारण की सेवा राशि भी 15 हजार रुपए है। इसमें तीन ब्राह्मण तीन दिन तक 18 हजार राहु एवं 48 हजार मंगल के जप के साथ तीन दिन रुद्राभिषेक करेंगे। मांगलिक, ग्रह और पितृ दोष के लिए 15-15 हजार रुपए मांगलिक दोष, ग्रह दोष एवं पितृ दोष निवारण के लिए प्रत्येक की सेवा राशि 15-15 हजार रुपए निर्धारित की गई है। मांगलिक दोष निवारण में तीन ब्राह्मण तीन दिन तक 18 हजार जप और तीन दिन रुद्राभिषेक करेंगे। ग्रह दोष निवारण में तीन पंडितों द्वारा तीन दिन तक वास्तु आदि की शांति के लिए जप एवं रुद्राभिषेक किया जाएगा। वहीं पितृ दोष निवारण में तीन पंडित तीन दिन तक पितृ श्राद्ध, पितृ गायत्री जप एवं तर्पण के साथ रुद्राभिषेक करेंगे। शनि महादशा शांति के लिए 80 हजार मंत्र जाप शनि महादशा शांति के लिए सेवा राशि 31 हजार रुपए निर्धारित की गई है। इसमें पांच ब्राह्मण तीन दिन तक शनि मंत्र के 80 हजार जप करेंगे। इसके साथ तीन दिन रुद्राभिषेक होगा। महामृत्युंजय जाप की सेवा मंत्रों की संख्या के अनुसार निर्धारित की जाएगी। भंडारा और प्रसाद की भी रहेगी व्यवस्था महोत्सव में संतों एवं ब्राह्मणों के लिए सुबह के फलाहार की सेवा 15 हजार रुपए, सुबह बाल भोग सामूहिक सेवा 25 हजार रुपए, दोपहर राजभोग भंडारा 51 हजार रुपए, कथा के बाद प्रसाद सेवा 21 हजार रुपए तथा रात्रि भोजन भंडारा सेवा 31 हजार रुपए निर्धारित की गई है। सपरिवार शामिल होने की अपील आयोजन से जुड़े सेवादल ने तलवास सहित आसपास के क्षेत्र के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से भगवान चारभुजा नाथ एवं भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और इस धार्मिक महाआयोजन का पुण्य लाभ लेने का आग्रह किया है।
शिव की भक्ति में बढ़ रहे नन्हें कदम:7 साल की शिवान्या ने उठाई कांवड़, बोली भोलेनाथ ही देते हैं शक्ति
शिवभक्ति की राह में मासूम बच्चे भी आगे बढ़ रहे हैं। होंठो पर बमबोले का नाम, पैरों में छाले और आगे बढ़ते कदम..नन्हें शिवभक्तों के मन में भक्ति का गजब जुनून है। जिसके आगे राह की तमाम मुश्किलें, कंकड़, पत्थर भी हार मान रहे हैं। मेरठ एनएच 58 पर शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भगवावस्त्रधारी कांवड़ियों में 5 साल से लेकर 10 साल के छोटे भोले भी हैं। हालांकि कई बच्चे तो ऐसे हैं जो माता, पिता के साथ बेबीवॉकर में कांवड़ यात्रा पूरी कर रहे हैं। वहीं थोड़े बड़े बच्चे स्वयं कांधों पर जल लेकर गंतव्य की ओर चल रहे हैं। दिल्ली से हरिद्वार की पैदल यात्रा इसी दौरान दिल्ली की शिवन्या भी अपनी मम्मी, पापा और छोटी बहन के साथ जल लेकर चल रही है। शिवन्या कुल 7 साल की है, थर्ड क्लास में पढ़ती है। शिवन्या ने बताया कि ये उसकी दूसरी कांवड़ यात्रा है। जब वो स्वयं कांधों पर जल लाई है। इससे पहले वो मम्मी-पापा के साथ वॉकर में कांवड़ यात्रा पर जा चुकी है। शिवन्या के पिता सुबोध ने बताया बेटियां बहुत जिद कर रही थी कि इस बार वो नंगेपांव पैदल चलकर कांवड़ यात्रा पूरी करेंगे। तो हमने भी नहीं रोका। हर साल इनको वॉकर में लाते रहे हैं। शिवन्या अपने मन से स्वयं पैदल चलकर कावंड़ ला रही है। ये हमसे भी तेज चलती है और इसमें बहुत उत्साह है। मम्मी बोली भोलेनाथ ही शक्ति देते हैं हम ही कई बार डर जाते हैं कि इसकी तबियत न बिगड़ जाए। लेकिन भोलेनाथ सब कृपा बनाए हुए हैं। तो हमें चिंता की क्या जरुरत है। शिवन्या की मां पिंकी भी साथ चल रही है। वो कहती हैं बेटी शिवजी की कृपा से हुई इसलिए हमने इसका नाम शिवन्या रखा है। बाकी जब तक बच्चियों का मन है वो कांवड़ यात्रा करें। हम भी उनके साथ है।
हजारीबाग जिले के टाटीझरिया प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक जारी है। खैरा, सिझुआ और महुआटांड़ सहित कई गांवों में हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। देर रात महुआटांड़ गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने एक आदिवासी परिवार के घर को ध्वस्त कर दिया। मिहिलाल टुड्डू के घर को नुकसान पहुंचने से उनके परिवार के सामने आवास की समस्या खड़ी हो गई है। हाथियों के झुंड ने घर को क्षतिग्रस्त करने के साथ-साथ आसपास के खेतों में लगी फसलों को भी रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। बरसात के मौसम में किसान खेती के कार्यों में लगे हैं, ऐसे में फसलों के बर्बाद होने से उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के गांवों के करीब आने से जान-माल की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। हाथियों को गांव में आने से रोकने की कोशिश करते रहे हाथियों के गांव में प्रवेश की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग की टीम ने पूरी रात हाथियों को आबादी वाले क्षेत्र से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। ग्रामीण भी मशाल जलाकर, टॉर्च की रोशनी और शोर मचाकर हाथियों को गांव में आने से रोकने की कोशिश करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार गांवों में आने से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। विशेषकर रात के समय खेतों और घरों के आसपास हाथियों की उपस्थिति लोगों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखने और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल क्यूआरटी (QRT) टीम तैनात करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने हाथियों द्वारा बर्बाद की गई फसलों और क्षतिग्रस्त घर का तत्काल आकलन कराने की मांग की है। उन्होंने प्रभावित परिवार और किसानों को नियमानुसार जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आगरा में बरसात के कारण सड़कों के धंसने का सिलसिला जारी है, जिससे लोगों की जान खतरे में है। कमलानगर के कर्मयोगी एन्क्लेव में महीने में दूसरी बार सड़क धंसी, वहीं आलमगंज-लोहामंडी रोड और शास्त्रीपुरम में भी गड्ढे हो गए हैं।
नर्मदापुरम में पचमढ़ी आर्मी अधिकारी और एक जेन-जी (कॉलेज स्टूडेंट) साइबर फ्रॉड का शिकार हुए। ठग ने बिजली का बकाया बिल का मैसेज भेजकर यह शिकार किया। जिसमें हजारों रुपए खाते से कुछ सेकंड में उड़ गए। जानकारी के मुताबिक फरियादी सेना शिक्षा केंद्र (ACE) आर्मी सेंटर ऑफ एजुकेशन, पचमढ़ी में ऑफिसर है। जिन्हें 30 जुलाई को मोबाइल पर मैसेज आया। जिसमें बिजली बिल बकाया लिखा था। जबकि उनका बिजली का कोई बिल पेंडिंग नहीं था। उस मैसेज में लिखे नम्बर पर उन्होंने कॉल कर बिल पेडिंग नहीं होने की बात बताई। लिंक क्लिक करते ही वेड्रॉल हुआकॉलर ने उन्हें बोला कि एक लिंक आएगी, जिसमें आप अपडेट कर देना कि बिल का पेमेंट हो गया है। आर्मी ऑफिसर ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, खाते से रुपए वेड्रॉल होने के मैसेज आ गया। उन्होंने तुरंत बैंक और पुलिस थाने में इसकी शिकायत की। साइबर सेल में जांच के बाद पचमढ़ी थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। माखननगर में स्टूडेंट से भी ठगीइसी प्रकार माखननगर थाने में भी एक कॉलेज स्टूडेंट ने साइबर ठगी की शिकायत की। फरियादी ने बताया कि 2 अगस्त को शाम को अचानक से उसका मोबाइल हैक हो गया। कुछ देर बाद जब मोबाइल को रिस्टार्ट कर चालू किया तो सारी एप डिलीट हो गई। फोन पे को इंस्टॉल कर बैंक बैलेंस चैक किया तो 46हजार रुपए निकल चुके थे। साइबर ठगी के लगातार मामले सामने आ रहे है। जिसमें स्टूडेंट्स, बुजुर्ग, सरकारी अधिकारी, किसान सभी अन्य वर्गों के लोग भी ठगी का शिकार हो रहे। पुलिस द्वारा साइबर अपराधों को रोकने के लिए नाटक, स्लोगन, अन्य प्रकार से जागरूक अभियान चला रही। बावजूद साइबर अनेकों प्रकार से लोगों को ठग रहे। 1 जुलाई से 7 जुलाई तक में जिलेभर के थानों में 12 से ज्यादा साइबर फ्रॉड के अपराध दर्ज हो चुके है। जिसमें करीब 5 लाख से ज्यादा रुपए लोगों के खाते से साइबर ठग निकाल चुके हैं।
सुकमा जिले के तुमलपाड़ गांव में कथित अवैध उत्खनन को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी गांव पहुंचे। सैकड़ों ग्रामीणों ने दोनों नेताओं से मुलाकात कर उत्खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई महीनों से कथित अवैध उत्खनन हो रहा है। उन्होंने अपनी समस्याएं नेताओं को बताते हुए इस काम को तुरंत बंद कराने की मांग की। हरीश कवासी ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। गांव में आज तक स्कूल नहीं खुला, लेकिन उत्खनन का काम तेजी से चल रहा है। उनका आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर उत्खनन किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। विक्रम मंडावी बोले- विकास चाहिए, लेकिन नियमों के अनुसार बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि विकास की आड़ में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका आरोप है कि उत्खनन से जुड़े जरूरी दस्तावेज और अनुमति स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना यह काम किया जा रहा है। प्रशासन पर संरक्षण देने का आरोप विधायक मंडावी ने कहा कि ग्रामीण विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर नियमों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और शासन पर कथित अवैध उत्खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उत्खनन नहीं रुका तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीण बोले- विकास चाहिए, लेकिन नियमों के साथ बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सड़क, स्कूल, रोजगार और दूसरी जरूरी सुविधाओं के लिए विकास जरूरी है। लेकिन विकास के नाम पर जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर उत्खनन की वैधता स्पष्ट करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। 'गांव के बजाय दूसरे राज्यों में भेजी जा रही गिट्टी' ग्रामीणों का आरोप है कि उत्खनन से निकलने वाली गिट्टी और अन्य सामग्री का इस्तेमाल गांव के विकास कार्यों में नहीं किया जा रहा, बल्कि उसे दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नियमों को नजरअंदाज कर प्राकृतिक संसाधनों का दोहन स्वीकार नहीं करेंगे। 'कंपनी ने कई वादे किए, एक भी पूरा नहीं हुआ' ग्रामीणों ने बताया कि काम शुरू होने से पहले कंपनी ने कई वादे किए थे। हर परिवार को हर साल 25 हजार रुपए देने, ऑटो की सुविधा उपलब्ध कराने और गांव में स्कूल खोलने का आश्वासन दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। ग्राम सभा के बिना उत्खनन का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि उत्खनन शुरू करने से पहले ग्राम सभा की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। उनका कहना है कि विरोध के बावजूद दबाव और डर का माहौल बनाकर कथित तौर पर उत्खनन का काम जारी रखा गया।
देवरिया में टीबी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित:एनसीसी कैडेटों को क्षय रोग के लक्षण और बचाव की जानकारी
देवरिया में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शुक्रवार को एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 49 यूपी बटालियन एनसीसी, देवरिया के सौजन्य से यह कार्यक्रम विद्यालय के सरस्वती सभागार में हुआ। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एनसीसी कैडेटों को क्षय रोग (टीबी) के लक्षण, बचाव, उपचार और उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। मुख्य वक्ताओं सुनील सिंह और चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने टीबी को एक संक्रामक रोग बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर जांच और नियमित उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। वक्ताओं ने कैडेटों से स्वयं जागरूक रहने और समाज में टीबी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने की अपील की। उन्होंने लोगों को समय पर जांच व इलाज के लिए प्रेरित करने का भी आग्रह किया।विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अजय मणि त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने एनसीसी कैडेटों को अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से जनजागरण के प्रभावी वाहक बनने के लिए प्रेरित किया। डॉ. त्रिपाठी ने सभी कैडेटों से टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।कार्यक्रम का संचालन चीफ ऑफिसर डॉ. राजेश मिश्र ने किया। इस दौरान लेफ्टिनेंट अखिलेश कुमार पाण्डेय, चीफ ऑफिसर सुनील कुमार मौर्य, सूबेदार विक्रम डोडिया, हवलदार सुजन थापा और हवलदार पंकज कुमार सहित कुल 102 एनसीसी कैडेट उपस्थित थे।
गुरुग्राम में भारी वर्षा के बावजूद दिल्ली-जयपुर हाईवे जाम-मुक्त रहा, जिससे नरसिंहपुर क्षेत्र में भी यातायात सुचारु रहा। मुख्यमंत्री का काफिला बिना किसी रुकावट के गुजरा, प्रशासन की सतर्कता और पुलिस बल की तैनाती ने व्यवस्था बनाए रखी।
फरीदाबाद में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। शहर के कई इलाकों में जलभराव होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी सुबह दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और शाम को घर लौटने वाले लोगों को हो रही है। लो-लाइन क्षेत्रों में बारिश का पानी भर जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम और अन्य संबंधित विभाग जलभराव वाले स्थानों पर टैंकर और पंप लगाकर पानी की निकासी में जुटे हैं। हालांकि, कई स्थानों पर अब भी बारिश के पानी की निकासी का स्थायी समाधान नहीं हो सका है और फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पानी निकाला जा रहा है। वहीं, लगातार बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत भी मिली है। पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस के बाद मौसम सुहावना हो गया है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। फरीदाबाद में बारिश से हुए जलभराव के फोटो
लखीमपुर खीरी में लापता ऑटो चालक की बरामदगी की मांग:परिजनों-ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय का किया घेराव
लखीमपुर खीरी में पांच दिन से लापता ऑटो चालक विनीत कुमार की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने पुलिस से मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। फरधान थाना क्षेत्र के सरायसूरत निवासी 31 वर्षीय ऑटो चालक विनीत कुमार 3 अगस्त को ऑटो लेकर घर से निकले थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों की तलाश के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। बाद में भंसड़िया रेलवे क्रॉसिंग के पास विनीत का ऑटो लावारिस हालत में मिला, जिसकी बैटरी भी गायब थी। परिजनों ने विनीत के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में केवल गुमशुदगी दर्ज की और अपहरण की आशंका को गंभीरता से नहीं लिया। पांच दिन बीत जाने के बाद भी विनीत का पता नहीं लगने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि 3 अगस्त को ऑटो चालक के गायब होने की सूचना मिली थी। 24 घंटे की प्रतीक्षा के बाद फरधान थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई। तत्काल अनहोनी की आशंका उन्होंने आगे बताया कि 4 अगस्त को जब विनीत का ऑटो सदर कोतवाली इलाके में लावारिस मिला और उसकी बैटरी गायब पाई गई, तो परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल अनहोनी की आशंका के चलते अपहरण का मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें बनाई गई हैं। जांच-पड़ताल जारी है और संभावित सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। संदिग्ध बिंदुओं की पड़ताल ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से मामले की गंभीरता से जांच कराने, संदिग्ध बिंदुओं की पड़ताल करने और विनीत कुमार को जल्द से जल्द सकुशल बरामद करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई कर लापता ऑटो चालक का पता नहीं लगाया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
कुरुक्षेत्र शहर में बेखौफ बदमाशों ने शुक्रवार रात सेक्टर-7 स्थित एडवोकेट बीएस वालिया के घर में हथियारों के बल पर डकैती की। अलसुबह में 3 से 4 नकाबपोश बदमाश घर में घुसे और रिवाल्वर के दम पर पहले घर में मौजूद महिला को रस्सियों से बांध दिया। इसके बाद जब एडवोकेट बीएस वालिया सैर से लौटे तो बदमाशों ने उन्हें भी बंधक बना लिया। जानकारी के अनुसार एडवोकेट बीएस वालिया रात करीब 9 बजे सैर के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान बदमाश घर में दाखिल हो गए। घर में मौजूद महिला को रिवाल्वर दिखाकर काबू किया और रस्सियों से बांध दिया। पत्नी को जान से मारने की धमकी दी कुछ देर बाद जैसे ही एडवोकेट घर लौटे, बदमाशों ने उन्हें भी कब्जे में ले लिया। आरोपियों ने पत्नी को जान से मारने की धमकी देकर घर में रखी नकदी और जेवरात के बारे में जानकारी ली। इसके बाद बदमाश घर से नकदी और आभूषण समेटकर फरार हो गए। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
लखनऊ नगर निगम में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना है। मेयर सुषमा खर्कवाल ने समस्याओं के निस्तारण का निर्देश दिया। गोशाला से जबरन गायों को लाने का आरोप पंडित शर्मिला महाराज ने बताया कि भुइंयन देवी गोशाला, निशातगंज से 9 गाय को घसीट कर लेकर गए हैं। इसमें बछड़ों को छोड़ दिया गया है। अगर उनकी मौत होती है तो इसके जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारी होंगे। अगर इस तरह कार्रवाई हो रही है तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और पार्षदों के यहां पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। जहां पर 30-30 गाय रह रही हैं। आरोप लगाया कि नगर निगम टीम ने कार्रवाई के दौरान लोगों से अभद्रता की। उनका कहना है कि ताला तोड़कर डकैती डाली गई है। पीएम आवास आवंटित हुआ मिला नहीं पूनम गौड़ ने मेयर सुषमा खर्कवाल को शिकायत देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2016 में उन्हें आवास लॉटरी के माध्यम से मिला है, लेकिन 10 साल 20 जाने के बाद भी आज तक आवास नहीं मिला। आप है जब पता कि करते हैं तो बताया जाता है कि आवास वृंदावन या अवध विहार योजना में शिफ्ट कर दिया गया है। चौक में गंदे पानी की समस्या अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि चौक में रहते हैं। वहां पर नाली पानी मिक्स हो जाता है। इसकी व्यवस्था खराब हो रही है। कई बार शिकायत की है। आज मेयर ने आश्वासन दिया है। कटारी टोला, सोंधी टोला के 30 हजार आबादी को समस्या हो गई है। पार्षद अनुराग मिश्रा ने भी इसके लिए पहल की है, लेकिन काम हो जाए। 300 का बिल 2300 आ रहा शकुन्तला शिव पुरम में रहती हैं। उनका कहना है कि बेटे की मौत हो चुकी है। 400 स्क्वायर फीट में 2,300 रुपए बिल आ रहा है, जबकि इसके पहले 300 रुपए बिल आता था। कृष्ण मोहन रावत बंग्ला बाजार में रहते हैं। उनका कहना है कि मेरे मकान को अवैध तरीके से तीन बार बेंच दिया गया है। 420 के तीन मुकदमा आरोपी के खिलाफ दर्ज है। हम लोग दीवानी जीत चुके हैं। फिर भी हमारी पत्नी का नाम नहीं चढ़ रहा है।
डूंगरपुर में 3 लग्जरी बसें सीज:नियमों तोड़ने पर 1.70 लाख का चालान भी बनाया
डूंगरपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग ने निजी व लग्जरी बसों की औचक जांच की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 3 लग्जरी बसों को जब्त कर लिया गया। साथ ही 1.70 लाख रुपए का चालान भी बनाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किरण कुमार चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला व सेशन न्यायाधीश दीपा गुर्जर के निर्देश पर की गई। शहर में निजी और लग्जरी बसों के खिलाफ यह अभियान चलाया गया। संयुक्त टीम ने की कार्रवाईचौहान ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने निजी और लग्जरी बसों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, इमरजेंसी एग्जिट और वाहनों के राष्ट्रीय मानकों के पालन का जायजा लिया गया। औचक निरीक्षण में सुरक्षा मानकों और नियमों का उल्लंघन करने वाली 3 लग्जरी बसें जब्त की गईं। इस पूरी कार्रवाई में नियमों की अनदेखी करने वाली बसों पर लगभग 1.70 लाख रुपए का चालान बनाया गया। सीज की गई बसों के मालिकों को निर्धारित नियमों के अनुसार बसों को व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित करने की हिदायत दी गई है।
असम बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए डिप्लोमा इंजीनियर, 1000 विस्थापित परिवारों को बनाकर देंगे मकान
आल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स असम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक पांच साल की मासूम बच्ची के साथ रेप करने का मामला सामने आया है। आरोपी युवक मोहल्ले में खेल रही बच्ची को साइिकल सिखाने के बहाने जंगल ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सीपत थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार सीपत थाना क्षेत्र की रहने वाली पांच साल की बच्ची बुधवार की सुबह अपने घर के पास मोहल्ले में खेल रही थी। उसी समय दीपक पटेल (30) वहां से गुजर रहा था। युवक ग्राम नीरतू का रहने वाला है। बच्ची को देखकर उसकी नीयत बिगड़ गई। उसने बच्ची को साइिकल सिखाने का झांसा दिया, जिसके बाद अपने साथ रेलहा जंगल की तरफ ले गया। जंगल में ले जाकर किया दुष्कर्म, ढूंढते पहुंच गए परिजन इधर, दोपहर तक बच्ची घर नहीं पहुंची, तब परेशान परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान लोगों से पूछताछ में पता चला कि बच्ची को दीपक पटेल के साथ जाते देखा गया है। इससे घबराए परिजन बच्ची और दीपक को ढूंढते हुए जंगल तरफ गए। उन्होंने रास्ते में दीपक को पकड़ लिया। मासूम बच्ची ने मां को बताई आप बीतीजब मां ने अपनी बच्ची से पूछताछ की, तब पता चला कि दीपक उसे साइकिल सिखाने के बहाने ले गया था। जिसके बाद जंगल में ले जाकर गंदा काम किया। यह सुनकर मां का दिल सहम गया। बच्ची की मां ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद आरोपी दीपक को ले जाकर पुलिस को सौंप दिया। इस मामले में बच्ची की तरफ से उसकी मां ने थाने में शिकायत की, जिस पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
अयोध्या में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने दो शातिर अपराधियों को दुराचारी घोषित करते हुए उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई शुक्रवार को स्थानीय पुलिस की जांच रिपोर्ट और आरोपियों के आपराधिक इतिहास के आधार पर की गई। एसएसपी ने कहा कि दोनों आरोपियों की गतिविधियों पर अब विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी आपराधिक घटना को रोका जा सके। इनायतनगर पुलिस ने देवनपारा हरिनाथपुर निवासी 40 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद तिवारी पुत्र सियाराम तिवारी को दुराचारी घोषित किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2017 से 2026 के बीच उसके खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, कूटरचना, चुनाव संबंधी नियमों का उल्लंघन, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी जैसी धाराएं शामिल हैं। उसके खिलाफ इनायतनगर और कुमारगंज थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इसी क्रम में पूराकलंदर पुलिस ने ग्राम इच्छा का पुरवा, अलावलपुर निवासी 25 वर्षीय सोनू यादव उर्फ धनेश यादव पुत्र राजेंद्र प्रसाद को भी दुराचारी घोषित कर उसकी हिस्ट्रीशीट खोल दी है। पुलिस अभिलेखों के मुताबिक वर्ष 2021 से 2025 के बीच उसके खिलाफ छह मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें मारपीट, घर में घुसकर हमला, धमकी, बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध और एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। उसके सभी मुकदमे पूराकलंदर थाने में दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद दोनों आरोपियों के आवागमन, सामाजिक व्यवहार और आपराधिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाएगी। बीट पुलिस अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी समय-समय पर निगरानी कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
जालौन के जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए डीएम राजेश कुमार पाण्डेय की सख्ती का असर बिजली विभाग में देखने को मिला है। हदरुख विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में दो लोगों के झुलसने की घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए उपखंड अधिकारी (एसडीओ) को पद से हटा दिया है। वहीं संबंधित अवर अभियंता (जेई) के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाकर अन्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। अधीक्षण अभियंता की रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम हरिसिंहपुर के मजरा माईनर के पास खेतों से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन के समीप हुई दुर्घटना की जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की गई। विद्युत वितरण उपखंड जालौन के उपखंड अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाते हुए उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। इसके अलावा 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र हदरुख के अवर अभियंता रमाकांत वर्मा को भी प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए पद से हटाया गया। उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ अन्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। पेड़ों में करंट आने से हुआ हादसा विभागीय जांच में सामने आया कि दुर्घटना सीधे 11 केवी लाइन के संपर्क में आने से नहीं, बल्कि लगातार बारिश के कारण पेड़ों में विद्युत प्रवाह आने की वजह से हुई थी। घटना के तुरंत बाद एहतियातन संबंधित खेत से गुजर रही 11 केवी लाइन का स्पैन हटाकर उस क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद करा दी गई, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। दोनों घायलों का इलाज जारी है। विभाग ने नियमानुसार उन्हें क्षतिपूर्ति दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि मामले की स्वतंत्र जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा भी कराई जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीएम बोले- जनसुरक्षा पर कोई समझौता नहीं जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विद्युत अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
बूंदी जिले के गरड़दा बांध पर चौकीदारी करने वाले युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। चार दिन पहले अज्ञात बदमाशों ने चौकीदार पर हमला कर दिया था। इसके बाद घायल को कोटा के एमबीएस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। यहां शुक्रावर को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के बड़े भाई बद्रीलाल भील ने बताया- परना गांव निवासी मोहनलाल भील (30) गरड़दा बांध पर मछली पालन तालाब की चौकीदारी करता था। तीन अगस्त की रात अज्ञात बदमाशों ने मोहनलाल और उसके साथी मोहनलाल मेघवाल पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में उसके एक साथी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मोहनलाल को पहले बूंदी जिला अस्पताल ले जाया गया। चार दिन से चल रहा था इलाज प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक होने पर कोटा के एमबीएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां पिछले चार दिनों से उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को उपचार के दौरान मोहनलाल ने भी दम तोड़ दिया। एक साथी फरार भाई मछली पालन तालाब पर चौकीदारी करता था, जहां तीन लोग काम करते थे। घटना के बाद एक कर्मचारी फरार है। परिवार को उसी पर संदेह है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
संत रविदास के जयघोष से गूंजा चूरू:समरसता कलश यात्रा निकली, 14 अगस्त को सालासर में समापन
चूरू में भाजपा के समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत संत रविदास जयंती पर गुरुवार को कलश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा रामसरा रोड स्थित भाजपा जिला कार्यालय से शुरू हुई। जयपुर से लाए गए पावन कलश की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद इसे चूरू लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों और शहरों के लिए रवाना किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा, लोकसभा रथ प्रभारी डॉ. वासुदेव चावला, सहप्रभारी राकेश जांगिड़, जिला संयोजक भास्कर शर्मा और अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री सीताराम लुगरिया ने पूजा-अर्चना कर संत रविदास महाराज के जयघोष के साथ कलश यात्रा को हरी झंडी दिखाई। जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं आज भी समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा की विचारधारा और कार्यशैली में उनके समरसता के संदेश की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। गुरु पूर्णिमा से शुरू हुआ यह समरसता संकल्प अभियान, जिसके तहत यह कलश यात्रा निकाली गई है, चूरू लोकसभा क्षेत्र के सभी गांवों और शहरों में पहुंचेगा। लोकसभा रथ प्रभारी डॉ. वासुदेव चावला ने बताया कि संत रविदास ने समरस और समानतापूर्ण समाज की स्थापना का संदेश दिया था। उन्होंने संत रविदास के प्रसिद्ध वचन मन चंगा तो कठौती में गंगा का भी उल्लेख किया। सहप्रभारी राकेश जांगिड़ ने कहा कि संत रविदास का जीवन और उनके विचार सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। जिला संयोजक भास्कर शर्मा ने जानकारी दी कि जिला कार्यालय से रवाना हुई यह कलश यात्रा रामनगर चौराहे से होते हुए चूरू लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पहुंचेगी। इन स्थानों पर जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और आमजन कलश का स्वागत और पूजन करेंगे। इस यात्रा का समापन 14 अगस्त को सालासर में होगा। कार्यक्रम में विधानसभा संयोजक पदमसिंह राठौड़, मंडल प्रभारी सुरेश सारस्वत, मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र राकसिया, सुप्यार सिंह, नेता प्रतिपक्ष विमला गढ़वाल, रचना कोठारी, जिला उपाध्यक्ष मोहन खारड़िया, जिला प्रवक्ता महेश मिश्रा, गोगराज सैनी, सूर्यप्रकाश ढाका, नीरज जांगिड़, नोमान खान, कमल सैनी, हरीश वर्मा, रजत शर्मा, विमल जोशी, आकाश सैन और राकेश दाधीच सहित कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
सहारनपुर में दहेज उत्पीड़न का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर महिला थाना पुलिस ने पति समेत नौ लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट, छेड़छाड़, घर में तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि दहेज में कार और पांच लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर चार माह की गर्भवती महिला के साथ मारपीट की गई। मामला नकुड़ थाना क्षेत्र के ग्राम रणदेवी का है। यहां निवासी शुभम कुमार ने शिकायत दी कि उनकी बहन शालू की शादी चौसाना निवासी राहुल पुत्र पप्पू उर्फ ईश्वर उर्फ बबला से हुई थी। शादी के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग दहेज में कार और पांच लाख रुपये की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। विरोध करने पर उसे घर से निकाल दिया गया था। इसके बाद पीड़िता ने न्यायालय में भरण-पोषण का वाद दायर किया था। शिकायत के अनुसार 31 मई 2026 को राहुल समेत सभी नामजद आरोपी पीड़िता के मायके पहुंचे और फिर से कार तथा पांच लाख रुपये की मांग की। परिवार ने आर्थिक स्थिति ठीक न होने की बात कही तो आरोपियों ने शालू के साथ मारपीट की। आरोप है कि उसके बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा गया और छेड़छाड़ भी की गई। बीच-बचाव करने पहुंचे शुभम और उनके माता-पिता के साथ भी मारपीट की गई। आरोपियों पर घर में तोड़फोड़ करने और मारपीट के दौरान शुभम की मां के कानों के कुंडल गिर जाने का भी आरोप लगाया गया है। परिजनों के अनुसार मारपीट के बाद गर्भवती शालू के पेट में तेज दर्द होने लगा। परिवार ने पहले 112 पर कॉल करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। बाद में थाना प्रभारी को फोन कर घटना की जानकारी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया, लेकिन उस समय न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इस मामले में राहुल, अंगूरी, सोमपाल, सोमपाल की पत्नी, संदीप, शील, धर्मवीर, शीशपाल और लतीफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला थाना पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में मां और उसकी 10 माह की बेटी की हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 65 साल का बुजुर्ग है। उसने महिला को ईंट से मारकर घायल करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी बेटी का गला घोंट दिया। जिससे उसकी जान चले गई। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक 16 जुलाई को ग्राम छापरपानी की रहने वाली बुधियारो नागवंशी ने थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 35 वर्षीय मौसेरी बहन, जिसके पति की मृत्यु के बाद से उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई थी। वह गांव के प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान में अपनी 10 माह की बेटी के साथ रह रही थी। उसी दिन सुबह महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली, जबकि उसकी 10 माह की बेटी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। महिला के सिर व चेहरे पर किसी भारी वस्तु से गंभीर चोट के निशान थे। उपचार के दौरान महिला की भी मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद मौके पर पुलिस, एफएसएल व डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची। जहां घटनास्थल की जांच शुरू करते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया। घटनास्थल सुनसान होने, प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिलने व महिला का किसी से विवाद नहीं होने के कारण जांच बेहद चुनौतीपूर्ण थी। SSP शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर पुलिस की टीम ने ग्राम छापरपानी में लगातार कैंप लगाकर ग्रामीणों से जानकारी जुटाई। दोबारा पूछताछ करने पर अपराध स्वीकार कियाइसी दौरान पुलिस को मुखबीरों से ग्राम कोड़ासिया निवासी भिखारीराम नागवंशी 65 साल के घटना के संबंध में जानकारी और अहम सबूत मिले। संदेह के आधार पर उसे पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया गया जिसके हाथ में चोट का निशान था, लेकिन उसने घटना से इंकार किया। पुलिस को संदेह होने पर दोबारा उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया और कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने पूरा अपराध स्वीकार कर लिया। महिला के विरोध करने पर ईंट से वार कियाआरोपी भिखारी राम ने बताया कि 15 जुलाई की रात वह प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान पहुंचा। जहां महिला अपनी बच्ची के साथ सो रही थी। उसने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया। तब महिला के विरोध करने पर उसने वहां रखी ईंट से उसके सिर और चेहरे पर कई वार कर दिए। इससे महिला गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गयाघटना के दौरान पास में मौजूद 10 माह की बच्ची के रोने पर आरोपी भिखारीराम ने उसका गला दबाया और ईंट से हमला कर उसकी भी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी खेत के रास्ते अपने घर पहुंचा और घटना के समय पहनी हुई धोती जिसमें खून लगा था उसे बदलकर छिपा दी। ऐसे में पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर उसकी धोती बरामद की और आरोपी को हत्या व दुष्कर्म के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगाSSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण अपराधों के खुलासे में वैज्ञानिक जांच, सतत निगरानी और टीमवर्क सबसे बड़ी ताकत है। महिलाओं व बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में लगातार गंभीरता से जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
सवाई माधोपुर जिले के टोडरा गांव में चार दिन पहले लेपर्ड के हमले में गंभीर रुप से घायल हुई 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला लीला देवी ने शुक्रवार को जयपुर के SMS अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद गांव में शोक के साथ ही लेपर्ड को लेकर दहशत का माहौल है। घर में सोते वक्त हमला किया था जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 12 बजे लीला देवी अपने घर में सो रही थीं। इसी दौरान लेपर्ड घर में घुस आया और महिला पर हमला कर दिया। लेपर्ड ने महिला के सिर और गर्दन को अपने जबड़े में दबा लिया और करीब 10 मीटर तक घसीटकर ले गया था। इसके बाद लेपर्ड महिला को दीवार फांदकर बाहर ले जाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान महिला के बेटे ने हिम्मत दिखाते हुए लेपर्ड का सामना किया। परिवार के लोगों के शोर मचाने पर लेपर्ड महिला को छोड़कर मौके से भाग गया। जयपुर के SMS अस्पताल में दम तोड़ा घटना के बाद परिजन गंभीर घायल लीला देवी को उपचार के लिए सवाई माधोपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जयपुर रेफर कर दिया था। एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।
हापुड़ में कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ रोड पर गुरुवार की रात एक भावुक दृश्य देखने को मिला। 95 वर्षीय सोनदेवी पालकी में बैठकर हरिद्वार से अपने गांव लौट रही थीं। उनकी पालकी को परिवार के लगभग 35 पोते बारी-बारी से कंधा दे रहे थे। इस नजारे ने राहगीरों को कुछ देर के लिए रुकने पर मजबूर कर दिया। पढ़िए पूरा मामला… पौत्र सोनू के मुताबिक बुलंदशहर के हसनपुर जागीर गांव निवासी सोन देवी की लंबे समय से इच्छा थी कि वह हरिद्वार जाकर गंगा स्नान करें और कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनें। अधिक उम्र के कारण उनके लिए पैदल यात्रा करना संभव नहीं था। दादी की इस इच्छा का पता चलने पर परिवार के युवाओं ने इसे पूरा करने का संकल्प लिया। लगभग 25 युवाओं ने मिलकर 'महाकाल ग्रुप' बनाया और सोनदेवी को हरिद्वार लेकर पहुंचे। वहां उन्होंने गंगा स्नान कराया और उसके बाद पालकी में बैठाकर गांव की ओर प्रस्थान किया। परिवार के सदस्य दादी की पालकी को बारी-बारी से कंधा दे रहे हैं, ताकि किसी एक व्यक्ति पर अधिक भार न पड़े। पालकी में बैठीं सोनदेवी पूरे रास्ते हाथ जोड़कर भगवान शिव का स्मरण करती रहीं। उनके चेहरे पर अपनी इच्छा पूरी होने की खुशी साफ झलक रही थी। मेरठ रोड पर पालकी पहुंचते ही लोगों की नजरें इस अनोखी यात्रा पर टिक गईं। कई राहगीरों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद किया। श्रद्धालुओं ने 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाकर परिवार का उत्साह बढ़ाया। युवाओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा की गई सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल और यातायात व्यवस्थाओं की भी सराहना की। परिवार का कहना है कि दादी की इच्छा पूरी करना उनके लिए किसी तीर्थ यात्रा से कम नहीं है।
पंचकूला जिले के पिंजौर-नालागढ़ रोड पर हुडा सेक्टर के पास सवारियों से भरा एक ऑटो बेकाबू होकर पलट गया। हादसे में ऑटो में सवार पांच लोग घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को एम्बुलेंस की सहायता से इलाज के लिए पिंजौर अर्बन पॉलीक्लिनिक सेंटर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, ऑटो खेड़ावाली से सवारियां लेकर सूरजपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान हुडा सेक्टर के समीप अचानक ऑटो का संतुलन बिगड़ गया और वह डिवाइडर से टकराकर पलट गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों की मदद की और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। सभी घायलों को अस्पताल भेजा पिंजौर अर्बन पॉलीक्लिनिक सेंटर के डॉक्टर राजीव भारद्वाज ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल एंबुलेंस मौके पर भेजी गई और सभी घायलों को अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि अधिकांश सवारियों को मामूली चोटें आई थीं, जिनका अस्पताल में प्राथमिक इलाज किया गया। ऑटो ड्राइवर पंचकूला रेफर हादसे में चार वर्षीय बच्ची खुशी को चोट लगने के कारण दो टांके लगाए गए। वहीं, ऑटो ड्राइवर सतबीर और एक अन्य घायल की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल, पंचकूला रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जोधपुर कमिश्नरेट के पश्चिम और पूर्व जिले के थानों में मारपीट और दहेज प्रताड़ना समेत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। एक मामला रातनाड़ा थाने में दर्ज हुआ है। जहां बंदी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। वहीं महिला थाना पूर्व में दो अलग-अलग युवतियों के साथ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज हुए हैं। पढ़ें शहर की प्रमुख क्राइम की खबरें 1. सेंट्रल जेल में मारपीट जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंदी से मारपीट का मामला सामने आया है। बंदी की ओर से रातानाड़ा की ओर से मामला दर्ज करवाया कि 31 जुलाई को सेंट्रल जेल में उसके साथ मारपीट की गई। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2. बाइक पर ले जा रहा था डोडा पोस्त एयरपोर्ट थाना पुलिस ने डोडा-पोस्त ले जा रहे एक बाइक सवार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थानाधिकारी भारत रावत के अनुसार अचलाराम बाइक पर डोडा पोस्त ले जा रहा था। उसके पास से 306 ग्राम डोडा पोस्त मिला। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 3. दहेज के लिए मारपीट जोधपुर के महिला थान पूर्व में दहेज प्रताड़ना के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए है। इन रिपोर्ट में बताया कि सुसराल वालों ने दहेज के लिए उनसे मारपीट की। पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सवर्ण आक्रोश महापंचायत 23 को दिल्ली में:यूजीसी कानून के विरोध में जंतर-मंतर पर होगा प्रदर्शन
केंद्र सरकार के यूजीसी कानून के विरोध में 23 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सवर्ण आक्रोश महापंचायत आयोजित की जाएगी। यह जानकारी क्षत्रिय करणी सेना और अखंड पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने डूंगरपुर में जनजागरण जागरूकता वाहन यात्रा के दौरान दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए लाए गए इस यूजीसी कानून का उद्देश्य राजपूत, ब्राह्मण और वैश्य समाज के बच्चों के भविष्य को प्रभावित करना है। उन्होंने कहा कि इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई जारी है, लेकिन सरकार ने छह महीनों से इसे वापस नहीं लिया है। 4 राज्यों से पहुंचेगी वाहन यात्राइस कानून के विरोध में गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होती हुई एक वाहन यात्रा दिल्ली पहुंचेगी। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद 23 अगस्त से दिल्ली में आंदोलन शुरू किया जाएगा। कुलदेवी की शपथ दिलाई जाएगीशेखावत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, भाजपा या किसी अन्य राजनीतिक दल ने सामान्य वर्ग के लिए कोई विशेष योजना या आयोग नहीं बनाया है, जबकि उनके अधिकारों को छीना जा रहा है। यूजीसी कानून को वापस लेने के लिए देशव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है। आगामी चुनाव में राजपूत, ब्राह्मण और वैश्य समाज के घर-घर जाकर कुलदेवी की शपथ दिलाई जाएगी और राजनीतिक दलों का विरोध किया जाएगा।
मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। इस योजना में कुल 100 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 4 अगस्त से शुरू हो चुकी है और इच्छुक विद्यार्थी 17 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। चयन के लिए 23 अगस्त को स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की जाएगी। 17 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन यूपीएससी कोचिंग योजना के लिए विद्यार्थी एमपी ऑनलाइन की वेबसाइट www.mpsos.nic.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 17 अगस्त निर्धारित की गई है। योजना से संबंधित पात्रता और नियमावली की जानकारी जनजातीय कार्य विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध है। 23 अगस्त को होगी स्क्रीनिंग परीक्षा योजना के लिए विद्यार्थियों के चयन के लिए मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 23 अगस्त को स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। परीक्षा के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर और शहडोल में केंद्र बनाए जाएंगे। 20 अगस्त के बाद डाउनलोड होंगे प्रवेश पत्र परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र 20 अगस्त के बाद एमपी ऑनलाइन और मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकेंगे। प्रवेश पत्र पर परीक्षा केंद्र का विवरण दर्ज रहेगा। गुना में यहां कर सकते हैं संपर्क योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए विद्यार्थी आदिम जाति कल्याण विभाग, नवीन कलेक्ट्रेट भवन, गुना में संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा संबंधी जानकारी के लिए दूरभाष क्रमांक 0755-2552106 पर संपर्क किया जा सकता है।
लखनऊ के गुडंबा इलाके में शुक्रवार सुबह 7 बजे टहलने निकले एक डॉक्टर से बाइक सवार दो बदमाश झपट्टा मारकर सोने की चेन लूट ले गए। वारदात जनता इंटर कॉलेज के पास हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-जे, जानकीपुरम निवासी डॉ. पवन कपूर शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे घर के पीछे वाली गली में टहल रहे थे। इसी दौरान हेलमेट लगाए बाइक सवार दो युवक उनके पास पहुंचे और झपट्टा मारकर गले से सोने की चेन छीन ली। इसके बाद दोनों बदमाश मौके से फरार हो गए। घटना इतनी तेजी से हुई कि डॉक्टर को संभलने तक का मौका नहीं मिला। वारदात की सूचना पर गुडम्बा पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया। बदमाशों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों की मदद से जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही घटना के खुलासे का दावा किया गया है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- 2017 से पहले प्रदेश की सत्ता संभालने वालों के पास विकास का कोई विजन ही नहीं था। जब सत्ता में बैठे लोगों की रुचि काम में नहीं होगी, तो राज्य का बुरा हाल होना तय था। इसी गैर-जिम्मेदारी के कारण पहले प्रदेश महीनों कर्फ्यू और दंगों की आग में जलता था। इंसेफेलाइटिस और डेंगू जैसी बीमारियों से मासूम बच्चों की मौतें होती थीं। सपा मुखिया का नाम लिए बिना CM योगी ने उन पर तंज कसते हुए कहा- कुछ लोगों के साथ जीवन में जो शब्द जुड़ जाता है, वे उससे पीछा नहीं छुड़ा सकते। कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं। बबुआ भी यही करते थे। दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तक तैयार होते थे, 5 बजे जिम जाते थे और शाम 7 बजे महफिल जम जाती थी... तो फिर वे प्रदेश के विकास के बारे में कहां से सोचते?' 2017 से पहले वोटबैंक की राजनीति ने बिगाड़े हालात मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में देश और 2017 में यूपी में भाजपा की सरकार बनने से पहले भी कारीगरों के विकास के काम हो सकते थे, लेकिन इसके लिए सोच और विजन की जरूरत होती है। उन्होंने सपा सरकार की तीन कमियां गिनाईं- 1. शिक्षा की बदहाली : पहले बेसिक स्कूलों के बुरे हाल थे। न पीने के पानी का इंतजाम था और न टॉयलेट। आज स्कूलों में बैग, यूनिफॉर्म और आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं। पीएम मोदी के 'निपुण भारत अभियान' को जमीन पर उतारा जा रहा है। 2. सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर : 2017 से पहले प्रदेश में न बिजली थी, न सड़कें और न कानून-व्यवस्था। बेटियां और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। जब बाजार वीरान रहेंगे, तो उसका असर हर कारीगर, महिला और युवा पर पड़ता है। 3. लूट और असुरक्षा : पिछली सरकारों में विकास कार्यों में कोई दिलचस्पी नहीं थी, बस खानदान में लूट की होड़ मची रहती थी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए वे खुद खतरा बने हुए थे। हथकरघा और हस्तशिल्प को कैसे मिली नई पहचान? CM योगी ने बताया कि हथकरघा और पावरलूम उद्योग यूपी की महान विरासत हैं। इससे करीब 30 लाख लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है, जिनमें 70% महिलाएं काम करती हैं। सरकार ने पिछले साल 40 हजार हस्तशिल्पियों को ₹109 करोड़ की बिजली सुविधा उपलब्ध कराई। 2017 से पहले भदोही का कालीन क्लस्टर लगभग मृतप्राय हो चुका था। आज वहां से करोड़ों रुपये का एक्सपोर्ट दुनिया के बाजारों में हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पहल करके देश की नई संसद भवन में भदोही के कालीन बिछवाए। जब हम अपने कारीगरों के पसीने की कद्र करेंगे और उन्हें प्रोत्साहित करेंगे, तो देश का पैसा देश में रहेगा और समृद्धि सीधे हस्तशिल्पियों के घर पहुँचेगी। ‘मुख्यमंत्री और मंत्रियों को फील्ड में उतरना पड़ता है’ CM योगी ने अंत में कहा कि प्रदेश का बदलाव तब संभव होता है जब मुख्यमंत्री खुद समय निकालकर हर जिले का दौरा करे और मंत्री ग्राउंड ज़ीरो पर जाएं। हमारी सरकार में हर योजना बिना किसी भेदभाव और वोटबैंक की राजनीति के सीधे जनता तक पहुंच रही है। --------------- ये भी पढ़ें- विधायक उमाशंकर का 4 साल पुराना VIDEO:विधानसभा में खड़े हुए, सपा विधायक हंसे तो बोले- बसपा न होती तो आप यहां न होते बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह अब इस दुनिया में नहीं हैं। बुधवार की रात उनका निधन हो गया। मौत के बाद उनका 4 साल पुराना वीडियो वायरल है। बात 2022 की है। तब उमाशंकर सिंह बसपा के अकेले विधायक बनकर सदन पहुंचे थे। संख्या बल कम होने पर समाजवादी पार्टी के विधायक उन पर हंसने लगे। VIDEO देखिए…
बुरहानपुर शहर में 8 और 9 अगस्त को दो दिनों तक जलापूर्ति बाधित रहेगी। मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी और जलावर्धन योजना प्रबंधन विभाग द्वारा बसाड़ स्थित जल शोधन संयंत्र (वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट) में रखरखाव का कार्य किया जाएगा, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न होगी। विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, शनिवार 8 अगस्त और रविवार 9 अगस्त को संयंत्र में आवश्यक रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसमें सीएलएफ क्लैरिफ्लोक्युलेटर की सफाई भी शामिल है। इस अवधि में संयंत्र 48 घंटे के लिए पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे शहर की जलापूर्ति प्रभावित होगी। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने नागरिकों से अपील की कि वे इन दो दिनों के लिए आवश्यकतानुसार जल का संग्रहण कर लें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद नियमित जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। अधिकांश क्षेत्रों में सप्लाई प्रभावित होगीहालांकि, नगर निगम द्वारा उतावली संपवेल की पुरानी व्यवस्था से कुछ क्षेत्रों में जल वितरण जारी रहेगा। लेकिन, इस व्यवस्था से पूरे शहर में पानी की आपूर्ति संभव नहीं हो पाएगी, जिससे अधिकांश क्षेत्रों में पानी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यह रखरखाव और सफाई कार्य हाल ही में ताप्ती नदी में आई बाढ़ के कारण पानी में मिट्टी की मात्रा बढ़ जाने के कारण आवश्यक हो गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जुलाई माह में भी बसाड़ स्थित ट्रीटमेंट प्लांट को दो दिनों के लिए सफाई के लिए बंद रखा गया था।
अमेठी पुलिस ने 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत चार शातिर बाइक चोरों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर चोरी की पांच मोटरसाइकिलें और दो मोटरसाइकिलों के पार्ट्स बरामद किए गए। पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। यह कार्रवाई अमेठी कोतवाली क्षेत्र में देर रात 2 बजे संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस ने तीन मोटरसाइकिलों पर सवार चार अभियुक्तों को पकड़ा। सभी गिरफ्तार चोर प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान वीरेंद्र वर्मा पुत्र महेंद्र वर्मा, साहिल सरोज पुत्र राम करन सरोज (दोनों निवासी धनीपुर, थाना कोतवाली देहात, प्रतापगढ़), धर्मेंद्र वर्मा पुत्र हरिकेश वर्मा (निवासी कोलगढ़, थाना अंतु, प्रतापगढ़) और धीरज वर्मा पुत्र हरिकेश वर्मा (निवासी पसिया की बाग कोडरा मधुपुर, थाना अंतु, प्रतापगढ़) के रूप में हुई है। अभियुक्तों की निशानदेही पर बेनीपुर नहर के पास एक खंडहर से दो मोटरसाइकिलें और दो मोटरसाइकिलों के पार्ट्स बरामद किए गए। पूछताछ में उन्होंने बताया कि कुछ गाड़ियां अमेठी से और कुछ प्रतापगढ़ जिले से चुराई गई थीं। गैंग के सरगना साहिल सरोज पर प्रतापगढ़ जिले में पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके साथ ही अन्य अभियुक्तों पर भी मामले दर्ज हैं। एसपी सरवणन टी ने पुलिस ऑफिस सभागार में इस मामले का खुलासा करते हुए गिरफ्तार करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की।
आगामी रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर भारतीय डाक विभाग ने देश-विदेश में राखियों की सुरक्षित और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए, विभाग ने प्लास्टिक कोटेड, वाटरप्रूफ 'राखी कवर' और 'राखी बॉक्स' उपलब्ध कराए हैं। इसी क्रम में डीडवाना प्रधान डाकघर परिसर में एक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य डाकपाल महेश टाक और निरीक्षक डाकघर देवीचंद कटारिया ने राखी डाक सेवा से संबंधित विशेष जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया। वाटरप्रूफ बहुरंगी लिफाफे और आकर्षक राखी बॉक्स उपलब्धमुख्य डाकपाल महेश टाक ने बताया कि आमजन की सुविधा के लिए विभाग ने 10 और 15 रुपए के वाटरप्रूफ बहुरंगी लिफाफे और 30 रुपए का मजबूत एवं आकर्षक राखी बॉक्स जारी किया है। ये उत्पाद क्षेत्र के सभी डाकघरों में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इनकी वाटरप्रूफ कोटिंग सुनिश्चित करती है कि बारिश के दौरान भी लिफाफे या बॉक्स के भीतर रखी राखी पूरी तरह सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी बताया कि देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों तक राखियों को समय पर पहुंचाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके तहत अलग से डाक थैले तैयार कर उन्हें संबंधित गंतव्य स्थानों पर भेजा जाएगा। इसके अलाव रक्षाबंधन के दिन प्राप्त होने वाली राखियों का उसी दिन वितरण सुनिश्चित करने की भी विशेष व्यवस्था की गई है। निरीक्षक डाकघर देवीचंद कटारिया के अनुसार, राखी वाले लिफाफों और बॉक्स को बिना किसी देरी के गंतव्य तक पहुंचाने और समयबद्ध वितरण की पूरी प्रक्रिया पर डाक विभाग के उच्च अधिकारी सीधी निगरानी रखेंगे। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश-विदेश में रहने वाली बहनें और भाई समय पर तथा सुरक्षित तरीके से राखी का त्योहार मना सकें।
Jhansi: नई झांसी के लिए अब 53 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करेगा जेडीए, प्रशासन ने शुरू की तैयारी
नए शहर को नौ सेक्टर में विकसित किया जाना है। बताया गया कि दूसरे सेक्टर में भी लोगों को एक हजार से ज्यादा भूखंडों की सौगात मिलेगी।
सहारनपुर में ढाबे में सिलेंडर से लगी आग:फायर टीम ने 30 मिनट में पाया काबू, टला बड़ा हादसा
सहारनपुर के सरसोहेड़ी गांव स्थित आनंदम ढाबे के किचन में शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे एलपीजी सिलेंडर में अचानक आग लग गई। आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, जबकि समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा नुकसान भी टल गया। फायर स्टेशन सरसावा को आनंदम ढाबे में आग लगने की सूचना मिली थी। कांवड़ ड्यूटी पर तैनात एफएस यूनिट तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने देखा कि छप्परनुमा किचन में रखे एलपीजी सिलेंडर में आग लगी हुई थी, जिससे आग तेजी से फैलने का खतरा था। वाटर मिस्ट तकनीक से बुझाई आग स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। आधुनिक वाटर मिस्ट तकनीक का इस्तेमाल कर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इससे आग किचन के अन्य हिस्सों तक नहीं फैल सकी। किचन का सामान जला, लाखों का नुकसान टला आग की चपेट में आने से किचन में रखे प्लास्टिक के डिब्बे, बाल्टियां, गैस चूल्हा और कुछ खाद्य सामग्री जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, फायर कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से ढाबे का बाकी हिस्सा सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे लाखों रुपये की संभावित क्षति टल गई। लोगों से की सावधानी बरतने की अपील फायर विभाग ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ। आग बुझाने के बाद टीम ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और स्थिति सामान्य होने के बाद लौट गई। विभाग ने लोगों से एलपीजी सिलेंडर और गैस उपकरणों की नियमित जांच कराने, सुरक्षा मानकों का पालन करने और आग लगने पर तुरंत फायर सर्विस को सूचना देने की अपील की।
Video: भदरूख कॉलोनी में बजबजा रहीं नालियां, सड़क पर सिल्ट से परेशानी; लोगों ने नगर निगम पर लगाए आरोप
Video: भदरूख कॉलोनी में बजबजा रहीं नालियां, सड़क पर सिल्ट से परेशानी; लोगों ने नगर निगम पर लगाए आरोप
Video: केजीएमयू मे शॉर्ट सर्किट से लगी आग, मरीजों में मची अफरातफरी
Video: केजीएमयू मे शॉर्ट सर्किट से लगी आग, मरीजों में मची अफरातफरी
रायपुर नगर निगम ने VIP रोड स्थित बेबीलान टावर के पास मुख्य सड़क किनारे मलबा फेंकने की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की है। जन शिकायत सही पाए जाने पर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने कारोबारी जसवीर सिंह खनूजा पर 25 हजार रुपए का ई-जुर्माना लगाया। साथ ही भविष्य में दोबारा ऐसी लापरवाही नहीं करने की सख्त चेतावनी भी दी है। निगम अधिकारियों के अनुसार, मुख्य सड़क किनारे एक व्यावसायिक परिसर की ओर से बड़ी मात्रा में निर्माण मलबा फेंके जाने की शिकायत नगर निगम को मिली थी। शिकायत मिलते ही नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जोन-9 के जोन कमिश्नर राकेश शर्मा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच की। जोन-9 स्वास्थ्य विभाग ने किया निरीक्षण औचक निरीक्षण के दौरान जोन-9 के स्वास्थ्य अधिकारी बैरोन बंजारे, उमेश नामदेव और स्वच्छता निरीक्षक भोला तिवारी ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि VIP रोड किनारे स्थित व्यावसायिक परिसर की ओर से बड़ी मात्रा में निर्माण मलबा फेंका गया था। इससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी और सड़क की स्वच्छता भी खराब हो रही थी। अधिकारियों ने काटा ई-चालान निरीक्षण के बाद नगर निगम अधिकारियों ने संबंधित व्यावसायिक परिसर के संचालक जसवीर सिंह खनूजा के खिलाफ स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर 25 हजार रुपए का ई-चालान जारी किया। अधिकारियों ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में सार्वजनिक स्थान पर मलबा या कचरा फेंकने की पुनरावृत्ति होने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
टेंडर खुलने से पहले लग गईं लाइटें:बाराबंकी में DM ने नवाबगंज नगर पालिका से छीना प्रोजेक्ट
बाराबंकी के नवाबगंज नगर पालिका परिषद में 1.10 करोड़ रुपये की डेकोरेटिव लाइटें लगाने के प्रोजेक्ट में अनियमितताएं सामने आई हैं। ई-टेंडरिंग का लिफाफा खुलने से पहले ही चहेती फर्म से लाइटें लगवाने का मामला उजागर होने पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी नगर पालिका नवाबगंज से वापस ले ली है। यह मामला शहर के मुख्य मार्ग (पुराने नेशनल हाईवे-28) पर पल्हरी चौराहे तक पोलों पर स्लप्चर और लाइटें लगाने से संबंधित है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, इस काम के लिए 7 अगस्त को टेंडर आवंटित होना था। हालांकि, टेंडर खुलने से लगभग एक सप्ताह पहले ही एक 'सेटिंग' वाली फर्म को बैकडोर से काम सौंप दिया गया और सड़क पर लाइटें लगा दी गईं। जब इस धांधली का खुलासा हुआ, तो नगर पालिका अध्यक्ष शीला सिंह के पति और अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह वर्मा ने मामले को दबाने का प्रयास किया। वे लगातार इसे 'ट्रायल' का नाम देकर सफाई देते रहे और अनियमितताओं पर पर्दा डालने की कोशिश करते रहे। सुरेंद्र सिंह वर्मा के स्पष्टीकरणों के बावजूद, जब यह मामला सुर्खियों में आया और धांधली की खबरें बढ़ने लगीं, तो जिलाधिकारी ने इसका गंभीर संज्ञान लिया। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद टेंडर रद्द कर दिया गया और पूरे प्रोजेक्ट को नगर पालिका से लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंप दिया गया। अब इस काम के लिए PWD के माध्यम से नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इस प्रशासनिक कार्रवाई से उन अधिकारियों और ठेकेदारों के सिंडिकेट में हलचल मच गई है, जो इस फर्जीवाड़े में शामिल थे
लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे: धंसती रहीं PNC की बनाईं सड़कें, फाइलों में कैद होकर रह गए राइट्स के सुझाव
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और न्यू दक्षिणी बाइपास के PNC इंफ्राटेक द्वारा निर्मित हिस्सों में घटिया निर्माण गुणवत्ता के कारण सड़कें बार-बार धंस रही हैं। राइट्स की जांच रिपोर्ट और सुझाव फाइलों में कैद होकर रह गए, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
भिवानी जिले के लोहारू स्थित बिजली बोर्ड प्रांगण में स्मार्ट मीटर और एग्री डिस्कॉम नीति के विरोध में बिजली कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। यह प्रदर्शन संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सब-डिवीजन स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। चारों यूनियनों के प्रधानों ने संयुक्त रूप से इसकी अध्यक्षता की। धरने को संबोधित करते हुए लोहारू सब-डिवीजन के एसडीओ मनोज कुमार ने कर्मचारियों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को स्मार्ट मीटर तथा एग्री डिस्कॉम नीति से होने वाले संभावित नुकसानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इस नीति से किसानों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। किसान संगठनों ने भी इस धरने को अपना समर्थन दिया। योजना को तुरंत वापस लेने की मां किसान सभा से राम सिंह शेखावत और भाकियू के जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य सहित अन्य किसान नेताओं ने सरकार से एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटर योजना को तुरंत वापस लेने की मांग की। इस अवसर पर जिला महासचिव आजाद सिंह भूगला, उपाध्यक्ष धर्मपाल, किसान सभा लोहारू से रविंद्र कस्वां, जिला उपप्रधान इंद्राज सिंह दमकोरा, शेर सिंह झांझडा, सुमेर सिंह गिगनाऊ, रतनलाल खरकड़ी, जय सिंह जिगनाऊ, नंदलाल और नरेंद्र भी उपस्थित रहे। सरकार को दी चेतावनी वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर परिवारों और आम जनता को भी इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पेट्रोल-डीजल की कीमतों से जनता पहले ही परेशान है, ऐसे में स्मार्ट मीटर और एग्री डिस्कॉम जैसी योजनाएं लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेंगी। विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संगठनों और विभिन्न अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी धरने को अपना समर्थन दिया। हरियाणा कर्मचारी महासंघ से सुरेंद्र ढाणी टोड़ा और सर्व कर्मचारी संघ से जयपाल सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले सरकार इस अवसर पर पूर्व यूनिट प्रधान नरेंद्र, विनोद, विकास, राजेश, संजीत, सुरेंद्र पाल, नरेश, राम सिंह सैनी और नरेंद्र सहित बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी तथा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। वक्ताओं ने एक बार फिर चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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सीतापुर में जिम ट्रेनर की सड़क हादसे में मौत:घर लौटते समय ट्रक ने कुचला, चालक मौके से फरार
सीतापुर के रामपुरमथुरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे हुए भीषण सड़क हादसे में जिम ट्रेनर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि दुर्घटना में शामिल दूसरी बाइक का चालक भी मौके से भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान रामपुर मथुरा निवासी रणजीत सिंह (34) पुत्र जसविंदर सिंह के रूप में हुई है। रणजीत सिंह पेशे से जिम ट्रेनर थे। परिजनों के मुताबिक वह रोज की तरह शुक्रवार सुबह सदरपुर स्थित जिम में प्रशिक्षण देने गए थे। जिम में प्रशिक्षण समाप्त करने के बाद वह बाइक से अपने घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विशेषण मार्ग के पास रणजीत की बाइक की टक्कर सामने से आ रही दूसरी बाइक से हो गई। इसी दौरान पीछे से उर्वरक लादकर आ रहे तेज रफ्तार ट्रक संख्या UP 34 AT 2084 ने रणजीत की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रणजीत ट्रक की चपेट में आ गए और काफी दूर तक सड़क पर घिसटते चले गए। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस से घायल रणजीत को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महमूदाबाद ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ट्रक का पीछा किया। बताया जा रहा है कि चालक कुछ दूरी पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। वहीं दूसरी बाइक का चालक भी मौके से भागने में सफल रहा। सूचना मिलते ही रामपुर मथुरा पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में ले लिया। रणजीत की मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि रणजीत की शादी कुछ वर्ष पहले हुई थी और उनका एक वर्ष का बेटा भी है। पुलिस फरार ट्रक चालक और दूसरी बाइक के अज्ञात चालक की तलाश कर रही है।
धार में इस बार जुम्मे की नमाज भोजशाला परिसर के पिछले हिस्से की दाहिनी ओर स्थित पूर्व निर्धारित स्थान खसरा नंबर 612 पर नमाज अदा की जाएगी। प्रशासन ने नमाज स्थल पर कानात लगाकर आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं, जिससे नमाज शांतिपूर्ण तरीके से हो सके। पिछली बार हुई बारिश के बाद नगर पालिका ने मार्ग पर गिट्टी डालकर रास्ते को समतल कराया है। अब इसी स्थान पर मुस्लिम समाज के लोग जुम्मे की नमाज अदा करेंगे। एसपी सचिन शर्मा ने बताया, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। नमाज स्थल और भोजशाला परिसर के आसपास करीब भारी पुलिसकर्मियों का बल तैनात है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई, ताकि पूरे आयोजन के दौरान शांति और सुरक्षा बनी रहे। पूरे शहर में लगभग 1000 पुलिस बल को तैनात किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानीउन्होंने बताया कि पूर्व में चिन्हित अन्य स्थानों पर सहमति नहीं बन पाई है। हालांकि, यदि संबंधित पक्षों के बीच सहमति बनती है, तो उन स्थानों पर भी नमाज अदा कराई जा सकती है। फिलहाल, पूर्व निर्धारित स्थान और संख्या ही तय है, और लोगों से उसी के अनुरूप वहां पहुंचने की अपील की गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाएगी। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पूरे समय मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने जिलेवासियों से शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने का आग्रह भी किया। देखिए तस्वीरें… सुप्रीम कोर्ट में 5 अगस्त को होना था सुनवाईबता दें कि भोजशाला को लेकर मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर चार याचिकाओं पर बुधवार (5 अगस्त) को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश संजय कुमार और संजीव सचदेवा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई प्रस्तावित थी, हालांकि सुनवाई नहीं हुई। फिलहाल सुनवाई की तारीख को लेकर जानकारी सामने नहीं आई है। याचिकाएं 15 मई 2026 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई हैं। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, अधिवक्ता विनय जोशी सहित अन्य प्रतिनिधि पक्ष रखेंगे। याचिका में संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट रंजना अग्निहोत्री, आशीष गोयल, आशीष जनक, मोहित गर्ग, सुनील सारस्वत सहित अन्य को भी प्रतिवादी बनाया गया है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के धार जिला अध्यक्ष कन्हैयालाल यादव एवं नगर अध्यक्ष मनीष मकवाना ने बताया कि संगठन सुनवाई पर लगातार नजर बनाए हुए है। तय होगा- आगे कैसी होगी व्यवस्थायह मामला लंबे समय से विचाराधीन है। आगामी सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि यह अंतरिम व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी या इस संबंध में नया आदेश जारी होगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन, मंदिर पक्ष और मस्जिद पक्ष सभी इस सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। गौरतलब है कि लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना था। मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भोजशाला के बिलकुल पास दें नमाज की जगह धार की ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि कोर्ट के 14 जुलाई के अंतरिम आदेश का केवल औपचारिक नहीं, बल्कि उसकी मूल भावना के अनुरूप अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। पढ़ें पूरी खबर… साध्वी ऋतंभरा बोलीं- राजा भोज का वैभव फिर लौटेगा गुरुवार (6 अगस्त) को भोजशाला पहुंची साध्वी ऋतंभरा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां वाग्देवी के दर्शन-पूजन किए। केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समर्थक भोजशाला परिसर पहुंचे। पूरे परिसर में जय श्रीराम और मां वाग्देवी के जयघोष गूंजते रहे। पूरी खबर पढ़िए…
श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब के प्रकाश पर्व पर श्री हरिमंदिर साहिब में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब के प्रकाश पर्व पर श्री हरिमंदिर साहिब में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
मुरैना शहर की न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित पार्क में कुछ युवकों के बीच विवाद के बाद जमकर मारपीट हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल युवकों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। पार्क में हुआ विवाद घटना बुधवार शाम न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित पार्क में पानी की टंकी के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ युवकों के बीच कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चलने लगे। पार्क में मौजूद लोगों ने पूरी घटना अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली। वीडियोआया सामने मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कई युवक एक-दूसरे पर हमला करते और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, विवाद किस वजह से शुरू हुआ, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। वीडियो के आधार पर कार्रवाई वीडियो सामने आने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल युवकों की पहचान करने और उनकी तलाश में जुटी हुई है। शिकायत का इंतजार सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान यादव ने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इसके बावजूद पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है और संबंधित युवकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्याना चट्टी के पास मलबे का सैलाब, बैली ब्रिज निर्माण कार्य प्रभावित
स्याना चट्टी के पास मलबे का सैलाब, बैली ब्रिज निर्माण कार्य प्रभावित
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को संभागायुक्त दीपक सिंह भास्कर और कलेक्टर शिवम वर्मा महू क्षेत्र के ग्राम नेऊगुराडिया पहुंचे। उन्होंने यहां विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। अधिकारियों ने आंगनवाड़ी केंद्र से लेकर शासकीय उचित मूल्य की दुकान तक की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और सुधार के निर्देश दिए। दौरे की शुरुआत गांव की वाटिका में पौधरोपण से हुई। इसके बाद अधिकारियों ने आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को मिलने वाली पोषण और शिक्षा संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली। सुपरवाइजर और सीडीपीओ से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कुपोषण की स्थिति और संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गेहूं और चावल के स्टॉक, खाद्यान्न की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने रिकॉर्ड भी देखे और पात्र हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के श्रमदान का स्वच्छता का संदेश दिया निरीक्षण के बाद संभागायुक्त और कलेक्टर क्षेत्रीय घाट पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान जन विश्वास अभियान के तहत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, जनकल्याण शिविर के दौरान अधिकारियों ने कई विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और योजनाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना, पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ उपलब्ध कराना और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा आवेदन प्राप्त किए गए और लोगों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने की प्रक्रिया भी संचालित की गई।
फर्रुखाबाद में सावन मास के दौरान एक अनोखी कांवड़ यात्रा देखने को मिली। शाहजहांपुर के भल्हागंज क्षेत्र के दिबियापुर गांव का एक परिवार अपनी नौ माह की बेटी को कांवड़ में लिटाकर पांचाल घाट पहुंचा। यहां से गंगाजल भरकर वे दिबियापुर स्थित शिव मंदिर के लिए रवाना हुए। इस कांवड़ में एक ओर 11 लीटर का जल कलश था, वहीं दूसरी ओर पालने में उनकी नौ माह की बेटी थी। पिता शनि और अन्य परिजन 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाते हुए शिव मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। इस दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े और उन्होंने परिवार की इस पहल की सराहना की। बेटी के चाचा आशीष कुमार ने बताया कि उनके बड़े भाई शनि की शादी के तीन साल बाद भी संतान नहीं हुई थी। परिवार ने भगवान शिव से संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी थी और संकल्प लिया था कि संतान होने पर वे कांवड़ लाकर जलाभिषेक करेंगे। नौ माह पहले परिवार में बेटी का जन्म हुआ। परिवार ने इसे ईश्वर का आशीर्वाद मानते हुए अपनी मन्नत पूरी करने के लिए बेटी के साथ ही कांवड़ यात्रा निकालने का निर्णय लिया।
प्रतापगढ़ जिले के आबकारी रोड स्थित सहकारी क्रय-विक्रय समिति में यूरिया खाद के किसान प्रतिदिन सुबह 5-6 बजे से ही लंबी कतारों में लग रहे हैं। शुक्रवार को खाद वितरण केंद्र पर सुबह से ही पुरुष और महिला किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। किसान तड़के 5 बजे ही आकर लाइन में लग गए थे। किसानों का आरोप है कि समिति की लचर व्यवस्था के कारण उनका पूरा दिन बर्बाद हो रहा है और वे अपने खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों और किसानों ने समिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समिति द्वारा एक आधार कार्ड पर केवल दो कट्टे यूरिया खाद ही दी जा रही है, जो कि उनकी जरूरत से बहुत कम है। इसके अलावा, किसानों पर जबरन अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। यूरिया के साथ किसानों को लगभग 800 रुपये की 'एमपी' की दो बोतल दवा भी अनिवार्य रूप से खरीदनी पड़ रही है, जिससे गरीब किसानों का बजट बिगड़ रहा है। सोयाबीन, मक्का और मूंगफली की फसलों पर संकट; कई लौटे खाली हाथ किसानों ने बताया कि वर्तमान समय सोयाबीन, मक्का और मूंगफली की फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस समय फसलों को यूरिया और आवश्यक पोषक तत्वों की सख्त जरूरत होती है। खाद की सीमित उपलब्धता और लंबी कतारों के कारण बुवाई और अन्य कृषि कार्य पिछड़ रहे हैं। शुक्रवार को भी घंटों इंतजार के बाद कई किसानों को खाद नहीं मिल सकी और उन्हें मायूस होकर खाली हाथ घर लौटना पड़ा, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया। पर्याप्त खाद आपूर्ति की मांग, सरकार से गुहार परेशान किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग से इस अव्यवस्था को तुरंत सुधारने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सहकारी समिति में यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और जबरन दवाइयां थमाने के खेल को बंद किया जाए। यदि समय पर पर्याप्त खाद मिल जाएगी, तो किसानों को इस तरह प्रताड़ित नहीं होना पड़ेगा और वे अपनी फसलों को समय पर खाद दे सकेंगे।
झुंझुनूं में गुढ़ागौढ़जी तहसील के गांवों को झुंझुनूं से हटाकर उदयपुरवाटी SDM कोर्ट के अधीन करने के फैसले के विरोध में वकीलों का आंदोलन तेज हो गया है। दो दिन के सांकेतिक कार्य बहिष्कार के बाद अब जिला अभिभाषक संस्था (बार एसोसिएशन) झुंझुनूं के आह्वान पर कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। वकीलों ने फैसला वापस नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। दो दिन के बहिष्कार के बाद अनिश्चितकालीन धरना संघर्ष समिति और बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने बताया - शुरुआत में दो दिन का सांकेतिक कार्य बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया गया था। लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से जनहित से जुड़ी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण अब आंदोलन को अनिश्चितकालीन धरने में बदल दिया गया है। ग्रामीणों और पक्षकारों को होगी परेशानी वकीलों का कहना है कि गुढ़ागौढ़जी के गांवों को उदयपुरवाटी SDM कोर्ट के अधीन करने से स्थानीय ग्रामीणों और पक्षकारों को अनावश्यक दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए लोगों की परेशानी बढ़ेगी। इसी वजह से इस निर्णय का विरोध किया जा रहा है। जिलेभर की बार एसोसिएशनों ने दिया समर्थन झुंझुनूं बार एसोसिएशन के आंदोलन को जिले की अन्य अभिभाषक संस्थाओं का भी समर्थन मिला है। सूरजगढ़, पिलानी, चिड़ावा, बुहाना, खेतड़ी और नवलगढ़ की बार एसोसिएशनों ने शुक्रवार को स्वेच्छा से एक दिन का कार्य स्थगित कर आंदोलन के समर्थन में विरोध दर्ज कराया। फैसला वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा जिला अभिभाषक संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट रतन लाल मोरवाल ने कहा कि जब तक गुढ़ागौढ़जी तहसील को दोबारा झुंझुनूं के अधीन रखने का फैसला नहीं होता, तब तक कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा। बड़ी संख्या में अधिवक्ता धरने में शामिल धरने में जिला अभिभाषक संस्था झुंझुनूं के अध्यक्ष एडवोकेट रतन मोरवाल, रणजीत सिंह, उम्मेदराज सैनी, महेश शर्मा, अनुपम शर्मा, सुभाष पूनिया, बिरजू सिंह शेखावत, एडवोकेट कुर्बान चेजारा, संदीप सैनी, मुश्ताक अली, जाफर खान, संदीप महला, हरदयाल सिंह, अशोक मांजू सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर ज्योतिषाचार्य एवं भविष्यवक्ता पंडित विनोद गौतम का कहना है कि 10 अगस्त की सुबह 5:19 बजे गुरु ग्रह 25 दिनों बाद पश्चिम दिशा में उदय होंगे। आद्रा काल में गुरु के उदय होने से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। उनके अनुसार श्रावण माह में प्रदेश में अच्छी बारिश के योग बन रहे हैं। गुरु के उदय होने से बढ़ सकता है बारिश का प्रभाव पंडित गौतम के अनुसार वर्तमान में वर्षा का प्रभाव अश्लेषा नक्षत्र में है। इसके अधिपति मंगल और वाहन अश्व माने गए हैं। इसके चलते फिलहाल प्रदेश में खंड-खंड बारिश के योग बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि गुरु 15 जुलाई से कर्क राशि में अस्त चल रहे हैं। अब उनके उदय होने के बाद वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। कई स्थानों पर लगातार बारिश होने से श्रावण की झड़ी जैसी स्थिति बन सकती है। कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश के योग ज्योतिषाचार्य के मुताबिक भारतीय ज्योतिष में कुछ विशेष नक्षत्रों को वर्षा के लिए अनुकूल माना गया है। गुरु के उदय होने से इन योगों के और मजबूत होने की संभावना है। इसके चलते मध्य प्रदेश सहित कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है। हालांकि, कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। 17 अगस्त के बाद बदलेंगे वर्षा के समीकरण पंडित गौतम के अनुसार 17 अगस्त के बाद नक्षत्र परिवर्तन के साथ बारिश के समीकरण भी बदलेंगे। इसके बाद मौसम की स्थिति में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
बिजनौर के नूरपुर रोड स्थित सोतियों के बाग में शुक्रवार सुबह करोड़ों की संपत्ति के मालिक अनिल सोती का शव उनके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना बिजनौर कोतवाली शहर क्षेत्र के नूरपुर रोड पर कृष्णा कॉलेज के पास हुई। शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे, 80 वर्षीय अनिल सोती (पुत्र ब्रह्मकुमार सोती) अपने घर में सो रहे थे। जब उनके नौकर नौशाद ने उन्हें जगाने के लिए दरवाजा खटखटाया, तो वह नहीं खुला। नौशाद के अनुसार, कई बार आवाज लगाने पर भी जब अनिल सोती नहीं उठे और दरवाजा नहीं खुला, तो वह दूसरी ओर गए। वहां का दरवाजा खुला था। अंदर जाने पर उन्होंने देखा कि तख्त के नीचे अनिल सोती का शव पड़ा हुआ था। उनके नाक और सिर पर चोट के निशान थे। नौशाद ने तुरंत हत्या की आशंका व्यक्त की। दो तस्वीरें देखें स्थानीय लोगों ने बताया कि अनिल सोती अविवाहित थे और करोड़ों की संपत्ति के मालिक थे। उनका एक भतीजा दिल्ली में रहता है, जिसने अपनी हिस्से की कुछ जमीन बेच दी थी। चाचा-भतीजे के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, अनिल सोती ने पहले भी पुलिस अधिकारियों से अपनी जान को खतरा होने की शिकायत की थी।

