अलीगढ़ में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा सहित विभिन्न सवर्ण संगठनों ने UGC रेगुलेशन एक्ट 2026 के विरोध में मंगलवार को मशाल जुलूस निकालकर आंदोलन को जारी रखने की शपथ ली। धर्म समाज महाविद्यालय परिसर में सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए, जहां सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर रोक लगाए जाने पर आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान मशाल जलाकर आंदोलन में सहयोग देने वालों का धन्यवाद किया गया और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया। आपस में बांटने वाला कानून प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने कहा कि एक ओर देश में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हिंदुओं को आपस में बांटने वाला कानून थोपा जा रहा है। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित शिब्बोजी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे शिक्षा और छात्रों के हित में बताया। गांव स्तर तक किया जाएगा जागरूक मंडल अध्यक्ष विवेक प्रताप सिंह ने कहा कि यह लड़ाई शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य से जुड़ी है। संगठन गांव स्तर पर भी इसे लेकर संपर्क करेगा। संगठन एकजुट रहकर अपना मांग पत्र जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार तक पहुंचाएंगे। लोगों को बताए जाएंगे कानून के प्रभाव ब्राह्मण महासभा के जेसी शर्मा ने स्पष्ट किया कि अगला न्यायिक निर्णय आने तक आंदोलन सांकेतिक रूप से जारी रहेगा। किसी भी तरह का उग्र प्रदर्शन नहीं किया जाएगा और जन-जागरूकता अभियान चलाकर आम लोगों को कानून के प्रभावों से अवगत कराया जाएगा। लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ेगा संघर्ष किसान मजदूर संगठन के बंटी जादौन ने कहा कि सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी और यह संघर्ष पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ेगा। वहीं जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि भले ही फिलहाल बड़े विरोध कार्यक्रम स्थगित हैं, लेकिन नुक्कड़ बैठकों, जनसंवाद और जागरूकता अभियानों के जरिए आंदोलन लगातार चलता रहेगा। प्रदर्शन में यह रहे मौजूद कार्यक्रम में अरविंद पंडित, वीरांगना भावना चौहान, स्नेहलता चौहान, कविता राघव, अनीता सिंह, मीरा जादौन, धीरू पहलवान, युवराज सिंह, चेतन राणा, संदीप चौहान, घनश्याम सिंह, कपिल कुमार सिंह, प्रिंस कुमार सिंह, सुनील जादौन, हरीश प्रताप सिंह, रॉबिन खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नोएडा में 11 बाइक के साथ दो गिरफ्तार:15 लाख आंकी गई कीमत, झाड़ियों में छिपाकर रखते थे बाइक
रेकी कर दोपहिया वाहन चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का थाना सेक्टर-113 पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस ने गिरोह के सरगना और उसके एक साथी को गिरफ्तार करते हुए चोरी की 11 बाइक और दो चाकू बरामद किए हैं। दोनों आरोपी लंबे समय से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे और इनके खिलाफ दिल्ली व नोएडा के अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज है। एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिल्ली के गीता कॉलोनी निवासी मोहम्मद नौशाद उर्फ गोलू और एटा मूल निवासी धीरज उर्फ बाबे के रूप में हुई है। धीरज वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-121 स्थित गणेश होम्स में किराए का कमरा लेकर रह रहा है। गिरोह का सरगना मोहम्मद नौशाद महज 23 साल का है और वह अशिक्षित बताया जा रहा है। जबकि 21 साल धीरज सातवीं कक्षा तक पढ़ा-लिखा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले इलाके में घूम-घूमकर रेकी करते थे। वे यह देखते थे कि कौन सी मोटरसाइकिल लंबे समय से एक ही जगह खड़ी है, कहां सुरक्षा के इंतजाम कमजोर हैं और किस समय लोगों की आवाजाही कम रहती है। इसके बाद मौका मिलते ही मोटरसाइकिल चोरी कर लेते हैं। चोरी के बाद आरोपी वाहनों को तुरंत बेचने के बजाय झाड़ियों और सुनसान जगहों में छुपा देते थे, ताकि पुलिस की नजर से बच सकें। झाड़ियों में छुपाकर रखते थे चोरी के वाहनपुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से चोरी की 11 मोटरसाइकिल बरामद की हैं। ये सभी वाहन झाड़ियों और खाली प्लॉटों में छुपाकर रखे गए थे। पुलिस का दावा है कि बरामद मोटरसाइकिलों व पार्टस की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये के आसपास है। इसके साथ ही आरोपियों के पास से दो चाकू भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल वे डराने-धमकाने या जरूरत पड़ने पर वारदात के दौरान कर सकते थे। बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहासपुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मोहम्मद नौशाद के खिलाफ दिल्ली और नोएडा के अलग-अलग थानों में कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। वहीं उसके साथी धीरज उर्फ बाबे के खिलाफ भी पांच आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इनमें वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख चुके थे और लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
झांसी में शादी से पहले लापता बहन को खोजने निकले छोटे भाई की एक्सीडेंट में मौत हो गई। बहन की सगाई हो चुकी थी और 25 फरवरी को शादी थी। मां का कहना है कि वो आधी रात को छत से कूदकर प्रेमी के साथ भाग गई। जब मंगेतर को खबर मिली तो वो भड़क गया। बोला- उसे खोजकर लाओ, नहीं तो गोली मारकर सुसाइड कर लूंगा और सबको फंसा दूंगा। वो बेटे को लेकर बाइक से खोजने निकला। रास्ते में वाहन की टक्कर से बाइक डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बेटे की मौत हो गई, जबकि होने वाला दामाद घायल है। हादसा चिरगांव थाना क्षेत्र के पारीछा नहर के पास हुआ था। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए रिश्तेदार से चल रहा था अफेयर जालौन के कोंच निवासी चंदा देवी ने बताया- मेरे 6 बेटे और 3 बेटियां हैं। एक बेटी का अफेयर मेरी बहन की देवरानी के बेटे से चल रहा था। जब हम लोगों को रिश्ते की जानकारी हुई तो बेटी को समझाया। इसके बाद उसकी शादी विक्रम से तय कर दी थी। लगभग 3 महीने पहले दोनों की सगाई हो चुकी थी। अब 25 फरवरी को शादी होनी थी। शादी की तैयारी चल रही थी। इस बीच 29 जनवरी की रात को बेटी छत से कूदकर भाग गई। वो अपने कपड़े भी साथ ले गई। जब हम लोग सुबह जगे तो बेटी घर पर नहीं थी। बाद में पता चला कि उसे प्रेमी ही भगाकर ले गया। उसकी दतिया के रिछारी गांव में होने की जानकारी हुई। मरने की धमकी दे रहा था मंगेतर मां ने आगे बताया- बेटी के घर से भागने की खबर विक्रम को पता चल गई। वह बेटे संजय यादव (20) से कहने लगा था कि मुझे शाम तक लड़की चाहिए। नहीं तो अपने आपको गोली मार लूंगा या किसी को मार दूंगा। फिर तुम लोगों को फंसा दूंगा। तब बेटे ने पूछा कि क्या करना है? तो वो बोला कि मेरे साथ चलो। बेटी के रिछारी गांव में होने की जानकारी मिली। तब बेटा संजय और विक्रम बुलेट बाइक से रवाना हो गए। मेरे दामाद भरत यादव झांसी में रहते हैं। दोनों को पहले झांसी आकर भरत से मिलना था। फिर सभी को रिछारी गांव जाना था। टक्कर के बाद डिवाइडर से टकराई बाइक मां ने आगे बताया- गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे मेरी बेटे संजय से बात हुई तो बोला कि चिरगांव के पास पहुंच गए। थोड़ी देर में झांसी पहुंच जाएंगे। इसके बाद उसका फोन नहीं लगा। थोड़ी देर बाद सूचना आई कि बेटे का एक्सीडेंट हो गया। उसे किसी वाहन ने टक्कर मारी। इसके बाद बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इसके बाद बाइक डिवाइडर से जा भिड़ी। हम लोग झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां हम लोगों को बेटे संजय यादव की लाश मिली। जबकि विक्रम को मामूली चोट आई है। पूरे मामले की छानबीन की जाए बेटा कैसे मरा है। संजय समोसे की दुकान पर काम करता था। दो बाइकों की टक्कर हुई इस मामले में चिरगांव थाना प्रभारी राहुल राठौर ने बताया कि सूचना मिली थी पारीछा नहर के पास दो बाइकों की टक्कर हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को मेडिकल कालेज भेजा गया। जहां संजय यादव को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। आगे की जांच की जा रही है।
रेवाड़ी की सीमा धारूहेड़ा से बावल तक राजस्थान से सटा हुआ है। जो अब रेवाड़ी में अपराध की बड़ी वजह बनता जा रहा है। जिले में होने वाली अधिकतर आपराधिक वारदातों में राजस्थान का लिंक जुड़ा है। दिसंबर में हुई कार लूट, मंदिर में चोरी, गुगेल चोर गैंग और दो सरपंचों के बीच 'चौधर' को लेकर हुए हर विवाद में राजस्थान के अपराधियों का नाम जुड़ा है। दिसंबर से अब तक घटनाओं से कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। रायपुर के बवदेव मंदिर में चोरीरायपुर के एतिहासिक बनदेव मंदिर में 6-7 जनवरी को चोरी हुई। पुलिस ने चोरी के आरोप में राजस्थान के तीन युवकों को गिरफ्तार किया। जिनमें रेवाड़ी के सीमा से जुड़े राजस्थान के गांव खेडाती निवासी मोहित साढे 18, बासली निवासी सचिन (20) और महावीर खेडा ठाकरान महावीर (24) शामिल थे। 12वीं पास 18 साल के मोहित ने इसकी साजिश रचि थी। ड्राइवर को गोली मारकर लूटी कारराजस्थान के अजमेर निवासी पीएचडी स्कॉलर देवांशु ने यूपी आजमगढ़ निवासी शुभम के साथ दिल्ली रेलवे स्टेशन से जयपुर के लिए टैक्सी किराए पर ली। बनीपुर चौक पर ड्राइवर संजय को गोली मारकर टैक्सी लूटी और संजय को फेंककर फरार हो गए। इस मामले का मास्टरमाइंड भी राजस्थान के अजमेर निवासी देवांशु ही था। सरपंचों की लड़ाई से जुड़े तारगांव माजरा और भाखली गांव के सरपंचों के बीच 19 से 26 जनवरी के बीच दो बार भिड़ंत हुई। 19 को माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी और 26 को भालखी के सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र उर्फ डालिया पर हमला हुआ। सुरेंद्र डालिया पर हुए हमले के आरोपी में गिरफ्तार कोटपुतली बहरोड़ के गांव काठुवास निवासी साहिल व राजस्थान के जिला कोटपुतली बहरोड़ के गांव परतापुर निवासी पंकज को गिरफ्तार किया है। हमले में प्रयोग हथियार भी हमलावरों में शामिल परतापुर के रवि के खेत से बरामद हुए हैं। काली का भी राजस्थान से नाताचोरी की तीन दर्जन मामलों में नामजद गुगेल चोर गिरोह के तार भी राजस्थान से जुडे हैं। महेंद्रगढ़ के गांव पड़तल निवासी काली की शादी भी राजस्थान में हुई थी। जो अपने पिता की मौत के बाद मायके आकर बस गई। काली ने अपने बच्चों के साथ चोर गिरोह बनाया। काली व उसका बेटा विजय 10-10 हजार और बेटी पिंकी पांच हजार की इनामी बदमाश हैं। दूसरे जिलों से भी जुड़े ताररेवाड़ी के अंकित उर्फ चमन और बहाला निवासी कारोबारी मोहन के चर्चित हत्याकांड से भी बाहरी बदमाशों के नाम जुड़े है। मोहन हत्यकांड में सोनीपत के पिनाना निवासी इनामी बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू को मुख्य आरोपी माना जा रहा है। चमन हत्याकांड में रेवाड़ी के गोकलगढ़ के इनामी बदमाशों के साथ रोहतक, जींद के आरोपियों के नाम जुड़े है। चोरी, स्ननेचिंग में मेवात, फरीदाबाद, नारनौल, गुरुग्राम जैसे पड़ोसी जिलों का नाम जुड़ता रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर एबी रोड का नाम बदलकर अटल बिहारी मार्ग किए जाने के बाद इंदौर नगर निगम शहर में बड़े पैमाने पर नामकरण की तैयारी में है। नगर निगम की नामकरण समिति ने शहर के 15 मार्गों और 19 उद्यानों के नए नाम तय कर लिए हैं। समिति द्वारा तैयार प्रस्ताव को अब मेयर-इन-काउंसिल (MIC) में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। एमआईसी से स्वीकृति मिलते ही नामकरण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। तय किए गए नामों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला, आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज सहित कई महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम शामिल हैं। 23 प्रस्तावों पर चर्चा, पारदर्शी प्रक्रिया का दावा नामकरण समिति के अध्यक्ष राजेंद्र राठौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं से प्राप्त 23 प्रस्तावों पर विचार किया गया। राठौर ने बताया कि नामकरण की प्रक्रिया पारदर्शी, संतुलित और जनहित को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। अटल जी के नाम AB रोड के बाद अब उद्यान भी नगर निगम पहले ही 25 दिसंबर को एबी रोड (आगरा-बॉम्बे रोड) का नाम बदलकर अटल बिहारी मार्ग करने का निर्णय ले चुका है। अब शक्ति नगर उद्यान का नाम भी अटल बिहारी वाजपेयी उद्यान रखने का प्रस्ताव है। रास्तों-चौराहों-उद्यानों के नामकरण की प्रक्रिया
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
तीन भर्तियों में ओएमआर शीट में गड़बड़ी कर 38 अभ्यर्थियों को एग्जाम पास कराया गया था। इस मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के पूर्व चेयरमैन बीएल जाटावत से भी पूछताछ करेगी। उनके कार्यकाल में जिस फर्म राभव लिमिटेड को ओएमआर शीट जांचने का ठेका दिया था, उसके मालिक रामप्रवेश की भी गिरफ्तारी हो सकती है। एसओजी ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर संजय माथुर और सिस्टम एनालिस्ट प्रवीण गंगवाल सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रामप्रवेश पहले से पेपर में गड़बड़ी के चलते विवादित था। उसकी एक कंपनी ब्लैकलिस्ट हो चुकी थी। एसओजी के मुताबिक, तत्कालीन चेयरमैन बीएल जाटावत के कार्यकाल में टेंडर उसी विवादित व्यक्ति की कंपनी को दे दिया गया। जब वही कंपनी (राभव लिमिटेड) उत्तर प्रदेश में ओएमआर शीट में गड़बड़ी के विवादों में आई तो बोर्ड ने आनन-फानन में एक जांच कमेटी बना दी। चौंकाने वाली बात ये है कि जांच का जिम्मा भी संजय माथुर और प्रवीण गंगवाल को दिया गया था, जबकि ये दोनों ही अफसर पेपर की गड़बड़ियों में शामिल थे। आज संडे बिग स्टोरी में पढ़िए अबतक इस मामले में क्या-क्या सामने आए हैं... जिसे टेंडर दिया वो फर्म हो चुकी थी ब्लैक लिस्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 2019 में गोपनीय फर्म राभव लिमिटेड कंपनी को सरकारी भर्तियों में OMR शीट जांचने का ठेका दिया था। तब बोर्ड के चेयरमैन बीएल जाटावत थे। उन्हीं की ओर से ही टेंडर पास किया गया था। इस कंपनी के डायरेक्टर राम प्रवेश का प्रोफाइल पहले से ही विवादित था। साल 2018 में राम प्रवेश ने एक फर्म एक्सिस डिजी नेट लिमिटेड बनाई थी। फर्जीवाड़े के चलते पहले ही साल में वह ब्लैकलिस्ट हो गई थी। तब उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ के गोमती नगर थाने में दर्ज मामले में कार्रवाई कर रामप्रवेश सिंह को अरेस्ट किया था। इस मामले में जेल से बाहर आने पर साल 2019 में रामप्रवेश सिंह ने ब्लैकलिस्ट फर्म को छोड़कर दो नई फर्म बनाई। इसमें से एक राभव लिमिटेड थी। ये कंपनी नई दिल्ली के एड्रेस- सी-136, मंगोलपुरी इण्डस्ट्रियल एरिया, फेज-1 पर रजिस्टर्ड थी। एसओजी के मुताबिक, सवाल उठता है कि टेंडर देने के दौरान नियमों को ताक पर रखा गया। फर्म के सही होने की पुष्टि कर रामप्रवेश का टेंडर पास कर दिया गया। दोषी खुद ही कर रहे थे जांचराम प्रवेश यादव की गिरफ्तारी के बाद यूपी एसटीएफ ने 15 अगस्त 2019 को दलाल शादान और विनोद गौड़ को भी अरेस्ट किया था। इनके पास से तब राजस्थान की तीन भर्तियों महिला पर्यवेक्षक, कृषि पर्यवेक्षक और प्रयोगशाला सहायक की कई OMR शीट मिली थी। तब राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने जांच के लिए आनन-फानन में एक टीम बना दी। जांच टीम का हेड तकनीकी प्रमुख संजय माथुर और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल को बनाया गया। ये दोनों अधिकारी खुद ही लंबे समय से उस कंपनी के साथ मिलकर ओएमआर शीट्स में गड़बड़ी कर रहे थे। यही वजह रही कि इस मामले में कंपनी पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। आरोप है कि तत्कालीन बोर्ड चेयरमैन बीएल जाटावत ने फर्म के विवादों में आने के बाद भी उस कंपनी को सौंपे गए किसी एग्जाम की जांच नहीं करवाई। सरकार से भी छिपाए रखा सचउत्तर प्रदेश में फर्म राभव लिमिटेड के मालिक पर हुई कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी के बाद भी राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इसकी जानकारी सरकार से छिपाई। सरकार को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई कि उनके द्वारा नियुक्त की गई फर्म उत्तर प्रदेश में OMR शीट्स में गड़बड़ी करने के मामले में पकड़ी गई है। पकड़ी गई फर्म और राजस्थान में काम कर रही फर्म का मालिक एक है। फर्म संचालक खुद देता था निर्देशबोर्ड का उपनिदेशक (सिस्टम एनालिस्ट) संजय माथुर और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल से हुई पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि दोनों फर्म संचालक राम प्रवेश यादव के डायरेक्ट संपर्क में थे। यादव जिन कैंडिडेट को पास कराने की डील करता था, उनकी OMR शीट के नंबर सीधे प्रवीण गंगवाल और संजय माथुर को भेजता था। यादव से मिले निर्देश के बाद वह खाली छोड़े प्रश्नों में गोले भर दिया करते थे। इसके बाद OMR शीट आगे जाती थी। एग्जाम में बैठे सभी कैंडिडेट की OMR शीट एक साथ स्कैन होने के लिए बाद में यादव की ही फर्म में जाती थी। जहां उनके अंक दिए जाते थे। संजय माथुर ने साली के लिए परीक्षा में की थी धांधलीसंजय माथुर ने एसओजी रिमांड के दौरान बताया कि उसकी साली को परीक्षा में पास कराने के लिए उसने ओएमआर शीट्स में धांधली की थी। इसके बाद अन्य परीक्षाओं में भी पैसा लेकर अभ्यर्थियों को पास कराना शुरू कर दिया था। अब रामप्रवेश और बीएल जाटावत से पूछताछ करेगी SOGएसओजी राजस्थान का कहना है कि आरोपी राम प्रवेश सिंह यादव को भी वह जल्द पूछताछ के लिए जयपुर लेकर आएंगे। फर्म के कौन-कौन से कर्मचारी इस काम में शामिल थे, इसका भी पता लगाएंगे। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई में एसओजी जांच व पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी कर सकती है, जिसके बाद बीएल जाटावत की भूमिका के पूरे सबूत जुटाने के बाद अगली कड़ी में पूछताछ की जाएगी। इससे पहले एसओजी OMR शीट्स में फर्जीवाड़ा कर जॉब पाने वाले 38 कैंडिडेट्स से पूछताछ कर अरेस्ट करेगी। कर्मचारी चयन बोर्ड से डेटा गायब!राभव लिमिटेड ने राजस्थान में 3 एग्जाम के अभ्यर्थियों की OMR शीट जांची थी। बोर्ड के पास अभ्यर्थियों की OMR शीट का रिकॉर्ड रहता है। लेकिन अब इनका डेटा ही गायब होने की आशंका है। एसओजी के डीआईजी पारिस देशमुख ने बताया कि पिछले एक साल से करीब 5 बार बोर्ड को पत्र लिखकर तीनों एग्जाम में पास हुए अभ्यर्थियों की OMR शीट्स मांग चुके हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अभी तक बोर्ड केवल 5 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट उपलब्ध करा सका है। बोर्ड के इस तरह से रवैये को लेकर भी एसओजी का शक अन्य लोगों पर भी गहराता जा रहा है। पिछले 8 साल का रिकॉर्ड खंगालेगी एसओजीएसओजी के रिमांड पर चल रहे पांचों आरोपियों को एसओजी ने रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में आईटी हेड संजय माथुर और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल कई साल से परीक्षा करवा रहे थे। वर्ष 2018 में हुई परीक्षा में की गई धांधली के बाद एसओजी को शक है कि आरोपियों ने वर्ष 2025 तक हुई कई अन्य परीक्षा में भी धांधली की होगी, इसलिए 8 साल के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। पूर्व चेयरमैन बोले- हमने तो खुद आरोपियों के नाम ढूंढकर FIR करवाईकर्मचारी चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष बीएल जाटावत ने कहा- इस मामले में हमने खुद सांगानेर थाने में 25 नवंबर, 2019 और 27 दिसंबर, 2019 को दो FIR करवाई थी। इन मामलों को दर्ज करवाने से पहले अपने स्तर पर जांच की गई थी, इसके लिए कर्मचारी चयन बोर्ड के सदस्यों वाली एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की थी। जाटावत ने बताया कि पहले इस मामले की जांच गोमती नगर एसओजी-एटीएस उत्तर प्रदेश ने शुरू की थी। ओएमआर शीट से संबंधित ये मामला जब हमारी जानकारी में आया, तो ये उच्च स्तरीय समिति गठित की गई थी। संबंधित परीक्षाओं की भी पूरी स्कैनिंग की गई थी। समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड के सचिव ने संदिग्ध कैंडिडेट्स की नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस मामले में हाईकोर्ट में भी कुछ रिट याचिकाएं लगाई गई थीं, जिन्हें हाईकोर्ट ने सराहनीय मानते हुए खारिज कर दिया था। संबंधित संदिग्ध कैंडिडेट्स के सिलेक्शन की तो कोई बात ही नहीं है, क्योंकि हमारी जांच के बाद शुरुआती लिस्ट में ही इन संदिग्धों की पहचान हो गई थी। बोर्ड ने फिर री स्केलिंग के बाद रिजल्ट जारी किया था। फिर भी एसओजी या कोई अन्य एजेंसी जांच करेगी तो पूरा सहयोग करेंगे। SOG के अधिकारी बोले- अभी होंगी और गिरफ्तारियांडीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि जिस समय यूपी पुलिस की एसआईटी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी, उस दौरान बोर्ड ने एक शिकायत सांगानेर थाने में दी थी। एसओजी ने जब जांच ली तो पता चला कि यूपी एसआईटी ने दर्ज केस में चालान पेश कर दिया है। चालान में राजस्थान में हुई गड़बड़ी को लेकर कोई भी पॉइंट पेश नहीं किए गए थे। उसी को बेस बनाते हुए हमने यह कार्रवाई शुरू की है। कार्रवाई का यह पहला चरण है। आगे और बड़ी गिरफ्तारियां की जाएंगी। एसओजी ने 5 आरोपियों को किया था गिरफ्तारSOG ने 20 जनवरी को बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए OMR शीट में नंबर बढ़ाने वाली गैंग का खुलासा किया था। RSSB के तकनीकी प्रमुख संजय माथुर सहित प्रवीण गंगवाल, शादान खान, विनोद कुमार गौड़ और पूनम माथुर को अरेस्ट किया था। प्रवीण गंगवाल राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर में प्रोग्रामर है। दोनों आरोपी पूरी OMR शीट्स की स्कैनिंग और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया के प्रभारी थे। इन दोनों ने आउटसोर्स फर्म के कर्मचारी शादान खान और विनोद कुमार गौड़ के साथ मिलीभगत की। इस तरह 38 लोगों की नौकरी लगवाई गई। डी-बार हुए अभ्यर्थी हुए अंडर ग्राउंडओएमआर शीट्स में नंबर बढ़ाने के लिए 10 लाख रुपए तक देने वाले 38 अभ्यर्थियों के घर जब एसओजी की टीम पहुंची तो वह सभी अंडर ग्राउंड हो चुके हैं। एसओजी की टीम निरंतर संभावित ठिकानों पर दबिश दे कर डीबार किए गए अभ्यर्थियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। ------------------- नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़े की यह खबर भी पढ़िए... फेल अभ्यर्थियों को पास किया, 38 सरकारी नौकरी लगे:पैसे लेकर 2 नंबर के 206 कर दिए; 5 गिरफ्तार, 60 लाख रुपए जब्त स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए OMR शीट में नंबर बढ़ाने वाली गैंग का खुलासा किया था। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के तकनीकी प्रमुख सहित 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी ...(CLICK कर पढ़ें)
गोरखपुर में श्री राम कथा के दौरान राजन जी महाराज के टीम मेंबर को गोली मारने की धमकी मिली। इस घटना के बाद राजन जी ने आगे की कथा को बीच में छोड़कर जाने का मन बना लिया था। यह पुरा मामला श्रीराम कथा के तीसरे दिन का है जहां आयोजकों का एक पक्ष किसी बात को लेकर महाराज जी के टीम के साथ भीड़ गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों लोगों में कहासुनी हुई, फिर उसी बीच राजन महाराज के टीम को गोली से मारने की बात भी सामने आई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कथावाचक राजन जी महाराज पूरे घटना पर बोलते नजर आ रहे हैं। दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में राजन जी कहते हैं कि- ‘अभी कल कथा में बवाल हो गया, मंच पर चढ़ने के लिए। हमने चढ़ाना ही बंद करा दिया। हमको दुख जानते हैं किस बात का है ये घटना हमारे घर में हुई। गोरखपुर हमारा घर है, 16 साल की यात्रा में पहली बार ये घटना घटी है। हमारे घर में भगदड़ हुआ है और ऊपर से हमारे टीम के लोगों को गोली मारने को कहा गया, के के माई दूध पिअवले बा मार के देखाव… अब विस्तार से पढिए पूरा मामला गोरखपुर के चम्पा देवी पार्क में 9 दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन 27 जनवरी से किया जा रहा। जिसका समापन 04 फरवरी को होगा। इसी दौरान कथा के तीसरे दिन एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। जिसने सभी कथा प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया। कथा के दौरान आयोजक और राजन जी के टीम से किसी बात को लेकर तालमेल नहीं बन पाया। धीरे धीरे बात बढ़ते गई और उसी में से किसी ने महाराज जी के टीम को गोली मारने की बात कह दी। इसके बाद राजन जी ने कथा को बीच में ही छोड़कर वापस जाने का मन बना लिया। मामले को गंभीरता से हुए एक जनप्रतिनिधि ने उनको मनाने का काम किया। जिसके बाद राजन जी और उनकी टीम यहां रुकी। राजन जी ने इस घटना का जिक्र अगले दिन अपनी कथा करते हुए बोले- ‘16 साल की इस यात्रा में पहली बार ऐसी बातें सामने आईं हैं। हम नहीं बोलते हैं, हम प्रेम से घर में कथा गाने आए हैं तो उसी प्रेम से सुनिए और एक बात कहूं हमको एक महीने से कान में खबर आ रही है कि हमसे मिलने के लिए पैसा लिया जा रहा है 1100 रूपया ’। हम स्पष्ट बताते हैं कि धरती के किसी भी कोने में पूरे देश विदेश में कथा करता हूँ, कहीं भी हम पैसा लेकर नहीं मिलते इसको समझिएगा। मिलने का समय निश्चित होता है प्रत्येक कथा में दोपहर में 1 घंटे। इस पूरे मामले में लोगों का कहना है कि शुरू से कथा आयोजकों के बीच आपसी तालमेल न होने से ये सब बातें सामने आ रही हैं। गोरखपुर में कथा आयोजन में ऐसी बातें होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इसी बीच पाँचवे दिन की कथा का भक्तों ने रसपान किया। भक्तों की संख्या रोज़ बढ़ते जा रही है लगभग हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर कथा का आनंद उठा रहे हैं।
जिले के राघौगढ़ इलाके से गायब नाबालिग को पुलिस ने बरामद कर लिया है। साथ ही उसे बहला फुसलाकर ले जाने वाले युवक को भी पुलिस ने पकड़ा है। दोनों गुना से उज्जैन पहुंच गए थे। पुलिस ने दोनों को उज्जैन में बरामद कर लिया। राघौगढ़ पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को एक पिता द्वारा थाने पर अपनी बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 16 वर्षीय बेटी कक्षा 10 की छात्रा है। गुरुवार शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सो गई थी। जब सुबह उठकर देखा तो वह अपने कमरे में नहीं थी। उसकी शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने अनुसार SP अंकित सोनी द्वारा जिले में नाबालिगों से संबंधित मामलों में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में राघौगढ़ पुलिस ने नाबालिग की तलाश शुरू की। इसके लिए अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। साथ ही विभिन्न तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई। इसी क्रम में पुलिस को जानकारी लगी कि लड़की उज्जैन में है। जानकारी मिलने पर पुलिस की एक टीम उज्जैन रवाना हुई। वहां पुलिस ने नाबालिग को रेलवे स्टेशन के पास से बरामद कर लिया। साथ ही उसका अपहरण कर ले गए आरोपी मिथुन पुत्र लखन कुशवाह उम्र 20 साल निवासी बरवटपुरा राघौगढ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस टीम दोनों को साथ लेकर राघौगढ आई और आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई।
नमस्कार, कानपुर में कल (शनिवार) की बड़ी खबरें… स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री कानपुर अपने घर पहुंचे। उन्होंने कहा- हमारा अगला कदम देश का एक और काला कानून SC-ST एक्ट की वापसी है। सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की गैंगस्टर एक्ट मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही को रद्द करने की मांग को लेकर दाखिल उनकी याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। विधायक पत्नी नसीम सोलंकी ने कहा- अब हम सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें 1. अफसरी छोड़कर अलंकार घर पहुंचे तो मां ने गले लगाया:कानपुर में कहा- शंकराचार्य से मिलने जाऊंगा; नारे लगे- देखो शेर आया स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री शनिवार को कानपुर में अपने घर पहुंचे। केशव नगर स्थित आवास पहुंचते ही घर की महिलाओं ने शंखनाद से उनका स्वागत किया। मां गीता अग्निहोत्री ने माला पहनाकर गले से लगाया। समर्थकों ने भी अलंकार अग्निहोत्री को फूल-माला से लाद दिया। लोगों ने नारेबाजी की- देखो-देखो शेर आया…। जमकर डांस किया। अलंकार ने सभी का अभिनंदन स्वीकार किया। पढ़ें पूरी खबर 2. तलाक महल में भीषण आग, 7 लोगों का रेस्क्यू किया:बिरयानी और मिठाई की दुकान में शॉर्ट सर्किट, डेढ़ घंटे में पाया काबू कानपुर के बेकनगंज थानाक्षेत्र के लाल कुआं रहमानी मार्केट में शनिवार तड़के शार्ट–सर्किट से लगी आग ने हड़कंप मचा दिया। दो मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित बिरयानी और मिठाई की तीन दुकानों में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटें पहली मंजिल तक पहुंच गईं, जहां मकान मालिक और चार किराएदार फंस गए। वहीं बिरयानी की दुकान में सो रहे दो कर्मचारी भी धुएं में घिर गए। पढ़ें पूरी खबर 3. इरफान सोलंकी केस में विधायक पत्नी बोलीं- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे:हाईकोर्ट से बहुत उम्मीद थी; एक दिन पहले गैंगस्टर केस में HC ने राहत नहीं दी कानपुर की सीसामऊ विधानसभा सीट से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका लगा है। गैंगस्टर एक्ट मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही को रद्द करने की मांग को लेकर दाखिल उनकी याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। इस पर दैनिक भास्कर से बातचीत में विधायक पत्नी नसीम सोलंकी ने कहा- अब हम सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। हाईकोर्ट से उम्मीद थी कि फैसला हक में आएगा। हाईकोर्ट के ऊपर भी एक अदालत है। पढ़ें पूरी खबर 4. गंगापुल पर टेनरीकर्मी का शव मिला:सिर में गंभीर चोट, हत्या की आशंका; रेलिंग और डिवाइडर पर खून के छींटे मिलीं कानपुर के जाजमऊ गंगापुल पर शनिवार सुबह टेनरीकर्मी का रक्तरंजित शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यदि समय पर उपचार मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी। मृतक की पहचान मोहम्मद शाबिर (38) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से वैशाली, बिहार के रहने वाले थे, लेकिन वर्तमान में उन्नाव के थाना गंगाघाट स्थित अखलाक नगर में किराए के मकान में अपनी पत्नी मुन्नी (32) और चार बच्चों- सुहैल (14), आलिया (9), यास्मीन (7) और अफसाना (3) के साथ रहते थे। पढ़ें पूरी खबर 5. घाटमपुर आसरा आवास के दरवाजे सड़कर टूटे, 86 परिवार परेशान:खिड़की में कांच नहीं, सीलन आ रही; महिलाएं बोलीं-कोई सुनने वाला नहीं कानपुर से करीब 42 किलोमीटर दूर घाटमपुर नगर के जहानाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास 840 परिवार का आसरा आवास बना है। आज ये बदहाल है। यहां कई आवासों में न दरवाजे हैं, न खिड़कियों में कांच, तो कहीं गेट सड़कर टूटे पड़े हैं। इन 86 परिवारों को आवास आवंटित किया गया है, वे सीलन, टपकती छत, बिजली-पानी जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि शिकायतें करने के बाद भी उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। पढ़ें पूरी खबर 6. कानपुर में 11बीघा प्लाटिंग पर बुलडोजर चला:KDA ने तीन को नोटिस जारी किया, 16 बीघा अवैध चिन्हित; नक्शा पास नहीं था शहर में केडीए से नक्शा पास कराए बिना प्लाटिंग व निर्माण करने वालों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण व सीलिंग अभियान लगातार जारी है। शनिवार को केडीए के प्रवर्तन (जोन-1बी) के द्वारा कटरी ख्यौरा क्षेत्र में लगभग 11 बीघा क्षेत्रफल में की गयी अवैध प्लाटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। विशेष कार्याधिकारी डा. रवि प्रताप सिंह ने बताया कि थाना-नवाबगंज, कल्यानपुर एवं बिठूर के अन्तर्गत स्थित ग्रामों की लगभग 16 बीघा क्षेत्रफल की अवैध/अनाधिकृत निर्माण/प्लाटिंग को चिन्हित किया जा चुका है। जल्द ही इन पर भी सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जायेगी। पढ़ें पूरी खबर 7. साले से विवाद के बाद घर में लगा दी आग:पनकी में पत्नी के मायके से ना आने पर झगड़ा हुआ, पुलिस ने युवक को पकड़ा कानपुर के पनकी इलाके में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने पारिवारिक विवाद के बाद अपने ही घर में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों ने 112 नंबर पर सूचना दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड और पनकी पुलिस ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के बाद पुलिस युवक को थाने ले गई। पढ़ें पूरी खबर 8. कानपुर के सराफा कारोबारी बोले-ऐसा दिन आएगा सोचा न था:सोना खरीदने और बेचने वाला कोई नहीं, 1500 दुकानों पर सन्नाटा छाया सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव बना है। कानपुर के चौक सराफा बाजार में करीब 1500 दुकानें हैं। यहां इन दिनों सन्नाटा दिख रहा है। कारोबारियों का कहना है कि इस स्थिति से करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा है। उन्होंने कहा- ऐसा दिन आएगा, कभी सोचा न था। बाजार में बस डर बना हुआ है। एक तरह दुकानदार के पास सोना-चांदी खरीदने वाले नहीं आ रहे तो दूसरी तरफ अगर कोई ग्राहक सोना या चांदी बेचने आ रहा है तो कीमतों के क्रैस होने के चलते उसे खरीद भी नहीं रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर 9. कानपुर में बारिश का अलर्ट, बढ़ेगी गलन:3 दिन तक बादल छाए रहेंगे; शताब्दी, वंदे भारत और राजधानी रहीं लेट कानपुर में शनिवार सुबह घना कोहरा रहा। आने वाले 24 घंटों में बारिश का अलर्ट है। ठंड और गलन बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। जिससे आने वाले 24 घंटों में कोहरे और बादल छाए रहेंगे। यह स्थितियां फिलहाल दो से तीन दिन तक बनी रहेंगी। शुक्रवार सुबह घना कोहरा रहा। कोहरे के कारण दृश्यता कम रही। न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक है। दिन का अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.4 डिग्री कम रहा। यह उतार-चढ़ाव मौसम में बदलाव का संकेत दे रहा है। पढ़ें पूरी खबर 10. KDA में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर ने किया सुसाइड:पत्नी को बेटे के बाल कटवाने के बहाने सैलून भेजा था, काम के बोझ के कारण डिप्रेशन में थे बर्रा थानाक्षेत्र में केडीए में तैनात संविदा कर्मी ने पंखे से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। परिजनों ने बताया कि वह काम के बोझ और बीमारी को लेकर काफी समय से डिप्रेशन में चल रहे थे। शुक्रवार शाम सविंदा कर्मी ने पत्नी को बेटे के बाल कटवाने के लिए सैलून भेजा और फंदे से लटक कर जान दे दी। शाम को घर लौटी पत्नी ने शव लटकता देख पुलिस और परिजनों को जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर
गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र में महिला की हत्या में 2 युवकों के शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं। स्कूटी पर लादकर बरघट्टा पुल के पास कातिल पहुंचे हैं। यहां से 20 फीट नीचे तक लाश लेकर गए है। इसके बाद महिला के सारे कपड़े निकालकर उसे न्यूड किया गया, फिर पहचान छिपाने के लिए चेहरा कूचा गया है। क्राइम-स्पॉट पर मिले खून के निशान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य यही बयां कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो फारेंसिक टीम की भी यही रिपोर्ट है। जिसके आधार पर पुलिस ने जांच की तो अहम सुराग भी हाथ लगे हैं। घटना स्थल को देखकर यही कहा जा रहा है कि महिला का शरीर भारी होने की वजह से उसे उठाकर ले जाते समय 3 जगहों पर कातिल रूककर आराम किए हैं। इन जगहों पर खून के निशान भी मिले हैं। इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है। इसके बाद सड़क से 20 फीट दूर लाश ठिकाने लगाई गई है। नशेबाजों का लगता है जमावड़ा जिस स्थान पर महिला का शव फेंका गया। वह जगह बगल में रहने वाले जय नाथ की दुकान और मकान के ठीक सटे है। जय नाथ उस जमीन और आसपास के मकानों के मालिक बताए जा रहे हैं। आस-पास के लोगों के अनुसार उनका भतीजा पास में ऑटो पार्ट्स की दुकान चलाता है और शाम के समय अंडे की दुकान भी लगाता है। इस कारण शाम होते ही वहां लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है और नशेबाजों का जमावड़ा भी लगा रहता है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर रातभर कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात रखी। पुलिस ने अब तक 15 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके अलावा 10 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। पूछताछ के दौरान दो संदिग्धों के बयान में विरोधाभास सामने आया है। जिससे उन पर पुलिस का शक और गहरा गया है। हत्या के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। इसके साथ ही पूर्व में तैनात रहे पुराने थाना प्रभारियों को भी टीम में शामिल किया गया है, ताकि उनके अनुभव का लाभ लिया जा सके। झोपड़ी में रहने वाली महिला का लिया बयानजहां शव फेंका गया, उसके ठीक बगल में आरती देवी की झोपड़ी है। आरती देवी अकेले वहीं रहती हैं। उनके दो बेटे हैं, जो शाम के समय घर आकर रुकते हैं, लेकिन रात में कहीं और चले जाते हैं। आरती देवी ने पुलिस को बताया कि घटना की रात उन्हें किसी भी तरह की आहट या शोर सुनाई नहीं दिया। सुबह जब आसपास हल्ला हुआ, तब वे बाहर निकलीं और घटना की जानकारी मिली। हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 6 टीमों का गठन किया है। इनमें से 4 टीमें जसवल रोड से लेकर महाराजगंज तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। फुटेज के आधार पर कई संदिग्ध वाहनों की पहचान की गई है। पुलिस अब उन वाहनों के आने-जाने के समय का मिलान कर रही है। साथ ही संदिग्ध वाहनों के मालिकों की पहचान के लिए आरटीओ से जानकारी मांगी गई है। अधिकारियों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज जांच में अहम कड़ी साबित हो सकती है। 15 संदिग्ध हिरासत में, दो पर गहराया शकपुलिस ने अब तक 15 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके अलावा करीब एक दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। पूछताछ के दौरान दो संदिग्धों के बयान में विरोधाभास सामने आया है, जिससे उन पर पुलिस का शक और गहरा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच कई एंगल से की जा रही है। हालांकि अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है, लेकिन पुलिस को उम्मीद है कि फॉरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। इस संबंध में सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि हर एंगल पर जांच की जा रही है। हत्या से संबंधित कुछ साक्ष्य मिले हैं। जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा। शुक्रवार को मिली थी महिला की न्यूड लाश गोरखपुर के पीपीगंज इलाके में शुक्रवार की भोर 35 साल की महिला की न्यूड लाश मिली है। सूचना पर पुलिस और फारेंसिक टीम पहुंची। मौके से सबूत जुटाए। अभी तक शव की पहचान नहीं हो पाई है। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने हत्या करके लाश यहां फेंकी है। पहचान छिपाने के लिए सिर कूंच दिया गया है। पीपीगंज के बरघट्टा पुल के नीचे सुबह टहलने निकले लोगों ने महिला की लाश देखी। महिला के शरीर पर एक भी कपड़े नहीं थे। सिर ईंट से कूंचा गया है। इसके अलावा शरीर पर कई और जगहों पर चोट के निशान मिले हैं। एसएसपी राज करन नय्यर ने कहा- लाश कब्जे में लिया गया है। पहचान कराई जा रही है। 2 तस्वीरें देखिए- शव जहां मिला था, वहां से पुल पर चढ़ते हुए बैरघट्टा गांव में डॉग स्क्वायड गया। करीब 200 मीटर बाद डॉग लौट आया। SSP राज करन नय्यर ने मौके पर जांच पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक, कहीं और महिला की हत्या कर लाश ठिकाने लगाई गई है। घटना स्थल पर थोड़ी दूर घसीटने के निशान मिले हैं। हत्या के मिले सुराग घटनास्थल पर डॉग स्कॉवयड टीम ने भी जांच पड़ताल की है। सूत्रों की मानें तो हत्या से जुड़े कुछ अहम सुराग भी पुलिस के हाथ लगे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि शाम तक पुलिस इस घटना का पर्दाफाश भी कर सकती है। फिलहाल एसएसपी ने पुलिस की दो टीमें बनाई हैं। एक टीम महिला की शिनाख्त कराने में जुट गई है। दूसरी टीम हत्या की घटना पर्दाफाश करने में लगाई गई है। बरघट्टा गांव से 5 किमी दूर संतकबीरनगर जिला शुरू हो जाता है। ऐसा भी मानना है कि दूसरे जिले में हत्या कर लाश गोरखपुर में ठिकाने लगाई गई है। पुलिस टीम सड़क के दोनों तरफ जहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, वहां फुटेज देख रही है।
कैथल में हिसार के सांसद जयप्रकाश जेपी ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। सांसद जयप्रकाश ने कहा कि अगर भाजपा को केंद्र में स्पष्ट बहुमत मिल जाए, तो ये संविधान ही बदल देंगे। धार्मिक मुद्दों पर बोलते हुए जेपी ने कहा कि भाजपाई कहते हैं कि कांग्रेस राम के खिलाफ है, जबकि श्रीराम तो हमारे मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। भाजपा कुर्सी के लिए श्रीराम का दुरुपयोग करती है, लेकिन कांग्रेस उन्हें आदर्श के रूप में लेती है। जलयोद्धा का स्वागत करते तो एसवाईएल नहर की समस्या नहीं होती अपने कैथल कार्यालय से जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हक पर कुठाराघात किया है। एसवाईएल मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर 1985 में इनेलो के नेता ओम प्रकाश चौटाला ने उस समय के हालात में समझदारी दिखाकर जलयोद्धा का स्वागत कर लिया होता, तो आज एसवाईएल नहर की समस्या खड़ी ही नहीं होती। जेपी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री पर सवाल उठाते हुए कहा कि हरियाणा का मुख्यमंत्री पंजाब के मुख्यमंत्री से बात करने क्यों गया, दोनों आपस में मिले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के किसानों के हकों पर कुठाराघात करने की सबसे बड़ी जिम्मेदार हरियाणा की भाजपा सरकार है। यूजीसी के नियमों पर लगी रोक पर भी बोले उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा का नाम बदलकर भाजपा ने महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की योजना को खत्म कर दिया। यूजीसी के नियमों पर लगी रोक (स्टे) को लेकर सांसद जयप्रकाश ने कहा कि अगर इन्हें वापस ही लेना था तो लागू क्यों किया गया। मतलब साफ है कि लोगों को आपस में लड़ाने के लिए ये कदम उठाया गया और इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि जिसने देश को आजाद करवाया, उसका कत्ल करने वाला भी आज इन्हीं के साथ खड़ा दिखाई देता है।
गुना के कैंट इलाके में ऑनलाइन सट्टे के बड़े गिरोह पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने 22 सटोरियों पर कार्रवाई करते हुए आठ सटोरियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से मोबाइल, कार सहित 15 लाख रुपए का माल जप्त किया है। कैंट पुलिस ने बताया कि SP अंकित सोनी के निर्देशन में जिले में अनैतिक, अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में ASP मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और CSP प्रियंका मिश्रा के नेतृत्व में क्रिकेट मैच पर सट्टे का हिसाब किताब कर रहे आरोपियों पर कार्रवाई की हैं। कैंट पुलिस ने बताया कि शहर के दशहरा मैदान क्षेत्र में एक कार क्रमांक MP09 AQ 5797 में चार व्यक्तियों के ऑनलाईन क्रिकेट मैचों के सट्टे का हिसाब-किताब किए जाने की मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस की एक विशेष टीम दशहरा मैदान पहुंची। टीम ने दशहरा मैदान पहुंचकर देखा, तो वहां मुखबिर के बताये हुलिये की कार में चार युवक मोबाईल चलाते हुए मिले। उन्हें पुलिस टीम द्वारा भागने का मौका न देते हुए पकड़ा गया। पूछताछ पर उन्होंने अपने नाम दिव्यांशु उर्फ नैना पुत्र विष्णुप्रसाद शर्मा उम्र 25 साल निवासी ग्राम झागर हाल विकास नगर, दीपांशु पुत्र दिनेश सिंह जाट उम्र 21 साल निवासी ग्राम रिछैरा हाल विकास नगर, शुभम पुत्र नीरज साहू उम्र 24 साल निवासी जाट मौहल्ला और राम पुत्र गोपाल गुर्जर उम्र 28 साल निवासी ग्राम लालोनी हाल बलवंत नगर बताए। पुलिस द्वारा उनके मोबाइल लेकर चेक करने पर उनमें ऑनलाइन सट्टे की आईडी चलती हुई मिली। इनमें ऑनलाईन सट्टे का हिसाब-किताब हो रहा था। पुलिस ने आरोपियों के दो मोबाईल फोन, कार और नगदी 1700 रूपये को जप्त किया गया। क्रिकेट पर ऑनलाइन खिला रहे थे सट्टा आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी दिव्यांशु शर्मा ने बताया कि उनका क्रिकेट मैचों पर ऑनलाईन सट्टा खिलाने का संगठित गिरोह है। इस गिरोह का वह भी एक सदस्य है। दीपांशु जाट, शुभम साहू और राम गुर्जर के द्वारा भी अपने साथ सट्टे का काम किया जाता है। साथ ही बताया कि उनके गिरोह में नवनीत किरार, अरविन्द धाकड़, आशीष सेन, रोहित गुप्ता आदि करीब 20-22 से भी अधिक सदस्य सुपर एडमिन, सब एडमिन, मास्टर, एजेंट और क्लाइंट के रूप में सट्टा आइडी संचालित की जाती है। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कैंट थाने में गैंग में शामिल 22 सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू की गई। इसके लिए अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय कर दबिशें दी गईं। इसी क्रम में गिरोह के चार और सदस्य नवनीत पुत्र बृजमोहन किरार निवासी ग्राम ऐंदवाड़ा थाना धरनावदा, अरविन्द पुत्र रमेश धाकड़ निवासी कुशमौदा, आशीष पुत्र नरेन्द्र कुमार सेन निवासी चौधरी मौहल्ला और रोहित उर्फ मोन्टी पुत्र सुनील गुप्ता निवासी शहनाई गार्डन के पास बीजी रोड़ गुना को भी गिरफ्तार कर लिया। 6 मोबाइल सहित 8 आरोपी गिरफ्तार इनके कब्जे से 6 और मोबाइल जप्त किए गए। मामले में पुलिस द्वारा कुल 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए। उनके कब्जे से कुल 8 मोबाईल कीमती करीब 5 लाख रूपये, एक कार कीमती करीब 10 लाख रूपये और 1700 रूपये नगदी सहित कुल करीब 15 लाख रूपये का माल जप्त किया है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है। ऑनलाईन सट्टे के विरुद्ध गुना पुलिस की इस कार्यवाही में कैंट थाना प्रभारी TI अनूप कुमार भार्गव, SI बुन्देल सुनेरिया, राहुल शर्मा, आरक्षक महेंद्र वर्मा, अविनेश रघुवंशी, धर्मेन्द्र रघुवंशी, राजू बघेल, शुभम रघुवंशी, सूर्यभान जाट, सुरेंद्र पाल और साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव, नीलेश रघुवंशी, राजीव रघुवंशी, संजय जाट, नवदीप अग्रवाल, भूपेंद्र खटीक और आदित्य कौरव का योगदान रहा।
माघ मेला में आज माघ पूर्णिमा का स्नान हो रहा है। संगम नोज पर पैर रखने को जगह नहीं है। अरैल घाट पर भी लोग स्नान ध्यान कर रहे हैं। VIP मूवमेंट पूरी तरह से रोक दिए गए हैं। सिर्फ श्रद्धालु ही घाट तक पहुंच पा रहे हैं। गंगा के किनारे लोग दान दे रहे हैं। संगम की तरफ आने वाले रास्तों पर जाम की स्थिति है। प्रयागराज के पंडित कहते हैं- आज त्रिवेणी के पानी को अमृत की तरह माना जाता है। तारों के छिपने से पहले स्नान करने के फायदे बताए गए हैं। इससे देवताओं की कृपा होती है, पाप खत्म होते हैं। स्नान करने से पहले 'त्रिवेण्ये नमः' का उच्चारण करना चाहिए। फूल अर्पित करने चाहिए। जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। इसके बिना व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष नहीं मिलता है। हर साल माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा से होती है, जो महाशिवरात्रि तक चलता है। आज माघी पूर्णिमा का स्नान होने के बाद सिर्फ महाशिवरात्रि का 15 फरवरी का स्नान और होगा। झूंसी बस अड्डे से 2250 बस चलेंगीयूपी रोडवेज मेले में इस बार 3800 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से 2250 बसों का संचालन झूंसी से हो रहा है। साथ ही, शहर से अलग-अलग एरिया के लिए भी शटल बसों का संचालन किया जा रहा है। झूंसी में बसों के संचालन की वजह से संगम क्षेत्र में जाम की समस्या कम हो गई है।
सीनियर रेसीडेंट के 40 पदों पर 3 फरवरी तक मांगे आवेदन
बीएमसी में सीनियर रेसीडेंट के 40 पदों पर भर्ती की जाना है। इनमें एक पद ईडब्ल्यूएस, 11 ओबीसी, 16 एसटी व 4 एससी अनारक्षित 8 पद हैं। योग्य उम्मीदवारों से वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से भरे जाएंगे। इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह आवेदन 3 फरवरी को 11 बजे तक बीएमसी कार्यालय में जमा किए जाएंगे। इन पदों में एनाटॉमी में 2 जनरल मेडिसिन में 2, त्वचा रोग विभाग में 1, जनरल सर्जरी में 5, फिजियोलॉजी में 3, बायोकेमिस्ट्री में 3, ईएनटी में 1 ऑब्स एण्ड गायनी विभाग में 2, एनेस्थीसिया में 2, फोरेंसिक मेडिसिन में 3, पैथोलॉजी में 2, रेडियोडाइग्नोसिस विभाग में 4, रेडियोथेरेपी विभाग में 1, पीएसएम विभाग में 2, माइक्रोबायोलॉजी में 3, फार्माकोलॉजी विभाग में 3 व दंत रोग विभाग में 1 पद है।
दिन का तापमान सामान्य से 2 डिग्री नीचे, ठंड और बढ़ेगी
शनिवार सुबह से ठंडी हवा ने तेजी से पारा गिराया। दिन भर ठंड रही। इस कारण दिन अधिकतम तापमान सामान्य से डिग्री कम ही रहा। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। शनिवार को दिन भर बादलों और धूप के बीच लुकाछिपी चलती रही। इसके साथ बर्फीली हवा के असर से लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश का येलो अलर्ट जारी किया था, जिससे लोगों को भीगने की उम्मीद थी, लेकिन बादल बिना बरसे ही निकल गए। हालांकि, सर्द हवाओं के चलने से ठिठुरन बनी हुई है। सुबह से आसमान में घने बादलों का डेरा रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप तो खिली, लेकिन उसकी तपिश गायब थी। यही कारण रहा कि दिन के तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ। शनिवार को अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान में 1.9 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे रात का पारा 11.5 डिग्री पर पहुंच गया। हालांकि पिछले 24 घंटों में हवा में नमी (आर्द्रता) में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय: नमी 75% व शाम के समय 62% दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। हवा में नमी और गिरते तापमान के कारण सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाने की संभावना है। आने वाले 2-3 दिनों में उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण रात के तापमान में दोबारा गिरावट आ सकती है। अगले कुछ दिनों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी।
अलीगढ़ नगर निगम में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के सक्रिय होने का मामला सामने आया है। शनिवार को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा जनसुनवाई कर रहे थे, तभी जन्म-मृत्यु काउंटर से मिली प्राथमिक सूचना ने पूरे फर्जीवाड़े की पोल खोल दी। जनसुनवाई के दौरान लोगों ने फर्जी तरीके से बन रहे जन्म प्रमाणपत्रों की शिकायत की। लोगों का आरोप था कि नगर निगम में कुछ दलाल काम करते हैं, जो लोगों से मोटे पैसे लेकर फर्जी दस्तावेज थमाते हैं। शिकायत के साथ ही इस्माइल नदीम और कायनात नदीम के नाम से जारी जन्म प्रमाणपत्र भी नगर आयुक्त के सामने रखे गए। आधिकारिक पोर्टल से हुई जांच फर्जी प्रमाणपत्र होने की जानकारी पर नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारी व सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह को आधिकारिक पोर्टल पर रिकॉर्ड का मिलान करने के निर्देश दिए। इसके बाद जांच में दोनों प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए। 1600 रुपए लिए गए जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से करीब 1600 रुपए लिए गए। इसके बाद बाहरी जनसेवा केंद्र के माध्यम से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराए गए। यह भी सामने आया कि इस मामले में पूरा गिरोह संचालित है। गिरोह जन्म प्रमाणपत्र के अलावा अन्य भी फर्जी प्रमाणपत्र बनाता है। इस पर नगर आयुक्त ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सिविल लाइंस से पकड़े आरोपी जानकारी मिली कि यह प्रमाणपत्र थाना सिविल लाइंस के जमालपुर क्षेत्र में एक जनसेवा केंद्र से बनाए गए हैं। इस पर नगर निगम के प्रवर्तन दल ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जमालपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में कार्रवाई की। चौकी प्रभारी के सहयोग से दो संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। गिरोह की हो रही तलाश नगर आयुक्त ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन थाने में आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज कराई गई है। साथ ही फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले पूरे गिरोह की तलाश कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि प्रमाण पत्र केवल अधिकृत माध्यमों से ही बनवाएं और किसी भी अनधिकृत एजेंट के झांसे में न आएं।
सिंहस्थ के पहले संचालन की तैयारी:उज्जैन में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनेगा
उज्जैन में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनेगा। अब तक यहां छोटे एटीआर-72 विमान के हिसाब से निर्माण करवाने की तैयारी चल रही थी। लेकिन हाल ही में जिला प्रशासन ने शासन को रिवाइज प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद हैं कि इसे जल्द स्वीकृति मिलेगी और काम शुरू होगा। दावा किया जा रहा है कि सिंहस्थ के पूर्व एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो सकेगा। सिंहस्थ की तैयारियों की कड़ी में उज्जैन-देवास मार्ग स्थित दताना-मताना की हवाई पट्टी को सरकार एयरपोर्ट के रूप में डेवलप कर रही हैं। वर्ष 2025 को 1 नवंबर को मप्र के स्थापना दिवस पर मप्र सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच एयरपोर्ट निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद से प्रक्रियाओं में तेजी आई। निर्माण स्थल पर मिट्टी परीक्षण हुआ। अब तक यहां छोटे एटीआर-72 श्रेणी के विमानों के संचालन के प्रबंधन के हिसाब से निर्माण की प्लानिंग थी, लेकिन अब ये और भी विस्तारित हो गई है। जिला प्रशासन ने हाल ही में शासन को यहां बोइंग सी-20 के संचालन के हिसाब रिवाइज प्रस्ताव भेजा है। इस विस्तार के पीछे ये मंशा... अब यह होगा संशोधन अधिग्रहण : अब तक 241 एकड़ जमीन की जरूरत थी, अब दायरा बढ़कर 300 एकड़ से अधिक तक पहुंच सकता है। सर्वे टीम इसके बारे में बताएगी। रन-वे दोगुना होगा : अब तक रन-वे को 1800 मीटर किया जा रहा था, अब रन-वे 3600 मीटर में बनेगा। आसपास सहित 4100 मीटर जमीन चाहिएगी। लागत : अभी तक केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 45 करोड़ की प्रारंभिक राशि स्वीकृत की थी। अब ये लागत और भी बढ़ जाएगी। अब तक दताना-मताना हवाई पट्टी को छोटे एटीआर-72 सीटर विमान के हिसाब से विस्तारित कर एयरपोर्ट की तैयारी की जा रही थी, लेकिन अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट के लिए रिवाइज प्रस्ताव शासन को भेजा है। - रौशनकुमार सिंह, कलेक्टर
केंद्र सरकार आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के बजट से पंजाब के लोगों को भी विशेष सौगात मिलने की उम्मीद है। वहीं पंजाब सरकार ने भी केंद्र सरकार से इस बजट में विशेष आर्थिक पैकेज की डिमांड की है। पंजाब सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय को अपनी डिमांड लिखकर भेजी हैं। राज्य सरकार ने कहा कि 2025 में पंजाब में भयंकर प्राकृतिक आपदा आई है और राज्य को इससे भारी नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार से राज्य को विशेष आर्थिक पैकेज की जरूरत है। बाढ़ और सीमा तनाव को बताया 'दोहरी मार' पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से तत्काल विशेष आर्थिक पैकेज देने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि सीमावर्ती राज्य पाकिस्तान के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा तनाव और पिछले साल आई सबसे भयानक बाढ़ की 'दोहरी मार' झेल रहा है। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट-पूर्व बैठक के दौरान चीमा ने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने तर्क दिया कि पंजाब के वित्तीय तनाव को राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से देखा जाना चाहिए। पंजाब सरकार ज्ञापन में केंद्र के सामने रखी ये डिमांड… बाढ़ से ₹12,905 करोड़ का नुकसान: पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव व बाढ़ के कारण पंजाब को भारी नुकसान झेलना पड़ा। पंजाब सरकार ने कहा है कि इस बाढ़ से 2,300 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। जिससे कुल ₹12,905 करोड़ का नुकसान हुआ। RDF और डेवलपमेंट फंड: राज्य सरकार ने केंद्र से ₹7,757 करोड़ के ग्रामीण विकास फंड(RDF) के बकाया को तुरंत जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि फंड रुकने के कारण ग्रामीण सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है। खेती और पानी की बचत: धान की खेती से हटकर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने प्रोत्साहन राशि को दोगुना कर ₹15,000 प्रति एकड़ करने की मांग की, ताकि पंजाब के तेजी से गिरते भूजल को बचाया जा सके। GST से राजस्व का घाटा: सरकार ने GST के बाद पंजाब के रेवेन्यू को नुकसान हुआ है। राज्य को सालाना लगभग ₹6,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है। उन्होंने इसकी भरपाई के लिए एक सिस्टम बनाने की मांग की। MGNREGA और स्वास्थ्य मिशन: उन्होंने मनरेगा के प्रस्तावित बदलावों का विरोध किया और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के फंड में की गई कटौती को बहाल करने की मांग की। पुलिस मॉर्डनाइजेशन के लिए ₹1,000 करोड़: सीमा पार से होने वाले खतरों और नशीले पदार्थों की तस्करी (ड्रोन के जरिए) से निपटने के लिए, उन्होंने पुलिस बल के मॉर्डनाइजेशन और एंटी-ड्रोन तकनीक के लिए ₹1,000 करोड़ की विशेष केंद्रीय सहायता मांगी। 2025-26 में केंद्र से मिली पंजाब को ये सौगात ₹5,421 करोड़ की राशि पंजाब के लिए रेलवे ढांचे के सुधार और विकास के लिए केंद्रीय बजट में आवंटित की गई। यह पैकेज रेल नेटवर्क अपग्रेड, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन विकास, और सुरक्षा-सुधार जैसे प्रोजेक्टों के लिए है। इसी के तहत लगभग 30 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकसित करने की योजना शामिल है। मोहाली-राजपुरा जैसे लिंक प्रोजेक्ट भी केंद्रीय योजनाओं में शामिल होकर मंज़ूरी पाये हैं, जिनके लिए लगभग ₹203 करोड़ का समर्थन मिला है।
जिला अस्पताल की तीन में से दो लिफ्ट लंबे समय से खराब है तो एक कार्मिक नहीं होने से लगभग बंद ही रखी जाती है। जिला अस्पताल की न्यू टीचिंग बिल्डिंग के थर्ड फ्लोर पर 5.39 करोड़ रुपए की लागत से बने प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड में सर्जरी के 30-30 बेड के दो वार्ड दो साल पहले तथा 30 बेड का मेल मेडिसिन वार्ड एक साल पहले शुरू किया था, ग्राउंड फ्लोर से वार्ड तक पहुंचने के लिए लिफ्ट लगाई थी लेकिन आज तक उसका संचालन नहीं हुआ। वहीं एमसीएच विंग में लगी दो में से एक लिफ्ट ठीक लेकिन दूसरी खराब है। प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड में सर्जरी के दो व मेडिसिन का एक वार्ड संचालित अस्पताल प्रशासन की ओर से प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड में दो साल पहले सर्जरी विभाग के 30-30 बेड के मेल व फीमेल वार्ड शुरू किए थे। एक साल पहले मेल मेडिसिन वार्ड डी को भी शुरू किया गया। 90 बेड मरीजों से ओवरलोड रहने के बाद भी तीसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए मरीजों को रेम्प से जाना पड़ रहा है। ऑपरेशन से ऑपरेशन के लिए स्ट्रेचर पर पुरानी बिल्डिंग के मॉड्यूलर ओटी तक पहुंचाना पड़ता है। ऑपरेशन के बाद वार्ड में शिफ्ट करने में परिजनों को दिक्कतें हो रही हैं। अपरमेया इंजीनियरिंग लिमिटेड को प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड और लिफ्ट लगाने का वर्क ऑर्डर दिया गया था। अधूरे वार्ड को अस्पताल प्रशासन ने हैंडओवर कर लिया, लेकिन घटिया क्वालिटी के कारण लिफ्ट अब तक नहीं ली गई। गंभीर शिशु रोगियों को भी सीढ़ियों से वार्ड तक पहुंचाना पड़ रहा है। फर्म ने लगाई घटिया क्वालिटी की लिफ्ट जो अब तक शुरू ही नहीं हुई प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड बनाने के साथ संबंधित अपरमेया इंजीनियरिंग लिमिटेड फर्म को लिफ्ट की व्यवस्था भी करनी थी। अस्पताल प्रशासन ने कई कमियों व लिफ्ट के तैयार नहीं होने से पहले ही वार्ड हैंडओवर कर लिया था लेकिन लिफ्ट को हैंडओवर नहीं किया। संबंधित फर्म की ओर से लिफ्ट तो लगाई गई लेकिन घटिया क्वालिटी की होने से शुरू ही नहीं हुई। गंभीर मरीजों को वार्ड तक ले जाना मुश्किल हो रहा है। “एमसीएच विंग की एक लिफ्ट चालू है। दूसरी जल्द शुरू करवाई जाएगी। न्यू टीचिंग बिल्डिंग की लिफ्ट की क्वालिटी सही नहीं होने से हैंडओवर नहीं की गई।” -डॉ. हनुमानराम चौधरी, अधीक्षक जिला अस्पताल
नमस्कार, कल की बड़ी खबर कांग्रेस के दावे से जुड़ी रही। पार्टी ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम है। वहीं, दूसरी बड़ी खबर अविमुक्तेश्वरानंद के सीएम योगी पर दिए बयान को लेकर रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. कांग्रेस बोली- PM मोदी यौन अपराधी एपस्टीन से मिले थे, ट्रम्प के फायदे के लिए इजराइल में नाचे थे कांग्रेस ने दावा किया कि यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम है। पार्टी ने कहा कि एपस्टीन खुद लिखता है कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने उसकी सलाह मानी और ट्रम्प को फायदा पहुंचाने के लिए इजराइल में नाच-गाना किया। यह राष्ट्रीय शर्म का विषय है। कांग्रेस ने PM मोदी से तीन सवाल किए हैं। पहला- मोदी, एपस्टीन से कैसी सलाह ले रहे थे?दूसरा- मोदी, ट्रम्प के किस फायदे के लिए इजराइल में नाच और गा रहे थे?तीसरा- एपस्टीन ने लिखा है- 'IT WORKED!'...आखिर इसका मतलब क्या है? सरकार ने आरोपों को खारिज किया: भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके एपस्टीन फाइल्स में लगाए गए आरोपों का खंडन किया। सरकार ने कहा कि एपस्टीन घोषित अपराधी है। उसकी बातें गंभीरता से नहीं लेनी चाहिए। एपस्टीन फाइल्स के बारे में पढ़िए: जेफ्री एपस्टीन नाबालिग लड़कियों की तस्करी करता था और उनका यौन शोषण करता था। वो पार्टियां करता था, जहां नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण होता था। इसमें ट्रम्प, बिल गेट्स समेत दुनियाभर के कई बड़े नेताओं के नाम आए हैं। 2008 में एपस्टीन को सजा मिली। जेल से निकलने के बाद भी उस पर लड़कियों की तस्करी के आरोप लगे। 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर… 2. अजित के निधन के चौथे दिन पत्नी सुनेत्रा उपमुख्यमंत्री बनीं, महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बनीं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें शपथ दिलाई। सुनेत्रा को राज्य उत्पादन शुल्क, खेल-युवा कल्याण और अल्पसंख्यक विकास विभाग मिले हैं। वहीं, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने वित्त विभाग अपने ही पास रखा है। शरद बोले- अजित चाहते थे कि दोनों NCP एक हों: महाराष्ट्र में दोनों NCP गुटों का विलय 12 फरवरी को होना था। शरद पवार ने कहा कि यह अजित पवार की यही इच्छा थी। लेकिन दुर्भाग्य से अजित उससे पहले हमें छोड़कर चले गए। पढ़ें पूरी खबर... 3. अविमुक्तेश्वरानंद बोले- योगीजी गाय को राज्य माता बनाएं, आपको PM बनवाएंगे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनने के लिए सपोर्ट देने का ऑफर दिया। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगर योगी खुद को सच्चा हिंदू साबित करना चाहते हैं तो गाय को राज्य माता घोषित करें और गोमांस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाएं। योगी को हमने 40 दिन का समय दिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ऐसा करने पर वे योगी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर योगी ये फैसला नहीं ले सके तो संत समाज उन्हें निरस्त करने का काम करेगा। पढ़ें पूरी खबर… 4. ईरान के 7 शहरों में धमाकों की खबर, 5 मौतें; 14 लोग घायल ईरान के शहर बंदर अब्बास में धमाके के बाद की तस्वीर। ईरान के 7 शहरों में धमाके हुए हैं, जिसमें 5 से ज्यादा लोगों की मौत और 14 लोग घायल हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी तेहरान, परंद, तबरीज, कोम, अहवाज, नंताज और बंदर अब्बास में विस्फोट हुए। हालांकि, ईरानी सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं है। अमेरिका-इजराइल बोले- इसमें हमारा कोई रोल नहीं: CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इस धमाके से अमेरिका का कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, इजराइल ने भी कहा कि इन विस्फोटों में वो शामिल नहीं है। पढ़ें पूरी खबर... 5. बजट में सोना-चांदी सस्ते हो सकते हैं, कस्टम ड्यूटी घटकर 4% होने की संभावना आज पेश होने वाले बजट में सोने-चांदी के सस्ते होने की उम्मीद है। सरकार सोने-चांदी पर लगने वाले टैक्स को 6% से घटाकर 4% कर सकती है। ऐसा होने पर सोना करीब 3 हजार और चांदी 6 हजार रुपए सस्ती हो सकती है। 2025 में सोना 75% और चांदी 167% बढ़ी: अभी यानी जनवरी 2026 में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1.50 लाख और एक किलो चांदी 3.50 लाख रुपए में मिल रही है। मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, भारतीय परिवारों के पास करीब 34,600 टन सोना है, जिसकी कीमत लगभग ₹500 लाख करोड़ बैठती है। यह भारत की ₹370 लाख करोड़ GDP से भी ज्यादा है। पढ़ें पूरी खबर… 6. पाकिस्तानी PM बोले- कर्ज मांगने में अब शर्म आती है, दूसरे देशों के सामने हमारा सिर झुका रहता है PM शहबाज के बयान से जाहिर है कि पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। (फाइल फोटो) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उन्हें दुनिया से कर्ज मांगने में शर्म आती है। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के लिए जब मैं और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दुनियाभर से कर्ज मांगते हैं तो हमें शर्म आती है। दूसरे देशों के सामने हमें सिर झुकाना पड़ता है। कई बार हमें कॉम्प्रोमाइज करना पड़ता है और उनकी शर्तें मांगना पड़ता है। कर्ज लेना हमारे आत्मसम्मान पर बहुत बड़ा बोझ है।' पाकिस्तान पर ₹76 लाख करोड़ का कर्ज: पाकिस्तान पर कुल सरकारी कर्ज मार्च 2025 तक 76 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुका है, जो चार साल में लगभग दोगुना हो गया। जबकि उसकी कुल GDP करीब 35 लाख करोड़ रुपए है। पाकिस्तान कर्ज चुकाने और डिफॉल्ट से बचने के लिए बार-बार IMF और चीन पर निर्भर है। पढ़ें पूरी खबर… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... आंखों को स्कैन करने के बाद मिलेगी खाने की थाली दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर अटल कैंटीन का उद्घाटन किया था। दिल्ली की अटल कैंटीन में अब आखों को स्कैन करने के बाद ही खाने की थाली दी जाएगी। ताकि कोई व्यक्ति एक से ज्यादा थाली न ले पाए। इसके लिए 86 अटल रसोई में रेटिना स्कैनिंग कैमरे लगाएं हैं। भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों की गलतफहमियां दूर होंगी। मिथुन राशि वालों का रुका काम पूरा हो सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
चौड़ीकरण:लीकेज व नाली के पानी से सड़कों पर कीचड़, पैदल चलना भी संभव नहीं
शहर में चल रहा सड़क चौड़ीकरण कार्य जनता के लिए राहत बनने के बजाय परेशानी का सबब बनता जा रहा है। धीमी रफ्तार से हो रहे काम के चलते सबसे गंभीर समस्या पाइपलाइन लीकेज और नाली के गंदे पानी की है, जो सड़कों पर फैलकर लोगों की आवाजाही को मुश्किल बना रही है। बियाबानी से तेलीवाड़ा तक की सड़क पर हालात इतने खराब है कि वाहन निकालना जोखिम भरा है ही, पैदल चलना भी संभव नहीं हो पा रहा है। रोजाना चौड़ीकरण के दौरान कई जगहों पर पाइपलाइन फूट रही है। पीएचई विभाग द्वारा लीकेज सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सुधार कार्य ज्यादा ठीक से नहीं हो पा रहा। लीकेज ठीक होते ही उसी स्थान से जेसीबी मशीन गुजरने पर पाइप दोबारा क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इससे न केवल पानी बर्बाद हो रहा है, बल्कि सड़क पर कीचड़-फिसलन भी बढ़ती जा रहा है। अब स्थिति यह है कि पहले जहां केवल पाइपलाइन का पानी सड़क पर बहता था, वहीं अब नाली का गंदा पानी भी उसमें मिल रहा है। नाली निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है। कई जगह पर नालियां अधूरी पड़ी हैं, तो कहीं मलबा समय पर नहीं हटने के कारण पानी का बहाव रुक गया है। इससे नालियों का पानी सड़क पर फैल रहा है। मुख्य शहर में कोतवाली थाना क्षेत्र सहित कुछ हिस्सों में अभी तक चौड़ीकरण साइट पूरी तरह क्लियर नहीं हो पाई है, जिससे समस्या और बढ़ सकती है। निगम अपर आयुक्त पवनकुमार सिंह ने बताया कि पीएचई की टीम मौके पर पहुंच लीकेज सही कर रही है। निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहीं साइट भी क्लियर करते हुए तेजी से कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। केडी गेट मार्ग में भी सड़कों पर पानी खजूर वाली मस्जिद से केडी गेट तक का क्षेत्र भी बीते तीन माह से नाली के पानी से प्रभावित है। यहां करीब 100 मीटर नाली निर्माण हुआ है, जबकि अधिकांश प्रभावित मकानों का हिस्सा हटाया जा चुका है। इसके बावजूद मलबा और अधूरा निर्माण नालियों को जाम कर रहा है। रहवासियों ने जल्द से जल्द लीकेज और नाली निर्माण कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस बदहाल स्थिति से राहत मिल सके। सिंहस्थ तक काम पूरा होगा, इस पर कलेक्टर को संदेह, फटकार लगाई कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने शनिवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभागृह में सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने निगम अधिकारियों से चौड़ीकरण पर चर्चा की। साथ ही सूत्रों के अनुसार कलेक्टर ने निगम पर संदेह जाहिर किया है कि ऐसी ही गति से काम होता रहा तो सिंहस्थ तक पूरा होना मुश्किल है। अधिकारियों को फटकारा और कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने नगर निगम को मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक सप्ताह नगर निगम मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों की रिपोर्ट बैठक में प्रस्तुत करें और रिपोर्ट में किए कार्यों की फोटो भी संलग्न करें। इस दौरान कलेक्टर ने नगर निगम के सहायक यंत्री और उप यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए हैं।
यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव है। मोदी सरकार आज आम बजट पेश करेगी। इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, वित्त मंत्रियों और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिवों के साथ प्री-बजट बैठक की थी। यूपी से वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार इसमें शामिल हुए थे। सुरेश खन्ना ने यूपी में कानून व्यवस्था, सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला, किसान सहित 33 सेक्टर के लिए बजट की मांग रखी थी। इसके बाद सभी राज्यों ने अपनी-अपनी डिमांड केंद्र को भेजी है। यूपी की योगी सरकार ने आबादी के आधार पर केंद्रीय करों में ज्यादा हिस्सेदारी मांगी है। पश्चिमी यूपी में बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए एक एम्स की मांग की गई है। वहीं, केंद्र की महत्वाकांक्षी परियोजना में शामिल नमामि गंगे की बकाया राशि भी मांगी गई है। बढ़ते शहरीकरण के चलते शहरों में आधारभूत सुविधाओं के लिए भी बजट मांगा गया है। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले केंद्र के 2021 के बजट में यूपी को खास पैकेज मिले थे। तब वाराणसी और नोएडा के लिए मेट्रो परियोजनाओं, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए धन और पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए वित्तीय सहायता मिली थी। इसी तरह की सौगात पिछली बार बिहार को भी मिली थी। उम्मीद है, इस बार चुनाव को देखते हुए यूपी को भी विशेष तवज्जो मिलेगी। दैनिक भास्कर की संडे बिग स्टोरी में पढ़िए केंद्रीय बजट से यूपी ने कौन-कौन सी सौगात चुनावी गिफ्ट के तौर पर मांगी हैं… पश्चिमी यूपी के लिए मांगा एम्सदेश में सबसे ज्यादा आबादी यूपी में है। अभी तक प्रदेश में 2 ही AIIMS हैं। पहला मध्य यूपी के रायबरेली में और दूसरा पूर्वांचल के गोरखपुर में। इस बार योगी सरकार की ओर से पश्चिमी यूपी के लिए भी एक AIIMS की मांग की गई है। अभी यहां के लोग गंभीर बीमारी में इलाज के लिए दिल्ली जाते हैं। पश्चिमी यूपी में एम्स होने से पूरा प्रदेश कवर हो जाएगा। हेल्थ एक्सपर्ट मोहम्मद मोनिश सिद्दीकी कहते हैं- हेल्थ सेक्टर की बात करें एम्स के अलावा यूपी में फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस का बड़ा हब बन सकता है। सरकार इसकी बात भी कर रही है। लेकिन, इसके लिए उत्तराखंड और हिमाचल की तरह सुविधाएं भी देनी होंगी। इसके लिए केंद्रीय बजट से बड़ी उम्मीद है। अगर उद्यमियों (एंटरप्रेन्योर्स) के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तो वे इस सेक्टर में आगे आ सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना में गरीबों के लिए 5 लाख तक के कवरेज को और बढ़ाना चाहिए। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशनराष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत पिछली बार के बजट में 25,459 करोड़ रुपए का प्रावधान शामिल किया गया था। इसकी ज्यादातर राशि यूपी में खर्च होनी थी। लेकिन, बजट का बड़ा हिस्सा यूपी को नहीं मिल पाया। ऐसे में सरकार की ओर से बकाया राशि जारी करने का अनुरोध किया गया है। जिससे गंगा को स्वच्छ रखने के लिए जारी स्कीमों के लिए पर्याप्त रकम मिल पाए और अटके हुए प्रोजेक्ट पूरे हो सकें। शहरी क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के लिए मांगे पैसेकेंद्र सरकार स्मार्ट सिटी स्कीम बंद कर चुकी है, जबकि शहरीकरण लगातार बढ़ता जा रहा। शहरों में आधारभूत ढांचा बनाने के लिए यूपी सरकार की ओर से विशेष बजट की मांग की गई है। नीति आयोग के सामने भी इसे उठाया जा चुका है। केंद्रीय करों में अधिक हिस्सेदारी मांगीपिछली बार बजट में यूपी को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तौर पर 2.55 लाख करोड़ और बाद में 38 हजार करोड़ रुपए मिले थे। इस तरह यूपी को कुल 2.93 लाख करोड़ रुपए मिले थे। इस बार सरकार ने केंद्रीय करों में अधिक हिस्सेदारी मांगी है। अनुमान है, 3 लाख करोड़ से अधिक रुपए यूपी को मिलेंगे। लखनऊ यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर अरविंद मोहन कहते हैं- चुनावी साल होने की वजह से यूपी को बजट में विशेष तवज्जो मिलती हुई दिखेगी। दो तरीके से इसकी संभावना है। पहला- आधारभूत ढांचे के तौर पर, दूसरा- डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम। केंद्र की स्कीम वाली योजनाओं की अटकी राशि भी मिलेगी। खासकर केंद्र का फोकस सीधे आम लोगों को प्रभावित करने वाली योजनाओं पर होगा। ये मांगें भी रखी गईं एक न्याय पंचायत-एक इंटर कॉलेज पीएम-श्री योजना के तहत 797 राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए 655 करोड़ और माध्यमिक शिक्षा की सभी तक पहुंच के लिए एक न्याय पंचायत-एक इंटर कॉलेज मांगा है। इसके अलावा हर जिले में नवोदय विद्यालय की स्थापना करने की मांग की गई है। महिलाओं को AI में सक्षम बनाना होगाविकसित भारत के लिए महिलाओं को AI और Data Analytics में सक्षम बनाने के लिए विशेष केंद्रीय प्रायोजित योजना और वित्तीय प्रावधान की मांग की गई है। रेलवे की जमीन के इस्तेमाल की मंजूरी दी जाएभारतीय रेल की कई जमीनें भूमि इस्तेमाल में नहीं हैं। ऐसी जमीन के जनहित उपयोग के लिए राज्यों को सरल एवं व्यावहारिक अनुमति व्यवस्था देने की मांग की गई है।इसके अलावा गांवों में शुद्ध पानी के लिए 6 हजार करोड़ मांगे गए हैं। वाल्मीकि समाज के लिए अलग से आवास योजना वाल्मीकी समाज के कई परिवार बेघर होने से प्रधानमंत्री आवास योजना के मानकों को पूरा नहीं कर पाते। इनके लिए अलग से घर योजना शुरू करने की मांग की गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत जिन आवासों में पक्की दीवारें एवं टीनशेड की छत है, उन्हें भी पात्र आवास की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग की गई है। ईंट-भट्ठा, पान मसाला और तंबाकू की GST की समीक्षा होईंट-भट्ठा उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। GST से पहले इससे लगभग 700 करोड़ वार्षिक राजस्व मिलता था। यह GST के बाद घटकर 250 करोड़ रह गया है। इसकी समीक्षा करने की मांग की गई है। इसके अलावा GST से पहले पान मसाला और तंबाकू उत्पादों से लगभग ₹1,000 करोड़ का टैक्स मिलता था, जो वर्तमान में घटकर 300 करोड़ रह गया है। जबकि खपत में कमी नहीं आई है। इसकी भी समीक्षा करने की मांग की गई है। पश्चिमी यूपी के जिलों को लखनऊ बेंच से जोड़ा जाएपश्चिमी यूपी से बड़ी संख्या में मुकदमे उच्च न्यायालय में जाते हैं। लेकिन, खंडपीठ के अभाव में नागरिकों को दूर जाना पड़ता है। इसलिए पश्चिमी जनपदों को उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ से संबद्ध किए जाने की मांग की गई है। ये मांगें भी केंद्रीय बजट से पूरी हो सकती हैं इनकम टैक्स: 13 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री हो सकती है इनकम टैक्स की नई रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए किया जा सकता है। इससे सैलरीड लोगों की 13 लाख रुपए की इनकम टैक्स-फ्री हो जाएगी। अभी 12.75 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री है। आबादी के लिहाज से यूपी को इसका सबसे अधिक फायदा होगा। मिडिल क्लास के हाथ में आने वाला पैसा बढ़ेगा। हर महीने उसकी कुछ हजार रुपए की बचत हो सकती है। ये रकम खर्च, सेविंग या निवेश में काम आएगी। किसान सम्मान निधि: 50% बढ़ सकती है सालाना रकमपीएम-किसान योजना की राशि 6 हजार से 9 हजार रुपए सालाना की जा सकती है। बीते 3 साल से इसे बढ़ाने की बात हो रही है। यूपी में अगले साल चुनाव होने वाले हैं। यहां वर्तमान में 1.89 लाख किसानों को ये राशि मिल रही है। 2019 में योजना शुरू होने के बाद से इसमें बदलाव नहीं हुआ है। 2024 में संसदीय स्थायी समिति ने रकम दोगुना करके 12 हजार रुपए सालाना करने की सिफारिश की थी। किसान संगठनों की ओर से भी ऐसी ही मांग उठाई गई है। बिहार सरकार अपने स्तर से 3 हजार रुपए जोड़कर दे रही है। इसी तरह मध्यप्रदेश सरकार तो केंद्र के बराबर 6 हजार रुपए दे रही। इस बजट में इसे 9 हजार तक बढ़ाने की तैयारी है। इससे यूपी के 1.89 करोड़ किसान परिवारों को फायदा होगा। इस एक्स्ट्रा राशि से किसान अपनी खेती की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। आयुष्मान भारत: 60 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को फायदा सरकार आयुष्मान भारत (PM-JAY) योजना का दायरा बढ़ा सकती है। वर्तमान में 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों को इस योजना का फायदा मिल रहा है, जिसे घटाकर 60 साल किया जा सकता है। साथ ही, सालाना ₹5 लाख के मुफ्त इलाज की लिमिट को बढ़ाया जा सकता है। जिससे कैंसर और हार्ट सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों का खर्च कवर हो सके। यूपी में आयुष्मान कार्ड धारी 5.42 करोड़ हैं। इसमें से 60 से 70 साल की उम्र के लोगों की संख्या लगभग 1 करोड़ है। इसमें से 80 प्रतिशत के पास कोई हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है। गंभीर बीमारियों के लिए वे अपनी जमापूंजी खर्च करने को मजबूर हैं। ऐसे में सरकार इन्हें राहत दे सकती है। 5 लाख की लिमिट बढ़ने से परिवारों को बड़े ऑपरेशनों के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। मरीजों को बड़े और स्पेशलिस्ट अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज मिल सकेगा। रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर: नई अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनें मांगीं सरकार नई ट्रेनें चलाकर 2030 तक रिजर्वेशन की वेटिंग लिस्ट खत्म करना चाहती है। यूपी में चुनाव होने हैं। सबसे अधिक ट्रेनों की डिमांड भी यूपी-बिहार से है। यहां से ही सबसे अधिक पलायन भी है। ऐसे में धार्मिक पर्यटन और यात्रियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार की ओर से यूपी को 20 से 25 नई अमृत भारत और वंदेभारत स्लीपर ट्रेनों की मांग की गई है। अभी पीक सीजन में डिमांड और सीट उपलब्धता में करीब 20-25% का अंतर रहता है। इसके लिए ट्रेनें बढ़ाने के साथ ट्रैक विस्तार भी करना होगा। पीएम सूर्य घर योजना: 2 KW के सोलर पैनल पर ₹80 हजार सब्सिडी बजट में 2 किलोवाट (KW) तक के सोलर सिस्टम पर सब्सिडी को 30 हजार प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 40 हजार करने का ऐलान हो सकता है। मौजूदा नियमों के मुताबिक, 2 KW का सोलर सिस्टम लगवाने पर 30 हजार प्रति किलोवाट के हिसाब से कुल 60 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है। अगर बजट में सब्सिडी 10 हजार रुपए प्रति किलोवाट बढ़ाई गई, तो 2KW के सोलर सिस्टम पर कुल 80 हजार रुपए सब्सिडी मिलेगी। यानी 20 हजार रुपए की बचत। वहीं 2 से 3 KW के बीच के सिस्टम के लिए सब्सिडी 18 हजार रुपए प्रति किलोवाट है। 3 KW से ऊपर के सिस्टम के लिए सब्सिडी 78 हजार रुपए पर सीमित है। यूपी में अब तक पीएम सूर्य घर योजना के तहत 3.57 लाख कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इससे 1227 मेगावाट की सौर क्षमता उपलब्ध हो चुकी है। अभी तक 10.94 लाख आवेदन आ चुके हैं। सब्सिडी बढ़ने से 2 KW का सिस्टम लगवाने वाले परिवारों को 20 हजार रुपए की एक्स्ट्रा बचत होगी। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले केंद्रीय बजट में यूपी को क्या मिला थाकोविड का दौर था। इसके बावजूद 2021-22 के केंद्रीय बजट में वाराणसी और नोएडा के लिए मेट्रो परियोजनाओं, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए धन और पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए वित्तीय सहायता मिली थी। PM आत्मनिर्भर स्वास्थ्य भारत योजना के तहत यूपी में हर जिले में मेडिकल कॉलेज, लैब और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर खोलने के लिए राशि मिली थी। केंद्रीय करों से 7.36 प्रतिशत हिस्सा मिला था। गोरखपुर में एम्स चालू हुआ था, उसके लिए भी बजट मिला था। इस बार कोविड जैसी कोई आपदा भी नहीं है। बिहार को जिस तरीके से पिछले बजट में विशेष योजनाएं मिली थीं, सियासी जानकार मानते हैं कि यूपी को भी इस बार के बजट में कई सौगात मिल सकती हैं। बिहार को चुनाव से पहले केंद्रीय बजट क्या मिला था2025 में बिहार को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में लगभग ₹1.43 लाख करोड़, अनुदान के रूप में 54,575 करोड़ मिले थे। यह राशि राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों की लगभग 74% थी। बजट में बिहार को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लंबी अवधि (50 साल) के लिए लगभग 15 हजार करोड़ रुपए का ब्याज-रहित कर्ज भी मिला था। प्रमुख घोषणाएं ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… बजट उम्मीद- सोना, चांदी सस्ते हो सकते हैं, ड्यूटी घटकर 4% होने की संभावना एक फरवरी को पेश होने वाले बजट के बाद सोना-चांदी खरीदना सस्ता हो सकता है। सरकार इस पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 6% से घटाकर 4% कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो सोना प्रति 10 ग्राम करीब 3 हजार और चांदी 6 हजार रुपए सस्ती हो सकती है। 2025 में सोना 75% और चांदी 167% बढ़ी है। अभी यानी जनवरी 2026 में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1.50 लाख और एक किलो चांदी 3.50 लाख रुपए में मिल रही है। पढ़ें पूरी खबर
अयोध्या का भदरसा गैंगरेप केस। डेढ़ साल पहले यह मामला पूरे यूपी की सुर्खियों में था। 72 साल के सपा नेता मोईद खान और उनके 20 साल के नौकर राजू खान पर 14 साल की बच्ची से रेप का आरोप था। दोनों गिरफ्तार हुए, जेल भेजे गए। मोईद और उनके रिश्तेदार से जुड़ी संपत्ति पर बुलडोजर की कार्रवाई हुई। अब इस मामले में कोर्ट का फैसला आया। कोर्ट ने मोईद खान को बाइज्जत बरी कर दिया। राजू खान को 20 साल की सजा सुनाई। कोर्ट के इस फैसले के बाद पीड़ित पक्ष हाईकोर्ट पहुंच गया है। मोईद खान पक्ष का कहना है कि वहां भी ऐसा ही फैसला आएगा। इस पूरे मामले में दैनिक भास्कर की टीम ने दोनों पक्षों से बात की। कोर्ट के 32 पेज के जजमेंट का एनालिसिस किया। वकीलों से बात की। पुलिस जांच की खामियों को भी समझा। आइए सब कुछ एक तरफ से जानते हैं। सबसे पहले केस पर नजर डालते हैं… 14 साल की लड़की का मोईद की बेकरी में रेप हुआअयोध्या जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर भदरसा गांव है। यहीं मोईद खान का घर है। घर से करीब 500 मीटर दूर उनकी बेकरी है। इतनी ही दूरी पर 14 साल की उस लड़की का घर है। जिसने 29 जुलाई, 2024 को मोईद खान और उनके नौकर राजू खान पर गैंगरेप की FIR दर्ज करवाई। उस वक्त लड़की 2 महीने की प्रेग्नेंट थी। कहा कि दोनों ने बेकरी में बुलाकर बार-बार मेरा रेप किया। जिस वक्त FIR दर्ज हुई, उस वक्त मिल्कीपुर में विधानसभा का उपचुनाव होना था इसलिए यह मामला तूल पकड़ गया। केस लिखवाने के अगले ही दिन मोईद खान और राजू खान को पूरा कलंदर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अगले महीने यानी अगस्त में मोईद खान की बेकरी और 2 मंजिला कॉम्प्लेक्स जमींदोज कर दिया गया। इस कॉम्प्लेक्स में 52 दुकानें थीं। कॉम्प्लेक्स मोईद के भाई महमूद खान का था। इसकी देखरेख मोईद और उनके बेटे कर रहे थे। पहले बयान में मोईद का नाम नहींहमारी टीम ने कोर्ट के 32 पेज के फैसले को पढ़ा। फिर मोईद के वकील सईद खान से बात की। सईद उसी फैसले को कोट करते हुए कहते हैं- जब लड़की ने शिकायत दर्ज करवाई थी, उस वक्त उसका मजिस्ट्रेट के सामने 164 के तहत बयान दर्ज करवाया गया। उसमें पीड़िता ने मोईद के बजाय मोहित का नाम लिया। उस वक्त मजिस्ट्रेट ने बयान को पढ़कर भी सुनाया। लड़की ने किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं की, कहा कि सब ठीक है। इस बयान के बाद लड़की का दूसरा बयान दर्ज करवाया गया। तर्क दिया गया कि उस वक्त उसकी तबीयत ठीक नहीं थी। इसलिए उसने मोईद के बजाय मोहित का नाम ले लिया। दूसरे बयान में उसने मोईद का नाम लिया और इसके बाद केस आगे बढ़ा। सईद कहते हैं- हमने कोर्ट के सामने यह बात रखी कि अगर लड़की ने मोहित का नाम लिया तो पुलिस ने मोहित के संबंध में कोई जांच क्यों नहीं की? क्या यह जानने की कोशिश नहीं की कि मोहित कौन है? हमने पूछा कि क्या आपने अपने स्तर पर इसे जांचा? इस पर सईद कहते हैं- हमने जांच की तो पता चला कि मोहित लड़की की बड़ी बहन का देवर है। उसका परिवार रजिस्टर, पिता का नाम सब कुछ कोर्ट के सामने पेश किया। कोर्ट ने इस मामले में माना कि पुलिस ने जांच नहीं की। दूसरी बात यह कि लड़की को जब पुलिस घटनास्थल पर ले गई, तो उसने घटनास्थल बेकरी न दिखाकर 100 मीटर दूर चिलबिल का पेड़ बताया। लड़की से पूछा गया कि मोईद कैसा दिखता है? इस पर उसने कहा कि मोईद मोटा-सा है, जबकि ऐसा नहीं है। पुलिस ने CDR लोकेशन नहीं निकाली, वीडियो नहीं मिलालड़की ने बताया था कि उसकी राजू खान से अपनी मां के मोबाइल से बातचीत होती थी। उसके बुलाने पर ही वह बेकरी गई थी। वहां कुछ खिला दिया गया, जिसके बाद उसके साथ मोईद ने और फिर राजू ने रेप किया। पुलिस ने इस बयान के आधार पर दोनों की कॉल डिटेल नहीं निकलवाई। न ही घटना के वक्त की लोकेशन की जांच की। लड़की ने एक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल की बात कही। पुलिस ने दोनों के ही फोन को जब्त किए, लेकिन ऐसा कोई भी वीडियो नहीं मिल सका। सईद खान कहते हैं- लड़की ने अपने बयान में कहा था कि वह बेकरी में खून से लथपथ थी। उसे खोजते हुए उसकी मां आई और फिर साथ ले गई। हमने कोर्ट के अंदर पीड़िता से इस मामले पर बात की। उसने जज साहब के सामने इस तरह की कोई भी घटना होने से इनकार कर दिया। लड़की ने जो एप्लिकेशन थाने में दी, उसके बारे में भी पूछा। उसने बताया कि कस्बे की एक दुकान पर बोल-बोल कर लिखवाया। हमने उसी एप्लिकेशन से ब्लैकमेल जैसे शब्दों का मतलब पूछा, पीड़िता नहीं बता सकी। दुकान दिखाने की बात कही, लेकिन वह भी नहीं दिखा सकी। हमने कहा, क्या ऐसा हो सकता है कि भाजपा के नेताओं ने यह कागज लिखवाकर दिया हो, उसने कहा कि हो सकता है। भाजपा नेता की वजह से मेरे पिता को फंसाया गयाहमने इस केस के सिलसिले में मोईद के बड़े बेटे जहीर अहमद से बात की। वह कहते हैं- कोर्ट का धन्यवाद, जिन्होंने सही-गलत का फैसला सुनाया। हम कभी कोर्ट-कचहरी नहीं आए थे, लेकिन इस डेढ़ साल में खूब चक्कर लगाए। जहीर अहमद कहते हैं- लड़की की पहली शिकायत में मेरे पिताजी का नाम नहीं था। स्थानीय भाजपा नेता मंजू निषाद ने मेरे पिता का नाम दिया। वह भदरसा से नगर पंचायत का चुनाव लड़ी थीं, लेकिन हार गईं। इसलिए मेरे पिताजी को दुश्मनी के तहत फंसा दिया। इन लोगों ने सीएम योगी को भी गलत जानकारी दी। पीड़िता की मां ने कहा था कि अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद मोईद खान को बचा रहे हैं। डीएनए रिपोर्ट बदलवा दी गई। इस पर जहीर कहते हैं- ऐसे कैसे डीएनए रिपोर्ट बदल सकती है। क्या वह किसी के हाथ में होती है? अगर ऐसा होता तो यह भी हो सकता है कि FIR भी फर्जी दर्ज करवाई जा सकती है। जहीर कहते हैं- प्रशासन ने हमारी बेकरी को गिरा दिया। बताया कि वह तालाब की जमीन पर है, जबकि उस पर मुकदमा चल रहा। जानकी प्रसाद से एग्रीमेंट है। हमारे बड़े अब्बा के कॉम्प्लेक्स को गिरा दिया गया, जबकि उन्होंने जमीन बैनामा करवाई थी। क्या तालाब की जमीन का बैनामा हो सकता है? इसके बाद हमारी टीम घटनास्थल पर गई। जिस कॉम्प्लेक्स को गिराया गया था, उसमें 52 दुकानें थीं। जिनसे जमीन ली गई, उनका भी बगल में ही घर है। मोईद के एक दूसरे बेटे हमें जमीन के पिछले हिस्से को दिखाते हुए कहते हैं- अगर ये तालाब था, तो इसके पीछे की जमीन प्रवीण निषाद की कैसे हो सकती है? हालांकि हम इस पर कुछ नहीं कहेंगे। अब जो होना था, वह हो गया। हमारे पिता पर लगा दाग छूट गया। सरकारी वकील बोले- फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगेहमने इस सिलसिले में लड़की के वकील विनोद उपाध्याय से बात की। विनोद यूपी सरकार की तरफ से नियुक्त किए गए थे। वह कहते हैं- हम कोर्ट पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं करना चाहते। हम हाईकोर्ट में इस फैसले को चैलेंज करेंगे। मैंने पूरी फाइल बनाई थी, सारे एविडेंस मोईद खान के खिलाफ थे। छोड़ने लायक नहीं था। हमने पूछा कि वीडियो बनाए जाने और घटनास्थल को लेकर क्या मामला था? विनोद कहते हैं- राजू खान के मोबाइल से वीडियो बनाया गया, लेकिन तुरंत फोन नहीं जब्त किया गया। राजू की गिरफ्तारी के 15-20 दिन बाद उसके परिवार ने एक फोन दे दिया। अब कैसे पता कि वह राजू का ही फोन था? इसी तरह से घटनास्थल को लेकर विवाद हुआ। लड़की के साथ घटना कई बार हुई, पहली घटना बेकरी में हुई। अयोध्या की पॉक्सो कोर्ट की जज निरुपमा विक्रम ने मोईद खान को बाइज्जत बरी करने का निर्देश दिया। वहीं, राजू को 20 साल की सजा सुनाई। हालांकि, मोईद खान की रिहाई अभी नहीं होगी। उनके ऊपर गैंगस्टर के तहत भी केस दर्ज हुआ था। वकीलों का कहना है कि जल्द ही उस मामले में भी जमानत मिलने की संभावना है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… मोईद का बेटा बोला- योगी को गलत फीडबैक दिया गया, अब्बू बेगुनाह तो गैंगस्टर कैसे अब्बू को कोर्ट ने बरी कर दिया, लेकिन आज भी लोगों को यकीन दिलाना पड़ता है कि मेरे वालिद ने रेप नहीं किया। मेरे पिता बेगुनाह तो गैंगस्टर का केस कैसे लगा। पहली एफआईआर में अब्बू का नाम नहीं था, बाद में उनका नाम जोड़ा गया। यह कहना है अयोध्या के चर्चित गैंगरेप मामले में आरोपी रहे सपा नेता मोईद के बेटे जहीर खान का। पढ़ें पूरी खबर
महाकाल मंदिर मुख्य मार्ग का अतिक्रमण भी नहीं हटा पा रहे
महाकाल मंदिर मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के बाद तुरंत फिर तेजी से शुरू हो चुका है। नगर निगम ने भले ही सख्ती दिखाकर अतिक्रमण हटाया, लेकिन अब फिर 24 मीटर चौड़ी सड़क पैदल निकलने वालों के लिए भी नहीं बची है। दुकानदार और ई-रिक्शा-ऑटो वाले बीच में खड़े होकर सड़क जाम कर रहे हैं। कुछ लोग सड़कों पर ही नीचे बैठकर दुकानें लगा रहे हैं। निगम की अतिक्रमण गैंग और पास में महाकाल थाना होने के बावजूद समस्या हल नहीं हो पा रही। श्रद्धालु जैसे-तैसे मंदिर तक पहुंच रहे हैं। अतिक्रमण गैंग, निगम अधिकारी और पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से शनिवार से मौसम में बदलाव हुआ। जयपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के क्षेत्रों में बादल छाए। अजमेर में बारिश के साथ कई स्थानों पर ओले गिरे। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने रविवार को 13 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार, फरवरी में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना जताई गई है, यानी फरवरी में सामान्य से कम सर्दी रहने की संभावना है। ऐसे में संभावना है कि 14-15 फरवरी यानी दूसरे सप्ताह के बाद से प्रदेश में हल्की गर्मी का दौर शुरू हो सकता है। अजमेर और जयपुर में में बारिशपिछले 24 घंटे के दौरान उदयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां समेत कई जिलों में हल्के बादल छाए रहे। अजमेर और जयपुर में बारिश भी हुई। जयपुर के ग्रामीण एरिया में भी कुछ स्थानों पर देर रात हल्की बूंदाबादी हुई। मौसम के इस बदलाव से पहले शनिवार को जयपुर में हल्की धूप रही और दिन का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अजमेर में अधिकतम तापमान 24.9, बाड़मेर में 28.4, बीकानेर में 25.2, चूरू में 25.1, जैसलमेर में 24.4, कोटा में 24.7 और उदयपुर में 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बादल छाए, न्यूनतम तापमान चढ़ावेस्टर्न डिर्स्टबेंस के असर से बादल छाने के बाद राज्य में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई। उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, सीकर, भीलवाड़ा, अजमेर, जयपुर में शनिवार को न्यूनतम तापमान 2 से 5 डिग्री चढ़कर डबल डिजिट (10 डिग्री से ऊपर) में दर्ज हुआ। सर्द हवाएं भी कमजोर होने से जयपुर समेत शेखावाटी के एरिया में गलनभरी सर्दी से मामूली राहत रही।
कोहरा छंटते ही रात का तापमान 4.5 डिग्री बढ़ा
कोहरा छंटते ही रात का पारा चढ़ने लगा है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री रहा जो शुक्रवार के न्यूनतम तापमान 11 डिग्री से 4.5 डिग्री ज्यादा था। हालांकि दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री रहा जो कि शुक्रवार के 28 डिग्री से 2.5 डिग्री कम है। दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों तक शहर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ मावठे के आसार हैं।
स्लीपर बसों को कम्प्यूटर में लॉक करने से प्रदेश में 20 हजार बसें थमी, आठ लाख यात्री फंसे
उज्जैन जिले सहित प्रदेश के अन्य आरटीओ द्वार 2/2 स्लीपर टूरिस्ट तीर्थ यात्री बसों को कम्प्यूटर में लॉक करने से संचालकों के साथ ही यात्रियों की भी फजीहत हो गई है। टूर व तीर्थयात्रा पर गईं बसें जहां थी, वहीं चक्के थम गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रदेशभर की 20 हजार बसों में करीब आठ लाख तीर्थ यात्री फंसे हुए हैं। यह कहना है कि मप्र टूरिस्ट बस ऑपरेटर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का। जो कि प्रदेशभर में कार्रवाई के विरोध की रणनीति बनाने के लिए शनिवार को उज्जैन के एक गार्डन में एकत्रित हुए। एसोसिएशन सचिव अनिल भावसार ने सवाल भी खड़े किए कि 2/2 स्लीपर यात्री बसें निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, तो अब तक किस आधार पर पंजीकरण, परमिट और फिटनेस की स्वीकृति दी जाती रही है। सालों से चल रही बसें अचानक कैसे अवैध हो गई? इस पर आरटीओ का तर्क है कि बसें मापदंडों के अनुसार हैं तो जांच करवाने में क्या दिक्कत हैं। ऑपरेटर बसों की जांच करवाए और अनलॉक करवाकर संचालन करें। मप्र की कई तीर्थ यात्री बसें देशभर के राज्यों में 40 से 50 दिनों की यात्रा पर गई हैं। ऐसी बसों को अनलॉक कर वापस आने की अनुमति दी जाना चाहिए। ऑपरेटरों ने यह भी कहा कि बसें लॉक होने से टूरिस्ट जहां हैं, वहां परेशान हैं। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष बद्रीलाल परमार, पूर्व अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, रमेश नाहर सहित करीब 150 ऑपरेटर मौजूद रहे। उज्जैन जिले में परिवहन विभाग द्वारा 838 स्लीपर यात्री बसों के संचालकों को नोटिस जारी कर इनके वाहनों को कम्प्यूटर में लॉक करने की कार्रवाई गई है। जानिए... यह है पूरा मामला यात्रियों की सुविधा व सुरक्षित सफर की दृष्टि से 2019 में बस बॉडी कोड कंडक्ट लागू हुआ। इसके तहत बसों में आपातकाल विंडो, दरवाजे, अग्निशमन यंत्री व एस्केप हैच आदि की अनिवार्यता किया है। 2023 के बाद स्लीपर यात्री बसें रजिस्टर होना बंद हो गई, लेकिन इस तर्क के साथ ही उक्त अवधि से पहले की जो बसें रजिस्टर हैं, उनमें से भी कुछ में कमी है। बसों को लॉक से संचालक, चालक, परिचालक सहित करीब एक लाख से अधिक लोगों के परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट है। टूरिस्ट के अलावा शादी-ब्याह वाले परिवार भी प्लानिंग नहीं कर पा रहे हैं। नियम का पालन करना पड़ेगा ऑपरेटरों के दबाव में आकर हम गलत काम नहीं करेंगे। कोर्ट व सरकार के जो नियम हैं, उनका पालन करना ही पड़ेगा। लॉक की 838 में से अब तक एक बस जांच के लिए आई हैं। - संतोष मालवीय, आरटीओ मध्यप्रदेश टूरिस्ट बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने शासन से की ये मांगें 2/2 स्लीपर बसों को आरकेआई श्रेणी के तहत एआईएस-119 मानक में जोड़ा जाए, ताकि इन बसों का संचालन विधिक रूप से स्पष्ट श्रेणी में किया जा सके। { बाहर फंसी बसों को वापस आने के लिए विशेष अनुमति दी जाए। न्यायालय जाएंगे: एसोसिएशन ने उम्मीद जताई हैं कि शासन बसों को अनलॉक करवाकर संचालन करने देगा। बावजूद बात नहीं बनती है तो सीएम से मिलकर समस्या से अवगत करवाएगा। जरूरत पड़ी तो न्यायालय भी जाएंगे।
जीवन में सबसे बड़ी ताकत हार न मानने का जज्बा होता है। दुश्मन की गोलियों से गंभीर रूप से घायल होने के बाद डॉक्टरों ने मुझे जीवनभर व्हीलचेयर पर रहने की सलाह दी थी। यह वह पल था, जब किसी भी इंसान के सपने टूट सकते थे लेकिन मैंने इसे अपनी मंज़िल की दीवार नहीं बनने दिया। यह कहना है कि सेवानिवृत्त मेजर दीपेंद्रसिंह सेंगर का। उन्होंने यह बात इंदौर में आयोजित रोटरी मंडल 3040 अधिवेशन इंद्रधनुष में कही। सेंगर भारतीय सेना के वे साहसी मेजर है जिन्होंने 1998-199 में उत्तर-पूर्व और कारगिल युद्ध में अदम्य साहस दिखाया था। तब युद्ध में गोलियां लगने बाद उन्हें जीवनभर विकलांग रहने की आशंका जताई गई थी। डॉक्टरों की भविष्यवाणी को जज्बे से हराया जब डॉक्टरों ने यह कहा कि अब वह कभी खड़े नहीं हो सकेंगे तो कुछ पल के लिए लगा कि जीवन में जो कुछ सोचा था, सब खत्म हो गया। महज 24 घंटे के भीतर खुद से वादा किया मैं फिर मुख्यधारा में लौटूंगा और कुछ अलग करूंगा। क्या अलग होगा, यह तब नहीं जानता था लेकिन इतना तय था कि हार नहीं माननी है। कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए खुद को खड़ा किया। संघर्ष के बीच अधूरी रस्में, लेकिन अडिग लक्ष्य अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए उन्होंने बताया कि घायल अवस्था में उनकी रिंग सेरेमनी भी उनके बिना ही संपन्न हुई। हालात ऐसे थे कि मैं अपनी मंगेतर जया से खुद कहा डॉक्टरों ने कहा है कि मैं कभी खड़ा नहीं हो पाऊंगा, आप सगाई तोड़कर किसी और से शादी कर लीजिए। इस पर मंगेतर का जवाब था कि अगर यह घटना शादी के बाद होती, तो क्या मैं साथ छोड़ देती। उन्होंने साफ कहा कि वह सगाई नहीं तोड़ेगी। मंगेतर के इसी साहस और निस्वार्थ समर्थन ने मुझे युद्ध के मैदान से भी ज्यादा मजबूत बनाया। फौज से मैनेजमेंट तक का सफर उन्होंने का कि व्हीलचेयर पर आने के बाद एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने सोचा कि अब फौज छोड़नी पड़ेगी, क्योंकि वापसी संभव नहीं लग रही थी। मुझे अपनी रेजीमेंट से बेहद लगाव था। फिर नया कुछ करने के लिए सैन्य अनुभव काम आए। यहीं से मैनेजमेंट की ओर रुख किया। इसके लिए CAT की तैयारी की। इसके लिए 4थी से 12वीं तक की मैथ्य की खास तैयारी की और MBA किया ताकि जीवन को नई दिशा दे सकें। गौरतलब है कि उनके असाधारण जीवन संघर्ष और उपलब्धियों से प्रेरित होकर फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने उनके जीवन पर फिल्म बनाई “जीत की ज़िद” जो आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका मानना है कि अनुभव ही सबसे बड़ा शिक्षक होता है जो सिखाता है कि हालात चाहे जैसे हो, उनसे लड़ा कैसे जाता है। आचार्य बालकृष्ण (पतंजलि) ने कहा कि सेवा ही मानव जीवन का सबसे बड़ा धर्म है और रोटरी जैसी संस्थाएं समाज सेवा के माध्यम से वास्तविक राष्ट्र निर्माण का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य, शिक्षा और सहयोग पहुंचाना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों को लेकर बताया कि आंवला, एलोवेरा, गिलोय जैसी औषधीय वनस्पतियों को आधुनिक रूप में तैयार कर घर-घर तक पहुचाया गया। इससे लोग प्राकृतिक उपचार की ओर लौट रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत इंदौर के विबग्योर स्कूल की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक गणेश वंदना नृत्य से हुई, जिसने पूरे सभागार को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सुशील मल्होत्रा, रूबी मल्होत्रा, गजेंद्र नारंग, दिनेश मेहता (रोटरी इंटरनेशनल प्रेसिडेंट रिप्रेजेंटेटिव), डीजीई संस्कार कोठारी, डीजीएन मुकेश साहू, डीजीएनडी सुखदेव सिंह घुम्मन,मनोज चांडक (को - चेयरमैन), हितेश ठाकुर (को -चेयरमैन), प्रशांत श्रॉफ डिस्टिक एक्सक्यूटिव सेक्रेटरी, रोटरी मंडल 3040 के पूर्व मंडलाध्यक्षगण , घनश्याम सिंह (पब्लिक इमेज चेयरमैन, रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3040) तथा कॉन्फ्रेंस चेयरमैन ब्रजेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में रोटेरियन उपस्थित रहे। कॉन्फ्रेंस का आयोजन रोटरी क्लब ऑफ इंदौर मेघदूत की अध्यक्ष संतोष मुंदडा और सचिव स्वाति अग्रवाल द्वारा किया गया अधिवेशन का पहला दिन उत्साह, प्रेरणा और सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसमें सुधांशु मनी (मैन बिहाइंड वन्दे भारत), उदय दहिया ( कॉमेडियन) एवं गजल कालरा ने भी अपने संबोधन से समा बांधा।
मेला में ठेकेदार ने वीआईपी पार्किंग पर जड़ा ताला, प्राधिकरण ने तुड़वाया
ग्वालियर मेले में पार्किंग ठेकेदार की गुंडागर्दी अब सिर चढ़कर बोल रही है। आम सैलानियों को अपनी दबंगई से डराने वाले ठेकेदार अब सीधे प्रशासन को चुनौती दे रहा है। दुस्साहस का आलम यह है कि पार्किंग ठेकेदार ने शनिवार को मेला प्राधिकरण कार्यालय स्थित वीआईपी पार्किंग के गेट पर ही अपना ताला जड़ दिया। इस हरकत साफ हो गया कि मेले में व्यवस्थाएं अब अफसरों के नहीं, बल्कि ठेकेदार के हिसाब से चल रही हैं। प्रशासन बेबस नजर आ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि पार्किंग ठेकेदार के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह किसी की सुनने को तैयार नहीं है। जब प्राधिकरण अपनी पार्किंग सुरक्षित नहीं रख पा रहा, तो लोगों की सुरक्षा का क्या होगा? ठेकेदार बेलगाम: मेले की शर्मनाक तस्वीर... मेले में पार्किंग ठेकेदार का रवैया शुरू से ही विवादों में है। वाहनों की हवा निकालना, मनमाना शुल्क वसूलना (40 के बजाय 50 रुपए लेना) और खुल्ले पैसों के नाम पर सैलानियों से ठगी करना रोजाना की बात है। लेकिन शनिवार को ठेकेदार की हरकत ने अफसरों तक को हैरत में डाल दिया। हैरानी की बात यह है कि तमाम शिकायतों के बावजूद मेला प्राधिकरण अब तक केवल ‘नोटिस-नोटिस’ का खेल खेल रहा है। शनिवार को वीआईपी पार्किंग पर ताले की खबर मिलने पर प्राधिकरण के कर्मचारी अभिषेक को मौके पर भेजा गया और आनन-फानन में ताला तुड़वाया गया। मामला गंभीर है, आयुक्त से भी करूंगा शिकायतवीआईपी पार्किंग पर ठेकेदार के ताला लगाने की सूचना जैसे ही मिली थी मैंने प्राधिकरण कर्मचारी को भेजकर ताला तुड़वा दिया था। ठेकेदार की हिम्मत कैसे हुई। मैं संभागीय आयुक्त को इस शिकायत संबंधी प्रस्ताव भेज रहा हूं। इस पर गंभीरता से विचार होगा। - सुनील त्रिपाठी, सचिव, ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण
रामसर थाना इलाके का मामला:गाड़ी पलटी, एक ही परिवार के 28 लोग घायल, देवी दर्शन कर लौट रहे थे
जिले के रामसर थाना इलाके में शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। श्रद्धालुओं से भरी एक बोलेरो कैंपर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पलटी खा गई। हादसे के वक्त गाड़ी में कुल 29 लोग सवार थे, जिनमें से 28 घायल हो गए हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायल एक ही परिवार के हैं, जो देवी दर्शन कर अपने गांव लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार भलीसर गांव का एक परिवार जैसलमेर के फतेहगढ़ जाजरा गांव में स्थित धार्मिक स्थल पर दर्शन के लिए गया था। शनिवार शाम करीब सवा 6 बजे जब वे वापस लौट रहे थे, तभी बालेवा रोड स्थित जानकी गांव के पास गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, 3 एम्बुलेंस व निजी वाहनों से घायलों को पहुंचाया अस्पताल हादसा इतना भीषण था कि कई सवारियां गाड़ी में ही फंस गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही रामसर थाना इंचार्ज पदमाराम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत रामसर हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया। इसके बाद सभी 28 घायलों को बाड़मेर रेफर किया। रामसर से तीन एम्बुलेंस और तीन प्राइवेट गाड़ियों में घायलों को लेकर आए। हॉस्पिटल में एएसपी नीतेश आर्य, डीएसपी रमेश कुमार शर्मा, कोतवाल मनोज कुमार, महिला थानाधिकारी देवीचंद ढाका समेत पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। बाड़मेर जिला अस्पताल पहुंचे सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल धूड़ी पत्नी सालाराम को जोधपुर रेफर किया। वहीं पदमाराम, पुष्पा, कुंभाराम, लालराम, मोरू, गीता, ठाकराराम, प्रवीण, मोहन, संजय, कैलाश, पवन, पारु, कांता, वर्षा, मालाराम, गुड़ी, पप्पूराम, सगताराम, संजय, ताराराम, देवाराम, दिनेश, भंवरी, बसंती, रोहित, विष्णु, रमेश घायल हो गए। जिनका बाड़मेर जिला अस्पताल में उपचार किया गया। इनसाइट - 5-7 लोगों के बैठने की क्षमता, बिठाए 29 लोग महज 5-7 लोगों की क्षमता वाली बोलेरो कैंपर में बच्चों और महिलाओं समेत 29 लोग भरे हुए थे। हादसे की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ी में सवार 29 में से 28 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। “घटना की सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे। कैंपर में करीब 29 लोग सवार थे, जिनमें से 28 को चोटें आई हैं। घायलों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल है। फिलहाल घायलों का उपचार कराया जा रहा है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।” - पदमाराम, थानाधिकारी, रामसर
झारखंड में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के 4 फरवरी तक राज्य के अधिकांश जिलों में सुबह के समय हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा या कुहासा देखने को मिल सकता है। सुबह के बाद आंशिक बादल छा सकते हैं, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही आसमान साफ हो जाएगा। यह स्थिति मध्य झारखंड, दक्षिणी झारखंड, उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी झारखंड के जिलों में लगभग एक समान रहने की संभावना है। राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में भी सुबह कोहरा रहेगा, जबकि दिन में मौसम शुष्क और सुहावना बना रहेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान बारिश या किसी तरह की मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं है। 3-4 डिग्री तक पारा में बढ़ोतरी की संभव तापमान की बात करें तो अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि अगले चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। रांची में 31 जनवरी को अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसके बाद अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 12 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग ने 5 और 6 फरवरी को भी सुबह हल्का कोहरा और बाद में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना जताई है। इस पूरे अवधि में मौसम को लेकर किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिन का पारा चढ़ा, रात में अब भी हल्की ठंड मौसम केंद्र रांची द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 31 जनवरी को राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। चाईबासा में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जमशेदपुर में 28.8, डालटनगंज में 28.4, बोकारो में 28.1 और चाईबासा में 29.8 डिग्री तापमान रहा। रांची में अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 0.9 डिग्री चढ़ा। अधिकांश स्थानों पर दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान की बात करें तो रांची में यह 10.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि डालटनगंज में सबसे कम 8.8 डिग्री दर्ज किया गया। जमशेदपुर और चाईबासा में न्यूनतम तापमान क्रमशः 16.0 और 14.2 डिग्री रहा। कई जिलों में रात के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन ठंड पूरी तरह से विदा नहीं हुई है। दिन के तापमान में होगी लगातार वृद्धि झारखंड में अगले पांच दिनों के दौरान दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। खासकर उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी झारखंड के जिलों में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा। देवघर, धनबाद, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा और पाकुड़ में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। गोड्डा और पाकुड़ में 2 फरवरी को अधिकतम तापमान 31 डिग्री तक जा सकता है। दक्षिणी झारखंड के पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां में भी 4 फरवरी तक तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं। वहीं मध्य झारखंड के रांची, हजारीबाग, बोकारो और रामगढ़ में अधिकतम तापमान 26 से 30 डिग्री के बीच रहेगा। न्यूनतम तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और यह 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
करनाल जिला के कुंजपुरा स्थित गेहूं भंडारण केंद्र से जुड़े स्टॉक घोटाले का मामला एक बार फिर गरमा गया है। इस बार विवाद की वजह जांच कमेटी का गठन और शिकायतकर्ता को जांच प्रक्रिया से बाहर रखना है। विभाग द्वारा ऐसे अधिकारी को कमेटी में शामिल किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं, जिसकी भूमिका पहले ही जांच के दायरे में रही है। वहीं शिकायतकर्ता की एफसीआई गोदाम में एंट्री बैन कर दी गई है, जिससे निष्पक्ष जांच को लेकर शंकाएं और गहरी हो गई हैं। घोटाले की शिकायत और शुरुआती कार्रवाईकुंजपुरा गेहूं गोदाम में स्टॉक में गड़बड़ी को लेकर गांव खराजपुर विकास शर्मा ने विभाग को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि गोदाम के बाहर और कवर्ड शेड के अंदर लगे चट्टों में भारी मात्रा में गेहूं कम है। जांच के दौरान बाहर लगे चट्टों में करीब 68 लाख रुपए मूल्य का गेहूं कम पाया गया था। इस मामले में कुंजपुरा थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी और शुरुआती जांच के बाद इंस्पेक्टर अशोक शर्मा और सब इंस्पेक्टर संदीप को सस्पेंड कर दिया गया था। पहली कमेटी और दोबारा गठन की कहानीमामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यालय की ओर से 08 जुलाई 2025 को एक कमेटी गठित की गई थी, जिसे पूरे स्टॉक की जांच के आदेश दिए गए थे। इस कमेटी में शिकायतकर्ता को भी जांच के दौरान मौके पर शामिल किया गया था। बाद में कुछ सदस्यों के ट्रांसफर और कुछ के निलंबन के चलते इस कमेटी का पुनर्गठन जरूरी बताया गया। इसी कड़ी में पत्र क्रमांक 254 के जरिए 12 जनवरी 2026 को नई जांच कमेटी गठित की गई। नई जांच कमेटी में कौन-कौन शामिलजिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक, करनाल ने चार सदस्यीय नई कमेटी बनाई है। इसमें एएफएसओ मुकेश गुप्ता करनाल, इंस्पेक्टर नवीन असंध, इंस्पेक्टर रणधीर इंद्री और सब इंस्पेक्टर अमजद को सदस्य बनाया गया है। इस कमेटी को कुंजपुरा केंद्र पर भंडारित गेहूं (2025-26) के उचित प्रबंधन, सेग्रिगेशन और फ्यूमिगेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खराब स्थिति में पाए गए गेहूं का प्राथमिकता के आधार पर भारतीय खाद्य निगम को सफल प्रेषण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। जांच कमेटी के सदस्य पर ही उठे सवालशिकायतकर्ता विकास शर्मा का आरोप है कि जिस एएफएसओ मुकेश गुप्ता को नई कमेटी में शामिल किया गया है, उनकी भूमिका पहले से ही संदेह के घेरे में रही है। विकास शर्मा का कहना है कि गेहूं स्टॉक में गड़बड़ी के समय इंस्पेक्टर अशोक शर्मा, सब इंस्पेक्टर संदीप और एएफएसओ मुकेश गुप्ता की ड्यूटी लगी हुई थी। अशोक शर्मा और संदीप को सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन मुकेश गुप्ता पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि मुकेश गुप्ता 20 प्रतिशत रिकवरी भरने के हकदार बताए गए, इसी वजह से न तो उन्हें नोटिस दिया गया और न ही सस्पेंड किया गया। हर 15 दिन की रिपोर्ट और मंडी बिक्री का सवालविकास शर्मा का कहना है कि नई जांच कमेटी में मुकेश गुप्ता को ही हेड बनाया गया है, जिनके अंडर में स्टॉक की रिपोर्ट हर 15 दिन में उच्चाधिकारियों को भेजी जानी है। उनका आरोप है कि अगर रिपोर्ट नियमित भेजी गई और कागजों में स्टॉक पूरा दिखाया गया, जबकि हकीकत में गेहूं मंडी में बेचा गया, तो यह गंभीर अनियमितता है। सवाल यह भी है कि अगर गेहूं मंडी में बिका है, तो गोदाम के रिकॉर्ड में स्टॉक पूरा कैसे दिखाया गया। विकास शर्मा ने इसे ‘दूध की रखवाली के लिए बिल्ली को बैठाने’ जैसा बताया। शिकायतकर्ता को जांच से बाहर रखने पर नाराजगीविकास शर्मा ने डीएफएससी को पत्र लिखकर मांग की थी कि एएफएसओ मुकेश गुप्ता को जांच कमेटी से हटाया जाए और उन्हें भी जांच में शामिल किया जाए। इसके उलट विभाग ने शिकायतकर्ता की ही एफसीआई गोदाम में एंट्री बैन कर दी और निर्देश दिए कि वे गोदाम के अंदर नहीं जाएंगे और जांच से दूरी बनाए रखेंगे। विकास शर्मा का आरोप है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि अंदर लगे चट्टों में गेहूं की कमी दोबारा सामने न आ सके और मामला मीडिया की सुर्खियों में न आए। पुलिस जांच में क्या सामने आयाविकास शर्मा के मुताबिक, पुलिस जांच में यह खुलासा हो चुका है कि मंडी से खरीदा गया गेहूं गोदाम तक पहुंचने से पहले ही बेच दिया गया था। इस स्टॉक के वेरिफिकेशन और खरीद के समय रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी एएफएसओ मुकेश कुमार की थी। ऐसे में उनकी भूमिका और जिम्मेदारी पर पहले से सवाल खड़े हैं, इसके बावजूद उन्हें जांच कमेटी में शामिल किया गया है। हाईकोर्ट जाने की चेतावनीविकास शर्मा ने साफ कहा है कि यदि उन्हें जांच में शामिल नहीं किया गया और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच के दौरान चट्टों और बोरियों में गेहूं कम न मिले, तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। मामले ने एक बार फिर विभागीय कार्यप्रणाली और जांच की निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
हरियाणा में रात से ही पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज प्रदेश के 17 जिलों में बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर और दक्षिण हरियाणा के जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है। मौसम विभाग की ओर से पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 50 से लेकर 75% तक बारिश के चांस बन रहे हैं। वहीं 2 फरवरी को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने लगेगा, लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। इक्का-दुक्का स्थानों पर बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी। अधिकतम तापमान में गिरावटहरियाणा में शनिवार को अधिकतम तापमान में औसतन 1.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई, जिससे दिन का पारा सामान्य से 1.7 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंचन्सय गया है। राज्य का सबसे गर्म स्थान चरखी दादरी रहा, जहां 23.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके विपरीत, करनाल में दिन का तापमान काफी कम (16.2 डिग्री सेल्सियस) रहा, जो सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे है। फरीदाबाद में पिछले 24 घंटों के भीतर 5.4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है। अधिकांश जिलों में दिन का तापमान 16 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। बादलवाई के कारण न्यूनतम तापमान बढ़ेगापश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादलवाई के कारण रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है। न्यूनतम तापमान 8C से 11C के बीच रहने की संभावना है। हालांकि, बारिश के बाद चलने वाली उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं रात की ठिठुरन को बढ़ा देंगी। सुबह के समय कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की भी आशंका है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है। आने वाले दिनों में जब आसमान साफ होगा, तब रात के तापमान में फिर से 2-3 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है। एक्सपर्ट ने बताया आगे कैसा रहेगा मौसम… 1 जनवरी से बदलेगा मौसम : वहीं चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि 31 जनवरी रात्रि से पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण राज्य में मौसम में बदलाव होने से 31 जनवरी देर रात्रि व 1 फरवरी को ज्यादातर क्षेत्रों में हवाओं व गरज चमक के साथ कहीं हल्की व कहीं मध्यम बारिश की संभावना है। 2 और 3 फरवरी को बारिश होगी : इसी के प्रभाव से 2 व 3 फरवरी को राज्य के उत्तरी व दक्षिणी जिलों में कहीं कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है। परंतु 4 फरवरी से मौसम खुश्क व शीत हवाएं चलने की संभावना है जिससे रात्रि तापमान में फिर से गिरावट आने की संभावना है।
खेतों में अवैध कॉलोनी बसाने वालों ने प्लॉट बेचने के नाम पर लोगों को धोखा देने का नया तरीका निकाला है। वे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) से कॉलोनी का नक्शा पास एवं राजस्व से डायवर्सन कराकर कॉलोनी को वैध बताकर प्लॉट एवं सिंगलेक्स (सिंगल फ्लोर घर) बेच रहे हैं। कॉलोनाइजर और उनका स्टाफ 1500 रुपए प्रतिवर्ग वर्ग फीट में भूखंड और 32 से 50 लाख रुपए में सिंगलेक्स बेच रहे हैं। उनका कहना है कि टीएनसीपी की स्वीकृति और डायवर्सन है। नगर निगम से नहीं है, लेकिन जब सौदा हो जाएगा, तब नगर निगम से स्वीकृति कराकर दे दी जाएगी। दैनिक भास्कर की टीम ने ग्राहक बनकर ऐसे कॉलोनाइजर व उनके स्टाफ से बात की, जिन्होंने सोशल मीडिया पर रील बनाकर ग्राहकों को लुभावने का काम किया है। टीएनसीपी के आंकड़े बताते हैं कि पिछले चार साल में कॉलोनाइजरों ने टीएनसीपी से 424 कॉलोनी के लिए नक्शे पास कराए। इनमें सिर्फ 80 कॉलोनी बसाने की परिमिशन निगम से ली गई। ज्यादातर अवैध कॉलोनी वार्ड 61 से 66 में बसाई जा रही हैं। हालांकि प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2016 के बाद बसी सभी कॉलोनियों को अवैध करार दिया है। निगम के आंकड़े बताते हैं कि साल 2016 के बाद 931 अवैध कॉलोनी बस चुकी हैं, अब इनकी संख्या 1000 के पार हो चुकी है। ग्वालियर: 4 साल में TNCP से 424 कॉलोनियों के लेआउट पास, निगम से सिर्फ 80 ने ली अनुमति... नगरीय सीमा के 66 वार्डों में कॉलोनी तभी वैध होगी, जब निगम से कॉलोनी बसाने की स्वीकृति पहले ली जाए। निगम सीमा में पिछले 30-35 साल में सिर्फ 297 फार्म फोर कॉलोनी बसी हैं। समझिए... कहां हो रहा है असली खेल?अवैध कॉलोनाइजर चालाकी यह करते हैं कि वे टीएनसीपी से नक्शा तो पास करा लेते हैं, लेकिन निगम की प्रक्रिया से बचते हैं। क्योंकि, निगम से अनुमति लेने पर कॉलोनाइजर को भारी फीस चुकानी पड़ती है और 45% जमीन विकास कार्यों के लिए छोड़नी पड़ती है। इतना ही नहीं, निगम कॉलोनाइजर के कुछ प्लॉट भी ‘बंधक’ रखता है, ताकि वह विकास कार्य न कराए, तो निगम उन प्लॉट को बेचकर सड़क-सीवर बनवा सके। इस नियम से बचने के लिए माफिया टीएनसीपी का कागज दिखाकर प्लॉट बेचकर निकल जाते हैं। निगम व जनता दोनों को लग रही चपत... एक 10 बीघा की कॉलोनी को वैध कराने कॉलोनाइजर को ~25 लाख की फीस, सुपरविजन चार्ज और शेल्टर निधि जमा करनी होती है। अवैध कॉलोनियों के कारण निगम को करोड़ों के राजस्व का घाटा हो रहा है। वहीं, आम आदमी जब प्लॉट खरीद लेता है, तो उसे न वहां सीवर मिलता है, न पानी की लाइन और न ही पक्की सड़कें। निगम भी इन कॉलोनियों में विकास कराने से हाथ खींच लेता है क्योंकि वे रिकॉर्ड में अवैध होती हैं। कॉलोनाइजर करते हैं वादा- सौदा होने पर निगम से दिला देंगे स्वीकृति तीन उदाहरण से समझें... घर का सपना देखने वालों को ऐसे कर रहे गुमराह 1. कुंज नगर मोतीझील, ट्रिपल आईटीएम के पास मंगलम: यहां जमीन का सौदा कराने वाले शिव शर्मा ने बताया कि 3 कॉलोनी बसा रहे हैं। कुंज नगर में 32 लाख का सिंगलेक्स 900 वर्गफीट में है। जब सौदा करेंगे, उस वक्त सारी परमिशन करा देंगे। 800 वर्गफीट में 50 लाख का सिंगलेक्स ट्रिपल आईटीएम के पास है।2. ऐरो सिटी: डीडी नगर के पीछे ऐरो सिटी बना रहे हैं। यहां कॉलोनाइजर के सेल्स मैनेजर प्रशांत तरोलिया ने बताया कि 19X40 और 19X55 साइज के भूखंड हैं। जिनका प्रति वर्गफीट रेट 1800 रुपए है। टीएनसीपी और डायवर्सन है। प्लॉट का सौदा होने पर नगर निगम से भी परमिशन करा देंगे।3. बड़ागांव हाईवे: यहां 500 मीटर अंदर बांके बिहारी के नाम से काम करने वाले लवकुश शर्मा ने बताया कि दो साइज में भूखंड हैं- 20X65 और 20X55। इनकी रेट 1500 से 2200 रुपए वर्गफीट है। उसने कहा टीएनसीपी से परमिशन और डायवर्सन करा दिया है। निगम में एप्लाई किया, अभी परमिशन मिली नहीं है। प्लॉट खरीदने से पहले ये 5 बातें जरूर चेक करें... कॉलोनाइजर लाइसेंस: क्या कॉलोनाइजर के पास कॉलोनी का वैध लाइसेंस है?डायवर्जन: क्या उस खेती की जमीन का डायवर्जन हो चुका है?निगम की अनुमति: क्या नगर निगम से ‘फार्म-4’ के लिए पत्र मिला है?बंधक प्लॉट: क्या कॉलोनी के कुछ प्लॉट निगम के पास बंधक रखे गए हैं?नक्शा: क्या मौके पर सड़क, पार्क और नाली के लिए जगह छोड़ी गई है? टीएंडसीपी से पास नक्शे के आधार पर कॉलोनी नहीं बसाई जा सकती टीएनसीपी सिर्फ लेआउट प्लान पास करता है, वह कॉलोनी बसाने की अंतिम अनुमति नहीं है। बिना नगर निगम और अन्य सक्षम विभागों की एनओसी के कॉलोनी विकसित करना पूरी तरह गैर-कानूनी है। - केके कुशवाह, संयुक्त संचालक, टीएनसीपी एक्सपर्ट - विनोद शर्मा, सेवानिवृत्त निगमायुक्त सिंगल विंडो सिस्टम हो, इंदौर की तर्ज पर बने ‘तोड़ू गैंग’अवैध कॉलोनियों को पनपने से पहले ही तोड़ देना चाहिए। इंदौर की तर्ज पर ग्वालियर में भी एसडीएम, पुलिस और निगम की एक संयुक्त ‘तोड़ू गैंग’ होनी चाहिए। इसके साथ ही नई कॉलोनी के लिए निगम में सिंगल बिंडो सिस्टम हो। जिससे कोई आवेदन आए तो निगम ही टीएंडसीपी और डायवर्सन करार कॉलोनी की स्वीकृत दे। वहीं जनता को केवल टीएनसीपी का नक्शा ही नहीं, बल्कि फॉम-4 भी देखना चाहिए। जिससे जरूरत पड़ने पर उसे बैंक लोन भी आसानी से मिले। जिम्मेदार बोले- नंबर जारी करेंगे, जहां लोग पूछ सकें कॉलोनी वैध है या अवैधयदि बिना विधिक प्रक्रिया के भूखंड काटकर विक्रय किए जा रहे हैं, तो गंभीर मामला है। संबंधित प्रकरणों का परीक्षण कर एफआईआर कराई जाएगी। नगर निगम में इसके लिए कॉलोनी सेल में एक नंबर जारी करेगा। जिसमें कोई भी नागरिक संपर्क कर किसी कॉलोनी के अवैध होने की जानकारी ले सकता है।-संघ प्रिय,आयुक्त ननि ग्वालियर
पूर्णिमा आज:माघ पूर्णिमा पर रवि पुष्य व प्रीति योग, दान-पूजन का खास अवसर
माघ पूर्णिमा पर रविवार को रवि-पुष्य और प्रीति योग का विशेष संयोग बन रहा है। रवि पुष्य योग सुबह 7.10 बजे से बनेगा और यह रात 11:58 बजे तक रहेगा। माघ नक्षत्र के प्रभाव के कारण ही इसे माघी पूर्णिमा कहा जाता है। शास्त्रों में इस तिथि को स्नान, दान और पुण्य कर्मों के लिए श्रेष्ठ बताया गया है। वेद प्रचारक, मंत्र अन्वेषक अजय कुमार श्यामानंदी के अनुसार इस दिन कंबल, सूती कपड़े दान, पगड़ी, जूते दान, गोशाला में गाय माता की सेवा, बच्चों को तिल के लड्डू और गर्म कपड़ों का अपने वैभव के अनुसार दान विशेष पुण्य देता है। मत्स्य पुराण के अनुसार इस दिन जो व्यक्ति ब्रह्मवैवर्त पुराण' का दान करता है, उसे ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है। इस दिन पूर्णमासी का व्रत रखकर भगवान विष्णु- सत्यनारायण भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना करने का विधान है। इस शुभ तिथि पर भगवान शालीग्राम को दूध, दही, घी, शहद और आटे के चूरे से स्नान करा तुलसीजी अर्पित करना शुभ माना गया है। कथा श्रवण का समय सुबह या संध्याकाल उत्तम माना गया है। मान्यता है कि इस दिन प्रारंभ किया गया कोई भी शुभ कार्य सफल होता है। माघ पूर्णिमा पर सूर्य मकर राशि में और चंद्रमा कर्क राशि में पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा पर सूर्य मकर राशि में और चंद्रमा कर्क राशि में रहने से यह दिन पुण्यकारी बन जाता है। गुरु दीक्षा ले चुके श्रद्धालुओं को गुरु पूजन, वस्त्र-पादुका दान और पांच माला जप करना शुभ माना है। माघ की प्रत्येक तिथि पुण्यपर्व है, उनमें भी माघी पूर्णिमा का धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व है। इस दिन स्नानादि से निवृत्त होकर भगवत्पूजन, श्राद्ध, दान करने का विशेष फल है। इस दिन भगवान शिव-हनुमानजी की पूजा करना भी शुभ माना है। प्रदोषकाल में करते हैं माता लक्ष्मी की पूजा माघ पूर्णिमा माघ मास का अंतिम दिन होता है, इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करने का विशेष महत्व है। इस दिन लोग व्रत-उपवास रखकर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनते हैं। माता लक्ष्मी की पूजा प्रदोषकाल में करने की परंपरा रही है। प्रदोषकाल सूर्यास्त के बाद शुरू होता है। माघ पूर्णिमा पर सूर्यास्त का समय शाम 6 बजे है। इसके बाद आप लक्ष्मी पूजा कर सकते हैं, वहीं निशिता पूजा मुहूर्त देररात 12.08 से लेकर मध्य रात्रि 1.01 तक है।
हरियाणा में 2029 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर तैयार किए गए बीजेपी के शैडो प्लान की रिपोर्ट अच्छी नहीं आई है। पार्टी के 12 ऐसे नेता हैं, जो अपने हलकों को छोड़कर विपक्षी दलों के विधायकों के यहां एक्टिव नहीं हो रहे हैं। इनमें मंत्री और विधायकों के नाम शामिल हैं। हाल ही में हुई पार्टी की एक स्टेट लेवल मीटिंग में इसको लेकर शीर्ष नेतृत्व ने नाराजगी जाहिर की और दो टूक कहा है कि अब राजनीति अपने क्षेत्र तक सीमित रहने वाली नहीं है। पार्टी नेतृत्व ने मंत्रियों और विधायकों को दो टूक संदेश दे दिया है कि जो नेता सिर्फ अपनी विधानसभा तक सिमटकर रहेंगे, वे रणनीति का हिस्सा नहीं माने जाएंगे। पार्टी खासतौर पर उन मंत्रियों और विधायकों से नाराज बताई जा रही है, जिन्हें विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में ‘शैडो विधायक’ की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वे वहां अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा सके। सूत्रों के मुताबिक, ऐसे नेताओं की संख्या करीब एक दर्जन है और उनकी कार्यशैली पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के रडार पर है। यहां पढ़िए क्या है बीजेपी का शैडो प्लान... लॉन्ग-टर्म रणनीति लॉन्ग-टर्म हरियाणा में शैडो विधायक प्लान BJP की एक लॉन्ग-टर्म चुनावी रणनीति है, जिसके तहत पार्टी अपने मंत्रियों और विधायकों को विपक्षी विधायकों की विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंप रही है। इसके तहत एक BJP नेता = अपनी विधानसभा + एक विपक्षी विधायक की विधानसभा दोनों में समान रूप से सक्रिय रहेगा। शैडो विधायक की भूमिका क्या होगी? BJP नेतृत्व ने साफ निर्देश दिए हैं कि शैडो विधायक विपक्षी विधायक के क्षेत्र में स्थायी मौजूदगी, नियमित दौरे, कार्यकर्ता बैठकों, सामाजिक और स्थानीय कार्यक्रमों में भागीदारी करेगा, ताकि जनता को लगे “यह नेता भी हमारे बीच है।” सरकार की योजनाओं का ग्राउंड प्रमोशन जीरामजी/ मनरेगा, पेंशन, राशन, आवास, रोजगार योजनाओं से बीजेपी लाभार्थियों को सीधे जोड़ना चाहती है। ग्राउंड पर नेताओं के एक्टिव रहने से विपक्ष के “भेदभाव” वाले आरोपों को ये आसानी से खारिज कर पाएंगे। कांग्रेस विधायक की घेराबंदी बीजेपी इस प्लानिंग के जरिए स्थानीय मुद्दों पर सवाल उठा सकेगी, विकास कार्यों की तुलना, आपका विधायक क्या कर रहा है?” वाला नैरेटिव सेट करेगी। इसका मतलब साफ है कि विपक्षी विधायक को लगातार डिफेंस पर रखना। 2029 के लिए संगठन तैयार करना इसके अलावा बीजेपी इस प्लान के जरिए बूथ स्तर पर अपनी पकड़ को मजबूत कर सकेगी। BLA-2 की नियुक्ति में स्थानीय चेहरे और संभावित उम्मीदवारों की पहचान करने में आसानी होगी। यानी बीजेपी ये भी तय कर रही है कि चुनाव से पहले नहीं, अभी से टिकट मैनेजमेंट। ये मिला है मंत्री-विधायकों को टास्क हरियाणा बीजेपी की ओर से सभी मंत्रियों और विधायकों को टास्क भी दिए गए हैं। अपनी विधानसभा में 5 सम्मेलन करने होंगे। इसके अलावा यही पांच सम्मेलन विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में भी आयोजित करने होंगे। इन सम्मेलनों में योजनाओं के लाभ, सरकारी आंकड़े और ठोस तथ्यों के जरिए कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया जाएगा। क्यों बनाया बीजेपी ने ये प्लान...ये चार वजहें 1. 42 हारी हुई सीटों को रिकवर करने की तैयारी BJP, 2024 में जिन 42 विधानसभा सीटों पर हारी है, पार्टी उन्हें “लॉस्ट जोन” नहीं बल्कि रिकवर करने योग्य सीटें मान रही है। शैडो विधायक उसी इलाके में लगातार मौजूद रहकर संगठन को खड़ा करेंगे। इसके अलावा ये शैडो विधायक लोगों के बीच जाकर स्थानीय मुद्दों की फाइल बनाएंगे। 2029 से पहले ही विपक्षी विधायक की पकड़ कमजोर करेंगे। इसका मतलब है कि चुनाव से पहले नहीं, अभी से बीजेपी माहौल बदलना चाहती है। 2. एंटी-इंकम्बेंसी को डायल्यूट करने का फॉर्मूला हरियाणा बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व यह जानता है कि सरकार में रहते हुए स्वाभाविक रूप से एंटी-इंकम्बेंसी आती है। शैडो प्लान से BJP सरकार और संगठन को अलग-अलग चेहरा दे रही है। ये नाराजगी को सिर्फ सत्ताधारी विधायक पर सीमित नहीं रहने दे रही, हम आपके बीच हैं का नैरेटिव मजबूत कर रही है। इससे सत्ता विरोधी माहौल की धार कमजोर होती है। 3. कांग्रेस के नैरेटिव को शुरुआत में ही काउंटर करना हरियाणा में कांग्रेस इन दिनों जीरामजी जैसी योजनाओं को लेकर सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, भेदभाव का नैरेटिव गढ़ने में लगी है। BJP का ये शैडो प्लान जमीनी स्तर पर डेटा और लाभार्थियों के साथ जवाब देने का काम करेगा। विपक्षी विधायक के ही क्षेत्र में कांग्रेस के आरोपों को चुनौती देगा। मीडिया, सोशल और ग्राउंड तीनों मोर्चों पर कंट्रोल बनाएगा। नैरेटिव बनने से पहले ही नैरेटिव तोड़ने की बीजेपी की ये रणनीति है। 4. निकाय चुनाव ये 2029 का सेमीफाइनल हरियाणा बीजेपी ये शैडो प्लान के जरिए निकाय चुनाव में भी बेहतर परिणाम देने का प्लान कर रही है। बीजेपी के नेता ये मान रहे कि पंचकूला, सोनीपत, अंबाला जैसे शहरी निकाय चुनाव BJP के लिए 2029 का ट्रायल रन हैं। शैडो विधायक के जरिए शहरी वोटर का माइंडसेट पढ़ेंगे। बूथ मैनेजमेंट और BLA-2 नेटवर्क मजबूत करेंगे। इसके अलावा जीतने योग्य चेहरों की पहचान करेंगे। यानी 2029 की स्क्रिप्ट निकाय चुनाव से लिखी जा रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से बजट 2024-25 में ईडब्ल्यूएस योजना में शामिल विद्यार्थियों को आवास व भोजन की सुविधा को लेकर छात्रावास की घोषणा होने के बाद करीब सवा साल पहले करीब सवा दो करोड़ की लागत से छात्रावास का निर्माण तो शुरु हुआ। लेकिन, विभागीय अधिकारियों की प्रभावी मॉनीटरिंग नही होने व कछुआ चाल निर्माण होने के चलते सवा साल बाद भी ईडब्ल्यूएस छात्रावास का निर्माण कार्य पूर्ण नही हो सका। छात्रावास भवन का निर्माण नही होने के चलते विभागीय अधिकारियों की ओर से ईडब्ल्यूएस योजना में शामिल विद्यार्थियों को राजकीय अंबेडकर छात्रावास में ठहराव की सुविधा तो की गई। लेकिन, जमीनी हकीकत में ईडब्ल्यूएस व एससी-एसटी विद्यार्थियों को भारी असुविधाओं से जूझना मजबूरी हो रहा। गौरतलब है कि नदबई मुख्यालय पर कक्षा 6 से 12वीं तक के ईडब्ल्यूएस योजना में शामिल विद्यार्थियों के ठहराव व भोजन की सुविधा को लेकर विभाग की ओर से करीब दो करोड़ 80 लाख का बजट स्वीकृत होने के बाद ईडब्ल्यूएस छात्रावास का निर्माण शुरु हुआ। लेकिन, कछुआ चाल निर्माण होने व अधिकारियों की प्रभावी मॉनीटरिंग नही होने से विद्यार्थियों को ईडब्ल्यूएस छात्रावास निर्माण की उम्मीद धूमिल होती दिख रही। निर्माण के दौरान प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं होने से हुई देरी 2025 की अवधि भी निकली... 2024-25 बजट में घोषणा में छात्रावास के नवीन भवन के लिए 2 करोड 80 लाख बजट स्वीकृत हुआ। बाद में नदबई में लालचाह के समीप जिला प्रशासन की ओर से जमीन स्वीकृत होने के बाद दिसम्बर 2024 में पीडब्ल्यूडी की ओर से करीब दो करोड़ 21 लाख 91376 रुपए का वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरु कराया जो अगस्त 2025 तक पूर्ण होना सुनिश्चित था। लेकिन, प्रभावी मॉनीटरिंग नही होने के चलते करीब सवा साल बाद भी छात्रावास का निर्माण पूर्ण नही हुआ। अंबेड़कर छात्रावास में ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों का आवास छात्रावास भवन नही होने पर अधिकारियों ने योजना में शामिल 28 विद्यार्थियों के ठहराव को लेकर राजकीय अंबेडकर छात्रावास में सुविधा तो की। लेकिन, छात्रावास के तीन हॉॅल में अंबेडकर छात्रावास के 26 व ईडब्ल्यूएस के 28 विद्यार्थियों का ठहराव होने व जगह अभाव में दो विद्यार्थियों को एक बेड की सुविधा दी जा रही। लेकिन, विभागीय अधिकारियों की ओर से समस्या समाधान को लेकर महज कागजी कार्रवाई की जा रही। ईडब्ल्यूएस छात्रावास भवन निर्माण नही होने से ईडब्ल्यूएस योजना के 28 विद्यार्थियों का ठहराव अंबेडकर छात्रावास में ही किया जा रहा। निर्धारित तीन हॉल होने के बावजूद व्यवस्थाओं के अनुरुप विद्यार्थियों की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। ईडब्ल्यूएस छात्रावास का नवीन भवन निर्माण होने के बाद अलग-अलग व्यवस्था होगी। -विष्णु कुमार, छात्रावास अधीक्षक अंबेडकर छात्रावास नदबई। “शुरुआत में जमीन की प्रक्रिया के चलते ईडब्ल्यूएस छात्रावास निर्माण में देरी हुई। छात्रावास में बिल्डिंग का कार्य पूर्ण हो गया। फिलहाल, फिनिशिंग का कार्य किया जा रहा है। मार्च तक निर्माण कार्य पूर्ण होते ही विभाग को भवन सुपुर्द किया जाएगा।” -धीरज सिंह, एईएन पीडब्ल्यूडी नदबई।
SIR:हर दूसरा अनमैप्ड वोटर अब भी बाहर, 35 हजार तो नोटिस के बाद भी नहीं मिले
जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चुनौती बनती जा रही है। जिले में कुल 1.33 लाख अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान की गई थी, जिनकी सुनवाई और सत्यापन की जिम्मेदारी बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को दी गई है। अब तक 1.02 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 65.15 प्रतिशत मामलों में सुनवाई के बाद मतदाता विवरण को अप्रूव कर दिया गया है, जबकि 3.15 प्रतिशत मामलों में आवेदन रिजेक्ट हुए हैं। हालांकि, अब भी 49.85 प्रतिशत मतदाता या तो सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए, घर पर नहीं मिले या उनकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। आंकड़े बताते हैं कि 35,871 मतदाता यानी करीब 26.83 प्रतिशत अब भी पूरी तरह संपर्क में नहीं आ पाए हैं। विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति देखें तो इंदौर-1 और राऊ क्षेत्र में सबसे अधिक मतदाता अनुपस्थित या अनट्रेस हैं। इधर, सुनवाई प्रक्रिया तेज करने के लिए जिले में सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है। पहले 98 एईआरओ केंद्रों का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे बढ़ाकर अब 193 किया गया है। निर्वाचन विभाग के अनुसार तार्किक (लॉजिकल) त्रुटियों की श्रेणी में करीब 5.39 लाख मतदाता शामिल हैं, जिनके नाम या जन्मतिथि में मामूली विसंगतियां पाई गई हैं। ये सभी नाम 2003 की मतदाता सूची से मैप किए जा चुके हैं, लेकिन विवरणों में अंतर होने के कारण इन्हें सत्यापन के दायरे में रखा गया है। इन मामलों में बीएलओ द्वारा दस्तावेज एकत्र कर घोषणा पत्र भरवाए जा रहे हैं और पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। गंभीर विसंगति होने पर ही मतदाताओं को सुनवाई केंद्र पर बुलाया जा रहा है। नोटिस वितरण को लेकर बीएलओ नाराज नोटिस वितरण को लेकर बीएलओ में नाराजगी भी सामने आई है। बीएलओ का कहना है कि बार-बार नोटिस देने से मतदाता असहज और नाराज हो रहे हैं, जिससे फील्ड में तनाव की स्थिति बन रही है। उनका तर्क है कि जिन मामलों में दस्तावेज पहले ही ऑनलाइन अपलोड हो चुके हैं, उनका सत्यापन सीओ या एईआरओ स्तर पर किया जाना चाहिए, ताकि दोबारा नोटिस जारी करने की जरूरत न पड़े।
बजट में शिक्षकों की बहाली के लिए राशि का करेंगे प्रावधान : राधाकृष्ण
रांची वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि आगामी बजट में शिक्षकों की बहाली, विद्यालयों में आधारभूत संरचना का विकास, शौचालय, पेयजल आदि व्यवस्था के लिए राशि का प्रावधान किया जाएगा। वित्त मंत्री शनिवार को एक स्थानीय होटल में वित्त विभाग एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में बाल एवं जेंडर बजट पर आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक को केजीबीवी के नजदीक अवस्थित स्वास्थ्य केंद्रों के द्वारा विद्यालय की बच्चियों की जांच सप्ताह में दो दिन कराने का निर्देश दिया। वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया कि जो सरकार इस कार्यशाला में प्राप्त हुए सुझावों को आगामी बजट में शामिल करने का प्रयास करेगी। मौके पर स्कूली बच्चे, सहायिका, सेविका, मंईयां सम्मान के लाभुक व विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि व अन्य शामिल रहे। छात्राओं ने स्कूलों में शौचालय व पेयजल की मांग की कार्यशाला में स्कूली छात्राओं ने शिक्षकों की कमी को दूर करने की मांग की। इसके अलावा आधारभूत संरचना निर्माण, मातृभाषा में शिक्षा व खेल की सुविधा बहाल करने का प्रावधान बजट में करने की मांगें रखीं। साथ ही स्कूलों में शौचालय, पेयजल, स्वच्छता के साथ-साथ महिला कॉलेज की स्थापना और हॉस्टलों में सुविधाएं को लेकर भी ध्यान आकृष्ट कराया। इस पर, वित्त सचिव ने कहा कि स्कूलों में 10,000 शिक्षकों की बहाली सरकार ने की है। भविष्य में 14,000 नए शिक्षक बहाल किए जाएंगे। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि रविवार को केंद्रीय बजट आ रहा है। झारखंड सरकार को केंद्र से नया कुछ भी नहीं चाहिए, लेकिन राज्य को केंद्र से कई उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र के पास राज्य सरकार का 1.36 लाख करोड़ रुपया बकाया है। वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस बजट में झारखंड का बकाया देने की घोषणा करेगी। इसके साथ ही बिहार के तर्ज पर झारखंड की भी मंईयां को केंद्र सरकार 10-10 हजार रुपए देने की घोषणा करेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी युक्तिकरण राज्य को करीब 4000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। केंद्र सकार से यह राशि मिलने की राज्यवासियों की अपेक्षा है। वित्त मंत्री ने कहा कि जी राम जी योजना के कारण राज्य पर एक साल में करीब 5500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसलिए केंद्र से उम्मीद है कि इस अतिरिक्त भार का भुगतान उनके द्वारा किया जाएगा। राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन पर करीब 12600 करोड़ रुपए खर्च कर दिया है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अब राशि देने से मना किया जा रहा है। इससे राज्य पर करीब 6300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट में यह राशि झारखंड सरकार को देने की घोषणा हो सकती है।
पूर्वी राजस्थान में चांदी की सबसे बड़ी मंडी भरतपुर में चांदी के भावों में एक दिन में 1.10 लाख रुपए की गिरावट से सर्राफा बाजार में दहशत है। भावों में पल-पल भारी उतार-चढ़ाव है। इस कारण विवाद भी बढ़ रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इसलिए ज्वैलर्स खरीद-फरोख्त से बच रहे हैं। हाल ये है कि भास्कर रिपोर्टर ने 6 दुकानों पर सोना-चांदी खरीदने/बेचने की पेशकश की, लेकिन सभी ने कहा कि हाजिर में माल नहीं है, केवल सटोरिया ही सक्रिय है। इसलिए दोपहर 3 बजे से पहले किसी ने भी सौदा करने से इनकार कर दिया। अगले दो दिन यानी एक फरवरी को बजट आने वाला है, जिसमें संभावना जताई जा रही है कि सरकार ड्यूटी घटा सकती है। इसलिए भी बाजार में सौदे नहीं हो रहे हैं। शनिवार की दोपहर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में 10 ग्राम सोना 1.51 लाख रुपए और एक किलो चांदी 2.90 लाख रुपए थी, लेकिन हाजिर में इसके भाव 1.64 और 3 लाख रुपए बोले गए। सर्राफा संघ के अध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा कि हाजिर में माल और ग्राहक दोनों ही नहीं है। क्योंकि कई ज्वैलर्स लंबी चोट/नुकसान खाकर बैठे हैं। इसलिए अब केंद्रीय बजट के बाद ही कारोबार में तेजी आएगी। शादियों के सीजन में जेवर की डिमांड 80 फीसदी तक गिरी शादियों का सीजन पीक पर है। पूरे फरवरी लगातार और हैवी सावे हैं, लेकिन जेवरों की डिमांड ना के बराबर है। इस बार विवाद और बढ़ रहे हैं। ज्वैलर्स राजकुमार बंसल व मोनू काजलवाला ने बताया कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं कि बुकिंग के समय रेट कुछ था और बाद में कुछ और हो गया। 6 ज्वैलर्स से सौदे की बात कही, सभी ने किया इनकार भास्कर एक्सपर्ट - अतुल मित्तल, सीए और कॉमर्स एक्सपर्ट डॉलर गिरते ही सोना-चांदी की कीमतें होती हैं प्रभावित कॉमर्स विशेषज्ञ ट्रेड वॉर और जियो-पॉलिटिकल रिस्क के कारण सोने-चांदी को सेफ एसेट'' माना गया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें घटाने से डॉलर कमजोर हुआ। सोना-चांदी डॉलर में ट्रेड होते हैं, इसलिए डॉलर गिरते ही इनकी कीमतें उछल गईं। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। साल 2025 में भी करीब एक हजार टन सोना खरीदा गया। चांदी का पचास प्रतिशत से ज्यादा इस्तेमाल सोलर पैनल, ईबी बैटरी और चिप्स बनाने में होता है।
उम्मीदें... व्यापारी बोले- राज्य केंद्रित हो बजट, छोटे व्यापारियों को मिले सस्ता लोन, जीएसटी सरल हो
आम बजट रविवार को पेश होगा। व्यापार जगत इस वित्तीय वर्ष के यूनियन बजट से विशेष उम्मीदें रखता है। उनका कहना है कि बजट राज्य-केंद्रित होना चाहिए और इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे नेटवर्क, एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक निवेश, स्पेशल ट्रेड जोन और मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस सेक्टर को प्राथमिकता दे। छोटे व्यापारियों और एमएसएमई के लिए सस्ता ऋण, ब्याज में रियायत, जीएसटी सरलीकरण और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, हाउसिंग और सामाजिक क्षेत्रों में ठोस बजटीय प्रावधान रोजगार बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने में मदद करेंगे। एमएसएमई को दें राहत : संजय जेसीपीडीए अध्यक्ष संजय अखौरी ने कहा कि बजट में छोटे व्यापारियों और एमएसएमई सेक्टर के लिए विशेष राहत की जरूरत है। उन्होंने जीएसटी सरलीकरण, सस्ते ऋण, ब्याज में रियायत देने की मांग की। स्पेशल ट्रेड जोन बने : रोहित चैंबर के महासचिव रोहित अग्रवाल ने बजट में हेल्थकेयर, एजुकेशन, हाउसिंग और सस्टनेबिलिटी पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने प्रत्येक राज्य की राजधानी में स्पेशल ट्रेड जोन बनाने की मांग की। राज्य विकास का रोडमैप बने : महेश पूर्व चैंबर अध्यक्ष सह पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप होना चाहिए। बजट झारखंड 2050 को विकसित राज्य बनाने में मार्गदर्शक बने। करदाताओं के लिए राहत हो : कुणाल पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और सोशल सेक्टर पर ध्यान दिया जाना चाहिए। मध्यमवर्गीय करदाताओं के लिए राहत, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़े व टैक्स सरलीकरण जरूरी है। वनों की रक्षा के लिए राज्य को दें विशेष फंड : आदित्य चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष का यूनियन बजट झारखंड-केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक यूनिट्स में निवेश को प्राथमिकता देने की मांग की। कहा कि वनों की रक्षा के एवज में राज्य को विशेष केंद्रीय फंड दिया जाए।
एक साल में छठी बार रहवासी क्षेत्र में पहुंचा तेंदुआ, सनावदिया में 4 बकरियों का शिकार
शहरी क्षेत्र के रहवासी इलाकों में तेंदुओं का मूवमेंट अब आम हो चला है। एक साल में छठी बार तेंदुआ रहवासी क्षेत्र में पहुंचा है। शहर से सटे सनावदिया में तीन-चार दिन से तेंदुए की हलचल थी। रहवासी काफी डरे-सहमे हुए थे। तेंदुआ शिकार न कर ले, इसके लिए एक ग्रामीण ने अपनी बकरियों को छत पर बांधना शुरू कर दिया था, लेकिन तेंदुआ छत तक भी पहुंच गया और चार बकरियों का शिकार कर लिया। लोगों की सूचना पर वन विभाग ने पिंजरा लगाया। शनिवार को तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। देवगुराड़िया, सहारा सिटी, रालामंडल, तिल्लौर, आईआईटी कैंपस, सिंहासा, आरआर कैट का सिंहासा ऐसे इलाके हैं, जहां तेंदुओं ने अपना ठिकाना बना लिया है। रालामंडल में तो चार से पांच तेंदुए हो गए हैं। अंधेरा होने के बाद से तड़के तक वहां तेंदुआ घूमता रहता है। तिल्लौर तरफ भी नजर आ जाता है। देवगुराड़िया के आसपास की टाउनशिप में आए दिन तेंदुआ सीसीटीवी फुटेज में दिख जाता है। तीन महीने में तेंदुए का पांचवां रेस्क्यू तीन महीने में तेंदुए का पांचवां रेस्क्यू है। इसके पहले सहारा सिटी टाउनशिप, मोरोद स्थित 400 केवी सब स्टेशन के क्वार्टर, जामनिया खुर्द गांव के कुएं में, डबलचौकी में मृत अवस्था में तेंदुआ मिला था। किसी ने तेंदुए के पंजे तक काट लिए थे। महू में भी तेंदुआ खेत में लगाए वायर में उलझकर बुरी तरह घायल हो गया था। पांच साल में 66 तेंदुओ को बचाया 2021 से 2025 के बीच वन मंडल में 66 तेंदुओं सहित 337 वन्य जीवों का रेस्क्यू किया है। रेस्क्यू के दौरान किसी भी तेंदुए की जान नहीं गई। 2025 में लगभग हर माह एक से दो तेंदुओं का रेस्क्यू किया। बस्तियों तक क्यों पहुंच रहे तेंदुए, 3 बड़े कारण
DSPMU... तीसरे दिन भी तालाबंदी, फूड फेस्टिवल रद्द होने पर फूटा छात्रों का गुस्सा
रांची डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमूय) में छात्रों का विरोध लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। इस बार तालाबंदी का कारण फूड फेस्टिवल को रद्द किया जाना रहा। छात्रों का आरोप है कि मैनेजमेंट के किसी भी छात्र संगठन ने फूड फेस्टिवल के खिलाफ कोई विरोध नहीं किया, इसके बावजूद प्रशासन ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया, जो मनमाना और छात्रहित के खिलाफ है। तालाबंदी के दौरान छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और निर्णय वापस लेने की मांग की। तालाबंदी कर रहे छात्रों को समझाने के लिए फाइनेंस अफसर डॉ. अनीता मेहता ने प्रयास किया। इसके बाद डीएसडब्ल्यू डॉ. सर्वोत्तम कुमार धरना स्थल पर पहुंचे, जहां छात्रों ने उन्हें घेर लिया और फूड फेस्टिवल रद्द करने की वजह पूछने लगे। बताते चलें कि पहले दो दिन फूड फेस्ट को रद्द करने के लिए तालाबंदी की गई थी। तालाबंदी कर रहे छात्रों और डीएसडब्ल्यू के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। डीएसडब्ल्यू ने साफ शब्दों में कहा कि कैंपस में किसी भी हालत में पकौड़ा या इस तरह की दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कहा कि पिछले वर्ष भी फूड फेस्टिवल के दौरान कैंपस में डीजे बजाया गया था, जिससे अन्य विभागों के छात्रों को अकादमिक समस्याओं का सामना करना पड़ा था। एमबीए के छात्रों ने बताया कि फूड फेस्ट भी स्किल डेवलपमेंट से जुड़ा कार्यक्रम है। फूड फेस्टिवल स्किल डेवलपमेंट गतिविधि का हिस्सा है, जो एमबीए छात्रों के लिए जरूरी है। छात्रों के व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर छीन रहा है। मौके पर बीए के डायरेक्टर डॉ. गणेश चंद्र बसु भी पहुंचे और डीएसडब्ल्यू से बातचीत कर स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर झारखंड का मान बढ़ाया है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के तत्वावधान में फकीर मोहन विश्वविद्यालय, बालासोर (ओडिशा) द्वारा आयोजित ‘ईस्ट जोन यूथ फेस्टिवल–2026’ में विश्वविद्यालय ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए जोनल स्तर पर द्वितीय (ओवरऑल रनर-अप) और झारखंड राज्य के विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 27 से 30 जनवरी तक चले इस प्रतिष्ठित महोत्सव में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुल 20 प्रमुख विश्वविद्यालयों ने शिरकत की। 31 जनवरी को आयोजित भव्य समापन समारोह में परिणामों की घोषणा की गई, जिसमें डीएसपीएमयू ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए संगीत, थिएटर और परफॉर्मिंग आर्ट्स श्रेणियों में ‘ओवरऑल चैंपियन’ का खिताब अपने नाम किया। सांस्कृतिक विकास का नया मील का पत्थर... विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों के अनुशासन, निरंतर अभ्यास और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। यह गौरव न केवल विश्वविद्यालय के लिए है, बल्कि पूरे झारखंड के लिए एक मिसाल है कि राज्य की युवा प्रतिभा सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्रों में देश के किसी भी बड़े संस्थान को टक्कर देने में सक्षम है। संगीत एवं गायन: संगीत विभाग के लिए यह वर्ष स्वर्णिम रहा। ग्रुप सॉन्ग (भारतीय) और ग्रुप सॉन्ग (पाश्चात्य) दोनों ही श्रेणियों में विश्वविद्यालय ने प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। वहीं, क्लासिकल वोकल सोलो में द्वितीय और फोक ऑर्केस्ट्रा में भी द्वितीय स्थान हासिल किया। ललित कला: रचनात्मकता के क्षेत्र में डीएसपीएमयू के विद्यार्थियों ने अपनी कला का जादू बिखेरा। क्ले मॉडलिंग और कार्टूनिंग में विश्वविद्यालय को प्रथम स्थान मिला, जबकि रंगोली प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। थिएटर एवं अभिनय: मंचीय प्रस्तुतियों में अपनी गहराई दिखाते हुए विश्वविद्यालय ने वन एक्ट प्ले और माइम (मूक अभिनय) दोनों ही श्रेणियों में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बौद्धिक एवं साहित्यिक: जनरल क्विज में विश्वविद्यालय ने जोनल स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि हिंदी भाषण प्रतियोगिता में चतुर्थ स्थान हासिल किया।
ब्राउन शुगर की तस्करी में सरगना समेत 5 धराए
सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के चूड़ी सेंटर गली स्थित एक घर से शुक्रवार की देर रात पुलिस ने ब्राउन शुगर तस्करी गिरोह के सरगना समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सरगना हिमांशु यादव उर्फ लालू चूड़ी सेंटर के सामने एक अस्पताल के सामने रहता था। 3 महीना पहले ही वह जेल से छूटा था। इसके बाद वह फिर से शहर में ब्राउन शुगर की तस्करी करने लगा था। लालू कम उम्र के लड़कों को जल्दबाजी में आसानी से पैसा कमाने का लालच देकर अपने गिरोह में शामिल करता था। इन युवकों को शहर के चिन्हित ग्राहकों तक ब्राउन शुगर की पुड़िया पहुंचाने का जिम्मा दिया गया था। इसके एवज में लालू सभी को कमिशन देता था। अन्य आरोपियों में अनिकेत पाठक (रातू रोड), निहाल पांडे (रातू रोड), नीरज कुमार, सुखदेवनगर व राहुल बड़ाइक, देवी मंडप रोड, सुखदेवनगर शामिल हैं। लालू व निहाल का है पुराना अपराधिक इतिहास : लालू व निहाल का पुराना अपराधिक इतिहास इतिहास रहा है। दोनों के खिलाफ पहले से सुखदेवनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज है। सरगना लालू के खिलाफ 4 और निहाल के खिलाफ 3 प्राथमिकी दर्ज है। लालू पहले भी 3 बार जेल जा चुका है। पुलिस ने हथियार भी बरामद िकया था। कुछ महीने बाद जेल से बाहर आकर फिर से ब्राउन शुगर की तस्करी करने लगा था।
कारोबारी से 2 करोड़ रुपए की ठगी का आरोपी बंगाल से गिरफ्तार
ट्रेडिंग में मुनाफा का झांसा देकर एक कारोबारी से 2.07 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस, रांची ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी अभिषेक बेरा पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के घोला थाना क्षेत्र के जगबेरिया मुरागच्छा का रहने वाला है। साइबर पुलिस ने उसके पास से ठगी में प्रयुक्त एक लैपटॉप, दो मोबाइल, तीन सिमकार्ड, पांच डेबिट कार्ड समेत कई कागजात बरामद किए हैं। उसने लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले एक कारोबारी के साथ ट्रेडिंग के नाम पर ठगी की थी। इस मामले में चंदवा के व्यवसायी ने साइबर थाने में 16 दिसंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद साइबर थाना की पुलिस ने टेक्निकल इनपुट के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी की। साइबर ठगों ने पहले पीड़ित कारोबारी को एक वाट्सएप ग्रुप डिजिटल एसेट्स से जोड़ा। फिर व्यवसायी से फर्जी ट्रेडिंग ऐप जैसे ग्लोबिक्सवाल्ट पर फर्जी ट्रेडिंग कराई। उनके एकाउंट में फर्जी मुनाफा दिखाया गया, ताकि विश्वास जीता जा सके। इसके बाद झांसे में लेकर पीड़ित से उनके विभिन्न बैंक खातों से 2.07 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिया।
10 वर्षों से 1.75 लाख लोगों को अपना घर नियमित होने का इंतजार
रांची में करीब 1.75 लाख घर बिना नक्शा के बने हुए हैं। पिछले 15 सालों में दो बार नगर निकाय चुनाव हुए। चुनाव से पहले राजनीति पार्टियों से समर्थित उम्मीदवारों ने अपने घोषणा पत्र में बिना नक्शा के बने भवनों को नियमित कराने का वादा किया था, लेकिन आज तक वे वादे पूरे नहीं हुए। हालांकि, पूर्व की रघुवर सरकार ने 2019 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले कैबिनेट से बिल्डिंग रेगुलराइजेशन पॉलिसी को स्वीकृति दी थी। लेकिन इसके नियम इतने पेचीदे थे कि मात्र 210 घरों का ही नक्शा पास हुआ। इसके बाद हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 2022 में नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी शुरू होने से पहले राज्यभर के करीब 7 लाख भवनों को नियमित करने के लिए रेगुलराइजेशन पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया। इसके लिए 10 अधिकारियों की एक कमेटी बनी, जिसने दूसरे राज्य में बनी रेगुलराइजेशन पॉलिसी का अध्ययन करके अपनी रिपोर्ट दी। लेकिन निकाय चुनाव टलने के बाद यह मुद्दा ठंडे बस्ते में चला गया। इसका नतीजा हुआ कि आम लोग जो बिना नक्शा के घर बनाकर रह रहे हैं, उनका भयादोहन हो रहा है। नगर निगम और आरआरडीए ऐसे भवनों पर अवैध निर्माण का केस दर्ज करता है। इसके बाद भवन मालिक का जीवन कोर्ट-कचहरी का चक्कर काटते हुए गुजर जाता है। ऐसे में अब लोग पूछ रहे हैं क्या हुआ तेरा वादा... भाजपा की पॉलिसी से मात्र 1100 को फायदा भाजपा सरकार ने दो बार भवनों को रेगुलराइज करने के लिए पॉलिसी बनाई। पहली बार वर्ष 2011 में अर्जुन मुंडा की सरकार ने रेगुलराइजेशन पॉलिसी को लागू किया था। वह पॉलिसी अच्छी थी, लेकिन निगम के तत्कालीन अफसरों ने नियमों को अपने तरीके से परिभाषित किया। इस वजह से पैरवी-पैसा वाले मात्र 890 लोगों के भवन नियमित हुए। इसके बाद रघुवर सरकार पॉलिसी लेकर आई। लेकिन उसमें भी 210 भवन ही नियमित हुए। क्योंकि, नियम ऐसे बनाए गए थे कि सभी लोगों को उसका फायदा नहीं मिल सकता। रेगुलराइजेशन का प्रस्ताव अंतत: विभाग में फंसा 27 अप्रैल 2023 को निगम बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हुआ था। इससे पहले हुई बोर्ड की बैठक में शहर के सभी घरों को नियमित करने के लिए रेगुलराइजेशन पॉलिसी को सरल करके लागू करने का प्रस्ताव पास हुआ था। यह प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजा गया। इसके बाद विभाग ने सभी नगर निकायों में 31 दिसंबर 2019 से पहले बने भवनों को रेगुलराइज कराने के लिए अनधिकृत निर्माण को नियमितीकरण करने की योजना-2022 का ड्रॉफ्ट जारी किया। ड्रॉफ्ट पर आपत्ति सुझाव मांगा गया, लेकिन जो नियम बनाए गए थे,उसे देखते हुए मात्र 2 सुझाव मिले। इसके बाद फाइनल ड्रॉफ्ट पर सरकार आगे नहीं बढ़ा। अवैध निर्माण का केस कर दवाब बनाता है निगम शहर में बिना नक्शा के बने भवनों का फायदा नगर निगम के अधिकारी उठाते हैं। दरअसल, जब भी निगम में नए अधिकारी आते हैं पहला फोकस अवैध कमाई पर होता है। बिना नक्शा के बने भवन को कमाई का जरिया बनाया जाता है। ऐसे भवनों को चिह्नित करके उस पर अवैध निर्माण का केस किया जाता है। कई बार बजुमंजिली भवन को सील कर दिया जाता है। लेकिन डील फाइनल होने के बाद सील खोल दिया जाता है। दूसरी आेर सामान्य घर बनाकर रहने वाले भवन मालिक नगर निगम से लेकर आरआरडीए ट्रिब्यूनल आैर हाईकोर्ट तक राहत के लिए चक्कर लगाते हैं। पार्टियां ऐसे भवनों पर राजनीतिक रोटी सेंकती रही हैं। कागजात नहीं होने से बिना नक्शा के बने घर रांची नगर निगम व आरआरडीए क्षेत्र में करीब 2.50 घर बने हुए हैं। इसमें से 50 हजार घरों का नक्शा पास है। 1.75 लाख घर बिना नक्शा के हैं। क्योंकि, करीब 50% घर ऐसे हैं, जो आदिवासी जमीन पर बने हैं। सीएनटी एक्ट लागू होने की वजह से आदिवासी जमीन का स्थानांतरण नहीं हो सकता। ऐसे में उक्त जमीन पर भवन का नक्शा भी पास नहीं हो सकता। इसलिए अधिकतर लोगों ने सादा पट्टा पर जमीन लेकर बिना नक्शा पास कराए ही घर बना लिया है। कई भवन ऐसे भी हैं, जिसका निर्माण जनरल जमीन पर किया गया है, लेकिन जागरुकता नहीं होने की वजह से लोगों ने नक्शा पास नहीं कराया। सुजीत भगत, आर्किटेक्ट 2022 में 7 लाख भवनों को नियमित करने के लिए कमेटी बनी, रिपोर्ट भी बनी, बाद में मुद्दा ठंडे बस्ते में चला गया मेरी योजना, कितनी हुई मेरी बिल्डिंग रेगुलराइजेशन बहुत जटिल है नक्शा पास करने की प्रक्रिया नक्शा पास कराने की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि आम लोग घर बना ही नहीं सकते। एमपी सहित अन्य राज्यों में भवन का नक्शा पास कराने के लिए जमीन की प्रकृति बाधा नहीं बनती। लेकिन यहां जमीन के कागजात की जांच कराने में ही लोगों के पसीने छूट जाते हैं। इससे बचने के लिए बिना नक्शा पास कराएं लोग घर बना लेते हैं। इतने घरों को तोड़ना कभी भी समाधान नहीं हो सकता। हर हाल में ऐसे भवनों को नियमित करना ही होगा। सरकार को ऐसी पॉलिसी बनाने की जरूरत है,जो वोट बैंक से परे हो। अधिक से अधिक भवन नियमित हो,इस उद्देश्य से पॉलिसी बननी चाहिए।
एक्सप्रेस के ठहराव का औपचारिक शुभारंभ:लूणकरणसर में होगा नांदेड़ और तिरुवनंतपुरम ट्रेनों का ठहराव
लूणकरणसर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब गाड़ी संख्या 22724 श्रीगंगानगर-हजूर साहिब नांदेड़ एक्सप्रेस के ठहराव का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही 2 और 3 फरवरी 2026 से तिरुवनंतपुरम उत्तर-श्रीगंगानगर रेलसेवा का भी यहां ठहराव शुरू होने जा रहा है। यह निर्णय स्थानीय यात्रियों, व्यापारियों और विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। मंडल रेल प्रबंधक गोविल ने बताया कि बीकानेर मंडल में 100% विद्युतीकरण पूरा हो चुका है तथा दोहरीकरण कार्य तेज गति से जारी है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 22 स्टेशनों के पुनर्विकास का लक्ष्य है, जिनमें से 15 स्टेशनों का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। मंडी डबवाली और गोगामेड़ी स्टेशनों का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया जा चुका है। ट्रेनों के ठहराव समय पर नजर डाली जाए तो 16311 श्रीगंगानगर-तिरुवनंतपुरम: 17:27 आगमन, 17:29 प्रस्थान (03 फरवरी से), 16312 तिरुवनंतपुरम-श्रीगंगानगर: 21:36 आगमन, 21:38 प्रस्थान (02 फरवरी से), 22723 नांदेड़-श्रीगंगानगर: 14:36 आगमन, 14:38 प्रस्थान (06 फरवरी से), 22724 श्रीगंगानगर-नांदेड़: 17:27 आगमन, 17:29 प्रस्थान (31 जनवरी से) ठहराव करेगी। विद्यार्थियों को लंबी दूरी की कनेक्टिविटीठहराव से खुलेगा विकास का नया ट्रैक लूणकरणसर का यह ठहराव केवल एक रेलवे सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों का इंजन साबित हो सकता है। व्यापारियों को माल परिवहन में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों को लंबी दूरी की कनेक्टिविटी, और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। रेल संपर्क बढ़ने से छोटे कस्बों में रोजगार और सेवाक्षेत्र का विस्तार होता है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलता है।
वार्ड 5 और 6 की सड़क जर्जर, बजबजा रहीं बदहाल नालियां
रांची नगर निकाय चुनाव से वार्ड नंबर 5 और 6 के लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। कमोबेश दोनों वार्डों की तस्वीर एक जैसी है। वार्ड नंबर-5 के रवि कुमार बताते हैं कि क्षेत्र के 70% घरों में सप्लाई वाटर नहीं पहुंचा है। आसिफ इकबाल ने बताया कि खिजूरटोला की सड़कें जर्जर हैं। बच्चे चोटिल हो रहे हैं। साफ-सफाई भी नहीं है। दीपक प्रसाद ने बताया कि बरियातू से बूटी मोड़ तक के क्षेत्र में वाटर सप्लाई काफी कम है, जबकि पानी टंकी पास में ही है। गंदे पानी की सप्लाई बड़ी समस्या है। निवर्तमान पार्षद गायत्री देवी ने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, नालियां और सड़कें जल्द से जल्द बने यही हम चाहते हैं। योजनाओं का लाभ कैंप लगाकर दिलाना है। वार्ड नंबर-6 की सुमन अग्रवाल कहती हैं कि इस वार्ड के ज्यादातर इलाकों में सप्लाई वाटर नहीं पहुंचा है, सभी को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। आनंद खलखो ने बताया कि नालियों का गंदा पानी रास्ते में बहता है। बदबू से लोग परेशान हैं। रोपना उरांव ने कहा कि आधे से ज्यादा घरों में सप्लाई वाटर नहीं पहुंचा है। लोग पानी खरीद कर पीने को मजबूर हैं। कमल गोप बताते हैं कि सरकारी नाले का अतिक्रमण कर घर बना लिया गया है। गलियां जर्जर हो गई हैं। स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है। निवर्तमान पार्षद मोनिका खलखो ने बताया कि इस क्षेत्र की नलियां, गलियां सभी दुरुस्त किए जाएंगे। लोगों को सप्लाई वाटर का लाभ मिलेगा। इसके लिए प्रयास जारी है। वोटर : 14365 10 साल में जो काम हुए: सामुदायिक भवन बने, हजारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला, करीब 50 बोरिंग हुए। आधे से ज्यादा नालियां और सड़कें दुरुस्त की गई हैं। कई नालियां बनी हैं। ये काम बचे रह गए: बड़ा नाला क्षेत्र का 2 करोड़ 36 लाख रुपए का टेंडर हुआ है, 3 रोड का भी टेंडर हुआ है, प्रत्याशियों द्वारा सामुदायिक भवन, लाइब्रेरी आदि बनवाने की योजना है। वोटर : 19366 10 साल में जो काम हुए: करीब 150 पीसीसी सड़कें बनीं। 2000 लोगों को आवास योजना का लाभ मिला। हजारों को पेंशन सुविधाएं मिलीं। आधी से ज्यादा नालियां दुरुस्त की गई हैं। कई नालियों का निर्माण किया गया है। ये काम बचे रह गए: घरों में वाटर सप्लाई पहुंचाना, नालियां और सड़कें दुरुस्त करनी हैं, जुमार नदी तक नालियां और वाटर ट्रीटमेंट पार्क महिला6981पुरुष7384 वार्ड नंबर 6 महिला 9615पुरुष9751 वार्ड नंबर 5 वार्ड स्कैन क्षेत्र: बांधगाड़ी, न्यू नगर, न्यू बांधगाड़ी, शशि बिहार, हनुमान नगर, महुरम टोली, पंचवटी पुरम, प्रेम टोली, मरियम टोली, जयप्रकाश नगर, खेल गांव चौक के पास आदि। क्षेत्र : बूटी बस्ती, डंगरा, बैंक कॉलोनी, आदर्श नगर, एकता नगर, पीएचडी कॉलोनी, शिवाजी नगर, खिजूर टोला, ग्रीन पार्क, अली नगर, राशिद कॉलोनी, बड़गाईं आदि।
एमआईजी थाना क्षेत्र में 13 साल के नाबालिग की एक युवक ने बिल्डिंग की छत पर हत्या कर दी और लाश को फ्लैट में रखे पलंग में छिपा दिया। वह पुलिस को गुमराह करने के लिए उनके साथ-साथ ही घूमता रहा ताकि उस पर शंका ना हो। पुलिस को उसकी हरकतों पर शंका हुई तो उससे पूछताछ शुरू की, जिसमें उसने वारदात को करना बताया। एमआईजी थाना टीआई सीबी सिंह ने बताया कि श्रीनगर कांकड इलाके में रहने वाला 13 वर्षीय नाबालिग शुक्रवार रात को अचानक लापता हो गया था। परिवार के लोगों ने उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। उन्होंने देर रात थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वहीं शुक्रवार रात को एक बिल्डिंग से किसी के चिल्लाने के आवाज आने पर लोगों ने डायल 112 को भी सूचना दी थी, लेकिन जब पुलिस मौके पर पहुंची तो किसी ने कुछ नहीं बताया था। शनिवार को बिल्डिंग की छत पर नाबालिग का जैकेट मिला, जिस पर खून के दाग थे और छत पर भी खून के निशान मिले। इस पर पुलिस की टीम ने तुरंत सर्चिंग शुरू की। बिल्डिंग के फ्लैटों में घुसे, बंद फ्लैटों के ताले तोड़ेनाबालिग की तलाश में पुलिस ने श्रीदेवी अपार्टमेंट में बने फ्लैटों की सर्चिंग शुरू की। पुलिस ने कई फ्लैटों को चेक किया। जिन फ्लैट में ताले लगे थे उनके ताले भी तोड़े गए और वहां भी पुलिस टीम ने सर्चिंग की। इसके साथ ही पुलिस ने नाबालिग की तलाश के लिए डॉग की भी मदद ली। कुछ घंटों की मेहनत के बाद पुलिस को नाबालिग का शव पलंग के अंदर बरामद हुआ। साथ-साथ घूम रहा था आरोपीटीआई सीबी सिंह ने बताया कि जब शनिवार को पुलिस नाबालिग की तलाश कर रही थी, तब आरोपी रेहान पुलिस के साथ-साथ ही घूम रहा था। वह पुलिस के साथ हर जगह जाने का प्रयास कर रहा था। उसकी इस हरकतों पर शंका हुई, जिसके बाद उससे पूछताछ शुरू की। उससे उसका नाम, काम और किस फ्लैट में रहता है इसकी जानकारी ली। उसके हाथ पर चोट के निशान भी मिले थे। पुलिस की पूछताछ में वह घबराने लगा तो पुलिस का शक ओर बढ़ गया। सख्ती से पूछताछ में उसने घटना को अंजाम देना और शव को पलंग पेटी में छिपाने की बात कही। इशारा कर छत पर बुलाया और हरकत करने की कोशिशटीआई ने बताया कि नाबालिग का दोस्त इसी बिल्डिंग में रहता था। नाबालिग अक्सर यहां आता था। शुक्रवार रात को वह आया तो आरोपी ने इशारा कर उसे छत पर बुलाया। उसके छत पर आने के बाद उससे बातचीत करने लगा और इस बीच वह उससे साथ गलत हरकत करने की कोशिश करने लगा, वह चिल्ला तो उसकी आवाज आसपास के कुछ लोगों ने भी सुनी थी। उसके चिल्लाने पर रेहान को लगा कि उसकी हरकत का लोगों का पता चल जाएगा।इसके चलते उसने ईट से नाबालिग पर हमला कर उसे घायल कर दिया, जब नाबालिग बेसुध हो गया तो रस्सी से उसका गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने चाचा को बुलाया और उसकी मदद से शव को घर के अंदर पलंग में छिपा दिया था। आरोपी लेथ मशीन का काम करता है और पिछले तीन-चार महीने से काम पर नहीं जा रहा था। पुलिस पूछताछ में वारदात करना बताया। पुलिस ने शव का पीएम करवाया है, जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। रात में भी पुलिस के आसपास घूमता रहाइधर, शुक्रवार रात में जब चिल्लाने की आवाज सुनकर लोगों की सूचना पर डायल 112 पहुंची थी, तब भी आरोपी पुलिस के आसपास ही घूमता रहा था। टीआई ने बताया कि आरोपी का भाई 2021 में खजराना में मर्डर केस में जेल में बंद है। वारदात के बाद उसने उसकी उम्रदराज दादी को पलंग पर लेटा दिया था, ताकि पुलिस पलंग को खोलकर ना देख सके। उनका कहना है कि इस मामले में रेहान के साथ ही उसके चाचा अब्दुल रफीक को आरोपी बनाया है। परिवार के अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में बच्चे का 8 बार गला घोंटा, चेहरा कुचला इंदौर में 13 साल के बच्चे की निर्मम हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपियों ने पहले नॉयलॉन की रस्सी से बच्चे का 8 बार गला घोंटा, फिर चेहरे पर ईंट से हमला किया। हत्या के बाद शव को पलंग पेटी में छिपाकर, उसके ऊपर बीमार दादी को सुला दिया, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार है।पूरी खबर पढ़ें
ग्वालियर के बड़े उद्योगपति से साइबर ठगों ने 1 करोड़ 41 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को इंग्लैंड की युवती बताकर फेसबुक पर दोस्ती की और बातचीत से भरोसा जीता। मुरार इनक्लेव रेसीडेंसी निवासी 75 वर्षीय दुर्गा शंकर नागर, एमपी कन्वर्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं। 28 जून को फेसबुक पर मैसेज आया, फिर मोबाइल नंबर साझा हुए। ठग ने GOLD/DGMC OINFX.COM के नाम से निवेश का झांसा दिया और www.dgmcoinsvip.com वेबसाइट पर पैसा लगवाया। शुरुआत में 40 हजार निवेश कराए गए और अगले दिन 50 हजार लौटाकर भरोसा पक्का किया गया। इसके बाद मुनाफे का लालच देकर 6 महीनों में 100 से ज्यादा बार निवेश कराया गया। ऑनलाइन अकाउंट में रकम चार गुना बढ़ती दिखी। नवंबर में उद्योगपति ने पैसा निकालना चाहा तो टैक्स, प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मांगें शुरू हो गईं। तभी ठगी का अहसास हुआ। 30 जनवरी को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस के अनुसार रकम 12 राज्यों के करीब 300 खातों में घुमाकर USDT क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजी गई। जांच जारी है। पैसे कैसे फंसे : ठग ने पहले छोटी रकम लगवाकर रिटर्न दिया। इससे भरोसा बना। फिर कभी एक, कभी दो लाख करते हुए बार-बार निवेश कराया गया। वेबसाइट पर बैलेंस बढ़ता दिखता रहा, लेकिन असल में पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर होता रहा। बड़ी रकम निकालते ही टैक्स का बहाना बनाकर ठग गायब होने लगे। साइबर पुलिस की सलाह अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल से दोस्ती न करें। मोटे मुनाफे वाले ऑनलाइन ट्रेडिंग ऑफर से सावधान रहें। अज्ञात लिंक और वेबसाइट पर निवेश से बचें। संदेह हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
सभी पदों के लिए भाजपा में 2-2 नाम शॉर्टलिस्ट, अब फैसला जल्द
भाजपा ने नगर निगम के मेयर, नगर परिषद के अध्यक्ष और नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए दो-दो नामों को शॉर्टलिस्ट किया है। 9 नगर निगम के मेयर पद के लिए 18 नाम, 20 नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए 40 नाम और 19 नगर पंचायत के अध्यक्ष के लिए 38 नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। पार्टी की प्रदेश कोर कमेटी की शनिवार को हुई बैठक में यह तय हुआ कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह इन 48 नगर निकायों में अब एक-एक नाम का चयन करेंगे। हालांकि इसकी सार्वजनिक रूप से घोषणा नहीं होगी और न ही लिखित रूप से ही इसे प्रसारित किया जाएगा। चयन के बाद जिला अध्यक्षों और संबंधित पदाधिकारी को यह बता दिया जाएगा। साथ ही उनसे यह भी कह दिया जाएगा कि वे नामांकन पत्र भर दें। पार्टी उन्हें समर्थन दे रही है। चूंकि नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं होे रहा है, ऐसे में पार्टी सार्वजनिक रूप से यह नहीं स्वीकार रही है कि वह निकाय चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को समर्थन देने के लिए बैठक कर रही है। 19नगर पंचायत के अध्यक्ष के लिए 38 नाम शनिवार को भाजपा मुख्यालय में हुई कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, अन्नपूर्णा देवी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा, मनोज कुमार सिंह, सांसद दीपक प्रकाश, दिनेशानंद गोस्वामी, उपस्थित रहे। करीब चार घंटे तक मैराथन बैठक चली। बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने स्वीकार किया कि कोर कमेटी की बैठक में नगर निकाय चुनाव पर भी चर्चा हुई। कई कार्यकर्ताओं ने चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है, जिनके नाम पर विचार हुआ। हालांकि यह दलीय आधार पर चुनाव नहीं हो रहा है, ऐसे में सार्वजनिक रूप से उनके बारे में बताना उचित नहीं है। यहां हो रहा है नगर निकाय चुनाव 4 घंटे तक चली मैराथन बैठक, कई नामों पर चर्चा 20नगर परिषद के अध्यक्ष के लिए 40 नाम 09 नगर निगम के मेयर पद के लिए 18 नाम नगर पंचायत: बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला और चाकुलिया। नगर निगम: रांची, हजारीबाग, मेदिनीनगर, चास, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, आदित्यपुर और मानगो नगर परिषद: गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम।
अशोक सिंह 42 में से 27 पार्षदों के वोट से बने थे रांची के दूसरे मेयर
रांची नगर निगम के गठन के बाद पार्षद का चुनाव चार सालों के लिए होता था, जबकि मेयर आैर डिप्टी मेयर का चुनाव एक वर्ष के लिए होता था। पार्षद ही वोटिंग से मेयर-डिप्टी मेयर का चुनाव करते थे। पहले मेयर उदय प्रताप सिंह का कार्यकाल 1990 में समाप्त हो गया। इसके बाद दूसरे मेयर के चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई। कांग्रेस नेताओं का एक गुट पहले मेयर उदय प्रताप सिंह को दुबारा मेयर बनाने में जुटा था, जबकि एक गुट का मानना था कि सभी को मौका मिलना चाहिए। इसलिए दूसरे चेहरे को सामने लाना चाहिए। पार्षदों के बीच अशोक कुमार सिंह भी पैठ बनाए हुए थे, क्योंकि वे भी पहली बार पार्षद बने थे। वे लोगों से अधिक घुले-मिले हुए थे। आखिरकार मेयर के चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया। नगर निगम बिल्डिंग में बोर्ड की बैठक बुलाई गई। पहले मेयर उदय प्रताप सिंह और अशोक कुमार सिंह मेयर पद के दावेदार थे। 37 चुने हुए पार्षद और 5 सरकार द्वारा नॉमिनेटेड पार्षदों ने वोट डाला। काउंटिंग हुई तो अशोक कुमार सिंह को 25 वोट मिले और उदय प्रताप सिंह को 17 वोट। इसके बाद अशोक कुमार सिंह रांची के दूसरे मेयर बने। मेयर बनने के बाद भी शहर का विकास सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि उस समय फंड नहीं मिलता था। इसके लिए हमलोगों ने एक तरकीब निकाली। बिहार के तत्कालीन नगर विकास मंत्री को रांची में आमंत्रित किया गया। निगम सभाकक्ष में ही मेयर-पार्षदों के साथ मंत्री ने बैठक की। मंत्री को बताया गया कि निगम के हालात ऐसे हैं कि कर्मचारियों को वेतन देना भी मुश्किल हो जाता है। विकास का काम कैसे होगा। उन्होंने फंड देने का भरोसा दिया। फंड मिलने के बाद पहली बार दर्जनों मुहल्लों में एक साथ सड़क,नाली,कल्वर्ट बनाया गया। लेकिन हरेक बार योजना स्वीकृत कराने के लिए पटना जाकर मंत्री से मिलना पड़ता था। 1986 में पार्षद बनने के बाद दुबारा चुनाव ही नहीं हुआ। मेयर का कार्यकाल भी एक साल का था। इसलिए कार्यकाल समाप्त होने के बाद बोर्ड भंग हो गया। इसके बाद संयुक्त बिहार में दुबारा चुनाव नहीं हुआ। झारखंड बनने के बाद पहली बार 2008 में नगर निगम का चुनाव हुआ, लेकिन तब तक पहले वाला पूरा दृश्य बदल चुका था। बड़ा तालाब से जलकुंभी साफ हुआ, लोगों ने पहली बार की बोटिंग रांची के दूसरे मेयर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मेयर बनने के बाद मैने पहला काम बड़ा तालाब को संवारने का किया। बड़ा तालाब पूरी तरह जलकुंभी से भरा था। जलकुंभी साफ करने के लिए एक लाख रुपए मिले थे, उस पैसे को निगम के अधिकारी वापस करना चाहते थे। मैने फाइल मंगाई आैर अधिकारियों को कहा कि तालाब की सफाई होगी। गांव से 50 मजदूर बुलाकर तालाब की सफाई में लगाया। देखते ही देखते तालाब पूरी तरह साफ हो गया। उस समय रांची के तत्कालीन डीसी सुधीर प्रसाद थे। उन्हें बड़ा तालाब में वोट चलाने का प्रस्ताव दिया गया। वे तैयार हो गए। इसके बाद बड़ा तालाब में पहली बार वोट चला। लोगों को अपने शहर में वोटिंग का पहला अनुभव मिला। उस समय हातमा, चौड़ी बस्ती, भीठा, सरईटांड, सिंदवार टोली, एदलहातू, चिरौंदी,चंदवे और टिकरी टोला गांव था। वहां बिजली तक नहीं पहुंची थी। बिजली विभाग से समन्वय बनाकर 3 फेज का लाइन और 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाया। इसके बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सोडियम स्ट्रीट लाइट लगवाया। चापहली बार निगम क्षेत्र में 1250 लोगों का वृद्धावस्था, विधवावस्था, दिव्यांगता पेंशन स्वीकृत कराया। उस समय ऐसे हालात थे कि मेयर आैर पार्षद रोजाना एक वार्ड घूमते थे। समस्याओं की सूची बनती थी। इसके बाद उसे दूर करने के लिए फंड की व्यवस्था की जाती थी।
24 घंटे में खुला अंधा हत्याकांड:प्रेमी ने युवती की हत्या कर खेत में दफनाया शव
प्रभातपट्टन ब्लॉक के वलनी गांव में मिले युवती के क्षत-विक्षत शव की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा ली। युवती की हत्या उसके प्रेमी प्रमोद उइके ने की थी। आरोपी ने 3 फीट गहरा, 2 फीट चौड़ा और 5.5 फीट लंबा गड्ढा खोदकर शव दफना दिया था। टीआई नरेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि शुक्रवार को वलनी निवासी गोमा उइके ने खेत में कुत्तों को शव नोचते देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर महिला के कपड़ों के टुकड़े मिले। जांच में 17 जनवरी से लापता पूजा धुर्वे (23) की पहचान हुई। पूजा की मां सुनती धुर्वे और पिता मंसू धुर्वे ने कपड़ों से शिनाख्त की। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। मोबाइल कॉल डिटेल से पता चला कि लापता होने से पहले पूजा की प्रमोद से बात हुई थी। साइबर सेल की मदद से आरोपी को ग्राम कुप्पा से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने शादी के दबाव से तंग आकर हत्या करना कबूल किया। कॉल डिटेल बनी कड़ी : पूजा की मां ने बताया कि उसका गांव के ही प्रमोद उइके से संपर्क था और वह उसके साथ काम पर जाती थी। पूजा के लापता होने के बाद प्रमोद भी गांव से गायब था। कॉल डिटेल में आखिरी बातचीत प्रमोद से होना सामने आया। इसी आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।
ट्रांसपोर्ट नगर में होगी मतगणना, डीसी ने लिया तैयारियों का जायजा
रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने निकाय चुनाव की मतगणना को देखते हुए प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर रिंग रोड स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण किया। उपायुक्त ने चुनाव से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान, उप विकास आयुक्त सौरभ भुवनिया, अपर जिला दंडाधिकारी राजेश्वर नाथ आलोक, रामनारायण सिंह, जिला पंचायत राज पदाधिकारी राजेश कुमार साहू, भवन निर्माण विभाग के अफसर मौजूद थे। चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से कराने को लेकर डीसी ने शनिवार को बैठक भी की। इसमें निर्वाची पदाधिकारी, विभिन्न निर्वाचन कोषांगों के वरीय एवं प्रभारी पदाधिकारी शामिल हुए। उन्होंने सभी को निर्देश दिया कि निर्वाचन से संबंधित प्रत्येक कार्य की बारीकी से निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी स्तर पर त्रुटि या लापरवाही की गुंजाइश न रहे। इसके पहले अभी तक सभी चुनावों की मतगणना पंडरा कृषि बाजार प्रांगण में होती आई थी। मगर इस बार बाजार समिति के व्यवसायियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कहा था कि मतगणना होने से उनलोगों का व्यापार पूरी तरह ठप हो जाता है। जिससे काफी नुकसान होता है। इसलिए मतगणना स्थल को बदला जाए।
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसका जवाब तलाशने दैनिक भास्कर ने शुरू की है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज हम पहुंचे हैं वार्ड 22, जहां से पार्षद हैं राजू भदौरिया। क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं, और जनता 10 में से कितने नंबर देती है- आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब। वार्ड 22 की आबादी 60 हजार से ज्यादा है। यहां 26 हजार वोटर्स हैं। वार्ड में निरीक्षण के दौरान पार्षद भदौरिया ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी की है। इसके लिए यहां की तीस-चालीस साल पुरानी पाइप लाइन को भी बदलवाने का प्लान है। बचे हुए डेढ़ साल के कार्यकाल में पुरानी हो चुकी पानी और ड्रेनेज की लाइनें बदलवाना, तिलक नगर से रिंग रोड की निर्माणाधीन सड़क को पूरा करना और कुछ कॉलोनियों में बच्चों के लिए खेलकूद के संसाधन उपलब्ध कराना है। सवाल: आपके वार्ड कीउपलब्धियां क्या रही हैं? जवाब: मेरे वार्ड की उपलब्धि यही है कि यह पूरी कॉलोनी हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी है। इसको गवर्नमेंट के द्वारा बसाया गया है, जिससे मूलभूत सुविधाओं को लेकर यहां पर बहुत सारी समस्या नहीं है। हमारे वार्ड में सब मध्यमवर्गीय क्लास के लोग रहते हैं, अपर क्लास के लोग रहते हैं। सभी लोग समझे लोग हैं। अगर उनसे कोई बात करते हैं तो ऐसा लगता है कि हमारे वहां पर वार्ड में जो लोग हैं, वो समझदार हैं, उनको कोई चीज समझाई जाती है तो उसको मानते हैं और आगे काम करते हैं। सवाल: आपका कौन सा काम अभी अधूरा है और क्यों? जवाब: हां, काम अधूरा होने का मुख्य कारण है कि इंदौर शहर में अभी जो नए नए कमिश्नर साहब आए हैं, इससे पहले दिलीप कुमार साहब थे और उसके बाद में अभी जो साहब कमिश्नर आए हैं। ये दोनों ही जने बोलते हैं, हमारे पास पैसा नहीं है और इससे पहले जो शिवम वर्मा जी थे, जो आज इंदौर कलेक्टर हैं। हमने जब भी उनसे कहा उन्होंने यही कहा यार आप तो काम कराओ, पैसा हम देंगे, वो हमारी चिंता करने की बात है। वार्ड के काम अधूरा होने का मुख्य कारण है कि ठेकेदारों को पैसा नहीं मिलना। आज उसका नतीजा है कि हम लोग यहां नर्मदा लाइन बिछा रहे हैं। भागीरथपुरा की जो स्थिति रही है, जिससे दूषित पानी क्योंकि ये कॉलोनियां जो हैं, ये करीब करीब चालीस पैंतालीस साल पुरानी हैं। यहां पर नर्मदा लाइन और ड्रैनेज लाइन पुरानी होने के कारण उसकी अंदर से जर्जर स्थिति हो गई है, जिससे पानी सिपेजिंग होता है। सिपेजिंग होने के बाद ड्रेनेज और नर्मदा लाइन आसपास में होने के कारण नर्मदा में ड्रेनेज युक्त पानी मिक्स हो जाता है। हम यहां डेवलपमेंट नहीं करा रहे तो उसका मुख्य कारण एक ही है कि सरकार के द्वारा ठेकेदारों को प्रॉपर पैसा नहीं मिल रहा है। जितना उनको पैसा चाहिए मतलब एक करोड़ की आउटस्टैंडिंग होने के बाद दिवाली पर ठेकेदार को एक लाख रुपए दिए तो वह कैसे काम करेगा? हमको बड़ा टफ हो जाता है जनता को जवाब देना कि काम कैसे करें। ठेकेदार से बात करो तो वह कहता है कि साहब पैसे नहीं है, काम कैसे करें? सवाल: आपसे यह है कि जनता की आम शिकायतें क्या आती हैं आपके पास? जवाब: जनता की आम शिकायतें यही है कि यह पूरा एरिया वार्ड नंबर 22 के अंदर एएम, बीएम, एएच, बीएच, ए सेक्टर, लवकुश और लगभग-लगभग पूरा एरिया हाउसिंग बोर्ड के द्वारा बसाया हुआ है। यहां मात्र चार कॉलोनी है। आदर्श नगर, रविदास नगर और हीरा नगर जो पुराने समय की सरकारी काकंड़ पर बसी हुई है, लेकिन बाकी लगभग कॉलोनियां हमारे वहां वैध हैं। वीणा नगर एबीसी भी हमारी वैध कॉलोनियां हैं। इसमें सबसे पुरानी हाउसिंग की तरफ से बसाई कॉलोनी है। पुराने समय की कॉलोनी बसाई होने के कारण उस समय की यहां पर नर्मदा लाइन, ड्रेनेज लाइन और पानी लाइन डाली है तो कहीं ना कहीं घरों में मिक्स पानी जो आता है, इसमें ड्रेनेज युक्त पानी आता है। हमने कई बार समझाया, कमिश्नर साहब को अवगत भी कराया कि भैया, हमारे पास पब्लिक की एक ही समस्या आती है कि गंदा पानी आ रहा है। सवाल: आपने कोई ऐसा नया प्रयोग किया हो, क्या प्रयोग किया और उससे क्या बदलाव आए? जवाब: हमने नया प्रयोग यही किया कि जब मैं पार्षद बना तो मैंने सुभाष नगर के अंदर देखा था कि एक व्यक्ति पानी की टंकी में मर गया। मरने के बाद में वह सड़ गया। सड़ने के बाद उसके रेशे, रेशे पानी में बह के निकले। तब जाकर बदबू आने लगी। कहीं जाकर बहुत दिनों बाद एक आध महीने बाद पता चला कि उसमें आदमी मरा पड़ा है और जो गल-गल के लोगों के घर तक गया तो मुझे उस चीज से एक सबक लगी, मेरे दिमाग में था काश मेरे वहां पर जो वार्ड है, उसमें भी तीन टंकियां हैं। कहीं वहां ऐसा ना हो।इसलिए सबसे पहले मैं टंकी के अंदर घुसा तो कम से कम छह ट्रॉली गाद निकली। कई मेंढक, कई चूहे, कई कबूतर इस टाइप के चीजें वहां पर सड़ी गली पड़ी थी। तो सबसे पहले मैंने टंकी को साफ कराया और साफ करने के बाद में मैंने निगम कमिश्नर साहब को, हमारे साथी पार्षदों को सबको वीडियो के द्वारा लाइव जाकर समझाया कि भैया, यह पानी टंकी है, जिस पर जनता भरोसा करके पानी पीती है। हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम इन टंकियों को साफ करें और जनता को साफ पानी दें। जिसका परिणाम यह आया कि हमारे क्षेत्र में नियम बना कि हर टंकियां छह महीने में सफाई होना शुरू हो गई। सवाल: कौन से ऐसे इलाके हैं, जिनमें काम नहीं हो पाया है आपके वार्ड के। जवाब: सबसे पहले मेरे लिए अति महत्वपूर्ण जो कोई काम है तो हमारे वहां लवकुश है। लवकुश के अंदर एक सेक्टर है ई, एफ और जी जहां पर चार मंजिल बिल्डिंग है और यह चार बिल्डिंग 93, 94 की बनी हुई है। उस समय की नर्मदा लाइन है, उस समय की ड्रेनेज लाइन है और जहां भी आप इंदौर शहर में जाएंगे, हाईराइज बिल्डिंगों जहां देखेंगे तो वहीं पर पीछे की साइड से नर्मदा लाइन भी वहीं से जाती है। मतलब यह स्थिति होती है कि ड्रेनेज और नर्मदा एक ही जगह से आसपास से जा रही है। तो मैंने अभी कमिश्नर साहब को पिछले एक साल पहले से पुराने कमिश्नर को लेटर दिया था।इन कमिश्नर को भी दो दिन पहले मैंने लेटर दिया है कि हाउसिंग बोर्ड की जो है, वहां तीस परसेंट लोग जनसेवा करने को तैयार हैं। आप वहां पर नर्मदा की जो ड्रेनेज की जो कुंडियां हैं, उनको क्लियर करें, और उनको साफ करें, नर्मदा लाइन को अलग करें, जिससे लोगों की स्वच्छ पानी मिलेगा, साफ पानी मिलेगा। मेरी सोच ऐसी है कि लवकुश की ड्रेनेज की कुंडी, चैंबर और पाइप प्लस उसके बैकलाइन का सीमेंटिंग कारण होना चाहिए और उसके बाद उसकी डेंटिंग पेंटिंग का काम होना चाहिए तो डेंटिंग पेंटिंग के लिए जनता तैयार है। जैसे आज अम्रत टू है, आ रही है, लेकिन आ नहीं रही है। पता नहीं फोर्थ चरण कब लाएंगे। जिन टंकियों में पानी है, जहां टंकियां बनी हैं, वहां डिस्ट्रीब्यूशन लाइन जर्जर हैं। हमें आज इंदौर को जरूरत है कि टंकियां कब बनेगी? अम्रत टू कब आएगा? मतलब फोर्थ चरण कब आएगा? उसको अपनी जगह छोड़ो, जहां टंकियां अच्छी बनी है, उसकी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन को बदल दो, जिससे गंदा पानी, ड्रेनेज युक्त पानी बंद हो जाएगा। तो यह मेरी प्राथमिकता है और इसी काम को हम सबसे पहले करना चाहते हैं। यही सबसे बड़ी चैलेंज है। हमारे वार्ड में लगभग लगभग सब 40 साल पुरानी कॉलोनियां हैं और इन कॉलोनियों के अंदर सबसे अगर कोई जरूरत है तो नर्मदा लाइन को नई दुरुस्त करके नई लाइन डालने की जरूरत है। सवाल: आपके यहां पर पानी की किस तरीके की शिकायतें आती हैं और क्या शिकायतें रहती हैं? जवाब: हमारे वार्ड में पानी से जुड़ी शिकायतों की प्रकृति लगभग एक जैसी है। वार्ड की एएम, बीएम, बीएच, ए सेक्टर, सी सेक्टर, डीएम सेक्टर, लवकुश जैसी अधिकांश कॉलोनियां हाउसिंग बोर्ड की हैं और लगभग 40 से 50 साल पुरानी बसी हुई हैं। इन सभी कॉलोनियों में ड्रेनेज और नर्मदा जल लाइनें अब जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं। मुख्य समस्या यह है कि जब भी कहीं ड्रेनेज चोक होती है, तो स्पिलेज हो जाता है, जिससे ड्रेनेज का गंदा पानी नर्मदा लाइन में मिल जाता है। इसी वजह से लोगों के घरों में दूषित पानी पहुंचता है। पहले लोग इसकी शिकायतें करते थे, लेकिन भागीरथपुरा की घटना के बाद लोगों में डर और चिंता और बढ़ गई है। अब रहवासी साफ तौर पर कहते हैं कि चाहे जैसे भी हो, नर्मदा लाइन बदली जाए, ताकि उन्हें स्वच्छ पेयजल मिल सके। इसी क्रम में हमने पूरे ए सेक्टर की नर्मदा लाइन बदलने का काम शुरू किया है, जो लगभग पूरा होने की स्थिति में है। ए सेक्टर के बाद हमारा अगला लक्ष्य डीएम सेक्टर, फिर सुंदर नगर, उसके बाद हीरा नगर और फिर लवकुश क्षेत्र है। मेरी प्राथमिकता यह है कि न केवल मेरे वार्ड में, बल्कि इंदौर शहर की सभी 40 साल से अधिक पुरानी कॉलोनियों में जर्जर हो चुकी नर्मदा जल लाइनों को दुरुस्त किया जाए। यह काम बेहद जरूरी है, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। सवाल: आने वाले छह महीने का आपका क्या रोडमैप है? जवाब: मेरा संकल्प है कि मेरे वार्ड में किसी भी नागरिक को ड्रेनेज-युक्त पानी पीने की मजबूरी न हो और सभी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। इसके लिए मेरा पहला लक्ष्य है—जहां-जहां नर्मदा की लाइनें हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से बदलना और ड्रेनेज व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करना, ताकि गंदा पानी पीने की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो सके। इसके बाद मेरा दूसरा और बेहद महत्वपूर्ण लक्ष्य हमारे युवाओं से जुड़ा है। आज हमारे क्षेत्र में कई लड़के-लड़कियां MBA, MCA, BBA, BCA, इंजीनियरिंग, लॉ और मेडिकल जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन प्लेसमेंट के नाम पर उन्हें मुश्किल से 12 हजार रुपए की नौकरी मिलती है। केवल 5 प्रतिशत युवाओं को ही अच्छा पैकेज मिल पाता है, जबकि शेष 95 प्रतिशत खुद को ठगा-सा महसूस करते हैं। माता-पिता को गर्व होता है कि उनका बेटा या बेटी प्रोफेशनल डिग्रीधारी है, लेकिन जब रोजगार की सच्चाई सामने आती है तो निराशा हाथ लगती है। मेरा मानना है कि इस स्थिति का एक बड़ा कारण बढ़ता निजीकरण है। इसी वजह से मैं निजीकरण के खिलाफ एक आंदोलन खड़ा करने की इच्छा रखता हूं। जब तक सरकार मजबूत सरकारी नौकरियां उपलब्ध नहीं कराएगी, तब तक युवाओं और उनके परिवारों को सुरक्षा और सम्मान की भावना नहीं मिलेगी। लाखों रुपए खर्च कर पढ़ाई करने के बाद भी यदि सरकारी नौकरी नहीं मिलती, तो शिक्षा के उद्देश्य पर ही सवाल खड़े होते हैं। रेलवे, एयरपोर्ट, एलआईसी, बीएसएनएल जैसे कई ऐसे संस्थान थे, जहां बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार दिया जा सकता था, लेकिन निजीकरण के चलते नौकरियां कम होती गईं। इतना ही नहीं, सरकारी नौकरियों में भी पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा को खत्म किया जा रहा है। 60 साल की उम्र के बाद आम आदमी कहां जाएगा? पेंशन ही उसके जीवन का सहारा होती है। सरकार हर साल लाखों नौकरियों की बात करती है, लेकिन 2017 के बाद से जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आती है। इसलिए मेरा स्पष्ट मत है कि पेंशन व्यवस्था बहाल हो, निजीकरण पर रोक लगे और सरकारी संस्थानों को मजबूत किया जाए। इसी सोच के साथ मैं धीरे-धीरे युवाओं को जागरूक कर रहा हूं और उन्हें निजीकरण के खिलाफ संगठित होने के लिए प्रेरित कर रहा हूं। ये खबर भी पढ़ें… वार्ड-20 की पार्षद यशस्वी अमित पटेल से सीधी बात इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसका जवाब तलाशने दैनिक भास्कर ने शुरू की है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज हम पहुंचे हैं वार्ड 20, जहां से पार्षद हैं यशस्वी अमित पटेल। क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं, और जनता 10 में से कितने नंबर देती है- आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब।पूरी खबर पढ़ें
आचार संहिता: धर्म-जाति के नाम पर प्रचार वर्जित
नगर निकाय चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों के लिए सामान्य आचरण तय किए गए हैं। किसी भी अभ्यर्थी को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे किसी धर्म, संप्रदाय या जाति के लोगों की भावना को ठेस पहुंचे या उनमें विद्वेष या तनाव पैदा हो। अब तक पार्षद पद के 414 पर्चे खरीदे गए वार्ड पर्चे अबतक खरीदे कुल 01 00 04 02 01 04 03 02 08 04 02 15 05 01 07 06 01 07 07 01 07 08 04 11 09 02 11 10 03 06 11 01 05 12 00 04 13 00 07 14 02 05 15 00 07 16 01 06 17 01 02 18 02 08 वार्ड पर्चे अबतक खरीदे कुल 19 05 08 20 01 05 21 01 06 22 01 06 23 00 05 24 02 10 25 04 14 26 00 03 27 01 05 28 00 05 29 02 11 30 00 04 31 01 10 32 02 14 33 00 05 34 00 25 35 00 04 36 00 03 वार्ड पर्चे अबतक खरीदे कुल 37 00 07 38 01 08 39 00 08 40 00 05 41 00 06 42 04 09 43 00 03 44 01 04 45 03 08 46 00 07 47 00 04 48 04 12 49 00 07 50 00 12 51 02 04 52 02 07 53 00 05 कुल 63 414 तीन दिनों में मेयर पद के लिए 16 ने खरीदा पर्चा, नामांकन 0 तीन दिनों में मेयर पद के लिए कुल 16 लोगों ने पर्चा खरीदा। पर नामांकन अबतक शून्य रहा। शनिवार को कुल छह लोगोंे ने पर्चा खरीदा। इसमें वार्ड-13 से हनी रुचि धान, वार्ड-16 से नजिमा रजा, वार्ड-39 से पिंकी कुमारी एवं वार्ड-40 से राहुल कुमार, वार्ड-11 से आलिया नाज और वार्ड-46 से शोभा गुप्ता ने पर्चा खरीदा।
जबलपुर की बुजुर्ग लेडी डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के साथ हुई हैवानियत का खुलासा खुद उन्होंने रेस्क्यू के बाद किया है। डॉक्टर हेमलता ने बताया कि उन्हें खाने तो दूर, पीने के लिए भी दिनभर में सिर्फ तीन चम्मच पानी दिया जाता था। वह बार-बार कहती रहीं— भूख लगी है, खाना दो, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। हालत यह थी कि जब एक दिन उन्हें सात चम्मच पानी मिला, तब एहसास हुआ कि वह तीन से ज्यादा चम्मच पानी भी पी सकती हैं। उन्होंने कहा- खाना मिलेगा तो खाऊंगी, लेकिन खाना कभी दिया ही नहीं गया। तीजा के अलावा जीवन में कभी भूखी नहीं रही, लेकिन यहां जानबूझकर भूखा रखा गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इस मामले में कलेक्टर को लिखित शिकायत दी, जिसके बाद प्रशासन के हस्तक्षेप से डॉक्टर हेमलता को निजी अस्पताल से मेडिकल कॉलेज शिफ्ट किया गया। फिलहाल डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उनकी निगरानी कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि बेशकीमती संपत्ति हड़पने के लिए उन्हें भूखा-प्यासा रखकर मारने की साजिश रची गई। उनकी हालत नाजुक है और वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। 12 जनवरी को था जन्मदिनहेमलता श्रीवास्तव का 12 जनवरी को 81 वां जन्मदिन था, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन के साथ मेड हेमलता श्रीवास्तव का बर्थडे केक कटवा रहे हैं। आरोप हैं कि 13 जनवरी तक स्वास्थ्य रहने वाली हेमलता श्रीवास्तव की अचानक कैसे 14 जनवरी को तबीयत बिगड़ी और फिर उन्हें घर के सामने स्थित मुखर्जी अस्पताल में भर्ती करवाया, तभी से उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनके हाथ में अल्सर हो गया। सुमित जैन ने बताया कि तरुण बहरानी वहां पर मौजूद थे और अस्पताल प्रबंधन की मदद से ना जाने क्या दवा दी गई कि हेमलता श्रीवास्तव की हालत इतनी बिगड़ गई। सुमित जैन का कहना है कि जिस वीडियो को मेडिकल काॅलेज का बताया जा रहा है, वो असल में मुखर्जी अस्पताल का है। अपनी मर्जी से किया था दानडॉ. सुमित जैन का दावा है कि हेमलता श्रीवास्तव ने अपने होशो-हवास में घर के बगल की करीब 11 हजार स्क्वायर फीट जमीन रजिस्टर्ड दान की थी। उनकी इच्छा थी कि ससुर बीएल श्रीवास्तव और बेटे रचित श्रीवास्तव के नाम से मेमोरियल अस्पताल बने और हम वहीं बनवा भी रहे हैं। सुमित जैन ने बताया कि रचित श्रीवास्तव साथ में पढ़ाई किया करते थे। हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी। हमेशा से उनके यहां आना-जाना लगा हुआ था। हेमलता श्रीवास्तव ने ही इच्छा जाहिर की थी कि और हम लगातार उनका ध्यान भी रख रहे थे। हमारी मां के सामान थी। यही वजह है कि जब भी कहीं भी उनका जाना होता था, वह हमसे ही बोलती थी। पहले बेटे फिर पति की हुई मौत डाॅ हेमलता श्रीवास्तव जबलपुर की सीनियर नेत्र रोग विशेषज्ञ है ळउनके बेटे भी डॉक्टर थे, जिनका 2022 में अचानक ही साइलेंट अटैक आ जाने से मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद पति-पत्नी ही अकेले घर पर रह रहे थे इसी बीच दिसंबर 2025 में उनके पति की भी मौत हो गई। जबलपुर के सबसे पॉश इलाके राईट टाऊन में अपनी बेशकीमती प्रॉपर्टी में रहने वाली डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव अब अकेली पड़ गईं। बीती 9 नवंबर 2025 को उन्होने जबलपुर में मेडिकल एजुकेशन से जुड़ी एक कॉन्फ्रेंस अटेंड की थी और तब वो पूरी तरह से स्वस्थ थीं... लेकिन 26 जनवरी को उनकी जूनियर और आईएमए जबलपुर की प्रेसीडेंट डॉक्टर रिचा शर्मा को जानकारी मिली कि डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की हालत ज़िंदा लाश जैसे हो गई है। बहन ने लिखा लेटर-घर पर मरना चाहती हैं डाॅ. हेमलता श्रीवास्तव की छोटी बहन कनकलता मिश्रा भी एमबीबीएस डॉक्टर है, जो राजस्थान में रहती है। बहन की तबीयत खराब होने की जानकारी जैसे ही उन्हें लगी तो वह भी जबलपुर आ गई। डॉक्टर हेमलता की बहन डॉक्टर कनकलता गायत्री ट्रस्ट परिवार से जुड़ी है। 15 जनवरी को ट्रस्ट से जुड़े लोग उन्हें कार में बैठाकर कहीं ले जा रहे थे। पड़ोसियों ने जब उन्हें रोका तो उनसे हुज्जत की गई, लेकिन पुलिस शिकायत होने पर रात में उन्हें घर छोड़ दिया गया। गंभीर हालत में भी उनकी बहन ने उन्हें ये कहते हुए हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करवा लिया था कि अब वो अपने घर में ही शांति से मौत को अपना लेंगी (डॉक्टर कनकलता का अस्पताल को लिखा लेटर )।आईएमए के डॉक्टर्स ने उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाने की कोशिश की तो उनके साथ भी डॉक्टर कनकलता की कहासनी हो गई। उन्होंने यह तक कह दिया कि बहन घर पर ही रहकर मरना चाहती हैं। आईएमए प्रेसिडेंट डॉक्टर रिचा शर्मा, सदस्य डाॅ अभिजीत विश्नोई ने प्रशासन की मदद लेकर डॉक्टर हेमलता को जबलपुर के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती करवाया है। जहां उनकी सेहत में सुधार की उम्मीद दिख रही है,हालांकि अभी वह वेंटिलेटर में हैं। आईएमए ने अंदेशा जताया है कि डॉक्टर हेमलता को भूखे प्यासे रखकर मारने की साजिश थी जिसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। कलेक्टर के निर्देश पर मेडिकल में किया भर्ती डाॅ. हेमलता श्रीवास्तव की तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें शहर के अलग-अलग अस्पताल में भर्ती करने की कोशिश की गई। आईएमए की शिकायत पर जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने इलाज के लिए उन्हें मेडिकल काॅलेज में भर्ती करवाया है। इसके साथ ही 5 डॉक्टर्स की टीम की निगरानी में डॉक्टर हेमलता का इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बुजुर्ग लेडी डॉक्टर की प्रॉपर्टी हथियाने की भी साजिश की जांच करवाने और मामले में वैधानिक कार्रवाई करने की बात की है। ये खबर भी पढ़ें…डॉ. हेमलता के लिए परेशानी बनी 50 करोड़ की प्रॉपर्टी जबलपुर की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की 50 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति अब उनके लिए परेशानी की वजह बन गई है। संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के चलते न सिर्फ कई लोगों की नजर इस प्रॉपर्टी पर है। आरोप है कि डॉ. श्रीवास्तव का इलाज भी इससे प्रभावित हो रहा है।पूरी खबर पढ़ें
गैस रिसाव के डर से रोका ट्रैफिक...:बैतूल–अहमदाबाद फोरलेन पर एलपीजी टैंकर पलटा, 6 घंटे तक जाम
बैतूल–अहमदाबाद फोरलेन पर शनिवार सुबह 8 बजे बड़ा हादसा हो गया। गुजरात से इंदौर जा रहे गैस टैंकर को मेघनगर की ओर से आ रहे मिनी ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर से टैंकर डिवाइडर पर चढ़कर पलट गया, मिनी ट्रक पहाड़ी से टकराया। छह घंटे जाम रहा। संयोग से एक दिन पहले ही चौराहे को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया था। गैस रिसाव की आशंका पर यातायात रोका गया। तीन रूट पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। चालकों को सामान्य चोटें आईं।
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एसीबी ने दूसरे दिन शनिवार को भी निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे से पूछताछ की। एसीबी ने पूछा कि आपकी नोएडा में भी कोई संपत्ति है। इस पर चौबे ने नोएडा में कोई संपत्ति होने से इनकार कर दिया। फिर पूछा गया कि उनके रिश्तेदारों के नाम पर रांची और अशोक नगर में जो प्रॉपर्टी है, वह कब और कैसे ली गई। चौबे ने इसका जवाब नहीं दिया। कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। इस मामले में पूछताछ के लिए विनय चौबे को एसीबी ने चार दिन की रिमांड पर लिया है। शनिवार को पूछताछ का दूसरा दिन था। एसीबी े मुताबिक पूछताछ में विनय चौबे से कोई खास सहयोग नहीं मिल रहा है। पूछताछ के पहले जांच एजेंसी रोज उनके स्वास्थ्य की जांच करवा रही है। पहले सदर अस्पताल में स्वास्थ्य की जांच कराई जाती है, फिर पूछताछ शुरू होती है। शनिवार को एसीबी में छुट्टी होने की वजह से वहां भीड़भाड़ नहीं रही। इसलिए उनसे लंबी पूछताछ चली। एसीबी को पता चला है कि चौबे ने अपनी प|ी स्वप्ना संचिता, ससुर एसएन त्रिवेदी, साले शिपिज त्रिवेदी और साले की प|ी प्रियंका त्रिवेदी के बैंक खातों और फर्मों का उपयोग निवेश के लिए किया। स्निग्धा सिंह व नवीन केडिया की तलाश तेज आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में फरार आरोपी स्निग्धा सिंह और शराब घोटाले के आरोपी नवीन केडिया की तलाश में एक बार फिर एसीबी ने छापेमारी तेज कर दी है। स्निग्धा सिंह पिछले कई महीने से फरार चल रही है। वहीं नवीन केडिया 13 जनवरी से फरार है। चौबे के सीए से 4 बिंदुओं की ले रही जानकारी एसीबी विनय चौबे के साथ उनके दो सीए उपेंद्र शर्मा और धनंजय कुमार से भी पूछताछ कर रही है। शनिवार को भी दोनों सीए से पूछताछ की गई। एसीबी इन दोनों से चौबे व उनके परिवार की नोएडा, पटना और रांची की संपत्ति के बारे में जानकारी ले रही है। उनकी आय और खर्च के अंतर को लेकर भी दोनों से सवाल किए जा रहे हैं। पूछा जा रहा है कि निश्चित अवधि में उनकी आय 2.20 करोड़ थी तो खाते में 3.47 करोड़ का लेनदेन कैसे हुआ।
न जांच, न ही मरीज की जरूरत; बस 300 रु. दीजिए...आधे घंटे में दिव्यांग भी पूरी तरह फिट
रांची सदर अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने में भारी गोरखधंधा हो रहा है। न कोई जांच और न मरीज की जरूरत, बस 300 रुपए दीजिए और आधे घंटे में दिव्यांग और गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के भी पूरी तरह से फिट होने का सर्टिफिकेट मिल जाएगा। जबकि किसी भी व्यक्ति को मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने से पहले ब्लड टेस्ट, ब्लड प्रेशर, आंखों की जांच सहित कई परीक्षण अनिवार्य होता है। फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने की सूचना पर भास्कर सदर अस्पताल पहुंचा। वहां कर्मचारी से बात की। बताया कि उन्हें सर्टिफिकेट चाहिए। उसने 300-300 रुपए मंागे। फिर एक नेत्रहीन और एक चलने-फिरने में पूरी तरह से असमर्थ व्यक्ति को पूरी तरह से फिट होने का सर्टिफिकेट जारी कर दिया। वह भी 30 मिनट में। यही हाल सिविल सर्जन कार्यालय का भी है। वहां चपरासी को इस काम के लिए लगा रखा है। वहां 1000 रुपए में बिना जांच के सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है। भास्कर ने कुल सात ऐसे सर्टिफिकेट बनवाए। इस पूरे लेनदेन का वीडियो फुटेज भास्कर के पास मौजूद है। आधे घंटे में मिल जाएगा... आखिर पैसे किसलिए दे रहे हैं रिपोर्टर : एक मेडिकल सर्टिफिकेट बनाना है? गार्ड : कब चाहिए? रिपोर्टर : आज ही, कॉलेज में देना है। गार्ड : 3-4 दिन लगेंगे। रिपोर्टर : कल मिल सकता है? गार्ड : 300 रुपए लगेंगे। रिपोर्टर: कब तक मिलेगा? गार्ड : आधे घंटे में। रिपोर्टर : और जांच...? गार्ड : मुस्कुराते हुए...पैसे किस लिए दे रहे हैं। प्रमाण दीजिए...तत्काल कार्रवाई करेंगे कर्मचारी अशोक मुंंडा रिपोर्टर व सिविल सर्जन ऑफिस के कर्मी में बातचीत कुसुम मिंज (बदला हुआ नाम) सोहन दास (बदला हुआ नाम) भास्कर रिपोर्टर और सिक्योरिटी गार्ड अमन कुमार में बातचीत रिपोर्टर : मेडिकल सर्टिफिकेट बनाना है? कर्मचारी : किसलिए? रिपोर्टर : सरकारी नौकरी लगी है, वहीं देना है। कर्मचारी:जेएसएससी वाला? रिपोर्टर : हां, वही। कर्मचारी : कुछ दिन पहले आपके साथी लोगों को भी बना कर दिया है। रिपोर्टर : अच्छा। कर्मचारी : 1000 रु. दीजिए। रिपोर्टर : कुछ कम कीजिए। कर्मचारी : गलत नहीं मांग रहे, सबसे वही लिए हैं। पैसे मेडिकल ऑफिसर तक भी जाता है। रिपोर्टर : ठीक है, लीजिए, कब तक मिलेगा? कर्मचारी : एक घंटे में घूमकर आइए, मिल जाएगा। 16 साल का सोहन दास जन्मजात नेत्रहीन है। मेडिकल अथॉरिटी ने उसे जो सर्टिफिकेट दिया है, उसके अनुसार उसकी दोनों आंखें सामान्य से बहुत छोटी है। मेडिकल भाषा में इसे माइक्रोपैथेलिमिया कहा जाता है। लेकिन सदर अस्पताल ने जो सर्टिफिकेट जारी किया, उसके अनुसार उसकी आंखें 6/6 यानी सामान्य हैं। 29 साल की कुसुम मिंज लोकोमोटर डिसएबिलिटी की शिकार है, यानी वह शारीरिक रूप से पूरी तरह अक्षम है और चलने-फिरने में भी असमर्थ है। मेडिकल अथॉरिटी ने उसे यही सर्टिफिकेट जारी किया है। लेकिन सदर अस्पताल ने 300 रुपए लेकर उसे पूरी तरह से फिट होने का सर्टिफिकेट दे दिया।
कोहरे के बीच मध्य प्रदेश के 15 जिलों में रविवार को आंधी-बारिश का अलर्ट है। सभी जिले उत्तरी हिस्से के हैं। श्योपुर-मुरैना में ओले भी गिर सकते हैं। आंधी की रफ्तार 30 से 40Km प्रतिघंटा तक रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिन तक प्रदेश में मावठा गिरेगा। इधर, रविवार को माघी पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु कड़ाके की ठंड के बीच नर्मदापुरम, बांद्राभान, जबलपुर, नरसिंहपुर, ओंकारेश्वर, महेश्वर में नर्मदा नदी और उज्जैन में शिप्रा नदी में डुबकी लगा रहे हैं। रविवार को जिन जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है, उनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा और राजगढ़ शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, सागर, विदिशा, उज्जैन, रतलाम में बादल छाए रह सकते हैं। इससे पहले छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में सुबह के समय मध्यम कोहरा रहा। भोपाल, इंदौर में भी कोहरे का असर देखा गया। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम इस वजह से ऐसा मौसममौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से ऐसा होगा। 2 और 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। जिसका एमपी में भी असर दिखेगा। यानी, 10 फरवरी तक प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश में जेट स्ट्रीम हवाओं का असर भी है। शनिवार को उत्तर भारत के ऊपर 12.6 किमी की ऊंचाई पर 213 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चली। इस वजह से एमपी के शहरों में भी सर्द हवाएं चलती रही। दूसरी ओर, दिन के तापमान में भी गिरावट देखी गई है। सिस्टम के लौटने पर सर्दी का असर बढ़ेगाबता दें कि पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग का कहना है कि जब सिस्टम वापस लौटेगा तो ठंड का असर एक दौर और आएगा। प्रदेश में दिन-रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। ग्वालियर, रीवा-दतिया में घना कोहराप्रदेश में घने कोहरे, बारिश और सर्दी का दौर जारी है। शनिवार सुबह ग्वालियर, रीवा और दतिया में घना कोहरा रहा। रीवा में विजिबिलिटी सबसे कम रही। सतना, भोपाल, उज्जैन, श्योपुर, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, देवास, रतलाम, राजगढ़, नर्मदापुरम, धार, गुना, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, बालाघाट समेत 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम कोहरे का असर देखा गया। इधर, रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, दिन में सर्दी का असर बढ़ा है। बड़े शहरों में तापमान 10 डिग्री से ज्यादा ही रहा। छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी-दतिया में 7.8 डिग्री, उमरिया में 7.9 डिग्री, रायसेन में 8.2 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, मंडला में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, नौगांव में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री और सीधी में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि, दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। सबसे पहले जानिए, जनवरी में कैसी रही ठंड ...जनवरी में प्रदेश में ठंड, कोहरे, ओले और बारिश का दौर रहा। आखिरी सप्ताह में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में बारिश हुई। वहीं, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में ओले भी गिरे। इस वजह से गेहूं, चना और सरसों की फसलें बर्बाद हो गईं। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी शुरू कराया है। ताकि, नुकसानी रिपोर्ट बन सके। इधर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर में रात के तापमान में गिरावट देखी गई। फरवरी में ऐसा रहेगा मौसममौसम विभाग के अनुसार, पहले ही सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। शुरुआत 4 दिन तक बारिश होने की संभावना है। 2 और 5 फरवरी को फिर से नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इनके गुजरने के बाद ठंड का एक और दौर आ सकता है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती है, दिन गर्मराजधानी भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहींफरवरी के महीने में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर, दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंडग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसमजबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौरउज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।
‘मेरी मां और भाभी घर की ग्राउंड फ्लोर पर बैठी खाना खा रही थी। इसी बीच पटाखे जैसी एक जोरदार आवाज सुनाई दी। जैसे ही भाभी फर्स्ट फ्लोर पर पहुंची वहां इब्राहिम बालकनी के करीब खून से लटपट हालत में अचेत पड़ा था। यह देखते ही भाभी मौके पर ही बेहोश हो गई। मैं भी घर में मौजूद था उनके ठीक पीछे मैं कमरे में अंदर पहुंचा। जहां भतीजे को खून से सन देख मेरे होश उड़ गए।’इतना कहते ही गोली लगने से जान गंवाने वाले तीसरी कक्षा के छात्र इब्राहिम के चाचा रेहान का गला रूंधने लगा। सिसकते हुए रेहान ने बताया कि घटना के समय उनके बड़े भाई रिजवान घर में मौजूद नहीं थे। वे दोस्तों के साथ पार्टी करने परवलिया सड़क स्थित एक ढाबे पर गए हुए थे। बच्चे को जमीन पर अचेत देख आनन-फानन में मैं पड़ोसियों की मदद से उसे गोद में लेकर कमला नेहरू अस्पताल रवाना हुआ। इसी बीच बेहोश भाभी को होश आ गया और वह भी मेरे साथ अस्पताल जाने की जिद करने लगी। मैं उन्हें भी साथ ले गया…करीब 1 घंटे बाद बड़े भाई भी अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में इलाज के दौरान भतीजे की शनिवार की सुबह मौत हो गई। इब्राहिम बहुत चंचल स्वभाव का था और मेरे से बहुत प्रिय था। उसकी मौत ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। इब्राहिम को शनिवार की रात बाद नमाज ए ईशा छोला थाना क्षेत्र स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया। बेटे की मौत के बाद से सदमे में आए माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पुलिस की अब तक की जांच में यह साफ नहीं हो सका है कि बच्चे ने स्वयं को गोली मारकर सुसाइड किया है अथवा खेल-खेल में गोली चली है। एसीपी बोले-सुसाइड के एंगल पर शुरू की जांचएसीपी राकेश सिंह बघेल ने बताया कि बच्चों के कनपटी पर गन शॉट के निशान आए हैं। पीएम करने वाले डॉक्टरों ने फिलहाल यह स्पष्ट किया है कि बच्चों ने सुसाइड किया है। हालांकि उसने ऐसा क्यों किया इस बात का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। परिजनों ने भी घर में बच्चों को किसी भी प्रकार की डांट-फटकार किए जाने की बात से इनकार किया है। बच्चों के पिता रिजवान के बयानों में यह साफ हुआ है कि शुक्रवार को उनके घर में सफाई कार्य किया गया। इस दौरान बच्चों के हाथ में घर में रखी अवैध पिस्तौल जो रिजवान के जीजा वाहिद नूर की बताई जा रही है। इसे उसने परिजनों की जानकारी के बगैर अपने पास छुपाया। देर रात इसी पिस्टल से गोली चली और बच्चे की मौत हो गई। पहले भी चर्चा में रहा वाहिद नूरगौतम नगर पुलिस के मुताबिक वाहिद नूर डीआईजी बंगला इलाके मोबाइल दुकान का संचालन करता था। साल 2019 में सीरियल किलिंग के आरोप में गिरफ्तार मंडीदीप के ट्रेलर आदेश खामरा को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आदेश ने लूट की नीयत से करीब दो दर्जन से अधिक ट्रक ड्राइवर को देश के अलग-अलग राज्यों में मौत के घाट उतारे जाने की बात स्वीकार की थी। इन्हीं वारदातों में से एक ट्रक में लोड लोहे को आदेश द्वारा वाहिद नूर के मार्फत निशातपुरा इलाके की एक लोहा फैक्ट्री में बेचे जाने की बात स्वीकार की गई थी। वाहिद नूर का नाम एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि जिस पिस्टल की गोली लगने से इब्राहिम की मौत हुई, वह वाहिद नूर की थी। पिता के बयानों में वाहिद नूर का नाम सामने आयामृतक बच्चे के पिता रिजवान के बयान सामने आए हैं, जिसमें अवैध पिस्टल से गोली चलने की बात कही गई है। मृतक बच्चे के पिता रिजवान लाला के बयान पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। रिजवान ने बताया कि उसका जीजा वाहीद नूर, निवासी जहांगीराबाद, करीब एक महीने तक बक्श कॉलोनी, जेपी नगर स्थित उनके मकान में रहकर गया था। इसी दौरान उसकी एक अवैध कंट्री मेड पिस्टल घर में रह गई, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। पिता के मुताबिक शुक्रवार को घर में सफाई चल रही थी। इसी दौरान बच्चे के हाथ पिस्टल लग गई। देर रात करीब 1:50 बजे बच्चा घर की बालकनी में खून से लथपथ अचेत अवस्था में मिला। घटना के समय रिजवान लाला दोस्तों के साथ परवलिया सड़क स्थित एक ढाबे पर थे। तभी पत्नी का फोन आया, जिसमें बच्चे के घायल होने की सूचना मिली। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में तीसरी के छात्र की गोली लगने से मौत भोपाल के गौतम नगर इलाके में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र इब्राहिम की सिर में गोली लगने से मौत हो गई। अब मामले में पिता का बयान सामने आया है, जिसमें अवैध पिस्टल से गोली चलने की बात कही गई है। मृतक बच्चे के पिता रिजवान लाला के बयान पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं।पूरी खबर पढ़ें
वीसी में मुख्यमंत्री के निर्देश-:किसानों से लगातार संवाद करें कलेक्टर
सभी कलेक्टर लगातार किसानों के साथ संवाद करें और मंडियों का निरीक्षण भी करते रहें। कृषक कल्याण वर्ष में पूरा फोकस कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार ढूंढने में हो। साथ ही ये प्रयास हो कि खेती के उत्पादों का मूल्य संवर्धन कैसे हो। कृषि उत्पादों के लिए पूरी कमर्शियल चेन भी विकसित की जाएगी। यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए। उन्होंने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स-कलेक्टर्स को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष किसानों को गर्मी की मूंग की जगह अधिक से अधिक रकबे/मात्रा में मूंगफली और उड़द की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जलवायु, ऊर्जा और सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए ई-विकास पोर्टल के बारे में जानकारी दें। कृषि सेक्टर में वित्त के नए स्रोत उपलब्ध कराने के लिए प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड जैसी योजनाओं से संसाधन जुटाए जाएंगे। अगले दो साल प्रदेश में 50 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को दो कार्यक्रमों में भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुढ़ में 1.80 करोड़ रुपए से बने भैरवनाथ मंदिर एवं परिसर का लोकार्पण किया और रीवा में सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के पास 350 करोड़ रुपए के नवीन मेडिकल कैम्पस का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ आधुनिक विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भैरवनाथ मंदिर को आस्था और प्राचीन विरासत का जीवंत प्रतीक बताया। मेडिकल कैम्पस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 से पहले जहां प्रदेश में 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अगले दो वर्षों में इनकी संख्या 50 हो जाएगी।
चुनाव गैर दलीय, फिर भी पार्टियां लेटर पैड पर दे रही प्रत्याशियों को समर्थन
झारखंड में नगर निकाय चुनाव गैर दलीय आधार पर हो रहा है। इसमें नियम है कि कोई भी पार्टी किसी प्रत्याशी के पक्ष में सार्वजनिक और लिखित रूप से समर्थन की घोषणा नहीं करेगा। ऐसा करना आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होगा। लेकिन राज्य में छोटे-बड़े सभी दल पूरी तरह से चुनाव में घुसपैठ कर चुके हैं। हर पार्टी कार्यालयों में निकाय चुनाव को लेकर रोज बैठकें हो रही हैं। नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायतों में किसे समर्थन दिया जाए, इस पर मंथन हो रहा है। यही नहीं, पार्टी अध्यक्ष अपने लेटर पैड पर प्रत्याशियों के समर्थन की घोषणा कर रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी मान रहे हैं कि लेटर पैड पर लिखित रूप से किसी प्रत्याशी के समर्थन की घोषणा करना गलत है। पर, वे औपचारिक रूप से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं होते। जिला निर्वाचन पदाधिकारी भी इस संबंध में भ्रम की स्थिति में हैं। लेटर पैड पर समर्थन देने की घोषणा पर रामगढ़ में जेएलकेएम जिला अध्यक्ष और प्रत्याशी पर एफआईआर हुई है, पर लोहरदगा में झामुमो जिला अध्यक्ष के ऐसे ही मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। -शेष पेज 10 पर जेएलकेएम के रामगढ़ जिलाध्यक्ष पर आचार संहिता उल्लंघन का केस झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के जिलाध्यक्ष देवानंद कुमार महतो, जेएलकेएम नेता संतोष कुमार महतो और रामगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष पद की प्रत्याशी अनीता कुमारी के खिलाफ रामगढ़ थाने में आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। शुक्रवार को जेएलकेएम के लेटर पैड पर प्रेस विज्ञप्ति और प्रेस वार्ता के माध्यम से नगरपरिषद अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी के नाम की घोषणा की गई। प्रत्याशी का परिचय, 10 सूत्री विजन और जनता के नाम संदेश भी जारी किया गया। इस संबंध में रामगढ़ के सहायक निर्वाची पदाधिकारी अनिल कुमार रजक ने रामगढ़ थाना प्रभारी को आवेदन दिया था। पार्टियों पर ये है पाबंदी... लोहरदगा झामुमो जिला अध्यक्ष ने लेटर पैड पर की समर्थन की घोषणा लोहरदगा के जिला झामुमो अध्यक्ष मोजम्मिल अहमद ने अपने लेटर पैड पर जारी प्रेस विज्ञप्ति में बालमुकुंद लोहरा को नगर परिषद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के लिए समर्थन की घोषणा की है। अहमद ने कहा कि झामुमो ने पार्टी के नीति सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने और आम लोगों शहरवासियों की इच्छा को देखते हुए बालमुकुंद लोहरा को अध्यक्ष पद के लिए समर्थन देने का निर्णय लिया है। इस प्रेस विज्ञप्ति के बारे में पूछने पर मोजम्मिल अहमद ने बताया कि हां, वह पत्र उनके ही लेटर पैड पर लिखा गया है तथा उस पर किया गया हस्ताक्षर भी उनका ही है। इस पर लोहरदगा डीसी कुमार ताराचंद ने कहा कि इस संबंध में नोटिसा जारी किया जाएगा और राज्य चुनाव आयोग से निर्देश मांगा जाएगा।
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य निशुल्क दवा योजना (मां) में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। गलत फीडिंग के कारण डॉक्यूमेंट मिस मैच होने से पीबीएम हॉस्पिटल के विभिन्न विभागों में 25 से 42 प्रतिशत तक क्लेम रिजेक्ट हो गए हैं। इसे लेकर पीबीएम अधीक्षक सहित छह विभागाध्यक्षों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन विभागों में अब मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। दरअसल बीमा कंपनी ने प्रदेश के 28 जिलों में सरकारी अस्पतालों के क्लेम रिजेक्ट किए हैं, जिनमें से ज्यादा क्लेम बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल के हैं। राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर जिले के प्रभारी मंत्री होने के बावजूद पीबीएम की परफॉर्मेंस पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सरकारी हॉस्पिटल में मां योजना के तहत भर्ती होने वाले मरीजों के इलाज की राशि बीमा कंपनी देती है। इसके लिए भर्ती मरीजों की डिटेल और डॉक्यूमेंट बीमा कंपनी को भेजे जाते हैं। तमाम डॉक्यूमेंट और जरूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड होने के बाद बीमा कंपनी मरीज के इलाज में खर्च होने वाली राशि इलाज करने वाले सरकारी हॉस्पिटल के राजकीय खाते में ट्रांसफर करती है। कई मामलों में डॉक्यूमेंट और जानकारी अधूरी भेजने के कारण बीमा कंपनी ने क्लेम कर दिए। इसमें अधीक्षक से लेकर एचओडी, यूनिट हेड, नर्सिंग ऑफिसर और निचले कर्मचारियों की लापरवाही मानी जा रही है। चिकित्सा निदेशालय आयुक्त नरेश गोयल ने पीबीएम अधीक्षक सहित मेंटल हेल्थ, कैंसर, टीबी एंड चेस्ट, ईएनटी और बच्चा अस्पताल के एचओडी/ इंचार्ज को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसी तर्ज पर अधीक्षक ने भी उन्हीं एचओडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। भास्कर इनसाइट- निरोगी में ज्यादा खर्च, 65 करोड़ की देनदारियां मां योजना में पैकेज कम लगने के साथ ही सबसे ज्यादा क्लेम रिजेक्ट होने ने पीबीएम प्रशासन की परफॉर्मेंस में कोढ़ में खाज का काम किया है। दरअसल 2025 में पीबीएम में मां योजना के तहत भर्ती हुए 49713 मरीजों को उपचार किया गया था, जबकि निरोगी राजस्थान के तहत 67605 मरीजों का इलाज किया गया। यानी 18 हजार से अधिक मरीजों के इलाज का खर्च पीबीएम को मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी से वहन करना पड़ा। इसका बड़ा कारण मां योजना के तहत डीएम अप्रूवल में विलंब माना जा रहा है। इसके अधिकांश केस कैंसर और हार्ट के मरीजों के हैं। इलाज महंगा होने के कारण परिजन सेम डे ई मित्र पर 850 रुपए जमा करवाकर रसीद कटवाते हैं। ऐसे मरीजों का इलाज मां योजना के तहत शुरू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अप्रूवल 72 घंटे में मिलनी चाहिए, जो नहीं मिलती। नियमानुसार यह मरीज तीन महीने के बाद इलाज लेने के योग्य बनते हैं, लेकिन मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टर्स को इलाज शुरू करना पड़ा है। डीएम अप्रूवल के अभाव में प्रदेश के मरीजों को तो निरोगी राजस्थान योजना के तहत निशुल्क इलाज का फायदा मिलता है, लेकिन पीबीएम मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी का खजाना खाली हो जाता है। यह खजाना मां योजना में ज्यादा से ज्यादा पैकेज बुक होने पर ही भरता है, जो नहीं हो पा रहा है। हालात ये है कि मरीजों के इलाज पर ठेकेदारों के सालों से जमा ईएमडी और एसडी के भी करोड़ों रुपए खर्च कर डाले। वर्तमान में सोसायटी पर करीब 65 करोड़ की देनदारी बताई जा रही है। भास्कर एनालिसिस : इन कारणों से रिजेक्ट हो रहे क्लेम किस विभाग के कितने प्रतिशत क्लेम रिजेक्ट हुए मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट - 25 कैंसर रिसर्च सेंटर - 27.43 टीबी एंड चेस्ट - 27.50 ईएनटी - 30.31 पीबीएम मेडिसिन - 38.77 बच्चा हॉस्पिटल - 41.86 “मां योजना में हमारे काफी क्लेम रिजेक्ट हुए हैं। इसकी जांच करवाई जा रही है। संबंधित विभागों के एचओडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। पैकेज कम बुक होना चिंता का विषय है। डीएम अप्रूवल के लिए रोज आठ-दस केस भेज रहे हैं। निरोगी योजना में खर्च बढ़ रहा है।” - डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम हॉस्पिटल
बाबा राइस मिल ग्रुप व आढ़तियों पर छापेमारी में 50 लाख कैश और मिले, कुल 3.50 करोड़ बरामद
बाबा राइस मिल ग्रुप और चावल आढ़तियों के 42 ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी तीसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान और 50 लाख रुपए कैश मिले हैं। इसे साथ ही कुल 3.50 करोड़ रुपए कैश बरामद हो चुके हैं। इसके अलावा ज्वेलरी और कई अहम दस्तावेज भी मिले हैं। आयकर विभाग को आशंका है कि कच्चे कागजात पर कारोबार कर टैक्स चोरी का बड़ा मामला सामने आ सकता है। उधर, हवाला के माध्यम से भी पैसों के लेनदेन के सबूत मिले हैं। इस बिंदु पर भी विभाग जांच कर रहा है। उधर, छापेमारी में जो दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, उसका सत्यापन किया जा रहा है। गौरतलब है कि आयकर विभाग ने इन ठिकानों पर गुरुवार को एक साथ छापेमारी की थी। इसमें विभाग के 500 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी लगे हैं।
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक फरवरी का महीना सामान्य से ज्यादा गर्म रह सकता है। IMD डायरेक्टर ने बताया कि फरवरी में रातें कम ठंडी और दिन ज्यादा गर्म हो सकते हैं। इसका कारण ला-नीना का कमजोर होना बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के 30 जिलों में शनिवार को घना कोहरा रहा, जिससे विजिबिलिटी 10 मीटर तक रह गई। कोहरे के कारण 2 हादसों में 11 गाड़ियां टकराईं और 15 लोग घायल हुए। वहीं, इटावा में डबल डेकर बस पलट गई। राज्य में 60 से ज्यादा ट्रेनें और लखनऊ एयरपोर्ट पर 4 उड़ानें लेट रहीं। राजस्थान में जयपुर समेत कई जिलों में शनिवार शाम को बारिश हुई। वहीं अजमेर में बारिश के साथ ओले भी गिरे। IMD ने आज 13 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि यलो अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में कालापानी और आदि कैलाश में तापमान माइनस 30 डिग्री तक गिर गया है। यहां नदी, नाले और झरने जम गए हैं। पिथौरागढ़ सीमा पर SSB के जवान माइनस 35 डिग्री में गश्त कर रहे हैं। नदियां और जलस्रोत जम जाने से जवान बर्फ पिघलाकर पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में कोहरा, बारिश और सर्दी का दौर जारी है। शनिवार सुबह ग्वालियर, रीवा और दतिया में घना कोहरा और 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम कोहरा रहा। रीवा में विजिबिलिटी सबसे कम रही। खजुराहो में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया। देशभर से मौसम की 4 तस्वीरें… अन्य राज्यों में मौसम का हाल... अगले 2 दिन के मौसम का हाल… 2 फरवरी: दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहेंगे। मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात में बारिश की संभावना है। हिमाचल, उत्तराखंड में बर्फबारी हो सकती है। बिहार, झारखंड में कोहरा रह सकता है। असम, मेघालय में भी बारिश की संभावना है। 3 फरवरी: हिमाचल प्रदेश में 3 फरवरी को ऊंचे क्षेत्रों में ही बारिश-बर्फबारी की संभावना है। उत्तर प्रदेश में बारिश हो सकती है।
आनंद नगर में बुलडोजर का विरोध:पटवारी बोले- 40 साल की वफादारी का क्या यही इनाम
राजधानी के आनंद नगर में दुकानों को हटाने के आदेश पर सियासत गरमा गई है। शनिवार को पीड़ित व्यापारियों ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी से मुलाकात कर अपना दर्द साझा किया। पटवारी ने सरकार की इस कार्रवाई को 'गरीब विरोधी और अमानवीय' करार दिया है। पटवारी ने कहा, जिस क्षेत्र ने 40 साल से भाजपा को वोट दिया, आज उसी जनता को बुलडोजर से कुचला जा रहा है। क्या भाजपा का यही धन्यवाद है? उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को लाभ मिला, जबकि छोटे दुकानदारों को 20-50 हजार रुपये थमाकर उनके साथ मजाक किया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बिना पुनर्वास और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के रोजी-रोटी छीनना सरासर अन्याय है। पटवारी ने कलेक्टर से फोन पर चर्चा कर कार्रवाई रोकने का आग्रह किया। साथ ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई लड़ने के निर्देश भी दिए हैं।
बिजली कंपनी की सख्ती...:बकायादार फिर से कनेक्शन जोड़ न लें, इसलिए घर के बाहर बंदूकधारी
राजधानी में लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले बड़े बकायादारों के खिलाफ बिजली कंपनी ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अब केवल नोटिस तक सीमित न रहते हुए कनेक्शन काटे जा रहे हैं और अवैध रूप से दोबारा बिजली कनेक्शन जोड़ने से रोकने के लिए परिसरों पर हथियारबंद सुरक्षा कर्मी तैनात किए जा रहे हैं। यह अभियान भोपाल सिटी सर्किल के पूर्व और उत्तर संभाग के पुराने शहर क्षेत्रों में चल रहा है। बीते पांच दिनों में कंपनी करीब 97 लाख रुपए की बकाया राशि वसूल चुकी है। सिटी सर्किल के जीएम प्रदीप सिंह चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई सभी जोनों में जारी रहेगी। दो-स्तरीय वसूली रणनीति बिजली कंपनी ने वसूली के लिए दो-स्तरीय रणनीति लागू की है। पहले चरण में बड़े बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटे जाते हैं। दूसरे चरण में संबंधित परिसर पर सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाते हैं, जिससे अवैध रूप से कनेक्शन जोड़ने या कर्मचारियों के काम में बाधा डालने की कोशिश न हो सके। इसके लिए सेना और विशेष सशस्त्र बलों से सेवानिवृत्त सुरक्षा कर्मियों को हायर किया गया है। हथियारबंद गार्डों की मौजूदगी से बकायादारों पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी बन रहा है। भानपुर जोन में पहला प्रयोग- इस रणनीति का पहला प्रयोग भानपुर जोन में किया गया। जोन मैनेजर महेश कोली के अनुसार, बकायादार उपभोक्ताओं के घरों पर सुरक्षा गार्ड और लाइन कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सख्त निगरानी के चलते पांच उपभोक्ताओं से ही लगभग पांच लाख रुपए की बकाया राशि की वसूली संभव हो सकी। इन पर हुई कार्रवाई- अभियान के तहत मो. नफीस (बकाया लगभग 97,258 रुपये), उमा कुशवाह (लगभग 1.26 लाख रुपये), मो. रिजवान (लगभग 47 हजार रुपये), पूजा विश्वकर्मा (लगभग 64 हजार रुपये) और मीरा बाई (लगभग 35 हजार रुपये) जैसे उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की गई है।
पानीपत की विभिन्न अदालतों ने न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने, आदेशों की अवहेलना करने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के मामलों में पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की है। अदालतों ने कड़ा संदेश दिया है कि न्याय में देरी या पुलिसिया लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, बीते दिनों कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने पर तीन पुलिस कर्मियों को कोर्ट सजा भी सुना चुकी है। जिनमें दो महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहीं। तीनों ही मामलों में अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया में गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य है, विशेषकर पुलिसकर्मियों के लिए जो कानून के रक्षक हैं। आदेशों की अवहेलना करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पानीपत की अदालतों द्वारा पुलिस अधिकारियों पर की गई कार्यवाही का विवरण 1. SHO अनिल (थाना सेक्टर-29, पानीपत): कारण: कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लिए गए एक मामले में शिकायत। कार्रवाई: इस मामले में एसपी पानीपत से रिपोर्ट मांगी गई थी, जिस पर विचार अभी बाकी है। मामले को 7 फरवरी 2026 के लिए स्थगित किया गया है। 2. SHO श्रीनिवास (थाना किला, पानीपत): कारण: अदालत द्वारा पुलिस कार्यप्रणाली पर स्वतः संज्ञान ली गई शिकायत। कार्रवाई: BNSS की धारा 223 के तहत SHO को सुनवाई का अवसर देने के लिए नोटिस जारी किया गया है। साथ ही एसपी पानीपत से इस घटना की रिपोर्ट तलब की गई है। 3. पूर्व SHO राजीव कुमार (थाना तहसील कैंप): कारण: एक मामले में आरोपी को नाबालिग घोषित करने की अर्जी पर रिपोर्ट और हलफनामा दाखिल करने में अत्यधिक देरी की। कार्रवाई: अदालत ने पाया कि बार-बार अवसर देने के बावजूद जवाब पेश नहीं किया गया। अब उनके खिलाफ BNS की धारा 208(b) और 210(b) के तहत आरोप तय कर दिए गए हैं। अगली सुनवाई 17 फरवरी 2026 को होगी। 4. हेड कांस्टेबल राजबीर सिंह (समन स्टाफ, पानीपत): कारण: दो गवाहों के खिलाफ जारी जमानती वारंट को तामील करने में लापरवाही बरती और केवल फोन पर सूचना देने की रिपोर्ट लगाकर वापस कर दिया। कार्रवाई: कोर्ट ने इसे वारंट के निष्पादन में जानबूझकर डाली गई बाधा माना. उनके खिलाफ धारा 207 (BNS) के तहत संज्ञान लेते हुए 8 अप्रैल 2026 के लिए समन जारी किए गए हैं। 5. कांस्टेबल अजय: कारण: व्यक्तिगत रूप से समन तामील होने के बावजूद 3 जुलाई 2024 को अदालत में गवाही देने के लिए पेश नहीं हुए। कार्रवाई: कोर्ट ने इसे आदेशों का उल्लंघन और धारा 174 IPC के तहत अपराध माना. उन्हें 19 दिसंबर 2025 के लिए समन किया गया है। 6. कांस्टेबल सिया राम: कारण: न्यायिक आदेशों की अवहेलना से संबंधित मामला। कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ धारा 207 BNS के तहत आरोप तय किए गए हैं। उन्हें ₹30,000 के बेल बॉन्ड और बैंक FDR जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 7 अप्रैल 2026 को होगी। 7. अजय (थाना तहसील कैंप): कारण: नायब कोर्ट के माध्यम से अदालत के संदेश प्राप्त करने के बावजूद संबंधित रिपोर्ट भिजवाने में विफल रहीं। कार्रवाई: एसपी पानीपत द्वारा उनके खिलाफ अलग से विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। गवाही से गैरहाजिर रहने पर इन तीन को हो चुकी सजा न्यायिक आदेशों की अवहेलना और अदालत में गवाही के लिए उपस्थित न होना पुलिसकर्मियों को भारी पड़ चुका है। पानीपत के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की प्री-लोक अदालत ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एक उप-निरीक्षक (SI) और दो महिला कांस्टेबलों को दोषी करार देते हुए सजा सुना चुकी है। इन सभी पुलिसकर्मियों ने अदालत के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार किया, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी है। 1. SI विनोद कुमार (चौकी थर्मल, पानीपत): आरोप: SI विनोद कुमार को 'स्टेट बनाम गौरव' नामक एक सत्र मामले में गवाह के रूप में तलब किया गया था। समन की तामील होने के बावजूद वे 29 मई 2024 को अदालत में पेश नहीं हुए। फैसला: अदालत ने इसे धारा 174 आईपीसी के तहत अपराध माना। आरोपी ने प्री-लोक अदालत में अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी दी और पहली बार अपराध होने के कारण नरम रुख अपनाते हुए उन्हें रिहा कर दिया। 2. महिला कांस्टेबल रोजी (महिला थाना, पानीपत): आरोप: कांस्टेबल रोजी को 'स्टेट बनाम लकी' केस में 30 मई 2024 को गवाही के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना था। कानूनी रूप से बाध्य होने के बावजूद वे अनुपस्थित रहीं। फैसला: उनके खिलाफ धारा 174 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया। 26 जुलाई 2024 को लोक अदालत के दौरान उन्होंने बिना किसी दबाव के अपना जुर्म कबूल कर लिया। अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए भविष्य के लिए कड़ी हिदायत देकर मामला निपटा दिया। 3. महिला कांस्टेबल सोनिया (थाना इसराना, पानीपत): आरोप: कांस्टेबल सोनिया को 'स्टेट बनाम अर्जुन' मामले में 30 मई 2024 को गवाह के तौर पर बुलाया गया था. वे भी अदालत के आदेशों का उल्लंघन करते हुए पेश नहीं हुईं। फैसला: उनके विरुद्ध धारा 174 आईपीसी के तहत शिकायत दर्ज की गई थी। अदालत में पेश होकर सोनिया ने स्वेच्छा से अपना अपराध स्वीकार किया। न्यायाधीश ने उन्हें दोषी ठहराया लेकिन पूर्ववृत्त और पहला अपराध देखते हुए चेतावनी देकर रिहा करने के आदेश दिए।
हरियाणा के झज्जर जिले में इन दिनों एक शादी का कार्ड चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है कार्ड पर लिखी एक अनोखी और सख्त शर्त, जिसमें साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि जो भी व्यक्ति शराब पीकर विवाह समारोह में पहुंचेगा, उसे कार्यक्रम में प्रवेश नहीं मिलेगा। इस शर्त ने न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा है, बल्कि इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। झज्जर जिले में रेढूवास गांव के रहने वाले ओमप्रकाश वशिष्ट अपने पोते अनिल की शादी कर रहे हैं। शादी समारोह सामान्य रीति-रिवाजों के साथ किया जा रहा है, लेकिन यह शादी बेहद खास इसलिए बन गई है, क्योंकि यह परिवार शादी के साथ-साथ समाज में एक विशेष संदेश दे रहा है। घर के मुखिया ने शादी को लेकर ये बातें बताईं… समाज के लिए परिवार बना अनोखी मिशाल ओमप्रकाश वशिष्ट का बड़ा परिवार है। उनके 3 बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा नवीन, मंझला चंद्रहास और सबसे छोटा जयभगवान है। इन तीनों भाइयों के 6 बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी और 5 बेटे हैं। यह पूरा परिवार एक ही घर में एक साथ रहता है। परिवार में 13 सदस्य हैं, जिनका एक ही चूल्हे पर खाना बनता है। बारात सामान्य तरीके से जाएगी ओमप्रकाश वशिष्ट ने बताया कि शादी समारोह बेहद ही सादे तरिके से किया जा रहा है। इसमें बारात भी सामान्य तरीके से जाएगी और करीब परिवार और रिश्तेदारी के 100 सदस्य ही बारात लेकर जाएंगे। तीनों भाईयों का एक ही कारोबार ओमप्रकाश के बेटे चंद्रहास ने बताया कि उनके परिवार में सारे फैसले उनके पिता करते हैं। उन्होंने बताया कि तीनों भाइयों का एक ही कारोबार है। ओमप्रकाश ने बताया कि उनके बेटे किराना की होलसेल व रिटेलिंग शॉप चलाते हैं। उनके बेटे नवीन और चंद्रहास दोनों की एक दुकान है। दोनों भाई व उनके बच्चे एक ही दुकान को संभालते हैं। वहीं, तीसरे जयभगवान की दूसरी जगह दुकान है। भाई के दोस्त की ससुराल में हुआ रिश्ता चंद्रहास ने बताया कि बड़े भाई नवीन के बेटे अनिल की शादी है। उसकी शादी गुरुग्राम के गांव रामपुरा में तय की गई है। वहां बड़े भाई की ससुराल है। उन्हारेंने बताया कि उनका एक दोस्त है जो अक्सर दुकान पर भी आता है। उसी की बेटी सपना से रिश्ता तय हुआ है। शादी साधारण ढंग से ही की जाएगी।
अवैध स्लॉटरिंग:बैरसिया से लाए जा रहे 15 मवेशी पकड़े
शुक्रवार देर रात बैरसिया से भोपाल अवैध स्लॉटरिंग के लिए लाए जा रहे मवेशियों से भरा ट्रक कंटेनर हिंदू संगठन के सदस्यों ने पकड़ लिया। कंटेनर में कुल 16 मवेशी थे, जिनमें 13 भैंस और तीन पाड़े थे। ऐशबाग थाना पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ट्रक, मवेशियों के मालिक, चालक और हेल्पर को थाने ले गई, जहां उन पर मामला दर्ज किया गया। मवेशियों का मालिक भोपाल निवासी शाहरुख कुरैशी है। उसने मेमोरैंडम में बताया कि वह बैरसिया से मवेशी लेकर आया था और उन्हें भोपाल काटने के लिए लाया जा रहा था। कंटेनर चालक गौरव सिंह था, जबकि उसके साथ हेल्पर मोहम्मद इरशाद मौजूद था। तीनों ने बताया कि मवेशी बैरसिया बाजार से खरीदे गए हैं। उन्होंने नगर निगम परिषद की सात रसीदें पेश कीं, लेकिन परिवहन या वध से जुड़े कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पहले भी पकड़ाए थे यही आरोपी मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात बैरसिया पुलिस ने आरोपी शाहरुख और इरशाद को पकड़ा था। ये दोनों आरोपी 11 मवेशियों को बैरसिया से भोपाल अवैध स्लॉटरिंग के लिए ला रहे थे। पुलिस ने जब इन आरोपियों से मवेशियों और कंटेनर के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे थे। तो उनके पास कोई दस्तावेज नहीं मिले थे। स्लॉटर हाउस सील इस मामले में आरोपियों ने अपने मेमोरैंडम में बताया है कि वो मवेशियों को बैरसिया से भोपाल काटने के लिए लेकर आ रहे थे। गोमांस की घटना होने के बाद से भोपाल के नगर निगम के स्लॉटर हाउस को सील कर दिया गया है। ऐसे में भोपाल में अवैध स्लॉटरिंग के लिए मवेशियों को लाया जा रहा है।
प्रयागराज में माघ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी माघी पूर्णिमा के साथ ही आज माघ मेले का एक और स्नान पर्व शुरू हो चुका है। रविवार को संगम में पावन स्नान के साथ ही लाखों कल्पवासियों का एक माह का कठिन व्रत, तप और साधना भी पूर्ण हो जाएगी। ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। माघी पूर्णिमा स्नान के साथ पूरा होगा कल्पवास माघ मेले में कल्पवास कर रहे श्रद्धालु पूरे एक माह तक संयम, नियम और साधना का पालन करते हैं। माघी पूर्णिमा के स्नान के साथ ही उनका कल्पवास विधिवत रूप से पूर्ण माना जाता है। इसके बाद कल्पवासी अपने-अपने गंतव्यों की ओर लौटना शुरू कर देते हैं। इसी क्रम में रविवार से ही माघ मेले से कल्पवासियों की वापसी का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जिसे देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां कर ली हैं। वापसी को लेकर ट्रैफिक पुलिस का विशेष प्लान कल्पवासियों और स्नानार्थियों की वापसी के दौरान जाम की स्थिति न बने, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने रविवार, सोमवार और मंगलवार के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें। संगम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद अंतिम स्नान और वापसी को देखते हुए संगम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। एटीएस, एसटीएफ और लोकल इंटेलिजेंस टीमें सतर्क हैं। जल में सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड रिलीफ टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा ड्रोन और सीसीटीवी से लगातार निगरानी के साथ ही मेडिकल टीम और आपदा प्रबंधन दल पूरी तरह मुस्तैद है। माघी पूर्णिमा पर 50 से 55 लाख श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है। हालांकि, पूर्व के स्नान पर्वों में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए यह संख्या और बढ़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। बन रहा दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग ज्योतिष के जानकारों के अनुसार 2026 की माघी पूर्णिमा विशेष ज्योतिषीय संयोगों से युक्त है। पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 01 फरवरी को सुबह 05:53 बजे शुरू होगी और समापन 02 फरवरी को सुबह 03:39 बजे होगा। इस वर्ष सूर्य मकर राशि में तथा चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित हैं, जिससे विशेष पुण्यकारी योग बन रहा है। विशेष रूप से 01 फरवरी को प्रातः 05:53 से 10:59 बजे तक का समय स्नान, दान और पूजा के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
हरियाणा के नारनौल शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल अभी तक शुरू न होने के कारण सवालों के घेरे में आ गए हैं। नगर परिषद की ओर से करीब 29 लाख रुपये की लागत से लगाए गए ट्रैफिक लाइट सिस्टम फिलहाल शोपीस बने हुए हैं। जिससे न केवल आमजन को परेशानी हो रही है, बल्कि ट्रैफिक नियंत्रित करने में पुलिस को भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसकी वजह से यहां पर दिन में कई बार ट्रैफिक जाम हो जाता है। इन जगहों पर लगी थी नगर परिषद ने महावीर चौक, हीरो होंडा चौक और महेंद्रगढ़ रोड स्थित कोर्ट मोड़ पर ट्रैफिक लाइटें लगाने के लिए टेंडर जारी किया था। वर्क ऑर्डर मिलने के बाद 11 जनवरी को महावीर चौक पर रेड और ग्रीन ट्रैफिक लाइटें इंस्टॉल कर दी गईं। 20 दिन में नहीं हुई शुरू ये लाइटें इन्वर्टर बैटरी आधारित हैं, जिनमें बिजली कटने की स्थिति में भी करीब आठ घंटे तक बैकअप रहने की व्यवस्था है। बावजूद इसके, करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी ये ट्रैफिक लाइटें चालू नहीं हो पाई हैं। ये बोले लोग स्थानीय नागरिक राहुल वर्मा, विनय जिंदल और दिनेश शर्मा ने बताया कि ट्रैफिक लाइटें शुरू न होने से आम लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महावीर चौक पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। वार्निंग लाइटें जली हालांकि कुछ स्थानों पर सोलर पैनल से चलने वाली ब्लिंकर यानी वार्निंग लाइटें चालू कर दी गई हैं। इनमें महेंद्रगढ़ रोड पर कोर्ट मोड़, सेक्टर-एक मोड़, रेवाड़ी रोड पर गंदे नाले के पास तथा हीरो होंडा चौक के पास लगी वार्निंग लाइटें शामिल हैं। इन लाइटों का उद्देश्य वाहन चालकों को चौराहों के प्रति सतर्क करना है, ताकि वे गति धीमी कर सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ सकें। इसके अलावा होंडा चौक के पास एक और लाइट लगाने की योजना है। दस साल पहले भी लगी गौरतलब है कि करीब दस साल पहले भी इन्हीं स्थानों पर ट्रैफिक लाइटें लगाई गई थीं, लेकिन समय के साथ रखरखाव के अभाव में वे खराब हो गईं और शोपीस बनकर रह गईं। परिणामस्वरूप यातायात व्यवस्था पूरी तरह पुलिसकर्मियों के भरोसे चलने लगी थी। सबसे व्यस्त चौराहा महावीर चौक को शहर का सबसे व्यस्त चौराहा माना जाता है, जहां सुबह सात बजे से रात दस बजे तक हजारों वाहन गुजरते हैं। ट्रैफिक लाइटें बंद रहने के कारण यहां रोजाना पांच से सात पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ रहा है, जिससे पुलिस पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
हरियाणा में सोनीपत की रहने वाली दिल्ली पुलिस की कमांडो काजल की हत्या में नया खुलासा हुआ है। काजल की मां मीना के अनुसार, काजल जिस स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ती थी, उसी स्कूल में उसके पति अंकुर की छोटी बहन निधि पढ़ाती थी। इस वजह से काजल को अंकुर के बारे में पहले से ही जानकारी थी। कॉलेज टाइम में गन्नौर से पानीपत आते-जाते समय काजल और अंकुर के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। ग्रेजुएशन के बाद काजल ने परिवार को अंकुर के बारे में बताया। परिवार ने शर्त रखी कि जब तक दोनों को सरकारी नौकरी नहीं मिल जाती, तब तक उनकी शादी नहीं हो सकती। मीना ने यह भी बताया कि अंकुर से शादी करने के लिए काजल ने दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल का एग्जाम पहले ही अटेम्प्ट में पास कर लिया। काजल के नौकरी लगने के छह महीने बाद अंकुर को भी नौकरी मिल गई, जिसके बाद परिवार वाले उनकी शादी के लिए राजी हो गए। शादी के बाद काजल को एक बेटा हुआ। 22 जनवरी को दिल्ली के फ्लैट में काजल और अंकुर के बीच झगड़ा हो गया। अंकुर ने गुस्से में काजल के सिर पर डंबल मारा। काजल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 27 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दिल्ली पुलिस इस मामले में अंकुर को गिरफ्तार कर चुकी है। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए काजल की मां ने क्या बताया….. अब जानिए काजल की हत्या कैसे हुई…. 20 जनवरी को डंबल मारा मीना ने बताया कि 20 जनवरी को काजल मायके से दिल्ली के लिए गई थी। अंकुर ने 26 जनवरी की ड्यूटी का हवाला देते हुए उसे दिल्ली में ही रुकने के लिए कहा। 21 और 22 जनवरी को काजल ड्यूटी पर गई। 22 जनवरी की शाम 6 बजे उसने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की। उसी रात, काजल और अंकुर के बीच विवाद हुआ। रात 10 बजे अंकुर ने गुस्से में काजल के सिर पर डंबल से वार कर दिया। 27 जनवरी को अस्पताल में मौत मीना ने बताया कि अंकुर ने काजल के भाई निखिल को फोन करके घटना की जानकारी दी और बताया कि वह उसे अस्पताल ले जा रहा है। काजल को पहले दिल्ली के पार्क अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे 27 जनवरी को गाजियाबाद के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- कमांडो काजल की हत्या में खुलासा:मां बोली- दामाद के अवैध संबंध, गाड़ी-डेढ़ लाख न देने पर बुरा व्यवहार किया, पति के कारनामे जानती थी हरियाणा में सोनीपत जिले की रहने वाली दिल्ली पुलिस की कमांडो काजल की हत्या के मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। काजल की मां ने आरोप लगाया कि शादी से पहले काजल के पति अंकुर के दूसरी लड़कियों से अवैध संबंध थे। यह बात काजल को बताई थी, लेकिन फिर भी उसने अंकुर से शादी की। पढ़ें पूरी खबर…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (1 फरवरी) लुधियाना के हलवारा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। PM मोदी जालंधर से वर्जुअल माध्यम से ये उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर हलवारा एयरपोर्ट पर अफसर, राज्य सरकार के मंत्री, विधायक व भाजपा नेता शामिल रहेंगे। हलवारा एयरपोर्ट बनाने का बीज मुख्यमंत्री रहते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बोया। उसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने इसके निर्माण कार्य की शुरुआत करवाई और अब भगवंत मान ने इसे उड़ान भरने के लिए तैयार करवाया। हलवारा एयरपोर्ट तैयार होने में 7 साल लग गए। जमीन अधिग्रहण से लेकर एयरपोर्ट को शुरु करवाने तक प्रशासन को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने अलग-अलग स्तर पर समस्याओं का निराकरण करते हुए यह एयरपोर्ट तैयार करवाया। लुधियाना के ही साहनेवाल एयरपोर्ट से फ्लाइट्स को उड़ान भरने में दिक्कत होती थी, जिसकी वजह लुधियाना में नया एयरपोर्ट बनाने की डिमांड हुई। आदमपुर में एयरपोर्ट निर्माण के बाद लुधियाना के कारोबारियों ने हलवारा में एयरपोर्ट बनाने की मांग की। 2018 में इसे मंजूरी मिली जो कि 2026 में कंप्लीट हुआ। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि एक मार्च से लुधियाना से दिल्ली के बीच फ्लाइट्स शुरु होंगी। डेली लुधियाना और दिल्ली के बीच 2 फ्लाइट चलेंगी। उसके बाद जैसे जैसे डिमांड बढ़ेगी वैसे वैसे अन्य शहरों के लिए भी फ्लाइट शुरू की जाएंगी। एयर इंडिया ने फ्लाइट शुरू करने के लिए लिखा पत्रप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन करने के बाद जल्दी ही यहां से फ्लाइट शुरू कर दी जाएंगी। एयर इंडिया की तरफ से लुधियाना से दिल्ली व अन्य शहरों के लिए फ्लाइट शुरू करने के लिए पत्र लिखा गया है। जैसे-जैसे यात्रियों की डिमांड होगी उसके हिसाब से बैंगलूरू, मुंबई, कोलकाता समेत सभी बड़े औद्योगिक शहरों में फ्लाइट शुरू की जाएंगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया इसके लिए अन्य एयरलाइंस के साथ भी बात कर रही है। इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए करना होगा इंतजारलुधियाना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अभी डोमेस्टिक टर्मिनल का निर्माण किया गया है। जल्दी ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया इंटरनेशनल टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण करेगी। उसके बाद इंटरनेशनल फ्लाइट्स भी शुरू कर दी जाएंगी। ग्लाडा और AAI का ज्वाइंट वैंचर है एयरपोर्टइसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की 51 फीसदी हिस्सेदारी है और पंजाब सरकार की 49 फीसदी है। पंजाब सरकार की तरफ से यह काम ग्लाडा ने करवाया है। इस तरह एयरपोर्ट ग्लाडा और एएआई का ज्वाइंट वेंचर है। LIAL करेगी एयरपोर्ट का संचालनहलवारा एयरपोर्ट के निर्माण और प्रबंधन के लिए 'लुधियाना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड' (LIAL) कंपनी बनाई गई है। इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में पंजाब सरकार के सिविल एविएशन डिपार्टमेंट की सेक्रेटरी, ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर व एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी होंगे। एयरपोर्ट निर्माण पर खर्च की गई कुल राशिटर्मिनल बिल्डिंग आदि के निर्माण पर लगभग ₹70 करोड़ के करीब खर्च हुए। इसमें से ₹27 करोड़ मुख्य टर्मिनल बिल्डिंग के लिए और ₹27 करोड़ विमानों के खड़े होने और टैक्सी-वे (Tarmac) के लिए खर्च किए गए हैं। इसके अलावा एप्रोच रोड के निर्माण पर भी 10 करोड़ के करीब खर्च किए गए। वहीं 161.27 एकड़ जमीन के बदले किसानों को लगभग ₹39.40 करोड़ का मुआवजा वितरित किया गया। किसानों को प्रति एकड़ मुआवजा लगभग ₹20.61 लाख (पुनर्वास भत्ते सहित) तय किया गया था। हलवारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फायदे…. हलवारा एयरपोर्ट के लिए किसने क्या किया.. कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व CM: हलवारा एयरपोर्ट के विजन और एग्रीमेंट (2018-2021) का श्रेय पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह को जाता है। उन्होंने लुधियाना के इंडस्ट्रियलिस्ट्स की मांग पर केंद्र से बात की। दिसंबर 2018 में कैबिनेट ने AAI के साथ MoU साइन किया और 161.27 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कराया। नींव तो रखी गई, लेकिन काम की रफ्तार सुस्त रही। चरणजीत चन्नी, पूर्व CM: छोटे से कार्यकाल में चरणजीत सिंह चन्नी ने इस प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाया। नवंबर 2021 में उन्होंने मौके पर जाकर बाउंड्री वॉल का काम शुरू कराया। दावा किया गया कि जल्द उड़ानें शुरू होंगी, लेकिन चुनावों के चलते फाइलें फिर ठंडे बस्ते में चली गईं। भगवंत मान, CM पंजाब: भगवंत मान सरकार ने इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर लिया। फंड की कमी को दूर करने के लिए 47 करोड़ रुपए की विशेष ग्रांट जारी की गई। टर्मिनल बिल्डिंग, एप्रोच रोड और लाइटिंग का ज्यादातर काम इसी कार्यकाल में पूरा हुआ। संजीव अरोड़ा, कैबिनेट मंत्री: राज्य सभा सदस्य रहते हुए संजीव अरोड़ा ने केंद्र सरकार के मंत्रियों से एयरपोर्ट निर्माण के लिए संपर्क करते रहे। यही नहीं संजीव अरोड़ा लगातार एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्माण कार्य का जायजा लेने हलवारा जाते रहे। रवनीत बिट्टू, केंद्रीय राज्य मंत्री: रवनीत सिंह बिट्टू ने सांसद रहते हुए और बाद में केंद्रीय राज्य मंत्री बनने के बाद केंद्र सरकार के साथ इस प्रोजेक्ट को लेकर लगातार बातचीत की। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अफसरों व सेना के अफसरों से तालमेल करके इस काम को आगे बढ़ाया। उन्हाेंने भी कई बार निर्माण कार्य का जायजा लिया। एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण में क्या हुआ ------------ यह खबर भी पढ़ें… PM मोदी आज पंजाब में:डेरा बल्लां में पंगत में लंगर छकेंगे, आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलेंगे, हलवारा एयरपोर्ट का भी उद्घाटन PM नरेंद्र मोदी आज पंजाब के जालंधर आएंगे। गुरु रविदास की जयंती पर PM रविदासिया समाज के सबसे बड़े डेरा सचखंड बल्ला में माथा टेकेंगे। PM जालंधर के आदमपुर एयरपोर्ट पर दोपहर बाद 3 बजकर 45 मिनट पर उतरेंगे। यहां पंजाब की BJP लीडरशिप उनका स्वागत करेगी। (पूरी खबर पढ़ें)
गैस त्रासदी:भारतीय दोषी कुरैशी की मौत की पुष्टि
भोपाल गैस त्रासदी के भारतीय दोषियों के मामले में सीबीआई ने भोपाल कोर्ट में यूनियन कार्बाइड प्लांट के सुपरवाइजर की डेथ वेरिफिकेशन रिपोर्ट पेश की है। जिसमें बताया गया है कि भारतीय दोषी एसआई कुरैशी की 26 दिसंबर 2025 को नागपुर में मौत हो गई है। जिसका मृत्यु प्रमाण पत्र महाराष्ट्र शासन की ओर से जारी किया गया है। एसआई कुरैशी के मौत के बाद 7 भारतीय दोषियों में से 4 की मौत हो चुकी है। कोर्ट ने एसआई कुरैशी की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए उसे अभिलेखागार में जमा कराने का आदेश दिया है। बता दें कि 12 जनवरी 2026 को सुनवाई के दौरान भोपाल कोर्ट में आवेदन लगाया गया था कि दोषी एसआई कुरैशी की नागपुर में मौत हो चुकी है। जिसके वैरिफिकेशन के लिए कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया था। इस मामले में फिलहाल एसपी चौधरी, किशोर कामदार और जे मुकंद जिंदा हैं। इनके अलावा केशब महिंद्रा, केवी शेट्टी, एसआई कुरैशी और विजय प्रभाकर गोखले की मौत हो चुकी है। 15 साल पहले दायर हुई अपील भोपाल सीजेएम (चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट) सीजेएम कोर्ट ने 7 जून 2010 को भारतीय दोषियों को सजा सुनाई थी। इसके बाद दोषियों ने भोपाल कोर्ट में अपील दायर की, जो 15 साल से लंबित है। करीब चार साल पहले दोषियों ने सीबीआई पर दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाते हुए आवेदन दिया था। कोर्ट ने उस पर फैसला सुरक्षित रखा है, जिसे मुख्य अपील के साथ सुनाया जाएगा। 15 साल बाद भी अपील पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। फैली थी कुरैशी की मौत की अफवाह करीब चार साल पहले कोर्ट में बताया गया था कि भारतीय दोषी एसआई कुरैशी की मौत हो चुकी है, जिसे सीबीआई ने सत्यापित किया था। जांच में एसआई कुरैशी जीवित पाए गए और सीबीआई ने कोर्ट को जानकारी दी। चार साल बाद फिर मौत की सूचना पर कोर्ट ने दोबारा सत्यापन के आदेश दिए। सीबीआई की रिपोर्ट में एक महीने पहले कुरैशी की मृत्यु की पुष्टि हुई। 15 सालों में 259 बार सुनवाई इस मामले में भोपाल कोर्ट में 28 जून 2010 को भोपाल में अपील लगाई थी। जिसे 29 जून को रिकॉर्ड पर लिया गया था। इसके बाद से इस मामले में पिछले 15 सालों में 259 बार सुनवाई की जा चुकी है। लेकिन, अंतिम निर्णय कोई भी नहीं आया है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।
भोपाल वाटर स्पोर्ट्स हब:छोटे तालाब की लहरों पर पल रहा वर्दी का सपना
भोपाल वॉटर स्पोर्ट्स हब बन रहा है। आर्मी, नेवी, बीएसएफ समेत अन्य एजेंसियों में स्पोर्ट्स कोटे से होने वाली भर्तियों के ट्रायल की तैयारी के लिए 15 राज्यों के खिलाड़ी इन दिनों छोटी झील पर कयाकिंग, कैनोइंग, रोइंग में हुनर आजमा रहे हैं। प्रयागराज से आए राज और भुवनेश्वर कहते हैं, पिछले चार महीने से यहां यूपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। प्रयागराज में नदियां तो हैं, लेकिन भोपाल जैसी सुविधा नहीं है। भोपाल इसलिए पहली पसंद इन राज्यों के खिलाड़ी मप्र कयाकिंग-कैनोइंग एसो. के अध्यक्ष पीएस बुंदेला के अनुसार मणिपुर, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, बिहार, यूपी सहित कई राज्यों के खिलाड़ी यहां अभ्यास करते हैं।
28 माह बाद दूध फिर महंगा:गाय का दूध 52, भैंस का 66 रुपए में मिलेगा , प्रति लीटर पर 2 रुपए बढ़े
शहर में दूध की कीमतों में इजाफा किया गया है। निजी डेयरी संचालकों ने 28 माह बाद रविवार से दूध के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। अब गाय के दूध की कीमत होम डिलीवरी में 54 और काउंटर पर 52 रुपए प्रति लीटर होगी। इससे पहले होम डिलीवरी में दाम 52 रुपए और काउंटर पर 50 रुपए प्रति लीटर रेट थी। भैंस का गोल्ड दूध 64 रुपए से बढ़कर 66 रुपए प्रति लीटर हो जाएगा। निर्णय उदयपुर दुग्ध व्यापार संघ की शनिवार को हुई बैठक में किया गया। अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र पालीवाल ने बताया कि बढ़ी हुई दरों से किसानों और व्यापारियों दोनों को फायदा मिलेगा। भास्कर इनसाइट- रोज 2 लाख लीटर से ज्यादा की खपत शहर में निजी और सरस डेयरी दूध की सप्लाई करती है। हालांकि सरस ने दूध के दाम नहीं बढ़ाए हैं। पिछली बार दूध के दाम में 1 अक्टूबर, 2023 को वृद्धि की गई थी। तब भी 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। अब 28 माह बाद फिर से दूध के दाम बढ़े हैं। शहर में रोज 2 लाख लीटर से ज्यादा दूध की खपत होती है। इसमें से सर्वाधिक 1 लाख लीटर हिस्सा निजी डेयरियों का है। 70 हजार लीटर सरस (उदयपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ) और शेष अमूल व अन्य कंपनियों की सप्लाई है।
छात्राओं पर वार:आरोपी गिरफ्त से दूर, पुलिस फुटेज के भरोसे
भोपाल में गुरुवार रात 10:30 से 11 बजे के बीच एक सिरफिरे ने 3 छात्राओं पर चाकू से हमला कर दिया था। घटना हुए 24 घंटे से होने के बाद भी पुलिस अभी तक उसका पता नहीं लगा सकी है। हमला करने वाला आरोपी अभी भी खुलेआम बाहर घूम रहा है। यही नहीं पुलिस अभी तक आरोपी की पहचान भी नहीं कर सकी है। फिलहाल पुलिस की पूरी जांच सिर्फ सीसीटीवी फुटेज पर टिकी है। एसीपी गोविंदपुरा अदिति भावसार ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है। फिलहाल उसे ट्रैक किया जा रहा है। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपी ने सुनसान इलाके में मिली छात्राओं को अपना निशाना बनाया है। पीड़िताओं ने भास्कर से बात करते हुए बताया कि आरोपी ने पहले उनपर चाकू से हमला किया। इसके बाद आरोपी कुछ दूर बाइक से जाता था। कुछ सेकेंड के बाद आरोपी वापस उनके पास लौटता था। भीड़ इकट्ठा होने पर आरोपी मौके से भाग जाता था। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान आरोपी अपनी बाइक पर ही बैठा रहता था। सोनागिरी सेक्टर-ए में एक छात्रा जब घर के बाहर टहल रही थी। आरोपी बाइक से आया और किसी नुकिली चीज से हमला कर दिया था। छात्रा की कमर में चोट आई थी।
सुभाष नगर से एम्स तक के प्रोयोरिटी कॉरीडोर पर मेट्रो शुरु करने के बाद बोगदा पुल से करोंद के रूट का काम तेज कर दिया गया है। जिसके तहत सिंधी कॉलोनी से डीआईजी बंगला चौराहे तक संकरी सड़क किनारे बनी दुकानें और मकानों को हटाया जाना है। जिसके लिए बैरागढ़ एसडीएम रविशंकर राय ने भू-अर्जन का काम शुरु कर दिया है। यहां पर 100 से अधिक दुकानें और मकान हटाए जाने हैं। जिसको लेकर शुक्रवार को उत्तर विधायक आतिफ अकील इस रूट को अंडरग्राउंड कराने की मांग को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से मिले। इसके पहले सांसद आलोक शर्मा भी शहरी क्षेत्र में मेट्रो रूप को अंडरग्राउंड करने की मांग कर चुके हैं। विधायक अकील ने बताया कि पुराने शहर के भोपाल टॉकीज, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला क्षेत्र में घनी आबादी होने के साथ ट्रैफिक का दवाब अधिक होता है। ऐसे में मेट्रो के एलिवेटेड पिलर की वजह से इस सड़क किनारे बनी 100 से अधिक दुकान और मकानों को हटाया जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों के कारोबार पर असर पड़ेगा। अकील ने कहा कि अंडरग्राउंड ट्रेक बनाने से आम लोगों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा। एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाने की मांग अकील ने कहा कि इस रूट पर मेट्रो को अंडरग्राउंड करने के साथ एलिवेटेड फ्लाईओवर भी बनाया जाना चाहिए, जिससे यहां के ट्रैफिक के दवाब को कम किया जा सके। पिलर पर मेट्रो रूट बनाने से भविष्य में फ्लाईओवर की संभावना भी मुश्किल हो जाएगी। फिलहाल इस एरिया में आबादी के साथ-साथ वाहनों का दवाब भी बढ़ता जा रहा है। कलेक्टर ने इस मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखने का आश्वासन भी दिया। बदलाव मुश्किल, क्योंकि रूट के टेंडर हो चुके हैंजानकारों की माने तो एम्स से करोंद तक 16 किमी का रूट तैयार होना है। पूरा रूट कहां पर कैसा रहेगा, ये पहले से तय है। ऐसे में इसमें बदलाव करना मेट्रो अफसरों के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगी, क्योंकि अभी एलिवेटेड रुट के तहत काम होना है। इसलिए विधायक की मांग कैसे पूरी होगी इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मौसम का पारा फिर उछला:मौसम के उतार-चढ़ाव भरे मिजाज ; न ठंड कम, न गलन, दिन 27.8 तो रात 13 डिग्री
जनवरी का आखिरी दिन मौसम के उतार-चढ़ाव भरे मिजाज में बीता। शनिवार को अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.3 डिग्री अधिक रहा। यह दो दिन में 8.8 डिग्री बढ़ा है। न्यूनतम तापमान भी 6.1 डिग्री बढ़कर 13 डिग्री पहुंच गया। जनवरी में औसत अधिकतम तापमान 24.5 और न्यूनतम 7.6 डिग्री रहता है। पारे में बढ़ोतरी के बावजूद बादलों के कारण ठिठुरन और गलन बनी रही। सुबह कोहरा छाया रहा, जो दिन चढ़ने पर छंट गया। मावठ का यलो अलर्ट रहा, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा के अनुसार मेवाड़ समेत दक्षिणी राजस्थान में दक्षिणी हवाओं की दिशा में हो रहे परिवर्तन के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। अगले दो-तीन दिन बादल छाए रहेंगे। तापमान में फिर से गिरावट और पाला पड़ने की संभावना है। हल्का कोहरा भी हो सकता है।
एसआईआर:डीके की जगह ‘देवेंद्र कुमार’ लिखा तो BLO एप ने पकड़ा, सरनेम भी छूटा तो नाम बाहर
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत चल रहे वोटर लिस्ट सत्यापन में भोपाल में बड़े पैमाने पर विसंगतियां सामने आई हैं। 6 प्रकार की तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं की संख्या करीब 7 लाख से ज्यादा थी। इनमें उम्र, माता-पिता, संतान और जेंडर से जुड़ी गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं। हालांकि इनमें से 5 लाख मतदाताओं की त्रुटियां सुधार दी गई हैं। लेकिन, इन्हीं विसंगतियों के कारण भारत निर्वाचन आयोग को गणना पत्रक जमा करने की तारीख कई बार बढ़ानी पड़ी। अब 14 फरवरी तक इन विसंगतियों को दूर करने की जिम्मेदारी जिले के अफसरों को सौंपी गई है। ये गड़बड़ियां बीएलओ एप के जरिए पकड़ी गई हैं। शुरुआत में 6 प्रकार की विसंगति वाले मतदाताओं का फील्ड वेरिफिकेशन बीएलओ को बीएलओ एप के जरिए करना था। बाद में निर्देश बदले गए और यह जिम्मेदारी जिले में सुनवाई करने वाले 181 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को दे दी गई। अब सभी 2 लाख मतदाताओं को नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। रोजाना नो-मैपिंग वाले मतदाताओं के साथ इन मामलों की भी सुनवाई हो रही है। आयोग के बार-बार बदले निर्देशों से एईआरओ और बीएलओ पर काम का दबाव बढ़ गया है। जिला प्रशासन के अनुसार बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर जाकर नोटिस दें। यदि मौके पर ही दस्तावेजों के आधार पर सुधार हो जाता है, तो ऐसे मतदाताओं को सुनवाई के लिए कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी। 5 लाख त्रुटियां सुधारीं... दो लाख को सुनवाई के लिए बुला रहे ऐसे होगा सुधार.… ऐसे पकड़ी गड़बड़ी 1. शाॅर्ट नाम लिखने पर: रजिस्ट्रेशन नंबर 2003 की वोटर लिस्ट में नाम डीके लिखा था। नई डिजिटल लिस्ट में नाम ‘देवेंद्र कुमार’ लिखा तो बीएलओ एप ने पकड़ा लिया। शार्ट नाम लिखने की बात सामने आने पर एप ने नाम बाहर हो गया।2. बेटियों का लिंक दादा से: एक वोटर्स रमेश राठौर की 8 संतान हैं छह बेटे हैं जबकि 2 बेटी हैं। 2003 के फार्म में वोटर्स ने 6 बेटों का लिंक पिता से बताया था जबकि 2 बेटी की डिटेल दादा के रिकॉर्ड से बता दी।3. पिता का नाम: पिता का नाम अधूरा/गलत दर्ज किया गया। सॉफ्टवेयर ने पहचान नहीं की और नाम सूची से बाहर कर दिया गया4. सरनेम ( उपनाम ): सरनेट छूट गया तो बीएलओ एप ने इसे अलग व्यक्ति मान लिया और नाम ऑटोमेटिक हट गया।
भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी करीब 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत मामले में अब परिवार व ग्रामीणों ने मिलकर कमेटी का गठन किया है। अब वह कमेटी मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगी और मांग करेगी कि मनीषा मौत मामले में खुलासा करने की डिमांड की जाएगी। इससे पहले 31 जनवरी तक सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को इस मामले में खुलासा करने का अल्टीमेटम दिया गया था। लेकिन अभी तक खुलासा नहीं करने के चलते 31 जनवरी को गांव में पंचायत की। जिसमें मनीषा का परिवार व गांव के अनेक लोग शामिल हुए। जिसमें एक कमेटी बनाई गई। जिसमें गांव के 11 लोगों की कमेटी बनाई गई। वहीं इसके अलावा आसपास के गांवों के 2-2 सदस्य, जिसमें से एक सरपंच व एक अन्य को शामिल किया गया है। यह कमेटी मुख्यमंत्री से टाइम लेकर जल्द से जल्द मुलाकात करेगी। इस दौरान मांग करेंगे कि मनीषा मौत मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) जल्द से जल्द खुलासा करे। 8 गांवों की होगी पंचायतमनीषा के पिता संजय ने बताया कि गांव की पंचायत हुई थी। जिसमें फैसला लिया कि अब कमेटी मुख्यमंत्री से मिलेगी और मांग रखी जाएगी कि इस मामले में जल्द से जल्द खुलासा किया जाए। संजय कुमार ने कहा कि सीबीआई को 31 जनवरी तक का समय दिया गया था। लेकिन सीबीआई द्वारा कोई भी खुलासा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सभी रिपोर्ट आ चुकी हैं और मामला स्पष्ट हो चुका है, लेकिन अभी तक खुलासा नहीं हो पाया। उसकी बेटी को आज तक न्याय नहीं मिल पाया है। सीबीआई की जांच भी चल रही है। सीबीआई ने 90 दिन का टाइम मांगा था, जो कब का पूरा हो चुका है। जबकि सीबीआई जांच को शुरू हुए करीब 5 माह हो चुके हैं। । लेकिन सीबीआई खुलासा नहीं कर रही, पता नहीं क्यों नहीं कर रही। 11 अगस्त को लापता हुई, 13 अगस्त को शव मिलासंजय ने बताया था कि उसकी बेटी मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बार वह नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कहकर गई थी। जिसके बाद मनीषा घर नहीं लौटी। इसके बाद 13 अगस्त को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा हुआ मिला। इसके बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाया और पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। लोगों ने मनीषा को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन किया। वहीं 18 अगस्त को पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया। इसके बाद लोगों का विरोध बढ़ गया। बढ़ते आंदोलन को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाया और जांच CBI को सौंप दी। भिवानी 4 दफा जांच के लिए पहुंच चुकी CBIबता दें कि पुलिस द्वारा जांच के बाद हरियाणा सरकार ने इस मामले को CBI को सौंप दिया था। जिसके बाद 3 सितंबर को CBI की टीम भिवानी पहुंची। टीम जांच के लिए 4 बार भिवानी आ चुकी है और अपने स्तर पर जांच कर चुकी है। इसके बाद वह दिल्ली लौट गई। सीबीआई के भिवानी पहुंचने के बाद 107 दिन हो चुके हैं, लेकिन CBI की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल जानकारी सांझा नहीं की है।
68वीं झारखंड ओपन एथलेटिक मीट के दूसरे दिन साइकिल रेसव राइफल शूटिंग बनी आकर्षण का केंद्र
भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा एथलेटिक एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित 68वीं झारखंड ओपन एथलेटिक मीट के दूसरे दिन प्रतियोगिताएं दर्शकों के लिए रोमांच और उत्साह का केंद्र रहीं। इस अवसर पर साइकिल रेस और राइफल शूटिंग प्रतियोगिताओं ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। यह प्रतियोगिता झारखंड की सबसे पुरानी एथलेटिक प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है, जिसे जीवंत बनाए रखना सभी का दायित्व है, ऐसा संगठन सचिव संजय कुमार साहू ने कहा। स्वागत समिति के अध्यक्ष हाजी अफसर कुरैशी ने कहा कि लोहरदगा की पहचान एथलेटिक प्रतियोगिता से भी जुड़ी है और इसे और बेहतर बनाना जरूरी है। निदेशक एफ.डी. इंटरप्राइजेज हाजी जब्बारुल ने इसे शहर में छिपी खेल प्रतिभा को सामने लाने का बेहतरीन मंच बताया। पुरुष वर्ग की साइकिल रेस 25 किलोमीटर की दूरी भंडरा चट्टी से शुरू हुई, जबकि महिला वर्ग की 10 किलोमीटर की रेस भंडरा से सुभारंभ हुई। पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान लोहरदगा के रामबिलास पासवान ने प्राप्त किया, द्वितीय स्थान सोमा उरांव (सिसई, गुमला) और तृतीय स्थान सहबीर उरांव (लोहरदगा) के नाम रहा। महिला वर्ग में लोहरदगा की नीमा कुमारी विजेता बनीं, द्वितीय स्थान आरती कुमारी (गुमला) और तृतीय सीता कुमारी साहू (लोहरदगा) को मिला। राइफल शूटिंग में पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान रोहित साहू (लोहरदगा) ने प्राप्त किया, सुदीप मालाकार (धनबाद) द्वितीय और सौरभ साहू (लोहरदगा) तृतीय रहे। महिला वर्ग में अनुपमा जाना (जमशेदपुर) प्रथम, लक्ष्मी कुमारी मंन्हो (लोहरदगा) द्वितीय और अंजलि कुमारी (रांची) तृतीय रहीं। इस दिन लांग जंप, हाफ स्टेप ऑफ जम्प, ऊंची कूद, तीरअंदाजी और 10,000 मीटर रेस का आयोजन भी किया गया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और जलेबी रेस ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। समारोह में दशकों से सेवा देने वाले सदस्यों को सम्मानित किया गया। विजेताओं को प्रमुख अतिथियों, विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य उमेश्वर नाथ तिवारी, संतोश पंडा, संजय कुमार साहू, अनवर खान, अभिजीत पात्रा, हाजी अफसर कुरैशी और कार्यकारी सचिव किशोर कुमार वर्मा भी उपस्थित थे। मंच संचालन और कार्यक्रम का समन्वय सफलतापूर्वक किया गया। 68वीं झारखंड ओपन एथलेटिक मीट का यह दूसरा दिन खेलकूद, प्रतिस्पर्धा और उत्साह के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें युवा प्रतिभाओं ने अपने दमखम का प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया।
जेएमएस स्कूल में सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति किया जागरूक
लोहरदगा|जेएमएस. विद्यालय में शनिवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात संकेतों और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं विद्यार्थियों ने पोस्टर और पेंटिंग के माध्यम से सड़क सुरक्षा के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। बच्चों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने जैसे विषयों पर आकर्षक चित्र बनाए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कक्षा छह के छात्रों द्वारा प्रस्तुत सड़क सुरक्षा पर आधारित नाटक रहा। नाटक के माध्यम से छात्रों ने सड़क पर चलते समय सावधानियों, यातायात संकेतों के पालन और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों को जीवंत रूप में दर्शाया। नाटक को उपस्थित सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने खूब सराहा। इस अवसर पर विद्यालय की निर्देशिका एडवोकेट सुषमा सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नियमों का पालन कर न केवल हम स्वयं सुरक्षित रह सकते हैं, बल्कि दूसरों की जान भी बचा सकते हैं। प्रधानाध्यापिका दीपा शिखर ने छात्रों को सड़क सुरक्षा नियमों का नियमित रूप से पालन करने का निर्देश देते हुए कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकती हैं।
भास्कर न्यूज| लोहरदगा साहू परिवार और लोहरदगा जिला क्रिकेट एसोसिएशन के संयुक्त बैनर तले आईपीएल के तर्ज पर 10 फरवरी से शुरू हो रहे चार दिवसीय बलदेव साहू मेमोरियल टी 20 क्रिकेट टूर्नामेंट के सफल आयोजन को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। इस क्रम में बीएस कॉलेज निकट स्थित क्रिकेट स्टेडियम के सभागार में शनिवार को बैठक का आयोजन हुआ। जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित संगठन के अध्यक्ष सह पूर्व राज्य सभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने टूर्नामेंट की हर एक जानकारी विस्तार पूर्वक दी। उन्होंने बताया कि लोहरदगा के लिए यह टूर्नामेंट ऐतिहासिक क्षण होगा। जो छोटे पर्दे पर बड़ा धमाल साबित होगा। आयोजन को लेकर प्रत्येक दृष्टिकोण से तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। 10 फरवरी को टूर्नामेंट का शुभारंभ होगा। शुभारंभ मैच का प्रमुख चेहरा व उद्घाटनकर्ता भोजपुरी कलाकारा अक्षरा सिंह होंगी। जो 10 फरवरी को मैच के शुभारंभ में शामिल होंगी। बताया झारखंड के अलग अलग आठ जगहों से कुल 8 टीम क्रिकेट एसोसिएशन की टीम बलदेव साहू महाविद्यालय क्रिकेट स्टेडियम में आईपील की तर्ज पर क्रिकेट मैच खेलेगी। जिला के हर एक लोग निःशुल्क स्टेडियम में बैठकर आईपीएल के तर्ज पर आयोजित मैच का आनंद उठा सकेंगे। बताया गया कि मैच के दौरान झारखंड सरकार के चेहरे भी शामिल होंगे। जिसको लेकर वार्ता चल रही है। अंतिम दिन 13 फरवरी को अंतराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाडी हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग भी शामिल होंगे। बैठक में क्रिकेट एसोसिएशन, ट्रक ओनर एसोसिएशन, सामाजिक, राजनीतिक दलों के काफी लोग शामिल हुए। मैच के दौरान चौके, छक्के पर दर्शकों को झूमाने के लिए चीयर गर्ल्स भी पूरे आयोजन में आकर्षण का केंद्र होगा। अलग-अलग जगह से मैच में शामिल होने के लिए चीयर्स गर्ल्स भी पहुंचेंगी। शुभारंभ कार्यक्रम के एक दिन पूर्व 9 फरवरी की शाम 6 बजे से स्टेडियम के निकट मैदान में रंगारंग कार्यक्रम आयोजित होगा। जिसमें रशियन बैंड अपना जलवा बिखेरेंगे। उनके टीम के द्वारा देर रात तक एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा लेजर शो, फायर डांस, भव्य आतिशबाजी और स्थानीय कलाकारों द्वारा कार्यक्रम होगा। जिसमें लोहरदगा वासी झूमने को मजबूर हो जाएंगे। एसोसिएशन के जिला सचिव अलोक रॉय ने बताया की लोहरदगा में आठ टीमों की रहने भोजन की व्यवस्था कर ली गई है। इसके लिए लोकल टीम मैनेजर भी गठित किए गए हैं। जिनके देखरेख में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जाएगी। उनके आगमन, प्रस्थान लोकल टीम मैनेजर के द्वारा की जाएगी। क्रिकेट का टर्फ विकेट भी बनाया जा चुका है। सभी गैलरी और गेट इत्यादि की साफ सफाई रंग रोगन कर ली गई है।
पेशरार की तुरियाडीह नदी पर आज भी नहीं बन पाया पुल, कई गांव के लोगों को होती है परेशानी
भास्कर न्यूज|लोहरदगा सुदूरवर्ती क्षेत्र पेशरार का कई इलाका अब भी विकास का बांट जोह रहा है। सुदूरवर्ती पेशरार प्रखंड अंतर्गत तुरियाडीह गांव स्थित नदी पर आज तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह नदी केवल तुरियाडीह ही नहीं, बल्कि पेशरार प्रखंड के जवाल, चुरूवे, बालाडीह, केनार, मुंगो, दुंदरू, हेसाग, चपाल, सनई, जुड़नी, आम तोतरो, बीड़नी, गम्हरिया, बतरू, इस्कीम डांड़ू सहित अन्य गांवों के लिए प्रमुख आवागमन मार्ग है। इसी रास्ते से ग्रामीण रानीगंज बाजार, प्रखंड मुख्यालय और जिला समाहरणालय तक पहुंचते हैं। नदी पर पुल नहीं होने के कारण लोगों को प्रतिदिन जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ता है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में इन सभी गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है और लोग कई दिनों तक घरों में ही फंसे रहते हैं। मरीज, गर्भवती महिलाएं, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। आपात स्थिति में लोग पगडंडी, बांस या लकड़ी के सहारे नदी पार करने को मजबूर होते हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर यात्रा करना हमेशा खतरे से खाली नहीं रहता। कई बार वाहन नदी में फंस चुके हैं और बड़ी दुर्घटना होते-होते बची है। ग्रामीणों के अनुसार प्रशासन को लगातार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। गर्मी और ठंड के मौसम में जब नदी सूखी रहती है, तब लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं, लेकिन वर्षा काल आते ही भय और असुरक्षा की स्थिति बन जाती है। एक स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि इस समस्या का असर बच्चों की पढ़ाई, इलाज, खेती-बाड़ी और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है, इसके बावजूद लोग विवश होकर जोखिम उठाते हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2020 में ऊपर तुरियाडीह नदी पर पुल निर्माण कार्य शुरू किया गया था। ग्रामीण विकास विभाग, लोहरदगा द्वारा निविदा के माध्यम से 1 करोड़ 39 लाख 43 हजार रुपए की लागत से तीन स्पैन वाले पुल का निर्माण कराया जा रहा था। निर्माण कार्य में लगी पोकलेन मशीन को भाकपा (माओवादी) नक्सली संगठन द्वारा आग के हवाले कर दिए जाने के बाद कार्य पूरी तरह ठप हो गया। घटना के बाद न तो पुल निर्माण दोबारा शुरू हो सका और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई। पुल बन जाने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक कार्यों में राहत मिलती, लेकिन आज स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती थी और आज भी हालात वही बने हुए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुल निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। मामले पर डीडीसी दिलीप सिंह शेखावत से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में है। विभाग को इसको लेकर रिपोर्ट भी किया गया है। जैसे ही फंड मिलता है आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

