संत प्रेमानंद महाराज ने कहा:ब्रज ने न बिके मांस - मदिरा, साधु संतों ने किया समर्थन
ब्रज में अंडा, मांस और शराब की बिक्री को लेकर संत प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में संत प्रेमानंद महाराज ब्रज में मांस,मदिरा न बिके इसको लेकर बात करते नजर आ रहे हैं। संत प्रेमानंद महाराज के इस वीडियो के सामने आने के बाद ब्रज के साधु संत और धर्माचार्यों ने उनका समर्थन किया है। वायरल हुआ वीडियो सोशल मीडिया पर 17 सेकंड के वायरल हो रहे वीडियो में संत प्रेमानंद महाराज कहते हैं हमारे वृंदावन,मथुरा और ब्रज 84 कोस में मांस न बिके और मदिरा न बिके। कम से कम इतना तो हो ही जाए कि जो हमारे पवित्र क्षेत्र हैं उनमें यह अपवित्रता हट जाए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो सामने आने के बाद साधु संतों ने इस बयान का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री से की मांग संत प्रेमानंद महाराज की मांस,मदिरा बंद करने की मांग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिनेश शर्मा फलाहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि आप सनातन हिंदुओं के गौरव हैं और गौरक्षा पीठ के पीठाधीश्वर हैं,आप ब्रजवासियों की भावना को समझते हैं। आप ही ब्रज में मांस मदिरा को प्रतिबंध कर सकते हैं। आप से प्रार्थना है कि इस काम को कर ब्रजवासी और यहां आ रहे श्रद्धालुओं की भावना का सम्मान करें। राधा कृष्ण की है लीला भूमि मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि ब्रज भगवान राधा कृष्ण की लीला भूमि है। यहां भगवान ने माखन चोरी की, महारास किया ऐसी पवित्र भूमि पर मांस मदिरा की बिक्री नहीं होनी चाहिए। महामंडलेश्वर रामदास महाराज और साध्वी इन्दुलेखा ने कहा कि यहां मांस और शराब की बिक्री से अपराध बढ़ रहा है। ब्रज साधु संतों की साधना स्थली भी है। यहां तत्काल शराब और मांस की बिक्री बंद होनी चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने भी की थी मांग ब्रज में संत प्रेमानंद महाराज के अलावा कई अन्य साधु संत भी मांस और शराब की बिक्री बंद करने की मांग कर चुके हैं। नवंबर में सनातन एकता पदयात्रा के समापन पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वृंदावन में कहा था कि यहां शराब की बिक्री बंद हो। उनके बयान के बाद हिंदूवादी दक्ष चौधरी और उसके समर्थकों ने प्रेम मंदिर के पीछे स्थित शराब के ठेके पर हंगामा भी किया था।
भोपाल की मीनाल रेसिडेंसी स्थित फिनिक्स गैस एजेंसी के मामले में ऑयल कंपनी का झूठ सामने आया है। जिला प्रशासन की कार्रवाई के बाद ऑयल कंपनी ने सिर्फ कागजों में एजेंसी सस्पेंड की, जबकि हकीकत ये है कि सिर्फ सेल रोकी गई थी। न तो 18 हजार ग्राहकों के कनेक्शन अन्य एजेंसी में ट्रांसफर किए और न ही उन्हें सिलेंडर की सप्लाई समय पर दी। अप्रैल में कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट एचपीसीएल अधिकारियों को भेजी थी और रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी भी मांगी थी। बावजूद कंपनी अधिकारियों ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। 28 अप्रैल को जिला आपूर्ति अधिकारियों ने मीडिया को जानकारी दी थी कि फिनिक्स एजेंसी का लाइसेंस सस्पेंड कर उसके 18 हजार उपभोक्ताओं को सहारा, बीएस और एक अन्य एजेंसी से अटैच कर दिया गया है। यह जानकारी एचपीसीएल अधिकारियों की ओर से उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन बाद में दस्तावेज सामने आने पर पता चला कि एजेंसी का लाइसेंस सस्पेंड नहीं किया गया था, बल्कि सिर्फ उसकी सेल रोकी गई थी। इसके बाद 12 दिन बीतने पर एचपीसीएल के सेल्स अधिकारी ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट को नजरअंदाज करते हुए करीब 6 लाख रुपए का जुर्माना लगाकर एजेंसी को गुपचुप तरीके से बहाल कर दिया। दूसरी एजेंसियों में भी अटैच्ड नहीं की पड़ताल में सामने आया कि बहाल की जानकारी भी प्रशासन को नहीं दी गई। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जिन उपभोक्ताओं को दूसरी एजेंसियों में सहारा, बीएस और एक अन्य एजेंसी से अटैच करने का दावा किया गया था। ये झूठा निकला। सहारा में एक भी कनेक्शन अटैच नहीं किए गए न किसी अन्य एजेंसी में सारे कनेक्शन कुछ दिन के दिखावे के लिए बीएस एजेंसी के हवाले कर दिए गए। ये पता होने के बाद भी कि यह एजेंसी फिनिक्स संचालक के रिश्तेदारों की है। ऐसे में कागजों में फिनिक्स एजेंसी बंद दिखाई गई, लेकिन हकीकत में पूरा नेटवर्क यहीं से चलता रहा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एजेंसी पर कार्रवाई के बाद निगरानी की जिम्मेदारी जिला आपूर्ति शाखा के इंस्पेक्टर और एचपीसीएल के सेल्स अधिकारी की थी। इसके बावजूद एजेंसी संचालक पूरी व्यवस्था संभालता रहा और उपभोक्ताओं का अटैचमेंट केवल औपचारिकता बनकर रह गया। दो एजेंसियों पर अब तक नहीं हुई एफआईआर पिछले दिनों भोपाल की इंडेन कंपनी की दो गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं को कम गैस भरे सिलेंडर सप्लाई करते पकड़ी गई थीं। इनमें कोलार स्थित सिद्धार्थ इंडेन गैस एजेंसी और अयोध्या नगर की सैनी इंडेन एजेंसी शामिल हैं। सिद्धार्थ इंडेन गैस एजेंसी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप इंडियन ऑयल ने सस्पेंड कर दी है। एजेंसी से जुड़े करीब 7792 उपभोक्ताओं को मिसरोद की रघु इंडेन गैस एजेंसी से अटैच किया गया है। ताकि गैस आपूर्ति प्रभावित न हो। वहीं, सैनी इंडेन पर अब तक न तो इंडियन ऑयल की तरफ से कोई कार्रवाई की गई है और न ही जिला प्रशासन ने कोई कदम उठाया है। खास बात यह है कि दोनों मामलों में अब तक जिला प्रशासन कार्रवाई के नाम पर कोई बड़ा एक्शन नहीं ले पाया है। जो भी कार्रवाई हुई है, वह कंपनी स्तर पर की गई है। जबकि जिला प्रशासन की जांच में यह सामने आ चुका है कि उपभोक्ताओं के साथ ठगी की जा रही थी।
ग्वालियर में बच्चों की कस्टडी को लेकर चल रहे एक मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने टिप्पणी की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी पुरुष के साथ हाथ पकड़े हुए फोटो होने मात्र से किसी महिला का चरित्र खराब नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने साढ़े तीन और डेढ़ साल के दो बच्चों की कस्टडी उनकी मां को सौंपते हुए कहा कि बच्चों के विकास के लिए मां की ममता और सानिध्य जरूरी है। साथ ही पति को पत्नी और बच्चों के भरण पोषण के लिए 15 हजार रुपए प्रति माह देने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान पति ने पत्नी पर चरित्रहीनता के आरोप लगाते हुए एक स्क्रीनशॉट पेश किया था। इस पर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने कहा- फोटो में दिख रहा व्यक्ति महिला का भाई, पिता या कोई मित्र भी हो सकता है। महज हाथ पकड़ने से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि वह दोहरा जीवन जी रही है। कोर्ट ने पति द्वारा लगाए गए इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। महिला ने दायर की थी याचिकाग्वालियर निवासी एक महिला ने कोर्ट में 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' रिट दायर की थी। महिला का आरोप था कि उसके पति, सास और ननद ने उसे प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया है। उसके दो बच्चों को जबरन अपने कब्जे में रख लिया। काउंसलिंग के दौरान यह भी सामने आया कि पति खुद पत्नी के साथ मारपीट और गाली-गलौज की बात स्वीकार कर चुका था। 'मां ही बच्चों की प्राकृतिक संरक्षक'हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कस्टडी के मामलों में पिता के कानूनी अधिकार से कहीं ऊपर 'बच्चों का हित' होता है। इतने छोटे बच्चों के लिए मां ही उनकी प्राकृतिक संरक्षक है। उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक विकास के लिए मां का साथ होना सबसे महत्वपूर्ण है। पति को कानूनी स्वतंत्रता दीकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया है, लेकिन पति को यह छूट दी है कि वह भविष्य में 'गार्जियन एंड वार्ड्स एक्ट' के तहत कस्टडी के लिए नियमित कानूनी प्रक्रिया अपना सकता है। चरित्र हनन पर कोर्ट की फटकारसुनवाई के दौरान कोर्ट ने पत्नी को कुछ बातों के लिए फटकार भी लगाई, लेकिन बच्चों के भविष्य को सर्वोपरि रखा। कोर्ट ने साफ कर दिया कि केवल एक फोटो के आधार पर किसी महिला के आचरण को गलत मान लेना न्यायसंगत नहीं है।
गोरखपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 19 गोपलापुर की एक कॉलोनी में शुक्रवार को सड़क निर्माण कार्य रुकने को लेकर बड़ा विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि नगर निगम की ईटीएफ टीम और स्थानीय लोगों के बीच जमकर कहासुनी हुई। इसके बाद हाथापाई और मारपीट होने लगी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि- कुछ दिन पहले नगर निगम और प्रशासन के राजस्व विभाग की टीम ने कॉलोनी में रास्ता बनाने के लिए मंजूरी दी थी। इसके बाद सड़क निर्माण का काम शुरू कराया गया और सड़क के किनारे दीवार भी बनाई जाने लगी। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य चल रहा था, तभी सड़क के किनारे स्थित प्लॉट के कुछ लोगों ने जमीन अपनी बताते हुए शुक्रवार को निर्माण कार्य रुकवा दिया। विवाद की सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीम प्रवर्तन दल के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने पहले से बनी दीवार को गिराना शुरू कर दिया। मौके पर एसडीएम के आदेश पर पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे। नगर निगम की कार्रवाई से नाराज स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि पहले नगर निगम ने खुद रास्ते की पैमाइश कर सड़क निर्माण की अनुमति दी थी और अब दूसरे पक्ष के दबाव में आकर काम रुकवाया जा रहा है। इसी बात को लेकर नगर निगम की टीम और स्थानीय लोगों के बीच पहले बहस हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। वार्ड की पार्षद गुंजा ने बताया कि इस सड़क के निर्माण के लिए नगर निगम ने खुद पैमाइश कर सड़क बनाने का आदेश दिया था। निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका था, लेकिन शुक्रवार को नगर निगम की टीम पहुंची और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। अपर नगर आयुक्त बोले- अगले आदेश तक रुका काम इस मामले में दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार ने कहा कि सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों के दो पक्षों में मतभेद है। इसी वजह से निर्माण कार्य को फिलहाल पूरी तरह रोक दिया गया है। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हुई कार्रवाई के दौरान एसडीएम के आदेश पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा।
वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय में आज सुबह से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। शनिवार को न्यायालय परिसर में जिला जज एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजीव शुक्ला दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करेंगे। राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति जागरूक वादकारी बड़ी संख्या में भाग लेंगे, जिससे अधिक से अधिक वादों का निस्तारण संभव हो सकेगा। माना जा रहा है कि 20 हजार से अधिक मामले निस्तारित किए जाएंगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव मुकुल पाण्डेय ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मुकदमे से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी रामकेश, नोडल अधिकारी आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी अजीत कुमार , यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अग्रणी जिला प्रबंधक अविनाश अग्रवाल सहित कई न्यायिक व विभिन्न प्रशासनिक विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं सदस्य उपस्थित रहेंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस वर्ष फरवरी में पारित एकल न्यायाधीश के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के एसोसिएशन को कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (सीएलएटी) यूजी 2026 के लिए योग्यता सूची में संशोधन करने का निर्देश दिया गया था। ऐसा करके, न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने विशेषज्ञ समितियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों की समीक्षा के बाद, 16 दिसंबर, 2025 को कंसोर्टियम द्वारा जारी की गई अंतिम उत्तर कुंजी को प्रभावी रूप से बहाल कर दिया। विशेष अपील बेंच ने एकल न्यायाधीश के आदेश के विरुद्ध कंसोर्टियम की अपील को यह कहते हुए स्वीकार कर लिया कि न्यायालय शैक्षणिक मामलों में विषय विशेषज्ञों के निर्णयों पर अपीलीय प्राधिकरण के रूप में कार्य नहीं कर सकते। क्या है मामला जानिये क्लैट यूजी के एक उम्मीदवार द्वारा एकल न्यायाधीश के समक्ष दायर की गई एक रिट याचिका में सेट - सी के प्रश्न संख्या 6, 9 और 13 की अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती दी गई थी । 3 फरवरी, 2026 को एकल न्यायाधीश ने याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया था। एकल न्यायाधीश ने कहा था कि प्रश्न संख्या 9 के लिए, विषय विशेषज्ञ समिति ने दो सही विकल्पों की सिफारिश की थी, लेकिन निगरानी समिति ने कोई कारण बताए बिना इस सिफारिश को खारिज कर दिया था। परिणामस्वरूप, एकल न्यायाधीश ने कंसोर्टियम को प्रश्न संख्या 9 के लिए विकल्प 'बी' और 'डी' दोनों को सही मानने और आगामी काउंसलिंग दौरों के लिए एक संशोधित योग्यता सूची प्रकाशित करने का निर्देश दिया। इससे असंतुष्ट होकर, कंसोर्टियम ने अपने अंतिम मूल्यांकन को बहाल करने और एकल न्यायाधीश के निर्देश को रद्द करने के लिए खंडपीठ के समक्ष एक विशेष अपील दायर की थी। मूल याचिकाकर्ता ने शेष विवादित प्रश्नों ( परीक्षण पुस्तिका-सी के प्रश्न संख्या 6 और 13 ) पर और अधिक राहत की मांग करते हुए एक संबंधित अपील भी दायर की थी। कोर्ट ने याचिका स्वीकार की हाईकोर्ट का आदेश कंसोर्टियम की अपील को स्वीकार करते हुए, डिवीजन बेंच ने कहा कि अंतिम उत्तर कुंजी एक संरचित जांच तंत्र का परिणाम थी जिसमें विषय विशेषज्ञों और एक निगरानी समिति को शामिल करते हुए दो स्तरीय जांच तंत्र शामिल था। न्यायालय ने कहा, संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा किया गया ऐसा अभ्यास, विशेष रूप से अकादमिक मामलों में, शुद्धता की एक मजबूत धारणा स्थापित करता है, जब तक कि कोई स्पष्ट और सिद्ध त्रुटि साबित न हो जाए। महत्वपूर्ण रूप से, प्रश्न संख्या 9 का विश्लेषण करते समय, ,जो एकमात्र प्रश्न था जिसमें एकल न्यायाधीश ने हस्तक्षेप किया था, डिवीजन बेंच ने पाया कि कंसोर्टियम का उत्तर (विकल्प 'डी') ही एकमात्र ऐसा उत्तर था जो निगमनात्मक तर्क के स्थापित सिद्धांतों के अनुरूप था। इसमें कहा गया कि यह साबित नहीं किया जा सका कि कंसोर्टियम द्वारा अंतिम रूप दिए गए उत्तरों में कोई 'स्पष्ट त्रुटि' थी या वे ऐसे थे कि कोई भी समझदार विशेषज्ञ उन तक नहीं पहुंच सकता था। अपने 19 पृष्ठों के फैसले में, न्यायालय ने शैक्षणिक मामलों में न्यायिक समीक्षा के सीमित दायरे पर जोर दिया। इसने कहा कि इस तरह का हस्तक्षेप तभी उचित ठहराया जा सकता है जब यह साबित हो जाए कि उत्तर स्पष्ट रूप से गलत या पूरी तरह से तर्कहीन है, जो कि इस मामले में नहीं था। डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की कि न्यायालय विषय विशेषज्ञों के निर्णयों पर अपीलीय प्राधिकरण के रूप में कार्य नहीं कर सकते हैं, क्योंकि ऐसे मूल्यांकन मामलों में न्यायिक समीक्षा केवल बहुत सीमित दायरे के तहत ही उपलब्ध है। इस संबंध में, पीठ ने रण विजय सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य 2017 और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग बनाम राहुल सिंह 2018 के मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों पर भी भरोसा किया , जिसमें यह माना गया था कि न्यायालयों को उत्तर कुंजी के मूल्यांकन से संबंधित मामलों में संयम बरतना चाहिए और विशेषज्ञ राय पर अपीलीय प्राधिकरण के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए। इस मामले को देखते हुए बेंच ने कहा कि एकल न्यायाधीश का हस्तक्षेप, यद्यपि नेक इरादे से किया गया था, शैक्षणिक मामलों में न्यायिक समीक्षा को नियंत्रित करने वाले स्थापित मापदंडों के अनुरूप नहीं है। परिणामस्वरूप, न्यायालय ने कंसोर्टियम की अपील को स्वीकार कर लिया और एकल-न्यायाधीश के आदेश को रद्द कर दिया तथा उम्मीदवार की संबंधित अपील को भी खारिज कर दिया ।
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में युवक के अपहरण के मामले में पुलिस ने युवती के भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया, जिसके बाद पुलिस उसे लेकर उज्जैन पहुंची है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक, नायता मुंडला निवासी फिरोज पटेल का उज्जैन निवासी एक युवती से प्रेम संबंध था। दोनों के परिवारों के बीच शादी की बात भी तय हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि फिरोज ने शादी को लेकर युवती के परिजनों को एक गार्डन में बुलाया था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद युवती पक्ष को लगा कि फिरोज ने शादी से पीछे हटकर उन्हें धोखा दिया है। इसी बात से नाराज होकर युवती के भाई भावेश यादविक ने अपने साथियों के साथ मिलकर फिरोज का अपहरण कर लिया। आरोप है कि आरोपी जबरन फिरोज को कार में बैठाकर उज्जैन ले जा रहे थे। इस दौरान फिरोज के एक परिचित ने घटना देख ली और पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही बाणगंगा पुलिस ने बरोली टोल नाके पर घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी भावेश यादविक को पकड़ लिया, जबकि उसके अन्य साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी फिरोज को उज्जैन ले जाकर शादी कराने की तैयारी में थे। फिलहाल पुलिस ने युवती के भाई और उसके साथियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य और यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को राज्य सरकार पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में मर्ज करने का फैसला ले सकती है। इसको लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव की मौजूदगी में हाई लेवल मीटिंग में फैसला होना बाकी है। इसके साथ ही राज्य सरकार महानगरीय क्षेत्र में काम करने वाले पीएचई विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर नगरीय विकास विभाग को सौंपने की तैयारी भी कर रही है। मुख्यमंत्री द्वारा सरकार के ढाई साल पूरे होने पर की जाने वाली समीक्षा में यह विषय चर्चा में रखा है। पीएचई विभाग के धीरे-धीरे घटते कामों को देखते हुए अब राज्य सरकार इसे दूसरे विभाग में मर्ज करने की तैयारी कर रही है। इस विभाग के पास शहरी इलाकों में अब कोई काम नहीं है जबकि पहले पेयजल सप्लाई पीएचई विभाग के पास होती थी। इसके बाद अब गांवों की नल जल योजनाओं और पेयजल योजनाओं का काम पीएचई विभाग के पास रह गया है। अभी गांवों के हैंडपंप संधारण की जिम्मेदारी पीएचई विभाग के पास है। पीएचई विभाग के एक सीनियर अफसर ने प्रशासनिक स्तर पर चल रही चर्चा की पुष्टि की है। अधिकारी के मुताबिक जल्दी ही सब कुछ साफ हो जाएगा। ऐसा है पीएचई विभाग में स्टाफ का स्ट्रक्चर अभी जो स्ट्रक्चर पीएचई विभाग का है उसमें एक पद मुख्य अभियंता का है। अधीक्षण यंत्री के 5 पद हैं, 35 एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं तथा 175 सहायक यंत्री और 700 उपयंत्री हैं। इसके अलावा संविदा पर लगभग 1000 कर्मचारी हैं। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी लगभग 4000 हैं तथा कार्य भारित कर्मचारी लगभग 4000 हैं। इसके अलावा बाबू चपरासी की संख्या भी 2000 के आसपास है। इस तरह करीब 12 हजार कर्मचारी अधिकारी हैं। जल निगम ने नल जल योजनाओं को ग्राम पंचायतों को सौंपने का आदेश किया जारी इस बीच जल निगम ने मध्य प्रदेश की ग्रामीण इलाकों में संचालित नल जल योजनाओं को ग्राम पंचायत को सौंपने के आदेश जारी कर दिए हैं। जल निगम के एमडी ने गुरुवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक के दौरान पीएचई विभाग के मैदानी अफसरों को इसकी जानकारी दी और कहा कि इसके आदेश भी जारी किए जा रहे हैं। इसके बाद अब पंचायतों में नल जल योजना की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग के हवाले रहेगी। शहरी इलाकों का अमला मिलेगा निकायों को दूसरी ओर यह तय हो गया है कि प्रदेश के महानगरों में पानी और सीवरेज के प्रबंधन लिए PHE का अमला शहरी निकायों को दिया जाना है। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसे समीक्षा बैठक के प्रस्तावित एजेंडे में भी शामिल किया है। सीएम द्वारा ली जाने वाली समीक्षा बैठक में PHE से थोकबंद अमले की प्रतिनियुक्ति के लिए शहरी निकायों के लिए प्रस्ताव एवं नीति बनाने की कार्यवाही की जाएगी।
भोपाल के जिस 90 डिग्री एंगल वाले रेलवे ओवरब्रिज ने देशभर में मध्य प्रदेश की किरकिरी कराई, उस मामले में सस्पेंड सभी 7 इंजीनियरों को बहाल कर दिया गया है। इनमें दो चीफ इंजीनियर भी शामिल हैं। हैरानी की बात ये है कि पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने बहाली वाली नोटशीट पर अपनी टीप भी लिखी है। इसमें सिर्फ इतना लिखा कि ‘23 जून 2025 से ये सस्पेंड चल रहे हैं, इन्हें बहाल कर दो।’ पूर्व में सस्पेंड होने के बाद दोनों तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियर ईएनसी ऑफिस में अटैच किए गए थे। बाकी इंजीनियर भोपाल में मैदानी ऑफिस में अटैच थे। बहाल होने के बाद सभी इंजीनियरों को ईएनसी ऑफिस में पदस्थ किया जाएगा। पूर्व में आरोप पत्र जारी हो चुके विभागीय सूत्रों के अनुसार, सस्पेंड 7 इंजीनियरों को पूर्व में आरोप पत्र जारी हुए हैं। सभी ने जवाब पेश कर दिए। इसमें डिजाइन विंग से जुड़े इंजीनियरों ने गलती नहीं मानी है, लिहाजा जवाब का परीक्षण करने के बाद उन्हें बिना किसी कार्यवाही के बहाल किया गया है। 90 डिग्री एंगल वाले ब्रिज का ड्रोन व्यू... इन्हें किया गया था सस्पेंड 4-5 माह चलेगी विभागीय जांच विभागीय जांच के आदेश के बाद अब अधिकारी की नियुक्ति होगी। जो बयान, साक्ष्य और जवाब का परीक्षण करेगा। इसमें 4 से 5 माह का वक्त लग सकता है। बहाली के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पीडब्ल्यूडी के ब्रिज डिवीजन में तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियर जीपी वर्मा, तत्कालीन एसडीओ रवि शुक्ला और तत्कालीन उप यंत्री उमाशंकर मिश्रा के बारे में साफ किया गया है कि उनकी पदस्थापना के साथ-साथ विभागीय जांच भी चलेगी। बाकी पर कोई विभागीय जांच नहीं होगी। रेलवे के साथ मिलकर फिर री-डिजाइन किया भोपाल के ऐशबाग में बने 90 डिग्री मोड़ वाले रेलवे ओवरब्रिज का टर्निंग वाला हिस्सा फिर से बन रहा है। पीडब्ल्यूडी रेलवे के साथ मिलकर ब्रिज को रीडिजाइन कर रहा है। हालांकि, यह अब तक शुरू नहीं हो सका है। इस कारण हजारों लोग हर रोज परेशान हो रहे हैं। मंत्री राकेश सिंह ने ही कराई थी जांच मामला सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से जांच करवाई थी। एनएचएआई ने ब्रिज को लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें 35-40 किमी प्रति घंटा से अधिक गति से गाड़ी नहीं चलाने का सुझाव दिया गया है। इससे अधिक स्पीड में गाड़ी चली तो हादसा होने का खतरा है। सोशल मीडिया पर मीम्स भी बने भोपाल में बना इस रेलवे ओवरब्रिज को लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर मीम्स भी बनाए थे। लोगों ने सवाल उठाए थे कि यहां वाहन कैसे टर्न लेंगे? वाहनों के या तो ब्रिज की दीवारों से या फिर आपस में टकराने का खतरा बना रहेगा। क्रॉसिंग बंद होने से ब्रिज की जरूरत ब्रिज के निर्माण के समय रेलवे ने भी 90 डिग्री की इस टर्निंग पर आपत्ति की थी, लेकिन पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने यहां जगह कम होने का हवाला देते हुए कहा था कि और कोई विकल्प नहीं है। ऐशबाग रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के बाद इस इलाके के लिए आरओबी एक बड़ी जरूरत है। इसलिए कम जगह में भी इसे बनाना होगा। 18 महीने में बनकर तैयार होना था इस ब्रिज का निर्माण मई 2022 में शुरू हुआ था और इसे 18 महीने में पूरा करना था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसकी लागत 18 करोड़ रुपए है। 648 मीटर लंबे और 8 मीटर की चौड़ाई वाले ब्रिज का 70 मीटर हिस्सा रेलवे का है।
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने पहली बार एक साथ 1220 पदों के लिए चयन सूची जारी की है। शुक्रवार को 1832 मेडिकल ऑफिसर पदों के लिए यह परिणाम घोषित किया गया। करीब 10 दिन के इंतजार के बाद जारी हुई इस सूची में 186 अभ्यर्थियों के नाम सप्लीमेंट्री सूची में भी शामिल किए गए हैं। कुल 1832 पदों में से 1649 पद मुख्य चयन सूची के लिए निर्धारित थे, लेकिन आयोग को केवल 1220 योग्य उम्मीदवार ही मिल सके। एमपीपीएससी चेयरमैन राजेशलाल मेहरा ने कहा कि चयन प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए गए। सभी इंटरव्यू एक साथ आयोजित किए गए, जो करीब ढाई महीने तक चले। तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चयन सूची जारी की गई। वहीं 357 खाली पदों में सबसे अधिक 256 सीटें एसटी वर्ग और 55 सीटें ईडब्ल्यूएस वर्ग की हैं। दिव्यांग श्रेणी के 108 पदों में से भी 46 पदों पर उपयुक्त अभ्यर्थी नहीं मिल पाए। वहीं, 72 पदों का परिणाम कोर्ट में लंबित मामलों के चलते रोका गया है। इसके अलावा ओबीसी आरक्षण से जुड़े विवाद के कारण 183 पद फिलहाल प्रावधिक रूप से होल्ड पर रखे गए हैं। इस भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत 8 अगस्त 2024 को 890 पदों के विज्ञापन के साथ हुई थी। बीच में दो बार प्रक्रिया निरस्त भी करनी पड़ी। बाद में 14 नवंबर 2025 को पदों की संख्या बढ़ाकर 1832 कर दी गई। करीब डेढ़ साल बाद 27 जनवरी से इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू हुई, जो लगभग 75 दिनों तक चली। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा, लेकिन राहत मिलने पर अब अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई। वर्गवार पदों का विवरण 12 पदों पर 12 हजार आवेदन वहीं, प्रदेश के राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों में सहायक कुलसचिव की भर्तियां होना है। इसके लिए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने सहायक कुलसचिव 2025 की लिखित परीक्षा 17 मई को रखी है। महज 12 पदों के लिए प्रदेश भर से करीब 12 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। यानी एक पद के लिए लगभग एक हजार अभ्यर्थी मैदान में हैं। अधिकारियों के मुताबिक शैक्षणिक योग्यता में स्नातकोत्तर उत्तीर्ण होने से प्रत्येक स्ट्रीम के उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इसके चलते पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। पदों का आरक्षण और आवेदन प्रक्रिया आयोग (एमपीपीएससी) ने इस भर्ती की अधिसूचना 31 दिसंबर 2025 को जारी की थी, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से 12 पद रखे गए हैं। 12 में से 4 सामान्य वर्ग, 3 ओबीसी, 2 एससी, 2 एसटी और 1 ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षित हैं। आवेदन प्रक्रिया 4 फरवरी से शुरू होकर 5 मार्च तक चली। परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी करना शुरू कर दिए हैं। 17 मई को इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में कुल 31 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी। ऑफलाइन पद्धति से ओएमआर शीट पर परीक्षा करवाई जाएगी। दो पेपर रखे गए हैं और गलत उत्तर देने पर नेगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी।
मध्यप्रदेश के जबलपुर में घरों में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। घमापुर थाना क्षेत्र में एक घरेलू कामगार महिला की कथित रूप से गला दबाकर हत्या कर दी गई। मामले में रेप की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। वारदात के बाद आरोपी घर का दरवाजा बाहर से बंद कर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9 बजे स्थानीय लोगों ने घर की लाइट बंद और दरवाजा बाहर से बंद देखा। संदेह होने पर लोगों ने दरवाजा खोला तो अंदर महिला का शव पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही घमापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी दिनेश गौतम ने जांच के दौरान पाया कि महिला की गला दबाकर हत्या की गई है। मृतका की पहचान 38 वर्षीय आरती चौधरी के रूप में हुई है, जो घरों में सफाई का काम कर परिवार का पालन-पोषण करती थी। पुलिस पूछताछ में पता चला कि यह मकान अतुल कोरी का है, जो अपनी मां के साथ रहता था। दो दिन पहले उसकी मां किसी शादी समारोह में शहर से बाहर गई हुई थी। आरती रोजाना की तरह शुक्रवार शाम को काम करने अतुल के घर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में दुष्कर्म की आशंका प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि घर में अकेला होने का फायदा उठाकर आरोपी ने महिला के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और बाद में गला दबाकर हत्या कर दी गई। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि हत्या के बाद आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया, हालांकि पुलिस ने इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने आरोपी अतुल कोरी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही दुष्कर्म की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। घटना की सूचना मृतका के परिजनों को दे दी गई है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय पार्षद अरविंद ने घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस करीब तीन घंटे बाद मौके पर पहुंची। पार्षद के अनुसार, मृतका का एक छोटा बच्चा भी है और वह मेहनत मजदूरी कर परिवार चला रही थी। उन्होंने दावा किया कि आरोपी अतुल कोरी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
साइबर पुलिस थाना जयपुर ने शुक्रवार को भंडारी हॉस्पिटल से जुड़े वित्तीय गड़बड़ी और साइबर धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई करते हुए मनीष कुमार सोनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी मनीष कुमार सोनी, पुत्र राजेन्द्र कुमार सोनी, भंडारी हॉस्पिटल में कार्यकारी सहायक के पद पर कार्यरत था। जांच में सामने आया कि उसने मरीजों से प्राप्त लगभग 80 से 90 लाख रुपये की राशि अस्पताल के खातों में जमा कराने के बजाय अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर ली। आरोप है कि आरोपी ने refrens.com वेबसाइट पर अस्पताल का फर्जी अकाउंट बनाकर डॉ. चिराग भंडारी के नाम का दुरुपयोग किया और मरीजों से अवैध रूप से शुल्क वसूला। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को शनिवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम संख्या-16, जयपुर मेट्रो प्रथम के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले में डिजिटल साक्ष्यों की बरामदगी और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है। बता दें कि मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) और राजस्थान ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने गोपालपुरा बाइपास स्थित भंडारी हॉस्पिटल पर छापा मारा था। विभाग को शिकायत मिली थी कि “ट्राइमेक्स” नाम से बिना अनुमोदन वाला इंजेक्शन ऑनलाइन बेचा जा रहा है। राजस्थान के ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया कि “ट्राइमेक्स” नाम का कोई इंजेक्शन विभाग में पंजीकृत नहीं है। जांच में सामने आया कि यह इंजेक्शन ‘पौपावेरिन’, ‘एल्प्रोस्टैडिल’ और ‘क्लोरप्रोमाजिन’ दवाओं के मिश्रण से तैयार किया जा रहा था। विभाग ने अस्पताल से संबंधित दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि पूरा फर्जीवाड़ा मनीष कुमार सोनी ने “ओमेन फार्मेसी” कंपनी के नाम से किया और डॉक्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर मरीजों से पैसे अपने खातों में जमा करवाए।
ग्वालियर में महात्मा गांधी लॉ कॉलेज की छात्रा के अपहरण मामले में नया मोड़ आ गया है। अब तक मामला ‘मर्जी से साथ जाने’ और ‘लव अफेयर’ की दिशा में जाता दिख रहा था, लेकिन छात्रा ने कोर्ट में दिए बयान में साफ कहा है कि आरोपी जीतू तोमर उसे जबरन अगवा कर ले गया था। छात्रा ने यह भी बताया कि वायरल वीडियो में उसकी मुस्कुराहट वास्तविक नहीं थी, बल्कि दबाव में दिया गया एक दिखावा था। दरअसल, बुधवार दोपहर कंपू थाना क्षेत्र स्थित लॉ कॉलेज के पास से आरोपी जीतू तोमर अपने एक साथी के साथ छात्रा को कार में बैठाकर ले गया था। घटना की जानकारी छात्रा की सहेली ने परिजनों और पुलिस को दी थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और करीब 24 घंटे के भीतर छात्रा और आरोपी को लखनऊ और कानपुर के बीच एक टोल प्लाजा के पास बस से बरामद कर लिया। पकड़े जाने से पहले आरोपी जीतू तोमर ने लखनऊ के एक होटल से सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया था। वीडियो में वह छात्रा को अपनी गर्लफ्रेंड बताते हुए कह रहा था कि दोनों अपनी मर्जी से साथ आए हैं और अपहरण की खबरें गलत हैं। वीडियो में छात्रा मुस्कुराती दिखाई दे रही थी, जिससे पुलिस की जांच भी उलझ गई थी। हालांकि, शुक्रवार को न्यायालय में दिए बयान में छात्रा ने पूरी कहानी बदल दी। उसने बताया कि अपहरण के बाद आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और मानसिक दबाव बनाया। जब पुलिस ने आरोपी के परिजनों पर कार्रवाई शुरू की, तब जीतू ने दोस्ती का हवाला देकर उसे इमोशनली ब्लैकमेल किया और वीडियो में मुस्कुराने के लिए कहा। आरोपी ने कैमरे के सामने बोलने का दबाव बनाया छात्रा के अनुसार, आरोपी चाहता था कि वह खुद कैमरे के सामने यह कहे कि वह अपनी मर्जी से उसके साथ आई है, लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया। दबाव के चलते वह केवल मुस्कुरा दी, जिसके बाद आरोपी ने खुद वीडियो रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया। कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी जीतू तोमर को एक दिन की रिमांड पर लिया है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि उसके पास मिली अवैध पिस्टल कहां से आई। मामले में आरोपी का साथी चिराग गुर्जर और बिना नंबर की कार पहले ही पुलिस कब्जे में ले चुकी है। आरोपी को शनिवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में एएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि छात्रा ने अपहरण की पुष्टि की है। फिलहाल पुलिस का फोकस आरोपी के पास मिले हथियार के स्रोत और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने पर है।
मेरठ पैठ में महिला से बदसलूकी, मारपीट:पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया, जांच शुरू
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र स्थित शेरगढ़ी की कुटी में लगने वाली साप्ताहिक पैठ में शुक्रवार रात एक महिला के साथ बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। महिला पैठ में खरीदारी करने पहुंची थी, तभी किसी बात को लेकर उसकी एक युवक से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर युवक ने महिला के साथ अभद्रता और मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस ने मौके से एक युवक को हिरासत में ले लिया। इस घटना के दौरान पैठ में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बाल गृहों के फंड में देरी पर लखनऊ हाईकोर्ट सख्त:कहा- बच्चों के मामलों में प्रशासनिक ढिलाई अस्वीकार्य
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मिशन वात्सल्य योजना के तहत बाल गृहों को मिलने वाली सहायता राशि जारी करने में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने इसे बच्चों के हितों से जुड़े मामलों में गंभीर चिंता का विषय बताया। मामले की अगली सुनवाई 27 मई को निर्धारित की गई है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने अनुप गुप्त द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। यह याचिका वर्ष 2008 में दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार ने न्यायालय को बताया कि दृष्टि सामाजिक संस्थान को प्रस्तावित एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक के बाद ही जारी की जा सकेगी। यह बैठक पहले 27 अप्रैल को प्रस्तावित थी, जिसे अब 12 मई को आयोजित किया जाएगा। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि स्पर्श योजना के तहत वित्तीय भुगतान प्रणाली में बदलाव किया गया है। पहले भुगतान केंद्रीय साइबर ट्रेजरी के माध्यम से होता था, जिससे व्यवहारिक समस्याएं आ रही थीं। अब जिला स्तर पर भुगतान व्यवस्था लागू की गई है, हालांकि मौजूदा वित्तीय वर्ष की मंजूरी अभी भी बोर्ड की बैठक पर निर्भर है। इस पर न्यायालय ने टिप्पणी की कि जब नया वित्तीय वर्ष अप्रैल से शुरू हो जाता है, तो आवश्यक बैठकों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली जानी चाहिए। न्यायालय ने जोर दिया कि योजनाओं में देरी का सीधा असर बाल गृहों में रह रहे बच्चों पर पड़ता है। खंडपीठ ने यह भी संज्ञान लिया कि संबंधित संस्था को बच्चों की देखभाल जारी रखने के लिए उधार लेना पड़ रहा है और अब उन्हें कर्ज मिलना भी कठिन हो गया है। अदालत ने केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को निर्देश दिया कि भविष्य में बोर्ड की बैठकें समय पर आयोजित की जाएं, ताकि सहायता राशि जारी करने में अनावश्यक विलंब न हो।
मेरठ के मुण्डाली थाना क्षेत्र स्थित अजराडा गांव में लैट्रिन टैंक निर्माण और दीवार में सीलन आने को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों, सरियों और पाइपों से हमला किया। इतना ही नहीं, जमकर पथराव भी हुआ, जिससे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। घटना 7 मई 2026 की बताई जा रही है। विवाद के दौरान क्षेत्र में काफी देर तक हंगामा चलता रहा, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर थाना मुण्डाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच शौचालय के लैट्रिन टैंक निर्माण और उससे दीवार में सीलन आने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों ओर से मारपीट व पथराव शुरू हो गया था।एसएसपी मेरठ के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी किठौर के पर्यवेक्षण में थाना मुण्डाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अब्बास पुत्र उस्मान, नौशाद पुत्र इरशाद, कमर पुत्र उस्मान, खुशनूद पुत्र इलिया, असलम पुत्र जमील और शान मोहम्मद पुत्र महमूद अली निवासी ग्राम अजराडा थाना मुण्डाली, मेरठ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0-105/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं एवं 7 सीएलए एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
हरदोई के सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार रात गंगा एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन पर सैदापुर के पास एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने साइकिल सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। मृतक की पहचान सवायजपुर थाना क्षेत्र के कनकापुर गांव निवासी गोविंद कुमार (32) पुत्र देव कुमार के रूप में हुई है। गोविंद फेरी लगाकर कॉस्मेटिक का सामान भेजने थे। वह साइकिल से हरपालपुर, सवायजपुर, पाली आदि क्षेत्रों के गांव में साइकिल से फेरी करते थे। शुक्रवार की रात वह फेरी करके साइकिल से गांव वापस जा रहे थे। इस दौरान सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र के सैदापुर के पास अज्ञात वाहन ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। इसमें वह सिर के बल साइकिल समेत सड़क पर गिर गए। उन्हें गंभीर चोटें उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर रूपापुर चौकी इंचार्ज अतुल गुप्ता अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। परिजनों के अनुसार, गोविंद गांव-गांव साइकिल से कॉस्मेटिक का सामान बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं। थानाध्यक्ष प्रिंस कुमार ने बताया कि शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। परिजनों की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ नगर निगम पर शहर में गंदगी को लेकर लगातार आरोप लगाए जाते जा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को RTI एक्टिविस्ट डॉ संदीप पहले ने एक वीडियो अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया जिसमें लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क के किनारे बड़े-बड़े कूड़े के ढेर दिखाई दिए। इन ढेरों को नाले से पोकलेन मशीन द्वारा निकाली गई गंदगी से बनायागया और फिर उठाया नहीं गया। कूड़े पर जमे पेड़जो गंदगी नाले से निकल गई और सड़क किनारे सूखने के लिए डाल दी गई, वह इतनी पुरानी है कि उसे पर छोटे-छोटे पेड़ भी उग गए हैं। डॉक्टर संदीप पाल का कहना है कि लगभग एक से डेढ़ महीने से यह कूड़ा यहां पड़ा हुआ है जिसकी और नगर निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है। काम काम दिखावा ज्यादाउन्होंने महापौर और नगरआयुक्त पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह दोनों काम काम और दिखावा ज्यादा में यकीन रखते हैं । शहर में गंदगी के कारण जो महामारी फैलने की स्थिति उतपन्न् हो रही है उसे और किसी का ध्यान नहीं है। पुलिस लाइन में रहते हैं हजारों परिवारजहां यह कूड़ा पड़ा है उसके पीछे ही पुलिस लाइन का परिसर है, जिसमें हजारों पुलिस कर्मियों के परिवार रहते हैं । इस कूड़े से निकलने वाले मच्छर और प्रदूषित हवा इन परिवारों को भी नुकसान पहुंचाती है। इसके बाद भी नगर निगम द्वारा शहर भर में इस प्रकार की गंदगी को अनदेखा किया जा रहा है और स्मार्ट सिटी बनाने का दावा किया जा रहा है।
मुरादाबाद में नियमों को ताक पर रखकर गंगा नदी के भीतर अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहा है। एक-एक राबन्ना पर 50-50 डंपर बालू ढोई जा रही है। नया मुरादाबाद से लगे नदी के हिस्से में खनन माफिया दिन ढले से लेकर तड़के 5:00 बजे तक जेसीबी नदी का सीेना रहे हैं। मुरादाबाद में बजरंग दल से जुड़े लोगों का नाम अवैध खनन के इस खेल में सामने आ रहा है। एक बजरंग दल नेता और उसके भाई के पास 13 डंपर हैं। नया मुरादाबाद में गांगन नदी में हो रहे अवैध खनन की साइट पर कपिल शर्मा नाम का युवक साइट को लीड कर रहा है। उसका कहना है कि उसके पास खनन की परमिशन है, लेकिन नियम ये कहता है कि नदी की धारा के 500 मीटर की दूरी तक दोनों साइड कोई खनन परमिशन नहीं हो सकती।दूसरा खेल ये है कि एक ही रवान्ना पर 50-50 डंपर बालू ढोई जा रही है। यानी निर्धारित मानक से 50 गुना अधिक बालू निकालकर उसका ट्रांसपोर्टेशन किया जा रहा है।मुरादाबाद में इसके अलावा इटायला साइट से भी बड़े पैमाने पर डंपर बालू लेकर आ रहे हैं। इटायला में फावड़े की परमिशन पर वहां का ग्राम प्रधान का पति जीशान JCB से अवैध खनन कर रहा है। पाकबड़ा पुलिस से अपने नजदीकी रिश्तों के चलते उसकी साइट के ट्रक और डंपर पाकबड़ा एरिया में दौड़ रहे हैं।अवैध खनन के इस खेल में मुरादाबाद को तहसील टीम से लेकर खनन विभाग के बड़े अधिकारियों तक की भूमिका सवालों के घेरे में है।
भिलाई में ठगों ने एक कारोबारी के आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर बदल दिया और उसके नाम पर बैंक खाता खोलकर करीब तीन लाख रुपए का लोन निकाल लिया। पीड़ित को इसकी जानकारी तब मिली जब उसने अपना सिबिल स्कोर चेक किया। इस संबंध में नेवई थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। पीड़ित राजेश कुमार (36 वर्ष) रूआबांधा, भिलाई के निवासी हैं। वे रिसाली के मैत्री नगर में 'मुक्ता कंप्यूटर एंड च्वाइस सेंटर' का संचालन करते हैं। राजेश के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी अनुमति के बिना उनके आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर बदल दिया। उन्हें कई दिनों तक इस धोखाधड़ी की जानकारी नहीं मिली। राजेश कुमार को 27 अप्रैल को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने UIDAI की हेल्पलाइन 1947 पर संपर्क किया। हेल्पलाइन से उन्हें बताया गया कि उनके आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर बदला जा चुका है। उन्होंने नए लिंक किए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें अपनी पहचान के दुरुपयोग की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत आधार पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी हिस्ट्री चेक की। आधार हिस्ट्री देखने पर राजेश कुमार को पता चला कि उनके दस्तावेजों का उपयोग कर कई बैंकों में खाता खोलने के लिए पूछताछ की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि नेहरू नगर स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में उनके नाम से एक खाता खोला गया है। इसके बाद उन्होंने बैंक पहुंचकर उस खाते को बंद कराने के लिए आवेदन दिया। मामला यहीं नहीं रुका। जब उन्होंने अपना सिबिल स्कोर चेक किया तो पता चला कि उनके नाम पर लगभग 2 लाख 96 हजार 443 रुपए का लोन स्वीकृत दिख रहा है। यह लोन DMI Finance Pvt. Ltd. और True Credits Pvt. Ltd. के माध्यम से लिया गया बताया जा रहा है। पुलिस ने दर्ज किया अपराध पीड़ित की शिकायत पर नेवई थाना पुलिस ने प्रथम दृष्टया अपराध मानते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर आधार से मोबाइल नंबर बदलने की प्रक्रिया किस माध्यम से की गई और इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
सिरसा के जैन स्कूल में शुक्रवारा रात्रि को अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में मदद की। कुछ देर बाद फायर विभाग की टीम को सूचना दी गई और दमकल की दो गाड़ियां आग बुझाने को पहुंची। कई देर तक आग पर काबू नहीं पाया गया। अभी रात करीब 11 बजे तक टीम आग बुझाने में जुटी है। जानकारी के अनुसार, ये जैन स्कूल शहर के भादरा बाजार में स्थित है। शुक्रवार रात्रि को अचानक स्कूल परिवार के कक्षा-कक्ष में आग लग गई। हालांकि, उस समय स्कूल में कोई नहीं था। लोगों ने आग लगते हुए देखा और भीड़ जुट गई। वहीं, फायर ब्रिगेड विभाग का कहना है कि अब तक दो गाड़ियां जा चुकी है। स्कूल में लगी आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।
महराजगंज में बछड़े पर चाकू से हमला, आरोपी गिरफ्तार:तरबूज खाने पर नौतनवा के नवीन फल मंडी में घटना
महराजगंज के नौतनवा की नवीन फल मंडी में एक बछड़े पर चाकू से हमला किया गया। यह घटना तब हुई जब बछड़ा तरबूज खाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार नौतनवा क्षेत्र की नवीन मंडी में तरबूज रखे हुए थे। इनकी निगरानी अमवा थाना बरगदवा निवासी जमालुद्दीन खान उर्फ मुन्ना खान कर रहा था। इसी दौरान एक बछड़ा वहां पहुंचा और तरबूज खाने लगा। बछड़े द्वारा तरबूज खाने से नाराज होकर जमालुद्दीन ने कथित तौर पर चाकू निकालकर उस पर हमला कर दिया। इस हमले में बछड़ा घायल हो गया। घटना देखकर मंडी में मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नौतनवा कस्बे के उस्मान नगर निवासी धनंजय साहू ने पुलिस को तहरीर दी, जिसके आधार पर देर रात संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया। घटना के बाद मंडी क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। नौतनवा थाने के उप निरीक्षक रामजी गुप्ता ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है। स्थानीय लोगों ने पशु के साथ की गई इस क्रूरता की कड़ी निंदा की है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उरई में युवती ने फांसी लगाकर दी जान:किराए के मकान में बहनों के साथ रहती थी, पुलिस जांच में जुटी
जालौन जनपद के उरई शहर में एक युवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतका की पहचान शिवांगी (18) पुत्री प्रहलाद निवासी एट के रूप में हुई है। वह उरई के मोहल्ला उमरार खेड़ा में अपनी दो बहनों के साथ किराए के मकान में रहती थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम शिवांगी ने कमरे में फांसी लगा ली। काफी देर तक कमरे से कोई हलचल न होने पर पड़ोसियों को शक हुआ। दरवाजा खोलकर देखा तो उसका शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर कोंच बस स्टैंड चौकी इंचार्ज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के मुताबिक, शिवांगी तीन बहनों में से एक थी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद मोहल्ले में शोक का माहौल है।
लखनऊ में 'मैं तुझ में' नाटक का मंचन:रामायण की महिला पात्रों के भावनात्मक पक्ष को दर्शाया गया
लखनऊ के रवींद्रालय में शुक्रवार को जी जे एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स ने नाटक 'मैं तुझ में' का मंचन किया। यह प्रस्तुति रामायण की महिला पात्रों के भावनात्मक और मानसिक पहलुओं पर केंद्रित थी, जिसने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। नाटक की परिकल्पना, संगीत और निर्देशन आलोक श्रीवास्तव ने किया था, जबकि इसका लेखन ललित सिंह पोखरिया ने किया। रामायण के विभिन्न संस्करणों पर गहन शोध के बाद तैयार की गई इस प्रस्तुति में उन महिला पात्रों को प्रमुखता दी गई, जिन्होंने अपने संस्कारों और त्याग से भगवान राम को मर्यादापुरुषोत्तम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धर्म पालन को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया मंचन में कौशल्या, कैकई, सुमित्रा, शबरी, मंदोदरी, उर्मिला और सीता जैसे पात्रों की भावनाओं, संघर्षों और धर्म पालन को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। भावपूर्ण गीतों और नृत्य के माध्यम से प्रत्येक किरदार का संदेश दर्शकों तक खूबसूरती से पहुँचाया गया। कई दृश्यों ने सभागार में उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। नाटक में अर्चना शुक्ला, अपूर्वा श्रीवास्तव, स्तुति अवस्थी, डॉ. रुपाली श्रीवास्तव, नैना चंद्रा, माधवी निगम और सिमरन अवस्थी ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। कलाकारों के अभिनय और संवाद अदायगी को दर्शकों ने खूब सराहा। रामायण की महिला पात्रों की आंतरिक पीड़ा को दिखाया गया इस प्रस्तुति की एक खास बात यह रही कि यह केवल भक्ति भाव तक सीमित नहीं थी। इसने रामायण की महिला पात्रों की आंतरिक पीड़ा, संवेदनाओं और मानसिक स्थिति को भी अत्यंत संवेदनशील तरीके से सामने रखा।इस अवसर पर आरुषि विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यक्रम में डॉ. संजय श्रीवास्तव, डॉ. नकुल सिन्हा, डॉ. के पी चंद्रा, ज्योति किरण सिन्हा, कवि सर्वेश अस्थाना, मनीष हिंदवी, सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ और सुशील कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
फर्रुखाबाद में शनिवार को महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण किया जाएगा। इस कार्यक्रम के कारण रोडवेज बसों का संचालन क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के ग्राउंड से किया जाएगा। वहां कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। मूर्ति अनावरण के लिए जिले के प्रभारी मंत्री एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह फर्रुखाबाद पहुंचेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है, जिसके चलते रोडवेज बस स्टैंड पर भीड़भाड़ से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है। एआरएम राजेश कुमार ने क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के मैदान से बसों के संचालन के निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था शनिवार सुबह 6 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक लागू रहेगी। इस वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पांच निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें वरिष्ठ लिपिक नीरज कुमार अग्निहोत्री, बीसी जितेंद्र सिंह, राजीव बाजपेई, चालक श्री कृष्णा शुक्ला और सुरक्षा गार्ड नीलेश शामिल हैं। शुक्रवार देर शाम से ही रोडवेज बस स्टैंड लगभग खाली हो गया है। अधिकांश बसें या तो अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुकी हैं या वर्कशॉप में खड़ी हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए पूछताछ काउंटर खुला रखा गया है।
पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मासूम की मौत:अमेठी में घर के बाहर खेलते समय गिरा, जांच जारी
अमेठी में शुक्रवार शाम तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई। खेलते समय बच्चा घर के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गया, जिससे उसकी जान चली गई। मृतक बच्चे की पहचान रौनक सिंह पुत्र धीरज सिंह के रूप में हुई है। मामला कोतवाली क्षेत्र के रणवीर नगर मजरे जंगल रामनगर गांव का है। परिजनों के अनुसार, रौनक शुक्रवार शाम घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान वह घर के पास लगे नल के करीब पहुंच गया, जहां पानी से भरा एक गड्ढा था। खेलते-खेलते वह गड्ढे में गिर गया। काफी देर तक बच्चा नजर नहीं आने पर परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान परिजन गड्ढे के पास पहुंचे तो रौनक पानी में पड़ा मिला। इसके बाद परिजन उसे तुरंत एक निजी क्लीनिक लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल है। इंस्पेक्टर श्रीराम पांडेय ने बताया- बच्चा खेलते समय पानी में डूब गया था। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है और पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया है।
जोधपुर जिले के ओसियां कस्बे में पुरानी रंजिश के चलते सवारी बस पर बदमाशों ने हमला कर दिया। ओसियां से पाली जिले के बुसी गांव स्थित दरगाह पर जियारत के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की बस को गुरुवार देर रात करीब 11:15 बजे बीच रास्ते में रोककर पत्थरों, लाठियों और लोहे के सरियों से ताबड़तोड़ वार किए गए। इस हमले में एक गर्भवती महिला, 8 बच्चों सहित करीब 25 लोग गंभीर या मामूली घायल हुए हैं। ओसियां पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा शेष अन्य आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। दरगाह जाते समय घेरी बस ओसियां पुलिस थाने में नयापुरा ओसियां निवासी फयाज खां पुत्र अकबर खां ने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कराई है। इस रिपोर्ट के अनुसार- उसके परिवार के सदस्य 7 मई की रात करीब 11:15 बजे बस किराए पर लेकर बुसी दरगाह जा रहे थे। रास्ते में मेघवालों का बास में जब बस अन्य रिश्तेदारों को लेने रुकी, तभी ओसियां निवासी आरोपी सरफराज उर्फ सफी, साबुदीन, गेपुखां, मीठालाल मेघवाल, बीरमाराम भील, कंवराराम भील, टकाराम भील, भुराराम भील और 3-4 अन्य अज्ञात लोगों ने बस का रास्ता रोक लिया। हमलावरों ने चारों तरफ से बस पर पथराव शुरू कर दिया। इससे बस के सारे कांच टूट गए। सरियों से किए वार, लूटपाट का भी आरोप हमले के दौरान जब घबराए हुए यात्री बस से नीचे उतरने लगे, तो आरोपियों ने उन पर हथियारों से वार कर दिया। आरोपी सरफराज ने फरीद खां और बीच-बचाव करने आए अबरार के सिर-हाथ पर लोहे के सरिए से जानलेवा हमला किया। जब 7 महीने की गर्भवती महिला बीच-बचाव करने आई तो आरोपी कंवराराम ने उसके सिर पर पत्थर दे मारा। इसके अलावा भूराराम भील ने शोकत के पैर पर बड़ा पत्थर मारा। इससे उसके पैर की हड्डी टूट गई। परिवादी फयाज के नीचे गिरने पर आरोपियों ने उसकी जेब से उसका मोबाइल और 5 हजार रुपए लूट लिए। 8 बच्चों समेत 25 घायल, मची चीख-पुकार इस वारदात में नयापुरा निवासी करीब 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें 10 साल से छोटे 8 बच्चे (रिहान, सरफराज, सानिया, जैन, मदीना, आलिया, असलम, इंसाफ) शामिल हैं। घायलों में शौकत अली (36), फरीद खां (40), आबीज खां (30), अबरार खां (20), मजीद खां (30), रमजान खां (48), छोटू खां (50), फयाज खां (44), मुस्लिम खां (34), मदीना (28) और 7 महीने की गर्भवती (26) सहित कई अन्य महिलाएं शामिल हैं। हमले में कई लोगों को फ्रैक्चर हुए हैं, जिनका ओसियां के सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज जारी है। दो आरोपी गिरफ्तार, गंभीर धाराओं में केस दर्ज घटना के दौरान पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इस पर ओसियां थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने आरोपी कंवराराम और बीरमाराम को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। जबकि अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट, अवैध रूप से भीड़ जुटाकर हमला करने, रास्ता रोकने, तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाने और लूट की गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। कंटेंट व विजुअल सहयोग: सुनील ओझा, ओसियां
बैट्री फटने से जोर का धमाका और आग लगी:इंदिरापुरम में लोग बोले- अवैध तरह से चल रही है बैट्री शॉप
गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित शक्ति खंड-2 के प्लॉट नंबर 33 में शुक्रवार शाम एक भयानक हादसा होते-होते बचा। जिसने पूरी कॉलोनी को हिलाकर रख दिया है। यहां 16 फ्लैटों वाली एक रिहायशी लो-राइज बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर अवैध रूप से चल रही बैट्री बनाने और स्कूटी रिपेयरिंग की यूनिट में अचानक बैट्री फटने से भीषण आग लग गई। जिसकी आवाज 500 मीटर तक सुनाई दी। दहशत में आ गए परिवार धमाका इतना जोरदार था कि बिल्डिंग में रह रहे परिवारों के बीच चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते काला धुआं पूरी इमारत में फैल गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही किसी की जान नहीं गई। यहां रहने वाले स्थानीय लोगों का आरोप है कि वे लंबे समय से इस बम के ऊपर रह रहे थे और उन्होंने इस खतरे के खिलाफ 6 महीने पहले भी आवाज उठाई । लेकिन प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की। पूर्व में कर चुके हैं शिकायत स्थानीय लोगों का कहना है कि 4 दिन पूर्व ही लखनऊ मुख्यालय, CFO और अग्निशमन विभाग को लिखित शिकायत भेजकर इस अवैध गतिविधि को रोकने की गुहार लगाई। आज की इस आग ने न केवल बिल्डिंग के 16 परिवारों हिलाकर रख दिया। यहां स्कूटी की बैट्री चार्ज भी की जाती हैं, जिसे सील करने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ में कोरबा-चोटिया मार्ग पर हुए सड़क हादसे में खरखौदा निवासी अरुण कुमार त्यागी की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। भाजपा नेता विपिन त्यागी परिजनों के साथ शव लेने के लिए छत्तीसगढ़ रवाना हो गए हैं। शनिवार को शव के घर पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। बताया गया कि अरुण कुमार त्यागी को हाल ही में कोरबा एसईसीएल गेवरा के पूर्व महाप्रबंधक पद से पदोन्नत कर सिंगरौली में तकनीकी निदेशक (डीटी) नियुक्त किया गया था। वह नई जिम्मेदारी का पदभार ग्रहण करने के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान कोरबा-चोटिया मार्ग पर उनकी कार हादसे का शिकार हो गई, जिसमें उनकी मौत हो गई। अरुण त्यागी अपने सौम्य व्यवहार और कुशल प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा नेता विपिन त्यागी के बड़े भाई होने के कारण राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोगों ने भी दुख जताया है।
दुर्ग सिटी कोतवाली पुलिस ने अंतर्राज्यीय ठगों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया है। इन ठगों ने दुर्ग शहर में एक ज्वेलरी दुकानदार को झांसे में लेकर नकली पायल के बदले असली चांदी के जेवर ले लिए थे। आरोपियों ने पुराने चांदी के जेवर को असली बताकर दुकानदार से नया चांदी का पायल लिया और मामूली रकम का अंतर देकर फरार हो गए थे। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब दुकानदार ने रात में जेवर की जांच की। पुलिस के अनुसार, 7 मई 2026 को मधुबन वाटिका, खंडेलवाल कॉलोनी निवासी आशीष जैन ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दो व्यक्ति उनकी गया नगर स्थित ज्वेलरी दुकान पर आए। इन व्यक्तियों ने अपने पास रखे पुराने पायल और हाथ का कड़ा दिखाते हुए उन्हें असली चांदी का बताया। इसके बाद उन्होंने इन पुराने जेवरों के बदले नया चांदी का पायल लेने की इच्छा जताई। दुकानदार आशीष जैन आरोपियों की बातों में आ गए। ठगों ने 2200 रुपए का अंतर जमा किया और नया चांदी का पायल लेकर दुकान से चले गए। देर रात दुकान बंद करते समय जब आशीष जैन ने पुराने पायल की जांच की, तो वे नकली धातु के निकले। इसके तुरंत बाद उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। आरोपियों द्वारा दुकान में दिखाए गए आधार कार्ड और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उनकी पहचान सुनिश्चित की गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी रेलवे स्टेशन परिसर में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस ने यात्री प्रतीक्षालय में घेराबंदी कर दोनों ठगों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, पकड़े गए आरोपियों ने नकली पायल देकर असली चांदी का पायल हासिल करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उनके कब्जे से एक जोड़ी चांदी का पायल और महावीर ज्वेलर्स की खरीद रसीद बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के रहने वाले राजेश साहू और प्रदीप श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 3(5) के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया है।
देवास में जनगणना 2027 के मकानसूचीकरण कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने शुक्रवार को सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने प्रगणक मेहरबानसिंह छावड़ी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मेहरबानसिंह छावड़ी प्राथमिक विद्यालय रिछीखो में पदस्थ हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने निर्धारित समय तक भी मकानसूचीकरण का कार्य प्रारंभ नहीं किया था। यह कार्य राष्ट्रीय स्तर का अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन आदेश जारी किया। यह कार्रवाई तहसीलदार एवं जनगणना चार्ज अधिकारी खातेगांव के प्रस्ताव पर आधारित थी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जनगणना और मकानसूचीकरण जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
गौरेला थाना क्षेत्र के पटपरिपारा में पत्नी की हत्या के मामले में पेंड्रा कोर्ट ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने महज सात माह में सुनवाई पूरी कर त्वरित न्याय की मिसाल पेश की है। घटना 19 अक्टूबर 2025 की रात की है। आरोपी भैयालाल बैगा का अपनी पत्नी रामकली बैगा से घरेलू बातों को लेकर विवाद हुआ था। भैयालाल अपनी पत्नी के शराब पीने और घर का काम न करने की आदतों से नाराज था। इसी विवाद के दौरान आवेश में आकर भैयालाल ने अपनी पत्नी पर कुल्हाड़ी (टंगिया) से प्राणघातक हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत प्रकरण न्यायालय में पेश किया था। अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने शासन की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों और साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। न्यायालय ने अपराध की प्रकृति को गंभीर मानते हुए भैयालाल बैगा को हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास के साथ 2000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न पटाने की स्थिति में आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
शाहजहांपुर में गंगा सतलुज एक्सप्रेस ट्रेन में एक महिला यात्री का बैग चोरी हो गया। बैग में लाखों रुपए के सोने के जेवरात रखे थे। पीड़िता ने ट्रेन के अंदर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया है। बैग में सोने की चेन, दो कंगन, तीन जोड़ी कान के टॉप्स और तीन अंगूठियां शामिल थीं। पीड़िता गरिमा अवस्थी मूल रूप से पंजाब के फरीदकोट की रहने वाली हैं और वर्तमान में उज्जैन में रहती हैं। उन्होंने 5 मई को शाहजहांपुर जीआरपी थाने में एफआईआर दर्ज कराई। गरिमा फिरोजपुर से शाहजहांपुर तक गंगा सतलुज ट्रेन के ए-2 कोच की बर्थ नंबर 43 पर यात्रा कर रही थीं। शिकायत के अनुसार, मुरादाबाद स्टेशन पहुंचने से पहले उनका बेबी बैग सीट पर रखा था। गरिमा रात 4 बजे सो गईं और 4 बजकर 40 मिनट पर जब उनकी आंख खुली तो बैग गायब था। उस समय तक ट्रेन मुरादाबाद स्टेशन से आगे निकल चुकी थी। बैग में बच्चे के खाने-पीने के सामान और कपड़ों के साथ सोने के आभूषण भी थे। घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में ट्रेन में भारी लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एसी कोच में भी बिना टिकट के सामान्य यात्री घूम रहे थे, अटेंडेंट की कोई जिम्मेदारी नहीं थी और कोई टीटीई स्टाफ मौजूद नहीं था। साथ ही, बेड रोल भी गंदे दिए गए थे। गरिमा अवस्थी ने सवाल उठाया कि एसी का अधिक किराया लेने के बावजूद यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसी की क्यों नहीं है। शाहजहांपुर जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि चोरी की घटना मुरादाबाद में हुई थी। इसलिए, शाहजहांपुर में जीरो एफआईआर दर्ज कर उसे आगे की जांच के लिए मुरादाबाद जीआरपी थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है। मामले की आगे की विवेचना अब मुरादाबाद पुलिस द्वारा की जाएगी।
देवरिया में शुक्रवार शाम बाइक सवार बदमाशों ने ई-रिक्शा से घर लौट रही एक महिला से लाखों रुपए के जेवरात लूट लिए। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई, जबकि पुलिस बदमाशों की तलाश में जुट गई है। मामला गौरीबाजार थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, भटौली खुर्द निवासी अंजू चौहान पत्नी अंबिका चौहान हाटा में एक रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। शुक्रवार शाम करीब सात बजे वह अपने तीन बच्चों के साथ ई-रिक्शा से घर लौट रही थीं। ई-रिक्शा से घर लौट रही थी महिला बताया गया कि गौरीबाजार-हाटा रोड पर विशुनपुरा चौराहे के पास पीछे से आए दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने महिला के गले से झपट्टा मारकर दो सोने के मंगलसूत्र और एक सोने की माला छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों बदमाश मौके से फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार, लूटे गए जेवरात की कीमत करीब पांच लाख रुपए है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एडिशनल एसपी और क्षेत्राधिकारी ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। थाना प्रभारी डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, अधिकारी सतेन्द्र कुमार राय ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए थाना गौरीबाजार पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है। पुलिस ने जल्द घटना का खुलासा करने का दावा किया है।
कोरबा में डिज्नीलैंड मेला में पति-पत्नी और उनके एक साथी के साथ कर्मचारियों ने जमकर मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मेला मैनेजर समेत तीन लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। यह मामला के मानिकपुर चौकी क्षेत्र का है। पहले देखिए तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, यह विवाद झूले में झूलने को लेकर हुआ था। पति-पत्नी अपने एक साथी के साथ कोरबा के डिज्नीलैंड मेले में गए थे। टिकट को लेकर हुए विवाद के बाद मेले के कर्मचारियों ने तीनों के साथ मारपीट कर दी। इस घटना का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने की कार्रवाई मानिकपुर चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है। डिज्नीलैंड के मैनेजर समसुद्दीन खान, आकाश झूला के मालिक राहुल कुमार पासवान और कर्मचारी आनंद कुमार पासवान के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। डिज्नीलैंड मेला में यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले कुछ साल पहले मेले में तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसकी जांच रिपोर्ट अभी तक लंबित है। एक अन्य घटना में झूला गिरने से कई लोग घायल हुए थे। इन लापरवाहियों के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा अब तक केवल खानापूर्ति की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार ऐसी घटनाओं के बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, और हर बार जांच के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है।
प्रतापगढ़ में जंगल में मिला अर्धजला युवक का शव:पुलिस ने पहचान के लिए डीएनए जांच कराएगी, सैंपल लिए
प्रतापगढ़ के देहात कोतवाली क्षेत्र में नरवा सिटी रोड से करीब 150 मीटर अंदर जंगल में एक अज्ञात युवक का अर्धजला शव मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी गई। जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत सिटी के अध्यक्ष जैकी खान ने शुक्रवार शाम करीब 6 बजे पुलिस को जंगल में शव पड़े होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और आसपास के क्षेत्र की गहन जांच की। पुलिस के अनुसार, मृतक युवक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। शव बुरी तरह जला हुआ होने के कारण पहचान में दिक्कत आ रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही युवक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए सैंपल भी सुरक्षित कर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने बताया- अर्धजला शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
अंबाला नगर निगम चुनाव में मेयर पद को लेकर सियासी घमासान अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी के नामांकन को चुनौती देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नामांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई और आपत्ति को गलत तरीके से खारिज कर दिया गया। मामले की सुनवाई 11 मई को तय की गई है। जानें पूरा मामला अंबाला सिटी निवासी कुलविंदर कौर ने बीती 6 मई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ में सिविल रिट याचिका दायर की। याचिका में हरियाणा राज्य चुनाव आयोग, जिला चुनाव अधिकारी-कम-डिप्टी कमिश्नर अंबाला, रिटर्निंग ऑफिसर (मेयर चुनाव 2026) और भाजपा प्रत्याशी अक्षिता सैनी को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि बीती 26 अप्रैल को कुलविंदर कौर ने अक्षिता सैनी के नामांकन पत्र और उसके साथ लगाए गए फॉर्म 1-सी के हलफनामे के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई थी। आपत्ति खारिज करने पर उठाए सवाल याचिकाकर्ता का आरोप है कि बीती 27 अप्रैल को रिटर्निंग ऑफिसर ने उनकी आपत्ति को गलत और पक्षपातपूर्ण तरीके से खारिज कर दिया। साथ ही अक्षिता सैनी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई। याचिका में इस आदेश को अवैध और मनमाने तरीके से लिया गया फैसला बताया गया है और इसे रद्द करने की मांग की गई है। नामांकन रद्द करने की मांग कुलविंदर कौर ने हाईकोर्ट से मांग की है कि अक्षिता सैनी का नामांकन रद्द किया जाए। इसके अलावा कोर्ट से यह भी अनुरोध किया गया है कि चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को निर्देश दिए जाएं कि वे आपत्ति में उठाए गए बिंदुओं के आधार पर नामांकन खारिज करें। साथ ही कोर्ट से यह भी कहा गया है कि वह इस मामले में उचित आदेश या निर्देश जारी करे। वकील ने रखा पक्ष इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नरिंदर सिंह बेहगल ने पैरवी की है। उन्होंने अदालत में दलील दी कि नामांकन को स्वीकार करना नियमों के खिलाफ है और इसमें दुर्भावना से काम लिया गया है। अब 11 मई को होने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है।
फतेहाबाद जिले के टोहाना में शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग टीम ने हिम्मतपुरा बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लिमिटेड (पैक्स) में छापेमारी की। गुप्त सूचना के आधार पर की गई 11 घंटे की जांच में करीब दो लाख रुपए का स्टॉक कम पाया गया। जांच टीम का नेतृत्व सीएम फ्लाइंग टीम इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने किया। इसमें कृषि विभाग से एसडीओ मुकेश मेहला, विकास अधिकारी सुरेश कुमार और इंस्पेक्टर सतबीर सिंह शामिल थे। टीम ने मौके पर स्टॉक का मिलान किया, जिसमें सूक्ष्म खाद और दवाइयों सहित लगभग 20 प्रकार की वस्तुएं कम मिली। इनकी अनुमानित कीमत दो लाख रुपए है। मैनेजर को कारण बताओ नोटिस देंगे : सुरेश विकास अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि पैक्स प्रबंधक बलजिंदर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उन्हें स्टॉक की रिकवरी के आदेश दिए जाएंगे और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। बता दें कि, 23 अप्रैल को विकास अधिकारी सुरेश कुमार के निरीक्षण के दौरान प्रबंधक बलजिंदर सिंह अनुपस्थित पाए गए थे। उस समय कन्हड़ी, हिम्मतपुरा और नथुवाल बिक्री केंद्रों पर यूरिया के 2186 बैग और डीएपी के 1070 बैग कम मिले थे, जिनकी कुल कीमत 20.27 लाख रुपए थी। पहले भी स्टॉक में पाई गई थी कमी महाप्रबंधक छैलू राम के निर्देश पर प्रबंधक बलजिंदर सिंह ने 24 और 27 अप्रैल को कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित में स्टॉक की कमी की जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने 5 मई तक 20.27 लाख रुपए जमा कराने का वादा किया था। शाखा प्रबंधक को जीएम द्वारा तीन दिन बाद दोबारा जांच करने तथा फिर कमी मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इस मामले की जांच की मांग गांव कन्हड़ी निवासी महिला दर्शना ने सीएम नायब सैनी और जिला उपायुक्त फतेहाबाद को शिकायत भेजकर की थी।
मिर्जापुर में एसपी का फ्लैग मार्च:अतिक्रमण हटाने और यातायात नियमों के पालन की चेतावनी
मिर्जापुर के कटरा कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार शाम पुलिस प्रशासन सक्रिय दिखा। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के नेतृत्व में मुकेरी बाजार चौराहे से इमामबाड़ा होते हुए पक्का पुल तक भारी पुलिस बल के साथ पैदल रूट मार्च निकाला गया। इस दौरान कानून व्यवस्था का जायजा लिया गया और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। रूट मार्च के दौरान पुलिस कर्मियों ने सड़क पर अव्यवस्थित खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जांच की। यातायात नियमों का पालन न करने वाले कई वाहन चालकों का चालान किया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को हेलमेट पहनने, वाहन के आवश्यक कागजात साथ रखने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की हिदायत दी। देखें, 3 तस्वीरें… बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। पुलिस अधीक्षक ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दुकान का सामान सड़क और पटरी से बाहर न लगाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोबारा अतिक्रमण पाया गया तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पैदल मार्च के दौरान पुलिस बल ने बाजार, संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने लोगों से संवाद करते हुए कहा कि पुलिस का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा का भाव मजबूत करना और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर विवेक चावला और क्षेत्राधिकारी गायत्री यादव भी मौजूद रहीं। कटरा प्रभारी बैजनाथ सिंह, लाल डिग्गी चौकी प्रभारी आनंद सिंह, मुकेरी बाजार चौकी प्रभारी लल्लन यादव तथा सिटी कोतवाली प्रभारी दयाशंकर ओझा सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी रूट मार्च में शामिल रहे। भारी पुलिस बल के साथ निकाले गए इस फ्लैग मार्च से बाजार क्षेत्र में देर तक हलचल बनी रही। आम लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया।
हरदोई के हरपालपुर क्षेत्र में शुक्रवार रात उन्नाव-कटरा हाईवे पर हुए सड़क हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि ठेकेदार और बुलेट सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा बद्रीपुरवा गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार बुलेट ने पैदल जा रहे दो लोगों को पीछे से टक्कर मार दी। मृतक की पहचान 35 वर्षीय आदेश पुत्र छोटेलाल निवासी चिलौहटा गांव, थाना बंडा, शाहजहांपुर के रूप में हुई है। घायल ठेकेदार समरपाल पुत्र चंद्रपाल निवासी अजीजगंज और बुलेट चालक फूल सिंह पुत्र मुनेश्वर निवासी बेहटा रंपुरा गांव बताए गए हैं। काम खत्म होने के बाद दोनों पैदल जा रहा था जानकारी के अनुसार, आदेश ठेकेदार समरपाल के साथ पाइपलाइन बिछाने का काम करते थे। शुक्रवार रात काम खत्म होने के बाद दोनों पैदल जा रहे थे। इसी दौरान सवायजपुर की ओर से आ रहे बुलेट सवार फूल सिंह ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने आदेश को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल फूल सिंह को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मृतक आदेश अपने पीछे पत्नी राखी, एक बेटी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
रायसेन जिले के बेगमगंज में शुक्रवार शाम अचानक हुई तेज बारिश से कृषि उपज मंडी में रखा हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया। लगभग आधे घंटे तक हुई तेज बारिश के कारण मंडी परिसर में पानी भर गया, जिससे व्यापारियों द्वारा खरीदा गया लगभग 1000 क्विंटल गेहूं बुरी तरह प्रभावित हुआ। व्यापारियों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में यह चौथी बार है जब बारिश से उनका गेहूं भीगा है। मंडी प्रांगण में टीनशेड की कमी के कारण उन्हें खुले में गेहूं रखना पड़ता है, जिससे अचानक हुई बारिश से बार-बार नुकसान उठाना पड़ रहा है। अनाज व्यापारी राजा भार्गव ने बताया कि उन्होंने किसानों से नीलामी में गेहूं खरीदा था और तुलाई के बाद उसे मैदान में भरने के लिए रखा था। उनका करीब 60,000 रुपए का गेहूं खराब हो गया है। संयम ट्रेडर्स, सेतिया ट्रेडर्स और आयर्न ट्रेडर्स का खरीदा हुआ गेहूं भी भीग गया है। कृषि उपज मंडी सचिव अनुराग रघुवंशी ने पुष्टि की कि आज की बारिश से केवल व्यापारियों द्वारा नीलामी में खरीदा गया गेहूं भीगा है। किसानों को इस घटना से कोई नुकसान नहीं हुआ है।
मंदसौर में कल चार घंटे बिजली कटौती:बीपीएल चौराहा, सम्राट मार्केट समेत कई इलाके प्रभावित होंगे
मंदसौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कल (शनिवार) विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। यह कटौती 33/11 विद्युत लाइनों के मानसून पूर्व आवश्यक रखरखाव कार्य के कारण की जाएगी। सहायक यंत्री के अनुसार, 11 केवी रेलवे स्टेशन और हॉस्पिटल के अंतर्गत 33/11 केवी किला उपकेंद्र पर कार्य होगा। इसके चलते सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान धानमंडी, डिपीपुरा, लक्ष्मण दरवाजा, मॉडर्न पेट्रोल पंप चौराहा, झटका मार्केट, हजारी रोड, पीपल पट्टा, बोहराबाखल, सम्राट मार्केट, देहली दरवाजा, जिला अस्पताल, कलेक्ट्रेट, कोर्ट परिसर, बीपीएल चौराहा और स्टेडियम मार्केट सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली प्रभावित रहेगी। विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। कंपनी ने बताया कि रखरखाव कार्य की आवश्यकता के अनुसार समय में परिवर्तन (घटाया या बढ़ाया) भी किया जा सकता है। नागरिकों को असुविधा से बचने के लिए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटाने की सलाह दी गई है।
बालाघाट जिले की वारासिवनी पुलिस ने 3 मई को सूदखोरी के अवैध कारोबार करने वाले सुनील अरोरा को गिरफ्तार किया था। आरोपी पर लोगों और नौकरीपेशा लोगों को ऊंचे ब्याज दरों के जाल में फंसाकर उनका शोषण करने का आरोप है। शुक्रवार को पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सुनील अरोरा 10 से 15 प्रतिशत तक के भारी ब्याज पर लोगों को नकद कर्ज देता था। वसूली करने के लिए वह कर्जदारों से उनके परिवार के सदस्यों के चेक, जमीन की रजिस्ट्री, ऋण पुस्तिका और कोरे स्टाम्प पेपर अपने पास रख लेता था। चौंकाने वाली बात यह है कि वह नौकरीपेशा लोगों के एटीएम कार्ड और उनके पिन भी अपने पास रखता था, ताकि वेतन आते ही वह खुद ब्याज की राशि निकाल सके। आदिवासियों की जमीन पर कब्जा आरोपी ने सिर्फ सूदखोरी ही नहीं, बल्कि आदिवासियों की जमीनों को हड़पने का भी खेल रचा। वह लीमन वाडिवा और उसकी पत्नी मंजु वाडिवा के नाम का उपयोग कर आदिवासियों से कम कीमत पर जमीनें खरीदता था। बाद में इन जमीनों को गैर-आदिवासियों और कॉलोनाइजरों को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। पुलिस को जांच के दौरान ऐसी 6 रजिस्ट्रियां मिली हैं जो इस भू-माफिया नेटवर्क की पुष्टि करती हैं। भारी मात्रा में दस्तावेज मिले पुलिस ने आरोपी के घर, रेस्तरां और दुकान सहित विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस को उसके पास से 15 ऋण पुस्तिकाएं और 153 कोरे चेक, 15 जमीन की रजिस्ट्रियां और 22 कोरे स्टाम्प, 7 हस्ताक्षरित कोरे कागज और एसटी वर्ग का जाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड, एटीएम, एलआईसी बॉन्ड, मोबाइल और एक चारपहिया वाहन मिले हैं। पुलिस की कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि सुनील अरोरा को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी और उसके परिजन के नाम पर अलग-अलग बैंकों में करीब 9 से 10 खाते मिले हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और अब तक कितने लोग इसका शिकार हो चुके हैं।
बिलासपुर में 10 साल के बच्चे को जहरीले सांप ने काट लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। रात में बालक परिजन के साथ बिस्तर पर सो रहा था। तभी अचानक वह रोने लगा। इस दौरान परिजन को यह भनक नहीं लगी कि उसे सांप ने काटा है। लेकिन, जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो उसे अस्पताल ले जाया गया। जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है। शहर से लगे ग्राम ढेका में सौरभ केंवट (10) पिता सुखीराम केंवट बुधवार रात परिजन के साथ बिस्तर पर सो रहा था। अचानक देर रात सौरभ रोने लगा। उसने परिजन को बताया कि उसे कुछ काट दिया है। शुरुआत में परिजनों को लगा कि किसी कीड़े ने उसे काट लिया होगा। लेकिन, देखते ही देखते उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। देर रात अस्पताल में तोड़ा दम बच्चे की गंभीर हालत देखकर परिजन घबरा गए। जिसके बाद तुरंत उसे इलाज के लिए सिम्स ले गए। रात करीब 12.30 बजे डॉक्टरों ने बच्चे का इलाज शुरू किया। लेकिन, जहरीले सांप के जहर का तेजी से बच्चे के शरीर में फैलने लगा। जिसकी वजह से बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। काफी प्रयासों के बावजूद डॉक्टर बच्चे को बचा नहीं सके और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने परिजन को बताया कि जहरीले सांप काटने से बच्चे की मौत हुई है। गर्मी की छुट्टी मनाने नानी घर आया था बालकबताया जा रहा है कि सौरभ मूलत: सरकंडा क्षेत्र के बहतराई का रहने वाला था। स्कूल की छुट्टी पर वह अपनी नानी घर आया था। रात में बिस्तर पर सोते समय अचानक जहरीले सांप ने उसे काट लिया। इस दौरान परिजन को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस मामले में पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है। मासूम की मौत पर घर में मातमपरिजन ने इस घटना की जानकारी सौरभ के माता-पिता को दी। खबर मिलते ही परिजन देर रात सिम्स अस्पताल पहुंच गए। गुरुवार को शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया गया। इधर, मासूम बच्चे की मौत के बाद परिजन के घर में मातम छा गया। उसकी मां सहित परिजन बिलख-बिलख कर रोते रहे।
संभल में पति के प्रेम-प्रसंग से परेशान महिला ने खेत पर बनी कोठरी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार शाम महिला का शव खेत में मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका की पहचान रूपवती यादव पत्नी राजू यादव के रूप में हुई है। मामला चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के कैथल गांव का है। पति-पत्नी में बोलचाल बंद थी परिजनों के अनुसार, रूपवती के पति का गांव की ही एक महिला से लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। बताया गया कि एक दिन पहले पति की प्रेमिका, रूपवती की ननद के साथ उनके घर आई थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों के बीच बोलचाल बंद हो गई थी। शुक्रवार दोपहर रूपवती घर से निकलकर खेत पर पहुंचीं। खेत में बनी कोठरी के अंदर उन्होंने पंखे से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगाने का प्रयास किया। हालांकि अधिक वजन होने के कारण रस्सी टूट गई और वह जमीन पर गिर गईं। काफी देर तक किसी को घटना की जानकारी नहीं हुई। बेटे ने मां को जमीन पर पड़ा देखा शाम करीब पांच बजे बेटा लक्ष्मण खेत पर पहुंचा तो उसने मां को जमीन पर पड़ा देखा। पंखे में टूटा हुआ फंदा देखकर उसने शोर मचाया और डायल 112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही चंदौसी के सीओ दीपक तिवारी और थाना प्रभारी अनुज तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। मृतका के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटा अविवाहित है। थाना प्रभारी अनुज तोमर ने बताया- महिला ने खेत में बने कमरे के अंदर पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या की है। बेटे द्वारा पति के प्रेम संबंध होने की बात बताई गई है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
गर्मी की छुटि्टयों को देखते हुए पश्चिमी राजस्थान से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा बाड़मेर-हरिद्वार-बाड़मेर वीक में दो दिन समर स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा। यह ट्रेन जोधपुर-मेड़ता रोड-बीकानेर मार्ग से होकर चलेगी और कुल 20-20 ट्रिप करेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक करनीराम ने बताया कि एक्स्ट्रा पैसेंजर ट्रैफिक को देखते हुए रेलवे ने इस समर स्पेशल ट्रेन के संचालन का निर्णय लिया है। इससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलेगी और उनका सफर सुगम होगा। स्पेशल ट्रेन 11 मई से 16 जुलाई तक हर सोमवार और गुरुवार को ट्रेन संख्या 04811,बाड़मेर-हरिद्वार द्वि-साप्ताहिक स्पेशल 11 मई से 16 जुलाई तक हर सोमवार और गुरुवार को बाड़मेर से सुबह 4.15 बजे रवाना होकर 8.40 बजे जोधपुर आकर 8.50 बजे रवाना कर अगले दिन सुबह 4.10 बजे हरिद्वार पहुंचेगी। वहीं ट्रेन संख्या 04812,हरिद्वार-बाड़मेर द्वि-साप्ताहिक स्पेशल 12 मई से 17 जुलाई तक हर मंगलवार और शुक्रवार को हरिद्वार से सुबह 5.15 बजे रवाना होकर अगले दिन रात्रि 1.30 बजे जोधपुर आकर 1.40 बजे रवाना कर सुबह 6.35 बजे बाड़मेर पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि यह ट्रेन मार्ग में बायतू,बालोतरा, समदड़ी, दुंदाड़ा लूणी,जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड,नागौर,नोखा, बीकानेर, लालगढ़, लूनकरनसर, अरजनसर, रजियासर,सूरतगढ़, पीलीबंगा, हनुमानगढ़, मंडी डबवाली, बठिंडा, धुरी,अंबाला कैंट एवं सहारनपुर स्टेशनों पर ठहराव करेगी। 18 डिब्बों के साथ चलेगी ट्रेन इस स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 1 सेकंड एसी, 6 थर्ड एसी, 5 स्लीपर श्रेणी, 4 सामान्य श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बे शामिल होंगे।
कानपुर में सीवर की समस्या से परेशान महिला ने मकान के दूसरी मंजिल पर चढ़ गई। बोली- समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कूदकर जान दे दूंगी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझाया। करीब 8 बाद महिला मानी और छत से नीचे उतरी। पूरा मामला चकेरी थाना क्षेत्र का है। अहिरवां के विराटनगर की रहने वाली महिला प्रतिभा पांडेय का आरोप है कि पिछले 8 महीने से उनके इलाके की सीवर लाइन चोक पड़ी है। शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टालते रहे हैं। उनके मोहल्ले में करीब 50 घर हैं, जो पिछले सितंबर से सीवर जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। प्रतिभा पांडेय ने बताया कि घरों के बाहर गंदा और बदबूदार पानी भरा रहता है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। कई बार यह जहरीला पानी घरों के भीतर तक पहुंच जाता है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। नगर निगम से शिकायत के बाद भी कुछ नहीं हुआ प्रतिभा पांडेय ने कहा- नगर निगम और संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। प्रतिभा का आरोप है कि संबंधित जेई से भी कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने अनदेखी की और अभद्र व्यवहार किया, जिससे आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। महिला करीब 8 घंटे तक दूसरी मंजिल पर डटी रहीं। इस दौरान उनके पति सुनील पांडेय और परिजन लगातार उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह कार्रवाई के ठोस आश्वासन के बिना नीचे आने को तैयार नहीं हुईं। सूचना मिलने पर चकेरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने महिला से बातचीत की और जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रतिभा शांत हुईं और नीचे उतरीं। प्रतिभा ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने केवल एक पाइप घर के बाहर रखवा दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी काम शुरू नहीं हुआ तो वह सीधे लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगी। वहीं, जेई प्रदीप मौर्य ने बताया कि शनिवार से सीवर लाइन की सफाई का काम शुरू हो जाएगा। विराटनगर के करीब 50 परिवार पिछले 8 महीने से इस गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे उनका जीवन दूभर हो गया है। शिकायतों के बाद भी समाधान न होने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
25 पैसे का इनामी बदमाश गिरफ्तार:झुंझुनूं गैंगवार के बाद से फरार था, घर आया तो पुलिस ने दबोच लिया
सीकर की दादिया थाना पुलिस ने 25 पैसे के इनामी बदमाश सुनील पांड्या को गिरफ्तार कर लिया है। सुनील करीब 4 महीने से फरार था। जैसे ही वह शुक्रवार को घर आया तो पुलिस ने उसे दबोच लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। SHO संजय पूनियां ने बताया- आरोपी सुनील पांड्या (25) पुत्र हरिराम जाट निवासी खींवासर को उसके घर पर दबिश देकर पकड़ा गया है। आरोपी पर पूर्व में 16 मुकदमे दर्ज हैं। दरअसल 12 दिसंबर को झुंझुनूं के खिरोड़ इलाके में जमीनी विवाद को लेकर श्रवण भादवासी और रविंद्र कटेवा गैंग के बीच गैंगवार हुई थी। इसमें कटेवा गैंग का सुनील और श्रवण भादवासी का एक शूटर मारा गया था। जमीनों पर कब्जा करते थे बदमाश रविंद्र कटेवा गैंग और उससे जुड़े लोग गैंग के रूप में दादिया थाना इलाके में जमीनों पर कब्जा करना जैसी वारदातें करते थे। ऐसे में 10 बदमाशों पर संगठित अपराध की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें सुनील पांड्या भी शामिल था। पांड्या की तलाश में उसके घर सहित अन्य जगहों पर कई बार दबिश दी गई, लेकिन आरोपी का कुछ पता नहीं लग पाया। ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए सूचना मिली कि सुनील अपने घर पर आया हुआ है। जहां दबिश देकर सुनील को गिरफ्तार कर लिया गया।
कांग्रेस पार्टी की इंदिरा ज्योति सम्यक अभियान यात्रा शुक्रवार को टीकमगढ़ पहुंची। अभियान प्रमुख भास्कर राव रोकड़े ने रात 8:30 बजे सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सरकार पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया। भास्कर राव रोकड़े ने कहा कि केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने की अधिसूचना जारी करना इंदिरा गांधी के खिलाफ एक सुनियोजित दुष्प्रचार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस तरह के आयोजनों के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री के क्रांतिकारी निर्णयों और उनके कार्यों को गलत तरीके से पेश कर जनता को गुमराह कर रही है। बुंदेलखंड के जिलों में जाएगी यात्रा अभियान प्रमुख ने बताया कि 'इंदिरा ज्योति यात्रा' और 'चलें रामराज्य की ओर' संकल्प यात्रा बुंदेलखंड के सभी जिलों का भ्रमण करेगी। यह चार वर्षीय अभियान मध्य प्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी चलाया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य महात्मा गांधी की रामराज्य की अवधारणा को स्थापित करना और इंदिरा गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। जनहित के मुद्दों पर केंद्रित है अभियान सम्यक अभियान के तहत शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार दिलाने, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को शोषण से बचाने, आउटसोर्सिंग प्रथा को बंद करने और किसानों के लिए नई कृषि व्यवस्था लागू करने जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है। रोकड़े ने बताया कि टीकमगढ़ जिले में भी जल्द ही जिला स्तरीय यात्रा शुरू की जाएगी ताकि सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज की स्थापना के संकल्प को पूरा किया जा सके। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति इस पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस की प्रदेश महासचिव किरण अहिरवार, जिलाध्यक्ष नवीन साहू, कार्यवाहक अध्यक्ष गौरव शर्मा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने दावा किया कि इस अभियान में सभी वर्गों और समुदायों की सहभागिता तय की जाएगी। टीकमगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष अनीश खान, राजीव जैन और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी यात्रा के उद्देश्यों का समर्थन किया।
राजगढ़ जिले में मिलावटी दुग्ध उत्पादों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने शुक्रवार को कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देश पर एसपी की विशेष टीम ने शिवधाम और पुरा क्षेत्र की कई दूध डेयरियों पर दबिश दी। सायबर सेल प्रभारी जितेंद्र अजनारे के नेतृत्व में पहुंची टीम ने डेयरियों की गहन जांच की। टीम ने दूध, दही सहित विभिन्न दुग्ध उत्पादों के सैंपल एकत्र किए। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के डेयरी संचालकों में हड़कंप मच गया। खाद्य अधिकारी जेएस खत्री भी मौके पर पहुंचेसूत्रों के अनुसार, लंबे समय से खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा इस क्षेत्र में प्रभावी जांच नहीं की जा रही थी। इसी कारण पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस टीम के पहुंचते ही कई डेयरियों में गतिविधियां तेज हो गईं और संचालक सतर्क हो गए। पुलिस टीम ने मौके पर ही प्रारंभिक जांच कर संदिग्ध पाए गए दुग्ध उत्पादों को सुरक्षित किया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही खाद्य अधिकारी जेएस खत्री भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने नियमानुसार दूध, दही और अन्य उत्पादों के सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे। गड़बड़ी मिली तो सख्त कार्रवाई की उम्मीदप्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित डेयरी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संयुक्त कार्रवाई को मिलावटखोरी पर प्रशासन की सख्ती और अन्य कारोबारियों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
वाराणसी में गुरुवार रात शादी के जयमाल में दुल्हन का प्रेमी पहुंच गया। उसे देखते ही गांव वाले उसकी पिटाई करने लगे। तभी दुल्हन स्टेज से दौड़कर आई। लड़के को बचाते हुए उसके सामने खड़ी हो गई। बोली- कोई मेरे पवन को छुना भी मत, मारना है तो मुझे मारो। दुल्हन की बात सुनते ही वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। घटना के बाद दूल्हा बिना शादी किए बारात वापस लेकर लौट गया। पुलिस चौकी में घंटों पंचायत चली। लड़की की शादी उसके प्रेमी से कराने पर सहमति बनी। इसके बाद शुक्रवार शाम 5 बजे दोनों की शादी कराई गई। मामला लोहता थाना क्षेत्र के छीतौनी गांव का है। अब पढ़िए पूरा मामला… छीतौनी गांव निवासी पारस राजभर ने अपनी बेटी की शादी रोहित कुमार के साथ तय की थी। गुरुवार रात बारात गांव पहुंची और शादी की रस्में शुरू हुईं। जयमाल की तैयारी चल रही थी, तभी भटौली निवासी पवन राजभर अचानक शादी में पहुंच गया। परिजनों ने बताया कि पवन ने दुल्हन से शादी करने की जिद शुरू कर दी। यह देखते ही माहौल बिगड़ गया और गांव वालों ने उसकी पिटाई कर दी। इस बीच दुल्हन स्टेज छोड़कर मौके पर पहुंची। दुल्हन की बात सुनते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। मामला बढ़ता देख दूल्हा पक्ष नाराज हो गया और बिना शादी किए बारात लेकर लौट गया। पुलिस चौकी में चली पंचायतघटना के बाद दोनों पक्ष कोटवां चौकी पहुंचे। लड़की के पिता ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि पवन राजभर ने शादी में पहुंचकर कार्यक्रम बिगाड़ दिया, जिससे परिवार को सामाजिक और आर्थिक नुकसान हुआ है। लड़की और पवन ने पुलिस को संयुक्त प्रार्थना पत्र देकर बताया- उनका लंबे समय से अफेयर है। वह अपनी मर्जी से शादी करना चाहते हैं। लड़की की शादी उसकी इच्छा के खिलाफ कराई जा रही थी। पिता ने आरोप लगाया कि लड़के ने जबरन शादी रुकवाई है और इस हरकत से समाज में उनकी बदनामी हुई है। युवती और उसके प्रेमी ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि वे 6 सालों से एक-दूसरे के साथ हैं। लड़की ने कहा- मेरे परिवार वाले मेरी इच्छा के खिलाफ मेरी शादी करवा रहे थे। मंदिर में हुई शादीकोटवां चौकी प्रभारी मोहम्मद परवेज ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया। बातचीत के बाद परिवार वाले लड़की की शादी उसके प्रेमी से कराने के लिए तैयार हो गए। शुक्रवार को दोनों की मंदिर में शादी कराई गई, जबकि 11 मई 2026 को कोर्ट मैरिज होगी। थाना प्रभारी दिगम्बर उपाध्याय ने बताया- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से फैसला लिया है। अब दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई है। उनकी शादी करा दी गई है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें आंधी-बारिश में ताजमहल के पत्थर टूटकर गिर रहे:दीवारों में दरारें, रॉयल गेट भी बदहाल; पूर्व इंचार्ज बोले- अब ASI ठेकेदारों के भरोसे ताजमहल करीब 373 साल पुराना हो चुका है। दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारतों में शामिल इस स्मारक के रॉयल गेट (शाही दरवाजा) के पत्थर अब दरकने लगे हैं। दरवाजे की दीवारों में कई जगह दरारें आ गई हैं। कुछ पत्थर अपनी जगह से खिसक चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि शाही गेट अब आंधी और बारिश भी नहीं झेल पा रहा। पढ़िए पूरी खबर…
लुधियाना जिले के जगराओं में बैंक के बाहर एक फाइनेंस कंपनी के फील्ड अफसर से 70 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने बातों में उलझाकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच पूरी कर दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान गुलशन अरोड़ा निवासी हमीदी, जिला मालेरकोटला, वर्तमान निवासी स्टार रोड, गुरुद्वारा रेडू साहिब, गांव लुहारा, लुधियाना और गगनदीप सिंह उर्फ गगन निवासी लुधियाना के रूप में हुई है। बस स्टैंड चौकी के पुलिस अधिकारी आत्मा सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी। बैंक में रुपए जमा कराने पहुंचा था युवक पुलिस को दिए बयान में पीड़ित युवक बलजीत सिंह निवासी फाजिल्का ने बताया कि वह फाइनेंस कंपनी, जगराओं में फील्ड अफसर के तौर पर कार्यरत है। 9 मार्च 2026 को वह गांवों से कैश कलेक्शन करने के बाद दोपहर करीब 2 बजे पंजाब नेशनल बैंक, जगराओं में 70 हजार रुपए जमा करवाने पहुंचा था। पीड़ित के अनुसार, बैंक के अंदर एक युवक ने उससे कैश जमा करवाने वाले वाउचर के बारे में पूछा, जबकि दूसरे युवक ने उसका आई-कार्ड देखकर लोन संबंधी जानकारी लेनी शुरू कर दी। इसी दौरान लंच टाइम होने के कारण बैंक का कैश काउंटर बंद हो गया और पीड़ित बाहर आ गया। दोनों युवक भी उसके पीछे बाहर आ गए और उसे लगातार बातों में उलझाए रखा। बैग से गायब मिले रुपए कुछ देर बाद जब पीड़ित दोबारा कैश जमा करवाने लगा, तो उसने पाया कि उसकी किट में रखे 70 हजार रुपए गायब थे। नकदी की जगह रुमाल में बंधे नोटों के आकार के कागज पड़े मिले। इसके बाद उसे शक हुआ कि दोनों युवकों ने चालाकी से उसकी किट से नकदी निकाल ली है। पुलिस ने लगभग दाे महीने की जांच के बाद दोनों आरोपियों की पहचान की और उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
मुरैना शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात पैसों के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि गोलियां और लाठियां चलने लगीं। गोलीबारी में एक राहगीर युवक घायल हो गया, जबकि लाठीबाजी में दो अन्य लोग भी चोटिल हुए हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, श्याम बिहार कॉलोनी निवासी भोला गुर्जर और संजू गुर्जर के बीच पैसों का लेन-देन था। इसी बात को लेकर रात करीब 8 बजे दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान भोला गुर्जर ने गोली चला दी, जो वहां से गुजर रहे विवेक वर्मा को जा लगी। गोली विवेक के हाथ और सीने में लगी। घायल अवस्था में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। गोलीबारी के बाद दोनों पक्षों के बीच लाठियां भी चलीं, जिसमें भोला गुर्जर और संजू गुर्जर घायल हो गए। दोनों का उपचार भी जिला अस्पताल में किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। सीएसपी दीपाली चंदेरिया ने बताया कि गोली लगने से एक राहगीर घायल हुआ है, जबकि अन्य लोग लाठीबाजी में चोटिल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है। पुलिस घायलों के बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
प्रयागराज में सरकारी डॉक्टरों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने की शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को संगम सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकारी चिकित्सकों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाने को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए निजी अस्पतालों या नर्सिंग होम में प्रैक्टिस करना नियमों के खिलाफ है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम संचालकों को भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम में सरकारी डॉक्टर प्रैक्टिस करते हुए मिले, तो संबंधित अस्पताल और नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन भी निरस्त किया जाएगा। प्रशासन की ओर से जल्द ही औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य और सभी सरकारी अस्पतालों के सीएमएस को निर्देश दिए कि ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए, जो सरकारी नौकरी के साथ निजी प्रैक्टिस भी कर रहे हैं। साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों में नियमित निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में अपर जिलाधिकारियों और अपर नगर मजिस्ट्रेटों को भी औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एलआईयू को भी जांच कर ऐसे सरकारी चिकित्सकों की जानकारी जुटाने और सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। डीएम ने साफ कहा कि सरकारी नौकरी और प्राइवेट प्रैक्टिस दोनों एक साथ नहीं चल सकते। यदि कोई डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करना चाहता है, तो उसे पहले सरकारी सेवा से इस्तीफा देना होगा। उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी सहयोग करने और इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा न देने की अपील की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. वी.के. पांडेय, तेज बहादुर सप्रू अस्पताल के सीएमएस सहित कई सरकारी अस्पतालों के अधिकारी और मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता वाली संस्था हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान में हुए भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। डोटासरा ने कहा कि हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान जिसके अध्यक्ष खुद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर हैं, संस्था में करोड़ों रुपए का भारी भ्रष्टाचार हुआ है। दस्तावेजों के साथ गंभीर आरोप लगे हैं, शिकायतें सामने हैं, फिर भाजपा सरकार जांच और कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? क्या शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने संरक्षण में हुए इस पूरे घोटाले पर जवाब देंगे? क्योंकि जिस संस्था के वो स्वयं अध्यक्ष हैं उसमें करोड़ों का घोटाला हुआ। क्या उनकी जानकारी और मिलीभगत के बिना ये संभव है? डोटासरा ने कहा- हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान संस्था में करोड़ों रुपए के गबन, फर्जी बिल-वाउचर, फर्जी हस्ताक्षर से निजी खातों में पैसे ट्रांसफर, भर्ती में पद देने और अवैध वसूली के सबूत हैं। संस्था के जिला ऑर्गेनाइजर अजय कुमावत ने पूरे भ्रष्टाचार और गबन को सबूतों के साथ सरकार से शिकायत की है। डोटासरा जयपुर कांग्रेस वार रूम में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डोटासरा ने कहा- बिना सक्षम स्वीकृति के शिविरों में मनमानी शुल्क निर्धारित करके निजी बैंक खातों में अवैध वसूली की गई है। इस संस्था ने बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ऐसे कैंप दिखाए गए हैं जो हुए ही नहीं, लेकिन उनके नाम पर जमकर पैसा उठाया गया। हर प्रतिभागी से 300 रुपए शुल्क लेना अनिवार्य, लेकिन संस्था के खाते में एक रुपया तक जमा नहीं हुआ। फिर वो पैसा गया कहां ? ये पैसा संस्था के राज्य सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करवाकर गबन करने का आरोप है। 13 हजार छात्रों से फीस लेकर 39 लाख रुपए निजी खातों में किए ट्रांसफर पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा- डीएलएड के छात्रों को स्काउट का प्रशिक्षण अनिवार्य है। करीब 13 हजार छात्रों से 300 रुपए वार्षिक शुल्क के नाम पर करीब 39 लाख रुपए निजी खातों में वसूले गए। इन्हें प्रशिक्षण तक नहीं कराया गया और फर्जी सर्टिफिकेट बांट दिए गए। जयपुर के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जो मई 2024 में रिटायर हो चुके हैं, उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर करके बिल पास कराए और अपने निजी खातों में पैसे ट्रांफसर करवा लिए गए। पद देने के नाम पर 30- 30 हजार की वसूली की गई डोटासरा ने कहा- CSR फंड के 60 लाख रुपए सरकारी अनुदान में फर्जी बिल-वाउचर लगाकर गबन किए गए। RTI में जानकारी तक नहीं दी गई। स्काउट गाइड दर्पण पत्रिका की कॉपियां बांटने के नाम पर 7.5 लाख रुपए, स्टीकर वितरण के नाम पर हर साल 1 लाख रुपए लिए गए। पद देने के लिए बिना विज्ञप्ति पक्षपातपूर्ण भर्ती करके निजी खातों में 30-30 हजार रुपए की अैधव वसूली की गई। संगठित लूट के तहत संस्था के जिला कार्यालयों को 30 से 40% कमीशन पर बजट आवंटन किया गया। संस्था के सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों ने करीब 23 लाख रुपए निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कराए। शिकायतकर्ता मनोज कुमावत ने 6 लाख 94 हजार रुपए सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों के खातों में दिए। संगठित लूट का सबूत है डोटासरा ने कहा- मदन दिलावर और भाजपा की तरह ये केवल अनर्गल आरोप नहीं हैं, बल्कि दस्तावेजों, बिल वाउचरों, बैंक खातों में हुए ट्रांसफर के पैसों और तथ्यों के साथ संगठित लूट का सबूत है।
एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव शुक्रवार को विभागीय अमले के साथ सड़क पर उतर गए। अतिक्रमण पर उनका मुख्य फोकस रहा। जाते ही उन्होंने अतिक्रमण करने वालों को हड़काना शुरु कर दिया। सामान हटवाते हुए उन्होंने नोटिस थमा दिए और कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। उन्होंने थानेदारों और चौकी इंचार्जों की अतिक्रमण पर जवाबदेही तय कर दी। कई बुलेट बाइक भी उन्होंने सीज करा दीं। एसपी के रुख से बाजार में खलबली मची रही। शहर में बदतर हुई ट्रैफिक व्यवस्था शहर की ट्रैफिक व्यवस्था हर दिन बदतर हो रही है। हालात सुधरने के बजाए बिगड़ते जा रहे हैं। सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए अभियान की कमान खुद संभाल ली। उन्होंने हापुड़ अड्डे से अभियान शुरु किया, जिसके बाद खलबली मच गई। तीन अलग रूटों पर चला अभियान ट्रेफिक का अमला शुक्रवार को हापुड़ अड्डा चौराहा पहुंचा। यहां की व्यवस्था देख एसपी ट्रैफिक नाराज हो गए। उन्होंने हापुड़ अड्डे से गांधी आश्रम चौराहे तक अभियान शुरु करा दिया। जगह जगह सड़कों पर अव्यवस्था देख एसपी भड़क गए। उन्होंने कहा कि अगर सड़कों पर अतिक्रमण होगा तो वाहन कहां चलेंगे। इसके बाद वह हापुड़ अड्डा चौराहे पर काफी देर रुके और अतक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर खलबली मचा दी। आबूलेन पर दुकान के बाहर से सामान हटवायाएसपी ट्रैफिक करीब दो घंटे सड़क पर रहे। सबसे आखिर में वह बेगमपुल चौराहे पर पहुंचे और वहां से आबूलेन का रुख किया। यहां भी दुकानों के बाहर दूर दूर तक सामान फैला था जो जाम की वजह बन रहा था। कई जगह अव्यवस्थित वाहन खड़े मिले, जिन्हें व्यवस्थित करा दिया गया। नोटिस देकर कार्रवाई को चेताया तीनों ही रूटों पर एसपी की सख्ती दिखाई दी। उन्होंने दुकानदारों के साथ ही ठेला लगाने वालों को भी नहीं छोड़ा। फटकार लगाते हुए सड़क से हटाया और फिर चेतावनी का नोटिस थमा दिया। एसपी ने साफ कहा कि अभी सामान हटवा रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रीय थानेदार व चौकी इंचार्ज की भी जिम्मेदारी तय कर दी। शाम होते ही फिर बिगड़े हालातदो घंटे की मशक्कत के बाद रास्ता खुला दिखाई दिया लेकिन जैसे ही शाम होती गई, वैसे वैसे हालात फिर बेकार हो गए। हापुड़ अड्डे से गांधी आश्रम तक भीषण जाम लगने लगा। इसी तरह की स्थिति हापुड़ अड्डा चौराहे की थी। यहां भी कुछ देर बाद यातायात व्यवस्था चौपट दिखाई दी। एसपी बोले- सख्ती के साथ चलेगा अभियान एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बेहतर यातायात व्यवस्था देने के उद्देश्य से यह अभियान शुरु किया गया है। अतिक्रमण प्रमुख वजह यातायात बिगड़ने की दिखी है, जिसमें नोटिस की कार्रवाई शुरु की गई है। अब अभियान में सामान जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले सबसे लंबे एक्सप्रेस वे, गंगा एक्सप्रेस वे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बसाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कॉरिडोर के लिए जो जमीन पहले अधिग्रहित हुई उस पर यूपीडा की टीम ने सीमांकन का काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार को यूपीडा की टीम गंगा एक्सप्रेसवे के स्टार्टिंग प्वाइंट मेरठ के बिजौली गांव पहुंची। वहां अधिग्रहित जमीन का सीमांकन किया गया। बता दें कि इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए पहले चरण में 823 किसानों की 214 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई थी। शुक्रवार को पहुंची यूपीडा यानि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की टीम ने पहले चरण में अधिग्रहित की गई जमीन पर सीमांकन का काम किया। खरखौदा थानाक्षेत्र में टीम ने जेसीबी की सहायता से भूमि पर कब्जा लेने का का शुरू किया। हालांकि अधिग्रहित भूमि पर कुछ किसानों ने फसल की बुवाई कर रखी थी, लेकिन सीमांकन के दौरान किसी भी किसान ने विरोध नहीं किया। पहले चरण में 214 हेक्टेयर भूमि खरीदी गईप्रशासन ने गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए पहले चरण में गांव बिजौली और खरखौदा के 823 किसानों की करीब 214 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी थी। यह भूमि वर्ष 2024 में खरीदी गई थी और अधिकतर किसानों को इसका भुगतान भी किया जा चुका है। सीमांकन के बाद होगी चारदीवारीअधिग्रहित भूमि की सुरक्षा के लिए चारदीवारी कराई जानी है। इसी को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम गांव बिजौली खड़खड़ी की सीमा पर पहुंची और बिजौली निवासी किसान सोनू शर्मा व मीनू खां की भूमि पर जेसीबी चलाकर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। खड़ी फसल पर भी चला दिया जेसीबीप्राधिकरण की टीम के अनुसार खरीदी गई जमीन पर कई किसानों ने चारे की फसल बो रखी थी। टीम ने सीमांकन के दौरान खड़ी फसल पर भी जेसीबी चला दी। अधिकारियों का कहना है कि करीब दो माह पहले गांव में घोषणा कराकर और अन्य माध्यमों से किसानों को सूचित कर दिया गया था कि अधिग्रहित भूमि पर कोई फसल न बोई जाए। इसके बावजूद कुछ किसानों ने चारे की फसल बो दी थी। हालांकि शुक्रवार को सीमांकन और कब्जा लेने की प्रक्रिया के दौरान किसी भी किसान ने विरोध नहीं किया।
लखनऊ में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम ने आम्रपाली एक्सप्रेस से 1.5 करोड़ की चरस बरामद की है। ट्रेन की चेकिंग पर अलीगढ़ के दो तस्कर गिरफ्तार हुए हैं। इनके पास से पैकेट में कुल 3 किलो चरस मिली है। ऑपरेशन नारकोस के तहत चलाए जा रहे अभियान में ऐशबाग स्टेशन से चलने वाली आम्रपाली एक्सप्रेस के S-6 कोच में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। तलाशी के बाद मिली बड़ी खेप टीम ने बताया कि ट्रेन अमौसी स्टेशन पहुंची तो दोनों को नीचे उतारकर उनके बैग की तलाशी ली गई। जांच में 6 पैकेट मिले, जिनमें कुल 3 किलो चरस थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेश शर्मा (57) निवासी लोधी नगर, अलीगढ़ और महेंद्र सिंह (54) निवासी शास्त्रीनगर, अलीगढ़ के रूप में हुई है। दोनों सामान्य टिकट पर यात्रा कर रहे थे। नेपाल से लाकर अलीगढ़ में खपाने की थी तैयारी पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नेपाल से आए महेश नामक व्यक्ति ने उन्हें बढ़नी रेलवे स्टेशन के पास खेतों में चरस की खेप सौंपी थी। इसके बाद ये लोग इसे अलीगढ़ ले जाकर फुटकर बिक्री करने वाले थे। इस मामले में NCB लखनऊ में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(C)/20/29 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
गौरैया संस्थान की लोक संगीत कार्यशाला का आठवां दिन:रंजना मिश्रा ने सिखाए भक्ति और पारंपरिक लोक गीत
लखनऊ में गौरैया संस्कृति संस्थान की ओर से आयोजित लोक संगीत कार्यशाला का आठवां दिन भक्ति और लोक परंपरा को समर्पित रहा। इस दिन लोक गायिका रंजना मिश्रा ने प्रतिभागियों को राम और हनुमान भक्ति से जुड़े पारंपरिक भजन सिखाए। मिश्रा ने 'श्री राम जय राम', 'रामहि ही राम रटन लागी जिभिया' जैसे भजन और जेठ के मंगल के अवसर पर गाए जाने वाले हनुमान भजन का अभ्यास कराया। इसके अतिरिक्त, विवाह गीत 'बेरिया की बेरि तुही बरजेहु बाबा' और पचरा गीत 'सुमिरिला सरदा भवानी पत राखा महारानी' भी सिखाए गए।कार्यशाला का उद्देश्य लोक भजनों और पारंपरिक गीतों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और लोक विरासत से जोड़ना है। भजन की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा संस्थान ने बताया कि इस कार्यशाला में विवाह गीत, बधाई गीत, दादरा, पचरा, सोहर, नकटा, सरिया और लोक भजन जैसी विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यशाला ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित हो रही है, जिससे दूर-दराज के लोग भी इससे जुड़ पा रहे हैं। ये मौजूद रही कार्यशाला में सुनीता चौरसिया, रीना सिंह, कुमकुम मिश्रा, अल्पना श्रीवास्तव, डॉ. सुषमा रस्तोगी, रंजना सिंह, रमा सिंह, आशा तिवारी, सुषमा सक्सेना, नवनीता जफा, अनुराधा गुप्ता, अमिता द्विवेदी, भावना शुक्ला, आभा मिश्रा, आभा शुक्ला, सुनीता निगम और रेनुका त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भाग ले रही हैं।
बालाघाट में 6 मई को हुई तरुण लिल्हारे की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह मामला महज एक हादसा नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग के चलते रची गई हत्या की साजिश का निकला। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने हत्या के बाद इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक तरुण लिल्हारे और सविता लिल्हारे के बीच पिछले पांच-छह वर्षों से प्रेम संबंध थे। 5 मई को सविता की शादी थी। उसने तरुण को इंस्टाग्राम वीडियो कॉल कर मिलने बुलाया और कहा कि यदि वह आएगा, तो वह यह शादी तोड़कर उससे विवाह कर लेगी। जैसे ही तरुण मिलने पहुंचा, वहां पहले से मौजूद सविता के भाइयों ने उसे दबोच लिया। नहर के पास मारपीट और हत्या तरुण को पकड़ने के बाद सविता के भाई वेदप्रकाश और हरिप्रकाश उसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों—दिलीप लिल्हारे, कमलकिशोर लिल्हारे और योगेश वरकड़े के साथ पास की एक नहर के पास ले गए। वहां इन पांचों ने मिलकर तरुण के साथ लाठी-डंडों, लात-घूसों से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे की शक्ल देने की नाकाम कोशिश हत्या के बाद अपनी साजिश को छिपाने के लिए आरोपियों ने तरुण के शव को उसकी अपनी ही बाइक पर लादा और गर्राबोड़ी क्षेत्र में ले जाकर इस तरह फेंक दिया जिससे लगे कि उसकी मौत सड़क दुर्घटना में हुई है। हालांकि, पुलिस को मौके की जांच में संदेह हुआ और जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज व अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने आरोपियों की पोल खोल दी। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी रामपायली पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच करते हुए सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने बताया कि आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है और उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में परिवार के कुछ अन्य लोग भी शामिल थे। यदि किसी और का नाम सामने आता है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर में बस स्टैंड बना शराबियों का अड्डा:दुकानदारों के वीडियो बनते ही बोतलें छोड़कर भागे युवक
मुज़फ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित जट मुझेड़ा गांव का बस स्टैंड इन दिनों शराबियों का अड्डा बना हुआ है। सार्वजनिक स्थान पर खुलेआम शराब पीने और बोतलें फेंकने से स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परेशान दुकानदारों ने शराबियों की हरकतों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस स्टैंड पर रोज शाम होते ही नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। युवक बेंचों पर बैठकर खुलेआम शराब पीते हैं। मौके पर पानी की बोतलें, नमकीन और शराब के पव्वे इस तरह रखे जाते हैं, मानो वहां कोई पार्टी चल रही हो। शराब की खाली बोतलें और टेट्रा पैक इधर-उधर पड़े रहने से इलाके का माहौल भी खराब हो रहा है। बस स्टैंड की बेंच पर बैठकर युवक पीते रहे शराब बताया गया कि शुक्रवार को भी कुछ युवक दिनदहाड़े बस स्टैंड की बेंच पर बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान एक दुकानदार ने मोबाइल से उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कैमरा देखते ही शराबियों में हड़कंप मच गया और कुछ युवक शराब की बोतलें मौके पर छोड़कर भाग निकले। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या की कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी पर रोक नहीं लग पा रही है। लोगों ने बताया कि बस स्टैंड पर महिलाओं, बच्चों और यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन नशेड़ियों की वजह से लोग असहज महसूस करते हैं। अब वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से बस स्टैंड पर शराब पीने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गुरुग्राम जिले के सोहना के वार्ड 19 खटीक वाड़ा क्षेत्र में एक हिंदू युवती और एक मुस्लिम युवती के समलैंगिक विवाह का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी मिलने पर युवतियों के परिजनों ने पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दोनों युवतियां मूल रूप से दिल्ली की निवासी हैं और पिछले कुछ समय से सोहना के इसी वार्ड में रह रही थीं। पुलिस टीम के साथ परिजन उस स्थान पर पहुंचे जहां एक युवती अपनी बहन के घर रह रही थी। पुलिस और परिजनों के पहुंचने की खबर फैलते ही मोहल्ले में लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे पूरे इलाके में गहमागहमी का माहौल बन गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वे लंबे समय से अपनी बेटी की तलाश कर रहे थे। वहीं, दोनों युवतियों ने पुलिस के सामने बयान दिया कि वे लंबे समय से एक-दूसरे की सहेलियां हैं और अब साथ रहना चाहती हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने एक मंदिर में विवाह कर लिया है। युवतियों ने प्रशासन और सरकार से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें अपने परिजनों से जान का खतरा है और सुरक्षा प्रदान की जाए। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद युवतियों के बयान दर्ज किए। चूंकि दोनों युवतियां बालिग हैं, पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें जाने दिया। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्वायत्त शासन विभाग के स्वच्छ भारत मिशन शहर 2.0 के प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के के गुप्ता शुक्रवार को जोधपुर पहुंचे। नगर निगम सहित जिले की सभी नगर निकायों की स्वच्छ भारत मिशन शहर अभियान की समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में जोधपुर आयुक्त राहुल जैन और जोधपुर (शहर) भाजपा विधायक अतुल भंसाली शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए राइजिंग राजस्थान अभियान ने राजस्थान को निवेश, उद्योग, पर्यटन, रोजगार और आधारभूत विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है। विकसित राजस्थान के लिए प्रदेश स्वच्छ होना जरूरी गुप्ता ने कहा- विकसित राजस्थान का सपना तब तक अधूरा है, जब तक पूरा प्रदेश स्वच्छ नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि विकास केवल बड़े भवनों, चौड़ी सड़कों और औद्योगिक निवेश से नहीं मापा जा सकता, बल्कि किसी भी राज्य की वास्तविक पहचान उसकी स्वच्छता, नागरिक अनुशासन और जनजागरूकता से होती है। एक स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ समाज की नींव है और स्वस्थ समाज ही विकास की सबसे बड़ी शक्ति बनता है। यदि शहरों और गांवों में गंदगी बनी रहेगी तो विकास की गति भी प्रभावित होगी। गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ राजस्थान ही विकसित राजस्थान की पहचान बनेगा। यदि जनता और प्रशासन मिलकर ईमानदारी से प्रयास करें तो राजस्थान आने वाले वर्षों में देश का सबसे स्वच्छ और विकसित राज्य बन सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्वच्छता की स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं कहीं जा सकती। बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का रखें ध्यान बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। सरकार की भी मंशा है कि जनता को अच्छी सुविधा दी जाए। बैठक में उपस्थित पेयजल विभाग, बिजली विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति और बिजली आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता यह ध्यान रखें कि शहर की सड़क टूटी हुई नहीं रहे और आवश्यकता होने पर तुरंत ही मरम्मत पेचवर्क किया जाए। शहर के 100 वार्ड को 8 जोन में विभाजित किया जोधपुर नगर निगम के तहत शहर 100 वार्ड में विस्तारित है जिसे स्वच्छता अभियान के तहत विभिन्न 8 जोन में विभाजित करते हुए संबंधित आयुक्त को जिम्मेदारी दी गई। इसके साथ ही प्रत्येक जोन के लिए प्रभारी और सह प्रभारी बनाए जाएंगे और उन्हें भी आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा जाएगा, वहीं प्रत्येक वार्ड स्तर पर स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर मनोनीत किए जाएंगे। जयपुर नगर निगम जैसा स्वच्छता मैराथन अभियान चलाया जाएगा गुप्ता ने बताया- पिछले दिनों जयपुर नगर निगम के कमिश्नर ओम कसेरा के सानिध्य में स्वच्छता मैराथन अभियान चलाया गया था, जिसके तहत लगभग 6 हजार टन कचरा एक दिन में ही निस्तारित किया गया। इसी प्रकार का एक स्वच्छता अभियान जोधपुर निगम क्षेत्र में भी चलाया जाएगा जिसके तहत एक दिन कचरा निस्तारण तथा अगले दिन प्लास्टिक उन्मूलन अभियान अगले दिन गाय पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में जोधपुर नगर निगम कमिश्नर राहुल जैन को आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रतिदिन प्रत्येक घर से कचरा संग्रहण बैठक को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता को धरातल पर लागू करने के लिए मापदंड स्वच्छ भारत मिशन शहर के अंतर्गत अति महत्वपूर्ण होते हैं। नगर क्षेत्र में घर-घर कचरा संग्रहण वाहन द्वारा प्रतिदिन समयबद्धता के साथ में होना चाहिए। यह भी ध्यान रखें कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाए और कचरा याद पर ले जाकर वैज्ञानिक पद्धति से सेग्रीगेशन कार्य होना चाहिए। एक कचरा संग्रहण वाहन से 500 घरों से ही कचरा उठेगा, जिसका समय प्रातः 6:30 बजे से 10:30 बजे तक ही होना चाहिए तथा वाहन की जीपीएस ट्रैकिंग आवश्यक रूप से होनी चाहिए। रात्रि कालीन सफाई व्यवस्था जोधपुर शहर में भी मुख्य सड़क मार्ग और कमर्शियल एरिया में भी रात के समय सफाई की जाएगी। सफाई कर्मी के लिए रेडियम जैकेट अनिवार्य होंगे। शहर के सभी सार्वजनिक शौचालय में दिन में तीन बार सफाई नगर निगम सहित रोडवेज बस स्टैंड और चिकित्सालय आदि सार्वजनिक स्थान के शौचालय और मूत्रालय की सफाई का कार्य सुलभ शौचालय संस्थान को दिया गया। सार्वजनिक शौचालय दिन में तीन बार साफ किए जाने चाहिए और प्रत्येक बार जियो टैग फोटोग्राफ स्वच्छ भारत मिशन के आधिकारिक ग्रुप में शेयर करना अनिवार्य रहेगा। खाली प्लॉट गंदगी का अड्डा, प्लॉट मालिक स्वयं सफाई करें अन्यथा होंगे सीज शहर में खाली प्लाट्स कचरा और गंदगी का अड्डा बन जाते हैं। ऐसे सभी खाली प्लाट्स के मालिकों को गंदगी साफ करवाने के बाद बाउण्ड्री करवाने के लिए पाबंद किया जाए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो निगम यह काम करवाए और लागत का 10 गुना प्लॉट मालिक से वसूले। राशि जमा नहीं करवाने पर प्लॉट को सीज किया जाए। इस संबंध में आज ही सार्वजनिक सूचना, विज्ञप्ति नगर निगम द्वारा जारी की जा रही है।
सोनू हत्याकांड में आरोपी को आजीवन कारावास:बड़ागांव में हत्या के दोषी पर 40 हजार का अर्थदंड लगा
बागपत के बड़ागांव में सोनू हत्याकांड के आरोपी राजू पुत्र दयानंद को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला सभी गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया। यह घटना खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव में 18 नवंबर 2016 को हुई थी। आरोपी राजू ने शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद सोनू को गांव के ही एक मकान में ले जाकर उसके सिर पर लकड़ी के डंडे से वार कर हत्या कर दी थी। आजीवन कारावास की सजा सुनाई पुलिस ने मृतक राजू के भाई बिट्टू की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जिसके बाद से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) गगन गौड़ ने बताया कि न्यायालय ने सभी गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
बाइक सवार ने खड़े युवक को मारी टक्कर:200मीटर तक रगड़ते हुए गई बाइक, फलासिया थाना क्षेत्र का मामला
उदयपुर में फलासिया थाना क्षेत्र के कोल्यारी बाईपास पर शराब की दुकान के बाहर खड़े युवक को एक तेज रफ्तार बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक करीब 200 फीट दूर तक रगड़ते हुए गई। हादसे में मगवास निवासी केशुलाल वडेरा गंभीर घायल हो गया। वहीं, उसकी बहन प्रियंका को भी मामूली चोटें आई है। हादसा देर शाम करीब 6:30 बजे हुआ। इस दौरान घटनास्थल पर ही खड़े भारतसिंह ने अपनी कार से घायलों को कोल्यारी सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया। हैरानी वाली बात ये थी कि हॉस्पिटल में कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। इससे नाराज हुए ग्रामीणों ने जब झाड़ोल बीसीएमओ को फोन किया। तब स्टाफ हॉस्पिटल पहुंचा और घायल का प्राथमिक उपचार कर उदयपुर रेफर किया गया। ग्रामीणों ने बताया गया कि कोल्यारी पीएचसी पर चार बजे बाद स्टाफ नदारद रहता है और अक्सर ताला लगा रहता है। इमरजेंसी की स्थिति में कोई स्टाफ मौजूद नहीं रहता। वहीं पिछले एक साल से भवन जर्जर होने के कारण रात को हॉस्पिटल बंद ही रहता है। कई बार इसकी शिकायतें हो चुकी हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर शुभम बुटालिया आए दिन छुट्टी पर रहते है। जिस वजह से चिकित्सा व्यवस्था बिगड़ रही है।
लखनऊ के माडर्न स्कूल में वाद-विवाद प्रतियोगिता:अभिव्यक्ति की आजादी विषय पर छात्रों ने रखे विचार
लखनऊ के माडर्न स्कूल में शुक्रवार को 'अभिव्यक्ति की आजादी' विषय पर एक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया और आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्रों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व, उसकी सीमाओं और समाज पर इसके प्रभाव पर तार्किक ढंग से बात रखी। प्रतियोगिता में सेवानिवृत्त डीएफओ गोपाल ओझा और केडी सिंह ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों के तर्क, भाषा शैली और प्रस्तुति के आधार पर परिणाम घोषित किए। इस प्रतियोगिता में तुलसीदास हाउस ने पहला स्थान प्राप्त किया। छात्रों ने बोलने की क्षमता के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की स्कूल परिसर में आयोजित इस साहित्यिक कार्यक्रम में ज्ञान और रचनात्मकता का माहौल था। छात्रों ने अपनी बोलने की क्षमता के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की । इस दौरान शिक्षकों और अभिभावकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षिका सरोज राय ने अपनी सहयोगी शिक्षिकाओं के साथ मिलकर किया। विद्यालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपा गया प्रतियोगिता के बाद, स्कूल में आयोजित सीनियर क्लास के लिटरेचर कार्निवाल में भी विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपा गया। अतिथियों और शिक्षकों ने इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सकारात्मक पहल बताया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं।
लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल जूनियर शाखा में शुक्रवार को मातृ दिवस उत्साह और भावनाओं के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर बच्चों की मुस्कान, रंग-बिरंगी सजावट और मां के प्रति प्रेम से सराबोर नजर आया। इस मौके पर आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों की भावनात्मक प्रस्तुतियों से हुई। छात्र-छात्राओं ने मां के महत्व पर आधारित गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों का उत्साह देखने लायक था। उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया। रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं मातृ दिवस को खास बनाने के लिए विद्यालय में कई रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों ने अपनी माताओं के लिए सुंदर और आकर्षक शुभकामना कार्ड तैयार किए। रंगों और कलात्मक सजावट से बने इन कार्डों में बच्चों की मासूम भावनाएं साफ झलक रही थीं। कार्यक्रम की सबसे खास गतिविधि ‘जार एक्टिविटी’ रही। इसमें बच्चों ने जार को रंग-बिरंगे सजावटी सामान से सजाया और उसमें अपनी मां के लिए प्यार भरे संदेश डाले। किसी ने मां को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया तो किसी ने उन्हें अपनी प्रेरणा कहा। इस गतिविधि ने बच्चों को अपनी भावनाएं रचनात्मक तरीके से व्यक्त करने का अवसर दिया। मां का स्थान जीवन में सर्वोच्च विद्यालय की प्रधानाचार्या वरिंदर कौर ने कहा कि मां का स्थान जीवन में सर्वोच्च होता है। ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कार, संवेदनशीलता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और भावनात्मक विकास पर भी विशेष ध्यान देता है। इस दौरान विद्यालय का माहौल स्नेह, उल्लास और भावनाओं से भरा रहा। मातृ दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए यादगार बन गया।
उदयपुर शहर में शनिवार के दिन शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति नहीं होगी। उदयपुर शहर के सरकारी एमबी अस्पताल में 11 मई से इवनिंग ओपीडी शुरू की जा रही है। जलदाय विभाग के अनुसार तकनीकी खराबी के कारण जलदाय विभाग के नगर उपखंड सप्तम में शनिवार को प्रताप नगर टंकी से होने वाली सप्लाई एक दिन आगे बढ़ाई गई है। अभियंता किरण ने बताया कि इससे शहर के बेडवास, एनबी नगर, जज कॉलोनी, एफ ब्लॉक, इ क्लास आदि क्षेत्रों में शनिवार को होने वाली सप्लाई अब रविवार को होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आरओ/एआरओ परीक्षा-2023 में आरक्षण व्यवस्था से जुड़े विवाद पर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। खंडपीठ ने फिलहाल नई नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को निर्धारित की गई है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने विवेक यादव सहित अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर विशेष अपील पर यह आदेश पारित किया। अपीलकर्ताओं ने एकल पीठ के 1 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें याचिकाकर्ताओं को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया गया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आलोक मिश्रा ने न्यायालय को बताया कि सभी अपीलकर्ता अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थी हैं। उनका दावा है कि प्रारंभिक परीक्षा में उन्हें सामान्य वर्ग से मुख्य परीक्षा के लिए चयनित कम से कम 25 अभ्यर्थियों से अधिक अंक प्राप्त हुए थे। इसके भी उन्हें प्रारंभिक परीक्षा में सफलता नहीं मिली। दूसरी ओर, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने न्यायालय को सूचित किया कि भर्ती प्रक्रिया के तहत अधिकांश चयनित अभ्यर्थियों को पहले ही नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।
धामनोद स्थित खलघाट टोल टैक्स के समीप 7 मई को किसानों की मांगों को लेकर किए गए चक्काजाम मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस आंदोलन में शामिल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और कांतिलाल भूरिया सहित 10 वर्तमान और 3 पूर्व विधायकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। कुल 25 से अधिक कांग्रेस नेताओं को नामजद किया गया है। इन प्रमुख नेताओं पर दर्ज हुआ मामला एफआईआर में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, बाला बच्चन, हनी बघेल, प्रताप ग्रेवाल, कांतिलाल भूरिया, सचिन यादव, हीरालाल अलावा, झूमा सोलंकी, केदार डावर और मोंटू सोलंकी के नाम शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व विधायक विजयलक्ष्मी साधौ, पंचीलाल मेडा और नवीन जोशी सहित जिलाध्यक्ष स्वतंत्र जोशी पर भी प्रकरण दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत कार्रवाई धामनोद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 220/2026 के तहत बीएनएस की धारा 126(2), 191(2) और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 8(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिना अनुमति यातायात बाधित करने के चलते यह कानूनी कदम उठाया गया है। फसल बीमा और बिजली कटौती पर था प्रदर्शन कांग्रेस का यह आंदोलन फसल बीमा राशि, खाद-बीज की किल्लत और अघोषित बिजली कटौती जैसे मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। आंदोलन के कारण नेशनल हाईवे का यातायात प्रभावित हुआ था, जिसे प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया था। कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद खत्म हुआ धरना चक्काजाम के दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे। दोपहर 3 बजे धार कलेक्टर ने स्वयं प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं से ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन सौंपने के बाद नेताओं ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।
JJM घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी से पूछताछ:ACB में 8 घंटे हुई पूछताछ, कई पहलुओं पर किए सवाल
जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में एसीबी की ओर से पूर्व मंत्री महेश जोशी से पूछताछ जारी की जा रही है। एसीबी की ओर से शुक्रवार को 8 घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ में टेंडर प्रक्रिया, कमेटी गठन, अधिकारियों की भूमिका और फाइलों की जांच से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर सवाल किए गए। एसीबी की ओर से कई पहलुओं पर सवाल किए जा रहे है। एसीबी सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मंत्री महेश जोशी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई है। एसीबी टीम की ओर से इसकी पुष्टि की जाएगी। एसीबी की ओर से 5 दिन के रिमांड पर लेने के बाद शुक्रवार सुबह पूर्व मंत्री महेश जोशी से पूछताछ शुरू की गई। एसीबी टीम की ओर से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की गई। जिसमें टेंडर प्रक्रिया में किन स्तरों पर अनियमितताएं हुईं और निर्णय लेने की प्रक्रिया में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे। पूर्व मंत्री महेश जोशी के करीबी सहयोगी संजय बड़ाया के विदेश से लौटने पर एसीबी की ओर से पूछताछ किए जाने की संभावना है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि उनसे पूछताछ में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। बड़ाया ने दोनों ट्यूबवैल कंपनियों (गणपति ट्यूबवैल कंपनी और श्याम ट्यूबवैल कंपनी ) को टेंडर दिलाने के बदले 960 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। एसीबी जांच में जून-2022 में जयपुर में तत्कालीन अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना की पोस्टिंग को लेकर उनकी पूर्व मंत्री महेश जोशी से मुलाकात करवाई गई थी। आरोप है कि बड़ाया के प्रभाव के चलते अधिकारियों ने फेक अनुभव प्रमाण-पत्रों के आधार पर सकारात्मक सत्यापन रिपोर्ट देने के लिए कहा गया, जबकि संबंधित प्रमाण-पत्रों के फेक होने की जानकारी भी थी। इस मामले में मुकेश गोयल तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, जितेन्द्र शर्मा तत्कालीन अधिशाषी अभियंता और संजीव गुप्ता प्राईवेट व्यक्ति फरार है।
रायपुर के महोबा बाजार इलाके में स्थित सीपीएस स्कूल परिसर की दीवाल गिरने से तीन मासूम घायल हो गए। घायल मासूमों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में एक नाबालिग का पैर टूटा है और दो को चोट आई है। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ घायल बच्चों के पिता ने कार्रवाई की मांग की है। हादसे में घायल हुए बच्चों का नाम हिमांशी मेहर, नंदनी साहू और रोशनी मेहर बताया जा रहा है। जिस स्कूल की दीवार से हादसा हुआ स्थानीय लोगों के अनुसार स्कूल का संचालन राकेश चतुर्वेदी द्वारा किया जाता है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला महोबा बाजार इलाके में सीपीएस स्कूल है। स्कूल प्रबंधन शुक्रवार की शाम को गार्डन में मिट्टी लेबल जेसीबी मशीन से करवा रहा था। शाम पांच बजे जेसीबी की टक्कर से स्कूल परिसर की दीवाल गिर गई। दीवाल गिरने के कारण वहां खेल रही हिमांशी मेहर, नंदनी साहू और रोशनी मेहर उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद बच्चों का उपचार जारी है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा की अनदेखी परिजनों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। जिस जगह तोड़फोड़ की जा रही थी, वहां बच्चों की आवाजाही बनी हुई थी। हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से तुरंत पुलिस को सूचना भी नहीं दी गई। घायल बच्चियों को आनन-फानन में इलाज के लिए उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया। बच्चियों के पिता ने मामले में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही की वजह से बच्चों की जान खतरे में पड़ी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अब पढ़े बच्ची के पिता ने क्या कहा हादसे में घायल हुए हिमांशी मेहर और रोशनी मेहर के पिता ने संजीव कुमार ने बताया, कि दीवाल गिरने से मेरी दो बेटियों सहित तीन बच्चे घायल है। मैं मुंगेली का रहने वाला हूं। ठेकेदार दयाराम साहू के साथ राजमिस्त्री का काम करता हूं। मेरे बच्चों को चोट आई है, लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई चाहता हूं।
कानपुर के फीलखाना थानाक्षेत्र के सवई सिंह के हाते में होजरी दुकानदार का मर्डर कर दिया गया। इलाकाई लोगों ने दुकानदार को खून से लथपथ पड़ा देख पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इलाकाई लोगों के मुताबिक दुकानदार को आखिरी बार शिवाले में एक रेस्टोरेंट संचालक के बेटे के साथ देखा गया था। शिवाला निवासी बालकृष्ण चौरसिया के 35 वर्षीय बेटे विजय चौरसिया की शिवाला में ही होजरी की दुकान है। पिता बालकृष्ण ने बताया कि रोजाना की तरह शुक्रवार को विशाल दुकान पर पहुंचा था, शाम करीब 7 बजे विशाल फीलखाना थानाक्षेत्र स्थित सवई सिंह का हाते में लहुलूहान हालत में एक गली में पड़ा मिला। इलाकाई लोगों की सूचना पर फीलखाना और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची उसे उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विशाल के सिर से खून बह रहा था। हाते के लोगों ने बताया कि आखिरी बार वह शिवाला स्थित एक रेस्टोरेंट संचालक के बेटे के साथ घर के पास देखा गया था। घटना की जानकारी परिजनों में कोहराम मच गया, पिता बालकृष्ण चौरसिया ने रेस्टोरेंट संचालक के बेटे पर हत्या का आरोप लगाया। मामले की जांच में पुलिस जुटी है।
अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस के अवसर पर 8 मई 2026 को कैसरबाग स्थित स्टार पैलेस बैंक्वेट में स्वर्गीय मालती देवी सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मातृत्व, नारी सम्मान और संघर्षशील महिलाओं के योगदान को केंद्र में रखकर कविताएं, शायरी और सम्मान समारोह आयोजित हुए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जूही सिंह रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में फखरुल हसन चांद, दीपक रंजन, मीनाक्षी अग्रवाल और सरोज यादव मौजूद रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजवादी नेता रविदास मेहरोत्रा ने किया, जबकि आयोजन एवं संचालन सुमैया राना द्वारा किया गया। मां, ममता और संघर्ष को मिलेगी शायरी की आवाज कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित कवि और शायर अपनी रचनाओं के माध्यम से मां, ममता, महिलाओं के संघर्ष और सम्मान को स्वर देंगे। मंच पर प्रस्तुति देने वाले प्रमुख कवि एवं शायरों में बिलाल सहारनपुरी, रुख़सार बलरामपुरी, प्रतिभा यादव, अरमान रजा बलरामपुरी, इकबाल यूसुफ, तस्लीम सरवर और फराह नाज शामिल हैं। संघर्षशील महिलाओं को मिलेगा ‘मालती देवी सम्मान’ इस अवसर पर समाज की प्रेरणादायी और संघर्षशील महिलाओं को “मालती देवी सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं में कुलसुम तलहा, साहिबा सिद्दीकी, शांति देवी, सबा, रेशमा और सीता कुमारी प्रमुख रूप से शामिल हैं।आयोजन समिति ने साहित्य प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने यूपी एक्स-रे टेक्नीशियन सर्विस रूल्स-2024 बनाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने इससे संबंधित सभी अभिलेख पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने कार्मिक विभाग के विशेष सचिव या उनसे वरिष्ठ अधिकारी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 मई को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने दिवाकर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। सुनवाई के दौरान चिकित्सा स्वास्थ्य एवं सेवा विभाग में तैनात संयुक्त निदेशक सुनील कुमार वर्मा न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि वर्ष 2019 में पारित आदेश के अनुपालन में 10 मई 2020 को निर्णय लिया गया था, जिसके आधार पर नई नियमावली तैयार की गई। हालांकि, न्यायालय में उपस्थित अधिकारी नियमावली के गठन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं दे सके। वहीं, सरकारी पक्ष यह भी स्पष्ट नहीं कर पाया कि नियम बनाते समय किन प्रक्रियाओं का पालन किया गया। इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए न्यायालय ने राज्य सरकार को दो दिन का अतिरिक्त समय दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई पर कार्मिक विभाग का विशेष सचिव स्तर का अधिकारी सभी संबंधित रिकॉर्ड के साथ अदालत में मौजूद रहे।
छतरपुर जिले के हरपालपुर के चर्चित दहेज मौत मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को दोषमुक्त कर दिया। पत्नी की मौत के करीब एक साल चार महीने बाद आए फैसले में कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी पर लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। मामला हरपालपुर थाना क्षेत्र का है। 7 दिसंबर 2024 को जयदेवी अनुरागी पत्नी सोनू अनुरागी ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे। पति पर दर्ज हुआ था मामला शिकायत के आधार पर हरपालपुर थाना पुलिस ने पति सोनू अनुरागी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस जांच पूरी होने के बाद अपराध क्रमांक 0235/2024 के तहत मामला न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश कर आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और प्रस्तुत साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। कोर्ट बोली- ठोस साक्ष्य नहीं मिले मामले की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश उपेंद्र देशवाल की अदालत में हुई। अदालत ने गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि आरोपी के खिलाफ आरोप ठोस रूप से सिद्ध नहीं हो सके। इसके बाद अदालत ने आरोपी सोनू अनुरागी को दोषमुक्त कर दिया। आरोपी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शेर सिंह तोमर ने पैरवी की। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में दिनभर मामले को लेकर चर्चाएं होती रहीं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला जज बन्नालाल जाट के निर्देशन में शनिवार को जिलेभर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर 8 बेंचों का गठन किया गया है। लोक अदालत को लेकर जिला मुख्यालय पर 3 और तालुका मुख्यालयों पर 5 बेंचेज का गठन किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अहसान अहमद ने बताया कि जिला मुख्यालय पर जिला जज बन्नालाल जाट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रिया टावरी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अहसान अहमद की अध्यक्षता में बेंचेज बनाई है। इसी प्रकार आहोर में न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर चैहान, भीनमाल में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रामदेव सांदु, एसीजेएम महेंद्र कुमार टांक की अध्यक्षता में बैंचेज बनाई है। सांचौर में एसीजेएम भीमसिंह मीणा की अध्यक्षता में और रानीवाडा में जेएम सांचौर हिम्मतराज की अध्यक्षता में बेंचेज बनाई गई है। इसी प्रकार जालोर उपखंड अधिकारी मनोज, आहोर में तहसीलदार भाद्राजून चंदन पंवार, भीनमाल उपखंड अधिकारी मोहित कसानिया, सांचोर में उपखंड अधिकारी प्रमोद कुमार और रानीवाड़ा में उपखंड अधिकारी सुनिल कुमार को राजस्व मामलों की बेंच में सदस्य बनाया गया है। 11 हजार 65 प्रकरण चिन्हितराष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिले भर में 30 अप्रैल तक कुल 11 हजार 65 प्रकरण चिन्हित किए गए है। न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से 3182 और प्री लिटिगेशन के 7 हजार 883 प्रकरण चिन्हित किए गए हैं।
चंडीगढ़ के मलोया पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जसवीर और कांस्टेबल प्रवीण को शुक्रवार देर शाम सीनियर अधिकारियों ने लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि दोनों के खिलाफ कार्रवाई किस वजह से की गई, इसका आधिकारिक खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दोनों के खिलाफ शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच और वेरिफिकेशन के बाद यह कार्रवाई की गई। बलदेव कुमार को मलोया थाना प्रभारी का चार्ज वहीं इंस्पेक्टर बलदेव कुमार को मलोया थाना प्रभारी का चार्ज सौंप दिया गया है। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही इंस्पेक्टर बलदेव कुमार की तैनाती ऑपरेशन सेल में की गई थी। चंडीगढ़ पुलिस के DGP डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने हाल ही में सख्त निर्देश जारी किए थे कि यदि किसी थाना क्षेत्र में नशा तस्करी होती है, पुलिस की मिलीभगत सामने आती है या कोई पुलिसकर्मी आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार इसी मुद्दे को लेकर गुलाब चंद कटारिया भी कई बार कह चुके हैं कि संबंधित थाना प्रभारी अपने इलाके की कानून व्यवस्था और अपराध गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होगा। अब मलोया थाना में हुई कार्रवाई को उसी सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है।
रामपुर में आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम से जुड़े मामलों में कानूनी दबाव बढ़ता जा रहा है। अदालतों में इन मामलों की सुनवाई तेज हो गई है। इनमें अब्दुल्ला आजम की सात साल की सजा बढ़ाने की राज्य सरकार की अपील और आजम खां से जुड़ा क्वालिटी बार प्रकरण प्रमुख है। दो पासपोर्ट मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने 5 दिसंबर 2023 को अब्दुल्ला आजम को सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने उन्हें फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने का दोषी माना था। आरोप था कि उन्होंने अलग-अलग जन्मतिथि दिखाकर दो पासपोर्ट बनवाए और उनका उपयोग विदेश यात्राओं में किया। इस मामले में आकाश सक्सेना ने वर्ष 2019 में सिविल लाइंस कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अब राज्य सरकार ने अब्दुल्ला आजम की सजा बढ़ाने की मांग करते हुए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की है। निचली अदालत का रिकॉर्ड पेश किया जा चुका है और अभियोजन पक्ष की बहस 12 मई को निर्धारित की गई है। वहीं तजीन फात्मा से जुड़े क्वालिटी बार प्रकरण में शुक्रवार को भी आरोप तय नहीं हो सके। मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होगी। आरोप है कि मंत्री रहते हुए आजम खां ने जिला सहकारी संघ की जमीन पर स्थित क्वालिटी बार की जगह को अपनी पत्नी तजीन फात्मा के नाम बेहद कम किराए पर आवंटित कराया था। बाद में अब्दुल्ला आजम को भी सह-किरायेदार के रूप में दर्शाया गया। मुकदमे की अग्रिम विवेचना के दौरान आजम खां पर धोखाधड़ी, साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने जैसी धाराएं भी बढ़ाई गईं। अदालतों में चल रहे इन मामलों को आजम परिवार के लिए बड़ी कानूनी और राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है।
मेरठ में शुक्रवार को जिला पंचायत ने कार्रवाई करते हुए रेलवे रोड थाना क्षेत्र स्थित केसरगंज चौकी के सामने बनी अवैध दुकानों पर बुलडोजर चला दिया। जिला पंचायत की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण अभियान चलाकर अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया। जिला पंचायत के अधिकारियों ने बताया गया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकानों का संचालन किया जा रहा था। जिला पंचायत की ओर से कब्जाधारकों को दो बार नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की।ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। पुलिस बल ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभाले रखी ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल जिला पंचायत और प्रशासन की इस कार्रवाई को भूमाफिया और अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। लोगों ने किया विरोध जहां कब्जा हटाने की कार्रवाई की वहां दुकान चलाने वाले फिरोज राणा ने बताया कि पंचायत द्वारा ही यहां दुकानें दी गई थी, जिसमें मेरा नाम आया। मैंने दुकान का शुल्क और एक साल का एडवांस किराया भी जमा है। अधिकारियों द्वारा मुझे नोटिस दिया गया जिसके बाद मैंने कोर्ट से इस मामले पर स्टे लिया। इसके बाद भी जिला पंचायत ने यहां कार्रवाई कर दी। इस ध्वस्तीकरण की हमे पहले से कोई जानकारी नहीं थी। वहीं जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी वीएस कुशवाहा ने बताया कि दुकान किराए पर दी गई थी लेकिन फिरोज के द्वारा बिना मानचित्र के वहां अवैध निर्माण कराया गया। इसके संबंध में उनको दो बार नोटिस भी दिया गया था जिसकेबाद आज यह कार्रवाई की गई।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद सहित दुर्ग, धमतरी, जांजगीर-चांपा में कुल 24 चोरियां करने वाले शातिर चोर को पुलिस ने पकड़ा है। आरोपी के कब्जे से 163 ग्राम सोना, ढ़ाई किलो चांदी के आभूषण, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन सहित कुल 32 लाख 38 हजार 900 रुपए का सामान बरामद किया गया है। चोर बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी उन मकानों की रेकी करता था, जहां मकान बन रहा होता था और बिल्डिंग मटीरियल बाहर पड़ी रहती थी। और वहां केवल बच्चे या बुजुर्ग मौजूद हों। इसके बाद वह खुद को बिल्डिंग मटीरियल सप्लायर बताकर सस्ती कीमत में छड़ और सीमेंट दिलाने का लालच देता था। बातचीत के बहाने वह घर के अंदर जाता और मौका मिलते ही सोने-चांदी के गहने चोरी कर फरार हो जाता था। पहले देखिए 3 तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला दरअसल, इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बगारपाली निवासी ओमप्रकाश ठाकुर ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल 2026 की सुबह उनके घर से करीब 40 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए थे। वाहन चेकिंग में शातिर चोर पकड़ाया घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखी। इसी दौरान वाहन चेकिंग के समय पुलिस को एक संदिग्ध युवक पर शक हुआ। पूछताछ में आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंचराम उर्फ पंचु निषाद (38 वर्ष) निवासी ग्राम चंदली, थाना चंद्रपुर, जिला सक्ती के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय था। वह बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी पहले मकानों की रेकी करता था और फिर मौका पाकर घरों से कीमती जेवरात चुरा लेता था। निर्माण सामग्री का झांसा देकर गहनों पर करता था हाथ साफ पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी उन घरों को निशाना बनाता था, जहां मकान निर्माण कार्य चल रहा होता था और बाहर ईंट, गिट्टी या दूसरी निर्माण सामग्री पड़ी रहती थी। वह खासतौर पर ऐसे घर चुनता था, जहां केवल बच्चे या बुजुर्ग मौजूद हों। आरोपी खुद को बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर बताकर सस्ती कीमत में छड़ और सीमेंट दिलाने का लालच देता था। बातचीत के बहाने वह घर के अंदर जाता और मौका मिलते ही सोने-चांदी के गहने चोरी कर फरार हो जाता था। 24 चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपी पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक महासमुंद जिले और अन्य जिलों में कुल 24 चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। उसने दुर्ग जिले के उतई, रंनचिरई, जामगांव, धमतरी के भखारा, अंड़ा, मगरलोड़ और जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़, बिर्रा थाना क्षेत्रों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। चोरी के बाद वह जेवरात को विभिन्न ज्वैलर्स दुकानों में बेच देता था। पुलिस ने पिथौरा के जीएस ज्वैलर्स और भंवरपुर के कैलाश ज्वैलर्स से चोरी के गहने जब्त किए हैं। सरायपाली के तमन्ना ज्वैलर्स और संतोष ज्वैलर्स से आभूषणों की रिकवरी अभी बाकी है। इलाज के बहाने पुलिस हिरासत से फरार हो चुका है आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी दुर्ग और जांजगीर-चांपा सहित कई जिलों में चोरी के मामले दर्ज हैं। आरोपी को आदतन अपराधी बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक वह पहले न्यायिक रिमांड के दौरान इलाज के बहाने पुलिस की हिरासत से फरार भी हो चुका है। पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे तथा विभिन्न ज्वैलर्स दुकानों से चोरी का सामान जब्त किया है। बरामद सामग्री में शामिल हैं—विभिन्न प्रकार के सोने के आभूषण - 63.30 ग्रामकीमत - 25 लाख 52 हजार 200 रुपएचांदी के आभूषण - 2 किलो 585.94 ग्रामकीमत - 6 लाख 41 हजार 700 रुपएमोटरसाइकिलकीमत - 30 हजार रुपएमोबाइल फोनकीमत - 5 हजार रुपएकुल बरामद संपत्ति32 लाख 38 हजार 900 रुपए ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में पुलिस का कहना है कि चोरी के जेवर खरीदने वाले कुछ ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। मामले में आगे जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
फरीदाबाद के डबुआ स्थित एयरफोर्स स्टेशन में सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश का मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने बाहरी दीवार फांदकर परिसर में घुसने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान डबुआ कॉलोनी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट निवासी इरफान अली के रूप में हुई है। घटना 3 मई की बताई जा रही है। एयरफोर्स स्टेशन के सुरक्षा अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर रविंदर छापारिया की शिकायत पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने एयरफोर्स अधिकारियों को किया सूचित सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से 10-10 रुपए के दो सिक्के और तंबाकू की पुड़िया बरामद हुई। इसके बाद आरोपी को डबुआ थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। प्रारंभिक शिकायत में कुछ तकनीकी विसंगतियां होने के कारण पुलिस ने एयरफोर्स अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद 4 मई को संशोधित शिकायत दी गई। ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट में केस दर्ज डबुआ थाना इंचार्ज संग्राम दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
गिरिडीह के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत इसरी बाजार में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने सड़क पर अफरातफरी मचा दी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कई घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर चल रही एक कार को जोरदार टक्कर मार दी टक्कर के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित होकर विरोध करने लगे।ट्रक ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लियाइसी दौरान ट्रक चालक वाहन लेकर भागने लगा। भागने के क्रम में ट्रक ने सड़क किनारे खड़े और गुजर रहे कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। पहले देखिए घटना से संबंधित चार तस्वीरें ट्रक की टक्कर से दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क पर मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इधर, घटना की सूचना मिलते ही डुमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। आरोपी ट्रक ड्राइवर गिरफ्तारमामले को लेकर डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार ने बताया कि ट्रक ने पहले एक कार को टक्कर मारी थी। इसके बाद लोगों के विरोध और हंगामे के बीच चालक वाहन लेकर भागने लगा, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है तथा ट्रक को जब्त कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।इधर, घटना की सूचना मिलते ही गिरिडीह डीसी रामनिवास यादव डुमरी पहुंचे, जहां उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान डीसी ने घायलों और उनके परिजनों को हर संभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
कानपुर के जरीब चौकी ओवरब्रिज परियोजना को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि बिना स्थानीय लोगों से बातचीत और सहमति बनाए परियोजना को जल्दबाजी में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने इसे “जबरदस्ती श्रेय लेने की राजनीति” बताया। पवन गुप्ता ने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण की जद में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थान आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें एक ऐसा प्राचीन मंदिर भी शामिल है, जहां वर्ष 1934 में महात्मा गांधी आए थे और जनसभा की थी। मंदिर से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। कांग्रेस ने मांग की कि मंदिर को तोड़ने से पहले उसे उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि परियोजना के कारण करीब 250 दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। ऐसे में प्रशासन को व्यापारियों के पुनर्वास और उनके हितों का ध्यान रखना चाहिए। पार्टी ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ आम लोगों की भावनाओं और आजीविका की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता , पूर्व अध्यक्ष हर प्रकाश अग्निहोत्री, प्रतिभा अटल पाल, शंकर दत्त मिश्रा, इकबाल अहमद, सुरेश बक्शी, पदम मोहन मिश्रा, राकेश साहू, अजय श्रीवास्तव शीलू, विवेक पाल, विनोद अवस्थी, अमित अग्निहोत्री और हाशिम मदारी समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने हरदोई के सीएचसी संडीला के चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। अधीक्षक पर अनाधिकृत निजी अस्पतालों पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप है। डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और कछौना क्षेत्र में करीब 12 निजी अस्पतालों को सील कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, डॉ. मनोज सिंह लेवल-1 के चिकित्सा अधिकारी हैं, जिनका ग्रेड पे 5400 है। वह बहेंदर और अहिरोरी में चिकित्सा अधीक्षक रह चुके हैं और वर्तमान में 30 नवंबर 2024 से सीएचसी संडीला के चिकित्सा अधीक्षक पद पर तैनात हैं। उनके पास पीसीपीएनडीटी और एफआरयू का अतिरिक्त कार्यभार भी है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों पर कार्रवाई करने में उन्होंने लापरवाही बरती। डॉ. मनोज के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. मनोज सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी भवनाथ पांडेय से भी स्पष्टीकरण मांगा है कि जिले में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (लेवल-3, ग्रेड पे 7600) उपलब्ध होने के बावजूद लेवल-1 अधिकारी को चिकित्सा अधीक्षक का कार्यभार क्यों सौंपा गया। चार सदस्यीय जांच समिति गठित निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसमें एसीएमओ डॉ. अरविंद सचान को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि डॉ. हेमंत राजपूत, डॉ. अखिलेश बाजपेई और डॉ. मनोज सिंह को सदस्य बनाया गया है। उपमुख्यमंत्री के आदेश के बाद डॉ. अरविंद सचान और टीम ने कछौना क्षेत्र में अभियान चलाया। जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर करीब एक दर्जन निजी अस्पतालों को सील कर दिया गया। अस्पताल संचालकों को तीन दिन के भीतर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सीएचसी कछौना भेजा गया है।
धोखाधड़ी कर जेवरात-नकदी हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार:मथुरा में 4.26 लाख रुपए नकद और आभूषण बरामद
मथुरा की थाना कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी और धमकाकर लोगों से नकदी व आभूषण हड़पने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 4 लाख 26 हजार रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को शुक्रवार दोपहर थाना कोतवाली क्षेत्र के नए बस स्टैंड के सामने से गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान कोमल शर्मा पुत्र बहोरन शर्मा के रूप में हुई है, जो नगला भैसारा, थाना राया, जनपद मथुरा का निवासी है। आरोपी पर लोगों को झांसे में लेकर और धमकाकर उनसे नकदी व कीमती सामान हड़पने का आरोप है। आरोपी के पास से बरामद आभूषणों में तीन हार, एक हसली, दो चूड़ी, एक मंगलसूत्र, दो जोड़ी झुमकी, एक जोड़ी झालर, दो जोड़ी ईयर रिंग्स, एक जोड़ी टॉप्स और सात अंगूठियां शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी आभूषण सोने के हैं। इसके अतिरिक्त, आरोपी के कब्जे से 4 लाख 26 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी की शिकायतें मिली थीं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धाराओं को बढ़ाया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उसने और किन लोगों को ठगा है और क्या इस गिरोह में अन्य सदस्य भी शामिल हैं। थाना कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
बरेली सिटी रेलवे स्टेशन के पास श्मशान भूमि वाले फाटक पर अंडरपास (LHS) बनाने का काम शुरू हो रहा है। इस वजह से 9 मई से 17 मई के बीच कई ट्रेनें बरेली सिटी स्टेशन तक नहीं आएंगी और न ही वहां से चलेंगी। अगर आप इन तारीखों में सफर करने वाले हैं, तो ट्रेनों के बदले हुए स्टेशन जरूर देख लें: कासगंज से आने वाली पैसेंजर ट्रेन (55329) 12 से 16 मई तक सिर्फ बरेली जंक्शन तक ही आएगी। वहीं पीलीभीत, टनकपुर और काशीपुर से आने वाली ट्रेनें 9 से 15 मई के बीच इज्जतनगर स्टेशन पर ही रुक जाएंगी। ये ट्रेनें इज्जतनगर से बरेली सिटी के बीच नहीं चलेंगी। इसके अलावा टनकपुर मेला स्पेशल भी 11, 14 और 16 मई को इज्जतनगर तक ही आएगी। ये ट्रेनें बरेली सिटी के बजाय दूसरे स्टेशनों से चलेंगी बरेली सिटी से कासगंज जाने वाली ट्रेन (55328) 13 से 17 मई तक बरेली सिटी के बजाय बरेली जंक्शन से रवाना होगी। इसी तरह लालकुआं, पीलीभीत और रामनगर जाने वाली गाड़ियां 9 से 16 मई के बीच बरेली सिटी नहीं आएंगी, बल्कि आपको ये ट्रेनें इज्जतनगर स्टेशन से पकड़नी होंगी। टनकपुर मेला स्पेशल भी 12, 15 और 17 मई को इज्जतनगर स्टेशन से ही चलेगी। यात्रियों के लिए जरूरी बात रेलवे का कहना है कि बरेली सिटी यार्ड में काम चलने की वजह से ये बदलाव किए गए हैं। ऐसे में जो यात्री बरेली सिटी से ट्रेन पकड़ते थे या वहां उतरते थे, उन्हें अब अपनी ट्रेन के हिसाब से इज्जतनगर या बरेली जंक्शन स्टेशन का इस्तेमाल करना होगा। असुविधा से बचने के लिए समय और स्टेशन का ध्यान रखकर ही घर से निकलें।
घर के आंगन से 3 साल के बच्चे का अपहरण:बदमाश कार में ले गए, दमोह में परिजन ने थाने पर दिया आवेदन
दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा गांव में शुक्रवार दोपहर घर के आंगन में खेल रहे 3 वर्षीय बालक का अचानक अपहरण कर लिया गया, जिसके बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लापता बालक का नाम अनुरोध सिंह है। उसके पिता माखन सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को अनुरोध घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान कोई अनजान व्यक्ति उसे उठा ले गया। जब काफी देर तक बच्चा दिखाई नहीं दिया, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। सफेद कार में अपहरण का संदेह माखन सिंह के अनुसार, गांव के कुछ बड़े बच्चों ने एक सफेद रंग की कार को घर के नजदीक स्कूल के पास खड़ा देखा था। आरोप है कि इसी कार में सवार अज्ञात लोग बच्चे को लेकर फरार हुए हैं। इसके साथ ही पिता ने बताया कि घटना के समय गांव में एक बाइक सवार व्यक्ति बच्चों को चिप्स बेचने आया था, जिससे मामले में संदेह और बढ़ गया है। पुलिस ने शुरू की तलाश परिजन के आवेदन दिए जाने के बाद पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। तेजगढ़ थाना पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए आसपास के सभी थाना क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है। पुलिस संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है ताकि बालक को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जा सके।
नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की सजा:28 हजार जुर्माना लगा, साल 2024 की है घटना
जौनपुर में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो उमेश कुमार की अदालत ने सिकरारा थाना क्षेत्र में दो वर्ष पूर्व नौ वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 28,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के कथानक के अनुसार, सिकरारा थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया कि 25 मार्च 2024 को शाम 6:30 बजे उसकी नौ वर्षीय पुत्री दुकान पर फ्रूटी खरीदने गई थी। तभी गांव का रहने वाला युवक उसका मुंह बंद कर उसे पास के एक विद्यालय में उठा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार उपाध्याय और कमलेश राय द्वारा परीक्षित कराए गए गवाहों के बयान एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात अदालत ने आरोपी युवक को दोषी पाया और उसे उपरोक्त दंड सुनाया।
समालखा में महिला के गले से तोड़ी सोने की चेन:भापरा से दूध ला रही थी, स्विफ्ट कार में स्नैचर फरार
पानीपत जिले के समालखा की संगम कॉलोनी में भापरा गांव से दूध लेकर लौट रही एक महिला के गले से सोने की चेन झपट ली गई। यह घटना शाम करीब 6:07 बजे कॉलोनी गेट के पास हुई। बदमाश सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार होकर फरार हो गए। पीड़ित महिला पूजा ने बताया कि वह अपनी बहन मंजू और एक पड़ोसन के साथ रोजाना की तरह शाम 5:25 बजे भापरा गांव दूध लेने गई थी। वहां से करीब 6 बजे लौटते समय कॉलोनी गेट से कुछ ही दूरी पर उनके पीछे एक युवक पैदल चल रहा था। उसने अचानक पूजा के गले से लगभग 14 ग्राम की सोने की चेन छीन ली। महिला के चिल्लाने पर लोग दौड़े पूजा के चिल्लाने पर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन युवक पहले से खड़ी सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार होकर भाग गया। कार की नंबर प्लेट पर टेप चिपका हुआ था। पूजा की बहन मंजू ने भी लगभग 20 ग्राम की चेन पहनी हुई थी, लेकिन चोर ने केवल पूजा को निशाना बनाया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदार और लोग इकट्ठा हो गए। 112 पर कॉल करने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस थाना प्रभारी दीपक कुमार, चौकी इंचार्ज वीरेंद्र, सीआईए वन और एएनसी टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया, पूछताछ की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस हर संभव कोण से जांच कर रही है। उन्होंने जल्द ही चोर को पकड़ने का आश्वासन दिया।

