सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले ज्वेलर, बिल्डर और कारोबारी के परिजनों को जिला कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए बीमा कंपनी को ब्याज सहित 3 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। खास बात यह कि तीनों की मौत के मामले में परिवार द्वारा इनके इनकम टैक्स रिटर्न कोर्ट में पेश किए गए। इस पर बीमा कंपनी ने आपत्ति ली कि आय के अन्य प्रमाण पेश नहीं किए गए हैं। इस पर कोर्ट इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि जब आयकर रिटर्न (IT रिटर्न) उपलब्ध हैं, तो आय के अन्य प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। पहले जानिए क्या है मामला दुर्घटना 25 अक्टूबर 2024 को हुई थी। इंदौर निवासी 30 वर्षीय मो. आसिफ मंसूरी (आर्टिफिशियल ज्वेलरी कारोबारी), 33 वर्षीय अब्दुल मन्नान कुरैशी (बिल्डर), 43 वर्षीय इमरान मंसूरी (कारोबारी) , 44 वर्षीय समीद खान (सुपरवाइजर), 27 वर्षीय मो. जुबेर और 24 वर्षीय मो. ओसामा इनोवा कार से अजमेर से गरीब नवाज के दर्शन कर इंदौर लौट रहे थे। तभी सुबह 6.30 बजे जावदा-नागदा रोड पर कंटेनर ने इनोवा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मो. आसिफ, अब्दुल मन्नान, इमरान मंसूरी और समीद खान की मौत हो गई जबकि मो. जुबेर और मो. ओसामा घायल हो गए थे। मामले में इन 6 लोगों के परिवारों की ओर से कुल 6 अलग-अलग याचिकाएं 9 नवंबर 2024 को जिला कोर्ट में मुआवजे के लिए दायर की गई थी। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 29 अप्रैल एक साथ निर्णय सुनाते हुए सभी मामलों में अलग-अलग मुआवजा देने का आदेश दिया था। पूरा परिवार कारोबारियों पर था आश्रित इन सभी याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट राजेश खंडेलवाल ने तर्क रखे। इसमें मो. आसिफ मंसूरी, अब्दुल मन्नान और इमरान मंसूरी की ओर से उनके तीन साल के आईटी रिर्टन्स के साथ अन्य दस्तावेज पेश किए गए। यह भी बताया कि इन तीनों का अच्छा कारोबार था और वे नियमित इनकम टैक्स भरते थे। इनका परिवार इन पर ही आश्रित था। अब इनकी मौत हो जाने की स्थिति में कारोबार पर गहरा प्रभाव पड़ा है और परिवार की कमाई का कोई दूसरा जरिया नहीं है। 3.90 करोड़ का मुआवजा मांगा मो. आसिफ मंसूरी के परिवार के बारे में बताया गया कि उनकी पत्नी शाईस्ता, 5 वर्षीय बेटा हमजा, मां मुबीना और भाई मो. तौसिफ उन पर ही आश्रित थे। मो. आसिफ की मौत के बाद परिवार के साथ आजीविका की परेशानी हो गई है। उनके परिवार की ओर से 3.90 करोड़ रु. के मुआवजा की मांग की गई। अब्दुल मन्नान के परिवार में पत्नी अजरा, बेटा मो. अर्फ (7), पिता अब्दुल गफ्तार (71) और भाई फरहान (38) उन पर आश्रित थे। इनके परिवार की ओर से भी 3.90 करोड़ रु. मुआवजा की मांग की गई। ऐसे ही इमरान मंसूरी की पत्नी शबाना, बेटा मो. अयान (18) और माहेनूर (15) उन पर निर्भर थे। इनके परिवार की ओर से 2.90 करोड़ रु. की मांग की गई। इसी तरह समीद खान के परिवार में पत्नी अफसाना, बेटा सोहेल (22), जफर (21), जाहिद (19), मां कलसुम बी (75) उन पर ही निर्भर थे। इनकी ओर से 1.90 करोड़ रु. की मांग की गई थी। साक्ष्यों के आधार पर दिया गया निर्णय कोर्ट ने प्रस्तुत दस्तावेजों, विशेष रूप से आयकर रिटर्न और पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की राशि तय की। इनमें खास तौर पर मृतक मो. आसिफ मंसूरी के परिवार को 1.06 करोड़ रु., अब्दुल मन्नान के परिवार को 98 लाख रु.और इमरान मंसूरी के परिवार को 65 लाख रु. 6% ब्याज सहित देने का आदेश दिया है। मृतक समीद खान के परिवार को 15 लाख रु. ब्याज देने के आदेश दिया है। घायल मो. ओसामा द्वारा भी इनकम टैक्स रिटर्न पेश गए गए थे। कोर्ट ने इनके इलाज में खर्च हुए रुपए और अन्य मदों में 14.43 लाख रु. मुआवजा देने का आदेश दिया है। घायल मो. जुबेर को 50 हजार रु. देने का आदेश दिया।
नमस्कार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उधर, दुबई में ईरानी हमले से घायल हुए भारतीयों को लेकर PM मोदी ने ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि यह स्वीकार है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि आखिर पाकिस्तान 50 बाद शराब क्यों बेचने लगा... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ममता बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे; शेर की तरह लड़ूंगी पश्चिम बंगाल में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने CM पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। ममता ने कहा कि हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग असली विलेन है। उसने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हूं। ममता की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 2 बड़ी बातें… चुनाव से दो दिन पहले हमारे लोगों को गिरफ्तार किया गया। जगह-जगह छापे मारे गए। IPS-IAS अधिकारियों का तबादला किया गया। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इसमें सीधे तौर पर शामिल हैं। मैंने राजीव गांधी, मनमोहन सिंह, वाजपेयी सहित कई सरकारें देखीं, लेकिन ऐसा अत्याचार कभी नहीं देखा। अत्याचार की कोई सीमा नहीं रही। यहां लोगों को प्रताड़ित किया गया। तेज म्यूजिक बजाने पर भाजपा कार्यकर्ता की हत्या: कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि तेज आवाज में म्यूजिक बजाने पर TMC के एक कार्यकर्ता और उसके साथियों ने हत्या की। पूरी खबर पढ़ें... 2. UAE में 3 भारतीयों के घायल होने पर भारत नाराज, मोदी बोले- इसे स्वीकार नहीं करेंगे दुबई के फुजैराह ऑयल पोर्ट पर ईरानी हमले में 3 भारतीय घायल होने पर भारत ने नाराजगी जताई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिकों का घायल होना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है। इसके बाद PM मोदी ने भी ट्वीट कर कहा;- नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना स्वीकार नहीं करेंगे। भारत UAE के साथ खड़ा है और बातचीत से शांतिपूर्ण हल का समर्थन करता है। होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही बेहद जरूरी है। UAE के पेट्रोलियम प्लांट पर हमला: ईरान ने UAE के फुजैराह में एक पेट्रोलियम प्लांट पर ड्रोन हमला किया। इससे इंडस्ट्री एरिया में आग भड़क उठी, जिसमें 3 भारतीय भी घायल हो गए। अमेरिकी विमान कतर के एयरस्पेस से लापता: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी वायुसेना का KC-135 विमान कतर के एयरस्पेस में इमरजेंसी सिग्नल (7700) देने के बाद कुछ समय के लिए रडार से गायब हो गया। यह UAE के अल धफरा एयरबेस से उड़ा था। ईरान ने घटना में किसी भी भूमिका से इनकार किया है। पूरी खबर पढ़ें... 3. ममता बनर्जी से अखिलेश मिलने जाएंगे, सपा प्रमुख बोले- सपा UP में बदलाव लाएगी सपा मुखिया अखिलेश यादव आज यानी बुधवार को पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता जाएंगे। बंगाल के चुनाव नतीजे आने के बाद विपक्षी दल के किसी भी नेता का ये पहला दौरा होगा। ममता ने कहा- INDIA गठबंधन को मजबूत करूंगी: ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि अखिलेश ने आज आने का अनुरोध किया था, लेकिन मैंने उन्हें अगले कल आने को कहा है। अब एक-एक कर सभी नेता आएंगे। मेरा लक्ष्य एक आम आदमी की तरह INDIA गठबंधन को मजबूत करने का है। अखिलेश बोले- यूपी में PDA की काट भाजपा के पास नहीं: अखिलेश यादव ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से कहा- बंगाल में भाजपा ने वोट की शर्मनाक लूट की। पुलिस प्रशासन का अवैध इस्तेमाल करने में उसे कतई संकोच नहीं। यूपी में पीडीए का वोट सबसे ज्यादा है। तभी भाजपा बौखलाई हुई है। यूपी में सपा बदलाव लाने की ताकत रखती है। 2027 विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र और संविधान दोनों को बचाने की बड़ी लड़ाई होगी। पूरी खबर पढ़ें… 4. इंडिगो फ्लाइट में पावर बैंक ब्लास्ट, 5 घायल; सभी 198 यात्रियों को इमरजेंसी गेट से निकाला गया हैदराबाद से चंडीगढ़ जा रही इंडिगो फ्लाइट में पावर बैंक ब्लास्ट हो गया, जिसमें 5 यात्री घायल हो गए। घटना एयरपोर्ट पर खड़ी फ्लाइट में हुई। पावर बैंक एक यात्री के बैग में था। हादसे के बाद सभी 198 यात्रियों को इमरजेंसी गेट से बाहर निकाला गया। एयरलाइन के मुताबिक सभी यात्री सुरक्षित हैं। फ्लाइट में पावर बैंक से चार्जिंग बैन: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जनवरी 2026 से फ्लाइट के दौरान यात्री पावर बैंक का इस्तेमाल कर मोबाइल फोन या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने पर रोक लगा दी थी। क्योंकि आग लगने का बड़ा कारण बन सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें… 5. देश के कई राज्यों में ओले गिरे, यूपी-बिहार में बिजली गिरने से 31 मौतें देशभर के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। आंधी-बारिश और बिजली गिरने से बिहार में 23 और यूपी में 8 लोगों की मौत हो गई। राजस्थान-MP और दिल्ली के कई इलाकों में ओले गिरे। इसकी वजह से इन राज्यों में करीब 4C से लेकर 8C की गिरावट आई है। उधर, हरियाणा में तेज आंधी से 15 हजार से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। जानिए आज का मौसम कैसा रहेगा... पूरी खबर पढ़ें... 6. कर्ज में डूबे पाकिस्तान ने शराब बेचना शुरू किया, इस्लाम का हवाला देकर बैन किया था कर्ज से जूझ रहे पाकिस्तान ने शराब बेचना शुरू कर दिया।देश की इकलौती लोकल कंपनी मरी ब्रूअरी गैर मुस्लिम देशों को शराब सप्लाई कर रही है। इनमें ब्रिटेन, जापान, पुर्तगाल और थाईलैंड जैसे देश शामिल हैं। दरअसल, पाकिस्तान ने 50 साल पहले इस्लाम का हवाला देकर शराब पर बैन लगा दिया था। पाकिस्तान पर 138 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज: पाकिस्तानी सरकार की कमाई और खर्च के बीच बड़ा अंतर है। वित्त वर्ष 2026 में सरकार की आय करीब 40 अरब डॉलर है, जबकि खर्च 58 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। पाकिस्तान पर इस समय लगभग 138 अरब डॉलर का बाहरी कर्ज है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... आदमी निगलने के शक में मगरमच्छ गिरफ्तार साउथ अफ्रीका में पुलिस ने एक मगरमच्छ को ‘अरेस्ट’ कर लिया है। शक है उसने लापता बिजनेसमैन को निगल लिया। हेलिकॉप्टर से मगरमच्छ को नदी से उठाया गया। जांच के दौरान उसके पेट से इंसानी अवशेष मिले। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज सिंह राशि वालों के बिजनेस में सुधार होगा। धनु राशि वालों की इनकम बढ़ सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
मानसून की दस्तक से पहले ही नगर निगम और बीकानेर विकास प्राधिकरण के जलभराव मुक्ति के दावों की हवा निकल गई है। शहर को डूबने से बचाने के लिए पिछले साल आनन-फानन में बनाए गए 14 ‘पाताल तोड़’ कुएं (7 निगम और 7 बीडीए) की ओर से बनाए गए थे। ज्यादातर पहली ही मूसलाधार बारिश का दबाव झेलने में नाकाम रहे। महज 13 एमएम बारिश ने निगम की तकनीक और मेंटेनेंस की पोल खोल दी है। निगम और बीडीए ने दावे किए थे कि ये कुएं उन पॉइंट्स पर बनाए गए हैं जहाँ सर्वाधिक पानी जमा होता है। तर्क था कि इससे जमीन का जलस्तर भी सुधरेगा और पानी की निकासी भी चंद मिनटों में हो जाएगी। लेकिन हकीकत इसके उलट है। हालात यह हैं कि खुद निगम दफ्तर के अंदर बना कुआं हांफ रहा है। कचरा जमा होने से फिल्टर चोक हैं और यह अपनी क्षमता का 20 फीसदी पानी भी नहीं सोख पाया। वहीं, पवनपुरी में नागणेची जी मंदिर के पास तो कुएं के आसपास की जमीन धंस गई है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। नगर निगम ने अपने 7 कुओं के रख-रखाव के लिए बाकायदा 3 साल का मेंटीनेंस कॉन्ट्रैक्ट दिया था। शर्त थी कि कुओं की नियमित सफाई होगी ताकि बारिश का पानी बिना रुकावट पाताल में जा सके। लेकिन हालिया बारिश में दिखा कीचड़ यह बताने के लिए काफी है कि कागजों पर तो सफाई हो रही है, लेकिन मौके पर कुएं मलबे से पटे पड़े हैं। तकनीकी जानकारों का कहना है कि बीकानेर की मिट्टी की संरचना और बारिश के पानी के साथ आने वाले भारी कचरे को देखते हुए इन कुओं के लिए मल्टी-लेयर फिल्टर की जरूरत है। लेकिन वर्तमान में कीचड़ और सिल्ट की वजह से फिल्टर की ऊपरी परत पूरी तरह बंद हो चुकी है। जब तक प्री-फिल्ट्रेशन का मजबूत ढांचा नहीं बनेगा ये कुएं शो-पीस ही बने रहेंगे। पुराने कुओं का रखरखाव नहीं, अब 14 नए कुओं की तैयारी! क्यों है पाताल तोड़ कुओं की मजबूरी? बीकानेर शहर में ड्रेनेज (निकासी) का कोई मास्टर प्लान नहीं है। शहर की अधिकांश मुख्य सड़कों के किनारे न तो पक्के नाले हैं और न ही नालियां। ऐसे में बारिश का सारा पानी और सड़कों पर बिखरा कचरा सीधे सीवरेज लाइनों में चला जाता है। कचरा जाने से सीवरेज लाइनें जगह-जगह से चोक हो जाती हैं जिससे गंदा पानी सड़कों पर उबलने लगता है। चूंकि नया ड्रेनेज सिस्टम बिछाना बेहद महंगा और समय लेने वाला काम है इसलिए प्रशासन पाताल तोड़ कुओं को शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। विफलता के बीच 14 नए कुओं की फाइल तैयारहैरानी की बात यह है कि पुराने 14 कुओं की विफलता का विश्लेषण करने और उनकी कमियां सुधारने के बजाय अब प्रशासन 14 और नए कुएं बनाने की तैयारी में है। इसकी फाइल चल पड़ी है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सकती है। सवाल यह है कि जब पुराने कुएं ही पानी नहीं सोख पा रहे तो करोड़ों की लागत से बनने वाले ये नए कुएं शहर को राहत देंगे या बजट को पाताल में ले जाएंगे? 3 साल का ठेका...रखरखाव क्यों नहींजब 3 साल का मेंटेनेंस ठेका है, तो बारिश से पहले ‘डी-सिल्टिंग’ (सफाई) क्यों नहीं हुई?पवनपुरी में कुएं के पास जमीन धंसी, इसका जिम्मेदार कौन है? क्या निर्माण सामग्री की जांच होगी?क्या नए कुएं बनाने से पहले पुरानी तकनीक की खामियों को सुधारा जाएगा?जनता के टैक्स का पैसा ‘पाताल’ में भेजने वाली इस विफलता पर जवाबदेही कब तय होगी? 3 साल का ठेका...रखरखाव क्यों नहींजब 3 साल का मेंटेनेंस ठेका है, तो बारिश से पहले ‘डी-सिल्टिंग’ (सफाई) क्यों नहीं हुई?पवनपुरी में कुएं के पास जमीन धंसी, इसका जिम्मेदार कौन है? क्या निर्माण सामग्री की जांच होगी?क्या नए कुएं बनाने से पहले पुरानी तकनीक की खामियों को सुधारा जाएगा?जनता के टैक्स का पैसा ‘पाताल’ में भेजने वाली इस विफलता पर जवाबदेही कब तय होगी?
नीमच में कल 4 घंटे बिजली बंद:सुबह 7 से 11 बजे तक चलेगा मेंटनेंस, कई इलाके प्रभावित
नीमच शहर के कई इलाकों में बुधवार (6 मई) को लोगों को बिजली की कटौती झेलनी पड़ेगी। बिजली कंपनी 33 केवी नीमच फीडर पर सुधार कार्य (मेंटेनेंस) करने जा रही है, जिसकी वजह से सुबह के समय करीब 4 घंटे तक लाइट गुल रहेगी। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री ने बताया कि मेंटेनेंस के चलते सुबह 7 बजे से 11 बजे तक बिजली की सप्लाई पूरी तरह बंद रखी जाएगी। इस कटौती का सबसे ज्यादा असर स्कीम नंबर 36 के कुछ हिस्सों, कनावटी पुलिस लाइन, औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) और स्कीम नंबर 36-ए जैसे इलाकों पर पड़ेगा। जेल और पीएम आवास फीडर की बिजली भी रहेगी बंद इस मेंटेनेंस कार्य की वजह से सिर्फ रिहायशी इलाके ही नहीं, बल्कि सरकारी और औद्योगिक फीडर भी प्रभावित होंगे। कनावटी जेल फीडर और पीएम आवास फीडर से जुड़े तमाम क्षेत्रों में 4 घंटे तक बिजली नहीं मिलेगी। प्रशासन ने पहले ही सूचना दे दी है ताकि लोग अपने जरूरी काम समय पर निपटा लें। फैक्ट्रियों और कंपनियों पर भी पड़ेगा असर बिजली गुल होने से औद्योगिक क्षेत्र के कई बड़े कनेक्शन (HT उपभोक्ता) भी प्रभावित होंगे। इनमें आदित्य टाटा, सीलवेल, प्रोमटो टेक्नोटेक, फिल्टर को, परफेक्ट बायर, संतोष ट्रेडर्स, मंत्री ब्रदर्स और प्रेमचंद जैसी फर्मों के नाम शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि अगर काम जल्दी हो गया तो सप्लाई पहले शुरू कर दी जाएगी, लेकिन जरूरत पड़ने पर कटौती का समय थोड़ा बढ़ाया भी जा सकता है।
पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का वर्ल्ड टूर औरा-2026 विवादों में आ गया। कनाडा में लगातार खालिस्तान समर्थक दिलजीत दोसांझ के लाइस कॉन्सर्ट में विरोध कर रहे हैं। दिलजीत भी शो के दौरान ही खालिस्तान समर्थकों को जवाब दे रहे हैं। अब सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख व आंतकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दिलजीत को धमकी दी है और कहा है कि कनाडा में तेरा विरोध हो रहा है और जब अमेरिका आएगा यहां भी विरोध किया जाएगा। आतंकी पन्नू ने वीडियो मैसेज जारी करके दिलजीत दोसांझ को धमकी दी है। दिलजीत दोसांझ के मेरा भारत महान कहने और अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर आतंकी पन्नू को एतराज है। पन्नू ने दिलजीत को अहंकारी कहा और कहा कि तेरा ये घमंड ही तेरा दुश्मन है। पन्नू ने कहा कि दिलजीत दोसांझ का जमीर मर चुका है। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दिलजीत दोसांझ के लिए कही ये दो अहम बातें.. 1.अभी सिर्फ झंडे दिखे हैं डंडा नहीं, तुम्हारा घमंड ही तुम्हें ले डूबेगा दिलजीत ने शो के दौरान उपद्रव मचाने वाले खालिस्तान समर्थकों को बाहर निकालने की बात कही थी जिस पर आतंकी पन्नू तिलमिला गया। उसने दिलजीत दोसांझ को धमकी देते हुए कहा कि जो खालिस्तान के झंडे खालिस्तान समर्थक आए थे, तुमने अपने अहंकार में उन्हें 'बाहर मारो' कहा। याद रखना, उन झंडों में अभी सिर्फ कपड़ा था, डंडा नहीं। अभी तुम्हारे शो कनाडा और अमेरिका में होने हैं। वक्त बताएगा कि तुम्हारा यह घमंड और अहंकार ही तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है। इसी के नीचे तुम दबाए जाओगे। 2.अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर उठाए सवाल आतंकी पन्नू ने दिलजीत दोसांझ को 'भारतीय दोसांझ' कहकर संबोधित किया। पन्नू ने पुरानी बातों को कुरेदते हुए कहा कि दिलजीत की ज़मीर उसी दिन मर गई थी, जिस दिन उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए थे। पन्नू का तर्क है कि 1984 के दंगों के दौरान बच्चन ने कथित तौर पर भड़काऊ नारे लगाए थे। पन्नू ने वीडियो में कहा, दोसांझ का भारत महान! वही भारत जिसने दरबार साहिब पर हमला किया और सिखों की नस्लकुशी की। आतंकी पन्नू ने दिलजीत को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी तो सिर्फ खालिस्तानी झंडे दिखे हैं, अमेरिका और कनाडा के आगामी शोज में उसका घमंड उसे भारी पड़ेगा। जानें क्या है दिलजीत दोसांझ और खालिस्तान समर्थकों का पूरा विवाद... दिलजीत को लेकर पहले भी कंट्रोवर्सी हुई 1. KBC में अमिताभ बच्चन के पैर छूना: साल 2025 का सबसे बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब दिलजीत दोसांझ 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) के सेट पर पहुंचे और उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए व उनका आशीर्वाद लिया। आतंकी संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) और गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसकी कड़ी निंदा की। आरोप लगाया कि दिलजीत उन लोगों का सम्मान कर रहे हैं, जिनका नाम 1984 के सिख दंगों के दौरान विवादों में आया था। इसके बाद से ही पन्नू ने दिलजीत को 'टारगेट' करना शुरू किया। 2. 'भारत का पोस्टर बॉय' होने का आरोप: 2025 के टूर के दौरान कई कट्टरपंथी संगठनों ने सोशल मीडिया पर दिलजीत के खिलाफ मुहिम चलाई। उन्हें भारत सरकार का एजेंट और बीजेपी-आरएसएस का समर्थक कहा गया। संगठनों का आरोप था कि दिलजीत अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल विदेशों में भारत सरकार की छवि सुधारने व सिख समुदाय के बीच केंद्र सरकार की पैठ बनाने के लिए कर रहे हैं। 3. तिरंगे और राष्ट्रवाद को लेकर विवाद: पिछले टूर के कुछ शो के दौरान दिलजीत ने गर्व के साथ भारतीय तिरंगा लहराया और गर्व जताया। खालिस्तान समर्थकों ने इसे सिख विरोधी कृत्य करार देने की कोशिश की। उन्होंने तर्क दिया कि दिलजीत को केवल पंजाबी पहचान को प्रमोट करना चाहिए, न कि भारतीय राष्ट्रवाद को। 4. सिडनी और मेलबर्न शो के दौरान नारेबाजी: 2025 के अंत में जब दिलजीत ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म कर रहे थे, तब स्टेडियम के बाहर कुछ छोटे समूहों ने खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शन किया था। 5. सोशल मीडिया वॉर और धमकियां: दुनिया के कई बड़े देशों में हो रहे 'ऑरा' टूर के दौरान पन्नू ने कई वीडियो जारी किए। इन वीडियो में दिलजीत को चेतावनी दी गई कि वे भारत के एजेंडे को आगे बढ़ाना बंद करें, वरना उनके ग्लोबल शोज में खलल डाला जाएगा।
‘हम सभी लोग पूरी व्यवस्था से नाव चलाएंगे। लाइफ जैकेट पहनाकर 15 सवारियां लेकर ही चलेंगे, ताकि दोबारा वैसा हादसा न हो। लोग यमुना में गहरे पानी में नहाने चले जाते हैं, उनको हम रोकते भी हैं, लेकिन नहीं मानते। प्रशासन को बैरीकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की ओर भी ध्यान देना चाहिए।’ ये कहना है मथुरा के वृंदावन स्थित केशीघाट के नाविकों का। 10 अप्रैल को यहां हुए हादसे में 16 पर्यटकों की मौत हो गई थी। इसके बाद 23 दिन तक नावों का संचालन बंद रहा। सुरक्षा मानकों को पूरा करने और रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करने के बाद 3 मई (सोमवार) को संचालन फिर शुरू हो गया है। दैनिक भास्कर ने यहां सुरक्षा मानकों का हाल जाना। हम देखना चाहते थे कि वृंदावन हादसे के बाद क्या कुछ बदला? क्या नाव पर बैठने वाली सवारियों को लाइफ जैकेट दिए जा रहे। सवारियों लाइफ जैकेट के साथ बैठ रही हैं या नहीं? तय मानकों का कितना पालन हो रहा? प्रशासन कितना अलर्ट मोड पर है? पढ़िए खास रिपोर्ट… केशीघाट पर दिखने लगे श्रद्धालु हम सबसे पहले उसी केशीघाट पर पहुंचे, जहां हादसा हुआ था। यहां का माहौल पूरी तरह बदल गया है। पहले यहां हमेशा चहल-पहल और रौनक रहती थी, वहां अब सन्नाटा सा पसरा हुआ है। हालांकि, धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे हैं। कुछ श्रद्धालु फिर से घाट पर नजर आने लगे हैं। यमुना की लहरों पर अब नावों ने हिलोरे मारना शुरू कर दिया है। नाविक जुटे तैयारी में, लेकिन रौनक कम यहां हमें कुछ नाविक अपनी नावों को तैयार करते नजर आए। कोई नाव में पेंट कर रहा था, तो कोई उसकी साफ-सफाई में लगा था। यमुना में फिलहाल इक्का-दुक्का मोटर बोट ही चलती दिखीं। उनमें सवार लोग लाइफ जैकेट पहने हुए थे। नाविकों का कहना है कि पहले जैसी रौनक लौटने में अभी समय लगेगा। नाविक प्रेम बोले- सभी गाइडलाइन का पालन करेंगे यहां हमने नाविक प्रेम से बात की। उन्होंने बताया कि अब प्रशासन ने नाव चलाने की अनुमति दे दी है। हमने जब 10 अप्रैल के हादसे में सुरक्षा मानकों की चूक का जिक्र किया तो प्रेम झट से बोल पड़े ‘हम सभी पूरी सुविधा, व्यवस्था से नाव चलाएंगे। लाइफ जैकेट पहनाकर 15 सवारियां लेकर ही चलेंगे। नाव चलाते समय दो ड्राइवर (नाविक) रखेंगे। ड्राइवर को भी लाइफ जैकेट पहनाया जाएगा। जो मानक हैं, उनका पूरा पालन करेंगे।’ प्रेम का कहना है कि 10 अप्रैल के हादसे से हम सभी ने सबक सीखा है। ईश्वर करे अब ऐसी कोई अनहोनी दोबारा न हो। नाविक बनवारी का कहना है कि हमारी बोट फिर से चल रही है। नगर निगम की ओर से 15 लोगों को बैठाने की अनुमति मिली है और लाइफ जैकेट रखना अनिवार्य किया गया है। बनवारी ने बताया कि हम लोग प्रशासन की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। न तो क्षमता से अधिक सवारियां बैठाएंगे और न ही बिना लाइफ जैकेट के किसी को बैठने देंगे। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि प्रशासन की इस पहल में सहयोग करें। नगर निगम की टीम बना रही अनुमति पत्र प्रशासन ने नाव संचालन के लिए रजिस्ट्रेशन कराकर अनुमति पत्र लेना अनिवार्य किया है। नगर निगम की टीम केशीघाट पर ही कैंप लगाकर नाविकों से रजिस्ट्रेशन शुल्क ले रही है और अनुमति पत्र तैयार कर रही है। मोटरबोट के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क 1,500 रुपए और साधारण नावों के लिए 500 रुपए है। नाविक यहां अपना आधार कार्ड और फोटो लेकर आ रहे हैं। शुल्क जमा कर अनुमति पत्र बनवा रहे हैं। हमने इस प्रक्रिया के लिए आए कुछ नाविकों से बात की। नाविकों का कहना है कि वे रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। इस प्रक्रिया में नगर निगम की टीम पूरी मदद कर रही है। यमुना किनारे नहीं दिखे सुरक्षा के इंतजाम घाट से भास्कर टीम जब यमुना किनारे पहुंची तो वहां सुरक्षा के इंतजाम नजर नहीं आए। नाविक भले ही सुरक्षा मानकों का पालन करते दिखे, लेकिन स्नान कर रहे लोग अभी भी लापरवाह दिखे। यहां हमें कुछ श्रद्धालु अपने बच्चों के साथ यमुना में स्नान करते मिले। नाविक उन्हें लगातार टोक रहे थे, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। मौके पर नगर निगम की ओर से कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया था और न ही यमुना में बैरीकेडिंग की गई थी। नाविक बोले- श्रद्धालु टोकने पर नहीं मानते हमने घाट किनारे मौजूद कुछ नाविकों से बात की। करीब 40 साल से नाव चला रहे पूरन का कहना है कि 15 सवारियों को लाइफ जैकेट के साथ चलाने की अनुमति है। हम गाइडलाइन का पूरा पालन कर रहे हैं। हालांकि यमुना में नहाने वालों को लेकर पूरन ने बताया कि लोग मना करने पर भी नहीं मानते। घाट पर पहले बैरीकेडिंग थी, जो अब नहीं है। चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगे हैं। यमुना में नहाने वालों को रोकने के लिए जल पुलिस की भी तैनाती नहीं है। ऐसे में हादसे का खतरा बना रहता है। हमने एक और नाविक चंद्रपाल निषाद से बात की। उन्होंने कहा कि अभी पहले की तरह रोजगार नहीं रहा। श्रद्धालुओं की संख्या भी पहले जैसी नहीं है। यमुना में नहाने वालों को लेकर उन्होंने बताया कि हम लोग चिल्ला-चिल्लाकर लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकते हैं। बच्चे और युवा सभी यमुना में उतर जाते हैं। टोकने पर भी नहीं मानते। यहां नगर निगम या पुलिस कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए, जो ऐसे लोगों को सख्ती से गहरे पानी में जाने से रोकें। कई अन्य नाविकों ने बताया कि यमुना का जलस्तर स्थिर नहीं है। कहीं पानी गहरा है तो कहीं बहुत कम, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। यहां हमने आगरा से आए श्रद्धालु भाग्य से भी बात की। उनका कहना है कि नगर निगम की ओर से कोई चेतावनी बोर्ड या बैरीकेडिंग नजर नहीं आई। जल्द होगी जल पुलिस की तैनाती मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि यमुना में लापरवाही करने वालों पर नजर रखी जाएगी। गाइडलाइन का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके लिए जल्द जल पुलिस तैनात की जाएगी। व्यवस्था मानकों के अनुसार ही संचालित होगी। इसके साथ ही नियमित पेट्रोलिंग भी कराई जाएगी। घाटों पर मोबाइल पार्टियां मौजूद रहेंगी। ये टीमें लोगों की मदद और सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगी। आखिर में ग्राफिक्स से समझिए कैसे हुआ था नाव हादसा… 10 अप्रैल को पंजाब से आए पर्यटकों को लेकर जा रही नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच थी। उस समय करीब 30 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा चल रही थी। हवा के झोंकों से नाव अचानक डगमगाने लगी और नाविक कंट्रोल खो बैठा। पर्यटकों ने नाविक से कहा कि आगे पुल है, नाव रोक लें, लेकिन उसने नहीं रोका। दो बार नाव टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टक्कर हो गई और नाव डूब गई। इस हादसे में 16 पर्यटकों की मौत हुई थी। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… स्मार्ट मीटर का बिल अब पोस्टपेड की तरह आएगा:योगी सरकार ने प्रीपेड सिस्टम खत्म किया, पुराने मीटरों को प्रीपेड करने पर भी रोक यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बढ़ते आक्रोश और विवाद के बीच योगी सरकार ने 70 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में प्रीपेड सिस्टम खत्म कर दिया गया है। अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मीटर की तरह काम करेंगे। यानी प्रीपेड सिस्टम (पहले रिचार्ज) की व्यवस्था खत्म की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर
'समाजवादी पार्टी ने संसद में महिला आरक्षण को रोका, उसे भी यूपी की महिलाओं का आक्रोश सहना होगा। महिला विरोधी समाजवादी पार्टी कुछ भी करके अपने पाप को कभी धुल नहीं पाएगी।' - पीएम मोदी दिन था पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक जीत के जश्न मनाने का। लेकिन, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा का नाम लेकर यह जता दिया कि अगला मिशन यूपी ही है। मोदी ने संकेत दे दिया है कि अब भाजपा पूरी तरह यूपी पर फोकस करेगी। योगी मंत्रिमंडल के विस्तार और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम के गठन में इसकी झलक भी देखने को मिलेगी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… लोकसभा चुनाव- 2024 में मिले झटके के बाद भाजपा ने हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। अब असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में भी पार्टी को भारी जीत मिली। हालांकि, केरल और तमिलनाडु में पार्टी को सफलता नहीं मिली। देश के 22 प्रदेशों में भाजपा या NDA की सरकारें हैं। 2027 में यूपी, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में चुनाव होना है। इनमें से यूपी, उत्तराखंड और गोवा में भाजपा की सरकारें हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इनमें से यूपी चुनाव पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के लिए सबसे अहम है। भाजपा जानती है कि केंद्र में उनका दबदबा तब ही कायम रहेगा, जब यूपी में उसकी सरकार रहेगी। लिहाजा, अब पार्टी और सरकार 2027 में यूपी में तीसरी बार भगवा फहराने में पूरी ताकत लगा देंगे। भाजपा के निशाने पर सपा, महिला बिल का ठीकरा फोड़ेगी महिला आरक्षण संशोधन बिल लोकसभा में गिरने के बाद पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया था। इसमें उन्होंने बिल गिरने के लिए सपा को जिम्मेदार ठहराया था। कहा था- सपा के पास मौका था कि वो अपनी महिला विरोधी छवि होने के दाग को कुछ कम कर सके, लेकिन वह इसमें चूक गई। वो लोहिया जी को तो पहले ही भूल चुकी है। बिल का विरोध करके लोहिया जी के सारे सपनों को पैरों तले रौंद दिया है। सपा महिला आरक्षण विरोधी है, ये यूपी की और देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी। यही बात उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में जीत के बाद जश्न मनाने भाजपा मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं के सामने दोहराई। जानकार मानते हैं कि इसी लाइन से पीएम मोदी ने संकेत दे दिया कि अब उनका अगला पड़ाव यूपी ही है। यूपी में हैट्रिक के लिए भाजपा क्या करेगी, कहां-क्या असर दिखेगा… 1- सरकार और संगठन पर असर: भाजपा किसी भी हालत में यूपी में तीसरी बार सरकार बनाना चाहती है। इसके लिए वह किसी भी स्तर पर जोखिम उठाने को तैयार है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि योगी मंत्रिमंडल के विस्तार में इसकी झलक देखने को मिल सकती है। इसमें सरकार, संगठन, कार्यकर्ताओं और जनता की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने वाले मंत्रियों को हटाया जा सकता है। एंटी इनकंबेंसी कम करने के लिए कुछ नए चेहरों को जगह दी जा सकती है। जातीय समीकरण का ध्यान रखने के साथ महिला वोटबैंक को साधने की भी कोशिश होगी। महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। ऐसे चेहरों को मंत्री बनाया जाएगा, जो अपनी जाति के साथ क्षेत्र में भाजपा को फायदा पहुंचा सकें। उधर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम में भी इसी आधार पर नेताओं को शामिल किया जाएगा। प्रदेश टीम में भी महिलाओं की संख्या पहले से ज्यादा हो सकती है। टीम में ऐसे लोगों को जगह मिलेगी, जो बेहतर चुनाव प्रबंधन कर सकें। 2- जल्द घोषित होंगे संगठन प्रभारी: यूपी भाजपा में बीते दो साल से संगठन प्रभारी की नियुक्ति नहीं हुई है। कभी राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, तो कभी राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को समय-समय पर यूपी भेजा जाता रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से किसी वरिष्ठ पदाधिकारी को यूपी का प्रभारी बनाया जा सकता है। इसके बाद विधानसभा चुनाव के लिए भी प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। किसी केंद्रीय मंत्री को यूपी में भाजपा का चुनाव प्रभारी बनाया जाएगा। 3- विकास, राष्ट्रवाद और रोजगार का मुद्दा: यूपी की भाजपा सरकार जनवरी से ही विकास, राष्ट्रवाद और रोजगार के मुद्दे को साथ लेकर चल रही है। फरवरी में मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन की शुरुआत की। नोएडा में देश के पहले सेमीकंडक्टर पार्क का शिलान्यास किया। मार्च में जेवर एयरपोर्ट और अप्रैल में गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। उधर, अयोध्या के राममंदिर में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राम यंत्र की स्थापना की। हिंदू पर्व और त्योहारों पर सरकार की ओर से भी आयोजन किए जा रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), पुलिस भर्ती बोर्ड और शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से करीब-करीब हर सप्ताह नई भर्ती निकाली जा रही है। 4. सरकार दे रही एकजुटता का संदेश: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार की मौजूदगी में मार्च में हुई समन्वय बैठक के बाद सरकार पूरी तरह एकजुट होने का संदेश दे रही है। किसी भी मंत्री की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं दिया जा रहा, जिससे सरकार में खींचतान नजर आए। इतना ही नहीं, NDA के सहयोगी दल भी अब गठबंधन को लेकर बयानबाजी से बच रहे हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सपा पर हमलावर भी हो रहे हैं। 5. सीएम योगी प्रदेश का दौरा करेंगे: इसके अलावा सीएम योगी आदित्यनाथ कुछ दिनों में प्रदेश का दौरा शुरू करने जा रहे हैं। सीएम हर जिले में पहुंचकर विकास प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन करने के साथ जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी संगठन के लिहाज से जिलों का दौरा करेंगे। चौधरी जिलों में संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। 2027 के नतीजे तय करेंगे योगी का राजनीतिक भविष्य सीनियर जर्नलिस्ट रतनमणि लाल का मानना है कि पश्चिम बंगाल में सरकार बनाना भाजपा की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। अब भाजपा पूरी ताकत वहां लगाएगी, जहां उनकी सरकार है। उन राज्यों में यूपी सबसे आगे रहेगा। सीएम योगी के लिए भी 2027 बड़ी परीक्षा होगी। 2027 के नतीजे योगी का राजनीतिक भविष्य तय करेंगे। सीएम योगी की भी कोशिश रहेगी कि असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की तरह उन्हें भी फ्री-हैंड दिया जाए। सीएम योगी की ओर से जनता और कार्यकर्ताओं में असंतोष कम करने की कोशिश की जा रही है। जैसे स्मार्ट मीटर को लेकर उपजे असंतोष के बाद सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा। वहीं, सीनियर जर्नलिस्ट आनंद राय कहते हैं कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद भाजपा का पूरा फोकस अब यूपी पर रहेगा। ऐसा माना जा रहा है कि पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल यूपी में ही ताकत लगाएंगे। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल-असम नतीजों से UP के लिए 5 बड़े मैसेज:अब अखिलेश के सामने दोहरी चुनौती, खास वोट बैंक के सहारे जीतना मुश्किल असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा को प्रचंड जीत ने यूपी की सियासत में हलचल तेज कर दी है। भाजपा का जहां मनोबल ऊंचा हुआ है, वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। चुनाव नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि 2027 के यूपी चुनाव में मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट रणनीति ही जीत दिलाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
सीएम योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर सांसद रवि किशन के बीच की केमेस्ट्री चर्चा में रहती है। अब सीएम योगी ने पीएचडी की उपाधि को लेकर सांसद रवि किशन की चुटकी ली। योगी ने कहा- 'उपाधि तो मिल गई, लेकिन आप प्रोफेसर नहीं लिख सकते। उस डिग्री को लेकर जाएंगे तो नौकरी नहीं मिलेगी। उसे गले में टांग सकते हैं। सीएम ने रवि किशन को उस बयान के लिए भी घेरा, जिसमें उन्होंने कहा था कि बंगाल के लोग 4 मई के बाद 4 गुना मछली खा सकते हैं। VIDEO देखिए...
दैनिक भास्कर एप पर यूपी का सबसे बड़ा प्रधान रेटिंग कैंपेन जारी है। प्रधानों की रेटिंग को लेकर आम जनता और जनप्रतिनिधियों में उत्साह देखा जा रहा है। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने भी प्रधान को रेटिंग दी। उन्होंने कहा कि दैनिक भास्कर की यह पहल जनप्रतिनिधियों को और जिम्मेदार बनाएगी। आमजन एप पर आकर सिर्फ 30 सेकंड में प्रधान का मूल्यांकन कर रहे हैं। लोगों को भी अपनी पंचायत के प्रधान का काम देखकर उन्हें रेटिंग देना चाहिए। पांच साल में प्रधान ने जो काम किया है, आप दैनिक भास्कर एप पर प्रधान का रिपोर्ट कार्ड बना रहे हैं। अपने प्रधान को रेटिंग देने के लिए यहां क्लिक करें। पूर्व डिप्टी CM ने दी रेटिंग राज्यसभा सदस्य और उप्र के पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने भी प्रधान को रेटिंग दी। उन्होंने कहा कि दैनिक भास्कर एप पर हो रहे सर्वेक्षण जनप्रतिनिधियों को भी सक्रिय कर रहे हैं। सर्वे और रेटिंग भी सक्रिय करने का तरीका है। इससे लोगों में चैतन्यता जागृत हुई है। लोग आपने आसपास हो रहे कार्यों की समीक्षा करने लगे हैं। मैं समझता हूं सभी लोगों को इसमें शामिल होकर अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के काम को रेटिंग देनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 21 मई तक चलेगी रेटिंग ग्राम पंचायत में रहने वाले लोगों ने दैनिक भास्कर की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह सर्वे जनप्रतिनिधियों को अधिक जिम्मेदारी से कार्य करने की प्रेरणा देगा। दैनिक भास्कर के इस कैंपेन से जनप्रतिनिधियों के कार्य में पारदर्शिता आएगी। 30 अप्रैल को रेटिंग लाँच होने के बाद लोगों ने बुंदेली, ब्रज, अवधी, भोजपुरी सहित अन्य स्थानीय बोलियों में इसके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिए। प्रधान और प्रधान के दावेदारों ने अपनी ग्राम पंचायतों में लोगों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। ग्रामीण अपने जनप्रतिनिधियों को उनके काम के आधार पर रेटिंग दे रहे हैं। प्रधान रेटिंग 21 मई तक चलेगी। 29 को आएंगे परिणाम रेटिंग के परिणाम 29 को घोषित किए जाएंगे। ये रेटिंग उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि वे बिना किसी दबाव और डर के अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। मात्र 30 सेकंड में अपने प्रधान का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर सकते हैं। रेटिंग की प्रोसेस इतनी आसान बनाई गई है कि मोबाइल पर क्लिक करके ही रेटिंग पूरी कर सकेंगे। तत्काल लाइव रिजल्ट भी देखें दैनिक भास्कर एप पर नए सेगमेंट की खास बात ये है कि जैसे ही आप अपनी रेटिंग सबमिट करते हैं, उसी समय आपको अपने गांव के प्रधान को जनता द्वारा दी गई कुल औसत रेटिंग दिखाई देगी। एक क्लिक में साफ हो जाएगा कि गांव की जनता अपने प्रधान के काम से कितनी संतुष्ट है। इन 5 कामों पर दे रहे रेटिंग पंचायत के रहवासी प्रधान को 5 कामों पेयजल, सड़क, सफाई, रोजगार और शौचालय के काम पर रेटिंग दे रहे हैं। रेटिंग 1 से 5 स्टार तक की होगी। 1 स्टार यानी सबसे खराब और 5 स्टार यानी सबसे अच्छा। जो भी रहवासी रेटिंग दे रहा है, उसका नाम गोपनीय ही रहेगा। मतलब, कोई ये कभी नहीं देख पाएगा कि किस व्यक्ति ने क्या रेटिंग दी है। गोपनीय रहेगी रेटिंग
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है…
राजस्थान में मई का पहला सप्ताह गर्मी से राहत भरा रहा। मंगलवार को भी राज्य के आंधी चलने के साथ बारिश हुई। उदयपुर संभाग के जिलों में बारिश होने से तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट हुई। राज्य के दो शहरों को छोड़कर शेष सभी शहरों में मंगलवार का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। सबसे ज्यादा गर्मी बाड़मेर में रही। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने 6 और 7 मई को 7 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में मौसम की तस्वीर… ये शहर सबसे गर्म रहे गर्मी से जुड़ी बड़े अपडेट्स… कैसे रहे 24 घंटे: राज्य के उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्वी जिलों में मौसम साफ रहा और दिन में धूप रही। हालांकि हल्की हवा चलने और वातावरण नमी होने से बीकानेर, चूरू, गंगानगर, फलोदी, जोधपुर, जैसलमेर समेत अधिकांश शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई। दोपहर बाद आंधी-बारिश: दोपहर बाद कई जिलों में मौसम बदला। बाड़मेर, पाली, उदयपुर, राजसमंद, सिरोही और भीलवाड़ा के एरिया में दिन में घने बादल छाए और कई इलाकों में तेज आंधी चलने के साथ बारिश हुई। पाली के सुमेरपुर, बाड़मेर के समदड़ी में तूफानी बारिश हुई। उदयपुर में भी शाम को हल्की बारिश हुई। अब आगे क्या? मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राज्य में 9 मई तक पूर्वी हिस्सों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का हल्का असर रहेगा। इस दौरान भरतपुर संभाग के एरिया में दोपहर बाद हल्के बादल छाने के साथ कुछ जगहों पर आंधी-बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती है। फिर बढ़ेगी गर्मी: 9 मई से राज्य के पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर तेज होगा और तापमान कुछ जिलों में 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। जैसलमेर, जोधपुर, फलोदी के आसपास के एरिया में हीटवेव चलने की संभावना है। राजस्थान के बड़े शहरों के मौसम का हाल जयपुर में पारा चढ़ा, लेकिन गर्मी से राहत जयपुर में मंगलवार दिनभर आसमान साफ रहा और धूप रही। हालांकि दिन में हल्की हवा चलने से गर्मी कम रही। जयपुर में अधिकतम तापमान 34.6 और न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उदयपुर में हुई बारिश उदयपुर में दोपहर बाद बारिश हुई। शहर में शाम करीब 6.15 बजे तेज हवा चली। साथ ही बारिश हुई। उदयपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान घटकर 36.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री पहुंच गया। एक दिन पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 37.2 और न्यूनतम 27.0 डिग्री रहा था। सीकर में अब बढ़ने लगेगा तापमान सीकर में सोमवार रात हुई बारिश के बाद मंगलवार दिनभर मौसम सामान्य रहा। तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट हुई है। अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री था। आज से गर्मी बढ़ने की आशंका है। जोधपुर में तेज धूप निकली जोधपुर शहर में मंगलवार दोपहर तक मौसम साफ रहा। इससे पहले सोमवार रात को तेज बारिश हुई थी। मौसम में हो रहे इस अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, दो दिन में पारे में करीब 6 डिग्री की गिरावट देखने को मिली है। कोटा में गिरा पारा कोटा में मंगलवार को अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सोमवार के मुकाबले दिन का तापमान 2 डिग्री व रात का तापमान 5 डिग्री गिरा। तापमान गिरने ने लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, दोपहर तीन बजे बाद तेज धूप ने लोगों को परेशान किया। अजमेर में पारा गिरा, गर्मी से राहत अजमेर में मंगलवार को गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान 35 डिग्री रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 36.5 और न्यूनतम तापमान 21.3 रहा था। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बरसात और तेज हवा चलने की संभावना जताई है। अलवर में बारिश के कारण गर्मी से राहत अलवर में सुबह से मौसम सामान्य रहा। अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 21 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले सोमवार देर रात हुई बारिश के कारण गर्मी से राहत रही। अगले दो दिन भी बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पद्मश्री फूलबासन बाई यादव की किडनैपिंग हुई है। मंगलवार सुबह महिला समेत 3 लोगों ने फोटो खिंचवाने के बहाने उन्हें बुलाया, फिर उनके हाथ-पैर बांध दिए। मुंह पर गमछा बांधकर कार में बैठा लिया, लेकिन भागते समय पुलिस की रूटीन चेकिंग में पकड़े गए। पुलिस को देखकर आरोपियों ने बताया कि, मरीज को मिर्गी का दौरा पड़ा है, उन्हें अस्पताल ले जा रहे हैं। लेकिन एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया और शक होने पर मुख्य आरोपी महिला खुशबू साहू समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सुकुलदैहान चौकी इलाके की है। जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, बेमेतरा निवासी खुशबू साहू अपने तीन साथियों (एक महिला और दो पुरुष) के साथ मंगलवार सुबह करीब 10 बजे फूलबासन बाई (56) के घर पहुंची। उन्होंने 'जरूरी चर्चा' का बहाना बनाकर फूलबासन बाई को घर से बाहर बुलाया। उनके साथ फोटो खींचवाने और बर्थडे मनाने की बात कहकर अपनी कार में बैठा लिया। कार के आगे बढ़ते ही आरोपियों ने फूलबासन बाई के हाथ-पैर बांध दिए और उनके मुंह पर गमछा लपेट दिया, जिससे वे शोर न मचा सकें। किडनैपर्स खैरागढ़ के रास्ते से भागने की कोशिश कर रहे थे। चिखली पुलिस चौकी के पास रूटीन चेकिंग कर रही पुलिस टीम ने शक होने पर उनकी कार को रोक दिया। ‘मिर्गी’ पड़ने का बहाना बनाया पुलिस को देखकर आरोपियों ने बताया कि, गाड़ी में बैठी महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है। वे उन्हें हॉस्पिटल ले जा रहे हैं। हालांकि, चेकिंग कर रहे एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया। उनकी हालत देखकर पुलिस का शक गहराया और सभी आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। फूलबासन बाई के संपर्क में थी खुशबू पुलिस जांच में सामने आया है कि, मुख्य आरोपी खुशबू साहू पिछले 4-5 महीनों से फूलबासन बाई के संपर्क में थी। खुशबू साहू खुद सहायता समूहों से भी जुड़ी है। उस पर बेमेतरा इलाके में रोजगार ट्रेनिंग के नाम पर महिलाओं से अवैध वसूली के आरोप भी है। पुलिस का आशंका है कि, यह अपहरण किसी बड़ी आर्थिक उगाही या आपराधिक साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन पर हुए इस हमले के बाद सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। फुलबासन बाई को उचित सुरक्षा दी जाए- देवेंद्र यादव वहीं कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की शान, पद्मश्री सम्मानित फुलबासन बाई के साथ अपहरण की कोशिश बेहद चिंताजनक है। यह घटना साफ दर्शाती है कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब एक पद्मश्री सम्मानित महिला खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं, तो आम बहनों-बेटियों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि, क्या इस साजिश के पीछे कोई और बड़ा चेहरा या गिरोह शामिल है। ये चिखली और सुकुलदैहान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई थी। ………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… बेटों की मौत से टूटीं तीजन बाई...बोल-सुन नहीं पा रहीं: पैरालिसिस-अटैक आया, 6 महीने से बिस्तर पर; पेंशन के भरोसे 42 लोगों का परिवार पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वभर में प्रसिद्ध भिलाई की पंडवानी लोक गायिका तीजन बाई पिछले 6 महीने से बिस्तर पर हैं। वे ठीक से बोल-सुन नहीं पा रही हैं। कोई उनके कान के पास जाकर जोर से चिल्लाता है, तब वह कुछ रिएक्ट करती हैं। भास्कर के कैमरे में वे सिर्फ जय श्रीराम ही बोल पाईं। पढ़ें पूरी खबर…
इंदौर में विजयनगर थाने के 4 पुलिसकर्मियों ने ही ड्रग तस्कर को बंधक बना लिया। वे उसे आगर मालवा जिले के बड़ौद से उठाकर लाए और शहर के एक 5-स्टार होटल में 2 दिन तक रखा। इस दौरान तस्कर के परिवार से 5 लाख रुपए की डील की गई। जैसे ही पैसे मिले, उसे आजाद कर दिया गया। हद तो तब हो गई जब उसी तस्कर के जरिए दूसरे ड्रग तस्कर को फंसाया गया और उससे भी अवैध वसूली की गई। इस पूरे खेल की भनक तक टीआई को नहीं लगने दी गई। यह घटनाक्रम नवंबर 2024 का है। हालांकि, इसकी शिकायत ACP तक पहुंच गई, जिसके बाद पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं। जांच में चारों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए। पुलिसकर्मियों और तस्करों की टॉवर लोकेशन भी उसी 5-स्टार होटल की निकली। CDR से भी इसकी पुष्टि हुई है। आरोपियों ने भी अपने बयान में पुलिसकर्मियों की करतूत उजागर कर दी। लेकिन, चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक किसी भी पुलिसकर्मी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हाल ही (मई 2026) में DCP ने इससे जुड़ी कुछ और जानकारी ACP से मांगी है। इसके बाद दैनिक भास्कर की टीम इस पूरे मामले की तह तक गई, जिसमें कई खुलासे हुए हैं। पढ़िए, पूरी रिपोर्ट… टीआई ने पूछा तो कहा- हाथ नहीं लगा विजयनगर थाने के टीआई सीपी पटेल ने एक लीड मिलने के बाद सहायक उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह गुर्जर, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह जादौन, आरक्षक कपिल सोनानिया और आरक्षक राधेश्याम राठौर उर्फ राधे को तस्कर वसीम पिता राजू खान को पकड़ने के लिए बड़ौद भेजा। ये पुलिसकर्मी थाने के रोजनामचे में एंट्री करने के बाद रवाना हो गए। वहां जाकर वसीम को 22 नवंबर 2024 को उठाकर इंदौर ले लाए। लेकिन, उसे थाने नहीं ले गए, बल्कि उसे विजयनगर के ही एक 5 स्टार होटल में बंधक बना लिया। जहां दो दिन तक उसे बंधक बनाकर रखा और पैसे लेने के बाद छोड़ दिया। इधर, पुलिसकर्मियों के बड़ौद से लौटने पर जब टीआई पटेल ने तस्कर के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उसका मोबाइल बंद था और वह हाथ नहीं लगा। ऐसे में हमें खाली हाथ ही लौटना पड़ा। मेरे टोपा लगाकर करते थे पूछताछ, 5 लाख लिए बड़ौद से पकड़कर लाए तस्कर वसीम ने जांच के दौरान तत्कालीन ACP आदित्य पटले को अपने बयान में बताया कि 4 पुलिसकर्मी मुझे इंदौर लेकर आए थे। यहां इन्होंने मुझे एक होटल में दो दिन तक रखा। दो पुलिसकर्मी वर्दी में तो दो सादी वर्दी में रहते थे। होटल में पुलिसकर्मियों ने मेरे साथ शुरुआत में मारपीट की। वहीं ठंड होने के कारण मैं सिर पर टोपा पहने हुए था, तो ये पुलिसकर्मी टोपी से मेरा पूरा सिर ढककर मुझसे पूछताछ करते और मुझे मारते थे। वसीम ने अपने बयान में बताया कि जब मैंने आरिफ को पकड़वा दिया, तो उसके बाद मुझे छोड़ दिया गया। आरिफ को पकड़वाने के बाद मुझे बलेनो कार में बैठाया गया, उसमें मेरे चाचा भी मौजूद थे। हम दोनों को विजयनगर थाने से आधा किमी दूर ले जाकर छोड़ दिया था। बलेनो चलाने वाले पुलिसकर्मी ने मेरे चाचा से मुझे छोड़ने के 5 लाख रुपए लिए थे। वसीम के बाद फिर आरिफ को लूटा विजयनगर थाने के पुलिसकर्मियों ने वसीम के परिजनों पर दबाव बनाया, जिसके बाद उसके चाचा से 5 लाख रुपए की वसूली की गई। वसीम को छोड़ने के बाद पुलिसकर्मियों का लालच यहीं नहीं रुका। उन्होंने वसीम के जरिए ही एक अन्य तस्कर आरिफ भूरा को जाल बिछाकर पकड़ा। आरिफ को पकड़ने के लिए बकायदा वसीम से ही फोन कराया गया। वसीम ने आरिफ को एमजी रोड पर मिलने बुलाया, जहां से पुलिसकर्मियों ने सादी वर्दी में उसे पकड़ लिया। आरिफ को पकड़ने के बाद पुलिसकर्मी उसे भी 5 स्टार होटल में लेकर गए। आरिफ से भी मोटी रकम वसूली गई और उसे भी बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। पत्नी-बेटी को बीमार बताकर आरिफ काे फंसाया वसीम ने अपने बयान में बताया कि मैंने आरिफ उर्फ भूरू को मोबाइल लगाया और बोला कि मेरी वाइफ की तबीयत खराब है, मेरी बच्ची की धड़कन कम आ रही है, तू कोई अच्छा अस्पताल बता। तब आरिफ ने मुझसे कहा कि तू इंदौर आ जा और मुझे मोबाइल लगा, मैं ले चलूंगा। मैं और पुलिस वाले सर ऑटो रिक्शा में जिला कोर्ट के पास पहुंचे, जहां पर मैंने आरिफ उर्फ भूरू को बुलाया। आरिफ उर्फ भूरू अपनी पत्नी और बच्ची को लेकर आया था, जहां पर पुलिस वाले सर ने आरिफ उर्फ भूरू को पकड़ लिया। मुझे और आरिफ को उसी ऑटो में बैठाकर होटल ले आए। आरिफ उर्फ भूरू को पकड़ने के एक घंटे बाद मुझे कहा कि तेरे परिवार वाले आ रहे हैं, तुझे छोड़ देंगे। फिर दो सर (पुलिसकर्मी) मुझे सफेद रंग की बलेनो कार में लेकर विजयनगर थाने के बाहर आए। मेरे अंकल आरिफ मेव आए, उनको भी कार में बैठाया और विजयनगर थाने से करीब आधा किलोमीटर आगे लेकर आए और हमको छोड़ दिया। बलेनो कार में जो सर थे, उन्होंने मेरे अंकल आरिफ मेव से 5 लाख रुपए लिए थे और मुझे छोड़ दिया था। आरिफ ने भी वही बताया, जो वसीम ने कहा था ACP को अपने बयान में आरिफ ने भी वही कहानी बताई, जो वसीम ने आरिफ के पकड़ने को लेकर बताई थी। वसीम ने यह भी बताया कि जब पुलिस वाले मुझे पकड़कर ले जा रहे थे, तब मेरी पत्नी ने पूछा कि कहां ले जा रहे हो, तब एक पुलिस वाले ने मेरी पत्नी को बताया कि मेरा नाम लोकेंद्र खींची है, विजय नगर थाने से हूं। इसके बाद पुलिस वाले मुझे और वसीम को ऑटो रिक्शा में लेकर भमोरी मेन रोड पर एक होटल में लेकर गए, जहां पर एक लड़का और था और उसके साथ दो पुलिस वाले ड्रेस में थे। हमको सर ने वहां रखा। जो लड़का पहले से था, उसका नाम अजहर था। होटल का नाम मुझे नहीं पता। खास बात यह है कि पुलिस वालों ने वसीम को पकड़ने के दो दिन बाद आरिफ को पकड़ा था। क्राइम ब्रांच आरक्षक प्रमोद तोमर ने करवाई थी डील तत्कालीन ACP पटले की पूरी जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पटले ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा है कि वसीम को बड़ौद से बिना लिखा-पढ़ी के इंदौर लेकर आए थे। वहीं बड़ौद टीआई ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इंदौर विजयनगर से पुलिस वसीम की तलाश में बड़ौद आई थी। ACP की जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि आरिफ और पुलिसकर्मियों के बीच डील करवाने का काम क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद तोमर ने करवाया था। प्रमोद ने अपने बयान में बताया कि उसे जानकारी नहीं थी कि इन तस्करों को विजयनगर पुलिस ने किसलिए उठाया है, लेकिन आरिफ मेरा इंफॉर्मर था, इसलिए मैंने लोकेंद्र खींची को बोला था कि उसकी गलती न हो तो उसे छोड़ देना। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रमोद ने ही आरिफ को छुड़वाने के लिए पुलिस वालों से उसके परिवार की डील करवाई थी। जांच में खुली पोल, यह बात आई सामने इस पूरे मामले की जब तत्कालीन ACP आदित्य पटले ने बारीकी से जांच की, तो उनकी रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ACP ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि संदेहियों को बिना किसी वैधानिक कार्रवाई के छोड़ना और लाभ प्राप्त करना प्रमाणित पाया गया है। पूरे मामले में निरीक्षक चंद्रकांत पटेल, थाना प्रभारी विजय नगर के रूप में अपने अधीनस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों पर नियंत्रण न होना प्रमाणित पाया जाता है। वहीं, सहायक उप निरीक्षक भूपेंद्र सिंह गुर्जर, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह जादौन, आर. कपिल सोनानिया और आरक्षक राधेश्याम राठौर को संपूर्ण जांच में इंदौर से बाहर अन्य अपराध में आरोपियों की तलाश में होना पाया गया है। इस पूरे मामले में गलत तरीके से पकड़ना, बिना कार्रवाई के छोड़ना और इसकी सूचना अधिकारियों को नहीं देना, अवैध लाभ प्राप्त करना प्रमाणित पाया गया है। 2024 का मामला, अब तक कार्रवाई नहीं इस पूरे मामले में ACP की जांच से सब कुछ सामने आने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 2024 में अवैध रूप से बंधक बनाने के इस मामले में तत्कालीन एसीपी आदित्य पटले ने 18 अक्टूबर 2025 को ही अपनी जांच रिपोर्ट (09 ए/25) डीसीपी जोन-2 को सबमिट कर दी थी। बात करने से बचे जिम्मेदार, कहा- अभी व्यस्त हूं
फतेहपुर में जनगणना के लिए तीसरे बैच का प्रशिक्षण शुरू
फतेहपुर| फतेहपुर अंचल सभागार में मंगलवार को जनगणना 2027 को लेकर तीसरे बैच के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण में कुल 47 प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें 40 प्रगणक और 7 पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य जनगणना कार्य को प्रभावी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराना है। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना के मास्टर ट्रेनर पल्लव कुमार साहा ने विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण दो सत्रों में आयोजित किया जा रहा है। पहले सत्र में कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि कई बार लोग जनगणना के महत्व को नहीं समझते या सही जानकारी देने से कतराते हैं। ऐसे में प्रगणकों को धैर्यपूर्वक उन्हें जागरूक कर सही जानकारी प्राप्त करनी होगी। दूसरे सत्र में वर्ष 2027 में होने वाली डिजिटल जनगणना के प्रारूप और प्रक्रिया के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी गई।
फतेहपुर में विभिन्न आवास योजनाओं की हुई समीक्षा
फतेहपुर| प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा विभिन्न आवास योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंत्योदय आवास योजना पीएम जनमन तथा बीएसबीएएवाई समेत सभी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बीडीओ ने सभी पंचायत सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लाभुकों को किए गए भुगतान के अनुरूप शत-प्रतिशत आवास निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कार्य में तेजी लाने के लिए नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है।
करनाल के चुंडीपुर गांव में एक व्यक्ति ने छोटे भाई की पत्नी के द्वारा छेड़छाड़ के आरोप लगने के बाद मानसिक रूप से आहत जोगिंद्र ने सुसाइड किया। घटना से पहले यानी 4 मई की शाम को पुलिस ने जोगिंद्र को थाने में बुलाने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन उसने बिना घर वाले से बात किए ही एक घंटे के अंदर ही अपने कमरे में जाकर पंखे पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। रात को ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। वहीं कल सुबह आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पहले परिजनों से पोस्टमॉर्टम करवाने से इंकार कर दिया था। लेकिन बाद में जब कुंजपुरा थाना के एसएचओ ने बताया कि इस मामले में शिकायत के आधार पर जोगिंद्र के छोटे भाई उसकी पत्नी सहित मायके पक्ष 3 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है। उसके बाद परिजन पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए और देर शाम को जोगिंद्र के शव का अंतिम संस्कार किया। शिकायत के बाद पुलिस ने दिया था नोटिसकुंजपुरा थाना के एसएचओ विक्रांत कुमार ने बताया कि शनिवार को मृतक की भाभी रीना ने अपने जेठ जोगिंद्र पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए हमे शिकायत दी थी। पुलिस ने इस शिकायत पर तुरंत केस दर्ज नहीं किया, बल्कि जांच के तहत प्रक्रिया शुरू की। रविवार शाम को पुलिस ने जोगिंद्र को थाने में बुलाने के लिए नोटिस दिया और सोमवार को पेश होने के लिए कहा, ताकि वह अपना पक्ष रख सके और आगे की कार्रवाई की जा सके। वीडियो बनाकर उठाया आत्मघाती कदमरविवार शाम को ही जोगिंद्र ने एक वीडियो जारी किया और उसके बाद घर के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिवार के लोगों ने उसे पंखे से लटका देखा तो उनके होश उड़ गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्च्युरी हाउस करनाल भेज दिया। धरने पर बैठा परिवार, कार्रवाई का मिला आश्वासनसोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव परिजनों को सौंपा गया तो परिवार कुंजपुरा थाने पहुंच गया। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। अधिकारियों के समझाने और जल्द कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिवार ने धरना समाप्त कर दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पत्नी का आरोप- झूठे केस से टूट गया था पतिमृतक की पत्नी गीता ने आरोप लगाया कि रीना और उसके मायके वालों ने घर आकर जोगिंद्र के साथ मारपीट की थी। इसके बाद उस पर झूठा छेड़छाड़ का आरोप लगाकर शिकायत दी गई, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया। गीता का कहना है कि उसके पति ने मारपीट से ज्यादा झूठे आरोपों से आहत होकर यह कदम उठाया। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। प्लॉट और पैसों के विवाद से शुरू हुआ झगड़ामृतक के जीजा पृथ्वी सिंह ने बताया कि जोगिंद्र ने एक मकान बनाया था, जिसमें आधे पैसे उसके भाई पवन को देने थे। लेकिन पवन की पत्नी रीना इस बात का विरोध कर रही थी। इसी विवाद को लेकर परिवार में तनाव बना हुआ था, जो आगे चलकर बड़े झगड़े में बदल गया। 2 मई को हुई थी मारपीट, टूट गए थे दांतपरिवार के अनुसार 2 मई को विवाद बढ़ने पर रीना ने अपने मायके वालों को बुला लिया था। आरोप है कि उन्होंने जोगिंद्र के साथ जमकर मारपीट की। इस मारपीट में जोगिंद्र को गंभीर चोटें आईं और उसके चार दांत भी टूट गए। इसके बाद रीना ने थाने जाकर जोगिंद्र के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दी थी। बेटी ने देखा पिता को फंदे पर लटकाजोगिंद्र की बेटी ने बताया कि सोमवार शाम को वह घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी। इसी दौरान उसके पिता कमरे में चले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। जब वह अंदर गई तो देखा कि उसके पिता पंखे से लटके हुए थे। उसने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बच्ची ने आरोप लगाया कि उसकी ताई ने झूठे आरोप लगाकर अपने भाइयों से उसके पिता की पिटाई करवाई थी। परिवार ने गोद लिया था बेटाजोगिंद्र के चचेरे भाई सुनील ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले जोगिंद्र ने रिश्तेदारी से एक लड़के को गोद लिया था। इसके अलावा उसकी एक बड़ी बेटी भी है। उन्होंने बताया कि जोगिंद्र मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था और करनाल की लकड़ी मार्केट में पॉलिश का काम करता था। पुलिस ने पांच आरोपियों पर दर्ज किया केसकुंजपुरा थाना के एसएचओ विक्रांत ने बताया कि मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर रीना समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सात साल पहले जब जिंदगी ने सबसे कठिन मोड़ लिया और दोनों किडनियों ने जवाब दे दिया, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यही शख्स एक दिन देश का नाम रोशन करेगा। फतेहाबाद के गांव सिरढ़ान के सतबीर गिजरोइया ने दर्द, संघर्ष और पिता के त्याग को अपनी ताकत बनाया। पिता से मिले जीवनदान और खुद के अटूट हौसले के दम पर सतबीर ने थाइलैंड में दो कांस्य पदक जीतकर साबित कर दिया कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, जज्बा अगर जिंदा हो तो जीत निश्चित है। सतबीर गिजरोइया ने थाइलैंड में हुई दूसरी पेटांक ट्रांसप्लांट एशियन ओपन चैंपियनशिप में 2026 में दो कांस्य पदक जीते हैं। यह चैंपियनशिप 29 अप्रैल से 3 मई तक थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक में हुई। इसमें इंडिया के 14 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इंडियन खिलाड़ियों ने 6 पदक जीते हैं। इनमें से सतबीर गिजरोइया ने मेन्स सिंगल्स के नेशन्स ग्रुप और एशियन ग्रुप में कांस्य (ब्रोंज) मेडल जीता है। 9 देशों के 85 खिलाड़ियों ने लिया भाग प्राइवेट स्कूल में टीचर सतबीर के बड़े भाई सुनील गिजरोइया ने बताया कि इस चैंपियनशिप में 9 देशों के 85 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इंडियन खिलाड़ियों ने थाइलैंड, आस्ट्रेलिया, हांगकांग, चीन, हंगरी, मलेशिया, भूटान और नेपाल के खिलाड़ियों के खिलाफ अपने खेल का प्रदर्शन किया। जानिए…सतबीर के संघर्ष की कहानी जानिए… क्या है पैटांक खेल पैटांक खेल अपने स्टील के गोलों को एक छोटी लकड़ी की गेंद (जिसे 'जैक' या 'कोकोनेट' कहा जाता है) के सबसे करीब फेंकना होता है। खिलाड़ी एक छोटे से घेरे में खड़े होकर अपने पैरों को जमीन पर टिकाए रखते हुए गेंद फेंकते हैं। यह खेल सख्त मिट्टी या बजरी पर खेला जाता है। इसे 1vs1 (सिंगल्स), 2vs2 (डबल्स), या 3vs3 (ट्रिपल्स) में खेला जा सकता है। जो टीम अपने सभी गोले फेंकने के बाद विरोधी टीम की तुलना में जैक के सबसे करीब गेंदें पहुंचाती है, उसे अंक मिलते हैं। आमतौर पर 13 अंक तक पहुंचने वाली पहली टीम जीतती है।
अघोषित बिजली कटौती होने से शहरवासी परेशान
कवर्धा | इन दिनों लगातार अघोषित बिजली कटौती से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली बंद होने से घरों, दुकानों और दफ्तरों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। बिना पूर्व सूचना बिजली बंद होने से दिनचर्या बिगड़ रही है। विद्युत विभाग से नियमित आपूर्ति और समस्या के त्वरित समाधान की मांग नगरवासी लंबे समय से कर रहे हैं।
सुरक्षा एंगल टूटने के कारण हादसे का खतरा
कवर्धा|हाईवे किनारे दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लगाया गया लोहे का सुरक्षा एंगल अब खुद खतरे की वजह बन गया है। सड़क के किनारे लगा यह एंगल पूरी तरह टूटकर झुक गया है, जिससे पास में गड्ढा भी खुला नजर आ रहा है। यह स्थिति खासकर रात के समय या तेज रफ्तार वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरी साबित हो सकती है।
नाली की सफाई नहीं की गई, बारिश में भरेगा पानी
कवर्धा|जिले के नेशनल हाईवे किनारे हाल ही में बनाई गई नालियां अब लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही हैं। निर्माण के बाद से अब तक इनकी नियमित सफाई नहीं की गई है, जिससे इनमें कचरा और मिट्टी जमा होने लगी है। ऐसे में आगामी बारिश के मौसम में नालियों के जाम होने की पूरी आशंका है। बारिश से पहले नालियों की सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि राहत मिले।
पेड़ों की टहनियों में छिपा सूचना बोर्ड हाईवे पर बढ़ा भ्रम और खतरा बढ़ा
कवर्धा|हाईवे किनारे यात्रियों की सुविधा और दिशा-निर्देश के लिए लगाया गया सूचना बोर्ड अब अपनी उपयोगिता खोता नजर आ रहा है। बोर्ड के आसपास पेड़ों की बढ़ी हुई टहनियां इस तरह फैल गई हैं कि दूर से यह साफ दिखाई ही नहीं देता। नतीजतन, वाहन चालक समय पर जरूरी जानकारी नहीं देख पाते और अक्सर भ्रम की स्थिति में पड़ जाते हैं। जल्द से जल्द पेड़ों की कटाई-छंटाई कर सूचना बोर्ड को स्पष्ट रूप से दिखाई देने लायक बनाया जाए, ताकि हाईवे पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।
मिनीमाता चौक पर लावारिस बैरिकेड बना खतरा, महीनों से नहीं ली सुध
कवर्धा|शहर के व्यस्त मिनीमाता चौक में पुलिस विभाग का बैरिकेड बीते कई महीनों से सड़क किनारे लावारिस हालत में पड़ा हुआ है। देखरेख के अभाव में यह बैरिकेड अब जंग खाकर कबाड़ में तब्दील होता जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकता है। बैरिकेड नहीं देख पाते, जिससे टकराने की आशंका रहती है।
आंधी-तूफान में सूखे पेड़ के गिरने का अंदेशा बढ़ा
कवर्धा|नेशनल हाईवे मार्ग पर सड़क किनारे खड़ा सूखा पेड़ अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। लंबे समय से यह पेड़ पूरी तरह सूख चुका है, लेकिन अब तक इसे हटाने की कोई पहल नहीं की गई है। जल्द इस सूखे पेड़ को कटवाकर हटाया जाए, ताकि सड़क पर आवाजाही सुरक्षित रहे।
डबराभाट के सतनाम मेला में पंथी नृत्य व भजनों से गूंजा पूरा गांव
भास्कर न्यूज|बरसबपुर समीपस्थ ग्राम डबराभाट में सतनाम समाज के अनुयायियों द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सतनाम मेला व धार्मिक कार्यक्रम धूमधाम से संपन्न हुआ। गांव में निर्मित विशाल गुरुद्वारा व जोड़ा जैतखाम परिसर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आयोजन हुआ,जिसमें आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मेले में गुरु घासीदास बाबा के संदेशों का प्रचार-प्रसार करते हुए श्रद्धा, भक्ति व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत 2 मई को शाम 5 बजे पूजा-अर्चना के साथ हुई। रात 8:30 बजे से भगवती पात्रे द्वारा सतनाम भजन की प्रस्तुति दी गई, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद रात 11 बजे से कलाकार मुकेश मंजनू और कार्तिक साहू ने पंथी नृत्य और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत बना दिया।आयोजन का उद्देश्य गुरु बाबा घासीदास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना और समाज में एकता, सद्भाव एवं आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देना रहा। तीन मई को शाम 6 बजे पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। रात 8:30 बजे भगवती पात्रे ने पुनः भजन प्रस्तुत कर सतनाम का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। इसके बाद मोगरा विश्वकर्मा और उनकी टीम ने देर रात से लेकर सुबह तक पंथी नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। चार मई को अंतिम दिन भी पूजा-अर्चना और भजन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। रात में हेमलाल चतुर्वेदी द्वारा पंथी नृत्य व रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। समापन अवसर पर समिति के अध्यक्ष लक्की केशकर, सदस्य बाबूलाल टंडन, सालिक मोहले और वेदुराम लहरे ने कलाकार हेमलाल चतुर्वेदी को मंच पर सम्मानित किया। तीन दिवसीय मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने गुरु गद्दी, अमर ज्योति कलश और जोड़ा जैतखाम के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। मेले में झूले, खिलौने और विभिन्न प्रकार की दुकानों ने बच्चों और बड़ों को आकर्षित किया। खरीदारी और मनोरंजन का माहौल पूरे समय बना रहा।इस आयोजन को सफल बनाने में गुरु घासीदास सतनाम कल्याण समिति और ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा।
अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई, 8 हाईवा किए जब्त
नवापारा-राजिम| गोबरा नवापारा क्षेत्र के ग्राम दुलना में महानदी तट पर लंबे समय से चल रहे अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। तहसीलदार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मौके पर बनाए गए अवैध रपटों को ध्वस्त करते हुए रेत माफियाओं के काले कारोबार पर अंकुश लगाया। कार्रवाई के दौरान महानदी तट पर रेत से लदे 8 हाईवा वाहन खड़े पाए गए, जिन्हें टीम ने घेराबंदी कर जब्त कर लिया। वाहनों को खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए थाने में सुपुर्द किया गया है। मौके से दो वाहन चालक भागने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें टीम ने पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि रेत माफिया लंबे समय से नदी किनारे अवैध तरीके से रेत उत्खनन कर परिवहन कर रहे थे, जिससे न केवल शासन को राजस्व हानि हो रही थी, बल्कि ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
तालाब में डूबने से सातवीं की छात्रा की मौत हो गई
देवरबीजा| ग्राम सिंघौरी में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में कक्षा सातवीं की छात्रा यामिनी साहू की तालाब में डूबने से मौत हो गई। वह सुरेश साहू की पुत्री थीं। जानकारी के अनुसार यामिनी गांव के बंधवा तालाब में नहाने गई थी। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह अचानक गहरे पानी में चली गई। घटना का पता चलते ही ग्रामीणों ने तत्काल खोजबीन शुरू की। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे तालाब से बाहर निकाला गया। निजी वाहन से जिला चिकित्सालय ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
ज्वेलर्स मैनेजर से 1 करोड़ की लूट, तलवार से हमला
खरोरा इलाके में बुधवार को दिनदहाड़े बड़ी लूट की वारदात सामने आई है। विनायक ज्वेलर्स के मैनेजर पर हमला कर अज्ञात बदमाशों ने करीब 1 करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, विनीत सोनी के ज्वेलरी शोरूम का मैनेजर तिल्दाडीह स्थित दुकान बंद कर जेवरात लेकर खरोरा लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में बाइक सवार 2 से 3 अज्ञात बदमाशों ने उसे रोक लिया। बदमाशों ने तलवार से हमला कर मैनेजर को गंभीर रूप से घायल कर दिया और उसके पास रखे गहनों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। घायल मैनेजर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
60 की रफ्तार से आए तूफान से केले की फसल बर्बाद, शहर में ब्लैक आउट
भास्कर न्यूज | कवर्धा/बरबसपुर कबीरधाम जिले में मंगलवार का सूरज ढलने के समय मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाया। शाम 5 बजे के बाद अचानक बदले मिजाज ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी और तूफान ने न केवल शहर बल्कि वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी है, जहां सैकड़ों एकड़ में लहलहाती केले की फसल जमींदोज हो गई है। जिले के वनांचल और ग्रामीण इलाकों में तेज आंधी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक जिले में सैकड़ों एकड़ में लगी केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के दबाव में फल से लदे पेड़ बीच से टूटकर गिर गए। बरबसपुर व आसपास के क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां कई गरीब परिवारों के कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए। देर शाम तक ग्रामीण क्षेत्रों से बिजली पोल गिरने की खबरें आती रहीं। तूफान का असर केवल बिजली पर ही नहीं, बल्कि संचार व्यवस्था पर भी पड़ा। अंधेरे में डूबा कवर्धा, सुधार में जुटी टीम: तूफान की शुरुआत होते ही सुरक्षा के मद्देनजर बिजली सप्लाई बंद कर दी गई, जो देर रात तक बहाल नहीं हो सकी। शहर की शिक्षक कॉलोनी में बिजली का खंभा गिरने से सप्लाई ठप हो गई। शहर के जेई दीपक लसेर ने बताया कि शाम सवा पांच बजे से शहर में ब्लैक आउट की स्थिति है। हमारी टीम सक्रिय थी। बारिश थमते ही 2 घंटे में मुख्य लाइनों को दुरुस्त किया गया।
स्मार्टफोन का बढ़ा इस्तेमाल, एंड्रॉइड मोबाइल बरामद
भास्कर न्यूज | कवर्धा पीजी कॉलेज कवर्धा में इन दिनों परीक्षाओं के साथ-साथ नकल का खेल भी चरम पर है। हेमचंद यादव विवि दुर्ग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में इस सत्र (2025-26) में नकलचियों का आंकड़ा 50 के करीब पहुंच गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि छात्र अब पुराने ढर्रे के बजाय मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल कर उत्तर पुस्तिकाएं भरने की कोशिश कर रहे हैं। दिसंबर 2025 व जनवरी 2026 के बीच नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत आयोजित सेमेस्टर परीक्षाओं में कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान कुल 38 परीक्षार्थी अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे। वहीं, मार्च 2026 से शुरू हुई वार्षिक परीक्षाओं का दौर अभी जारी है और अब तक 9 नए मामले सामने आ चुके हैं। यानी इस पूरे शिक्षा सत्र में अब तक कुल 47 विद्यार्थियों पर नकल का प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। पकड़े गए अधिकांश छात्रों के पास से एंड्रॉइड मोबाइल बरामद हुए हैं। छात्र गूगल और वाट्स एप ग्रुप्स के जरिए उत्तर खोज रहे हैं। मोबाइल के अलावा कई छात्र आज भी फोटोकॉपी और बारीक पर्चियों (चिट) का सहारा ले रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले परीक्षार्थियों में यह धारणा बन गई है कि आंतरिक उड़नदस्ता ढिलाई बरतेगा, हालांकि आंकड़े इसके उलट कहानी कह रहे हैं। एक तरफ उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए एनईपी जैसे बड़े बदलाव किए जा रहे हैं, वहीं कवर्धा के प्रमुख कॉलेज में सत्र खत्म होने से पहले ही 47 नकल प्रकरण दर्ज होना चिंताजनक है। हमारी मुस्तैदी से पकड़े जा रहे नकलची: प्रभारी प्राचार्य प्रभारी प्राचार्य डॉ.ऋचा मिश्रा का कहना है कि नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।कॉलेज प्रशासन ने खुद सक्रियता दिखाते हुए अधिकांश नकलचियों को पकड़ा है। हम समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण करते हैं। इसके अलावा विवि की टीम भी बीच-बीच में दबिश देती है। पकड़े गए छात्रों के पास से मोबाइल फोन और हस्तलिखित पर्चियां बरामद की गई हैं। हमने नियमानुसार प्रकरण तैयार कर विवि को भेज दिए हैं।
बीएसएनएल में कॉल और इंटरनेट सेवाएं हैं प्रभावित
हसौद| क्षेत्र में बीएसएनएल नेटवर्क की खराब स्थिति से उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी हो रही है। पिछले कई वर्षों से नेटवर्क की गुणवत्ता गिरती जा रही है, जिससे कॉल और इंटरनेट दोनों सेवाएं प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार नेटवर्क ही नहीं मिलता, जिससे कॉल करना भी मुश्किल हो जाता है। इंटरनेट की धीमी गति के कारण पढ़ाई, बैंकिंग और अन्य ऑनलाइन काम प्रभावित हो रहे हैं। हसौद और आसपास के गांवों में बीएसएनएल ही मुख्य नेटवर्क है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के चलते उपभोक्ताओं का भरोसा कमजोर हो रहा है।
एक ही रात 4 मकान में चोरी, 3 आरोपी गिरफ्तार
भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले के मधईपुर गांव में 2 मई की रात हुई सिलसिलेवार चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बलौदा पुलिस ने इस मामले में सक्ती जिले के एक निगरानी बदमाश सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गहने, बर्तन और टीवी समेत चोरी का भारी सामान बरामद किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अमृत पटेल, उत्तम पठारे और तुलसी पटेल पल्सर मोटरसाइकिल से मधईपुर पहुंचे थे। इनके पास से एक धारदार चाकू भी बरामद हुआ है। आशंका है कि विरोध की स्थिति में आरोपी हमला करने की तैयारी में थे। आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से संतराम, रविशंकर, रेशम लाल और विजय कुमार के घरों को निशाना बनाया और लाखों रुपए की संपत्ति पार कर दी। मामले में मुख्य आरोपी अमृत पटेल है, जो सक्ती जिले का निगरानी बदमाश है। उसके खिलाफ थाना नगरदा में पहले से चोरी का मामला दर्ज है और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने साइबर सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान कर घेराबंदी की और उन्हें गिरफ्तार किया। प्रभारी एसपी निवेदिता पाल और एएसपी उमेश कुमार कश्यप के निर्देशन में निरीक्षक मनोहर सिन्हा की टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4), 305(ए), 112(1) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों से ये सामान जब्त किया पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का लगभग सारा सामान बरामद कर लिया है, जिसमें चांदी के पायल, बिछिया, सिक्के, सोने के लॉकेट और मंगलसूत्र, एलईडी टीवी और मोबाइल, पीतल और कांस के पुराने कीमती बर्तन एवं नगदी, वारदात में प्रयुक्त पल्सर बाइक और डराने के लिए रखा गया चाकू शामिल है।
पिता ने अपने बेटे पर रखा पैर पत्नी के चाचा ने कर दी हत्या
भास्कर न्यूज | जांजगीर पामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खरखोद में हुई संदिग्ध मौत के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। मामूली विवाद में युवक की गला दबाकर और डंडों से पीट-पीटकर हत्या के मामले में मृतक की पत्नी के बड़े पिता और उसके साथी को पुलिस ने चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार, मृतक जगदीश प्रजापति 29 अप्रैल को अपनी पत्नी दिव्या और डेढ़ वर्षीय बेटे के साथ एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने खरखोद आया था। रात करीब 11:30 बजे शराब के नशे में उसने पत्नी और बच्चे से विवाद शुरू कर दिया। इस दौरान उसने मासूम बच्चे पर पैर रख दिया, जिस पर पत्नी ने विरोध किया। विवाद बढ़ने पर जगदीश वहां से चला गया। 3 मई को उसका शव गांव में ही एक मकान के पीछे दीवार के पास संदिग्ध हालत में मिला। शव में सड़न शुरू हो चुकी थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया, जिसमें गला दबाने और मारपीट से हुई चोटों के कारण मौत की पुष्टि हुई। एसडीओपी प्रदीप सोरी के नेतृत्व में पुलिस ने संदेही देसाई कुम्हार (42) निवासी खरखोद और रामनारायण प्रजापति (44) निवासी ठाकुरदेवा, जिला बिलासपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मेधावी छात्रों ने बढ़ाया मान, सूरज को मिले 92%
कोसला | कमला देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने 10वीं परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया है। ग्राम साल कोसला के छात्र सूरज देवांगन ने 92 प्रतिशत (549 अंक) प्राप्त कर स्कूल और परिजनों का नाम रोशन किया है। सूरज के पिता भागवत हैं। उन्होंने बताया कि आगे भी कड़ी मेहनत कर उच्च पद पर सरकारी नौकरी हासिल करना उनका लक्ष्य है। इसी तरह पायल कश्यप ने 502 अंक प्राप्त कर बेहतर प्रदर्शन किया। पायल के पिता लोकनाथ हैं। पायल का कहना है कि वह आगे चलकर समाज सेवा के क्षेत्र में काम करना चाहती हैं।
10वीं में गौरव देवांगन को मिले 93.33% अंक
रिगनी- खरौद| माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं परीक्षा में नगर के छात्र गौरव देवांगन ने अंग्रेजी माध्यम से 93.33 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। गौरव, रमेश कुमार देवांगन के पुत्र हैं और उन्होंने लिटिल फ्लावर पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, शिवरीनारायण से पढ़ाई की है। गौरव ग्राम सुकुल पारा, खरौद के निवासी हैं और मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करना उनका लक्ष्य है।
नैला रोड पर मवेशियों का जमावड़ा बढ़ रहीं दुर्घटनाएं व ट्रैफिक समस्या
जांजगीर। नैला रोड पर सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा आम समस्या बन गया है। जगह-जगह गाय, बैल और अन्य पशु सड़क पर बैठे रहते हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती है। सुबह-शाम ट्रैफिक अधिक होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। मवेशियों के कारण छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार चालक अचानक सामने आए पशुओं को बचाने में संतुलन खो देते हैं।
पामगढ़ के किसान ने धान छोड़ उगाईं वैकल्पिक फसलें, कलेक्टर ने सराहा
भास्कर न्यूज | जांजगीर पामगढ़ विकासखंड के ग्राम बरागांव के किसान कुंवर सिंह मधुकर ने फसल विविधीकरण अपनाकर खेती को मुनाफे का माध्यम बना दिया है। मंगलवार को कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने उनके खेत पहुंचकर मॉडल का निरीक्षण किया और पहल की सराहना की। किसान ने 18 एकड़ में धान छोड़कर बागवानी, मसाला और सब्जी फसलों का उत्पादन शुरू किया है। खेत में कटहल के 250, नींबू के 850 और एप्पल बेर के 100 पौधे लगाए गए हैं। इसके साथ ही काली मिर्च के 300 और सागौन के 1700 पौधे रोपे गए हैं। सब्जी फसलों में कुंदरू, परवल, खीरा, लौकी और डोडका का उत्पादन किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह के मॉडल से किसान कम लागत में ज्यादा लाभ कमा सकते हैं और पारंपरिक खेती से बाहर निकलकर नए विकल्प अपनाने चाहिए।
कक्षा 5वीं और 8वीं में 99% छात्र हुए उत्तीर्ण
बेनूर| केन्द्रीयकृत परीक्षा सत्र 2025-26 के अंतर्गत कक्षा 5वीं एवं कक्षा 8वीं का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जारी परिणाम के अनुसार, कक्षा 5वीं में कुल दर्ज संख्या 2785 रही, जिसमें से 2763 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए इनमें से 2756 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की, जिससे कुल परीक्षा परिणाम 99.75 प्रतिशत दर्ज किया गया।इसी प्रकार कक्षा 8वीं में कुल 2339 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था, जिनमें से 2305 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए इनमें से 2295 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जिससे परीक्षा परिणाम 99.57 प्रतिशत रहा इस उत्कृष्ट परिणाम से जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार का संकेत मिलता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने बधाई दी।
नीट: बायो-केमेस्ट्री के सवाल आसान, पर फिजिक्स में उलझे
भास्कर न्यूज | नारायणपुर यह तस्वीर किसी वीआईपी के कार्यक्रम में जा रहे लोगों की नहीं है बल्कि नीट परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों की है। सेंटर में सुरक्षा की ऐसी व्यवस्था कि केंद्र के आसपास परिंदा भी पर न मार सके। नीट की परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों के चेहरे पर थोड़ी खुशी देखने को मिली। क्योंकि बायो, केमेस्ट्री के प्रश्न सरल थे, लेकिन फिजिक्स के पेपर में छात्र उलझ गए। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा 3 मई को देशभर में नीट की परीक्षा आयोजित की गई। नारायणपुर जिला मुख्यालय में भी एक परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहां कुल 301 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 285 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 16 अनुपस्थित रहे। परीक्षा के लिए 13 कक्ष बनाए गए थे और नकल रोकने के लिए 34 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। केंद्राध्यक्ष विवेक कुमार गुप्ता और ऑब्जर्वर भगवान दास चांडक ने बताया कि परीक्षार्थियों की बारीकी से जांच की गई, जिसमें चप्पल से लेकर आभूषणों तक की जांच शामिल रही। साथ ही सभी के दस्तावेजों और पहचान पत्रों का सत्यापन भी किया गया। इसके लिए परीक्षार्थियों को 11 बजे की परीक्षा केंद्र में बुलाया गया था। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले दोपहर 1.30 बजे केंद्र के गेट बंद कर दिए गए। ड्रेस कोड को लेकर भी सख्ती बरती गई।
बीजापुर-दोरनापाल-दंतेवाड़ा सड़क 3 दिन से बंद, कीचड़ में फंस रहे वाहन
भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा बीजापुर से दोरनापाल होते हुए दंतेवाड़ा और आगे जगरगुंडा-कोंटा को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क पिछले तीन दिनों से पूरी तरह बंद है। जगरगुंडा बस्ती के पास बन रही पुलिया के लिए बनाए गए कच्चे डायवर्जन में वाहन फंसने से हालात बिगड़ गए हैं। रविवार सुबह हुई हल्की बारिश के बाद सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई, जिससे दर्जनों वाहन बीच रास्ते में फंस गए। कई गाड़ियों को ट्रैक्टर से खींचकर निकाला गया। बीजापुर-दंतेवाड़ा से जगरगुंडा होकर कोंटा जाने वाले मार्ग पर बसों का संचालन पूरी तरह बंद हो गया है। स्थानीय लोग निजी वाहनों और पिकअप के सहारे सफर करने को मजबूर हैं। कीचड़ से भरे रास्ते को पार कराने के लिए वाहन चालकों से 500 से 1000 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। इस सड़क को कंक्रीट बनाने की योजना इसलिए बनाई गई थी ताकि नक्सलियों द्वारा आईईडी हमलों से सुरक्षा मिल सके। लेकिन वर्तमान में जगरगुंडा के पास निर्माण एजेंसी की लापरवाही अब लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। जगरगुंडा को दोरनापाल से जोड़ने वाली 46 किलोमीटर लंबी यह महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण 9 साल से जारी है। इससे जगरगुंडा के 20 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क प्रभावित रहता है।
पुलिस ने चोरी हो चुके 52 नग मोबाइल बरामद कर लौटाया
भास्कर न्यूज | सुकमा जिले में अलग अलग समय पर 52 लोगों ने मोबाइल चोरी की शिकायत थाना में दर्ज कराई थी। शिकायत दर्ज कर पुलिस एवं सायबर एक्सपर्ट के द्वारा छानबीन शुरू कर मोबाइल को बरामद कर लोगों को लौटा दिया। जिले में लगातार मोबाइल चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। जिसे लेकर पुलिस द्वारा विशेष अभियान चला चोरी किए मोबाइलों को बरामद किया जा रहा है। चोरी किए गए मोबाइल बरामद करने के लिए एसपी किरण चव्हाण के निर्देश पर सायबर सेल और पुलिस की टीम का गठन किया गया था। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कश्यप के नेतृत्व में गठित टीम ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से विभिन्न मोबाइल नंबर और आईएमईआई नंबर ट्रेस करते हुए छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती राज्यों और जिले के अंदरूनी क्षेत्रों से कुल 52 मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख रुपए बताई गई है। 5 मई को एसपी कार्यालय में विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। लंबे समय से गुम हुए मोबाइल वापस पाकर शिकायतकर्ताओं के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। इस कार्रवाई में साइबर सेल सहायक नोडल अधिकारी मोनिका श्याम, निरीक्षक प्रमोद कश्यप, प्रधान आरक्षक महेन्द्र बहादुर कंवर तथा आरक्षक नेमपाल दिवाकर सक्रिय रहे।
पूवर्ती बना सुकमा जिले का पहला पूर्ण जनगणना गांव
भास्कर न्यूज | सुकमा जिले के कोंटा ब्लाक में स्थित ग्राम पूवर्ती में जनगणना कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा कर एक नई मिसाल कायम की गई। कलेक्टर अमित कुमार ने कलेक्टर कक्ष में प्रगणक जवाराम पटेल को मात्र 3 दिनों में जनगणना कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर सम्मानित किया। जनगणना के प्रथम चरण में पूवर्ती सुकमा जिले का पहला ऐसा गांव बना, जहां जनगणना कार्य सबसे पहले पूर्ण किया गया। सहायक शिक्षक जवाराम पटेल ने बताया कि जनगणना कार्य में उनका कार्यक्षेत्र ग्राम पूवर्ती था, जहां लगभग 950 से अधिक जनसंख्या और 234 मकान हैं। गांव में 2 आंगनबाड़ी केंद्र और 1 स्कूल भी संचालित है। जनगणना कार्य के दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, विशेषकर स्थानीय गोंडी बोली को पूरी तरह न समझ पाने के कारण संवाद में समस्या आई। बावजूद इसके, उन्होंने जिम्मेदारी को चुनौती नहीं बल्कि सेवा का अवसर मानकर कार्य को आगे बढ़ाया। उल्लेखनीय है कि पूवर्ती गांव पहले घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब नक्सल उन्मूलन और प्रशासन की सक्रियता के बाद हालात तेजी से बदल रहे हैं। गांव में शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है और लोग अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य का समय पर पूरा होना इस बदलाव का स्पष्ट संकेत है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत हो रहा है।
बेकाबू होकर पलटी पिकअप, पानी लेने जा रहे 4 बच्चों की मौत, 2 का इलाज जारी
भास्कर न्यूज| टिटिलागढ़ टिटिलागढ़ के निकट भालूडुंगरी के पास एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे ने चार मासूम बच्चों की जिंदगी छीन ली। पिकअप पलटने से उसमें बैठ कर पानी लेने जा रहे 6 बच्चों में से चार की मौत हो गई, वहीं 2 का इलाज जारी है। इस भीषण हादसे के बाद लहसुनबहाली गांव में जहां शादी की शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और मातम पसरा है। प्यास बुझाने के लिए पानी लाने निकले छह बच्चों में से चार अब इस दुनिया में नहीं रहे, जबकि दो जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लहसुनबहाली गांव में एक शादी समारोह चल रहा था। इसी दौरान मेहमानों के लिए पीने का पानी (आरओ वॉटर) खत्म हो गया। पानी लाने के लिए 12 से 15 वर्ष की उम्र के छह बच्चे एक पिकअप वाहन में सवार होकर पास के घोड़ार गांव के लिए रवाना हुए थे। पिकअप जैसे ही माडलार ब्रिज के तीखे मोड़ पर पहुंची, चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। बेकाबू हुई पिकअप सड़क पर ही पलट गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कृष्णा तांडी (14) की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। दो मासूमों ने टिटिलागढ़ अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही दम तोड़ दिया। एक अन्य बच्चे की बलांगीर के भीमभोई मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। दो घायल बच्चों का उपचार अभी भी जारी है, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक कृष्णा तांडी टिटिलागढ़ के ओम वाली स्कूल का छात्र था। उसकी असमय मौत पर स्कूल के अध्यक्ष दीपक साहू और एडवाइजर डॉ. रविन्द्र चन्द्र परमाणिक ने गहरा दुख व्यक्त किया है। हादसे के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है। लचर स्वास्थ्य सुविधाओं और एंबुलेंस की अनुपलब्धता से नाराज स्थानीय नागरिकों ने टिटिलागढ़ शहर में एक विशाल रैली निकाली। आक्रोशित लोगों ने उपजीलापाल (सब-कलेक्टर) कार्यालय के सामने धरना देकर प्रदर्शन किया और आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को सुचारू रूप से चालू करने की मांग की। परिवारों को ₹4-4 लाख की सहायता: हादसे की खबर मिलने पर विधायक नवीन जैन ने तत्काल मामले की जानकारी सीएम को दी। सीएम मोहन चरण माझी ने शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है।
भाजपा की जीत सुशासन की विजय है : देवांगन
भास्कर न्यूज | नवापारा-राजिम पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत पर प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। इस दौरान युवा भाजपा नेता किशोर देवांगन भी शामिल हुए। देवांगन ने कहा कि यह जनादेश तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और भय की राजनीति के खिलाफ विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की जीत है। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की सफलता को कार्यकर्ताओं के परिश्रम और समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी को यह सफलता मिली है और जनता का उन पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। साथ ही गृह मंत्री अमित शाह और संगठन नेतृत्व के मार्गदर्शन में कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देवांगन ने भाजपा की जीत में मातृशक्ति के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा का बढ़ता प्रभाव इस बात का संकेत है कि वहां की जनता परिवर्तन चाहती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भाजपा और अधिक मजबूत होकर जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी।
ग्रामीणों पर जंगली सूअर का हमला, 5 गंभीर रूप से घायल
भास्कर न्यूज | राजनांदगांव लालबहादुर नगर के कोहलाकसा जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीणों पर जंगली सूअर से हमला कर दिया। हमले में दस ग्रामीण घायल हैं। जिसमें पांच की स्थिति गंभीर है। गंभीर मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज हास्पिटल में जारी है। घटना मंगलवार सुबह की है। दरअसल जिले में सोमवार से तेंदूपत्ता की तोड़ाई शुरु हुई है। मंगलवार सुबह वन समिति के माध्यम से ग्रामीण कोहलाकसा जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गए। सभी आसपास पत्ते की तोड़ाई कर रहे थे, तभी वहां जंगली सुअरों का झुंड आ गया। जिन्होंने ग्रामीणों पर बुरी तरह हमला शुरू कर दिया। करीब 15 से 20 मिनट तक सुअरों का हमला जारी रहा। आसपास मौजूद अन्य ग्रामीण आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे। जिन्होंने सुअरों को खदेड़ा। हमले में फुलबाई, माधुरी, अंजनी बाई, उर्मिला जोशी और खेदूराम को हाथ, पैर, पेट व शरीर के दूसरे हिस्से में गंभीर चोटें आई है। जिन्हें मेडिकल कॉलेज में दाखिल किया गया है। शेष 5 ग्रामीणों का इलाज स्थानीय स्तर पर जारी है। वन अमले ने जंगल क्षेत्र में नहीं जाने की सलाह दी गई घटना की सूचना के बाद वन विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को हास्पिटल ले जाने में मदद की। इसके अलावा अन्य ग्रामीणों को जंगल के इस हिस्से में जाने से भी मना किया है। घायलों को मुआवजा देने के लिए प्रकरण भी तैयार किया जा रहा है।
जन्म प्रमाण में नाम बदलना आसान नहीं, अब गजट नोटिफिकेशन जरूरी
धौलपुर| जन्म प्रमाण-पत्र में नाम परिवर्तन को लेकर राज्य सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं। अब बच्चे के नाम,मिडिल नेम या सरनेम (उपनाम) में बदलाव केवल गजट नोटिफिकेशन के आधार पर ही संभव होगा। जिला रजिस्ट्रार राजेश कुमार ने बताया कि पहले ऐसे मामलों में शपथ पत्र के जरिए नाम संशोधन कर दिया जाता था,लेकिन अब इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार यदि जन्म प्रमाण-पत्र में केवल बच्चे का मूल नाम दर्ज है और माता-पिता सरनेम जोड़ना चाहते हैं,तो इसके लिए माता या पिता के सरनेम से संबंधित दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा। साथ ही साधारण शपथ पत्र देकर बच्चे के नाम में सरनेम जोड़ा जा सकेगा। हालांकि, नाम में किसी भी प्रकार का पूर्ण परिवर्तन अब बिना गजट में प्रकाशन कराए संभव नहीं होगा। इसके लिए सरकार के राजपत्र या अन्य राज्यों के निवासियों के लिए भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशन अनिवार्य रहेगा। क्यों जरूरी हैं ये नए नियम- फर्जी बदलाव पर रोक: पहले शपथ पत्र के आधार पर नाम बदलने में दुरुपयोग की आशंका रहती थी दस्तावेजों की विश्वसनीयता: स्कूल, बैंक और सरकारी योजनाओं में एकरूपता बनी रहेगी कानूनी स्पष्टता: गजट नोटिफिकेशन से नाम परिवर्तन का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार होता है पहचान की सुरक्षा: गलत पहचान या फर्जीवाड़े के मामलों में कमी आएगी
गैस कार्य में 80 फीट राइजिंग लाइन क्षतिग्रस्त एक दर्जन कॉलोनियों में तीन दिन से पानी बंद
भास्कर न्यूज। धौलपुर शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। टोरेंट कंपनी की लापरवाही से दो अलग-अलग स्थानों पर पानी की पाइपलाइन टूटने से एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों के करीब 5 हजार लोग पिछले तीन दिन से पानी के लिए तरस रहे हैं। भीषण गर्मी में हालात ऐसे हैं कि लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। शहर में जिरौली क्षेत्र में अमृत योजना के तहत बनी पानी की टंकी से सप्लाई बाधित होने के कारण औडेला रोड,रीको आवासीय कॉलोनी सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि करीब दो हजार घरों में पिछले तीन दिन से पानी नहीं मिल पाया है। तेज गर्मी में लोग पेयजल के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। कई जगहों पर लोग डिब्बे और बाल्टियां लेकर घंटों पानी का इंतजार करते नजर आए,लेकिन पर्याप्त सप्लाई नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी पानी की सप्लाई केवल सुबह करीब आधे घंटे के लिए ही होती है,जिससे जरूरत पूरी नहीं हो पाती। जानकारी के अनुसार मिडवे और अंबेडकर पार्क के पास टोरेंट गैस द्वारा खुदाई कार्य के दौरान जलदाय विभाग की करीब 80 फीट लंबी राइजिंग लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते जिरौली टंकी से होने वाली जलापूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। जलदाय विभाग के अनुसार क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त करने का कार्य जारी है और जल्द ही सप्लाई बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि गर्मी के इस दौर में पानी के बिना जूझ रहे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नागरिकों ने जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। जनता परेशान, विभाग पर बढ़ा बोझ: पाइपलाइन टूटने से जहां आमजन को पानी के लिए भटकना पड़ता है,वहीं जलदाय विभाग को बार-बार मरम्मत कार्य पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। इससे विभाग के संसाधनों पर दबाव बढ़ता है और अन्य क्षेत्रों की योजनाएं भी प्रभावित होती हैं। गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर रूप ले लेती है। ^ टोरंट कंपनी की ओर से अंबेडकर पार्क एवं माधवानंद कॉलोनी में करीब 80 फीट पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त किया है, जिससे करीब दो हजार उपभोक्ताओं को पानी की सप्लाई बाधित हुई है। टीम लगातार कार्य कर रही है शाम तक लाइन को ठीक कर पेयजल शहर में पानी सप्लाई सुचारू की जा सकेगी। -प्रताप सिंह कुशवाह, एईएन पीएचईडी धौलपुर सिटी बिना प्लानिंग और समन्वय के काम... जलदाय विभाग के इंजीनियर भरत मीणा के अनुसार अलग-अलग विभागों और कंपनियों के बीच समन्वय की कमी सबसे बड़ी वजह है। खुदाई से पहले पाइपलाइन की सही लोकेशन की जानकारी नहीं ली जाती, जिससे बार-बार जलदाय विभाग का नुकसान होता है।
जोखिम का शॉर्टकट... कहीं ले न ले जान
धौलपुर। नेशनल हाइवे 44 के ब्लैक स्पॉट वाटरवर्क्स चौराहे को जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बंद कर दिया है,जिससे चौराहे पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौत के आंकड़ों को रोका जा सके। चौराहे पर बैरिकेडिंग और लोहे के तार लगाकर बंद कर दिया गया हैं। इसके बावजूद लापरवाह वाहन चालक मनमानी पर उतारु हैं। उन्हें न अपनी जान की चिंता है और न ही किसी दूसरे की जान की चिंता। बैरिकेडिंग के बाद भी पत्थर के ऊपर बाइक चढ़ा कर चालक शॉर्ट कट लेने के चक्कर में चौराहा पार करने की जुगाड़ में लगे नजर आए। जबकि मौके पर मौजूद यातायात पुलिस इस नजारे को मूकदर्शक बनकर खड़े होकर देखती रही। हाइवे पर चौराहा होने के कारण लगातार वाहनों को बड़ा दबाब बना रहता है,तेज रफ्तार वाहन गुजरते है। इसके बावजूद लोग जोखिम भरा शॉर्ट कट लेने से बाज नही आ रहे।
सरकारी कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, ऑनलाइन होंगे आवेदन
भास्कर न्यूज | टोंक राजस्थान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राजकीय कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार प्रवेश व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाते हुए जनाधार और आधार से लिंक किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य के विद्यार्थियों के लिए जनाधार कार्ड तथा अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य रहेगा, ताकि फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। प्रवेश पूरी तरह मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। स्नातक स्तर पर 12वीं कक्षा के अंकों तथा स्नातकोत्तर स्तर पर स्नातक के अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि के बाद मेरिट सूची जारी की जाएगी, जिसके अनुसार दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश प्रक्रिया पूरी होगी। प्राचार्य प्रो. लोकेश कुमार शर्मा ने बताया कि 1 जुलाई से नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 से 15 मई 2026 तक चलेगी। कॉलेज स्तर पर आवेदन सत्यापन की अंतिम तिथि 19 मई निर्धारित की गई है। इसके बाद 20 मई को अंतिम वरीयता सूची जारी होगी। चयनित अभ्यर्थियों को 25 मई तक दस्तावेज सत्यापन कर ई-मित्र के माध्यम से फीस जमा करानी होगी। 27 मई को प्रवेशित विद्यार्थियों की प्रथम सूची जारी की जाएगी।
14.80 लाख पौधों की तैयारी, हरियाली बढ़ाने को तैयार वन विभाग
कमलेश कुमार महावर| टोंक हरियालो राजस्थान अभियान के तहत टोंक जिले में इस साल भी वृहद पौधारोपण की तैयारियां जोरों पर हैं। वन विभाग की तरफ से जिले की 15 नर्सरियों में 14.80 लाख से ज्यादा पौधे तैयार किए जा रहे हैं। कार्यवाहक उपवन संरक्षक (एसीएफ) अनुराग महर्षि ने बताया कि 15 जून के बाद मानसून की शुरुआत के साथ ही पौधारोपण अभियान तेज होगा और आमजन को पौधों का वितरण भी किया जाएगा। महर्षि ने बताया कि जिला मुख्यालय पर जखीरा, फुलबाग के अलावा देवड़ावास व जिले की अन्य नर्सरियों में इस बार भी छायादार, फलदार और फूलदार पौधों की विभिन्न प्रजातियां तैयार की जा रही हैं, जिनमें नीम, पीपल, शीशम, बड़, अमलतास, करंज, गुलमोहर, आम, जामुन, आंवला जैसे पौधे प्रमुख हैं। इन प्रजातियों का चयन स्थानीय जलवायु, मिट्टी और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि पौधारोपण के बाद उनकी जीवित रहने की संभावना अधिक रहे। हालांकि विशेषज्ञ मानते है कि पौधे लगाने के साथ उनका सरंक्षण बहुत ज्यादा जरुरी है। क्योंकि पौधे लगाने के बाद उसे पेड़ बनाने तक की जिम्मेदारी उठानी चाहिए चाहिए और यह काम सिर्फ वन विभाग नही, बल्कि जनसहभागिता भी जरुरी है। महर्षि ने बताया कि हरियालो राजस्थान” अभियान के तहत जिले की यह पहल न केवल हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने की ओर भी एक सार्थक प्रयास है। नर्सरियां यूं तैयार होते हैं पौधे : नर्सरियों में पौधे तैयार करने की प्रक्रिया वैज्ञानिक और व्यवस्थित होती है। सबसे पहले उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का चयन कर उन्हें मिट्टी, रेत और जैविक खाद के मिश्रण में बोया जाता है। अंकुरण के बाद छोटे पौधों को पॉलीबैग या ट्रे में स्थानांतरित किया जाता है, जहां उन्हें पर्याप्त पोषण और सुरक्षा मिलती है। उनकी अच्छी वृद्धि के लिए नियमित सिंचाई, निराई-गुड़ाई और रोग-कीट नियंत्रण किया जाता है। गर्मी में तेज धूप से बचाने के लिए शेड नेट का उपयोग होता है, जबकि मानसून में जलभराव रोकने के उपाय किए जाते हैं। समय-समय पर जैविक खाद व पोषक तत्व देकर तथा हार्डनिंग प्रक्रिया अपनाकर पौधों को मजबूत और बाहरी वातावरण के अनुकूल बनाया जाता है। ^पौधे लगाने के बाद ज्यादातर हम यह सोचते है, हमारा खत्म हो गया, जबकि पौधा लगाने का बाद हमारा काम शुरु होता है, जब तक उसको सरंक्षण व सुरक्षा नही देते है, क्योंकि जब तक पौधा पेड नही बनता, जब तक उसका उपयोग नही है। टोंक जिले के वनक्षेत्र की भी सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए है, वन विभाग अपनी तरफ से इसके लिए काम करता है, लेकिन जन सहभागिता बहुत जरुरी है, एक पौधा मां के नाम से लोगों में पौधे लगाने के प्रति जागरुकता आई लेकिन उसका सुरक्षा को लेकर भी आमजन को जागरुक होना चाहिए। दीपचंद बैरवा, पूर्व डीएफओ, टोंक। हर साल बड़े पैमाने पर पौधारोपण होने के बावजूद पौधों के जीवित रहने की दर चिंता का विषय है। शुष्क जलवायु, सुरक्षा के अपर्याप्त इंतजाम और जनसहभागिता की कमी के चलते 50 प्रतिशत से भी कम पौधे बच पाते हैं, जबकि कई जानकार इसे महज 30-30 प्रतिशत तक मानते हैं। पिछले 16 सालों में 50 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, इस साल वन विभाग ने 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में प्लांटेशन के साथ करीब 14.80 लाख पौधों की तैयारी की है। विभाग ने प्रयास तेज किए हैं, लेकिन बेहतर सफलता के लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी और पौधों की देखभाल को जरूरी माना जा रहा है।
'खाकी' के हत्यारे निकले शौकिया शिकारी जीजा और साले ने सीने में दाग दी थी गोली
भास्कर न्यूज | टोंक/बनेठा राजस्थान पुलिस ने ककोड़ चौकी में पदस्थापित अपने जांबाज कांस्टेबल भागचंद सैनी की हत्या के 'ब्लाइंड मर्डर' केस को सुलझाते हुए मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी रिश्ते में जीजा-साला हैं, जिन्होंने शनिवार देर रात शिकार के दौरान टोकने पर कांस्टेबल भागचंद की टोपीदार बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त अवैध बंदूक, बारूद, छर्रे और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली है। हत्या के आरोपी राजेश (32) पुत्र बजरंग लाल मीणा मोटिस की झोपड़ियां, थाना उनियारा और भट्टों का नया गांव, थाना नैनवां (बूंदी) निवासी दिलराज मीणा(32) पुत्र सोहन लाल मीणा ने िशकार टोपीदार बंदूक से कांस्टेबल भागचंद सैनी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या की घटना के 12 के भीतर आरोपियों को हिरासत में लिया था। लेकिन चूंकि मामला पुलिसकर्मी की हत्या से जुड़ा था, इसलिए पुख्ता सबूत के साथ अनुसंधान पूरा होने के बाद ही मंगलवार को इसका खुलासा किया गया। एएसपी रतनलाल भार्गव ने बताया कि आरोपी शिकार करने के इरादे से आए थे। शनिवार की देर रात जब गश्त करते हुए कांस्टेबल भागचंद सैनी की नजर जब दोनों पर पड़ी और उसके द्वारा जब आरोपियों को रोकना का प्रयास किया तो आरोपियों से आमना-सामना हो गया और अभियुक्तों ने टोपीदार बंदूक से कांस्टेबल भागचंद सैनी को नजदीक से सीने पर फायर कर कर दिया, जिससे भागचंद की मौत हो गई। 12 घंटे में आरोपियों को पकड़ने व बाद पूछताछ सोमवार देर रात दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं मंगलवार को दोनों को उनियारा में मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर 8 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया है। राजेश ने नजदीक से किया फायर कांस्टेबल के ब्लाइंड मर्डर करने के दोनों आरोपी का मुख्य कार्य ट्रक ड्राइविंग है। लेकिन शिकार के शौक के चलते वह टोपीदार बंदूक लेकर रूपवास मोड़ पर सड़क के करीब जंगल में शिकार करने निकले थे और उसी दौरान उनका कांस्टेबल भागचंद सैनी से सामना हो गया। कांस्टेबल ने दोनों सरेंडर करने को कहा, खुद को फंसता देख आरोपी राजेश ने टोपीदार बंदूक से भागचंद के सीने के पास आकर फायर कर दिया था। उसके नीचे गिरते ही आरोपी जीजा राजेश और साला दिलराज मौके से फरार हो गए थे। डीएसपी आकांक्षा कुमारी ने बताया कि कांस्टेबल की हत्या के बाद पुलिस ने पूरे एरिया को छानते हुए अहम सुराग जुटाने के प्रयास किए। अंधड़ के चलते पेट्रोल पंप व अन्य जगहों के सीसीटीवी कैमरे बंद होने के बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को एक्टिवेट किया। साथ ही 3 और 4 मई को रूपवास मोड़ के आसपास जंगल क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया। घटनास्थल पर बारीकी से परीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बॉडी से छर्रे मिलने के बाद पुलिस ने जंगल में शिकारियों पर फोकस करते हुए जांच आगे बढ़ाई। मृतक कांस्टेबल के परिजनों ने पहले अवैध बजरी खनन माफिया पर हत्या का अंदेशा जताया था। मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉ. राजेश चौधरी ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान कांस्टेबल की बॉडी से 11 छर्रे मिले थे। इससे साफ था कि हत्या किसी धारदार हथियार से नहीं बल्कि फायर आर्म्स से की गई। पोस्टमार्टम के दौरान 11 से ज्यादा छर्रे निकाल लिए थे, चूंकि नजदीक से फायर होने के बाद छर्रों ने हार्ट व फेफड़ों को पंक्चर कर दिया है। जो उनकी मौत का प्रमुख कारण रहा। सीने पर फायरिंग के अलावा मृतक की आंख के दायीं तरफ, दायें गाल और गर्दन पर छर्रों के निशान थे। सोमवार को सुबह ही पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंप दी गई थी। 3 मई सुबह रूपवास मोड़ के पास कांस्टेबल भागचंद सैनी का शव मिलने के बाद परिजनों व समाज के विरोध पर पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया था। एएसपी रतनलाल भार्गव ने बताया कि मामले में बनेठा व उनियारा थाना पुलिस, डीएसटी, साइबर टीम व डीएसपी आकांक्षा कुमारी सहित अन्य अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने 24 घंटे तक लगातार सर्च व जांच अभियान चलाते हुए महज 12 घंटे में दोनों आरोपियों को रूपवास जंगल से पकड़ लिया। मृतक के पिता कालूराम माली ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
दोपहर में 38 डिग्री, शाम को 33 डिग्री पर
भास्कर न्यूज | टोंक जिले में इन दिनों मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को भी दिनभर मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले, जहां सुबह और दोपहर में तेज धूप के कारण गर्मी का असर रहा, वहीं शाम को हवा चलने और हल्की बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक महसूस की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शाम को मौसम में बदलाव के बाद तापमान में गिरावट आई और यह लगभग 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हवा की गति बढ़ने के कारण वातावरण में नमी आई, जिससे लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिली। दिन के समय आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने से तापमान में तेजी देखी गई। हालांकि लू जैसी गंभीर स्थिति फिलहाल नहीं बनी, लेकिन धूप की तीव्रता के कारण दोपहर में गर्मी का असर अधिक महसूस किया गया। मौसम विभाग टोंक के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को भी जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। दिन के समय हल्की हवा चल सकती है और कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है।
टोंक: 14 कार्मिकों की दुबारा मेडिकल जांच, बोर्ड के समक्ष पेश नहीं हुआ एक कार्मिक
भास्कर संवाददाता| टोंक प्रदेश में फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए नौकरी पाने के कुछ मामले सामने आने के बाद ऐसे मामलों में सभी की जांच कराने के तहत जिले में हाल ही 15 कर्मचारियों की दिव्यांगता की मेडिकल बोर्ड से जांच कराने के लिए बुलाया गया। इनमें से एक जांच कराने मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुआ और एक कर्मचारी के 40 प्रतिशत से कम दिव्यांगता पाई गई। मेडिकल कॉलेज सआदत अस्पताल में करीब एक सप्ताह पहले जिला प्रशासन के निर्देश पर यह जांच कराई गई थी। सआदत अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल बोर्ड से कराई जांच की रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी है। जिले के सभी दिव्यांग कर्मचारी हड्डी रोग से सम्बन्धित थे। माना जा रहा है कि राज्य सरकार के निर्देश पर ऐसी जांच सभी जिलों में कराई गई है। ये डॉक्टर शामिल हुए बोर्ड में: 15 कार्मिकों को 23 अप्रेल को सुबह 9 बजे जांच कराने के लिए सआदत अस्पताल में मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश होने को कहा गया था। बोर्ड में डॉ. सुरेश सैनी (हड्डी रोग), डॉ. अंकित विजय (मेडिसन) तथा डॉ. रामजस चौधरी (न्यूरो सर्जरी) को शामिल किया गया था। इन कार्मिकों के लगाए दिव्यांग प्रमाण पत्र के अनुरूप नए सिरे से जांच कर दिव्यांगता की रिपोर्ट देनी थी। 14 कार्मिकों की जांच के बाद बोर्ड ने रिपोर्ट सौंप दी है। एक कार्मिक आया नहीं, एक की दिव्यांगता कम पाई गई: मेडिकल बोर्ड के समक्ष कुल 15 कार्मिकों को पेश होना था। इसमें से टोंक कलेक्ट्रेट में कार्यरत सहायक राजस्व लेखाधिकारी (ग्रेड प्रथम) विकार अहमद बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुए। बताया जाता है कि जांच के दिन कोई आवश्यक मीटिंग होने के कारण वे उसमें व्यस्त रहे और जांच के लिए नहीं आ सके। वहीं, बोर्ड की जांच के बाद एक कार्मिक की दिव्यांगता 40 के बजाए करीब 6 प्रतिशत ही पाई गई। बाकी 13 कार्मिकों में 40 से लेकर 55 प्रतिशत तक दिव्यांगता पाई गई। इनमें 4 कार्मिक टोंक जिला मुख्यालय पर विभिन्न सेक्शन में, 2-2 कर्मचारी पीपलू और मालपुरा तथा एक कार्मिक टोडारायसिंह में कार्यरत है। अन्य छह भी अलग-अलग विभागों में नौकरी कर रहे हैं।
ग्राम सभा के अनुमोदन के बाद ही सड़क का हुआ निर्माण
टोंक| भरनी ग्राम पंचायत में कराए विकास कार्यों की शिकायत के बाद हुई जांच में खुलासा हुआ है कि ग्राम सभा के अनुमोदन के बाद ही जहां ग्रामीणों की ज्यादा आवाजाही रही, वहां सड़क निर्माण मय नाली के किया गया। कमेटी की जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायत प्रशासन ने ग्राम सभा में अनुमोदन के दस्तावेज पेश किए हैं। ग्राम पंचायत प्रशासन ने कमेटी को बताया कि सड़क का प्रस्ताव बद्री मीणा के बाड़े से होते हुए भुवाना बैरवा के मकान से आम रास्ते तक का लिया गया था। इस सड़क के निर्माण के लिए कम राशि जारी हुई थी। ऐसे में जहां ज्यादा जरुरत रही उस क्षेत्र में सड़क-नाली का निर्माण किया गया। मौके पर आज भी सड़क और नाली पाई गई। इस सम्बन्ध में शिकायतकर्ता ने पोर्टल पर भी शिकायत की थी। जिस पर जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने जांच के दौरान शिकायत को प्रभावी नहीं माना।
बजरी के साथ भर रहे पानी और पत्थर, खाली करने पहुंचने तक टपक जाता है 2-3 टन पानी
भास्कर संवाददाता| टोंक टोंक जिले से नियमानुसार बजरी भरकर बेचने के लिए जयपुर ले जाने वाले ट्रक-डंपर चालकों को पुलिस की ओर से परेशान करने का आरोप लगाते हुए बजरी विक्रेताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है। इसको लेकर ऑल राजस्थान बजरी ट्रक ऑपरेटर्स वेलफेयर सोसाइटी ने मंगलवार को बरोनी में सभा भी रखी। यहां बजरी का परिवहन करने वाले चालकों ने पुलिस की तरफ से परेशान करने के अनुभव भी साझा किए गए। सोसायटी के नवीन शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, कि नियमों के अनुसार बजरी परिवहन करने के बाद भी पुलिस ट्रक-डंपर चालकों-मालिकों को परेशान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वैध बजरी ट्रकों का रवन्ना समय समाप्ति को आधार बना कर पुलिस उनसे अवैध वसूली कर रही है। अवैध वसूली का रुपया नहीं देने पर ट्रकों को थाने में बंद कर माइनिंग विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर करवाई करवा कर लाखों रुपए का जुर्माना लगवाया जा रहा है। बजरी के साथ तुल रहे पत्थर, इसस नुकसान : सोसायटी के शर्मा ने आरोप लगाया कि बजरी भरवाने के दौरान बजरी के साथ भारी तादाद में बोल्डर (पत्थर) भी भर रहे हैं। ये पत्थर भी बजरी की दर के समान 800 रुपए प्रति टन के हिसाब से दिए जा रहे हैं। इसी तरह नदी में देवली की तरफ से आ रही बजरी में ठेकेदार बजरी के साथ भारी तादाद में पानी भी ट्रकों में भर रहे हैं। जिससे वजन बढ़ जाता है। दिक्कत तब होती है, जब अपने गंतव्य तक पहुंचते-पहुंचते बजरी में रमा पानी टपक जाता है और प्रति ट्रक 2-3 टन वजन कम पड़ जाता है। उस कम पड़े वजन का हर्जाना ट्रक मालिक या चालक को जेब से भरना पड़ता है। टोंक जिले से करीब 1200 ट्रक बजरी के जयपुर बिकने जाते हैं। एक ट्रक में करीब 30 टन बजरी होती है। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन करीब 36 हजार टन से अधिक बजरी टोंक जिले से जयपुर जाती है। पहले की तरह जयपुर में हो बजरी मंडी: बजरी ट्रकों के लिए जयपुर शहर व आसपास में अभी कोई निर्धारित बजरी मंडी नहीं है। जिस कारण से पुलिस बजरी ट्रकों को मंडी में बिक्री के लिए खड़े होने के दौरान उनका चालान काट रही है या थानों में बंद कर दिया जाता है या फिर चालान का डर दिखा कर अवैध वसूली की जाती है। कुछ सालों पहले तक जयपुर में बजरी की 12 मंडिया हुआ करती थी। जहां पर पुलिस किसी प्रकार से ट्रकों को परेशान नहीं करती थी।
अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर प्रदेश में नर्सिंग निदेशालय की स्थापना करने की मांग
टोंक| अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस के मौके पर 12 मई को अलग से नर्सिंग निदेशालय की स्थापना करने की मांग को लेकर राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अब्दुल वसीम ने बताया कि शिक्षकों के बाद नर्सेज सबसे बड़ा संवर्ग है। निदेशालय नहीं होने से नर्सेज के साथ सौतेला व्यवहार होता आया है। ऐसे में आगामी 12 मई को अन्तर्राष्ट्रीय दिवस पर नर्सिंग निदेशालय स्थापित करने का राज्य सरकार पहल करती है तो उसमें सरकार पर कोई वित्तीय भार भी नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि अभी प्रदेश में नर्सिंग काउंसलिंग में 4 लाख नर्सेज रजिस्टर्ड है। ऐसे में निदेशालय स्थापित होने से समयबद्ध पदोन्नति होने के साथ नई भर्तियां भी समय पर हो सकेगी।
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हनुमान चालीसा का पाठ
टोंंक| टोंक की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मंगलवार को साप्ताहिक हनुमान चालीसा पाठ का 50वां आयोजन हुआ। कार्यक्रम स्थानीय शिव मंदिर में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी की ओर से किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सोसायटी सचिव सुरेश विजय बिणजारी वाले ने आयोजन की शुरुआत कराई। आयोजन संयोजक अशोक कुमार गांधी ने बताया कि सोसायटी सदस्यों ने अप्रैल 2025 में हर सप्ताह सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कराने का निर्णय लिया था। इसके बाद से यह क्रम लगातार जारी है। उनके अनुसार, समय के साथ भागीदारी बढ़ी है और युवाओं की मौजूदगी भी बढ़ रही है। कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत की लोकप्रियता पर भी चर्चा हुई। आयोजकों ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हनुमान चालीसा सबसे अधिक सुनी जाने वाली भक्ति रचनाओं में शामिल है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गायक हरिहरन द्वारा गाया गया हनुमान चालीसा संस्करण नवंबर 2025 में 5 बिलियन व्यू पार करने वाला पहला भजन बताया गया था। आयोजन में घनश्याम भार्गव और बद्री विजय सहित कॉलोनी वासी मौजूद रहे। सोसायटी के अनुसार, साप्ताहिक पाठ से कॉलोनी में धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक एकजुटता भी मजबूत हुई।
बच्चों को पॉक्सो, साइबर सुरक्षा और आत्म रक्षा के प्रति किया जागरूक
भास्कर न्यूज | टोंक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नालसा (जागृति) योजना, 2025 के तहत मंगलवार को सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य की थीम पर निजी स्कूल में जागरूकता शिविर आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य स्कूल के विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा व कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। प्राधिकरण सचिव (एडीजे) दिनेश कुमार जलुथरिया ने पॉक्सो एक्ट-2012 के प्रमुख प्रावधानों, यौन अपराधों से संरक्षण, शिकायत की प्रक्रिया तथा उपलब्ध निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी। “अच्छा स्पर्श-बुरा स्पर्श”, साइबर सुरक्षा व आत्म-सुरक्षा के उपायों पर भी सरल व प्रभावी तरीके से समझाइश दी गई। कोर्ट वाली दीदी पहल की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में हर स्कूल में चाइल्ड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने पर भी चर्चा की गई। यह कोऑर्डिनेटर बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार रखते हुए उनकी समस्याओं को समझे। समाधान सुनिश्चित करे। ट्रांसफार्मेटिव ट्यूजडे गतिविधि के तहत संवाद, प्रश्नोत्तर सत्र और इंटरेक्टिव गतिविधियों के जरिए बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित की गई। जागरूकता के स्तर का आकलन करने हेतु प्री-असेसमेंट एवं पोस्ट-असेसमेंट भी किया गया। अभियान बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता एवं अधिकारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह समाज में सकारात्मक व स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास है। सचिव जलुथरिया ने स्कूल के शिक्षकों व विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस अभियान को सिर्फ औपचारिकता कार्यक्रम मानने की जगह सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं। समाज में भी जागरूकता फैलाएं। कार्यक्रम में जागृति यूनिट के सदस्यों की भागीदारी रही। बच्चों की गोपनीयता का ध्यान रखा जाए। किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक मंचों पर साझा न की जाए।
ग्राम रथ अभियान के माध्यम से योजनाओं की दी जानकारी
टोंक | राज्य सरकार के ग्राम रथ अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। ताकि ग्रामीणों को उनके अधिकारों और हितों के प्रति जागरूक किया जा सके। पंचायत समिति निवाई, टोंक और मालपुरा क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित कार्यक्रमों से सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस अभियान के तहत मूण्डिया, बिडोली, पलेय, बनस्थली, चनानी, हनौतिया, रुपवास, ककोड़, श्योराजपुरा, गोठड़ा, मोहम्मदगढ़, मेंहदवास, पालड़ा, हमीरपुर, अलियारी, तिलांजू, डूंगरीखुर्द, डूंगरीकलां और टोरडी सहित कई गांवों में कृषि एवं अन्य विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी। वीडियो, प्रोजेक्टर और संवाद के जरिए सरल भाषा में योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। कृषि विभाग के सहायक निदेशक दिनेश बैरवा ने बताया कि पहले किसानों को आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती थी, लेकिन अब ग्राम रथ अभियान के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें त्वरित लाभान्वित किया जा रहा है।
बसपा की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक, कार्यकारिणी गठित
टोंक | बहुजन समाज पार्टी (बसपा) टोंक की जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक मंगलवार को सुबह 10 बजे बैरवा धर्मशाला में आयोजित हुई। लोकसभा जोन प्रभारी हनुमान सहाय जगरवाल व जिलाध्यक्ष पप्पू लाल की मौजूदगी में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से नई जिला व विधानसभा कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसके तहत अशोक कुमार बैरवा को देवली-उनियारा विधानसभा अध्यक्ष, सर्वेश मेहरा को जिला संयोजक (बामसेफ), रमेश बॉयत को जिला उपाध्यक्ष, रामावतार ठेकेदार को महासचिव व लक्ष्मी नारायण मोर को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। वक्ताओं ने पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने पर जोर देकर कार्यकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी निभाने, आपसी समन्वय बढ़ाने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
हाडौती गांव 5 साल से नहीं आया बीसलपुर का पानी, ग्रामीणों में रोष
भास्कर संवाददाता| टोंक धुवांकलां पंचायत के हाड़ौती गांव के लोग बीते 5 से बीसलपुर के मीठे पानी को तरस रहे है। जलापूर्ति संकट से परेशान लोगों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। गांव के रमेश, संजू, जसोदा, मौसमी, आशा, राजू गुर्जर, किशन, माना समेत अन्य लोगों ने बताया कि गांव में 5 साल पहले बीसलपुर जलापूर्ति योजना के तहत घर घर में नल कनेक्शन स्वीकृत हुए थे। जिसके चलते हाडौती गांव में भी घर-घर कनेक्शन लगाए गए। कुछ दिनों तक तो उनके घरों तक पानी पहुंचा। बाद में नलों में पानी आना बंद हो गया। ग्रामीणों ने परियोजना अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से कई बार शिकायत की, बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने पूर्व जलदाय मंत्री को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि आगामी दो दिन में उनके घरों तक पानी नहीं पहुंचा तो वे आंदोलन पर विवश होंगे।
छान सीएचसी में डॉक्टरों की कमी एक्स-रे मशीन का भी लाभ नहीं
टोंक | छान गांव के सीएचसी में डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान हो रहे है। इसके साथ ही बंद पड़ी एक्सरे मशीन को शुरू कराने व चिकित्साकर्मियों के पद भरे जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा है। संघ के जिला मंत्री विनय सिंह ताखर ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित एक्स-रे मशीन लगभग एक साल से बंद पड़ी है। बताया जा रहा है कि मशीन का ऑपरेटिंग सिस्टम उपलब्ध नहीं होने के कारण वह उपयोग में नहीं लाई जा रही है। इसके साथ ही सीएचसी हाइवे पर संचालित होने से ट्रोमा सेंटर स्वीकृत कर उसे शुरू किए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया कि हाइवे होने से दुर्घटना के घायलों को तत्काल केंद्र पर लाया जाता है, परंतु ट्रॉमा सेंटर के अभाव में समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाने से कई लोगों की जान संकट आ जाती है। अस्पताल में डॉक्टरों की भी कमी है। यहां चिकित्सकों के कुल 6 पद स्वीकृत हैं, किंतु वर्तमान में केवल 3 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। शेष 3 पद रिक्त होने से मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।
संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान के लिए कांग्रेस की बैठक
टोंक | भाजपा सरकार द्वारा पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव टालने के विरोध में कांग्रेस के ‘संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत देहात व शहर ब्लॉक कांग्रेस की संयुक्त बैठक जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय टोंक में आयोजित की गई। बैठक में टोंक विधानसभा संगठन प्रभारी कमलेश गुर्जर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता के अहंकार में संवैधानिक प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी कर रही है तथा चुनाव टाल रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार के “चाल, चरित्र और चेहरा” को जनता के सामने लाने का आह्वान किया। पूर्व जिला अध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा ने कहा कि चुनाव नहीं होने से गांवों में विकास कार्य ठप हैं और योजनाएं अटकी हुई हैं। उन्होंने इसे भाजपा की सोची-समझी राजनीतिक रणनीति बताया। पूर्व विधायक कमल बैरवा, दिनेश चौरसिया, हंसराज फागणा, सैयद महमूद शाह, कैलाशी देवी मीणा सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान जिला सोशल मीडिया प्रभारी जर्रार खान, सीपी श्रीवास्तव, जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष विकास लोदी, रामलाल सेलिवाल, इरशाद बेग भारत वर्मा आदि कार्यकर्ता-पदाधिकारी उपस्थित रहे।
15 मई तक करें ऑनलाइन स्व-गणना, कलेक्टर के निर्देश
श्रीगंगानगर| जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत 1 मई से जिले में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य जारी है। उन्होंने आमजन सहित सभी अधिकारी-कर्मचारियों से अपील की कि वे 15 मई 2026 तक उपलब्ध ऑनलाइन पोर्टल पर स्व-गणना अवश्य पूर्ण करें। कलेक्टर ने बताया कि स्व-गणना प्रक्रिया के तहत नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल पर राज्य चयन, मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी सत्यापन, भाषा चयन और डिजिटल मानचित्र पर अपने मकान का चिन्हीकरण करना आवश्यक है। अंतिम सबमिशन के बाद 11 अंकों की विशिष्ट एसई आईडी जारी की जाती है, जिससे डेटा सुरक्षित हो जाता है। बैठक में नहरबंदी के दौरान पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए जलदाय विभाग को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता होने पर टैंकरों से आपूर्ति करने के भी निर्देश दिए गए। वहीं, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को बारदाना, उठाव और भुगतान की व्यवस्था सुचारू रखने को कहा गया। कलेक्टर ने ग्राम रथ अभियान के तहत अधिकारियों को गांवों में जाकर योजनाओं की जानकारी देने और आमजन को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन सुभाष कुमार, जिला परिषद सीईओ गिरधर, अशोक असीजा, धीरज चावला, डॉ. अजय सिंगला, भीमसेन स्वामी, विजय कुमार शर्मा, ऋषभ जैन, राकेश कुमार, मंगत सेतिया, विजय कुमार, डॉ. सुखपाल सिंह बराड़, कविता सिहाग, महीपाल माली, प्रीति गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
स्काउट गाइड स्थानीय संघ का वार्षिक अधिवेशन आज
श्रीगंगानगर| राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड राज्य एवं राष्ट्रीय मुख्यालय के वार्षिक कार्यक्रम के अनुसार स्थानीय संघ श्रीगंगानगर का वार्षिक अधिवेशन 6 मई को मदर प्राइड स्कूल, पूजा कॉलोनी में प्रात:11 बजे होगा। संघ के सचिव रामकुमार स्वामी ने बताया कि कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार इस अधिवेशन में स्थानीय संघ के समस्त सदस्य प्रधान, उप प्रधान, लीडर ट्रेनर, प्रभारी सहा. जिला कमिश्नर, जिला कमिश्नर, ग्रुप लीडर प्रतिनिधि, सचिव, संयुक्त सचिव, स्काउटर, गाइडर, आजीवन सदस्य सहित नेशनल अवार्डी भाग लेंगे। संघ के अध्यक्ष विनोद गोयल ने बताया अधिवेशन में गत वर्ष एवं इस वर्ष की स्काउट गाइड गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बैठक में 12 को नर्सेज-डे मनाने का लिया निर्णय
श्रीगंगानगर| राजकीय जिला चिकित्सालय के कॉटेज वार्ड में राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन जिला शाखा की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्यामसुंदर गोस्वामी ने की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिलाध्यक्ष के चुनाव शीघ्र कराए जाएंगे। साथ ही 12 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान नर्सेज की जिला व राज्य स्तर की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समस्याओं के समाधान के लिए रणनीति बनाते हुए यह निर्णय लिया गया कि जिला स्तरीय मुद्दों को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और कलेक्टर स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। जिलाध्यक्ष रविंद्र शर्मा ने बताया कि संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल नर्सेज को चिन्हित कर उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव प्रदेश स्तर पर भेजा जाएगा।
शहर में देश के दिग्गज साहित्यकारों ने साझा किए वैचारिक सूत्र, फिलिस्तीन से कश्मीर तक की चर्चा
भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर मैं शामिल हूं या ना हूं... जैसे संवेदनात्मक काव्य-विमर्श और प्रेमचंद की कहानियों के आधुनिक संदर्भों के बीच शहर में दो दिवसीय बागड़ साहित्योत्सव का समापन हुआ। पूर्वकथन पत्रिका और नोजगे पब्लिक स्कूल की इस अनूठी पहल ने न केवल लोगों को फिलिस्तीन, ईरान और कश्मीर जैसे वैश्विक मुद्दों से जोड़ा, बल्कि स्त्री और दलित विमर्श के माध्यम से समाज के ज्वलंत प्रश्नों को भी नई दिशा दी। उद्घाटन सत्र में देश-दुनिया की नामचीन साहित्यकार नासिरा शर्मा ने उद्बोधन दिया। इसके बाद स्त्री-विमर्श सत्र के स्त्री-प्रश्न पैनल में नासिरा शर्मा, अल्पना मिश्र, विवेक मिश्र, डॉ. सुनीता, अनुपम वर्मा और ट्विंकल रक्षिता ने समाज में स्त्री की स्थिति और उसके अनेक आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए। दूसरे महत्त्वपूर्ण सत्र दलित-वैचारिकी में सुपरिचित दलित चिंतक जयप्रकाश कर्दम, बजरंग बिहारी तिवारी, डॉ. सुनीता, अनुपम वर्मा और ट्विंकल रक्षिता ने दलित प्रश्नों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने इस पर विस्तार से चर्चा की। साहित्योत्सव की शुरुआत नोजगे के एमडी डॉ. पीएस सूदन के स्वागत भाषण से हुई। इससे पहले स्कूल की छात्राओं ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया। साहित्योत्सव के एक और महत्त्वपूर्ण सत्र संवाद में प्रख्यात साहित्यकार नासिरा शर्मा से ‘हंस’ के कार्यकारी संपादक, कथाकार विवेक मिश्र ने देश-दुनिया और समाज के अनेक पहलुओं को केंद्र में रखकर संवाद किया। इसमें न सिर्फ हमारे देश बल्कि फिलिस्तीन, ईरान और अमेरिका के ज्वलंत हालात भी शामिल रहे। साहित्य, समाज और संस्कृति को रेखांकित करते हुए विस्तार से बातचीत हुई। इस साहित्यक-सांस्कृतिक उत्सव में सद्य प्रकाशित दो पुस्तकों का विमोचन भी मुख्य हिस्सा रहा। इसमें नासिरा शर्मा के जीवन का पहला कविता-संग्रह, मैं शामिल हूं या ना हूं... शामिल था। इस संग्रह में कश्मीर, ईरान, इराक, फिलिस्तीन, कोविड, लॉकडाउन, रूस-यूक्रेन युद्ध, औरत, प्रकृति और प्रेम को केंद्र में रखकर समय को रेखांकित करने वाली खूबसूरत कविताएं शामिल हैं। नाटक ‘ख्वाब’ ने वाहवाही बटोरी : दूसरा संग्रह युवा कवि-संपादक नीतू बिश्नोई की ओर से संपादित प्रेमचंद का कथा-स्वर है। इसमें नीतू बिश्नोई ने प्रेमचंद के युग के मर्म और संवेदना को समेटा है। उन्होंने ईदगाह, कफन, बूढ़ी काकी, ठाकुर का कुआं, नमक का दरोगा, पूस की रात, दो बैलों की कथा, पंच परमेश्वर, सवा सेर गेहूं और बड़े भाई साहब जैसी महत्त्वपूर्ण कहानियों का चयन किया है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिथि साहित्यकारों को डॉ. सूदन ने स्मृति-चिह्न भेंट किए। उन्हें सम्मानित किया गया। नोजगे की छात्राओं ने राजस्थानी लोक नृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ साहित्योत्सव का समापन हुआ। साहित्योत्सव के पहले दिन रात को आलोक शुक्ला की ओर से लिखित और विजय जोरा की ओर से निर्देशित नाटक ‘ख्वाब’ प्रस्तुत किया गया। इस नाटक की मुख्य भूमिका में गौरव बलाना थे। उनके सहयोगी कलाकारों में विक्रम मोंगा, भव्य गुप्ता, उमंग शर्मा, ममता पुरी और विशेष सारस्वत शामिल थे। कार्यक्रम में सुभाष सिंगाठिया सहित अनेक साहित्यकार मौजूद थे।
ब्राह्मण समाज की बैठक 10 मई को होगी
श्रीगंगानगर| ब्राह्मण समाज की बैठक महर्षि गौतम आश्रम में 10 मई सायं 5 बजे होगी। महर्षि गौतम आश्रम समिति के अध्यक्ष विजय पंचारिया, पंजाबी सारस्वत ब्राह्मण महासभा के प्रदेशाध्यक्ष अरविंद जोशी व ब्राह्मण समाज संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक सतीश शर्मा ने संयुक्त वक्तव्य में बताया कि पहले घोषित तिथि को तीन दिन आगे बढ़ाया गया है।
तीन सी में काम करने आए युवक की मौत, जांच शुरू
श्रीगंगानगर| पंजाब के युवक की जिले में मजदूरी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना हिंदुमलकोट थाना क्षेत्र के गांव तीन सी बड़ी में हुई। मृतक की पत्नी की ओर से थाने में मर्ग दर्ज करवाई गई है। एएसआई किशनाराम ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। हिंदुमलकोट पुलिस के अनुसार, चूहड़ीवाला धन्ना निवासी 24 वर्षीय परमजीत सिंह रायसिख अपने गांव के अन्य युवकों के साथ तीन सी बड़ी में मजदूरी करने नियमित रूप से आता था। काम के दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस पर साथी मजदूरों ने उसे फतूही सीएचसी पहुंचाया। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर एएसआई किशनाराम सीएचसी पहुंचे।
पेड़ बेचने व सरकारी योजनाओं में गबन मामला; साक्षरता अधिकारी सहित 4 कार्मिक तलब
भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के मामले में सादुलशहर की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुए वित्तीय घपलों और फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट (एफआर) खारिज कर दी है। कोर्ट ने जिला साक्षरता अधिकारी हरविन्द्र सिंह सहित शिक्षा विभाग के चार कार्मिकों के विरुद्ध धोखाधड़ी और गबन की विभिन्न धाराओं में संज्ञान लेते हुए उन्हें जमानती वारंट के जरिए तलब किया है। इन पर स्कूल के पेड़ों को अवैध रूप से बेचने, फर्जी रसीदें काटकर धन वसूलने, सरकारी योजनाओं की राशि हड़पने जैसे गंभीर आरोप हैं। मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई तय की गई है। सादुलशहर के 9 एसडीएस निवासी व परिवादी सुखदीप सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2024-25 में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लूतपुरा (9 एसडीएस), सादुलशहर की स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) का अध्यक्ष बना। उक्त कमेटी में 16 सदस्य गठित हुए। प्रधानाचार्य सहित अन्य पर आपसी मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप है। इस पर जून 2025 में न्यायालय के जरिए सादुलशहर थाने में परिवाद दर्ज करवाया गया था। सुखदीप सिंह का आरोप है कि भ्रष्टाचार पर आवाज उठाने पर 2 सितंबर 2024 को मनमर्जी से पद से हटाने का प्रस्ताव लेवल-1 अध्यापक सुरेश यादव ने रखा। ग्रामीणों के विरोध पर सुरेश ने दबाव बनाने के लिए गांव के 8 युवाओं पर मुकदमा दर्ज करवा दिया। सुखदीप के अनुसार इससे पहले पुलिस ने मामले को रंजिशवश दर्ज बताकर एफआर पेश कर दी थी। कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी ने अहम गवाहों और दस्तावेजों की अनदेखी की। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया आरोपियों की ओर से पद का दुरुपयोग कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और गबन करने के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। वित्तीय अनियमितता: जनसहयोग से प्राप्त 1,41,550 रुपए की राशि बैंक में जमा न कराकर खुर्द-बुर्द करना। फर्जी रसीदें और अवैध बिक्री: स्कूल के पेड़ों को बिना अनुमति काटकर बेचना। नहर के पानी की बारी बेचने के लिए फर्जी रसीदें छपवाकर ग्रामीणों से पैसे वसूलना। योजनाओं में गबन: मिड-डे मील (पोषाहार), छात्रवृत्ति, साइकिल वितरण, ‘नव भारत साक्षरता परीक्षा' जैसी योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर राजकोष को नुकसान पहुंचाना। साक्षरता अभियान में फर्जीवाड़ा: साक्षरता परीक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति करना। कम उम्र की बालिकाओं को वृद्धों के स्थान पर बिठाकर फर्जी परिणाम तैयार करना। इन अधिकारियों व कर्मचारियों पर लगाए गए आरोप: { हरविन्द्र सिंह: तत्कालीन प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, 8 एसडीएस, सादुलशहर (वर्तमान में जिला साक्षरता अधिकारी, श्रीगंगानगर)। { ईश्वर लाल: तत्कालीन कार्यवाहक प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, 9 एसडीएस, लूतपुरा। वर्तमान में एपीओ, बीकानेर। { सुरेश यादव: अध्यापक, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, 9 एसडीएस। { हरजिन्दर सिंह: व्याख्याता, 8 एसडीएस, सादुलशहर।
पंजाब में पानी की चोरी; वहां से रिलिज हो रहा 2775 क्यू., हमें मिल रहा सिर्फ 1820 क्यूसेक
भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर बीकानेर कैनाल में इन दिनों पंजाब से पानी की आवक कम है। पंजाब में आरडी 45 पर बीकानेर कैनाल में पानी का प्रवाह 2775 क्यूसेक दर्शाया जा रहा है। जबकि राजस्थान बॉर्डर के खखां हैड पर सिर्फ 1820 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। मंगलवार को किसानों ने कलेक्टर व जल संसाधन विभाग के एसई से मिलकर पंजाब क्षेत्र में बीकानेर कैनाल की सफाई करवाने व प्रदेश के तय हिस्से का पूरा पानी उपलब्ध करवाने की मांग रखी। समस्या का समाधान नहीं होने पर किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीण किसान मजदूर समिति से जुड़े किसानों ने मंगलवार को गुरुद्वारा सिंहसभा में बैठक की। बीकानेर कैनाल के जरिए गंगनहर में पूरा पानी नहीं मिलने पर चिंता व्यक्त की। इस मौके पर किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब में आरडी 45 पर 2775 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्शाया जा रहा है। जबकि राजस्थान बॉर्डर के खखां हैड पर सिर्फ 1828 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है। 955 क्यूसेक पानी छीजत में जा रहा है। पंजाब में बीकानेर कैनाल की आरडी 200 से 368.500 तक पंजाब के अधिकारी नहर की सफाई नहीं करवा रहे हैं। इस कारण नहर में पानी का लेवल पीछे बढ़ रहा है। आरडी 45 पर गेज अधिक दर्शा रहा है। इसके अलावा पंजाब क्षेत्र में हमारे हिस्से के पानी की चोरी भी हो रही है। किसान प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को बताया कि गंगनहर से जुड़ी नहरों के अंतिम छोर पर पूरा पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालात इस कदर खराब हैं कि सिंचाई सुविधा नहीं मिलने से किसान फसलों की बुवाई के लिए खेत भी तैयार नहीं कर पा रहे हैं। नहरों की सफाई करवाना भी जरूरी है। ताकि किसानों को पूरा सिंचाई पानी मिल सके। पूरा पानी नहीं मिलने के कारण किसानों को फसलों की बुवाई के लिए खेत तैयार करने के लिए भी सिंचाई सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके बाद किसान प्रतिनिधि कलेक्टर व एसई से मिले। पंजाब क्षेत्र में बीकानेर कैनाल की सफाई करवाने व प्रदेश के तय शेयर के अनुसार पानी उपलब्ध करवाने की मांग की। एसई ने किसानों को बताया कि एक्सईएन के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम पंजाब भेजी गई है। टीम के अधिकारी बीकानेर कैनाल में पानी के प्रवाह की स्थिति का जायजा लेंगे। वहां के अधिकारियों से बीकानेर कैनाल की सफाई को लेकर वार्ता करेंगे। कलेक्टर व एसई से मिलने वालों में गंगनहर प्रोजेक्ट चेयरमैन हरविंद्र सिंह गिल, संतवीर सिंह मोहनपुरा, रणजीत सिंह, प्रदीप सिंह, हरजिंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, राजकरण सिंह आदि शामिल थे। प्रदेश के तय शेयर के अनुसार पानी मिलना सुनिश्चित नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन : गंगनहर चेयरमैन हरविंद्रसिंह गिल ने बताया कि पंजाब से गंगनहर में तय शेयर के अनुसार पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है। यही हालात रहे तो किसान नरमा कपास की बुवाई भी नहीं कर पाएंगे। जल्द ही तय शेयर के अनुसार पानी मिलना सुनिश्चित नहीं हुआ तो गंगनहर क्षेत्र के किसानों के पास आंदोलन करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
किशोरियों को एचपीवी टीका लगाने में चूरू का प्रदेश में 40वां स्थान, 25023 का लक्ष्य था, 665 ही लगे
भास्कर संवाददाता | चूरू प्रदेश में 14 से 15 साल तक की किशोर बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) से बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसमें 14 से 15 वर्ष आयु की किशोर बालिकाओं को गार्डासिल 4 वैक्सीन लगाई जा रही है। इस अभियान में चूरू जिला सबसे फिसड्डी जिलों में से है। प्रदेश में 42 जिलों में चूरू 40वें स्थान पर है। यानी नीचे से तीसरे पायदान पर है। अभियान में चिकित्सा विभाग को जिले में 25023 किशोरियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य मिला है, लेकिन अब तक सिर्फ 665 टीके ही लगे हैं। ये लक्ष्य का 5 प्रतिशत भी नहीं है। इसे लेकर सोमवार को कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने साप्ताहिक बैठक में विभाग के अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन कार्यक्रम में आवंटित लक्ष्य पूरे करने हैं। इसके लिए एक विशेष कार्य योजना बनाओ और लक्ष्य प्राप्त करो। बता दें कि टीकाकरण के लिए यू-विन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। इसके बाद ही वैक्सीन लगाई जाएगी। ये वैक्सीन सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पतालों व सरकारी मेडिकल कॉलेजों में निशुल्क उपलब्ध है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर क्या होता है, ये कितना गंभीर होता है, इससे कैसे बचा जा सकता है। ये जानने के लिए दैनिक भास्कर ने आरसीएचओ डॉ. शशांक चौधरी से सीधी बात की, जो पेश है- सवाल - सर्वाइकल कैंसर क्या होता है ? जवाब - ये महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे कॉमन कैंसर है। पहला ब्रेस्ट कैंसर है। महिला की बच्चेदानी के मुंह पर कैंसर बन जाता है। सवाल - सर्वाइकल कितना गंभीर है ? जवाब - एक स्टडी के अनुसार सर्वाइकल कैंसर से हर साल देश में औसतन 60 हजार महिलाओं की मृत्यु होती है। इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि ये काफी गंभीर रोग है। सवाल - इससे बचाव कैसे हो सकता है ? जवाब -समय पर टीकाकरण होने से इससे बचाव हो सकता है। गार्डासिल 4 वैक्सीन सर्वाइकल के मुख्य कारणों (एचपीवी-16 और 18) के खिलाफ 100% तक प्रभावी मानी गई है। सवाल - क्या ये टीका लगवाने के बाद कोई साइट इफैक्ट्स भी होते हैं? जवाब - ये पूरी तरह सुरक्षित है। इंजेक्शन वाली जगह पर हल्का दर्द, सूजन या मामूली बुखार हो सकता है, जो 24-48 घंटों में अपने आप ठीक हो जाता है। सवाल - टीकाकरण के लिए 14 वर्ष की आयु ही क्यों चुनी गई है? जवाब - ये वैक्सीन किशोरियों में सबसे प्रभावी होती है। वायरस के संपर्क में आने से पहले यदि ये सुरक्षा कवच मिल जाए, तो सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। सवाल - इससे बचाव के लिए एक खुराक पर्याप्त है? जवाब - नवीनतम शोध और नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन की सिफारिश के आधार पर 14-15 वर्ष की आयु के लिए एक ही खुराक को पर्याप्त और प्रभावी माना गया है।
बाजार में जाली नोट खपाने की फिराक में था युवक, 4 हजार रुपए जब्त, आरोपी रिमांड पर
भास्कर न्यूज | चूरू/छापर छापर थाना पुलिस ने रविवार शाम बाजार में जाली नोट खपाने की फिराक में घूमते एक युवक को गिरफ्तार कर उसके पास से 500-500 रुपए के आठ जाली नोट (कुल 4000 रुपए) बरामद किए। आरोपी को चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। छापर एसएचओ इंद्रलाल की रिपोर्ट पर नोडल थाना चूरू कोतवाली में मामला दर्ज हुआ है। शहर कोतवाल सुखराम चोटिया के अनुसार छापर थाना एसएचओ इंद्रलाल के नेतृत्व में पुलिस की टीम गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चौपड़ा बाजार से रामदेव मंदिर जाने वाली गली में एक युवक जाली नोट लेकर खड़ा है और उन्हें बाजार में खपाने की तैयारी में है। पुलिस ने बूचा भवन के पास घेराबंदी कर धनेश उर्फ दिनेश जाट (22) निवासी जोगलिया को पकड़ कर तलाशी ली तो उसके पास 500-500 के आठ नकली नोट मिले। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जाली नोट जब्त कर लिए। तलाशी में आरोपी की पेंट की जेब से 500-500 के आठ नोट मिले। ये काफी मोटे थे। उनमें सुरक्षा धागा (सिक्योरिटी थ्रेड) भी गायब था। आरोपी ने बताया कि ये नोट अपने मामा रामरतन निवासी आड़सर बास-श्रीडूंगरगढ़ (बीकानेर) से लेकर आया था। सीरियल नंबर : अगर एक ही नंबर के कई नोट आपके पास आएं तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सुरक्षा धागा : असली नोट को तिरछा करने पर धागा हरा से नीला हो जाता है। जाली नोट में ये सिर्फ पेंट किया हुआ दिखता है। कागज : असली नोट का कागज कुरकुरा और पतला होता है, जबकि जाली नोट का कागज हाथ लगाने पर मोटा या साधारण फोटो कॉपी जैसा महसूस होता है।
प्रदेश सरकार सामाजिक न्याय व वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध : प्रभारी मंत्री गहलोत
भास्कर संवाददाता | चूरू सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत मंगलवार को गांव सहनाली छोटी में ग्राम रथ अभियान के तहत हुए कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर सुझाव लिए तथा योजनाओं की जानकारी दी। प्रभारी मंत्री गहलोत ने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक न्याय व वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाकर विकसित समाज व विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार कर रही है। ग्राम रथ अभियान के माध्यम से योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंच रही है, जिससे पात्र लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 74 लाख नए व्यक्तियों को योजना से जोड़ा गया है। मंगला पशु बीमा योजना के तहत प्रदेश में 42 लाख से अधिक पशुओं का बीमा किया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों को 1450 रुपए पेंशन राशि और छात्रावास में रहने वाले छात्रों को 3250 रुपए प्रतिमाह सहायता राशि प्रदान की जा रही है। विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि ग्राम रथ अभियान के माध्यम से सरकार की 13 विभागों की विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसान, महिला, युवा, मजदूर तक पहुंच रही है। कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने जिले में विभागीय योजनाओं की क्रियान्विति व गतिविधियों की जानकारी दी। इस मौके पर राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार नायक, एसपी निश्चय प्रसाद एम, सीईओ श्वेता कोचर, भाजपा जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा, एसडीएम सुनील कुमार, एसीईओ भागचंद खारिया, विकास अधिकारी कैलाश पचारिया, दीनदयाल सैनी आदि उपस्थित थे। संचालन कुलदीप शर्मा ने किया।
अधिकतम तापमान 3.4 व न्यूनतम एक डिग्री गिरा, अब फिर बढ़ेगी गर्मी
भास्कर संवाददाता | चूरू जिले में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर बुधवार को पूरी तरह समाप्त हो गया। इसके चलते कहीं भी बारिश या बूंदाबांदी दर्ज नहीं की गई। पिछले तीन-चार दिनों में जिले के अधिकांश क्षेत्रों में हुई बारिश से लोगों ने गर्मी से भी राहत महसूस की। मगर अब आगामी सप्ताह में गर्मी का असर फिर तेज होगा। इस दौरान हीटवेव की भी संभावना है। मंगलवार को सुबह से दोपहर तक जिलेभर में मौसम साफ रहा व धूप खिली रही। दोपहर में धूप का असर तेज रहा। बाद में शाम तक हल्के बादलों के बीच धूप-छांव का मौसम बना रहा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 3.4 डिग्री की गिरावट के साथ 34.4 व न्यूनतम तापमान 1.0 डिग्री की गिरावट के साथ 20.0 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पूर्व सोमवार को अधिकतम तापमान 37.8 व न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री दर्ज किया गया। इस सप्ताह तेज होगी गर्मी : जयपुर मौसम केन्द्र निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि चूरू सहित आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर हुआ। अगले तीन-चार दिन राज्य के अधिकांश भागों में आंधी बारिश की गतिविधियों में कमी होने की संभावना है। अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री की बढ़ोतरी होने व सीमावर्ती क्षेत्रों में नौ मई से एक नया हीटवेव का दौर शुरू होने की संभावना है। आठ से 11 मई के दौरान जोधपुर, बीकानेर संभाग के सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 45-46 डिग्री दर्ज होने की संभावना है।
योगासन : ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम के ब्रह्मचारियों का 26 मेडल पर कब्जा
भास्कर संवाददाता | चूरू ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम के ब्रह्मचारियों ने सातवीं जिला स्तरीय योगासन चैंपियनशिप व जिला एथलेटिक्स संघ की ओर से हुई जिला एथलेटिक्स सीनियर पुरुष-महिला चैंपियनशिप में 26 पदक जीते है। जिला योगासन संघ की ओर से हुई जिला स्तरीय प्रतियोगिता में ब्रह्मचारियों ने नौ स्वर्ण, पांच रजत और 10 कांस्य पदक सहित कुल 24 पदक हासिल किए। वहीं जिला एथलेटिक्स संघ की ओर से हुई सीनियर पुरुष-महिला चैंपियनशिप में आश्रम के ब्रह्मचारी अजय शेखावत ने 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। पदक विजेता विद्यार्थियों का परिसर में अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में जिला एथलेटिक्स संघ सचिव ठाकुरमल शर्मा, जिला जिमनास्टिक संघ अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा, सचिव नरेंद्रसिंह राठौड़, सह सचिव योगेश कुमार गौड़, जिला योगासन संघ के शंकरलाल सैनी, आश्रम मंत्री सुशील कुमार बजाज, पूर्व स्नातक कुशल शर्मा आदि ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में योग कोच संदीप सिंह, बुद्धिप्रकाश व शूटिंग कोच पूर्ण सिंह शेखावत का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।
स्वगणना के प्रति जागरूकता को लेकर रंगोली कार्यक्रम आयोजित
भास्कर संवाददाता | चूरू जनगणना- 2027 के तहत स्वगणना को बढ़ावा देने के लिए जिलेभर में जागरूकता गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में सोमवार व मंगलवार को जिले के विभिन्न कॉलेजों व स्कूलों में रंगोली कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंगलवार को राउमावि लिलकी, राजकीय गर्ल्स कॉलेज तारानगर, कृषि कॉलेज तारानगर, शकुंतला देवी कॉलेज सिद्धमुख, राजकीय विधि कॉलेज चूरू सहित अन्य शिक्षण संस्थाओं में रंगोली प्रतियोगिताएं हुईं।
जनगणना; प्रगणक व सुपरवाइजर प्रशिक्षण जारी
चूरू | प्रमुख जनगणना अधिकारी व कलेक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में जनगणना -2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण व मकानों की गणना के तहत जिले में प्रगणकों व सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले के विभिन्न उपखंडों चूरू, तारानगर, रतनगढ़, राजगढ़, सुजानगढ़, सरदारशहर व बीदासर में निर्धारित कार्यक्रम अनुसार प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण में कार्मिकों को जनगणना प्रपत्रों का उपयोग, एचएलओ/ एचएलबी एप संचालन, डेटा संकलन, स्व-गणना, गोपनीयता व डेटा सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जा रही है। मंगलवार को भी जिले के सभी उपखंडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सच्ची भक्ति के वश में हो जाते हैं भगवान : संत हर्षराम
भास्कर न्यूज | दलोट भक्ति की शक्ति और भक्त पर आने वाले संकट को दूर करने के लिए भगवान के स्वयं प्रकट होने का जीवंत वर्णन अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के संत हर्ष राम महाराज ने किया। नानी बाई का मायरा कथा के दूसरे दिन आयोजित प्रसंग में बताया गया कि जब भक्त नरसी मेहता की परीक्षा लेने के लिए ससुराल पक्ष ने अभावों के बीच बाधाएं उत्पन्न की, तब श्रीकृष्ण ने स्वयं सेठ बनकर 56 करोड़ का मायरा भरा। कथावाचक ने समझाया कि मायरे का दूसरा दिन असल में भक्त की श्रद्धा और सब्र की परीक्षा का होता है, जहां दुनिया के तानों के बीच केवल ईश्वर का सहारा ही शेष बचता है। कथा के इस भावुक प्रसंग को सुनकर पांडाल में मौजूद श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए। अपमान और अभाव के बीच अटूट विश्वास : कथा के दौरान बताया गया कि नानी बाई के ससुराल पक्ष ने नरसी मेहता को नीचा दिखाने के उद्देश्य से मायरे की एक बहुत लंबी सूची भेजी थी। उन्हें पता था कि नरसी निर्धन हैं और इतनी बड़ी मांग पूरी नहीं कर पाएंगे। जब नरसी संतों की टोली के साथ अंजार पहुंचे, तो वहां भी उन्हें मान-सम्मान के बजाय अपमान मिला। उन्हें रुकने के लिए एक ऐसी जर्जर झोपड़ी दी गई, जिसकी छत तक नहीं थी और पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई। अपनी पिता की ऐसी दयनीय स्थिति देखकर बेटी नानी बाई अत्यंत दुखी हो गई, लेकिन नरसी ने धैर्य नहीं खोया और अपनी बेटी को ढांढस बंधाया कि सच्ची भक्ति में कोई बाधा नहीं आती। श्रीकृष्ण का आगमन और स्वर्ण मुद्राओं की वर्षा : ससुराल वालों के तानों और बेटी की व्यथा से आहत होकर जब नरसी ने श्रीकृष्ण को पुकारा, तब अद्भुत चमत्कार हुआ। कथा के अनुसार, अपमान से दुखी होकर नानी बाई जब जीवन त्यागने की ओर बढ़ी, तभी भगवान ने प्रकट होकर उसे रक्षा का वचन दिया। अगले दिन जब नरसी संतों के साथ मायरा भरने पहुंचे, तो उनके पीछे ऊंटों, घोड़ों और बैलगाड़ियों में अपार धन-संपदा का काफिला था। श्रीकृष्ण ने सेठ का रूप धरकर ससुराल पक्ष के लोभ को शांत करने के लिए लगातार बारह घंटे तक स्वर्ण मुद्राओं की वर्षा की। जब लोगों ने उनका परिचय पूछा, तो उन्होंने स्वयं को नरसी का सेवक बताकर भक्ति की महिमा को सर्वोपरि सिद्ध कर दिया।
जनसुनवाई में 214 आवेदकों की शिकायतें दर्ज
मुरैना। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित हुई । कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के मार्गदर्शन में जिपं के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश भार्गव ने 214 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। आवेदनों में राजस्व प्रकरण, भूमि विवाद, छात्रवृत्ति शिकायतें, अतिथि शिक्षक से जुड़े मुद्दे, स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक न्याय, पेंशन, स्वच्छता, अतिक्रमण और सिंचाई विभाग से संबंधित मामले शामिल रहे। भार्गव ने प्रकरणों की समीक्षा की और विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित व समयबद्ध कार्रवाई कर आमजन को शीघ्र राहत देने के निर्देश दिए।
महामाया मंदिर न्यास की नई कार्यकारिणी बनी
मुरैना | श्रीमूर्ति महामाया मंदिर न्यास मुरैना की प्रबंध कार्यकारिणी का चुनाव कार्यक्रम मंदिर प्रांगण में संपन्न हुआ। निर्वाचन अधिकारी राज प्रताप दंडोतिया, एडवोकेट की देखरेख रही। 3 मई को निर्वाचन प्रक्रिया पूरी हुई थी। सचिव पद पर पातीराम मांझी, अंकेक्षक पद पर विष्णु बाथम, अध्यक्ष पद पर हरपाल मांझी, कोषाध्यक्ष पद पर रामनरेश कश्यप को निर्विरोध विजय घोषित किया। शपथ ग्रहण समारोह मंदिर प्रांगण में हुआ। निर्वाचन अधिकारी राज प्रताप दंडोतिया ने हरपाल मांझी, रामनरेश कश्यप, पातीराम मांझी, विष्णु कुमार बाथम को सत्य, निष्ठा की शपथ दिलाई।
9 को नेशनल लोक अदालत, प्रचार वाहन रवाना
मुरैना। 9 मई को नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय में होगा। तहसील विधिक सेवा समिति अंबाह, जौरा और सबलगढ़ में भी लोक अदालत लगेगी। इसमें दीवानी, मोटर दुर्घटना दावा, बैंक से जुड़े मामले, विद्युत प्रकरण, राजीनामा योग्य दांडिक लंबित प्रकरण और प्री-लिटिगेशन प्रकरण रखे जाएंगे। मामलों का निराकरण पक्षकारों से सहमति राजीनामा के जरिए किया जाएगा। प्रचार के लिए सोमवार को जागरूकता वाहन रवाना किया गया।
पेंशनर्स बोले - पेंशन भुगतान डीआर पर संघर्ष जारी रहेगा
भास्कर संवाददाता । मुरैना शहर के बिजली घर प्रांगण स्थित मंदिर परिसर में 5 मई को विद्युत पेंशनर्स एसोसिएशन मुरैना की मासिक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पेंशनर इशाक खान ने की। सफल संचालन कार्यवाहक अध्यक्ष जय नारायण शर्मा ने किया। बैठक के मुख्य वक्ता एसोसिएशन अध्यक्ष पीपी मिश्रा रहे। उन्होंने भोपाल में हुए हालिया घटनाक्रम की जानकारी दी। मिश्रा ने बताया कि 16 अप्रैल को प्रस्तावित आंदोलन शासन के सकारात्मक आश्वासन के बाद स्थगित किया था। ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले के साथ हुई वार्ता में दो प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। शासकीय गारंटी के साथ ट्रेजरी के माध्यम से पेंशन भुगतान, केंद्र के समान महंगाई राहत। दोनों मांगों को कैबिनेट में भेजने पर सहमति बनी है। मिश्रा ने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। बैठक में अनूठी पहल हुई। पांच पेंशनर मायाराम शर्मा, मुरारी लाल प्रजापति, सीएल नागर, दर्शन लाल, अब्दुल रहमान का जन्मदिन माल्यार्पण कर मनाया गया।
पहचान शिविर: 12 हितग्राहियों का किया परीक्षण
रामपुरकलां | ग्राम पंचायत में मंगलवार को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने दिव्यांगजनों की पहचान के लिए शिविर लगाया। शिविर का लक्ष्य घाटी नीचे क्षेत्र की 12 पंचायतों के दिव्यांगजनों को चिन्हित कर सरकारी योजनाओं से जोड़ना था। अधिकारियों के अनुसार शिविर में 12 दिव्यांगजनों की पहचान कर परीक्षण किया। 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों की भी जांच हुई। विभाग ने बताया कि चिन्हित हितग्राहियों को आगामी ब्लॉक स्तरीय शिविर में दिव्यांग प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
4 गरीब कन्याओं का कराया सामूहिक विवाह
मुरैना । जिला मुख्यालय के बायपास स्थित प्रेम संगम गार्डन में मंगलवार को ठाकुर राजमनी सिंह दंडोतिया शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति ने सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम में चार जरूरतमंद कन्याओं के विवाह विधि-विधान से संपन्न कराए गए। मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश अग्रवाल महासभा (भोपाल) के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश मित्तल रहे। समिति ने नवदंपतियों को गृहस्थी का आवश्यक सामान भी प्रदान किया।
स्कूलों में समर कैंप शुरू, शुल्क मात्र 25 रुपए माह
विदिशा| कलेक्टर अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी विद्यालयों में 1 मई से समर कैंप शुरू हो चुका है, जो 1 जून तक चलेगा। इसमें में खो-खो, बैडमिंटन, कबड्डी और चेस जैसे खेलों के साथ पेंटिंग, स्केचिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट एवं संगीत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मात्र 25 रुपए शुल्क वाले इस कैंप का समय सुबह 7 से 9 बजे निर्धारित है।
हैरानी! लटेरी नगर में कक्षा 1 से 8 तक शासकीय स्कूल नहीं
भास्कर संवाददाता| विदिशा/ लटेरी 20 हजार की आबादी वाले लटेरी में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक स्कूल नहीं है। सबसे ज्यादा असर मध्यम, निम्न वर्गीय परिवारों पर है। ऐसे में हर साल सैकड़ों बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। खुदारामपुर, नाऊखेड़ा शून्य नामांकन के कारण बंद हो चुके हैं। संकट को देखते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने पहल की है। उन्होंने खाली हो रहे सांदीपनि विद्यालय के भवन में प्राथमिक स्कूल शुरू करने का प्रस्ताव उच्च कार्यालय को भेजा है। कहा है कि रिक्त सरकारी भवनों में स्कूल शिफ्ट होने पर नगर के बच्चों को सुरक्षित, सुलभ शैक्षणिक माहौल मिलेगा। कन्या शाला से दूरी 250 मीटर है। इसलिए यह स्थान भी उपयुक्त बताया गया है। जानकारी के अनुसार नगर में अभी दो ही स्कूल संचालित हैं। दोनों नगर से 2 से 3 किमी दूर हैं। सांदीपनि के खाली भवन में स्कूल खोलने लिखा पत्र ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पुष्पेन्द्र वर्मा ने कहा, सांदीपनि में सीट फुल हो चुकी हैं। मॉडल में कक्षा 6 में प्रवेश परीक्षा से प्रवेश मिलता है। कक्षा 1 से 8 तक के लिए नगरीय क्षेत्र में कोई शासकीय स्कूल नहीं है। इसलिए छात्रों को परेशानी हो रही है। आयुक्त को पत्र लिखकर नए स्कूल खोलने की मांग की है। सांदीपनि विद्यालय के पुराने भवन में स्कूल खोला जा सकता है। हर एक किमी में स्कूल होना चाहिए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा, आपके माध्यम से मालूम पड़ा है कि लटेरी के नगरीय क्षेत्र में कक्षा 1 से 8 तक स्कूल नहीं है। मामले की जांच विभागीय अधिकारियों को करना चाहिए। अफसरों को गंभीरता से कदम उठाना चाहिए। आरटीई नियम के मुताबिक हर एक किमी में स्कूल होना चाहिए। हम भी संज्ञान लेंगे।
एसएटीआई पॉलिटेक्निक में प्रवेश के लिए आवेदन
विदिशा| 10वीं पास विद्यार्थियों के लिए एसएटीआई पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रवेश का सुनहरा अवसर उपलब्ध है। इच्छुक छात्र-छात्राएं तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम के तहत सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सीएसई, केमिकल एवं ऑटोमोबाइल ब्रांच में एडमिशन ले सकते हैं। प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया 4 मई से 29 मई तक जारी रहेगी।
काम न करने वाले प्रगणकों पर गिरेगी गाज, 6 को नोटिस, FIR और निलंबन का प्रस्ताव
भास्कर संवाददाता| विदिशा जिले में जनगणना का काम काफी ढीला चल रहा है। विदिशा शहरी इलाके में कई प्रगणक 5 दिन बाद भी अपनी सही लोकेशन पर नहीं पहुंचे हैं। कई प्रगणकों की ऐन टाइम पर लोकेशन बदल दी गई है। शहरी क्षेत्र में जनगणना में एसएटीआई कालेज के कई लेक्चरर की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन वे अभी तक नहीं पहुंचे हैं। इसलिए उनको नोटिस जारी किए गए हैं। सस्पेंड करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। 6 पर एफआईआर की तैयारी है। नगरपालिका सीएमओ और चार्ज अधिकारी दुर्गेश सिंह ठाकुर ने बताया कि लापरवाही पर एसएटीआई कॉलेज के 6 कर्मचारियों के खिलाफ जल्द ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सस्पेंड करने का प्रस्ताव बन चुका है। ये कर्मचारी जनगणना में ड्यूटी नहीं करना चाहते हैं। एक प्रगणक की ड्यूटी 1 से 4 मई तक शहर के माधवगंज इलाके में घर-घर जाकर लोगों से 33 सवाल पूछने के लिए लगाई गई थी। 4 दिन तक 6 प्रगणक और 1 सुपरवाइजर सहित कुल 7 दिनों की टीम का आपस में कोआर्डिनेशन तक नहीं हो सका। कई प्रगणक लोगों के घरों तक नहीं पहुंचे। 5 मई को इन प्रगणकों को नगरपालिका कार्यालय में बुलाकर उनको नई लोकेशन की जानकारी दी गई। इससे 5 दिन का समय बर्बाद हो गया। ऐसा कई इलाकों में हो रहा है। 30 मई तक 2.99 लाख घरों तक पहुंचकर 33 सवाल पूछने हैं।
रात में बारिश, अगले दिन तेज धूप, पारा 33 डिग्री
विदिशा/ आनंदपुर| विदिशा जिले में मौसम ने हल्का बदलाव दिखाया है। सुबह के समय तेज धूप के साथ बादल भी छाए। सोमवार को अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों में बादलों का असर बना रहेगा वहीं सोमवार देर शाम आनंदपुर में 15 मिनट तक झमाझम बारिश हुई। आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हुए। इससे यातायात प्रभावित हुआ।
नशे में चालक का उत्पात, राहगीरों को जड़े थप्पड़
विदिशा| राजीव नगर क्षेत्र में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे नशे में धुत थार चालक ने जमकर उत्पात मचाया। घटना गायत्री मंदिर के सामने की है। कई राहगीरों को थप्पड़ मारे। अचानक हुए हंगामे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चालक शराब के नशे में बेकाबू था। सड़क पर लोगों से उलझ रहा था। विरोध हुआ तो मारपीट शुरू कर दी। युवक ने थार का गेट खोलकर गाड़ी रोड पर खड़ी कर दी। काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। लोगों ने सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आरोपी को काबू में लिया। उसे हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया गया। उसके खिलाफ शांति भंग और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया आरोपी की मेडिकल जांच कराई जा रही है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

