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गुजरात: छत्रल GIDC में बॉयलर फटने से 4 लोगों की मौत

गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक रवि तेजा वसमसेट्टी ने बताया कि छत्राल GIDC स्थित कोविका कलर कंपनी में गुरुवार को बॉयलर फटने से चार लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद वहां आग लग गई। राज्य में 11 अक्टूबर की एक अन्य घटना में, गोधरा के मेडिकल कॉलेज से जुड़े सरकारी सिविल अस्पताल के दवा स्टोर रूम में आधी रात को भीषण आग लग गई। इसके चलते गर्भवती महिलाओं सहित 200 से अधिक मरीजों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। अस्पताल परिसर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद दमकल विभाग के कर्मचारी और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के कारण सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इसे भी पढ़ें: Rajkot में रिफाइनरी कर्मी की हत्या कर 1.53 करोड़ की लूट, नौ आरोपी गिरफ्तार गांधीनगर में फैक्ट्री का बॉयलर फटा, चार की मौत गांधीनगर के छत्राल GIDC (गुजरात औद्योगिक विकास निगम) क्षेत्र में स्थित 'कोविका कलर' नामक कंपनी में गुरुवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा पेश आया। काम के दौरान कंपनी परिसर में लगा एक बॉयलर अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना भीषण था कि आसपास का पूरा इलाका दहल उठा और तुरंत ही फैक्ट्री परिसर में विकराल आग फैल गई। गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक (SP) रवि तेजा वसमसेट्टी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि इस दर्दनाक घटना में चार लोगों की मौके पर ही झुलसने और मलबे की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और स्थानीय पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंचीं। बचाव कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस और संबंधित औद्योगिक सुरक्षा विभाग द्वारा बॉयलर फटने के कारणों, रखरखाव की स्थिति और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जा रही है।

प्रभासाक्षी 15 Oct 2026 6:08 pm

Gold Import 27% घटने से Trade Deficit पर घटेगा दबाव, 19.27 अरब डॉलर पर आया आयात

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान भारत का सोने का आयात 27 प्रतिशत से अधिक घटकर 19.27 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 26.51 अरब अमेरिकी डॉलर था। यह गिरावट तब आई है जब सरकार ने इस साल मई में सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया, जिससे आयात महंगा हो गया। सोने के आयात में आई यह भारी कमी काफी अहम है, क्योंकि भारत अपनी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए काफी हद तक विदेशों से होने वाली खरीदारी पर निर्भर है। सोने का आयात कम होने से देश के व्यापार घाटे (मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट) पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। रुपये और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव के बीच, कीमती धातुओं के आयात को नियंत्रित करने के उपायों के तहत सरकार ने 13 मई 2026 से सोने और चांदी पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) बढ़ा दिया था। इसे भी पढ़ें: Rajkot में रिफाइनरी कर्मी की हत्या कर 1.53 करोड़ की लूट, नौ आरोपी गिरफ्तार वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, 2026 में ऊंचे शुल्क और आयात के कड़े नियमों का असर घरेलू सोने की मांग पर पड़ने की उम्मीद है। वाणिज्य मंत्रालय की एक प्रस्तुति में बताया गया है कि सितंबर के महीने में सोने के आयात में भारी गिरावट आई है। इसके साथ ही चांदी के आयात में भी कमी देखी गई है—चाहे वह उस महीने की बात हो या कुल मिलाकर। कीमती धातुओं के आयात में यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब सितंबर में भारत का कुल वस्तु आयात बढ़कर 74.61 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 69.08 अरब अमेरिकी डॉलर था। वहीं, वस्तु निर्यात 23.04 प्रतिशत बढ़कर 44.40 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। इससे वस्तु व्यापार घाटा, जो एक साल पहले 33 अरब अमेरिकी डॉलर था, घटकर 30.21 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया है। सोने के आयात में यह कमी आयात की मांग को नियंत्रित करने के प्रयासों के बीच आई है, हालांकि इस गिरावट में ऊंचे शुल्कों का कितना योगदान रहा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

प्रभासाक्षी 15 Oct 2026 4:00 pm

Rajkot में रिफाइनरी कर्मी की हत्या कर 1.53 करोड़ की लूट, नौ आरोपी गिरफ्तार

गुजरात के राजकोट शहर में कीमती धातुओं की रिफाइनरी के एक कर्मचारी की गोली मारकर हत्या करने और करीब 1.53 करोड़ रुपये मूल्य का सोना-चांदी लूटने के मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राजकोट जोन-एक की पुलिस उपायुक्त हेतल पटेल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी राज्य के बाहर के रहने वाले हैं और लूटी गई संपत्ति बरामद कर ली गई है। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि थोराला थाना क्षेत्र में स्थित सोना-चांदी रिफाइनरी ‘तन्वी एक्सपोर्ट्स इंडिया लिमिटेड’ के कर्मचारी लालजीभाई सरधारा (53) पर बुधवार शाम चार अज्ञात लोगों ने हमला किया था। प्राथमिकी के अनुसार, सरधारा रिफाइनरी से 946 ग्राम वजन की सोने की छड़ें और दो किलोग्राम परिष्कृत चांदी के पाउडर से भरा बैग लेकर निकले थे। सोने की छड़ों का मूल्य करीब 1.48 करोड़ रुपये और चांदी के पाउडर का मूल्य 4.3 लाख रुपये बताया गया है। कंपनी के साझेदार बिपिनभाई विरदिया की शिकायत के अनुसार, चार आरोपियों में से दो मरून रंग की कार से उतरे और सरधारा से बैग छीनने की कोशिश की। शिकायत में कहा गया है कि जब सरधारा और सुरक्षा गार्ड बावनजी बाबूजी पढियार ने विरोध किया, तो सफेद कमीज पहने एक आरोपी ने कथित तौर पर बंदूक निकालकर सरधारा को गोली मार दी। इसके बाद आरोपी बैग लेकर कार से फरार हो गए। प्राथमिकी के अनुसार, सरधारा को एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी अपनी मुख्य इकाई से करीब 40 मीटर दूर स्थित रिफाइनरी से परिष्कृत सोना और चांदी सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में युग बिल्डिंग स्थित आभूषण निर्माण इकाई तक पहुंचाती है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, शस्त्र अधिनियम और गुजरात पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद कथित लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उपायुक्त जगदीश बांगरवा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को राजस्थान पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया।

प्रभासाक्षी 15 Oct 2026 3:43 pm

Sword Raas Video: एक हाथ से ड्राइव करती जीप, दूसरे हाथ से भांजती तलवार... क्षत्रिय राजपूत महिलाओं का ये तलवार रास हो गया वायरल

नवरात्रि में गरबा और डांडिया की रौनक तो आपने खूब देखी होगी, लेकिन गुजरात में उत्सव का एक ऐसा नजारा भी देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। यहां महिलाएं हाथों में तलवार लेकर मैदान में उतरीं और अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया। राजकोट और जामनगर में राजपूत समाज की महिलाओं ने तलवार रास के जरिए वीरता और संस्कृति की अनूठी झलक पेश की। पारंपरिक पोशाक, हाथों में चमचमाती तलवारें और आत्मविश्वास से भरी महिलाओं का अंदाज इस आयोजन को खास बनाता है।यह प्रदर्शन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को सहेजने की कोशिश भी है। खास बात यह है कि इस कला को सीखने के लिए महिलाओं को बाकायदा प्रशिक्षण दिया जाता है और नवरात्रि से पहले लंबे समय तक अभ्यास कराया जाता है।गरबा के साथ दिखा वीरता और परंपरा का संगमगुजरात में नवरात्रि का नाम आते ही गरबा और डांडिया की तस्वीर सामने आती है। हालांकि, राजकोट में होने वाला तलवार रास इस उत्सव को एक अलग पहचान देता है। यहां महिलाएं तलवारों के साथ पारंपरिक दांव-पेच और करतब दिखाती हैं। राजकोट पैलेस के ऐतिहासिक मैदान में क्षत्रिय समाज की महिलाएं इस प्रस्तुति के जरिए अपनी परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं। आयोजकों से जुड़ी जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम पिछले करीब 18 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्राचीन गरबा और रास संस्कृति को सहेजकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है।तलवार चलाना नहीं जानने वाली महिलाओं को भी मिलती है ट्रेनिंगइस आयोजन की खास बात यह है कि इसमें भाग लेने के लिए पहले से तलवार चलाना आना जरूरी नहीं है। कार्यक्रम से जुड़ी एक महिला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि संस्था में महिलाओं को बारीकी से प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जब दूर-दूर से लोग इस अनोखी प्रस्तुति को देखने पहुंचते हैं, तो उन्हें गर्व महसूस होता है। इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं ने काफी मेहनत की है। प्रशिक्षण के दौरान उन महिलाओं को भी सिखाया जाता है, जिन्हें पहले तलवार चलाने का अनुभव नहीं होता।डेढ़ महीने पहले से शुरू हो जाती है तैयारीइस कार्यक्रम से करीब 15 वर्षों से जुड़ी एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि तलवार रास में क्षत्रिय समाज की महिलाएं विशेष रूप से हिस्सा लेती हैं। उनके मुताबिक, नवरात्रि शुरू होने से लगभग डेढ़ महीने पहले ही अभ्यास शुरू हो जाता है। पैलेस ग्राउंड में होने वाली इस प्रस्तुति में तलवार के अलग-अलग दांव और स्टंट दिखाए जाते हैं। लगातार अभ्यास के जरिए महिलाएं अपने प्रदर्शन को तैयार करती हैं। #WATCH | Rajkot, Gujarat: Kshatriya Rajput women performed the traditional Sword Raas at Rajvi Palace during Navratri, displaying sword-fighting skills while riding bikes and jeeps. (12.10) https://t.co/DhkKCO9R5o— ANI (@ANI) October 12, 2026 परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिशराजकोट और जामनगर में महिलाओं का यह प्रदर्शन नवरात्रि के पारंपरिक उत्सव में एक अलग रंग जोड़ता है। जहां गरबा और डांडिया भक्ति और सामूहिक उल्लास का प्रतीक हैं, वहीं तलवार रास के जरिए महिलाएं अपनी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक युद्ध-कला से जुड़ी परंपराओं को जीवित रखने का प्रयास कर रही हैं।Zoho में इस साल सैलरी हाइक नहीं करने का ऐलान कर इसके फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने मांगी माफी, खस्ता हालत की वजह भी बताई

ज़ी न्यूज़ 13 Oct 2026 4:33 pm