राजस्थान में भाजपा का जनादेश घटा और कांग्रेस पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया: Dotasra
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने निकाय चुनाव परिणाम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि प्रदेश में भाजपा का जनादेश घटा है और कांग्रेस पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने एक्स के माध्यम से कहा कि राजस्थान में 2014-16 और 2026 दोनों बीजेपी शासन के दौर हैं। फिर भी कांग्रेस का वोट शेयर 31.51% से 34.25% हुआ, जबकि बीजेपी का का 39.63% से 35.19% रह गया। बीजेपी की वोट शेयर बढ़त 8.12% से सिर्फ 0.94% रह गई। विजेता पार्षद में भी कांग्रेस 30.92% से 35.27%, जबकि BJP 46.49% से 40.79%। यह आंकड़ें साफ बताते हैं कि राजस्थान में भाजपा का जनादेश घटा है और कांग्रेस पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जिसके लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। आपको बता दें कि कांग्रेस ने बीकानेर नगर निगम चुनाव में बहुत हासिल किया है। वहीं कई निकायों में भी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। PC:deccanherald अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
जयपुर। प्रदेश के पाली जिले की मारवाड़ जंक्शन नगर पालिका में चुनाव जीतने के एक दिन बाद निर्दलीय पार्षद की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां से वार्ड 7 से निर्दलीय पार्षद अबरार खान मेव (58) की आज निधन हो गया है। खबरों के अनुसार, निर्दलीय पार्षद अबरार खान मेव का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। सोमवार को मिली जीत की खुशी के बाद आज सुबह अबरार की मौत से परिवार, समर्थकों और स्थानीय निवासियों में शोक छा गया। खबरों के अनुसार, अबरार खान के घर पर आज सुबह खुशी का माहौल था और लोग उन्हें जीत की शुभकामनाएं दे रहे थे। इसी दौरान चाय पीते समय अबरार खान के सीने में अचानक तेज दर्द हुआ। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पाली के बांगड़ अस्पताल ले जाया गया। यहां पर सुबह करीब 9 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अबरार खान की मौत से नगर पालिका बोर्ड के गठन का राजनीतिक गणित पूरी तरह उलझ गया है। निकाय में कांग्रेस-बीजेपी ने 11-11 वार्ड जीते हैं। PC:bhaskar अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
लखनऊ में डॉ. एम.सी. सक्सेना ग्रुप ऑफ कॉलेज में मंगलवार को इंजीनियर्स डे के अवसर पर विभिन्न तकनीकी एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी प्रतिभा और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न वर्किंग एवं इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों द्वारा विशेष रूप से विभिन्न तकनीकी प्रोजेक्ट तैयार किए गए। विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट सिस्टम, ऑटोमेशन, सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन तथा आधुनिक कंप्यूटिंग तकनीकों से संबंधित अपनी समझ और कौशल का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली एवं उनके व्यावहारिक उपयोग के बारे में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं अन्य विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी। प्रोजेक्ट प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के उत्साह और तकनीकी नवाचार को देखकर सभी ने उनकी सराहना की। कॉलेज प्रशासन एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां छात्रों में तकनीकी ज्ञान, समस्या समाधान की क्षमता, टीम वर्क और इनोवेशन की भावना को विकसित करती हैं तथा उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नई सोच, नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में कॉलेज के विभिन्न विभागों के विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
सीहोर जनपद में विकास कार्य ठप:दो साल से अटकी वित्त आयोग की राशि, चबूतरा-पुलिया समेत कई काम रुके
सीहोर जनपद पंचायत में पिछले दो साल से वित्त आयोग की राशि नहीं मिलने से ग्रामीण इलाकों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। राशि के अभाव में चबूतरा निर्माण, पानी की टंकी, पुलिया और सौंदर्यीकरण जैसे काम रुक गए हैं। इससे नाराज जनपद अध्यक्ष नावड़ी बाई सुरसिंह बारेला ने मंगलवार को मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने जल्द बजट जारी करने की मांग की है। जनपद अध्यक्ष ने बताया कि सीहोर जनपद पंचायत में अध्यक्ष और 25 जनपद सदस्यों के क्षेत्रों में ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए विकास कार्य कराए जाते हैं। इन कामों के लिए वित्त आयोग से मिलने वाली राशि मुख्य जरिया है। उन्होंने बताया कि साल 2024 में 15वें वित्त आयोग की राशि आखिरी बार मिली थी। इसके बाद से अब तक 5वें वित्त आयोग की रुकी हुई राशि और चालू वित्तीय वर्ष की 16वें वित्त आयोग की राशि जनपद सदस्यों को नहीं मिली है। पहले भी दिए आवेदन ज्ञापन में कहा गया है कि राशि नहीं मिलने से जनप्रतिनिधियों को ग्रामीण इलाकों में लोगों की मांग के अनुसार काम कराने में परेशानी हो रही है। अध्यक्ष के मुताबिक, इससे पहले भी 18 मई 2026 को पोस्ट ऑफिस और अन्य माध्यमों से प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जल्द राशि जारी कराने की मांग जनपद अध्यक्ष ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से जनपद अध्यक्ष और सभी 25 जनपद सदस्यों की निधि में रुकी हुई 5वें वित्त आयोग और चालू वर्ष की 16वें वित्त आयोग की राशि शासन स्तर से जल्द जारी कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राशि जारी होने से ग्रामीण इलाकों में रुके विकास और जनहित के काम दोबारा शुरू हो सकेंगे।
मरीन ड्राइव पर सीएम साय की सादगी: मिट्टी के दीये बेचने वाली मीरा से खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के मरीन ड्राइव पर दीये बेच रही मीरा से अचानक दीया खरीदा और ₹1,000 दिए, उसके परिवार व सरकारी योजनाओं का हालचाल जाना। यह घटना 'सेवा संकल्प अभियान' के 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर हुई, जिसमें सीएम ने स्थानीय उत्पादों और कारीगरों के समर्थन का संदेश दिया।
गिरिडीह के पचंबा थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-2 में एक जीवित महिला का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म नंबर-7 जमा करने का आरोप लगा है। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को वार्ड संख्या-2 के सैकड़ों लोग पचंबा थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस को आवेदन देकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। वार्ड संख्या-2 निवासी शाहिदा खातून ने पचंबा थाना में लिखित शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि वह शहादत अंसारी की पत्नी हैं और भाग संख्या-4 की मतदाता हैं। शाहिदा खातून का कहना है कि वह जीवित हैं और अपने वर्तमान पते पर ही रह रही हैं। इसके बावजूद उनके नाम को मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म नंबर-7 जमा किया गया है। उन्होंने अपने आवेदन में भाग संख्या-4 के भाजपा द्वारा नियुक्त बीएलए-2 पर आरोप लगाया है। शाहिदा खातून ने कहा कि जीवित होने के बावजूद मतदाता सूची से नाम हटाने का यह प्रयास उनके मताधिकार और नागरिक अधिकारों को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला है। इस दौरान झामुमो के गिरिडीह जिलाध्यक्ष संजय सिंह, डिप्टी मेयर सुमित कुमार समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी थाना पहुंचे। नेताओं ने थाना प्रभारी से मुलाकात कर मामले की जांच कराने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने आरोप लगाया कि वार्ड संख्या-2 के करीब 25 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए कथित तौर पर फॉर्म नंबर-7 जमा किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जीवित मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर ऐसे मामलों को पहचान करने और जानबूझकर गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने यह भी बताया कि गांडेय में भी ऐसा ही विवाद हुआ था, जिस पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी जीवित मतदाता का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटना उसके मताधिकार का हनन है। लोगों ने प्रशासन से एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जमा किए गए फॉर्म नंबर-7 की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
लद्दाख घूमने वालों के लिए अच्छी खबर, जंस्कार फेस्टिवल शुरू; LG ने युवाओं को दिया खास मंत्र
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 11वें लद्दाख ज़ंस्कार फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन किया, जो ज़ंस्कार की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन क्षमता का उत्सव है। यह फेस्टिवल ज़ंस्कार को ज़िले का दर्जा मिलने के बाद पहला संस्करण है।
प्रसूता दर्द से चीखती रही, डिलीवरी के बाद मौत, मुजफ्फरपुर के अस्पताल में हंगामा
मुजफ्फरपुर के मां सुभद्रा स्मृति नर्सिंग होम में बच्चे को जन्म देने के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
8 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इसके बाद अब तक प्रदेश में नए राज्यपाल की नियुक्ति नहीं हुई है। इसे लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में 8 अगस्त को जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। जल्द ही इस मामले में निर्णय आ सकता है। दरअसल, मंगुभाई पटेल ने 8 जुलाई 2021 को मध्यप्रदेश के राज्यपाल का पद संभाला था। उनका पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी नए राज्यपाल की नियुक्ति नहीं हुई है। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के रिटायर्ड डॉ. एबी खान ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 153 के तहत प्रत्येक राज्य के लिए राज्यपाल की नियुक्ति का प्रावधान है और उनका कार्यकाल पांच साल का होता है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अजय रायजादा ने दलील दी कि पूर्व राज्यपाल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। ऐसे में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को राज्यपाल का कार्यभार सौंपा जाना चाहिए। मंगलवार को जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की कोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान भारत सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल और डिप्टी सॉलिसिटर जनरल कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि संविधान के अनुच्छेद 156 के तहत नए राज्यपाल की नियुक्ति होने तक पूर्व राज्यपाल पद पर बने रह सकते हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है। 5 साल का कार्यकाल पूरा, अब तक नए राज्यपाल की नियुक्ति नहीं याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अजय रायजादा और अभिमन्यु सिंह ने बताया कि भारत सरकार के 8 जुलाई 2021 के राजपत्र के अनुसार मध्यप्रदेश के राज्यपाल की नियुक्ति पांच वर्ष के लिए की गई थी। यह अवधि 7 जुलाई 2026 को पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक नए राज्यपाल की नियुक्ति नहीं की गई है। याचिका में कहा गया है कि पूर्व में ऐसी परिस्थितियों में संबंधित राज्य के मुख्य न्यायाधीश को कार्यवाहक राज्यपाल का प्रभार सौंपा गया है। याचिकाकर्ता ने राष्ट्रपति के सचिव, भारत सरकार के विधि मंत्रालय और राज्यपाल के सचिव को पक्षकार बनाते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
आगरा: प्रेमिका के इलाज पर खर्च किए 80 लाख, NEET की तैयारी करते-करते करने लगा ट्रेनों में चोरी
जीआरपी आगरा कैंट ने ट्रेनों में चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें नीट की परीक्षा दे चुका पुनीत और उसका साथी आकाश गिरफ्तार हुए हैं। पुनीत ने अपनी प्रेमिका के कैंसर के इलाज और विलासितापूर्ण जीवनशैली के लिए यात्रियों को निशाना बनाया, जिससे लगभग 25 लाख के जेवरात बरामद हुए हैं।
जिला कलेक्ट्रेट स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग के कार्यालय में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया, जब निरीक्षण के दौरान अनुपस्थिति लगाए जाने से नाराज एक दिव्यांग शिक्षक कार्यालय पहुंच गए। शिक्षक ने विभाग में अटैच कर्मचारी मंगल सिंह से बहस की और उन पर बैसाखी से हमला करने का प्रयास किया। मंगल सिंह ने बैसाखी पकड़ ली, जिससे उन्हें चोट नहीं लगी। आरोप है कि शिक्षक शराब के नशे में थे और उन्होंने कार्यालय में गाली-गलौज भी की। कर्मचारियों ने पुलिस को बुलाकर शिक्षक को उसके हवाले कर दिया। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया। निरीक्षण के दौरान लगाई थी अनुपस्थिति मिली जानकारी के अनुसार शिक्षक वीरेंद्र विमल खेरीखता स्थित कन्या छात्रावास में पदस्थ हैं। कुछ समय पहले छात्रावास का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान विभाग में अटैच शिक्षक मंगल सिंह ने वीरेंद्र विमल की अनुपस्थिति दर्ज कर दी थी। अनुपस्थिति को लेकर मंगल सिंह से बहस इसी बात से नाराज वीरेंद्र विमल मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। वे सीधे आदिम जाति कल्याण विभाग के कार्यालय में गए और मंगल सिंह से अनुपस्थिति लगाने को लेकर सवाल करने लगे। दोनों के बीच बहस होने लगी। वीरेंद्र का कहना था कि उनकी अनुपस्थिति कैसे लगाई गई। इसी दौरान उन्होंने मंगल सिंह पर बैसाखी से हमला करने का प्रयास किया। मंगल सिंह ने बैसाखी पकड़ ली। कर्मचारियों ने पुलिस को बुलाया आरोप है कि वीरेंद्र विमल शराब के नशे में थे। उन्होंने कार्यालय में काफी गाली-गलौज की, जिसके बाद वहां कर्मचारियों की भीड़ जमा हो गई। स्थिति बिगड़ती देख विभाग के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर कर्मचारियों ने शिक्षक को उसके हवाले कर दिया। बाद में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया।
सलूम्बर नगर परिषद के चुनाव नतीजों ने शहर की सियासत में रोमांच बढ़ा दिया है। 25 वार्डों वाली नगर परिषद में भाजपा 12 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस ने 11 वार्डों में जीत दर्ज की। वहीं भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और निर्दलीय प्रत्याशी ने एक-एक सीट जीतकर सत्ता का पूरा गणित उलझा दिया है। बहुमत के लिए 13 पार्षदों की जरूरत है और भाजपा बहुमत से महज एक कदम दूर है। एक-एक सीट हुई निर्णायक यानी 12 बनाम 11 के इस मुकाबले में अब एक-एक सीट निर्णायक हो गई है। BAP और निर्दलीय के खाते में गई सीटें अब केवल आंकड़े नहीं, बल्कि नगर परिषद की सत्ता की चाबी बन गई हैं। किस खेमे को किसका साथ मिलेगा, इसे लेकर सलूम्बर की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वार्ड-8 में बड़ा उलटफेर, पूर्व सभापति हारे सबसे चर्चित मुकाबलों में वार्ड नंबर 8 का परिणाम रहा। यहां भाजपा के कैलाश चन्द्र गांघी ने 253 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने सलूम्बर नगर परिषद के पूर्व सभापति प्रधुमन कोडिया को 43 वोट से शिकस्त दी। कोडिया को 210 वोट मिले। वार्ड 13 से बीजेपी के बागी निर्दलीय 13 वोटों से जीते वार्ड 13 से निर्दलीय महेश गर्ग ने जीत हासिल की है। महेश गर्ग ने बीजेपी से टिकट की मांग की थी। जब टिकट नहीं मिली तो उन्होंने निर्दलीय फॉर्म जमा करा दिया। नतीजे आने पर महेश गर्ग 13 वोटों से चुनाव जीत गए। टाई मुकाबले में लॉटरी से जीती बीजेपी वार्ड नंबर 14 का मुकाबला चुनाव का सबसे रोमांचक परिणाम लेकर आया। यहां दोनों प्रत्याशियों को बराबर वोट मिले। मतों की बराबरी के बाद नियमानुसार गोटी (लॉटरी) से फैसला कराया गया। गोटी भाजपा के पक्ष में गिरी और सीट भाजपा के खाते में चली गई। इस एक फैसले ने भाजपा की सीटों की संख्या 11 से बढ़ाकर 12 कर दी। जिससे बोर्ड बनाने का पूरा समीकरण बदल गया।वार्ड 25 में सबसे करीबी मुकाबला, 6 वोट से जीत चुनाव में सबसे कम अंतर की जीत वार्ड नंबर 25 में देखने को मिली। यहां कांग्रेस की मीनाक्षी ने भाजपा की पूर्व पार्षद नीलम पटेल को महज 6 वोट से हराया। इन वार्डों में भी कांटे का रहा मुकाबला 333 वोट से सबसे बड़ी जीत, 309 और 263 वोट के अंतर ने भी चौंकाया कुछ वार्डों में जीत का अंतर महज कुछ वोट रहा, वहीं वार्ड नंबर 24 में कांग्रेस की रानी बानो ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 333 वोट से हराया। यह चुनाव की सबसे बड़ी जीतों में रही। वार्ड 17 में भाजपा के जहीर खान ने 309 वोट और वार्ड 21 में लव व्यास ने 263 वोट के बड़े अंतर से जीत हासिल की।महिला प्रत्याशियों ने भी छोड़ी मजबूत छाप नगर परिषद चुनाव में महिलाओं की भागीदारी भी खास रही। कुल 19 महिला प्रत्याशियों ने चुनावी मैदान में दावेदारी की थी। पार्टीवार महिला प्रत्याशियों की दावेदारी में कांग्रेस की 9, भाजपा की 8, BAP की 1 और निर्दलीय की 1 महिला प्रत्याशी मैदान में थीं। नतीजों में कुल 10 महिला प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। उपलब्ध पार्टीवार अंतिम आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस की 6, भाजपा की 3 और BAP की 1 महिला प्रत्याशी विजयी रही। बाप और निर्दलीय बने किंगमेकर 25 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत का आंकड़ा 13 है। भाजपा ने 12 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया है, लेकिन पूर्ण बहुमत से अभी एक सीट दूर है। कांग्रेस के पास 11 पार्षद हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के बीच केवल एक सीट का अंतर है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि BAP की एक और निर्दलीय की एक सीट अब सत्ता के समीकरण में निर्णायक हो गई है। 12 सीट लेकर सबसे बड़ी पार्टी भाजपा, लेकिन बहुमत से एक कदम दूर … यह खबर भी पढ़ें सलूंबर में बाप-निर्दलीय के हाथ में सभापति पद की चाबी:बीजेपी को एक और कांग्रेस को 2 पार्षदों की जरूरत, वार्ड 14 में लॉटरी से निकला रिजल्ट
जालोर नगर परिषद चुनाव के नतीजे आने के बाद अब बोर्ड गठन और सभापति पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। परिषद में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से सभापति की कुर्सी का फैसला सात निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निर्भर हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही निर्दलीयों को अपने पाले में लाने के लिए सियासी समीकरण साधने में जुट गए हैं। सभापति पद की दौड़ में भाजपा के तीन और कांग्रेस के चार पार्षदों के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। भाजपा से वार्ड-4 के नितिन सोलंकी, वार्ड-33 के जयसिंह और वार्ड-34 के श्रीकांत भूतड़ा दावेदार माने जा रहे हैं। कांग्रेस से वार्ड-20 के तरुण सोलंकी, वार्ड-32 की शोभा सुन्देशा, वार्ड-10 की सैय्यद मुमताज और वार्ड-25 के बंशीलाल माली का नाम चर्चा में है। हालांकि भाजपा से नितिन सोलंकी और कांग्रेस से तरुण सोलंकी को प्रमुख दावेदार बताया जा रहा है। 14 पार्षद माली समाज से, दोनों दलों पर दबावनगर परिषद में माली समाज के 14 पार्षद निर्वाचित होकर आए हैं। ऐसे में दोनों दलों में इस समाज से सभापति बनाने की मांग भी उठ रही है। दूसरी ओर भाजपा पार्षद जयसिंह भी सभापति पद के लिए अपनी दावेदारी जता रहे हैं। चर्चा है कि पार्टी की ओर से टिकट नहीं मिलने पर वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर सकते हैं। कांग्रेस को 2, भाजपा को 7 पार्षदों की जरूरत40 वार्ड वाली नगर परिषद में कांग्रेस के 19, भाजपा के 14 और निर्दलीय 7 पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं। बोर्ड गठन के लिए 21 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में कांग्रेस बहुमत से महज दो कदम दूर है, जबकि भाजपा को सात अतिरिक्त पार्षदों का समर्थन जुटाना होगा। यही वजह है कि सातों निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। पहले दिन 30 नामांकन फॉर्म उठेसभापति चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही दावेदारों की सक्रियता भी सामने आ गई। पहले दिन कुल 30 नामांकन फॉर्म लिए गए। इनमें कांग्रेस के छह दावेदारों ने 12 और भाजपा के चार दावेदारों ने आठ फॉर्म लिए। वार्ड-21 से चुनाव हारने वाले कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह सांखला ने भी सभापति पद के लिए नामांकन फॉर्म लिया है। इसके अलावा कई अन्य दावेदारों ने भी फॉर्म लिए हैं।
समाजवादी लोहिया वाहिनी के नवनियुक्त प्रदेश सचिव अनाम प्रतापगढ़ी के मंगलवार को गृह जनपद पहुंचने पर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया। शहर में पहुंचने के बाद अनाम प्रतापगढ़ी समाजवादी पार्टी कार्यालय मीरा भवन पहुंचे। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत करते हुए नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनके प्रदेश सचिव बनने से संगठन को मजबूती मिलेगी और युवाओं को पार्टी से जोड़ने में मदद मिलेगी। अनाम प्रतापगढ़ी ने स्वागत के लिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसका पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। इस मौके पर पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह, मुन्ना यादव, कुंवर शांतनु प्रताप सिंह, अनिल मौर्य, विकास यादव, सुनील यादव, राजीव विश्वकर्मा, तौफीक आलम, मानवेंद्र पटेल, अंकुश पाल, रामकिशुन सरोज, सलाउद्दीन, अनस, हासिम, प्रवेश मौर्य, राजेश गौड़, महताब, साहेब अली, अखिलेश समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
साली के घर आए जीजा ने पेड़ से फंदा लगाया:परिजन बोले- जमीन को लेकर विवाद में जान दी; धरने पर बैठे
बाड़मेर में एक युवक के रोहिड़े के पेड़ से लटकर सुसाइड करने का मामला सामने आया है। युवक अपनी पत्नी के साथ साली के घर पर गया था। वहां पर बाथरूम जाने का बोलकर खेत में जाकर पेड़ से लटक गया।घटना बाड़मेर जिले के सदर थाना इलाके बाड़मेर गादान गांव में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। फिलहाल परिजन मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। पेड़ से लटका मिला शव सदर थाना एएसआई दादूराम ने बताया कि देवीसिंह (44) पुत्र कबीराराम निवासी गंगासरा हाल बाड़मेर गादान सोमवार को पत्नी के साथ साली से मिलने के लिए उनके घर पर गया था। कुछ देर बाद देवीसिंह बाथरूम का बोलकर बाहर गए, लेकिन वापस नहीं लौटे। जिसके बाद पत्नी ने इधर-उधर देखा और ढूंढते हुए खेत में गईं। वहां पर देवीसिंह का शव रोहिड़ के पेड़ से लटका हुआ मिला। पत्नी की चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में हॉस्पिटल लेकर आए। यहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। धरना प्रदर्शन जारी शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। जहां पर परिजनों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। परिजनों की मांग है कि जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस परिजनों से समझाइश करने का प्रयास कर रही है। जमीन का बताया जा रहा मामला इस मामले में मृतक के परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जमीन को लेकर देवीसिंह को प्रताड़ित किया जा रहा था। इसके बाद अब परिजन उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जमीन को लेकर देवाराम, हिंदूसिंह, गजेसिंह समेत अन्य लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि कर्मचारियों द्वारा नियमितीकरण से पूर्व अनुबंध, तदर्थ, दैनिक वेतन एवं वर्क-चार्ज के आधार पर दी गई सेवा को पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभों के लिए अर्हकारी सेवा में शामिल किया जाना चाहिए। न्यायालय ने यह भी कहा है कि सेवा में आने वाले कृत्रिम या प्रशासनिक अंतरालों को, परिस्थितियों के अनुसार, वास्तविक निरंतर सेवा के बीच बाधा नहीं माना जाना चाहिए। न्यायालय ने पेंशन को पूर्व में दी गई सेवा के बदले मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा बताते हुए कहा कि ऐसे में कर्मचारी को पेंशन लाभ से वंचित करना सामान्यतः अनुचित है। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शिक्षक नेता उपेन्द्र कौशल ने कहा कि मध्यप्रदेश में 1998 से आगे विभिन्न चरणों में नियुक्त पुराने शिक्षकों की सेवा, वेतन, वरिष्ठता एवं पेंशन संबंधी विषयों पर शासन को सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय की भावना का अध्ययन करते हुए वर्षवार, संवर्गवार एवं नियुक्ति की वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर न्यायसंगत नीति बनानी चाहिए। पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के मामले में आया है सुप्रीम कोर्ट का फैसला दरअसल पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड एवं अन्य बनाम सतनाम सिंह एवं अन्य की सिविल अपील क्रमांक 6865/2022 में 8 सितंबर 2026 को दिए निर्णय में स्पष्ट किया है कि लंबे समय तक लगातार सेवा देने के बाद नियमित किए गए कर्मचारियों की पूर्व-नियमित सेवा को केवल तकनीकी आधार पर पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभों से वंचित करना उचित नहीं है। न्यायालय ने कहा कि कर्मचारी की सेवा के वास्तविक स्वरूप को उसके नियुक्ति-पत्र में प्रयुक्त शब्दावली से अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी माना है कि संबंधित कर्मचारियों द्वारा नियमितीकरण से पूर्व अनुबंध, तदर्थ, दैनिक वेतन एवं वर्क-चार्ज के आधार पर दी गई सेवा को पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभों के लिए अर्हकारी सेवा में शामिल किया जाना चाहिए। न्यायालय ने यह भी कहा कि सेवा में आने वाले कृत्रिम अथवा प्रशासनिक अंतरालों को, परिस्थितियों के अनुसार, वास्तविक निरंतर सेवा के बीच बाधा नहीं माना जाना चाहिए। पेंशन को बताया सेवा का अर्जित अधिकार फैसले में सर्वोच्च न्यायालय ने पेंशन को पूर्व में दी गई सेवा के बदले मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा बताते हुए कहा कि लंबे समय तक निरंतर सेवा देने वाले कर्मचारी को बाद में नियमित किए जाने के पश्चात केवल तकनीकी या कृत्रिम आधार पर पेंशन लाभ से वंचित करना सामान्यतः अनुचित है। इस फैसले में न्यायालय ने पूर्व-नियमित सेवा को पेंशन के लिए गणना में शामिल करने के पूर्व के न्यायिक दृष्टांतों पर भी भरोसा किया तथा ऐसे मामले में जहां कर्मचारी 2004 से पहले सेवा में आया था और बाद में नियमित हुआ, पूर्व सेवा को पेंशन के लिए अर्हकारी मानने के सिद्धांत को स्वीकार किया। मध्यप्रदेश के पुराने शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शिक्षक नेता उपेन्द्र कौशल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय उन हजारों पुराने शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्होंने वर्षों तक विभिन्न अस्थायी, संविदा, अध्यापक अथवा स्थानीय निकाय आधारित व्यवस्थाओं में सेवा देने के बाद नियमित/नवीन संवर्ग में स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी ने शासन की व्यवस्था के अंतर्गत वर्षों तक सेवा दी और बाद में उसे नियमित सेवा में शामिल किया गया है, तो उसकी पूर्व सेवा के वास्तविक स्वरूप तथा सेवानिवृत्ति लाभों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। केवल नियमितीकरण की बाद की तारीख को आधार बनाकर वर्षों की पूर्व सेवा की उपेक्षा करना न्यायसंगत नहीं होना चाहिए। सरकार पुराने शिक्षकों, कर्मचारियों की पूर्व सेवा का कराए परीक्षण कौशल ने कहा कि मध्यप्रदेश में 1998 से आगे विभिन्न चरणों में नियुक्त पुराने शिक्षकों की सेवा, वेतन, वरिष्ठता एवं पेंशन संबंधी विषयों पर शासन को सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय की भावना का अध्ययन करते हुए वर्षवार, संवर्गवार एवं नियुक्ति की वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर न्यायसंगत नीति बनानी चाहिए। उन्होंने शासन से मांग की कि पुराने शिक्षकों-कर्मचारियों की पूर्व सेवा को लेकर उत्पन्न विसंगतियों का परीक्षण किया जाए तथा जिन कर्मचारियों ने लंबे समय तक सेवा देने के बाद नियमित सेवा प्राप्त की है, उन्हें उनके वास्तविक सेवा योगदान के अनुरूप पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करने की दिशा में निर्णय लिया जाए।
शाहजहांपुर में मंगलवार शाम 4 बजे पिता के सामने हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक बेटे की मौत हो गई। मृतक की पहचान 18 साल के मानवेंद्र के रूप में हुई है। मानवेंद्र अपने पिता के साथ पुवायां क्षेत्र में मजदूरी करने आया था। मिक्सर मशीन पर चढ़ते ही वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया और जमीन पर गिर गया। पिता तुरंत बेटे को बाइक पर बैठाकर अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मानवेंद्र 12वीं कक्षा में पढ़ता था और पढ़ाई के साथ-साथ पिता का हाथ बंटाने के लिए मजदूरी भी करता था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। मानवेंद्र सिंधौली थाना क्षेत्र के सिसैया गांव का रहने वाला था। वह मंगलवार सुबह अपने पिता भानू प्रताप के साथ पुवायां थाना क्षेत्र के लखनापुर गांव में लिंटर डालने गया था। वहां अन्य मजदूर भी काम कर रहे थे। लिंटर के लिए मसाला बनाने को मिक्सर मशीन मंगाई गई थी। मानवेंद्र किसी काम से मिक्सर मशीन पर चढ़ा और ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगते ही वह जमीन पर गिर गया। यह पूरा हादसा उसके पिता की आंखों के सामने हुआ। पिता तुरंत बेटे को बाइक पर बैठाकर पुवायां सीएचसी लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मानवेंद्र को मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया यह मिक्सर मशीन सिसैया गांव के रजनीश की थी, जिसे वह चार दिन पहले ही खरीदकर लाए थे। मृतक की मां सुशीला देवी, पिता भानू प्रताप और छोटे भाई अनितेष इस घटना से सदमे में हैं। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुवायां इंस्पेक्टर क्राइम राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अस्पताल से मेमो के जरिए उन्हें जानकारी मिली थी। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सुल्तानपुर में लखनऊ-वाराणसी हाइवे पर मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे लोहरामऊ के पास हादसा हो गया। नाश्ते के लिए परिवार के साथ रुके 53 वर्षीय विजय धींगरा टहलने निकले थे। इसी दौरान लखनऊ की ओर जा रहे कोयला लदे ट्रक की चपेट में आ गए। ट्रक के पहिए के नीचे आने के बाद वे करीब 50 मीटर तक घिसटते चले गए। हादसे में उनकी मौत हो गई। PGI से इलाज कराकर लौट रहे थे मृतक की पहचान वाराणसी जिले के सिद्धनाथ नगर निवासी विजय धींगरा पुत्र श्याम सुंदर धींगरा के रूप में हुई है। वह परिवार के साथ लखनऊ के पीजीआई अस्पताल से इलाज कराकर घर लौट रहे थे। उनके साथ पत्नी, बेटा चिराग धींगरा और बहू भी थीं। विजय की पेशाब की नली लगी हुई थी। परिवार हाइवे पर 56 एनएच के पास भोजन और नाश्ते के लिए रुका था। परिजन नाश्ता कर रहे थे, इसी दौरान विजय बाहर टहलने निकल गए। ट्रक के आगे और पीछे के पहिए के नीचे आए बताया गया कि टहलते समय विजय लखनऊ की ओर जा रहे कोयला लदे ट्रक के सामने आ गए। ट्रक का अगला पहिया उनके ऊपर से गुजरने के बाद पिछला पहिया भी उनके ऊपर से निकल गया। वह ट्रक के पहिए में फंस गए और करीब 50 मीटर तक घसीटते चले गए। हादसे में उनकी कमर से नीचे का हिस्सा बुरी तरह कुचल गया। हादसे के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। विजय को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची कोतवाली देहात पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है। हादसे की परिस्थितियों और चालक की भूमिका की जांच की जा रही है।
देवास में नागा संत मंगलदास महाराज का निधन हो गया। उन्हें जम्मू वाले बाबा, राइडर बाबा और हाईटेक बाबा जैसे नामों से जाना जाता था। मंगलदास महाराज ने अपनी बुलेट से करीब पांच बार पूरे भारत का भ्रमण किया था। वे करीब 60 साल से अमरनाथ की पैदल यात्रा करते आ रहे थे और वहां सेवा कार्य भी करते थे। उनके निधन की खबर मिलने के बाद जम्मू, गुजरात, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से कई संत देवास पहुंचे। नर्मदा किनारे संत परंपरा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। गुजरात से आए संत परमेश्वर दास ने बताया कि मंगलदास महाराज ने अपना पूरा जीवन साधु-संत के रूप में बिताया। वे निर्वाणी अणी अखाड़े के नागा संत थे और परमेश्वर दास के गुरुभाई भी थे। महाराज का निधन सोमवार को हुआ था। इसके बाद उनका शव जिला अस्पताल में रखा गया। मंगलवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को ले जाया गया। जम्मू से गुजरात तक संत जीवन से जुड़ी रही यात्रा मंगलदास महाराज का गुरू स्थान जम्मू है। करीब छह दशक तक उनका जम्मू से गहरा जुड़ाव रहा। बाद में वे गुजरात में निवास करने लगे थे। अमरनाथ से देवास पहुंचने के बाद वे करीब दो माह तक भ्रमण करते हुए यहां रहे। पिछले करीब 20 दिनों से वे देवास में ही थे। उनके शरीर पूरा करने की खबर के बाद जम्मू, गुजरात, उज्जैन और मध्यप्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से संत देवास पहुंचे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शामिल हुए। 24 साल से देवास से जुड़ाव समाजसेवी दीपक गर्ग ने बताया कि मंगलदास महाराज का कैलादेवी मंदिर से करीब 24 वर्षों से जुड़ाव रहा। वे वर्ष में करीब तीन बार देवास आते थे और यहां संतों व श्रद्धालुओं के बीच समय बिताते थे। इस बार भी वे करीब 20 दिनों से देवास में ही रुके हुए थे। संत के रूप में उनका जीवन धार्मिक यात्राओं, सेवा और साधना को समर्पित रहा। बुलेट से देशभर में भ्रमण करने की उनकी अनूठी शैली के कारण वे साधु-संतों के बीच अलग पहचान रखते थे।
जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश राजपूत आज एटा पहुंचे। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल भेंट किए और माला पहनाई। मंगलवार दोपहर 2:30 पर प्रभारी मंत्री एटा पहुंचे थे। दरअसल, प्रभारी मंत्री कैलाश राजपूत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और एटा के लोगों को विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ने के लिए आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनाने आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मोदी जी के 25 साल के सेवाकाल की जन कल्याणकारी उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाना है। हर नागरिक को विकसित भारत 2047 के संकल्प से सामूहिक रूप से जोड़ने के लिए ये कार्यक्रम हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन है। सरकार और संगठन ने मिलकर जिले के हर पोलिंग बूथ पर दो-दो सौ दीपक जलाने का लक्ष्य रखा है। संगठन और सरकार के लोग मिलकर इस काम को पूरा करेंगे। दीपक जलाकर प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दी जाएंगी और उनकी लंबी उम्र की कामना की जाएगी। उन्होंने कहा कि ईश्वर उन्हें इतनी शक्ति दे कि भारत विकसित हो और दुनिया में नंबर एक देश बन जाए। कैलाश राजपूत ने कहा कि अमीर लोगों को छोड़कर बाकी सभी को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का फायदा मिल रहा है। हाल ही में योगी सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी 7 हजार रुपए बढ़ाई है। एक नया निगम भी बनाया गया है, जिससे अब ठेका कंपनियां आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाल पाएंगी। उनके परिवार के लिए 5 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की व्यवस्था भी की गई है। अब वकीलों को भी कैशलेस इलाज देने पर विचार चल रहा है। योगी सरकार ने यह फैसला लेने वाला देश का पहला राज्य है। अखिलेश जी की सरकार में अपार गुंडागर्दी हुई। दिनदहाड़े माताओं बहनों को लूटा गया। पूरा प्रदेश अराजकता में झोंक दिया गया। जितना ये लाल टोपी लगाकर प्रदर्शन करेंगे उतना ही भाजपा का प्रचार होगा। लोग कहेंगे ये गुंडे फिर आ गए। भारी संख्या में योगी का मुस्लिम समाज की माताएं बहनें लड़कियां गुणगान कर रहे हैं। आगामी चुनाव मोदी योगी के नेतृत्व में चुनाव होगा। भाजपा 300 से पार सीटें जीतेगी। बड़े बड़े माफिया प्रदेश छोड़कर भाग गए अतीक जैसे मिट्टी में मिला दिए गए।
स्वामित्व योजना में निष्पादक बनाने के खिलाफ पटवारी:बोले- काम करने से नहीं डरते, कार्रवाई से डरते हैं
स्वामित्व योजना में पटवारियों को निष्पादक (रजिस्ट्रार) की जिम्मेदारी दिए जाने के विरोध में पटवारियों में आक्रोश है। मंगलवार को जिलेभर के पटवारियों ने प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। पटवारियों ने मांग की कि उन्हें स्वामित्व योजना के निष्पादन, ई-केवाईसी, पंजीयन और इससे जुड़े व्यक्तिगत दायित्व वाले कार्यों से तुरंत अलग किया जाए। पटवारियों का कहना है कि वे काम करने से नहीं डरते, लेकिन ऐसी जिम्मेदारी के साथ भविष्य में कार्रवाई होने की आशंका से चिंतित हैं। स्वामित्व योजना में निष्पादक की जिम्मेदारी पर आपत्ति पटवारियों ने ज्ञापन में कहा कि स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को उनकी संपत्ति का अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराना और उसका निष्पादन एवं पंजीयन करना है। इसी योजना में पटवारी संवर्ग को निष्पादक की जिम्मेदारी दी गई है। पटवारियों का कहना है कि इस भूमिका से उन्हें अलग रखा जाना चाहिए। ज्ञापन में कहा गया कि ग्रामीण आबादी क्षेत्र की भूमि का स्वरूप सामान्य राजस्व कृषि भूमि से अलग है। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी का सर्वेक्षण और मानचित्रण पंचायत राज व्यवस्था के मार्गदर्शन में किया गया है। आवश्यक नक्शा, नाप और तकनीकी कार्यों में राजस्व विभाग के पटवारियों का सहयोग लिया गया था। पटवारी बोले- हमारी भूमिका सहयोग तक रही पटवारियों ने कहा कि इस कार्य में उनकी भूमिका सहयोगात्मक रही है। इसके लिए संबंधित कार्य का मानदेय भी पंचायत विभाग की ओर से दिया जा रहा है। संघ के मुताबिक पटवारियों की भूमिका मूल रूप से सहयोग और अभिलेखीय एवं मैदानी सहायता तक रही है, न कि योजना के मूल निष्पादन की। पटवारी संघ का कहना है कि ग्रामीण आबादी से जुड़े इस काम की मूल प्रशासनिक और क्रियान्वयन व्यवस्था विभागीय ढांचे के तहत रही है। इसलिए स्वामित्व योजना के निष्पादन और पंजीयन की जिम्मेदारी पटवारी संवर्ग को देना उचित नहीं है। नई योजनाओं का अतिरिक्त कार्यभार नहीं देने की मांग ज्ञापन के जरिए पटवारियों ने कहा कि जब तक पटवारी संवर्ग की लंबित वेतन विसंगति, ग्रेड-पे और कैडर रिव्यू सहित प्रमुख सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी निराकरण नहीं किया जाता, तब तक नई योजनाओं का अतिरिक्त तकनीकी और प्रशासनिक कार्यभार नहीं दिया जाए। संघ ने कहा कि पटवारी शासन की पहले से संचालित योजनाओं में अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे हैं। लेकिन मूल सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान किए बिना लगातार नई योजनाओं में अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। इसलिए पटवारियों को नई योजनाओं के अतिरिक्त कार्य से अलग रखा जाए। दबाव बढ़ा तो कलमबंद आंदोलन की चेतावनी पटवारियों ने चेतावनी दी कि यदि उन पर अत्यधिक दबाव बनाया गया और उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर कलमबंद आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। संघ ने कहा कि आंदोलन के कारण आम लोगों को होने वाली कठिनाई के लिए शासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
नीमच जिले के पटवारियों ने अपनी लंबित मांगों और लगातार बढ़ते अतिरिक्त काम के विरोध में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मध्य प्रदेश पटवारी संघ (जिला नीमच) के नेतृत्व में पटवारी मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर (एडीएम) बीएस कलेश को ज्ञापन सौंपा। पटवारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं और अतिरिक्त काम का दबाव बनाया गया, तो वे प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन और 'कलमबंद' हड़ताल करेंगे। पटवारी संघ ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के तहत पटवारियों को निष्पादक बनाने पर आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि इसमें पटवारियों की व्यक्तिगत कानूनी और प्रशासनिक जवाबदेही तय की जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण आबादी का सर्वे और पट्टा बांटने का काम मूल रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का है। पटवारी को ई-सिग्नेचर करने वाला निष्पादक बनाकर भविष्य के विवादों के लिए जिम्मेदार ठहराना गलत है। संघ ने मांग की है कि पटवारियों को सिर्फ रिकॉर्ड संबंधी मदद तक सीमित रखा जाए। निष्पादक का काम पंचायत विभाग के कर्मचारियों को दिया जाए। ज्ञापन में फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया में आ रही तकनीकी दिक्कतों का मुद्दा भी उठाया गया। पटवारियों ने कहा कि तकनीकी समस्याओं के बावजूद उन पर कार्रवाई और मानसिक दबाव बनाना गलत है। इसके अलावा, संघ ने जियो-टैग गिरदावरी को पूरी तरह अव्यावहारिक बताया है। उन्होंने घोषणा की कि जब तक जियो-टैग की अनिवार्यता खत्म नहीं होती, तब तक पटवारी गिरदावरी का कोई काम नहीं करेंगे। स्वामित्व योजना के कार्य से दूर रहेंगे पटवारियों ने बताया कि 3 अगस्त को हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल को 3 महीने के आश्वासन पर टाला गया था। लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी सरकार ने वेतन विसंगति, ग्रेड-पे, कैडर रिव्यू और पदोन्नति पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया है। संघ ने साफ किया कि जब तक पुरानी समस्याओं का हल नहीं होता, तब तक पटवारी 15 सितंबर 2026 से स्वामित्व योजना के निष्पादन से जुड़े सभी अतिरिक्त कामों से दूर रहेंगे।
पानीपत शहर के प्रमुख औद्योगिक केंद्र सेक्टर-29 स्थित फ्लोरा चौक पर मंगलवार को प्रशासन ने अतिक्रमण पर कार्रवाई की। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) और नगर निगम (PMC) की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की तैनाती में बड़े स्तर पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान फ्लोरा चौक से सेक्टर-29 को जाने वाली मेन सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से बसाई गई सैकड़ों झुग्गी-झोपड़ियों पर पीला पंजा चलाकर सड़क को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उद्योगपतियों की लंबे समय से थी शिकायत इस कार्रवाई पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष व वरिष्ठ उद्यमी विनोद धमीजा ने बताया कि मुख्य मार्ग पर झुग्गियों के लगातार हो रहे विस्तार से सेक्टर-29 के उद्योगपति लंबे समय से बेहद परेशान थे। उद्यमी और विनोद धमीजा ने अनुसार… प्रशासनिक बैठक में उठा था मुद्दा, मंगलवार एक्शन उद्यमी विनोद धमीजा ने बताया कि हाल ही में जिला प्रशासन के साथ आयोजित उद्योगपतियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया था। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मंगलवार को तीनों विभागों की संयुक्त टीम गठित की और भारी पुलिस दल की सुरक्षा में पूरे इलाके से अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
पानीपत शहर के प्रमुख औद्योगिक केंद्र सेक्टर 29 स्थित फ्लोरा चौक पर मंगलवार को प्रशासन का चाबुक चला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) और नगर निगम (PMC) की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की तैनाती में बड़े स्तर पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान फ्लोरा चौक से सेक्टर 29 को जाने वाली मुख्य सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से बसाई गई सैकड़ों झुग्गी-झोपड़ियों पर पीला पंजा चलाकर सड़क को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उद्योगपतियों की लंबे समय से थी शिकायत, ठप हो गया था परिवहन इस कार्रवाई पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष व वरिष्ठ उद्यमी विनोद धमीजा ने बताया कि मुख्य मार्ग पर झुग्गियों के लगातार हो रहे विस्तार से सेक्टर 29 के उद्योगपति लंबे समय से बेहद परेशान थे। प्रशासनिक बैठक में उठा था मुद्दा, मंगलवार को हुआ एक्शन उद्यमी विनोद धमीजा ने बताया कि हाल ही में जिला प्रशासन के साथ आयोजित उद्योगपतियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया था। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मंगलवार को तीनों विभागों की संयुक्त टीम गठित की और भारी पुलिस दल की सुरक्षा में पूरे इलाके से अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में अब छात्रों को पढ़ाई के साथ नौकरी की तैयारी और काम का अनुभव भी मिलेगा। विश्वविद्यालय ने अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) का विस्तार करने का फैसला किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार नए केंद्र शुरू होने के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े एईडीपी केंद्रों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। इस योजना से छात्रों को डिग्री पूरी होने से पहले ही इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिलेगा। वे अप्रेंटिसशिप और इंटर्नशिप के दौरान असली काम सीखेंगे। शर्तें पूरी करने पर उन्हें सर्टिफिकेट के साथ तय नियमों के हिसाब से मानदेय भी मिलेगा। इससे पढ़ाई के साथ अनुभव और कमाई दोनों का रास्ता खुलेगा। अब तक एईडीपी का केंद्र साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय में चल रहा था। नए सत्र में इसका विस्तार बरेली और बदायूं तक होगा। विश्वविद्यालय परिसर में दो नए केंद्र, ज्योति कॉलेज में एक और राजकीय महाविद्यालय बिल्सी, बदायूं में एक केंद्र शुरू किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने उन संस्थानों को प्राथमिकता दी है, जिनके पास नैक मान्यता है या जो एनआईआरएफ के मानकों को पूरा करते हैं। विश्वविद्यालय परिसर में बीबीए टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी और बीए बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस जैसे कोर्स शुरू किए गए हैं। ज्योति कॉलेज में बीबीए रिटेल समेत दूसरे रोजगार वाले कोर्स प्रस्तावित हैं। राजकीय महाविद्यालय बिल्सी में बीबीए रिटेल और बीबीए हेल्थ कोर्स को मंजूरी मिली है। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी विनय वर्मा ने बताया कि एईडीपी का मकसद छात्रों को पढ़ाई के साथ नौकरी के लिए तैयार करना है। विश्वविद्यालय की यह पहल डिग्री और नौकरी के बीच के अंतर को कम करने में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
होटल में खाने के विवाद पर मारपीट:गोरखपुर में लाठी-डंडे से युवक का सिर फोड़ा, दो हिरासत में
गोरखपुर के एक होटल में खाना लेने गए युवक पर बदमाशों ने हमला कर दिया। आरोप है कि पीड़ित ऑर्डर दे रहा था। तभी वहां पहले से घात लगाएं बैठे 8 से 10 लोगों ने कुछ बात को लेकर उसके साथ गाली- गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर भड़क उठे और मारपीट शुरू कर दिया। लात-घूंसों और लाठी-डंडों से जमकर पिटाई की। हमले में युवक का सिर फट गया और वह खून से लतफत हो गया। विवाद बढ़ता देख आसपास के लोगों ने बीच बचाव किया। तब हमलावर फरार हो गए। मामला सोमवार रात करीब 11 बजे कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पीड़ित के भाई के तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दो को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जानिए पूरा मामला…राजघाट थाना क्षेत्र के रहने वाला शाहनवाज सोमवार की रात लगभग 10:30 बजे शहर के एक होटल पर खाना लेने गया था। पीड़ित के भाई के अनुसार वहां पहले से मौजूद अकबर के दो बेटे और होटल के 8 से 10 अज्ञात कर्मचारियों ने शाहनवाज को घेर लिया। आरोप है कि बदमाशों ने पहले उससे बिना मतलब का बहस शुरू किया फिर गाली-गलौज की और विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। सभी ने मिलकर पीड़ित को जमकर पीटा। इस हमले में शहवाज का सिर फट गया। वह खून से लतफत हो गया। जिसे देखकर मौके से अफरा- तफरी मच गई। विवाद बढ़ता देख स्थानीय लोग जुटे और बीच बचाव करने लगें। उन्हें देखकर हमलावर पीड़ित को जान से मारने की धमकी देखर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित का भाई मौके पर पहुंचा और घायल को लेकर कोतवाली थाने ले गया। जहां से पुलिस ने सबसे पहले इलाज के लिए उसे अस्पताल भेजा। उसके बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर देकर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। पकड़ें गए दोनों आरोपी से पूछताछ जारी थाना प्रभारी पंकज सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर FIR दर्ज कर लिया गया है। दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य की तलाश जारी है।
बरेली में बारिश के बाद शहर और ग्रामीण इलाकों में सांपों का खतरा बढ़ गया है। चैनपुर के रामनगर गोटिया निवासी अतुल (36) अपने घर में पानी की मोटर के नीचे बैठे सांप को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान सांप ने उनके हाथ पर डस लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिवार उन्हें जिला अस्पताल ले गया। सुभाषनगर क्षेत्र के बिरिया नारायणपुर की रहने वाली भगवान देई (60) दूध की डेयरी में कंडे निकाल रही थीं। तभी वहां छिपे एक सांप ने उनके हाथ पर डस लिया। परिवार ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। फतेहगंज पश्चिमी के साहूकारा निवासी सत्यवती (35) सुबह अपने घर में सफाई कर रही थीं। इसी दौरान वहां बैठे सांप ने उनके हाथ पर डस लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिवार उन्हें अस्पताल ले गया। भुता क्षेत्र के पो नगला निवासी सोनू (20) सुबह खेत में धान की फसल देखने जा रहे थे। रास्ते में मेड़ के पास बैठे सांप ने उनके पैर पर डस लिया। इसके बाद उन्हें भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल, चारों लोगों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। बारिश के बाद खेतों, घरों और आसपास के निचले इलाकों में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे ग्रामीण डरे हुए हैं।
मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र राजनीति को फिर से शुरू करने और छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार दिलाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मंगलवार 15 सितंबर को प्रदर्शन किया। ABVP ने छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया को तुरंत बहाल करने की मांग की। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन के नाम एक ज्ञापन पन्ना एसडीएम संजय नागवंशी को सौंपा। यह प्रदर्शन महाकौशल प्रांत के प्रांत महामंत्री सुव्रत भजल के नेतृत्व में हुआ। ज्ञापन सौंपते हुए ABVP ने मध्यप्रदेश सरकार की मौजूदा नीति पर सवाल उठाए। संगठन ने कहा कि साल 2017 से प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव पूरी तरह बंद हैं। इसकी वजह से लाखों युवा अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। भारतीय लोकतंत्र में छात्र राजनीति को नेतृत्व की पहली पाठशाला माना जाता है, लेकिन चुनाव न होने से यह पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यार्थी परिषद ने साफ किया कि छात्रसंघ चुनाव सिर्फ एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है। यह छात्रों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जागरूकता और संगठन बनाने का कौशल विकसित करता है। यह छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत का एक मजबूत जरिया है। ABVP ने मांग की है कि माननीय उच्च न्यायालय के साफ निर्देशों और लिंगदोह समिति की सिफारिशों का सख्ती से पालन हो। प्रदेश में जल्द ही सीधे, पारदर्शी, निष्पक्ष और तय समय पर छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश सरकार से अपील की है कि वह छात्रों की इस लंबे समय से अटकी मांग पर गंभीरता से विचार करे। साथ ही, छात्रों के हित में चुनाव तुरंत बहाल करे। इस प्रदर्शन के दौरान ABVP पन्ना जिले के कई बड़े पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
झांसी में महिला ग्राम विकास निधि बैंक द्वारा निर्धारित लक्ष्य पूरा होने की खुशी में बैंक परिसर में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ संदीप सरावगी का बैंक स्टाफ एवं पदाधिकारियों द्वारा स्वागत और सम्मान किया गया। समारोह के आयोजक युवा समाजसेवी आनंद सिंह चौहान रहे। कार्यक्रम में बैंक के ऑनर शकील अहमद, ब्रांच मैनेजर प्रेरणा श्रीवास्तव, बैंक मैनेजर रोशनी तथा फील्ड मैनेजर आनंद सिंह चौहान सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा। इस अवसर पर निधि, अंजली, सविता, राखी, हार्दिक, अमन, सरिता, सोनू भदौरिया एवं विशाल खटीक सहित बैंक के कर्मचारियों ने समारोह में सहभागिता की और डॉ. संदीप सरावगी का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बैंक की टीम ने लक्ष्य प्राप्ति पर खुशी व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह बेहतर कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान-जन सेवा ही प्रभु सेवा' चलाएगी। यह अभियान बस्ती में शुरू होगा। इस अभियान के तहत रक्तदान शिविर, अस्पतालों और वृद्ध आश्रमों में फल व जरूरी सामान का वितरण, स्वच्छता अभियान और जरूरतमंदों की मदद जैसे कई कार्यक्रम होंगे। अभियान की तैयारियों को लेकर मंगलवार दोपहर 2 बजे भाजपा जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिलाध्यक्ष ने बताया कि अभियान का मकसद सेवा भाव को बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर लोगों की भलाई के कामों को तेज करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से सेवा कार्यों में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल की सेवा की उपलब्धियों को याद करने और उन्हें समर्पित करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का औपचारिक उद्घाटन 17 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी करेंगे। उद्घाटन के दिन युवा मोर्चा की तरफ से पार्टी कार्यालय में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। साथ ही, स्थानीय अस्पतालों और वृद्ध आश्रमों में फल और जरूरी सामान बांटे जाएंगे। शाम को हर बूथ के जरिए जिन परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है, उनके घरों पर दीप जलाकर आशीर्वाद दिया जाएगा। अभियान के दौरान दवा वितरण, बुजुर्गों और जरूरतमंदों की मदद समेत दूसरे सामाजिक कल्याण के कार्यक्रम भी होंगे। बैठक में अमृत कुमार वर्मा, अजय पाल सिंह, दिव्यांशु दूबे, पल्लव श्रीवास्तव, सचिन सिंह, अरविन्द सिंह, प्रदीप चौधरी, गौरव अग्रवाल, अश्वनी श्रीवास्तव, जमुना पांडे, गजेंद्र मणी, हनुमान प्रसाद, आदित्य समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महाराणा प्रताप के शौर्य की गाथा गूंजी:दिवेर विजय महोत्सव में विद्यार्थियों ने रखे अपने विचार
झालावाड़ के पीजी कॉलेज में दिवेर विजय महोत्सव के तहत जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता हुई। इसमें 'विजय योद्धा और कुशल प्रशासक के रूप में महाराणा प्रताप' विषय पर विद्यार्थियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल प्रो. रामकल्याण मीणा ने की। प्रतियोगिता में गर्ल्स कॉलेज झालावाड़, राजकीय बिड़ला महाविद्यालय भवानीमंडी और शहीद श्री मुकुट बिहारी मीणा राजकीय महाविद्यालय खानपुर के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। निर्णायक मंडल में इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. इकबाल, संस्कृत विभाग के डॉ. ओमप्रकाश बैरवा और सुश्री प्रियंका गर्ग शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन उर्दू विभागाध्यक्ष फहीमुद्दीन टोंकी ने किया। प्रतियोगिता में पीजी कॉलेज झालावाड़ की नविका वैष्णव ने पहला, अयान खान ने दूसरा और गवर्नमेंट कॉलेज खानपुर के निशाल शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया। कार्यक्रम के दौरान इतिहास विभाग के प्रो. डॉ. प्रणव देव ने महाराणा प्रताप की युद्ध नीति, सैन्य कौशल और प्रशासनिक कामों पर बात की। प्रिंसिपल प्रो. रामकल्याण मीणा ने अपने संबोधन में महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व, शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बताया। इस मौके पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी भूपेन्द्र सिंह, अरुण कुमार जाजोरियां, सोनू खंडेलवाल के साथ डॉ. राजकुमार गुप्ता, गिरिराज गुर्जर, अशोक कुमार चौधरी, अर्चना मीना, कान्हाराम और अन्य फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।
बागपत में बाबा शाहमल ट्रस्ट ने दिव्यांग क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए एक पहल की। बुधवार को जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने इन खिलाड़ियों को क्रिकेट किट दी। किट मिलने के बाद खिलाड़ियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखी। इस दौरान जिलाधिकारी ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें बधाई दी। इस मौके पर जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों में हुनर की कोई कमी नहीं है। उन्हें बस सही मौके, साधन और प्रोत्साहन देने की जरूरत है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल में लगातार मेहनत करने और अपना हुनर निखारने को कहा। डीएम ने बताया कि खेल से न सिर्फ शरीर और दिमाग मजबूत होता है, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन भी बढ़ता है। बाबा शाहमल ट्रस्ट से मिली इस क्रिकेट किट से खिलाड़ियों को अभ्यास और मैचों की तैयारी में मदद मिलेगी। खिलाड़ियों ने किट मिलने पर ट्रस्ट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह सहयोग उनके लिए बहुत खास है। खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन करके जिले और प्रदेश का नाम रोशन करने का संकल्प लिया। जिलाधिकारी ने दिव्यांग क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में उन्हें आगे भी हरसंभव मदद दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन खिलाड़ियों के हुनर को बढ़ावा देने और उन्हें जरूरी सुविधाएं देने में पूरा सहयोग करेगा। इस कार्यक्रम में ट्रस्ट के पदाधिकारी और दिव्यांग क्रिकेट टीम के खिलाड़ी मौजूद थे। क्रिकेट किट बांटने के इस कार्यक्रम से खिलाड़ियों में नई ऊर्जा और जोश भर गया। खिलाड़ियों ने कहा कि जिलाधिकारी के प्रोत्साहन से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे भविष्य के मैचों में और अच्छा प्रदर्शन करने के लिए ज्यादा मेहनत करेंगे।
स्कूल जा रही शिक्षिका की ट्रक से कुचलकर मौत:सिर पर चढ़ा पहिया, ड्राइवर गिरफ्तार
गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार शिक्षिका की मौत हो गई। यह हादसा राजनगर से रोटरी गोल चक्कर जाने वाले रास्ते पर ओरम होटल के सामने हुआ। मृतका की पहचान अमृता गुप्ता (35) के रूप में हुई है। वह राजनगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद में अपने पति वरुण गुप्ता के साथ रहती थीं। अमृता दिल्ली के दुर्गापुरी स्थित लिटिल फ्लावर स्कूल में शिक्षिका थीं और मंगलवार सुबह स्कूटी से स्कूल जा रही थीं। पुलिस के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 7:45 बजे हुआ। नंदग्राम थाना पुलिस की टीम घटनास्थल से थोड़ी दूर चेकिंग कर रही थी। तभी एक राहगीर ने पुलिसकर्मियों को सड़क हादसे में महिला की मौत की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। शुरुआती जांच में पता चला कि अमृता स्कूटी से राजनगर से रोटरी गोल चक्कर की तरफ जा रही थीं। इसी दौरान वह ट्रक (UP14ST6187) के बगल से गुजर रही थीं। अचानक वह ट्रक की चपेट में आ गईं। हादसे में ट्रक का पहिया उनके सिर के ऊपर चढ़ गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक और उसके ड्राइवर को पकड़ लिया है। पुलिस के मुताबिक, ट्रक एक फर्म के नाम पर रजिस्टर्ड है। ड्राइवर बुलंदशहर का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ड्राइवर से पूछताछ कर रही है और हादसे की वजहों की जांच कर रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला एमएमजी अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया है। अस्पताल में पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देख रही है। फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि हादसा किसकी गलती से हुआ। मामले में जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
योगी सरकार ने पीआरडी स्वयंसेवकों, परिषदीय रसोइयों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं को मानदेय वृद्धि के साथ बड़ा तोहफा दिया है। इन सभी को और उनके परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की मुफ्त व कैशलेस चिकित्सा सुविधा (आयुष्मान कार्ड के तहत) मिलेगी।
मथुरा में दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ (शाखा जिला मथुरा) ने जनपद न्यायालय के कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और जायज मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के जरिए कर्मचारियों ने अपनी लंबित समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनके त्वरित, सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्ण समाधान की मांग की है।इस दौरान कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से लगातार प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने 'कर्मचारी एकता' को अपनी सामूहिक ताकत बताते हुए कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों की आवाज को शासन तक मजबूती से पहुंचाना ही संघ का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संघ ने दीवानी न्यायालय मथुरा के सभी कर्मचारियों के सहयोग के प्रति आभार जताया। संघ को उम्मीद है कि शासन स्तर से उनकी मांगों पर जल्द ही उचित और सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।इस अवसर पर संघ की मथुरा शाखा के अध्यक्ष रूप किशोर शर्मा, सचिव राम नरेश शर्मा, जितेंद्र शर्मा, मनोज चौधरी, यशपाल, बबलू कुमार, पंकज वर्मा और विष्णु प्रभाकर सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
आगामी त्योहारों दशहरा, दिवाली और छठ के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चलाने का निणर्य लिया है। यात्रियों की आवाजाही और कन्फर्म टिकट की समस्या से निपटने के लिए रेलवे 9 जोड़ी यानी कुल 18 विशेष ट्रेनें चलाएगा। सभी गाड़ियां अपने पूर्व निर्धारित समय, मार्ग और ठहराव के अनुसार ही चलेंगी। स्पेशल ट्रेनों की पूरी सूची उत्तर मध्य रेलवे ने 9 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रयागराज जंक्शन की जगह सूबेदारगंज में रुकेगी ट्रेन उधना-हसनपुर रोड-उधना स्पेशल (09031/09032) के ठहराव में आंशिक बदलाव किया गया है। 20 सितंबर से यह ट्रेन प्रयागराज जंक्शन के स्थान पर सूबेदारगंज स्टेशन पर रुकेगी। वहीं सूबेदारगंज में 09031 का आगमन सुबह 10:30 बजे और प्रस्थान 10:35 बजे (सोमवार) होगा, जबकि 09032 का आगमन शाम 17:20 बजे और प्रस्थान 17:25 बजे (मंगलवार) होगा। यात्रियों के लिए जरूरी सलाह रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की समय-सारणी, ठहराव और वर्तमान स्थिति की सटीक जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट IRCTC या NTES ऐप का उपयोग अवश्य करें।
अयोध्या जिले की मिल्कीपुर तहसील में मंगलवार, 15 सितंबर को भारतीय किसान यूनियन ने धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन तहसील अध्यक्ष राजेश मिश्रा के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान यूनियन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार राजीव वर्मा को 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने ज्ञापन में बताया कि संगठन ने 5 मई 2026 को एक मांग पत्र दिया था, जिसके बिंदु संख्या 15 का आज तक निपटारा नहीं हुआ है। उन्होंने मांग की कि इस मामले का तुरंत निपटारा कर पीड़ित को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही,15 सितंबर को सौंपी गई नई मांगों पर भी तुरंत कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में किसानों ने मुख्य रूप से 6 समस्याओं को उठाया है। किसानों ने कहा कि क्षेत्र में धान की फसल तैयार है, लेकिन अभी तक इसका सर्वे नहीं हुआ है। सर्वे में देरी से बिक्री के समय किसानों को परेशानी होगी, इसलिए सर्वे तुरंत कराया जाए। दूसरी प्रमुख मांग ग्राम पंचायत मंझनपुर के गाटा संख्या 356से जुड़ी है। यहां हल्का लेखपाल ने गलत तरीके से हिस्से का निर्धारण किया है। आरोप है कि कुछ खातेदारों का हिस्सा ही खत्म कर दिया गया है, जिसे जांच कर सही करने की मांग की गई। तीसरी मांग पात्र किसानों को राशन कार्ड देने की है। चौथी मांग हंसराज के नलकूप पर लगे 25केवीए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की है। किसानों का कहना है कि इस ट्रांसफार्मर पर ज्यादा कनेक्शन होने से आए दिन फाल्ट होता है और सिंचाई पर असर पड़ता है। पांचवीं मांग मंझनपुर पूरे हाजी निवासी यूनुस से जुड़ी है। वह अपनी पुश्तैनी जमीन गाटा संख्या722 पर मकान बना रहा है, जिसे कुछ दबंग लोग गलत तरीके से रोक रहे हैं। इसे रोका जाए।छठी मांग ग्राम खिहारन निवासी हरित की है, जिसे गाटा संख्या974 में 57साल का पट्टा मिला है, जिस पर विपक्षी जबरन कब्जा कर रहा है।किसानों ने पैमाइश कराकर अवैध कब्जा हटाने की मांग की है। तहसीलदार राजीव वर्मा ने ज्ञापन लेकर समस्याओं के निपटारे का भरोसा दिया है। किसान नेता राजेश मिश्रा ने चेतावनी दी कि अगर समय पर मांगों का निपटारा नहीं हुआ,तो यूनियन अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।
गांव-गांव पुलिस की नजर और होगी मजबूत:ग्राम प्रहरियों को मिली साइकिलें, SSP ने खुद चलाई
मुजफ्फरनगर में ग्रामीण इलाकों तक पुलिस की पहुंच को और मजबूत करने की कवायद शुरू की गई है। मंगलवार अपराह्न करीब 4 बजे रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में जिलेभर से आए ग्राम प्रहरियों यानी गांव के चौकीदारों को साइकिलें वितरित की गईं। इस दौरान जनपद के सभी अनुचरों को ड्रेस भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में सबसे खास तस्वीर उस समय सामने आई, जब एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने खुद साइकिल चलाकर ग्राम प्रहरियों का उत्साह बढ़ाया। एसएसपी ने ग्राम प्रहरियों को उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करते हुए नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करने के लिए प्रेरित किया। एसएसपी ने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। गांव में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम है। उन्होंने ग्राम प्रहरियों से कहा कि वे अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहें और किसी भी महत्वपूर्ण सूचना को तत्काल पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाएं। पुलिस विभाग के मुताबिक, साइकिल मिलने से ग्राम प्रहरियों के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करना आसान होगा। इससे गांवों में पुलिस की निगरानी और सूचना तंत्र को और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसी कार्यक्रम में जनपद के समस्त अनुचरों को ड्रेस भी वितरित की गई। पुलिस के अनुसार ड्रेस उपलब्ध कराने से कर्मचारियों में एकरूपता, अनुशासन और विभागीय गरिमा बनाए रखने में मदद मिलेगी। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों और ग्राम प्रहरियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सुरक्षित वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया। पुलिस के अनुसार, शासन की जनसहभागिता आधारित प्रभावी पुलिसिंग और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ग्रामीण स्तर पर पुलिस की पहुंच मजबूत करने के लिए ग्राम प्रहरियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
गोपद नदी में डूबी 13 वर्षीय बच्ची का शव मिला:26 घंटे बाद नदी किनारे मिली लाश, मवेशी चराने गई थी
सिंगरौली के जियावन थाना क्षेत्र की कुन्दवार चौकी अंतर्गत हर्रहा गांव से सोमवार दोपहर लापता हुई 13 साल की सुशीला सिंह का शव मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे मिला। सुशीला सोमवार को मवेशी चराने घर से निकली थी। इसी दौरान गोपद नदी में नहाते समय वह अचानक लापता हो गई थी। बच्ची के नदी में डूबने की सूचना मिलने पर परिजनों ने पुलिस को बताया। इसके बाद होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीम ने नदी में तलाश अभियान शुरू किया। सोमवार देर शाम तक टीम ने नदी में खोजबीन की, लेकिन बच्ची का पता नहीं चला। घटनास्थल से 3 किमी दूर मिला शव थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने बताया कि सोमवार को पूरा दिन तलाश अभियान चलाया गया था। मंगलवार सुबह से दोबारा खोजबीन शुरू की गई। इसी दौरान घटनास्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर नदी किनारे बच्ची का शव मिला। तलाश टीम ने शव को पुलिस को सौंपा। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद बच्ची की मौत की असली वजह पता चलेगी। इस घटना के बाद से बच्ची के परिवार में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने नदी में बढ़ते हादसों पर चिंता जताई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बेटे-बहू ने मां-बाप को घर से निकाला:पैसे न देने पर मारपीट कर बेघर किया, पिता ने डीएम से शिकायत की
मैनपुरी के नया नगला दीवानी में रहने वाले एक बुजुर्ग ने अपने बेटे, बहू और परिवार के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुजुर्ग का कहना है कि बेटा-बहू पिछले पांच साल से गाली-गलौज कर रहे हैं, मारपीट करते हैं और परेशान करते हैं। पीड़ित ने डीएम को शिकायत पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और अपनी व पत्नी के इलाज की व्यवस्था कराने की मांग की है। बुजुर्ग ने बताया कि उनके बेटे अतुल कुमार, बहू राखी देवी, प्रदीप कुमार और उसकी पत्नी प्रीती आए दिन उनसे झगड़ा करते हैं। आरोप है कि ये सभी लोग गाली-गलौज और मारपीट करते हुए उनसे जबरन पैसे मांगते हैं। पैसे न देने पर उन्हें घर में नहीं रहने देने की धमकी भी देते हैं। पीड़ित बुजुर्ग हृदय रोग से पीड़ित हैं, जबकि उनकी पत्नी मानसिक बीमारी से जूझ रही हैं। दोनों का इलाज चल रहा है, लेकिन खराब आर्थिक स्थिति के कारण इलाज का खर्च जुटाना मुश्किल हो रहा है। शिकायत पत्र में बुजुर्ग ने यह भी आरोप लगाया कि परिवार के लोग मकान की तीसरी मंजिल पर बने हिस्से का निर्माण कराने के लिए उन पर दबाव डाल रहे हैं। ऐसा न करने पर बुजुर्ग दंपती को जान से मारने की धमकी भी दी गई है। पीड़ित ने बताया कि वह इस बारे में कई बार कोतवाली पुलिस को शिकायत दे चुके हैं। पुलिस मौके पर आकर समझा-बुझाकर चली जाती है, लेकिन परिवार के लोगों के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। बुजुर्ग के अनुसार, हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया। अब वे दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने अपनी आर्थिक परेशानी का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले चार दिनों से उनके सामने खाने-पीने की भी समस्या खड़ी हो गई है। बुजुर्ग ने जिलाधिकारी से इस मामले में दखल देने और उन्हें सुरक्षा दिलाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने अपनी और पत्नी की बीमारी को देखते हुए इलाज की व्यवस्था कराने में मदद की गुहार लगाई है, ताकि दोनों को राहत मिल सके।
आगरा में पेट्राेल पंप पर चिंगारी से लगी आग, घनी आबादी के बीच सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
आगरा के प्रतापपुरा स्थित एचपी पेट्रोल पंप पर टैंकर खाली होने के दौरान चिंगारी से आग लग गई। कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्यूशर का उपयोग कर समय रहते आग पर काबू पाया, जिससे घनी आबादी में बड़ा हादसा टल गया।
अयोध्या जिले के रुदौली तहसील क्षेत्र में विधायक रामचंद्र यादव ने मंगलवार को दो बड़े काम किए। उन्होंने डूबने से जान गंवाने वाले दो लोगों के परिवारों को आर्थिक मदद दी। साथ ही, बाढ़ प्रभावित 350 परिवारों को राहत सामग्री भी बांटी। एसडीएम रुदौली विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि 9 सितंबर की दोपहर सण्डरी मजरे महंगू का पूरवा गांव के जगराम (50) और शिव (18) पसैया तटबंध के पास सरयू नदी में भैंसो को नहला रहे थे। पानी के तेज बहाव और गहराई का अंदाजा न लगने से दोनों डूब गए। स्थानीय गोताखोरों और प्रशासन की टीम ने काफी कोशिश के बाद दोनों के शव नदी से निकाले। इस घटना से पूरे गांव में दुख फैल गया। जगराम अपने परिवार के मुखिया थे, जबकि 18 साल के शिव की हाल ही में शादी हुई थी। दोनों परिवारों की आर्थिक हालत बहुत कमजोर है। सरकार ने इस घटना को दैवीय आपदा मानकर मदद मंजूर की। मंगलवार को विधायक रामचंद्र यादव ने मृतक जगराम की पत्नी फुलमती और शिव की पत्नी राजकुमारी को 4-4 लाख रुपये के चेक दिए। वहीं, तहसील के पस्ता माफी बाढ़ चौकी पर इस बार दसवीं बार बाढ़ पीड़ितों को राहत किट बांटी गई। विधायक रामचंद्र यादव की मौजूदगी में सुलेमपुर, सललाहपुर, नूरगंज और कैथी खास के 350 परिवारों को ये किट मिलीं। विधायक ने बताया कि अब तक रुदौली तहसील में कुल 2715 राहत किट बांटी जा चुकी हैं। हर किट में आलू, प्याज, आटा, दाल, चावल, नमक, नहाने की बाल्टी, तिरपाल समेत 26 तरह का जरूरी सामान है। उन्होंने कहा कि सर्वे जारी है और कोई भी पीड़ित परिवार छूटेगा नहीं, जल्द ही 325 किट और बांटी जाएंगी। इस दौरान एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता और तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
बालोतरा की 6 साल की चाहत संचेती ने 8 दिन की तपस्या कर समाज में एक मिसाल पेश की है। इतनी कम उम्र में आठ दिन तक तपस्या करना एक बड़ी उपलब्धि है। तेरापंथ समाज के लोगों ने इस नन्हीं तपस्विनी के कठिन तप के लिए उनकी खूब अनुमोदना की। बालिका चाहत संचेती ने आचार्य श्री महाश्रमणजी की शिष्या साध्वी प्रोफेसर डॉ. मंगलप्रज्ञा के आशीर्वाद और प्रेरणा से यह तपस्या पूरी की। साध्वीश्री के मार्गदर्शन और आध्यात्मिक प्रेरणा से चाहत ने मजबूत संकल्प के साथ आठ दिन की तपस्या सफलतापूर्वक पूरी की। छोटी सी उम्र में जहां बच्चे आमतौर पर खेल-कूद में व्यस्त रहते हैं, वहीं चाहत संचेती ने तप, संयम और आत्म-अनुशासन का रास्ता अपनाया। उन्होंने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। आठ दिनों की तपस्या के दौरान बालिका ने मजबूत मनोबल और आत्मसंयम दिखाया। चाहत की इस तपस्या को लेकर तेरापंथ समाज में काफी उत्साह और खुशी का माहौल है। समाज के लोगों ने कहा कि इतनी कम उम्र में तपस्या के प्रति बालिका का समर्पण निश्चित रूप से दूसरे बच्चों और युवाओं को भी प्रेरणा देगा।
मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने मंगलवार को संभव दिवस जनसुनवाई का आयोजन किया। भूतेश्वर स्थित नगर निगम के मुख्यालय में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक यह जनसुनवाई हुई। इसमें अपर नगर आयुक्त सुनीता देवी ने लोगों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 8 शिकायतें मिलीं। इनमें से 2 शिकायतों को अधिकारियों ने मौके पर ही तुरंत हल कर दिया। बाकी शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर तय समय में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। भूतेश्वर जोन से मिली शिकायतों में अतिक्रमण, स्ट्रीट लाइट, बिजली के खंभे में केबल बदलने, सफाई व्यवस्था, सीवर समस्या, हैंडपंप रीबोरिंग, नए हैंडपंप लगाने और निर्माण कार्य से जुड़े मामले शामिल थे। लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों को बताईं, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अपर नगर आयुक्त सुनीता देवी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें सबसे पहले हल किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को बिना वजह लटकाया न जाए और तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाए। साथ ही शिकायतों के हल होने की प्रगति पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। नगर आयुक्त ओजस्वी राज की अध्यक्षता में हुए संभव दिवस का मकसद आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका जल्दी समाधान करना है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि जनसुनवाई के जरिए नागरिकों की शिकायतों का विभागवार हल सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बेवजह ऑफिसों के चक्कर न लगाने पड़ें।
ग्राम विकास अधिकारी की आईडी हुई हैक:ललितपुर में हुआ फर्जीवाड़ा, 363 प्रमाण पत्र जारी किए गए
ललितपुर में एक बड़े साइबर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहां तालबेहट विकासखंड की ग्राम पंचायत रमपुरा कठवर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी की सरकारी आईडी हैक कर ली गई। इस आईडी से कथित तौर पर 363 फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। मामले में साइबर क्राइम पुलिस थाना ललितपुर ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में प्रमाण पत्र जारी होने की जानकारी सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों को मामले की गंभीरता का पता चला। इसके बाद सरकारी आईडी के गलत इस्तेमाल और प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़े को लेकर कार्रवाई शुरू की गई। साइबर थाने में दी गई शिकायत के अनुसार, ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आईडी मिली हुई है। आरोप है कि 5 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12:31 बजे से 3 बजे के बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने इस आईडी तक पहुंच बना ली। सबूतों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही पुलिस कुछ ही घंटों के भीतर इस आईडी का गलत इस्तेमाल कर कुल 363 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। शिकायत में बताया गया है कि फर्जीवाड़े के दौरान कुशीनगर के बिरवट कोन्हवलिया निवासी रमेश पुत्र राजदेव के आधार विवरण का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में एक मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी आईडी तक कैसे पहुंच बनाई गई। साथ ही, यह प्रमाण पत्र किस जगह से जारी हुए और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है। थानाध्यक्ष साइबर प्रभारी निरीक्षक साजेश खान ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई ।
मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने मवेशियों के अवैध और क्रूरतापूर्वक परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की है। वाहन चेकिंग के दौरान तीन गाड़ियों से 22 मवेशी बरामद किए गए। पुलिस ने तीनों गाड़ियों समेत कुल 32 लाख 95 हजार रुपए का सामान जब्त किया है। इस मामले में छह आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर की सुबह मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके बाद नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान तीन संदिग्ध गाड़ियों को रोककर तलाशी ली गई। इनमें गाड़ी नंबर MP 20 GB 4508 से 5, MP 20 GB 5704 से 9 और आईसर गाड़ी MP 13 ZX 8054 से 8 मवेशी मिले। इन पर हुई कार्रवाई पुलिस ने अमित कुमार साहू, सनुप लाल यादव, जावेद खान, अफसर खान, मोहम्मद आसिफ खान और इमरान खान के खिलाफ कार्रवाई की है। इन सभी आरोपियों पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। बरामद किए गए सभी मवेशियों को बिछिया के कांजीहाउस में सुरक्षित रखा गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी रंजीत सिंह सैयाम, उप निरीक्षक सुरेश कुमार विजयवार, प्रधान आरक्षक विवेक दुबे, प्रधान आरक्षक जितेंद्र परते, आरक्षक रोशन तेकाम, तेवेंद्र, सैनिक महावीर, महेश और एसएसयू बल शामिल थे।
झालावाड़ जिले में ‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत चिकित्सा विभाग की ओर से 17 सितंबर को जिले के 6 चिकित्सा संस्थानों में रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। वहीं, 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं के लिए विशेष HPV वैक्सीनेशन शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। जिले में अब तक लक्ष्य 15057 में से 9614 बालिकाओं को HPV का टीका लगाया जा चुका है, जबकि 5443 बालिकाओं का टीकाकरण बाकी है। 6 चिकित्सा संस्थानों में रक्तदान शिविर 17 सितंबर को उप जिला अस्पताल डग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारोलाकलां, पनवाड़, रायपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भालता और तारज में रक्तदान शिविर आयोजित होंगे। इनमें चिकित्सा संस्थानों के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, एएनएम, 104 और 108 एंबुलेंस के वाहन चालक व कर्मचारी तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य रक्तदान करेंगे। गर्भवती महिलाओं के लिए उपलब्ध होगा रक्त सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि शिविरों में एकत्रित रक्त को एसआरजी हॉस्पिटल झालावाड़, जिला हॉस्पिटल झालरापाटन और जिले के अन्य चिकित्सा संस्थानों में भर्ती होने वाली गर्भवती महिलाओं को जरूरत के समय रिप्लेसमेंट फ्री रक्त के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रसव के दौरान रक्त की आवश्यकता वाली महिलाओं को समय पर सहायता मिल सकेगी। HPV टीकाकरण के लिए विशेष शिविर इसी कड़ी में जिले में HPV वैक्सीनेशन के विशेष शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। ये शिविर जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सैटेलाइट चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए जा रहे हैं। इनमें 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को HPV का टीका लगाया जाएगा। 63.85% बालिकाओं का टीकाकरण पूरा जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार नागर ने बताया कि जिले में HPV वैक्सीनेशन का लक्ष्य 15057 है। इनमें से अब तक 9614 बालिकाओं को टीका लगाया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 63.85 प्रतिशत है। अब 5443 बालिकाओं का टीकाकरण बाकी है। तीन विभागों को दिए गए जरूरी निर्देश बाकी बालिकाओं का टीकाकरण पूरा कराने के लिए जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और मेडिकल कॉलेज को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग अभियान के दौरान अधिक से अधिक पात्र बालिकाओं को टीकाकरण से जोड़ने पर जोर दे रहा है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव में प्रभावी टीका सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने कहा कि HPV टीकाकरण बेटियों के स्वस्थ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि यह टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव में प्रभावी है और इसे सुरक्षित माना जाता है। बालिकाओं का समय पर टीकाकरण कराकर भविष्य में इस बीमारी के जोखिम को कम किया जा सकता है।
सरगुजा संभाग के छह जिलों के कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ अंबिकापुर में मंगलवार को किया गया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव सहित अन्य नेताओं ने कांग्रेस पदाधिकारियों को संगठन सृजन के टिप्स दिए। तीन दिनों तक चलने वाले प्रशिक्षण शिविर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित अन्य नेता भी पदाधिकारियों को संगठन का पाठ पढ़ाएंगे। संगठन सृजन की बदौलत कांग्रेस दोबारा ब्लॉक से बूथ लेबल तक टीम को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। प्रशिक्षण में शामिल हुए प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि गुटबाजी कांग्रेस में नहीं, भाजपा में है। पिछले विधानसभा चुनाव में सरगुजा संभाग की सभी 14 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अपनी जड़ों को बूथ लेबल पर मजबूत करने लिए जुट गई है। मंगलवार को कांग्रेस के संभागीय संगठन सृजन प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण शिविर में 49 ब्लॉक अध्यक्ष और 12 मास्टर ट्रेनर शामिल हो रहे हैं। वरिष्ठ नेता देंगे संगठन सृजन के टिप्स प्रशिक्षण के पहले दिन प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज, टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के साथ पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री मंचासीन थे। प्रशिक्षण शिविर में सबसे पहले ब्लॉकों की जानकारी ली गई। इसके बाद पदाधिकारियों ने भी प्रशिक्षण शिविर को संबोधित किया। तीन दिनों तक चलने वाले प्रशिक्षण में 12 सत्र होंगे। प्रशिक्षण में शामिल मास्टर ट्रेनर मंडल स्तर और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को तैयार करेंगे। बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर संभाग के बाद चौथा प्रशिक्षण शिविर सरगुजा में आयोजित हो रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण शिविर प्रदेश के सभी संभागों में आयोजित हो रहा है। शिविर में वरिष्ठ नेता पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि पूर्व से अध्यक्ष दीपक बैज ने संगठन को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी थी। यह सिर्फ विधानसभा चुनाव की तैयारी नहीं है। प्रशिक्षण के माध्यम से कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में ढालने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। बैज बोले-गुटबाजी भाजपा में, एक गाड़ी में नहीं घूम सकते कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के लोग प्रोपेगैंडा फैलाते हैं कि कांग्रेस में गुटबाजी है। कांग्रेस में गुटबाजी नहीं है। हमारे सभी लीडर एक-दूसरे की गाड़ी में बैठकर घूमते हैं। कभी सिंहदेव के साथ बघेल या महंत, हम सभी एक-दूसरे की गाड़ी में बैठकर साथ घूमते हैं। हमारा आपसी भाईचारा है। बैज ने कहा कि यह भाजपा में कभी नहीं दिखता कि बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, धरमलाल कौशिक एक गाड़ी में नजर आयें। गुटबाजी भाजपा में नजर आती है। मंत्री राजेश अग्रवाल बोले- हमारी नकल कर रही कांग्रेस कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह उनके संगठन का मामला है। राजेश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेसी हमारी नकल कर रहे हैं। भाजपा इस तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर चुकी है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान में हिंदी प्रकाशन समिति की ओर से हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। खचाखच भरे महामना हाल में आयोजित कार्यक्रम में प्रसिद्ध अभिनेता संजय मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान हिंदी प्रकाशन समिति की पत्रिका अचिंत्य-6.0 का विमोचन भी किया गया। ‘मैं एक्टर की लाइफ जीता हूं’विद्यार्थियों से संवाद करते हुए संजय मिश्रा ने कहा, “मैं एक्टर की लाइफ जीता हूं।” उन्होंने बनारस से अपने लगाव को साझा करते हुए कहा कि उन्हें यह शहर बेहद पसंद है। बनारस को उन्होंने केवल शहर नहीं, बल्कि एक खूबसूरत सोच बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि “जो आप हैं, वही रहिए। बनारसी हैं तो बनारसी बने रहिए।” अपने स्कूल के दिनों का किस्सा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि वह कई बार स्कूल पहुंचने में देर कर देते थे। एक बार करीब आधा घंटा देर हुई तो शिक्षक ने कारण पूछा। उन्होंने मम्मी के बीमार होने की बात कह दी। आवेदन लिखने को कहा गया तो उन्होंने 18 पेज लिख डाले, लेकिन आवेदन फिर भी पूरा नहीं कर पाए। उनके इस किस्से पर सभागार में ठहाके गूंज उठे। ‘असफलता का स्वाद चखिए, तभी सफलता समझ आएगी’संजय मिश्रा ने विद्यार्थियों को असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “असफलता का स्वाद चखो, तब सफलता का मतलब समझ आएगा।” उन्होंने कहा कि संघर्ष व्यक्ति का अपना होता है और हर समय कोई साथ देने वाला नहीं होता। इसलिए जब भी मौका मिले, उसका पूरा लाभ उठाना चाहिए। उनके शब्दों में, “मौका मिलते ही चौका मार देना है।” उन्होंने कहा कि जिस काम में दिल लगे, उसी को पूरी ईमानदारी और लगन से करना चाहिए। प्रोफेशन को समय देना जरूरी है, लेकिन सफलता के साथ अपनी जमीन और पहचान को नहीं भूलना चाहिए। ‘इतिहास पढ़ना नहीं चाहता था, इतिहास देखना चाहता था’अपने छात्र जीवन को याद करते हुए अभिनेता ने कहा कि वह पढ़ाई में बहुत अच्छे नहीं रहे। इतिहास पढ़ने में उनकी रुचि कम थी, लेकिन वह इतिहास को देखना चाहते थे। उन्होंने बताया कि आज भी वह स्क्रिप्ट को केवल पढ़ने के बजाय उसे समझने और महसूस करने की कोशिश करते हैं। अपने अभिनय सफर का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि ‘चाणक्य’ में एक दृश्य के लिए उन्हें 28 टेक देने पड़े थे, जबकि आज वह एक टेक में काम करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अभ्यास और निरंतर सीखते रहने का महत्व समझाया। सिनेमा से रहा बचपन से लगावसंजय मिश्रा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही सिनेमा से प्यार था। वह फिल्मों को देखते-देखते अभिनय की दुनिया की ओर आकर्षित हुए। उन्होंने 1991 के टीवी धारावाहिक ‘चाणक्य’ से अभिनय की शुरुआत की और बाद में फिल्मों में काम किया। वर्ष 1995 में रिलीज ‘ओह डार्लिंग! ये है इंडिया!’ में वह शाहरुख खान के साथ नजर आए। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग अभिनय शैली से दर्शकों के बीच पहचान बनाई। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आगे बढ़ना जरूरी है, लेकिन अपनी जड़ों को छोड़ना नहीं चाहिए। “जरूरी है कि आप बढ़िए, लेकिन अपनी जमीन मत छोड़िए।” उन्होंने पढ़ाई को तनाव नहीं, बल्कि सीखने और समझने की प्रक्रिया के रूप में लेने की सलाह दी।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर 2026 तक 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026' का चौथा संस्करण होगा। इसकी तैयारियों को लेकर सोमवार को एक समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश शासन के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने की। बैठक में संबंधित विभागों की तैयारियों की प्रगति जांची गई। अपर मुख्य सचिव ने सभी कामों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया कि यह ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, व्यापारिक और उद्यमिता क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाने का एक मजबूत मंच है। इसमें बड़ी संख्या में उद्यमी, निवेशक, खरीदार और दर्शक शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सुविधा और सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ सभी व्यवस्थाओं को तय समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में यातायात और वीआईपी आवाजाही के इंतजाम पर खास ध्यान दिया गया। मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग, ट्रैफिक मोड़ने, दिशा बताने वाले बोर्ड और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करने को कहा गया। इससे ट्रैफिक जाम नहीं होगा। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए गए। आयोजन वाली जगह पर साफ-सफाई, पीने का पानी, बिजली और प्राथमिक उपचार जैसी जरूरी सुविधाओं का पूरा इंतजाम करने को कहा गया। व्यापारिक साझेदारी, निवेश और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शकों, खरीदारों और निवेशकों के बीच बातचीत के मौके देने पर जोर दिया गया। साथ ही, इस आयोजन के बड़े प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल, सोशल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक के आखिर में जिलाधिकारी ने अपर मुख्य सचिव को भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि दिए गए निर्देशों के हिसाब से जिले में ट्रेड शो की सभी तैयारियां तय समय पर पूरी कर ली जाएंगी।
मऊ के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), सहादतपुरा में 16 सितंबर 2026 को एक दिवसीय रोजगार मेला लगेगा। यह मेला सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इसमें निजी क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियां योग्य उम्मीदवारों का चयन करेंगी। ITI के प्रधानाचार्य अरुण यादव ने बताया कि इस रोजगार मेले में टाटा मोटर्स (अहमदाबाद और पुणे), ITC प्राइवेट लिमिटेड (हैदराबाद) और LT कंस्ट्रक्शन (गाजियाबाद और दिल्ली) जैसी कंपनियां शामिल होंगी। ये कंपनियां अलग-अलग पदों के लिए इच्छुक उम्मीदवारों का चयन करेंगी। इस मेले में 10वीं, 12वीं, ITI, डिप्लोमा, स्नातक और कौशल विकास प्रशिक्षण पास कर चुके अभ्यर्थी हिस्सा ले सकते हैं। योग्य उम्मीदवारों को कंपनियों की चयन प्रक्रिया के जरिए नौकरी पाने का मौका मिलेगा। रोजगार मेले में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अपने मूल प्रमाण-पत्रों की फोटोकॉपी, बायोडाटा, आधार कार्ड और दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना जरूरी होगा। इच्छुक अभ्यर्थी 16 सितंबर को सुबह 10 बजे राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सहादतपुरा, मऊ पहुंच कर इस रोजगार मेले में भाग ले सकते हैं। अधिकारियों ने सभी पात्र और इच्छुक उम्मीदवारों से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर इस अवसर का लाभ उठाएं।
वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन की तैयारियां शुरू हो गई है। 17 सितंबर को शहर से लेकर देहात तक कई कार्यक्रम होंगे। वाराणसी से वडनगर तक ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हरी झंडी दिखाएंगे। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में होने वाले कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। काशी क्षेत्र के प्रभारी और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि भाजपा की ओर से देशभर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न जनसेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यात्रा 50 जिलों, 88 रात्रि विश्राम और 187 पड़ावों से होकर गुजरेगी। काशी से 500 सेवा यात्री 10 अलग-अलग मार्गों से बाइक पर वडनगर के लिए रवाना होंगे। विभिन्न राज्यों से आने वाले युवा इस यात्रा में शामिल होंगे।लाभार्थियों से संवाद और विभिन्न सेवा गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी। काशी विश्वनाथ धाम के कार्यक्रम का समन्वय शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी को सौंपा गया है। प्रदर्शनी में राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा तथा रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के कार्यक्रम राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल और महापौर अशोक तिवारी समन्वय करेंगे। गंगाजल से जलाभिषेक, बटुक और डमरू दल रहेंगेभाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम में सेवा यात्रियों द्वारा गंगाजल से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। वहाँ 11 हवन कुंडों पर हवन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी सेवा यात्रियों की मंगलकामना की जाएगी। बटुक मंत्रोच्चार करेंगे, यात्रियों का तिलक किया जाएगा। डमरू दलों का वादन तथा साधु-संतों का आशीर्वाद यात्रा को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप देगा। बाबा विश्वनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक कर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। कई राज्यों से आएंगे सेवायात्रीपश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत विभिन्न राज्यों से युवा सेवा यात्री आ रहे हैं। उन्होंने व्यवस्था टोली से कहा कि यात्रियों के ठहरने, भोजन, स्वागत और कार्यक्रमों की पूरी व्यवस्था पहले से तय हो। यात्रा के दौरान लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, सहकारी योजनाओं के लाभार्थियों, युवाओं, पीएम श्री, नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों से जुड़े लाभार्थियों से संवाद किया जाए। उन्होंने मंचीय भाषणों को न्यूनतम रखते हुए सेवा गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। 16 सितंबर को करीब 500 सेवा यात्रियों के आवास, भोजन, वाहन और होटलवार कमरा आवंटन पहले से तय करने के निर्देश दिए गए। 17 सितंबर को 50 सेवा यात्रियों को सुबह 9:30 बजे काशी विश्वनाथ धाम पहुंचाने तथा वहां से रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
बस्ती के मेघऊपुर गांव में पन्नी के नीचे जिंदगी गुजार रहे दिव्यांग गुड़िया के परिवार को करीब 30 साल बाद सरकारी योजनाओं का सहारा मिला है। दैनिक भास्कर में 12 सितंबर को परिवार की बदहाली की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। परिवार को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, चूल्हा और राशन उपलब्ध कराया गया है। गुड़िया को काशीराम आवास कॉलोनी में एक घर भी आवंटित किया गया है। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे जब दैनिक भास्कर की टीम मेघऊपुर पहुंची तो मौके पर तहसीलदार सदर राजस्व टीम के साथ मौजूद थे। परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया चल रही थी। सुविधाएं मिलने के बाद गुड़िया के चेहरे पर खुशी नजर आई। लंबे समय से पन्नी के नीचे रहने को मजबूर परिवार को पहली बार पक्के आशियाने और सरकारी योजनाओं का सहारा मिलने की उम्मीद जगी है। परिवार में चार बच्चे दिव्यांग आजमगढ़ के सियरहा निवासी रामकिशन पांडेय कई साल पहले काम की तलाश में बस्ती आए थे। उन्होंने संतकबीरनगर निवासी गुड़िया से शादी की। गुड़िया दाहिने पैर से दिव्यांग हैं। दंपती के पांच बच्चे हैं। बड़ी बेटी की शादी करीब तीन महीने पहले हो चुकी है। बाकी एक बेटी और तीन बेटे दिव्यांग होने के साथ मानसिक रूप से भी अस्वस्थ बताए गए हैं। परिवार कई वर्षों से मेघऊपुर में पन्नी तानकर रह रहा था। इससे पहले भी अलग-अलग जगहों पर रहने के बावजूद उन्हें न आवास मिला और न राशन कार्ड। किसी सरकारी योजना का लाभ भी नहीं मिल पाया था। शौचालय नहीं होने के कारण परिवार खुले में शौच जाने को मजबूर था। डीएम बोलीं- तत्काल राशन, गैस और चूल्हे की व्यवस्था डीएम कृतिका ज्योत्सना ने बताया कि रामकृष्ण पांडेय के परिवार के लिए तत्काल राशन, गैस और चूल्हे की व्यवस्था कराई गई है। राशन कार्ड और आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कराया गया है। उन्होंने बताया कि दो बच्चों के दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं, जबकि बाकी दो बच्चों के प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। बीएसए की ओर से बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर की व्यवस्था की गई है और उन्हें शैक्षिक सहयोग भी दिया जा रहा है। परिवार को आवास भी आवंटित कर दिया गया है। दैनिक भास्कर ने 12 सितंबर को ‘बस्ती में दिव्यांग परिवार पन्नी के नीचे रहने को मजबूर, न आशियाना मिला न राशन कार्ड’ शीर्षक से परिवार की स्थिति को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर में परिवार की बदहाली, चार दिव्यांग बच्चों की जिम्मेदारी और सरकारी सुविधाओं से वंचित रहने की समस्या सामने लाई गई थी। इसके बाद प्रशासन ने परिवार की स्थिति का संज्ञान लेते हुए योजनाओं का लाभ दिलाने की कार्रवाई शुरू की।
प्रयागराज में हंडिया क्षेत्र के ग्राम सिद्धवार में श्रीमद्भागवत कथा एवं सात्त्विक ज्ञान यज्ञ का आयोजन 12 से 18 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। आयोजन पं. जयराम मिश्र एवं गंगा देवी की स्मृति में किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर को कलश यात्रा, श्री गणेश पूजन, श्रीमद्भागवत माहात्म्य एवं प्रथम स्कंध की कथा होगी। 13 अक्टूबर को कपिलोपाख्यान एवं ध्रुव चरित्र, 14 अक्टूबर को जड़ भरत एवं प्रह्लाद चरित्र, 15 अक्टूबर को वामन पूजन, श्रीरामचरित एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन होगा। इसी क्रम में 16 अक्टूबर को श्रीकृष्ण बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग, 17 अक्टूबर को महारासलीला, उद्धव ब्रज गमन एवं रुक्मिणी विवाह तथा 18 अक्टूबर को सुदामा चरित्र, श्री शुकदेव विदाई एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम होगा। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 4 बजे से हरि इच्छा तक निर्धारित किया गया है। कथा व्यास अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका पूज्य पंडित गौरांगी गौरी जी होंगी। कार्यक्रम में मुख्य यजमान निर्मला देवी एवं कोमलदेव मिश्र हैं। आयोजन स्थल ग्राम सिद्धवार, हरिपुर, हरीपर, बरोत, हंडिया, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) है।
बाराबंकी में स्कूल भवन टूटा:डेढ़ साल से नहीं बना नया भवन, 58 बच्चे पंचायत भवन में पढ़ रहे
बाराबंकी के सिद्धौर विकासखंड में प्राथमिक विद्यालय मेनहुआ पलौली के बच्चे अपने स्कूल भवन के लिए परेशान हैं। करीब डेढ़ साल पहले स्कूल का जर्जर भवन गिरा दिया गया था, लेकिन अब तक नया भवन नहीं बन पाया है। ऐसे में 58 बच्चे पंचायत भवन के एक ही हॉल में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बच्चे डीएम से अपील कर रहे हैं कि उनका स्कूल बनवा दिया जाए। स्कूल का पुराना भवन बहुत खराब हालत में था। इस वजह से मार्च 2023 में इसे गिरा दिया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही नया स्कूल भवन बन जाएगा, लेकिन डेढ़ साल बीतने के बाद भी बच्चों को अपने स्कूल का इंतजार है। फिलहाल गांव के मिनी सचिवालय यानी पंचायत भवन के एक हॉल में पांचों कक्षाएं चल रही हैं। 2616 फीट के इस एक कमरे में कक्षा एक से पांच तक के बच्चे एक साथ बैठते हैं। जब एक शिक्षक एक कक्षा को पढ़ाते हैं, तो बाकी बच्चों को उसी शोर के बीच पढ़ना पड़ता है। इससे पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। नए भवन की मांग कर रहे ग्रामीण स्कूल में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और गरीब परिवारों से हैं। इनमें लड़कियों की संख्या ज्यादा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के पास कोई दूसरा स्कूल नहीं है। इसलिए बच्चों की पढ़ाई के लिए इसी स्कूल पर निर्भर रहना पड़ता है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शोभाराम यादव ने बताया कि स्कूल भवन बनाने के लिए जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भवन न होने से बच्चों को बहुत दिक्कत हो रही है। ग्रामीण लंबे समय से नए भवन की मांग कर रहे हैं। वहीं, मंगलवार दोपहर 3:30 बजे बाराबंकी के बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने बताया कि स्कूल भवन बनाने के लिए सरकार से पैसा मिल गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
हनुमानगढ़ में नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस के सिंबल पर जीते पार्षदों ने मंगलवार को एसडीएम कोर्ट में शपथ ली। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन की अगुवाई में सभी पार्षद कलेक्ट्रेट पहुंचे और उपखंड अधिकारी के सामने शपथ ग्रहण की। शपथ के बाद एसडीएम ने पार्षदों को प्रमाण पत्र दिए। शपथ ग्रहण के बाद सभापति पद को लेकर पूछे गए सवाल पर पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि निर्वाचित पार्षदों से बातचीत के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। नगर परिषद में कांग्रेस के सिर्फ 10 सीटों पर सिमटने के सवाल पर बीसीसी शहर अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ने कहा कि जनता जनार्दन है और उसका फैसला सबसे ऊपर है। उन्होंने बताया कि चौधरी विनोद कुमार के विधायक रहते कांग्रेस ने शहर में कई विकास कार्य करवाए थे। जिनेन्द्र जैन ने कांग्रेस के अलग-अलग गुटों में बंटे होने की बातों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट थे। टिकट बांटते समय सभी से राय ली गई थी और किसी बाहरी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया गया। सभापति पद के लिए बहुमत जुटाने के सवाल पर भाजपा से बातचीत की संभावना को लेकर जैन ने कहा कि राजनीति में हर दरवाजे खुले रहते हैं। उन्होंने कहा कि शहर के विकास और हित के लिए जरूरत पड़ी तो पार्टी कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी एक परिवार की तरह होती है और परिवार का हमेशा साथ देना चाहिए।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर फिर तंज कसा है। दरअसल भाजपा द्वारा आयोजित सेवा संकल्प की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। दरअसल पत्रकारों नउनसे सवाल किया कि राहुल गांधी के कार्यक्रमों में भीड़ बुलाने के लिए रैपर्स को बुलवाया गया है, सिंगर्स को बुलवाया गया है। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि जनता राहुल गांधी को सुनने नहीं आ रही। हमारे लिए तो राहुल गांधी ही काफी हैं…इस तीखे तंज पर पलटवार और चुटकी लेते हुए वहां मौजूद भाजपा खेमे की तरफ से हाजिरजवाबी आई। खुद विजयवर्गीय ने भी जमकर ठहाका लगाया। इस टिप्पणी का साफ इशारा इस ओर था कि भाजपा विपक्ष के चेहरे के रूप में राहुल गांधी को खुद के लिए राजनीतिक रूप से मुफीद मानती है। इसके पूर्व जब उनसे राहुल गांधी को लेकर और सवाल किए तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि आज वे भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के बारे में बोलेंगे। फिर आखिरी सवाल पर सबको खूब हंसाया। वहां मौजूद पत्रकारों से मजाकिया अंदाज में फिटनेस और उम्र को लेकर भी संवाद किया, जिससे सियासी माहौल पूरी तरह खुशनुमा हो गया। उधर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी नहीं चूके। उन्होंने कांग्रेस द्वारा अनंत चतुर्दशी के चल समारोह में झांकी की अनुमति तो लेकर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को तो कार्टून शो की अनुमति मांगना चाहिए।
कुशीनगर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते असर के बावजूद हिंदी की सांस्कृतिक जड़ें, साहित्यिक समृद्धि और मानवीय भावनाएं आज भी बरकरार हैं। वक्ताओं ने कहा कि तकनीक और हिंदी को मिलाकर इसे नए दौर की असरदार भाषा बनाया जा सकता है। यह बात मंगलवार को पडरौना के उदित नारायण पीजी कॉलेज में हिंदी दिवस पर हुई एक संगोष्ठी में कही गई। मंगलवार सायं 4 बजे तक चले संगोष्ठी को कॉलेज के हिंदी विभाग और भाषा परिषद ने मिलकर आयोजित की थी। इसका विषय था कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में हिंदी भाषा का बदलता स्वरूप। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. ममता मणि त्रिपाठी ने की। पूर्व विभागाध्यक्ष और सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. प्रेमचंद्र सिंह मुख्य अतिथि थे, जबकि किसान पीजी कॉलेज, सेवरही के सहायक आचार्य डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मुख्य अतिथि डॉ. प्रेमचंद्र सिंह ने हिंदी की सरलता, सहजता और राजभाषा के तौर पर इसके महत्व पर बात की। उन्होंने बताया कि हिंदी को किसी एक व्यक्ति ने नहीं बनाया, बल्कि यह अपने बड़े जनसमर्थन, साहित्य और बात कहने की ताकत के कारण खुद स्थापित हुई है। उन्होंने मलिक मोहम्मद जायसी की 'पद्मावत' का उदाहरण देते हुए कहा कि साहित्य में मानवीय भावनाएं और आत्मीयता जिस स्तर की होती है, वहां AI की पहुंच सीमित है। AI भाषा तो बना सकता है, लेकिन मानवीय अनुभव से निकलने वाली आत्मीय संवेदनाएं आसानी से नहीं ला सकता। इसलिए AI का इस्तेमाल सिर्फ एक सहायक तकनीक के रूप में करना चाहिए। हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. विजय प्रताप निषाद ने कहा कि अभी का समय तकनीकी बदलाव और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का है। ऐसे में हिंदी के स्वरूप और इस्तेमाल में बदलाव आना स्वाभाविक है। उन्होंने हिंदी को आधुनिक तकनीक से जोड़कर ज्ञान-विज्ञान और डिजिटल दुनिया की असरदार भाषा बनाने पर जोर दिया। डॉ. अरुण कुमार, डॉ. राजेश कुमार और डॉ. अश्विनी यादव ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि दूसरी भाषाएं हमें दुनिया से जोड़ती हैं, जबकि हिंदी हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है। सारस्वत अतिथि कवि एवं पूर्व शिक्षक रामकृष्ण यादव ‘वैफरल’ ने हिंदी को संवेदना, संस्कृति और आत्म-अभिव्यक्ति की सशक्त भाषा बताया। इस दौरान उनके कविता संग्रह ‘हम पीकर बेहतर रहते हैं’ का अतिथियों और प्राध्यापकों ने विमोचन किया। सेवानिवृत्त शिक्षक राघव तिवारी ने कविता गायन प्रस्तुत किया। बीए तृतीय वर्ष की छात्रा प्रीति ने स्वरचित कविता का भावपूर्ण गायन किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनूप पटेल ने हिंदी दिवस की प्रासंगिकता बताते हुए विद्यार्थियों से हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। संचालन डॉ. विजय प्रताप निषाद और डॉ. आनंद कुमार गोंड ने किया।
बिजनौर में उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की ओर से मंगलवार को फील्ड हॉस्टल, मध्य गंगा नहर सिंचाई खंड में रक्तदान शिविर लगाया गया। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले शिविर में इंजीनियरों और अन्य सदस्यों ने उत्साह से रक्तदान किया। इस दौरान करीब 60 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। डीएम और एसपी रहे मौजूद शिविर का आयोजन इंजीनियर आरके दत्ता की पुण्यतिथि और डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन के अवसर पर किया गया। डीएम जसजीत कौर मुख्य अतिथि और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के जनपद अध्यक्ष इंजीनियर आजाद सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जनपद सचिव इंजीनियर आरिफ मलिक ने संचालन किया। विभिन्न विभागों के इंजीनियरों ने किया रक्तदान शिविर में सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता समेत विभिन्न विभागों के इंजीनियरों और महासंघ के सदस्यों ने रक्तदान किया। इस दौरान वित्त सचिव अर्पित गुप्ता, सिविल डेवलपमेंट जंक्शन के मंडल उपाध्यक्ष अंकित कपासिया, लोक निर्माण विभाग के जनपद अध्यक्ष इंजीनियर अखिलेश, इंजीनियर देवेंद्र समेत बड़ी संख्या में इंजीनियर और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
बागपत पुलिस ने फ्लिपकार्ट शिपमेंट में हेराफेरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। इस गिरोह ने कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया था। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 40 लाख रुपये कीमत के 42 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बड़ौत निवासी हिमांशु, शामली के बाबरी निवासी अभिषेक और बागपत निवासी अनिल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह का मुख्य आरोपी और हब इंचार्ज आशीष चौधरी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं। उत्तराखंड के अलग-अलग शहरों में बेचा जाता था फोन पकड़े गए आरोपी पिछले करीब डेढ़ साल से शिपमेंट में हेराफेरी कर कंपनी को नुकसान पहुंचा रहे थे। जांच में सामने आया कि आरोपी शिपमेंट की अनलोडिंग के दौरान कैमरों से बचकर पार्सल से महंगे मोबाइल चुरा लेते थे। इन ब्रांडेड मोबाइलों को उत्तराखंड के अलग-अलग शहरों में बेचा जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अब तक कंपनी को 77 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से विभिन्न कंपनियों के 42 मोबाइल बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और फरार मुख्य आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। चोरी किए गए अन्य मोबाइलों और उनकी बिक्री से जुड़े नेटवर्क का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। बागपत एसपी सूरज राय ने मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले का खुलासा किया। इस मामले में अभी कई आरोपी फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी कर रही है। यह समूह पिछले डेढ़ साल से सक्रिय था और लगातार धोखाधड़ी कर रहा था। पुलिस ने फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी है।
झालावाड़ के मंडावर कस्बे में चौरसिया समाज पंचायत की ओर से ऋषि पंचमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। हर साल की तरह इस बार भी श्री नानादेवी मंदिर प्रांगण में आयोजित महोत्सव में समाज के महिला-पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री लक्ष्मीनाथजी मंदिर पर कलश और घोड़ी की बोली से हुई, जिसमें समाजबंधुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बाजे-गाजे के साथ निकली शोभायात्रा बोली के बाद बाजे-गाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और मां नानादेवी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। महिलाएं सिर पर बोली वाले कलश लेकर चल रही थीं, जबकि बाजों की धुन पर बच्चे, महिलाएं और पुरुष नाचते-गाते हुए शोभायात्रा का हिस्सा बने। ध्वज लेकर चले घुड़सवार, फूलों से हुआ स्वागत शोभायात्रा में दो घुड़सवार हाथों में ध्वज लेकर महिलाओं के पीछे चल रहे थे। मां श्री नानादेवी की तस्वीर को भी पारंपरिक तरीके से सजाया गया था। कस्बे से गुजरने के दौरान शोभायात्रा का जगह-जगह फूलों की बारिश कर स्वागत किया गया। श्रद्धा और उत्साह से भरे माहौल में पूरा कस्बा मां नानादेवी के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना और महाआरती शोभायात्रा पूरे गांव से होते हुए श्री नानादेवी मंदिर परिसर पहुंची। यहां समाज के लोगों ने मां नानादेवी की पूजा-अर्चना की और इसके बाद महाआरती की गई। इस दौरान समाज के उत्थान और विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। सामूहिक प्रसादी में शामिल हुए समाजबंधु महोत्सव के समापन पर समाज की ओर से सामूहिक भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। इसमें सभी समाजबंधुओं ने एक साथ प्रसादी ग्रहण की। आयोजन में चौरसिया समाज युवा मंडल, महिला मंडल, मित्र मंडली के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। आगे भी होंगे सामाजिक आयोजन चौरसिया समाज पंचायत मंडावर के अध्यक्ष शिवशंकर चौरसिया ने बताया कि समाज की ओर से भविष्य में भी ऐसे आयोजन समय-समय पर किए जाएंगे, ताकि सामाजिक एकजुटता और आपसी भाईचारे को मजबूत किया जा सके।
जालौन में भारतीय किसान संघ, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर किसानों की विभिन्न समस्याओं और 19 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार, 16 सितंबर को उरई की गल्ला मंडी परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन होगा। जनपदभर से किसान इसमें शामिल होंगे। कानपुर प्रांत के प्रांतीय अध्यक्ष साहब सिंह चौहान ने मंगलवार शाम पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। सम्मान निधि से लेकर बिजली तक मांग साहब सिंह चौहान ने बताया कि धरने में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि तीन गुना करने और वर्ष 2019 के बाद भूमि संबंधी त्रुटियों के कारण योजना से वंचित किसानों को लाभ दिलाने की मांग प्रमुख रहेगी। निजी विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया सरल करने, ट्यूबवेलों को नई विद्युत लाइन से जोड़कर 24 घंटे बिजली देने, निजी ट्यूबवेल कनेक्शन पर 90 प्रतिशत अनुदान और ट्यूबवेल पर मीटर नहीं लगाने की मांग भी उठाई जाएगी। खाद, डीएपी और यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने तथा फार्मर आईडी नहीं होने के कारण किसानों को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं करने की मांग भी रखी जाएगी। नहरों की सफाई और सिंचाई व्यवस्था का मुद्दा किसान संघ रजवाहों, माइनरों और नहरों की सफाई व खुदाई, क्षतिग्रस्त वाटर लेवल दुरुस्त करने और कुलावों की क्षमता बढ़ाने की मांग करेगा। नहरों की पटरी और सर्विस रोड को चौड़ा कर दुरुस्त कराने तथा मानकविहीन चेकडैमों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी शामिल है। अतिवृष्टि से फसल नुकसान का मुआवजा प्राकृतिक आपदा में फसल नष्ट होने पर किसान क्रेडिट कार्ड के बकायेदार किसानों को भी ऋण उपलब्ध कराने और ब्याज माफ करने की मांग की गई है। कृषि कार्य के लिए पांच लाख रुपए तक का ऋण शून्य ब्याज दर पर देने और समझौते के बाद ऋण चुका चुके किसानों की खराब सिविल रिपोर्ट ठीक कराने की मांग भी धरने में उठेगी। फसल बीमा व्यवस्था में सुधार, खेत को बीमा की इकाई मानने तथा अतिवृष्टि से बर्बाद खरीफ फसलों के लिए बीमा राशि और शासन से क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग भी की जाएगी। मंडियों में तौल और भुगतान की जांच की मांग मंडी व्यवस्था में धान और अन्य कृषि उपज की तौल व भुगतान में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया जाएगा। जालौन और कोंच मंडी में धान की बिक्री पर कटौती व अधिक तौल तथा हरी मटर खरीद केंद्रों पर अतिरिक्त तौल और भुगतान में देरी की शिकायतों की जांच कराने की मांग है। बंद पड़े बीज भंडार और निष्क्रिय सहकारी समितियों को दोबारा सुचारू रूप से संचालित करने की मांग भी की जाएगी। सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों की उपज की पारदर्शी खरीद सुनिश्चित करने की मांग रखी जाएगी। गन्ना मिल, पशु महाविद्यालय और दूध का मूल्य तय करने की मांग किसान संघ माधौगढ़ में गन्ना मिल स्थापित करने, पशु महाविद्यालय खोलने और दूध का सरकारी मूल्य 80 रुपए प्रति लीटर निर्धारित करने की मांग भी करेगा। जिले की सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों की सफाई कराने की मांग भी 19 सूत्रीय एजेंडे में शामिल है। धरने में राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साई रेड्डी, प्रदेश अध्यक्ष भईया रामजी मौर्य, प्रदेश संगठन मंत्री शिवकान्त दीक्षित और प्रांत महामंत्री राज सिंह चौहान समेत कानपुर प्रांत के पदाधिकारी शामिल होंगे। जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सक्सेना और जिला मंत्री आनंद द्विवेदी ने किसानों से उरई गल्ला मंडी परिसर पहुंचकर धरने को सफल बनाने की अपील की है।
जींद पुलिस ने नशा तस्करों के दो मामलों में 31.39 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से दो मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पंजाब के आरोपी ने पुलिस को देखकर वापस भागने का प्रयास किया, परंतु इसी दौरान उसकी बाइक बंद होने पर पुलिस ने दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में से एक पंजाब पटियाला और दो सफीदों के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। रामपुरा बाइपास पर पकड़े आरोपी सीआईए सफीदों को एक गुप्त सूचना मिली। जिसके बाद एसआई राधेश्याम टीम के साथ रामपुरा बाइपास पर पहुंचे और नाकेबंदी कर वाहनों की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान एक बाइक पर सवार दो युवकों ने सड़क किनारे पॉलीथिन फेंककर भागने का प्रयास किया। जिन्हें पुलिस ने तत्काल काबू कर लिया। तलाशी के दौरान पालीथिन से 21.13 ग्राम हेरोइन चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान खेड़ा कॉलोनी निवासी कृष्ण उफ जगीरा और आकाश निवासी सफीदों के रूप में बताई। पुलिस को देखकर भागने का प्रयास सीएसआई नरवाना प्रभारी सुखदेव ने बताया कि एसआई शमशेर सिंह टीम के साथ ठंडी सड़क पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें टीवीएस मोटरसाइकिल पर एक संदिग्ध युवक आता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर आरोपी ने बाइक को वापस मोड़कर भागने का प्रयास किया। इसी दौरान मोटरसाइकिल बंद हो गई। जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया और तलाशी के दौरान उसके पास से 10.26 ग्राम हेरोइन चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी चाहन पहचान सुखविंदर सिंह उर्फ लाडी निवासी वार्ड नंबर 9 घग्घा पटियाला के रुप में बताई।
अलीगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग ने 12.58 करोड़ रुपए की फर्नीचर सप्लाई से जुड़े कथित फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) आलोक सिंह की तहरीर पर बन्नादेवी थाने में लखनऊ की दो फर्मों और उनके प्रोपराइटरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कराई गई है। आरोप है कि दोनों फर्मों ने सरकारी विभागों के नाम से कूटरचित अनुभव प्रमाणपत्र तैयार कर उनका इस्तेमाल किया।मामला मैसर्स हरिओम इंटरप्राइजेज, गोमती नगर लखनऊ के प्रोपराइटर अनिल कुमार गुप्ता और दीपकाउन मैनपावर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, इंद्रानगर लखनऊ की प्रोपराइटर पिंकी से जुड़ा है।BSA के फर्जी हस्ताक्षर से बनाया प्रमाणपत्रतहरीर के मुताबिक हरिओम इंटरप्राइजेज की ओर से एक अनुभव प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलीगढ़ के हस्ताक्षर दर्शाए गए थे। प्रमाणपत्र में दावा किया गया कि फर्म ने अलीगढ़ के 1,021 परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए 19,305 डेस्क-बेंच की आपूर्ति की थी। इसके लिए जेम पोर्टल से GEMC511687700868434 नंबर का आपूर्ति आदेश 26 मार्च 2025 को जारी होना बताया गया। प्रमाणपत्र में इस कार्य की कीमत 12 करोड़ 58 लाख 87 हजार 905 रुपए दर्शाई गई।BSA कार्यालय की जांच में सामने आया कि इस नंबर और तारीख के आधार पर ऐसा अनुभव प्रमाणपत्र कार्यालय के डिस्पैच रजिस्टर में जारी होना दर्ज नहीं है। प्रमाणपत्र पर किए गए हस्ताक्षर भी संदिग्ध बताए गए हैं।बदायूं के नाम पर भी तैयार किया प्रमाणपत्रदूसरी फर्म दीपकाउन मैनपावर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जारी अनुभव प्रमाणपत्र में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बदायूं का प्रमाणपत्र दर्शाया गया। आरोप है कि इस पर अधिकारी के हस्ताक्षर कॉपी-पेस्ट कर इस्तेमाल किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि प्रमाणपत्र पर जिस अधिकारी के हस्ताक्षर बताए गए, वह संबंधित अवधि में बदायूं में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत ही नहीं थे। विभाग ने इसे भी प्रमाणपत्र के कूटरचित होने का आधार माना है।एक ही अनुबंध संख्या से खुला मामलाविभागीय तहरीर में सबसे अहम बिंदु यह बताया गया है कि दोनों अलग-अलग फर्मों के अनुभव प्रमाणपत्रों में एक ही जेम अनुबंध संख्या GEMC511687700868434 दर्ज है। एक प्रमाणपत्र अलीगढ़ BSA कार्यालय से जारी होना बताया गया, जबकि दूसरा बदायूं BSA कार्यालय से जारी दर्शाया गया।जांच के बाद विभाग ने दोनों प्रमाणपत्रों को प्रथम दृष्टया फर्जी मानते हुए पुलिस कार्रवाई की संस्तुति की।BSA ने खुद कराई FIRBSA आलोक सिंह ने दोनों प्रमाणपत्रों की प्रतियां पुलिस को उपलब्ध कराते हुए मामले में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जिला समन्वयक निर्माण को अधिकृत करते हुए बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।सीओ द्वितीय धनंजय के अनुसार दोनों फर्मों के प्रोपराइटरों पर सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ कर कूटरचित और फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र तैयार करने तथा उनका प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब प्रमाणपत्रों, जेम पोर्टल के रिकॉर्ड, संबंधित विभागीय अभिलेखों और हस्ताक्षरों की जांच करेगी।
हापुड़ पहुंचे प्रभारी मंत्री केपी मलिक:सेवा संकल्प अभियान के 13 कार्यक्रमों पर किया मंथन
हापुड़। प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री केपी मलिक मंगलवार को हापुड़ पहुंचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में एक बैठक की। इस बैठक में भाजपा के 'सेवा संकल्प अभियान' के कार्यक्रमों पर अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों से चर्चा हुई। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। अलग-अलग 13 कार्यक्रम हुए अभियान का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सेवाकाल की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाना है। साथ ही, लोगों को 'विकसित भारत @2047' के संकल्प से जोड़ना भी इसका उद्देश्य है। बैठक में अभियान के तहत होने वाले 13 कार्यक्रमों पर खास चर्चा हुई। इन कार्यक्रमों में 'आशीर्वाद दीया', 'सपनों का भारत' (चित्रकला व भाषण कला), 'नमो सेवा गाथा', 'आंगन उत्सव', 'कहानी बदलाव की', 'विकसित भारत संकल्प यात्रा', 'सेवा ज्योति यात्रा', 'बड़नगर से वाराणसी', 'सेवा मेरा योगदान' (स्वच्छता अभियान), 'सेवा सेतु अभियान' (सरकारी योजनाओं में ब्लॉक कैंप/एसटीडी), 'रंगोली राष्ट्र' (रंगोली बनाना), 'राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज' और 'जन सेवक महाकुंभ' (पंचायत से पार्लियामेंट) शामिल हैं। आमजन तक पहुंचे सरकार की योजना प्रभारी मंत्री केपी मलिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान दुनिया भर में बढ़ा है। यह उनके अच्छे नेतृत्व का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान को सफल बनाने की जिम्मेदारी सभी की है। सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुंचनी चाहिए। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण मित्तल ने बताया कि मोदी सरकार ने कई क्षेत्रों में बहुत काम किए हैं। इन कामों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना अभियान का मुख्य मकसद है। जिला अध्यक्ष कविता माधरे ने प्रभारी मंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर, विधायक हरेंद्र तेवतिया, धर्मेश तोमर, विजयपाल आढ़ती, डीएम कविता मीणा, सीडीओ श्रुति शर्मा और एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह मौजूद थे। इनके साथ भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
टीकमगढ़ जिले में बिजली बिल वसूली के लिए विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को मुख्य अभियंता के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता अजमेर सिंह और कार्यपालन अभियंता एसके सोनी के नेतृत्व में टीकमगढ़ वृत्त के इंजीनियरों की टीम ने कार्रवाई की। आरईएस बिजली विभाग क्षेत्र में 10 उपभोक्ताओं की मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं। विभाग ने बताया कि क्षेत्र में कुल 15 करोड़ रुपए की बकाया राशि वसूलनी है। इसके लिए अब तक 1200 से ज्यादा बकायादार उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे जा चुके हैं। सहायक अभियंता शुभम त्यागी ने जानकारी दी कि कुर्की की कार्रवाई से पहले सभी बकायादार उपभोक्ताओं को फॉर्म वी और फॉर्म सी के जरिए नोटिस भेजे गए थे। इसका मकसद था कि वे समय रहते बिल जमा कर सकें। इसके बावजूद जिन उपभोक्ताओं ने बिल जमा करने में रुचि नहीं ली, उनके खिलाफ संबंधित थाने को जानकारी देकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। सहायक अभियंता शुभम त्यागी के नेतृत्व में 15 लाइनमैन की एक टीम भी बनाई गई थी। इस टीम ने पूरे गांव में जाकर बकायादार उपभोक्ताओं को बिल भुगतान संबंधी जानकारी दी और वसूली अभियान के बारे में बताया। आज ग्राम अनंतपुरा निवासी हरपा पुत्र परम गड़रिया (सर्विस नंबर 1188005186) की मोटरसाइकिल जब्त की गई, उन पर 17,716 रुपए बकाया थे। इसी तरह, ग्राम नयाखेरा निवासी नारायण पिता छट्टू अहिरवार (सर्विस नंबर 1188019393) की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई, जिन पर 28,111 रुपए बकाया थे। ग्राम मौघाट निवासी नंदलाल पिता गोविंद दास राय (सर्विस नंबर 1188007421) की मोटरसाइकिल जब्त हुई, उन पर 25,149 रुपए बकाया थे। मुख्य अभियंता आरएस येमड़े ने अपील की है कि सभी बकाया उपभोक्ता समय पर अपने बिजली बिल का भुगतान करें, ताकि कुर्की जैसी कार्रवाई से बचा जा सके। उन्होंने साफ किया कि बकाया वसूली अभियान आगे भी जारी रहेगा और जो उपभोक्ता समय पर बिल जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कुर्की सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गोंडा में विनोद सहनी हत्याकांड के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भीम आर्मी चीफ और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 17 सितंबर को गोंडा आने की बात कही है। उन्होंने आज मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे एक वीडियो जारी कर यह जानकारी दी। इससे पहले 12 सितंबर को चंद्रशेखर आजाद विनोद सहनी के परिजनों से मिलने गोंडा आ रहे थे। तब गोंडा पुलिस ने उन्हें बाराबंकी में ही रोक लिया था। बाराबंकी में विरोध प्रदर्शन के बाद वे लखनऊ चले गए थे। चंद्रशेखर आजाद के फिर से गोंडा आने की बात कहने के बाद जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर 17 सितंबर तक विनोद सहनी हत्याकांड में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे फिर गोंडा लौटेंगे। उन्होंने कहा कि वे बाराबंकी के जरिए कार्रवाई की रिपोर्ट भी लेंगे और विनोद सहनी के परिजनों से मुलाकात करेंगे। आजाद ने कहा,अगर हमारी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो हम विनोद भाई के परिवार की मांग पर आएंगे। बाराबंकी में हमारे साथ जो हुआ, उन मांगों पर कार्रवाई न होने पर भी मैं 17 तारीख को आऊंगा। उन्होंने विनोद सहनी हत्याकांड पर कहा कि पुलिस चाहे तो एक पत्ता भी न हिले,लेकिन बिना पुलिस की सहमति के ऐसा नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पुलिस की सहमति नहीं है, तो यह इंटेलिजेंस की नाकामी है। विनोद की हत्या इसका बड़ा उदाहरण है। आजाद ने कहा कि अगर पुलिस पहले से कुछ लोगों को रोकती,तो शायद यह स्थिति नहीं बनती। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन पुलिस अधिकारियों की जांच होनी चाहिए। उनके नंबर, कॉल डिटेल और उनके फोन पर किसका फोन आ रहा था इसकी जांच हो और यह सब किसके इशारे पर हुआ इसका पता लगाया जाए। उन्होंने आगे कहा,मेरा कार्यकर्ता मेरा परिवार है। किसी भी कार्यकर्ता पर हमला बर्दाश्त नहीं करूंगा। उन्होंने बताया कि विनोद सहनी उनसे दो महीने पहले मिले थे और करनैलगंज विधानसभा से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। आजाद ने उन्हें मदद का भरोसा दिया था।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 17 और 18 सितंबर को दो दिवसीय प्रवास पर उज्जैन और इंदौर आएंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला उज्जैन दौरा है। इसे लेकर दोनों शहरों के भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह है। तय कार्यक्रम के अनुसार, वे इंदौर में स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद शाम को उज्जैन पहुंचेंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, नितिन नबीन 17 सितंबर को दोपहर 1:45 बजे विशेष विमान से इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां स्थानीय नेता और प्रशासनिक अधिकारी उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वे दोपहर 2:45 बजे गांधी नगर ग्राउंड पहुंचेंगे। शाम 5:05 बजे उज्जैन पहुंचेंगे इंदौर के कार्यक्रम पूरे करने के बाद नितिन नबीन हेलीकॉप्टर से उज्जैन रवाना होंगे। वे शाम 5:05 बजे उज्जैन पुलिस लाइंस स्थित हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वे महाकाल मंदिर के पास स्थित होटल एमपीटी सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज जाएंगे, जहां कुछ देर विश्राम करेंगे। रामघाट पर शिप्रा आरती और भजन संध्या में होंगे शामिल प्रवास के पहले दिन शाम करीब 6:40 बजे नितिन नबीन रामघाट पहुंचेंगे। यहां वे मां शिप्रा की आरती और दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद रात 8 से 9 बजे तक रामघाट पर आयोजित भजन संध्या में हिस्सा लेंगे। रात्रि विश्राम होटल सम्राट विक्रमादित्य में करेंगे। 18 सितंबर को भस्म आरती में होंगे शामिल प्रवास के दूसरे दिन 18 सितंबर को नितिन नबीन अलसुबह 4 बजे विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेंगे। यहां वे भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेंगे। दर्शन-पूजन के बाद वे होटल लौटेंगे। सुबह करीब 9:30 बजे उज्जैन हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा इंदौर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। उनके दौरे को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
सांसद अनिल बलूनी का उत्तराखंड के बेसिक शिक्षकों को टीईटी से राहत का भरोसा, संसद में उठाएंगे मुद्दा
उत्तराखंड के बेसिक शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत दिलाने के लिए सांसद अनिल बलूनी ने आगामी संसद सत्र में मामला उठाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मिलने का आश्वासन दिया है।
चूरू जिले की राजगढ़ तहसील के भाकरा गांव में मंगलवार दोपहर खेत में काम करने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। 60 वर्षीय सरोज का हाथ अचानक थ्रेसर मशीन में आ गया, जिससे उनके हाथ का पंजा कट गया। हादसे के बाद खेत में अफरा-तफरी मच गई। फसल की कटाई के दौरान हुआ हादसागांव के प्रेमसिंह ने बताया कि सरोज खेत में फसल की कटाई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक उनका हाथ थ्रेसर मशीन की चपेट में आ गया। हादसे में उनके एक हाथ का पंजा कट गया और काफी खून बहने लगा। खेत से तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे परिजनअधिक रक्तस्राव के कारण सरोज बेहोश होने लगीं। घटना के समय खेत में परिवार के अन्य लोग भी काम कर रहे थे। परिजनों ने तत्काल घायल महिला को एक निजी वाहन से चूरू के डीबी अस्पताल पहुंचाया। डीबी अस्पताल में इलाज जारीअस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने सरोज का उपचार शुरू किया। फिलहाल महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया है और चिकित्सकों की निगरानी में जरूरी जांचें कराई जा रही हैं।
जयपुर नगर निगम में बीजेपी-कांग्रेस से 6 जेन-जी जीते:21 साल की पलक और फाईस सबसे कम उम्र के पार्षद बने
जयपुर नगर निगम चुनाव के 150 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के कुल 18 जेन-जी प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से कांग्रेस के 4 और बीजेपी के 2 जेन-जी ने जीत दर्ज की है। भाजपा के 6 और कांग्रेस के 12 प्रत्याशी मैदान में थे। यानी जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्डों में 4% जेन जी पार्षद होंगे। खास बात यह रही कि कांग्रेस ने भाजपा की तुलना में दोगुने Gen-Z प्रत्याशियों को टिकट दिया था। जीतने में 4 प्रत्याशी सफल रहे, जबकि भाजपा के 6 में से 2 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। सबसे कम उम्र के प्रत्याशी 21 साल के इसमें सबसे कम उम्र के जेन जी उम्मीदवार वार्ड-71 से कांग्रेस के फाईस हसन (21) हैं। फाईस ने 39 साल के निर्दलीय कैंडिडेट मोहम्मद सलीम को हराया है। वार्ड-10 से बीजेपी की पलक यादव भी 21 साल की है। पलक ने 39 साल की कांग्रेस प्रत्याशी वंदना जाखड़ को हराया है। 29 साल के सूरज ने 67 साल के प्रत्याशी को हराया जेन-जी विजेताओं में वार्ड-115 से भाजपा के सूरज गोडीवाल की जीत सबसे दिलचस्प मुकाबलों में रही। सूरज गोडीवाल 29 साल के है , उन्होंने खुद से 38 साल बड़े कांग्रेस के सुरेश बिवाल को 1063 वोटों के अंतर से हराया। 67 साल के सुरेश बिवाल सबसे उमरदराज कैंडिडेट में है। देखें जीतने वाले जेन-जी की प्रोफाइल.
चांडिल-कांड्रा सड़क पर भारी वाहनों के प्रतिबंध के बावजूद आवागमन जारी है, जिससे धूल और परेशानी बढ़ गई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने वाहनों को रोककर विरोध प्रदर्शन किया, जिस पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
दमोह देहात थाना क्षेत्र के नरसिंहगढ़ चौकी अंतर्गत कल्याणपुर-सीतानगर मार्ग पर मंगलवार दोपहर एक स्कूली ऑटो और बाइक की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ऑटो में सवार छात्र, ऑटो चालक और बाइक सवार को मामूली चोटें आईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। यह ऑटो कल्याणपुरा निवासी दिनेश बडगइयां का बताया जा रहा है। ऑटो चालक ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब 3:15 बजे वह निजी स्कूल से बच्चों को घर छोड़ने कल्याणपुरा जा रहा था। चैनपुरा पहुंचते ही सामने से आ रही एक बाइक ऑटो से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो पलट गया। उस समय ऑटो में चार बच्चे सवार थे, जिन्हें मामूली चोटें आईं। चालक ने बताया कि उसे और बाइक सवार को भी हल्की चोटें आई हैं। चालक के अनुसार, गलती बाइक सवार की थी। नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी ने बताया कि ऑटो चालक बच्चों को घर छोड़ने जा रहा था। कल्याणपुरा के पास बाइक और ऑटो की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिससे ऑटो पलट गया। इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। दोनों वाहनों के चालक मामूली रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच कर रही है। सभी बच्चों को सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया गया है।
दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र में सड़क पर महिला को चाकू दिखाकर मंगलसूत्र लूटने के मामले में पुलिस ने दो नाबालिगों को पकड़ा है। दोनों ने झीट-खुड़मुड़ी मुख्य सड़क पर महिला को बाइक से रोक लिया था। पीछे बैठे नाबालिग ने बाइक से उतरकर महिला के गले पर चाकू अड़ा दिया और उसका सोने का मंगलसूत्र लूट लिया। इसके बाद दोनों बाइक से भाग गए। घटना 8 सितंबर की शाम की है। पुलिस ने लगातार तलाश के बाद दोनों को रायपुर के भाठागांव से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, महिला ग्राम झीट के नए क्रिकेट मैदान से अपनी सहेली के साथ काम करके घर लौट रही थी। वह पेट्रोल पंप के पास मुख्य सड़क पर पहुंची थी। इसी दौरान पाटन की ओर से एक बाइक पर दो लड़के आए। उन्होंने बाइक महिला के पास रोकी। पीछे बैठे लड़के ने बाइक से उतरकर चाकू निकाला और महिला के गले पर अड़ा दिया। चाकू देखकर महिला डर गई। इसी दौरान आरोपी उसका मंगलसूत्र लूटकर साथी के साथ बाइक से फरार हो गया। घटना के बाद महिला ने अमलेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। घटना सड़क पर हुई थी और आरोपियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू की। रायपुर से पकड़ा नाबालिगों कोअमलेश्वर थाना पुलिस और सायबर अपराध दुर्ग की टीम ने मिलकर आरोपियों की तलाश की। पुलिस ने घटना के बाद लगातार जानकारी जुटाई और आखिरकार दोनों को रायपुर के भाठागांव में घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। इसके बाद दोनों को नियमानुसार अभिरक्षा में लिया गया और न्यायालय के सामने पेश किया गया। पुलिस के अनुसार दोनों नाबालिग बाइक से घूमकर राहगीरों को निशाना बनाते थे। वे रास्ते में लोगों को रोकते और चाकू दिखाकर डराते थे। विरोध करने पर धमकी देकर सोने-चांदी के गहने और दूसरी चीजें लूटकर भाग जाते थे। इस मामले में भी उन्होंने इसी तरीके का इस्तेमाल किया। आरोपियों के कब्जे से सामान किया जब्तपुलिस ने दोनों के कब्जे से सोने के चार गोल बूंदे, दो सोने के लॉकेट और एक मोबाइल बरामद किया है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल हीरो स्प्लेंडर बाइक और चाकू भी जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान में चार सोने की बूंदों की कीमत करीब 35 हजार रुपए, दो सोने के लॉकेट की कीमत 20 हजार रुपए और मोबाइल की कीमत 10 हजार रुपए है। बाइक की कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई गई है। इस तरह जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 1 लाख 15 हजार रुपए बताई गई है।
धौलपुर जिले के नगर निकाय चुनाव में किसी भी पार्टी को सभी निकायों में स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी किंगमेकर की भूमिका में आ गए हैं। कांग्रेस ने राजाखेड़ा, मनियां और सरमथुरा में बहुमत हासिल कर अपना बोर्ड बनाने का रास्ता साफ कर लिया है, जबकि धौलपुर नगर परिषद, बसेड़ी, बाड़ी और सैंपऊ में बोर्ड बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों निर्दलियों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही हैं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बावजूद भाजपा का प्रदर्शन कमजोर नगर निकाय चुनाव से पहले 28 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिले में करीब 176.95 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया था। इनमें 155.33 करोड़ रुपए के 14 कार्यों का लोकार्पण भी शामिल था। इसके बावजूद चुनाव परिणामों में भाजपा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। भाजपा धौलपुर नगर परिषद को छोड़कर जिले के किसी भी निकाय में दहाई का आंकड़ा नहीं छू सकी। वहीं कांग्रेस बसेड़ी और सैंपऊ में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई। ऐसे में जिन निकायों में किसी दल को बहुमत नहीं मिला, वहां अब निर्दलीय प्रत्याशियों पर दोनों प्रमुख दलों की नजर है। धौलपुर नगर परिषद: कांग्रेस 27, भाजपा 11, निर्दलीय 22 धौलपुर नगर परिषद की 60 सीटों के नतीजों में कांग्रेस ने 27 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 11 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 22 सीटें मिलीं। बहुमत के लिए 31 सीटों की जरूरत है, लेकिन किसी भी दल के पास यह आंकड़ा नहीं है। ऐसे में धौलपुर नगर परिषद में बोर्ड बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बड़े स्तर पर जोड़-तोड़ में जुटी हैं। खास बात यह है कि भाजपा के कई नेताओं ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। टिकट वितरण को भाजपा के कमजोर प्रदर्शन का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। पिछली बार की तरह इस बार भी क्रॉस वोटिंग की आशंका ने दोनों दलों की चिंता बढ़ा दी है। मनियां: कांग्रेस ने 13 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र की मनियां नगरपालिका में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 में से 13 सीटें जीत ली हैं। भाजपा को चार और निर्दलीयों को तीन सीटें मिली हैं। कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा पार कर बोर्ड बनाने की स्थिति मजबूत कर ली है। हालांकि भाजपा यहां भी जोड़-तोड़ की राजनीति के जरिए समीकरण बदलने की कोशिश में जुटी है। राजाखेड़ा: 35 में से 23 सीटें कांग्रेस के खाते में राजाखेड़ा नगर पालिका की 35 सीटों में से कांग्रेस ने 23 सीटों पर जीत दर्ज की है। भाजपा को दो और अन्य दलों को तीन सीटें मिली हैं। कांग्रेस यहां स्पष्ट बहुमत के साथ बोर्ड बनाने की स्थिति में है। राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा भी बोर्ड गठन को लेकर सक्रिय हैं। सरमथुरा: कांग्रेस के गृह क्षेत्र में भाजपा सिर्फ एक सीट पर सिमटी कांग्रेस जिला अध्यक्ष और बसेड़ी विधायक संजय जाटव के गृह कस्बे सरमथुरा में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया है। 25 सीटों में कांग्रेस को 15, भाजपा को एक और निर्दलीयों को 9 सीटें मिली हैं। सरमथुरा में पिछले एक महीने से अधिक समय से धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के विरोध में धरना चल रहा है। चुनाव परिणामों को क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यही वजह रही कि भाजपा 25 में से सिर्फ एक सीट पर सिमट गई। बसेड़ी: 8-8 पर भाजपा-कांग्रेस, 9 निर्दलीय तय करेंगे बोर्ड बसेड़ी नगर पालिका की 25 सीटों में कांग्रेस और भाजपा दोनों को आठ-आठ सीटें मिली हैं, जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों ने नौ सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी यहां सीधे तौर पर किंगमेकर की भूमिका में हैं। बहुमत के लिए 13 सीटों की जरूरत है। इसलिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ लाने के लिए सक्रिय हो गई हैं। बाड़ी: कांग्रेस बहुमत से दो कदम दूर, भाजपा भी जोड़-तोड़ में बाड़ी नगर पालिका की 45 सीटों में कांग्रेस को 21, भाजपा को 9 और अन्य प्रत्याशियों को 15 सीटें मिली हैं। कांग्रेस बहुमत के आंकड़े 23 से सिर्फ दो सीट दूर है। पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए जोड़-तोड़ में जुटे हैं, जबकि कांग्रेस भी बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिए निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ लाने की कोशिश कर रही है। सैंपऊ: 7-7 पर कांग्रेस और अन्य, भाजपा के खाते में 6 सैंपऊ नगर पालिका की 20 सीटों में कांग्रेस को सात, भाजपा को छह और अन्य प्रत्याशियों को सात सीटें मिली हैं। यहां किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है। बहुमत के लिए 11 सीटों की जरूरत है। कांग्रेस को बहुमत के लिए चार और भाजपा को पांच अन्य पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में सैंपऊ में भी बोर्ड गठन का फैसला निर्दलीय और अन्य प्रत्याशियों के रुख पर निर्भर करेगा। भाजपा जिला अध्यक्ष का दावा- सभी निकायों में बनाएंगे बोर्ड जिले में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत ने कहा कि पूरे जिले में भाजपा को विधानसभा और लोकसभा में कोई सीट नहीं मिली है, इसके बावजूद पार्टी सभी नगर निकायों में अपना बोर्ड बनाएगी। टिकट वितरण में गड़बड़ी के सवाल पर उन्होंने कहा कि टिकट वितरण के लिए कोर कमेटी बनाई गई थी और उसी के माध्यम से प्रत्याशियों को टिकट दिए गए हैं।
पलवल के हसनपुर थाना क्षेत्र के नंगला कानपुर गांव में पुरानी रंजिश के चलते दो भाइयों और एक महिला पर जानलेवा हमला किया गया। हमलावरों ने कुल्हाड़ी, लोहे की रॉड, लाठी-डंडों और पत्थरों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने इस मामले में दस नामजद आरोपितों सहित 5-6 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हसनपुर थाना प्रभारी विजयपाल के अनुसार, नंगला कानपुर निवासी खुर्शीद अहमद ने शिकायत में बताया कि वह और उनका छोटा भाई लियाकत अपनी बैठक पर बैठे थे। तभी गांव के अरसद, अते मोहम्मद, तौफिक, नासिर, हसन, बब्बी, रिहान, फज्जर, जाहुल और रुकसार अपने 5-6 अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचे। लाठी-डंडे लेकर पहुंचे हमलावर आरोपितों के पास कुल्हाड़ी, लोहे की रॉड, डंडे, पत्थर और लाठियां थीं। उन्होंने आते ही हमला कर दिया। शिकायत के मुताबिक, हसन और फज्जर ने लाठियों से खुर्शीद पर वार किए। नासिर और बब्बी ने लियाकत को पकड़ लिया। इसी बीच अरसद ने लियाकत के सिर पर कुल्हाड़ी मारी, तौफिक ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार किया और अते मोहम्मद ने उसके चेहरे पर पत्थर मारा। चोट लगने से बेहोश हुआ व्यक्ति गंभीर चोटें लगने से लियाकत मौके पर ही खून से लथपथ होकर बेहोश हो गया। झगड़े का शोर सुनकर पीड़ित की भतीजी अकलीमा घर से बाहर आई और बीच-बचाव करने लगी। इस पर रुकसार, जाहुल और रिहान ने अकलीमा को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों और थप्पड़ों से पीटा। उन्होंने उसके पेट में भी लातें मारीं। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपित जाते-जाते जान से मारने की धमकियां देकर भाग गए।
हरियाणा में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार इंडस्ट्रीज टाउनशिप विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। नारनौल में लॉजिस्टिक हब की रेलवे लाइन का उद्घाटन होने के बाद अब यहां औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की तैयारी है। इसके साथ ही क्षेत्र में आईएमटी विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरवीर सिंह मंगलवार को नारनौल पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए औद्योगिक क्षेत्रों में जरूरी सुविधाएं विकसित करने के साथ नए उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर भी काम किया जा रहा है। लॉजिस्टिक हब के बाद औद्योगिक गतिविधियों पर जोर उद्योग मंत्री ने कहा कि नारनौल में लॉजिस्टिक हब की रेलवे लाइन का उद्घाटन हाल ही में किया जा चुका है। इससे क्षेत्र में माल ढुलाई और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब सरकार का प्रयास है कि यहां जल्द से जल्द औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन का काम शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि नारनौल क्षेत्र में आईएमटी स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कुछ जमीन पहले से उपलब्ध है, जबकि अतिरिक्त जमीन की व्यवस्था के लिए किसानों से बातचीत की जा रही है। जमीन उपलब्ध होने के बाद औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। पदमा योजना से लाभ मिलने का दावा राव नरवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पदमा योजना के तहत भी बेहतर काम कर रही है। इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से योजना के तहत सब्सिडी का लाभ भी दिया जा रहा है, जिससे लोगों को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। पेड़ों की कटाई पर हाईकोर्ट की रोक से प्रोजेक्ट प्रभावित उद्योग मंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं में आ रही अड़चनों को लेकर पेड़ों की कटाई पर लगी रोक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की ओर से पेड़ों की कटाई पर बंदिश लगी हुई है। इसके कारण कई सरकारी और विकास से जुड़े प्रोजेक्ट बीच में अटके हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही हाईकोर्ट से पेड़ों की कटाई पर लगी रोक हटती है, संबंधित प्रोजेक्टों पर काम आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि प्रतिबंध के बावजूद कई जगह अवैध रूप से पेड़ों का कटान जारी है। सरकार इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए कार्रवाई कर रही है। इस मौके पर संजीव यादव उप प्रधान नगर परिषद नारनौल, मोहनलाल शर्मा पार्षद नगर परिषद नारनौल, मनोज सैनी पार्षद, विशाल सैनी पार्षद, मुकेश शर्मा पार्षद, सुल्तान सैनी पार्षद, हरीश कोहली पूर्व पार्षद, राजेंद्र यादव पूर्व पार्षद, दिनेश सैनी पूर्व पार्षद, मोहित मित्तल पार्षद, ओम प्रकाश सैनी प्रधान सैनी आश्रम पीर आगा आदि मौजूद थे।
मैहर के रामनगर तहसील क्षेत्र में 7 सितंबर से जंगली हाथी E-5 के लगातार घूमने से ग्रामीणों में दहशत है। भीम आर्मी ने इस मामले में प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने मंगलवार को नायब तहसीलदार को कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हाथी को रेस्क्यू कर सुरक्षित वन क्षेत्र में भेजने और ग्रामीणों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि रामनगर तहसील के गोरसरी और आसपास के कई गांवों में हाथी लगातार घूम रहा है। इससे ग्रामीणों की जान और संपत्ति को खतरा है। संगठन ने सितंबर के पहले हफ्ते में सिंगपुर मौहारी गांव (पुरैना पंचायत) में हाथी के हमले से करीब 50 साल के किसान कंछेदी यादव की मौत का भी जिक्र किया है। इसके अलावा, हाथी से घरों और पशुओं को भी नुकसान पहुंचा है। भीम आर्मी ने सवाल उठाया कि हाथी E-5 के गले में GPS/रेडियो ट्रैकर लगा होने के बावजूद वह बार-बार आबादी वाले इलाकों में क्यों पहुंच रहा है। संगठन ने 13 सितंबर को गोरसरी की अनुसूचित जाति और जनजाति बस्ती में हाथी के पहुंचने का जिक्र करते हुए प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि सिर्फ पटाखों और रोशनी से हाथी को भगाना कोई स्थायी हल नहीं है। भीम आर्मी ने मांग की है कि विशेषज्ञ वन्यजीव टीम तुरंत हाथी को रेस्क्यू करे। उसे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व या वन विभाग द्वारा तय किसी सुरक्षित वन क्षेत्र में भेजा जाए। साथ ही, GPS/रेडियो ट्रैकर से 24 घंटे निगरानी, प्रभावित गांवों में पर्याप्त वनकर्मियों की तैनाती और रात की गश्त बढ़ाने की भी मांग की गई। संगठन ने सिंगपुर मौहारी में हुई मौत और हाथी के आबादी में पहुंचने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने को कहा है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए एक तय समय-सीमा में कार्ययोजना लागू करने की भी मांग की गई है। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष विक्रम सूर्यवंशी ने चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो भीम आर्मी और प्रभावित ग्रामीण लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
13 साल बाद झीरम घाटी केस में 10 आरोपी दोषी ठहराए गए हैं। अब 16 सितंबर को जगदलपुर की NIA स्पेशल कोर्ट सजा सुनाएगी। लेकिन अदालत के इस फैसले के बाद भी झीरम की सबसे बड़ी पहेली जस की तस है। क्या कांग्रेस की टॉप लीडरशिप पर हुए हमले के पीछे सिर्फ यही 10 लोग थे? 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर झीरम घाटी में माओवादी हमला हुआ था। इसमें तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की हत्या हुई थी। कुल 29 लोगों ने जान गंवाई थी। करीब 13 साल चली सुनवाई में 101 गवाहों के बयान और दस्तावेज दर्ज किए गए। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि एनआईए ने लीपापोती का काम किया। एसआईटी की जांच में षड्यंत्रों का पर्दाफाश होता। भाजपा इस मामले की तह तक ही नहीं जाना चाहती। भाजपा षड्यंत्रकारियों को बचाने का काम कर रही है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा था कि जिन 10 लोगों को आरोपी बनाया गया, वे बड़े नक्सली नहीं थे। हमले की प्लानिंग करने वाले बड़े नक्सली लीडरों पर कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ितों के साथ न्याय नहीं हुआ है। ऐसे कई सवालों के जवाब आज भी अधूरे हैं। इस रिपोर्ट में पढ़िए… भूपेश बघेल ने कहा था - मेरी जेब में साजिश के सबूत झीरम को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लंबे समय से इसे सिर्फ नक्सली हमला नहीं, बल्कि बड़ी साजिश बताते रहे हैं। वे यह भी कहते रहे हैं कि झीरम की साजिश के सबूत उनकी जेब में हैं। सीनियर जर्नलिस्ट सुनील कुमार इसी सवाल को सबसे अहम मानते हैं। उनका कहना है कि भूपेश बघेल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं और मुख्यमंत्री भी रहे हैं। जिस पार्टी ने झीरम में अपनी पूरी टॉप लीडरशिप का बड़ा हिस्सा खो दिया, उस पार्टी के एक जिम्मेदार नेता के तौर पर अगर उनके पास साजिश के सबूत हैं तो उन्हें सामने रखना चाहिए। क्या 10 लोवर कैडर ही पूरी साजिश के जिम्मेदार थे? झीरम का हमला कोई सामान्य नक्सली वारदात नहीं थी। निशाना कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा थी और हमले में प्रदेश कांग्रेस की शीर्ष राजनीतिक लीडरशिप खत्म हो गई। ऐसे में दूसरा बड़ा सवाल है कि क्या इतने बड़े हमले की पूरी योजना सिर्फ उन 10 लोगों तक सीमित थी, जिन्हें कोर्ट ने दोषी ठहराया है? सीनियर जर्नलिस्ट सुदीप ठाकुर का कहना है कि पहली नजर में जिन 10 लोगों को दोषी ठहराया गया है, वे नक्सली संगठन के लोअर कैडर के लोग दिखाई देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने बड़े राजनीतिक हमले की प्लानिंग और उसे अंजाम देने के पीछे इससे बड़ा नेटवर्क था या नहीं? मास्टर प्लान किस स्तर पर बना था? किसने टारगेट तय किया? अगर हमला इतना बड़ा था तो स्वाभाविक सवाल है कि इसका मास्टर प्लान किस स्तर पर बना था? किसने टारगेट तय किया? काफिले की जानकारी कैसे मिली? इतने बड़े नेताओं की मौजूदगी की सूचना नक्सलियों तक कैसे पहुंची? हमले की पूरी तैयारी किस स्तर पर हुई? NIA ने मामले में प्रतिबंधित CPI (माओवादी) के अलग-अलग कैडर और सैन्य इकाइयों की भूमिका की जांच की थी। लेकिन मौजूदा फैसला ट्रायल में शामिल 10 आरोपियों की दोषसिद्धि तक पहुंचा है। यहीं से सवाल उठता है कि क्या हमले के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क की तस्वीर सामने आई है? इंटेलिजेंस सिस्टम कहां फेल हुआ? वरिष्ठ पत्रकार सुदीप ठाकुर के मुताबिक झीरम मामले में सिर्फ नक्सलियों की भूमिका देखना पर्याप्त नहीं है। एक बड़ा सवाल इंटेलिजेंस फेलियर और सिस्टम की जिम्मेदारी का भी है। इतना बड़ा राजनीतिक काफिला बस्तर के बेहद संवेदनशील इलाके से गुजर रहा था। नक्सलियों ने इतनी बड़ी संख्या में हमला किया। ऐसे में सवाल है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई? क्या पहले से कोई इनपुट था?अगर था तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अगर इनपुट नहीं था तो इंटेलिजेंस सिस्टम कहां फेल हुआ? जो फैसला आया है उससे यह कही भी जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं हई है? सुदीप ठाकुर का कहना है कि मौजूदा फैसला सिस्टम के लैप्स और उसकी जिम्मेदारी की तस्वीर साफ नहीं करता है। बड़े नक्सली नेताओं नहीं हुई पूछताछ झीरम में मारे गए महेंद्र कर्मा के परिवार की ओर से भी जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सीनियर जर्नलिस्ट सुदीप ठाकुर के कहा कि महेंद्र कर्मा की बेटी ने भी सवाल उठाया है कि घटना के सबसे पहले वे घटनास्थल पर पहुंची थी। लेकिन NIA ने उनसे भी पूछताछ नहीं की है। इसके साथ ही कई ऐसे लोगों को और गवाह थे जिनसे जांच के दौरान NIA ने पूछताछ के लिए कभी बुलाया ही नहींं। 4,184 पेज की जांच आयोग की रिपोर्ट, अब तक सार्वजनिक नहीं झीरम की कहानी में सबसे दिलचस्प और अब तक अनसुलझे अध्यायों में से एक है न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट। 2013 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में जांच आयोग बनाया था। आयोग ने कई साल तक सुनवाई की। 2021 में करीब 4,184 पेज की रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी गई। लेकिन रिपोर्ट पेश होने के बाद नया विवाद शुरू हो गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि रिपोर्ट अधूरी है, इसलिए इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। इसके बाद आयोग को नए अध्यक्ष और सदस्य के साथ आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। जस्टिस सतीश के. अग्निहोत्री को नया अध्यक्ष और जस्टिस जी. मिन्हाजुद्दीन को सदस्य बनाया गया। जांच के दायरे में नए बिंदु भी जोड़े गए। लेकिन इसके खिलाफ मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2022 में पुनर्गठित जांच आयोग के कामकाज पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी। यानी झीरम की एक जांच NIA के स्तर पर चली, दूसरी न्यायिक आयोग के स्तर पर। दोनों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी चलते रहे। लेकिन आम लोगों के सामने पूरी तस्वीर अब भी साफ नहीं है। 10 को सजा की तैयारी, लेकिन 33 अब भी फरार कोर्ट ने प्रमिला मोडियम, चैतू लेकाम उर्फ मुन्ना, सुमित्रा पुनेम, मोडियम मुक्का, मंडवी कोसा कवासी उर्फ कोसाराम, आयाता मरकाम, मड़ाकामी देवा, जोगा मड़ाकामी, बंजामी सन्ना उर्फ चामरू उर्फ डेंगा और महादेव नाग को दोषी माना है। मामले में नामजद कई अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। करीब 33 आरोपी अदालत की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे आरोपी भी हैं, जिन्होंने बाद में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना में सरेंडर कर दिया। जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी घटना के समय माओवादी संगठन की क्षेत्रीय कमान (SRUC) में सीनियर कमांडर था। वहीं, बारसे सुक्का उर्फ देवा दरभा डिवीजन कमेटी का सचिव रहा और बाद में बटालियन-1 का कमांडर बना। जांच में दोनों की भूमिका झीरम हमले से जुड़ी बताई गई है। NIA ने 23 दिसंबर 2023 को जारी वांटेड इश्तहार में देवजी और देवा समेत 19 नक्सलियों की जानकारी सार्वजनिक की थी। इसमें देवजी का नाम और फोटो भी शामिल था। देवजी ने 24 फरवरी 2026 को तेलंगाना में सरेंडर किया, जबकि देवा ने 2 जनवरी 2026 को तेलंगाना में सरेंडर किया। सरेंडर के बाद थिप्पिरी तिरुपति देवजी ने मई में इंटरमीडिएट सेकंड ईयर की तेलुगु परीक्षा भी दी थी। आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने अब तक उससे पूछताछ नहीं की है। इस मामले में कट्कम सुदर्शन को भी आरोपी बनाया गया था, लेकिन 2023 में उसकी मौत हो गई। वहीं, सबसे बड़ा वांछित आरोपी मुपल्ला लक्ष्मणा राव उर्फ गणपति अब तक पकड़ से बाहर है। घटना के समय वह CPI (माओवादी) का महासचिव था। अब जानिए, 25 मई 2013 को हुआ क्या था? 13 साल पहले बस्तर में कांग्रेस अपनी परिवर्तन यात्रा निकाल रही थी। 25 मई 2013 की शाम यह यात्रा सुकमा की ओर से लौट रही थी। काफिला जब दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी से गुजर रहा था, तभी माओवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। हमले की शुरुआत IED विस्फोट से हुई। इसके बाद सड़क पर पेड़ गिराकर रास्ता बंद किया गया और जंगल से काफिले पर गोलियां बरसाई गई। कुछ ही देर में पूरा इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा। नक्सलियों ने नेताओं और सुरक्षाकर्मियों को अलग-अलग किया। माओवादियों का खास निशाना महेंद्र कर्मा थे। नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल और कई अन्य लोगों की भी हत्या कर दी गई। एक ही हमले में कांग्रेस की उस समय की प्रदेश की शीर्ष नेतृत्व पंक्ति लगभग खत्म हो गई थी। झीरम हमला अचानक लिया गया फैसला नहीं था। इसके लिए कई सप्ताह पहले से तैयारी चल रही थी। मिनपा से दरभा कैसे बदला टारगेट माओवादियों की शुरुआती योजना सुकमा के मिनपा क्षेत्र में सुरक्षा बलों की चौकी पर हमला करने की थी। फरवरी 2013 में बीजापुर के पिडिया गांव में हुई बैठक में रणनीति बदली गई। बैठक में फैसला हुआ कि हमला मिनपा के बजाय दरभा क्षेत्र में किया जाएगा। यह निर्णय वरिष्ठ माओवादी कमांडर देवजी की मौजूदगी में लिया गया था। इसके बाद अलग-अलग हथियारबंद टीमों को दरभा की ओर भेजा गया। इनमें मिलिट्री कंपनी नंबर-2, प्लाटून 24 और 26, दरभा डिविजन कमेटी और CRC-2 के सदस्य शामिल थे। 25 बोरी चावल से लेकर जंगल में कैंप तक हमले के लिए केवल हथियार ही नहीं जुटाए गए थे। NIA की जांच में सामने आया कि आसपास के गांवों से रसद और खाना जुटाया गया। करीब 25 बोरी चावल अलग-अलग जगहों से जुटाया गया था। प्रत्येक बोरी करीब 50 किलो की थी। माओवादी कैडरों के लिए जंगल में अस्थायी कैंप भी तैयार किया गया। यानी हमले के लिए हथियार, लड़ाके, राशन, रास्ते की जानकारी और वापसी की योजना सब पहले से तैयार की जा रही थी। इसके लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी गई थी। असॉल्ट ग्रुप - सीधे हमला करने के लिए स्टॉप ग्रुप - काफिले का रास्ता रोकने के लिए सिग्नल ग्रुप - हमले के संकेत के लिए ब्लास्ट स्क्वॉड - IED विस्फोट के लिए जान गंवाने वाले कांग्रेस नेताओं के नाम नंदकुमार पटेल (तत्कालीन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष) महेंद्र कर्मा (पूर्व नेता प्रतिपक्ष), विद्याचरण शुक्ल (पूर्व केंद्रीय मंत्री), दिनेश पटेल, उदय मुदलियार, भागीरथी पालिया, राजकुमार, गोपीचंद माधवानी, अल्लानूर, योगेंद्र शर्मा, राजेश चंद्राकर, मनोज जोशी, अभिषेक गोलचा, गनपथ नाग, सदा सिंह, चंद्रहास ध्रुव, दीपक उपाध्याय, तरुण देशमुख, प्रहलाद, चंदर राम मांझी, पैतृक खलखो, पवन कोंद्रा, सियाराम सिंह, पुलिसकर्मी- प्रधान आरक्षक प्रफुल्ल शुक्ला, अशोक कुमार, राहुल प्रताप सिंह और इमैनुअल केरकेट्टा। हमला खत्म करने के बाद हथियार भी लूटकर ले गए नक्सलियों ने काफिले की गाड़ियों और मारे गए सुरक्षाकर्मियों के हथियारों को भी अपने कब्जे में लिया था। 25 सितंबर 2014 को NIA की चार्जशीट के मुताबिक हमले के बाद एक 9 एमएम पिस्टल के साथ 2 मैगजीन और 20 कारतूस, दो AK-47 राइफलें, 14 मैगजीन और 455 कारतूस और 10 हैंड ग्रेनेड और वॉकी टॉकी और अन्य डिवाइस लूटे थे। इसके साथ ही घटनास्थल से मिले विस्फोटकों की फोरेंसिक जांच में अमोनियम नाइट्रेट, PETN और अमाटोल जैसे पदार्थों का इस्तेमाल सामने आया था। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… झीरम हमले में 10 दोषी, मास्टरमाइंड से पूछताछ तक नहीं: सरेंडर के बाद देवजी पढ़ता रहा, 12वीं की परीक्षा दी, 33 अब भी फरार 25 मई 2013 के झीरम घाटी नरसंहार मामले में 13 साल बाद जगदलपुर की स्पेशल NIA कोर्ट ने 10 नक्सलियों को दोषी ठहराया है। 11 आरोपियों में से एक की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। दोषियों की सजा पर फैसला 16 सितंबर को होगा। पढ़िए पूरी खबर
बारां जिले में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत मंगलवार को किशनगंज ब्लॉक के सिगरी आंगनबाड़ी केंद्र पर जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम में गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण से भरपूर भोजन बनाने के तरीके बताए गए। उन्हें घर में मौजूद स्थानीय चीजों से पौष्टिक खाना बनाने की विधि समझाई गई। महिलाओं को हैंड वॉशिंग के महत्व, साफ-सफाई रखने और समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच कराने के लिए भी जागरूक किया गया। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कृष्णा लोधा, सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट के मास्टर ट्रेनर भूपेंद्र, फील्ड कोऑर्डिनेटर ठाकुर लाल कोली और सिकंदर रावत मौजूद थे। इनके साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं।
किसान क्रेडिट कार्ड से कितना लोन मिलता है? जानें ब्याज, जमीन की शर्त और आवेदन का पूरा तरीका
Kisan Credit Card Yojana - किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत किसान 3 लाख रुपये तक का लोन 7% ब्याज पर ले सकते हैं, जो समय पर भुगतान करने पर 4% हो जाता है।
पन्ना जिले की विश्रामगंज रेंज के रुंझ डैम के डूब इलाके से गुजरने वाली रुंझ नदी में सैकड़ों लोग हीरे की तलाश में पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि नदी के उफान के साथ बहकर आने वाली चाल में हीरे की उम्मीद में लगभग 4 से 5 हजार लोग यहां डेरा डाले हुए थे। हालांकि, वन विभाग की सख्ती और लगातार कार्रवाई के बाद अब मौके पर सिर्फ 100-150 लोग ही बचे हैं। इस हीरे के लिए मशहूर नदी की पहचान सिर्फ पन्ना तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश के बांदा, बिहार, छतरपुर, अमानगंज, चंदला, लोंडी, बमीठा और मुंबई तक से लोग यहां खिंचे चले आ रहे हैं। लोगों ने क्या बताया? चंदनगर से आए रिंकू कुशवाहा ने बताया कि उन्हें हाल ही में अपने फल-सब्जी के व्यापार में भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद वे अपनी किस्मत आजमाने पन्ना की इस नदी पर पहुंचे। रिंकू के अनुसार, उन्हें करीब 35,000 रुपए कीमत का एक हीरा मिला भी है, जिसे खरीदने के लिए स्थानीय खरीदारों से बात चल रही है। रिंकू का कहना है, “हीरा मिलना किस्मत और मेहनत दोनों का खेल है। यहां लोगों को छोटे-छोटे टुकड़ों से लेकर लाखों और करोड़ों रुपए तक के हीरे मिलते रहे हैं।” महिलाएं भी पहुंची नदी के किनारे वहीं, पन्ना के बेनीसागर मोहल्ले से आई बुजुर्ग श्यामबाई पिछले 3-4 सालों से लगातार यहां आ रही हैं। उनका कहना है कि वे सुबह 10 बजे आकर पूरे दिन मेहनत करती हैं। उन्हें छोटे-मोटे टुकड़े मिले हैं, लेकिन अभी तक कोई बड़ा हीरा हाथ नहीं आया। पन्ना के पुराने पावर हाउस क्षेत्र की रहने वाली पार्वती कोंदर पिछले तीन सालों से यहां अपनी किस्मत तलाश रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक उनके 3 से 4 लाख रुपए केवल आने-जाने और रहने-खाने में खर्च हो चुके हैं। फिर भी वे दीपावली तक यहां खुदाई करती रहेंगी। पार्वती कहती हैं, “गरीब लोगों के लिए यह नदी एक उम्मीद है। मोबाइल में खबरे देख और लोगों से सुनकर हम भी आए थे, उम्मीद है कि एक दिन किस्मत जरूर चमकेगी।” खुदाई और छनाई का कठिन तरीका नदी किनारे काम करने वाले लोगों का कहना है कि हीरा खोजना आसान काम नहीं है। सबसे पहले नदी के बहाव वाले क्षेत्रों से चाल (कंकड़-पत्थर वाली मिट्टी) की खुदाई की जाती है। इसके बाद उस मिट्टी को नदी के बहते पानी में तसले (टोकरी) की मदद से छाना जाता है। छनाई के बाद बचे पत्थरों में से बारीक नजरों से हीरों को बीना (चुना) जाता है। वन विभाग की सख्त कार्रवाई, टपरी और सामान जब्त यह क्षेत्र विश्रामगंज रेंज के अंतर्गत आता है और वन भूमि का हिस्सा है, इसलिए अवैध खनन रोकने के लिए वन विभाग ने अपना पहरा कड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि वन विभाग की टीम लगातार मौके पर पहुंचकर लोगों की टपरियों (झोपड़ियों) को हटा रही है, चाल छानने वाले तसले और कुदाल जब्त कर रही है। टीम लोगों को क्षेत्र छोड़ने के लिए खदेड़ रही है। वन विभाग की इस सख्ती के कारण हजारों की संख्या में मौजूद भीड़ अब धीरे-धीरे कम होने लगी है, हालांकि कई लोग छिप-छिपाकर अभी भी अपनी किस्मत की तलाश में जुटे हुए हैं।
बूंदी से बाइक पर अपने गांव लौट रहे 29 वर्षीय युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। रास्ते में बाइक और पिकअप की जोरदार भिड़ंत में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। हादसा बूंदी के धान मंडी चौराहे पर सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे हुआ। मृतक की पहचान सीतापुरा, तालेड़ा निवासी 29 वर्षीय जितेंद्र बैरवा के रूप में हुई है। जितेंद्र खेती का काम करता था और शादीशुदा था। उसका करीब डेढ़ साल का बच्चा भी है। सुबह इलाज के दौरान युवक की मौत मृतक के चचेरे भाई भोजराज ने बताया कि जितेंद्र सोमवार शाम करीब 7:30 बजे मोटरसाइकिल से बूंदी धान मंडी चौराहे की ओर से आ रहा था। इसी दौरान सामने से तेज गति से आ रही पिकअप ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे उपचार के लिए बूंदी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर कोटा के MBS अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां उसका इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह इलाज के दौरान जितेंद्र की मौत हो गई। परिजनों की मौजूदगी में शव का कराया पोस्टमॉर्टम बूंदी कोतवाली के ASI जगदीश ने बताया कि बाइक और पिकअप की भिड़ंत में जितेंद्र गंभीर घायल हुआ था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। परिजनों ने पिकअप ड्राइवर के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले में कार्रवाई करेगी।
मेडिकल रिपोर्ट और अलग-अलग सेंसर से मिलने वाले डेटा को समझना अब AI की मदद से आसान हो सकता है। IIT जोधपुर में ऐसा स्मार्ट असिस्टेंट विकसित करने पर रिसर्च चल रही है, जो मेडिकल रिपोर्ट से लेकर सेंसर डेटा तक को एक साथ समझ सकेगा। खास बात यह है कि इसे कम संसाधनों में चलाने और आम उपयोगकर्ताओं के लिए आसानी से इस्तेमाल होने लायक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। दरअसल, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT जोधपुर) में ऐसे AI असिस्टेंट विकसित करने पर रिसर्च किया जा रहा है, जो अलग-अलग तरह की जानकारी को एक साथ समझ सकें और जरूरत के मुताबिक सहायता दे सकें। इसका उपयोग भविष्य में मेडिकल से लेकर औद्योगिक क्षेत्र में किया जा सकेगा। इसके साथ ही एकेडिमक फील्ड में भी इसका इस्तेमाल हो सकेगा। एक साथ समझ सकेंगे तस्वीर, टेक्स्ट, दस्तावेज, आवाज और सेंसर डेटा एआई पर यह रिसर्च कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दिव्या सक्सेना के नेतृत्व में किया जा रहा है। इस रिसर्च का उद्देश्य ऐसे AI सिस्टम विकसित करना है जो तस्वीरों, टेक्स्ट, दस्तावेजों, आवाज और सेंसर डेटा जैसी अलग-अलग जानकारियों को एक साथ समझकर किसी खास काम में सहायता कर सकें। उदाहरण के लिए, स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसा AI सिस्टम मेडिकल इमेज, डॉक्टर की रिपोर्ट और मरीज से जुड़ी जानकारी को एक साथ देखकर चिकित्सकों की सहायता कर सकता है। उद्योगों में मशीन की तस्वीरों, सेंसर से मिले डेटा, मशीन के लॉग और तकनीकी मैनुअल को एक साथ समझकर खराबी का पता लगाने और समस्या के समाधान में मदद मिल सकती है। इसी तरह शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में ऐसे AI असिस्टेंट रिसर्च पेपर, दस्तावेज और अध्ययन सामग्री को समझने और उनसे उपयोगी जानकारी निकालने में मदद कर सकते हैं। भारत जैसे बड़े देश में ऐसे AI की जरूरत क्यों? भारत में स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग का दायरा बहुत बड़ा है। ऐसे में अलग-अलग स्रोतों से आने वाले विशाल डेटा को तेजी से समझने और उसका उपयोग करने वाले AI सिस्टम की जरूरत बढ़ रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों, विशेष रूप से विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता कई जगहों पर सीमित है। ऐसे में AI सिस्टम डॉक्टरों को मेडिकल इमेज, रिपोर्ट और मरीज से जुड़ी अन्य जानकारी को एक साथ समझने में सहायता दे सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी इसकी संभावनाएं बहुत व्यापक हैं। यूनिफाइड डिस्ट्रिटक्ट इंफोर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस ( UDISE+) 2024-25 के अनुसार देश में 24.69 करोड़ विद्यार्थी, 14.71 लाख स्कूल और 1.01 करोड़ शिक्षक हैं। इतने बड़े शिक्षा तंत्र में AI व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार सीखने और अकादमिक सहायता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उच्च शिक्षा में भी लगभग 4.46 करोड़ विद्यार्थी हैं। वहीं, भारत के विनिर्माण क्षेत्र का आकार भी बहुत बड़ा है। इतने बड़े औद्योगिक तंत्र में AI का उपयोग मशीनों की समय से पहले खराबी का पता लगाने, गुणवत्ता जांच, उत्पादन प्रक्रिया को बेहतर बनाने और निर्णय लेने में किया जा सकता है। छोटा और आसानी से यूज होने वाला है AI मॉडल IIT जोधपुर के इस शोध का एक महत्वपूर्ण पहलू AI को छोटा, तेज और कम संसाधनों में चलने योग्य बनाना है। बड़े AI मॉडल के लिए महंगे कंप्यूटिंग संसाधनों और लगातार इंटरनेट कनेक्टिविटी की जरूरत हो सकती है। रिसर्च का उद्देश्य ऐसे AI सिस्टम विकसित करने की दिशा में काम करना है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर, जैसे किसी अस्पताल, फैक्ट्री या कम इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले ग्रामीण क्षेत्र में भी चलाया जा सके और जिनके लिए कम कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत हो। उद्देश्य- अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाली जानकारी को समझ सकें डॉ. दिव्या सक्सेना के अनुसार, हमारा उद्देश्य ऐसे AI सिस्टम विकसित करना है जो अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाली जानकारी को समझ सकें। वास्तविक परिस्थितियों में उपलब्ध सीमित संसाधनों के भीतर काम कर सकें और जरूरत के अनुसार उपयोगी सहायता दे सकें। AI का भविष्य केवल बड़े मॉडल बनाने में नहीं है, बल्कि AI को किफायती, बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने योग्य, सुरक्षित और जरूरत की जगह पर उपयोगी बनाने में भी है। उन्होंने बताया कि हम ऐसे AI सिस्टम विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं जो केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित न रहें, बल्कि जानकारी, ज्ञान और विभिन्न टूल्स को आपस में जोड़कर लोगों को वास्तविक जीवन के काम पूरे करने में मदद करें।
कटनी में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को सफल बनाने में जुट गई हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कई कॉलेजों में बड़ा जनसंपर्क अभियान चलाया गया। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव और पूर्व एनएसयूआई जिला अध्यक्ष दिव्यांशु मिश्रा अंशु के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कॉलेज परिसरों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सीधी बात की। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रतिनिधिमंडल का उत्साह से स्वागत किया। जनसंपर्क के दौरान युवाओं को 19 सितंबर के इंदौर सम्मेलन के मकसद बताए गए और मौके पर ही बड़ी संख्या में पंजीकरण कराया गया। अभियान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पूरे प्रदेश में Gen-Z (युवा पीढ़ी) के बीच 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर जबरदस्त उत्साह है। लगातार हो रहे पेपर लीक, शिक्षा के बढ़ते निजीकरण, बढ़ती बेरोजगारी और 'KG से PG तक मुफ्त शिक्षा' जैसी मांगों को लेकर छात्र अपनी आवाज उठाना चाहते हैं। जनसंपर्क को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने कहा कि आज का युवा अपने भविष्य को लेकर बहुत सजग है। लगातार हो रहे पेपर लीक और महंगी होती शिक्षा ने युवाओं के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है। राहुल गांधी द्वारा छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय मंच देने के आह्वान का असर अब पूरे मध्य प्रदेश में साफ दिखाई दे रहा है। विजयराघवगढ़ के कॉलेजों में छात्रों की भागीदारी और समर्थन बताता है कि युवा अब अपने अधिकारों के लिए लड़ने को तैयार हैं। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल ने कहा कि छात्रों की समस्याएं केवल किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि सीधे देश के भविष्य से जुड़ी हैं। महंगी शिक्षा और घटते रोजगार के खिलाफ युवाओं को एकजुट होकर लड़ना होगा। विजयराघवगढ़ से इंदौर जाने वाला छात्रों का समूह इस आंदोलन को नई दिशा देगा। NSUI जिला अध्यक्ष अजय खटिक ने कहा कि 'छात्रों की गूंज' अभियान अब जिले के हर कॉलेज तक पहुंच चुका है। छात्र समझ चुके हैं कि शिक्षा का व्यापारीकरण उनके सपनों को तोड़ रहा है। कटनी जिले से हजारों की संख्या में छात्र 19 सितंबर को इंदौर पहुंचकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे। अभियान के अंत में नेताओं ने युवाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में 19 सितंबर को इंदौर पहुंचकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाएं। इस दौरान स्थानीय युवा कांग्रेस व NSUI के कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जयपुर में चलती कार में महिला से छेड़छाड़:लिफ्ट देने के बहाने बैठाया; विरोध पर कार छोड़कर भागा आरोपी
जयपुर में चलती कार में महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। लिफ्ट के बहाने कार में बैठी महिला से परिचित युवक ने गंदी हरकत की। महिला के विरोध करने और पुलिस को शिकायत करने की बात पर आरोपी कार छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर सोमवार रात FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी ने बताया- जयपुर की रहने वाली महिला ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। परिचित होने के कारण आरोपी युवक से उसकी जान-पहचान है। आरोप है कि पिछले कुछ दिनों पहले आरोपी से उसने 5 हजार रुपए उधार लिए थे। महिला ने 12 सितंबर की सुबह उधार लिए रुपए देने के लिए केसर चौराहा बुलाया। कार लेकर पहुंचे परिचित को उसने रुपए लौटा दिए। लिफ्ट देने की बात पर कार में बैठाया महिला के जॉब पर जाने की बताने पर लिफ्ट देने के बहाने आरोपी ने कार में बैठा लिया। रास्ते में मना करने के बाद भी जूस भी पिलाया। बातचीत करते हुए जाने पर चलती कार में परिचित आरोपी ने मेरे साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। कार रोकने की कहने पर भी गंदी हरकत करने से नहीं रुका। विरोध कर मोबाइल नंबर 112 पर पुलिस शिकायत कर दी। पुलिस को आते देखकर आरोपी परिचित कार छोड़कर फरार हो गया। पुलिस की ओर से कार को जब्त कर थाने में खड़ा करवाया गया। पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर सोमवार रात रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
अजमेर में मंगलवार को अपराध से जुड़ी कई घटनाएं और कार्रवाई सामने आईं। कृष्णगंज थाना पुलिस ने मारपीट के मामले में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अलवर गेट थाना क्षेत्र में ऑटो ड्राइवर के घर और कृष्णगंज थाना क्षेत्र में कपड़े की दुकान में चोरी की वारदात सामने आई। दुकान में हुई चोरी सीसीटीवी में कैद हो गई। वहीं रोडवेज बस में यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। ये सभी खबरें विस्तार से पढ़िए- मारपीट के मामले में हिस्ट्रीशीटर समेत 2 गिरफ्तार कृष्णगंज थाना पुलिस ने लाठी-डंडों से मारपीट के मामले में हिस्ट्रीशीटर सतनारायण गुर्जर और चौपाल गुर्जर को गिरफ्तार किया है। एएसआई भगवान सिंह ने बताया कि कायड़ निवासी साहिल ने अपने पिता के साथ मारपीट की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करवाया था। मामले में पुलिस पहले प्रहलाद गुर्जर और भरत चारण को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं फरार चल रहे दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। रोडवेज बस में यात्री की तबीयत बिगड़ी भीनाय से अजमेर आ रही रोडवेज बस में एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद ड्राइवर ने बस को सीधे अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर पहुंचा दिया। यात्री रामलाल ने बताया कि वह अपने पिता लक्ष्मीनारायण को दवाई दिलाने अजमेर ला रहा था। रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ने पर ड्राइवर ने बस को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार कराया गया। ऑटो चालक के घर दिनदहाड़े चोरी, जेवर-नकदी ले गए चोर अलवर गेट थाना क्षेत्र के विराट नगर में ऑटो चालक के घर चोरी की वारदात हुई। पीड़ित दुर्गेश ने बताया कि वह रिश्तेदार के यहां फंक्शन में गया था। रात को घर लौटने पर ताले टूटे मिले। चोर घर से ज्वेलरी, 20 हजार रुपए नकद और अन्य सामान चोरी कर ले गए। पीड़ित की शिकायत पर अलवर गेट थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कपड़े की दुकान में चोरी, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात कृष्णगंज थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर में कपड़े की दुकान के ताले तोड़कर चोरी की गई। दुकानदार शेर सिंह रावत ने बताया कि सुबह दुकान खोलने पहुंचे तो ताले टूटे मिले। चोर मंदिर की गुल्लक से 70 हजार रुपए, कैश काउंटर से 1600 रुपए, चांदी का सिक्का और घड़ी चोरी कर ले गया। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आगरा में ट्रेनों में यात्रियों के सामान पर हाथ साफ कर लग्जरी लाइफ जीने वाले दो शातिर चोरों पुनीत और आकाश को आगरा कैंट जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी पुनीत कभी डॉक्टर बनने का सपना देखा था। उसने NEET क्वालीफाई भी कर लिया था, लेकिन 2017 में परीक्षा कैंसिल हो गई। इसके बाद मेडिकल लाइन छोड़ दी। पुलिस पूछताछ में उसने बताया- उसकी गर्लफ्रेंड को कैंसर था, उसने गर्लफ्रेंड को कैंसर होने के बाद उसके इलाज पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए। कर्ज चुकाने और महंगी लाइफस्टाइल के लिए चोरी के रास्ते पर आ गया। 2 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामलासीओ जीआरपी राजेश दीक्षित ने बताया- दोनों आरोपी पुनीत और आकाश ट्रेनों में सफर कर रहे बुजुर्ग यात्रियों को निशाना बनाते थे। रात में सोते समय उनका कीमती सामान चोरी कर लेते थे। पुनीत पर 27 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों के कब्जे से करीब 25 लाख रुपए के आभूषण बरामद किए हैं। एक जिले में चालान तो दूसरी जगह वारदातपुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका अलग अंदाज था। जिस जिले में पुलिस उन्हें पकड़कर चालान करती, वहां दोबारा उस जिले में चोरी नहीं करते थे। एक वारदात के बाद तुरंत जिला बदल देते थे। इससे वे लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बच रहे थे। दोनों चलती ट्रेनों में यात्रियों का सामान चोरी करते और फिर गायब हो जाते। गर्लफ्रेंड के इलाज में खर्च किए 80 लाखजीआरपी की पूछताछ में पुनीत ने बताया- वह एक लड़की से बहुत प्यार करता था। उसे कैंसर हो गया। इलाज में उसने अपना पूरा पैसा लगा दिया। इलाज पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए। पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए उसने ट्रेनों में चोरी शुरू कर दी। चोरी के पैसों से वह लग्जरी लाइफस्टाइल जी रहा था। महंगे कपड़े, महंगे शौक और कर्ज चुकाने के लिए लगातार वारदातें कर रहा था। दोनों हफ्ते में दो दिन क्लब में ही बिताते थे। वहां शराब और शबाब के नशे में डूबे रहते थे। चोरी से मिला पैसा महंगे शौक, शराब पार्टी और गर्लफ्रेंड्स पर उड़ाते थे। 25 लाख के जेवरात बरामदजीआरपी ने मुखबिर की सूचना पर आगरा कैंट स्टेशन से दोनों आरोपियों को आज सुबह पकड़ा था। तलाशी में उनके पास से यात्रियों से चोरी किए गए 25 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण मिले हैं। दोनों के खिलाफ दो दर्जन से अधिक चोरी के मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुनीत ग्राम पुरैना जहानाबाद जिला पीलीभीत का रहने वाला है। सीओ राजेश दीक्षित ने बताया- आरोपी एक संगठित तरीके से काम करते थे। ट्रेन में चढ़कर रेकी करते, बुजुर्ग और अकेले सफर कर रहे यात्रियों को टारगेट करते। मौका मिलते ही बैग, पर्स और जेवरात लेकर उतर जाते थे। पूछताछ और बरामदगी के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। जीआरपी अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है। ----------------- यह खबर भी पढ़ें… यूपी में क्लास-4 के छात्र ने बहन को न्यूड किया:पोर्न देखकर टीचर की डर्टी पिक्चर बनाई; बीटेक छात्र बोला- मुझे लड़की बना दो गोरखपुर में क्लास 4 के छात्र ने 7 साल की बहन को न्यूड कर दिया। उसे पोर्न दिखाकर गंदी हरकतें करने लगा। इसी बीच कमरे में उसकी मां आ गई। वह यह देख हैरान रह गई। छात्र ने एक दिन स्कूल में भी टीचर की डर्टी पिक्चर बना दी। इसके बाद प्रिंसिपल ने उसके घर वालों से शिकायत की। स्कूल से उसका नाम काट दिया। पढ़ें पूरी खबर…
भिण्ड के पुराने रेलवे स्टेशन की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए मंगलवार दोपहर रेलवे का अमला बुलडोजर और जेसीबी लेकर पहुंचा। करीब 16 बीघा जमीन पर चलाए गए अभियान में रेलवे ने 7-8 स्थानों से अस्थायी कब्जे हटाए। कार्रवाई के दौरान पुराने कब्जाधारियों ने अपने दस्तावेज दिखाकर जमीन पर मालिकाना हक जताया। रेलवे अधिकारियों ने इन दस्तावेजों को मान्य नहीं माना, जिसके बाद व्यापारियों और अधिकारियों के बीच करीब दो घंटे तक बहस होती रही। विवाद बढ़ने पर कुछ समय के लिए कार्रवाई रोकनी पड़ी। बाद में जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। दस्तावेज दिखाकर व्यापारियों ने जताया मालिकाना हक रेलवे की जमीन पर लंबे समय से कारोबार कर रहे लोगों का कहना है कि वे यहां वर्षों से काबिज हैं। कार्रवाई के दौरान कुछ व्यापारियों ने जमीन से जुड़े पुराने दस्तावेज अधिकारियों के सामने रखे और उन्हें देखने की मांग की। इसी बात को लेकर व्यापारियों और रेलवे अधिकारियों के बीच काफी देर तक बहस चली। व्यापारियों का कहना था कि दस्तावेजों की जांच किए बिना उन्हें कब्जाधारी मानकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। वहीं रेलवे अधिकारियों ने मौके पर दिखाए गए दस्तावेजों को मान्य नहीं माना। करीब तीन घंटे चली कार्रवाई, पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा करीब तीन घंटे तक चली कार्रवाई में रेलवे अमले ने अस्थायी निर्माण और अन्य कब्जे हटाए। जेसीबी चलने के दौरान आसपास के व्यापारी भी मौके पर जमा हो गए। विवाद की स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। जमीन ई-नीलामी से लीज पर देने की तैयारी रेलवे सूत्रों के अनुसार पुराने स्टेशन परिसर की जमीन को सुरक्षित करने के बाद इसे ई-नीलामी के माध्यम से निजी हाथों में लीज पर देने की तैयारी है। इसी के चलते जमीन का सीमांकन कर कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। रेलवे की ओर से जमीन खाली कराने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दैनिक भास्कर ने रेलवे अधिकारियों से कार्रवाई और जमीन के दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारी स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से बचते रहे। व्यापारी बोला- करीब 100 साल से परिवार का कब्जा व्यापारी सतीश शिवहरे का कहना है कि इस जमीन पर उनका मालिकाना हक है और उनका परिवार करीब 100 साल से यहां काबिज है। उनका कहना है कि यह उनके दादा की जमीन है और रेलवे के दस्तावेजों में त्रुटिवश उनका नाम दर्ज है। सतीश शिवहरे के मुताबिक मालिकाना हक को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है और उनके पास इससे जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि रेलवे अधिकारी दस्तावेज देखने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा नहीं होने देंगे।
मऊगंज जिले में गौवंश संरक्षण के लिए समाजसेवी अखिलेश पांडे के नेतृत्व में गौसेवकों और कार्यकर्ताओं ने एक अभियान शुरू किया है। कार्यकर्ता गांव-गांव पदयात्रा कर गौवंशों की सुरक्षा, संरक्षण और सड़क हादसों में हो रही पशुओं की मौत का मुद्दा उठा रहे हैं। मंगलवार शाम 4 बजे बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर संजय कुमार जैन को ज्ञापन सौंपा, जिसमें गौशालाओं की व्यवस्थाओं की जांच सहित कई मांगें शामिल थीं। ज्ञापन में जिले की गौशालाओं की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि कुछ गौशालाओं में मौके पर मौजूद गौवंशों की संख्या और गौ-संवर्धन पोर्टल पर दर्ज संख्या में अंतर मिला है। इसलिए, हर गौशाला में मौजूद गौवंशों का भौतिक सत्यापन कर रिकॉर्ड से मिलान करने की मांग की गई। इसके साथ ही, गौशालाओं में शेड, पीने का पानी, भूसा-चारा और दूसरी जरूरी सुविधाओं की स्थिति की भी एक स्वतंत्र टीम से जांच कराने की मांग रखी गई। ज्ञापन में पशुपालन और वेटरिनरी विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों पर गौशाला संचालकों से कथित तौर पर पैसे मांगने के आरोपों की जांच की मांग भी शामिल है। कार्यकर्ताओं ने गौ-संवर्धन पोर्टल पर गौवंशों की उपस्थिति दर्ज करने सहित विभागीय प्रक्रियाओं में कथित लेन-देन के आरोपों की जांच की भी मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ दस्तावेजों में चेक या डिजिटल भुगतान के जरिए लेन-देन का जिक्र है। ऐसे मामलों में बैंकिंग रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों से सत्यापन कराने की मांग की गई है। इस अभियान के दौरान सड़क और हाईवे पर घूम रहे निराश्रित गौवंशों की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सड़कों पर गौवंशों के घूमने से पशुओं के साथ-साथ वाहन चालकों और आम लोगों की सुरक्षा पर भी असर पड़ता है। हाल ही में सड़क हादसों में गौवंशों की मौत के मामलों को लेकर भी चिंता जताई गई। ज्ञापन में जिले में उपयुक्त शासकीय भूमि चिन्हित कर गौ-अभयारण्य विकसित करने की मांग की गई, जहां निराश्रित गौवंशों को सुरक्षित रखा जा सके। साथ ही अभयारण्य की निगरानी और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन द्वारा समिति गठित करने का सुझाव दिया गया।समाजसेवी अखिलेश पांडे ने कहा कि गौवंश संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने भोपाल से लेकर दिल्ली तक आंदोलन करने की चेतावनी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में गौसेवक, कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।

