मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा से पहले एक बार फिर 'नेम प्लेट' विवाद सुर्खियों में आ गया है। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर सही नाम लिखने की बात कही। मंत्री ने कहा - श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ढाबे का नाम गणेश हो और अंदर नॉनवेज परोसा जा रहा हो तो ऐसा नहीं चलेगा। अगर कोई नॉनवेज परोसता है तो वो ढाबे में लिख दे कि यहां नॉनवेज मिलता है, ताकि किसी की आस्था से खिलवाड़ न हो। हजारों भक्त कांवड़ लेकर यहां से निकलते हैं। उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ न हो। मंत्री का ये बयान गुरुवार देर शाम करीब 7 बजे सामने आया है। मंत्री ने आगे कहा कि हर वर्ष करोड़ों शिवभक्त कांवड़ लेकर हरिद्वार से अपने गंतव्य की ओर जाते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मुजफ्फरनगर से होकर गुजरते हैं। यह सौभाग्य की बात है और सभी का दायित्व है कि कांवड़ यात्रियों का सम्मान किया जाए। उन्हें किसी प्रकार की असुविधा या भ्रम का सामना न करना पड़े। केवल कांवड़ यात्रा तक सीमित न रहें नेम प्लेट विवाद पर मंत्री ने कहा कि यह केवल कांवड़ यात्रा तक सीमित विषय नहीं है। मुजफ्फरनगर से होकर गुजरने वाला यही मार्ग हरिद्वार, ऋषिकेश, बदरीनाथ सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों तक जाता है। ऐसे में देशभर से आने वाले श्रद्धालु अपने परिवार के साथ यात्रा करते हैं और धार्मिक यात्रा के दौरान खान-पान को लेकर विशेष सतर्कता बरतते हैं। कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि कई लोग सामान्य दिनों में भले ही शाकाहारी न हों, लेकिन धार्मिक यात्रा के दौरान पूरी तरह सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। ऐसे में यदि किसी होटल या ढाबे के नाम और वहां मिलने वाले भोजन के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है तो यह उचित नहीं है। गौरतलब है कि पिछले गत वर्षों में कांवड़ यात्रा के दौरान होटल और ढाबों पर नेम प्लेट लगाने का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था। इस बार भी यात्रा से पहले मंत्री के इस बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है।
रायसेन शहर में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क) में लाखों रुपए के कथित गबन का मामला गुरुवार को सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कियोस्क संचालक गोपाल सिंह राजपूत सोमवार रात से लापता है। इसके बाद बड़ी संख्या में खाताधारक एसबीआई शाखा पहुंचकर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। आरोप है कि संचालक ने ग्राहकों के खातों से राशि निकाल ली, लेकिन उन्हें नकद भुगतान नहीं किया। शुरुआती जांच में 35 से 40 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। शाखा प्रबंधन और पुलिस ने शुरू की जांचमामला सामने आने के बाद सांची रोड स्थित एसबीआई शाखा प्रबंधन ने खातों के लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। पुलिस भी पूरे मामले की जांच में जुट गई है। बैंक पहुंच रहे खाताधारक अपने पास मौजूद रसीदें और दस्तावेज जमा कर रहे हैं। इस मामले के सामने आने के बाद एसबीआई की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि लंबे समय से इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता चल रही थी तो बैंक के फील्ड ऑफिसर और ऑडिटर ने समय पर कियोस्क के खातों का मिलान क्यों नहीं किया। नियमित निरीक्षण होने पर मामला पहले ही सामने आ सकता था। संचालक के माता-पिता ने दर्ज कराई गुमशुदगीकियोस्क संचालक गोपाल सिंह राजपूत के घर पर भी लोग अपने पैसे वापस लेने की मांग लेकर पहुंच रहे हैं। इस बीच उनके माता-पिता ने थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई है। परिवार का कहना है कि उनके बेटे और परिवार के बैंक खातों की भी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यदि कोई राशि निकाली गई है तो वह कहां और किस खाते में गई। सूत्रों के अनुसार, शहर के कुछ व्यापारियों और अन्य लोगों ने भी कियोस्क संचालक के माध्यम से बड़ी रकम का लेनदेन किया था। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई व्यक्ति खुलकर सामने नहीं आया है। बैंक मैनेजर बोले- जांच की जा रहीएसबीआई शाखा प्रबंधक अश्विनी कुमार ने बताया कि शिकायतों के आधार पर सभी खातों के लेनदेन की जांच की जा रही है। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। जांच पूरी होने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
गिरिडीह जिले में गुरुवार देर शाम से रात तक हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में कुल छह लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने दोनों घटनाओं की जांच शुरू कर दी है। पहली घटना पचंबा थाना क्षेत्र के कल्याणडीह के पास हुई। नरेंद्रपुर निवासी असलान अंसारी और अमान अंसारी एक होटल से नाश्ता कर पैदल घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा होते ही बाइक चालक मौके से फरार हो गया। घायल असलान और अमान को उनके परिजनों की मदद से सदर अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों ने बताया कि टक्कर मारने वाला बाइक चालक द्वारपहरी का रहने वाला है, जिसके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। दूसरी घटना पीरटांड़ थाना क्षेत्र के पांडेयडीह गांव के पास हुई, जहां दो बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में चार लोग घायल हुए। चंपानगर निवासी रोहित मरांडी ने बताया कि वह अपने साथी बबलू मरांडी के साथ पीरटांड़ स्थित बालिका छात्रावास में अपनी बहन से मिलने गया था। लौटते समय पांडेयडीह के पास सामने से आ रही बाइक से उनकी टक्कर हो गई। दूसरी बाइक पर जमुआ थाना क्षेत्र के कुबरी गांव निवासी सुरेश मांझी और मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गम्हरा निवासी भीखन कोल सवार थे। सुरेश ने बताया कि वे अखारी पूजा के लिए बकरा खरीदने छछंदो गांव जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया और उनके परिजनों को सूचना दी। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। लगातार हो रहे सड़क हादसों से क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इंदौर के शिशुकुंज स्कूल में भोजन करने के बाद करीब 150 बच्चों के बीमार पड़ने की घटना ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि घटना के करीब तीन सप्ताह बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बच्चों के बीमार होने की वजह भोजन में मिलावट, खराब डेयरी उत्पाद या कोई अन्य कारण था। इसकी वजह यह है कि जांच के लिए भेजे गए खाद्य नमूनों की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। 20 जून को हुई थी घटना 20 जून को शिशुकुंज स्कूल में भोजन करने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। 22 जून को मामला सामने आने के बाद प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्कूल के किचन और मेस का निरीक्षण किया। जांच के दौरान 10 पैकेट एक्सपायरी डेट के मसाले और दो एक्सपायर्ड नमकीन के पैकेट मिले। अधिकारियों ने मौके पर ही किचन को सील कर दिया और पनीर, आइसक्रीम, दूध, दाल, कोफ्ते, चावल, रोटी, मसाले तथा पेयजल सहित कुल 23 खाद्य नमूने जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे। मामले में प्रकरण भी दर्ज किया गया। डेयरी उत्पादों पर टिकी जांच जांच अधिकारियों का शुरू से मानना रहा है कि केवल एक्सपायर्ड मसाले या नमकीन इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ने का मुख्य कारण नहीं हो सकते। इसी कारण जांच का फोकस डेयरी उत्पादों पर रखा गया। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में यदि कोल्ड स्टोरेज या फ्रीजर का तापमान निर्धारित स्तर पर नहीं रखा जाए तो दूध, पनीर और आइसक्रीम जैसे उत्पाद तेजी से खराब हो जाते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से उल्टी-दस्त और पेट संबंधी संक्रमण बड़ी संख्या में फैल सकते हैं। आइसक्रीम के सैंपल पर भी उठे सवाल जांच के दौरान एक बड़ी खामी भी सामने आई। जानकारी के अनुसार घटना वाले दिन बच्चों ने जिस बैच की आइसक्रीम खाई थी, उसका सैंपल नहीं लिया जा सका क्योंकि वह पूरी तरह खत्म हो चुकी थी और उसकी जगह दूसरा बैच आ चुका था। ऐसे में यह पता लगाना लगभग असंभव हो गया है कि बच्चों के बीमार होने की वजह वही आइसक्रीम थी या नहीं। सैकड़ों सैंपलों की रिपोर्ट लंबित सूत्रों के मुताबिक जनवरी से अब तक इंदौर से विभिन्न स्कूलों, होटलों और प्रतिष्ठानों से लिए गए सैकड़ों खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला में लंबित है। इनमें शिशुकुंज स्कूल के सैंपल भी शामिल हैं। रिपोर्ट में हो रही देरी के कारण कई मामलों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। रिपोर्ट नहीं तो कार्रवाई कैसे? खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार सैंपलिंग और जांच अभियान चलाने का दावा करता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि लैब रिपोर्ट के बिना मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को कानूनी रूप से साबित करना संभव नहीं होता। ऐसे में दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई अधूरी रह जाती है और जांच लंबी खिंचती रहती है। 9 करोड़ की नई लैब भी नहीं आई काम पिछले वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के तलावली चांदा में करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब का लोकार्पण किया था। इसका उद्देश्य इंदौर और आसपास के जिलों के खाद्य नमूनों की जांच स्थानीय स्तर पर कर जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराना था। हालांकि, लैब को अब तक एनएबीएल (NABL) प्रमाणन नहीं मिल सका है, जिसके कारण वहां नियमित जांच शुरू नहीं हो पाई। परिणामस्वरूप आज भी इंदौर के खाद्य नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे जा रहे हैं, जिससे रिपोर्ट आने में लंबा समय लग रहा है। यह खबर भी पढ़िए… इंदौर के शिशुकुंज स्कूल की किचन सील, केस दर्ज इंदौर के शिशुकुंज स्कूल पर सोमवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने छापा मारा। इंदौर के शिशुकुंज स्कूल पर सोमवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने छापा मारा। जांच के दौरान किचन में 10 पैकेट ऐसे मसालों के मिले, जिनकी एक्सपायरी डेट गुजर चुकी है। नमकीन के दो एक्सपायर्ड पैकेट भी पाए गए। अधिकारियों ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए किचन को सील कर दिया। आगे की कार्रवाई के लिए स्कूल के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
पीलीभीत। आयुष्मान भारत योजना में कथित धांधली के आरोपों से घिरे पूरनपुर के सिद्धि आई हॉस्पिटल का मामला एक बार फिर गरमा गया है। नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. भुवन चंद पंत ने महीनों से ठंडे बस्ते में पड़ी इस जांच को दोबारा खोल दिया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की पत्रावली तलब कर दस्तावेजों की बारीकी से समीक्षा शुरू कर दी है। इससे अस्पताल को योजना से बाहर (डी-पैनल) करने की कार्रवाई की संभावना तेज हो गई है। शासन को जल्द ही इसकी रिपोर्ट भेजने की तैयारी है। यह विवाद 12 जनवरी को तब शुरू हुआ था, जब शहर के चिकित्सक डॉ. विकास अग्रवाल ने एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि सिद्धि आई हॉस्पिटल ने आयुष्मान भारत योजना के तहत सामान्य बीमारियों के ऑपरेशन किए, लेकिन सरकारी खजाने से अधिक भुगतान लेने के लिए उन्हें गंभीर श्रेणी में दर्शाया। शिकायत के तुरंत बाद एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई थी। 14 जनवरी को टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जिसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आईं। पहली जांच रिपोर्ट के आधार पर समिति के अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश ने अस्पताल को तत्काल प्रभाव से डी-पैनल करने की संस्तुति की थी। हालांकि, यह कार्रवाई आगे बढ़ने के बजाय फाइलों में उलझ कर रह गई। तत्कालीन सीएमओ ने मामले को टालने के लिए एक और समिति बना दी थी, जिसकी रिपोर्ट कभी सामने नहीं आ सकी। इस बीच तत्कालीन सीएमओ के तबादले के बाद मामला पूरी तरह दब गया था। इस संबंध में सीएमओ डॉ. भुवन चंद पंत ने बताया, यह मामला मेरे कार्यकाल से पहले का है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। सभी अभिलेखों की गहन समीक्षा के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
औरैया: समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति' औरैया और महिला शाखा 'तुलसी सखी ग्रुप' की एक संयुक्त बैठक गुरुवार शाम छह बजे क्रॉनिक एकेडमी में हुई। इस बैठक में पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी भगवान जगन्नाथ की विशाल नगर भ्रमण शोभायात्रा निकालने पर विचार-विमर्श किया गया। 'सखी ग्रुप' की प्रभारी बबिता गुप्ता ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की विशाल शोभायात्रा 16 जुलाई, गुरुवार को निकाली जाएगी। यह यात्रा दोपहर 2 बजे फूलमती मंदिर से शुरू होगी। इसमें वृंदावन के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे और गाजे-बाजे की मधुर धुनें भी शामिल होंगी। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से धूमधाम से गुजरेगी। यात्रा को सफल बनाने के लिए कार्यक्रम संयोजक भारतीय जनता पार्टी-औरैया के नगर महामंत्री कपिल गुप्ता, डॉ. अनूप बिश्नोई और पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरु) युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने जानकारी दी कि मुख्य अतिथि द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। यह यात्रा फूलमती मंदिर, औरैया से प्रारंभ होकर शहीद पार्क रोड, सुभाष चौक, संजय गेट संकट मोचन मार्ग, लेडीज मार्केट, सदर बाजार और तहसील चौराहा होते हुए वापस फूलमती मंदिर पर समाप्त होगी। समापन पर प्रसाद वितरण किया जाएगा। समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि भक्त भगवान जगन्नाथ के दर्शन और आशीर्वाद का बेसब्री से इंतजार करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शहर के श्रद्धालु विभिन्न स्थानों पर जलपान और पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का अभिनंदन करेंगे। उन्होंने समिति परिवार, धार्मिक विचारधारा रखने वाले शहरवासियों, महिला शक्ति, युवाओं और भगवान जगन्नाथ के भक्तों से इस धार्मिक यात्रा में समय पर शामिल होने की अपील की। बैठक में प्रमुख रूप से शाखा प्रभारी बबिता गुप्ता, सुनीता चौबे, अर्चना बिश्नोई, मंगला शुक्ला, पायल पोरवाल, प्रिया गुप्ता, दामिनी गुप्ता, मधु बिश्नोई, गुड्डन गुप्ता, सपना गुप्ता, माधुरी गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष मधु शर्मा, सुनीला गुप्ता, डॉ. उपेंद्रनाथ मिश्रा, डॉ. शिव कुमार सोनी और शिक्षक अनुराग गुप्ता सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
अमरोहा देहात के गांव सिरसा खुमार निवासी शमशाद की हत्या के मामले में कोर्ट ने आठ साल बाद फैसला सुनाया है। गांव निवासी कासिम और मुनीश उर्फ मदनी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही दोनों पर कुल 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना 21 जून 2018 की है, जब अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव सिरसा खुमार निवासी शमशाद का गांव के ही कासिम और मुनीश उर्फ मदनी ने अपहरण कर लिया था। अगले दिन शमशाद के भाई जमील ने अमरोहा देहात थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और संदेह के आधार पर कासिम और मुनीश उर्फ मदनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने शमशाद की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के जंगल से शमशाद का शव बरामद किया गया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले शमशाद को चरस मिली सिगरेट पिलाई, जिससे वह नशे की हालत में हो गया। इसके बाद चाकू से उसकी बेरहमी से हत्या कर शव जंगल में छिपा दिया था। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के मुंह में फंसा हुआ 30 सेंटीमीटर लंबा चाकू बरामद हुआ था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू मुनीश उर्फ मदनी की निशानदेही पर बरामद किया था। विवेचना पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट तृतीय की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष मजबूती से रखा। अदालत ने बुधवार को उपलब्ध साक्ष्यों, बरामदगी और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों को अपहरण, हत्या और शव छिपाने का दोषी करार दिया था। बृहस्पतिवार को अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मुनीश उर्फ मदनी पर 50 हजार और कासिम पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी उस समय लगी, जब सुबह परिजनों ने उसे कमरे में फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही बाणगंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान आयुषी ठक्कर के रूप में हुई है। वह अहमदाबाद की एक निजी कंपनी के इंदौर कार्यालय में कार्यरत थी। मौके की तलाशी के दौरान पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। हालांकि जांच के लिए मृतका का लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। पुलिस डिजिटल डिवाइस की जांच के आधार पर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने किसी भी तरह के प्रेम प्रसंग या अन्य विवाद की जानकारी होने से इनकार किया है। परिवार का कहना है कि आयुषी स्वभाव से शांत थी और घर के सभी सदस्यों का काफी ध्यान रखती थी। आयुषी के पिता संतोष ठक्कर एक फैक्ट्री में काम करते हैं। परिवार में एक छोटी बहन और एक भाई भी हैं। फिलहाल बाणगंगा पुलिस मर्ग कायम कर सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल-लैपटॉप की जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। पैर टूटने के बाद तनाव में था मैकेनिक, जहर खाकर दी जान राऊ थाना क्षेत्र में रहने वाले एक 50 वर्षीय लेथ मशीन मैकेनिक ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान बैजनाथ पुत्र गुरुचरण चौहान के रूप में हुई है। गुरुवार रात जहर खाने के बाद परिजन उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बैजनाथ का करीब 10 वर्ष पहले पत्नी से तलाक हो चुका था। इसके बाद वह अपने भाई, भाभी और भतीजों के साथ रह रहा था। पुलिस ने शुरू की जांच परिजनों ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले बैजनाथ का पैर टूट गया था, जिसके कारण वह ठीक से चल-फिर नहीं पा रहा था। चोट की वजह से वह काम पर भी नहीं जा पा रहा था। इसी बात को लेकर वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था। आशंका है कि इसी तनाव के चलते उसने जहर खा लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र में एक महिला से मारपीट के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पहले इस मामले में केवल एनसीआर दर्ज की गई थी, लेकिन वीडियो वायरल होने और हिंदू संगठनों के विरोध के बाद अब एफआईआर दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना 7 जुलाई की है। गजनेर थाना क्षेत्र के नंदपुर गांव निवासी पिंकी देवी अपने पति गया प्रसाद और बेटे कुलदीप के साथ अंबापुर जा रही थीं। रूरा नहर पुल के पास दिलशाद की आम की दुकान से आम खरीदने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही मारपीट में बदल गया। आरोप है कि महिला और उसके परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर एनसीआर दर्ज कर निरोधात्मक कार्रवाई की थी। पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। हालांकि, मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे। हिंदू संगठनों ने इस पर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। इसके बाद 9 जुलाई को पीड़िता पिंकी देवी ने अपने बेटे कुलदीप के साथ रूरा थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान नामजद आरोपी दिलशाद और लवकुश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी अकबरपुर संजय सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की गई है। उन्होंने पुष्टि की कि मामले की विवेचना जारी है। इस पूरे प्रकरण ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सवाल उठ रहा है कि क्या पीड़ितों को न्याय तभी मिलता है जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो और जनदबाव बने।
मऊ में सरयू पुल से अधेड़ ने लगाई छलांग:बाइक की डिग्गी से मिला सुसाइड नोट, तलाश अभियान जारी
मऊ जिले के दोहरीघाट-बड़हलगंज के बीच सरयू नदी पर बने पुराने पुल से बुधवार देर रात एक अधेड़ व्यक्ति ने छलांग लगा दी। राहगीरों ने पुल पर चाभी लगी एक लावारिस बाइक खड़ी देखी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। दोहरीघाट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बाइक को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। बाइक की डिग्गी से मिले पत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अधेड़ की पहचान मऊ जिले के रामपुर थाना क्षेत्र के गुरुम्मा गांव निवासी 59 वर्षीय अशोक मल्ल के रूप में हुई। पुलिस को बाइक की डिग्गी से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें लिखा था कि व्यक्ति अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा है और उसके इस कदम के लिए परिवार के किसी भी सदस्य को परेशान न किया जाए। सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचित किया। गुरुवार सुबह से सरयू नदी में एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से तलाश अभियान शुरू किया। घंटों की खोजबीन के बावजूद देर शाम तक अशोक मल्ल का कोई पता नहीं चल सका। घटना के 34 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट सहित अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। एनडीआरएफ की टीम नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
रायबरेली जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जगतपुर थाना पुलिस को दो अलग-अलग मामलों में सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए जगतपुर पुलिस ने हत्या के प्रयास मामले में वांछित एक अभियुक्त और एक 8 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पहला मामला 1 जुलाई 2026 का है। जगतपुर क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते अंकित द्विवेदी नामक युवक पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें उसे गंभीर चोटें आई थीं। पीड़ित के पिता रमेश द्विवेदी उर्फ कल्लू की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में थी। 9 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त शुभेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। शुभेन्द्र सिंह राजेश बहादुर सिंह का पुत्र है और पूरे सूबेदार मजरे खुजरी, थाना गदागंज, रायबरेली का निवासी है। पुलिस ने आरोपी शुभेन्द्र सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक वागीश मिश्रा, उपनिरीक्षक अमन कुमार, मुख्य आरक्षी राजेश यादव, आरक्षी सौरभ लोहिया और आरक्षी अमित कुमार की टीम शामिल थी। दूसरा मामला: 8 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म करने वाला कलयुगी पड़ोसी गिरफ्तारइंसानियत को शर्मसार करने वाली एक अन्य घटना जगतपुर थाना क्षेत्र से ही सामने आई, जहां दिनांक 8 जुलाई 2026 को एक पीड़ित वादी ने थाने में सूचना दी कि पड़ोस में रहने वाले आरोपी साजिद अली ने उसकी महज 8 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ गंभीर अश्लील हरकत व दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। पीड़िता के पिता के अनुसार, आरोपी पिछले दो-तीन दिनों से बच्ची के साथ लगातार छेड़छाड़ कर रहा था।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित संज्ञान लिया और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल सक्रिय हुई जगतपुर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए नामजद अभियुक्त साजिद अली (पुत्र शामिद अली) को उसके गांव सिंघापुर भटौली से दबोच लिया। आरोपी को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद अदालत के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।मासूम को त्वरित न्याय दिलाने और आरोपी को दबोचने वाली टीम में व०उ०नि० अजय मलिक और आरक्षी विष्णु पाल शामिल रहे। रायबरेली के पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार नें कहा हैं की जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर रायबरेली पुलिस 'Zero-Tolerance' (शून्य सहनशीलता) नीति के तहत काम कर रही है। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इसी प्रकार की सख्त व त्वरित कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी
रायबरेली में शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को सुबह करीब 8 बजे से हुई भारी बारिश के कारण नगर पालिका परिषद के जल निकासी व्यवस्था के दावों की पोल खुल गई। नगर पालिका क्षेत्र के प्रगतिपुरम, छजलापुर और रतापुर सहित कई मोहल्लों में गंभीर जलभराव देखा गया, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सुबह से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते लोगों के घरों के सामने कई फीट तक पानी भर गया। सड़कों का गंदा पानी घरों में घुसने लगा, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों, जिनमें गुड्डू सिंह, राजू, मनोज कुमार, सुनील कुमार सिंह और प्रदीप कुमार शामिल हैं, ने आरोप लगाया कि बारिश से पहले नालों और नालियों की समय पर सफाई नहीं कराई गई। उनकी शिकायत है कि नगर पालिका की लापरवाही और मनमानी कार्यशैली का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है, जिसके कारण थोड़ी ही देर की बारिश में पूरा इलाका जलमग्न हो गया। देखें, 2 तस्वीरें… जलभराव के कारण सड़क और नाली के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया। कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं, जिससे लोगों का घरों से निकलना असंभव हो गया। कई परिवार पूरे दिन अपने घरों में कैद रहने को मजबूर रहे। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस स्थिति में सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने जलभराव के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए और नगर पालिका प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान ऐसे ही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि जलभराव के कारण कई दोपहिया वाहन फिसलकर गिर गए, जबकि कई ऑटो रिक्शा भी पानी से भरी सड़कों पर पलट गए। गंदे पानी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने, बंद नालों की सफाई कराने और जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बारिश के पूरे मौसम में लोगों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सुबह आठ लगातार बारिश के चलते रायबरेली जिला प्रशासन ने प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक सभी माध्यमों के विद्यालय बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।
छतरपुर में 6 साल पुराने छेड़छाड़ मामले में फैसला:आरोपी को 2 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना
छतरपुर जिले के नौगांव न्यायालय ने छह साल पुराने छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 2 वर्ष के कठोर कारावास और 1000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह फैसला सुनाया। 2019 में घर में घुसकर की थी छेड़छाड़ अभियोजन के अनुसार घटना 16 जून 2019 की रात करीब 10 बजे की है। पीड़िता अपनी छोटी बहन के साथ घर पर अकेली थी, जबकि उसके माता-पिता गांव गए हुए थे। इसी दौरान आरोपी घर में घुस आया और युवती के साथ बुरी नीयत से छेड़छाड़ की। शोर मचाने पर भाई पर किया हमला पीड़िता के शोर मचाने पर उसका भाई मौके पर पहुंचा। आरोप है कि आरोपी ने लाठी से हमला कर उसे घायल कर दिया। इसी दौरान पीड़िता के माता-पिता भी घर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस जांच के बाद कोर्ट में पेश हुआ चालान घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर नौगांव थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। साक्ष्यों के आधार पर सुनाई गई सजा मामले में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी आदित्य सोनी ने अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुश्री अविनी धाकड़ की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 2 वर्ष के कठोर कारावास और 1000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की बैंक एफडी घोटाला मामले में दायर याचिका पर आज (शुक्रवार) को दिल्ली हाईकोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। गुरुवार को सरकार और अन्य पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था। अब सभी की निगाहें आज आने वाले फैसले पर हैं, क्योंकि इससे न केवल राजेंद्र भारती के राजनीतिक भविष्य बल्कि दतिया उपचुनाव के समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है। 2 अप्रैल को सुनाई थी सजाबैंक एफडी घोटाला मामले में दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 2 अप्रैल को राजेंद्र भारती को तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी। इसी आदेश को चुनौती देते हुए भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मामले में हाईकोर्ट पहले ही चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर चुका है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने भारती की ओर से दलील दी कि यह मामला आपराधिक नहीं बल्कि सिविल प्रकृति का है। उन्होंने कहा कि बैंक स्वयं पहले इस विवाद को सिविल मामला मानते हुए सुप्रीम कोर्ट गया था, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ था। उनका यह भी कहना था कि समझौते की राशि अब तक नहीं मिली है और संबंधित एफडी बैंक में सुरक्षित है। इधर, दतिया में प्रत्याशियों की घोषणा नहींउधर, दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने अब तक अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि दोनों दल आज आने वाले हाईकोर्ट के फैसले के बाद अपनी अंतिम रणनीति तय कर सकते हैं।
श्री विष्णु धाम श्री वेंकटेश्वर मंदिर में गुरुवार को 46वां पाटोत्सव श्रद्धा, आस्था और सेवा के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। सुबह महाऔषधि स्नान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसके बाद दिनभर श्रद्धालुओं ने भगवान श्री वेंकटेश्वर का दुग्धाभिषेक कर सुख, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की। पाटोत्सव के अवसर पर सामाजिक सरोकार को भी विशेष महत्व दिया गया। वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं और आमजन के लिए प्रसादी वितरण भी किया गया। पूजा-अर्चना के साथ सेवा-संस्कार का केंद्र भी है मंदिर मंदिर ट्रस्ट के संस्थापक, वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. कैलाश गर्ग ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि सेवा और संस्कार का केंद्र भी है। जरूरतमंद लोगों की सहायता ही भगवान की सच्ची आराधना उन्होंने कहा कि भगवान की सच्ची आराधना तभी सार्थक होती है जब समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता की जाए। इसी सोच के साथ ट्रस्ट धार्मिक आयोजनों के साथ स्वास्थ्य एवं जनसेवा के कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित करता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ऐसे आयोजन निरंतर जनकल्याण का माध्यम बनते रहेंगे। इस अवसर पर ट्रस्ट के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
शादी का सामान खरीदने गए परिवार से मारपीट, VIDEO:एटा में दो लोग घायल, पुलिस ने मेडिकल कराया
एटा जिले के घंटाघर बाजार में शादी का सामान खरीदने गए एक परिवार के साथ मारपीट हुई है। इस घटना में परिवार के दो सदस्य घायल हो गए, जिनका पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया है। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है। यह घटना गुरुवार देर शाम करीब 6:30 बजे की बताई जा रही है। मारपीट से जुड़ा एक वीडियो शुक्रवार सुबह 8 बजे सामने आया, जिसमें भीड़ में मौजूद दो लोगों को लात-घूंसों से पीटा जा रहा है। घायलों का मेडिकल परीक्षण गुरुवार रात 11 बजे कराया गया, जिसके बाद वे उपचार लेकर अपने घर लौट गए। बिजोरी के रहने वाले घायल वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ शादी का सामान खरीदने बाजार आए थे। तभी तीन युवक बाइक से आए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि दुकानदारों ने भी उन्हें पीटा, जिससे वह और अनुज घायल हुए हैं। इस मामले में थाना प्रभारी कोतवाली नगर प्रेमपाल सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। पुलिस का आधिकारिक बयान आने के बाद मामले में और जानकारी अपडेट की जाएगी।
हरियाणा के चर्चित 657 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले की जांच में CBI ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि सरकारी विभागों से निकाली गई 329 करोड़ रुपए से अधिक की राशि फर्जी कंपनियों के जरिए चंडीगढ़ के एक ज्वेलर तक पहुंचाई गई। यहां फर्जी सोने के कारोबार का दिखावा कर रकम को नकदी में बदला गया और फिर इसे साजिशकर्ताओं के बीच बांटा गया।CBI के मुताबिक, घोटाले में IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों, जिनमें कुछ IAS अधिकारी भी शामिल हैं, के साथ मिलकर हरियाणा सरकार के 8 विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के 2 विभागों के सरकारी फंड का गबन किया। पूर्व बैंक मैनेजर पर साजिश रचने का आरोपजांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड IDFC First Bank का पूर्व ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि था। CBI का आरोप है कि AU Small Finance Bank में जाने के बाद भी उसने इसी तरीके से सरकारी फंड की हेराफेरी जारी रखी।एजेंसी के अनुसार, सरकारी धन को स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज, आरएस ट्रेडर्स, एसआरआर प्लानिंग गुरुस, विस्टामेड सॉल्यूशंस और मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर जैसी कथित फर्जी कंपनियों के खातों में भेजा गया।329 करोड़ पहुंचे ज्वेलर के खाते मेंCBI की जांच में सामने आया कि चंडीगढ़ सेक्टर-35 स्थित सावन ज्वैलर्स के मालिक राजन सिंह कटोदिया को नवंबर 2024 से फरवरी 2026 के बीच 329.57 करोड़ रुपए मिले। रकम की डिटेल भी सामने आई है, जिसमें कैपको फिनटेक सर्विसेज से करीब 138 करोड़ रुपए, स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स से 131 करोड़ रुपए, आरएस ट्रेडर्स से करीब 45 करोड़ रुपए,फर्जी बिल, सोना बाजार में बेचा, फिर कैश पहुंचाया।CBI का आरोप है कि ज्वेलर ने सप्लायरों से सोना खरीदकर फर्जी कंपनियों के नाम पर बिल बनाए ताकि लेन-देन वैध दिखाई दे। लेकिन सोना फर्जी कंपनियों को देने की बजाय खुले बाजार में बेच दिया गया। इससे मिली नकदी कथित तौर पर रिभव ऋषि और उसके सहयोगियों तक पहुंचाई गई। कर्मचारियों ने खोला कैश कलेक्शन का राजCBI ने रिभव ऋषि के कर्मचारियों राहुल, मनीष और अमृतपाल के बयान दर्ज किए हैं। एजेंसी का दावा है कि ये कर्मचारी नियमित रूप से ज्वेलर के यहां से बड़ी मात्रा में नकदी लेकर जाते थे। ज्वेलर के एक कर्मचारी ने भी कथित तौर पर बताया कि उसने बुलियन कारोबारियों और सप्लायरों से 155 करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी जुटाकर ऋषि के लोगों को सौंपी।छापे में मिला बेहिसाब सोना और कैश CBI की तलाशी के दौरान ये मिला सीबीआई की तलाशी के दौरान 5,589 ग्राम बेहिसाब सोना बरामद हुआ। 54.20 लाख रुपए नकद मिले। जांच में फर्जी GST इनवॉइस के जरिए लेन-देन को वैध दिखाने के भी आरोप लगाए गए हैं। जांच में चंडीगढ़ के रियल एस्टेट कारोबारी और होटल लैंडमार्क के मालिक विक्रम वधवा का नाम भी सामने आया है। CBI की जांच में 4.57 करोड़ कैश मिला 4.57 करोड़ रुपए नकद मिले। फर्जी कंपनियों के जरिए 33.25 करोड़ रुपए बैंक ट्रांसफर हुए।इस रकम से चंडीगढ़ और मुल्लांपुर में 55 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां खरीदी गईं या उनके लिए एडवांस भुगतान किया गया। एजेंसी का यह भी आरोप है कि वधवा ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से संपर्क बनाए और सरकारी लेन-देन में IDFC फर्स्ट बैंक को प्राथमिकता दिलाने का प्रयास किया। औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक अन्य संपत्ति की जांच अभी जारी है।
मेरठ कलेक्ट्रेट पर बुधवार को ललिता गौतम हत्याकांड प्रकरण में पहुंचे लोगों के साथ हुई मारपीट के बाद गुरूवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 32 सदस्यों का एक प्रतिनिधि मंडल पीडि़त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त करने के लिए नियुक्त किया। जिसमें मेरठ समेत आसपास के जिलों के कांग्रेस नेताओं के नाम शामिल थे। इसके बाद सूचना पुलिस को मिलते ही कांगेस नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का काम पुलिस द्वारा देर रात से ही कर दिया गया। पुलिस ने नेताओं के घर पहुंच उनसे बाहर न जाने की अपील की जिसका कांगेस नेताओं द्वारा विरोध भी किया जा रहा है। पूर्व विधायक गजराज सिंह, मेरठ महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा, कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित, जिला अध्यक्ष मेरठ गौरव भाटी समेत कांगेस प्रतिनिधि मंडल में शामिल अधिकतर नेताओं को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई पर प्रतिकिया देते हुए जहां रंजन शर्मा ने इसे पुलिस और प्रशासन की तानाशाही बताया है तो पूनम पंडित ने भी सरकार की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है। पूनम पंडित ने कहा कि पीड़ित परिवार से मिलना और उनकी आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। वहीं गौरव भाटी ने भी कहा कि पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना बिल्कुल गलत है हमारा प्रतिनिधक मंडल केवल दुख व्यक्त करने के लिए जा रहा था, फिर भी हमको रोका गया है यह सिर्फ तानाशाही का प्रमाण है। गांव भी किया सील हंगामे के बाद से ही पुलिस द्वारा थिरोट गांव को भी सील कर दिया गया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति और मीडियाकर्मी को गांव के अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते गांव में आने वाले लोगों के रिश्तेदारों और बाहर रहने वाले गांव के ही लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अलीगढ़ में बारिश का अलर्ट:73 जर्जर मकानों को जारी किया नोटिस, अवैध स्लैब पर चलेगा बुलडोजर
अलीगढ़ में दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने शहर की रफ्तार को थाम दिया। शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए हुए हैं और मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण जर्जर मकानों के गिरने का भी खतरा बढ़ गया है। हादसे की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने 73 जर्जर मकानों को नोटिस जारी कर खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है। वहीं, दो दिन से रुक–रुक कर हुई बारिश से शहर के पॉश इलाके प्रदेश सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के सामने मैरिस रोड, रामघाट रोड, मेयर आवास के पास हुए जलभराव ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। जलभराव होने पर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने मौके का निरीक्षण कर नालों पर पड़ी अवैध स्लैब और अतिक्रमण को बुलडोजर की मदद से साफ कराया। बारिश में भीगकर हटवाया अतिक्रमण सड़कों पर घुटनों तक भरे पानी के बीच नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने जलकल, निर्माण और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ शहर के जलभराव वाले हॉटस्पॉट का दौरा किया। इस दौरान सराय रहमान, जीटी रोड पर विनीत मोटर्स के सामने, शहंशाह होटल से इनग्राम इंस्टीट्यूट तक और मेलरोज होटल के पास एक दर्जन से अधिक बड़े प्रतिष्ठानों और दुकानों ने नालों पर अवैध रूप से पक्के स्लैब डाले हुए मिले। कुछ जगहों पर धकेल और सामान रखकर पानी के बहाव को पूरी तरह रोक रखा था। 24 घंटे का अल्टीमेटम नगर आयुक्त ने मौके पर ही कुछ स्थानों पर अतिक्रमण को हटवाते हुए तीनों विभागों की संयुक्त टीम का गठन किया। टीम को आदेश दिया कि अगले 24 घंटे में संभावित भारी बारिश को देखते हुए इन सभी अवैध स्लैब और अतिक्रमण को तुरंत ध्वस्त किया जाए। जलनिकासी के रास्ते में किसी भी तरह की बाधा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 7 दिन में 3 गुना बढ़ेगी पंपिंग क्षमता सराय रहमान और केवल विहार को जलभराव से मुक्त करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। नगर निगम यहां पर लगे दोनों पंपिंग स्टेशनों की क्षमता को अगले 7 दिनों के भीतर तीन गुना करने जा रहा है। इन दोनों बड़ी परियोजनाओं के पूरा होते ही सराय रहमान, केवल विहार, फायर ब्रिगेड क्षेत्र, शंकर विहार कॉलोनी और मेलरोज बाईपास जैसे बड़े इलाकों को जलभराव से मुक्त कराने में मदद मिलेगी। चमकेगा सराय रहमान स्टेशन शहर के ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने के लिए शासन स्तर से तीन नए पंपिंग स्टेशनों शाहजमाल क्षेत्र का चरकवालान, रामघाट रोड स्थित ओजोन सिटी कट और सराय रहमान की स्थापना को स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही सराय रहमान के पुराने पंपिंग स्टेशन का पूरी तरह से कायाकल्प किया जाएगा। नगर निगम का दावा है कि इस बार की बारिश में रामघाट रोड और खैर रोड से रिकॉर्ड समय में पानी की निकासी हो गई, जिससे पिछले सालों के मुकाबले जनता को काफी राहत मिली। 73 जर्जर भवनों को खाली करने का आदेश लगातार 24 घंटे से अधिक समय से हो रही बारिश की वजह से शहर के पुराने इलाकों में बने करीब 150 से अधिक मकानों की नींव कमजोर हो गई है। दीवारों में सीलन आने और छतों से पानी टपकने के कारण हादसे का डर बना हुआ है। नगर आयुक्त ने बताया कि 73 जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। यदि वे खुद मकान खाली नहीं करते हैं, तो जान-माल की सुरक्षा के लिए उन्हें जबरन हटाया जाएगा। अफसर नहीं छोड़ेंगे मुख्यालय आगामी दिनों में मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में स्थित नगर निगम का आपातकालीन कंट्रोल रूम अब 24 घंटे लाइव रहेगा। सभी अधिकारियों और इंजीनियरों के मोबाइल 24 घंटे चालू रखने और किसी को भी मुख्यालय न छोड़ने की सख्त हिदायत दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में बेघर होने वाले लोगों के लिए गांधी पार्क और भुजपुरा शेल्टर होम को राहत शिविरों में बदल दिया गया है।
संभल में एक सड़क हादसे में लैब पैथोलॉजी टेक्नीशियन की मौत हो गई। गुरुवार देर शाम आगरा-मुरादाबाद हाईवे पर एक बेकाबू कार ने स्कूटी सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान 18 वर्षीय गोविंद कुमार पुत्र हरिओम कुमार निवासी गांव मुढैना के रूप में हुई है। वह धनारी गांव में एक लैब पैथोलॉजी में टेक्नीशियन का काम करता था। गुरुवार शाम करीब 5 बजे वह बबराला कस्बे से सैंपल लेने गया था। वापस लैब लौटते समय, धनारी थाना क्षेत्र के सोनू ढाबा के पास तेज बारिश के दौरान एक तेज रफ्तार कार ने पीछे से उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गोविंद गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका सिर सीधे जमीन से टकराया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर डायल 112 और थाना पुलिस मौके पर पहुंची। 108 एंबुलेंस की मदद से घायल गोविंद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई ले जाया गया। चिकित्सा प्रभारी डॉ. सचिन वर्मा ने उसे मृत घोषित कर दिया और बताया कि युवक को अस्पताल मृत अवस्था में ही लाया गया था। थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह ने बताया कि स्कूटी सवार युवक की मौत हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार कार चालक की तलाश जारी है।
हसायन कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने अपने पति और चार अन्य ससुरालियों के खिलाफ महिला थाने में कल देर रात उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया है। महिला ने दहेज उत्पीड़न, गर्भपात कराने की कोशिश, मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। खटोली, थाना हसायन निवासी लोकेश कुमारी पुत्री सोहनपाल ने बताया कि उसकी शादी 26 फरवरी 2024 को हापुड़ के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम अल्लाबख्शपुर उर्फ बागरपुर निवासी मोहित कुमार से हुई थी। शादी के बाद वे लगभग दो वर्ष तक साथ रहे। इसी दौरान लोकेश कुमारी एक माह की गर्भवती हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति, सास, ननद (हिमांशी) और देवर ने मिलकर उन्हें जान से मारने की साजिश रची। धोखे से उनके खाने में गर्भपात की दवा मिला दी गई। इससे उनका गर्भपात तो नहीं हुआ, लेकिन पेट में भयंकर संक्रमण हो गया, जिसके कारण जान बचाने के लिए एक बड़ा ऑपरेशन करना पड़ा। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति मोहित के गाजियाबाद निवासी किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध हैं, जिसमें उनका दोस्त हर्षित भी पूरा साथ देता है। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो ननद, देवर, हर्षित और सास ने उनके पति को भड़काया। इसके बाद पति और सास ने मिलकर कई बार उनके साथ जमकर मारपीट की। लोकेश कुमारी ने पहले गुरुग्राम के पालम विहार, सेक्टर-22 स्थित थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। 14 अप्रैल 2026 को थाने में उनके पति ने लिखित में आश्वासन दिया था कि वह उन्हें साथ रखेगा और उनका सारा खर्च देगा। महिला का आरोप है कि इसी झूठे वादे और पुलिस के दबाव में उनसे धोखे से राजीनामे पर हस्ताक्षर करवा लिए। थाने से बाहर आते ही उनके पति ने अपने वादे से मुकरते हुए कहा कि वह उन्हें कुछ नहीं देगा और जो करना है कर ले। महिला ने यह भी बताया कि मोहित द्वारा उनकी पहली शादी से हुई बेटी को भी प्रताड़ित किया जाता रहा है। आरोपी फोन पर भी लगातार धमकियां दे रहा है। महिला थाना पुलिस आवेश मामले में जांच पड़ताल कर रही है।
फतेहपुर जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में बाइक सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसकी आठ वर्षीय बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना सरौली मोड़ के पास हुई। घायल बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद फतेहपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। संगोलीपुर मड़ैयन निवासी रामराज (40) अपनी आठ वर्षीय बेटी अंशु को बाइक से खागा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय छोड़ने जा रहे थे। सरौली मोड़ के पास उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित बाइक सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई, जिससे पिता और बेटी दोनों नहर में जा गिरे। आसपास मौजूद किसानों ने उन्हें नहर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक रामराज की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों की सूचना पर किशनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल बच्ची को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे फतेहपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मृतक के परिजन भी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष योगेश कुमार ने बताया कि बाइक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकराई थी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि घायल बच्ची का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
मैनपुरी की किशनी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हवेलिया में 4 जुलाई को आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पूर्व केंद्रीय मंत्री बलराम सिंह के ओएसडी व सपा विधायक उर्मिला यादव के प्रतिनिधि रह चुके संवेदना फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर धर्मवीर सिंह राही खुले मंच से समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। उनके बयान जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। कार्यक्रम के दौरान राही ने कहा कि समाजवादी पार्टी की दिशा बदल रही है, जिसका असर संगठन पर साफ दिखाई दे रहा है। उनका कहना था कि वर्षों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले पुराने समाजवादी नेता और कार्यकर्ता आज उपेक्षा का शिकार हैं। उन्हें वह सम्मान नहीं मिल रहा, जो नेताजी मुलायम सिंह यादव के समय संगठन की पहचान हुआ करता था। उन्होंने कहा कि आज भी कार्यकर्ताओं का भरोसा शिवपाल सिंह यादव के नेतृत्व पर कायम है। उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण और संगठन संचालन की जिम्मेदारी शिवपाल सिंह यादव के अनुभव के आधार पर तय की जाए तो समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में 390 सीटें जीत सकती है और अखिलेश मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के भीतर मौजूद गलत प्रवृत्ति के लोगों पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो नुकसान विपक्ष नहीं, बल्कि पार्टी के अंदर बैठे लोग ही करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार भाजपा की मौजूदगी से ज्यादा नुकसान संगठन के भीतर की कमजोरियां पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसान, मजदूर, नौजवान, कर्मचारी, अधिकारी और आम मरीज तक परेशान हैं। ऐसे माहौल में समाजवादी पार्टी के पास जनता के बीच मजबूत विकल्प बनने का अवसर है, लेकिन इसके लिए नेताजी मुलायम सिंह यादव की कार्यशैली और सर्वसमाज को साथ लेकर चलने वाली राजनीति को फिर से अपनाना होगा। उनका कहना था कि पहले पार्टी में हर वर्ग के लोगों को सम्मान मिलता था, जबकि अब पुराने समाजवादियों को मंच तक पर उपेक्षित किया जा रहा है। बोले- मैं 1990 से सपा से जुड़ा हूं दैनिक भास्कर से बातचीत में इंजीनियर धर्मवीर सिंह राही ने कहा कि वह वर्ष 1990 से समाजवादी विचारधारा से जुड़े हैं और 2012 के बाद पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में लगातार बदलाव देख रहे हैं। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि संगठन कुछ लोगों के इर्द-गिर्द सिमटता जा रहा है। उनका मानना है कि यदि पार्टी को मजबूत करना है तो सर्वसमाज की भावनाओं का सम्मान करना होगा और पुराने कार्यकर्ताओं को फिर से संगठन में उचित स्थान देना होगा। 390 सीटों के अपने बयान पर उन्होंने कहा कि उनका आशय केवल संख्या बताना नहीं था, बल्कि यह संदेश देना था कि यदि अखिलेश यादव, नेताजी मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक मॉडल और शिवपाल सिंह यादव के संगठनात्मक अनुभव का समन्वय करें तो समाजवादी पार्टी ऐतिहासिक प्रदर्शन कर सकती है। उन्होंने कहा कि शिवपाल सिंह यादव ने 1980 से पहले नेताजी के साथ राजनीति शुरू की थी। प्रदेश का शायद ही कोई जिला ऐसा होगा, जहां उनकी पहचान न हो। ऐसे अनुभव का लाभ संगठन और टिकट वितरण में मिलना चाहिए। इंजीनियर धर्मवीर सिंह राही का राजनीतिक सफर भी लंबा रहा है। वर्ष 1996 में घिरोर विधानसभा से सपा विधायक उर्मिला यादव के प्रतिनिधि रहते हुए उन्होंने संगठन की जिम्मेदारी संभाली। 26 वर्ष की उम्र में उन्होंने मैनपुरी लोकसभा सीट से मुलायम सिंह यादव के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। उस चुनाव में उनका चुनाव चिन्ह लालटेन था। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री बलराम सिंह यादव के प्रतिनिधि रहे हैं और नेताजी मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं में उनकी पहचान रही है। हाल ही में करहल विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा प्रत्याशी तेज प्रताप यादव का भी समर्थन किया था। वर्तमान में वह संवेदना फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके वायरल वीडियो के बाद जिले की राजनीति में संगठन और नेतृत्व को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
वाराणसी में शुक्रवार सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी के साथ मौसम सुहावना बना हुआ है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हवा की रफ्तार 14 किलोमीटर प्रति घंटा और नमी 80 प्रतिशत रही। मौसम में आई इस नरमी से लोगों को उमस से राहत मिली, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने शहर की कई कॉलोनियों और सड़कों पर जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी कर दी। अगले 48 घंटे भारी बारिश की संभावना मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, वाराणसी सहित पूरे पूर्वांचल में अगले 48 घंटों तक तेज बारिश होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण क्षेत्र में लगातार वर्षा का दौर जारी रह सकता है। भगवानपुर समेत कई इलाकों में जलभराव देर रात हुई तेज बारिश के बाद भगवानपुर क्षेत्र की गलियों में पानी भर गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार बारिश होने पर यही स्थिति बन जाती है। गली में घंटों पानी जमा रहने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दोपहिया और पैदल चलने वालों को सबसे अधिक परेशानी हुई। नगर निगम के दावों की खुली पोल मानसून से पहले नगर निगम द्वारा नालों की तलीझाड़ सफाई का अभियान चलाया गया था, लेकिन गुरुवार की बारिश ने इन दावों की पोल खोल दी। झमाझम बारिश के बाद शहर के प्रमुख चौराहों, मुख्य सड़कों और गलियों में घंटों तक जलभराव बना रहा। इससे राहगीरों, वाहन चालकों और व्यापारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। रात करीब 11:45 बजे एक बार फिर तेज बारिश शुरू हुई, जो काफी देर तक जारी रही। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी का स्तर और बढ़ गया। इन इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी पिपलानी कटरा, अंधरापुल, सरैया डॉट पुल, कज्जाकपुरा, कोनिया, संदहा, मीरापुर बसहीं, बड़ालालपुर, नई सड़क, औरंगाबाद, सेनपुरा, सामनेघाट, शिवपुरवा, अवलेशपुर, कंदवा, लहुराबीर चौराहा, सारनाथ, अनमोल नगर कॉलोनी, मवइयां और बेनीपुर सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति गंभीर रही। 20 से अधिक स्थानों पर लगाए गए पंप नगर निगम प्रशासन के अनुसार गुरुवार को शहर के 20 से अधिक स्थानों पर पंप लगाकर जलनिकासी का प्रयास किया गया। हालांकि सरैयां और जलालीपुरा जैसे क्षेत्रों में घंटों तक जलभराव बना रहा और समय पर पंप उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। किसानों के लिए राहत और सावधानी दोनों लगातार हो रही बारिश धान, मक्का, अरहर और अन्य खरीफ फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है। इससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी और सिंचाई की आवश्यकता कम होगी। धान की रोपाई कर चुके किसानों को इस वर्षा से विशेष लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि कृषि विशेषज्ञ किसानों को सावधानी बरतने की भी सलाह दे रहे हैं। जिन खेतों में पानी अधिक भर गया है, वहां जल निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि फसलों की जड़ों को नुकसान न पहुंचे। सब्जियों, दलहनी फसलों और निचले क्षेत्रों में लगी फसलों में जलभराव अधिक समय तक रहने पर सड़न और फफूंद रोग का खतरा बढ़ सकता है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्राकृतिक आपदा में मौत पर मुआवजा देने को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि अगर आंधी, तेज बारिश या तूफान के दौरान कोई व्यक्ति पेड़ से गिरकर जान गंवा देता है, तो उसे भी प्राकृतिक आपदा में हुई मौत माना जाएगा। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की राहत नीति के तहत मुआवजा मिलेगा। हाईकोर्ट की एकलपीठ के जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने राजस्व विभाग का मुआवजा देने से इनकार करने वाला आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने मृतक के बेटे को 30 दिन के भीतर 4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि देने का आदेश दिया है। मामला राजनांदगांव जिले के मोहला क्षेत्र का है। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, महोला क्षेत्र में रहने वाले अमर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता श्यामूराम मंडावी 16 जुलाई 2020 को पेड़ पर चढ़कर लाख निकाल रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आंधी, बारिश और तूफान आ गया। खराब मौसम के कारण पिता का संतुलन बिगड़ गया और वे पेड़ से नीचे गिर गए। गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। राजस्व विभाग ने मुआवजा देने से किया था इनकार घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की और पोस्टमार्टम समेत सभी जरूरी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद अमर सिंह ने प्राकृतिक आपदा राहत नीति के तहत 4 लाख रुपए मुआवजे के लिए आवेदन किया। नायब तहसीलदार ने जांच के आधार पर मुआवजा देने की सिफारिश की थी, लेकिन एडिशनल कलेक्टर ने 1 फरवरी 2021 को यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि पेड़ से गिरकर हुई मौत राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) के दायरे में नहीं आती। जानिए हाईकोर्ट ने क्या कहा ? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 9 जून 2015 के राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) की धारा-6 का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि आंधी, तूफान, अतिवृष्टि या बाढ़ जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों के दौरान हुई मौत को प्राकृतिक आपदा माना जाएगा। इसलिए ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को राहत राशि देने से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने माना कि श्यामूराम मंडावी की मौत सामान्य हादसा नहीं थी, बल्कि खराब मौसम के कारण हुई थी। इसलिए इसे प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में रखा जाएगा। कोर्ट का आदेश हाईकोर्ट ने एडिशनल कलेक्टर का आदेश रद्द करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मृतक के बेटे को 30 दिन के भीतर 4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि दी जाए। ……………….. हाईकोर्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… AI जनरेट शपथ-पत्र देखकर भड़के चीफ जस्टिस: बोले- गुमराह न करें सिम्स मैनेजमेंट, सब सही होता तो मामला क्यों आता; अव्यवस्था पर सुनवाई छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में CIMS (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) की खराब व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर चल रही जनहित याचिका पर स्वास्थ्य-परिवार कल्याण विभाग के सचिव ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र पेश किया, जिसे देखकर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा भड़क गए। पढ़ें पूरी खबर…
सीहोर में बीच सड़क खराब हुई एम्बुलेंस:छात्रों और ग्रामीणों ने धक्का लगाया, विभाग ने जांच शुरू की
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की इछावर तहसील में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। ग्राम नादान में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली 108 एम्बुलेंस बीच सड़क में अचानक खराब हो गई। तकनीकी सहायता समय पर नहीं मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों और स्कूल से लौट रहे छात्रों को एम्बुलेंस को धक्का लगाकर आगे बढ़ाना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। ग्राम नादान में बीच रास्ते रुक गई 108 एम्बुलेंस घटना इछावर तहसील के ग्राम नादान की है, जहां 108 एम्बुलेंस अचानक सड़क के बीचों-बीच बंद हो गई। चालक ने वाहन को दोबारा स्टार्ट करने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण एम्बुलेंस चालू नहीं हो सकी। मौके पर तत्काल कोई मैकेनिक या तकनीकी सहायता उपलब्ध नहीं थी। ग्रामीणों और छात्रों ने धक्का लगाकर बढ़ाई एम्बुलेंस एम्बुलेंस बंद होने के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण और स्कूल से लौट रहे छात्र मदद के लिए आगे आए। सभी ने मिलकर एम्बुलेंस को धक्का लगाया, जिसके बाद वाहन को आगे बढ़ाया जा सका। इस दौरान सड़क पर कुछ देर तक यातायात भी प्रभावित रहा। वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्कूली बच्चे और ग्रामीण एम्बुलेंस को धक्का लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं और एम्बुलेंस के रखरखाव को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं। गंभीर मरीज होता तो बढ़ सकता था खतरा स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एम्बुलेंस में किसी गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाया जा रहा होता, तो इस तरह की तकनीकी खराबी से उसकी जान को खतरा हो सकता था। लोगों ने एम्बुलेंस सेवा की नियमित जांच और बेहतर रखरखाव की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के दिए निर्देश मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एम्बुलेंस में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण उसे धक्का लगाना पड़ा। विभाग का कहना है कि सभी एम्बुलेंस के नियमित रखरखाव के निर्देश पहले से दिए गए हैं। इस घटना की जांच कराई जा रही है और खराबी के कारणों का पता लगाने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए संबंधित एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।
भिवानी के गांव ढाब ढाणी निवासी निशांत का सीडीएस-2 परीक्षा में सफल होने के बाद लेफ्टिनेंट के लिए चयन हुआ है। जिसके बाद निशांत ने आईएमए देहरादून में ज्वाइन कर दिया। इस दौरान उसका परिवार भी देहरादून गया। वहीं निशांत ने सीडीएस परीक्षा में 77वां रैंक हासिल किया है। जहां अब उसकी ट्रेनिंग होगी। भिवानी के गांव ढाब ढाणी निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि उसका बेटा निशांत लेफ्टिनेंट बना है। निशांत ने 2025 में सीडीएस-2 का एग्जाम दिया था। मार्च 2026 में रिजल्ट जारी किया गया जिसमें निशांत को 77वां रैंक मिला। वहीं 29 जून को निशांत का ज्वाइनिंग लेटर आया और अब निशांत ने आईएमए देहरादून में ज्वाइन कर लिया है। इस ज्वाइनिंग के दौरान पूरा परिवार भी उनके साथ रहा। अब निशांत की ट्रेनिंग होगी और ट्रेनिंग की अवधि करीब डेढ़ साल की है। पिता टीचर तो मां गृहणीउन्होंने कहा कि वह खुद बहल स्थित गवर्नमेंट आईटीआई में टीचर है। उसको दो बच्चे (एक बेटा व एक बेटी) है। उसके बेटे ने सीडीएस-2 की परीक्षा पास की है। वहीं बेटी सानिया एनआईटी कुरुक्षेत्र से बीटेक कर रही है। जबकि निशांत की मां राजकला गृहणी हैं। एनडीए में तीन बार असफल होने के बाद पाई कामयाबीमुकेश कुमार ने बताया कि निशांत ने 12वीं की पढ़ाई गुरुकुल कुरुक्षेत्र से की थी। वहीं बीए की पढ़ाई लोहारू कॉलेज से की। निशांत का शुरू से ही आर्मी में जाने का मन था, इसलिए वह कड़ी मेहनत करता था। निशांत ने तीन बार एनडीए का एग्जाम भी दिया, लेकिन उसका सिलेक्शन नहीं हो पाया। इसके बावजूद भी उसने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे। वहीं अब सीडीएस का पहली बार एग्जाम दिया था, जिसमें निशांत अपनी मेहनत के बल पर सिलेक्ट हो गया। उन्होंने दावा किया कि पूरे गांव में निशांत ही पहला युवा है जो लेफ्टिनेंट बना है।
गुरुग्राम में सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण विभाग द्वारा आज सेक्टर-44 स्थित अपैरल हाउस में एक विशेष 'वीर नारी सम्मान समारोह' का आयोजन किया जा रहा है। देश की सेवा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों की पत्नियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन होगा। समारोह में हरियाणा सरकार के सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह उपस्थित सभी वीर नारियों को उनकी सर्वोच्च विभागीय और सामाजिक सेवाओं के लिए सम्मानित करेंगे। प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से न केवल शहीद परिवारों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना भी सुदृढ़ होती है। डिजिटल सेवाओं की शुरुआतसमारोह के दौरान सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण विभाग की नई आधिकारिक वेबसाइट का भी भव्य शुभारंभ किया जाएगा। इस डिजिटल पोर्टल की मदद से पूर्व सैनिकों, अर्ध सैनिक बलों के जवानों और उनके आश्रितों को सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी बेहद आसानी से मिल सकेगी। इससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता आएगी और लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पूर्व सीएपीएफ कर्मियों के लिए विशेष अभियानइसी मंच से पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों के लिए एक राष्ट्रव्यापी पंजीकरण अभियान की भी शुरुआत की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी पूर्व सीएपीएफ जवानों का एक एकीकृत डेटाबेस तैयार करना है, ताकि उन्हें भविष्य में मिलने वाली सभी कल्याणकारी योजनाओं, चिकित्सा सुविधाओं और पुनर्वास के अवसरों का लाभ समय पर और सीधे तौर पर दिया जा सके। कार्यक्रम में विभाग के आला अधिकारियों सहित कई मौजिज नागरिक मौजूद रहेंगे।
कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार तड़के एक डबल डेकर बस के ट्रक से टकरा जाने से बड़ा सड़क हादसा हो गया। दुर्घटना में करीब 15 यात्री घायल हो गए, जिनमें आठ की हालत गंभीर है। सभी गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस चालक को झपकी आना बताया जा रहा है। हादसा शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे तालग्राम थाना क्षेत्र में हुआ। दिल्ली से गोरखपुर जा रही डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। यूपीडा टीम ने चलाया राहत एवं बचाव अभियान घटना की सूचना मिलते ही यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा। हादसे में घायल 15 यात्रियों में से आठ की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। ये यात्री गंभीर रूप से घायल गंभीर घायलों में संत कबीर नगर के बुड़ी बलहार निवासी 10 वर्षीय रितिक, 15 वर्षीय शिवम, हनुमान यादव और सुनीता यादव शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के सेलम निवासी 25 वर्षीय गोकुल, गोरखपुर के मनीराम निवासी 25 वर्षीय सौभाग्य पांडे, 19 वर्षीय अभिषेक तथा मेरठ की समर कॉलोनी निवासी 37 वर्षीय इंतजार भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के कारणों की जांच शुरू पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाया और यातायात सामान्य कराया। प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने के कारण हादसा होना सामने आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सीकर जिला कांग्रेस ने नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। संगठन में 44 नेताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। एडवोकेट पुरुषोत्तम को संगठन महासचिव और मोहर सिंह गौड़ को कोषाध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की हरी झंडी के बाद जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने कार्यकारिणी घोषित कर दी। जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में आगामी पंचायती राज और निकाय चुनाव, संगठन से जुड़ाव और कास्ट मैनेजमेंट को ध्यान में रखा गया है। पुराने और अनुभवी चेहरों पर भरोसा बरकरार रखते हुए एडवोकेट पुरुषोत्तम शर्मा को संगठन महासचिव, मोहर सिंह गौड़ को कोषाध्यक्ष और इस्लामुद्दीन खोखर को जिला प्रवक्ता के पद पर बरकरार रखा है। इस बार युवा और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को भी प्रमुख जिम्मेदारी दी गई हैं। दिनेश सैनी होंगे जिले के नए प्रवक्ता कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को लंबे समय से इस सूची का इंतजार था। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का गृह जिला होने के कारण उन्होंने इस नई कार्यकारिणी के जरिए जिले के सभी गुटों, जातियों और क्षेत्रों को साधने की कोशिश की है। बूथ स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा। दिनेश सैनी को नया जिला प्रवक्ता बनाया गया है।
गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में 8 जुलाई की शाम ट्रैक्टर खड़ा करने के विवाद में दुकानदार अमरनाथ गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के बेटे ऋषिकेश की तहरीर पर पुलिस ने 11 नामजद समेत अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गुरुवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। आरोपियों की पहचान मुग्गन प्रसाद, सूरज चौहान, भाने चौहान, शैलेश जायसवाल और गब्बर चौहान के रूप में हुई है। इसमे गब्बर चौहान मुख्य आरोपी है। शव रखकर जाम लगाने की कोशिष मृतक के शव का पोस्टमार्टम बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे हुआ। इस दौरान पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ वह खड़े हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद शाम करीब 5 बजे शव गांव लाया गया। अंतिम संस्कार के लिए जाते समय परिजन और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाकर हटा दिया। सड़क पर करीब 15 मिनट तक ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर रवाना हुए। मां और पत्नी के सामने हत्या की गई गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल टिकरिया में बुधवार की शाम 6 बजे मां और पत्नी के सामने ही किराना दुकानदार की चाकू से ताबड़तोड़ वार करके हत्या कर दी। मां हमलावरों से मिन्नत करती रहीं। बेटे को छोड़ दो। हाथ जोड़ती रहीं। लेकिन, हमलावरों ने उन्हें धक्का देकर किनारे कर दिया। पत्नी भी हमलावरों से पति को बचाने पहुंची। हमलावरों को पकड़ा, लेकिन तब तक ताबड़तोड़ 10 चाकू दुकानदार के सीने में मार दिए। वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। हमलावर मौके से भाग गए। परिवार घायल दुकानदार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एसपी सिटी निमिष पाटिल मौके पर पहुंचे। दुकानदार के बेटे से वारदात की जानकारी ली। कुछ ही देर में पुलिस ने चाकू मारने के आरोपी गब्बर चौहान को गिरफ्तार कर लिया। मामला जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर गुलरिहा के टिकरिया गांव का है। अब विस्तार से पूरा मामला जानिए गिरमिट चौराहा निवासी अमरनाथ गुप्ता (56) किराना दुकानदार थे। परिवार में मां जानकी देवी, पत्नी गुजराती देवी, दो बेटे ऋषिकेश गुप्ता ,शिवम गुप्ता और बेटी प्रिया गुप्ता हैं। उनके घर से सटे ही आरोपी अवधेश चौहान उर्फ गब्बर की जमीन थी। इस जमीन पर दोनों पक्ष दावा कर रहा था। इस जमीन को लेकर पिछले 5 साल से विवाद कोर्ट में चल रहा है। बुधवार शाम अमरनाथ ने उसी जमीन के सामने ट्रैक्टर खड़ा कर दिया। इसी बात को लेकर गब्बर से कहासुनी शुरू हो गई। गब्बर ने जमीन को अपना बताकर ट्रैक्टर खड़ा करने से मना किया। विवाद बढ़ने पर अवधेश चौहान उर्फ गब्बर चौहान ने चाकू से अमरनाथ पर हमला कर दिया। गब्बर ने अमरनाथ के सीने और पेट में चाकू से करीब 10 वार कर दिए। उस समय अमरनाथ गुप्ता की मां जानकी देवी मौके पर ही थीं। उन्होंने विवाद रोकने की कोशिश की। उन्हें धक्का देकर गिरा दिया। वह भी चोटिल हो गईं। बेटे पर हमला होते देखकर वह चीख-चीखकर रोने लगीं। उनकी आवाज सुनकर पत्नी गुजराती देवी भी दुकान से बाहर निकल आईं। हमलावरों से मिन्नत की। तब तक हमलावर वारदात को अंजाम देकर भाग गए। बेटे ने बताया-पापा घर के बाहर बैठे थे, इसी बीच हमला हुआ अमरनाथ गुप्ता के बड़े बेटे ऋषिकेश गुप्ता ने बताया कि, अवधेश ने जमीन के विवाद में हमारे पिता पर धारदार हथियार से कई बार वार किया। जानलेवा हमला किया और हत्या कर दिया। उन्होंने बताया कि इसमें मुकुंद चौहान, अनिकेत सूरत, भाने, शैलेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल थे। शाम 6 बजे पिता घर के बाहर बैठे थे। तभी अचानक ये लोग आकर हमला कर दिए। बचाव करने आई 85 साल की दादी पर भी हमला किया गया। जिससे उन्हें कई जगह गंभीर चोटें लगी हैं। अमरनाथ के वकील ने बताया कि आरोपी जबरजस्ती पीड़ितों की जमीन में निर्माण करवा रहा था। जिस पर कोर्ट का स्टे भी था। इसी बात को लेकर पिछले 3-4 महीने से विवाद चल रहा था। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि मुख्य आरोपी समेत 5 को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र के हेवती डिहवा गांव में दादा पोते की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना गुरुवार की रात 2:00 के लगभग की बताई जा रही है। मृतक की पहचान जगदंबा प्रसाद यादव 71 और अंकित 26 के रूप में हुई है।मामले की जानकारी मिलते ही जिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार के साथ ही कई थानों की फोर्स डॉग स्क्वायड फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर घटना के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। शुरुआती जांच में यह पूरा मामला पारिवारिक लेनदेन से जुड़ा हुआ निकलकर सामने आ रहा है। पुलिस ने दोनों डेड बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई मौके पर पहुंचे जिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद फॉरेंसिक टीम डाग स्क्वायड टीम के द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया। इस पूरे मामले में आसपास के लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई है की प्रथम दृष्टि आया पूरा मामला पारिवारिक लेनदेन से जुड़ा हुआ है। एसपी ग्रामीण चिराग जैन का कहना है की घटना में शामिल आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी पुलिस सभी एंगल पर छानबीन कर रही है।
बांदा में घरों में घुसा बारिश का पानी:ग्रामीणों ने डीएम आवास पर किया हंगामा, अधिकारियों को निर्देश
बांदा में देर शाम हुई भारी बारिश के कारण सदर तहसील के कनवारा गांव में जल निकासी व्यवस्था ठप हो गई। इससे कई घरों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे ग्रामीणों का राशन और घरेलू सामान खराब हो गया। प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए परेशान ग्रामीण देर रात करीब 11 बजे महिलाओं और बच्चों के साथ जिलाधिकारी आवास पहुंच गए। उन्होंने लगभग एक घंटे तक हंगामा करते हुए अपनी समस्या के तत्काल समाधान की मांग की। सूचना मिलने पर जिलाधिकारी अमित आसेरी ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कनवारा गांव भेजने और जल निकासी की व्यवस्था सहित आवश्यक राहत कार्य शुरू कराने के सख्त निर्देश दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने जल निकासी की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को सूचित किया था। हालांकि, मौके पर पहुंचने के बावजूद अधिकारियों ने केवल औपचारिकता निभाई और कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। घरों में पानी भरने से लोगों का राशन, कपड़े और अन्य जरूरी सामान बर्बाद हो गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी की नेत्री नीलम गुप्ता भी मौके पर पहुंचीं और उन्होंने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनसे तीखी बहस की। ग्रामीणों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
भारतीय जनता पार्टी ने मऊगंज जिले में संगठन को मजबूती देने के उद्देश्य से डॉ. आनंद साहू को भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष पवन पाटीदार ने उनकी नियुक्ति की घोषणा की। नियुक्ति के बाद जिलेभर में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत कर शुभकामनाएं दीं। पार्टी नेतृत्व का जताया आभार नवनियुक्त जिला अध्यक्ष डॉ. आनंद साहू ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं देवतालाब विधायक गिरीश गौतम तथा भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र मिश्रा का विशेष रूप से आभार जताया। डॉ. साहू ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पिछड़ा वर्ग के लोगों को भाजपा की विचारधारा और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। साथ ही बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया जाएगा। नियुक्ति के बाद समर्थकों ने दी बधाई नियुक्ति की घोषणा के बाद डॉ. आनंद साहू के निवास और कार्यालय पर समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं का तांता लग गया। लोगों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर नई जिम्मेदारी के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। बधाई देने वालों में जिला महामंत्री महेंद्र सिंह अतरैला, प्रमोद यादव, डॉ. महेश साकेत, जिला उपाध्यक्ष विपिन मिश्रा, भारत पांडेय, सावित्री साहू, प्रियंका पटेल, सुरेंद्र सिंह चंदेल, नरेंद्र शर्मा, जिला मंत्री बृजेंद्र गौतम, शरद साहू, आर.के. साहू, मंडल अध्यक्ष विनोद कोल, मुरलीधर द्विवेदी, जगन्नाथ साहू सहित कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। कार्यकर्ताओं ने जताई उम्मीद भाजपा कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि डॉ. आनंद साहू के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति देगा और आगामी समय में पार्टी का जनाधार मजबूत होगा।
अगर आप स्टार्टअप या किसी इंक्यूबेटर के साथ काम करते हुए पेटेंट कराते हैं, तब भी आप पीएचडी कर सकते हैं। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के चेयरमैन प्रो. योगेश सिंह ने कानपुर में बताया कि हम रूल्स चेंज करने की कोशिश कर रहे हैं। जो आज पीएचडी का एक तरीका है कि दो पब्लिकेशन आपको करने होते हैं, तो अब हम उस पे जा रहे हैं कि अगर पेटेंट करेंगे तो भी पीएचडी कर सकते हैं। प्रो. सिंह सीएसजेएमयू कानपुर के दीक्षांत में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए थे। सीड मनी के लिए एआईसीटीई देगी फंड एआईसीटीई के चेयरमैन ने कहा कि आप अगर अपनी कंपनी शुरू करना चाहते हैं, आपका स्टार्टअप कंपनी है और इनोवेशन में कुछ करेंगे, तो आप 5 साल इन्वेस्ट कीजिए, इनक्यूबेटर में काम कीजिए। वहाँ पर आपको सीड मनी है और व्यवस्थाएं मिलेंगी, उसको एआईसीटीई फंड करेगी। और बाद में आप अपना प्रोडक्ट बनाते हैं, आपकी कंपनी चलती है, तो साथ-साथ में आपको पीएचडी भी मिल जाएगी। रीजनल लैंग्वेज से पढ़ने वाले बच्चों के मन में भय प्रो. योगेश सिंह ने टेक्निकल एजुकेशन के कोर्सेज को रीजनल लैंग्वेजेज में ट्रांसलेट पर बताया कि आज फर्स्ट ईयर, सेकंड ईयर, थर्ड ईयर तक का पूरा करिकुलम भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। फिलहाल कुछ सौ बच्चे एडमिशन ले रहे हैं, बहुत सारी जगह सीट्स खाली हैं। तो उसका रीज़न एक ही है कि बच्चों के मन में कहीं भय है। उनको लगता है कि अगर इंग्लिश माध्यम में पढ़ाई करेंगे, तो हमको अच्छी जॉब मिलेगी। कार्पोरेट वर्ल्ड की जिम्मेदारी भय को निकाले अभी कॉर्पोरेट वर्ल्ड की ज़िम्मेदारी है और हम एजुकेशन से जुड़े लोगों की भी ज़िम्मेदारी है कि इस भय को बच्चों के मन से निकालें। यह धीरे-धीरे जाएगा, तो उसके बाद में यह आपको इसमें बढ़त देखने को मिलेगी। तो भाषा एक प्रभावी माध्यम है किसी भी चीज़ के लिए। लेकिन अब देश बदलता है, तो धीरे-धीरे ही बदलता है। शिक्षा के परिवर्तन बहुत धीरे आते हैं और धीरे आने भी चाहिए। एआई से फायदा होने वाला एआई के बढ़ते उपयोग पर कहा कि एआई से फायदा ही होने वाला है। भारत को तो नुकसान नहीं होगा। कंपैरिजन और एनालिसिस करना है, तो एआई आपको करके दे रहा है। पर उसमें से नया क्या निकालना है, क्या इनोवेशन हो सकती है, क्या समझ से हम लोगों की जिंदगी को अच्छा बनाने के लिए कुछ निकाल सकते हैं। यह तो मानव के मस्तिष्क का काम है।
बिजनौर में लगातार हो रही मैदानी और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बिजनौर में गंगा बैराज से डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 79,922 क्यूसेक दर्ज किया गया, जबकि जलस्तर 218.80 मीटर रहा। सिंचाई विभाग के अनुसार, पिछले दिनों गंगा में जलप्रवाह तेजी से बढ़ा है। पहले जहां बैराज पर जलप्रवाह लगभग 37,575 क्यूसेक था, वहीं अब यह बढ़कर 79,922 क्यूसेक से अधिक हो गया है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के चलते विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और बैराज पर 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती की गई है। देखें, 2 तस्वीरें… विभागीय अधिकारियों ने बताया कि हरिद्वार स्थित भीमगोड़ा बैराज से 79,922 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है, जिसके देर रात तक बिजनौर पहुंचने की संभावना है। लगातार बारिश जारी रहने पर बैराज पर दबाव और बढ़ सकता है। मध्य गंगा सिंचाई खंड-5 के अधिशासी अभियंता कृष्णपाल ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभागीय स्टाफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बैराज की लगातार निगरानी की जा रही है। बारिश का असर अब यातायात पर भी पड़ने लगा है। बिजनौर से मेरठ-दिल्ली को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 34 पर देवल के पास सड़क पर पानी आने के कारण गुरुवार शाम 5:00 बजे से यातायात बंद कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बिजनौर-बालावाली मार्ग पर सड़क का एक हिस्सा धंस जाने की वजह से बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बिजनौर-मेरठ हाईवे से आवागमन बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। यातायात पुलिस ने ट्रकों को बैराज से पहले ही कई अलग-अलग जगहों पर रोक दिया है, जिससे ट्रक चालक और अन्य यात्री परेशान हो रहे हैं।
मेरठ के ललिता हत्याकांड में गुरुवार को मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी के भाई कांस्टेबल अंकित को निलंबित कर दिया गया। कांस्टेबल अंकित मुरादाबाद की 24वीं वाहिनी पीएसी में तैनात है। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मामले की जांच एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले को सौंपी है। तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और विधिक राय के आधार पर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र में छात्रा ललिता का शव बरामद हुआ था। पुलिस मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पीड़ित परिवार की शिकायत और प्रदर्शन के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पीड़ित परिवार ने कलेक्ट्रेट पर किया था प्रदर्शन बुधवार को पीड़ित परिवार और सैकड़ों समर्थकों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, आरोपी के पीएसी सिपाही भाई अंकित और उसकी मां के खिलाफ कार्रवाई, दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाने तथा विवेचना में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के बाद अंकित ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनके साथ रहने का भरोसा दिया था। इसका वीडियो भी पीड़ित पक्ष के पास मौजूद है। बाद में उस पर जेल में बंद अपने भाई अंकुश की मदद करने के आरोप लगे, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने कार्रवाई की मांग की। डीआईजी के निर्देश पर हुआ निलंबन पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मामले का संज्ञान लिया और 24वीं वाहिनी पीएसी के अधिकारियों से वार्ता की। इसके बाद गुरुवार को कांस्टेबल अंकित को निलंबित कर दिया गया। डीआईजी ने पूरे प्रकरण की जांच एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले को सौंपी है। उन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के विस्तृत विश्लेषण और विधिक राय लेने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मानसून की दस्तक के बाद भी बीकानेर जिले का बड़ा हिस्सा इस बार अच्छी बारिश से वंचित रह गया है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में लोग अब भी झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बीकानेर समेत पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहेंगी और शुक्रवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 15 जुलाई तक बारिश की संभावना कममौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 10 जुलाई को पूरे पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 11 से 15 जुलाई के बीच बीकानेर और जोधपुर संभाग में केवल कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जो खेतों की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। विभाग का अनुमान है कि 15 जुलाई के बाद नया सिस्टम बनने पर ही बीकानेर संभाग में अच्छी बारिश के आसार बनेंगे। शुक्रवार को हनुमानगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि भरतपुर समेत कुछ अन्य जिलों में भी बारिश की संभावना है। कम बारिश से किसान चिंतितबारिश की कमी से किसानों के चेहरे उतरे हुए हैं। जिले में खरीफ की बड़ी खेती गैर-सिंचित क्षेत्रों में होती है, इसलिए बुवाई पर असर पड़ रहा है। बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, तिल, कपास समेत अन्य फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। महाजन, लूणकरनसर और अरजनसर के कुछ गांवों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन कोलायत और बज्जू क्षेत्र में पानी कम गिरा है। नोखा और श्रीडूंगरगढ़ में खेती मुख्य रूप से कृषि कुओं पर निर्भर है, इसलिए वहां फसल की स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है। फिर बढ़ेगी गर्मीपिछले कुछ दिनों में तापमान में हल्की गिरावट आई थी, लेकिन अब गर्मी फिर बढ़ने के आसार हैं। 7 जुलाई को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 8 और 9 जुलाई को बादलों और हल्की बारिश के कारण इसमें कमी आई, लेकिन 10 जुलाई को पारा फिर 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है।
डूंगरपुर में शहर के शास्त्री कॉलोनी रोड पर शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में 2 युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। बस की टक्कर के बाद बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर गिर गए। इसके बाद बस का टायर उनके ऊपर से निकल गया। इससे दोनों के सिर फट गए और मौके पर दोनों की मौत हो गई। दोनों युवक किसी परिचित के दाह संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर जाम की स्थिति हो गई। पुलिस ने दोनों शवों डूंगरपुर अस्पताल की मॉर्च्युरी में पहुंचाया। मौके पर खून की खून फैलाकोतवाली थाना एसआई भरत मीणा ने बताया कि एक बाइक पर 2 युवक सवार होकर जा रहे थे। बस स्टैंड से तहसील चौराहा रोड पर मेवाड़ फर्नीचर के सामने यह हादसा हुआ। हादसे में एक बस की टक्कर के बाद बाइक सवार दोनों युवक बाइक सहित नीचे गिर गए। इसके बाद दोनों युवकों के सिर पर से बस का टायर निकल गया। इससे दोनों के सिर फट गए और मौके पर दोनों की मौत हो गई। हादसा स्थल पर खून की खून हो गया। ड्राइवर बस लेकर हुआ फरारएसआई मीणों ने बताया कि हादसे के बाद ड्राइवर बस लेकर फरार हो गया। जबकि मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। हादसे की वजह से बस स्टैंड से तहसील चौराहा लेन पर जाम लग गया। दूसरी लेन में ट्रैफिक को डायवर्ट किया। घटना की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एम्बुलेस से दोनों शवों को डूंगरपुर अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों शव डूंगरपुर अस्पताल के मॉर्च्युरी में रखवाए गए है। मृतकों की पहचान नरेश निवासी खेरवाड़ा ओर गोपाल निवासी सलूंबर के रूप में हुई है।
अयोध्या में युवक का शव फंदे से लटका मिला:पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेजा, आत्महत्या की आशंका
अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र के बूढनपुर मेहदौना गांव में युवक का शव गुरुवार रात करीब 11 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान धर्मेंद्र निषाद (28) के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी कराई और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में शव को नीचे उतरवाया। इसके बाद परिजनों के साथ युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिल्कीपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
सीहोर में श्रद्धालु पर जानलेवा हमला:रेलवे स्टेशन के पास लूटपाट, 4 हजार रुपये और दस्तावेज लूटे
सीहोर में कुबेरेश्वर धाम दर्शन के लिए आए गुना जिले के एक श्रद्धालु पर रेलवे स्टेशन के पास जानलेवा हमला कर लूटपाट की गई। बदमाशों ने श्रद्धालु के पैर पर डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और पर्स में रखे नकद रुपये व दस्तावेज लूटकर फरार हो गए। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है। रेलवे स्टेशन से निकलते ही बदमाशों ने घेरकर किया हमला घायल अनिल कुशवाहा ने अस्पताल में बताया कि वे गुना जिले के कुंभराज से कुबेरेश्वर धाम दर्शन के लिए सीहोर आए थे। रेलवे स्टेशन से बाहर निकलने के करीब दो मिनट बाद एक पुरानी नारंगी रंग की कार (एमपी-04 सीरीज) उनके पास आकर रुकी। कार से उतरे बदमाशों ने बिना किसी बातचीत के उन पर अचानक हमला कर दिया। डंडों से हमला कर पैर तोड़ा फिर पर्स लूटकर फरार पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने उनके पैर पर लगातार तीन डंडे मारे, जिससे पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। मारपीट के बाद बदमाश उनका पर्स छीनकर फरार हो गए। पर्स में करीब 4 हजार रुपये नकद और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार में सवार होकर मौके से भाग निकले। 108 एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया घटना के बाद घायल अवस्था में ही अनिल कुशवाहा ने 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनके पैर पर पट्टी बांधी और इलाज शुरू किया। फिलहाल उनकी हालत पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। कार नंबर और हुलिए के आधार पर आरोपियों की तलाश घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पीड़ित द्वारा बताए गए वाहन के नंबर और बदमाशों के हुलिए के आधार पर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
प्रतापगढ़ जिले में रातभर रुक-रुक कर हुई बारिश और शुक्रवार सुबह हुई तेज बरसात के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। नगर पालिका बेल्हा के मीराभवन वार्ड स्थित सेनानी नगर मोहल्ला पूरी तरह पानी में डूब गया, जिससे सड़कें तालाब जैसी दिखने लगीं और आवागमन बाधित हुआ। जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। उन्हें साइकिल, पैदल और बाइक से पानी के बीच से गुजरना पड़ा। कई बच्चे छतरी के सहारे बारिश में स्कूल पहुंचे। एसपी कार्यालय परिसर और शहर के अन्य कई मोहल्लों में भी जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी रही। मोहल्लेवासियों ने बताया कि वर्षों से जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण हर बारिश में यह समस्या उत्पन्न होती है। सड़कों के अलावा कई घरों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। हालांकि, लगातार दूसरे दिन हुई लगभग 23 मिलीमीटर बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान की रोपाई कर रहे किसानों का कहना है कि पहले तेज धूप के कारण खेतों का पानी जल्दी सूख जाता था, जिससे रोपाई में दिक्कत होती थी। अब अच्छी बारिश और सुहाने मौसम से खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे धान की रोपाई में तेजी आई है और मजदूर भी अधिक उत्साह से काम कर रहे हैं।
पानीपत के थाना किला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक कॉलोनी की विवाहिता ने उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित अपनी ससुराल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और बेरहमी से मारपीट करने का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि निकाह में करीब 15 लाख रुपए खर्च करने के बावजूद ससुराल पक्ष के लोग कार और 5 लाख रुपए नकद की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर विवाहिता को कई बार बंधक बनाकर पीटा गया और अंततः तीन कपड़ों में घर से बाहर निकाल दिया गया। थाना किला पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पति सहित तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दिसंबर 2023 में हुआ था निकाह, हैसियत से ज्यादा दिया था दान-दहेज थाना किला पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में विवाहिता ने बताया कि उसका निकाह 6 दिसंबर 2023 को बड़ौली जिला बागपत, यूपी निवासी जुनेद के साथ हुआ था। परिवार वालों ने अपनी हैसियत से बढ़कर निकाह में करीब 15 लाख रुपए खर्च किए थे और स्त्रीधन व भारी दान-दहेज दिया था। लेकिन निकाह के तुरंत बाद ही पति जुनेद, जेठ आबिद और जेठानी सलमा ने उसे कम दहेज लाने के ताने देने शुरू कर दिए और उसका सारा स्त्रीधन व सोने-चांदी के जेवरात छीनकर अपने पास रख लिए। शराब पीकर मारपीट और ₹5 लाख व कार की मांग पीड़िता का आरोप है कि शादी के तीन माह बाद ही फरवरी 2024 में उसके पति जुनेद ने शराब के नशे में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद सभी आरोपियों ने एकमत होकर मायके से कार और 5 लाख रुपए कैश लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब पीड़िता ने असमर्थता जताई, तो जून 2024 में उसे और उसकी मां को बदसलूकी करते हुए तीन कपड़ों में धक्के मारकर घर से निकाल दिया गया। इसके बाद सितंबर 2024 और जून 2025 में दो बार बिरादरी की पंचायतें हुईं, जिसमें आरोपियों ने अपनी गलती मानी और दोबारा न दोहराने के आश्वासन पर गुलसबा को साथ ले गए, लेकिन कुछ दिन बाद फिर से प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया। पेट पर मारे मुक्के, पैरों से पकड़कर जमीन पर घसीटा पीड़िता ने अपनी शिकायत में 11 अक्टूबर 2025 को हुई बर्बरता का जिक्र करते हुए बताया कि उस दिन सभी आरोपियों ने उसे जान से मारने की नीयत से पीटा। पति जुनेद ने उसके बाल पकड़कर मुंह पर ताबड़तोड़ थप्पड़ मारे, जेठ आबिद ने उसके पेट पर दनादन मुक्के बरसाए और जेठानी सलमा ने उसे पैरों से पकड़कर जमीन पर घसीटा और लातों से मारा। इस जानलेवा हमले के बाद आरोपियों ने उसे दोबारा तीन कपड़ों में घर से बाहर निकाल दिया और धमकी दी कि यदि बिना कार और कैश के वापस आई, तो जान से मार देंगे। पीड़िता किसी तरह अपनी जान बचाकर पानीपत अपने मायके पहुंची।
सागर के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में घायल अवस्था में मिली एक बाघिन का सफल रेस्क्यू किया गया है। पिछले पैरों में चोट और लगातार भूखी रहने के कारण उसकी हालत कमजोर हो गई थी। वन विभाग ने विशेषज्ञों की मदद से बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया और प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक, जबलपुर भेज दिया। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टर उसकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। 5 जुलाई की घटना के बाद शुरू हुई निगरानी पूरा मामला 5 जुलाई का है, जब टाइगर रिजर्व की मोहली रेंज में एक श्रमिक पर बाघ के हमले की घटना सामने आई थी। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पंजों के निशान छोटे होने के कारण आशंका जताई गई कि हमला किसी कम उम्र के बाघ या बाघिन ने किया हो सकता है। इसके बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में लगातार सर्चिंग अभियान शुरू किया। 7 जुलाई को गश्ती दल को जंगल में लगभग 15 से 18 महीने उम्र की एक बाघिन दिखाई दी। शुरुआत में उसका व्यवहार सामान्य प्रतीत हुआ, इसलिए उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए हाथियों के जरिए गश्त बढ़ा दी गई। पैरों में लचक और भूख से बिगड़ी हालत 8 जुलाई को हाथियों के साथ गश्त कर रहे महावतों और अधिकारियों ने देखा कि बाघिन सामान्य तरीके से नहीं चल पा रही थी। उसके पिछले पैरों में लचक साफ दिखाई दे रही थी। साथ ही यह भी पाया गया कि वह कई दिनों से शिकार नहीं कर सकी थी और भूख के कारण कमजोर होती जा रही थी। वन अधिकारियों ने स्थिति को गंभीर मानते हुए इसकी जानकारी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, मध्य प्रदेश को दी। उनके निर्देश पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. गुरुदत्त शर्मा तथा सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक, जबलपुर की विशेषज्ञ टीम को तत्काल बुलाया गया। हाथियों की मदद से चला सर्च ऑपरेशन गुरुवार सुबह विशेषज्ञ टीम, वन अधिकारियों और महावतों ने हाथियों की मदद से जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। काफी तलाश के बाद बाघिन झाड़ियों के बीच बैठी हुई मिली। उसकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए टीम ने बेहद सावधानी से उसे ट्रेंकुलाइज किया, ताकि बिना किसी अतिरिक्त तनाव के उसका रेस्क्यू किया जा सके। रेस्क्यू के बाद डॉक्टरों ने मौके पर ही बाघिन का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में उसका पेट लगभग खाली मिला, जिससे स्पष्ट हुआ कि वह कई दिनों से पर्याप्त भोजन नहीं कर पाई थी। इसके अलावा पिछले पैरों में सूजन और चोट के लक्षण भी मिले, जिससे उसके चलने में परेशानी हो रही थी। प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर भेजी गई बाघिन वन विभाग ने मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद बाघिन को विशेष वाहन से सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक, जबलपुर रवाना किया, जहां उसका विस्तृत मेडिकल परीक्षण, एक्स-रे और आवश्यक उपचार किया जाएगा। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि बाघिन का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज कराया जाएगा और पूरी तरह स्वस्थ होने तक उसकी लगातार निगरानी की जाएगी। वन विभाग यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि बाघिन के पैरों में चोट कैसे लगी और वह लंबे समय तक शिकार करने में असमर्थ क्यों रही।
अलवर शहर में बदमाशों ने घर में घुसकर व्यापारी दिनेश चंद अग्रवाल की बेरहमी से हत्या कर दी। बदमाशों ने बुजुर्ग के हाथ-पैर और मुंह बांधकर वारदात को अंजाम दिया। उसके बाद घर से डेढ़ लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। वारदात गुरुवार शाम कोतवाली थाना क्षेत्र में करीब 7 बजे खदाना मोहल्ले की है। व्यापारी दिनेश चंद अग्रवाल (80) नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के सगे मामा और पूर्व सीएमएचओ (CMHO) डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। बुजुर्ग की हत्या की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। व्यापारी दिनेश चंद का एक बेटा विकास अग्रवाल हैं, वे एमआर हैं। वे स्कीम चार में रहते हैं। पिता खदाना मोहल्ले के मकान में अकेले रहते थे। बेटे के घर नहीं पहुंचे तो किया फोन मृतक की बहू रीमा अग्रवाल ने बताया- मेरे ससुर दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले वाले मकान में अकेले रहते थे। वे स्वाभिमानी थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद ही करते थे। वे रोजाना दोपहर और रात का खाना खाने के लिए खदाना मोहल्ले से स्कीम नंबर 4 स्थित बेटे के घर आते थे। जब वे काफी देर तक गुरुवार को खाना खाने नहीं पहुंचे तो बेटे विकास ने फोन किया। तब उनका लैंड लाइन नंबर बंद आया। इसके बाद बेटा खदाना मोहल्ले वाले घर आए तो पिता चारपाई पर मृत पड़े मिले। घर का पूरा सामान बिखरा हुआ मिला। बेटे ने कहा- हाथ पैर बंधे मिले परिजनों ने बताया कि देर शाम करीब साढ़े 7 बजे घर के अंदर दाखिल हुए तो उनके होश उड़ गए। कमरे में चारपाई पर दिनेश चंद अग्रवाल का शव पड़ा था। बदमाशों ने उनके हाथ, पैर और मुंह को कपड़ों से कसकर बांध रखा था, ताकि वे चिल्ला नहीं सकें। पूरे घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। लाख-डेढ़ लाख कैश रखते थे पास, बदमाशों को लग गई थी भनक! घटना की सूचना मिलते ही पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और तुरंत अलवर एसपी को मामले की जानकारी दी। अजय अग्रवाल ने बताया- दिनेश चंद अग्रवाल रिश्ते में मेरे सगे मामा थे। वे बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे। बुढ़ापे में भी वे बैंक से नए नोट लाकर जरूरतमंदों को देने का छोटा-मोटा काम करते थे। उनके पास हमेशा लाख-डेढ़ लाख रुपए कैश रहता था। ऐसा लगता है कि किसी नजदीकी या बदमाश को इस कैश की भनक लग गई थी। इसी वजह से बदमाशों ने रेकी कर घर में घुसे और उनकी हत्या कर दी। मृतक के बेटे विकास अग्रवाल ने बताया कि बुधवार रात 10:00 बजे वह अपने पिता को राजी खुशी छोड़ कर गए थे। पिता दोपहर का खाना खदाना मोहल्ले के मकान में खुद ही बनाकर खा लेते थे। लेकिन रात का खाना स्कीम चार आकर ही खाते थे। फोन किया तो नहीं बजी घंटी गुरुवार को नहीं आए तब उनको फोन किया। उनके टेलीफोन नंबर पर घंटी नहीं गई। इसके बाद यहां आकर देखा तो पिता मृत पड़े मिले। पिता अपना खर्च निकालने के लिए नए नोटों की फ्रेश गड्डियां और खुले रुपए देने का छोटा मोटा काम करते थे। विकास अग्रवाल ने बताया कि खदान मोहल्ले में आकर देखा तो मकान में अंदर से लॉक लगा हुआ था, जो में मेन गेट है उसमें एक छेद भी है। उन्होंने दूसरी चाबी से छेद में हाथ डालकर गेट खोला था। घर से करीब डेढ़ से दो लाख रुपए गायब हैं। सामान पूरा बिखरा हुआ है। एफएसएल की टीम ने जुटाए साक्ष्य एएसपी दीपक कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बुजुर्ग की चारपाई पर डेड बॉडी पड़ी थी। एफएसएल की टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगालकर मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी।
गंडासी से भतीजे ने ताऊ की हत्या की:गाडरवाड़ा गांव में पारिवारिक विवाद में मर्डर, पुलिस जांच में जुटी
झालावाड़ जिले के सारोला थाना क्षेत्र के गाडरवाड़ा गांव में एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। यहां 65 वर्षीय जगन्नाथ पुत्र कन्हैयालाल पर उनके छोटे भाई के बेटे ने गंडासी से हमला कर दिया।हमले में गंभीर रूप से घायल जगन्नाथ को परिजन तुरंत अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना अस्पताल चौकी से कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद सारोला थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया और आगे की कार्रवाई शुरू की।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हमला पारिवारिक विवाद के चलते हुआ बताया जा रहा है। हालांकि, झगड़े की वास्तविक वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
जयपुर के प्रताप नगर में प्रॉपर्टी और सरकारी नौकरी के लिए बेटी ने मां की हत्या करवा दी। आरोपी बेटी आयुषी शर्मा (23) ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मां नीरज शर्मा (45) और उसका विवाद एक साल पहले पिता विजय कुमार शर्मा की मौत होने के बाद से शुरू हो गया था। वह चाहती थी कि उसे पिता की जगह कोर्ट में अनुकंपा नौकरी मिल जाए। लेकिन मां मानसिक बीमार बेटे के लिए खुद सरकारी नौकरी लग गई। इसे लेकर दोनों के बीच कई दिनों तक बहुत झगड़ा हुआ था। इसके बाद आयुषी टोंक रोड स्थित दूसरे घर में ताऊ के बेटे बलराम के साथ रहने लगी। वहीं दोनों ने मिलकर नीरज शर्मा की हत्या का प्लान बनाया। ऐसे हुआ शक : राइट साइड में चलती कार ने लेफ्ट साइड में जाकर टक्कर मारी एसीपी हरिशंकर शर्मा ने बताया कि पुलिस ने जब मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का एनालिसिस किया तो कार 120 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चलती हुई दिखी। स्थानीय लोगों के बयान लिए तो उन्होंने भी बताया कि कार बहुत तेज चल रही थी। इसके बाद क्राइम सीन का मौका नक्शा बनाया गया तो यह दुर्घटना नहीं लग रही थी। राइट साइड में कार चलाने के लिए पूरी जगह थी। सामने से कोई व्हीकल भी नहीं आ रहा था। ऐसे में कार लेफ्ट साइड में जाकर महिला को कुचल कर फिर राइट साइड में आकर निकल जाती है, ये बात खटकी। जब आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक किए तो कार में बैठे हुए युवक और सड़क पर खड़े कुछ युवक लगातार फोन पर बात कर रहे थे। नीरज के बेटे को ट्यूशन छोड़ कर आने के बाद आरोपियों को सूचना दी गई। इसके बाद आरोपी आए और नीरज की हत्या कर फरार हो गए। हमारी टीम ने घटना के बाद एक-एक पहलू पर काम किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी बलराम अभी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। आयुषी बोली- नहीं चाहती थी भाई को कुछ हो पुलिस पूछताछ में आयुषी ने बताया कि मां और उसके बीच कई बार हाथापाई भी हुई। वह अपनी मां से नफरत करने लगी थी। घर छोड़कर टोंक रोड पर कल्याण नगर में अपने दूसरे घर में जाकर रहने लगी। इसी दौरान उसके ताऊ मोहन शर्मा का बेटा बलराम भी उसके साथ रहने लगा। वहां दोनों रोज इसी टॉपिक पर बात करते। दोनों ने मिलकर मां (नीरज शर्मा) की हत्या का प्लान बनाया। आयुषी अपनी मां को दर्दनाक मौत देना चाहती थी। बलराम ने कहा था कि हत्या के लिए बदमाशों का इंतजाम करना होगा। आयुषी राजी हो गई, लेकिन उसने बलराम से कहा था कि मां छोटे भाई के बिना घर से नहीं निकलती है। हत्या के दौरान भी भाई अगर साथ में होगा तो उसे चोट नहीं लगनी चाहिए। बदमाशों ने रेकी कर वह समय चुना, जब नीरज शर्मा बेटे को ट्यूशन छोड़ कर घर लौटती थी। LLB फाइनल ईयर की स्टूडेंट होने के कारण आयुषी ने बनाया प्लान बलराम ने आयुषी को बताया कि वह हत्या करवा देगा, लेकिन उसे इसके बदले में भरतपुर में हाईवे वाली जमीन चाहिए। नौकरी और जयपुर की जमीन उसी के पास रहेगी। बलराम ने अपने पिता मोहन को भी इस बारे में बताया। मोहन भी हाईवे की जमीन हथियाने के लिए बेटे बलराम के साथ हो गया। बलराम ने गांव में रहने वाले खुद के दोस्त हेमंत से 7 लाख रुपए में मर्डर की डील कर ली। हेमंत ने खुद के रिश्तेदार आकाश के साथ मिलकर हत्या करने की सुपारी ली। पुलिस पूछताछ में आयुषी ने बताया कि वह निजी कॉलेज से एलएलबी कर रही है। उसका यह फाइनल ईयर है। हत्याकांड से पहले उसने बलराम के साथ मिलकर पूरी प्लानिंग की। मां की हत्या करने वाली कार भरतपुर से रेंट पर ली जाएगी। कार को जयपुर के लड़के की आईडी से उठाया जाए। हत्या के बाद कार को कहां पार्क करेंगे… ये सब पहले से तय था। पुलिस एक्सीडेंट के एंगल पर काम करेगी। इस दौरान जयपुर का युवक पकड़ा जाएगा तो उसकी जमानत कैसे होगी…इसकी भी प्लानिंग की थी। नीरज शर्मा को हो गई थी हत्या की आशंका पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करीब तीन माह पहले भी नीरज की हत्या करने का प्रयास किया था। उस दौरान आकाश और अरविंद ने भरतपुर से थार किराए पर भी ली थी, लेकिन वह विफल हो गए थे। इसके बाद नीरज शर्मा ने परिवार के सामने खुद की हत्या की आशंका भी जताई थी। हालांकि परिवार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और उसे सतर्क रहने के लिए कहा। 3 जुलाई को प्रताप नगर में हुई इस सुपारी किलिंग में पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। … इस मर्डर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सरकारी नौकरी-प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने करवाई मां की हत्या,VIDEO:ताऊ और चचेरे भाई के साथ प्लानिंग की, तेज रफ्तार गाड़ी से कुचलवा दिया; 7 गिरफ्तार जयपुर- बेटी ने पहले टोना-टोटका करवाया, फिर मां का मर्डर,VIDEO:घर में काली गुड़िया में आग लगाई, तंत्र-मंत्र कर नारियल रखा, फिर जलाया
संतकबीरनगर को मिलेंगे 252 नए होमगार्ड:1180 अभ्यर्थियों की शारीरिक व अभिलेखीय जांच 13 जुलाई से शुरू
संतकबीरनगर जिले को जल्द ही 252 नए होमगार्ड मिलेंगे, जिससे जिले की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा में सफल हुए 1180 अभ्यर्थियों की शारीरिक परीक्षा और अभिलेखीय जांच की तैयारी पूरी कर ली गई है। यह प्रक्रिया 13 जुलाई से शुरू होगी। यह चयन प्रक्रिया कुल 25 दिनों तक चलेगी, जिसमें 7 अगस्त को आरक्षित दिवस के रूप में रखा गया है। प्रदेश भर में कुल 41,424 होमगार्ड के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। संतकबीरनगर में शारीरिक परीक्षा और दस्तावेजों की जांच 13 जुलाई से 6 अगस्त तक निर्धारित की गई है। जिले में कुल 1180 अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षा और अभिलेखीय जांच के लिए बुलाया गया है, जिनमें 160 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। महिला अभ्यर्थियों की जांच तीन दिनों में संपन्न होगी। इसके तहत 13 जुलाई को 50, जबकि 14 और 15 जुलाई को 55-55 महिला अभ्यर्थियों की शारीरिक परीक्षा और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। शेष दिनों में पुरुष अभ्यर्थियों की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। अभ्यर्थियों की लंबाई, शारीरिक मानकों की जांच और अभिलेखों का सत्यापन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम किए गए हैं। नोडल अधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुशील कुमार सिंह ने बताया कि जिले में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
कानपुर में शुक्रवार सुबह से मौसम सुहावना बना हुआ है। देर रात शुरू हुई बारिश का सिलसिला सुबह भी जारी रहा, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। सुबह का तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और भारी बारिश की संभावना जताई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 12 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान तापमान में और गिरावट आने के साथ कई स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को भी फसलों को लेकर जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। सामान्य से 6.6 डिग्री कम रहा तापमान सीएसए के मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.6 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिनभर रुक-रुककर बूंदाबांदी हुई और कुल 1.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। एक दिन पहले 92% नमी से बढ़ी थी उमस गुरुवार को बादल छाए रहने के बावजूद हवा में नमी 92 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा। दक्षिण-पश्चिम दिशा से 7.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हालांकि शाम के समय मौसम सुहावना होने पर लोग पार्कों और सड़कों पर टहलते नजर आए। 12 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट सीएसए के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नम हवाएं उत्तर प्रदेश की ओर आ रही हैं। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे में तेज बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 12 जुलाई तक मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी और कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। किसानों को दी गई ये सलाह कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, तिल और मूंगफली की फसलों में जलभराव नहीं होने देने की सलाह दी है। अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है। मिर्च, टमाटर और बैंगन जैसी सब्जियों के खेतों से भी तुरंत पानी निकालने की सलाह दी गई है। धान की रोपाई के लिए मौसम अनुकूल बताया गया है। रोपे गए खेतों में 2 से 3 इंच पानी बनाए रखने, लेकिन नर्सरी में जलभराव नहीं होने देने की सलाह दी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने अगले दो से तीन दिनों तक यूरिया, कीटनाशक और खरपतवारनाशी का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी है। साथ ही गरज-चमक के दौरान खेतों और पेड़ों के नीचे नहीं रुकने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की है। किसानों के लिए सीएसए की सलाह
अमेठी जिले में पिछले दो घंटे से झमाझम बारिश हो रही है। इससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिली है। तापमान में करीब 14 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। सुबह 6 बजे से पूरे जिले के सभी इलाकों में जोरदार बारिश जारी है। हल्की हवाओं के साथ हो रही इस बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में पर्याप्त पानी आने से किसान धान की रोपाई और बेरन लगाने के काम में जुट गए हैं। किसानों का मानना है कि समय पर हुई यह बारिश फसलों के लिए वरदान साबित होगी। जिले के जगदीशपुर, मुसाफिरखाना, बाजार शूकुल और इन्हौना जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक जिले में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में संभावित जलभराव को लेकर लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
कौशांबी में गुरुवार शाम से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण शुक्रवार सुबह मौसम सुहाना हो गया। इस बारिश से लोगों को बीते 15 दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले कौशांबी का अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस था, जो घटकर 29 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। आज कौशांबी का अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। देखें, 3 तस्वीरें… मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों तक कौशांबी में रुक-रुक कर बारिश जारी रहेगी और हवाएं भी चलती रहेंगी। इस बारिश से किसानों को धान की रोपाई में मदद मिलेगी। किसानों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए बेहद लाभदायक है।
लालकुआं-राजकोट स्पेशल ट्रेन की अवधि बढ़ी:अब 27 सितंबर तक चलेगी, बदायूं समेत कई जिलों को लाभ
रेलवे ने लालकुआं-राजकोट साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की संचालन अवधि बढ़ा दी है। यह ट्रेन अब 19 जुलाई से 27 सितंबर तक लालकुआं से और 20 जुलाई से 28 सितंबर तक राजकोट से कुल 11 अतिरिक्त फेरों के लिए चलेगी। इस विस्तार से बदायूं, बरेली, कासगंज और आसपास के हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार के अनुसार, गाड़ी संख्या 05045 लालकुआं-राजकोट स्पेशल ट्रेन प्रत्येक रविवार को लालकुआं से दोपहर 12:35 बजे प्रस्थान करेगी। यह दोपहर 3:35 बजे बदायूं पहुंचेगी और अगले दिन शाम 6:10 बजे राजकोट पहुंचेगी। यह ट्रेन उझानी, कासगंज, हाथरस, मथुरा, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर, महेसाणा, सुरेंद्रनगर और वांकानेर स्टेशनों से होकर गुजरेगी। वापसी में, गाड़ी संख्या 05046 राजकोट-लालकुआं स्पेशल ट्रेन प्रत्येक सोमवार को राजकोट से रात 10:30 बजे रवाना होगी। यह तीसरे दिन रात 1:55 बजे बदायूं पहुंचेगी और सुबह 5:15 बजे लालकुआं पहुंचेगी। वापसी मार्ग में यह बरेली, इज्जतनगर, बहेड़ी और किच्छा स्टेशनों पर भी रुकेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 11 शयनयान, चार सामान्य द्वितीय श्रेणी, दो एसी थर्ड, एक एसी सेकेंड और दो एसएलआरडी कोच शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सावन, रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों के मौसम में उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और गुजरात के बीच यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस अवधि विस्तार से नियमित यात्रियों के साथ-साथ कारोबार, नौकरी और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वालों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
छिंदवाड़ा में नागपुर रोड स्थित तंसरा के पास हुए हादसे में 8 वर्षीय मासूम की मौत हो गई। तेज रफ्तार पिकअप वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल बच्चे को परिजन तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, अमरवाड़ा के पौनार निवासी 8 वर्षीय संजय उईके रिश्तेदारों के बच्चों और अपने भाई के साथ सिल्लेवानी स्थित आदिवासी छात्रावास में पढ़ाई करता था। गुरुवार को सभी बच्चे उमरानाला आए थे। वापस लौटते समय तंसरा के समीप तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने संजय को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में मर्ग कायम कर पिकअप वाहन की तलाश तथा हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने प्लॉट बेचने के नाम पर 18.75 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में यूनाइटेड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि कंपनी के पदाधिकारियों ने महिला से रुपए लेने के बाद न तो प्लॉट की रजिस्ट्री की और न ही रकम लौटाई। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच ने यशवंत निवास रोड निवासी वनिता डांगी की शिकायत पर यूनाइटेड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर त्रिलोकी प्रसाद गुप्ता, अनीता गहलोत और कंपनी से जुड़े एक अन्य आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। सुपर कॉरिडोर पर दिखाया था प्लॉट शिकायत के मुताबिक, अप्रैल 2024 में वनिता डांगी सुपर कॉरिडोर स्थित ऑर्चर्ड पार्क में प्लॉट देखने गई थीं। वहां उनकी मुलाकात त्रिलोकी प्रसाद गुप्ता और अनीता गहलोत से हुई। दोनों ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताते हुए प्लॉट नंबर J-16 दिखाया, जिसका क्षेत्रफल करीब 1000 वर्गफीट बताया गया। आरोपियों ने प्लॉट का सौदा 25 लाख रुपए में तय किया। 10 अप्रैल 2024 को विक्रय पत्र तैयार किया गया। वनिता ने 50 हजार रुपए नकद और बाद में अलग-अलग माध्यमों से 18.75 लाख रुपए आरोपियों को दिए। शेष 6 लाख रुपए रजिस्ट्री के समय देने की बात तय हुई थी। रजिस्ट्री टालते रहे, फिर प्लॉट देने से किया इनकार वनिता का आरोप है कि भुगतान के बाद भी आरोपी लगातार रजिस्ट्री टालते रहे। जुलाई 2025 में उन्होंने कहा कि यदि जल्दी रजिस्ट्री करानी है तो दूसरा प्लॉट चुन लें, जबकि बाद में रकम लौटाने का भी आश्वासन दिया। शिकायत के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को त्रिलोकी प्रसाद गुप्ता ने साफ कह दिया कि न तो पैसे वापस मिलेंगे और न ही प्लॉट दिया जाएगा। आरोप है कि उसने जान से मारने की धमकी भी दी। अन्य मामलों की भी जांच पीड़िता ने परिवार के साथ कई बार ऑर्चर्ड पार्क जाकर आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन न रजिस्ट्री हुई और न ही रकम वापस मिली। इसके बाद उन्होंने क्राइम ब्रांच में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इसी तरह अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी की गई है।
हाथरस के कोतवाली सदर क्षेत्र के मोहल्ला मधुगढी़ में कल रात दो समुदायों के बीच जमकर मारपीट और हंगामा हुआ। इस दौरान कुछ हमलावरों ने एक बाइक भी तोड़ दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। यह घटना तब हुई जब प्रवीन सिकरवार अपने मित्र ललित के साथ अपनी दुकान से किराए के रुपये लेकर अपने गांव असरोई (मनीपुर) जा रहे थे। दीप अस्पताल के पास उनकी बाइक दूसरे समुदाय के एक युवक की बाइक से छू गई। हमलावरों ने बाइक भी की क्षतिग्रस्त आरोप है कि इसी बात को लेकर 15-20 लोगों ने उन पर हमला कर दिया। मारपीट में कई लोग घायल हो गए। प्रवीन और ललित ने अपनी दुकान में घुसकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर उनकी दुकान पर भी चढ़ गए और शटर तोड़कर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया। हमलावरों ने उनकी बाइक भी तोड़ दी। घायलों का कराया डाक्टरी परीक्षण घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। इस मारपीट में कई लोगों को चोटें आई हैं। पुलिस ने घायलों का डाक्टरी परीक्षण कराया है और मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर आगे की जांच पड़ताल कर रही है।
मुज़फ्फ़रनगर। तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव स्थित चर्चित कथित टॉर्चर फैक्ट्री मामले का मुख्य आरोपी अंकित बलियान पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया। भारी बारिश के बीच गुरुवार शाम करीब 5 हरियाणा पुलिस उसे बी-वारंट पर कड़ी सुरक्षा के बीच मुज़फ्फ़रनगर न्यायालय लेकर पहुंची। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अंकित ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है। अंकित बलियान ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा, मैंने तो नहीं मारा... मेरे ऊपर झूठे इल्जाम लग गए हैं... मुझे फंसाया गया है। आरोपी के इस बयान के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यह वही मामला है, जिसने कुछ दिन पहले पूरे प्रदेश के साथ साथ देश भर में सुर्खियां बटोरी थीं। 23 जून 2026 को तितावी क्षेत्र स्थित डोना फैक्ट्री पर पुलिस, श्रम विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में एक किशोर के अलावा 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार मजदूरों को फैक्ट्री में बंधक बनाकर रखा जाता था और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था। आरोप है कि मजदूरों को हंटर और डंडों से पीटा जाता था, कुत्तों से कटवाया जाता था और उनके साथ गंभीर शारीरिक प्रताड़ना की जाती थी। कुछ मजदूरों की संदिग्ध मौत और हत्या के आरोपों की भी जांच चल रही है। पुलिस इस मामले में पहले ही शिवा त्यागी, प्रदीप बालियान और रेबिट नामक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी अंकित बलियान फरार था, लेकिन बाद में हरियाणा के पलवल में अवैध हथियार के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद मुज़फ्फ़रनगर पुलिस ने बी-वारंट हासिल कर उसे इस मामले में न्यायालय में पेश कराया। SSP संजय कुमार वर्मा ने बताया कि अंकित बालियान इस मामले का मुख्य अभियुक्त है। न्यायालय में पेशी के बाद नियमानुसार उससे संबंधित वैधानिक कार्रवाई, पूछताछ और अन्य प्रक्रियाएं पूरी की गई हैं। पुलिस इस पूरे प्रकरण की हर पहलू से जांच कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि कोर्ट परिसर में आरोपी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया, लेकिन पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़ितों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। फिलहाल पूरे प्रकरण पर पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर बनी हुई है।
वाराणसी की रोहनिया पुलिस ने इलाके के एक तीन मंजिला मकान में छापेमारी कर 250 युवक-युवतियों को मुक्त कराया है। इन सभी को नेटवर्क मार्केटिंग का जाल बुनकर फंसाया गया और अब उनसे डरा-धमकाकर धन उगाही की जा रही थी। अभी तक पुलिस को को जांच में 50 लाख की उगाही की बात सामने आयी है। वहीं 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। युवक-युवतियों को नै सदस्य जोड़ने के लिए दबवा बनाया जा रहा था और उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा था। बिहार-झारखण्ड और अन्य राज्यों के युवक-युवतियां एसीपी क्राइम विदुष सक्सेना ने बताया - महादेव इंटरप्राइजेजे और आरएचआई के नाम से नेटवर्क मार्केटिंग का संचालन हो रहा था। जांच में पता चला शैम्पू, डिटर्जन, साबुन जैसी उत्पादों की आड़ में गिरोह लोगों को जोड़ रहा था। सभी से 20-20 हजार रुपए लिए गए थे। सभी को यह बताया गया था कि दो और सदस्य जोड़ेंगे तो मोटा कमीशन मिलेगा। इसी लालच में बिहार और झारखण्ड सहित कई राज्यों के युवक-युवतियां इस गिरोह के जाल में फंस गए। नेटवर्क छोड़ने पर करते थे मारपीट उन्होंने आगे बताया - हमें जब सूचना मिली और छापेमारी की तो यहां 250 युवक-युवतियां मिली हैं। जिन्हे बंधक बनाया गया था और लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। पूछताछ में बंधक बने युवकों और युवतियों ने बताया की निर्धारित संख्या में सदस्य न जोड़ने या नया सदस्य न बनाने और नेटवर्क छोड़ने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी और उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जाता था। धमकी दी जाती थी और मानसिक प्रताड़ना भी झेलना पड़ता था। एफआईआर दर्ज कर होगी कार्रवाई एसीपी ने बताया - हमने कई लोगों से पूछताछ कर जानकारी हासिल की है। जिसमें अनुमान है की 50 लाख रुपए से ज्यादा की उगाही की जा चुकी है। हमने दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल और रजिस्टर जब्त किए हैं। जांच की जा रही है। साथ ही पकडे गए लोगों पर एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
झांसी में कच्छा-बनियान गैंग के दो बदमाशों के साथ गुरुवार रात करीब 2 बजे बजे पुलिस की मुठभेड़ हुई। मुस्तरा रोड पर पुलिस ने चेकिंग के लिए रोका तो फायरिंग करके भागने लगे। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। गोली एक बदमाश के पैर में लगी। उसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरमान उर्फ बाबा के रूप में हुई है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला पुलिस के अनुसार, रात में सूचना मिली कि कच्छा-बनियान गैंग गैंग के दो सदस्य बाइक से किसी घटना को अंजाम देने के लिए मुस्तरा रोड पर घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अरमान के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया और बाद में उसे हिरासत में ले लिया गया। जांच में सामने आया है कि यही गिरोह 5 और 6 जुलाई की दरम्यानी रात नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित अशोक सनफ्रान सिटी सोसायटी में चोरी की नीयत से घुसा था। सोसायटी के लोगों के जाग जाने पर बदमाशों ने फायरिंग की और भाग निकले थे। इस मामले में सोसायटी अध्यक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने दो विशेष टीमें गठित की थीं। पुलिस ने अरमान के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस, एक पिट्ठू बैग, हथौड़ा, सरिया, कटर, पेचकस, चाकू, टायर लीवर, 700 रुपये नकद और बाइक बरामद की है। क्षेत्राधिकारी नगर रामवीर सिंह ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी, ताकि शहर में चोरी और लूट की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। 8 जुलाई को निकाली गई कलश यात्रा में चेन चोरों ने महिला श्रद्धालुओं को निशाना बनाया। भीड़ का फायदा उठाकर चोरों ने कम से कम 5 महिलाओं के गले से सोने की चेन चुरा ली। पीड़ित महिलाओं में संजय नगर निवासी ओमकुमारी वर्मा, अर्चना गुप्ता, सरस्वती अग्रवाल, लक्ष्मी यदु और बासन साहू शामिल हैं। सभी महिलाएं पुरानी बस्ती स्थित श्री महामाया मंदिर से इंडोर स्टेडियम तक निकली कलश यात्रा में शामिल हुई थीं। पीड़िता ओमकुमारी वर्मा का कहना है कि इन वारदातों के पीछे महिला गैंग का हाथ है। वहीं, अब मामले में सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। VIDEO बना रही थी, तभी किसी ने गले पर हाथ लगाया पीड़िता ओमकुमारी वर्मा ने बताया कि वह कलश यात्रा में शामिल होने श्री महामाया मंदिर गई थीं। महाराज के स्वागत के दौरान वह मोबाइल से वीडियो बना रही थीं, तभी उन्हें महसूस हुआ कि पीछे खड़ी किसी महिला ने उनके गले के पास हाथ लगाया। कुछ देर बाद जब उन्होंने मोबाइल से सेल्फी ली, तब फोटो में उनके गले में केवल तुलसी और रुद्राक्ष की माला दिखाई दी, जबकि सोने की चेन गायब थी। 17.5 ग्राम की थी सोने की चेन ओमकुमारी वर्मा ने बताया कि चोरी हुई सोने की चेन का वजन करीब 17.5 ग्राम था, जिसकी मौजूदा कीमत 2 लाख रुपए से ज्यादा है। घटना के बाद वह पहले पुरानी बस्ती थाने पहुंचीं, लेकिन वहां से उन्हें सिटी कोतवाली थाना भेज दिया गया। इसके बाद उन्होंने वहां FIR दर्ज कराई। थाने पहुंची तो पता चला कई महिलाएं हो चुकी हैं शिकार पीड़िता ने बताया कि जब वह शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचीं तो पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछा, क्या आपकी भी चेन चोरी हो गई है? इस पर उन्होंने आश्चर्य जताते हुए पूछा कि पुलिस को कैसे पता। पुलिस ने बताया कि उनसे पहले भी कई महिलाएं चेन चोरी की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंच चुकी थीं। महिला गिरोह पर जताया शक पीड़िता का कहना है कि कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं। ऐसे में उन्हें आशंका है कि महिला चोरों का कोई गिरोह भीड़ में सक्रिय था। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान कई अन्य महिलाओं ने भी अपने जेवर और सामान चोरी होने की शिकायत की। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस कलश यात्रा मार्ग पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। साथ ही चेन चोरी की अन्य शिकायतों की भी जांच की जा रही है। ………………… देवकीनंदन ठाकुर से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… राम मंदिर चढ़ावा चोरी, देवकीनंदन बोले- चोर बचना नहीं चाहिए: भगवान के धन में गड़बड़ी बड़ा अपराध; रायपुर में कथा में बिना तिलक एंट्री नहीं राजधानी रायपुर में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी चोर होगा, वह बचना नहीं चाहिए। उन्होंने अपनी कथा में ‘नो तिलक, नो एंट्री’ की बात कही। पढ़ें पूरी खबर…
अलवर में मौसम का मिजाज फिलहाल पूरी तरह बदला हुआ है। शुक्रवार सुबह धूप जरूर निकली, लेकिन ठंडी हवाएं चलने से गर्मी का असर काफी कम महसूस किया गया। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार दिन में तापमान बढ़ सकता है। शुक्रवार और शनिवार के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि रविवार से मंगलवार तक मौसम साफ रहने और आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। इस दौरान न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। बुधवार को जिले में हुई बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली थी। इसके बाद गुरुवार को दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। मानसून के नौवें दिन भी जिले को अच्छी और व्यापक बारिश का इंतजार बना हुआ है। अगले दो दिन बाद कमजोर पड़ सकता है मानसून मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिनों के बाद जिले में मानसून कुछ कमजोर पड़ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो जुलाई के मध्य में एक बार फिर तेज गर्मी का असर देखने को मिल सकता है और अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना रहेगी। आमजन और किसानों को अच्छी बारिश की उम्मीद जिले के किसान और आमजन अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पर्याप्त वर्षा होने से सूखे पड़े बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी। विशेष रूप से जयसमंद बांध को भी अच्छी बारिश का इंतजार है। बांध भरने से न केवल सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और आसपास के क्षेत्र में फिर से रौनक लौट आएगी।
गुना शहर में व्यापारी के कर्मचारी से दिनदहाड़े हुई करीब 17 लाख रुपए की लूट का पुलिस ने महज 17 घंटे में खुलासा कर दिया। एसपी हितिका वासल के निर्देशन में गठित छह विशेष टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 16.77 लाख रुपए नकद भी बरामद किए हैं। मिर्च पाउडर फेंककर लूटा था रुपयों से भरा बैग पुलिस के अनुसार, राजस्थान के बीकानेर निवासी वासुदेव शर्मा शहर में किराए से रहते हैं और कुंभराज के एक धनिया व्यापारी के यहां कर्मचारी हैं। मंगलवार को वे पचोर से नकदी का कलेक्शन कर घर लौटे थे। बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे वे 15 से 17 लाख रुपए से भरा बैग लेकर कुंभराज जाने के लिए निकले। जैसे ही वे पायगा मोहल्ले में शीतला माता मंदिर के पास पहुंचे, बाइक सवार तीन बदमाशों ने उनकी आंखों में मिर्च पाउडर फेंका और नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, सीएसपी आनंद राय और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। वारदात के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए, जिनमें आरोपी घटना को अंजाम देते हुए दिखाई दिए। ग्वालियर रेंज के आईजी अरविंद सक्सेना ने भी मौके का निरीक्षण कर आरोपियों की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की। छह टीमों ने 17 घंटे तक लगातार चलाया ऑपरेशन वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसपी हितिका वासल ने सीएसपी आनंद राय के नेतृत्व में छह विशेष टीमों का गठन किया। अलग-अलग टीमों को सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी विश्लेषण और संदिग्धों की तलाश का जिम्मा सौंपा गया। जांच के दौरान पुलिस ने शहर और आसपास के कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें आरोपियों के हीरो सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल से आने-जाने की पुष्टि हुई। बाइक नंबर के आधार पर पुलिस एक मोबाइल दुकान तक पहुंची, जहां से पहला अहम सुराग मिला। पूछताछ में पता चला कि बाइक का उपयोग एक युवक ने अपने साथियों के साथ किया था। इसी कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों की पहचान तक पहुंच गई। भोपाल से आरोन तक पीछा कर दबोचे आरोपी तकनीकी जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि दो आरोपी भोपाल की ओर भागे हैं। इसके बाद एक टीम भोपाल रवाना हुई, लेकिन लोकेशन बदलने पर पता चला कि आरोपी वापस आरोन की तरफ लौट गए हैं। पुलिस ने लगातार पीछा करते हुए आरोन के जंगल क्षेत्र में दोनों मुख्य आरोपियों को तड़के करीब 4 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विदिशा निवासी सौरभ यादव और आरोन निवासी राघव शर्मा के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने अपने साथी रूद्र गोस्वामी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। मुखबिर और कार उपलब्ध कराने वाला भी गिरफ्तार पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात की पूरी योजना पहले से बनाई गई थी। आरोपियों ने 50 हजार रुपए देने का लालच देकर राहुल जाटव से कार ली थी, जिससे वे गुना पहुंचे। जांच में यह भी सामने आया कि जिस मकान में व्यापारी का कर्मचारी रहता था, उसी परिसर में रहने वाले विजय यादव ने उसकी गतिविधियों और नकदी ले जाने की जानकारी आरोपियों तक पहुंचाई थी। पुलिस ने इस खुलासे के बाद राहुल जाटव और विजय यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को पहले से पता था कि कर्मचारी बड़ी रकम लेकर निकलने वाला है। 16.77 लाख रुपए बरामद, जांच जारी पुलिस ने मुख्य आरोपियों से 16.27 लाख रुपए और राहुल जाटव से 50 हजार रुपए बरामद किए। इस तरह कुल 16.77 लाख रुपए की नकदी बरामद कर ली गई। वारदात में इस्तेमाल बाइक और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और क्या आरोपियों ने इससे पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है।
सतना में कोलगवां थाना पुलिस ने हाईकोर्ट अधिवक्ता रजनीश शर्मा के घर हुई चोरी का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों, मनीष उर्फ पप्पू भुजवा (37) और धेनू गुप्ता (28) को गिरफ्तार किया है। अधिवक्ता के सोनौरा स्थित घर से लगभग 37 लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के आभूषण चोरी हुए थे। पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर चोरी करने की बात कबूल की है। उन्होंने बताया कि चोरी की गई नकदी और गहने उनके तीसरे साथी के पास हैं, जिसे वारदात का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को गुरुवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब तीसरे आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है। नकदी के साथ ज्वेलरी भी ले गए थेयह घटना तब हुई जब अधिवक्ता रजनीश शर्मा 1 जुलाई को न्यायिक कार्य से जबलपुर गए हुए थे। उनका घर बंद था, जबकि उनके पिता और अन्य परिजन पास के दूसरे घर में रह रहे थे। चोरों ने घर के पीछे की तार फेंसिंग काटकर छत के रास्ते प्रवेश किया। उन्होंने ऑफिस के लॉकर से 37 लाख रुपए नकद और अलमारी से ज्वेलरी चुरा ली। चोरी का पता 5 जुलाई को चला, जब अधिवक्ता के पिता घर की देखरेख करने पहुंचे। बदमाशों ने घर में लगे सात सीसीटीवी कैमरे भी चुरा लिए थे, लेकिन वे दो कैमरे और डीवीआर नहीं ले जा पाए। इन्हीं बचे हुए कैमरों और डीवीआर से उनकी करतूत सामने आई और पुलिस को जांच में मदद मिली।
सतना में सिविल लाइन थाना पुलिस ने गुरुवार को दोपहिया वाहन चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में पांच नाबालिग शामिल थे, जिन्होंने यूट्यूब से चोरी के तरीके सीखे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 6 बाइक बरामद की हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रीति विश्वकर्मा ने बताया कि हटिया निवासी अंश कुमार (20) की बाइक (एमपी 19 एमएम 5641) 3 जुलाई को विराट नगर स्थित उनके किराए के मकान से चोरी हो गई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस की विभिन्न टीमों ने मुखबिरों से जानकारी जुटाई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके आधार पर पांच संदिग्धों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उन्होंने चोरी का जुर्म कबूल किया और लगभग 6 लाख रुपए कीमत की छह बाइक बरामद करवाईं। डायरेक्ट स्टार्ट करना सीख गएआरोपियों ने बताया कि उन्होंने सिविल लाइन क्षेत्र से पांच और कोतवाली इलाके से एक गाड़ी चुराई थी। वे यूट्यूब से गाड़ियों को सीधे स्टार्ट करने का तरीका सीखते थे और ऐसी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे जिनके लॉक खुले रह जाते थे। नाबालिगों के चोरी करने के तरीके और शातिर अंदाज को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। पूछताछ पूरी होने के बाद पांचों आरोपियों को किशोर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रीवा स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
सवाई माधोपुर के बजरंग दल कार्यकर्ता गुरुवार शाम को हरियाणा के प्रांत गौरक्षक और बजरंग दल से जुड़े मोनू मानेसर से मिले। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन करते हुए उन्हें शिवपुराण और तलवार भेंट की। 3 अगस्त को निकलेगी कांवड़ यात्राआयोजन समिति से जुड़े नरेश सिंधी ने बताया कि शहर में 3 अगस्त को सर्व समाज महाभगवा कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा हर वर्ष आयोजित होती है। इसी क्रम में इस बार भी विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जा रहा है। निमंत्रण स्वीकार करने का आश्वासनइसी सिलसिले में गुरुवार को मोनू मानेसर को औपचारिक रूप से कांवड़ यात्रा में अतिथि के रूप में शामिल होने का न्योता दिया गया। इस अवसर पर गौरक्षा और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। आयोजकों के अनुसार, मोनू मानेसर ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए 3 अगस्त को सवाई माधोपुर में आयोजित कांवड़ यात्रा में शामिल होने का आश्वासन दिया है।
अजमेर की 12वीं सदी में बनी आनासागर झील में शहर के विभिन्न नालों का गंदा पानी डाला जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार इस पर कार्रवाई करने की बजाय मौन हैं। वहीं बारिश में सड़कों पर जगह–जगह गड्ढे उभर आए हैं जिनसे हादसों का खतरा बना हुआ है। गांधी नगर में सीवरेज का पानी उल्टे घरों में घुस रहा है तो ढोला भाटा के सामुदायिक भवन की सुविधाओं का हाल बेहाल है। आम लोगों की जरूरतों से जुड़ी सड़क, बिजली, पानी, सफाई और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं ही लोगों की समस्या बन गई हैं। ‘भास्कर समाधान’ पर लोग अपने इलाके की समस्या पोस्ट कर जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत से रुबरु करवा रहे हैं। हालांकि ‘भास्कर समाधान’ पर इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाने पर अधिकारियों ने कई मामलों में समाधान भी करवाए हैं। पहले एक नजर डालते हैं उन समाधानों पर जिससे लोगों की समस्या दूर हुई… एईएन दीपक जांगिड़ बने 'स्टार ऑफिसर' अजमेर के सी ब्लॉक में रहने वाले चिराग गोयल की समस्या का एईएन दीपक जांगिड़ ने समाधान करवाया है। दरअसल, चिराग ने कुछ समय पहले ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट कर बताया था कि उनके क्षेत्र में पानी का प्रेशर बिल्कुल नहीं आता। एईएन और एक्सईएन को भी जानकारी दे दी लेकिन समाधान नहीं हुआ। इस पर उपखंड 7 के एईएन दीपक जांगिड़ ने प्रेशर सही करवाकर समस्या का समाधान करवा दिया। मेनहोल का खराब ढक्कन हुआ ठीक अजमेर के मखुपुरा रोड, विज्ञान नगर से रेखा रावत ने सड़क पर आड़े हुए मेनहोल के एक खराब ढक्कन की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि कॉलोनी के मेन सीवरेज चैम्बर का ढक्कन खुला हुआ है। इससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए संबंधित वार्ड की निगम टीम ने ढक्कन को सही कर मरम्मत कर दी है। पेड़ों की छंटाई से करंट का डर खत्म अजमेर की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, पुलिस लाइंस से किशन गोपाल ने लोहाखान रोड, आशु जी की चक्की के सामने बिजली के तारों में हरे पेड़ों की शाखाओं के उलझने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि इससे मॉनसून में करंट आने, अर्थिंग होने और शॉट सर्किट की समस्या हो सकती है। उन्होंने बताया कि मुख्य बिजली लाइन के ऊपर ही दो कमजोर टहनियां लटकी हुई हैं जिससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इस समस्या के सामने आने के बाद बिजली विभाग ने टहनियों को काटकर पेड़ की छंटाई कर दी है। पानी के लो प्रेशर की समस्या सुधरी अजमेर के साईं बाबा मार्ग, शिव कॉलोनी, गुर्जर मोहल्ले से देवेन्द्र गुप्ता ने लो प्रेशर की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि पानी एक दिन छोड़कर कभी दूसरे तो कभी तीसरे दिन आताा है। सप्लाई भी मुश्किल से कभी 20 मिनट तो कभी आधा घंटा ही आती है। इससे केवल पीने का पानी ही भर पाते हैं। इस समस्या पर कार्रवाई करते हुए अजमेर उपखंड प्रथम की सहायक अभियंता बीना बिड़ला ने प्रेशर की जांच करवा सप्लाई सुचारु करवा लोगों को राहत दी है। आइए अब एक नजर उन समस्याओं पर भी डालें, जिनका समाधान होना अभी बाकी हैं… आनासागर में डाल रहे गंदगी अजमेर से अजय सिंह चौहान ने कैप्टन दुर्गाप्रसाद चौधरी मार्ग, आनंद नगर से ऐतिहासिक आनासागर झील का मुद्दा उठाया है। उन्होंने ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट में लिखा कि आना सागर में अजमेर की विभिन्न कॉलोनियों का गंदा पानी नाले के जरिये डाला जा रहा है। उनका तर्क है कि जब प्रशासन के पास लाखों रुपए की डिवाइडिंग मशीन हैबावजूद इसके झील के कचरे को साफ नहीं किया जाता। इससे पर्यटन पर भी असर पड़ता है। सड़क पर गड्ढा, हादसे का डर दिलीप कुमार शर्मा ने विनायक विहार से सड़क पर गहरे गड्ढे की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि गरम मसाला रेस्टोरेंट के सामने सड़क पर गहरा गड्ढा हो गया है जिसमें तेज गति से वाहन का पहिया जाने पर ड्राइवर अनियंत्रित हो जाता है। इससे हादसे का डर बढ़ गया है। बारिश में इस गड्ढे में पानी भर जाने के बाद सह नजर नहीं आएगा जिससे हादसे का अंदेशा बना रहता हे। इसलिए इसे जल्द भरवाया जाना जरूरी है। सामुदायिक भवन की सुविधाएं खस्ताहाल राकेश थापा ने ढोला भाटा के सामुदायिक भवन की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक भवन शहरी सेवा कैम्प का आयोजन किया गया था। लेकिन यहां के टॉयलेट गंदे पड़े हैं। पानी भी नहीं आता। लेडीज स्टाफ और कर्मचारियों को इससे दिनभर बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। आमजन को भी सुविधाओं की खसताहालत से असुविधा हुई। इस समस्या का समाधान करवाया जाए। सीवरेज जाम, घरों में आ रहा पानी अजमेर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के गांधी नगर रोड से अमर सिंह ने जाम सीवरेज लाइन की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि ढोला भाटा इलाके में गांधी नगर ीोड की गली नंबर 2 में सीवरेज चोक पड़ी है। इससे सारी गंदगी वापस घरों में आ रही है। बारिश्या के कारण स्थिति और खराब हो गई है। इसकी शिकायत राजस्था पोर्टल पर भी की है लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है। नगर निगम और शहरी सेवा कैम्प में भी बताया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पार्षद ने भी फोन नहीं उठाया। एप से लोगों को मिल रहा समाधान समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद जोधपुर में चारण सभा भवन के पीछे जलभराव की समस्या का समाधान हो गया। ऐसे ही टेम्पो स्टैंड के पीछे पड़ा मलबा भी एक ही दिन में सफाईकर्मियों ने उठाकर स्थानीय लोगों को राहत दी है। शहर के सरदार मार्केट में बीते 15 दिनों से चल रहे पॉवर कट की समस्या का भी विभाग ने निसतारण करवा दिया है। वहीं सन सिटी हॉस्पिटल के पीछे कचरा न उठाने की समस्या का भी निगम ने पोस्ट के बाद समाधान कर लोगों को बदबू और गंदगी से राहत दी है। ‘भास्कर समाधान’ पर इनमें से प्रमुख मामलों के पोस्ट होने के बाद जिम्मेदारों ने समस्या का समाधान करवाकर लोगों को राहत भी दी है। हालांकि जोधपुर के लोगों की बिजली, पानी, सफाई और कचरे से जुड़ी कई समस्याएं अब भी विभाग के पास लंबित हैं। पहले एक नजर डालते हैं उन समाधानों पर जिससे लोगों की परेशानी दूर हुई… युवराज सिंह राठौड़ बने 'पब्लिक के स्टार' जोधपुर के रावतों का बास से विकास ने लगातार पॉवर कट की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि उनके एरिया सरदार मार्केट, बाईजी का तालाब, वार्ड 37 में पूरे बाजार में बीते 15 दिन से रोज 4 से 5 घंटे का पॉवर कट रहता है। इससे सभी व्यापारी परेशान हैं। इस समस्या पर कार्रवाई करते हुए जोधपुर डिस्कॉम कॉल सेंटर के एग्जिक्यूटिव युवराज सिंह ने समाधान करवा सप्लाई बहाल करवा दी है। पोस्ट के बाद उठा लिया मलबा शहर के टेम्पो स्टैंड के पीछे शिव गौरी किराणा स्टोर से मुकेश ने सीवरेज का मलबा बीच सड़क छोड़ जाने की शिकायत पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि सुबह से सफाईकर्मी इस मलबे को यूं ही बीच सड़क छोड़ गए हैं जिससे बदबू और असुविधा हो रही है। इस पर वार्ड 34 के सफाई प्रभारी रवि कुमार ने मलबा उठवाकर सामधान करवा दिया है। सप्ताह से खुले में पड़ा कचरा उठा सनसिटी हॉस्पिटल के पीछे मेन रोड पर कचरा पड़े होने की समस्या भास्कर समाधान पर पोस्ट की थी। शिकायतकर्ता राहुल शर्मा ने बताया कि मण्डोर रोड, पावटा एरिया में सनसिटी हॉस्पिटल के पीछे दूसरी गली में सप्ताह तक कचरा नहीं उठता। आसपास से गुजरने वालों को बहुत असुविधा होती है। यहां आसपास कई कोचिंग संस्थान हैं। बच्चों को भी इससे खासी परेशानी होती है। इस समस्या के सामने आने के बाद निगम ने तुरंत समाधान करवाते हुए कवरा उठवाकर सफाई कर दी है। पोस्ट के बाद मिली जलभराव से मुक्ति शहर के महामंदिर रोड, पोलो 2, पावटा से राजीव भाटी ने जलभराव की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि उनके एरिया में चरण सभा भवन के पीछे पुराने वार्ड 48 में भगत सिंह मार्ग पर बारिश के बाद लगातार जलभराव होने से लोग परेशान हैं। यहां बने नाले के एक कोने के डैमेज होने के कारण पानी यहां गलियों में भर जाता है। उचित निकासी न होने से पानी घरों में भी घुस जाता है। इस समस्या का समाधान करते हुए वार्ड 83 के सफाई प्रभारी विजय कुमार ने निकासी सही करवाकर जलभराव की समस्या का हल कर दिया है। अब एक नजर उन समस्याओं पर जिनके समाधान होने बाकी हैं… सप्लाई में आ रहा बदबूदार पानी जोधपुर के शिव शक्ति पार्क, प्रताप नगर के विजय चौहान ने गंदे बदबूदार पानी आने की समया पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि शिव शक्ति पार्क के पास इंदिरा कॉलोनी में बीते कुछ दिनों से गंदा बदबूदार पानी आ रहा है जो बिल्कुल भी उपयोग के लायक नहीं है। इस समस्या का समाधान करवाएं क्योंकि रोज की जरूरत का पानी भी नहीं मिल रहा। 36 महीनों से अंधेरे में 500 घर शहर से महज 8 किलोमीटर दूर गांव नांदड़ा कल्ला में बिजली की समस्या विक्रम ने भेजी है। उन्होंने लिखा कि शहरी क्षेत्र से महज 8 किलोमीटर दूर इस गांव के लोग बीते तीन साल से अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। गांव से दो किलोमीटर दूर उचियारड़ा जीएसएस से सप्लाई देने का कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब 500 घरों वाला गांव अंधेरे में जीने को मजबूर है। केन्द्रीय विद्यालय पर सफाई नहीं जोधपुर से संदीप नायक ने अभयगढ़ स्कीम, एयरफोर्स कॉलोनी से साफ–सफाई से जुड़ा मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय विद्यालय नंबर 1 के आसपास ही साफ–सफाई नहीं होती। बेंच के नीचे और आपास कचरे का ढेर लगा है। नालियां प्लास्टिक से भरी हुई हैं। लेकिन सफाईकर्मी यहां से नियमित कचरा नहीं उठाते हैं। सरकारी पाइपलाइन पर 2 अवैध वॉल्व शहर की अंबे नगर कॉलोनी से दिनेश सिंह ने सरकारी पानी की पाइपलाइन से जुड़ी समस्या भास्कर समाधान पर पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी के अंदर कुछ लोगों ने अवैध रूप से पाइपलाइन पर दो वॉल्व लगा रखे हैं। अब वो अपनी मर्जी से पानी की सप्लाई को नियंत्रित कर रहे हैं जिससे आगे के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 2.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्ढा 3.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 4.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप
कोटा में ‘भास्कर समाधान’ पर नालियों की सफाई से जुड़ी पोस्ट लगातार सामने आ रही हैं। अच्छी खबर ये है कि निगम विभिन्न वार्डों की इन समस्याओं का समाधान भी करवा रहा है। नालों और नालियों की सफाई के साथ कचरा प्रबंधन में भी काम होने लगा है। हालांकि बहुत से वार्ड अब भी अपनी परेशानियों के हल के लिए निगम, केडीए और जन प्रतिनिधियों की मदद का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि ‘भास्कर समाधान‘ पर इन समस्याओं के पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी लोगों की परेशानियों का हल करने में सहयोग कर रहे हैं। पहले एक नजर डालते हैं उन समाधानों पर जिससे लोगों की परेशानी दूर हुई… समस्या पोस्ट करते ही नालियां साफ कोटा के रंगबाड़ी इलाके के मेन रोड से राजेन्द्र चौहान ने जाम नालियों की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि उनके एरिया कृष्णा नगर में नालियां जाम पड़ी हैं और कचरा भरा होने से पानी की निकासी नहीं हो रही जिससे मच्छर भी पनप रहे हैं। बारिश होने पर पानी बहकर गलियों और रास्तों पर जमा होता है। इस समस्या का समाधान कर दिया है। प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार' कोटा के महावीर नगर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से एक यूजर ने दंडवीर नाले की सफाई न होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि बारिश में नाले का पानी ओवरफ्लो होकर घरों के आगे भर जाता है जिससे आने–जाने में बहुत परेशानी होती है। इस समस्या के ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद हैल्थ इंस्पेक्टर सुरेंद्र पंवार के निर्देश पर जमादार प्रेमचंद ने मौके पर जाकर समस्या का समाधान करवाया दिया है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… खुले नाले में गिरा बछड़ा, पास ही स्कूल कोटा के बोरखेड़ा के प्रताप नगर से मुकेश कुमार कुमावत ने स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि कैनाल रोड पर बख्शी स्कूल के पीछे बने नाले से रोज छोटे स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं निकलती हैं। लेकिन यह नाला कई दिनों से खुला हुआ है। कुछ समय पहले इसमें एक बछड़ा भी गिर चुका है जिसे स्थानीय लोगों ने बहुत मशक्कत के बाद निकाला। इसे जल्द कवर करवाया जाए। पार्किंग में स्टॉल लगा किया अतिक्रमण कोटा के कुन्हाड़ी के बूंदी रोड के रिद्धी–सिद्धी नगर से विक्की खंडेलवाल ने समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि बूंदी रोड पर मारुति शोरूम के सामने पब्लिक पार्किंग में कुछ लोगों ने स्टॉल लगाकर जगह पर अतिक्रमण कर रखा है। इससे पार्किंग के लिए जगह नहीं बचती। स्टाॅल वाले भी गाड़ी पार्क नहीं करने देते। निगम भी इन्हें यहां से नहीं हटा रहा। जलभराव से मचछरों का प्रकोप बढ़ा महावीर नगर सर्किल से प्रमेन्द्र ने बारिश में घर के आगे जलभराव होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि बारिया के मौसम में मकान संख्या 1 ए से लेकर 9 तक जलभराव हो जाता है। इससे आने–जाने में परेशानी तो होती ही है, मच्छर बढ़ने से मौसमी बीमारियों का डर भी लगा रहता है। बंद पड़ी रोड लाइट, कोई सुनवाई नहीं राज सहगल ने दुर्गा नगर, अर्जुनपुरा से बंद रोड लाइट की समस्या शेयर की है। उन्होंने लिखा कि बीते कई दिनों से उनके एरिया की रोड लाइट्स बंद हैं। लेकिन विभाग इन्हें न तो ठीक कर रहा है न ही शिकायतों पर ध्यान दे रहा है। इससे बारिश के मौसम में जहरीले जीव–जंतुओं का खतरा भी बढ़ गय है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: पोस्ट होते ही मिल रहा हल:सफाई, पानी और सड़क हैं पब्लिक की सबसे बड़ी समस्या, खुले नाले से संक्रमण का डर 2.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 3.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 4.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
सतना जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार देर शाम शुरू हुई रिमझिम बारिश का सिलसिला रातभर रुक-रुककर जारी रहा, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। मौसम विभाग ने सतना सहित पूरे रीवा संभाग के लिए अगले तीन दिनों तक बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया है। इस अवधि में कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। दिनभर बादलों की आवाजाही के बावजूद लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा था। हालांकि, शाम होते ही मौसम ने करवट ली। उचेहरा, मैहर, अमरपाटन और रामपुर बघेलान क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। जिला मुख्यालय पर रिमझिम फुहारों के कारण तापमान में गिरावट आई। तापमान 3॰ लुढ़ककर 31.2॰ पहुंचाअधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री कम होकर 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह हवा में नमी 82 प्रतिशत और शाम को 76 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से पूर्वी उत्तर प्रदेश होते हुए हरियाणा तक मानसून ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अतिरिक्त, बिहार के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी उत्तर प्रदेश-राजस्थान क्षेत्र में कम दबाव का सिस्टम सक्रिय है। इन्हीं मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। इसके बाद, मानसून ट्रफ के हिमालय की तराई की ओर खिसकने से नमी वाली हवाओं का असर कम होगा। इससे बारिश में कमी आने के साथ तेज धूप निकलने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय बादलों के बनने से कहीं-कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।
सीकर शहर के कई वार्डों और कॉलोनियों से लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही की शिकायतें सामने आ रही थीं। स्थानीय निवासियों के जरिए दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर अपनी आवाज उठाने के बाद अब इसका बड़ा असर देखने को मिला है। मोचीवाड़ा में पार्षद के घर के पास नाली का पानी सड़क पर बहने, कायस्थ कॉलोनी में महज एक महीने में घटिया सड़क टूटने, और न्यू जनता कॉलोनी में सीवर के खुले गंदे पानी जैसी गंभीर समस्याओं से आमजन त्रस्त है। साथ ही, हरि राम विहार मार्ग पर मंदिर के ऊपर से गुजर रहे हाई वोल्टेज नंगे तार किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे थे। पब्लिक के इस डिजिटल विरोध और शिकायतों पर नगर परिषद और संबंधित विभागों ने तुरंत संज्ञान लिया। जिसके बाद वसंत विहार गली नंबर 1 में सीवर का खराब ढक्कन बदला गया और कंवरपुरा रोड पर सड़क धंसने की बड़ी समस्या का एईएन वाजिद अहमद ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थायी समाधान करवाया। अधिकारियों की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पार्षद के घर के पास ही लगा गंदगी का अंबारसीकर शहर के मोचीवाड़ा क्षेत्र स्थित बकरी मंडी के निवासी गोविंद खटीक ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' के जरिए अपनी समस्या उठाई है। उन्होंने बताया कि इलाके में स्थानीय पार्षद के घर के ठीक पास नाली का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर बह रहा है। इस जलभराव और चारों तरफ फैली गंदगी के कारण स्थानीय निवासियों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बदबू और मच्छरों के कारण बीमारी का खतरा भी बना हुआ है। महज 1 महीने में ही टूटने लगी नई बनी सड़कशहर की कायस्थ कॉलोनी के रहने वाले आशुतोष पारीक ने 'भास्कर समाधान' पर सड़क की बदहाली को लेकर समस्या लिखी है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में हाल ही में बनाई गई सड़क का निर्माण बेहद घटिया क्वालिटी से किया गया है, जिसके कारण यह एक महीने के भीतर ही जगह-जगह से टूटने लगी है। इसके अलावा गैस कनेक्शन देने वाली एजेंसी ने भी पाइपलाइन डालने के लिए सड़क को खोदकर ऐसे ही छोड़ दिया है। इस लापरवाही की वजह से स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों और गंदगी के कारण स्थानीय निवासियों का जीना मुहालमोती की ढाणी, न्यू जनता कॉलोनी रोड से सीवर का गंदा पानी मुख्य सड़क पर बहने के बारे में क्षेत्र के निवासी यूनूज खान ने 'भास्कर समाधान' के जरिए बताया है। उन्होंने लिखा कि करीब 1 साल पहले यहां सीवर और बिजली की लाइन डालने के लिए सड़क को तोड़ा गया था। कार्य पूरा होने के बाद भी आज तक सड़क की मरम्मत नहीं की गई है, जिससे पूरी राह में गहरे गड्ढे बने हुए हैं। सीवर का पानी सड़कों पर फैलने से उठती बदबू और गंदगी के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिना आर्म्ड केबल के हाई वोल्टेज तारों से हादसे का डरसीकर शहर के हरि राम विहार मार्ग से बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। क्षेत्र के निवासी नवल किशोर शर्मा ने 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट करते हुए बताया कि स्थानीय शिव मंदिर के ठीक ऊपर से बिजली के मुख्य तार गुजर रहे हैं। इन तारों पर सुरक्षा के लिहाज से आर्म्ड केबल (कवरिंग) भी नहीं लगाई गई है। मंदिर में नियमित रूप से श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। स्थानीय लोगों ने इन नंगे तारों पर जल्द से जल्द सुरक्षित केबल लगवाने की मांग की है। गली नंबर 1 में बदला गया सीवर का खराब ढक्कनसीकर शहर के वसंत विहार, गली नंबर 1 से 'भास्कर समाधान' के जरिए उठाई गई जनसमस्या का सकारात्मक समाधान हो गया है। क्षेत्र के निवासी महेश कुमार ने कुछ समय पहले इस मार्ग पर सीवर चैंबर का ढक्कन खराब होने और खुला रहने की समस्या पोस्ट की थी, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ था। इस समस्या पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग ने तत्परता दिखाई और मौके पर पहुंचकर नया ढक्कन लगवा दिया है। समस्या दूर होने पर महेश कुमार और स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। सीवर टैंकर धंसने के बाद जागी नगर परिषदपैरेडाइज सिटी, कंवरपुरा रोड से 'भास्कर समाधान' पर उठाई गई सड़क की समस्या का विभाग ने समाधान कर दिया है। क्षेत्र के रहने वाले राजेश ने कुछ समय पहले समस्या पोस्ट की थी कि मुख्य सड़क बेहद जर्जर हो चुकी है, जिसके कारण वहां एक सीवर टैंकर भी सड़क में धंस गया था और बड़ा हादसा होते-होते बचा। मामला सामने आने के बाद नगर परिषद के एईएन (AEN) ने तुरंत संज्ञान लिया और मौके पर कार्रवाई करवाते हुए समस्या का स्थायी समाधान करा दिया है, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। वाजिद अहमद बने आज 'स्टार ऑफिसर'सीकर के पैरेडाइज सिटी कंवरपुरा रोड के निवासियों को आखिरकार जर्जर सड़क से निजात मिल गई है। दरअसल, स्थानीय निवासी राजेश ने 'भास्कर समाधान' मंच पर इस खस्ताहाल सड़क की शिकायत पोस्ट की थी, जहां हाल ही में एक सीवर टैंकर सड़क धंसने से दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बचा था। इस गंभीर मामले के उजागर होते ही नगर परिषद के एईएन (AEN) वाजिद अहमद तुरंत हरकत में आए। उन्होंने मौके पर टीम भेजकर कार्य शुरू करवाया और सड़क की मरम्मत कर समस्या का स्थायी समाधान करा दिया। अब राहगीरों और क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए…. 1.सीकर में बहानेबाजी पर भारी पड़ा ऐक्शन:कहीं सिस्टम की सुस्ती से बढ़ा खतरा, तो कहीं 'स्टार अफसर' ने दूर की जनता की परेशानी 2.भास्कर समाधान: पोस्ट करने के 4 घंटे में हुआ समाधान:सीवर समस्या सुलझी; नाला, जलभराव और आवारा पशु बने परेशानी, अमित स्वामी बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 3.सीकर शहर की समस्याएं भास्कर समाधान पर पहुंचीं:कहीं टूटी सड़क तो कहीं जलभराव और नाली की परेशानी, सुरेंद्र गोदारा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 4.भास्कर समाधान: लाइट की समस्या का हुआ समाधान:सीकर में पानी, बिजली, सड़क और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान 5.भास्कर समाधान: कचरा हटने पर लोगों को मिली राहत:आवारा पशुओं का आतंक, अंधेरे में डूबी गलियां और सड़क पर गहरे गड्ढे से बढ़ी परेशानी 6.सीकर में नाली, सड़क से जुड़ी समस्याओं का हुआ समाधान:नालों की सफाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट और पेयजल की समस्याओं से लोग परेशान 7.भास्कर समाधान : स्ट्रीट लाइट की समस्या का हुई हल:शहर में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पानी की समस्याओं से परेशान, सुरेंद्र जाट बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 8.भास्कर समाधान: गोकुलपुरा में खुले में फैला कचरा हटाया:पेयजल रिसाव, गंदी नालियां, टूटी सड़कें और बंद स्ट्रीट लाइट से शहरवासी परेशान, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 9.‘भास्कर समाधान’ से एक क्लिक पर मिलता हल:कहीं 7 साल में 30 दिन ही जली लाइट, तो कहीं सड़क के बीच जानलेवा गड्ढे से हादसे का खतरा 10.'भास्कर समाधान' का बड़ा असर:कहीं बरसों पुराना जानलेवा गड्ढा हुआ दुरुस्त, तो कहीं दूर हुई लो-वोल्टेज की समस्या
माध्यमिक शिक्षा विभाग में हिंदी और अंग्रेजी सहित 10 विषयों के 9651 पदों पर होने वाली वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 12 जुलाई (रविवार) से शुरू होगी। राजस्थान लोक सेवा आयोग(RPSC) की ओर से परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं, जिन्हें अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। भर्ती परीक्षा 27 जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी और 18 जुलाई तक चलेगी। परीक्षा सामग्री भी सभी जिलों में पहुंचाई जा चुकी है। परीक्षा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इन जिलों में परीक्षा होगी आयोजित अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा होने के कारण आयोग अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, डीडवाना-कुचामन, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जयपुर, झुंझुनूं, जोधपुर, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, श्रीगंगानगर, टोंक और उदयपुर जिलों में यह परीक्षा लेगा। सभी जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अफसरों के साथ आयोग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारी बैठक कर ली है। परीक्षा सुचारू और नकल रहित हो, इसके लिए फ्रिस्किंग पर ही सबसे अधिक फोकस रखने के लिए कहा गया है। रोजाना दो पारियों में होगी परीक्षा इस परीक्षा में 12.31 लाख अभ्यर्थी बैठेंगे। रोजाना दो पारियों में यह परीक्षा ली जाएगी। आयोग सूत्रों के अनुसार परीक्षा सामग्री सभी जिलों को भेज दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रश्न पत्रों और अन्य गोपनीय सामग्री को जिला मुख्यालयों में सुरक्षित रखा गया है। परीक्षा आयोजन से दो दिन पहले सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) भी शुरू कर दिए जाएंगे।
उदयपुर शहर की कॉलोनियों से सामने आईं तस्वीरें स्थानीय प्रशासन और विभागों के दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रही हैं। मीरा नगर और बेड़ला के प्रियदर्शिनी नगर जैसे इलाकों में सरकारी महकमों (PHED और गैस एजेंसी) की घोर लापरवाही देखने को मिली, जहाँ काम के नाम पर सड़कें तो खोद दी गईं, लेकिन उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया। इसके चलते पहली ही बारिश में सड़कें कीचड़ और जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो गईं। इस बीच 'दैनिक भास्कर' का 'भास्कर समाधान' अब आम जनता के लिए एक मजबूत हथियार साबित हो रहा है। बरसों से फाइलों और शिकायतों में दबे मामलों पर इस प्लेटफॉर्म के जरिए तुरंत सुनवाई हो रही है। इसका सीधा असर पानेरियों की मादड़ी, प्रताप नगर और भुवाना रोड पर दिखा, जहाँ महीनों से लंबित पड़ी स्ट्रीट लाइट की समस्या और सड़क किनारे लगे कचरे के ढेरों को नगर निगम ने त्वरित कार्रवाई कर साफ करवाया। डिजिटल प्लेटफॉर्म की इस सक्रियता से अब सोए हुए महकमे भी जागने लगे हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधानउदयपुर के पानेरियों की मादड़ी निवासी मोहित मेनारिया ने क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़ी रोड लाइट की समस्या को दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया था। उन्होंने बताया कि कई बार नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद इस समस्या का कोई हल नहीं निकल रहा था और गली में अंधेरा पसरा रहता था। हालांकि, एप पर समस्या पोस्ट होने के बाद विभाग हरकत में आया और नगर निगम के लाइनमैन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बंद लाइट को दुरुस्त कर दिया। लाइट चालू होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। जालम सिंह बने आज 'पब्लिक के स्टार'उदयपुर के पानेरियों की मादड़ी इलाके में लंबे समय से बंद पड़ी रोड लाइटों के कारण स्थानीय लोग परेशान थे। क्षेत्रवासी मोहित मेनारिया ने नगर निगम में कई चक्कर काटे, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने यह मुद्दा दैनिक भास्कर ऐप के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया। समस्या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आते ही प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। नगर निगम के लाइनमैन जालम सिंह ने बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचकर बंद पड़ी लाइटों को ठीक कर दिया। अब गली में दोबारा रोशनी होने से लोगों का डर और परेशानी दूर हो गई है। शिकायत के बाद प्रशासन ने कराई सफाईप्रताप नगर स्थित ढींकली रोड निवासी पुष्कर ने ओल्ड RTO मुख्य मार्ग पर फैले कचरे और गंदगी की समस्या को 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया था। उन्होंने बताया था कि मुख्य सड़क पर कचरे का ढेर जमा होने के कारण हर समय बेसहारा पशुओं का जमावड़ा रहता था, जिससे राहगीरों को आवाजाही में काफी दिक्कतें आ रही थीं। दैनिक भास्कर ऐप पर यह मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग तुरंत हरकत में आया और टीम भेजकर मौके से पूरा कचरा साफ करवा दिया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। भास्कर ऐप पर पोस्ट होते ही हुई कार्रवाईउदयपुर के भुवाना रोड से जितेंद्र वेद ने क्षेत्र में सड़क किनारे फैले कचरे की समस्या के बारे में 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट था। उन्होंने बताया था कि लंबे समय से कचरा नहीं उठने के कारण राहगीरों और अन्य लोगों ने भी वहां कचरा डालना शुरू कर दिया था, जिससे वह जगह एक परमानेंट कचरा पॉइंट बन गई थी। दैनिक भास्कर ऐप पर यह मामला सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन तुरंत हरकत में आया। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से सारा कचरा साफ करवा दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिली है। अभी भी कुछ समस्याएं पर कार्रवाई बाकी… मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान लोगउदयपुर के मीरा नगर निवासी मदन वीरवाल ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर क्षेत्र की बदहाली का मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि इलाके में गैस पाइपलाइन डालने के लिए सड़कें तोड़ी गई थीं, जिन्हें काम पूरा होने के बाद ठीक नहीं किया गया। इस वजह से नालियाँ भी टूट चुकी हैं और लोगों का आना-जाना दूभर हो गया है। इसके अलावा क्षेत्र में पानी का भी गंभीर संकट है और पेयजल समय पर नहीं आता। स्थानीय निवासियों की शिकायत है कि इलाके में कचरा गाड़ी भी नियमित रूप से नहीं आ रही है। जलभराव और गंदगी का बढ़ा खतराहिरण मगरी स्थित आरएचबी टाउनशिप के रहने वाले किरण खराड़ी ने 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके में नालियां लंबे समय से जाम पड़ी हैं, जिससे गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही सड़क किनारे जगह-जगह मिट्टी के बड़े ढेर लगे हुए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सफाई करवाने की मांग की है। गुलाब बाग क्षेत्र में बंद पड़ी लाइट की समस्याउदयपुर के गुलाब बाग खड़क जी का रोड निवासी नोमान अशरफ ने 'भास्कर समाधान' पर स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उनके घर के ठीक बाहर लगी स्ट्रीट लाइट पिछले दो महीनों से बंद पड़ी है। शिकायत के बावजूद इसे दुरुस्त नहीं किया गया है, जिसके चलते रात के समय इलाके में गहरा अंधेरा पसरा रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अंधेरे के कारण सुरक्षा का खतरा बना रहता है और उन्होंने इसे जल्द ठीक कराने की मांग की है। पाइपलाइन बिछाकर खुली छोड़ी सड़कबेड़ला क्षेत्र के प्रियदर्शिनी नगर के निवासी विनोद माली ने 'भास्कर समाधान' पर क्षेत्र की बदहाल सड़क का मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि PHED (जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग) के जरिए पाइपलाइन बिछाने के लिए यहां कच्ची सड़क खोदी गई थी। काम पूरा होने के बाद सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया, जिसके चलते रात को हुई तेज बारिश में सारी मिट्टी बह गई। अब पूरी रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना बेहद खतरनाक हो गया है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.उदयपुर में सड़कें बनीं आफत:गारियावास में छाया अंधेरा, प्रताप नगर में गैस पाइपलाइन के लिए खोदी सड़क छोड़ दी अधूरी 2.उदयपुर में जनता की आवाज का दिखा दम:कहीं 15 दिन बाद हटा कचरा तो कहीं दुरुस्त हुई पानी की टंकी 3.‘भास्कर समाधान’ पर एक क्लिक में हल:फतहसागर में बेसहारा पशु ब्रिज से गिर रहे, बड़गांव में बिजली के तारों पर लटका पेड़, खुली नालियों से हादसे का डर 4.हिरण मगरी में बंद रोड लाइटें ठीक:आर्य समाज मार्ग पर नाली साफ होने से खत्म हुआ जलभराव, लेकिन कॉलोनियों में टूटी सड़क बनी परेशानी 5.उदयपुर में समस्याओं को लेकर लोगों ने उठाई आवाज:सीवर के पानी और मलबे से बढ़ी आफत, खुले नाले और बंद पड़ी रोड लाइटें दे रहीं हादसों को न्यौता 6.उदयपुर के भुवाना में सुरक्षा भगवान भरोसे:तुलसी नगर RAC ऑफिस के सामने रोड लाइट गायब, अंधेरे में हादसों का डर 7.उदयपुर में रोड लाइट और सड़क की समस्या:स्पीड ब्रेकर बना जल निकासी में बाधा, बीमारी का बढ़ा खतरा 8.उदयपुर में नगर निगम की सुस्ती से फूटा रोष:खारोल कॉलोनी में चोक नालियों से भरा पानी, दागली की मगरी में हफ्ते भर से रोड लाइट बंद 9.‘भास्कर समाधान’ से मिल रहा हल:उदयपुर में खुले में पड़ा कचरा तो कहीं दरिया बनी सड़कें, विभागों को फिक्र ही नहीं 10.उदयपुर में पेयजल की समस्या का हुआ समाधान:कहीं गंदे पानी का समाधान तो कहीं सफाई और जल निकासी की मांग, कई इलाकों की समस्याएं बरकरार
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने टोंक समेत प्रदेशभर में राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के 1382 रिक्त पदों को भरने के लिए दो बार आवेदन मंगवाए। दोनों बार ऑनलाइन इंटरव्यू प्रक्रिया निरस्त कर गुरुवार को अपने स्तर पर 1056 पदों पर प्रतिनियुक्ति आदेश जारी कर दिए। इस फैसले के बाद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षक संगठनों ने इंटरव्यू के जरिए नियुक्तियां करने और प्रतिनियुक्ति आदेश वापस लेने की मांग की है। शिक्षक संगठनों ने उठाए सवालशिक्षक संगठनों का कहना है कि जब पद सीधे प्रतिनियुक्ति से ही भरने थे तो विज्ञप्तियां जारी कर सरकारी धन और कर्मचारियों का समय क्यों खर्च कराया गया। कई कार्मिकों ने दो-दो बार आवेदन किए, एक बार साक्षात्कार भी दिए और मेरिट के आधार पर नई जगह मिलने का इंतजार करते रहे। इसके बावजूद परिषद ने सीडीईओ, सीडीओ, प्रिंसिपल समेत विभिन्न पदों पर बिना किसी राय-मशविरा के प्रतिनियुक्तियां कर दीं। पहली भर्ती प्रक्रिया भी रही अधूरीशिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए प्रतिनियुक्ति आदेश रद्द कर इंटरव्यू के जरिए पद भरने की मांग की है। उन्होंने बताया कि परिषद ने 24 जुलाई से 6 अगस्त 2024 तक 1382 पदों के लिए ऑनलाइन साक्षात्कार आयोजित किए थे, लेकिन डेढ़ साल बीतने के बाद भी चयन सूची जारी नहीं की गई और प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। दूसरी बार भी नहीं हुए इंटरव्यूइसके बाद 21 जनवरी को समग्र शिक्षा के तहत जिला व ब्लॉक कार्यालयों के रिक्त पदों के लिए नई विज्ञप्ति जारी की गई। 9 से 13 फरवरी तक प्रधानाचार्य और व्याख्याता समकक्ष अधिकारियों से आवेदन मांगे गए, लेकिन इस बार भी साक्षात्कार नहीं हुए। हाल ही में राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त ने ऑनलाइन साक्षात्कार 8 जुलाई को निरस्त कर दिए और गुरुवार को प्रतिनियुक्ति आदेश जारी कर दिए। इन पदों के लिए मांगे गए थे आवेदनजिला स्तर पर सहायक निदेशक, सहायक परियोजना समन्वयक और कार्यक्रम अधिकारी के पदों के लिए आवेदन लिए गए थे। वहीं ब्लॉक स्तर पर अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी-द्वितीय और संदर्भ व्यक्ति (आरपी) के पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन पदों पर निश्चित अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति की जानी थी, जिसका चयन ऑनलाइन साक्षात्कार से होना तय था। 1056 कार्मिकों के आदेश जारीराजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने आवेदन लेने के करीब पांच महीने बाद 403 व्याख्याताओं तथा 653 प्राचार्यों और उप-प्राचार्यों के प्रतिनियुक्ति आदेश जारी कर दिए। इन्हें मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में एसीबीईओ-द्वितीय, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में सहायक निदेशक और अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कार्यालयों में सहायक परियोजना समन्वयक के पदों पर लगाया गया है। ‘सीधी प्रतिनियुक्ति करनी थी तो आवेदन क्यों लिए’सलावद का कहना है कि जिला और ब्लॉक कार्यालयों में लंबे समय से पद खाली होने से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। यदि विभाग को सीधे प्रतिनियुक्ति ही करनी थी तो राज्यभर के कार्मिकों से ऑनलाइन आवेदन नहीं मंगवाने चाहिए थे। उन्होंने परिषद से निर्णय वापस लेकर इंटरव्यू के आधार पर पद भरने की मांग की है।
ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से 21 लाख रुपए के जेवर और नकदी ठगने के मामले में फरार आरोपी आदित्य भदौरिया पर एक और केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि वह अब पीड़ित छात्रा के पिता को जान से मारने की धमकी देकर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने नया मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक आदित्य भदौरिया के खिलाफ पहले से लूट, फायरिंग, मारपीट समेत 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ने 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है, लेकिन वह अब तक फरार है। एक्सीडेंट की झूठी कहानी सुनाकर की ठगी मामले की शुरुआत 4 मई को हुई थी। छात्रा की मां ने शिकायत में बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी की दोस्ती पड़ोस में रहने वाले आदित्य भदौरिया से थी। आरोपी ने व्हाट्सएप पर मैसेज कर कहा कि उसका गंभीर एक्सीडेंट हो गया है और इलाज के लिए तुरंत पैसों की जरूरत है। उसने यह भी कहा कि समय पर मदद नहीं मिली तो उसकी जान चली जाएगी। दोस्त की मदद के लिए छात्रा ने घर की अलमारी से एक लाख रुपए नकद और करीब 20 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर निकालकर आरोपी को दे दिए। आरोपी ने दो दिन में सब लौटाने का भरोसा दिया था। 15 दिन बाद खुला मामला करीब 15 दिन बाद छात्रा की मां ने अलमारी देखी तो नकदी और जेवर गायब थे। पूछने पर छात्रा ने पूरी घटना बताई। परिवार ने आरोपी से संपर्क किया तो उसने पहले सामान लौटाने की बात कही, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि वह नकदी और जेवर सट्टे में हार चुका है। पहले छात्रा, अब पिता को धमकी पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले छात्रा को धमकी दी थी कि समझौता नहीं करने पर पूरे परिवार को जान से मार देगा। अब वह छात्रा के पिता को मोबाइल पर लगातार मैसेज भेजकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जा रही है। गुरुवार को छात्रा के पिता ने महाराजपुरा थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धमकी देने का एक और मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी पुलिस का कहना है कि आदित्य भदौरिया हिस्ट्रीशीटर है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपी के पकड़े जाने के बाद उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही धमकी की शिकायत की भी जांच की जा रही है।
जयपुर शहर के झोटवाड़ा, श्याम पुरी, शास्त्री नगर और सांगानेर जैसे कई प्रमुख इलाकों से बुनियादी व्यवस्थाओं की बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं। जहाँ एक तरफ भोमिका नगर में 100 फीट रोड पर आवारा मवेशियों के कब्जे और व्यास कॉलोनी में जर्जर नाले के कारण लोग हादसों के साए में जीने को मजबूर हैं, वहीं खालसा कॉलोनी में हफ्तों से जाम पड़ी सीवर लाइन और सांगानेर में अवैध शराब माफियाओं की वजह से स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो चुका है। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कई जगह जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। हालांकि, इन गंभीर दिक्कतों के बीच 'दैनिक भास्कर' का 'भास्कर समाधान' ऐप आम जनता की समस्याओं को हल करने का एक सशक्त जरिया बन रहा है। इस डिजिटल मुहिम के असर से मानसरोवर के भैवर नगर में हफ्तों से सड़क पर बह रहा सीवर का गंदा पानी साफ करा दिया गया है। वहीं, शास्त्री नगर के राम नगर में महीनों से बंद स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा ऐप पर उठते ही निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल तुरंत हरकत में आए और ऑन-स्पॉट लाइटें दुरुस्त करवा दीं, जिससे खुश होकर वार्ड वासियों ने उन्हें 'पब्लिक का स्टार' का दर्जा दिया है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) हादसे के डर में जीने को मजबूर क्षेत्रवासीजयपुर के झोटवाड़ा स्थित भोमिका नगर के निवासी प्रशांत यादव ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की गंभीर समस्या को पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि इलाके की 100 फीट रोड पर हर सुबह बड़ी संख्या में गायों और अन्य मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। मुख्य सड़क पर पशुओं के इस तरह बैठे रहने के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों में हमेशा किसी हादसे या हमले का डर बना रहता है। स्थिति इतनी खराब है कि लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। निवासियों ने प्रशासन से इन्हें हटाने की मांग की है। लोगों का घरों से निकलना हुआ दूभरजयपुर के श्याम पुरी के खालसा कॉलोनी रोड के रहने वाले पंकज श्रीमाल ने 'भास्कर समाधान' पर क्षेत्र की एक समस्या के बारे में है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 8 दिनों से इलाके में सीवर लाइन जाम पड़ी है, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। स्थानीय निवासियों ने इस बारे में जिम्मेदार पार्षदों को भी अवगत कराया, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। सीवर के पानी और बदबू के कारण लोगों का अपने घरों से बाहर आना-जाना भी दूभर हो गया है। कभी भी हो सकता है बड़ा हादसाशास्त्री नगर की पशुपति नाथ कॉलोनी से मानव जांगिड़ ने क्षेत्र की एक बेहद संवेदनशील समस्या के बारे में बताया है। उन्होंने बताया कि व्यास कॉलोनी में बरकती मस्जिद और पंचेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित एक बड़ा नाला पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इस नाले का सालों पुराना हिस्सा और दीवारें आए दिन ढह रही हैं। दो प्रमुख धार्मिक स्थलों के पास होने के कारण यहाँ लगातार लोगों की आवाजाही रहती है, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने इसे तुरंत दुरुस्त कराने की मांग की है। अवैध शराब माफियाओं का आतंकसांगानेर क्षेत्र के रहने वाले राकेश सैनी ने इलाके में लंबे समय से अवैध रूप से शराब बेचे जाने के बारे में 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया है। इस अवैध गतिविधि के कारण यहाँ हर समय असामाजिक तत्वों और शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों में असुरक्षा का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस और आबकारी विभाग से इस पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। भैवर नगर में सीवर की समस्या खत्मजयपुर के मानसरोवर स्थित सुमेर नगर रोड (भैवर नगर) निवासी नरेंद्र जैन ने क्षेत्र में बह रहे सीवर के गंदे पानी की समस्या को 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया था। उन्होंने बताया था कि पिछले कुछ दिनों से मुख्य सड़क पर सीवर का पानी जमा होने के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दैनिक भास्कर ऐप पर मामला प्रमुखता से सामने आने के बाद संबंधित विभाग तुरंत हरकत में आया और त्वरित कार्रवाई करते हुए सीवर लाइन को दुरुस्त कर समस्या का स्थाई समाधान करवा दिया है। शिकायत के बाद हरकत में आए निवर्तमान पार्षदशास्त्री नगर स्थित राम नगर (C-51) निवासी मनोज गुप्ता ने क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़ी रोड लाइट की समस्या को 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया था। उन्होंने बताया था कि लाइट बंद होने के कारण पूरी गली में अंधेरा रहता था, जिससे स्थानीय निवासियों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दैनिक भास्कर ऐप पर मामला सामने आने के बाद क्षेत्र के निवर्तमान पार्षद तुरंत हरकत में आए और त्वरित कार्रवाई करते हुए बंद लाइटों को दुरुस्त कर समस्या का समाधान करवा दिया है। मनोज मुदगल बने 'पब्लिक के स्टार'शास्त्री नगर के राम नगर (C-51) इलाके में लंबे समय से बंद पड़ी रोड लाइटों के कारण रात के समय सुरक्षा का गंभीर खतरा बना हुआ था। स्थानीय निवासी मनोज गुप्ता ने इस अंधेरे और परेशानी को दूर करने के लिए दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' ऐप पर आवाज़ उठाई। खबर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आते ही क्षेत्र के निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल तुरंत एक्शन में आए। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए बंद पड़ी लाइटों को ऑन-स्पॉट ठीक करवाया। इस त्वरित समाधान के बाद राहत महसूस कर रहे वार्ड वासियों ने पार्षद को 'पब्लिक का स्टार' बताया है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर में सीवर ओवरफ्लो और गंदगी से घिरे इलाके:चांदपोल और रामपुरा नगर को मिली राहत, एक्सईएन रूपाराम बने ‘स्टार ऑफिसर’ 2.पृथ्वीराज नगर में लीकेज की समस्या दूर:कंवर नगर को मिली गंदगी से मुक्ति, राजहंस कॉलोनी के गेट से हटा कचरे का ढेर 3.'भास्कर समाधान': निगम उपायुक्त बनीं ‘स्टार ऑफिसर’:कीचड़ भरे रास्ते से श्मशान जाने को मजबूर, अतिक्रमण से स्कूली बच्चे परेशान, बारिश से बना गड्ढा 4.जयपुर की गलियों में गंदगी, अंधेरा बना चुनौती:'भास्कर समाधान' बना जनता की आवाज, शिकायतों पर अधिकारी ले रहे तुरंत एक्शन 5.पार्षद की कार्रवाई ने शास्त्री नगर में पलटी तस्वीर:कई इलाकों में विभागों ने दिखाई तत्परता, मानसून की शुरुआत ने खोली ड्रेनेज सिस्टम की पोल 6.सोडाला में सीवर की समस्या दूर:गोकुलपुरा में टला बड़ा हादसा, बिजली के पोल पर झुके पेड़ को विभाग ने मुस्तैदी से हटाया 7.'भास्कर समाधान' से कई इलाकों की समस्याएं खत्म:बंद लाइटें, टूटी सड़कें और कचरे से मिली राहत, कुछ क्षेत्रों में अब भी समाधान का इंतजार जारी 8.जयपुर में अंधेरे और अतिक्रमण का संकट:जगदीश विहार में 4 दिन से बंद रोड लाइट, मालवीय नगर में अवैध पार्किंग से घरों के रास्ते हुए जाम 9.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट में हल:निगम की एक्सईएन बनीं ‘स्टार ऑफिसर’, पार्क, सड़कें बदहाल, बेसहारा पशु और नियमित सफाई बड़ी समस्या 10.भास्कर समाधान: पेड़ की समस्या का हुआ समाधान:सीवर, बदहाल सड़कें और आवारा पशुओं से लोग परेशान, शिकायतों के बाद भी कई इलाकों में इंतजार
‘पता नहीं, सोमवार की रात कैसी मनहूस घड़ी आई। परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया। अब किसके सहारे जिऊंगी। वो तो जल्दी आने का कहकर घर से निकला था। जरा-सा भी आभास होता तो उसे जाने ही नहीं देती।’ इतना कहते ही मृदुल की मां ममता पटेल की आंखें भीग जाती हैं। पास खड़ी परिवार की दूसरी महिलाएं उन्हें सहारा देती हैं। थोड़ा रुक कर वह कहती हैं- वो तो अपने जीजाजी का बर्थ-डे मनाने गया था। जाते समय मैंने पूछा भी था, कौन साथ जा रहा है? उसने अपने भाइयों के नाम बताए तो चिंता नहीं हुई। गाड़ी तो वह इतनी अच्छी चलाता था कि कभी शिकायत नहीं आई। मृदुल उस XUV कार को ड्राइव कर रहा था, जो 6 जुलाई की रात नेशनल हाईवे- 30 पर नादन थाना के रिगरा गांव के पास चलते ट्रक में घुसी थी। हादसे में अंकुर पटेल (40), मृदुल पटेल (32), विजय पटेल (30), हरिशंकर पटेल (25) और संजीव उर्फ शिवा पटेल (23) की मौत हो गई। अंकुर और मृदुल पूर्व विधायक लाल जी भाई पटेल के पोते थे। दो सगे भाई विजय और हरिशंकर लाली पटेल के भतीजे थे। संदीप पटेल पूर्व विधायक की भतीजी का नाती था। ड्यूटी डॉक्टर ज्ञानेश गौतम के मुताबिक, सभी युवकों के सिर पर गहरी चोटें थीं। दैनिक भास्कर की टीम मैहर जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर तनाजा गांव पहुंची। तीन दिन बाद भी गांव में जिंदगी सामान्य नहीं हुई है। हर जगह सन्नाटा था। पूर्व विधायक की दो मंजिला हवेली से रुक-रुकर महिलाओं के रोने की आवाज आ रही थी। सतीश बोले- दूसरी कार से गए थे, इसलिए बच गए हवेली के बाहर मृतक भाइयों के चचेरे भाई सतीश मिले। सतीश दूसरी कार से अपने रिश्तेदार का जन्मदिन मनाने अमरपाटन गए थे। सतीश कहते हैं- सोमवार शाम करीब 8 बजे तनाजा से अमरपाटन जनपद उपाध्यक्ष मनोज पटेल के जन्मदिन में गए थे। सेलिब्रेशन के बाद सभी ने डिनर किया। तेज बारिश हो रही थी। वापस आते समय मैंने मृदुल, अंकुर और विजय से साथ चलने कहा। इस पर मृदुल ने कहा- भैया, आप लोग अपनी गाड़ी से निकलो, हम लोग थोड़ी देर में आते हैं। मुझे क्या पता था कि वे अब कभी नहीं आएंगे, नहीं तो उन्हें साथ ही लेकर आता। सतीश कहते हैं- एक तरह से हमारा तो परिवार ही खत्म हो गया। मृदुल, विजय, हरिशंकर, अंकुर और संजीव। संजीव मैहर में ही प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर था। उसके पिता का बहुत पहले निधन हो चुका। वो अपनी दादी, मां और भाई का सहारा था। किस्मत से ओम पटेल को भगवान ने दूसरी जिंदगी दी है। वो इंदौर के एक कॉलेज से एमबीए कर रहा है। जबलपुर में उसका इलाज चल रहा है। हादसे ने दो बेटों को छीन लिया सतीश ने हवेली के बरामदे में बैठी गंगा पटेल से मिलवाया। इनके दो बेटों विजय और हरिशंकर की हादसे में मौत हुई है। विजय जबलपुर में अमेजन कंपनी में मैनेजर थे। उनकी डेढ़ साल की बेटी भी है। छोटा भाई हरिशंकर (बेटू) कंपनी में (वर्क फ्रॉम होम) करता था। पथरा सी गईं बुजुर्ग मां की आंखें गंगा पटेल के पास ही कुर्सी पर करीब 70 साल की एक बुजुर्ग महिला बैठी थीं। ये अंकुर पटेल की मां किरण पटेल हैं। अंकुर के पिता का बहुत पहले ही निधन हो चुका है। आठ साल पहले किरण से शादी हुई थी। दोनों का आठ साल का बेटा है। मां किरण को कुछ समझ नहीं आ रहा। आंखें पथरा सी गई हैं। बहुत कुछ कहना चाहती हैं, पर आवाज नहीं निकल रही। वे धीरे से कहती हैं- जन्मदिन से लौटते समय पता नहीं कैसे बहक गए, क्या हो गया? ये सब रात डेढ़-दो बजे हो गया। हमें तो सुबह 5 बजे पता चला। पता नहीं, कैसे एक साथ सभी बच्चे खत्म हो गए। इतना कहते ही उनके आंसू बहने लगे। पार्ट-2 देखते ही देखते हवेली के सामने लग गई भीड़ गांव में मंगलवार सुबह ग्रामीण अपने-अपने खेत जाने की तैयारी कर रहे थे। इतने में खबर आई कि पूर्व विधायक स्वर्गीय लालजी भाई पटेल के चार पोतों और एक नाती की कार एक्सीडेंट में मौत हो गई। थोड़ी देर में पूर्व विधायक की हवेली के सामने हुजूम लग गया। गांव के लोग अपना काम छोड़कर आ गए। महिलाओं की चीखें गूंज रही थीं। गांव के बुजुर्ग हवेली के बाहर सिर पकड़कर बैठकर कह रहे थे- कैसा अनर्थ हो गया। जिस आंगन में घर आंगन में बच्चे खेलकूद कर बड़े हुए, वहीं से अर्थी उठेगी। चार अर्थियां उठीं तो पूरा गांव रो पड़ा जब चारों के शव गांव लाए गए तो चीख-पुकार मच गई। हवेली के आंगन में महिलाएं बदहवास सी पड़ी थीं। घूंघट किए हुए बहुएं दीवार से माथा मार रही थीं। जैसे-तैसे शव अर्थियों पर रखे गए। एक-एक कर अंतिम विदाई के लिए चार अर्थियां उठीं तो पूरा गांव रो पड़ा। अंतिम यात्रा के बाद शाम को श्मशान घाट पर चार चिताओं को सजाया गया। अंकुर को उनके छोटे भाई अंकित ने, मृदुल को उनके चचेरे भाई सतीश, विजय को शुभम और हरिशंकर को अनीश ने मुखाग्नि दी। पांचवें मृतक संजीव पटेल का अंतिम संस्कार उनके पैतृक क्षेत्र नरोरा में किया गया। …………………………… यह खबर भी पढ़ें- चलते ट्रक में घुसी XUV, 5 युवकों की मौत मैहर जिले में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात तेज रफ्तार XUV (महिंद्रा-700) आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार छह युवक फंस गए। पांच युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पढ़ें पूरी खबर
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) के तवा बफर के रेंजर अमित सिंह चौहान पर वित्तीय अनियमितताओं और लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि बिना वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लिए बिना ही उनके क्षेत्र में होम स्टे का निर्माण हुआ। इको सेंसेटिव जोन में आता है। होम स्टे के काम को रेंजर चौहान ने नहीं रुकवाया। नए तालाबों के निर्माण और गहरीकरण में भी स्वीकृति से कम काम कराया। जबकि भुगतान स्वीकृति अनुसार कराया गया। रेंजर पर आरोप इटारसी के तत्कालीन सहायक संचालक विनोद वर्मा के STR क्षेत्र संचालक (फील्ड डायरेक्टर) को भेजे पत्र में हुआ है, जो उन्होंने 23 जून को भेजा। पत्र क्रमांक 1672 में तवा बफर के रेंजर अमित चौहान पर शासकीय कार्यों में लगातार लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना तथा वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। 9 बिंदुओं में शिकायत, निलंबन की मांगइटारसी सहायक संचालक ने 9 बिंदुओं में तवा बफर के रेंजर की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की और उनके निलंबन की मांग की है। मामले में डिप्टी डायरेक्टर ऋषिभा नेताम ने सहायक संचालक वर्मा के पत्र में लिखे बिन्दुओं की सच्चाई जानने के लिए पिपरिया सहायक संचालक आशीष खोपरागड़े जांच सौंप दी। सहायक संचालक खोपरागड़े और नए रेंजरों के साथ जांच कर रहे हैं, जिसमें विनोद वर्मा के पत्र में लिखे कई बिंदुओं सच पाए गए हैं। ऐसे में जंगल में होने वाले निर्माण कार्यो की वित्तीय अनिमितताओं की गड़बड़ी उजागर हो सकती है। इधर तवा बफर के रेंजर अमित सिंह चौहान ने भी सहायक संचालक वर्मा पर भी उन्हीं मामलों की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की है, जिसमें उन पर वित्तीय अनिमियताओं के आरोप लगाए हैं। जिसकी जांच सामान्य वन मंडल के डीएफओ गौरव शर्मा कर रहे हैं। बिना अनुमति इको सेंसेटिव जोन में बने होम स्टेइको सेंसेटिव जोन क्षेत्र ग्राम धांसई में होम स्टे बिना स्वीकृति के निर्माण किए गए। होम स्टे को नियमानुसार स्वीकृति आवश्यक थी, सहायक संचालक ने परिक्षेत्र अधिकारी अमित चौहान को 23 फरवरी 2026, 26 मार्च 2026 एवं 25 अप्रैल 2026 को पत्र लिखे गए। लेकिन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिक्षेत्र अधिकारी की लापरवाही के फलस्वरूप होम स्टे बनकर तैयार हो गया। तालाब निर्माण-गहरीकरण में 4-4 लाख गबन के आरोपभतौड़ी इको विकास समिति में कक्ष क्रमांक 508 में नवीन तालाब निर्माण में करीब 4-5 लाख रुपए का गबन किया गया। स्वीकृति से आधे में भी कम में खुदाई की गई। स्वीकृति अनुसार कुल 2223 घनमीटर का तालाब निर्मित किया जाना था। मौके पर मात्र 1028 घन मीटर मिट्टी खुदाई मिली। पिचिंग भी कम मात्रा बनाई गई। इसी प्रकार तालाबों के गहरीकरण में 3.97 लाख के गबन की आशंका है। 3637.74 घनमीटर मिट्टी खुदाई स्वीकृत थी, लेकिन मौके पर प्रत्येक तालाब में करीब 300 घनमीटर ही खुदाई मिली। कुल मिलाकर लगभग 932 घनमीटर कार्य पाया गया, जबकि 2705 घनमीटर खुदाई कम होना दर्ज किया गया। फर्जी भुगतान की आशंका पर भी नहीं दी जानकारीक्षेत्र संचालक को की गई शिकायत में यह भी उल्लेख है कि यदि सड़क निर्माण कार्य वास्तव में नहीं हुआ, मजदूरों की सूची के आधार पर फर्जी भुगतान की संभावना है। संबंधित जानकारी अधिकारी को उपलब्ध नहीं कराई गई। मामले में खास बात यह है कि जिस सहायक संचालक (एसडीओ) विनोद वर्मा ने रेंजर अमित सिंह की 23 जून को शिकायत की थी। उसी दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर एक फोटो, वीडियो शेयर किया था, जिसमें सांभर को वो सहलाते और पोहे की थाली के पास सांभर का मुंह दिखा था। एक शिकायत पर ताबड़तोड़ फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने अगले दिन 24जून को सहायक संचालक विनोद वर्मा को हटाने और उनके सस्पेंड के आदेश निकलवा दिए। तभी से वर्मा सस्पेंड हैं। वहीं सहायक संचालक वर्मा द्वारा रेंजर के लिए भेजे पत्र में लिखे गंभीर आरोपों में अबतक रेंजर पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। एसटीआर के अधिकारियों द्वारा दोबारा जांच करवा रहे हैं। एक दूसरे पर आरोप लगा रहे, जांच में होगा खुलासाएसटीआर डिप्टी डायरेक्टर ऋषिभा नेताम ने बताया तवा बफर रेंजर अमित चौहान की वित्तीय अनिमितताओं की शिकायत तत्कालीन सहायक संचालक इटारसी के द्वारा अलग-अलग बिंदुओं पर की गई। जिसकी जांच पिपरिया सहायक संचालक आशीष खोपरागड़े और दो रेंजरों की टीम कर रही है। रेंजर अमित चौहान के द्वारा इटारसी सहायक संचालक की शिकायत की। जिसकी जांच सामान्य वन मंडल के डीएफओ कर रहे हैं। संभवत: जांच रिपोर्ट एक दो दिन में आ जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के दूसरे चरण का इंतजार कर रहे हजारों परिवारों के लिए राहत की खबर है। मानपुर क्षेत्र में 1675 नए आवास बनाए जाएंगे। परियोजना को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति और केंद्र सरकार की सीएमसी कमेटी से मंजूरी मिल चुकी है। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण शुरू होगा। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने प्रधानमंत्री आवास योजना की टीम को निर्देश दिए हैं कि टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को जल्द आवास मिल सके। 285 करोड़ रुपए की परियोजना सहायक यंत्री पीआईयू पवन शर्मा ने बताया कि मानपुर में बनने वाले 1675 आवासों में 960 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), 576 निम्न आय वर्ग (LIG) और 139 मध्यम आय वर्ग (MIG) के लिए होंगे। इस परियोजना पर करीब 285 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सभी मंजूरियां मिल चुकीं नगर निगम के अनुसार परियोजना को तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है। अब केवल टेंडर प्रक्रिया बाकी है। इसके पूरा होते ही निर्माण एजेंसी का चयन कर काम शुरू कराया जाएगा। पहले चरण के बाद दूसरे का इंतजार मानपुर और महलगांव में पहले चरण के तहत बने प्रधानमंत्री आवासों में बड़ी संख्या में हितग्राही रह रहे हैं। इन परियोजनाओं के समय पर निर्माण और गुणवत्ता की सराहना भी हुई थी। पहले चरण में जिन पात्र परिवारों को आवास नहीं मिल पाया था, वे लंबे समय से दूसरे चरण का इंतजार कर रहे थे। नगर निगम के मुताबिक मंजूरी मिलने के बाद अब ऐसे हजारों परिवारों को अपने घर की उम्मीद फिर से जगी है। परियोजना पूरी होने पर हजारों परिवारों को पक्के मकान मिलेंगे और शहर में आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा।
राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने गुरुवार देर शाम 49 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों की तबादला सूची जारी की। इसका असर सवाई माधोपुर जिले पर भी पड़ा है। सूची में गंगापुर सिटी और बौंली के एएसपी के तबादले किए गए हैं। गंगापुर सिटी में नारायण लाल शर्मा की तैनातीजारी आदेश के अनुसार, राजस्थान पुलिस मुख्यालय जयपुर में कार्यरत नारायण लाल शर्मा को गंगापुर सिटी का एएसपी लगाया गया है। शर्मा को जिले में काम करने का लंबा अनुभव है। वे पहले पुलिस इंस्पेक्टर और डीएसपी के रूप में भी यहां सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वे सवाई माधोपुर कोतवाली के थानाधिकारी और सीओ सिटी के पद पर भी रह चुके हैं। बौंली में हिम्मत सिंह को मिली जिम्मेदारीबौंली के एएसपी नीलकमल मीणा का तबादला सिविल राइट्स जयपुर कर दिया गया है। उनकी जगह सिविल राइट्स जयपुर में कार्यरत हिम्मत सिंह को बौंली का नया एएसपी बनाया गया है। उषा शर्मा का भी तबादलाहाल ही में क्विक इन्वेस्टिगेशन सेल में पदस्थापित की गईं एएसपी उषा शर्मा को सीआईडी-सीबी जयपुर भेजा गया है।
सोनभद्र जिले के करमा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत केकराही में ग्रामीण 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन और 100 केवीए ट्रांसफार्मर को लेकर चिंतित हैं। यह लाइन घरों और एक इंग्लिश मीडियम स्कूल के ऊपर से गुजर रही है, जबकि ट्रांसफार्मर आवासीय क्षेत्र के करीब स्थापित है। ग्रामीणों ने इसे बड़े हादसे का संभावित कारण बताते हुए तत्काल स्थानांतरित करने की मांग की है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद घोरावल विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य ने अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग सोनभद्र को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में बताया कि ग्राम केकराही निवासी अरविंद कुमार के घर के पास 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा है और 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन उनके घर व इंग्लिश मीडियम स्कूल के ऊपर से गुजर रही है। विधायक ने ट्रांसफार्मर को लगभग 50 मीटर दूर सरकारी खाली भूमि पर स्थानांतरित करने और बिजली लाइन को हटाने की मांग की है। इस संबंध में, पीड़ित परिवार के सदस्य अरविंद कुमार, रामा सिंह मौर्य, मिश्री लाल मौर्य, संजय केशरी, पूर्व प्रधान राम बिहारी यादव, डॉ. राम सुभग सिंह, अशोक शर्मा, भोला मौर्य और अन्य ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को भी एक प्रार्थना पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात और तेज हवाओं के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, जिससे बच्चों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा खतरे में है। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ट्रांसफार्मर और हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया और कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्युत विभाग की होगी। स्थानीय लोगों की मांग है कि किसी संभावित हादसे का इंतजार करने के बजाय, प्रशासन को तत्काल सुरक्षा के आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में प्राइमरी स्कूल का हेडमास्टर शराब के नशे में स्कूल पहुंच गया। हेडमास्टर इस कदर नशे में धुत था कि वह खुद को संभाल भी नहीं पा रहा था और स्कूल के बाहर जहां जूते-चप्पल बाहर रखे थे, वहीं जमीन पर लेट गया। हेडमास्टर ने बच्चों और ग्रामीणों से नशे की हालत में गाली-गलौज की। वहां मौजूद ग्रामीणों ने हेडमास्टर को समझाया तो कहने लगा मुझसे फालतू बात मत करना। ग्रामीणों ने जब कहा वीडियो कलेक्टर के पास पहुंच जाएगा। इस पर हेडमास्टर धमकाते हुए कहा पटककर मारूंगा। क्या कर लोगे मेरा। ग्रामीणों ने हेडमास्टर का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जानकारी के अनुसार, नशे में धुत हेडमास्टर का नाम हरिनंदन सिंह है। वह रामानुजनगर ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल खोरखोरीपारा में हेडमास्टर के पद पर पोस्टेड हैं। सूरजपुर डीईओ ने हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया है। पहले देखिए तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला मामला रामानुजनगर ब्लॉक के खोरखोरीपारा प्राइमरी स्कूल का है। जानकारी के मुताबिक, यहां पदस्थ हेडमास्टर हरिनंदन सिंह गुरुवार (9 जुलाई) को शराब के नशे में लड़खड़ाते हुए स्कूल पहुंचे। स्कूल में वे बच्चों और शिक्षकों से गाली-गलौज कर रहे थे। इसकी जानकारी जब ग्रामीणों को मिली तो वे स्कूल पहुंच गए। ग्रामीणों को देखते ही हेडमास्टर नशे की हालत में स्कूल परिसर में ही जमीन पर लेट गए। जब ग्रामीणों ने कहा कि आप स्कूल के हेडमास्टर हैं। आप स्कूल शराब के नशे में आए हैं। बच्चों पर इसका बुरा असर होगा। इस पर हेडमास्टर ने कहा मुझसे फालतू बात नहीं करना इसी बीच ग्रामीणों ने कहा, वीडियो कलेक्टर को भेज देंगे तो गाली-गलौज करते हुए कहा, पटककर मारूंगा। क्या करोगे मेरा। ग्रामीणों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर किया वायरल ग्रामीणों ने नशे की हालत में हेडमास्टर हरिनंदन सिंह का जमीन पर लेटे हुए वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में हेडमास्टर ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। वे नशे में बच्चों की चप्पलों पर ही सिर रखकर सो गए थे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने की जानकारी प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी लता बेक को मिली। इसके बाद उन्होंने रामानुजनगर बीईओ अवधेश कुमार साहू को जांच के लिए स्कूल भेजा। बीईओ ने स्कूल पहुंचकर शिक्षकों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। जांच में हेडमास्टर के नशे की हालत में स्कूल आने और बच्चों और शिक्षकों से गाली-गलौज करने की बात सही पाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि हरिनंदन सिंह लंबे समय से इस स्कूल में पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी हेडमास्टर के शराब पीकर स्कूल आने की शिकायतें की जा चुकी हैं। डीईओ ने किया सस्पेंड बीईओ ने जांच रिपोर्ट तुरंत सूरजपुर डीईओ को भेज दी। रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी डीईओ लता बेक ने हेडमास्टर हरिनंदन सिंह को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय प्रतापपुर रखा गया है। प्रभारी डीईओ ने बताया कि शराब के नशे में स्कूल आने वाले शिक्षकों की जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नशे में टल्ली होकर स्कूल पहुंचा शिक्षक...VIDEO: छात्राओं के सामने की गाली-गलौज, प्रिंसिपल ने रोका तो बोला-ईश्वर ने दिया है अधिकार, थाने ले गई पुलिस छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक शिक्षक शराब के नशे में स्कूल पहुंच गया। छात्राओं के सामने गाली-गलौज करते हुए हंगामा करने लगा। प्राचार्य ने समझाया तो कहने लगा बोलने का अधिकार नहीं है मुझे। ईश्वर ने बोलने का अधिकार दिया है। स्कूल के स्टाफ ने टीचर का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
भिंड नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) यशवंत वर्मा का जेडी कार्यालय ग्वालियर अटैचमेंट होते ही शहर की राजनीति गर्मा गई है। जो पार्षद पिछले ढाई वर्षों से वार्डों में विकास कार्य न होने, साफ-सफाई, जलभराव और पक्षपातपूर्ण कार्यशैली को लेकर सीएमओ पर सवाल उठाते रहे, वही अब उनके समर्थन में उतर आए हैं। गुरुवार को 10 से 12 पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों ने कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा को ज्ञापन सौंपकर स्थानांतरण निरस्त कराने की मांग की। इस घटनाक्रम ने नगर पालिका की राजनीति को नए मोड़ पर ला दिया है। सांसद ने दिशा समिति ने उठाया था मुद्दाजानकारी के अनुसार, सांसद संध्या राय ने हाल ही में दिशा समिति की बैठक में सीएमओ के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों का मुद्दा उठाया था। इसके बाद कलेक्टर के माध्यम से नगरीय प्रशासन आयुक्त को प्रतिवेदन भेजा गया और भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के आधार पर बुधवार शाम सीएमओ यशवंत वर्मा को जेडी कार्यालय ग्वालियर अटैच किए जाने के आदेश जारी हुए। आदेश के कुछ घंटों बाद ही शहर में उन्हें वापस लाने की कवायद शुरू हो गई। नेता के घर हुई बैठक, फिर बदल गए समीकरणसूत्रों के अनुसार गुरुवार को शहर के एक वरिष्ठ नेता के निवास पर कुछ पार्षदों की बैठक हुई। बैठक में वार्डों के लंबित विकास कार्यों को लेकर सहमति बनने की चर्चा रही। इसके बाद पार्षदों का एक समूह नगर पालिका अध्यक्ष वर्षा वाल्मीकि के कथित प्रतिनिधि सुनील वाल्मीकि के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और सीएमओ को पुनः भिंड में पदस्थ करने की मांग वाला ज्ञापन सौंप दिया। राजनीतिक गलियारों में इसे ट्रांसफर के बाद बदले समीकरण के रूप में देखा जा रहा है। जो जलभराव पर नाराज थे, अब समर्थन मेंपहली बारिश में वार्डों व कई इलाकों में नालों की सफाई न होने से जलभराव की स्थिति बनी थी। उस दौरान संबंधित पार्षद स्वयं नालों की सफाई कराते और लोगों के घरों से पानी निकलवाते नजर आए थे। उन्होंने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर नाराजगी भी जताई थी। अब वही पार्षद सीएमओ के समर्थन में सामने आने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक 8 से 10 पार्षद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित भिंड दौरे के दौरान उनसे मुलाकात कर सीएमओ का स्थानांतरण निरस्त करने की मांग वाला ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं। इसे लेकर रणनीति बनाई जा रही है। उपाध्यक्ष बोले- अधिकांश पार्षद पहले से थे नाराजनगर पालिका उपाध्यक्ष भानु प्रताप भदौरिया ने कहा कि वह निजी कार्य से शहर से बाहर हैं, लेकिन उन्हें जानकारी मिली है कि एक वरिष्ठ नेता के घर बैठक कर कुछ पार्षदों को सीएमओ के समर्थन में खड़ा किया गया। उनका कहना है कि अधिकांश पार्षद नगर पालिका की कार्यशैली से नाराज रहे हैं। सांसद संध्या राय ने जो मुद्दे उठाए, वे उचित थे। शहर की सड़कें बदहाल हैं, नालों की सफाई अधूरी है और विकास कार्यों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। ज्ञापन में क्या कहा गयाकलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में पार्षदों ने दावा किया कि सीएमओ यशवंत वर्मा के कार्यकाल में स्वच्छता, पेयजल, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और विकास कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्य चल रहे हैं, ऐसे समय पर सीएमओ का हटना नगरहित में नहीं है। इसलिए शासन स्तर पर सकारात्मक अनुशंसा कर उन्हें पुनः नगर पालिका परिषद भिंड में पदस्थ किए जाने की मांग की गई।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत से जुड़ी जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की रोकथाम के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व के आसपास 2 हजार कुत्तों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। अब उन्हें बूस्टर डोज देने की तैयारी की जा रही है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और टाइगर रिजर्व प्रबंधन को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि प्रदेश के सभी 9 टाइगर रिजर्व में वन्यजीव विशेषज्ञ वेटरनरी डॉक्टर तैनात किए जाएं और खाली पद जल्द भरे जाएं। साथ ही कुत्तों की बढ़ती संख्या रोकने के लिए डॉग बर्थ कंट्रोल की व्यवस्था करने को भी कहा। कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि 17 अगस्त से पहले सभी टाइगर रिजर्व के आसपास कुत्तों के वैक्सीनेशन की स्थिति पर रिपोर्ट पेश की जाए। कैनाइन डिस्टेंपर वायरस पर उठे सवाल यह जनहित याचिका कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) से बाघों की संदिग्ध मौतों को लेकर दायर की गई है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सीमावर्ती गांवों में कुत्तों का वैक्सीनेशन कराया गया है। याचिका में क्या कहा गया मुंबई के चेंबूर निवासी अधिवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि रॉयल बंगाल टाइगर की सुरक्षा के लिए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी है। इनका पालन नहीं होने से बाघों की मौत बढ़ी है। याचिका में यह भी कहा गया कि वायरस अन्य टाइगर रिजर्व तक फैल सकता है। इसलिए प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के आसपास कुत्तों का वैक्सीनेशन कराया जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 के आदेश के बावजूद खाली पद नहीं भरे गए हैं। एक महीने में 8 बाघों की मौत याचिका के अनुसार अप्रैल में बाघिन सुनैना, बाघिन अमाही और उसके चार अर्धवयस्क शावकों की मौत हुई थी। इसके बाद 19 मई 2026 को युवा नर बाघ महावीर की भी मौत हो गई। इसी अवधि में बालाघाट और किसली क्षेत्र में दो अन्य वयस्क नर बाघ भी मृत मिले। इस तरह करीब एक महीने में कान्हा टाइगर रिजर्व में 8 बाघों की मौत दर्ज हुई। फंड का मुद्दा भी उठा सुनवाई के दौरान टाइगर रिजर्व के लिए केंद्र सरकार से पर्याप्त फंड नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर हाईकोर्ट पहले ही केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब कर चुका है। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह और प्रतीक रूसिया ने पैरवी की।
बालाघाट के किरनापुर थाना क्षेत्र के पिपरटोला गांव में कुएं की जहरीली गैस की चपेट में आने से दो दोस्तों की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार रात को हुई। एसडीईआरएफ की टीम ने लगभग 5 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों शवों को कुएं से बाहर निकाला। एसडीईआरएफ के जवान करणसिंह वल्के ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क पहनकर 50 फीट गहरे कुएं में उतरे। उन्होंने रात 10 से 10:30 बजे के बीच रस्सी के सहारे दोनों शवों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। मोटर सुधारने उतरे, दोनों की गई जान पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 5:30 से 6 बजे के बीच पिपरटोला निवासी महेश चौधरी (45) अपने दोस्त युवराज बिसेन (55) के घर के पीछे बने कुएं में मोटर सुधारने के लिए उतरे थे। कुएं में मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। महेश को बचाने के लिए युवराज भी कुएं में उतर गए, लेकिन वे भी गैस की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर किरनापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कुएं में जहरीली गैस की आशंका को देखते हुए बालाघाट से एसडीईआरएफ टीम बुलाई गई। एसडीईआरएफ के जवान करण सिंह वल्के ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क पहनकर करीब 50 फीट गहरे कुएं में उतरे। रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच रस्सी की मदद से दोनों शवों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आज होगा अंतिम संस्कार थाना प्रभारी राजकुमार चौधरी ने बताया कि शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुटे रहे। रेस्क्यू अभियान में किरनापुर थाना प्रभारी राजकुमार चौधरी, होमगार्ड के एएसआई महेश कुमार के साथ एसडीईआरएफ के हवलदार सुनील कुमार नागपुरे, सैनिक संजय चौधरी, सतीश तोमर, करण सिंह वल्के, विशाल रजक, आशीष खरोले, राजेश धुर्वे और चेतेश्वर राहंगडाले शामिल रहे। 15 दिन में जहरीली गैस से चार मौतें बालाघाट जिले में पिछले एक पखवाड़े में कुओं की जहरीली गैस से चार लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले 25 जून को ग्रामीण थाना क्षेत्र के सितकुटोला निवासी लक्ष्मण लिल्हारे (50) और 8 जुलाई को भरवेली थाना क्षेत्र के मरारीटोला निवासी अशोक कावरे की भी कुएं में जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद कुओं में उतरने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन करने की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है। ये खबर भी पढ़े… कुएं में जहरीली गैस से दो किसानों की मौत:मोटर सुधारने उतरे थे बालाघाट में कुएं की जहरीली गैस की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। घटना गुरुवार शाम करीब 5:30 से 6 बजे के बीच किरनापुर थाना क्षेत्र के पिपरटोला गांव की है। दोनों किसान मोटर सुधारने के लिए कुएं में उतरे थे। पिपरटोला के रहने वाले युवराज बिसेन (55) के खेत के पास बने कुएं की मोटर खराब हो गई थी। पढ़े पूरी खबर…
राजधानी रायपुर में ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी की गई है। BYJU'S में ट्यूटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 22 साल की युवती से 44,676 रुपए ठग लिए गए। पुलिस के अनुसार पीड़िता मोवा निवासी जैनिशा है। जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने पहले चयन होने की बात कही, फिर रजिस्ट्रेशन, फ्री लैपटॉप और एनओसी (NOC) के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई। फिलहाल पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऑनलाइन आवेदन के बाद आया कॉल पंडरी पुलिस के मुताबिक, मोवा निवासी जैनिशा ने ऑनलाइन BYJU'S में ट्यूटर पद के लिए आवेदन किया था। कुछ समय बाद उसके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उसका चयन हो गया है। फ्री लैपटॉप का लालच देकर मांगे रजिस्ट्रेशन के पैसे आरोपी ने बताया कि पढ़ाने के लिए कंपनी की ओर से मुफ्त लैपटॉप दिया जाएगा। इसके लिए 9,607 रुपए रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा कराने को कहा गया। साथ ही भरोसा दिलाया गया कि यह राशि बाद में वापस कर दी जाएगी। बार-बार पैसे जमा कराते रहे ठग युवती ने बताए गए बैंक खाते में 9,607 रुपए जमा कर दिए। इसके बाद ठगों ने भुगतान गलत होने की बात कहकर दोबारा 9,660 रुपए जमा करा लिए। फिर एनओसी के नाम पर 11,990 रुपए और भुगतान प्रक्रिया पूरी करने के बहाने 11,919 रुपए जमा करवा लिए। इसके बाद आरोपियों ने फिर से 11,919 रुपए की मांग की। लगातार पैसे मांगने पर युवती को ठगी का एहसास हुआ और उसने आगे भुगतान करने से इनकार कर दिया। डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर जांच शुरू पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने, रजिस्ट्रेशन फीस, फ्री लैपटॉप या किसी अन्य आकर्षक ऑफर के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के खाते में पैसे जमा न करें। किसी भी नौकरी या ऑफर की जानकारी पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से जरूर सत्यापित करें।
भीलवाड़ा में सुरक्षा इंतजाम ठीक नहीं मिलने पर गुरुवार रात एक ट्रैवल्स बस को सीज कर दिया गया। बस में सवार यात्रियों को नीचे उतरवाकर दूसरी बस से से भेजा गया। कार्रवाई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य की अगुवाई में परिवहन विभाग की टीम ने होटल लैंडमार्क के पास चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान की। जांच में बस सुरक्षा और अन्य तकनीकी मानकों पर खरी नहीं उतरी, जिसके बाद जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी के जरिए उसे मौके पर ही सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने किया संयुक्त निरीक्षणजिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बसों की सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान एक बस निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी। इसके बाद जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी के माध्यम से उसे तत्काल सीज करने की कार्रवाई की गई। यात्रियों को दूसरी बस से भेजा गयाबस सील होने के बाद यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए बस संचालक को उन्हें दूसरी बस से रवाना करने के निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान होटल लैंडमार्क क्षेत्र में सामान्य से कम बसें दिखाई दीं। कार्रवाई से बचने के लिए कुछ चालक वैकल्पिक मार्गों से बसें ले जाते भी नजर आए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विभाग कभी भी जांच कर सकता है और सभी निजी बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा। जांच से जुड़ी तस्वीरें …
हरदा में कल बिजली कटौती:शहर सहित कई ग्रामीण इलाके घंटों प्रभावित होंगे
हरदा शहर में कल (11 जुलाई 2026) विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा शहर में बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। कंपनी 33/11 केवी हरदा शहर उपकेंद्र पर पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता 8 एमवीए से बढ़ाकर 10 एमवीए कर रही है। इसी तरह, 33/11 केवी ग्वालनगर उपकेंद्र पर भी क्षमता 5 एमवीए से बढ़ाकर 8 एमवीए की जा रही है। इस क्षमता वृद्धि से शहरवासियों को कम वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। यह कार्य नए पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना और संबंधित तकनीकी कार्यों के लिए किया जा रहा है, जिसके कारण विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शनिवार को विद्युत आपूर्ति दो पालियों में बाधित रहेगी। 33/11 केवी उपकेंद्र हरदा शहर से निकलने वाले सभी फीडरों की बिजली सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बंद रहेगी। वहीं, 33/11 केवी उपकेंद्र ग्वालनगर से निकलने वाले सभी फीडरों की विद्युत आपूर्ति दोपहर 1:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक बाधित रहेगी। कंपनी ने नागरिकों से सहयोग की अपील की और असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।
मंदसौर जिले की अफजलपुर थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने देश के विभिन्न शहरों से पांच गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से सकुशल मिलाया है। इस कार्रवाई से पांच परिवारों में खुशी लौट आई है। एसपी विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन तलाश के आधार पर कार्रवाई की। 5 जुलाई को दर्ज गुमशुदगी के एक मामले में एक बालक को 9 जुलाई को भोपाल से बरामद किया गया। इसी तरह, 27 जून को लापता हुए एक अन्य बालक को भी 9 जुलाई को अहमदाबाद से दस्तयाब किया गया। अन्य मामलों में, 6 जुलाई को गुम हुई एक बालिका को 8 जुलाई को उज्जैन से बरामद कर परिजनों को सौंपा गया। 19 मई को दर्ज गुमशुदगी के एक मामले में एक बालिका को दिल्ली से खोजकर 8 जुलाई को उसके परिवार के हवाले किया गया। इसके अतिरिक्त, 26 जून को लापता हुई एक अन्य बालिका को 7 जुलाई को रतलाम से दस्तयाब कर सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया गया। गुरुवार देर शाम थाना प्रभारी हरीश मालवीय ने बताया कि अफजलपुर थाना पुलिस ने सभी मामलों में गुमशुदगी दर्ज कर विशेष टीम गठित की थी। तकनीकी इनपुट के आधार पर लगातार तलाश अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप सभी पांच गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया। एसपी विनोद कुमार मीना ने जानकारी दी कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिलेभर में गुम हुए बच्चों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह सफलता इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाने की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी और निजी स्कूलों में अब तक छात्रों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। स्कूल खुले 20 दिन से अधिक हो चुके हैं, लेकिन कई स्कूलों में किताबों का वितरण अधूरा है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। शासन के नियमों के अनुसार कक्षा 1 से 10वीं तक के सरकारी स्कूलों के छात्रों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि सत्र शुरू होते ही पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू हो सके। लेकिन जिले के अधिकतर स्कूलों में अभी तक सभी विषयों की किताबें नहीं पहुंची हैं। तमनार के कुछ स्कूलों और धरमजयगढ़ के दो स्कूलों में अब तक किताबें नहीं पहुंची हैं। वहीं, स्वामी आत्मानंद हिंदी और इंग्लिश मीडियम स्कूलों में भी कक्षा 1 से 10वीं तक के छात्रों को कुछ विषयों की किताबें मिली हैं, जबकि कई विषयों की किताबें अभी नहीं बांटी जा सकी हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे नियमित रूप से स्कूल जा रहे हैं, लेकिन सभी विषयों की किताबें नहीं मिलने से पढ़ाई पूरी तरह शुरू नहीं हो पा रही है। स्कैनिंग में आ रही तकनीकी दिक्कत आत्मानंद नटवर हाई स्कूल के प्राचार्य दिनेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि किताबें स्कूल पहुंच चुकी हैं, लेकिन कुछ पुस्तकों के बारकोड पोर्टल पर स्कैन नहीं हो रहे हैं। जो किताबें सफलतापूर्वक स्कैन हो रही हैं, उनका वितरण विद्यार्थियों को किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ किताबें तीन-चार दिन पहले ही स्कूल पहुंची हैं। बारकोड स्कैन नहीं होने के कारण वितरण में देरी हो रही है। DEO बोले- 13 जुलाई तक पूरा होगा वितरण जिला शिक्षा अधिकारी श्यामनंद साहू ने बताया कि जिले में प्राथमिक से हायर सेकेंडरी तक 2,261 शासकीय और 301 निजी स्कूल हैं। तमनार के स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल और धरमजयगढ़ के दो स्कूलों में गुरुवार को वाहन उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण किताबें नहीं पहुंच सकीं। निजी स्कूलों में भी किताब वितरण का कार्य लगातार जारी है और 13 जुलाई तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। बारकोड स्कैनिंग की तकनीकी समस्या जरूर आ रही है। कई बार कोड स्कैन नहीं हो रहा है, लेकिन स्कूल के डाइस (DISE) कोड और अन्य प्रक्रिया के माध्यम से वितरण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंग्लिश मीडियम की कुछ किताबों की आपूर्ति में थोड़ा विलंब हुआ है, लेकिन जल्द ही सभी छात्रो को पूरी किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी।
जोधपुर की पारंपरिक मोजरी (जूती) को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिल गया है। इससे मोजरी को दुनियाभर में पहचान मिलेगी। केंद्र सरकार की जियोग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री ने जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन और ग्राम विकास सेवा संस्थान को जीआई प्रमाण पत्र सौंपा है। दोनों संस्थान ने साल 2021 में केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय और विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के सहयोग से जीआई टैग के लिए आवेदन किया था। जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट उद्योग के लिए इसे बड़ी उपलिब्ध माना जा रहा है। करीब 200 साल पुराने जोधपुरी मोजरी उद्योग का घेरलू बाजार वर्तामान में लगभग 100 करोड़ का है। जबकि 10 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट हो रहा है। इस इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट का अनुमान है कि जीआई टैग मिलने के बाद निर्यात बढ़ेगा और दो सालों में कारोबार दोगुना सकता है। जोधपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों परिवार मोजरी निर्माण से जुड़े है। 6 और जीआई टैग लाइन में इससे पहले जोधपुर बंधेज क्राफ्ट को जीआई टैग मिल चुका है। इससे उसके कारोबार में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गइ। अब जोधपुरी साफा, मथानिया की लाल मिर्च, वुडन एंड आयरन क्राफ्ट, मारवाड़ का जीरा, जोधपुरी पत्थर की छतरियां और लहरिया के जीआई टैग की प्रक्रिया जारी है। ब्रांडिंग, ई-कॉर्मस और निर्याल के लिए चलेगा अभियान जेएचईए के अध्यक्ष डॉ. भरत दिनेश ने बताया कि अब मोजरी उद्योग के विकास के लिए अभियान चलाएंगे। कारीगरों के कौशाल विकास, आधुनिक डिजाइन, गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शिनियों में भागीदारी, निर्यात संवर्धन व विपणन सहायता जैसे कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। क्या है जीआई टैग किसी विशेष क्षेत्र की पहचान बन चुके ऐसे प्रोडक्ट, जिनकी क्वालिटी और स्पेशलिटी उस जगह से जुड़ी हो उन्हें जीआई टैग दिया जाता है। इससे नेशनल और इंटरनेशल स्तर पर पहचान मिलने के साथ ही नकली-फर्जी प्रोडक्ट पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों को बेहतर कीमत मिलेगी। पारंपरिक कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिलेगा और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
बेहतर उत्पादन की उम्मीद में किसान नए-नए बीज और पौधों की वैरायटी की तलाश में रहते हैं। खराब बीज और पौधों से न केवल किसानों की उम्मीदें टूटती हैं, बल्कि नुकसान भी होता है। ऐसे समय में सवाल उठता है कि जब नर्सरियां और रिसर्च सेंटर नहीं थे, तब किसान अच्छी पैदावार कैसे लेते थे? दरअसल, किसान अपनी अगली फसल के लिए खुद ही बीज तैयार करते थे। यही परंपरा आज भी बताती है कि अपनी फसल से तैयार बीज भरोसेमंद और टिकाऊ होता है। अरावली की पहाड़ियों में वर्षों पहले बागवानी का ऐसा ही कल्चर डेवलप हुआ। गुठली (बीज) से तैयार आम के बगीचे ही लोगों के जीवन का आधार हैं। किसान पीढ़ियों से इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। पुराने बगीचों से मिलने वाली गुठलियों से नए पौधे बना रहे हैं और बगीचों का विस्तार कर रहे हैं। इसलिए सदियों पुराना कैरी का स्वाद आज भी बरकरार है। चार बीघा के एक बगीचे से तैयार कैरी के अचार से किसान को सालाना करीब आठ लाख रुपए से ज्यादा की कमाई हो रही है। इस अचार की डिमांड विदेशों में भी है। म्हारे देश की खेती में आज बात झुंझुनूं के किसान की… झुंझुनूं जिले में नवलगढ़ के लोहार्गल निवासी किसान दशरथ सिंह शेखावत (55) के पास चार बीघा में आम का बगीचा है। बगीचे में करीब 130 पेड़ हैं। इनमें करीब 30 पेड़ 100 साल पुराने हैं, वहीं करीब 70 पेड़ 50 साल पुराने हैं। पहले वे कैरी (कच्चा आम) मंडी में बेचते थे, लेकिन अच्छा दाम नहीं मिलने पर उन्होंने कैरी का अचार बनाना शुरू कर दिया। पिछले सात साल से उनके बड़े बेटे शिवराज सिंह शेखावत (22) इस कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं, छोटा बेटा हंसराज (18) ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है। जनवरी में आते हैं फूल, मई-जून में होती है तुड़ाई दशरथ सिंह बताते हैं- आम के पेड़ों पर जनवरी में फूल आना शुरू हो जाते हैं। इसके बाद मार्च में कैरी तैयार होने लगती है। मई, जून और जुलाई, तीन महीने कैरी का सीजन रहता है। मई में कैरी पूरी तरह से पक कर तैयार हो जाती है। जून की शुरुआत में बगीचों में आम के पेड़ों पर लगी कैरी को पकने से पहले अचार डालने के लिए तोड़ना शुरू कर दिया जाता है। पेड़ से कैरी को तोड़ने के बाद उनकी कटिंग की जाती है। कैरी तोड़ने, उसकी कटिंग, मिक्सिंग से लेकर पैकिंग करने का परिवार के लोग मिलकर करते हैं। एक पेड़ से दो क्विंटल कैरी एक पेड़ से औसतन करीब दो क्विंटल कैरी मिल जाती है। मंडी में कैरी का भाव करीब 100 रुपए प्रति किलो मिलता है, जबकि उसी कैरी का अचार बनाकर करीब 200 रुपए प्रति किलो में बेचा जाता है। इससे आमदनी भी दोगुनी हो जाती है। अब तीन बीघा में तैयार कर रहे नया बगीचा किसान ने बताया- पहले आम के बगीचे के बीच में गेहूं जैसी दूसरी फसल भी उगा लेते थे, लेकिन जैसे-जैसे पेड़ बड़े हुए, उनके नीचे दूसरी फसल होना बंद हो गई। अब उन्होंने तीन बीघा जमीन पर आम का नया बगीचा तैयार करना शुरू किया है। इसमें गुठली से तैयार करीब 60 पौधे लगाए गए हैं। सभी पौधों के बीच 2020 फीट की दूरी रखी गई है, ताकि पेड़ों को पर्याप्त जगह मिल सके। लोहार्गल की कैरी का स्वाद ही इसकी पहचान शिवराज सिंह शेखावत बताते हैं कि गुठली से तैयार होने वाले लोहार्गल के आम के पौधे इस क्षेत्र के बाहर आसानी से नहीं पनपते। यहां की कैरी में मिलने वाले रेशे, उसका खट्टा-मीठा और चटपटा स्वाद इसे अलग पहचान देते हैं। लोहार्गल में जो अचार की क्वालिटी मिलती है, वो पूरे राजस्थान में कहीं भी नहीं है। यही वजह है कि एक बार यहां का अचार खाने वाले लोग दोबारा खरीदने के लिए लोहार्गल जरूर आते हैं। स्वाद ने अचार को बनाया ब्रांड शिवराज सिंह शेखावत बताते हैं- बेहतरीन स्वाद ने कुछ ही सालों में लोहार्गल के अचार को ब्रांड बना दिया। धीरे-धीरे कई परिवारों ने इसे घर से ही बनाकर बेचना शुरू कर दिया। साल 1990 आते-आते जब बाजार पर मार्केटिंग कंपनियों की नजर पड़ी तो पैकिंग में बिकने लगा। आज कम से कम 10 से 12 कंपनियां रजिस्टर्ड ब्रांड से लोहार्गल का अचार बेच रही हैं। वहीं 300 से ज्यादा लोग इस कारोबार से जुड़े हैं। नेचुरल तरीके से तैयार होती है कैरी कैरी के छिलके थोड़े मोटे होते हैं, जो स्वाद को और भी बेहतर बनाते हैं। इस कैरी में कोई केमिकल नहीं होता, ऑर्गेनिक तरीके से पकती है। नेचुरल खट्टापन होने के कारण इसमें सिरका नहीं मिलाना पड़ता है। सबसे खास बात ये है कि मसालों और सरसों के तेल का स्वाद कैरी के अंदर तक जालों में समा जाता है। जालेदार होने के कारण हर पीस में एक जैसा स्वाद बनता है। जैसे ही डिब्बे का ढक्कन खुलता है, अचार की खुशबू फैल जाती है। तीर्थयात्री लेकर जाते हैं अचार लोहार्गल तीर्थ स्थल पर राजस्थान ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु आते हैं। शिवराज बताते हैं कि यहां आने वाले कई लोग कम से कम पांच किलो अचार अपने साथ लेकर जाते हैं। कई ग्राहक तो सिर्फ अचार खरीदने के लिए ही आते हैं। फोन पर भी ऑर्डर मिलते हैं और जहां तक संभव होता है, वहां तक अचार की डिलीवरी भी की जाती है। शेखावाटी क्षेत्र सहित जयपुर, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, गुरुग्राम, कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, हरियाणा, मध्य प्रदेश, सूरत सहित कई जगह अचार की डिमांड रहती है। वहीं शेखावाटी से खाड़ी देशों में रहने वाले लोग भी अपने साथ यह अचार जरूर लेकर जाते हैं। इनपुट सहयोग : राजकुमार शर्मा, नवलगढ़ (झुंझुनूं) … खेती-किसानी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... बागवानी के लिए बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ी:अब फलों से हर साल 10 लाख की कमाई, नवाचार के लिए सरकार करेगी सम्मानित खेती के लिए बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ दी। दिल्ली से गांव लौटकर 10 बीघा में बागवानी करने की शुरुआत की। खेत में अलग-अलग वैरायटी के पौधों से ट्रायल किया। पूरी खबर पढ़िए

