ढाई साल से फरार बदमाश गिरफ्तार:साइबर ठगी के मामले में थी तलाश, कामां में दबोचा
डीग में पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में करीब ढाई साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसपी कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देश पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शिकंजा 2.0' के तहत की गई। आरोपी को कामां कस्बे के देविगेट से मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी आसुम (24) पुत्र जैकम है। वह पालड़ी, थाना कामां, जिला डीग का रहने वाला है। आसुम साइबर ठगी के एक पुराने मामले में पुलिस को लंबे समय से तलाश थी।
शहडोल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सोमवार को सरकारी कामकाज में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों में निलंबन की कार्रवाई की है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने सोहागपुर के शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय पटासी के प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार गुप्ता को निलंबित किया है। वहीं, पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल ने नव आरक्षक नीलेश पटारिया (क्रमांक 247) को निलंबित किया है। स्कूल में कम उपस्थिति और पढ़ाई के स्तर पर कार्रवाई ग्राम पंचायत पटासी में मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की थी कि शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते और पढ़ाई का स्तर कम है। शिकायत के बाद कलेक्टर ने स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रों की उपस्थिति कम मिली। प्रशासन के अनुसार, पढ़ाई के स्तर में भी कमी पाई गई। निलंबन आदेश में कहा गया है कि प्रधानाध्यापक स्कूल के संचालन और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक प्रयास नहीं कर रहे थे। इसके बाद कलेक्टर ने सौरभ कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, गोहपारू निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। लगातार गैरहाजिरी पर नव आरक्षक निलंबित पुलिस विभाग के अनुसार, नव आरक्षक नीलेश पटारिया 19 दिसंबर 2025 से लगातार बिना सूचना के अनुपस्थित थे। 18 सितंबर 2026 को पुलिस लाइन शहडोल पहुंचने पर उनकी वर्दी और वेशभूषा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। विभाग के अनुसार, नीलेश पटारिया को बुनियादी प्रशिक्षण के लिए पुलिस ट्रेनिंग शाला, तिगरा, जिला ग्वालियर भेजा जाना था, लेकिन वे प्रशिक्षण में भी शामिल नहीं हुए और बिना सूचना के गैरहाजिर रहे। पुलिस के अनुसार, लगातार गैरहाजिरी और निर्धारित प्रशिक्षण में शामिल नहीं होने की कार्रवाई पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 64(2) और (4) के तहत अनुशासनहीनता के दायरे में आती है। इसके बाद एसपी डॉ. संजय अग्रवाल ने निलंबन की कार्रवाई की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर भाजपा 'सेवा संकल्प अभियान' चला रही है। इसी के तहत 'नमो सेवा—अनकही कहानियां' नाम से एक नाटक का मंचन किया जाएगा। इस नाटक के जरिए नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक के सार्वजनिक जीवन के प्रसंगों को रंगमंच पर दिखाया जाएगा। देवरिया में सोमवार को पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत देशभर में कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नाटकों के जरिए लोगों से बात की जाएगी। काली प्रसाद ने बताया कि नाटक में संवाद, अभिनय, संगीत और मंच सजावट के जरिए राष्ट्रसेवा, जनकल्याण, अंत्योदय, सुशासन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े प्रसंग दिखाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नाटक को आसान और संगीतमय बनाया गया है, ताकि अभियान का संदेश अलग-अलग लोगों तक पहुंचाया जा सके। लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की उन्होंने यह भी बताया कि अभियान के तहत स्कूल, कॉलेज, पंचायत, सामुदायिक केंद्र और दूसरे सार्वजनिक जगहों पर भी नाटक दिखाने की योजना है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कला और रंगमंच के माध्यम से प्रधानमंत्री की 25 साल की सार्वजनिक सेवा यात्रा को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला उपाध्यक्ष नागेशपति त्रिपाठी और जिला मीडिया संयोजक प्रभाकर तिवारी भी मौजूद थे।
सिद्धार्थनगर के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र से लापता हुई करीब 17 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी की इंस्टाग्राम पर मध्यप्रदेश निवासी युवक से दोस्ती हुई थी और वह उसे अपने साथ ले गया था। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची और सोमवार को उसे चिताही तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। सामान लेने घर से निकली थी किशोरी मामला 8 सितंबर की शाम का है। किशोरी शाम करीब 4:30 बजे घर से सामान लेने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। त्रिलोकपुर पुलिस ने 9 सितंबर को केस दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआत में आरोपी की पहचान नहीं हो सकी थी। CDR से मिला आरोपी का सुराग जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी के संपर्क में रहे लोगों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए पुलिस को मध्यप्रदेश निवासी युवक तक पहुंचने का सुराग मिला। आरोपी की पहचान सुरेन्द्र कुशवाह पुत्र बंशीलाल कुशवाहा, निवासी ग्राम खम्हरिया, थाना करेली, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश के रूप में हुई। चिताही तिराहे से गिरफ्तारी पुलिस के मुताबिक, सोमवार को तलाश के दौरान आरोपी सुरेन्द्र कुशवाह को चिताही तिराहे से गिरफ्तार किया गया। किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे कोर्ट भेज दिया गया। कार्रवाई थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र की देखरेख में हुई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रुदल प्रसाद, हेड कांस्टेबल अभिषेक सिंह और महिला कांस्टेबल हेमलता शामिल थीं।
बस्ती में अखिल भारतीय प्रजापति (कुंभकार) महासंघ ने रविवार को एक कार्यक्रम किया। यह कार्यक्रम बड़ेवन के हरिगंगा मैरेज हॉल में हुआ । इसमें पद्मश्री डॉ. रत्नप्पा मरमप्पा कुम्हार की जयंती मनाई गई और प्रजापति संतराम बीए प्रज्ञा सम्मान समारोह-2026 का आयोजन भी हुआ। समाज के लोगों ने डॉ. रत्नप्पा कुम्हार के योगदान को याद किया और उनके विचारों से प्रेरणा लेने की बात कही। समारोह में प्रजापति समाज के कई अधिकारी, शिक्षाविद, डॉक्टर और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व परिवहन उपायुक्त चुन्नी लाल प्रजापति ने की। अशोक कुमार प्रजापति मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। बस्ती के मुख्य कोषाधिकारी बलिहारी प्रजापति समेत कई मेहमानों ने कार्यक्रम को संबोधित किया। अतिविशिष्ट मेहमानों में कौशांबी के एसपी डॉ. सत्य नारायण प्रजापति, कमलापति प्रजापति, ऐश्वर्य प्रजापति (आईएएस), हिमांशु प्रजापति (आईएएस) शामिल थे। इनके अलावा व्यावसायिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक राजेंद्र प्रसाद प्रजापति और डॉ. इंद्रजीत प्रजापति जैसे कई अधिकारी भी मौजूद रहे। विशिष्ट मेहमानों में लखनऊ आईसीएमआर की प्रोफेसर डॉ. रासीमा प्रजापति, डॉ. अनिल कुमार प्रजापति, संजय प्रजापति और स्टेशन अधीक्षक भागीरथी प्रजापति थे। राजितराम प्रजापति, सुरेंद्र कुमार प्रजापति, रामसूरत प्रजापति, डॉ. एपी वर्मा और उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव राजेश कुमार प्रजापति (आईएएस) भी मौजूद रहे। समाज के कई पदाधिकारी और गणमान्य लोग भी इस मौके पर उपस्थित थे। समारोह में समाज की एकजुटता, शिक्षा और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम समाज की नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें एक मंच देते हैं। कार्यक्रम देर शाम संपन्न हुआl
प्रतापगढ़ में घुमावदार मोड़ पर रेत से भरा ट्रोला पलटा:अंदर फंसे ड्राइवर को कड़ी मशक्कत के बाद निकाला
प्रतापगढ़-बांसवाड़ा रोड बाईपास के पास सोमवार को रेत से भरा एक ट्रोला पलट गया। यह हादसा घुमावदार मोड़ पर हुआ। हादसे के बाद ट्रोले का ड्राइवर रायचंद वाहन के अंदर फंस गया। सूचना मिलते ही प्रतापगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रोले को हटाने की कोशिश की, ताकि ड्राइवर को बाहर निकाला जा सके। जिला अस्पताल से 108 एंबुलेंस भी मौके पर बुलाई गई। ड्राइवर ट्रोले के अंदर फंसा हुआ था, इसलिए उसे बाहर निकालने में काफी परेशानी हुई। जानकारी के मुताबिक, ट्रोला निंबाड़ा से पत्थर भरकर बांसवाड़ा जा रहा था। बाईपास के पास घुमावदार मोड़ पर अचानक यह पलट गया। हादसे के बाद सड़क पर पत्थर बिखर गए। पत्थर बिखरने से सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा और जाम लग गया। पुलिस की मौजूदगी में बचाव कार्य जारी रहा। पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभाली और वाहनों को नियंत्रित किया।
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने पांच और मामलों में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है।
उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारी बनने की चाहत बढ़ती जा रही है। PCS 2026 के आवेदन के आंकड़े इसकी तस्वीर पेश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की प्रांतीय सिविल सेवा परीक्षा के लिए इस बार 500 पदों पर 8.90 लाख आवेदन मिले हैं। 25 जून से 27 जुलाई तक आवेदन प्रक्रिया चली। आयोग के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा 6 दिसंबर 2026 को हो सकती है। एक पद के लिए 1,780 दावेदार 500 पदों के मुकाबले 8.90 लाख आवेदन होने से एक पद के लिए औसतन करीब 1,780 अभ्यर्थी मैदान में हैं। प्रयागराज, लखनऊ और दिल्ली समेत विभिन्न शहरों में PCS की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच आवेदन संख्या चर्चा का विषय है। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी होने से प्रारंभिक परीक्षा में प्रतिस्पर्धा बढ़ना तय है। कटऑफ कितनी जाएगी, यह परीक्षा के बाद ही स्पष्ट होगा। 2017 में 4.5 लाख आवेदन, अब 8.90 लाख आवेदन संख्या पर नजर डालें तो पिछले करीब एक दशक में PCS को लेकर अभ्यर्थियों की संख्या लगातार बड़ी रही है। 2017 में 251 पदों के लिए 4.5 लाख आवेदन आए थे। 2018 में 924 पदों पर भर्ती के लिए 5.6 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। 2019 में 364 पदों के लिए 5.3 लाख, 2020 में 200 पदों के लिए 5.5 लाख और 2021 में 400 पदों के लिए 6.9 लाख आवेदन मिले। 2022 में 383 पदों के लिए 6 लाख अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा। 2023 में सिर्फ 173 पदों पर भर्ती निकली, फिर भी 5.6 लाख आवेदन आए। 2024 में 947 पदों के लिए 6.8 लाख आवेदन मिले। 2025 में 384 पदों के लिए 6.2 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इस बार सबसे ज्यादा आवेदन 2026 में 500 पदों के लिए 8.90 लाख आवेदन आए हैं। उपलब्ध वर्षों के आंकड़ों में यह सबसे अधिक है। 2017 के 4.5 लाख आवेदन की तुलना में इस बार आवेदन संख्या करीब दोगुनी है। दिसंबर में प्रस्तावित है प्रारंभिक परीक्षा आयोग की प्रस्तावित परीक्षा रूपरेखा के अनुसार PCS की प्रारंभिक परीक्षा 6 दिसंबर 2026 को प्रदेश के प्रमुख जिलों में कराई जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा जनवरी से फरवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। इसके बाद मार्च से अप्रैल 2027 के बीच साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी कराने की योजना है। नेगेटिव मार्किंग में संभलकर करना होगा प्रयास प्रारंभिक परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू रहेगी। ऐसे में अभ्यर्थियों को प्रश्न हल करते समय सावधानी बरतनी होगी। परीक्षा की तैयारी में सामान्य अध्ययन के साथ उत्तर प्रदेश से जुड़े विषयों और पिछले एक वर्ष के समसामयिकी पर भी फोकस करना होगा।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के श्यामनगर में सोमवार सुबह एक सड़क का गड्ढा युवक के लिए परेशानी का सबब बन गया। छप्पन भोग चौराहे पर गड्ढे में ऑटो का पहिया जाने से वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑटो सवार संजय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना इतनी तेज थी कि सड़क पर पड़ी गिट्टियां उनके शरीर में धंस गईं, जिससे कई जगह गहरे घाव हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल संजय को दोपहर 12:45 बजे कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया। संजय के पिता सुखदेव मूलरूप से बांदा के रहने वाले हैं। वह श्यामनगर में अपने दो बेटों के साथ किराए के मकान में रहकर मजदूरी करते हैं। सुखदेव ने बताया कि सोमवार सुबह उनका बेटा संजय अपने दोस्त रौनक के साथ चाय पीने ऑटो से निकला था। छप्पन भोग चौराहे पर सड़क के गड्ढे में ऑटो का पहिया चला गया। इससे ऑटो का कंट्रोलर जाम हो गया और चालक वाहन संभाल नहीं पाया। ऑटो सड़क पर पलट गया और संजय उसके साथ नीचे गिर गए। संजय के शरीर में सड़क की गिट्टियां धंस गईं, जिससे उन्हें कई जगह गहरे घाव हो गए। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने बताया कि संजय का इलाज कांशीराम अस्पताल में चल रहा है। संजय के बड़े भाई राजकुमार ने दोपहर 12:35 बजे इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इलाके में लंबे समय से सड़क पर गड्ढे हैं, जिससे आए दिन वाहन चालकों को दिक्कत होती है। परिजनों ने सड़क की खराब हालत पर नाराजगी जताई और नगर निगम व कानपुर प्रशासन से सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों ने मांग की है कि सिर्फ गड्ढे भरने के बजाय पूरी सड़क को ठीक किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
ग्वालियर में बाड़े पर करोड़ों रुपए की लागत से बन रही अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का सोमवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी एलएंडटी को पार्किंग का काम फरवरी-मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया, कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी सहित प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बेसमेंट में पानी से निर्माण कार्य प्रभावित निरीक्षण के दौरान सिंधिया ने पार्किंग के सबसे निचले बेसमेंट में लगातार भर रहे पानी और इसके कारण निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और एलएंडटी को पानी के दबाव और उसके जमा होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरी तकनीकी स्टडी करने के निर्देश दिए। सिंधिया ने कहा कि पानी की समस्या को लेकर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। प्रशासन और एलएंडटी को मिलकर हर तकनीकी पहलू का अध्ययन करना होगा, ताकि ऐसा समाधान निकले जिससे भविष्य में बेसमेंट में पानी भरने की समस्या दोबारा न आए। पुरानी बोरिंग और गहरी खुदाई से बढ़ी पानी की समस्या पार्किंग निर्माण के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बेसमेंट में लगातार भूजल भरना है। बताया जा रहा है कि निर्माण स्थल पर मौजूद पुरानी बोरिंग और गहरी खुदाई के कारण पानी का दबाव बढ़ रहा है। पानी निकालने के लिए कई महीनों से लगातार पंपिंग की जा रही है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। पानी के कारण बेसमेंट का निर्माण प्रभावित हो रहा है। इसी वजह से परियोजना की समयसीमा भी लगातार आगे बढ़ती रही है। दिसंबर 2020 में एलएंडटी को मिला था काम पार्किंग का काम दिसंबर 2020 में एलएंडटी को सौंपा गया था। इसके बाद दिसंबर 2021 से निर्माण कार्य शुरू हुआ और इसे 18 महीने में पूरा किया जाना था। पहली डेडलाइन दिसंबर 2023 तय की गई थी। इसके बाद जून 2024, दिसंबर 2025 और फिर मार्च 2026 तक समयसीमा बढ़ाई गई। हाल ही में अक्टूबर-नवंबर तक काम पूरा करने की बात सामने आई थी, लेकिन बेसमेंट में पानी की समस्या के कारण काम की रफ्तार प्रभावित हुई है। अब सिंधिया ने फरवरी-मार्च तक इसे तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 500 वाहन खड़े होंगे, पार्किंग की समस्या होगी कम बाड़े में बन रही अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग में करीब 500 वाहन पार्क किए जा सकेंगे। इनमें लगभग 300 चार पहिया और 200 दो पहिया वाहनों की क्षमता होगी। बाड़ा शहर का प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में ग्राहक और व्यापारी रोज पहुंचते हैं। पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन सड़क किनारे खड़े होते हैं, जिससे कई बार यातायात का दबाव बढ़ जाता है और जाम की स्थिति बनती है। पार्किंग शुरू होने के बाद वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने की सुविधा मिलेगी। इससे बाड़े और आसपास के बाजार क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े वाहनों की संख्या कम करने और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव घटाने में मदद मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिमला में अपने नए कार्यालय 'अलर्जली फेस-टू' का उद्घाटन किया, जो 20 करोड़ की लागत से बना है।
जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़:रोज 2500 ओपीडी और 300 इमरजेंसी मरीज, बेड कम पड़ रहे
बाराबंकी के जिला अस्पताल रफी अहमद किदवई में इन दिनों मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले में 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और करीब 60 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) होने के बावजूद बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल आ रहे हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल में मौजूद 212 बेड मरीजों की बढ़ती संख्या के सामने कम पड़ गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय प्रकाश मौर्य के अनुसार, जिला अस्पताल में रोज करीब 2500 मरीजों की ओपीडी होती है। वहीं, इमरजेंसी में रोजाना लगभग 300 मरीज एंबुलेंस से आते हैं। मरीजों की संख्या ज्यादा होने से कई बार उन्हें स्ट्रेचर पर ही भर्ती करना पड़ता है। पर्याप्त बेड नहीं मिलने के कारण कुछ मरीजों को वापस भी लौटना पड़ता है। जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का कहना है कि स्थानीय सीएचसी और पीएचसी पर कई बार डॉक्टर नहीं मिलते। अगर डॉक्टर मिलते भी हैं, तो दवाओं की समस्या रहती है। कोठी से करीब 30 किलोमीटर दूर इलाज और दवा लेने पहुंचीं शांति ने बताया कि स्थानीय स्तर पर दवा नहीं मिलने के कारण उन्हें जिला अस्पताल आना पड़ा। एक अन्य मरीज ने बताया कि सीएचसी पर डॉक्टर तो मिलते हैं, लेकिन बीमारी ठीक नहीं होने पर अच्छे इलाज के लिए जिला अस्पताल आना पड़ता है। सीएमओ डॉ. जय प्रकाश मौर्य का कहना है कि जिला अस्पताल में जिले के अलग-अलग इलाकों से मरीज आते हैं। यहां एक्स-रे, पैथोलॉजी और विशेषज्ञ डॉक्टर समेत कई सुविधाएं मौजूद हैं, इसलिए मरीजों का दबाव ज्यादा रहता है। उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल में बड़ी बिल्डिंग और और जगह मिल जाए, तो अधिक मरीजों को भर्ती करके इलाज दिया जा सकता है। इससे मरीजों को स्ट्रेचर पर भर्ती करने की समस्या कम हो जाएगी और इलाज की व्यवस्था भी बेहतर हो सकेगी।
लखनऊ के गौतम पल्ली के पास सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब आगरा से आई एक महिला पार्क रोड स्थित ऊंचे टावर पर चढ़ गई। महिला की पहचान तुलसा के रूप में हुई है। टावर पर महिला के चढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। काफी देर तक उसे समझाने का प्रयास चलता रहा। अधिकारियों की बातचीत के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। पड़ोसी पर प्लॉट कब्जाने का आरोप, स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने की बातशुरुआती जानकारी के मुताबिक तुलसा आगरा की रहने वाली है। उसका आरोप है कि पड़ोसी ने उसके प्लॉट पर कब्जा कर रखा है। जमीन पर कब्जे को लेकर उसने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी। महिला का कहना है कि शिकायत के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद वह अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए लखनऊ पहुंची और मुख्यमंत्री आवास के नजदीक टावर पर चढ़ गई। हालांकि जमीन विवाद और कब्जे से जुड़े आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर अभी पुष्टि नहीं हुई है।टावर पर महिला को देख मची अफरा-तफरी, पुलिस ने संभाला मोर्चाटावर पर महिला के चढ़ने की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। दमकल की टीम को भी बुलाया गया। अधिकारियों ने महिला से बातचीत कर उसे नीचे आने के लिए समझाया। पुलिस ने उसकी शिकायत और टावर पर चढ़ने की वजह के बारे में जानकारी जुटाई। आसपास मौजूद लोगों को भी मौके से दूर किया गया, ताकि बचाव कार्रवाई में कोई परेशानी न हो।
कौशांबी में ससुराल गए युवक की संदिग्ध मौत:परिजनों ने ससुराल वालों पर जहर देकर मारने का आरोप लगाया
कौशांबी के पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के धावाड़ा गांव में 28 वर्षीय युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। युवक अपनी पत्नी को बुलाने ससुराल गया था। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी जान चली गई। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। धावाड़ा गांव के रहने वाले बब्लू की शादी 25 फरवरी 2026 को मंझनपुर थाना क्षेत्र के सैदनपुर गांव में हुई थी। परिजनों ने बताया कि रक्षाबंधन के बाद से बब्लू की पत्नी मायके में थी और ससुराल लौटने से मना कर रही थी। बब्लू 18 सितंबर को पत्नी को वापस बुलाने सैदनपुर स्थित ससुराल गया था। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे बब्लू की तबीयत अचानक खराब हो गई। ससुराल वाले उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। जहर देकर हत्या करने का आरोप बब्लू की मौत के बाद उसके परिजनों ने ससुराल पक्ष पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सूचना मिलते ही मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि युवक की मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगी। मृतक के परिजनों ने बताया कि 21 सितंबर 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे उनके छोटे बेटे के फोन पर बब्लू की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। मृतक के पिता को पूरा यकीन शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बब्लू की पत्नी संजू, ससुर इंद्रमोहन सरोज, साला साधु और सास समेत ससुराल के अन्य लोगों ने मिलकर उसे कोई जहरीला पदार्थ खिला दिया। जब उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने बब्लू को मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता को पूरा यकीन है कि ससुराल वालों ने ही उनके बेटे को जहर देकर मारा है।
गोरखपुर में तेज धूप ने बढ़ाई उमस:तापमान 34 डिग्री तक पहुंचने की संभावना, पसीने से लोग हुए तर-बतर
गोरखपुर में सोमवार सुबह से आसमान साफ है और तेज धूप खिली हुई है। दिन निकलते ही गर्मी का असर दिखने लगा। घर से बाहर निकलते ही लोग पसीने से तर-बतर हो गए। तेज धूप के साथ हवा में 85% से ज्यादा नमी ने परेशानी बढ़ा दी है। उमस के कारण चिपचिपाहट और घुटन महसूस हो रही है। पंखे और कूलर भी ज्यादा राहत नहीं दे पा रहे हैं। 34 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। तापमान सामान्य के आसपास है, लेकिन ज्यादा नमी के कारण गर्मी अधिक महसूस हो रही है। दिनभर धूप और उमस से राहत के आसार कम दिनभर आसमान साफ रहने और धूप तेज रहने का अनुमान है। उमस भी बनी रह सकती है। ऐसे में दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीते रहने की सलाह दी गई है।
कोलकाताः जेपी नड्डा के काफिले पर हमला मामला, 6 साल बाद दो तृणमूल नेता गिरफ्तार
2020 में जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के मामले में छह साल बाद पुलिस ने दो तृणमूल नेताओं रिपन शेख और संजीव मंडल को गिरफ्तार किया है। दोनों को दक्षिण 24 परगना से आग्नेयास्त्रों के साथ पकड़ा गया है।
1 हजार साल पुराने शिव मठ में मिली गंदगी:टीकमगढ़ में कलेक्टर ने नाराजगी जताई; सफाई के निर्देश दिए
टीकमगढ़ की पलेरा तहसील के कोटरा गांव में करीब 1 हजार साल पुराना चंदेलकालीन शिव मठ है। सोमवार को कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने ऐतिहासिक स्थल का निरीक्षण किया। तालाब किनारे बनी प्राचीन धरोहर के आसपास गंदगी देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। कलेक्टर ने पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों को सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। तालाब किनारे आज भी मौजूद हैं प्राचीन अवशेष कलेक्टर ने मठ और उसके आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां पुराने तालाब के किनारे बड़े पत्थर, सजे हुए खंभे और मंदिर के अवशेष मौजूद हैं। कलेक्टर ने कहा कि कोटरा इतिहास, वास्तुकला और प्रकृति का अनोखा संगम है। चंदेल राजा धंगदेव के समय का माना जाता है मठ स्थानीय पुरातात्विक अध्ययनों के मुताबिक, यह चंदेलकालीन शैव मठ या शिव मंदिर है। इसे चंदेल राजा धंगदेव के समय का बताया जाता है। बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बना यह मंदिर बुंदेलखंड की विकसित धार्मिक वास्तुकला का उदाहरण माना जाता है। प्रवेश द्वार पर गंगा-यमुना की मूर्तियां मंदिर के प्रवेश द्वार पर मकरवाहिनी गंगा और कच्छपवाहिनी यमुना की मूर्तियां बनी हैं। इनके साथ शिव के द्वारपाल और सेवकों की आकृतियां भी दिखाई देती हैं। अंदर शिवलिंग और देवी पार्वती की मूर्ति मौजूद है। चैत्याकार सजावट भी मंदिर की स्थापत्य कला को दर्शाती है। मंदिर के साथ प्राचीन तालाब भी खास कोटरा की ऐतिहासिक पहचान सिर्फ शिव मठ तक सीमित नहीं है। इसके साथ लगा प्राचीन चंदेलकालीन तालाब भी इस धरोहर का अहम हिस्सा है। चंदेलकाल में मंदिरों के साथ जल संरचनाओं का निर्माण धार्मिक और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था। गंदगी और शराब के निशान मिलने पर जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर में कचरा, गंदगी और शराब पीने के निशान मिले। कलेक्टर ने पंचायत सरपंच, सचिव और ग्रामीणों को मौके पर बुलाकर सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से धरोहर की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। कलेक्टर बोले- आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने कहा कि कोटरा सिर्फ अतीत की निशानी नहीं, बल्कि टीकमगढ़ की पहचान है। ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से नियमित रूप से परिसर की साफ-सफाई रखने और इसके संरक्षण में भागीदारी करने की अपील की।
जांजगीर-चांपा। जिले में आत्महत्या की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। पहली घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के बनारी गांव की है, जहां कांजी नाले के पास एक पेड़ से 40 वर्षीय युवक का शव लटका मिला। दूसरी घटना अकलतरा थाना क्षेत्र के खिसोरा गांव की है, जहां 18 वर्षीय 10वीं कक्षा के छात्र ने अपने घर के कमरे में जान दे दी। 17 सितंबर से लापता था युवक बनारी गांव में कांजी नाले के पास पेड़ से युवक का शव लटका होने की जानकारी गांव के कोटवार ने पुलिस को दी। सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान उसके पास मिले मोबाइल फोन से नंद कुमार वर्मा (40) के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मृतक के बड़े भाई के मुताबिक, नंद कुमार मानसिक रूप से कमजोर था। वह 17 सितंबर से घर से लापता था और वापस नहीं लौटा था। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है।मामले की जांच जारी है। 18 साल के छात्र के कमरे से मिला सुसाइड नोट दूसरी घटना अकलतरा थाना क्षेत्र के खिसोरा गांव की है। यहां आयुष भारद्वाज (18) ने पिछली रात अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना मिलने पर अकलतरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, कमरे की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें छात्र ने खुद को नशे का आदी बताते हुए लिखा है कि वह नशे से परेशान था। नोट में उसने अपने माता-पिता से माफी भी मांगी है। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दोनों मामलों में पुलिस आत्महत्या के कारणों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
रालोद 2022 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करेगी: अनुपम मिश्रा सोनभद्र में प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के बीच सक्रिय रहने का किया आह्वान; बोले- गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर शीर्ष नेताओं में चल रही बातचीत सोनभद्र में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने रविवार को सोनभद्र का दौरा किया। रॉबर्ट्सगंज के विजयगढ़ हॉल में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने और एकजुट होकर जनता के बीच सक्रिय रहने का आह्वान किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर अभी बातचीत चल रही है। उन्होंने दावा किया कि रालोद 2022 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करेगी। गठबंधन और सीटों पर शीर्ष नेता करेंगे फैसला अनुपम मिश्रा ने बताया कि गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं के बीच चर्चा चल रही है। बातचीत के बाद तय किया जाएगा कि किस सीट पर कौन ज्यादा प्रभावी है और कहां किस पार्टी की स्थिति मजबूत है। उन्होंने कहा कि रालोद अपनी चुनावी रणनीति इसी के अनुरूप तय करेगी। पूर्वांचल में पार्टी को मजबूत करने पर जोर प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्वांचल को राजनीतिक रूप से जागरूक क्षेत्र बताते हुए कहा कि यहां रालोद का पहले भी प्रभाव रहा है। चौधरी जयंत सिंह के नेतृत्व में पार्टी को मजबूत करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ता और पदाधिकारी सक्रिय हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि समय के साथ पार्टी अपना जनसमर्थन फिर मजबूत करेगी। सरकार की योजनाओं और वादों को जनता के बीच उठाएंगे सरकार की योजनाओं और चुनावी वादों के सवाल पर मिश्रा ने कहा कि आने वाले समय में पार्टी जनता के बीच जाकर इन मुद्दों को उठाएगी। लोगों को बताया जाएगा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का कितना लाभ मिला और पिछले वादों में से कितने पूरे हुए। यूजीसी एक्ट के विरोध को लेकर पूछे गए सवाल पर अनुपम मिश्रा ने कहा कि यह विषय अभी निर्णय की प्रक्रिया में है। सरकार का रुख स्पष्ट होने के बाद ही इस पर टिप्पणी की जाएगी। सड़क निर्माण में गड़बड़ी पर कार्रवाई का किया जिक्र सड़कों और विकास कार्यों में गड़बड़ी के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार शिकायतों पर कार्रवाई करती है। मिश्रा ने संबंधित कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने, जुर्माना लगाने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के उदाहरणों का भी उल्लेख किया। जेन-जी से संवाद पर दिया जोर जेन-जी यानी नई पीढ़ी के युवाओं से संवाद की जरूरत पर जोर देते हुए मिश्रा ने बताया कि लखनऊ में विद्यार्थियों के साथ बातचीत के कार्यक्रम चल रहे हैं। इसके लिए लगभग 1,500 विद्यार्थियों के पांच बैच बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी के विचारों को समझना और पीढ़ियों के बीच संवाद को मजबूत करना है।
सोनभद्र के राबर्ट्सगंज में स्थित प्राचीन पंचमुखी महादेव मंदिर परिसर में आज 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान चलाया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत DM चर्चित गौड़ ने इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने खुद श्रमदान कर मंदिर और आसपास के इलाके की साफ-सफाई की। इस दौरान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए जनभागीदारी का संदेश भी दिया। DM चर्चित गौड़ ने करीब 45 मिनट तक श्रमदान किया। उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी और जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण भी मौजूद थीं। विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी इस अभियान में उत्साह से भाग लिया। अभियान में मंदिर परिसर और आसपास के इलाके से करीब 1000 किलोग्राम प्लास्टिक और सिंगल यूज प्लास्टिक इकट्ठा किया गया। इस प्लास्टिक को मौके पर ही कबाड़ी को बेच दिया गया, जिससे 2,500 रुपये मिले। जिलाधिकारी की पहल पर यह रकम मंदिर के रख-रखाव और व्यवस्थाओं के लिए दान कर दी गई। स्वच्छता को हमेशा बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में दो डस्टबिन भी लगवाए। इससे श्रद्धालु और आम लोग कूड़े का सही तरीके से निपटान कर सकेंगे। साथ ही मंदिर परिसर को साफ रखने में लगातार मदद मिलेगी। इस मौके पर डीएम ने कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक जगहों की सफाई सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्लास्टिक और सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें। कूड़ा तय जगह पर ही डालें और अपने आसपास की सार्वजनिक व धार्मिक जगहों को साफ रखने में योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान का मकसद सिर्फ सफाई करना नहीं है। इसका उद्देश्य स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाना है। जब प्रशासन के साथ आम लोग भी सफाई के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझेंगे, तभी स्वच्छ और सुंदर माहौल बन पाएगा। इस अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय लोगों और बड़ी संख्या में मौजूद जनता ने उत्साह से भाग लिया।
धौलपुर में बारिश से पकी फसलें डूबीं:टब के सहारे बाजरे की बालियां काट रहे किसान, चारे का भी संकट
धौलपुर जिले में बारिश रुक गई है, लेकिन खेतों में बर्बादी का नजारा अब भी दिख रहा है। लगातार हुई बारिश और पानी भरने से पकने को तैयार खरीफ फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। कई खेतों में इतना पानी भर गया है कि किसान फसल तक पहुंचने के लिए टब का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे पानी के बीच उतरकर बाजरे की बालियां काट रहे हैं, ताकि बची हुई फसल को घर पहुंचा सकें। कई जगहों पर खेतों में खड़ी फसल सड़ने लगी है। इससे किसानों के सामने फसल बचाने और परिवार के गुजर-बसर का संकट खड़ा हो गया है। फसल खराबे के सर्वे के लिए कमेटी गठितकृषि अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में फसल खराबे के आकलन के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी जुटाई जा रही है। राजस्व विभाग की टीमें मौके पर जाकर फसल खराबे का आकलन कर रही हैं। फसल बीमा कराने वाले किसानों की जानकारी भी एकत्र की जा रही है। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। मुआवजा या राहत पैकेज के संबंध में निर्णय सरकार के स्तर पर होगा। किसानों की मांग: खेत-खेत जाकर हो सर्वेफसल खराबे से परेशान किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सर्वे महज कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि खेत-खेत जाकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए। किसानों ने फसल बीमा का लाभ दिलाने, उचित मुआवजा देने और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर राहत नहीं मिली तो खेती और पशुपालन पर निर्भर परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
हनुमानगढ़ में नगर परिषद सभापति पद के चुनाव को लेकर सोमवार सुबह से ही सियासी हलचल तेज रही। चुनाव में उस समय तस्वीर और दिलचस्प हो गई, जब निर्दलीय विधायक गुट के 35 पार्षद पूर्व सभापति सुमित रिणवां के नेतृत्व में नगर परिषद पहुंचे। वहीं, भाजपा के साथ 16 और कांग्रेस के साथ 9 पार्षद मतदान के लिए नगर परिषद पहुंचे। सभापति पद के चुनाव को लेकर नगर परिषद में मतदान से पहले शक्ति प्रदर्शन का माहौल नजर आया। सुबह 5 बजे रेलगाड़ी से पहुंचे पार्षद, समर्थकों ने घेरामतदान से पहले निर्दलीय पार्षदों के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग और समर्थक इकट्ठा हुए। सुबह करीब 5 बजे रेलगाड़ी से हनुमानगढ़ पहुंचे निर्दलीय पार्षदों को समर्थकों ने घेरकर सुरक्षित जगह पहुंचाया। पूर्व सभापति सुमित रिणवां ने इस दौरान जनता से सहयोग की अपील की। गुरुद्वारा सिंह सभा में जुटे समर्थकनिर्दलीय पार्षदों की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में लोग और माकपा कार्यकर्ता गुरुद्वारा सिंह सभा पहुंचे। समर्थकों ने घेरा बनाकर निर्दलीय पार्षदों को वाहनों में बैठाया। करीब चार वाहनों में कुछ पार्षदों को टाउन गुरुद्वारा पहुंचाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य निर्दलीय पार्षद भी लोगों के घेरे में गुरुद्वारा पहुंचते रहे। सभी पार्षदों को एक साथ मतदान केंद्र ले जाने की तैयारीगुरुद्वारा पहुंचने के बाद सभी निर्दलीय पार्षदों के एक साथ मतदान केंद्र जाने की तैयारी की गई। इस दौरान समर्थकों की भीड़ और पार्षदों की आवाजाही से माहौल में राजनीतिक सरगर्मी बनी रही। हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी लेकर पहुंचीं मंजूसभापति पद की निर्दलीय प्रत्याशी मंजू भी हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी लेकर मतदान केंद्र पहुंचीं। उनके साथ पार्षद मनजिंदर लेघा भी मौजूद रहे। मंजू ने मतदान से रोके जाने की आशंका को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। अदालत ने उन्हें मतदान से नहीं रोकने का आदेश दिया था। रिणवां बोले- हनुमानगढ़ झुकेगा नहींनगर परिषद पहुंचने के बाद पूर्व सभापति सुमित रिणवां ने कहा, “भगवान और जनता से बड़ा कोई नहीं। हनुमानगढ़ झुकेगा नहीं, हनुमानगढ़ जीतेगा और जनता देखेगी।” इसके साथ ही उन्होंने निर्दलीय पार्षदों को मतदान का अधिकार दिलाने की बात कही और कहा कि अब यह काम जनता को ही करना होगा।
गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र के सुखलजोरिया मोड़ पर सोमवार को एक हाइवा अनियंत्रित होकर पलट गया। हाइवा में पत्थर का डस्ट लदा था। इस हादसे में चालक को हल्की चोटें आईं, हालांकि वह बाल-बाल बच गया। हाइवा चालक कोडरमा से देवघर की ओर जा रहा था। सुखलजोरिया मोड़ के पास तीखे मोड़ पर वाहन अचानक असंतुलित हो गया। चालक गाड़ी पर काबू नहीं रख पाया और हाइवा सड़क किनारे पलट गया। हादसे में गाड़ी को नुकसान पहुंचा है। हादसे में कोडरमा निवासी करीब 40 साल का सिकंदर यादव घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे एक निजी क्लिनिक पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत सामान्य बताई गई। सिकंदर ने बताया कि वह तिलैया से देवघर जा रहा था, तभी सुखलजोरिया मोड़ पर गाड़ी असंतुलित हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। उन्होंने चालक को गाड़ी से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुखलजोरिया मोड़ बहुत तीखा है। यहां पहले भी कई बार गाड़ियां अनियंत्रित होकर पलट चुकी हैं। लोगों ने इस मोड़ पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि गाड़ियों की रफ्तार को नियंत्रित करने और हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। डस्ट लदी गाड़ियों के आवागमन पर भी सवाल उठाए गए हैं। पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।
भदोही में सड़क निर्माण के लिए प्रदर्शन:ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर धरना देकर डीएम को सौंपा ज्ञापन
ज्ञानपुर तहसील क्षेत्र के मैलौना द्वारिका नगर के ग्रामीणों ने सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया। उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में जीटी रोड से दक्षिण रेलवे लाइन बिन्द बस्ती तक जाने वाली पुरानी खड़ंजा सड़क पूरी तरह खराब हो गई है। इससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव में अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति और सामान्य वर्ग के लोग रहते हैं। यहां रहने वालों के लिए यही एकमात्र सड़क है, जिससे वे आवागमन करते हैं। इस सड़क का निर्माण 30 साल पहले हुआ था, जो अब पूरी तरह टूट चुकी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की कि गांव की इस सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें आने-जाने में आसानी हो। इस दौरान लालचंद, चंदन, बिना, राहुल, सूरज, अजय, सीताराम, शारदा, प्रदुम, दिलशाद, इमरान, सरफराज, सियाराम, पवन कुमार, राधेश्याम, शिवकुमार, जीरादेवी और सरिता सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
चंदौली जिले में सोमवार को दिव्यांग संगठन के दर्जनों लोगों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि सभी दिव्यांग अंत्योदय कार्ड की मांग को लेकर तीन महीने से कलेक्ट्रेट और जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इसके बाद भी अधिकारी दिव्यांगों को केवल आश्वासन देकर टाल रहे हैं। मौके पर पहुंचे प्रभारी अधिकारी अमित मोहन सक्सेना को लोगों ने ज्ञापन देकर मामले की जानकारी दी। साथ ही चेतावनी दी कि अगर अगली बार से दिव्यांगों को अंत्योदय कार्ड जारी नहीं किया गया, तो वे कलेक्ट्रेट के बाहर आमरण अनशन करने को मजबूर हो जाएंगे। दिव्यांग संगठन के अजय बहादुर सिंह ने बताया कि दिव्यांगों के पास अंत्योदय राशन कार्ड नहीं है। इस कारण उनका आयुष्मान कार्ड भी नहीं बन पा रहा है। वे कई सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि खाद्य विभाग के अधिकारियों को तीन महीने पहले ज्ञापन देकर मामले से अवगत कराया गया था, लेकिन अधिकारी इन समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनपद के कोने-कोने से दिव्यांग अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर उम्मीद के साथ आते हैं। लेकिन अफसर अपनी पुरानी कार्यशैली के कारण दिव्यांगों को केवल आश्वासन देकर वापस भेज देते हैं। लोगों ने बताया कि जिलाधिकारी ने उन्हें 15 दिनों के अंदर सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। ऐसे में लोगों ने कहा कि अगर 15 दिनों तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आगे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। इस दौरान राजकुमार गुप्ता, महाराजी, सियाराम, सत्य प्रकाश, बृजेश, पिंटू निजामुद्दीन, रहमान अली, देवनारायण, सरोज, किरनमोरे और बुद्धू सहित कई लोग मौजूद रहे।
अयोध्या में मनरेगा योजना के तहत कार्यरत तकनीकी सहायकों ने मानदेय बढ़ाने सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी हैरिंग्टनगंज आर.एन. भारती को सौंपा। तकनीकी सहायक दिनेश कुमार तिवारी, जय प्रकाश एवं प्रकाश चंद्र मिश्र द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि तकनीकी सहायक पिछले कई वर्षों से मनरेगा योजना में कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनके मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई है। ज्ञापन में मानदेय को जूनियर इंजीनियर के मूल वेतन के अनुरूप प्रतिमाह 45,000 रुपए किए जाने की मांग की गई है। तकनीकी सहायकों ने बताया कि उन्हें ग्राम पंचायतों में चल रहे मनरेगा कार्यों का प्रतिदिन स्थलीय निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण करना पड़ता है। इसके लिए उन्हें विभिन्न ग्राम पंचायतों में आवागमन करना पड़ता है, जिसमें लगभग 6,000 रुपए प्रतिमाह पेट्रोल पर खर्च हो जाता है। इसके बावजूद वर्तमान मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि तकनीकी सहायक मनरेगा कार्यों के इस्टीमेट तैयार करने, कार्यों की निगरानी एवं तकनीकी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उन्होंने शासन से उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने तथा मानदेय में वृद्धि किए जाने की मांग की। तकनीकी सहायकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगामी 28 सितंबर से लखनऊ में मनरेगा तकनीकी सहायक एसोसिएशन उ.प्र. के बैनर तले आंदोलन/प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
नलखेड़ा में बरसाती नाले के तेज बहाव में कार बहने से ओडिशा के एक परिवार के 7 सदस्यों की मौत हो गई। इस हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। मध्य प्रदेश से 3 एंबुलेंस में शव रविवार शाम भुवनेश्वर के जयदेव विहार स्थित आत्माराम बस्ती पहुंचे। शव पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गमगीन हो गया। देर रात सभी का अंतिम संस्कार पुरी के स्वर्गद्वार में हुआ। हादसे में शिवप्रसाद बेहरा, उनके बेटे कृष्ण राजवीर, बेटी साई स्वर्णप्रभा, राधाराणी बेहरा, ज्ञानेंद्र कुमार बेहरा, उनकी पत्नी रीताराणी और बेटे साई स्वस्तिक की जान चली गई। कार चालक की भी मौत हो गई। तस्वीरें देखिए… 27 सितंबर को होनी थी शादी इस हादसे का सबसे बड़ा सदमा राधाराणी की मौत से परिवार को लगा। उसकी सगाई 27 सितंबर को होनी थी और घर में तैयारियां चल रही थीं। परिजनों ने बताया कि परिवार पिता के लिए मन्नत पूरी होने पर मां बगलामुखी के दर्शन करने आया था। उन्हें उम्मीद थी कि सभी सुरक्षित लौटेंगे, लेकिन घर में खुशियों की जगह मातम छा गया। अब रात में नहीं होंगे हवन इस हादसे के बाद मंदिर प्रबंध समिति ने रात 8 बजे के बाद हवन-यज्ञ और अनुष्ठानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिया का जल्द निर्माण कराने की बात भी कही जा रही है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं और लोग हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्राचीन पोखरे के सुंदरीकरण और छठ घाट निर्माण की मांग:बागापार के ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बागापार में जनता जूनियर हाईस्कूल के पास स्थित प्राचीन पोखरे के सुंदरीकरण और छठ घाट बनाने की मांग उठी है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पोखरा सालों से क्षेत्र की प्राकृतिक, सामाजिक और धार्मिक विरासत का अहम हिस्सा रहा है। पहले इस पोखरे में कमल के फूल खिलते थे, जिससे इसकी प्राकृतिक सुंदरता लोगों को खूब आकर्षित करती थी। लेकिन, ठीक से देखरेख और सुंदरीकरण न होने के कारण पोखरे का विकास नहीं हो पाया है। हर साल इसी पोखरे के पास छठ पूजा होती है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु भगवान सूर्य की पूजा करने आते हैं। छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए एक साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित घाट की जरूरत महसूस होती है। पोखरे के ठीक बगल में जनता जूनियर हाईस्कूल भी है, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। पोखरे की साफ-सफाई, सुंदरीकरण, घाट निर्माण और आसपास के इलाके के विकास से स्कूल परिसर का माहौल भी बेहतर होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पोखरे की जांच कराकर सुंदरीकरण, साफ-सफाई और छठ घाट बनाने की मांग की है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि पोखरे की जांच कराई जाएगी और वहां छठ घाट के लिए अच्छी व्यवस्था की जाएगी। इस मौके पर लाल बहादुर, राजकुमार, सौरभ गुप्ता, रविंद्र जैन, श्याम बिहारी प्रजापति, सुभाष, रविंद्र प्रजापति, अनिरुद्ध राय, गोविंद प्रसाद समेत कई लोग मौजूद रहे।
फिरोजाबाद में दो गुटों के बीच मारपीट और पथराव, VIDEO:गल्ला मंडी के पास विवाद, पुलिस जांच में जुटी
फिरोजाबाद के कोटला रोड पर गल्ला मंडी के पास सोमवार को दो गुटों में विवाद के बाद जमकर मारपीट हुई। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए और पथराव करने लगे। इस घटना से मौके पर हड़कंप मच गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक-दूसरे से मारपीट करते और पत्थर फेंकते दिख रहे हैं। हालांकि, दैनिक भास्कर इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। जानकारी के अनुसार, दोनों गुटों में किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। विवाद बढ़ने पर दोनों गुटों के लोग आमने-सामने आ गए और मारपीट करने लगे। पथराव के कारण आसपास मौजूद लोगों में भी डर फैल गया। घटना की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और वायरल वीडियो के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। शिकायत और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर रवि त्यागी ने बताया कि उन्हें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
एटा में विवाहिता ने फंदा लगाकर जान दी:पति से खाना बनाने को लेकर विवाद हुआ, 5 साल पहले हुई थी शादी
एटा जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बारथर गांव में एक 25 वर्षीय विवाहिता ने पति से विवाद के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह परिजनों ने पंखे पर शव लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ सिटी कृतिका सिंह ने भी मौके का जायजा लिया। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वाड की टीम ने भी पहुंचकर साक्ष्य जमा किए। मृतका की पहचान नीतू पत्नी सुगंध (25 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, नीतू का अपने पति से खाना बनाने को लेकर विवाद हो गया था। इसी बात से नाराज होकर उसने घर के अंदर कमरे में पंखे से लटककर फांसी लगा ली। नीतू का विवाह सुगंध के साथ 5 वर्ष पहले हिंदू रीति-रिवाज के तहत हुआ था। सुगंध मजदूरी करता है। मृतका का एक 2 वर्ष का बेटा भी है। मृतका के पति सुगंध ने बताया कि वह रविवार देर रात नोएडा से लौटा था। उसने अपनी पत्नी से खाना बनाने के लिए कहा था, जिस पर नीतू ने कहा कि वह खुद बना ले और खा ले। सुगंध अपने कमरे में जाकर लेट गया। सुगंध ने बताया कि बाद में नीतू उसके पास आई और बोली कि वह सो रहा है। उसने खुद ही खाना बनाकर खा लिया था। नीतू उससे कह रही थी कि वह मरकर दिखाएगी। सुगंध के अनुसार, नीतू ने आज सुबह करीब 10 बजे कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले पर थाना प्रभारी कोतवाली देहात केके लोधी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस आगे की जांच-पड़ताल कर रही है।
सिरोही नगर परिषद के सभापति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ऋतु जैन ने बड़ी जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 35 में से 30 पार्षदों के वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी पूजा माली को सिर्फ 5 वोट ही मिल पाए। परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। भाजपा के 5 पार्षदों की क्रॉस वोटिंग चुनाव परिणाम से भाजपा के 5 पार्षदों की क्रॉस वोटिंग सामने आई। वहीं, दो निर्दलीय पार्षदों ने भी कांग्रेस प्रत्याशी ऋतु जैन के पक्ष में मतदान किया। इन वोटों के चलते ऋतु जैन को 30 वोट मिले और उन्होंने सभापति पद पर जीत हासिल की। सुबह 10 बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया सभापति चुनाव की प्रक्रिया राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के नवीन भवन में सुबह 10 बजे शुरू हुई। कांग्रेस के सभी प्रत्याशी सुबह करीब 10 बजे एक विशेष वाहन से स्कूल परिसर स्थित मतदान केंद्र पहुंचे। इसके बाद पार्षदों ने बारी-बारी से सभापति पद के लिए अपने मत का प्रयोग किया। 11:30 बजे मतदान केंद्र पहुंचे भाजपा प्रत्याशी भाजपा प्रत्याशी करीब 11:30 बजे मतदान केंद्र पहुंचे। प्रवेश से पहले उन्होंने अपना आधार कार्ड दिखाया। वहीं, दो पार्षदों के पास आधार कार्ड नहीं था। उनके मोबाइल में रखे आधार कार्ड देखकर उन्हें मतदान केंद्र में प्रवेश दिया गया। स्कूल को पुलिस ने चारों तरफ से घेरा मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद रही। पुलिस ने स्कूल भवन को चारों तरफ से घेर रखा था। मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूर्व विधायक लोढ़ा भी रहे मौजूद इस दौरान पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी कांग्रेस प्रत्याशियों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने निर्वाचित पार्षदों से बातचीत की और उनका हालचाल पूछा। नतीजे आने के बाद कांग्रेस खेमे में जीत का माहौल बन गया।
भदोही में यथार्थ गीता पदयात्रा:खड़कपुर से शुरू होकर सरई रजपूतानी तक चली, कई श्रद्धालु हुए शामिल
भदोही जनपद में सोमवार को यथार्थ गीता पदयात्रा संपन्न हुई। इसमें कई श्रद्धालु शामिल हुए। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यथार्थ गीता के संदेशों को आम जनता तक पहुंचाना था। यह पदयात्रा परम पूज्य गुरुदेव भगवान की आज्ञा और कृपा से, साथ ही पूज्य विनोदानंद महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इसका आयोजन सफल रहा। यह यात्रा खरगपुर गांव से शुरू होकर सरई राजपुतानी और पूरे दीवान तक पहुंची। इसे भक्तिभाव और प्रेम के साथ पूरा किया गया। इस आध्यात्मिक यात्रा के आयोजन का जिम्मा श्री राम श्रृंगार पाल जी ने संभाला था। इस मौके पर कई भक्त और श्रद्धालु शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से राम धनी बाबा, काशी बाबा, शिव चंद जी, बसंत , पंकज पाल जी, अमित पाल जी, श्रीमती अर्जना पाल जी और श्रीमती शशि पाल जी मौजूद रहे। इनके अलावा भी कई भक्त उपस्थित थे। सभी श्रद्धालुओं ने इस यात्रा में समर्पण और सहभागिता दिखाई। इसे गुरु चरणों में एक विनम्र सेवा माना गया। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि परम पूज्य गुरुदेव भगवान की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहेगी और यथार्थ गीता का संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचता रहेगा।
मेरठ में भाजपा नेता दीपक शर्मा ने अपने कार्यालय गिरिराज एसोसिएट, बुढ़ाना गेट पर एक रक्तदान शिविर लगाया। इस शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 148 यूनिट रक्त दान किया। इस पहल को मानव सेवा का एक उदाहरण बताया गया। कार्यक्रम में एमएलसी विधायक धर्मेंद्र भारद्वाज, वरिष्ठ भाजपा नेत्री बीना वाधवा, व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, महानगर मंत्री डॉली गुप्ता और अंकित सिंघल सहित शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस मौके पर रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आए अतिथियों ने रक्तदान को दान बताते हुए सभी से जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। दीपक शर्मा की ओर से आयोजित इस रक्तदान शिविर में लोगों की भागीदारी और सेवा का भाव दिखा। 148 यूनिट रक्त दान होने से जरूरतमंद मरीजों को मदद मिलेगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी रक्तदाताओं, अतिथियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार जताया गया।
चंदौली जिले में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर संगठन के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में DM चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात की। उन्होंने DM को अपनी कई समस्याओं के बारे में बताया और सरकार से उनके समाधान की मांग की। वितरकों ने बताया कि होम डिलीवरी के सिलेंडर पर मिलने वाले कमीशन में बढ़ोतरी की जाए। बढ़ती महंगाई में बिना कमीशन बढ़ाए उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचाना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केवाईसी के लिए प्रत्येक कंपनी ने 236 रुपए के भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक एजेंसी संचालकों को यह राशि नहीं मिली है। पदाधिकारियों ने शिकायत की कि गैस एजेंसी संचालकों को कंपनियां बेवजह कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध करा रही हैं। जबकि इसकी मांग उनके यहां ज्यादा नहीं होती। इससे उनका काफी पैसा इन सिलेंडरों के रखरखाव और भुगतान में फंस जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनियों ने उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन देना बंद कर दिया है, जिससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने से वंचित हो रहे हैं। वितरकों ने मांग की कि जल्द से जल्द नए कनेक्शन देने का नियम फिर से शुरू किया जाए। उन्होंने कुछ अधिकारियों पर गैर कानूनी कार्रवाई करने और विभिन्न जांच के नाम पर ब्लैकमेल करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने इस प्रथा पर रोक लगाने की मांग की। वितरकों ने कहा कि तेल कंपनियां उन्हें कई तरह से परेशान कर रही हैं, जिससे गैस एजेंसी के वितरक काफी परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि गैस एजेंसी संचालकों की सभी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा वे सड़क पर उतरकर आंदोलन कर सकते हैं। इस दौरान अमित सिंह, विनोद सिंह, जन्मेजय सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
कोलकाता में एक बड़े भाई नेइलाज के भारी खर्च और संपत्ति विवाद के चलते बिस्तर पर पड़े अपने छोटे भाई की हत्या कर दी। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
भिंड में एक बार फिर लंपी वायरस का प्रकोप बढ़ता नजर आ रहा है। सड़कों, गलियों और चौराहों पर घूमने वाली गायों में बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। शरीर पर फोड़े फूटने के बाद कई गायों से खून रिस रहा है। तेज बुखार और पैरों में घाव के कारण संक्रमित गायों को चलने-फिरने, उठने-बैठने और चारा खाने तक में परेशानी हो रही है। इसके बावजूद जिले में अब तक वैक्सीनेशन अभियान शुरू नहीं हुआ है। इस बार नवजात गायें और बछड़े ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। पूर्व में हुए टीकाकरण के दौरान कई गायों का वैक्सीनेशन हुआ था, लेकिन नई पीढ़ी के पशुओं का टीकाकरण नहीं हो सका। ऐसे में संक्रमण एक पशु से दूसरे पशु तक तेजी से फैलने की आशंका है। 10 हजार से ज्यादा पशु संक्रमित हो सकते हैंपशुपालन विभाग के अनुसार, जिले में डेढ़ लाख से ज्यादा गायें हैं। विभागीय स्तर पर पिछले एक माह में करीब 10 हजार गायों के लंपी से प्रभावित होने का अनुमान बताया जा रहा है। हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय स्तर पर सड़कों और मोहल्लों में बड़ी संख्या में संक्रमित पशु दिखाई दे रहे हैं। विभाग बोला- सर्वे करा रहे हैंपशुपालन विभाग के उप संचालक अवनीश शर्मा का कहना है कि लंपी को लेकर सर्वे कराया जा रहा है। अभी बीमारी को लेकर कोई ऐसी सूचना नहीं मिली है, जिसके आधार पर वैक्सीनेशन शुरू किया जाए। सूचना मिलने पर वैक्सीनेशन कराया जाएगा।
अमेठी में बिजली कटौती और दूसरे मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव की अगुवाई में कार्यकर्ता एसडीएम ऑफिस पहुंचे। उन्होंने ऑफिस के बाहर धरने पर बैठकर नारे लगाए और राज्यपाल को एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां और बैनर थे। इन पर सरकार के खिलाफ नारे लिखे थे। सपा नेताओं ने कहा कि किसानों की फसलों के दाम नहीं बढ़ रहे हैं, जिससे वे परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटियों पर अत्याचार के मामले में यूपी सबसे आगे हो गया है। सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने बताया कि जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह खराब हो चुकी है। बिना बताए होने वाली बिजली कटौती से आम जनता, किसान और व्यापारी सभी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में पूंजीपति अमीर होते जा रहे हैं, जबकि गरीब और किसान बदहाल हैं। सपाइयों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही समस्याओं का हल नहीं निकला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पीलीभीत शहर में सोमवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब कलेक्ट्रेट के पास पुलिस लाइन जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक पेड़ से करीब 10 फीट लंबा अजगर लिपटा हुआ दिखाई दिया। व्यस्त मार्ग पर अजगर की मौजूदगी की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में डर का माहौल बन गया और देखते ही देखते मौके पर राहगीरों व स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। यह घटना सोमवार सुबह करीब 10:00 बजे की है। रोजमर्रा की तरह लोग कलेक्ट्रेट और पुलिस लाइन की ओर आ-जा रहे थे, तभी राहगीरों की नजर सड़क किनारे खड़े एक पेड़ की डालियों से लिपटे बड़े अजगर पर पड़ी। आबादी क्षेत्र और मुख्य सड़क के पास अजगर को देखकर लोग डर गए। अजगर को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होने लगे, जिससे सड़क पर वाहनों की रफ्तार थम गई और यातायात काफी प्रभावित हो गया। स्थानीय नागरिकों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम जरूरी सामान के साथ मौके पर पहुंची। पेड़ काफी ऊंचा होने के कारण रेस्क्यू अभियान में शुरुआती परेशानी हुई। इसके बाद टीम ने हालात को देखते हुए नगर पालिका से हाइड्रोलिक क्रेन (मशीन) मंगवाई। वन विभाग के कर्मचारियों ने हाइड्रोलिक मशीन की टोकरी में चढ़कर बहुत सावधानी से अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की काफी कोशिश के बाद वनकर्मियों ने 10 फीट लंबे अजगर को सुरक्षित पकड़कर बोरे में बंद किया। अजगर के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद ही स्थानीय निवासियों और राहगीरों को सुकून मिला, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ भरत कुमार ने बताया कि कलेक्ट्रेट के पास पुलिस लाइन मार्ग पर पेड़ पर अजगर होने की सूचना मिली थी। टीम को तुरंत मौके पर भेजकर हाइड्रोलिक मशीन के जरिए सुरक्षित रेस्क्यू करा लिया गया है। उन्होंने बताया कि यह अजगर शायद पास के जंगलों से भटककर आबादी की ओर आ गया था। स्वास्थ्य जांच के बाद अजगर को घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।
अमेठी में बिजली कटौती समेत कई मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम ऑफिस के बाहर धरना दिया और नारेबाजी की। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता एसडीएम ऑफिस पहुंचे। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर सरकार विरोधी नारे लिखे थे। सपा नेताओं ने कहा कि किसानों की फसलों के दाम नहीं बढ़ रहे हैं, जिससे वे परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटियों पर अत्याचार के मामलों में उत्तर प्रदेश नंबर वन हो गया है। सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने बताया कि जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह खराब हो चुकी है। बिना बताए बिजली कटौती से आम जनता, किसान और व्यापारी सभी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में पूंजीपति अमीर होते जा रहे हैं, जबकि गरीब और किसान परेशान हैं। प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी समस्याएं हल नहीं हुईं, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
रायबरेली में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक परीक्षा के दौरान कई महिला अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई। तेज धूप और गर्मी के कारण दौड़ लगाते समय एक दर्जन से ज्यादा युवतियां बेहोश होकर गिर पड़ीं। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना पीएसी कैंपस में हुई, जहां होमगार्ड भर्ती के लिए दौड़ चल रही थी। सुबह 9 से 10 बजे के बीच शुरू हुई इस दौड़ में 1050 अभ्यर्थी शामिल थे, जिनमें महिला उम्मीदवार भी थीं। युवतियों के बेहोश होने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बेहोश हुई युवतियों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ युवतियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। चार दिन पहले भी दौड़ के दौरान एक दर्जन युवक बेहोश होकर गिर गए थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। होमगार्ड भर्ती की दौड़ प्रक्रिया में पुरुषों को 28 मिनट में 4800 मीटर और महिला उम्मीदवारों को 16 मिनट में 2400 मीटर की दौड़ पूरी करनी होती है। रायबरेली पीएसी ग्राउंड में महिला उम्मीदवारों के लिए 6.5 राउंड और पुरुष उम्मीदवारों के लिए 8 राउंड निर्धारित हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में रायबरेली के साथ-साथ कानपुर, अमेठी, उन्नाव, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, बाराबंकी और सुल्तानपुर जैसे आसपास के जिलों के अभ्यर्थियों ने भी हिस्सा लिया था।
शाहजहांपुर में एक युवती मालगोदाम पर बेहोशी की हालत में मिली। सोमवार सुबह करीब 9 बजे स्थानीय लोगों ने उसे देखा। पहले उन्हें लगा कि यह किसी महिला का शव है। पास जाकर आवाज लगाने पर युवती के शरीर में हलचल हुई। हालांकि, वह कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं थी। युवती के पास से शराब की तेज गंध आ रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवती शराब के नशे में लग रही थी। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। राजघाट पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस युवती की पहचान कराने की कोशिश कर रही है। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि शुरुआती जांच में युवती थाना आरसी मिशन क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस उसके परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। परिवार के आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि युवती मालगोदाम पर कैसे पहुंची और उसकी हालत ऐसी क्यों हुई।
उन्नाव में मृतक आश्रित कोटे से शिक्षक की नौकरी पाने के मामले में नया विवाद सामने आया है। आरोप है कि श्रीराम यादव को साल 2002 में सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाया गया और इसके बाद उनके बेटे रामबरन यादव ने मृतक आश्रित कोटे से शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली। शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत डिप्टी सीएम, शिक्षा निदेशक, बीएसए और बीईओ से की है। बीएसए ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ललितेश सिंह का आरोप है कि श्रीराम यादव को साल 2002 में सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाया गया था। इसके आधार पर उनके बेटे रामबरन यादव को मृतक आश्रित कोटे से शिक्षक की नौकरी मिल गई। रामबरन फिलहाल हिलौली क्षेत्र के खेरवा उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता ने नियुक्ति से जुड़े रिकॉर्ड और उस समय लगाए गए मृत्यु संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाया जाए कि श्रीराम यादव की मृत्यु साबित करने के लिए कौन से दस्तावेज लगाए गए थे। जमीन के बैनामे में जीवित होने का दावा ललितेश सिंह का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में श्रीराम यादव को मृत दिखाए जाने के बाद भी उनके नाम से जमीन का बैनामा हुआ। साल 2014-15 में श्रीराम यादव के नाम जमीन खरीदे जाने का रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जमीन से जुड़े दस्तावेजों में श्रीराम यादव के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान दर्ज हैं। इसी आधार पर उनके साल 2014-15 में जीवित होने का दावा किया जा रहा है। इससे मृतक आश्रित कोटे से हुई नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। सर्विस बुक से मिलाने की मांग शिकायत में रामबरन यादव की सर्विस बुक में दर्ज हस्ताक्षर की भी जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने जमीन के बैनामे में दर्ज श्रीराम यादव के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान को संबंधित सर्विस रिकॉर्ड और दूसरे दस्तावेजों से मिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान की फॉरेंसिक जांच कराई जाए तो मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। साथ ही नियुक्ति के समय जमा किए गए सभी दस्तावेजों का सत्यापन कराने की मांग की गई है। बीएसए ने शुरू की मामले की जांच शिकायतकर्ता ने डिप्टी सीएम, शिक्षा निदेशक, बीएसए और बीईओ से मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिक्षा विभाग से रामबरन की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों और पूरे रिकॉर्ड का सत्यापन कराने को कहा गया है। बीएसए शैलेश पांडे ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। जांच में सरकारी रिकॉर्ड, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज और जमीन के बैनामे समेत अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
बांदा में 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 से अधिक के पात्र व्यापारी आधारित UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने से व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। इसी को लेकर आज सोमवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भेजा है। इसमें छोटे, मध्यम और फुटकर व्यापारियों को प्रस्तावित शुल्क से राहत देने की मांग की गई है। व्यापार मंडल ने कहा कि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में UPI ने बड़ी भूमिका निभाई है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक, कई कारोबारी डिजिटल पेमेंट ले रहे हैं। ऐसे में UPI लेनदेन पर शुल्क लगाने से छोटे व्यापारियों की लागत बढ़ने की आशंका है। ज्ञापन में बताया गया है कि किराना, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, हार्डवेयर, दवा, ऑटो पार्ट्स और छोटे सर्विस प्रतिष्ठानों में कई बार एक ग्राहक का भुगतान ₹2,000 से ज्यादा हो जाता है। छोटे व्यापारियों का लाभ मार्जिन कम होने से यह अतिरिक्त चार्ज उन पर आर्थिक बोझ बन सकता है। व्यापार मंडल ने यह भी कहा कि अभी की व्यवस्था में छोटे व्यापारियों की कुछ श्रेणियों को शून्य MDR की छूट मिली है। लेकिन जमीन पर व्यापारियों की स्थिति और UPI पर उनकी निर्भरता अलग-अलग है। इसलिए सिर्फ UPI से मिली रकम के आधार पर लिमिट तय करने की बजाय, व्यापार के स्वरूप और असली हालात को भी ध्यान में रखना चाहिए। अभी के नियम में पात्र छोटे व्यापारियों के लिए ₹1 लाख तक के मासिक UPI प्राप्ति पर शून्य MDR का प्रावधान है। व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि छोटे और फुटकर व्यापारियों पर MDR के असर का गहराई से अध्ययन कराया जाए। उन्हें जितना हो सके, शुल्क-मुक्त रखा जाए और किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले प्रमुख व्यापारी संगठनों से बातचीत की जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि व्यापार जगत डिजिटल भुगतान व्यवस्था का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि ऐसी व्यवस्था चाहता है, जिससे UPI का विस्तार भी जारी रहे और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी न पड़े।
गोरखपुर के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की सेवा, समर्पण और सुशासन की यात्रा को अब जीवंत रूप में देखने का मौका मिलेगा। ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ नाम से भव्य नाटक का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को शहर के एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता ने इसकी जानकारी दी। रमेश प्रताप गुप्ता ने बताया कि गोरखपुर में यह पहली बार होगा जब इस तरह का नाट्य मंचन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक नाटक नहीं, बल्कि सेवा और सुशासन की यात्रा को समझने और महसूस करने का माध्यम होगा, जो दर्शकों को गहराई से जोड़ने का काम करेगा। संवाद, संगीत और अभिनय से जीवंत होगी यात्रा नाटक में गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक के सफर को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। संवाद, संगीत और दमदार अभिनय के जरिए सेवा, समर्पण, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण की कहानी को मंच पर उतारा जाएगा, जिससे दर्शकों को एक अलग अनुभव मिलेगा। आयोजकों का कहना है कि नाटक को इस तरह तैयार किया गया है कि शहर का हर वर्ग इससे जुड़ सके। इसमें भावनात्मक और प्रेरणादायक प्रसंग शामिल किए गए हैं, जो खासकर युवाओं को आगे बढ़ने और देश सेवा के लिए प्रेरित करेंगे। प्रदेशभर में पहुंचेगा अभियान भाजपा महानगर अध्यक्ष ने बताया कि गोरखपुर में इस आयोजन के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका मकसद जनसंवाद को मजबूत करना और सेवा व सुशासन के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ नाटक गोरखपुर में एक नई पहल साबित होगा। इसके जरिए प्रधानमंत्री की 25 साल की सेवा यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
सोनीपत जिले में डीसी नेहा सिंह ने धान की फसल कटने के बाद खेतों में बचे अवशेष और दूसरे फसल अवशेष जलाने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। यह प्रतिबंध 21 सितंबर 2026 से 21 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा। जारी आदेशों के मुताबिक, धान की कटाई के बाद कुछ किसान खेतों में बचे अवशेषों को जलाते हैं। इससे निकलने वाला धुआं (स्मॉग) हवा को प्रदूषित करता है और लोगों की सेहत पर बुरा असर डालता है। आग लगने का खतरा रहता है फसल अवशेष जलाने से आग लगने का खतरा रहता है, जिससे संपत्ति और जान-माल का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, पशुओं के लिए चारे की कमी होती है। खेतों में अवशेष जलाने से मिट्टी में मौजूद अच्छे कीट मर जाते हैं, जिससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति और फसल उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ता है। 'नियम तोड़ने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई' राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भी फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों में नियम तोड़ने पर सजा का भी प्रावधान है। हरियाणा सरकार भी एनजीटी के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी करती है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 और वायु बचाव एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम, 1981 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने यूपीआई पेमेंट पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में सोमवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में ज्ञापन दिया। इसी कड़ी में रामपुर में भी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने शीलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने ज्ञापन में अक्टूबर से यूपीआई पेमेंट पर प्रस्तावित MDR को रोकने की मांग की। उनका कहना है कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले इसका ठीक से परीक्षण किया जाना चाहिए। व्यापारियों ने बताया कि यूपीआई पेमेंट का इस्तेमाल छोटे और मध्यम व्यापारियों के साथ-साथ आम लोग भी बड़े पैमाने पर करते हैं। व्यापार मंडल ने कहा कि अगर यूपीआई भुगतान पर MDR लगाया जाता है, तो इससे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। खासकर छोटे और मध्यम व्यापारियों पर इसका ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। व्यापारियों ने मांग की कि सरकार इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार करे। ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे डिजिटल भुगतान की सुविधा भी बनी रहे और व्यापारियों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार भी न पड़े। ज्ञापन में व्यापारियों ने प्रस्तावित MDR को फिलहाल रोककर इसके प्रभावों का विस्तार से परीक्षण कराने की मांग की। उनका कहना है कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले व्यापारियों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव का आकलन जरूरी है। व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री से छोटे और मध्यम व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाने की मांग की। संगठन ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ ज्ञापन देकर इस मुद्दे पर व्यापारियों की चिंता सरकार तक पहुंचाई गई है।
धनबाद के वासेपुर स्थित भूली मोड़ इलाके में सोमवार को दिनदहाड़े बाइक पर आए दो बदमाशों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस घटना में गैंगस्टर फहीम खान के भाई सानू खान, युवक सद्दाम अंसारी और एक महिला को गोली लगी है। तीनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगातार कई गोलियां चलाईं वहां मौजूद लोगों ने बताया कि बाइक पर दो बदमाश सवार थे। बाइक चला रहे बदमाश के पीछे बैठे युवक ने अचानक गोली चलाना शुरू कर दिया। उसने लगातार कई गोलियां चलाईं। इसके बाद दोनों बदमाश बाइक से मौके से भागने लगे। स्थानीय लोगों ने उनका पीछा भी किया, लेकिन बदमाश गोली चलाते हुए फरार हो गए। सात से आठ खाली कारतूस मिले घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को घटनास्थल से सात से आठ खाली कारतूस मिले हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है। पुलिस हमलावरों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। क्षेत्र में बना दहशत का माहौल बताया जा रहा है कि सानू खान और सद्दाम किसी काम से भूली मोड़ इलाके में थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन पर गोली चला दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में दहशत फैल गई। इस दौरान एक महिला भी गोली लगने से जख्मी हो गई। पुलिस गोलीबारी के कारणों और हमलावरों की पहचान को लेकर जांच कर रही है। दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। घटना में फहीम खान के रिश्तेदार समेत दो लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक महिला भी शामिल है। फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटनास्थल से सात खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग किसने और किस वजह से की। -ऋत्विक श्रीवास्तव, सिटी एसपी
UGC रोल बैक की मांग को लेकर रविवार को आगरा में जिस जगह जोरदार प्रदर्शन और हंगामा हुआ, सोमवार को वहां हालात सामान्य हैं। मुड़ी चौराहा पर वाहनों का आवागमन हो रहा है। गांवों में भी स्थिति सामान्य हैं। हालांकि एतिहात के तौर पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात है। गांवों पर नजर रखी जा रही है। एलआईयू अलर्ट मोड पर है। गांवों में भी कोई हलचल नहीं है। UGC को लेकर रविवार को सवर्ण समाज के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में सुबह से शाम तक लुकाछिपी चलती रही थी। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद प्रदर्शनकारी एक्सप्रेस-वे जाम और 7 किलोमीटर तक ट्रैक्टर मार्च निकालने में कामयाब हो गए थे। पहले आज के हालात जानिये…UGC मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में रविवार को मुड़ी चौराहे से प्रदर्शन की शुरुआत हुई थी। यहां कई घंटे तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई। हंगामे की स्थिति को देखते हुए यहां वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। सोमवार सुबह से मुड़ी चौराहा पर हालात सामान्य हैं। आवागमन सुचारु है। एतिहात की दृष्टि से कुछ पुलिसकर्मी चौराहा पर तैनात हैं। एत्मादपुर के संवाई गांव में भी शांति बनी हुई है। प्रदर्शन या ट्रैक्टर मार्च को लेकर यहां कोई हलचल नहीं है। लोग अपने-अपने काम में जुटे हुए हैं। 3 तस्वीरों में देखिये आज के हालात… पुलिस अलर्ट मोड पर सोमवार को क्षेत्र में भले ही शांति छाई हो लेकिन पुलिस अलर्ट मोड पर है। जगह-जगह पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं। एलआईयू के माध्यम से UGC बिल का विरोध करने वाले नेताओं और क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। मुखबिरों के माध्यम से भी संवाई तथा अन्य गांवों के अंदर की जानकारी ली जा रही है। कोशिश है कि रविवार को जिस तरह लोग सड़कों पर उतर आए थे, ऐसी स्थिति दोबारा न बने।अब जानिये रविवार को क्या हुआ था?UGC मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में रविवार सुबह 8 बजे मुड़ी चौराहे से शुरू हुआ आंदोलन शाम 4 बजे तक टेढ़ी बगिया के नाई की सराय तक चला। इस दौरान हंगामे के बीच कई बार पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। नाकेबंदी के बावजूद एक्सप्रेस-वे पर पहुंच गए। फिर UGC रोलबैक की मांग को लेकर एसडीएम एत्मादपुर सुमित सिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंप दिया। सबसे ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति तब बनी जब एक्सप्रेस-वे से हटने के बाद भीड़ ट्रैक्टर मार्च निकालने को आमादा हो गई। यह मार्च जलेसर रोड स्थित मुड़ी चौराहे से कलक्ट्रेट तक प्रस्तावित था। इसके मद्देनजर पुलिस ने थाना खंदौली क्षेत्र का मुड़ी चौराहा छावनी में तब्दील कर दिया था। आंदोलनकारियों को रोकने के लिए जगह-जगह फोर्स, बुलडोजर, हाइड्रा और बैरिकेडिंग से रास्ते रोके गए। आगरा-हाथरस रोड को वाहन विहीन कर दिया गया। मुड़ी चौराहे से जिला मुख्यालय की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। पूरे रास्ते पर पुलिस की मूवमेंट थी। खेतों के रास्ते आगे बढ़े सैकड़ों लोगपुलिस-प्रशासन ने मुड़ी चौराहे से ट्रैक्टर मार्च न करने का आह्वान किया। फिर भी जोशीले आंदोलनकारियों ने मार्च शुरू किया। पहले ट्रैक्टरों को मुड़ी चौराहे पर पुलिस ने रोका। आंदोलनकारी यहां नहीं रुके। पुलिस ने उन्हें नादऊ स्थित यमुना एक्सप्रेसवे फ्लाईओवर के नीचे हाइड्रा और बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। यहां हंगामे के बीच पुलिस से धक्कामुक्की चलती रही। प्रदर्शनकारी पुलिस की नाकाबंदी फेल करते हुए खेतों के रास्ते ट्रैक्टर लेकर मुख्यालय की ओर चल दिए।
कारोबारी राकेश त्रेहन के कल के iPhone लंगर पर चंडीगढ़ प्रशासन ने रोक लगा दी है। DC निशांत यादव ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि ऐसा कोई लंगर न लगने दिया जाए। चंडीगढ़ पुलिस ने भी उनसे किसी तरह की परमिशन न लेने की बात कही है। वहीं मोहाली पुलिस ने भी साफ किया है कि बिना परमिशन ऐसा कोई लंगर नहीं लगने दिया जाएग। प्रशासन के रवैये के बाद कारोबारी त्रेहन ने कहा कि वह कोई भीड़ नहीं जुटा रहे। मीडिया के सामने ड्रॉ निकाला जाएगा। इसके बाद वह विजेता महिला के घर जाकर उसे iPhone देंगे। iPhone का लंगर क्या है?दरअसल, चंडीगढ़ के सेक्टर 10 में रहने वाले कारोबारी राकेश त्रेहन ने घोषणा की है कि 22 सितंबर को वह iPhone का लंगर लगाएंगे। इसमें 18 साल से बड़ी उम्र की चंडीगढ़ व मोहाली की महिलाओं को फ्री में iPhone के 17 या उससे ऊपर के मॉडल देंगे। इसके लिए वॉट्सएप ग्रुप बनाया है। जिसे स्क्रॉल किया जाएगा, जिसके नाम पर ये रुकेगा, उसे विजेता माना जाएगा। त्रेहन ने कहा था कि 1 हजार iPhone के ऑर्डर दे चुके हैं। पहले दिन 10 मोबाइल दिए जाएंगे। चंडीगढ़ DC ने कहा- ऐसा लंगर अलाउड नहीं करेंगेDC निशांत यादव ने इस तरह के लंगर पर रोक लगाने के निर्देश की पुष्टि करते हुए कहा कि मैंने SSP को चंडीगढ़ में ऐसा लंगर रोकने को कहा है। इस तरह के लंगर की परमिशन नहीं दी जा सकती। पिछली बार कारोबारी ने मुफ्त पेट्रोल लंगर की घोषणा की थी, ये भी जोखिम भरा था क्योंकि वहां हजारों लोगों के इकट्ठा होने से भगदड़ जैसी स्थिति बन सकती थी। चंडीगढ़ में इस तरह के आईफोन लंगर को अलाउड नहीं किया जाएगा। चंडीगढ़ SSP बोलीं– कोई परमिशन नहीं लीचंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा कि किसी ने भी हमसे इस तरह के लंगर की परमिशन नहीं मांगी है। अगर कोई बिना परमिशन के ऐसा करता है तो यह BNSS की धारा 163 (पहले धारा 144 CrPC) का उल्लंघन होगा। मोहाली SSP बोले– लीगल एक्शन लेंगेमोहाली में लंगर को लेकर भी SSP वरूण शर्मा ने इनकार किया है। मोहाली SSP ने कहा कि DC की परमिशन के बगैर ऐसा कोई इवेंट नहीं होने देंगे। अगर कोई बिना परमिशन के ऐसा कोई इवेंट करेगा तो उसके खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाएगा। कारोबारी त्रेहन ने कहा- भीड़ नहीं जुटाऊंगाइस बारे में कारोबारी राकेश त्रेहन ने कहा कि यह भीड़ जुटाने का इवेंट नहीं होगा। iPhone का ड्रॉ निष्पक्ष रहे, इसके लिए मीडिया के सामने ड्रॉ निकाला जाएगा। जो विजेता होंगे, वह उनके घर जाकर मोबाइल देंगे। लोगों को कहीं भी एक जगह पर इकट्ठा नहीं किया जाएगा। राकेश त्रेहन अब तक ये लंगर लगा चुके अमृतसर के राकेश त्रेहन, पिता कपड़ा कारोबारी थेराकेश त्रेहन को सोशल मीडिया पर ‘राजा दी किंग’ के नाम से जाना जाता है। वह मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले हैं। उनके पिता कपड़े के कारोबारी थे और अब उनका निधन हो चुका है। राकेश के मुताबिक, पिता की संपत्ति का आधा हिस्सा उन्हें मिला है। राकेश त्रेहन की कंपनी डिजिटल करेंसी और ऑनलाइन फाइनेंस मार्केट में निवेश व ट्रेडिंग से जुड़ी है। उनका कारोबार रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी डीलिंग से भी जुड़ा है। वह मर्सिडीज गाड़ी में चलते हैं और अपनी सुरक्षा के लिए बाउंसर भी रखते हैं।
सागर जिले में बारिश के सीजन की विदाई के दौर में झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। पिछले दो दिनों से जिले के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। 19 और 20 सितंबर को सागर समेत रहली और देवरी ब्लॉक में तेज बारिश हुई। हवाओं के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। हवा के असर से मक्का की फसल खेतों में आड़ी हो गई। वहीं, खेतों में पानी जमा होने से उड़द की फसल को नुकसान हुआ है। सोयाबीन के पत्ते भी पीले पड़ने लगे हैं। किसानों के बीच पीला मोजेक का खतरा बढ़ने की चिंता है। किसानों ने बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराने और मुआवजा दिलाने की मांग की है। सीजन के आखिरी दिनों में हुई बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में अब तक 34.4 इंच औसत बारिश बारिश के इस सीजन में जिले की सामान्य बारिश का कोटा अभी पूरा नहीं हुआ है। अब तक जिले में सामान्य 48.4 इंच के मुकाबले 34.4 इंच औसत बारिश हुई है। जबकि पिछले साल 21 सितंबर तक 44.2 इंच औसत बारिश हो चुकी थी। सामान्य बारिश का कोटा पूरा करने के लिए अभी करीब 13 इंच औसत बारिश की जरूरत है। बादलों के बीच धूप-छांव का दौर सोमवार सुबह से सागर में आसमान पर बादलों की आवाजाही जारी है। बादलों के बीच धूप-छांव का दौर बना हुआ है। अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। मौसम विभाग के अनुसार, धूप-छांव के बीच शाम को मौसम बदल सकता है। घने बादल छाने के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। आने वाले दिनों में भी जिले के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है।
अम्बेडकरनगर के अकबरपुर थाना क्षेत्र के बरियावन बाजार में रविवार देर रात अज्ञात लोगों ने बुलडोजर से सड़क किनारे बने चार कमरों को गिरा दिया। सोमवार सुबह करीब 9 बजे स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रविवार देर रात कुछ लोग बुलडोजर लेकर बरियावन बाजार आए थे। उन्होंने सड़क किनारे बने चार कमरों को मशीन से गिरा दिया। रात होने की वजह से आसपास के लोगों को तुरंत घटना का पता नहीं चल पाया। सोमवार सुबह जब लोगों ने कमरों को टूटा हुआ देखा तो बाजार में इस पर बात होने लगी। घटना की सूचन्व स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां चार कमरों का मलबा पड़ा था। पूछताछ में पता चला कि ये कमरे संदीप, चंद्रदेव, राकेश और बघेलू आदि लोगों के थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इन कमरों में दुकानें चलती थीं, लेकिन रात में वहां कोई नहीं था। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करने के साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखना शुरू कर दिया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि रात में बुलडोजर लेकर कौन लोग आए थे और किसके कहने पर इन कमरों को गिराया गया। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में कई तरह की बातें हो रही हैं। हालांकि, कमरों को गिराने की असली वजह क्या थी, यह पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की पहचान और घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
निकाय चुनाव 2026 को लेकर आज तिजारा नगर परिषद में सभापति पद के लिए मतदान होगा। यह मतदान सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इसमें पार्षद अपने मत का उपयोग करेंगे।
हापुड़ के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में ग्रामीण चिकित्सक कुंवरपाल सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। मृतक के बेटे की शिकायत पर आठ नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। परिवार का आरोप है कि एक मरीज की मौत के बाद आरोपी चिकित्सक पर गलत इलाज का आरोप लगाकर लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहे थे और धमकियां दे रहे थे। मृतक के बेटे के मुताबिक, कुंवरपाल सिंह 19 सितंबर की सुबह करीब 8 बजे बाइक से किसी काम के लिए घर से निकले थे। शाम तक वापस नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। उनका मोबाइल भी बंद था, लेकिन देर रात तक कोई जानकारी नहीं मिली। 20 सितंबर की सुबह परिजन खेत पहुंचे। ईख के खेत के बाहर कुंवरपाल की बाइक और हेलमेट पड़ा मिला। खेत के अंदर जाकर देखा तो वह मृत हालत में मिले। उनके पास मोबाइल, एक सुसाइड नोट और सल्फास के खाली पैकेट भी मिले। मरीज की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद परिवार के मुताबिक, 7 जुलाई को गांव के जयवीर की तबीयत खराब हुई थी। परिजन उसे इलाज के लिए कुंवरपाल सिंह के पास लेकर आए थे। इलाज के दौरान या उसके बाद जयवीर की मौत हो गई। इसके बाद जयवीर के परिजनों ने चिकित्सक पर गलत दवा देने का आरोप लगाया। शिकायत के मुताबिक, इसके बाद से ही कुंवरपाल पर बड़ी रकम देने का दबाव बनाया जा रहा था। शिकायतों और धमकियों से परेशान होने का आरोप मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि सिपाही रूपचन्द्र, भूपेन्द्र, वीरसिंह, आकाश, विकास और मेरठ के नरहेड़ा गांव के रहने वाले रिश्तेदार शशि, प्रमोद और विनोद लगातार पैसों की मांग कर रहे थे। परिवार का कहना है कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद आरोपियों का दबाव जारी रहा। आरोपियों ने सीएमओ कार्यालय और ऑनलाइन पोर्टल पर भी चिकित्सक के खिलाफ शिकायतें की थीं। परिवार का आरोप है कि लगातार धमकियों और मानसिक दबाव के चलते कुंवरपाल ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। सुसाइड नोट कब्जे में, आरोपियों की तलाश बाबूगढ़ थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि मृतक के बेटे की शिकायत के आधार पर आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मौके से मिला सुसाइड नोट अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। सुसाइड नोट और जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में सोमवार को जंगली हाथियों के दो झुंड पहुंच गए। नेउसी और खोरी गांव के पास पहुंचे दोनों झुंडों में करीब 28 हाथी बताए जा रहे हैं। हाथियों के खेतों के पास पहुंचने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को जंगल की ओर भेजा। खेतों के पास पहुंचे हाथियों के झुंड सोमवार को हाथियों के दो झुंड अलग-अलग समय पर नेउसी और खोरी गांव के पास पहुंचे। खेतों के नजदीक हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। फसल को नुकसान से बचाने के लिए लोग सतर्क रहे। मानपुर और कल्लवाह परिक्षेत्र की वन टीमों ने हाथियों को आबादी और खेतों से दूर रखने के लिए निगरानी शुरू की। वनकर्मियों के साथ ग्रामीण भी हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। काफी प्रयास के बाद हाथियों को जंगल की ओर भेजा गया। करीब एक एकड़ फसल को नुकसान हाथियों की मौजूदगी के दौरान जंगल से लगे खेतों में करीब एक एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा। दोनों झुंड अलग-अलग समय पर क्षेत्र में पहुंचे, इसलिए वन अमले को लगातार निगरानी करनी पड़ी। ग्रामीणों को दूरी बनाए रखने की समझाइश वन विभाग ने ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनके नजदीक नहीं जाने की समझाइश दी। क्षेत्र में दोबारा हाथियों की गतिविधि होने की आशंका को देखते हुए वन अमला निगरानी कर रहा है। लगातार निगरानी कर रही टीम परिक्षेत्र अधिकारी अंकित सोनी ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। मानपुर और कल्लवाह की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को जंगल की ओर भेज दिया है। क्षेत्र में निगरानी जारी है।
जयपुर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के जरिए साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने टेलीग्राम पर मैसेज लिंक भेजकर गेम खेलने पर रुपयों का लालच देकर 1.75 लाख रुपए ठग लिए। गेम में फंसे रुपयों को निकालने के लिए आरोपी युवक को टास्क पर टास्क देते रहे। पीड़ित की ओर से भट्टाबस्ती थाने में आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। लालच देकर लूटते रहे ठग SHO (भट्टाबस्ती) सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि शास्त्री नगर के विजय नगर निवासी इमरान खान (36) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार 29 अगस्त को टेलीग्राम पर मैसेज आया था। मैसेज में 200 से 500 रुपए रोज पार्ट टाइम काम कर कमाने का लिखा था। लिंक पर क्लिक करने पर उसमें बहुत सारे लोग एक जुड़े हुए थे। पीड़ित ने ग्रुप में बताए गेम को खेलना शुरू किया, गेम में बताया गया था कि 2 हजार रुपए जमा करने पर 2.5 हजार रुपए मिलेंगे। रुपए जमा करने के बाद टास्क पूरा नहीं हुआ तो फिर से एक ओर मैसेज आया, जिसमें लिखा था टास्क पूरा करने के लिए आपको 26 हजार 995 रुपए जमा कराने होंगे। पीड़ित ठगों के ट्रैप में फंसता गया और टास्क पूरा करने के लिए पैसे पर पैसे जमा कराता गया। ठगों ने फिर मैसेज करके 58 हजार 600 रुपए जमा करवा लिए। पैसे नहीं होने की कहने पर बोला गया कि आप किसी से एडजेस्ट करें। 10 मिनट में टास्क जीतते ही 1 लाख 6 हजार 550 रुपए मिल जाएंगे। फंसी रकम निकालने के लालच में ठगी झांसे में आकर पीड़ित ने कहे अनुसार रकम जमा करवा दी और उसके बाद एक ओर टास्क देकर 85 हजार 600 रुपए जमा करने को कहा। मना करने पर बताया आपके पास 2 लाख 6 हजार रुपए आएंगे। फंसी रकम को निकालने के लालच में 85 हजार 600 रुपए जमा करवा दिए। टास्क पर टास्क देकर रुपए जमा कराकर लूटने पर गेम खेलना बंद कर दिया। 15 सितंबर को सुबह करीब 10:15 बजे टास्क पूरा करने को लेकर उसे कॉल किया गया। पु लिस शिकायत करने की कहने पर उसे ब्लॉक कर दिया। धोखाधड़ी कर रुपए ऐंठने का पता चलने पर पीड़ित ने भट्टाबस्ती थाने में रविवार को रिपोर्ट दर्ज करवाई।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के शरदकालीन सत्र के पहले दिन पीडीपी विधायक वहीद पारा ने युवाओं, आरक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं, नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा नेभी कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।
जोधपुर नगर निगम के मेयर पदों को लेकर 25 सितंबर को चुनाव होने हैं। मेयर पद के लिए भाजपा ने प्रसन्नचंद मेहता और कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी को प्रत्याशी बनाया था। सोमवार को दोनों दलों ने एक-दूसरे के प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर ऑब्जेक्शन दर्ज करवाया है। कांग्रेस ने रिटर्निंग अधिकारी को सौंपे ऑब्जेक्शन में बताया कि भाजपा प्रत्याशी प्रसन्नचंद मेहता ने अपनी और पत्नी से संबंधित प्रॉपर्टी और मूल्यवान चीजों की जानकारी शपथ पत्र में छिपाई है। वहीं, भाजपा की ने कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी को लेकर ऑब्जेक्शन लगाया कि उन्होंने उन पर हुई एफआईआर से संबंधित तथ्यों की जानकारी नहीं दी। दोनों दलों के लीगल एडवाइजर की ओर से ऑब्जेक्शन का जवाब रिटर्निंग अधिकारी को पेश करना होगा। कांग्रेस का दावा: मामलों में एफआर लग चुकी है, शिकायत में कोई डॉक्यूमेंट पेश नहीं किया कांग्रेस के विधि विभाग के जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी ने बताया- प्रसन्नचंद मेहता के प्रस्तावक चैन सिंह इंदा की ओर से एक एप्लीकेशन दी गई है। इसमें बताया कि राजेंद्र सोलंकी ने नॉमिनेशन में संबंधित एफआईर की जानकारी नहीं बताई है। ये आरोप निराधार है। ये आपत्ति प्रशासन के दबाव में पेश की गई है। उन्होंने बताया कि 2016 में जो एफआईआर पेश हुई थी, उसमें राज्य सरकार ने अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी थी। इसमें एफआर लग चुकी थी और कोर्ट ने भी स्वीकार कर लिया था। जोशी ने बताया कि एक ऑब्जेक्शन प्रसन्न चंद मेहता के नॉमिनेशन को लेकर हमने पेश किया है। उन्होंने शपथ पत्र में कुछ तथ्य छिपाए हैं। मूल्यवान वस्तुओं का न तो नाम बताया गया और न ही इनके वजन आदि की जानकारी। इस आधार पर हमने नॉमिनेशन निरस्त करने की अपील की है। राजेंद्र सोलंकी के केस में एफआर लग चुकी वहीं कांग्रेस विधि विभाग के उपाध्ययक्ष अनिल गौड़ ने बताया- राजेंद्र सोलंकी की ओर से शपथ पत्र में जो तथ्य दिए थे, वे बिल्कुल सही है। जिस एफआईआर का जिक्र किया जा रहा है, उसमें एफआर लगा दी थी। इतना ही नहीं भाजपा की ओर से जो शिकायत दी है, उसमें किसी तरह का कोई डॉक्यूमेंट नहीं दिया गया है। केवल दबाव के लिए ये किया गया है, ताकि शिकायत के माध्यम से फॉर्म रिजेक्ट हो जाए। भाजपा का दावा: सोलंकी के खिलाफ चल रहे मामलों की जानकारी नहीं दी वहीं इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि राजेंद्र सोलंकी की ओर से जो फॉर्म पेश गिया गया था, उसमें उनके खिलाफ केस निल बताए गए। इसलिए हमने ऑब्जेशक्शन लगाया है। वहीं, कांग्रेस की ओर से प्रसन्नचंद मेहता के लगाए ऑब्जेक्शन को लेकर वे बोले- शपथ पत्र में केवल मूल्यवान राशि ही होती है। उसकी जानकारी उस नॉमिनेशन फॉर्म में लिखी है।
बड़वानी के पलाबाजार में सोमवार को एक अलग माहौल था। रोज की तरह बाजार खुलने से पहले ही नगरपालिका के पूरे कर्मचारी हाथों में झाड़ू और फावड़े लेकर सफाई के लिए उतर गए। नपाध्यक्ष अश्विनी निक्कू चौहान खुद पार्षदों और कर्मचारियों के साथ सड़क पर सफाई करते दिखे। नगरपालिका ने शहर को अतिक्रमण मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए एक साथ दो मोर्चों पर काम शुरू किया है। इस अभियान में पहला मोर्चा स्वच्छता का था और दूसरा अतिक्रमण हटाने का। टीम ने पूरे बाजार में गहन सफाई की। दुकानों के बाहर पड़ा कचरा, पॉलिथीन और मलबा हटाया गया। इसके बाद एक जरूरी काम किया गया - सड़कों के दोनों किनारों पर चूने की लंबी सफेद लाइन खींची गई। अधिकारियों ने इसे दुकानों की लक्ष्मण रेखा बताया। मार्किंग के बाद नपाध्यक्ष और उनकी टीम ने एक-एक व्यापारी से मिलकर हाथ जोड़कर अनुरोध किया। उन्होंने व्यापारियों को समझाया कि आज जो चूने की लाइन डाली गई है, अपने काउंटर, सामान और बोर्ड उसी के अंदर रखें। लाइन के बाहर एक इंच भी सामान नहीं निकलना चाहिए। इससे सड़क चौड़ी रहेगी, यातायात जाम नहीं होगा और ग्राहकों को भी आने-जाने में आसानी होगी। नपाध्यक्ष अश्विनी निक्कू चौहान ने व्यापारियों से कहा कि अपनी दुकान से निकलने वाला गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डालें। कचरा सड़क पर फेंकने से नाली जाम होती है और बीमारियां फैलती हैं। इसका असर उनके स्वास्थ्य और ग्राहकों पर ही पड़ेगा। नगरपालिका का कचरा वाहन रोज आएगा और कचरा ले जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि शहर का नया वेंडर मार्केट बनकर तैयार हो चुका है। इसके लिए आम सूचना जारी कर दी गई है। जो पुराने दुकानदार हैं, उन्हें 10 दिन के अंदर अपने कागजात नगरपालिका में जमा करने होंगे, ताकि दुकानें अलॉट कर उन्हें व्यवस्थित किया जा सके।
बालोद जिले के डौंडीलोहारा-राजनांदगांव मुख्य मार्ग पर परसुली के पास रविवार (20 सितम्बर) शाम सड़क हादसा हो गया। करीब 7 बजे रॉन्ग साइड से आ रही तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन लोगों को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में परसुली निवासी पवन सोनकर, उनका 3 साल का बेटा हिमांशु सोनकर और 12 साल का भतीजा नमन कुमार सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। शुरुआती इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर तीनों को राजनांदगांव रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद कार चालक मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गया। रॉन्ग साइड में जाकर बाइक को मारी टक्कर ग्रामीणों के अनुसार, पवन सोनकर अपने बेटे और 12 वर्षीय भतीजे के साथ बाइक क्रमांक CG 24 S 1107 से घर के पास सड़क पर निकले थे। इसी दौरान डौंडीलोहारा की ओर से देवरी जा रही कार क्रमांक CG 07 7360 के चालक ने कार को रॉन्ग साइड में ले जाकर बाइक को सामने से टक्कर मार दी। अचानक हुई टक्कर से बाइक सवार तीनों सड़क पर गिर गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने पहुंचकर घायलों की मदद की। कार में एक और व्यक्ति था, दोनों भागे बताया जा रहा है कि कार में ड्राइवर के साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था। टक्कर के बाद दोनों कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर 112 और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को देवरी अस्पताल पहुंचाया गया। कार जब्त, फरार चालक और साथी की तलाश घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस कार के नंबर के आधार पर फरार ड्राइवर और उसके साथी की तलाश कर रही है। हादसे में किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन तीनों घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिसार जिले के बरवाला में बस स्टैंड के बाहर मुख्य सड़क पर बसें खड़ी कर सवारियां बैठाने और उतारने वाले बस ड्राइवरों के खिलाफ अब पुलिस सख्ती बरतेगी। सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एसपी सिद्धान्त जैन ने सरकारी और निजी बस ड्राइवरों और कंडक्टरों को निर्धारित बस स्टैंड के अंदर जाकर ही सवारियां बैठाने की हिदायत दी है। पुलिस के संज्ञान में आया है कि बरवाला में कुछ सरकारी और निजी बसें बस स्टैंड के अंदर जाने के बजाय मुख्य सड़क पर ही रोक दी जाती हैं। सवारियों के इंतजार में बसें काफी देर तक सड़क पर खड़ी रहने के कारण यातायात प्रभावित होता है और कई बार जाम व भीड़ की स्थिति बन जाती है। इससे सड़क हादसों की आशंका भी बनी रहती है। 'बस स्टैंड के अंदर जाकर ही सवारियों को बैठाएं और उतारें' एसपी ने स्पष्ट किया कि बरवाला रूट पर संचालित सभी बसें निर्धारित बस स्टैंड के अंदर जाकर ही सवारियों को बैठाएं और उतारें। मुख्य सड़क पर बस खड़ी कर सवारियां एकत्रित करने या यातायात बाधित करने की स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि कोई बस चालक सड़क पर अनावश्यक रूप से बस खड़ी कर यातायात बाधित करता पाया गया तो उसके खिलाफ यातायात नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 'निर्धारित बस स्टैंड का इस्तेमाल करें ड्राइवर' सिद्धान्त जैन ने बस ड्राइवरों से अपील की कि सवारियों को बैठाने के लिए सड़क पर बस रोकना आवश्यक नहीं है। सभी ड्राइवर निर्धारित बस स्टैंड का ही इस्तेमाल करें, ताकि अन्य वाहन ड्राइवरों को परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। हिसार पुलिस ने बस ड्राइवरों को निर्देश दिए हैं कि मुख्य सड़क पर बस रोककर सवारियां एकत्रित न करें, सवारियों के इंतजार में बस को अनावश्यक समय तक सड़क पर खड़ा न रखें और बस स्टैंड से संबंधित निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था में बाधा डालने वाली गतिविधि पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा के पंचकूला जिले के रायपुर रानी में टांगरी नदी पुल के पास रविवार को एक सड़क हादसा हुआ। यहां एक ट्रक बाइक राइडर को बचाने के चक्कर में बेकाबू होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे में ट्रक ड्राइवर सुरक्षित है। ट्रक ड्राइवर ने बताया कि वह नारायणगढ़ से हिमाचल प्रदेश जा रहा था। टांगरी नदी पुल के पास अचानक एक मोटरसाइकिल सामने आ गई। उसे बचाने की कोशिश में ड्राइवर ने ट्रक से नियंत्रण खो दिया और ट्रक सड़क किनारे पलट गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। अच्छी बात यह रही कि ड्राइवर को कोई गंभीर चोट नहीं आई। सड़क के दोनों ओर झाड़ियां बढ़ी इस इलाके में बार-बार हो रहे हादसों पर लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि टांगरी नदी पुल के आसपास सड़क के दोनों ओर झाड़ियां बहुत बढ़ गई हैं। इन झाड़ियों की वजह से सामने से आने वाले वाहन समय पर दिखाई नहीं देते। इससे अचानक कोई वाहन या मोटरसाइकिल सामने आने पर हादसे का डर बढ़ जाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे बढ़ी इन झाड़ियों की कटाई करवाई जाए। साथ ही हादसों को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम भी किए जाए।
भिवानी में हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि जेन जी सहित हर वर्ग भाजपा के साथ है। राहुल गांधी केवल सत्ता की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार सख्त है, हरियाणा में गुंडों के लिए कोई जगह नहीं। पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल भिवानी में अपने आवास पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के होने वाले अभिनंदन समारोह को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे थे। जेपी दलाल ने कहा कि 4 अक्टूबर को लोहारू हलके के बहल कस्बे में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता का अभिनंदन समारोह किया जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष के सामने किसानों की आवाज उठाई जाएगी। साथ ही कहा कि सरकार ने पोर्टल खोल दिया है, पोर्टल पर किसान अपनी क्षतिपूर्ति दर्ज करवा सकते हैं। वहीं सूखे से प्रभावित किसानों के आंदोलन पर जेपी दलाल ने कहा कि किसान की हालत खराब हुई है, उसकी मेहनत मिट्टी में मिल गई। पर सभी प्रभावित किसानों की सरकार की योजना अनुसार मदद की जाएगी। हर वर्ग भाजपा के साथ दिल्ली छात्र संघ चुनाव में ABVP की जीत पर जेपी दलाल ने कहा कि दिल्ली में युवा आंदोलन के बाद भ्रम फैलाया कि Zen Z भाजपा के साथ नहीं। जबकि असलियत यह है कि Zen Z हो, महिला, दलित या युवा, हर वर्ग BJP के साथ है और सभी चाहते हैं कि भारत विकास राष्ट्र बने। उन्होंने कहा कि भारत विकास राष्ट्र बनेगा और मोदी के नेतृत्व में बनेगा। जेपी दलाल ने राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल को किसी वर्ग से मतलब नहीं, वो सिर्फ सत्ता चाहते हैं, पर जनता उन्हें सत्ता देना नहीं चाहती। जेपी दलाल ने पंजाब व यूपी में भाजपा की सरकार बनने का दावा किया। अंत में हरियाणा में बढ़ती गुंडागर्दी व गायक दिलेर खरकिया को मिला धमकी कहा कि सरकार सख्त है, हरियाणा में गुंडे के लिए कोई जगह नहीं।
भीलवाड़ा नगर निगम में महापौर पद पर जसवंत कंवर के निर्विरोध निर्वाचन के बाद अब उपमहापौर पद को लेकर भाजपा में मंथन शुरू हो गया है। पार्टी पदाधिकारियों और भाजपा पार्षदों के बीच उपमहापौर के नाम को लेकर रायशुमारी का दौर चल रहा है। नाम पर अंतिम फैसला जयपुर में प्रदेश नेतृत्व की बैठक में होने की संभावना है। जिला भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी भी दोपहर बाद होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए जयपुर पहुंच गए हैं। एससी वर्ग से रमेश खोईवाल का नाम चर्चा में उपमहापौर पद की दावेदारी में भाजपा पार्षद रमेश खोईवाल का नाम भी चर्चा में है। खोईवाल एससी वर्ग से आते हैं और पिछली बार भी पार्षद रह चुके हैं। इस बार उनकी पत्नी प्रेम देवी ने भी भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीता है। संगठन और संघ में भी उनकी पकड़ बताई जा रही है। ऐसे में एससी वर्ग के समीकरण को ध्यान में रखते हुए उनके नाम पर विचार किया जा सकता है। माहेश्वरी समाज से राधेश्याम सोमानी भी दावेदार इसके साथ ही पार्षद राधेश्याम सोमानी का नाम भी उपमहापौर पद के लिए चर्चा में है। सोमानी माहेश्वरी समाज से आते हैं और दूसरी बार पार्षद चुने गए हैं। संगठन में भी उनकी पकड़ बताई जा रही है। जातिगत समीकरण को देखते हुए उनके नाम पर भी विचार हो सकता है। नया और चौंकाने वाला नाम भी आ सकता है हालांकि भाजपा और प्रदेश नेतृत्व की ओर से उपमहापौर पद के लिए कोई नया और चौंकाने वाला नाम सामने आए तो भी आश्चर्य नहीं होगा। महापौर पद के लिए भी राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग महिला नेत्रियों के नाम चर्चा में थे और उनके महापौर बनने की बात कही जा रही थी। इसके बावजूद भाजपा ने संगठन की पसंद को प्राथमिकता देते हुए जसवंत कंवर को महापौर बनाया। कई समीकरणों पर एक साथ होगी वर्किंग महापौर के चयन में भाजपा ने संगठन को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। इसमें जातिगत समीकरण के साथ कई दूसरे फैक्टर पर भी एक साथ काम किया गया। ऐसे में उपमहापौर पद के लिए भी पार्टी की ओर से कोई नया फॉर्मूला सामने आ सकता है। महिला चेहरे पर भी विचार की संभावना महिला आरक्षण को लेकर भाजपा की ओर से लिए गए फैसलों को देखते हुए भीलवाड़ा में उपमहापौर पद के लिए महिला चेहरे पर भी विचार किया जा सकता है। इससे पार्टी की ओर से महिला सशक्तिकरण का संदेश देने की कोशिश हो सकती है। प्रेम देवी का नाम भी चर्चा में ऐसे में रमेश खोईवाल की पत्नी प्रेम देवी का नाम भी इस दौड़ में शामिल है। वे चुनाव जीतकर पार्षद बनी हैं और जातिगत समीकरण के लिहाज से भी फिट मानी जा रही हैं। वे दलित महिला चेहरा हैं। ऐसे में पार्टी उनके नाम पर भी विचार कर सकती है। युवा चेहरे को भी मिल सकता है मौका उपमहापौर पद के लिए भाजपा किसी युवा चेहरे का चयन भी कर सकती है। इस बार चुनाव जीतकर आए कुछ युवा पार्षद भी दावेदारी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसला संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की ओर से जयपुर में लिए जाने की संभावना है। जिला भाजपा के पदाधिकारी जयपुर पहुंचे उपमहापौर के नाम पर चर्चा के लिए सांसद दामोदर अग्रवाल, निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा और पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी जयपुर पहुंच गए हैं। संभावना है कि आज दोपहर बाद होने वाली बैठक में उपमहापौर के नाम पर अंतिम मुहर लग जाएगी। कल होगा उपमहापौर के लिए नामांकन नाम तय होने के बाद कल उपमहापौर पद के लिए नामांकन दाखिल कराया जाएगा। अगर तय प्रत्याशी के अलावा कोई दूसरा नामांकन नहीं आता है तो उपमहापौर भी निर्विरोध निर्वाचित होगा। वहीं किसी अन्य प्रत्याशी की ओर से नामांकन दाखिल किया जाता है तो अंतिम समय में सभी पार्षदों को बुलाकर शपथ दिलाई जाएगी और इसके बाद मतदान कराया जाएगा।
नालंदा में महज 5 हजार रुपये की रंगदारी न देने पर सिरफिरे बदमाशों ने की युवक की निर्मम हत्या
बिहार के नालंदा जिले से अपराध और अपराधियों के हौसलों को झकझोर देने वाली एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। नालंदा में बदमाशों ने एक गरीब और साधारण युवक की केवल इसलिए बेरहमी से हत्या कर दी क्योंकि वह उनसे मांगी गई महज 5 हजार रुपये की अवैध रंगदारी (Extortion) की रकम नहीं चुका पाया था। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में भयानक दहशत का माहौल बना हुआ है। मामूली सी रकम के लिए एक हंसते-खेलते इंसान की जिंदगी छीन लेने की इस घटना ने आम जनता के भीतर गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है, जबकि पुलिस प्रशासन अब अपराधियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाने का दावा कर रहा है।अपराधियों के बेखौफ होने का यह आलम यह साबित करता है कि बदमाशों के दिलों से खाकी का खौफ किस हद तक कम हो चुका है। बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इस घटना के बाद एक बार फिर से कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ गई है। विपक्षी दलों ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए राज्य में जंगलराज लौटने के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं। आइए इस जघन्य हत्याकांड के हर एक पहलू, पुलिस की कार्रवाई और इस खौफनाक वारदात के पीछे की पूरी सच्चाई को बेहद विस्तार से जानते हैं।कैसे शुरू हुई खूनी रंजिश? रंगदारी न चुकाने पर बदमाशों ने रची मौत की खौफनाक साजिशप्राप्त जानकारी के अनुसार, नालंदा जिले के एक स्थानीय इलाके में रहने वाला यह युवक अपने परिवार का पेट पालने के लिए छोटे-मोटे कामकाज से जुड़ा हुआ था। इलाके में पिछले कुछ दिनों से कुछ स्थानीय कुख्यात अपराधी और दबंग किस्म के लोग सक्रिय थे, जो आए दिन छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों से जबरन रंगदारी वसूला करते थे। इन बदमाशों की नजर इस युवक पर भी थी और उन्होंने उस पर 5 हजार रुपये प्रति माह या बतौर एकमुश्त रंगदारी देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। मृतक युवक की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वह इन अपराधियों की अवैध मांगों को पूरा कर सके, और उसने कई बार हाथ जोड़कर इन पैसों को देने में असमर्थता जताई थी।जब उस युवक ने बदमाशों की इस गैरकानूनी मांग के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया, तो इन सिरफिरे बदमाशों ने उसे सबक सिखाने और अपनी धौंस जमाने के लिए एक खौफनाक साजिश रच डाली। आरोपियों ने उसे रास्ते में घेरकर पहले तो धमकाया और जब उसने फिर भी पैसे देने से मना कर दिया, तो गुस्साए बदमाशों ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस को इस रंगदारी की शिकायत पर गंभीर कार्रवाई करनी चाहिए थी, तो शायद इस बेकसूर की जान बचाई जा सकती थी।सरेआम वारदात को दिया अंजाम: धारदार हथियारों से गोदकर और गोली मारकर की गई हत्याइस सनसनीखेज वारदात का सबसे डरावना पहलू यह रहा कि बदमाशों ने दिनदहाड़े या सुनसान इलाके में इस कातिलाना हमले को अंजाम दिया ताकि पूरे क्षेत्र में उनका खौफ कायम हो सके। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से उस युवक को एक सुनसान जगह पर बुलाया या वहीं घेर लिया, और उसके बाद बेरहमी से धारदार हथियारों से उस पर वार किए। जब इतने से भी उनका मन नहीं भरा, तो उन्होंने नजदीक से गोली चलाकर उसकी मौके पर ही दर्दनाक हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो गए, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों में दुबक गए।वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और खून से लथपथ पड़े शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। मृतक के शरीर पर मिले जख्मों के निशान यह बयां कर रहे थे कि हत्यारों के मन में कितनी ज्यादा क्रूरता भरी हुई थी। जवान बेटे की इस तरह बेरहमी से हत्या किए जाने की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची, परिजनों की चीख-पुकार से पूरा आसमान गूंज उठा। मां-बाप और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और वे सिर्फ एक ही रट लगाए बैठे हैं कि उनके बेटे के कातिलों को जल्द से जल्द फांसी के फंदे पर लटकाया जाए।पुलिस प्रशासन की ताबड़तोड़ छापेमारी: बदमाशों की पहचान कर धरपकड़ में जुटी खाकीनालंदा में हुई इस सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक और अन्य वरीय अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया और मातहतों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी कीमत पर आरोपियों को बख्शा न जाए। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या और रंगदारी वसूली की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। इलाके के तमाम सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि उन चेहरों की पहचान की जा सके जो इस पूरी वारदात में सीधे तौर पर शामिल थे। पुलिस ने कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।प्रशासन की तरफ से यह आश्वासन दिया गया है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में सक्रिय इस रंगबाज गिरोह के हर एक गुर्गे को बहुत जल्द सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन बदमाशों के तार किसी बड़े स्थानीय आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े हुए थे। इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए पुलिस अब गश्त बढ़ा रही है और जनता से भी अपील की जा रही है कि यदि उनसे कोई रंगदारी मांगे, तो वे तुरंत बेझिझक पुलिस को सूचना दें ताकि समय रहते ऐसे अपराधियों का इलाज किया जा सके।बिहार में अपराध और रंगदारी का पुराना नासूर: क्यों नहीं रुक रहा अपराधियों का तांडव?बिहार की कानून-व्यवस्था में रंगदारी और छोटी-छोटी बातों पर हत्या कर देना एक ऐसा पुराना नासूर बनता जा रहा है जिस पर काबू पाना हर सरकार और पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होता रहा है। नालंदा की यह घटना इस बात का जीता-जाता प्रमाण है कि समाज के भीतर कुछ असामाजिक तत्वों के मन से कानून का डर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। जब एक आम नागरिक अपनी मेहनत की कमाई से 5 हजार जैसी छोटी रकम भी इन बदमाशों को नहीं दे पाता और अपनी जान गंवा बैठता है, तो यह पूरे सिस्टम की असफलता को दर्शाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर जमीनी स्तर पर अपराधियों के खिलाफ कोई कड़ा और निर्णायक कदम नहीं उठाएगा, तब तक इस तरह की वारदातों पर पूरी तरह लगाम लगाना असंभव होगा।विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है और कहा है कि राज्य में जंगलराज का दौर फिर से लौट आया है जहां आम आदमी पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहा है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि सरकार अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो। जनता अब केवल आश्वासनों और बयानों से संतुष्ट होने वाली नहीं है, बल्कि वह जमीन पर ठोस सुरक्षा और न्याय चाहती है।
भागलपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से 6 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत से पसरा मातम
Bihar Flood: भागलपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से 6 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत से पसरा मातम, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जताया गहरा शोक; उफनती लहरों के बीच सहमा पूरा इलाकाबिहार के एक तरफ जहां बाढ़ और उफनती नदियों का कहर लगातार आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ भागलपुर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरे राज्य को गमगीन कर दिया है। भागलपुर जिले के विभिन्न इलाकों में बाढ़ के खतरनाक रूप ले चुके पानी में डूबने से एक साथ 6 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई है। बच्चों की इस आकस्मिक और अकाल मृत्यु के बाद पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत दलों के भारी-भरकम दावों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में जलभराव और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह बड़ा हादसा घटित हुआ है। इस মর্মান্তिक घटना के बाद सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई बड़े नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है, जबकि प्रशासन की कार्यशैली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ केवल खेतों और घरों को ही अपने आगोश में नहीं लेती, बल्कि अपने पीछे बर्बादी और अपनों को खोने का ऐसा दर्द छोड़ जाती है जो बरसों तक नहीं भूलता। भागलपुर की यह घटना इस बात की सबसे डरावनी और कड़वी सच्चाई है कि कैसे बाढ़ के दिनों में बच्चे अनजाने में पानी के तेज बहाव या गहरे गड्डों की चपेट में आ जाते हैं। जैसे ही यह खबर फैली, गांव में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। आइए इस दिल दहला देने वाली पूरी दुर्घटना, इसके प्रशासनिक पहलुओं और मृतकों के परिजनों के दर्द को बेहद विस्तार से जानते हैं।भागलपुर में कैसे हुआ यह बड़ा हादसा? उफनते पानी और जलभराव ने ली मासूमों की जानप्राप्त जानकारी के अनुसार, भागलपुर जिले के अलग-अलग ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ दिनों से गंगा और अन्य सहायक नदियों का पानी लगातार उफान पर है, जिसके कारण निचले इलाकों और गांवों की गलियों तथा खेतों में भारी जलभराव हो चुका है। ग्रामीण बच्चे अक्सर स्कूल बंद होने या छुट्टियों के दिनों में इस पानी के आसपास खेलने चले जाते हैं, और इस बार भी ऐसा ही हुआ। बच्चे खेलते-खेलते पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए और अचानक गहरे पानी में चले गए। जब तक आसपास के लोग या परिजन कुछ समझ पाते और उन्हें बचाने के लिए दौड़ते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पानी में डूबने से एक-एक करके छह अलग-अलग परिवारों के चिराग बुझ गए, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चेतावनी के बोर्ड या सुरक्षा के लिए कोई खास बैरिकेडिंग नहीं की गई थी, जिसके कारण बच्चों को खतरे का आभास नहीं हुआ। अभिभावकों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनका कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने जलभराव वाले खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा गार्ड्स तैनात किए होते या बच्चों के जाने पर पाबंदी लगाई होती, तो शायद उनके जिगर के टुकड़े आज उनके बीच जिंदा होते। इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बच्चों और कमजोर वर्ग की सुरक्षा के लिए हमारे पास जमीनी स्तर पर कितने पुख्ता इंतजाम हैं।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गहरी संवेदना व्यक्त, मुआवजे का ऐलानभागलपुर में हुई इस दर्दनाक दुर्घटना की खबर जैसे ही पटना स्थित राज्य मुख्यालय तक पहुंची, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर अत्यधिक दुख और संवेदना व्यक्त करते हुए इसे एक अपूर्णीय क्षति बताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। इसके साथ ही, जिला प्रशासन को यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी छह मृतक बच्चों के परिजनों को आपदा प्रबंधन योजना के तहत तुरंत सरकारी सहायता राशि और अनुग्रह अनुदान (Ex-gratia) प्रदान किया जाए ताकि उन्हें इस आर्थिक और मानसिक संकट से कुछ राहत मिल सके।भागलपुर के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने भी तुरंत मौके का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएंगे जो यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी बच्चा या ग्रामीण खतरनाक पानी के करीब न जाए। इसके अलावा, गोताखोरों और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अन्य संभावित अनहोनी को तुरंत टाला जा सके। हालांकि, परिजनों का कहना है कि मुआवजे के पैसे उनके बच्चों को वापस नहीं ला सकते, इसलिए सरकार को बाढ़ के दौरान सुरक्षा के ठोस और स्थायी उपाय करने चाहिए।बिहार में बाढ़ का कहर और ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा का गंभीर संकटबिहार के लिए बाढ़ कोई नई समस्या नहीं है, हर साल राज्य के उत्तरी और पूर्वी जिले जैसे भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा और मुजफ्फरपुर पानी की चपेट में आ जाते हैं। लेकिन हर साल आने वाली इस आपदा के बावजूद प्रशासन और स्थानीय निकायों की तैयारियां अक्सर कागजी साबित होती हैं। बाढ़ के पानी में डूबने से बच्चों की मौत होने के मामले हर साल सैकड़ों की संख्या में दर्ज किए जाते हैं, जो हमारी व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाते हैं। जब गांव के चारों तरफ पानी भर जाता है, तो बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखना माता-पिता के लिए भी बहुत कठिन हो जाता है, क्योंकि स्कूल बंद रहते हैं और बच्चे घरों के बाहर पानी में तैरने या खेलने निकल जाते हैं।बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों का मानना है कि सरकार को बाढ़ आने से पहले ही गांवों में मुनादी करवा देनी चाहिए और लोगों को जागरूक करना चाहिए कि वे अपने बच्चों को पानी के पास बिल्कुल न जाने दें। इसके अलावा, स्कूलों और पंचायतों के माध्यम से बच्चों को तैराकी और जल सुरक्षा के प्रति बेसिक प्रशिक्षण देने की भी आवश्यकता है ताकि आपात स्थिति में वे अपनी जान बचा सकें। भागलपुर की इस घटना ने एक बार फिर पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है और यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम प्रकृति के इस तांडव के आगे हमेशा ऐसे ही बेबस रहकर अपने मासूमों को खोते रहेंगे?राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और राहत कार्यों में तेजी लाने की मांगइस মর্মান্তिक हादसे के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बाढ़ सुरक्षा के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं और धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। विपक्ष ने मांग की है कि भागलपुर हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की भी मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है। सत्ता पक्ष के प्रवक्ताओं ने विपक्ष के इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है, बल्कि इस दुख की घड़ी में सभी को मिलकर पीड़ित परिवारों की मदद करनी चाहिए और राहत कार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ चलाना चाहिए।स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभावित गांवों का दौरा किया है और लोगों को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि बाढ़ प्रभावित हर एक परिवार तक सूखा राशन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सीय सहायता समय पर पहुंचे ताकि किसी अन्य प्रकार की बीमारी या संकट का सामना न करना पड़े। बाढ़ के इस पानी के उतरने में अभी कुछ हफ्तों का समय और लग सकता है, ऐसे में लोगों की मुश्किलें अभी और बढ़ने की आशंका है।
अशोकनगर में खेत से 30 किलो गांजा जब्त, आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने करीब 2 लाख रुपए के 45 पौधे किए जब्त
अशोकनगर जिले के ईसागढ़ थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने एक खेत से गांजे के 45 पौधे जब्त किए हैं। इन पौधों का वजन करीब 30 किलो 560 ग्राम बताया गया है, जिसकी कीमत लगभग 2 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में 52 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से जानकारी मिली थी कि ग्राम माहोली में एक व्यक्ति ने अपने खेत में अवैध रूप से गांजे के पौधे लगा रखे हैं। यह जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को बताने के बाद ईसागढ़ पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई की। पुलिस ने खेत से कुल 45 गांजे के पौधे जब्त किए। इनका कुल वजन करीब 30 किलो 560 ग्राम और अनुमानित कीमत 2 लाख रुपए बताई गई है। इस मामले में ग्राम माहोली निवासी जस्साराम सिंह पाल (52) को गिरफ्तार किया गया है। कार्यवाही रविवार शाम को की थी। पुलिस ने आरोपी जसराम सिंह पाल के खिलाफ रात के समय एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश और एसडीओपी चंदेरी महेश शर्मा के मार्गदर्शन में की गई।
इंदौर में पंढरीनाथ थाने के सामने सोमवार सुबह अचानक सीमेंटेड सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। यहां 10 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा हो गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई वाहन इस सड़क से नहीं गुजर रहा था, जिससे कोई हादसा नहीं हुआ। सड़क धंसने की सूचना सुबह करीब 11 बजे नगर निगम को मिली। इसके बाद निगम की टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची। सड़क सुधारने का काम शुरू किया। कारण पता कर रहे अधिकारी नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, सड़क सीमेंटेड है। इसके नीचे का हिस्सा अचानक किस वजह से धंसा, इसकी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि सड़क के नीचे किसी तरह का लीकेज, पाइपलाइन में खराबी या कोई सुराख इसका कारण तो नहीं है? पहले थी धंस चुकी हैं सड़कें इंदौर में 24 घंटे सप्लाई के लिए बिछाई गई नई पाइप लाइन की टेस्टिंग के दौरान तीन साल पहले गोराकुंड में 40 करोड़ रुपए की लागत से बनाई सड़क धंस गई थी। नसिया रोड पर भी ड्रेनेज लाइन डालने के बाद पेवर ब्लॉक बारिश के बाद धंसने लगे हैं। इसके चलते कई जगह सड़क बैठ गई है। ये खबरें भी पढ़िए… 1. इंदौर में नसिया रोड पर हफ्तेभर पहले लगाए पेवर्स धंसे इंदौर में सड़क धंसने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब नसिया रोड पर ड्रेनेज लाइन डालने के बाद लगाए गए पेवर्स बारिश के बाद धंसने लगे हैं। कई जगह सड़क नीचे बैठ गई है तो कहीं पेवर्स ऊपर-नीचे हो गए हैं। व्यापारियों के मुताबिक कुछ स्थानों पर पेवर्स करीब तीन फीट तक खराब हो गए हैं। पढ़ें पूरी खबर… 2. पाइप लाइन टेस्टिंग के दौरान धंसी 40 करोड़ की सड़क इंदौर में 24 घंटे वॉटर सप्लाई के लिए बिछाई गई नई पाइप लाइन की टेस्टिंग के दौरान एक सड़क धंस गई। यह सड़क तीन साल पहले गोराकुंड में 40 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई थी। घटना सोमवार की है। इसका वीडियो मंगलवार को सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर… 3. 9 दिन में दूसरी सड़क धंसी...20 फीट गहरा गड्ढा इंदौर में महज नौ दिन में दूसरी सड़क का हिस्सा धंस गया। इस बार गाड़ी अड्डा स्थित वाल्मीकि बस्ती में सड़क के बीच करीब 20 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इस सड़क से रोजाना 10 हजार से ज्यादा वाहनों की आवाजाही होती है। पढ़ें पूरी खबर…
जालंधर में चाइल्ड ट्रैफिकिंग का खुलासा, चार साल का बच्चा 8 घंटे में बरामद, आरोपी गिरफ्तार
जालंधर में चाइल्ड ट्रैफिकिंग का खुलासा, चार साल का बच्चा 8 घंटे में बरामद, आरोपी गिरफ्तार
भीलवाड़ा के मांडल में पुरानी रंजिश और एक युवती को भगाने के शक में 10-12 लोग एक परिवार के घर में लाठी, सरिए और लकड़ियां लेकर घुस गए। आरोप है कि उन्होंने परिवार के सदस्यों से मारपीट की, बहू को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया और महिला के गले से मंगलसूत्र छीन लिया। इसके बाद परिवार के सदस्यों को चारभुजा नाथ मंदिर ले जाकर बांधने और मकान-जमीन के कागजात अपने नाम करने या 9 लाख रुपए देने का दबाव बनाया। परिवार के सदस्यों को पांच घंटे तक धूप में पेड़ से बांधकर रखा और जबरन पेशाब पिलाने का प्रयास किया गया। परिवार का सामाजिक बहिष्कार भी कर दिया। पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने 10-12 नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना 18 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे मांडल थाना क्षेत्र में हुई। सामाजिक बहिष्कार का आरोप पीड़ित महिला की रिपोर्ट के अनुसार घटना से दो-तीन दिन पहले परिवार का सामाजिक बहिष्कार कराने का आरोप है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुकानदारों से परिवार को सामान नहीं देने के लिए भी कहा गया। यह विवाद पुरानी रंजिश और युवती को भगाने के शक को लेकर बताया गया है। हथियार लेकर घर में घुसने का आरोप रिपोर्ट के अनुसार 18 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे 10-12 लोग कथित रूप से लाठी, सरिए और लकड़ियां लेकर घर में घुस आए। आरोप है कि उन्होंने युवक को जमीन पर पटककर लाठी, सरियों और लकड़ियों से मारपीट की। इससे उसके कमर और पैरों में चोटें आईं और मुंह से खून निकलने लगा। बीच-बचाव करने आए उसके माता-पिता से भी मारपीट करने का आरोप है। बहू को गाड़ी में ले जाने और मंगलसूत्र छीनने का आरोप रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने परिवार की बहू को हाथ पकड़कर उसे घसीटा और जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया। वहीं आरोपियों ने परिवार की महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र छीन लिया। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को कथित रूप से घसीटकर चारभुजा नाथ मंदिर ले गए। मंदिर में बांधकर रखने का आरोप पीड़िता के अनुसार परिवार के सदस्यों को चारभुजा नाथ मंदिर में बांधकर रखा गया। वहां घटना का फोटो-वीडियो बनाने या पुलिस में गवाही देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का आरोप है। रिपोर्ट में एक पीड़ित को एकांत स्थान पर ले जाकर अमानवीय व्यवहार करने और पेशाब पिलाने का प्रयास करने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। साथ ही मकान-जमीन के कागजात अपने नाम करने या 9 लाख रुपए देने का दबाव बनाने की बात कही गई है। पीड़ितों को दोपहर करीब 1 से शाम 5 बजे तक धूप में बांधकर रखने और पानी नहीं देने का भी आरोप है। 10-12 नामजद के खिलाफ केस, जांच शुरू पीड़ित महिला की रिपोर्ट पर मांडल थाना पुलिस ने 10-12 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मांडल थाना प्रभारी गजेन्द्र सिंह ने बताया कि केस दर्ज किया गया है। जांच हेड कॉन्स्टेबल श्यामसुंदर को सौंपी गई है। रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। --- संबंधित ये खबर भी पढ़ें … 1. लिव-इन में रहने पर पंचों ने 21 लाख जुर्माना लगाया:दो परिवारों का हुक्का-पानी बंद किया, सामाजिक कार्यक्रम से निकाला; धार्मिक स्थल पर एंट्री बैन की जालोर में पंचायत का तुगलकी फरमान सामने आया है। पंचों ने लिव इन में रह रहे युवक (22) और युवती (21) पर 21 लाख का जुर्माना लगाया है। पूरी खबर पढ़िए 2. मृत्युभोज में घी के मालपुए नहीं बनवाने पर हुक्का-पानी बंद:43 परिवारों को दुकानों से राशन नहीं मिल रहा, कुएं से पानी नहीं दे रहे आर्थिक तंगी की मार झेल रहे परिवार ने मृत्युभोज में 'घी के मालपुए' नहीं बनवाए। इससे समाज ने उनका इनका हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुना दिया। पूरी खबर पढ़िए
जालंधर में अवैध हथियारों की बड़ी खेप बरामद, यूट्यूबर मनी शौकर समेत तीन गिरफ्तार
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मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान गंभीर रूप से बीमार पड़े तीसरे अभ्यर्थी की भी मौत हो गई। शामली के गुर्जरपुर निवासी सचिन कुमार (22) ने रविवार रात करीब 11:30 बजे आनंद अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मंगलवार को 4.8 किलोमीटर की दौड़ के दौरान उसकी हालत बिगड़ी थी। पहले मेडिकल कॉलेज और फिर आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह कई दिनों से वेंटिलेटर पर था। इस दौड़ में 11 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी थी। इनमें से दो की मंगलवार को मौत हो चुकी है। अन्य 8 अभ्यर्थी अब स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। सचिन चार भाइयों में सबसे बड़े थे। पिता विनोद कुमार खेती-बाड़ी करते हैं। सचिन काफी समय से होमगार्ड भर्ती की तैयारी कर रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि इस बार उनका चयन हो जाएगा। दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया। 28 मिनट में 4.8 किमी दौड़, 11 अभ्यर्थी हुए थे बीमार 15 सितंबर को कैलाश प्रकाश स्टेडियम में शामली, बागपत और हापुड़ समेत कई जिलों के 1,017 अभ्यर्थियों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा में हिस्सा लिया था। भीषण गर्मी और उमस के बीच 28 मिनट में 4.8 किलोमीटर की दौड़ लगाते समय 11 अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ गई थी। इनमें से सात को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी। इससे पहले शामली के लिसाढ़ गांव निवासी पूर्व सैनिक अंकुज मलिक (39) की मंगलवार शाम मौत हुई थी। वहीं हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र के मुक्तेश्वर निवासी तरुण ने भी मंगलवार रात न्यूटिमा अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। सचिन की मौत के बाद भर्ती परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या तीन हो गई है। दो मौतों के बाद बदला दौड़ का समय 15 सितंबर को 11 अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने के बाद दौड़ के समय को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद प्रशासन ने दोपहर में दौड़ कराना बंद कर दिया। अब अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर दर्ज समय से 90 मिनट पहले बुलाया जा रहा है, ताकि दोपहर से पहले ही दौड़ पूरी कराई जा सके। इसके बावजूद रोजाना कुछ अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। भर्ती बोर्ड ने मांगी रिपोर्ट अंकुज मलिक, सचिन कुमार और तरुण की मौत के मामले में होमगार्ड भर्ती बोर्ड ने नोडल अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। बोर्ड ने मौत के कारण और शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान किए गए इंतजामों की जानकारी मांगी है। भर्ती परीक्षा के नोडल अधिकारी एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट भर्ती बोर्ड को भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि सोमवार को भी शारीरिक दक्षता परीक्षा जारी रहेगी, जिसमें 1,050 महिला और पुरुष अभ्यर्थी शामिल होंगे। रविवार को अलीगढ़ के दो अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ी रविवार को दौड़ के दौरान अलीगढ़ के दो अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ गई। सन्नी कुमार के पैर में फ्रैक्चर हो गया, जबकि कार्तिक कुमार की तबीयत खराब हो गई। दोनों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बताया गया कि सन्नी के पैर में पहले भी फ्रैक्चर हो चुका है। प्राथमिक उपचार के बाद एक अभ्यर्थी को परिजन घर ले गए, जबकि दूसरे का उपचार जारी रहा। रविवार को करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ी, हालांकि किसी महिला अभ्यर्थी को मेडिकल सुविधा की जरूरत नहीं पड़ी।
बुलंदशहर में दो कारों की टक्कर में छह लोग घायल, अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्य है पांच जख्मी
बुलंदशहर में दो कारों की टक्कर में छह लोग घायल, अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्य है पांच जख्मी
लखनऊ विश्वविद्यालय में सोमवार को ABVP से जुड़े छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रशासनिक भवन का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ‘सपाई कुलपति इस्तीफा दो’ के नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की चीफ प्रॉक्टर से तीखी नोकझोंक भी हुई। हंगामे को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। चीफ प्रॉक्टर समेत प्रॉक्टोरियल बोर्ड के तमाम सदस्य भी मौके पर मौजूद रहे। छात्रों को प्रशासनिक भवन में जाने से रोकने के लिए सिक्योरिटी गार्ड्स ने चैनल गेट बंद कर दिया। इसके बावजूद हंगामा करते हुए छात्र प्रशासनिक भवन परिसर में दाखिल हो गए। इसके बाद भी छात्रों की नारेबाजी जारी रही। प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए… पढ़िए छात्रों ने क्या कहा…. उत्सव पटेल ने बताया कि हॉस्टल में मेस और पानी की समस्या है। खाने का मेन्यू तो बनता है, लेकिन खाने की क्वालिटी लगातार खराब हो रही है। पानी की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। इससे छात्रों की तबीयत खराब हो रही है। यूनिवर्सिटी में फीस लगातार बढ़ाई जा रही है, लेकिन सुविधाएं नहीं बढ़ाई जा रही हैं। इन्हीं समस्याओं और मांगों को लेकर ABVP प्रदर्शन कर रही है। 'फीस बढ़ रही सुविधा नहीं मिल रही' माता प्रसाद सिंह ने बताया कि वह महमूदाबाद छात्रावास में रहते हैं। हॉस्टल की सुविधाएं खराब हैं। इनमें सुधार की जरूरत है। मेस में जो भी दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें कुलपति के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन आगे आकर इन समस्याओं पर कार्रवाई करे तो बेहतर होगा। 'वॉशरुम भी ठीक नहीं' BA छात्र दिव्यांशु सिंह ने बताया कि कैंपस के हॉस्टल के साथ एकेडमिक भवन के वॉशरूम में भी समस्या है। लिंगविस्टिक विभाग के लिए पर्याप्त सीटें नहीं हैं। ब्लैकबोर्ड भी टूटा हुआ है।
दिल्ली में अवैध निर्माण जमींदोज: छतरपुर में चला बुलडोजर, प्रशासन ने की कार्रवाई
दिल्ली के छतरपुर क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चलाया है।
उत्तर प्रदेश में 2027 की विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। सोमवार को प्रयागराज के सभी प्रमुख चौराहों पर समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ विवादित होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं। जिनमें उनकी पिछली सरकार के दौरान कथित 'माफियाराज' पर तीखा हमला किया। इन पोस्टरों में सबसे ऊपर बड़े अक्षरों में लिखा गया है, माफियाराज और अखिलेश लूट लिया था पूरा प्रदेश। पोस्टर के मध्य में अखिलेश यादव की तस्वीर के नीचे प्रदेश के कई चर्चित बाहुबली और आपराधिक छवि वाले नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं, जिनमें अतीक अहमद, आजम खान, मुख्तार अंसारी, गुलशन यादव, मित्रसेन यादव और रिजवान जहीर शामिल हैं। पोस्टर के निचले हिस्से में हथकड़ी का चित्र और जेल की सलाखों का ग्राफिक्स इस्तेमाल किया गया है। जिसके साथ नारा लिखा है कि अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश। कहीं-कहीं पोस्टरों पर एक और स्लोगन भी दिखाई दिया। इसमें लिखा कि आजम, अतीक और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार। कहां-कहां लगे पोस्टर ये विवादित होर्डिंग और पोस्टर सिविल लाइंस , कंपनी गार्डेन, यूनिवर्सिटी चौराहा, मेडिकल चौराहा और बसड्डा समेत कम से कम 5 जगहों पर एक साथ लगाए गए। सपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश और पोस्टर हटाए गए सुबह जैसे ही सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी, उनमें आक्रोश फैल गया। सपाइयों ने एक-एक कर सभी पोस्टरों को फाड़ दिया और हटवा दिया। सपा नेताओं ने इसे राजनीतिक साजिश और झूठा प्रचार करार दिया है। सपा प्रवक्ता दान बहादुर मधुर ने कहा कि प्रयागराज की जनता को गुमराह करने के लिए इस तरह के पोस्टर लगाना लोकतांत्रिक राजनीति नहीं, बल्कि मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। अगर किसी व्यक्ति पर कोई आरोप है तो उसके लिए कानून और न्यायालय की प्रक्रिया है, पोस्टरबाजी नहीं। समाजवादी पार्टी स्पष्ट कहना चाहती है कि झूठे, भ्रामक और आपत्तिजनक प्रचार से जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती। प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि सार्वजनिक स्थान पर यह पोस्टर किसने लगवाया, अनुमति किसने दी और इसके पीछे कौन लोग हैं। राजनीति करनी है तो विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और जनता के सवालों पर कीजिए। व्यक्तिगत आरोपों और बदनाम करने वाले पोस्टरों के पीछे छिपकर नहीं।
बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आज ईडी की विशेष अदालत में पेशी हो सकती है। शनिवार को उनकी पेशी नहीं हो सकी थी, जिसके कारण उनके खिलाफ आरोप गठन पर होने वाली सुनवाई टल गई थी। अदालत ने आज शाम चार बजे तक उन्हें वर्चुअल या फिजिकल मोड में अदालत के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उनकी उपस्थिति के बाद अदालत मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और आरोप गठन की कार्रवाई पर सुनवाई करेगी। मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किया जाना अभी बाकी है। अधिवक्ता ने कहा- संवैधानिक दायित्वों में व्यस्त थे हेमंत शनिवार को हेमंत सोरेन की ओर से उनके अधिवक्ता ने ईडी की विशेष अदालत में याचिका दाखिल कर व्यक्तिगत या वर्चुअल रूप से पेश होने में असमर्थता जताई थी। अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि मुख्यमंत्री संवैधानिक दायित्वों में व्यस्त हैं, इसलिए शनिवार को अदालत के समक्ष उपस्थित होना संभव नहीं है। उनकी ओर से मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया के लिए अगली तारीख निर्धारित करने का आग्रह किया गया था। अदालत ने आवेदन पर विचार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर की तारीख तय की थी। आज की सुनवाई में उनकी उपस्थिति के बाद आरोप गठन की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। 17 आरोपितों में 16 पर आरोप गठित यह मामला रांची के बड़गाई अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लांड्रिंग से संबंधित है। ईडी की जांच के बाद इसकी सुनवाई विशेष पीएमएलए अदालत में चल रही है। मामले में 17 आरोपितों में से 16 के खिलाफ आरोप गठित किए जा चुके हैं। अब केवल हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किया जाना शेष है। शनिवार को बड़गाई अंचल जमीन फर्जीवाड़े के आरोपित राज कुमार पाहन के खिलाफ भी ईडी कोर्ट में आरोप गठित किया गया। इससे पहले पूर्व आईएएस अधिकारी छवि रंजन सहित 15 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं। ऐसे में आज की सुनवाई हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत हेमंत सोरेन की ओर से मामले में आपराधिक कार्यवाही पर रोक और राहत के लिए हाईकोर्ट का भी रुख किया गया था। हाल में झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद विशेष पीएमएलए अदालत में चल रही कार्यवाही आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ। आज हेमंत सोरेन की पेशी के बाद अदालत आरोप गठन की प्रक्रिया पर सुनवाई करेगी। मामला जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण, दस्तावेजों में हेरफेर और उससे जुड़े मनी लांड्रिंग के आरोपों से संबंधित है। अदालत में आरोप गठन के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आयुष इंटर्न्स ने लखनऊ में किया प्रदर्शन
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आयुष इंटर्न्स ने लखनऊ में किया प्रदर्शन
कोलकाता में दुर्गा पूजा का विशेष महत्व है और हर साल से हजारोंलोग भव्य पूजा पंडालों का दर्शन करनेवहां जाते हैं। इस बार यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेल मंडल ने-शालीमार के बीच ओवरनाइट स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भेजा है। ट्रेन चली तो पूजा घूमने जाने वालों को कन्फर्म टिकट का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। फिलहाल रात में कोलकाता जानेवाली प्रमुख ट्रेन क्रिया योगा एक्सप्रेस है। 15 से 17 अक्टूबर तक इसमें सभी श्रेणियों में वेटिंग है, जबकि 20 से 26 अक्टूबर तक सभी श्रेणियां फुल हैं। प्रस्तावित ट्रेन रात में से रवाना होकर सुबह शालीमार पहुंचेगी 18-19 अक्टूबर को भी सीमित सीटें उपलब्ध हैं। वहीं, इन दिनों-कोलकाता हवाई किराया 80% तक ज्यादा करीब 6 से 8 हजार रुपए तक पहुंच गया है। प्रस्तावित ट्रेन रात में से रवाना होकर सुबह शालीमार पहुंचेगी। यात्री दिनभर पूजा पंडालों का दर्शन करअगले दिन रात में वापसी कर सकेंगे। यानी रात में सफर, दिनभर पूजा और रात में घर वापसी। इधर, त्योहारों में बिहार, यूपी, बंगाल और दक्षिण भारत जाने वाले लाखों यात्रियों को कन्फर्म टिकट उपलब्ध कराने के लिए रेल मंडल ने 13 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। अधिकारियों के अनुसार, ज्यादातर ट्रेनों को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। रांची-आनंद विहार का भी विस्तार आनंद विहार के बीच चल रही 02877 स्पेशल ट्रेन का विस्तार दिसंबर तक करने का प्रस्ताव भेजा गया है। रेलवे अधिकारियों कोउम्मीद है कि इस फैसले से दिल्ली मार्ग के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और त्योहारों के सीजन में कन्फर्म टिकट आसान हो जाएगा। बिहार समेत कई शहरों से कनेक्टिविटी बेहतर करने पर है जोररेल मंडल ने 13 प्रमुख रूटों पर नई ट्रेनों के परिचालन का प्रस्ताव भेजा है। इनमें हटिया से पूर्णिया कोर्ट (वाया गोमो, गया, पटना), हटिया से आरा (वाया गोमो,गया, सासाराम), हटिया से गोरखपुर और हटिया से जयनगर के रूट शामिल हैं, जिससे बिहार और पूर्वांचल की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके अलावा सेहैदराबाद, बनारस और मुंबई (एलटीटी) के लिए भी नई ट्रेनें प्रस्तावित हैं, ताकिदक्षिण और पश्चिमी भारत की यात्रा सुगम हो सके। बोर्ड से मंजूरी के बाद जारी होगी समय सारिणी: सीनियर डीसीएमरेल मंडल की सीनियर डीसीएम श्रेया सिंह ने कहा कित्योहारों के समय कई ट्रेनों में वेटिंग चल रही है। इसे देखते हुए विभिन्न जगहों के लिए कई ट्रेनों का प्रस्ताव भेजा गया है। इनमें से ज्यादातर ट्रेनें स्वीकृत होने की संभावना है। ये ट्रेनें दुर्गापूजा से छठ के कुछ दिन बाद तक चलेंगी। बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलनेके बाद ही समय-सारिणी व बुकिंग की आधिकारिक तारीखें जारी की जाएंगी। बिहार, यूपी, बंगाल और दक्षिण भारत जानेवाले लाखों यात्रियों को आसानी से कन्फर्म टिकट मिल सकेगा।
ओडिशा: अपने ही जेल में कैदी बने सुपरिटेंडेंट, दस्तावेजों में हेराफेरी के आरोप में हुए गिरफ्तार
चौद्वार सर्किल जेल के अधीक्षक सुजीत राउल को गिरफ्तार कर उसी जेल में कैदी के रूप में रखा गया है, जहां वे कभी प्रभारी थे।
लुधियाना में एक व्यक्ति ने गणपति पंडाल में हंगामा कर दिया। उसने पंडाल में रखे पंखे और स्पीकर उठाकर नीचे फेंक दिए। इसके बाद उसने इलाके में कथित तौर पर गाली-गलौज भी की। घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें व्यक्ति पंडाल में सामान गिराता नजर आ रहा है। मामला न्यू प्रेम नगर इस्लामगंज स्थित देवील चौक का है। शिव सेना पंजाब के यूथ नेता भानू प्रताप ने बताया कि गणपति जी महाराज के पंडाल में हुई इस घटना से लोगों में रोष है। ऐसी हरकत को सहन नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, सोमवार को इलाके के कुछ लोगों ने घटना से संबंधित वीडियो साझा किया, जिसके बाद मामला सामने आया। लोगों ने नीतिन कुमार पर लगाए आरोपइलाके के कुछ लोगों ने वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति की पहचान नीतिन कुमार के रूप में बताई है। भानू ने कहा कि लोगों ने उन्हें बताया है कि यह व्यक्ति पहले भी मोहल्ले में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर विवाद करता रहा है। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस स्तर पर पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले को लेकर थाना डिविजन नंबर-2 में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी। पुलिस शिकायत मिलने के बाद वीडियो और पूरे मामले की जांच कर सकती है। वीडियो में पंडाल का सामान फेंकता दिख रहा व्यक्तिसामने आए वीडियो में एक व्यक्ति गणपति पंडाल के अंदर हंगामा करता और वहां रखे पंखे व स्पीकर को नीचे गिराता दिखाई दे रहा है। इस मामले में जब आरोपी से बात करनी चाही तो उसने फोन नहीं उठाया। थाना डिविजन नंबर-2 की पुलिस का कहना है कि अभी शिकायत नहीं मिली है। फिर भी वह अपने स्तर पर मामले की जांच करवा रही है।
पंजाबी सिंगर करण औजला जयपुर और आसपास के इलाकों में अपने नए गाने की शूटिंग कर रहे हैं। गाने की शूटिंग की शुरुआत रविवार को सांभर झील से की गई, जहां इसके कुछ खास दृश्यों को फिल्माया गया। इसके बाद शूटिंग टीम सोमवार को जयपुर पहुंची। शहर की अलग-अलग लोकेशन पर गाने के दृश्य शूट किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि शूटिंग के दौरान जयपुर के नाहरगढ़ में सूर्योदय के दृश्यों को भी फिल्माया गया है। सुबह की प्राकृतिक रोशनी और जयपुर की ऐतिहासिक लोकेशन को गाने के विजुअल्स में शामिल किया गया है। नाहरगढ़ में सनराइज शूट पूरा होने के बाद अब टीम जयपुर की अन्य लोकेशन पर फिल्मांकन कर रही है। पहले देखें शूटिंग की तस्वीरें… सांभर की सफेदी से जयपुर की विरासत तक गाने की शूटिंग के लिए सांभर झील से शुरुआत किए जाने के पीछे यहां का अलग दृश्यात्मक परिवेश खास आकर्षण है। झील का नमक क्षेत्र और खुला प्राकृतिक बैकड्रॉप म्यूजिक वीडियो के दृश्यों को अलग लुक देता है। सांभर झील पहले भी फिल्मों और म्यूजिक वीडियो की शूटिंग के लिए इस्तेमाल होती रही है। इसके बाद शूटिंग का फोकस जयपुर की ऐतिहासिक और शहरी लोकेशन पर है। नाहरगढ़ में सूर्योदय के दृश्यों के बाद टीम अब शहर में अलग-अलग जगहों पर गाने के शेष हिस्से शूट कर रही है। राजस्थान में फिल्म और म्यूजिक शूट के लिए लोकेशन परमिशन की सिंगल विंडो व्यवस्था भी उपलब्ध है। बड़े संगीत मंच से होगा रिलीज सूत्रों के अनुसार यह एक नया पंजाबी गाना है, जिसे जल्द ही किसी बड़ी संगीत कंपनी के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किए जाने की तैयारी है। गाने के शीर्षक, कलाकारों और रिलीज की तारीख को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में करण औजला के प्रशंसकों के बीच इस नए प्रोजेक्ट को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। करण औजला इन दिनों अपने इंडिया टूर की भी योजना बना रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जयपुर में शूट किया जा रहा यह गाना उनके आगामी इंडिया टूर से भी जुड़ा एक खास सरप्राइज हो सकता है। गाने के विजुअल्स और इसके रिलीज को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही इसकी पूरी तस्वीर साफ होगी। वीडियो क्रेडिट: सौरभ यादव
गुरुग्राम की अडानी रियल्टी कंपनी में मैनेजर दिल्ली निवासी युवराज सिंह मनचंदा की हत्या की जांच जारी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उन्हें मरने से पहले जानकारी थी।
हिमाचल में इलाज के नाम पर लूट: 10 की सिरिंज के वसूले जा रहे 25 से 30 रुपये, दवाओं के भी मनमाने दाम
हिमाचल प्रदेश में मरीजों से इलाज के नाम पर लूट हो रही है, जहां निजी अस्पताल और दवा दुकानें दवाओं व चिकित्सा उपकरणों की लागत से कई गुना अधिक कीमत वसूल रहे हैं।
अमेठी में बिजली कटौती समेत कई मुद्दों पर सपाइयों का प्रदर्शन
अमेठी में बिजली कटौती समेत कई मुद्दों पर सपाइयों का प्रदर्शन
अंबेडकरनगर में दबंगों ने एक दर्जन दुकानों को किया ध्वस्त, लोगों को धमकाया
अंबेडकरनगर में दबंगों ने एक दर्जन दुकानों को किया ध्वस्त, लोगों को धमकाया
धौलपुर के सैंपऊ थाना क्षेत्र के गढ़ी लज्जा गांव में रविवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। घर के बाहर खेल रही 2 साल की नैंसी ट्रैक्टर की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के गांव की गली से ट्रैक्टर निकल रहा था और ड्राइवर वाहन को पीछे कर रहा था। इसी दौरान बच्ची उसकी चपेट में आ गई। नैंसी अपने माता-पिता जितेंद्र धोबी की इकलौती बेटी थी। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही सैंपऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एएसआई दिनेश गुर्जर ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से हादसे की जानकारी ली। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर सैंपऊ उपखंड मुख्यालय के अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इकलौती बेटी की मौत से परिवार में मातम नैंसी की मौत की खबर से परिवार में गहरा दुख छा गया। पिता जितेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के मुताबिक, नैंसी घर की रौनक थी। उसकी अचानक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। ट्रैक्टर मालिक भी पहुंचा घर हादसे के बाद ट्रैक्टर मालिक भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचा। उसने परिजनों को हिम्मत दी। घटना को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत भी हुई। वहीं पुलिस हादसे के पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।
सोनीपत में किसानों की ट्रैक्टर यात्रा:गन्ने का भाव 600 रुपए करने की मांग, मिनी सचिवालय पर देंगे धरना
सोनीपत में गन्ने के भाव को 600 रुपए प्रति क्विंटल करने समेत अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों ने सोमवार को ट्रैक्टर यात्रा निकाली। जाहरी चौक से शुरू हुई यात्रा कामी रोड, बस स्टैंड, गीता भवन और तिरंगा चौक से होते हुए मिनी सचिवालय पहुंचेगी। किसान मिनी सचिवालय के सामने ट्रैक्टर खड़े कर धरना देंगे और मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने का ऐलान किया है। किसानों की ट्रैक्टर यात्रा जाहरी चौक से शुरू हुई। इसके बाद ट्रैक्टर कामी रोड, बस स्टैंड, गीता भवन और तिरंगा चौक से होते हुए मिनी सचिवालय की ओर रवाना हुए। ट्रैक्टर यात्रा के कारण शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाम की स्थिति भी बनी। 600 रुपए प्रति क्विंटल गन्ने का भाव करने की मांग किसान नेता वीरेंद्र पहल ने कहा कि मौजूदा समय में गन्ने का भाव 415 रुपए प्रति क्विंटल है। किसानों की मांग है कि गन्ने का भाव बढ़ाकर 600 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए। उनका कहना है कि गन्ने के भाव में लंबे समय से अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 2 बार पंचायत, सरकार को ज्ञापन भी दिया वीरेंद्र पहल ने कहा कि किसानों की लगातार 2 बार पंचायत हो चुकी है। इन पंचायतों में राष्ट्रीय स्तर के किसान नेता भी पहुंचे हैं। किसानों की ओर से सरकार को ज्ञापन भी दिया जा चुका है, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार की ओर से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। शुगर मिल का टेंडर नहीं होने का मुद्दा किसान नेता ने सोनीपत शुगर मिल का टेंडर नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण हर साल गन्ने की फसल प्रभावित होती है। किसानों का आरोप है कि शुगर मिल का टेंडर लेने के लिए कोई कंपनी तैयार नहीं है। अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप वीरेंद्र पहल ने टेंडर प्रक्रिया में अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि अधिकारियों के स्तर पर भ्रष्टाचार के कारण टेंडर प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है। किसानों ने इस मामले में भी सरकार से कार्रवाई और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। मांगें पूरी होने तक मिनी सचिवालय के सामने धरना किसान नेता ने ऐलान किया कि ट्रैक्टरों को मिनी सचिवालय के सामने खड़ा किया जाएगा और किसान वहीं बैठकर धरना देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक धरना जारी रखा जाएगा। किसानों की मुख्य मांगों में गन्ने का भाव 600 रुपए प्रति क्विंटल करना और सोनीपत शुगर मिल के टेंडर की समस्या का समाधान करना शामिल है। ट्रैक्टर यात्रा से शहर में जाम किसानों की ट्रैक्टर यात्रा के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। यात्रा के रूट में शामिल कामी रोड, बस स्टैंड, गीता भवन और तिरंगा चौक के आसपास वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा और कई जगह जाम की स्थिति बनी।
मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों के विरोध में समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल एसएसपी कार्यालय पर पहुंचा है सपा नेताओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पर प्रदर्शन करके मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। सपा के जिला अध्यक्ष जयवीर यादव के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे सपा प्रतिनिधि मंडल में सपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।जयवीर यादव ने कहा कि सपा मुखिया की छवि को धूमिल करने के लिए यह पोस्टर भाजपा की ओर से लगवाए गए हैं। उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज करके कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
गाजियाबाद: कूलर पैड फैक्टरी में भड़की आग का वीडियो, दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची
गाजियाबाद: कूलर पैड फैक्टरी में भड़की आग का वीडियो, दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची
फरीदाबाद: ईएसआईसी अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल जारी, मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज
फरीदाबाद: ईएसआईसी अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल जारी, मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज

