चंदौसी में 'जानी फायरफॉक्स स्टूडियो' के बैनर तले फिल्म 'कल्कि संभल' का निर्माण किया जा रहा है। इस फिल्म की शूटिंग 14 अप्रैल से एसएम कॉलेज में शुरू होगी। यह फिल्म 1978 के संभल दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन भरत एस. श्रीनाते कर रहे हैं, जबकि इसका निर्माण अमित जानी द्वारा किया जा रहा है। शूटिंग शुरू होने से पहले, निर्देशक भारत एस. श्रीनाते ने शुक्रवार शाम अपनी टीम के साथ चंदौसी के एसएम कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने कॉलेज परिसर में विभिन्न लोकेशंस का जायजा लिया और प्राचार्य डॉ. दानवीर सिंह यादव से शूटिंग की लिखित अनुमति मांगी। निर्देशक ने सीता रोड स्थित विशाल गणेश प्रतिमा, रामबाग धाम पर भगवान राम की प्रतिमा और मोहल्ला लक्ष्मणगंज में बावड़ी का भी निरीक्षण किया। इन स्थानों को भी फिल्म में शामिल किए जाने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, फिल्म के कलाकारों और यूनिट के ठहरने के लिए होटलों और धर्मशालाओं के संबंध में भी स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई गई। यह फिल्म 1978 में हुई हिंसा, संघर्ष और लोगों की त्रासदी को दर्शाएगी। फिल्म में महेश मांजरेकर 'अब्बाजान', विजय राज 'भाईजान' और रजनीश दुग्गल 'बनवारी लाल गोयल' के किरदारों में नजर आएंगे। फिल्म के जारी किए गए पहले पोस्टर में दो मुख्य खलनायक दिखाए गए हैं: 'अब्बाजान', जिन पर 1978 में राजनीतिक लाभ के लिए दंगे भड़काने का आरोप है, और उनके पोते 'भाईजान', जिन पर 2024 में संभल में हिंसा भड़काने का आरोप है। 'अब्बाजान' की भूमिका बॉलीवुड अभिनेता महेश मांजरेकर निभाएंगे, जबकि 'भाईजान' का किरदार अभिनेता विजय राज अदा करेंगे। दूसरे पोस्टर को 'नवाब साहब' नाम दिया गया है, जिसे बॉलीवुड अभिनेता अन्नू कपूर निभाएंगे। एसपी अर्जुन बिश्नोई का किरदार एक प्रसिद्ध अभिनेता निभाएंगे, जिनकी पहचान अभी गोपनीय रखी गई है और अगले पोस्टर में इसका खुलासा होगा। तीसरे पोस्टर में वर्ष 1978 में मारे गए संभल के व्यापारी स्व. बनवारी लाल गोयल के किरदार को दर्शाया गया है, जिसे बॉलीवुड अभिनेता रजनीश दुग्गल निभा रहे हैं।
शॉर्ट सर्किट से मकान में लगी आग:कमरों में रखा सामान जलकर खाक, सकरी गालियों में करनी पड़ी मशक्कत
लखनऊ के वजीरगंज थानाक्षेत्र में शनिवार सुबह एक मकान में आग लग गई। आग दूसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिससे दो कमरों में रखा सामान जलकर खाक हो गया। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। एफएसओ चौक पुष्पेंद्र कुमार यादव ने बताया फायर स्टेशन चौक को सुबह 11 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दो दमकल गाड़ियां और हजरतगंज फायर स्टेशन से एक गाड़ी मौके पर रवाना की गई। मौके पर पहुंची टीम ने देखा नबी उल्लाह रोड स्थित नई बस्ती रीवर बैंक कॉलोनी निवासी मोहम्मद शरीफ के घर की दूसरी मंजिल पर आग लगी है। आग कॉपी-किताब और जनरल स्टोर के सामान में तेजी से फैल रही थी। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फायर विभाग के अनुसार आग लगने का कारण प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। सकरी गलियों की वजह से हुई दिक्कतफायर टीम सूचना पर समय रहते पहुंच गई हालांकि सकरी गलियां होने की वजह से घटनास्थल पर पहुंचने में समय लग गया। कई पाइप जोड़कर राहत कार्य शुरू किया गया। इसके बाद 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पूरी तरह काबू पा लिया गया।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अपराधियों में रीलबाजी का खुमार नहीं थम रहा है। मस्तूरी गोलीकांड के आरोपी विश्वजीत अनंत और उसके साथी जेल में रहते हुए भी सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। उससे मिलने गए रिश्तेदार व दोस्तों ने मुलाकाती कक्ष में वीडियो बनाकर उसे इंस्टाग्राम पर वायरल किया है। वीडियो में सीधा ठोक दू शहर में जो दादा बनता...गाने के साथ एक-एक कर सभी आरोपियों को दिखाया गया है। जिले के मस्तूरी में पुरानी रंजिश और वर्चस्व को लेकर कांग्रेस नेता व जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह, उसके चाचा तामेश सिंह और तुकेश सिंह पर फायरिंग की गई थी। जवाब में नीतेश सिंह ने लाइसेंसी बंदूक से फायर किया, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग निकले थे। पुलिस ने केस में 11 आरोपियों को किया है गिरफ्तार इस केस में पुलिस ने युवा कांग्रेस नेता विश्वजीत अनंत, कांग्रेस नेता अकबर खान और उसके भाई समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। एक नाबालिग को बाल संरक्षण गृह में रखा गया है, जबकि 10 आरोपी जेल में हैं। एक आरोपी की जमानत हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है। जेल में मिलने गए युवकों ने वीडियो बनाकर किया वायरल जेल में बंद आरोपियों का वीडियो इंस्टाग्राम आईडी _devebh_don99X से अपलोड किया गया है। वीडियो कब बनाया गया और कब पोस्ट हुआ, यह स्पष्ट नहीं है। इसी आईडी से गैंग के अन्य पुराने वीडियो भी अपलोड किए गए थे, जिन्हें बाद में डिलीट कर दिया गया। सेंट्रल जेल की सुरक्षा पर सवाल सेंट्रल जेल में मुलाकात के दौरान मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित है। मुलाकातियों की जांच भी की जाती है, इसके बावजूद मोबाइल अंदर ले जाकर वीडियो बनाया गया। इससे सुरक्षा व्यवस्था में चूक सामने आई है। वीडियो बनाने वालों पर एफआईआर की तैयारी जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने कहा कि चोरी-छिपे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। गोलीकांड के दो आरोपी अब भी फरार पुलिस के अनुसार गोलीकांड की इस घटना में कांग्रेस नेता नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले भी शामिल हैं। वारदात के बाद से दोनों आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों आरोपी अपने परिजन और दोस्तों के संपर्क में हैं। लेकिन, पुलिस उन्हें अब तक फरार बता रही है।
सीधी जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र के हनुमानगढ़ तिराहा पर शनिवार दोपहर एक घटना सामने आई। कॉलेज से घर लौट रही छात्राओं का बाइक सवार तीन युवकों ने करीब 10 किलोमीटर तक पीछा किया और उनके साथ छेड़खानी की। छात्राओं ने हिम्मत दिखाते हुए स्थानीय लोगों की मदद से तीनों आरोपियों को पकड़वा दिया, जिसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, छात्राएं बस से अपने गांव लौट रही थीं। सीधी से ही बाइक सवार तीन युवक जानू साकेत, धर्मेंद्र साकेत और लक्ष्मण साकेत लगातार उनका पीछा करते रहे। जबरन पकड़ा हाथ जब छात्राएं हनुमानगढ़ तिराहा के पास बस से उतरीं, तो तीनों युवकों ने उन्हें घेर लिया और मोबाइल नंबर मांगने लगे। छात्राओं द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने उनका हाथ पकड़ लिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। इस घटना से सहमी छात्राएं जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पीड़ित छात्राओं ने पूरी घटना बताई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तीनों युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया। छात्राओं ने भी इस दौरान हिम्मत दिखाते हुए मनचलों का विरोध किया। प्रत्यक्षदर्शी रामू कोल ने बताया कि लड़कियों के शोर मचाते ही ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और आरोपियों को छात्राओं से अलग किया। इसके बाद उन्हें पकड़कर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सेमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। थाना प्रभारी केदार परौहा ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वारानंद सरस्वती आज कोटा प्रवास पर आए हैं। भास्कर से बात करते हुए उन्होंने सनातन व हिंदू धर्म, सरकार और संतों के टकराव और उन्हें मिल रही धमकियों पर खुलकर बात की। शंकराचार्य ने कहा- आज शास्त्रों की जगह सर्कुलर के अनुसार हिंदूत्व का पालन हो रहा है। सरकारें आज खुद धर्माचार्य होना चाहती हैं। जबकि हिंदू धर्म में राजा अलग और धर्माचार्य अलग होता था। ये हिंदू धर्म की परंपरा को नष्ट करना चाहते हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। शंकराचार्य ने कहा- यूपी में कदम रखने पर हमें जान से मारने की धमकी मिल रही है। हम गौमाता की रक्षा की बात करेंगे, तो मार देंगे। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पर प्रहार करते हुए बोले कि वे गेरूंआ कपड़ा पहने मांस विक्रेता बन रहा है। शंकराचार्य ने कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। पढ़िए- सवाल- सनातन धर्म की आज क्या स्थिती है, क्या देश में धर्म मजबूत हो रहा है या चुनौतियां हैं? शंकराचार्य- सनातन धर्म की जो शिक्षाएं है, वह वेदों से, वेदानुसारी पुराणों-स्मृतियों और अन्य साहित्य से प्राप्त होती है। आज का जो तथाकथित हिंदूत्व है, वह शास्त्रों के अनुसार अपने हिंदू धर्म का पालन नहीं कर रहा है। वह सर्कुलर के अनुसार पालन कर रहा है। सर्कुलर के अनुसार अगर हिंदू चलेंगे तो इनका रखवाला कोई नहीं होगा। शास्त्रों के अनुसार जो हिंदू चलेगा, वही असली हिंदू माना जाएगा। सवाल- धर्म युद्ध बोर्ड की बात आपने कही है। क्या ये बड़ा आंदोलन बनने जा रहा है? शंकराचार्य- शुरूआत तो हो चुकी है। अब ये भविष्य पर निर्भर करता है कि इसमें शामिल लोग कितना गहरा प्रयास करते हैं। उसके अनुसार ही परिणाम आएंगे। सवाल- क्या आपकी बात को दबाने की कोशिश हो रही है? हाल में धमकी भी मिली? शंकराचार्य- एक के बाद एक प्रहार किए जा रहे हैं। कभी मुकदमा लगा देते हैं, कभी लांछन लगाते हैं और कभी मारने की धमकी दी जाती है। प्रहार से डरकर चुप हो जाना तो सही नहीं है। हम ऐसा क्या कर रहे है। हम यही तो कह रहे हैं कि जो हमारे शास्त्रो में लिखा है। वह हमारे व्यवहार में होना चाहिए। अगर हमारे शास्त्रों में लिखा है कि गाय हमारी मां है तो उसे पशु क्यों कहा जा रहा है। हमारी ही ओट लेकर हमारी मां की बोटी-बोटी करके बेचने का अधिकार कैसे मिल गया। सवाल- क्या सनातन, धर्म स्थलों को सरकारें चला रही हैं? शंकराचार्य- हां, सरकारों की कोशिश हो चुकी है। वह भी धर्माचार्य खुद होना चाहते हैं। जैसे ईसाई धर्म के पोप राष्ट्राध्यक्ष भी हैं, वेटिकन सिटी में पोप ही राष्ट्राध्यक्ष हैं, साथ ही धर्माचार्य भी हैं। मुस्लिमों में जो खलीफा होते हैं, वह राष्ट्राध्यक्ष भी होते हैं और धर्माचार्य भी होते हैं। ऐसे ही ये लोग हिंदू धर्म में ला रहे हैं कि जो राजा होगा वहीं धर्माचार्य होगा। जबकि हिंदू धर्म में राजा अलग और धर्माचार्य अलग होता था। ये हिंदू धर्म की परंपरा को नष्ट करना चाहते हैं। इसे कैसे स्वीकार कर सकते हैं। धर्म की कमान संतों के हाथ में ही होनी चाहिए। देश की जो दूसरी बातें हैं, वह राजनीतिज्ञों के हाथ में हो जैसे शिक्षा, स्वास्थ, सुव्यवस्था उनके हाथ में हो। धर्म का मामला, धर्माचार्य के हाथ में होना चाहिए। धर्माचार्यों का काम भी नेता करेगा तो धर्माचार्य क्या व्यर्थ है। धर्माचार्य तो धर्म को पढ़ता है। उसके बाद उसे जी कर देखता है कि धर्म की बातें जो लिखी हैं। वह जीवन के लिए सही है या नहीं। फिर उसे अगली पीढ़ी को बताता है। राजनेता को कब धर्म पढ़ने का मौका मिलेगा और कब उसे जी कर उसका टेस्ट करने का मौका मिलेगा। नेता के पास तो घर के लिए समय नही है। सवाल- प्रयागराज स्नान मामले को क्या मानते हैं- प्रशासनिक कार्रवाई,चूक या सरकारी दबाव? शंकराचार्य- प्रशासन की चूक होती तो प्रशासन जस्टीफाई करता लेकिन वह नहीं कर पाया। शासन ने भी कोई जांच नहीं करवाई और न कार्रवाई की। इसके बाद वहां के सीएम ने सदन में खड़े होकर ठप्पा लगा दिया कि मेरे अनुसार ही सब कुछ हुआ। इसमें कुछ छिपा नहीं है। सवाल- इस विवाद के बाद भी काफी विवाद हुए, मुकदमा भी हुआ? शंकराचार्य- एक के बाद एक मुकदमा किया, गंदे लांछन लगाए और अब मारने की धमकी दे रहे हैं कि यूपी की यात्रा की तो मारकर फेंक दिया जाएगा। सनातन धर्म की बात उठाने पर ये धमकियां मिल रही है। हम कह क्या रहे हैं, गौमाता की रक्षा होनी चाहिए। क्या गौमाता की रक्षा की बात करने वाले को मार देंगे। एफआईआर तक नहीं लिखी जा रही है। वो भी बात कर रहे हैं। हम इससे इंकार नहीं कर रहे हैं, लेकिन काम कहां करते हैं। जब आप लगातार सत्ता में हो तो बात क्यों करनी है। अब तो काम करके दिखाना है, लेकिन अभी भी सिर्फ बात ही कर रहे हैं। सत्ता में लंबा समय बीत गया। हमसे कहा कि गौमाता की रक्षा करेंगे तो हमने वोट दिया, लेकिन सिर्फ बात ही करोगे तो कैसे चलेगा। सवाल- योगी भी तो संत है? शंकराचार्य- वे कांई के संत हैं। कोई भी संत होगा तो क्या वह अपनी देख-रेख में पशु हत्या करवाएगा, मांस का व्यापार करेगा। संत तो छोड़ दो, मोहल्ले के मंदिर का पुजारी भी ये काम नहीं करता है। असली हिंदू तो मच्छर मारने में भी संकोच करता है। घर में मच्छर-चूहे आ जाते हैं तो मारने की बजाय दवाई लेकर आते हैं कि वे घर से भाग जाए। ये असली हिंदू सोच है। जो करोड़-करोड़ पशुओं को काट-काटकर डॉलर पाने के लिए बिक्री कर रहा है, व्यापार कर रहा है, उसके बाद भी उसे योगी कह रहे हैं तो आपको क्या कहें। ये गलत हो रहा है, हिंदू धर्म की परिभाषा बदली जा रही है। अगर इस तरह से गेरूआं कपड़ा पहने लोग नौकरी करेंगे, सांसारिक पदों को धारण करेंगे, इस तरह से हिंसा को बढ़ावा देंगे तो साधु-संयासी का क्या मतलब रह जाएगा। सवाल- धर्म की रक्षा कैसे होगी? शंकराचार्य- धर्म के सिद्धांत से जो इतर जा रहा है, उसके कान पकड़ने पड़ेंगे। तुम धर्म के सिंद्धात से अलग काम कर रहे हो, ये गलत है। या तो गेरूआं कपड़ा उतारो और सादा कपड़ा पहनकर करो। या फिर गेरूंआ कपड़ा पहना है तो, उसके हिसाब से चलना पड़ेगा। जनता को हिम्मत करनी पड़ेगी। वरना धर्म की परिभाषा बदल जाएगी। आज सीएम के रूप में गेरूंआ कपड़ा पहने मांस विक्रेता बन रहा है। ये तो हर घर में हो जाएगा, हर मठ में व्यक्ति मठाधीश बना रहेगा और मांस का व्यापार करेगा। फिर हम किससे शिक्षा प्राप्त करेंगे और क्या शिक्षा लेंगे।
दतिया में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम झाड़ियां में वन विभाग और पुलिस टीम की कार्रवाई का एक वीडियो सामने आया है। घटना करीब 15 दिन पुरानी बताई जा रही है। इसमें एक युवक के साथ मारपीट किए जाने के आरोप लगे हैं। जिससे मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वायरल वीडियो में वनकर्मी और पुलिस जवान एक युवक के साथ हाथापाई करते नजर आ रहे हैं। युवक का आरोप है कि उसके साथ बेवजह मारपीट की गई। साथ ही उसने दावा किया कि जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ, वह राजस्व विभाग की है, न कि वन विभाग की। इधर, मामले पर एसपी ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि वीडियो उनके पास पहुंचा है और पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वन विभाग का पक्ष अलग है। विभाग का कहना है कि टीम वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, जहां कुछ लोगों ने झोपड़ी बनाकर कब्जा कर रखा था। कार्रवाई के दौरान युवक ने पहले खुद पर और फिर अपनी बच्ची पर हमला करने की कोशिश की। वीडियो में दिख रही पुलिस और वन विभाग की टीम युवक के कब्जे से बच्ची को सुरक्षित छुड़ाने का प्रयास कर रही थी।
शादियों में गहने और कैश चुराने वाली एक गैंग का उदयपुर पुलिस ने खुलासा किया है। इस गैंग के दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जो पिछले महीने उदयपुर की एक शादी के रिस्पेशन से 40 लाख के गहने चुरा ले गए थे। पुलिस शनिवार को बदमाशों को लेकर उदयपुर में रिस्पेशन वाली जगह पहुंची। मौका तस्दीद कराई। जांच में सामने आया कि दोनों बदमाशों की गैंग राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, आंध्रप्रदेश सहित कई राज्यों की शादियों में जाकर गहने और कैश चुरा चुकी है। उदयपुर पुलिस ने इन बदमाशों को मध्यप्रदेश से पकड़ा है। गहने भी बरामद किए हैं। उदयपुर की एसपी डा. अमृता दुहन ने बताया- जिले की घटना के बाद इन बदमाशों को पकड़ने के लिए 10-10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। गिरफ्तार दोनों बदमाशो ने देश भर में करीब 50 से अधिक वारदातों को कबूल किया है। सबसे पहले समझे उदयपुर की घटना को उदयपुर की एसपी ने बताया- 11 मार्च 2026 को महाप्रज्ञ विहार स्थित तेरापंथ भवन मे नरेन्द्र शर्मा के पुत्र शुभम की शादी के बाद रिसेप्शन का कार्यक्रम था। नरेंद्र शर्मा और उनकी पत्नि गेट पर मेहमानों का स्वागत कर रहे थे। नरेंद्र के पास एक काले रंग का बैग था इसमें दुल्हन के पडले (बहु को देने के समस्त आभुषण सोने चांदी के) जेवरात थे। इसी दौरान करीब 10.38 बजे मेहमान बनकर आए बदमाशों ने उनके पास रखा ये बैग चुरा कर भाग गए। ऐसे पकड़ी पुलिस ने गैंग एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बताया- घटना के बाद थाना स्तर एक टीम का गठन किया। टीम ने घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज दिखे। संदिग्धों को चिन्हित कर तलाश के दौरान टीम को मध्यप्रदेश के राजगढ़ स्थित 3 गांवो (कडिया सांसी व गुलखेडी) के बारे में जानकारी मिली। यहां रहने वाले बदमाशों इसी तरह वारदात अंजाम देते हैं। पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश में डेरा डाला पुलिस टीम ने लगातार इन गांवों में रैकी कर मुखबीर तंत्र को डवलप किया। तकनीकी सूचना और ह्युमन इटेलीजेंस के आधार पर आरोपियो की पहचान कर नामजद किया गया। इस बीच उन पर इनाम की घोषणा की गई। टीम ने लगातार कई दिनों तक बदमाशों का पीछा किया। टीम ने गावों में दबिश देते हुए दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर गहने बरामद कर लिए। पुलिस को देख बदमाश भागते हुए गिर पड़े पुलिस ने बताया गिरफ्तारी के दौरान बदमाशों ने भागने की कोशिश की। गिरने से उनके शरीर पर चोटें भी आई हैं। पुलिस पर हमले के मामले भी दर्ज है एसपी ने बताया- दोनों शातिर बदमाश देश के अलग-अलग शहरों में लूट के मास्टर माइंड हैं। जो शादियों में सोने चांदी के जेवरात, नकदी चुराने के साथ बैंको से रुपए लेकर निकले लोगों को भी लूटते हैं। अलग-अलग राज्यों के थानों में मामले दर्ज हैं। आरोपियों और उनके परिवार पुलिस पर भी हमले कर चुके हैं। पुलिस ने एमपी के रामगढ़ के बदमाश पकड़े एसपी ने बताया कि माले में मध्यप्रदेश के अशोकनगर के मीरकाबाद हाल रामगढ़ कडिया सांसी बोडा थाना निवासी विकास (26) पुत्र सालकराम सांसी और कडिया सांसी निवासी नकुल (24) पुत्र राजकुमार सांसी को शनिवार को गिरफ्तार किया। इन दोनों बदमाशों से उदयपुर की शादी समारोह से चुराए गए करीब 40 लाख रुपए के सोने चांदी के आभूषण बरामद किए। पिता के खिलाफ भी कई मामले दर्जसुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया- आरोपी नकुल के पिता राजकुमार के खिलाफ भी चोरी, नकबजनी, लूट और राजकार्य में बाधा के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी के पिता के खिलाफ राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र में 16 प्रकरण अलग-अलग थाने में दर्ज है। बदमाश विकास ने साथियों के साथ ये वारदातें कबूली नकुल ने साथियों के साथ ये वारदातें की ये थे पुलिस टीम में शामिल थानाधिकारी योगी के साथ एएसआई नारायण सिंह, हेड कॉन्स्टेबल श्रवण कुमार, कॉन्स्टेबल शंभूराम, अचलाराम, प्रकाश, रामकुंवार और साइबर सैल के लोकेश रायकवाल शामिल है।
खैरथल में महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर शनिवार को खैरथल शहर भक्ति, उत्साह और सामाजिक जागरूकता के रंग में रंगा नजर आया। जिला सैनी महासभा खैरथल के देखरेख में खैरथल के शिवचरण गार्डन में आयोजित भव्य समारोह में हजारों लोगों की भागीदारी रही। जिलाध्यक्ष तेजाराम सैनी और एडवोकेट मुकेश सैनी ने बताया कि जयंती पर अंबेडकर सर्किल से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के प्रमुख रास्तों से होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। शोभायात्रा में भगवान गणेश,शिव-पार्वती,रामदरबार,बजरंगबली,राधा-कृष्ण के साथ सावित्रीबाई फुले और महात्मा फुले की प्रेरणादायक झांकियां शामिल रहीं। बेटियों की शिक्षा का संदेश देती झांकी विशेष रही बेटियों की शिक्षा का संदेश देती झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भपंग वादकों की थाप और पारंपरिक नृत्य ने माहौल को जीवंत बना दिया। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया और राहगीरों के लिए मीठे पानी की छबील लगाई गई। शोभायात्रा के साथ बाइक और कार रैली ने आयोजन को और भव्यता प्रदान की। कार्यक्रम में हरियाणवी और राजस्थानी लोक नृत्य,झांकी नृत्य तथा स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलबाग सिंह सैनी मुख्य अतिथि रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष तेजाराम सैनी ने की। समारोह में 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों,कलाकारों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया। ‘समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ जो अलख जगाई’ मुख्य अतिथि दिलबाग सिंह सैनी ने कहा,“महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ जो अलख जगाई, वह आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया और समाज के अंतिम व्यक्ति तक ज्ञान पहुंचाने का काम किया।हमें उनके विचारों को अपने जीवन में उतारना होगा।” अध्यक्षता कर रहे तेजाराम सैनी ने कहा, “फुले जी का जीवन हमें सिखाता है कि संगठित समाज ही प्रगति कर सकता है।आज जरूरत है कि हम शिक्षा, समानता और सामाजिक समरसता के मूल्यों को अपनाकर आगे बढ़ें।” कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने महात्मा ज्योतिराव गोविंद राव फूले की 199वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट स्थित जिला परिषद सभागार में एक पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर देशल दान सहित अन्य अधिकारियों ने महात्मा फूले को पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सभी ने सामाजिक कल्याण के लिए दायित्व बोध के साथ सहभागिता निभाने का संकल्प लिया। जिला कलेक्टर देशल दान ने इस अवसर पर कहा कि इतिहास का ज्ञान महत्वपूर्ण है। भूतकाल से सीख लेकर वर्तमान में बेहतर कार्य करते हुए भविष्य को आकार दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फूले ने उस दौर की विपरीत परिस्थितियों में भी महिला शिक्षा को बढ़ावा देने और अन्य सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में अपना जीवन समर्पित कर दिया। कलेक्टर ने मूल्य आधारित जीवन और दायित्व बोध के साथ कार्य करने का आह्वान किया। इस मौके पर समाजसेवी बंशीलाल कटारा ने भी महात्मा ज्योतिबा फूले जैसे महान व्यक्तित्वों को नमन किया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी समाज कल्याण के लिए कार्य करते हुए समाज को नई दिशा दी। कटारा ने महात्मा फूले के जीवन मूल्यों और आदर्शों का अनुकरण करते हुए सामूहिक सहभागिता से कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने दायित्वों का बोध रखते हुए कार्य करे।
सिरोही में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दिनेश खराड़ी की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक स्वास्थ्य भवन, सिरोही के सभा कक्ष में सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक चली। बैठक में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एस.पी. शर्मा, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रितेश सांखला, जिला क्षय अधिकारी डॉ. विवेक जोशी, जिले के सभी BCMO, CHC/PHC प्रभारी और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में चिकित्सा संस्थानों के प्रबंधन, कर्मचारियों की उपस्थिति, ओपीडी लोड, सीसीटीवी और बायोमेट्रिक मशीनों की कार्यशीलता की समीक्षा की गई। बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और उपकरणों की उपलब्धता पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, दवाओं की उपलब्धता, फर्नीचर और अन्य संसाधनों की स्थिति, तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं में पंजीकरण की प्रगति का भी जायजा लिया गया। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम पर विशेष ध्यान दिया गया। टीबी नोटिफिकेशन दर, उपचार सफलता दर, NAAT टेस्टिंग और निक्षय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के लक्ष्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संस्थागत प्रसव, एएनसी पंजीकरण और कवरेज, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान, पोस्ट नेटल केयर, टीकाकरण और ड्रॉपआउट दर जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। गैर-संचारी रोगों (NCD) की स्क्रीनिंग, उपचार और फॉलोअप, कैंसर स्क्रीनिंग तथा HPV वैक्सीन जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। डिजिटल हेल्थ सेवाओं के अंतर्गत IHMS, राज हेल्थ, ABDM (ABHA, HPR, HFR पंजीकरण) और डिजिटल हेल्थ सर्वे की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, प्रिस्क्रिप्शन ऑडिट और स्टॉक आउट की स्थिति पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम और आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना की समीक्षा भी की गई। हीट वेव को लेकर विशेष निर्देशइस दौरान डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एस.पी. शर्मा ने बढ़ती गर्मी और हीट वेव को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “जिले में बढ़ते तापमान को देखते हुए सभी चिकित्सा संस्थान हीट वेव से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं, ORS, ठंडे पानी की व्यवस्था और बेड उपलब्ध रहें। आमजन को भी दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने के लिए जागरूक किया जाए।”बैठक के अंत में CMHO डॉ. दिनेश खराड़ी ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि आगामी बैठकों में सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत करें।
शहर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पुलिस ने गुरुवार शाम से देर रात तक सघन चेकिंग अभियान चलाया। कोतवाली डिवीजन के तहत कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा और गंज थाना क्षेत्रों में यह कार्रवाई की गई, जिसमें अड्डेबाजी, नशाखोरी, वारंटियों और अवैध हथियार रखने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान पुलिस ने शराब भट्ठियों के आसपास, सुनसान इलाकों और अड्डेबाजी वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी। संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर अड्डेबाजी और नशाखोरी में लिप्त कुल 8 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। सभी को विशेष कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से 7 आरोपियों को जेल वारंट जारी कर केंद्रीय जेल भेज दिया गया। इसके अलावा मौदहापारा और गंज थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 2 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया। वहीं डिवीजन में 8 जमानती वारंट और 7 गिरफ्तारी वारंट भी तामील किए गए, जिससे लंबे समय से फरार आरोपियों पर शिकंजा कसा गया। जांच में पुलिस को मिला चाकू थाना गंज पुलिस को तेलघानी नाका चौक के पास चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक मिला। तलाशी लेने पर उसके पास से अवैध धारदार चाकू बरामद हुआ। आरोपी राज नायक उर्फ माया, निवासी उरला, के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। अभियान के दौरान ई-रिक्शा चालकों और अन्य संदिग्धों की भी सघन जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। पुलिस का कहना है कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर आम जनता को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
सपा नेता एवं यूपी सरकार के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी आज कानपुर में कई कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंच रहे हैं। महाराजपुर विधानसभा से सपा के प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह के होली मिलन समारोह में वे शनिवार दोपहर पहुंचे। कानपुर महानगर सपा के जिला अध्यक्ष फजल महमूद भी उनके साथ पहुंचे।चकेरी स्थित गेस्ट हाउस में आयोजित होली मिलन समारोह में फतेह बहादुर सिंह गिल ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी का स्वागत किया। इसके बाद वे सपा विधायक नसीम सोलंकी और पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के निवास, जाजमऊ पहुंचेंगे।
बीकानेर शहर के मुक्ताप्रसाद थाना क्षेत्र में रामपुरा बस्ती की गली नंबर 7 में 28 वर्षीय युवक की तलवारों से हमला कर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान जय सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर के अनुसार, पारिवारिक विवाद से जुड़ा मामला पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार, मृतक के पिता ने रिपोर्ट दी है कि उनके पुत्र जय सिंह और उसकी पत्नी के बीच पिछले करीब दो वर्षों से विवाद चल रहा था। 10 अप्रैल 2026 की रात लगभग 10:44 बजे उन्हें फोन पर सूचना मिली कि पुत्र को समझा लें, नहीं तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। इसके बाद जब वे अपने पुत्र की तलाश में रामपुरा बस्ती स्थित एक मंदिर के पास पहुंचे, तो वहां कुछ लोग जय सिंह के साथ मारपीट कर रहे थे और उस पर तलवार से हमला किया जा रहा था। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने किया मृत घोषित परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल जय सिंह को तुरंत पीबीएम अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। मुक्ताप्रसाद थाना पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में संदिग्ध व्यक्तियों को राउंडअप कर पूछताछ की जा रही है और सभी पहलुओं से गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, जिसमें दो पर आरोप लगाए गए हैं। एक नाबालिग आरोपी भी शामिल है। क्षेत्र में पुलिस जाब्ता तैनात घटना के बाद क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
महात्मा फुले जयंती पर जिला प्रशासन ने पुष्पांजलि अर्पित की:सामाजिक समरसता का संकल्प लिया गया
डीडवाना में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मनाई गई। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने महात्मा फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों पर चलने तथा सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर विकास मोहन भाटी ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने महात्मा फुले के समाज सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। समाज कल्याण अधिकारी जयपाल सिंह ने महात्मा फुले द्वारा स्थापित सत्यशोधक समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उनके क्रांतिकारी प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महिलाओं और वंचित वर्गों की शिक्षा के लिए फुले का कार्य आज भी अत्यंत प्रासंगिक है। इस कार्यक्रम के दौरान आगामी डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती से संबंधित कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई। 12 से 14 अप्रैल तक राजकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में सामाजिक न्याय एवं संविधान जागरूकता पर आधारित ऑनलाइन क्विज और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। 13 अप्रैल को टाउन हॉल में बाबा साहब अंबेडकर के जीवन पर व्याख्यान होगा, जबकि 14 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में नगर परिषद आयुक्त भगवान सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक निदेशक जयप्रकाश, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उपनिदेशक बाबूलाल, कृषि विभाग के उपनिदेशक हरिओम सिंह राणा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
फरीदाबाद नगर निगम गर्मियों के मौसम में पानी की आपूर्ति करने के लिए अलग से प्लान तैयार कर रहा है। जिसका मसकद सभी कालोनियों में पानी की सप्लाई में संतुलन स्थापित करना है। निगम के अधिकारियों को इसके लिए एक रिपोर्ट तैयार करने के आदेश जारी किए गए है। पानी ना पहुंचने वाली जगहों की लिस्ट बनेगी निगम कमीश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि, एसडीओ और जेई को ऐसी कॉलानियों की बनाने आदेश जारी किए गये है जहां पर गर्मियों के मौसम में पानी की परेशानी सबसे ज्यादा होती है । इसके अलावा जिन कॉलोनियों में रेनीवेल का पानी नहीं पहुंच रहा है। उनकी सूची भी तैयार की जा रही है। टैंकर से भेजा जायेगा मीठा पानी निगम के द्वारा टैंकर के माध्यम से मीठा पानी उन कॉलोनियों में भिजवाया जायेगा । जहां पर रेनीवेल का पानी नही पहुंच रहा है। गर्मी को देखते हुए पानी वितरण को लेकर संतुलन बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि दिन में एक समय में पानी सप्लाई की जायेगी। संतुलन बनाने की जरूरत एक सप्ताह के भीतर जेई और एसडीओ को पूरी रिपोर्ट निगम कमीश्नर के सामने पेश करना होगा। पार्षदों और विधायकों के दबाव में कई जगह पर बूस्टर से सुबह और शाम पानी सप्लाई किया जाता है। जिसकी वजह से अन्य क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच पाता है। सदन की बैठक में एनआईटी के पार्षदों ने इस बात को लेकर हंगामा किया था।
सीहोर जिले के दोराहा थाना क्षेत्र के ग्राम सिराड़ी में राष्ट्रध्वज के अपमान का एक मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, कुछ व्यक्तियों ने राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' को बीच सड़क पर बिछा दिया। उन्होंने तिरंगे के चारों कोनों पर पत्थर रखे और कथित तौर पर उसे पैरों से कुचला। ग्राम निवासी राहुल दांगी ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने जानबूझकर देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से यह कृत्य किया। इस घटना को देखकर ग्रामीणों में रोष फैल गया और तत्काल डायल 112 पर सूचना दी गई। दो तस्वीरें देखिए तीन लोग पुलिस हिरासत मेंसूचना मिलते ही दोराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तिरंगे को सम्मानपूर्वक हटाया। दोराहा थाना प्रभारी राजेश सिन्हा ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सलीम खान, जलील खान उर्फ गुड्डू और समीर खान नामक तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' की धारा 2 एवं 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
डूंगरपुर में शादियों का सीजन शुरू होते ही हलवाइयों और कैटरिंग व्यवसायियों के सामने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत का संकट खड़ा हो गया है। इस समस्या से परेशान हलवाई संघ ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था सुधारने की मांग की है। हलवाई संघ के प्रतिनिधि श्याम लाल ने बताया कि शादियों का सीजन होने के कारण उनके पास पहले से ही कई बुकिंग्स हैं। ग्राहकों की ओर से काम पूरा करने का भारी दबाव है, लेकिन गैस एजेंसियों से कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले से बुकिंग करवाने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। श्याम लाल ने बताया कि ग्राहक उन्हें व्यवस्था करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। हलवाई संघ का कहना है कि उनका काम ठप होने की कगार पर है, लेकिन उन्हें अपने स्टाफ को खाली बैठे भी सैलरी देनी पड़ रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर से अनुरोध किया है कि शादियों के इस महत्वपूर्ण समय में कमर्शियल सिलेंडरों की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इससे आम जनता और व्यापारियों दोनों को राहत मिल सकेगी।
मुजफ्फरनगर के शिव चौक इलाके में एक बार फिर चोरी की घटना सामने आई है। शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक इस इलाके में पुलिस चौकी के बिल्कुल पास बुर्काधारी चोरनी गैंग ने एक दुकान से बैग चुरा लिया। इस घटना ने स्थानीय पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह ताजा मामला गोल मार्केट स्थित मैक्स कम्युनिकेशन दुकान का है। यहां चार बुर्काधारी महिलाओं के एक गिरोह ने लगभग 1600 रुपये का एक कीमती बैग चुरा लिया। दुकान मालिक हर्ष गुलाटी ने बताया कि चोरी की पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में चार बुर्काधारी महिलाएं संदिग्ध गतिविधियों के साथ चोरी को अंजाम देती साफ दिख रही हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि शिव चौक और आसपास के इलाकों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। चोरी और पर्स झपटमारी की बढ़ती वारदातों से व्यापारियों में भय का माहौल है, जिससे व्यापार करना मुश्किल हो रहा है। व्यापारियों ने पुलिस चौकी की निकटता के बावजूद चोरों के बुलंद हौसलों पर चिंता व्यक्त की है। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि पिछले एक महीने में शिव चौक और आसपास के क्षेत्रों में ऐसी कई चोरियां हुई हैं, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। हाल ही में हुई अन्य घटनाओं में करीब एक सप्ताह पहले भगत सिंह रोड स्थित मीना बाजार से आर्टिफिशियल ज्वैलरी की चोरी शामिल है। इसके अतिरिक्त, ईद के दौरान रुड़की रोड पर एक युवती से पर्स झपटने और भगत सिंह रोड पर एक महिला का पर्स चोरी होने की वारदातें भी सामने आई हैं। इन लगातार बढ़ती वारदातों से शहर के प्रमुख बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी उजागर हुई है। अब देखना होगा कि पुलिस इस बुर्काधारी चोरनी गैंग पर कब तक शिकंजा कस पाती है और व्यापारियों को सुरक्षित माहौल प्रदान कर पाती है।
इंदौर में शेयर मार्केट ठगी गिरोह पर छापा:5 आरोपी, लाखों का सामान जब्त, 4.80 लाख की ठगी उजागर
इंदौर की तुकोगंज पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के ऑफिस पर छापामार कार्रवाई की है। बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स के सामने संचालित “इन्फिनिक्स इन्फोटेक” कंपनी से जुड़े 5 लोगों को मामले मे आरोपी बनाया गया है। तुकोगंज पुलिस ने डीसीपी राजेश व्यास के आदेश पर कार्रवाई करते हुए 23 CPU, 14 लैपटॉप, 4 DVR, मॉनिटर, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त सामान की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। मोटा मुनाफा बताकर 4.80 लाख जमा कराए मामले में कंपनी संचालक मनीष पांडे समेत अनिमेष चौहान, संदीप त्यागी, अनुराग सैंडलानी और नेहा जैन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में नितिश भगत निवासी देपालपुर ने शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि नवंबर 2024 में उन्हें कॉल कर शेयर मार्केट में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच दिया गया। शुरुआत में डेमो प्रॉफिट दिखाकर भरोसा जीता गया, फिर अलग-अलग बहानों से उनसे करीब 4.80 लाख रुपए जमा कराए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी सॉफ्टवेयर और टर्मिनल के जरिए निवेशकों को स्क्रीन पर मुनाफा दिखाते थे और ज्यादा पैसा लगाने के लिए उकसाते थे। जब पैसे निकालने की बात आती, तो बहाने बनाकर टाल दिया जाता था।
भारतीय डाक विभाग में फर्जी अंकतालिका लगाकर नौकरी हासिल करने के मामले में चूरू कोतवाली पुलिस ने एक और आरोपी को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कोतवाली थाना के सब इंस्पेक्टर किशनाराम ने बताया कि जनवरी 2024 में एएसपी डाक मंडल महावीर प्रसाद ने 21 नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। इन सभी पर डाक विभाग में नियुक्ति के दौरान 10वीं कक्षा की फर्जी अंकतालिकाएं लगाने का आरोप था। यह फर्जीवाड़ा दस्तावेज सत्यापन के दौरान सामने आया था। हाल ही में गिरफ्तार किया गया आरोपी हरियाणा के ऐलनाबाद निवासी विनोद कुमार (31) है। वह मूलतः अजीतसर का रहने वाला है। पुलिस ने ऐलनाबाद में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार विनोद कुमार सहित इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले राजगढ़ के अंकित, हरियाणा के सतीश, अनिल, राजेश कुमार, सोमवीर, पवन कुमार और संदीप को गिरफ्तार किया गया था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी लेने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब यह जानकारी जुटा रही है कि उन्हें फर्जी अंकतालिकाएं कहां से मिलीं और इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं। बाकी आरोपियों की तलाश भी जारी है।
चित्रकूट जिला अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अस्पताल परिसर में 20 नए आधुनिक बेड और 30 बेंच लगाए गए हैं, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को बेहतर बैठने और इलाज की सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल में इन दिनों पर्चा बनवाने से लेकर जांच रिपोर्ट तक के लिए लंबी कतारें लग रही थीं। कई मरीज, खासकर बुजुर्ग, थककर लाइन में ही बैठने को मजबूर हो जाते थे, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए प्रवेश द्वार, डॉक्टर कक्ष और इमरजेंसी वार्ड के बाहर नई बेंचें लगाई गई हैं। इन बेंचों से मरीजों और तीमारदारों को इंतजार के दौरान राहत मिलेगी। बेंच अस्पताल परिसर में स्थापित किए गए 100 बेड वाले इस अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने पर अक्सर बेड कम पड़ जाते थे और कई पुराने बेड खराब भी हो चुके थे। अब लगाए गए नए बेड आधुनिक हैं, जिन्हें जरूरत के अनुसार फोल्ड और ऊंचा-नीचा किया जा सकता है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि आधुनिक फोल्डिंग बेड और गद्दीदार बेंच अस्पताल परिसर में स्थापित किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर मरीजों और तीमारदारों की सुविधा बढ़ाने का यह कार्य किया जा रहा है।
महात्मा ज्योतिराव फुले जयंती पर उनकी पत्नी सावित्री बाई फुले को भी बराबर याद किया गया। पहली महिला टीचर के रूप में महिलाओं को पढ़ाने के प्रति उनके कठिन संघर्ष को कोई नहीं भूला सकता। शनिवार को ज्योतिराव फुले जयंती पर उनकी प्रतिमा पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित सर्व समाज के लोगों ने माल्यार्पण किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि ज्योतिराव फुले ने महिला शिक्षा की शुरूआत की। उनकी पत्नी सावित्री बाई फुले पहली शिक्षक बनी। उस समय महिला शिक्षा की बात करना गुनाह था। सावित्री बाइ फुले पढ़ाने जाती तो उन पर कीचड़ व गोबर फेंक दिया जाता था। इसकी वजह से उनको बाद में घर भी छोड़ना पड़ा। उन्होंने सामाजिक न्याय की बात की। केवल जाति व धर्म के आधार पर पढ़ने लिखने या व्यापार करने का अधिकार दिया जाना सही नहीं है। इस आवाज को आगे बढ़ाया। पिछड़ों को आगे लाने की अलख जगाई। उनके संघर्ष की बदौलत हम आगे भी आए हैं। वे चाहते थे कि सामाजिक, आर्थिक न्याय सबको मिले। उनके संघर्ष के बाद काफी बदलाव आ चुका है। बाबा साहेब का संविधान भी लागू हुआ है। हम उनके बताए कामों को आगे बढ़ाने में लगे हैं। यही सच्ची मानव सेवा है।
गाजीपुर के मुहम्मदाबाद इलाके के भांवरकोल थानान्तर्गत ग्राम पंचायत वीरपुर निवासी ट्रैक्टर चालक विमलेश यादव(27) की भूसा बनाने वाली मशीन की जद में आने से बीती रात मौत हो गई। विमलेश यादव अपने पांच भाइयों में सबसे छोटा था। मृतक विमलेश से बड़ा भाई कमलेश यादव चेन्नई में रहकर प्राइवेट कंपनी में काम करता है। विमलेश यादव अपने अन्य भाइयों और पिता के साथ घर पर रहकर घर का लगभग एक एकड़ खेत के अलावा दूसरों से कुछ खेत पेशगी पर लेकर खेती करते हैं। विमलेश यादव के परिवार में ट्रैक्टर ट्राली है जिसे वह चलाकर खेत जोतने व भाड़े पर सामान ढोने काम करता था। शुक्रवार को पलिया निवासी बब्बन यादव अपनी भूसा बनाने वाली मशीन चलाने के लिए विमलेश यादव से संपर्क किया। बब्बन यादव के कहने पर वह बब्बन यादव का ट्रैक्टर चलाने के लिए गया। शुक्रवार की आधी रात वीरपुर के बंशी मौजा में वीरपुर के किसान के खेत में मशीन से भूसा बन रहा था। भूसा बनाने और ढोने वाले अलग अलग ट्रैक्टर ट्राली को चलाने के लिए दो चालकों की आवश्यकता थी, दूसरा चालक पलिया का दिनेश गोड़ था । बब्बन यादव दोनों चालक को खाना लेने के लिए घर आ गए। बब्बन यादव के मुताबिक दिनेश गोंड़ भी पानी पीने के लिए थोड़ी ही दूर पर चला गया। इस दौरान भूसा बनाने की मशीन को चला रहा विमलेश यादव किसी तरह अनियंत्रित होने के कारण गिरकर मशीन की चपेट में आ गया। मशीन की चपेट में आने से विमलेश यादव का दाहिना हाथ और बांया पैर पूरी तरह कट कर अलग हो गया जबकि बांये हाथ की कुछ उंगलियां और दाहिना पैर भी घुटने तक कट कर अलग हो गया था। घटना की सूचना मोबाइल के जरिए परिजनों को मिलते ही वह पास पड़ोस के लोगों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, इस दौरान विमलेश यादव का आधा कटा हुआ पैर तो मिला लेकिन कट कर अलग हुए बायां पैर और दाहिना हाथ कहीं नहीं मिल सका। घटना की जानकारी पुलिस को देने की साथ ही परिजन विमलेश यादव के क्षत विक्षत शरीर को लेकर जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में ले गये, जहां चिकित्सकों ने विमलेश यादव को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होते ही विमलेश यादव के परिवार में कोहराम मच गया उनकी माता लीलावती देवी सहित अन्य महिलाओं का रोते-रोते बुरा हाल था। थानाध्यक्ष संतोष कुमार राय ने बताया कि मृतक विमलेश यादव के शव को मर्चरी हाउस में रखवा दिया गया, जहां विधिक करवाई करते हुए पोस्टमार्टम कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष राय ने बताया कि इस संबंध में तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डिंडौरी में जिले के मेहदवानी जनपद के झाम टोला गांव में शुक्रवार रात दशगात्र भोज के बाद तकरीबन 100 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। भोजन के कुछ समय बाद ही लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी।ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब 10 बजे भोज में पूड़ी, सब्जी, दाल और चावल खाने के बाद आधी रात से लोगों को उल्टी-दस्त होने लगे। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ने लगे और शनिवार सुबह से मरीजों का मेहदवानी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना शुरू हो गया। गंभीर मरीजों को किया गया रेफरस्थिति को देखते हुए कुछ गंभीर मरीजों को मंडला जिले के मोहगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल सभी मरीजों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय के निर्देश पर चिकित्सा दल ने गांव में अस्थायी शिविर लगाकर इलाज शुरू किया। मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। जांच के लिए भेजे गए खाने के सैंपलप्रशासन ने भोज में परोसे गए भोजन के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है, हालांकि असली कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी तरह की तबीयत खराब होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराएं। साथ ही गांव में स्वच्छता और साफ पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नर्मदापुरम में कुलामढ़ी रोड स्थित अनय ऑटो पार्ट्स दुकान में शनिवार दोपहर करीब 12:20 बजे अचानक आग लग गई। घटना के वक्त दुकान मालिक शटर बंद कर लंच करने के लिए घर गए हुए थे। प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। फायर ब्रिगेड ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है, लेकिन इस अग्निकांड में दुकान में रखा करीब 3 से 3.5 लाख रुपए का ऑटो पार्ट्स का सामान जलकर खाक हो गया है। शटर से निकला धुआं, खोलते ही भड़कीं लपटें जानकारी के अनुसार, कुलामढ़ी रोड स्थित अनय ऑटो पार्ट्स के मालिक दोपहर करीब 12:20 बजे दुकान का शटर गिराकर लंच करने घर गए थे। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने शटर के कोने से धुआं निकलता देखा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने जब शटर खोला, तो अंदर से आग की तेज लपटें उठने लगीं। दुकान के ऊपर बने घर में मची दहशत अचानक आग भड़कने और धुएं के कारण दुकान के ठीक ऊपर स्थित घर के सदस्य और आसपास के लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलने पर दुकानदार भी मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। दुकानदार के मुताबिक, वे लंच करने गए थे तभी यह हादसा हुआ। इस घटना में करीब 3 से साढ़े 3 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
ललितपुर में कबाड़े की गोदाम में आग लगी, VIDEO:ढाई लाख की रद्दी जलकर खाक, दो घंटे में बुझी आग
ललितपुर जिले के मोहल्ला जुगपुरा में एक कबाड़े की गोदाम में आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपये की रद्दी जलकर खाक हो गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। कोतवाली सदर क्षेत्र के नेहरूनगर निवासी रहमान ने देवगढ़ मार्ग स्थित मोहल्ला जुगपुरा में किराए पर गोदाम ले रखा है। वह इसमें कबाड़ का सामान खरीदकर रखता है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे गोदाम में रखी किताबों की रद्दी और प्लास्टिक की बोतलों में आग लग गई। आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पीड़ित दुकानदार रहमान ने बताया कि आग लगने से लगभग ढाई लाख रुपये की रद्दी जलकर खाक हो गई है।
देवरिया में फर्जी नियुक्ति का खुलासा:एक शिक्षक के तीन अनुमोदन पत्र, दो स्कूलों में एक साथ नौकरी
देवरिया जिले में फर्जी नियुक्ति, कूटरचित दस्तावेज और सरकारी धन के दुरुपयोग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बनकटा थाना क्षेत्र में एक ही व्यक्ति के नाम से तीन अलग-अलग अनुमोदन पत्र जारी कर उसे दो विद्यालयों में एक साथ सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत दिखाया गया। मामला उजागर होने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने दोनों विद्यालयों के प्रबंधकों समेत शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता मृत्युंजय पाण्डेय (निवासी भठ्या पाण्डेय, बनकटा) ने आरोप लगाया है कि प्रवीण कुमार कुशवाहा को नागेश्वर प्रसाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय, कोठिलवा और लाला लाजपत राय शिक्षण संस्थान, बनकटा में एक साथ नियुक्त दिखाया गया। इसके लिए कूटरचित और बैकडेटेड दस्तावेज तैयार किए गए, जिनके आधार पर वेतन भी आहरित किया गया। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने 31 मार्च 2011, 22 अप्रैल 2010 और 27 जुलाई 2010 की अलग-अलग तिथियों के तीन अनुमोदन पत्र प्रस्तुत किए। जबकि एक पद के लिए एक ही अनुमोदन संभव होता है। इतना ही नहीं, आरोपी ने दोनों विद्यालयों में एक साथ कार्यरत दिखाकर न्यायालय में अलग-अलग याचिकाएं भी दाखिल कीं, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है। सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों और अन्य लोगों की मिलीभगत रही। पूर्व में शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने नागेश्वर प्रसाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय, कोठिलवा के प्रबंधक विपिन कुमार, लाला लाजपत राय शिक्षण संस्थान, बनकटा के प्रबंधक रामेश्वर प्रसाद गुप्ता और सहायक अध्यापक प्रवीण कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल राकेश कुमार राय ने बताया कि मामले में जालसाजी, धोखाधड़ी और कूटरचना से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य संस्थानों की भी जांच की संभावना जताई जा रही है।
फर्रुखाबाद शहर में नीलगाय का बछड़ा पहुंचा:लोगों ने पकड़कर वन विभाग को सूचना दी, इलाज के लिए ले गए
फर्रुखाबाद शहर में शुक्रवार देर शाम एक नीलगाय का बच्चा आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। लोगों ने उसे पकड़कर वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम उसे रेस्क्यू कर उपचार के लिए अपने साथ ले गई। यह घटना कादरी गेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत रिद्धि पैलेस के पास हुई। देर रात आबादी क्षेत्र में नीलगाय का बछड़ा लोगों को देखकर इधर-उधर दौड़ने लगा। इस दौरान वह एक पोल से टकराकर हल्का घायल हो गया। आसपास मौजूद कुछ युवाओं ने नीलगाय के बछड़े को पकड़ा और उसे सरकारी हैंडपंप से बांध दिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने मामले की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी अनूप कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल घायल बछड़े का मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया। बछड़े की हालत को देखते हुए, वन विभाग की टीम उसे आगे के उपचार के लिए क्षेत्रीय वन कार्यालय ले गई। अनूप कुमार सिंह ने बताया कि बछड़े को पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।
देवास में सत्तापक्ष के पार्षदों का निगम गेट पर धरना:अवैध वसूली के आरोप पर कर्मचारी को हटाने की मांग
देवास में नगर निगम के सत्तापक्ष के पार्षदों ने शनिवार को निगम मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने निगम कर्मचारी रवि गोयनार पर स्टेशन रोड स्थित गजरा चौराहे पर छोटे दुकानदारों से अस्थायी अतिक्रमण के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय निवासी भी शामिल हुए। पार्षद शीतल गहलोत ने आरोप लगाया कि सुबह कई दुकानदारों से 500 से 1000 रुपए तक की अवैध वसूली की गई, जिसके लिए कोई रसीद नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि परिषद में बहुमत से इस कर्मचारी को हटाने की मांग पहले भी की जा चुकी है, लेकिन निगम आयुक्त ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे पार्षदों में नाराजगी है। सत्तापक्ष के नेता मनीष सेन ने कहा कि परिषद की बैठक में रवि गोयनार को हटाकर अन्य कार्य में लगाने का स्पष्ट निर्णय लिया गया था। आदेश का पालन न होने के कारण पार्षदों को धरना देना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटे व्यापारियों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरने की सूचना मिलने पर निगम सभापति रवि जैन मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्षदों और रहवासियों से चर्चा कर मामले की जानकारी ली। इसके बाद सभापति ने निगम आयुक्त से बात कर आरोपी कर्मचारी को तत्काल पद से हटाकर दूसरे विभाग में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। सभापति जैन ने यह भी कहा कि नगर निगम में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पीथमपुर में एक दिवसीय पुस्तक मेला:25 स्कूलों के विद्यार्थियों-पालकों को मिली शैक्षणिक सामग्री
औद्योगिक नगर पीथमपुर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, डाक बंगला परिसर में धार कलेक्टर के निर्देशानुसार एक दिवसीय पुस्तक मेला सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को सुगम बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस मेले में पीथमपुर क्षेत्र के 25 स्कूलों और शहर के प्रमुख स्टेशनरी विक्रेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में पालक और विद्यार्थी पहुंचे। इस मेले में विद्यार्थियों और पालकों को एक ही स्थान पर पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, स्कूल ड्रेस, जूते-मोजे और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध हुई। इससे उन्हें अलग-अलग दुकानों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली। इस विशेष आयोजन का सफल संचालन जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप खरे और बीआरसी राजेश शिंदे के मार्गदर्शन में किया गया। स्थानीय स्तर पर संकुल प्राचार्य सोहन सिंह तोमर, संकुल प्रभारी प्रहलाद सोलंकी और शुभम जैन ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला। मेले में अनुशासन बनाए रखने के लिए 10 अप्रैल को ही इच्छुक विक्रेताओं का पंजीयन कर उन्हें स्टॉल आवंटित कर दिए गए थे। आयोजक समिति और प्रशासन की इस पहल की पालकों द्वारा काफी सराहना की गई। 25 विद्यालयों की सक्रिय सहभागिता ने इस मेले को व्यापक बनाया, जिससे क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ पहुंचा। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी सहभागी संस्थाओं, दुकानदारों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मेले के सफल समापन की घोषणा की। पुस्तक मेले की अन्य तस्वीरें….
करनाल के एनडीआरआई में फार्म सेक्शन में काम करने वाले ठेका कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि तीन साथियों को बिना किसी नोटिस और चेतावनी के नौकरी से हटा दिया गया। इस फैसले से नाराज कर्मचारियों ने संस्थान के बाहर प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक हटाए गए साथियों को वापस काम पर नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। बिना कारण हटाने का आरोप, कर्मचारियों में नाराजगीप्रदर्शनकारी श्याम लाल व अन्य कर्मचारियों ने बताया कि वे सभी एनडीआरआई के फार्म सेक्शन में पशुओं का चारा काटने का काम करते हैं। शुक्रवार दोपहर को तीन कर्मचारियों को अचानक बाहर निकाल दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर कर्मचारियों में भारी रोष है। उनका कहना है कि बिना किसी चेतावनी या कारण बताए इस तरह हटाना गलत है। 12 क्विंटल चारा काटने का दबाव बताया मुश्किलकर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से उन पर रोजाना 12 क्विंटल चारा काटने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि इतनी मात्रा में चारा काटना बहुत मुश्किल है और यह लक्ष्य अव्यवहारिक है। इसके चलते कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बन रहा है। सुपरवाइजर पर धमकाने के आरोप, वेतन भी समय पर नहींप्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यहां तैनात सुपरवाइजर कर्मचारियों को धमकाने का काम करते हैं, जो गलत है। इसके अलावा वेतन भी समय पर नहीं मिलता, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनीकर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग हटाए गए तीनों कर्मचारियों को वापस काम पर रखने की है। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक वे अपना प्रदर्शन और हड़ताल जारी रखेंगे।
बुलंदशहर के काला आम क्षेत्र स्थित एक डेंटल क्लीनिक में कार्यरत युवती ने अपने संचालक पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के परिजनों ने कोतवाली नगर में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के अनुसार, वह पिछले करीब तीन वर्षों से उक्त डेंटिस्ट के क्लिनिक पर नर्स के रूप में कार्यरत थी। आरोप है कि डॉक्टर ने उसे चाय बनाने के बहाने अपने कमरे में बुलाया और वहां जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद युवती ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजन उसे लेकर कोतवाली पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया है, जिससे उनमें आक्रोश है। यह मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण क्षेत्र में संवेदनशीलता बनी हुई है। पीड़िता भूड़ शांति नगर क्षेत्र की निवासी बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
हेरोइन तस्करी का मुख्य सप्लायर गिरफ्तार:दो साल पुराने मामले में कार्रवाई, एक अन्य युवक भी पकड़ा गया
हनुमानगढ़ में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। रावतसर थाना पुलिस ने हेरोइन तस्करी के एक मामले में वांछित मुख्य सप्लायर को पकड़ा है। इसके अलावा, एक अन्य कार्रवाई में एक युवक को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लगभग दो साल पुराने 45 ग्राम हेरोइन बरामदगी के मामले में आठवें आरोपी विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की (39) को गिरफ्तार किया है। विक्की बठिंडा, पंजाब का निवासी है। उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस मामले में पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। जांच में सामने आया है कि आरोपी विक्रमजीत सिंह एक संगठित गिरोह के रूप में हेरोइन की तस्करी करता था और अपने नेटवर्क के माध्यम से अन्य लोगों को भी इसमें शामिल करता था। उसके खिलाफ पंजाब के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, चोरी और एनडीपीएस एक्ट सहित 13 गंभीर मामले दर्ज हैं। रावतसर थाना पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई करते हुए रावतसर निवासी विनोद (26) को भी गिरफ्तार किया है। उसे गश्त के दौरान संदेह होने पर रोका गया, जिसके बाद उसके पास से 2.07 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। आरोपी विनोद के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में 'गांव चलो एवं बस्ती चलो' अभियान के तहत बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर पार्क में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम शनिवार को वार्ड नंबर-15 स्थित नगर पालिका कार्यालय के पास आयोजित किया गया। मंडल अध्यक्ष अनिल सैनी की अध्यक्षता में आयोजित इस अभियान में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अभियान के दौरान पार्क परिसर की गहन सफाई की गई। उपस्थित लोगों ने झाड़ू लगाई, कूड़ा एकत्रित किया और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाकर स्वच्छता का संदेश दिया। वक्ताओं ने बताया कि 'गांव चलो-बस्ती चलो' अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वक्ता बोले- सामूहिक प्रयासों से ही बनाया जा सकता है क्षेत्र को स्वच्छ इस अवसर पर नगर पालिका फर्रुखनगर के चेयरमैन बीरबल सैनी, मंडल महामंत्री शिव चरण सिमार, रामवीर यादव, अनुसूचित मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष ज्ञानचंद बंगालिया और भीम सिंह सारवान सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने मिलकर इस सफाई अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस अभियान की सराहना की और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
गोरखपुर में तीन मंजिले मकान में लगी आग:करीब 2 लाख का सामान जला, 1 घंटे की मशक्क्त के बाद आग पर काबू
गोरखपुर के छात्र संघ चौराहा स्थित एक मकान के तीसरे मंजिले पर आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने कमरे से धुंवा निकलता देख उसमें रहने वाले युवक को दी। वह तत्काल पहुंचा और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड की टीम ने करीब एक घंटे के कड़ी मशक्क्त के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में किसी के हताहत की कोई सूचना नहीं है। हालांकि अंदर रखा लगभग 2 लाख का सामान और 60 हजार नकद जलकर खाक हो गया। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। जानिए पूरा मामला… छात्र संघ चौराहे के पास कबाड़ी गली में कानपुर का आकाश किराए का कमरा लेकर रहता है। वह एक ट्रैक्टर की एजेंसी में मैकेनिक का काम करता है। शनिवार की सुबह करीब 6 बजे वह सोकर उठा और मकान के पीछे मिट्टी गिराने का काम करने लगा। करीब एक घंटे बाद लोगों ने उसके कमरे से तेज धुंआ निकलता देखा। आस पास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आकाश ने बताया कि शोर सुनकर उसका ध्यान भी गया। तब उसने देखा कि धुंआ उसके कमरे से ही निकल रही है। वह दौड़ कर ऊपर भागा और देखा तो अंदर भयानक आग लगी हुई थी। देखते ही देखते आग बढ़ती ही जा रही थी। लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। जिसके बाद तत्काल फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही मौके से पहुंची टीम ने तुरंत लोगों को वहां से हटाया। और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्क्त के बाद आग पर काबू पाया गया। LED टीवी, वाशिंग मशीन और कूलर जलकर राख इस घटना में LED टीवी, वाशिंग मशीन और कूलर सहित करीब 2 लाख का सामान जलकर राख हो गया है। हालांकि किसी जनमानस के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। आकाश का कहना है कि आग कैसे लगी उसे पता नहीं चल पाया है। कमरे में उस वक्त कोई नहीं था। खाना भी कई दिनों से नहीं बना रहा है। सिलेंडर बाहर पड़ा हुआ था। वहीं फायर ब्रिगेड की टीम आग के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
बलरामपुर में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर ग्राम बस्ती चलो अभियान के तहत विशुनापुर वार्ड (बूथ संख्या 93) में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आरंभ राष्ट्रनायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि और भाजपा जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस की उपस्थिति में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क पर विशेष ध्यान दिया गया। अभियान के तहत कार्यकर्ताओं ने वार्ड में व्यापक जनसंपर्क किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुंचाया। इस दौरान वार्डवासियों की समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष बृजेंद्र तिवारी, नगर अध्यक्ष आनंद राज श्रीवास्तव, नगर उपाध्यक्ष अविनाश शुक्ला सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। स्थानीय निवासियों ने इस पहल को जनसंवाद का एक माध्यम बताया। ग्राम बस्ती चलो अभियान को नगर के समग्र विकास, स्वावलंबन और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और आम जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित कर विकास की दिशा तय करना है।
निगम के सेवानिवृत्त और सेवा के दौरान दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों के लंबित मामलों का तुरंत निराकरण किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष कैंप लगेगा। ये कैंप 15 अप्रैल को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नगर निगम मुख्यालय पर लगेगा। इसमें अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा-सह-बचत योजना और समूह बीमा योजना से संबंधित लंबित व प्रचलित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार ऐसे सभी मामलों को जल्दी और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना निगम की प्राथमिकता रहेगी, ताकि संबंधित परिवारों के समय पर राहत और अधिकार मिल सके। लंबित मामलों के समाधान के लिए विशेष कैंप का आयोजन बता दे कि सेवा के दौरान दिवंगत हुए कर्मचारियों के आश्रितों को नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य लाभों से संबंधित प्रकरणों का निराकरण लंबे समय से लंबित है। इन सभी मामलों के निराकरण के लिए यह विशेष पहल की है। कैंप का आयोजन निगम परिसर स्थित जन्म-मृत्यु विभाग के पास निर्मित टीन शेड में किया जाएगा, जहां संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहकर प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण करेंगे। इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर आयुक्त क्षितिज सिंघल ने आदेश जारी करते हुए निगम के सभी विभाग प्रमुखों को कहा है कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित लंबित एवं प्रचलित प्रकरणों की सूची तैयार कर कैंप में प्रस्तुत करें।
महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर शुक्रवार को शहर के सतपुलिया रोड स्थित प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर महात्मा फुले को याद किया। विधायक शंकर सिंह रावत ने अपने संबोधन में महात्मा फुले के विचारों को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि उनके सामाजिक सुधार आज भी प्रासंगिक हैं। रावत ने समाज में शिक्षा और समानता के लिए किए गए उनके कार्यों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। जिला कलेक्टर कमल राम मीणा ने महात्मा फुले के कृतित्व और व्यक्तित्व को स्मरण किया। उन्होंने बताया कि लगभग 200 वर्ष पूर्व महात्मा फुले ने समाज को नई दिशा दी थी। शिक्षा के अभाव के बीच उन्होंने शिक्षा की अलख जगाई और वंचित वर्गों, विशेषकर महिलाओं एवं पिछड़े वर्गों को शिक्षा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट, उपखंड अधिकारी दिव्यांश सिंह, एसीईओ गोपाल लाल, पूर्व सभापति नरेश कनोजिया, मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय गहलोत और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के विशाल सोलंकी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से महात्मा ज्योतिबा फुले के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज में समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने नगर निगम में वंदे मातरम् गाने से इनकार किया और बड़ी बेशर्मी के साथ कहा कि मैं नहीं गाऊंगी। यह कांग्रेस का चरित्र बता रहा है। कांग्रेस पार्षद भारत माता की जय बोलने से भी मना करते हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस पर स्पष्टीकरण दें। वे बताएं कि पार्टी इस तरह के लोगों को प्रोत्साहित क्यों करती है?। इंदौर नगर निगम में बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेस पार्षदों द्वारा वंदे मातरम् का अपमान अब तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने सदन में धर्म का हवाला देते हुए राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को गाने से मना कर दिया था, अन्य सदस्यों ने इसका विरोध किया लेकिन कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। अब इस मुद्दे पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि इस पर पूरी प्रदेश कांग्रेस को इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं निकल पा रही। उन्होंने कहा कि इंदौर नगर निगम की महिला पार्षदों ने बेशर्मी की हद पार कर दी। मुख्यमंत्री ने पूछा- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चुप क्यों है? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ये लोग देश को कहां ले जाएंगे?, देशभक्तों का अपमान करेंगे। हजारों देशभक्तों ने भारत माता की जय बोलते-बोलते प्राण त्याग दिए। मुझे इस बात का बड़ा दुख और मुझे इस मामले पर ग्लानि हो रही है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जो हर मामले पर बोलते हैं, वो अब इस पर क्यों नहीं बोल रहे। कांग्रेस की पार्षद की टिप्पणी पर उनका क्या कहना है?। अगर इस पर पटवारी और कांग्रेस नेता कोई कार्रवाई नहीं कर पाते, तो सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए। ‘कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं आ पा रही’ सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जब देखो तब कांग्रेसी भगवान राम की निंदा करते हैं, हिंदुओं का अपमान करते हैं। अब तो इन्होंने सीमा ही पार कर दी है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वंदे मातरम् के 6 छंदों को लेकर पूरे देश का दिल जीत चुके हैं। लेकिन, कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं आ पा रही। कांग्रेस ने आजादी के पहले से वंदे मातरम् पर बखेड़ा खड़ा किया। उनकी सरकार ने 5 छंदों को ही गायब कर दिया था।
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के ग्राम मोहरा में शुक्रवार रात करीब 25 ग्रामीण अचानक बीमार पड़ गए। उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद तत्काल इलाज के लिए तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। कुछ लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, दो दिन पहले उन्होंने गांव में एक मंदिर के पास आयोजित भंडारे में भोजन किया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उल्टी-दस्त की समस्या शुरू हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव मोहरा पहुंची। टीम ग्रामीणों से बातचीत कर मामले की जांच कर रही है ताकि बीमारी के सही कारण का पता लगाया जा सके। बीमार हुए लोगों में गुड्डी बाई लोधी, खिलान लोधी, संजय लोधी और विक्रम लोधी सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। अचानक से पेट दर्द हुआ विक्रम लोधी ने बताया कि तीन दिन पहले गांव के माता मंदिर के पास भंडारा हुआ था, जिसमें अधिकांश ग्रामीणों ने भाग लिया था। भंडारे से लौटने के बाद उन्हें अचानक पेट दर्द और उल्टी-दस्त शुरू हो गए। उन्होंने पहले इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन शुक्रवार रात जब परेशानी बढ़ी तो वे अस्पताल पहुंचे। जिन्होंने भंडारे में प्रसादी खाई वही बीमार मोहरा निवासी संजय लोधी ने आशंका जताई कि भंडारे के खाने में कुछ गड़बड़ थी, क्योंकि केवल वही लोग बीमार हुए, जिन्होंने वहां भोजन किया था। उन्होंने बताया कि भंडारे में गक्कड़ और भर्ता परोसा गया था। बीमारी का सटीक कारण अभी अज्ञात है, लेकिन लगभग दो दर्जन ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों को कोई बीमारी नहीं स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश अवस्थी ने बताया सभी को फूड प्वाइजनिग हुआ है। यह कोई बीमारी नहीं है। भंडारे का भोजन खाने के बाद यह स्थिति बनी है। सीबीएमओ के साथ स्वास्थ्य विभाग टीम मोहरा गई है। सभी खतरे से बाहर हैंसीबीएमओ डॉक्टर अशोक बरौनया ने बताया कि जितने लोगों ने भोजन किया था, वही लोग बीमार हुए हैं। जिसमें कुछ लोगों का इलाज स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। बाकी लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया है। सभी लोग स्वस्थ हैं। हम भी गांव भी गए थे, अन्य लोगों की जानकारी ली है।
सीतापुर के खैराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुरपलिया गांव में शनिवार दोपहर करीब 12 बजे को एक बड़ा हादसा हो गया, जब गेहूं के खेतों में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने का कारण हाईटेंशन बिजली लाइन का तार टूटकर खेतों में गिरना बताया जा रहा है। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और 25 किसानों की करीब 50 बीघा से अधिक गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। स्थानीय किसानों के अनुसार, खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन का तार अचानक टूटकर गिर गया, जिससे सूखी फसल में आग लग गई। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास के खेत भी इसकी चपेट में आ गए। आग फैलती देख किसानों में हड़कंप मच गया और वे तुरंत अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। किसानों ने आग को फैलने से रोकने के लिए ट्रैक्टरों की मदद से खेतों को जोतना शुरू कर दिया, ताकि आग की रफ्तार को रोका जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने के बाद भी फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम पहुंची और समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तब तक आग ने बड़े हिस्से की फसल को नुकसान पहुंचा दिया था। इस अग्निकांड में किसानों की लाखों रुपये की गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। घटना के बाद प्रभावित किसानों में गहरा आक्रोश और निराशा है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चूरू में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन नकेल' के तहत कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान ओम कॉलोनी निवासी मनोज कुमार (29) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से 7.9 ग्राम हेरोइन जब्त की है। कोतवाली थानाधिकारी सुखराम चोटिया ने बताया कि पुलिस टीम गढ़ चौराहा क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि प्रतिभा नगर स्थित कस्बा चौकी के पास एक युवक संदिग्ध रूप से घूमते हुए नशीला पदार्थ बेच रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भागने लगा। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसकी लोअर की जेब से एक पारदर्शी प्लास्टिक थैली में 7.9 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ को सील कर जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और उससे आगे की पूछताछ की जा रही है।
जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने गैस गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान कोटपूतली में एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति, अवैध संग्रहण और कालाबाजारी की निगरानी के लिए रावत गैस एजेंसी और पावटा की इंडेन ग्रामीण वितरक जाकर व्यवस्थाएं देखी। इस दौरान रसद विभाग के अधिकारी और गैस एजेंसी संचालक भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान, जिला कलक्टर ने एलपीजी सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से उपभोक्ताओं के बीच एलपीजी की उपलब्धता का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने और बुकिंग में सहायता के लिए कर्मचारियों को निर्देशित करने को कहा। गैस एजेंसी संचालकों को भी बुकिंग के विभिन्न प्लेटफॉर्म और नंबरों के बारे में ग्राहकों को धैर्यपूर्वक जानकारी देने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने आमजन से बुकिंग के संबंध में धैर्य रखने और किसी भी प्रकार की घबराहट से बचने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि गैस आपूर्ति में परेशानी या घरेलू गैस सिलेंडरों से संबंधित किसी भी अवैध गतिविधि के लिए उपभोक्ता तीन हेल्पलाइन नंबरों – 112, 14435, और 181 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के ग्राम गोंदीखेड़ा चारण में हुए देवकृष्ण पुरोहित हत्याकांड को लेकर पेटलावद के सर्व हिन्दू समाज ने शनिवार को मौन रैली निकाली। समाज ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार अनिल बघेल को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने इस हत्याकांड के दोषियों को मृत्युदंड की सजा देने और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। राजगोर ब्राह्मण समाज के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और समाजजनों की मौजूदगी में दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि 7 अप्रैल 2026 की रात को देवकृष्ण की हत्या उसकी पत्नी प्रियंका ने अपने प्रेम प्रसंग के चलते प्रेमियों के साथ मिलकर की थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस घटना की मुख्य साजिशकर्ता पत्नी ही थी। समाज ने चिंता व्यक्त की है कि वर्तमान में प्रेम प्रसंगों के कारण निर्दोष पुरुषों की हत्या और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे सनातन संस्कृति और भारतीय परंपरा के मूल्यों का पतन हो रहा है। राजगोर ब्राह्मण समाज ने प्रशासन से फरार आरोपी सुरेंद्र भाटी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। समाज ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं। ज्ञापन में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि विधवा माता लक्ष्मीबाई पुरोहित, जिन्होंने अपने इकलौते पुत्र को खोया है, उन्हें शासन की ओर से उचित संबल और मुआवजा दिया जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके। इस दौरान समाज के गणमान्य नागरिक और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
लखनऊ में पैथोलॉजी में काम करने वाले युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। उसका पत्नी से विवाद चल रहा था। 10 अप्रैल को कोर्ट की तारीख पर ससुराल पक्ष ने जान से मारने की धमकी दी थी। जिससे परेशान युवक ने आत्मघाती कदम उठाया। श्याम विहार कॉलोनी निवासी अजय कुमार शुक्ला (37) निजी पैथोलॉजी लैब में सैंपल कलेक्शन का काम करते थे। परिजनों के मुताबिक, उनका अपनी पत्नी प्रीति के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों की दो संतान हैं। शादी के बाद दोनों का चल रहा था विवाद शादी के कुछ साल बाद से अजय कुमार शुक्ला और प्रीति का विवाद चल रहा था। 10 अप्रैल को उनकी कोर्ट में तारीख थी। जहां पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। वहां मौजूद प्रीति के जीजा सर्वेश ने जान से मारने की धमकी दी थी। कोर्ट से लौटने के बाद अमरदीप काफी परेशान था। देर रात उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। रात को जब पिता उठे तो अमरदीप खून की उल्टियां कर रहा था। परिवार के लोग उसे लेकर आनन-फानन में ट्रामा सेंटर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मड़ियांव इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा का कहना है परिवार की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर देहात थाना क्षेत्र के बांसतारखेड़ा गांव के पास शुक्रवार शाम ट्रक, बोलेरो और बाइक की टक्कर में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। आज शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। दो सगे भाइयों की मौत, गैस-सिलेंडर लेने जा रहे थेइस हादसे में दो परिवार पूरी तरह टूट गए। मृतकों में बांसा तारखेड़ा गांव के सगे भाई सूरज अहिरवार और जितेंद्र अहिरवार शामिल हैं। दोनों अपने छोटे भाई नारायण के कार्यक्रम के लिए गैस सिलेंडर लेने दमोह जा रहे थे, तभी हादसे का शिकार हो गए। वहीं बोलेरो सवार मृतकों की पहचान महेश उर्फ राजू चौधरी (निवासी मगरोंन, बर्तलाई थाना) और धर्मेंद्र (निवासी बूढ़ा) के रूप में हुई है। राजू चौधरी अपने परिजन के साथ बोलेरो की सर्विसिंग कराने दमोह आए थे। परिजनों को फोन न उठने पर हुई आशंकाराजू चौधरी के साले राम बहादुर पटेल ने बताया कि शाम को जब उनका फोन नहीं उठा तो चिंता हुई। बाद में पुलिस के जरिए हादसे और मौत की सूचना मिली। दरअसल, राजू अपनी बेटी के लिए रिश्ते की तलाश में भी गए थे।सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम दांगी के अनुसार, बोलेरो सागर से दमोह की ओर आ रही थी। इसी दौरान वह अनियंत्रित होकर पहले बाइक सवार युवकों से टकराई, इसके बाद सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ गई। सुनसान इलाके में हुआ हादसा, आवाज सुन पहुंचे लोगघटना स्थल सुनसान होने के कारण किसी ने हादसा होते नहीं देखा। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हादसा इतना भीषण था कि बोलेरो में सवार दोनों लोग वाहन के अंदर फंस गए थे। जेसीबी की मदद से गाड़ी को काटकर शव बाहर निकाले गए।हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
झालावाड़ उपभोक्ता कोर्ट में सुपरस्टार ऋतिक रोशन और एक शीतल पेय कंपनी से जुड़े भ्रामक विज्ञापन मामले में नया मोड़ आ गया है। परिवादी वकील गुरुचरण सिंह ने कोर्ट में पेश किए गए वकालतनामों को फर्जी और अधिमान्य बताते हुए उन्हें अस्वीकार करने की मांग की है। यह मामला भ्रामक विज्ञापन से संबंधित है, जिसमें झालावाड़ उपभोक्ता कोर्ट ने 12 फरवरी को ऋतिक रोशन और माउंटेन ड्यू निर्माता कंपनी को नोटिस जारी किया था। इसके जवाब में, 12 मार्च को तीन स्थानीय अधिवक्ताओं ने कोर्ट में जवाब पेश किया था। परिवादी वकील गुरुचरण सिंह इन जवाबों से असंतुष्ट हैं। उन्होंने 10 अप्रैल को कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि पेश किए गए वकालतनामों में कई गंभीर कमियां हैं, जो उन्हें फर्जी और अधिमान्य बनाती हैं। सिंह ने बताया कि इन वकालतनामों पर आठ अधिवक्ताओं के नाम अंकित हैं, लेकिन हस्ताक्षर केवल चार के हैं। इसके अलावा, संबंधित वकीलों के एक वकालतनामे पर रजिस्ट्रेशन नंबर, स्थान और तारीख जैसी आवश्यक जानकारी भी नहीं लिखी गई है। उन्होंने इन कमियों को आधार बनाकर वकालतनामों को अस्वीकार करने और नए वैध वकालतनामों के साथ आयोग के सामने पेश होकर हस्ताक्षर करने की मांग की है। कोर्ट अब इन वकालतनामों की वैधता पर विचार करेगा। झालावाड़ उपभोक्ता कोर्ट से जारी हुए थे नोटिस भ्रामक विज्ञापन के एक मामले में सुपरस्टार ऋतिक रोशन और शीतल पेय (माउंटेन ड्यू) निर्माता कंपनी को 12 फरवरी को उपभोक्ता कोर्ट झालावाड़ ने नोटिस जारी किए थे। भ्रामक विज्ञापन के एक मामले में सुपरस्टार ऋतिक रोशन और शीतल पेय (माउंटेन ड्यू) निर्माता कंपनी को 12 फरवरी को उपभोक्ता कोर्ट ने नोटिस जारी करने पर झालावाड़ उपभोक्ता कोर्ट में स्थानीय तीन अधिवक्ताओं ने जवाब पेश किया। जबकि भ्रामक विज्ञापन को लेकर परिवाद देने वाले अधिवक्ता गुरुचरण सिंह ने जब तक निर्णय नही होता तब तक इस विज्ञापन पर रोक लगाए जाने के लिए भी 12 मार्च दोपहर बाद परिवाद पेश किया था। तीन अलग-अलग नोटिस जारी हुए थे उपभोक्ता कोर्ट ने तथ्यों की जांच कर सुपरस्टार ऋतिक रोशन सहित कोल्ड ड्रिंक विक्रेता कंपनी को 3 नोटिस जारी किए थे, इसके बाद जारी तीन अलग अलग नोटिस का जवाब पेश किया था, परिवादी वकील झालावाड़ निवासी एडवोकेट गुरु चरण सिंह ने अपनी ओर से भ्रामक विज्ञापन पर भी प्रतिबंध लगाने के लिए कार्रवाई कर दी है। इधर उपभोक्ता कोर्ट के सदस्य वीरेंद्र सिंह रावत ने सुपरस्टार ऋतिक रोशन सहित कोल्ड ड्रिंक विक्रेता कंपनी को नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि पूर्व में की थी। शिकायतकर्ता और अधिवक्ता गुरुचरण सिंह ने उपभोक्ता कोर्ट झालावाड़ में परिवाद पेश करते हुए आरोप लगाया था कि शीतल पेय कंपनी और इसके ब्रांड एंबेसडर ऋतिक रोशन टेलीविजन पर जो विज्ञापन दिखाते हैं, वह पूरी तरह से भ्रामक और सच्चाई से परे है, विज्ञापन में दावा किया जाता है कि इस कोल्ड ड्रिंक को पीने से शरीर में अत्यधिक स्फूर्ति और एनर्जी (ऊर्जा) आती है, इससे व्यक्ति असंभव लगने वाले साहसी काम भी आसानी से कर लेता है। एडवोकेट सिंह का कहना है कि उन्होंने विज्ञापन से प्रभावित होकर इस उत्पाद को खरीदा और इसका सेवन किया, लेकिन उन्हें विज्ञापन में किए गए दावों जैसा कोई अनुभव नहीं हुआ। आम उपभोक्ताओं को किया जा रहा है गुमराह एडवोकेट गुरुचरण सिंह ने उपभोक्ता अदालत में तर्क दिया कि कंपनी और फिल्म स्टार ने मिलकर उपभोक्ताओं को गुमराह किया है, उन्होंने बताया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत, कोई भी ऐसा विज्ञापन जो किसी उत्पाद की गुणवत्ता, प्रकृति या उससे मिलने वाले लाभ के बारे में गलत जानकारी देता है, वह 'भ्रामक विज्ञापन' की श्रेणी में आता है।
लखनऊ के सरोजनी नगर थाना क्षेत्र में कानपुर रोड पर चिल्लावां गांव जाने वाले मुख्य मार्ग पर अवैध कट बंद किए जाने के विरोध में प्रदर्शन और सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। सरोजनी नगर थाने के उप निरीक्षक अवनीश वर्मा ने इस संबंध में तीन नामजद सहित करीब दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उपनिरीक्षक अवनीश वर्मा के अनुसार, यह घटना 9 अप्रैल 2026 की है। यातायात पुलिस ने एक अभियान के तहत फर्रुखाबाद-चिल्लावां के पास स्थित अंग्रेजी मॉडल शॉप के सामने लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के डिवाइडर पर बने अवैध कट को क्रेन की मदद से बंद कर दिया था। स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों ने किया था प्रदर्शन इस कार्रवाई से नाराज स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों ने उसी दिन शाम करीब 6 बजे हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बुरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक अवनीश वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और यातायात पुलिस कर्मियों के सहयोग से लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस के समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और नारेबाजी करते हुए मार्ग अवरुद्ध रखा। पुलिस ने बताया कि एमसी तिवारी, राकेश (किराना स्टोर संचालक) और बृजेंद्र शर्मा उर्फ पप्पू सहित 20-25 अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर सड़क जाम किया और आवागमन प्रभावित किया। पुलिस ने यातायात ठीक करने के लिए बंद किया था मामले की गंभीरता को देखते हुए, उपनिरीक्षक अवनीश वर्मा ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया और अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। पुलिस के मुताबिक, उक्त अवैध कट के कारण आए दिन सड़क हादसे होते थे। यातायात व्यवस्था भी लगातार प्रभावित रहती थी। इसी वजह से इसे बंद करने का निर्णय लिया गया था। फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। ------------------------------ संबंधित खबर भी पढ़िए- कानपुर रोड पर ट्रैफिक पुलिस ने चिल्लावां कट बंद किया : नाराज व्यापारी धरने पर बैठे, बोले- धंधा खत्म हो जाएगा लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र में कानपुर रोड पर चिल्लावां गांव जाने वाले मुख्य मार्ग के सामने बने कट को गुरुवार शाम ट्रैफिक पुलिस ने बंद कर दिया। इस कार्रवाई के विरोध में स्थानीय व्यापारी धरने पर बैठ गए। कट को दोबारा खोलने की मांग की। (पूरी खबर पढ़िए)
रायपुर में कांग्रेस संगठन के भीतर वार्ड अध्यक्षों की सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सभी जिलाध्यक्षों को बूथ स्तर से लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी 15 अप्रैल तक गठित करने के निर्देश दिए हैं। इसी बीच रायपुर शहर कांग्रेस ने 66 वार्डों के अध्यक्षों की सूची जारी कर दी, लेकिन कुछ ही घंटों में पीसीसी ने इसे निरस्त कर दिया। पीसीसी ने स्पष्ट कहा कि वार्ड अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष की सूची जारी करने से पहले अनुमोदन नहीं लिया गया, इसलिए इसे अवैधानिक माना गया है। इस फैसले के बाद संगठन के भीतर खींचतान की स्थिति सामने आई है। दरअसल, दो दिन पहले समीक्षा बैठक में अब तक कार्यकारिणी और वार्ड अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं होने पर नाराजगी जताई गई थी। इसके बाद शुक्रवार को शहर कांग्रेस ने सूची जारी की, जिस पर तत्काल आपत्ति दर्ज करते हुए पीसीसी ने उसे खारिज कर दिया। ‘कोई टकराव नहीं, बातचीत से सुलझेगा मामला’ मामले में रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन के भीतर किसी प्रकार का टकराव नहीं है और सभी बातें आपसी संवाद से सुलझा ली जाएंगी। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष कोई गड़बड़ी या मतभेद वाली बात नहीं है, सभी को पिछली बैठक में कार्यकारिणी गठन करने को कहा गया था,जिसके तहत रायपुर शहर जिलाध्यक्ष ने सूची जारी की,लेकिन सूची को अनुमोदन होने के बाद जारी किया जाना था, किसी तरह का कोई मनमुटाव नहीं है।
बागपत में साइबर ठगों पर शिकंजा, 8 आरोपी गिरफ्तार:एक करोड़ की ठगी करने वाला गैंग को पकड़ा
बागपत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 8 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने इनके पास से हथियार, मोबाइल फोन, लैपटॉप और सिम कार्ड सहित कई वस्तुएं बरामद की हैं। 2,15,100 रुपये की ठगी की यह कार्रवाई वादी संदीप अग्रवाल पुत्र दुलीचंद अग्रवाल निवासी बली की शिकायत पर की गई। संदीप अग्रवाल ने बताया था कि जस्ट डायल के माध्यम से सामान का लालच देकर उनके साथ 2,15,100 रुपये की ठगी की गई थी। पुलिस ने इस मामले में आदित्य पुत्र नागेंद्र (थाना जलालाबाद, शाहजहांपुर, बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र), उत्कर्ष पुत्र उदयवीर (जिला फर्रुखाबाद, एमबीए द्वितीय वर्ष का छात्र), अंकुर पुत्र ईतेदर (फर्रुखाबाद, एमबीए प्रथम वर्ष का छात्र) और आकाश सिंह पुत्र पुष्पेंद्र (फर्रुखाबाद, हाई स्कूल पास) को गिरफ्तार किया है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में अश्वनी पुत्र प्रमोद (शाहजहांपुर, बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र), आयुष पुत्र संजय (बस्ती, बीसीए पास), अतुल पुत्र उदय (अयोध्या, एमबीए प्रथम वर्ष का छात्र) और सुमित पुत्र उमेश (सीतापुर, बीबीए पास) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, अश्वनी इस गैंग का सरगना है। ठगी की वारदातों को अंजाम गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। आरोपियों ने अलग-अलग मामलों में कुल मिलाकर लगभग 1 करोड़ रुपये की ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक पिस्टल, एक ऑरा गाड़ी, 11 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 24 सिम कार्ड, एक टैबलेट और 2 डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। बागपत के एडिशनल एसपी प्रवीण सिंह चौहान ने इस पूरी घटना का सफल अनावरण करते हुए विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने गिरफ्तारी करने वाली साइबर टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की है।
आजमगढ़ में पुलिस मुठभेड़ दो शातिर गिरफ्तार:लूट, छिनैती गैंग का अपराधी, हत्याकांड का वांछित गिरफ्तार
आजमगढ़ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में देवगांव कोतवाली क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में रामसुरत राम ग्राम बेरमा विसम्भरपुर थाना देवगांव जनपद आजमगढ़ द्वारा थाना स्थानीय पर तहरीर दी गयी कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उन्हें अपनी मोटरसाइकिल पर घर छोड़ने के बहाने बैठाया गया तथा रास्ते में हेलमेट लाने का बहाना बनाकर उनका झोला, जिसमें 15,000 नकद व बच्चों के आधार कार्ड रखे थे। लेकर फरार हो गया। तहरीर के आधार पर देवगांव में मुकदमा तर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई। इसके साथ ही दुर्देशी पुत्र हरिकरन निवासी ग्राम बगौना थाना मेहनाजपुर द्वारा प्रार्थना पत्र दिया गया कि वह लालगंज बाजार गये थे। जहां एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उन्हें स्प्लेण्डर मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम चकिया भगवानपुर नहर के पास ले जाकर 10,000 नकद छीन लिया तथा उन्हें मौके पर छोड़कर फरार हो गया। कंट्रोल फायरिंग में हुई गिरफ्तारी इस तहरीर के आधार पर थाना स्थानीय पर मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा आंगन ढाबा के पास एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रोकने का प्रयास किया गया जो पुलिस को देखकर भागने लगा। घेराबंदी के दौरान बेईली नहर पुलिया के पास उसकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गयी। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण हेतु ललकारे जाने पर अभियुक्त ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। जिसके जवाब में पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ नियंत्रित फायरिंग की गयी। जिसमें अभियुक्त के पैर में गोली लग गयी। अभियुक्त को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि वह लोगों को झांसा देकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाता था तथा सुनसान स्थान पर ले जाकर तमंचे के बल पर उनसे नकदी व सामान छीनकर फरार हो जाता था। आरोपी के कब्जे से बाइक, 3 आधार कार्ड, 15 हजार नकद की पैड मोबाइल बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राहुल यादव खानपुर गाजीपुर का रहने वाला था। आरोपी पर चार मुकदमे दर्ज हैं।
दलहन-तिलहन खरीद अवधि 15 दिन बढ़ी:हड़ताल से प्रभावित किसानों को अब 22 अप्रैल तक मिलेगा मौका
हनुमानगढ़ में रबी सीजन 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर दलहन और तिलहन की खरीद के लिए किसानों को बड़ी राहत मिली है। सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों की राज्यव्यापी हड़ताल के कारण प्रभावित किसानों के लिए खरीद अवधि 15 दिन बढ़ाकर अब 22 अप्रैल 2026 तक कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में स्वीकृत 25 खरीद केंद्रों पर सरसों और चना की खरीद शुरू हो चुकी थी। हालांकि, ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों की राज्यव्यापी हड़ताल के कारण कई स्थानों पर खरीद कार्य प्रभावित हुआ, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां अमीलाल सहारण ने बताया कि इस स्थिति को देखते हुए राज्य स्तर पर व्यवस्थापक यूनियन से लगातार बातचीत की जा रही है। इसी क्रम में 9 अप्रैल को राजफैड जयपुर के प्रबंध निदेशक द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से निर्देश जारी किए गए कि जिन किसानों की खरीद हड़ताल के कारण प्रभावित हुई है, उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाए। उन्होंने जानकारी दी कि अब ऐसे किसानों को 15 दिन की अतिरिक्त अवधि मिली है, जिससे वे 22 अप्रैल तक अपनी फसल एमएसपी पर बेच सकेंगे। इस निर्णय से उन किसानों को राहत मिलेगी जो हड़ताल के कारण समय पर अपनी उपज नहीं बेच पाए थे। राज्य सरकार ने किसान हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है, ताकि किसी भी किसान को आर्थिक नुकसान न हो। जिला स्तर पर भी व्यवस्थापक संघ के पदाधिकारियों से लगातार संवाद किया जा रहा है, ताकि खरीद व्यवस्था को जल्द से जल्द पूरी तरह सुचारू किया जा सके। इस बीच, जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद भी तेजी पकड़ रही है। हनुमानगढ़ जंक्शन के अलावा टाउन, टिब्बी और पीलीबंगा स्थित कृषि उपज मंडियों में एफसीआई, तिलम संघ और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा एक साथ खरीद प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, गोलूवाला में अधिक नमी के कारण, जबकि रावतसर और संगरिया में गेहूं की कम आवक और गीले अनाज के चलते एक-दो दिन में खरीद प्रारंभ की जाएगी।
देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन ने इस संबंध में सक्रियता दिखाते हुए मेला रूट लाइन का विस्तृत निरीक्षण किया। संथाल परगना के आयुक्त संजय कुमार के नेतृत्व में हुई इस समीक्षा में देवघर डीएसपी और एसडीओ सहित कई वरीय अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों की टीम ने खजुरिया मोड़, बी.एड कॉलेज, शिवराम झा चौक, नेहरू पार्क परिसर, बाबा बैद्यनाथ मंदिर के आसपास और शिवगंगा जैसे प्रमुख स्थानों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि श्रावणी मेला शुरू होने में अभी तीन से चार महीने का समय शेष है, लेकिन प्रशासन ने तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी हैं। उन्होंने जोर दिया कि देवघर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। देवघर डीसी ने जानकारी दी कि मेला को सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछली बार की तरह इस वर्ष भी शिकायत निवारण के लिए क्यूआर कोड प्रणाली लागू की जाएगी। इससे श्रद्धालु अपनी शिकायतें सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी बताया कि मंदिर परिसर में शीघ्र दर्शनम के लिए नए रूट तैयार किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य भीड़ का दबाव कम करना और श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन उपलब्ध कराना है। इन तैयारियों से स्पष्ट है कि प्रशासन श्रावणी मेला 2026 को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
IPMS पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य:मऊ के कीटनाशी विक्रेताओं के लिए 15 अप्रैल अंतिम तिथि
मऊ जिले में कीटनाशी विक्रेताओं के लिए IPMS (इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 अप्रैल निर्धारित की गई है। यह निर्देश भारत सरकार द्वारा स्टॉक प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार ने कीटनाशी उत्पादों के स्टॉक प्रबंधन और बिक्री में पारदर्शिता लाने के लिए IPMS पोर्टल विकसित किया है। जनपद के सभी कीटनाशी विक्रेताओं को इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। मऊ जिले में कुल 336 कीटनाशी दुकानें पंजीकृत हैं। इनमें से 75 दुकानों को निलंबित कर दिया गया है। इन निलंबित दुकानों को एक सप्ताह के भीतर IPMS पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है, अन्यथा उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी ने जनपद के सभी लाइसेंसधारी डीलर और रिटेलर को तत्काल आधिकारिक वेबसाइट www.ipms.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित विक्रेता 15 अप्रैल तक हर हाल में पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें। निर्धारित तिथि तक पंजीकरण न कराने की स्थिति में कीटनाशी अधिनियम 1968 और नियमावली 1971 के प्रावधानों के तहत संबंधित विक्रेताओं का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। प्रशासन ने सभी विक्रेताओं से अपील की है कि वे समय सीमा का पालन करते हुए शीघ्र पंजीकरण कराएं और किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचें।
अजमेर में बुजुर्ग के घुटनों का दर्द ठीक करने के नाम पर 4.39 रुपए ठग लिए गए। आरोपियों ने बुजुर्ग को दर्द से निजात दिलाने के लिए एक डॉक्टर का एड्रेस दिया, जो उनका ही साथी था। इसके बाद फर्जी इलाज कर रुपए लेकर भाग गए। अब फर्जी डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को भोपाल से पकड़ा गया है। सभी बुजुर्गों और शारीरिक दर्द से परेशान लोगों को अपना निशाना बनाकर रुपए ऐंठते थे। मामला कोतवाली थाना इलाके का है। बारां और कोटा के रहने वाले है आरोपी एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि मामले में दीन मोहम्मद (38), मोहम्मद कादिर (28) दोनों निवासी अंता, जिला बारां और मोहम्मद आसिफ (35) निवासी विज्ञान नगर, जिला कोटा को गिरफ्तार किया गया है। इसमें मोहम्मद कादिर डॉ. समीर जरीवाला नाम का फर्जी डॉक्टर बनता था। दर्द के इलाज के नाम पर फंसाया एसपी ने बताया कि हरीराम किशनचन्द मूलचन्दानी (62) ने ठगी का मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में बताया था कि उनके घुटनों में दर्द रहता है। 26 मार्च को एक व्यक्ति मिला था। उसने कहा कि उसकी मां को भी ये समस्या थी। डॉ. समीर जरीवाला के इलाज से वह बिल्कुल ठीक हो गई। उसके कहने पर डॉक्टर को अपने घर बुलाया। डॉक्टर ने घुटने से 'सिंघी' (एक कुप्पीनुमा उपकरण) के जरिए मवाद निकालने का नाटक किया। कुल 73 बार मवाद निकालने का दावा कर उससे 4 लाख 39 हजार रुपए वसूल लिए। इसके बाद फरार हो गए। 500 फुटेज से लोकेशन ट्रेस कर पकड़ा एएसपी हिमांशु जांगिड़ और डिप्टी शिवम जोशी के निर्देशन में कोतवाली थानाधिकारी अनिल देव की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने अभय कमांड सेंटर और निजी इमारतों में लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर गिरोह की ओर से इस्तेमाल की गई लाल रंग की स्विफ्ट कार को ट्रेस किया गया। इसके बाद भोपाल (मध्य प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपी एक अन्य वारदात की फिराक में थे। आरोपियों के पास से ठगी के 33,800 रुपये नकद, इलाज में प्रयुक्त उपकरण, दवाइयां, स्प्रे, 12 मोबाइल फोन (6 एंड्रॉइड व 6 की-पैड) और 9 सिम कार्ड जब्त किए हैं। अमीर बुजुर्गों को ठगते थे आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ियों पर रेडियम टेप लगाने के बहाने घूमते थे। इस दौरान वे ऐसे संपन्न बुजुर्गों की तलाश करते थे, जो चलने में लाचार दिखें। पहचान होने पर गिरोह का एक सदस्य 'मददगार' बनकर उनसे संपर्क करता और फिर फर्जी डॉक्टर के पास भेजकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। वारदात के बाद वे सिम कार्ड नष्ट कर शहर छोड़ देते थे।
एम्स भोपाल में इन दिनों चूहों की बढ़ती मौजूदगी ने मरीजों और स्टाफ दोनों की चिंता बढ़ा दी है। सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम के डक्ट में पनपे चूहे अब वार्ड, कॉरिडोर और यहां तक कि एनआईसीयू तक पहुंच गए हैं। बीते तीन दिनों में 25 से ज्यादा मृत चूहे अलग-अलग क्षेत्रों में मिले हैं। यह स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बीते साल एमवाय अस्पताल इंदौर में चूहों के कारण दो नवजातों की मौत हो चुकी है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। एम्स भोपाल में सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम लगा हुआ है, जिसके डक्ट में चूहों की भरमार पाई गई है। जानकारी के अनुसार, अब तक पेस्ट कंट्रोल केवल वार्ड और निचले हिस्सों तक सीमित था, जिससे एसी डक्ट में चूहों की संख्या लगातार बढ़ती रही। अप्रैल की शुरुआत में जब एसी मेंटेनेंस के दौरान रियरिंग टीम ने जांच की, तो डक्ट के अंदर बड़ी संख्या में चूहे पाए गए। इसी के बाद प्रबंधन ने वहां पेस्ट कंट्रोल कराने का फैसला लिया। पेस्ट कंट्रोल के बाद नई समस्या तीन दिन तक चले पेस्ट कंट्रोल अभियान के बाद अब चूहे डक्ट से बाहर निकलकर वार्ड और कॉरिडोर में आने लगे हैं। बीते तीन दिनों में सफाई कर्मचारियों को 25 से ज्यादा मृत चूहे विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में मिले हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है और अस्पताल का वातावरण प्रभावित हो रहा है। एम्स के एनआईसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) में इस समय करीब 20 नवजात भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से यहां भी चूहों की आवाजाही देखी जा रही है। शिशु रोग विभाग के एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चूहे एनआईसीयू में घूमते नजर आते हैं और कुछ समय बाद मर जाते हैं। इससे नवजातों को काटने का खतरा तो है ही, साथ ही संक्रमण का जोखिम भी बहुत अधिक है। यदि यहां कोई घटना होती है तो एमवाय अस्पताल की तहर जिम्मेदार डॉक्टरों और स्टाफ को माना जाएगा। जबकि इस स्थिति को लेकर प्रबंधन को कई बार अवगत कराया गया है। संक्रमण का सबसे बड़ा खतरा विशेषज्ञों के अनुसार, चूहों के शरीर, बाल, पैरों और मल-मूत्र में कई खतरनाक बैक्टीरिया होते हैं। ये बैक्टीरिया गंभीर संक्रमण फैला सकते हैं। एनआईसीयू में भर्ती बच्चे पहले से ही कमजोर होते हैं, ऐसे में मामूली संक्रमण भी उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। मामले में एम्स प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो पेस्ट कंट्रोल के दौरान का है। उनके अनुसार, पेस्ट कंट्रोल के समय चूहे दवा के असर से इधर-उधर भागते हैं और कुछ समय बाद मर जाते हैं। प्रबंधन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया प्रशिक्षित कर्मियों की निगरानी में की जा रही है। मृत चूहों को तुरंत हटाया जाता है और संबंधित क्षेत्र को वैज्ञानिक तरीके से साफ किया जाता है। इंदौर में दो मौतें हुई थीं 31 अगस्त-1 सितंबर 2025 की रात इंदौर के एमवाय अस्पताल के एनआईसीयू में दो नवजातों को चूहों ने काट लिया था, जिनकी बाद में मौत हो गई थी। हाई कोर्ट तक मामला पहुंचा। कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही माना और एक डॉक्टर सहित 8 लोगों को सस्पेंड किया गया था।
सिरसा जिले में एक सड़क हादसे में 53 वर्षीय कंबाइन मालिक सुखराज सिंह की मौत हो गई। सुखराज सिंह मानवाला तलवंडी साबो के निवासी थे और गेहूं कटाई का काम पूरा कर पंजाब लौट रहे थे, तभी ऐलनाबाद क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, सुखराज सिंह अपनी कंबाइन मशीन के साथ केहरवाला में गेहूं कटाई के लिए आए थे। काम पूरा होने के बाद वे पंजाब लौट रहे थे। हादसे के वक्त सुखराज सिंह अपनी बाइक पर आगे चल रहे थे, जबकि उनकी कंबाइन मशीन उनके पीछे आ रही थी। सड़क पर पड़ा मिला, अस्पताल पहुंचाया कंबाइन पर सवार ड्राइवर बब्बू सिंह ने बताया कि जब वे गांव अलीका के पास पहुंचे, तो उन्होंने सड़क पर एक व्यक्ति को गंभीर हालत में देखा। उन्होंने कंबाइन रोकी और पास जाकर देखा तो वह कोई और नहीं बल्कि उनके कंबाइन मालिक सुखराज सिंह ही थे। हादसे से कुछ ही मिनट पहले, मृतक सुखराज सिंह ने अपनी दूसरी कंबाइन के हेल्पर बूटा सिंह से फोन पर बात की थी। घटना की सूचना मिलते ही बूटा सिंह मौके पर पहुंच गए। तत्काल डायल 112 और सरकारी एम्बुलेंस को सूचित किया गया। सुखराज सिंह को डबवाली के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नवाबगंज में स्कूल चलो अभियान रैली:उन्नाव में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजन
उन्नाव के नवाबगंज विकासखंड में बेसिक शिक्षा विभाग ने 'स्कूल चलो अभियान' के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया। खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। क्षेत्रीय विधायक बृजेश रावत और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी, श्यामलाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य व प्रवक्ता, बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और पत्रकार भी मौजूद थे। रैली से पहले, ब्लॉक के कुंवर महेश सिंह सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जहाँ विद्यार्थियों ने शिक्षा के महत्व पर प्रस्तुतियाँ दीं। इसके बाद, खंड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर से जागरूकता रैली शुरू हुई। छात्र-छात्राएं हाथों में प्रेरक स्लोगन लिखी तख्तियां और बैनर लेकर निकले, और उन्होंने लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान, नवाबगंज विकासखंड के 'निपुण विद्यालय' घोषित किए गए स्कूलों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। विधायक बृजेश रावत, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य माधुरी और श्यामलाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनूप ने शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। विधायक बृजेश रावत ने अपने संबोधन में अभिभावकों से परिषदीय विद्यालयों में हो रहे सुधारों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा विद्यालयों के भौतिक और शैक्षणिक वातावरण में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है। रैली के दौरान, लोगों को सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं जैसे प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता, पौष्टिक मध्याह्न भोजन, आधुनिक कक्षाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर और खेल सामग्री के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मीडिया प्रभारी मदन पांडे ने किया।
ट्रेन के बाथरूम में मिला यात्री का शव:भाभी स्टेशन पर उतर गई, युवक ट्रेन में अचेत पड़ा रहा
कोटा में ट्रेन में एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। जीआरपी पुलिस ने देर रात रात 1 बजे परिजनों की सूचना पर ट्रेन का कोच चेक किया तो बाथरूम बंद मिला। दरवाजा खोलने पर जगमोहन अचेत अवस्था में था। तुरंत जीआरपी पुलिस एमबीएस अस्पताल लेकर गई। यहां डॉक्टर ने चेक कर मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान जगमोहन (37) पुत्र लालजी, निवासी खड़कपुर (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। जगमोहन के बड़े भाई ने बताया- वो अपनी भाभी को इलाज के लिए इंदौर लेकर गया था। दोनों कोटा-इंदौर ट्रेन से वापस लौट रहे थे। यात्रा के दौरान रात में जगमोहन ट्रेन के शौचालय में गया, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकला। इस बीच उसकी भाभी रुठियाई स्टेशन पर उतर गई, यह सोचकर कि वह भी उतर जाएगा। लेकिन जब वह नहीं उतरा तो परिजनों को चिंता हुई। इसकी सूचना दी गई। रेलवे स्टाफ की मदद से ट्रेन के बाथरूम का दरवाजा खोला गया परिजनों द्वारा कोटा में सूचना मिलने के बाद जीआरपी थाना पुलिस हरकत में आई। डीएसपी शकील खान के निर्देश पर देर रात रेलवे स्टाफ की मदद से ट्रेन के बाथरूम का दरवाजा खोला गया, जहां जगमोहन अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसे तुरंत कोटा के एमबीएस अस्पताल लाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के बड़े भाई ने बताया- जगमोहन खेती का काम करता था और अपनी भाभी को इलाज के लिए इंदौर ले गया था। वापसी के दौरान यह हादसा हो गया। जीआरपी डीएसपी शकील खान ने बताया-कि घटना के बाद शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। परिजनों की शिकायत पर जीआरपी थाना अधिकारी ने मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीएसपी शकील खान ने बताया- मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इंदौर की एरोड्रम पुलिस ने ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात होमगार्ड के सिपाही से अभद्रता करने और बैरिकेड्स में तोड़फोड़ करने के मामले में एक युवक और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपी ने सुपर कॉरिडोर इलाके में बंद मार्ग पर जबरन अपनी कार घुसा दी और विवाद किया। एरोड्रम पुलिस ने बताया कि अनिल अटारे की शिकायत पर अरुण गोस्वामी और अन्य साथियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है। अनिल होमगार्ड सैनिक हैं। उनकी ड्यूटी बुलेट भ्रमण में लगी थी। कंट्रोल रूम से पाइंट मिला था कि गरिमा स्कूल के पास से सुपर कॉरिडोर की तरफ रॉन्ग साइड से आने वाले वाहनों को आने-जाने नहीं देना है। इसके बाद एसीपी जगदीश पाटिल मौके पर पहुंचे और ड्यूटी पर अभिषेक भार्गव के साथ उन्हें ड्यूटी पॉइंट पर भेजा। कुछ देर बाद वहां एक स्विफ्ट डिजायर कार से युवक आए। उसमें से एक ने बैरिकेड्स पर लात मारकर उसे गिरा दिया। कार से आवाज देते हुए कहा कि “तुम्हें पता नहीं क्या, यहां से वह रोज निकलता है।” उसने खुद का नाम अरुण गोस्वामी बताया। इसके बाद उसने अनिल की वर्दी पकड़ ली। झूमाझटकी में उसके बटन तोड़ दिए और चश्मा भी गिरा दिया। सिपाही ने इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे अन्य पुलिसकर्मियों के सामने अरुण सभी को धमकाने लगा। उसने पुलिस को जूते की नोक पर रखने की बात कही। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों ने डीसीपी ट्रैफिक को मामले की जानकारी दी। रात में अनिल अपने साथी अभिषेक के साथ थाने पहुंचे और मामले में एफआईआर दर्ज कराई।
इंदौर में अब रोजाना 3 घंटे सुबह अलग-अलग क्षेत्र में बारी-बारी से बिजली बंद रहेगी। बारिश से पहले प्री-मानसून मेंटेनेंस बिजली कंपनी की ओर से किया जा रहा है, ताकि तेज हवा-आंधी की स्थिति में बिजली सप्लाई व्यवस्थित हो सके। इसके लिए बिजली कंपनी ने 500 से ज्यादा कर्मचारियों की तैनाती की है। बिजली की बड़ी लाइनों के जम्फर, स्विच, ग्रिड, आइसोलेटर, तार, ट्रांसफार्मर को दुरुस्त किया जा रहा है। प्री-मानसून मेंटेनेंस में 30 अप्रैल तक 90 फीसदी कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बिजली कंपनी के इंजीनियरों की बड़ी टीम तो मैदान में रहेगी ही, लाइनमैन और लाइन स्टाफ भी जमीनी कार्य कर रहा है। पोलोग्राउंड मुख्यालय के चीफ इंजीनियर जैसे बड़े अधिकारी भी इंदौर शहर में रोजाना मेंटेनेंस की गतिविधियों को जांचेंगे, जिसमें एसआर बमनके, राजेशकुमार जैन आदि की जवाबदारी सुनिश्चित की गई है। बिजली बंद होने की जानकारी व्हाट्सऐप ग्रुप से दी जा रही है। सुबह 6 से 9 के बीच मेंटेनेंस के लिए शटडाउन का समय निर्धारित किया गया है। कार्यपालन यंत्री राकेश जोहार, डीके तिवारी अपने क्षेत्र में इंजीनियरों को सख्त हिदायत देते हुए अपडेट भी ले रहे हैं। बिजली बंद होने की जानकारी उपभोक्ताओं को व्हाट्सऐप ग्रुप से दी जा रही है, लेकिन व्हाट्सऐप ग्रुप में उपभोक्ताओं की संख्या सीमित होने से ज्यादातर को मेंटेनेंस और बत्ती गुल की जानकारी नहीं होती, जिससे वह अपने जरूरी काम के लिए परेशान होते हैं। लोगों का कहना है कि बिजली कंपनी को मेंटेनेंस संबंधी जानकारी ज्यादा ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के दूसरे विकल्प पर विचार करना चाहिए। समाधान योजना में 9 लाख से ज्यादा को लाभ मप्र शासन ऊर्जा विभाग की समाधान योजना में तीन माह या अधिक समय के बिजली बिल बकायादार उपभोक्ताओं को नियमानुसार पात्रतानुसार सरचार्ज छूट प्रदान की जा रही है। पश्चिम क्षेत्र कंपनी ने अब तक 9 लाख 1 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को 39.22 करोड़ की छूट प्रदान की हैं। कंपनी के खाते में 291 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ हैं। 15 मई तक लागू समाधान योजना में सरचार्ज पर 90 प्रतिशत तक माफी लाभ लिया जा सकता है। इसके लिए बिजली कंपनी के जोन वितरण केंद्र या पोर्टल mpwz.co.in पर संपर्क किया जा सकता है।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने 94 ग्राम अफीम बरामद की:तस्करी में एक आरोपी गिरफ्तार, फोर्चुनर गाड़ी भी जब्त
डीडवाना-कुचामन जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की है। जसवंतगढ़ थाना पुलिस ने 94.19 ग्राम अवैध अफीम के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस दौरान तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक गाड़ी भी जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर (आईपीएस) के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा और वृताधिकारी लाडनूं जितेन्द्र सिंह के सुपरविजन में थाना प्रभारी जसवंतगढ़ राजेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। मुखबिर की सूचना पर टीम ने जसवंतगढ़ सरहद के पास नाकाबंदी की। इस दौरान एक संदिग्ध गाड़ी को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन में सवार आरोपी शक्ति सिंह (27), निवासी ग्राम रोडू, के कब्जे से अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी शक्ति सिंह को गिरफ्तार कर लिया तथा मादक पदार्थ के परिवहन में प्रयुक्त फोर्चुनर गाड़ी को जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक सिद्धार्थ प्रजापत, थानाधिकारी निम्बी जोधा द्वारा की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना जसवंतगढ़ के पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका रही, जिसमें कांस्टेबल जय सिंह का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
बाकरा गांव में लोक आस्था के केंद्र श्री पाला सकलाय दादा का दो दिवसीय वार्षिक मेला आगामी 12 अप्रेल से श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। इस धार्मिक व सामाजिक उत्सव को लेकर बाकरा है। आयोजन समिति ने मेले की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं और गांव को उत्सव के रंग में सराबोर करने के लिए ग्रामीण जोर-शोर से जुटे हुए हैं। 12 अप्रेल को विशाल भजन संध्या व रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति के संयोजक सुरेश खीचड़, राजेंद्र खीचड़ तथा पूर्व सरपंच सतीश खीचड़ ने बताया कि जागरण का शुभारंभ रात 8:30 बजे से होगा। भजन संध्या में राजस्थान के गायक कलाकार अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरेंगे। प्रोग्राम बाबूलाल चौधरी, सोनम गुर्जरी, ममता चौधरी, किशोर मीणा और कमलेश प्रजापत प्रस्तुति देंगे। आशा मीणा (जोधपुर), रेणु रंगीली, अंजली चौधरी और शारदा मीणा आकर्षक नृत्य पेश करेंगी। सोनू मारवाड़ी की अनूठी और विशेष प्रस्तुतियां इस बार जागरण का मुख्य केंद्र रहेंगी। दूसरे दिन दंगल: पहलवान दिखाएंगे अपना दमखम मेले के दूसरे दिन 13 अप्रेल को दोपहर 3:30 बजे से भव्य कुश्ती प्रतियोगिता (दंगल) का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मंच देने का एक बड़ा जरिया भी है। पुरस्कारों की घोषणा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले पहलवानों के लिए आयोजन समिति ने आकर्षक नकद पुरस्कार रखे हैं: 1. प्रथम पुरस्कार 11,000 रुपए (विजेता पहलवान को)। 2. द्वितीय पुरस्कार: 5,100 रुपए। 3. इसके अलावा अन्य प्रतिभागी पहलवानों को भी नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने के बाद नर्मदापुरम में गर्मी के तेवर फिर से तीखे हो गए हैं। शुक्रवार और शनिवार को नर्मदापुरम मध्य प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां दिन का अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री और शनिवार रात का न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है। मौसम विभाग ने 15 अप्रैल से एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई है, जिससे आने वाले दिनों में दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, हालांकि उत्तरी हवाओं के कारण रात का तापमान स्थिर रहेगा। 3 दिन से साफ है मौसम, दोपहर में बढ़ रहा गर्मी का प्रभाव लगातार साफ मौसम के कारण पिछले तीन दिनों से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। सुबह से चिलचिलाती धूप पड़ने के कारण दोपहर के समय गर्मी का प्रभाव भी बढ़ गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि हवाएं उत्तरी होने के कारण फिलहाल रात के तापमान में इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर बना रह सकता है, लेकिन दिन में गर्मी का प्रभाव बढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिक बोले- उत्तर-पश्चिम भारत में तेज हैं जेट स्ट्रीम हवाएं मौसम वैज्ञानिक वीरेंद्र यादव ने बताया कि, पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसका प्रभाव उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों पर देखा जा रहा है। पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं भी उत्तर-पश्चिम भारत में तेज गति से प्रवाहित हो रही हैं। 15 अप्रैल से एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित करेगा। प्रदेश के 5 सबसे गर्म शहर प्रदेश में सबसे अधिक तापमान वाले 5 जिले इस प्रकार रहे… नर्मदापुरम : 39.3 डिग्री सेल्सियस रतलाम : 38.6 डिग्री सेल्सियस खरगोन : 38.0 डिग्री सेल्सियस धार : 36.9 डिग्री सेल्सियस खजुराहो और नरसिंहपुर : 36.0 डिग्री सेल्सियस
इंदौर में ‘वंदे मातरम्’ के अपमान और सदन में कथित दुर्व्यवहार के मामले में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बीजेपी पार्षदों के बयान के बाद पुलिस कांग्रेस पार्षद रूबीना खान और फौजिया शेख पर एफआईआर करने की तैयारी कर रही है। शनिवार को इस मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने नगर निगम परिषद के अंदर वंदे मातरम गाने से इनकार किया और बड़ी बेशर्मी के साथ कहा कि मैं नहीं गाऊंगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बताएं ये स्पष्टीकरण दे कि आखिर उनका इस प्रकार के अपने सदस्यों को प्रोत्साहन देने की क्यों नीति है। यह कहां ले जाकर खड़ा करेंगे? सब देशभक्तों का क्यों अपमान करेंगे? यहां कांग्रेस के चुने हुए पार्षद कांग्रेस के बैनर तले जो चुन करके आते हैं, कांग्रेस की सदस्यता जिनके पास है वह भारत माता की जय से भी मना करते हैं, वंदे मातरम से भी मना करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस जीतू पटवारी बताएं कि अपने गृह जिले में कांग्रेस की पार्षद की टिप्पणी पर उनका क्या कहना है। इस्तीफा देना चाहिए जीतू पटवारी को भी और कांग्रेस के सभी नेताओं को अगर वह इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाते। भगवान राम के मंदिर और भगवान राम के प्रति भावनाओं को लेकर, हिंदुओं को अपमानित करते हैं। कांग्रेस अपने उस दोहरे चरित्र से बाहर नहीं आ पा रही। शुक्रवार को सभापति-पार्षदों ने दर्ज कराए बयान शुक्रवार को सभापति मुन्नालाल यादव, पार्षद सुरेश कुरवाड़े और कमल वाघेला ने एमजी रोड थाने पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। पुलिस ने परिषद हॉल का डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त कर लिया है और एफआईआर आवेदन पर जांच शुरू कर दी है। वहीं संभागायुक्त सुदाम खाड़े ने पार्षदों की सदस्यता समाप्त करने के आवेदन पर विशेषज्ञों से कानूनी राय मांगी है। यदि ‘राष्ट्रगीत का अपमान’ और ‘दुर्व्यवहार’ सिद्ध होता है, तो दोनों की सदस्यता रद्द हो सकती है। पार्टी से निष्कासन की संभावना भी बनी हुई है। विवादित बयान से बढ़ा तनाव मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट कर इनाम की घोषणा कर दी। इस बयान के बाद शहर का माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। हार्डिया ने पोस्ट की थी कि वंदे मातरम का अपमान करने वाली कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम का जो भी बहन मुंह काला करेगी। उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस बयान के सामने आने के बाद शहर में माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। बीजेपी का हमला, कांग्रेस पर सवाल पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश की आजादी का प्रतीक है और इसका सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने इसे राष्ट्र के प्रति सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार देशहित के खिलाफ है। उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह देश किसी एक धर्म का नहीं बल्कि सभी नागरिकों का है और यहां संविधान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ‘वंदे मातरम’ बोलने से इनकार करता है तो यह राष्ट्र के प्रति अनादर माना जाएगा। क्या है पूरा मामला? ये खबर भी पढ़ें… पार्षद बोलीं-किसी के बाप की नहीं सुनते,वंदे मातरम नहीं गाएंगे इंदौर नगर निगम की पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल ने वंदे मातरम् को कुरान के खिलाफ बताया है। इंदौर नगर निगम में बुधवार को बजट चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। सभापति के निर्देश पर फौजिया ने कहा कि उन्हें वह एक्ट दिखाया जाए, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य बताया गया है। इससे भाजपा पार्षद भड़क गए। पूरी खबर यहां पढ़ें...
कानपुर शहर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गर्मियों की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए सात जोड़ी विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। ये सभी ट्रेनें अप्रैल से जुलाई के बीच अलग-अलग तिथियों और दिनों में विभिन्न मार्गों पर चलाई जाएंगी। खास बात यह है कि इनमें से कई ट्रेनें कानपुर सेंट्रल और गोविंदपुरी स्टेशन होकर गुजरेंगी, जिससे शहर के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। उत्तर-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित ने बताया कि सुल्तानपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस और वाराणसी-लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच विशेष एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें निर्धारित दिनों पर सुल्तानपुर और वाराणसी से चलकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस (मुंबई) तक जाएंगी और वापसी में भी इसी मार्ग से संचालित होंगी। इसके अलावा आनंद विहार टर्मिनल-शेखपुरा विशेष एक्सप्रेस भी चलाई जाएगी, जो आनंद विहार से सप्ताह में निर्धारित दिनों पर रवाना होगी और शेखपुरा तक जाएगी। नई दिल्ली-गया विशेष एक्सप्रेस भी अलग-अलग दिनों में संचालित होगी, जिससे दिल्ली और बिहार के यात्रियों को राहत मिलेगी। रेलवे ने पोरबंदर-आसनसोल विशेष ट्रेन और मेरठ सिटी-संतरागाछी विशेष एक्सप्रेस के संचालन की भी घोषणा की है। ये ट्रेनें भी तय दिनों पर चलेंगी और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराएंगी। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी विशेष ट्रेनों का संचालन अप्रैल से जुलाई के मध्य तक किया जाएगा। इससे न केवल यात्रियों की भीड़ कम होगी, बल्कि उन्हें कन्फर्म टिकट मिलने में भी आसानी होगी। रेलवे का कहना है कि गर्मी के मौसम में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, ऐसे में अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से यात्रा सुगम और सुविधाजनक बनेगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन के समय और दिन की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
झाबुआ में मेघनगर के मदरानी सेक्टर में पोषण माह के तहत पोषण पखवाड़े का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कूड कोर्ट फेडरेशन के संभाग समन्वयक राजकुमार जोशी के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना और कुपोषण को कम करना है। महिलाओं और किशोरियों को दी अहम जानकारीकार्यक्रम में विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरी बालिकाओं को एनीमिया से बचाव और संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि शरीर के सही विकास के लिए आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व जरूरी हैं। डबल फोर्टिफाइड नमक पर विशेष जोरकार्यक्रम में डबल फोर्टिफाइड नमक (डीएफएस) के फायदे भी बताए गए। बताया गया कि आयरन और आयोडीन युक्त यह नमक खून की कमी दूर करने के साथ मानसिक विकास और थायरॉयड संतुलन में भी मदद करता है। स्थानीय खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाहविशेषज्ञों ने महिलाओं को हरी सब्जियां, दाल, दूध और फल जैसे स्थानीय और पौष्टिक आहार को रोजाना भोजन में शामिल करने की सलाह दी। साथ ही स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण के महत्व पर भी जानकारी दी गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की रही सक्रिय भागीदारीकार्यक्रम में सेक्टर सुपरवाइजर अर्चना सांकते और मयूरी पंवार सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता झुमली चारेल, सुकली चत्तर, सबु मेडा, रंजना जाट, सोकिल मकवाना, भावना डामोर, संगीता बारिया, सूर्या गुंडिया, संगीता डामोर और रवीना गरवाल मौजूद रहीं।आयोजन के माध्यम से लोगों को पोषण के प्रति जागरूक कर एक स्वस्थ और सशक्त समाज बनाने का संदेश दिया गया।
धौलपुर में 10 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार:3 साल से था फरार, भरतपुर से पकड़ा गया
धौलपुर की बसईडांग थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश बंटी गुर्जर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले तीन साल से डकैती की योजना और हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहा था। उसे भरतपुर से पकड़ा गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। इस अभियान में महानिरीक्षक कैलाश चंद्र विश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल कुमार और वृत्ताधिकारी महेंद्र कुमार का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। पुलिस के अनुसार, लगभग तीन वर्ष पहले रामलखन गुर्जर और उसके साथियों ने डकैती की योजना बनाई थी। इसी दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग भी की गई थी। इस मामले में बंटी गुर्जर सहित कई आरोपी शामिल थे। घटना के बाद से बंटी गुर्जर फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह पुलिस की टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में भी शामिल था। थानाधिकारी दुर्गसिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने लगातार निगरानी और अपने सूचना तंत्र का उपयोग करते हुए आरोपी बंटी गुर्जर को भरतपुर जिले से धर दबोचा। इस गिरफ्तारी में बसईडांग थाना टीम के जयदेव सिंह और भगवान सिंह की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में वांछित अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
करनाल जिले में समौरा-रंभा रोड पर स्कॉर्पियों पलटने से कार मालिक की मौत हो गई। वह ट्रांसपोर्टर का काम करता था और इंद्री से करनाल वापस लौट रहा था। घटना की सूचना के बाद पुलिस व परिजन मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शवगृह में भेज दिया। आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 25 साल का था ट्रांसपोर्टर मृतक की पहचान 25 वर्षीय ऋतिक शर्मा के रूप में हुई है, वह करनाल की राजीव कालोनी का रहने वाला था और ट्रांसपोर्ट का काम करता था। वह स्कॉर्पियों में सवार होकर इंद्री से अपने घर करनाल की तरफ आ रहे थे। समौरा-रंभा रोड पर अचानक ही कार का बैलेंस बिगड़ गया और स्कॉर्पियों कई पलटते खाती हुई साइड में जाकर पलट गई। लोगों ने कार से बाहर निकाला हादसा होता देख आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए और ऋतिक को कार से निकाला, लेकिन ऋतिक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में भेज दिया। परिजन बोले- साढ़े 10 बजे हुआ हादसा परिजनों ने बताया कि हादसा करीब साढ़े 10 बजे हुआ, लेकिन हमें रात को करीब साढ़े 12 बजे हादसे की जानकारी मिली थी। ऋतिक को अस्पताल लेकर आ चुके थे, लेकिन डॉक्टरों ने ऋतिक को मृत घोषित कर दिया था। गाड़ी पलट गई थी, लेकिन गाड़ी को किसी ने टक्कर मारी थी या डिस्बैलेंस हुई थी, इस बात की अभी पुष्टि नहीं हो रही है। मृतक के परिवार में माता और छोटा भाई है। पुलिस ने परिजनों को सौंपा शव पुलिस ने रात को ही शव करनाल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया था। आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सड़क हादसे में ऋतिक शर्मा की मौत हुई है, मामले की जांच की जा रही है।
चतरा जिले के इटखोरी थाना पुलिस ने मोबाइल और बाइक चोर गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की एक अपाचे मोटरसाइकिल और लूटे गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी शुक्रवार शाम करीब 4:15 बजे करनी रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास 'एंटी क्राइम चेकिंग' के दौरान हुई। पुलिस को देखकर एक नीले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक घबरा गए। संदेह होने पर पुलिस ने उन्हें रोका और पूछताछ की। पूछताछ में युवकों ने अपनी पहचान शहरजाम निवासी प्रशांत कुमार यादव उर्फ माइकल, सूरज कुमार और बहादुर कुमार राणा के रूप में बताई। तलाशी लेने पर सूरज के पास से एक रेडमी और बहादुर के पास से ओपो कंपनी का मोबाइल बरामद हुआ। राहगीरों से मोबाइल भी छीनते थे कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों ने स्वीकार किया कि बरामद बाइक और मोबाइल चोरी के हैं। उन्होंने बताया कि वे राहगीरों से मोबाइल छीनते थे और बाइक चोरी कर उन्हें बेचकर पैसे आपस में बांट लेते थे। गिरफ्तार अपराधियों में प्रशांत कुमार यादव उर्फ माइकल का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। चतरा एसपी के निर्देश पर जिले में अपराध नियंत्रण के लिए लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। वह साल 2021 में हजारीबाग सदर थाना अंतर्गत लूट और छिनतई के एक मामले (कांड संख्या 55/21) में जेल जा चुका है और वर्तमान में जमानत पर बाहर था। जमानत पर आने के बाद उसने फिर से अपना गिरोह सक्रिय कर लिया था।
रीवा में एटीएम में मदद के बहाने कार्ड बदलकर ठगी:खाते से 80 हजार पार, CCTV में दिखा आरोपी
रीवा के एटीएम बूथ में मदद के बहाने घुसे बदमाशों ने शिक्षक का कार्ड बदलकर उनके खाते से 80 हजार रुपए पार कर दिए। घटना विवि थाना क्षेत्र के नीम चौराहा स्थित एटीएम बूथ की है। वारदात के बाद आरोपियों की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई हैं, जिनके आधार पर पुलिस उनकी तलाश कर रही है। घटना 8 अप्रैल की है,जिसका सीसीटीवी फुटेज शनिवार को निकलकर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, बैकुंठपुर के कंदैला स्कूल में पदस्थ शिक्षक मिठाईलाल साकेत, निवासी रविदास नगर (थाना विवि), बुधवार को एटीएम से रुपए निकालने पहुंचे थे। उन्होंने मशीन में कार्ड डालकर पैसे निकालने की कोशिश की, लेकिन ट्रांजैक्शन फेल हो गया। इसी दौरान बाहर खड़े दो युवक मदद के बहाने अंदर आए। मदद के नाम पर बदल दिया कार्ड आरोपियों ने बड़ी चालाकी से पीड़ित का कार्ड बदल लिया और असली कार्ड अपने साथी को थमा दिया। बदले में दूसरा कार्ड शिक्षक को दे दिया। पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगी और वे कार्ड लेकर घर चले गए। दूसरे एटीएम से निकाले 80 हजार रुपए कुछ देर बाद आरोपियों ने दूसरे एटीएम बूथ में जाकर असली कार्ड से 80 हजार रुपए निकाल लिए। मोबाइल पर पैसे निकलने का मैसेज आने पर पीड़ित को ठगी का पता चला। उन्होंने कार्ड चेक किया तो वह किसी ‘कामता गिरी’ के नाम का निकला। CCTV फुटेज के आधार पर जांच घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एटीएम बूथ के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कैद हुए हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम बूथ में किसी अनजान व्यक्ति से मदद न लें और अपना कार्ड व पिन किसी को भी न बताएं।
7 लाख बकाया पर 7 ट्रांसफॉर्मर उतारे:धौलपुर में डिस्कॉम की बड़ी कार्रवाई, 40 अवैध कनेक्शन काटे गए
धौलपुर में जयपुर डिस्कॉम ने बड़े बकायेदारों और अवैध बिजली उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत 7 लाख रुपए के बकाया बिल पर 7 ट्रांसफॉर्मर उतारे गए और 40 अवैध बिजली कनेक्शन काटे गए। यह कार्रवाई धौलपुर शहर और राजाखेड़ा उपखंड के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में की गई। यह अभियान अधीक्षण अभियंता (एसई) विवेक शर्मा के निर्देशन में तथा सहायक अभियंता (एईएन) आनंद तिवारी और नवनीत कटारा के नेतृत्व में चलाया गया। टीम ने लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान न करने वाले बड़े बकायेदारों की सूची तैयार की थी। अधिकारियों के अनुसार, बकायेदारों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा था। इसके बाद यह सख्त कदम उठाना पड़ा। कार्रवाई के दौरान कई उपभोक्ताओं ने मौके पर ही ट्रांसफॉर्मर हटाए और अवैध कनेक्शन काटे। इस अभियान में एईएन आनंद तिवारी, एईएन नवनीत कटारा, जेईएन किरण कुमारी, मयंक मिश्रा, विशाल जायसवाल और रणवीर सिंह सहित लगभग 35 बिजलीकर्मी शामिल थे। एसई विवेक शर्मा ने उपभोक्ताओं से समय पर बिजली बिल जमा करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी असुविधा से बचा जा सके।
फरीदाबाद जिले की बल्लभगढ़ अनाज मंडी में 1 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद अब रफ्तार पकड़ने लगी है। अब तक मंडी में करीब 95 हजार क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है, जिसमें से लगभग 86 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। नमी के चलते उठान प्रक्रिया में देरी मार्केट कमेटी के सचिव इंद्रपाल सिंह ने बताया कि शुरुआत में गेहूं की उठान प्रक्रिया में कुछ देरी हुई थी। उन्होंने कहा कि गेहूं की चमक और गुणवत्ता के कारण उठान धीमा रहा, लेकिन अब इसमें तेजी लाई जा रही है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि मंडी में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। डीसी ने उठान व्यवस्था का लिया जायजा इसी बीच फरीदाबाद के डीसी आयुष सिन्हा ने बल्लभगढ़ अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एसडीएम मयंक भारद्वाज, डीएफसी कविता परिहार, खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंडी में खरीद और उठान व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि पूरी प्रक्रिया को और अधिक सुचारू और तेज बनाया जा सके।
महोबा में एक सड़क हादसे में झारखंड के एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के काली पहाड़ी के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक बुरी तरह लहूलुहान हो गए। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने झारखंड के कदवन गड़वा निवासी 19 वर्षीय एक युवक को मृत घोषित कर दिया। उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। मृतक के साथ बाइक पर सवार 20 वर्षीय पंकज चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया बताया जा रहा है कि मृतक युवक और पंकज दोनों झारखंड से महोबा आए थे और डहर्रा स्थित पहाड़ पर एलएनटी मशीन चलाने का काम करते थे। मृतक के साथी विकास ने पुलिस को बताया कि दोनों युवक मार्केट से सामान लेने कबरई की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। हादसे को अंजाम देने के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। पुलिस ने घटना की सूचना झारखंड में रह रहे उनके परिजनों को दे दी है और फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी है। मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
धौलपुर के बसेड़ी थाना क्षेत्र स्थित ममोधन गांव में शुक्रवार को खेत में गेहूं की फसल काटते समय 40 साल के किसान की कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, ममोधन निवासी दिलीप तोमर पुत्र राम सिंह तोमर अपने परिजनों के साथ गेहूं की फसल काट रहे थे। इसी दौरान वे अचानक बेहोश हो गए। उनके साथ मौजूद भतीजे रघुनंदन तोमर, भानु प्रताप और सोनू तोमर सहित अन्य लोगों ने उन्हें अचेत अवस्था में देखा। परिजनों ने तुरंत दिलीप तोमर को इलाज के लिए नजदीकी सैंपऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल इंचार्ज डॉक्टर मुकेश राम मीणा ने जांच के बाद दिलीप तोमर को मृत घोषित कर दिया। दिलीप की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। मृतक दिलीप तोमर के दो बेटियां और दो बेटे हैं। परिजनों ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी और उनके पास केवल दो बीघा जमीन थी, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। मामले की सूचना स्थानीय पुलिस और बसेड़ी पुलिस को दी गई है ताकि पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा सके। डॉक्टरों मुकेश राम मीणा ने प्रारंभिक तौर पर किसान की मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया है। हालांकि, स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
मतदाता पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के बाद जारी नई वोटर लिस्ट ने हरदोई जिले की सियासत में हलचल मचा दी है। इस अभियान के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट दर्ज हुई है, जिससे आने वाले चुनावों में जीत-हार का गणित गड़बड़ा सकता है। सबसे बड़ा असर हरदोई सदर विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला है, जो प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नितिन अग्रवाल का क्षेत्र है। यहां पिछली सूची के मुकाबले कुल 85,757 वोट कम हो गए हैं। पहले जहां 4,24,542 मतदाता थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 3,38,785 रह गई है। इनमें 47,327 पुरुष और 38,429 महिला मतदाता शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में वोटों का कम होना राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय बन गया है। सभी नेताओं के लिए चुनौती बढ़ी अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। राज्य मंत्री रजनी तिवारी के निर्वाचन क्षेत्र शाहाबाद में 39 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पिछले चुनाव में उनके और सपा प्रत्याशी आसिफ खान बब्बू के बीच जीत-हार का अंतर लगभग 6 हजार वोटों का था। इसी तरह सवायजपुर, बिलग्राम-मल्लावां, बालामऊ और गोपामऊ में भी हजारों की संख्या में मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। गोपामऊ में सबसे कम 36,850 मतदाता घटे हैं, लेकिन यह संख्या भी चुनावी समीकरण को प्रभावित करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। राजधानी लखनऊ से सटी संडीला विधानसभा, जो विधायक अलका सिंह अर्कवंशी का क्षेत्र है, वहां भी मतदाताओं की संख्या में बड़ा बदलाव हुआ है। बीते चुनाव में 3,53,165 मतदाता थे, जो अब घटकर 2,97,529 रह गए हैं, यानी 55,636 वोट कम हुए हैं। यहां बाहरी जिलों से आकर रहने वाले और नौकरीपेशा लोगों ने एसआईआर के दौरान अपने मूल या वर्तमान निवास स्थान को प्राथमिकता दी, जिससे स्थानीय सूची में नाम कम हो गए। विशेषज्ञों का मानना है कि अब बाहरी वोटरों की भूमिका सीमित होने से स्थानीय मतदाता ही चुनाव परिणाम तय करेंगे। इससे सभी नेताओं के लिए चुनौती और भी बढ़ गई है।
84 कोसी परिक्रमा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़:21 दिन की 240 किमी यात्रा, पांच जिलों से होकर गुजरेगी
84 कोसी परिक्रमा में इन दिनों आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। अयोध्या की इस प्राचीन धार्मिक पदयात्रा में हजारों श्रद्धालु प्रदेश सम्मेलन अन्य प्रदेशों से शामिल होकर अपनी श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं। शुक्रवार रात परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं का जत्था अमानीगंज क्षेत्र के पक्का तालाब पहुंचा, जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह श्रद्धालुओं ने स्नान व पूजा-अर्चना के बाद अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान किया। इस परिक्रमा में अयोध्या के साथ-साथ मथुरा, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, महाराष्ट्र और नेपाल से आए श्रद्धालु शामिल हैं। पक्का तालाब के आसपास श्रद्धालुओं ने अस्थायी विश्राम स्थल बनाए हैं। श्रद्धालुओं ने तालाब में स्नान कर धार्मिक आस्था का प्रदर्शन किया। स्थानीय मान्यता के अनुसार, यह तालाब अपनी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है क्योंकि इसका पानी कभी सूखता नहीं है। परिक्रमा के दौरान सामाजिक संगठनों द्वारा भी सेवा कार्य किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचार प्रमुख के नेतृत्व में करीब 600 से अधिक परिक्रमार्थियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण के साथ भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। पक्का तालाब के समीप स्थित बाबा चतुरेश्वर महादेव मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। यह स्थान गोसाई संप्रदाय के संत चतुरगिरी की तपोस्थली माना जाता है। मान्यता है कि संत चतुरगिरी ने अमौनी मठ से आकर इस तालाब का निर्माण कराया था, जिसके कारण इस क्षेत्र का नाम पहले अमौनी और बाद में अमानीगंज पड़ा। करीब 240 किलोमीटर लंबी यह परिक्रमा पांच जिलों से होकर गुजरती है और 21 दिनों में पूर्ण होती है। इसका समापन सीता कुंड में होगा। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस परिक्रमा में शामिल होने से व्यक्ति को 84 लाख योनियों के चक्र से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालु बाबा गिरधारी किशोर ने बताया कि यह उनकी पांचवीं परिक्रमा है और इस यात्रा से उन्हें आध्यात्मिक शांति व मोक्ष की अनुभूति होती है।
हांसी जिले के गांव जमावड़ी में एक 25 वर्षीय विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान प्रीति के रूप में हुई है, जो एक साल के बच्चे की मां थी। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। प्रीति के पिता ओमप्रकाश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपनी बेटी प्रीति की शादी 29 नवंबर 2023 को गांव जमावड़ी निवासी सोनू से की थी। शिकायत के अनुसार, शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग प्रीति को दहेज के लिए परेशान करते थे और उसके साथ मारपीट करते थे। पांच लाख की मांग के लिए विवाहिता से मारपीट शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मार्च में ससुराल पक्ष ने 5 लाख रुपए की मांग करते हुए प्रीति के साथ मारपीट की थी। इसके बाद 10 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे परिवार को सूचना मिली कि प्रीति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। परिजन जब मौके पर पहुंचे तो प्रीति का शव पंखे से लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। फोरेंसिक टीम को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद शव को हांसी के सामान्य अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया। पति समेत 6 के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर पति सोनू, जेठ अनूप, ननद रीना, ननद बर्फी, ससुर रामकुमार और जेठानी सोनम सहित छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर, ससुराल पक्ष का कहना है कि मृतका का पति सोनू रोहतक में एक निजी कंपनी में काम करता है और ससुर लकवाग्रस्त हैं। जेठ फरीदाबाद में अपने परिवार के साथ रहते हैं। ससुराल पक्ष के अनुसार, घटना के समय घर में अन्य सदस्य मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि प्रीति हांसी क्षेत्र के एक निजी स्कूल में अध्यापिका के रूप में कार्यरत थी। शनिवार सुबह से ही सामान्य अस्पताल में दोनों पक्षों के लोग एकत्रित हो गए और समझौते के प्रयास भी चलते रहे। सदर थाना प्रभारी पवित्र सिंह का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सहारनपुर के तीतरों कस्बे में ब्लड डोनेशन के नाम पर कथित फर्जी और संदिग्ध कैंप लगाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अरोरा फाउंडेशन के नाम पर बिना स्पष्ट अनुमति के ब्लड डोनेशन शिविर आयोजित किया जा रहा था, जहां डोनर्स को हेलमेट और प्रमाण पत्र का लालच देकर रक्तदान के लिए प्रेरित किया जा रहा था। स्थानीय लोगों और पत्रकारों को जब कैंप की गतिविधियों पर संदेह हुआ तो उन्होंने आयोजकों से सीएमओ कार्यालय की अनुमति और स्वास्थ्य विभाग की स्वीकृति मांगी। आरोप है कि आयोजक काफी देर तक कोई वैध परमिशन नहीं दिखा सके। कभी ऑनलाइन परमिशन मंगाने की बात कही गई तो कभी डॉक्टर से बात कराने का हवाला दिया गया, लेकिन कोई दस्तावेज सामने नहीं आया। मामला बढ़ता देख कैंप संचालकों ने अचानक पूरा सामान समेटा और मौके से फरार हो गए। आयोजकों के इस तरह भागने से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का आरोप है कि ब्लड डोनेशन कैंप की आड़ में अवैध रक्त कारोबार का खेल चलाया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ दिन पहले भी कस्बे में इसी तरह का एक संदिग्ध ब्लड डोनेशन कैंप लगाया गया था। बार-बार ऐसे कैंप लगने से लोगों में आशंका बढ़ रही है कि यह कोई संगठित अवैध नेटवर्क हो सकता है। मामले में जब गंगोह सीएचसी प्रभारी डॉ. रोहित वालिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस कैंप की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि ब्लड डोनेशन कैंप की अनुमति संबंधी जानकारी सीएमओ कार्यालय के पास होती है और यदि आयोजकों के पास वैध परमिशन है तो कैंप अधिकृत माना जाएगा। फिलहाल इस पूरे प्रकरण ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर बिना अनुमति यदि कैंप लगाया गया था तो इसकी जानकारी प्रशासन को क्यों नहीं हुई। नगर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच की मांग कर रहे हैं।
सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक टूरिस्ट बस और कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। यह हादसा सिधौली–मिश्रिख मार्ग पर रालामऊ गांव के पास करीब 11 बजे हुआ। हादसे में बस चालक को हल्की चोटें आईं, जबकि बस में सवार सभी 25 यात्री बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार, एक डिजायर कार (संख्या UP 78 FC 1911) मिश्रिख से सिधौली की ओर जा रही थी, जबकि टूरिस्ट बस (संख्या UP 32 ZN 6734) लखनऊ से नैमिषारण्य की दिशा में जा रही थी। रालामऊ गांव के समीप पहुंचते ही दोनों वाहनों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में बस चालक चंदन शर्मा, निवासी एलडीए कॉलोनी, को मामूली चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। बस में लखनऊ की सचिवालय कॉलोनी के लगभग 25 यात्री सवार थे, जो इस दुर्घटना में सुरक्षित रहे।टक्कर के बाद डिजायर कार का चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। संदना थानाध्यक्ष अरविंद कुमार कटिया ने बताया कि हादसे में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई की जा रही है और कार चालक की तलाश जारी है।
डीग में छात्रों को विधिक मुद्दों पर किया जागरूक:साइबर सुरक्षा, पॉक्सो और नशा मुक्ति पर विशेष अभियान
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग द्वारा एक विशेष विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज कार्यक्रम के तहत महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक स्कूल, डीग में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के अध्यक्ष हेमराज गौड ने की। इस कार्यक्रम में कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों और साइबर सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम तथा नशा मुक्ति जैसे महत्वपूस्कूलर्ण सामाजिक-विधिक मुद्दों के बारे में जागरूक किया गया। छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए स्कूल में कोर्ट वाली दीदी नामक एक बाल-अनुकूल शिकायत या सुझाव पेटी भी स्थापित की गई। इसी क्रम में, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सरोज मीणा ने राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पान्होरी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, डीग रेनू शकीत ने एम. जे. एफ. उच्च माध्यमिक स्कूल डीग में शिविर लगाया। इसके अतिरिक्त, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, डीग अजय कुमार शर्मा ने राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल सेऊ में और न्यायिक मजिस्ट्रेट, डीग भाविका कुल्हारी ने श्रीराम आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल, डीग में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। इस अवसर पर लीगल डिफेंस काउंसिल के मुख्य प्रतिरक्षा अधिकारी विनोद कुमार शर्मा, उप-मुख्य प्रतिरक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार शर्मा, सहायक प्रतिरक्षा अधिकारी सौना गौतम, आशुतोष शर्मा, रोहन सिंह फौजदार, पीएलवी प्रियंका शर्मा और महात्मा गांधी राजकीय स्कूल की प्रिंसिपल नीता गुप्ता सहित कई न्यायिक कर्मचारीगण, अध्यापकगण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ के कोतवाली देहात क्षेत्र में रंगदारी और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पृथ्वीगंज नगर पंचायत प्रतिनिधि संजय सरोज समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पीड़ित व्यापारी अमन गुप्ता की शिकायत पर की गई है। पीड़ित अमन गुप्ता ने अपनी तहरीर में बताया कि 9 अप्रैल 2026 की रात करीब 9 बजे करीब वह फल लेने पृथ्वीगंज बाजार गए थे। इसी दौरान सुरेंद्र सरोज उर्फ नागा, नौरंगी सरोज और संजय सरोज ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए अमन गुप्ता के साथ मारपीट शुरू कर दी। अमन गुप्ता के अनुसार, जब उन्होंने मारपीट का विरोध किया तो आरोपियों ने उनसे रंगदारी की मांग की। उन्होंने धमकी दी कि यदि पैसा नहीं दिया तो उन्हें और उनके परिवार को एससी/एसटी एक्ट में फंसाकर बर्बाद कर देंगे। आरोपियों ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए पुलिस से सांठगांठ की भी धमकी दी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में मारपीट की घटना कैद होने की बात कही जा रही है। पीड़ित ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है। कोतवाली देहात पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना क्षेत्र में पति से झगड़े के बाद एक महिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, कमालगंज थाना क्षेत्र के शेखपुर रूस्तमपुर गांव निवासी राजमिस्त्री रतन सिंह शराब का सेवन करता है। शुक्रवार शाम को रतन शराब के नशे में घर पहुंचा। उसकी पत्नी प्रीति, जो छत्तीसगढ़ की रहने वाली थी, शराब पीने का विरोध करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी रेफर किया गया विवाद के बाद प्रीति ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी गंभीर हालत देखकर उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहाँ से उसे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका प्रीति के तीन पुत्रियां अनन्या, नैंसी और प्रांशी तथा दो पुत्र कृष्ण और काशी हैं। अस्पताल प्रशासन ने शव को मोर्चरी में रखवाकर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डीग में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन एंटीवायरस' के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) शरण गोपीनाथ कांबले के निर्देश पर पुलिस टीमों ने 24 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 5 विधि से संघर्षरत बाल अपचारियों को भी डिटेन किया गया। पुलिस के अनुसार, ये अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर 'व्यूज' और 'फेक फॉलोअर्स' बढ़वाने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे। इसके अतिरिक्त, गिरोह सेक्स्टॉर्शन, फर्जी विज्ञापन और बैंक अधिकारी बनकर भी लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाता था। खोह और जुरहरा पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में अपराधियों के पास से भारी मात्रा में उपकरण बरामद हुए हैं। इनमें 31 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 21 फर्जी सिम कार्ड और 1 लाख 11 हजार 400 रुपए की नकद राशि शामिल है। एसपी शरण गोपीनाथ कांबले ने बताया कि जिले को साइबर अपराध मुक्त बनाने के लिए 'ऑपरेशन एंटीवायरस' अभियान जारी रहेगा। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी, बैंक विवरण या ओटीपी साझा न करें और लुभावने सोशल मीडिया ऑफर्स के झांसे में न आएं।
पश्चिमी सिंहभूम जिले में बीती रात एक 50 वर्षीय महिला की हत्या कर दी गई। अपराधी ने महिला के सिर पर हथौड़े से वार किया। इसके बाद लाठी-डंडों और पत्थरों से भी हमला किया गया। सिर और पसलियों पर गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना जेटेया थाना क्षेत्र के बड़ा पासेया गांव के चिरु पासेया टोला की है। मृतका की पहचान टुरिया गगराई के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। घर से थोड़ी दूरी पर ही ले ली जान यह घटना बीती रात उस समय हुई, जब गांव में बाहा पर्व मनाया जा रहा था। अधिकांश ग्रामीण त्योहार में व्यस्त थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावर ने टुरिया गगराई पर तब हमला किया जब वह अपने घर से थोड़ी दूर पर थी। हमलावर रात के अंधेरे में एक आम के पेड़ के पीछे छिपा हुआ था। मौका मिलते ही उसने महिला पर हमला कर दिया। हत्या के बाद आरोपी ने शव को लगभग 200 से 300 मीटर तक घसीटने का प्रयास किया। आरोपी अपने कपड़े घटनास्थल पर छोड़ गया संभवतः किसी हलचल के कारण वह शव को वहीं छोड़कर फरार हो गया। भागते समय आरोपी अपने कपड़े (शर्ट, पैंट और चप्पल) घटनास्थल पर छोड़ गया, जिन्हें पुलिस ने महत्वपूर्ण सुराग के तौर पर जब्त किया है। घटना के वक्त मृतका के साथ उसके छोटे भाई की सात वर्षीय बेटी भी थी। बच्ची किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन जब मौके पर पहुंचे, तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू सूचना मिलते ही जेटेया थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। मौके से साक्ष्य जुटाए गए हैं और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही आरोपी को पकड़ने का आश्वासन दिया है।
छतरपुर के चंदला थाना में शुक्रवार को पति-पत्नी के विवाद के दौरान समझौते की बातचीत चल रही थी, तभी रामविशाल अहिरवार नाम के युवक ने कथित तौर पर जहर खा लिया, जिसकी मौत हो गई। इस मामले में अब एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे घटनाक्रम पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मरते समय पत्नी की गोद में सिर रखकर बताया कारण सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक को अस्पताल ले जाया जा रहा है और वह अपनी पत्नी की गोद में सिर रखे हुए है। साथियों द्वारा पूछे जाने पर उसने खुद बताया कि पत्नी के “मर जाओ” कहने के बाद उसने यह कदम उठाया। इस दौरान उसकी हालत बेहद खराब नजर आ रही है। मां बोली- पानी दे देते, उल्टी करवा देते तो बच जाता मां मुलिया अहिरवार ने पुलिस से कहा कि बेटा पूरे रास्ते पानी मांगता रहा, लेकिन आपने पानी नहीं दिया। अगर पानी दे देते और उल्टी करवा देते तो वह बच जाता। बेटा पानी-पानी करते मर गया। SDOP नवीन दुबे ने मां को समझाया कि जहर केस में पानी नहीं दिया जाता, इसलिए नहीं दिया। संदिग्ध मौत से पुलिस महकमे में मचा हड़कंप घटना के बाद युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामला गंभीर होने पर पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी अगम जैन ने चंदला थाना प्रभारी टीआई संदीप दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई को लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है, साथ ही निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की कोशिश भी मानी जा रही है। मां मुलिया अहिरवार ने बताया कि बेटे की यह दूसरी शादी थी। वह नशा करके कभी-कभार विवाद करता था। बहू इस कारण ससुराल से मायके चली जाती थी। इसी बात पर दोनों के बीच बहस होती थी। हम दोनों को समझाते थे। थानेदार की सफाई- पहले से दर्ज था मामला निलंबन के बाद टीआई संदीप दीक्षित ने बताया कि 31 मार्च को रामविशाल अहिरवार ने पत्नी के घर छोड़कर जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह मामला पहले से ही न्यायालय में लंबित था, जिसके चलते दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। टीआई के अनुसार, थाने में पति-पत्नी के बीच समझौते का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान पत्नी ने जानकारी दी कि रामविशाल ने जहर खा लिया है। इसके बाद तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया। पति शराब पीकर मारपीट करते थे पत्नी लीला ने बताया- पति शराब पीकर मारपीट करते थे। जमीन समेत सब कुछ बेच दिया था, इसलिए विवाद होता था। इस कारण दो महीने पहले मायके चली गई थी। इसके बाद से मेरी पति से बात नहीं हो रही थी। पुलिस ने हमें बुलाया था। करीब एक घंटे हम थाने में रहे। उन्होंने जहर कब खाया, हमें नहीं पता।
सिरसा शहर के युवक को आर्मी में काम दिलवाने की कहकर लेह भेज दिया गया। वहां जाने पर युवक को न कहीं काम दिलवाया, तो न ही उसका फोन उठाया, तब युवक को धोखाधड़ी होने का पता चला। युवक बेरोजगार है और उसके पिता ने जानकार के समक्ष नौकरी दिलवाने की बात कही थी। इस पर जानकार ने उसे पंजाब के मानसा के व्यक्ति से मिलवाया और उसने आर्मी में काम दिलवाने की एवज में पैसों की डिमांड रखी। जानकारी के अनुसार, शिकायत में आरोप है कि सुखपाल सिंह के बेटे को नौकरी लगवाने के नाम पर खुशप्रीत सिंह ने धोखाधड़ी की है और खुशप्रीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई कर पैसे वापस दिलाए जाए। जांच में पाया कि सुखपाल से नौकरी लगवाने के नाम पर 60 हजार की धोखाधड़ी हुई है। जांच में सुखपाल सिंह व खुशीप्रीत सिंह को बुलाया गया, पर खुशप्रीत सिंह बार-बार सूचना के बावजूद शामिल नहीं हुआ। मामले में बड़ागुढा थाना पुलिस ने शिकायतकर्ता सुखपाल सिंह के बयान पर आरोपी खुशप्रीत सिंह के खिलाफ धारा 316(2),318(4) BNS के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। नवंबर में रुपए देने का था इकरार पुलिस को दी शिकायत में गांव बड़ागुढा के सुखपाल सिंह ने बताया कि उसने अपने बेटे परमजोत सिंह को लेह में आर्मी में जॉब के लिए 17 मई 2025 को पंजाब के मानसा से गांव जटाना खुर्द के खुशप्रीत सिंह को दिए थे। इस मामले में उसने खुशी सिंह को पंचायत में भी बुलाया, पर उसने रुपए देने के लिए नवंबर माह का इकरार किया। इसकी लिखित भी बड़ागुढा थाना के कर्मचारी के पास है। मगर लंबा समय बीत जाने के बाद भी उसने न कोई रुपए दिए और न ही मामले की सुनवाई की जा रही। मामले में एसपी द्वारा बड़ागुढा थाना को सूचित किया। शिकायतकर्ता सुखपाल सिंह गांव लकड़ावाली में गुरुद्वारा साहिब में ग्रन्थी का काम करता है। सुखपाल ने बेटे परमजीत सिंह के बेरोजगार होने के कारण अपने जानकार भंगू के जगदीप सिंह को कहीं नौकरी लगवाने की बात कही। फोन पे से भेजे थे पैसे शिकायत में बताया, जगदीप सिंह ने सुखपाल की मुलाकात खुशप्रीत से करवाई। खुशप्रीत सिंह ने सुखपाल सिंह को आर्मी में काम दिलवाने के बारे में कहा और इसकी एवजह में 60 हजार रुपए की मांग की। जिस पर सुखपाल ने उसको अपने जानकार जगदीप सिंह के फोन पे के माध्यम से 30 हजार 200 रुपए भेज दिए और बेटे परमजोत को खुशप्रीत के कहे अनुसार लेह भेज दिया। जहां पर परमजीत को कही पर भी काम नही दिलवाया और ना ही उनका फोन उठाया। इस कारण परमजीत सिंह वापिस अपने घर आ गया। उसके बाद सुखपाल ने खूशप्रीत सिंह के खिलाफ बड़ागुढा थाना में शिकायत दी। नवंबर माह तक पैसे वापिस करने इकरार कर दिया, लेकिन आज तक पैसे वापिस ना दिए और ना ही जांच के दौरान शामिल हुआ है। सुखपाल ने पैसे बारे में स्क्रीनशॉट पेश किए।
उत्तराखंड में पकड़े गए तीन राज्यों तक फैले अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच में सामने आया है कि आतंकी रेहान मीर एक साल में तीन बार ऊधम सिंह नगर आकर सात पिस्टल ले गया, लेकिन इसकी भनक न पुलिस को लगी और न ही खुफिया एजेंसियों को। जांच में पता चला कि यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश के बदायूं से अवैध हथियार लाकर सितारगंज के जरिए जम्मू-कश्मीर तक सप्लाई करता था। यानी हथियार यूपी से उत्तराखंड और यहां से आगे जम्मू-कश्मीर पहुंचाए जा रहे थे, जिससे पूरे मामले में आतंकी कनेक्शन और मजबूत हो गया है। पूछताछ में सामने आया कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ा रेहान मीर, जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बद्र का ओवरग्राउंड वर्कर बताया जा रहा है, इसी नेटवर्क के जरिए हथियार लेने सितारगंज आता था। जांच में यह भी सामने आया है कि हथियारों की सप्लाई के बदले करीब पांच लाख रुपए का लेनदेन बैंक खातों के जरिए किया गया। पुलिस अब इन खातों की डिटेल खंगाल रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की फाइनेंशियल ट्रेल और इससे जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। चेकिंग के दौरान पकड़े गए आरोपीमामले का खुलासा तब हुआ जब 8 अप्रैल को सितारगंज पुलिस और एसओजी रुद्रपुर की टीम सिडकुल फेस-2 में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की कार में सवार दो आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन उनकी कार कच्चे रास्ते में फंस गई। पुलिस ने मौके से हरेन्द्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू को गिरफ्तार किया। उनके पास से दो राइफल, एक रिवॉल्वर, दो तमंचे, 222 जिंदा कारतूस और 129 खोखा कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन किच्छा और पुलभट्टा क्षेत्र से इंद्रजीत संधू और पवन संधू कर रहे थे। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे मॉड्यूल को खंगाल रही है। दिल्ली स्पेशल सेल में भी दर्ज है मुकदमापुलिस के अनुसार, आरोपी रेहान मीर और हनी के खिलाफ दिल्ली स्पेशल सेल में भी मामला दर्ज है, जिसमें दोनों वांछित बताए जा रहे हैं। इससे इस नेटवर्क की गंभीरता और बढ़ गई है।एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने हथियार सप्लाई किए गए और वे किन-किन लोगों तक पहुंचे। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले इस तरह के आतंकी कनेक्शन का खुलासा होने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। पूरे राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है और खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। PM मोदी के दौरे से पहले आतंकी गिरफ्तार वहीं, देहरादून में PM मोदी के दौरे से 4 दिन पहले स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आतंकी को गिरफ्तार किया है। आतंकी विक्रांत कश्यप पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में रहकर देश विरोधी गतिविधियों की साजिश रच रहा था। जांच में सामने आया है कि विक्रांत कश्यप सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी के संपर्क में आया था और उसके निर्देशों पर काम कर रहा था। उसे देहरादून के सैन्य और सरकारी ठिकानों की लोकेशन, फोटो और वीडियो जुटाकर भेजने, शहर के प्रमुख स्थानों पर तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान “TTH” लिखकर दहशत फैलाने और बड़े हमलों की तैयारी से जुड़े टास्क दिए गए थे। -------------- ये खबर भी पढ़ें : मूसेवाला मर्डर के बाद आतंक की दुनिया से जुड़ा विक्रांत: पाकिस्तानी डॉन ने पूछी दिल्ली-देहरादून की दूरी; दुबई सेटल होने का मिला ऑफर देहरादून में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप से पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स उससे दिल्ली की दूरी पूछ रहे थे। उससे पूछा जा रहा था कि यहां से दिल्ली कितनी दूर है और वहां तक पहुंचने में कितना समय लगेगा। (पढ़ें पूरी खबर)
वाराणसी में शनिवार सुबह एक युवक ने अपनी भाभी की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने महिला पर ताबड़तोड़ कई वार किए, इस दौरान वह जान की भीख मांगती रही। महिला के सिर, गर्दन, पैर पर वार किया। जिससे उसका एक पैर भी कटकर अलग हो गया। खून से लथपथ हालत में काफी देर तक तड़पने के बाद महिला मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, किसी बात को लेकर युवक का अपने भाभी से विवाद हो गया था। इसी दौरान गुस्से में आरोपी ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। सूचना मिलते ही रेलकर्मी पति घर पहुंचा और पत्नी की लाश से लिपटकर रोने लगा। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना मिर्जामुराद थाना क्षेत्र की है। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… मामूली विवाद में महिला पर किया हमलामहिला की पहचान पूनम पटेल (28) के रूप में हुई है। उनके पति सुजीत कुमार (32) वाराणसी के रेलवे कार्यालय में ग्रुप-डी में तैनात हैं। सुजीत कुमार अपने परिवार के साथ लच्छापुर गांव में रहते हैं।यहां पत्नी पूनम पटेल, भाई अजीत पटेल और माता-पिता भी साथ रहते थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर अजीत पटेल का अपनी भाभी से विवाद हो गया, जिसके बाद वह उन्हें गालियां देने लगा। विवाद बढ़ने पर गुस्से में आकर अजीत ने कुल्हाड़ी से पूनम पटेल पर हमला कर दिया। कुल्हाड़ी से पैर काटकर अलग कियाआरोपी ने महिला के पैर पर इतनी जोर से वार किया कि पैर कटकर अलग हो गया। गंभीर रूप से घायल पूनम रोते हुए अपनी जान की भीख मांगती रही, लेकिन आरोपी ने सिर और गर्दन पर भी कई वार किए, जिससे वह मौके पर ही बेसुध होकर गिर पड़ी और काफी देर तक खून बहने से उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी वहीं बैठा रहा। इसके बाद उसने अपने पिता पर भी ईंट से हमला कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कर आरोपी को काबू में किया और पुलिस को सूचना दी। वहीं, सूचना मिलते ही महिला का पति रेलकर्मी घर पहुंचा। जैसे ही उसने अपनी पत्नी को मृत देखा तो शव से लिपटकर रोने लगा।
आजमगढ़ के थाना कोतवाली पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर गैंगस्टर भू माफिया अभियुक्त कृष्ण चंद्र राय गिरोह के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी नक्शा और फर्जी डॉक्यूमेंट के सहारे दो करोड़ 87 लाख की ठगी करने वाले आरोपियों के घर पर मुनादी कराई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम उपस्थित रही। इस संगठित गिरोह के मुख्य आयुक्त को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है जबकि कई आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। जिनकी तलाश में लगातार पुलिस की टीम छापेमारी कर रही थी। इसी मामले में कोर्ट के निर्देश पर यह करवाई की गई है। जिले की पुलिस ने आम जनता से अपील की कि यदि इन अभियुक्तों के बारे में कोई जानकारी मिले तो इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी जाए। इस मामले में संगम राय उर्फ कुंदन राय सहित कई आरोपी फरार चल रहे हैं। अभियुक्त संगम रायपुर तीन गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं जबकि रेनू राय पर भी तीन इसके साथ ही कि चंद्र राय पर 14 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। कई आरोपी चल रहे हैं फरारइस मामले में कई आरोपी फरार चल रहे हैं। जिनकी तलाश में लगातार पुलिस की टीम छापेमारी कर रही है। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोपियों ने न्यायालय में आज समर्पण नहीं किया तो इन सभी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

