शाहजहांपुर में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम नारायण मिश्रा को ग्राम पंचायत सचिव ने गोली मारने की धमकी दी है। यह धमकी मृत्यु प्रमाण पत्र की जानकारी मांगने पर दी गई। सचिव ने कहा कि 'योगी बाबा बचाने नहीं आएंगे'। भाजपा नेता ने निगोही थाने में इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई है। निगोही थाना क्षेत्र के गुरगवां गांव के रहने वाले पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामनारायण मिश्रा ने एफआईआर में बताया कि 12 सितंबर को उनके पास परसरा परसरी गांव के विजय सिंह आए थे। विजय सिंह ने बताया कि उनके पिता प्रेमपाल सिंह के मृत्यु प्रमाण पत्र की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। लेकिन, ग्राम पंचायत सचिव अवनीश सिंह ने अभी तक प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है। जांच के बाद होगी कार्रवाई इस पर श्यामनारायण मिश्रा ने सचिव अवनीश सिंह को फोन कर प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी लेनी चाही। आरोप है कि फोन पर ही सचिव आग बबूला हो गए और गाली गलौज करने लगे। उन्होंने मिश्रा को गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी। सचिव ने कथित तौर पर कहा, योगी बाबा भी तुम्हें बचाने नहीं आएंगे, अब ज्यादा दिन तुम्हारी सरकार रहने वाली नहीं है। तुम जहां मिलोगे वहीं गोली मार देंगे। निगोही के प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी।
मोर का शिकार करता दिखा तेंदुआ:वीडियो आया सामने, वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता से ग्रामीण दहशत में हैं। सिंचाई कॉलोनी गिरजापुरी में तेंदुए द्वारा मोर का शिकार किए जाने का एक वीडियो सोमवार को सामने आया है। इसमें तेंदुआ बहुत करीब से मोर का शिकार करता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि तेंदुए ने पहले मोर को दबोचकर मार दिया। इसके बाद वह अपने शिकार को जंगल की ओर ले जाने के लिए कुछ दूरी पर झाड़ियों में छिपकर बैठ गया। काफी देर तक तेंदुआ झाड़ियों में छिपा रहा। जैसे ही उसे मौका मिला, वह तेजी से मोर पर झपटा और उसे मुंह में दबाकर जंगल की ओर खींच ले गया। इस दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में पिछले कुछ समय से तेंदुए का आना-जाना लगातार देखा जा रहा है। आबादी वाले इलाकों के आसपास तेंदुए की मौजूदगी से लोगों में डर का माहौल है। लोग शाम होने के बाद घरों से निकलने में सावधानियां बरत रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि जंगल या झाड़ियों के आसपास अकेले न जाएं। अगर तेंदुआ दिखाई दे तो उसके करीब जाने या उसे उकसाने की बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविवंद सिंह डोटासरा ने एक बार फिर से सीएम भजनलाल को निशाने पर लिया है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा किन शिक्षकों भर्ती, न सड़कों की मरम्मत, न पंचायत व निकाय में पैसा, न युवाओं को रोजगार और न ही यमुना का पानी... फिर भी मुख्यमंत्री भजनलाल जी स्वयंभू 'भागीरथ' बन रहे हैं। मैं कहना चाहता हूं, लक्ष्मणगढ़ का बेटा घर-घर में इंदिरा गांधी नहर का पानी लेकर आया... लेकिन भजनलाल जी एक लौटा पानी नहीं ला पाएंगे। इनका राज चला जाएगा, लेकिन यमुना का पानी नहीं आएगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि लक्ष्मणगढ़ खुले दिल से प्रदेश के मुखिया का अभिनंदन करने के लिए तैयार है। मैंने कहा था.. फिर कहता हूं.. मुख्यमंत्री जी स्वयं लक्ष्मणगढ़ आएं और जिला अस्पताल का उद्घाटन करें, लेकिन सूखा फीता काटने नहीं, 100 करोड़ रुपये की घोषणा के साथ आएं। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लक्ष्मणगढ़ में ऐतिहासिक विकास कार्य हुए, लेकिन सबसे बड़ा काम जिला अस्पताल का है, जो प्रदेश में किसी भी तहसील मुख्यालय पर नहीं है। PC: X अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
धौलपुर जिले की मनिया और सैंपऊ नगर पालिकाओं में निकाय चुनाव की मतगणना पूरी होने के साथ ही तस्वीर साफ हो गई है। मनिया में कांग्रेस ने 20 में से 13 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि भाजपा को 4 और निर्दलीयों को 3 सीटें मिलीं। दूसरी ओर सैंपऊ में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला। यहां कांग्रेस 7 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि भाजपा को 6, बसपा को 3 और निर्दलीयों को 4 सीटें मिलीं। सैंपऊ में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम रहेगी। बराबर वोट, फिर लॉटरी ने तय किया फैसला मनिया के वार्ड नंबर 8 का मुकाबला सबसे दिलचस्प रहा। कांग्रेस प्रत्याशी अजय पाल और भाजपा प्रत्याशी को 130-130 वोट मिले। बराबरी की स्थिति बनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने लॉटरी के जरिए फैसला कराया। इसमें कांग्रेस प्रत्याशी अजय पाल विजयी घोषित हुए। इस तरह कांटे की टक्कर के बाद कांग्रेस ने यह सीट अपने नाम कर ली। मनिया में 13 सीटों के साथ कांग्रेस का दबदबा मनिया के वार्डवार परिणामों में वार्ड 1 से कांग्रेस के सरनाम, वार्ड 2 से सपना, वार्ड 3 से प्रीति, वार्ड 4 से निर्दलीय वीरेंद्र और वार्ड 5 से भाजपा की खुशबू ने जीत दर्ज की। वार्ड 6 से कांग्रेस के सतीश, वार्ड 7 से भाजपा के सुनील, वार्ड 8 से कांग्रेस के अजय पाल और वार्ड 9 से कांग्रेस की गुंजन विजयी रहीं। वार्ड 10 से भाजपा की मोहिनी, वार्ड 11 से कांग्रेस के बृजेश, वार्ड 12 से कांग्रेस के मोहम्मद शाकिर, वार्ड 13 से निर्दलीय जुगनू, वार्ड 14 से कांग्रेस के विजेंद्र सोनी, वार्ड 15 से कांग्रेस के पवन और वार्ड 16 से भाजपा के एदल ने जीत हासिल की। वहीं वार्ड 17 से कांग्रेस की गौरा देवी, वार्ड 18 से कांग्रेस के पंकज गोयल, वार्ड 19 से निर्दलीय गोपाल और वार्ड 20 से कांग्रेस की शीला जाटव विजयी रहीं। सैंपऊ में त्रिकोणीय नहीं, चार दलों की तस्वीर सैंपऊ नगरपालिका के 20 वार्डों में कांग्रेस को 7, भाजपा को 6, बसपा को 3 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 4 सीटें मिलीं। बहुमत के लिए 11 पार्षदों की जरूरत थी, लेकिन कोई भी दल इस आंकड़े तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में पालिका बोर्ड के गठन में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। सैंपऊ के वार्डवार नतीजे वार्ड 1 से निर्दलीय उज्जवल, वार्ड 2 से निर्दलीय सायमा, वार्ड 3 से कांग्रेस के हरिओम, वार्ड 4 से बसपा की रेनु और वार्ड 5 से कांग्रेस के सीताराम विजयी रहे। वार्ड 6 से कांग्रेस के भोलू, वार्ड 7 से भाजपा की सरिता, वार्ड 8 से कांग्रेस की समीना और वार्ड 9 से निर्दलीय पप्पू ने जीत दर्ज की। वार्ड 10 से भाजपा की गंगादेई, वार्ड 11 से बसपा के संदीप, वार्ड 12 से भाजपा के वीरेन्द्र, वार्ड 13 से कांग्रेस के बंटी, वार्ड 14 से कांग्रेस की शालू और वार्ड 15 से भाजपा के अंकित विजयी हुए। वार्ड 16 से भाजपा के ब्रजेश, वार्ड 17 से भाजपा के बृजलाल, वार्ड 18 से बसपा के भोलू, वार्ड 19 से निर्दलीय अजय और वार्ड 20 से कांग्रेस की मुनेश ने जीत हासिल की। अब निर्दलीयों पर नजर सैंपऊ में किसी भी दल के पास बहुमत नहीं होने से चार निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं मनिया में कांग्रेस के 13 पार्षद होने से बोर्ड गठन की स्थिति स्पष्ट नजर आ रही है।
देवरिया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज के पास 12वीं के एक छात्र से मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र का आरोप है कि स्कूल के कुछ छात्रों ने पहले कक्षा में उसे गाली दी और विरोध करने पर स्कूल की छुट्टी के बाद बाहर निकलने पर उसके साथ मारपीट की। घटना का एक वीडियो रविवार शाम को सामने आया है, जिसमें कुछ युवक एक छात्र को सॉरी बोलने के लिए दबाव बनाते दिख रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को तीन नामजद समेत 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़ित छात्र राजन प्रताप सिंह राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र है। उसने बताया कि 12 सितंबर को वह कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान नीरज कुमार, रितेश चौहान और शिवम मौर्या उसके पास आए और उसे गाली देने लगे। जब उसने विरोध किया तो उन्होंने स्कूल से बाहर निकलने पर देख लेने की धमकी दी। पुलिस मामले की जांच कर रही छात्र का आरोप है कि शाम करीब 5:10 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद नीरज, रितेश और शिवम समेत 7-8 अन्य लोग पहले से बाहर मौजूद थे। सभी ने उसे घेर लिया और लात-घूसों व डंडे से पीटा। शोर सुनकर आसपास के राहगीर और दुकानदार मौके पर पहुंचे तो आरोपी धमकी देकर वहां से भाग गए। घटना के बाद छात्र ने सदर कोतवाली में शिकायत दी। पुलिस ने नीरज कुमार, रितेश चौहान और शिवम मौर्या (निवासी राघवापुर) समेत आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS की धारा 191(2), 115(2), 352 और 351(2) के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ युवक एक छात्र के साथ मारपीट करते और उससे सॉरी बोलने के लिए कहते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वीडियो की सच्चाई और उसमें शामिल लोगों की पहचान की भी जांच की जा रही है।
गोरखपुर में तीज उत्सव आयोजित:महिलाओं के हाथों पर रची मेहंदी, स्टोर ने पेश किया नया कलेक्शन
गोरखपुर के सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स की ओर से तीज के शुभ अवसर पर एक खास आयोजन किया गया। रविवार को स्टोर पर आने वाली सभी महिलाओं के लिए मेहंदी की व्यवस्था की गई थी। मेहंदी आर्टिस्ट ने सभी के हाथों पर उनके पसंद के हिसाब से मेहंदी लगाई। इस आयोजन से महिलाएं बहुत खुश हुईं और सभी ने कंपनी के प्रयासों की सराहना की। महिलाएं शॉपिंग के साथ मेहंदी भी लगवाने आई थीं। उन्होंने कहा कि सेनको हमेशा इस तरह के आयोजन करता रहता है। कोई भी फेस्टिवल हो, यहां हमें स्पेशल फील करवाया जाता है। हर छोटी-छोटी खुशियों पर ध्यान दिया जाता है। इसीलिए अब घर जैसा महसूस होता है। सेनको हमारे लिए एक स्टोर नहीं बल्कि परिवार का हिस्सा बन गया है। वहीं, ब्रांच मैनेजर रविश कुमार ने बताया कि हमारे स्टोर पर जो लोग भी विजिट करते हैं, वो सिर्फ कस्टमर नहीं बल्कि परिवार का हिस्सा हैं। इसलिए जैसे हमारे परिवार में हर फेस्टिवल पर आयोजन होता है, वैसे ही हम अपने स्टोर पर आयोजन करते हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्टोर के नए कलेक्शन को भी सभी को दिखाया गया, जो लोगों को पसंद आया।
पंजाब में बिजली कटौती पर बवाल के बीच मंत्री का ऐलान- '13 सितंबर से...'
पंजाब में बिजली संकट के बीच बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने 13 सितंबर से आगे बिजली कटौती नहीं होने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि थर्मल पावर प्लांट्स को ठीक कर दिया गया है और किसानों को फिलहाल 10 घंटे बिजली मिल रही है.
विद्युत निगम के जेई मुकेश सोनी के निलंबन के विरोध में बिजली निगम कर्मचारियों ने सोमवार को एसडीओ उपमंडल उकलाना कार्यालय परिसर में रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रदर्शन करते हुए चीफ इंजीनियर हिसार के आदेशों के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन की अध्यक्षता HSEB वर्कर यूनियन हेड ऑफिस भिवानी के सब यूनिट उकलाना के सह सचिव पवन कुमार कुंडू ने की, जबकि संचालन ACBC वर्कर यूनियन सब यूनिट उकलाना के प्रधान बलजीत लाइनमैन ने किया। प्रदर्शन में AHPC वर्कर यूनियन के यूनिट सचिव सत्यवान वर्मा, भुना सब यूनिट प्रधान हंसराज सहित विभिन्न यूनियनों के कर्मचारी शामिल हुए। निलंबन रद्द होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जेई मुकेश सोनी के निलंबन के आदेशों को कर्मचारी गलत मानते हैं और इन्हें तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रबंधन को चेतावनी दी कि जब तक निलंबन के आदेश वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने कहा कि वे किसी भी प्रकार की तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई का विरोध करेंगे। 16 सितंबर से शुरू होगा नियमित धरना कर्मचारी नेताओं ने बताया कि आगामी आंदोलन के तहत 16 सितंबर से यूनिट स्तर पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक धरना शुरू किया जाएगा। यह धरना मुकेश सोनी जेई के निलंबन आदेश रद्द होने तक जारी रखने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं या लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना करना पड़ता है तो इसकी जिम्मेदारी विभागीय प्रबंधन की होगी। प्रदर्शन में उकलाना क्षेत्र की विभिन्न कर्मचारी यूनियनों से जुड़े कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
रामपुर में गोसेवा गोपाल सेवा समिति द्वारा सोमवार को प्रिंस पार्क में हिंदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर हिंदी भाषा के महत्व एवं उसके प्रचार-प्रसार पर विचार-विमर्श किया गया। समिति के महामंत्री नरेश चंद्र शर्मा ने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा होने के साथ-साथ देश की एकता और सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। सभी को हिंदी भाषा के अधिक से अधिक प्रयोग और प्रचार-प्रसार के लिए प्रयास करना चाहिए। समिति के अध्यक्ष संदेश अग्रवाल ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और भावनाओं की अभिव्यक्ति है। हमें अपने दैनिक जीवन में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करते हुए आने वाली पीढ़ी को भी हिंदी के प्रति जागरूक करना चाहिए। हिंदी को सम्मान देना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचक पंडित कन्हैयालाल शर्मा, पंडित संतोष कुमार शर्मा, अमित गुप्ता, राज कुमार सिंह, मधु बंसल, बीना अग्रवाल, राम किशोर शर्मा, मीना अग्रवाल सहित गोसेवा गोपाल सेवा समिति के अध्यक्ष संदेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने हिंदी के सम्मान, संरक्षण और प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया।
नए प्रभारी की मौजूदगी में होने वाले बड़े प्रदर्शन से पहले दिग्गज नेता ने शामिल होने का ऐलान किया है। लंबे समय बाद प्रमुख गुट एक साथ मंच पर नजर आ सकते हैं।
बलिया में गंगा-सरयू का जलस्तर घटा:खतरे के निशान से अब भी ऊपर, नाव बनी आवागमन का सहारा
बलिया में गंगा और सरयू नदी का जलस्तर कम होने लगा है। हालांकि, दोनों नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिले के सदर, बैरिया और बांसडीह तहसील के कई गांव और शहर के मोहल्ले बाढ़ से प्रभावित हैं। रविवार सुबह 8 बजे गायघाट गेज पर गंगा नदी का जलस्तर 58.82 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 57.615 मीटर से ऊपर है। इसी तरह, चांदपुर गेज पर सरयू नदी का जलस्तर 59.02 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 58.00 मीटर से करीब एक मीटर ज्यादा है। शहर के निचले इलाकों और कई गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। लोगों के आने-जाने का एकमात्र जरिया नाव है। जहां पानी कम है, वहां लोग पानी से होकर गुजर रहे हैं। जलस्तर अभी भी ऊंचा होने के कारण लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य चला रहा है। प्रभावित इलाकों में नावों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, राहत शिविर, कम्युनिटी किचन और मेडिकल टीमों की व्यवस्था भी की गई है। बाढ़ पीड़ितों को राशन किट, खाने के पैकेट और दवाइयां बांटी जा रही हैं। दवा किट में दवाओं के नाम, किस बीमारी में कौन सी दवा लेनी है और कितने समय तक लेनी है, जैसी जरूरी जानकारी दी गई है। राहत शिविरों और कम्युनिटी किचन में तैयार भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत और बचाव के लिए नावें चल रही हैं। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं और राहत शिविर भी चल रहे हैं। प्रभावित इलाकों में जनरेटर से बिजली सप्लाई की व्यवस्था की गई है। पशुओं के लिए भी प्रशासन राहत कार्य कर रहा है। उनका टीकाकरण किया जा रहा है और भूसा बांटा जा रहा है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी आपदा या परेशानी में तुरंत नजदीकी तहसील कंट्रोल रूम या जिला मुख्यालय के कंट्रोल रूम से संपर्क करें। जिला कंट्रोल रूम का नंबर 9454417979, लैंडलाइन नंबर 05498-220832, 05498-220235 और टोल फ्री नंबर 1077 है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आपात स्थिति में राहत दल को सूचना देने की भी अपील की है।
बस का टायर खोल रहा था पिता, बेटे ने रॉड से हमला कर मार डाला; गया में शराब ने कराया रिश्तों का कत्ल
गया के गुरुआ में घरेलू विवाद के चलते एक नाबालिग बेटे ने अपने पिता दीपा मांझी के सिर पर लोहे की रॉड से वार कर दिया, जिससे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच जारी है।
दरभंगा में सड़क हादसे में जख्मी ट्यूशन शिक्षक की मौत, अज्ञात वाहन ने मारी थी ठोकर
Darbhanga Road Accident: दरभंगा में एक सड़क हादसे में घायल मधुबनी निवासी ट्यूशन शिक्षक हरेराम साह की इलाज के दौरान मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हुए हरेराम परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
राजगढ़ में 15 फीट ऊंचे ‘तिरछे बड़े गणेश’:164 साल पुरानी प्रतिमा से जुड़ी अनोखी मान्यता
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर के सोमवरिया चौराहे स्थित चिंताहरण बड़े गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। सुबह से लोग मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। सुठालिया सीएमओ अनिल जोशी ने भी सुबह मंदिर पहुंचकर पूजा की। मंदिर में विराजित गणेश प्रतिमा करीब 15 फीट ऊंची और 164 साल पुरानी बताई जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, प्रतिमा के निर्माण के समय लोगों को आशंका थी कि भगवान गणेश का चेहरा जिस दिशा में सीधा रहेगा, उस ओर रहने वाले लोगों पर गरीबी आ सकती है। इसी मान्यता के चलते प्रतिमा को सीधा रखने के बजाय थोड़ा तिरछा स्थापित किया गया। इसी वजह से यहां के गणेश ‘तिरछे बड़े गणेश’ के नाम से प्रसिद्ध हैं। 1862 में शुरू हुआ था प्रतिमा का निर्माण स्थानीय मान्यता के अनुसार, उस समय सोमवरिया को दीपगढ़ के नाम से जाना जाता था। यहां के व्यापारी नाथूराम गुरगेला को सपने में भगवान गणेश के दर्शन हुए थे। मान्यता है कि भगवान ने उन्हें मंदिर और प्रतिमा बनवाने के लिए कहा। इसके बाद 1862 में कारीगरों की मदद से चूना और रेत से विशाल गणेश प्रतिमा का निर्माण शुरू कराया गया। धीरे-धीरे यह स्थान लोगों की आस्था का केंद्र बन गया। शुरुआती समय में प्रतिमा पर मारवाड़ी साफा बांधा जाता था। बाद में इसे मुकुट का स्वरूप दिया गया। तिरछा स्वरूप बनी मंदिर की पहचान आमतौर पर भक्त गणेश प्रतिमाओं के सीधे दर्शन करते हैं। यहां प्रतिमा का तिरछा स्वरूप अलग नजर आता है। स्थानीय लोगों के बीच इस स्वरूप से जुड़ी मान्यता वर्षों से चली आ रही है और इसे नई पीढ़ी तक भी बताया जाता है। गणेश चतुर्थी के दौरान मंदिर में रोज महाआरती होगी और भगवान को लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। अनंत चतुर्दशी तक मंदिर में धार्मिक आयोजन होंगे। नया मंदिर बन रहा मंदिर परिसर में नया निर्माण भी चल रहा है। समय के साथ परिसर का स्वरूप बदल रहा है, लेकिन करीब 164 साल पुरानी प्रतिमा से जुड़ी स्थानीय मान्यता आज भी कायम है। मंदिर की पहचान प्रतिमा के तिरछे स्वरूप से जुड़ी इस अनोखी मान्यता के कारण अलग है।
जम्मू कश्मीर में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें 7.29 करोड़ राजस्व दस्तावेज स्कैन किए गए हैं और 1,710 सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
संतकबीरनगर के बेलहर क्षेत्र में हरितालिका तीज के अवसर पर सोमवार को महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ व्रत रखा। सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की तथा पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही महिलाओं ने स्नान कर नए वस्त्र धारण किए और पूजा की तैयारी में जुट गईं। कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह में एकत्र होकर तीज व्रत की कथा सुनी और भगवान शिव-पार्वती की पूजा की। शाम को पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने विधि-विधान से व्रत का पारण किया। तीज को लेकर बाजारों में भी रौनक रही। महिलाओं ने पूजा सामग्री, फल, मिठाई, मेहंदी, चूड़ी और श्रृंगार का सामान खरीदा। घरों में भी तीज पर्व को लेकर उत्साह का माहौल रहा।
बाड़मेर नगर परिषद में भाजपा 15 साल का वनवास खत्म करते हुए बोर्ड बनाने जा रही है। बीजेपी 55 वार्डो में 29 पार्षद जीतें है। वहीं 5 निर्दलीय में दो को बीजेपी को समर्थन पहले से है। नगर परिषद की सामान्य ओपन सीट आरक्षित है। अब चैयरमैन की दौड़ में कैलाश कोटड़िया, गौतम जैन और गंगाविशन प्रबल दावेदार माने जा रहे है। 55 वार्डो में 51454 मतदाताओं ने वोटिंग की। इसमें से बीजेपी को 22597 और कांग्रेस को 20537, निर्दलीय को 7339 और आरएलपी को 507 वोट मिले है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच जीत के वोटों का अंतर 2060 रहा है। RSS पृष्ठभूमि के गौतम जैन वार्ड संख्या 15 से जीते गौतम जैन नाकोड़ा के ट्रस्टी है। जैन आरएसएस पृष्ठभूमि से आते है। पेट्रोल पंप और प्रॉपटी व्यापारी है। लंबे समय से भाई पारस जैन के साथ आरएसएस से जुड़े है। चुनाव से पहले ही गौतम ने बीजेपी का दुपट्टा पहना था। वार्ड संख्या 15 से चुनाव लड़ा है। इनके पिता हस्तीमल बाड़मेर के बड़े सेठ में माने जाते है। लंबे समय से बीजेपी के पदाधिकारी कैलाश कोटड़िया कैलाश कोटडिया लंबे से समय से बीजेपी से जुड़े हुए है। वहीं एक बार पहले चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। लेकिन इस बार मजबूती से 13 नंबर वार्ड से दावेदारी कर चुनाव लड़ा। जनता का समर्थन मिलेन से जीत गए। कैलाश कोटडिया ज्वैलर्स शॉ रूम है। वहीं जैन समाज के साथ अन्य समाजों में मदद करते रहे है। बीजेपी से करीब 20 सालों से जुड़े है। गंगाविशन 30 सालों से शहर की पॉलिटिक्स में एक्टिव वार्ड संख्या 31 से जीते गंगाविशन बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता है। बाड़मेर शहर में बीते 35 सालों से शहर की पॉलिटिक्स में एक्टिव है। दो बार पार्षद रह चुके है। इस बार तीसरी पर पार्षद बने है। वर्तमान में जिला उपाध्यक्ष के पद पर है। वहीं शहर के नगर अध्यक्ष, युवा मोर्चा में अलग-अलग पद पर रहे चुके है। अग्रवाल समाज में बड़ा चेहरे नामों में है। चर्चाएं और हॉट सीट पर बीजेपी रही विजयी बाड़मेर के वार्ड संख्या 13 काफी चर्चाओं में रही। यहां पर बीजेपी से व्यापारी कैलाश कोटड़िया और कांग्रेस से व्यापारी जितेंद्र श्रीश्रीमाल के बीच मुकाबला था। दोनों जैन समाज के होने से काफी चर्चाओं में रही। वोटिंग के समय पोलिंग बूथ पर हंगामा भी हुआ। एक-दूसरे के समर्थकों ने आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए। यह सीट इस वजह से भी चर्चा थी कि कैलाश कोटड़िया बीजेपी से सभापति के दावेदार माने जा रहे थे। इसी तरह वार्ड संख्या 15 में दो जैन और व्यापारी होने के साथ पूर्व विधायक के रिश्तेदार होने से चर्चा में थी। कांग्रेस से कपिल पूर्व विधायक मेवाराम जैन के रिश्तेदार थे। वहीं बीजेपी से गौतम कांग्रेस नेता मांगीलाल वडेरा के रिश्तेदार थे। इस सीट पर बीजेपी ने कांग्रेस को हराकर जीत हासिल की। पूर्व सभापति की सीट पर थी सबकी नजर बाड़मेर के पूर्व सभापति दीपक माली खुद वार्ड 19 नंबर से चुनाव लड़ रहे थे। वहीं इनके सामने चार बार के पार्षद और माली समाज के जिलाध्यक्ष दमाराम माली चुनावी मैदान में थे। दोनों एक ही समाज के होने और दिग्गज होने की वजह से चर्चा में थी।
सिरके की सीलबंद बोतलों में मिले खतरनाक तत्व, चंडीगढ़ कोर्ट ने कंपनी पर लगाया भारी जुर्माना
चंडीगढ़ की एक अदालत ने जीरकपुर स्थित बोर्जस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।सिरके में तय सीमा से अधिक सल्फाइट, लेड और कॉपर पाए जाने पर यह फैसला सुनाया है।
महेंद्रगढ़ के थाना सदर कनीना पुलिस ने गांव कोका निवासी एक व्यक्ति को पांच पेटी अवैध देसी और अंग्रेजी शराब समेत अरेस्ट किया है। आल्टो कार से अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने कार को भी जब्त कर लिया है। डीएसपी डॉ. कविता ने बताया कि थाना सदर कनीना की पुलिस टीम गांव इसराणा के दादी चौक पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गांव कोका निवासी प्रदीप अवैध शराब बेचता है। वह अपनी आल्टो कार में अवैध शराब लेकर आया है। खाली प्लॉट में खड़ी की थी ऑल्टो कार सूचना में बताया गया कि शराब से भरी कार उसके मकान के सामने खाली प्लॉट में खड़ी है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम गांव कोका पहुंची। वहां बताए गए स्थान पर सफेद रंग की आल्टो कार खड़ी मिली। पुलिस ने प्रदीप को कार की तलाशी लेने के बारे में बताया। तलाशी लेने पर कार में कुल पांच पेटी शराब मिली। बरामद शराब में एक पेटी देसी शराब के 48 पव्वे, तीन पेटियों में देसी शराब की 36 बोतलें और एक पेटी में अंग्रेजी शराब की 12 बोतलें थीं। आरोपी से शराब रखने का लाइसेंस या परमिट मांगा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज दिखा नहीं पाया। पुलिस ने बरामद शराब के सैंपल निकाले और शराब तथा कार को नियमों के तहत जब्त कर लिया। आरोपी प्रदीप के खिलाफ थाना सदर कनीना में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दरभंगा के सिंहवाड़ा में आम के पेड़ से लटका मिला युवक का शव, पिता ने जताई हत्या की आशंका
दरभंगा के गौड़ा गांव में एक 30 वर्षीय युवक का शव आम के पेड़ से लटका मिला, जिससे सनसनी फैल गई। मृतक के पिता ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मानकर सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
जनगणना 2027 में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग:भदोही में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। यह प्रदर्शन जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी और पिछड़ा वर्ग जिला अध्यक्ष राकेश पाल के नेतृत्व में हुआ। ज्ञापन के जरिए मांग की गई कि जनगणना 2027 के फॉर्म में ओबीसी वर्ग का कॉलम जोड़ा जाए। साथ ही, पहले से मौजूद जातियों की एक ड्राफ्ट डाउन सूची प्रगणक के माध्यम से नागरिकों को दी जाए। जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि राहुल गांधी के दबाव में बीजेपी सरकार ने लोकसभा 2024 चुनाव के समय 2027 में ओबीसी वर्ग की जनगणना कराने का वादा किया था। हालांकि, अगस्त 2026 की जनगणना अधिसूचना में ओबीसी का कॉलम नहीं जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले से मौजूद जातियों की ड्राफ्ट डाउन सूची देने के बजाय, जनगणना में जाति की जानकारी दर्ज करने के लिए 'ओपन इंडियन प्रश्न' का तरीका चुना है। इस तरीके से जाति की गिनती करने का मतलब है कि जातियों को सैकड़ों-हजारों हिस्सों में बांट दिया जाएगा। वसीम अंसारी ने कहा कि इसका सीधा नुकसान पिछड़े और अन्य वंचित वर्गों को होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और तेलंगाना जैसे राज्यों में बेहतर जनगणना मॉडल होने के बावजूद, आरएसएस और बीजेपी ओबीसी वर्ग का कॉलम नहीं जोड़ रहे हैं और ड्राफ्ट डाउन सूची भी नहीं दे रहे हैं। इससे साफ होता है कि सरकार ओबीसी वर्ग के सही आंकड़े नहीं देना चाहती। ताकि उन्हें आबादी के अनुपात में आरक्षण, संस्थानों में नौकरी और संसाधनों में हिस्सेदारी देने वाली महत्वपूर्ण नीतियों से वंचित रखा जा सके। इस मौके पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी, विशाल गौतम, रमाशंकर रामू, कुमार धीरज पांडे, त्रिलोकी नाथ बिंद, राजेश पाल और विमलेश सहित कई अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ईडी ने ने संजीव अरोड़ा की प्रॉपर्टी के चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) मामले में ED ने ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर विकास हीरा को तलब कर दिया है। ईडी ने सीए विकास हीरा को 15 सितंबर को निजी तौर पर पेश होने को कहा है। ईडी ने सीए ग्लाडा को रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RPIL) से जुड़े सभी आधिकारिक दस्तावेज और रिकॉर्ड साथ लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह कंपनी अब 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' के नाम से जानी जाती है। इस कंपनी के मालिक कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा हैं। ईडी का मुख्य फोकस इस बात पर है कि पंजाब स्मॉल इंडस्ट्री एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन (PSIEC) द्वारा अलॉट किए गए इंडस्ट्रियल प्लॉट का सीएलयू नियमों को ताक पर रखकर क्यों किया गया? जांच में यह सवाल उठ रहा है कि साल 2019 में जब इस इंडस्ट्रियल लैंड को रेजिडेंशियल (आवासीय) डेवलपमेंट में बदला जा रहा था। तब आवास विभाग ने अनिवार्य ग्राउंड वेरिफिकेशन और कागजी जांचों को दरकिनार क्यों कर दिया। यह पूरी कार्रवाई पंजाब कैडर की सीनियर आईएएस अफसर कंवलप्रीत बराड़ से हुई गहन पूछताछ के बाद अमल में लाई गई है, जो पहले ग्लाडा की मुख्य प्रशासक के पद पर तैनात रह चुकी हैं। सीएलयू में क्या अनियमितताएं आई सामने, जानिए…
गणेश चतुर्थी पर कान्हा की नगरी गणपति बप्पा के जयकारों से गुंजायमान हो उठी। मथुरा वृंदावन के प्राचीन गणेश मंदिरों पर सुबह से ही श्रद्धालु पहुंच कर पूजन अर्चन करते नजर आए। मंदिरों में भगवान गणपति का पंचामृत अभिषेक किया गया। वहीं जगह जगह पंडाल सजाकर गणेश प्रतिमाओं को विराजमान किया गया है। इसके अलावा लोगों ने अपने घरों में भी गणपति को विराजमान किया है। मोटा गणेश का किया अभिषेक गणेश चतुर्थी पर वृंदावन के प्राचीन मोटा गणेश जी का पंचामृत अभिषेक किया गया। उत्सव की शुरुआत मंगला आरती से हुई। इसके बाद वैदिक मंत्रोचारण के मध्य दूध,दही,घी,शक्कर और शहद से अभिषेक किया गया। पंचामृत अभिषेक के बाद भगवान पर सिंदूर चढ़ाकर उनका श्रृंगार किया गया। गणेश उत्सव के लिए मंदिर के आसपास भव्य सजावट की गई। निकाली गई शोभायात्रा उत्सव का शुभारंभ भगवान गणेश जी की शोभायात्रा से किया गया। मोटा गणेश मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा में आधा दर्जन से ज्यादा झांकी शामिल हुई। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस मोटा गणेश मंदिर पहुंची। इसके बाद भगवान की आरती की गई। गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणपति की पूजा करने श्रद्धालुओं की भीड़ गणेश मंदिरों पर पहुंची। भक्तों ने भगवान गणेश को मोदक अर्पित किए और उनके आगे डांडिया खेला। गणपति महोत्सव में विराजित किए गणपति गणेश चतुर्थी के अवसर पर मथुरा वृंदावन में जगह जगह गणेश प्रतिमाओं को पंडाल सजाकर विराजमान किया गया। वृंदावन के लोई बाजार में श्री गणपति सेवा समिति द्वारा 17 वें गणपति महोत्सव का आयोजन किया गया। यहां विशाल पंडाल में गणेश जी की विशालतम प्रतिमा को विराजमान किया गया। यहां भगवान विघ्न विनाशक का पूजन अर्चन किया गया। वेदपाठी ब्राह्मनों द्वारा मंत्रों के मध्य आयोजकों को पूजन अर्चन किया गया। 4 दिन तक होंगे कार्यक्रम श्री गणपति सेवा समिति के संस्थापक वैभव अग्रवाल ने बताया कि यहां पहले दिन रंगारंग कार्यक्रम,जादू शो होगा। दूसरे दिन मंगलवार को स्वैक्षिक रक्तदान शिविर,स्टेज शो और महा आरती की जाएगी। बुधवार को डांडिया नाइट और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा। महोत्सव के अंतिम दिन नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में राहुल गांधी की सुल्तानपुर के MP/MLA कोर्ट में आज सुनवाई है। पिछली सुनवाई 3 सितंबर को हुई थी। तब शिकायतकर्ता भाजपा नेता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि राहुल गांधी के वायस सैम्पल का फॉरेंसिक लैब से मिलान कराने की अर्जी ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट से खारिज हो चुकी है। इस आदेश को शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका लगाकर चुनौती दी है। भाजपा नेता विजय मिश्र के वकील संतोष पांडेय ने हाईकोर्ट में 1 सितंबर को दाखिल याचिका की स्टेटस रिपोर्ट ट्रायल कोर्ट को दी। इस पर MP-MLA की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने मामले की अगली सुनवाई के लिए आज की तारीख तय की। राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने साल 2018 में बेंगलुरु में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में 4 अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन और भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस कोर्ट में दायर किया था। कोर्ट ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को सुनवाई के लिए बुलाया था। इसके बाद वारंट जारी होने पर राहुल गांधी 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में पेश हुए और जमानत ली। उन्होंने 25-24 हजार रुपये के दो मुचलके भरे थे। राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को अपना बयान दर्ज कराया था। 20 फरवरी को वह दोबारा कोर्ट में पेश हुए थे, जहां उनका बयान बतौर आरोपी दर्ज हुआ था। इसके बाद शिकायतकर्ता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के वायस सैम्पल का मिलान कराने के लिए अर्जी दी थी। ट्रायल कोर्ट ने 2 मई को यह अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ दायर अपील भी सेशन कोर्ट से 15 जुलाई को खारिज हो गई थी।
नेपानगर एसडीओपी सुरेश महाले का पचमढ़ी तबादला:रतलाम के एएसपी आईपीएस वैभव प्रिया बने नेपानगर एसडीओपी
बुरहानपुर पुलिस विभाग में एसडीओपी स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। नेपानगर के प्रभारी एसडीओपी सुरेश महाले का तबादला पीटीएस पचमढ़ी किया गया है। उनकी जगह रतलाम में पदस्थ सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) वैभव प्रिया को नेपानगर का नया एसडीओपी बनाया गया है। इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस में भी रह चुके वैभववैभव प्रिया मध्य प्रदेश कैडर के 2023 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 104वीं रैंक हासिल की थी। इससे पहले उनका चयन इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस के लिए हुआ था। बताया गया है कि वे गणेशोत्सव के बाद नेपानगर में पदभार संभालेंगे। वहीं, मौजूदा प्रभारी एसडीओपी सुरेश महाले ने बताया कि वे गणेशोत्सव तक नेपानगर में रहेंगे। कुछ दिन पहले ही गणपति नाका थाना में तैनात टीआई सुरेश महाले का नेपानगर तबादला हुआ था। नेपानगर ज्वाइन करने के बाद उनकी एसडीओपी पद पर पदोन्नति हो गई थी। इसके बाद एसपी ने उन्हें नेपानगर का प्रभारी एसडीओपी बनाया था। अब जारी तबादला सूची में सुरेश महाले को पीटीएस पचमढ़ी भेजा गया है।
सहारनपुर में सरसावा थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव में दो पक्षों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। एक परिवार ने बीजेपी मंडल अध्यक्ष ओमकुमार सैनी समेत कुछ लोगों पर देर रात घर पहुंचकर हमला करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन उनकी शिकायत पर कार्रवाई होने के बजाय उनके ही खिलाफ जान से मारने के प्रयास और अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। पीड़ित मनोज सैनी ने 14 सितंबर को एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। थाना सरसावा के भटपुरा निवासी मनोज सैनी ने बताया कि 12 सितंबर की रात करीब 12 बजे गांव के ओमकुमार सैनी पुत्र स्व. नगीना सैनी, सोनू सैनी पुत्र स्व. नगीना सैनी और सोनी सैनी पुत्र कुलबीर सैनी समेत अन्य लोग एकराय होकर उनके घर पहुंचे। आरोप है कि उनके साथ करीब 7 से 12 लोग थे। इनमें कुछ लोगों के हाथों में लाठी-डंडे और सरिए थे। परिवार का आरोप है कि घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। छोटे भाई से विवाद के बाद बढ़ा मामला मनोज के अनुसार, इससे पहले उनके छोटे भाई का ओमकुमार प्रधान से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद ओमकुमार ने फोन कर उनके छोटे भाई की शिकायत की। मनोज का कहना है कि उन्होंने मामले को शांत कराने के लिए कहा था कि सुबह घर पर सभी लोग बैठकर बातचीत कर विवाद सुलझा लेंगे। आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें धमकी दी गई और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। पीड़ित का आरोप है कि रात में जब लोग उनके घर पहुंचे तो उनकी मां और उनकी पत्नी, जो पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर पद पर तैनात हैं, ने भी विवाद शांत कराने का प्रयास किया। आरोप है कि उनके साथ भी अभद्रता की गई और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। परिवार का कहना है कि महिलाओं के सामने भी गाली-गलौज और धमकियां दी गईं। अगले दिन परिवार पर ही केस की जानकारी मिली मनोज के मुताबिक, घटना के बाद वह अपने परिवार के साथ थाना सरसावा पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। उनका कहना है कि इसके बाद चार-पांच पुलिसकर्मी उनके साथ गांव पहुंचे और ओमकुमार से बातचीत की। पुलिस ने दोनों पक्षों को अगले दिन थाने आकर बातचीत करने की बात कही। मनोज का आरोप है कि अगले दिन सुबह करीब 10 बजे वह दोबारा थाने पहुंचे। वहां उन्हें शाम करीब चार बजे आने के लिए कहा गया। जब वह शाम चार बजे थाने पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि उनके, उनके पिता और छोटे भाई के खिलाफ ही जान से मारने के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। परिवार पर गोली चलाने के आरोप को बताया गलत मनोज का कहना है कि उनके परिवार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में गोली चलाने और मारपीट करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका सवाल है कि उनके परिवार ने कब और कहां गोली चलाई। उन्होंने पुलिस से गांव में जाकर लोगों से पूछताछ करने और घटनास्थल की जांच कराने की मांग की है। उनका दावा है कि मौके की जांच और ग्रामीणों के बयान से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। मनोज ने कहा कि उनके परिवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उनका आरोप है कि जिस परिवार ने पुलिस से शिकायत कर खुद के साथ हुई घटना की जांच की मांग की, उसी परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। प्रार्थना पत्र में स्थानीय विधायक मुकेश चौधरी के दबाव में मुकदमा दर्ज कराने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। SSP से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग मनोज सैनी ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में अपनी शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कराने, थाना स्तर पर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं किए जाने की जांच कराने और विपक्षी पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। इसके साथ ही मनोज ने कहा है कि यदि उनके परिवार के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच में आरोप झूठे पाए जाते हैं तो उसके संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पक्ष के खिलाफ गलत कार्रवाई कराना नहीं, बल्कि पूरे विवाद की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाना है।
अंबेडकर की फोटो वाले झंडे पर ताश खेलने का आरोप:एटा में पुलिस ने 4 के खिलाफ दर्ज किया केस
एटा जिले के आवागढ़ थाना क्षेत्र के बरा भौंडला गांव में एक वीडियो सामने आया है। इसमें बाबासाहब की फोटो छपे झंडे पर कुछ लोग ताश खेलते दिख रहे हैं। नेशनल बहुजन सेना ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने एटा पुलिस और डीएम एटा के आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट पर शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने मामले की जांच के निर्देश दिए। आवागढ़ थाना पुलिस ने वीडियो की जांच की। इस घटना से बाबासाहब भीमराव अंबेडकर के अनुयायियों में गुस्सा था। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की। उप निरीक्षक ललित कुमार ने थाना प्रभारी प्रेमपाल सिंह के आदेश पर चार नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने विजय (पुत्र महेंद्र सिंह), रामभरोसे (पुत्र संतोष), सोनू (पुत्र थान सिंह) और कालीचरण (पुत्र रामसिंह) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नेशनल बहुजन सेना ने यूपी पुलिस, एटा पुलिस और डीएम एटा के एक्स अकाउंट पर वीडियो अपलोड कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
पलवल में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने टेलीग्राम पर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान टोंक निवासी वसीम खान और सवाई माधोपुर निवासी शाहनवाज खान के रूप में हुई है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि दुधौला गांव के शाहेआलम ने साइबर हेल्पलाइन-1930 और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि मोहम्मद रशीद ट्रेडर्स के नाम से टेलीग्राम पर संपर्क कर उनसे क्यूआर कोड के जरिए ट्रेडिंग के नाम पर 1 लाख 95 हजार 900 रुपए ठगे गए। बैंक खातों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पलवल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने बैंक खातों की जांच की, जिसमें पता चला कि बैंक खातों के तार राजस्थान से जुड़े हैं। इससे पहले एक नाबालिग लड़के सहित राजस्थान के तीन आरोपी आमिर खान और मोहम्मद समीर को गिरफ्तार किया जा चुका है। पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि वसीम खान साइबर ठगी के लिए कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराता था। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वसीम खान और शाहनवाज खान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दो दिन की रिमांड पर लिया आरोपी वसीम खान के पास से एक मोबाइल फोन मिला है। शाहनवाज खान के पास से भी एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। इन फोन में ठगी के लिए इस्तेमाल टेलीग्राम ग्रुप मोहम्मद रशीद ट्रेडर्स और व्हाट्सएप चैट मिली है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
हरियाणा के पंचकूला में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रायपुररानी थाना क्षेत्र के टाबर गांव के पास तेज रफ्तार कार और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार एक महिला समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दोनों घायलों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें चंडीगढ़ के सेक्टर-32 अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मृतका दिव्या बीसीए की स्टूडेंट थी। बाकी इसके दोस्त बताए जा रहे हैं। रात करीब ढाई बजे ये इसे छोड़ने जा रहे थे। हाईवे पर ट्रक ने जब टाबर गांव की तरफ टर्न लिया, तो ओवरस्पीड कार पीछे से आकर ट्रक से टकराई है। ट्रक के तेल टैंक के पास कार की टक्कर हुई है। गनीमत यह रही कि आग नहीं लगी। प्रत्यक्षदर्शी युवक के अनुसार कार के सभी एयरबैग खुल गए थे। आगे की सीटों पर बैठे दोनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी पंचकूला की तरफ आ रही थी कार जानकारी के अनुसार, कार में कुल 5 लोग सवार थे और वे पंचकूला की तरफ आ रहे थे। टाबर गांव के पास सामने से आ रहे ट्रक से कार की सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। 3 की मौत और 2 घायल मृतकों में दिव्या निवासी शहजादपुर (महिला), संदीप निवासी सेक्टर-19, पंचकूला, मोहर निवासी सेक्टर-26, पंचकूला व घायलों में ऋषि निवासी सेक्टर-19, पंचकूला, पुष्कर निवासी डेराबस्सी (पंजाब) शामिल हैं। दोनों घायलों का इलाज जीएमसीएच सेक्टर-32 चंडीगढ़ में जारी है। प्रत्यक्षदर्शी के बयान पर मामला दर्ज रायपुर रानी थाना SHO प्रीतम सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (TSUISL) में 655 कर्मचारियों के लिए ₹7.35 करोड़ का ऐतिहासिक बोनस समझौता संपन्न हुआ है।
पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। वर्ष 2026-27 में 1.17 लाख से अधिक छात्रों को 40 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।
पाकुड़ जिले में गणेश पूजा की धूम मची है। लोग बड़े उत्साह के साथ गणेश पूजा मना रहे हैं। कई जगहों पर भव्य पंडाल और आकर्षक प्रतिमाएं लगाई गई हैं। सुबह से ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ दिख रही है। शहर की सार्वजनिक गणेश पूजा समिति रेलवे मैदान इस साल अपना 28वां वर्ष मना रही है। श्रद्धालु सुबह से ही पूजा-अर्चना में जुटे हैं। भक्तों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की जा रही है। समिति की ओर से इस साल भव्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। पूजा के लिए पूरा रेलवे मैदान, पूजा स्थल और स्टेशन रोड को भगवा झंडों से सजाया गया है। सोमवार सुबह स्थानीय कल पोखर से कलश भरा गया। इसके बाद कलश को पूजा पंडाल लाया गया। पुरोहित सजल चक्रवर्ती ने पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ भगवान गणपति की पूजा शुरू की। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित भक्तों को पुष्पांजलि अर्पित करवाई गई। इसके बाद आरती हुई और लोगों के बीच प्रसाद बांटा गया। समिति के संस्थापक हिसाबी राय ने बताया कि गणपति महोत्सव में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से आए कलाकारों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समिति इस साल कई तरह के भव्य कार्यक्रम कर रही है। रेलवे मैदान में गणपति महोत्सव का आयोजन आज से 17 सितंबर तक किया जाएगा। आज सुबह गणपति प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा, पुष्पांजलि और आरती का आयोजन किया गया। साथ ही बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, डांडिया और मटका फोड़ प्रतियोगिता सहित अन्य कार्यक्रम भी होंगे। इस महोत्सव का उद्घाटन पाकुड़ डीसी मेघा भारद्वाज और एसपी अनु दीप सिंह मिलकर करेंगे। विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा। जिले के हिरणपुर, लिट्टीपाड़ा, महेशपुर के अलावा शहर के कई अन्य स्थानों पर भी गणेश पूजा पूरे उत्साह के साथ की गई। यहां भी भव्य पंडाल बनाए गए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह का नरेन्द्र सिंह मरावी के साथ तलाक हो गया है। अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम जिला न्यायालय ने दोनों की पारस्परिक सहमति से 3 सितंबर 2026 को विवाह विच्छेद की डिक्री पारित की। दोनों का विवाह 23 नवंबर 2017 को हिंदू रीति-रिवाज से राजेंद्रग्राम में हुआ था। यानी शादी के करीब 9 साल बाद तलाक हुआ है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद, 5 साल से अलग थे कोर्ट में प्रस्तुत तथ्यों के मुताबिक शादी के बाद दोनों राजेंद्रग्राम में साथ रहे और वैवाहिक दायित्व निभाए। 20 जून 2019 को बेटी गिरिशा सिंह का जन्म हुआ। इसके बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगे। विवाद बढ़ने पर दोनों का एक-दूसरे से मिलना-जुलना बंद हो गया और वे 5 मई 2021 से अलग रहने लगे। हिमाद्री की ओर से कोर्ट में कहा गया कि दोनों के बीच अब साथ रहने की कोई संभावना नहीं है और वैवाहिक दाम्पत्य जीवन समाप्त हो चुका है। याचिका में दोनों ने विवाह विच्छेद के लिए सहमति जताई। दस्तावेज में एक-दूसरे पर कोई विशेष आरोप नहीं लगाया गया। इसमें कहा गया कि उनके बीच वैवाहिक संबंध सामान्य रूप से चलना संभव नहीं है। हिमाद्री के साथ रहेगी बेटी, गुजारा नहीं मांगा कोर्ट के सामने रखा गया कि बेटी गिरिशा सिंह हिमाद्री के साथ रह रही है। उसके पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और वैवाहिक खर्च की जिम्मेदारी हिमाद्री सिंह की होगी। हिमाद्री ने अपने और बेटी के लिए नरेन्द्र सिंह मरावी से भरण-पोषण या गुजारा भत्ता नहीं मांगने की बात कही। दोनों पक्षों ने कहा कि विवाह से जुड़े गिफ्ट्स और जेवरात को लेकर कोई विवाद नहीं है। कोर्ट ने सुलह के लिए दिया 6 महीने का समय कोर्ट ने दोनों को फैसला बदलने और फिर से साथ आने के लिए 6 महीने का समय दिया था। न्यायालय ने दोनों के पुनर्मिलाप की कोशिश की, लेकिन यह सफल नहीं हुआ। छह महीने की अवधि पूरी होने के बाद भी दोनों ने कोर्ट को बताया कि पति-पत्नी के रूप में साथ रहना संभव नहीं है और वे अपनी इच्छा से तलाक चाहते हैं। कोर्ट ने माना- दाम्पत्य जीवन निभाना संभव नहीं छह महीने की अवधि और सुलह के प्रयास विफल होने के बाद न्यायालय ने दोनों की पारस्परिक सहमति से 3 सितंबर 2026 को हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13-बी के तहत विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर दी। कोर्ट ने माना कि दोनों का पति-पत्नी के रूप में साथ रहकर दाम्पत्य जीवन निभाना संभव नहीं है। नरेन्द्र मरावी बोले- मैंने अभी आदेश नहीं देखा है तलाक को लेकर नरेन्द्र मरावी ने दैनिक भास्कर से कहा- मेरे लगातार अलग-अलग कार्यक्रम थे इस वजह से मैं बाहर था। अभी मैंने आदेश देखा नहीं हैं। तलाक की अर्जी हिमाद्री की ओर से दाखिल की गई थी। तलाक के संबंध में हिमाद्री सिंह का पक्ष जानने फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
गोरखपुर में मैसेडोनियाई पुस्तक रिलीज:पांचवें दिन भी जारी हुआ कवर, वैश्विक शांति और सद्भाव का संदेश
गोरखपुर में धरा धाम इंटरनेशनल के प्रमुख जगत धर्म चक्रवर्ती एवं संत सौरभ जी महाराज के जीवन-दर्शन, मानवीय चिंतन, सेवा, सद्भाव और शांति के विचारों पर आधारित मैसेडोनिया के लेखक डॉ. ड्रैगन जोवानोव की पुस्तक ‘ISKRA – The Spark: Sant Saurabh and the Spark of Humanity’ का कवर पेज जारी किया गया। यह पुस्तक संत सौरभ के विचारों को अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करती है। पुस्तक में मानवता, करुणा, सेवा, विश्वबंधुत्व, शांति और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है। पुस्तक के कवर पर ‘Vasudhaiva Kutumbakam’ और ‘A Brighter World Together’ जैसे संदेशों के माध्यम से एक ऐसी विश्वदृष्टि को सामने रखा गया है, जिसमें मानवता को सर्वोपरि मानते हुए आपसी प्रेम, सहयोग और सद्भाव को सामाजिक जीवन का आधार बनाने की बात कही गई है। संत सौरभ के जीवन एवं विचार-दर्शन पर आधारित पुस्तकों के कवर पेज जारी होने का यह लगातार पांचवां दिन है। समर्थकों ने इसे साहित्य और विचार के क्षेत्र में एक अनूठी पहल बताया है। उनका कहना है कि यदि यह क्रम निरंतर आगे बढ़ता है तो यह विश्व रिकॉर्ड की दिशा में एक उल्लेखनीय साहित्यिक प्रयास बन सकता है। हालांकि, विश्व रिकॉर्ड की औपचारिक मान्यता संबंधित रिकॉर्ड संस्था के सत्यापन और निर्धारित नियमों के अनुरूप ही सुनिश्चित होगी। पुस्तक के प्रकाशक अभिषेक कुमार, निदेशक, दिव्य मानवता प्रेरक कहानियां ई-पब्लिकेशन, ने कहा कि विभिन्न देशों के लेखकों द्वारा संत सौरभ के जीवन और विचारों को पुस्तक रूप में प्रस्तुत किया जाना उनके सद्भाव, मानव एकता और वैश्विक शांति के संदेश को साहित्य के माध्यम से व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पुस्तकों के माध्यम से विचारों का अंतरराष्ट्रीय संवाद स्थापित होना भारतीय ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा को वैश्विक संदर्भ में प्रस्तुत करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
महराजगंज के सिसवा इलाके के रतनपुर गांव में बबलू प्रसाद नाम के ग्रामीण ने जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल को एक शिकायत पत्र दिया है। इसमें रतनपुर के अपर प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील (एमडीएम), खेल सामग्री, गैस सिलेंडर, बच्चों के रिपोर्ट कार्ड और टीसी समेत कई मामलों में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। ग्रामीण ने इन सब की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि अप्रैल 2026 से स्कूल में सोमवार को बच्चों को फल और बुधवार को दूध नहीं बांटा जा रहा है। मिड-डे मील भी तय मेन्यू और नियम के हिसाब से नहीं बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि करीब 85 बच्चों के लिए सिर्फ 500 ग्राम दाल का इस्तेमाल होता है। दाल-रोटी की जगह कथित रूप से दाल-पीठा बनवाया जाता है। ग्रामीण ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल में पिछले तीन साल से खेल का सामान नहीं खरीदा गया है और न ही रंगाई-पुताई का काम हुआ है। इसके अलावा, अपर प्राइमरी स्कूल रतनपुर के नाम पर जारी दो एचपी गैस सिलेंडर स्कूल में इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं। इंचार्ज हेडमास्टर पर इन सिलेंडरों के पैसे हड़पने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने गैस एजेंसी की पासबुक और स्कूल के रिकॉर्ड की जांच की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि खराब रसोईघर की मरम्मत नहीं कराई गई है। कंपोजिट ग्रांट के पैसे के इस्तेमाल में भी गड़बड़ी हुई है। कुछ ऐसे बच्चों के नाम प्राथमिक स्कूल रतनपुर में दर्ज दिखाकर मिड-डे मील का फायदा लिया जा रहा है, जो पांचवीं पास करने के बाद अप्रैल में दूसरे स्कूल में एडमिशन ले चुके हैं। शिकायतकर्ता ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की पिछली जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं और मामले की सही जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल से जुड़े मामलों की जांच कर असलियत सामने लाई जाए। इस मामले में जिलाधिकारी ने भरोसा दिया है कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान छेदी साहनी, रामफल शर्मा, मुन्ना शर्मा, सुरेंद्र प्रजापति, रामलाल यादव, सुमित्रा देवी, सोनी समेत कई लोग मौजूद थे।
लगातार लग रहे पावर कटों का बड़ा असर! पंजाब सरकार ने लिया सख्त फैसला, बिजली विभाग के प्रमुख बदले
गहराते बिजली संकट और पावर कटों के बीच सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी से पावर विभाग छीनकर नए अफसर को कमान सौंपी गई है।
गाजीपुर के राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह 10 बजे से करीब 200 छात्र और इंटर्न धरने पर बैठ गए। वे स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इंटर्न चाहते हैं कि उनका मौजूदा स्टाइपेंड 7,500 रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए। इस प्रदर्शन के कारण कॉलेज की ओपीडी पर असर पड़ा और कई मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज का गेट बंद करने की कोशिश की। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने गेट खुलवा दिया। इसके बावजूद छात्र गेट पर ही धरने पर बैठे रहे। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं होता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। इंटर्न डॉक्टर रिषभ खरे ने बताया कि BHMS इंटर्न को अभी हर महीने 7,500 रुपए स्टाइपेंड मिलता है। यह रकम उनके रहने, खाने और आने-जाने के खर्च में ही खत्म हो जाती है। उन्होंने बताया कि BHMS इंटर्न से अस्पताल में नियमित ड्यूटी के साथ नाइट और इमरजेंसी ड्यूटी भी कराई जाती है, जो MBBS और BDS इंटर्न के बराबर है, लेकिन उनके स्टाइपेंड में बहुत अंतर है। इंटर्न पहले भी कॉलेज से जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन कर एसडीएम को अपनी मांग बता चुके हैं। उस समय अधिकारियों ने उनकी मांग शासन तक भेजने का भरोसा दिया था। हालांकि, इंटर्न इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि अब वे धरने के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं। इंटर्न के मुताबिक, राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की मुख्य ओपीडी में रोज करीब 250 से 300 मरीज आते हैं। इसके अलावा, सिविल कोर्ट परिसर की ओपीडी में 70 से 80 और जेल की ओपीडी में भी 70 से 80 मरीज आते हैं। पुलिस लाइन की ओपीडी में भी मरीजों का इलाज किया जाता है। इन सभी ओपीडी की व्यवस्थाओं में इंटर्न की अहम भूमिका होती है। सोमवार को इंटर्न के प्रदर्शन के कारण इन सभी सेवाओं पर असर पड़ा है। दवा लेने पहुंचे मरीज गेट से लौटे मरदह से इलाज कराने पहुंचे लक्ष्मण राजभर ने बताया कि वह कम खर्च में इलाज और दवा मिलने की जानकारी पर मेडिकल कॉलेज आए थे, लेकिन कॉलेज गेट पर छात्र-इंटर्न धरने पर बैठे मिले। ओपीडी प्रभावित होने के कारण उन्हें दवा नहीं मिल सकी। बिरनो के रानीपुर गांव से आए उदय शंकर यादव ने बताया कि वह नियमित रूप से यहां दवा लेने आते हैं। सोमवार को भी दवा लेने पहुंचे थे, लेकिन गेट पर छात्रों के धरने के कारण दवा नहीं मिल सकी और उन्हें वापस लौटना पड़ा। कुछ मरीज ऐसे भी पहुंचे, जिनकी दवाएं पहले से चल रही थीं और दोबारा दवा लेने आए थे। प्रदर्शन के कारण उन्हें भी वापस लौटना पड़ा। गेट पर लगाए अधिकारियों के नंबर प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज गेट पर डीएम, एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर भी चस्पा किए। छात्रों का कहना था कि यदि प्रदर्शन के कारण किसी मरीज को परेशानी हो रही है तो वह प्रशासन को इसकी जानकारी दे सकता है। इसी दौरान एक मरीज ने प्रशासनिक हेल्पलाइन पर शिकायत करने की बात कही। इसके बाद कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की और ओपीडी तथा सरकार की संचालित स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित न करने की बात कही। प्रशासन की ओर से गेट खुलवाया गया, लेकिन छात्र गेट पर धरने से नहीं हटे। तख्तियों पर लिखा- 25 हजार है मांग जरूरी प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं। इनमें ‘मेहनत करो, स्टाइपेंड अधूरी, 25 हजार है मांग जरूरी’, ‘इंटर्न की मेहनत देश की ताकत, स्टाइपेंड बढ़ाओ यही है चाहत’ और ‘आयुष इंटर्न्स की यही पुकार, सम्मानजनक स्टाइपेंड हो इस बार’ जैसे स्लोगन लिखे थे। प्रदर्शन में मौजूदा इंटर्न के साथ वे छात्र भी शामिल रहे, जिनकी आने वाले समय में इंटर्नशिप शुरू होनी है। छात्रों का कहना था कि आज जो मांग मौजूदा इंटर्न उठा रहे हैं, कल उन्हें भी इसी व्यवस्था से गुजरना होगा। इसलिए वे अभी से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। इंटर्नों का कहना है कि जब तक 7,500 रुपए के स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने की मांग पर निर्णय नहीं होता, उनका धरना जारी रहेगा।
हांसी में प्रॉपर्टी विवाद में व्यापारी नेता प्रवीण तायल को रविवार को सीआईए टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। उन पर 120 वर्ग गज जमीन को रिकॉर्ड में 1200 गज दिखाने का आरोप है। इस गिरफ्तारी के बाद शिकायतकर्ता परिवार पहली बार सामने आया है। शिकायतकर्ता आयुष गर्ग ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय प्रमोद कुमार गर्ग ने इस मामले को लेकर करीब 7 से 8 साल तक अधिकारियों और कोर्ट के चक्कर लगाए। पिता के निधन के बाद आयुष ने खुद इस लड़ाई को आगे बढ़ाया और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। आयुष गर्ग के अनुसार, यह मामला संपत्ति संख्या 244/10 से जुड़ा है। आरोप है कि साल 2017 में 120 वर्ग गज की जमीन को 1200 वर्ग गज दिखाकर दस्तावेज तैयार किए गए। हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई इसके बाद संपत्ति के कुछ हिस्से आगे भी बेचे गए। उनके पिता ने लंबे समय तक संबंधित विभागों में शिकायतें की और कानूनी कार्रवाई भी की, लेकिन उन्हें अपने जीवनकाल में कोई कार्रवाई देखने को नहीं मिली। पिता के निधन के बाद आयुष ने इस लड़ाई को जारी रखा और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे। प्रमोद कुमार गर्ग बनाम डिप्टी कमिश्नर, हिसार एवं अन्य मामले में हाईकोर्ट ने 11 मार्च 2026 को संबंधित अधिकारियों और लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। शिकायतकर्ता बोले- अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी उम्मीद इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज हुई और पुलिस ने जांच शुरू की। आयुष गर्ग ने बताया कि रविवार को प्रवीण तायल की गिरफ्तारी के बाद उन्हें संतुष्टि मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत पर आखिरकार कार्रवाई आगे बढ़ी है। उन्होंने कानून का सम्मान करने की बात कही और उम्मीद जताई कि पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करेगी। साथ ही, दोष साबित होने पर आरोपियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी। आज कोर्ट में पेश किया जाएगा प्रवीण तायल मामले में गिरफ्तार किए गए प्रवीण तायल को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। अब पुलिस की जांच में यह सामने आना बाकी है कि रिकॉर्ड में 120 गज को 1200 गज दर्शाने की प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही और दस्तावेज तैयार करने से लेकर संपत्ति के आगे हुए हस्तांतरण तक कौन-कौन इसमें शामिल रहा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई से शिकायतकर्ता परिवार को मामले की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
प्रतापगढ़ में बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों पर FIR दर्ज की गई है। इसमें नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि बादल पटेल समेत 9 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 100 से ज्यादा अज्ञात ग्रामीण भी शामिल हैं। यह केस जेठवारा थाने में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) राजेश कुमार की शिकायत पर रविवार को दर्ज हुआ। मान्धाता बाजार और आसपास के गांवों में कई घंटों तक बिजली गुल रहती है, जिससे लोग परेशान हैं। इसी समस्या को लेकर शनिवार सुबह करीब 11 बजे ग्रामीण 132 केवीए सराय भीमसेन पावर हाउस पहुंचे थे। उन्होंने बिजली सप्लाई ठीक करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर 112 पीआरबी और जटवाड़ा थाने का पुलिस बल भी मौजूद था। प्रदर्शन में बादल पटेल के साथ दीपू तिवारी, निर्भय सिंह, निक्की सिंह, संजय सिंह, प्रभात, दिलीप कुमार, विकास, मनोज, सुरेश, पन्नालाल और सभासद सूरत पटेल जैसे कई ग्रामीण शामिल थे। चेयरमैन प्रतिनिधि बादल पटेल ने बताया कि ग्रामीण बिजली कटौती की वजह जानने पावर हाउस गए थे। अधिकारियों से बात करने के बाद सभी शांति से लौट गए थे। इसके बावजूद 9 नामजद और 100 से ज्यादा अज्ञात लोगों पर केस दर्ज करना गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर FIR वापस नहीं हुई, तो वे ग्रामीणों के साथ मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे और जनआंदोलन करने पर मजबूर होंगे। भाजपा के निवर्तमान मंडल अध्यक्ष विक्रांत सिंह उर्फ नवीन ने भी इस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी सही मांग के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी अपनी लापरवाही छिपाने के लिए केस दर्ज करा रहे हैं। नवीन ने अधिकारियों से इस मामले में दखल देने, FIR रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
हिंदी दिवस पर समारोह आयोजित:जगतपुर पीजी कॉलेज में हिंदी भाषा: 'चुनौतियां और समाधान' पर रखे विचार
वाराणसी के जगतपुर पी.जी. कॉलेज में हिंदी विभाग द्वारा हिंदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर हिंदी भाषा: 'चुनौतियां और समाधान' विषय पर विभिन्न वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर अनिल प्रताप सिंह ने की। डॉ. संजय कुमार उपाध्याय ने छात्र-छात्राओं को हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. विनय प्रकाश शर्मा ने हिंदी भाषा के माध्यम से नौकरी एवं व्यवसाय के अवसरों की चर्चा की। डॉक्टर नंदलाल शर्मा ने इस अवसर पर प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर डॉ. शरद चन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. सुरेश कुमार सिंह, डॉ. ईश्वर शरण श्रीवास्तव, डॉ. संजय प्रधान, शशि बाला सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही।
लोन नहीं मिला तो बैंक मैनेजर का अपहरण, 10 लाख की फिरौती मांगी; कटक से दो गिरफ्तार
कटक में एक बैंक मैनेजर के अपहरण और 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना बैंक खाता खोलने और ऋण विवाद से जुड़ी है, जिसमें मैनेजर को बालेश्वर ले जाकर मारपीट की गई थी।
नरसिंहपुर जिले में रविवार को चलती बाइक से बुजुर्ग महिला घायल हो गई थी। जिसका आज सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के बेटे भूरा यादव ने बताया कि उनकी मां रामकली बाई (68) पति भागचंद यादव के साथ उखरी, चीचली बाजार से बाइक से घर लौट रही थीं। इसी दौरान बंदरबारू के पास अचानक वह बाइक से नीचे गिर गईं। गाडरवारा के सिविल अस्पताल में तोड़ा दम हादसे में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें तुरंत गाडरवारा के सिविल अस्पताल ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें रविवार रात ही नरसिंहपुर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पोस्टमार्टम कर, शव परिजनों को सौंपा जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार सुबह बुजुर्ग की मौत हो गई। अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सोमवार सुबह पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
बिजनौर के उच्च प्राथमिक विद्यालय नंगली छोईया, ब्लॉक हलदौर की सहायक अध्यापिका रचना कपूर के नवाचार 'सुई-धागे से स्मार्ट एलईडी तक का सफर' को SCERT के 'उद्गम पोर्टल' पर अपलोड किया गया है। उन्हें राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 से भी सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि उनके सालों के लगातार प्रयासों और नए विचारों को एक नई पहचान देती है। रचना कपूर ने यह नवाचार विद्यालय की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से शुरू किया था। इस पहल के तहत बालिकाओं को सिलाई, कढ़ाई और दूसरे काम के हुनर सिखाए गए। धीरे-धीरे यह सिर्फ कौशल प्रशिक्षण तक ही नहीं रहा, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने और परिवार की आर्थिक मदद करने का जरिया भी बन गया। आज इस नवाचार की मदद से कई बालिकाएं सिलाई-कढ़ाई सीखकर अपने घर की आर्थिक मदद कर रही हैं। इस पहल का अच्छा असर स्कूल पर भी दिखा है। अभिभावकों का स्कूल से जुड़ाव बढ़ा है और बच्चों की स्कूल में नियमित उपस्थिति को भी बढ़ावा मिला है। रचना कपूर ने बताया कि वे स्कूल में शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखतीं। वे इसे बच्चों के जीवन, समाज और भविष्य से जोड़ने के लिए लगातार नए-नए प्रयोग करती रही हैं। 'सुई-धागे से स्मार्ट एलईडी तक का सफर' भी इसी सोच का नतीजा है, जिसमें पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक और नए विचारों से जोड़ने की कोशिश की गई है। खास बात यह है कि राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के इंटरव्यू के दौरान इस नवाचार की काफी तारीफ हुई थी। इंटरव्यू के समय निर्देशक ने इसकी तारीफ करते हुए रचना कपूर को इसका पूरा ब्यौरा देने को कहा था। ब्यौरा देने के बाद अब इसे उद्गम पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। रचना कपूर को इसी साल राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों मिला। यह उपलब्धि उनके सालों की मेहनत, संघर्ष और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव लाने के लगातार प्रयासों का नतीजा है। रचना कपूर ने कहा कि मेरे लिए यह केवल एक नवाचार का चयन नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और उस विश्वास की पहचान है कि यदि विद्यालय बच्चों और समाज की वास्तविक जरूरतों से जुड़ जाए तो शिक्षा जीवन बदल सकती है। मेरी कोशिश है कि हमारी बेटियां और उनकी माताएं आत्मनिर्भर बनें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और विद्यालय समाज में सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र बने।”रचना कपूर की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, अभिभावकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं क्षेत्र के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
शिवपुरी जिले के नावली गांव में सरकारी शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने निकले ग्रामीणों को पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। रविवार शाम को नाराज ग्रामीणों ने खोड़-सिरसौद मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक सड़क पर यातायात बंद रहा। पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीण सड़क से हटकर गांव लौट गए। जानकारी के अनुसार, नावली गांव के कुछ पुरुष और महिलाएं गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर सिरसौद थाना क्षेत्र में चल रही सरकारी शराब दुकान को बंद कराने के लिए प्रदर्शन करने जा रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर खोड़ चौकी प्रभारी संजय लोधी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को नावली मोड़ के पास मंदिर के सामने रोक लिया। एक घंटे लगा रहा जामपुलिस द्वारा रोके जाने से ग्रामीण नाराज हो गए और सड़क पर बैठ गए। इसके बाद खोड़-सिरसौद मार्ग पर चक्काजाम हो गया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे शराब दुकान बंद कराने की मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे बाद चौकी प्रभारी संजय लोधी ने ग्रामीणों को बताया कि शराब दुकान सरकारी है और नियमों के अनुसार उसका स्थान बदला जा सकता है। पुलिस ने उन्हें संबंधित नियमों की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण मान गए और सड़क से हटकर अपने गांव लौट गए।
कासगंज में युवक का शव पेड़ पर लटका मिला:फोन पर बात करते हुए घर से निकला था, परिवार में मातम पसरा
कासगंज में सोमवार को एक युवक का शव खेत में पेड़ पर लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान झोझनी गांव के 26 साल के ओमवीर, उदयवीर सिंह के बेटे के रूप में हुई है। परिवार वालों ने बताया कि रविवार शाम को ओमवीर घर पर खाना खाने के बाद किसी से फोन पर बात करते हुए खेत की तरफ चला गया था। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटा, तो परिवार वालों को चिंता हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान परिवार वालों को खेत में एक पेड़ पर ओमवीर का शव फंदे पर लटका मिला। यह देखकर परिवार में दुख छा गया। उन्होंने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ओमवीर की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। उसकी पत्नी ममता का बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना को लेकर दुख का माहौल है। पुलिस का कहना है कि वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे।
उत्तराखंड में धामी सरकार की नीतियों से 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी नौकरी मिली है। सख्त नकल विरोधी कानून और अन्य योजनाओं से युवाओं का भविष्य संवर रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
गेल डीएवी मॉडल स्कूल, दिबियापुर में सोमवार को हिंदी पखवाड़े के तहत हिंदी दिवस मनाया गया। इस मौके पर एक खास प्रार्थना सभा और कविता पाठ प्रतियोगिता हुई। इसका मकसद छात्रों में हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और प्रेम बढ़ाना था, साथ ही उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच देना भी था। प्रार्थना सभा में छात्रों ने हिंदी भाषा का महत्व अलग-अलग तरीकों से बताया। इसमें नाटक, कविता, भाषण और डांस की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। नाटक के जरिए हिंदी के महत्व और आज के समय में इसके प्रति बढ़ती जागरूकता का संदेश दिया गया। छात्रों के भाषण और कविताओं ने हिंदी की गरिमा को दिखाया, जबकि डांस ने कार्यक्रम में जोश भर दिया। इसके बाद कविता पाठ प्रतियोगिता हुई। इसमें छात्रों ने बड़े उत्साह से हिस्सा लिया और मशहूर कवियों की रचनाएं सुनाईं। बच्चों के उच्चारण, आवाज, लय और आत्मविश्वास ने सबको प्रभावित किया। प्रतियोगिता में छात्रों की साहित्यिक प्रतिभा और मंच पर बोलने का कौशल साफ दिखा। प्रतियोगिता का मूल्यांकन जजों ने तय नियमों के आधार पर किया। स्कूल के प्रिंसिपल पंकज द्विवेदी ने छात्रों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हिंदी सिर्फ हमारी भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान भी है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाते हैं और उनका आत्मविश्वास भी मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन से स्कूल का माहौल हिंदी की साहित्यिक और सांस्कृतिक भावना से भर गया। छात्रों की शानदार प्रस्तुतियों ने हिंदी दिवस समारोह को यादगार बना दिया।
औरैया में SDM बदले, दिव्या सिकरवार को मिली नई जिम्मेदारी:अजय आनंद को आजमगढ़ का SDM बनाया गया
औरैया में शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए कई प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में औरैया जिले के उपजिलाधिकारी (SDM) की जिम्मेदारी भी बदली गई है। तबादला सूची के अनुसार, आजमगढ़ में तैनात रहीं महिला PCS अधिकारी दिव्या सिकरवार को अब औरैया की जिम्मेदारी दी गई है। दिव्या सिकरवार औरैया की नई उपजिलाधिकारी के तौर पर काम संभालेंगी। वहीं, औरैया में तैनात उपजिलाधिकारी अजय आनंद वर्मा का तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब आजमगढ़ का नया उपजिलाधिकारी बनाया गया है। शासन की ओर से जारी इस सूची में कई दूसरे PCS अधिकारियों के काम के क्षेत्र भी बदले गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रशासनिक काम में तेजी लाने के लिए शासन ऐसे बदलाव करता रहता है। जल्द ही दोनों अधिकारी अपनी नई जगहों पर पहुंचकर काम संभालेंगे।
जालौन में युवक की मौत:चलते हुए अचानक बेहोश होकर गिरे, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार
जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक अधेड़ की संदिग्ध हालत में मौत हो गई, परिजन उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान जितेंद्र (40) के रूप में हुई है। बताया गया कि जितेंद्र घर पर मौजूद थे, तभी वह अचानक गिर पड़े। परिजनों ने जमीन पर बेहोश पड़ा देखा, तत्काल इलाज के लिए सीएचसी कदौरा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक द्वारा जांच की गई, जहां जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। जितेंद्र की मौत की जानकारी मिलते ही कदौरा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए। जितेंद्र की मौत से परिजनों का हाल बेहाल है। जितेंद्र के एक बेटा और एक बेटी है। बेटे ऋषि की उम्र करीब 15 साल है और वह पुखरायां में रहकर पढ़ाई करता है। बेटी रौनक की उम्र करीब 12 साल है। वही परिजनों के मुताबिक, जितेंद्र की तबीयत अचानक खराब हुई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। वही पुलिस मामले की जांच कर पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों से बात कर रही है।
लखनऊ के राजाजीपुरम स्थित ई-ब्लॉक में सोमवार को एक युवक तीसरी मंजिल से कूद गया। बताया जा रहा है कि युवक एक मकान का दरवाजा खुला देखकर अंदर घुस गया था। घरवालों ने उसे देख लिया तो वह भागकर छत पर पहुंच गया। पकड़े जाने के डर से उसने तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक एक मकान की छत से दूसरे और फिर तीसरे मकान की छत पर पहुंच गया। इसके बाद वह तीसरी मंजिल के छज्जे पर खड़ा हो गया और अचानक नीचे कूद गया। ऊंचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर तालकटोरा पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। जहां हालात गंभीर बताई जा रही है। पुलिस युवक की पहचान और घटना के कारणों की जांच कर रही है।
कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर स्कूली बच्चों से भरा एक विक्रम पलट गया। इस हादसे में चार छात्र-छात्राओं समेत कुल 6 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल छात्रा की मां की शिकायत पर पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मनौरी स्थित विद्या साइंस पब्लिक स्कूल की छुट्टी के बाद दोपहर करीब 1:30 बजे यह हादसा हुआ। टैंपो लगभग 18 बच्चों को घर छोड़ने जा रहा था, तभी पिपरी थाना क्षेत्र के चलौली मोड़ के पास वह पलट गया।हादसे में 6 बच्चों को चोटें आईं। इनमें से दो की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी चार बच्चों का इलाज चायल सीएचसी में हुआ। दरियापुर गांव की रहने वाली रनिया देवी ने पुलिस को बताया कि उनकी 11 वर्षीय बेटी रितु स्कूल से लौट रही थी। ऑटो चालक शिव प्रसाद (पुत्र लल्लू प्रसाद, निवासी लालापुर, थाना पिपरी) वाहन को तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था। चलौली मोड़ के पास चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे ऑटो पलट गया। हादसे में रितु के अलावा दरियापुर निवासी नौ वर्षीय पीयूष भारतीय (पुत्र राम बहादुर) भी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़िता की मां की तहरीर पर पिपरी पुलिस ने रविवार को आरोपी चालक शिव प्रसाद के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाकर हादसा करने के आरोप में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। चायल सीओ शिवांक सिंह ने बताया कि आरोपी वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच के आधार पर चालक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी
लखनऊ में सत्य शोधक समाज भारत की स्थापना के 150 वर्ष तथा समाज सुधारक महापुरुष ज्योतिबाफुले राव फुले की जयंती के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में समाज का वार्षिक अधिवेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए लोगों ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन में अनेक विद्वानों ने महात्मा ज्योतिबा फुले एवं अन्य महापुरुषों के विचारों और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान सत्य शोधक समाज भारत की ओर से सामाजिक प्रगति के लिए तैयार रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान लालजी मौर्य को ‘समाज रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर लालजी मौर्य ने आयोजक मंडल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मान का पूरा श्रेय मौर्य समाज उत्थान समिति, गोमती नगर, लखनऊ को जाता है। उन्होंने आयोजन के लिए सत्य शोधक समाज भारत के राष्ट्रीय संयोजक भन्ते सुमित रत्न थेरा सहित आयोजक मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महापुरुषों के विचारों को समाज तक पहुंचाने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुजफ्फरपुर में मेडिकल ओवर ब्रिज के नीचे मिला अज्ञात शव, जांच में जुटी पुलिस
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में मेडिकल ओवर ब्रिज के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा है और उसकी पहचान के प्रयास कर रही है।
बैतूल के चिचोली तहसील के गोधना गांव में स्थित मां चंडी दरबार को लेकर विवाद बढ़ गया है। सोमवार को जिलेभर से आदिवासी समाज और सामाजिक संगठनों के लोग मंदिर परिसर पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने मंदिर के संचालन में बदलाव और पुराने मंदिर को तोड़े जाने का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान गर्भगृह की जगह बलि देकर भी विरोध दर्ज कराया गया। आदिवासी समाज का कहना है कि मां चंडी दरबार से सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं जुड़ी हैं। उनके अनुसार, गोंडवाना काल से यह स्थान आस्था का केंद्र रहा है। हर रविवार और बुधवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हाईकोर्ट ने परिवार के पक्ष में दिया था फैसलाआरोप है कि करीब तीन साल पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद मंदिर का संचालन एक निजी परिवार के हाथों में चला गया। इसके बाद पुराने मंदिर के ढांचे को तोड़े जाने से विवाद और बढ़ गया। जानकारी के अनुसार, मंदिर जिस जमीन पर बना है, वह राजस्व रिकॉर्ड में यादव परिवार की निजी जमीन दर्ज है। हाईकोर्ट का फैसला भी इसी परिवार के पक्ष में आया था। अब पुराने मंदिर की जगह भव्य मंदिर बनाने की योजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। आदिवासी समाज इसी निर्माण और मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव का विरोध कर रहा है। मंदिर प्रबंधन में ग्राम सभा की भूमिका की मांगआदिवासी नेता राजा धुर्वे, जितेंद्र सिंह इवने और जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) से जुड़े लोगों का कहना है कि हाईकोर्ट की कानूनी लड़ाई में आदिवासी समाज पक्षकार नहीं था। उनका कहना है कि जमीन का मालिकाना हक अलग विषय है, लेकिन मंदिर से जुड़ी आदिवासियों की पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को भी सुरक्षित रखना जरूरी है। समाज ने पेसा कानून और वनाधिकार कानून का हवाला देते हुए मंदिर के प्रबंधन में ग्राम सभा की भूमिका तय करने की मांग की है। 11 सितंबर को पुलिस अधीक्षक को दिया था ज्ञापनप्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ऐतिहासिक और सार्वजनिक धार्मिक महत्व से जुड़े जरूरी तथ्यों को अदालत के सामने ठीक से नहीं रखा गया। जयस ने 11 सितंबर को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भी दिया था। इसमें मंदिर की सुरक्षा, पुराने मंदिर को नुकसान पहुंचाने की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। आदिवासी समाज ने कहा है कि वह न्याय और मंदिर संरक्षण की मांग को लेकर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा। वहीं, विवाद के बीच प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट सार्वजनिक पक्ष सामने नहीं आया है।
इटावा के लवेदी थाना क्षेत्र से बहला-फुसलाकर ले जाई गई 17 साल की नाबालिग लड़की को पुलिस ने सोमवार सुबह 10 बजे सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सुमित कश्यप को भी गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत की गई। ग्राम नगला बल्दु निवासी सुनीता कश्यप पत्नी विपिन ने 9 सितंबर को लवेदी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी 17 साल की बेटी चंद्रकला को फिरोजाबाद के चांदपुर गांव का रहने वाला सुमित कश्यप बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लड़की की तलाश शुरू की। मामले की जानकारी मिलते ही लवेदी थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नाबालिग की तलाश के लिए एक टीम बनाई। पुलिस के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक और मैन्युअल सबूतों के आधार पर तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने लगातार कोशिशें करते हुए करीब दो घंटे के अंदर चंद्रकला को सुरक्षित ढूंढ निकाला। लड़की के मिलने के साथ ही पुलिस ने आरोपी सुमित कश्यप को भी गिरफ्तार कर लिया। लवेदी थाने में इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 36/2026 धारा 137(2) और 87 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई को करने वाली टीम में लवेदी थानाध्यक्ष गौरव कुमार, उपनिरीक्षक राम किशोर कुशवाहा, महिला कांस्टेबल प्रतीक्षा सिंह और कांस्टेबल सचिन कुमार शामिल थे।
प्रयागराज के सुलेम सराय में रविवार को दधिकांदो मेले के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कई जगहों पर मारपीट हो गई। मेले में पहुंचे शरारती तत्वों के अलग-अलग गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते उनके बीच लात-घूंसे चलने लगे। इससे मेले में कई बार अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मारपीट के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इस दौरान मेला शुरू होने से खत्म होने तक पुलिस हांफती-भागती ही नजर आई। भीड़ के बीच शुरू हो गई मारपीटरविवार को दधिकांदो मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। मेले में सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद अलग-अलग स्थानों पर कुछ युवकों के गुट आपस में भिड़ गए। पहले कहासुनी हुई और इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। भीड़ के बीच लात-घूंसे चलने से कुछ देर के लिए वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने कई को हिरासत में लियामारपीट की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने कई शरारती तत्वों को हिरासत में लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मेले में स्थिति सामान्य हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेले के दौरान उपद्रव करने वालों पर नजर रखी गई और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।पहले भी सामने आई हैं मारपीट की घटनाएंसुलेम सराय में दधिकांदो मेले के दौरान पहले भी मारपीट की घटनाएं सामने आती रही हैं। पिछले आयोजनों में भी मेले में युवकों के गुटों के बीच विवाद और मारपीट के मामले सामने आए थे। इस बार भीड़ अधिक होने के कारण पुलिस के सामने शरारती तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण रखना चुनौती बना रहा। वीडियो में दिखा मारपीट का नजारामेले में हुई मारपीट के कई वीडियो अब सामने आए हैं। इनमें भीड़ के बीच कुछ युवक एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग बीच-बचाव की कोशिश करते भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस इन्हें भी जांच में शामिल कर रही है। गंभीर चोट की सूचना नहींफिलहाल मेले में हुई इन मारपीट की घटनाओं में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ कर रही है और वीडियो के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। धूमनगंज थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि मेले के दौरान अशांति फैलाने वाले कई युवकों को हिरासत में लिया गया है। उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
यमुना नदी में कूद रहे युवक की जान बची:पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आत्महत्या की कोशिश नाकाम की
रविवार देर रात औरैया में एक 18 वर्षीय युवक को यमुना नदी में कूदने से बचाया गया। वह आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा था। डायल-112 पर एक राहगीर ने सूचना दी। उसने बताया कि कोतवाली औरैया इलाके में यमुना नदी पुल पर एक युवक कूदने का प्रयास कर रहा है। सूचना मिलते ही देवकली चौकी प्रभारी संजीव चौधरी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने सूझबूझ और धैर्य से काम लिया। उन्होंने युवक को समझाया और सुरक्षित तरीके से पुल की रेलिंग से नीचे उतारा। इस तरह उसकी जान बचाई गई। इसके बाद युवक को सुरक्षित पुलिस हिरासत में लिया गया। उसके परिवार को सूचित किया गया और जरूरी काउंसिलिंग भी कराई गई।
संभल में दो बच्चों की मां से मिलने पहुंचे प्रेमी को महिला के परिजनों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। उन्होंने प्रेमी की पिटाई की और उसे पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद वहां हंगामा हो गया। पुलिस ने प्रेमी और महिला के जेठ सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर शांतिभंग की कार्रवाई की है। सोमवार सुबह 10 बजे महिला को घर के अंदर ले जाते समय का एक वीडियो भी सामने आया है। यह घटना संभल जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर गुन्नौर तहसील के रजपुरा थाना क्षेत्र के उम्मेदपुर डांडा गांव की है। प्रेमी नितिन कुमार इसी थाना क्षेत्र के रोरादीप गांव का रहने वाला है। वह शनिवार देर रात प्रेमिका से मिलने पहुंचा था। रविवार सुबह जब नितिन घर से निकलकर जाने लगा, तो परिवार के लोगों ने उसे देख लिया। उन्होंने शोर मचाकर उसे घेर लिया और पकड़ लिया। गांव में उसकी जमकर पिटाई की गई। कई घंटे बाद पुलिस को सूचना मिली और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दो बच्चों की मां के प्रेमी नितिन को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस युवक के साथ मारपीट करने वाले महिला के जेठ खेम सिंह और पड़ोसी विजेंद्र, रामपाल को भी थाने ले आई। सोमवार दोपहर 11 बजे थाना प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि रोरादीप के नितिन और उम्मेदपुर गांव के खेम सिंह, विजेंद्र, रामपाल के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के गांव के लोगों के बीच झगड़ा हुआ था। महिला थाने में प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ी थी। इस पर महिला के ससुराल वाले उसे थाने से खींचकर घर ले आए और जबरन उठाकर घर के अंदर ले गए। महिला को थाने से बाहर लाकर सड़क से उठाकर ले जाते समय के वीडियो भी सामने आए हैं। बताया गया है कि दोनों के प्रेम संबंध को एक साल हो गया है। महिला का पति दिल्ली में काम करता है।
सिरसा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीआईए ऐलनाबाद टीम ने दो बाइक सवारों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 5 किलो 556 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ है। सीआईए ऐलनाबाद प्रभारी ने बताया कि पुलिस टीम गांव बणी क्षेत्र में नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान बाइक पर दो व्यक्ति प्लास्टिक का कट्टा लिए आते दिखे। पुलिस की गाड़ी देखकर उन्होंने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। शक होने पर पुलिस ने दोनों को रोक लिया। राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर उनके पास से 5 किलो 556 ग्राम डोडा पोस्त मिला। राजस्थान के रहने वाले हैं दोनों आरोपी पकड़े गए आरोपियों की पहचान बुध सिंह और तेजा सिंह के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के सुरेवाला गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ रानियां थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जांच करीवाला पुलिस चौकी को सौंपी गई है। सीआईए ऐलनाबाद प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान उनसे नशा तस्करी के नेटवर्क, सप्लाई चेन और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। अवैध नशे के कारोबार में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
यमुनानगर में सोमवार सुबह हुई तेज बारिश ने नगर निगम के जलनिकासी इंतजामों की पोल खोल दी। शहर के मुख्य चौक-चौराहों और कॉलोनियों में बारिश का पानी जमा होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एएमयू के अब्दुल्लाह हॉल में छात्राओं का मेस और साफ-सफाई को लेकर प्रदर्शन
एएमयू के अब्दुल्लाह हॉल में छात्राओं का मेस और साफ-सफाई को लेकर प्रदर्शन
पानीपत जिले के बबैल गांव स्थित प्रसिद्ध श्री बालाजी मंदिर में बीती (रविवार) रात चोरों ने लाखों रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। शातिर चोरों ने रसोई में इस्तेमाल होने वाले हलवा बनाने के पलटे (कड़छे) से दानपात्र का ताला तोड़ा और उसमें रखी करीब एक साल की चढ़ावे की राशि समेटकर फरार हो गए। घटना के वक्त मंदिर के पुजारी खाना खाने गांव स्थित अपने घर गए हुए थे। जब वे वापस लौटे तो मंदिर का नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। साल में एक बार खुलता था दानपात्र, 10 दिन बाद ही खोलना था मंदिर के पुजारी ईश्वर भगत ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह मंदिर वर्ष 2010 से गांव में स्थापित है और स्थानीय ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। श्रद्धालु रोजाना यहां भारी मात्रा में चढ़ावा चढ़ाते हैं। पुजारी के अनुसार, हर साल दानपात्र से करीब 1 लाख रुपए का दान निकलता है, जिसका इस्तेमाल मंदिर के रखरखाव और निर्माण कार्यों में किया जाता है। दानपात्र में करीब एक साल से राशि जमा हो रही थी और महज 10 दिन बाद (करीब एक साल पूरा होने पर) इसे खोला जाना तय हुआ था। घर खाना खाने गए थे पुजारी, हलवे के पलटे से तोड़ा दानपात्र रविवार रात करीब 8 बजे पुजारी ईश्वर भगत मंदिर में ज्योत जलाने व अन्य कार्य निपटाकर गांव में स्थित अपने घर पर खाना खाने गए थे। इसी दौरान चोरों ने मौके का फायदा उठाकर मंदिर परिसर में प्रवेश किया। चोरों ने मंदिर में रखे हलवा बनाने वाले लोहे के पलटे से दानपात्र के ताले और कुंडे को उखाड़ दिया। इसके बाद वे दानपात्र में रखी लाखों रुपये की नकदी लेकर रफूचक्कर हो गए। चोर वारदात में इस्तेमाल पलटा मौके पर ही छोड़ गए। गांव में रोष, पुलिस कर रही मामले की जांच पुजारी जब खाना खाकर वापस मंदिर पहुंचे, तो टूटा हुआ दानपात्र देखकर उन्होंने तुरंत ग्रामीणों और पुलिस को सूचित किया। गांव के आस्था केंद्र में हुई इस चोरी की घटना से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और चोरों की तलाश में जुटी है।
Solan News: नए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक तक जाने वाली सड़क होगी चौड़ी, निर्देश जारी
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के कथेड़ में बन रहे नए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक को जाने वाली सड़क को अब चौड़ा किया जाएगा।
बहराइच में सोमवार को कजरी तीज का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर और ग्रामीण इलाकों के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंजते रहे। पांडवकालीन प्रसिद्ध सिद्धनाथ मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ को दूध, जल, बेलपत्र, धतूरा, भांग और फूल चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा की। मंदिर में जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कजरी तीज के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। इससे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी आस्था के चलते सुबह से ही श्रद्धालु शिव मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना में लगे रहे। पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस ने मंदिरों के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। काफी संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए रास्ते बदले गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं पर नजर रखे हुए हैं।
उन्नाव में मजदूर की नहर में डूबकर मौत:नहर के किनारे से निकलते समय पैर फिसाल, पुलिस ने बाहर निकलवाया
उन्नाव के पुरवा थाना क्षेत्र के बछौरा गांव में रविवार देर शाम एक मजदूर की नहर में डूबने से मौत हो गई। 45 वर्षीय मजदूर का नहर किनारे से गुजरते समय पैर फिसल गया था। उन्हें बचाने की काफी कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने घटना की जानकारी दी। मृतक की पहचान बछौरा निवासी राकेश (45) पुत्र स्व. राम आसरे के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि राकेश मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। रविवार देर शाम वह गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक स्कूल के पास नहर की ओर गए थे। वहीं अचानक उनका पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने नहर में राकेश की तलाश शुरू की। पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि राकेश परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। वह मजदूरी करके बच्चों की जरूरतें पूरी करते थे। इस अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बताया कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि रविवार की शाम राकेश के लिए आखिरी होगी। वह रोज की तरह घर से निकले थे। सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई की है।
लुधियाना में डीसी दफ्तर के बाहर भाकियू एकता उगराहां का धरना
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सीधी के हटवा गांव में सोमवार सुबह टायर पंचर होने के बाद इलेक्ट्रिक ऑटो अनियंत्रित होकर पुल के नीचे जा गिरा। हादसे में चालक घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर पटपरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सीधी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पटपरा की ओर सवारी लेने जा रहा था हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ। बताया गया कि चालक इलेक्ट्रिक ऑटो से पटपरा की ओर सवारी लेने जा रहा था। रास्ते में अचानक टायर पंचर हो गया। टायर फटने जैसी आवाज के बाद अनियंत्रित हुआ ऑटो स्थानीय निवासी अनुपम विश्वकर्मा ने बताया कि टायर से तेज धमाके जैसी आवाज आई। इसके बाद चालक ऑटो पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क किनारे पुल के नीचे जा गिरा। गिरने के बाद ऑटो पलट गया। ऑटो में चालक अकेला था हादसे के समय ऑटो में चालक के अलावा कोई सवारी नहीं थी। हादसे के बाद आसपास के तीन-चार लोग मौके पर पहुंचे और ऑटो को सीधा कर चालक को बाहर निकाला। सिर में चोट, पैर में आई सूजन घायल चालक को पटपरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल के वार्ड बॉय नरेंद्र तिवारी के मुताबिक, चालक के सिर में चोट लगी है और एक पैर में सूजन है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सीधी जिला अस्पताल रेफर किया गया। स्थानीय लोगों ने ऑटो बाहर निकाला हादसे के बाद मौके पर कुछ देर लोगों की भीड़ जमा रही। स्थानीय लोगों की मदद से ऑटो को पुल के नीचे से निकालकर सड़क किनारे खड़ा किया गया। हादसे में चालक के अलावा किसी अन्य के घायल होने की जानकारी नहीं है।
बेगमपुल मेट्रो स्टेशन के पास चेकिंग कर रही पुलिस से एक बाइक सवार युवक ने बदसलूकी की। युवक पूरी घटना का वीडियो बनाने लगा, तभी एक दारोगा ने उसका मोबाइल छीन लिया। युवक ने दारोगा से मारपीट करने की कोशिश की और गाली-गलौज भी की, जिस वजह से वहां भीड़ जमा हो गई। कई घंटे चले हंगामे के बाद अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। वे आरोपी युवक को थाने लेकर आए। थाने में भी युवक ने मोबाइल लेने की जिद करते हुए हंगामा किया। यह घटना रविवार देर रात लालकुर्ती थाना क्षेत्र के जीरो माइल स्थित मेट्रो स्टेशन के पास हुई। लालकुर्ती थाने की पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी मोदीपुरम की ओर से आ रहे एक बाइक सवार युवक को पुलिसकर्मियों ने रुकने का इशारा किया। युवक ने बाइक दौड़ा दी, जिससे पुलिसकर्मियों को वह संदिग्ध लगा। कुछ दूरी बाद पुलिस ने युवक को पकड़ लिया। पुलिसकर्मी ने युवक से बाइक के कागज मांगे, लेकिन युवक बदसलूकी करने लगा। एक दारोगा ने युवक को समझाने की कोशिश की और बाइक के कागज दिखाने के लिए कहा। इसी बात पर उनमें कहासुनी होने लगी। पुलिस और वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, पुलिस ने युवक का मोबाइल छीन लिया। मोबाइल छीनने की बात पर दारोगा और युवक में विवाद बढ़ गया। आरोप है कि युवक ने दारोगा से बदसलूकी करते हुए मारपीट करने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह बीच-बचाव कराया। कई घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिसकर्मी युवक को थाने लेकर आ गए। एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि युवक को हिरासत में लिया गया था। वह मोदीपुरम का रहने वाला बताया जा रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तस्वीरें देखिए…
सिरसा में दूध के नए रेट को लेकर किसान और पशुपालक लामबंद हो गए हैं। किसानों के अनुसार, सरकार नकली दूध पर रोक लगाए और असली दूध के रेट बढ़ाए, ताकि पशुपालकों को पूरे दाम मिल सके। इसे लेकर गांव स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। सभी लोगों को जागरूक किया जाएगा और राज्य स्तर पर कमेटी बनाकर मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी कर ली है। इसे लेकर गांव मंगाला स्थित गुरुद्वारा बाबा भूमन शाह में आसपास गांवों के पशुपालकों व किसानों मीटिंग हुई है। उसी में यह फैसला लिया गया है। मीटिंग में मंगाला, ढाणी काहन सिंह, टीटू खेड़ा और सलारपुर के पशुपालकों तथा किसान-मजदूर शामिल हुए। इस दौरान मुख्य रूप से नकली दूध, खोया, मावा, क्रीम तथा अन्य मिलावटी दुग्ध उत्पादों पर रोक लगाने के विषय पर विस्तार से चर्चा की। किसान नेता बोले, अभी पशुपालक ही दूध के रेट बढ़ाने को लेकर ऐलान कर रहे हैं। इस बारे में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को भी ज्ञापन सौंपा है। मगर सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इसलिए वे सभी लोगों के साथ मीटिंग कर गांव से राज्य स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री से मिलेंगे और रेट बढ़ाने की मांग रखी जाएगी। यह आ रही दिक्कत पशुपालक बोले, सरकार व दूग्ध प्लांट उनका सहयोग नहीं कर रहे। अगर दूध की फेट के रेट बढ़ाए जाए और सरकार द्वारा रेट बढ़ा दिए जाए तो रेट तय करने में आसानी रहेगी। पशुपालक भी उन रेट पर दूध बेच सकेंगे। वरना कोई 100 रुपए देगा तो कोई कम रेट पर। पशुपालकों को ही दिक्कत आएगी। इसलिए वे मुख्यमंत्री से मिलकर रेट बढ़ाने पर जोर देंगे। यह नहीं कि सभी दूध के रेट एक सामान हो। भैंस का दूध 100 रुपए और देसी, राठी-साहीवाल गाय का दूध 80 रुपए प्रति किलो हैं। कुछ गायों का दूध पतला या कम फेट का होता है, उनके रेट उसी अनुसार लागू हो, क्योंकि वह दूध 80 रुपए किलो कोई नहीं खरीदेगा। नकली के बजाय शुद्ध दूध को बढ़ावा दिया जाए किसानों ने कहा कि मिलावटी और नकली उत्पाद न केवल पशुपालकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा हैं। इसलिए शुद्ध एवं ताजा दूध को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। साथ ही पशुपालकों को उनके दूध का उचित मूल्य दिलाने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया। 19 को गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में बुलाई मीटिंग मैक्स साहूवाला ने बताया, दूध के रेट को लेकर आगामी 19 सितंबर को गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में आयोजित जिला स्तरीय बैठक बुलाई गई है। उसमें सभी अपने-अपने विचार रखेंगे और मिलावट के खिलाफ संयुक्त संघर्ष तथा शुद्ध दुग्ध उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया। टेक्निकल लोगों को भी बुलाया है।
भारतीय राजनीतिक के गलियारों में हमेशा अपने बयानों, अनोखे अंदाज और अनूठे लाइफस्टाइल के कारण सुर्खियों में रहने वाले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इन दिनों उनके जीवन से जुड़ा एक ऐसा पहलू सामने आया है जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, जहां उनके चेहरे पर एक गहरी बेबसी और दिल के भीतर उम्मीद की एक अलग ही चमक साफ तौर पर महसूस की जा रही है। राजनीति की इस अंधी दौड़, परिवार के भीतर चल रहे समीकरणों और लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच तेज प्रताप यादव का यह भावुक अंदाज लोगों के दिलों को झकझोर रहा है। एक तरफ जहां उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव पार्टी की कमान और राजनीतिक मोर्चे को संभाल रहे हैं, वहीं तेज प्रताप यादव अक्सर अपनी अलग धार्मिक और आध्यात्मिक यात्राओं के जरिए एक अलग ही दुनिया में नजर आते हैं। उनके चाहने वाले और आम लोग इस बात को लेकर कयास लगा रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या चल रहा है उनके भीतर जो उनके बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए समय-समय पर बाहर छलक जाता है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है कि राजनीति के चमकदार पर्दों के पीछे कई बार ऐसे इंसानी पहलू भी छिपे होते हैं जिन्हें हर कोई आसानी से नहीं देख पाता है।राजनीतिक घराने की चकाचौंध और पारिवारिक जिम्मेदारियों का भारी बोझबिहार की राजनीति के सबसे ताकतवर और प्रभावशाली परिवारों में से एक लालू यादव के परिवार में जन्म लेना और बड़े बेटे की भूमिका निभाना सुनने में जितना आसान लगता है, असल जिंदगी में इसके अपने ही कई गंभीर तनाव और चुनौतियां होती हैं। बचपन से ही राजनीतिक रसूख, मीडिया की पैनी नजर और हमेशा सुर्खियों में रहने वाले माहौल के बीच पले-बढ़े तेज प्रताप यादव पर हमेशा से एक बड़े राजनीतिक परिवार के उत्तराधिकारी होने का दबाव रहा है। जब परिवार के भीतर राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और उत्तराधिकार की जंग या जिम्मेदारियों का बंटवारा होता है, तो कई बार अपनों के बीच ही दूरियां बढ़ने लगती हैं, जिसका मानसिक असर संवेदनशील स्वभाव के लोगों पर गहरा पड़ता है। तेज प्रताप यादव अक्सर अपने बयानों में इस बात का जिक्र करते हैं कि उन्हें राजनीति से ज्यादा भगवान कृष्ण की भक्ति और सेवा में शांति मिलती है, जो इस बात का संकेत है कि वे पारंपरिक राजनीति के दांव-पेच से थोड़ा अलग महसूस करते हैं। जब एक तरफ पार्टी के भीतर अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की चुनौती हो और दूसरी तरफ व्यक्तिगत जीवन में आए उतार-चढ़ाव हों, तो किसी भी इंसान के चेहरे पर बेबसी और दिल में एक उम्मीद का समंदर उमड़ना स्वाभाविक ही माना जाता है। उनके इस हालिया भावुक रूप ने उनके समर्थकों को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि राजनीतिक परिवारों के भीतर का जीवन बाहर से जितना भव्य दिखाई देता है, अंदर से उतना ही संघर्षपूर्ण और अकेलापन भरा हो सकता है।आध्यात्मिक झुकाव और भगवान कृष्ण की भक्ति में ढूंढते हैं असली सुकूनराजनीति की दुनिया जहां धोखे, जोड़-तोड़ और स्वार्थ से भरी होती है, वहीं तेज प्रताप यादव का झुकाव हमेशा से वृंदावन, गोवर्धन और धार्मिक अनुष्ठानों की तरफ अधिक देखा गया है, जहां वे खुद को सबसे ज्यादा सुरक्षित और खुश महसूस करते हैं। जब कभी उन्हें राजनीतिक उपेक्षा या पारिवारिक तनाव का सामना करना पड़ता है, वे तुरंत बंसी वाले की शरण में पहुंच जाते हैं और बांसुरी बजाते हुए या गऊ सेवा करते हुए अपनी तस्वीरें और वीडियो साझा करते हैं। उनके करीबी लोगों का मानना है कि तेज प्रताप का दिल बहुत कोमल है और वे दिखावे की राजनीति से दूर एक साधारण और आध्यात्मिक जीवन जीना चाहते हैं, लेकिन राजनीतिक घराने में पैदा होने के कारण वे चाहकर भी इस बंधन से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पा रहे हैं। यही कारण है कि उनके चेहरे पर अक्सर एक अजीब सी बेबसी झलकती है, जो इस बात को बयां करती है कि वे अपनी मर्जी की जिंदगी और परिवार की राजनीतिक विरासत के बीच फंसे हुए हैं। इसके बावजूद उनके भीतर एक उम्मीद की किरण हमेशा जलती रहती है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा और लोग उन्हें उनके सच्चे रूप में समझेंगे, न कि केवल एक राजनेता के तौर पर। उनकी यह सादगी और जनता के साथ सीधे जुड़ने का उनका अनोखा अंदाज ही है जो उन्हें अन्य राजनेताओं से बिल्कुल अलग और एक संवेदनशील इंसान के रूप में खड़ा करता है।सोशल मीडिया पर वायरल होती भावनाएं और जनता की मिली-जुली प्रतिक्रियाएंआज के डिजिटल युग में किसी भी राजनेता की भावनाएं, उसके आंसू या उसकी बेबसी छिपी नहीं रह सकती क्योंकि सोशल मीडिया के छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स पलभर में आग की तरह फैल जाते हैं। तेज प्रताप यादव जब भी कोई भावुक पोस्ट शेयर करते हैं या सार्वजनिक मंचों पर थोड़ा अलग अंदाज में अपनी बात रखते हैं, तो इंटरनेट पर यूजरों की प्रतिक्रियाओं का तांता लग जाता है। कुछ लोग उनकी इस संवेदनशीलता की सराहना करते हैं और उन्हें एक सच्चा तथा दिल का साफ इंसान बताते हैं, तो वहीं कुछ राजनीतिक विरोधी उनके इन हालातों पर अपनी तरह से टिप्पणियां भी करते हैं। लेकिन इन सब के बीच एक आम नागरिक और उनके समर्थक के रूप में लोग यह महसूस करते हैं कि राजनीति से परे भी इंसान के भीतर एक दिल होता है जो अपनों की उम्मीदों और दुखों से आहत होता है। तेज प्रताप यादव का यह सफर इस बात का प्रतीक है कि जीवन में सत्ता और पद से ज्यादा मानसिक शांति और अपनों का साथ महत्वपूर्ण होता है। आने वाले समय में चाहे राजनीतिक समीकरण जो भी दिशा लें, लेकिन तेज प्रताप यादव का यह मानवीय चेहरा हमेशा लोगों के दिलों में एक ऐसी पहेली बनकर रहेगा जिसे हर कोई अपने-अपने तरीके से समझने की कोशिश करता है।
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प्रशांत किशोर की दो टूक: 'मुसलमान अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व की चिंता खुद करें
भारतीय राजनीतिक गलियारों में अपनी पैनी रणनीतियों और बेबाक बयानों के लिए जाने जाने वाले राजनीतिक रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने देश के सबसे बड़े और संवेदनशील अल्पसंख्यक समुदाय यानी मुसलमानों को लेकर एक बहुत ही बड़ा, तीखा और वैचारिक बयान दिया है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एक खुले मंच से और मीडिया साक्षात्कारों के दौरान देश के मुस्लिम समाज को नसीहत देते हुए यह दो टूक कहा है कि अब समय आ गया है कि मुसलमानों को अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी, सुरक्षा और उचित प्रतिनिधित्व की चिंता खुद अपने दम पर करनी चाहिए, न कि किसी भी राजनीतिक दल के पिछलग्गू या एकतरफा वोट बैंक बनकर रहना चाहिए। दशकों से देश की चुनावी राजनीति में यह चर्चा का विषय रहा है कि अल्पसंख्यक समुदाय विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में केवल एक निश्चित दल को हराने या जिताने के लिए वोटिंग करता आया है, लेकिन इसके बदले में उन्हें शासन और प्रशासन में वास्तविक भागीदारी नहीं मिलती है। प्रशांत किशोर के इस बयान ने मुख्यधारा की राजनीति और तथाकथित सेक्युलर दलों के भीतर एक भूचाल ला दिया है जो लंबे समय से मुसलमानों को केवल डर दिखाकर उनका वोट हासिल करते आए हैं लेकिन उनके उत्थान और सशक्तिकरण के लिए कभी कोई ठोस काम नहीं किया। उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या वाकई अब मुस्लिम समाज पारंपरिक राजनीति से बाहर निकलकर अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा या फिर हालात जस के तस बने रहेंगे।पारंपरिक राजनीतिक दलों द्वारा मुसलमानों के इस्तेमाल की सच्चाईदेश की आजादी के बाद से लेकर अब तक के राजनीतिक इतिहास को अगर गहराई से खंगाला जाए तो यह बात साफ तौर पर सामने आती है कि लगभग हर छोटे-बड़े राजनीतिक दल ने मुसलमानों को केवल और केवल एक 'वोट बैंक' के रूप में ही देखा है और उनका इस्तेमाल सत्ता की सीढ़ियां चढ़ने के लिए किया है। तथाकथित सेक्युलर दल चुनाव के समय डर और असुरक्षा की भावना का भय दिखाकर मुस्लिम मतदाताओं से एकतरफा वोट तो हासिल कर लेते हैं, लेकिन जब सरकार बनती है तो मंत्रिमंडल, टिकट वितरण, नीति निर्धारण और विकास योजनाओं में उस अनुपात में हिस्सेदारी नहीं दी जाती जितनी उनकी आबादी का हक बनता है। प्रशांत किशोर ने इसी कड़वी सच्चाई पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि मुस्लिम समाज को अब यह समझना होगा कि कोई भी राजनीतिक पार्टी उनका भला करने के लिए राजनीति में नहीं बैठी है, बल्कि हर दल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में लगा हुआ है। जब तक समुदाय के लोग खुद अपनी जमीन तैयार करके अपने हितों की रक्षा करने वाले नेतृत्व को आगे नहीं लाएंगे, तब तक उन्हें इसी प्रकार उपेक्षित किया जाता रहेगा और उनका भावनात्मक शोषण होता रहेगा। उनके इस तर्क ने उन तमाम राजनीतिक दलों को कटघरे में खड़ा कर दिया है जो सालों से यह दावा करते आए हैं कि वे ही अल्पसंख्यकों के एकमात्र सच्चे हितैषी और रक्षक हैं।राजनीतिक हिस्सेदारी और आत्मनिर्भरता की क्यों है सख्त जरूरतकिसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि उसमें समाज के हर एक वर्ग, जाति और समुदाय को उसकी जनसंख्या और आवश्यकता के अनुसार शासन चलाने में उचित प्रतिनिधित्व मिले, ताकि उनकी आवाज सीधे नीति निर्माताओं तक पहुंच सके। प्रशांत किशोर का यह साफ मानना है कि जब तक मुसलमान खुद अपनी राजनीतिक ताकत को संगठित नहीं करेंगे और अपने दम पर दबाव बनाने की क्षमता विकसित नहीं करेंगे, तब तक उन्हें भीख में अधिकार मिलते रहेंगे जो कभी स्थायी नहीं हो सकते। आत्मनिर्भरता का यह सिद्धांत केवल आर्थिक मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीति के क्षेत्र में भी उतना ही लागू होता है जहाँ जब तक आप अपने पैरों पर खड़े नहीं होंगे, तब तक दूसरे लोग आपके भाग्य का फैसला करते रहेंगे। मुस्लिम युवाओं और प्रबुद्ध वर्ग को अब पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों की पिछलग्गू संस्कृति से बाहर निकलकर अपने समाज के भीतर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और उद्यमिता के साथ-साथ मजबूत राजनीतिक नेतृत्व तैयार करने पर जोर देना चाहिए। जब समाज का हर व्यक्ति अपने वोट की ताकत को समझेगा और बिना किसी डर या दबाव के अपने विवेक से सही और गलत का चुनाव करेगा, तभी जाकर वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना संभव हो सकेगी।प्रशांत किशोर के इस बयान के देश की राजनीति पर पड़ने वाले दूरगामी प्रभावप्रशांत किशोर द्वारा दिए गए इस बेबाक और क्रांतिकारी बयान के आने वाले समय में भारतीय राजनीति पर बहुत ही दूरगामी और गहरे प्रभाव पड़ने की पूरी संभावना है, क्योंकि यह सीधे तौर पर दशकों पुरानी स्थापित मान्यताओं को चुनौती देता है। जो राजनीतिक दल यह मानकर बैठे थे कि मुस्लिम मतदाता हमेशा उनकी जेब में हैं और उन्हें बिना कुछ किए ही एकतरफा वोट मिल जाएंगे, अब उन्हें अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करना पड़ेगा। एक तरफ जहां कुछ राजनीतिक दल इस बयान की आलोचना कर रहे हैं और इसे समाज को बांटने वाला बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बुद्धिजीवियों और युवाओं का एक बड़ा वर्ग इसे एक सच और व्यावहारिक सलाह के रूप में देख रहा है। राजनीति में जब तक वैचारिक मंथन और आत्मમंथन नहीं होता, तब तक बदलाव की बयार नहीं बह सकती और प्रशांत किशोर ने ठीक उसी जगह पर हाथ रखा है जिसे छूने से अधिकांश नेता कतराते हैं। आने वाले विधानसभा और अन्य चुनावों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या मुस्लिम समाज इस आह्वान से प्रेरित होकर अपनी पारंपरिक वोटिंग शैली में कोई बदलाव लाता है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि इस बयान ने देश की सियासत में एक नई बहस का दरवाजा जरूर खोल दिया है।
एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन के IVD केन्द्र प्रयागराज में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया। स्वास्थ्य शिविर रोटरी इलाहाबाद मिडटाउन के सौजन्य से लगा। इसमें अपोलो हॉस्पिटल लखनऊ की विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने जांच की। करीब 200 लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उचित सलाह दी गई। नेत्र परीक्षण शिविर में प्रयागराज के नेत्र चिकित्सक डॉ. चौहान और उनकी टीम ने लगभग 150 लोगों की आंखों की जांच की। समापन अवसर पर रोटरी इलाहाबाद मिडटाउन के अध्यक्ष ऋतु कमल अग्रवाल ने सभी का धन्यवाद किया। नेत्र चिकित्सक डॉ. चौहान और उनकी टीम को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर IVD प्रयागराज की अध्यक्षा एवं स्टेट हेड शशि पोद्दार, CTL इंचार्ज पीयूष पांडेय, साधना अग्रवाल, भानु मिश्र, अशोक, शिवम कुमार, आदि का सहयोग रहा।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जामिनेशन (CDS) और नेशनल डिफेंस एकेडमी एंड नेवल एकेडमी एग्जामिनेशन (NDA-NA) 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज लालकुर्ती और एस.एस.डी. ब्वॉयज इंटर कॉलेज लालकुर्ती समेत विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने वहां की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अभ्यर्थियों के प्रवेश, सघन चेकिंग, बायोमेट्रिक व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम जैसी व्यवस्थाओं को परखा। इसके बाद जिलाधिकारी ने परीक्षा कक्षों का भी निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने ड्यूटी पर लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी लगन से अपनी जिम्मेदारियां निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराया जाए। कक्ष निरीक्षकों को सख्त हिदायत दी गई कि परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर संबंधित अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक और स्कूल स्टाफ मौजूद रहे।
देवरिया में मईल थाना क्षेत्र के कुण्डौली स्थित ओम श्री साईं कृपा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को कॉलेज गेट के सामने प्रदर्शन किया। छात्रों ने रामजानकी मार्ग पर जाम लगा दिया। इससे लार-कुण्डौली मार्ग पर आवागमन ठप हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने 1 सितंबर से क्लीनिकल ड्यूटी शुरू कराने की बात कही थी, लेकिन 14 सितंबर तक भी ड्यूटी शुरू नहीं हुई। 2022-26 बैच के छात्रों की इंटर्नशिप भी अभी तक नहीं कराई गई है। कॉलेज में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं और फिलहाल चार शिक्षकों से ही पढ़ाई कराई जा रही है। उनका यह भी आरोप है कि कॉलेज में स्थायी प्रिंसिपल नहीं है और वाइस प्रिंसिपल के आने का समय भी निर्धारित नहीं है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्र पवन पांडेय और आदित्यराज ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर कॉलेज मैनेजमेंट की ओर से रजिस्ट्रेशन फेल कराने और भविष्य खराब करने की धमकी दी जाती है। छात्रों का कहना है कि नर्सिंग की पढ़ाई में किताबी ज्ञान के साथ क्लीनिकल ट्रेनिंग भी जरूरी है। मरीजों की देखभाल का व्यावहारिक ज्ञान क्लीनिकल प्रैक्टिस और इंटर्नशिप से ही मिलता है। छात्रों ने मान्यता पर भी उठाए सवाल छात्रों ने कॉलेज की आईएनसी (इंडियन नर्सिंग काउंसिल) मान्यता को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि संस्थान आईएनसी से अप्रूव्ड नहीं है, जबकि छात्रों से आईएनसी के नियमों का हवाला देकर फीस और अन्य मामलों में कार्रवाई की जाती है। छात्रों का कहना है कि मान्यता की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से उनकी डिग्री और भविष्य में नौकरी को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने कॉलेज प्रशासन से मान्यता की स्थिति स्पष्ट करने के साथ क्लीनिकल ड्यूटी, इंटर्नशिप और शिक्षकों से जुड़ी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। पुलिस पहुंची, कॉलेज ने दिया लिखित आश्वासन सूचना पर मईल थानाध्यक्ष विकास नाथ पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने के साथ कॉलेज प्रशासन से बातचीत की और उनकी मांगों की जानकारी ली। इसके बाद कॉलेज के एमडी ने छात्रों को लिखित आश्वासन दिया कि संस्थान की आईएनसी मान्यता की प्रक्रिया चल रही है और इसे मार्च 2027 तक पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही क्लीनिकल प्रैक्टिस और इंटर्नशिप एक सप्ताह के भीतर शुरू कराने का आश्वासन दिया गया। कॉलेज प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद छात्रों ने सड़क से जाम हटा लिया और आवागमन बहाल हो गया। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि आश्वासन के बावजूद उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे जिला स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन में गौरव यादव, खुशबू कुमारी, दीपक कुमार, सानिया खातून, नीलम कुमारी, काजल, आनंद शुक्ला, सपना, राजन यादव समेत बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्वभूषण मिश्र का रविवार देर रात तबादला कर दिया गया।
महेंद्रगढ़ के कनीना में पुलिस ने एक मकान में हुई चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने कनीना निवासी संदीप और आतिश को गिरफ्तार किया है। उनके पास से सात मोबाइल फोन और चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। डीएसपी डॉ. कविता ने बताया कि कनीना पुलिस को 10 सितंबर को शाम करीब चार बजे चोरी की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि रात में उसके घर से दो चांदी की पायल, एक सोने की चेन, चार मोबाइल फोन और आठ हजार रुपए नकद चोरी हो गए। शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। कनीना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और जांच आगे बढ़ाई। पुलिस टीम ने सबूतों और तकनीकी जानकारी के आधार पर 11 सितंबर को दोनों आरोपी संदीप और आतिश को गिरफ्तार कर लिया। चोरी के जेवर और मोबाइल बरामद पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर सात मोबाइल फोन, चार जोड़ी चांदी की पायल और दो जोड़ी चांदी की पैरों की चुटकी बरामद की गईं। बरामद सामान को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी संदीप पर पहले भी चार मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मारपीट, शस्त्र अधिनियम और चोरी के मामले शामिल हैं। वहीं, आरोपी आतिश पर चोरी से जुड़े तीन मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को आज फिर अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आरोपियों की भूमिका, बरामद सामान और वारदात से जुड़े दूसरे पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार जारी रहेगी।
देव सदन कुल्लू में हिंदी दिवस पर संगोष्ठी और कवि सम्मेलन शुरू
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मुरादाबाद के रामपुर दौराहे स्थित आरएच फर्म में लगी भीषण आग
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जामताड़ा के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सोमवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर गणेश पूजा का आयोजन किया गया। श्री श्री सार्वजनिक गणेश पूजा समिति ने 23वें गणेश महोत्सव का आयोजन किया है। पहाड़ी बाबा मंदिर की तर्ज पर बना पंडाल श्रद्धालुओं का खास आकर्षण बना हुआ है। करीब 13 लाख रुपए की लागत से तैयार इस पंडाल को बिजली की आकर्षक सजावट से सजाया गया है। पंडाल में आधुनिक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी लोगों को लुभा रही है। समिति ने बताया कि जामताड़ा में पहली बार इस तरह का एसी पूजा पंडाल बनाया गया है। गांधी मैदान में दस दिनों का मेला भी लगा है। इसमें जलपरी और भूत बंगला खास आकर्षण बने हुए हैं। बच्चों, युवाओं और परिवारों के मनोरंजन के लिए ब्रेक डांस, तारामाची जैसे कई झूले और मनोरंजन के साधन लगाए गए हैं। मेले में खाने-पीने के स्टॉल भी श्रद्धालुओं और आगंतुकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। पंडाल के बीच में भगवान गणेश का एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है। यहां श्रद्धालु तस्वीरें ले रहे हैं और गणपति बप्पा के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं। यह सेल्फी प्वाइंट युवाओं और बच्चों के बीच बहुत पसंद आ रहा है। गणेश महोत्सव के दौरान भगवान गणेश को 251 किलो मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाया गया है। पूजा समिति ने श्रद्धालुओं के लिए पूजा और प्रसाद बांटने के खास इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, इसे देखते हुए सुरक्षा, साफ-सफाई, रोशनी, पीने के पानी और यातायात व्यवस्था का भी खास ध्यान रखा जा रहा है।
श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान 14 से 16 सितंबर तक भरमौर से हेली टैक्सी सेवा अस्थायी रूप से बंद रहेगी। यह निर्णय भद्रवाह से आने वाले श्रद्धालुओं और ऐतिहासिक छड़ी यात्रा के कारण लिया गया है।
मेरठ में वेस्टर्न कचहरी रोड पर निर्माण कार्य में सड़क के बीच के बिजली के पोल को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सड़क का बेस कोट तैयार होने के दौरान बिजली के पोल बीच में ही रह गए थे। इसके बाद तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता और प्लानिंग को लेकर सवाल उठाए गए थे। अब नगर निगम की ओर से बिजली के पोल को सड़क के बीच से हटाकर डिवाइडर के किनारे शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए नए पोल खड़े कर दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन पोल पर लगे बिजली के तारों को भी जल्द शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद सड़क के इस हिस्से का निर्माण आगे बढ़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि पूरी बिजली व्यवस्था को अंडरग्राउंड किए जाने की योजना है। लाइन अंडरग्राउंड होने के बाद डिवाइडर के किनारे लगाए गए नए पोल भी हटा दिए जाएंगे। इसके बाद सड़क पर फाइनल कोटिंग की जाएगी। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल सड़क पर जो काम हुआ है, वह केवल बेस कोट है। इसे यातायात को प्रभावित होने से बचाने और निर्माण के दौरान उड़ने वाली धूल को कम करने के लिए तैयार किया गया था। बिजली के पोल और लाइन शिफ्ट होने के बाद सड़क का फाइनल कोट तैयार किया जाएगा। वेस्टर्न कचहरी रोड पर सीएम ग्रिड योजना के तहत करीब दो किलोमीटर हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा है। पिछले दिनों सड़क निर्माण के दौरान सीवर टैंक सड़क के बीच आने और बिजली के पोल सड़क के दायरे में रह जाने को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं। अब पोल शिफ्टिंग का काम शुरू होने से सड़क निर्माण को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
चंडीगढ़ बनेगा मॉडल सोलर सिटी: 8000 छतों पर लगेंगे सोलर प्लांट, मिलेगी 78000 रुपये की सब्सिडी
चंडीगढ़ 2030 तक 'मॉडल सोलर सिटी' बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है, जहाँ 8,000 निजी छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का लक्ष्य है।
जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड द्वारा दरगाहों में तहरी बांटने और पक्षियों को दाना खिलाने पर प्रतिबंध लगाने के फैसले ने नई बहस छेड़ दी है। इस निर्णय को लोग धार्मिक आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं के खिलाफ बताकर विरोध कर रहे हैं।
कानपुर में त्योहारों में घर जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। उत्तर मध्य रेलवे ने 13 जोड़ी विशेष ट्रेनों के फेरे बढ़ाने का फैसला किया है। इनमें कानपुर सेंट्रल-असारवा, प्रयागराज-उधना और सूबेदारगंज से चलने वाली कई ट्रेनें शामिल हैं।
करनाल में नेशनल हाईवे पर मधुबन-कंबोपुरा के बीच सोमवार को दो गाड़ियों की भिड़ंत हो गई। हादसे में स्कॉर्पियो और स्विफ्ट कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। दोनों वाहन पलट गए। स्कॉर्पियो में एक परिवार सवार था, जिसमें एक बच्चे को मामूली खरोंच आई। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। सूचना मिलने पर मधुबन पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए जांच शुरू की। उपली निवासी स्कॉर्पियो चालक सैगमन सिंह ने बताया कि वह घरौंडा से करनाल की तरफ आ रहे थे। उनकी गाड़ी की गति 60 से 70 किमी प्रतिघंटा के बीच थी और वह साइड लेन में चल रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही स्विफ्ट कार ने अचानक कट मारकर उनकी गाड़ी के आगे प्रवेश किया और डिवाइडर से टकरा गई। इससे हाईवे की रेलिंग भी टूट गई। एक्सल टूटने पर नहीं संभली गाड़ी सैगमन ने बताया कि स्विफ्ट के पीछे होने के कारण उनकी स्कॉर्पियो भी उससे टकरा गई। टक्कर में दोनों एक्सल टूट गए, जिसके बाद गाड़ी को संभालना मुश्किल हो गया। उनकी गाड़ी रेलिंग से टकराई और दूसरी तरफ जाने से बच गई। हादसे में दोनों वाहन पलट गए। गाड़ी में मां, पत्नी और बेटा था सवार सैगमन सिंह के अनुसार स्कॉर्पियो में उनकी मां, पत्नी और बेटा भी सवार थे। बेटे को थोड़ी बहुत खरोंच आई। उन्होंने सीट बेल्ट लगाई हुई थी, जिससे वह सुरक्षित रहे। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो का दरवाजा नहीं खुला और मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकाला। उन्होंने स्विफ्ट ड्राइवर पर तेज गति से वाहन चलाने और शराब के नशे में होने की आशंका जताई। स्विफ्ट में चार अन्य लोग भी सवार बताए गए। पुलिस ने संभाली हाईवे की स्थिति मधुबन थाना के एसआई लछमन सिंह ने बताया कि दोनों गाड़ियां घरौंडा की तरफ से आ रही थीं। प्रारंभिक जांच में स्विफ्ट के तेज गति में होने और दूसरी गाड़ी के आगे कट मारने की बात सामने आई है। इसके बाद स्विफ्ट डिवाइडर से टकराई और पीछे चल रही स्कॉर्पियो भी उससे भिड़ गई। स्विफ्ट ड्राइवर वाहन छोड़कर फरार हो गया। दोनों गाड़ियां घरौंडा की हैं। हादसे के बाद हाईवे पर जाम की स्थिति बनी, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने निजी स्कूल खोलने की राह आसान करते हुए खेल मैदान के न्यूनतम क्षेत्रफल के मानकों में संशोधन किया है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में स्कूल खोलने के इच्छुक प्रबंधनों को राहत मिलेगी और दस्तावेजों का बोझ भी घटेगा।
बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश में 121 खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में वरिष्ठ और कनिष्ठ सहायकों के तबादले किए हैं। यह कार्रवाई 2026-27 की वार्षिक स्थानांतरण नीति के तहत हुई है।
चित्रकूट: भाजपा नेता के खाली प्लॉट में जोरदार विस्फोट, कटा पैर मिलने से हड़कंप; पुलिस जांच में जुटी
चित्रकूट के अशोह गांव में भाजपा नेता के खाली प्लॉट में देर रात तेज धमाका हुआ। सुबह मौके पर खून के निशान और कटा पैर मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस व फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है।
पंचकूला जिले के पिंजौर की प्रगति विहार कॉलोनी में देर रात दो नकाबपोश संदिग्ध युवकों ने तीन घरों में घुसने की कोशिश की। यह घटना मकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। करीब 20 से 30 मिनट तक दोनों युवक मकानों के दरवाजे और खिड़कियां खोलने का प्रयास करते रहे। मकान मालिक भूपिंदर वर्मा और जतिंदर चौहान ने बताया कि यह घटना रात करीब दो बजे हुई। दोनों युवक मुंह ढककर दीवार फांदकर घरों के आंगन में दाखिल हुए। उन्होंने तीन घरों के दरवाजों और खिड़कियों को खोलने की कोशिश की। खिड़की- दरवाजें बंद होने पर वापस लौटे दरवाजों पर कुंडी लगी होने के कारण वे अंदर नहीं जा सके। वहीं, गर्मी की वजह से कुछ खिड़कियां खुली थीं, लेकिन जालियां बंद होने के चलते संदिग्ध युवकों की कोशिश नाकाम रही। सीसीटीवी फुटेज में दोनों युवक घरों के आसपास घूमते और दरवाजे-खिड़कियां खोलने का प्रयास करते दिख रहे हैं। काफी देर तक कोशिश करने के बाद जब उन्हें सफलता नहीं मिली, तो वे दीवार फांदकर वहां से भाग गए। इस घटना के बाद कॉलोनी के लोगों में डर का माहौल है। कॉलोनीवासियों ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच करने और रात के समय इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।

