टी प्रतीक राव स्मार्ट सिटी ग्वालियर के सीईओ नियुक्त:अपर आयुक्त के दायित्वों के साथ संभालेंगे नया पद
ग्वालियर नगर निगम के अपर आयुक्त टी प्रतीक राव को स्मार्ट सिटी ग्वालियर का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, टी प्रतीक राव अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ स्मार्ट सिटी ग्वालियर के सीईओ का कार्यभार भी संभालेंगे। अपर आयुक्त के रूप में टी प्रतीक राव के पास नगर निगम में शहर के विकास और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व हैं। स्मार्ट सिटी की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब वे स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रहे विकास कार्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं और लंबित योजनाओं की निगरानी भी करेंगे। स्मार्ट सिटी सीईओ के तौर पर उनकी प्राथमिक चुनौती निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय सीमा में पूरा कराना और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना होगी। शहर में स्मार्ट सिटी के तहत सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण, विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट संचालित हैं। नए सीईओ के सामने इन परियोजनाओं की प्रगति को गति देने की जिम्मेदारी रहेगी। नियुक्ति के बाद नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने टी प्रतीक राव को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राव के नेतृत्व में स्मार्ट सिटी के कार्यों को नई गति मिलेगी और शहरवासियों को योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक होटल की बालकनी से गिरकर बिहार के युवक की मौत हो गई। युवक की मौत की जानकारी परिजनों ने पुलिस को नहीं दी। बाद में होटल के कर्मचारी द्वारा पुलिस को बताया गया। जहां कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस का कहना है कि युवक का पैर फिसलने से हादसा हुआ है। युवक के जीजा से भी पुलिस ने घटना की जानकारी ली। तीसरी मंजिल पर होटल में रुकवाया बिहार के कोट निवासी ललित कामत गाजियाबाद के कोतवाली क्षेत्र के इंदर होटल में मैनेजर तैनात हैं। ललित का साला अशोक राय (36 साल) पुत्र बच्चे लाल निवासी बिहार अपनी बहन के यहां आया था। होटल मैनेजर ललित ने अपने साले अशोक राय को इंदर होटल में तीसरी मंजिल पर रुकवाया था। अशोक राय स्टाफ रूम से बालकनी की तरफ पहुंचा। जहां उसका पैर फिसल गया और तीसरी मंजिल की बालकनी से गिरकर मौत हो गई। युवक को अपनी बहन के इलाज के लिए आज बुधवार को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में जाना था। संतुलन बिगड़ने पर पैर फिसला एसीपी कोतवाली उपासना पांडे ने बताया कि जांच में आया अशोक राय का संतुलन बिगड़ने पर पैर फिसल गया। पुलिस ने सीसी टीवी फुटेज भी देखी। जिसमें पाया गया कि अशोक खुद ही पैर फिसलने पर नीचे गिर गया। इस मामले में अशोक के जीजा ने कार्रवाई से इनकार किया है।
विदिशा में बस किराया बढ़ाने पर छात्रों से विवाद, कंडक्टर ने हाथ पकड़कर उतारा बाहर, छात्र पहुंचे थाने
विदिशा के आनंदपुर में बस किराया बढ़ने को लेकर छात्रों और कंडक्टर के बीच विवाद हुआ। विद्यार्थियों ने बदसलूकी और बस से उतारने का आरोप लगाया। पुलिस ने समाधान निकाला।
उत्तर प्रदेश में 73 हजार वक्फ संपत्तियां दस्तावेजों से गायब हो गई हैं, जिसके बाद पूर्व मंत्री मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर एसआईटी जांच की मांग की।
5 हजार एकड़ में बसेगा आधुनिक शहर ग्रेटर कानपुर, इन 7 गांवों में खाली 600 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण
कानपुर में 5000 एकड़ में ग्रेटर कानपुर आधुनिक शहर बसाने की तैयारी है, जिसके लिए सात गांवों में 600 एकड़ खाली जमीन चिह्नित की गई है। जल्द ही इस जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जाएगी और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें करीब पांच लाख लोगों को बसाया जाएगा।
डॉक्टर के दो खातों से 1.93 लाख रुपये की ठगी:कल्याणपुर में गूगल-पे के माध्यम से बिना लेनदेन रकम निकली
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर के दो बैंक खातों से गूगल-पे के जरिए 1.93 लाख रुपये निकल जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने न तो कोई यूपीआई भुगतान किया और न ही किसी को रकम भेजी। मोबाइल पर ट्रांजेक्शन का संदेश आने के बाद उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंप दी है। आवास विकास-3 के सीई ब्लॉक निवासी डॉ. सुरेंद्र मोहन भारतीय ने पुलिस को बताया कि 8 अगस्त को उनके मोबाइल पर गूगल-पे एप के माध्यम से हुए यूपीआई लेनदेन की सूचना मिली। जांच करने पर पता चला कि उनके एचडीएफसी बैंक खाते से 98 हजार रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 95 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए हैं। दोनों खातों से कुल 1 लाख 93 हजार रुपये निकल गए। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने उस समय कोई ऑनलाइन भुगतान नहीं किया था और न ही किसी को ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा की थी। अचानक खातों से रकम निकलने पर उन्होंने तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दी। साइबर ठगी की आशंकाप्राथमिक जांच में मामला साइबर ठगी का माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि किसी तरह यूपीआई आईडी या मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग किया गया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किस खाते में ट्रांसफर हुई और लेनदेन के दौरान कौन-कौन से डिजिटल माध्यम इस्तेमाल किए गए। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा एसीपी कल्याणपुर दिलीप सिंह ने बताया कि डॉक्टर की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच साइबर सेल की मदद से कराई जा रही है। बैंक खातों के ट्रांजेक्शन विवरण, यूपीआई लॉग और मोबाइल एप की गतिविधियों की जांच की जा रही है। बढ़ रहे हैं यूपीआई फ्रॉड के मामले शहर में लगातार बढ़ रहे ऑनलाइन और यूपीआई फ्रॉड के मामलों ने बैंक उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा मोबाइल पर अनजान ट्रांजेक्शन का संदेश मिलते ही तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अगर रकम अभी अंतिम खाते तक नहीं पहुंची होगी तो उसे फ्रीज कराने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल साइबर सेल ट्रांजेक्शन की डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है और संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
गोरखपुर में पीएम श्री राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में स्वतंत्रता के 80वें वर्ष के अवसर पर “हर घर तिरंगा अभियान–2026” की शुरुआत शानदार अंदाज में की गई। इस मौके पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे परिसर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। छात्रों ने गीत, नृत्य और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम का जोश दिखाया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्रों द्वारा तैयार किया गया गतिमान “मानव तिरंगा चक्र” रहा। भारतीय ध्वज के अशोक चक्र से प्रेरित यह अनोखी प्रस्तुति देशभक्ति गीतों की धुन पर लगातार गतिशील रही। इस रचना के जरिए छात्रों ने सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने का सशक्त संदेश दिया, जिसने सभी दर्शकों को भावुक कर दिया। देशभक्ति के रंग में रंगा पूरा परिसर कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर तिरंगे की सजावट, नारों और जयघोष से गूंजता रहा। हर तरफ “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के स्वर सुनाई दिए, जिससे वातावरण पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से भर गया। छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विश्व प्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “हर घर तिरंगा अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर नागरिक में देश के प्रति जिम्मेदारी और गर्व की भावना जगाने का माध्यम है। यह हमें हमारी सांस्कृतिक विरासत, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने और अपनाने की प्रेरणा देता है।” 9 से 17 अगस्त तक चलेंगे देशभक्ति कार्यक्रम अभियान के पांचवें संस्करण के तहत 9 से 17 अगस्त तक रोजाना अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों को याद किया जाएगा और उनके बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। जुबिली कॉलेज का यह आयोजन सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाला प्रेरणादायक प्रयास बनकर सामने आया।
ललितपुर में 10 अगस्त को हुई टीचर अभय लोधी की हत्या के मामले में बुधवार को नया मोड़ सामने आया। घटना के समय टीचर के साथ मौजूद रहे साथी टीचर विजय पाण्डेय ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। विजय पाण्डेय ने बताया सोमवार 10 अगस्त को स्कूल की छुट्टी के बाद वह टीचर अभय लोधी और उनकी छह वर्षीय बेटी भाग्यश्री के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। ललितपुर-बानपुर मार्ग पर ग्राम खोंखरा के पास पीछे से आई एक पिकअप ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में तीनों सड़क पर गिर गए। टक्कर के बाद विजय पाण्डेय बेहोश हो गए। विजय ने बताया कि होश में आने के बाद वह घटनास्थल से उठकर कल्यानपुरा स्थित एक निजी अस्पताल में अपना इलाज कराने चले गए। बुधवार दोपहर, घटना के दो दिन बाद, वह कोतवाली सदर पहुंचे और पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी। कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम झरकौन निवासी अभय लोधी (30) पुत्र मक्खन, बानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कल्यानपुरा स्थित एक निजी इंटर कॉलेज में टीचर थे। वह रोजाना अपनी 6 वर्षीय बेटी भाग्यश्री, जो कक्षा दो में पढ़ती है, के साथ स्कूल जाते थे और दोपहर में वापस लौटते थे। बताया गया कि 10 अगस्त को खोंखरा के पास पिकअप की टक्कर के बाद अभय लोधी के साथ मारपीट की गई और उनके सिर पर पत्थर पटक दिया गया। गंभीर रूप से घायल अभय को इलाज के लिए ग्वालियर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना में साथी टीचर के सामने आने के बाद पुलिस अब विजय पाण्डेय के बयान के आधार पर भी मामले की जांच कर रही है। सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 4 टीमें गठित की गई हैं। इनमें कोतवाली की दो टीमें, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम शामिल हैं। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच करते हुए आरोपियों की तलाश में जुटी है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी 'संगठन सृजन अभियान' के तहत बुधवार को प्रयागराज के गंगापार क्षेत्र की फाफामऊ और सोरांव विधानसभाओं में संगठनात्मक समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का उद्देश्य पार्टी संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करना, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना और आगामी राजनीतिक गतिविधियों की रणनीति तैयार करना था। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सचिव और प्रयागराज की जिला पर्यवेक्षक ज़रीता लैतफलांग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए संगठन को गांव, बूथ और ब्लॉक स्तर तक सक्रिय करना आवश्यक है। लैतफलांग ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि संगठन की मजबूती ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है। फाफामऊ विधानसभा की प्रभारी और उत्तर प्रदेश कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव मंजू मौर्य भी बैठक में मौजूद थीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने और अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया। मौर्य ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य हर बूथ पर मजबूत संगठन बनाना और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ना है। बैठक में जिला कांग्रेस कमेटी गंगापार के अध्यक्ष अशफाक अहमद, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुनील पांडे, श्रृंगवेरपुर के वार्ड अध्यक्ष आदित्य पांडे समेत कई वरिष्ठ और स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। फाफामऊ और सोरांव विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन बैठकों में भाग लिया। कार्यकर्ताओं ने संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और आगामी कार्यक्रमों से संबंधित अपने सुझाव प्रस्तुत किए। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय बढ़ाने और पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। बैठक के समापन पर, स्थानीय पदाधिकारियों ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और संगठन सृजन अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया। आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित करने की रणनीति पर भी सहमति बनी।
प्रयागराज जिला प्रशासन और क्षेत्रीय खेल कार्यालय 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 5 किलोमीटर की क्रॉस कंट्री रेस का आयोजन कर रहे हैं। यह दौड़ पुरुष और महिला दोनों वर्गों के लिए होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी 14 अगस्त को सुबह मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में अपनी एंट्री और बिब नंबर प्राप्त कर सकते हैं। विजेताओं को 15 अगस्त को ध्वजारोहण के बाद पुरस्कृत किया जाएगा। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी शिव कुमार यादव ने बताया कि रेस 15 अगस्त को सुबह छह बजे चंद्रशेखर आजाद पार्क के गेट नंबर-3 से शुरू होगी। यह दौड़ आजाद पार्क के गेट नंबर-3 से होते हुए हिंदू हॉस्टल, हनुमान मंदिर, मेडिकल चौराहा, बाल्सन चौराहा, इंडियन प्रेस चौराहा से गुजरेगी और चंद्रशेखर आजाद मूर्ति गेट नंबर-3 पर ही समाप्त होगी। प्रतियोगिता को सफल और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए खेल कार्यालय ने कई प्रशासनिक निर्देश जारी किए हैं। अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के उप क्रीड़ा अधिकारी मनीष गुप्ता को वहां प्रशिक्षण ले रहे बालक-बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। क्षेत्रीय खेल कार्यालय के अंशकालिक मानदेय एथलेटिक्स प्रशिक्षक सत्येंद्र सिंह को आयोजन से संबंधित सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रयागराज मंडल में रेल संचालन को और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बुधवार से दो दिवसीय इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट शुरू हुआ। पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) की एक विशेषज्ञ टीम ने प्रयागराज-फतेहपुर रेलखंड का व्यापक निरीक्षण किया। यह ऑडिट पश्चिम मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जिसका नेतृत्व सीटीपीएम राजेश दत्त बाजपेयी ने किया। टीम में इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और संरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। ऑडिट के दौरान स्टेशनों, रेलवे यार्ड, लेवल क्रॉसिंग, रेलवे पुलों और सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की बारीकी से जांच की गई। टीम ने भरवारी स्टेशन और यार्ड, लेवल क्रॉसिंग गेट एलसी-13ए, रेलवे ट्रैक के पॉइंट एवं क्रॉसिंग, कर्व संख्या-12 अप, सिराथू-अथसराय के बीच स्थित मेजर ब्रिज संख्या-109 (गर्डर ब्रिज) और एलएचएस संख्या-40 का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, फतेहपुर स्टेशन और यार्ड का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैक की स्थिति और अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की। ऑडिट टीम ने फील्ड में तैनात कर्मचारियों से भी बातचीत की। इस दौरान कर्मचारियों से उनके कार्य, जिम्मेदारियों और सुरक्षा नियमों की जानकारी ली गई। टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि रेल संचालन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किस तरह किया जा रहा है। फतेहपुर स्टेशन पर टीम ने पॉइंट, एसईजे, रिले रूम और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित अभिलेखों और तकनीकी दस्तावेजों की भी जांच की तथा आवश्यक जानकारी जुटाई। प्रयागराज मंडल की ओर से अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) एम.एम. वारिस, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी यू.सी. शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी ऑडिट टीम के साथ मौजूद रहे और निरीक्षण में सहयोग किया। ऑडिट के दूसरे दिन, 13 अगस्त को प्रयागराज स्टेशन स्थित एआरटी/एआरएमई, लॉबी और रनिंग रूम का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद पश्चिम मध्य रेलवे की टीम मंडल रेल प्रबंधक के साथ बैठक कर निरीक्षण के दौरान सामने आए बिंदुओं पर चर्चा करेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ऐसे नियमित सेफ्टी ऑडिट से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होती है तथा संभावित कमियों को समय रहते दूर करने में मदद मिलती है।
सुंदरगढ़ में 39 4G मोबाइल टावरों के लिए भूमि आवंटन में देरी से डिजिटल इंडिया पहल धीमी पड़ गई है। केंद्रीय मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने इस पर चिंता जताते हुए स्थानीय प्रशासन से त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया है।
प्रयागराज को वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आधुनिक विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से मेयर गणेश केसरवानी ने बेंगलुरु में द आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर और एसएसआरपीएल के चेयरमैन प्रसन्ना प्रभु से मुलाकात की। इस बैठक में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय, डिजिटल कुम्भ और रिवर फ्रंट जैसी प्रयागराज के समग्र विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मेयर केसरवानी ने प्रयागराज को भारत की आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि शहर में एक आध्यात्मिक विश्वविद्यालय स्थापित किया जाए। इस विश्वविद्यालय में योग, ध्यान, भारतीय दर्शन, संस्कृति और जीवन मूल्यों को आधुनिक शिक्षा एवं शोध के साथ एकीकृत किया जाएगा। मेयर के अनुसार, यह विश्वविद्यालय देश-विदेश के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए प्रयागराज को एक प्रमुख आकर्षण बना सकता है। बैठक में डिजिटल कुम्भ की अवधारणा पर भी विचार-विमर्श किया गया। मेयर ने कुम्भ मेले को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म, वर्चुअल अनुभव और स्मार्ट सूचना प्रबंधन के उपयोग पर जोर दिया। उनका मानना है कि यह पहल प्रयागराज को भविष्य के स्मार्ट आध्यात्मिक शहर के रूप में विकसित करने में सहायक होगी। गंगा और यमुना तट के विकास से जुड़ी रिवर फ्रंट परियोजना पर भी चर्चा हुई। मेयर ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन, जनसुविधाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बनना चाहिए। द आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिनिधियों ने इन प्रस्तावों में गहरी रुचि दिखाई और भविष्य में संभावित सहयोग पर आगे विचार करने की सहमति व्यक्त की। मेयर ने विश्वास व्यक्त किया कि सामाजिक और आध्यात्मिक संस्थाओं की सहभागिता से प्रयागराज के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत @2047 के संकल्प के अनुरूप, ये परियोजनाएं प्रयागराज को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
लसूड़िया थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय बालिका के साथ छेड़छाड़ करने वाले 60 वर्षीय होम ट्यूटर को अदालत ने दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपी नितिन सप्रे (60 वर्ष) को पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास, 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास और 16 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। डेमो क्लास के दूसरे ही दिन नीयत बिगड़ी पीड़िता 9वीं कक्षा की छात्रा है और वर्ष 2006 से अपने मौसा-मौसी के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी। मौसी ने पढ़ाई के लिए आरोपी नितिन सप्रे को ट्यूशन पढ़ाने के लिए बुलाया था। 7 जून 2022 से ट्यूटर की डेमो क्लास शुरू हुई थी। घर में अकेला पाकर की थी हरकत घटना 8 जून 2022 की दोपहर करीब 2 बजे की है। ट्यूटर जब पढ़ाने आया, तब छात्रा घर में अकेली थी और उसकी बड़ी बहन कुत्ते को टहलाने नीचे गई हुई थी। छात्रा को अकेला पाकर ट्यूटर उसके पास आकर बैठ गया और गलत तरीके से छूने लगा। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत 9 जून 2022 को थाना लसूड़िया में दर्ज कराई थी। अदालत में विशेष लोक अभियोजक सीमा शर्मा की प्रभावी पैरवी के बाद आरोपी को कठोर सजा सुनाई गई।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को अयोध्या के हैदरगंज में आयोजित विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा, आरएसएस और राम मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार मंदिर को कमाई का जरिया न बनाए। मंदिर की व्यवस्था धर्माचार्यों के हाथ में होनी चाहिए। ‘गिनने वाले जेल गए, गिनवाने वाले क्यों नहीं?’ राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में कार्रवाई को लेकर अजय राय ने सवाल उठाते हुए कहा, “गिनने वाले जेल गए, गिनवाने वाले क्यों नहीं गए?” उन्होंने कहा कि चढ़ावा गिनवाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। अजय राय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर का पैसा आरएसएस के खाते में गया है। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े नृपेंद्र मिश्रा, चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देवगिरी और गोपाल राव के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। ये सभी आरोप अजय राय ने लगाए हैं। 2027 में चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दे अजय राय ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में राम मंदिर चढ़ावा चोरी, बेरोजगारी, पेपर लीक, छात्रों की समस्याएं और कानून-व्यवस्था प्रमुख मुद्दे होंगे। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के बाद पूरे प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करेगी। अयोध्या में आयोजित सम्मेलन भी इसी अभियान का हिस्सा है। ‘जीरो टॉलरेंस’ पर सरकार को घेरा प्रदेश अध्यक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने गोरखपुर में हुई हत्या और बच्ची से दुष्कर्म की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार से सवाल किया कि जब प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति है तो ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। रामलला और हनुमानगढ़ी में किए दर्शन कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद अजय राय ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद हनुमानगढ़ी पहुंचकर बजरंगबली के दर्शन किए और प्रदेश की खुशहाली, अमन-चैन और समृद्धि की कामना की। शोक संतप्त परिवारों से भी मिले अजय राय ने कांग्रेस नेता महेश वर्मा के अनुज के निधन पर दर्शननगर के तकपुरा स्थित उनके आवास पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष मो. आमिर की माता के निधन पर महुबरा चौराहा स्थित आवास पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। सम्मेलन की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने की। संयोजक पीसीसी सदस्य अशोक सिंह रहे। राजेंद्र प्रताप सिंह, रामदास वर्मा, रेनू राय, गौरव तिवारी, राकेश तिवारी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस यौन उत्पीड़न की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने से सिर्फ़ इसलिए मना नहीं कर सकती, क्योंकि शिकायतकर्ता महिला ने अपने आरोपों के समर्थन में वाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग या अन्य ठोस सबूत पेश नहीं किए। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब कोई महिला संज्ञेय अपराध की जानकारी लेकर पुलिस के पास जाती है तो कानूनी जांच करने की ज़िम्मेदारी उस महिला पर नहीं डाली जा सकती। कंपनी के मालिक पर कर्मचारी महिला के आरोप जस्टिस चंद्र धारी सिंह और जस्टिस तरुण सक्सेना की बेंच ने यह टिप्पणी तब की जब वे एक याचिका खारिज कर रहे थे। इस याचिका में याची अर्पित गुप्ता ने यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, डिजिटल पेनिट्रेशन और आपराधिक धमकी के आरोपों वाली एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। ये आरोप उस कंपनी के मालिक पर लगाए गए, जहां शिकायतकर्ता महिला काम करती थी। कोर्ट ने कहा: यह समझना मुश्किल है कि जब शिकायतकर्ता महिला आरोपों के साथ संबंधित पुलिस स्टेशन गई, जिनसे पहली नज़र में ही संज्ञेय अपराध का पता चलता था, तो पुलिस ने एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर की जांच कराएं डीजीपी कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि वे जांच करें कि एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई और गाज़ियाबाद के पुलिस कमिश्नर सहित संबंधित पुलिस कर्मियों के आचरण की भी जांच करें। डीजीपी को खास तौर पर यह जांचने का निर्देश दिया गया कि क्या 16 जुलाई, 2026 की पुलिस रिपोर्ट कानूनी और निष्पक्ष शुरुआती जांच के बाद तैयार की गई थी, और क्या शिकायतकर्ता महिला द्वारा वाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग या सोशल मीडिया का मैटीरियल पेश न कर पाने को एफआईआर दर्ज करने से इनकार करने का कानूनी आधार माना जा सकता था। डीजीपी निगरानी रखें, चार हफ्ते में रिपोर्ट दें डीजीपी को जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और चार हफ़्ते के भीतर व्यक्तिगत हलफनामे के ज़रिए रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। इस रिपोर्ट में जांचे गए अधिकारियों, उनके स्पष्टीकरण, नतीजों और प्रस्तावित या की गई कार्रवाई का ब्योरा होना चाहिए। कोर्ट ने गाज़ियाबाद के पुलिस कमिश्नर को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि जांच निष्पक्ष, बिना किसी भेदभाव के और कानून के अनुसार की जाए। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को यह जांच करने का भी निर्देश दिया कि गाजियाबाद पुलिस अधिकारियों ने महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने से क्यों मना किया। महिला ने अपने नियोक्ता पर यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, उकसाने और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया था। बार बार यौन उत्पीड़न किया गया शिकायतकर्ता महिला याचिकाकर्ता की कंपनी में एडमिन के तौर पर काम करती थी। उसने आरोप लगाया कि आरोपी-याचिकाकर्ता ने बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया, उसके साथ छेड़छाड़ की, उसे धमकाया और उसके साथ यौन दुर्व्यवहार किया। उसने आगे आरोप लगाया कि मार्च 2026 में उसने डिजिटल पेनिट्रेशन किया और उसे तथा उसके परिवार के सदस्यों को धमकाया। वह पहले गाजियाबाद के वेव सिटी पुलिस स्टेशन गई और उसके बाद गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर के पास गई, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। फिर वह बी एन एस एस की धारा 173(4) के तहत संबंधित मजिस्ट्रेट के पास गई। पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि महिला से वाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग या सोशल-मीडिया बातचीत उपलब्ध कराने के लिए कहा गया, लेकिन वह ऐसा कोई सबूत पेश नहीं कर पाई। पुलिस की रिपोर्ट अलग पुलिस रिपोर्ट में उसके आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया, झूठा और बेबुनियाद करार दिया गया और कहा गया कि ये आरोप दबाव बनाने का तरीका थे या नियोक्ता द्वारा पहले दर्ज कराए गए जबरन वसूली के मामले का जवाब थे। हालांकि, मजिस्ट्रेट ने 20 जुलाई, 2026 को एफआईआर दर्ज करने और जांच का आदेश दिया। इसे बीएनएस की धाराओं 64 (बलात्कार), 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 75(2) (यौन उत्पीड़न), 76 (कपड़े उतारने के इरादे से महिला पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत दर्ज किया गया। एफआईआर रद्द के लिए हाइकोर्ट गए एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी नियोक्ता ने एफआईआर को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया। उसने तर्क दिया कि आरोप झूठे और अविश्वसनीय थे और ये पहले हुई जबरन वसूली की कार्रवाई से प्रेरित थे। कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने के चरण में विवादित तथ्यात्मक आरोपों की जांच करने से इनकार किया। कोर्ट ने जोर दिया कि इन आरोपों की जांच की आवश्यकता है और अनुच्छेद 226 के तहत कार्यवाही में इनका निर्णायक रूप से निर्धारण नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने गौर किया कि आरोप केवल इलेक्ट्रॉनिक संचार तक सीमित नहीं थे, बल्कि इनमें नियोक्ता के केबिन में कथित शारीरिक हरकतें, यात्रा के दौरान कथित छेड़छाड़, धमकियां और रोजगार संबंध का कथित दुरुपयोग भी शामिल था। चैट न होने से साबित नहीं की आरोप झूठे बेंच ने कहा, शुरुआती चरण में चैट या रिकॉर्डिंग का न होना यह साबित नहीं करता कि आरोप झूठे हैं। कोर्ट ने आगे कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन रिकॉर्ड, सब्सक्राइबर विवरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत इकट्ठा कर सकती है। इसलिए कोर्ट ने माना कि पीड़िता द्वारा ऐसी सामग्री पेश न करने को एफआईआर दर्ज करने से इनकार करने का आधार बनाना पुलिस के लिए उचित नहीं था। बेंच ने यह भी कहा, जब पीड़िता संज्ञेय अपराधों की जानकारी लेकर पुलिस के पास जाती है तो उस चरण में कानूनी जांच करने की जिम्मेदारी पीड़िता पर नहीं डाली जा सकती। बेंच ने कहा पुलिस को जानकारी दर्ज करनी होती है, आरोपों की जांच करनी होती है और सबूत इकट्ठा करने होते हैं। उन्हें एफआईआर दर्ज करने के चरण में आरोपों के सही या गलत होने का अंतिम फ़ैसला करने की ज़रूरत नहीं होती है। कोर्ट ने आगे यह भी कहा, पुलिस का कर्तव्य है कि वह शिकायत ले, संज्ञेय अपराध होने पर एफआईआर दर्ज करे, निष्पक्ष जांच करे और जांच का नतीजा सक्षम अदालत के सामने रखे। आरोपों की सच्चाई, गवाहों की विश्वसनीयता, सबूतों की स्वीकार्यता और पर्याप्तता, और आरोपी के दोषी या निर्दोष होने के बारे में अंतिम फ़ैसला कानून के अनुसार आपराधिक अदालत को करना होता है। कोर्ट ने आगे कहा कि एफआईआर दर्ज करने से पहले पुलिस द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट केवल पुलिस की शुरुआती राय थी और इसे आरोपों के सही या गलत होने के बारे में अंतिम फ़ैसला नहीं माना जा सकता। बेंच ने कहा कि यौन अपराध की शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कानून के अनुसार की जानी चाहिए। इसके अनुसार, कोर्ट ने एफआईआर को रद्द करने से इनकार किया। हालांकि, कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि जब शिकायतकर्ता महिला ने शुरू में पुलिस से संपर्क किया था, तो पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। कोर्ट ने कहा: यह समझना मुश्किल है कि जब शिकायतकर्ता महिला ऐसे आरोपों के साथ संबंधित पुलिस स्टेशन गई, जिनसे पहली नज़र में ही संज्ञेय अपराध का पता चलता था, तो पुलिस ने एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की।
गोंडा में एक 19 वर्षीय छात्रा की हाईस्कूल मार्कशीट में जन्मतिथि गलत दर्ज होने का मामला सामने आया है। राजापुर खरगूपुर गांव निवासी आकांक्षा तिवारी की मार्कशीट में जन्मतिथि 1 अक्टूबर 1970 दर्ज है। इससे दस्तावेजों में उसकी उम्र 56 वर्ष हो गई है, जबकि छात्रा की वास्तविक उम्र 19 वर्ष है। जन्मतिथि में गलती के कारण उसे इंटरमीडिएट का परीक्षा फॉर्म भरने में परेशानी हो रही है। बुधवार शाम छात्रा ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायती दी। कक्षा 8 की मार्कशीट में जन्मतिथि थी सही आकांक्षा के मुताबिक, कक्षा 8 की मार्कशीट में उसकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2006 दर्ज थी। इसके बाद हाईस्कूल में प्रवेश और बोर्ड प्रक्रिया के दौरान जन्मतिथि गलत दर्ज हो गई। हाईस्कूल के प्रवेश पत्र में जब उसने अपनी उम्र 19 वर्ष के बजाय 56 वर्ष देखी तो विद्यालय पहुंचकर शिकायत की। छात्रा का आरोप है कि शिकायत किए एक साल से अधिक समय बीत गया, लेकिन अब तक हाईस्कूल की मार्कशीट में जन्मतिथि ठीक नहीं कराई गई। ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म भरने में आ रही दिक्कत जन्मतिथि गलत होने के कारण आकांक्षा को इंटरमीडिएट परीक्षा का फॉर्म भरने में परेशानी हो रही है। ऑनलाइन पोर्टल पर अधिक उम्र दर्ज होने के कारण उसका परीक्षा फॉर्म आगे नहीं बढ़ पा रहा है। छात्रा का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उसकी पढ़ाई के दो साल बर्बाद हो सकते हैं। डीआईओएस कार्यालय पहुंचकर की शिकायत बुधवार शाम करीब 6 बजे आकांक्षा गोंडा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंची और शिकायती पत्र देकर जन्मतिथि में सुधार कराने की मांग की। उसने संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। डीआईओएस ने दिए तत्काल सुधार के निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विद्यालय की प्रधानाचार्य और प्रबंधन को जन्मतिथि ठीक कराने और संशोधित मार्कशीट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मामले की जांच के भी आदेश दिए हैं। डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने कहा कि शिकायत बुधवार को उनके सामने आई है। तत्काल संबंधित विद्यालय को जन्मतिथि ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।
बिहार में शिक्षक बनने का अवसर, STET 2026 के लिए 17 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन
बिहार विश्वविद्यालय परीक्षा समिति ने एसटीईटी परीक्षा 2026 के लिए आवेदन की तिथि 17 अगस्त से घोषित की है। शिक्षा विभाग की सहमति के बाद यह परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें पिछले वर्ष की तरह ही पैटर्न रहने की संभावना है।
बिहार पुलिस अब विधि-व्यवस्था में नहीं उठाएगी AK-47, इंसास और SLR; डीजीपी का सख्त आदेश
बिहार पुलिस ने विधि-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण में AK-47, इंसास और SLR जैसे असाल्ट हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अब इन हथियारों का उपयोग केवल उग्रवाद, आतंकवाद और दुर्दांत अपराध से जुड़े मामलों में ही किया जाएगा।
अजमेर में मेडिकल स्टोर में दवाई लेने आए एक युवक ने कर्मचारी पर हमला कर दिया। दुकान के सामने खड़ी बाइक को साइड में कहने पर युवक काउंटर पर रखी कैंची उठाकर दुकान मालिक और कर्मचारी को मारने के लिए दौड़ा। दोनों जान बचाने के लिए दुकान के अंदर एक कमरे में बंद हो गए। वैशाली नगर स्थित माकड़वाली रोड पर बुधवार को शाम करीब 7 बजे यह वारदात सेफ लाइफ मेडिकल शॉप में हुई। युवक ने पहले कैंची लेकर कर्मचारी उत्कर्ष पर हमला किया। इसके बाद मालिक विनय गौड़ और कर्मचारी उत्कर्ष का भी पीछा किया। दोनों ने किसी तरह दुकान के अंदर पहुंचकर खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद करीब दो घंटे तक वे कमरे में ही बंद रहे और बाहर युवक कैंची लेकर घूमता रहा। इस दौरान युवक कमरे का गेट तोड़ने की कोशिश करता रहा। पूरा घटनाक्रम मेडिकल स्टोर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। युवक ने ASI राजाराम पर भी कैंची से हमला करने की कोशिश की। आखिरकार पुलिस फोर्स ने दुकान के अंदर पेपर स्प्रे किया। इसके असर से युवक बाहर आया और पुलिस ने उसे काबू कर थाने पहुंचाया। बाद में परिजनों के लिखित शिकायत देने पर युवक को एंबुलेंस से अस्पताल भेज दिया गया। गाड़ी साइड करने को कहा तो कर्मचारी पर किया हमला घटना सेफ लाइफ मेडिकल शॉप की है। युवक अपने माता-पिता के साथ यहां दवाई लेने आया था। दवाई लेने के बाद मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले कर्मचारी उत्कर्ष ने युवक से गाड़ी साइड करने के लिए कहा। युवक ने गाड़ी साइड की और वापस दुकान के बाहर आकर पिता से बातचीत करने लगा। इसी दौरान अचानक युवक ने उत्कर्ष पर हमला कर दिया। दुकान मालिक, कर्मचारी सहित अपने पिता पर भी किया हमला हमले के बाद दुकान मालिक विनय गौड़ बाहर आए और युवक को रोकने की कोशिश की। कुछ देर बाद युवक दोबारा दुकान की तरफ आया और काउंटर पर रखी कैंची उठा ली और मालिक विनय और कर्मचारी उत्कर्ष पर हमला कर दिया। इस दौरान युवक लगातार कमरे का गेट तोड़ने का प्रयास करता रहा। इस दौरान उसके माता-पिता भी उसे समझाने और रोकने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह नहीं माना। इसी बीच उसने अपने पिता पर भी कैंची से हमला कर दिया, जिससे उनके हाथ पर चोट आई। पुलिस पहुंची तो ASI पर भी कैंची से हमला करने की कोशिश घटना की सूचना मिलने पर कृष्णगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दुकान के बाहर चैनल गेट से युवक को समझाया और कैंची छोड़कर बाहर आने के लिए कहा। इसके बाद थाने से अतिरिक्त पुलिस जाप्ता भी बुलाया गया। समझाइश के दौरान युवक ने ASI राजाराम पर भी कैंची से हमला करने की कोशिश की। राजाराम ने पीछे हटकर खुद को बचाया। पुलिस लगातार युवक को समझाती रही, लेकिन वह कैंची छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। दुकान के अंदर पेपर स्प्रे किया, हाथ ऊपर कर बाहर आया करीब दो घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद पुलिस फोर्स ने दुकान के अंदर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया। पेपर स्प्रे के असर से युवक की आंखों में जलन होने लगी। इसके बाद वह हाथ ऊपर कर बाहर आया। पुलिस ने तुरंत उसे अपने कब्जे में लिया और थाने ले गई। परिजन बोले- युवक का इलाज चल रहा ASI राजाराम ने बताया- युवक रामगंज क्षेत्र का रहने वाला है। उसके माता-पिता उसे मेडिकल स्टोर के पास डॉक्टर को दिखाने के लिए लेकर आए थे। परिजनों ने बताया- युवक का इलाज चल रहा है और वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। पुलिस के अनुसार- युवक को रेस्क्यू कर थाने लाया गया। परिवार ने लिखित में दिया कि युवक का इलाज चल रहा है। इसके बाद उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में कोई शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शाहजहांपुर के कांट थाना क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 6 बजे दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की टक्कर में दो कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। हादसा जमौर के पास हुआ। मृतकों की पहचान कटरा थाना क्षेत्र के बरखेड़ा निवासी प्रदीप और 13 साल की नीतीश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, कांवड़ियों से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जा रही थीं। जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली पर प्रदीप और नीतीश सवार थे, वे उतरकर पीछे चल रहे थे। इसी दौरान आगे चल रही दूसरी ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर खड़ी थी और उसे बाईं ओर मुड़ना था, लेकिन वह दाईं ओर मुड़ गई। पीछे से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली इसी दौरान उससे टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीन कांवड़िए दोनों ट्रैक्टरों के बीच फंस गए। हादसे में प्रदीप और 13 साल की नीतीश की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य कांवड़िया गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। घायल कांवड़िए को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है, जिसके बाद परिवार के लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। सड़क से हटाई गईं दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉलियां एसपी सौरभ दीक्षित ने दो कांवड़ियों की मौत की पुष्टि की है। हादसे के बाद मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। दुर्घटनाग्रस्त दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सड़क से हटवा दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बलिया के नरहीं में बुधवार शाम करीब पांच बजे पुलिस की गोली से शहीद हुए विनोद राय की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, बांसडीह विधायक केतकी सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, संजय यादव और विनोद शंकर दुबे सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने स्वर्गीय विनोद राय को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने स्वर्गीय विनोद राय को श्रद्धांजलि देते हुए उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पिछली बार सदन चलने और उसी दिन उनका प्रश्न लगे होने के कारण वे कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके थे। मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों का भी उल्लेख किया। पुलिस-प्रशासन ने जनरेटर बंद कर लाठीचार्ज किया कार्यक्रम के आयोजक और पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी ने 12 अगस्त 2016 की घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस समय उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी और बलिया में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता थाने के सामने प्रदर्शन कर रहे थे। तिवारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस-प्रशासन ने जनरेटर बंद कर लाठीचार्ज किया और फिर गोलीबारी शुरू कर दी। उपेंद्र तिवारी ने कहा कि पुलिस ने सैकड़ों राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें विनोद राय शहीद हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना में दर्जनों कार्यकर्ता गोली लगने से और सैकड़ों महिलाएं व पुरुष बुरी तरह चोटिल हुए थे। तिवारी ने तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार पर 'गुंडाराज, माफिया राज, लूट और भ्रष्टाचार' का आरोप लगाया। इस अवसर पर सुग्रीव राजभर और चितबड़ागांव के चेयरमैन अमरजीत सिंह सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
नीमच जिले के जीरन में बुधवार को 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत एक विशाल तिरंगा वाहन रैली निकाली गई। प्रशासन के आह्वान पर आयोजित इस यात्रा में सैकड़ों नगरवासियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामकर हिस्सा लिया और पूरे जीरन नगर को देशभक्ति के जयघोषों से गुंजायमान कर दिया। हनुमान मंदिर से बड़े गणपति मंदिर पहुंची यात्रा वाहन तिरंगा यात्रा का शुभारंभ जीरन के ऐतिहासिक समर्थ लंका विजय हनुमान मंदिर परिसर से हुआ। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं का काफिला नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ बड़े गणपति मंदिर पहुंचा। इसके बाद विभिन्न अंदरूनी रास्तों से गुजरते हुए यात्रा वापस अपने शुरुआती स्थल पर आकर संपन्न हुई। जगह-जगह हुआ पुष्पवर्षा से स्वागत डीजे पर बज रहे देशभक्ति भजनों के बीच निकाली गई इस यात्रा का स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने जगह-जगह फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया। यात्रा में निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह रहे उपस्थित आयोजन में पुलिस, राजस्व, नगर और शिक्षा विभाग सहित कई शासकीय विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। यात्रा के समापन पर प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपने घरों, दुकानों और दफ्तरों पर तिरंगा फहराने की अपील की।
नूंह जिले के साकरस गांव के पास बुधवार को कूड़े के ढेर में एक नवजात बच्ची दबी हुई मिली। ग्रामीणों ने बच्ची को कूड़े से बाहर निकाला और पुलिस की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया। बच्ची का उपचार अल-आफिया अस्पताल, मांडीखेड़ा में चल रहा है। यह घटना बुधवार को सामने आई, जब गांव के लोगों ने कूड़े के ढेर में एक नवजात बच्ची को देखा। जिसके बाद ग्रामीणों ने बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि बच्ची जीवित थी। डॉक्टर बोले- शरीर पर हल्की चोट अल-आफिया अस्पताल के डॉ. इरफान ने बताया कि कूड़े में दबे होने के कारण बच्ची के शरीर पर हल्की चोटें आई हैं। हालांकि, उसकी हालत फिलहाल स्थिर है और चिकित्सक उसके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सदर फिरोजपुर झिरका पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी सुभाष चंद्र के अनुसार, पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को कूड़े के ढेर तक कौन लेकर आया और उसे वहां छोड़ने के पीछे क्या कारण था। जांच के बाद ही इस घटना के पीछे के तथ्यों का खुलासा हो पाएगा।
मोबाइल कोर्ट ने वसूला एक लाख रुपए जुर्माना:31 प्रकरणों में कार्रवाई, अवैध होर्डिंग पर भी केस दर्ज
शहर में गंदगी फैलाने, अस्थायी अतिक्रमण और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने मोबाइल कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा के नेतृत्व में संचालित मोबाइल कोर्ट ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर कुल 31 प्रकरण दर्ज किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान कुल 1 लाख 1 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। दर्ज किए गए 31 प्रकरणों में से 06 मामलों में संबंधित लोगों ने मौके पर जुर्माना राशि जमा करने से इनकार कर दिया। इन मामलों को अब न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एक अवैध होर्डिंग का प्रकरण भी बनाया गया है, जिसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। नोडल अधिकारी विधि अनूप लिटोरिया ने बताया कि नगर निगम और खाद्य विभाग की एक संयुक्त टीम ने भी निरीक्षण किया। इस टीम ने कम्पू स्थित परमानंद स्वीट्स, भोलेनाथ स्वीट्स, नया बाजार, दाल बाजार, लोहिया बाजार, चेतकपुरी स्थित आइवरी रेस्टोरेंट और सिटी सेंटर क्षेत्र के अल्फांजो, रमाया होटल तथा क्वालिटी रेस्टोरेंट का दौरा किया। खाद्य विभाग की टीम ने इन प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर गंदगी और अस्थायी अतिक्रमण पाया गया। इस पर नगर निगम अधिनियम की धारा 322 और 248 के तहत मौके पर ही जुर्माने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, रमाया होटल में शाकाहारी और मांसाहारी सामग्री एक साथ रखी मिली। इसके अलावा, रमाया होटल और आइवरी रेस्टोरेंट में बड़ी संख्या में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री भी मिली। टीम ने इन अनियमितताओं पर भी आवश्यक कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पनीर भी जब्त किया गया है। खाद्य विभाग ने इसके नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि जब्त किया गया पनीर वास्तविक दूध से बना है या इसमें कृत्रिम वसा अथवा वनस्पति घी का उपयोग किया गया है। नगर निगम मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा ने स्पष्ट किया कि शहर में स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर कार्रवाई के साथ-साथ आवश्यकतानुसार प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा के बाहर बुधवार को बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। वे सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे थे। यह प्रदर्शन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के देशव्यापी आह्वान पर आयोजित किया गया। दिन भर के काम के बाद शाम 6 बजे बड़ी संख्या में विभिन्न बैंक यूनियनों से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान बैंक कर्मियों ने सरकार और भारतीय बैंक संघ (IBA) के खिलाफ नारेबाजी की और पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को जल्द लागू करने की मांग उठाई। बैंक यूनियन के जिला इकाई मंत्री ने बताया कि सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की यह मांग लंबे समय से लंबित है। इस मुद्दे पर पिछले वर्ष दिसंबर और जनवरी में भी आंदोलन चलाए गए थे। इसके बाद 27 जनवरी 2026 को देशभर में एक दिवसीय हड़ताल भी की गई थी, लेकिन अब तक सरकार या भारतीय बैंक संघ की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में बुधवार को देशभर में प्रदर्शन आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि अन्य सरकारी और वित्तीय संस्थानों की तरह बैंकों में भी पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू होनी चाहिए। इससे कर्मचारियों को बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस मिलेगा, जिससे लगातार बढ़ रहे मानसिक और शारीरिक तनाव में कमी आएगी और उनकी कार्य क्षमता में सुधार होगा। जिला इकाई मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दौर में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था से ग्राहकों की सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके विपरीत, कर्मचारी अधिक ऊर्जा और बेहतर तरीके से ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। इस प्रदर्शन में एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओए, बीईएफआई, आईएनबीईएफ और आईएनबीओसी सहित विभिन्न बैंक यूनियनों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कोंटा में बाइक की ट्रक से टक्कर:चेकपोस्ट नाका के पास हादसा, 2 लोग घायल, एक की हालत गंभीर
सुकमा जिले के कोंटा नगर पंचायत क्षेत्र में चेकपोस्ट नाका के पास सड़क हादसे में 2 बाइक सवार घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब उनकी बाइक की टक्कर उसी दिशा में जा रहे एक ट्रक से हो गई। घायलों को कोंटा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि घायलों में से एक की हालत गंभीर है। पुलिस के अनुसार, यह हादसा कोंटा नगर पंचायत क्षेत्र में चेकपोस्ट नाका के पास हुआ। बाइक सवार भद्राचलम की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक एक अन्य वाहन से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बाइक से भद्राचलम जा रहे थे आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को कोंटा अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जानकारी जुटाई। बाइक सवार कोंटा से करीब 80 किलोमीटर दूर भद्राचलम जा रहे थे। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, दुर्घटना के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
यूपी के गौरव का अपमान न करिए अखिलेश, राज्य के आर्थिक भविष्य की नींव पर राजनीतिक नाव चलाना ठीक नहीं
अखिलेश यादव द्वारा जेवर एयरपोर्ट में जलभराव पर की गई टिप्पणी की आलोचना की गई है, इसे राजनीतिक ईर्ष्या बताया गया है। लेख में जेवर एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश के आर्थिक भविष्य की नींव और रोजगार का स्रोत बताते हुए, छोटी घटनाओं पर राजनीति न करने का आग्रह किया गया है।
ललितपुर में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की केंद्रीय मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्य राम सिंह बाल्मिकी बुधवार को ललितपुर पहुंचे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के सर्किट हाउस में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान आउटसोर्सिंग से संबंधित शिकायतों सहित विभिन्न योजनाओं में पात्र लाभार्थियों को मिल रहे लाभ की जानकारी ली। नगर क्षेत्र की कुछ महिलाओं ने नगर पालिका के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की कि कुछ कर्मचारी अपने रिश्तेदारों को आउटसोर्सिंग के तहत नौकरी पर दिखाकर बिना काम कराए ही वेतन दिला रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राम सिंह बाल्मिकी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को कार्यदायी एजेंसी से आउटसोर्स कर्मचारियों की सूची प्राप्त कर उनका स्थलीय सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें लगभग हर जिले से सामने आती हैं, जहां संपन्न लोग अपने रिश्तेदारों के नाम पर गरीबों का शोषण करते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि जो कर्मचारी वास्तव में काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें हटाकर जरूरतमंद लोगों को रोजगार का अवसर दिया जाए। मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों के मानदेय का मामला उठा बैठक में मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने भी संयुक्त ज्ञापन सौंपकर कई महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं होने की शिकायत की। कर्मचारियों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने से उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इस पर सदस्य राम सिंह बाल्मिकी ने दूरभाष पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से वार्ता कर कर्मचारियों की समस्या के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों के उत्पीड़न को रोकने के लिए गठित आउटसोर्स सेवा निगम के प्रावधानों का लाभ कर्मचारियों को दिलाया जाए। उन्होंने बताया कि इसके तहत न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय का प्रावधान है। उन्होंने नया टेंडर कराकर कर्मचारियों को इसका लाभ देने और की गई कार्रवाई से उन्हें व्यक्तिगत रूप से अवगत कराने के निर्देश दिए। इस निर्णय के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों ने खुशी जताते हुए सदस्य का धन्यवाद किया। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश सदस्य ने अधिकारियों से उनके विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके आच्छादन की स्थिति जानी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर वंचितों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि इन योजनाओं का लाभ समान रूप से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने सीवर में डूबकर होने वाली मौतों के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि जिले में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। सदस्य ने कहा कि सीवर में डूबने से मृत्यु होने पर सरकार की ओर से 30 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति और एक नौकरी का प्रावधान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी कोई घटना होने पर तत्काल जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि पीड़ित परिवार की पूरी मदद की जा सके। उन्होंने अनुसूचित जाति उत्पीड़न से जुड़े आर्थिक सहायता के लंबित मामलों में भी शीघ्र कार्रवाई करते हुए भुगतान कराने के निर्देश दिए। मृतक आश्रितों को दस साला लाभ नहीं मिलने पर जताई नाराजगी पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं ने मृतक आश्रितों को दस साला का लाभ नहीं दिए जाने की शिकायत की। इस पर राम सिंह बाल्मिकी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि करीब आठ महीने पहले हुए निरीक्षण में भी इस समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने इसे अत्यंत खेदजनक स्थिति बताते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आवास, शौचालय, आयुष्मान, सामूहिक विवाह, शादी अनुदान, पारिवारिक लाभ, पेंशन और छात्रवृत्ति सहित विभिन्न योजनाओं में वंचित एवं शोषित वर्गों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दिनेश कुमार विश्वकर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, डूडा, पंचायती राज, स्वास्थ्य विभाग, सूचना विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
देवरिया में विवाहिता की संदिग्ध हालत में मौत:पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा, पुलिस जांच शुरू
देवरिया जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के गनियारी गांव में बुधवार शाम करीब छह बजे 36 वर्षीय विवाहिता रीता देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलने पर मदनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कर रही जांच मृतक रीता देवी (36) बेचन यादव की पत्नी थीं। उनकी शादी वर्ष 2009 में हुई थी। उनके चार बच्चे हैं, जिनके नाम छाया, मीना, डिंपल और विशाल हैं। रीता का मायका गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के बलथर गांव में है। घटना की सूचना 112 नंबर पर दी गई थी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से प्रारंभिक जानकारी जुटाई। मदनपुर पुलिस के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
हरियाली अमावस्या और सावन के महीने के मौके पर बुधवार को सुखानंद धाम से नीमच तक 31वीं पैदल कांवड़ यात्रा निकाली गई। इसमें 200 से ज्यादा महिलाओं, पुरुषों और बच्चों समेत ढेरों श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ियों ने 45 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर नीमच सिटी के शिव शंकर मठ बाबा महाकाल मंदिर में पवित्र जल चढ़ाया। जावद तहसील के सुखानंद धाम से शुरू हुई यह यात्रा महंत भास्करानंद गिरि महाराज और महंत धर्मानंद जी महाराज के आशीर्वाद व मेघा बापू की अगुवाई में हुई। इसमें शामिल होने के लिए लोग मंगलवार शाम को ही धाम पहुंच गए थे, जहां रात भर कीर्तन और पूजा-पाठ हुआ। बुधवार सुबह करीब 6 बजे श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंड से जल भरा और नीमच के लिए रवाना हुए। 80 लीटर तक की कांवड़ रही आकर्षण का केंद्र यह यात्रा जावद, सुआखेड़ा, कनावटी और घंटाघर होते हुए शाम को नीमच सिटी पहुंची। इस दौरान 31 लीटर, 51 लीटर और 80 लीटर की भारी-भरकम कांवड़ लोगों के लिए खास आकर्षण बनी रहीं। रास्ते में जगह-जगह सामाजिक संगठनों ने फूल बरसाकर कांवड़ियों का स्वागत किया। पूरे रास्ते शिव भजनों और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। सुख-समृद्धि की मांगी दुआ नीमच सिटी मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने सुखानंद धाम से लाए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और क्षेत्र में सुख-शांति की प्रार्थना की।
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में बुधवार को एक अनोखी घटना सामने आई। यहां अपनी भैंसों को तलाश रहे 36 वर्षीय चरवाहे रामनरेश सिंह पर शावक के साथ मौजूद एक बाघिन ने हमला कर दिया। हालांकि, मौके पर पहुंची भैंसों के झुंड ने बाघिन को खदेड़ दिया, जिससे चरवाहे की जान बच गई। कोर क्षेत्र में भैंसों को ढूंढते समय हुआ सामना पनपथा बफर क्षेत्र से जुड़ी सीमा के पास चरवाहा रामनरेश सिंह अपनी मवेशी चरा रहा था। इस दौरान उसकी दो भैंसें कोर क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ-443 की तरफ चली गईं। जब रामनरेश उन्हें ढूंढने जंगल के अंदर पहुंचा, तो उसका सामना शावक के साथ घूम रही बाघिन से हो गया और बाघिन ने उस पर झपट्टा मार दिया। भैंसों ने बाघिन को खदेड़ा, हाथ में आई चोट बाघिन के हमले में रामनरेश के हाथ में चोट आई। चरवाहे के चिल्लाते ही उसकी भैंसें तुरंत मौके पर पहुंचीं और एकजुट होकर बाघिन की तरफ दौड़ीं। भैंसों के आक्रामक रुख को देखकर बाघिन जंगल की तरफ भाग गई। घायल चरवाहे को इलाज के लिए मानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल रामनरेश ने अस्पताल में बताया- पनपथा बफर क्षेत्र के जंगल में वह अपनी भैंसें चरा रहा था। कोर और बफर क्षेत्र का जंगल आपस में जुड़ा होने के कारण उसकी दो भैंसें कोर क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ-443 के जंगल में चली गईं। रामनरेश भैंसों की तलाश में जंगल के अंदर पहुंचा। इसी दौरान शावक के साथ घूम रही बाघिन से उसका सामना हो गया। रामनरेश के अनुसार, बाघिन ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसके हाथ में चोट आई। इसी दौरान उसकी भैंसें मौके पर पहुंच गईं और बाघिन को खदेड़ दिया। भैंसों के पीछे दौड़ने के बाद बाघिन जंगल की ओर चली गई। वन विभाग ने क्षेत्र में बढ़ाई निगरानी पनपथा परिक्षेत्र अधिकारी रमेश पाटले ने बताया कि घायल का उपचार जारी है। क्षेत्र में शावक के साथ बाघिन की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम गश्त बढ़ा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों और चरवाहों को जंगल में अकेले न जाने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- जब मंत्रियों की भी सुनवाई नहीं हो रही है तो फिर जनता कहां जाएगी? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलवर दौरे से पहले राजस्थान में शासन के बजाय चल रहे सर्कस की पोल खुलना मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। जूली ने मंत्री संजय शर्मा द्वारा अलवर में जिला कलेक्टर के खिलाफ दिए धरने पर कहा- भाजपा सरकार की असलियत अलवर में खुलकर सामने आ गई है। सफाई कर्मियों को नियुक्ति पत्र तक नहीं मिल रहे। खुद मंत्री संजय शर्मा को अपनी ही सरकार के नगर निगम के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा। यह भाजपा शासन में प्रशासनिक तंत्र के पूरी तरह चरमरा जाने का सबूत है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मंत्री जूली ने कहा- मंत्री संजय शर्मा का खुद धरना देना यह दिखाता है कि भाजपा राज में मंत्री सिर्फ नाम के हैं। असली फैसले नौकरशाही की मर्जी से होते हैं। जिस सरकार का अपना मंत्री ही न्याय के लिए भटकता फिरे, वह गरीब सफाई कर्मचारियों और आम जनता को क्या इंसाफ देगी? जूली ने कहा- किस प्रकार की स्थिति अलवर के अंदर बन चुकी है कि खुद मंत्रियों को धरने पर बैठना पड़ रहा है। जब मंत्री की ही सुनवाई नहीं, तो आम जनता कहां जाए? जूली ने कहा- राजस्थान में हालात यह हैं कि नेताओं, मंत्रियों की कोई सुन नहीं रहा है। इसकी हकीकत अलवर में सभी के सामने आ गई कि मंत्री सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। उनका यह कहना है कि मैंने नगर निगम आयुक्त से बात की। मैंने जिला कलेक्टर से बात की। मैंने डीएलबी के अंदर बात की। मैंने सीएमओ के अंदर बात की। यानी उन्होंने हर जगह बात को पहुंचाया, लेकिन उनकी सुनी नहीं गई। जूली ने कहा- अलवर कलेक्टर के लिए हरामखोर जैसी असभ्य शब्दावली इस्तेमाल करना मंत्री संजय शर्मा के हैं। उन्होंने कहा- दरअसल यह सब असल में नगरीय निकाय चुनाव से पहले एक तरह से फेस सेविंग ड्रामा है, क्योंकि कोर्ट से डेढ़ साल पहले आर्डर हो गए थे तो आज तक नियुक्ति क्यों नहीं करवाई गई ? इसका जवाब मिलना चाहिए। मैं पूछना चाहता हूं कि इन्हे ढाई साल से भ्रष्टाचार नहीं दिखा और अब जब चुनाव आ रहे हैं तो इन्हें भ्रष्टाचार दिख रहा है? ये असल में सब मिले हुए हैं। गृह मंत्री और मुख्यमंत्री राजस्थान के हालात पर दें जवाब जूली ने मुख्यमंत्री से कहा- उन्हें शासन के इस गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा- अलवर में अमित शाह भी आ रहे हैं। वह भी देख लें कि अलवर की हकीकत क्या है। अलवर से केंद्रीय मंत्री भी आते हैं, वह भी देख लें कि हकीकत क्या है।
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने भू-माफिया संतोष डान और गुड्डू यादव के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है, उनकी अपराध से अर्जित संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
अमृतसर में स्कूल के बाहर से छात्रा को कार में जबरन बैठाकर ले जाने का आरोप, 4 घंटे बाद घर लौटी
अमृतसर में एक स्कूल के बाहर 11वीं की छात्रा को एक युवक द्वारा जबरन कार में बैठाकर ले जाने का मामला सामने आया। छात्रा चार घंटे बाद सुरक्षित घर लौट आई, हालांकि परिवार ने कोई शिकायत नहीं की है, फिर भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के पुनर्निर्माण के लिए 29 अगस्त से वाहनों का परिचालन रोक दिया जाएगा। इस कार्य को 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिस पर 99 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अंबिकापुर में CG PSC की तैयारी के लिए आई 26 वर्षीय छात्रा किराए के कमरे में फांसी के फंदे पर झूलते हुए मिली। उसे तत्काल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना की सूचना पुलिस और परिजनों को दी गई। सूचना पर जशपुर से परिजन अंबिकापुर पहुंचे। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, जशपुर जिले के फरसाबहार की निवासी तनुजा पैकरा कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद सीजीपीएससी की तैयारी करने के लिए 25 जुलाई को अंबिकापुर आई थी। उसने शहर के गांधीनगर में गांधी चौक के पास स्थित एक मकान में किराए का कमरा लिया था और रहकर पढ़ाई कर रही थी। परिसर के दूसरे कमरों में अन्य छात्राएं रहती हैं। फांसी पर झूलते देखा तो पहुंचाया हॉस्पिटल बुधवार की सुबह तनूजा पैकरा अपने कमरे में थी। दूसरे कमरे में रहने वाली एक छात्रा उसके कमरे में पहुंची तो उसने तनूजा को फांसी के फंदे में झूलते हुए देखा। वह छटपटा रही थी। इसकी सूचना मकान मालिक को दी गई। मकान मालिक एवं एक पड़ोसी ने किसी तरह उसे फंदे से उतारा और इलाज के लिए हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। हॉस्पिटल में जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे की जांच की। पुलिस ने मृतका का मोबाइल भी जब्त किया है। संदेह पर पुलिस ने एसएफएल की टीम को बुलाकर जांच कराई। पुलिस ने युवती की आत्महत्या की सूचना उसके परिजनों को दी तो वे बदहवास स्थिति में अंबिकापुर पहंचे। पीएम उपरांत पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया और शव परिजनांे को सौंप दिया है। गांधीनगर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है। पुलिस सभी पहलुओं पर मामले की जांच कर रही है।
खरगोन के भीकनगांव में बुधवार को कांग्रेस ने बस किराए में डेढ़ गुना बढ़ोतरी का विरोध किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक और विधायक झूमा सोलंकी के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई। यह रैली दोपहर 3:30 बजे ब्लॉक मुख्यालय से शुरू हुई। जय स्तंभ पर कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने बस किराया वृद्धि के निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। जय स्तंभ से रैली बस स्टैंड होते हुए 4.30 बजे एसडीएम कार्यालय पहुंची। यहां नारेबाजी के साथ राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें किराया बढ़ोतरी वापस लेने की मांग दोहराई गई। इस विरोध प्रदर्शन में भीकनगांव ब्लॉक अध्यक्ष आत्माराम पटेल, शहर अध्यक्ष महेश वर्मा, कालधा ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र पंवार सहित मंडलम और ब्लॉक कांग्रेस के कई पदाधिकारी मौजूद थे। जिलाध्यक्ष रवि नाईक ने कहा कि बसों से गरीब और मध्यमवर्गीय लोग यात्रा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किराया बढ़ाकर लाडली बहनों को राखी और आमजन को स्वतंत्रता दिवस का 'तोहफा' दिया है। नाईक ने कहा कि इस बढ़ोतरी का सीधा असर मध्यम वर्ग, दैनिक यात्रियों और हजारों स्कूली छात्रों पर पड़ेगा, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।
दतिया कोर्ट ने 2023 के मारपीट के मामले में शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व खेल अधिकारी मुकेश सिंह गुर्जर और उनके 80 वर्षीय पिता को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोनों को 3-3 महीने की जेल की सजा सुनाई है। दोनों पर 1-1 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। मामला 2 जनवरी 2023 का है। न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में प्रदीप सिंह गुर्जर और मुकेश सिंह गुर्जर के आमने-सामने प्लॉट हैं। दोनों के बीच लंबे समय से प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था। 2 जनवरी की सुबह करीब 7.30 बजे प्रदीप सिंह अपने प्लॉट पर मौजूद थे। आरोप के मुताबिक, इसी दौरान मुकेश सिंह गुर्जर और उनके पिता रामनाथ सिंह वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। प्रदीप के पिता धीरज सिंह ने गाली देने से मना किया तो मुकेश ने लाठी से हमला कर दिया। लाठी प्रदीप के सिर में लगी, जिससे खून निकलने लगा। वहीं रामनाथ सिंह ने भी लाठी से हमला किया, जिससे प्रदीप के पैर में चोट आई। कोर्ट ने दोनों को दोषी माना कोर्ट ने मुकेश सिंह गुर्जर और रामनाथ सिंह गुर्जर को दोषी मानते हुए 3-3 महीने की जेल की सजा सुनाई। दोनों पर 1-1 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर दोनों को एक-एक महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने कहा- ऐसी घटनाओं से असुरक्षा बढ़ती है कोर्ट ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ती है। ऐसी घटनाओं से शांति व्यवस्था भी बिगड़ती है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोनों को सजा देना जरूरी है। कोर्ट ने कुल 2 हजार रुपए के जुर्माने में से 1 हजार रुपए प्रदीप सिंह गुर्जर को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया है।
नीतीश कुमार की JDU सांसदों को नसीहत, संसद में बिहार के हितों और जनसरोकारों को प्रभावी ढंग से उठाएं
जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने अपने सांसदों से संसद के दोनों सदनों में बिहार के हितों और जनसरोकारों को प्रभावी ढंग से उठाने का आग्रह किया।
बिलासपुर जिले के कोनी पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में महीनों से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पौंसरा स्थित शराब भट्ठी के पास बीयर की बोतल से जानलेवा हमला करने का आरोप है। इस मामले में एक अन्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कोनी टीआई जितेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि, यह घटना 29 अप्रैल की शाम 3 बजे पौंसरा गांव की शराब भट्ठी के पास एक चखना सेंटर में हुई थी। आरोपी अर्जुन ठाकुर और शिवा ठाकुर ने दीपक भार्गव के साथ गाली-गलौज करते हुए बीयर की बोतल और हाथ-मुक्कों से मारपीट की थी, जिससे दीपक को गंभीर चोटें आई थीं। गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस की तलाश के दौरान, आरोपी अर्जुन सिंह ठाकुर को 18 मई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। फरार दूसरा आरोपी भी फरार वहीं, घटना के बाद से फरार चल रहे दूसरे आरोपी शिवा ठाकुर के आज ग्राम पौंसरा स्थित उसके निवास पर होने की सूचना मिली। इस पर कोनी पुलिस की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में आरोपी शिवा ठाकुर ने वारदात में शामिल होने की बात कबूल की है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109, 296, 115(2), 351(3), 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है।
भारत सरकार के ज्वाइंट सेक्रेटरी और नामित नोडल अधिकारी अजीत सिन्हा ने भीतरगांव क्षेत्र के सचौली स्थित पीएम श्री विद्यालय का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और पीएम श्री विद्यालयों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर पठन-पाठन का स्तर, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति और विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से विषय संबंधी सवाल पूछकर उनकी शैक्षिक समझ का आकलन भी किया। निरीक्षण के समय अजीत सिन्हा के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह, बीईओ मुख्यालय, बीईओ भीतरगांव पूनम वर्मा और एसआरजी राजेश यादव मौजूद रहे। उन्होंने अलग-अलग कक्षाओं में शिक्षकों द्वारा कराई जा रही पढ़ाई का अवलोकन किया और बच्चों से पाठ्यक्रम से जुड़े प्रश्न पूछे। विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन के साथ-साथ उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। परिसर में साफ-सफाई और पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त पाए जाने पर उन्होंने प्रधानाध्यापिका पूनम दीक्षित की सराहना की। उन्होंने विद्यालय में शैक्षिक वातावरण बनाए रखने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। विद्यालय निरीक्षण के बाद टीम भीतरगांव कस्बे पहुंची। यहां अधिकारियों ने एक गाइड के साथ गुप्तकालीन ईंटों से निर्मित प्राचीन मंदिर का दौरा किया। उन्होंने मंदिर की भव्यता और स्थापत्य कला का अवलोकन किया। प्राचीन मंदिर की बनावट और ऐतिहासिक महत्व को देखकर टीम के सदस्य प्रभावित हुए। इसके उपरांत, अधिकारियों ने बेहटा स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर का दौरा किया। उन्होंने गर्भगृह में विराजमान भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और मंदिर की धार्मिक एवं ऐतिहासिक विशेषताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान एआरपी मुलायम सिंह यादव सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
महराजगंज में बुधवार को 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत एक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। सदर विधायक के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, पीआरडी जवानों और स्कूली छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में आमजन ने भाग लिया। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने देशभक्ति के नारे लगाए और राष्ट्रप्रेम व राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। यह यात्रा ब्लॉक सदर परिसर से शुरू हुई और सक्सेना चौराहा, जिला पंचायत बाजार से होते हुए वापस ब्लॉक परिसर में समाप्त हुई। यात्रा मार्ग पर देशभक्ति का माहौल बना रहा। प्रतिभागियों ने आम लोगों को 'हर घर तिरंगा' अभियान से जुड़ने और स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए जागरूक किया। यात्रा के दौरान स्वर्गीय शिब्बन लाल सक्सेना और महात्मा गांधी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की गई, जिससे राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया। पीआरडी जवानों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। इन सभी ने हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का संदेश दिया। इस अवसर पर सदर विधायक ने कहा कि तिरंगा यात्रा का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने बताया कि 'हर घर तिरंगा' अभियान स्वतंत्रता दिवस पर प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है।
यूपी सरकार विधानसभा चुनाव से पहले महिला वोटबैंक को साधने के लिए बड़ी योजना लागू कर सकती है। इसके तहत महिलाओं को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। चुनाव से पहले 20 हजार रुपए की पहली किस्त दी जाएगी। चुनाव के बाद भाजपा की सरकार बनने पर 10-10 हजार रुपए की 3 किस्तें दी जाएंगी। सरकार में योजना को लेकर मंथन शुरू हो गया है। चुनाव से पहले महिलाओं को साधेगी सरकार योगी सरकार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। जेन-जी आंदोलन के बीच सरकार महिला वोटबैंक को साधने के लिए बड़ी योजना पर विचार कर रही है। महिलाओं की सहायता, स्वरोजगार और आर्थिक स्वावलंबन के लिए योजना पर विचार किया जा रहा है। महिला कल्याण विभाग के जरिए योजना प्रस्तावित की जाएगी। योजना के तहत महिलाओं को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने पर विचार हो रहा है। गरीबी रेखा से नीचे परिवार की महिलाओं को प्राथमिकता सरकार योजना में एससी, एसटी परिवारों की महिलाओं के साथ बीपीएल परिवारों की महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को प्राथमिकता देगी। इसमें ऐसे परिवारों की महिलाओं को शामिल किया जा सकता है, जिनकी आय 12 लाख रुपए से ज्यादा नहीं है। गेमचेंजर होगी योजना सरकार के लोगों का मानना है कि महिलाओं को नकद प्रोत्साहन की योजना विधानसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित हो सकती है। इस तरह की योजना सबसे पहले मध्यप्रदेश, फिर महाराष्ट्र और बिहार विधानसभा चुनाव में लागू की गई थी। उन योजनाओं के कारण वहां भाजपा की सरकार बनी थी। भाजपा का फोकस महिलाओं और बुजुर्गों पर यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले योगी सरकार 1.18 करोड़ से ज्यादा पेंशन लाभार्थियों को भी बड़ी राहत देने वाली है। इनमें वृद्ध, विधवा, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को शामिल किया गया है। सरकार इनकी पेंशन योजनाओं में ₹500 हर महीने की बढ़ोतरी करने जा रही है। इसके अलावा मेधावी छात्राओं को स्कूटी बांटने के लिए भी ₹400 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ₹12 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की छात्राओं को स्कूटी के साथ हेलमेट, 4 लीटर पेट्रोल, मुफ्त रजिस्ट्रेशन और बीमा भी मिलेगा। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें रक्षाबंधन पर बसों से फ्री सफर कर सकेंगी महिलाएं, यूपी सरकार ने 6 दिन ज्यादा बसें चलाने का फैसला किया यूपी सरकार रक्षाबंधन पर बहन-बेटियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सौगात देगी। राज्य सड़क परिवहन निगम ने मुफ्त यात्रा का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। यहां पढ़ें पूरी खबर
अनूपपुर में चाचा ने भतीजे की हत्या की:जमीनी विवाद में टांगी से सिर-गर्दन पर किए कई वार, आरोपी फरार
अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाना इलाके के बसनिहा गांव (बरटोला) में बुधवार दोपहर जमीन के झगड़े में एक चाचा ने अपने ही भतीजे का कत्ल कर दिया। आरोपी चाचा ने कुल्हाड़ी (टांगी) से भतीजे के सिर और गर्दन पर कई हमले किए, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। पुलिस के मुताबिक, 50 साल के दल सिंह मरावी ने गुस्से में आकर अपने 48 साल के भतीजे प्रमोद सिंह मरावी पर कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। प्रमोद के सिर और गर्दन पर इतने वार किए गए कि उसकी गर्दन लगभग कट गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चाचा मौके से भाग निकला। पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी घरवालों ने खून बहता देख तुरंत पुलिस को खबर दी। राजेंद्रग्राम पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए और जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। जमीन के बंटवारे को लेकर था पुराना विवाद थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह बरकरे ने बताया कि चाचा और भतीजे के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। चाचा दल सिंह को लगता था कि उसे हिस्से में और जमीन मिलनी चाहिए, जिसे लेकर दोनों में अक्सर कहासुनी होती रहती थी। साथ खाया खाना, फिर हो गई हत्या बुधवार दोपहर करीब 1 बजे दोनों चाचा-भतीजा बाइक से खेत गए थे, जहां उन्होंने त्यौहार भी मनाया। इसके बाद वे चाचा के घर लौटे और साथ बैठकर खाना खाया। इसी बीच जमीन की बात छिड़ने पर दोनों में बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हत्या तक पहुंच गई। पुलिस फिलहाल फरार आरोपी चाचा की तलाश में जुटी है।
राजेंद्र नगर मुख्य रोड पर पिछले कई महीनों से नालियों और सीवरेज की सफाई नहीं होने से मोहल्ले वासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीवरेज जाम होने के कारण गंदा पानी घरों के आगे और सड़क पर जमा होकर उफन रहा है। समस्या को लेकर राजेंद्र नगर के लोगों ने नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की। राजेंद्र नगर निवासी बंशीलाल ने बताया कि करीब 3-4 महीने से मुख्य रास्ते की सीवरेज जाम है। इसके चलते घरों के बाहर गंदा पानी जमा रहता है और लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। सीवरेज जाम होने से सड़क के पास गहरा गड्ढा भी बन गया है, जिसमें पानी भरा रहता है। पास में स्कूल होने से बच्चों के साथ हादसा होने की आशंका बनी हुई है। मोहल्लेवासियों के अनुसार सीवरेज के ढक्कन भी जर्जर हालत में हैं। इस समस्या को लेकर नगर परिषद अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। सड़क पर गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। लोगों ने आयुक्त से सीवरेज की सफाई, जर्जर ढक्कनों की मरम्मत और गड्ढे को दुरुस्त करवाने की मांग की है।
बलिया में सघन स्वास्थ्य शिविर आयोजित:एचआईवी, टीबी, हेपेटाइटिस की जांच और जागरूकता पर अभियान
बलिया जिला चिकित्सालय परिसर में उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के तत्वावधान में एक सघन स्वास्थ्य शिविर, संगोष्ठी और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिला क्षय रोग विभाग, बलिया द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आमजन को एचआईवी/एड्स, टीबी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी सहित विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी विषयों के प्रति जागरूक करना था। युवाओं को सुरक्षित व्यवहार अपनाने और एचआईवी से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें अधिक से अधिक लोगों तक क्यूआर कोड पहुंचाकर स्वयं अपना जोखिम आकलन करने के लिए प्रेरित किया गया। इस जागरूकता अभियान में एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं, एनसीसी बटालियन के कैडेट्स और नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अमर शहीद चेतना संस्थान द्वारा संचालित टारगेटेड इंटरवेंशन परियोजना के तहत युवाओं के लिए एचआईवी जांच हेतु एक विशेष कैनोपी लगाई गई थी। संस्था के कार्यक्रम प्रबंधक अमरदीप विश्वकर्मा ने युवाओं को एचआईवी संक्रमण के कारणों, बचाव और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक किया। आईसीटीसी काउंसलर राजीव कुमार सिंह सेंगर ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (एनएसीपी) की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी, साथ ही एचआईवी की रोकथाम, जांच और उपचार सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय नारायण राय ने अपने संबोधन में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्री के माध्यम से समुदाय तक सही स्वास्थ्य संदेश पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। सीपीएम नागेंद्र पांडेय ने युवाओं को क्यूआर कोड के माध्यम से जोखिम आकलन की सुविधा अधिक लोगों तक पहुंचाने और प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं अपना आकलन करने के लिए प्रेरित किया। डीटीओ डॉ. साकेत बिहारी ने टीबी और एचआईवी सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की प्राचार्या, डीपीएम-एनआरएचएम, टीआई परियोजना का समस्त स्टाफ और जिला क्षय रोग विभाग से अनूप, अभिषेक, अनुज, आशीष आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी के सामूहिक सहयोग से संगोष्ठी, प्रदर्शनी और सघन स्वास्थ्य शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन और समापन हुआ।
गंगा नहर किनारे मिला अज्ञात युवक का शव:फतेहपुर में कूड़े में फंसा था शव, पुलिस शिनाख्त में जुटी
फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 6 बजे गंगा नहर किनारे कूड़े में एक अज्ञात युवक का शव फंसा मिला। इंद्रो से असोथर की ओर जाने वाली नहर के पास शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर गाजीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार, इंद्रो से लगभग एक किलोमीटर आगे भौउली पुल के पास नहर किनारे कूड़ा जमा था। इसी कूड़े में एक युवक का शव फंसा हुआ दिखाई दिया। शव पर नजर पड़ते ही आसपास मौजूद लोगों में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने शव की पहचान करने का प्रयास किया, लेकिन युवक की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस जुटा रही जानकारी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया और आसपास के लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने के लिए पड़ोसी थाना क्षेत्रों से भी संपर्क साधा है। युवक की उम्र और पहचान के संबंध में पुलिस द्वारा विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया युवक की मौत के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। यह भी जांच की जा रही है कि शव कई घंटे पुराना है या नहर के पानी के बहाव के साथ बहकर यहां तक पहुंचा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। थाना प्रभारी विनोद कुमार पटेल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस आसपास के गांवों में युवक की पहचान कराने के साथ ही पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारियों और चार किसान जल संघर्ष समितियों के प्रतिनिधियों के बीच बुधवार को हिसार के कैनाल रेस्ट हाउस में करीब आठ घंटे तक बैठक हुई। यह बैठक टेल क्षेत्र के किसानों की नहरी पानी से जुड़ी समस्याओं पर केंद्रित थी। बैठक में नहरों की क्षमता बढ़ाने, रिमॉडलिंग, रैजिंग, मानसून सीजन में पर्याप्त पानी चलाने, टेल तक पूरा पानी पहुंचाने, नहरों में पेंचर रोकने और पानी की चोरी पर अंकुश लगाने जैसे दर्जनों मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कई मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस वार्ता में पगड़ी संभाल जट्टा, संयुक्त जल संघर्ष समिति, जल संघर्ष समिति और भाखड़ा जल संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ राकेश चौहान ने की। उनके साथ चीफ इंजीनियर मोहनलाल राणा, एसई आत्माराम भाम्भू, एसई जींद पुनीत राय, एसई फतेहाबाद राजेश बिश्नोई, एक्सईएन हिसार आनंद श्योराण सहित भाखड़ा एवं यमुना सिस्टम के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। नहरी पानी से जुड़े 32 मुद्दों को अधिकारियों के सामने रखा संयुक्त जल संघर्ष समिति ने बैठक में नहरी पानी से जुड़े लगभग 32 मुद्दे अधिकारियों के सामने रखे। इनमें बीएमएल बरवाला लिंक की रैजिंग, बरवाला ब्रांच और बालसमंद ब्रांच की क्षमता बढ़ाना व रिमॉडलिंग, बासड़ा-2 सहित अन्य नहरों की रिमॉडलिंग, नहरों की समय पर सफाई और टेल तक पूरा पानी पहुंचाना प्रमुख थे। समिति ने यह भी मांग की कि बारिश के सीजन में जिले की सभी नहरों में पर्याप्त पानी लगातार चलाया जाए, ताकि टेल क्षेत्र के किसानों को सिंचाई पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। रिमॉडल की गई नहरों में मिट्टी का काम पूरा करवाने और नहरों की क्षमता के अनुसार पानी चलाने की मांग भी रखी गई। किसान प्रतिनिधियों ने भाखड़ा सिस्टम की नहरों में जगह-जगह हो रहे पेंचर पर रोक लगाने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, नहरों की नियमित सफाई, साइफन व्यवस्था में सुधार और अधिकारियों द्वारा नहरों के टेल तक जाकर औचक निरीक्षण करने की मांग की गई, ताकि पानी के वितरण की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। सीसवाला हेड पर 200 क्यूसेक पानी की मांग बैठक में किशनगढ़ सब ब्रांच को बालसमंद क्षेत्र से जोड़ने और सीसवाला हेड पर न्यूनतम 200 क्यूसेक पानी उपलब्ध करवाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। समिति प्रतिनिधियों ने कहा कि बालसमंद और आसपास के टेल क्षेत्र के किसानों को पर्याप्त पानी तभी मिल सकता है, जब नहरों की क्षमता और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जाए। इसके अलावा राजस्थान जाने वाली यमुना जल परियोजना से बालसमंद क्षेत्र को अतिरिक्त पानी उपलब्ध करवाने, बरवाला ब्रांच की निर्धारित क्षमता के अनुसार रिमॉडलिंग करवाने तथा बालसमंद सब ब्रांच की क्षमता बढ़ाने की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी गई। बासड़ा-2 की रिमॉडलिंग छह महीने में टेंडर की उम्मीद बैठक में बासड़ा-2 नहर की रिमॉडलिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। समिति ने बताया कि इसका प्रोजेक्ट वर्ष 2018 से लंबित है। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि इस परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और करीब छह माह में टेंडर किए जाने की उम्मीद है। समिति ने मांग की कि रिमॉडलिंग के बाद नहरों के किनारों पर मिट्टी का कार्य पूरा करवाया जाए, ताकि कटाव और टूट-फूट की समस्या न हो तथा पानी का प्रवाह सुचारु बना रहे। चार समितियों संग आठ घंटे चली सिंचाई विभाग की वार्ता, कई मुद्दों पर सहमति बनी।
पाम ऑयल की खेती सीखेंगे बिहार के किसान, तेलंगाना के किसान जानेंगे मखाने का गुर
बिहार और तेलंगाना के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसके तहत बिहार के किसान पाम आयल की खेती सीखेंगे, जबकि तेलंगाना के किसान मखाना उत्पादन की तकनीकें जानेंगे।
जांजगीर चांपा जिले के चांपा थाना क्षेत्र के शंकर नगर में डेयरी संचालक छोटे लाल पाण्डेय की हत्या और लूट के मामले में जिला मुख्य न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। दोनों आरोपी दीपक यादव (30) और मिर्जा शाहिद बेग (26) को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने बताया कि, यह घटना 26 जून 2024 को हुई थी। शंकर नगर निवासी डेयरी संचालक छोटे लाल पाण्डेय घर पर थे, तभी दीपक और मिर्जा शाहिद लूट की नीयत से उनके घर में घुस गए। उन्होंने वायर से छोटे लाल पाण्डेय का गला घोंटकर हत्या कर दी और अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किए गए आरोपी हत्या की जानकारी मिलने पर चांपा पुलिस ने तत्काल घटना स्थल का निरीक्षण किया और अपराध दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। जांच के बाद दोनों आरोपी दीपक यादव और मिर्जा शाहिद बेग को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। गवाहों के लिए गए बयान चांपा पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। इसमें 19 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। घटना स्थल से मिले वायर के टुकड़े और दीपक यादव के पास से बरामद वायर के टुकड़ों का अभिन्न होना अभियोजन पक्ष के लिए एक मजबूत परिस्थितिजन्य साक्ष्य साबित हुआ। आजीवन कारावास और अर्थदंड भी जिला मुख्य न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर यह प्रमाणित पाया कि छोटे लाल पाण्डेय की हत्या और सोने-चांदी के जेवरों की लूट संदेह से परे है। इसी आधार पर दोनों आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक सजा के लिए 6 महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में 40 खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाओं को 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' जारी किए हैं, जिनमें से 21 से अधिक इकाइयां पूर्वांचल और मध्यांचल में स्थापित हो रही हैं। यह कदम राज्य को कृषि प्रसंस्करण का बड़ा केंद्र बनाएगा, किसानों को लाभ पहुंचाएगा और रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
शाजापुर में भावसार समाज ने बुधवार को हरियाली अमावस्या का त्यौहार धूमधाम से मनाया। इस मौके पर समाज के बड़े-बुजुर्गों की मौजूदगी में पुरानी परंपराएं निभाई गईं। साथ ही बच्चों को 'धानी-मुक्का' खेल के बारे में बताया गया, जिसका उन्होंने जमकर मजा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत शिव जी और हनुमान जी की पूजा-अर्चना के साथ हुई। समाज के लोगों ने सबसे पहले भगवान को धानी का भोग लगाया। इसके बाद भावसार धर्मशाला परिसर में समाज की महिलाओं ने सावन के झूलों का आनंद उठाया। नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने की पहल समाज के अध्यक्ष तुलसीराम भावसार ने बताया कि आज की नई पीढ़ी को अपनी पुरानी परंपराओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्हें सही दिशा दिखाने और अपनी पुरानी संस्कृति से रूबरू कराने के मकसद से ही यह आयोजन रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा आगे भी ऐसे ही जारी रहेगी। बांटा गया धानी का प्रसाद कार्यक्रम के आखिर में सभी लोगों को धानी का प्रसाद बांटकर त्यौहार की बधाई दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
बर थाना पुलिस ने अवैध खनन और बजरी के अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की हैं। ये ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध बजरी से भरी हुई थीं। पुलिस ने अग्रिम कार्रवाई के लिए खनन विभाग को सूचित किया है। यह कार्रवाई ब्यावर जिला पुलिस अधीक्षक रतनसिंह के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्यावर अनुकृति उज्जैनिया आरपीएस और वृत्ताधिकारी रायपुर बंशीलाल पाण्डर के निकटतम सुपरविजन में की गई। बर थानाधिकारी पन्नालाल उप निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इसे अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध बजरी का परिवहन करते हुए पकड़ी गईं। वाहनों को जब्त कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई के लिए माइनिंग विभाग को सूचना दी गई है। गौरतलब है कि राज्य में सुदृढ़ कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा विभिन्न अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए 20 जुलाई 2026 से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बर थाना पुलिस इस अभियान के तहत अवैध खनन एवं बजरी परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।
बुरहानपुर जिले में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत तिरंगा यात्राएं निकाली गईं। बुधवार शाम शाहपुर में बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस और नेपानगर में नेपानगर विधायक मंजू राजेंद्र दादू के नेतृत्व में ये यात्राएं आयोजित की गईं। नेपानगर में तिरंगा यात्रा यूनियन भवन से शुरू होकर अंबेडकर चौराहा होते हुए मातापुर बाजार पहुंची। इसमें विधायक मंजू राजेंद्र दादू के साथ बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी, अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। वहीं, नगर परिषद शाहपुर द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा का नेतृत्व बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने किया। यह यात्रा शाम 4 बजे नगर परिषद प्रांगण से प्रारंभ हुई।इस यात्रा में जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, निकाय के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों और 'भारत माता की जय' तथा 'वंदे मातरम्' के जयघोष से पूरा शाहपुर नगर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। यात्रा के दौरान विभिन्न मार्गों पर नागरिकों ने भी इसका स्वागत किया। यात्रा नगर परिषद प्रांगण से शुरू होकर भोई मोहल्ला, एसी चौराहा, भैरव बाबा चौराहा, छोटा बाजार, महादेव मंदिर और डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर चौराहा से गुजरी। यह यात्रा बस स्टैंड स्थित जय स्तंभ पहुंची, जहां 107 फीट ऊंचे विशाल तिरंगे ध्वज के समक्ष सभी ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया। इसके बाद यात्रा पुनः नगर परिषद प्रांगण पहुंचकर समाप्त हुई।तिरंगा यात्रा में नगर परिषद अध्यक्ष साधना वीरेन्द्र तिवारी, अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेन्द्र तिवारी, उपाध्यक्ष रजनी गोपाल चौधरी, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि गोपाल चौधरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हरदा में बुधवार को भाजपा ने तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा में भाजपा कार्यकर्ता, युवा और आम नागरिक तिरंगा लेकर शामिल हुए। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए गए। तिरंगा यात्रा नेहरू स्टेडियम से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी। यात्रा के दौरान लोगों ने तिरंगा लेकर हिस्सा लिया और देशभक्ति के नारे लगाए। जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया युवाओं की भी इसमें भागीदारी रही। कई युवा हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा के साथ चलते नजर आए। तस्वीरें देखें… नेताओं ने बताया यात्रा का उद्देश्य युवा नेता संदीप पटेल ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य तिरंगे के सम्मान और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संदेश लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंह वर्मा ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य नई पीढ़ी में देशभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना और देश के प्रति समर्पण हर नागरिक का कर्तव्य है।
मेरठ के मेडिकल कैंपस में बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गया। युवक को टंकी पर चढ़ा देखकर आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही मेडिकल थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस टीम ने युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। बताया जा रहा है कि युवक नशे की हालत में था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने भेज दिया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। शाम 7 बजे टंकी पर चढ़ा युवक घटना बुधवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। मेडिकल कैंपस में मौजूद लोगों ने देखा कि एक युवक पानी की टंकी पर चढ़ गया है। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। युवक को टंकी से नीचे उतारने की कोशिश की गई, लेकिन वह नीचे आने को तैयार नहीं था। सूचना मिलने पर मेडिकल पुलिस फायर ब्रिगेड टीम के साथ मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों और फायरकर्मियों ने काफी देर तक युवक से बातचीत कर उसे नीचे उतारने का प्रयास किया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद टीम उसे सुरक्षित नीचे लाने में सफल रही। बिहार का रहने वाला बताया, नशे में था युवक पुलिस पूछताछ में युवक ने अपना नाम प्रभु बताया। उसने बताया कि वह बिहार का रहने वाला है। बताया कि वह ट्रेन से मेरठ पहुंचा था। उसके बाद नशे की हालत में पानी की टंकी पर चढ़ गया। पुलिस के अनुसार, युवक नशे की हालत में था। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि युवक मेडिकल क्षेत्र में ही मजदूरी करता है। बताया जा रहा है कि युवक घरेलू विवाद के चलते टंकी पर चढ़ा था। हालांकि, उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद पुलिस उसे थाने ले गई। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और टंकी पर चढ़ने की वजह पता लगाने का प्रयास कर रही है। घटना के दौरान मेडिकल कैंपस में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। गनीमत रही कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने समय रहते युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। मेडिकल थाना प्रभारी सतवीर अत्री ने बताया युवक का नाम प्रभु है पूछताछ में युवक ने बताया कि वह बिहार का रहने वाला है। नशे की हालत में ट्रेन से मेरठ पहुंचा और टंकी पर चढ़ गया। बताया गया कि करीब आधे घंटे तक वह टंकी पर घूमता रहा और फिर सो गया। युवक से पूछताछ की जा रही है।
फतेहपुर में सरकारी टीचर की पत्नी की हत्या का पुलिस ने बुधवार शाम खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, उसके पति को पत्नी के कैरेक्ट पर शक था। इसे लेकर घर में झगड़ा भी होता था। इसी कारण उसने भाइयो के साथ अपनी पत्नी के मर्डर की प्लानिंग की। टीचर ने पहले कुकर के ढक्कन से पत्नी के सिर पर मारा। इसके बाद पानी से भरे प्लास्टिक के टब में डुबोया। सिर को पकड़कर पानी में डुबोए रखा। तड़पकर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है। 7 अगस्त की रात हत्या कर हादसा दिखाने का आरोप गांव जखनी में रहने वाले पूर्व ग्राम प्रधान धर्म सिंह यादव की बेटी शालिनी की शादी 3 दिसंबर, 2017 को असोथर निवासी दिलीप से हुई थी। दिलीप प्राथमिक स्कूल में सहायक अध्यापक है। शालिनी शहर के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी। दोनों 9 महीने से नासिरपीर मोहल्ले में किराए के मकान में रह रहे थे। दोनों का एक 8 साल का बेटा दर्शित है। पति ने फोन कर बताया- शालिनी टब में गिर गई शालिनी की मां फूलमती के मुताबिक, शनिवार सुबह 8 बजे दामाद ने फोन कर बताया कि शालिनी टब में गिरकर घायल हो गई है। अस्पताल ले जाने की बात कहने के बाद उसने फोन काट दिया। घर पहुंचने पर शालिनी का शव फर्श पर पड़ा मिला और पास में गड़ासा पड़ा था। पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ सबूत जुटाए सूचना के करीब 15 मिनट बाद सदर कोतवाली पुलिस और डीएसपी प्रमोद कुमार शुक्ल फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए। घरवालों-पड़ोसियों के बयान दर्ज किए। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पति हिरासत में, सीढ़ियों से गिरने की कहानी बताई पुलिस ने आरोपी पति दिलीप को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने शालिनी के सीढ़ियों से गिरने की बात कही, लेकिन सख्ती करने पर टूट गया। पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त को दिलीप ने शालिनी की हत्या कर दी थी। मकान को पानी से धोकर सबूत मिटाने की भी कोशिश हुई। अब पढ़िए आरोपी पति का कबूलनामा… पुलिस से पूछताछ में दिलीप ने बताया- डेढ़ साल से पत्नी शालिनी से उसके रिश्ते खराब चल रहे थे। उसे पत्नी के अफेयर का शक था। पत्नी बिना बताए घर से बाहर चली जाती थी। फिजूल खर्चा करती थी। इसी बात को लेकर पत्नी से उसका झगड़ा होता था। पुलिस के मुताबिक, दिलीप ने बताया- 8 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे शालिनी आंगन में बर्तन धो रही थी। इसी दौरान उसने पीछे से कुकर के ढक्कन से उसके सिर पर लगातार तीन वार किए। इससे वह बेहोश होकर गिर गई। पास रखा कांच का गिलास टूटने से उसके पैर में भी कांच का टुकड़ा लग गया। गर्दन पकड़कर पानी भरे टब में डुबोया पुलिस के अनुसार, इसके बाद दिलीप ने शालिनी को पानी से भरे प्लास्टिक के बाथटब में डाल दिया और उसकी गर्दन पकड़कर पानी में डुबोए रखा। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। आरोपी ने टब का वाल्व खोलकर पानी बहा दिया, जिससे खून के छींटे और धब्बे भी पानी के साथ बह गए। इसके बाद वह घटना को छिपाने के लिए मोटरसाइकिल से मॉर्निंग वॉक पर निकल गया। लौटने के बाद उसने अपने भाइयों भूपेंद्र और संदीप को बुलाया। शालिनी के गिरने से चोट लगने की बात बताई। अस्पताल ले जाकर भी हादसा बताने की कोशिश पुलिस के मुताबिक, आरोपी कार से शालिनी को ताम्बेश्वर मंदिर के पास आस्था हॉस्पिटल ले गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को वापस किराए के मकान पर लाया गया। इसे हादसा दिखाने की कोशिश हुई, जिससे लोगों को लगे गिरने से शालिनी को चोट लगी और जान चली गई। वहीं शालिनी के पिता धर्मराज यादव का कहना है कि हम पुलिस की ओर से बताए गई बेटी के अफेयर की कहानी से सहमत नहीं हैं। हमें जो सच्चाई बताई गई थी, उसके मुताबिक दिलीप का किसी दूसरी लड़की से अफेयर चल रहा था। मेरी बेटी ने कभी उस लड़की का नाम नहीं बताया, लेकिन उसने बताया था कि उनके स्कूल में टीचर है, जिससे दिलीप का अफेयर चल रहा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ करता था। उन्होंने बताया इसी विवाद के कारण उनकी बेटी की हत्या की गई। यह विवाद करीब अप्रैल 2025 से चल रहा था। मेरी बेटी ने मुझे इस बारे में बताया था। इसके बाद हम उनके घर भी गए थे और दोनों को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन दामाद मेरी बातों से सहमत नहीं थे। वह उल्टा मेरे सामने ही मेरी बेटी पर आरोप लगाते थे। कुकर का ढक्कन और बाथटब बरामद कोतवाली प्रभारी हेमंत कुमार मिश्रा ने बताया- आरोपी दिलीप की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल एल्यूमीनियम का कुकर का ढक्कन, टूटे कांच के गिलास के 6 टुकड़े, प्लास्टिक का बाथटब और एक मोबाइल बरामद किया है। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें- शादीशुदा प्रेमिका को घर बुलाकर 17 चाकू मारे, बुलंदशहर में गुस्साए घरवालों ने हाईवे जाम किया बुलंदशहर में 42 साल के प्रेमी ने 38 साल की प्रेमिका की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, प्रेमी ने महिला के सीने, गले और चेहरे पर चाकू से 17 वार किए। पुलिस पहुंची, तो वह प्रेमिका के शव के पास चुपचाप बैठा मिला। यहां पढ़ें पूरी खबर
कानपुर में वार्ड-3 चुन्नीगंज के अंतर्गत लुधौरा और कर्नलगंज क्षेत्र का महापौर प्रमिला पांडेय ने बुधवार को अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। महापौर ने क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सीवर लाइन और जलापूर्ति लाइन की स्थिति का जायजा लिया। महापौर ने अधिकारियों को पुरानी पाइप लाइन की जगह पर नई पाइप लाइन डालने के निर्देश दिए। साथ ही जर्जर सामुदायिक शौचालय को ध्वस्त कर उसकी जगह नया शौचालय निर्माण कराने को भी कहा। निरीक्षण के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूल की गिरी हुई बाउंड्रीवॉल के कारण नाली जाम मिलने पर महापौर ने तत्काल मलबा हटाकर नाली की सफाई कराने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलनिकासी और जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। इस दौरान मुख्य अभियंता सिविल सैय्यद फरीद अख्तर जैदी, महाप्रबंधक जलकल आनंद कुमार त्रिपाठी और अधिशासी अभियंता जलकल जोन-4 नंद किशोर मौजूद रहे। नगर निगम ने 30 जगहों पर कराया पैचवर्क नगर निगम की टीम ने बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क का काम कराया। बुधवार को शहर के करीब 30 जगहों पर सड़कों परे गड्ढों को भरकर चलने लायक बनाया गया। बारिश के दौरान शहर के मुख्य रास्तों से लेकर गलियों तक की सड़कें कई जगहों पर उखड़ चुकी हैं। नगर निगम के अनुसार वार्ड-71 में चंद्रिका देवी चौराहे से हलीम कॉलेज रोड तक, वार्ड-104 और 106 में बिरहाना रोड से नयागंज चौराहा होते हुए घंटाघर तक, वार्ड-12 में मोतीपुर रोड पर पैचवर्क कराया गया। वार्ड-73 में गल्ला गोदाम चौराहे से एनएचआई तक और वीआईपी रोड ट्रांसफार्मर से मिलिट्री फार्म तिराहे तक सड़क मरम्मत का कार्य किया गया। इसके अलावा वार्ड-12 में शेखपुर, वार्ड-88 के दामोदर नगर, वार्ड-77 के सेक्टर-सी और वार्ड-39 में सड़क पर पैचवर्क कराया गया।
राजसमंद के नाथद्वारा में राम दरबार मूर्ति विवाद में नया मोड़ आया है। यहां नई हवेली चौक स्थित श्रीराम मंदिर में प्रतिमाएं रखने और बाद में हटाने को लेकर विवाद के बीच बुधवार को भाजपा पदाधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। बता दें कि 2 दिन पहले मंदिर समिति ने बिना जानकारी दिए मूर्तियां रखने और बाद में ग्राइंडर से काटकर हटाने की शिकायत थाने में की थी। भाजपा जिला महामंत्री प्रदीप काबरा ने कहा- दो साल से बंद पड़े मंदिर में प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग स्थानीय मोहल्लेवासियों और पार्षद की ओर से की जा रही थी। इसी मांग पर जन सहयोग से राम दरबार की प्रतिमाएं मंगवाई गई थीं। मंदिर में प्रतिमाएं चेक करने और नाप लेने के लिए रखवाई थी। ग्राइंडर के काटने के आरोप निराधार हैं। मंदिर समिति के बारे में जानकारी नहीं थी। हमारा उद्देश्य धार्मिक था, किसी की भावनाएं आहत हुईं तो खेद है। शुभ मुहूर्त नहीं होने के कारण स्थापना नहीं काबरा ने कहा- अभी शुभ मुहूर्त नहीं होने के कारण प्रतिमाओं की स्थापना नहीं की गई है। शुभ मुहूर्त आने पर सभी को साथ लेकर पूरे विधि-विधान से स्थापना करेंगे। कुछ लोग धार्मिक मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं। इसीलिए हमें अपना पक्ष रखना पड़ा। उन्होंने कहा- भगवान सब जानते हैं। आज तक मुझ पर कोई दाग नहीं लगा है। आगामी चुनाव में पूर्ण बहुमत से हमारा बोर्ड बनेगा और गंदी राजनीति की हार होगी। नहीं दे पाए सटीक जवाब पत्रकार वार्ता के बाद भी कुछ सवालों के साफ जवाब भाजपा पदाधिकारी नहीं दे पाए। मंदिर में वीडियो बनाने से रोकने, धक्का-मुक्की करने और जूते पहनकर मंदिर में प्रवेश करने से जुड़े सवालों पर पदाधिकारी सटीक जवाब नहीं दे सके। कल फूंका था पुतला राम मंदिर में बिना अनुमति राम दरबार की प्रतिमाएं स्थापित करने और बाद में उन्हें काटकर हटाने के आरोपों को लेकर मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर प्रदर्शन किया था। नाथद्वारा के चौपाटी स्थल पर भाजपा पदाधिकारियों का पुतला फूंका था। कार्यकर्ताओं ने घटना को धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद बुधवार को भाजपा पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी। मामले को लेकर किसने क्या कहा था श्रीराम मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष मनीष राठी ने कहा था- घटना धार्मिक आस्था से खिलवाड़ है। श्रीनाथजी मंदिर थाने में लिखित शिकायत दी। मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। शिकायत में आरोप लगाया था कि ठेकेदार लोकेश खटीक ने प्रतिमाएं हटाने का काम नगर पालिका आयुक्त के आदेश पर करने की बात कही। जबकि आयुक्त सौरभ कुमार जिंदल ने साफ किया कि उन्होंने न तो प्रतिमाएं स्थापित करने और न ही हटाने का कोई आदेश दिया था। समिति के अनुसार नगर पालिका के एईएन संकल्प सिंघल ने खिड़की लगाने के काम के लिए 7 दिन पहले ठेकेदार को कम्युनिटी हॉल की चाबी दी थी। आरोप है कि इसी चाबी का इस्तेमाल प्रतिमाएं रखने और बाद में हटाने में किया गया।
इस हरियाणवी गाने ने रातों-रात बना दिया था सपना चौधरी को सुपरस्टार, देसी ठुमके बन गए सिग्नेचर स्टेप्स
हरियाणवी गाना 'तेरी आख्यां का यो काजल' ने सपना चौधरी को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया था। यह गाना आज भी शादियों में खूब पसंद किया जाता है और इसके सिग्नेचर स्टेप्स बच्चों-बच्चों को याद हैं।
शिवपुरी जिले के पोहरी अनुविभाग में पटवारी राजेश वर्मा का हल्का नंबर 130 ग्राम कालामढ़ का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है। पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता ने यह कार्रवाई शासन के खिलाफ बयान देने के आरोप में की है। अब इस हल्के का अतिरिक्त प्रभार पटवारी चेतन पचौरी को सौंपा गया है। मामला ग्राम कालामढ़ की भूमि सर्वे नंबर 570 से जुड़ा है। इस जमीन को लेकर आरसीएसए-34/2024 प्रकरण व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड पोहरी के न्यायालय में चल रहा था। एसडीएम के आदेश के अनुसार, इसी मामले में पटवारी राजेश वर्मा ने न्यायालय में शासन के विरोध में बयान दर्ज कराए थे। एसडीएम ने यह कार्रवाई बैराड़ तहसीलदार के 2 जुलाई 2026 को दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर की। प्रतिवेदन में पटवारी के बयान को गंभीर कदाचार बताया गया था। इसमें उन्हें हल्का नंबर 130 के अतिरिक्त प्रभार से हटाने की सिफारिश की गई थी। पटवारी के बयान के बाद डिक्री का जिक्र एसडीएम के आदेश में कहा गया है कि पटवारी के बयानों के कारण न्यायालय ने 26 सितंबर 2025 को अनावेदक लक्ष्मीनारायण पुत्र ग्यासीराम सोनी के पक्ष में डिक्री आदेश पारित किया था। आदेश के अनुसार, पटवारी राजेश वर्मा से हल्का नंबर 130 का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। यह प्रभार अब पटवारी चेतन पचौरी (प.ह.नं. 112 फुलीपुरा) को आगामी आदेश तक दिया गया है। आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर शिवपुरी की भू-अभिलेख शाखा, तहसीलदार बैराड़, राजस्व निरीक्षक वृत्त-01 बैराड़, पटवारी राजेश वर्मा और नए प्रभार वाले पटवारी चेतन पचौरी को भेजी गई है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
बीरभूम में रातों-रात बदला 'नेताजी सुभाष रोड' का नाम, अब कहा जा रहा 'डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड'
बीरभूम में नेताजी सुभाष रोड का नाम बदलकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड किए जाने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
सीबीएसई 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, पटना जोन से 2860 छात्र हुए सफल
सीबीएसई ने 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है, जिसमें पटना जोन से 2860 विद्यार्थी सफल हुए हैं। देशभर में 53.08% छात्रों ने सफलता प्राप्त की, और परिणाम डिजी लॉकर व उमंग ऐप पर उपलब्ध हैं।
कोरबा के बालको थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय कॉलेज छात्रा से छेड़छाड़ और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का मामला सामने आया है। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने मोहल्ले के एक पंच के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पीड़िता और उसकी सहेली के बयान दर्ज किए हैं और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी अज्ञात यादव का उनके घर आना-जाना था। 10 अगस्त को आरोपी आरटीओ कार्यालय जाने की बात कहकर उनके घर आया और पीड़िता को कॉलेज छोड़ने की बात कहकर बाइक पर बैठा लिया। उस समय उसकी सहेली भी साथ थी। कॉलेज पहुंचने के बाद आरोपी ने सहेली को वहां से भेज दिया। अकेले में की आपत्तिजनक हरकत पीड़िता के मुताबिक, सहेली के जाने के बाद आरोपी ने आधार कार्ड से जुड़े काम का बहाना बनाया और उससे कहा कि उसकी भी कुछ उम्मीदें हैं। मना करने पर उसने पीड़िता का हाथ पकड़ने की कोशिश की। डरकर छात्रा क्लास में चली गई, लेकिन आरोपी काफी देर तक क्लास के बाहर घूमता रहा। छुट्टी के बाद आरोपी ने छात्रा से कहा कि वह उसे पसंद करता है और फिर लड़के-लड़की के बीच शारीरिक संबंध बनाने की बात कही। इसके बाद पीड़िता ऑटो से अपने घर लौट गई। अगले दिन फिर घर पहुंचा पीड़िता ने बताया कि 11 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे आरोपी दोबारा उसके घर पहुंचा और कॉलेज चलने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। दोपहर करीब 1 बजे आरोपी ने उसकी सहेली को फोन किया और पीड़िता को उसके लिए ‘सेट’ कराने की बात कही। उसने सहेली से कहा कि इसके बदले वह जो मांगेगी, वह देने के लिए तैयार है। सहेली ने इनकार कर फोन काट दिया और इसकी जानकारी पीड़िता को दी। पुलिस ने दर्ज किया मामला, गिरफ्तारी के प्रयास जारी शिकायत के आधार पर बालको पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और आपराधिक दबाव बनाने से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की है। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने पीड़िता और उसकी सहेली के बयान दर्ज कर लिए हैं।
कबीरधाम जिले की चिल्फी पुलिस ने 11 अगस्त को 12.630 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो वयस्क और नाबालिग शामिल है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 6 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक हुंडई ऑरा कार में तीन व्यक्ति कवर्धा-चिल्फी मार्ग से जबलपुर की ओर बड़ी मात्रा में गांजा लेकर जा रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए चिल्फी थाना के सामने NH-30 पर गवाहों की मौजूदगी में नाकाबंदी की गई। गुप्त चेंबर में मिला गांजा कुछ समय बाद मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के अनुसार हुंडई ऑरा कार क्रमांक MP-65-ZB-7179 को रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर ड्राइवर सीट के पीछे बने एक गुप्त चेंबर से खाकी रंग के टेप से लिपटे हुए 12 पैकेट गांजा बरामद किए गए। बरामद मादक पदार्थ का नारकोटिक ड्रग्स डिटेक्शन किट से प्राथमिक परीक्षण किया गया। विधिवत तौल करने पर गांजे का कुल वजन 12.630 किलोग्राम पाया गया। ये आरोपी हुए गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिओम बंजारा (23) और लेखराज बंजारा (21) के रूप में हुई है। एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है, जिसके संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के तहत अलग से वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान गांजे के सभी 12 पैकेटों को अलग-अलग तौलकर नियमानुसार सीलबंद किया गया। पुलिस ने आरोपियों के संयुक्त कब्जे से कुल 12,11,000 रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसमें 12.630 किलोग्राम गांजा (6,00,000 रुपये), हुंडई ऑरा कार (6,00,000 रुपये), एक वीवो एंड्रॉयड मोबाइल (5,000 रुपये), एक की-पैड मोबाइल (1,000 रुपये) और एक इनफिनिक्स एंड्रॉयड मोबाइल (5,000 रुपये) शामिल हैं।
हरदा में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। जिले में कुल 160 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण नरेंद्र गौतम ने बताया कि तवा कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास में 80 सीटें खाली हैं। वहीं, छीपानेर रोड पर नहर के पास स्थित पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास में भी 80 सीटें रिक्त हैं। कक्षा 11वीं से ग्रेजुए तक के विद्यार्थी कर सकते हैं आवेदन छात्रावास में प्रवेश के लिए उन छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके निवास से संबंधित शैक्षणिक संस्था पांच मील की दूरी के अंदर उपलब्ध नहीं है। कक्षा 11वीं से स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र और शैक्षणिक संस्था में प्रवेश होना जरूरी है। प्रवेश के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 अगस्त 2026 है। छात्रावास प्रवेश से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कार्यालय, कलेक्टर परिसर स्थित रूम नंबर 52 में संपर्क किया जा सकता है।
विश्व हाथी दिवस के मौके पर बुधवार 12 अगस्त को पन्ना टाइगर रिजर्व में कई सारे जागरूकता और पढ़ाई-लिखाई से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान जंगलों को बचाने और हाथियों की अहमियत समझाने पर खास जोर दिया गया। कार्यक्रम के तहत डी.ए.वी. स्कूल, मझगवां में हाथी बचाओ विषय पर ड्राइंग, निबंध और क्विज प्रतियोगिताएं हुईं। इसमें 50 से ज्यादा बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों ने अपनी कला और बातों के जरिए हाथियों को बचाने का संदेश दिया और प्रकृति में उनका रोल समझाया। हिनौता कैंप में हाथियों को दी गई खास 'दावत' कार्यक्रम की सबसे खास बात हिनौता के हाथी कैंप में देखने को मिली। पार्क मैनेजमेंट ने अलग-अलग कैंपों से हाथियों को एक जगह इकट्ठा कर उनका सामूहिक मिलन कराया। इस दौरान हाथियों को उनके मनपसंद फल, गुड़ और ताकत देने वाली चीजें खिलाई गईं। वहां मौजूद लोगों को जंगलों को बनाए रखने में हाथियों की भूमिका के बारे में आसान भाषा में समझाया गया। सबसे उम्रदराज हथिनी 'वत्सला' को दी श्रद्धांजलि इस खास दिन पर पार्क मैनेजमेंट ने दुनिया की सबसे उम्रदराज हथिनियों में शामिल 'वत्सला' को याद कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वत्सला को सम्मान देते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व ने इतने लंबे समय तक उसकी देखभाल और संरक्षण में दिए गए अपने योगदान को याद किया।
मऊगंज में पेड़ पर लटका मिला युवक का शव:पांती गांव में मायके गई थी पत्नी; कारणों की जांच कर रही पुलिस
मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र के पांती गांव में बुधवार को एक 29 वर्षीय युवक का शव आम के पेड़ पर फंदे से लटकता मिला। मृतक की पहचान दिनेश पिता बच्चा लाल कोल के रूप में हुई है। शव उसके घर से करीब 500 मीटर दूर पाया गया। मायके गई हुई थी पत्नी परिजनों के मुताबिक घटना के समय मृतक की पत्नी अपने मायके गई हुई थी। दिनेश के एक बेटा और एक बेटी है। बुधवार को ग्रामीणों ने पेड़ से शव लटका देखकर परिजनों और स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने पर हाटा चौकी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाकर पंचनामा तैयार किया और दोपहर करीब 2 बजे पोस्टमार्टम के लिए हनुमना अस्पताल भिजवाया। कारणों की जांच कर रही पुलिस हाटा चौकी पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। युवक ने यह कदम किन कारणों से उठाया, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। पुलिस परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर कारणों का पता लगा रही है।
राजस्थान में OBC आरक्षण और वर्गीकरण को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। गुर्जर नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को 'झूठ का पुलिंदा' और 'भ्रामक' करार दिया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आयोग की गोपनीय रिपोर्ट को जानबूझकर मीडिया में लीक करने का आरोप भी लगाया है। हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा- ओबीसी आयोग द्वारा प्रस्तुत गोपनीय रिपोर्ट को भाजपा सरकार द्वारा मीडिया में लीक करने के बाद राजस्थान में ओबीसी वर्ग को लेकर तरह-तरह के आंकड़े सोशल मीडिया और मुख्यधारा के मीडिया में चलाए जा रहे हैं। यदि ये आंकड़े वास्तव में ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का हिस्सा हैं, तो ये पूरी तरह से झूठे, फर्जी और भ्रामक हैं 200 परिवारों का हवाला देकर सर्वे पर उठाए सवाल आयोग के सर्वे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए गुर्जर नेता ने कहा- मीडिया में तथाकथित रिपोर्ट आने के बाद मैंने खुद एमबीसी (MBC) वर्ग के 200 परिवारों से संपर्क किया। मैंने उनसे पूछा कि क्या उनके गांव में ओबीसी आयोग का कोई प्रतिनिधि सर्वे करने या जानकारी लेने आया था? उन 200 लोगों में से एक भी व्यक्ति ने ऐसे किसी प्रतिनिधि के आने की पुष्टि नहीं की, बल्कि सभी ने इस तरह के किसी भी सर्वे से पूरी तरह अनभिज्ञता जताई। आयोग के दावों को बताया बंद कमरे की कहानी ओबीसी आयोग ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि उन्होंने प्रदेश के करीब 74.85 लाख परिवारों का विस्तृत सर्वे किया है। इस पर आयोग के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदनलाल भाटी का कहा- हमने बंद कमरों में बैठकर यह रिपोर्ट तैयार नहीं की है। हमारी टीमें खुद जनता के बीच गईं और धरातल पर सर्वे करके यह डेटा जुटाया गया है। आयोग के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा- मैं पूरे दावे के साथ कह सकता हूँ कि ओबीसी आयोग ने जो रिपोर्ट बनाई है, वह पूरी तरह से झूठी और फर्जी है। जनता को गुमराह करने के लिए इसमें मनगढ़ंत आंकड़े शामिल किए गए हैं।
बिहार सरकार ने 11 शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप डेवलप करने के लिए जमीन-खरीद बिक्री पर लगी रोक को हटा दिया है।
मुरादाबाद में वकीलों के बार-बार काम से दूर रहने से परेशान मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने धामपुर SDM और तहसीलदार कोर्ट में चल रहे सभी मुकदमे दूसरी तहसीलों की अदालतों में भेजने के आदेश दे दिए। इससे धामपुर बार एसोसिएशन में हलचल मच गई। बुधवार को 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुरादाबाद पहुंचा और मंडलायुक्त से मुलाकात की। वकीलों ने भरोसा दिया कि अब बेवजह हड़ताल नहीं होगी और अदालतों में नियमित काम किया जाएगा। इसके बाद मंडलायुक्त ने अपना आदेश वापस ले लिया। मामला बिजनौर की धामपुर तहसील का है। फरियादी ने बताया- 4 साल से नहीं हुआ केस का फैसला मामला तब गंभीर हुआ, जब तीन दिन पहले एक फरियादी मंडलायुक्त के पास पहुंचा। उसने बताया कि मंडलायुक्त कोर्ट ने उसके केस का एक महीने में निस्तारण करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद धामपुर तहसीलदार कोर्ट में चार साल बाद भी फैसला नहीं हुआ। यह सुनकर मंडलायुक्त नाराज हो गए। उन्होंने धामपुर की सभी राजस्व अदालतों में चल रहे मुकदमों को दूसरी अदालतों में भेजने का आदेश दे दिया। इन अदालतों में भेजे गए थे केस धामपुर SDM कोर्ट के मुकदमे ठाकुरद्वारा SDM कोर्ट भेजे गए थे। SDM न्यायिक धामपुर के मामले भी ठाकुरद्वारा भेजे गए। इसी तरह धामपुर तहसीलदार कोर्ट के केस नगीना तहसीलदार कोर्ट और तहसीलदार न्यायिक धामपुर के मामले तहसीलदार न्यायिक नगीना की कोर्ट में भेजे गए थे। नायब तहसीलदार धामपुर और नहटौर के मामले बढ़ापुर भेजे गए थे। वहीं स्योहारा और अफजलगढ़ के मामलों को नगीना की कोर्ट में भेजने का आदेश दिया गया था। वकीलों ने कहा- अब नहीं करेंगे बेवजह हड़ताल आदेश के बाद धामपुर बार एसोसिएशन ने मंडलायुक्त से मुलाकात की। 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आगे से अनावश्यक रूप से न्यायिक काम बंद नहीं किया जाएगा। अदालतों में नियमित काम होगा। वकीलों के इस भरोसे के बाद मंडलायुक्त ने केस ट्रांसफर करने का आदेश वापस ले लिया। तहसीलदार को हटाने के निर्देश वहीं, वकीलों ने धामपुर तहसीलदार की शिकायत भी मंडलायुक्त से की। इस पर मंडलायुक्त ने बिजनौर के डीएम को धामपुर तहसीलदार को हटाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल वकीलों के आश्वासन के बाद धामपुर की अदालतों में चल रहे मुकदमे पहले की तरह वहीं सुने जाएंगे।
बिलासपुर में आजादी के महोत्सव के अवसर पर तैराकों ने एक अनूठे अंदाज में देशप्रेम का संदेश दिया। शहर के संजय तरण पुष्कर में तैराकों ने पानी में तैरते हुए राष्ट्रीय ध्वज लहराकर तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा के दौरान, तैराक दल अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए हुए एक छोर से दूसरे छोर तक तैरते रहे। उन्होंने राष्ट्रगान का गायन किया और 'वंदे मातरम' औऱ 'जय श्री राम' के नारे लगाकर देशप्रेम की भावना का प्रदर्शन किया। तैराकों ने बताया कि इस तरह पानी में तिरंगा फहराकर उन्हें गर्व का अनुभव हुआ। दल के सदस्य अजय शुक्ला ने जानकारी दी कि पूरा देश वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। इसी भावना के साथ अमर शहीदों के सम्मान में 'हर घर तिरंगा' अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि सभी सदस्यों के मन में तिरंगे की आन-बान-शान के लिए कुछ अलग करने का विचार आया। इसी प्रेरणा से उन्होंने स्वीमिंग पूल में पानी में तैरते हुए तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाया।
आगर-मालवा में श्मशान भूमि के पास प्रस्तावित फायर स्टेशन के निर्माण को लेकर चल रहा विरोध बुधवार को खत्म हो गया। भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय की अगुवाई में एक दल ने भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर इस मुद्दे पर बात की थी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय, विधायक मधु गेहलोत और नगर पालिका अध्यक्ष निलेश पटेल समेत अन्य नेताओं ने जिला कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने फायर स्टेशन की जगह को लेकर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद सभी नेता धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। दूसरी जगह बनेगा फायर स्टेशन प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया कि अब इस विवादित जगह पर फायर स्टेशन नहीं बनाया जाएगा और इसके लिए नई जगह चुनी जाएगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना खत्म कर दिया। नगर पालिका की बैठक में लिया जाएगा आखिरी फैसला फायर स्टेशन की जगह बदलने का आखिरी फैसला नगर पालिका परिषद की बैठक में होगा। इस बैठक में पुरानी जगह पर काम रोकने और नए विकल्प को चुनने पर मुहर लगेगी। भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय ने कहा कि जनता की भावनाओं और उनके फायदे का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री से बात करने के बाद प्रशासन ने भी संवेदनशीलता दिखाई, जिससे यह मसला हल हो सका।
जशपुरनगर के कुनकुरी के जय स्तंभ चौक के पास स्थित एक मोबाइल दुकान में चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। 11 और 12 अगस्त की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने करीब 40 लाख रुपए के मोबाइल हैंडसेट पार कर दिए। दुकान में लगे CCTV कैमरे में दो संदिग्धों की तस्वीरें कैद हुई हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कठोतिया मोबाइल दुकान के संचालक पंकज कुमार पारिक ने कुनकुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त की रात दुकान बंद कर घर चले गए थे। 12 अगस्त की सुबह करीब पौने 8 बजे दुकान पहुंचे तो शटर खुला हुआ था। दोनों ताले टूटे मिले और पास में कटर समेत ताले तोड़ने में इस्तेमाल सामान पड़ा था। पहले देखिये ये तस्वीरें दुकान के अंदर बिखरे मिले मोबाइल संचालक के मुताबिक, दुकान के अंदर मोबाइल फोन अस्त-व्यस्त पड़े थे और कई महंगे हैंडसेट गायब थे। जांच के बाद चोरी हुए मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज भी जुटानी शुरू कर दी है। BNS की धाराओं में FIR, संदिग्धों की तलाश कुनकुरी पुलिस ने मामले में BNS की धारा 331(4) और 305 के तहत अपराध दर्ज किया है। दुकान में लगे CCTV में दो संदिग्ध नजर आए हैं। पुलिस उनकी पहचान और आवाजाही के रूट की जानकारी जुटा रही है। व्यापारियों में आक्रोश, गश्त बढ़ाने की मांग जय स्तंभ चौक जैसे व्यस्त इलाके में हुई चोरी की इस बड़ी वारदात से स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी और डर का माहौल है। व्यापारी संघ ने रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
बैतूल के गंज थाना क्षेत्र के किला खंडारा में हुई करीब 9 लाख रुपए की चोरी का पुलिस ने चार दिन में खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और चांदी के सिक्के बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कीमत करीब 9 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार, किला खंडारा निवासी विवेक राठौर ने 8 अगस्त को गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोर घर से सोने का मंगलसूत्र, कान के झाले, अंगूठी, लॉन्ग, दो जोड़ी पैर पट्टी, चांदी की बिछिया और 35 हजार रुपए नकद चोरी कर ले गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जेवर बेचने की फिराक में घूम रहा था आरोपी जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि किला खंडारा का एक युवक चोरी के जेवर बेचने की फिराक में घूम रहा है। पुलिस टीम ने 12 अगस्त को घेराबंदी कर जय मालवी (24) निवासी किला खंडारा को पकड़ लिया। पूछताछ में जय मालवी ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी शुभम यादव (24) निवासी सुभाष वार्ड, हमलापुर के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने शुभम यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए सभी जेवर और चांदी के सिक्के बरामद कर लिए गए। इनकी कुल कीमत करीब 9 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया। चोरी का खुलासा गंज थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज पाल के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने तकनीकी और मैदानी जांच के आधार पर किया।
नेताजी के अपमान पर शुभेंदु अधिकारी का कड़ा रुख, बोले- कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट पर पुलिस को कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता के जाति विशेष को लेकर दिए गए बयान को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उन्हें बोलने का सलीका सीखना चाहिए। राजनीति में बात कहने का एक तरीका होता है। उन्होंने कहा कि अर्चना गुप्ता अपनी बात दूसरे तरीके से भी कह सकती थीं। अगर वही बात राजनीतिक भाषा में कही जाती तो शायद लोगों को इतनी नहीं चुभती। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह पहले से कहते आ रहे हैं कि सामाजिक तौर पर भाजपा का अपना कोई जनसमर्थन नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में 80-20 और हरियाणा में धर्म के नाम पर राजनीति की जाती है। उनके मुताबिक जिस प्रदेश या क्षेत्र में किसी समुदाय की संख्या अधिक हो, उसके खिलाफ दूसरे लोगों को खड़ा करने का प्रयास घृणित राजनीतिक तरीका है। आगाज-ए-दोस्ती अमन यात्रा में हुए शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह बुधवार को करनाल पहुंचे। वे नूंह से शुरू हुई आगाज-ए-दोस्ती अमन यात्रा के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने हरियाणा की कानून व्यवस्था, कांग्रेस के नए प्रभारी संजय दत्त और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता के बयानों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। बीरेंद्र सिंह ने प्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में अपराध का स्वरूप बदल गया है और संगठित गिरोहों का प्रभाव बढ़ रहा है। कानून व्यवस्था पर सरकार को बताया विफल बीरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा में जिस तरह की स्थिति बनी हुई है, उसमें सरकार कानून व्यवस्था कायम रखने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी आपसी दुश्मनी के चलते हत्याएं होती थीं, लेकिन अब अपराध का तरीका बदल गया है। आज संगठित गिरोहों के माध्यम से कई तरह की आपराधिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी यह स्थिति खुलकर सामने आई है। उन्होंने कहा कि अब गैंग की परिभाषा भी बदल गई है। एक तरफ गाना गाने और बजाने वालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ ड्रग्स से जुड़े लोगों का मेल हुआ है। इस गठजोड़ ने अपराध की एक अलग ही परिभाषा बना दी है। उनके अनुसार यह स्थिति समाज और कानून व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती है। संजय दत्त को लेकर बोले- पहले से काफी बेहतर प्रभारी कांग्रेस के नए प्रभारी संजय दत्त की तारीफ करते हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उनका पूरा जीवन राजनीति में बीता है और उन्हें यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि पिछले प्रभारी के मुकाबले संजय दत्त काफी अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि संजय दत्त लगातार लोगों के बीच जाने और पार्टी को जमीन से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस पिछले 15-20 साल से एक कुटिया में सिमटी हुई थी। अब संजय दत्त उस कुटिया से पार्टी को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन कांग्रेस उस दायरे से बाहर निकलकर लोगों के बीच पहुंचेगी, उस दिन लोग कांग्रेस से जुड़ने के लिए तैयार मिलेंगे। यह उनका अपना राजनीतिक आकलन है। नूंह से शुरू हुई यात्रा अमृतसर-फिरोजपुर जाएगी करनाल पहुंची ‘आगाज-ए-दोस्ती यात्रा’ नूंह मेवात से शुरू हुई है। यात्रा राजघाट होते हुए अमृतसर और फिरोजपुर तक जाएगी। यात्रा में शामिल लोगों का उद्देश्य देश में एकता, भाईचारा और शांति का संदेश देना है। कार्यक्रम में चौधरी बीरेंद्र सिंह के साथ पूर्व विधायक और कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
झारखंड-बिहार में एरी और तसर सिल्क की बढ़ती मांग, जानें क्यों बन रही महिलाओं की पहली पसंद
एरी सिल्क और तसर सिल्क अपनी सादगी और पर्यावरण अनुकूल गुणों के कारण झारखंड-बिहार में महिलाओं की पहली पसंद बन रहे हैं।
मंडला के खेरी में बने विपणन गोदाम नंबर-5 में लाखों रुपए का गेहूं खराब होने की खबर सामने आई है। गोदाम में रखे गेहूं में कीड़े लगने की वजह से वह आटा बनने लगा है। साल 2025-26 में नागरिक आपूर्ति निगम ने करीब 35,787 बोरियां यानी 17,859 क्विंटल गेहूं खरीदकर इस गोदाम में रखवाया था, जिसमें से तीन ढेर (स्टैक) में रखा गेहूं खराब होने की जानकारी मिली है। मौके पर गेहूं की बोरियों और ढेरों में साफ तौर पर कीड़े रेंगते दिख रहे हैं। कई जगह गेहूं सड़कर आटे में बदलता नजर आ रहा है। अंदाजा है कि लगभग 3 हजार क्विंटल गेहूं खराब हो चुका है। साल 2025-26 में गेहूं की खरीदी 2425 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से हुई थी, जिससे सरकार को लाखों रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। उठाव में देरी और सुविधाओं की कमी बनी वजह विपणन अधिकारी रामस्वरूप तिवारी ने बताया कि यह गेहूं करीब डेढ़ साल से गोदाम में ही पड़ा हुआ था। विपणन संघ के पास इतने लंबे समय तक गेहूं सुरक्षित रखने का सही इंतजाम नहीं है। इसके अलावा, नागरिक आपूर्ति निगम की तरफ से गेहूं उठाने में देरी हुई, जिसकी वजह से गेहूं में कीड़े लग गए। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश मामला सामने आने के बाद अब गेहूं में दवा डालने और साफ-सफाई का काम चालू कर दिया गया है। भोपाल हेडक्वार्टर ने भी इस मामले की रिपोर्ट मांगी है। कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, विपणन अधिकारी का कहना है कि गेहूं की सिर्फ ऊपरी परत ही खराब हुई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
रविंद्र सिंह भाटी ने सितंबर 2023 में किया अपना वादा करीब तीन साल बाद निभाया। विधानसभा चुनाव से पहले भाटी ने अपनी चुनावी यात्रा के दौरान बुजुर्ग लांगे खान(95) से उनके गांव तक पानी पहुंचाने का वादा किया था। हालांकि इस दौरान लांगे खान का निधन हो गया। बुधवार को आखिरकार शिव विधायक की अनुशंसा पर गडरारोड के बांडासर गांव में बीएडीपी योजना के तहत लांगे खान के घर के पास सार्वजनिक नलकूप(बोरवेल) स्वीकृत हुआ है। इसके बाद बुजुर्ग के बेटे अकबर खां ने वीडियो जारी कर कहा, “मैंने रविंद्र सिंह भाटी जैसा सच्चा नेता नहीं देखा।” बुजुर्ग के बेटे अकबर खां ने कहा- चुनाव से पहले कई नेता वादे कर भूल जाते हैं, लेकिन रविंद्र भाटी ने उनके पिता की मौत के बाद भी अपना वादा याद रखा और उसे पूरा किया। 2023 में चुनावी यात्रा में किया था वादादरअसल, 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले रविंद्र सिंह भाटी ने शिव विधानसभा क्षेत्र में ‘शिव जन संवाद यात्रा’ निकाली थी। इस दौरान वे गांव-गांव और ढाणी-ढाणी पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। सितंबर 2023 में गडरारोड के बांडासर गांव में भी एक जनसभा आयोजित हुई थी। जनसभा के दौरान भाटी ने देसी अंदाज में ग्रामीणों से बातचीत करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। सभा खत्म होने के बाद 95 वर्षीय लांगे खान धीरे से उठे और भाटी को अपनी ओर बुलाकर कहा, “बेटा, नेता तो खूब आए… तुझसे एक उम्मीद है, हमारे लिए पानी ले आना।” इस पर भाटी ने वहीं वादा करते हुए कहा था, “मैं चुनाव लड़ूं या न लड़ूं, जीतूं या हारूं… आपके लिए पानी जरूर लाऊंगा।” इसके बाद विधानसभा चुनाव में भाटी जीतकर विधायक बने। जुलाई 2025 में काम शुरू हुआ, स्वीकृति अब मिलीजल जीवन मिशन के तहत गांव में नल कनेक्शन का काम जुलाई 2025 में शुरू कराया गया था। हालांकि बाड़मेर जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की जमीनी चुनौतियां बनी हुई हैं। पानी की आपूर्ति कभी पहुंचती है तो कभी बाधित हो जाती है। इसी बीच भाटी ने थार क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ बीएडीपी योजना के तहत लांगे खान के घर के पास सार्वजनिक नलकूप स्वीकृत कराने की मांग सरकार के समक्ष रखी। मंगलवार, 11 अगस्त को बीएडीपी योजना की स्वीकृतियों की सूची सामने आई, जिसमें इस मांग को भी मंजूरी मिल गई। नलकूप की स्वीकृति के बाद लांगे खान के परिवार ने विधायक भाटी का आभार जताया है। परिवार का कहना है कि भले ही उनके पिता आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन भाटी ने उनसे किया वादा नहीं भुलाया।
स्वतंत्रता दिवस से पहले कोलकाता में महिला सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है। मंत्री अग्निमित्रा पाल ने 14 अगस्त की रात महिलाओं की पूर्ण स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए एक बड़े मार्च की घोषणा की है।
दिल्ली विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र सफल रहा। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सत्र की उपलब्धियों और विधायी कामकाज की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष की नेता की लगातार अनुपस्थिति के बावजूद सदन में 13 घंटे 19 मिनट कार्यवाही चली। इस दौरान 19 कैग रिपोर्ट पेश की गई और चार महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए। अध्यक्ष ने बताया कि नियम 280 के तहत सदस्यों ने कुल 52 जनहित के मुद्दे उठाए। सामान्य तौर पर प्रतिदिन 10 सदस्यों के लिए निर्धारित सीमा के बावजूद एक दिन में 23 सदस्यों को जनहित के विषय उठाने का अवसर दिया गया। 48 में से 44-45 सत्तापक्ष के सदस्य रहे मौजूदगुप्ता ने कहा कि विधानसभा में 22 विपक्षी सदस्य हैं, जिनमें करीब 20 सदन में उपस्थित रहे। वहीं सत्तापक्ष के 48 में से करीब 44-45 सदस्य सदन में मौजूद रहे। उन्होंने 7वीं और 8वीं विधानसभा के कामकाज की तुलना करते हुए कहा कि 7वीं विधानसभा ने पांच साल में पांच सत्र आयोजित किए थे, जबकि 8वीं विधानसभा ने डेढ़ साल से भी कम समय में छह सत्र आयोजित कर लिए हैं। नागरिक समस्याओं से लेकर दंगों पर चर्चासत्र में कूड़ा निस्तारण, जलभराव, आवारा पशु, पीडब्ल्यूडी की सड़कों और बिजली बिलों से जुड़े मुद्दे उठे। उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में राजनीतिक नेताओं की भूमिका और सजा के मुद्दे पर दो दिवसीय अल्पकालिक चर्चा भी हुई। दिल्ली लक्ष्मी योजना पर सदन ने सर्वसम्मति से बधाई प्रस्ताव पारित किया। श्री गुरु नानक साहिब जी के प्रकाश उत्सव पर शुभकामनाएं दी गईं। पूर्व विधायकों और दिल्ली में आग की घटनाओं के पीड़ितों को श्रद्धांजलि भी दी गई। चार विधेयक हुए पारितसत्र में दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान (निरसन) विधेयक, 2026, नागरिकों को समयबद्ध और सुगम सेवाओं के अधिकार से संबंधित विधेयक, 2026, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026 और दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किए गए। अध्यक्ष ने कहा कि इनसे जनसेवाओं, शहरी आश्रय व्यवस्था और अग्निशमन सेवाओं में सुधार होगा।
शिवपुरी के नमो नगर में मंगलवार देर शाम तेज बारिश के बाद जलभराव हो गया। करीब एक से दो घंटे की बारिश के बाद गलियों और मकानों के आसपास घुटनों तक पानी भर गया। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, नमो नगर में थोड़ी देर की बारिश में भी जलभराव हो जाता है। कॉलोनी में पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इससे बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। लोगों का आरोप है कि नालियों पर अतिक्रमण के कारण भी पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। जलभराव के वीडियो से उठे सवालजलभराव के वीडियो सामने आने के बाद भाजपा प्रदेश प्रवक्ता धैर्यवर्धन शर्मा ने प्रशासन और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर दिलाया। शर्मा ने कलेक्टर और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से जल निकासी की उचित व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने सीएमओ से यह भी पूछा कि क्या कोई बाढ़ प्रभारी नियुक्त किया गया है। यदि ऐसा है तो उसका मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि लोग आपात स्थिति में संपर्क कर सकें। धैर्यवर्धन शर्मा ने कहा कि जलभराव से लोगों के आवागमन में परेशानी होती है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। उन्होंने गंदा पानी पाइपलाइन में पहुंचने और सीवर चोक होने की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले ही जल निकासी की व्यवस्था की जानी चाहिए। सीएमओ बोले- टीम भेजी, पानी निकासी का काम जारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत राठौर ने बताया कि नमो नगर में जलभराव की सूचना मिलने के बाद नगर पालिका की टीम को मौके पर भेजा गया है। टीम पानी की निकासी की व्यवस्था कर रही है।
शासकीय कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति में देरी और सेवा से जुड़ी मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन अतिथि व्याख्याता पीएचडी-नेट कल्याण संघ ने बुधवार को मंत्रालय का घेराव किया। प्रदेशभर से पहुंचे अतिथि व्याख्याताओं ने कई घंटे तक प्रदर्शन किया। उनकी मांग शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की थी, लेकिन देर तक कोई अधिकारी मिलने नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। अतिथि व्याख्याताओं का कहना है कि शासकीय कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई से शुरू हो चुका है। छात्र कॉलेज पहुंच रहे हैं, लेकिन करीब डेढ़ महीने बाद भी पिछले सत्र में काम कर चुके कई अतिथि व्याख्याताओं को दोबारा नियुक्ति नहीं मिली है। इससे कई कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नियुक्ति में देरी से अतिथि व्याख्याताओं की आय भी रुक गई है। 17 जुलाई को नई नीति जारी, फिर भी नियुक्ति के आदेश का इंतजार राज्य सरकार ने 17 जुलाई 2026 को अतिथि व्याख्याता नीति-2024 (संशोधित-2026) जारी की थी। संघ का कहना है कि नीति जारी होने के बाद भी उच्च शिक्षा विभाग की ओर से पिछले सत्र में काम कर चुके अतिथि व्याख्याताओं को दोबारा काम पर बुलाने के निर्देश कॉलेजों को नहीं मिले हैं। उच्च शिक्षा संचालनालय की ओर से बताया गया है कि नियुक्ति से जुड़े आदेश जारी करने के लिए वित्त विभाग की अनुमति का इंतजार है। हर साल 11 महीने की नियुक्ति, लेकिन देरी से कम हो जाता है मानदेय अतिथि व्याख्याताओं का कहना है कि नीति में 11 महीने तक काम करने का प्रावधान है, लेकिन हर साल नियुक्ति प्रक्रिया में देरी होती है। पिछले सत्र का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो गया था। नया सत्र शुरू होने के बाद भी नियुक्ति नहीं होने से उन्हें काम और मानदेय दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। संघ का कहना है कि समय पर नियुक्ति नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। इसलिए सभी शासकीय कॉलेजों में एक समान तारीख से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की गई है। नई नीति में 400 रुपए का अतिरिक्त भत्ता खत्म करने पर भी आपत्ति अतिथि व्याख्याताओं ने नई नीति में किए गए कुछ बदलावों पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पहले 4 घंटे कक्षा लेने के लिए 2 हजार रुपए मिलते थे और 3 घंटे अतिरिक्त रुकने पर 400 रुपए प्रतिदिन अतिरिक्त कार्य भत्ता मिलता था। नई व्यवस्था में यह अतिरिक्त 400 रुपए का भत्ता खत्म कर दिया गया है। संघ के मुताबिक अब 7 घंटे तक कॉलेज में मौजूद रहना जरूरी किया गया है, लेकिन इसके बदले अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान नहीं है। ये 6 प्रमुख मांगें रखीं अतिथि व्याख्याताओं ने मंत्रालय में दिए ज्ञापन में छह प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें 11 महीने की पूर्णकालिक नियुक्ति तत्काल करने, 50 हजार रुपए प्रतिमाह एकमुश्त मानदेय देने, महिला अतिथि व्याख्याताओं को सवैतनिक मातृत्व अवकाश देने। 65 साल की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा देने, PSC सहायक प्राध्यापक भर्ती में अनुभवी अतिथि व्याख्याताओं को 15 से 20 बोनस अंक देने और भर्ती में आयु सीमा में छूट देने की मांग शामिल है। संघ ने यह भी मांग की है कि सहायक प्राध्यापक भर्ती में लंबे समय से शासकीय कॉलेजों में पढ़ा रहे अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव को महत्व दिया जाए। संघ का कहना है कि कई अतिथि व्याख्याता 15 से 20 साल से कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं और नियमित भर्ती समय पर नहीं होने के कारण लगातार अतिथि व्याख्याता के रूप में काम कर रहे हैं। अधिकारियों से मुलाकात नहीं हुई तो नायब तहसीलदार को ज्ञापन प्रदर्शन के दौरान अतिथि व्याख्याता शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे। कई घंटे तक प्रदर्शन के बावजूद अधिकारियों की ओर से कोई मिलने नहीं आया। इस दौरान पुलिस के साथ भी गहमागहमी की स्थिति बनी। आखिर में प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को अपना ज्ञापन सौंपा। संघ ने शासन से मांग की है कि नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी कर कॉलेजों को निर्देश जारी किए जाएं, ताकि अतिथि व्याख्याताओं को समय पर काम मिल सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
लखनऊ के ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (KMC यूनिवर्सिटी) में छात्रों के लिफ्ट में फंसने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि छात्र करीब आधे घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे। वीडियो में दो सुरक्षाकर्मी लिफ्ट से छात्रों को बाहर निकालते नजर आ रहे हैं। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के आधे घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहने की बात को गलत बताया है। जानकारी के मुताबिक, केएमसी यूनिवर्सिटी के एकेडमिक ब्लॉक में मंगलवार को अचानक कुछ स्टूडेंट्स लिफ्ट में चढ़े। इस बीच लिफ्ट ओवरलोड होने के कारण अचानक से बीच मे रुक गई। लिफ्ट रुकने से अंदर रहे स्टूडेंट्स फंस गए। अचानक हुई इस घटना से अफरा-तफरी मच गई। इस बीच अंदर मौजूद छात्रों ने मदद के लिए आवाज लगाई और इमरजेंसी बटन भी दबाया। इसके बाद मौके पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। इस बीच मौके पर पहुंचे छात्रों ने लिफ्ट से बाहर निकल रहे स्टूडेंट्स का वीडियो बना लिया। जिसे एक दिन बाद सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। लिफ्ट में मानक के बड़े स्टीकर लगाने के दिए निर्देश कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि एकेडमिक ब्लॉक में पहले सिर्फ एक लिफ्ट थी पर अब दो नई लिफ्ट लगवाई गई है। इस ब्लॉक में अब कुल 3 लिफ्ट है। मंगलवार को लिफ्ट में तय मानक से ज्यादा स्टूडेंट्स लिफ्ट के अंदर चढ़ गए थे। जिससे लिफ्ट चली नहीं और अलार्म देकर बीच में रुक गई। तत्काल सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर सभी को बाहर सुरक्षित बाहर निकाला। कहीं कोई दिक्कत नहीं हुई। मेरी तरफ से सभी लिफ्ट में वेट और लोगों के संख्या की कैपेसिटी के और स्टीकर लगाने को कहा गया है। स्टूडेंट्स की सुरक्षा हर हाल में की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में हुए ट्रिपल मर्डर केस में कोर्ट ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला धमतरी के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाया। कोर्ट के फैसले के बाद मृतकों के घरवाले काफी नाराज दिखे। कोर्ट से बाहर निकलते समय मृतकों के घरवालों ने गुस्से में आरोपियों पर जूते-चप्पल और पत्थर फेंकते हुए कहा, घर उजाड़कर क्या मिला? परिवार वालों ने कहा कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, इसलिए आरोपियों को उम्रकैद नहीं बल्कि फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। एक परिजन ने भावुक होकर बताया कि उनकी डेढ़ साल की बेटी आज भी दरवाजे की तरफ देखती है और उसे लगता है कि उसके पिता चॉकलेट लेकर वापस आएंगे। परिजनों ने कहा कि वे कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ आगे अपील करेंगे। पहले देखिए तस्वीरें मामूली विवाद के बाद चाकू मारकर तीन युवकों की हत्या यह मामला धमतरी के अर्जुनी थाना क्षेत्र के भोयना गांव स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास का है। दरअसल, कार सवार 5 युवक सोमवार (11 अगस्त, 2025) की रात धमतरी घूमने निकले थे। तभी ग्राम भोयना के पास स्थित अन्नपूर्णा ढाबे में कुछ पूछने के लिए रुके। इस दौरान ढाबे में पहले से 8 लोग बिल पेमेंट को लेकर विवाद कर रहे थे। बदमाश ढाबे की कुर्सी तोड़ रहे थे। इस दौरान कार से उतरे युवकों ने उन्हें रोका। नशे में धुत बदमाशों ने युवकों से गाली-गलौज की। इसी बात पर दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ, पहले बहस हुई फिर बात मारपीट तक आ गई। विवाद, गाली-गलौज और मारपीट के बीच मुख्य आरोपी गोपी दीवान ने चाकू से आलोक सिंह ठाकुर, नितिन तांडी और सुरेश निहाल पर हमला कर दिया था। हमले में तीनों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात के बाद आरोपियों ने सेल्फी ली पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पांच बालिग आरोपी और तीन नाबालिग आरोपी शामिल थे। लोक अभियोजक और शासकीय अभिभाषक गीतेश प्रजापति ने बताया कि ट्रिपल मर्डर मामले में पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा बलवा करने के मामले में दो-दो साल, हथियार रखने के मामले में पांच-पांच साल और अन्य लोगों से मारपीट के मामले में छह-छह महीने की सजा दी गई है। उन्होंने बताया कि गोपी दीवान, कुलेश्वर नेताम और रणवीर साहू को हथियार रखने के मामले में अलग से सजा मिली है। हालांकि, तीन साल तक की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी वकील ने बताया कि इस मामले में करीब एक साल के अंदर फैसला आ गया। 11 नवंबर को कोर्ट में चालान पेश किया गया था और 12 अगस्त 2026 को फैसला सुना दिया गया। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। मृतकों के परिजन भी फांसी की मांग कर रहे थे। अब वे चाहें तो फैसले के खिलाफ आगे अपील कर सकते हैं। यह फैसला प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहन सिंह कोर्राम की अदालत में सुनाया गया। ट्रिपल मर्डर केस में पांच आरोपियों को उम्रकैद एसपी भावना पांडे ने बताया कि पिछले साल 11 अगस्त को तीन युवकों की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें पांच बालिग आरोपी थे। इन पांचों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया था। करीब एक साल बाद कोर्ट ने सभी पांच आरोपियों को सजा सुनाई है। एसपी ने बताया कि उम्रकैद की सजा का मतलब है कि दोषियों को पूरी जिंदगी जेल में रहना होगा, जब तक कानून के तहत कोई दूसरी व्यवस्था न हो। …………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. धमतरी ट्रिपल-मर्डर केस...आलोक की बहन बोली-अधमरा ही छोड़ देते,VIDEO:एक दिन पहले तय हुई थी शादी,मां सदमे में,नितिन-सुरेश की बेटियां पूछ रहीं- पापा कब लौटेंगे गाड़ियों की कतार लगी हुई है और इन गाड़ियों को साइड स्टैंड पर लगाकर उस पर बैठे लोग आपस में कुछ फुस-फूसा रहे हैं। हमने ध्यान दिया तो समझ में आया ये लोग अज्जू के बारे में बात कर रहें हैं। एक ने बताया- अज्जू अपने घर का इकलौता कमाने वाला था। बाप के सुसाइड करने के बाद उसी ने घर को संभाला था। एक या दो दिन पहले उसकी शादी तय हुई थी। पढ़ें पूरी खबर…
अंबाला शहर में एक पुलिसकर्मी के साथ एटीएम धोखाधड़ी हुई, जिसमें उनके खाते से 1.04 लाख रुपये निकाल लिए गए। एटीएम में कार्ड फंसने के बहाने धोखेबाजों ने उन्हें एक नंबर पर कॉल करने को कहा और फिर उनके पैसे निकाल लिए।
टीकमगढ़ के रहने वाले अमन सोनी देश के 22 राज्यों की पैदल यात्रा पूरी करके बुधवार को खरगापुर पहुंचे। वहां के लोगों ने उनका जमकर स्वागत किया। अमन ने बताया कि उन्होंने अपनी इस पैदल यात्रा के दौरान 12 ज्योतिर्लिंगों और चारों धामों के दर्शन किए हैं। खरगापुर पहुंचते ही जगह-जगह अमन का स्वागत हुआ। युवा उन्हें हनुमान मंदिर ले गए, जहां उन्होंने पूजा-पाठ की। मंदिर में बृजेश मिश्रा, राजू राजा, अजय जोशी समेत स्थानीय लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं। अमन ने बताया कि वे पिछले दो साल से पैदल चल रहे हैं और अब तक साढ़े 15 हजार किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर चुके हैं। इस दौरान उन्हें कई-कई दिन भूखे रहना पड़ा और जंगलों में रातें काटनी पड़ीं। गौ सेवा और सनातन धर्म का प्रचार ही मकसद अमन ने बताया कि उनकी यात्रा का मकसद गौ सेवा और सनातन धर्म का प्रचार करना है। उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। वे पर्यावरण को बचाने और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए लगातार कोशिश करते रहेंगे। पिता के इलाज के बाद भक्ति में बदला मन अपनी यात्रा की वजह बताते हुए अमन ने कहा कि वे मुंबई में टीवी सीरियलों में काम करते थे। जब उन्हें पता चला कि उनके पिता की डायबिटीज 600 के पार हो गई है और डॉक्टर पैर काटने की बात कह रहे हैं, तो वे सब छोड़कर घर आ गए। टीकमगढ़ में इलाज और हनुमान जी की भक्ति से उनके पिता का पैर एकदम ठीक हो गया। इस चमत्कार के बाद उनका मन भक्ति में रम गया और उन्होंने महादेव कुण्डेश्वर मंदिर से अपनी पैदल यात्रा शुरू कर दी। अब खोलेंगे गौशाला और वृद्धाश्रम यात्रा के आखिरी मोड़ पर पहुंचे अमन का अगला मकसद समाज सेवा करना है। वे टीकमगढ़ में एक गौशाला और बुजुर्गों के लिए आश्रम खोलना चाहते हैं। खरगापुर और बलदेवगढ़ होते हुए वे शुक्रवार को अपने घर टीकमगढ़ लौट जाएंगे।
पानीपत जिले के इसराना उपमंडल स्थित सैनिक भवन में बुधवार, 12 अगस्त को सहरावत खाप हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की महापंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत की अध्यक्षता खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष धारा सिंह सहरावत (बवाना) ने की। इसमें सहरावत खाप के दो अलग-अलग गुटों को समाप्त कर एकता और भाईचारे के साथ एक मंच पर आने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। महापंचायत में देशभर से सहरावत समाज के प्रमुख पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष जयवीर सिंह सहरावत, तेजराम सहरावत और उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष वरुण सहरावत सहित विभिन्न जिलों व मंडल इकाइयों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। दोनों पक्षों ने आपसी मतभेद समाप्त करते हुए समाज के हित में मिलजुल कर कार्य करने और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर कार्यक्रम करने का फैसला खाप पंचायत ने भविष्य की रणनीति पर विशेष चर्चा के लिए आगामी समय में बवाना, दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में फैले सहरावत समाज को एक मंच पर लाना है, जिसके लिए सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मिलकर प्रयास करेंगे। संगठन को मजबूत करने के लिए 21 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया। यह कमेटी पूरे भारत में सहरावत समाज के बीच संपर्क, प्रचार-प्रसार, संगठन विस्तार और भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करेगी। पंचायत में उपस्थित समाज के लोगों ने कहा कि एकता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। समापन पर सभी पदाधिकारियों ने आपसी मतभेद से ऊपर उठकर सहरावत समाज को एक विचार और एक मंच के साथ आगे बढ़ाने तथा देश भर में समाज की एकता को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास करने का संकल्प दोहराया।

