बलरामपुर में एटीएस ने गैंसड़ी क्षेत्र से शहरोज अहमद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी मांस की दुकान की आड़ में जासूसी गतिविधियों में शामिल था। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शहरोज अहमद की गिरफ्तारी के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि वह अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की आशंका पहले भी कई बार जताई जाती रही है। मामले की जांच जारी है और एजेंसियां संभावित नेटवर्क के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं। 2020 में भी सामने आया था बड़ा आतंकी मामला बलरामपुर में इस तरह की यह पहली कार्रवाई नहीं है। अगस्त 2020 में एटीएस ने उतरौला क्षेत्र के बढ़या भैसाही गांव निवासी मुस्तकीम उर्फ अबू यूसुफ को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, वह आतंकी संगठन आईएसकेपी से जुड़ा था और अयोध्या में राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था। घर से विस्फोटक मिलने का हुआ था दावा उस समय जांच एजेंसियों ने दावा किया था कि मुस्तकीम के घर से विस्फोटक सामग्री और आतंकी गतिविधियों से जुड़े सामान बरामद किए गए थे। एजेंसियों के अनुसार, उसने अपने घर को विस्फोटक तैयार करने का ठिकाना बना रखा था। हालांकि, स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी थी। स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल लगातार दो बड़े मामलों में एटीएस की कार्रवाई के बाद सीमावर्ती जिले में स्थानीय निगरानी और खुफिया समन्वय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ऐसे मामलों का खुलासा बार-बार विशेष एजेंसियों के माध्यम से होने से स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
यूपी के चित्रकूट में प्रेमी को बंधक बनाकर तीन युवकों ने NEET की छात्रा से गैंगरेप किया। मध्य प्रदेश की रहने वाली छात्रा (20), देवरिया के रहने चित्रकूट के रहने वाले अपने नाबालिग प्रेमी (17) के साथ बाइक से घूमने बुधवार की शाम 4 बजे देवांगना घाटी हवाई पट्टी की तरफ आई थी। दोनों घाटी के ही एक स्थान पर बाइक खड़ी कर पत्थरों पर बैठे थे। इसी दौरान बाइक से 3 युवक आए और उनसे पूछताछ करने लगे। उन्होंने खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताया था। गर्लफ्रैंड से छेड़खानी करने लगे। प्रेमी ने विरोध किया तो एक युवक ने उसे पकड़ लिया और गमछे से हाथ–पैर बांध दिये। बाकी दो युवक छात्रा को डरा–धमका कर घसीटते हुए किनारे झाडि़यों में ले गए। जहां दोनों ने उससे बारी–बारी रेप किया। कुछ देर बाद तीसरा युवक भी झाड़ियों में चला गया। इसी दौरान प्रेमी ने खुद को बंधकमुक्त कर लिया। मोबाइल में नेटवर्क नहीं था, इसलिए पहाड़ी से कुछ नीचे उतरकर डायल–112 पर कॉल की। पर पुलिस के पहुंचने से पहले तीनों युवक गर्लफ्रैंड को बदहवास छोड़कर फरार हो गए। घटना जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के देवांगना घाटी के जंगल की है। पुलिस ने बताया– मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। बाकी दो की तलाश जारी है। पूरी घटना जानिए चश्मदीद प्रेमी की जुबानी– पीड़ित प्रेमी ने बताया– वह बुधवार को दोपहर 1:00 बजे वह अपनी प्रेमिका के साथ बाइक से देवांगना घाटी पहुंचे जहां घूमने गया था। दोनों देवांगना घाटी की एक पहाड़ी पर बैठकर साइट सीन कर रहे थे और रील बना रहे थे। इसी दौरान दोपहर करीब 3:00 बजे एक बाइक पर सवार तीन युवक पहुंचे। खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर पूछताछ करने लगे। मेरी गर्लफ्रैंड को पूछताछ के बहाने गलत तरीके से टच करने लगे। मैंने विरोध किया तो मारपीट पर आमादा हो गए। कुछ देर बाद तीनों ने अपने गमछे से मेरे हाथ–पैर बांध दिए। ब्लैकमेल करते हुए घर से पैसे मंगाने को कहने लगे। मना करने पर मुझे बेल्ट से बुरी तरह पीटने लगे। एक युवक मुझे पकड़कर खड़े रहा, जबकि दो युवक मेरी गर्लफ्रैंड को धमकाने लगे कि शोर मचाया तो दोनों को पहाड़ी से नीचे फेंक देंगे। इसके बाद दोपहर करीब 3:30 बजे दोनों मेरी गर्लफ्रैंड को जबरन झाड़ियों में लेकर चले गए। जहां दोनों ने बारी–बारी से मेरी गर्लफ्रैंड का रेप किया। कुछ देर बाद तीसरा युवक भी मुझे बंधा हुआ छोड़कर झाड़ियों में चला गया। उसने भी मेरी गर्लफ्रैंड से रेप किया। वह चिल्लाती रही। मैं उसकी चीखें सुन रहा था। शाम करीब 4:20 बजे किसी तरह मैंने खुद को छुड़ाया और मोबाइल से डायल–112 को कॉल किया, पर नेटवर्क न होने के कारण कॉल नहीं लगी। पहाड़ी से कुछ नीचे उतरा तो मोबाइल में नेटवर्क आया, मैंने फिर से 4:30 बजे कॉल करके पुलिस को सूचित किया। करीब 15 मिनट बाद 4:45 बजे पुलिस पहुंची। मैं उन्हें लेकर ऊपर पहुंचा तो तीनों आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस ने मुझे और मेरी गर्लफ्रैंड को अस्पताल में भर्ती कराया। एक घंटे तक सुनता रहा गर्लफ्रैंड की चीखें प्रेमी ने बताया– मेरी आंखों के सामने ही आरोपियों ने मेरी गर्लफ्रैंड के साथ छेड़खानी की। मुूझे बंधक बनाकर उसे झाड़ियों में ले गए। दोपहर 3:30 बजे से लेकर शाम करीब 4:30 बजे तक करीब एक घंटे तक तीनों बारी–बारी से उसके साथ रेप करते रहे। मैं बेबस उसकी चीखें सुनता रहा। इंटरमीडिएट में है प्रेमी प्रेमी ने बताया– वह इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा है। जबकि उसकी गर्लफ्रैंड मध्य प्रदेश के सतना की रहने वाली है। वह नीट की तैयारी राजस्थान कोटा में कर रही है। कुछ दिन पहले वह छुट्टी लेकर अपने घर आई थी। दोनों के बीच करीब दो साल से अफेयर है। दोनों का होगा मेडिकल टेस्ट थाना प्रभारी विवेक सिंह ने बताया- शाम करीब 4 बजे यूपी-112 पर देवांगना घाटी में युवती से दुष्कर्म की सूचना मिली, जिसके बाद थाना प्रभारी विवेक सिंह समेत पीआरवी टीम तत्काल मौके पर पहुंची। तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। जांच में सामने आया कि युवती अपने साथी के साथ जंगल क्षेत्र में गई थी, जहां तीन युवकों ने उन्हें धमकाकर पैसे मांगे और बाद में युवती के साथ दुष्कर्म किया। नाबालिग प्रेमी को प्राथमिक उपचार कराकर डिस्चार्ज कर दिया गया है। युवती का मेडिकल कराया जा रहा है। प्रेमी नाबालिग है तो उसका भी मेडिकल कराया जाएगा। पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। आरोपितों को पकड़ने के लिए 2 टीम गठित- एसपी अरुण कुमार सिंह प्रेमी जोड़े में प्रेमिका को बालिग और प्रेमी नाबालिग है। दोनों का मेडीकल परीक्षण कराया जाएगा। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपितों की तलाश के लिए राहगीरों की मदद ली जा रही है। इस रास्ते पर सीसीटीवी नहीं होने से पहचान करने में दिकक्त हो रही है। आरोपितों को पकड़ने के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से आरोपितों को पकड़ा जाएगा। सपा विधायक ने दी घेराव की चेतावनी इस मामले को लेकर सपा के सदर विधायक अनिल प्रधान ने प्रदेश सरकार और पुलिस-प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस घटना को बेहद निंदनीय, दुखद और पूरे जनपद को शर्मसार करने वाली बताया। सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा– जहां यह घटना हुई, वहां से प्रस्तावित देवांगना हवाई अड्डे की सीमा सिर्फ 500 मीटर और कलेक्ट्रेट एवं एसपी कार्यालय सिर्फ 3 किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद दिनदहाड़े इस तरह की वारदात होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह घटना दर्शाती है कि अपराधियों में पुलिस और प्रशासन का कोई भय नहीं है। अगर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो सपा कार्यकर्ताओं के साथ एसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- 'मां-बाप की हत्या का कोई पछतावा नहीं':गाजियाबाद में डबल मर्डर करने वाला बेटा बोला-पत्नी ताने देती थी, इसलिए मारा गाजियाबाद में 20 जुलाई की रात मां-बाप की पीट-पीटकर हत्या करने वाले दोनों बेटे दीपक और ललित जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। क्रासिंग रिपब्लिक पुलिस ने बुधवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पूरी खबर पढ़िए…
यमुनानगर जगाधरी के गुरु अर्जुन नगर स्थित राम मंदिर में हनुमान चालीसा के पाठ के दौरान जमकर बवाल हो गया। एडवोकेट चक्षु जुनेजा ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग मंदिर में घुस आए, उनके साथ मारपीट की, गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया, पिस्टल दिखाकर धमकाया और मंदिर में स्थापित मूर्तियों को बाहर फेंकने की धमकी दी। इतना ही नहीं एडवोकेट का आरोप है कि उसे बंधक बनाकर बाहर निकलने से भी रोका। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मारपीट का दृश्य नजर आ रहा है। सेक्टर 17 थाना पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को नामजद करते हुए एक अज्ञात हथियारबंद व्यक्ति पर आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। मंदिर के कार्यों में बाधा डालने का आरोप एडवोकेट चक्षु जुनेजा निवासी श्रीनगर कॉलोनी, जगाधरी ने बताया कि उनके दादा ने 1961 में गुरुनानकपुरा स्थित श्री राम मंदिर का निर्माण कराया था। दादा के निधन के बाद मंदिर की देखरेख उनके पिता पवन कुमार जुनेजा ने की, फिर उनकी बुआ शारदा ने यह जिम्मेदारी निभाई और अब वह स्वयं मंदिर की देखरेख कर रहे हैं। चक्षु जुनेजा ने आरोप लगाया कि नरेंद्र, पुनीत, राजिंद्र सिक्का, एक अज्ञात पिस्टलधारी व्यक्ति, हरगोपाल तथा उनके अन्य साथी, जिनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं, पिछले कुछ समय से मंदिर के कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। आरोपी मंदिर का माहौल खराब करते हैं और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास करते हैं। पिस्टल दिखाकर गाड़ देने की धमकी एडवोकेट ने बताया कि उन्होंने जून में मंदिर में नई मूर्तियों की स्थापना करवाई थी और शनिदेव के सम्मान में अखंड ज्योत भी प्रज्वलित की थी, जिसके बाद से आरोपी उनसे रंजिश रखने लगे। मंगलवार की शाम करीब 7:15 बजे वह अपने साथियों अजय कुमार, संदीप कुमार एडवोकेट, विनय शर्मा और मंदिर के पुजारी के साथ मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचे और कुछ देर बाद नरेंद्र ने उन पर हमला कर दिया तथा उनका गला दबाने की कोशिश की। आरोप है कि पुनीत और राजिंद्र सिक्का ने भी उनके साथ हाथापाई की, जबकि एक अज्ञात व्यक्ति पिस्टल लेकर आया और धमकी दी कि तुझे यहीं गाड़ देंगे। आरोप है कि इस दौरान उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। मोबाइल छीनकर बाहर फेंका चक्षु जुनेजा ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें मंदिर से बाहर निकलने नहीं दिया और बंधक बनाकर गोली मारने की धमकी दी। आरोपियों ने यह भी धमकी दी कि मंदिर में स्थापित मूर्तियों को बाहर फेंक देंगे। उनके अनुसार उनके साथ आए लोगों ने किसी तरह उन्हें आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया और मूर्तियों को नुकसान होने से बचाया। एडवोकेट का कहना है कि इस दौरान आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया, जिसे बाद में बाहर फेंक दिया गया, जिससे उसकी स्क्रीन टूट गई। आरोपियों ने उसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी, खासकर मोहल्ले की महिलाओं के माध्यम से झूठे केस दर्ज कराने की बात कही। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी पक्ष भी आया सामने, एडवोकेट पर लगाए आरोप इस मामले में आरोपी पक्ष भी सामने आया है। नरेंद्र शर्मा ने कहा कि इस मंदिर का का निर्माण सभी श्रद्धालुओं ने आपस में मिलकर करवाया है, लेकिन एडवोकेट चक्षु जुनेजा इसे कबजाना चाहता है। एडवोकेट द्वारा मंदिर परिसर में नियमों से संबंधित एक नोटिस लगाकर उसके नीचे आदेशानुसार चक्षु जुनेजा लिखा, जिसका कॉलोनिवासियों ने विरोध किया। कॉलोनिवासियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की श्रद्धा में चक्षु जुनेजा आदेश जारी कर रहें। इस बारे जब उन्हें बुलाया गया तो उन्होंने मौके पर आकर गालियां निकाली। राजेंद्र सिक्का ने बताया कि चक्षु जुनेजा मंदिर को अपने बुजुर्गों की जगह बताते हुए कहते हैं कि इसके हॉल की चाबी वह रखेंगे। वे चक्षु जुनेजा से मंदिर के कागजात कई बार मांग चुके हैं, लेकिन वह आज तक प्रस्तुत नहीं कर पाए।
हरदा जिला मुख्यालय के पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावास में वार्डन को लेकर चल रहा विवाद बुधवार रात मारपीट में बदल गया। रात करीब 10 बजे सीनियर और जूनियर छात्राओं के बीच हाथापाई हुई। हंगामा करीब आधे घंटे तक चला। शोर-शराबे के बीच कुछ छात्राएं बेहोश भी हो गईं। यह विवाद छात्रावास की वार्डन भावना यादव को हटाने की मांग को लेकर चल रहा है। पिछले दो जनसुनवाई में कुछ छात्राएं कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के पास पहुंची थीं। उन्होंने भोजन, पानी और साफ-सफाई की कमी सहित कई शिकायतें की थीं। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि शिकायत करने पर वार्डन उनका भविष्य खराब करने की धमकी देती हैं। इसके बाद कलेक्टर ने जांच टीम गठित कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे। वार्डन का पक्ष लेने पर सीनियर्स ने की पिटाईजांच रिपोर्ट आने से पहले ही छात्रावास में विवाद बढ़ गया। बारहवीं की छात्रा रोशनी रंगीले ने बताया कि जूनियर छात्राओं ने वार्डन का पक्ष लिया, जिस पर सीनियर छात्राओं ने उनकी पिटाई कर दी। वहीं ग्यारहवीं की छात्रा चाहत गुजरे का कहना है कि कॉलेज की छात्राएं वार्डन के साथ बदतमीजी कर रही थीं। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। चाहत गुजरे ने बताया कि कॉलेज की कुछ छात्राएं जिम जाती हैं और कुछ निजी नौकरी करती हैं। वार्डन उन्हें समय पर आने-जाने के लिए टोकती हैं। इसी बात को लेकर कुछ छात्राएं उनसे विवाद करती हैं। आदिम जाति कल्याण विभाग के डीओ प्रमोद माथुर ने बताया कि उन्हें छात्रावास अधीक्षिका से छात्राओं के बीच विवाद की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वे अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के बाद ही विवाद की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। जिम और नौकरी को लेकर शुरू हुआ विवाद जिला मुख्यालय के शासकीय पोस्ट मैट्रिक एससी छात्रावास की अधीक्षिका भावना यादव मूल रूप से शिक्षिका हैं। पिछले करीब 15 दिनों से उनका छात्रावास में रहने वाली कॉलेज छात्राओं से विवाद चल रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ छात्राएं सुबह जिम जाना चाहती हैं, जबकि कुछ शहर के होटल और शोरूम में नौकरी करती हैं और देर रात छात्रावास लौटती हैं। वार्डन उन्हें समय पर आने-जाने को लेकर टोकती हैं, जिससे विवाद शुरू हुआ। इसी बात को लेकर छात्राएं अंकिता, मोनिका, प्रियदर्शन, विशाखा, मीनाक्षी और वंदना ने वार्डन को हटाने की मांग की थी। हालांकि, छात्रावास में रहने वाली करीब 70 फीसदी छात्राएं अधीक्षिका भावना यादव के समर्थन में खड़ी हो गईं। इसी विवाद ने बुधवार रात हाथापाई का रूप ले लिया। घटना की सूचना मिलने पर घायल छात्राओं के परिजन भी देर रात अस्पताल पहुंचे। उन्होंने छोटी छात्राओं के साथ मारपीट को लेकर नाराजगी जताई।
श्रावस्ती में बुधवार को वियतनाम से आए 80 बौद्ध श्रद्धालुओं के दल ने जेतवन स्थित गंधकुटी में ध्यान साधना और फूल पूजन किया। शाम करीब पांच से छह बजे के बीच पहुंचे श्रद्धालुओं ने पारंपरिक बौद्ध रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरे परिसर में आध्यात्मिक और शांत वातावरण देखने को मिला। भगवान बुद्ध की कर्मस्थली होने के कारण श्रावस्ती विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों के लिए प्रमुख तीर्थस्थल माना जाता है। यहां हर वर्ष थाईलैंड, म्यांमार, श्रीलंका, जापान, कोरिया, वियतनाम, चीन, ताइवान और भूटान समेत कई देशों से हजारों श्रद्धालु दर्शन, पूजा और ध्यान के लिए पहुंचते हैं। बौद्ध स्थलों पर बढ़ी विदेशी श्रद्धालुओं की आवाजाही श्रावस्ती आने वाले विदेशी पर्यटक जेतवन (सहेट), अंगुलिमाल स्तूप, पक्की कुटी और विभिन्न देशों द्वारा निर्मित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध मठों में दर्शन-पूजन और ध्यान साधना करते हैं। इन दिनों विदेशी श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती आमद से जिले के प्रमुख बौद्ध स्थल गुलजार हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है। भिक्षु देवानंद ने बताया ध्यान का महत्व इस अवसर पर भिक्षु देवानंद ने श्रद्धालुओं को ध्यान के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ध्यान मन को शांत, संतुलित और एकाग्र बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इससे व्यक्ति वर्तमान में जीना सीखता है और अधिक प्रसन्न, जागरूक तथा अंतर्ज्ञानी बनता है। उन्होंने कहा कि जब मन वासना, लोभ और अहंकार से मुक्त होता है, तभी वास्तविक मानसिक स्पष्टता और आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है।
संतकबीर नगर डीएम आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावण मास मेले और कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सकुशल संपन्न कराना था। बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान जिले में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखा जाए। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। मंदिरों की सफाई और मार्ग दुरुस्त करने के निर्देश डीएम ने नगर पालिका, नगर पंचायतों और जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शिवालयों एवं मंदिरों की साफ-सफाई समय रहते पूरी कराई जाए। कांवड़ यात्रा मार्गों पर बिजली के खंभों और तारों की व्यवस्था दुरुस्त करने तथा मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की मरम्मत कर उन्हें गड्ढामुक्त बनाने के भी निर्देश दिए। बरसात को देखते हुए बिजली व्यवस्था पर विशेष जोर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि श्रावण मेले से पहले सभी शिव मंदिरों के पहुंच मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करें। बरसात के मौसम को देखते हुए विद्युत लाइनों की जांच की जाए और लोहे के बिजली के खंभों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से पॉलिथीन से ढका जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का समय रहते पालन सुनिश्चित करें। कांवड़ यात्रियों से शालीन व्यवहार करने के निर्देश बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मेले में आने वाले सभी कांवड़ यात्रियों के साथ सम्मानजनक और शालीन व्यवहार किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। एसपी बोले- शिवरात्रि और सोमवार पर रहेगी विशेष सुरक्षा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कहा कि श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार और शिवरात्रि के दिन तामेश्वर धाम सहित सभी प्रमुख शिवालयों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध सूचना की तत्काल स्थानीय पुलिस को जानकारी देने की अपील की। सीसीटीवी और कंट्रोल रूम रहेंगे सक्रिय एसपी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय रखे जाएं। साथ ही सावन मेले के दौरान चेन स्नेचिंग, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।
भिलाई नगर निगम क्षेत्र के लोगों को आज पानी की सप्लाई में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह शिवनाथ नदी स्थित इनटेक वेल में बड़ी मात्रा में जलकुंभी और कचरा पहुंचना है। इससे पानी खींचने वाला सायफन बार-बार चोक हो रहा है, जिसके कारण जलशोधन संयंत्रों का संचालन कई बार रोकना पड़ा। इसका असर बुधवार की दूसरी पाली की पानी सप्लाई पर भी पड़ा। नगर निगम के अनुसार, शिवनाथ नदी से लगातार बहकर आ रही जलकुंभी और कचरे की वजह से इनटेक वेल में पानी लेने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। सायफन के बार-बार बंद होने से 77 एमएलडी और 66 एमएलडी क्षमता वाले दोनों जलशोधन संयंत्रों का संचालन बाधित हुआ। इससे तय समय पर पानी का शोधन नहीं हो सका और कई इलाकों में दूसरी पाली की जलापूर्ति प्रभावित रही। लगातार चोक हो रहा सायफन, कई बार रोकना पड़ा संचालन बुधवार को सुबह से शाम तक सायफन कई बार चोक हुआ। पहली बार सुबह 6:56 बजे से 7:57 बजे तक पानी की आपूर्ति प्रभावित रही। इसके बाद 8:17 बजे से 9:15 बजे और 9:28 बजे से 11:05 बजे तक सायफन बंद रहा। दोपहर 2:02 बजे से 2:55 बजे और 3:52 बजे से 4:45 बजे तक भी यही स्थिति बनी रही। शाम 6:30 बजे एक बार फिर सायफन चोक हो गया, जिससे व्यवस्था सामान्य करने में निगम की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। नदी में बड़ी मात्रा में जलकुंभी और कचरा नगर निगम के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिवनाथ नदी में इस समय बड़ी मात्रा में जलकुंभी और कचरा बहकर आ रहा है। इसे हटाने के लिए गोताखोर लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन पानी में फैली जलकुंभी और कचरे के कारण सफाई का काम धीमी गति से चल रहा है। इसी वजह से सायफन को बार-बार चालू करने में अधिक समय लग रहा है। नगर निगम का कहना है कि गुरुवार को सभी ओवरहेड टंकियों (ओएचटी) तक पानी पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। हालांकि, यदि जलशोधन संयंत्रों का संचालन पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया, तो कई इलाकों में पानी की सप्लाई तय समय से देर से हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में जलापूर्ति का समय आगे-पीछे होने की भी संभावना है। लगातार चोक हो रहा है सायफनबुधवार को सुबह से लेकर शाम तक कई बार सायफन चोक हुआ। पहली बार सुबह 6:56 बजे से 7:57 बजे तक पानी की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित रही। इसके बाद सुबह 8:17 बजे से 9:15 बजे और फिर 9:28 बजे से 11:05 बजे तक सायफन बंद रहा। दोपहर 2:02 बजे से 2:55 बजे और 3:52 बजे से 4:45 बजे तक भी यही स्थिति बनी रही। शाम 6:30 बजे एक बार फिर सायफन चोक हो गया, जिससे व्यवस्था सामान्य करने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी मात्रा में नदी में आया है जलकुंभीनगर निगम के जनसंपर्क विभाग के अफसरों ने बताया कि नदी में इस समय जलकुंभी और कचरे की मात्रा काफी ज्यादा है। इसे हटाने के लिए गोताखोर लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन पानी में फैली जलकुंभी और कचरे की वजह से सफाई का काम तेजी से नहीं हो पा रहा है। इसी कारण सायफन को बार-बार चालू करने में अधिक समय लग रहा है। नगर निगम का कहना है कि गुरुवार को सभी ओवरहेड टंकियों (ओएचटी) तक पानी पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जाएगा, लेकिन जलशोधन संयंत्रों का संचालन पूरी तरह सामान्य नहीं होने पर कई इलाकों में पानी तय समय से देर से पहुंच सकता है। कुछ स्थानों पर सप्लाई का समय आगे-पीछे होने की भी संभावना है।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षा समारोह 27 जुलाई को आयोजित होगा। इसमें राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल शामिल होंगी। उनके आगमन को देखते हुए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शनों को देखते हुए, जिले का खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन छात्र संगठनों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है। संभावित विरोध प्रदर्शनों से संबंधित इनपुट जुटाए जा रहे हैं, ताकि समारोह में किसी भी अव्यवस्था से बचा जा सके। राज्यपाल के कार्यक्रम के मद्देनजर, विश्वविद्यालय परिसर, उनके संभावित मार्गों और समारोह स्थल के आसपास की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी भी संगठन ने विरोध प्रदर्शन की कोई घोषणा नहीं की है। दीक्षा समारोह में कुल 339 उपाधिधारकों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, 84 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा, जिनमें 52 छात्राएं और 32 छात्र शामिल हैं। एनसीसी के एडीजी मेजर जनरल गौतम मुख्य अतिथि होंगे, जिन्हें डीएससी की मानद उपाधि भी प्रदान की जाएगी। यह समारोह महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित होगा, जिसकी क्षमता लगभग 740 लोगों की है। समारोह में उपाधिधारकों, स्वर्ण पदक विजेताओं के साथ उनके अभिभावक, जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के शिक्षक-कर्मचारी और संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक भी उपस्थित रहेंगे। कार्य परिषद, विद्या परिषद, परीक्षा समिति और अन्य समितियों के सदस्य भी समारोह में शामिल होंगे। आयोजकों को आशंका है कि यदि उपाधिधारक और मेडल विजेता अपने अभिभावकों के साथ पहुंचते हैं, तो उपलब्ध सीटों की तुलना में उपस्थित लोगों की संख्या अधिक हो सकती है।
3 दिवसीय गोरखपुर प्रवास के दूसरे दिन गुरुवार की सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई किसी की जमीन को अवैध रूप से कब्जा करता है तो ऐसे भू माफिया पर सख्त कार्रवाई की जाए। गारेखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन में उन्होंने 200 लोगों की समस्या सुनी। समस्या लेकर जनता दर्शन में पहुंचने वालों में महिला व पुरुष, दोनों शामिल रहे। कई लोगों ने जमीन से जुड़ी समस्या बताई तो कुछ ने इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की समस्या का समाधान होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्या का त्वरित निदान किया जाए। भोर से ही लोग गोरखनाथ मंदिर पहुंच गए थे। चेकिंग के बाद उन्हें महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार के बाहर लगाई गई कुर्सियों पर बैठाया गया। एडीजी जोन, कमिश्नर, डीआईजी, डीएम, एसएसपी एवं मुख्यमंत्री के ओएसडी भी पहले से वहां मौजूद थे। सुबह लगभग 7:30 बजे वहां पहुंचे मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी से समस्या जानी। वह कुर्सियों पर बैठे लोगों तक गए, उनका आवेदन लिया। पूछा कि कहां से आए हैं? उसके बाद संबंधित अधिकारी को समस्या के समाधान का भरोसा दिया। कई महिलाएं अपने परिजनों के इलाज में आर्थिक मदद की मांग को लेकर आयी थीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस्टीमेट बनवाकर सभी को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाए। एक लड़की अपने परिजन के इलाज के लिए पीजीआई लखनऊ में बेड दिलवाने की मांग लेकर आयी थी। एक महिला ने अपने ससुराल वालों पर घर में न रहने देने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनका आवेदन देते हुए कहा कि ससुराल वालों को समझाया जाए। नहीं मानते हैं तो महिला को घर में कब्जा दिलाया जाए। एक महिला ने अपने घर के दो बच्चों के जेल जाने की बात कही। महिला का कहना था कि गलत तरीके से फंसाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर अपराधी नहीं होंगे तो उनके साथ न्याय होगा। उन्होंने जांच कराने के निर्देश दिए।महिलाओं के साथ ए बच्चों को सीएम ने दुलार किया और उन्हें चॉकलेट भी दी। गोशाला में पहुंचे गायों को गुड़-रोटी खिलाया मुख्यमंत्री जनता दर्शन से पहले गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में भी गए। वहां उन्होंने गायों को गुड़ व रोटी खिलायी। उन्हें सहलाकर दुलार किया। मुख्यमंत्री को देखते ही गायें उनके पास दौड़कर आने और उनके रोटी-गुड़ खाने के लिए उत्साहित नजर आयीं।
हरदा जिले के टिमरनी थाना क्षेत्र में बुधवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में सीएम राइज स्कूल के एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों युवक बाइक से हरदा लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से पीछे से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक चला रहे युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। भुवनखेड़ी के पास हुआ हादसा पुलिस के अनुसार, हादसा बुधवार रात करीब 10 बजे ग्राम भुवनखेड़ी के पास एक मोड़ पर हुआ। मृतक की पहचान 30 वर्षीय राहुल तिवारी के रूप में हुई है, जो करताना स्थित सीएम राइज स्कूल में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत था। उसके साथ 22 वर्षीय आरेन्द्र नागरे भी बाइक पर सवार था। दोनों करताना से हरदा की ओर लौट रहे थे। पीछे से ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी बाइक रास्ते में उनकी बाइक सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली (क्रमांक एमपी 47 जेडडी 269Q) से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि राहुल तिवारी के सिर में गंभीर चोट आई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में आरेन्द्र नागरे भी गंभीर रूप से घायल हो गया। डायल-112 से अस्पताल पहुंचाए गए घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने राहुल तिवारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल आरेन्द्र नागरे का उपचार जारी है। गुरुवार को होगा पोस्टमार्टम पुलिस ने राहुल तिवारी के शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। टिमरनी पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। परिवार का इकलौता बेटा था राहुल जानकारी के अनुसार, राहुल तिवारी अविवाहित था और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वहीं घायल आरेन्द्र नागरे अपने दो भाइयों में बड़ा है। हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम का माहौल है।
ढाबे में लूट, मारपीट का दूसरा आरोपी गिरफ्तार:सतना में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी
सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने ढाबे में लूटपाट और कर्मचारी से मारपीट के मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को बुधवार को पकड़कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामला 28 जून की रात रामपथगमन बाइपास स्थित आशीर्वाद ढाबे का है। ढाबे पर काम करने वाले पुष्पराज दाहिया (30) निवासी लोहरौरा के साथ यश सिंह उर्फ यशवर्धन (20) निवासी लोहरौरा, कार्तिक सिंह उर्फ छोटू, रिशु सिंह, आदित्य सिंह और उनके अन्य साथियों ने मारपीट की थी। आरोपियों ने गाली-गलौज की, पैसों की मांग कीआरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पुष्पराज से पैसों की मांग की। जब उसने पैसे देने से मना किया तो उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपियों ने अपने कुछ और साथियों को बुलाया और ढाबे में तोड़फोड़ भी की। पूरी घटना ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर पहले आरोपी कार्तिक सिंह को गिरफ्तार किया था। अब दूसरे आरोपी यश सिंह उर्फ यशवर्धन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
भदोही में संचालित राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों में प्रवेश के लिए इच्छुक छात्र-छात्राएं 30 अगस्त 2026 तक अपने दस्तावेज जमा कर सकते हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी गीता सरोज ने बताया कि राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास (बालक) पटेल नगर, ज्ञानपुर और राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास (बालिका) केएनपीजी परिसर, ज्ञानपुर में है। दोनों छात्रावासों की क्षमता 48 छात्र-छात्राओं की है। इन छात्रावासों में 70 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए आरक्षित हैं, जबकि 30 प्रतिशत सीटों पर पिछड़ी जाति और सामान्य वर्ग के छात्र प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश के लिए वही छात्र-छात्राएं पात्र होंगे जिनके विद्यालय की दूरी उनके घर से 25 किलोमीटर से अधिक हो। छात्रों को 30 मई 2027 तक ही छात्रावास में आवासित किया जाएगा। प्रवेश के लिए निदेशालय, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है। इच्छुक छात्र-छात्राएं इस पोर्टल पर स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद, संबंधित सभी अभिलेख 30 अगस्त 2026 तक संबंधित राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास (बालक/बालिका), ज्ञानपुर में जमा करना अनिवार्य होगा।
अलवर के गोविंदगढ़ में जमीन विवाद के चलते जेठ ने अपने ही छोटे भाई की पत्नी पर फरसी से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने महिला के सिर पर फरसे (धारदार हथियार) से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। गंभीर हालत में परिजनों ने महिला को पहले गोविंदगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उसे अलवर जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। घायल महिला के सिर में 15 टांके आए हैं और शरीर पर तीन जगह गंभीर चोट के निशान हैं। बंटवारे की बात पर महिला के सिर पर दे मारा फरसापीड़ित जफरु ने बताया कि वे तीन भाई हैं और लंबे समय से जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। बुधवार शाम को घर पर कुछ लोगों की मौजूदगी में बंटवारे की बातचीत चल रही थी। जफरु का कहना है कि उसने अपने हक की महज एक बिस्वा जमीन का बंटवारा मांगा था। इसी बात को लेकर उसका बड़ा भाई साहबुद्दीन अचानक आपा खो बैठा। आवेश में आकर साहबुद्दीन घर में रखा फरसा उठा लाया और जफरु की पत्नी के सिर पर दे मारा। हमले के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आरोपी वार करके फरार हो गया। 'आरोपी के बेटे करते हैं साइबर फ्रॉड'जफरु ने बताया कि मेरे भाई साहबुद्दीन के बेटे अकरम, आसिफ, इरफान, जिनशान और इरशाद साइबर फ्रॉड के धंधे में शामिल हैं। दो दिन पहले ही पुलिस उन्हें उठाकर ले गई है। हम तो सिर्फ अपने हक की एक बिस्वा जमीन मांग रहे थे, लेकिन इन्होंने मेरी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया।
झांसी के मोंठ थाना क्षेत्र के अमरा नेशनल हाईवे पर बुधवार की रात करीब 1 बजे एक सड़क हादसे में बाइक सवार एक महिला की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब महिला कुचबंदिया मंदिर से अपने गांव लौट रही थी। इसी दौरान बाइक अचानक सड़क पर बने गड्ढों में जा टकराई। जिससे बाइक पर बैठी महिला करीब 30 से 40 मीटर दूर उछलकर जा गिरी। उसी समय अमरा नेशनल हाईवे पर पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने महिला को कुचल दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शरीर पूरी तरह पिस चुका था। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देखिए हादसे की तस्वीरें… हादसे में देवर बाल-बाल बचा जानकारी के अनुसार टांडा गांव निवासी 55 वर्षीय विमला देवी पत्नी अहिरवार अपने देवर शंकर सिंह के साथ बाइक से कुचबंदिया मंदिर से टांडा गांव की ओर लौट रही थीं। अमरा नेशनल हाईवे पर पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इस हादसे में विमला देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके देवर शंकर सिंह बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम माज अख्तर और क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए झांसी भेज दिया। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना की जांच की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने हादसे के लिए हाईवे पर बने बड़े और गहरे गड्ढों को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के समय टोल प्लाजा का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही टोल की एंबुलेंस से कोई सहायता उपलब्ध कराई गई। क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि- ट्रक की टक्कर से महिला की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पूर्व प्रधान को जूतों की माला पहनाई, मारपीट की:10 नामजद समेत 4 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
जालौन के हथनौरा गांव प्रशासक के अपहरण, मारपीट, लूटपाट और जूतों की माला पहनाकर अपमानित किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 10 नामजद और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, पीड़ित ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। चुर्खी थाना क्षेत्र के हथनौरा गांव निवासी पूर्व प्रधान वीर सिंह (49) पुत्र शिवनाथ सिंह ने बताया कि 19 जुलाई को वह महेवा में पूर्व ब्लॉक प्रमुख की बहन के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने गए थे। वहां से लौटते समय जैसे ही वह पिपरौधा-हथनौरा मार्ग पर पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उन्हें रोक लिया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने जुगनू महापंचायत का जिक्र करते हुए गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उन्हें जबरन एक वाहन में बैठाकर कालपी क्षेत्र स्थित एक फार्महाउस ले जाया गया, जहां दोबारा बेरहमी से पीटा गया। जूतों की माला पहनाकर वीडियो बनाने का आरोप फार्महाउस पर आरोपियों ने उनके गले में जूतों की माला पहनाई और वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनके गले से सोने की चेन, दो सोने की अंगूठियां और करीब 2,700 रुपये की नकदी भी छीन ली गई। बाद में उन्हें अधमरी हालत में सिकरी पावर प्लांट के पास छोड़कर आरोपी फरार हो गए। 10 नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पूर्व प्रधान ने अपनी शिकायत में चन्द्रपाल सिंह रूरा, कृष्णपाल सिंह उर्फ बल्लू राणा, श्रीकांत, शशिकांत, अनुज सिंह, सुरजीत वरनाले, वीर सिंह, राजेश सिंह, विश्वनाथ सिंह गपोचे, राजेश सिंह समेत 10 नामजद और चार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। उनका आरोप है कि घटना 5 जुलाई को हुई जुगनू महापंचायत की रंजिश का परिणाम है और पहले भी उन्हें धमकियां मिल चुकी थीं। गिरफ्तारी न होने पर आत्मदाह की चेतावनी पीड़ित ने प्रशासन से सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। पुलिस बोली- साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर 10 नामजद और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील की बदहाली, गंदगी और मछलियों की मौत के विरोध में शहर कांग्रेस के आह्वान पर गुरुवार को अजमेर बंद है। दरगाह बाजार में गुरुवार सुबह से कई होटल और दुकान बंद है। वही दरगाह के पास की फूलों की दुकान खुली हुई है। बंद को सफल बनाने के लिए शहर को अलग-अलग जोन में बांटकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की टीमें तैनात की गई हैं, जो विभिन्न बाजारों और प्रमुख चौराहों पर बंद की अपील कर रही हैं। वहीं अजमेर जिला पुलिस अलर्ट मोड पर है। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर शहर में पुलिस को अलर्ट रखा गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई है। पुलिस की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने बताया कि बंद के संचालन और समन्वय के लिए जिला कांग्रेस कार्यालय में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। बंद के दौरान अस्पताल, मेडिकल स्टोर और एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया है। वहीं, बंद को देखते हुए शहर के कई निजी स्कूलों ने भी अभिभावकों को संदेश भेजकर आज अवकाश घोषित कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि आनासागर झील की बिगड़ती स्थिति, दुर्गंध और प्रशासन की कथित लापरवाही के विरोध में यह बंद आयोजित किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों में पदस्थ अतिथि शिक्षकों के धरने पर बुधवार देर रात पुलिस ने कार्रवाई की। हिंदी भवन के सामने पिछले 22 दिनों से चल रहे धरना स्थल पर पहुंची पुलिस ने शिक्षकों का टेंट हटाकर जब्त कर लिया। इससे पहले दिन में पुलिस ने धरना समाप्त करने की चेतावनी दी थी। चेतावनी के बावजूद शिक्षक धरने पर डटे रहे, जिसके बाद देर रात यह कार्रवाई की गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी अतिथि शिक्षकों ने साफ कहा कि उनका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उनका कहना है कि वे गुरुवार सुबह फिर से धरना स्थल पर पहुंचेंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखेंगे। शिक्षकों का कहना है कि अब तक सरकार के साथ केवल चर्चा हुई है, लेकिन उनकी किसी भी मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। देखिए पहले ये तस्वीरें- शिक्षा मंत्री के घर का किया था घेराव इससे पहले अतिथि शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दुर्ग स्थित निवास का करीब 24 घंटे तक घेराव किया था। मंत्री से चर्चा कराने के आश्वासन के बाद शिक्षक वहां से लौटकर हिंदी भवन के सामने फिर धरने पर बैठ गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि बातचीत के बाद उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बुधवार दोपहर दुर्ग पुलिस बड़ी संख्या में जवानों के साथ धरना स्थल पहुंची। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शाम तक धरना समाप्त करने के लिए कहा था। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि धरना जारी रहा तो अगले दिन से वहां बैठने नहीं दिया जाएगा। इसके बाद बुधवार देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धरना स्थल से टेंट हटाकर जब्त कर लिया। समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग पर अड़े अतिथि शिक्षक अतिथि शिक्षक संघ का कहना है कि उनका आंदोलन संविलियन, सेवा सुरक्षा, समान कार्य के बदले समान वेतन और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षक कई सालों से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने दूर-दराज और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में भी अपनी सेवाएं दी हैं। इसके बावजूद उनके भविष्य को लेकर अब तक कोई स्थायी नीति नहीं बनाई गई है। उनका आरोप है कि हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता। धरना स्थल पर पुलिस ने किया फ्लैग मार्च बुधवार को भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पहुंचे थे। पुलिस ने अतिथि शिक्षकों से शाम 6 बजे तक धरना समाप्त कर अपने-अपने घर लौटने को कहा था। इस दौरान पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद आंदोलनकारी शिक्षकों ने कहा कि टेंट हटाने से उनका आंदोलन नहीं रुकेगा। उनका कहना है कि वे गुरुवार सुबह फिर से धरना स्थल पर पहुंचेंगे और जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल सरकार और अतिथि शिक्षक संघ के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में आंदोलन आगे और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि समाधान होने तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। …………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बारिश में छाता लेकर निकले 1 हजार अतिथि शिक्षक: फ्लैशलाइट जलाकर किया प्रदर्शन, संविलियन और समान वेतन की मांग; 20 दिन से हड़ताल पर छत्तीसगढ़ के 1 हजार से ज्यादा अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। दुर्ग जिले में हिंदी भवन के सामने वे पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। सोमवार को संविलियन, सेवा सुरक्षा और समान वेतन की मांग को लेकर शिक्षकों ने शित्रा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास का घेराव करने की कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर…
बहराइच में विशेश्वरगंज के पुरैना गांव के रहने वाले छैल बिहारी (35) ने अपनी 55 साल की मां कृष्णावती पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में गर्दन पर गंभीर चोट लगने से कृष्णावती की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई और परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार आरोपी छैल बिहारी मानसिक रूप से अस्वस्थ है। थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि हत्या के कारणों की जांच की जा रही है। घटना के बाद गांव में पुलिस निगरानी भी बढ़ा दी गई है। पढ़ें पूरी खबर… बोर्ड ने बदले स्कूलों की मान्यता के नियम, शहर में 3 हजार तो गांव में 6 हजार वर्गमीटर चाहिए जमीन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। अब मान्यता के लिए भूमि के मानकों को आसान कर दिया। ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पूरे साल खुले रहेंगे। 30 वर्ष की लीज पर मिली जमीन के एवज में भी अब स्कूलों की मान्यता दी जा सकेगी। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर परिषद के विनियम (अध्याय-7) में संशोधन कर मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यावहारिक और सरल बनाया है। शहरी क्षेत्र में विद्यालय के लिए न्यूनतम 3,000 वर्गमीटर भूमि जरूरी होगी। ग्रामीण क्षेत्र में 6,000 वर्गमीटर भूमि अनिवार्य होगी। पढ़ें पूरी खबर… बदायूं में 11 साल बाद भतीजे का हत्यारोपी चाचा गिरफ्तार, पालतू कुत्ते के झगड़े में मारी थी गोली बदायूं में 2015 में हुई 20 साल के युवक की हत्या के आरोपी उसके चाचा को पुलिस ने 11 साल बाद गिरफ्तार कर लिया। चाचा ने पालतू कुत्ते को लेकर हुए झगड़े में अपने भतीजे की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद चाचा भाग गया था। 11 साल से वह पंजाब और दिल्ली में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे हैदलपुर गांव के पास से गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामला बिल्सी थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पीएल पुनिया ने दिल्ली में NEET परीक्षा को लेकर छात्रों के आंदोलन पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि देश का नौजवान अपने भविष्य को लेकर सड़क पर है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है। पुनिया ने मांग की कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जाए। पीएल पुनिया ने बताया कि कांग्रेस ने पहले भी इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपकर छात्रों की आवाज उठाई थी। उन्होंने लाखों छात्र-छात्राओं की कड़ी मेहनत और तैयारी के बावजूद परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण उनके भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर सरकार से समाधान की मांग की है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और विपक्षी नेताओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। पुनिया ने जोर दिया कि यदि सरकार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बना पा रही है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। राहुल गांधी के साथ शर्मनाक व्यवहार राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएल पुनिया ने कहा कि विपक्षी नेताओं को इस तरह हिरासत में लेना और उनके साथ बलपूर्वक व्यवहार करना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ किए गए व्यवहार को बेहद शर्मनाक और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। पीएल पुनिया ने चेतावनी दी कि आज का नौजवान अपने भविष्य को लेकर चिंतित है और यदि उसकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर राजनीति पर भी दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि नौजवान जिस दिशा में जाएगा, सत्ता का रुख भी उसी दिशा में बदलेगा।
यूपी के बरेली में दूसरे समुदाय के दोस्तों के साथ कैफे गई एक हिंदू छात्रा का वीडियो वायरल होने के बाद छात्रा ने आत्महत्या कर ली। हिंदू संगठनों ने छात्रा और उसके दोस्तों को घेर लिया था, जिसके बाद वहां काफी हंगामा हुआ। इस दौरान छात्रा से ही उसके दोस्त को जूते से पिटवाया और माफी मंगवाई गई। छात्रा के दोस्तों के साथ मारपीट भी की गई। इतना ही नहीं, घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो वायरल होने से छात्रा को लगा उसकी बदनामी होगी, जिस वजह से उसने अपनी जान दे दी। वीडियो वायरल करने का आरोप, मुकदमा दर्जहिंदू जागरण मंच युवा के जिलाध्यक्ष हिमांशु पटेल, बजरंग दल महानगर गोरक्षा प्रमुख निर्दोष राठौर और देवेंद्र पटेल पर वीडियो वायरल करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि हिमांशु पटेल और निर्दोष राठौर अपने साथियों के साथ कैफे पहुंचे थे, जहां छात्रा अपने मुस्लिम दोस्तों के साथ बैठी हुई थी। इसके बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और पुलिस को बुला लिया। कैफे में हुआ हंगामा, वीडियो सोशल मीडिया पर डालायह घटना मंगलवार रात करीब 9:30 बजे इज्जतनगर थाना क्षेत्र स्थित ब्लू डायमंड कैफे की है। छात्रा अपने दोस्तों के साथ वहां बैठी हुई थी। सभी दोस्त गांव के ही रहने वाले बताए गए हैं। इसकी जानकारी जैसे ही हिंदू संगठनों को लगी, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। इज्जतनगर पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। इस दौरान लड़कों के साथ मारपीट की गई और शोएब नाम के युवक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया। आरोप है कि हिमांशु पटेल और निर्दोष राठौर ने इस वीडियो को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया। साथ ही एक पोस्ट कर कार्रवाई की मांग करते हुए लव जिहाद और धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया गया। छात्रा जब घर पहुंची तो उसने अपने मोबाइल पर यह वीडियो देखा और सदमे में आ गई। उसने घटना की जानकारी अपने भाइयों को दी। भाइयों ने उसे समझाते हुए कहा कि सुबह पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। लेकिन बुधवार सुबह जब छात्रा अपने कमरे से बाहर नहीं निकली तो परिजनों ने जाकर देखा कि वह फंदे से लटकी हुई थी। छात्रा से उसके दोस्त को जूते से पिटवाया, पैर छुआएंहिंदू संगठनों के नेताओं ने छात्रा को जब उसके मुस्लिम समुदाय के दोस्तों के साथ कैफे में पकड़ा तो काफी हंगामा हुआ। छात्रा से उसके दोस्त शोएब को जूते से पिटवाया और पैर भी छुआएं। करीब 5 मिनट तक उसे जूते से पीटा गया। इस दौरान शोएब हिंदू संगठनों से रहम की भीख मांगता रहा। पिटाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पोस्टमार्टम में हैंगिंग से मौत की पुष्टिमौके पर पहुंची बिथरी चैनपुर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत की पुष्टि हुई है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अन्य जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों ने वीडियो वायरल किया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। किसी को भी किसी की लज्जा भंग करने का अधिकार नहीं है। भाइयों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कीछात्रा के पिता की कई साल पहले ही मौत हो चुकी थी। वह अपने भाइयों की लाडली थी। बहन की मौत के बाद भाइयों का कहना है कि जिन लोगों की वजह से उनकी बहन की जान गई, उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमाछात्रा के भाई की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 108, 70(2), 352, 351(3), 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत शोएब, सलमान, महिला डॉक्टर गांव की क्लीनिक, हिमांशु पटेल, देवेंद्र पटेल, निर्दोष राठौर, ब्लू डायमंड कैफे के मालिक और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
मुरादाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र में रामगंगा नदी में नहाने गए दो किशोर बुधवार शाम करीब 6 बजे गहरे पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों और गोताखोरों ने तत्काल राहत अभियान चलाया, जिसमें एक किशोर का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश गुरुवार सुबह फिर शुरू की जाएगी। जानकारी के अनुसार, चक्कर का मिलक निवासी 15 साल के फैज पुत्र जहीर आलम और 13 साल के अदनान उर्फ अदू पुत्र इसरार अपने दोस्त फरदीन के साथ बुधवार शाम करीब छह बजे रामगंगा नदी में नहाने पहुंचे थे। फैज और अदनान नदी में उतर गए, जबकि फरदीन किनारे पर ही बैठा रहा। बीच धारा में पहुंचने पर डूबने लगे नहाते समय दोनों किशोर नदी की बीच धारा में पहुंच गए और गहरे पानी में फंसकर डूबने लगे। उन्हें डूबता देख फरदीन ने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और परिजनों के साथ पुलिस को सूचना दी। 20 मिनट के रेस्क्यू के बाद मिला फैज का शव स्थानीय गोताखोर तुरंत नदी में उतरे और करीब 20 मिनट तक चले राहत अभियान के बाद फैज को बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस और पीएसी की फ्लड टीम भी मौके पर पहुंच गई। अंधेरा होने से रोका गया सर्च अभियान गोताखोरों और फ्लड टीम ने देर शाम तक अदनान की तलाश में अभियान चलाया, लेकिन अंधेरा होने के कारण सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा। पुलिस के अनुसार गुरुवार सुबह दोबारा तलाश शुरू की जाएगी। सिविल लाइंस थाना प्रभारी मनीष सक्सेना ने बताया कि एक किशोर का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि दूसरे किशोर की तलाश जारी है। घटना के बाद नदी किनारे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2026, निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा- 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 के आवेदन फार्म में संशोधन करने की आज (24 जुलाई) लास्ट डेट है। इसमें अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्म तिथि व जेंडर के अतिरिक्त अन्य संशोधन ऑनलाइन किए जा सकते है। साथ ही आवेदन फार्म विड्रो का अवसर भी दिया था। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-सहायक अभियोजन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन 2 सितंबर 2026 तथा निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा - 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 का आयोजन 19 सितंबर 2026 को किया जाना है। परीक्षा के लिए जारी विज्ञापन में उल्लेखित शर्तों के अनुसार ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों को दिया गया है। ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों के लिए सुविधा मात्र है। ऑफलाइन संशोधन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन संशोधन के लिए फीस व प्रोसेस संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपए का शुल्क जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 व 7340557555 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। बिना योग्यता फार्म भरने वाले कर सकते है विड्रो असत्य एवं गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना तथा अहर्ता न होने पर भी उसे विड्रॉ नहीं करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे अभ्यर्थी को बाद में काउंसलिंग/पात्रता जांच/ साक्षात्कार के दौरान अपात्र पाए जाने पर आगामी 1 वर्ष की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार भी किया जाएगा। अतः ऐसे अभ्यर्थी भी 18 से 24 जुलाई 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ कर सकते हैं। इसके लिए एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन के अन्तर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विथड्रॉ बटन पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ किया जा सकता है। हेल्थ डिपार्टमेंट में फिजियोथेरेपिस्ट के 20 पदों पर वैकेंसी:आज से भरे फार्म राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा फिजियोथैरेपिस्ट (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं विभाग) के कुल 20 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है। पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 जुलाई से 21 अगस्त 2026 तक किए जा सकेंगे। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया- कैंडिडेट्स की आयु 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा नियमानुसार विभिन्न केटेगरी में आयु सीमा में छूट दी गई है। इससे पहले वैकेंसी 2018 में निकाली गई थी और ऐसे में सभी कैंडिडेट्स को आयु में 3 साल की छूट दी गई है। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। परीक्षा तिथि व स्थान के संबंध में यथासमय सूचित कर दिया जाएगा। शैक्षणिक योग्यता, वर्गवार वर्गीकरण एवं अन्य जानकारी संबंधी विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आवेदन के लिए सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए है। अधिक जानकारी के लिए करें यहां क्लिक
Flipkart पर बिक रहे थे नकली BATA के जूते:659 जोड़ी फुटवियर जब्त, कॉपीराइट एक्ट में केस दर्ज
राजधानी जयपुर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Flipkart के जरिए BATA INDIA LTD. के नाम से नकली फुटवियर बेचने के मामले का बड़ा खुलासा हुआ है। जामडोली थाना पुलिस ने विजयपुरा रोड स्थित एक गोदाम पर दबिश देकर 659 जोड़ी नकली BATA फुटवियर जब्त किए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। BATA कंपनी की शिकायत पर हुई कार्रवाई डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 21 जुलाई को BATA INDIA LTD. के अधिकृत अधिकारी ललित कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जामडोली थाना क्षेत्र में BATA ब्रांड के नाम से नकली फुटवियर तैयार कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Flipkart पर बेचे जा रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। गोदाम से मिली बड़ी खेप थाना प्रभारी रतन सिंह काविया के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मकान नंबर C-18, अहिंसा कॉलोनी, विजयपुरा रोड, जामडोली स्थित किराये के गोदाम पर दबिश दी। यहां जीनल एंटरप्राइजेज के नाम से संचालित गोदाम से BATA ब्रांड के नाम से पैक किए गए 659 जोड़ी फुटवियर बरामद हुए। जांच के दौरान आरोपी इन उत्पादों से संबंधित कोई वैध बिल या वाउचर प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने सभी फुटवियर जब्त कर लिए। आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस ने आरोपी मुकेश कुमार शर्मा (35) निवासी दनाऊ खुर्द, थाना तूंगा, हाल निवासी अहिंसा कॉलोनी, जामडोली के खिलाफ बीएनएस और कॉपीराइट एक्ट, 1957 की धारा के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
कोटा देहात में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेवीवीएनएल सुल्तानपुर के कनिष्ठ अभियंता (JE) पंकज वर्मा और फॉल्ट रिमूवल टीम (एफआरटी) कर्मचारी दानमल को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर बिजली कनेक्शन से संबंधित वीसीआर नहीं भरने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। सात हजार की मांग थी रिश्वत एसीबी के डीआईजी ओम प्रकाश मीणा ने बताया कि परिवादी ने 20 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता के नाम पर लगे बिजली कनेक्शन की वीसीआर नहीं भरने के बदले उससे 7 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत में बताया गया कि जेईएन पंकज वर्मा ने घर के फोटो खींचने के बाद अपने कथित दलाल और एफआरटी कर्मचारी दानमल के माध्यम से रिश्वत की मांग की। एक हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने गोपनीय सत्यापन कराया। जांच के दौरान परिवादी द्वारा राशि कम करने का अनुरोध किए जाने पर आरोपियों ने रिश्वत की रकम 7 हजार से घटाकर 2 हजार रुपये कर दी। इसमें से 1 हजार रुपये पहले ही ले लिए गए थे, जबकि शेष 1 हजार रुपये लेने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की गई। एसीबी कोटा देहात के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह कानावत के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक शरीफ अहमद और उनकी टीम ने जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी दानमल ने परिवादी से 1 हजार रुपये की रिश्वत लेते ही उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ में जेईएन पंकज वर्मा की मिलीभगत सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से अटैच हॉस्पिटलों में कॉर्डिनेशन की कमी मासूमों की जान के लिए आफत बन रही है। गले में सिक्का, टॉफी या कोई चीज फंसने से अटकी सांस को वापस शुरू करने के लिए मरीज के परिजन को जे.के. लोन, एसएमएस हॉस्पिटल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस बीच कई बार बच्चे (मरीज) की जान पर भी बन आती है। 8 महीने की बच्ची का नही हुआ इलाज ऐसा ही मामला दो दिन पहले भी सामने आया, जब एक 8 महीने की बच्ची खेलते-खेलते साबुन का टुकड़ा निगल गई, जो उसके गले में फंस गया, जिससे उसे सांस लेने में तकलीफ शुरू हो गई। बच्ची के परिजन उसे लेकर देर शाम 2 अलग-अलग प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचे, जहां से बच्ची को रात करीब 10 बजे जे.के. लोन हॉस्पिटल रेफर कर दिया, लेकिन यहां भी बच्ची की तकलीफ ठीक होने के बजाए और बढ़ गई। बच्ची को पहले तो यहां भर्ती किया और बाद में उसे आगे की प्रोसेसिंग (इलाज के लिए) एसएमएस इमरजेंसी रेफर कर दिया। देर रात करीब 12 बजे बच्ची को लेकर परिजन एसएमएस पहुंचे, जहां उसे इमरजेंसी में भर्ती करने के बाद प्रोसीजर (ब्रोंकोस्कोपी) की गई और उसके बाद अगले दिन वापस जे.के. लोन हॉस्पिटल भेजा। 2 से 3 महीने में आते हैं 8-10 केस ये एक ही केस नहीं है, ऐसे 8 से 10 केस हर दो से तीन माह में आते हैं। बच्चे के परिजन ऐसे केस में उन्हें जे.के. लोन लेकर पहुंचते है, लेकिन यहां से भी उन्हें इलाज नहीं मिलता और एसएमएस इमरजेंसी जाना पड़ता है। इसमें सबसे बड़ी समस्या कागजी कार्रवाई की रहती है। परिजन पहले जे.के. लोन हॉस्पिटल में भर्ती की प्रक्रिया के लिए कागजी कार्रवाई करते है और उसके बाद एसएमएस जाकर इमरजेंसी में कागजी कार्रवाई करते है। ऑनकॉल डॉक्टर व्यवस्था नहीं दरअसल ये पूरा विवाद आपसी कॉर्डिनेशन का है। ईएनटी विभाग से सीनियर डॉक्टर (असिस्टेंट या एसोसिएट प्रोफेसर) डॉक्टर ऑनकॉल जे.के. लोन जाते नहीं। इस पूरे मामले पर जे.के. लोन हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. आर.एम. सेहरा ने बताया- हॉस्पिटल में इस तरह के केस में प्रोसीजर (ब्रोंकोस्कोपी) करने के लिए संसाधन भी हैं, लेकिन चरक भवन से ईएनटी विभाग के सीनियर डॉक्टर नहीं आते। इसलिए मजबूरन मरीज को एसएमएस भेजना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पहले जनरल सर्जरी विभाग के डॉक्टर बच्चों के गले में फंसी वस्तु निकालते थे, लेकिन अब यह जिम्मेदारी ईएनटी विभाग संभाल रहा है।
चंदौली लोकसभा से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद वीरेंद्र सिंह ने संसद में विंध्य लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना का मुद्दा उठाया है। उन्होंने चार किलोमीटर के दायरे में दो एक्सप्रेसवे बनाने और किसानों की उपजाऊ भूमि के कम दाम पर अधिग्रहण करने को अनुचित बताया। सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन यदि किसानों के साथ अन्याय हुआ तो वे मजबूती से उनके साथ खड़े रहेंगे और सरकार के फैसले का विरोध करेंगे। यह परियोजना चंदौली जनपद के 52 गांवों से होकर गुजरने के लिए प्रस्तावित है। इन प्रभावित गांवों के किसान लगातार परियोजना का विरोध कर रहे हैं। विकास भवन के पास इस मुद्दे पर अनिश्चितकालीन धरना भी चल रहा है। इसी मुद्दे को सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने लोकसभा में नियम 377 के तहत उठाया। उन्होंने कहा कि वे किसानों की जमीन को बाजार मूल्य से कम पर अधिग्रहण करने की सरकार की कथित साजिश के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। सांसद ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि चार किलोमीटर के अंतराल में दो एक्सप्रेसवे की क्या आवश्यकता है। उन्होंने दोहराया कि वे विकास में बाधक नहीं हैं, लेकिन किसानों के शोषण के खिलाफ दृढ़ता से खड़े हैं। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों की खेती उनकी आर्थिक जीवन रेखा है और सरकार इसके साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने सदन के भीतर और बाहर, दोनों जगह किसानों के हक में आवाज उठाने और सरकार को घेरने का संकल्प व्यक्त किया।
आजमगढ़ में आज भी छाए हैं आसमान में बादल:मौसम विभाग ने दी बारिश की चेतावनी, 32 डिग्री पहुंचा तापमान
आजमगढ़ जिले में गुरुवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। सोमवार को सुबह से जहां फुहारे पड़ी थी। वहीं मंगलवार को भी हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। बुधवार को भी सुबह से शाम तक आसमान में बादल छाएं हुए हैं। रुक-रुककर हवा रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। तापमान गिरकर 32 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं धान की रोपाई कर रहे किसानों को भी बड़ा फायदा हुआ है। सोमवार और मंगलवार को सुबह से पड़ रही फुहारों से मौसम ठंडा हो गया है। हालांकि बारिश के बावजूद उमस और बिजली कटौती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को होगा फायदा जिले में हो रही बारिश धान की रोपाई के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है। किसान लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। अब खेतों में पानी भरने से रोपाई का काम तेज होने की उम्मीद है। लगातार बारिश के कारण घाघरा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ को देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने नदी किनारे के क्षेत्रों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। साथ ही नदी किनारे रहने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई। जारी किया अलर्ट मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए जिले के डीएम रविंद्र कुमार ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि इसके बाद मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है।
डिंडौरी का हजारों हेक्टेयर में फैला साल का घना जंगल अगले कुछ महीनों में बदलने वाला है। साल बोरर कीट के प्रकोप के कारण डिंडौरी के पूर्व करंजिया, पश्चिम करंजिया, दक्षिण समनापुर और बजाग वन परिक्षेत्र के करीब 30 हजार हेक्टेयर जंगल में फैले 1.46 लाख से ज्यादा साल के पेड़ों की कटाई की तैयारी चल रही है। यह जिले के साल वनों का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह कीट करीब 30 साल के प्राकृतिक चक्र में बड़े स्तर पर फैलता है। 1996 से 2001 के बीच इसने करीब 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 35 लाख पेड़ों को नुकसान पहुंचाया था। अब डिंडौरी के अलावा मंडला, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, अमरकंटक, अनूपपुर और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी इसका असर देखा जा रहा है। वन विभाग की देरी से बढ़ा नुकसान- एक्सपर्ट विशेषज्ञों का कहना है कि साल बोरर का प्रकोप तीन से साढ़े तीन साल पहले शुरू हो गया था, लेकिन वन विभाग को इसकी जानकारी करीब आठ महीने पहले लगी। जबकि जबलपुर स्थित राज्य वन अनुसंधान संस्थान (SFRI) ने करीब 15 साल पहले ही इस खतरे और रोकथाम के उपायों की रिपोर्ट विभाग को भेज दी थी। (दैनिक भास्कर के पास यह रिपोर्ट उपलब्ध है।) SFRI के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सी. मोहन के अनुसार पिछले साल ज्यादा बारिश से डिंडौरी-अमरकंटक क्षेत्र में नमी बढ़ी, जिससे साल बोरर तेजी से फैला। उनका कहना है कि वन विभाग के फ्रंटलाइन स्टाफ को इस कीट और 'ट्री ट्रैप ऑपरेशन' की पर्याप्त जानकारी नहीं है। इसके लिए प्रशिक्षण का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी मंजूरी नहीं मिली है। वन विभाग ने 'ऑपरेशन ट्रैप ट्री' अभियान शुरू किया बढ़ते प्रकोप को देखते हुए वन विभाग ने 'ऑपरेशन ट्रैप ट्री' अभियान शुरू किया है। ग्रामीणों को एक कीड़े का सिर लाने पर 2 रुपए दिए जा रहे हैं। अब तक करीब 15 लाख कीड़े इकट्ठे किए जा चुके हैं और ग्रामीण इससे लाखों रुपए कमा चुके हैं। इसके साथ ही प्रभावित पेड़ों की कटाई की तैयारी भी चल रही है। दैनिक भास्कर की टीम डिंडौरी के चौरा दादर गांव पहुंची, जहां साल का बड़ा जंगल है। बारिश के चलते जहां तक नजर जाती है हरियाली ही नजर आती है। शहरी इलाके से तापमान भी 3-4 डिग्री कम लग रहा है। हवा की शुद्धता का तो बस अहसास ही किया जा सकता है। गांव के विष्णु मरावी बताते हैं कि लाखों पेड़ इस कीट से खोखले हो चुके हैं। वे कहते हैं- जै कीड़ा नई, कोरोना से खतरनाक बीमारी है। बा में लाखन लोग मरन गए। जा कीड़ा ने लाखन पेड़ मार डाले। हमारे लिए तो ये पेड़ पुरखों की तरह हैं। इन्हीं की छांव में रहकर खेले और बड़े हुए। मट्टू मरावी कहते हैं कि कीड़ा चार-पांच साल पहले से दिख रहा था, लेकिन पिछले एक साल में इसकी संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। उनका कहना है कि जंगल ही गांव वालों की आजीविका है, इसलिए पेड़ों की कटाई आने वाली पीढ़ियों के लिए चिंता का विषय है। साल के पेड़ में करीब 339 तरह के कीट साल का पेड़ सागौन के बाद सबसे अहम इमारती वृक्ष माना जाता है। इसमें करीब 339 तरह के कीट पाए जाते हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साल वनों में साल बोरर का प्रकोप होता है। साल बोरर तने में सुरंग बनाकर अंदर ही अंदर पेड़ को खोखला कर देता है। डॉ. सी. मोहन के अनुसार मानसून के दौरान जब जंगल में 80 प्रतिशत से ज्यादा नमी और 25 से 28 डिग्री सेल्सियस तापमान रहता है, तब इसकी संख्या तेजी से बढ़ती है। बारिश में पेड़ों पर कुल्हाड़ी या अन्य कारणों से बने घावों से निकलने वाले रस की ओर कीट आकर्षित होते हैं और वहीं अंडे देते हैं। इसलिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाने से बचाना जरूरी है। सड़क किनारे के पेड़ों में ज्यादा नुकसान डिंडौरी में रिसर्च में यह भी सामने आया कि सड़क किनारे और मानव गतिविधि वाले क्षेत्रों के पेड़ों में नुकसान ज्यादा हुआ है। कई जगह लोग साल के पेड़ों से राल निकालने के लिए तने में घाव करके राल (गोंद, धूप) निकालते हैं। ये मोटी कीमत में बिकती है। पूजा के अलावा इसकी मेडिसिनल वैल्यू भी है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। रामायण में साल वृक्षों को एक ही बाण से भेदने का जिक्र रामायण के किष्किंधा कांड में भगवान राम द्वारा सात साल वृक्षों को एक ही बाण से भेदने का जिक्र मिलता है। साल वृक्ष को भगवान विष्णु का प्रिय भी माना जाता है और प्राचीन मंदिरों की मूर्तिकला में 'सालभंजिका' की प्रतिमाएं प्रसिद्ध हैं। बौद्ध मान्यता के अनुसार गौतम बुद्ध का जन्म साल वृक्ष की शाखा पकड़कर हुआ था। कुशीनगर में जुड़वां साल वृक्षों के बीच उन्होंने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था। जैन धर्म के अनुसार 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर को केवलज्ञान भी साल वृक्ष के नीचे ही प्राप्त हुआ था। आयुर्वेद में इसके पत्ते, रस और छाल का उपयोग कान के रोग, गलगंड, सांस संबंधी समस्याओं, एनीमिया और डायबिटीज सहित कई बीमारियों की दवाएं बनाने में किया जाता है। डिंडौरी के 80,263 हेक्टेयर क्षेत्र में साल के जंगल टीएफआरआई के वैज्ञानिकों के मुताबिक डिंडौरी और अमरकंटक के अलावा छत्तीसगढ़ के चिल्पी, गरियाबंद और नारायणपुर क्षेत्र में इसके फैलने की सूचनाएं हैं। डिंडौरी जिले के 40.45 प्रतिशत क्षेत्र में वन हैं। इनमें 80,263 हेक्टेयर क्षेत्र में साल के जंगल फैले हैं, जिनमें 76,230.60 हेक्टेयर सघन और 4,032.42 हेक्टेयर विरल वन हैं। डीएफओ अशोक सोलंकी के अनुसार बीते दो सालों में प्रभावित पेड़ों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले साल जहां 5 से 6 हजार पेड़ों पर निशान लगाए गए थे, वहीं अब यह संख्या करीब डेढ़ लाख तक पहुंच गई है। उनके मुताबिक साल बोरर का प्राकृतिक चक्र लगभग 30 साल का होता है। 1997 में भी इसका बड़ा प्रकोप देखा गया था। इसलिए 30 साल बाद 2026–27 में इसके बढ़ने की आशंका है। 30 साल पहले कटे थे 22 लाख से ज्यादा पेड़ सामान्य वन मंडल के एसडीओ एस.के. जाटव के अनुसार 1997-98 में साल बोरर के कारण 1.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 22.15 लाख पेड़ काटने पड़े थे। उस समय 1.39 करोड़ कीट नष्ट किए गए थे और ग्रामीणों को प्रति कीट सिर 75 पैसे दिए गए थे। इस बार भी प्रभावित पेड़ों की कटाई के बाद छोटे पौधों को सुरक्षित रखा जाएगा, लेकिन उन्हें फिर से बड़ा जंगल बनने में 20 से 30 साल लगेंगे। डीएफओ उत्पादन भारती ठाकरे के अनुसार कटाई के लिए केंद्र सरकार से सितंबर के अंत तक अनुमति मिलने की उम्मीद है। कटाई के बाद लगभग 46,390 घनमीटर इमारती लकड़ी और 43,940 घनमीटर जलाऊ लकड़ी मिलेगी। कटाई और परिवहन पर 8 से 10 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। लकड़ी की नीलामी ई-ऑक्शन के जरिए होगी। लकड़ी की कीमत 90 हजार रुपए प्रति घनमीटर तक एक स्वस्थ साल वृक्ष से औसतन 2 से 3 घनमीटर लकड़ी निकलती है। अच्छी गुणवत्ता की इमारती लकड़ी की कीमत करीब 90 हजार रुपए प्रति घनमीटर तक होती है। हालांकि साल बोरर से प्रभावित लकड़ी का मूल्य घटकर लगभग 35 से 40 हजार रुपए प्रति घनमीटर रह जाता है। अनुमान है कि प्रभावित जंगल से कुल लकड़ी का मूल्य करीब 1600 से 1700 करोड़ रुपए तक हो सकता है। साल बोरर को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता रिटायर्ड अपर वनमंडल अधिकारी आरएलएस परस्ते का कहना है कि साल बोरर को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। मौजूदा मैकेनिकल ट्रीटमेंट स्थायी समाधान नहीं है। इसके लिए लंबी अवधि की माइक्रो प्लानिंग जरूरी है। कई प्रभावित पेड़ अब भी जीवित, जिन्हें बचाना संभव बजाग क्षेत्र के पर्यावरण कार्यकर्ता अरविंद बाबा का कहना है कि कई प्रभावित पेड़ अब भी जीवित हैं और उन्हें बचाया जा सकता है। उनके अनुसार केवल बड़े पैमाने पर पेड़ काटना समाधान नहीं है। जंगल कटने से अतिक्रमण का खतरा बढ़ेगा और वन क्षेत्र को लंबे समय का नुकसान होगा। ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने 20 लाख में खरीदे 10-लाख कीड़ों के सिर मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में वन विभाग जंगलों को बचाने कीड़ों का सिर कटवा रहा। साल बोरर कीड़े का सिर 2 रुपए में खरीद रहा है। मकसद कीड़ों को खत्म कर साल (सरई) के जंगलों को बचाना है। अब तक करीब 10 लाख कीड़ों के सिर काटे जा चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर…
प्रयागराज में दो ट्रक आमने-सामने टकराए:केबिन काटकर ड्राइवरों को निकाला गया, अस्पताल में भर्ती
प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। पुराना मार्केट स्थित काली मंदिर के पास तेज रफ्तार से आ रहे दो ट्रकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ट्रकों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और दोनों चालक केबिन में फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही पूरामुफ्ती थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। दोनों ट्रकों के चालक गंभीर रूप से घायल होने के कारण केबिन में फंसे हुए थे। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ट्रक के केबिन को काटना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने दोनों घायलों को बाहर निकाला। रेस्क्यू के तुरंत बाद पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा, जहां उनका उपचार शुरू कराया गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की वजह तेज रफ्तार मानी जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस दुर्घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस की तत्परता और स्थानीय लोगों के सहयोग से दोनों ट्रक चालकों की जान बचाने में सफलता मिली।
सतना जिला अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगने वाले जाम को लेकर अस्पताल प्रशासन ने पहली बार खुलकर बयान दिया है। सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने स्वीकार किया कि 108 और अन्य एम्बुलेंस निर्धारित पार्किंग में खड़ी होने के बजाय मुख्य गेट के पास खड़ी रहती हैं। उन्होंने कहा कि दलाली के कारण चालक अस्पताल परिसर में ही वाहन खड़े रखते हैं। इससे ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ती है और मरीजों को परेशानी होती है। डॉ. अमर सिंह ने बताया कि 108 एम्बुलेंस के लिए खोवा मंडी में अलग पार्किंग बनाई गई है। वहां करीब 10 एम्बुलेंस खड़ी हो सकती हैं। इसके बावजूद चालक वहां वाहन खड़े नहीं करते। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस को सिर्फ मरीज लेने के लिए अस्पताल आना चाहिए। मरीज को छोड़ने के बाद वाहन वापस पार्किंग में चले जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अव्यवस्थित तरीके से गेट पर खड़े रहते हैं वाहनजिला अस्पताल के मुख्य गेट पर हर समय चार पहिया वाहन, ई-रिक्शा और एम्बुलेंस अव्यवस्थित तरीके से खड़ी रहती हैं। कई बार गंभीर मरीजों को लेकर आने वाली एम्बुलेंस को अंदर आने और बाहर निकलने तक का रास्ता नहीं मिलता। ऐसे में चालकों को लाउडस्पीकर से वाहनों के नंबर पुकारकर रास्ता खाली कराने की अपील करनी पड़ती है। इससे मरीजों के इलाज में देरी होने का खतरा बना रहता है। सिविल सर्जन ने बताया कि अस्पताल परिसर से वाहनों को हटाने के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। यातायात पुलिस से कई एम्बुलेंस के चालान भी कराए गए, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों से भी चर्चा की गई, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसी कारण अस्पताल की यातायात व्यवस्था अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। जिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। मुख्य प्रवेश द्वार पर अव्यवस्थित पार्किंग के कारण एम्बुलेंस, निजी वाहनों और स्ट्रेचर की आवाजाही प्रभावित होती है। कई बार गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में अनावश्यक देरी होती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
बलिया के बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के शहपुरवा गांव में गुरुवार सुबह हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर खेत में गिर गया। जिससे पिता-पुत्र करंट की चपेट में आ गए। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना गुरुवार की सुबह करीब 6 बजे की है। जानकारी के अनुसार, शहपुरवा गांव निवासी जनार्दन यादव (58) और उनके बेटे राजेश यादव (28) अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान खेत में 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार टूटकर गिर गया। राजेश यादव इस तार की चपेट में आ गए। बेटे को बिजली के तार की चपेट में आया देख जनार्दन यादव अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए दौड़े। बचाव के प्रयास में जनार्दन भी बिजली की चपेट में आ गए, जिससे पिता-पुत्र दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पाकर बांसडीहरोड पुलिस के साथ बांसडीह विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह और तहसीलदार नितिन सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह ने कहा कि विद्युत विभाग का जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस घटना के लिए दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बांदा में 10 साल की बालिका से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले युवक ने पढ़ाने के बहाने बच्ची को अपने घर बुलाया और उसके साथ अश्लील हरकत की। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट कर डराने-धमकाने का भी प्रयास किया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, आरोपी दीन मोहम्मद ने पहले बालिका को पढ़ाने के लिए अपने घर बुलाया था। पढ़ाई पूरी होने के बाद उसने बच्ची की किताबें अपने पास रख लीं। कुछ देर बाद किताबें वापस देने के बहाने उसने बालिका को दोबारा घर बुलाया। आरोप है कि इसी दौरान उसने बच्ची के साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर थप्पड़ मारा, मां के पहुंचने पर खुला मामला आरोप है कि जब बच्ची ने विरोध किया और वहां से भागने का प्रयास किया तो आरोपी ने उसे थप्पड़ मारकर डराने की कोशिश की। काफी देर तक बेटी के घर नहीं लौटने पर उसकी मां तलाश करते हुए आरोपी के घर पहुंचीं। वहां बच्ची ने अपनी मां को पूरी घटना बताई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। लोगों ने उसकी पिटाई भी की, लेकिन वह मौके से फरार होने में सफल रहा। पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पैलानी थाना प्रभारी राममोहन राय ने बताया कि आरोपी दीन मोहम्मद के खिलाफ रास्ते में रोककर बंधक बनाने, छेड़छाड़, मारपीट, धमकी देने और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपी की तलाश में दबिश पैलानी थाना प्रभारी राममोहन राय ने बताया कि आरोपी दीन मोहम्मद आरोपी फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नीट को लेकर दिल्ली जंतर मंतर पर अनशन पर चल रहे स्टूडेंट पर लाठीचार्ज के विरोध में सिरसा में भी सिरसा का जंतर मंतर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। लाल बत्ती चौक स्थित ताऊ देवीलाल पार्क में इस धरने पर दिग्विजय चौटाला लोगों के साथ बैठेंगे और शहरवासियों से भी सहयोग के लिए अपील की है। बुधवार रात से ही धरना शुरू किया और धरने पर रहे। दिग्विजय चौटाला ने मीडिया को दिए बयान में कहा, सिरसा में जंतर मंतर इसलिए बनाया गया है कि हमारी बहन-बेटियों को पीटा गया है। नौजवानों पर नुकीली डंडे, लाठियां बरसाई गई और आंसू गैस के गोले फेंके गए हैं। लड़कियों के कपड़े फाड़े गए हैं, उनको थप्पड़ मारे गए। मेरे घर में भी तीन साल की बेटी है, उसे भविष्य में क्या जवाब देता कि जब महिलाओं के साथ अन्याय हो रहा था और ये जालिम अंग्रेजों से भी ज्यादा जुल्म ढहा रहे थे। उस समय चुप बैठे थे? मैं चुप नहीं बैठ सकता, गुलाम नहीं हूं और देखते हैं कि सिरसा के लोग साथ देते हैं क्या नहीं। मुझे भूल जाए, यहां कोई पार्टी नहीं है। सिरसा से जंतर मंतर तक आवाज जाएगी। 20 तारीख तक बात अलग थी, पर अब हालात कुछ और है। सब लोग आओ और यहां इतिहास रचें। चौ. देवीलाल ने हर लड़ाई लड़ी, अब शिक्षा की लड़ाई लडेंगे। यहीं रहेंगे और यहीं सोएंगे। जब बहन को थप्पड़ लगा तो राम रो रहे थे, बीजेपी राम विरोधी है : दिग्विजय बीजेपी द्वारा राम राज्य बताने के बयान पर दिग्विजय बोले, जब प्रोटेस्ट में उस बहन को थप्पड़ लगा तो भगवान राम भी रो रहे थे और उनको मायूसी हो रही होगी। और ये भगवान राम के नजदीकी भी नहीं है, सबसे बड़े विरोधी है। ये राम राज्य नहीं हो सकता, भगवान राम की सोच ही नहीं। ये विरासत के हकदार ही नहीं है और सबसे बड़े विरोधी है। कॉकरेज विधायक कहने पर अर्जुन का मजाक वाले बयान पर दिग्विजय ने सफाई दी, कहा-सारी गलतफहमी दूर हुई इनेलो से रानियां विधायक अर्जुन चौटाला द्वारा कॉकरेज विधायक कहने पर मजाक उड़ाने पर दिग्विजय चौटाल बोले, मैं किसी के बारे में कुछ नहीं कहूंगा, कौन गया, कौन नहीं गया, आज जो हो रहा है, वो गलत हो रहा है। 20 तारीख को मैं पहली बार जंतर मंतर पर गया था, जो वहां मैंने देखा वो अद्भूत नजारा था। जो मैंने वहां देखा, उसने मेरी सारी गलतफहमी दूर कर दी। जो मैंने देखा, वो बदलता हुआ भारत था, जो मैंने देखा वो देश के लिए लड़ाई थी। और मैं उस लड़ाई में शामिल हो गया। मैंने उसी दिन फैसला कर लिया और आज मैं यहां सिरसा आया हूं। साथियों को ये कहकर आया हूं कि भाई हरियाणा में भी आपकी आवाज उठाएंगे। और मुझे उम्मीद है कि सिरसावासियों से, व्यापारियों से, नागरिकों से, गैर राजनीतिक संगठनों से, गांव के लोगों से, स्पोर्टस के लोगों से, कॉलेज-यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट से, बहनों से, कि थोड़ा-थोड़ा समय निकालकर आईए और मिल-जुलकर दिल्ली के जंतर मंतर तक सिरसा के जंतर मंतर से आवाज उठाएंगे। जानिए क्या कहा था: MLA अर्जुन के कॉकरोच बयान पर दिग्विजय चौटाला का पलटवार:कहा- पार्टी का टूटना-बिखरना, विधायक छोड़कर जाना चिंताजनक, बेदी बोले- मैं तो हैरान हूं रानियां विधानसभा से इनेलो विधायक एवं इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला के छोटे बेटे अर्जुन चौटाला द्वारा “खुद को कॉकरोच कहकर पहला विधायक बताने” के बयान पर राजनीतिक चर्चा में आ गया है। जजपा के यूथ प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने तंज कसा है। इसे लेकर दिग्विजय चौटाला का मीडिया में बयान आया है कि जैसा आप सवाल पूछ रहे हो, मुझे भी बहुत ज्यादा चिंता हो रही है। हमारी पुरानी जो पार्टी है, उसके प्रति सहानुभूति तो हमारे मन में सदैव रहती है। पूरी खबर पढ़िए::::
सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र के बघोड़ी गांव में गुरुवार सुबह धान की रोपाई के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब किसान अपने खेत में अन्य मजदूरों के साथ काम कर रहा था। घटना के बाद खेत में अफरा-तफरी मच गई। रोपाई के दौरान अचानक बदला मौसम बघोड़ी निवासी राम सुंदर पटेल (58) पुत्र छोटकउ पटेल गुरुवार सुबह करीब 8 बजे घर से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। उनके साथ लगभग 14 मजदूर भी काम में जुटे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। मेड़ के पास गिरी बिजली, किसान की मौके पर मौत राम सुंदर पटेल खेत की मेड़ के पास रोपाई कर रहे थे, तभी उनके बेहद करीब आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अन्य मजदूरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। टीआई बोले- शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा सूचना मिलते ही अमिलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में किसान की मौत आकाशीय बिजली गिरने से होना प्रतीत हो रही है। स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट्री में खौलते पानी के टैंक में गिरा मजदूर:काम करते समय पैर फिसला, हॉस्पिटल में इलाज जारी
पाली के औद्योगिक थाना इलाके की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम के दौरान (22) मजदूर खौलते गर्म पानी के टैंक में गिर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गया। साथी मजदूर उसे तुरंत बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस हादसे के कारणों और फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रही है। हादसा बुधवार दोपहर करीब 2 बजे पाली के औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित भैरवा फैक्ट्री में हुआ। बॉयलर के गर्म पानी के टैंक में गिरने से झुलसा सोलंकियान निवासी जितेंद्र (22) पुत्र मांगीलाल फैक्ट्री में काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह पास में बने खौलते गर्म पानी के टैंक में जा गिरा। टैंक में बॉयलर से निकलने वाली स्टीम प्रक्रिया के लिए गर्म पानी रखा जाता है। गर्म पानी में गिरते ही जितेंद्र जोर-जोर से चीखने लगा। उसकी पीठ और पैर बुरी तरह झुलस गए। शरीर पर बड़े-बड़े छाले पड़ गए। उसकी चीखें सुनकर साथी मजदूर दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और तुरंत उसे टैंक से बाहर निकाला। इसके बाद साथी मजदूर उसे तुरंत इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे बर्न यूनिट में भर्ती कर लिया, जहां उसका इलाज जारी है। तीन दिन पहले ही जॉइन की थी नौकरी जानकारी के अनुसार जितेंद्र ने फैक्ट्री में केवल तीन दिन पहले ही काम शुरू किया था। नौकरी शुरू होने के कुछ ही दिन बाद उसके साथ यह हादसा हो गया। औद्योगिक थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। साथ ही फैक्ट्री में सुरक्षा के इंतजाम और काम के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा नियमों की भी जांच की जा रही है।
करौली में सड़क हादसे में 3 की मौत:NH-23 पर बाइक सवारों को ट्रक ने रौंदा
करौली में बुधवार को एनएच-23 पर मैगजीन के पास एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई। यह दुर्घटना तब हुई जब एक बाइक ट्रक को ओवरटेक करते समय अनियंत्रित होकर उसकी चपेट में आ गई। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद तीनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने भीमनगर निवासी आशीष पुत्र विष्णु और धौलपुर के पुरानी छावनी स्थित डगरिया मोहल्ला निवासी पवन पुत्र चंद्रप्रकाश (21) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, भीमनगर, पांडे का कुआं निवासी हर्ष पुत्र राजू को गंभीर हालत में भर्ती किया गया था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। करौली एएसपी महेश मीणा ने बताया कि बाइक सवार युवक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहे थे, तभी सड़क पर अचानक आई एक गाय से बचने के दौरान बाइक असंतुलित होकर ट्रक से टकरा गई। तीनों मृतकों के शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक पवन के भाई पारस ने बताया कि पवन फूड डिलीवरी का काम करता था, जबकि हर्ष एक होटल में और आशीष एक दुकान पर काम करता था। सभी युवक धौलपुर के पुरानी छावनी क्षेत्र के रहने वाले थे और लंबे समय से करौली के भीम नगर क्षेत्र में रह रहे थे। करौली कोतवाली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर लिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है।
हाथरस में सीडीओ के निर्देश पर परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील (एमडीएम) और दूध वितरण योजना की जांच में लापरवाही सामने आई है। अधिकारियों ने जिले के 81 विद्यालयों का निरीक्षण कर मिड-डे मील की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को दूध वितरण की व्यवस्था का सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान विकास खंड सादाबाद के प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर और प्राथमिक विद्यालय नगला चौधरी में विद्यार्थियों को दूध वितरित नहीं किया गया। वहीं, विकास खंड सिकंदराराऊ के प्राथमिक विद्यालय बाजीदपुर और उच्च प्राथमिक विद्यालय बाजीदपुर में भी दूध वितरण नहीं होने की शिकायत सही पाई गई। एक स्कूल में न भोजन मिला, न दूध जांच में प्राथमिक विद्यालय बारमऊ में गंभीर लापरवाही सामने आई। यहां निरीक्षण के दौरान न तो विद्यार्थियों को मिड-डे मील परोसा गया और न ही दूध का वितरण किया गया। वहीं, विकास खंड हसायन के प्राथमिक विद्यालय नगला मियां में मिड-डे मील की गुणवत्ता खराब पाई गई। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई जिला समन्वयक एमडीएम एस.एन. सिंह और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि जिन विद्यालयों में अनियमितताएं मिली हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील और दूध उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जमीन विवाद में लाठी-डंडे चले, बुजुर्ग की मौत:चित्रकूट में 3 घायल; भागते समय दो 2 आरोपी गिरफ्तार
सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र के केवटरा गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, चुन्नूलाल पुत्र कामता निषाद (34) और उनके परिवार का अच्छेलाल निषाद के परिवार से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बुधवार शाम इसी विवाद में दोनों परिवारों की महिलाओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर चुन्नूलाल बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि तभी अच्छेलाल ने अपने पिता श्यामलाल निषाद, भाई फूलचंद निषाद और मूलचंद निषाद के साथ मिलकर लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। बीच-बचाव में आए चाचा से भी मारपीट कीशोर सुनकर चुन्नूलाल के चाचा पुरुषोत्तम निषाद (62), पंचा निषाद और बिहारीलाल निषाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इससे चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार की महिलाओं और पड़ोसियों की मदद से सभी घायलों को जानकीकुंड अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद पुरुषोत्तम निषाद और बिहारीलाल निषाद को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद सिर में गंभीर चोट लगने से पुरुषोत्तम निषाद की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने चुन्नूलाल की शिकायत पर पहले मारपीट का मामला दर्ज किया था। बुजुर्ग की मौत के बाद अस्पताल चौकी में मर्ग कायम किया गया है। गुरुवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी जाएंगी। भागते समय आरोपियों को पकड़ाइस बीच बुजुर्ग की मौत की सूचना मिलते ही आरोपी परिवार समेत भागने लगे। चित्रकूट पुलिस की सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने गढ़िया टोला तिराहे के पास घेराबंदी कर मूलचंद और फूलचंद को हिरासत में ले लिया। पुलिस संदेह के आधार पर परिवार की महिलाओं से भी पूछताछ कर रही है।
नरसिंहपुर में 17 अधिकारियों को नोटिस:CM हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर प्रशासन सख्त
नरसिंहपुर जिले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जून 2026 की शासन स्तरीय जिला रैंकिंग में नरसिंहपुर को 78.51 अंक मिलने के बाद कलेक्टर रजनी सिंह के निर्देश पर कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नोटिस और जुर्माने की कार्रवाई की गई है। 17 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस कमजोर प्रदर्शन करने वाले सी एवं डी श्रेणी के 17 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। 67 लंबित शिकायतों पर 32 अधिकारियों पर जुर्माना मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की 67 लंबित शिकायतों के मामलों में जवाबदेही तय करते हुए 32 अधिकारियों के विरुद्ध जुर्माना अधिरोपित किया गया है। संबंधित अधिकारियों को बुधवार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य आमजन को त्वरित राहत उपलब्ध कराना और जिले की रैंकिंग में सुधार लाना है।
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के मामले में अब कार्रवाई का दायरा और बढ़ने जा रहा है। शुरुआती जांच में जिम्मेदार पाए गए एलडीए के इंजीनियरों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने एलडीए से संबंधित अभियंताओं का पूरा सेवा रिकॉर्ड, नियुक्ति से लेकर तैनाती और सेवानिवृत्ति तक का विवरण तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है। विभाग के अनु सचिव राम निहोर ने एलडीए उपाध्यक्ष को भेजे पत्र में विभागीय कार्रवाई की वर्तमान स्थिति भी मांगी है। शासन ने केवल कार्यरत ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त अभियंताओं का भी पूरा ब्योरा तलब किया है। जिन अधिकारियों की रिपोर्ट मांगी गई है, उनमें तत्कालीन सहायक अभियंता अनिल कुमार, अवर अभियंता रवीन्द्र श्रीवास्तव, प्रमोद पाण्डेय, शिवानन्द शुक्ला, हेमन्त कुमार और अम्बरीश कुमार शर्मा शामिल हैं। अनिल कुमार और प्रमोद पाण्डेय पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं। 25 जुलाई के बाद एलडीए खुद गिराएगा इमारत अग्निकांड वाली इमारत के ध्वस्तीकरण की रफ्तार बेहद धीमी है। भवन स्वामी के जिम्मा सौंपे गए काम में अब तक करीब 10% हिस्सा ही तोड़ा जा सका है। एलडीए ने 25 जुलाई तक का समय दिया है। तय समय में काम पूरा नहीं होने पर प्राधिकरण खुद बुलडोजर चलाकर इमारत ध्वस्त करेगा। अन्य विभागों की जिम्मेदारी तय होने का इंतजार हादसे के बाद एलडीए के कई अधिकारियों और अभियंताओं पर कार्रवाई हुई है, लेकिन विद्युत सुरक्षा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही अभी तय नहीं हो सकी है। माना जा रहा है कि विद्युत व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और भवन की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
अयोध्या में बुधवार की रात में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई। बीच-बचाव करने पहुंचे बुजुर्ग की लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मारपीट में घायल अन्य चार लोगों की दर्शननगर के राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में इलाज चल रहा है। परिजनों ने आरोप है कि मारपीट के दौरान पीआरवी-112 की टीम मौके पर मौजूद थी। लेकिन विवाद बढ़ता देख मौके से चली गई। मृतक के बेटे की तहरीर पर चार लोगों की खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यह पूरा मामला जिला मुख्यालय से 40 किमी की दूरी पर स्थित हैदरगंज थाना क्षेत्र का है। देखें 2 तस्वीरें… चैतू राम को देखकर भड़क गया भाई कुआडाड़ गांव निवासी 63 वर्षीय चैतू राम निषाद अपने अपने पत्नी झुर्रा और चार बच्चे राजेंद्र कुमार व बालगोविंद उर्फ बालक राम और राजश्री व नीरज के साथ रहते हैं। उनके दो भाई राजकुमार और रामअनुज में खेत को मेड़ को लेकर विवाद चल रहा है। इसको लेकर दो दिन पहले दोनों परिवार में कहासुनी हुई थी। इसकी शिकायत राजकुमार की ओर से बालगोविंद उर्फ बालक राम ने पुलिस से की थी। इसकी वजह से रामअनुज अपने भाई चैतू राम निषाद के परिवार से नाराज चल रहा था। मामला बिगड़ता देख पीआरवी टीम फरार मृतक के छोटे बेटे बालगोविंद उर्फ बालक राम ने बताया कि बुधवार की रात करीब 9:30 बजे चाचा रामअनुज और राजकुमार के परिवार में कहासुनी होने लगी। तब हमने डॉयल 112 को सूचना दी। पीआरवी टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्ष को शांत करवाने की कोशिश की। लेकिन माहौल बिगड़ता देख वहां से फरार हो गए। तब बाबूजी बीचबचाव करने पहुंचे। यह देख चाचा रामअनुज भड़क गए और मानिकराम, बाबूराम, होकिला, श्यामलाल, रामू, रामकेश, जगन्नाथ समेत अन्य लोग लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और अन्य धारदार हथियार के साथ घर में घुस गए। वे लोग बाबूजी को पीटने लगे। जब हम बचाने पहुंचे तो हमको भी बुरी तरीके से पीटा। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। बाकी घायलों का इलाज जारी हमले में बाबूजी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनको लेकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मारपीट में बालगोविंद उर्फ बालक राम, राजकुमार की पत्नी रानी और रविंद्र भी घायल है। जिनका इलाज राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में चल रहा है। उपनिरीक्षक अरविंद सिंह और उपनिरीक्षक श्रीपति मौर्य पुलिस टीम के साथ गांव में कैंप कर रहे हैं। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… सपा के 46 उम्मीदवार लगभग तय, लिस्ट देखिए:पूर्वांचल के चेहरे सबसे ज्यादा; 5 हजार वोट से हारी सीटों पर कैंडिडेट रिपीट होंगे सपा ने विधानसभा चुनाव के लिए 46 सीटों पर कैंडिडेट्स लगभग फाइनल कर दिए हैं। इस लिस्ट में पूर्वांचल की 17 सीटें हैं। पश्चिम की 15 और मध्य यूपी की 14 सीटों पर उम्मीदवार शामिल किए गए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आधिकारिक लिस्ट सितंबर तक जारी की जाएगी। 2022 में सपा जिन 27 सीटों पर 5 हजार से कम वोट मार्जिन से हार गई थी, उनके प्रत्याशियों को अखिलेश यादव दोबारा मैदान पर उतार सकते हैं। इन सीटों पर 2027 चुनाव में सपा को जीत की उम्मीद है। पढ़िए पूरी खबर…
एटा में बुधवार देर रात कोतवाली नगर पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, चोरी की मोटरसाइकिल, दो लूटे गए मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, 22/23 जुलाई की रात करीब एक बजे कोतवाली नगर पुलिस शिकोहाबाद रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि दो अपराधी मोटरसाइकिल से इलाके में घूम रहे हैं। गंगनपुर के पास पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों बाइक मोड़कर भागने लगे। पीछा किए जाने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश घायल होकर गिर पड़ा। घायल बदमाश की पहचान, साथी की तलाश जारी घायल बदमाश की पहचान काशीराम कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय सौरभ उर्फ छोटू पुत्र सुंदर लाल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं उसका साथी राहुल अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार कांबिंग और दबिश दे रही है। 18 जुलाई की लूट की वारदात कबूली पुलिस पूछताछ में सौरभ ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी राहुल के साथ मिलकर 18 जुलाई की रात हाथी गेट के पास दो मोबाइल फोन और नकदी लूटी थी। इस मामले में कोतवाली नगर थाने में पहले से मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। तमंचा, कारतूस, चोरी की बाइक और नकदी बरामद पुलिस ने सौरभ के कब्जे से .315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा बिना नंबर की चोरी की पैशन प्रो मोटरसाइकिल, लूटे गए सैमसंग और वीवो कंपनी के दो मोबाइल फोन तथा 4,500 रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। आठ से ज्यादा मुकदमे पहले से दर्ज पुलिस के अनुसार, सौरभ उर्फ छोटू हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। उसके खिलाफ लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत आठ से अधिक मुकदमे कोतवाली नगर और कोतवाली देहात थानों में दर्ज हैं। इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई इस मुठभेड़ की कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व में की गई। टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरुण कुमार, उपनिरीक्षक पारस त्यागी, कांस्टेबल पवन कुमार और कांस्टेबल उत्तम सिंह शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
दमोह के हटा नाका स्थित शराब दुकान को दूसरी जगह शिफ्ट करने की कार्रवाई बुधवार देर रात विरोध के बीच रुक गई। स्थानीय लोगों ने दुकान के प्रस्तावित स्थान का विरोध करते हुए दमोह-छतरपुर हाईवे पर जाम लगा दिया। महिलाओं ने मौके पर भजन-कीर्तन शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने पहुंचकर लोगों को समझाइश दी और करीब दो घंटे बाद जाम खुलवाया। कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई शिफ्टिंग हटा नाका स्थित शराब दुकान में अनियमितता मिलने पर कुछ समय पहले कलेक्टर ने इसे सील कर दिया था। बाद में आबकारी आयुक्त के निर्देश पर दुकान दोबारा खुली। मामला न्यायालय पहुंचने पर दुकान को निर्धारित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए। इसी आदेश के पालन में प्रशासन ने बुधवार को दुकान को सील कर दूसरी जगह स्थानांतरित करने की कार्रवाई शुरू की। धर्म कांटा क्षेत्र में शिफ्टिंग का हुआ विरोध आबकारी विभाग दुकान को दमोह-छतरपुर रोड स्थित धर्म कांटा के पास शिफ्ट कर रहा था। देर रात जैसे ही सामान पहुंचना शुरू हुआ, स्थानीय महिला-पुरुष सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय निवासी लक्ष्मी पटेल ने कहा कि यदि यहां शराब दुकान खुली तो शराबियों का जमावड़ा लगेगा और महिलाओं व परिवारों को परेशानी होगी। उन्होंने आशंका जताई कि शराब पीकर लोग घरों के सामने हंगामा करेंगे, जिससे क्षेत्र का माहौल प्रभावित होगा। रहवासी क्षेत्र और ट्रैफिक का भी उठाया मुद्दा स्थानीय निवासी राकेश पटेल और दीपक पटेल ने कहा कि प्रस्तावित स्थान बायपास और रहवासी क्षेत्र के पास है। यहां से भारी वाहनों की आवाजाही होती है और आसपास छोटे-छोटे बच्चे रहते हैं। ऐसे में शराब दुकान खुलने से लोगों को असुविधा होगी और बच्चों पर भी गलत प्रभाव पड़ेगा। प्रशासन ने समझाइश देकर खुलवाया जाम सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस, सीएसपी एचआर पांडे, तहसीलदार और आबकारी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर करीब दो घंटे बाद जाम समाप्त कराया। आज होगा अंतिम फैसला सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि हटा नाका की शराब दुकान को दूसरी जगह शिफ्ट करने के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। फिलहाल स्थिति सामान्य है। अब आबकारी विभाग यह तय करेगा कि दुकान किस स्थान पर संचालित की जाएगी।
क्लासरूम के TV पर चले अश्लील गाने:छतरपुर PM श्री स्कूल का वीडियो वायरल, डीईओ ने दिए जांच के निर्देश
छतरपुर जिले के पीएम श्री एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 में शैक्षणिक अनुशासन पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। स्कूल की एक कक्षा में पढ़ाई के दौरान टीवी पर फूहड़ और आपत्तिजनक गाने चलाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। कक्षा में छात्रों के सामने चल रहे थे फूहड़ गाने वायरल वीडियो में कक्षा के भीतर छात्र-छात्राएं बैठे दिखाई दे रहे हैं। सामने लगे टेलीविजन पर आपत्तिजनक गीत चल रहे हैं, जबकि कक्षा में पढ़ाई का समय बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद स्कूल की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ VIDEO घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने स्कूलों में शैक्षणिक अनुशासन बनाए रखने की मांग उठाई है। DEO ने दिए जांच के निर्देश मामले का संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) पी.के. रैकवार ने तत्काल जांच के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि कक्षा के दौरान टीवी पर इस तरह की सामग्री कैसे चलाई गई। लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई डीईओ पी.के. रैकवार ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी शिक्षक, कर्मचारी या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना के बाद स्कूलों में डिजिटल संसाधनों के उपयोग और उनकी निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
संभल में प्राचीन कुरुक्षेत्र तीर्थ मंदिर परिसर स्थित स्नान कुंड में डूबने से पूर्व प्रधान के पति की मौत हो गई। मृतक की पहचान हयातनगर थाना क्षेत्र के सीतापुरी गांव निवासी 60 वर्षीय ब्रह्मा सैनी के रूप में हुई है। घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद शव को कुंड से बाहर निकाला। ब्रह्मा सैनी की पत्नी कुसुम करीब 20 वर्ष पहले ग्राम प्रधान रह चुकी हैं। वह पिछले 19 जुलाई से पैर में सेप्सिस के इलाज के लिए संभल के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। परिजनों के मुताबिक, ब्रह्मा सैनी बुधवार रात करीब 8 बजे अस्पताल से घर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। इसके बाद देर रात उनका शव तीर्थकुंड में मिला। घर या अस्पताल के रास्ते में नहीं पड़ता घटनास्थल परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि ब्रह्मा सैनी कुरुक्षेत्र तीर्थ मंदिर परिसर तक कैसे पहुंचे, क्योंकि यह स्थान न तो अस्पताल से घर जाने के रास्ते में पड़ता है और न ही उनका वहां जाने का कोई कारण सामने आया है। अस्पताल से घटनास्थल की दूरी करीब 2 किलोमीटर, जबकि वहां से उनके घर की दूरी लगभग 7 किलोमीटर है। जेब से मिले कागजात और मोबाइल नंबर से हुई पहचान पुलिस ने बताया कि शव की पहचान मृतक की जेब से मिले दस्तावेजों और मोबाइल नंबर के आधार पर की गई। शव के सिर पर चोट के निशान भी मिले हैं। प्रारंभिक आशंका है कि कुंड में गिरते समय उनके सिर में चोट लगी होगी। फिलहाल मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। चार बेटे और दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया ब्रह्मा सैनी अपने पीछे चार बेटे—योगेंद्र (35), निखिल (22), मनीष (18) और लकी (16)—तथा दो बेटियां दीपा (15) और विवाहित विनीता को छोड़ गए हैं। पिता की अचानक मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। देर रात हुई इस घटना की जानकारी तत्काल अस्पताल में भर्ती उनकी पत्नी को भी नहीं दी गई। पुलिस बोली- पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई थाना प्रभारी सुधीर पंवार ने बताया कि कुरुक्षेत्र मंदिर परिसर स्थित कुंड से एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। परिजनों से भी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह वहां कैसे पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली के लालगंज-सरेनी मार्ग पर स्थित गेगासो गंगा पुल पर एक साल बाद भारी वाहनों का आवागमन फिर से शुरू हो गया है। मरम्मत पूरा होने के बाद जिला प्रशासन और एनएचएआई के निर्देश पर बुधवार शाम पुल को सभी प्रकार के हल्के और भारी वाहनों के लिए खोल दिया गया। पुल के दोबारा चालू होने से रायबरेली और फतेहपुर के बीच सीधी कनेक्टिविटी बहाल हो गई है। पुल खुलने से बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले भारी वाहनों को अब 20 से 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पिछले एक वर्ष से भारी वाहन डलमऊ और उन्नाव होकर लंबा रास्ता तय कर रहे थे, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत हो रही थी। अब व्यापारिक गतिविधियों और परिवहन व्यवस्था को भी राहत मिलेगी। 1978 में बनकर तैयार हुआ था पुल गेगासो गंगा पुल का निर्माण उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 1970 के दशक की शुरुआत में शुरू कराया था। वर्ष 1978 में यह पुल बनकर तैयार हुआ, जिस पर उस समय करीब 1.94 करोड़ रुपये की लागत आई थी। उद्घाटन के समय रायबरेली के तत्कालीन जिलाधिकारी सत्येंद्र प्रकाश शुक्ल (आईएएस) थे। पिछले 48 वर्षों से यह पुल रायबरेली, लालगंज और सरेनी को फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट तथा मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बना हुआ है। संरचनात्मक खामियां मिलने पर बंद किया गया था पुल लगातार ओवरलोड ट्रकों, गिट्टी-मौरंग से लदे भारी वाहनों और बढ़ते यातायात के दबाव के कारण पुल की संरचना कमजोर हो गई थी। वर्ष 2025 में केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) और एनएचएआई की संयुक्त तकनीकी टीम ने निरीक्षण किया, जिसमें एक्सपेंशन जॉइंट्स के क्षतिग्रस्त होने, बेयरिंग घिस जाने और पिलर स्लैब में गंभीर दरारें मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के निर्देश पर 12 जुलाई 2025 से पुल पर भारी और व्यावसायिक वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। ₹20 करोड़ से हुआ पुल का तकनीकी पुनरुद्धार आवागमन बंद होने के बाद एनएचएआई ने करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से पुल के पुनरुद्धार का कार्य कराया। हाइड्रोलिक जैक की मदद से पुल को उठाकर सभी पुराने बेयरिंग बदले गए। पिलरों की मजबूती बढ़ाने के लिए कार्बन फाइबर रैपिंग और केमिकल ग्राउटिंग की गई। इसके अलावा 1.2 किलोमीटर लंबे हिस्से पर उच्च गुणवत्ता वाली डामर की नई परत बिछाई गई, जिससे पुल को फिर से सुरक्षित और मजबूत बनाया गया। रोज गुजरते हैं 15 से 20 हजार वाहन गेगासो गंगा पुल से प्रतिदिन लगभग 15 से 20 हजार वाहन गुजरते हैं। यह पुल रायबरेली, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग होने के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अहम है। इसी मार्ग पर प्रसिद्ध मां संकटा देवी मंदिर और गेगासो गंगा घाट स्थित हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पुल दोबारा खुलने से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है।
लखनऊ के KGMU के डॉक्टरों ने दो साल की बच्ची की रीढ़ की हड्डी की बेहद जटिल सर्जरी कर नई मिसाल कायम की है। बच्ची की रीढ़ की हड्डी में टीबी के कारण गंभीर विकृति (काइफोसिस) हो गई थी। इससे उसकी पीठ तेजी से टेढ़ी हो रही थी और उसे तेज दर्द हो रहा था। डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन कर रीढ़ को सीधा किया और विशेष उपकरणों की मदद से उसे स्थिर किया। डॉक्टरों का दावा है कि उत्तर प्रदेश में दो साल की बच्ची में इस तरह की जटिल स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन सर्जरी का यह पहला मामला है। करीब 10 लाख रुपये की लागत वाली यह सर्जरी KGMU में आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह मुफ्त की गई। पहले बुखार, फिर पीठ में दर्द शुरू हुआ लखनऊ निवासी बच्ची को पहले बुखार की समस्या हुई थी। परिवार ने कई स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया। जांच में रीढ़ की हड्डी में टीबी की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसे टीबी की दवाएं दी गईं। हालांकि, बीमारी में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। धीरे-धीरे बच्ची की पीठ में दर्द शुरू हो गया। पीठ छूने पर वह रोने लगती थी। इसके साथ ही उसकी रीढ़ की हड्डी तेजी से टेढ़ी होने लगी। करीब एक सप्ताह पहले परिवार बच्ची को KGMU के आर्थोपेडिक्स विभाग लेकर पहुंचा। जांच के बाद ऑपरेशन का फैसला यहां डॉ. शाह वलीउल्लाह ने बच्ची की जांच की। जरूरी जांचों के बाद डॉक्टरों ने पाया कि टीबी के कारण उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर विकृति हो गई है। स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन का फैसला लिया गया। परिवार की सहमति के बाद मंगलवार को बच्ची की सर्जरी की गई। ऑपरेशन के दौरान प्रभावित हिस्से को ठीक किया गया। इसके बाद विशेष उपकरणों की मदद से रीढ़ को सीधा कर स्थिर किया गया। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत में सुधार है। डॉक्टरों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है। निजी अस्पतालों में 10 लाख तक खर्च डॉ. शाह वलीउल्लाह ने बताया कि इस तरह की जटिल स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन सर्जरी का निजी या कॉरपोरेट अस्पतालों में खर्च करीब 10 लाख रुपये तक आ सकता है। KGMU में आयुष्मान भारत योजना के तहत बच्ची का पूरा इलाज और ऑपरेशन मुफ्त किया गया। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को बड़ी राहत मिली। इन डॉक्टरों ने संभाली सर्जरी सर्जरी में आर्थोपेडिक्स विभाग के डॉ. शाह वलीउल्लाह, पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. विकास वर्मा, डॉ. सैयद फैसल अफाक, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. बीबी कुशवाहा और उनकी टीम शामिल रही।
ग्रेटर नोएडा में दो बदमाश गिरफ्तार:बाइक से मोबाइल लूटकर भाग जाते थे, 25 फोन बरामद
ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गुरुवार सुबह करीब 8 बजे मोबाइल फोन स्नैचिंग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 25 छीने गए मोबाइल फोन, फर्जी नंबर प्लेट लगी एक अपाचे मोटरसाइकिल और एक अवैध तमंचा बरामद किया है। गुरुवार सुबह पुलिस ने दोनों आरोपियों को ग्राम गुर्जरपुर रेलवे अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया। उनकी पहचान रबूपुरा के तीर्थली गांव निवासी फैजान पठान और बुलंदशहर के ककोड़ निवासी फरमान के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि नॉलेज पार्क क्षेत्र में पिछले कुछ समय से मोबाइल स्नैचिंग की लगातार घटनाएं हो रही थीं। वारदातों को अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाश अंजाम दे रहे थे। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध अपाचे बाइक पर सवार दोनों युवक दिखाई दिए। इसी आधार पर उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। महंगे मोबाइल सस्ते दाम में बेचते थे पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी तेज रफ्तार बाइक से राहगीरों के हाथ से मोबाइल फोन छीनकर फरार हो जाते थे। इसके बाद महंगे मोबाइल फोन कम कीमत पर बेच देते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी पुलिस अब दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और छीने गए मोबाइल फोन कहां बेचे जाते थे।
उदयपुर में घर के पास टॉयलेट (शौच) करने पर एक युवक की तलवार से गर्दन काटकर हत्या कर दी। तलवार के वार से गर्दन धड़ से अलग हो गई। युवक के दो टुकड़े हो गए। इस दौरान मां और भाई बीच-बचाव करने आए, लेकिन वे उसे बचा नहीं सके। हत्या के बाद आरोपी पड़ोसी फरार हो गया। घटना गोगुंदा थाना इलाके के खटीक मोहल्ला में बुधवार रात करीब 10 बजे की है। सूचना पर थानाधिकारी प्रवीण सिंह राजपुरोहित मौके पर पहुंचे और सबूत जुटाए। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। शव को गोगुंदा हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। एक वार में गर्दन धड़ से अलग जानकारी के अनुसार, खटीक मोहल्ला में देवीलाल उर्फ राजा बाबू खटीक और उनके पड़ोसी ओमप्रकाश के बीच घर के पास शौच करने को लेकर विवाद हो गया। झगड़ा होने पर देवीलाल के परिजन (मां और भाई) भी घर के बाहर आ गए। उन्होंने बीच-बचाव किया। इसके बाद ओमप्रकाश घर से तलवार लाया और देवीलाल की गर्दन पर जोरदार वार कर दिया। एक ही वार में देवीलाल की गर्दन धड़ से अलग हो गई। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में उपसरपंच के पति पर अश्लील वीडियो दिखाकर 14 साल की नाबालिग आदिवासी छात्रा से रेप करने का आरोप है। यह भी आरोप है कि उसने किसी को इस बारे बताने पर जान से मारने की धमकी दी और रिश्तेदारों को पैसों का लालच देकर थाने में शिकायत करने से भी रोका। इस मामले में बुधवार शाम को रिश्तेदारों ने करीब 100 ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने केस दर्ज करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। देखिए तस्वीरें… सुबह-शाम उपसरपंच के घर करती थी काम जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव की 7वीं में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा सुबह-शाम उपसरपंच के घर काम करती थी और खाना भी बनाती थी। दिन में वह स्कूल जाती थी। बताया जा रहा है कि उपसरपंच ने छात्रा के रिश्तेदारों से उसकी शादी का पूरा खर्च उठाने का वादा भी किया था। अश्लील वीडियो दिखा कर किया रेप वहीं, नाबालिग छात्रा का आरोप है कि वह 20 जुलाई को उपसरपंच के घर शाम को काम करने गई थी। उसने बताया कि वह किचन में खाना बना रही थी, उसी दौरान उपसरपंच के पति तरुण जायसवाल ने पीछे से उसे पकड़ा और कमरे में ले गया। पीड़िता का कहना है कि तरुण जायसवाल ने उसे मोबाइल में अश्लील वीडियो दिखाया और कहा कि तुम्हारे साथ ऐसा ही करना है। उसने नाबालिग के कपड़े उतारे और दो बार रेप किया। पीड़िता ने शोर मचाने की कोशिश की तो मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। बुलाने पहुंची बड़ी बहन को घर लौटाया नाबालिग जब रात 10 बजे तक घर नहीं लौटी तो उसकी बड़ी बहन उसे बुलाने उपसरपंच के घर पहुंची। उसे बाहर से ही यह कहकर लौटा दिया कि खाना नहीं बना है। दूसरी बार 11 बजे बड़ी बहन उसे लेने पहुंची तो नाबालिग उसके साथ घर लौटी। इसके बाद नाबालिग ने रोते हुए अपनी मां को आपबीती बताई। वारदात के दौरान तरुण जायसवाल घर पर अकेला था। रिपोर्ट करने से रोका, पैसे का भी दिया आफर रिश्तेदारों ने बताया कि 21 जुलाई को तरुण जायसवाल ने कुछ लोगों को घर भेजकर पैसों का ऑफर दिया। आरोप है कि रिश्तेदारों को धमकी भी दी गई है और वे रिपोर्ट कराने न जा पायें, इसके लिए निगरानी भी लगाई। वहीं, नाबालिग के पिता ने पैसे लेने से इनकार कर दिया और समाज के लोगों से सारी बातें रखी। साथ ही मदद की गुहार लगाई। इसके बाद 22 जुलाई को करीब 100 लोग कोतवाली थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। FIR के बाद मेडिकल जांच कराई गई देर शाम तक ग्रामीण थाने में डटे रहे। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर आरोपी तरुण जायसवाल के खिलाफ बीएनएस की धारा 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4,6 के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद नाबालिग को मेडिकल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। रात करीब 10 बजे उसका मेडिकल परीक्षण किया गया। कुछ अन्य जरूरी जांच के लिए उसे गुरुवार को फिर बुलाया गया है। देर रात रिश्तेदार नाबालिग को लेकर घर लौट गए। आरोपी हिरासत में, जांच जारी वहीं, घटना के बाद आरोपी गांव से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने अंबिकापुर के चोपड़ापारा इलाके से हिरासत में ले लिया है। मामले में एसपी राजेश अग्रवाल का कहना है कि पीड़िता के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। …………………….. क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पीरियड्स के दौरान 13 साल की नाबालिग से रेप: परिवार को जान से मारने की धमकी दी, दोस्त के कमरे में वारादत,20 साल की कैद राजधानी रायपुर में 13 साल की नाबालिग लड़की से रेप को आरोपी को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। आरोपी युवक ने दोस्त के कमरे में वारदात को अंजाम दिया था। मामला दिसंबर 2024 का है, जो खरोरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पढ़ें पूरी खबर…
टीवी अभिनेत्री रूपाली गांगुली गुरुवार तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। उन्होंने भस्म आरती में शामिल होकर करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की आरती के दर्शन किए। इस दौरान वह सिर पर दुपट्टा ओढ़े पूरी श्रद्धा के साथ आरती में शामिल रहीं। भस्म आरती के बाद रूपाली गांगुली ने भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद उन्होंने कहा, मैं आज जो भी हूं, बाबा महाकाल की कृपा से हूं। जब भी मन विचलित होता है, मैं यहां आ जाती हूं। भस्म आरती का अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। हर दो महीने में दर्शन का करती हैं प्रयास रूपाली गांगुली ने बताया कि वह पहली बार 2020 में महाकाल के दर्शन करने आई थीं। इसके बाद से वह हर दो महीने में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने का प्रयास करती हैं। इससे पहले वह जनवरी 2024, जनवरी 2025 और करीब चार महीने पहले भी उज्जैन आ चुकी हैं। 'अनुपमा' से मिली खास पहचान कोलकाता में जन्मीं रूपाली गांगुली ने बचपन से ही अभिनय की शुरुआत की थी। उनके पिता अनिल गांगुली हिंदी फिल्मों के जाने-माने निर्देशक रहे हैं। रूपाली को टीवी धारावाहिक 'अनुपमा' से सबसे ज्यादा लोकप्रियता मिली। इसके अलावा 'साराभाई वर्सेस साराभाई' में निभाया गया उनका 'मोनिशा' का किरदार भी दर्शकों के बीच काफी पसंद किया गया।
मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के रहने वाले 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर सुखलाल आंजना को राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब एक साल से फरार था और लगातार पुलिस व जांच एजेंसियों से बचता फिर रहा था। राजस्थान पुलिस ने मंगलवार रात चित्तौड़गढ़ में कार्रवाई कर उसे पकड़ा। मामले का खुलासा बुधवार रात किया गया। राजस्थान ANTF के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के निर्देशन में चल रहे 'ऑपरेशन मदार्कभ' के तहत यह कार्रवाई की गई। आरोपी सुखलाल पुत्र पोखरलाल आंजना (32) निवासी मल्याबेर खेड़ा, थाना नाहरगढ़, जिला मंदसौर पर दौसा पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। शराब के कारोबार में नुकसान के बाद शुरू की तस्करी पुलिस के अनुसार, सुखलाल ने आठवीं तक पढ़ाई के बाद खेती शुरू की। खेती से उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं हुआ तो उसने शराब के ठेके का कारोबार किया। इसमें भी नुकसान हुआ और उस पर कर्ज बढ़ गया। इसके बाद उसने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, उसके पिता के नाम पर वैध अफीम खेती का पट्टा था। इससे उसे अफीम उत्पादन और तस्करी के नेटवर्क की जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर वह अपने खेत और आसपास के किसानों से अवैध रूप से अफीम इकट्ठा करता था। बाद में इसे मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के तस्करों तक पहुंचाता था। बसों से भेजता था पार्सल, व्हाट्सएप कॉल से करता था संपर्क जांच में सामने आया कि आरोपी बड़े नेटवर्क से सीधे नहीं जुड़ता था। वह केवल मादक पदार्थ की डिलीवरी और भुगतान तक सीमित रहता था, ताकि दूसरे तस्करों की पहचान सामने न आए। पुलिस से बचने के लिए वह हर बार अलग-अलग रास्तों और वाहनों का इस्तेमाल करता था। संपर्क के लिए व्हाट्सएप कॉल का उपयोग करता था। राजस्थान और गुजरात भेजे जाने वाले मादक पदार्थ बसों के जरिए पार्सल के रूप में भेजे जाते थे। डिलीवरी के बाद व्हाट्सएप कॉल पर संपर्क किया जाता था। तीन राज्यों में दर्ज हैं मामले पुलिस के अनुसार, सुखलाल के खिलाफ राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य मामलों में केस दर्ज हैं। वर्ष 2025 में गुजरात एटीएस के गांधीनगर और राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए थे। वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश के नाहरगढ़ थाने में भी मामला दर्ज हुआ। मध्यप्रदेश में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और मारपीट का केस भी दर्ज है। शादी से लौटते समय हाईवे पर दबोचा आईजी विकास कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि सुखलाल काले रंग की थार से भीलवाड़ा में एक शादी समारोह में गया है और लौटते समय चित्तौड़गढ़ होकर अपने गांव जाएगा। इसके बाद ANTF ने चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा हाईवे पर सादे कपड़ों में निगरानी शुरू की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पीछा किए जाने का शक होने पर कई बार रास्ता बदला। उसने भीलवाड़ा रोड से उदयपुर रोड और फिर कोटा रोड की ओर वाहन मोड़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पहले से तैनात दूसरी टीम ने निंबाहेड़ा रोड स्थित ओछड़ी टोल नाके के पास थार को रोककर उसे गिरफ्तार कर लिया। राजस्थान ANTF के अनुसार, अभियान के तहत मध्यप्रदेश के सक्रिय मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। सुखलाल इस अभियान में गिरफ्तार किया गया मध्यप्रदेश का 11वां तस्कर है। एजेंसी का कहना है कि तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर क्रांति गौड़ को उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। लॉर्ड्स के मैदान पर 7 विकेट लेकर भारतीय महिला क्रिकेट में नया इतिहास रचने वाली छतरपुर की क्रांति गौड़ को कुल 5 लाख रुपए की सम्मान राशि दी गई। क्रांति गौड़ मध्यप्रदेश के छतरपुर की रहने वाली हैं। वह लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं। उनके इस प्रदर्शन से देश के साथ-साथ बुंदेलखंड और मध्यप्रदेश का भी गौरव बढ़ा है। 5 लाख की प्रोत्साहन राशि दीमुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से 3 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि और स्मृति चिन्ह भेंट किया। इसके अलावा उन्होंने अपनी ओर से 2 लाख रुपए की सम्मान राशि भी दी। इस मौके पर क्रांति के पिता नरसिंह और भाई महेंद्र सिंह का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्रांति गौड़ को प्रदेश की लाड़ली बिटिया और छोटी बहन बताया। उन्होंने कहा कि क्रांति ने मध्यप्रदेश में नई 'खेल क्रांति' की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार 'खेलो बढ़ो अभियान' के तहत सांसद कप और विधायक कप जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ा रही है। सरकार खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। बचपन से देखा था नीली जर्सी का सपनासम्मान समारोह के दौरान क्रांति गौड़ अपने संघर्ष के दिनों को याद कर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि बचपन में आर्थिक अभाव और कई चुनौतियां थीं, लेकिन परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनने का सपना देखा था। उसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार मेहनत की। उन्होंने युवाओं से भी परिस्थितियों से हार न मानने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करने की अपील की। समारोह में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, खेल सचिव संजीव सिंह, खेल एवं युवा कल्याण संचालक अंशुमान सिंह यादव, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी मौजूद रहे। सभी ने बुंदेलखंड की इस होनहार बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताई।
सुबह से छाये बादल, दिन में बारिश के आसार:25 जुलाई तक ऐसा ही रहेगा मौसम, तापमान फिर बढ़ा
आगरा में गुरुवार सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। हवा चल रही है। इससे उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम सुहावना हो गया है। दिन में बारिश की संभावना है। 25 जुलाई तक ऐसा ही मौसम रहेगा। हालांकि इस बीच तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। आगरा में पिछले 3 दिन से मौसम बदला हुआ है। रविवार और सोमवार को दिन में कई बार रुक-रुक कर बूंदाबांदी हुई। मंगलवार को दिनभर बादल तो छाये रहे लेकिन न बारिश हुई और न ही बूंदाबांदी। हालांकि पिछले 24 घंटे में 6.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। हालांकि आगरा में अब तक सामान्य से 11 फीसद अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। सामान्य से 11 प्रतिशत अधिक बारिश हुई मौसम विभाग के मुताबिक इस महीने एक जुलाई से 22 जुलाई के बीच जिले में 202.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 11 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को दिनभर बादल छाये रहेंगे। दिन में बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है। शुक्रवार को भारी बारिश का अलर्ट है। 25 जुलाई तक ऐसा ही मौसम रहेगा। 20 जुलाई से बदला मौसम 20 जुलाई से मौसम बदला हुआ है। बुधवार को बूंदाबांदी तो नहीं हुई लेकिन बादल छाने और हल्की हवा चलने से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। बुधवार को अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रहा। जुलाई में इस तरह बारिश हुई
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में दिल्ली विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया। स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट दोनों पर रोक लगाए जाने के कारण बहादुरगढ़ से दिल्ली जाने वाले हजारों यात्रियों को दिनभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही मेट्रो स्टेशनों पर यात्री भटकते नजर आए और दिल्ली जाने के लिए उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। ऑटो और बसों का लेना पड़ा सहारा बहादुरगढ़ की ग्रीन लाइन पर रोजाना करीब 50 हजार से अधिक यात्री दिल्ली की ओर आते-जाते हैं। मेट्रो सेवा के जरिए नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए बुधवार का सफर मुश्किल भरा रहा। मेट्रो स्टेशनों के बंद होने के बाद कई यात्रियों को दिल्ली बॉर्डर तक पहुंचने के लिए ऑटो, ई-रिक्शा और बसों का सहारा लेना पड़ा। इससे सड़क मार्ग पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ गई और कई जगह ट्रैफिक का दबाव भी देखने को मिला। द्वारका मोड़ से लेकर दिल्ली तक परेशानी सुबह के समय बहादुरगढ़ के सिटी पार्क, बस स्टैंड और अन्य स्टेशनों से दिल्ली जाने के लिए निकले यात्रियों को रास्ते में ही मेट्रो स्टेशनों के बंद होने की जानकारी मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में यात्री सड़क मार्ग की ओर चले गए। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण ऑटो और ई-रिक्शा ड्राइवरों ने भी यात्रियों से दिल्ली बॉर्डर तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त किराया लिया। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा समय लगा। मेट्रो से रोजाना दिल्ली जाने वाली महिला कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का कहना था कि मेट्रो सेवा बंद होने की वजह से उन्हें वैकल्पिक साधनों के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने कहा कि उन्हें पहले से मेट्रो बंद होने की जानकारी होती, तो वे घर से निकलने से पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था कर लेते। डीएमआरसी और पुलिस की स्थिति पर नजर डीएमआरसी के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेट्रो संपत्ति समेत यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। स्थिति सामान्य होने के बाद बंद किए गए स्टेशनों को दोबारा खोलने की आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। तब तक यात्रियों को दिल्ली की ओर यात्रा करने से पहले मेट्रो की ताजा जानकारी जांचने की सलाह दी गई है। विरोध प्रदर्शन के बीच मेट्रो स्टेशनों के बंद होने का सीधा असर बहादुरगढ़ के उन हजारों यात्रियों पर पड़ा, जो रोजाना नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली आते-जाते हैं। मेट्रो के पहिए थमते ही यात्रियों को सड़क पर उतरना पड़ा। दिल्ली का सफर उनके लिए परेशानी और अतिरिक्त समय वाला साबित हुआ।
मुरैना चंबल नदी में अवैध रूप से नाव संचालन कर यात्रियों की जान जोखिम में डालने के मामले में मुरैना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। महुआ थाना पुलिस ने विशेष अभियान के दौरान एक नाव चालक को गिरफ्तार कर उसकी नाव जब्त कर ली। जांच में सामने आया कि आरोपी बिना वैध लाइसेंस, बिना आवश्यक दस्तावेज और बिना लाइफ जैकेट के यात्रियों को नदी पार करा रहा था। चंबल नदी में चल रहा था विशेष अभियान पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना के निर्देश पर चंबल नदी में अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस टीम ने गढ़ नदगवां क्षेत्र से उसैत घाट के बीच संचालित हो रही एक नाव को रोककर जांच की। बिना लाइफ जैकेट सफर कर रहे थे यात्री पुलिस ने देखा कि नाव में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, लेकिन किसी के पास लाइफ जैकेट नहीं थी। सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होने के बावजूद नाव के जरिए लोगों को नदी पार कराया जा रहा था, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ सकती थी। चालक नहीं दिखा सका लाइसेंस जांच के दौरान नाव चला रहे अशोक निषाद (33) निवासी गढ़ नदगवां, थाना पिनाहट, जिला आगरा (उत्तर प्रदेश) से नाव संचालन का वैध लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए। हालांकि, वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। नाव जब्त, आरोपी पर केस दर्ज पुलिस ने मौके पर ही नाव को जब्त कर लिया और आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 282 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की आगे की जांच जारी है। SP बोले- यात्रियों की सुरक्षा से किया जा रहा था खिलवाड़ एसपी धर्मराज मीना ने बताया कि चंबल नदी किनारे सर्चिंग अभियान के दौरान पिनाहट की ओर से आ रही एक नाव को रोका गया। नाव में काफी संख्या में यात्री बैठे थे, लेकिन किसी के पास लाइफ जैकेट नहीं थी। जांच में नाव संचालन भी अवैध पाया गया और चालक के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। उन्होंने कहा कि यह मामला यात्रियों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ था। इसी कारण पुलिस ने तत्काल वैधानिक कार्रवाई करते हुए नाव जब्त कर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
फतेहाबाद में कांग्रेस पार्टी की ओर से आज (गुरुवार) को जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। दिल्ली में युवाओं के प्रदर्शन में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज व आंसू गैस के गोले दागने तथा कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ बदसलूकी के विरोध में यह प्रदर्शन होगा। सुबह 11 बजे लघु सचिवालय पर जिलेभर से कांग्रेस कार्यकर्ता जुटेंगे। इसके बाद डीसी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिलाध्यक्ष अरविन्द शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पार्टी द्वारा केंद्र की मोदी सरकार की बर्खास्तगी की मांग की जाएगी। इस दौरान जिलेभर से कांग्रेस के दिग्गज नेता, विधायकगण व कार्यकर्ता भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि अपने हितों और हकों की लड़ाई को देश के युवा शान्तिपूर्ण ढंग से लड़ रहे हैं। सरकार का विरोध करना और अपनी मांगों को रखना संवैधानिक अधिकार है। शर्मा बोले-सरकार ने दिखाई बर्बरता जिलाध्यक्ष अरविन्द शर्मा ने कहा कि, संसद कूच के दौरान युवाओं पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दाग कर उनकी आवाज को कूचल कर सरकार ने अपनी बर्बरता का सबसे क्रूर रूप दिखाया है। ये युवा ही देश के भविष्य हैं, संसद किसी की बपौती नहीं है। आने वाले समय में ये देश के युवा ही इस संसद में बैठे नजर आएंगे, लेकिन इस प्रकार सरकार द्वारा युवाओं पर अत्याचार करना गलत है। राहुल और प्रियंका गांधी से बदसलूकी शर्मा ने कहा कि, युवाओं के समर्थन में उतरे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी एवं दिग्गज नेत्री प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ भी भाजपा की पुलिस ने बदसलूकी की और उन्हें हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया गया। आज देश में जो भी चल रहा है, वह स्पष्ट रूप से लोकतंत्र पर हमला है। भाजपा तानाशाही रवैया अपना रही है।
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने वाली मुख्य एजेंसी 'आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ' (EOW) की कार्यप्रणाली और मुकदमों के निपटारे की रफ्तार पर सवाल उठ रहे हैं। पिछले साढ़े छह सालों (वर्ष 2020 से जून 2026 तक) के दौरान EOW में रिकॉर्ड 23,261 शिकायतें पहुंचीं, लेकिन अदालतों में चालान पेश होने वाले मामलों की संख्या न के बराबर रही। विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से (सामान्य प्रशासन विभाग) द्वारा पेश आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। ईओडब्ल्यू को मिले हजारों आवेदनों में से केवल 3,018 को ही शुरुआती जांच की शिकायत के रूप में स्वीकार किया गया, जबकि 756 आवेदनों को जांच के बाद नस्तीबद्ध (फाइल बंद) कर दिया गया। सालों पुरानी शिकायतों पर FIR दर्ज करने और कोर्ट में चालान पेश करने में हो रही देरी जांच प्रक्रिया की जमीनी हकीकत को बयां करती है। सबसे पहले वो मामले पढ़िए, जिनमें चालान पेश कर पाई ईओडब्ल्यू 1. इंदौर नगर निगम जल कार्य घोटाला (शिकायत क्र. 64/20, अपराध क्र. 16/2020) यह मामला इंदौर नगर निगम के जल कार्य विभाग में फर्जी बिलों और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है। वर्ष 2020 में प्राप्त शिकायत क्रमांक 64/20 के आधार पर ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की और गड़बड़ी पाए जाने पर अपराध क्रमांक 16/2020 दर्ज किया। मामले में संबंधित ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए के फर्जी भुगतान का आरोप था। लंबी विवेचना, साक्ष्यों के संकलन और गवाहों के बयानों के बाद ईओडब्ल्यू ने चालान पत्र क्रमांक 11/25 तैयार किया और 12 अगस्त 2025 को सक्षम न्यायालय में आरोपी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ विस्तृत चार्जशीट प्रस्तुत कर दी। 2. सतना स्वास्थ्य एवं निर्माण कार्य अनियमितता (शिकायत क्र. 174/20, अपराध क्र. 11/21) सतना जिले में 2020 में सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य संबंधित निर्माण कार्यों में पद के दुरुपयोग व अमानत में खयानत की शिकायत दर्ज कराई गई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत प्रमाणित पाए जाने पर ईओडब्ल्यू ने वर्ष 2021 में अपराध क्रमांक 11/21 के तहत आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया। जांच टीम द्वारा वित्तीय दस्तावेजों और निविदा प्रक्रिया की गहन पड़ताल की गई। सभी आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने के बाद ईओडब्ल्यू ने 30 अगस्त 2022 को विशेष न्यायालय (पी.सी. एक्ट) सतना में चालान क्रमांक 15/22 पेश कर दिया। 3. भोपाल शासकीय भूमि कूटरचित दस्तावेज मामला (शिकायत क्र. 229/20, अपराध क्र. 100/2022) भोपाल में शासकीय भूमि के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की शिकायत वर्ष 2020 में ईओडब्ल्यू को प्राप्त हुई थी। जांच में फर्जी पट्टे और दस्तावेज तैयार करने के साक्ष्य मिले, जिसके बाद वर्ष 2022 में अपराध क्रमांक 100/2022 दर्ज किया गया। इसमें राजस्व विभाग के तत्कालीन कर्मचारियों और भू-माफियाओं को आरोपी बनाया गया। वित्तीय धोखाधड़ी और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत हुई लंबी विवेचना के बाद ईओडब्ल्यू ने जांच पूरी की और 19 नवंबर 2025 को आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ न्यायालय में औपचारिक चालान प्रस्तुत कर दिया। 4. जबलपुर विकास प्राधिकरण वित्तीय गड़बड़ी (शिकायत क्र. 07/21, अपराध क्र. 21/21) वर्ष 2021 में जबलपुर विकास प्राधिकरण से जुड़ी निविदाओं और विकास कार्यों में वित्तीय नियमों के उल्लंघन की शिकायत ईओडब्ल्यू को मिली थी। प्रकरण की जांच के बाद अपराध क्रमांक 21/21 दर्ज किया गया। इसमें पद के दुरुपयोग और आर्थिक अनियमितता के गंभीर आरोप थे। ईओडब्ल्यू की जबलपुर इकाई ने बैंक खातों, निविदा फाइलों और सरकारी ऑडिट रिपोर्ट का विश्लेषण किया। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के उपरांत ईओडब्ल्यू ने 26 सितंबर 2023 को संबंधित अधिकारियों और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया, जहां वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया जारी है। 5. ग्वालियर गृह निर्माण समिति धोखाधड़ी प्रकरण (शिकायत क्र. 22/21, अपराध क्र. 02/2023) ग्वालियर में एक गृह निर्माण सहकारी समिति में प्लॉट आवंटन के नाम पर आम नागरिकों से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत वर्ष 2021 में दर्ज हुई थी। प्राथमिक जांच में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की पुष्टि होने पर ईओडब्ल्यू ने वर्ष 2023 में अपराध क्रमांक 02/2023 दर्ज किया। समिति के पदाधिकारियों द्वारा की गई वित्तीय अनियमितताओं और दोहरे आवंटन की पड़ताल के बाद साक्ष्य जुटाए गए। ईओडब्ल्यू ने पूरी विवेचना समाप्त करते हुए 07 जनवरी 2026 को आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर दिया। 6. भोपाल सहकारिता एवं पद दुरुपयोग मामला (शिकायत क्र. 57/2021, अपराध क्र. 68/21) यह मामला भोपाल स्थित सहकारी संस्था में पद के दुरुपयोग और सरकारी धन के गबन से जुड़ा है। वर्ष 2021 में दर्ज शिकायत क्र. 57/2021 की जांच के बाद अपराध क्र. 68/21 कायम किया गया। ईओडब्ल्यू ने जांच पूरी कर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी भोपाल के समक्ष 19 सितंबर 2024 को चालान (रजिस्ट्रेशन नंबर 9794/24) पेश किया। इसके बाद मामले में नए तथ्य और अतिरिक्त वित्तीय अनियमितताएं सामने आने पर आगे की विवेचना की गई और 25 जुलाई 2025 को अदालत में पूरक अभियोग पत्र (सप्लीमेंट्री चालान) भी प्रस्तुत किया गया। 7. उज्जैन धार्मिक-सांस्कृतिक निर्माण कार्य घोटाला (शिकायत क्र. 301/22, अपराध क्र. 47/2023) उज्जैन में निर्माण कार्यों एवं विकास योजनाओं में घटिया सामग्री के उपयोग और सरकारी राशि के दुरुपयोग की शिकायत वर्ष 2022 में प्राप्त हुई थी। सत्यापन के बाद ईओडब्ल्यू ने वर्ष 2023 में अपराध क्रमांक 47/2023 दर्ज किया। निरीक्षक हरिओम दीक्षित द्वारा मामले की विस्तृत विवेचना की गई, जिसमें तकनीकी मूल्यांकन और वित्तीय ऑडिट कराया गया। साक्ष्यों के आधार पर संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई। इसके बाद ईओडब्ल्यू द्वारा चालान क्रमांक 08/25 तैयार कर 05 जून 2025 को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। 8. रीवा नगर निगम एवं ठेकेदारी अनियमितता (शिकायत क्र. 378/2025, अपराध क्र. 106/2025) रीवा में वर्ष 2025 में नगर निगम के अंतर्गत बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में फर्जी माप-पुस्तिका (MB) भरकर भुगतान उठाने की त्वरित शिकायत ईओडब्ल्यू को मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत क्र. 378/2025 पर तत्काल जांच कर अपराध क्र. 106/2025 दर्ज किया गया। ईओडब्ल्यू की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दस्तावेजों को जब्त किया और गवाहों के बयान दर्ज किए। न्यूनतम समय में विवेचना पूरी करते हुए ईओडब्ल्यू ने 04 दिसंबर 2025 को न्यायालय के समक्ष आरोपियों के विरुद्ध चालान पेश कर दिया। 9. स्वर्गीय महेश पांडे शिकायत व पारस सकलेचा आवेदन (शिकायत क्र. 293/2023) यह बहुचर्चित मामला व्यापमं/भ्रष्टाचार से जुड़ी गड़बड़ियों के संबंध में स्वर्गीय महेश पांडे द्वारा दर्ज कराया गया था (शिकायत क्र. 293/2023)। इसमें पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने 20 नवंबर 2025 को ईओडब्ल्यू में आवेदन देकर खुद को फरियादी के रूप में शामिल करने की मांग की। ईओडब्ल्यू ने सकलेचा के आवेदन को मूल शिकायत में संयोजित कर लिया है। वर्तमान में यह प्रकरण ईओडब्ल्यू के पास जांच एवं सत्यापन प्रक्रिया (Satyapanadhin) के अधीन है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जिसके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई तय होगी। ईओडब्ल्यू में 2020 से जून 2026 तक आई शिकायतों के आंकड़े
गुरुग्राम में रोड रेज का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बीच सड़क पर एक कार चालक और बाइक सवार के बीच जमकर लात-घूंसे चले। यह पूरी घटना सबसे व्यस्त और पॉश इलाकों में शुमार एमजी रोड की बताई जा रही है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, घटना की शुरुआत एक सड़क दुर्घटना से हुई। एमजी रोड पर ट्रैफिक के बीच एक तेज रफ्तार कार ने आगे चल रहे बाइक सवार को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सीधे कार के अगले हिस्से के नीचे जाकर फंस गई और सड़क पर गिर पड़ी। गनीमत यह रही कि बाइक सवार को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस अचानक हुए हादसे ने मौके पर भारी तनाव पैदा कर दिया। हेलमेट से किया ताबड़तोड़ वार टक्कर लगने के बाद बाइक सवार ने अपना आपा खो दिया। वह तुरंत उठा और गुस्से में आगबबूला होकर कार चालक की तरफ लपका। बाइक सवार ने बिना कुछ सोचे-समझे अपना हेलमेट उतारा और कार से बाहर आए ड्राइवर पर हेलमेट से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। हमले से बचने के लिए कार ड्राइवर ने उसे धक्का दिया और बाइक पर गिरा कर जमकर लात घूसे मारे। बीच सड़क पर संग्राम से जाम लगा सड़क के बीचों-बीच दोनों पक्षों में लात-घूंसे चलने लगे। कार चालक और बाइक सवार एक-दूसरे पर बुरी तरह हावी होने की कोशिश कर रहे थे। दोनों तरफ से गाली-गलौज और मारपीट का यह सिलसिला काफी देर तक चलता रहा। चूंकि यह घटना एमजी रोड जैसे मुख्य मार्ग पर हुई, इसलिए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण सड़क पर गाड़ियों के पहिए थम गए। देखते ही देखते मौके पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम की स्थिति पैदा हो गई। दफ्तर और अन्य जरूरी कामों के लिए निकले लोग इस हंगामे के कारण बीच रास्ते में ही फंस गए। राहगीर बने रहे मूकदर्शक चौंकाने वाली बात यह रही कि जब यह पूरी मारपीट चल रही थी, तब वहां मौजूद अधिकांश राहगीर और अन्य वाहन चालक मूकदर्शक बने रहे। कुछ लोग अपनी गाड़ियों की खिड़कियां बंद करके तमाशा देखते रहे, तो कुछ लोग अपने मोबाइल फोन से इस पूरी घटना का वीडियो बनाने में व्यस्त नजर आए। हालांकि, कुछ समय बाद कुछ साहसी राहगीरों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और दोनों को समझा-बुझाकर अलग किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ और यातायात को सुचारू रूप से शुरू कराया जा सका। पुलिस कर रही है मामले की जांच सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस घटना का वीडियो मिला है और इसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। कार और मोटरसाइकिल के नंबरों के जरिए दोनों पक्षों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की हिंसा और यातायात बाधित करना कानूनी रूप से गलत है। आरोपियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जालोर जिला उपभोक्ता आयोग ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को एक महिला का 4 लाख रुपए का बीमा क्लेम चुकाने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि बिना ठोस आधार के क्लेम खारिज करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार है। कंपनी को ब्याज, हर्जाना और मुकदमे का खर्च भी देना होगा। पति की मौत के बाद किया था क्लेम जालोर निवासी मंजू देवी ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। उन्होंने बताया कि उनके पति रमेश कुमार ने एलआईसी की दो जीवन बीमा पॉलिसियां ले रखी थीं। अगस्त 2024 में हार्ट अटैक से रमेश कुमार की मौत हो गई। इसके बाद मंजू देवी ने दोनों पॉलिसियों का क्लेम किया। एक पॉलिसी का पैसा दिया, दूसरी का क्लेम खारिज किया एलआईसी ने एक पॉलिसी का भुगतान कर दिया, लेकिन दूसरी 4 लाख रुपए की पॉलिसी का क्लेम यह कहते हुए खारिज कर दिया कि बीमित ने पहले से मौजूद बीमारी की जानकारी छिपाई थी। आयोग बोला- कंपनी आरोप साबित नहीं कर सकी सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि पॉलिसी लेते समय रमेश कुमार ने कोई जरूरी जानकारी छिपाई थी। रिकॉर्ड में मौजूद मेडिकल दस्तावेजों के अनुसार उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) से हुई थी। आयोग के अध्यक्ष घनश्याम यादव और सदस्य ने माना कि बिना उचित कारण क्लेम खारिज करना सेवा में कमी है। 45 दिन में भुगतान का आदेश आयोग ने एलआईसी को आदेश दिया है कि वह 45 दिन के भीतर 4 लाख रुपए का बीमा क्लेम मंजू देवी को दे। इसके साथ 16 जून 2025 से भुगतान होने तक 9 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। मानसिक और शारीरिक कष्ट तथा आर्थिक नुकसान के लिए 30 हजार रुपए और मुकदमे के खर्च के लिए 5 हजार रुपए अलग से देने होंगे। अगर तय 45 दिन में भुगतान नहीं किया गया तो इन सभी राशियों पर भी 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा।
औषधि विभाग और एसटीएफ ने अगस्त-2025 में आगरा के फव्वारा थोक दवा बाजार में 72 करोड़ रुपए की नकली दवाई पकड़ने का दावा किया था। उन दवाइयों के 28 सैंपल जांच के लिए सेंट्रल लैब में भेज गए थे। उनमें से 27 दवाइयां सही पाई गईं। सिर्फ 1 दवाई नकली (सब स्टैंडर्ड) पाई गई। जून 2026 में भी दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। उनमें से 90 सैंपल जांच के लिए भेज गए हैं। उनकी रिपोर्ट अब तक नहीं आई है, लेकिन 2025 में जांच के लिए भेजी गईं दवाइयों की रिपोर्ट ने दवा कारोबाारियों को चौंका दिया है। औषधि विभाग और एसटीएफ की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। छापे के वक्त कंपनियों ने खुद कहा था- ये हमारी असली दवाएं नहीं हैं 22 अगस्त 2025 को औषधि विभाग और एसटीएफ ने आगरा के फव्वारा दवा बाजार में हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी और उनकी सहयोगी फर्मों के साथ गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान कई दवा कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों को मौके पर बुलाया गया था। उन्होंने पैकेजिंग, फॉन्ट, होलोग्राम, बैच नंबर और क्यूआर कोड का मिलान करने के बाद कई दवाओं को फर्जी बताया था। जांच में सामने आया था कि अधिकांश दवाएं पुडुचेरी की अमान फार्मा, मीनाक्षी फार्मा और परम हाउस के नाम पर खरीदी दिखाई गई थीं। मौके से बड़ी मात्रा में एंटी एलर्जिक दवा एलेग्रा समेत कई ब्रांड की दवाएं बरामद हुई थीं। जांच में यह भी सामने आया था कि कुछ दवाओं की सप्लाई संबंधित कंपनी ने उस फर्म को कभी की ही नहीं थी। लखनऊ के अमीनाबाद मेडिसिन मार्केट में भी छापेमारी हुई थी। एक असली डिब्बे से बनते थे सैकड़ों नकली पैक, ऐसे खुला था खेल एसटीएफ की जांच में सामने आया था कि गिरोह पहले बाजार से असली दवा का एक पैक खरीदता था। फिर उसी के बैच नंबर और क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर 100 से लेकर 1000 तक नकली डिब्बे तैयार किए जाते थे। जब कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जांच की तो उन्होंने पाया कि सभी डिब्बों पर एक ही क्यूआर कोड इस्तेमाल किया गया है, जबकि असली कंपनियां हर पैक पर अलग क्यूआर कोड जारी करती हैं। इसी आधार पर दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने दवाओं को फर्जी बताया था। एसटीएफ और औषधि विभाग ने दवा किया था कि कालाबाजारी में माफिया का बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा है। माफिया 10 फीसदी बिल पर दवाओं की खरीद-फरोख्त कर रहे थे। पुुडुचेरी से लखनऊ के पते पर दवाएं मंगवाते थे। आगरा से इनको अन्य राज्यों में खपाया जा रहा था। निमोनिया की दवा नकली पाई गई छापेमारी के दौरान 28 नमूने केंद्रीय प्रयोगशाला भेजे गए थे। नवंबर में आई रिपोर्ट में 27 नमूने मानक गुणवत्ता वाले पाए गए और केवल निमोनिया की एक दवा अधोमानक निकली। यहीं से पूरा मामला उलझ गया। सवाल उठने लगे कि अगर कंपनियों ने मौके पर दवाओं को नकली बताया था तो लैब में वही दवाएं असली कैसे निकल गईं? विशेषज्ञों का कहना है कि प्रयोगशाला दवा के रासायनिक कंपोजिशन और गुणवत्ता की जांच करती है, जबकि नकली होने का निर्धारण पैकेजिंग, ट्रेडमार्क, बैच नंबर, क्यूआर कोड और सप्लाई चेन की जांच से भी जुड़ा होता है। ऐसे में दोनों जांचों का दायरा अलग हो सकता है। नौ मुकदमे दर्ज, 40 से ज्यादा आरोपी; कई जेल गए फिर बाहर आ गए इस कार्रवाई के बाद औषधि विभाग और एसटीएफ ने नौ मुकदमे दर्ज किए और 40 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया। कई लोगों को जेल भेजा गया, लेकिन बाद में अधिकांश को जमानत मिल गई। अब दवा कारोबारियों के बीच चर्चा है कि आखिर नमूनों की जांच में ऐसा क्या हुआ कि जिन्हें मौके पर फर्जी बताया गया था, वे लैब में मानक के अनुरूप मिल गए। जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब 2026 की कार्रवाई की रिपोर्ट पर टिकी निगाह 22 से 24 जून 2026 के बीच औषधि विभाग और एसटीएफ ने फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 38 मेडिकल फर्मों और गोदामों से 3.80 करोड़ रुपए की दवाएं जब्त कीं। इनमें सरकारी सप्लाई की दवाएं, सैंपल, एक्सपायरी और संदिग्ध दवाएं शामिल थीं। कुल 90 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। अगर इस बार भी अधिकांश दवाएं लैब में मानक के अनुरूप मिलती हैं तो जांच के आधार, कार्रवाई की प्रक्रिया और जिम्मेदारी को लेकर नए सवाल खड़े हो सकते हैं।
बरेली में टेंप्रेचर 33⁰C:तेज धूप निकली, 21 KM की स्पीड से हवा चल रही, 26 जुलाई से बारिश के आसार
बरेली में गुरुवार सुबह तेज धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई। आसमान पूरी तरह साफ रहा, जबकि करीब 21 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने सुबह के समय हल्की ठंडक का एहसास कराया। मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि दोपहर होते-होते उमस बढ़ने से गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। शाम तक बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार दिन में कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। सुबह धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं के कारण मौसम फिलहाल सुहावना बना हुआ है। शाम तक मौसम बदलने और कई इलाकों में बारिश होने के आसार हैं। 25 जुलाई तक कमजोर रहेगा मानसून मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर पड़ने और मानसूनी द्रोणी के दक्षिण की ओर खिसकने से 22 से 25 जुलाई तक उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता कम रहेगी। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 26 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार 26 जुलाई से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं। हाल के दिनों में हुई अच्छी बारिश के चलते उत्तर प्रदेश में औसत वर्षा विचलन पहले के -29 प्रतिशत से सुधरकर -18 प्रतिशत पर पहुंच गया है, जिसे अब सामान्य श्रेणी के करीब माना जा रहा है।
रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र की ऋद्धि-सिद्धि एवेन्यू कॉलोनी में सूने मकान में चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने पिछले 10 साल से छोटी-छोटी चोरियां करने की बात कबूल की। उसने पुलिस को बताया कि वह कभी बड़ी चोरी नहीं करता था। केवल 3 से 5 हजार रुपए की चोरी करता था, ताकि कोई पुलिस में शिकायत न करे और उस पर शक भी न जाए। मामला 19 जुलाई की रात का है। कॉलोनी निवासी देवेंद्र डोडियार के सूने मकान का ताला तोड़कर चोर घर में घुसा। उसने गुल्लक तोड़कर उसमें रखे करीब 4 से 5 हजार रुपए चुरा लिए। सोमवार सुबह जब देवेंद्र डोडियार घर पहुंचे तो ताला टूटा मिला। अंदर सामान बिखरा हुआ था और गुल्लक से नकदी गायब थी। CCTV से आरोपी तक पहुंची पुलिस घटना वाली रात करीब 3:30 बजे कॉलोनी में तीन संदिग्ध चड्डी-बनियान पहने, नंगे पैर और हाथ में पत्थर लेकर घूमते हुए सीसीटीवी में दिखाई दिए थे। पुलिस को पहले शक था कि चोरी इन्हीं लोगों ने की है। थाना प्रभारी गायत्री सोनी और उनकी टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन तीनों संदिग्धों का पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने चोरी वाले मकान के आसपास लगे कैमरों की आगे की फुटेज देखी। इसमें उसी दिन सुबह करीब 5 बजे एक व्यक्ति देवेंद्र डोडियार के घर से निकलता दिखाई दिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुखबिरों से उसकी पहचान कराई गई। उसकी पहचान सुभाष नगर निवासी दीपक उर्फ मांगा (35), पिता रामा डोडियार के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। दो और चोरियां भी कबूली पूछताछ में आरोपी ने औद्योगिक क्षेत्र थाना के कस्तूरबा नगर में एक घर से बिजली की केबल चोरी करना और सिद्धांचलम् कॉलोनी के दो मकानों से पानी के नल चुराना भी कबूल किया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह हमेशा छोटी रकम की चोरी करता था, ताकि लोग पुलिस में रिपोर्ट दर्ज न कराएं। उसका मानना था कि 4-5 हजार रुपए के लिए ज्यादातर लोग शिकायत नहीं करते, इसलिए वह लंबे समय तक पुलिस से बचता रहा। हालांकि इस मामले में थाना प्रभारी ने शिकायत लेकर एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपी पकड़ा गया। 10 साल से इसी तरीके से कर रहा था चोरी थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले करीब 10 साल से छोटी-छोटी चोरियां कर रहा था। वह जानबूझकर बड़ी चोरी नहीं करता था, ताकि मामला पुलिस तक न पहुंचे और वह आसानी से बचता रहे। चड्डी-बनियान गैंग की तलाश जारी थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने बताया कि सीसीटीवी में दिखे चड्डी-बनियान गैंग की तलाश जारी है। पुलिस फुटेज की जांच कर रही है। आसपास के जिलों की पुलिस को भी इनके बारे में सूचना दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उदयपुर। रोजमर्रा की छोटी दिखने वाली समस्याएं ही शहरवासियों की सबसे बड़ी मुश्किल बन जाती हैं। कहीं सीवर लाइन बिछने के बाद भी सड़क नहीं बनी, तो कहीं टूटी सड़क पर जलभराव लोगों की राह रोक रहा है। वहीं, नालियों की सफाई के बाद कचरा सड़क पर छोड़ देने और बेसहारा पशुओं के जमावड़े ने भी कई इलाकों में परेशानी बढ़ा दी है। उदयपुर के अलग-अलग क्षेत्रों से नागरिकों ने इन मुद्दों को दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाया है। हिरण मगरी, झामर कोटड़ा रोड, धौजी की बावड़ी और खुमानपुरा सहित कई इलाकों से आई शिकायतों में लोगों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी और लापरवाही का मुद्दा उठाया है। वहीं, कुछ शिकायतों पर संबंधित विभागों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान भी किया है। बालाजी नगर में खाली प्लॉट से कचरा हटाया गया, जबकि हिरण मगरी सेक्टर-9 में जाम नाले की सफाई कर लोगों को राहत पहुंचाई गई। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… सीवर लाइन डालने के बाद नहीं बनाई रोडउदयपुर शहर के हिरण मगरी सेक्टर 12 से रुहीना अंसारी ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर रोड न बनने के बारे में समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि सीवर लाइन का काम पूरा होने के बाद 1 साल से ज्यादा हो गया है, लेकिन आज तक कॉलोनी में रोड नहीं बनाई गई है। जिससे कारण आस-पास कीचड़ और गंदगी बनी रहती है। सड़क पर हो रहा जलभरावउदयपुर के झामर कोटडा रोड निवासी हेमंत ने 'भास्कर समाधान' पर लिखा कि कॉलोनी की रोड पूरी तरह से टूटी हुई है। बारिश के दिनों में इसमें पानी भर जाता है। जिसके कारण क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में परेशानी की सामना करना पड़ता है। धौजी की बावड़ी इलाके में नाली की समस्यानाकोड़ा नगर के धौजी की बावड़ी इलाके से महेश आचार्य ने पोस्ट कर नाली की समस्या बताई है। उन्होंने लिखा कि 3 दिन पहले सफाई कर्मी नाली की सफाई करके कचरा वहीं छोड़ गए थे। पूछने पर कहकर गए थे कि गाड़ी लेकर जाएगी। आज 3 दिन बाद भी कचरा वहीं पड़ा है। जिसके कारण बदबू का भी सामना करना पड़ रहा है। महावीर कॉलोनी में डर में रह रहे लोगखुमानपुरा इलाके की महावीर कॉलोनी से बेसहारा पशुओं की समस्या सामने आई है। मामले में क्षेत्रवासी सुनील सैन ने बताया कि कॉलोनी में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों को खासकर बाहर आने-जाने में डर बना हुआ है। खाली प्लॉट की गंदगी को किया साफ उदयपुर शहर के बालाजी नगर वैशाली अपार्टमेंट के पास रहने वाले ललित कोठारी ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर कचरे की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि घर के सामने खाली प्लॉट में गंदगी जमा हो गई थी। राहत की खबर है कि समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान करवा दिया है। नाली की सफाई कर किया समाधानहिरण मगरी के सेक्टर 9 से नंदकिशोर सोनी ने कुछ समय पहले शीतल पार्क के पास बने नाले की सफाई न होने के बारे में समस्या बताई थी। उन्होंने लिखा था कि लंबे समय से नाली की सफाई न होने के कारण नाली जाम हो गई है और कचरा आस-पास फैल रहा था , हालांकि समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम के सफाई कर्मचारी ने सफाई करवा दी है। कुंज बिहारी बने 'पब्लिक के स्टार'उदयपुर शहर के हिरणमगरी सेक्टर 9 के ए ब्लॉक स्थित शीतल पार्क के पास बड़े नाले की लंबे समय से सफाई नहीं हुई थी। भास्कर यूजर क्षेत्रवासी नंदकिशोर सोनी ने 'भास्कर समाधान' में इसे पोस्ट किया और बताया कि गंदगी जमा होने से बदबू के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इस पर नगर निगम के सफाई कर्मचारी कुंज बिहारी ने जाकर समस्या का समाधान किया। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.'भास्कर समाधान' पर भरोसा कायम:टूटी सड़क और टूटे चैम्बर का समाधान, कचरा, जलभराव और पानी की समस्या पर काम जारी, लोकेश गारु बने ‘पब्लिक के स्टार’ 2.उदयपुर से सामने आईं 5 बड़ी समस्याएं:मीरा नगर में बिजली के तार बने खतरा, भुवाना रोड पर खुला चैंबर, शिकायत के बाद ठीक हुई स्ट्रीट लाइट 3.उदयपुर के भुवाना और बेड़वास में कार्रवाई:खतरनाक स्पार्किंग और गंदगी की समस्या दूर, पहाड़ा में स्ट्रीट लाइट गुल और रेलवे क्रॉसिंग के पास झुके बिजली के पोल 4.उदयपुर में बंद लाइटें और कीचड़ से फूटा गुस्सा:आदिनाथ और महावीर कॉलोनी की जनता बेहाल, गोवर्धन कल्याण के प्रयासों से ठीक हुआ सीवर का ढक्कन 5.आम जनता की समस्याओं को मिला मंच:उदयपुर में सड़क पर फैला कीचड़ तो कहीं नालियां हुईं बंद, अधिकारियों को पाबंद कर वार्डों में शुरू कराया सफाई अभियान 6.उदयपुर में सड़क और रोड लाइटें हुई ठीक:कई इलाकों में अब भी गंदगी और झूलते तारों की समस्या, कनिष्ठ अभियंता रवि जैन बने ‘स्टार ऑफिसर’ 7.आठ साल पुरानी नाले की समस्या का हुआ समाधान:जनसमस्याओं पर कार्रवाई जारी, समाधान से लोगों को मिली राहत, प्रमोद कुमार बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 8.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं की खुली पोल:सीवर और गंदगी की शिकायतों पर निगम ने दिखाया एक्शन, अजय घारू बने आज 'पब्लिक के स्टार' 9.उदयपुर में जलभराव और सीवर से मिली राहत:श्रीनाथ नगर और हिरण मगरी में दूर हुआ संकट, जमादार प्रकाश चंद्र बने ‘पब्लिक के स्टार’ 10.उदयपुर में बंद स्ट्रीट लाइटों से बढ़ी लोगों की चिंता:कहीं कचरे का अंबार, कहीं पानी-बिजली की मार, लाइनमैन आशीष मीणा बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’
जयपुर शहर की चमक-दमक के बीच कई ऐसी समस्याएं होती हैं, जिनका सीधा असर लोगों की सुरक्षा और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। कहीं सड़क धंसने से हादसे का खतरा बना हुआ है तो कहीं सीवर ओवरफ्लो और कचरे की समस्या से लोग परेशान हैं। जयपुर के अलग-अलग इलाकों से ऐसी ही नागरिक समस्याएं दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सामने आई हैं। न्यू सांगानेर रोड के कल्याणपुरा, जगतपुरा, मांग्यावास और मानसरोवर समेत कई क्षेत्रों के लोगों ने सड़क, सफाई, सीवर और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां साझा की हैं। वहीं, कुछ मामलों में विभागों ने कार्रवाई कर लोगों को राहत भी पहुंचाई है। केशुपुरा में सड़क से जुड़ी समस्या का समाधान हुआ, जबकि मानसरोवर के हाउसिंग बोर्ड अपार्टमेंट में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर कार्रवाई शुरू की गई है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… कल्याणपुरा इलाके में अंदर घुसी रोडजयपुर शहर के न्यू सांगानेर रोड के कल्याणपुरा इलाके से गोविंद शर्मा ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सड़क धंसने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री क्षेत्र में भी सड़क की दयनीय स्थिति है। रास्ते के बीचो-बीच रोड अंदर धंस गई है, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। प्लॉट के बाहर सड़क पर आ रही गंदगीजगतपुरा के बंशीपुरी से धर्म सिंह ने कचरे के ढेर के बारे में 'भास्कर समाधान' पर लिखा है। उन्होंने पोस्ट कर बताया कि कॉलोनी के खाली प्लॉट में कचरे का ढेर जमा हो रहा है। प्लॉट की बाउंडरी पूरी न होने के कारण अब ये गंदगी रोड पर भी आ रही है। यहां से गुजरने वालों को गंदगी से होकर निकलना पड़ता है। सीवर ओवरफ्लो से आस-पास फैली गंदगीमांग्यावास के शिव चौधरी नगर निवासी आशीष विजय ने समस्या लिखी कि सीवर लाइन ओवरफ्लो हो रही है। सड़क पर बने चैंबर से गंदा पानी सड़क पर आ रहा है साथ ही बदबू की भी समस्या खड़ी हो गई है। आस-पास रहने वालों के लिए तो स्थिति काफी गंभीर है। लोगों ने मांग की है कि इसका जल्द समाधान किया जाए। किरण पथ सेक्टर 4 में रोड पर पड़ी झाड़ियांमानसरोवर के किरण पथ सेक्टर 4 से राजा ने पोस्ट कर बताया कि सड़क पर झाड़ियों का ढेर पड़ा हुआ है। उन्होंने लिखा कि पिछले 2 महीनों से रोड के किनारे ये ढेर जमा हो रहा है। जिसके कारण पार्क में आने-जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। इस समस्या की वजह से आस-पास के बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा समस्या हो रही है। केशुपुरा इलाके में ठीक हुई रोड की समस्याजयपुर शहर के केशुपुरा इलाके से कुछ समय पहले क्षेत्रवासी जितेंद्र कुमार शर्मा ने 'भास्कर समाधान' पर बरसाती नाले से संबंधित समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि मेन अजमेर रोड पर 3 महीने से नाले की काम चल रहा है, लेकिन काम पूरा होने के साथ पीछे रास्ते को ठीक नहीं किया जा रहा था। समस्या पोस्ट होने के बाद विभाग ने इस ओर ध्यान दिया और समाधान करवा दिया है। हाउसिंग बोर्ड अपार्टमेंट में फायर सेफ्टी पर एक्शनमानसरोवर के भृगु पथ के सेक्टर 1 के रहने वाले पवन ने हाउसिंग बोर्ड अपार्टमेंट की सुरक्षा से जुड़ी समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने इसका बताया था कि बिल्डिंग में फायर प्रोटेक्शन सिस्टम नहीं लगा था। समस्या सामने आने के बाद मामले में फायर शाखा के उपायुक्त ने समाधान शुरू करवा दिया है। जिससे बिल्डिंग के लोगों को काफी राहत मिली है। प्रवीण कुमार बने 'स्टार ऑफिसर'जयपुर शहर के मानसरोवर के भृगु पथ के सेक्टर 1 से गंभीर समस्या सामने आई थी। मामले में हाउसिंग बोर्ड अपार्टमेंट में रहने वाले पवन ने अपार्टमेंट की सुरक्षा से जुड़ी पोस्ट शेयर की थी। जिसमें लिखा था कि बिल्डिंग में फायर प्रोटेक्शन सिस्टम नहीं लगा था। समस्या पोस्ट होने पर फायर शाखा के उपायुक्त प्रवीण कुमार ने एक्शन लेकर समाधान की प्रक्रिया शुरू करवा दी है। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.समस्याओं पर बढ़ी कार्रवाई, कई इलाकों में लोगों को राहत:सीवर, सड़क, जल निकासी और स्ट्रीट लाइट की शिकायतें आई सामनें, अशोक बोहरा बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 2.जयसिंहपुरा खोर में सड़क की समस्या का हुआ समाधान:बिजली मीटर, सीवर ओवरफ्लो, झुके पोल की समस्याएं आई सामने, ओम थानवी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.जयपुर में नागरिक समस्याओं का हो रहा समाधान:नित्यानंद नगर में सड़क पर बह रहा सीवर का पानी, महावीर कॉलोनी में 20 दिनों से हो रही गंदे पानी की सप्लाई 4.जयपुर के 6 इलाकों की 6 तस्वीरें:कहीं सड़क, तो कहीं लाइट का इंतजार, कुछ जगहों पर सीवर और कचरे से परेशान लोग, शिकायतों के बाद शुरू हुई कार्रवाई 5.जयपुर के रामगंज, सांगानेर और झालाना में एक्शन:पाइपलाइन लीकेज, सीवर और बिजली का संकट दूर, एक्शन लेने वालीं निवर्तमान मेयर कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 6.झोटवाड़ा और शास्त्री नगर में जनता परेशान:आगरा रोड और मांग्यावास को मिली बड़ी राहत, पार्षद और निगम के एक्शन से कई इलाकों में समाधान 7.जयपुर में जनसमस्याओं पर तुरंत एक्शन:लापरवाही के खिलाफ धरातल पर दिखा बड़ा असर, निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल की तत्परता से बड़ी कार्रवाई 8.शास्त्री नगर में मनोज मुदगल ने करवाई सफाई:जयपुर के कई इलाकों से हटा कचरा, तो कई जगहों पर सीवर और गंदगी से जूझ रहे लोग 9.एईएन हिमांशु शर्मा बने 'स्टार ऑफिसर':जलभराव, हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं सुलझीं; ESI डिस्पेंसरी की परेशानी बरकरार 10.जयपुर में अधूरी सड़कें और खतरनाक पेयजल का संकट:काना विहार से लेकर सिद्धार्थ कॉलोनी तक फैली अव्यवस्था, लोगों ने लगाई सुधार की गुहार
अजमेर शहर की गलियों से लेकर मुख्य रास्तों तक, छोटी-छोटी समस्याएं लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहीं हैं। कहीं सड़क के गड्ढे हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं तो कहीं बिजली कनेक्शन में देरी से लोगों का काम अटक रहा है। अजमेर के अलग-अलग इलाकों से ऐसी ही नागरिक समस्याएं सामने आई हैं, जहां लोगों ने सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट और बिजली व्यवस्था को लेकर अपनी परेशानियां साझा की हैं। पृथ्वीराज पुरी कॉलोनी, महाराणा प्रताप नगर, विनायक विहार और मिशन कंपाउंड समेत कई क्षेत्रों के निवासियों ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर अपनी समस्याएं पोस्ट कर प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कुछ समस्याओं पर विभागों और जनप्रतिनिधियों ने पहल करते हुए समाधान भी किया है। दयानंद कॉलोनी में पाइपलाइन लीकेज और हाथीभाटा चौराहा क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की समस्या दूर होने से लोगों को राहत मिली है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… सड़क पर गड्ढों से हो रही असुविधाअजमेर शहर के आदर्श नगर इलाके की पृथ्वीराज पुरी कॉलोनी से यतीश झा ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सड़क संबंधित समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि नसीराबाद रोड से सैटेलाइट हॉस्पिटल जाने वाली रोड पर जगह-जगह गड्ढे हैं। साथ ही पास में बने स्कूल के बच्चों को भी आने-जाने में काफी परेशानी होती है। डिमांड राशि जमा, कनेक्शन फिर भी नहींशहर के कोटड़ा क्षेत्र के महाराणा प्रताप नगर से क्षेत्रवासी मीना वर्मा ने बिजली विभाग के कारण हो रही समस्या के बारे में लिखा है। उन्होंने पोस्ट किया कि उनके मकान का निर्माण जारी है और इसी बीच उन्होंने विभाग को नए बिजली कनेक्शन के लिए निर्धारित डिमांड राशि समय पर जमा करवा दी है, लेकिन फिर भी उन्हे अभी तक कनेक्शन नहीं दिया गया है। जिसके कारण निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। गंदगी, झाड़ियों में पनप रहे कीट-मच्छरहाथी खेड़ा इलाके के विनायक विहार कॉलोनी निवासी सोनी ने पोस्ट किया कि गली में काफी सारी झाड़ियां हो गई है। रास्ते में झाड़ियों के कारण आने-जाने में भी समस्या आ रही है। साथ ही गंदगी जमा रहने के कारण कीड़े और जानवर भी आ रहे है। इन सभी के कारण बच्चों को लिए खतरा बना हुआ है। कंपाउंड में लगी सभी लाइट खराबसिविल लाइंस, नारायण माथुर मार्ग पर बने मिशन कंपाउंड में पिछले 15 दिनों से स्ट्रीट लाइट बंद होने की समस्या बनी है। इलाके के रहने वाले अंजन मैसी ने पोस्ट किया कि पूरे कंपाउंड में 6 लाइट्स हैं। लेकिन सब कई दिनों से खराब पड़ी हैं। अंधेरा रहने से लोगों को असुविधा होती है। सभी ने मांग की है कि जल्द सारी लाइट ठीक की जाएं। पाइपलाइन लीकेज की समस्या दूरदयानंद कॉलोनी के गीता कॉलोनी से मिथिलेश शर्मा ने 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि कॉल नगर के प्लॉट नं 286 के सामने पाइपलाइन में लीकेज की समस्या हो रही थी। लीकेज के कारण पूरे रोड पर पानी ही पानी हो गया था। हालांकि, समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान करवा दिया है। खराब स्ट्रीट लाइट सुधरी, गली रोशनहाथीभाटा चौराहा की जनता बेकरी के पास से रवि वैष्णव ने दैनिक भास्कर पर कुछ समय पहल स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें लिखा था कि लंबे समय से लाइट बंद रहने के कारण अंधेरे की समस्या हो रही है और नगर निगम में भी शिकायत करने और कई फोन करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ था। राहत की खबर है कि 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट करने के बाद क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट को पूर्व पार्षद ने सही करवा दिया गया है। अनिता चोरसिया बनीं 'पब्लिक की स्टार'अजमेर शहर के हाथीभाटा चौराहा की कॉलोनी से खराब रोड लाइट की समस्या पोस्ट हुई थी। मामले में क्षेत्रवासी रवि वैष्णव ने लिखा था कि पिछले कई दिनों से ये समस्या बनी हुई थी। पोस्ट के जरिए समस्या सामने आने के बाद पूर्व पार्षद अनिता चोरसिया ने कार्रवाई कर समाधान करवा दिया है। जिसके बाद क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिली है। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.एक्सईएन राकेश गहलोत बने 'स्टार ऑफिसर':अजमेर में एक साल से खुले चैम्बर की समस्या हुई हल, आना सागर की रोड लाइट भी सुधरीं, चूहों और बिजली के तारों की समस्या 2.चीफ हैल्थ इंस्पेक्टर रमेश बने 'स्टार ऑफिसर':अजमेर में 20 साल पुरानी पेयजल समस्या का समाधान, महीनों बाद सफाई होने से लोग खुश 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 4.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 6.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 7.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 8.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 9.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
कोटा में ‘भास्कर समाधान’ पर सिविक इश्यू से जुड़ी लोगों की समस्याओं के समाधान मिलने से लोगों का भरोसा कायम है। पुरानी समस्याओं का समाधन होने से आम नागरिक को भी गुड गवर्नेंस का अहसास हो रहा है। प्रशासन और आमजन के बीच सीधे संवाद का रास्ता भी खुला है। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिससे लोगों को राहत मिली… पार्क के पौधों को मिली संजीवनी पवन कुमार ने उद्योग नगर थाने के पास बने छत्रपति शिवाजी पार्क की समस्या भेजी थी। उन्होंने लिखा था कि स्थानीय लोगों ने इस पार्क में ढेरों पौधे लगाए थे लेकिन उनकी सही से देखभाल न होने से वो सूख गए। जिस फर्म को उद्यान का ठेका दिया गया था वह समुचित देखभाल नहीं कर रही है। समस्या सामने आने के बाद अब पार्क में नए पौधे लगाकर उनकी फेंसिंग की गई है। पवन कुमार घारू बने 'पब्लिक के स्टार' कोटा शहर के वार्ड 27 के निगम कर्मचारी पवन कुमार घारू ने श्रीनाथपुरम सेक्टर बी के मनीष की समस्या का समाधान किया है। मनीष ने बताया था कि इलाके के सरकारी स्कूल के पास सफाई कर्मचारी काम करने के बाद कचरा गाड़ियां और रेहड़ियां वहीं छोड़ देते हैं। इतना ही नहीं कचरा भी घर के सामने ही डालते हैं। समस्या सामने आने के बाद सेक्टर 4 के कर्मचारी पवन घारू ने हैल्थ इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार के निर्देश पर मौके पर सफाई करवाकर समाधान कर दिया है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… पब्लिक शौचालय में गंदगी ‘भास्कर समाधान’ पर श्रीराम नगर इंडस्ट्रियल एरिया से अशोक ने पब्लिक टॉयलेट से जुड़ी समस्या शेयर की है। उन्होंने लिखा कि टैम्पो स्टैंड पर बने इस सार्वजनिक टॉयलेट में नाली चौक होने से गंदगी भरी रहती है। कभी सफाई नहीं की जाती। बदबू इतनी है कि जाने से पहले सोचना पड़ता है संक्रमण न हो जाए। उन्होंने समाधान की अपील की है। घर के बाहर खुले नाले से खतरा जुगराज राठौर ने रंगबाड़ी योजना–2 से खुले नाले से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि रंगबाड़ी योजना–2 से कृष्णा नगर में आने वाला बरसाती नाला मकान संख्या 2 एन 9 और 2 एन 10 के सामने से रिद्धी–सिद्धी पार्क तक जाता है। जगह–जगह से खुले इस नाले में लोग कचरा भी डाल रहे हैं जिसकी अब तक सफाई भी नहीं हुई है। ऐसे में बारिश होने पर पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुसेगा। इसका समाधान करवाएं। स्ट्रीट लाइट खराब, अंधेरे में गली वार्ड 37 की पत्रकार कॉलोनी, महावीर नगर से बृजराज सिंह ने खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या हमें भेजी है। उन्होंने पोस्ट में बताया कि बारिश के दिनों में अंधेरा रहने से जहरीले जीवों के रोड के कारण लोग बाहर टहलने से बचते हैं। गली की कई लाइट्स खराब हैं। इनका समाधान हो तो बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। पार्क में न बेंच न लाइट का प्रबंध डकनिया रोड, विज्ञान नगर की गरीश नगर कॉलोनी से योगेश ने कॉलोनी के पार्क की बदहाल सुविधाओं पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी के शिव पार्क में लोगों के बैठने के लिए एक भी बेंच नहीं है। यहां जो बिजली के पोल लगे हैं, उनमें लाइट तक नहीं है। ऐसे में बच्चे महिलाएं अंधेरा होने के बाद पार्क में नहीं जाते। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित
ऑनलाइन ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश का झांसा देकर एक व्यक्ति से 8 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पहले व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर भरोसा जीता, फिर शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश के नाम पर रकम ऐंठ ली। शिकायत के बाद लसूडिया थाना पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, तलावली चांदा निवासी जयदीप वांचू ने शिकायत में बताया कि फरवरी 2024 में उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने शेयर बाजार और निवेश का प्रशिक्षण देने की बात कही। सहमति देने पर उन्हें 101 Fens Wealth Access नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया गया। पहले शेयर खरीदवाए, फिर बढ़ाया भरोसा ग्रुप में राहुल सिवाल नाम के व्यक्ति को वित्तीय विशेषज्ञ बताया गया। इसके बाद जयदीप की बात नितिन गुप्ता नामक व्यक्ति से कराई गई, जिसने खुद को राहुल सिवाल का सहयोगी बताया। उसने ऑनलाइन बुक देने के नाम पर पैसे लिए और फिर शेयर खरीदने की सलाह दी। जयदीप ने उसके कहने पर कई कंपनियों के शेयर खरीदे और बेचे। कुछ लेन-देन में लाभ दिखाकर ठगों ने उनका भरोसा जीत लिया। IPO के नाम पर फंसाया बाद में ठगों ने इंस्टीट्यूशनल विन-विन प्लान और 5X प्लान का लालच दिया। इसके लिए नया ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया गया और प्रिंस कोली नाम के व्यक्ति से संपर्क कराया गया। इसके बाद अलग-अलग आईपीओ में निवेश कराया गया। जयदीप के अनुसार, इस दौरान उन्हें करीब 3.39 लाख रुपए का नुकसान हुआ। ठगों ने इसका कारण इजरायल-ईरान युद्ध बताकर उन्हें और निवेश करने के लिए प्रेरित किया। पैसे निकालने पहुंचे तो मांगे 40 लाख रुपए 16 अप्रैल 2024 को जब जयदीप ने अपने अकाउंट से बची हुई रकम निकालने की कोशिश की, तो ट्रांजैक्शन रोक दिया गया। ठगों ने कहा कि उनका क्रेडिट स्कोर कम है, इसलिए पहले 40 लाख रुपए जमा करने होंगे। इसके बाद ही पूरा पैसा और मुनाफा निकाला जा सकेगा। ठगों ने उन्हें 20 लाख रुपए का लोन लेने और बाकी 20 लाख रुपए खुद जुटाने की सलाह भी दी। जब जयदीप ने असमर्थता जताई तो अकाउंट बंद करने और पूरी रकम डूबने की धमकी दी गई। जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर जयदीप ने साइबर पुलिस से शिकायत की। जांच के बाद लसूडिया थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
सीकर में ‘भास्कर समाधान’ की वजह से दुजोद गांव में लंबे समय से खराब सरकारी ट्यूबवैल की समस्या ठीक हो गई। वहीं कोछोर के वार्ड 2 में सप्लाई की समस्या का भी समाधान हो गया। भास्कर की पहल पर लोगों का भरोसा लगातार बना हुआ है। जेईएन हरिराम आज 'स्टार ऑफिसर' बने हैं। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… सरकारी ट्यूबवैल की मरम्मत हुई सीकर के वार्ड 3 के दुजोद गांव में जाल वाले बालाजी मंदिर के पास रहने वाले नरपत सिंह ने सरकारी ट्यूवैल के वॉल्व खराब होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि वॉल्व खराब होने के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट होने के बाद जेईएन हरिराम ने इसका समाधान करवा दिया है। जेईएन हरिराम बने 'स्टार ऑफिसर' ओमप्रकाश कुमावत ने कोछोर के वार्ड 2 में सप्लाई की समस्या बताई थी। उन्होंने पोस्ट में लिखा था कि सप्लाई 10 दिन में एक बार दी जाती है। सप्लाई का समय भी कम है। जरूरत भर का पानी भरने के लिए कम से कम एक घंटा पानी देने की जरूरत है। क्षेत्र दशकों से टैंकरों और दूर से पानी ढोकर लाने को मजबूर है। समस्या सामने आते ही जेईएन हरिराम ने सप्लाई की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर लोगों को राहत दी है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… अवैध पार्किंग से परेशान गली के लोग सीकर के स्टेशन रोड से शुभम अग्रवाल ने गली में अवैध रूप से पार्किंग की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि टू–व्हीलर्स घर के सामने और गली में दोनों तरफ इस कदर बेतरतीब तरीके से पार्क होते हैं कि पैदल निकलने की जगह भी नहीं बचती। घर में किडनी और हार्ट के पेंशेंट हैं, कई बार इमरजेंसी में उन्हें लेकर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। आरटीओ रोड ही बदहाली का मारा सीकर शहर के आरटीओ ऑफिस रोड, रामगोपाल सिटी से सुशील कुमार ने खस्ताहाल सड़क का मुद्दा पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि ज्योतिबा फुले कॉलेज के पास झुंझुनु–जयपुर बायपास से वंदे मातरम चौक की तरफ जाने वाले इस रास्ते पर बड़े–बड़े पत्थर, कीचड़ और जलभराव के कारण वाहन चालकों को बहुत परेशानी होती है। शहर को हाइवे से लिंक करने वाले इस रोड को दुरुस्त करने की सख्त जरूरत है। पार्षद की गली में ही जमा कचरा धोद रोड, राज नगर 3, चांदपोल से वार्ड 22 से पार्षद नगेन्द्र प्रताप सिंह की गली की फोटो भेजकर नरेन्द्र कुमार शर्मा ने सफाई के दावों पर नगर परिषद से सवाल किया है। उन्होंने लिखा कि जिन पार्षद के जिम्मे वार्ड की सफाई व्यवस्था की देखरेख है उनकी अपनी गली के आगे कचरे का ढेर खुले में पड़ा हुआ है। कचरा उठाने के बाद भी यह हालात हैं। दुर्गंध से लोगों का आनाजाना मुश्किल हो गया है। यहां की सफाई भी होनी चाहिए। 4 महीनों से साफ नहीं हुईं नालियां वार्ड 33 के शेखपुरा मोहल्ले से रिजवान हुसैन ने कचरे से भरी नालियों की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि इलाके में मनु हॉस्पिटल के सामने, सिराजुद्दीन चक्की वाले की गली में 4 महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। सफाई ठेकेदार को भी कई बार कह चुके। 181 पर भी कॉल कर शिकायत दी है लेकिन कोई समाधान अब तक नहीं हुआ। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:टूटी सड़क, अधूरे निर्माण और बेसहारा पशुओं की समस्या आई सामने, जेइएन हरिराम बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 2.रेल्वे अंडरपास में जलभराव की समस्या का हुआ समाधान:टूटी सीवरेज लाइन, आवारा पशु और सड़क-पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से परेशान लोग 3. सीकर में पाइपलाइन लीकेज की समस्या का हुआ समाधान:जाम नालियां, टूटी नाली और टूटे सीवर चेंबर की शिकायतें भी सामने आई, जेईएन हरिराम बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 4.चांदपोल में महज 1 घंटे में साफ हुआ कचरा:सीकर के राघव विहार में परिषद ने बनाई पक्की सड़क, AEN विकास बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5.राघव विहार में सड़क निर्माण की समस्या का हुआ समाधान:शहर में सड़क, नाली, पेयजल, सीवर और बेसहारा पशुओं से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6.भास्कर समाधान: एईएन विकास बने 'स्टार ऑफिसर':कचरे और स्ट्रीट लाइट की समस्य का हुआ समाधान, पानी, टूटी सड़क और नालियों का समाधान अभी बाकी 7.आनंद नगर में बिजली कटौती की समस्या का हुआ समाधान:नाली, सड़क, बिजली, पेयजल और पार्किंग से जुड़ी कई समस्याएं आई सामने, कई समाधानों पर काम जारी 8.भास्कर समाधान : जलभराव की समस्या से मिली राहत:सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की परेशानी बरकरार, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 9.भास्कर समाधान : बिजली लाइन हुई ठीक, खतरा टला:सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान, वाजिद अली बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 10.भास्कर समाधान: लगातार बिजली कटौती की समस्या का हुआ समाधान:सड़क, बिजली, पानी और सफाई की समस्याओं से लोग परेशान
जोधपुर में ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद महीनों पुराने टूटे चैम्बर का ढक्कन बदलकर मरम्मत कर दी गई। वहीं झालामंड रोड से लो पॉवर की शिकायत का भी निस्तारण हो गया है। शहर के अलग–अलग वार्डों से लोगों की भेजी हुईं अन्य समस्याओं के हल विभागीय समाधान की प्रक्रिया में हैं। एक नजर उन समाधानों पर जिससे आमजन को राहत मिली… पोस्ट के बाद टूटा चैम्बर सुधारा जयदीप माहेश्वरी ने मंडोर रोड, खेतनाड़ी से सड़क पर बने सीवर चैम्बर के टूटे होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि बीते 10 दिनों से सीवर का ढक्कन टूटा हुआ है। जाम सीवरेज का सारा पानी सड़क पर बहता है। मामला ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद निगम ने इस पर एक्शन लिया है। वार्ड संख्या 97 के सफाई प्रभारी सुरेश चंद्र ने चैम्बर को ठीक करवा दिया है। डिस्कॉम एग्जिक्यूटिव रजनी 'पब्लिक की स्टार' दिनेश प्रजापत ने झालामंड, गोरा हाटल के पास मानपुर से लो पॉवर सप्लाई की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि बहुत कम पॉवर आने से बिजली के उपकरणों के फुंकने का डर बना रहता है। गर्मियों के दिनों में बार–बार लाइट जाने और कम पॉवर आने की वजह से उपकरण भी ठीक से नहीं चल पाते। समस्या के पोस्ट होने के बाद डिस्कॉम कॉल सेंटर की टीम लीडर वन्या के निर्देश पर एग्जिक्यूटिव रजनी ने समाधान करवाया। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… सप्लाई में आ रहा दूषित पानी जोधपुर की संजय गांधी कॉलोनी, प्रताप नगर से अल्ताफ हुसैन कादरी ने सप्लाई में दूषित पानी आने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि भवानी डेयरी के आसपास के क्षेत्र में बीते कई महीनों से गंदा बदबूदार पानी आ रहा है। सीवरेज लाइन लीकेज होने के कारण सप्लाई में पानी मिक्स हो रहा है। लेकिन इस समस्या का समाधान विभाग नहीं कर रहा है। घरों में आ रहा सीवरेज का पानी जोधपुर के किला रोड, हनुमान चौक, लावरण से महेश कुमार ने सीवरेज से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि सीवरेज जाम होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर वापस घरों में भर रहा है। निगम के सफाईकर्मियों को कई बार यह परेशानी बता चुके हैं लेकिन कोई भी इसे ठीक नहीं कर रहा है। बारिश में यह सारा गंदा पानी घर में भरने से संक्रमण और बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। इसका जल्द ही कोई हल निकालें। सड़क के गड्ढे बढ़ा रहे लोगों का खर्च बलदेव नगर से नीरज प्रजापत ने गड्ढों भरी उधड़ी सड़क की समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि संचेती हॉस्पिटल के बाहर रोड पर जगह–जगह गड्ढे हैं। वाहन चालकों की न केवल गाड़ियां इनसे खराब हो रही हैं बल्कि दोपहिया वाहन चालकों को भी कमर दर्द मिल रहा है। रोड़ी की वजह से स्लिप होने का डर भी रहता है। न सफाई होती, न नियमित कचरा ही उठता जोगाराम ने रातानाड़ा के पास शिव मंदिर की गली नंबर 2 से नियमित साफ–सफाई न होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि एरिया में 6–7 दिन में सफाई होती है। कचरा भी नियमित रूप से नहीं उठता। जो सफाईकर्मी एरिया में आते हैं वो भी सफाई करने के नाम पर कचरा गाड़ियों के नीचे या पीछे इकट्ठा कर के चलते बनते हैं। इससे कचरे की समस्या जर की तस बनी हुई है। इसका समाधान करवाएं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.रेलवे लाइन के पास फैले कचरे की समस्या हुई हल:अधूरी सड़क, क्षतिग्रस्त चैंबर, कचरे के ढेर और जाम सीवरेज लाइन से परेशान लोग, 2.'भास्कर समाधान' पर जोधपुर का भरोसा कायम:जोधपुर में एक ही दिन में सफाई और पॉवर कट की पांच समस्याओं का हुआ समाधान, डिस्कॉम के सौरभ बने 'पब्लिक के स्टार' 3.'भास्कर समाधान': एक पोस्ट में समस्या का हल:जोधपुर में सीवरेज, लो पॉवर और कचरा उठाने की समस्या हुईं हल, डिस्कॉम के महिपाल सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.भास्कर समाधान: लो वोल्टेज की समस्या का हुआ समाधान:सीवर ओवरफ्लो, झुके ट्रांसफॉर्मर, गंदगी से भरी नहर और जर्जर सड़कों की समस्याएं आई सामने 5.नांदड़ा कलां में तीन साल पुरानी बिजली समस्या का समाधान:जर्जर सड़क, क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन और कचरे के ढेर से लोग परेशान 6.भास्कर समाधान : सीवरेज पाइपलाइन की रुकावट हुई दूर:गंदगी और जलभराव से राहत की उम्मीद, भास्कर समाधान पर उठी जनता की आवाज 7.जोधपुर में बिजली विभाग और डिस्कॉम का एक्शन:दो बड़ी समस्याओं का हुआ स्थाई समाधान, एग्जीक्यूटिव कुंदन बने 'पब्लिक के स्टार 8.जोधपुर के लक्ष्मण नगर में सीवर ब्लॉकेज खुला:जुनावो की ढाणी को मिली बिजली-पानी के संकट से मुक्ति, डिस्कॉम के सूर्यभान बने ‘पब्लिक के स्टार’ 9.भास्कर समाधान: कचरा हटा, रोड लाइट चालू; लोगों को राहत:गंदे पानी, जाम सीवर और खुले चैंबर की समस्या, दिव्या दैया बनी आज की ‘स्टार ऑफिसर’ 10.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट से हल:3 साल से 500 घर जी रहे अंधेरे में, सरकारी पाइपलाइन पर लगाए अवैध वॉल्व, सप्लाई में आ रहा गंदा पानी
बांसवाड़ा की सरस दूध डेयरी में काम के दौरान एक कर्मचारी को जहरीले सांप ने काट लिया। इसके बाद साथी कर्मचारियों ने सांप को पकड़कर बाल्टी में बंद किया और घायल कर्मचारी के साथ उसे भी एमजी अस्पताल ले गए, ताकि डॉक्टर सांप की पहचान कर सही इलाज कर सकें। फिलहाल कर्मचारी की हालत स्थिर है। डेयरी में काम करते समय सांप ने काटा बुधवार रात सरस दूध डेयरी परिसर में काम के दौरान मजदूर गिरीश (45) पुत्र नरसया निवासी मोना डूंगर, हाल निवासी सरस दूध डेयरी को अचानक जहरीले सांप ने काट लिया। घटना के बाद वहां मौजूद अन्य कर्मचारी तुरंत मदद के लिए पहुंचे। सांप को बाल्टी में बंद कर अस्पताल पहुंचे साथी कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए सांप को सुरक्षित पकड़कर एक बाल्टी में बंद कर दिया। इसके बाद घायल गिरीश और सांप दोनों को लेकर सीधे एमजी अस्पताल पहुंचे, ताकि डॉक्टर सांप की प्रजाति पहचानकर सही इलाज कर सकें। बुधवार रात करीब 9 बजे घायल कर्मचारी को अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। एंटी-स्नेक वेनम देकर बचाई जान एमजी अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत गिरीश का इलाज शुरू किया। उसे एंटी-स्नेक वेनम दिया गया, जिससे उसकी जान बच गई। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। उसे खतरे से बाहर बताया गया है और अस्पताल के वार्ड में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है। विशेषज्ञों ने कहा कि सांप काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू इलाज के भरोसे नहीं रहना चाहिए। मरीज को बिना देरी किए तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि समय पर सही इलाज मिल सके।
गुना जिले के कुंभराज थाना क्षेत्र में घर के अंदर अवैध रूप से स्मैक बनाने की फैक्ट्री संचालित करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2019 में पुलिस द्वारा पकड़े गए इस मामले में कोर्ट ने मुख्य आरोपी रघुवीर मीणा को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में आरोपी के दोनों बेटे पवन मीणा और जुगराज मीणा अब भी फरार हैं। मुखबिर की सूचना पर पकड़ी गई थी स्मैक फैक्ट्री यह मामला 10 जुलाई 2019 का है। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने घीस्याखेड़ी गांव स्थित एक मकान पर दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घर के अंदर रघुवीर मीणा, उसके बेटे पवन मीणा और जुगराज मीणा को अफीम से स्मैक तैयार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। मौके से मिला स्मैक बनाने का पूरा सामान पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके से स्मैक निर्माण में उपयोग होने वाला बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया गया था। इसमें 6 किलो सोडियम पाउडर, 700 ग्राम कट पत्थर पाउडर, 150 ग्राम पावर पाउडर, 730 ग्राम एसिड, अफीम पाउडर और एसिड का घोल, स्टील की डोलची, भगोनी, डेगची, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और पैकिंग के लिए प्लास्टिक की छोटी-छोटी पन्नियां शामिल थीं। तीनों आरोपियों से मिली स्मैक तलाशी के दौरान पुलिस ने रघुवीर मीणा के कब्जे से 10 ग्राम स्मैक, पवन मीणा से 20 ग्राम स्मैक और जुगराज मीणा से 15 ग्राम स्मैक बरामद की थी। इसके बाद तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया गया। दोनों बेटे फरार, पिता को हुई सजा मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी पवन और जुगराज लगातार अदालत में पेश नहीं हुए। इसके चलते न्यायालय ने दोनों को फरार घोषित कर दिया। वहीं मुख्य आरोपी रघुवीर मीणा के खिलाफ सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उसे दोषी मानते हुए चार वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट की सख्त टिप्पणी फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि आरोपी द्वारा अपने दोनों पुत्रों के साथ मिलकर मादक पदार्थ तैयार करना और उसे अपने कब्जे में रखना केवल एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ अपराध नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर खतरा है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मादक पदार्थ युवाओं को नशे का आदी बनाकर समाज को खोखला कर रहे हैं, इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी या विशेष सहानुभूति उचित नहीं है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए आरोपी को कठोर दंड दिया जाना न्यायोचित है। फरार आरोपियों की तलाश जारी मामले में फरार घोषित किए गए पवन मीणा और जुगराज मीणा की गिरफ्तारी अब भी बाकी है। पुलिस उनकी तलाश में कार्रवाई जारी रखे हुए है।
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के एडिशनल चीफ इंजीनियर (ACE) शिवराम सेमिल की आय से अधिक संपत्ति मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। लोकायुक्त पुलिस की जांच में अब तक सेमिल और उनके परिवार की चल-अचल संपत्तियों का आंकड़ा बढ़कर 17.12 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। लोकायुक्त अब यह जांच कर रही है कि 33 साल की सरकारी सेवा के दौरान इतनी संपत्ति कैसे अर्जित की गई। साथ ही उन्हें वर्तमान पद से हटाने के लिए ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनी को पत्र भी भेजा गया है। 25 बैंक खातों में मिले 62 लाख रुपए लोकायुक्त की जांच में सेमिल और उनके परिवार से जुड़े 25 बैंक खातों का पता चला है। इनमें एसबीआई और आईडीबीआई बैंक के खाते शामिल हैं। खाते शिवराम सेमिल, उनकी पत्नी रामबेटी, बेटा सौरभ, बहू सुनीता और उनसे जुड़ी फर्मों के नाम पर संचालित पाए गए हैं। जांच में शुभम इलेक्ट्रिकल और कॉर्निश पावर्जोन से जुड़े छह बैंक खाते भी सामने आए हैं। इन खातों में कुल 62.89 लाख रुपए जमा मिले हैं। इसके अलावा सौरभ सेमिल के नाम एफडी की भी जानकारी मिली है। मुरैना में प्लॉट, जमीन और मकान का खुलासा जांच के दौरान मुरैना स्थित संपत्तियों की भी जानकारी सामने आई है। यहां एक मकान मिला है, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है। मकान में रखे घरेलू सामान की कीमत लगभग 7.51 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा मुरैना में 2040 फीट का प्लॉट और करीब सवा बीघा कृषि भूमि होने की जानकारी भी मिली है। इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज पंजीयन विभाग से जुटाए जा रहे हैं। बैंक खाते फ्रीज, निवेश की जानकारी तलब लोकायुक्त ने सेमिल, उनके परिवार और संबंधित फर्मों के बैंक खाते फ्रीज करा दिए हैं। आयकर विभाग से उनके और परिवार के सदस्यों के आयकर रिटर्न की जानकारी मांगी गई है। साथ ही सेबी को पत्र भेजकर शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय निवेशों की जानकारी भी तलब की गई है। प्रमोशन के एक हफ्ते बाद कार्रवाई शिवराम सेमिल को हाल ही में पदोन्नति मिली थी। प्रमोशन के करीब एक हफ्ते बाद ही लोकायुक्त ने उनके इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना सहित नौ ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी। पहले चरण की जांच में 14.54 करोड़ रुपए की संपत्ति सामने आई थी। अब यह आंकड़ा बढ़कर 17.12 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। लोकायुक्त का कहना है कि जांच अभी जारी है और नए दस्तावेज मिलने पर संपत्तियों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
नर्मदापुरम में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई मूंग में एक बार फिर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। माखननगर स्थित कनकधारा वेयरहाउस में भंडारित मूंग की बोरियों में मिट्टी और कचरा मिलाने का मामला उजागर हुआ है। करीब 21.12 करोड़ रुपए की मूंग में मिलावट मिलने के बाद वेयरहाउस को सील कर दिया गया है। मामले में वेयरहाउस संचालक, मप्र वेयरहाउस कॉर्पोरेशन और सरकारी खरीदी करने वाली समिति की भूमिका भी जांच के दायरे में है। बुधवार को कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में संयुक्त जांच दल ने कनकधारा वेयरहाउस का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मूंग के लॉट की गहन जांच की गई। अधिकारियों को बोरियों में निर्धारित मानकों से अधिक मात्रा में मिट्टी मिली। कुछ बोरियां पूरी तरह मिट्टी से भरी मिलीं। इसे गुणवत्ता मानकों का गंभीर उल्लंघन माना गया। वेयरहाउस किया सीलअनियमितता सामने आने के बाद संयुक्त जांच दल ने वेयरहाउस को सील कर दिया। अमानक मूंग के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद वेयरहाउस संचालक और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ वैधानिक और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वेयरहाउस कॉर्पोरेशन और मूंग खरीदी करने वाली समिति के जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई हो सकती है। कलेक्टर को कनकधारा वेयरहाउस माखननगर और कनक वेयरहाउस सेमरी हरचंद में रखी मूंग में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इसके बाद एसडीएम (राजस्व) नर्मदापुरम की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति अधिकारी, उप संचालक कृषि और जिला विपणन अधिकारी का संयुक्त जांच दल बनाया गया। जांच में सरकारी भंडारित मूंग में मिट्टी मिलाने की पुष्टि हुई। 2023 और 2024 की खरीदी की मूंग जिला विपणन अधिकारी अनिल जैन ने बताया कि कनकधारा वेयरहाउस में वर्ष 2023-24 और 2024-25 में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई मूंग रखी गई थी। वर्ष 2023 में लक्ष्मी स्व सहायता समूह और 2024 में सेवा सहकारी समिति बहाड़पुर ने खरीदी की थी। वेयरहाउस में कुल 62,862 बोरियां (करीब 27 हजार क्विंटल) मूंग भंडारित है। इनमें 29,927 बोरियां वर्ष 2023-24 की हैं, जबकि बाकी वर्ष 2024 की हैं। जांच में सभी स्टैक में मिलावट मिली है। भंडारित मूंग की कीमत करीब 21.12 करोड़ रुपए है। गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा: कलेक्टर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा कि शासकीय योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर सरोज परिहार, एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह, उप संचालक कृषि रविकांत सिंह, जिला विपणन अधिकारी अनिल जैन, एमपीडब्ल्यूएलसी (MPWLC) के शाखा प्रबंधक वासुदेव डवडे, नेफेड (NAFED) के प्रतिनिधि और तहसीलदार माखननगर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पांच महीने पहले आया 4 करोड़ की मूंग चोरी का मामला जिले में करीब पांच महीने पहले भी सरकारी मूंग चोरी का मामला सामने आया था। माखननगर ब्लॉक के एकलव्य वेयरहाउस, गोरा से करीब 4 करोड़ रुपए की 9,900 बोरियां मूंग बेच दी गई थीं। उनकी जगह बोरियों में मिट्टी और रेत भर दी गई थी। यह मूंग इटारसी स्थित बालाजी इंडस्ट्रीज में खपाई गई थी। इस मामले में पुलिस ने वेयरहाउस संचालिका आरती तोमर, उनके भाई अमित तोमर, पति नरेंद्र तोमर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है। वहीं चोरी की मूंग खरीदने वाले बालाजी इंडस्ट्रीज का एक कर्मचारी अब भी फरार है। एकलव्य वेयरहाउस की मूंग में लगे कीड़े फरवरी में मामला सामने आने के बाद से एकलव्य वेयरहाउस सील है। यहां करीब 21.11 करोड़ रुपए की 26,397 क्विंटल मूंग रखी हुई है। इस दौरान केवल दो बार कीटनाशक का छिड़काव किया गया। 6 जुलाई को वेयरहाउस खोलने पर कई बोरियों में मूंग में कीड़े लगे मिले। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। लगातार मूंग खरीदी में गड़बड़ी के मामले सामने आने से जिले की छवि प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद अब तक खरीदी और भंडारण से जुड़े विभागों के प्रमुख अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं हो सकी है।
उमरिया में बारिश के मौसम में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रशिक्षित हाथियों के भरोसे है। लगातार बारिश से जंगल के कच्चे रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कई क्षेत्रों तक वाहन या पैदल पहुंचना मुश्किल हो गया है। ऐसे में छह प्रशिक्षित हाथी दुर्गम इलाकों में गश्त कर वन्यजीवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों में हाथियों से हो रही निगरानी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मानसून गश्त के लिए छह प्रशिक्षित हाथियों का उपयोग किया जा रहा है। ये हाथी उन क्षेत्रों तक पहुंचते हैं, जहां वाहन या पैदल जाना संभव नहीं है। हाथियों की मदद से वनकर्मी नियमित गश्त, वन्यजीवों की निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। लगातार बारिश के कारण जंगल के रास्तों में कटाव, दलदली जमीन और उफनते नदी-नालों से गश्त का कार्य काफी कठिन हो गया है। इसके बावजूद हाथियों की सहायता से पूरे टाइगर रिजर्व में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लगातार जारी है। रेस्क्यू अभियान में भी मिल रही मदद मानसून के दौरान हाथी केवल गश्त ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों के रेस्क्यू अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दुर्गम इलाकों में पहुंचकर वनकर्मियों को सुरक्षित तरीके से काम करने में हाथियों की मदद मिल रही है। अधिकारी बोले- सुरक्षा की सबसे मजबूत कड़ी हैं हाथी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि बारिश के मौसम में कई क्षेत्रों तक वाहनों या पैदल पहुंचना संभव नहीं होता। ऐसे में प्रशिक्षित हाथियों की मदद से गश्त, वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान हाथी टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
CJP के जेनजी प्रोटेस्ट के दौरान बच्चों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अब देश के चर्चित अभिनेता रघुवीर यादव भी खुलकर सामने आ गए हैं। इन दिनों वे चर्चित वेब सीरीज 'पंचायत' में प्रधान के किरदार के कारण घर-घर में लोकप्रिय हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी कर घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि मासूम बच्चों के साथ जो हुआ, उसने उन्हें भीतर तक आहत कर दिया है। बता दें कि मध्य प्रदेश के रघुवीर यादव ने हाल ही में पंचायत वेब सीरीज में प्रधान का केरेक्टर निभाया है। जो देखा, उस पर यकीन नहीं हो रहा वीडियो की शुरुआत में रघुवीर यादव ने कहा कि वे बेहद आहत हैं। उन्होंने कहा, यकीन नहीं हो रहा कि जिस तरह इन मासूम बच्चों को बेरहमी से, बेदर्दी से मारा-पीटा गया। उनकी आवाज में दर्द साफ महसूस होता है और वे बार-बार इस घटना को इंसानियत के खिलाफ बताते नजर आते हैं। पूरी सृष्टि कभी माफ नहीं करेगी अभिनेता ने कहा कि खाकी वर्दी पहनकर बच्चों पर जिस तरह हाथ उठाया गया, वह केवल कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। उन्होंने कहा, इन बच्चों पर जो दरिंदगी दिखाई गई है, उसे पूरी कायनात, पूरी सृष्टि कभी माफ नहीं करेगी। बच्चों का कसूर क्या था? रघुवीर यादव ने सवाल उठाया कि आखिर उन बच्चों का अपराध क्या था। उन्होंने कहा, अब क्या है... पीट लिया, मार लिया। बच्चों का कसूर क्या था? अब जाइए, इस महीने की तनख्वाह लेकर अपने बच्चों को रोटी खिलाइए और चैन की नींद सो जाइए, लेकिन यह सृष्टि आपको कभी माफ नहीं करेगी। यह कहते हुए उन्होंने जिम्मेदार लोगों के अंतर्मन को झकझोरने की कोशिश की। मेरे जिस्म का कतरा-कतरा बच्चों के साथ है वीडियो के अंत में अभिनेता पूरी तरह भावुक दिखाई दिए। उन्होंने आंदोलन में शामिल बच्चों के साहस को सलाम करते हुए कहा, इन बच्चों के लिए मेरे जिस्म का कतरा-कतरा उनके साथ है। मैं इन बच्चों को सलाम करता हूं। बच्चों, मैं तुम्हारे साथ हूं। तुमने जो हौसला दिखाया है, मुझे भरोसा है कि तुम जरूर कामयाब होगे। 'तनख्वाह लेकर चैन की नींद सो जाइए...' रघुवीर यादव ने वीडियो में पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए बेहद मार्मिक और तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, अब जाइए... इस महीने की तनख्वाह लेकर अपने बच्चों को रोटी खिलाकर और चैन की नींद सो जाइए। इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि मासूम बच्चों पर हुई इस कथित बर्बरता को न तो इंसानियत भूलेगी और न ही सृष्टि कभी माफ करेगी। छात्रों पर हुई बर्बरता देख भावुक नसीरुद्दीन शाह आदाब, नमस्कार। मैं नसीरुद्दीन शाह दो बातें अर्ज करना चाहता हूं आप सब से। पहली बात तो यह है, कि अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने। अभिनय के दो अलग-अलग कोर्स राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और पूना फिल्म इंस्टीट्यूट में पूरे करने के बावजूद मैंने अभिनय के बारे में सबसे ज्यादा जो सीखा है, वह उन बच्चों से, उन तालिब-ए-इल्म से जिन्हें सिखाने की कोशिश मैंने की है।
छत्तीसगढ़ के मध्य और उत्तर हिस्से के कई जिलों में आज भी भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। पिछले 24 घंटे के दौरान सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से सूरजपुर के बिहारपुर क्षेत्र में बरगा नदी उफान पर है, जिससे आधा दर्जन से अधिक गांवों का मुख्य सड़क संपर्क टूट गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार कर रहे हैं और बाइक कंधे पर उठाकर ले जाने को मजबूर हैं। वहीं, कोरबा के मिनीमाता बांगो बांध में जलस्तर बढ़ने के बाद हसदेव नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। उधर, बीजापुर जिले की छिन्नकवाली पंचायत के पांच गांवों में भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। पहले देखें तस्वीरें… बारिश की ये तस्वीरें देखें… तापमान की स्थिति प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 26.2C बिलासपुर और पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8C पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ। रायपुर का मौसम रायपुर में आज दिनभर बादल छाए रहने, बीच-बीच में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 28C और न्यूनतम तापमान 23C के आसपास रहने का अनुमान है। प्रदेश में अब भी 22% कम बारिश छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार पूरे प्रदेश में एक जैसी नहीं है। 1 जून से अब तक प्रदेश में 348.5 मिमी (13.7 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस दौरान सामान्य तौर पर 444.6 मिमी (17.5 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। यानी अब तक 22% कम बारिश हुई है और पूरा प्रदेश अभी भी सामान्य से कम वर्षा (डिफिशिएंट) श्रेणी में बना हुआ है।
छिंदवाड़ा शहर में बुधवार शाम कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित और आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का मामला सामने आया है। इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे। बुधवार को भी ऐसे ही नारों के वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रदर्शन में लगे विवादित नारे कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव गांधी भवन से रैली निकालकर शिवाजी चौक पहुंचे, जहां केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित नारे लगाए। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।इस PM मोदी का पुतला फूंका, पुलिस से हुई खींचतान बुधवार शाम करीब 6 बजे बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शिवाजी चौक पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। पुतला जलाने के दौरान पुलिस ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक पुतला पूरी तरह जल चुका था। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की और खींचतान भी देखने को मिली। बिना अनुमति किया गया प्रदर्शन जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति नहीं ली थी। अचानक हुए प्रदर्शन के कारण शुरुआती समय में मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था। जब तक पुलिस ने स्थिति संभाली, तब तक पुतला दहन किया जा चुका था। राजीव गांधी भवन में रहे नकुलनाथ प्रदर्शन के दौरान पूर्व सांसद नकुलनाथ राजीव गांधी भवन में मौजूद रहे, लेकिन वे बाहर आकर पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस संबंध में उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ये नेता रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सोनू मांगो, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी, नितिन उपाध्याय सहित कांग्रेस और उसके विभिन्न प्रकोष्ठों के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। वीडियो की हो रही चर्चा प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों और पुतला दहन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जा रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से विवादित नारों को लेकर किसी प्रकार की आधिकारिक कार्रवाई या बयान सामने नहीं आया है।
यूपी के सबसे उम्रदराज सपा विधायक आलमबदी आजमी का 90 साल की उम्र में निधन हो गया। बुधवार देर रात उन्होंने आजमगढ़ के आवास पर अंतिम सांस ली। वह पिछले चार महीने से बीमार थे। उनका इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। आज दोपहर 3 बजे उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। आलमबदी आजमी निजामाबाद सीट से पांच बार विधायक रहे। अपनी गांधीवादी छवि के लिए मशहूर आलमबदी आजमी को मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के करीबी नेताओं में गिना जाता था। उनकी पहचान बेहद ईमानदार नेताओं में होती थी। 5 महीने पहले वह स्कूटी से विधानसभा पहुंचे थे, तब काफी सुर्खियों में आए थे। की-पैड वाला मोबाइल चलाते, बस या लिफ्ट लेकर सफर करते थे अब 4 विधानसभा सीटें विधायकों के निधन के बाद खाली आलमबदी आजमी के निधन के बाद अब प्रदेश में चार विधानसभा सीटें खाली हो गई हैं। इनमें तीन सीटें सपा और एक सीट भाजपा के खाते की है। इसी साल जनवरी में सोनभद्र की दुद्धी सीट से सपा विधायक विजय सिंह गोंड और बरेली की फरीदपुर सीट से भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल का निधन हो गया था। पिछले साल मऊ की घोसी सीट से सपा विधायक सुधाकर सिंह का निधन हो गया था। हालांकि, इन सीटों पर अब उपचुनाव नहीं होगा, क्योंकि विधानसभा में अब एक साल से भी कम समय बचा है। आलमबदी आजमी के जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
भारतीय रेलवे ने जम्मू मंडल के कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम बदल दिया है। अब यह स्टेशन 'शहीद कप्तान सुनील कुमार चौधरी कठुआ' के नाम से जाना जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। हालांकि, स्टेशन का कोड MSKT पहले की तरह ही रहेगा। प्रयागराज मंडल की जनसंपर्क अधिकारी रागिनी सिंह ने बताया कि रेलवे की टिकटिंग और आरक्षण प्रणाली में स्टेशन का नया नाम अपडेट किया जा रहा है। अंग्रेजी में स्टेशन का नाम 'MC SUNIL KATHUA' और हिंदी में 'शहीद कप्तान सुनील कुमार चौधरी कठुआ' प्रदर्शित होगा। यात्रियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट बुकिंग के दौरान नए नाम का ही उपयोग करना होगा। रेलवे ने यात्रियों से की अपील रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि भ्रम की स्थिति से बचने के लिए यात्रा से पहले स्टेशन के नए नाम की जानकारी अवश्य कर लें। रेलवे के अनुसार, सभी संबंधित रिकॉर्ड और प्रणालियों में नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्टेशन कोड में नहीं किया गया कोई बदलाव रेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल स्टेशन का नाम बदला गया है, जबकि स्टेशन कोड MSKT पहले की तरह ही रहेगा। इससे टिकट बुकिंग और आरक्षण प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत नहीं होगी। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा से पहले अपनी टिकट और स्टेशन का विवरण एक बार अवश्य जांच लें, ताकि नए नाम को लेकर किसी तरह की असुविधा या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
शामली के संयुक्त जिला अस्पताल में एक भी नियमित महिला डॉक्टर तैनात नहीं है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 400 से 500 मरीज पहुंचते हैं, जिनमें 200 से 300 महिलाएं होती हैं। महिला डॉक्टर के अभाव में कई मरीजों को बिना विशेषज्ञ परामर्श के लौटना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। अस्पताल में आने वाली महिला मरीजों में गर्भवती महिलाएं, स्त्री रोग से पीड़ित मरीज और किशोरियां बड़ी संख्या में शामिल होती हैं। महिला डॉक्टर न होने से इनकी जांच और इलाज प्रभावित हो रहा है। कई महिलाएं मेल डॉक्टर के सामने अपनी समस्याएं बताने में संकोच करती हैं, जिससे बीमारी की पहचान और इलाज में देरी हो रही है। नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चल रही स्वास्थ्य सेवाएं महिला चिकित्सक के अभाव में अस्पताल की अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं नर्सिंग स्टाफ और एएनएम के भरोसे संचालित हो रही हैं। सामान्य देखभाल तो किसी तरह हो जाती है, लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह उपलब्ध नहीं है। प्रसव या सीजेरियन जैसे आपातकालीन मामलों में अस्पताल प्रशासन निजी महिला डॉक्टर को ऑन-कॉल बुलाकर व्यवस्था करता है, लेकिन इससे नियमित ओपीडी की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। गरीब महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि महिला डॉक्टर की कमी का सबसे अधिक असर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं पर पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च वहन न कर पाने के कारण कई महिलाएं अपना उपचार टाल देती हैं। इससे कई गंभीर बीमारियों का समय पर पता नहीं चल पाता और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाता है। महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए भेजा गया प्रस्ताव संयुक्त जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि कार्यभार संभालने के बाद निरीक्षण में महिला डॉक्टर का पद रिक्त मिला। उन्होंने कहा कि फिलहाल सीजेरियन जैसे मामलों के लिए ऑन-कॉल महिला डॉक्टर की सेवाएं ली जा रही हैं, लेकिन नियमित ओपीडी के लिए कोई महिला डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर महिला डॉक्टर की तैनाती का अनुरोध किया गया है।
जयपुर की झोटवाड़ा थाना पुलिस ने भोपाल में पालतू कुत्तों को मांस खिलाकर करोड़ों की डकैती डालने वाले वांछित बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी शाहरुख कुरैशी को झोटवाड़ा क्षेत्र से एक अवैध देशी कट्टे के साथ उस समय पकड़ा गया, जब वह अपने साथियों के साथ नई वारदात की योजना बना रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक देशी कट्टा बरामद कर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, भोपाल की डकैती सहित अन्य मामलों में भी उससे पूछताछ की जा रही है। भोपाल में कुत्तों को मांस खिलाकर की थी वारदात पुलिस जांच के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को शाहरुख कुरैशी ने अपने साथियों के साथ मिलकर भोपाल के एक रिहायशी इलाके में हथियारों के बल पर करोड़ों रुपये की डकैती की थी। वारदात से पहले बदमाशों ने घर की सुरक्षा में मौजूद पालतू कुत्तों को मांस खिलाकर शांत किया, जिससे वे भौंक न सकें। इसके बाद हथियारों के दम पर घर में घुसकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। इस मामले में आरोपी मध्यप्रदेश पुलिस को लंबे समय से वांछित था। जयपुर में वारदात की प्लानिंग कर रहा था आरोपी डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया- फरारी के दौरान आरोपी ने झोटवाड़ा क्षेत्र में किराये का कमरा ले रखा था। पुलिस को सूचना मिली कि वह अपने अन्य फरार साथियों के साथ मिलकर जयपुर में भी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहा है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अवैध हथियार के साथ दबोचा 21 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर झोटवाड़ा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा बरामद हुआ। इस संबंध में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 में मामला दर्ज किया गया है। आधा दर्जन से ज्यादा केस हैं दर्ज झोटवाड़ा थाना प्रभारी रायसल सिंह ने बताया- शाहरुख कुरैशी शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ चोरी, नकबजनी, डकैती सहित करीब आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में कई बार जेल भी जा चुका है। आरोपी की पहचान शाहरुख कुरैशी (30) पुत्र इदरीश कुरैशी, निवासी फिजा कॉलोनी, निशातपुरा, भोपाल (मध्यप्रदेश), वर्तमान में नागल पुलिया, झोटवाड़ा स्थित किराये के कमरे में रह रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके अन्य फरार साथियों और संभावित वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
जयपुर में पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने का मामला सामने आया है। बजाज नगर थाना क्षेत्र में दो शातिर बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक महिला को सुरक्षा का झांसा दिया और उसकी सोने की चेन व चूड़ियां बदलकर फरार हो गए। वारदात इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। बरकत नगर निवासी नीरज कुलश्रेष्ठ (53) बुधवार सुबह डॉक्टर को दिखाकर ई-रिक्शा से घर लौट रही थी। घर से करीब 100 मीटर पहले बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रोक लिया। दोनों युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि इलाके में लगातार चाकूबाजी और लूट की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कथित पुलिस पहचान पत्र भी दिखाया और महिला को सुरक्षा के लिए सोने की चेन और चूड़ियां उतारकर पर्स में रखने की सलाह दी। महिला ने घर पास ही होने की बात कही, लेकिन दोनों बदमाश नहीं माने। उन्होंने जेवरों की पुड़िया बनाकर पर्स में रखने का नाटक किया और इसी दौरान असली सोने के जेवर निकालकर उनकी जगह नकली चेन और आर्टिफिशियल चूड़ियां रख दीं। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए। घर पहुंचते ही खुली ठगी की पोल घर पहुंचकर ताला खोलते समय महिला को शक हुआ। जब उन्होंने पर्स खोलकर देखा तो असली जेवर गायब थे और उनकी जगह नकली आभूषण रखे हुए थे। इसके बाद उन्होंने परिजनों को सूचना दी और पुलिस कंट्रोल रूम पर शिकायत दर्ज कराई। ईरानी गैंग की करतूत बजाज नगर थानाधिकारी रामधन मीणा ने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी ईरानी गैंग के सदस्य हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। CCTV फुटेज के आधार पर तलाश जारी बजाज नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फुटेज में दोनों संदिग्ध बदमाश नजर आए हैं। पुलिस उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
भीलवाड़ा शहर के कई इलाकों में गुरुवार को बिजली लाइन के मेंटेनेंस काम के चलते 3 से 4 घंटे बिजली बंद रहेगी। अलग-अलग फीडर से जुड़े क्षेत्रों में तय समय के अनुसार बिजली सप्लाई बंद रहेगी। बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है कि जरूरी काम पहले ही निपटा लें, ताकि परेशानी न हो। इन इलाकों में सुबह 9:30 से 1:30 बजे तक बिजली बंद एवीएनएल के सहायक अभियंता राम मिलन यादव ने बताया कि 23 जुलाई को फतेह टॉवर, कोतवाली, मुरली विलास रोड, एसटीसी रोड, नगर परिषद क्वार्टर, गुरुद्वारा, सिंधु नगर, जूनावास, बड़े मंदिर के आसपास, भोमियों की गली, मेहताब की ताल, बैरवा मोहल्ला, बहाला, नीलगारों की मस्जिद, गुलमंडी, जामा मस्जिद, नागोरी गार्डन, सर्राफा बाजार, महावीर पार्क, स्टेशन रोड, सदर बाजार, गोल प्याऊ चौराहा, बाजार नंबर-2, काबरा गली और आसपास के इलाकों में सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक बिजली बंद रहेगी। आजाद नगर फीडर पर सुबह 8 से 12 बजे तक कटौती 11 केवी आजाद नगर फीडर से जुड़े आजाद नगर सेक्टर F, G, H, I, J, K, L, रामधाम के पीछे का क्षेत्र, पीएफसी रेस्टोरेंट, बीएसएल गेस्ट हाउस, माहेश्वरी स्कूल, कुंभा सर्किल, शर्मा क्लिनिक, पोखर आलू बड़ा, पुराना बस स्टैंड, डांगी फैक्ट्री के पीछे, बीज गोदाम, सांवरिया मंदिर, महादेव कॉटन मिल, सुजुकी इंक्लेव, चित्तौड़ रोड, जयहिंद सर्किल, ट्रांसपोर्ट नगर और आसपास के इलाकों में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली बंद रहेगी। पटेल नगर फीडर पर दोपहर 1 से 4 बजे तक बिजली बंद 11 केवी पटेल नगर फीडर से जुड़े कमला विहार, केसरिया पारस, कमला हाइट, कमला क्रिस्टल, आशिका होटल, कमला इंक्लेव, कमला पाम, कमला नैनो, सुखाड़िया स्टेडियम, समेलिया फाटक और आसपास के क्षेत्रों में दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली बंद रहेगी। विभाग ने पहले जरूरी काम निपटाने की अपील बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से कहा है कि तय समय से पहले अपने जरूरी काम पूरे कर लें, ताकि बिजली बंद रहने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
चित्रकूट जिले में खनन गतिविधियों को पारदर्शी और नियमबद्ध बनाने के उद्देश्य से बुधवार रात कलेक्ट्रेट सभागार में स्टोन क्रशर संचालकों, अनुज्ञप्तिधारकों और पट्टाधारकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देश पर हुई बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) चंद्रशेखर ने की। बैठक में खनन और उद्योग विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए संचालकों को शासन के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करने के निर्देश दिए गए। बैठक में खान अधिकारी रणवीर सिंह, खान निरीक्षक विवेक कुमार तथा उद्यमी मित्र डॉ. सुधा सिंह भी मौजूद रहीं। उद्योग विभाग में पंजीकरण और एमओयू कराने पर जोर बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्टोन क्रशर संचालकों को उद्योग विभाग में अपने प्रतिष्ठानों का पंजीकरण कराने और एमओयू (समझौता ज्ञापन) करने के लिए प्रेरित किया। उद्यमी मित्र डॉ. सुधा सिंह ने बताया कि एमओयू कराने से उद्योगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रोत्साहन सुविधाओं और निवेश से जुड़े लाभ मिल सकते हैं। उन्होंने संचालकों से अधिक से अधिक संख्या में एमओयू कराने की अपील की। समय पर रॉयल्टी, डीएमएफ और टीसीएस जमा करने के निर्देश अपर जिलाधिकारी चंद्रशेखर ने सभी स्टोन क्रशर संचालकों और पट्टाधारकों को अपने प्रतिष्ठानों का उद्योग विभाग में आवश्यक पंजीकरण समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार रॉयल्टी, जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) और टीसीएस की धनराशि भी नियत समय पर जमा करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन से जुड़े सभी कार्य नियमानुसार किए जाएं, ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई की नौबत न आए। संचालकों की समस्याएं भी सुनीं बैठक में खनन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्टोन क्रशर संचालकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और भरोसा दिलाया कि उद्योगों के संचालन में आने वाली वैधानिक समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। पारदर्शी और निवेश अनुकूल व्यवस्था पर जोर अधिकारियों ने कहा कि सरकार की मंशा खनन और उद्योग क्षेत्र को व्यवस्थित, पारदर्शी और निवेश के अनुकूल बनाना है। इसके लिए सभी संचालकों का सहयोग जरूरी है। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि स्टोन क्रशर संचालक शासन की नीतियों का पालन करते हुए समयबद्ध तरीके से सभी औपचारिकताएं पूरी करेंगे, जिससे जिले में औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलेगी।
अम्बेडकरनगर भाजपा की नई जिला कार्यकारिणी का ऐलान भले अभी बाकी हो, लेकिन संगठन के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बार बनने वाली जिला कमेटी पिछले कई वर्षों की तुलना में सबसे अलग और सबसे ज्यादा चौंकाने वाली हो सकती है। चर्चा है कि करीब 80 फीसदी पदों पर नए चेहरों को मौका मिलेगा, जबकि लंबे समय से संगठन में पद संभाल रहे कई नेताओं की छुट्टी हो सकती है। नए तेवर और नए समीकरणों पर होगी टीम की तैयारी सूत्रों के अनुसार, जिला अध्यक्ष दिलीप देव पटेल नई कार्यकारिणी को नए तेवर और नए समीकरणों के साथ तैयार करने में जुटे हैं। जिला महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री समेत अधिकांश अहम पदों पर ऐसे कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की रणनीति बनाई जा रही है, जो पिछले कुछ वर्षों से संगठनात्मक गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहे हैं। बताया जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सामाजिक, क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है, ताकि संगठन को चुनावी दृष्टि से और मजबूत बनाया जा सके। पद पाने के लिए लखनऊ-दिल्ली तक दौड़ नई कार्यकारिणी की चर्चाओं के बीच दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ गई है। सूत्रों का कहना है कि जिले से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक पैरवी का दौर तेज हो गया है। कई नेता अपने राजनीतिक आकाओं और वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं तथा सिफारिश के जरिए संगठन में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। संगठन के गलियारों में चर्चा है कि जिन नेताओं की स्थानीय स्तर पर पकड़ कमजोर मानी जा रही है, उन्होंने अब सीधे प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। उनकी सिफारिशें भी जिला संगठन तक पहुंच रही हैं। 2027 की रणनीति की नींव मानी जा रही नई कार्यकारिणी पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि नई जिला कार्यकारिणी केवल औपचारिक बदलाव नहीं होगी, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति की नींव साबित होगी। इसी वजह से हर पद पर गहन मंथन किया जा रहा है। हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक नई जिला कार्यकारिणी को लेकर कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। फिलहाल संगठन के भीतर चल रही चर्चाएं और दावे पार्टी सूत्रों के हवाले से हैं। अंतिम सूची जारी होने के बाद ही नए पदाधिकारियों के नाम स्पष्ट हो सकेंगे।
हरियाणा के हांसी में 11 जून को चर्चित जिम ट्रेनर कपिल उर्फ कपिला की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी रोहित यादव को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, रोहित यादव ने कपिल मर्डर मामले में रेकी की थी और शूटरों को हथियार उपलब्ध करवाए थे। मुठभेड़ में रोहित के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपी की पहचान भिवानी जिले के बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव भुरटाना निवासी 27 वर्षीय रोहित के रूप में हुई है। उसे पहले हांसी के सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। 18 दिन पहले पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल लॉरेंस गैंग के दो शूटर हिमांशु और प्रवेश को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। हरियाणा STF और दिल्ली पुलिस का यह जॉइंट ऑपरेशन था। इस तरह पकड़ा गया हत्याकांड का मुख्य आरोपी… ऐसे हुई थी जिम संचालक की हत्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी हत्या की जिम्मेदारी इस हत्याकांड के बाद कुछ ही घंटों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। गैंग से जुड़े हैरी बॉक्सर ने कपिल की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए इस पोस्ट में लिखा था कि- सभी भाइयों को राम-राम। आज ये जो हांसी में कपिल रेड्डू का मर्डर हुआ है, उसकी जिम्मेदारी हैरी बॉक्सर, आरडी धारीवाल, हरमन संधु और विक्रम क्रीडान लेते हैं। ये हमने करवाया है। इसने शेखपुरा और ढाणी पुरिया में जो फायरिंग हुई थी, उसमें ये मेन साजिशकर्ता था और इसने पूरा सहयोग किया था, इसको समझाया भी थी। दो बार हमारे सुंदर भाई हांसी ने। लेकिन इसके समझ में नहीं आया। जो भी उस फायरिंग में शामिल था, उन सबको मारेंगे। हमें सबका पता है। हमने जिन-जिन को फोन किए हुए हैं, वो टाइम रहते लाइन पर जाओ, वरना अंजाम बहुत बुरा होगा। अगर टाइम रहते लाइन पर नहीं आए तो गोली कभी भी किसी साइड से कहीं से आ सकती है। जो हमारे दुश्मनों के साथ बैठके उनका साथ देंगे अपने आप को शहर का नवाब समझ रहे हों जल्दी ही तुमसे मुलाकात होगी। तुमसे तुम्हारी मौत घर की चौखट पर दस्तक दे रही है। 18 दिन पहले शार्प शूटरों को ढेर किया था इस मामले में हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) बहादुरगढ़ और दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल ने जॉइंट ऑपरेशन में हिसार के दो शार्प शूटरों हिमांशु और प्रवेश को ढेर किया था। दोनों बदमाशों ने हांसी में जिम संचालक कपिल रेढू (25) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, 4 जुलाई शनिवार की देर रात रात करीब 1:30 बजे दोनों के बहादुगढ़ क्षेत्र में होने की सूचना मिली, जिसके बाद हरियाणा और दिल्ली पुलिस की टीमों ने उन्हें घेर लिया। खुद को घिरता देख दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरु कर दी। जवाबी कार्रवाई में टीमों ने दोनों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा-जिम संचालक के सुपारी किलर का चेहरा सामने आया:सरपंच एसोसिएशन के प्रधान समेत 4 पर FIR; 5 सेकेंड में 10 गोलियां मारीं हरियाणा के हांसी में गुरुवार सुबह साढ़े 5 बजे जिम संचालक कपिल रेढू (25) की गोली मारकर हत्या करने वालों की तस्वीर सामने आ गई है। इसमें वो बाइक पर भागते हुए सीसीटीवी में कैद हुए। वारदात के वक्त हत्यारे ने टोपी पहनी हुई थी और मुंह ढका था। (पूरी खबर पढ़ें)
रायबरेली के गुरबख्शगंज थाना क्षेत्र में शराब के नशे में पिता की पिटाई कर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार किया है। मारपीट में गंभीर रूप से घायल पिता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, घटना 17 जुलाई 2026 को सरायमुबारक गांव की है। आरोपी सूरज पासवान उर्फ सूरज पासी ने शराब के नशे में अपने पिता राधेश्याम के साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान राधेश्याम के सिर में गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान हुई मौत घायल राधेश्याम को परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 19 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक की बेटी माधुरी रावत की तहरीर पर गुरबख्शगंज थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया आरोपी एसपी रवि कुमार के निर्देश पर अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरबख्शगंज पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर 22 जुलाई को पुलिस ने आरोपी सूरज पासवान को चन्दई रघुनाथपुर तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी गिरफ्तारी करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी राजू सिंह और आरक्षी आकाश यादव शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
कुशीनगर में खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के मामले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साधन सहकारी समिति मथौली बाजार के सचिव समेत दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह कार्रवाई दैनिक भास्कर द्वारा किसानों के बीच खाद संकट, संदिग्ध वितरण और कालाबाजारी का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद की गई। दैनिक भास्कर ने लगातार खबरें प्रकाशित कर बताया था कि किसानों तक खाद नहीं पहुंच रही है, जबकि सहकारी समितियों से संदिग्ध तरीके से खाद की निकासी हो रही है। खबरों के बाद कृषि विभाग ने जांच अभियान चलाया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। 20 बोरी यूरिया पकड़ी, स्टॉक में 620 बोरियों का अंतर मिला जांच अभियान के दौरान 20 जुलाई को मथौली बाजार से रामकोला की ओर ले जाई जा रही 20 बोरी यूरिया पकड़ी गई। जांच में सामने आया कि यह खाद साधन सहकारी समिति मथौली बाजार से भेजी जा रही थी। इसके बाद पीओएस मशीन के रिकॉर्ड और समिति के वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया। जांच में 428 बोरी यूरिया और 192 बोरी डीएपी, कुल 620 बोरियों का अंतर मिला। इस पर साधन सहकारी समिति मथौली बाजार के सचिव रामसागर सिंह के खिलाफ कप्तानगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। घर में मिली 47 बोरी खाद, लाइसेंस नहीं मिला अगले दिन 21 जुलाई को मिली एक अन्य शिकायत पर कृषि विभाग ने ग्राम मठिया विशम्भर निवासी कृष्ण कुमार के आवासीय परिसर में छापेमारी की। जांच के दौरान वहां विभिन्न कंपनियों की 47 बोरी खाद अवैध रूप से भंडारित मिली। जांच में पता चला कि संबंधित व्यक्ति के पास खाद के भंडारण और बिक्री का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इसके बाद उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया। भास्कर की खबरों के बाद चला जांच अभियान खाद संकट और कालाबाजारी को लेकर किसानों की लगातार शिकायतों के बीच दैनिक भास्कर ने सहकारी समितियों से संदिग्ध निकासी और किसानों को खाद न मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद कृषि विभाग सक्रिय हुआ और जांच अभियान शुरू किया, जिसमें कई अनियमितताएं उजागर हुईं। किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा जिला कृषि अधिकारी संजीव सिंह ने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़, खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और हेराफेरी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं और सहकारी समितियों को शासन के नियमों के अनुसार खाद वितरण करने की सख्त चेतावनी दी है।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। प्रथम घंटा बजने के बाद भगवान को हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कर्पूर आरती के बाद भगवान महाकाल का भांग, चंदन, रजत चंद्र, त्रिपुंड और रजत मुकुट से श्रृंगार किया गया। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। फिर भगवान महाकाल को ड्रायफ्रूट, आभूषण और सुगंधित फूलों से राजा स्वरूप में सजाया गया। भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित फूलों की मालाएं पहनाई गईं। गुलाब के पुष्पों से सजे बाबा महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

