लुधियाना में महिला से चेन झपटने की कोशिश कर रहे बाइक सवार 2 स्नैचरों में से एक को लोगों ने पकड़ लिया। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और आरोपी को दबोचा। लोगों ने उसकी पिटाई की। आरोपी ने भागने की कोशिश की तो लोगों ने उसे खंभे से बांध दिया और पुलिस को सूचना दी। जानकारी के मुताबिक, आरोपी अपने साथी के साथ मुल्लांपुर से बाइक पर लुधियाना आया था। मॉडल टाउन इलाके में दोनों ने एक राहगीर महिला को निशाना बनाया। बाइक सवार आरोपी ने महिला के गले से सोने की चेन झपटने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। महिला ने तुरंत शोर मचा दिया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। लोगों ने पीछा कर आरोपी को पकड़ा, साथी फरार महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और आरोपी को घेर लिया। इसी दौरान उसका साथी बाइक लेकर मौके से फरार हो गया। पकड़े जाने के बाद आरोपी ने लोगों के साथ हाथापाई की कोशिश की और मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया। भागने लगा तो खंभे से बांधा, पुलिस को दी सूचना लोगों ने आरोपी को काबू कर लिया और उसके भागने की कोशिश को देखते हुए उसे खंभे से बांध दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में पीसीआर दस्ता मौके पर पहुंचा और आरोपी को अपने साथ ले गया। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई थी। वीडियो में आरोपी खंभे से बंधा नजर आ रहा है। थाना माडल टाउन पुलिस कर रही जांच थाना मॉडल टाउन की एसएचओ गुरशिंदर कौर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इलाके में स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की ओर से विशेष नाकाबंदी भी की जा रही है।
नमस्कार, वाराणसी की कल (शनिवार) की बड़ी खबरें…वाराणसी में IIT-BHU में नौकरी दिलाने के नाम पर 20.50 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को चितईपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान दिनेश कुमार निवासी सुसवाही, थाना चितईपुर के रूप में हुई है। शुक्रवार की रात कचहरी से लौट रहे अधिवक्ताओं पर बाइक सवार बदमाशों ने हमला बोल दिया। अधिवक्ता को बेल्ट से पीटा और पुल पर लटकाते हुए जाने से मारने की धमकी दी। हमलावरों से गुहार लगाकर अधिवक्ताओं ने अपनी जान बचाई। अब सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें… 1. तिरंगे के रंग में सजे बाबा काशी विश्वनाथ, कलेक्ट्रेट में DM ने ध्वजारोहण किया देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर धर्मनगरी काशी में राष्ट्रभक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्वतंत्रता दिवस की सुबह बाबा काशी विश्वनाथ का विशेष भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया। पढ़ें पूरी खबर… 2. वाराणसी में वकीलों को पुल से लटकाकर हॉकी से पीटा, कचहरी से लौटते समय पकड़ा वाराणसी में शुक्रवार की रात कचहरी से लौट रहे अधिवक्ताओं पर बाइक सवार बदमाशों ने हमला बोल दिया। अधिवक्ता को बेल्ट से पीटा और पुल पर लटकाते हुए जाने से मारने की धमकी दी। हमलावरों से गुहार लगाकर अधिवक्ताओं ने अपनी जान बचाई। पढ़ें पूरी खबर… 3. कुत्ते के काटने से घायल बच्चा बोल नहीं पा रहा, चेहरे-सिर पर 50 टांके काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में 11 वर्षीय बच्चे पर कुत्ते के हमले का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गंभीर रूप से घायल बच्चा ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है। उसके चेहरे और सिर पर करीब 50 टांके लगाए गए हैं। हालत ऐसी है कि वह फिलहाल ठीक से बोल नहीं पा रहा है। पढ़ें पूरी खबर… 4. वाराणसी में कूड़ा गाड़ी और टोटो भिड़ीं, महिला का पैर कटा वाराणसी में लंका थाना क्षेत्र के सुंदरपुर नदिया मार्ग पर शनिवार को एंबुलेंस को रास्ता देने के प्रयास में नगर निगम की कूड़ा गाड़ी और टोटो के बीच टक्कर हो गई। हादसे में टोटो सवार सब्जी विक्रेता महिला शीला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसका पैर टोटो और डिवाइडर के बीच फंस गया था। पढ़ें पूरी खबर… 5.IIT-BHU में नौकरी दिलाने के नाम पर 20.50 लाख ठगे वाराणसी में IIT-BHU में नौकरी दिलाने के नाम पर 20.50 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को चितईपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान दिनेश कुमार निवासी सुसवाही, थाना चितईपुर के रूप में हुई है। पढ़ें पूरी खबर… 6. कोयला-जद्दन बाई के कोठे पर शरण लेते थे क्रांतिकारी 'दालमंडी में 200 से अधिक कोठे हुआ करते थे। लेकिन ये कोठे मुस्लिम मुसाफिर खाने से लेकर चौक थाने तक ही थे। स्वतंत्रता संग्राम में इन कोठों ने भी बड़ी भूमिका निभाई थी। अक्सर क्रांतिकारी किसी घटना के बाद काशी पहुंचते थे और यहां रहने वाली कोयला बाई और जद्दन बाई के कोठों पर शरण लेते थे। पढ़ें पूरी खबर…. 7. काशी में योगी अखाड़ा परिषद का महारूद्राभिषेक सावन के महीने में काशी के असि क्षेत्र में योगी अखाड़ा परिषद की ओर से तीन दिवसीय महारुद्राभिषेक और यज्ञ का आयोजन किया गया। अनुष्ठान में साधु-संतों के साथ किन्नर समाज की महामंडलेश्वर उमाशंकर महाराज भी शामिल हुईं। पढ़ें पूरी खबर… 8. गंगा बढ़ीं तो बदल जाती है काशी की रफ्तार, नाविकों की रोजी पर संकट वाराणसी में जब गंगा का जलस्तर बढ़ने लगता है तो हम सभी नविको को दिन से ज्यादा रात में एक्टिव रहना पड़ता है क्योंकि कभी-कभी अचानक पानी तेजी से बढ़ जाता है उसमें नाव बहने का खतरा होता है यह कहना है वाराणसी के नाविक आकाश निषाद का जिनकी अस्सी घाट पर पांच नाव और एक देसी क्रूज है। पढ़ें पूरी खबर… 9.काशी विश्वनाथ धाम के ‘सुरक्षा प्रहरी’ गर्थ और वोरा सावन के पवित्र महीने में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देशभर से आने वाले कांवड़ियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। इस सुरक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी हैं दो प्रशिक्षित स्निफर डॉग गर्थ और वोरा। पढ़ें पूरी खबर… 10. वाराणसी में अफगानी बताकर जेल भेजे युवक को जमानत वाराणसी में अफगानी नागरिक बताकर जेल भेजे गए युवक अब्दुल रहमान ताराकी को अदालत से राहत मिल गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) नीरज कुमार त्रिपाठी की अदालत ने पासपोर्ट अधिनियम, आजोजन एवं विदेशी अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में दर्ज मामले में आरोपी को जमानत दे दी। पढ़ें पूरी खबर…
अलीगढ़ का बादल पाकिस्तानी मुस्लिम लड़की के प्यार में 2 साल पहले सरहद पार पहुंच गया। बिना वीजा पाकिस्तान जाने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया और एक साल की सजा सुनाई गई। बादल की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी वह लाहौर में डिटेंशन सेंटर में है। बादल के मां-पिता ने कहा- भारत वापसी की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है। बादल ने हाल में ही फोन पर पिता से बात की। बताया कि पेट, आंतों और किडनी की बीमारी से वह परेशान है। परिजन अब पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी से बेटे बादल की जल्द वापसी की गुहार लगा रहे हैं। मां ने हाथ जोड़कर कहा- दो साल से बेटे को नहीं देखा, सरकार मेरे बेटे को वापस बुला दे। बरला क्षेत्र के गांव खिटकारी निवासी 23 साल का बादल दिल्ली की एक कंपनी में सिलाई का काम करता था। इसी दौरान सोशल मीडिया पर उसकी दोस्ती पाकिस्तान की लड़की सना रानी से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्यार हो गया। परिवार का कहना है कि बादल ने अगस्त 2024 में पाकिस्तान जाने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। इसके बाद 15 अक्टूबर 2024 को वह बिना वीजा पाकिस्तान पहुंच गया। पाकिस्तान पहुंचकर काफी समय तक वहां काम भी किया बादल के पिता खेती और मजदूरी करते हैं। बादल तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर है। उसके दोनों भाई रंगाई-पुताई का काम करते हैं। उनकी इकलौती बहन की शादी हो चुकी है। बादल की अभी शादी नहीं हुई है। परिवार के मुताबिक, पाकिस्तान पहुंचने के बाद बादल कुछ समय वहां रहा और काम भी करता रहा। 27 दिसंबर 2024 को पंजाब प्रांत के मंडी बहाउद्दीन क्षेत्र में पुलिस ने उसे अवैध रूप से पाकिस्तान में एंट्री करने के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उस पर जासूसी का संदेह तो खत्म हो गया। इसके बाद विदेशी अधिनियम के तहत 13 मई को बादल की दलीलें सुनने के बाद पाकिस्तान अदालत ने उसे एक साल कैद की सजा सुनाई। उस पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। परिजनों का कहना है कि बादल की एक साल की सजा 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में पूरी हो गई। सजा पूरी होने के बाद उसे जेल से निकालकर डिटेंशन सेंटर में रखा गया। यहीं से उसकी भारत वापसी की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। पिता बोले- बेटे ने फोन पर कहा, मैं यहां परेशान हूं पिता कृपाल सिंह ने बताया कि हाल में मेडिकल जांच के दौरान बादल से फोन पर बात हुई थी। उसने तबीयत खराब होने और पेट, आंतों, किडनी में दिक्कत की बात बताई। जेल प्रशासन और वकील के जरिए उन्हें पता चला कि बादल की सजा पूरी हो चुकी है। पाक प्रशासन ने कहा है कि भारत सरकार की तरफ से लेटर मिलने पर उसे जल्द रिहा किया जा सकता है। कृपाल सिंह के मुताबिक, बादल ने फोन पर कहा था कि मम्मी-पापा सरकार से मदद की गुहार लगाएं और भारत वापस बुला लें। मां बोलीं- दो-तीन साल से बेटे की शक्ल नहीं देखी मां गायत्री देवी ने कहा- मुझे बादल के पाकिस्तान जाने की जानकारी नहीं थी। करीब दो-तीन महीने बाद मीडिया के जरिए पता चला कि बेटा पाकिस्तान की जेल में है। इसके बाद वह इधर-उधर से पैसे जुटाकर दिल्ली गईं और पांच दिन तक बेटे की जानकारी के लिए भटकती रहीं, लेकिन किसी अधिकारी या नेता से मुलाकात नहीं हो सकी। गायत्री ने कहा कि मैंने सरकार से बहुत गुहार लगाई, लेकिन अब तक मदद नहीं मिली। उन्होंने हाथ जोड़कर सरकार से अपील की है कि उनके बेटे की जल्दी सुनवाई कराकर उसे वापस लाया जाए। दो साल से उन्होंने बेटे की शक्ल नहीं देखी है। भाई बोले- बहुत कोशिश की, सरकार ने कोई मदद नहीं की भाई निशांत ने कहा- बादल ने कभी परिवार को पाकिस्तान जाने या वहां किसी लड़की से संपर्क के बारे में नहीं बताया। भाई की वापसी के लिए परिवार ने बहुत कोशिश की और दिल्ली भी गया, लेकिन प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। निशांत के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ से बताया गया कि बादल की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन भारत सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि भाई से अभी बातचीत भी नहीं होती है और उसकी बहुत याद आती है। उनकी मांग है कि मोदी और योगी सरकार भाई को जल्द से जल्द भारत वापस लाए। सना के लिए बादल ने धर्म बदला, फिर भी उसने नहीं अपनाया पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने बादल से पूछताछ की। इस दौरान बादल ने बताया कि उसने सना से निकाह करने के लिए कबूल कर लिया था, लेकिन सना ने उसे अपनाने से साफ इनकार कर दिया। पिता कृपाल ने बताया- मुझे जब बेटे के जेल में बंद होने का पता चला, तो इंटरनेट के जरिए पाकिस्तान के वकील फियाज रामे से संपर्क किया। उनसे केस लड़ने के लिए अपील की। वे तैयार हो गए। 28 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान बादल ने वकील को एक कागज का टुकड़ा दिया। कहा- इसको मंडी बहाउद्दीन में सना के घर पहुंचा दीजिएगा। लेटर में क्या लिखा था पढ़िए.... -------------- ये खबर भी पढ़िए- डॉक्टर के 8वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड करने का CCTV: लिखा- मौत की जिम्मेदार ठग गरिमा; गोरखपुर में बेटी बोली- पापा लौट आओ मेरी मौत की जिम्मेदार गरिमा सिंह और उसका गिरोह है…गुरुवार सुबह यह लाइन एक कागज पर लिखकर डॉ. परमात्मा सिंह ने सुसाइड कर लिया। वह सुबह 9:10 बजे अपने फ्लैट से निकले। सुसाइड नोट को पैंट की दाएं जेब में डाला और तेजी से पहले नीचे पार्क में गए। करीब 9:13 बजे पार्क से बेसमेंट की तरफ गए, वहां से लिफ्ट से 8वीं मंजिल पर पहुंचे। यहां से कूद गए। पढ़ें पूरी खबर…
भिवानी की टीचर मनीषा की मौत को एक साल बीत गया है, लेकिन अब तक उसकी डेथ मिस्ट्री अनसुलझी है। परिवार उसकी याद में आज भी रोता है। मनीषा की मां कैमरे के सामने ही बेटी को याद करके भावुक हो गई और रोने लगी। परिवार ने मनीषा के सर्टिफिकेट, मेडल, किताबें और कपड़े आज भी संभालकर रखे हैं। जिस छोटे मंदिर में मनीषा पूजा करती थी, वहां अब उसका भाई नितेश पूजा करता है। मनीषा की मां विनोद देवी ने कहा- मैं तो एक साल तैं इतनी परेशान हो रही हूं, मेरी बेटी को न्याय दिला दें। यह सरकार यूं भी नहीं सोच रही कि हमने जवान बेटी खो दी, अब क्या बचा है। मुझे कुछ नहीं चाहिए बस, ये काम करवा दें और कुछ नहीं मांग रही। सरकार अब न्याय ही दिला दे बस। मनीषा की मौत की जांच CBI तक पहुंची, लेकिन अब केंद्रीय एजेंसी ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है जिसपर परिवार सवाल उठा रहा है। CBI ने पंचकूला की विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर मामले को आत्महत्या माना है। पिता संजय का कहना है कि उन्हें अभी यह समझ नहीं आया कि किन सबूतों के आधार पर मौत को सुसाइड माना गया। 27 अगस्त को कोर्ट में रिपोर्ट और सबूतों से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद परिवार आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला करेगा। मां ने बेटी के सर्टिफिकेट-मेडल संभालकर रखे गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी टीचर मनीषा की मां विनोद देवी ने कहा कि याद तो आज भी आती है, वह क्या भूली जा सकती है। बेटी इतने करीब थी कि अब देख लो, मां में क्या बचा हुआ है। बेटी के बिन सबकुछ सूना पड़ा है। इसके बाद भावुक होते हुए मां रोने लगी और आगे बोल भी नहीं पाई। इसके अलावा मनीषा के सर्टिफिकेट व मेडल आदि सामान आज भी मां ने संभालकर रखे हुए हैं। साथ ही मनीषा जिस मंदिर में पूजा करती थी, आज उसका भाई नितेश उसी मंदिर में पूजा पाठ करता है। बेटी की यादें आज भी संभालकर रखी मनीषा के पिता संजय ने कहा कि “आज भी हर समय उसकी याद आती है। वह पढ़ती थी और अपने छोटे भाई-बहनों को भी पढ़ाती थी। खेत में जाता हूं तो याद आता है कि मनीषा कैसे मेरे साथ काम में हाथ बंटाती थी।” बेटी की यादों को परिवार ने आज भी उसी तरह संभालकर रखा है। उसकी किताबें और कपड़े सुरक्षित हैं। घर के कोने में जिस जगह पर छोटा सा मंदिर बनाकर मनीषा पूजा करती थी, वह भी परिवार ने उसी तरह रखा है। आज भी वहां पूजा होती है। CBI ने बताया सुसाइड, पिता बोले-ऐसा हो ही नहीं सकता भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी टीचर मनीषा की मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी है। मनीषा के पिता ने बताया कि कोर्ट से पता चला है कि सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें सुसाइड घोषित कर दिया है। बाकी एविडेंस उनके पास थे नहीं। 27 तारीख को चार्जशीट देंगे, उसमें पता लगेगा, सही दी गई है या नहीं। संजय ने कहा कि कोर्ट ने ऐसा कोई कारण नहीं बताया कि जिससे सुसाइड घोषित किया गया है। कहा गया है कि 27 अगस्त को बताएंगे। 27 को कुछ एविडेंस और आएंगे, जिसके बारे में बता दिया जाएगा। संजय ने कहा कि बेटी की मौत को हम सुसाइड मान ही नहीं सकते। अगर वो साबित भी कर देंगे तो भी हमारे तो गले नहीं उतरेगी कि ये सुसाइड है। देखते हैं कि कोई कानूनी कार्रवाई का रास्ता होगा, अच्छा-सा वकील होगा तो करके देखेंगे, अन्यथा बैठ जाएंगे। 13 अगस्त को खेत में मिला था मनीषा का शव मनीषा 11 अगस्त 2025 को अपने ढाणी लक्ष्मण गांव से सिंघानी के प्ले स्कूल में ड्यूटी के लिए निकली थी। इसके बाद उसने नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कही थी, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी। 13 अगस्त 2025 को उसका शव सिंघानी गांव के खेतों में पड़ा मिला। परिवार ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। मामले में न्याय की मांग को लेकर लोगों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने आत्महत्या बताया तो बढ़ा विरोध मामले में 18 अगस्त 2025 को पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया। इसके बाद लोगों का विरोध और तेज हो गया। परिवार और ग्रामीणों की मांग पर मनीषा का दिल्ली AIIMS में तीसरी बार पोस्टमॉर्टम कराया गया। बढ़ते विरोध और आंदोलन के बीच 26 अगस्त 2025 को मामले की जांच CBI को सौंप दी गई थी। करीब एक साल बाद CBI ने जांच पूरी कर कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। अब परिवार की नजर कोर्ट की अगली कार्रवाई पर है।
टीकमगढ़ में शनिवार को सावन तीज पर्व पारंपरिक तरीके से मनाया गया। दोपहर से मंदिरों में झूले सजाने का सिलसिला शुरू हुआ। शाम 7 बजे भगवान लड्डू गोपाल और राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं को झूले पर विराजमान किया गया। शिव धाम कुंडेश्वर सहित सभी प्रमुख मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु झूला दर्शन के लिए पहुंचे। सावन की हरियाली तीज पर महिलाओं ने मंदिरों में सावन के भजन गाए। इसके बाद उन्होंने भगवान को झूला झुलाया और सुख-समृद्धि की कामना की। भक्तों ने भक्ति भाव से भगवान को झूला झुलाकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं। पुजारी ने क्या बताया? प्राचीन नजरबाग मंदिर में भी शाम 7 बजे भगवान को झूले में विराजमान कर आरती उतारी गई। नजरबाग मंदिर के पुजारी सुरेंद्र मोहन द्विवेदी ने बताया कि यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है। सावन तृतीया के दिन भगवान को चौक में झूले पर विराजमान किया जाता है, और नगर के सभी श्रद्धालु आकर भक्ति भाव से झूला झुलाते हैं। भगवान की पूजा-अर्चना रामराजा सरकार मंदिर ओरछा की परंपरा के अनुसार विधि-विधान से की गई। शिव धाम कुंडेश्वर, प्राचीन नजरबाग मंदिर, जानकी बाग मंदिर, प्रश्न राघव मंदिर, विजय राघव मंदिर, झिर की बगिया मंदिर सहित शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में भगवान को झूले पर विराजमान किया गया। इसके अतिरिक्त, कई घरों में भी लोगों ने भगवान को झूले में स्थापित कर पूजा-अर्चना की।
मानसूनी बारिश के लिहाज से बीता सप्ताह मध्य प्रदेश के लिए बेहतर रहा। 7 दिन में औसत 4.2 इंच पानी गिर गया। इससे बारिश का ओवरऑल आंकड़ा 21.4 इंच पहुंच गया है। हालांकि, यह कोटे से 12% (3 इंच) कम है। अब तक 24.4 बारिश होना चाहिए, लेकिन कई जिलों की तस्वीर बेहतर है। भोपाल संभाग के जिलों में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। इस सप्ताह भी भारी बारिश होने का अनुमान है। अगस्त के दूसरे सप्ताह में प्रदेश में मानसून टर्फ, डिप्रेशन और लो प्रेशर एरिया (निम्न दवाब क्षेत्र) एक्टिव रहे। इस वजह से पश्चिमी हिस्से में भारी बारिश का दौर बना रहा। भोपाल में तो सड़कें तालाब बन गईं और कई निचले इलाकों में पानी भर गया। पुराने और नए शहर में यह स्थिति देखने को मिली। दो दिन में ही यहां साढ़े 8 इंच बारिश हो गई। सीहोर में भी भारी बारिश का दौर रहा। इससे कोलांस नदी उफान पर रही और पानी बड़ा तालाब में आया। इससे यह सिर्फ डेढ़ फीट ही खाली है। डैमों में आया पानी, फसलों को फायदा मिलाबारिश की वजह से प्रदेश के अन्य डैमों में भी पानी आया है। वहीं, सोयाबीन, धान समेत अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिला है। कोलार, बाणसागर, कुंडालिया, बरना, ओंकारेश्वर, इंदिरा सागर, गांधीसागर, तिघरा समेत कई डैम में पानी बढ़ा है। इस बार 9 दिन लेट आया था मानसूनबता दें कि इस बार मानसून 9 दिन देरी से 24 जून को पहुंचा था और अगले नौ दिन में पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। देरी की वजह से प्रदेश में जून महीने में 30 प्रतिशत बारिश कम हुई थी, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में ये आंकड़ा प्लस में 8 प्रतिशत पर आ गया। दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर रहा। कहीं भी भारी बारिश नहीं हुई। इस वजह से औसत आधा इंच पानी भी नहीं गिरा, लेकिन तीसरे सप्ताह मानसून ने रफ्तार पकड़ी और 3.3 इंच पानी गिर गया। चौथे सप्ताह में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। अगस्त के दूसरे सप्ताह में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया, जो अब तक जारी है। भोपाल में 29.8 इंच पानी गिरा, मुरैना में 9.8 इंच हीमौसम विभाग की माने तो प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश भोपाल में 29.8 इंच हो चुकी है। सबसे कम पानी मुरैना में 9.8 इंच ही हुई है। एमपी में इन जिलों में कम/ज्यादा बारिशप्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में 2% से 54% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1% से 48% कम पानी गिरा है। IMD की माने तो भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। ऐसे समझें बारिश का गणित… सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले मध्यप्रदेश में कैसा रहेगा यह सप्ताहमौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। भोपाल, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी सिस्टम का असर देखने को मिलेगा। 5 बड़े शहरों में ऐसा रहेगा मौसम
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में 11 माह की बेटी को यमुना नदी में फेंकने वाले आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। बच्ची की तलाश की जा रही है। आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। उसको लगता था कि बेटी उसकी नहीं है। इसको लेकर दोनों के बीच में विवाद भी होता था। इसके चलते उसने बेटी और पत्नी को मारने की साजिश रची थी। मगर, पत्नी को लेागों ने बचा लिया। आगरा के सिकंदरा में 11 माह की बेटी को यमुना में फेंकने के मामले में शनिवार को पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पुलिस के मुताबिक आरोपी पिता रिंकू बेटी और पत्नी दोनों को मारना चाहता था। लेकिन पत्नी को नदी में फेंकने में सफल नहीं हुआ। पहले वो दहेज को लेकर न खुश था। इसको लेकर भी पत्त्नी से विवाद था। पत्नी छह महीने मायके में भी रही। बाद में उसे पत्नी के चरित्र पर भी शक होने लगा। ये बातें पूछताछ में उसने स्वीकार की है। घटना के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें यमुना में बच्ची की तलाश कर रही हैं। वहीं, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब सिलसिलेवार पढ़िए… बलदेव के बादमगढ़ी गांव का रहने वाला रिंकू अपनी पत्नी लक्ष्मी और बेटी के साथ बाइक से आगरा जाने के लिए निकला था। उसने पत्नी से बच्ची के लिए कपड़े लेने की बात कही थी। यमुना पुल पर पहुंचने के बाद फोटो खींचने के बहाने उसने पत्नी से बच्ची को लिया और नदी में फेंक दिया। इसके बाद पत्नी को भी धक्का देने लगा। लक्ष्मी के शोर मचाने पर राहगीरों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। 6-7 महीने से चल रहा था पति-पत्नी में विवाद पुलिस के मुताबिक, रिंकू और लक्ष्मी के बीच पिछले 6-7 महीने से विवाद चल रहा था। लक्ष्मी ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। करीब छह महीने मायके में रहने के बाद वह 20 दिन पहले ही ससुराल लौटी थी। महिला का आरोप है कि रिंकू बेटी के जन्म से खुश नहीं था और आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। 17 अगस्त को था बेटी का जन्मदिन लक्ष्मी ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी का 17 अगस्त को पहला जन्मदिन था। उसने कहा कि उसे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि पति बेटी को मारने की साजिश कर रहा है। रिंकू पिछले दो-तीन दिन से बच्ची को ज्यादा प्यार दिखा रहा था। शुक्रवार को उसने बच्ची के कपड़े लेने के बहाने आगरा चलने को कहा था। राहगीरों ने आरोपी को पकड़ा तो उनसे भी भिड़ा लक्ष्मी ने राहगीरों को बताया कि रिंकू ने उसकी बेटी को यमुना में फेंक दिया है और अब उसे भी नदी में धक्का देने की कोशिश कर रहा है। यह सुनकर लोगों ने रिंकू को पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान रिंकू लोगों से भी उलझ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की गई है। उसके बयान के आधार पर बच्ची की तलाश की जा रही है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें यमुना में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आज गोरखपुर में नो पेपर डे हैं। ऐसे में 1 दिन पहले आपके शहर में क्या-कुछ हुआ है, सभी बड़े अपडेट आप नीचे पढ़ सकते हैं- 1- DM दीपक मीणा ने फहराया तिरंगा, राष्ट्रगान के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, सभी ने लिया देशसेवा का संकल्प गोरखपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को सरकारी कार्यालयों से लेकर रेलवे और अस्पतालों तक देशभक्ति का माहौल रहा। डीएम कार्यालय में डीएम दीपक मीणा ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान के बाद स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद जवानों को नमन किया। नगर निगम में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने तिरंगा फहराया। सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम में NER GM उदय बोरवणकर ने तिरंगा फहराकर परेड की सलामी ली। जिला महिला अस्पताल में SIC डॉ. अनिल झा ने ध्वजारोहण किया। यहां बेहतर काम करने वाले 50 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया और मरीजों को फल बांटे गए। पढ़ें पूरी खबर... 2- LLB छात्र ने सुसाइड किया, कमरे में फंदे से लटका मिला शव गोरखपुर के दाउदपुर में 21 वर्षीय BA.LLB छात्र कुमारवास्व साहनी ने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव पंखे के सहारे लटका मिला। सूचना पर गुलरिहा पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कुमारवास्व जंगल डुमरी नंबर एक के केवटहिया टोला का रहने वाला था और दाउदपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह दो भाइयों में सबसे बड़ा था। पिता बेंगलुरु में पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। पुलिस घटना की वजह की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर... 3- सुसाइड से पहले डॉक्टर का व्यवहार बदला, अकेले टहलते थे, सड़क किनारे गिटि्टयां तोड़ते गोरखपुर में डॉ. परमात्मा सिंह ने अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। घटना 13 अगस्त सुबह करीब 9:13 बजे राजेंद्र नगर के बसंत इंक्लेव अपार्टमेंट की है। सुसाइड से पहले डॉक्टर ने फेसबुक से अपनी बर्थडे की पोस्ट भी डिलीट की थीं। अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों का कहना है कि यह एक दिन में लिया गया फैसला नहीं है। परमात्मा सिंह पिछले 15-20 दिनों से काफी परेशान चल रहे थे। अपार्टमेंट के लोगों ने उन्हें कई बार बाहर सड़क किनारे चुपचाप बैठे देखा। एक दिन सड़क पर गिट्टियां तोड़ते दिखे। पढ़ें पूरी खबर... 4- अवैध प्लाटिंग पर GDA का बुलडोजर, 3 दिन में 15 एकड़ जमीन खाली कराई, बिना अनुमति कॉलोनी बन रही थी गोरखपुर में अवैध रूप से कॉलोनी और प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ GDA ने कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले तीन दिनों में करीब 15 एकड़ जमीन पर की गई अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया है।अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के निर्देश पर 14 अगस्त को प्राधिकरण की टीम दो गांवों में पहुंची।ग्राम रामगढ़ उर्फ रजही में चंदन सिंह करीब 5 एकड़ जमीन पर प्लाटिंग कर रहे थे। टीम ने उनसे तलपट मानचित्र मांगा, लेकिन वह इसे नहीं दिखा सके। पढ़ें पूरी खबर… 5- गोरखपुर रेलवे स्टेशन को अव्वल बनाने का संकल्प, अधिकारियों-कर्मचारियों ने एकता की शपथ ली स्वतंत्रता दिवस पर गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर स्टेशन डायरेक्टर रतनदीप गुप्ता ने तिरंगा फहराया। राष्ट्रगान और देशभक्ति गीतों के सामूहिक गायन से स्टेशन परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। गुप्ता ने कहा कि रेलवे को बेहतर बनाने के लिए सभी विभागों में आपसी तालमेल, टीम भावना, नई तकनीक और नवाचार जरूरी है। उन्होंने यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक सेवाएं देने पर जोर दिया। स्टेशन के आधुनिकीकरण के तहत मल्टी लेवल कार पार्किंग, मिडिल फुट ओवर ब्रिज समेत कई विकास कार्य चल रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर… 6- नो-पार्किंग में खड़ी स्कूटी पर कार्रवाई होता देखकर दौड़ा युवक, नगर निगम की गाड़ी से जाकर लड़ा गोरखपुर के गोलघर टाउनहाल के सामने नो पार्किंग में खड़ी स्कूटी नगर निगम की टीम उठा ले गई। स्कूटी को गाड़ी पर जाते देख सिविल लाइंस निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह उसका पीछा करने लगे। बिजली विभाग कार्यालय के पास वह नगर निगम की गाड़ी से टकराकर सड़क पर गिर गए। हादसे में उनके पैर में मामूली चोट आई। पुलिस ने उन्हें सदर अस्पताल भेजा, जहां इलाज चल रहा है। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि यातायात सामान्य है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर… 7- गोरखपुर में 7 करोड़ से बनेंगे दो नए रैन बसेरे, 30 अगस्त तक पूरा करने का अल्टीमेटम नगर निगम गोरखपुर जरूरतमंद लोगों के लिए करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से दो नए रैन बसेरे बनाएगा। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत राप्तीनगर के रोडवेज टायर वर्कशॉप परिसर में 37 बेड और कोइलहवा मोड़ के पास नगर निगम की जमीन पर 72 बेड की क्षमता वाला रैन बसेरा बनेगा। नगर आयुक्त अजय जैन ने शुक्रवार को दोनों स्थलों का निरीक्षण कर जल्द निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए। कोइलहवा मोड़ वाले रैन बसेरे के आगे कमर्शियल शॉप्स बनाने की भी व्यवस्था होगी। पढ़ें पूरी खबर... 8- नदी में कूदने जा रही महिला को पुलिस ने बचाया, पारिवारिक कलह से परेशान थी गोरखपुर में कुआनो नदी के पास शुक्रवार दोपहर परेशान हालत में घूम रही 25 वर्षीय महिला को पुलिस ने सुरक्षित बचा लिया। महिला नदी की ओर जा रही थी, तभी लोगों ने उसकी गतिविधियां देखकर डायल-112 को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे थाने ले गई। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह पारिवारिक विवाद से परेशान थी। पुलिस ने परिजनों को बुलाकर महिला की काउंसलिंग कराई और समझाकर उसे घर भेज दिया। पुलिस की तत्परता से महिला सुरक्षित रही। पढ़ें पूरी खबर… 9- गोरखपुर में पिता-पुत्र की एक साथ मौत, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार गोरखपुर के खजनी क्षेत्र के सोहरां गांव में स्वतंत्रता दिवस पर पिता-पुत्र की एक साथ मौत से मातम छा गया। 14 अगस्त की रात 42 वर्षीय राकेश मौर्या की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर के बाद उनके 62 वर्षीय पिता मोहित मौर्या की भी अचानक तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई। शनिवार को दोनों की शवयात्रा एक साथ निकली और आमी नदी के तट पर एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। राकेश अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर… 10- दिनभर छात्रा पूछती- मैंने कोई पाप तो नहीं किया? गोरखपुर में स्प्रिचुअल OCD के शिकार हो रहे युवा गोरखपुर में रहने वाली 19 साल की लड़की मां से दिन भर पूछती रहती 'मैंने कोई पाप तो नहीं किया?, कोई भी काम करती उसे लगता था कि कुछ गलत कर दिया है, जिससे भगवान नाराज हो जाएंगे और उसके परिवार के साथ कुछ गलत हो जाएगा। इसी तरह 15 साल के एक लड़के के मन में भगवान के प्रति अभद्र और अपमानजनक विचार आने लगे। जिसकी प्रायश्चित के लिए वह अलग- अलग तरीके ढूंढने लगा। हमेशा उसके मन में कुछ बुरा हो जाने का डर बैठ गया। यही हाल 22 साल की एक छात्रा का भी है। मंदिर देखते ही भगवान के मन में भद्दे और अशोभनीय विचार आते थे। पढ़ें पूरी खबर…
ग्वालियर के सिंधिया राजघराने की ₹41 हजार करोड़ से अधिक की अचल संपत्तियों के बंटवारे को लेकर ग्वालियर जिला कोर्ट में चल रही कानूनी जंग अब बेहद दिलचस्प और उलझते मोड़ पर पहुंच गई है। इस ऐतिहासिक केस के पटाक्षेप के लिए 78 साल पुराना विलय पत्र यानी ‘द कोवेनेंट’ सबसे अहम दस्तावेज बनकर सामने आया है। दिल्ली के नोटरी द्वारा सर्टिफाइड ट्रू कॉपी के रूप में प्रमाणित यह दस्तावेज कोर्ट के समक्ष आ चुका है, जिसमें मध्य भारत की रियासतों के विलय, निजी संपत्तियों और राजाओं को मिलने वाले टैक्स फ्री ‘प्रिवी पर्स’ (वार्षिक भत्ते) का पाई-पाई का ब्योरा दर्ज है। 'द कोवेनेंट' का सच: किसको कितना मिलता था प्रिवी पर्स (वार्षिक भत्ता)? आजादी के समय ग्वालियर समेत मध्य भारत की रियासतों का भारत सरकार में विलय हुआ था। इस समझौते ('द कोवेनेंट') में तत्कालीन राजाओं का टैक्स-फ्री भत्ता तय किया गया था। जिसमें सबसे ज्यादा भत्ता ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के तत्कालीन महाराज जेएएम सिंधिया को मिलता था। नई उलझन: स्व. पद्माराजे की बेटी प्रतिमा देवी ने दाखिल की कैविएट केन्द्रीय मंत्री व अभी सिंधिया राजघराने के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोर्ट में पारिवारिक समझौते का आवेदन कोर्ट में दिया था। आवेदन सहमति से समझौते का था। जिसके आधार पर ज्योतिरादित्य, उनकी बुआ वसुंधरा व यशोधरा के बीच बंटवारा हो रहा था, लेकिन अब पारिवारिक समझौते की चर्चाओं के बीच कोर्ट में अब नई कानूनी अड़चन आ गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी बुआ वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे के बीच चल रही बातचीत के बीच ज्योतिरादित्य की बड़ी बुआ स्व. पद्माराजे सिंधिया (त्रिपुरा राजघराना) की बेटी प्रतिमा देवी ने अदालत में कैविएट दायर कर दी है। कोवेनेंट के तहत संपत्तियों के स्वामित्व का पूरा गणित निजी संपत्तियां ( सिंधिया परिवार के पास): छतरियां और मंदिर (निजी ट्रस्टों के प्रबंधन में): सरकार को सौंपी गईं संपत्तियां: ये खबर भी पढ़ें… सिंधिया राज परिवार संपत्ति विवाद में फिर कानूनी पेंच देश के चर्चित सिंधिया राज परिवार की अरबों की संपत्ति के बंटवारे को लेकर आपसी सहमति से तैयार हुआ समझौता प्रस्ताव (राजीनामा) एक बार फिर कानूनी अड़चनों में फंस गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायालय (ADJ) में मंगलवार को इस बहुचर्चित संपत्ति विवाद के समझौते पर सुनवाई हुई। मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ दिवंगत पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी राना (त्रिपुरा राजघराने से संबंधित) ने इस बंटवारे पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज करा दी।पूरी खबर पढ़ें
आज सहारनपुर में नो पेपर डे हैं। ऐसे में 1 दिन पहले आपके शहर में क्या-कुछ हुआ है, सभी बड़े अपडेट आप नीचे पढ़ सकते हैं- 1- ITBP के DIG की मौत, मसूरी से ट्रेनिंग करके लौट रहे थे; स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराई; ड्राइवर की भी जान गई सहारनपुर में शनिवार को हुए सड़क हादसे में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के डीआईजी की मौत हो गई। डीआईजी परमिंदर सिंह (48) उत्तराखंड के मसूरी में ट्रेनिंग खत्म कर हरियाणा के अंबाला जा रहे थे। कार उनका ड्राइवर रवि शंकर (35) चला रहा था। उसकी भी मौत हो गई। जबकि पटियाला का रहने वाला उनका गनर जयराम (36) गंभीर रूप से घायल है। सुबह करीब 9 बजे देहरादून-पंचकूला नेशनल हाईवे पर सरसावा के पास डीआईजी की स्कॉर्पियो बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई और उछलकर दूसरी लेन में चली गई। पढ़ें पूरी खबर... 2- सड़क किनारे मिला सेल्समैन का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, सीडकी-लाखनोर मार्ग किया जाम सहारनपुर में शनिवार सुबह करीब 6 बजे सीडकी-लाखनोर मार्ग पर शराब के ठेके के सेल्समैन 35 वर्षीय लोकेश का शव मिला। मृतक के शरीर पर चोट के निशान और मुंह से खून निकलने पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। परिजनों के अनुसार, मृतक शुक्रवार रात ठेका बंद कर घर के लिए निकला था, लेकिन घर नहीं पहुंचा। शनिवार सुबह उसका शव बादशाहपुर के निकट गन्ना प्लांट के पास मिला। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने सड़क जाम कर दिया, जिसे पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद खोल दिया गया। पढ़ें पूरी खबर... 3- कहासुनी के बाद युवक का सिर मुंडवाया, चार युवकों पर मारपीट करने का आरोप, FIR दर्ज सहारनपुर के फतेहपुर थाना क्षेत्र के कमालपुर गांव में कहासुनी के बाद चार युवकों पर एक युवक से मारपीट कर उसके बाल, मूंछ और चोटी काटने का आरोप लगा है। पीड़ित सुशील कुमार शर्मा के मुताबिक 29 जुलाई की रात नरेश, विजयपाल, लविश और बाबू ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इसके बाद जबरन सिर के बाल मुंडवाने के साथ मूंछ और चोटी काट दी। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर... 4- सहारनपुर में शान से लहराया तिरंगा, देशभक्ति के रंग में रंगा शहर सहारनपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को सरकारी कार्यालयों, पुलिस लाइन, स्कूल-कॉलेजों और संस्थानों में देशभक्ति का माहौल रहा। मंडल आयुक्त डॉ. रूपेश कुमार, डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम अरविंद चौहान और एसपी अभिनंदन सिंह ने अपने-अपने कार्यालयों में ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान के बाद स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद जवानों को नमन कर देश की एकता-अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया गया। स्कूलों में बच्चों ने प्रभातफेरी निकाली और देशभक्ति गीत, भाषण व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विभिन्न सरकारी संस्थानों में भी तिरंगा फहराया गया। पढ़ें पूरी खबर... 5- 30 फीट गहरे गड्ढे में मिट्टी भरभराकर गिरी, ईंट निकालते समय चाचा-भतीजा दबे; चाचा की मौत सहारनपुर के बड़गांव क्षेत्र के चिराऊ गांव में शनिवार को करीब 30 फीट गहरे गड्ढे में मिट्टी का ढेर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। ईंट निकाल रहे राजेंद्र और उनके 12 वर्षीय भतीजे गौरव मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से रेस्क्यू शुरू किया। घंटों की मशक्कत के बाद राजेंद्र को बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। वहीं गौरव को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मिट्टी लगातार खिसकने से बचाव कार्य में परेशानी आ रही है। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी है। पढ़ें पूरी खबर…
आज गाजियाबाद में नो पेपर डे हैं। ऐसे में 1 दिन पहले आपके शहर में क्या-कुछ हुआ है, सभी बड़े अपडेट आप नीचे पढ़ सकते हैं- 1- तीन मंजिला फ्लैट में लगी आग: घरेलू सामान जला, दमकल की 2 गाड़ियों ने पाया काबू गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 की DLF कॉलोनी में शनिवार शाम करीब 7 बजे तीन मंजिला मकान के ऊपरी तल पर बने फ्लैट में आग लग गई। सूचना पर साहिबाबाद फायर स्टेशन से दो दमकल गाड़ियां पहुंचीं। एक कमरे से तेज धुआं निकलने के कारण आग बुझाने में परेशानी हुई। दमकलकर्मियों ने सीढ़ियों और मकान के सामने से पाइप पहुंचाकर आग पर काबू पाया। राहत की बात रही कि आग आसपास के फ्लैटों तक नहीं फैली। हादसे के वक्त फ्लैट मालिक पूनम गुप्ता और उनके पति घर पर नहीं थे। आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं है। पढ़ें पूरी खबर... 2- स्वतंत्रता दिवस पर 400 महिला पुलिसकर्मी हाथों में तिंरगा लेकर स्कूटी से निकलीं, इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह को राष्ट्रपति पदक गाजियाबाद में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर मिशन शक्ति टीम की करीब 400 महिला पुलिसकर्मियों ने स्कूटी पर तिरंगा लेकर रैली निकाली। हेलमेट पहने महिला जवानों की रैली की अगुवाई एसीपी सुचिता सिंह ने की। शहर में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर महिला पुलिसकर्मियों का स्वागत किया। वहीं पुलिस लाइन में पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने ध्वजारोहण किया। समारोह में इंस्पेक्टर विजयनगर धर्मपाल सिंह को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। गाजियाबाद में कुल 37 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मान मिला। पढ़ें पूरी खबर... 3- गोली लगने पर गिड़गिड़ाए बदमाश- अब नहीं आऊंगा साहब, चेन स्नेचिंग करते थे गाजियाबाद के इंदिरापुरम में शुक्रवार रात चेकिंग के दौरान पुलिस और दो बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। बाइक सवार संदिग्धों ने रुकने के बजाय भागते हुए पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में करण उर्फ कान्हा और शाहरुख के पैर में गोली लगी, जिसके बाद दोनों गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस के मुताबिक, दोनों दिल्ली-एनसीआर में चेन स्नैचिंग की वारदातों में शामिल रहे हैं। मौके से दो तमंचे, कारतूस, खोखे, पीली धातु का टुकड़ा और बिना नंबर की बाइक बरामद हुई। घायल आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पढ़ें पूरी खबर... 4- नाबालिग छात्रा से रेप, वीडियो बनाने वाली बहन अरेस्ट, छुट्टियों में अपनी बहन के घर गई थी छात्रा गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में 12 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी की 19 वर्षीय पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पत्नी ने घटना का वीडियो मोबाइल से बनाया था। पुलिस ने संबंधित मोबाइल भी बरामद किया है। छात्रा की मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जांच के बाद मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पूछताछ में आरोपी की पत्नी ने घटना के दौरान वीडियो बनाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर... 5- ईंट से वार कर की थी हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार, बाइक और ईंट बरामद, कूड़े के ढेर में मिला था अज्ञात शव गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में कूड़े के ढेर के पास मिले युवक के शव की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल बाइक और ईंट बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, 6 अगस्त की रात नशे की हालत में युवक से कहासुनी के बाद आरोपियों ने उसके सिर पर ईंट से हमला किया और घायल हालत में उसे कूड़े के ढेर में धकेल दिया। 8 अगस्त को शव मिला था, जिसकी पहचान 12 अगस्त को परिजनों ने की। पुलिस के अनुसार, आरोपी शहर छोड़ने की तैयारी में थे। तीनों से पूछताछ जारी है। पढ़ें पूरी खबर…
नोएडा में पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बीच यमुना और हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए नोएडा के डूब क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन, पुलिस और नोएडा प्राधिकरण की टीमें संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रख रही हैं। प्रशासन की कोशिश है कि इस बार पानी बढ़ने से पहले ही डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाए, ताकि 2023 और 2025 जैसी स्थिति दोबारा न बने। नोएडा में यमुना का करीब 5 हजार हेक्टेयर डूब क्षेत्र है। बारिश के दौरान हर साल यहां बाढ़ का खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए कई जगहों पर फार्म हाउस भी ध्वस्त किए गए हैं। सेक्टर-135 में नर्सरियों में भरा पानी सेक्टर-135 के नगली बाजिदपुर इलाके में यमुना का असर दिखाई देने लगा है। डूब क्षेत्र में बनी कुछ नर्सरियों में बारिश का पानी भर गया है। स्थिति की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद लोगों को यमुना का जलस्तर बढ़ने की जानकारी देकर सतर्क किया। यमुना के साथ हिंडन नदी के आसपास के इलाकों में भी लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। प्रशासन दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। 24 घंटे से भी कम समय में डूब गया था पूरा इलाका 2023 और 2025 में हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद नोएडा के डूब क्षेत्र में 24 घंटे से भी कम समय में बाढ़ का पानी पहुंच गया था। देखते ही देखते करीब 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पानी में डूब गया था। बड़ी संख्या में लोग और मवेशी बाढ़ के बीच फंस गए थे। उस दौरान एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, पुलिस, नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन की टीमें करीब 15 से 20 दिन तक राहत और बचाव अभियान में जुटी थीं। 2 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। बड़ी संख्या में मवेशियों को भी रेस्क्यू किया गया था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन पानी बढ़ने से पहले ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह रहा है। रोक के बावजूद 1 हजार से ज्यादा फार्म हाउस यमुना के डूब क्षेत्र में पक्के निर्माण पर रोक है। इसके बावजूद यहां 1 हजार से ज्यादा फार्म हाउस के अलावा स्टेडियम, स्विमिंग पूल और अन्य निर्माण हो चुके हैं। कई जगह इनका व्यावसायिक इस्तेमाल भी किया जा रहा है। कुछ मामलों में रेव पार्टी आयोजित होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। नोएडा प्राधिकरण ने डूब क्षेत्र में पक्के निर्माण पर रोक से संबंधित बोर्ड भी लगाए हैं। इसके बावजूद अवैध निर्माण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पिछले साल बड़े अभियान के दौरान 200 से ज्यादा फार्म हाउस ध्वस्त किए गए थे। फिलहाल इस मामले से जुड़ा प्रकरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में आगे की कार्रवाई को लेकर न्यायालय के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। 17 बाढ़ चौकियां और 7 ग्रामीण समितियां तैयार बाढ़ की स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने 17 बाढ़ चौकियां बनाई हैं। इसके अलावा 7 ग्रामीण बाढ़ समितियां भी गठित की गई हैं। संवेदनशील स्थानों पर राहत और बचाव की व्यवस्थाएं तैयार रखी जा रही हैं। नोएडा प्राधिकरण की बड़ी गोशाला भी यमुना के डूब क्षेत्र में है। ऐसे में वहां मौजूद मवेशियों को सुरक्षित निकालना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। इन इलाकों में रहता है बाढ़ का खतरा यमुना नोएडा में सेक्टर-94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135 और 168 के आसपास से होकर गुजरती है। वहीं हिंडन नदी छिजारसी से नोएडा में प्रवेश करने के बाद सेक्टर-63ए, बेहलोलपुर, शहदरा, सुथियाना, गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-123, 118, 115, 143, 143ए, 148 और 150 होते हुए मोमनाथल के पास यमुना में मिलती है। दोनों नदियों के किनारे का क्षेत्र डूब क्षेत्र कहलाता है। यहां जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण पर प्रतिबंध लागू हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग इन इलाकों में रह रहे हैं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सबसे बड़ा खतरा इन्हीं आबादी वाले हिस्सों में रहने वाले लोगों और मवेशियों पर रहता है।
आज नोएडा में नो पेपर डे हैं। ऐसे में 1 दिन पहले आपके शहर में क्या-कुछ हुआ है, सभी बड़े अपडेट आप नीचे पढ़ सकते हैं- 1- पांच साल से घर में कैद था अमृत, परेशान होकर पिता पर 7 बार कुल्हाड़ी से किए वार, फिर मेट्रो के आगे कूदा नोएडा में मेट्रो के आगे कूदकर जान देने वाले अमृत ने इससे पहले अपने पिता राजू शर्मा की हत्या की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि अमृत ने पहले कुल्हाड़ी का इंतजाम किया और पिता के सोने का इंतजार किया। 11 अगस्त की सुबह करीब 4 से 5 बजे उसने सोते हुए राजू के सिर पर कुल्हाड़ी से करीब 7 वार किए। हत्या के बाद वह घर में ताला लगाकर निकला और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पहुंचा। करीब साढ़े 7 बजे ट्रेन के आगे कूदकर उसने जान दे दी। पढ़ें पूरी खबर… 2- जिला अस्पताल में गार्ड भर रहा इंजेक्शन में दवा, पास खड़े डॉक्टर-पैरामेडिकल स्टाफ ने नहीं रोका नोएडा सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल का करीब 38 सेकेंड का वीडियो सामने आया है। इसमें एक गार्ड मेज पर रखे 15-20 इंजेक्शन और सिरिंज में दवा भरता नजर आ रहा है। हैरानी की बात यह है कि उसके आसपास डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इंजेक्शन में दवा भरने का काम प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की जिम्मेदारी माना जाता है। पढ़ें पूरी खबर... 3- दनकौर पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़, लिफ्ट देकर बंधक बनाने वाले दो आरोपी घायल, दो युवकों को छुड़ाया ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में शनिवार को पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने लिफ्ट देकर लोगों को बंधक बनाकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराने वाले गिरोह के दो आरोपियों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान अभिनय पल्लव और सत्यम सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो युवकों को सकुशल मुक्त कराया। मौके से तमंचे, कारतूस, मोबाइल फोन, चाकू और 10 हजार रुपये बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी कार में सवारियों को बैठाकर उन्हें डराकर रुपये वसूलते थे। दोनों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर... 4- नोएडा में शान से लहराया तिरंगा, विकास और सम्मान का दिया संदेश नोएडा में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में CEO कृष्णा करुणेश ने तिरंगा फहराया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए हर क्षेत्र और वर्ग का विकास जरूरी है। साथ ही एक-दूसरे का सम्मान करने से भेदभाव खत्म किया जा सकता है। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सेक्टर-6 स्थित NEA कार्यालय में अध्यक्ष विपिन मल्हन ने ध्वजारोहण किया। स्कूलों, सोसाइटियों और व्यावसायिक परिसरों में भी तिरंगा फहराया गया। सेक्टर-150 के सरकारी स्कूल में 150 से अधिक बच्चों को स्टेशनरी बांटी गई। पढ़ें पूरी खबर... 5- मेट्रो में अब NCMC कार्ड से सफर-QR टिकटिंग शुरू, देश के दूसरे मेट्रो नेटवर्क और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी कर सकेंगे भुगतान नोएडा में स्वतंत्रता दिवस पर NMRC ने यात्रियों के लिए NCMC कार्ड सुविधा शुरू की। कार्ड सभी चालू मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध रहेगा और इससे नोएडा मेट्रो के साथ NCMC सुविधा वाले देश के अन्य मेट्रो नेटवर्क व सार्वजनिक परिवहन में भी भुगतान किया जा सकेगा। इसके अलावा QR कोड स्कैन कर टिकट लेने की सुविधा शुरू की गई है। स्टेशनों पर यात्री सूचना के लिए PIDS लगाया गया है। कर्मचारियों की ट्रेनिंग के लिए CBTC लैब में सिमुलेटर भी लगाए गए हैं, जिससे ट्रेन संचालन और आपात परिस्थितियों से निपटने की क्षमता बेहतर होगी। पढ़ें पूरी खबर…
यूपी के सभी 75 जिलों में आज बारिश का अलर्ट है। बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं। गंगा, यमुना, शारदा समेत 11 नदियां चेतावनी बिंदु को पार कर गईं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। कॉलोनियों-घरों तक पानी पहुंच गया है। रामघाट की सीढ़ियां डूब गई हैं। नदी के बगल में बने आरोग्यधाम पुल के ऊपर से मंदाकिनी का पानी बह रहा है। उन्नाव में गंगा का पानी घरों में घुस गया है। लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं। गलियों में नावें चल रही हैं। यूपी में 3 दिनों तक मानसून एक्टिव रहेगा। वाराणसी में घाट किनारे बने 100 से अधिक छोटे मंदिर जलमग्न हो गए हैं। हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल डूब गया। शनिवार सुबह 6 बजे लखनऊ, बाराबंकी और आसपास के इलाकों में बारिश हुई। करीब एक घंटे की तेज बारिश के बाद धूप निकल आई। संभल में बारिश में मकान की छत गिर गई। परिवार के 7 लोग मलबे में दब गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 2 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ज्यादा 41.5 मिमी बारिश चित्रकूट में हुई। आज कहां-कहां बारिश की संभावना? बारिश और बाढ़ की तस्वीरें देखिए… लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार- उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के इलाकों से गुजर रहा है। जैसे-जैसे यह आगे बढ़ रहा है, कमजोर पड़ता जा रहा है। हालांकि, इसके प्रभाव से उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर मजबूत होता जाएगा। इसका व्यापक असर उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। भारी बारिश हो सकती है।
'तीन-तीन हफ्तों तक घर के सामने से कूड़ा नहीं उठता। बारिश में कचरा सड़ रहा है और बदबू से जीना मुश्किल है। यह कहना है कानपुर के वार्ड-2 गोविंद नगर हरिजन बस्ती के लोगों का। लोगों के मुताबिक, रामलीला पार्क में उच्च प्राथमिक विद्यालय भी है, लेकिन जलभराव और कीचड़ के कारण बच्चों को परेशानी होती है। पार्क में आवारा पशु घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों और लोगों को खतरा बना रहता है। वहीं, लोगों ने पार्क में अपनी गाड़ियां खड़ी कर जगह पर कब्जा कर रखा है। वार्ड के लोग कूड़ा न उठने, बजबजाती नालियों, सीवर ओवरफ्लो, जलभराव, खराब स्ट्रीट लाइट, आवारा पशुओं और अवैध कब्जों से परेशान हैं। लोगों का कहना है कि सफाई नायक और पार्षद से कई बार शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस है। कई घरों के बाहर सीवर का गंदा पानी सड़क पर बहता मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि सीवर लंबे समय से जाम है, लेकिन अब तक इसकी सफाई नहीं कराई गई। दैनिक भास्कर की टीम ने वार्ड-2 का जायजा लिया... कूड़ा, सीवर, जलभराव और अंधेरी गलियों से लोग परेशान दादानगर की लोकनायक कॉलोनी में कई दिनों से सड़क किनारे कूड़ा पड़ा है। इससे बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ गई है। कई घरों के बाहर सीवर का गंदा पानी और कीचड़ जमा है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। नहर पटरी से निकाली गई सिल्ट महीनों से सड़क किनारे पड़ी है। बारिश होते ही यह सिल्ट दोबारा सड़क पर फैल जाती है, जिससे रास्ता और खराब हो जाता है। कच्ची बस्ती में बिजली के खंभे नहीं लगे हैं। यहां बिजली के तार घरों के ऊपर से गुजर रहे हैं, जिससे लोगों को हादसे का डर बना रहता है। वहीं, दादानगर की कई गलियों में स्ट्रीट लाइटें भी बंद पड़ी हैं। रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। तस्वीरें देखिए…. लोकनायक इलाके में तीन-तीन हफ्ते तक नहीं उठता कूड़ा दादानगर की लोकनायक कॉलोनी में जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आए। लोगों ने बताया कि कई बार ऐसा होता है कि उनके घरों के सामने से तीन-तीन सप्ताह तक कूड़ा नहीं उठाया जाता। कूड़े के ढेर से बदबू फैलती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि सफाई नायक से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती और पार्षद को समस्या बताने के बाद भी समाधान नहीं निकलता है। बरसात के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं। कूड़ा उठाने, नालियों और सीवर की सफाई की मांग वार्ड-2 के लोगों का कहना है कि समस्याएं नई नहीं हैं, लेकिन समाधान के लिए जिम्मेदार विभाग गंभीर नहीं हैं। क्षेत्रवासियों ने नियमित कूड़ा उठाने, नालियों और सीवर की सफाई, स्ट्रीट लाइट लगाने, रामलीला पार्क से अवैध कब्जे हटाने, आवारा पशुओं पर नियंत्रण, नहर पटरी से स्लिट हटाने और बिजली के खंभे लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इन मूलभूत सुविधाओं पर समय रहते ध्यान दिया जाए तो वार्ड की तस्वीर बदल सकती है और लोगों को परेशानियों से राहत मिलेगी। कच्ची बस्ती में स्ट्रीट लाइटें नहीं दादानगर की कच्ची बस्ती में स्ट्रीट लाइट की समस्या गंभीर बनी हुई है। यहां बिजली के खंभे तो लगे हैं, लेकिन उन पर लाइट नहीं है। रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे के कारण बच्चे और बुजुर्ग अक्सर सड़क पर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। महिलाओं को भी रात में निकलने में डर लगता है। लोगों ने कई बार नई स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बारिश के दिनों में सड़क पर सीवर का गंदा पानी जमा हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सरकारी पाइप लाइन से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। यही गंदा पानी मजबूरी में पीने को मजबूर हैं। वार्ड की बड़ी समस्याएं बदहाल पार्क: रामलीला पार्क में जलभराव, आवारा पशु, अवैध कब्जे और गंदगी की समस्या। पेयजल संकट: सरकारी पाइप लाइन से सप्लाई का गंदा पानी पीने को मजबूर लोग। सीवर ओवरफ्लो और जलभराव: कई मोहल्लों में घरों के बाहर सीवर का गंदा पानी जमा रहता है। बंद स्ट्रीट लाइट: कई गलियां रात में अंधेरे में डूबी रहती हैं, जिससे दुर्घटना और असुरक्षा का खतरा बना रहता है। बजबजाती नालियां: कूड़ा न उठने से नालियां चोक हो जाती हैं और गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। बजबजाती नालियां, सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचते कच्ची बस्ती में नालियां गंदगी से भरी मिलीं। कई जगह नालियों का पानी सड़क पर बहता नजर आया। लोगों ने बताया कि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई करने नहीं आते। बरसात में नालियां ओवरफ्लो होने से घरों के बाहर गंदा पानी जमा हो जाता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। रामलीला पार्क बना अव्यवस्थाओं का केंद्र वार्ड- 2 के रामलीला पार्क में भी बदहाल स्थिति देखने को मिली। यहां स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने में बच्चों को कीचड़ और जलभराव के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। पार्क में बड़ी संख्या में आवारा पशु घूमते मिले। लोगों का आरोप है कि कुछ लोगों ने यहां वाहन खड़े करके अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे पार्क का स्वरूप खत्म होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क से अवैध कब्जे हटाकर नियमित साफ-सफाई कराई जाए और बच्चों के खेलने की व्यवस्था बनाई जाए तो यह क्षेत्र के बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल बन सकता है। फिलहाल पार्क बदहाल स्थिति में है। नहर पटरी पर स्लिट का पहाड़ बना मुसीबत विवेकानंद नगर इलाके में नहर से निकाली गई स्लिट (गाद) किनारे पर ही छोड़ दी गई है। लोगों का कहना है कि यह गाद महीनों तक नहीं उठती। बारिश होने पर यही स्लिट दोबारा सड़क और नहर में फैल जाती है, जिससे रास्ता फिसलन भरा हो जाता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन नगर निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। बिजली के खंभे नहीं, घरों से गुजर रहे तार डीबीएस कॉलेज के सामने कच्ची बस्ती में बिजली व्यवस्था भी खतरे से खाली नहीं है। यहां बस्ती के अंदर बिजली के खंभे नहीं लगे हैं, जिसके कारण बिजली के तार घरों से होकर गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के दौरान तारों से करंट उनके घरों में उतर आता है। कई बार घर के लोगों को करंट भी लगा है। आएदिन कोई न कोई हादसे का डर भी लगा रहता है। उनका कहना है कि कई बार पार्षद से खंभे लगाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों ने जल्द से जल्द खंभे लगाकर सुरक्षित बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
कानपुर की सड़कों पर सफर करना लोगों के लिए अब परेशानी बन गया है। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। कहीं सड़क खुदाई के बाद अधूरी पड़ी है तो कहीं मिट्टी, मलबे और जलभराव ने रास्ता मुश्किल कर दिया है। बारिश के बाद इन सड़कों की हालत और खराब हो गई है। काकादेव और नमक फैक्ट्री चौराहे के आसपास लोगों को गड्ढों और पानी के बीच से निकलना पड़ रहा है। ई-रिक्शा पलटने से लेकर जाम लगने तक की समस्या रोज बनी रहती है। दैनिक भास्कर की टीम ने इन इलाकों की सड़कों की पड़ताल की। इस दौरान लोगों ने बताया कि महीनों से सड़कें खराब हैं, लेकिन जिम्मेदार सिर्फ मिट्टी डालकर या पैचवर्क कर काम चला रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पहले तस्वीरें देखिए… देवकी टाकीज चौराहे से छपेड़ा पुलिया तक सड़क बदहाल देवकी टाकीज चौराहे से छपेड़ा पुलिया तक सड़क की हालत करीब एक साल से खराब है। स्थानीय निवासी शरद मिश्रा ने बताया कि यह इलाके की व्यस्त सड़कों में शामिल है, फिर भी जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। इससे आए दिन हादसे होते हैं और लोगों को संभलकर निकलना पड़ता है। शरद मिश्रा ने बताया कि इलाके में विधायक और मंत्री के आवास भी हैं, इसके बावजूद सड़क की हालत नहीं सुधरी। नगर निगम के कर्मचारी गड्ढों में मिट्टी डालकर चले जाते हैं। बारिश होते ही मिट्टी बह जाती है और सड़क फिर उसी हालत में पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ और जलभराव हो जाता है। वहीं, मौसम साफ होने पर वाहनों के गुजरने से धूल उड़ती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को सांस और एलर्जी की परेशानी का डर बना रहता है। नमक फैक्ट्री चौराहे पर सड़क ही गायब नमक फैक्ट्री चौराहे के पास सड़क पिछले छह से सात महीने से खराब पड़ी है। कार मैकेनिक अफजल खान ने बताया कि सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। नगर निगम के कर्मचारी आते हैं और थोड़ी-बहुत मरम्मत करके चले जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही सड़क फिर उखड़ जाती है। अफजल खान ने बताया कि गड्ढों के कारण आए दिन ई-रिक्शा पलट जाते हैं और सवारियां घायल होती हैं। बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाता है और कई बार दुकानों तक पानी पहुंच जाता है। इससे दुकानदारों का काम भी प्रभावित हो रहा है। काकादेव की टूटी सड़क पर रोजाना कई ई-रिक्शे पलटते काकादेव के एम ब्लॉक के रहने वाले मुकुल शर्मा ने बताया कि हर साल बारिश में इस इलाके की सड़कें तालाब बन जाती हैं। जलनिकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। प्रशासन केवल लीपापोती करता है। पानी भरे रहने के कारण रोजाना कई ई-रिक्शे पलटते हैं और लोगों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। जाम में एंबुलेंस तक फंस जाती स्थानीय निवासी अशोक गुप्ता ने बताया कि देवकी रोड पर पिछले छह महीने से बड़े-बड़े गड्ढे हैं। सड़क की हालत इतनी खराब है कि लोगों को वाहन लेकर निकलने में परेशानी होती है। उनका कहना है कि पूरे काकादेव क्षेत्र की कई सड़कें जर्जर हैं। अशोक गुप्ता ने बताया कि इस सड़क के आसपास कई अस्पताल हैं। खराब सड़क और जाम के कारण मरीजों को लेकर जाने वाली एंबुलेंस भी कई बार फंस जाती हैं। गड्ढों के कारण सड़क का काफी हिस्सा खराब हो चुका है, जिससे रास्ता संकरा हो गया है और दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों ने कहा- पैचवर्क नहीं, स्थायी समाधान चाहिए स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढों में मिट्टी डालने या पैचवर्क करने से समस्या दूर नहीं होगी। सड़क की स्थायी मरम्मत के साथ जलनिकासी की व्यवस्था जरूरी है। जहां सड़क की खुदाई हुई है, वहां काम पूरा होने के बाद ही रास्ते को ठीक किया जाना चाहिए। फिलहाल काकादेव और नमक फैक्ट्री इलाके में हजारों लोग गड्ढों, कीचड़ और धूल के बीच सफर कर रहे हैं। बारिश में जलभराव और सड़क खराब होने से हादसों का खतरा भी बना रहता है।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव के वोटों की गिनती जारी है। अब तक कानपुर के अधिवक्ता अनुराग पांडेय को सबसे ज्यादा वोट मिले हैं। भाजपा के कानूनी सेल के राज्य संयोजक प्रशांत सिंह अटल उनसे पीछे हैं। हालांकि अभी काउंटिंग चल रही है। अनुराग पांडेय मौजूदा समय में बार काउंसिल के उपाध्यक्ष भी हैं। वह भाजपा की कानपुर महापौर प्रमिला पांडेय के बेटे हैं, लेकिन खुद को किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं मानते। उनका कहना है कि वह सिर्फ अधिवक्ताओं के हित की राजनीति करते हैं, जो पार्टी अधिवक्ताओं के हित में काम करेगी, वह उसी का समर्थन करेंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अनुराग पांडेय ने अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल, कल्याण निधि और अधिवक्ताओं पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने यह भी कहा कि ब्यूरोक्रेट्स कई बार मुख्यमंत्री को सही जानकारी नहीं देते। अपने फायदे के लिए अधिवक्ताओं को आपस में लड़ाते हैं। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: किस रणनीति से प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिवक्ताओं के वोट मिले? जवाब: यूपी बार काउंसिल के चुनाव में हर जिले के अधिवक्ता वोट करते हैं। मेरी रणनीति हमेशा साफ रही है। मैं बिना किसी स्वार्थ के वकीलों की मदद करता रहा हूं। शायद इसी भरोसे की वजह से मुझे इतने वोट मिले। इसके लिए मैं प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं का दिल से धन्यवाद करता हूं। सवाल: अगर यूपी बार काउंसिल में बड़ी जिम्मेदारी मिलती है तो अधिवक्ताओं के लिए क्या करेंगे? जवाब: यूपी बार काउंसिल में दो प्रमुख पद होते हैं- चेयरमैन और वाइस चेयरमैन। जब चेयरमैन मौजूद नहीं होते हैं तो वाइस चेयरमैन ही चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालते हैं। मैं इस समय बतौर चेयरमैन आपसे बात कर रहा हूं। अधिवक्ताओं के लिए मेरी पहली प्राथमिकता अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल को पास कराना होगी। इसके साथ ही मेडिकल स्कीम को और बेहतर कराने की कोशिश करूंगा। अधिवक्ता कल्याण निधि को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कराने का प्रयास रहेगा। मेरा लक्ष्य है कि अगले चुनाव में जब मैं अधिवक्ताओं के बीच वोट मांगने जाऊं, तब तक कल्याण निधि को 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये तक कराने की दिशा में काम कर चुका हूं। सवाल: आपकी माता जी भाजपा की नेता और महापौर हैं, लेकिन आप अक्सर भाजपा के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं? जवाब: लोगों के मन में इसे लेकर कई तरह की गलतफहमियां हैं। जब मैं उपाध्यक्ष बना, उस दौरान हापुड़ में वकीलों पर लाठीचार्ज हुआ था। इसके विरोध में वहां मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका गया। हमारा काम अधिवक्ताओं के हित की बात करना है। मेरा किसी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। मेरी माता जी किसी भी पार्टी में रहें, मैं उनका बेटा हूं और उनके चुनाव लड़ने पर उनके साथ खड़ा रहूंगा। मैं किसी पार्टी का विरोध नहीं करता, मैं सिर्फ गलत नीतियों का विरोध करता हूं। मेरा साफ मानना है कि जो अधिवक्ताओं के हित की बात करेगा, वही उत्तर प्रदेश में राज करेगा। आगामी विधानसभा चुनाव में जो भी पार्टी अधिवक्ताओं के हित की बात करेगी, मैं उसका साथ दूंगा। मैं किसी भी राजनीतिक दल का सदस्य नहीं हूं और न ही बनूंगा। मैं अधिवक्ता हूं और अधिवक्ताओं के हित के लिए ही काम करता रहूंगा। सवाल: कहा जाता है कि इस सरकार में अधिवक्ताओं पर सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई? जवाब: अधिवक्ता हमेशा से समाज और देश के लिए आगे रहे हैं। अगर किसी अधिवक्ता के साथ गलत होता है तो मैं उसके साथ खड़ा रहूंगा और उसके लिए आवाज उठाऊंगा।मौजूदा सरकार में ब्यूरोक्रेट्स ज्यादा हावी हैं और कई बार अधिकारियों की ओर से मुख्यमंत्री को सही जानकारी नहीं दी जाती। एक अधिवक्ता के चैंबर तोड़े जाने के मामले में जब हम मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे तो पता चला कि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी। अधिकारियों को अपने फायदे के लिए अधिवक्ताओं को आपस में नहीं लड़ाना चाहिए। सभी अधिकारी ऐसे नहीं हैं, बहुत से अच्छे अफसर भी हैं। सवाल: आपकी माता जी भाजपा नेता, भाई पत्रकार और आप वकील हैं, घर में कभी आपसी टकराव नहीं होता? जवाब: मेरी मां जिस भी पार्टी से चुनाव लड़ेंगी, मैं उनका साथ दूंगा। मेरा किसी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है। मैं सिर्फ अधिवक्ताओं के हित की बात करता हूं। अयोध्या में विपक्ष के एक नेता ने मदद मांगी थी, तो मैंने उनकी मदद की, क्योंकि वह हमेशा अधिवक्ताओं के लिए खड़े रहे हैं। माता, भाई और मेरे बीच घर और बाहर की जिंदगी अलग है। घर में हम परिवार हैं और हमारे बीच बहुत प्यार है।
कानपुर की बिठूर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की प्रमुख विधानसभा सीटों में शामिल है। यहां करीब 4 लाख मतदाता हैं। मौजूदा समय में इस सीट से भाजपा के अभिजीत सिंह सांगा विधायक हैं। 2027 का चुनाव नजदीक आने के साथ ही यहां राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी में टिकट को लेकर दावेदारी तेज हो गई है। पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला के बाद अब दो नए नामों ने सक्रियता बढ़ा दी है। प्रदेश सचिव आशीष चौबे और सपा नेता बृजेंद्र यादव अलग-अलग गांवों में सभा और चौपाल कर रहे हैं। बृजेंद्र यादव ने बिठूर में कार्यालय खोलकर अपनी चुनावी तैयारी का भी खुला संकेत दे दिया है। वहीं, मुनींद्र शुक्ला ने टिकट को लेकर फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर छोड़ने की बात कही है। तीनों नेताओं की सक्रियता से बिठूर में सपा की अंदरूनी सियासत और टिकट की दावेदारी चर्चा में आ गई है। पहले सपा के दो नए दावेदारों के बारे में जानिए… सपा के दो नए दावेदारों में पहला नाम सपा के प्रदेश सचिव आशीष चौबे का है, जबकि दूसरा नाम सपा नेता बृजेंद्र यादव का है। दोनों नेता क्षेत्र में लगातार संपर्क कर रहे हैं और गांवों में सभा-चौपाल के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। आशीष चौबे ने 1995 में शुरू की थी राजनीति सपा के प्रदेश सचिव आशीष चौबे करीब 30 साल से पार्टी से जुड़े हैं। उन्होंने 1995 में कार्यकर्ता के तौर पर सपा की राजनीति शुरू की थी और इसके बाद पार्टी में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। आशीष चौबे को शिवपाल यादव का करीबी माना जाता है। अखिलेश यादव ने भी उन्हें प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। ब्राह्मण सम्मेलन की तैयारियों के दौरान वह सनातन पांडेय के साथ प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर चुके हैं। आशीष चौबे ने कहा कि वह 1995 से समाजवादी पार्टी में हैं और पार्टी ने उन्हें कई जिम्मेदारियां दी हैं, जिन्हें उन्होंने निभाया है। उन्होंने कहा- टिकट मांगना मेरा काम है, लेकिन निर्णय लेना राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का काम है। टिकट जिसे भी मिले, 2027 में तन-मन-धन से चुनाव लड़ा जाएगा। 2003 से सपा में सक्रिय हैं बृजेंद्र यादव दूसरे दावेदार बृजेंद्र यादव 2003 से समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। उन्होंने पार्टी में अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं। 2019 में उन्हें किदवई नगर विधानसभा का प्रभारी बनाया गया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी ममता तिवारी को किदवई नगर से सपा का टिकट मिला था, लेकिन बाद में टिकट रद्द हो गया। बृजेंद्र यादव ने कहा- 2024 में अखिलेश यादव ने उन्हें बिठूर विधानसभा से चुनाव की तैयारी करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि टिकट मांगना उनका अधिकार है। बिठूर में अब परिवर्तन की जरूरत है। इसी को लेकर उन्होंने 'बिठूर मांगे परिवर्तन' नाम से मुहिम भी शुरू कर रखी है। मुनींद्र शुक्ला 2012 में बिठूर विधानसभा से विधायक बने बिठूर विधानसभा सीट परिसीमन के बाद 2012 में अस्तित्व में आई थी। इसी चुनाव में मुनींद्र शुक्ला ने सपा के टिकट पर जीत दर्ज कर विधानसभा में पहुंचे थे। इससे पहले वह सपा के टिकट पर चौबेपुर विधानसभा से चुनाव लड़ चुके थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी मुनींद्र शुक्ला ने बिठूर से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार हार गए। वह करीब 18 साल तक सपा कानपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं। हाल ही में उन्होंने जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया और कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर इस्तीफा दिया है। मुनींद्र बोले- टिकट देना राष्ट्रीय अध्यक्ष का अधिकार पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला ने कहा- टिकट किसे देना है, यह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तय करेंगे। उनके मुताबिक, किसी के टिकट मांगने या झंडा उठाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। मुनींद्र शुक्ला ने कहा- जो लोग परिवर्तन की बात करते हैं, जिसको जो बात करनी है, राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहें। मेरी गिनती में कोई नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जो निर्णय करेंगे, वह मेरे लिए सर्वमान्य होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिलाध्यक्ष पद से भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के कहने पर ही इस्तीफा दिया था। शुक्ला ने कहा कि वह 18 साल तक पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे हैं और पार्टी की रीति-नीति को अच्छी तरह समझते हैं।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से कानपुर-उन्नाव के किनारे बसे इलाकों की मुसीबत बढ़ गई है। चंपा खेड़ा, नितुआ, गगनी खेड़ा और मोहम्मदनगर गोताखोर समेत कई इलाकों के 500 से ज्यादा घर बाढ़ के पानी की चपेट में हैं। हालात ऐसे हैं कि गलियों में 7 से 8 फुट तक पानी भर गया है और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। काम पर जाने से लेकर राशन लाने और बच्चों के स्कूल जाने तक के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। दैनिक भास्कर की टीम शुक्लागंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव से पहुंची तो गलियों में पानी के बीच जिंदगी चलती दिखाई दी। कहीं लोग नाव का घंटों इंतजार करते मिले तो कहीं घरों पर ताले लटके नजर आए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 15 से ज्यादा नावें खड़ी, लेकिन नाविक नहीं उन्नाव के शुक्लागंज के चंपा खेड़ा, नितुआ, गगनी खेड़ा और मोहम्मदपुर गोताखोर इलाके गंगा के बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। यहां की गलियों में डुबाऊ पानी भरा है। दैनिक दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची तो कहीं घरों के बाहर लोग बैठे नजर आए, तो कहीं दरवाजों पर ताले लटके मिले। बाढ़ के पानी से डूबी गलियों में नाव ही लोगों के आने-जाने का सहारा बनी हुई है। कोई नाव से घर का सामान लेकर लौट रहा है, तो कोई राशन लेने के लिए बाहर आ रहा है। इलाके के किनारे 15 से ज्यादा नावें खड़ी हैं, लेकिन उन्हें चलाने वाले नाविकों की संख्या कम है। एक नाव के जाने के बाद लोगों को दूसरी नाव के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाव समय पर मिल जाए तो वे काम पर जा पाते हैं, लेकिन नाव न मिलने पर घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। राशन लेने के लिए भी नाव का इंतजार मोहम्मदनगर की गुलनाज ने बताया कि मैं घर पर अकेली थी और राशन लेने के लिए बाहर निकलना था। काफी देर इंतजार के बाद नाव पहुंची, जिसके बाद मैं राशन लेने के लिए निकली। गुलनाज ने बताया कि पानी भरने के बाद घर के लोगों का काम पर जाना बंद हो गया है। नाव मिल जाए तो बाहर निकलना संभव होता है, लेकिन नाव नहीं मिलने पर घर में ही फंसे रहना पड़ता है। दूध जैसी जरूरी चीजों के लिए भी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि रात के समय खतरा और बढ़ जाता है। पानी घरों के आसपास जमा होने के कारण लोगों को डर रहता है कि कोई जलीय जीव घर के अंदर न आ जाए। हर साल यही परेशानी झेलते हैं लोग नूर अली ने बताया कि इलाके में हर साल गंगा का पानी इसी तरह भर जाता है। बाढ़ के दौरान काम पर जाना मुश्किल हो जाता है और नाव समय पर नहीं मिलने पर लोग घरों से निकल नहीं पाते। दिलशाद ने बताया कि काम के लिए बाहर निकलने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी लौटते समय होती है। रात में देर होने पर नाव नहीं मिलती, ऐसे में लोगों को मजबूरी में वहीं रुकना पड़ता है। तौफीक ने बताया कि इलाके में नावों की संख्या कम है। एक नाव के जाने के बाद लोगों को दोबारा उसके लौटने का इंतजार करना पड़ता है। बच्चों के स्कूल और कोचिंग जाने में भी परेशानी हो रही है। घरों में घुस रहे पानी के जलीय जीव स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी भरने के बाद कई घरों में जलीय जीव पहुंच रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि वह कई घंटे से नाव का इंतजार कर रहे थे, लेकिन नाव नहीं मिल सकी। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि घरों के आसपास पानी भरा होने के कारण दिनभर आवाजाही मुश्किल रहती है और रात में खतरा और बढ़ जाता है। सुबह से रात तक नाव चला रहा आयूब नाव चालक आयूब ने बताया कि वह सुबह करीब 6 बजे से नाव चलाना शुरू करता है और रात 9 से 10 बजे तक लोगों को लाने-ले जाने का काम करता है। बाढ़ के दौरान उसकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है, क्योंकि इलाके के लोगों की आवाजाही पूरी तरह नावों पर निर्भर हो गई है। आयूब ने बताया कि प्रशासन की ओर से नाव चलाने का मेहनताना दिए जाने की बात कही जाती है, लेकिन भुगतान को लेकर दिक्कत रहती है। उसने कहा कि कई बार जो बताया जाता है, उसके मुताबिक भुगतान नहीं मिलता।
कानपुर में घर घुसकर वैन चालक की हत्या के मामले में अब आरोपी फरार है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की सात टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। लेकिन आरोपी हर बार पुलिस को चकमा देकर भाग जाता है। पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में हमीरपुर और चित्रकूट तक पहुंचीं। चित्रकूट में आरोपी सिर मुंडवाकर छिपा था। पुलिस तलाश करते हुए आरोपी के पास ही पहुंच गई, लेकिन उसे पहचान न सकी। पुलिस ने फोटो दिखाकर उसी के बारे में पूछा। खुद की फोटो देखकर आरोपी ने कहा मैं इसे नहीं जानता। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि वही रानू था। पुलिस का दावा है कि रानू सरेंडर कर सकता है। दो टीमें सादी वर्दी में डेरा जमाए हैं, लेकिन अब तक वह पुलिस के हाथ नहीं लगा है। पुलिस का दावा- कानपुर आ चुका है रानू पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जानकारी मिली थी रानू ने अपने वकील से संपर्क किया है। रानू कानपुर आ चुका है और वह मौका मिलते ही सरेंडर कर देगा। पुलिस ने उसका अकाउंट और आर्थिक मदद के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। उधर, हत्याकांड से जुड़ा डीवीआर पुलिस को लक्ष्मणपुर गांव के तालाब के पास मिल गया है। डीवीआर सही है। घटना का वीडियो फुटेज निकालने का प्रयास किया जा रहा है। वैन चालक मुमताज की पीट-पीटकर हत्या साढ़ के देवसढ़ गांव में घर में लूट के इरादे से घुसे बदमाशों ने वैन चालक मुमताज की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उसकी पत्नी शाहजहां को भी गंभीर हालत में छोड़कर आरोपी भाग गए थे। जांच में पता चला कि मुमताज के चचेरे भाई शोयल और रानू ने अपने दोस्त आशीष उर्फ काशी के साथ मिलकर हत्या की। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि रानू और मुमताज के बीच पुरानी रंजिश थी। इसी के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया। सोमवार को पुलिस ने आरोपी आशीष को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। वहीं, रानू फरार हो गया। सिर मुंडवाकर चित्रकूट में रहने लगा रानू हमीरपुर और चित्रकूट गया। शोयल वहां पर सिर मुंडवाकर रहने लगा। पुलिस भी उसके पीछे चित्रकूट पहुंची। पुलिस ने शोयल को फोटो दिखाकर पूछा इसे जानते हो। शोयल अपनी फोटो देखते ही हड़बड़ा गया। लेकिन खुद को संभालते हुए कहा- मैं इसे नहीं जानता। पुलिस को उसके मोबाइल की लोकेशन उसी जगह के आसपास मिली। इस पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसमें देखा कि वह सिर मुंडवाए घूम रहा युवक शोयल उर्फ रानू ही है। इससे पुलिस को यकीन हो गया कि पुलिसकर्मियों के सामने से निकलकर उन्हें चकमा दे गया। भनक लगते ही तोड़ा मोबाइल पुलिस के पीछा करने की भनक लगते ही शोयल ने अपना मोबाइल तोड़ दिया। इसके बाद उसने दूसरे मोबाइल नंबर से अपने वकील से संपर्क किया। पुलिस को सूचना मिली कि वह सरेंडर करने के लिए कानपुर आ सकता है, जिसके बाद टीमें कचहरी और उसके आसपास नजर बनाए हुए हैं। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि रानू के सरेंडर करने की सूचना मिली है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर निगरानी कर रही हैं और जल्द ही उसके पकड़े जाने की संभावना है।
नोएडा में 3 महीने में 20 सुसाइड के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें एक शेयर कारोबारी और एक विवाहिता शामिल है, जबकि एक लड़के ने पिता की हत्या के बाद मेट्रो के आगे कूदकर जान दे दी। सुसाइड करने सालों में सभी 40 साल से कम उम्र के हैं। इसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है। लगातार बढ़ रहे सुसाइड के मामले को लेकर दैनिक भास्कर की टीम ने साइकेट्रिस्ट डॉ. नीहारिका जायसवाल से बातचीत की, पढ़िए उन्होंने क्या कहा... सवाल: नोएडा में सुसाइड के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?जवाब: सुसाइड के पीछे एक नहीं, बल्कि कई वजहें होती हैं। इसमें जैविक, मानसिक और सामाजिक कारण शामिल हो सकते हैं। मानसिक बीमारी, परिवार में सुसाइड या मानसिक बीमारी का इतिहास, पढ़ाई का तनाव, पारिवारिक सहयोग की कमी और सामाजिक दबाव जैसे कारण जोखिम बढ़ा सकते हैं। सवाल: कैसे पता चले कि कोई व्यक्ति सुसाइड के बारे में सोच रहा है?जवाब: इसके कुछ संकेत दिखाई दे सकते हैं। व्यक्ति अचानक बहुत निराश रहने लगे, लोगों से बात करना कम कर दे, स्कूल-कॉलेज या काम पर जाना छोड़ दे, खुद को कमरे में बंद रखने लगे या उसकी नींद और भूख में अचानक बदलाव आए तो इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सवाल: परिवार ऐसे व्यक्ति की मदद कैसे कर सकता है?जवाब: सबसे जरूरी है कि परिवार और दोस्त उससे लगातार जुड़े रहें। उसके व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे तो उससे बात करें और उसे अकेला न छोड़ें। उसे यह महसूस कराना जरूरी है कि वह अपनी परेशानी के बारे में खुलकर बात कर सकता है और मदद उपलब्ध है। सवाल: आपके पास सुसाइड या सेल्फ-हार्म से जुड़े कितने मामले आते हैं?जवाब: ऐसे मामले बहुत ज्यादा नहीं आते, लेकिन हर कुछ महीने में एक-दो केस जरूर सामने आते हैं। कई बार मरीज सुसाइड अटेम्प्ट नहीं करता, बल्कि खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है। ऐसे मामलों का समय पर इलाज जरूरी है, क्योंकि आगे चलकर जोखिम बढ़ सकता है। सवाल: ऐसे मरीजों का इलाज किस तरह किया जाता है?जवाब: सबसे पहले मरीज की पूरी हिस्ट्री ली जाती है और उसके तनाव या परेशानी की वजह पता की जाती है। मानसिक बीमारी या दूसरे जोखिम कारकों की पहचान कर उनका इलाज किया जाता है। परिवार के सदस्यों को भी इलाज में शामिल किया जाता है, ताकि मरीज को लगातार सहयोग और सुरक्षित माहौल मिल सके। सवाल: क्या सुसाइड को रोका जा सकता है?जवाब: हां, समय रहते चेतावनी संकेतों की पहचान कर मदद उपलब्ध कराई जाए तो सुसाइड को रोका जा सकता है। इसके लिए परिवार, दोस्त, शिक्षक, डॉक्टर और समाज सभी को मिलकर काम करना होगा। अब आपको कुछ सुसाइड केस पढ़वाते है…
बरेली का मशहूर झुमका अब शहर की पहचान बन चुका है। दिल्ली रोड पर लगा विशाल झुमका सिर्फ एक लैंडमार्क नहीं, बल्कि एक दिलचस्प किस्से की निशानी है। इसकी कहानी अमिताभ बच्चन के पिता और महान कवि हरिवंश राय बच्चन और उनकी मां तेजी बच्चन की प्रेम कहानी से जुड़ा है। कहा जाता है कि बरेली में हुई एक मुलाकात ने इस रिश्ते की शुरुआत की। आगे चलकर इसी किस्से से ‘झुमका गिरा रे, बरेली के बाजार में’ गाने की प्रेरणा जुड़ी। आज यही झुमका बरेली आने वालों के लिए सेल्फी और रील का पसंदीदा स्पॉट बन चुका है। हरिवंश राय बच्चन बरेली आए, तेजी सूरी से हुई मुलाकातइस कहानी की शुरुआत साल 1941 के आसपास होती है। हरिवंश राय बच्चन अपने बरेली के मित्र ज्योति प्रकाश जौहरी के घर शादी में आए थे। इसी दौरान लाहौर से तेजी सूरी भी वहां पहुंचीं। हरिवंश राय बच्चन और तेजी सूरी के बीच बातचीत हुई और यह मुलाकात धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। बाद में यही तेजी सूरी अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन बनीं। तेजी की पहले से हुई थी सगाईकिस्से के मुताबिक, उस समय तेजी सूरी की सगाई इंग्लैंड के एक व्यापारी से हुई थी। लेकिन हरिवंश राय बच्चन से मुलाकात के बाद तेजी उनके प्रेम में पड़ गईं और उन्होंने अपनी सगाई तोड़ दी। इसके बाद दोनों के रिश्ते ने आगे का सफर तय किया। बरेली के बाजार में गिरा था झुमकाकहा जाता है कि मुलाकात के अगले दिन तेजी सूरी बरेली शहर घूमने निकलीं। इसी दौरान उनका करीब डेढ़ तोले का सोने का झुमका बड़ा बाजार में गिर गया। शाम को तेजी लाहौर लौट गईं और हरिवंश राय बच्चन इलाहाबाद चले गए। यह झुमका बाद में दोनों की प्रेम कहानी का ऐसा हिस्सा बना, जिसे लोग आज भी बरेली से जोड़कर याद करते हैं। एक मजाकिया जवाब ने लिख दी गीत की कहानीकुछ समय बाद एक कार्यक्रम में राजा मेहंदी अली खान की मुलाकात तेजी सूरी से हुई। बातचीत के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूछा कि आप दोनों शादी कब कर रहे हैं? तेजी ने जवाब दिया- “मेरा झुमका तो बरेली के बाजार में ही गिर गया था, पहले वो तो मिल जाए।” तेजी का यह जवाब राजा मेहंदी अली खान को इतना पसंद आया कि यह पंक्ति उनके जेहन में बस गई। बाद में इसी किस्से को आधार बनाकर उन्होंने मशहूर गीत की रचना की। 1966 में ‘मेरा साया’ से अमर हुआ झुमकासाल 1966 में फिल्म ‘मेरा साया’ रिलीज हुई। इसी फिल्म में ‘झुमका गिरा रे, बरेली के बाजार में’ गीत शामिल किया गया। गीतकार राजा मेहंदी अली खान, संगीतकार मदन मोहन और गायिका आशा भोसले की तिकड़ी ने इसे यादगार बना दिया। अभिनेत्री साधना पर फिल्माए गए इस गीत ने देशभर में धूम मचा दी। फिल्म में बरेली नहीं था, फिर भी शहर मशहूर हो गयादिलचस्प बात यह है कि ‘मेरा साया’ की कहानी का बरेली से कोई सीधा संबंध नहीं था। लेकिन गीत में बरेली का नाम आते ही शहर की पहचान इस गाने से जुड़ गई। लोग बरेली को ‘झुमका सिटी’ कहने लगे। गीत इतना लोकप्रिय हुआ कि बरेली का नाम देशभर में लोगों की जुबान पर आ गया। हरिवंश राय बच्चन की दूसरी शादी तेजी से हुईहरिवंश राय बच्चन की पहली शादी श्यामा बच्चन से हुई थी। वर्ष 1936 में बीमारी के कारण श्यामा का निधन हो गया था। इसके बाद हरिवंश राय बच्चन ने तेजी सूरी से शादी की। दोनों की प्रेम कहानी आगे चलकर अमिताभ बच्चन के परिवार की कहानी का अहम हिस्सा बनी। 54 साल बाद रील का झुमका जमीन पर उतरागीत की लोकप्रियता के दशकों बाद बरेली ने इस फिल्मी पहचान को वास्तविक रूप देने का फैसला किया। वर्ष 2020 में बरेली विकास प्राधिकरण ने दिल्ली-बरेली रोड पर परसाखेड़ा जीरो पॉइंट के पास विशाल झुमका स्थापित कराया। यह स्थान बाद में ‘झुमका तिराहा’ के नाम से मशहूर हो गया। झुमके की ऊंचाई करीब 20 फीट है। अब झुमका तिराहा बना सेल्फी और रील स्पॉटआज झुमका तिराहा बरेली आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण बन चुका है। यहां स्थानीय लोगों के साथ युवा और कंटेंट क्रिएटर्स भी पहुंचते हैं। शाम के समय बड़ी संख्या में लोग झुमके के साथ फोटो, रील और वीडियो बनाते नजर आते हैं। यूनिस खान ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि यह जगह अब बरेली की पहचान बन चुकी है। लोगों को झुमका तिराहा देखने और यहां वीडियो बनाने में खास दिलचस्पी रहती है। वहीं युवा सैफ ने बताया कि शाम 7 से 8 बजे के बाद यहां युवाओं और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स की भीड़ बढ़ जाती है। युवाओं के लिए ब्लॉगिंग और रील्स का नया ठिकानाझुमका तिराहा अब सिर्फ शहर का लैंडमार्क नहीं रहा। युवा यहां दोस्तों के साथ ब्लॉगिंग और वीडियो शूट करने पहुंचते हैं। यही वजह है कि यह जगह धीरे-धीरे बरेली के नए मनोरंजन और सोशल मीडिया हब के रूप में भी पहचान बना रही है। ODOP से झुमके को मिल रही नई पहचानबरेली के पारंपरिक झुमके और आभूषण कारीगरी को उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना से भी बढ़ावा मिला है। इससे स्थानीय कारीगरों और झुमका कारोबार को बड़े बाजार तक पहुंचने का मौका मिला है। 2023 में फिर लौटा ‘झुमका’ का जादूसाल 2023 में ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ फिल्म में ‘What Jhumka?’ गाना आया। इस गाने ने 1966 के ‘झुमका गिरा रे’ की याद को नए अंदाज में फिर ताजा कर दिया। आलिया भट्ट और रणवीर सिंह पर फिल्माए गए इस गाने ने नई पीढ़ी के बीच भी झुमके और बरेली की चर्चा छेड़ दी। बरेली की पहचान में आज भी जिंदा है झुमकाएक तरफ बच्चन परिवार की प्रेम कहानी, दूसरी तरफ राजा मेहंदी अली खान का लिखा गीत और तीसरी तरफ 2020 में बना विशाल झुमका। इन तीनों ने मिलकर बरेली के झुमके को एक अलग पहचान दे दी है। करीब आठ दशक पुराने इस किस्से ने शहर को बॉलीवुड की यादों से जोड़ दिया और आज झुमका तिराहा बरेली की तस्वीर का हिस्सा बन चुका है। 2025 में एक करोड़ से ज्यादा पर्यटक पहुंचेबरेली ने वर्ष 2025 में एक करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटकों को आकर्षित किया। नाथ कॉरिडोर समेत शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक आकर्षणों के बीच झुमका तिराहा भी बरेली की पहचान वाला प्रमुख लैंडमार्क बना हुआ है। एक पंक्ति, जिसने बरेली को दे दी नई पहचान“झुमका गिरा रे, बरेली के बाजार में...” यह सिर्फ एक फिल्मी गीत की पंक्ति नहीं है। इसके पीछे एक प्रेम कहानी का किस्सा है, जिसने दशकों बाद पूरे शहर की पहचान बदल दी। आज बरेली आएं तो लोग झुमका जरूर देखने जाते हैं। कोई फोटो खिंचाता है, कोई रील बनाता है और कोई उस पुराने किस्से को याद करता है कि आखिर वह झुमका गिरा कहां था।
मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अब सिर्फ आधुनिक सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगा। क्रांति धरा मेरठ की पहचान और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शौर्यगाथा भी स्टेशन के नए स्वरूप में दिखाई देगी। स्टेशन का शुरुआती डिजाइन आधुनिक था, लेकिन उसमें मेरठ की ऐतिहासिक विरासत की झलक पर्याप्त नहीं थी। इसके बाद राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी से स्थानीय प्रबुद्धजनों और वरिष्ठ नागरिकों के साथ चर्चा कर रेल मंत्री से ऐसा विजनरी डिजाइन तैयार कराने का आग्रह किया, जिसमें मेरठ के स्वतंत्रता आंदोलन की गाथा दिखे। अब इसी नए डिजाइन के आधार पर स्टेशन के पुनर्विकास का काम आगे बढ़ रहा है। रेल मंत्री ने मेरठ के स्टेशन के बारे में बताया था कि नया स्टेशन केवल आज की जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि अगले 50 से 100 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जर्मनी के बर्लिन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इस तरह के कामों में 8 से 10 वर्ष तक लग जाते हैं, जबकि भारत में सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नया मेरठ स्टेशन यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के साथ देश के स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक विरासत को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा। 1911 में बना था स्टेशन, अब बदलेगा पूरा स्वरूप मेरठ सिटी स्टेशन का निर्माण ब्रिटिश शासनकाल में वर्ष 1911 में हुआ था। समय-समय पर यहां सुविधाओं का विस्तार किया गया, लेकिन अब इसे आधुनिक स्वरूप देने के साथ ‘क्रांति धरा के स्टेशन’ के रूप में विकसित करने की तैयारी है। पहले चरण में स्टेशन परिसर में बने 35 से अधिक पुराने कर्मचारी क्वार्टर हटाए जाएंगे। इन क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों को आवास खाली करने के लिए कहा गया है। क्वार्टर हटने के बाद सामने की भूमि का उपयोग पार्किंग सहित अन्य यात्री सुविधाओं के लिए किया जाएगा। प्लेटफार्म नंबर-1 पर बने कार्यालय को भी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। 252 करोड़ से घटकर 98 करोड़ का हुआ प्रस्ताव जुलाई 2024 में अमृत स्टेशन योजना के तहत मेरठ सिटी स्टेशन का चयन किया गया था। उस समय पुनर्निर्माण की अनुमानित लागत 252 करोड़ रुपये रखी गई थी। योजना के तहत सामने की ओर चार मंजिला इमारत प्रस्तावित थी। बाद में फीजीबिलिटी रिपोर्ट में सामने आया कि प्रथम तल पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और होटल आदि का निर्माण मौजूदा परिस्थितियों में आय की दृष्टि से प्रभावी नहीं रहेगा। इसके बाद योजना में संशोधन करते हुए करीब 98 करोड़ रुपये का नया प्रस्ताव तैयार किया गया। रोहटा रोड की ओर भी खुलेगा रास्ता स्टेशन को शहर के दूसरे हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए रोहटा रोड की ओर नया प्रवेश और निकास द्वार बनाने की योजना है। यहां टिकट बुकिंग और पूछताछ जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे रोहटा रोड और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में आसानी होगी। ये सुविधाएं मिलेंगी चलती ट्रेनों के बीच हो रहा निर्माण स्टेशन का पुनर्विकास ऐसे समय में किया जा रहा है, जब यहां रेल यातायात लगातार जारी है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य किया जा रहा है। रेल मंत्री ने बताया कि सुरक्षा मानकों के बीच भी काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
गोरखपुर में लखनऊ की तर्ज पर तैयार की गई चटोरी गली की खूबसूरती अब गंदगी और अव्यवस्थाओं के बीच फीकी पड़ती जा रही है। सड़कों पर बेतरतीब खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों से रास्ते संकरे हो गए हैं। जगह-जगह कूड़ा, पान-गुटखे की पीक, ओवरफ्लो होता सीवर और सूखे पौधे इसकी सुंदरता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। दुकानदारों का आरोप है कि सफाई के नाम पर शुल्क लेने के बावजूद कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठता। वहीं खराब वायरिंग के चलते शॉर्ट सर्किट और आग की घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। म्यूजिक सिस्टम पूरी तरह बंद पड़ा है। शो पीस में लगाए गए तमाम पौधे सूखे पड़े हैं। गमलों में पान-पुकार की थूक और कचरा से पूरा शोभा बिगड़ गया है। साथ ही खाने में जर्म्स फैलने से बीमारी बढ़ सकती है। ऐसी कई अन्य समस्याओं से वहां के दुकानदार और आम पब्लिक परेशान हैं। पढ़िए रिपोर्ट… लोकेश बोले- देखने लायक कुछ नहीं बचा नागपाल छोले-भटूरे के ओनर लोकेश आहूजा का कहना है कि नगर निगम ने इंद्रा बाल विहार को सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट की तरह चटोरी गली के रूप में बनवाया था। उस हिसाब से यहां देखने लायक कुछ भी नहीं बचा है। इधर- उधर फैली गंदगियों की वजह से यहां का शोभा खराब होता है। उन्होंने बताया कि नगर निगम की ओर से हर दुकान से सफाई के लिए चार्ज लिया जाता है, लेकिन सफाई नहीं करवाई जाती है। कई दिनों तक कूड़ा पड़ा रहता है। डस्टबिन के बाहर हो या अंदर उसे जल्दी उठाया नहीं जाता है। पिछले दो महीनों से सीवर की सफाई नहीं हुई है। जिससे उसमें पूरी तरह कचड़ा भर गया है। गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर निकल आता है। वायरिंग का काम लो क्वालिटी का, शॉर्ट सर्किट का खतरा उन्होंने बताया कि वायरिंग का काम भी बिल्कुल लो क्वालिटी का हुआ है। जिससे आए दिन शॉर्ट सर्किट होता है और आग जैसी घटनाएं हो रही हैं। जिससे लोगों को जान का भी खतरा है। साथ ही इलेक्ट्रिकल पैनल में करेंट भी आता है। जिसकी शिकायत की गई लेकिन अभी तक कोई जिम्मेदार चेक करने भी नहीं आया। आग लग जाने के बाद दमकल की गाड़ियों को परिसर के अंदर आने में समस्या होती है। उसके बाद गाड़ियों को सही जगह खड़ा करने का जगह नहीं मिलता। दुकानों के सामने पहले से खड़ी गाड़ियों को पहले हटाते हैं, तब जाकर कहीं फायर गाड़ियां खड़ी हो पाती हैं। उनका कहना है कि सड़क पर गाड़ियां बेतरतीब ढंग से खड़ी रहती हैं। जिससे पूरा लुक खराब दिखता है। लोगों को आने- जाने में भी एक उलझन लगती है। साथ पेड़ पौधे की देख रेख न करने की वजह से वहां भी गंदगी भरी पड़ी है। उनके बगल में खड़ा नहीं हुआ जा सकता है। रामधनी बोले- देखरेख करने वाला कोई नहीं, बना के बस छोड़ दिया गया अनपढ़ चाय वाला के ओनर रामधनी मौर्य का कहना है कि अच्छा- खासा पैसा लगा कर चटोरी गली को बनाया गया। इसे तैयार हुए अभी एक साल भी पूरे नहीं हुए लेकिन स्थित पूरी तरह खराब हो गई है। इसका सबसे पहला वजह है कि इस जगह को बना वैसे ही छोड़ दिया गया। कोई ध्यान रखने वाला नहीं है। नगर निगम को चाहिए कि किसी एक व्यक्ति को केयर टेकर के तौर पर रखें। जिससे वे इसकी साफ-सफाई से लेकर अन्य व्यवस्थाओं को देख सके। बिना रोकटोक के लोग फैलाते गंदगी यहां आने वाले लोगों पर कोई रोकटोक नहीं है। कोई नियम नहीं है जिससे अधिकतर लोग मनमानी करते हैं। वहीं अगर कोई देखने वाला रहता तो कोई भी गंदगी करने से पहले सोचता। वहीं उनका कहना है कि एक तरफ से गाड़ियों के रास्ता बंद करने से भी बहुत समस्या हो रही है। लोग दूसरी तरफ आ तो जाते हैं, लेकिन निकलने के लिए दूसरा रास्ता न होने की वजह से देर तक गाड़ियों को वहीं खड़ी रखते, जिससे रास्ता बाधित होता है। डस्टबिन की कमी से फैलता कचरा दुकानदार गोलू ने बताया कि चटोरी गली में एक तरफ डस्टबिन अच्छे से लगा है, लेकिन दूसरी तरफ उसकी कमी है। जिससे चाय पीने वाले या दुकानों के बाहर छोटी- मोटी चीजें खाने वाले लोग कहीं भी कूड़े को फेंक देते हैं। यह ऐसी जगह है जहां कई तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं और लोग यहां खाने- पीने के लिए ही आते हैं, जिससे कचरा ज्यादा निकलता है। इसलिए ज्यादा डस्टबिन की जरूरत है। जितना अभी तक लगा है, उससे काम नहीं चल रहा। लोगों में समझ की कमी बिगाड़ रही शोभा चटोरी गली अक्सर आने वाले अरून पांडेय ने बताया कि यहां आने वाले लोगों में समझ की कमी है। लापरवाही ज्यादा करते हैं। डस्टबिन होने के बावजूद इधर- उधर कचरा फेंक देते हैं। पान- गुटखा खाकर कहीं भी थूक देते हैं। जो बिल्कुल नहीं होना चाहिए। वहीं नगर निगम की ओर से भी लापरवाही हो रही है। नालियों और सीवर की टाइम से सफाई न होने और यहां आने वाले लोगों पर किसी तरह का रोकटोक न लगाने की वजह से गंदगी तेजी से फैलती है। जिस पर अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। अभी तक इसका उद्घाटन भी नहीं हुआ है। अभी से ये हाल है तो आने वाले कुछ साल में देखने लायक नहीं रहेगा। जितना पैसा लगाकर इसे तैयार किया गया है, वो सब बर्बाद हो जाएगा। पौधों की हालत खराब, बंद पड़ा म्यूजिक सिस्टम इस जगह को सुंदर और आकर्षक रूप देने के लिए नगर निगम की ओर से शुरुआत से ही जगह- जगह पौधे लगाए गए। आज स्थिति ये है कि अधिकतर पौधे सूख चुके हैं। उनमें से पत्तियां गायब हैं। साथ तमाम पौधों और गमलों पर पान खाकर थूक दिया गया है, जो बेहद ही खराब लगता है। वहीं खाने में आनंद बढ़ाने और चटोरी गली आने वाले लोगों के मनोरंजन के लिए हर दुकानों के बाहर साउंड सिस्टम लगाया गया। जिसमें तरह- तरह के गाने बजते थे। लेकिन पिछले लंबे समय से बंद पड़ा है। ऐसे में लोगों का मानना है कि पैसे बर्बाद हो रहे। लखनऊ के तर्ज पर शुरू हुआ प्रोजेक्ट बता दें कि शहर के इस फूड हब को लखनऊ के चटोरी गली की तर्ज पर बनाया गया। 2023 में इस प्रोजेक्ट को शुरू करके इसका सुंदरीकरण किया गया और आकर्षक रूप दिया गया। जबसे यह बनना शुरू हुआ था शहर के लोगों में इसको लेकर उत्सुकता थी। 2025 के अंत में यह बनकर तैयार हुआ। जिसके बाद लोगों का रुझान बढ़ गया था। कई लोग इसे बस देखने के लिए आते थे। आकर्षक सेल्फी पॉइंट पर फोटो और वीडियो बनाते थे। लेकिन इन चीजों की कुछ कमी और लापरवाही की वजह से इसकी पूरी सुंदरता बिखर गई है। लोग आते तो हैं लेकिन उनमें इस जगह को लेकर उत्सुकता खत्म हो गई है। साथ ही गंदगी की वजह से तमाम लोग यहां से आने में कतराने भी लगे हैं। नगर आयुक्त बोले- दो अधिकारी करेंगे जांच हालांकि इन समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त अजय जैन ने कहा कि अपर नगर आयुक्त एक चीफ इंजिनीयर को गड़बड़ियों और असुविधा को देखने के लिए निर्देशित किया गया है। जो भी कमी मिलेगी उसे जल्द से जल्द दूर किया जाएगा। उनका कहना है कि साफ- सफाई के लिए आम जनता को भी जागरूक होना पड़ेगा। उन्हें समझना पड़ेगा कि शहर की साफ- सफाई उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। कम से कम से जानबूझ कर गंदगी तो नहीं फैलाना चाहिए।
गोरखपुर की प्रमुख विरासत और ज्वेलरी मंडी में जाम की समस्या अब भी बनी हुई है। गोरखपुर समेत आसपास के करीब 10 जिलों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग यहां ज्वेलरी, शादी के कपड़े और दूल्हा-दुल्हन का सामान खरीदने पहुंचते हैं। बाजार में वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग से जाम की स्थिति बन जाती है। सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट विरासत गलियारे के निर्माण के बाद उम्मीद थी कि बाजार की यातायात व्यवस्था सुधरेगी। गलियारा बनने के बावजूद लोग सड़कों पर वाहन खड़े कर देते हैं और कई जगह दुकानें भी सड़क के हिस्से तक फैली हुई हैं, जिससे जाम की समस्या पहले जैसी ही बनी हुई है। चार महीने से तैयार मल्टीलेवल पार्किंग, अब तक नहीं शुरू हुई व्यवस्था विरासत गलियारे के साथ शहीद बंधु सिंह मल्टीलेवल पार्किंग का भी निर्माण कराया गया है। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 अप्रैल को किया था, लेकिन चार महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी पार्किंग की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। व्यापारियों का कहना है कि अगर मल्टीलेवल पार्किंग शुरू हो जाए तो बाजार की सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों की संख्या कम हो सकती है। इससे जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। ‘दुकान के सामने वाहन खड़ा कर चले जाते हैं’ पांडेयहाता के व्यापारी पवन कुमार ने बताया कि वह कई साल से प्लास्टिक के सामान की दुकान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि विरासत गलियारे की सड़क तो बन गई है, लेकिन ग्राहक दुकान के सामने ही दोपहिया और चारपहिया वाहन खड़ा कर देते हैं। पवन के मुताबिक, वाहन हटाने के लिए कहने पर कई बार लोग विवाद करने लगते हैं। उनका कहना है कि पार्किंग शुरू हो जाए तो ग्राहकों के वाहनों को व्यवस्थित जगह मिल सकती है और बाजार में जाम भी कम होगा। ‘सुबह से रात तक जाम की स्थिति’ घंटाघर के दुकानदार प्रवेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बाजार की सबसे बड़ी समस्या जाम है। सुबह से रात तक अलग-अलग समय पर जाम लगा रहता है और सड़क पर वाहन खड़े होने से लोगों को निकलने में परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि चार महीने पहले बड़ी पार्किंग तैयार हुई थी, लेकिन अब तक शुरू नहीं हुई। प्रवेश के अनुसार, ग्राहक जहां जगह मिलती है, वहीं वाहन खड़ा करके चले जाते हैं और मना करने पर विवाद की स्थिति बन जाती है। छोटे दुकानदारों के लिए कॉम्प्लेक्स बनाने का था ऐलान प्रवेश कुमार ने बताया कि मल्टीलेवल पार्किंग के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क पर दुकान लगाने वाले छोटे दुकानदारों को पांडेयहाता में कॉम्प्लेक्स बनाकर शिफ्ट करने की बात कही थी। उनका कहना है कि अभी तक इस दिशा में कोई काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से फुटपाथ और नाले के ऊपर दुकान लगाने से लगातार रोका जाता है। अगर प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स बन जाए तो छोटे दुकानदारों को भी व्यवस्थित जगह मिल सकेगी और सड़क पर अतिक्रमण कम होगा। ‘100 मीटर दूर पार्किंग, फिर भी जाम’ व्यापारी उमैर आलम ने बताया कि बाजार में बाकी व्यवस्थाएं ठीक हैं, लेकिन जाम की समस्या के कारण कारोबार प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि बाजार से करीब 100 मीटर की दूरी पर पार्किंग बनी है, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुई। उन्होंने नगर निगम से पार्किंग को जल्द शुरू कराने और वहां कर्मचारियों की तैनाती करने की मांग की। उनका कहना है कि पार्किंग चालू होने से लोग सड़क पर वाहन खड़ा करने के बजाय निर्धारित स्थान पर गाड़ी खड़ी कर सकेंगे। पार्किंग परिसर में दिखे छुट्टा पशु, बाहर बेतरतीब खड़े मिले वाहन दैनिक भास्कर की टीम ने जब शहीद बंधु सिंह मल्टीलेवल पार्किंग की स्थिति देखी तो परिसर में कुछ छुट्टा पशु दिखाई दिए। पार्किंग के आसपास भी लोगों के वाहन अव्यवस्थित तरीके से खड़े मिले। व्यापारियों का कहना है कि पार्किंग का निर्माण होने के बाद भी इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ तो बाजार की जाम समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल रहेगा। उनका कहना है कि पार्किंग शुरू करने के साथ सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण पर भी सख्ती जरूरी है। मल्टीलेवल पार्किंग की खास बातों को समझिएः इस आधुनिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण करीब 1540 वर्गमीटर क्षेत्र में किया गया है। जिसकी लागत लगभग 27.26 करोड़ रुपये आई है। यहां पार्किंग के साथ-साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी विकसित किया गया है। यह कम्प्लेक्स भारत का पहला ऐसा कॉम्प्लेक्स होगा जहाँ की सभी दीवारों पर स्वतंत्रता सेनानी से जुड़े किस्से कहानी पेंट हुए नजर आएँगे लोगों के बीच यह चित्रकारी काफी चर्च का विषय भी बना हुआ था। नगर आयुक्त बोले– जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया जब इस मामले पर नगर आयुक्त अजय जैन से सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि– देखिए पार्किंग को लेकर पहले टेंडर जारी हो चुका था। तीन फर्म ने इसके लिए आवेदन किया था, लेकिन डाक्यूमेंट और अहर्ता पूरा न होने से उनके आवेदन को रिजेक्ट कर दिया गया। जल्द ही दोबारा से टेंडर की प्रकिया शुरू की जाएगी। इसके बाद से फर्म को वहां की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।
आगरा पुलिस कमिश्नरेट के सिटी जोन को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिली तो सिटी जोन में एक नहीं, दो डीसीपी होंगे। 21 थाने नॉर्थ और साउथ जोन में बंटेंगे। इसके साथ ही तीन नए थानों के गठन का प्रस्ताव भी भेजा गया है। सिकंदरा की रुनकता, सदर की बुंदू कटरा और फाउंड्री नगर को नया थाना बनाने की तैयारी है। आगरा में पुलिस कमिश्नरेट बनने के बाद जिले को जोन में बांटा गया। सिटी, ईस्ट और वेस्ट जोन। इन जोन को डीसीपी संभालते हैं। मगर, अब सिटी जोन को दो जोन में बांटने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें एक नॉर्थ और दूसरा साउथ जोन होगा। इसके लिए तैयारी कर ली गई है। अभी सिटी जोन में 21 थाने आते हैं। दो जोन बनने के बाद एक जोन में 10 से 11 थाने आएंगे। एत्मादपुर सर्किल को सिटी जोन में शामिल करने का प्रस्ताव है। इन थानों में दर्ज होते हैं सर्वाधिक केसपुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि सिटी जोन के जगदीशपुरा, शाहगंज, सिकंदरा, ताजगंज और सदर थाने में कमिश्नरेट के सर्वाधिक केस दर्ज होते हैं। कई सर्किल में बाहरी इलाके अधिक हैं। अपराध नियंत्रण और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए सिटी को दो हिस्सों में बांटने की तैयारी है। एक नॉर्थ और दूसरा साउथ जोन होगा। सिटी में 21 थाने आते हैं। इनमें ताज सुरक्षा और महिला थाना भी शामिल है। एत्मादपुर सर्किल को सिटी जोन में शामिल कर लिया जाएगा। एत्मादपुर सर्किल में कोई घटना होती है तो सर्किल के दूसरे थानों की दूरी अधिक होती है। डीसीपी पर कम होगा काम का बोझ सिटी जोन के थाने पास पड़ते हैं। जोन में एक डीसीपी पर काम का बोझ भी कम हो सकेगा। नॉर्थ सिटी जोन में 3 सर्किल और 10 थाने आएंगे। हरीपर्वत, एत्मादपुर और छत्ता सर्किल बन जाएंगे। वहीं साउथ जोन में चार सर्किल लोहामंडी, कोतवाली, सदर और ताजगंज आएंगे। लोहामंडी सर्किल में ज्यादा अपराध है। वहीं कोतवाली में कम हैं। ताजगंज में भी केस की संख्या अधिक होती है। तीन नए थाने बनाने का प्रस्तावसिटी जोन में सिकंदरा और सदर थाने के कुछ हिस्सों को अलग कर थाने बनाने का प्रस्ताव है। सिकंदरा की रुनकता चौकी को रुनकता थाना बनाया जाना है। इसके लिए जमीन भी चिन्हित हो गई है। वहीं, सदर थाने की बुंदू कटरा पुलिस चौकी को भी थाना बनाया जाना है। वहीं, फाउंड्री नगर चौकी को भी अलग थाना बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें खंदौली थाने के कुछ इलाके शामिल किए जाएंगे।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर 12 जुलाई को हुए RPF जवान और डिप्टी स्टेशन मास्टर के बीच मारपीट मामले की जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। घटना को एक महीना बीत चुका है, लेकिन 3 दिन में आने वाली जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई। 12 जुलाई को RPF जवान मेघराज मीना और तीन जवानों ने डिप्टी स्टेशन मास्टर नरेंद्र चाहर के बीच स्टेशन पर विवाद और मारपीट हुई थी। जांच के लिए रेलवे ने कमेटी बनाई थी। कहा गया था 3 दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। लेकिन 1 महीने बाद भी न जांच आई, न कोई कार्रवाई हुई। जिसकी वजह से अब रेलवे कर्मचारियों में रोष है। यूनियन के ज्ञापन-बैठक बेनतीजाइस मामले को लेकर रेलवे यूनियन ने कई बार ज्ञापन दिए और बैठकें भी कीं। 13 अगस्त को DRM के साथ भी बैठक हुई। लेकिन हर बार की तरह, इस बार भी बैठक बेनतीजा रही। डीएस नरेंद्र चाहर ने बताया कि हर बार अधिकारी रिपोर्ट बस आने वाली है कहकर टाल देते हैं। डीएस नरेंद्र चाहर का आरोप है कि केस को दबाने और जांच को डायवर्ट करने की कोशिश की जा रही है। जवान ने किया SC-ST एक्ट का केसवहीं दूसरी ओर RPF जवान मेघराज मीना ने पलटवार किया है। उन्होंने दिल्ली SC-ST आयोग और आगरा कोर्ट में डीएस नरेंद्र चाहर के खिलाफ SC-ST एक्ट में वाद दायर कर दिया है। आगरा कोर्ट और दिल्ली आयोग ने रेलवे से इस पर जवाब मांगा है। DRM ने दिया 2 दिन का समयडीएस नरेंद्र चाहर ने बताया, DRM ने जांच के लिए 2 दिन का समय और दिया है। अब 2 दिन और देखते हैं। अगर इसके बाद भी रिपोर्ट नहीं आई, तो यूनियन के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। फिलहाल दोनों पक्ष आमने-सामने हैं और जांच अटकी होने से स्टेशन स्टाफ में नाराजगी है। ये है पूरा मामला 12 जुलाई को RPF जवानों ने रेलवे अफसर से मारपीट की थी
समाजवादी पार्टी लगातार भाजपा को घेरने में जुटी है। सड़क से संसद तक पार्टी सत्ता के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। हालांकि, आगरा की सियासी जमीन सपा के लिए कभी मुफीद नहीं रही। पार्टी के गठन के बाद से अब तक आगरा की विधानसभा सीटों पर सपा प्रत्याशी सिर्फ दो बार ही जीत दर्ज कर सके हैं। ज्यादातर चुनावों में पार्टी प्रत्याशी तीसरे या चौथे स्थान पर ही संघर्ष करते नजर आए हैं। पिछले दो विधानसभा चुनावों में जरूर कुछ सीटों पर सपा प्रत्याशी मुकाबले में दिखाई दिए। सिर्फ दो बार मिली जीत आगरा में कुल नौ विधानसभा सीटें हैं। इनमें से किसी भी सीट पर सपा अब तक अपने सियासी समीकरण मजबूत नहीं कर सकी है। 1993 और 2012 के विधानसभा चुनाव को छोड़ दें, तो पार्टी को किसी अन्य चुनाव में यहां जीत नहीं मिली। 2012 में बाह विधानसभा सीट से अरिदमन सिंह की जीत में उनकी व्यक्तिगत छवि और मजबूत पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि की अहम भूमिका रही। अरिदमन सिंह इससे पहले दो बार भाजपा और तीन बार जनता दल के टिकट पर लगातार विधायक चुने जा चुके थे। ऐसे में उनकी व्यक्तिगत पकड़ को सपा की जीत का प्रमुख आधार माना गया। सपा का गठन 4 अक्टूबर 1992 को हुआ। इसके बाद से ये पार्टी 7 विधानसभा चुनाव में मैदान में उतर चुकी है। 2022 में रालोद और 2017 में कांग्रेस गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा। पिछले विधानसभा चुनाव में सपा की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ। इससे पहले पार्टी प्रत्याशी आगरा में 3 और 4 नंबर पर जूझते नजर आए। 2022 के चुनाव में जरूर 5 सीटों पर दूसरे नंबर पर रही। पिछले दो चुनावों में भाजपा को आगरा की 9 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल हुई। ऐसे में भाजपा प्रत्याशियों को विरोधी दलों के प्रत्याशी टक्कर देते नजर नहीं आए। हालांकि सपा ने अपनी स्थिति में सुधार करते हुए जिले की अधिकतर सीटों पर बसपा को धकेल पर तीसरे नंबर पर भेजकर खुद को दूसरे नंबर पर खड़ा किया। अब 2027 के चुनाव पर सबकी निगाहें टिकी हैं। सपा का PDA फार्मूला आगरा में कितना खरा उतरता है, इसका परिणाम देखना बाकी है। 2017 के चुनाव में आगरा में सपा+कांग्रेस की स्थिति 2022 के चुनाव में सपा+रालोद की स्थिति 2022 के चुनाव में आगरा में नंबर दो की स्थिति सपा+रालोद गठबंधन 5 सीटों पर बसपा 3 सीटों पर कांग्रेस 1 सीट पर आगरा में सपा की स्थिति आगरा में सपा अब तक दो बार चुनाव जीती है 1993 में एत्मादपुर सीट से चंद्रभान मौर्य चुनाव जीते 2012 में बाह सीट से अरिदमन सिंह चुनाव जीते 2022 के चुनाव में सपा+रालोद की स्थिति 2017 के चुनाव में सपा+कांग्रेस की स्थिति
आगरा में मेट्रो विस्तार का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मनकामेश्वर से ISBT तक मेट्रो संचालन के लिए स्टेशन और ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। अब इस कॉरिडोर का सुरक्षा ऑडिट होना बाकी है। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) जल्द ही अपनी टीम के साथ आगरा पहुंचकर पूरे कॉरिडोर का निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट करेंगे। ऑडिट पूरा होने के बाद मेट्रो संचालन शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने आगरा मेट्रो के विस्तारित हिस्से के साथ कानपुर मेट्रो के विस्तार का भी लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने की तैयारी की है। इसके लिए UPMRC ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से समय मांगा है। पहले मेट्रो योजना के बारे में जानिये...आगरा में मेट्रो के दो कॉरीडोर तैयार हो रहे हैं। पहला सिकंदरा से ताज ईस्ट गेट और दूसरा कालिंदी विहार से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन। पहले कॉरीडोर पर ताज ईस्ट गेट से मन:कामेश्वर स्टेशन के बीच (6 मेट्रो स्टेशन) मेट्रो का संचालन हो रहा है। इसको विस्तार रूप देकर आईएसबीटी तक लाया जा रहा है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी, आरबीएस कॉलेज और आईएसबीटी स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। अप और डाउन दोनों ट्रैक तैयार हैं। यूपीएमआरसी यहां मेट्रो का लगातार ट्रायल भी कर रहा है। दूसरे कॉरीडोर पर फिलहाल पिलर बनाने, यू-गर्डर रखने का काम चल रहा है। सुरक्षा ऑडिट होना बाकीमेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त जल्द ही आगरा आ सकते हैं। वह स्टेशन और ट्रैक की सुरक्षा का ऑडिट करेंगे। इसके बाद मेट्रो संचालन की अनुमति मिलेगी। यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया, पहले कॉरीडोर में मन:कामेश्वर से आईएसबीटी तक ट्रैक और स्टेशन बन गए हैं। ऑडिट करने के लिए मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त और उनकी टीम जल्द ही आ सकती है। टीम पांचों स्टेशनों का निरीक्षण करेगी। ट्रैक, सिग्नल सिस्टम, कंट्रोल रूम सहित अन्य सुरक्षा संबंधी ऑडिट कर रिपोर्ट तैयार करेगी। सब कुछ ठीक मिलने पर मेट्रो संचालन की अनुमति मिलेगी। संभावना है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में आईएसबीटी तक मेट्रो चलने लगेगी। बताया जा रहा है कि कानपुर में भी मेट्रो ट्रैक बन चुका है। ऐसे में आगरा और कानपुर मेट्रो का एक साथ लोकार्पण होगा। मनकामेश्वर से सिकंदरा तक 8.25 KM का रूटआगरा मेट्रो के विस्तार के तहत मनकामेश्वर से सिकंदरा तक करीब 8.25 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण किया जा रहा है। इस हिस्से पर पांच नए स्टेशन बनाए गए हैं। ये स्टेशन तैयार 1. एसएन मेडिकल कॉलेज2. आगरा कॉलेज3. राजा की मंडी4. आरबीएस कॉलेज5. आईएसबीटी इस रूट पर ट्रैक बिछाने के साथ सिग्नलिंग और ऑपरेटिंग सिस्टम का काम पूरा हो चुका है। अब स्टेशनों पर फिनिशिंग का काम चल रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर मेट्रो संचालन शुरू किए जाने की उम्मीद है। अभी छह स्टेशनों पर चल रही मेट्रोआगरा में मेट्रो रेल का संचालन मार्च 2024 से शुरू हुआ था। फिलहाल ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर के बीच करीब छह स्टेशनों पर मेट्रो चल रही है। वर्तमान रूट के स्टेशन हैं: 1. ताज ईस्ट गेट2. कैप्टन शुभम गुप्ता3. फतेहाबाद रोड4. ताजमहल5. आगरा किला6. मनकामेश्वर इनमें ताजमहल, आगरा किला और मनकामेश्वर स्टेशन भूमिगत हैं। मनकामेश्वर से सिकंदरा तक नया हिस्सा शुरू होने के बाद आगरा के कई प्रमुख बाजार, शैक्षणिक संस्थान, चिकित्सा केंद्र और परिवहन क्षेत्र मेट्रो नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएंगे। कैंट से कालिंदी विहार तक दूसरा कॉरिडोरआगरा में मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर भी निर्माणाधीन है। यह कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक करीब 15 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें कुल 14 स्टेशन प्रस्तावित हैं और इसका निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है।
इंस्टाग्राम रील और सोशल मीडिया की वजह से अब रिश्तों में दूरी आने लगी है। गोरखपुर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पत्नी के रील बनाने से विवाद शुरू हुआ। फिर मामला तलाक, मारपीट और हत्या तक पहुंच गया। कहीं पत्नी के वीडियो पर आने वाले कमेंट पति को खटकने लगे। कहीं सोशल मीडिया पर पत्नी की बढ़ती पहचान से पति नाराज हो गया। कुछ दंपती रिश्ता बचाने के लिए साइकोलॉजिस्ट की काउंसलिंग तक पहुंचे, लेकिन कई मामलों में दो साल तक काउंसलिंग के बाद भी रिश्ते नहीं सुधरे। दैनिक भास्कर ने ऐसे मामलों की पड़ताल की और साइकोलॉजिस्ट डॉ. आकृति पांडेय से बात की। उन्होंने बताया कि अकेलापन, सोशल मीडिया की बढ़ती लत और पति-पत्नी के बीच रोक-टोक से तनाव बढ़ रहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… केस-1: पत्नी की रील पर कमेंट से परेशान पति ने किया सुसाइड शादी के 4 महीने बाद पति ने दी जान पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल सुभान अली गांव में रहने वाले विवेक गौड़ (23) की शादी 25 फरवरी 2026 को जंगलधूषण क्षेत्र के हसनगंज गांव की अंकिता गौड़ (20) से हुई थी। विवेक छोटा टेंट हाउस चलाता था। शादी के कुछ दिन बाद अंकिता ने इंस्टाग्राम पर रील बनाकर पोस्ट करना शुरू किया। शुरुआत में विवेक ने इस पर आपत्ति नहीं जताई, लेकिन धीरे-धीरे रील पर व्यूज और कमेंट बढ़ने लगे। दूसरे युवक भी अंकिता की खूबसूरती की तारीफ करने लगे। यह बात विवेक को परेशान करने लगी। परिजनों के मुताबिक, विवेक पत्नी को रील बनाने से रोकने लगा। अंकिता कहती कि आजकल सभी लोग रील बनाते हैं, इसमें कुछ गलत नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होने लगा। 29 जुलाई की रात भी पत्नी के नए सिमकार्ड और इंस्टाग्राम आईडी को लेकर दोनों में कहासुनी हुई। दोनों ने खाना नहीं खाया। पत्नी नाराज होकर छत पर चली गई, जबकि विवेक कमरे में चला गया। रात करीब 10 बजे उसकी ने सुसाइड कर लिया। मौत से 10 दिन पहले लिखा था- काश हम भी खूबसूरत होते विवेक ने मौत से करीब 10 दिन पहले 18 जुलाई को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें लिखा था- काश हम भी खूबसूरत होते, तो लोग हमें भी खोने से डरते। इस मामले में पुलिस ने पत्नी अंकिता को सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में 31 जुलाई को जेल भेज दिया था। केस- 2: 40 साल की शादी रील की वजह से टूटने की कगार पर पत्नी रात में रील बनाती गोरखपुर शहर में रहने वाले पति (55) पत्नी (50) की करीब 40 साल पुरानी शादी सोशल मीडिया की वजह से टूटने की कगार पर पहुंच गई। दोनों के बच्चे बड़े हो चुके हैं और बाहर रहकर पढ़ाई और नौकरी करते हैं। परिजनों का कहना है कि पति नौकरी पर चला जाता था तो पत्नी घर में अकेली रहती थी। समय बिताने के लिए उसने गाना गाने वाले ऐप पर वीडियो बनाकर पोस्ट करना शुरू किया। इसके बाद वह उन वीडियो को इंस्टाग्राम पर रील बनाकर डालने लगी। धीरे-धीरे पत्नी का ज्यादातर समय इसी में बीतने लगा। पति के ऑफिस से लौटने के बाद भी वह अपने वीडियो और एडिटिंग में बिजी रहती थी। पति को यह पसंद नहीं आया और उसने पत्नी से कहा कि मेरे आने से पहले अपना काम खत्म कर लिया करो। शक बढ़ा तो मारपीट तक पहुंचा मामला पत्नी रात में दूसरे कमरे में जाकर गाने रिकॉर्ड करने लगी, लेकिन पति कई बार वहां जाकर उसे परेशान करता था। वह दरवाजा खुलवाकर पूछता था कि इतनी देर तक क्या कर रही है। देर रात तक पत्नी के अकेले रहती थी। इस पर पति कहता है तुम्हारा किसी और के साथ संबंध है। धीरे-धीरे दोनों के बीच विवाद होने लगा। परेशान होकर पत्नी ने अलग रहने की जिद की। इसके बाद दोनों एक ही घर में अलग-अलग रहने लगे। बच्चों ने घर का माहौल देखा तो उन्होंने दोनों को काउंसलिंग के लिए भेजा। साइकोलॉजिस्ट डॉ. आकृति पांडेय ने बताया कि यह दंपती करीब दो साल पहले उनके पास आया था। लगातार दो साल तक कई काउंसलिंग सेशन के बावजूद रिश्ते में सुधार नहीं हुआ। अब दोनों सेशन के लिए भी नहीं आते हैं। केस- 3: इंस्टाग्राम पर पत्नी हो गई फेमस, पति देने लगा ताने डॉ. आकृति पांडेय ने एक अन्य मामले के बारे में बताया। कहा कि पति (32) और पत्नी (30) के रिश्ते में इंस्टाग्राम रील तनाव की वजह बनी। दोनों की शादी 2019 में हुई थी। उनके दो बच्चे 6 साल का बेटा और ढाई साल की बेटी है। शादी के करीब दो साल बाद पत्नी ने इंस्टाग्राम पर रील बनाना शुरू किया। वह दिनभर बच्चों और घर के काम में व्यस्त रहती थी और रात में वीडियो एडिट कर पोस्ट करती थी। पत्नी को देर रात तक इस काम में बिजी देखकर पति विरोध करने लगा। वह कई बार वह कई दिनों तक रील पोस्ट नहीं कर पाती थी। इसके बावजूद उसके वीडियो को सोशल मीडिया पर अच्छा रिस्पॉन्स मिलता रहा। धीरे-धीरे वह शहर की जानी-मानी इन्फ्लुएंसर बन गई। इसके बाद उसे सरकारी समेत अलग-अलग जगहों से रील और व्लॉग बनाने के प्रोजेक्ट मिलने लगे। शूटिंग के लिए वह अपनी टीम के साथ बाहर जाने लगी। कई बार देर रात तक एडिटिंग और पोस्टिंग का काम भी करना पड़ता था। पत्नी की तरक्की से भी परेशान होने लगा पति पत्नी की बढ़ती पहचान और काम में व्यस्तता पति को पसंद नहीं थी। आरोप है कि वह पत्नी को ताने देता था और छोटी-छोटी बातों पर विवाद करता था। इससे परेशान होकर पत्नी भी कई बार घर छोड़कर जाने की बात कहने लगी। डॉ. आकृति के मुताबिक, दोनों की पिछले चार महीने से काउंसलिंग चल रही है, लेकिन अभी तक रिश्ते में सुधार नहीं आया है। दोनों के बीच आपसी लगाव भी काफी कम हो चुका है। केस- 4: पत्नी की रील को देखकर भड़का पति, किया जानलेवा हमला वीडियो देखकर पति ने पत्नी और उसके साथी पर वार किया झंगहा थाना क्षेत्र के पिपरपाती गांव में रहने वाले जितेंद्र निषाद (34) तमिलनाडु में काम करता है। उसकी पत्नी गुंजा देवी (32) बच्चों के साथ घर पर रहती थी। दोनों की 10 साल पहले हुई थी और उनके दो बेटे हैं। गुंजा देवी गांव में अपने परिचित शिलहटा मुंडेरा गांव में रहने वाले यूट्यूबर कुलदीप शर्मा के साथ वीडियो बनाती थी। जितेंद्र को यह पसंद नहीं था। 2 मई को जितेंद्र घर पहुंचा। 17 मई को वह किसी काम से बाहर गया था। इसी दौरान गुंजा ने कुलदीप शर्मा को घर बुलाया। शाम करीब 5:30 बजे जितेंद्र लौटा तो दोनों को कमरे में साथ देखकर भड़क गया। उसने धारदार हथियार से कुलदीप पर हमला किया और फिर डंडे से पत्नी के सिर पर वार कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को एम्स में भर्ती कराया गया था। वहीं, पुलिस ने जितेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। केस- 5: पति ने दिया स्मार्टफोन, पत्नी दूसरे के साथ भागी रामगढ़ताल क्षेत्र में नवंबर 2024 में एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी। उसने बताया था मेरी पत्नी (35) घर से गायब हो गई है। मैंने पत्नी को स्मार्टफोन दिया था, जिसके बाद वह इंस्टाग्राम पर रील बनाने लगी थी। इसी दौरान उसकी एक युवक से सोशल मीडिया पर दोस्ती हो गई थी। 10 नवंबर को मैं काम पर गया था। जब वापस लौटा तो पत्नी घर पर नहीं थी और चार बच्चे रो रहे थे। बाद में मुझे पता चला कि पत्नी इंस्टाग्राम पर बने दोस्त के साथ चली गई है। पुलिस ने तलाश कर महिला का पता लगाया और उसे वापस लाने की कोशिश की। लेकिन पत्नी लौटने से इनकार कर दिया। पुलिस के मुताबिक, महिला शिकायतकर्ता की दूसरी पत्नी थी। अकेलापन और रोक-टोक से बढ़ता है तनाव साइकोलॉजिस्ट डॉ. आकृति पांडेय ने बताया कि कई बार महिलाएं अकेलापन महसूस करती हैं। ऐसे में वे सोशल मीडिया पर अपटा टाइम बिताने लगती हैं। उनका बिजी रहना पतियों को पसंद नहीं आता है। साथ ही फेमस होने पर अक्सर जलन होने लगती है। ऐसे में वे रोक-टोक शुरू कर देते, लेकिन जब पत्नियां उनकी बात नहीं मानती। फिर रिश्तों में तनाव शुरू जाता है। कई मामलों में यह तनाव शक, झगड़े और मारपीट तक पहुंच जाता है। डॉ. आकृति ने बताया कि कुछ दंपती रिश्ते बचाने के लिए काउंसलिंग का सहारा लेते हैं, लेकिन हर मामले में इसका असर नहीं होता। अगर दोनों पक्ष एक-दूसरे की भावनाओं और सीमाओं को समझने के बजाय केवल अपनी बात पर अड़े रहें तो रिश्ते में दूरी लगातार बढ़ती जाती है। -------------------------- यह खबर भी पढ़िए- B.Tech इंजीनियर ने 19 साल की लड़की को मार डाला:नोएडा में हॉस्टल के कमरे में लाश छिपाकर भागा, असम से 6 दिन पहले आई थी नोएडा में बीटेक इंजीनियर ने 19 साल की लड़की की हत्या कर दी। लाश हॉस्टल में अपने कमरे में छिपा दी। फिर बाहर से ताला लगाकर भाग गया। 2 दिन बाद बदबू आने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कमरे का ताला तोड़कर देखा, तो अंदर लाश पड़ी थी। उसके शरीर पर धारदार हथियार से कई बार हमला किया गया था। पढ़ें पूरी खबर….
मेरठ में साइबर ठगी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। इस साल सात महीने में करीब 900 लोग साइबर ठगों का शिकार हुए और दो करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम गंवाई। मेरठ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 365 पीड़ितों की 1.90 करोड़ रुपए से अधिक की रकम वापस कराई है। वहीं साइबर अपराध में इस्तेमाल 1,382 मोबाइल नंबर और 2,179 IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए हैं। फर्जी कस्टमर केयर, निवेश, नौकरी, KYC, पार्सल और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरीकों से ठगी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर फ्रॉड होने पर जितनी जल्दी शिकायत होगी, ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी। एक करोड़ से ज्यादा रकम कराई वापस एसएसपी अविनाश पांडेय की मानें तो इस वर्ष अभी तक मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल की मदद से 136 पीड़ितों की कुल 11.44 लाख की धनराशि वापस कराई गई। इसके अलावा विभिन्न साइबर शिकायतों में बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से समन्वय स्थापित करते हुए 229 पीड़ितों की 1.79 करोड़ रुपए की धनराशि वापस करायी गयी है। कुल 365 पीड़ितों को 1.90 करोड़ रुपए वापस कराये जा चुके हैं। 30 FIR, 31 पर कसा शिकंजा प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त सूचनाओं के तकनीकी विश्लेषण और फील्ड सत्यापन के आधार पर कुल 30 एफआईआर दर्ज की गईं और 31 लोगों पर शिकंजा कसा गया। इन एफआईआर में 5.20 लाख रुपए नकद, एक मोटरसाइकिल, 24 मोबाइल फोन, 25 सिम कार्ड, एक राउटर, पांच एटीएम कार्ड, एक बिलबुक, 16 पासबुक समेत काफी कुछ सामान सीज किया गया है। डिजिटल संसाधनों से तोड़ी कमर एसएसपी की मानें तो इस वर्ष साइबर ठगों के डिजिटल संसाधनों को खत्म कर उनकी कमर तोड़ने का काम किया गया है। वर्ष 2026 में 1382 मोबाइल नंबर और 2179 IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए हैं। इन सभी का उपयोग साइबर फ्रॉड में किया जा रहा था। राज्यों से समन्वय गहरा हुआ है, जिस कारण 707 में से 257 संदिग्धों को नोटिस तामील कराए जा चुके हैं। स्वतंत्रता दिवस पर मेरठ पुलिस का संदेश स्वतंत्रता का अर्थ आज केवल सुरक्षित घर, सुरक्षित सड़क और सुरक्षित समाज नहीं है। तेजी से डिजिटल होते भारत में सुरक्षित डिजिटल जीवन भी हमारी स्वतंत्रता और सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम अपने घर का दरवाजा बंद करते हैं, उसी प्रकार डिजिटल अकाउंट की सुरक्षा भी आवश्यक है। हम अपना पैसा सुरक्षित रखते हैं, उसी प्रकार OTP, UPI PIN और Password को सुरक्षित रखना भी जरूरी है। साइबर एक्सपर्ट हेड कांस्टेबल उमेश कुमार बताते हैं कि साइबर फ्रॉड में गोल्डन ऑवर महत्वपूर्ण है। जितनी जल्दी शिकायत, उतनी ही धनराशि सुरक्षित किये जाने की संभावना बन जाती है। साइबर अपराध से बचने के लिए क्या करें : जल्दबाजी में क्या ना करें एसएसपी बोले- नेटवर्क खत्म करना प्राथमिकता एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि साइबर ठग हर बार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। इसलिए पुलिस भी तकनीक के साथ अपनी कार्रवाई को लगातार अपडेट कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता सिर्फ ठगों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि पीड़ित का पैसा जल्द से जल्द वापस कराना और ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर व अन्य डिजिटल संसाधनों को ब्लॉक कराना है। साथ ही पूरे साइबर नेटवर्क को चिन्हित कर उसे खत्म करने पर भी काम किया जा रहा है।
मेरठ में रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में राखियों की खरीदारी शुरू हो गई है। इस बार भाई-भाभी की जोड़ी वाली राखियां सबसे ज्यादा पसंद की जा रही हैं। बच्चों के लिए स्पाइडरमैन, डोरेमॉन, छोटा भीम और मोटू-पतलू वाली म्यूजिक, लाइटिंग और मैग्नेट राखियां भी बाजार में छाई हैं। वहीं ज्वेलरी बाजार में सोने-चांदी की राखियों और ब्रेसलेट के लाइटवेट डिजाइन तैयार किए गए हैं। बढ़े सोने के दाम के बीच ग्राहक कम वजन और इस्तेमाल में आने वाले आभूषण पसंद कर रहे हैं। भाई-भाभी की पेयर राखियों की सबसे ज्यादा डिमांड राखी विक्रेता गोलू ने बताया कि इस बार ग्राहकों में भाई-भाभी की पेयर वाली राखियों की सबसे ज्यादा मांग है। इसी को देखते हुए दुकानों पर इनके कई आकर्षक डिजाइन उपलब्ध कराए गए हैं। पेयर राखियों की कीमत करीब 50 रुपए से शुरू होकर 500 रुपए तक है। वहीं बाजार में सामान्य राखियों की भी बड़ी रेंज है, जिनकी कीमत 5 रुपए से 500 रुपए तक है। बच्चों के लिए कार्टून और म्यूजिक वाली राखियां बच्चों के लिए इस बार राखियों में कई तरह के आकर्षक विकल्प मौजूद हैं। स्पाइडरमैन, डोरेमॉन, छोटा भीम और मोटू-पतलू जैसे कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां बच्चों को खूब पसंद आ रही हैं। इनमें मैग्नेट, लाइटिंग और म्यूजिक वाली राखियां भी शामिल हैं। दुकानदार के मुताबिक, बच्चों के लिए ऐसी राखियां भी रखी गई हैं, जो हल्की हैं और कलाई में पहनने पर ज्यादा चुभती नहीं हैं। बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए डिजाइन और कैरेक्टर की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। भाई-भाभी के साथ भाभी के लिए ब्रेसलेट भी भाई-भाभी की जोड़ी वाली राखियों के साथ भाभी के लिए अलग-अलग डिजाइन के ब्रेसलेट भी बाजार में उपलब्ध हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस बार ग्राहक भाई-भाभी दोनों के लिए साथ में राखी खरीदने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। इसी वजह से पेयर राखियों के साथ भाभी के लिए ब्रेसलेट की भी कई वैरायटी मंगाई गई हैं। भगवान के लिए भी खास राखियां इस बार रक्षाबंधन पर भगवान के लिए भी विशेष राखियां बाजार में आई हैं। कान्हाजी और लड्डू गोपाल के लिए अलग से राखियों की रेंज तैयार की गई है। इसमें चंदन से बनी राखियों के साथ फैंसी डिजाइन वाली राखियां भी शामिल हैं। दुकानदार के अनुसार लोग लड्डू गोपाल समेत अन्य देवी-देवताओं के लिए भी राखियां खरीद रहे हैं। सोने-चांदी की राखियों में लाइटवेट डिजाइन पर जोर वहीं ज्वेलरी बाजार में भी रक्षाबंधन को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। ज्वेलरी कारोबारी भगत ज्वेलर्स के आधार ने बताया कि इस बार सिल्वर और गोल्ड दोनों में राखी के लिए कई विकल्प तैयार किए गए हैं। सोने के बढ़े हुए दाम को देखते हुए ग्राहकों की सुविधा के लिए लाइटवेट ब्रेसलेट और राखियों के डिजाइन तैयार किए गए हैं। इन डिजाइनों की खासियत यह है कि इन्हें राखी के मौके पर पहनने के साथ बाद में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कई डिजाइन ऐसे हैं, जिन्हें ब्रेसलेट के अलावा हाथ के दूसरे आभूषण के तौर पर भी पहना जा सकता है। कारोबारी के अनुसार बाजार में करीब 3 ग्राम से लेकर 15-20 ग्राम तक के लाइटवेट विकल्प उपलब्ध हैं। 40-50 हजार से शुरू, वजन और डिजाइन के हिसाब से बढ़ती कीमत सोने की राखी और ब्रेसलेट की कीमत करीब 40-50 हजार रुपए से शुरू हो रही है। इसके बाद कीमत वजन और डिजाइन के हिसाब से बढ़ती जाती है। कारोबारी के मुताबिक सोने के बढ़े रेट के कारण ग्राहक भारी आभूषणों की जगह हल्के और कम वजन वाले डिजाइन ज्यादा पसंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लाइटवेट ज्वेलरी इस समय फास्ट मूविंग आइटम है। ग्राहक ऐसे आभूषण खरीदना पसंद कर रहे हैं, जिन्हें कम बजट में लिया जा सके और अलग-अलग मौकों पर इस्तेमाल भी किया जा सके। रक्षाबंधन के बाद आने वाले फेस्टिवल और ब्राइडल सीजन को देखते हुए शोरूम में अलग-अलग रेंज के डिजाइन पहले से तैयार रखे गए हैं। कारोबारी के अनुसार आने वाले दिनों में फेस्टिवल और शादी के सीजन के साथ ज्वेलरी की डिमांड और बढ़ने की उम्मीद है।
आगरा के सरोजिनी नायडू (SN) मेडिकल कॉलेज में मिनी एम्स जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। बढ़ते मरीजों को देखते हुए ओपीडी का भी विस्तार किया जा रहा है, जिसमें रोजाना करीब 8 हजार मरीजों के इलाज की क्षमता होगी। करीब 38% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फेज-1 के काम के लिए सरकार से करीब 400 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। पूरी योजना अगले 4 से 5 साल में आकार लेगी। इसमें लेडी लॉयल कैंपस का विस्तार फेज-2 में होगा, जिसका काम करीब 2 साल बाद शुरू होने की संभावना है। वहीं एसएन के पुराने कैंपस में फेज-2 का काम करीब 6 महीने में शुरू होने की बात कही गई है। ओपीडी का होगा विस्तार, 8 हजार मरीजों की क्षमता एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ओपीडी का भी विस्तार किया जा रहा है। नया ओपीडी ब्लॉक तैयार होगा, जिसकी क्षमता एक दिन में करीब 8 हजार मरीजों की होगी। रजिस्ट्रेशन ब्लॉक के ऊपर एक हॉल बनाया जाएगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन काउंटर होंगे। इससे मौजूदा रजिस्ट्रेशन क्षेत्र में लगने वाली भीड़ कम होगी और मरीजों-तीमारदारों को राहत मिलेगी। फेज-1 में एकेडमिक ब्लॉक, एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक, इमरजेंसी एंड ट्रॉमा सेंटर, सर्जिकल एलाइड ब्लॉक, मेडिसिन एलाइड ब्लॉक और क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण हो रहा है। प्रस्तावित सुविधाओं में 200 बेड का इमरजेंसी एंड ट्रॉमा सेंटर, 300 बेड का सर्जिकल एलाइड ब्लॉक, 300 बेड का मेडिसिन एलाइड ब्लॉक और क्रिटिकल केयर की सुविधा शामिल है। एमबीबीएस छात्रों की संख्या बढ़ी, तैयार हो रही नई एकेडमिक बिल्डिंग एमबीबीएस छात्रों की संख्या बढ़ने के चलते कॉलेज में नई एकेडमिक बिल्डिंग तैयार की जा रही है। इंटीग्रेटेड प्लान के तहत एसएन मेडिकल कॉलेज और लेडी लॉयल को एक योजना में शामिल किया गया है। करीब 45 एकड़ जमीन में 10 बहुमंजिला ब्लॉक विकसित किए जाएंगे। पूरी योजना पर करीब 1000 से 1200 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। दिसंबर 2026 तक तैयार होगी 130 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट एसएन मेडिकल कॉलेज में 130 बेड की 10 मंजिला क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जा रही है। इसका काम दिसंबर 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है। यहां फेफड़ों के कैंसर, निमोनिया, अस्थमा, टीबी समेत गंभीर बीमारियों के मरीजों का इलाज होगा। एमडीआर टीबी मरीजों के लिए 25 कमरे, सीने से जुड़ी बीमारियों के लिए 25 बेड, टीबी मरीजों के लिए 50 बेड और अति गंभीर मरीजों के लिए 30 बेड रखे जाएंगे। फेज-2 में कैंसर, सर्जिकल और पीडियाट्रिक ब्लॉक फेज-2 में 300 बेड का कैंसर ब्लॉक, 300 बेड का सर्जिकल ब्लॉक, 250 बेड का पीडियाट्रिक ब्लॉक और पैरामेडिकल ब्लॉक बनाया जाएगा। लेडी लॉयल कैंपस का विस्तार भी इसी चरण में होगा। इसका काम करीब दो साल बाद शुरू होने की योजना है, जबकि एसएन के पुराने कैंपस में फेज-2 का काम करीब छह महीने में शुरू होने की बात कही गई है। आसपास के राज्यों के मरीजों को मिलेगा फायदा योजना पूरी होने के बाद हृदय, फेफड़े, किडनी, लिवर, कैंसर, पेट और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज और ऑपरेशन की आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी। इससे आगरा के अलावा आसपास के जिलों और भविष्य में दिल्ली, जयपुर समेत दूसरे राज्यों से आने वाले मरीजों को भी इलाज की सुविधा मिल सकेगी। अभी गंभीर मामलों में कई मरीज बेहतर इलाज के लिए दिल्ली और जयपुर जाते हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में अभी 1450 बेड एसएन मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में 200 एमबीबीएस सीटें, 216 पीजी सीटें, 248 चिकित्सक शिक्षक और 1450 बेड हैं। कॉलेज का इतिहास 1854 से जुड़ा है। 1939 में आगरा मेडिकल कॉलेज को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित किया गया और 1944 में एमबीबीएस का पहला बैच पास हुआ। 1947 में इसका नाम सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज रखा गया।
प्रयागराज में महाकुंभ से पहले करीब 95 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया 9 किलोमीटर लंबा गंगा रिवर फ्रंट रोड पर इस वक्त गंदगी बह रही है। रसूलाबाद घाट से नागवासुकी तक बनी इस सड़क पर जगह-जगह नाली, नाले और सीवर का गंदा पानी बह रहा है। करीब 18-20 जगहों पर सड़क पर पानी और गंदगी जमा है। कई जगह सड़क धंस गई है, रोज हजारों पर्यटक इसी रास्ते से संगम तक जाते हैं। महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा और शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए ये रोड बनाई गई थी। इसे मुंबई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित करने की योजना थी। मकसद था कि श्रद्धालु और पर्यटक गंगा किनारे बने इस आधुनिक मार्ग से सीधे संगम तक आसानी से पहुंच सकें और शहर के अंदर वालों को दिक्कत भी न हो। सड़क को बाढ़ और गंगा का जलस्तर बढ़ने के दौरान सुरक्षित रखने के लिए बोल्डर क्रेट और इंटरलॉकिंग सतह के साथ मजबूत स्लोप पिचिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। 3 तस्वीरें देखिए 9 किमी की सड़क पर 24 जगह गंदा पानी ग्राउंड रिपोर्ट में इस पूरे करीब 9 किलोमीटर के मार्ग पर कई जगह सड़क की हालत खराब मिली। करीब 24 स्थानों पर नालियों, नालों और सीवर का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। कई जगह पानी और कीचड़ जमा है तो कहीं कूड़े का ढेर लगा हुआ है। लगातार गंदा पानी बहने से सड़क कई स्थानों पर धंस गई है और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। कुछ स्थानों पर सीवर लाइन टूटने और नालों का पानी सीधे गंगा जी में जा रहा है पहली बाढ़ में भी कई जगह बह गई थी सड़क महाकुंभ के बाद आई पहली बाढ़ में भी इस सड़क के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा था। कई जगह सड़क बह गई थी और उसके किनारे की संरचना भी प्रभावित हुई थी। इसके बाद मरम्मत कर सड़क को दोबारा ठीक किया गया, लेकिन अब एक बार फिर सड़क की स्थिति खराब होती जा रही है। पूर्वांचल से संगम आने वालों के लिए सीधा रास्ता गंगा रिवर फ्रंट का इस्तेमाल पूर्वांचल और आसपास के जिलों से आने वाले पर्यटक भी बड़े पैमाने पर करते हैं। अयोध्या, सुल्तानपुर, अकबरपुर, अंबेडकरनगर, जौनपुर और लखनऊ की तरफ से आने वाले लोग फाफामऊ होते हुए इसी मार्ग से संगम की ओर पहुंचते हैं। इस वजह से रोज बड़ी संख्या में वाहन इस सड़क से गुजरते हैं। महाकुंभ के बाद भी संगम जाने वाले पर्यटकों के लिए यह मार्ग एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता बना हुआ है। इसके बावजूद सड़क की नियमित मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 95 करोड़ की सड़क पर सवाल करीब 95.20 करोड़ रुपये खर्च कर तैयार की गई 9 किलोमीटर लंबी सड़क का दो साल के भीतर इस तरह बदहाल होना कई सवाल खड़े करता है। जिस सड़क को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए विशेष तकनीक से तैयार किया गया था, वहां अब जलभराव, सीवर और नाले का पानी, गड्ढे और धंसी सड़क दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे मार्ग का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। जहां सड़क धंसी है वहां स्थायी मरम्मत हो, सीवर और नालों के पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और गंगा में गिर रहे गंदे पानी को रोका जाए। लोगों ने क्या कहा, आगे जानिए स्थानीय निवासी पंकज शुक्ला ने बताया- इतना धार्मिक और पौराणिक स्थलों को जोड़ने वाला रास्ता जो गंगा के पथ पर बना है, इसमें सीवर का पानी... लोग मरे जानवर फेंक देते हैं, सीवर का पानी बह रहा है... जगह-जगह सीवर का पानी बह रहा है। पूरा रसूलाबाद से लेकर और दारागंज मोड़ तक कम से कम 20 जगह आपको ऐसी मिलेगी जहाँ पर सीवर से होकर लोग आते-जाते हैं। यहाँ डेड बॉडी बहुत आने लगी हैं इस रास्ते के बनने से, जो संगम और दारागंज घाट जाती हैं अंतिम क्रिया के लिए। स्थितियां तो बहुत बदहाल हैं इस रोड की। इसके बनने की तो उम्मीद होनी चाहिए, भगवान की कृपा से बन जाए अच्छी बात है। लेकिन स्थितियां बहुत खराब हैं। आप यहीं सामने देख लीजिए, कम से कम 2 साल से पानी भरा हुआ है। स्थानीय निवासी यशवंत पाण्डेय ने बताया- गंगा की तरफ सड़क को कटाव से बचाने के लिए दोनों ओर रिटेनिंग वॉल होना जरूरी है। सरकार ने जब इतनी बड़ी राशि खर्च की है तो सड़क की मजबूती और सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए, वरना कटाव और लगातार नमी की वजह से सड़क जल्द क्षतिग्रस्त हो सकती है। उन्होंने बताया कि सीमेंट की बाइंडिंग पावर नमी और डैम्पनेस के कारण प्रभावित होती है। सड़क पर जगह-जगह दरारें भी दिखाई दे रही हैं, ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता और इस्तेमाल किए गए सरिये की पर्याप्तता की जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि सड़क पर पानी भरा है, गंदगी जमा है और इसकी नियमित देखरेख नहीं हो रही है। संबंधित विभाग को समय रहते इसकी जांच और मरम्मत करानी चाहिए, ताकि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क जल्द खराब न हो।
प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (SRN) परिसर में बन रही 100 बेड वाली क्रिटिकल केयर यूनिट की शुरुआत इस साल अक्टूबर तक होने की संभावना है। यूनिट का निर्माण काम लगभग 90% पूरा हो चुका है। सितंबर में निर्माण कामों का निरीक्षण करने के बाद इसे अस्पताल प्रशासन को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट गंभीर रूप से बीमार और आपातकालीन मरीजों का इलाज करेगी। यूनिट अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस होगी। यूनिट में गहन चिकित्सा इकाई (ICU), आइसोलेशन वार्ड, और उच्च निर्भरता इकाई (HDU) जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के निर्माण काम की कुल लागत 44 करोड़ 50 लाख रुपए है। जिसमें निर्माण काम के लिए 30 करोड़ और शेष धनराशि उपकरणों को खरीदने के लिए है। पीएम मोदी द्वारा फरवरी 2024 में वर्चुअली प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत 100 बेड किटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक का शिलान्यास किया गया था। हर बेड पर वेंटिलेटर और तत्काल आपातकालीन इलाज यूनिट के प्रत्येक बेड पर वेंटिलेटर सुविधा के साथ-साथ ऑक्सीजन की केंद्रीकृत आपूर्ति (Centralized Oxygen System) व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इस पहल से सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल लोगों और अति-गंभीर मरीजों को बिना समय गंवाए तत्काल जीवनरक्षक उपचार मिल सकेगा। एकीकृत निदान केंद्र और ब्लड बैंक की सुविधा मरीजों को जांच और त्वरित इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े, इसके लिए परिसर में ही विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। चिकित्सालय में एक एकीकृत निदान केंद्र स्थापित किया गया है जो 24 घंटे कार्य करेगा। यह केंद्र आधुनिक पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी लैब से पूरी तरह से लैस है। डेंगू, मलेरिया, कैंसर और हृदय रोग (Cardiovascular Diseases) से पीड़ित मरीजों की तुरंत जांच संभव हो सकेगी। आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तत्काल रक्त उपलब्ध कराने के लिए इसी परिसर में एक नया ब्लड बैंक भी स्थापित किया गया है। मरीजों को नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर क्रिटिकल केयर यूनिट की शुरुआत होने से गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को जांच और इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यूनिट के ठीक बगल में डायग्नोस्टिक सेंटर शुरू हो चुका है। ऐसे में गंभीर मरीजों को एक ही जगह पर रेडियोलॉजी (एक्स-रे, सीटी स्कैन आदि) और पैथोलॉजी से संबंधित सभी प्रकार की जांचें और उपचार उपलब्ध हो सकेगा। नई यूनिट में मरीजों को 24 घंटे उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल मिलेगी। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्राचार्य के मुताबिक 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट का काम 90 फीसदी पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि सितंबर व अक्टूबर के भीतर यूनिट को संचालित कर दिया जाएगा। यह यूनिट गंभीर मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराएगी।
प्रयागराज के कैंट थाने के पूर्व प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। कोर्ट के आदेश के बावजूद एफआईआर दर्ज न करने और बार-बार आदेश के बाद भी अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय में पेश नहीं करने के मामले में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। करीब आठ महीने चली विवेचना के बाद एसीपी ने आरोपों को सही पाया और कार्रवाई को आगे बढ़ाया। खास बात यह है कि प्रभारी पर कोर्ट के आदेश की अनदेखी के आरोप में उनके ही थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। स्पेशल जज, एससी-एसटी कोर्ट के आदेश पर 23 नवंबर 2025 को यह मुकदमा दर्ज किया गया था। अब विवेचना पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल होने से पुलिस महकमे में भी इस मामले की चर्चा है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िएमामला कैंट थाना क्षेत्र के राजापुर निवासी 25 वर्षीय दिनेश चंद्र गौतम से मारपीट और कथित जातिगत उत्पीड़न से जुड़ा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दिनेश ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें सोनू यादव और हरिनाथ यादव के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद स्पेशल जज, एससी-एसटी कोर्ट ने मामले को संज्ञेय अपराध की प्रकृति का मानते हुए 21 सितंबर 2024 को कैंट पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया था। इस आदेश की प्रति कैंट थाने के पैरोकार ने 1 अक्टूबर 2024 को रिसीव भी कर ली थी। कोर्ट ने आदेश में एफआईआर दर्ज करने के साथ उसकी प्रति दो दिन के भीतर न्यायालय में पेश करने को कहा था। लेकिन आरोप है कि न एफआईआर दर्ज की गई और न ही कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट या एफआईआर की प्रति भेजी गई। एक साल बाद पीड़ित फिर पहुंचा कोर्टकोर्ट के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर दिनेश चंद्र गौतम ने 23 सितंबर 2025 को फिर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आदेश के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।इस पर कोर्ट ने कैंट थाने से स्पष्ट रिपोर्ट मांगी कि एफआईआर दर्ज की गई या नहीं। इसके लिए 18 अक्टूबर 2025 तक का समय दिया गया, लेकिन तय तारीख तक पुलिस की ओर से रिपोर्ट नहीं भेजी गई।इसके बाद अगली तारीख 4 नवंबर 2025 तय हुई। आरोप है कि इस तारीख तक भी कैंट थाने से अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय में नहीं पहुंची। घटना, जिसकी रिपोर्ट नहीं लिखीइंस्पेक्टर के खिलाफ दर्ज केस की मूल वजह करीब साढ़े तीन साल पुरानी घटना थी। शिकायतकर्ता दिनेश चंद्र गौतम के मुताबिक 2 अप्रैल 2022 की रात करीब 10 बजे वह राजापुर मार्केट में प्रमिल टाइपिंग सेंटर के पास सब्जी लेने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर सोनू यादव और उसके रिश्तेदार हरिनाथ यादव ने पीछे से सरिया और लाठी से हमला कर दिया। दिनेश का आरोप है कि हमले के दौरान दोनों ने जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। शोर मचाने पर दोनों मौके से भाग निकले। 112 पर फोन किया, अस्पताल में मेडिकल भी हुआदिनेश के मुताबिक घटना के तत्काल बाद उन्होंने 112 पर फोन किया। पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। उन्हें बेली अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल कराया गया। इसके बाद उन्हें कैंट थाने ले जाया गया।दिनेश का आरोप है कि उन्होंने उसी रात कैंट थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने 12 अप्रैल 2022 को आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि इसके बाद भी वह कैंट थाना और सीओ कार्यालय के चक्कर लगाते रहे, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। करीब एक साल तक कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने 5 अप्रैल 2023 को पुलिस आयुक्त को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी। वहां से भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय का रुख किया। आखिरकार न्यायालय ने 21 सितंबर 2024 को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया, लेकिन आरोप है कि इस आदेश के बाद भी कैंट पुलिस ने करीब 14 महीने तक मुकदमा दर्ज नहीं किया। 3 मौके मिले, फिर भी नहीं दी रिपोर्टइस पूरे मामले में कोर्ट की ओर से कैंट पुलिस को एक नहीं बल्कि कई मौके दिए गए। पहले एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति दो दिन में कोर्ट में पेश करने का आदेश था। बाद में पीड़ित की शिकायत पर कोर्ट ने अनुपालन रिपोर्ट मांगी। 13 अक्टूबर 2025 को आदेश देकर 18 अक्टूबर तक स्पष्ट रिपोर्ट देने को कहा गया कि एफआईआर दर्ज हुई या नहीं। तय समय बीत गया, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई। इसके बाद 4 नवंबर 2025 की तारीख तय हुई। आरोप है कि तब भी कंप्लायंस रिपोर्ट कोर्ट में नहीं पेश की गई। इसके बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन इंस्पेक्टर के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया। 8 महीने चली विवेचना, आरोप सही मिलेइंस्पेक्टर पर दर्ज मुकदमे की विवेचना करीब आठ महीने तक चली। विवेचना की जिम्मेदारी एसीपी सिविल लाइंस को दी गई थी। विवेचना के दौरान कोर्ट के आदेश, उसकी कैंट थाने में प्राप्ति, एफआईआर दर्ज न होने, अनुपालन रिपोर्ट नहीं भेजे जाने और बाद में न्यायालय की ओर से की गई कार्रवाई समेत पूरे घटनाक्रम की जांच की गई। विवेचना के दौरान एसीपी ने एफआईआर में लगाए गए आरोपों को सही पाया। इसके बाद तत्कालीन इंस्पेक्टर सुनील कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई। 23 महीने कैंट थाने के प्रभारी रहे सुनील कुमार 14 फरवरी 2024 से कैंट थाने के प्रभारी के रूप में तैनात थे। वह वर्ष 2006 में उप निरीक्षक के पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे और वर्ष 2022 में निरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए। करीब 23 महीने तक कैंट थाने की जिम्मेदारी संभालने वाले सुनील कुमार मूल रूप से सुल्तानपुर के रहने वाले हैं। उनके कार्यकाल में कैंट थाना एक अन्य चर्चित मामले को लेकर भी सुर्खियों में आया था, जब एक नाबालिग छात्रा के अपहरण के बाद उसके प्रेमी पर उसकी हत्या का आरोप लगा था।
बनारस घराने के कलाकार आज भी संगीत की पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। लेकिन सिर्फ संगीत के भरोसे घर चलाना अब आसान नहीं है। कई कलाकारों को कमाई के लिए दूसरा काम भी करना पड़ रहा है। कलाकार बताते हैं कि बनारस में कई कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को पैसे नहीं मिलते। उनसे फ्री में शो कराया जाता है। ऐसे में कोई दिन में बच्चों को संगीत सिखाता है, तो कोई रात में विदेश के बच्चों को ऑनलाइन क्लास देता है। इसके बाद भी युवाओं में संगीत सीखने का शौक बढ़ रहा है। नई पीढ़ी इसे करियर के तौर पर भी देख रही है। दैनिक भास्कर ने बनारस घराने के कलाकारों से बात कर जाना कि आज संगीत की दुनिया कितनी बदली है और कलाकार किन मुश्किलों से गुजर रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट….. बनारस घराने के कलाकारों से दैनिक भास्कर की खास बातचीत... सवाल- संघर्ष कर रहे कलाकारों का जीवन कैसे चल रहा है? पद्म भूषण राजन मिश्र के भांजे पंडित अनूप मिश्रा ने बताया कि मैंने 10 हजार से ज्यादा लोगों को संगीत सिखाया है। दिन में बच्चों को ऑफलाइन और रात में विदेशी विद्यार्थियों को ऑनलाइन संगीत सिखाते हैं। इस समय यही मेरे जीवनयापन का प्रमुख आधार है। मैं विदेशों में कई कार्यक्रम भी कर चुके हूं, लेकिन स्थिर आमदनी का कोई स्रोत नहीं है। बनारस में आधे से ज्यादा कॉन्सर्ट मुफ्त पंडित अनूप मिश्रा ने कहा- बनारस में होने वाले कई संगीत कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को मेहनताना नहीं मिलता। बाहर से कलाकार बुलाने पर आयोजक हजारों और लाखों रुपए खर्च करते हैं, लेकिन स्थानीय कलाकारों से मुफ्त में प्रस्तुति की उम्मीद की जाती है। इसका असर कलाकारों के परिवार पर भी पड़ रहा है। अगर कोई कलाकार चाहता है कि उसका बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर बने तो कई बार उसके पास इतनी आमदनी नहीं होती कि वह उसकी पढ़ाई का खर्च उठा सके। परिवार में संगीत है, फिर भी युवा नौकरी की ओर जा रहे पद्मश्री शिवनाथ मिश्र के बेटे देवव्रत मिश्र 40 से ज्यादा बार विदेशों में कॉन्सर्ट कर चुके हैं और अपनी अकादमी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि मेरी पीढ़ी में भी परिवार के कई लोग संगीत से जुड़े रहे, लेकिन स्थायी आमदनी के लिए कुछ लोग आईटी और दूसरी नौकरियों में चले गए। कलाकार के लिए आज भी कार्यक्रमों से होने वाली आमदनी निश्चित नहीं है। आज कार्यक्रम मिला तो कमाई हुई, लेकिन अगले कई दिनों तक कोई कार्यक्रम नहीं मिला तो आमदनी रुक जाती है। इसी अस्थिरता के कारण युवा नौकरी को प्राथमिकता देते हैं। संगीत के साथ आमदनी का दूसरा जरिया भी तलाशना पड़ता है तबला वादक आनंद मिश्रा ने बताया कि महंगाई बढ़ने के साथ कलाकार के लिए सालों तक सिर्फ संगीत की साधना करते रहना मुश्किल हो गया है। पहले परिवार में एक व्यक्ति कमाता था तो कई लोग उसी पर निर्भर रहते थे, लेकिन आज कई लोगों के कमाने के बावजूद परिवार चलाना चुनौती बन गया है। ऐसे में कलाकार को संगीत के साथ आमदनी का दूसरा जरिया भी तलाशना पड़ता है। सवाल- पहले और अब में क्या बदलाव आए हैं? अनूप मिश्रा ने बताया कि पहले कलाकर एक राग को 6-6 घंटे गाता था। अब एक ही कार्यक्रम में चार-चार कलाकारों को बुलाकर प्रत्येक को 30-35 मिनट का समय दिया जाता है। इससे कलाकार को अपनी कला पूरी तरह प्रस्तुत करने का मौका नहीं मिलता और उस पर कम समय में बेहतर प्रस्तुति देने का दबाव रहता है। आज की ऑडियंस को लंबे समय तक गहराई से सुनाना मुश्किल अनूप मिश्रा ने बताया कि सामाजिक तौर पर भी संगीत सुनने का तरीका बदला है। आज की ऑडियंस पहले की तरह लंबे समय तक गहराई से संगीत सुनने के लिए तैयार नहीं रहती। इसलिए कलाकार जब मंच पर जाते हैं तो उन्हें यह ध्यान रखना पड़ता है कि सामने किस तरह की ऑडियंस है और वह प्रस्तुति से कितना जुड़ रही है। दर्शकों को जोड़े रखने और उनका ध्यान बनाए रखने के लिए कलाकारों को गायन में कई तरह की तकनीकों का इस्तेमाल करना पड़ता है, जबकि पहले संगीत में इस तरह की तकनीकों की जरूरत कम पड़ती थी। पहले का माहौल और संगीत सुनने का तरीका अलग था। जल्दबाजी के कारण कलाकार रागों में कर रहे मिलावट अनूप मिश्रा ने कहा कि जैसे खाने में शुद्धता और मिलावट का फर्क होता है, वैसे ही संगीत में भी शुद्धता जरूरी है। उनके मुताबिक, कलाकार कम समय में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं और कम रियाज में परफेक्शन हासिल करना चाहते हैं। इसका असर संगीत की शुद्धता पर पड़ रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि राग भैरव की अपनी गंभीरता और शुद्धता है। इससे मिलता-जुलता राग कलिंगड़ा है। जल्दबाजी में कई बार कलाकार भैरव में कलिंगड़ा के सुरों को मिला देते हैं। इससे राग की मूल पहचान प्रभावित होती है। कलाकार के मुताबिक, इस तरह की मिक्सिंग बढ़ रही है और श्रोता भी उसे उसी रूप में स्वीकार कर लेते हैं। जिस कलाकार को जिस विधा के लिए बुलाया जाए, उसे उसी कला की प्रस्तुति करनी चाहिए। गायक का काम गायन, सितार वादक का सितार और तबला वादक का तबला बजाना है। पहले गुरु के साथ वर्षों बैठकर सीखते थे, अब समय ही नहीं सितारवादक देवव्रत मिश्रा ने कहा कि पहले गुरु-शिष्य परंपरा में विद्यार्थी लंबे समय तक गुरु के साथ रहकर संगीत सीखता था। अब बच्चों को सामान्य पढ़ाई के साथ संगीत भी सीखना पड़ता है। ऐसे में पुराने तरीके से सालों तक गुरु के साथ रहना संभव नहीं है। जेन-जी में संगीत सीखने की रुचि बढ़ी देवव्रत मिश्रा ने बताया कि जेन-जी में संगीत सीखने की इच्छा बढ़ रही है। वे संगीत की शिक्षा के लिए स्कूल भी चला रहे हैं। उनके यहां बच्चों की संख्या बढ़ रही है और अलग-अलग क्षेत्रों से स्कूल खोलने की मांग आ रही है। उनके मुताबिक, युवा कलाकारों की सफलता देखकर बच्चों में भी यह विश्वास पैदा हुआ है कि संगीत से पहचान और कमाई दोनों संभव हैं। संगीत में करियर है, लेकिन संघर्ष भी लंबा है तबला वादक आनंद मिश्रा ने कहा कि संगीत कोई छोटी चीज नहीं है। इसे सीखने में सालों की मेहनत लगती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने छोटी उम्र से ही परिवार और गुरुजनों से संगीत की शिक्षा ली। उनके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति मन लगाकर संगीत करता है तो इसमें करियर की अच्छी संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए लगातार मेहनत जरूरी है। नई पीढ़ी- संगीत में धीरे-धीरे करियर बनाने की उम्मीद बिहार के रोहतास से बनारस घराने में संगीत सीखने आए अस्तित्व चंद्रा ने बताया कि वे पहले स्कूल में संगीत सीखते थे। बाद में उन्हें लगा कि इस क्षेत्र में और गहराई से सीखने की जरूरत है, इसलिए बनारस आए। उनका मानना है कि संगीत में तुरंत करियर नहीं बनता, लेकिन लगातार सीखने और अभ्यास से भविष्य बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बनारस घराने की विविधता और इसकी परंपरा युवाओं को आकर्षित करती है। संगीत में एक-एक सुर, लय और ध्वनि पर पकड़ बनाने में समय लगता है। इसलिए जल्दी सफलता की बजाय लंबे अभ्यास पर ध्यान देना जरूरी है। जेन-जी कलाकार बोले- टाइम लगेगा, लेकिन फ्यूचर ब्राइट है युवा कलाकारों ने बताया कि आज संगीत सीखने वालों के लिए म्यूजिक टीचर बनने के साथ लाइव परफॉर्मेंस भी करियर का विकल्प है। स्कूलों में संगीत शिक्षक की नौकरी, निजी संस्थानों में प्रशिक्षण और मंचीय प्रस्तुति से आमदनी के रास्ते खुल सकते हैं। गुरु से सीखने के बाद संगीत में स्कोप दिखा बिहार के मुंगेर से आए ऋतिक सिंह ने बताया कि वे करीब दो साल से संगीत सीख रहे हैं। शुरुआत में उन्हें संगीत में करियर की ज्यादा संभावनाएं नहीं दिखती थीं, लेकिन गुरु से सीखने के बाद उनका नजरिया बदला। अब उन्हें लगता है कि सही जगह और सही गुरु से सीखने पर संगीत में आर्थिक रूप से स्थिर होने की संभावना है। AI के दौर में भी शास्त्रीय संगीत की जगह अलग युवाओं ने माना कि AI और तकनीक के कारण संगीत तैयार करना आसान हुआ है, लेकिन सितार, तबला और हारमोनियम जैसे वाद्ययंत्रों को इंसानी कलाकार की तरह बजाना अलग अनुभव है। कलाकारों का मानना है कि मशीन संगीत की तकनीकी नकल कर सकती है, लेकिन वो फिलिंग नहीं दे सकती जो एक कलाकार के गाने पर आती है। सवाल- क्या है बनारस घराने की गायकी की खासियत? गायक पंडित अनूप मिश्रा के मुताबिक, यहां किसी एक गायन शैली का वर्चस्व नहीं है, बल्कि ध्रुपद-धमार, ख्याल, ठुमरी, चैती, कजरी, झूला, भजन, गजल और कीर्तन तक की परंपरा मिलती है। इसी वजह से बनारस घराने की अपनी अलग पहचान है। यहां गायन के साथ वादन और नृत्य की भी मजबूत परंपरा रही है।
यूपी की मोस्टवांटेड लिस्ट में शुमार 50 हजार की इनामी माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन इन दिनों देशभर में सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। वजह सबसे छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत के बाद पूरा परिवार कब्रिस्तान में जमा हुआ। हर आंखें शाइस्ता को तलाशती रहीं। अफवाहें उड़ीं, बुर्कानशीं महिलाओं के वीडियो बने, लेकिन शाइस्ता की सही लोकेशन किसी को नहीं पता। अतीक अहमद की बेगम शाइस्ता परवीन भले ही तीन एजेंसियों पुलिस, एसटीएफ और ईडी की रडार पर है, लेकिन उसकी चर्चा, रील्स, फोटो, वीडियो सबसे ज्यादा बदनसीब और मजबूर मां के रूप में प्रसारित की जा रही है। वजह साफ है कि पति अतीक की हत्या, तीसरे नंबर के बेटे असद का एनकाउंटर में मारा जाना, इकलौते देवर अशरफ की हत्या, बेटे अबान की हादसे में मौत… अतीक और परिवार के तीन लोगों की मौत पर शाइस्ता को चेहरा देखना, सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होना भी नसीब नहीं हुआ। बेटे असद की लाश कसारी मसारी कब्रिस्तान पहुंचीं और शाइस्ता को सभी एजेंसियां तलाशती रहीं। इसके बाद अतीक अशरफ की लाशें कब्रिस्तान में रखीं गईं, तब भी सारी निगाहें शाइस्ता को ही तलाशती रहीं। तमाम अफवाहें उड़ीं, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में शाइस्ता सुपुर्द-ए-खाक में नहीं पहुंची। अब जब सबसे छोटे बेटे अबान की मौत हुई तो उमर, अली जेल से कब्रिस्तान तक आए। दो दिनों तक अबान की लाश हटवा में रखी रही। सुपुर्द-ए-खाक कसारी मसारी कब्रिस्तान में हुआ। यहां भी शाइस्ता खास चर्चा में रही। हर बुर्कानशीं महिला को देखते ही शाइस्ता की चर्चा हुई, लेकिन तस्वीर अंधेरे में ही रही, साफ नहीं हो सका कि शाइस्ता कहां है। अतीक परिवार और यूपी सरकार के एक्शन को लेकर खास बातें पुलिस रिकॉर्ड में अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा और अतीक की बहन आयशा नूरी फरार हैं। हालांकि, पिछले एक साल से अतीक परिवार की फरार इन तीन महिलाओं के लिए पुलिस, एसटीएफ की छापेमारी नजर नहीं आई। पुलिस शाइस्ता और जैनब को क्यों तलाश रही? 24 फरवरी, 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल का मर्डर हुआ। माफिया अतीक अहमद पर हत्या कराने का आरोप लगा। अरमान, गुलाम, शाबिर, गुड्डू मुस्लिम और अतीक का बेटा असद CCTV में गोली चलाते हुए दिखे। अतीक गुजरात की जेल में, जबकि उसका भाई अशरफ बरेली जेल में बंद था। अतीक की पत्नी शाइस्ता और अशरफ की पत्नी जैनब पर उमेश पाल की हत्या की साजिश में शामिल होने और शूटर्स की मदद करने के आरोप लगे। 8 राज्यों में अलर्ट, शाइस्ता-जैनब वांटेड हैं यूपी पुलिस ने 8 राज्यों में अलर्ट जारी किया। राज्यों की पुलिस को बताया गया कि ये महिलाएं वांटेड हैं। दिल्ली समेत चुनिंदा एयरपोर्ट पर उनकी फोटो भेजी गई। लुक आउट नोटिस जारी हुआ, लेकिन जांच एजेंसियां दोनों को ट्रेस नहीं कर सकीं। माफिया अतीक के परिवार की 3 महिलाओं पर इनाम घोषित है। शाइस्ता पर 50 हजार, जैनब फातिमा और अतीक की बहन आयशा नूरी पर 25-25 हजार का इनाम है। उन्हें प्रयागराज पुलिस, STF, लोकल इंटेलिजेंस तलाश रही है। वहीं, शाइस्ता को इन तीनों एजेंसियों के अलावा ED भी तलाश रही है। शाइस्ता परवीन की आखिरी लोकेशन प्रयागराज के हटवा गांव में मिली थी। जैनब फातिमा की भी आखिरी लोकेशन हटवा गांव में ही मिली। उमेश पाल मर्डर के बाद शाइस्ता अंडरग्राउंड हुई माफिया अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन उमेश पाल हत्याकांड के तीसरे दिन यानी 27 फरवरी, 2023 से फरार हो गई। शाइस्ता को आखिरी बार तब देखा गया, जब पुलिस टीमों ने अतीक के बेटे अहजम और अबान से पूछताछ की। तब शाइस्ता चकिया, प्रयागराज में थी। उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देकर 5 लाख के इनामी शूटर्स गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान अंडरग्राउंड हो गए। इसके बाद जैनब फरार हो गई। इन सभी के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मुंबई, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात तक छापेमारी हुई। बाद में एक टीम कई दिनों तक हैदराबाद में रही, लेकिन किसी का सुराग नहीं मिल सका। शाइस्ता की लोकेशन दिल्ली के बाद ओडिशा में भी मिली थी। पुलिस ओडिशा पहुंची, लेकिन कुछ पता नहीं चला। जैनब केस की पैरवी करती रही, केस में नाम आते ही गायब हुई जैनब की बात करें तो उमेश हत्याकांड के बाद कई दिनों तक वो शहर में रही। वकीलों के साथ वह पैरवी में जुटी रही। जैनब ने रिपोर्टर क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि अतीक-अशरफ को फंसाया जा रहा है। इस दौरान अतीक की बहन आयशा नूरी भी साथ थी। आयशा ने यूपी सरकार में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर आरोप लगाए थे कि शाइस्ता मेयर का चुनाव लड़ने वाली थी, इसलिए पूरे परिवार को फंसाया जा रहा। नंदी पर 5 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप लगाया गया। इसके बाद जैनब साबरमती जेल से अतीक को लाए जाने के दौरान कार में नजर आई थी। फरारी के बाद जैनब की लोकेशन लखनऊ मिली थी। पुलिस ने छापेमारी की तो अशरफ के वकील विजय मिश्र की गिरफ्तारी की गई, लेकिन जैनब नहीं मिली। फिर जैनब की लोकेशन उसके मायके हटवा प्रयागराज में मिली। तब 6 टीमों ने हटवा गांव में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था। ड्रोन तक से घरों की निगरानी कराई गई। हटवा के बाद से जैनब की लोकेशन फिर कहीं नहीं मिली। हालांकि, कहा जाता रहा कि वह हटवा में ही किसी मकान में अंडरग्राउंड है। शाइस्ता पर 7 और जैनब पर 4 मुकदमे दर्ज अतीक की पत्नी शाइस्ता पर 7 केस दर्ज हैं। 100 करोड़ की बेनामी संपत्ति रही। शाइस्ता के नाम पर रजिस्टर्ड दो मकान गिराए गए। वहीं, जैनब बीए पास है। 2 बेटी, 1 बेटा हैं। 50 करोड़ की संपत्ति की मालकिन रही। जैनब के 2 मकान और उसके भाइयों के 3 मकान गिराए गए। जैनब पर 4 मुकदमे दर्ज हैं। उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल होने के अलावा वक्फ बोर्ड की 50 करोड़ की संपत्ति पर कब्जा करने का केस है। अतीक के परिवार और करीबियों के 16 मकान गिराए जा चुके हैं। अतीक के 2 बेटे जेल में, एक हटवा में माफिया अतीक का बड़ा बेटा उमर अहमद लखनऊ जेल में है। दूसरे नंबर का बेटा अली अहमद झांसी जेल में बंद है। अतीक का तीसरे नंबर का बेटा असद झांसी में STF के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। सबसे छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत हो गई। अहजम हटवा में अपनी बुआ परवीन कुरैशी के साथ रह रहा है। उसे गनर मिला हुआ है।
देश के उत्तर और उत्तर-पूर्व राज्यों में बारिश से जनजीवन प्रभावित है। रविवार को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और बंगाल में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। उत्तराखंड में टिहरी डैम का पानी खतरे के निशान तक पहुंच गया है। ओडिशा में 18 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। जाजपुर के दशरथपुर में कानी नदी पर बन रहा पुल बाढ़ में बह गया। इधर, शनिवार को ओडिशा के 6 जिलों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित रहा। पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश के कारण निचले इलाकों से 95,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना पड़ा। हिमाचल में 30 जून से 15 अगस्त के बीच मानसून से जुड़ी घटनाओं में 183 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार शाम 5 बजे तक राज्य में 103 सड़कें बंद थीं। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें… अगले 2 दिन मौसम का हाल… 17 अगस्त 18 अगस्त
मेरठ जिला जेल में बंदी प्यारभरे नगमे सुनकर अपनी सजा काट रहे हैं। करीब 3 महीने पहले जेल में शुरू हुए इंटरनल रेडियो स्टेशन ‘रेडियो परवाज’ पर बंदियों की फरमाइश के गाने बजाए जाते हैं। सबसे ज्यादा डिमांड प्यार नगमों की आ रही है। बंदी एक दिन पहले ही अपनी पसंद के गाने की फरमाइश पर्ची के जरिए बता देते हैं। अगले दिन रेडियो पर उसी गीत को बजाया जाता है। जेल प्रशासन के अनुसार, वैसे तो रेडियो पर हर मूड के गाने सुने जा रहे हैं। लेकिन, हाई डिमांड पर प्यार, मोहब्बत के नगमे रहते हैं। इसमें भी 70 से 80 और 90 के दशक वाले फिल्मी गीतों की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है। महिला बंदी प्यार के नगमे और दर्द भरे गाने सुनती हैं जेल में इस समय पति को मारकर नीले ड्रम में भरने वाली मुस्कान, उसका प्रेमी साहिल, पति को सांप से डसवाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप के अलावा गुरप्रीत, तुषार, दामिनी, कविता, अंजली भी बंद हैं। ये वो नाम हैं, जिन्होंने एक्सट्रा मैरिटल अफेयर में अपने पतियों की बॉयफ्रेंड की मदद से हत्या कराई। जेल नियमावली के अनुसार, ये लोग एक-दूसरे से मिल नहीं सकते, इसलिए गीतों के जरिए एक-दूसरे तक अपनी भावनाओं को जाहिर कर रहे हैं। प्यार के नगमों के अलावा महिला बंदियों से मां, बच्चे, परिवार के गीतों की भी डिमांड आती है। क्योंकि कई महिला बंदी हैं, जिनके बच्चे बाहर हैं। वो बच्चे से मिलना चाहती हैं, लेकिन मिल नहीं पा रहीं। इसलिए वो अपने परिवार और बच्चे को याद करके गीत सुनती हैं। पुरुष बंदी बेवफाई के गाने सुनते हैं पुरुष बैरक की बात करें, तो यहां से भी प्यार, जुदाई, बेवफाई, सिचुएशनल सांग्स की डिमांड सबसे ऊपर रहती है। क्योंकि, पुरुषों में युवा और अधेड़ हर उम्र के बंदी हैं। कई पुरुष बंदी ऐसे हैं, जो अपनी प्रेमिका के पति की हत्या के आरोप में बंद हैं। वो सिचुएशनल गाने ज्यादा सुनते हैं। साहिल, अमरदीप, तुषार की तरफ से भी ऐसी ही फरमाइश आ चुकी है। मई, 2026 में शुरू हुआ था ‘रेडियो परवाज’ मेरठ जिला जेल में मई, 2026 में 'रेडियो परवाज' नाम से एक नया रेडियो स्टेशन शुरू किया गया है। परवाज का मतलब ऊंचे विचार रखना होता है। यह यूपी की जेलों में 11वां और इंडिया विजन फाउंडेशन का बनाया 17वां रेडियो स्टेशन है। इसे मुथूट फाइनेंस के सहयोग से शुरू किया गया है। इंडिया विजन फाउंडेशन की स्थापना डॉ. किरण बेदी ने की है। यह रेडियो केंद्र जेल सुधार और बंदियों के पुनर्वास की दिशा में शुरू किया गया है। मॉडर्न रेडियो स्टेशन तैयार किया गया है जेल में शुरू हुआ यह रेडियो स्टेशन काफी मॉडर्न है। यहां कंप्यूटर, मिक्सर, सारेगामा कारवां से लेकर हाईटेक स्पीकर भी हैं। रेडियो स्टेशन का इंटीरियर भी काफी एडवांस है। यहां रजामुराद, संजय दत्त, मोहम्मद रफी, अमिताभ बच्चन और किशोर कुमार के पोट्रेट लगे हैं। हर बैरक में लगाए गए हैं स्पीकर, ऐसे चलता है रेडियो रेडियो का प्रसारण रोजाना सुबह और शाम करीब दो-दो घंटे किया जाता है। एक दिन पहले ही बंदी अपनी फरमाइश बैरक की सुरक्षा में जो सिपाही या जेल स्टाफ होता है, उनको दे देते हैं। ड्यूटी खत्म होने के बाद वो रेडियो ऑफिस में पर्चियां रख देते हैं। बंदी अपनी बैरक में ही पसंदीदा गाने सुन सके, इसके लिए जेल की हर बैरक में स्पीकर लगाए गए हैं। रेडियो में प्रेरक वार्ता, जीवन कौशल, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक कार्यक्रम और वास्तविक जीवन की परिवर्तनकारी कहानियां भी प्रसारित की जाती हैं। रेडियो पर बंदी का नाम नहीं अनाउंस किया जाता है खास बात यह है कि पसंदीदा गाना बजाते समय बंदी का नाम नहीं अनाउंस किया जाता है। सिर्फ बैरक नंबर बता दिया जाता है। जैसे- फलां बैरक नंबर से इस फिल्म के इस नगमे की फरमाइश आई है। महिला और पुरुष दोनों जेल से गाने की फरमाइश की जाती है। जेल में महिलाओं की 2 बैरक हैं। एक में 30 और दूसरी में 31 महिला बंदी हैं। वहीं, पुरुष बंदियों की संख्या 1000 के करीब है। एक बैरक में 30 बंदी रहते हैं। बंदी ही संभाल रहा RJ की जिम्मेदारी ‘रेडियो परवाज’ की खास बात यह है कि यहां रेडियो जॉकी (RJ) की जिम्मेदारी भी एक बंदी ही संभाल रहा है। संस्था की ओर से उसे पहले RJ की ट्रेनिंग दी गई थी। इसके बाद उसे इन-हाउस RJ के रूप में प्रशिक्षित किया गया। इसके जरिए बंदियों को अपनी बात रखने और साथी बंदियों से संवाद करने का मौका मिल रहा है। जिन बंदियों को गाने का शौक है, वे स्टूडियो में आकर माइक पर अपनी आवाज में गाना भी गा सकते हैं। मेरठ रेंज की पहली जेल में बना रेडियो स्टूडियो रेडियो स्टेशन बनने के बाद इसे मेरठ रेंज की पहली जेल बताया गया है, जहां इस तरह का रेडियो स्टेशन शुरू हुआ है। जेल प्रशासन के मुताबिक, स्टेशन शुरू होने के बाद बंदियों में उत्साह है। रोजाना अलग-अलग गानों की फरमाइशें आती हैं। कई बंदी अपनी बैरक से भी व्यक्तिगत रूप से गानों की डिमांड करते हैं। जेल प्रशासन बोला- संगीत से तनाव कम करने में मदद मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया- डॉ. किरण बेदी की संस्था की ओर से जेल में रेडियो स्टेशन शुरू किया गया है। रेडियो पर सुबह-शाम करीब 2 घंटे फरमाइशी गीतों का कार्यक्रम चलता है। जेल प्रशासन ने रेडियो स्टेशन के लिए स्थान उपलब्ध कराया है, जबकि संस्था की ओर से वहां रेडियो का सेटअप तैयार किया गया है। संगीत और सकारात्मक माहौल बंदियों के मानसिक तनाव को कम करने और सुधार की दिशा में मददगार साबित हो सकता है। इसका बंदियों पर सकारात्मक असर भी देखने को मिल रहा है। रेडियो पर धार्मिक गीतों के साथ प्रेरणादायक नगमे, फिल्मी गीत और देशभक्ति के गाने भी बजाए जाते हैं। हालांकि पुराने फिल्मी गीतों की फरमाइश सबसे ज्यादा आती है। -----------------------------------------------
पंजाब की जेलों में सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर जमकर बवाल हुआ। इसको लेकर प्रदर्शनकारी शनिवार को पुलिस से भिड़ गए। दिन भर चले बवाल में पुलिस ने वाटर कैनन चलाए। इसमें कई प्रदर्शनकारी लौटे। अब प्रदर्शनकारियों ने 21 अगस्त को पूरे पंजाब को बंद करने का ऐलान किया हैं। उधर कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह प्रदर्शन कौमी इंसाफ मोर्चा की अगुवाई किया गया था। मोर्चा के नेताओं ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोपी लगाया है। कौमी इंसाफ मोर्चा के नेताओं ने कहा कि पहले कह रहे थे चार से पांच दिन की पैरोल दे देंगे। लेकिन वह एक दिन की पैरोल भी नहीं दे रहे हैं। 21 तारीख को बंद का ऐलान किया है। सारा पंजाब बंद रहेगा। व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। जानिए--- क्यों प्रदर्शन बवाल में बदला बैरिकेडिंग के पास पहुंचे तो शुरू हुआ बवाल, आंसू गैस के गोले दागे शनिवार मोहाली से चंडीगढ़ में गवर्नर हाउस जा रहे प्रदर्शनकारी YPS चौक के पास इकट्ठा हुए। उन्हें रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने एहतियात के तौर पर बॉर्डर सील कर दिया गयै थइस दौरान उग्र भीड़ ने ट्रैक्टर की मदद से बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस ने वाटर कैनन चलाया। इस पर भी प्रदर्शनकारी नहीं माने तो उन्हें खदेड़ने के लिए गन और ड्रोन की मदद से आंसू गैस के गोले दागे गए। इसके बाद वह पीछे हट गए।चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। इससे कुछ जवान घायल वहीं, मोर्चा के नेताओं ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान किया है। उन्होंने सिख बंदियों की रिहाई के साथ पूर्व CM बेअंत सिंह की हत्या में शामिल जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग की। इससे पहले चंडीगढ़ में गवर्नर हाउस के करीब पहुंचे शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान को हिरासत में ले लिया। वह सिर पर पट्टी बांधकर घायल मरीज के भेष में वहां पहुंचे थे। प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS…. दिन भर होता रहा बवाल, कई रास्ते बंद कई प्रदर्शनकारी हुए घायल, एसपी बोले -हमारे जवानों पर चले पत्थर चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा कि कौमी इंसाफ मोर्चा ने पंजाब के गवर्नर हाउस तक मार्च करने का आह्वान किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की थी और सहयोग का भरोसा दिया था। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन शुरू होने के बाद कुछ लोग आगे आकर बैरिकेड के पास खड़े हो गए। काफी देर तक वे वहीं रहे, लेकिन बाद में कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें कई बार चेतावनी दी। इसके बावजूद कुछ उग्र प्रदर्शनकारी, जिनके पास तेजधार हथियार थे, आगे आए, बैरिकेड तोड़े और पुलिस पर हमला करने की कोशिश की। SSP ने कहा कि पुलिस ने कानून के तहत पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसमें पुलिस के कुछ जवान घायल हुए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और घायलों की सही संख्या बाद में बताई जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कौमी इंसाफ मोर्चा बोला- कई साथी घायल कौमी इंसाफ मोर्चा के नेताओं ने कहा कि जो आज घटना हुई उसमें हमारे कई साथी जख्मी हुए। सिमरनजीत सिंह मान भी घायल हुए। यह पहली बार हुआ कि अपने नागरिकों पर ड्रोन से आंसू के गोले छोड़े गए। हम पिछले चार पांच दिन से एजेंसियो से मीटिंग कर रहे थे। जगतार हवारा ने भी शांत रहने की अपील की है। हम शांतिपूर्ण तरीके से लड़ाई लड़ेंगे।
हरियाणा BJP में प्रदेश संगठन में बदलाव के बाद अब जिलों की टीमों में भी फेरबदल की तैयारी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कम से कम 6 जिलाध्यक्षों की छुट्टी हो सकती है। पिछले कुछ समय से कई जिलों में भाजपा संगठन में कलह की खबरें खुलकर सामने आईं। फील्ड में कम सक्रियता, वर्करों से संवाद में कमी या गुटबाजी को कंट्रोल न कर पाने की शिकायतों वालों जिलों पर पहले फैसला हो सकता है। दो दिन पहले ही पार्टी ने हरियाणा में 27 जिला प्रभारी लगाए हैं। दरअसल, हिसार, रोहतक, गोहाना, भिवानी, फतेहाबाद और जींद में संगठन की कलह-कंट्रोवर्सी की शिकायतें सामने आईं। इसके अलावा एक जिलाध्यक्ष पिछले कुछ दिनों से पार्टी की नेत्री से कनेक्शन की फोटो-वीडियो वायरल होने की वजह से राडार पर हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में हरियाणा BJP प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि किसी स्पेसिफिक नाम पर विमर्श नहीं चल रहा है, हालांकि संगठन में हमेशा कुछ न कुछ चलता रहता है। कई जिलों की कंट्रोवर्सी आ चुकी सामने कुरुक्षेत्र में बदला जा चुका है जिलाध्यक्ष कुरुक्षेत्र में विवादों के बीच भाजपा ने जिलाध्यक्ष को जून में बदला था। यहां तेजिंद्र सिंह गोल्डी को हटाकर रमेश सैनी को जिलाध्यक्ष बनाया गया था। पूर्व जिलाध्यक्ष गोल्डी का होमगार्ड की नौकरी को लेकर कथित सौदेबाजी का ऑडियो वायरल हुआ था। जिसके बाद यह एक्शन लिया गया। उसी के बाद दूसरे जिलाध्यक्षों के खिलाफ भी कार्रवाई की चर्चाएं तेज हुईं। हरियाणा में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चुनने और प्रदेश की टीम का चयन होने के बाद अटकलें चल रही हैं। भाजपा ने पिछले साल 27 जिलाध्यक्षों की सूची जारी की थी, जिसमें 20 नए चेहरे थे, जबकि 7 पुराने कार्यकर्ताओं को मौका मिला। इनमें से 5 जिलाध्यक्ष किसी न किसी राजनीतिक विवाद में फंसे हुए हैं। तीन प्रदेशाध्यक्षों में से दो ने बदली थी जिले की टीम… ओमप्रकाश धनखड़ : 2020 में पूर्व में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रहे ओमप्रकाश धनखड़ ने प्रदेशाध्यक्ष बनने के एक महीने के अंदर सभी 22 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए थे। नाम घोषित करने से पहले धनखड़ ने सभी जिलों का दौरा कर मंडल स्तर पर नए जिलाध्यक्षों के नाम के बारे में फीडबैक हासिल किया था। धनखड़ ने सुभाष बराला के कार्यकाल में बने अधिकतर जिलाध्यक्ष बदल दिए थे। मगर धनखड़ के समय सरकार और संगठन के बीच खींचतान देखने को मिली थी। इसके बाद धनखड़ का कार्यकाल खत्म होते ही उनकी लगाई आधी टीम को बदल दिया था। नायब सैनी : 2024 में हरियाणा के पूर्व में सांसद रहे और वर्तमान में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद ओमप्रकाश धनखड़ के समय लगे आधे जिलाध्यक्षों को बदल दिया था। तब पानीपत में डॉ. अर्चना गुप्ता की जगह दुष्यंत भट्ट, सोनीपत में तीर्थ सिंह राणा की जगह जसबीर दोदवा, फरीदाबाद में गोपाल शर्मा की जगह राजकुमार वोहरा, भिवानी में शंकर धुप्पड़ की जगह मुकेश गौड़, हिसार में कैप्टन भूपेंद्र सिंह की जगह आशा खेदड़, झज्जर में विक्रम कादियान की जगह राजपाल जांगड़ा, सिरसा में आदित्य देवीलाल चौटाला की जगह निताशा सिहाग, गुरुग्राम में गार्गी कक्कड़ की जगह कमल यादव और चरखी दादरी में सतेंद्र परमार की जगह डॉ. किरण कलकल को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था। मोहन लाल बड़ौली : मोहन लाल बड़ौली जुलाई 2024 से मई 2026 तक हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल के दौरान किसी भी जिलाध्यक्ष को बदला नहीं गया था। जुलाई 2024 में जब मोहन लाल बड़ौली को नायब सिंह सैनी की जगह भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया, तो उसके कुछ समय बाद ही हरियाणा में विधानसभा चुनाव आयोजित होने थे। चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए तत्कालीन जिलाध्यक्षों की टीम के साथ ही पूरी चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाया गया था।
हांसी में जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर हो रहे प्रदर्शन के दौरान CIA इंचार्ज कप्तान सिंह ने प्रदर्शनकारियों को AK-47 दिखाई। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कप्तान सिंह बिना पुलिस वर्दी के दूसरे पुलिसकर्मियों के साथ खड़े हैं। वह अचानक आगे बढ़ते हैं और दूसरे CIA कर्मचारी के हाथ में मौजूद AK-47 उठाकर प्रदर्शनकारियों की ओर दिखाते हैं। हालांकि, दूसरा कर्मचारी AK-47 को अपने हाथ से नहीं छोड़ता। वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी कप्तान सिंह को रोकने की कोशिश करते भी नजर आ रहे हैं। उधर, इस मामले में जीवन कुंडू न्याय समिति की ओर से नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन और स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन को लिखित शिकायत भेजी गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि CIA इंचार्ज कप्तान सिंह ने AK-47 से गोली मारने की धमकी दी। साथ ही SP विनोद कुमार के पथराव करने पर भी सवाल उठाए। AK-47 को लेकर पूछे गए सवाल पर हांसी SP विनोद कुमार ने कहा, “AK-47 तो मेरे गनमैन और एस्कॉर्ट के गनमैन के पास भी थी, लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं किया गया।” CIA इंचार्ज की 3 तस्वीरें देखिए… जानिए शिकायत में क्या कहा गया… AK-47 तानकर गोली मारने की धमकी का आरोप जीवन हत्याकांड न्याय समिति के सदस्यों और जिला परिषद सदस्य रामनिवास सहित अन्य चश्मदीदों ने शिकायत में कहा कि 15 अगस्त 2026 को जीवन हत्याकांड न्याय समिति की ओर से मुख्य आरोपी रमेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सिसाय पुल, हांसी पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान CIA इंचार्ज कप्तान सिंह ने प्रदर्शनकारियों की ओर AK-47 तानकर उन्हें गोली मारने की धमकी दी। इससे प्रदर्शनकारियों में भय और आतंक का माहौल पैदा हुआ और उनकी जान व सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ। पुलिस पर पथराव और लाठीचार्ज का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान हांसी के SP विनोद कुमार और अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों पर पथराव किया। महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बदसलूकी और लाठीचार्ज किया। शांतिपूर्ण तरीके से बैठे बुजुर्गों को भी लाठियों से चोटें मारी गईं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सिविल ड्रेस में कुछ हथियारबंद लोग लाठीचार्ज और पथराव में शामिल थे। इन घटनाओं में सैकड़ों लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। आरोपियों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। SP का भी पत्थर फेंकते का वीडियो सामने आया था बवाल के दौरान हांसी के SP विनोद कुमार का भी एक वीडियो सामने आया है। इसमें SP प्रदर्शनकारियों की ओर पत्थर फेंकते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में उनके साथ एक कॉन्स्टेबल भी दिखाई देता है, जो हाथ में शील्ड लेकर SP के आगे-आगे चलता है। प्रदर्शनकारियों की तरफ से भी लगातार पत्थर आ रहे थे। ऐसे में कॉन्स्टेबल शील्ड लेकर SP को पत्थरों से बचाने की कोशिश करता नजर आया। इसके बाद SP कुछ पीछे की ओर हट जाते हैं। SP बोले- पुलिस पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की हांसी SP विनोद कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी करने और ट्रैक्टर चढाने की कोशिश की और नाके तोड़े। मेरे समेत 5 से 6 पुलिसकर्मी घायल हुए। इस घटनाक्रम में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसमें किसान नेता सुरेश कौथ, अनिल बालकिया, रोशनलाल पाबड़ा, नरेंद्र कुंडू, रामफल प्रधान पंचग्रामी, अमरजीत कुंडू किनाला, अजीत पूनिया खरखड़ी, महेंद्र सिहाग रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर, रामकेश जिला पार्षद फरीदपुर, वारिस सिंधु, रोहताश किसान नेता डाटा, दयानंद उर्फ दाना, शमशेर नंबरदार इसके अलावा 150 से 200 अन्य महिला व पुरुषों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन पर 189, 190, 191, 109(1), 121, 152, 223, 132, 221, 351(3), 3 पीडीपी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- हांसी पुलिस-किसानों में टकराव, 13 नामजद समेत 200 पर FIR:CM का ध्वजारोहण रोकने जा रहे थे; पथराव में SP समेत 6 पुलिसकर्मी घायल हिसार के डेयरी संचालक जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर शनिवार सुबह हांसी में बवाल हो गया। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसान मुख्यमंत्री नायब सैनी का ध्वजारोहण कार्यक्रम रोकने जा रहे थे। पुलिस ने शहर के बाहर उन्हें रोकने की कोशिश की, तो किसानों ने पथराव शुरू कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के बाद करनाल में सामाजिक खींचतान बढ़ती जा रही है। इसी बीच मामले में वांछित बताए जा रहे शूटर समाना उर्फ वंश का एक और ऑडियो सामने आया है। ऑडियो में वह वाल्मीकि समाज को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर अपनी सफाई देता सुनाई दे रहा है। वह दावा करता है कि अगर उसके खिलाफ वाल्मीकि समाज को गाली देने का कोई सबूत है तो वह खुद सरेंडर कर देगा। साथ ही उसने बीरू और उसके साथ रहने वाले लोगों पर उसे गाली देने का आरोप लगाया है और कहा है कि उसके पास इससे जुड़े सबूत मौजूद हैं।ऑडियो में समाना ने कहा कि लोग बिरादरी देखकर पक्ष ले रहे हैं और समाज को जातिवाद से ऊपर उठकर सही का साथ देना चाहिए। उसने यह भी कहा कि कुछ शरारती तत्व समाज के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। हालांकि दैनिक भास्कर इस ऑडियों की पुष्ठी नहीं करता। वाल्मीकि समाज को गाली देने का एक भी सबूत है तो सरेंडर कर दूंगा'सामने आए ऑडियो की शुरुआत में समाना खुद को शूटर समाना बताते हुए कहता है कि वाल्मीकि समाज की ओर से किए जा रहे विरोध को लेकर वह अपनी बात रखना चाहता है। उसका कहना है कि उसने किसी संत को गाली नहीं दी और न ही उसका विवाद जातिवाद से जुड़ा था। वह कहता है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि वह वाल्मीकि समाज को गालियां देता था। इसके बाद वह दावा करता है कि अगर किसी के पास इसका एक भी सबूत है तो वह खुद सरेंडर कर देगा। ऑडियो में वह अपने लंबे समय से फरार होने का भी जिक्र करता है। बीरू और उसके साथ रहने वाले लोग मुझे गाली देते थेऑडियो में समाना ने दावा किया कि बीरू और उसके साथ रहने वाले लोग उसे गाली-गलौज करते थे। उसने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह इससे संबंधित ऑडियो भी जारी कर सकता है। समाना ने सूरज राणा हत्याकांड का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उस समय समाज कहां था। उसने कहा कि अगर किसी शरीफ व्यक्ति को भी लगातार परेशान किया जाए तो वह भी कोई कदम उठा सकता है। मेरे पास बीरू के 10 सबूत पड़े हैऑडियो में समाना आगे कहता है कि उसके पास बीरू द्वारा उसके समाज को कथित तौर पर गालियां देने के 10 सबूत पड़े हैं। वह कहता है कि वह अकेला बोलने के लिए काफी है और आगे किसी भी तरह के विरोध या परिस्थिति का सामना करने के लिए भी पूरी तरह से तैयार है। उसने समाज के लोगों से जाति देखकर पक्ष नहीं लेने की अपील करते हुए कहा कि सही का साथ दिया जाना चाहिए। साथ ही उसने आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्व समाज के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। आज CM से मीटिंग कर सकता है रोड़ समाजइधर रोड़ समाज के लोग आज मुख्यमंत्री नायब सैनी से दोबारा मुलाकात कर सकते हैं। समाज की ओर से हर्ष एनकाउंटर की जांच CBI या किसी न्यायिक अधिकारी से करवाने की मांग रखी जाएगी। रोड समाज के लोगों ने गुरुवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की थी। उसी दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें 16 अगस्त को दोबारा मिलने का समय दिया था। अब आज होने वाली मुलाकात में समाज की ओर से अपनी मांग दोहराई जाएगी। वाल्मीकि समाज की करनाल में महापंचायतदूसरी ओर बीरू वाल्मीकि हत्याकांड को लेकर वाल्मीकि समाज ने भी आज करनाल में महापंचायत बुलाई है। इसमें हत्याकांड के बाद बने माहौल और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। दोनों पक्षों की बैठकों के चलते पुलिस-प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। MSO की सर्व समाज बैठक में भाईचारा बनाए रखने की अपीलशनिवार को महाराजा सूरजमल संगठन (MSO) के नेतृत्व में सर्व समाज की बैठक हुई। इसमें करनाल में बने तनावपूर्ण माहौल के बीच लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। बैठक में करनाल एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग और एनकाउंटर को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी बात हुई।MSO से जुड़े सूरजीत संधू ने कहा कि रोड़ समाज की ओर से सभा कर एनकाउंटर को हत्या बताया गया और करनाल एसपी के तबादले की मांग भी उठाई गई। उनका कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने इनपुट के आधार पर कार्रवाई की है और किसी भी अधिकारी की जात देखकर आरोप नहीं लगाने चाहिए। जांच हो तो निष्पक्ष तरीके से होसूरजीत संधू ने कहा कि अगर मामले की जांच की मांग की जा रही है तो जांच करवाई जानी चाहिए, लेकिन वह निष्पक्ष तरीके से हो। उन्होंने सर्व समाज की बैठक को भाईचारा बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि आज अपराध का स्वरूप बदल रहा है और अपराधियों के गैंग में अलग-अलग समाजों के युवा शामिल हो सकते हैं। इसलिए किसी अपराध को केवल जाति के चश्मे से देखने के बजाय कानून के आधार पर देखा जाना चाहिए। सोशल मीडिया की बहस के बाद तीन युवाओं की मौत का जिक्रसंधू ने युवाओं से सोशल मीडिया पर होने वाली बहसबाजी से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि करनाल में तीन युवाओं की मौत हुई है और इन मामलों में सोशल मीडिया पर हुई बहस की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में युवाओं को भावनाओं में आकर कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिए। योगेश कपूर गिरफ्तार, पुराने केस में 7 दिन का रिमांडवहीं, शूटर समाना उर्फ वंश के दोस्त योगेश कपूर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे एक पुराने मामले में 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस अब बीरू वाल्मीकि हत्याकांड से जुड़े पहलुओं को लेकर भी उससे पूछताछ कर सकती है। बताया जा रहा है कि योगेश ने समाना और बीरू के बीच धमकी को लेकर सामने आई ऑडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया था। इसके अलावा सोशल मीडिया पर योगेश कपूर की समाना उर्फ वंश के साथ तस्वीरें भी वायरल हुई हैं। इनमें एक तस्वीर में योगेश के हाथ में पिस्टल दिखाई दे रही है। पुलिस इन तस्वीरों और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर सकती है।
ऋषिकेश में हरियाणा के एक युवक को नंगा कर पीटा गया। रेलवे स्टेशन रोड पर चार-पांच युवकों ने घेरकर उसकी पैंट उतार दी। इसके बाद सड़क पर घसीटते हुए प्राइवेट पार्ट पर जमकर लात-घूसें मारे। इस दौरान आरोपी उसे जमकर गालियां देते नजर आए। वहीं, हरियाणवी युवक बचने के लिए उनके हाथ पकड़ने लगा। इस हमले का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें आरोपी युवक बाल पकड़कर उसे घीटते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पीछे से 'छोड़ दो छोड़ दो' की आवाज भी आती रही। वहीं, घटना के बाद युवक भी सामने आया। एक वीडियो में उसने कहा, मेरा मोबाइल चोरी हो गया था। डॉयल-112 को कॉल कर इसकी जानकारी भी दी। छोटे समझकर आरोपी युवकों को नहीं पीटा। युवक ने खुद को सिंगर पंकज जोंटी बताया। हालांकि, वीडियो और घटना से जुड़े दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पहले पढ़िए…वीडियो में क्या दिख रहा इस घटना से जुड़ा एक मिनट 11 सेकेंड का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें कुछ स्थानीय युवक गाली देते हुए मारपीट कर रहे हैं। एक ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात भी मार दी। इसके बाद अन्य युवकों ने उसके हाथ पकड़कर थप्पड़ भी मारे। युवक जैसे ही उनसे बचने की कोशिश करने लगा, आरोपियों ने बाल पकड़कर सड़क पर ही घसीट दिया। उसकी कमर पर भी कई लात मारी। इस दौरान एक युवक उन्हें रोकता भी नजर आया। अब जानिए, पिटाई के बाद क्या बोला युवक… चार-पांच युवकों ने जमकर पीटा: जानकारी के अनुसार, युवक हरियाणा के किसी जिले का रहने वाला है। उसका मोबाइल चोरी हो गया था, जिसके बाद कुछ स्थानीय लोगों से उसकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने के बाद चार-पांच युवकों ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में युवक हमलावरों से बचकर भागता हुआ नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि वह किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर वहां से भाग गया। फोन चोरी होने पर पुलिस कॉल की: वीडियो में युवक ने अपना नाम पंकज बताते हुए कहा- फोन चोरी होने के बाद डॉयल-112 पर कॉल की थी। युवक ने दावा किया कि उसे 20 पुलिसकर्मियों ने पीटा है। उसने युवकों को छोटा समझकर अपनी तरफ हाथ नहीं उठाया। जब युवक से पीटने का कारण पूछा गया तो उसने कहा, बिना वजह पीटा गया है। उन्होंने बाइक चोरी का भी आरोप लगाया। तीन महीने पहले भी सामने आई थी ऐसी घटना ऋषिकेश में करीब तीन महीने पहले भी हरियाणा से आए दो पर्यटकों के साथ मारपीट और उन्हें नंगा कर सड़क पर घुमाने का मामला सामने आया था। आरोप था कि दोनों युवक कार में बैठकर एक नाबालिग लड़की को अश्लील इशारे कर रहे थे। लड़की की शिकायत के बाद आसपास मौजूद लोग भड़क गए और दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर भीड़ ने सड़क पर कार रोक ली और उस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इसके बाद युवकों को कार से बाहर निकालकर पीटा गया। आरोप है कि भीड़ ने उनके कपड़े उतार दिए और एक युवक को नग्न अवस्था में सड़क पर घुमाते हुए पीटा। हालांकि घटना के बाद लड़की मां ने वीडियो शेयर कर स्पष्ट किया था कि वे रास्ता पूछ रहे थे। उनके साथ मारपीट करना गलत था। एक महीने पहले कुत्ते का पट्टा पहनाकर पीटा हरिद्वार में एक महीने पहले हरियाणा के एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। युवक एक लड़की से मिलने पहुंचा था। आरोप है कि युवक के मुस्लिम होने की जानकारी मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उस पर ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की। ----------------- ये खबर भी पढ़ें : ऋषिकेश में हरियाणवियों की पिटाई के बाद 'बॉयकॉट उत्तराखंड' ट्रेंड: एन्फ्लुएंसर बोले- इनके चूल्हे हम चलाते हैं, ये भूखे मरेंगे; HR नंबर टारगेट कर रहे उत्तराखंड के ऋषिकेश में हरियाणा के 2 युवकों को नंगा कर पीटने के मामले में अब सोशल मीडिया पर बॉयकॉट उत्तराखंड ट्रेंड हो रहा है। हरियाणवी इन्फ्लुएंसर्स सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो शेयर कर इस ट्रेंड में हिस्सा ले रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा के सिरसा में बुलेट का 25 हजार रुपए का चालान करने पर तीन युवकों ने SHO को 24 घंटे में देख लेने की धमकी दे दी। एक ने कहा, ताऊ CIA में इंस्पेक्टर है। दूसरे ने पिता के लघु सचिवालय में होने की धमकी दी। इस पर ट्रैफिक SHO ने कहा… घणा बड़ा कामरेड बनै हैं। क्या अल्मेटम देरा, करवा बात तेरे ताऊ इंस्पेक्टर सै। घणा लादेन बनरा क्या तू…हम पाली लग रे क्या यहां। ट्रैफिक पुलिस 15 अगस्त को लेकर शहीद भगत सिंह स्टेडियम के बाहर चेकिंग कर रही थी। SHO सुरेंद्र सिंह के अनुसार, बुलेट पर नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी, न ही युवकों पर बाइक के कोई कागज थे। साइलेंसर भी मानक के अनुसार नहीं मिला। यहां सिलसिलेवार पढ़िए, पूरा मामला… सिरसा पुलिस शुक्रवार देर शाम स्टेडियम के बाहर चेकिंग कर रही थी। अब इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। बुलेट बाइक पर तीन युवक आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोककर कागज दिखाने के लिए कहा तो युवक कागज दिखाने के लिए मना करने लगा। SHO सुरेंद्र सिंह ने जैसे ही बाइक का साइलेंसर चेक किया, इसी दौरान एक युवक बोला- 24 घंटे में पता चल जाएगा। इसके बाद पुलिस और युवकों की नोकझोंक होने लगी। पुलिस ने बुलेट का चालान करने के बाद उन्हें रसीद तो युवक ने चालान बुक पर साइन करने से इनकार कर दिया। इस पर एसएचओ ने कहा, साइन करना है तो ये रसीद ले जाओ, वरना कोई जरूरी नहीं। इसके बाद पुलिस ने युवक को 25 हजार रुपए के चालान की पर्ची थमा दी। बाइक भी जब्त कर ली गई। बुलेट का साइलेंसर चेंज था ट्रैफिक थाना SHO सुरेंद्र सिंह ने ने बताया कि तीनों युवक बुलेट बाइक लेकर स्टेडियम जा रहे थे। बुलेट का ऑरिजनल साइलेंसर चेंज कराकर पटाखे वाला लगवाया गया था। उनका पुलिस के साथ व्यवहार भी ठीक नहीं था। एसपी के आदेश हैं कि किसी अफसर की सिफारिश नहीं मानी जाएगी। इसीलिए युवकों के कहने पर फोन पर बात नहीं की। SHO बोले- 25 हजार का चालान किया SHO सुरेंद्र सिंह ने बताया कि युवकों ने ऐसा क्यों कहा, इसके बारे में कुछ नहीं पता। बुलेट का चालान महंगा होता है। इसीलिए नियमों के हिसाब से 25 हजार रुपए का चालान किया है। अन्य वाहनों का भी 40 से 50 हजार रुपए तक का चालान किया गया है।
मुरथल के ढाबों में अक्सर वेटर को खाना सर्व करते देखा जाता है, मगर अब यहां के एक ढाबे में वेटर खाना परोस रहा है। इस रोबोट के हाथों में एक ट्रे फिक्स की गई है। जिस पर फूड प्लेट रखी जाती है। कंट्रोलिंग सिस्टम से रोबोट खुद कस्टमर्स की टेबल के पास पहुंचता है। हालांकि, ढाबे में बैठा ऑपरेटर रिमोट और नेविगेशन सिस्टम की मदद से रोबोट की दिशा तय करता है। नेशनल हाईवे-44 पर स्थित रेशम ढाबे में 3 रोबोट लगाए गए हैं, जो बैटरी से चलते हैं। इन रोबोट्स को फाइबर से तैयार किया गया है। एक सॉफ्टवेयर चिप से इसकी कंट्रोलिंग होती है, जबकि आकर्षक दिखाने के लिए आंखों में चमकदार लाइट लगाई गई है। एक बार चार्ज करने पर रोबोट करीब 2 घंटे तक काम करता है। वहीं, ढाबे में टेबल्स तक खाना पहुंचाने के लिए एक ट्रेन सिस्टम भी तैयार किया गया है। हर एक टेबल को पटरियों से जोड़ा गया है। इन्हें रन करने के लिए ढाबे में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। रोबोट के खाना परोसने की 3 तस्वीरें:- यहां जानिए, ढाबे में कैसे पहुंचा रोबोटिक वेटर… इस रोबोट की ये खासियतें:- -मैनेजर मंगत सिंह का कहना है कि रोबोट एक चार्जिंग में करीब डेढ़ से दो घंटे तक सर्विस दे सकता है। इसे फाइबर से तैयार किया गया है। इसमें सॉफ्टवेयर चिप के साथ नेविगेशन सिस्टम लगा है। -रोबोट को आकर्षक लुक देने के लिए आंखों में रेड लाइट लगाई गई है। रात में ये रेडियम की तरह चमकती है। वहीं, हाथों पर प्लेट फिक्स की गई है। इस पर मेन्यू कार्ड- खाने की प्लेट रखी जाती है। -रोबोट पहियों और बेयरिंग के सहारे चलता है। इसे चलाने के लिए ऑपरेटर रखा गया है। मैनेजर मंगत सिंह का कहना है कि रोबोट से खाना परोसने के लिए कस्टमर से कोई चार्ज नहीं लिया जाता। अब जानिए, ढाबे में कैसे बढ़े हाईटेक फीचर पटरियों से कनेक्ट की गई टेबल यहां रोबोट के अलावा ट्रेन सिस्टम से भी खाना पहुंचाया जाता है। हर टेबल पटरियों से कनेक्ट की गई है। ढाबे के ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर हर टेबल तक खाना पहुंचाने के लिए व्यवस्था की गई है। ट्रेन चलाने के लिए भी कंट्रोल रूम में लगे पैनल से ऑपरेटर इसकी दिशा तय करता है। कंट्रोल रूम से बदलता है ट्रैक जिस तरह रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को सही प्लेटफॉर्म पर भेजने के लिए ट्रैक चेंज किया जाता है, उसी तरह ढाबे में भी टेबल के हिसाब से ट्रेन का रास्ता बदला जाता है। कंट्रोल रूम में लगे पैनल पर टेबल नंबर दिए गए हैं। ऑपरेटर संबंधित टेबल का चयन करता है और ट्रेन को उसी दिशा में रवाना कर देता है। मैनेजर मंगत सिंह के अनुसार, इस ढाबे की शुरुआत 1960 में सरदार महिंदर सिंह ने की थी। उन्होंने अपने बेटे रेशम सिंह के नाम पर इसका नाम रेशम ढाबा रखा।
युगांडा से मेडिकल वीजा पर आई युवती से चंडीगढ़ में 3 युवकों ने फ्रेंडशिप की। इसके बाद उसे रहने के लिए अपने साथ मोहाली ले गए। वहां लस्सी में निकोटिन का नशा पिलाकर उसका गैंगरेप किया। यही नहीं, उससे देह व्यापार तक कराने लगे। उसने विरोध किया तो हाथ-पैर बांधकर उसे पीटा गया। इसका खुलासा तब हुआ, जब युवती को कुछ दिन पहले लुधियाना की एक समाज सेवी संस्था के पास लाया गया। युवती का आरोप है कि उसके दुख दूर करने के नाम पर उसके प्राइवेट पार्ट और शरीर के अन्य हिस्सों में मोमबत्ती पिघलाकर गर्म मोम डाला गया। एक फ्रेंड के जरिए युवती ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत की। जिसके बाद खरड़ की एक महिला ने दिलेरी दिखाते हुए न केवल आरोपियों का ठिकाना ढूंढा बल्कि उन्हें गिरफ्तार भी कराया। मगर, वे थाने से भाग निकले। पुलिस ने पहले युवती को अनफिट करार दिया तो आरोपियों को जमानत मिल गई, लेकिन खरड़ की महिला ने पीछा नहीं छोड़ा। उसने फिर पैरवी की। युवती के कोर्ट में बयान कराए, जिसके बाद जज ने युवती की हालत देखी तो तुरंत मेडिकल कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने तीनों की जमानत रद्द की। तब पुलिस ने तीनों को दोबारा गिरफ्तार किया। युवती का अब लुधियाना में इलाज चल रहा है। पहले जानिए, युवती के साथ क्या हुआ… गैंगरेप करने वाले कैसे पकड़े गए.. टी-शर्ट नंबर, एयरटेल कर्मी, फिर कैसे पकड़े गए आरोपी… थॉमस खुद को बताता था क्रिस्टआरोपी थॉमस खुद को क्रिस्ट यानि बाबा बताता था। उसने पीड़िता को कहा था कि वो उसके दुखों को दूर कर देगा। पीड़िता ने उसे बताया था कि उसकी बहन भी परेशान है। जिस पर आरोपी ने कहा कि वो उसे भी ठीक कर देगा। आरोपी ने उसे ठीक करने के लिए कई पैंतरे अपनाए। लड़की का कहना है कि आरोपी मोमबत्ती पिघलाकर उसके प्राइवेट पार्ट से लेकर शरीर के अलग अलग अंगों पर डालता था। पुलिस की एफआईआर के मुताबिक आरोपी थॉमस के वीजा की अवधि भी खत्म हो चुकी है। लाइबेरिया की अंबेसी ही नहींखरड़ की महिला का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई और वो अब जेल में हैं। कोर्ट में उनके केस की सुनवाई हो रही है। उनका कहना है कि आरोपी लाइबेरिया से हैं और उस देश की भारत में एंबेसी ही नहीं है। ऐसे में उनके केस की पैरवी करने वाला कोई भी नहीं है। उन्होंने बताया कि उसके पेरेंट्स अब चीन में स्थित लाइबेरिया की एंबेसी के संपर्क में है। वहीं से ही पेरेंट्स की आरोपियों से बातचीत हो सकेगी।
पंजाब के पूर्व डिप्टी CM शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र में नांदेड़ के गुरुद्वारा माता साहिब में हुए हमले के बाद पहली बार उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल सामने आई हैं। उन्होंने वारदात की पूरी कहानी बताई। लुधियाना के इसड़ू में अकाली दल की रैली में सांसद हरसिमरत ने कहा कि हमलावर ने 2 फीट के चाकू से छाती पर वार किया था, लेकिन हाथ आगे आने से वह चाकू हाथ से आर-पार हो गया। उन्हें 150 से ज्यादा टांगे लगे हैं। वहीं, हमलावर निहंग जसपाल सिंह ने दावा किया कि उसे हमला करने का आदेश गुरु साहिब से मिला था। उसने कहा है कि जब वह नांदेड़ में गुरुद्वारा साहिब में अरदास कर रहा था, उस समय उसे आदेश हुआ। उसके बाद जब सुखबीर बादल उसके सामने आए तो उसने खंजर निकालकर उस पर वार कर दिया। उधर, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया का कहना है कि जल्दी ही अकाली दल का एक शिष्टमंडल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलेगा और सुखबीर बादल पर लगातार हो रहे हमलों की जांच NIA से करवाने की मांग करेंगे। सुखबीर बादल पर 13 अगस्त को हमला हुआ था। रैली के दौरान हरसिमरत ने ये कहानी बताई… बच्चों के सामने सुखबीर पर हमला हुआ: इसड़ू में रैली के दौरान सांसद हरसिमरत कौर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा- मेरे और बच्चों के सामने सुखबीर बादल पर हमला हुआ है। हमला करने वाले ने तब हमला किया जब गुरुद्वारा साहिब से दर्शन कर आ रहे थे। बाणे की आड़ में हमला किया। मैं उसे सिख नहीं मानती। खंजर हाथ से आर-पार हुआ: हरसिमरत ने कहा- निहंग जसपाल सिंह ने पहला हमला सुखबीर बादल पर किया। दो फीट का खंजर सुखबीर बादल की छाती पर मारा, लेकिन सुखबीर बादल ने अपना हाथ आगे कर दिया। खंजर हाथ से आर-पार हो गया। उन्होंने बताया कि दूसरा वार करने लगा तो सुरक्षा में तैनात इंस्पेक्टर ने उसे पकड़ लिया और उसका हाथ भी कट गया। सुखबीर अस्पताल में, मुझे रैली में भेजा: हरसिमरत कौर ने कहा- यह हमला सुनियोजित तरीके से किया है। उन पर हमला वहां किया गया जहां नजदीक अस्पताल भी नहीं है। उनके हाथ में डेढ़ सौ टांके लगे हैं। सुखबीर बादल अस्पताल में दाखिल हैं और उन्होंने मुझे इस रैली में शामिल होने के लिए भेजा है। इस घटना से पूरा परिवार सकते में हैं। पुलिस पूछताछ में निहंग ने क्या बताया, 4 पॉइंट में जानिए… वाहेगुरु का आदेश: पुलिस पूछताछ में निहंग जसपाल सिंह ने दावा किया कि घटना वाले दिन जब वह गुरुद्वारा साहिब में अरदास कर रहा था, तब उसे अपनी अंतरात्मा से वाहेगुरु का आदेश प्राप्त हुआ। वाहे गुरु के आदेश के बाद ही उसने यह कदम उठाया है। पंजाब के हालात और नशे से आक्रोश: उसने पुलिस अधिकारियों को पूछताछ में बताया कि पंजाब में लगातार बिगड़ रहे हालात और युवाओं में तेजी से बढ़ते नशे के मुद्दे से वह मानसिक रूप से काफी व्यथित और आक्रोशित था। इसके लिए वो सुखबीर बादल को जिम्मेदार मानता है। किसी के बहकावे या दबाव में नहीं किया हमला: निहंग ने बताया कि उसने इस हमले को किसी अन्य व्यक्ति के बहकावे, बाहरी दबाव या किसी पैसे के लालच में आकर अंजाम नहीं दिया है। उसका किसी से कोई लिंक नहीं है। अचानक आवेश में उठाया कदम: आरोपी ने बताया कि जैसे ही उसने सुखबीर सिंह बादल को गुरुद्वारा साहिब में देखा, वह ‘अचानक आवेश में आकर’ अपनी कृपाण से उन पर झपट पड़ा। प्राथमिक पूछताछ में जसपाल सिंह ने लगातार यही बयान दिया है कि उसने इस वारदात को पूरी तरह अकेले ही अंजाम दिया है और इसमें किसी बाहरी साजिशकर्ता का हाथ नहीं था। हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल ने कही ये अहम बातें: गुरु साहिब का ऋणी: सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उनका रोम-रोम दशमेश पिता साहब श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का ऋणी है, जिन्होंने जिंदगी की हर कठिन परीक्षा में उनके सिर पर मेहर भरा हाथ रखा है। पुरानी घटना का जिक्र: उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले भी श्री गुरु रामदास जी के पावन स्थान पर उन पर जानलेवा हमला हुआ था और तब भी गुरु महाराज ने उन्हें जीवनदान बख्शा था। द्वेष और वैर-विरोध से मुक्त मन: उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरु साहिब की कृपा से उनका मन किसी भी द्वेष भावना या वैर-विरोध से पूरी तरह मुक्त है और वे केवल नम्रता व सेवा भाव में लीन हैं। भै काहू कउ देत नहि...' का आदर्श: उन्होंने कहा कि हर गुरसिख की तरह वे भी गुरबाणी की तुक भै काहू कउ देत नहि नहि भै मानत आन॥ (न किसी को डराओ, न किसी से डरो) के महान आदर्श पर चलते आए हैं और सांसारिक खतरों से भय-मुक्त होकर संगत की सेवा में समर्पित रहेंगे। जसपाल सिंह के कॉर्पोरेट वकील से निहंग बनने की कहानी… पेशे से कॉर्पोरेट वकील था: पुलिस और जांच एजेंसियों की पूछताछ में आरोपी जसपाल सिंह के बारे में अहम जानकारियां सामने आई हैं। नांदेड़ पुलिस के मुताबिक, 62 वर्षीय आरोपी जसपाल सिंह कोई अनपढ़ या आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह काफी पढ़ा-लिखा है और कानून की डिग्री रखता है। निहंग बनने से पहले जसपाल सिंह पुणे और मुंबई में कानूनी सलाहकार के रूप में काम कर रहा था। वह मुंबई की एक बड़ी कॉर्पोरेट फर्म में बतौर लीगल एक्सपर्ट तैनात था। 2023 में सांसारिक जीवन का त्याग: पूछताछ में जसपाल ने खुलासा किया कि साल 2023 में उसने अपनी पत्नी और बेटी को पुणे में छोड़कर सांसारिक जीवन से संन्यास ले लिया था। परिवार और वकालत का पेशा छोड़ने के बाद वह नांदेड़ चला आया और सिख धर्म के खालसा पंथ के पारंपरिक योद्धा समुदाय 'निहंग' में शामिल हो गया। वह पिछले लगभग दो वर्षों से नांदेड़ के मुगत स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवान में सेवादार के रूप में रह रहा था। आरोपी अपने बयान पर टिका हैएसपी निलाभ का कहना है कि अब तक की पूछताछ में आरोपी ने लगातार यही बयान दिया है कि वह पंजाब की स्थिति और नशे की समस्या से आहत था। प्राथमिक जांच में किसी बाहरी संदिग्ध व्यक्ति से निर्देश मिलने या पहले से रची गई साजिश के प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, उसके इस दावे की पुष्टि के लिए उसके कॉल रिकॉर्ड और पिछले कुछ महीनों के संपर्कों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल को गुरुग्राम मेदांता लाया गया, सांसद पत्नी जान बचाने वाले इंस्पेक्टर से मिलीं महाराष्ट्र के नांदेड में गुरुद्वारा माता साहिब में हमले के बाद गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष व पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल लाया गया। सुखबीर बादल के दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर बिक्रम सिंह मजीठिया समेत अकाली नेता उनसे मिलने पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)
लुधियाना में स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार हो रहा है। दुगरी रोड, मॉडल टाउन, घुमार मंडी और JMD मॉल जैसे इलाकों में भास्कर ने 8 स्पा सेंटरों की पड़ताल की तो पता चला कि मसाज के साथ-साथ 'एक्स्ट्रा सर्विस' के नाम पर देह व्यापार हो रहा है। हालांकि इसका पर्दाफाश न हो जाए, इसलिए एंट्री फीस के बगैर रिसेप्शन से आगे नहीं जाने दिया जाता। जो एंट्री फीस भर देता है, उसके मोबाइल समेत सारे गैजेट्स काउंटर पर ही जमा करा लिए जाते हैं। हालांकि काउंटर पर देह व्यापार वाली एक्स्ट्रा सर्विस का जिक्र नहीं किया जाता। जब कस्टमर एंट्री फीस और मसाज चार्जेस देकर अंदर चला जाता है तो लड़की वहां पर इसके बारे में बताती है। जिसके लिए डेढ़ हजार रुपए तक लिए जाते हैं। यह भी सामने आया कि मसाज के नाम पर खुले स्पा सेंटरों के खुलने-बंद होने का कोई टाइम नहीं है। रात एक-एक बजे तक भी ये खुले रहते हैं। इस दौरान एक युवती ऐसी भी मिली, जिसने होटलों में चल रहे सेक्स रैकेट का भी खुलासा कर दिया। स्पा सेंटरों की पड़ताल में क्या निकला?, होटलों में कैसे चल रहा सेक्स रैकेट, जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… स्पा सेंटरों में कैसे चलता है जिस्मफरोशी का धंधा, जानिए... 1. दुगरी रोड: बेसमेंट स्पा में ‘आज का ऑफर’ दुगरी रोड पर कार एसेसरीज की दुकानों के पास बेसमेंट में बने स्पा सेंटर में रिसेप्शन पर लगभग 23 वर्षीय युवक मैनेजर के रूप में मिला। रिपोर्टर: मसाज का क्या पैकेज है?मैनेजर: 3 हजार रुपए में 8 मसाज हैं। यह ऑफर सिर्फ आज के लिए है। रिपोर्टर: अगर सिंगल बार मसाज करवानी हो तो क्या पैकेज है?मैनेजर: सिंगल के लिए 1000 रुपए लगेंगे। रिपोर्टर: स्टाफ दिखा सकते हो?मैनेजर: हां। (इसके बाद मैनेजर ने कुछ महिलाओं को दिखाया और बताया कि वे अलग-अलग जगहों से हैं। ) रिपोर्टर: थाई स्टाफ होता है?मैनेजर: एक-दो दिन बाद आना। 1500 रुपए के हिसाब से। (1000 रुपए में मसाज तय होने पर मैनेजर ने मोबाइल बाहर रखवा दिया और एक कमरे में भेजा जहां तीन लड़कियां (नागालैंड, दिल्ली और लोकल) थीं। मैनेजर के कहने पर दिल्ली की लड़की के साथ कमरे में बातचीत हुई) रिपोर्टर: कितनी देर मसाज करोगी?लड़की: 45 मिनट मसाज होगी और 15 मिनट शावर होगा। अगर एक्स्ट्रा सर्विस चाहिए तो बताएं। रिपोर्टर: एक्स्ट्रा सर्विस में क्या होता है?लड़की: आपको खुश कर दूंगी, उसके एक्स्ट्रा चार्ज होंगे। रिपोर्टर: कितने पैसे लगेंगे?लड़की: 1500 रुपए लगेंगे और आपको एक्स्ट्रा टाइम मिल जाएगा। रिपोर्टर: मेरे पास 1500 रुपए नहीं हैं?लड़की: एक हजार रुपए दे दो काम हो जाएगा। (रिपोर्टर पैसे न होने का बहाना बनाकर बाहर आ गए।) 2. एंट्री फीस के नाम पर वसूली और पैकेज का खेल शहर के कई स्पा सेंटरों के बाहर मसाज के पोस्टर लगे थे, लेकिन अंदर नीली रोशनी और सोफे पर बैठी महिलाओं का माहौल था। सामान्य मसाज पूछने पर पहले एंट्री फीस मांगी जाती थी। रिपोर्टर: यहां क्या पैकेज है?मैनेजर: आपको पैकेज लेना है या सिंगल टाइम जाना है। रिपोर्टर: पैकेज कितने का है?मैनेजर: 3 हजार वाला पैकेज है, इसमें 6 मसाज हैं। 5 हजार वाले में 10 मसाज हैं। रिपोर्टर: स्टाफ कैसा है?मैनेजर: सभी इंडियन हैं। कुछ स्पा में थाई स्टाफ भी मिलता है, लेकिन बहुत कम जगह है। रिपोर्टर: स्टाफ दिखा सकते हो?मैनेजर: पहले एंट्री फीस जमा करवानी होगी। (पड़ताल में सामने आया कि 1,000 से 1,500 रुपए तक एंट्री फीस ली जाती है। स्टाफ पसंद न आने पर पैसे वापस नहीं होते, बल्कि अगली विजिट में 'एडजस्ट' करने की बात कही जाती है।) 3. नियम-कानून ताक पर, रात 11:30 बजे भी खुला मिला सेंटर घुमार मंडी नेशनल रोड पर स्थित एक बेसमेंट स्पा में भास्कर टीम रात 11:30 बजे पहुंची। हल्की नीली रोशनी के बीच कुछ ग्राहक सोफे पर बैठे थे। रिपोर्टर: सेंटर कितने बजे तक खुला रहता है?मैनेजर: रात 1 बजे तक। रिपोर्टर: अभी सर्विस मिल जाएगी?मैनेजर: हां, एंट्री करवा लो। रिपोर्टर: एंट्री कितने की है?मैनेजर: 1200 रुपए। होटलों से भी चल रहा जिस्मफरोशी का धंधास्पा सेंटरों की पड़ताल करते भास्कर रिपोर्टर को पता चला कि बस स्टैंड के आसपास के होटलों में भी जिस्मफरोशी होती है। यहां नाइट स्टे के लिए लड़की की बुकिंग 6 हजार रुपए में की जाती है। दलालों ने होटलों में खुद कमरे ले रखे हैं, जहां नागालैंड, दिल्ली, लुधियाना व अन्य राज्यों से लाई गई युवतियों को रखा जाता है। ग्राहकों को एक-एक करके लड़कियां दिखाई जाती हैं और पसंद आने पर पेमेंट ऑनलाइन या कैश ली जाती है। करीब 1 घंटे में तैयार होकर युवतियां पूरी रात के लिए बाहर गाड़ियों में भी भेजी जाती हैं। युवती ने खोला सेक्स रैकेट और नशे का राज स्टिंग के दौरान एक होटल में रहने वाली युवती ने ऑफ-कैमरा पूरी दास्तान सुनाई कि कैसे दलाल उनका शोषण करते हैं और किस तरह लड़कियां नशे के गर्त में जा रही हैं। रिपोर्टर: होटल में कितनी लड़कियां रखी हुई है।युवती: वैसे तो 7 से 8 लड़कियां होती है लेकिन फिलहाल 2 से 3 अभी रह गई होगी। रिपोर्टर: लड़की को नाइट के कितने रुपए दलाल देते है?युवती: 3 हजार रुपए देते है, मेरे सामने कल किसी से नाइट के 7 हजार रुपए लिए थे। किसी से 6 हजार भी ले लेते है। रिपोर्टर: खाना वगैरह का क्या करते है?युवती: 1 टाइम का खाना देते है। रिपोर्टर: जो बाकी लड़कियां होटलों में है क्या वह नशे करती है?युवती: बहुत नशे करती है, मैं तो सिर्फ ड्रिंक ही लेती हूं। रिपोर्टर: क्या चिट्टे का नशा करने वाली लड़कियां भी होती है?युवती: ज्यादातर वहीं है। होटलों में जाते ही वहीं मिलेंगी। रिपोर्टर: चिट्टे में यदि किसी लड़की को ओवरडोज हो जाए तो कौन जिम्मेवार होगा?युवती: मरेगा तो लड़का ही। (युवती ने बताया कि बॉयफ्रेंड से विवाद और परिजनों से अनबन के बाद वह मजबूरी में छत और एक वक्त के खाने के लिए एक टैक्सी ड्राइवर दोस्त के जरिए यहां पहुंची थी, लेकिन अंदर लड़कियां चिट्टे व गांजे का नशा करती हैं। वह अब जल्द ही इस काले धंधे से बाहर निकलना चाहती है।) ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… लुधियाना में नाइजीरियन युवतियों का सेक्स रैकेट:फुल नाइट ₹7 हजार, शराब-चिकन हो तो सिर्फ ₹1500, रशियन भी अवेलेबल; अड्डे तक पहुंचा भास्कर पूरी रात साथ रहना है तो एक युवती के 7 हजार रुपए लगेंगे, अनलिमिटेड शॉट, अगर पार्टी का सामान यानी शराब-चिकन ले आते हो तो 1500 रुपए लेंगे, लेकिन सिर्फ एक शॉट ही मिलेगा। पुलिस का कोई डर नहीं, उनसे बचाने की गारंटी हमारी। शारीरिक संबंध बनाने का यह रेट लुधियाना में चल रहे विदेशी युवतियों के सेक्स रैकेट का है। ये युवतियां नाइजीरियन मूल की हैं और यहां पर खुलेआम रैकेट चला रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
पंजाब में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट सूची जारी होते ही राजनीतिक दलों का चुनावी गणित बदलने लगा है। SIR में कटे वोटों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इसका असर राज्य की 117 में से 75 विधानसभा सीटों के नतीजों पर पड़ सकता है। पंजाब में 35 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पिछले चुनाव में हार-जीत का अंतर 10 हजार वोट से कम रहा था। वहीं, SIR के दौरान जिन 6 बड़े जिलों में सबसे ज्यादा वोट काटे गए हैं, वहां कुल 52 विधानसभा सीटें हैं। इनमें 11 सीटें ऐसी हैं, जहां हार-जीत का अंतर 10 हजार से कम रहा था। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि SIR के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की हर विधानसभा सीट पर औसतन 17,500 वोट काटे गए हैं। यह संख्या कई सीटों पर हार-जीत के अंतर से ज्यादा है। ऐसे में इन वोटों के सूची से बाहर होने से विधानसभा सीटों का चुनावी समीकरण बदल सकता है। राजनीतिक दलों के लिए चिंता की एक और वजह यह है कि SIR में काटे गए 20.66 लाख वोटों में करीब 10 लाख वोट ऐसे हैं, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि इनमें बड़ी संख्या उन वोटर्स की है, जो दूसरे राज्यों से पंजाब आए थे। उनके राज्यों में SIR होने के बाद उन्होंने वहां अपना वोट रजिस्टर्ड करा लिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 52 सीटों पर SIR का असर… 10 हजार से कम अंतर वाली सीटों पर SIR का असर जानिए… अब जानिए पॉलिटिकल एक्सपर्ट ने क्या कहा… पॉलिटिकल एक्सपर्ट व सीनियर जर्नलिस्ट अश्वनी जेटली का कहना है कि लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, मोहाली जैसे शहरों में दूसरे राज्यों से लोग बड़ी संख्या में आए है। उनमें से बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने घर यहां पर नहीं बनाए हैं। नेताओं ने अपने वोट पक्के करने के लिए उनके नाम यहां मतदाता सूची में दर्ज करवा दिए थे। लेकिन SIR में उन लोगों ने अपने वोट अपने गृह राज्य में बनवा लिए और यहां से कटवा लिए। उनका कहना है कि ऐसे वोटर्स की बड़ी गिनती है, जो कि नेताओं के हार जीत को तय करती है। बड़े शहरों में उन लोगों के वोट कटने से नेताओं का चुनावी गणित बिगड़ना तय है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट वैवस्वत वेंकट का कहना कि पंजाब में हुई SIR में 4.12 लाख वोटर्स ऐसे हैं, जिनका कोई अता-पता नहीं है। अगर औसत देखें तो प्रति सीट इन वोटों की संख्या 3 हजार से ज्यादा हो जाता है। इसके अलावा 10 लाख के करीब वोट पंजाब से शिफ्ट हो गए। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 14 लाख के आसपास वोटर्स ऐसे हैं, जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं होगा। ऐसे में जिन सीटों पर विधानसभा चुनाव 2022 में 10 से 15 हजार के मार्जिन से जीत हार हुई थी, उन सीटों पर पास पलट सकता है। उनका कहना है कि इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम आदमी पार्टी को झेलना पड़ सकता है क्योंकि बड़े शहरों में उनको ही ज्यादा सीटें मिली हैं। ********** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब SIR- क्या ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं?: जानिए अपना नाम कैसे जुड़वाएं, उम्र या माता-पिता का नाम गलत तो कैसे ठीक कराएं पंजाब में 2027 के चुनाव से 5 महीने पहले इलेक्शन कमीशन ने 13 अगस्त को SIR के बाद तैयार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इसमें करीब 20 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं। हालांकि, अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या फिर गलत है तो घबराएं नहीं। आपके पास नाम दर्ज करवाने और गलती सुधारने के लिए अभी पूरा वक्त है। (पढ़ें पूरी खबर)
भास्कर अपडेट्स:तमिलनाडु के कांचीपुरम में लॉरी से टकराई बस, 30 लोग सवार थे; 3 की हालत गंभीर
तमिलनाडु के कांचीपुरम में 30 से ज्यादा कर्मचारियों से भरी कंपनी की बस लॉरी से टकरा गई। हादसा सुंगुवरचत्रम के पास हुआ। ड्राइवर को झपकी आने से बस का नियंत्रण बिगड़ गया। हादसे में कई कर्मचारी घायल हुए, जिनमें 3 की हालत गंभीर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आज की बाकी बड़ी खबरें… कर्नाटक के चामराजनगर में जंगल में फायरिंग, 3 की मौत, सीएम ने जांच के आदेश दिए कर्नाटक के चामराजनगर में शनिवार को मरिया मंगल जंगल क्षेत्र के पास फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एंथनी स्वामी, सेबेस्टियन डेविड कुमार और जॉन रोज पीटर शामिल हैं। FIR के मुताबिक, 14 अगस्त को दो गायें लापता हो गई थीं। अगले दिन तीनों लोग उन्हें खोजने के लिए मरिया मंगल के पास जंगल में गए थे। इसी दौरान वन अधिकारियों ने उन पर गोली चला दी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मामले में मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
देहरादून एयरपोर्ट पर 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास अवसर पर एयरपोर्ट प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की जानकारी दी।
VIDEO: हल्द्वानी में बाइक सवारों ने बेल्ट लहराकर मचाई दहशत, चार गिरफ्तार
VIDEO: हल्द्वानी में बाइक सवारों ने बेल्ट लहराकर मचाई दहशत, चार गिरफ्तार
प्रयागराज केधूमनगंज में शुक्रवार देर रात दो हिस्ट्रीशीटरों के बीच हुए विवाद के बाद जमकर बवाल हुआ। रात करीब 12 बजे एक हिस्ट्रीशीटर ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट और ईंट-पत्थरबाजी की। आरोप है कि इसी दौरान उसने सरेआम तमंचा लहराते हुए कई राउंड फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज से पूरे मोहल्ले में सनसनी फैल गई। गनीमत रही कि फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी असलहा लहराते और फायरिंग करते नजर आ रहा है।पुलिस ने इस मामले में पीड़ित रोहित सोनकर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी नवील को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश में दबिश दे रही है।शराब के नशे में गाली देने पर शुरू हुई मारपीटहरवारा निवासी रोहित सोनकर का आरोप है कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे धूमनगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर नवील शराब के नशे में धुत होकर उसके पास पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। रोहित ने इसका विरोध किया तो नवील ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।रोहित के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीचबचाव करने लगे। आरोप है कि इसके बाद नवील ने अपने कई साथियों को बुला लिया। आरोपियों ने रोहित और बीचबचाव करने आए लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद वहां ईंट-पत्थर भी चलने लगे। हमलावरों ने लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई।तमंचा निकालकर कई राउंड फायरिंगइसी दौरान आरोप है कि नवील ने असलहा निकाल लिया और सरेआम फायरिंग शुरू कर दी। उसने एक के बाद एक कई गोलियां दागीं। अचानक हुई फायरिंग से मोहल्ले में दहशत फैल गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। रोहित का कहना है कि वह फायरिंग में बाल-बाल बच गया।फायरिंग के बाद आरोपी अपने साथियों के साथ धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। सूचना पर पुलिस पहुंची और मामले की जांच शुरू की।फायरिंग का वीडियो आया सामनेघटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें एक युवक असलहा लहराते हुए दिखाई दे रहा है और फायरिंग करता नजर आ रहा है। पुलिस इस वीडियो को भी जांच में शामिल कर रही है। वीडियो के आधार पर आरोपी और उसके साथ मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।पुलिस बोली- दोनों हिस्ट्रीशीटर और दोस्त हैंधूमनगंज थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि रोहित सोनकर और नवील दोनों हिस्ट्रीशीटर हैं और आपस में दोस्त भी हैं। दोनों का साथ उठना-बैठना है। शुक्रवार रात किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद एक पक्ष की ओर से फायरिंग की गई।थाना प्रभारी के मुताबिक रोहित सोनकर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी नवील को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथियों की तलाश की जा रही है और घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है।नवील पर पहले से कई गंभीर मुकदमेपुलिस सूत्रों के मुताबिक नवील धूमनगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, लूट और अपहरण समेत गंभीर धाराओं में मामले शामिल बताए जा रहे हैं।पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2018 में भी प्रीतमनगर मोड़ के पास दिव्यांश पाल नाम के युवक को दिनदहाड़े गोली मारने का मामला नवील के खिलाफ दर्ज हुआ था। इसके अलावा भी उसके खिलाफ कई मुकदमे बताए जा रहे हैं।हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी पर फिर उठे सवालइस घटना के बाद हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस आरोपी का नाम पहले से गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है, वह आधी रात को अपने साथियों के साथ मोहल्ले में पहुंचकर कथित तौर पर मारपीट, पत्थरबाजी और फायरिंग करता रहा।ऐसे में सवाल है कि हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी के लिए तय एसओपी और पुलिस की बीट व्यवस्था कितनी प्रभावी है? क्या हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों पर नियमित नजर रखी जा रही थी? घटना के बाद पुलिस अब आरोपी के साथियों की तलाश और पूरे विवाद की वजह की जांच में जुटी है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से दुश्वारियां लगातार जारी हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की शनिवार शाम 6:00 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसारभूस्खलन से राज्य में 103सड़कें बाधित थीं।
सावन माह में भक्ति की बहार चरम पर है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राज्य की युवा पीढ़ी को व्यापार और उद्यम में मजबूत समर्थन देने के लिए 'यूथ ब्रिगेड स्कीम' (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान) शुरू करने की घोषणा की।
आतंकी गतिविधि की सूचना से सोहना में हड़कंप, STF-डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते ने चलाया सर्च ऑपरेशन
गुरुग्राम के सोहना में विट कॉलेज के पास आतंकी गतिविधि की सूचना पर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसटीएफ, पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने घंटों सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध नहीं मिला।
भोपाल मेट्रो ने 17 अगस्त से लागू होने वाला नया टाइम-टेबल जारी किया है, जिससे यात्रियों को अब हर 15 मिनट में ट्रेन मिलेगी। सोमवार से शनिवार तक परिचालन सुबह 11:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक होगा, जबकि रविवार और छुट्टियों में रात 8:30 बजे तक सेवा उपलब्ध रहेगी।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) का परिसर 15 अगस्त की शाम स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा नजर आया। विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक इमारतें तिरंगे और आकर्षक रोशनी से जगमगा उठीं। कैंपस के कोने-कोने में स्वतंत्रता दिवस की उमंग और देशभक्ति का माहौल दिखाई दिया, जिसमें छात्र-छात्राओं से लेकर शिक्षक और गैर-शिक्षण स्टाफ तक सभी शामिल थे। एएमयू के जनसंपर्क कार्यालय की प्रभारी सदस्य (एमआईसी) प्रो. विभा शर्मा ने विश्वविद्यालय के माहौल पर बातचीत करते हुए कहा कि आज यूनिवर्सिटी का हर कोना खूबसूरत नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि पूरा कैंपस आजादी के जोश और जुनून में डूबा हुआ है। यह उत्साह केवल इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के दिलों में भी स्वतंत्रता दिवस की उमंग साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय की इमारतों पर तिरंगा लहराने के साथ आकर्षक लाइटिंग की गई थी। प्रभात फेरी में स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया, जबकि एनसीसी कैडेट्स ने 'हर घर तिरंगा' अभियान में सक्रिय भागीदारी की। स्वतंत्रता दिवस को लेकर पिछले एक सप्ताह से विश्वविद्यालय में विभिन्न चर्चाओं और डिबेट्स का आयोजन भी किया गया था। इन चर्चाओं में आजादी के संघर्ष, देश के वर्तमान और भविष्य तथा समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विभा शर्मा ने बताया कि इन गतिविधियों में छोटे बच्चों से लेकर बड़े, प्रोफेसरों से लेकर गैर-शिक्षण स्टाफ तक, हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की गई। स्वतंत्रता दिवस की शाम एएमयू का वातावरण यह दर्शाता था कि राष्ट्रीय पर्व किस तरह लोगों को एक साझा उत्साह और जिम्मेदारी की भावना से जोड़ता है। तिरंगे की रोशनी और देशभक्ति से सराबोर कैंपस में शाम का यह नजारा एएमयू की विविधता के बीच राष्ट्रभक्ति के रंग को और गहरा करता दिखा।
आगरा में एत्मादौला थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान की छत और दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे में दबकर राजमिस्त्री समेत दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। राजमिस्त्री रामनरेश की एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। दूसरा मजदूर सोनवीर घायल है। घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे सीता नगर स्थित एसए फैक्ट्री वाली गली में हुई। रामनरेश और सोनवीर पिछले करीब एक महीने से सूरज के निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे थे। अचानक छत और दीवार गिरने से दोनों मलबे में दब गए। बेटे ने ऑटो से पहुंचाया अस्पताल हादसे के बाद रामनरेश के परिजनों ने मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक की पत्नी कुसुमा का आरोप है कि हादसे के बाद उनके पति को तत्काल अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। हालत बिगड़ने पर बेटे करन ने किसी तरह ऑटो की मदद से रामनरेश को एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के दौरान रामनरेश ने दम तोड़ दिया। पत्नी कुसुमा का कहना है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो शायद उनके पति की जान बच सकती थी। तहरीर पर मुकदमा दर्ज, जांच शुरू मृतक की पत्नी ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सोनू पुत्र मनोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस हादसे के कारणों और इलाज में देरी के आरोप समेत पूरे मामले की जांच कर रही है।
गोरखपुर के आर्मी पब्लिक स्कूल में 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। पूरे स्कूल में सुबह से ही तिरंगे और देशभक्ति का माहौल नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों और शिक्षकों के सामूहिक वंदे मातरम् गायन से हुई। मुख्य अतिथि कर्नल एस. हरिहर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद पूरा स्कूल परिसर राष्ट्रगान से गूंज उठा। कार्यक्रम में स्टाफ ऑफिसर कर्नल देवराज भट्टाचार्य, जीआरडी के अधिकारी, स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. विशाल त्रिपाठी, उपप्रधानाचार्य, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे। छात्रों ने बताया आजादी का महत्व कार्यक्रम में छात्र करण तिवारी ने अंग्रेजी और छात्रा समीक्षा नायक ने संस्कृत में भाषण दिया। दोनों ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व, देशप्रेम और देश के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारियों के बारे में बताया। अंतरसदनीय देशभक्ति गीत प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। प्रतियोगिता में मनोज पांडे सदन ने पहला और सालरिया सदन ने दूसरा स्थान हासिल किया। मुख्य अतिथि ने विजेता और उपविजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ ने खूब तालियां बटोरीं बच्चों की नृत्य-नाटिका ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ ने सभी का ध्यान खींचा। वहीं, स्कूल द्वारा गोद लिए गए प्राथमिक विद्यालय गिरधरगंज के छोटे बच्चों ने भी शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। बच्चों की प्रस्तुति देखकर पूरा माहौल तालियों से गूंज उठा। मुख्य अतिथि कर्नल एस. हरिहर ने कहा कि आजादी का मतलब केवल गुलामी से मुक्ति नहीं है। देश और समाज को आगे बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भर बनना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता ही असली आजादी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन में रहने, मेहनत करने और देश के लिए कुछ अच्छा करने की अपील की। बच्चों को बांटी गई मिठाई समारोह के दौरान छोटे बच्चों को मिठाई बांटी गई। इसके साथ ही अलग-अलग प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में स्कूल की हेड गर्ल आकृति सिंह ने सभी अतिथियों, प्रधानाचार्य, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार जताया। स्वतंत्रता दिवस समारोह ने बच्चों में देशप्रेम, एकता, अनुशासन और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।
प्रयागराज में भर्ती परीक्षाओं में सिर्फ आधुनिक तकनीक जोड़ देने से व्यवस्था पारदर्शी नहीं बन सकती। ईमानदार क्रियान्वयन, स्पष्ट जवाबदेही और मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति भी जरूरी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के अध्यक्ष एवं पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. प्रशांत कुमार ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि आयोग ऐसी तकनीक-सक्षम और जवाबदेही आधारित परीक्षा प्रणाली तैयार कर रहा है, जिस पर अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रहे। हर अभ्यर्थी को उसकी प्रतिभा, योग्यता और मेहनत के आधार पर समान अवसर मिलना आयोग की प्राथमिकता है। प्रश्नपत्र से रिजल्ट तक हर स्तर पर निगरानी डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा की शुचिता सिर्फ प्रश्नपत्र सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है। प्रश्नपत्र तैयार करने, प्रिंटिंग, परिवहन और सुरक्षित भंडारण से लेकर परीक्षा केंद्र की व्यवस्था, अभ्यर्थियों के सत्यापन, निगरानी और परिणाम तैयार करने तक पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना होगा। AI से निगरानी, बायोमेट्रिक से सत्यापन आयोग परीक्षा व्यवस्था में कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है। इनमें AI आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, CCTV कैमरों से निगरानी, GPS आधारित परिवहन ट्रैकिंग और बारकोड आधारित ट्रैकिंग शामिल हैं। इसके साथ एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण व्यवस्था के जरिए पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने की तैयारी है। तकनीक के साथ जिम्मेदारी तय होगी अध्यक्ष ने कहा कि तकनीक तभी कारगर होगी, जब उसके इस्तेमाल की जिम्मेदारी भी तय हो। परीक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा सिर्फ अभ्यर्थियों के चयन का विषय नहीं, बल्कि सुशासन और जनविश्वास से जुड़ा दायित्व भी है।
गोरखपुर में बिज्जुओं की दहशत:शाम होते ही घरों में दुबक रहे लोग, वन विभाग की टीम करेगी रेस्क्यू
गोरखपुर के तिवारीपुर इलाके की आवास विकास कॉलोनी में इन दिनों लोगों को आदमखोर बिज्जुओं की दहशत है। पिछले 3-4 दिनों से कॉलोनी में लगातार बिज्जू दिखाई देने से लोग सहमे हुए हैं। शुरुआत में जब एक-दो बिज्जू नजर आए तो लोगों ने इसे सामान्य समझा। उन्हें लगा कि शायद जंगल या किसी दूसरे इलाके से भटककर आए होंगे और वापस चले जाएंगे। लेकिन लगातार कई दिनों से इनके दिखाई देने और अब इनकी संख्या 5-6 तक होने के दावे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, स्थानीय लोगों के मुताबिक बिज्जू कॉलोनी के कई मकानों के आसपास घूमते दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोगों ने इनके घरों के अंदर तक पहुंचने की बात भी कही है। इससे लोगों में डर का माहौल है। रात के समय बाहर निकलने में लोग खास तौर पर सावधानी बरत रहे हैं और घरों के दरवाजे बंद रख रहे हैं। शाम होते ही सुनसान होने लगती है कॉलोनी बिज्जुओं की दहशत का असर कॉलोनी की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। अंधेरा होते ही लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। बच्चों को तो खास तौर पर बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि जब तक वन विभाग की टीम इन्हें पकड़ नहीं लेती, तब तक बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लिया जा सकता। कॉलोनी के लोगों के बीच यह बात भी सामने आई है कि बिज्जू ने एक व्यक्ति पर हमला किया है। इस जानकारी के बाद लोगों में दहशत और बढ़ गई है। हालांकि हमले की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करने और बिज्जुओं को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की मांग की है। मकान के आसपास हैं 4-5 बिज्जूकॉलोनी में रहने वाले डॉ. तस्लीम लारी ने बताया कि उनके मकान से लेकर आसपास के तीन-चार मकानों के बीच करीब 4 से 5 बिज्जू लगातार घूमते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। लगातार बिज्जू दिखाई देने से आसपास रहने वाले परिवारों में डर बना हुआ है। DFO शुभम सिंह ने बताया कि बिज्जुओं को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने के लिए वन विभाग की टीम को कल सुबह मौके पर भेजा जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और अंधेरा होने के बाद घरों से बाहर निकलने से बचें। साथ ही लोगों से बिज्जुओं के पास जाने या उन्हें खुद पकड़ने की कोशिश नहीं करने को कहा गया है।वन विभाग की कार्रवाई के बाद साफ होगी तस्वीरफिलहाल कॉलोनी में मौजूद बिज्जुओं की वास्तविक संख्या और उनके यहां पहुंचने की वजह स्पष्ट नहीं है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेगी और रेस्क्यू की कार्रवाई करेगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कॉलोनी में वास्तव में कितने बिज्जू मौजूद हैं। तब तक कॉलोनी के लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
आगरा में अवैध शराब की बिक्री और लाइसेंसी ठेकों से नियम विरुद्ध सप्लाई रोकने के लिए अभियान चलाया गया। शनिवार को रामबाग चौकी पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने यमुना पार क्षेत्र में सघन चेकिंग की। टीम ने देशी और अंग्रेजी शराब के ठेकों को अचानक जांचा। स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड और दुकानों की अन्य व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की गई। कार्रवाई के दौरान टीमों ने यह भी जांचा कि कहीं लाइसेंसी दुकानों की आड़ में अवैध शराब तो नहीं बेची जा रही है या निर्धारित नियमों के खिलाफ शराब की सप्लाई तो नहीं हो रही। अचानक हुई चेकिंग से शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया। स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड की जांच पुलिस और आबकारी अधिकारियों ने दुकानों में उपलब्ध शराब के स्टॉक का रिकॉर्ड से मिलान किया। बिक्री से जुड़े दस्तावेज भी देखे गए। अधिकारियों ने दुकानदारों को नियमों के तहत ही शराब की बिक्री करने के निर्देश दिए। रामबाग में पहले भी सामने आए अवैध शराब के मामले रामबाग क्षेत्र में पहले भी अवैध शराब को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग कार्रवाई कर चुका है। एत्माद्दौला पुलिस ने पूर्व में रामबाग फ्लाईओवर के नीचे से अवैध देशी शराब के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया था। वहीं, ट्रांस यमुना क्षेत्र के रामबाग चंदन नगर में महिलाओं ने देशी शराब के ठेके पर तोड़फोड़ कर विरोध किया था। महिलाओं का आरोप था कि ठेके पर सुबह तड़के से शराब की बिक्री शुरू हो जाती है, जिससे इलाके का माहौल खराब हो रहा है। आबकारी टीम पर भी हो चुका है हमला अवैध और नियम विरुद्ध शराब बिक्री के खिलाफ कार्रवाई के दौरान आबकारी टीम को विरोध का सामना भी करना पड़ा है। एत्मादपुर में ठेले पर शराब पिलाने के मामले में कार्रवाई के दौरान आबकारी टीम पर हमला किया गया था। वहीं, बरौली अहीर क्षेत्र में एक कंपोजिट शॉप से मिलावटी शराब पकड़े जाने का मामला भी सामने आ चुका है। शनिवार को हुई कार्रवाई के दौरान टीम ने शराब दुकानों की व्यवस्थाओं की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर 16 अगस्त को लोकभवन से कैपिटल तिराहा स्थित रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा तक कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके चलते यातायात पुलिस ने वीआईपी कार्यक्रम के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लागू किया है। हजरतगंज चौराहे से रॉयल होटल चौराहे तक यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। चारबाग से आने वाली बसों का रूट बदलेगा चारबाग की तरफ से आने वाली रोडवेज और सिटी बसें रॉयल होटल (बापू भवन) और लोकभवन-विधानसभा मार्ग की ओर नहीं जा सकेंगी। ये बसें KKC ठाकुर ट्रांसपोर्ट तिराहे से हुसैनगंज (बर्लिंग्टन) चौराहा, फिर बाएं कैसरबाग-अशोक लाट होते हुए गंतव्य की ओर जाएंगी।कैसरबाग की तरफ से आने वाली रोडवेज और सिटी बसें भी रॉयल होटल और लोकभवन-विधानसभा मार्ग की ओर नहीं जा सकेंगी। इन्हें हुसैनगंज चौराहे से दाएं चारबाग अथवा परिवर्तन चौक, सुभाष चौराहा, KD सिंह स्टेडियम तिराहा, चिरैयाझील तिराहा, संकल्प वाटिका ओवरब्रिज और गांधी सेतु (1090) चौराहा होकर भेजा जाएगा। हजरतगंज-रॉयल होटल मार्ग पर रोक हजरतगंज चौराहे से विधानसभा मार्ग, लोकभवन और रॉयल होटल चौराहे की ओर सामान्य यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन पार्क रोड और गोल्फ क्लब चौराहा होकर गंतव्य की ओर जा सकेंगे।रॉयल होटल चौराहे से विधानसभा मार्ग, लोकभवन और हजरतगंज की ओर भी सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन सिसेंडी तिराहा, लाल बहादुर शास्त्री तिराहा अथवा BN रोड-लालबाग-कैसरबाग होकर जा सकेंगे। लालबाग और लालबत्ती से भी डायवर्जन लालबाग चौराहे से कैपिटल तिराहे की ओर जाने वाला सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन लालबाग से वाल्मीकि तिराहा अथवा ITMS तिराहा होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।लालबत्ती चौराहे से प्रेरणा केंद्र तिराहा, एनेक्सी तिराहा और सिसेंडी की ओर भी सामान्य यातायात नहीं जा सकेगा। इसके लिए बंदरियाबाग, गोल्फ क्लब अथवा SN ओवरब्रिज का रास्ता इस्तेमाल करना होगा। एंबुलेंस और जरूरी वाहनों को मिलेगी अनुमति यातायात पुलिस ने बताया कि डायवर्जन के दौरान चिकित्सकीय आपात स्थिति में एंबुलेंस, शव वाहन, फायर सर्विस और स्कूली वाहनों को आवश्यकतानुसार प्रतिबंधित मार्ग पर भी स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की अनुमति से जाने दिया जाएगा।किसी भी परेशानी की स्थिति में ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।
मध्य प्रदेश में उर्वरक बिक्री पर दो दिन की अस्थायी रोक लगाई गई है ताकि स्टॉक का सत्यापन किया जा सके। सरकार ने किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध होने का भरोसा दिलाया है और बिक्री 17 अगस्त से फिर शुरू होगी।
पिकअप वैन ने बाइक को रौंदा, दरभंगा में मां की आंखों के सामने बेटे की मौत
दरभंगा में समस्तीपुर से लौट रहे मां-बेटे की बाइक को तेज रफ्तार पिकअप वैन ने रौंद दिया। हादसे में बेटे बैजु कुमार ठाकुर की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि मां की हालत गंभीर बनी हुई है।
भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर रविवार को लखनऊ में अटल स्मृति संध्या का आयोजन होगा। पंडित अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से कार्यक्रम शाम 4 बजे KGMU स्थित अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। केंद्रीय राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य विशिष्ट अतिथि रहेंगे। कार्यक्रम में पद्मश्री एवं प्रख्यात कवि-साहित्यकार प्रो. अशोक चक्रधर एकल काव्य पाठ करेंगे। अटलजी के विचारों और व्यक्तित्व को करेंगे याद अटल स्मृति संध्या में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके साहित्यिक योगदान को याद किया जाएगा। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग भी मौजूद रहेंगे। ब्रजेश पाठक ने तैयारियों की समीक्षा की थी कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने राजभवन कॉलोनी में बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी। उन्होंने कहा था कि अटलजी भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और विचार सदैव जीवित हैं। उनकी पुण्यतिथि पर सादगी के साथ स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र के अनुसार संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश तिवारी, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
रामपुर में स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर शनिवार रात महात्मा गांधी समाधि के पास भीषण जाम लग गया। रात करीब 10 बजे कोतवाली सिविल लाइंस क्षेत्र में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से राहगीरों और वाहन चालकों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। गांधी समाधि पर उमड़ी भीड़ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार शाम से ही बड़ी संख्या में लोग गांधी समाधि और आसपास के इलाकों में घूमने के लिए पहुंच रहे थे। सामान्य दिनों की तुलना में अचानक बढ़ी भीड़ से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। शाम से लगातार लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। रात होते-होते गांधी समाधि के आसपास वाहनों की संख्या इतनी बढ़ गई कि सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो गई। चारों ओर लगी वाहनों की लंबी कतार रात करीब 10 बजे स्थिति गंभीर हो गई। गांधी समाधि के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़कें जाम होने के कारण वाहन चालक काफी देर तक एक ही जगह फंसे रहे। कई राहगीरों को भी अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई। यातायात पुलिस ने संभाली व्यवस्था जाम की सूचना मिलते ही यातायात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकालने और यातायात सुचारु कराने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, अत्यधिक भीड़ के कारण जाम पूरी तरह खुलने में काफी समय लगा। देर रात तक जाम खुलवाने में जुटी रही पुलिस स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर उमड़ी भीड़ यातायात प्रबंधन के लिए चुनौती बन गई। शाम से बढ़ती भीड़ और वाहनों की संख्या के कारण रात में स्थिति और बिगड़ गई। यातायात पुलिसकर्मी देर रात तक व्यवस्था सामान्य कराने में जुटे रहे।
आगरा में स्वतंत्रता दिवस पर सपा के पूर्व प्रत्याशी विनय अग्रवाल ने न्यू राजा मंडी कॉलोनी रोड की बदहाल सड़क को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने करीब 20 फीट गहरे और 10 फीट लंबे गड्ढे के पास तिरंगा फहराकर विरोध जताया। विनय अग्रवाल ने कहा कि देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, लेकिन आगरा शहर की सड़कों की स्थिति देखकर सवाल उठता है कि क्या हमने ऐसे शहर की कल्पना की थी? 'ताजमहल से दुनिया में पहचान, सड़कों के गड्ढों से बदनामी' सपा नेता ने कहा कि ताजमहल की वजह से आगरा की पहचान दुनियाभर में है। इसके बावजूद पिछले 15-20 दिनों से शहर में जगह-जगह बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अमेरिका और चीन को पीछे छोड़ने की बात करती है, लेकिन शहर की सड़कों के गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे हैं। उन्होंने सड़क की स्थिति तत्काल सुधारने और गड्ढों को भरने की मांग की। कहा कि आगरा को बेहतर सड़कें और बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि शहर की पहचान खराब सड़कों से नहीं, बल्कि विकास और पर्यटन से हो। इस दौरान हिमांशु यादव और भानु प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। स्वतंत्रता दिवस पर सड़क की बदहाली को लेकर विनय अग्रवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा।
भागलपुर समाहरणालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने ध्वजारोहण किया और राष्ट्रगान गाया गया। इस अवसर पर राजा राममोहन राय को श्रद्धांजलि दी गई और अधिकारियों ने संविधान के मूल्यों व सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया।
रामपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को महात्मा गांधी समाधि स्मारक को नगर पालिका ने रोशनी से सजाया। रात में परिसर रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा रहा था, लेकिन इसी दौरान सरकारी इंतजामों की बदहाली भी सामने आई। शनिवार रात करीब 9:30 बजे दैनिक भास्कर की टीम ने मौके का जायजा लिया तो नगर पालिका की कई सरकारी लाइटें खराब मिलीं, जबकि कुछ जगह लाइटें बंद थीं। सरकारी लाइटें खराब, कई जगह अंधेरा समाधि परिसर में नगर पालिका की ओर से पहले से लगाई गई कई लाइटें काम नहीं कर रही थीं। कुछ स्थानों पर रोशनी बंद थी। इसके अलावा परिसर के कुछ हिस्सों में घास उगी मिली और कई जगह विद्युत के नंगे तार भी दिखाई दिए। इससे राष्ट्रीय पर्व के मौके पर स्मारक की विद्युत व्यवस्था और रखरखाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निजी रोशनी से सजाया गया परिसर स्वतंत्रता दिवस को लेकर निजी स्तर पर अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था की गई थी। इससे परिसर आकर्षक नजर आ रहा था। हालांकि, पहले से लगी सरकारी लाइटों की खराब हालत ने सरकारी संपत्तियों के नियमित रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए। लोग बोले- अधिकांश लाइटिंग किराए की समाधि स्थल पर घूमने पहुंचे कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि परिसर में लगी अधिकांश आकर्षक लाइटिंग किराए की है। उनका कहना था कि पहले से मौजूद कई सरकारी लाइटें खराब होने के कारण व्यवस्थाएं पूरी तरह बेहतर नजर नहीं आईं। ईओ बोले- खराब लाइटों की जानकारी नहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने बताया- उन्हें खराब लाइटों की स्थिति की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मौके का निरीक्षण कराया जाएगा और लाइटों के खराब होने के कारणों का पता लगाया जाएगा।
गोरखपुर के दक्षिणांचल में स्थित विधानसभा क्षेत्र चिल्लूपार में इस समय सियासी पारा हाई है। पिछले कई वर्षों से भाजपा में टिकट के लिए जोर-आजमाइश कर रही अस्मिता चंद ने अब भगवा पट्टा उतारकर नीला दुपट्टा ओढ़ लिया है। अब बसपा के बैनर तले वह 24 अगस्त को कार्यकर्ता महसम्मेलन करने जा रही हैं। इसके जरिए वह चिल्लूपार में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में हैं। महासम्मेलन तो बसपा का कार्यक्रम है लेकिन इससे प्रतिष्ठा अस्मिता चंद की जुड़ी है। यही कारण है कि अस्मिता चंद के परिवार ने यहां भारी भीड़ जुटाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। इस महासम्मेलन को चिल्लूपार में 'बदलाव' के शंखनाद के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। गोला के वीएसएवी कॉलेज में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में पार्टी का कोई बड़ा पदाधिकारी शामिल हो सकता है। इसी मंच से अस्मिता चंद को आधिकारिक रूप से प्रभारी बनाने की घोषणा भी हो सकती है। क्षेत्र में बढ़ाया दौरा, घर-घर पहुंच रहीं इस कार्यकर्ता महासम्मेलन को अस्मिता चंद और उनके परिवार ने काफी गंभीरता से लिया है। जब से यह तिथि तय हुई है, इस परिवार ने अपना दौरा बढ़ा दिया है। घर-घर पहुंचने का प्रयास है। भारी भीड़ जुटाने की तैयारी है, जिससे नई पार्टी में आगाज धमाकेदार हो। हाल ही में मुख्य मंडल प्रभारी की मौजूदगी में तैयारी को लेकर बैठक भी की गई। इसमें कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। सभी को इस महासम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने को कहा गया है। महासम्मेलन का समय सुबह 10 बजे का रखा गया है। पहले ही जाहिर कर दिया था इरादा 2022 का चुनाव बीतने के साथ ही अस्मिता चंद मैदान में उतरने को लेकर तैयार थीं। लगभग एक साल से उन्होंने अपना इरादा सार्वजनिक कर दिया। अपनी गाड़ी पर यह बैनर लगा दिया कि चिल्लूपार दिखाएगा दम, 2027 लड़ेंगे हम। उस वक्त सारा प्रयास भाजपा में चल रहा था। लेकिन जब यहां टिकट पाने की उम्मीद नहीं रह गई तो उन्होंने अपना रास्ता अलग कर लिया। जिस समय उन्होंने पार्टी छोड़ी, वह भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष थीं। जब से अस्मिता चंद हाथी पर सवार हुई हैं, पूरे चिल्लूपार की निगाहें 24 अगस्त को होने वाले बसपा के कार्यकर्ता महासम्मेलन पर टिकी हैं। उनके आने से इस क्षेत्र के बसपा कार्यकर्ता भी उत्साहित हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत दलित वोटर हैं।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़, 6 IED और गोला-बारूद बरामद; सर्च ऑपरेशन शुरू
पुंछ के सुरनकोट में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया, जहां से भारी मात्रा में विस्फोटक और गोला-बारूद बरामद हुआ।
16 अगस्त को बिहार में मानसून सक्रिय रहेगा, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
नीशू रस्तोगी बनीं तीज क्वीन:संभल में हरियाली तीज मेले में दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता
संभल में शनिवार शाम शहर में हरियाली तीज मेले का धूमधाम से आयोजन किया गया। मेले में महिलाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली। विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच रात करीब 9 बजे नीशू रस्तोगी को तीज क्वीन चुना गया। दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेविका डॉ. ऋतु सक्सेना ने किया। आर्य समाज की प्रधान और अन्य सदस्यों ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले की शुरुआत की। मंच संचालन रानी रस्तोगी और रविबाला रस्तोगी ने किया। हिंदू-मुस्लिम महिलाओं ने साथ लिया हिस्सा मेले में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की अनूठी झलक देखने को मिली। हिंदू महिलाओं के साथ मुस्लिम महिलाओं ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान नृत्य प्रतियोगिता, फैंसी शो, बेबी शो, वन मिनट गेम, मल्हार और मेहंदी प्रतियोगिता समेत कई कार्यक्रम हुए। महिलाओं और बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। पूरे कार्यक्रम के दौरान मेले में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। मेहंदी प्रतियोगिता में आस्था ने मारी बाजी मेहंदी प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में कुमारी आस्था ने प्रथम, हजेफा ने द्वितीय और अक्सा ने तृतीय स्थान हासिल किया। जूनियर वर्ग में हमिया ने प्रथम, आस्था और आकर्षि ने द्वितीय तथा जुबैरिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। 12 महिलाओं ने तीज क्वीन प्रतियोगिता में लिया हिस्सा मेले का मुख्य आकर्षण तीज क्वीन प्रतियोगिता रही। इसमें कुल 12 महिलाओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता को लेकर महिलाओं और दर्शकों में खासा उत्साह रहा। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया। रात करीब 9 बजे नीशू रस्तोगी को तीज क्वीन घोषित किया गया। उन्हें ताज पहनाकर सम्मानित किया गया। उनके नाम की घोषणा होते ही कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। रात्रि भोज के साथ मेले का समापन तीज क्वीन के ऐलान और रात्रि भोज के साथ मेले का समापन हुआ। इस अवसर पर आर्य समाज सम्भल की सदस्याओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। हरियाली तीज मेले ने महिलाओं और बच्चों को मनोरंजन के साथ प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर दिया। साथ ही कार्यक्रम ने सामाजिक सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का सकारात्मक संदेश भी दिया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संस्कृति विभाग के स्वराज संस्थान संचालनालय की ओर से रविंद्र भवन के हंसध्वनि सभागार में ‘आजादी का महापर्व’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रसिद्ध गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने देशभक्ति गीतों से समां बांधा, जिससे पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कविता कृष्णमूर्ति और साथी कलाकारों की प्रस्तुतियों का दर्शकों ने जमकर आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कविता कृष्णमूर्ति ने भगवान शिव का ध्यान करते हुए ‘ओम नम: शिवाय’ गीत से की। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘कर्मा’ का देशभक्ति गीत ‘हर करम अपना करेंगे, ऐ वतन तेरे लिए’ प्रस्तुत किया। गीत के साथ ही सभागार में मौजूद दर्शकों में जोश और उत्साह भर गया। इसके बाद कविता कृष्णमूर्ति ने ‘दिल ने कहा चुपके से’, ‘हवा हवाई’, ‘काहे छेड़े’, ‘आज मैं ऊपर आसमां नीचे’, ‘निंबोड़ा’, ‘इस तरह आशिकी’, ‘तुम मिले’, ‘मेरा दिल भी कितना पागल है’, ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘तू ही रे’, ‘बोले चूड़ियां’, ‘कोई मिल गया’, ‘मेरा पिया घर आया’ और ‘डोला रे’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियां दीं। एक के बाद एक गीतों पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। अमर सेनानियों को किया नमन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर क्रांतिवीरों और वीरांगनाओं को नमन करते हुए कहा कि देश उन सभी वीरों का ऋणी है, जिन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा और देशवासियों को स्वतंत्र भारत में सांस लेने का सौभाग्य दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के इन महान सेनानियों के सपनों का भारत बनाना हर नागरिक का कर्तव्य है। कुमार शानू के पुत्र ने भी दी प्रस्तुति कार्यक्रम के दौरान कविता कृष्णमूर्ति के साथ साथी कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी। मंच पर कुमार शानू के पुत्र जान कुमार शानू ने भी गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुति ने खासतौर पर युवाओं का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का समापन ‘आई लव माय इंडिया’ गीत के साथ हुआ।
छत्तीसगढ़ के कोरबा के बांगो बांध में एक युवक ने खुले गेट की ओर छलांग लगा दी। तेज बहाव में बहने के बाद से युवक लापता है। यह घटना शनिवार को हुई, जब बांध के 7 गेट खुले थे और करीब 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इस घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है। छलांग लगाने के बाद रंजीत कुछ देर तक पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया है। यह मामला बांगो थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, 23 वर्षीय रंजीत यादव पाली थाना क्षेत्र के चैतमा गांव का रहने वाला है। रंजीत अपने तीन दोस्तों के साथ मिनीमाता हसदेव बांगो बांध देखने पहुंचा था। वे सभी गार्डन के पास खड़े होकर बांध का नजारा देख रहे थे। इसी दौरान रंजीत के दोस्त उससे कुछ दूरी पर चले गए। दोस्तों के दूर होते ही रंजीत अचानक गार्डन की रेलिंग पर चढ़ा और पल भर में बांध के खुले गेट की तरफ छलांग लगा दी। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। छलांग लगाने के बाद रंजीत कुछ देर तक पानी में तैरता नजर आया, लेकिन बांध से करीब 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण बहाव काफी तेज था। कुछ ही देर बाद वह तेज बहाव में आंखों से ओझल हो गया। गोताखोरों की मदद से तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही बांगो पुलिस को जानकारी दी गई। थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश वर्मा अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू व तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस ने रंजीत के परिजनों को भी घटना की सूचना दी, जिसके बाद वहां गमगीन माहौल हो गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नीतिश ठाकुर ने बताया कि टीम को तुरंत रवाना कर दिया गया है। पानी का बहाव तेज होने के कारण तलाश अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से रंजीत की खोज की जा रही है। बांगो बांध प्रशासन ने पहले ही चेतावनी जारी की थी कि गेट खुले होने के कारण बांध के पास न जाएं। इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें रील्स बनाने के लिए युवकों का खतरनाक स्टंट, VIDEO:बिलासपुर में डैम में लगा रहे छलांग, पुलिस ने कान पकड़वाकर कराई उठक-बैठक छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले और बांध उफान पर हैं। इसके बावजूद कई युवक अपनी जान जोखिम में डालकर नदी और डैम में छलांग लगाते हुए खतरनाक स्टंट कर रहे हैं। इन स्टंट के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
स्वतंत्रता दिवस पर आगरा पुलिस कमिश्नरेट के 30 पुलिसकर्मियों को पदक, उत्कृष्ट सेवा के लिए मिला सम्मान
स्वतंत्रता दिवस पर आगरा पुलिस कमिश्नरेट के 30 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके शौर्य, सराहनीय कार्य और उत्कृष्ट सेवा के लिए पदक एवं सम्मान चिह्न प्रदान किए गए।
कासगंज में शनिवार रात स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को चंदन गुप्ता की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। नदरई गेट स्थित प्रतिमा पर उनके भाई विवेक गुप्ता और अन्य लोगों ने कैंडल जलाकर और पुष्प अर्पित किए। इससे पहले प्रभु पार्क से चंदन चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान विवेक गुप्ता ने चंदन चौक के जल्द औपचारिक अनावरण की मांग की और मांग पूरी न होने पर धरना देने की चेतावनी दी। चंदन चौक के अनावरण की मांग विवेक गुप्ता ने कहा कि उनके भाई की हत्या तिरंगा यात्रा के दौरान हुई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से चंदन चौक का जल्द अनावरण कराने की मांग की। उनका कहना है कि सरकार की ओर से चौक का निर्माण और प्रतिमा की स्थापना कर दी गई है, लेकिन अभी तक इसका औपचारिक अनावरण नहीं हुआ है। मांग पूरी नहीं हुई तो डीएम कार्यालय पर धरना विवेक गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि जल्द चंदन चौक का अनावरण नहीं कराया गया तो वह जिलाधिकारी के आवास और कार्यालय पर धरना देंगे। इसके बाद भी सुनवाई नहीं होने पर लखनऊ में धरना देने की बात कही। 2018 की हिंसा में हुई थी चंदन की मौत 26 जनवरी 2018 को कासगंज में हुई हिंसा के दौरान चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के बाद उनके परिवार ने चंदन के नाम पर चौक बनाने और उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी। सरकार की ओर से चौक का निर्माण कराया गया और प्रतिमा भी स्थापित कर दी गई। गृह मंत्रालय और मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश का दावा विवेक गुप्ता ने बताया कि चंदन चौक के निर्माण को लेकर गृह मंत्रालय और मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश जारी हुए थे। उन्होंने अब चौक के औपचारिक अनावरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है।
भागलपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर मंत्री नीतीश मिश्रा ने सैंडिस कंपाउंड में ध्वजारोहण किया। उन्होंने AI यूनिवर्सिटी, विक्रमशिला टाउनशिप सहित कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की और जिले के सर्वांगीण विकास का खाका प्रस्तुत किया।
संभल। भगवान श्रीविष्णु के दसवें अवतार श्रीकल्कि का 66वां जयंती महोत्सव शनिवार से शुरू हो रहा है। 16 और 17 अगस्त को होने वाले इस महोत्सव को लेकर संभल में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर में करीब 5 किलोमीटर लंबी भव्य गरुड़ रथयात्रा निकाली जाएगी। इसमें 11 राज्यों से श्रद्धालु शामिल होंगे। श्रीकल्कि विष्णु मंदिर में 40 घंटे का अखंड कार्यक्रम महोत्सव का मुख्य आयोजन संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित प्राचीन श्रीकल्कि विष्णु मंदिर में होगा। मंदिर में 40 घंटे का अखंड जयंती कार्यक्रम शुरू हो गया है। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है। 11 राज्यों से पहुंचेंगे श्रद्धालु श्रीकल्कि सेना (निष्कलंक दल) के नेतृत्व में होने वाले महोत्सव में गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, असम, हिमाचल प्रदेश और गोवा समेत 11 राज्यों से श्रद्धालु पहुंचेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि सुबह 7 बजे से भगवान श्रीकल्कि के दर्शन शुरू होंगे। इसके बाद शाम को भव्य गरुड़ रथयात्रा निकाली जाएगी। भगवान कल्कि का होगा सिंहासनारोहण सभासद एवं राष्ट्रीय महामंत्री गगन वार्ष्णेय ने बताया कि इस बार महोत्सव में भगवान कल्कि का 'सिंहासनारोहण' कराया जाएगा। उन्हें 'अखंड भूमंडल के राजा' के रूप में राजतिलक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह आयोजन लगातार 66 वर्षों से श्रद्धाभाव के साथ किया जा रहा है। नगर को सजाने के निर्देश आयोजकों के अनुसार, पिछले कई वर्षों से नगर पालिका भी महोत्सव में सहयोग कर रही है। इस बार जिलाधिकारी ने भी संभल नगर को सजाने के निर्देश दिए हैं। महोत्सव को लेकर मंदिर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
रामपुर के मोहल्ला कडू में शनिवार रात पटाखा डालने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। यह विवाद गाली-गलौज से शुरू होकर मारपीट में बदल गया, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, रात करीब दस बजे हुई इस घटना में वारिस नामक युवक पर दूसरे पक्ष के समीर के साथ मारपीट करने का आरोप है। आरोप है कि वारिस ने समीर पर ईंट और लोहे के कड़े से हमला किया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। घटना के बाद घायल समीर के परिजनों ने तत्काल नगर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल समीर को मेडिकल परीक्षण व उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गई। घायल युवक समीर ने बताया कि विवाद पैरों में पटाखा डालने को लेकर शुरू हुआ था। इसी बात पर दूसरे पक्ष के लोगों से कहासुनी और गाली-गलौज हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। नगर कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। घायल का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और मेडिकल रिपोर्ट के साथ-साथ जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और विवाद की शुरुआत तथा मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
ट्रांस गोमती माहेश्वरी समाज ने मनाया स्वतंत्रता दिवस:गोमती नगर में 80वां समारोह, शहीदों को किया याद
ट्रांस गोमती माहेश्वरी समाज ने गोमती नगर स्थित महेश्वरी सत्संग भवन में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्तिपूर्ण माहौल में मनाया। इस अवसर पर ध्वजारोहण किया गया, जिसके बाद राष्ट्रगान और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति हुई। समाज के सदस्यों ने तिरंगे को सलामी दी और देश की एकता, अखंडता तथा समृद्धि के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह के दौरान वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। समाज के सदस्यों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों के लिए चाय और जलपान की व्यवस्था की गई, जहा उन्होंने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाए दीं। शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की समाज के पदाधिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश को आजादी असंख्य वीरों के संघर्ष और बलिदान से प्राप्त हुई है। पदाधिकारियों ने नई पीढ़ी से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष संजीव माहेश्वरी, मंत्री विकास माहेश्वरी सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। समारोह का समापन देश के प्रति एकजुटता, भाईचारे और सेवा भावना को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। ट्रांस गोमती माहेश्वरी समाज ने इस अवसर पर सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
गोमती नगर में जन कल्याण समिति ने मनाया स्वतंत्रता दिवस:राज्य सूचना आयुक्त ने किया ध्वजारोहण
लखनऊ विशाल खंड-3, गोमती नगर में जन कल्याण समिति की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। समारोह में समिति अध्यक्ष नगीना प्रसाद और सचिव बीएल तिवारी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। लोगों ने देशभक्ति के नारों के साथ स्वतंत्रता दिवस की खुशियां मनाईं।इस मौके पर डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि आजादी हमें लंबे संघर्ष और बलिदानों के बाद मिली है। इसे मजबूत बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। समाज के हर व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। जब नागरिक जिम्मेदारी समझेंगे, तभी देश और मजबूत होगा। समिति के पदाधिकारियों ने भी लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के अंत में देश की एकता, अखंडता और तरक्की का संकल्प लिया गया।
पूर्व प्रधानाचार्य लोकेंद्र सिंह की मौत:हॉर्ट अटैक से गई जान, 35 साल शिक्षा के क्षेत्र में दी सेवाएं
शामली के पूर्व प्रधानाचार्य और वरिष्ठ शिक्षाविद् कैप्टन लोकेंद्र कुमार की हॉर्ट अटैक से मौत हो गई। उनके निधन की खबर से शिक्षा जगत, पूर्व विद्यार्थियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को शिक्षा, एनसीसी और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया है। 35 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में दी सेवाएं कैप्टन लोकेंद्र कुमार ने करीब 35 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दीं। उन्होंने 1 अगस्त 1990 से 6 नवंबर 2014 तक राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज में ड्राइंग प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। इसके बाद 7 नवंबर 2014 से 31 मार्च 2025 तक प्रधानाचार्य के पद पर सेवाएं देते हुए सेवानिवृत्त हुए। इससे पहले वर्ष 1988 से 1990 तक उन्होंने दिल्ली जल निगम में भी सेवा की थी। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से एमए ड्राइंग एंड पेंटिंग और एमए भारतीय इतिहास की शिक्षा प्राप्त की थी। एनसीसी में कैप्टन के रूप में किया मार्गदर्शन लोकेंद्र कुमार वर्ष 1999 से 2023 तक लगातार एनसीसी अधिकारी रहे और कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने कई सौ कैडेट्स को सेना, सुरक्षा बलों और पुलिस में भर्ती होने के लिए मार्गदर्शन दिया। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए कई कैडेट आज विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज की एनसीसी इकाई का प्रदर्शन भी लगातार उत्कृष्ट रहा। कई वर्षों तक कॉलेज के कैडेट गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होते रहे। कैप्टन लोकेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सैन्य परंपरा से जुड़ा था परिवार कैप्टन लोकेंद्र कुमार का जन्म 10 जनवरी 1965 को मुजफ्फरनगर जिले के बरवाला गांव में महावीर सिंह और शांति देवी के परिवार में हुआ था। उनका परिवार सैन्य परंपरा से जुड़ा रहा। उनके पिता, चाचा, ताऊ और दादा सेना में रहे। परिवार के सदस्यों ने प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध तथा 1999 के कारगिल युद्ध में भाग लिया था। उनके दादा और ताऊ स्वतंत्रता सेनानी भी रहे। स्काउट एवं गाइड से भी जुड़े रहे लोकेंद्र कुमार भारत स्काउट एवं गाइड के आजीवन सदस्य रहे और वर्तमान में जिला उपायुक्त के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। ड्राइंग विषय में भी उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम लगातार बेहतर रहा। सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के थे धनी विद्यालय के प्रधानाध्यापक पुष्पेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि लोकेंद्र कुमार सरल, सहज और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ उनका व्यवहार हमेशा आत्मीय रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनसे जुड़े लोगों के अनुसार, उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उनके व्यवहार से प्रभावित होता था। वे मुलाकात के दौरान जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा करते और युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करते थे। दो पुत्र और 96 वर्षीय पिता को छोड़ गए लोकेंद्र कुमार अपने पीछे दो पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके 96 वर्षीय पिता भी जीवित हैं। उनके निधन पर नीरज कुमार बेनीवाल, श्रवण तोमर, योगेंद्र सिंह, मलिक नवाब सिंह मलिक, सुधीर कुमार निर्वाल, पवित्र चौधरी समेत अनेक शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों और सामाजिक लोगों ने शोक व्यक्त किया। शिक्षा, एनसीसी, अनुशासन और युवाओं के मार्गदर्शन के क्षेत्र में कैप्टन लोकेंद्र कुमार के योगदान को विद्यार्थी, शिक्षक और क्षेत्र के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
हरियाली तीज के मौके पर शहर में महिलाओं के लिए कई आयोजन हुए। कहीं सावन गीतों और नृत्य ने माहौल को रंगीन बनाया तो कहीं मेहंदी, रैंप वॉक और तीज क्वीन जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने तीज के उत्सव का आनंद लिया। पश्चिम अर्जुन नगर स्थित स्पाइस अरोमा रेस्टोरेंट में रचनात्यम ग्रुप की ओर से हरियाली तीज एवं स्वतंत्रता दिवस महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डांस, मेहंदी, रैंप वॉक, बेस्ट आउटफिट और मिस/मिसेज हरियाली तीज प्रतियोगिताएं हुईं। मुख्य अतिथि डॉ. नीलम रावत और डॉ. नीलम सिंह रहीं। निर्णायक मंडल में नटरांजलि थियेटर आर्ट्स की डायरेक्टर अलका सिंह शर्मा, डॉ. पिंकी भारद्वाज और ब्लॉगर प्रिया सागर शामिल रहीं। हरियाली तीज का खिताब रचना ने जीता। सर्वश्रेष्ठ परिधान में नेहा, मेहंदी में अनीता, राखी व अंजलि, रैंप वॉक में सीमा और डांस में पारुल विजेता रहीं। विजेताओं को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। आयोजन वर्षा मिश्रा और ईशान मित्तल ने किया। जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भी हरियाली तीज महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। महिलाओं ने रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सावन और देशभक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए। विभिन्न प्रतियोगिताओं, गेम्स और लक्की ड्रॉ में महिलाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया। तीन हरियाली तीज क्वीन का चयन किया गया। कार्यक्रम में शांतिनाथ महिला मंडल और स्वास्तिक महिला मंडल का विशेष सहयोग रहा। पूजा जैन ने मंच संचालन किया। आयोजन में रुचि जैन, नीतिका जैन सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। अध्यक्ष राकेश जैन पर्देवाले और मंत्री दीपक जैन व बौबी भाई ने भी सहयोग किया।
दत्तात्रेय होसबाले ने कोलकाता में फहराया तिरंगा, राष्ट्र की एकता पर दिया जोर
आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कोलकाता में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया। उन्होंने देशवासियों से राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।

