बुरे वक्त में नेपाल की एक पुकार, मदद को साथ आ गए भारत और चीन
नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आई भीषण बाढ़ में अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है और 2400 से ज्यादा लोग लापता हैं. विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत, चीन समेत कई देशों की मदद के लिए आभार जताया और नेपाल द्वारा विदेशी मदद ठुकराने की खबरों को गलत बताया. भारत से 57 टन राहत सामग्री और तकनीकी टीम पहुंच चुकी है, वहीं चीन से भी सुरंग बचाव विशेषज्ञ भी पहुंच गए हैं.
बारिश में घर में घुस आते हैं मेंढक? करें ये काम, हो जाएंगे रफूचक्कर
How To Keep Frogs Away From Home: बारिश और मानसून में घर के अंदर बार-बार मेंढक घुसने से परेशान हैं? आज हम आपको दरवाजे और नालियों के रास्ते आने वाले मेंढकों को रोकने के आसान तरीके बताएंगे.
बदल जाएगी इस शहर की गाड़ियों की पहचान... 37 साल बाद बदलेगा कोड
किसी शहर की पहचान कई चीजों से होती है. उनमें से एक होता है गाड़ियों का नंबर प्लेट. किसी भी गाड़ी के नंबर पर उसके राज्य और शहर की पहचान लिखी होती है. 37 साल बाद अब एक शहर की ये पहचान बदलने वाली है. हम बात कर रहे हैं पुणे शहर की, जहां गाड़ियां का रजिस्ट्रेशन तय संख्या तक पहुंच गया है. आइए जानते हैं नंबर प्लेट की ये कहानी.
क्या राखी सावंत संग कॉन्ट्रोवर्सी करेंगे समय रैना? दिया जवाब
समय रैना 'इंडियाज गॉट लेटेंट' सीजन 2 के ज्यादा फिल्टर्ड होने की आलोचना पर बात कर रहे हैं. अब उनके अगले एपिसोड में राखी सावंत आने वाली है.
गलवान और डोकलाम के मास्टरमाइंड जनरल झाओ जोंगकी को शी जिनपिंग ने चीन के शीर्ष सलाहकार निकाय से हटाया
वैश्विक भू-राजनीति और एशिया के सामरिक गलियारों से इस समय एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। चीन की राजनीति और सेना के भीतर चल रहे उथल-पुथल के दौर के बीच देश के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक बेहद कड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। भारत के साथ सीमा विवादों के केंद्र में रहे और डोकलाम तथा गलवान घाटी संघर्ष के दौरान पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के वेस्टर्न थिएटर कमांड की कमान संभालने वाले शीर्ष चीनी जनरल झाओ जोंगकी को देश के सर्वोच्च राजनीतिक सलाहकार निकाय से आधिकारिक तौर पर बाहर कर दिया गया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर बीजिंग के सत्ता गलियारों में चल रही अंदरूनी खींचतान और शी जिनपिंग द्वारा सैन्य नेतृत्व में किए जा रहे बड़े पैमाने पर फेरबदल को दुनिया के सामने ला खड़ा किया है। भारत की सीमाओं पर आक्रामक सैन्य नीतियों के लिए जाने जाने वाले इस वरिष्ठ जनरल की अचानक हुई यह विदाई अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में चर्चा का मुख्य विषय बन गई है।चीनी सरकारी एजेंसी शिन्हुआ का आधिकारिक एलान और बिना कारण बताए निष्कासनचीन की सरकारी और आधिकारिक समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, जनरल झाओ जोंगकी को चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस (CPPCC) और उससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। बीजिंग की कार्यशैली के अनुरूप, इस उच्चस्तरीय निष्कासन के पीछे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी या सरकार की ओर से कोई भी स्पष्ट कारण साझा नहीं किया गया है। इसके अलावा, आधिकारिक तौर पर यह भी घोषणा नहीं की गई है कि जनरल झाओ के खिलाफ किसी प्रकार की औपचारिक जांच शुरू की गई है या उन्हें केवल राजनीतिक प्रशासनिक दायित्वों से मुक्त किया गया है। हालांकि, कूटनीतिक जानकारों और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के अचानक उठाए गए कदम सामान्य नहीं होते हैं और इसके पीछे गहरे रणनीतिक तथा आंतरिक राजनीतिक कारण छिपे हो सकते हैं।पीएलए (PLA) के भीतर शी जिनपिंग द्वारा बड़े पैमाने पर अधिकारियों की सफाई अभियानजनरल झाओ जोंगकी को इस प्रकार से बाहर किए जाने का यह घटनाक्रम ऐसे संवेदनशील समय में सामने आया है जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी ही सेना यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के भीतर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चला रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में शी जिनपिंग ने सेना के भीतर कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, थिएटर कमांड के प्रमुखों, रक्षा विश्वविद्यालयों के नेतृत्व और हथियार खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया है। चूंकि शी जिनपिंग सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) के महासचिव होने के साथ-साथ शक्तिशाली सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के अध्यक्ष भी हैं, इसलिए सेना पर उनकी पकड़ सर्वोपरि है। हाल ही में शी जिनपिंग ने दो बेहद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों—झांग यूक्सिया और लियू झेनली—को भी सीएमसी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इन दोनों दिग्गजों के हटने के बाद अब सात सदस्यों वाले इस अत्यंत प्रभावशाली सैन्य आयोग में केवल दो सक्रिय सदस्य ही बचे हैं, जिनमें खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हैं। इस बात से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि ड्रैगन की सेना के भीतर शीर्ष स्तर पर किस कदर अविश्वास और फेरबदल का दौर चल रहा है।कौन हैं जनरल झाओ जोंगकी और भारत के साथ उनका क्या रहा है इतिहास?जनरल झाओ जोंगकी पीएलए के उन चुनिंदा जनरलों में शामिल रहे हैं जिन्होंने भारत के साथ लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की सुरक्षा देखने वाले सबसे संवेदनशील 'वेस्टर्न थिएटर कमांड' के कमांडर के रूप में कार्य किया है। उनके कार्यकाल के दौरान भारत और चीन के बीच दो सबसे बड़े और गंभीर सैन्य गतिरोध सामने आए थे, जिन्होंने दोनों देशों के संबंधों को ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर ला दिया था।2017 का डोकलाम गतिरोध (Doklam Standoff): वर्ष 2017 में जब भारत और चीन की सेनाएं भूटान-तिब्बत-भारत ट्राई-जंक्शन पर स्थित डोकलाम क्षेत्र में आमने-सामने आ गईं और 73 दिनों तक भारी तनाव बना रहा, उस दौरान जनरल झाओ जोंगकी ही वेस्टर्न थिएटर कमांड की कमान संभाल रहे थे। इस संकट के दौरान उनके आक्रामक रुख की चर्चा पूरी दुनिया के रक्षा गलियारों में थी।2020 की गलवान घाटी की खूनी झड़प (Galwan Valley Clash): इसके बाद मई 2020 में पूर्वी लद्दाख सेक्टर में एलएसी के विभिन्न बिंदुओं पर चीनी सैनिकों की भारी तैनाती और 15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प भी उन्हीं के कार्यकाल में हुई। इस भीषण संघर्ष में भारत के 20 वीर सैनिक मातृभूमि के लिए बलिदान हुए थे, जबकि चीनी पक्ष को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा था जिसकी पुष्टि बीजिंग ने बहुत समय बाद की थी।समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा 2020 में जारी की गई एक सनसनीखेज रिपोर्ट में अमेरिकी खुफिया सूत्रों का हवाला देते हुए यह दावा किया गया था कि जनरल झाओ जोंगकी ने ही कथित तौर पर भारत को सबक सिखाने के लिए गलवान घाटी के उस आक्रामक ऑपरेशन को अपनी सीधी मंजूरी दी थी। भारत विरोधी रणनीतियों को अमली जामा पहनाने वाले इस शीर्ष जनरल का इस तरह से राजनीतिक सलाहकार संस्था से बाहर होना सामरिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।निष्कर्ष: चीनी सैन्य नेतृत्व में बदलाव और भारत के दृष्टिकोण से इसके मायनेकुल मिलाकर देखा जाए तो जनरल झाओ जोंगकी की विदाई और शी जिनपिंग द्वारा चीनी सेना में चलाए जा रहे इस बड़े उच्चस्तरीय शुद्धिकरण अभियान ने यह साबित कर दिया है कि बीजिंग के आंतरिक सत्ता समीकरणों में कुछ भी सामान्य नहीं चल रहा है। एक तरफ जहां शी जिनपिंग पार्टी और सेना पर अपनी पकड़ को और अधिक तानाशाही और केंद्रीकृत बनाते जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गलवान और डोकलाम जैसे सीमा विवादों के प्रमुख किरदारों का इस प्रकार से हाशिए पर जाना यह संकेत देता है कि चीन की क्षेत्रीय रणनीतियों की समीक्षा भी आंतरिक स्तर पर की जा रही है। भारत के रणनीतिक और सुरक्षा प्रतिष्ठान इन तमाम गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि सीमावर्ती क्षेत्रों की कमान संभालने वाले जनरलों का इस प्रकार हटना पड़ोसी देश के आंतरिक और बाहरी दोनों मोर्चों पर चल रहे बड़े बदलावों की कहानी कहता है।
इतिहास के पन्नों में दफन राज अक्सर ऐसे समय में बाहर आते हैं जो विज्ञान और पुरातत्वविदों को भी हैरान कर देते हैं। यूरोप के इतिहास में अपनी वीरता, समुद्री अभियानों और अनूठी संस्कृति के लिए जाने जाने वाले वाइकिंग युग से जुड़ा एक ऐसा ही अद्भुत और रोमांचक मामला सामने आया है। डेनमार्क के पश्चिमी जटलैंड क्षेत्र में पुरातत्वविदों को एक 8वीं सदी की वाइकिंग महिला की कब्र से कपड़ों के ऐसे दुर्लभ और बेहतरीन अवशेष मिले हैं, जो लगभग 1,300 वर्षों का लंबा समय बीत जाने के बावजूद आज भी अपनी मूल स्थिति में सुरक्षित बचे हुए हैं। आमतौर पर प्रकृति का नियम यह होता है कि सदियों बीतने के साथ जमीन के भीतर प्राकृतिक रेशे, कपड़े और कार्बनिक पदार्थ पूरी तरह से सड़-गल जाते हैं और मिट्टी में मिल जाते हैं, लेकिन इस विशेष मामले में विज्ञान और प्रकृति ने मिलकर एक ऐसा चमत्कार किया जिसने सदियों पुराने रहस्यों के दरवाजे खोल दिए हैं। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि आखिर 1300 साल बाद भी ये कपड़े कैसे सुरक्षित रहे और वैज्ञानिक विश्लेषण से वाइकिंग सभ्यता के कौन-से अनसुने पहलू सामने आ रहे हैं।जटलैंड की अम्लीय मिट्टी और धातु के लवणों का जादुई रासायनिक संयोगवैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों के लिए यह सबसे बड़ा कौतूहल का विषय था कि डेनमार्क के पश्चिमी जटलैंड की मिट्टी, जो अपनी अत्यधिक अम्लीय (एसिडिक) प्रकृति के लिए जानी जाती है और जो कुछ ही दशकों में कपड़ों व हड्डियों को पूरी तरह नष्ट कर देती है, उसने इस कब्र में रखे कपड़ों को कैसे बचा कर रखा। इस पुरातात्विक पहेली का जवाब मिला धातु के उन गहनों में जिन्हें महिला ने अपनी मृत्यु के समय पहना हुआ था। शोधकर्ताओं के मुताबिक, महिला के धड़ के हिस्से पर दो स्कूप ब्रोच लगे हुए थे, जिन्होंने उसके कपड़ों को आपस में कसकर पकड़ा हुआ था। समय बीतने के साथ जब इन धातु के ब्रोच में प्राकृतिक रूप से जंग लगना शुरू हुआ, तो उनसे धातु के लवण (Metal Salts) रिसकर आसपास की मिट्टी में घुल गए। इन विशिष्ट रासायनिक लवणों ने कब्र के भीतर एक ऐसा अनूठा और सुरक्षित माइक्रोकलाइमेट (रासायनिक वातावरण) तैयार कर दिया, जिसमें बैक्टीरिया और फंगस जैसे सूक्ष्म जीव पनप नहीं सके। यही कारण रहा कि जिन धातुओं ने महिला के जीवित रहते उसके कपड़ों को सहेज कर रखा था, उन्होंने ही उसकी मृत्यु के 13 शताब्दियों बाद भी उन कपड़ों को इतिहास के पन्नों में सुरक्षित बनाए रखा।वाइकिंग फैशन, बुनाई की तकनीक और कपड़ों की परतों का खुला रहस्यइस अद्भुत खोज के बाद टेक्सटाइल एक्सपर्ट्स और इतिहासकार वाइकिंग युग के फैशन, कपड़ा निर्माण और जीवनशैली का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। ब्रोच की ऊपरी और निचली दोनों परतों पर कपड़े के महीन रेशे सुरक्षित चिपके हुए मिले हैं। इसके जरिए शोधकर्ता महिला के परिधान की दोनों परतों यानी बाहरी कोटनुमा वस्त्र और त्वचा के सीधे संपर्क में रहने वाली अंदरूनी परत का गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं। प्रसिद्ध वस्त्र विशेषज्ञ लिज रेडर नुडसेन इन रेशों की सूक्ष्मता से जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उस दौर में कपड़ों की बुनाई का पैटर्न क्या था, इस्तेमाल होने वाले धागे की गुणवत्ता कैसी थी और किस तकनीक का उपयोग करके कपड़ों को तैयार किया जाता था। इसके साथ ही, 'टेक्सटाइल कलर्स ऑफ द वाइकिंग एज' प्रोजेक्ट के तहत उला मैनरिंग और शार्लेट रिमस्टैड जैसी वरिष्ठ शोधकर्ता इन रेशों का स्पेक्ट्रल विश्लेषण (Spectral Analysis) कर रही हैं। इससे यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 8वीं शताब्दी की इन पोशाकों को रंगने के लिए किस प्रकार के प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया गया था। इतिहास बताता है कि वाइकिंग समाज में रंगे हुए और सुंदर वस्त्र केवल उच्च वर्ग और अमीर परिवारों की महिलाएं ही पहनती थीं, जबकि साधारण लोग बिना रंगे हुए प्राकृतिक ऊन का उपयोग करते थे। इस वैज्ञानिक जांच से महिला के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रुतबे पर भी से पर्दा उठेगा।दांतों के आइसोटोप विश्लेषण से खुलेंगे बचपन और सेहत के अनछुए राजइस कब्र से केवल कपड़े ही नहीं मिले, बल्कि युवा महिला के कंकाल के दांत भी काफी अच्छी और सुरक्षित स्थिति में मिले हैं, जो पुरातत्व विज्ञान की दृष्टि से एक खजाने से कम नहीं हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ डेनमार्क की एंथ्रोपोलॉजी यूनिट इन दांतों के इनेमल (Enamel) पर आइसोटोप विश्लेषण (Isotope Analysis) कर रही है। दांतों के भीतर जमा होने वाले रासायनिक तत्व यह बताने में सक्षम होते हैं कि व्यक्ति ने अपने जीवनकाल में किस प्रकार का खान-पान अपनाया था, उसकी सेहत कैसी थी और उसके बचपन का शुरुआती निवास स्थान कौन-सा भौगोलिक क्षेत्र था। वाइकिंग काल के दौरान लोग लंबी समुद्री यात्राएं करते थे और एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रवास करते थे, इसलिए इस आइसोटोप टेस्ट से यह भी पता चल सकेगा कि क्या यह महिला मूल रूप से जटलैंड की ही रहने वाली थी या फिर वह किसी अन्य दूरदराज के क्षेत्र से प्रवास करके यहां आई थी।रेडियोकार्बन डेटिंग और पुरातात्विक पहेली को सुलझाने की कोशिशइस पूरी शोध प्रक्रिया का एक और बेहद दिलचस्प पहलू यह है कि महिला के कपड़ों को थामने वाले एक ब्रोच पर मरम्मत (Repair) के स्पष्ट निशान पाए गए हैं। इससे यह बात सामने आती है कि वह ब्रोच काफी पुराना था और कब्र में दफनाए जाने से बहुत पहले से इस्तेमाल हो रहा था, जिसे समय आने पर ठीक कराया गया था। अब शोधकर्ता रेडियोकार्बन (C14) डेटिंग तकनीक का उपयोग कर रहे हैं ताकि यह वैज्ञानिक रूप से सुनिश्चित किया जा सके कि क्या वह पोशाक और ब्रोच एक ही समकालीन दौर के हैं, या फिर उस महिला ने अपनी दादी या नानी के समय की विरासत वाले पुराने और पारंपरिक गहनों के साथ उस दौर की नई बुनी हुई पोशाक पहनी हुई थी। यह अध्ययन एग्नेस गेजर फाउंडेशन के वित्तीय और तकनीकी सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे दशकों से इतिहासकारों के बीच वाइकिंग पोशाकों को लेकर लगाए जाने वाले अनुमानों और धारणाओं को ठोस वैज्ञानिक प्रमाण मिल सकेंगे।निष्कर्ष: इतिहास के झरोखे से भविष्य को समझने की अनूठी पहलडेनमार्क के जटलैंड में मिली यह 8वीं सदी की वाइकिंग महिला की कब्र और उसमें सुरक्षित बचे 1300 साल पुराने कपड़े केवल एक पुरानी खोज मात्र नहीं हैं, बल्कि यह हमें प्राचीन मानव सभ्यता के तकनीकी कौशल, सौंदर्यबोध और जीवनशैली के बेहद करीब ले जाते हैं। एक तरफ जहां प्राकृतिक रूप से सब कुछ नष्ट हो जाना तय था, वहीं रसायन विज्ञान और पुरातत्व की मिली-जुली सूझबूझ ने इतिहास के एक अनमोल अध्याय को बचा लिया है। आने वाले दिनों में जब इस शोध के अंतिम परिणाम दुनिया के सामने आएंगे, तो वे न केवल वाइकिंग युग के वस्त्र विज्ञान और फैशन के इतिहास को नया आयाम देंगे, बल्कि हमारे प्राचीन इतिहास की कई अनसुलझी गुत्थइयों को भी पूरी तरह साफ कर देंगे।
उज्बेकिस्तान पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी, डिफेंस समेत इन सेक्टर्स में होगी डील
शनिवार को पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के ताशकंद पहुंचे. यहां उन्होंने राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव से मुलाकात की. यह उनकी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है. दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी.
कहां के लोगों ने पहली बार गटकी थी वाइन? जानिए क्या कहता है इतिहास
बीयर, शराब, वाइन जैसे ड्रिंक्स आज एक आम चीज है,जो हर जगह आसानी से मिल सकती है. क्या कभी आपने सोचा है आखिर इंसान कब ऐसे एल्कोहलिक ड्रिंक्स का इस्तेमाल करते आ रहे हैं. चलिए जानते हैं कि आज जिस वाइन को हम एक लग्जरी मानते हैं, उसका स्वाद सबसे पहले कहां के लोगों ने चखा था.
बस से कूदे, सेकंडों में चढ़ीं 500 सीढ़ियां! नेपाल की तबाही में बचने वाले पति-पत्नी की कहानी
दंपति नेपाल के रसुवा जिले के टिमुरे गांव (चीन सीमा के पास) से बस में यात्रा कर रहा था। तभी पहाड़ों से 60 से 70 फीट ऊंची भूरी और धूल भरी पानी-मलबे की विशाल लहर आई। पहले उन्हें लगा कि यह जंगल की आग या भूकंप है।
ताशकंद में PM का ग्रैंड वेलकम, दूर-दूर तक गूंजता मोदी-मोदी का नारा
मध्य एशिया के दिल ताशकंद की जमीन पर आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान उतरा तो नजारा देखने लायक था। दूर-दूर तक गूंजता मोदी मोदी का नारा पारंपरिक उजबेकिस्तान संगीत की धुनें और खुद राष्ट्रपति शौकत मार्जिए के विशेष दूतों की मौजूदगी। यह सिर्फ एक आधिकारिक दौरा नहीं है पीएम मोदी का बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का सबूत है। दरअसल पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का यह चौथा दौरा है। लेकिन इस बार की गर्मजोशी कुछ अलग है। राष्ट्रपति शौकत के विशेष निमंत्रण पर पहुंचे पीएम मोदी का ताशकंद एयरपोर्ट पर अभूतपूर्व स्वागत किया गया। ग्रैंड वेलकम किया गया। उज्बेकिस्तान की संस्कृति की झलक पेश करते हुए पीएम मोदी का स्वागत वहां के पारंपरिक अंदाज में किया गया। यह स्वागत केवल शिष्टाचार नहीं है। यह दिखा रहा है कि उज़्बेकिस्तान भारत को अपना सबसे भरोसेमंद साथी मानता है। इसे भी पढ़ें: डोभाल की कूटनीति और भारत-चीन संबंधों की नई करवट ताशकंद की सड़कों पर भारत और उज़्बेकिस्तान के झंडे लहरा रहे हैं जो एक नई दोस्ती की गवाही दे रहे हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति शौकत के बीच होने वाली डेलीगेशन लेवल की बातचीत में कई अहम मुद्दे शामिल हैं। पहला मुद्दा है व्यापार और निवेश। भारत और उज़्बेकिस्तान अपने द्विपक्षी व्यापार को कई गुना बढ़ाना चाहते हैं। दूसरा मुद्दा है डिफेंस और सुरक्षा का आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाने पर चर्चा होगी और तीसरा है डिजिटल कनेक्टिविटी। भारत का यूपीआई और डिजिटल इंडिया मॉडल अब उज़्बेकिस्तान में भी काम आएगा। चौथा मुद्दा है ऊर्जा और शिक्षा का। उज्बेकिस्तान की यूरेनियम सप्लाई और भारतीय छात्रों की वहां की शिक्षा दोनों देशों के लिए विनविन सिचुएशन है। सेंट्रल एशिया भारत के लिए सिर्फ व्यापार का केंद्र नहीं है बल्कि यह सुरक्षा का गेटवे है। इसे भी पढ़ें: डोभाल की कूटनीति और भारत-चीन संबंधों की नई करवट उज़्बेकिस्तान के जरिए भारत यूरोप और रूस तक अपनी पहुंच आसान करना चाहता है। चाबहार पोर्ट की अहमियत यहां फिर से उभरती है और इस क्षेत्र में बढ़ते चीन के प्रभाव के बीच पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की मौजूदगी को और मजबूत करती है। भारत का लक्ष्य साफ है कि जब तक हम आजादी के 100 साल मनाएं तब तक मध्य एशिया हमारे प्रमुख आर्थिक पार्टनर्स में से एक हो। खैर ताशकंद में पीएम मोदी का यह जोरदार स्वागत केवल एक शुरुआत है।
चित्रकूट में बाढ़ का भयावह नजारा, मंदाकिनी नदी ने तोड़ा 23 साल का रिकॉर्ड
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रामघाट से लेकर आसपास के इलाकों तक हाहाकार मच गया है. बाढ़ के तेज बहाव में पुल बह गया और दुकानें-मंदिर पानी में डूब गए हैं. कई लोग बाढ़ में फंस गए, जिन्हें हेलीकॉप्टर और नावों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है.
'लोग सनी को मुस्लिम नहीं मान पाए', बंटवारा पर बोलीं शबाना आजमी
बंटवारा 1947 बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी, जिसपर शबाना आजमी ने बात की. उन्होंने कहा कि लोगों को मुसलमान के रोल में सनी देओल नहीं पसंद आए. हालांकि उनका ये भी कहना है कि फिल्म के लिए उन्हें काफी तारीफ सुनने मिली.
'धार्मिक नारों की वजह से...', खड़गे के शुद्धिकरण विवाद पर CM धामी का पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे से जुड़े 'शुद्धिकरण' विवाद को लेकर राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस पर हमला बोला. राहुल ने कहा, दलित होने की वजह से हल्द्वानी में खड़गे के कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण किया गया. अब इस पर उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार किया. देखें वीडियो.
ब्रह्मोस को मिला 6 बिलियन का महा ऑर्डर, सन्न हुआ अमेरिका
एक समय ऐसा भी आएगा जब दुनिया की महाशक्ति कहे जाने वाले अमेरिका के सबसे घातक पेट्रिएट मिसाइल सिस्टम को दुनिया डंप करना शुरू कर देगी और उसकी जगह चुनाव होगा भारत में बने आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल का। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं है बल्कि हकीकत बन चुकी है। आज पूरी दुनिया भारत के स्वदेशी मिसाइल तकनीक की कायल हो चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब हमने अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता दिखाई तब शायद दुनिया को अंदाजा नहीं था कि भारत बहुत जल्द ग्लोबल डिफेंस मार्केट का पावर हाउस बनने वाला है। अब खबर आई है कि कई देशों ने अमेरिकी पेट्रियट सिस्टम की बजाय भारत की आकाश मिसाइल को अपना प्रेफरेबल विकल्प चुन लिया है। इसे भी पढ़ें: Kyiv के Bucha में रूसी हमले में 27 की मौत, 50 रिहायशी इमारतें हुईं क्षतिग्रस्त सिर्फ आकाश ही नहीं हमारी ब्रह्मोस की दहाड़ भी इतनी तेज है कि इसकी ऑर्डर बुक ने $6 बिलियन का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। दरअसल दुनिया भर के डिफेंस जनरल्स और हालिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के एक पेट्रिएट मिसाइल इंटरसेप्टर को बनाने की लागत लगभग ₹60 करोड़ यानी कि 7 बिलियन आती है। अब इसके मुकाबले भारत की डीआरडीओ द्वारा तैयार आकाश मिसाइल को देखिए। इसे बनाने का खर्च मात्र 4 से ₹4.5 करोड़ यानी 0.5 मिलियन है। यानी सीधा-सीधा 14 गुना का अंतर। अब आप सोच रहे होंगे कि क्या सस्ती होने से क्वालिटी पर फर्क पड़ता है? तो जवाब है बिल्कुल नहीं। इसे भी पढ़ें: भारत के हाथ आया Javelin हथियार, अब दुश्मनों के टैंकों की खैर नहीं! America से हुआ बड़ा रक्षा सौदा आकाश मिसाइल सिस्टम सिर्फ एक मिसाइल नहीं बल्कि एक कंप्लीट इकोसिस्टम है। इसमें आधुनिक रडार, कमांड, कंट्रोल और लांचर शामिल है। यह लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, यूएईवी और क्रूज मिसाइलों को पलक झपकते ही तबाह करने की क्षमता रखता है। अब सवाल यह है कि आखिर दुनिया पेट्रियट को क्यों डिच कर रही है? देखिए इसकी एक बड़ी वजह हालिया वैश्विक युद्ध है। रूस यूक्रेन हो या इजराइल, ईरान संघर्ष हर जगह एयर डिफेंस मिसाइलों का इस्तेमाल अनप्रेसिडेंटेड लेवल पर हुआ है। अमेरिका की अपनी रिपोर्ट कहती है कि उनकी पेट्रियट इन्वेंटरी तेजी से खत्म हो रही है। ईरान के खिलाफ ही अमेरिका अपने 1500 से ज्यादा इंटरसेप्टर इस्तेमाल कर चुका है।
Trump की 'ऐतिहासिक' Venezuela Oil Deal, 65 अरब बैरल तेल पर US के नियंत्रण के क्या हैं मायने?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि अमेरिका निजी कंपनियों के साथ साझेदारी के ज़रिए वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से ज़्यादा तेल भंडार पर ज़्यादातर नियंत्रण हासिल करेगा। उन्होंने इस समझौते को दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील बताया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस डील में वेनेज़ुएला के कुल प्रमाणित रिज़र्व का लगभग पांचवां हिस्सा शामिल है। इससे वॉशिंगटन को एक जॉइंट वेंचर में हिस्सेदारी और लागत मूल्य पर तेल खरीदने का अधिकार मिलता है। यह जॉइंट वेंचर ओरिनोको बेल्ट और लेक माराकाइबो में 17 फील्ड्स के लिए 100 साल के कंसेशन (रियायतें) रखेगा। यह घोषणा अमेरिकी सेना द्वारा जनवरी में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने और उनकी डिप्टी डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यभार संभालने की अनुमति देने के लगभग नौ महीने बाद की गई है। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने Venezuela संग 65 अरब बैरल तेल भंडार पर किया अहम समझौता इस समझौते के बारे में हम क्या जानते हैं एक अमेरिकी अधिकारी ने AP और ब्लूमबर्ग को बताया कि घोषित ढांचे के तहत, अमेरिका वेनेजुएला में एक निजी ऑपरेटर (जिसका नाम अभी तय नहीं हुआ है) के साथ एक नए जॉइंट वेंचर के प्रभावी उत्पादन का 55% हिस्सा नियंत्रित करेगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वेंचर सऊदी अरामको के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कॉर्पोरेट रिज़र्व होल्डर बन जाएगा। अधिकारी ने कहा कि तेल अमेरिका को लागत मूल्य पर बेचा जाएगा और इसे देश के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व (आपातकालीन भंडार) और सैन्य इस्तेमाल के लिए भेजा जाएगा। रोड्रिगेज़ ने टेलीग्राम पर इस समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि इसमें 17 रणनीतिक क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें लगभग 65 अरब बैरल का रिज़र्व है। उन्होंने कहा कि इस डील से 100 अरब डॉलर से ज़्यादा का निवेश आएगा और वेनेज़ुएला सरकार को 209 अरब डॉलर का टैक्स रेवेन्यू मिलेगा। उन्होंने इस समझौते को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इसका हमारे देश के पुनरुत्थान पर बड़ा असर पड़ेगा।
Tibet में फंसे Indian Pilgrims वैकल्पिक Zhangmu मार्ग से नेपाल लौटे
के जे एम वर्माबीजिंग, 29 अगस्त तिब्बत में भारी संख्या में फंसे भारतीय तीर्थयात्रियों की शनिवार को एक वैकल्पिक सीमा मार्ग से नेपाल वापसी शुरू हुई। बाढ़ के कारण ग्यिरोंग सीमा चौकी नष्ट हो गई। ग्यिरोंग-नेपाल सीमा चौकी, नेपाल के रास्ते तिब्बत में प्रवेश करने और वहां से बाहर निकलने का मुख्य मार्ग है। बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ में यह चौकी नष्ट हो जाने के बाद सैकड़ों विदेशी पर्यटक फंस गए। इनमें ज्यादातर कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल तीर्थयात्री थे। इस बाढ़ में 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। फंसे हुए तीर्थयात्रियों ने झांगमु सीमा चौकी के रास्ते नेपाल में प्रवेश करना शुरू कर दिया, जिसे इस क्षेत्र में आए भूकंप और भूस्खलनों के कारण पहले बंद कर दिया गया था। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व अध्यक्ष जी. सतीश रेड्डी उन भारतीय तीर्थयात्रियों में शामिल थे, जो शनिवार को झांगमु के रास्ते नेपाल सीमा पर लौटे। रेड्डी ने यहां सीमा चौकी की ओर जाते समय ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मैं देख सकता हूं कि कई बस और वाहन झांगमु सीमा चौकी के रास्ते नेपाल की ओर जा रहे हैं।’’रेड्डी हैदराबाद से गए 31 सदस्यों वाले एक समूह का हिस्सा थे, जो 23 अगस्त को तिब्बत गया था। उन्होंने ग्यिरोंग-नेपाल सीमा के रास्ते तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में प्रवेश किया था और शुक्रवार को उसी मार्ग से लौटने वाले थे। इससे पहले, चीन के सरकारी मीडिया ने बताया था कि ग्यिरोंग काउंटी से निकाले गए 1,000 लोगों में 555 पर्यटक शामिल थे। रेड्डी ने बताया कि बुधवार को जब वह और उनका परिवार हजारों अन्य लोगों के साथ पवित्र कैलाश पर्वत की ‘परिक्रमा’ कर रहे था, तब उन्हें अचानक आई बाढ़ की खबर मिली। उन्हें दूतावास के अधिकारियों के जरिए ग्यिरोंग-नेपाल सीमा चौकी पर आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बारे में जानकारी दी गई। रेड्डी ने कहा कि कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील—जो ग्यिरोंग से 700 किलोमीटर दूर हैं—अचानक आई बाढ़ से प्रभावित नहीं हुए।
नेपाल में आई भयानक बाढ़ में 600 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 537 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें 320 भारतीय हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य जारी हैं और अधिकारी आगे के खतरों को लेकर भी सतर्क हैं। इस तबाही के बीच, धाडिंग में एक अजीब घटना ने सबका ध्यान खींचा है। बाढ़ के पानी में बहकर आया एक बैंक लॉकर त्रिशूली नदी के किनारे मिला, जिसके बाद उसके अंदर रखे कैश को लेने के लिए लोगों में होड़ मच गई। पुलिस ने इस मामले में 29 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे 92 लाख नेपाली रुपये से ज़्यादा की रकम बरामद की है; यह रकम भारतीय मुद्रा में लगभग 58 लाख रुपये के बराबर है। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: कुशीनगर के करन शर्मा लापता, त्रिशूली प्रोजेक्ट में थे तैनात बाढ़ में बह गया बैंक लॉकर यह घटना तब हुई जब बाढ़ का पानी रसुवा से एक बैंक लॉकर बहा ले गया। यह लॉकर बहते हुए धाडिंग ज़िले की गल्छी रूरल म्युनिसिपैलिटी-4 में बेलखुखोला के पास त्रिशूली नदी के किनारे जा पहुँचा। जब लॉकर मिला, तो लोगों ने उसमें से कैश निकालना शुरू कर दिया, जिससे पैसे के लिए होड़ मच गई। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में 29 लोगों को गिरफ़्तार किया। गिरफ़्तार किए गए लोगों से कुल 92,68,505 नेपाली रुपये (भारतीय मुद्रा में लगभग 58 लाख रुपये) बरामद किए गए। गिरफ़्तार किए गए 29 लोगों में पवन पौडे, बीर बहादुर राणा मगर, बिनोद गिरी, नवराज भेटुवाल, पूर्ण लाल श्रेष्ठ, विष्णुमणि अधिकारी, कृष्णा मगर, शिव बहादुर राणा मगर, युवराज अधिकारी, सुशांत श्रेष्ठ, सुचिमबहादुर राणा मगर, सबिन श्रेष्ठ, प्रेम बहादुर राणा मगर और अनिल भेटुवाल शामिल थे। पुलिस बरामद पैसे के स्रोत और इसमें किसी और के शामिल होने की संभावना की जांच कर रही है। इसे भी पढ़ें: PM Modi SCO Summit दौरे पर रवाना, Nepal Flood में 626 की मौत और खेल अपडेट बाढ़ के बाद नेपाल पर अभी भी खतरा बना हुआ है भयानक बाढ़ के बाद नेपाल पर मंडरा रहा खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। चीन ने नेपाल को चेतावनी दी है कि ल्हेंडे नदी प्रणाली के ऊपरी इलाकों में बनी एक झील के किनारे कभी भी टूट सकते हैं। चीन ने पानी का रंग बदलने पर भी चिंता जताई है और इसे खतरे का संभावित संकेत बताया है। नदी के बहाव की दिशा में नीचे की ओर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, जबकि अधिकारी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब नेपाल बाढ़ के व्यापक असर से जूझ रहा है और लापता लोगों की तलाश का काम भी जारी है।
किडनैप किया, पीटा फिर जला दिया, जिंदगी की जंग हारी इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर
चंडीगढ़ से अगवा किए जाने के लगभग दो महीने बाद पंजाबी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की PGI चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है.
कांच के पिंजरे में रहता है बंद... क्यों ऐसी सजा काट रहा ये खूंखार किलर?
एक कैदी दशकों से कांच के पिंजरे में बंद है. उसे न तो किसी से बात करने दिया जाता है और न ही वह जेल परिसर में अकेले कहीं घूम- फिर सकता है. वह 23 घंटे कांच की कोठरी में बंद रहता है. चलिए जानते हैं इस खूंखार कैदी की कहानी, आखिर क्यों इतनी कठोर सजा उसे दी गई?
उम्मीद का नया सवेरा, कश्मीरी पंडितों ने शोपियां में रखी राम मंदिर की आधारशिला
शोपियां के ताक मोहल्ला में कश्मीरी पंडितों ने राम मंदिर की नींव रखी. यह मंदिर 1989 में आग के हवाले कर दिया गया था और बाद में इस पर कब्जा हो गया था. लंबे प्रयासों के बाद प्रशासन ने जमीन वापस दिलाई. पुरातत्व और विरासत विभाग ने मंदिर निर्माण के लिए फंड मंजूर किया है.
तिब्बत में झील टूटने से नेपाल में फिर भारी तबाही का खतरा
चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने तिब्बत में एक झील के टूटने की चेतावनी जारी की है. इस झील में फिलहाल लगभग 20 लाख घन मीटर पानी जमा होने का अनुमान लगाया गया है, और अगले कुछ ही घंटों के भीतर इसमें 30 लाख घन मीटर और अतिरिक्त पानी आने की बड़ी आशंका है.
चमत्कार! दो दिन मलबे में दबी रही बच्ची, फिर नेपाली सेना ने ऐसे बचाई जान, वीडियो हो रहा वायरल
वीडियो में साफ-साफ देखा जा सकता है कि नेपाली सेना के लोग गहरे मलबे में से बच्ची को बाहर निकाल रहे हैं। बच्ची रोती हुई नजर आ रही है। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है
सिर्फ आलू से बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा मंचूरियन, स्वाद है लाजवाब
Aloo Manchurian Recipe: शाम के नाश्ते या पार्टी के लिए आप चटपटा इंडो-चाइनीज स्नैक 'आलू मंचूरियन' ट्राई कर सकते हैं. कुरकुरे तले हुए आलू को खट्टी-मीठी और तीखी सॉस में टॉस करके बना ये मंचूरियन एक रेस्टोरेंट जैसा बनता है. इसे बनाने का तरीका बहुत आसान है.
सिर्फ 2 दिन... खत्म हो रही LPG समेत इन कामों की डेडलाइन
31 अगस्त को कई फाइनेंशियल कामों की डेडलाइन खत्म हो रही है, जिसे लोगों को तुरंत पूरा कर लेना चाहिए. इनमें एलपीजी की ई-केवाईसी और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना जैसे काम शामिल हैं.
आरक्षण विवाद पर मंत्रियों में रार! चिराग पासवान ने मांगा जीतन राम मांझी से इस्तीफा
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच आरक्षण नीति को लेकर विवाद तेज हो गया है. मांझी की पार्टी HAM ने अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए उप-कोटा की मांग की, जबकि पासवान ने इसे खारिज करते हुए मांझी और उनके बेटे के इस्तीफे की मांग की है.
नेपाल त्रासदी में 600 से ज्यादा मौतों की पुष्टि हो चुकी है। 80 घंटे बाद भी २५०० से ज्यादा लोग गायब हैं। इनमें 320 भारतीयों समेत चीन, अमेरिका, ब्रिटेन जैसे कई देशों के नागरिक भी शामिल हैं। ये देश रेस्क्यू मिशन के लिए अपनी सेनाएं भेजना चाहते हैं, लेकिन नेपाल हिचकिचा रहा है। उसे डर है कि कहीं 2015 भूकंप के दौरान वाला हाल फिर न हो जाए। आखिर 2015 भूकंप के दौरान ऐसा क्या हुआ था, विदेशी सेनाओं की मदद क्यों नहीं लेना चाहता नेपाल और क्या अकेले लापता लोगों को ढूंढ पाएगा; इन्हीं सवालों के जवाब आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: विदेशी मदद लेने पर नेपाल का मौजूदा रुख क्या है?जवाबः नेपाल ने विदेशी ‘सर्च एंड रेस्क्यू’ टीमों या सेना वगैरह को आने की मंजूरी नहीं दी है। फिलहाल सिर्फ कुछ देशों के तकनीकी एक्सपर्ट्स जा सकते हैं… इसके बाद नेपाल का रुख कुछ बदला… हालांकि नेपाली विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने साफ किया है कि दूसरे देशों की रेस्क्यू टीम या सेनाओं को नेपाल आने की मंजूरी नहीं है। उन्होंने कहा, 'सरकार शुरुआती फेज में अपनी फोर्सेज को ही तैनात करना चाहती है। हमारी रेस्क्यू टीमें नेपाल की खास जियोग्राफी और ऊबड़-खाबड़ इलाके को अच्छे से समझती हैं। नए इलाके में बाहरी रेस्क्यू टीमें लगाने से मैनेजमेंट और को-ऑर्डिनेशन में दिक्कतें आएंगी। कई खतरें पैदा हो सकते हैं।’ नेपाली रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये फैसला नेपाली सेना और पुलिस की सिफारिश पर लिया गया है। क्योंकि वो 2015 में नेपाल में आए ‘गोरखा भूकंप’ के दौरान मुसीबत झेल चुके हैं। सवाल-2: 2015 में ऐसा क्या हुआ था, जो विदेशी सेनाओं की मदद लेने से हिचक रहा नेपाल?जवाब: 25 अप्रैल 2015 को नेपाल में 7.8 की तीव्रता का भूकंप आया। इसमें करीब 9,000 लोगों की मौत हुई, 22,000 घायल हुए और 35 लाख लोग बेघर हो गए थे। नेपाल के तब के पीएम सुशील कोइराला की सरकार ने विदेशों से मदद मांगी। 34 देशों से 76 'सर्च-एंड-रेस्क्यू टीमें नेपाल पहुंच गईं। इनमें 18 देशों की सैन्य टीमें भी थीं। पूरे रेस्क्यू में 3 तरह की दिक्कतें हुईं… 1. हवाई अड्डे से लेकर आपदा के इलाके तक भारी भीड़ नेपाल में तब अकेला इंटरनेशनल एयरपोर्ट था- त्रिभुवन एयरपोर्ट। इस पर सिर्फ एक रनवे था। नेपाली टाइम्स ने रेड क्रॉस मेंबर सागर श्रेष्ठ के हवाले से लिखा, ‘एयरपोर्ट पर लगातार जेट उतरने लगे थे। कई विमानों को घंटों हवा में चक्कर लगाना पड़ा। कुछ को डायवर्ट करना पड़ा। कई टीमें एयरपोर्ट पर फंसी रह गईं। कई मानवीय संगठनों ने एयरपोर्ट छोड़कर ट्रक के जरिए सामान भेजना शुरू कर दिया।’ न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, नेपाल में ब्यूरोक्रेसी से जुड़ी दिक्कतें भी थीं। नेपाली कस्टम विभाग ने राहत सामग्री पर टैक्स लगाने की कोशिश की, जिसकी काफी आलोचना हुई। विदेशी टीमें गैर-जरूरी सामान और टूल्स ला रही थीं। अक्सर एक ही जगह पर अलग-अलग देशों की रेस्क्यू टीमें पहुंच जाती थीं। कुछ टीमें मानकों के उलट अपने हिसाब से काम कर रही थीं। 2. संवेदनशील इलाकों में विदेशी सेनाएं घूम रही थीं भूकंप के दिन ही भारतीय वायुसेना के 6 Mi-17 हेलीकॉप्टर त्रिभुवन एयरपोर्ट पर उतरे। इसके तुरंत बाद चीनी वायुसेना ने भी अपने हेलीकॉप्टर भेजे। उसके बाद अमेरिकी विमान भी आए। ये रेस्क्यू मिशन कम, संवेदनशील इलाकों में मिलिट्री एक्सरसाइज ज्यादा लग रही थी। ‘स्ट्रैटेजिक एनालिसिस’ जर्नल में छपी स्टडी के मुताबिक, ‘भारत, चीन दोनों ने रेस्क्यू को नेपाल पर अपना प्रभाव बढ़ाने के औजार की तरह इस्तेमाल किया था।’ साउथ एशियन वॉयसेज की स्टडी में लिखा गया, ‘चीनी सेना दूसरी टीमों से सामंजस्य के बजाय ऐसे बर्ताव कर रही थी, जैसे ये उसका इलाका हो। नेपाल ने भी चीन को खुश रखने के लिए भारतीय रेस्क्यू टीम को चीन के हवाई इलाके के आसपास न उड़ने को कहा था। नेपाल ने चीन के कहने पर ताइवान की मदद की पेशकश भी ठुकरा दी थी।’ 4 मई 2015 को नेपाल ने विदेशी रेस्क्यू टीमों को नेपाल छोड़ने को कहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी एक बड़ी वजह भारत और चीन के बीच टकराव था। नेपाल के हालिया रुख पर संयुक्त राष्ट्र में नेपाल के पूर्व राजदूत रहे दिनेश भट्टराई कहते हैं, 'विदेशी टीमों को न बुलाने के पीछे एक बड़ी वजह इलाके की संवेदनशीलता हो सकती है। हालांकि लोक बहादुर छेत्री ने इसे इनकार किया है कि ये फैसला चीन की वजह से लिया गया। 3. भारतीय मीडिया की एकतरफा कवरेज से नाराजगी भारतीय मीडिया की रिपोर्टिंग के रवैये को लेकर नेपाल में खूब विरोध हुआ था। नेपाली पत्रकार कुंडा दीक्षित ने कहा था- ‘भारतीय मीडिया भूकंप और उसके पीड़ितों की कवरेज को दिल्ली सरकार के जनसंपर्क अभियान की तरह इस्तेमाल कर रही है। वो सिर्फ NDRF की टीमों का काम दिखा रही है। इसका इरादा भारत सरकार की घरेलू छवि सुधारना है।’ भूकंप के करीब एक हफ्ते बाद नेपाल में #GoHomeIndianMedia और #DontComebackIndianMedia जैसे हैशटैग नेपाल में टॉप ट्रेंडिंग में थे। नेपाली लोग कह रहे थे- नेपाल एक संप्रभु देश है, भारत का कोई सुदूर राज्य नहीं है। द डिप्लोमेट की एक रिपोर्ट में लिखा गया- ‘नेपाल, भारत के 'बड़े भाई' वाले रवैये को लेकर पहले से सतर्क रहता है, लेकिन भारतीय मीडिया की कवरेज ने इसे और बदतर बना दिया। सवाल-3: तो क्या नेपाल अकेले सभी लापता लोगों को ढूंढ पाएगा?जवाब: नेपाल टूरिस्ट बोर्ड के मुताबिक, भारत के अलावा चीन के 100, अमेरिका के 65, मलेशिया के 55, यूक्रेन के 53, ऑस्ट्रेलिया के 35, कनाडा के 30, ब्रिटेन के 33 नागरिक अभी लापता हैं। कुल लापता लोगों की संख्या करीब 3000 बताई जा रही है। हालांकि ये फाइनल आंकड़े नहीं हैं। नेपाल में सबसे ज्यादा तबाही रसुवा जिले, फिर नवाकोट और धादिंग में हुई है। वहीं चीन की तरफ तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी इलाके में 558 लोग लापता हैं, इनमें ज्यादातर विदेशी नागरिक हैं, जिनमें भारत से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हिंदू श्रद्धालु भी हैं। नेपाल भले दावा करे कि उसके पास पर्याप्त मैनपावर है, लेकिन अकेले सारे लोगों या मृत शरीरों को निकालने का काम मुश्किल है… सड़कें खराब होने के चलते नेपाल के पास एयर-रेस्क्यू का ही ऑप्शन है। जबकि नेपाली सेना के पास सिर्फ 15 हेलीकॉप्टर हैं। अगर नेपाल को एयर-सपोर्ट चाहिए, तो उसे दूसरे देशों के हेलीकॉप्टरों और सैन्य स्टाफ को भी एंट्री देनी होगी। नेपाली ऑफिसर्स का कहना है कि निजी हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल के बारे में सोचा जा रहा है। मलबे में दबे हुए लोगों की तलाश के लिए भी ड्रोन, थर्मल उपकरण, खोजी कुत्तों वगैरह की जरूरत होगी। इसके लिए नेपाल को दूसरे देशों की रेस्क्यू टीमों की जरूरत पड़ सकती है। भारत ने राहत सामग्री की चौथी खेप के साथ डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट्स की एक 11 लोगों की टीम भी भेजी है। नेपाल ने टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट और लाशों की पहचान के लिए एक्सपर्ट्स की मांग की है। भारत और चीन से 42 बेली ब्रिज भी मांगे हैं। ये पोर्टेबल ब्रिज होते हैं, जिनसे गाड़ियां वगैरह पार की जाती हैं। सवाल-4: क्या विदेशी सेनाएं अपने नागरिकों को निकालने के लिए जबरन नहीं घुस सकते?जवाब: UN चार्टर के आर्टिकल 2(4) के तहत किसी देश की सेनाएं, बिना दूसरे देश की मर्जी के सीमा में दाखिल नहीं हो सकतीं। ये उसकी संप्रभुता का उल्लंघन माना जाएगा। रेस्क्यू में मदद के लिए या युद्ध, किसी आपदा में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए भी दूसरे देश की मंजूरी जरूरी होती है। हालांकि अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों का सिद्धांत है कि अगर उनके नागरिकों की जान को खतरा हो और मेजबान देश उन्हें बचाने में असमर्थ हो या बचाना न चाहता हो, तो वे कार्रवाई कर सकते हैं. इसे 'प्रोटेक्शन ऑफ नेशनल्स अब्रॉड' कहा जाता है। हालांकि ये कोई अंतर्राष्ट्रीय कानून नहीं है। इसे ज्यादातर देश नहीं मानते। वहीं अगर किसी देश की सरकार अपने यहां फंसे विदेशी नागरिकों की जान बचाने में पूरी तरह असमर्थ हो, तो संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठन दूसरे देशों को जरूरी कदम उठाने की सिफारिश कर सकते हैं। ये खबर भी पढ़ें… नेपाल में तबाही लाने वाले ग्लेशियर टूटने का VIDEO:800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर गिरा था; अब तक 676 मौतें, 2500 लापता नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक बाढ़ आई थी। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया। पूरी खबर पढ़ें…
दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में गदर मचाएंगे गुरनूर बराड़!
श्रीलंका दौरे से वापसी करते ही तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ के पास खुद को साबित करने का मौका है. 30 अगस्त से शुरू हो रहे दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में साउथ जोन के खिलाफ नॉर्थ जोन के लिए वह अपनी रफ्तार का कहर बरपाने मैदान पर उतरेंगे.
कभी आगे, कभी पीछे घूमी सीट...चीन की राइड देख कांप गई रूह!
चीन के एक पार्क में रोलर कोस्टर पर बैठे दो युवकों का वीडियो वायरल है. राइड की खास बात यह है कि इसकी सीटें ट्रैक से अलग होकर हवा में अलग-अलग दिशा में घूमती हैं, जिससे दोनों युवक पूरी राइड के दौरान चीखते रहे.
पहाड़ों पर चाहिए बीच का मजा? घूम आएं भारत की ये 6 सबसे खूबसूरत झीलें
समुद्र किनारे बीच का मजा तो आपने लिया होगा, लेकिन क्या कभी पहाड़ों के बीच बीच जैसा नजारा देखा है? भारत की कुछ खूबसूरत झीलें अपने नीले पानी, सुनहरे किनारों और ऊंचे पहाड़ों की वजह से समुद्र तट जैसा एहसास देती हैं. जानिए ऐसी 6 शानदार जगहों के बारे में.
संकट में साथ खड़े भारत की नेपाल ने तारीफ की, PM मोदी को बताया दरियादिल
ग्लेशियर टूटने से नेपाल में आई भीषण बाढ़ में 699 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. 2,400 से ज्यादा लोग लापता हैं. इस बीच नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने प्रधानमंत्री मोदी की उदारता की प्रशंसा की है. उन्होंने भारत की ओर से की संकट के बीच की जा रही मदद की सराहना की है.
Nepal Flood से मरने वालों की संख्या 600 पार, 2400 से अधिक लापता लोगों की तलाश जारी
नेपाल में गत बुधवार को अचानक आई बाढ़ का पानी तो उतर गया है, लेकिन हृदय विदारक दृश्य लगातार सामने आ रहे हैं। अस्पतालों के बाहर बदहवास लोगों के कतार में खड़े होकर मृतकों की दीवारों पर चस्पा तस्वीरें देखने और परिजनों द्वारा कीचड़ एवं मलबे में अपने सामान की तलाश करने की तस्वीर आम है। एक महिला क्षतिग्रस्त इमारतों के पास से अपने एक बच्चे को ले जाती दिखी। मलबे के बीच एक मृत कुत्ता पड़ा था। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, लापता लोगों के रिश्तेदारों की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं, जबकि बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश में मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। पानी, कीचड़ और मलबे के तेज बहाव ने बुधवार को नेपाल के कस्बों और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए और पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा। अब देश इससे उबरने के लिए संघर्ष कर रहा है। इस हादसे में मरने वालों की संख्या शनिवार को 600 के पार पहुंच गई, जबकि 2,400 से अधिक लोग लापता हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच, बचाव दलों ने अपने त्वरित प्रयास के तहत लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। परिवारों को इलाज के लिए भर्ती घायल लोगों की सूची देखते हुए अस्पतालों के बाहर कतार में खड़े देखा जा सकता था। वे किसी परिचित को खोजने की उम्मीद में ध्यान से नाम और तस्वीरें देख रहे थे। उन्हें जब बचे हुए लोगों में अपने प्रियजन नहीं मिलते, तो कई लोग भारी मन से एक दूसरी सूची मृतकों की तस्वीरों की ओर रुख करते हैं। इस बीच, बचावकर्मी चौबीस घंटे काम कर रहे हैं। वे कुछ जगहों पर बारिश का सामना करते हुए और दूसरी जगहों पर सूखती हुई कीचड़ को खोदते हुए उनलोगों की तलाश कर रहे हैं जो अब भी लापता हैं। रात के अंधेरे में, नेपाल के गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने अपर त्रिशूली 3ए जलविद्युत परियोजना स्थल पर खुदाई करने वाली मशीनों से मिट्टी हटवाने के काम की निगरानी की। यहां विनाशकारी बाढ़ के बाद सौ से अधिक लोग एक सुरंग में फंस गए थे। समाचार पोर्टल ‘ऑनलाइन खबर’ के मुताबिक, नेपाली सेना ने सुरंग में फंसे 350 लोगों को पहले ही बचा लिया है। मध्य नेपाल के गांवों में तबाही का मंजर साफ दिख रहा है। इमारतें कई फुट कीचड़ में दबी हुई हैं, गाड़ियां मलबे में धंसी हुई हैं और सड़कें एवं अन्य बुनियादी ढांचे पानी और मलबे के तेज बहाव में बह गए हैं। जो लोग बच गए हैं, उनकी सबसे पहली प्राथमिकता रहने की जगह खोजना, चिकित्सा मदद लेना और मलबे से जो भी सामान बचाया जा सके, उसे बचाना है। प्रभावित गांवों से दिल दहला देने वाले दृश्य सामने आए हैं। नुवाकोट जिले के देवीघाट गांव में लोग अपना सामान ढूंढने के लिए गहरे कीचड़ और मलबे के बीच उतरे। मलबे के बीच टूटी-फूटी इमारतें और उखड़े हुए बिजली के खंभे थे, जबकि गाड़ियां कीचड़ में दबी हुई थीं। एक महिला बिखरे हुए मक्के के पास बैठी दिखी, जबकि एक दूसरी महिला, जिसने गोद में बच्चा ले रखा था, टूटी-फूटी इमारतों और एक मरे हुए कुत्ते के पास से गुजरती नजर आई। एक आदमी गैस सिलेंडर लिए मलबे से भरे इलाके से गुजरता दिखा। यह एकमात्र ऐसी चीज थी, जिसे वह मलबे से बचा पाया था। आसमान से खींची गई तस्वीरों में से एक में उफनती नदी के किनारे क्षतिग्रस्त इमारतें दिखाई दीं, जो बाढ़ से हुई तबाही के बड़े पैमाने को दर्शाती हैं। त्रिशूली में, सेना का राहत शिविर आपदा से प्रभावित लोगों के लिए मदद का एक बड़ा केंद्र बन गया है। सेना के जवान बुजुर्गों और बच्चों की मदद करते हुए दिखे, जबकि अस्थायी चिकित्सा शिविरों में घायलों का इलाज किया जा रहा था। इन शिविरों में लापता, मृत और बचाए गए लोगों के बारे में जानकारी भी दी जा रही है। खोज और बचाव कार्यों के लिए 11,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 5,000 से अधिक नेपाली सेना के जवान शामिल हैं। देश के मौसम विभाग ने मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना जताई है। इसकी वजह से बचावकर्मियों के सामने आने वाली चुनौती और भी कठिन होने की आशंका है।
हांगकांग फ्री प्रेस (HKFP) की रिपोर्ट के मुताबिक, हांगकांग की एक्टिविस्ट चाउ हैंग-तुंग ने अधिकारियों पर लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को असल में अपराध की श्रेणी में डालने का आरोप लगाया है। यह आरोप तब लगाया गया जब एक अदालत ने उन्हें और लोकतंत्र समर्थक दो अन्य साथियों को बीजिंग के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दोषी ठहराया। HKFP के अनुसार, चाउ (जो अब भंग हो चुके 'हांगकांग अलायंस इन सपोर्ट ऑफ़ पैट्रियटिक डेमोक्रेटिक मूवमेंट्स ऑफ़ चाइना' की पूर्व नेता थीं) को अनुभवी एक्टिविस्ट ली चेउक-यान और अल्बर्ट हो के साथ बीजिंग द्वारा लागू राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत सरकार विरोधी गतिविधियों (सबवर्ज़न) को बढ़ावा देने का दोषी ठहराया गया। मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने इन दोषियों को ठहराए जाने की आलोचना की है, जबकि हांगकांग के अधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ये तीनों वेस्ट कॉव्लून लॉ कोर्ट्स बिल्डिंग में नेशनल सिक्योरिटी जजों की एक बेंच के सामने सज़ा कम करने की अपील वाली सुनवाई के लिए पेश हुए। इसे भी पढ़ें: Hong Min Gi Controversy: इन्फ्लुएंसर ने होंग मिंगी पर लगाए मारपीट जैसे कई गंभीर आरोप, एजेंसी ने नकारा कोर्ट ने कहा कि दो हफ़्ते के अंदर सज़ा सुनाए जाने की उम्मीद है। चाउ को लगभग चार साल से हिरासत में रखा गया है, जबकि ली भी लगभग चार साल से कस्टडी में हैं और हो को करीब साढ़े तीन साल से हिरासत में रखा गया है। खुद को बैरिस्टर बताते हुए, चाउ ने अपना बचाव पक्ष रखने वाला बयान पढ़ने की कोशिश की, लेकिन हाई कोर्ट के जज एलेक्स ली ने उन्हें रोक दिया। कोर्ट के 206 पन्नों के फैसले का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने तर्क दिया कि इसका नतीजा असल में यह है कि लोकतंत्र के लिए कोशिश करना एक अपराध है। इसे भी पढ़ें: Hong Min Gi Controversy: इन्फ्लुएंसर ने होंग मिंगी पर लगाए मारपीट जैसे कई गंभीर आरोप, एजेंसी ने नकारा चाउ ने बीजिंग द्वारा थोपे गए राजनीतिक सिस्टम की आलोचना करते हुए कहा कि किसी राजनीतिक पार्टी का यह दावा करना कि सिर्फ़ उसी का अधिकार है, खुद को लोगों का प्रतिनिधि बताना और नागरिकों से उसके शासन को मानने की मांग करना स्वीकार्य नहीं है। जज ने उन्हें बीच में रोकते हुए कहा कि वह ऐसी दलीलें किसी और मौके पर दे सकती हैं। चाउ ने आगे चेतावनी दी कि जो लोग मानते हैं कि मुख्य भूमि चीन को एक-पार्टी शासन से हट जाना चाहिए, उनके पास अब अपनी बात कहने के लिए बहुत कम गुंजाइश बची है, जैसा कि HKFP ने बताया है। उन्होंने तर्क दिया कि जिसे वह कानून का यह रूप कहती हैं, उसके तहत सिर्फ़ ऐसी राजनीतिक सोच रखना भी गैर-कानूनी माना जा सकता है। वकील एरिक शुम ने हो के गुनाह कबूलने के बाद उनकी सज़ा में 20-25% की कमी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि कथित उकसावे से हुए असल नुकसान की हद सज़ा तय करते समय एक अहम बात होनी चाहिए, जैसा कि HKFP ने बताया है।
Donald Trump warns Iran: सैन्य कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई, Tehran पर US का दबाव और बढ़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को निशाना बनाने वाले अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन शायद खत्म नहीं हुए हैं। साथ ही, उन्होंने तेहरान के साथ तुरंत बातचीत की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि अब उस देश की क्षमताएं सीमित हो गई हैं। पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि हालिया टकराव के बाद ईरान भारी सैन्य और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। ट्रंप ने कहा वे अपने सैनिकों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं। वे बड़ी मुश्किल में हैं। इसके अलावा, उन्होंने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने का मतलब यह नहीं है कि मध्य-पूर्वी देश के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पूरी तरह खत्म हो गई है। इसे भी पढ़ें: ईरान ने बढ़ाया Diplomacy का हाथ, Trump बोले- Military Action का विकल्प अभी भी खुला ट्रंप ने कहा वे बड़ी मुश्किल में हैं, उनकी क्षमता बहुत कम है, होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमने सैन्य कार्रवाई खत्म कर दी है। राष्ट्रपति ने भविष्य के संभावित ऑपरेशन के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी और न ही उन हालात के बारे में बताया जिनके कारण और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की ज़रूरत पड़ सकती है। साथ ही, ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व के साथ तुरंत बातचीत की संभावना को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा ईरान से बात करने के लिए ज़्यादा कुछ नहीं है, हम किसी मुलाक़ात या ऐसी किसी चीज़ के बारे में नहीं सोच रहे हैं, जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) खुला है। इन बयानों से साफ़ होता है कि अहम समुद्री रास्ते के खुलने के बावजूद, वॉशिंगटन अभी बातचीत करने की कोशिश नहीं कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने Lake Ontario का नाम बदलकर Lake America करने का दिया आदेश तेहरान से निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन लगातार आर्थिक प्रतिबंधों, सैन्य दबाव और आगे कार्रवाई की धमकियों वाली रणनीति अपनाता रहा है, और हालिया बयानों से संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन अपने सभी उपलब्ध विकल्पों को खुला रखे हुए है। जब उनसे पूछा गया कि अगर मॉस्को ईरान के साथ अपने संबंध कम नहीं करता है तो क्या वे रूस पर प्रतिबंध लगाएंगे, तो राष्ट्रपति ने जवाब दिया, यह स्थिति पर निर्भर करता है, मुझे लगता है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के मामले में अब तक रूस का व्यवहार काफ़ी अच्छा रहा है। उन्होंने मॉस्को द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में साफ़ तौर पर कुछ नहीं कहा और न ही इस बात की पुष्टि की कि वॉशिंगटन को तेहरान के साथ रूस के संबंधों को लेकर रूस से कोई पक्का वादा मिला है।
जिस PLA अफसर ने दिया था भारत के खिलाफ गलवान में झड़प का आदेश, उस पर जिनपिंग ने गिराई गाज
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक ऐसा ऐक्शन लिया है, जिससे भारत और चीन के संबंधों में बेहतरी की उम्मीद बढ़ी है। गलवान में भारत को सबक सिखाने के मकसद से झड़प का आदेश देने वाले चीनी सेना के अधिकारी को हटा दिया गया है।
चूहे का पीछा करते करते ऑपरेशन थिएटर में पहुंचा सांप, ट्यूबलाइट में फंसा
Snake in Hospital Operation Theater: सांप चूहे का पीछा करते हुए अस्पताल परिसर तक पहुंच गया था. भोजन की तलाश में घूमते-घूमते वह ऑपरेशन थिएटर के पास लगी ट्यूबलाइट के फ्रेम में जा फंसा. जैसे ही डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की नजर सांप पर पड़ी, अस्पताल में दहशत फैल गई.
'ट्रंप तीसरी बार बनेंगे राष्ट्रपति', प्रोफेसर जियांग ने फिर की भविष्यवाणी, पहले भी सच हुई!
इससे पहले भी प्रोफेसर जियांग यी ने मई 2024 में ट्रंप को लेकर तीन बड़ी भविष्यवाणियां की थीं। उन्होंने कहा था कि नवंबर 2024 में डोनाल्ड ट्रंप फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति बनेंगे।
महिला से मिलने पहुंचे युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ा और पेड़ से बांधकर पीटा
शाहजहांपुर के महोलिया वीरान गांव में महिला से मिलने पहुंचे दो युवकों को ग्रामीणों ने कथित तौर पर पकड़ लिया. ग्रामीणों को दोनों पर महिला को अगवा करने का शक था. पुलिस ने मामले में संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है.
पत्नी को दिया धोखा- बच्चों को छोड़ा, PAK क्रिकेटर ने की दूसरी शादी
पाकिस्तानी क्रिकेटर इमाद वसीम की एक्स वाइफ सानिया अशफाक ने दावा किया है कि क्रिकेटर ने प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें चीट किया था. उन्होंने उन्हें तीन बच्चों समेत अकेला छोड़ दिया था. धोखा देकर फिर दूसरी शादी रचाली.
PM Modi और भारत की मदद को Nepal ने सराहा, बाढ़ राहत और पुनर्निर्माण में मिला बड़ा सहयोग
नेपाल ने देश में आयी विनाशकारी बाढ़ और 600 से अधिक लोगों की जान जाने के कारण उत्पन्न संकट के समय मदद करने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘अत्यंत उदार’ बताया। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने पीटीआई वीडियो से बातचीत में कहा कि भारत सरकार ने संकेत दिया है कि वह पुनर्निर्माण कार्यों के लिए उदारता से सहायता देगी। नेपाल-तिब्बत सीमा पर हिम नद के तटबंध तोड़ देने के कारण बुधवार को मध्य नेपाल में भीषण जल प्रवाह और मलबा बहकर आने से कई बस्तियां और गांव, सैकड़ों मकान, वाहन, सड़क, पुल के साथ साथ कई पन बिजली परियोजनाएं भी बह गयीं। इस त्रासदी में 2400 से अधिक लोग अभी तक लापता हैं और करीब 2500 लोगों को बचावकर्ताओं ने बचाया है। बचावकर्ता मौसम की मार के बीच लगातार प्रयास कर रहे हैं। भारत ने बुधवार से नेपाल के बाढ़ पीड़ित इलाकों में 57.6 टन राहत सामग्री भिजवाई है। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood राहत कोष में 3 दिन के भीतर 2.29 अरब रुपये से अधिक दान मिला काठमांडू के अनुरोध के बाद 11 सदस्यीय भारतीय दल पहुंच चुका है जिसमें चिकित्सा अधिकारी एवं सुरंग से बचाव करने के कार्यों में विशेषज्ञ शामिल हैं जो स्थानीय अधिकारियों की मदद करेंगे। बाढ़ की स्थिति और पुनर्निर्माण के बारे में पूछे जाने पर नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने कहा, हम इस संकट से चरणों में निपट रहे हैं। हमारी फौरी प्राथमिकता उन लोगों को बचाना है जिन्हें बचाया जा सकता है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो पनबिजली संयंत्रों में फंसे हुए हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood Alert: मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी, बचाव कार्य प्रभावित होने का खतरा नेपाली सेना ने 1,930 लोगों को, जिनमें कई विदेशी भी शामिल हैं, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान धुनचे, रसुवा और स्याफ्रु बेसी जैसे इलाकों में हवाई रास्ते से राहत सामग्री पहुँचाने पर भी है, क्योंकि सड़कें बंद होने की वजह से ये इलाके कट गए हैं। नेपाल के वित्त मंत्री का कहना है कि एक बड़ी चुनौती उन शवों को संभालना है जो बहकर चितवन और नवलपुर की ओर और शायद सीमा के पार चले गए हैं। अगले चरण में जल्द संकट से उबरने पर ध्यान दिया जाएगा, जिसमें अस्थायी आश्रय और काम के बदले नकद (कैश-फॉर-वर्क) जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे; इसके बाद पुनर्निर्माण का मुश्किल काम होगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या नेपाल दूसरे देशों से मदद लेगा, तो वागले ने कहा, बिल्कुल। भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी बहुत उदार रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods: तिमुरे में अचानक आए सैलाब से भारी तबाही, पीड़ितों ने बयां किया खौफनाक मंजर 2015 में जब भूकंप आया था, तब मैं सरकार में था और मुझे याद है कि भारत सरकार की उदारता वास्तव में सराहनीय थी।’’ उन्होंने कहा कि इस समय नयी दिल्ली से विशिष्ट सामान भी हवाई जहाज़ से मंगाया गया है। वागले ने कहा कि पुनर्निर्माण के लिए भारत सरकार ने संकेत दिया है कि वह उदारता से मदद करेगी। उन्होंने कहा कि सभी पड़ोसी देशों से भी ऐसी ही मदद मिल रही है।
Nepal Floods: तिमुरे में अचानक आए सैलाब से भारी तबाही, पीड़ितों ने बयां किया खौफनाक मंजर
शुरू में दीपक तमांग को लगा कि जमीन हिल रही है। फिर उन्होंने देखा कि पानी, कीचड़ और पत्थरों का सैलाब तिमुरे बाजार में भोटेकोशी नदी के किनारे बने मकानों की ओर बढ़ रहा है। उन्हें एहसास हुआ कि ऊपर की ओर चढ़ाई करने के अलावा कोई चारा नहीं है। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से बचे पीड़ितों ने आपदा के दौरान का बेहद डरावना मंजर बयां किया है, जिसमें ऊंचाई की तरफ भागने की होड़, आसपास के घरों का ढहना और लोगों का पानी, कीचड़ तथा मलबे के तेज बहाव में बहना शामिल है। कुछ लोग तेजी से ऊंची पहाड़ियों की ओर भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, जबकि कुछ अन्य बेबसी से दोस्तों और परिजन को तेज बहाव के साथ बहते हुए देखते रहे। वहीं, जो लोग बाद में प्रभावित इलाकों में पहुंचे, उन्होंने देखा कि बाजार कीचड़ में डूबे हुए थे और परिवार लापता परिजन की तलाश में भटक रहे थे। नेपाली समाचार पोर्टल ‘ऑनलाइनखबर’ की खबर के मुताबिक, सिंधुपालचौक के रहने वाले तमांग बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा पर बसे तिमुरे शहर में थे, जब अचानक आई बाढ़ की वजह से वहां भारी तबाही मची। तमांग ने बताया, “जब मैं घर से बाहर निकला और ऊपर पहाड़ी की ओर भागा, तब भीषण बाढ़ की वजह से कुछ मकान पहले ही ढह चुके थे।” उन्होंने कहा, “मेरे पास ज्यादा विकल्प नहीं थे। मेरे पीछे तेजी से बढ़ता बाढ़ का पानी था और सामने दीवार जैसी खड़ी पहाड़ी।” तमांग के अनुसार, वह ढलान की तरफ भागे और उस पहाड़ी पर चढ़ने की कोशिश करने लगे, जो दीवार जैसी लग रही थी। उन्होंने बताया कि इस दौरान वह कई बार गिरे, लेकिन कांटेदार झाड़ियों और पौधों को पकड़कर ऊपर की ओर बढ़ना जारी रखा। तमांग ने कहा, “यह जिंदगी और मौत के बीच मेरी आखिरी दौड़ थी। हर बार जब मैं गिरता, तो मुझे लगता कि यह मेरी जिंदगी का आखिरी पल है।” उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी की चपेट में आने से बचने की कोशिश में लोग अलग-अलग दिशाओं में भाग रहे थे। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood राहत कोष में 3 दिन के भीतर 2.29 अरब रुपये से अधिक दान मिला तमांग ने कहा कि आखिरकार वह पहाड़ी की चोटी पर पहुंच गए, जहां से उन्होंने लोगों को बाढ़ के तेज पानी में बहते देखा, जिनमें उनके दोस्त भी शामिल थे। उन्होंने कहा, “जब मेरे दोस्त मेरी आंखों के सामने तेज लहरों में बह रहे थे, तब मैं उन्हें बचाने के लिए कुछ भी नहीं कर सका।” तमांग के मुताबिक, आखिरकार वह जंगल में लकड़ी रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले एक पुराने गोदाम में पहुंचे, जहां बाढ़ से अपनी जान बचाने में कामयाब रहे दर्जनों अन्य लोगों ने भी शरण ले रखी थी। तमांग ने बताया कि उन्होंने बचाव दल के इंतजार में बारिश के बीच बिना बिस्तर के पूरी रात वहां बिताई। उन्होंने बताया कि लगभग 24 घंटे बाद उन्हें बचा लिया गया। बाढ़ के कुछ देर बाद त्रिशूली पहुंचे फोटो पत्रकार अमूल थापा के लिए वहां मची तबाही को समझ पाना लगभग नामुमकिन था। थापा ने नेपाली अखबार ‘नया पत्रिका’ में लिखे लेख में बताया कि उन्होंने सुबह करीब 10 बजे (घटना के लगभग एक घंटे बाद) काठमांडू से अपनी यात्रा शुरू की और कुछ घंटे बाद त्रिशूली बाजार पहुंचे। उन्होंने बताया कि तिमुरे बाजार में 50 से 60 मकान थे, लेकिन इनमें से ज्यादातर मलबे के नीचे दबे हुए थे। थापा के अनुसार, कुछ जगहों पर तो सिर्फ घरों की छतें दिखाई दे रही थीं। उन्होंने बताया कि सड़क और घरों के बीच मुश्किल से ही कोई फर्क पता चल रहा था। थापा ने कहा कि कुछ लोग ऊपरी इलाकों में स्थित बाजार की ओर भाग रहे थे, जबकि कुछ अन्य बाढ़ के कारण लापता हुए अपने प्रियजनों को ढूंढ रहे थे। उन्होंने बताया कि बाजार का लगभग आधा हिस्सा बर्बाद हो चुका था। थापा के मुताबिक, उन्होंने लोगों को उत्तरगया बोर्डिंग स्कूल के कुछ ऐसे छात्रों के बारे में बात करते हुए भी सुना, जो लापता हो गए थे और बाद में जंगल में छह घंटे तक पैदल चलकर अपने स्कूल लौट आए थे। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood Alert: मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी, बचाव कार्य प्रभावित होने का खतरा थापा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक चितवन में चितवन औद्योगिक संघ के पास बड़ी संख्या में शव ले जाती एंबुलेंस दिखाई दे रही थीं। उन्होंने बताया कि रसुवा से बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए कुछ शव नारायणी नदी से बरामद किए गए। आपदा में फंसे लोगों में भारतीय-अमेरिकी दंपति अंजना राजा और पट्टाभिरमन वेंकटेशन भी शामिल थे, जिन्हें बाद में एयरलिफ्ट करके काठमांडू लाया गया। अंजना ने ‘सीबीएस न्यूज’ से बातचीत में, “मुझे लगा था कि मैं मरने वाली हूं।” वेंकटेशन ने कहा कि मलबे का जो सैलाब उनकी तरफ बढ़ रहा था, वह करीब 60 से 70 फुट ऊंचा था और सुनामी की विशाल लहर की तरह प्रतीत हो रहा था। उन्होंने कहा, “मैं उस भयानक चीज को हमारी तरफ बढ़ते देख सकता था। उस समय मुझे पता नहीं था कि वह पानी है। सच कहूं तो, मुझे लगा कि वह आग है, जंगल की आग।” अंजना ने ‘एबीसी न्यूज’ से कहा कि वह सैलाब पानी और मलबे का विशाल ढेर था। उन्होंने कहा, “यह पानी और मलबे का मिश्रण था, जो कम से कम 50 से 60 फुट ऊंचा था। यह किसी सांप या कोबरा के फन जैसा लग रहा था।” अंजना ने बताया कि उन्होंने अपने पति का कॉलर पकड़ा और चिल्लाई-“भागो!”, जिसके बाद दोनों बस से कूद पड़े। इसे भी पढ़ें: Amitabh Bachchan ने Nepal floods की तबाही पर जताया गहरा दुख, कहा यह मंजर असहनीय उन्होंने बताया कि दोनों तेजी से ऊंचाई की ओर भागे और सीढ़ियां चढ़ने लगे, इस दौरान उनके आसपास मकान ढहते नजर आ रहे थे। अंजना ने कहा कि उन्हें पता नहीं था कि वे कहां जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम बस आंख बंद करके... ऊपर चढ़ते गए। हमें यह भी नहीं पता था कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। हमारे साथ कोई गाइड नहीं था, कोई नहीं था; हम बस घबराहट में भागे जा रहे थे।” अंजना के मुताबिक, पूरे रास्ते में कीचड़ था और चट्टानें फिसलन भरी थीं। उन्होंने बताया कि जब वे थोड़ी ऊंचाई पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि बाढ़ का पानी ऊपर की ओर आ रहा था और उनकी बस को अपनी चपेट में ले रहा था। अंजना ने कहा, “मैंने अपने पति से कहा, ‘बस, अब तो गए। हम मरने वाले हैं।’ मैंने मौत को अपनी आंखों के सामने देखा।” अंजना के अनुसार, आखिरकार एक गाइड उन्हें पास में एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित समतल जगह पर ले गया, जहां पहुंचना बहुत मुश्किल था, क्योंकि रास्ता बेहद संकरा और फिसलन भरा था, जिस पर पत्थर और मलबा बिखरा हुआ था। अंजना ने कहा, “मुझे नहीं पता कि हम इतनी ऊंचाई पर कैसे चढ़े।” वेंकटेशन ने कहा, “हमारा बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। इस घटना के बाद हम जिंदगी की अहमियत को ज्यादा बेहतर ढंग से समझने लगे हैं।” उन्होंने कहा, “इस घटना ने जीवन को लेकर मेरे नजरिये को और मजबूत किया है। अच्छा बनो, अच्छा करो, अच्छा सोचो और बाकी सब उस पर छोड़ दो, जो हमारे ऊपर है।
Nepal Flood Alert: मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी, बचाव कार्य प्रभावित होने का खतरा
नेपाल के मौसम विभाग ने शनिवार को देश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिर से बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की चेतावनी दी है। इससे बिगड़ते हालात के बीच चल रहे बचाव और राहत कार्यों में बाधा आने का खतरा है। मीडिया में आई एक खबर में यह जानकारी दी गई। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ और चट्टानों के मलबे के साथ पानी का एक तेज़ बहाव बुधवार को मध्य नेपाल से होकर नीचे की ओर बह निकला। मरने वालों की संख्या शनिवार को 600 के पार पहुंच गई, जबकि 2,400 से अधिक लोग लापता हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच, बचाव दल तेजी से काम करते हुए लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल पाए, जिनमें 163 विदेशी भी शामिल थे। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood राहत कोष में 3 दिन के भीतर 2.29 अरब रुपये से अधिक दान मिला तलाश एवं बचाव अभियान के लिए 11,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें नेपाल सेना के 5,000 से ज्यादा जवान शामिल हैं। द राइजिंग नेपाल मीडिया पोर्टल के अनुसार, जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने कोसी, बागमती और गंडकी प्रांतों के पहाड़ी और पर्वतीय इलाकों, कर्णाली के पहाड़ी इलाकों और लुंबिनी एवं सुदूर पश्चिम प्रांतों के तराई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। मौसम वैज्ञानिक हरि प्रसाद दहल ने कहा कि रसुवा में बाढ़ प्रभावित भोटेकोशी के अधिकतर क्षेत्रों में शनिवार को मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods: तिमुरे में अचानक आए सैलाब से भारी तबाही, पीड़ितों ने बयां किया खौफनाक मंजर उन्होंने कहा, ‘‘एक-दो जगहों पर भारी बारिश हो सकती है, जिससे खोज और बचाव कार्यों पर असर पड़ सकता है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।’’ मौसम विभाग ने शनिवार दोपहर के बाद देश के कई पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों में गरज के साथ मध्यम बारिश और हिमपात का अनुमान जताया है। विभाग ने कहा कि कोसी, बागमती और गंडकी प्रांतों के साथ ही कुछ अन्य पर्वतीय इलाकों में गरज के साथ बारिश तथा बर्फबारी हो सकती है। भोटेकोशी नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद, बाढ़ की एक और लहर की आशंका के बीच बचाव दल ने तलाशी अभियान जारी रखा। इसके अलावा, चीन के अधिकारियों ने तिब्बत में नदी के उद्गम स्थल के पास बन रही एक नयी झील के बारे में चेतावनी दी है। उन्होंने आगाह किया है कि यह झील टूट सकती है, जिससे नेपाल के निचले इलाकों में फिर से बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
Nepal Flood राहत कोष में 3 दिन के भीतर 2.29 अरब रुपये से अधिक दान मिला
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची भारी तबाही के बाद देश के प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में लोग दिल खोलकर दान कर रहे हैं और गत तीन दिन में 2.295 अरब रुपये से अधिक का दान मिला है। नेपाल में गत बुधवार को आई अचानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है। इस बाढ़ ने कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जिससे घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए तथा पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा एवं अब भी करीब 2,400 लोग लापता हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood Alert: मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी, बचाव कार्य प्रभावित होने का खतरा प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि बुधवार दोपहर से बृहस्पतिवार आधी रात तक 36 घंटों के भीतर कोष में लोगों ने 1.91 अरब रुपये का दान दिया जबकि अकेले शुक्रवार को 38.55 करोड़ रुपये की सहायता राशि जमा हुई। उन्होंने कहा कि हालिया योगदान के साथ कोष में जमा राशि 2.17 अरब रुपये से बढ़कर 4.09 अरब रुपये हो गई है। सरकार ने कोष में दान एकत्र करने और सहायता में समन्वय के लिए वित्त मंत्रालय को नोडल मंत्रालय नामित किया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष के मद में दिए जाने वाले दान को 10 अलग-अलग वाणिज्यिक बैंकों में मौजूद खातों में जमा कराया जा रहा है। वित्त विभाग सचिवालय के अनुसार, वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले संस्थागत दानदाताओं से एक करोड़ रुपये या उससे अधिक का योगदान व्यक्तिगत रूप से स्वीकार कर रहे हैं। इसने यह भी कहा कि व्यक्तिगत दानकर्ता मंत्रालय में व्यक्तिगत रूप से जाकर नकद योगदान दे सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods: तिमुरे में अचानक आए सैलाब से भारी तबाही, पीड़ितों ने बयां किया खौफनाक मंजर प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और उनके मंत्रिमंडल सदस्यों ने भी आपदा राहत कोष में एक महीने का वेतन दान करने का फैसला किया है। यह निर्णय शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
नेपाल बाढ़ में बहकर आया बैंक का लॉकर तो मची लूट, लोगों ने निकाल लिए 92 लाख कैश, 29 गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों के पास से 92 लाख 68 हजार 505 नेपाली रुपये बरामद किए गए हैं। यह रकम भारतीय मुद्रा में करीब 57 लाख रुपये के बराबर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में हिरासत में लिए गए सभी 29 लोगों की उम्र 19 से 49 साल के बीच है
ईरान की आर्थिक रणनीति के बारे में बताते हुए, वहां के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने कहा कि एक आत्मनिर्भर रेसिस्टेंस इकोनॉमी (प्रतिरोध अर्थव्यवस्था) बनाने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाना और अहम लेन-देन में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करना ज़रूरी है। सेवा-भाव वाले प्रशासन की ज़िम्मेदारियों पर ज़ोर देते हुए, सर्वोच्च नेता ने एक्स पर एक पोस्ट में आर्थिक मज़बूती को सिर्फ़ एक नीतिगत विकल्प नहीं, बल्कि बाहरी वित्तीय दबाव का सामना करने और लंबे समय तक स्थिरता हासिल करने के लिए एक ज़रूरी राष्ट्रीय ढांचा बताया। उन्होंने कहा आर्थिक विकास पर खास ध्यान देना, उत्पादन बढ़ाना, धीरे-धीरे अमेरिकी डॉलर की अहम भूमिका को खत्म करना और आखिरकार, रेसिस्टेंस इकोनॉमी को मुख्य केंद्र बनाना भी उतना ही ज़रूरी है। इसे भी पढ़ें: Crude Oil Price Fall: होर्मुज में बढ़ी Supply और US-Iran Tension के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी नरमी ईरान के सर्वोच्च नेता ने ज़ोर दिया कि ईरान की आर्थिक चुनौतियों से निपटने का मुख्य तरीका घरेलू उत्पादन पर निर्भर रहना है। अपना विस्तृत संदेश साझा करते हुए, ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर 'प्रेस टीवी' ने कहा, इस क्षेत्र में इन सभी मामलों को सुलझाने का मुख्य तरीका घरेलू उत्पादन पर ज़्यादा से ज़्यादा निर्भर रहना है।उन्होंने आगे कहा कि जहाँ घरेलू उत्पादन पर्याप्त नहीं है, वहाँ आयात का इस्तेमाल सही और समझदारी से किया जाना चाहिए। खामेनेई ने महंगाई, बेरोज़गारी और कीमतों के प्रबंधन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके आर्थिक स्थितियों को बेहतर बनाने का भी आग्रह किया। उन्होंने निवेश बढ़ाने और उसे उपयोगी व ज़रूरी क्षेत्रों की ओर लगाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। इसे भी पढ़ें: Donald Trump की नई सोशल मीडिया पोस्ट से Strait of Hormuz विवाद गरमाया, बना अमेरिका के नियंत्रण वाला इलाका? प्रेस टीवी ने कहा, इनमें महंगाई, बेरोजगारी, कीमतों और सामान व सेवाओं के बाजार के प्रबंधन जैसी आर्थिक और आजीविका से जुड़ी चुनौतियों की एक श्रृंखला पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता शामिल है; साथ ही अर्थव्यवस्था के कुछ अन्य पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है, जैसे विकास, निवेश बढ़ाना और उसे उपयोगी व आवश्यक क्षेत्रों की ओर निर्देशित करना, उत्पादन को बढ़ावा देना, डॉलर की महत्वपूर्ण भूमिका को धीरे-धीरे कम करना और अंततः 'प्रतिरोध-अर्थव्यवस्था' (रेसिस्टेंस-इकोनॉमी) की नीतियों को केंद्र में रखना। अपने विरोधी देशों की ओर परोक्ष इशारा करते हुए, ईरान के सर्वोच्च नेता ने अधिक आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को अमेरिका और इज़राइल के दबाव से जोड़ा। उन्होंने कहा कि ईरान के दुश्मन उनकी मांगों के आगे झुकने को ही आर्थिक प्रगति का रास्ता बताना चाहते हैं। उन्होंने कहा, इस देश का कट्टर दुश्मन यह जताना चाहता है कि प्रगति का रास्ता उनकी अनुचित मांगों के आगे झुकने से होकर गुजरता है; जबकि अतीत में - यहां तक कि इस्लामी क्रांति से पहले भी - उन्होंने इस देश और इसके संसाधनों के साथ जो किया, उसे देखने पर ठीक इसके विपरीत बात सामने आती है।
केरल में CM की पार्टी के नेता ने ही क्यों रोका काफिला?
केरल में मुख्यमंत्री वी डी सतीशन के सड़क पर काफिला रोकने को लेकर विवाद हो गया. पूरा मामला अब आरोपी की गिरफ्तारी और राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है.
प्रतापगढ़ में SDM की बेटी को लगा दिया एक्सपायरी इंजेक्शन, दो सस्पेंड
SDM लालगंज वाचस्पति सिंह की बेटी श्रेयसी सिंह को बुखार आने पर शुक्रवार को सीएचसी लालगंज ले जाया गया था. आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी ने बच्ची को पैरासिटामोल का ऐसा इंजेक्शन लगा दिया, जिसकी एक्सपायरी जून 2026 में हो चुकी थी.
ट्रंप अपने मुंह मियां मिट्ठू! US के सभी राष्ट्रपतियों का रिपोर्ट कार्ड किया तैयार
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर राष्ट्रपतियों की एक नई रैंकिंग शेयर की है. इसमें उन्होंने खुद को सबसे महान बताया है. इस रैंकिंग में ट्रंप ने ओबामा और बाइडन को असफल राष्ट्रपति की कैटेगरी में रखा है.
300 रुपये की कमाई, फिर 15 लाख का जॉब ऑफर, बस इसलिए नहीं की नौकरी
कभी 300 रुपये कमाने वाले रामथुल्ला शेख ने पढ़ाई को अपनी जिंदगी बदलने का जरिया बनाया. नौकरी के साथ ही उन्होंने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग 2024 में AIR 809 हासिल की. फिर IISc से MTech पूरा किया. उनकी मेहनत ने उन्हें 15 लाख सालाना का जॉब ऑफर मिला. लेकिन इस ऑफर को उन्होंने ठुकरा दिया.
Everest की हींग पर लगा बैन, FSSAI को गरम मसाले और चिकन मसाले में भी मिली गड़बड़
FSSAI ने एवरेस्ट और लालजी गोधू ब्रांड के कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगा दी है क्योंकि जांच में यह मानकों से काफी नीचे पाया गया. शिकायत के बाद हुई जांच में दोनों कंपनियों के हींग में असली हींग की मात्रा तय सीमा से 30 से 40 प्रतिशत कम मिली, जबकि लालजी गोधू की असली हींग में स्टार्च की मात्रा भी तय सीमा से कई गुना ज्यादा पाई गई.
बारावफात में पकड़े गए युवक की पहचान हुई तो 12 साल पुराना खुल गया राज
बांदा में बारावफात के दौरान चेकिंग में मिले एक संदिग्ध व्यक्ति को लेकर बांग्लादेशी होने की चर्चा शुरू हो गई. भाषा समझ नहीं आने पर पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जांच की. पूछताछ और वीडियो कॉल के जरिए उसकी पहचान असम के 45 वर्षीय मो. सफीउर्रहमान के रूप में हुई, जो करीब 12 साल पहले घर से लापता हो गया था.
अपनी राजकीय यात्रा के लिए उज़्बेकिस्तान जाते समय, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उज़्बेकिस्तान के युवा नागरिकों द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो पर खुशी जताई। उन्होंने हिंदी में उनके उत्साहपूर्ण सम्मान और बेहतरीन अंदाज़ की तारीफ़ की। एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार को दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव का सबूत बताया। इसे भी पढ़ें: मंत्री पद से हटाने की तैयारी पर भड़के Jual Oram, Union Tribal Affairs Minister के आरोप से Odisha BJP में मचा हड़कंप! पीएम मोदी ने लिखा, जब मैं उज़्बेकिस्तान की अपनी यात्रा शुरू करने जा रहा हूँ, तो उज़्बेकिस्तान के अपने युवा दोस्तों का उत्साह देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है, जिसे इस वीडियो में बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। इसे और भी खास बात यह बनाती है कि उन्होंने ऐसा हिंदी में किया और बहुत ही शानदार ढंग से किया!I उज़्बेकिस्तान के कई छात्रों ने बारी-बारी से प्रधानमंत्री का अपनी राजधानी में स्वागत किया और भारतीय संस्कृति तथा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों के प्रति अपना लगाव ज़ाहिर किया। पहले छात्र ने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, ताशकंद में आपका स्वागत है। मेरा नाम समंदर है। हम ताशकंद के छात्र हैं। हम ताशकंद में आपके आने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। श्री नरेंद्र मोदी जी, ताशकंद आपका इंतज़ार कर रहा है। वहीं दूसरे छात्र ने कहा, नमस्कार, आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी। ताशकंद की धरती आपको बुला रही है। हम उस शानदार मुलाक़ात का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। मोदी जी, ताशकंद आपका इंतज़ार कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Mallikarjun Kharge ने PM Modi को लिखा पत्र, Nepal बाढ़ में फंसे भारतीयों की वापसी की मांग एक और छात्र ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा, आदरणीय मोदी जी, आपको नमस्कार। ताशकंद से आपको प्यार भरा नमस्ते। हम हिंदी भाषा सीख रहे हैं और भारत की संस्कृति से बहुत प्रभावित हैं। हमारी बहुत इच्छा है कि हम ताशकंद में आपका स्वागत करें। नरेंद्र मोदी जी, ताशकंद आपका इंतज़ार कर रहा है।भारत-उज़्बेकिस्तान संबंधों का ज़िक्र करते हुए एक छात्र ने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री जी, आपको सादर नमस्कार। भारत और उज़्बेकिस्तान की दोस्ती हमारे लिए बहुत खास है। हमें उम्मीद है कि आप जल्द ही ताशकंद आएंगे। हम आपका इंतज़ार कर रहे हैं।
झील का बांध टूटने से उफान पर नेपाल में त्रिशूली नदी
नेपाल और तिब्बत की सीमा पर एक मुख्य झील का बांध टूटने के कारण भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर आ रहा है. इस वजह से त्रिशूली नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है और नदी पूरे उफान पर है. नदी की लहरें बहुत डरावनी और तेज हो चुकी हैं. इसके साथ ही क्षेत्र में मौसम काफी खराब हो गया है और मूसलाधार बारिश भी शुरू हो गई है.
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास फटी एक और झील, फिर मचेगी तबाही?
नेपाल और तिब्बत की सीमा के पास स्थित एक और प्राकृतिक झील के फटने की खबर सामने आई है. चीनी प्रशासन और वैज्ञानिकों ने केवल एक दिन पहले ही इस झील के फटने की आशंका जताई थी, जो अब सच साबित हो चुकी है. इससे पहले भी 26 अगस्त को रोम में एक झील फटने का मामला सामने आया था, और इसके ठीक दो दिन बाद ही यहां भी तूफान के चलते यह दूसरी झील फट गई.
229 शव, कोई पहचान नहीं… चितवन में अज्ञात शवों का सामूहिक दफन शुरू
नेपाल के चितवन में बाढ़ की नदी से अब तक 233 शव मिले हैं, जिनमें से सिर्फ 4 की पहचान हुई है. बाकी 229 अज्ञात शवों को आज से देवघाट में सामूहिक रूप से दफनाया जाएगा. दफनाने से पहले हर शव का DNA सैंपल लिया जाएगा और यूनिक कोड दिया जाएगा, ताकि भविष्य में परिवार दावा करें तो पहचान हो सके.
नेपाली सेना ने रसुवा में चलाया रेस्क्यू अभियान, बचाए 1400 से अधिक लोग
नेपाल में आपदा के बाद सेना युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है. हाल ही में आई आपदा के बाद नेपाली सेना की एक विशेष यूनिट ने प्रभावित इलाकों में बेहद कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
नेपाली सेना ने कीचड़ से भरी सुरंग में ऐसै बचाई मजदूरों की जान
नेपाली सेना के जवानों ने एक बेहद मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया है. इस टनल के मुहाने पर सबसे पहले नेपाली सेना के जवान पहुंचे थे. सुरंग के अंदर का नजारा बेहद भयावह था क्योंकि वहां चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ गाढ़ा कीचड़ भरा हुआ था.
नेपाल की त्रासदी देख भावुक हुए अमिताभ, पीड़ितों के लिए छलका दर्द
नेपाल में त्रासदी को लेकर अमिताभ बच्चन ने अपने दिल की बात लोगों से शेयर की है. उनका कहना है कि वहां जो कुछ भी हो रहा है, उसे देखना उनके लिए बेहद मुश्किल सा हो चुका है. अपने ब्लॉग में सुपरस्टार ने इस आपदा पर और भी कई सारी बातें लिखी हैं.
'सरकारी खजाने पर डकैती का प्रयास...', CM योगी का अखिलेश पर बड़ा हमला
JPNIC Controversy: लखनऊ के JPNIC प्रोजेक्ट को लेकर CM योगी और अखिलेश यादव आमने-सामने. बीजेपी ने लगाया 864 करोड़ के घोटाले और परिवारवाद का आरोप, अखिलेश बोले- बीजेपी कर रही भ्रष्टाचार का स्वर्ण ठोसीकरण...
'सपा का मतलब लूट-खसोट', देवरिया में बोले सीएम योगी; Video
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार समाजवादी पार्टी पर हमला बोला. देवरिया पहुंचे योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग मानते हैं कि पहले लोगों के बीच एक कहावत चलती थी- देख सपाई, बेटियां घबराईं. सीएम योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार में अपराध और अराजकता पर लगाम लगी है और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है. देखें वीडियो.
बड़ी तैयारी... अब रेलवे बिछाएगा 4-लेन ट्रैक, इन 7 रूटों पर चलेगा काम
यात्रियों के सफर को आसान बनाने और ट्रेन की क्षमता को बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे बड़ी तैयारी कर रहा है. कुछ रूटों पर वह 4 लेन ट्रैक बिछाने जा रहा है. इससे ट्रेन के देरी होने की भी संभावना कम हो जाएगी.
कब है जन्माष्टमी? जानें पूजा और व्रत पारण का सही समय
Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी. जानें मथुरा में निशीथ पूजा का शुभ मुहूर्त, रोहिणी नक्षत्र का समय, व्रत पारण और मथुरा-वृंदावन में जन्मोत्सव की तारीख.पूजा में लड्डू गोपाल का पंचामृत अभिषेक कर उन्हें नए वस्त्र पहनाए जाते हैं. माखन-मिश्री, फल और सात्विक भोग अर्पित कर आरती की जाती है.
शराब के नशे में 25 साल के बेटे ने 63 वर्षीय मां से किया रेप, गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के हाथरस में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक गांव में 25 वर्षीय युवक पर अपनी 63 वर्षीय मां से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है. पुलिस के मुताबिक, घटना गुरुवार रात की है और आरोपी कथित तौर पर शराब के नशे में था. बड़े भाई की शिकायत पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया.
नेपाल: बाढ़ में बहकर आए बैंक के सेफ पर डाका, निकाले ₹92 लाख... अब 29 लोग हुए गिरफ्तार
नेपाल के धादिंग जिले में त्रिशूली नदी की बाढ़ में बहकर आए एक बैंक सेफ को तोड़कर रकम निकालने के आरोप में पुलिस ने 29 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से 92 लाख 68 हजार रुपये से ज्यादा नकद बरामद हुए हैं. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि रकम कहां से आई और इसमें और कौन शामिल है.
कोहली पर भारी पड़े बुमराह, DHONI को पछाड़ सहवाग निकले आगे!
भारतीय क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों को लेकर हमेशा बहस होती रही है. अब इस पर दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपनी पसंद साफ कर दी है. उन्होंने विराट कोहली के ऊपर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को तरजीह दी.
छानने के बाद फेंक देते हैं बची हुई कॉफी? इसके हैं जबरदस्त फायदे
How to Use Leftover Coffee: अक्सर ऐसा होता है कि कॉफी बनाने वक्त कुछ कॉफी छननी में बच जाती है जिसे लोग तुरंत डस्टबिन में डाल देते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि आप इस बची हुई कॉफी के कई फायदे उठा सकते हैं.
वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल भंडार पर अमेरिका का कब्जा, देखें वर्ल्ड न्यूज
अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ उसके 65 अरब बैरल से ज़्यादा के तेल भंडार को नियंत्रित करने के लिए एक समझौता किया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ये ऐतिहासिक डील अमेरिकी तेल भंडार को दोगुने से भी ज़्यादा कर देगा. देखें दुनिया आजतक.
थाने में बिगड़ी लड़के की तबीयत, अस्पताल में हुई मौत
बदायूं के दातागंज में पुलिस कस्टडी के दौरान राजेश की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई. पोस्टमार्टम में कार्डियक अरेस्ट की बात सामने आई. परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. CCTV फुटेज सामने आया है. SSP ने निष्पक्ष जांच और दोषी मिलने पर कार्रवाई का भरोसा दिया.
गिरावट में भी टॉक्सिक ने तोड़े रिकॉर्ड, यश ने किसको पछाड़ा?
यश की फिल्म टॉक्सिक अपने दूसरे दिन भले ही खराब रिव्यूज के चलते बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह गिरी हो. मगर इसने अपने फर्स्ट डे कलेक्शन से कुछ ऐसे कारनामे कर दिए, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की होगी. यश ने एक ही दिन में कई रिकॉर्ड तोड़े और कुछ बना भी डाले.
'यूपी में चुनाव से पहले दोबारा होगा SIR', अखिलेश यादव का दावा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने SIR के जरिए वोटर लिस्ट की जांच पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले फिर से SIR कराया जा सकता है, जिससे सही मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है. अखिलेश यादव ने लोगों से अपनी वोटर लिस्ट की जांच और सुधार के लिए सतर्क रहने को कहा है.
जारी हुआ SBI PO प्रीलिम्स 2026 का रिजल्ट, सितंबर में होगी मेन परीक्षा
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर SBI PO प्रीलिम्स रिजल्ट 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया है. रोल नंबर के अनुसार चयनित उम्मीदवारों को 12 सितंबर को मुख्य परीक्षा देनी होगी.
मुरादाबाद में तेंदुए का खौफ, अब किसान की ऐसे हुई मौत
मुरादाबाद के बहापुर बलिया गांव में घर के बाहर सो रहे किसान को तेंदुआ कथित तौर पर उठा ले गया. सुबह खेत में उनका शव मिला. ग्रामीणों के मुताबिक, 25 दिनों में तेंदुए के हमलों से ठाकुरद्वारा क्षेत्र में 4 लोगों की मौत हो चुकी है.
कृति सेनन पर उर्वशी ने साधा निशाना, ब्रालेट पहनने पर उठाए सवाल
कृति सेनन के रक्षाबंधन एड पर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. कंगना रनौत के बाद अब उर्वशी रौतेला ने कृति सेनन पर निशाना साधा है और एक्ट्रेस के कपड़ों पर सवाल उठाए हैं.
बाढ़ में वीडियो बना रही थीं, तेज धार में बहीं महिलाएं, लोग समझे तैर रही हैं
बिहार के बेगूसराय में बाढ़ के पानी में नहाते हुए दो महिलाएं वीडियो बना रही थीं. इसी दौरान दोनों पानी के बहाव में बहने लगीं. लोगों को लगा कि वे तैर रही हैं, लेकिन जब चीख-पुकार सुनी तो बचाने दौड़ पड़े. लोगों ने नदी में कूदकर महिलाओं को बहने से बचाया. इसके बाद नाव मंगाई गई, तब जाकर उन्हें बाहर निकाला गया.
97 साल की उम्र, मलबे का ढेर और... नेपाल में मौत के मुंह से जंग जीतीं 'योद्धा दादी'
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,400 से अधिक लोग लापता हैं. सबसे चर्चित मामला 97 साल की गुना माया भोहरा का है, जिन्हें केयर होम के मलबे से जेसीबी मशीन की बकेट में बैठाकर बचाया गया.
पंजाब में 2500 सरकारी कर्मचारियों पर एक्शन की तैयारी, हड़ताल में हुए थे शामिल
27 अगस्त को पंजाब में हुई हड़ताल में बिना अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले करीब 2500 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पंजाब सरकार ने सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करें कर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करें.
6 साल की बच्ची की हत्या से सनसनी, बोरी में डालकर ले जाता दिखा था आरोपी
ग्रेटर नोएडा के हल्दौनी गांव में 6 साल की बच्ची की हत्या के बाद सनसनी फैल गई. 28 अगस्त की रात घर से लापता हुई बच्ची का शव पुलिस ने तलाश अभियान के दौरान बरामद किया. CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया है. पुलिस रेप समेत सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है.
काले पड़ गए लड्डू गोपाल? जन्माष्टमी से पहले इन 3 चीजों से करें साफ
जन्माष्टमी से पहले लड्डू गोपाल की मूर्ति को चमकाना चाहते हैं? पीतल या कांसे की मूर्ति पर जमा कालापन और मैल हटाने के लिए नींबू, नमक, आटा और इमली जैसी घरेलू चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं. जानिए आसान सफाई के तरीके और किन गलतियों से मूर्ति की चमक खराब हो सकती है.
NTA ने जारी किया CSIR-NET जून 2026 का फाइनल आंसर की
प्रोविजनल आंसर की प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद, एनटीए ने सीएसआईआर-नेट जून 2026 की फाइनल उत्तर कुंजी जारी कर दी है. उम्मीदवार अब परिणाम घोषित होने से पहले अपने उत्तरों का वेरिफिकेशन कर सकते हैं और अपने अंकों का अनुमान लगा सकते हैं.
थाने में जमीन पर गिरा युवक, अस्पताल में मौत, परिजनों ने लगाए आरोप
बदायूं के दातागंज कोतवाली में पुलिस हिरासत में लाए गए 28 साल के राजेश की अचानक तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उसकी मौत हो गई. CCTV फुटेज में राजेश टॉयलेट से लौटने के बाद जमीन पर गिरता नजर आ रहा है. परिवार ने पुलिस पर मारपीट और थाने में तबीयत बिगड़ने के आरोप लगाए हैं. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट सामने आई है.
नेपाल बाढ़ में हरदोई के 2 लड़के लापता... परिवार बेबस
नेपाल की भीषण बाढ़ के बीच हरदोई के पिहानी के दो युवक पपेंद्र सिंह और ऋषिपाल सिंह लापता हैं. दोनों से आखिरी बार 25 अगस्त को बात हुई थी. परिजन नेपाल में उनकी तलाश और रेस्क्यू की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं. वीडियो में जानें दोनों लड़कों के परिवार वाले क्या बोल रहे हैं.
क्या है वो फॉर्मूला, जिससे पता चलेगा घर बनाने में कितना खर्चा आएगा?
घर बनाने से पहले सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर इसमें कितना खर्च आएगा. अब एक आसान फॉर्मूले से 5 मिनट में घर बनाने की अनुमानित लागत का हिसाब लगाया जा सकता है. जानिए क्या है यह फॉर्मूला और किन बातों का रखना होगा ध्यान.
'पैंट्स नहीं पहनती' जेंडर बदलकर बनी लड़की, बताया कड़वा सच
एला से पूछा गया कि एक इवेंट में आप जींस पहनने में अंकफर्टेबल हो गई थीं. उन्होंने कहा है कि हां. मैं कोई भी ऐसा कपड़ा नहीं पहनती हूं, जहां मेरे पैर डिवाइडेड नजर आएं.
मार्कशीट पर अब नहीं लिखा जाएगा 'फेल' शब्द, छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका
बिहार बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की मार्कशीट से ‘फेल’ शब्द हटाने का फैसला किया है. इस फैसले का मकसद छात्रों पर असफलता का सामाजिक दबाव कम करना और उन्हें स्किल ट्रेनिंग की ओर प्रोत्साहित करना है.
दो गुट भिड़े, जमकर हुई पत्थरबाजी... 3 घायल
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दो गुटों की झड़प के बाद पत्थरबाजी हुई. पथराव में दो लोगों और एक पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और एहतियातन संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की है. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला और पुलिस ने कैसे शांत कराया.
इन जगहों पर खाना खाने से बचें, हो जाएंगे कंगाल!
Vastu Upay: घर में खाना खाते समय वास्तु के कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है. जानें किन जगहों पर बैठकर भोजन करने से बचना चाहिए और इसका घर की सुख-समृद्धि पर क्या असर पड़ सकता है.
AIMIM के अब्दुल मन्नान सपा में शामिल, अखिलेश बोले- PDA से घबरा रहे विरोधी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM के नेता अब्दुल मन्नान समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं. इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि PDA की बढ़ती ताकत से विरोधी घबरा रहे हैं.
हरी मूंग से शाही अंदाज में बनाएं मुगलई दाल, सब पूछेंगे रेसिपी
Mughlai Shahi Moong Dal Recipe: अगर आपको लगता है कि हरी मूंग की दाल सिर्फ हेल्दी होती है और इसका स्वाद उतना खास नहीं होता तो एक बार मुगलई स्टाइल शाही हरी मूंग दाल जरूर ट्राई करें. यह दाल मसालों, दही और फ्रेश क्रीम के साथ तैयार की जाती है, जिससे इसका स्वाद काफी टेस्टी हो जाता है.
नेपाल से बहकर भारत की नदियों में आ रहीं लाशें... झकझोरती हैं ये तस्वीरें
नेपाल की भीषण बाढ़ के बाद नारायणी नदी में शव बहकर भारत पहुंच रहे हैं. महराजगंज में चार शव मिले हैं, जबकि नेपाल के नवलपरासी पूर्व में अब तक 158 शव बरामद किए जा चुके हैं.
पति- पत्नी के बीच आई प्रेमिका, फिर कहानी में आया एक्स-बॉयफ्रेंड
भोपाल में पति का अफेयर एक महिला की जिंदगी पर भारी पड़ गया. पति की प्रेमिका ने अपने पुराने बॉयफ्रेंड को बुलाया और महिला की जिंदगी खत्म कर दी. पुलिस का कहना है कि प्रेमिका को पसंद नहीं था कि महिला अपने पति के साथ रहे. इसलिए उसने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.
रोबोट वैक्यूम क्लीनर ने पकड़ा पत्नी का अफेयर, लेकिन पति को मिली सजा
रोबोट वैक्यूम क्लीनर में लगे कैमरे और ऑडियो सिस्टम से पति को पत्नी की चीटिंग का लगा. फिर उसने कोर्ट में केस किया और मुकदमा भी जीत लिया. उसके बाद बाजी ऐसी पलटी की उल्टा पति को जेल जाने की नौबत आ गई.

