अवनीत कौर की नई तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल
टीवी की मशहूर एक्ट्रेस अवनीत कौर ने अब अपनी किलर तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्हें देखकर किसी की भी धड़कनें तेज हो सकती हैं.25 साल की अवनीत कौर ने बिकिनी में अपनी सुपर बोल्ड और सिजलिंग तस्वीरें शेयर की हैं.
यूपी MLC की 11 सीटों पर आज काउंटिंग, 7 जिलों में बनाए गए मतगणना केंद्र
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव की मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी. इसमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं.
इस्राइल में चुनाव: आज होंगे मतदान, PM नेतन्याहू के सामने पूर्व सैनिक की चुनौती; किन मुद्दों पर वोट करेगी जनता?-Israel Election Day voting for 26th Knesset PM Netanyahu vs Gadi Eisenkot Likud vs Yashar party news Updates
24 अक्टूबर की रात, इजराइल में तेल अवीव की सड़कों पर लाखों लोग जुटे। उनकी मांग थी कि देश की सत्ता में बदलाव हो। वो चाहते थे कि 7 अक्टूबर 2023 को देश पर हुए हमास के हमलों का हिसाब हो, जिसमें 1200 से ज्यादा लोग मारे गए थे। सेना में सर्विस का बोझ सबका हो, किसी खास समाज को छूट न मिले। ये सब चुनाव से तीन दिन पहले हुआ। इजराइल में आज, 27 अक्टूबर वोटिंग है। चुनाव में करीब 19 साल प्रधानमंत्री रह चुके बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर फैसला होना है। उनके प्रधानमंत्री रहते इजराइली सेना बीते तीन साल में ईरान, गाजा, लेबनान में जंग लड़ चुकी है। इस बार वोटरों के मन में सवाल है कि इजराइली लोगों की सुरक्षा में हुई चूक की जिम्मेदारी कौन लेगा? ईरान जैसी चुनौतियों से कैसे निपटा जाएगा? इजराइल में चुनाव का माहौल: पोस्टर-बैनर गायब, पहले जैसा प्रचार नहीं इजराइल में इस बार भारत की तरह चुनावी प्रचार या रैलियां नहीं हैं। ज्यादातर प्रचार सोशल मीडिया पर है। हालांकि, चुनावी शोर कम दिखने का मतलब ये नहीं कि लोगों के पास मुद्दे नहीं हैं। हम लोगों का मूड समझने तेल अवीव से सटे पेटाह टिकवा शहर पहुंचे। 2.72 लाख आबादी वाले पेटाह टिकवा में 2022 के चुनाव में नेतन्याहू की पार्टी लिकुड को 28% वोट मिले थे। हम यहां सुबह के वक्त पहुंचे। लोग दुकानों पर आ-जा रहे थे, लेकिन कहीं चुनावी पोस्टर-बैनर नजर नहीं आए। एक दुकानदार ने बताया कि पहले बैनर दिखते थे, इस बार वैसा प्रचार नहीं हो रहा। लोग भी अपनी राजनीतिक पसंद बताने से बचते हैं। यहीं मिली शेली बोल्कोविच के लिए देश की सुरक्षा के साथ घर का बजट भी चुनाव का बड़ा मुद्दा है। वे कहती हैं कि पिछले कुछ साल में जरूरत की चीजों से लेकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक सब महंगा हुआ है। मैं ऐसी पार्टी को वोट देना चाहती हूं, जिसके पास अर्थव्यवस्था सुधारने और आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने की योजना हो। साथ ही पार्टियां बताएं कि ईरान जैसी चुनौतियों से कैसे निपटेंगी। शैली अब्राहम की उम्मीद- भारत से रिश्ते मजबूत होंगे 25 साल से इजराइल में रह रहीं शैली अब्राहम को भारत और इजराइल के रिश्तों को लेकर नई सरकार से बड़ी उम्मीद है। वे कहती हैं कि भारत से बहुत से लोग इजराइल में काम करने आते हैं। आने वाली सरकार इन लोगों के साथ सहयोग जारी रखे और दोनों देशों के संबंध मजबूत करे। हालांकि, वे किसी खास पार्टी का समर्थन नहीं करतीं। लॉरेन बोलीं- नेतन्याहू का काम अच्छा, लेकिन नई दिशा चाहिए लॉरेन डागन अमॉस नेतन्याहू की तारीफ करती हैं, लेकिन बदलाव भी चाहती हैं। वह कहती हैं कि नेतन्याहू ने देश के लिए काफी काम किया है। फिर भी अब ऐसी सरकार की जरूरत है, जो लोगों को नई उम्मीद और भविष्य की दिशा दे। पड़ोसी देशों और बाकी दुनिया के साथ बेहतर संबंध बनाए। 120 में 61 सीटों का गणित; अरब पार्टियां अहम चुनाव में तीन धड़े हैं। नेतन्याहू का गठबंधन, विपक्षी गठबंधन और अरब पार्टियां। सर्वे में नेतन्याहू और विपक्षी गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला दिख रहा है। दोनों गठबंधनों के लिए जरूरी 61 सीटें जीतना मुश्किल है, जिससे छोटे दल और अरब पार्टियां किंगमेकर की भूमिका निभा सकती हैं। चुनाव से पहले चैनल 13 के एक सर्वे में नेतन्याहू विरोधी दलों को 54, नेतन्याहू समर्थक दलों को 50 और अरब पार्टियों को 16 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया। सर्वे में दोनों प्रमुख गठबंधन बहुमत से पीछे हैं। हालांकि, ये अनुमान हैं, नतीजे नहीं। ऐसी स्थिति बनी तो अरब पार्टियों और छोटे दलों की अहमियत बढ़ेगी। इजराइल की आबादी में अरब नागरिकों की हिस्सेदारी करीब 18% है। उनकी राजनीतिक ताकत इस पर निर्भर करती है कि उनकी पार्टियां कितनी एकजुट होकर चुनाव लड़ती हैं और उन्हें कितने वोट मिलते हैं। अगर नेतन्याहू का गठबंधन या उनका विरोधी खेमा अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाता, तो अरब पार्टियों का समर्थन निर्णायक हो सकता है। मंसूर अब्बास के नेतृत्व वाली यूनाइटेड अरब लिस्ट, यानी राम पहले भी नेतन्याहू विरोधी सरकार को बाहर से समर्थन दे चुकी है। इजराइल में किसी पार्टी को संसद में प्रतिनिधित्व हासिल करने के लिए कम से कम 3.25% वोट हासिल करने होते हैं। इसे थ्रेशोल्ड कहते हैं। अगर कोई पार्टी इससे नीचे रह जाती है, तो उसे मिले वोट संसद में सीटों में नहीं बदलते। इसका असर पूरे चुनावी समीकरण पर पड़ सकता है। 7 अक्टूबर की सुरक्षा चूक, नेतन्याहू का पीछा नहीं छोड़ रही इजराइल में लंबे समय से रह रहे वरिष्ठ पत्रकार हरिंदर मिश्रा नेतन्याहू की चुनौतियां बताते हैं। कहते हैं, ‘नेतन्याहू के समर्थक युद्ध के दौरान लिए उनके फैसलों का हवाला देकर माहौल बना रहे हैं। वहीं, विरोधी पूछते हैं कि हमले के समय सुरक्षा व्यवस्था क्यों नाकाम रही। इसलिए युद्ध का असर सभी मतदाताओं पर एक जैसा मान लेना, ठीक नहीं होगा। हरिंदर मिश्रा के मुताबिक, नेतन्याहू की चुनौती सिर्फ विपक्ष से मुकाबला करना नहीं है। उन्हें अपने समर्थकों और सहयोगी दलों को भी साथ रखना है। सेना में सेवा की जिम्मेदारी बड़ा मुद्दा है। इजराइल में 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद सभी को सेना में सर्विस देना अनिवार्य है। अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स यहूदी धार्मिक छात्रों को लंबे समय से इसमें छूट मिलती रही है। इजराइल की आबादी में अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स यहूदियों की हिस्सेदारी करीब 10% है। उन्हें मिलने वाली छूट पर विवाद है। हमास से युद्ध के बाद पूछा जाने लगा कि सेना में सर्विस का बोझ समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच कैसे बांटा जाए। यह मुद्दा नेतन्याहू के लिए इसलिए भी अहम है, क्योंकि उनकी सरकार को अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पार्टियों जैसे यूनाइटेड टोरा जूडाइज्म और शास का समर्थन मिलता रहा है। विपक्ष के पास मौका, लेकिन नेतन्याहू के खिलाफ माहौल बहुमत की गारंटी नहीं नेतन्याहू के सामने सबसे बड़ी चुनौती विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट हैं। वे PM पद के सबसे बड़े दावेदार हैं। उन्होंने एक साल पहले ही नई पार्टी बनाई थी। 41 साल सेना में रहे आइजेनकोट इजराइल के आर्मी चीफ रहे हैं। गाजा की जंग शुरू होने के 2 महीने बाद ही उनके बेटे की मौत हो गई थी। आइजेनकोट मिराजी समुदाय से हैं, जो यहूदियों में सबसे ताकतवर है। हरिंदर मिश्रा गादी आइजेनकोट की छवि को अहम मानते हैं। उनका सेना का अनुभव और सेना में समान जिम्मेदारी पर रुख मतदाताओं को पसंद आ सकता है। मिश्रा के मुताबिक, नेतन्याहू से नाराज मतदाताओं को अपने पक्ष में लाना विपक्ष के लिए पहला कदम है। उसके बाद अलग-अलग दलों को सरकार बनाने के लिए एक साथ रखना होगा। नेतन्याहू के खिलाफ नाराजगी अपने आप विपक्ष के लिए बहुमत की गारंटी नहीं है। ………………………………..स्टोरी में सहयोग: राहुल कवि नेतन्याहू सर्वे में पिछड़ रहे, क्या फिर भी प्रधानमंत्री बन जाएंगे इजराइल में कल, यानी 27 अक्टूबर को वोट पड़ेंगे। सर्वे में मौजूदा पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी विपक्षी आइजनकोट से पिछड़ रही है। इसके बावजूद नेतन्याहू के 7वीं बार प्रधानमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होगा। इसकी वजह है इजराइल का अनोखा चुनावी सिस्टम। पढ़िए पूरी खबर…
अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां: फ्रांस में छात्र आक्रोश, अब बदलेंगे एडमिशन के नियम; ब्राजील चुनाव पर ट्रंप की टिप्पणी
ट्रंप को ब्राजील चुनाव में फ्रॉड की आशंका! वोटर फ्रॉड पकड़वाने पर ईनाम का ऐलान
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा ने दक्षिणपंथी फ्लावियो बोल्सोनारो को भारी मतों से हराया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाए लेकिन कोई सबूत नहीं दिया.
वोटिंग से पहले नेतन्याहू ने दिखाया ट्रंप का समर्थन, ईरान से जंग के दिए संकेत
इजरायल में संसदीय चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का खुलकर समर्थन किया है. ट्रंप ने मतदाताओं से नेतन्याहू को वोट देने की अपील की, जिससे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावनाएं तेज हो गई हैं.
गांधीवादी एआई मॉडल की जरूरत: तकनीक अपनाओ, साधन शुद्ध रखो; ताकत का विकेंद्रीकरण करो, सबसे कमजोर आदमी हो पैमाना
तमिलनाडु में बड़ा जेल ब्रेक! थेनी की सब-जेल से 17 कैदी फरार, शहर भर में तलाशी जारी
तमिलनाडु के थेनी जिले की सब-जेल से 17 कैदियों के फरार होने की घटना ने पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है. पुलिस ने पड़ोसी डिंडीगुल जिले में 16 स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित कर सभी वाहनों की जांच शुरू कर दी है.
जॉर्डन का सीरिया में बड़ा हवाई हमला: चर्च पर हमले का बदला लेने का दावा, कई आतंकियों के मारे जाने की खबर--Jordan Launches Airstrikes in Syria Over Church Attack in Karak
ईरान युद्ध के बीच यूएई के समुद्र में फैला तेल, लोगों की आवाजाही अस्थायी तौर रोकी गई
ईरान युद्ध के बीच यूएई के समुद्र में फैला तेल, लोगों की आवाजाही अस्थायी तौर रोकी गई
इजरायल में कल चुनाव, नेतन्याहू को तनाव... क्या वोटिंग में टर्निंग पॉइंट बनेंगी ये तीन घटनाएं
इजरायल में चुनाव से पहले नेतन्याहू के सामने सत्ता बचाने की चुनौती है. डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिलने के बाद भी उनकी राह आसान नहीं दिख रही. इस चुनाव में तीन ऐसे मुद्दे हैं, जो नतीजों के साथ सत्ता का पूरा समीकरण बदल सकते हैं.
कोटपूतली में टोल देने पर बवाल, युवकों ने कर्मचारियों को पीटा
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ के नीमराना स्थित रोडवाल टोल प्लाजा पर टोल देने को लेकर विवाद हो गया. 5-6 गाड़ियों में पहुंचे युवकों ने कर्मचारियों से मारपीट और तोड़फोड़ की. घटना CCTV में कैद हो गई. पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पढ़ें पूरी कहानी.
बांग्लादेश में एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल किलिंग की वापसी के संकेत? पुलिस चीफ का बयान
बांग्लादेश पुलिस के चीफ ने कहा कि जब पुलिस लाठी का इस्तेमाल करती है, तो उसे 'फासीवादी' कहा जाता है, और जब वह चुप रहती है, तो उसे 'कमजोर' कहा जाता है. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 'क्रॉसफायर' किया जाएगा.
इमरान खान ने क्यों दी भारत छोड़ने के नोटिस को चुनौती?
बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को एफआरआरओ ने 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया है. एक्टर ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इसे चुनौती दी है. मामले में अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी, जिसमें उनके भारत में रहने को लेकर अहम फैसला हो सकता है. वीडियो में जानें डिटेल्स.
खंडवा में दुल्हन को दौड़ाते और घसीटते ले गए... कार में बैठाकर भागे
मध्य प्रदेश के खंडवा में प्रेम विवाह के बाद दुल्हन को सड़क पर घसीटकर कार में ले जाने का मामला सामने आया है. दूल्हे ने परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया है. CCTV फुटेज वायरल, पुलिस जांच में जुटी...
दिन में सपा में हुए शामिल, शाम को बीजेपी ने बनाया वर्किंग कमेटी मेंबर
यूपी BJP की नई वर्किंग कमेटी में PM मोदी और CM योगी समेत कई बड़े नाम शामिल हैं. लेकिन बदायूं के पूर्व विधायक सिनोद शाक्य का नाम खास चर्चा में है. वह दोपहर में सपा में शामिल हुए, जबकि शाम को जारी BJP की वर्किंग कमेटी की सूची में भी उनका नाम दर्ज था.
जेल में श्रद्धा दुबे को याद आए पापा! विजिटर लिस्ट ने चौंकाया
लखनऊ के शिवा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे जेल में बंद है. उसने जेल प्रशासन को मुलाकात करने वालों की सूची सौंपी है, जिसमें सिर्फ पिता और रायबरेली के परिजनों के नाम शामिल हैं. श्रद्धा के करीबी दोस्तों और परिचितों के नाम सूची से गायब हैं. जेल प्रशासन ने सूची पुलिस सत्यापन के लिए भेजी है. मंजूरी के बाद ही मुलाकात की अनुमति मिलेगी.
Cyclone Arnab: कब और कहां पहुंचेगा तूफान? जानें डिटेल्स
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'अर्नब' को लेकर ओडिशा और आंध्र प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट पर इसके पहुंचने की आशंका है. वीडियो में जानें इस चक्रवात अर्नब से जुड़े संभावित असर और प्रशासन की तैयारियां.
गुवाहाटी में होटल के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, 4 लोगों की मौत, कई घायल
गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके में गोलीबारी में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई है. इस घटना मेंमहिलाओं समेत कई अन्य लोगों केघायल होने की खबर है.
दिल्ली दंगा: LLB की पढ़ाई के लिए राहत चाहता है आरोपी शादाब अहमद
दिल्ली दंगों के आरोपी शादाब अहमद ने LLB की पढ़ाई के लिए जमानत की शर्तों में राहत मांगी है. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने उसे कड़कड़डूमा कोर्ट जाने को कहा है. क्या है ये पूरा मामला? पढ़ें ये कहानी.
1000 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं ये 9 इमारतें, आज भी कायम है इनकी शान
Ancient Historical Monuments: भारत में कई ऐसे ऐतिहासिक स्मारक हैं जो 1000 साल से भी ज्यादा पुराने होने के बावजूद आज तक अपनी खूबसूरती और भव्यता के लिए मशहूर हैं. सांची के स्तूप से लेकर एलोरा के कैलाश मंदिर तक, इनकी अनोखी बनावट और बारीक नक्काशी प्राचीन भारत की कला और वास्तुकला की झलक दिखाती है.
रैप से लेकर लाइफस्टाइल तक, कैसे बदल गए MC Stan?
रैपर MC स्टैन का बदला हुआ लुक और लाइफस्टाइल चर्चा में है. समय रैना के शो में उन्होंने बताया कि अब वह वही करते हैं जो ऊपर वाले को पसंद है. बिग बॉस 16 के विजेता स्टैन इन दिनों सोशल मीडिया और शोबिज से भी दूरी बनाए हुए हैं. वीडियो में जानें स्टैन के लाइफस्टाइल से जुड़ी खास बातें.
प्रदूषण अभियान के लिए फीस मांग रहे सेलिब्रिटीज, बॉम्बे HC ने लगाई फटकार
प्रदूषण जागरूकता अभियान के लिए फीस मांगने वाले सेलिब्रिटीज से बॉम्बे हाई कोर्ट नाराज है. हाई कोर्ट ने BMC, पुलिस और प्रदूषण अधिकारियों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. जानें क्या है पूरा मामला.
बंगाल: अपने ही मंत्री पर भड़के बीजेपी विधायक, बोले- ये शर्मनाक
मनीष शुक्ला हत्याकांड को लेकर BJP विधायक कौस्तुव बागची ने अपनी ही पार्टी के मंत्री अर्जुन सिंह पर सवाल उठाए हैं. बागची ने कुछ तस्वीरों और वीडियो का हवाला देते हुए आपत्ति जताई है.
एल मुरुगन की खाली सीट पर BJP का मंथन, बाहरी चेहरे को मिल सकता है मौका
MP Rajya Sabha By-election: मध्य प्रदेश की खाली राज्यसभा सीट पर 12 नवंबर को उपचुनाव होगा. BJP के बाहरी राज्य के नेता को उम्मीदवार बनाने की चर्चा है. वनाथी श्रीनिवासन समेत संभावित नामों पर पार्टी में मंथन जारी है.
जिस सांप ने डसा, उसे ही हाथ में लेकर अस्पताल पहुंचा युवक
बांदा में सांप के काटने के बाद एक युवक जिंदा सांप को हाथ में लेकर जिला अस्पताल पहुंच गया. युवक को इस हालत में देखकर अस्पताल में हड़कंप मच गया. मेडिकल स्टाफ ने सांप को बाहर छोड़ने के लिए कहा, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ. काफी समझाने के बाद उसने सांप को डिब्बे में बंद किया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया.
इथियोपिया में खूनी हमला: ईसाई चर्चों को बनाया निशाना, 40 से ज्यादा लोगों की मौत
इथियोपिया के मध्य ओरोमिया राज्य में ऑर्थोडॉक्स ईसाई चर्चों और आसपास के गांवों पर हथियारबंद हमले हुए, जिसमें 40 से ज्यादा लोग मारे गए।
हूतियों के हमलों के बीच सऊदी को मिलिट्री सपोर्ट देगा मिस्र, संसद की हरी झंडी
मिस्र की संसद ने राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी को सऊदी अरब की रक्षा के लिए सैन्य कदम उठाने की मंजूरी दे दी है. अब्देल फतह अल-सिसीने संसद से मिस्र के खाड़ी अरब सहयोगी और दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक की रक्षा के लिए मिलिट्री सपोर्ट देने की मंजूरी मांगी थी.
21 की उम्र में मां-46 में नानी बनीं रवीना, शादी के लिए रखी थी शर्त
लेकिन क्या आप जानते हैं कि करियर के पीक रवीना ने दो बेटियों को गोद लिया था. उस वक्त रवीना सिर्फ 21 साल की थीं. उस वक्त उनकी एडोप्टेड बेटी पूजा की उम्र 8 साल थी और दूसरी बेटी छाया 11 साल की थी.
करवा चौथ पर घुंघरू-कलावे से सजाएं पूजा की थाली, देख सब करेंगे तारीफ!
करवा चौथ पर पूजा की थाली सजाने के लिए महंगे डिजाइन खरीदने की जरूरत नहीं है. घर पर मौजूद साधारण थाली को घुंघरू, गोल्डन लेस, गोटा और लाल-पीले कलावे से खूबसूरत बना सकती हैं. जानें पूजा की थाली सजाने के दो आसान तरीके, जिनसे कम खर्च में पारंपरिक और अट्रैक्टिव लुक मिलेगा.
₹300 किलो बिक रहा नकली घी, डिब्बे पर प्रिंट है लाइसेंस नंबर और डेयरी का नाम
राजस्थान के अलवर में खाद्य विभाग ने केडलगंज की एक दुकान पर छापा मारकर करीब 100 किलो संदिग्ध घी जब्त किया. घी की पैकिंग पर सरस और जयपुर डेयरी से जुड़ी जानकारियां छपी थीं. जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी.
iPhone Duo खराब हुआ तो कितना आएगा खर्च? जानें...
Apple के पहले फोल्डेबल iPhone Duo की बिक्री शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही स्क्रीन में दरार और चमकती लाइनें दिखने की शिकायतें सामने आई हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. वीडियो में जानें संभावित वजहें, स्क्रीन बदलने का खर्च और वारंटी से जुड़ी जानकारी.
इंस्टाग्राम पर प्यार, कोर्ट मैरिज के 9 महीने बाद पत्नी को जिंदा जलाया
बिहार के सुपौल में प्रेम विवाह के करीब नौ महीने बाद 21 वर्षीय दामिनी देवी की मौत हो गई. आरोप है कि पति संजीव साह उसे सुनसान जगह पर ले गया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी. इलाज के दौरान दामिनी ने दम तोड़ दिया. पुलिस के मुताबिक, तलाक को लेकर दोनों के बीच विवाद था. पति गिरफ्तार है और उसके पिता से भी पूछताछ की गई है.
अखिलेश के सारथी बने शिवपाल... बदायूं में बिगड़ेगा बीजेपी का खेल?
पश्चिमी यूपी और रुहेलखंड के दिग्गज ओबीसी, दलित व सवर्ण नेताओं को समाजवादी पार्टी में शामिल कराकर अखिलेश यादव ने 'मिशन 2027' के तहत 'पीडीए' का दायरा और बड़ा कर दिया है, जिससे बीजेपी और बसपा के पारम्परिक वोटबैंक में सीधी सेंधमारी कर 'साइकिल' को नई रफ्तार दी जा सके.
भारत छोड़ेंगे इमरान खान? 2 दिन की बची मोहलत, सुनवाई कल
बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को मुंबई पुलिस ने 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया है. इमरान की याचिका पर 27 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई होगी.
डॉग के साथ बेरहमी, वीडियो देख भड़के पशु प्रेमी
गुजरात के वलसाड जिले के वापी में डॉग को स्कूटी के पीछे बांधकर सड़क पर घसीटने का वीडियो वायरल हुआ है. घटना के बाद पशु प्रेमियों ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की है. पुलिस के मुताबिक, अभी तक शिकायत नहीं मिली है. वीडियो में जानें क्या है मामला.
फिल्म की शूटिंग के लिए दरभंगा पहुंचे हैं संजय मिश्रा?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने के बाद अभिनेता संजय मिश्रा अपने पैतृक गांव दरभंगा के नारायणपुर पहुंचे. यहां वह लुंगी और टीशर्ट पहनकर घर के बरामदे में जमीन पर बैठे नजर आए. उनका सादगी भरा ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं.
कच्चे आलू से बनाएं मूली के लच्छे वाले कुरकुरे पकौड़े, बनाना है आसान
अगर आप भी पकौड़े खाने के शौकीन हैं तो हर बार आलू, प्याज या फिर गोभी ही क्यों. यहां हम आपको मूली के कुरकुरे पकौड़े बनाने का तरीका बता रहे हैं.
यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब आशंका है कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव और अधिक देशों को संघर्ष में खींच सकता है। हाल के हफ्तों में सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
नेतन्याहू का अपने ही आर्मी चीफ से टकराव! वोटिंग से पहले ईरान पर होगा हमला?
कुछ ही घंटों में इजरायल अपना नया नेता चुनने जा रहा है. लेकिन इससे पहले आई एक खबर ने इजरायल की राजनीति में सनसनी मचा दी है. रिपोर्ट के अनुसार नेतन्याहू कल सुबह 7 बजे से शुरू होने जा रहे मतदान से पहले ईरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं, इसे लेकर नेतन्याहू और आर्मी चीफ के बीच टकराव की खबरें आईं हैं.
iPhone 17 पर ₹49,000 से ज्यादा की बचत का मौका! बंपर डील
iPhone 17 Offer: ई-कॉमर्स वेबसाइट पर iPhone 17 पर बंपर डील मिल रही है. हालांकि कंपनी ने ये ऑफिशियल नहीं किया है, लेकिन ये डील एक्स्चेंज ऑफर बेस्ड है.
जामिया में छात्रसंघ चुनाव पर सहमति के बाद भी बवाल?
Jamia Protest: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में करीब 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ऐलान किया है कि छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराए जाएंगे. इसके साथ ही छात्रों के सस्पेंशन और शो-कॉज नोटिस वापस लेने और सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार की जांच की बात भी कही गई है.
IPL से पहले CSK का बड़ा दांव! इस धुरंधर की हुई टीम में एंट्री
चेन्नई सुपर किंग्स हमेशा से अपने मजबूत कोचिंग स्टाफ और भरोसेमंद खिलाड़ियों के लिए जानी जाती रही है. लेकिन पिछले कुछ सीजन में टीम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी है. लिहाजा अब चेन्नई ने अपनी स्थिति को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है.
बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाकर रोए थे सपा प्रत्याशी, आगरा में 6 अधिकारी सस्पेंड
आगरा MLC चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग के आरोपों पर अब चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. 23 अक्टूबर को सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कैमरे के सामने रो पड़े थे. अब इस मामले में छह अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया गया है.
PhD, दो मास्टर डिग्री... फिर क्यों इस प्रोफेशनल ने लिया MBA में दाखिला?
इनटेल के ग्लोबल प्रोग्राम मैनेजर मिहिरकांत उपाध्याय के पास कंप्यूटर इंजीनियरिंग से लेकर फिजिक्स, नैनोसाइंस और मैटेरियल्स साइंस में दो मास्टर डिग्री और एक पीएचडी जैसी उच्च डिग्रियां हैं. इसके बावजूद, 41 साल की उम्र में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन से हाइब्रिड MBA करना शुरू किया है. उनका यह सफर बताता है कि AI के इस दौर में खुद को अपडेट रखना और सीखना कितना जरूरी है.
बेकार नहीं हैं मोमबत्ती के टुकड़े! घर में इन तरीकों से करें इस्तेमाल
मोमबत्ती जलने के बाद बचे छोटे-छोटे मोम के टुकड़ों को फेंकने के बजाय दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. आज हम आपको इनके ऐसे इस्तेमाल बताने वाले हैं, जिन्हें पढ़कर आपको लगेगा कि ये पहले क्यों नहीं पता था.
चांदी ₹2 लाख रुपये के नीचे, रिकॉर्ड स्तर से भारी गिरावट
चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है. MCX पर चांदी का भाव 2 लाख रुपये प्रति किलो से नीचे आ गया है और यह अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 2.25 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है. वहीं, सोमवार को सोने की कीमत में तेजी देखने को मिली. वीडियो में जानें आज का रेट.
रिटायर्ड IPS की पत्नी के मर्डर का खुलासा, नेपाली गैंग के 4 लोग गिरफ्तार
हैदराबाद में रिटायर्ड IPS अधिकारी की पत्नी तनुजा रंजन की हत्या और लूट के मामले में पुलिस ने घरेलू मेड समेत नेपाल बेस्ड गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने सोने के गहने लूटने का खुलासा किया है. पढ़ें इस खूनी वारदात की पूरी कहानी.
हूती खतरे के बीच पाकिस्तान ने खोला सैन्य मोर्चा, सऊदी को भेजे सैनिक और मिसाइलें; कुछ बड़ा होगा क्या?
पाकिस्तान ने सऊदी अरब को सैन्य मदद बढ़ा दी है। उसने रक्षा उपकरण, वायु रक्षा प्रणालियां, मिसाइलें और सैनिकों की नई खेप भेजी है।
'UP में ओवैसी का चुनाव लड़ना अच्छा, क्योंकि...', बोले रामदेव
यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले योग गुरु रामदेव ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तंज कसा है. उन्होंने ओवैसी को उत्तर प्रदेश के लिए ‘बहुत अच्छा’ बताते हुए कहा कि उनके आने से कुछ वर्गों के वोट बंटेंगे, जिसका फायदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिल सकता है. रामदेव ने सनातन धर्म में पाखंड और अंधविश्वास पर भी सवाल उठाए.
नारियल में पानी कम निकलने पर भिड़े दो पक्ष, सड़क पर मारपीट
लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र में नारियल में पानी कम निकलने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया. नारियल के ठेले पर हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए. पुलिस ने दोनों पक्षों के सात लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि चार लोग फरार हैं. पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है.
ग्वालियर में अंडर कंस्ट्रक्शन CM Rise स्कूल की छत गिरी, 4 मजदूर घायल
ग्वालियर के पद्माराजे शासकीय स्कूल परिसर में निर्माणाधीन CM Rise स्कूल की छत का हिस्सा गिरने से चार मजदूर घायल हो गए. हादसे के बाद निर्माण की क्वालिटी और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं.
लड़की के तालाब में कूदने की झूठी कहानी, कैमरे ने खोला चौंकाने वाला राज
MP News: भिंड में युवती के गौरी सरोवर तालाब में कूदने की सूचना पर पुलिस और SDRF ने तलाश की. CCTV फुटेज में भाई अकेला दिखा तो कहानी पर शक हुआ. पूछताछ में युवती के अहमदाबाद जाने की बात सामने आई.
यूपी BJP की वर्किंग केमेटी का ऐलान, PM मोदी समेत 30 स्थायी सदस्य भी शामिल
यूपी चुनाव से पहले BJP ने वर्किंग कमेटी 2026 की घोषणा की है. इसमें 548 कार्यसमिति सदस्य, 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 134 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हैं. सूची में कई बड़े नेताओं के नाम हैं.
Ukraine में बहाल हुई Starlink सेवा, Elon Musk ने बताया क्यों घटाई गई थी इंटरनेट स्पीड
अमेरिका के साथ कुछ दिनों के तनाव के बाद यूक्रेन में स्टारलिंक सेवाएं बहाल कर दी गईं, लेकिन शनिवार को स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने कहा कि कीव ने इसका इस्तेमाल आक्रामक अभियानों के लिए किया था। चूँकि यह एक नागरिक कमर्शियल सेवा है, इसलिए इसे कभी भी ऐसे कामों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक, मस्क ने कहा कि स्टारलिंक का इस्तेमाल लोगों को मारने के लिए ड्रोन हमलों में कभी नहीं होना चाहिए। उन्होंने यूक्रेन की सेना पर सेवा की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जिसकी वजह से उन्हें अपनी सेवाएं धीमी करनी पड़ीं। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'स्टारशील्ड' को अमेरिकी सरकार नियंत्रित करती है, और अब यह उन पर निर्भर है कि वे इसके साथ क्या करना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: युद्ध कहीं भी हो, असर पूरी दुनिया पर पड़ता है... जयशंकर ने शांति को लेकर दिया बड़ा संदेश उन्होंने एक्स पर लिखा यूक्रेन की सुरक्षा के लिए स्टारलिंक बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह इकलौता ऐसा सिस्टम है जिसे फिलहाल न तो जैम किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। अगर स्टारलिंक को बंद कर दिया जाए, तो यूक्रेन की फ्रंट लाइन तुरंत ढह जाएगी। यह कोई धमकी नहीं है, बल्कि एक हकीकत है। मस्क ने यह भी माना कि युद्ध के शुरुआती दिनों में रूस को यूक्रेन पर पूरी तरह कब्ज़ा करने से रोकने में स्टारलिंक ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन की रक्षा के लिए स्पेसएक्स ने किसी भी अन्य निजी कंपनी की तुलना में कहीं ज़्यादा काम किया है। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि इसके बावजूद, मैं उन पाखंडी और युद्ध भड़काने वाले लोगों से सख्त नफरत करता हूँ, जो लगातार खून-खराबे को बढ़ावा देते हैं, लेकिन इस संघर्ष का कोई व्यावहारिक समाधान नहीं बताते। तुम लोग नरक में जाओ। बात खत्म। इसे भी पढ़ें: Elon Musk ने माना, यूक्रेन में SpaceX ने घटाई थी Starlink इंटरनेट की रफ्तार यूक्रेन में स्टारलिंक सेवाएं बहाल हुईं मस्क की यह टिप्पणी तब आई है जब यूक्रेन ने बताया कि स्टारलिंक सेवाएं बहाल हो गई हैं और देश में अब फिर से एक स्थिर कनेक्शन मौजूद है। रक्षा मंत्री येवगेनी खमारा ने एक बयान में इस बहाली को बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह यूक्रेन को रॉकेट-संचालित ड्रोन से बचाने और लॉजिस्टिक्स (सामान की आवाजाही) को बनाए रखने में अहम साबित होगा। उन्होंने कहा कि मॉनिटरिंग सिस्टम बता रहे हैं कि स्टारलिंक/स्टारशील्ड की स्पीड में सुधार हुआ है। हमें 400 km/h से ज़्यादा की स्पीड मिल रही है और कनेक्शन स्थिर है। यह सुधार हमारे फ्रंट (मोर्चे), हमारे सैनिकों, ड्रोन के संचालन, लॉजिस्टिक्स और संचार व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे पहले यूक्रेन ने ट्रम्प प्रशासन पर रूसियों की मदद करने का आरोप लगाया था। यूक्रेन का दावा था कि स्टारलिंक की स्पीड जानबूझकर कम कर दी गई थी, जिस वजह से यूक्रेन को आने वाले मिसाइल हमलों के बारे में समय रहते चेतावनी नहीं मिल पाई। यूक्रेन के इन आरोपों के बाद, ट्रम्प ने कहा कि वह इस मुद्दे पर मस्क से बात करेंगे। खमारा ने इस मामले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के दृढ़ रुख को इसका श्रेय दिया है और कहा है कि उनके इस रुख का सकारात्मक परिणाम मिल रहा है।
कोहली का दिल जीतने वाला अवतार देखा क्या? नेट बॉलर की ख्वाहिश हुई पूरी
रोहित शर्मा और विराट कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में वापसी करने वाले हैं. इस सीरीज के लिए दोनों ही खिलाड़ियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी है. वनडे विश्व कप 2027 के लिहाज से यह सीरीज दोनों ही खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
गोरखपुर-फैजाबाद के इलेक्शन ऑब्जर्वर पर EC का एक्शन, पद से हटाया, BJP के बागी MLC ने की थी शिकायत
चुनाव आयोग ने गोरखपुर-फैजाबाद एमएलसी क्षेत्र के इलेक्शन ऑब्जर्वर को पद से हटा दिया है. अब 2009 बैच के IAS अधिकारी प्रकाश बिंदु को नया इलेक्शन ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है.
'गांव में क्यों पैदा हुआ?' एक्टर को नर्क लगी जिंदगी, अब है करोड़पति
मनोज बाजपेयी का जन्म गांव के एक किसान परिवार में हुआ. उन्होंने अपने बचपन में काफी तंगी झेली और मुश्किलों का सामना किया. उन्होंने अब इस बारे में बात की है.
मिल गया जियो का IPO, अगर आ जाए 13428 रुपये से जुड़ा ये मैसेज
Jio IPO Allotment Status: अगर आपको बैंक द्वारा 13,428 रुपये डेबिट के मैसेज आ जाए, तो समझिए आपको आईपीओ में शेयर अलॉट हो गए. नहीं मिलने वालों को अमाउंट अनब्लॉक्ड के मैसेज आ जाएंगे.
India EFTA समझौते के बीच Liechtenstein के Prince Alois पहुंचे भारत, व्यापारिक रिश्तों पर जोर
लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस सोमवार को अपनी भारत यात्रा के तहत नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलेगी। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, भारत-लिकटेंस्टीन संबंधों में एक नया अध्याय। लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस अपनी भारत यात्रा के क्रम में वडोदरा जाने के बाद आज नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर राज्य मंत्री @jayantrld ने उनका स्वागत किया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करेगी। अपनी इस राजकीय यात्रा के दौरान, प्रिंस एलॉइस वडोदरा जाने से पहले सोमवार को मुंबई पहुंचे थे। उनके साथ उनकी पत्नी, हेरेडिटरी प्रिंसेस सोफी, एक उच्च-स्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल और उद्योग जगत के दिग्गजों वाला एक व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है। इसे भी पढ़ें: Punjab में पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिए CAQM ने अमृतसर और तरनतारन के अधिकारियों संग की बैठक इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है, जिसमें दोनों देशों के बीच राजनयिक, व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नई दिल्ली में आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, राजघाट पर पुष्पांजलि समारोह और हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत शामिल है। विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी भी राजकुमार से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, उनका राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलने का कार्यक्रम है। यह राजकीय यात्रा भारत और लिकटेंस्टीन के बीच बढ़ते संबंधों के बीच हो रही है, खासकर 2025 में भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने के बाद। इसे भी पढ़ें: Jordan Church Attack: MEA और S Jaishankar ने 7 लोगों की मौत पर जताया गहरा दुख भारत और लिकटेंस्टीन ने 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे और 2023 में उनके द्विपक्षीय संबंधों की 30वीं वर्षगांठ मनाई गई। प्रिंस एलॉइस इससे पहले फरवरी 2026 में 'AI इम्पैक्ट समिट' में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे। वे 2010 और 2018 में भी भारत का दौरा कर चुके हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल अपनी राजकीय यात्रा पूरी करके बुधवार को भारत से रवाना होगा।
नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर Donald Trump ने नाॅर्वे को दी गाली, कहा-वह एक घटिया देश...
इंटरनेट डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर हताशा जाहिर की है। इस पर ट्रंप ने नाराजगी जताते हुए नॉर्वे को गाली तक दे डाली है। उन्होंने बोल दिया कि वे वहां से किसी को अमेरिका नहीं आने देना चाहते हैं। खबरों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने मिशिगन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए इस संबंध में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने आठ जंग रुकवाई। फिर भी मुझे नोबेल नहीं मिला। मैं नॉर्वे से किसी को यहां आने देना नहीं चाहता। उन्होंने नॉर्वे की आलोचना करते हुए कहा कि वह एक घटिया देश बन गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से दावा किया कि उनके कूटनीतिक प्रयासों के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्हें अब सिर्फ ईरान और यूक्रेन जंग सुलझाने हैं। उन्होंने कहा कि पुरस्कार का ऐलान होने से पहले उन्हें उम्मीद थी कि यह सम्मान मिलेगा। आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी नोबेल शांति पुरस्कार का दावा कर चुके हैं। PC:indiatv
इजरायल में चुनाव को लेकर नेतन्याहू ने ईरान को क्यों चेताया? देखें
इजरायल में 27 अक्टूबर को आम चुनाव है, जो ये फैसला करेगा कि मौजूदा पीएम नेतन्याहू की सरकार रहेगी या उनकी सत्ता का अंत होगा. पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त इजरायल की ओर हैं क्योंकि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमलों के बाद ये पहला चुनाव है. शुरुआती नतीजे अगले दिन आने की उम्मीद है लेकिन अंतिम परिणाम 4 नवंबर को जारी किए जाएंगे.
तला-भुना खाना पड़ सकता है भारी, एसिडिटी से कैसे बचें? डॉक्टर ने बताया
तला-भुना खाना अधिक खाने से एसिडिटी, पेट फूलना, गैस और सीने में जलन जैसी पाचन समस्याएं बढ़ जाती हैं. ये समस्याएं क्यों होती हैं और इनसे कैसे बचाव करें इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
'फीडबैक देखने की एनर्जी नहीं', हेटर्स को रहमान की दो टूक
फिल्म रामायण के गानों मंगल रंग और रावण तांडव को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है. ए आर रहमान को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. रहमान ने कहा कि वे ट्रोलिंग से प्रभावित नहीं होते. अपने काम को ईमानदारी से करते हैं.
नीतीश कुमार की पार्टी में बगावत अनंत सिंह बोले...
बिहार की राजनीति में अनंत सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं. जेडीयू से बगावत के बाद पार्टी ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया. अब अनंत सिंह ने अपनी पार्टी बनाने का ऐलान किया है. लेकिन अनंत सिंह का सियासी सफर आखिर यहां तक कैसे पहुंचा?
नेशनल अवॉर्ड मिला तो गांव पहुंचे संजय मिश्रा, लुंगी-टीशर्ट में दिखे, Video
फिल्म अभिनेता संजय मिश्रा का सादगी भरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो उनके पैतृक गांव नारायणपुर, दरभंगा का है, जहां वह लुंगी और टीशर्ट पहनकर अपने घर के बरामदे में जमीन पर बैठे नजर आए. राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने के बाद गांव पहुंचे संजय मिश्रा की सादगी देखकर लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं.
नल या RO, इन्वर्टर की बैटरी में कौन-सा पानी डालें? जानें
Inverter Water: इन्वर्टर की बैटरी में नल, RO या फिल्टर का पानी डालने से उसकी परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है और बैटरी खराब होने का खतरा भी रहता है. ऐसे में जानें इन्वर्टर की बैटरी में कौन-सा पानी डालना चाहिए, डिस्टिल्ड वॉटर क्या होता है और इसे घर पर तैयार करने का तरीका क्या है.
सोशल मीडिया पर 21 लाख फॉलोअर्स... शख्स को चुनाव में मिले 33 वोट!
राजस्थान पंचायत चुनाव में एक शख्स को 33 वोट मिले हैं, जबकि सोशल मीडिया पर इंस्टाग्राम, फेसबुक को मिलाकर उनके 21 लाख फॉलोअर्स हैं.
ब्राजील में फिर लूला का शासन... भारत और BRICS के लिए क्या मायने?
लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने 4.4 मिलियन वोटों की बढ़त से ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव जीतकर चौथा कार्यकाल पक्का किया. उनकी जीत भारत के लिए ब्रिक्स में तालमेल, अमेरिका-चीन के बीच संतुलन और पांच साल में द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के लिहाज से अहम है.
नेपाल के इस हाईवे पर 917 मौतें, हर मोड़ पर बैठी है मौत! Video
नेपाल का करनाली हाईवे अपनी खूबसूरती के साथ खतरनाक रास्तों के लिए भी जाना जाता है. संकरी सड़क, तीखे मोड़ और गहरी खाई यहां सफर को जोखिम भरा बनाते हैं. इस हाईवे पर 917 लोगों की मौत हो चुकी है.
'पहले इनोवेशन समिट में कोई आता तक नहीं था', CM का सपा पर निशाना
सीएम योगी ने कहा कि पहले की सरकार खतरनाक थी. उन्होंने कहा कि उस समय जो स्थितियां थीं, वे बेहद भयावह थीं. मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा का मतलब दंगा, भ्रष्टाचार, परिवारवाद और अराजकता है.
प्रेम संबंध पर हिंसा, लड़की के माता-पिता और मामा अरेस्ट
कोलकाता के बेहाला में प्रेम संबंध को लेकर बर्बरता का मामला सामने आया है. आरोप है कि युवती के परिजनों ने युवक और उसके दोस्त को पीटा, फिर युवक के पिता को बुलाकर तीनों को निर्वस्त्र कर मोहल्ले में घुमाया. मामले में युवती के माता-पिता और मामा गिरफ्तार हैं. वीडियो में जानें मामला.
पैसा, नौकरी और सुकून: Gen Z जिंदगी से क्या चाहता है?
जेन जी के लिए सक्सेस का मतलब सिर्फ अच्छी नौकरी और ज्यादा पैसा कमाना नहीं है. वो अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना, करियर में अपनी पसंद को अहमियत देना और सोशल मीडिया से सीखना चाहती है. इसके साथ ही, युवाओं के लिए पैसों को संभालना और काम के बीच खुद के लिए वक्त निकालना भी जरूरी है. जानिए जेन जी की ऐसी 5 ख्वाहिशें, जो उनकी जिंदगी को लेकर बदलती सोच दिखाती हैं.
भारत की प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग बांध परियोजना को ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन के मेगा-प्रोजेक्ट के खिलाफ एक रणनीतिक बफर (सुरक्षा ढाल) के रूप में पेश किया जा रहा है। हालांकि, अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय आदि (Adi) समुदाय इस परियोजना का लगातार विरोध कर रहे हैं। 23 अक्टूबर को यह विरोध उस समय हिंसक हो गया जब प्रदर्शनों ने उग्र रूप ले लिया। क्षेत्र से स्थानीय राजनेताओं के आवासों, एक पुलिस स्टेशन और बांध की निर्माण एजेंसी 'राष्ट्रीय जलविद्युत ऊर्जा निगम' (NHPC) के कार्यालय में तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। हिंसा की इन घटनाओं के कुछ दिनों बाद भी अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों को तैनात किया गया है। सियांग नदी तिब्बत से निकलती है और अरुणाचल प्रदेश से होकर बहती है। यहाँ यह स्थानीय समुदायों के लिए एक जीवन रेखा की तरह है। आगे चलकर यह अन्य नदियों के साथ मिलकर ब्रह्मपुत्र नदी बनाती है, जो असम से होते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है। इसी जगह, यानी पूर्वी अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिले में, भारत चीन के मुकाबले अपनी जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बांध बनाने की योजना बना रहा है। आदि बन्ने केबांग जो स्थानीय समुदायों का एक प्रमुख संगठन है और इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा है - उसने मांग की है कि SUMP (एसयूएमपी) को रद्द किया जाए और प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (PFR) को खारिज कर दिया जाए। अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट के सियांग बांध के खिलाफ हो रहे इस विरोध की वजह क्या है? आखिर नई पीढ़ी (Gen Z) और स्थानीय लोग 11,200 मेगावाट की इस बहुउद्देशीय परियोजना का विरोध क्यों कर रहे हैं? इसे भी पढ़ें: Arunachal Pradesh में झड़प की खबरों पर China की सफाई, कहा सीमा समझौतों का सख्ती से हुआ पालन ये विरोध-प्रदर्शन और हिंसा व आगजनी की घटनाएं तब सामने आईं, जब मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व वाली अरुणाचल प्रदेश सरकार ने अपने इस रुख को दोहराया कि वह NHPC द्वारा बांध निर्माण के लिए नदी की व्यवहार्यता जांच कराएगी। NHPC एक सरकारी सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जिसे प्रस्तावित 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' (SUMP) के लिए प्री-फिजिबिलिटी सर्वे, तकनीकी मूल्यांकन और निर्माण कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 'रैपिड एक्शन फोर्स' (RAF) की दो कंपनियों को तैनात किया है, जिनमें लगभग 250 जवान शामिल हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि यह प्रस्तावित बांध, ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपरी बहाव वाले पानी पर चीन के बढ़ते नियंत्रण के खिलाफ एक रणनीतिक सुरक्षा उपाय है। दूसरी ओर, विरोध कर रहे आदि समुदाय के लोगों का कहना है कि इस पवित्र नदी पर बनने वाला बांध उनकी पुश्तैनी ज़मीन, आजीविका, सांस्कृतिक पहचान और उस पूरे इलाके के लिए खतरा है, जहाँ वे पीढ़ियों से रहते आ रहे हैं। सियांग में किसी भी परियोजना का विरोध लगभग 40 वर्षों से चल रहा है। हाल ही की बांध परियोजना के कारण बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, और पिछले तीन वर्षों में ये और तेज हो गए हैं। अरुणाचल टाइम्स' अखबार के साथ काम करने वालीं रीना ने कहा मुख्य रूप से अरुणाचल प्रदेश में महिला प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा आंसू गैस के इस्तेमाल से 'जेन जेड' (Gen Z) नाराज हो गया। इसे भी पढ़ें: अरुणाचल में Siang Project के विरोध में NHPC दफ्तर और थाने में लगाई आग, कई पुलिसकर्मी घायल इस बीच, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कई बार कहा है कि बांध के निर्माण को लेकर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर विशेषज्ञ इस परियोजना को अनुपयुक्त पाते हैं, तो सरकार व्यवहार्यता (feasibility) चरण से आगे नहीं बढ़ेगी। खांडू ने कहा कि किसी भी व्यावहारिक प्रस्ताव के लिए पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव का आकलन, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, कानूनी मंजूरी और प्रभावित समुदायों के साथ परामर्श की आवश्यकता होगी। रविवार को उन्होंने कहा, सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट को लेकर फैलाई जा रही गलत जानकारी और गलतफहमियों की वजह से हमारे लोगों के मन में आशंकाएं पैदा हो रही हैं।
इजराइल में कल, यानी 27 अक्टूबर को वोट पड़ेंगे। सर्वे में मौजूदा पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी विपक्षी आइजनकोट से पिछड़ रही है। इसके बावजूद नेतन्याहू के 7वीं बार प्रधानमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होगा। इसकी वजह है इजराइल का अनोखा चुनावी सिस्टम। इसे ही डिकोड करेंगे आज के एक्सप्लेनर में… साल- 1907, ब्रिटेन का एक यहूदी केमिस्ट चाइम वाइजमैन पहली बार फिलिस्तीन पहुंचा और जाफा इलाके में एक कंपनी खोली। धीरे-धीरे दुनियाभर से सताए हुए यहूदी फिलिस्तीन पहुंचने लगे। वो यहां जमीनें खरीदते, खेती और व्यापार करते। आबादी बढ़ती गई। 1948 में इजराइल नया देश बना। तब तक यहां 70 से ज्यादा देशों से यहूदी आकर बस चुके थे। जमीनी सीमाएं तय नहीं थीं। हर समूह की भाषा, संस्कृति और राजनीति अलग थी। सभी को प्रतिनिधित्व देना जरूरी था। ऐसे में पूरा देश एक निर्वाचन क्षेत्र मानकर प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन सिस्टम अपनाया गया, यानी जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। इजराइल के इसी अनोखे इलेक्शन सिस्टम को आसानी से समझने के लिए 7 पॉइंट्स से गुजर जाइए… 1. पूरा देश एक ही निर्वाचन क्षेत्र 2. वोट पार्टी को मिलते हैं, किसी एक उम्मीदवार को नहीं 3. वोट शेयर के हिसाब से सीटों का बंटवारा 4. सीट पाने के लिए कम से कम 3.25% वोट जरूरी 5. नेसेट की सीटों का बंटवारा 6. प्रधानमंत्री कौन बनेगा? 7. अगर कोई गठबंधन न बने तो? 1949 से लेकर आज तक इजराइल में किसी भी पार्टी को अकेले बहुमत नहीं मिला है। इसकी 3 वजहें हैं… 1. वोट शेयर के हिसाब से सीटों का बंटवारा: नेसेट में सीटें पार्टी को मिले वोट शेयर के अनुपात में बंटती हैं। ऐसे में बहुमत की 61 सीटें पाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 51% की जरूरत है, जो बहुत मुश्किल है। जबकि भारत में अमूमन 35-40% वोट पर लोकसभा में आधी सीटें मिल सकती हैं। 1969 में गोल्डा मायर के अलाइनमेंट (लेबर अलायंस) बहुमत के सबसे नजदीक पहुंचा। उसे 46.2% वोट और 56 सीटें मिली थीं। 2. कई खेमों में बंटा समाज: इजराइली थिंकटैंक 'इजराइल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट' के सीनियर फेलो प्रो. गिदोन राहत के मुताबिक, इजराइल का समाज कई हिस्सों में बंटा हुआ है। जैसे- सेकुलर यहूदी बनाम अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स, अशकेनाजी बनाम मिजराही, यहूदी बनाम अरब। हर समूह की अपनी अलग पार्टी है, इसलिए वोट बिखर जाते हैं। जैसे- सेकुलर यहूदी येश अतीत, अल्ट्रा ऑर्थोडॉक्स शास, राष्ट्रीय-दक्षिणंपथी लिकुड और अरब-इजराइली रा'आम को अमूमन वोट देते हैं। 3. कम इलेक्टोरल थ्रेशोल्ड: शुरुआत में 1% वोट पाने वाली पार्टियों को भी नेसेट में जगह मिल जाती थी। फिर इसे बढ़ाकर 1.5%, 2% और अब 3.25% किया गया, ताकि छोटी पार्टियां कम हों। इसके बावजूद औसतन 11-12 पार्टियां इलेक्टोरल थ्रेशोल्ड पार कर लेती हैं। औसतन 3 पार्टियां ही 10 से ज्यादा सीटें हासिल कर पाती हैं। वहीं औसतन 5-6 छोटी पार्टियों को 4-6 सीटें मिल जाती हैं। क्या चुनाव के बाद नेतन्याहू फिर से सरकार बना पाएंगे? ऐसा 38 साल बाद हो रहा है कि नेसेट के पूरे 4 साल के कार्यकाल के बाद चुनाव हो रहा है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस बार के चुनाव में ये छोटे गुट ‘किंगमेकर’ बन सकते हैं, खासतौर पर अरब पार्टियां। दरअसल, इजराइल के 3 बड़े मीडिया प्लेटफॉर्म्स- चैनल 12, चैनल 13 और कान 11 के फाइनल पोल में किसी भी अलायंस को बहुमत नहीं मिला। ज्यादातर पोल में पूर्व आर्मी चीफ गादी आइजनकोट की पार्टी ‘याशर’ को बढ़त है। याशर को 22 से 23 सीटें मिल सकती हैं, जबकि 19 साल पीएम रहे नेतन्याहू की लिकुड को 19 से 21 सीटें। माना जा रहा है कि अगर अरब पार्टियों ने 10 सीटें भी हासिल कर लीं, तो वही तय करेंगी कि सत्ता कौन संभालेगा? इजराइली मीडिया में इस चुनाव को अक्टूबर 2023 में शुरू हुई जंग के बाद का पहला चुनाव और नेतन्याहू की लीडरशिप पर जनमत जैसा बता रही हैं। नेतन्याहू पर जंग की आड़ में अपनी सरकार बचाने के आरोप लगे हैं। उन पर भ्रष्टाचार का मुकदमा भी चल रहा है। ‘फ्लाई एंड वोट’ नाम की एक मुहिम भी चल रही है, जिसके तहत विदेशों में रह रहे इजराइली वोटर्स देश आकर वोट डाल रहे हैं। यहूदी मीडिया वेबसाइट ‘फॉरवर्ड’ के मुताबिक, करीब 5 लाख इजराइली वोटर्स विदेशों में रहते हैं, जिनमें से करीब 53 हजार वोटर वोट डालने के लिए इजराइल जा रहे हैं और ये 67 हजार तक हो सकते हैं। अमेरिका के लॉस एंजिल्स में रहने वाले एडम पाइंस वोट डालने के लिए इजराइल के तेल अवीव पहुंच गए हैं। वे मानते हैं कि इजराइल ने अपनी नैतिक दिशा खो दी है। नेतन्याहू इजराइल की हिफाजत करने में नाकाम रहे हैं। उनकी कार्रवाइयों से दुनियाभर के यहूदियों और इजराइलियों पर असर पड़ा है। विदेशों से लौट रहे ज्यादातर वोटर नेतन्याहू के खिलाफ हैं। इसी के चलते लिकुड पार्टी ने केंद्रीय चुनाव समिति से ‘फ्लाई एंड वोट’ मुहिम रोकने की मांग की है। ------------ ये खबर भी पढ़िए… क्या पाकिस्तानी पायलट भी प्लेन भारत ला सकते हैं; इजराइल की फ्लाइट में कैसे पहुंचा ओमानी अल-हमामी, असली इरादा क्या था कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से नहीं, क्रैश एक्स से हमला हुआ था। कॉकपिट में रखी इस कुल्हाड़ी का इस्तेमाल इमरजेंसी में विंडो वगैरह तोड़ने में होता है। इसे चलाने वाले हमलावर को-पायलट हमाम अल-हमामी की कहानी भी खुल गई है। पूरी खबर पढ़िए…
‘मेरे बाद बच्चे का क्या होगा’, इसी चिंता में पिता ने 8 साल के बेटे को मार डाला
छोटा उदेपुर जिले में एक पिता ने अपने 8 साल के बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव ओरसंग नदी के पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया. इसके बाद उसने खुद के गले पर ब्लेड मारकर जान देने की कोशिश की. गंभीर हालत में उसे वड़ोदरा के एसएसजी अस्पताल भेजा गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
रेड अलर्ट के बीच मदुरै में मात्र 0.8 mm बारिश...आंकड़ों ने चौंकाया
तमिलनाडु में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी हुआ, लेकिन मदुरै और आसपास के जिलों में बारिश का असर कम रहा. कहीं हल्की बूंदें बरसीं तो कहीं ज्यादा पानी गिरा. इसके बावजूद प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारी तेज कर दी.
नागरिक ग्रिड पर निर्भरता घटाएगा Pentagon, US सैन्य अड्डों की सुरक्षा को FORTRESS पहल
अमेरिका एक ऐसी स्थिति के लिए तैयारी कर रहा है, जिसमें किसी बड़े सैन्य संघर्ष के दौरान उसके सशस्त्र बलों को न केवल विदेशों में दुश्मन सेनाओं से लड़ना पड़ सकता है, बल्कि अपने देश में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (critical infrastructure) के ठप होने की समस्या से भी निपटना पड़ सकता है। खबरों के अनुसार, पेंटागन एक ऐसी योजना पर काम कर रहा है, जिससे सैन्य अड्डों को बाहरी मदद के बिना कम से कम 90 दिनों तक चालू रखा जा सके। इसमें बिजली, ईंधन की आपूर्ति, संचार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में आने वाली रुकावटों को ध्यान में रखा गया है। 'फोर्ट्रेस' (FORTRESS) नाम की यह पहल दर्शाती है कि वाशिंगटन इस बात पर अधिक जोर दे रहा है कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष के दौरान, अगर आम नागरिकों के लिए जरूरी सेवाएं भी ठप हो जाएं, तब भी उसकी सेना अपना काम जारी रख सके। ये तैयारियां केवल पावर बैकअप और आपातकालीन ईंधन स्टॉक तक ही सीमित नहीं हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग महत्वपूर्ण सैन्य सामग्रियों को सुरक्षित करने, रक्षा उत्पादन के लिए नागरिक विनिर्माण सुविधाओं को जुटाने और ऐसी तकनीकें विकसित करने पर भी काम कर रहा है, जो संभावित दुश्मनों की सैन्य क्षमताओं को कमजोर कर सकें। 'फोर्ट्रेस' के साथ-साथ 'प्रोजेक्ट मेरिडियन' जैसी पहल और एक अत्यंत गुप्त तकनीकी एजेंसी बनाने की खबरें, भविष्य के संघर्षों में अमेरिका की सैन्य श्रेष्ठता बनाए रखने के व्यापक प्रयासों की ओर इशारा करती हैं। इसे भी पढ़ें: रीवा में प्रस्तावित परमाणु बिजलीघर का विरोध, Umang Singhar ने दिया ग्रामीणों को समर्थन 'फोर्ट्रेस' का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नागरिक बुनियादी ढांचे (सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर) पर कम निर्भर बनाना है। पेंटागन चाहता है कि किसी बड़े युद्ध के दौरान, अगर बिजली ग्रिड फेल हो जाए, पानी की आपूर्ति रुक जाए, या पारंपरिक सप्लाई रूट भरोसेमंद न रहें, तब भी ये सैन्य ठिकाने अपने जरूरी कामकाज जारी रख सकें। फॉक्स न्यूज डिजिटल से बात करते हुए, पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिक बुनियादी ढांचे पर निर्भर रहना एक ऐसा जोखिम है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आधुनिक युद्ध में बिजली के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अगर लंबे समय तक बिजली गुल रहती है, तो इससे संचार, पानी की आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और सैन्य कमांड सिस्टम - सब पर बुरा असर पड़ सकता है। इस पहल को फॉक्स न्यूज ने प्रलय के दिन का प्लान (डूम्सडे प्लान) बताया है। इसमें पोर्टेबल परमाणु रिएक्टर, बड़े पैमाने पर बैटरी स्टोरेज और माइक्रो-ग्रिड का इस्तेमाल शामिल है। इन प्रणालियों की मदद से सैन्य ठिकाने नागरिक बिजली नेटवर्क से अलग हो सकेंगे और लंबी रुकावटों के दौरान भी अपना काम जारी रख सकेंगे। यह रणनीति दर्शाती है कि अब ऊर्जा सुरक्षा को सैन्य तैयारियों का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। आधुनिक सैन्य अभियानों में संचार, डेटा प्रोसेसिंग, निगरानी और लॉजिस्टिक समन्वय के लिए भरोसेमंद बिजली की जरूरत होती है। इसलिए, अगर बिजली के बुनियादी ढांचे में कोई खराबी आती है, तो इसके परिणाम सिर्फ बिजली जाने तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इसके और भी गंभीर नतीजे हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें: 27 अक्टूबर की चुनावी तारीख से पहले ईरान पर हमला चाहते थे नेतन्याहू, ट्रंप ने कहा- बिल्कुल नहीं! युद्ध के दौरान सैन्य आपूर्ति की सुरक्षा के लिए रणनीतिक भंडार 'फोर्ट्रेस' (FORTRESS) एक और बड़ी कमजोरी को दूर करने का प्रयास करता है: इस बात की संभावना कि कोई वैश्विक संघर्ष जरूरी सैन्य उपकरणों और सामग्रियों की आपूर्ति को बाधित कर सकता है। पेंटागन गोला-बारूद, ईंधन, महत्वपूर्ण खनिजों, इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों, स्पेयर पार्ट्स और चिकित्सा सामग्री का रणनीतिक भंडार बनाने की योजना बना रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क बाधित हो जाते हैं या विदेशी आपूर्तिकर्ताओं तक पहुंच नहीं हो पाती है, तो इस तरह का भंडार सशस्त्र बलों को अपना कामकाज जारी रखने में मदद करेगा। इस पहल में कुछ चुनिंदा निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इस योजना के तहत, रक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जरूरतों के लिए कम से कम दो योग्य आपूर्ति या उत्पादन स्रोत होंगे। इससे यह जोखिम कम हो जाएगा कि किसी एक आपूर्तिकर्ता के विफल होने से सैन्य अभियान बाधित हो जाएं। खबरों के अनुसार, पेंटागन केवल भंडार बनाने से आगे बढ़कर, आपात स्थिति के दौरान जरूरी उपकरणों के निर्माण की क्षमता विकसित करने पर भी विचार कर रहा है।
100 करोड़ लेकर प्राइवेट स्कूलों को दी मंजूरी? पूर्व मंत्री अरेस्ट
तमिलनाडु में 100 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. निजी स्कूलों को मंजूरी देने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में डीएमके नेता और पूर्व मंत्री अनबिल महेश को गिरफ्तार किया गया है. मद्रास हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद हुई इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
बुजुर्ग महिला का बैग छीनकर भागने की कोशिश, CCTV वायरल
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के गारखेड़ा परिसर में एक किशोर ने बुजुर्ग महिला का बैग छीनने की कोशिश की. इस दौरान महिला जमीन पर गिर गईं. स्थानीय लोगों ने किशोर को पकड़ लिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, हालांकि पुलिस के मुताबिक अब तक शिकायत दर्ज नहीं हुई है.
इस्लाम की राह पर MC Stan, धर्म के लिए छोड़ा नशा-बदला हुलिया
MC Stan Transformation: स्टैन काबदला हुआ लुक देखकर फैंस के होश उड़ गए हैं. ये वही एमसी स्टैन हैं जिन्हें लोगों ने बिग बॉस में देखा था. उनके धमाकेदार रैप सॉन्ग के साथ उनकी अतरंगी पर्सनैलिटी ने भी लाइमलाइट लूटी थी.
कन्नूर में दो जगह बम धमाके, इमारतों की खिड़कियों के शीशे टूटे
केरल के कन्नूर जिले के कन्नवम में रविवार देर रात दो जगह संदिग्ध स्टील बम धमाके होने से हड़कंप मच गया. लोग खौफजदा हो गए. कई इमारतों के शीशे टूट गए. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पढ़ें पूरी कहानी.
27 अक्टूबर की चुनावी तारीख से पहले ईरान पर हमला चाहते थे नेतन्याहू, ट्रंप ने कहा- बिल्कुल नहीं!
दो अमेरिकी अधिकारियों और एक इजरायली सुरक्षा सूत्र का हवाला देते हुए बताया गया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जोर डाला था कि वे 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली चुनावों से पहले ईरान पर एक संयुक्त हमले का समर्थन करें। हालांकि, वाशिंगटन ने उनसे तब तक इंतजार करने को कहा, जब तक कि वे सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार न हो जाएं। इजरायली सूत्र ने सीएनएन को बताया नेतन्याहू वास्तव में चाहते थे और उन्होंने चुनावों से पहले ईरान पर संयुक्त हमले के लिए ट्रंप को मनाने की कोशिश भी की, लेकिन ट्रंप ने इसके लिए हरी झंडी नहीं दी। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अन्य सूत्र ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से इज़राइल, अमेरिका पर ज़ोर डाल रहा था कि वह ईरान पर इज़राइल के हमलों का समर्थन करे और संभवतः उनमें शामिल भी हो जाए। सूत्र के अनुसार, ट्रम्प और अमेरिका के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इज़राइल से अभी रुकने के लिए कहा, साथ ही यह भी संकेत दिया कि वाशिंगटन जल्द ही संयुक्त अभियानों के लिए सहमत हो सकता है। हालाँकि, नेतन्याहू के कार्यालय ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया और इसे फर्जी खबर बताया, लेकिन इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी। इसे भी पढ़ें: Bibi शानदार प्रधानमंत्री, वोट दो…नेतन्याहू पर ट्रंप मेहरबान, वजह है ईरान? क्या ईरान का हमला इज़राइल के चुनावों को प्रभावित कर सकता है? सैन्य कार्रवाई के लिए यह दबाव ऐसे समय में सामने आया है, जब 27 अक्टूबर को इज़राइल में चुनाव होने वाले हैं। CNN द्वारा बताए गए इज़राइली सूत्रों के अनुसार, ट्रम्प ने तुरंत हमला करने की मंजूरी इसलिए नहीं दी, क्योंकि इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर ने चेतावनी दी थी कि हमले की वजह से 'नेसेट' (इज़राइली संसद) के चुनाव टल सकते हैं। इज़राइल ने भी वाशिंगटन के आग्रह पर कुछ समय इंतजार करने पर सहमति जताई। ऐसा मिसाइल डिफेंस को लेकर चिंताओं और इस जरूरत के कारण किया गया कि अगर ईरान - या यमन के हूथी विद्रोही - इज़राइल पर मिसाइल दागते हैं, तो उसे अमेरिकी समर्थन की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके अलावा, सोमवार को इजरायली ब्रॉडकास्टर 'चैनल 12' ने खबर दी कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और ज़मीर के बीच हाल ही में एक सैन्य कार्रवाई के निर्देश को लेकर टकराव हुआ था। बताया जा रहा है कि रक्षा अधिकारियों को डर था कि इस कदम से चुनाव से ठीक पहले ईरान के साथ तेजी से टकराव शुरू हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने इस बात से इनकार किया है। इसे भी पढ़ें: BRICS Forum में भारत-ईरान संबंधों पर जोर, PM Modi और Jaishankar ने ईरानी दल से की चर्चा ईरान को ट्रंप की नई चेतावनी ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब ट्रंप ने तेहरान पर दबाव बढ़ा दिया है कि वह कोई समझौता कर ले, वरना उसे अमेरिका की नई सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को एक अल्टीमेटम दिया। उन्होंने एक समझौते की मांग की और चेतावनी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो फिर से सैन्य कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, रविवार को ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने तुरंत हमला करने की संभावना को खारिज कर दिया है। इस बयान के बावजूद, अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आदेश मिलने के 96 घंटों के भीतर बड़े सैन्य अभियान शुरू किए जा सकते हैं। संभावित संयुक्त अभियान में देरी की खबरों का मतलब यह नहीं है कि भविष्य में कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होगी। CNN के सूत्रों के अनुसार, वाशिंगटन का रुख यह था कि इज़राइल को तब तक इंतज़ार करना चाहिए जब तक कि अमेरिका तैयार न हो जाए। अमेरिकी वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जल्द ही संयुक्त अभियान हो सकते हैं।
दुनिया आजतक: ब्राजील में लूला की ऐतिहासिक जीत, समर्थकों में जश्न का माहौल
ब्राज़ील में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद लूला डी सिल्वा के समर्थकों में जश्न का माहौल है..लगातार चौथी बार चुनाव जीतकर लूला डि सिल्वा ने इतिहास रच दिया...लूला को 51.76 फीसदी वोट मिले...जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो ने 48.24 फीसदी वोट हासिल किए....लेकिन फ्लावियो बोल्सोनारो को हार स्वीकार नहीं है और उन्होंने चुनाव रद्द करने की मांग की है..
16 दिन से परिवार से बिछड़ी थी महिला, AI ने ऐसे मिलाया
गलत वाहन में बैठकर एक बुजुरिग महिला नालासोपारा पहुंच गई थीं. जीवन आनंद संस्था और पुलिस ने AI और गूगल की मदद से 70 साल की बुजुर्ग के परिवार से संपर्क साधा और उन्हें घर पहुंचाया.
सुनसान सड़क पर बुजुर्ग महिला से बैग छीनने की कोशिश, Video
छत्रपति संभाजीनगर के गारखेड़ा परिसर में 15 से 16 साल के किशोर ने बुजुर्ग महिला का बैग छीनने की कोशिश की. बैग खींचने के दौरान महिला जमीन पर गिर गई. उसकी चीख सुनकर स्थानीय लोग बाहर निकले और किशोर को पकड़ लिया. घटना का वीडियो वायरल है. पुलिस के मुताबिक, अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है.
बल्ला दिखा रहे गंभीर, गौर से देख रहे वैभव... क्या है इस तस्वीर का राज?
गौतम गंभीर के हाथ में बल्ला और वैभव सूर्यवंशी की उस पर टिकी नजरों वाली तस्वीर ने भारत के बैटिंग ऑर्डर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नंबर-3 पर उतरकर वैभव 8 गेंदों में 4 रन बना सके थे. ईशान किशन तीसरे टी20 से भी बाहर हैं. ऐसे में क्या वैभव को फिर मौका मिलेगा और क्या उनकी बैटिंग पोजिशन बदलेगी?
कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी की गूंज... भारत को चियर कर रहे इजरायली युवा
इजरायल की संसद में पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं ने चुनाव और कैप्टन स्मिथ मच्छर की बहादुरी पर बात की. बातचीत में आपसी देखभाल, अपने जैसा बने रहने और जीत की उम्मीद के साथ उड़ान में कई इजरायलियों की जान बचाने की कोशिश की सराहना सामने आई.

