79 स्किल्स सीखे और 41000 सैलरी से हुआ 1 करोड़ का पैकेज!
शशांक मिश्रा ने टेक इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत 41 हजार रुपये मासिक वेतन से की थी. उन्होंने समय के साथ डेटा इंजीनियरिंग में अपने कौशल को विकसित किया और 79 अलग-अलग स्किल्स सीखकर आज 1 करोड़ रुपये से अधिक के सालाना पैकेज पर काम कर रहे हैं. उनकी कहानी यह दर्शाती है कि सही दिशा में मेहनत और अपस्किलिंग से करियर में बड़ा बदलाव संभव है.
‘वाइब तो है’, मगर क्या मडगांव एक्सप्रेस वाली बात है?
कुणाल खेमू की फिल्म वाइब सिनेमाघरों में बीते दिन रिलीज हुई. इस पिक्चर को बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत मिली हो. मगर इसका कंटेंट इतना जबरदस्त है कि ये आजकल आईं कुछ कॉमेडी फिल्मों को भी आराम से फेल कर देती है. मुझे कैसी लगी कुणाल की 'वाइब'?
सिर्फ मसाला नहीं लौंग, घर के इन 6 बड़े कामों में होती है यूज
खड़े मसालों में शामिल लौंग सिर्फ खाने के स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल नहीं होती है, बल्कि अपने गुणो की वजह से इसके कई दूसरे इस्तेमाल भी हैं. इसके इस्तेमाल जानकर आप हैरान रह जाएंगे और बोलेंगे कि यह पहले क्यों नहीं पता थे. जानिए लौंग के कुछ आसान और यूनिक घरेलू हैक्स.
यमन जंग का नया मोड़! सऊदी पर हुती हमलों से भारत समेत दुनिया की बढ़ा दी चिंता
शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के सऊदी अरब में कई जगह इमरजेंसी अलर्ट बजे और सरकार ने दुश्मन हवाई खतरे की चेतावनी दी. रियाद में कम से कम एक धमाका सुना गया, लेकिन नुकसान या घायलों की खबर नहीं है. यह हूती विद्रोहियों के साथ ताजा तनाव के बाद राजधानी का पहला अलर्ट था. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हूती हमलों की निंदा की और हथियार प्रतिबंध लागू करने को कहा.
बिहार के रोहतास में सियार ने 10 से ज्यादा लोगों को काटा
रोहतास के बिक्रमगंज में एक सियार ने 10 से ज्यादा लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने लाठी-डंडों से सियार को घेर लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
बलिया में पत्नी-बेटी की हत्या... 70 साल के पति ने रची थी साजिश
बलिया के रसड़ा में 17 सितंबर को 65 साल की महिला और उसकी 22 साल की दृष्टिबाधित बेटी की हत्या कर दी गई थी. महिला के पति 70 साल के रामचीज गुप्ता ने पुलिस से कहा था कि अज्ञात लोगों ने दोनों की हत्या की है. लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो कहानी पलट गई. पुलिस के मुताबिक, रामचीज ने ही दो साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी.
क्या है जो रिक्रूटर को आपका रिज्यूमे पढ़ने के लिए रोकता है?
आप चाहे फ्रेशर हों या एक्सपीरियंस, नौकरी के लिए सबसे पहले रिज्यूम ही तैयार करते हैं. लेकिन एक अच्छा CV केवल आपके एजुकेशन जर्नी या अनुभव के बारे में जानकारी नहीं देता है. इसके आपकी स्किल पर भी फोकस किया जाता है. लेकिन कई बार आप अपने रिज्यूमे की वजह से रिजेक्ट हो जाते हैं. लेकिन अगर ये बार-बार हो रहा है, तो आपको कई बातें समझनी होगी.
काला जठेड़ी को मिली 6 घंटे की पैरोल, करेगा जुड़वा बेटियों का नामकरण
कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी 6 घंटे की पैरोल पर सोनीपत स्थित अपने घर पहुंचेगा, जहां वह अपनी जुड़वा बेटियों के नामकरण कार्यक्रम में शामिल होगा. उसकी पत्नी अनुराधा ने बताया कि उसे सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की पैरोल मिली है.
जलवायु प्रयासों पर PM ने दुनिया के सामने रखा भारत का रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत के आधे से भी कम और विकसित देशों की तुलना में करीब छह गुना कम है। उन्होंने भारत की पर्यावरणीय पहलों और नवीकरणीय ऊर्जा में प्रगति का जिक्र किया।
'सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा भारत', बोले अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग की शुरुआत और इसकी यात्रा बेहद दिलचस्प रही है. शुरुआत में इस क्षेत्र को लेकर काफी संदेह था, लेकिन सरकार की स्पष्ट सोच और ईमानदारी ने इसे हकीकत में बदल दिया. जब केंद्रीय मंत्री ने वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की, तो उन्होंने बेहद विनम्रता से देश की स्थिति को उनके सामने रखा.
ग्रेटर नोएडा में कार ने कई लोगों को मारी टक्कर, दिल दहला देने वाला वीडियो आया सामने.
ग्रेटर नोएडा में एक तेज रफ्तार बेकाबू कार ने सड़क किनारे खड़े कई लोगों को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर मारने के बाद आरोपी ड्राइवर मौके से कार लेकर फरार हो गया. इस पूरी घटना का दिल दहला देने वाला मंजर सीसीटीवी में कैद हो गया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे यह कार लोगों को टक्कर मारते हुए तेजी से भाग रही है.
राष्ट्रपति शिनबाम : मेक्सिको-अमेरिका की व्यापार वार्ता
मेक्सिको सिटी, मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा कि उन्होंने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। इस बातचीत में यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (यूएसएमसीए) से जुड़ी द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में हुई प्रगति पर चर्चा की गई।
अमेरिका के घर भारत से कितने अलग होते हैं?
अमेरिका के घर भारत के घरों से कई मायनों में अलग होते हैं. यहां कारपेट, बाथटब, सेंट्रल एसी-हीटिंग, ड्राईवॉल, गार्बेज डिस्पोजल और स्मोक अलार्म जैसी चीजें आम हैं, जो भारतीय घरों में कम देखने को मिलती हैं.
ईरान युद्ध में US सैनिकों की मौत का आंकड़ा पेंटागन के दावे से ज्यादा, रिपोर्ट में बड़ा दावा
ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी सैनिकों की मौत का आंकड़ा एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेंटागन के सार्वजनिक आंकड़ों से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों मारे गए हैं. हालांकि, अमेरिकी रक्षा मंत्री ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है.
अब 25000 सैलरी लिमिट, EPFO के नए नियम से किसे क्या-क्या फायदा?
EPFO Rule Change Impact: ईपीएफओ के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए सैलरी लिमिट को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने का फायदा 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा. उन्हें EPF, EPS और EDLI से जुड़ी तमाम लॉन्ग टर्म वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी.
रेलवे स्टेशन पर महिला को बाल पकड़कर घसीटता दिखा शख्स
तेलंगाना के हफीजपेट रेलवे स्टेशन के पास महिला से कथित मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति महिला के बाल पकड़कर घसीटता दिख रहा है। शुरुआत में उसे RPF कांस्टेबल बताया गया, लेकिन दक्षिण मध्य रेलवे ने स्पष्ट किया कि वह RPF जवान नहीं, बल्कि तेलंगाना स्टेट पुलिस का होम गार्ड है।
नया Trend Nonna-Maxxing, क्यों लौट रहे हैं दादी-नानी वाले हॉबीज?
Gen Z की फास्ट-पेस्ड लाइफ और स्क्रीन से भरी जिंदगी के बीच पुराने और Slow Hobbies का चलन बढ़ रहा है. Crochet, Gardening, Baking, Pottery और Knitting जैसी Activities उन्हें लगातार Notifications और Scrolling से ब्रेक देती हैं. इन Hobbies में कुछ Create करने, Patience रखने और बिना Productivity के Pressure के समय बिताने का सुकून मिलता है.
जेड प्लांट का पीला पड़ना इन बुरी चीजों का है संकेत, तुरंत अपनाएं ये उपाय
Vastu Tips Jade Plant : जेड प्लांट की पत्तियां पीली पड़ रही हैं? जानिए वास्तु और फेंगशुई के अनुसार इसके बड़े संकेत, आर्थिक तंगी का खतरा और पौधे को हरा-भरा रखने के आसान उपाय.
जिगरी दोस्त संग रो पड़े चिराग पासवान, नहीं थमे आंसू, फैंस हैरान
Chirag Paswan Emotional Video: गणपति विसर्जन के दौरान बप्पा को विदाई देते समय केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भावुक हो गए. वो रोते-बिलखते हुए नजर आए. चिराग पासवान के भावुक वीडियो वायरल हो रहा है.
AI से AI पर अटैक! Anthropic ने ChatGPT हैक किया, दुनिया हैरान
AI इंडस्ट्री को तीन रिसर्चर ने हैरान कर दिया है, जिसमें OpenAI के ChatGPT को सिर्फ कुछ घंटों में हैक कर लिया. हैरान करने वाली बात यह है कि इसके लिए रिसर्चर्स ने राइवल कंपनी Anthropic के AI मॉडल का यूज किया है.
जर्मनी के मेक्लेनबुर्ग-वेस्टर्न पोमेरेनिया चुनाव के केंद्र में हैं आर्थिक मुद्दे
जर्मन राज्य सैक्सनी-अनहाल्ट में एएफडी की बड़ी जीत के बाद मेक्लेनबुर्ग-वेस्टर्न पोमेरेनिया में चुनाव होने वाले हैं.
BJP नेता रवनीत बिट्टू हिरासत में, भगवंत मान के काफिले पर अंडे-टमाटर फेंकने की कोशिश
लुधियाना में आम आदमी पार्टी के बड़े कार्यक्रम के दौरान बीजेपी नेता और पूर्व रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. वे पीएयू गेट पर हाथ में टमाटर लेकर पहुंचे थे. पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान का काफिला निकलने पर उन्होंने गाड़ी पर टमाटर फेंकने की कोशिश की.
मायावती को एक और झटका... मयंक द्विवेदी सपा में हुए शामिल
बांदा-चित्रकूट से बसपा के पूर्व प्रत्याशी मयंक द्विवेदी ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली है. मयंक के सपा में शामिल होने से पार्टी को बुंदेलखंड में एक प्रमुख ब्राह्मण चेहरा मिलेगा. इससे आगामी विधानसभा चुनाव में सपा की स्थिति मजबूत हो सकती है.
पंड्या के कमबैक का काउंटडाउन शुरू! GF संग डिनर डेट की फोटो आई सामने
हार्दिक पंड्या जल्द क्रिकेट मैदान पर वापसी की तैयारी में हैं. इस बीच शुक्रवार (18 सितंबर) को वह मॉडल गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा के साथ डिनर डेट पर नजर आए. माहिका ने इसकी तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की. हार्दिक को ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए की तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए चुना गया है, जहां उनकी फिटनेस पर नजर रहेगी.
जैसलमेर की ये 10 जगहें हैं बेहद खास, मिस किया तो अधूरी रह जाएगी ट्रिप
Jaisalmer Best Tourist Places: राजस्थान का जैसलमेर अपनी सुनहरी इमारतों, ऐतिहासिक किलों और रेगिस्तान के लिए दुनियाभर में मशहूर है. ऐसे में अगर आप जैसलमेर घूमने की सोच रहे हैं तो हम आपको यहां की कुछ खास जगहों के बारे में बताएंगे जो आपके ट्रिप को हमेशा के लिए यादगार बना देंगी.
‘दीयों का कंपटीशन चल रहा, रुपया देखो…’, अखिलेश का BJP पर तंज
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कई मोर्चों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश में दीयों का कंपटीशन चल रहा है और महंगाई के दौर में रुपये की हालत खराब हो गई है. डूसू चुनाव का हवाला देकर उन्होंने यूपी में भी चुनाव की मांग की.
'देश में चल रहा दीयों का कंपटीशन, रुपये की हालत तो देखो!', अखिलेश यादव का बीजेपी पर तीखा हमला
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दीयों की होड़, महंगाई और रुपये की हालत पर सवाल उठाए. डूसू चुनाव का जिक्र करते हुए यूपी में भी चुनाव कराने की मांग की. उन्होंने श्रावस्ती, बलरामपुर, रायबरेली और संतकबीर नगर की घटनाओं का उदाहरण देकर सरकार को घेरा. साथ ही कानपुर देहात के नेता जुनैद समेत कई लोगों के पार्टी में आने पर खुशी जताई.
टिकट में उम्र लिखी 34, आधार में है 43! क्या TTE लगा सकते हैं फाइन?
अगर कोई ट्रेन टिकट में गलत एज भर देता है तो क्या उस पर टीटीई की ओर से कार्रवाई की जा सकती है? तो जानते हैं इस बारे में रेलवे के नियम क्या कहते हैं....
250Cr के बंगले में गणपति विसर्जन, भक्ति में डूबे रणबीर-आलिया
Alia Bhatt-Ranbir Kapoor Ganesh Chaturthi: कपूर परिवारने साथ मिलकर बीती रात गणपति विसर्जन किया. रणबीर और आलिया के साथ नीतू कपूर भी दिखाई दीं. सभी ने साथमिलकर अपने नए घर के बाहर पूरे रीति-रिवाजों से गणपति विसर्जन किया.
बर्लिन चुनाव: बढ़ता किराया और घरों की भारी कमी बना मुद्दा
बर्लिन में 20 सितंबर को होने वाले चुनाव में इस बार सबसे बड़ा मुद्दा है, रहने के लिए घरों की कमी और लगातार बढ़ता किराया.
पटना में नकली शराब कारोबार पर उत्पाद विभाग की कार्रवाई
पटना के जकरियापुर में उत्पाद विभाग ने छापेमारी कर नकली विदेशी शराब बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। मौके से शराब बनाने की मशीन, हजारों खाली बोतलें, नकली ब्रांडेड रैपर, ढक्कन और तैयार नकली शराब बरामद हुई।
दिल्ली में 18 महीने के बच्चे पर आवारा कुत्ते का हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत के आधे से भी कम और विकसित देशों की तुलना में करीब छह गुना कम है। उन्होंने भारत की पर्यावरणीय पहलों और नवीकरणीय ऊर्जा में प्रगति का जिक्र किया।
जर्मनी में जजों ने की न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने की मांग
जर्मनी में एएफडी के उभार के बीच न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठी है.
मंगल-गुरु की युति से नीचभंग योग, 3 राशियों का चमकेगा भाग्य
Nichbhang Rajyog: 18 सितंबर 2026 को मंगल ने कर्क राशि में प्रवेश किया है. गुरु के साथ मंगल की युति से नीचभंग योग बन रहा है. जानें किन 3 राशियों को करियर, कारोबार और धन में लाभ मिल सकता है.
दिल्ली में SpiceJet की फ्लाइट्स में देरी, लेह-जम्मू समेत 5 उड़ानें प्रभावित
सुबह-सुबह दिल्ली से स्पाइसजेट की 4 घरेलू और 1 अंतरराष्ट्रीय उड़ान देर से चली, जिससे 500 से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए. टर्मिनल 1 से तीन उड़ानें लेह की और एक जम्मू की थी, जिनके करीब 450 यात्री परेशान रहे. लेह की SG127 सुबह 4.50 की जगह करीब 9 बजे उड़ी. सूत्रों के मुताबिक रात 2.30 बजे चेक इन स्टाफ नहीं आया, बाद में ड्यूटी मैनेजर ने यात्रियों को शांत कराया.
ईरान ने जासूस को दी फांसी, इजरायल को मिसाइल ठिकानों की जानकारी देने का आरोप
होसैन पदरान नाम के एक शख्स को ईरान ने फांसी की सजा सुनाई है. उसके उपर इजरायल और अमेरिका को संवेदनशील सैन्य जानकारी देने के आरोप है. पदरान पर आरोप था कि उसने इस्फहान प्रांत के सैन्य ठिकानों की गोपनीय जानकारी विदेशी खुफिया एजेंसियों को दी.
3 करोड़ के नोटों से सजी गणेश प्रतिमा... पंडाल में दिखी अनोखी थीम
गणेश चतुर्थी पर आपने गणपति की मूर्तियों को फूलों, मालाओं, सोने-चांदी और रंग-बिरंगी लाइटों से सजा हुआ तो खूब देखा होगा. लेकिन तेलंगाना के पालवंचा में इस बार गणपति की सजावट कुछ ऐसी हुई कि देखने वाले भी रुक गए. यहां दो गणेश प्रतिमाओं को 2.90 करोड़ रुपये के नोटों से सजाया गया. यह अनोखी सजावट देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.
CM योगी का बड़ा फैसला: UP में 6 महीने के अंदर बंटेंगे 1 लाख नियुक्ति पत्र
सीएम योगी ने भर्ती प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था को लेकर 2017 से पहले की सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पारदर्शी तरीके से अब तक साढ़े 9 लाख नौजवानों को नियुक्तिपत्र दिए गए हैं और अगले 6 महीने में 1 लाख युवाओं को नियुक्तिपत्र दिए जाएंगे.
बाकी सब ठीक है... ये इंच टेप थोड़ा सा मुड़ा हुआ क्यों होता है?
इंच टेप को आपने अक्सर थोड़ा मुड़ा हुआ देखा होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे ऐसा जानबूझकर बनाया जाता है? इस घुमाव की वजह से टेप को मजबूती मिलती है और यह बिना सहारे कुछ दूरी तक सीधा रह सकता है.
सावधान! ट्रेन में किया ये काम... तो जुर्माना ही नहीं जेल भी होगी
Railway Rule: ट्रेन के सफर के दौरान इससे जुड़े नियमों के बारे में जानकारी होना भी जरूरी है. कभी-कभी छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है और जुर्माने के साथ जेल भी हो सकती है.
PM मोदी ने बांटे 51 हजार से ज्यादा नियुक्ति पत्र, बोले- 2047 तक भारत को विकसित बनाना है लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 51 हजार नियुक्ति पत्र बांटे. उन्होंने सभी युवाओं को जीवन की इस नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने कहा कि आज देश एक बहुत बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और यह लक्ष्य साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का है. इस अभियान को सफल बनाने में देश के युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है. सरकारी सेवा में रहते हुए युवाओं को ऐसे निर्णय लेने होंगे जो आत्मनिर्भर भारत के अभियान को लगातार मजबूत करें.
कलाक्षेत्र फाउंडेशन का 17वां कथकली महोत्सव
चेन्नई। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में कलाक्षेत्र फाउंडेशन के 17वें कथकली महोत्सव का तिरुवनमियूर के
पत्नी ने पति के प्राइवेट पार्ट पर काटा, गुस्से में पति ने काट दी नाक
हरदोई में पति-पत्नी के बीच विवाद का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. साधना ने पति दीपक पर मारपीट कर उसकी नाक काटने और नाली में फेंकने का आरोप लगाया है. उसका दावा है कि सास-ससुर ने इस दौरान उसके हाथ पकड़े थे. वहीं, पति के परिवार ने आरोप लगाया कि साधना ने दीपक के प्राइवेट पार्ट पर काटा और खुद को घायल कर लिया.
वायुसेना को मिले नए तेजस और स्वदेशी HTT-40 ट्रेनर विमान
भारतीय वायुसेना की ताकत में एक और बड़ा इजाफा हुआ है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने वायुसेना को दो नए स्वदेशी तेजस मार्क 1 (FOC) ट्रेनर विमान और तीन HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान सौंपे हैं. लंबे समय से भारतीय वायुसेना को इन आधुनिक ट्रेनर विमानों की आवश्यकता थी, जो अब पूरी होने जा रही है. इसके साथ ही एचएएल ने चार नए ध्रुव हेलीकॉप्टर भी पवन हंस लिमिटेड को सौंपे हैं.
अरबपति की अनंत काल तक जीने की कोशिश पर मशहूर फिजिसिस्ट अल-खलीली ने खोली कड़वी सच्चाई
दुनिया भर के तकनीकी दिग्गजों और अथांग संपत्ति के मालिक अरबपतियों के बीच इन दिनों एक अजीब सी और महत्वाकांक्षी दौड़ छिड़ी हुई है, जिसमें वे अपनी पूंजी के दम पर मौत को मात देकर हमेशा के लिए जिंदा रहने के रास्ते तलाश रहे हैं। बायोटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से उम्र को थामने के इस आधुनिक पागलपन के बीच, दुनिया के जाने-माने भौतिक विज्ञानी (Physicist) जिम अल-खलीली ने इस पूरी सोच पर एक करारा और वैज्ञानिक तमाचा जड़ते हुए अमरता की इस चाहत की हवा निकाल दी है। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर की आकर्षक और यूजर-फ्रेंडली शैली, तथा एसईओ और एईओ मानकों को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए इस पूरे वैचारिक मंथन का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया जा रहा है कि आखिर विज्ञान की नजर में मृत्यु पर विजय पाना क्यों असंभव है और क्यों इन अरबपतियों की कोशिशें केवल एक ख्याली पुलाव साबित हो रही हैं।अमरता की चाह और अरबपतियों का नया बायोटेक पागलपनसिलिकॉन वैली से लेकर दुनिया के कोने-कोने तक फैले कई हाई-प्रोफाइल अरबपति आज अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा एज-रिवर्सल, जीन थेरेपी, स्टेम सेल रिसर्च और क्रायोनिक्स जैसी तकनीकों पर झोंक रहे हैं। उनका यह मानना है कि आने वाले समय में तकनीक इतनी उन्नत हो जाएगी कि मानव शरीर की जैविक घड़ी को हमेशा के लिए रोक दिया जाएगा और इंसान मौत को भी चकमा देकर अमर बन जाएगा। इस दिशा में तरह-तरह के क्लिनिक और शोध संस्थान खोले गए हैं जहां अरबों डॉलर खर्च करके यह साबित करने की कोशिश की जा रही है कि बुढ़ापा एक बीमारी है जिसे मेडिकल साइंस द्वारा ठीक किया जा सकता है। हालांकि, इस प्रकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर जब जाने-माने वैज्ञानिकों की नजर पड़ी, तो उन्होंने इस पर गंभीर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए कि क्या प्रकृति के सबसे अटल और शाश्वत नियम को इस तरह से बदला जा सकता है।भौतिक विज्ञानी जिम अल-खलीली ने क्यों बताई अमरता की कड़वी सच्चाईप्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी और विज्ञान संचारक जिम अल-खलीली ने इन अरबपतियों की अमर होने की तमाम उम्मीदों पर पानी फेरते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि ब्रह्मांड का एक बुनियादी और अपरिवर्तनीय नियम है, और उसके खिलाफ जाना किसी भी इंसान के बस की बात नहीं है। उन्होंने थर्मोडायनामिक्स (ऊष्मागतिकी) के दूसरे नियम का हवाला देते हुए समझाया कि इस ब्रह्मांड में हर चीज व्यवस्था से अव्यवस्था यानी एंट्रॉपी (Entropy) की ओर बढ़ रही है। जीवित शरीर भी इस नियम के दायरे से बाहर नहीं है, क्योंकि हमारे शरीर की कोशिकाएं लगातार ऊर्जा खर्च करती हैं और समय के साथ उनकी मरम्मत करने की क्षमता कमजोर होती जाती है। अल-खलीली के मुताबिक, भौतिकी के इन बुनियादी सिद्धांतों को कोई भी बैंक बैलेंस या अरबों की दौलत झुठला नहीं सकती, इसलिए जैविक रूप से हमेशा जिंदा रहने का सपना केवल एक भ्रम के सिवाय कुछ नहीं है।भौतिकी के नियम और एंट्रॉपी का सिद्धांत: क्यों मौत को हराना असंभव हैजिम अल-खलीली ने अपने तर्कों को विस्तार देते हुए समझाया कि जीवन अपने आप में एक अस्थायी अवस्था है, जो ऊर्जा के लगातार प्रवाह से बनी रहती है। जिस प्रकार एक कार का इंजन समय के साथ घिस जाता है और अंततः काम करना बंद कर देता है, ठीक उसी तरह मानव शरीर भी लाखों जटिल जैविक प्रक्रियाओं से मिलकर बना है जो अनंत काल तक एक जैसी स्थिति में काम नहीं कर सकतीं। उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए धीमा जरूर किया जा सकता है या जीवन की गुणवत्ता को सुधारा जा सकता है, लेकिन भौतिकी के नियमों के अनुसार किसी भी जीवित प्रणाली का ह्रास होना तय है। जब तक ब्रह्मांड में समय और ऊर्जा का यह संतुलन है, तब तक मृत्यु प्रकृति का एक ऐसा अंतिम और अनिवार्य सत्य है जिसे तकनीकी चमत्कारों के जरिए बदला नहीं जा सकता है।तकनीक और नैतिकता के बीच छिड़ी इस बहस का भविष्य और मानव समाज पर असरअमरता की इस सनक और वैज्ञानिक तर्कों के बीच छिड़ी इस लंबी बहस ने आधुनिक समाज के सामने कई गंभीर दार्शनिक और नैतिक सवाल भी खड़े कर दिए हैं। यदि कुछ गिने-चुने अरबपति ही तकनीक के बल पर अपनी उम्र को बहुत अधिक बढ़ाने में कामयाब हो भी जाते हैं, तो इससे समाज में भारी असमानता और संसाधनों के लिए नया संघर्ष पैदा हो जाएगा। इसके अलावा, मौत का डर इंसान को जीवन की सार्थकता, कला, साहित्य और मानवीय संवेदनाओं को सहेजने की प्रेरणा देता है, और यदि मृत्यु का भय ही समाप्त हो जाए तो मानव सभ्यता का मूल स्वरूप ही बदल जाएगा। वैज्ञानिक समुदाय लगातार यह बात समझा रहा है कि इंसान को प्रकृति के नियमों से लड़ने के बजाय अपने वर्तमान जीवन को बेहतर बनाने और समाज की भलाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।निष्कर्ष: प्रकृति के अटल सत्य को स्वीकार करने में ही इंसानी भलाई हैसंक्षेप में कहा जाए तो मृत्यु पर विजय पाने की कोशिश कर रहे अरबपतियों को भौतिक विज्ञानी जिम अल-खलीली ने यह आईना दिखा दिया है कि विज्ञान और भौतिकी के बुनियादी नियमों को पैसों की ताकत से नहीं खरीदा जा सकता। अमरता का यह सपना भले ही विज्ञान कथाओं या फिल्मों में बहुत आकर्षक लग सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि जन्म और मृत्यु इस सृष्टि का सबसे बड़ा और शाश्वत चक्र है। आधुनिक डिजिटल युग में इस प्रकार के वैचारिक लेख लोगों को यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि तकनीकी प्रगति अपनी जगह सही है, लेकिन प्रकृति के नियमों के सामने नतमस्तक होना ही मानव बुद्धिमत्ता की सबसे बड़ी पहचान है।
एशियाड से पहले टीम इंडिया के साथ ब्लंडर! जर्सी साइज ने किया परेशान
एशियन गेम्स के लिए जापान रवाना होने से पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को जर्सी और किट के साइज को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा है. BCCI और IOA के किट सप्लायर JSW Inspire के बीच इसे लेकर बातचीत चलती रही.
इजरायली हमलों से तबाह ईरानी न्यूक्लियर साइट फिर हुई आबाद: सैटेलाइट तस्वीरों से खुला बड़ा राज
मध्य पूर्व यानी पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक सुलगती आग के बीच एक बेहद चौंकाने वाली और वैश्विक सुरक्षा को हिला देने वाली सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आई है, जिसने दुनिया भर के ताकतवर देशों की नींद उड़ा दी है। कुछ समय पहले इजरायल द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों में ईरान के जिस गुप्त और अतिसंवेदनशील परमाणु ठिकाने को पूरी तरह नेस्तनाबूद और तबाह कर दिया गया था, वह अब एक बार फिर से राख के ढेर से उठ खड़ा हुआ है। हाल ही में सामने आई ताजा और उच्च-रिजॉल्यूशन वाली सैटेलाइट इमेजरी से यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि ईरान चुपचाप और बेहद तेजी से अपनी इस तबाह न्यूक्लियर साइट का पुनर्निर्माण करने में जुट गया है। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर की आकर्षक और यूजर-फ्रेंडली शैली, तथा एसईओ और एईओ मानकों को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए इस पूरे घटनाक्रम का विस्तृत और विश्लेषणात्मक जायजा लिया जा रहा है कि आखिर क्या तेहरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और धमकियों को दरकिनार कर फिर से परमाणु बम बनाने की अपनी पुरानी जिद पर वापस लौट आया है।सैटेलाइट तस्वीरों ने खोला ईरान के गुप्त परमाणु पुनर्निर्माण का बड़ा राजअंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों और उपग्रह निगरानी एजेंसियों द्वारा हाल ही में जारी की गई सैटेलाइट तस्वीरों ने दुनिया को एक बार फिर से हैरानी में डाल दिया है। इन तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जिन इमारतों और सुरंगों को इजरायली सैन्य विमानों ने अपने सटीक हमलों से मलबे में तब्दील कर दिया था, वहां पर अब नए सिरे से निर्माण कार्य और भारी मशीनरी की आवाजाही शुरू हो चुकी है। रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले इस ईरानी परमाणु केंद्र पर चल रही इस संदिग्ध गतिविधि ने अमेरिका, इजरायल और पश्चिमी देशों के खुफिया तंत्र को पूरी तरह सतर्क कर दिया है। जानकारों का मानना है कि इस प्रकार का त्वरित पुनर्निर्माण यह साबित करने के लिए काफी है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को किसी भी कीमत पर रोकने के मूड में नहीं है, भले ही इसके लिए उसे वैश्विक प्रतिबंधों और सैन्य संघर्ष के खतरे का सामना क्यों न करना पड़े।पूर्व में इजरायली हमलों का ईरान के सीक्रेट न्यूक्लियर प्रोग्राम पर क्या पड़ा था असरकुछ महीने पहले जब इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाकर आक्रामक सैन्य कार्रवाई की थी, तो उस समय यह दावा किया गया था कि इस हमले ने तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को कई साल पीछे धकेल दिया है। ईरानी शासन के कई प्रमुख वैज्ञानिक और रणनीतिक केंद्र इस बमबारी की चपेट में आए थे, जिससे देश के यूरेनियम संवर्धन और हथियार विकास कार्यक्रम को तगड़ा झटका लगा था। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी उस दौरान इन हमलों के बाद ईरान की गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई थी और साइट्स पर भारी नुकसान की पुष्टि की थी। हालांकि, ईरान की तासीर और उसकी पुरानी रणनीतियों को देखते हुए कई रक्षा विश्लेषक तभी से यह आशंका जता रहे थे कि तेहरान चुपचाप भूमिगत बंकरों और सुरक्षित ठिकानों पर अपने काम को दोबारा शुरू कर सकता है, और ताजा सैटेलाइट तस्वीरों ने इस आशंका को बिल्कुल सच साबित कर दिया है।क्या ईरान सचमुच बना रहा है परमाणु बम और वैश्विक महाशक्तियों की क्या है प्रतिक्रियासबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह बना हुआ है कि क्या ईरान इस पुनर्निर्मित साइट के जरिए वास्तव में परमाणु हथियार बनाने के अपने अंतिम चरण की ओर तेजी से बढ़ रहा है। परमाणु अप्रसार संधियों और अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों के बावजूद, ईरान द्वारा लगातार उच्च स्तर के यूरेनियम को संवर्धित किया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह परमाणु बम बनाने की अपनी तकनीकी क्षमता के बेहद करीब पहुंच चुका है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद वाशिंगटन से लेकर तेल अवीव तक राजनीतिक गलियारों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इजरायली नेतृत्व ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने अस्तित्व के लिए किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार संपन्न देश नहीं बनने देगा, जिसके चलते आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में एक बार फिर किसी बड़े सैन्य टकराव के भड़कने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता नया खतरा और कूटनीति के मोर्चे पर बढ़ती मुश्किलेंईरान की इस आक्रामक पुनर्निर्माण नीति और संदिग्ध परमाणु गतिविधियों का सीधा असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा पर पड़ रहा है। पहले से ही गाजा, लेबनान और लाल सागर के मोर्चे पर सुलग रहे युद्ध के मैदान में यदि ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर नया संघर्ष शुरू होता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की आपूर्ति पूरी तरह चरमरा सकती है। संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देश कूटनीतिक बातचीत के जरिए इस संकट को टालने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन ईरान के रुख में किसी भी प्रकार का लचीलापन देखने को नहीं मिल रहा है। कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के पास अब बहुत कम समय बचा है और यदि समय रहते कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया, तो यह मुद्दा पूरी दुनिया के लिए एक भीषण परमाणु संकट का रूप ले सकता है।निष्कर्ष: क्या मिडिल ईस्ट एक और बड़े विनाशकारी युद्ध की कगार पर खड़ा हैसंक्षेप में कहा जाए तो इजरायली हमलों से तबाह हुई न्यूक्लियर साइट का ईरान द्वारा फिर से निर्माण किया जाना वैश्विक शांति के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बनकर उभर रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों से यह तो साफ हो गया है कि तेहरान अपनी परमाणु जिद को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन इसके परिणाम आने वाले समय में कितने भयानक होंगे, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका और इजरायल इस ताजा चुनौती का जवाब किस प्रकार देते हैं। आधुनिक एआई सर्च और एसईओ के लिहाज से यह मुद्दा दुनिया भर में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली और खोजी जाने वाली खबरों में से एक बन चुका है, जो आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
‘चीनी सेना ने पकड़ लिए थे हमारे एजेंट!’, NSA डोभाल ने सुनाया 50 साल पुराना किस्सा
आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में एनएसए अजीत डोभाल ने बताया कि 20 के दशक में वे सिक्किम में खुफिया प्रभारी थे. सीमा के पास भेजी गई उनकी खुफिया टीम कई दिन तक नहीं लौटी. बाद में पता चला कि टीम चीन की हिरासत में थी. चीन ने उसे छोड़ा, पर लोग पूरी तरह टूटे हुए थे. जांच शुरू होने पर डोभाल को अपना करियर खत्म लगा, लेकिन वे दोषी नहीं पाए गए, क्योंकि मुख्यालय के नक्शों में गलतियां थीं.
वैश्विक भू-राजनीति और सामरिक मोर्चे पर इंडोनेशिया से एक बेहद चौंकाने वाली और रक्षा गलियारों में हलचल मचाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम आबादी वाले इस देश की नौसेना की ताकत और रक्षा खरीद नीति पर गंभीर बहस छेड़ दी है। इंडोनेशिया को हाल ही में अपना पहला विमानवाहक पोत यानी एयरक्राफ्ट कैरियर मिला है, जिस पर गर्व महसूस करने के बजाय अब रक्षा विशेषज्ञों और आम नागरिकों के बीच इस बात को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है कि क्या देश ने एक पुराना, सेकंड-हैंड युद्धपोत खरीदकर बहुत बड़ी आर्थिक भूल कर दी है। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर की आकर्षक और यूजर-फ्रेंडली शैली, तथा एसईओ और एईओ मानकों को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए इस पूरे घटनाक्रम का विस्तृत और विश्लेषणात्मक जायजा लिया जा रहा है कि आखिर क्यों इस अरबों डॉलर की डिफेंस डील पर 'क्या इटली ने ठग लिया?' जैसे गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।इंडोनेशिया की नौसैनिक ताकत का विस्तार और पहले एयरक्राफ्ट कैरियर का आगमनइंडोनेशिया, जो दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल राष्ट्र है और हिंद महासागर व प्रशांत महासागर के रणनीतिक जंक्शन पर स्थित है, लंबे समय से अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी नौसेना को अत्याधुनिक बनाने में जुटा हुआ है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश ने अपने पहले एयरक्राफ्ट कैरियर को अपने बेड़े में शामिल करने का फैसला किया, ताकि क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा में उसकी पकड़ और अधिक मजबूत हो सके। भौगोलिक दृष्टि से हजारों द्वीपों में फैले इस देश के लिए एक विमानवाहक पोत होना सामरिक रूप से बेहद जरूरी माना जा रहा था ताकि जरूरत पड़ने पर दूर-दराज के समुद्री इलाकों में भी युद्धक विमानों की तैनाती आसानी से की जा सके। हालांकि, इस बेड़े में नए जहाज के आने की खुशी उस वक्त विवादों में बदल गई जब रक्षा विश्लेषकों ने इस डील के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी।सेकंड-हैंड युद्धपोत की खरीद पर क्यों उठ रहे हैं भारी सवाल और वित्तीय चिंताएंइस पूरे विवाद के केंद्र में यह तथ्य है कि इंडोनेशिया द्वारा अधिग्रहित किया गया यह विमानवाहक पोत पूरी तरह से नया नहीं है, बल्कि इसे दूसरे देशों से पुराना या सेकंड-हैंड के रूप में भारी-भरकम कीमत चुकाकर खरीदा गया है। रक्षा जानकारों और विपक्षी नेताओं का कहना है कि एक पुराने और इस्तेमाल किए जा चुके युद्धपोत के रखरखाव, मरम्मत और उसके आधुनिकीकरण पर भविष्य में जितना खर्च आएगा, वह एक नए विमानवाहक पोत के निर्माण या खरीद से कहीं अधिक महंगा साबित हो सकता है। इसके अलावा, युद्धपोत की तकनीकी उम्र और इसकी मारक क्षमता पर भी सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं कि क्या यह पोत आधुनिक नौसैनिक युद्ध की चुनौतियों और डिजिटल हथियारों के इस दौर में टिकने के काबिल भी है या नहीं।क्या इटली ने दिया धोखा? रक्षा सौदे में पारदर्शिता और तकनीकी खामियों पर बहसइस बहुचर्चित डिफेंस डील को लेकर देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह सवाल भी जोर-शोर से उठ रहा है कि क्या इटली से इस सेकंड-हैंड युद्धपोत को खरीदने के समझौते में इंडोनेशियाई प्रशासन के साथ किसी प्रकार की चूक हुई है या फिर उसे कूटनीतिक रूप से ठगा गया है। कई रक्षा विशेषज्ञों का तर्क है कि यूरोपीय देशों से पुराने सैन्य उपकरण खरीदने की यह प्रवृत्ति कई विकासशील देशों के लिए एक 'व्हाइट एलिफेंट' यानी सफेद हाथी साबित होती है, जिसका रखरखाव करना बाद में आर्थिक बोझ बन जाता है। इस सौदे की शर्तों, इसमें शामिल वित्तीय लेनदेन और बिचौलियों की भूमिका को लेकर भी जांच की मांग उठने लगी है, क्योंकि जनता का पैसा इस प्रकार के पुराने उपकरणों पर खर्च किए जाने से देश की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।भविष्य की रणनीतिक चुनौतियां और इंडोनेशियाई रक्षा मंत्रालय का पक्षइन तमाम आलोचनाओं और विवादों के बीच इंडोनेशियाई रक्षा मंत्रालय और सरकार का यह तर्क सामने आया है कि यह युद्धपोत देश की तुरंत आवश्यक नौसैनिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक अंतरिम और रणनीतिक समाधान के रूप में बेहद जरूरी था। उनका मानना है कि नए युद्धपोतों को बनने में जहां कई साल का लंबा वक्त लगता है, वहीं इस पोत के मिलने से नौसेना को तुरंत प्रशिक्षण और ऑपरेशनल अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिल जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा इस पोत का आधुनिकीकरण करने से देश की घरेलू रक्षा निर्माण क्षमताओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।निष्कर्ष: सामरिक जरूरत बनाम वित्तीय बुद्धिमत्ता की इस जंग का क्या होगा परिणामसंक्षेप में कहा जाए तो इंडोनेशिया द्वारा अपने पहले एयरक्राफ्ट कैरियर के रूप में एक सेकंड-हैंड युद्धपोत को अपनाना सामरिक जरूरत और आर्थिक व्यावहारिकता के बीच एक बहुत बड़ा विरोधाभास बनकर उभरा है। एक तरफ जहां यह देश की समुद्री ताकत को एक प्रतीकात्मक ऊंचाई देता है, वहीं दूसरी तरफ इसकी भारी लागत और भविष्य के रखरखाव के खतरे इसे एक जोखिम भरा सौदा बनाते हैं। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या यह विमानवाहक पोत इंडोनेशिया की नौसेना के लिए एक गेम-चेंजर साबित होता है या फिर यह देश के रक्षा बजट पर एक ऐसा बोझ बनकर रह जाता है, जिस पर आगे चलकर नीति निर्माताओं को पछताना पड़े।
छोटी रसोई में बर्तन रखने की नहीं होगी टेंशन, ऐसे रखें कड़ाही-कुकर
कम जगह की वजह से अक्सर लोग घरों में छोटी रसोई बना लेते हैं कि सिर्फ खाना ही तो पकाना है. इसकी वजह से किचन में बर्तन रखने में बहुत परेशान होती है. कभी बर्तन एक दूसरे के ऊपर रखने पड़ते हैं तो कहाड़ी-पैन को एक दूसरे में फंसाना पड़ता है. अगर आपको भी छोटी रसोई में बर्तन रखे में परेशानी होती है तो आप इन कुछ आसान तरीकों को आजमा सकते हैं, जो काफी आसानी से बर्तनों को सेट करने में आपकी मदद करेंगे.
Greenland में नहीं बन पाएंगे दुश्मन देशों के बेस, Denmark और US के बीच बड़ा समझौता
डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड द्वारा अमेरिका के साथ स्वायत्त डेनिश क्षेत्र में सुरक्षा मज़बूत करने के लिए किया जाने वाला समझौता नाटो (NATO) और यूरोप के लिए अच्छा है। मेटे फ्रेडरिकसेन ने कहा कि यह समझौता आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में हमारी साझा सुरक्षा को मज़बूत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले हफ़्ते UN जनरल असेंबली के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह समझौता किंगडम (डेनमार्क) की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता, तथा ग्रीनलैंड के लोगों के आत्म-निर्णय के अधिकार को मान्यता देता है। इसे भी पढ़ें: यूरोपीय देशों पर Drone हमले की फिराक में Russia, Poland के PM ने दी चेतावनी फ्रेडरिकसेन के कार्यालय के एक बयान के अनुसार, हस्ताक्षर होने के बाद, इस समझौते को लागू करने के लिए ज़रूरी संसदीय प्रक्रियाओं से गुज़रना होगा। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने डेनमार्क के साथ एक अनंत (हमेशा के लिए) समझौता किया है, जिससे ग्रीनलैंड की सुरक्षा का कंट्रोल अमेरिका के पास आ जाएगा और विदेशी दुश्मन वहां अपने बेस नहीं बना पाएंगे। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल नेटवर्क पर कहा मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक समझौता किया है, जिससे अमेरिका को ग्रीनलैंड की सुरक्षा और अन्य सभी ज़रूरतों पर स्थायी कंट्रोल मिल जाएगा। अब से, अमेरिका का कोई भी दुश्मन हमारी लिखित मंज़ूरी के बिना ग्रीनलैंड में कभी भी बेस नहीं बना पाएगा, वहां अपनी सेना नहीं रख पाएगा और न ही वहां कोई संवेदनशील निवेश कर पाएगा। इसे भी पढ़ें: अपनी हरकतें सुधारें...अमेरिकी सीनेटर ने चीन को दी नसीहत ग्रीनलैंड सरकार के प्रमुख जेन्स-फ्रेडरिक निल्सन ने कहा, यह खुशी की बात है कि हम एक ऐसे समझौते पर पहुंचने वाले हैं जो ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य, अमेरिका और पश्चिमी गठबंधन की सुरक्षा को पक्का और मजबूत करेगा। उन्होंने आगे कहा यह समझौता ग्रीनलैंड के हितों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में हमारी भूमिका को मान्यता देता है। जनवरी 2025 में व्हाइट हाउस लौटने के बाद से, ट्रम्प ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि रणनीतिक कारणों से वाशिंगटन को ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की आवश्यकता है। इस बात ने NATO सहयोगी डेनमार्क को चिंतित कर दिया और गठबंधन की ओर से कड़ा विरोध भी हुआ।
एक्ट्रेस श्रुति हासन ने PCOS और मदरहुड पर खुलकर बात की
श्रुति हासन ने हाल ही में सोहा अली खान के 'ऑल अबाउट हर' पॉडकास्ट के एक एपिसोड में अपने शरीर, दर्दनाक पीरियड्स और एडॉप्शन के बारे में खुलकर बात की. 40 साल की एक्ट्रेस ने बताया कि उन्हें 14 साल की उम्र से ही ये कहा जाता आ रहा था कि पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की वजह से उनके लिए कंसीव करना मुश्किल है.
रांची के हॉस्टल में छात्रा की मौत, डायरी में लिखी फैमिली से जुड़ी कहानी
रांची के एक हॉस्टल में M.Sc स्टूडेंट का शव मिलने से हड़कंप मच गया. देर रात सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन एक डायरी बरामद हुई है. पुलिस के मुताबिक, डायरी की कुछ एंट्री में छात्रा के परिवार से जुड़ी परेशानियों का जिक्र है. हालांकि, पूरे मामले की जांच की जा रही है.
Rizz से Mogging तक, नए Slang Words कब और कैसे इस्तेमाल करें?
जेन जी अपने लाइफ में चाहें रिश्ते समझने के लिए हो या किसी को कॉम्प्लिमेंट करने के लिए एक नया वर्ड ले आते है. Gen Z की slang लैंगवेज सोशल मीडिया, मीम्स और internet culture से तेजी से बदल रही है. Rizz, Drip, No Cap, Ate, Left No Crumbs, Mogging और Skibidi जैसे शब्द अब casual conversations का हिस्सा हैं. हर slang का अपना context और vibe है.
वे हम पर नज़र रखते हैं, हम उन पर, शी जिनपिंग के अमेरिकी दौरे से पहले बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ़्ते वॉशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात करने वाले हैं। ट्रंप का कहना है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव के बावजूद दोनों नेताओं के संबंध अच्छे हैं। शी के आने वाले दौरे के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा मुझे लगता है कि वह आ रहे हैं... यह अच्छी बात है कि हमारी आपस में बहुत अच्छी बनती है। हमारे संबंध अच्छे रहे हैं। वह अगले हफ़्ते यहाँ होंगे... हमारी मुलाक़ात बहुत अच्छी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच हालात बहुत अच्छे हैं और उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान कई तरह के समझौते होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चीन अमेरिका को भारी टैरिफ दे रहा है, जिससे उन्हें बहुत ज़्यादा नुकसान हो रहा है। इसे भी पढ़ें: 1 लाख डॉलर दो...नाचते-नाचते ट्रंप ने भारतीयों को दिया एक और बड़ा झटका, H1B Visa वाले सावधान! चीन की जासूसी से जुड़ी चिंताओं पर ट्रंप ने कहा किसी ने कहा अरे, वे हमारी जासूसी करते हैं। मैंने कहाहो सकता है कि वे ऐसा करते हों, लेकिन हम भी उनकी जासूसी करते हैं। यह इस साल ट्रंप और शी के बीच दूसरी बैठक होगी। दोनों नेता अपने रिश्तों में स्थिरता लाना चाहते हैं, जो व्यापार, ताइवान और ईरान को लेकर मतभेदों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के कारण दबाव में हैं। शी का यह दौरा एक दशक में व्हाइट हाउस का उनका पहला दौरा भी होगा। वे ऐसे समय में आ रहे हैं जब चीन की अर्थव्यवस्था लगातार दूसरे साल $1 ट्रिलियन का ट्रेड सरप्लस दर्ज करने की राह पर है। वहीं, ट्रंप ईरान युद्ध और कम अप्रूवल रेटिंग जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और ऐसे व्यापार समझौतों की तलाश में हैं जिन्हें वे बढ़ती कीमतों का सामना कर रहे अमेरिकियों के सामने फायदे के तौर पर पेश कर सकें। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने H-1B Visa पर लगाया 1 लाख डॉलर का शुल्क एक साल और बढ़ाया यह शिखर सम्मेलन 24 सितंबर को होना है और यह ट्रंप के मई में बीजिंग दौरे के बाद हो रहा है। टैरिफ़ पर बनी सहमति की समय-सीमा नवंबर में खत्म हो रही है। बाज़ार इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या दोनों देश उस टैरिफ़ समझौते को आगे बढ़ाते हैं या नहीं, जो पिछले साल अक्टूबर में दक्षिण कोरिया में ट्रंप और शी के बीच हुई बैठक के बाद घोषित किया गया था। यह समझौता 10 नवंबर को खत्म होने वाला है। इस समझौते से उस ट्रेड वॉर पर रोक लग गई जिसमें अमेरिका और चीन ने एक-दूसरे पर 100% से ज़्यादा टैरिफ लगाकर ग्लोबल सप्लाई चेन को खतरे में डाल दिया था। अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने इस महीने कहा कि दोनों देश खेती और नॉन-टैरिफ बैरियर से जुड़ी कुछ घोषणाएं करेंगे। ट्रेडर्स इस बात पर भी नज़र रखेंगे कि 30 अरब डॉलर के सामान पर आपसी टैरिफ कम करने के समझौते में कितनी प्रगति होती है। चीन इसके लिए सबसे आसानी से अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात पर लगने वाली ड्यूटी कम कर सकता है।
96 साल की उम्र... $169 अरब नेटवर्थ, वॉरेन बफे ने बेटे को सौंपी कमान
Warren Buffett 96 साल की उम्र में भी दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों में शामिल हैं. अब उन्होंने भले ही बर्कशायर के चेयरमैन पद से इस्तीफा देकर इसकी कमान बेटे हॉवर्ड बफेट को सौंप दी है, लेकिन मानद अध्यक्ष के रूप में वे शामिल रहेंगे.
इस गुड़िया के पेट से निकला बच्चा, खिलौना देखकर इंटरनेट पर मचा बवाल
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक अनबॉक्सिंग वीडियो में एक खिलौना गुड़िया का सेट दिखाया गया, जिसमें पेट से अलग होकर निकलने वाला एक छोटा बच्चा था. यह खिलौना बच्चे के जन्म की प्रक्रिया जैसा दिखता है. इसे देखकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई. कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या ऐसा खिलौना बच्चों के लिए ठीक है.
झांसी में बंधक बनाकर पीटे गए ड्रग सप्लायर की मौत, 8 लोग गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के झांसी से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां एक ड्रग सप्लायर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. मृतक की पहचान परवेज के रूप में हुई है. पुलिस ने इस पूरे मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पुलिस सिपाही समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
एशियन गेम्स के लिए जापान रवाना होने से पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को किट के सही साइज के लिए इंतजार करना पड़ा। बीसीसीआई और आईओए के किट सप्लायर जेएसडब्ल्यू इंस्पायर के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हुई।
Makkah Defence Pact: पाकिस्तान-तुर्किये की भूमिका पर मैकमास्टर ने उठाए सवाल, जानें क्या है सऊदी का नया रक्षा समझौता
AI की बढ़ती ताकत का नया सबूत, Gemini ने 3 कंपनियों में लगाई सेंध
Google के आर्टिफिशियल मॉडल (AI) ने सभी को हैरान कर दिया है. पहली बार है, जब गूगल के AI मॉडल ने किसी दूसरी कंपनी के सिस्टम में सेंधमारी की है और उसके सिस्टम को हैक कर लिया है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा आज रक्षा और सेना सहित लगभग हर बड़े क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। मगर क्या आप जानते हैं कि AI की एक मामूली चूक अमेरिका और चीन जैसी महाशक्तियों को सीधे युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर सकती थी? मामला ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे सैन्य तनाव के दौरान का है, जब एक खुफिया इनपुट ने अचानक हड़कंप मचा दिया। सीएनएन की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि मध्य पूर्व में तैनात एक चीनी जहाज कथित तौर पर परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ा संदिग्ध सामान ले जा रहा है। हालांकि, बाद में यह जानकारी पूरी तरह गलत साबित हुई। AI द्वारा किए गए इसी गलत आंकलन ने दोनों देशों के बीच बड़े सैन्य टकराव की गंभीर आशंका पैदा कर दी थी। इसे भी पढ़ें: Pakistan Army को भारी नुकसान, Balochistan में BLA के हमलों में 43 जवानों के मारे जाने का दावा गलत रिपोर्ट से फैली सनसनी ईरान के साथ युद्ध के बीच अमेरिकी सेना में एक इंटेलिजेंस रिपोर्ट फैली, जिससे तुरंत खतरे की घंटी बज गई। मध्य पूर्व में एक चीनी जहाज परमाणु हथियार कार्यक्रम के पुर्जे ले जा रहा था। इस घटनाक्रम से जुड़े चार सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने जहाज को रोकने की योजना पर काम शुरू कर दिया। दो सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना के हथियारबंद सदस्य जहाज पर चढ़ने की तैयारी कर रहे थे। घटना की जानकारी रखने वाले एक सूत्र और एक अन्य सूत्र ने बताया कि सैन्य विमान हवा में थे। योजनाबद्ध ऑपरेशन से ठीक पहले अधिकारियों ने स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड एनालिस्ट द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट की गहराई से जांच की और पाया कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया था और एनालिस्ट द्वारा इस्तेमाल किए गए चैटबॉट ने जहाज पर लदे सामान की गलत पहचान की थी। CNN यह पता नहीं लगा सका कि गलत पहचाना गया सामान क्या था। एक सूत्र के अनुसार, रिपोर्ट पूरी तरह से गलत थी। लेकिन सूत्र ने कहा कि इसने लगभग युद्ध शुरू ही कर दिया था। चीनी जहाज के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन से दोनों देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष का खतरा पैदा हो सकता था। इसे भी पढ़ें: ट्रंप के 100 टैरिफ पर टूट पड़े भारत-चीन, हिला डाला अमेरिका! आपस में भिड़ सकते थे चीन-अमेरिका अमेरिकी सेना और इंटेलिजेंस कम्युनिटी में अधिकारी अपने काम के लगभग हर पहलू में AI को शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका द्वारा इकट्ठा की गई भारी मात्रा में रॉ इंटेलिजेंस का विश्लेषण करने और हमले के लिए टारगेट चुनने से लेकर बजट, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन के प्रबंधन जैसे सामान्य कामों तक। लेकिन यह घटना युद्ध के बीच टारगेट तय करने के लिए इस शक्तिशाली, नई और अपेक्षाकृत कम समझी जाने वाली तकनीक के इस्तेमाल से जुड़े गंभीर खतरों को उजागर करती है। एनालिस्ट को लंबे समय से डर है कि अगर देश खराब या गलत डेटा पर निर्भर रहते हैं तो AI एक विनाशकारी गलती का कारण बन सकता है। ऐसी गलती जिसके कारण अमेरिका गलत जानकारी के आधार पर चीनी जहाज पर हमला कर सकता है। इस खास मामले में एनालिस्ट ने हवाई स्थित US स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड पैसिफिक से मिली जहाज के मैनिफेस्ट (सामान की सूची) से जुड़ी इंटेलिजेंस रिपोर्टिंग के बारे में एक चैटबॉट से सवाल किया। यह स्पष्ट नहीं था कि चैटबॉट व्यावसायिक रूप से उपलब्ध था या अमेरिकी सरकार का उत्पाद था। सैन्य और इंटेलिजेंस एनालिस्ट द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले AI सिस्टम से परिचित एक पूर्व वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, आंतरिक उपकरण ज्यादातर व्यावसायिक चीजों की ही नकल होते हैं, बस उन्हें थोड़ा आकर्षक रूप दे दिया जाता है। चैटबॉट ने खुफिया जानकारी को गलत तरीके से जोड़ा बॉट ने सरकारी डेटा में मौजूद ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस और सीक्रेट सिग्नल इंटेलिजेंस को मिलाकर उस सामान के बारे में एक अहम नतीजा निकाला जो जहाज़ पर लदा था। इसके बाद एनालिस्ट ने AI का इस्तेमाल करके इन जानकारियों को एक स्टैंडर्ड इंटेलिजेंस रिपोर्ट का रूप दिया। ऐसी रिपोर्ट जिस पर मिलिट्री अधिकारी भरोसा करते हैं और उसे आगे भेजा। US स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड पैसिफिक और पेंटागन ने इस पर टिप्पणी करने के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया। AI को तेज़ी से अपनाने की वजह यह है कि यह मिलिट्री को युद्ध के मैदान में फ़ैसले लेने में मदद कर सकता है, जैसे कि किन टारगेट पर हमला करना है या किन मिलिट्री एसेट्स को कहाँ भेजना है, और ये फ़ैसले तेज़ी से लिए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर कभी चीन या किसी दूसरे दुश्मन से लड़ना पड़ा जो शायद US से एक कदम आगे रहने की क्षमता रखता हो, तो US AI को अपनाने में पीछे नहीं रह सकता।
जिनपिंग की US यात्रा से पहले ट्रंप चीन की जासूसी पर बोले
ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग की अगले हफ्ते अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात अच्छी रहने की उम्मीद है। उन्होंने अमेरिका-चीन संबंधों और संभावित समझौतों का जिक्र किया। ट्रंप ने चीन की जासूसी पर कहा कि चीन अमेरिका की जासूसी करता हो सकता है, लेकिन अमेरिका भी चीन की जासूसी करता है।
ट्रंप ने रूसी तेल से जुड़े बिल पर किया साइन, भारत पर 100% टैरिफ का खतरा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026' पर हस्ताक्षर करके इसे कानून का रूप दे दिया है. इस नए कानून के लागू होने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति के पास रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार मिल गया है. इस कड़े कानून का सीधा असर भारत और चीन जैसे बड़े देशों पर पड़ सकता है.
बिहार: गणेश विसर्जन में DJ बजाने पर विवाद, पुलिस पर पथराव में 6 जवान घायल
जमुई के झाझा में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे बंद कराने को लेकर विवाद हो गया था. इसके बाद आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें थानाध्यक्ष समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था.
उत्तर कोरिया ने आईएईए के प्रस्ताव को किया खारिज
सोल, उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के हालिया प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अपनी परमाणु क्षमता को बनाए रखने और उसकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है।
7 महीने में 3 सुसाइड केस! IIT बॉम्बे में भड़का छात्रों का आक्रोश
फरवरी में एक छात्र की मौत, जुलाई में नए सेमेस्टर की शुरुआत में दूसरी खुदकुशी और अब सितंबर में इस तीसरे दर्दनाक हादसे ने पूरे एजुकेशन सिस्टम, अकादमिक दबाव और संस्थान के मेंटल हेल्थ मैकेनिज्म को कटघरे में खड़ा कर दिया है. कैंपस में छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया है. इस मौत के पीछे की वजह भी छात्र सस्पेंशन का खौफ बता रहे हैं.
आईएईए के प्रस्ताव पर भड़का उत्तर कोरिया: किम जोंग उन की बहन बोलीं- परमाणु ताकत नहीं घटेगी; टकराव बढ़ेगा?
9 महीने बाद मिली नौकरी, 2.5 घंटे में छूटी... वजह सुनकर टूट गया शख्स
अमेरिका के एक शख्स ने बताया कि नई नौकरी ज्वाइन करने के महज ढाई घंटे बाद ही उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. कंपनी की ओर से वजह 'हाइजीन इश्यू' बताई गई, लेकिन उसे यह समझ नहीं आया कि आखिर ऐसी क्या समस्या हुई थी.
1 लाख डॉलर दो...नाचते-नाचते ट्रंप ने भारतीयों को दिया एक और बड़ा झटका, H1B Visa वाले सावधान!
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर H-1B वीज़ा नियमों को लेकर सख़्त कदम उठाए हैं। ट्रंप ने एक साथ दो बड़े झटके दिए हैं। व्हाइट हाउस ने H-1B वीज़ा पर $100,000 की फ़ीस लगाने वाले पुराने आदेश को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। इसके साथ ही, 18 सितंबर, 2026 को एक नया आदेश भी जारी किया गया है, जिसमें H-1B वीज़ा के इस्तेमाल पर ज़्यादा सख़्ती और निगरानी की बात कही गई है। इसके लिए एक नया प्रोग्राम शुरू किया गया है। ख़ास तौर पर, उन कंपनियों पर नज़र रखने की बात कही गई है जिन पर अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने का आरोप है। इसे भी पढ़ें: ग्रीनलैंड पर US और Denmark में समझौता अगले हफ्ते, संसदों की मंजूरी होगी अनिवार्य H-1B एक अमेरिकी वीज़ा है जो अमेरिकी कंपनियों को खास स्किल्स वाले और विदेश में पढ़े-लिखे लोगों को नौकरी पर रखने की इजाज़त देता है। इसका इस्तेमाल टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और दूसरे खास क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। यह वीज़ा भारत और चीन के प्रोफेशनल्स के लिए खास तौर पर अहम है। अगर किसी भारतीय टेक प्रोफेशनल को अमेरिकी कंपनी में नौकरी मिलती है, तो वे इस सिस्टम के ज़रिए अमेरिका जा सकते हैं। 1 लाख डॉलर की फ़ीस का क्या हुआ? ट्रंप प्रशासन ने 2025 में H-1B वीज़ा के लिए $100,000 की फ़ीस अनिवार्य कर दी थी। यह नियम सितंबर 2026 में खत्म होने वाला था, लेकिन अब इसे एक और साल के लिए बढ़ा दिया गया है। पहले, H-1B फ़ीस $2,000 से $5,000 के बीच होती थी। नई $100,000 की फ़ीस में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है। हालाँकि, इस फ़ीस को लेकर कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। एक अमेरिकी अदालत ने इसे गैर-कानूनी घोषित कर दिया और सरकार को यह फ़ीस वसूलने से रोक दिया। अब आगे की कानूनी कार्यवाही चल रही है। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने H-1B Visa पर लगाया 1 लाख डॉलर का शुल्क एक साल और बढ़ाया ट्रंप प्रशासन H-1B को लेकर इतना सख़्त क्यों है? नए आदेश में ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि कुछ कंपनियाँ और आउटसोर्सिंग फ़र्म H-1B सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। उनका आरोप है कि विदेशी कर्मचारी कम वेतन पर अमेरिकी कर्मचारियों की जगह ले रहे हैं। व्हाइट हाउस का दावा है कि कुछ इंडस्ट्रीज़ में H-1B वीज़ा वाले कर्मचारी, उसी तरह के काम करने वाले अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में सालाना $9,000 से $20,000 तक कम कमाते हैं। ट्रंप का कहना है कि कम वेतन वाले ये कर्मचारी अमेरिकियों की नौकरियाँ छीन रहे हैं। आदेश में यह भी दावा किया गया है कि 2022 और 2026 के बीच टेक सेक्टर में 8 लाख से 13 लाख अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि कंपनियों ने बड़ी संख्या में H-1B कर्मचारियों के लिए आवेदन किया। एक और गंभीर आरोप यह है कि कुछ कंपनियों ने नौकरी से निकाले गए अमेरिकी कर्मचारियों का इस्तेमाल अपनी जगह लेने वाले विदेशी कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए भी किया।
37 साल बड़े भजन सम्राट संग प्यार का ढोंग, रोमांस पर मचा था बवाल
Anup Jalota And Jasleen Matharu Fake Love Controversy: जसलीन मथारू ने सलमान खान के शो 'बिग बॉस' में प्यार का ऐसा ढोंग रचा था कि हर तरफ हलचल मच गई थी. शो में जसलीन ने अपने गुरु और भजन सम्राट अनूप जलोट संग ग्रैंडएंट्री की थी.
कोई सैलरी नहीं, 3000 के भत्ते! कितनी है एक निगम पार्षद की कमाई?
राजस्थान में हाल ही में हुए निकाय चुनावों में पार्षद बनने के लिए कई प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई और काफी पैसा भी खर्च हुआ. क्या आप जानते हैं इन पार्षदों की सैलरी कितनी होती है?
लंच या डिनर में बनाएं टमाटर वाली भिंडी, बढ़ जाएगा खाने का जायका!
Tamatar Bhindi Recipe: अगर आप रोज-रोज एक जैसी भिंडी की सब्जी खाकर बोर हो गए हैं तो इस बार टमाटर वाली भिंडी ट्राई करें. टमाटर और मसालों के साथ बनी यह सब्जी स्वाद में काफी लाजवाब लगती है और इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है.
इस राज्य में भीषण हादसा, बरसाती नाले में कार बहने से 8 की मौत
एमपी के आगर मालवा जिले में बड़ा हादसा हो गया. मां बगलामुखी मंदिर के पास तेज बारिश के बाद उफनाए बरसाती नाले में श्रद्धालुओं की कार बह गई. हादसे में कार सवार 8 लोगों की मौत हो गई. ये श्रद्धालु नलखेड़ा दर्शन के लिए आए थे.
मध्य प्रदेश में दर्दनाक हादसा, बरसाती नाले में बही श्रद्धालुओं की कार, 8 की मौत
मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में बड़ा हादसा हुआ है. मां बगलामुखी मंदिर के पास तेज बारिश के बाद उफनाए बरसाती नाले में श्रद्धालुओं की कार बह गई. हादसे में कार सवार 8 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में 3 बच्चे, 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं. ये श्रद्धालु नलखेड़ा दर्शन के लिए आए थे.
6,6,6,6,6,6, जब T20 में आया क्रिकेटर का तूफान, 12 गेंदों में जड़े 50
19 सितंबर 2007 को युवराज सिंह ने टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में लगातार 6 छक्के जड़कर इतिहास रच दिया था. इस ऐतिहासिक कारनामे को 19 साल पूरे हो गए हैं. युवराज ने सिर्फ 12 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया था और उनकी 16 गेंदों में 58 रनों की तूफानी पारी ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी.
ये है रईसी... सड़क से सीधे घर तक ही बनवा लिया ब्रिज! वीडियो वायरल
पहाड़ पर बने आलीशान घर की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. तस्वीर देखकर लोग हैरान हैं और कमेंट्स में कोई इसे पैसे की ताकत बता रहा है तो कोई कह रहा है- रास्ता नहीं मिला तो रास्ता ही बना दिया!
न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर रचिन रवींद्र प्रमोशनल शूट के दौरान चोटिल हो गए हैं। डाइव लगाते समय उनका दायां कंधा खिसक गया।
जो एआइ तकनीक हमारे नियंत्रण में न रहे, उसका विकास बेमतलब: सत्या नडेला
नडेला ने कहा कि एआइ की क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन इसे नियंत्रित करने और इसके इस्तेमाल को लेकर कई अहम सवाल अब भी अनसुलझे हैं। उनके मुताबिक, एआइ के विकास का मूल उद्देश्य लोगों के काम आना और उस पर मानव नियंत्रण बनाए रखना होना चाहिए।
'मुझे गालियां दीं, धमकाया...' भोपाल की लेडी बाइकर से बदसलूकी की कहानी
सड़क पर बाइक दौड़ रही थी... पीछे से एक कार आई, रास्ता रोका गया, गालियां दी गईं और फिर शुरू हुआ पीछा. लेकिन इस कहानी में एक ट्विस्ट था- बाइक पर कैमरा लगा था. भोपाल की लेडी बाइकर के साथ हुई बदसलूकी कैमरे में कैद हो गई. वीडियो वायरल हो गया. इससे पहले गुरुग्राम की लेडी बाइकर सिया के साथ भी कुछ ऐसी ही घटना सामने आई थी.
ममता की पार्टी को दूसरा झटका, नंदीग्राम के बाद रेजीनगर से भी पीछे हटे TMC उम्मीदवार
पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले TMC को एक और झटका लगा है. नंदीग्राम के बाद अब रेजीनगर सीट से TMC उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने उपचुनाव से अपना नामांकन वापस लेने की बात कही है.
'मायके लौट आईं मां नंदा-सुनंदा' नैनीताल में गूंजा जयकारा, 3 बजे से लगी कतार
कुमाऊं की धरती पर एक बार फिर आस्था का वह रंग दिखाई दिया, जिसका श्रद्धालुओं को पूरे साल इंतजार रहता है. मां नंदा-सुनंदा अपने मायके लौट आई हैं. नैनीताल के ऐतिहासिक मां नयना देवी मंदिर में कुमाऊं की कुलदेवी मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं की विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई. जैसे ही प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई, पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा.
खेलते-खेलते पड़ोसी की कार में घुसा 4 वर्षीय मासूम, दम घुटने से मौत
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के चिखलवर्धा गांव में दर्दनाक हादसा हुआ. 4 वर्षीय अंश सूरज केलझरकर घर के बाहर खेलते समय पड़ोस में खड़ी कार के अंदर चला गया, लेकिन बाहर नहीं निकल सका. तेज गर्मी में काफी देर तक कार में फंसे रहने से उसकी हालत बिगड़ गई. परिजनों ने उसे बेहोशी की हालत में पाया और अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
2027 में शनि का डबल गोचर, 4 राशियां अभी से हो जाएं अलर्ट
shani gochar 2027 : 2027 में शनि का डबल गोचर होगा. पहले शनि मेष राशि में जाएंगे और फिर मीन में लौटेंगे. जानें किन 4 राशियों पर इसका असर पड़ सकता है.
ट्रंप : रूस पर प्रतिबंध बढ़ाने वाले कानून पर हस्ताक्षर
वॉशिंगटन, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत रूस पर प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया गया है और रूसी तेल व गैस के बड़े खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध लगाने के अधिकार को भी पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया है।
VIDEO: रेलवे स्टेशन पर महिला से बर्बरता, गार्ड ने बाल पकड़कर घसीटा
हैदराबाद के हफीजपेट रेलवे स्टेशन के पास महिला से कथित मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है. वीडियो में एक व्यक्ति महिला के बाल पकड़कर उसे घसीटता और मारपीट करता दिखाई दे रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीयों को दे दी बड़ी टेंशन, 1 साल के लिए बढ़ा दी H-1B वीजा की भारी भरकम फीस
अमेरिका ने भारत को डबल झटका दिया है। पहला तो उसने 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला कानून बना लिया। दूसरा एच-1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर की फीस एक साल के लिए आगे बढ़ा दी गई है।
लाखों छात्र, फिर भी 50% वोटों के लिए तरस गया डूसू चुनाव!
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में कुल 40.46% वोटिंग दर्ज की गई, जो पिछले साल के 39.45% से मामूली बेहतर है. एबीवीपी और एनएसयूआई अपने-अपने वोट बैंक के दम पर क्लीन स्वीप का दावा कर रहे हैं, लेकिन कम वोटिंग टर्नआउट ने अप्रत्याशित नतीजों की संभावना बढ़ा दी है. फिलहाल काउंटिंग जारी है, देखते हैं छात्रों ने किसे अपना प्रेसिडेंट चुना है.
'पुरुषों को भी हो पीरियड्स', बोलीं श्रुति हासन, हजारों बार की दुआ
एक्टर श्रुति हासन ने सोहा अली खान के पॉडकास्ट पर बताया कि उन्होंने शूटिंग के दौरान अपने डायरेक्टर को पीरियड्स के बारे में बताना सीख लिया है.
आलू-मूंगफली से बनाएं महाराष्ट्रीयन बटाटा भाजी, बेहद आसान है रेसिपी
आलू की घर में रोज-रोज एक जैसी सब्जी खाकर मन भर जाता है और बच्चे ही क्या बड़े भी आलू को देखकर मुंह बना लेते हैं. अगर आप नाश्ते के लिए आलू की कुछ झटपट बनने वाली रेसिपी की तलाश में हैं तो आपके लिए महाराष्ट्र की मशहूर बटाटा भाजी एकदम परफेक्ट रहने वाली है. इसे आप मिनटों में ही घर पर तैयार कर सकते हैं, आइए इसकी रेसिपी जानते हैं.

