डिजिटल समाचार स्रोत

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जर्मन शहर लाइपजिग में भीड़ पर चढ़ी कार, दो लोगों की मौत

पूर्वी जर्मन शहर लाइपजिग में एक व्यक्ति पैदल चलने वाली जगह पर कार लेकर घुस गया. उसकी चपेट में आने से अब तक दो लोगों की मौत हो गई है व कई लोग घायल हैं. पुलिस का कहना है कि ड्राइवर पकड़ लिया गया है और वह जर्मन नागरिक है

देशबन्धु 5 May 2026 10:54 am

ईरान पर जहाजों को निशाना बनाने का आरोप, ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ में दक्षिण कोरिया को शाम‍िल होने को कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर शिप मूवमेंट से जुड़े हालात में कुछ देशों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ का जिक्र किया है

देशबन्धु 5 May 2026 10:23 am

चीन के पटाखा प्लांट में भीषण धमाका: 21 लोगों की मौत, 61 घायल

सेंट्रल चीन के हुनान प्रांत में एक पटाखा प्लांट में बड़े धमाके की जानकारी सामने आई है। चीनी अधिकारियों की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, इस धमाके में 21 लोगों की मौत हो गई और 61 अन्य घायल हो गए

देशबन्धु 5 May 2026 10:07 am

ट्रंप ने टैरिफ को अमेरिकी व्यापार नीति का मुख्य टूल बताया, चीन पर साधा निशाना

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि टैरिफ अमेरिकी व्यापार नीति का एक मुख्य टूल बना रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि टैरिफ से चीन और दूसरे देशों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का संकेत मिला

देशबन्धु 5 May 2026 9:39 am

ईरान के खिलाफ 'मिनी वॉर' में अपने लक्ष्य हासिल कर रही अमेरिकी सेना : ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की कार्रवाई बहुत अच्छी तरह चल रही है। उनका कहना है कि ईरान की ताकत काफी हद तक खत्म हो चुकी है

देशबन्धु 5 May 2026 9:18 am

होर्मुज में अमेरिकी हमले में 7 ईरानी नावें डुबोईं, व्यापारिक जहाजों पर हमले का आरोप, इधर UAE में मिसाइल अटैक

ईरानी मीडिया ने सैन्य सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की ओर जा रही दो नागरिक मालवाहक नौकाओं को निशाना बनाया। ईरान का कहना है कि ये नौकाएं आईआरजीसी की स्पीडबोट्स नहीं थीं, बल्कि आम नागरिक जहाज थे। इस हमले में पांच लोगों की मौत का दावा किया गया है।

देशबन्धु 5 May 2026 9:13 am

व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी, कुछ देर के लिए लॉकडाउन

व्हाइट हाउस के पास एक हथियारबंद व्यक्ति को गोली मारने के बाद कुछ समय के लिए वहां लॉकडाउन लगा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब उस व्यक्ति ने सुरक्षाकर्मियों पर गोली चला दी।

देशबन्धु 5 May 2026 8:41 am

तमिलनाडु में नास्तिक के बाद ईसाई सीएम:थलापति विजय की कहानी, जिसने पहले ही चुनाव में स्टालिन की DMK, जयललिता की AIADMK को किनारे लगा दिया

थलापति विजय। द्रविण राजनीति का नया सितारा। बचपन में एक्टर बने। जवानी में सुपरस्टार और पिछले दो साल में ही एक पूरी पार्टी खड़ी कर दी। विजय ने राज्य के नास्तिक मुख्यमंत्री स्टालिन की 50 साल पुरानी पार्टी DMK बनाम AIADMK की सियासत को किनारे लगा दिया। उनका तमिलनाडु का पहला ईसाई मुख्यमंत्री बनना तकरीबन तय है। कैसे एक फिल्मी हीरो राजनीति का असल हीरो बन बैठा, जानिए पूरी कहानी... ****** ग्राफिक्स: अंकुर बंसल

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:26 am

तमिलनाडु में सरकार बनाने का नंबर गेम:TVK सबसे बड़ी पार्टी; एक्टर विजय थलपति के पास सरकार बनाने के लिए दो ऑप्शन; क्या DMK को साथ लाएंगे

तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी TVK 107 सीटों पर आगे चल रही है। सिर्फ दो साल पहले बनी पार्टी बहुमत यानी 118 सीटों से सिर्फ 11 कदम पीछे रह गई। वहीं BJP के समर्थन वाला AIADMK गठबंधन 53 सीट और DMK गठबंधन 74 सीटों पर है। 1967 से अब तक तमिलनाडु में 6 बार DMK और 8 बार AIADMK की सरकार रही है। अब पहली बार किसी तीसरी पार्टी की सरकार बन सकती है। हालांकि इसके लिए TVK को 118 सीटों का आंकड़ा जुटाना होगा… इसके लिए 3 सिनैरियो बन सकते हैं… 1. TVK को AIADMK का साथ मिल जाए ऐसा होने की संभावना कितनी? 2. TVK को DMK की सहयोगी कांग्रेस और बाकी दलों का साथ मिल जाए ऐसा होने की संभावना कितनी? एक रेयरेस्ट सिनैरियो ये भी है कि TVK को DMK का समर्थन मिल जाए.. अगर DMK समर्थन दे दे, तो आंकड़ा कुछ इस तरह होगा…107 + 60 = 167 यानी बहुमत से 49 सीटें ज्यादा। इससे TVK और DMK की गठबंधन वाली सरकार बन जाएगी। हालांकि दोनों का साथ आना बेहद मुश्किल और अव्यावहारिक है। TVK, DMK के शासन का विरोध करके ही सबसे ज्यादा सीटें लाई है। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने तमिलनाडु सीएम MK स्टालिन को घेरा। स्टालिन के बेटे उदयनिधि और विजय पॉलिटिकल राइवल माने जाते हैं। अगर TVK बहुमत न साबित कर पाई, तो चौथा सिनैरियो भी हो सकता है… AIADMK और DMK मिल जाएं तो, आंकड़ा 127 सीटों का हो जाएगा। इससे पहली बार तमिलनाडु में दो विरोधी पार्टियों की गठबंधन सरकार बन सकती है। ऐसा कर पाना वैचारिक और राजनीतिक तौर पर लगभग असंभव होता है। हालांकि इससे पहले 2 बार ऐसा हो चुका है… 2018 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2019 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव ---- ये खबर भी पढ़ें… गढ़ में 58% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके:बीजेपी ने सिर्फ 7% वोट से 121 सीटें कैसे बढ़ाईं; बंगाल नतीजों के 5 फैक्टर्स पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। शाम 4 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 198 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे है, जबकि टीएमसी 89 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 121 बढ़ती दिख रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:25 am

साउथ में एक्टर्स को ‘भगवान’ क्यों मानते हैं लोग:सुपरस्टार विजय पहले ही चुनाव में सीएम बनने जा रहे; ऐसी दीवानगी की 6 बड़ी वजहें

एक्टर विजय थलपति तमिलनाडु के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं। सिर्फ दो साल पुरानी उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेत्त्री कझगम’ यानी TVK अपने पहले ही चुनाव में बहुमत के करीब पहुंच गई। राज्य की दोनों पुरानी पार्टियां DMK और AIADMK कहीं पीछे छूट गईं। दक्षिण भारत में लोग सुपरस्टार्स को सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि अपना लीडर, गार्जियन और कई बार भगवान तक मानने लगते हैं। दो फिल्मी सितारे MGR और जयललिता सीएम बन चुके हैं और अब विजय भी वही करिश्मा करने जा रहे हैं। एक्टर्स के पीछे इस तरह की दीवानगी को 'कल्ट स्टेटस' नाम दिया जाता है। इसके पीछे 6 बड़े फैक्टर्स हैं… साउथ के लोगों की एक्टर्स के लिए इस दीवानगी के पीछे 4 मनोवैज्ञानिक वजहें भी हैं... 1. लोगों का एक्टर्स से एकतरफा पैरासोशल रिश्ता 2. आर्केटाइप रोल से जनता के 'मसीहा, भगवान' बनते हैं एक्टर्स 3. कम/अधूरी जानकारी से आइकॉन बन जाते हैं एक्टर्स ---- ये खबर भी पढ़ें… गढ़ में 58% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके:बीजेपी ने सिर्फ 7% वोट से 121 सीटें कैसे बढ़ाईं; बंगाल नतीजों के 5 फैक्टर्स पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। शाम 4 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 198 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे है, जबकि टीएमसी 89 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 121 बढ़ती दिख रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:25 am

थलापति तमिलनाडु के किंग, लेकिन किंगमेकर कौन:107 सीटें, 35% वोट शेयर; पर्दे के 'मास्टर' ने कैसे बदली 50 साल पुरानी स्क्रिप्ट

‘ये चुनाव विजय Vs स्टालिन की लड़ाई है।’ 23 फरवरी, 2026 को थलापति विजय ने पहली बार ये बात कही। तमिलनाडु के वेल्लोर में उनकी रैली थी। इतने लोग आए कि नेशनल हाईवे-48 थम गया। ट्रैफिक इतना कि 4 घंटे तक गाड़ियां हिल नहीं पाईं। यही दीवानगी वोट में बदली और विजय की सिर्फ दो साल पुरानी पार्टी तमिझागा वेत्री कड़गम तमिलनाडु की सत्ता के करीब पहुंच गई। पॉलिटिक्स में विजय की बिल्कुल फिल्मी एंट्री। तमिलनाडु में 1967 से सत्ता सिर्फ DMK और AIADMK के पास रही। विजय ने इस दीवार को गिरा दिया। लोगों को एक विकल्प की तलाश में थी। सुपरस्टार रजनीकांत पार्टी बनाकर पीछे हट गए, कमल हासन बेअसर रहे, लेकिन विजय ने उस खाली जगह को भर दिया। 4 मई की रात 10 बजे तक TVK 107, DMK 60 और AIADMK 47 सीटें या तो जीत चुके हैं या बढ़त बनाए हुए थे। बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। TVK को सरकार बनाने के लिए 11 सीटों की जरूरत है। अब सरकार बनने के दो सिनेरियो हैं… 1. AIADMK BJP से अलग होकर कुछ मंत्री पदों के बदले सरकार में शामिल हो सकती है। 2. कांग्रेस और PMK या कांग्रेस, कम्युनिस्ट और VCK सरकार को समर्थन दे सकते हैं। विजय को इतनी बड़ी जीत की 5 वजहें 1. विजय का स्टारडम, विजय ही पार्टी, विजय ही मुद्दा 28 साल के भास्कर चेन्नई में रहते हैं। DMK और स्टालिन के समर्थक थे। सरकार का काम भी पसंद करते थे। 23 अप्रैल को वोटिंग वाले दिन थलापति विजय की पार्टी TVK को वोट दे दिया। बोले कि माहौल बदल गया है। अब विजय ही इकलौते विकल्प हैं। वही तमिलनाडु में बदलाव ला सकते हैं। ये सिर्फ भास्कर की कहानी नहीं है। सेंट्रल और नॉर्थ तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में चुनाव से 2 दिन पहले वोटर का मूड बदल गया। चुनाव की कवरेज करते हुए हम थलापति विजय की लहर महसूस कर पा रहे थे। हमने विजय की कई रैलियां और रोड शो भी कवर किए। चेन्नई के टीनगर की रैली में विजय के लिए लोगों में दीवानगी देखी। विजय को देखते ही एक शख्स पहले जोर से चिल्लाया, फिर रोने लगा। विजय की एक झलक के लिए उसने 6 घंटे धूप में खड़े होकर इंतजार किया था। विजय का रोड शो शाम को 4 बजे था, लेकिन भीड़ सुबह 11 बजे से जुटने लगी। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई। हजारों लोग तेज धूप में बैरिकेड के पीछे खड़े रहे। मकसद सिर्फ एक, विजय की एक झलक मिल जाए। बस से 300 किमी सफर करके आया एक लड़का, बेटे को लेकर आई मां, 61 साल की बुजुर्ग महिला सभी को सिर्फ एक बार विजय को देखना था। इन लोगों को नहीं पता था कि विजय सरकार में आकर क्या करेंगे, उनके मेनिफेस्टो में क्या वादे हैं, वे स्टालिन सरकार से क्या अलग करेंगे। फिर भी वे विजय को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते थे। विजय की ये जीत उनके स्टारडम की ही जीत है। विचारधारा, पार्टी, चुनावी गुणा-गणित, लोकलुभावन वादे सब पीछे रह गए। विजय का थलापति कल्ट फिगर इन सब को पछाड़कर आगे निकल गया। पूरे तमिलनाडु में लोग विजय के अलावा न उनकी पार्टी के नेताओं को जानते हैं और न ही दूसरे नेताओं की पार्टी में कोई अहमियत है। विजय की पार्टी से चुनाव लड़े ज्यादातर नेता DMK और AIADMK के बागी या पूर्व नेता हैं। 2. MGR के रास्ते चले, पॉलिटिक्स के लिए फिल्में छोड़ी MGR के नाम से मशहूर एमजी रामचंद्रन भारत के पहले फिल्म स्टार थे, जो मुख्यमंत्री बने। 1977 से 1987 तक तमिलनाडु के CM रहे। उन्होंने ही AIADMK बनाई थी। विजय तमिल फिल्मों में मौजूदा दौर के सबसे बड़े स्टार हैं। करियर के पीक पर रहते हुए राजनीति में एंट्री की। उनसे पहले सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन राजनीति में तब आए थे, जब उनकी फिल्में चलना बंद हो गई थीं। 2024 में आई GOAT फिल्म में विजय डबल रोल में थे। इसने बॉक्स ऑफिस पर 450 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया और उनकी पॉलिटिकल एंट्री से पहले माहौल बना दिया। 2023 में आई लियो ने दुनियाभर में 600 करोड़ रुपए कमाए। 2023 में ही आई फिल्म वारिसु ने विजय को तमिलनाडु का बेटा और अन्ना यानी बड़ा भाई वाली इमेज दी। फिल्में सुपरहिट हो रही थीं, लेकिन अचानक विजय ने पॉलिटिक्स में एंट्री का ऐलान कर दिया। इसके बाद जन नायगम उनकी आखिरी फिल्म होती, लेकिन ये विवादों की वजह से रिलीज ही नहीं हो पाई। 3. फैन क्लब पॉलिटिक्स, लाखों फैन की कार्यकर्ता बन गए थलापति विजय ने भले दो साल पहले पार्टी बनाई हो, लेकिन वे अपने फैन क्लब के जरिए 20 साल से सोशल वर्क कर रहे थे। तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में संगठन बनाना और फिर उनके जरिए सोशल वर्क करना। विजय 20 साल पहले से 2026 की तैयारी कर रहे थे। तमिलनाडु में फैन क्लब कल्चर बहुत बड़ा है। हर सुपरस्टार के इलाकों, शहरों के नाम से फैन क्लब होते हैं। ये क्लब पसंदीदा स्टार के नाम पर सोशल वर्क करते हैं, लेकिन इसके पीछे खुद स्टार ही होता है। विजय के तमिलनाडु में सैकड़ों फैन क्लब हैं। यही फैन क्लब पार्टी स्ट्रक्चर में बदल गए। फैन क्लब का ढांचा काफी हद तक किसी पॉलिटिकल पार्टी की तरह होता है। स्टेट लेवल पर लीडरशिप होती है। इसके बाद इलाकों के हिसाब से कोऑर्डिनेटर्स काम करते हैं। सबसे नीचे एरिया और बूथ वॉलंटियर्स होते हैं। विजय राजनीति में नहीं आए थे, तब तक ये फैन क्लब ब्लड डोनेशन कैंप, मेडिकल कैंप लगाने जैसे काम करते रहे। गरीबों को खाना-कपड़े देकर मदद करते रहे। सरकारी दफ्तरों, अस्पताल, पुलिस, कोर्ट के मामलों में मदद करते रहे। इससे लोगों का विजय पर भरोसा बढ़ता गया। TVK के चीफ स्पोक्सपर्सन फेलिक्स गेराल्ड बताते हैं, 'विजय ने पार्टी नहीं बनाई थी, तब से विजय का फैन क्लब थलापति विजय मक्कल इयक्कम नाम से चलता था। बाद में इसी को पार्टी में बदल दिया गया। 2021 में फैन क्लब से जुड़े 130 लोगों ने लोकल बॉडी चुनाव लड़ा था। इनमें से 115 जीत गए। विजय ने पार्टी लॉन्च करने के पहले ही जमीन का अंदाजा लगा लिया था। कहने को वे 2024 में राजनीति में आए, लेकिन ये उनके फैन क्लब की मेहनत का नतीजा है।’ चुनाव के करीब 2-3 साल पहले से विजय मौजूदा मुख्यमंत्री स्टालिन के खिलाफ प्रचार कर रहे थे। हालांकि BJP और AIADMK के लिए उनका रवैया थोड़ा नरम दिखा। हमने फेलिक्स से पूछा कि विजय BJP को लेकर नरम रवैया क्यों रखते हैं? फेलिक्स जवाब देते हैं, ‘हम भ्रष्टाचार के खिलाफ है। DMK सही मायने में सेक्युलर पार्टी भी नहीं है। हम BJP की भी आलोचना करते हैं। विजय ने साफ किया है BJP वैचारिक रूप से हमारी विरोधी है।’ 4. क्रिश्चियन-मुस्लिम वोट DMK से विजय की तरफ शिफ्ट विजय ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो TVK के मंच से पहली बार कहा- मेरा नाम है जोसेफ विजय। उन्होंने साफ कर दिया कि वे क्रिश्चियन है। तमिलनाडु में मुस्लिम और क्रिश्चियन मिलाकर करीब 12% वोटर हैं। अब तक ये वोट बैंक DMK का था। विजय की एंट्री ने क्रिश्चियन वोट तो काटे ही, मुस्लिमों के भी बड़े तबके को अपने पाले में किया। मुस्लिम और क्रिश्चियन वोट ज्यादातर शहरी इलाकों में हैं। यहीं TVK मजबूत बनकर उभरी है। सीनियर जर्नलिस्ट आर. रंगराज कहते हैं- विजय ने DMK के 13 से 14% और AIADMK के करीब 10% वोट काटकर अपना वोट बैंक बड़ा बना लिया। फर्स्ट टाइम वोटर्स भी विजय की तरफ चले गए। TVK ने 30-33% का बड़ा वोट बैंक अपने पाले में किया है। 5. युवाओं और महिलाओं का एकतरफा समर्थन युवाओं और महिलाओं में विजय के लिए अलग ही दीवानगी है। एक पूरी पीढ़ी उनकी फिल्में देखकर बड़ी हुई है। यही पीढ़ी फर्स्ट और सेकेंड टाइम वोटर है, जिन्होंने विजय को वोट दिया है। युवा और महिला आबादी करीब 2 करोड़ हैं। तमिलनाडु के करीब 20-25% वोटों पर विजय का सीधा असर है। विजय अपनी रैलियों और सभाओं में कास्ट पॉलिटिक्स करते नहीं दिखे। उनका फोकस महिला और युवा वोटबैंक पर रहा। उनकी पार्टी युवाओं और महिलाओं से सीधे जुड़ी। पहली बार वोट देने वाले 18-25 साल के युवाओं के लिए विजय स्टाइल आइकन के साथ-साथ उम्मीद भी थे। नीट का विरोध और शराब के खिलाफ सख्त रुख युवाओं-महिलाओं को विजय के करीब लाया। अल्पसंख्यक, यानी मुस्लिम-क्रिश्चियन और युवा-महिला वोट मिला लें, तो करीब 25% वोट विजय के पक्ष में एकतरफा एकजुट हुआ। बचे वोट DMK और AIADMK में बंट गए। यही विजय की जीत की सबसे बड़ी वजह है। …………………………..चुनाव नतीजों पर ये खबर भी पढ़ें बंगाल में पहली बार BJP सरकार, 206 सीटें जीतीं, TMC को 81 सीटें बंगाल की 293 सीटों के नतीजे आ गए। BJP राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। उसे 206 सीटें मिलीं। ममता की पार्टी TMC सिर्फ 81 पर सिमट गई। 2021 विधानसभा चुनाव की तुलना में TMC को 134 सीटों का नुकसान हुआ है। कांग्रेस के खाते में 2 सीट आईं, वहीं दो सीटें हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी ने जीतीं। दो अन्य के खाते में आईं। भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराया। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:22 am

बंगाल में दीदी को हराने वाले BJP के 5 किरदार:मंच से पुलिस को धमकी भी स्ट्रैटजी, कैसे काम कर गया राजस्थान मॉडल

दो छोटी कहानी… पहली- जब एक ही धोती बदलकर आईं सास और बहू, दूसरी धोती थी ही नहीं साल 2021 का बंगाल चुनाव… ‘मैं मालदा के एक गांव में मिले परिवार को नहीं भूला हूं। परिवार के दो बेटों की हत्या कर दी गई थी। कमाने वाला कोई नहीं था। घर पहुंचा तो सिर्फ सास और बहू मिलीं। पहले सास मिलने आईं। तन पर सिर्फ एक धोती थी। फिर वो अंदर गईं, तो बहू मिलने आई। उन्होंने भी वही धोती पहन रखी थी।’ ’पूछने पर पता चला कि घर में सिर्फ दो धोतियां थीं। एक फटी थी, इसलिए दोनों बारी-बारी एक ही धोती पहनकर मिलने आईं। मकान गिरने की हालत में था। उस वक्त मेरे पास जितने पैसे थे, उन्हें देकर लौट आया। मैंने ये बात गृह मंत्री अमित शाह को बताई। तब उन्होंने ऐसे जरूरतमंद कार्यकर्ताओं की लिस्ट बनाकर खर्च के मुताबिक, उन्हें मदद पहुंचाने को कहा।’ ’इन परिवारों के लिए 8 से 10 हजार रु. महीने के तय किए गए और ये मदद अब तक जारी है। बंगाल में चुनाव के बाद नंदीग्राम, संदेशखाली, कूचबिहार, हावड़ा, हुगली और 24 परगना समेत कई जगहों पर रेप, हत्या और आगजनी की घटनाएं हुईं। आरोप TMC के गुंडों पर लगे। ये कार्यकर्ता और उनके परिवार उसी हिंसा के शिकार थे।’ दूसरी- जब BJP के जिला अध्यक्ष ने चार दिन मोबाइल बंद कर रखा था साल 2026 का बंगाल चुनाव… ‘आसनसोल में अमित शाह की एक चुनावी रैली का जिम्मा संभाल रहा था। यहां चार दिन से BJP जिला अध्यक्ष ने फोन बंद कर रखा था। सीधे रैली के दिन ऑन किया। रैली के बाद मैंने अमित शाह से इसकी शिकायत की। उन्होंने सारी बात सुनी और कहा कि ऐसे लोगों के नाम नोट कर लो, बाद में बात करेंगे।’ ‘अभी शिकायत नहीं, एक्शन का वक्त है। जो है, जितना है, उतने में लगे रहो। अबकी चूकना नहीं, जीतना है। चुनाव के वक्त किसने क्या नहीं किया, उस पर नहीं, किसने क्या किया और क्या करना है, उस पर फोकस करते हैं।’ ये दोनों किस्से यूपी BJP के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने सुनाए। ये बंगाल में पार्टी की मौजूदा जीत के चुनावी किरदार की कहानी है। इस जीत की कहानी के कई किरदार हैं। शुरुआत अमित शाह और उनका दायां हाथ रहे सुनील बंसल से। साथ ही तीसरे अहम किरदार शिवप्रकाश सिंह से, जो BJP के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री हैं। पहला किरदार- अमित शाह2021 की हार की वजहों के निकाला जीत का रास्ता 2 मई 2021 को बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए। दो दिन बाद रिव्यू हुआ। अमित शाह ने सुनील बंसल और शिवप्रकाश को जुलाई के पहले हफ्ते तक डिटेल रिव्यू रिपोर्ट बनाने को कहा। इस रिपोर्ट में हार के जिम्मेदार तीन बातें साफ हुईं। 1. चुनाव के बाद लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में TMC की हिंसा का डर था। 2. ममता के घुसपैठियों ने कई सीटों पर BJP की रणनीति की जानकारी TMC को दी। 3. बंगाल में BJP के कैडर की बूथ लेवल तक पहुंच मजबूत करने की जरूरत है। दूसरा किरदार- सुनील बंसल2023 से ग्राउंड वर्क, 2025 में प्लान तैयार बंगाल में 2023 में पंचायत चुनाव थे। शाह ने फरवरी और अप्रैल में यहां 4-5 दौरे किए और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। फिर सुनील बंसल को पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए बंगाल भेजा। उन्हें 2026 के विधानसभा चुनाव तक वहीं डेरा डालने का आदेश मिला। मकसद पहले पंचायत चुनाव, फिर लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव साधना था। BJP के वरिष्ठ कार्यकर्ता कहते हैं, ‘इन 3 सालों में सुनील बंसल और अमित शाह के बीच सैकड़ों बैठकें हुईं। जनवरी 2025 से लेकर वोटिंग के पहले तक इन बैठकों का दौर बढ़ गया था। सुनील जी हर हफ्ते दिल्ली का चक्कर लगाते और बंगाल के हर छोटे-बड़े घटनाक्रम की जानकारी अमित शाह को देते थे। सुनील जी ने अपने भरोसेमंद लोगों की टीम बनाई, जिसमें राजस्थान के 15-18 सीनियर कार्यकर्ता और नेता चुने गए। शाह-बंसल के करीबी को ममता के गढ़ की कमान राजस्थान में 7 बार के विधायक और नेता प्रतिपक्ष रहे राजेंद्र राठौड़, शाह और बंसल के करीबी हैं। उन्हें भवानीपुर सीट की कमान सौंपी गई। राजेंद्र ने बताया, 'मैं चुनाव से 2-3 महीने पहले ही भवानीपुर आ गया था। मेरी टीम उसके पहले से यहां काम कर रही थी। डर के माहौल, गंदी नालियां और कचरे के ढेर को हमने मुद्दा बनाया। हमने कहा कि क्या ममता बनर्जी के इलाके के लोग गंदी नालियों और कचरे के ढेर के बीच रहने के हकदार हैं।' 'ये गुजरातियों और मारवाड़ियों का इलाका है। पिछले चुनाव में जिन पर BJP को वोट डालने का शक था, नतीजे आने के बाद उनके घर की पाइपलाइन कटवा दी गई थी। उनके घरों के सामने कचरा फेंकवा दिया गया था। काउंसलर्स ने इनसे माफीनामा लिखवाया था। इस बार हमने ये डर खत्म किया।' 'हमने लोगों की सुरक्षा में कार्यकर्ताओं के साथ सेंट्रल फोर्स की मदद ली। ये भी यकीन दिलाया कि चुनाव बाद भी कम से कम 60 दिन तक फोर्स आपकी सुरक्षा में तैनात रहेगी। यहां लोगों के लिए 8 वार्ड में 8 अलग-अलग प्रवासी अध्यक्ष नियुक्त किए गए, जो सभी राजस्थान से थे।' ममता के घुसपैठियों पर नकेल कसी…BJP का माइक्रोमैनेजटमेंट, प्रवासी प्रभारियों की पैरलल टीम बनाई बंगाल में BJP ने हर जिला प्रभारी के ऊपर एक प्रवासी प्रभारी बनाया। पार्टी का चेहरा स्थानीय प्रभारी होता, लेकिन निर्देश बाहरी प्रभारी का चलता ताकि BJP कार्यकर्ता बनकर शामिल हुए ममता के जासूस रणनीति लीक न कर दें। बंगाल की जादवपुर सीट पर प्रवासी प्रभारी अशोक सैनी राजस्थान के अलवर जिले के संगठन प्रभारी हैं। वो चुनाव के 3 महीने पहले से बंगाल में डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने जिले से लेकर बूथ तक के प्रबंधन के बारे में बारीकी से बताया। वे कहते हैं, जादवपुर लोकसभा सीट के प्रभारी दिल्ली के गृहमंत्री आशीष सूद थे। ओहदे के लिहाज से देखें तो सुनील बंसल, भूपेंद्र यादव, आशीष सूद और फिर मैं इस सीट का प्रभारी हूं। मेरे बाद 10 प्रवासी वार्ड प्रभारी भी हैं। हर वार्ड में पार्टी दफ्तर खोला, 1000 से ज्यादा बैठकें कीं - अशोक सैनी ने बताया, जादवपुर में 352 बूथ हैं। हर बूथ में हमने 3-4 मीटिंग कीं। कुल मिलाकर 3 महीनों में अपने जिले में हमने 1000 से ज्यादा बैठकें कीं। 4 से 5 बूथ मिलाकर एक शक्तिकेंद्र बनाया, जहां बैठकें हुईं। - जिले में 10 वार्ड थे और सभी में पार्टी दफ्तर खोला। वार्ड चुनाव में पार्टी कैंडिडेट बुरी तरह हारे, लेकिन हमने उन्हें अपना साथी बनाया और उनमें दोबारा जोश भरा। - सुनील जी और भूपेंद्र जी ने एक दिन भी गैप किए बगैर हमसे बात की और रोज की रिपोर्ट ली। - यहां भी TMC के गुंडे एक्टिव हुए और मारपीट की। हमने 3 महीनों में करीब 5-6 शिकायतें लिखित में दीं। - हमारी विधानसभा सीट में करीब 15 मंदिर कमेटियां और 12-14 क्लब हैं। पिछले तीन महीनों में मंदिर कमेटियों और क्लबों में रोज संपर्क किया। डर का माहौल खत्म किया…TMC के गुंडों और पुलिस को चेतावनी प्लानिंग का हिस्सा BJP के सीनियर लीडर ने बताया, 'अमित शाह की टीम ने बंगाल में ममता दीदी के खौफ से लेकर BJP के भरोसे तक के सफर के लिए नारे गढ़ने का काम किया। कई स्लोगन बनाए और कई सीन क्रिएट किए गए। जैसे- - 11 अप्रैल 2026: अमित शाह ने बांकुड़ा की एक रैली में TMC के गुंडों को चेतावनी देते हुए कहा- 'चुनाव के दिन TMC के गुंडे घर से बाहर न निकलें।' - 5 अप्रैल 2026: पूर्व वर्धमान जिले के जमालपुर में अमित शाह की जनसभा में पुलिस भीड़ की तरफ जैसे बढ़ी, तभी शाह ने भाषण रोका और कहा- 'ओ बंगाल पुलिस, जरा वापस जाओ।' वे आगे कहते हैं, ‘ये चेतावनी स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि प्लानिंग का हिस्सा थी। ममता के गुंडे यानी कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि पुलिस का खौफ पूरे बंगाल में था। पुलिस को कैसे सरेआम चेतावनी दी जाए। कैसे जनता के बीच ममता के ऊपर शाह की दबंग छवि गढ़ी जाए, ये सब प्लानिंग का हिस्सा थी।‘ तीसरा किरदार- शिवप्रकाश सिंहसंघ के ग्राउंड वर्क का लेखा जोखा रखा, BJP से तालमेल बैठाया BJP में राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश सिंह बंगाल की कोर टीम के अहम किरदार थे। उनका काम RSS कार्यकर्ताओं और BJP के बीच तालमेल बैठाना था। 2021 के विधानसभा चुनाव से एक साल पहले उन्होंने बंगाल को अपना ठिकाना बनाया। वे अब तक वहीं डटे हैं। उन्होंने ये काम किए… - राइट विंग को एक्टिव किया: VHP, RSS, बजरंग दल और हिंदूवादी दूसरे संगठनों की सक्रिय रखा। - धार्मिक संगठनों से बातचीत: जैसे नादिया में इस्कॉन का प्रभाव है, तो उनके साथ कई कार्यक्रम किए। इसी तरह हर क्षेत्र में प्रमुख मठों और मंदिरों के लोगों से संपर्क कर कार्यक्रम किए और वहां आने-जाने वालों से संपर्क बढ़ाया। - व्यापारी वर्ग से बातचीत: कमीशनखोरी से परेशान व्यापारी वर्ग के साथ गुपचुप मीटिंग की। ये वर्ग ममता दीदी के साथ दिखा, लेकिन इनका मन चुनाव करीब आते-आते बदलता गया। - संघ ने 2 लाख से ज्यादा बैठकें कीं: RSS और उसके आनुषांगिक संगठनों ने हर वर्ग के साथ पिछले 3 साल में 2 लाख छोटी-बड़ी बैठकें कीं। चौथा किरदार: अमित मालवीय 3000 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का नेटवर्क बनाया BJP आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूबबर) का एक नेटवर्क बनाया। पूरे राज्य में छोटे-बढ़े मिलाकर 3000 से ज्यादा इंफ्लुएंसर हायर किए गए। क्राइटेरिया ये रखा गया कि इंफ्लुएंसर के पास कम से कम 5 हजार फॉलोअर्स हों। इन्हें स्टोरी और महीने के हिसाब से पैसा दिया गया। इंफ्लुएंसर्स की टीम पिछले 4 महीने से राज्य के 4 और 5 स्टार्स होटलों में रहकर काम कर रही है। पांचवा किरदार: भूपेंद्र यादवमंडल से बूथ तक के लिए लोगों की नियुक्तियां मंडल स्तर पर 4-5 महीने पहले 20 से 30 हजार रु. सैलरी पर लोगों की नियुक्ति की गई। इन्होंने बूथ स्तर पर अपनी टीमें बनाई और इन लोगों को हर महीने 500 से 2000 रु. दिए गए। इसके अलावा खाना-पीना और पेट्रोल दिया गया। ममता को हराने वाले सुवेंदु आज्ञापालक की भूमिका में.. ममता के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले और बंगाल में BJP के सबसे बड़े नेता सुवेंदु अधिकारी रणनीतिकार नहीं, बल्कि आज्ञापालक की भूमिका में रहे। उनके स्थानीय कनेक्शन और नेटवर्क का इस्तेमाल BJP ने रणनीति को अंजाम देने में किया। ……………..ये खबर भी पढ़ें… गढ़ में 62% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 129 बढ़ गईं। ममता अपना गढ़ भी नहीं बचा पाईं। जिन 119 सीटों पर टीएमसी पिछले 15 साल से लगातार काबिज थी, उनमें से 74 सीटें यानी करीब 62% सीटें बीजेपी छीन ली हैं। ये सब कैसे हुआ, पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:22 am

बीजेपी की बंगाल जीत में SIR का कितना रोल:केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस कैसे लौटी; नतीजों के पीछे की पूरी कहानी

बंगाल में बीजेपी ने हिंदुत्व का वो रूप दिखाया जो उत्तर भारत से बिल्कुल अलग था- माछ भात खाते हुए, मां काली का नाम लेते हुए। असम में मुस्लिम वोट इस तरह बंटे कि विपक्ष का गणित ही बिगड़ गया। केरलम में राहुल गांधी ने भगवान अयप्पा के नाम पर वो नैरेटिव सेट किया, जिसे लेफ्ट काट नहीं पाया। और तमिलनाडु में विजय ने साबित किया कि स्टारडम अगर सही रणनीति से मिले, तो वो असली राजनीतिक ताकत बन जाता है। हर राज्य का अपना फॉर्मूला था। हर जीत के पीछे एक अलग कहानी। इलेक्शन एक्सप्लेनर में जानिए वो 5 फैक्टर, जो इन नतीजों की असली वजह बने… बंगाल में बीजेपी ने माछ-भात और मां काली के दम पर साधे हिंदू वोटर असम में मुस्लिम वोट बंटे, तो कामयाब हुई बीजेपी केरलम में UDF ने एकजुट किए मुस्लिम-ईसाई वोटर बंगाल में बीजेपी के पक्ष में रहा SIR असम में परिसीमन के बाद 36% मुस्लिम बहुल सीटें घटीं बंगाल में ममता की 15 साल की एंटी-इनकमबेंसी असम में हिमंता की बेतहाशा पॉपुलैरिटी सुपरस्टार से नेता बने विजय ने बदली तमिल राजनीति केरलम में विजयन विवादों में घिरे, 10 साल की एंटी-इनकमबेंसी बंगाल में बीजेपी ने महिलाओं को ₹3000 देने का वादा किया तमिलनाडु में विजय ने साधे महिला और युवा वोटर जहां टीएमसी ने 3 चुनाव जीते, वैसी 74 सीटें बीजेपी ने जीतीं तमिलनाडु में DMK के गढ़ में विजय ने वोट झटके ----------- चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… मोदी सरकार देशभर की महिलाओं को दे सकती है सीधा कैश, गंगोत्री से गंगासागर तक बीजेपी; चुनावी नतीजों से क्या क्या बदलेगा हिंदुत्व की राजनीति का बड़ा प्रतीक है गंगा। बंगाल में प्रचंड जीत के बाद अब गंगोत्री से गंगासागर तक, गंगा किनारे के चारों बड़े राज्यों में बीजेपी की सरकार होगी। अपवाद सिर्फ 45 किमी का वो इलाका है, जहां गंगा झारखंड में बहती है। अब देश के 22 राज्यों में एनडीए की सरकार और 17 में बीजेपी के मुख्यमंत्री होंगे। इससे पहले 2018 में 21 राज्यों में एनडीए की सरकार थी। अब बीजेपी ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:19 am

हर जगह हार रही कांग्रेस, केरलम में कैसे जीती:तमिलनाडु में विजय और असम में हिमंता का जादू क्यों चला; 4-4 पॉइंट्स में वजहें

बंगाल में बीजेपी की जीत के अलावा इस समय लोगों के मन में तीन बड़े सवाल हैं। असम में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनती क्यों दिख रही है, तमिलनाडु में सुपरस्टार विजय ने पहले ही चुनाव में इतना बड़ा करिश्मा कैसे कर दिखाया और चारों राज्यों में हार रही कांग्रेस केरलम में कैसे जीती? इन तीनों सवालों के जवाब और नतीजों का असर; जानेंगे इलेक्शन एक्सप्लेनर में… असम में बीजेपी 95 सीटों पर जीतती दिख रही है। लेटेस्ट टैली ये रही- असम में BJP की जीत के 4 बड़े फैक्टर 1. परिसीमन के बाद 36% मुस्लिम बहुल सीटें घटीं 2. कांग्रेस और AIUDF के मुस्लिम वोट बंटे, बीजेपी को फायदा 3. हिमंता बिस्व सरमा की पॉपुलैरिटी और हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण 4. कांग्रेस के सीनियर नेता बीजेपी में आए असम नतीजों का क्या असर होगा? पूरे नॉर्थ-ईस्ट में बीजेपी की पकड़ मजबूत होगी: हिमंता पहले ही अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय में BJP के विस्तार का काम कर चुके हैं। मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में बीजेपी सहयोगी पार्टी है, जबकि मिजोरम में अभी एक छोटी पार्टी है। तीसरी बार असम जीतने का मतलब होगा कि नॉर्थ ईस्ट में उनका 'हिंदुत्व मॉडल' स्थापित हो रहा है। हिमंता की राष्ट्रीय छवि चमकेगी: हिमंता बिस्वा सरमा का कद बढ़ेगा। अभी तक उन्हें नॉर्थ-ईस्ट की ही जिम्मेदारियां और अन्य राज्यों में चुनाव प्रचार का काम दिया गया है। इस जीत के बाद केंद्र में भी उनकी भूमिका बढ़ सकती है। नॉर्थ ईस्ट में कांग्रेस के अस्तित्व पर संकट: कांग्रेस के सीनियर नेता लगातार बीजेपी में जा रहे हैं। इससे ग्राउंड कैडर और कार्यकर्ताओं में मोटिवेशन कम हो रहा है। ऐसे में नॉर्थ-ईस्ट में फिर से पार्टी को रिवाइव करना मुश्किल होगा। तमिलनाडु में TVK 105 सीटों पर जीतती दिख रही है। मौजूदा टैली ये रही- तमिलनाडु में TVK की जीत के 4 बड़े फैक्टर 1. फिल्म करियर के पीक पर रहते हुए राजनीति में एंट्री 2. युवा और महिला वोटरों को साधने में सफल हुए विजय 3. DMK के गढ़ में सेंधमारी की, वोट काटे 4. पारंपरिक पार्टियों से ऊबे वोटर्स के लिए तीसरा विकल्प बनकर उभरे तमिलनाडु नतीजों का क्या असर होगा? केरलम में कांग्रेस की अगुआई वाली UDF 60 सीटों पर जीतती दिख रही है। मौजूदा टैली ये रही- केरलम में UDF की जीत के 4 बड़े फैक्टर 1. LDF की 10 साल की एंटी-इनकम्बेंसी 2. मुस्लिम और ईसाई वोटों का एकजुट होना 3. LDF विवादों में घिरी 4. BJP ने हिंदू और ईसाई वोट काटे केरलम नतीजों का क्या असर होगा? देश में एक भी लेफ्ट नेतृत्व की सरकार नहीं रहेगी: पूरे देश में केरलम इकलौता राज्य है जहां लेफ्ट सत्ता में है। LDF की हार से देश में वामपंथ के अस्तित्व पर खतरा होगा। बीजेपी के लिए स्कोप बनेगा: इस चुनाव में बीजेपी बड़ा नंबर नहीं ला पाई, लेकिन उसने वोट काटने का काम किया है। बीजेपी ने हिंदुओं और ईसाइयों को साधकर लेफ्ट और UDF दोनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। लेफ्ट के कमजोर होने से बीजेपी को यहां पैर जमाने का मौका मिलेगा। दक्षिण में कांग्रेस मजबूत होगी: दक्षिण भारत में अभी कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस सरकार है। अब केरलम में भी जीत के साथ दक्षिण में कांग्रेस और मजबूत होगी।------------------- ग्राउंट इनपुट्स ------------------ ये खबर भी पढ़ें… गढ़ में 55% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके:बीजेपी ने सिर्फ 7% वोट से 117 सीटें कैसे बढ़ाईं; बंगाल नतीजों के 5 फैक्टर्स पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। दोपहर 1 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 184 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे है, जबकि टीएमसी 91 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 117 बढ़ती दिख रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 4 May 2026 7:30 pm

गढ़ में 55% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके:बीजेपी ने सिर्फ 7% वोट से 117 सीटें कैसे बढ़ाईं; बंगाल नतीजों के 5 फैक्टर्स

पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। दोपहर 1 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 184 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे है, जबकि टीएमसी 91 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 117 बढ़ती दिख रही हैं। ममता अपना गढ़ भी नहीं बचा पाईं। जिन 119 सीटों पर टीएमसी पिछले 15 साल से लगातार काबिज थी, उनमें से 65 सीटें यानी करीब 55% सीटें बीजेपी छीनती दिख रही है। लेकिन ये सब कैसे हुआ, जानेंगे इलेक्शन एक्सप्लेनर में… सबसे पहले वो आंकड़ा, जो बीजेपी की जीत की गहराई को बताता है… अब जानिए बीजेपी की जीत के 5 बड़े फैक्टर… 2011 में खाता न खोल पाने वाली बीजेपी ने 2021 में 77 सीटें जीतीं और अब बंगाल में सरकार बनाने वाली है। पिछली दो बार आंकड़े साफ बताते हैं कि बीजेपी को 50% से ज्यादा हिंदुओं का वोट मिला। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है- हिंदू वोटर्स का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण। हिंदुओं को लामबंद करने के लिए इस चुनाव में बीजेपी ने कई दांव चले… हिंदू ध्रुवीकरण के आड़े आ रहे ‘माछ-भात’ को हथियार बनाया ‘काबा बनाम मां काली’ का नैरेटिव बनाया ममता ने बतौर नेता और सीएम अपना महिला वोट बैंक तैयार किया। टीएमसी में 9 महिला सांसद और 39 महिला विधायक भी हैं। बीजेपी ने ममता के इसी कोर वोटबैंक को साधा… महिलाओं को ₹3000 देने का वादा, सरकारी नौकरी में 33% आरक्षण महिला आरक्षण बिल के नाम पर टीएमसी को महिला-विरोधी बताया पीड़ित महिलाओं के परिजनों को टिकट दिए पीएम, 12 सीएम, 15 केंद्रीय मंत्रियों ने मांगे वोट 15 दिन तक बंगाल में रहे शाह 4 केंद्रीय + 4 बंगाली नेताओं का कोर ग्रुप बनाया बूथ से जिले तक का माइक्रो-मैनेजमेंट बीजेपी के बंगाल जीतने से नेशनल पॉलिटिक्स पर क्या असर पड़ेगा? ***** ग्राफिक्स- दृगचंद्र भुर्जी------------------- चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… दीदी बोली थीं- तृणमूल रही तो फिर मिलेंगे:मोदी ने कहा- प्याज खाता हूं, दिमाग नहीं, राहुल का तीर मिस; चुनाव के वायरल मोमेंट्स ‘रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे, तृणमूल रहा तो फिर मिलेंगे।’ बंगाल नतीजो में टीएमसी हारती दिखी, तो ममता बनर्जी का ये डॉयलाग फिर वायरल हो गया। 5 राज्यों के चुनाव के दौरान ऐसे कई मोमेंट्स आए, जिन्हें हमने 3 मिनट के वीडियो में बुना है। क्लिक करके देखिए

दैनिक भास्कर 4 May 2026 2:37 pm

दीदी बोलीं- तृणमूल रही तो फिर मिलेंगे:मोदी ने कहा- प्याज खाता हूं, दिमाग नहीं, राहुल का तीर मिस; चुनाव के वायरल मोमेंट्स

‘रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे, तृणमूल रहा तो फिर मिलेंगे।’ बंगाल नतीजो में टीएमसी हारती दिखी, तो ममता बनर्जी का ये डॉयलाग फिर वायरल हो गया। 5 राज्यों के चुनाव के दौरान ऐसे कई मोमेंट्स आए, जिन्हें हमने 3 मिनट के वीडियो में बुना है। ऊपर तस्वीर पर क्लिक करके आप भी देखिए-

दैनिक भास्कर 4 May 2026 12:51 pm

जर्मनी में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती में कटौती के बाद भी मर्ज ने दोनों देशों में सहयोग जारी रखने का किया वादा

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हाल ही में हुए जुबानी तनाव के बावजूद वह अमेरिका के साथ सहयोग नहीं छोड़ेंगे।

देशबन्धु 4 May 2026 8:30 am

सीनेटर वार्नॉक ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की, बताया मतदान अधिकारों पर बड़ा झटका

डेमोक्रेटिक सीनेटर राफेल वार्नॉक ने रविवार को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के मतदान अधिकारों से जुड़े फैसले की कड़ी आलोचना की

देशबन्धु 4 May 2026 6:59 am

ममता को बाल से खींचकर बाहर फेंका गया:18 साल बाद बदला लिया, सोनिया की कांग्रेस को जीरो किया; ‘दीदी’ की पूरी कहानी

30 अप्रैल 2026। रात करीब 8 बजे। कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल के बाहर भारी बारिश हो रही थी। तभी एक गाड़ी आकर रुकी। सफेद साड़ी, पैरों में रबड़ की चप्पल। अपने सिग्नेचर स्टाइल में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उतरीं, और सीधे स्ट्रॉन्ग रूम की तरफ बढ़ चलीं। केंद्रीय बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। ममता ने चुनाव नियमों का हवाला दिया और अंदर चली गईं। करीब चार घंटे तक वहीं डटी रहीं। रात 12 बजे बाहर निकलीं और कहा- अगर EVM चुराने या काउंटिंग में धांधली हुई, तो हम जान की बाजी लगाकर लड़ेंगे। जवाब में BJP ने कहा– ये हार का डर है। लेकिन जो लोग ममता बनर्जी को जानते हैं, उनके लिए यह कोई नई बात नहीं थी। यह वही ममता हैं, जो 1975 में जेपी की कार के बोनट पर चढ़ गई थीं। जिन्हें 1993 में राइटर्स बिल्डिंग की सीढ़ियों पर बालों से पकड़कर घसीटा गया, तो 18 साल बाद बदला लिया। और जो 2021 में प्लास्टर चढ़े पैर के साथ व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव जीती थीं। मंडे मेगा स्टोरी में उन्हीं ‘स्ट्रीट फाइटर दीदी’ यानी ममता बनर्जी की रोचक कहानी… ****अब 2026 का चुनाव सिर्फ वोट की लड़ाई नहीं है। ममता ने इस बार ‘बंगाली अस्मिता’ को अपनी सबसे बड़ी ढाल बनाया। केंद्र सरकार को रैलियों में ‘दिल्ली के जमींदार’ कहा। खुद को ‘बंगाल की उस क्रांतिकारी मिट्टी की बेटी’ बताया जो अपने लोगों की गरिमा के लिए आखिरी सांस तक लड़ने को तैयार है। यह कहानी 30-B हरीश चटर्जी स्ट्रीट के उस दो कमरे के मकान से शुरू हुई थी। उस मोनाबाबा से, जिसने 15 साल की उम्र में अपना बचपन गंवाया और एक जिद ठान ली कि लड़ती रहूंगी। कार के बोनट से लेकर व्हीलचेयर तक, रॉइटर्स बिल्डिंग की सीढ़ियों से लेकर भवानीपुर के स्ट्रॉन्ग रूम तक- वह जिद आज भी जिंदा है। लेकिन ममता अर्श पर रहेंगी या फर्श पर, ये आज विधानसभा चुनाव के नतीजों से तय होगा।****** ग्राफिक्स: अंकुर बंसल और महेंद्र वर्मा --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में BJP की सरकार बनती क्यों दिख रही:मछली का भोज, शाह की नई स्ट्रैटजी और SIR; BJP के 5 बड़े दांव पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद हुए ज्यादातर एग्जिट पोल में BJP की सरकार बनती दिख रही है। 7 में से 5 बड़ी एजेंसियों के सर्वे बीजेपी को बहुमत से ज्यादा सीटें दे रहे हैं। नतीजे 4 मई को आएंगे। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 4 May 2026 5:10 am

पश्चिम एशिया में बदला शक्ति संतुलन: हमलों में 16 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आठ देशों में फैले अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों पर हमले हुए। इनमें कुवैत, कतर और इराक जैसे देश शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ ठिकानों को गंभीर क्षति पहुंचने की बात कही गई है।

देशबन्धु 3 May 2026 2:51 pm

होर्मुज में सख्ती बढ़ाने के डोनाल्‍ड ट्रंप ने दिए संकेत, ईरान बोला- फिर भड़क सकता है युद्ध

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य इस समय दोनों देशों के बीच तनाव का मुख्य केंद्र बना हुआ है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि इस मार्ग से होने वाली तेल आपूर्ति में और अधिक व्यवधान आ सकता है।

देशबन्धु 3 May 2026 2:16 pm

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की हालत बेहद गंभीर, ICU में भर्ती; अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता

नरगिस मोहम्मदी से जुड़े एक फाउंडेशन ने उनकी सेहत को लेकर चिंताजनक जानकारी साझा की है। फाउंडेशन के अनुसार, नरगिस को अस्पताल ले जाने से पहले दो बार बेहोशी की स्थिति का सामना करना पड़ा।

देशबन्धु 3 May 2026 2:03 pm

अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई को 'पाइरेसी' बताने पर विवाद, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की उठाई मांग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को लेकर विवाद और गहरा गया है, जिसमें उन्होंने ईरानी जहाजों की जब्ती कार्रवाई को पाइरेट्स जैसा (समुद्री लुटेरों) बताया

देशबन्धु 3 May 2026 9:22 am

ईरान के प्रस्ताव पर ट्रंप का सख्त रुख

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से भेजे गए नए प्रस्ताव पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वह जल्द ही इसकी समीक्षा करेंगे, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगा

देशबन्धु 3 May 2026 9:08 am

भाजपा अगर 500-700 वोटों से आगे हो, तो दोबारा गिनती की मांग करें: सीएम ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के काउंटिंग एजेंटों को निर्देश दिया कि वे उन बूथों पर तत्काल दोबारा गिनती की मांग करें

देशबन्धु 3 May 2026 7:30 am

बांग्लादेश बार एसोसिएशन चुनाव: अवामी लीग से जुड़े वकीलों के नामांकन रद्द होने पर वैश्विक आलोचना

बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने 13-14 मई को होने वाले चुनाव के लिए 90 में से 42 वकीलों के नामांकन पत्र यह कहते हुए खारिज कर दिए कि उनका अवामी लीग से संबंध है

देशबन्धु 3 May 2026 7:10 am

पाकिस्तान: मानवाधिकार वकीलों की अपील सुनवाई में देरी पर अधिकार संगठन चिंतित

पाकिस्तान के मानवाधिकार परिषद (एचआरसी-पाकिस्तान) ने शनिवार को सरकार और संबंधित न्यायिक अधिकारियों से मानवाधिकार वकील ईमान ज़ैनब मजारी-हाज़िर और हादी अली चट्ठा के कानूनी अधिकारों की तत्काल रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की

देशबन्धु 3 May 2026 6:50 am

तिब्बत में चीन के कथित अत्याचारों पर अमेरिका का सख्त रुख, नया बिल पेश

अमेरिका के सीनेटर रिक स्कॉट और जेफ मर्कले ने हाल ही में 'तिब्बत एट्रोसिटीज डिटरमिनेशन एक्ट' पेश किया है

देशबन्धु 3 May 2026 6:30 am

आईडीएफ का सबसे बड़ा वार, हिजबुल्लाह के 120 ठिकाने ध्वस्त

इजराइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने बताया कि उसने हिजबुल्लाह के लगभग 120 ठिकानों पर हमला किया है

देशबन्धु 3 May 2026 6:16 am

दक्षिण कोरिया-ईरान में बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट पर सुरक्षित आवाजाही शुरू करने की अपील

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बात की और होर्मुज स्‍ट्रेट से फिर से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही शुरू करने की अपील की।

देशबन्धु 3 May 2026 6:00 am

खसरे की चपेट में बांग्लादेश, यूनुस सरकार की नीतिगत बदलाव बना कारण

बांग्लादेश इस समय खसरे (मीजल्स) की गंभीर महामारी से जूझ रहा है। मार्च मध्य से अब तक देश में 32,000 से अधिक संदिग्ध मामले और 250 से ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें अधिकांश छोटे बच्चे शामिल हैं।

देशबन्धु 2 May 2026 11:44 pm

ईरान के जंजान में भीषण धमाका, रिवोल्यूशनरी गार्ड के 14 जवानों की मौत

ईरानी मीडिया और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब आईआरजीसी के जवान इलाके में बचे हुए गोला-बारूद और क्लस्टर बमों को हटाने और निष्क्रिय करने का काम कर रहे थे।

देशबन्धु 2 May 2026 1:03 pm

ट्रंप ने सांसदों को लिखी चिट्ठी, कहा 'ईरान संघर्ष समाप्त'

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सांसदों को बताया कि ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त हो चुका है, इसलिए संसद से सैन्य कार्रवाई के लिए मंजूरी लेने की तय समय सीमा उन पर लागू नहीं होती

देशबन्धु 2 May 2026 9:22 am

जर्मनी से 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की योजना बना रहा पेंटागन: मीडिया

पेंटागन जर्मनी से करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की योजना बना रहा है, ऐसा एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने बताया।

देशबन्धु 2 May 2026 9:10 am

अमेरिका ने ट्रेड डील तोड़ी तो ऑटो टैरिफ पर हमारे ‘सभी विकल्प खुले’: यूरोपीय यूनियन

यूरोपीय यूनियन ने कहा कि यदि अमेरिका साझा व्यापार समझौते के विपरीत कदम उठाता है, तो वह अपने हितों की रक्षा के लिए “सभी विकल्प खुले” रखेगा

देशबन्धु 2 May 2026 9:02 am

ईरान से बातचीत अनिश्चित, समझौते और सैन्य कार्रवाई दोनों विकल्प खुले: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत अभी भी अनिश्चित बनी हुई है

देशबन्धु 2 May 2026 8:20 am

पाकिस्तान : बलूचिस्तान में सड़क निर्माण साइट हमले की बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने ली जिम्मेदारी

बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने शुक्रवार को 29 अप्रैल को हुए हमले की ज‍िम्मेदारी ली

देशबन्धु 2 May 2026 7:40 am

पाकिस्तान : खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस वाहन पर रॉकेट से हमला, एक कांस्टेबल की मौत, दो घायल

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू शहर में कंगर जान बहादुर इलाके में सशस्त्र हमलावरों ने एक पुलिस वाहन को रॉकेट हमले का निशाना बनाया, जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई और दो अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए।

देशबन्धु 2 May 2026 5:20 am