अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नया कदम उठाया है. उन्होंने दुनिया भर पर 10% का नया टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. जो करीब 5 महीने तक लागू रहेगा. इस दौरान आगे और सख्त टैक्स लगाने की तैयारी भी की जाएगी.
बांग्लादेश में अब BNP की सरकार है। बीते 18 साल लंदन में रहे तारिक रहमान प्रधानमंत्री हैं। बहुमत से चुनी गई नई सरकार के सामने देश की इकोनॉमी को दोबारा पटरी पर लाने, भारत से रिश्ते सुधारने, अल्पसंख्यकों की हिफाजत करने के साथ ही कट्टरपंथ से निपटने की चुनौतियां हैं। दैनिक भास्कर ने BNP के सेंट्रल कमेटी मेंबर और सांसद डॉ. अब्दुल मोईन खान से बात की। पार्टी और सरकार की पॉलिसी बनाने में उनका अहम योगदान होता है। मोईन खान PM रहमान के करीबी सलाहकार माने जाते हैं। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: तारिक रहमान सरकार के सामने सबसे बड़ी तीन चुनौतियां क्या हैं?जवाब: सरकार के सामने पहली चुनौती इकोनॉमी को सुधारना है। बांग्लादेश से लाखों डॉलर बाहर ले जाए गए। इंडस्ट्री खत्म कर दी गई हैं। कारोबारी सरकार का हिस्सा बन गए। दूसरी चुनौती लोकतांत्रिक ढांचे को बेहतर बनाना है। तीसरी चुनौती संस्थाओं की बहाली करने की है। ब्यूरोक्रेसी से लेकर ज्यूडिशियरी और बैंकिंग सिस्टम तक, सब बहाल करना है। सवाल: बांग्लादेश और भारत ने बीते डेढ़ साल में रिश्तों का खराब दौर देखा है। नई सरकार इस पर क्या करने वाली है?जवाब: अवामी लीग की तानाशाही और गलत नीतियों की वजह से ये हालात बने हैं। बांग्लादेश की विदेश नीति का मूलमंत्र है- दोस्ती सभी के साथ, दुश्मनी किसी से नहीं। BNP इसी पर यकीन करती है। हम आगे भी इसी पॉलिसी को फॉलो करेंगे। विदेश नीति की ताली एक हाथ से नहीं बजती। इसमें दोनों तरफ से गर्मजोशी होनी चाहिए। भारत जैसे पड़ोसी मुल्क के साथ रिश्ते इस बात पर निर्भर करते हैं कि भारत ने अपनी पॉलिसी में कैसे बदलाव किए हैं। भारत के नेताओं, फॉरेन और डिफेंस पॉलिसी बनाने वालों को साथ मिलकर बांग्लादेश के लिए पॉलिसी बनानी चाहिए। मुझे लगता है कि भारत को बांग्लादेश के लिए विदेश नीति में बदलाव करना होगा। उसे समझना होगा कि पिछले डेढ़ दशक में क्या गड़बड़ी हुई है। सवाल: शेख हसीना अब भी दिल्ली में हैं। क्या ये बांग्लादेश-भारत के बीच टकराव की वजह बनेगा?जवाब: निश्चित तौर पर यह मुद्दा है। अगर आप किसी से पूछेंगे कि आपके देश को जिसने बर्बाद किया और वो दूसरे देश में पनाह लिए हुए है, तो ये भावना आनी स्वाभाविक है। सवाल: क्या आप शेख हसीना की वापसी चाहते हैं?जवाब: बिल्कुल। भारत पर निर्भर करता है कि वो क्या करना चाहते हैं। अगर किसी ने 18 करोड़ लोगों के साथ नाइंसाफी की है, तो इंसाफ होना चाहिए। मुझे लगता है कि भारत बांग्लादेश के बारे में अपनी समझ बढ़ाएगा। अगर वे अपनी विदेश नीति की खामियों पर सोचेंगे, तो निश्चित तौर पर कोशिश करेंगे। सवाल: क्या रहमान सरकार हसीना को वापस बांग्लादेश भेजने की मांग करेगी?जवाब: हमारे नेता तारिक रहमान ने कहा है कि हम नफरत की राजनीति नहीं करते हैं। हम ये तय करना चाहते हैं कि इंसाफ हो। बांग्लादेश के लोगों ने इस पर खुद राय बनाई है। इस मामले में कानूनी रास्ते और प्रक्रिया को देखा जाएगा। सवाल: अल्पसंख्यकों पर हाल में बार-बार हमले हुए हैं, क्या कानून व्यवस्था नई सरकार के सामने बड़ी चुनौती रहेगी?जवाब: बांग्लादेश के लोग धार्मिक प्रवृत्ति के हैं। वे धार्मिक तौर पर कट्टर हैं, ये कहना सही नहीं होगा। बांग्लादेश में इस्लाम को मानने वाले ज्यादा हैं, लेकिन उनकी सोच हिंदू, क्रिश्चियन, बौद्ध सभी को लेकर खुली हुई है। कुछ लोग धर्म को राजनीति का टूल बनाने की कोशिश करते हैं। सवाल: बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का विरोध करने वाली जमात चुनाव हार गई। क्या उनकी राजनीति लोगों को पसंद नहीं आई?जवाब: बांग्लादेश का जन्म लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ हुआ था। हम पाकिस्तान से अलग इसलिए हुए थे क्योंकि तब ईस्ट पाकिस्तान के लोगों को लगा कि पाकिस्तान के लोकतंत्र में उनके लिए जगह नहीं है। हमने आजादी की लड़ाई में हजारों लोगों का खून दिया है। बांग्लादेश के लोगों ने हमेशा सही का साथ दिया है। बांग्लादेश के लोगों ने लोकतंत्र के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। इसलिए लोकतंत्र की सुरक्षा करना बहुत जरूरी है। सवाल: बांग्लादेश में चुनाव के साथ रेफरेंडम भी हुआ है। संविधान में बदलाव के पक्ष में वोट डाले गए। नई सरकार इसे कैसे आगे ले जाएगी?जवाब: BNP ने रेफरेंडम पर साइन किए हैं। हम धीरे-धीरे इसे लागू करेंगे। विचार ये था कि ऐसे बदलाव किए जाएं कि बांग्लादेश में फिर कभी तानाशाही न आए। सवाल: चुनाव में अल्पसंख्यक समुदाय से सिर्फ 3 सांसद चुनकर आए हैं। 10% आबादी के लिए सिर्फ 3 सीटें?जवाब: बांग्लादेश में रिजर्व सीटें सिर्फ महिलाओं के लिए हैं। अल्पसंख्यकों के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं है। हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यक शब्द का इस्तेमाल नहीं करते। हमारी पहचान धर्म नहीं बल्कि बांग्लादेश की नागरिकता है। मैं माइनॉरिटी शब्द को गरीब लोगों के लिए इस्तेमाल करना पसंद करूंगा। सवाल: आप नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के काफी करीब हैं, उनकी खूबियां क्या हैं?जवाब: वे काफी खुले विचारों के हैं। दूसरे लोगों को सुनना पसंद करते हैं। नए विचारों के लिए खुली सोच रखते हैं। उनकी उम्र करीब 60 साल है, लेकिन उन्हें देखकर नहीं लगता। कई लोग उन्हें युवाओं का लीडर भी कहते हैं। सवाल: तारिक रहमान के बारे में कोई वाकया बताइए, जिससे उनकी शख्सियत के बारे में पता चले?जवाब: तारिक रहमान का तरीका ट्रेडिशनल नहीं है। उसमें नयापन है। एक बार वे रैली में बोल रहे थे, तभी भीड़ में से एक शख्स को बुलाया और सभी के सामने उससे बात की। ये उनकी स्टाइल है। लोगों को ये पसंद आ रही है। सवाल: लोग बांग्लादेश की नई सरकार से क्या चाहते हैं?जवाब: सरकार गरीबों को सपोर्ट करने के लिए होती है। अमीर लोग सरकार से कुछ नहीं चाहते। वे खुद अपना ख्याल रख सकते हैं। ये सिर्फ हमारे देश की बात नहीं है, बल्कि आपके देश में भी यही होता है। लोग सरकार से अच्छा हेल्थ और एजुकेशन सिस्टम चाहते हैं। सवाल: अमेरिका में ट्रम्प सरकार आने के बाद पूरी दुनिया की राजनीति तेजी से बदल रही है। अमेरिका, चीन, यूरोप, पाकिस्तान, भारत के बीच बांग्लादेश कैसे तालमेल बिठाएगा?जवाब: बांग्लादेश सभी के साथ दोस्ती चाहता है। ट्रम्प ने ट्रेड को बहुत तवज्जो दी है। भारत-बांग्लादेश के बीच भी ट्रेड अहम मुद्दा है। ट्रेड छोटे देश को दबाने का टूल बन जाता है, तो दिक्कत होती है। अमीर देशों को इससे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन गरीब देशों को परेशानी होती है। अमीर देशों को खुद को प्रायोरिटी पर नहीं रखना चाहिए, बल्कि दुनिया के बारे में सोचना चाहिए। हम सिर्फ किसी एक देश के नागरिक नहीं हैं, बल्कि ग्लोबल सिटीजन हैं। सवाल: सार्क बहुत वक्त से काम नहीं कर रहा है। क्या आप सार्क को फिर से एक्टिव करने की कोशिश करेंगे?जवाब: हमने साउथ एशिया के लिए ही सार्क बनाया था। इसे एक्टिव करेंगे। हम क्षेत्रीय तौर पर एकजुट रहेंगे, तो दुनिया पर ज्यादा असर डाल पाएंगे। क्षेत्रीय एकजुटता से दुनिया के कई देशों ने मजबूत मंच तैयार किए हैं और दूसरे देशों को चुनौती दी है। अगर सार्क अच्छे से काम करता, तो ये दिक्कत शुरू ही नहीं होती। ……………………………बांग्लादेश से ये रिपोर्ट भी पढ़िएअवामी लीग-हिंदुओं के वोट BNP को मिले, हसीना की सरकार गिराने वाले हारे बांग्लादेश में 12 फरवरी को हुए चुनाव में BNP यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के गठबंधन ने 299 में से 212 सीटें जीती हैं। सरकार बनाने के लिए 150 सीटों की जरूरत थी। कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के गठबंधन को सिर्फ 77 सीटें मिलीं हैं। शेख हसीना की सरकार गिराने वाले स्टूडेंट्स की पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी यानी NCP को भी बांग्लादेशियों ने नकार दिया। पार्टी सिर्फ 6 सीटें जीत पाई है। पढ़िए पूरी खबर...
Trump on US Supreme Court verdict: डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ टेरर को अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है. सर्वोच्च अदालत के फैसले से भड़के ट्रंप ने कई देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द करने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को 'शर्मनाक' बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है.
Donald Trump Press Confrence: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुप्रीम कोर्ट की ओर से उनके ग्लोबल टैरिफ को रद्द करने के फैसले के बाद अब व्हाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहे हैं.
DNA: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को आज यूएस संसद से बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी संसद ने ट्रंप की ओर से दुनिया भर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को खारिज कर दिया है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला न सिर्फ़ ट्रंप के लिए बड़ा झटका है बल्कि अमेरिका के खजाना पर भी भारी पड़ेगा.
संक्रमित मच्छरों से कटवाया, खतरनाक प्रयोग कर इंसानियत को आपदा से बचाने के लिए दे दी जान
1900 तक, साइंटिफिक सोच बदल गई थी. ब्रिटिश और इटैलियन रिसर्चर्स ने दिखाया था कि एनोफिलीज़ मच्छर मलेरिया फैलाते हैं. वेक्टर से होने वाली बीमारी अब बेतुकी नहीं थी. यह मुमकिन थी. लेज़ियर को लगता था कि फिनले सही हो सकते हैं. 8 सितंबर 1900 को, उन्होंने अपनी पत्नी को लिखा, 'मुझे लगता है कि मैं असली जर्म के निशाने पर हूं.'
America Military Strike On Iran: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीमित हमला करने की बात कही है. यह स्थिति समझौते के असफल होने पर बन सकती हैं.
Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दुनिया भर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया है. यूएस सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टैरिफ इतना बढ़ाने का राष्ट्रपति को अधिकार नहीं है.
दक्षिण कोरिया पर बंदूक रख चीनी इलाके में फाइटर जेट उड़ा रहा था US? क्यों आई डॉगफाइट की नौबत
US China Tension:चीन ने साउथ कोरिया में मौजूद अमेरिकी फौज के लड़ाकू विमानों को चुनौती देने के लिए अपने सिक्स्थ जेन फाइटर जेट का बेड़ा रवाना किया. नीचे अनंत गहराई का समंदर ऊपर आसमान में चीन और अमेरिका के फाइटर जेट, आखिर हुआ क्या था पूरा मामला आइए बताते हैं.
डरावना नहीं इतना खूबसूरत है इस देश का कब्रिस्तान, यूजर्स बोले- पता ही नहीं चल रहा पार्क है या...
New Zealand Beautiful Cemetery: आज हम आपको एक खूबसूरत कब्रिस्तान के बारे में बताने जा रहे हैं. यहां चारों ओर खूबसूरत फूलों के पौधे और हरी घास मौजूद है. जहां बाकी कब्रिस्तान में लोग जाने में भी संकोच करते हैं वहीं इस कब्रिस्तान से आने का मन ही नहीं करेगा. चलिए जानते हैं किस देश में है ये इतना खूबसूरत कब्रिस्तान?
दुनिया का सबसे बड़ा पागलखाना कहे जाने वाले सेंट्रल स्टेट हॉस्पिटल अब खंडहर में तब्दील हो चुका है. इसको आज के समय में भूतिया स्थान भी कहा जाता है. हालांकि, सरकार की ओर से इसको आम टूरिस्ट के लिए खोल दिया गया है और लोग यहां जाने डरते हैं.
Gemma Doyle:ओनलीफैंस क्रिएटर जेम्मा डॉयल नाम की एक महिला ने इंडोनेशिया के बाली में एक बिकिनी चुराते नजर आई. इस बिकनी की कीमत 30 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बताई जा रही है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महिला ने माफी मांगी है.
उत्तर कोरिया के तानाशाह ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चेतावनी दी है. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी पार्टी के अहम सम्मेलन से पहले सैन्य ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा दिया है.
Silicon Valley Techies Stole Google Trade Secrets: सिलिकॉन वैली के 3 इंजीनियरों ने गूगल समेत कई लीडिंग टेक्नोलॉजी कंपनियों के ट्रेड सीक्रेट चुराकर ईरान भेजने की कोशिश की.
अमेरिका संभावित सैन्य विकल्पों पर विचार करते हुए दो प्रमुख ठिकानों डिएगो गार्सिया (हिंद महासागर) और RAF फेयरफोर्ड (ब्रिटेन) का इस्तेमाल करना चाहता है। डिएगो गार्सिया चागोस द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप है और 1970 के दशक से यह ब्रिटेन और अमेरिका का साझा सैन्य अड्डा है।
तारिक रहमान के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद विपक्ष के तीखे सवाल, बीएनपी का भारत के साथ गठजोड़ का आरोप
नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर राजनीतिक संकेत बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो राजनीतिक प्रतिरोध किया जाएगा।
ट्रंप ने ताइवान और ईरान पर अमेरिकी मिलिट्री स्ट्रैटेजी बताने से किया इनकार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताइवान या ईरान को लेकर किसी भी संभावित मिलिट्री स्ट्रैटेजी के बारे में बताने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने तेहरान के लिए एक छोटी डेडलाइन तय की और ब्रिटेन के रॉयल फैमिली से जुड़े नए विवाद पर भी बात की
America News: अमेरिका में एक 25 साल के भारतीय को गिरफ्तार किया गया है. इस युवक ने अपने ट्रक से तीन गाड़ियों को टक्कर मार दिया था जिसकी वजह से एक आदमी की मौत हो गई है.
बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान भारत ने सुरक्षा खतरे और एंटी-इंडिया माहौल के चलते वीजा सेवाएं बंद कर दी थीं. अब तारिक रहमान की नई सरकार आने के बाद दिल्ली ने फैसला लिया है कि सभी कैटेगरी के वीजा जल्द बहाल होंगे. जानें पूरी खबर.
स्पिरिट एयरलाइंस ने रोकी उड़ान, 250 से ज्यादा फ्लाइट्स को किया कैंसिल, एयरपोर्ट पर फंसे पैसेंजर
Spirit Airlines Flight: स्टाफ की कमी से जूझ रही स्पिरिट एयरलाइंस ने सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसिल कर दी है. जिसकी वजह से काफी यात्री फंस गए हैं. साल में दूसरी बार ऐसा हुआ है जब इतने बड़े पैमाने पर एयरलाइंस ने उड़ानों को कैंसिल किया है.
बाल-बाल बचे थे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर, बोइंग के स्टारलाइनर पर NASA का बड़ा खुलासा
NASA ने माना कि बोइंग स्टारलाइनर मिशन के दौरान हालात बेहद गंभीर थे और इसे अब ‘टाइप A’ दुर्घटना के रूप में वर्गीकृत किया गया है. नासा ने माना है कि Sunita Williams के मिशन में थ्रस्टर में आई परेशानी से कोलंबिया मिशन जैसी त्रासदी का खतरा था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन में आयोजित ‘पीस बोर्ड’ की बैठक में ऐसा बयान दे दिया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया. नेताओं की तारीफ करते-करते ट्रंप ने निजी टिप्पणियां, मजाक और बड़े राजनीतिक दावे किए.
अब खुलेगी UFO और ‘एलियन’ की सच्चाई, ट्रंप ने पेंटागन को दिया रिकॉर्ड जारी करने का आदेश
Area 51: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पेंटागन को UFO और एलियन से जुड़े रिकॉर्ड डीक्लासिफाई करने का आदेश दिया है. यह कदम बराक ओबाना की हालिया टिप्पणियों के बाद उठाया गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए वैश्विक मंच ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में भारत ने ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लेकर कूटनीतिक संतुलन का संकेत दिया है. वॉशिंगटन में 50 देशों की मौजूदगी के बीच भारत ने सदस्यता पर जल्दबाजी नहीं दिखाई. इस कदम को पश्चिम एशिया और वैश्विक राजनीति में भारत की रणनीतिक चाल माना जा रहा है. जानें पूरी खबर.
Nigeria News: नाइजीरिया में रोजा न रखने की वजह से 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें महिलाएं भी शामिल हैं. इन्हें इस साल रमजान के रोजे के पहले दिन खाना खाते हुए देखा गया था.
भारत-पाकिस्तान का नाम लेकर अचानक NOoooo कहते हुए क्यों चिल्लाए डोनाल्ड ट्रंप?
ट्रंप एक ही बात को कई बार कह चुके हैं. अब पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को फाइटर कहते हुए जोर से बोले- नो..अअअअअ. ट्रंप ने इस दौरान यह भी बताया कि वह भारत और पाकिस्तान पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने के मूड में थे.
मादुरो को बंदी बनाने के 47 दिन बाद बदल गया नियम, वेनेजुएला में होगी बंदियों की रिहाई; विपक्ष भी खुश
Venezuela News: वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने एक ऐसा कानून बनाया है जिससे सालों से जेल में बंद नेताओं, एक्टिविस्ट, वकीलों और कई दूसरे लोगों की रिहाई हो सकती है. ये बड़ा बदलाव मादुरों को बंदी बनाने के बाद आया है.
पहले नहीं दिया किराया, फिर जड़ दिया ड्राइवर को थप्पड़, सिंगापुर में भारतीय मूल की महिला को जेल
Singapore News: भारतीय मूल की एक महिला को टैक्सी ड्राइवर को थप्पड़ मारने की वजह से जेल हुई है. उसे कोर्ट ने दो हफ्ते की सजा सुनाई है. जानिए आखिर पूरा मामला क्या है.
Iran Nuclear Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते पर 10-15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कड़े परिणामों की चेतावनी दी है. इस बीच ईरान-रूस ने संयुक्त युद्धाभ्यास से तनाव को और बढ़ा दिया है.
नहीं देंगे RAF बेस....ब्रिटेन ने ट्रंप को दिया बड़ा झटका, ईरान पर हमले से पहले हाथ लगी निराशा
Iran US Tensions: ईरान और अमेरिका के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. इसी बीच UK के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने डोनाल्ड ट्रंप को RAF बेस का इस्तेमाल करने से रोक दिया है. जानिए ऐसा क्यों कहा.
DNA: किसी भी सूरत में अमेरिकी शर्तों झुकने को तैयार नहीं है ईरान, अब ट्रंप करेंगे हमले का फैसला
अगर ईरान डील न करने का फैसला करता है, तो यूनाइटेड स्टेट्स के लिए डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड में मौजूद एयरफील्ड का इस्तेमाल करना ज़रूरी हो सकता है, ताकि एक बहुत अस्थिर और खतरनाक सरकार के संभावित हमले को खत्म किया जा सके - एक ऐसा हमला जो संभावित रूप से यूनाइटेड किंगडम के साथ-साथ दूसरे दोस्त देशों पर भी किया जा सकता है.
Afghanistan Beating Rules For Women: दुनियाभर में महिलाओं के साथ अपराध को रोकने के लिए जहां अलग-अलग नियम बनाए गए हैं तो वहीं अफगानिस्तान में महिलाओं को पीटने से जुड़ा एक ऐसा नियम बना है, जिसे सुनकर आप भी अपना सिर पकड़ लेंगे.
48 घंटे बाद 'महायुद्ध' शुरू होने वाला है! ईरान के खिलाफ US ने की घेरेबंदी
इसका मतलब अमेरिका और ईरान दोनों ने युद्ध की अधिकतम तैयारी कर ली है और दोनों के बीच वार्ता में बात नहीं बनने से धैर्य भी टूटता दिख रहा है. और ये सब कुछ हो रहा है..रमजान के पवित्र महीने में सिर्फ एक दिन पहले रमजान की शुरूआत हुई है. इस्लाम में इसे सबसे पवित्र महीना माना जाता है और आज दुनिया भर की एजेंसियां दावा कर रही हैं. सिर्फ 48 घंटे बाद अमेरिका और ईरान के बीच विनाशकारी और अनियंत्रित युद्ध की शुरुआत होने जा रही है.
Air Force one :एयरफोर्स वन अब ट्रंप के पसंदीदा रंग का हो जाएगा. जिस रंग की टाई में ट्रंप अक्सर नजर आते हैं, वही रंग अब ट्रंप के प्लेन में भी दिखाई देगा. जो सुनहरा रंग ट्रंप के होटल में दशकों से मौजूद है और अब व्हाइट हाउस में भी इस्तेमाल हो रहा है, वो अब एयरफोर्स वन का भी हिस्सा बनने जा रहा है.
ट्रंप की खुली तेहरान को चेतावनी-डील नहीं तो रास्ता अलग होगा, 10 दिन में लेंगे फैसला
ट्रंप के बयान को तेहरान के लिए खुली चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उस समय जब दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर मतभेद बढ़े हुए हैं।
एलियंस पर ओबामा के बयान से मचा बवाल, अब ट्रंप की बहू लारा का दावा- सही समय पर होगा खुलासा
ओबामा के बयान के बाद डोनाल्ड ट्रंप की बहू लारा ट्रंप ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि उनके ससुर डोनाल्ड ट्रंप ने एलियंस और उनके संभावित अस्तित्व को लेकर पहले से एक भाषण तैयार कर रखा है।
Social Media: फ्रांस के राष्ट्रपति ने दुनिया की नई पीढ़ी को बचाने के लिए बड़ा बयान दिया है. मैक्रों ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में कहा कि फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने जा रहा है'. मैंक्रो ने ये भी कहा की युवाओं के लिए सोशल मीडिया बैन होना चाहिए, इस बार G-7 समिट की ये प्राथमिकता होगी.
अरे ये क्या हुआ? सबसे अजीज दोस्त इजरायल में भारतीयों पर नस्लीय हमला, जमकर की पिटाई
Attacks On Indians In Israel: इजरायल में गाजा सीमा के पास अश्केलोन में 2 भारतीय श्रमिकों के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार और मारपीट की गई. घटना को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने विदेश मंत्री से इस मामले की तत्काल जांच करने का आग्रह किया है.
संयुक्त अरब अमीरात में रमजान के महीने में निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ा तोहफा मिला है. यूएई के श्रम कानून के तहत अब निजी क्षेत्र में काम करने वाले मुस्लिम या गैर-मुस्लिम सभी कर्मचारी प्रतिदिन दो घंटे कम काम करेंगे.
King Charles Brother Arrested: ब्रिटेन के किंग चार्ल्स के भाई एंड्र्यू को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके पहले अक्टूबर में एंड्रयू से उनके बाकी रॉयल टाइटल्स छीन लिए गए थे, जिनमें 'हिज़ रॉयल हाइनेस' (HRH) और 'प्रिंस' शामिल थे. उन्होंने घोषणा की थी कि जेफरी एपस्टीन से उनके कनेक्शन को लेकर दबाव के बीच वह ड्यूक ऑफ़ यॉर्क सहित अपने टाइटल्स का इस्तेमाल करना बंद कर देंगे.
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के मध्य जंग की आहट के बीच गनबोट डिप्लोमेसी क्या है?
क्या अमेरिका इस वीकेंड तक ईरान पर हमला कर सकता है? कहा जा रहा है कि युद्ध की तैयारी कर ली गई है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है.
ब्रिटेन में किंग चार्ल्स के भाई एंड्रयू गिरफ्तार:एपस्टीन मामले में आया था नाम
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब टेम्स वैली पुलिस पूर्व प्रिंस की ओर से कथित रूप से दोषी यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन के साथ गोपनीय जानकारी साझा किए जाने की शिकायत की जांच कर रही है।
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून को उम्रकैद की सजा, मार्शल लॉ के मामले में हुई कार्रवाई
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सूक येओल को 2024 में मार्शल लॉ लगाने की नाकाम कोशिश के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
ये है दो पत्नियों का इकलौता पति! 8 साल से हैं साथ, शख्स ने बताया- कैसे करता हैं मैनेज?
Nigeria Two Wives Story: नाइजीरिया के रहने वाले जेफ्री अपनी 2 पत्नियों के साथ पिछले आठ साल से रह रहे हैं. समाज के तय मानकों को तोड़कर अपनी मर्जी की लाइफ जी रहे हैं. दो पत्नियों के साथ मिलकर इन तीनों का रिश्ता काफी अनमोल और अनोखा है. चलिए खुद जेफ्री के मुंह से जानते हैं कि क्या सच है और तुम और मैं में वो की एंट्री कब और कैसे हुई.
यह घटनाक्रम न केवल दक्षिण कोरिया के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है, बल्कि शासन और संवैधानिक जवाबदेही को लेकर भी एक बड़ा संदेश देता है. फिलहाल यून सुक-योल को ग्वाचियोन के सीआईओ कार्यालय में पूछताछ के लिए ले जाया गया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित अमेरिकी कार्रवाई जून में इजरायल द्वारा किए गए 12-दिवसीय हमले से कहीं अधिक व्यापक हो सकती है। यह ऑपरेशन ईरान के परमाणु और मिसाइल ढांचे को निशाना बना सकता है। बताया जा रहा है कि पेंटागन संभावित ईरानी जवाबी हमले को देखते हुए क्षेत्र में अपनी तैयारियां बढ़ा रहा है।
'ट्रंप फिर खोज रहे हैं भारत पर टैरिफ लगाने के बहाने...', ट्रेड डील के बाद अमेरिकी सांसद का बड़ा दावा
India Tariffs: US कांग्रेसी ब्रैड शेरमन भारत पर प्रस्तावित टैरिफ को लेकर प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की जमकर आलोचना की है. उन्होंने कहा कि टैरिफ के जरिए हमारे दोस्त को परेशान किया जा रहा है.
अमेरिका के रोड आइलैंड में एक हाई स्कूल हॉकी मैच के दौरान हुई गोलीबारी में एक पिता ने अपने ही बेटे और पूर्व पत्नी की हत्या कर दी. आरोपी की पहचान 56 वर्षीय रॉबर्ट डॉर्गन के रूप में हुई है. आरोपी अपने काम की जगह पर रॉबर्टा नाम से जाना जाता था. इस घटना में उसके पूर्व ससुराल पक्ष के लोग भी घायल हुए हैं.
हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डा अचानक वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन को चेताया है कि इस रणनीतिक द्वीप को लंबी लीज पर देना खतरनाक होगा.माना जा रहा है कि ईरान से टकराव की स्थिति में यही बेस अमेरिका की असली ताकत बन सकता है. जानते हैं आखिर क्या हैडिएगो गार्सिया, इसकी पूरी कहानी.
हमले के डर से जमीन में दफन हो रहे न्यूक्लियर ठिकाने! ईरान ने बना लिए कंक्रीट के ‘अजेय किले’
Iran Nuclear Sites: ईरान और अमेरिका में तकरार छिड़ी है. दोनों देश एक दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे हैं. इसी बीच कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है ईरान न्यूक्लियर साइट्स को बंकर में तब्दील करने में लगा है.
American military strikes on Iran as soon as Saturday:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके सलाहकारों ने बताया कि अमेरिकी सेना शनिवार तक ईरान पर हमला कर सकती है, सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन मिडिल ईस्ट से कुछ कर्मियों को हटा रहा है, ताकि ईरान की जवाबी कार्रवाई से बचा जा सके. ये खबर व्हाइट हाउस में तनाव बढ़ा रही है.
सिंगापुर ने सिंगल अमेरिकियों के लिए एक अनोखा टूरिज्म कैंपेन शुरू किया है. इसमें डेटिंग ऐप की जगह आंटियों की मदद से लोगों की जोड़ी बनाई जाएगी. चुने गए दो लोगों को सिंगापुर बुलाकर ब्लाइंड डेट करवाई जाएगी जिसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी.
एक सच्ची कहानी- ग्रेटर नोएडा के किसान रामेश्वर सिंह की। 12 एकड़ जमीन सरकार ने ली और बदले में सवा पांच करोड़ रुपए मिले। पैसा खाते में आते ही जिंदगी बदल गई। रामेश्वर बताते हैं- ‘मुआवजे के पैसे से सबसे पहले बागपत में तीन करोड़ की जमीन खरीदी। गांव में दो बड़े मकान बनवाए- डेढ़ करोड़ से ज्यादा खर्च हुआ। दो महंगी गाड़ियां आ गईं। फिर शादियों का सिलसिला शुरू हुआ- तीन बेटियों, दो पोतियों और बाद में तीन पोतों की शादी। पोतियों को 20-20 तोला सोना और 20-20 लाख की गाड़ियां दहेज में दीं। एक शादी में ही करीब 80 लाख खर्च हो गए। बहुओं को भी 20-20 तोला सोने के जेवर दिए गए। आज वे मानते हैं- ‘पैसा संभालना नहीं आया।’ वजह पूछने पर बताते हैं कि जैसे ही पैसा मिला, हमारा दिमाग आसमान छूने लगा। यह कहानी ग्रेटर नोएडा के सिर्फ एक परिवार की नहीं। 1979 से न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने जमीन अधिग्रहण शुरू किया। 1991 में ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी बनी और 2007-2012 के बीच 39 से ज्यादा गांवों की जमीन ली गई। 15-20 साल बाद वही जमीन 70 से 200 करोड़ की हो चुकी है, लेकिन अब लगभग 95% परिवारों का मुआवजा खत्म हो चुका है। कई किसान अपनी ही जमीन पर बनी फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड हैं। कोई वहीं बनी इमारतों में दूध बेच रहा है। ब्लैकबोर्ड में इस बार ग्रेटर नोएडा में मुआवजे की रकम से करोड़पति बने और अब बर्बादी की कगार पर पहुंचे किसानों की स्याह कहानियां। 90 साल के रामेश्वर सिंह चौपाल में बैठे मिल जाते हैं। सरकार ने उनकी 12 एकड़ जमीन ली, जिसके बदले में उन्हें सवा पांच करोड़ रुपए दिए। लेकिन आज उनकी उसी जमीन की कीमत 80 करोड़ रुपए है। वह बताते हैं, ‘हमने पैसा हाथ में आते ही बागपत के अलावा हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में जमीन खरीदी। मैं जानता था- जमीन का पैसा जमीन में ही टिकता है। मेरी ही तरह करीब 95 फीसदी बड़े किसानों ने आसपास के इलाकों में दूसरी जगह जमीन खरीदी। हां, कुछ लोगों ने पैसा संभाला नहीं… लापरवाही में खर्च कर दिया।’ वह दोहराते हैं- 'अब 90 फीसदी से ज्यादा लोगों का मुआवजा खत्म हो चुका है। कोई दूध बेच रहा है, कोई छोटी-मोटी नौकरी कर रहा है। जिनके पास कभी खेत थे, अब वे रोज की कमाई जोड़कर घर चला रहे हैं। हमारी जमीन पर फैक्ट्रियां लगी हैं। लेकिन हमारे बच्चों को नौकरी नहीं मिलती। फैक्ट्री मालिकों को लगता है कि लोकल लड़के बदमाश होते हैं। सोचिए, जमीन हमारी गई और हम ही पराए हो गए।’ अब अगली पीढ़ी के लिए क्या बचा? न जमीन, न पैसा, न पढ़ाई के सहारे पक्की नौकरी का रास्ता? बड़ी तनख्वाह वाली नौकरी मिलती नहीं, छोटी नौकरी बच्चे करते नहीं। पहले कम से कम जमीन का सहारा तो था।’ सुबह की धूप में बैठे एक दूसरे किसान श्यामजी अपने पक्के मकान की छत पर खड़े नजर आते हैं। उनके पास पहुंची तो वह वहां से दूर चमकती कांच की इमारतों की तरफ देखते हैं। धीरे से हाथ उठाकर बताते हैं- वहीं कहीं हमारी 17 बीघे जमीन थी, जिसके बदले 50 लाख मिले थे। तब लगा था कि किस्मत खुल गई। लेकिन सच यह है कि आज मेरा बेटा 25 हजार महीने की प्राइवेट नौकरी करता है। दूसरा बेटा हमारी ही जमीनों पर बनी ऊंची-ऊंची ईमारतों में घर-घर दूध बेचता है। गांव के एक और किसान रमेश सुबह खाट पर बैठे-बैठे आंगन में बंधी भैंसों की ओर देख रहे हैं। कभी यही आंगन कच्चा था, दीवारें टेढ़ी थीं। 2008 में जब उनकी 8-10 बीघे जमीन गई और 14 लाख रुपए का चेक हाथ में आया, तो उन्हें लगा था अब जिंदगी संभल जाएगी। वह धीमे से कहते हैं- 'सबसे पहले घर बनवाया। सोचा पक्का मकान होगा तो इज्जत रहेगी। फिर दो बेटियों की शादी की। रिश्तेदार, बारात, जेवर और देखते ही देखते मेरे पूरे 14 लाख खत्म हो गए। बेटों के लिए कुछ बचा ही नहीं।', यह बात कहते हुए वह ठहर जाते हैं। उनकी आवाज में पछतावा है। वह कहते हैं आज मेरे तीनों बेटे भैंसें पालते हैं। सुबह-सुबह दूध लेकर निकलते हैं और उसी से घर चलता है। जमीन नहीं रही, तो यही अब सहारा बचा है। रमेश कहते हैं- गलती हो गई शायद… सारा पैसा घर और शादियों में लगा दिया। अब हालत यह है कि रोजमर्रा का खर्च भी मुश्किल से निकलता है। जब कभी वे बेटों से कुछ पैसे मांग लेते हैं, तो घर का माहौल भारी हो जाता है। बच्चे कहते हैं- आपको किसलिए पैसे चाहिए? हमारे बच्चों के इतने खर्चे हैं, हम नहीं दे पाएंगे’, ये बातें रमेश आंखें झुकाकर बताते हैं। वह थोड़ी देर चुप रहते हैं, फिर कहते हैं- हम भी तो बीमार होते हैं कभी-कभार… दवा-दरू के लिए पैसे चाहिए होते हैं। हुक्का-पानी भी बिना पैसे के नहीं चलता। 70 साल की उम्र हो चुकी है। अभी तो ठीक-ठाक हूं, चल-फिर लेता हूं, लेकिन कल कुछ हो गया तो क्या होग?’ वे आंगन की तरफ देखते हुए जोड़ते हैं, ‘बच्चों को हमारी फिक्र नहीं है अब। सब अपनी-अपनी जिंदगी में उलझे हैं। हम तो बस राम भरोसे हैं।’ रमेश की आवाज अचानक धीमी हो जाती है। कहते हैं- कभी-कभी खाना खाते हुए अगर बेटों से पानी मांग लूं न… तो ऐसे देखते हैं जैसे मैंने कुछ गलत कह दिया हो। थोड़ी देर चुप रहकर कहते हैं- लगता है अब उनके लिए मैं कुछ भी नहीं रहा… न जमीन रही, न पैसा… तो शायद मेरी कीमत भी नहीं रही। इस दौरान अहाते में बंधी भैंसों की घंटियां बजती रहती हैं, और रमेश की बात वहीं ठहर जाती है। वह लंबी सांस लेकर कहते हैं- बेटियों का आना-जाना लगा रहता है… तीन बहनें भी घर आती हैं। तीज-त्योहार पड़ते हैं तो खाली हाथ रहते हैं। देने को कुछ नहीं होता हमारे पास… बड़ी बेइज्जती लगती है। मुआवजा कब का खत्म हो गया। एक पाई नहीं बची। उल्टा 7 लाख का कर्ज चढ़ा है। कई बार इधर-उधर से उधार लेकर रस्म निभाते हैं। पत्नी का जिक्र आते ही उनकी आवाज और धीमी हो जाती है। ‘वो भी चली गई… अब आगे जिंदगी और मुश्किल होगी।’ फिर जैसे खुद से ही सवाल करते हैं- जब जमीन-जायदाद ही नहीं बची तो जिंदगी कैसे चलेगी? एक पल को रुकते हैं और कहते हैं- कभी-कभी तो सोचता हूं… मुझे भी मौत आ जाए।’ उनकी इस बात से जैसे आंगन में सन्नाटा फैल जाता है। रमेश थोड़ा संभलकर बैठते हैं और कहते हैं- मेरी बेटियां तो खुद कहती हैं- पापा, खर्च चाहिए हो तो बता देना। लेकिन उनसे कैसे ले लूं? आखिर उनकी शादी ही तो की है… बाप हूं उनका। वैसे भी बहुत कुछ दे नहीं पाया उन्हें… अब उन्हीं से पैसे लूं, ये बात गले नहीं उतरती। यह कहते हुए वे नजरें फेर लेते हैं- जैसे आत्मसम्मान और मजबूरी के बीच कहीं अटक गए हों। मुआवजा घर बनाने में खर्च क्यों कर दिया? रमेश बिना देर किए जवाब देते हैं। 'घर कच्चा था… दीवारें झरती थीं। रसोई खुली रहती थी, कुत्ते मुंह मार जाते थे। ऐसे में कैसे गुजारा होता?’ थोड़ा रुककर जोड़ते हैं, ‘रिश्तेदार आते-जाते थे तो शर्म लगती थी। बेटियों की शादी करनी थी… बिना पक्के घर के कौन रिश्ता करता? एक घर बनवाना जरूरी था।’ उनकी आवाज में सफाई कम, मजबूरी ज्यादा थी। ग्रेटर नोएडा के औरंगपुर गांव में राहुल नागर स्कूल में पढ़ाते हैं। वे बताते हैं, ‘2008 में हमारी 200 बीघे जमीन गई थी… 7 करोड़ मिले थे।’ फिर थोड़ी देर रुककर जोड़ते हैं, 'आज वही जमीन 200 करोड़ की हो गई है।’ राहुल कहते हैं- हमने तो जमीन के बदले जमीन ले ली, लेकिन हमारे बड़े-बुजुर्गों का बहुत नुकसान हुआ। जब जमीन थी न, तो मां-बाप किसी भी तरह बच्चों को पढ़ा लेते थे। खेत की ताकत थी, हिम्मत थी। जमीन बिकने के बाद जो मुआवजा मिला, वह बच्चों के असली काम नहीं आया। गांव में कई लोगों ने बड़ी-बड़ी गाड़ियां खरीद लीं, कुछ ने आलीशान मकान बनवा लिए।’ यह कहते हुए उनकी आवाज में अफसोस नजर आता है। वह थोड़ी देर चुप रहकर कहते हैं, ‘एक और नुकसान हुआ… हमारे बुजुर्ग बीमार पड़ने लगे। पहले उनकी आदत थी- सुबह खेत तक पैदल जाना, मेड़ों पर घूमना। वही उनकी कसरत थी। जमीन बिकने के बाद सब बदल गया। अब वे घर पर ही बैठे रहते हैं। बदले में हमने जो जमीन खरीदी, वो यहां से 150 किलोमीटर दूर है। वहां तक वे जा नहीं पाते। अब मेरे पिताजी सुबह उठते हैं, आंगन में ही टहल लेते हैं। कभी आसपास निकल जाते हैं, लेकिन… खुश नहीं रहते। दिन का ज्यादातर वक्त या तो घर के अंदर गुजरता है या आंगन में चक्कर लगाते हुए। राहुल कहते हैं- जब जमीन थी तो हमारे बुजुर्ग 100 साल तक जीते थे। अब बड़ी मुश्किल से 70 साल तक फिट रह पा रहे हैं। 45 से 70 साल की जो पीढ़ी है, वो जैसे बीच में अटक गई है। बच्चों के पास भी समय नहीं। सब अपनी-अपनी जिंदगी के बोझ में दबे हैं।’ उनकी बातों में बड़ी नाउम्मीदी दिखती है। इसी गांव के आशेराम अपने दरवाजे पर खड़े-खड़े बात करते हैं। ‘मेरे दो बेटे हैं और तीन बेटियां। बड़ा बेटा उधम सिंह ने लॉ की पढ़ाई की है, छोटा बेटा गौरव ग्रेजुएट है। लेकिन पीछे बंधी मवेशियों की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं- अब हमारे पास चार भैंसें और दो गाय ही सहारा हैं।’ वे बताते हैं, ‘2003 में हमारी जमीन कुछ लाख में एक्वायर हुई थी… आज वही जमीन 3 करोड़ की है।’ मुआवजे का पैसा कहां गया? इस पर वे सीधा जवाब देते हैं, ‘घर बना, बच्चों की पढ़ाई हुई, शादियां कीं… और सब खत्म। अब हाल यह है कि 14 लाख रुपए का कर्ज चढ़ चुका है। साहूकार आते-जाते रहते हैं, पूछते हैं पैसा कब दोगे।' यह कहते हुए उनके चेहरे पर थकान है- जैसे हिसाब-किताब अब जमीन का नहीं, रोज की जिंदगी का रह गया हो। वह कहते हैं, 'अब हम दूध बेचकर गुजारा कर रहे हैं। मेरे दोनों बेटे हमारी ही जमीन पर बने फ्लैट्स में दूध बेचते हैं। अगर वे यह काम न करें तो कर्ज की ब्याज चुकाना मुश्किल हो जाएगा। घर भी नहीं चलने वाला। कई बार बच्चे इस काम से परेशान हो जाते हैं। बीमारी से हमारे लाखों के जानवर मर जाते हैं। सोचिए एक भैंस हमारी दो लाख रुपए की होती है। कोई मर जाए तो हम मुसीबत में आ जाते हैं। जानवरों का काम आसान नहीं है। हमारे बच्चे पशुओं के साथ पशु बनकर काम करते हैं। अक्सर खीज में रहते हैं। आशेराम थोड़ी देर आसमान की तरफ देखते हैं, फिर कहते हैं, ‘हमने तो यही सोचा था… यहां इतनी कंपनियां लगेंगी, तो हमारे बच्चों को नौकरी मिल जाएगी। लेकिन कुछ नहीं मिला। न बड़ी कंपनी में जगह, न पक्की नौकरी। बस उम्मीद ही रह गई,’ वे धीरे से कहते हैं। जैसे एक सपना था, जो चुपचाप बिना शोर किए टूट गया। आशेराम कहते हैं, ‘सोचिए जरा… नोएडा में मेरी ही जमीन पर बनी एक फर्म में मेरा बेटा सिक्योरिटी गार्ड है। वो नौकरी न करे तो अपने बच्चे कैसे पालेगा? उसका गुस्सा हम पर ही उतरता है। ताना मार देता है- जमीन बेचकर अच्छा नहीं किया। कहता है कि मुआवजे के पैसे से कहीं और जमीन ले ली होती। या जमीन ठेके पर दी होती, तो जितना वह गार्ड बनकर कमा रहा है, उतना तो उसी से आ जाता। वह कहता है आपने हमारे लिए किया ही क्या? सारा पैसा घर बनवाने में लगा दिया। यह बताते हुए वे वे चुप हो जाते हैं, जैसे जवाब भीतर ही अटक जाता हो।' फिर धीरे से सफाई देते हैं, ‘अब सोचिए जरा… घर न बनवाता तो इनकी शादियां कैसे करता? हमारे यहां तो बेटी की शादी से पहले घर देखा जाता है। पक्का मकान न हो तो रिश्ता नहीं होता।’ आशेराम की बातें खत्म होती है तो आंगन में कुछ देर सन्नाटा रहता है। पक्के घर की दीवारें खड़ी हैं, लेकिन भीतर एक अधूरापन गूंजता है। जिन खेतों ने पीढ़ियों को सहारा दिया, वे अब कांच और कंक्रीट में बदल चुके हैं। बेटा अपनी ही जमीन पर बनी इमारत में गार्ड है, पिता अपने फैसलों का हिसाब देता फिर रहा है, और पोती-पोतों का भविष्य अंधेरे में खड़ा है। नोएडा की चमकती सड़कों से यह दर्द दिखाई नहीं देता। वहां सिर्फ विकास दिखता है- मेट्रो, मॉल, कंपनियां। लेकिन गांवों के आंगन में बैठा किसान पूछ रहा है- क्या तरक्की का मतलब जड़ों से कट जाना होता है? ------------------------------------- 1-ब्लैकबोर्ड-‘एक्स्ट्रा सर्विस’ न देने पर मारी गई थी अंकिता भंडारी:मां-बाप ने खुद को घर में बंद किया; न कमा रहे, न राशन खरीद पा रहे दिल्ली से आए मीडिया के लोग दिनभर अंकिता भंडारी के माता-पिता से बात करने के लिए उनके घर के बाहर बैठे रहे, लेकिन वे घर पर ताला लगाकर चले गए थे। तब तक नहीं लौटे, जब तक मीडिया के लोग वापस नहीं चले गए। अगले दिन मैं बिना बताए उनके घर पहुंची। वह हड़बड़ा गईं, लेकिन बात करने से पहले एक शर्त रख दी- ‘मनीषा जी, आप पत्रकार बनकर नहीं, मेरी बेटी बनकर सुनेंगी, तभी बात करूंगी,’ मैंने हामी भर दी। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-पापा को फांसी दिलाकर आत्महत्या कर लूंगी:कहते थे ब्राह्मण होकर नीच से शादी कैसे की, गोली मारकर बोले- अब मैं बहुत खुश हूं हम दोनों की लव मैरिज को तीन महीने बीत चुके थे। लग रहा था कि अब घर वाले शांत हो गए हैं और हमारी जिंदगी से उन्हें कोई लेना-देना नहीं रह गया है, लेकिन 5 अगस्त 2025 की शाम, करीब 5 बजे, सब कुछ बदल गया। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
DNA Analysis: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को खुद हत्या का डर सता रहा है. डॉनल्ड ट्रंप तो ये भी कह रहे हैं कि उन्होने पहले ही अमेरिका की सेना को बता दिया है अगर उनकी हत्या हो जाए, तो ईरान को किस तरह तबाह करना है. इसके बाद कई सवाल खड़े होने लगे हैं.
ईरान में बरसने वाले हैं मिसाइल-बम? इजरायल ने खोला पावरबैंक, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में भेजे '53 दानव'
America To Attack Iran: ईरान और अमेरिका समय बीतने के सात अब जंग के करीब नजर आ रहे हैं. इसको लेकर इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों के कुछ बयान देखने को मिले हैं.
क्यूबा का वो नेता, जिसे नहीं डिगा पाई अमेरिका की हनक, गुरिल्ला युद्ध में था माहिर
Fidel Castro Legacy: फिदेल कास्त्रो ने क्यूबा के क्रांतिकारी नेताओं में आते हैं, जिनका क्यूबा की स्थिति को सुधारने में बड़ा हाथ है. उन्होंने क्यूबा को शिक्षा, स्वास्थ्य और अमेरिका के खिलाफ कड़े प्रतिरोध से एक वैश्विक पहचान दिलाई.
हांगकांग में एक ऐसी रस्म निभाई जाती है, जो अपने आप में काफी अनोखी और अलग है. इसको दुष्ट को मारने की परंपरा के नाम से जाना जाता है. हर साल मार्च के महीने में इसको निभाया जाता है, इसमें बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं.
Bangladesh News: प्रधानमंत्री तारिक रहमान देश की कमान संभालने के बाद एक्शन मोड पर आ गई है. सरकार मॉब कल्चर पर नकेल कसने और पुलिस की खोई हुई साख को बहाल करने की पूरी कोशिश कर रही है.
Bali जाने की कर रहे प्लानिंग तो और ढीली होने वाली है जेब, सरकार बदलने जा रही कई नियम
अगर आप भी इंडोनेशिया के सबसे लोकप्रिय द्वीप बाली का दीदार करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है. बाली अपनी खूबसूरत छटा के लिए काफी मशहूर है और हर साल लाखों पर्यटक इस द्वीपर आते हैं.
सोकर उठी तो बदल गई आवाज, विदेशी लहजे में बात करने लगी महिला; डॉक्टरों ने बताई ये बात
Shocking News: कनाडा की रहने वाली 56 साल की तारा लिविंगस्टन एक दिन सोकर उठीं तो उनकी आवाज और बोलने का तरीका बदल चुका था. सोने से पहले वो रोज की तरह कनाडाई लहजे (canadian accent) में बाते कर रही थीं, लेकिन सोकर उठने के बाद उनकी आवाज रूसी लहजे (Russian accent) में बदल गई या उसके जैसी लगने लगी.
भारत का 'वीरू' कौन? रूस, फ्रांस, अमेरिका या इजरायल, किसने निभाया संकट में ज्यादा साथ?
India Global Superpower: आज के समय में जहां दोस्त गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं, वहीं जियो पॉलिटिक्स (Geopolitics 2026) में देशों की एक-दूसरे से दोस्ती और दुश्मनी को समझना मुश्किल हो जाता है. लेकिन भारत के साथ ऐसा नहीं है, भारत के कुछ ऐसे दोस्त हैं, जो उनके साथ चट्टान की तरह सालों से खड़े रहे हैं (India International Relations).
बांग्लादेश की नई सरकार के सामने चुनौतियों का पहाड़
बांग्लादेश में करीब 19 महीने के राजनीतिक उथल-पुथल के बाद तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के गठबंधन वाली सरकार ने शपथ तो ले ली है. लेकिन उसके सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा है.
china secret underground nuclear test: अमेरिका ने आरोप लगाया है कि चीन ने वर्ष दो हजार बीस में भूमिगत परमाणु परीक्षण किया था और इसे छिपाने की कोशिश की गई. हालांकि संयुक्त राज्य अमेरिका की बात पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था ने साफ पुष्टि नहीं की है और चीन ने सभी आरोपों को गलत बताया है.
Does Netanyahu have prostate cancer?इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की सेहत को लेकर फैल रही प्रोस्टेट कैंसर की खबरों पर आखिरकार विराम लग गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट जारी कर साफ कर दिया कि उन्हें कैंसर नहीं है. हालांकि सर्जरी के बाद उन्हें यूरिन इन्फेक्शन है, जिसका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने दावा किया कि जरूरत पड़ी तो युद्धपोत समुद्र की गहराई में पहुंच सकता है. इसके बाद सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान की मिसाइलें सच में अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को डुबो सकती हैं या यह सिर्फ राजनीतिक संदेश है.
सोना-चांदी नहीं...इस देश में आसमान छू रही खीरे की कीमतें, महंगाई में 'मीट' भी छूटा पीछे
Russia News: दुनियाभर में सोने-चांदी की कीमतों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, इसी बीच रूस में खीरे की कीमतों ने हर किसी को हैरान-परेशान हो रहे हैं. आलम ऐसा है कि सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है.
YouTube अचानक ग्लोबली डाउन हो गया, जिससे भारत, अमेरिका और कई देशों में यूजर्स वीडियो नहीं देख पाए। ऐप पर “Something Went Wrong” एरर मैसेज दिखा। कंपनी ने तकनीकी गड़बड़ी की जांच शुरू कर दी है, सर्विस बहाली का इंतजार जारी है।
Smart Control Drill: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों को सैन्य अभ्यास के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. बता दें कि यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है. यहां से लगभग 20% वैश्विक तेल की आपूर्ति गुजरती है.
H-1B से शुरू हुई बहस, ‘Indian Hate’ तक पहुंची, अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ 115% बढ़ी नफरत
America News: अमेरिका के H-1B वीजा प्रोग्राम को लेकर भारतीय काफी ज्यादा परेशान थे. इसकी वजह से यहां रहने वाले भारतीयों के खिलाफ नफरत तेजी से बढ़ रही है.
90 feet hanuman statue controversy texas: टेक्सास के शुगर लैंड में स्थित श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर में बनी नब्बे फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया है. रिपब्लिकन कार्यकर्ता कार्लोस टुर्सियोस के बयान के बाद भारतीय मूल के लोगों ने कहा कि यह निजी जमीन पर बनी आस्था की प्रतीक प्रतिमा है और इसे निशाना बनाना गलत है.
3,98,40,00,00,00,000 की दौलत दान करने जा रहा यह शख्स, कभी पर्दे की दुकान पर करते थे काम
Stephen Schwarzman: ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म ब्लैकस्टोन के को-फाउंडर और चीफ एग्जीक्यूटिव स्टीफन श्वार्जमैन अपनी संपत्ति को दान करने की योजना बना रहे है. ये दान वो फिलैंथ्रोपिक फाउंडेशन को देंगे.
कश्मीर में पहलगाम के पास मट्टन में कश्मीरी पंडितों की बस्ती है। आबादी करीब 300 की है। यहां की गलियों में दिन के 4 बजते ही सन्नाटा पसर जाता है। मट्टन में रहने वाले रमेश कौल (बदला हुआ नाम) अब अनजान नंबरों से आने वाले फोन नहीं उठाते। वजह पूछने पर बताते हैं, ‘कश्मीरी पंडितों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। पुलिस ने कहा है कि शाम होने से पहले घर आ जाएं। अजनबियों से दूर रहें। अंधेरे में बाहर न निकलें और कोई संदिग्ध दिखे, तो तुरंत खबर करें।’ कश्मीरी पंडितों को टारगेट किलिंग की धमकी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी ग्रुप द रेजिस्टेंस फोर्स यानी TRF ने दी है। इसके अलावा 1990 के दशक में एक्टिव रहे ग्रुप मुस्लिम जांबाज फोर्स ने भी पोस्टर लगाकर कश्मीर की आजादी तक जंग जारी रहने की धमकी दी है। इन धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीरी पंडितों को अलर्ट रहने की हिदायत दी है। फाल्कन स्क्वाड के नाम से आई धमकीकश्मीरी पंडितों के लिए जारी धमकी वाला लेटर फाल्कन स्क्वाड के नाम से जारी किया गया है। इसमें लिखा है... कश्मीरी पंडितों थोड़े फायदे के लिए बलि का बकरा मत बनो। पहले ही देख चुके हो कि इस रास्ते पर चलने का अंजाम जान गंवाना होता है, जैसा राहुल पंडित, माखन लाल बिंद्रू, मोहन लाल और बाकी के साथ हुआ था। इन्हें हमने कई बार चेतावनी दी थी, लेकिन उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। तुम लोग उनकी तरह मत बनो। अपना नाम मरने वालों की लिस्ट में मत लिखवाओ। RSS की सरकार ने लोकल कश्मीरियों को बदनाम करने के लिए तुम लोगों का इस्तेमाल किया है। झूठे आरोप लगाकर लोकल कश्मीरियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया, उनकी प्रॉपर्टी जब्त की गई। कश्मीरी पंडितों की नौकरी का रास्ता खोला गया। इससे गैर-कश्मीरियों और कश्मीरी पंडितों की मौत का रास्ता साफ हो रहा है। हमने काफी समय से कश्मीरी पंडितों को टारगेट करने से खुद को रोक रखा था क्योंकि कुछ कश्मीरी पंडितों के ग्रुप ने हमें भरोसा दिया था कि सरकार के हाथों में नहीं खेलेंगे। अब आपने अपने बड़ों के समझौते को खत्म कर दिया है। इसलिए राहुल पंडित, बिंद्रू और दूसरे लोगों के साथ तुम लोग भी उसी तरह के अंजाम के लिए तैयार हो जाओ। तुम लोगों की सभी एक्टिविटी पर हमारी नजर है। आने वाले दिनों में कोई दिक्कत होती है, तो आंसू नहीं बहाना। तीन साल की शांति, फिर मिलने लगीं धमकियांकश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियों को उनकी जिंदगी पर क्या असर पड़ा है, इसे समझने के लिए हमने मट्टन में रहने वाले रमेश कौल से बात की। रमेश और उनके परिवार ने 1990 के दशक में आतंकवाद बढ़ने पर कश्मीर छोड़ दिया था। विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए सरकार की योजना के तहत 2010 में उन्हें नौकरी मिली। इसके बाद वे फिर से कश्मीर लौट आए। तब से मट्टन में ही रह रहे हैं। हमने रमेश को शाम करीब 6 बजे फोन किया। उन्होंने फोन नहीं उठाया। दूसरी बार भी फोन रिसीव नहीं हुआ, तब मैसेज किया। पहचान जाहिर करने के बाद रमेश ने कॉल बैक किया। हमने फोन न उठाने की वजह पूछी। जवाब मिला- हम अनजान कॉल नहीं उठा रहे हैं। रमेश ने पूछा आपको मेरा नंबर कैसे मिला। हमने बताया कि आपके एक करीबी दोस्त ने नंबर दिया है। रमेश ने दोस्त से कंफर्म किया, फिर बात करने के लिए तैयार हो गए। वे बताते हैं- धमकी मिलने के बाद हमें सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। आखिरी बार इस तरह की धमकी 2022 में मिली थी। फिर 3 साल तक सब शांत रहा। अब अचानक फिर धमकियां मिलने लगी हैं। रमेश आगे कहते हैं, 'गृहमंत्री अमित शाह 5 फरवरी को तीन दिन के लिए कश्मीर आए थे। उनके दौरे से पहले 3 फरवरी को ये धमकी आई। अब इसके पीछे क्या वजह है, ये तो जांच एजेंसियां ही बता सकेंगी।’ ‘हमें सलाह दी गई है कि अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। शाम 4 से 5 बजे के बाद बाहर निकलने में सावधानी बरतें। जरूरी न हो, तो घर में ही रहें। ऑफिस आने-जाने के लिए रास्ता बदलते रहें। हम अलर्ट तो हैं, लेकिन ये भी सच है कि अब डरने वाले नहीं है। आखिर कब तक ऐसी धमकी से डरते रहें।’ RSS का नाम लेकर क्यों धमकी मिल रही है? रमेश जवाब देते हैं, ‘हम मंदिर और धर्म को लेकर काफी एक्टिव हैं। आखिर अपनी पहचान क्यों छिपाकर रखें। पुराने मंदिरों को फिर से ठीक किया गया है। लोग पूजा करने आ रहे हैं। कश्मीर में कई साल से हमारी धार्मिक यात्राएं रुक गई थीं। हमने इसे दोबारा शुरू किया है। पहले गणेश चतुर्थी नहीं मनाते थे, हमारी रथयात्रा बंद हो गई थी, अब सब शुरू कर दिया है। ये यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक होती है।’ ‘कन्याकुमारी से यात्रा शुरू हो चुकी है। वहां से जम्मू आएगी। अगले कुछ दिनों में कश्मीर के कुपवाड़ा, गांदरबल, उरी और श्रीनगर पहुंचेगी। फिर श्रीनगर से मार्तंड होते हुए कन्याकुमारी के लिए रवाना हो जाएगी। आतंकी चाहते हैं कि हिंदू एक्टिव न हों। इसलिए वे फिर से धमकी दे रहे हैं।’ ‘आतंकी धमकी दे रहे, लेकिन अब डरेंगे नहीं’हमने श्रीनगर में रहने वाले एक और कश्मीरी पंडित से बात की। वे अपनी पहचान छिपाते हुए बताते हैं, ‘1990 के दशक में विस्थापित हो चुके कश्मीरी पंडित फिर से अपनी जमीनें पहचानने में जुटे हैं। इन जमीनों पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। जर्जर हो चुके मंदिर फिर से बनवा रहे हैं। इससे भी आतंकी भड़के हुए हैं। वे धमकियां दे रहे हैं, ताकि हम डर जाएं। 'हम RSS से जुड़े हों या न जुड़े हों, आतंकी संगठन हमें RSS से जुड़ा बताते हैं। हम अपनी मर्जी से पहचान और अधिकार तलाश रहे हैं। इसलिए डर नहीं रहे हैं। वे आगे बताते हैं, ‘हमें सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस से पूरा सपोर्ट मिल रहा है। हम कुछ भी कर लें, उनकी जिहादी मानसिकता खत्म नहीं हो सकती। फाल्कन स्क्वाड की धमकी हो या मुस्लिम जांबाज फोर्स के पोस्टर, ये सभी लश्कर-ए-तैयबा से ही जुड़े हैं। अब तो सभी आतंकी संगठन मिलकर टारगेट कर रहे हैं। हमें भी अपनी फोर्स पर यकीन है।’ एक और कश्मीरी पंडित ने फोन पर बताया, ‘1990 के दशक में हिंसा के दौरान 800 से ज्यादा परिवार कश्मीर छोड़कर नहीं गए थे। इनमें से 150 के घरों की हालत बहुत खराब है। जम्मू-कश्मीर सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। पिछले 35 साल से कश्मीरी पंडितों को रोजगार नहीं मिल रहा है।’ ‘1990 में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ हिंसा हो रही थी, तब करीब 25 हजार हिंदुओं के पास सरकारी नौकरी थी। ये लोग विस्थापित हो गए। उनकी जगह बंदूक के जोर पर लोकल लोगों को नौकरी मिल गई। इस समय कश्मीरी पंडितों को राहत पैकेज पर सिर्फ 5 हजार लोगों को नौकरी मिली है। इस समय 15 हजार से ज्यादा कश्मीरी पंडित यहां रह रहे हैं।’ ‘जम्मू के विलेज डिफेंस गार्ड की तरह हथियारों की ट्रेनिंग मिले’एक कश्मीरी पंडित कहते हैं, ‘आतंकियों की धमकी को देखते हुए हमें भी जम्मू के विलेज डिफेंस गार्ड की तरह ट्रेनिंग और लाइसेंसी हथियार देने चाहिए। इससे हम किसी हमले के दौरान खुद को बचा सकेंगे। अगर ऐसा हुआ तो कश्मीर से बाहर जा चुके कश्मीरी पंडित भी लौट पाएंगे।’ ये शख्स दावा करते हैं कि बीते 700 साल में कश्मीरी पंडितों को 7 बार कश्मीर से भगाया जा चुका है। एक बार तो कश्मीर में पंडितों के सिर्फ 11 घर रह गए थे। आज 15 हजार के करीब आबादी बची है। अगर ऐसे धमकी मिलती रही, टारगेट किलिंग हुई तो परेशानी आ सकती है। दिल्ली ब्लास्ट के बाद मुस्लिम जांबाज फोर्स एक्टिवजनवरी के आखिर में कश्मीर के कुछ इलाकों में मुस्लिम जांबाज फोर्स के पोस्टर मिले थे। पोस्टर पर लिखा था, कश्मीर की आजादी तक, भारत की बर्बादी तक, जंग जारी रहेगी। खुदा के लिए जिहाद करना है। हमारे सोर्स बताते हैं कि 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद एक्टिव हुआ ये ग्रुप कश्मीरी नौजवानों को ब्रेनवॉश कर रहा है। पोस्टर के जरिए उन्हें जिहाद के लिए उकसा रहा है। मुस्लिम जांबाज फोर्स ग्रुप 1990 के दशक में काफी एक्टिव था। 2021 में इसने श्रीनगर के फेमस कृष्णा ढाबे के मालिक के बेटे आकाश मेहरा की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। आकाश मेहरा को 17 फरवरी 2021 को गोली मारी गई थी। आतंकी ग्रुप का मानना है कि बाहरी लोग कश्मीर में अपना बिजनेस बढ़ा रहे हैं। इस वजह से आकाश मेहरा की हत्या की गई। पहले मुस्लिम जांबाज फोर्स और फिर फाल्कन स्क्वाड की तरफ से कश्मीरी पंडितों को टारगेट किलिंग की धमकी को सुरक्षा एजेंसियां भी गंभीरता से ले रहीं हैं। हमने इस पर जम्मू-कश्मीर से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात की। वे कहते हैं कि आतंकी माहौल खराब करने के लिए ऐसी धमकी देते हैं। हमारी सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस पूरी तरह अलर्ट हैं। कश्मीरी पंडितों को किसी तरह से खतरा नहीं होगा। कश्मीरी पंडितों के पलायन और हत्याओं के अलग-अलग आंकड़ेRTI से मिली जानकारी के मुताबिक, ‘1990 से 2021 के बीच यानी 31 साल में आतंकवादियों के हाथों कुल 1724 लोग मारे गए। इनमें 5% यानी कुल 81 कश्मीरी पंडित थे। इस दौरान 1 लाख 54 हजार 161 लोग कश्मीर छोड़कर चले गए। इनमें 88% यानी 1,35,426 हिंदू थे। पलायन करने वाले मुस्लिमों की संख्या 18,735 थी। हालांकि, कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति की रिपोर्ट कहती हैं कि 1990 के बाद कुल 399 कश्मीरी पंडितों की हत्या हुई थी। ये सर्वे 2008-09 में किया गया था। इसमें दावा किया गया कि 1990 में ही 302 हत्याएं हुई थीं। बाकी 97 हत्याएं उसके बाद के सालों में हुईं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मार्च 2010 में एक सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने अलग आंकड़ा दिया था। सरकार के मुताबिक, 1989 से 2004 के बीच कश्मीर में 219 कश्मीरी पंडितों की हत्या हुई थी। स्टोरी में सहयोग: जम्मू-कश्मीर से रऊफ डार ………………………………… जम्मू-कश्मीर से ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें...पाकिस्तानी आतंकियों से लड़ेंगी जम्मू की अनीता-सोनाली, विलेज डिफेंस गार्ड एक्टिव जम्मू के डोडा में रहने वाली अनीता राज और सोनाली विलेज डिफेंस गार्ड्स यानी VDG की ट्रेनिंग ले रही हैं। उन्होंने पहली बार ऑटोमैटिक राइफल चलानी सीखी है। डोडा की रहने वाली कई महिलाएं विलेज डिफेंस गार्ड भी हैं। ये पिछले एक साल से घर के कामकाज के अलावा सेना के साथ गांव की सुरक्षा भी कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर...
रमजान से पहले इजराइल का बड़ा कदम! अल-अक्सा के सीनियर इमाम के मस्जिद में एंट्री से रोका, मचा घमासान
Israel Ramadan Tension: इजरायली अधिकारियों ने रमजान से ठीक पहले अल-अक्सा मस्जिद के इमाम शेख इकरीमा साबरी के प्रवेश पर रोक लगा दी है. इस फैसले के बाद क्षेत्र में तनाव और विरोध बढ़ने की गंभीर आशंका जताई जा रही है.
बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में बीएनपी ने शानदार जीत हासिल की है. मंगलवार को तारिक रहमान ने बांग्लादेश के पीएम पद की शपथ ले. उनके मंत्रिमंडल में एक नाम हिंदू समुदाय के नेता निताई रॉय चौधरी का भी है, लेकिन उनको अभी कोई विभाग नहीं आवंटित हुआ है.
ट्रंप और खलीफा के बीच जंग या कन्फ्यूजन? DNA टेस्ट में जानिए सच्चाई
DNA:जनवरी 2026 में खामेनेई ने कहा था कि वो ईरान में विदेशी ताकतों की साजिशें कामयाब नहीं होने देंगे. इस बयान के बाद ईरान में प्रदर्शनकारियों पर भारी बल प्रयोग किया गया था और हजारों प्रदर्शनकारी मारे गए थे. इन घटनाओं की वजह से माना जा रहा है कि सख्त अल्फाजों से भरे खामेनेई के सोशल मीडिया पोस्ट किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई की तरफ इशारा कर रहे हैं.
Superbloom In Death Valley: डेथ वैली को धरती की सबसे गर्म जगहों में से एक माना जाता है. इस बंजर जमीन पर फूल खिलना भी सामान्य बात नहीं है, हालांकि इस साल इसमें परिवर्तन देखने को मिल सकता है.
Kilauea Volcano Eruption In Hawaii: हवाई द्वीप पर स्थित किलाउआ ज्वालामुखी एक बूार फिर तेजी से फटा है. यह घटना लगभग 10 घंटे तक चली, जिसमें लावा 1,300 फीट की ऊंचाई तक उछलता रहा.
ना तेल बचा, ना कैश और ना ही खाना...अमेरिका ने दबाई क्यूबा की नस, जनता के भूखे मरने की आ गई नौबत
Cuba in Crisis: क्यूबा वर्तमान में अमेरिकी प्रतिबंधों और तेली की नाकेबंदी के कारण सबसे बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है. देश तेल की कमी, बिजली कटौती और पार्यप्त भोजन न मिलने की समस्या झेल रहा है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंम ने क्यूबा को 'फेल्ड नेशन' बताया है.
'चिकन नेक' अटैक और टूटी हुई इकोनॉमी... क्या कड़वे अतीत के पेड़ पर तारिक रहमान उगा पाएंगे मीठे फल?
व्हाइट हाउस की घोषणा में बांग्लादेशी सामानों पर टैरिफ 20% से घटाकर 19% कर दिया गया है, कुछ टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स को छूट के साथ थोड़ी राहत देती है. इससे स्ट्रक्चरल चुनौती में कोई बदलाव नहीं आता. एक ऐसी इकोनॉमी जो कपड़ों पर निर्भर है, ग्लोबल डिमांड के प्रति सेंसिटिव है और घरेलू दिक्कतों के प्रति कमज़ोर है. युवाओं को तारिक रहमान सरकार से उम्मीदें बहुत ज़्यादा हैं.
चीन की चेतावनी को दरकिनार करते हुए अमेरिका ने फिलीपींस में और सैन्य ताकत तैनात करने का फैसला लिया है. माना जा रहा है कि इससे चीन और यूएस के बीच तनाव बढ़ सकता है.
ICE Detains Indian National over Physical Assault: अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों (ICE) की ओर से हाल ही में एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया है.
GPS के भरोसे चला ड्राइवर, समुद्र में जा फंसी डिलीवरी वैन! आपकी आंखें खोल देगी ये खबर
Amazon Delivery Van News: अमेजन डिलीवरी वैन ड्राइवर को GPS पर आंख मूंदकर भरोसा करना महंगा पड़ गया है. जीपीएस के भरोसे चल रहा ड्राइवर समुद्र के पानी में जा फंसा. जी हां, ये खबर आपकी आंखे खोल देगी. ये घटना न सिर्फ टेक्नोलॉजी पर बल्कि इंसानी समझ पर भी सवाल खड़े कर रही है.
तारिक रहमान के शपथ से शहबाज शरीफ ने क्यों बनाई दूरी? क्या जमात की हार से दुखी है पाकिस्तान
Shehbaz Sharif: बांग्लादेश में चुनाव जीतने के बाद बीएनपी नेता तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. भारत और पाकिस्तान समेत 13 देशों को न्योता भेजा गया है, लेकिन शहबाज शरीफ समारोह में शामिल नहीं होंगे. जानकारों के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी के सरकार में न आने से पाकिस्तान ने ‘वेट एंड वॉच’ नीति अपनाई है.
बांग्लादेश की राजनीति में नई हलचल शुरू हो चुकी है. सत्ता संभालने की तैयारी कर रही BNP ने अपनी नई कैबिनेट टीम का ऐलान कर दिया है. पार्टी प्रमुख तारिक रहमान ने कुल 49 नेताओं पर भरोसा जताते हुए 25 कैबिनेट मंत्री और 24 राज्य मंत्रियों के नाम तय किए हैं.
अमेरिका-ईरान वार्ता का दूसरा दौर आज, ट्रंप ने दी चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच आज जिनेवा में दूसरे राउंड की बैठक होने वाली है। आज का दिन दोनों देशों के लिए बेहद खास है
दो दशक बाद बांग्लादेश में बीएनपी की वापसी, नया प्रधानमंत्री आज
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) लगभग दो दशकों के बाद दक्षिण एशियाई देश में सत्ता में वापसी करने के लिए तैयार है। मंगलवार को बीएनपी के नए चुने गए सांसद शपथ ग्रहण करेंगे
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Why will Bangladesh MPs be sworn in twice: बांग्लादेश में नई संसद के गठन के साथ इस बार सांसद दो बार शपथ लेने की बात कही जा रही है. यानी17 फरवरी 2026 कोआज बांग्लादेश में कुछ ऐसा हुआ जो पहले कभी नहीं देखा गया. तारिक रहमान के राज में दोहरी शपथ की बात क्यों उठ रही है, जानें इसके पीछे की कहानी की कहानी.

