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जी7 के देशों का ध्यान अब यूक्रेन युद्ध रोकने पर

फ्रांस में जी7 की बैठक से दुनिया के ताकतवर देशों के नेताओं ने यूक्रेन युद्ध की ओर ध्यान बढ़ाने के संकेत दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस को समझौता कर लेना चाहिए

देशबन्धु 17 Jun 2026 9:56 am

ईरान-अमेरिका शांति समझौते की दिशा में बड़ा कदम, शुक्रवार से अंतिम समझौते पर शुरू होगी वार्ता : ईरानी विदेश मंत्री

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष के बाद अब शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है

देशबन्धु 17 Jun 2026 9:35 am

ट्रंप–मोदी की बड़ी मुलाक़ात! व्यापार, एआई और सुरक्षा पर फोकस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को जी7 नेताओं, आउटरीच पार्टनर्स और प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ आयोजित वर्किंग लंच से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

देशबन्धु 17 Jun 2026 8:49 am

जी-7 सम‍िट में पीएम मोदी-स्टार्मर की मुलाकात, व्यापार से एआई तक कई मुद्दों पर हुई चर्चा

फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन संबंधों को ज्यादा मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की

देशबन्धु 17 Jun 2026 8:10 am

अमेरिका की निगरानी में इजरायल-लेबनान समझौता, बनेंगे विशेष 'पायलट जोन'

मध्य पूर्व में स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने बताया कि इजरायल और लेबनान, अमेरिका की निगरानी में पायलट जोन बनाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं

देशबन्धु 17 Jun 2026 7:10 am

जी-7 सम्मेलन में पीएम मोदी बोले, साझेदारी सम्मान पर आधारित होनी चाहिए, निर्भरता पर नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के समय में आपसी भरोसा ही सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है

देशबन्धु 17 Jun 2026 6:20 am

अमेरिका ने ईरान जंग में हर मिनट ₹6 करोड़ लुटाए:क्या 28 लाख करोड़ हर्जाना और देना पड़ेगा; आखिर ट्रम्प को कितनी महंगी पड़ी ये जंग

अमेरिका को ईरान जंग का हर सेकेंड 10 लाख रुपए का पड़ा। रोजाना करीब 9,400 करोड़ रुपए। 107 दिन बाद जंग खत्म करके भी मुसीबत नहीं टली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान को हर्जाने के तौर पर 28 लाख करोड़ रुपए और देने पड़ सकते हैं।ट्रम्प को कितनी महंगी पड़ी ईरान जंग; 8 ग्राफिक्स में देखिए… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और अंकलेश विश्वकर्मा -------- ये खबर भी पढ़िए… अमेरिका-ईरान जंग में कौन जीता, क्या पाकिस्तान नहीं, कतर ने करवाई डील, पेट्रोल-डीजल कब सस्ता होगा; 7 सवालों में पूरी कहानी 107 दिनों की तबाही के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान जंग खत्म करने को राजी हैं। रविवार को ट्रम्प ने लिखा- समझौता हो गया। ईरान ने भी बयान जारी किया। अब 19 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देश MoU पर साइन करेंगे। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 5:20 am

ट्रंप का धमाका! रूस पर फिर से प्रतिबंध की तैयारी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिये है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने के बाद रूस के तेल निर्यात पर प्रतिबंध फिर से लगाए जा सकते हैं

देशबन्धु 17 Jun 2026 5:04 am

जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का संदेश, भरोसे और समानता पर आधारित हो वैश्विक साझेदारी

जी-7 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से ह्यूमैनिटी फर्स्ट (मानवता सबसे पहले) नजरिए के साथ आगे बढ़ता रहा है और सबको साथ लेकर चलने वाले वैश्विक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

देशबन्धु 17 Jun 2026 3:50 am

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर लगा नौसैनिक प्रतिबंध हटाया: ईरान उप विदेश मंत्री

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर लगाया नौसैनिक प्रतिबंध हटा लिया है। तेहरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने कहा, “शुरुआत से ही हम इस बात पर जोर दे रहे थे कि प्रतिबंध हटना चाहिए

देशबन्धु 16 Jun 2026 10:44 pm

आज का एक्सप्लेनर:वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का मारा, पाक गेंदबाज को जूता दिखा चुके; क्या ये गुस्सा उनका दुश्मन बन जाएगा

31 मई को विराट कोहली ने वैभव सूर्यवंशी के कंधे पर हाथ रखकर एक बात कही थी- ‘परवाह मत करो, कौन क्या कहता है।’ 2 हफ्ते बाद ही वैभव ये नसीहत भूल गए। 15 जून को श्रीलंकाई खिलाड़ी ने ताना मारा, तो वैभव भिड़ गए और उसे धक्का दे दिया। पहले भी वैभव मैदान पर गुस्सा करते दिखे हैं। श्रीलंकाई खिलाड़ियों से क्यों हुई धक्का-मुक्की, क्या सजा मिल सकती है और 15 साल के वैभव का गुस्सा क्या करियर पर असर डालेगा; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: वैभव ने श्रीलंका के खिलाड़ी से धक्का-मुक्की क्यों की? जवाबः भारत, श्रीलंका और अफगानिस्तान की क्लास-A टीमों के बीच 50 ओवर की ट्राई सीरीज जारी है। 15 जून को सुपर ओवर तक गए चौथे मैच में श्रीलंका ने भारत को हराया। इसके बाद ये पूरा विवाद हुआ.. दरअसल, इस मैच की शुरुआत से ही स्थितियां तनावपूर्ण होने लगी थीं। भारतीय बैटर विपराज निगम के पिच पर दौड़ने की वजह से अंपायर ने भारत पर 10 रन की पेनाल्टी लगा दी। अंधेरा हो रहा था, इसके बावजूद श्रीलंकाई बल्लेबाज क्रीज पर देरी से आए। एक नो बॉल को लेकर भी विवाद हुआ था। भारतीय स्पिनर आर. अश्विन X पर लिखते हैं, 'इन मैचों में IPL जितने कैमरे नहीं होते। नो-बॉल का फैसला विवादित था और श्रीलंकाई टीम के देर करने से भी भारतीय टीम नाराज थी। श्रीलंका ने भारतीय टीम पर मानसिक दबाव की स्ट्रैटेजी और माइंड गेम के तहत ये किया।' सवाल-2: इस धक्का-मुक्की में किसकी गलती थी, क्या सजा मिल सकती है? जवाबः अब तक श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड या भारतीय क्रिकेट बोर्ड यानी BCCI ने कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है। आखिरी फैसला मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश का होगा। हालांकि, ICC की रूलबुक में ऐसी घटनाओं के लिए स्पष्ट नियम हैं। ICC कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.12 के मुताबिक, 'इंटरनेशनल मैच में खिलाड़ी, सपोर्टिंग स्टाफ, अंपायर, रेफरी या किसी दर्शक के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क नियमों के खिलाफ है।’ सवाल-3: क्या वैभव पहले भी मैदान पर ऐसा गुस्सा दिखा चुके हैं? जवाब: हां, इससे पहले दो बार वैभव मैदान पर ऐसे गुस्से में दिखे हैं.. 1. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गलत आउट से नाराज दिखे वैभव 7 अक्टूबर 2025। ऑस्ट्रेलिया में अंडर-19 यूथ टेस्ट मैच। वैभव 14 गेंदों 20 रन बना चुके थे। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज चार्ल्स लैचमंड की गेंद वैभव के थाई पैड को छूते हुए कीपर के ग्लव्स तक पहुंची। अंपायर ने कैच की अपील पर बिना वक्त लगाए आउट करार दिया। इस पर नाराज वैभव कुछ देर के लिए विकेट के सामने खड़े अंपायर को देखते रहे और फिर थाईपैड की तरफ इशारा करते हुए कहा कि गेंद बल्ले से नहीं लगी है। वे हाथ में बल्ला घुमाते हुए पवेलियन लौट गए। वीडियो रिप्ले से भी पता चला कि गेंद पैड से लगकर गई है। 2. आउट हुए तो पाकिस्तानी खिलाड़ी को जूता दिखाया 21 दिसंबर 2025. दुबई में भारत-पाकिस्तान के बीच अंडर-19 एशिया कप का फाइनल मुकाबला। वैभव ने 10 गेंदों में 26 रन बना लिए थे। तभी पाकिस्तानी गेंदबाज अली राजा की गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। अली ने आक्रामक तरीके से जश्न मनाया। वैभव की तरफ देखकर कुछ कहा भी। इस पर वैभव ने एग्रेसिव रिएक्शन दिया और अली को देखते हुए अपने जूते की तरफ इशारा किया। भारतीय टीम सिर्फ 156 रन बना सकी और मैच हार गई। सवाल-4: तो क्या बड़े मैचों में खराब परफॉरमेंस के चलते आपा खो देते हैं वैभव? जवाब: जब भी वैभव मैचों में कथित ‘गुस्से’ में दिखे, तब उनकी या टीम की परफॉरमेंस अच्छी नहीं चल रही थी... सवाल-5: क्या वैभव का गुस्सा उनके करियर के लिए घातक बन जाएगा? जवाबः कई स्टार खिलाड़ी अपने शुरुआती दौर में एग्रेसिव रहे हैं, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपना तरीका बदला। गुस्से को कंट्रोल करके खेल पर फोकस बढ़ाया और खुद को हर मामले में बेस्ट स्पोर्ट्सपर्सन साबित किया। सीनियर क्रिकेट जर्नलिस्ट के. श्रीनिवास राव कहते हैं, ‘ये संभव नहीं है कि मैदान पर हमारी इच्छा के मुताबिक हमारा खिलाड़ी ऑस्ट्रेलियाई टीम को उसी आक्रामक भाषा में जवाब दे और वो संतुलित भी रहे। वैभव बच्चा है, उसने कोई क्राइम नहीं किया है, उसे गलती करने और उससे खुद सीखने का हक है। 15 साल की उम्र में 30 साल वाली परिपक्वता की उम्मीद नहीं की जा सकती।’ हालांकि सीनियर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट बोरिया मजूमदार भी X पर लिखते हैं, 'वैभव को मैदान पर गुस्सा नहीं करना चाहिए। इससे इंसान अपना नजरिया खो देता है। मुझे यकीन है कि इस घटना से वो सीखेंगे। हम सब गलतियां करते हैं, वो भी अलग नहीं हैं।’ वैभव की पैदाइश 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर की है। कम उम्र में वैभव ने स्किल और परफॉरमेंस के मामले में विराट और रोजर फेडरर की तरह नई लकीर खींची है। उन्हें ‘वर्ल्ड क्रिकेट का बेबी बॉस’ और ‘वंडर किड’ कहा जाने लगा है। सवाल-6: वैभव में ऐसा क्या खास है कि उन्हें ‘वंडर किड’ कहा जाता है? जवाबः इसकी 4 बड़ी वजहें हैं… 1. सिर्फ पावर हिटिंग नहीं, कम्प्लीट बैटिंग स्किल सेट 2. 15 की उम्र में टीम इंडिया में सिलेक्शन, सचिन का रिकॉर्ड तोड़ा 3. क्रिस गेल, डीविलियर्स, रसल के रिकॉर्ड तोड़े 4. वैभव पर IIM इंदौर रिसर्च करेगा *****रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास-----------------------------------------------------------क्रिकेट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…क्या IPL का डाउनफॉल शुरू:टीवी दर्शक 26% घटे, विदेशी खिलाड़ी आधा सीजन ही खेल रहे; टॉप एक्सपर्ट्स ने बताईं वजहें और समाधान 29 मई की शाम। फोन पर नोटिफिकेशन आया- राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी सेंचुरी के करीब हैं। मैंने जियो हॉटस्टार खोला, लाइव मैच चला लिया। तभी ध्यान आया कि इस पूरे सीजन में पहला मैच लाइव देख रही हूं। बाकी दो महीने? बस हाइलाइट्स, स्कोर अपडेट्स और कभी-कभी रील्स। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 6:23 pm

G7 Summit से पहले Mark Carney का बड़ा बयान, बोले- दुनिया में बजा India का डंका

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते महत्व पर ज़ोर दिया है। उन्होंने कहा कि G7 शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी तेज़ी से बदलती अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को दर्शाती है, जहाँ अब बड़े फ़ैसले केवल कुछ ही देश नहीं ले सकते। अपनी छह-दिवसीय यूरोपीय यात्रा के दौरान ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन में बातचीत करते हुए कार्नी ने कहा कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच चर्चा में भारत जैसे देशों को शामिल करना यह दिखाता है कि जटिल अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक वैश्विक सहयोग की ज़रूरत है। फ्रांस में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले कार्नी ने कहा कि यह इस बात की मान्यता है कि G7, अगर कभी दुनिया को चलाता भी था, तो अब वह दुनिया को नहीं चलाता और न ही ऐसा होने का दिखावा करता है। इसे भी पढ़ें: जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका दिखा अलग थलग, दुनिया जता रही मोदी पर भरोसा भारत की मौजूदगी बदलती ग्लोबल स्थितियों का संकेत है कार्नी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ग्लोबल हालात काफ़ी बदल गए हैं, इसलिए G7 के लिए ज़रूरी है कि वह अपने पारंपरिक सदस्यों के अलावा प्रभावशाली देशों के साथ भी जुड़े। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश ऐसे मुद्दों पर अनोखे नज़रिए और व्यावहारिक समाधान लाते हैं जिनका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समिट में न सिर्फ़ G7 के सदस्य बल्कि कई सहयोगी देश भी शामिल होंगे। यह ग्लोबल चर्चाओं को ज़्यादा समावेशी और असरदार बनाने की एक बड़ी कोशिश है। इसे भी पढ़ें: France में G7 Summit से PM Modi का दुनिया को बड़ा संदेश, Sustainable Planet के लिए भारत प्रतिबद्ध समिट में कई उभरती ताक़तों को बुलाया गया है मंगलवार को एवियन में शुरू होने वाले 52वें G7 समिट में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के साथ-साथ भारत, ब्राज़ील, मिस्र, केन्या और कई खाड़ी देशों जैसे आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे। कार्नी के मुताबिक, इन देशों की भागीदारी से ग्लोबल प्राथमिकताओं पर चर्चा का दायरा बढ़ेगा और राष्ट्रीय सीमाओं से परे की चुनौतियों का समाधान खोजने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह बैठक एक उभरती हुई विश्व व्यवस्था को आकार देने में भूमिका निभा सकती है। उन्होंने इस साल की शुरुआत में दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम में भी ऐसी ही बात कही थी, जहाँ उन्होंने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच मध्यम दर्जे की ताक़तों के बीच ज़्यादा सहयोग का आह्वान किया था।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 6:11 pm

डील से पलटा ईरान? फिर आने वाली है तबाही!

अमेरिका ईरान समझौते के बारे में यह कहा जा रहा है कि कहीं दस्तखत से पहले यह समझौता टूट तो नहीं जाएगा। डॉनल्ड ट्रंप यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने ईरान के साथ एक बड़ी डील कर ली है। लेकिन एमओयू पर डिजिटल साइन करने के 24 घंटे बाद इस डील के पेच सामने आ रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बयानों में भी विरोधाभास साफ-साफ झलक रहा है। ट्रंप यह दावा कर रहे हैं कि शुक्रवार से हॉर्मोस खुलने वाला है। जबकि ईरान का कहना है कि पहले अमेरिका की नियत को परखा जाएगा और उसके बाद ही हॉर्मोस ट्रेड खोला जाएगा। ईरान को 28 अरब के पुनर्निर्माण फंड पर भी मतभेद पैदा हो गए हैं। एमओयू में यह बात लिखी है कि अमेरिका ईरान को 28 अरब का फंड देगा। लेकिन ट्रंप ने इसे निराधार बताया है। इसे भी पढ़ें: डील हो या ना हो, मैं ईरान को...ट्रंप पर फूटा नेतन्याहू का गुस्सा ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर यह साफ-साफ लिखा है कि यह फेक न्यूज़ है। अमेरिका 28 अरब का फंड नहीं देने वाला। इसके अलावा परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी कंफ्यूजन है। ट्रंप यह कह रहे हैं कि ईरान के पास कोई परमाणु बम नहीं होगा। जबकि ईरान का कहना है कि इस पर 60 दिन की वार्ता के दौरान सहमति बनाई जाएगी। मतलब अभी इस पर कुछ हुआ नहीं है। अमेरिका ईरान डील से आईडीएफ मोसाद नाराज है। आईडीएफ और मोसाद ट्रंप की डील को कमजोर मानते हैं। न्यूक्लियर डील से खतरा कम नहीं होगा। द जेरुशसलेलम पोस्ट के हवाले से यह खबर सामने आ रही है। तो देखिए इजराइली डिफेंस फोर्सेस हो या फिर इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद। इसके अफसर मान रहे हैं कि यह डील इजराइल के पक्ष में नहीं है। इसका कहीं ना कहीं फायदा ईरान को होगा। इसे भी पढ़ें: जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका दिखा अलग थलग, दुनिया जता रही मोदी पर भरोसा न्यूक्लियर डील से खतरा कम नहीं होगा। यूरेनियम फ्रेमवर्क में कई कमियां हैं। प्रॉक्सी फंडिंग के मुद्दे पर इजराइल दरअसल भड़का हुआ है। हिजबुल्लाह का खात्मा चाहती है आईडीएफ। कमजोर डील से और मजबूत होगी ईरानी रिजीम। यह मानना है लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम है ट्रंप की डील। द जेरुसलम पोस्ट के हवाले से यह अहम खबर सामने आ रही है। लेबनान बारूद से दहलाए। ट्रंप गुस्से से आग बबूला। ट्रंप ने साफ कह दिया कि नेतन्याहू को बिल्कुल भी विवेक नहीं है।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 6:07 pm

EU-US Trade Deal को European Parliament की हरी झंडी, कई अमेरिकी सामानों पर खत्म होगा टैरिफ

यूरोपीय संसद ने उन दो कानूनों को अंतिम मंज़ूरी दे दी, जिनका मकसद अगस्त 2025 के EU-US संयुक्त बयान के तहत अमेरिका के साथ यूरोपीय संघ के व्यापार समझौते को लागू करना है। इन कानूनों में टैरिफ में कटौती के साथ-साथ यूरोपीय उद्योगों और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए उपाय भी शामिल हैं। यूरोपीय संसद की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यूरोपीय संसद के सदस्यों (MEPs) ने औद्योगिक और कृषि-खाद्य आयात से जुड़े मुख्य नियम का समर्थन किया। इसके पक्ष में 440 और विपक्ष में 151 वोट पड़े, जबकि 50 सदस्य वोटिंग से दूर रहे। यह कानून अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों पर टैरिफ खत्म करता है और अमेरिका के कई तरह के सीफ़ूड और कृषि उत्पादों को बाज़ार में प्राथमिकता के साथ पहुँच प्रदान करता है। एक दूसरे नियम को 444 वोटों के समर्थन और 152 वोटों के विरोध के साथ मंज़ूरी मिली (54 सदस्य वोटिंग से दूर रहे)। यह नियम अमेरिका से लॉबस्टर के टैरिफ-मुक्त आयात की सुविधा को बढ़ाता है और इसमें प्रोसेस्ड लॉबस्टर उत्पादों को भी शामिल करता है। इसे भी पढ़ें: पहले हंसे, फिर पिया पानी और ऐसे अमेरिका-यूरोप को डुबो आए जयशंकर, हिले सारे पत्रकार संसद ने कहा कि दोनों प्रस्तावों पर पहले ही संसद और काउंसिल के वार्ताकारों के बीच सहमति बन चुकी थी, और यूरोपीय आयोग के मूल प्रस्तावों को और मज़बूत करने के लिए उनमें कई संशोधन भी किए गए थे। इस कानून में शामिल मुख्य प्रावधानों में से एक सनसेट क्लॉज़ है, जिसके तहत इंडस्ट्रियल और एग्री-फूड इंपोर्ट से जुड़े नियम 31 दिसंबर, 2029 को खत्म हो जाएंगे, जब तक कि उन्हें रिन्यू न किया जाए। यूरोपीय आयोग को 30 जून, 2029 तक EU के उद्योगों, खेती, छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों और तीसरे देशों के साथ व्यापार के तरीकों पर इस नियम के असर का व्यापक मूल्यांकन करना होगा। अगर सही समझा जाए, तो इस समीक्षा के साथ नियम को आगे बढ़ाने का कानूनी प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: 2 देशों ने हिंदी में मोदी पर किया बड़ा ऐलान, पूरी दुनिया हैरान! यह कानून स्टील और एल्युमीनियम से बनी चीज़ों पर US के टैरिफ से जुड़ी चिंताओं को भी दूर करता है। यूरोपीय संसद ने ध्यान दिलाया कि अमेरिका ने अगस्त 2025 में टैरिफ के दायरे में आने वाले स्टील और एल्युमीनियम से बनी चीज़ों की लिस्ट में 407 प्रोडक्ट कैटेगरी जोड़ी थीं, जिससे व्यापार में अनिश्चितता पैदा हुई। हाल ही में मंज़ूर किए गए उपायों के तहत, अगर अमेरिका 31 दिसंबर, 2026 तक EU के स्टील और एल्युमीनियम से बनी चीज़ों पर 15 प्रतिशत से ज़्यादा टैरिफ दरें लागू रखता है, तो आयोग के पास टैरिफ में दी गई रियायतों को रोकने का अधिकार होगा। इसे भी पढ़ें: मोदी ने पकड़ी अमेरिका के कई खतरनाक लोगों की गर्दन! दुनिया हैरान आयोग 1 दिसंबर, 2026 तक इन प्रोडक्ट्स पर टैरिफ के तौर-तरीकों के बारे में यूरोपीय संसद और काउंसिल को एक रिपोर्ट भी सौंपेगा। इसके अलावा, अगर अमेरिका उन EU एक्सपोर्ट्स पर टैरिफ से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में नाकाम रहता है, जिन्हें 24 फरवरी, 2026 तक 15 प्रतिशत की ऑल-इनक्लूसिव टैरिफ सीमा का फ़ायदा मिल रहा था, तो आयोग टैरिफ रियायतों को रोक सकता है। रिलीज़ में कहा गया है, अगर अमेरिका उन EU एक्सपोर्ट्स पर टैरिफ से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में नाकाम रहता है, जिन्हें 24 फरवरी, 2026 तक 15% की ऑल-इनक्लूसिव टैरिफ सीमा का फ़ायदा मिल रहा था, तो आयोग टैरिफ रियायतों को रोक सकेगा।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 6:00 pm

G7 Summit में Japan ने खींची 'रेड लाइन', China की चुनौतियों से निपटने के लिए बनाया खास प्लान!

जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने मंगलवार को बताया कि G7 देशों के बीच वर्किंग डिनर के दौरान रूस-यूक्रेन संकट, पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात और चीन से जुड़ी चुनौतियों जैसे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। तकाइची ने बताया कि G7 के अपने समकक्षों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने अहम खनिजों (critical minerals) को लेकर G7 की 'जॉइंट स्टॉकपाइलिंग कोलैबोरेशन इनिशिएटिव' (संयुक्त भंडारण सहयोग पहल) का प्रस्ताव रखा। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि कल रात वर्किंग डिनर में हमने कई अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा की, जिनमें मध्य पूर्व के हालात, यूक्रेन की स्थिति, इंडो-पैसिफिक के हालात और अहम खनिजों सहित सप्लाई चेन की मज़बूती शामिल है। तकाइची ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बिना किसी रुकावट के समुद्री व्यापार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और कहा कि मैंने फ़ारस की खाड़ी में फँसे सभी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने देने के महत्व पर ज़ोर दिया। साथ ही, युद्ध में परमाणु बमबारी झेलने वाले एकमात्र देश के तौर पर, मैंने IAEA के सहयोग से ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा इसी क्रम में, होर्मुज़ संकट का ज़िक्र करते हुए, मैंने ज़रूरी खनिजों (critical minerals) के लिए G7 की 'संयुक्त स्टॉकपाइलिंग सहयोग पहल' (Joint Stockpiling Collaboration Initiative) का प्रस्ताव रखा। यह पहला G7 शिखर सम्मेलन है जिसमें तकाइची शामिल हो रही हैं। इसे भी पढ़ें: France पहुंचे PM Modi, G7 Summit में वैश्विक चुनौतियों पर दुनिया को दिखाएंगे रास्ता जापानी प्रधानमंत्री ने उत्तर कोरिया के पूरी तरह परमाणु-मुक्त होने के सिद्धांत के महत्व पर ज़ोर दिया। साथ ही, उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल विकास से निपटने और क्रिप्टोकरेंसी की चोरी – जो उसके लिए फंड का ज़रिया है – के ख़िलाफ़ जवाबी उपाय करने की ज़रूरत पर भी बात की। तकाइची ने एक्स पर लिखा, मैंने अपनी तरफ़ से इंडो-पैसिफ़िक क्षेत्र की स्थिति और चीन सहित वहाँ मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर जापान की सोच और रुख़ के बारे में बताया। साथ ही, यह भी साफ़ किया कि G7 देश आपसी तालमेल के साथ इस पर प्रतिक्रिया देंगे। इसे भी पढ़ें: Iran Deal पर बोले Trump: दूसरा दौर आसान होगा, तेहरान को पैसा देने की बात 'बकवास' इस बीच, फ्रांस के एक रिसॉर्ट शहर में दुनिया भर के नेताओं के जमा होने के साथ ही, मंगलवार को G7 समिट के पहले सेशन में यूक्रेन में शांति बहाल करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। रॉयटर्स के अनुसार, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने दिन के पहले सेशन में हिस्सा लिया, जो यूक्रेन में शांति कायम करने पर केंद्रित था। इस बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे। रॉयटर्स के मुताबिक, ज़ेलेंस्की ट्रंप से अलग से बातचीत कर सकते हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति अन्य G7 नेताओं से भी अलग-अलग मुलाकात करेंगे। नेताओं के बीच यह बैठक कीव और मॉस्को के बीच बढ़ते तनाव के बीच हो रही है।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 5:56 pm

Iran Deal पर बोले Trump: दूसरा दौर आसान होगा, तेहरान को पैसा देने की बात 'बकवास'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के अगले चरण को लेकर उम्मीद जताई। उन्होंने पश्चिम एशिया में तनाव खत्म करने के लिए इस्लामिक रिपब्लिक के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि बातचीत का दूसरा चरण असल में आसान होगा। साथ ही, उन्होंने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि समझौते के तहत वॉशिंगटन तेहरान को आर्थिक मदद देगा। फ्रांस के एवियन में G7 समिट के दौरान कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ द्विपक्षीय बैठक में ट्रंप ने दोहराया कि ईरान के साथ समझौता हो चुका है और इसे निष्पक्ष और अच्छा समझौता बताया। इसे भी पढ़ें: Hormuz में ईरान का 'माइन' गेम, US Peace Deal के बावजूद Global Oil Supply पर मंडराया संकट ट्रंप ने कहा, ईरान के साथ हमारा समझौता हो गया है और यह सफल होना चाहिए। अब यह दूसरे चरण में जा रहा है, जो मुझे लगता है कि असल में आसान होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बातचीत के पहले चरण के दौरान ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हालांकि वे हमले करने से बचना चाहते थे, लेकिन हालात ने उनके प्रशासन के सामने सीमित विकल्प ही छोड़े थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैं पिछले हफ़्ते उन पर हमला नहीं करना चाहता था, लेकिन हमारे पास कोई चारा नहीं था, और असल में हमने दो बार ऐसा किया। हम तीसरी बार ऐसा कर रहे हैं, और हम ऐसा न करने की स्थिति में भी हो सकते थे, लेकिन हमारे पास एक उचित समझौता है। यह एक अच्छा समझौता है। ट्रंप ने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि वॉशिंगटन किसी समझौते के तहत ईरान में पैसा निवेश करेगा। उन्होंने ऐसी खबरों को बेतुका बताया। उन्होंने कहा कि वैसे, हम ईरान में कोई पैसा निवेश नहीं कर रहे हैं; कल यह अफवाह उड़ी थी, जो बेतुकी थी। अमेरिका का रुख दोहराते हुए ट्रंप ने कहा कि हम कोई पैसा निवेश नहीं कर रहे हैं। ईरान में पैसा निवेश करने की हमारी कोई बाध्यता नहीं है। इसे भी पढ़ें: डील हो या ना हो, मैं ईरान को...ट्रंप पर फूटा नेतन्याहू का गुस्सा CNN के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि बातचीत के अगले चरण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के तकनीकी पहलुओं, तेहरान को आर्थिक राहत देने से जुड़े मुद्दों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। साथ ही, खाड़ी देशों द्वारा वित्तपोषित 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर के प्रस्तावित पुनर्निर्माण कोष पर भी चर्चा होगी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने CBS के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि ईरान को पुनर्निर्माण कोष तक पहुंच मिल सकती है, बशर्ते वह समझौते में उल्लिखित कुछ शर्तों और दायित्वों को पूरा करे। यह देखते हुए कि संयुक्त राज्य अमेरिका मेज पर मौजूद कई विकल्पों के लिए खुला है, वेंस ने उन दावों को खारिज कर दिया कि प्रस्तावित समझौते में ईरान की 24 बिलियन अमेरिकी डॉलर की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करना शामिल है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ समझौता पूरा हो गया है और शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद रणनीतिक जलमार्ग फिर से खुल जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इस शानदार समझौते का उद्देश्य पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा लाना है।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 5:50 pm

पूर्वी अफगानिस्तान में गाड़ी पलटने से बच्चे समेत चार लोगों की मौत, चार घायलों में कुछ की हालत गंभीर

पूर्वी अफगानिस्तान के वर्दक प्रांत में सोमवार को एक मिनी बस के पलट जाने से एक बच्चे समेत चार यात्रियों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। प्रांतीय पुलिस प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ इसरार ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

देशबन्धु 16 Jun 2026 5:37 pm

डील हो या ना हो, मैं ईरान को...ट्रंप पर फूटा नेतन्याहू का गुस्सा

अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते को लेकर जहां वाशिंगटन इसी बड़ी कूटनीतिक सफलता बता रहा। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेहू इस डील से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे। नेतन्याहू ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना इजराइल की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सोच हमेशा एक जैसी नहीं होती। अमेरिका और ईरान समझौते के सार्वजनिक होने के बाद नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान से पैदा हुए परमाणु खतरे को काफी हद तक कमजोर किया है। लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई। समझौता हो या ना हो ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Donald Trump की 'शांति डील' को Israel का बड़ा झटका, कहा- ये समझौता हम पर लागू नहीं होता नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप और उनके बीच मजबूत साझेदारी लेकिन कई बार दोनों नेताओं की राय अलग भी हो सकती है। उनके मुताबिक इजराइल अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि दशकों से ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनका मिशन रहा है और वह भविष्य में भी इसी नीति पर कायम रहेंगे। इजराइली प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान और उसके सहयोगी संगठन के खिलाफ अभियान अभी जारी रहेगा। उन्होंने लेबनान का जिक्र करते हुए कहा कि इजराइली सेना जरूरत पड़ने तक सुरक्षा क्षेत्रों में मौजूद रहेगी और किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए कारवाई की पूरी स्वतंत्रता बनाए रखेगी। नेतन्याहू के मुताबिक हाल के सैन अभियानों में इजराइल ने ऐसे कई इलाकों पर नियंत्रण हासिल किया जिनका इस्तेमाल पहले उसके खिलाफ किया जाता था। दरअसल नेतन्याहू का यह बयान ऐसे वक्त पर सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद एक समझौते की रूपरेखा सामने आई। इसे भी पढ़ें: US-Iran Deal से इजरायल बाहर! क्या समझौते का होगा पालन, ट्रंप vs नेतन्याहू अब होने वाला है? वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने यह वादा किया है कि वो किसी परमाणु हथियार को नहीं बनाएगा। ट्रंप ने उन खबरों को भी खारिज किया जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान को $300 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता देगा। उन्होंने इसे पूरी तरह फर्जी बताया। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वांस ने भी इस समझौते का समर्थन करते हुए कहा कि ट्रंप की कूटनीति एक बार फिर सफल रही और इस डील का सबसे बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित ना करें। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार यह समझौता भविष्य की बातचीत का ढांचा तैयार करता है जिसमें परमाणु निरीक्षण, यूरेनियम एनरचमेंट की निगरानी और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल थे। वहीं सूत्रों के मुताबिक समझौते के तहत ईरान को कुछ आर्थिक राहत मिल सकती है। लेकिन यह राहत तभी मिलेगी जब तेहरान परमाणु कार्यक्रम पर निगरानी और सत्यापन की शर्तों का पालन करें।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 4:57 pm

सुंदर पिचाई के भाषण के दौरान स्टैनफोर्ड के 200 ग्रेजुएट्स ने वॉकआउट किया : रिपोर्ट

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में भाषण के दौरान करीब 200 छात्रों के वॉकआउट का सामना करना पड़ा। ऐसा तब हुआ, जब उन्होंने छात्रों की नाराजगी से बचने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का जिक्र नहीं किया। यह जानकारी रिपोर्ट में दी गई।

देशबन्धु 16 Jun 2026 4:40 pm

Imran Khan की बहन Aleema Khanum ने PIMS के इलाज पर उठाए गंभीर सवाल, मांगी स्वतंत्र जांच

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने जेल में बंद नेता की स्वतंत्र मेडिकल जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि खान को फिर से इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया था और कहा कि परिवार उनकी सेहत या आंखों की रोशनी के बारे में अस्पताल की ओर से जारी किसी भी मेडिकल रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करेगा। एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में अलीमा ने कहा कि परिवार को खबर मिली थी कि खान को 15 जून की सुबह अदियाला जेल से PIMS ले जाया गया था, और उन्हें इस बात का पता उसी दिन सुबह बाद में PTI चेयरमैन बैरिस्टर गोहर की सोशल मीडिया पोस्ट से चला। उन्होंने एक्स पर लिखा कि हमें खबर मिली है कि इमरान खान को 15 जून की सुबह फिर से PIMS ले जाया गया। हमें यह जानकारी 15 जून की सुबह बैरिस्टर गोहर के एक ट्वीट से मिली। अलीमा ने लिखा हम इमरान खान की हालत के बारे में PIMS की ओर से जारी किसी भी मेडिकल रिपोर्ट को नहीं मानते। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान के पहले के दावों पर बाद में सवाल उठाए गए थे। उन्होंने पहले किए गए उन दावों का ज़िक्र किया जिनमें कहा गया था कि खान की 90 प्रतिशत नज़र वापस आ गई है; उन्होंने बताया कि जब बाद में उनके वकील ने अदियाला जेल में उनसे मुलाक़ात की, तो ख़ुद इमरान खान ने इस दावे को खारिज कर दिया था। इसे भी पढ़ें: Patna Coaching War: रौशन आनंद का Khan Sir पर सनसनीखेज आरोप, 'भाई की हत्या की साज़िश रची' खान के इलाज के आधिकारिक विवरण पर सवाल उठाते हुए अलीमा ने पूछा, इमरान खान को पांचवें इंजेक्शन की क्या ज़रूरत है? उन्होंने कहा कि परिवार सरकार के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है और मांग करता है कि क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की जांच और इलाज इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्वतंत्र, योग्य विशेषज्ञों द्वारा किया जाए। इसे भी पढ़ें: Patna Police सवालों के घेरे में! Roshan Anand का आरोप - किसके दबाव में Khan Sir को बचाया जा रहा है? इमरान खान की दृष्टि हानि के दावे अलीमा की ये टिप्पणियां 73 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य, विशेष रूप से उनकी बिगड़ती दृष्टि को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई हैं। फरवरी में खान को रावलपिंडी की अडियाला जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच दृष्टि हानि से संबंधित आगे के इलाज के लिए पीआईएमएस ले जाया गया था। पिछली मुलाकातों के बाद जारी किए गए अस्पताल के आधिकारिक बयानों के अनुसार, खान को इंट्राविट्रियल एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन दिए गए थे - यह रेटिना रोग के इलाज और दृष्टि को संरक्षित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक विशेष प्रक्रिया है। एक मेडिकल बोर्ड ने उनका आकलन किया।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 4:28 pm

IAF का गेम चेंजर Kamikaze Drone: China को सीधी चुनौती, बनेगा आत्मनिर्भर भारत का 'ब्रह्मास्त्र'

भारतीय वायु सेना (IAF) ने घरेलू इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ मिलकर स्वदेशी लंबी दूरी वाले कामिकेज़ ड्रोन विकसित करने का एक प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसका मकसद आत्मनिर्भरता बढ़ाना और भविष्य में होने वाले अपग्रेड और बदलावों पर बेहतर कंट्रोल हासिल करना है। IAF ने फिक्स्ड-विंग, वन-वे अटैक अनमैन्ड एरियल सिस्टम (OWA-UAS) – जिन्हें आम तौर पर कामिकेज़ ड्रोन कहा जाता है। उसके विकास के लिए भारतीय कंपनियों को चुनने के वास्ते एक लिमिटेड टेंडर इन्क्वायरी जारी की है। इस प्रोजेक्ट का कोऑर्डिनेशन कोयंबटूर के सुलूर में मौजूद वायु सेना के 5 बेस रिपेयर डिपो (BRD) द्वारा किया जाएगा, जो नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगा। खरीद के आम प्रोग्राम के उलट, जिनमें सेना ज़रूरतें बताती है और इंडस्ट्री प्रोडक्ट बनाती है, IAF डिज़ाइन और डेवलपमेंट प्रोसेस में सीधे तौर पर शामिल होगी। उम्मीद है कि इस कदम से सर्विस को बदलते ऑपरेशनल ज़रूरतों के हिसाब से प्लेटफ़ॉर्म को ढालने में ज़्यादा फ़्लेक्सिबिलिटी मिलेगी। इसे भी पढ़ें: US Iran Peace Treaty | 300 अरब डॉलर का वो 'सीक्रेट' पन्ना, जिसने अमेरिका-ईरान की महाडील पर लगाया ब्रेक! ट्रंप बोले- 'यह झूठ है!' तकनीकी ज़रूरतों के अनुसार, ड्रोन 16,000 फ़ीट तक की ऊंचाई पर काम करने, दिन और रात दोनों स्थितियों में चलने और कम से कम 30 किलोग्राम का मॉड्यूलर पेलोड ले जाने में सक्षम होना चाहिए। इस प्लेटफ़ॉर्म से कई तरह के मिशन कॉन्फ़िगरेशन को सपोर्ट करने की उम्मीद है, जिनमें सटीक हमले (precision-strike), हवाई डेटा रिले और सेंसर-आधारित मिशन शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट में एक ऐसे अत्यधिक ऑटोनॉमस सिस्टम की भी परिकल्पना की गई है जो बहुत कम मानवीय हस्तक्षेप के साथ लॉन्च, वे-पॉइंट नेविगेशन, लोइटरिंग (हवा में चक्कर लगाना) और मिशन को पूरा करने में सक्षम हो। ऑपरेशनल ज़रूरतों के आधार पर, ड्रोन में 'रिटर्न-टू-बेस' (बेस पर वापस लौटने) की सुविधा भी शामिल की जा सकती है। इसे भी पढ़ें: Air India Express की Jeddah फ्लाइट में हवा में आई खराबी, Kannur में हुई Emergency Landing इस प्रोग्राम की एक खास बात यह है कि IAF इससे जुड़े इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) अपने पास रखना चाहती है। डिफेंस सूत्रों का कहना है कि इससे लंबे समय तक ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहेगी और भविष्य में सुधारों के लिए बाहरी वेंडर्स पर निर्भरता कम होगी। प्रोजेक्ट से जुड़े एक सूत्र ने कहा, डिज़ाइन और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का मालिकाना हक अपने पास रखने से एयर फ़ोर्स को ऑपरेशनल ज़रूरतों के हिसाब से सिस्टम में बदलाव, अपग्रेड और कस्टमाइज़ेशन करने की क्षमता मिलेगी। इससे वेंडर-कंट्रोल्ड टेक्नोलॉजी की पाबंदियों के बिना तेज़ी से क्षमता बढ़ाई जा सकेगी, जिससे एक निर्णायक बढ़त मिलेगी। IAF ने यह भी अनिवार्य किया है कि प्रोजेक्ट का डिज़ाइन, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग भारत में ही हो और इसमें स्वदेशी कंपोनेंट्स और सिस्टम को प्राथमिकता दी जाए। ड्रोन में चीन की टेक्नोलॉजी, कंपोनेंट्स और मटीरियल का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए; यह सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन के लिए सेना की लगातार कोशिशों को दिखाता है।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 3:57 pm

France पहुंचे PM Modi, G7 Summit में वैश्विक चुनौतियों पर दुनिया को दिखाएंगे रास्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के न्योते पर फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में हो रहे 52वें G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। वे G7 देशों और सहयोगी देशों के नेताओं के साथ मिलकर आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसी अहम वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। शिखर सम्मेलन के व्यापक एजेंडे के बीच, सबकी नज़रें बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मोदी की होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर टिकी हैं, जिसमें दोनों नेताओं के बीच व्यापार, वीज़ा, ऊर्जा सहयोग और व्यापक रणनीतिक संबंधों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: राजनाथ सिंह के घर आधी रात तक BJP-RSS नेताओं ने किया मंथन, पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई सूची तैयार G7 समिट के लिए प्रधानमंत्री एवियन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G7 समिट में शामिल होने के लिए फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स पहुंचे। बैठक से पहले उन्होंने कहा दुनिया के नेताओं से बातचीत करने और अहम वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का बेसब्री से इंतज़ार है। भारत एक ज़्यादा टिकाऊ और समृद्ध दुनिया के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। G7 समिट के लिए फ्रांस के एवियन पहुंचा। दुनिया के नेताओं से बातचीत करने और अहम वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का बेसब्री से इंतज़ार है। भारत एक ज़्यादा टिकाऊ और समृद्ध दुनिया के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 3:53 pm

ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लग सकती है रोक, सरकार कर रही है विचार

सोशल मीडिया प्रतिबंध का मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पार्टी के अंदर प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

देशबन्धु 16 Jun 2026 12:25 pm

बी-52 बॉम्बर क्रैश: टेकऑफ के तुरंत बाद मौत की उड़ान

कैलिफोर्निया के मोजावे रेगिस्तान में एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद अमेरिकी एयर फोर्स का बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस क्रैश हो गया। इस भयानक हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई

देशबन्धु 16 Jun 2026 9:47 am

मेक्सिको की राष्ट्रपति ने यूएसएमसीए का किया समर्थन, बोलीं- ट्रंप के साथ समझौते पर बातचीत करने को तैयार

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने मुक्त व्यापार पर यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (यूएसएमसीए) को अपना समर्थन दिया

देशबन्धु 16 Jun 2026 9:31 am

लंका प्रीमियर लीग के प्रमोटर आईपीजी ग्रुप ने की नैस्डैक-लिस्टेड पार्टनर से करोड़ों डॉलर की रणनीतिक फंडिंग की घोषणा

फंडिंग और साझेदारी से लीग के वैश्विक विस्तार, बेहतर व्यावसायिक लाभ और डिजिटल नवाचार को मिलेगी गति कोलंबो, श्रीलंका, 15 जून 2026: लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) का छठा सीजन 10 जुलाई से शुरू होने जा रहा है और उससे ठीक पहले लीग को बड़ा वित्तीय बढ़ावा मिला है। एलपीएल के प्रमोटर इनोवेटिव प्रोडक्शन ग्रुप एफज़ेड, ... Read more

अजमेरनामा 16 Jun 2026 5:24 am

ईरान-अमेरिका समझौते पर इजरायल की नाराजगी, सुरक्षा जोखिमों को लेकर विवाद

इजरायल के नेता अमेर‍िका और ईरान के बीच हुए समझौते के पक्ष में नहीं द‍िख रहे हैं। इजरायली नेताओं ने ईरान के साथ अमेरि‍का के समझौते की कड़ी आलोचना की है

देशबन्धु 16 Jun 2026 4:10 am

मैं जनता को निराश नहीं करूंगाः शी चिनफिंग

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग जमीनी स्तर के नेता हैं। उन्हें जनता से गहरा लगाव है। उनका कहना है कि मेरे दिल में सिर्फ जनता है और मैं जनता को निराश नहीं करूंगा।

देशबन्धु 16 Jun 2026 2:50 am

श्रीलंका में उत्साह के साथ मनाया गया ड्रैगन बोट फेस्टिवल

2026 ड्रैगन बोट सांस्कृतिक महोत्सव और चीन-श्रीलंका मैत्री कप ड्रैगन बोट दौड़ का आयोजन रविवार को कोलंबो में बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ किया गया

देशबन्धु 15 Jun 2026 11:32 pm

अमेरिका-ईरान जंग पर ब्रेकथ्रू, MoU साइन लेकिन ट्रंप के बयान से बढ़ा सस्पेंस

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले चार महीनों से जारी जंग को रोकने के लिए दोनों देशों ने एक अहम समझौते पर दस्तखत कर दिए हैं

देशबन्धु 15 Jun 2026 11:19 pm

“डील पूरी!” ट्रंप ने ईरान समझौते का किया धमाकेदार ऐलान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि यूएस और ईरान ने एक डील पूरी कर ली है। इस डील के तहत होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाएगा और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी खत्म हो जाएगी।

देशबन्धु 15 Jun 2026 10:52 am

ईरान के सर्वोच्च नेता दिवंगत अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार जुलाई में होगा

ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सर्वोच्च नेता दिवंगत अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह, जुलूस और दफ़नाने की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।

देशबन्धु 15 Jun 2026 8:20 am

“रोटी-नमक से स्वागत!” स्लोवाकिया में पीएम मोदी का ऐतिहासिक आगाज़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (स्थानीय समयानुसार) को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे। स्लोवाक के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने ग्रैंड होटल रिवर पार्क में उनका स्वागत किया

देशबन्धु 15 Jun 2026 8:14 am

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की कहानी:पाक आर्मी निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध AK-47 क्यों चला रही, 46 की मौत

11 जून 2026। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK का रावलकोट शहर। ईदगाह मैदान पर हजारों प्रदर्शनकारी जमा थे। साधारण सी मांगे थीं- किफायती आटा, चावल, बिजली और बुनियादी अधिकार। पाकिस्तानी सेना ने अचानक निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से गोलीबारी शुरू कर दी। 16 लोग मारे गए, 37 घायल हो गए। इससे दो दिन पहले भी PoK में 30 प्रदर्शनकारियों की हत्या हो चुकी थी। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की पूरी कहानी पर आज की मंडे मेगा स्टोरी… **** डिस्क्लेमर: भारतीय संविधान के अनुसार पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) समेत संपूर्ण जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और दैनिक भास्कर इस संवैधानिक स्थिति का पूर्ण समर्थन करता है। इस स्टोरी का मकसद सिर्फ PoK के इतिहास, मौजूदा प्रशासनिक ढांचे और हालिया घटनाओं को तथ्यात्मक रूप से पेश करना है। इसमें इस्तेमाल हुए संदर्भ, नाम या ब्योरे जैसे 'आजाद जम्मू-कश्मीर', 'गिलगित-बाल्टिस्तान' आदि पाकिस्तान द्वारा दिए गए नामों का सिर्फ रिपोर्टिंग के लिए जिक्र हैं। इन्हें किसी दावे या अधिकार की स्वीकृति के तौर पर न देखा जाए। **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी, अंकलेश विश्वकर्मा, अंकुर बंसल ------------ ये खबर भी पढ़िए… क्या भारत-पाकिस्तान में फिर दोस्ती होने वाली है:4 देशों में बैकचैनल मीटिंग्स; कोशिशों के पीछे असली वजह और इसका असर क्या होगा पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की रेगुलर प्रेस ब्रीफिंग चल रही थी। एक पत्रकार ने प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से पूछा- क्या भारत और पाकिस्तान के बीच बैकचैनल बातचीत हो रही है? अंद्राबी बोले- अगर मैं टिप्पणी करूंगा, तो वो बैकचैनल नहीं रहेगा। इधर भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के नंबर-2 नेता दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे बंद नहीं होने चाहिए। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 5:18 am

10 मंदिर उड़ाने की धमकी, कौन है खालिस्तान नेशनल आर्मी:पाकिस्तान-अजरबैजान में मीटिंग, 7 राज्यों में नेटवर्क; RSS हेडक्वार्टर भी टारगेट

‘तुम्हारे हिंदू मंदिर निशाने पर हैं। दिल्ली और हरियाणा के लोगों, तुमने 6 जून, 1984 को भिंडरांवाले की मौत पर मिठाइयां बांटी थीं। अब हम इसका बदला तुम्हारे मंदिरों में ब्लास्ट करके लेंगे। इसलिए अपने बच्चों को बचाओ और 5-6 जून को कोई सफर न करो।’ 4 जून की सुबह 9:54 बजे पंचकूचा के मेयर श्यामलाल बंसल को धमकी भरा ये ई-मेल मिला। इसमें दिल्ली-हरियाणा के 6 बड़े मंदिरों में ब्लास्ट करने की धमकी थी। मेल मिलते ही लोकल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। डॉग स्क्वाड और एंटी-बम स्क्वाड बुलाई गईं। मंदिर खाली कराए गए, लेकिन कुछ नहीं मिला। जांच आगे बढ़ी, तो पता चला कि धमकी के पीछे पाकिस्तान में एक्टिव खालिस्तान नेशनल आर्मी है। इसके बाद दिल्ली और हरियाणा पुलिस की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को एक्टिव कर दिया गया। पाकिस्तान से सटे बॉर्डर के 50 किलोमीटर के दायरे में गांवों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। अजरबैजान में भारत विरोधी सम्मेलन, तीन देशों से खालिस्तान समर्थक पहुंचे क्या खालिस्तान के नए टेरर मॉड्यूल में हिंदू मंदिर टारगेट पर हैं? खालिस्तान नेशनल आर्मी के काम करने का तरीका क्या है? दैनिक भास्कर ने NIA के अफसरों और डिफेंस एक्सपर्ट्स से ये सवाल पूछे। जवाब मिला कि धार्मिक स्थलों पर दहशत फैलाने की साजिश 16 जनवरी को अजरबैजान में हुए भारत विरोधी सम्मेलन का हिस्सा हो सकती है। इसमें कनाडा, अमेरिका और पाकिस्तान में रहने वाले खालिस्तानी संगठनों के बड़े नेता शामिल हुए थे। बीते 2 साल में खालिस्तानी टेरर मॉड्यूल देश के 10 बड़े मंदिरों को लेकर धमकी दे चुका है। उसके टारगेट पर नागपुर का RSS हेडक्वार्टर भी है। अलग-अलग संगठनों को मिलाकर बनी खालिस्तान नेशनल आर्मी 28 जनवरी से 10 जून 2026 तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र में धमकी भरे ई-मेल मिले हैं। इसमें हिंदू मंदिर, सरकारी इमारतें, स्कूलों और रेल नेटवर्क को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सभी की जिम्मेदारी खालिस्तान के नए मॉड्यूल KNA, यानी खालिस्तान नेशनल आर्मी ने ली है। खालिस्तानी टेरर फोर्सेस पर स्टडी कर चुके भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी कहते हैं, ‘भारत में बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान लिबरेशन फोर्स और सिख फॉर जस्टिस जैसे आतंकी संगठन दशहत फैला रहे हैं। इसमें खालिस्तान नेशनल आर्मी का नाम भी जुड़ गया है। ये कोई संगठन नहीं, बल्कि नया आतंकी मॉड्यूल है।’ ‘भारत के राजनीतिक दबाव के बाद कनाडा और अमेरिका में खुलकर ऑपरेट करना खालिस्तानी संगठनों के लिए मुश्किल हो गया है। इसलिए ये गुट नए नाम से पाकिस्तान और अजरबैजान जैसे इस्लामिक देशों में ऑपरेट कर रहे हैं। वहां ये बगैर रोक-टोक के भारत के खिलाफ रणनीति बना सकते हैं।’ पुराने संगठनों ने नया मॉड्यूल बनाया, पाकिस्तान-अजरबैजान में बेस केंद्रीय जांच एजेंसी NIA के मुताबिक, खालिस्तान नेशनल आर्मी की गतिविधियों में एक कॉमन पैटर्न दिखता है। 28 जनवरी को पहली बार इससे जुड़े ई-मेल में दिल्ली के द्वारका कोर्ट में ब्लास्ट की धमकी मिली। 30 जनवरी को पंजाब-हरियाणा सचिवालय को ई-मेल भेजा गया। फरवरी में संसद में ब्लास्ट की धमकी मिली। जांच एजेंसी से जुडे़ एक अधिकारी बताते हैं, ‘18 जून 2023 को खालिस्तान टाइगर फोर्स के चीफ हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद पाकिस्तान में एक्टिव खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स और बब्बर खालसा इंटरनेशनल जैसे आतंकी संगठन नए मॉड्यूल तैयार कर रहे हैं। खालिस्तान नेशनल आर्मी इसी का हिस्सा है।’ ‘ISI के समर्थन से पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स प्रमुख रंजीत नीटा और बब्बर खालसा इंटरनेशनल का सरगना बावधा सिंह तुर्किए और अजरबैजान में नेटवर्क फैला रहे हैं। 16 जनवरी, 2026 को अजरबैजान की राजधानी बाकू में एक सम्मेलन हुआ था। इसमें अमेरिका, कनाडा और पाकिस्तान के चरमपंथी नेता शामिल हुए।’ अधिकारी के मुताबिक, अजरबैजान सम्मेलन के 11 दिन बाद ही 28 जनवरी को गुजरात के स्कूलों, फिर फरवरी, मार्च और जून में मंदिरों-सरकारी इमारतों में ब्लास्ट की धमकियां मिलीं। धमकी भरे ई-मेल खालिस्तान नेशनल आर्मी ने भेजे थे। ये साबित करता है कि भारत में दहशत फैलाने का ये पैटर्न अजरबैजान बैठक में तैयार साजिश का हिस्सा है। डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि खालिस्तानी नेटवर्क को अजरबैजान के समर्थन की 2 अहम वजह हो सकती हैं- पहली: भारत अजरबैजान के दुश्मन आर्मेनिया के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है। भारत आर्मेनिया को हथियार बेचता है। इसमें पिनाका रॉकेट लॉन्चर और आकाश-1S मिसाइल शामिल हैं। 2023 में अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच संघर्ष हुआ था। 2024 में अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने भारत से आर्मेनिया को हथियार न देने की गुजारिश की थी। दूसरी: अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच संघर्ष की वजह नागोर्नो-काराबाख एरिया है। इस पर दोनों दावा करते हैं। पाकिस्तान इस मसले पर अजरबैजान के साथ है। इसके बदले अजरबैजान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का पक्ष लेता रहा है। पहलगाम हमले के बाद भारत के पाकिस्तान पर हवाई हमलों की अजरबैजान ने निंदा की थी। पूर्व DGP बोले- ई-मेल के जरिए धमकियां देना नया पैटर्न 1986 से 1988 के बीच पीलीभीत में खालिस्तानी संगठनों पर कार्रवाई कर चुके यूपी के पूर्व DGP बृजलाल ने खालिस्तानी आतंकियों के खिलाफ अपने ऑपरेशन से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। 1987 में सितंबर में आतंकियों ने पीलीभीत के उदासीन मठ में दो संतों की हत्या कर दी थी। वे डेरे से साधुओं की जीप लेकर भाग रहे थे। गश्त पर निकले दो सिपाहियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आतंकियों ने उन्हें भी गोली मार दी। पीलीभीत में एक ही दिन में 4 मर्डर खालिस्तान सपोर्टर ग्रुप की पहली घटना थी। इसी दौरान यूपी में पहली बार भिंडरावाले टाइगर फोर्स के पोस्टर चिपकाए गए। उस वक्त बृजलाल पीलीभीत के SP थे। वे 13 पुलिसवालों की टीम लेकर आतंकियों को दबोचने पंजाब चले गए। उनकी टीम तरन तारन से 2 आतंकियों को पकड़कर यूपी लाई थी। ये खालिस्तान मूवमेंट के खिलाफ उस वक्त की बड़ी कार्रवाई थी। क्या अब खालिस्तान ने भारत में ऑपरेट करने का पैटर्न बदला है? जवाब में बृजलाल कहते हैं, ‘ई-मेल के जरिए धमकियां देना नया पैटर्न है। अब तक ये संगठन मौजूदगी दर्ज कराने के लिए गुरुद्वारों पर पर्चे लगाते या ऑडियो-वीडियो टेप रिलीज करते थे। अब ई-मेल भेजकर डिजिटल टेरर फैला रहे हैं।’ गुजरात का CM ऑफिस और नगर निगम कार्यालय भी टारगेट पर ई-मेल के जरिए धमकी भेजने का सबसे नया मामला गुजरात का है। 10 जून को खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से सरकारी आईडी पर भेजे गए ईमेल में गांधीनगर में CM ऑफिस, अहमदाबाद नगर निगम और RSS के ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। यहां तलाशी अभियान भी चलाया गया, लेकिन कुछ नहीं मिला। गुजरात के DGP जीएस मलिक कहते हैं, ‘धमकी भरे ई-मेल्स को गुजरात पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। हर धमकी के बाद लोकल पुलिस, बम निरोधक दस्ते, खुफिया इकाइयों और साइबर विशेषज्ञों को एक्टिव किया जाता है।’ खालिस्तान का दावा- पूरे पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में फैला नेटवर्क अगस्त, 2024 में खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने मैप जारी कर 7 राज्यों में नेटवर्क होने का दावा किया था। इनमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं। NIA के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए 2 साल में पंजाब के 6 पुलिस स्टेशनों पर ग्रेनेड हमले किए गए। इसी साल 27 अप्रैल को पटियाला के राजपुरा में रेलवे ट्रैक पर बम लगाने की कोशिश के दौरान धमाका हुआ, जिसमें आरोपी की मौत हो गई थी। …………………………… ये खबर भी पढ़ेंकश्मीर में हिज्बुल्लाह जैसे ड्रोन अटैक का खतरा, पाकिस्तान से 4 आतंकी घुसे जम्मू कश्मीर में आतंकी हिजबुल्लाह की तर्ज पर हमले की साजिश रच रहे हैं। 26 अप्रैल को खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला कि साउथ लेबनान का रहने वाले आतंकी शादाब बाजी पाकिस्तान के रास्ते भारत में दाखिल हुआ। उसके साथ 3 पाकिस्तानी आतंकियों ने भी घुसपैठ की है। लेबनानी आतंकी हिजबुल्लाह ड्रोन हमलों में माहिर होते हैं। खुफिया एजेंसी को शक है कि संदिग्ध आतंकी कश्मीर में ड्रोन हमलों की तैयारी कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 5:16 am

जनवरी से मई तक, चीनी रेलवे ने 1.67 अरब टन माल का परिवहन किया

चाइना रेलवे ग्रु के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से मई तक, चाइना रेलवे ने कुल 1.67 अरब टन माल का परिवहन किया, जो साल दर साल 1.8 प्रतिशत अधिक है

देशबन्धु 15 Jun 2026 3:04 am

पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने नीस में विला केर्लियोस का किया दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फ्रांस के नीस में विला केर्लियोस का दौरा किया। दोनों नेता विला केर्लियोस में घूमते हुए हल्की-फुल्की बातचीत करते नजर आए।

देशबन्धु 14 Jun 2026 11:09 pm

बेरूत पर इजरायली हमला: ट्रंप का गुस्सा फूटा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह लेबनान की राजधानी बेरूत पर हुए इजरायली हवाई हमले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है

देशबन्धु 14 Jun 2026 10:01 pm

ट्रंप ने कहा 'ईरान संग समझौता ओबामा के जेसीपीओए से बेहतर', आखिर क्या थी वो डील?

अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए जेसीपीओए समझौते से बेहतर डील करने का ऐलान किया। 2015 में ईरान और छह विश्व शक्तियों के बीच एक ऐतिहासिक परमाणु समझौता हुआ था, जिसे ज्वाइंट कंप्रेहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए), यानी 'संयुक्त व्यापक कार्ययोजना' (आसान भाषा में ईरान परमाणु समझौता) कहा जाता है। इसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना और बदले में उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में राहत देना था।

देशबन्धु 14 Jun 2026 6:13 pm

भूकंप से काँपा फिलीपींस, 61 मौतें, 75 हजार से ज्यादा घर मलबे में तब्दील

फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप मिंडानाओ के तट के पास 8 जून को आए 7.8 तीव्रता के भीषण भूकंप में कम से कम 61 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 लोग अब भी लापता हैं। इस आपदा में 1,403 लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी रविवार को फिलीपींस की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन परिषद (एनडीआरआरएमसी) ने दी।

देशबन्धु 14 Jun 2026 1:44 pm

फ्रांस में गूंजे 'मोदी-मोदी' के नारे, भारतीय समुदाय बोला-पीएम ने युवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई प्रेरणा दी

फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय ने जोरदार स्वागत किया। इंतजार में खड़े लोगों ने पीएम के पहुंचते ही 'मोदी मोदी' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए

देशबन्धु 14 Jun 2026 8:39 am

पापा के कहने पर 'किलर' बने:5 बच्चे पैदा करने की जिद में 3 शादियां; ट्रम्प सनकी हैं या साइकोपैथ, 80वें जन्मदिन पर पूरा एनालिसिस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कमोबेश हर रोज दुनिया को अपनी बातों और हरकतों से हैरान करते हैं। वो खुद भी कहते हैं कि मेरा अनुमान लगाना नामुमकिन है। हालांकि जब उनके बर्ताव, हरकतों और बयानों को साथ जोड़कर देखते हैं, तो एक पैटर्न नजर आता है कि आखिर ट्रम्प क्या और क्यों सोचते हैं? आज ट्रम्प का 80वां जन्मदिन है। बचपन से अब तक के किस्सों में छुपी उनकी साइकोलॉजी, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… ------------ ये खबर भी पढ़िए… भारतीय क्रू वाले जहाजों पर लगातार मिसाइल क्यों मार रहा अमेरिका; क्या ईरान से गुपचुप तेल खरीद रहा है भारत सेटेबेलो नाम के इस जहाज पर सवार 24 क्रू मेंबर्स भारतीय थे। इनमें से 3 की मौत हो चुकी है। 8 जून और 11 जून को भी अमेरिका ने भारतीय क्रू मेंबर्स वाले जहाजों पर हमले किए हैं। आखिर भारतीय क्रू वाले जहाजों पर मिसाइल क्यों मार रहा है अमेरिका? पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 5:29 am

22 मिनट ओले गिरे, कश्मीर का 30% सेब बर्बाद:किसानों के 400 करोड़ डूबे, बोले- इतने बेबस हैं, बेटी की शादी टालनी पड़ेगी

अनंतनाग की रहने वाली गुलशन बानो जमीन पर गिरे सेब नहर में फेंक रही थीं। अचाबल में उनका चार कनाल (आधा एकड़) का बाग है। 5 और 9 जून को हुई तूफानी बारिश और ओलों ने लगभग 90% फसल बर्बाद कर दी। सेब टूटकर गिर गए और बेचने लायक भी नहीं बचे। गुलशन कहती हैं, ‘यही रोजी-रोटी का अकेला जरिया है। इस साल लगा था कि अच्छी फसल होगी, लेकिन 22 मिनट के तूफान ने सारे सपने तोड़ दिए। अक्टूबर-नवंबर में बेटी की शादी करने वाले थे, लेकिन अब लगता है कि टालनी ही पड़ेगी।‘ कश्मीर में इस दर्द से गुजरने वाली गुलशन अकेली नहीं है। यहां एक महीने में 7 बार ओले गिरे, जिससे सेब कारोबार से जुड़े 12 लाख लोगों की रोजी-रोटी मुश्किल में आ गई है। हर साल कश्मीर से करीब 20 लाख मीट्रिक टन सेब देशभर में जाता है, लेकिन इस साल 7 लाख मीट्रिक टन बर्बाद हो गया। इससे सेब कारोबारियों को 300 से 400 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ‘ऐसी बेबसी पहले नहीं देखी, सुसाइड का ख्याल आ रहा’ कश्मीर देश में सेब का सबसे बड़ा उत्पादक है। कुल सेब का 70% हिस्सा यहीं होता है। हर साल इससे करीब 8 से 10 हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिलता है। पिछले दो महीनों में बारिश और ओले गिरने से बारामूला, शोपियां, अनंतनाग और कुलगाम समेत कई जिलों में सेब की 80-85% फसल बर्बाद हो गई। अनंतनाग के अचाबल में गुलशन का परिवार इसी बर्बादी से परेशान है। वे कहती हैं, ‘किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए बैंक से 2 लाख रुपए का लोन लिया था। खाद भी उधार में खरीदी। 50 हजार रुपए का बिजली बिल बकाया है। अब सेब की फसल बर्बाद होने के बाद हम टूट चुके हैं। पहली बार इतने बेबस हैं कि खुदकुशी का ख्याल आ रहा है।’ ‘22 मिनट ओले गिरे और साल भर की मेहनत बर्बाद’ हम शोपियां पहुंचे तो फैयाज अहमद भट्ट अपने बगीचे में गिरे सेब इकट्ठा कर रहे थे। यहां एक दिन पहले ही ओले गिरे थे। फैयाज का 8 कनाल, यानी 1 एकड़ का बाग है। वे कहते हैं, ‘सीजन में 5-6 बार ओले गिरे हैं। अब ये सेब B और C कैटेगरी में भी बिकने लायक नहीं है। पेड़ों पर बचे फल भी किसी काम के नहीं हैं।’ वे नीचे गिरे फलों को दिखाते हुए कहते हैं, ‘देखिए, हर सेब पर निशान है। ऐसे सेब बाजार में नहीं बिकते। जून में फल आकार लेना शुरू करते हैं, लेकिन सिर्फ 22 मिनट ओले गिरने ने सब बर्बाद हो गया।’ फैयाज को लगातार दूसरी साल नुकसान उठाना पड़ा है। वे बताते हैं, ‘पिछले साल अच्छी फसल हुई थी, लेकिन हम उसे बाजार तक नहीं पहुंचा सके। रामबन के पास जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे करीब डेढ़ महीने बंद रहा था। सेब बागानों में रखे-रखे ही खराब हो गए और उन्हें नालों में फेंकना पड़ा। इस साल बहुत उम्मीद थी, लेकिन मौसम ने सब तबाह कर दिया।‘ ‘घर-परिवार का हर छोटा-बड़ा खर्च इसी बाग से चलता है। तीन बच्चे हैं। उनकी पढ़ाई का खर्च भी इसी से निकलता है। फल ही बर्बाद हो गए, तो ये सब काम कैसे होंगे। खाद और कीटनाशकों के लिए पहले ही 50 हजार रुपए उधार ले रखा है। अब समझ नहीं आ रहा कि दुकानदारों का कर्ज चुकाएं या परिवार का पेट भरें।‘ ‘3 से 4 लाख रुपए कमाते थे, इस बार 30 हजार भी नहीं मिलेंगे’ फैयाज को इस साल करीब 3 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। वे बताते हैं, ‘हर साल बाग से 3 से 4 लाख रुपए कमा लेता था, लेकिन इस बार 30 हजार रुपए भी नहीं मिल पाएंगे। बाग में हुई तबाही देखकर दिल इतना टूट जाता है कि बाग तक जाने का मन नहीं करता।‘ केंद्र सरकार से कश्मीर के सेब उद्योग के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग करते हुए वो कहते हैं, ‘हमें कर्ज माफी, मुआवजा और आर्थिक मदद चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई जारी रहे और हम गुजर-बसर कर सकें।‘ ’बच्चों का पेट भरें या पढ़ाई का इंतजाम करें’ कुलगाम के रहने वाले अब्दुल रशीद नजर के पास करीब 6 कनाल का बाग है। चार बेटियों और एक बेटे वाला परिवार इसी से चलता है। वे बताते हैं, ‘आमतौर पर सीजन में सेब के 400 से 500 बॉक्स तैयार हो जाते हैं, लेकिन इस बार लगातार दूसरे साल नुकसान उठाना पड़ रहा है।’ ‘पेड़ों पर सिर्फ 10% फल ही बचे हैं, लेकिन वो भी खराब हो चुके हैं। इस साल आमदनी की कोई उम्मीद नहीं है। बच्चों की पढ़ाई खतरे में पड़ गई है। फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और स्कूल आने-जाने का खर्च कैसे उठाएंगे।‘ रशीद ने भी किसान क्रेडिट कार्ड से करीब 2 लाख का कर्ज लिया है, जो अगस्त तक चुकाना है। वे कहते हैं, ‘समझ नहीं आ रहा कि अब बच्चों का पेट भरें, पढ़ाई का इंतजाम करें या कर्ज चुकाएं।’ जम्मू-कश्मीर में पिछले साल करीब 21 लाख मीट्रिक टन सेब की पैदावार हुई थी। 2024 में ये आंकड़ा करीब 20 लाख मीट्रिक टन था। इस इंडस्ट्री से 12 लाख लोगों की रोजी-रोटी चलती है। जम्मू-कश्मीर की GDP में इसका योगदान 8-10% है। बाढ़ और हाई-वे बंद रहने के कारण 2025 में कश्मीर की एप्पल इंडस्ट्री को लगभग 600 से 700 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। इस साल भी ओले और बारिश की वजह से 300 से 400 करोड़ रुपए नुकसान होने का अनुमान है। कश्मीर फ्रूट ग्रोअर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष फैयाज अहमद मलिक कहते हैं कि ये साल खेती और किसानों के लिए सिर्फ आपदा लेकर आया। सेब की बागवानी से जुड़े 12 लाख से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं। अप्रैल में कुलगाम, नेहामा और शोपियां में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। 12 मई को बारामूला जिले के क्रीरी, वगोरा, कुंजर, अंडरगाम और लोलीपोरा इलाकों में ओला गिरने से बाग तबाह हुए हैं। फैयाज कहते हैं, ‘हम लंबे समय से फसल बीमा योजना लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अगर मार्च में ही योजना लागू कर दी गई होती, तो प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा मिल चुका होता।‘ …………….. ये खबर भी पढ़ें… वंदे भारत से 5 घंटे में जम्मू से श्रीनगर अब जम्मू ट्रेन के जरिए सीधे कश्मीर घाटी से जुड़ गया है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के तहत जम्मू से श्रीनगर तक वंदे भारत एक्सप्रेस चलने से घाटी में बदलाव दिख रहा है। जम्मू-श्रीनगर के बीच 270 किमी की दूरी है। यहां रोड कनेक्टिविटी हमेशा बड़ी चुनौती रही है। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 5:26 am

“अमेरिका-ईरान डील पर ट्रंप का दावा” : होर्मुज जलमार्ग खुलेगा सभी के लिए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होंगे

देशबन्धु 14 Jun 2026 4:44 am

फ्रांस में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे राष्ट्रपति ट्रंप, प्रस्तावित व्यापार समझौते पर चर्चा की उम्मीद: व्हाइट हाउस

फ्रांस में अगले हफ्ते जी7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी फ्रांस पहुंचने वाले हैं।

देशबन्धु 14 Jun 2026 3:30 am

चीन ने अमेरिका द्वारा कुछ चीनी कंपनियों को 'चीनी सैन्य उद्यम सूची' में शामिल करने का जवाब दिया

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में कई चीनी कंपनियों को चीनी सैन्य उद्यम सूची में शामिल किया, चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को इस बारे में कहा कि चीन इस पर तीव्र असंतोष और दृढ़ विरोध करता है।

देशबन्धु 14 Jun 2026 3:20 am

जर्मन राष्ट्रपति के आवास में सेक्स डॉल आर्ट पर छिड़ी बहस

जर्मनी के राष्ट्रपति भवन ‘बेलव्यू पैलेस’ को मरम्मत के लिए बंद करने से पहले, वहां एक कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है. इस प्रदर्शनी में सुर्खियां बटोरने वाली कांसे की मूर्ति के अलावा भी कई आधुनिक कलाकृतियां हैं

देशबन्धु 13 Jun 2026 10:59 am

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन में हो सकती है मोदी-ट्रंप की मुलाकात; क्या है एजेंडा?

15 जून को दुनिया की सात सबसे बड़ी विकसित अर्थव्यवस्थाओं के समूह यानी जी7 नेताओं का शिखर सम्मेलन होने जा रहा है

देशबन्धु 13 Jun 2026 10:31 am

भारत और केन्या ने अलग-अलग क्षेत्रों में साझेदारी और निवेश पर की चर्चा

केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने केन्या के एल्डोरेट शहर (उवासिन गिशु प्रांत) का दौरा किया

देशबन्धु 13 Jun 2026 8:40 am

भारत ने अमेरिका-ईरान बातचीत में शुरुआती सफलता का किया समर्थन: विदेश मंत्री जयशंकर

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका-ईरान बातचीत से जल्द ही कोई कामयाबी मिलेगी

देशबन्धु 13 Jun 2026 8:30 am

ट्रंप का दावा: अमेरिकी सेना ने 'ट्रेन डी अरागुआ' के कुख्यात सरगना को मार गिराया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के अपराधी गिरोह 'ट्रेन डी अरागुआ' के नेता के मारे जाने का दावा किया है

देशबन्धु 13 Jun 2026 8:19 am

अमेरिका-ईरान डील को लेकर 'फेक मीडिया रिपोर्ट' पर भड़के वेंस, बोले- लोग झूठे पोस्ट पर कर रहे भरोसा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि इस्लामाबाद एमओयू अपने आखिरी चरण में पहुंच चुका है

देशबन्धु 13 Jun 2026 8:10 am