पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की अदियाला जेल में हत्या की अफवाह उड़ने के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और बहन अलीमा खान लगातार शहबाज सरकार से मांग कर रही हैं कि उन्हें इमरान से मिलने दिया जाए। विपक्षी गठबंधन ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है
जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ ने अपने पॉडकास्ट के नए एपिसोड का टीजर शेयर किया, जिसमें एलन मस्क के साथ मुलाकात की झलक दिखाई गई. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. यूजर्स ने मस्क के साथ कामथ की केमिस्ट्री पर जमकर रिएक्शन दिए.
अमेरिका ने अफ़गानिस्तान के नागरिकों को वीज़ा जारी करने पर तत्काल रोक लगाने की घोषणा की
अमेरिका ने शुक्रवार को अफ़गानिस्तान के पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए वीज़ा जारी करने पर तुरंत रोक लगाने और सभी शरण के लिए आवेदन करने पर रोक लगाने की घोषणा की है
तूफान दितवाह में भारत की त्वरित मदद, श्रीलंका ने जताया आभार
श्रीलंका में दितवाह तूफान से मची भारी तबाही के बीच भारत ने अपने पड़ोसी मुल्क की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है
चीन में मिली '573 किलों' की रहस्यमयी दुनिया! 5,000 साल पुराने सच का खुला राज; अब बदलेगा इतिहास…
Ancient Stone Fortresses China: चीन के शांक्सी प्रांत में 573 प्राचीन पत्थर के किले मिले हैं, जो लगभग 5,000 साल पुरानी सभ्यता के प्रमाण बताते हैं. यह खोज प्राचीन समाज, सुरक्षा व्यवस्था और शहर बसाने की तकनीकों को समझने में मदद करने का काम करेगी.
Hong Kong Fire: हांगकांग में लगी आग ने दुनिया भर को हैरत में डाल दिया है. इस आग में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. 32 मंजिला वाले इन इमारतों में ज्यादातर बुजुर्ग रहते थे. अब हादसे के पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक वर्कर सिगरेट पीते हुए दिखाई दे रहा है.
Black Sea: काला सागर में तेल टैंकर में धमाके हुए और इसकी वजह से आग लग गई, काला सागर की बात करें तो यहां का पानी काफी रहस्यमयी है. जानिए आखिर यह क्यों खतरनाक समुद्री इलाका है?
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि जो बाइडेन द्वारा ऑटोपेन से हस्ताक्षरित सभी दस्तावेज अब अमान्य हैं, जबकि विशेषज्ञों इसे कानूनी रूप से अव्यवहारिक बताया है. तो आइए जानते हैं कि आखिर ये ऑटोपेन क्या है और कब से अमेरिकी राष्ट्रपति इसे प्रयोग कर रहे है और क्या ये एक लीगल सिग्नेचर है या नहीं...
इंडोनेशिया में बाढ़ और भूस्खलन से 174 की मौत, 79 लापता; बचाव अभियान बाधित
इंडोनेशिया के आचेह, उत्तर सुमात्रा और पश्चिम सुमात्रा प्रांतों में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 174 हो गया है, जबकि 79 लोग अब भी लापता हैं और 12 लोग घायल हुए हैं
Donald Trump: वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास हुए एक आतंकी हमले से डोनाल्ड ट्रंप हैरान हैं. इस घटना के बाद उन्होंने थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज से माइग्रेशन को स्थायी तौर पर रोकने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने ऐलान कर दिया है कि अब बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन चलाए जाएंगे और उन प्रवासियों की नैचुरलाइज़्ड सिटिजनशिप भी रद्द की जाएगी जो 'पश्चिमी सभ्यता के साथ अनुकूल नहीं हैं. आइए जानते हैं आखिर ट्रंप ने ऐसा क्यों कहा...
ट्रम्प का महा-विस्फोट! बाइडेन के 92% आदेश 'रद्द', गोपनीय 'ऑटोपेन सिग्नेचर' का सबसे बड़ा स्कैंडल?
Trump Autopen Executive Orders Cancellation: डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि जो भी दस्तावेज जो बाइडेन के कार्यकाल में ऑटोपेन से साइन किए गए थे, वे सभी अब रद्द माने जाएंगे.
26 नवंबर को यूपी के हापुड़ में गढ़मुक्तेश्वर गंगा श्मशान घाट पर हरियाणा की एक i20 कार पहुंची। चार लोग बिना किसी रस्म के जल्दबाजी में अर्थी जलाने लगे तो आस-पास के लोगों को शक हुआ। जब अर्थी का कपड़ा हटाया गया, तो उसमें मुर्दा नहीं बल्कि प्लास्टिक का पुतला मिला। सामने आया 50 लाख का बीमा घोटाला। पूरी कहानी जानने के लिए ऊपर दी गई इमेज पर क्लिक कर देखें वीडियो..
इस देश के पूर्व राष्ट्रपति को माफी दे सकते हैं ट्रंप, ड्रग ट्रैफिकिंग केस में मिली है 45 साल की सजा
यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वो होंडुरस के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज को 2024 में ड्रग ट्रैफिकिंग की सजा के लिए माफ करने का प्लान बना रहे हैं.
‘पिछले 6 हफ्तों से उन्हें (इमरान खान) डेथ सेल में अकेले रखा गया है। उनकी बहनों को मिलने से रोका गया, जबकि कोर्ट ने इसकी परमिशन दी है। न कोई फोन कॉल, न मुलाकात और न उनके जिंदा होने का सबूत है। हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं है।’ - कासिम खान, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे ‘उनकी (इमरान खान) सेहत बिल्कुल ठीक है। उनकी पूरी देखभाल की जा रही है। डॉक्टरों की एक टीम है, जो उन्हें रोजाना चेक करती है। उनकी दवाओं, डाइट, सुविधाओं और एक्सरसाइज का ध्यान रखती है।’ - राणा सनाउल्लाह खान, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के एडवाइजर पाकिस्तान में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल है कि इमरान खान कहां हैं। इमरान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में हैं। आखिरी बार 16 मई 2024 को पेशी के दौरान दिखे थे। परिवार का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार और आर्मी उनके बारे में कुछ नहीं बता रही हैं। सोशल मीडिया पर इमरान की सेहत खराब होने और हत्या की भी खबरें आईं। इमरान की तीन बहनें और समर्थक 4 दिन से जेल के बाहर डटे हैं। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में हिंसा भड़क गई थी। PTI समर्थकों के गुस्से को देखते हुए फिर ऐसा होने की आशंका है। पाकिस्तान में अभी क्या चल रहा है और इमरान खान के बारे में सही खबरें क्या हैं, दैनिक भास्कर ने इस पर इमरान के वकील और एक्सपर्ट्स से बात की। पूरा मामला कैसे शुरू हुआमार्च, 2025 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि इमरान खान परिवार और वकीलों से मिल सकते हैं। जेल मैनेजमेंट ने कोर्ट का आदेश नहीं माना। अक्टूबर, 2025 में कोर्ट ने दोबारा निर्देश दिया। इसके बाद भी उनकी बहनों को एक भी बार मिलने नहीं दिया गया। 26 नवंबर को सोशल मीडिया पर खबर आई कि जेल में इमरान खान की हत्या कर दी गई है। इसके बाद उनकी बहनें और समर्थक अडियाला जेल पहुंच गए। इमरान खान की बहनें नूरीन नियाजी, अलीमा और उजमा जेल के बाहर प्रदर्शन करने लगीं। इमरान की पार्टी PTI के कार्यकर्ता पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन करने लगे। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने जेल के बाहर कर्फ्यू लगा दिया। 27 नवंबर को इमरान खान का समर्थन करने अडियाला जेल पहुंचे खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी से पुलिस ने मारपीट की। इसके वीडियो भी सामने आए हैं। अफरीदी ने आरोप लगाया कि सरकार इमरान खान की हालत की सही जानकारी नहीं दे रही है। अगर इमरान खान को कुछ हुआ तो इसके नतीजे की जिम्मेदारी सरकार पर होगी। लीगल एडवाइजर बोले- इमरान ठीक हैं इस मसले पर हमने इमरान खान के लीगल एडवाइजर एडवोकेट फैसल चौधरी से बात की। उनसे पूछा कि इमरान खान से क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा? वे कहते हैं, ‘इसकी कोई वजह नहीं बताई जा रही। इमरान खान की सेहत के बारे में उड़ाई जा रही अफवाह सही नहीं है। वे ठीक हैं, लेकिन परिवार और वकीलों को उनसे मिलने दिया जाए। विपक्ष के नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, ये अच्छा नहीं है।’ सियासी तौर पर इमरान खान का कोई मुकाबला नहीं है। मौजूदा हुकूमत उनकी मशहूरियत से खौफजदा रहती है। मीडिया पर उनकी फोटो, वीडियो तक नहीं चलाई जा सकती है। इस सब के पीछे कानूनी नहीं, सियासी वजहें हैं। ‘आर्मी तय करती है, इमरान किससे मिलेंगे’पाकिस्तान में सरकार के कामकाज को करीब से देखने वाले एक सोर्स बताते हैं, ‘इमरान खान को परिवार से न मिलने देने का फैसला सरकार का नहीं, आर्मी का है। इमरान खान से कौन मिलेगा, कौन नहीं मिलेगा, इसका फैसला आर्मी करती है।' 'यहां फैसला लेने का हक सरकार को नहीं है, इस्टैब्लिशमेंट को है। ये इस्टैब्लिशमेंट आर्मी है। कोई आर्मी शब्द सीधा इस्तेमाल नहीं करना चाहता। इससे ऐसा मैसेज जाता है कि आर्मी का राज है, इसलिए लोग इस्टैब्लिशमेंट बोलते हैं।’ कैदियों से मुलाकातें रोकीं, वजह सिक्योरिटी बताईइमरान खान की सेहत पर जेल प्रशासन ने बयान जारी कर बताया है कि वे स्वस्थ हैं। सवाल है कि अगर सब कुछ ठीक है, तो फिर लोगों को उनसे क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा? इसका जवाब सरकार से जुड़े एक सोर्स देते हैं। वे कहते हैं कि सुरक्षा कारणों से अभी किसी भी कैदी से उनके परिवार को नहीं मिलने दिया जा रहा। ये सिर्फ इमरान खान का मामला नहीं है। अभी हम किसी भी कैदी को बाहरी व्यक्ति से नहीं मिलने दे रहे।’ ‘हिटलर की कहानियां पाकिस्तान में सामने देख रहे’इमरान की छोटी बहन नूरीन नियाजी पाकिस्तान की जानी-मानी राजनीतिक शख्सियत हैं। 16 साल पहले इमरान ने नई पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ बनाई, तब वे भी साथ थीं। नूरीन कहती हैं, ‘पाकिस्तान के तानाशाह आसिम मुनीर के बारे में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वे हमारे दोस्त हैं। पाकिस्तान इस वक्त जुल्म के दौर से गुजर रहा है। हमने हिटलर की कहानियां पढ़ी थीं, पाकिस्तान में अब उनसे मिलती-जुलती कहानियां हैं। लोगों को पकड़कर बेसमेंट में रखा जा रहा है। कई लोगों को मार दिया गया। जुल्म की कहानियां, जो हमने पढ़ी थीं, अब वो सामने होता देख रहे हैं।’ नूरीन कहती हैं, ‘ये इमरान की सेहत के बारे में कुछ नहीं बता रहे। पार्टी के लीडर उनसे मिलने गए, लेकिन अंदर नहीं जाने दिया। हमें मिलने नहीं दे रहे हैं। पुलिस को कहा गया है कि इमरान खान के समर्थकों के साथ जो करना है, करो।' 'पाकिस्तान में पहले कभी औरतों के साथ इस तरह बदतमीजी नहीं हुई। पहली बार है कि वे बच्चे-बूढ़े कुछ नहीं देख रहे हैं। पुलिस को इजाजत है कि जो भी आपको दिख जाए उन्हें मारें, कोई पूछने वाला नहीं है।’ ‘शहबाज शरीफ चुनाव हार गए थे, लेकिन आर्मी की वजह से सत्ता में बने हुए हैं। दूसरे मुल्क में बैठे लोगों के के पास बोलने की आजादी है। उन्हें घरों से नहीं उठाया जाएगा, परेशान नहीं किया जाएगा। बाहर बैठकर जो सोशल मीडिया पर लिख सकते हैं, जरूर लिखें।’ ‘जिनके पास बंदूक नहीं, उन पर जुल्म करते रहेंगे’नूरीन नियाजी ने कहा, ‘पाकिस्तान बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है। बाहर के लोगों को इसके बारे में बोलना चाहिए, लेकिन इंशाल्लाह हमारे लोग खुद ही उठेंगे और इसे ठीक करेंगे। पहले भी तानाशाह आए हैं। वे कितनी देर जिंदा रहेंगे। लोगों को जुल्म के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा और इनका मुकाबला करना पड़ेगा। वरना जिनके पास बंदूक नहीं है, उन पर ये हमेशा जुल्म करते रहेंगे।’ नूरीन इमरान खान की सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं। आशंका जताई जा रही है कि आर्मी जानबूझकर उनकी सेहत बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं ताकि वे चुनौती देने की स्थिति में न रहें। नूरीन कहती हैं, ‘इमरान खान जेल के कमरे में अकेले रह रहे हैं। ये अपने आप में मुश्किल सजा है। जेल मैन्युअल के मुताबिक आप 4 दिन से ज्यादा किसी को आइसोलेट नहीं कर सकते।’ ‘इमरान खान को कई हफ्तों से आइसोलेट करके रखा गया है। किताब, अखबार, टीवी, सब बंद कर दिया है। किसी को कुछ नहीं पता कि अंदर क्या हो रहा है। ये सरकार जुल्म की इंतहा पर पहुंच गई है।’ ‘ये राजनीतिक लड़ाई, उसी तरह लड़ना होगा’नूरीन नियाजी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को हिटलर बता रही हैं। ये कहने की नौबत क्यों आई? इसके जवाब में इमरान के वकील फैसल चौधरी कहते हैं, ‘उनके अल्फाज सख्त होते हैं। पाकिस्तान में हर सियासी फैसले के पीछे इस्टैब्लिशमेंट होती है। ये हमारा अंदरूनी मामला है। वो बहन हैं, उनके जज्बात हैं, हम उनका सम्मान करते हैं।’ ‘इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कोर्ट की अवमानना का केस दायर किया है। ये राजनीतिक लड़ाई है और उसी तरीके से लड़ी जाएगी। सरकार विरोध प्रदर्शन के बाद दबाव में आई है और हो सकता है कि अगले हफ्ते तक इमरान खान साहब से मिलने दिया जाए।‘ 'आर्मी को ज्यादा ताकत मिली, पाकिस्तान में हिंसा का खतरा'ऑपरेशन सिंदूर और भारत के साथ संघर्ष के बाद पाकिस्तान में आसिम मुनीर को प्रमोशन देकर फील्ड मार्शल बना दिया गया। इसके बाद पाकिस्तान में बन रहे हालात पर हमने जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में साउथ एशियन स्टडीज पढ़ाने वालीं प्रोफेसर श्रीराधा दत्ता से बात की। वे कहती हैं, ‘जिस तरह से आसिम मुनीर को ताकत मिली है, ये एक तरह से सेना के तख्तापलट की तरह है। इससे पहले पाकिस्तानी आर्मी के पास इतनी ताकत नहीं होती थी। अब पाकिस्तान में सड़कों पर प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं। पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कानूनी और संवैधानिक रूप से कोई कुछ नहीं कर सकता है। ‘इमरान खान की मौत को लेकर जो खबर फैली थी, मुझे इसमें दम नहीं लगता है। वे 2023 से जेल में बंद है। इमरान खान को शहरी लोगों का समर्थन हासिल है। पाकिस्तान में अवाम का सत्ता के खिलाफ विद्रोह कम ही देखने को मिला है। इसकी संभावना भी कम है। बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल में जैसा विद्रोह देखा है, पाकिस्तान में देखने को नहीं मिला।’ ‘हमने 4 बार तानाशाहों को हटाया, ये मसला भी सुलझा लेंगे’पाकिस्तान के हालात पर हमने इमरान के वकील एडवोकेट फैसल चौधरी से भी सवाल पूछा। वे कहते हैं, ‘अवाम ने 4 बार तानाशाहों को बाहर निकाला है। इस वक्त पाकिस्तान में इमरान खान सबसे बड़े राजनेता हैं। हम अपनी फौज के साथ नहीं लड़ना चाहते।' 'हम संविधान के तहत रहकर काम करेंगे। फौज हमारी है और गलतफहमियां दूर हो जाती हैं। मुल्क भी हमारा है। ये हमारा अंदरूनी मामला है और हम इसे सुलझा लेंगे।’ इमरान खान का मैसेज है कि पाकिस्तान में ताकत के केंद्र अपने दायरे में रहकर काम करें। पाकिस्तान को आगे बढ़ाने के लिए राजनीति और मिलिट्री को अपनी-अपनी हद में काम करना चाहिए।’ वहीं पाकिस्तान के पॉलिटिकल एक्सपर्ट ताहिर नईम कहते हैं कि पाकिस्तान में इतिहास है कि जो नेता सत्ता से हटा, उसके साथ अच्छा नहीं हुआ। कई नेता बाहर चले गए, कई को फांसी हुई। इमरान खान के साथ भी यही हो रहा है। इमरान खान इसी इस्टैब्लिशमेंट के कंधों पर बैठकर आए थे। पाकिस्तान में हालात ये हैं कि इमरान खान के समर्थकों की आवाज तक मीडिया में नहीं आ रही है। पाकिस्तान इससे बाहर नहीं निकल पा रहा है।
क्या भारत के इस मित्र देश बैन हो जाएगा WhatsApp? जानिए पॉपुलर मैसेजिंग ऐप पर क्यों बढ़ा खतरा
WhatsApp Ban Risk: व्हाट्सएप एक ऐसा मोबाइल ऐप्लिकेशन है जो आज मैसेजिंग को लेकर बेहद पॉपुलर है, लेकिन रूस में इसके बैन का खतरा बढ़ गया है.
हाल ही में दक्षिण अफ्रीका ने जी20 समिट की मेजबनी की है, लेकिन इसमें डोनाल्ड ट्रंप शामिल नहीं हुए. इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने वजह बताई है.
अमेरिका ने रूस के साथ पीस प्लान किया शेयर, क्रेमलिन ने की पुष्टि
क्रेमलिन ने पुष्टि की कि अमेरिका ने हाल ही में जिनेवा में हुए अमेरिका-यूक्रेन वार्ताओं के बाद रूस को शांति योजना के महत्वपूर्ण विवरण सौंपे हैं
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के करीबी का इस्तीफा, घर में पड़ी रेड, भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को तगड़ा झटका लगा है, उनके करीबी एंड्री यरमक के घर एंटी-करप्शन डिपार्टमेंट की रेड पड़ी, जिसके कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा.
रोमानिया: बॉयोडाटा में लिखा था एक झूठ, रक्षा मंत्री की चली गई कुर्सी
Romania news: रोमानिया के रक्षा मंत्री इयोनुत मोस्टेनु ने शुक्रवार को अचानक इस्तीफा दे दिया. मोस्टेनु ने कहा, 'बायोडाटा में यूनिवर्सिटी एजुकेशन के बारे में गलत इनफॉर्मनेशन होने के चलते इस्तीफा देता हूं.' CV में झूठ को लेकर तगड़ा विवाद छिड़ गया है.
नौसेना के MH-60R हेलीकॉप्टरों को मिलेगी सुपर सपोर्ट पावर, भारत-अमेरिका के बीच 7995 करोड़ में डील
India US deal: रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 7995 करोड़ रुपए का प्रस्ताव और एलओए फॉलो ऑन सपोर्ट और फॉलो ऑन सप्लाई सपोर्ट के माध्यम से 60आर हेलीकॉप्टर के बेड़े के लगातार सहयोग के लिए किया गया है.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की 'हत्या' की 'अफवाह' को लेकर जारी चर्चा के बीच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के प्रमुख की बहन अलीमा खान ने अदियाला जेल सुपरिटेंडेंट और दूसरों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की याचिका दायर की है।
Sri Lanka News in Hindi: भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका एक बार फिर संकट में है. इस बार चक्रवात तूफान ने इस द्वीपीय देश में तबाही मचाई है. संकट की इस घड़ी में भारत ने बड़े भाई की भूमिका निभाते हुए उसके लिए राहत सामग्री से भरे युद्धपोत भेजने शुरू कर दिए हैं.
अफगानिस्तान के दावे के बाद से पाकिस्तान में इन दिनों पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान को लेकर चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। बीते कुछ दिनों से पाकिस्तान में ये अटकलें तेज हो गई हैं कि जेल में बंद इमरान खान की हत्या कर दी गई है। हालांकि, बीते दिनों जेल अधिकारियों की ओर से इन सभी अटकलों से साफ इनकार कर दिया गया। इस बीच इमरान खान के बेटे ने अपने ताजा बयान से एक बार फिर इस संदेह को मजबूत कर दिया है।
Bangladesh poll clash between BNP Jamaat:बांग्लादेश में फरवरी 2026 के चुनाव से पहले जो माहौल गरम है, उसमें एक नया बवाल सामने आया है. पाबना जिले के चार गरगरी गांव में जमात-ए-इस्लामी की महिला कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर वोट मांग रही थीं और कह रही थीं कि “जमात को वोट दो, जन्नत का टिकट फ्री में मिलेगा. लोगों को यह बात इतनी नागवार गुजरी कि पहले बहस हुई, फिर हाथापाई और देखते-देखते पूरी मारपीट शुरू हो गई. जानें पूरी खबर.
4-5 दिसंबर को भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति मुर्मू स्वागत में डिनर का करेंगी आयोजन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत दौरे पर आने वाले हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन राजकीय दौरे पर 4-5 दिसंबर को भारत आएंगे। इस दौरान वे 23वें भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन में शामिल होंगे।
Green Card:अमेरिका में वॉशिंगटन डीसी में हुई फायरिंग की घटना के बाद हड़कंप मच गया है. इस घटना में वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड की सदस्य सारा बेकस्ट्रोम की मौत हो गई. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान समेत कई देशों के ग्रीन कार्ड होल्डर्स की कड़ी जांच का आदेश दिया है.
हाल ही में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद अमेरिका दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की। ट्रंप से मुलाकात के पहले क्राउन प्रिंस को ईरान की एक चिट्ठी मिली थी। इस चिट्ठी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस चिट्ठी में अमेरिका के लिए एक मैसेज था। हालांकि, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने इन सभी दावों को मनगढ़ंत बताया है
Worlds Largest Producer of Fresh Water: दुनिया भर में साफ पीने वाले पानी की किल्लत देखने को मिल रही है. ऐसे में एक ऐसा देश है, जो रेगिस्तान होने के बाद भी दुनिया भर में सबसे ज्यादा मीठा पानी बना रहा है. इस खबर में हम आपको उस देश के बारे में बताएंगे.
अंग्रेजों ने लीज पर लिया था 'देश' तो चीन ने कैसे झटक लिया? भीषण अग्निकांड वाले हांग कांग की कहानी
हांग कांग पहले चीन के पास था. ब्रिटेन ने 99 साल की लीज पर लिया. फिर चीन के कब्जे में कुछ शर्तों के साथ आया. कुछ-कुछ हांग कांग की हालत पेंडुलम जैसी हो गई है. वहां के लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था चाहते हैं. प्रोटेस्ट दबा दिए जाते हैं. अब भीषण अग्निकांड की एक घटना ने हांग कांग की विडंबना को फिर से ताजा कर दिया है.
Iran Khamenei reject rumors For Saudi-mediated US:सऊदी क्राउन प्रिंस के अमेरिका दौरे से पहले ईरान ने उन्हें चिट्ठी दी थी.कुछ मीडिया ने दावा किया कि ये चिट्ठी अमेरिका के लिए मैसेज थी. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई ने इन खबरों को लेकर सफाई दी है.
नेशनल गार्ड पर अफगानी युवक के हमले के बाद ट्रंप सरकार का बहुत एक्शन सामने आया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज से सभी इमिग्रेशन को हमेशा के लिए रोकने का ऐलान किया. आइए जानते हैं क्या हैथर्ड वर्ल्ड कंट्री. इसमें कौन-कौन हैं देश शामिल.
Washingtondc shooting:व्हाइट हाउस के पास अफगान संदिग्ध रहमानुल्लाह लकनवाल ने नेशनल गार्ड सैनिकों पर फायरिंग की, जिसमें सारा बेकस्ट्रॉम की मौत हो गई। ट्रंप ने बाइडेन की वेटिंग पॉलिसी को जिम्मेदार ठहराया, संदिग्ध को 'पागल' कहा। रिपोर्टर के वेटिंग चेक वाले सवाल पर भड़के, 'तुम स्टूपिड हो' बोल डाला। 500 और गार्ड तैनात, अफगान मामलों की रिव्यू का ऐलान। (56 शब्द)
मॉस्को। यूक्रेन में शांति स्थापित करने की कवायदों के बीच रूस ने फिर से अपनी कुछ शर्तें दोहरा दी हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने हालिया बयान में कहा कि यूक्रेन के साथ सीजफायर समझौता तभी हो सकता है, जब वह अपने सैनिकों को हटा दे।
ट्रंप और साउथ अफ्रीका के बीच तनातनी में है एलन मस्क का बड़ा रोल; G20 बैन का क्या है साइड एंगल?
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि साउथ अफ्रीका को G-20 2026 सम्मेलन से बाहर रखा जाएगा. दोनों देशों के बीच एक बार फिर तकरार छिड़ गई है. इस तकरार में एलन मस्क का क्या रोल है समझते हैं.
World Largest Cities 2025 UN List: UN की ओर से 'वर्ल्ड अर्बनाइजेशन प्रॉस्पेक्ट्स 2025' की एक रिपोर्ट में दुनिया के सबसे बड़े शहरों की लिस्ट का खुलासा किया गया है.
एलियन आएंगे, सोना होगा सस्ता… बाबा वेंगा ने 2026 को लेकर की ये डरावनी भविष्यवाणियां
Baba Vanga Predictions For 2026: वर्ष 2026 के बारे में बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई हैं. बता दें बाबा वेंगा द्वारा दी गई भविष्यवाणियां अक्सर सटीक मानी जाती हैं. उनकी सबसे प्रसिद्ध भविष्यवाणियों में से कई का संबंध ऐतिहासिक घटनाओं से था जैसे कि प्रिंसेस डायना और इंदिरा गांधी की मौत. अब बाबा वेंगा की 2026 के लिए कुछ चौंकाने वाली और डरावनी भविष्यवाणियां सामने आई है.
Mamdani Strikes Pose Like Shah Rukh Khan:न्यूयॉर्क सिटी के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी ने एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में राजनीति और पॉप कल्चर पर बातचीत की. सबसे वायरल पल तब आया जब वे बॉलीवुड गानों का अंदाजा लगाते हुए शाहरुख खान का मशहूर पोज देते दिखे.
What is Islamic Revolutionary Guard Corps: इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC इस वक्त चर्चा में है. जिसे लेकर ईरान और ऑस्ट्रेलिया दोनों आमने-सामने हैं. ऐसे में आपको ये जानना जरूरी है कि ऑस्ट्रेलिया ने जिस इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC को 'आतंकवाद का समर्थक' घोषित किया है, वो ईरान के लिए क्या काम करता है, कितनी ताकवर है?
Hong Kong Residential Building Fire: हांगकांग के ताई पो में बुजुर्गों की इमारत वांग फुक कोर्ट(Wang Fuk Court) में लगी भीषण आग अब तक 94 की मौत, 76 घायल, 300 से अधिक लोग लापता. तीसरे दिन भीआग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है. जानें ताजा पूरी डिटेल्स.
White House: अमेरिका में व्हाइट हाउस के पास हुी गोलीबारी में दो नेशनल गार्ड घायल हुए थे, जिसमें एक गार्ड की जान चली गई है. उनके दुखद निधन के बाद राष्ट्रपति ने कहा कि वो बहुत इज्जतदार, जवान, शानदार इंसान थीं.
Chen Zi crypto scam: आज हम क्रिप्टो घोटाले का मास्टरमाइंड बताए जा रहे चेन जी के बारे में बताएंगे, जिनपर 14 अरब डॉलर की धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी के आरोप लगे हैं.
मध्य प्रदेश के आगर-मालवा में काजू, बादाम, पिस्ता, प्याज और टीवी, यहां तक कि एंटिना तक वोट डालते हैं.आखिर पारधी समुदाय के लोगों के इतने अजीबोगरीब नाम की कहानी क्या है,ये लाइमलाइट में क्यों और कब आया, पूरी जानकारी के लिए ऊपर दी गई इमेज पर क्लिक कर देखें वीडियो
'मुझे या मेरे बेटे को कभी कोई धमकी नहीं मिली। न आज तक कभी उसका किसी से झगड़ा हुआ। वो न किसी तरह का नशा करता था और न ही गलत आदतों का आदी था। फिर पता नहीं क्यों निशाने पर आ गया?' पंजाब के फिरोजपुर में रहने वाले RSS कार्यकर्ता बलदेव अरोड़ा बेटे नवीन की मौत के गम से अब भी उबर नहीं पा रहे हैं। 15 नवंबर की शाम जब 38 साल के नवीन अपने बच्चों को स्कूल से लाने जा रहे थे, तभी मोची बाजार में दो बाइक सवारों ने उन पर गोलियां बरसा दीं। पिता बलदेव का कहना है कि पंजाब में हालात बहुत खराब हैं। कब, कौन, किसे गोली मार दे पता नहीं। यहां प्रशासन जैसी कोई चीज नजर नहीं आती है। पंजाब पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में लूटमार, फिरौती या आपसी रंजिश का कोई एंगल सामने नहीं आया है। पुलिस टारगेट किलिंग के एंगल से जांच कर रही है। पुलिस में हमारे सोर्स ने बताया कि नवीन के हत्यारों के निशाने पर आने की वजह उसका RSS का बैकग्राउंड है। हत्या के तार पाकिस्तान से भी जुड़ते दिख रहे हैं। पंजाब में पहले भी इंटरनेशनल टारगेट किलिंग और अटैक हो चुके हैं। जिसमें पाकिस्तान के साथ कई और देश इन्वॉल्व थे। जांच पूरी होने के बाद ही साजिश की पूरी तस्वीर साफ होगी। दैनिक भास्कर ने नवीन के पिता और पुलिस में अपने सोर्स से बात कर पूरा मामला समझा। पंजाब के हालात बहुत खराब, कौन-किसे मार दे पता नहींफिरोजपुर के रहने वाले बलदेव अरोड़ा RSS कार्यकर्ता हैं। नवीन उनका अकेला बेटा था। एक बेटी भी है, वो चंडीगढ़ में रहती है। बलदेव 15 नवंबर का दिन याद करते हुए कहते हैं, ‘मैं घटना से 10 मिनट पहले ही दुकान पहुंचा था। नवीन ने कहा कि पापा अब मैं घर जाता हूं। बच्चों को घुमाने ले जाऊंगा। वो निकला ही था और खबर आ गई कि उसे किसी ने गोली मार दी। नवीन का 2 साल का बेटा और 8 साल की बेटी है।' पुलिस की जांच के बारे में कुछ पता चला क्या? 'नहीं, पंजाब का हाल बहुत खराब है। कौन, किसे और कब मार देगा, पता नहीं। इन्हें सजा देने वाला भी कोई नहीं है।' क्या RSS का बैकग्राउंड हत्या की वजह बना? ये तो पता नहीं। निशाने पर तो हम रहते ही हैं। मैं ही नहीं मेरे पिता दीनानाथ अरोड़ा भी RSS के सीनियर कार्यकर्ता थे। 'कांग्रेस के समय जब इमरजेंसी लगी थी। तब मेरे पिता ने सत्याग्रह किया था। लोगों ने समझाया जेल में डाल दिए जाओगे तो कहते थे- मैं यही तो चाहता हूं। मैं भी बचपन से संगठन से जुड़ा हूं। अभी मुझे प्रौढ़ कार्य प्रमुख की जिम्मेदारी मिली है। 40 साल या उससे ऊपर के लोगों के साथ विचार बांटना और उनके साथ बैठकें करना मेरा काम है।' क्या संघ को रोकना हमलावरों का मकसद हो सकता है? इस पर बलदेव अरोड़ा कहते हैं, '1989 में मोगा में शाखा के वक्त हमला हुआ था। अंधाधुंध गोलियां चलीं थीं और 25 कार्यकर्ता मार दिए गए थे। उसमें मेरे पिता के कई साथी भी मारे गए थे। तब भी दूसरे दिन शाखा लगी थी। मेरे पिताजी उसमें गए भी थे। पंजाब में संगठन पर हमलों का पुराना इतिहास है, लेकिन संघ अपना काम करता रहता है।' आपसी रंजिश-खालिस्तानी लेटर से कनेक्शन दोनों थ्योरी खारिजघटना को लेकर पुलिस सोर्स ने बताया, 'हत्या की प्लानिंग प्रोफेशनल तरीके से हुई। इसलिए आपसी रंजिश की थ्योरी डिसमिस कर दी गई। फिर खालिस्तानी संगठन होने का दावा करते हुए सोशल मीडिया में एक पोस्ट सामने आई। जब उसकी जांच हुई तो वो फर्जी निकली।' क्या खालिस्तानी संगठन होने का दावा करने वाले लेटर की जांच हुई? 'हां, लेटर में 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लूस्टार का जिक्र है। लिखा गया है कि इस लड़के (नवीन) के परिवार वालों ने तब सिखों के अकाल तख्त पर हुए हमले के बाद जश्न मनाया था। ये सब काफी अनौपचारिक तरीके से लिखा गया है। आमतौर पर संगठन इस तरह के तर्क या वजहें नहीं देते हैं। ये पूरी तरह से फर्जी है।' वे आगे कहते हैं 'मृतक नवीन 38-39 साल का है। ऑपरेशन ब्लूस्टार 41 साल पहले हुआ। अगर वजह 1984 के दंगे थे तो हत्या के लिए निशाना उसे बनाते जो उस वक्त था न कि उसे जो तब पैदा भी नहीं हुआ था। जिस अकाउंट से लेटर पोस्ट हुआ, उसकी भी जांच हो चुकी है। वो फर्जी है।' पाकिस्तान से कनेक्शन की थ्योरी पर जांच जारीपंजाब पुलिस ने हत्या के मामले में अब तक 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 लोग फरार बताए जा रहे हैं। इनमें कनव, हर्ष और जतिन को एनकाउंटर के बाद पकड़ा गया। 2 साथी फरार हैं। जतिन को एनकाउंटर के दौरान दो गोली लगी और वो अस्पताल में भर्ती है। हालांकि जतिन को पैसा कहां से मिला, किसने नवीन की हत्या करवाई, ये पूछताछ की जा रही है। पाकिस्तान कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।' क्या पाकिस्तान के किसी संगठन ने RSS पर निशाना साधा है? इस पर पुलिस सोर्स ने बताया, 'देखिए अब तक की जांच में आपसी रंजिश और खालिस्तान कनेक्शन की बात डिसमिस हो चुकी है।' हालांकि फिर भी आरोपियों से खालिस्तानी लिबरेशन फ्रंट (KLF) संगठन के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। पाकिस्तान से कनेक्शन की थ्योरी पर जांच हो रही है। हत्या के तार पाकिस्तान से भी जुड़ते दिख रहे हैं। 'ये बात बिल्कुल साफ है कि निशाने पर हिंदूवादी संगठन था। अब जांच पूरी होने के बाद ही सब कुछ क्लियर होगा। इसके पीछे पंजाब को अस्थिर करने की कोशिश नजर आ रही है। नवीन के निशाने पर आने की वजह उसका RSS बैकग्राउंड है। किसी आम आदमी या फिर व्यापारी को मारकर वो संदेश नहीं दिया जा सकता था, जो संदेश RSS बैकग्राउंड के व्यक्ति को मारकर दिया जा सकता है।' पुलिस को आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि हत्या का प्लान कनव की बर्थडे पार्टी में बना। हत्या का मास्टरमाइंड जतिन है। उसने दूसरे साथियों को पैसों का लालच देकर काम कराया। हर्ष और कनव इसमें सहयोगी रहे। नवीन पर गोली चलाने वाला आरोपी बादल फरार है। इस काम में इस्तेमाल की गई बंदूक पंजाब के बाहर से मंगाई गई थी। हालांकि कहां से मंगाई गई, अभी ये पता नहीं चला है? केस में NIA की होगी एंट्री पुलिस सोर्स की मानें तो 2-3 दिन के अंदर पुलिस को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। पुलिस की जांच की अपनी कुछ सीमाएं हैं। केस की जांच में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की एंट्री लगभग तय है। पहले भी कई हिंदूवादी संगठनों और व्यक्तियों पर हमलों की जांच NIA कर चुकी है। अब तक जो पैटर्न सामने आ रहा है, वो 2016 से 2017 के बीच हुई टारगेट किलिंग और अटैक की मोडस ऑपरेंडी जैसा लग रहा है। RSS ने कहा- संगठन पर हमले के लिए चुना सॉफ्ट टारगेटइस मामले को लेकर हमने RSS कार्यकर्ता प्रमोद से भी बात की। वे कहते हैं, 'पहले भी पंजाब में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमले हुए हैं। इसलिए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ये हमला भी RSS को टारगेट करके किया गया है।' 'दरअसल संघ के 100 साल पूरे हुए हैं। पूरे देश में कार्यक्रम किया जा रहा है। पंजाब में घर-घर संपर्क कर संघ लोगों को संगठन से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। हो सकता है ये हमला संघ के प्रसार को रोकने के लिए हो। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही पक्के तौर पर कुछ कहा जा सकता है।' 10 साल में 9 टारगेट किलिंग- एक सा पैटर्न नवीन का मर्डर ऐसा कोई पहला केस नहीं है। 6 अगस्त 2016 को जालंधर में RSS की पंजाब इकाई के उपाध्यक्ष रिटायर्ड ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में NIA ने 2019 में रिपोर्ट सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में हत्या की साजिश रचने वाले 11 लोगों का नाम शामिल था। रिपोर्ट के मुताबिक ये प्लानिंग पाकिस्तान में हुई थी। हालांकि फंडिंग से लेकर टारगेट किलिंग में कई देशों के लोग शामिल थे। एजेंसी की जांच में कहा गया था कि ये हत्या खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) की टॉप लीडरशिप ने रची और ये एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा थी। इस रिपोर्ट में 2016 से लेकर 2017 तक मारे गए खास संगठन और कम्युनिटी के लोगों की जांच को भी शामिल किया गया था। सभी हत्याओं का पैटर्न और मकसद एक ही था। इस हत्या में पाकिस्तान, इटली, यूके, ऑस्ट्रेलिया के नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था। रिपोर्ट में इन हत्याओं को ‘इंटरनेशनल कॉन्स्पिरेसी‘ कहा गया। साफ कहा गया कि फंडिंग से लेकर प्लानिंग तक इसमें कई देश शामिल थे। पाकिस्तान इसमें प्रमुख भूमिका में था। जालंधर के जगदीश गगनेजा, लुधियाना के रविंदर गोसाईं और अमृतसर के विपिन शर्मा समेत सबकी टारगेट किलिंग के पैटर्न और फंडिंग पर डिटेल में तथ्य दिए गए थे। फिर वही पैटर्न- मास्क लगाए दो बाइक सवार आए, टारगेट पर निशाना पंजाब पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर हमसे बात की। उन्होंने बताया, 'RSS पदाधिकारी बलदेव अरोड़ा के बेटे नवीन अरोड़ा की हत्या में भी पैटर्न बाकी टारगेट किलिंग की तरह ही है। वहीं भीड़ से भरे बाजार में दो बाइक सवारों ने टारगेट पर गोलियों की बौछार की।' वे आगे कहते हैं, ‘आप देखिए शाखाओं पर जो हमले हुए, वो भी इसी पैटर्न पर हुए। पंजाब में ऐसा नहीं कि सिर्फ हिंदूवादी संगठन ही निशाने पर आए हैं, पादरी और नामधारी भी हैं। पर ये इक्का-दुक्का ही हैं। खालिस्तानी हों या फिर पाकिस्तानी, RSS से उनकी दुश्मन नंबर-1 है।........................ ये खबर भी पढ़ें... RSS ऑफिस, मंदिर और मार्केट पर केमिकल-अटैक की साजिश ‘मैं ऐसी दवा बना रहा हूं, जिससे पूरा घर अमीर हो जाएगा।’ हैदराबाद के राजेंद्रनगर में रहने वाले डॉ. अहमद सैयद मोइनुद्दीन ने ये बात अपने भाई उमर फारूकी से कही थी। 13 नवंबर को गुजरात ATS ने मोइनुद्दीन के घर छापा मारा, तो पता चला अमीर बनाने वाली वो दवा खतरनाक केमिकल रिसिन है, जिसे आतंकी संगठन ISIS लोगों को मारने के लिए इस्तेमाल करता है। पढ़िए पूरी खबर...
अमेरिका के अलास्का में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.0, जानिए कितना हुआ नुकसान
Earthquake in Anchorage: अमेरिका का अलास्का राज्य एक बार फिर भूकंप के तेज झटके से दहल गया है, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है.
सरेंडर करते दिख रहे थे, फिर भी इजरायली सेना ने 2 फिलिस्तीनियों को गोली से क्यों मार डाला?
इजरायल और हमास के बीच 10 अक्टूबर 2025 से ही शांति समझौता हो चुका है, लेकिन फिलिस्तीनी नागरिक आज भी मौत के साये में जिंदा रहने को मजबूर हैं.
'यूक्रेन से जंग तभी खत्म होगी...', अमेरिका के पीस प्लान पर ये क्या बोले पुतिन?
रूस और यूक्रेन के बीच काफी वक्त से जंग जारी है. जिसको खत्म करने के लिए अमेरिका ने प्रपोजल भी दिया है. आइए जानते हैं इसको लेकर व्लादिमीर पुतिन का क्या कहना है.
रावलपिंडी जेल अधिकारियों ने इमरान खान की मौत की ख़बरों का किया खंडन, कहा- वो बिलकुल ठीक
इस्लामाबाद, 27 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हिरासत में मौत की अफवाहों पर रावलपिंडी के अदियाला जेल अधिकारियों का एक बयान गुरुवार को सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान की सेहत अच्छी है और उन्हें जेल से शिफ्ट नहीं किया गया है ।
शेख हसीना से जुड़े हैं भारत-बांग्लादेश संबंधों के तार
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर भारत-बांग्लादेश के आपसी संबंधों में तनाव बढ़ता जा रहा है. अब तीन अन्य मामलों में उनके साथ उनके पुत्र और पुत्री को भी सजा सुनाई गई है
इस देश में ट्रेन की चपेट में आ गए 13 रेलवे कर्मचारी, 11 की मौत ; दो घायल
11 People Killed in Train Accident: सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि रेलवे और स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत आपातकालीन कार्रवाई शुरू की. रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए टीमों को भेजकर राहत अभियान शुरू किया. हालांकि, कुछ ही घंटों में स्टेशन पर काम फिर से शुरू हो गया. घायल कर्मचारियों को अस्पताल ले जाया गया.
नेपाल तक पहुंचे दिल्ली धमाकों के तार, तुर्किए से हो रही फंडिंग; आतंक के नए माड्यूल का खुलासा
Delhi Blast Case Update: आतंकी संगठन 'शहादत' का मुख्य काम जिहादियों को भर्ती करना और उन्हें ट्रेनिंग देना.'शहादत'सीरिया, कतर, ब्रिटेन और यहां तक कि अमेरिका में भी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहा है. यह आतंकी मॉड्यूल अंसार अल इस्लाम के कार्यकर्ताओं से जुड़ा हुआ पाया गया है
Baba Vanga Volacnic Eruption Prediction: इथिओपिया में ज्वालामुखी फटने की घटना को बाबा वेंगा की भविष्यवाणी से जोड़ा जा रहा है. कई लोगों का कहना है कि यह बाबा वेंगा की सच हुई भविष्यवाणी है.
ढाका, 27 नवंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। आए दिन यहां प्रदर्शन या फिर हिंसा देखने को मिलती है। एक तरफ अवामी लीग का विरोध प्रदर्शन जारी है, तो दूसरी ओर बाउल कलाकार अबुल सरकार की रिहाई की मांग को लेकर डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स अलायंस के कई सदस्य सड़कों पर उतर आए।
जूनियर ट्रंप की Ex‐Girlfriend किम्बर्ली की ड्रेस पर हंगामा, सोशल मीडिया पर लोगों ने ले ली क्लास
जूनियर ट्रंप की पूर्व गर्लफ्रेंड और ग्रीस में अमेरिकी राजदूत किम्बर्ली गिलफॉयल की ड्रेस को लेकर विवाद हो गया है. बता दें, विवाद तब बढ़ा जब उनके भाषण का वीडियो वायरल हुआ. एक्स पर कई यूजर्स ने लिखा कि गिलफॉयल की ड्रेस किसी संगीत कार्यक्रम के लिए उपयुक्त लग रही थी, न कि ग्रीस में अमेरिकी राजदूत के रूप में थैंक्सगिविंग डिनर की मेजबानी के लिए.
Nepal Controversial Map on Note: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मई 2020 में कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा इलाकों को नेपाल में शामिल करते हुए नक्शा अपडेट किया था. केपी शर्मा ओली ने नेपाल के नक्शे को अपडेट करने के लिए पार्लियामेंट से मंजूरी भी ली थी.
Passenger Opens Flight Emergency Door: अटलांटा की एक फ्लाइट में दिमागी रूप से कमजोर शख्स ने विमान का इमरजेंसी डोर खोलकर हंगामा मचाया.
इंडोनेशिया में बरस रहा कुदरत का कहर; बाढ़-लैंडस्लाइड के बाद भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को हिलाया
Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया में इन दिनों कुदरत का कहर बरस रहा है. पहले लैंडस्लाइड ने लोगों को परेशान किया था, वहीं अब भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. जिसकी वजह से लोग घरों से निकलकर बाहर दौड़ पड़े.
फांसी के बाद अब शेख हसीना को 21 साल, बेटी-बेटा को 5-5 साल की जेल की सजा, जानें क्या है मामला?
Sheikh Hasina Corruption Case:ढाका की एक स्पेशल कोर्ट ने भ्रष्टाचार मामलों में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 21 साल की कैद सुनाई है. तीन प्लॉट घोटाला मामलों में यह सजा दी गई है. इस मामले में बेटे सजीब वाज़ेद और बेटी साइमा वाज़ेद को भी 5-5 साल की सजा मिली है. इससे पहले इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों में फांसी की सजा सुना चुका है.
शेख हसीना को जमीन घोटाले मामले में मिली 21 साल कैद की सजा, बेटे और बेटी को भी 5 साल की जेल
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 21 साल की जेल की सजा सुनाई गई। अदालत ने यह फैसला ढाका के पुर्बाचल प्लॉट घोटाले में दर्ज तीन मामलों में सुनाया है
Rahmanullah LakanwalShot 2 National Guard:व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड पर गोली चलाकर अफगान मूल के रहमानुल्लाह नेअपने ही लोगों का बहुत नुकसान कर डाला है. अब अमेरिका में अफगान शरणार्थियों पर संकट गहरा गया है. ट्रंप प्रशासन ने तुरंत अफगानों की वीजा और रिलोकेशन प्रक्रिया रोक दी. 2021 के ‘Operation Allies Welcome’ कार्यक्रम को अब बंद किए जाने के संकेत मिले हैं. इससे हजारों अफगान परिवारों का भविष्य अधर में लटक गया है. जानें पूरी खबर.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास हुई फायरिंग की निंदा की
इंडोनेशिया में तेज भूकंप, 6.5 रही तीव्रता
इंडोनेशिया में गुरुवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.5 मापी गयी
Russia frozen assets over Ukraine peace deal:ट्रंप का 28-पॉइंट पीस प्लान रूस-यूक्रेन जंग रुकवाने का दावा करता है, लेकिन इसके पीछे अमेरिका की बहुत बड़ी चाल है. आइए जानते हैं कि आखिररूस-यूक्रेन में जंग थम जाए तो इससेअरबों-खरबों डॉलर के फायदा कैसे होगा. जानें पूरा मामला.
हांगकांग की बहुमंजिला इमारत में भीषण आग : 44 की मौत, 279 लापता, तीन गिरफ्तार
हांगकांग की एक 8 मंजिला इमारत में आग लगने के बाद भारी तबाही मची है
Afghan Dreamers: AFG vs PAK के संघर्ष के बीच रोया महबूब की जुबानी, अफगान ड्रीमर्स की रोचक कहानी
Afghan dreamers roya mahboob inspiring story: AFG–PAK सीमा तनाव के बीच अफगानिस्तान की पहली महिला टेक उद्यमी रोया महबूब का खास मिशन जारी है. वो उन अफगान लड़कियों के लिए भविष्य लिख रही हैं, जिनकी किताबें छीन ली गईं, स्कूल बंद कर दिए गए और सपनों पर ताले जड़ दिए गए. टेक्नोलॉजी को हथियार बनाकर रोया महबूब ये साबित करने में जुटी हैं कि अगर इरादा मजबूत हो, तो बंद दरवाजों के पीछे भी उम्मीद की रोशनी जगाई जा सकती है.
Increasing Urbanization UN Report: संयुक्त राष्ट्र की हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में तेजी से शहर में लोगों की आबादी बढ़ रही है.
अमेरिका के वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी में दो नेशनल गार्ड्समैन गंभीर रूप से घायल हो गए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को 'आतंकवादी कृत्य' बताया
व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी से सनसनी, ट्रंप के दो नेशनल गार्ड्समैन गंभीर रूप से घायल, शूटर गिरफ्तार
अमेरिका के वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी की घटना सामने आई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाशिंगटन के डाउनटाउन में हुई इस गोलीबारी में दो नेशनल गार्ड्समैन को गोली लग गई
who is Rahmanullah Lakanwal:29 साल का अफगान रहमानुल्लाह लकानवाल जो 2021 में बाइडेन के 'ऑपरेशन एलाइज वेलकम' के तहत अमेरिका में आया था. उसने व्हाइट हाउस के पास दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर हमला कर घायल करके पूरे देश में बवाल मचा दिया है. ट्रंप ने इसे 'आतंक' की घटना बताते हुए 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने का आदेश दिया है. जानें पूरी खबर.
Afghanistan Toyota Demand: अफगान तालिबान अमेरिकी रेंजर गाड़ियों को हटाकर नई गाड़ियां खरीदना चाहते हैं. उन्होंने इसके लिए जापानी कंपनी टोयोटा से संपर्क किया है. हालांकि कंपनी ने उन्हें गाड़ियां देने से इनकार कर दिया है. तालिबान के टोयोटा पसंद करने के कई कारण हैं, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
Hong Kong apartment fires:हांगकांग के ताई पो में बुजुर्गों की इमारत वांग फुक कोर्ट(Wang Fuk Court) में लगी भीषण आग अब तक 44 लोगों की मौत, 279 अभी भी लापता है. 16 घंटे बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है.इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और स्थानीय चुनाव स्थगित होने की संभावना है. जानें पूरी डिटेल्स.
White House Shooting: व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी में एक अफगान प्रवासी को हिरासत में लिया गया है. इस घटना ने पूरे अमेरिका को हिला दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप भी काफी गुस्से में हैं.
आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान की हालत चिंताजनक: रिपोर्ट
पाकिस्तान के हुक्मरान सेना को तो ताकतवर बनाने की कोशिश में जुटे हैं लेकिन स्थानीय बलों या अर्धसैनिक बलों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है
बांग्लादेश आईसीटी के मुख्य अभियोजक पर बचाव पक्ष के वकील को धमकी देने का आरोप
एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने बुधवार को बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) के मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम द्वारा जबरन गायब किए जाने के मामलों की सुनवाई के दौरान एक आरोपी के बचाव पक्ष के वकील के खिलाफ हाल ही में दी गई सार्वजनिक धमकियों की कड़ी निंदा की
हांगकांग की गगनचुंबी इमारतों में भीषण आग, 44 की मौत, 279 लापता, 3 आरोपी गिरफ्तार
Hong Kong News: हांगकांग की की लपटों को देखरकर किसी का भी दिल दहल जाएगा. फिलहाल इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
नवजात के लिए मां का दूध सबसे सुरक्षित माना जाता है, लेकिन एक स्टडी में बिहार की कई महिलाओं के ब्रेस्ट मिल्क में रेडियोएक्टिव यूरेनियम मिला है। जो कैंसर, ऑर्गन फेलियर और DNA डिसॉर्डर जैसी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है। आखिर ये खतरनाक तत्व ब्रेस्ट मिल्क तक कैसे पहुंचा और बच्चों पर इसका क्या असर पड़ सकता है, जानने के लिए ऊपर दी गई इमेज पर क्लिक कर देखें वीडियो...
‘पांच साल पहले मेरे पति की मौत हो गई। आज तक मुझे उनकी जगह नौकरी नहीं मिली। अब दो बच्चे और कैंसर से जूझ रही सास की जिम्मेदारी मेरे ऊपर है। घर चलाने के लिए गहने-जेवर और अपनी कार तक बेच दी। ये सब बेचकर भी आखिर कितने दिन खर्च चलेगा। अधिकारियों से नौकरी की बात करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटती रहती हूं, लेकिन मुझे मिलने तक नहीं दिया जाता। बार-बार ऑफिस से वापस भेज दिया जाता है।’ ब्लैकबोर्ड में इस बार कहानी उनकी, जिनके पति या पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति यानी नौकरी देने का वादा किया गया, लेकिन नौकरी नहीं मिली। नौकरी के इंतजार में लोग सालों से केवल दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं… 39 साल की पूजा 85% हैंडीकैप्ड हैं और नेशनल लेवल की टेबल टेनिस प्लेयर रह चुकी हैं। आंखों में उम्मीद लिए कहती हैं कि ‘मेरे पति 70% हैंडीकैप्ड होने के बावजूद इंटरनेशनल टेबल टेनिस प्लेयर थे। स्पोर्ट्स कोटे से उन्हें ईएसआईसी हॉस्पिटल में नौकरी मिली थी। पांच साल पहले पति की मौत हो गई, तब मुझे नौकरी देने का वादा किया गया था।’ आंखों में भर आए आंसू पोंछते हुए पूजा कहती हैं, ‘मेरे दो बच्चे हैं। एक 6 साल का और एक 16 साल का। 70 साल की बीमार सास भी साथ रहती हैं, उन्हें कैंसर है। उनके पेट में पानी भर जाता है, जिसे महीने में दो बार निकलवाना पड़ता है। इलाज का खर्च इतना है कि रात भर सो नहीं पाती। पैसे कहां से लाएं, कैसे मैनेज करें। पति के जाने के बाद घर चलाना रोज की लड़ाई बन गया है।’ खुद को संभालते हुए पूजा बताती हैं कि पहले तो ऑफिस के लोग उनसे अच्छे से बात करते थे, भरोसा दिलाते थे कि नौकरी लग जाएगी, लेकिन पिछले एक साल से वही लोग उन्हें टालने लगे हैं। अब तो वो कहते हैं कि बार-बार ऑफिस आने से नौकरी थोड़े ही मिल जाएगी। फोन पर ही बात कर लिया करो, ऑफिस क्यों आती हो। मेरे सारे डॉक्यूमेंट पूरे हैं, फिर भी मेरी नौकरी की फाइल कहीं न कहीं अटकी पड़ी है। न कोई जवाब, न कोई कॉलबैक, बस हर बार नई तारीख, नया बहाना।’ इतना कहते-कहते पूजा की आंखों से आंसू गिरने लगते हैं। कुछ देर रुक कर वो कहती हैं कि क्या मेरे पति की जगह नौकरी मांगना मेरा हक नहीं है क्या? बड़ी बेटी पढ़ना चाहती है, लेकिन ट्यूशन के पैसे नहीं हैं। वो जैसे-तैसे घर पर ही पढ़ती है। दोनों बच्चों को टेबल टेनिस खेलते देखना चाहती हूं। बड़ी बेटी अच्छा खेलती है, लेकिन उसे वो मौका नहीं मिल पा रहा, जो उसे मिलना चाहिए।’ पूजा कुछ सोचते हुए कहती हैं, ‘जितनी पेंशन मिलती है उससे राशन, स्कूल की फीस, दवाई, सास का इलाज सबकुछ नहीं हो पाता। रिश्तेदार मदद करते हैं तो घर चलता है, वर्ना एक दिन निकालना भी मुश्किल हो जाता है। मैं हर महीने ऑफिस के दो-दो चक्कर लगाती हूं, लेकिन जवाब वही मिलता है फाइल में सिग्नेचर बाकी है। जब पूछती हूं किसके सिग्नेचर बचे हैं, तो बोलते हैं कि ये नहीं बता सकते।’ पूजा एक गहरी सांस लेकर कहती हैं, ‘मुझे बस अपने पति की जगह नौकरी चाहिए, ताकि मेरा घर चल सके। उनके जाने के बाद मेरा खेल भी छूट गया। मैं अब प्रैक्टिस कहां से करूं? बच्चों की जिम्मेदारी भी है, घर भी चलाना है। खेल खेलने के लिए प्रैक्टिस चाहिए, डाइट चाहिए, कोच चाहिए, आने-जाने का खर्च चाहिए। अगर मेरे पास पैसे होते तो मैं आगे खेल सकती थी, लेकिन अब तो घर चलाना ही भारी पड़ रहा है।’ पूजा अचानक अपने पति को याद करने लगती हैं। भारी गले से वो कहती हैं कि मेरे पति को पता चल गया था कि उनका लिवर डैमेज हो गया है। वो नहीं बच पाएंगे, लेकिन उन्होंने कभी अपना दर्द हमें नहीं बताया। उन्होंने मुझे घर के बाहर निकलकर काम करना सिखाया। मैं तो घर का काम भी ठीक से नहीं करती थी, लेकिन उन्होंने बड़ी बेटी को भी खाना बनाना सिखाया। मैं नहीं चाहती थी कि बच्ची इतना जल्दी काम सीखे, लेकिन आज समझ आता है कि वो ऐसा क्यों कर रहे थे। पूजा याद करती हैं और कहती हैं, ‘उन्होंने मुझे स्कूटी दिलवाई, मुझे ड्राइविंग सिखाई। वो कहते थे तुम्हें खुद ही सब संभालना पड़ेगा। उस समय समझ नहीं आया कि वो ये सब क्यों कह रहे हैं। उनकी तबीयत बिगड़ती गई, लेकिन उन्होंने छिपाए रखा। आखिरी वक्त में हमें पता चला कि वो इतने बीमार थे। जाते-जाते भी उन्होंने हमें हिम्मत दी।’ पूजा जैसी ही कहानी है 36 साल के उमेश पाल सिंह की। उनके पिताजी डीटीसी में काम करते थे। उमेश धीरे-धीरे अपने शब्दों को साधते हुए कहते हैं, ‘2015 में हार्ट फेल होने से उनकी मौत हो गई। उस दिन के बाद से मेरा जीवन जैसे रुक ही गया। पिताजी डीटीसी में डेस्क जॉब करते थे, केबिन में बैठकर टिकट पास करने का काम। मैं उसी कुर्सी पर बैठने का हक मांग रहा हूं। अपने पिता के नाम पर बनी वह जगह जो कानून के हिसाब से मुझे मिल सकती थी।’ उमेश रुंधे गले से कहते हैं, ‘हक मांगना भी आसान नहीं होता खासकर तब जब आप डिसएबल्ड हों। मैं एक पैर से दिव्यांग हूं, लेकिन मेरा दूसरा पैर बिल्कुल ठीक है, दोनों हाथ ठीक हैं, दिमाग बिल्कुल ठीक है। मैं पढ़ा-लिखा ग्रेजुएट हूं। केबिन में बैठकर काम कर सकता हूं। फिर भी हर बार मेरी डिसेबिलिटी का मजाक उड़ाया जाता है। वो लोग कहते हैं कि डीटीसी में आपकी नौकरी नहीं बनती। मुझे समझ नहीं आता आखिर क्यों नहीं बनती।’ उमेश कहते हैं- ‘पहली-दूसरी विजिट में ऑफिस वाले अच्छे से बात करते थे, लेकिन तीसरी-चौथी विजिट ने सब बदल दिया। अब वो लोग मुझसे ऐसे बात करते हैं जैसे मैं किसी चीज के लायक ही नहीं हूं। वो रूखे अंदाज में कहते हैं कि आपकी कोई नौकरी नहीं बनती। बार-बार क्यों आते हो, क्या मिलेगा यहां।’ उमेश पैरा पावर लिफ्टर रह चुके हैं। वो कहते हैं, ‘मेरे पास तीन स्टेट और दो नेशनल मेडल हैं। मैं 2026 ओलिंपिक में ट्रायल देना चाहता था। मैं देश के लिए मेडल जीतना चाहता था, लेकिन खेलना गरीबों का काम नहीं है। इसके लिए डाइट, सप्लीमेंट, कोच, ट्रैवल का खर्च चाहिए… सब कुछ चाहिए। मेरे पास… कुछ भी नहीं है, इसलिए मैं खेल छोड़ चुका हूं। पिता की मौत के बाद मेरी दुनिया अचानक से बदल गई। कमाई रुक गई। खर्च बढ़ गए। मैं पिछले 5-6 सालों से डिप्रेशन की दवाई ले रहा हूं। रात को नींद नहीं आती। कभी-कभी झटके आते हैं। मेरे दिमाग में अजीब-अजीब ख्याल आते हैं।’ कुछ देर सोचकर उमेश कहते हैं, ‘एक हादसा हुआ। मेरी बैसाखी फिसल गई और मैं गिर गया, कूल्हे की हड्डी टूट गई। ऑपरेशन और इलाज पर 72,000 रुपए खर्च आ रहा था और मेरे पास इतने रुपए नहीं थे। उस वक्त एक एनजीओ ने मेरा इलाज करवाया। वर्ना मैं आज भी बिस्तर पर पड़ा होता।’ उमेश की मां, मायादेवी रोते हुए कहती हैं, ‘मेरे मरने के बाद इसका क्या होगा। न इसकी नौकरी लगी, न शादी हुई। पैसे नहीं हैं, इलाज नहीं हो पाता, खेल छोड़ दिया अब इसका सहारा कौन बनेगा। मैं भी इसके साथ डीटीसी ऑफिस गई थी। कितनी बार चक्कर लगाए। पर कहीं सुनवाई नहीं। अगर बैठने वाली कोई नौकरी दे देते तो भी चलेगा, पर वो भी नहीं दी गई। क्या मेरा बेटा बोझ है इस समाज पर।’ अपनी मां के आंसू पोंछते हुए उमेश कहते हैं कि मां को मेरी शादी की चिंता रहती है, लेकिन मैं किसी की बेटी क्यों लाऊं, जब मैं खुद ही ठीक से नहीं खा पा रहा। एक तो मैं दिव्यांग हूं, दूसरा कमाई भी नहीं है। कौन अपना रिश्ता करेगा। अब तो बस इतना चाहता हूं कि मुझे पापा की जगह नौकरी मिल जाए, ताकि मां को दवाई मिल सके, मैं ठीक से खा सकूं, मैं अपने पैरों पर खड़ा हो सकूं। मैं भी दूसरों की तरह इंसान हूं, मुझे भी जीने का हक है। ------------------------------------------ 1- ब्लैकबोर्ड- बेटी ने मारा तो घर छोड़ा:बस के नीचे मरने पहुंचे, भाई ने फर्जी साइन से पैसे हड़पे, वृद्धाश्रम में रोज सुबह सोचते हैं- कोई लेने आएगा मेरे बच्चे नहीं हैं। पत्नी की मौत के बाद अकेला हो गया था। मुझे आंख से दिखाई नहीं देता। एक रिश्तेदार के यहां रहने चला गया। वहां बहुत जलील हुआ तो एक दूसरे रिश्तेदार के यहां रहने पहुंचा, लेकिन उन्होंने अपने यहां रखने से साफ मना करा दिया। उस दिन मन में विचार आया कि सब खत्म कर दूं। सोचा कि यमुना में कूद जाऊं। फिर मरने के लिए एक बस डिपो पर गया। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-पत्नी को लोग कोठेवाली समझते हैं:जीबी रोड का पता देख बच्चों को एडमिशन नहीं मिलता; दोस्त कहते हैं चलो तुम्हारे घर मौज करते हैं हलचल भरी दिल्ली में शाम ढलने लगी थी। मैं शहर के जीबी रोड पहुंची। इसे रेड लाइट एरिया भी कहा जाता है। यह इलाका सेक्स वर्क के लिए बदनाम है। दूर से ही सेक्स वर्कर्स के कोठे नजर आ रहे थे, जिनकी खिड़कियों से सजी-संवरी महिलाएं झांक रही थीं। एक-एक करके ग्राहक बाहर बनी सीढ़ियों से उन कोठों पर जा रहे थे। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
साल 2006, नोएडा के सेक्टर-31 की D-5 कोठी से सटे नाले में 19 कंकाल मिले। 16 को लेकर केस चला, जिनमें 13 बच्चे और तीन बालिग लड़कियां थीं। उनसे रेप और मर्डर का आरोप कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और उनके नौकर सुरेंद्र कोली पर लगा। 16 अक्टूबर 2023 को हाईकोर्ट ने पंढेर को और 11 नवंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया। रह गया एक सवाल कि उन 13 बच्चों और तीन लड़कियों को किसने मारा था। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में पंढेर ने माना था कि कोठी में मर्डर हुए थे, सुरेंद्र कोली ने कबूल किया था कि उसने मर्डर किए हैं। 16 केस में से 13 में गाजियाबाद के CBI कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को मौत की सजा सुनाई थी। पंढेर को दो केस में फांसी की सजा मिली। आखिर में दोनों बरी हो गए। एक केस की वजह से नोएडा की लुक्सर जेल में बंद सुरेंद्र कोली 19 साल बाद 13 नवंबर को बाहर आ गया। ऐसा क्यों हुआ, पुलिस और CBI से जांच में कहां चूक हुई, सुरेंद्र कोली के खिलाफ क्या सबूत और बयान थे और रिहाई के बाद कोली कहां गया, दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल की। इसमें पता चला कि पंढेर की कोठी में कॉलगर्ल आती थीं। दो कॉलगर्ल ने CBI के सामने बयान भी दिए थे। ये बयान पहली बार सामने आए हैं। पहले सुरेंद्र कोली की बातभाई बोले- सुरेंद्र अब तक हमारे पास नहीं आयाजेल से छूटने के बाद सुरेंद्र कोली उत्तराखंड में अपने गांव मंगरूखाल नहीं लौटा। ये गांव नोएडा से करीब 330 किमी दूर है। निठारी कांड के खुलासे से पहले कोली गांव आया था। फिर जांच के सिलसिले में नोएडा वापस गया और कभी नहीं लौटा। पता चला है रिहाई के बाद वो दिल्ली में रह रहा है और मीडिया से बात नहीं करना चाहता। सुरेंद्र कोली के भाई चंदन भी दिल्ली में रहते हैं। वे बताते हैं, ‘सुरेंद्र के जेल से बाहर आने के बारे में मीडिया से पता चला। अभी वो न हमसे मिला है, न बात हुई है।’ सुरेंद्र कोली की पत्नी और बच्चों के बारे में पूछने पर चंदन कहते हैं, ‘उनसे भी कई साल से कॉन्टैक्ट नहीं है। 2011 में मां का देहांत हुआ था। तब आखिरी बार सुरेंद्र की पत्नी से मिले थे।’ गांव का घर टूटने की कगार पर, कोई केस की बात नहीं करतासुरेंद्र कोली का गांव मंगरूखाल उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में है। यहां के पूर्व प्रधान धर्मवीर नेगी बताते हैं, ‘सुरेंद्र कोली का परिवार अब यहां नहीं रहता। वे 4 भाई हैं। एक भाई प्राइवेट टीचर था। उसने सबसे आखिर में गांव छोड़ा था। सुरेंद्र कोली को सजा होने के बाद वो किसी से बात नहीं करता था। अब उनका घर गिरने की कगार पर है। गांव के लोग भी इस केस की बात नहीं करते।’ निठारी कांड में 3 बड़ी लापरवाही, जिनकी वजह से फांसी की सजा पाए कोली-पंढेर बरीसुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर कैसे बरी हो गए, इस पर हमने पंढेर की वकील मनीषा भंडारी और सुरेंद्र कोली के वकील सिद्धार्थ शर्मा से बात की। पता चला कि जांच में 3 बड़ी लापरवाहियां की गईं, जिनकी वजह से दोनों बरी हो गए। पहली लापरवाही: लोगों ने नरकंकाल निकाले, CBI ने रिकवरी मेमो नहीं बनाया29 दिसंबर, 2006 की सुबह सैकड़ों लोग पंढेर की कोठी के सामने जुटे थे। उन्होंने कोठी से सटे नाले से मानव कंकाल निकाले। पुलिस ने सभी कंकाल रिकवर किए। कोर्ट ने इस रिकवरी को ही नहीं माना, न ही CBI ने रिकवरी मेमो बनाया। एडवोकेट मनीषा भंडारी कहतीं हैं, ‘किसी केस में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही से रिकवरी की जाती है। उसी प्रोसेस को रिकवरी मेमो कहते हैं। इस केस में आरोपियों की निशानदेही पर रिकवरी नहीं हुई। लोगों ने कंकाल और तमाम चीजें निकालकर पुलिस को सौंपे थे।’ ‘सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कहा कि घटनास्थल पर खुदाई शुरू होने से पहले उसे पूरी तरह प्रोटेक्ट नहीं किया गया। रिकवरी को रिकॉर्ड नहीं किया गया। इसलिए घटना वाली जगह से बरामदगी और रिमांड पेपर्स में अलग-अलग बातें थीं।’ ‘D-5 की तलाशी में कोई ऐसा सबूत नहीं मिला, जिससे फोरेंसिक तरीके से घटनाओं का पता लगाया जा सके। स्थानीय लोग नाले और कोठी के पीछे वाले हिस्से से हड्डियां निकाल रहे थे, वो सिर्फ D-5 का एरिया नहीं था। D-5 और D-6 दोनों के आसपास खुदाई चल रही थी। लग रहा था, जैसे हड्डियां और बॉडी पार्ट्स निकालने वालों को पहले से सब पता हो।’ दूसरी लापरवाही: कोठी के अंदर फोरेंसिक एविडेंस नहीं मिलेसुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि D-5 कोठी से सीमेन का सैंपल मिला था, वो दोनों आरोपियों से मैच नहीं हुआ। क्राइम सीन पर मिले कुल्हाड़ी और चाकू पर इंसान का खून या टिश्यू नहीं मिला। फोरेंसिक टीम को कोठी के अंदर से मरने वालों में से किसी का सबूत नहीं मिला, जिससे DNA का मिलान हो सके। सुरेंद्र कोली ने मजिस्ट्रेट के सामने 16 मर्डर की बात कबूल की थी। हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने कबूलनामे को नहीं माना। सुरेंद्र कोली के वकील सिद्धार्थ शर्मा बताते हैं, ‘हाईकोर्ट ने कहा कि सुरेंद्र कोली को लगातार 60 दिन तक कस्टडी रिमांड में रखा गया। एक केस में रिमांड खत्म होती, तो उससे पहले दूसरे केस में रिमांड मिल जाती थी।’ ‘इस तरह 60 दिन के बाद मजिस्ट्रेट के सामने कबूलनामा हुआ था। ये अपने आप में सवाल खड़े करता है। सुरेंद्र कोली ने 26 मार्च 2010 को लेटर लिखा था। उसमें लिखा है कि CBI ने मुझे बहुत टॉर्चर किया। बयान देने के लिए दबाव डाला था। इसलिए सुरेंद्र कोली के कबूलनामे को कोर्ट में नहीं माना गया।’ तीसरी लापरवाही: ऑर्गन ट्रेड एंगल से जांच नहीं, सबूत कमजोर हुएपहले हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निठारी कांड के पीछे सीरियल किलिंग नहीं, तो क्या ऑर्गन ट्रेड एंगल हो सकता है। इसे लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक कमेटी ने 2007 में रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में CBI को ऑर्गन ट्रेड के एंगल पर जांच करने के लिए कहा गया था। CBI ने उस लाइन पर जांच ही नहीं की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एजेंसी ने घर और पड़ोस के गवाहों की ठीक से जांच नहीं की, न ही कोई अहम सुराग खोजा गया। हर गलती ने सबूतों और भरोसे को कमजोर किया। इसलिए दोषी सुरेंद्र कोली को सभी आरोपों से बरी किया जाता है। इसके तहत लगाई गई सभी सजाएं और जुर्माने भी रद्द किए जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट में लिखा है कि पुलिस समय पर और प्रोफेशनली कानून के हिसाब से जांच करती है तो सबसे मुश्किल रहस्य भी सुलझ सकता है। कई बड़े क्राइम को समय पर रोका जा सकता है, लेकिन ये सच में बहुत बुरा है कि निठारी केस में लापरवाही और देरी ने फैक्ट-फाइंडिंग प्रोसेस को खराब कर दिया। न सिर्फ खराब किया बल्कि जांच के घटिया तरीके ने उन रास्तों को बंद कर दिया, जिनसे असली अपराधी की पहचान हो सकती थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निठारी केस वीभत्स है। पीड़ित परिवार के दुख की कल्पना नहीं कर सकते, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कानूनी तौर पर कोई सबूत नहीं मिल पाया। भरोसेमंद सबूतों के बिना किसी को दोषी नहीं मान सकते। अब मोनिंदर सिंह पंढेर की बात कोठी में कॉलगर्ल बुलाते थे, बोले- मर्डर के वक्त मौजूद नहीं थादैनिक भास्कर ने 10 नवंबर को मोनिंदर सिंह पंढेर का इंटरव्यू पब्लिश किया था। इसमें मोनिंदर सिंह पंढेर ने साफ कहा कि निठारी में मर्डर हुए, तब मैं घर पर नहीं था। उन्होंने ये भी माना कि वे कोठी में कॉलगर्ल बुलाते थे। दैनिक भास्कर ने कोठी में आने वालीं 12 से ज्यादा कॉलगर्ल के बयान की डिटेल निकाली। ये बयान CBI ने दर्ज किए थे। हमें कॉलगर्ल भेजने वाली महिला किरण (बदला हुआ नाम) का बयान भी मिला। फरीदाबाद में रहने वाली किरण ने बताया कि लापता हुई जिस कॉलगर्ल के मोबाइल फोन से निठारी कांड का खुलासा हुआ, उसके पिता ने 12 हजार रुपए के बदले उसे मेरे पास भेजा था। ये बयान CBI ने 16 जनवरी, 2007 को लिया था। इसमें किरण ने कहा था, ‘पति की मौत के बाद मेरे ऊपर 4 बच्चों की जिम्मेदारी थी। इसी दौरान मैं गलत महिलाओं के संपर्क में आ गई। 10-11 साल से वेश्यावृत्ति कर रही थी। 3-4 साल से कई लड़कियां मेरे संपर्क में हैं। इनमें से कई लड़कियां फरीदाबाद के सेक्टर-16 के एक होटल में रेगुलर जाती हैं।’ ‘मेरे पास बंगाल, यूपी, हरियाणा और दिल्ली की लड़कियां हैं। इनमें कोमल (बदला हुआ नाम) भी थी। उसकी उम्र करीब 26 साल थी। 2005 में मेरे ड्राइवर बाबूलाल ने मुझे नोएडा में रहने वाले किशनलाल (बदला हुआ नाम) से मिलवाया था।' 'किशनलाल को 12 हजार रुपए की जरूरत थी। उसने कहा था कि मेरी बेटी फरीदाबाद में तुम्हारे साथ रहेगी। उसी के काम से मिले पैसों से हिसाब हो जाएगा। मैंने किशनलाल को 12 हजार रुपए दे दिए और उसकी लड़की को फरीदाबाद ले आई।’ ‘मैंने उसे फरीदाबाद के सेक्टर-16 में मैगपाई होटल में कई बार भेजा। इसी दौरान जून 2005 में मैं मथुरा रोड पर एक रेस्तरां में मोनिंदर सिंह पंढेर से मिली थी। मैंने वहीं पहली बार कोमल की फोटो पंढेर को दिखाई थी। 2 हजार रुपए में कोमल को भेजने की बात तय हुई। मैंने उसी रात कोमल को D-5 कोठी में भेजा था। हम पंढेर को मेजर साहब कहते थे। उनके घर कॉलगर्ल भेजते थे।’ ‘कुछ समय में ही कोमल ने मेरे 7 हजार रुपए चुका दिए। उसी दौरान उसकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उसकी भाभी यानी किशनलाल की बहू हमारे पास आ गई। उसने कॉलगर्ल का काम करके बाकी 5 हजार रुपए चुकाए थे।’ मोनिंदर सिंह पंढेर के कहने पर हम अलग-अलग लड़कियों को D-5 भेजते थे। बाद में कोमल मोनिंदर सिंह पंढेर से बात करने लगी। वो सीधे उसके पास चली जाती थी, ताकि मुझे पैसा न देना पड़े। पंढेर की कोठी में पार्टी के लिए गई कॉलगर्ल का बयानD-5 कोठी में गई एक और कॉलगर्ल कविता (बदला हुआ नाम) ने 5 फरवरी 2007 को CBI के सामने बयान दर्ज कराया था। तब कविता की उम्र 29 साल थी। उसने बताया, ‘मैं गांव की एक लड़की के साथ दिसंबर 2002 में दिल्ली आई थी। उसने कहा था कि फैक्ट्री में काम दिला देगी। यहां पता चला कि वो कॉलगर्ल है। मेरे पास पैसे नहीं थे, मजबूरी में जिस्मफरोशी करने लगी।’ ‘2005 में दशहरे से 15 दिन पहले मेरी दोस्त सिम्मी ने मुझे मोनिंदर सिंह पंढेर से मिलवाया। हम मुनिरका में मिले थे। मोनिंदर सिंह अगले दिन मुझे मुनिरका से ही D-5 कोठी ले गए थे। वहां सुरेंद्र कोली भी था। उसने हमें खाना खिलाया था।’ ‘उस रात पंढेर ने मुझे 4 हजार रुपए दिए थे। करीब 15 दिन बाद मेरे पास फिर फोन आया। मोनिंदर सिंह पंढेर ने कहा कि मेरे दोस्त आ रहे हैं। इसलिए कई लड़कियों को लाना है। हम 5 लड़कियां रात करीब 10 बजे उनकी कोठी पर पहुंचे थे। देर रात तक पार्टी हुई। सबने शराब पी। दो लड़कियां एक साथ अलग कमरे में पंढेर के गेस्ट के साथ चली गईं।’ ‘मैं मोनिंदर सिंह के साथ अलग कमरे में गई। दो और लड़कियां दो अलग-अलग लोगों के साथ गईं। एक हफ्ते बाद भी हमें बुलाया गया था। मैं कई बार D-5 गई थी। तभी सुरेंद्र कोली ने मेरा नंबर ले लिया था।' 'एक बार सुरेंद्र कोली ने फोन करके मुझे बुलाया भी था। उसने कहा कि कुछ नए ग्राहक आए हैं। मैं कोठी पर पहुंची, तो वहां सुरेंद्र कोली के अलावा कोई नहीं दिखा। मैं घर लौट आई। सितंबर 2005 से अप्रैल 2006 के बीच वहां गई थी। उसके बाद दार्जिलिंग अपने गांव चली गई। फिर उनसे मुलाकात नहीं हुई।’ निठारी कांड से जुड़े सवाल, जिनके जवाब नहीं मिले 1. निठारी कांड में कितने लोग मारे गएहमने निठारी से मिले नरकंकालों की जांच करने वाले एम्स के पूर्व फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. टीडी डोगरा से बात की। वे कहते हैं, ‘हमने 3 महीने तक जांच की थी। 21 अलग-अलग इंसानी कंकाल तैयार किए थे।’ उनके दावे के मुताबिक 21 लोगों के कंकाल मिले थे। बाद में सिर्फ 19 लापता लोगों की पहचान हुई। आखिर में 16 केस का ही कोर्ट में ट्रायल चला। ये राज ही है कि निठारी में आखिर कितने लोग मारे गए। 2. जिस कॉलगर्ल के फोन से पहला सुराग मिला, उसका DNA क्यों मैच नहीं हुआनिठारी केस में पहला बड़ा सुराग लापता कॉलगर्ल कोमल के मोबाइल फोन से मिला था। इसकी जांच तब सब इंस्पेक्टर रहे विनोद पांडे ने की थी। उनकी टीम ने मोबाइल फोन ट्रेस करके सुरेंद्र कोली को पकड़ा था। विनोद पांडे अभी यूपी के हापुड़ में SHO हैं। वे कहते हैं कि 7 मई 2006 को सुरेंद्र कोली ने फोन करके उस कॉलगर्ल को बुलाया था। उस समय पंढेर अपने बीमार पिता की वजह से चंडीगढ़ में था। इसकी पुष्टि होने पर नौकर सुरेंद्र कोली पर शक हुआ। कोमल का फोन 21 दिसंबर, 2006 को एक्टिवेट हुआ। उसमें सुरेंद्र कोली का सिमकार्ड मिला। इसके बाद ये केस खुला था।’ ‘सुरेंद्र कोली ने माना था कि उसने कोमल की हत्या कर लाश के टुकड़े किए। सिर, चप्पल और पर्स कोठी के पीछे फेंका और बाकी हिस्से को नाले में बहा दिया था।' 'CBI और फोरेंसिक रिपोर्ट की पड़ताल में कोमल के पिता के DNA सैंपल से किसी भी कंकाल का मिलान नहीं हुआ। ऐसे में दो बातें हो सकती हैं, या तो D-5 के आसपास मिले कंकाल में कोमल थी ही नहीं। या कोमल का कंकाल मिला तो, लेकिन वो FIR दर्ज कराने वाले शख्स की बॉयोलॉजिकल बेटी नहीं थी।’ 3. निठारी से 3 किमी दूर रहने वाली दो लड़कियों की हड्डियां मिलीं, वे कौन थींCBI की फोरेंसिक रिपोर्ट में लिखा है कि जांच के दौरान हड्डियों के 73 टुकड़े मिले थे। ये अलग-अलग साइज के थे। सभी D-5 के पीछे मिले थे। 53 पॉलिथीन पैकेट मिले थे, जिनमें बायोलॉजिकल मटेरियल थे। इनके अलावा लड़कियों के बाल, जूते, चप्पल, मिट्टी में सने कपड़े थे। चंडीगढ़ के CFSL ने इनकी जांच की थी। 31 अगस्त 2007 की रिपोर्ट में लिखा है कि निठारी से मिली खोपड़ियों की सुपर इंपोजिशन तकनीक से पहचान की गई। आसपास के एरिया से गायब लड़कियों की फोटो की भी जांच हुई थी। बरामद खोपड़ियों में से नंबर-7 और नंबर-13 का मिलान निठारी से गायब लड़कियों से नहीं हुआ। निठारी से करीब 3 किमी दूर सेक्टर-24 थाना एरिया से लापता आशा और बसंती से दोनों खोपड़ियों का मिलान हुआ था। सवाल उठता है कि इनका नाम कभी CBI जांच में क्यों नहीं आया।....................................... मोनिंदर सिंह पंढेर का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू भी पढ़िए हां, कोठी में कॉलगर्ल बुलाई, घर में बच्चों की डेडबॉडी पड़ी रहीं, पता नहीं चला निठारी केस से बरी होने के बाद मोनिंदर सिंह पंढेर ने पहला इंटरव्यू दैनिक भास्कर को दिया। उन्होंने दो बातें कबूल कीं, एक कि कोठी में मर्डर हुए थे और कोठी में कॉलगर्ल बुलाई जाती थीं। पंढेर ने कहा कि मैं घर में कम ही रहता था। उसी वक्त कोठी में मर्डर होते रहे। डेडबॉडी नौकर सुरेंद्र कोली के बाथरूम में पड़ी रहती थीं। ये बाथरूम ऊपर फर्स्ट फ्लोर पर है, इसलिए कोई नहीं जान पाया।’ पढ़िए पूरा इंटरव्यू
जम्मू–कश्मीर में गैर कश्मीरियों का जमीन खरीदना अब भी मुश्किल है। भास्कर ने खरीददार बनकर कश्मीर के तीन एजेंट, चार अफसरों का स्टिंग किया। सभी ने एक ही जवाब दिया कि, ‘बिना डोमिसाइल के आउटसाइडर जमीन नहीं खरीद सकता।’ पड़ताल में कड़ियां दिल्ली के ब्लास्ट से भी जुड़ीं। 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला के पास ब्लास्ट हुआ था। इसके पहले श्रीनगर के बनपोरा इलाके में JeM (जैश-ए-मोहम्मद) की तारीफ वाले पोस्टर मिले थे। इनमें लिखा था कि, ‘बाहरियों को शरण न दें’ और ‘शरिया के खिलाफ काम न करें’, वरना सख्त एक्शन लिया जाएगा। ये पोस्टर कमांडर हंजला भाई के नाम से 17 अक्टूबर को साइन किए गए थे। इस पोस्टर के बाद ही जम्मू–कश्मीर पुलिस हरकत में आई थी, और जांच शुरू की थी। कश्मीर की जमीनी हकीकत जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने जमीन खरीददार बनकर वहां के प्रॉपर्टी एजेंट्स, पटवारी और तहसीलदार से मुलाकात। हिडन कैमरे में बातचीत रिकॉर्ड हुई। पढ़िए और देखिए ये इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट। पहली मुलाकात : शाह मुतयैब, रियल एस्टेट ब्रोकर कश्मीरी रियल्टर शाह मुतयैब और रिपोर्टर के बीच हुई बातचीत रिपोर्टर: मैं जयपुर से हूं, श्रीनगर में रेसिडेंशियल प्लॉट लेना चाहता हूं? मुयतैब: आउटसाइडर अपने नाम पर जमीन रजिस्टर नहीं करा सकता। डोमिसाइल जरूरी है। रिपोर्टर: बिना डोमिसाइल नहीं खरीद सकता? मुतयैब: नहीं। एग्रीकल्चर लैंड तो बिल्कुल नहीं। रेसिडेंशियल भी तभी जब डोमिसाइल हो। रिपोर्टर: अगर मैं किसी और के नाम पर लूं और बाद में अपने नाम कर दूं? मुतयैब: नहीं। अपने नाम पर तभी जब डोमिसाइल हो। हां किसी लोकल दोस्त या रिलेटिव के नाम पर लिया जा सकता है, लेकिन रिस्क आपका है। रिपोर्टर: डोमिसाइल का रास्ता क्या है? मुतयैब: आप सरकारी कर्मचारी हैं, 10 साल से यहां पोस्टेड हैं, तो डोमिसाइल मिल सकता है। या फिर सरकारी लीज ले सकते हैं, 10, 20, 99 साल तक। लेकिन प्राइवेट लैंड पर नहीं। रिपोर्टर: मतलब मेरे नाम पर रजिस्ट्री नहीं हो सकती? मुतयैब: बिन डोमिसाइल के नहीं। रिपोर्टर: कुछ लोग कहते हैं आसानी से हो जाती है। मुतयैब: बहुत लोग धोखा देते हैं। टोकन लेकर गायब हो जाते हैं। DC ऑफिस में रजिस्ट्रेशन तभी होगा जब डोमिसाइल वैध हो। रिपोर्टर: बड़ी कंपनियां कैसे ले रही हैं? मुतयैब: वो कंपनी के नाम पर लेती हैं और उनकी पकड़ होती है, इसलिए उनके प्रोजेक्ट चल रहे हैं। दूसरी मुलाकात : अरैब भट, रियल्टर अरैब: आप रेसिडेंशियल प्लॉट खरीदना चाहते हैं? रिपोर्टर: हां अरैब : बाहर वालों के लिए यह मुश्किल है। डॉक्यूमेंटेशन जरूरी है। शहरी क्षेत्र में डोमिसाइल और ग्रामीण क्षेत्र में एग्रीकल्चर सर्टिफिकेट (आपके/पिता के नाम पर जमीन) होना चाहिए। रिपोर्टर: तो मैं क्या कर सकता हूं अरैब: आप लीज ले सकते हैं, 5, 10, 40 या 99 साल की। यह सेल नहीं, सिर्फ लीज। डोमिसाइल की जरूरत नहीं। रिपोर्टर: समझ गया। अरैब : कुछ ग्रुप जैसे संघानिया या बंसल ले सकते हैं, लेकिन इंडिविजुअल आउटसाइडर के लिए अब कोई रूम नहीं है। रिपोर्टर: डोमिसाइल बनवाना संभव है क्या? अरैब : हां, तहसीलदार या अफसर को पैसे देकर बनाया जा सकता है। मैं ऐसा नहीं करता। फर्जी डोमिसाइल तो अब तक लगभग 82 हजार बन चुके हैं। रियल एस्टेट के दोनों कारोबारियों से मिलने के बाद हमने सरकारी सिस्टम को जांचने के मकसद से मुतयैब से कहा कि, ‘हमें एक भरोसेमंद कश्मीरी मिल गया है। हम उसके नाम पर जमीन खरीदना चाहते हैं। यह सुनकहर मुतयैब ने हमें ऑफिस में बुलाया।’ मुलाकात पर मुतयैब ने कहा कि, ‘मैंने आपके लिए जमीन देख ली है, लोकेशन पर आपको एजेंट मिल जाएगा, बस आप जाकर पहले जमीन पसंद कर ले, फिर पेपर आपको मिल जाएंगे, जिन्हें आप चेक कर सकते हैं।’ प्रॉपर्टी दिखाने के दौरान शाह मुतयैब और रिपोर्टर के बीच बातचीत हुई मुतयैब: आपके पास बंदा कौन है ? रिपोर्टर: नोएडा से है। हमने उससे फ्लैट लिया था। मुतयैब: अच्छा, नाम? रिपोर्टर: इरफान। मुतयैब: ठीक, मैं आपको कुछ प्रॉपर्टी दिखा सकता हूं। रिपोर्टर: हां, दिखाइए। मुतयैब: बंदे ने आपके लिए प्रॉपर्टीज शॉर्टलिस्ट की हैं। आप लोकेशन पर जाएंगे, वह आपको सारी प्रॉपर्टी दिखा देगा। रिपोर्टर: क्या मेरे नाम पर रजिस्ट्री हो सकती है, या किसी कश्मीरी के जरिए ही लेना पड़ेगा? मुतयैब: दो ऑप्शन हैं, अगर आप 10 साल से कश्मीर में रह रहे हैं और बिजनेस किया है, तो डोमिसाइल के लिए एलिजिबल हैं। अगर किसी जान-पहचान वाले कश्मीरी से मदद लें, डोमिसाइल निकलवाना भी संभव है। रिपोर्टर: अगर इरफान के नाम पर हूं, कोई डॉक्यूमेंट नहीं चाहिए? मुतयैब: नहीं, बस उसके साथ एक अलग एग्रीमेंट बना सकते हैं कि यह मेरे लिए है, मालिक वह नहीं है। रिपोर्टर: यह लीगल होगा? मुतयैब: हां, एग्रीमेंट नोटरी और ई-स्टाम्प के साथ लीगल माना जाएगा। रिपोर्टर: पेपर्स ठीक होंगे? मुतयैब: हां, सभी क्लियर हैं। आपको केवल टोकन देना होगा। रिपोर्टर: लोकेशन कहां है? मुतयैब: हारवन, दाचीगाम नेशनल पार्क के ऊपर वाले साइड। हारवन में प्लॉट विजिट, चट्टेरहमा रिपोर्टर की एजेंट रियाज से मुलाकात रिपोर्टर: कौन सा प्लॉट है रियाज़: यह है, डेढ़ कनाल, पूरी तरह रेसिडेंशियल रिपोर्टर: लोकेशन रियाज़: चट्टेरहमा, Harvan। तहसील – हज़रतबल रिपोर्टर: महबूबा मुफ्ती का घर पास है रियाज़: हां, गेट के पास रिपोर्टर: बाकी प्रॉपर्टीज रियाज: यहां बड़े-बड़े बिजनेसमैन के प्लॉट हैं, सारे पेपर क्लियर हमने रियाज को बताया कि हमें यह प्लॉट पसंद आ गया है हम अगले ही दिन हजरतबल तहसील ऑफिस जाकर पटवारी से मिले। हमारा मकसद प्लॉट की जांच नहीं, बल्कि पटवारी से यह साफ-साफ जानना था कि क्या कोई बाहरी व्यक्ति इस तरह की रेसिडेंशियल जमीन खरीद भी सकता है या नहीं। रिपोर्टर और पटवारी बिलाल के बीच हुई बातचीत रिपोर्टर: सर, मैं दिल्ली से हूं। बिलाल अहमद: ठीक है। रिपोर्टर: यहां रियल्टर ने जमीन दिखाई, कौन सी जगह है? रियाज़ (एजेंट): चट्टेरहमा, महबूबा मुफ्ती के घर के सामने। बिलाल अहमद: अगर मिल्कियत ठीक है, तो कोई परेशानी नहीं। रिपोर्टर: मैं अपने नाम से खरीद सकता हूं? बिलाल अहमद: नहीं, उसके लिए परमीशन चाहिए। आप यहां के सिटिजन नहीं हैं, इसलिए DC से परमीशन लेनी होगी। रिपोर्टर: परमीशन का नाम क्या है? बिलाल अहमद: बस, आउटसाइडर के लिए परमीशन। रिपोर्टर: किसी आउटसाइडर ने यहां खरीदी है? बिलाल अहमद: जिसका डोमिसाइल रहेगा, वह आउटसाइर नहीं। बाकी को परमीशन चाहिए। रिपोर्टर: जमीन ठीक है ना? बिलाल अहमद: मुझे नहीं पता, आपने कौन सी देखी है। मिल्कियत अगर सही है, फर्द कटेगी। रिपोर्टर: 2 कनाल खरीदना चाह रहा हूं। बिलाल अहमद: मिल्कियत सही होगी तो ठीक। लेकिन आउटसाइडर को परमीशन जरूरी है, बिना इसके फर्द अमान्य होगी। रिपोर्टर: कई लोगों से सुना था, परमीशन की जरूरत नहीं होती। बिलाल अहमद: नहीं, परमीशन होनी चाहिए। वरना लीगल इश्यू या फ्रॉड हो सकता है। रिपोर्टर: तो आउटसाइडर के लिए खरीदना मुश्किल है? बिलाल अहमद: मुश्किल नहीं, लेकिन परमीशन लेना जरूरी है। रिपोर्टर: ठीक, मतलब SDM ही कर सकता है। बिलाल अहमद: हां, मैं सिर्फ पेपर देखता हूं। बाकी SDM हैंडल करेगा। पटवारी बिलाल अहमद से मिलने के बाद हमने एक और बड़ी रियल एस्टेट कंपनी के हैरिस मंजूर से बात की। उसने खुद को हलाल रियल एस्टेट का मैनेजिंग डायरेक्टर बताया। हलाल रियल एस्टेट – श्रीनगर रिपोर्टर: मैं नोएडा से हूं। फैमिली ने कहा कि जमीन देख लें। हैरिस : जमीन रेसिडेंशियल के लिए चाहिए या किसी और मकसद के लिए? रिपोर्टर: रेसिडेंशियल। हैरिस: हाईवे के पास चाहते हैं? रिपोर्टर: हां, दो कनाल। हैरिस: जमीन मिलेगी। रजिस्ट्री हो सकती है, लेकिन पहले मैं जमीन वाले से कन्फर्म करूंगा। रिपोर्टर: क्या कोई बाहर वाला (आउटसाइडर) ले सकता है? हैरिस: हां, लेकिन डोमिसाइल होना चाहिए। बिना डोमिसाइल के रजिस्ट्री नहीं होगी। जमीन तो ले सकते हैं, मकान भी बना सकते हैं, लेकिन नाम पर रजिस्ट्री नहीं होगी। रिपोर्टर: डोमिसाइल कैसे बनेगा? हैरिस: आधार और एड्रेस अपडेट करना पड़ेगा। आसानी से नहीं होता। अगर कोई भरोसेमंद स्थानीय बंदा हो, तो वह नाम पर कर सकता है, तब रजिस्ट्री आसान है। रिपोर्टर: श्रीनगर में कितनी जमीन है, रेसिडेंशियल/कमर्शियल/एग्रीकल्चर? हैरिस : रेसिडेंशियल काफी है। कमर्शियल भी है। एग्रीकल्चर बहुत कम, ज्यादातर रेसिडेंशियल में कन्वर्ट हो चुका है। डॉक्यूमेंट पर जो रेसिडेंशियल दिखता है, वही वैलिड है। रिपोर्टर: क्या सच में कोई भी बाहर वाला जमीन ले सकता है? हैरिस: ऑफिशियल तौर पर ऐसा कहा जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत में बड़े जमींदार बाहर वालों को जमीन नहीं बेचते। सिर्फ लोकल कश्मीरी को बेचते हैं। रिपोर्टर: तो रजिस्ट्री के लिए डोमिसाइल जरूरी है।हैरिस: हां, रेसिडेंशियल हो या कमर्शियल, डोमिसाइल जरूरी है अगर नाम पर रजिस्ट्री करनी है। रिपोर्टर: कौन मदद कर सकता है? हैरिस: मेरा एडवोकेट, जो जमीन के कागजात बनवाता है। रजिस्ट्री अलग एडवोकेट करता है। नोट: फोन पर हैरिस ने अपने एडवोकेट से कन्फर्म किया कि बाहर वाले को बिना डोमिसाइल के रजिस्ट्री नहीं मिलेगी। अब तक की पड़ताल से जो बातें सामने आई थीं, उनमें डॉमिसाइल का जिक्र सबसे ज्यादा था। फोन पर तहसीलदार ने डॉमिसाइल की शर्त बताई थी, कश्मीर रियलटर के शाह मुतयैब और अरैब भट ने भी यही बात दोहराई थी। हलाल रियल एस्टेट के हैरिस मंजूर ने भी वही बात दोहराई। इसके बाद हमने कश्मीर के रियल एस्टेट से जुड़े कारोबारी नूर मोहम्मद से मुलाकात की। उनसे पूछा कि क्या आउटसाइडर कश्मीर में जमीन खरीद सकता है। नूर मोहम्मद ने बताया, हाल ही में उनके पास पंजाब से एक पार्टी आई थी, जो 25 कनाल जमीन खरीदना चाहती थी, लेकिन स्थानीय SDM ने उन्हें अनुमति नहीं दी। उन्होंने बताया कि उनका एक परिचित है, वो उसी सब-रजिस्ट्रार के ऑफिस मे काम करता है, जिस जमीन का जिक्र वो कर रहे है, उसके पास सही जानकारी होगी। हम नूर मोहम्मद के साथ पूर्वी श्रीनगर के सब-रेजिस्ट्रार के दफ्तर पहुंचे और रजिस्ट्रार के बगल के कमरे में बैठे रीडर आसिफ से मिले। हमने आसिफ से पूछा कि, क्या कोई आउटसाइडर कश्मीर में जमीन खरीद सकता है। रिपोर्टर : क्या मैं यहां रेसिडेंशियल प्लॉट या कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीद सकता हूं? आसिफ : थोड़ी सी लिमिटेशन है अभी। रिपोर्टर : लिमिटेशन है? आसिफ : हां, एक तो डोमिसाइल होना चाहिए आपका। रिपोर्टर : डोमिसाइल चाहिए ही चाहिए। आसिफ : हां, दूसरी कंडीशन यह है कि अगर कलेक्टर देना चाहे। रिपोर्टर : कलेक्टर? आसिफ : कलेक्टर ऑर्डर देना चाहे कि यह खरीद सकता है। रिपोर्टर : तो हो जाएगा। आसिफ : हां। बिलाल अहमद, नायब तहसीलदार (ईदगाह) बिलाल ने कहा ‘डोमिसाइल जरूरी है, रिकॉर्डेड एग्रीकल्चर लैंड के लिए एग्रीकल्चर सर्टिफिकेट चाहिए और नॉन-एग्रीकल्चर प्लॉट के लिए भी डोमिसाइल चाहिए।’ ज्यादा पूछताछ करनेे पर बिलाल ने दो बार रजिस्ट्रेशन ऑफिस में कॉल किया फिर कहा कि, नॉन-एग्रीकल्चर प्लॉट बिना डोमिसाइल के खरीदा जा सकता है, सिर्फ आधार व फोटो चाहिए। रिपोर्टर: मैं दिल्ली का हूं, क्या बिना डोमिसाइल के रेसिडेंशियल प्लॉट ले सकता हूं? बिलाल: डोमिसाइल जरूरी है। अगर जमीन रिकॉर्ड में एग्रीकल्चर है, तो एग्रीकल्चर सर्टिफिकेट भी चाहिए। रिपोर्टर: लेकिन मैं नॉन-एग्रीकल्चर प्लॉट देख रहा हूं। बिलाल: फिर भी डोमिसाइल जरूरी है… लेकिन मैं चेक कर लेता हूं।(फोन पर रजिस्ट्रेशन ऑफिस से बात) बिलाल (बाद में): नॉन-एग्रीकल्चर के लिए डोमिसाइल नहीं चाहिए। एग्रीकल्चर के लिए एग्रीकल्चर सर्टिफिकेट चाहिए। आधार और फोटो काफी हैं। फयाज खान, नायब तहसीलदार (नरबल/मागम) फयाज खान ने कहा, ‘डोमिसाइल जरूरी है, डोमिसाइल उन लोगों को मिलता है, जो 15 साल से यहां रह रहे हैं। रिपोर्टर ने पूछा क्या कोई आउटसाइडर आवासीय जमीन ले सकता है। फयाज ने कहा, बिना डोमिसाइल के नहीं। अखबारों में जो लिखा है कि कोई भी खरीद सकता है—वह सही नहीं। रिपोर्टर: क्या मैं, एक बाहर का व्यक्ति, यहां रेसिडेंशियल प्लॉट खरीद सकता हूं? फयाज़: नहीं, डोमिसाइल जरूरी है। पूरे JK में यही नियम है। रिपोर्टर: लेकिन कई डीलर कह रहे हैं कि खरीद सकते हैं। फयाज़: गलत बता रहे हैं। लीगली वही खरीद सकता है जिसके पास डोमिसाइल हो। चाहे वह मूल निवासी हो या यहां 15 साल से रह रहा हो। हामिद उल्लाह, नायब तहसीलदार (नंदपोरा) बाहर का व्यक्ति तभी जमीन खरीद सकता है जब वह 15 साल की रेसिडेंसी के आधार पर डोमिसाइल ले ले। रिपोर्टर: मैं टूरिस्ट हूं, क्या डोमिसाइल बिना जमीन ले सकता हूं? हामिद उल्लाह: नहीं। डोमिसाइल जरूरी है। रिपोर्टर: सरकार कहती है कोई भी ले सकता है। हामिद: पहले नहीं ले सकते थे, अब ले सकते हैं, लेकिन शर्त यह है कि आपके पास डोमिसाइल हो, जो 15 साल की रेसिडेंसी से मिलता है। पड़ताल के दौरान हमारी श्रीनगर वेस्ट के SDM इरफान बहादुर, पट्टन के SDM डॉ गुलजार अहमद से भी मुलाकात हुई, जिन्होंने साफ कहा कि, आप बिना डोमिसाइल के रेसिडेंशियल जमीन खरीद सकते हैं। कश्मीर में हालात अब भी ठीक नहीं… कश्मीरी एक्टिविस्ट अहमद अयाज कहते हैं, ‘631 लोगों ने ही अब तक जमीन खरीदी। कश्मीर में तो बहुत कम ने खरीदी है। क्योंकि स्थिति अब तक सामान्य नहीं है।’ सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट अभिषेक कृष्णा कहते हैं कि, अगर जम्मू-कश्मीर में कोई सरकारी अधिकारी, जैसे तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी या भूमि विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी किसी दूसरे राज्य के व्यक्ति को जमीन खरीदने के बारे में गलत जानकारी देता है, ताकि वह व्यक्ति जमीन न खरीदे, तो यह भारतीय कानून के तहत अपराध माना जाता है। मिलिटेंट्स ने आउटसाइडर को मुद्दा बनाया जम्मू–कश्मीर के एक्स डीजीपी एसपी वैद्द के मुताबिक, ‘370 हटने के बाद कश्मीर की डेमोग्राफी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जो भी यह कह रहा है, वह बिल्कुल गलत है।’ ‘मिलिटेंट्स हमेशा कोई न कोई नया मुद्दा ढूंढते रहते हैं, और अब इन्होंने आउटसाइडर को अपना नया मुद्दा बना लिया है।’ ‘हां, इस तरह की विचारधारा वाले लोग सिस्टम में या यूं कहें कि हर जगह मौजूद हैं, जो नहीं चाहते कि कोई आउटसाइडर यहां आकर बसे।’ ‘अगर कोई तहसीलदार या अधिकारी किसी गेम प्लान के तहत आउटसाइडर को जमीन खरीदने से संबंधित सही जानकारी नहीं देता, तो उनके ऊपर बैठे अफसर—डिवीजन कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर, सेक्रेटरी रेवेन्यू डिपार्टमेंट को चाहिए कि ऐसे अधिकारियों को चिन्हित करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें।’ ‘लैंड और रेवेन्यू डिपार्टमेंट को चाहिए कि आउटसाइडर के लिए जमीन से जुड़े तमाम कानूनों को लेकर अलग से एक डेस्क बनाएं।’ ‘LG साहब और सीनियर अधिकारियों को चाहिए कि आउटसाइडर के लिए एक ऐसी सुविधा तैयार करें कि उन्हें पटवारी के चक्कर में भटकना न पड़े।’ नोट : भास्कर ने इस मामले में सरकार का पक्ष जानने के लिए सवाल होम मिनिस्ट्री को ईमेल किए हैं। जैसे ही जवाब आएगा, हम खबर में अपडेट करेंगे। .............................................. आप ये इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं विदेशी लड़कियों को हाथ–पैर बांध, पीटकर बना रहे सेक्स वर्कर:बॉस के चंगुल में फंसाते हैं; उज्बेक, तुर्कमेनिस्तान की लड़कियां टारगेट पर ‘मैं उज्बेकिस्तान की रहने वाली हूं। नौकरी की तलाश में थी। इंस्टाग्राम पर एक लड़की से दोस्ती हुई। उसने दुबई आने को कहा। बोली– एक गर्भवती महिला है, उसके बच्चे को संभालने का काम है।’ ‘मैं उस पर यकीन कर दुबई पहुंची। फिर कहा गया कि, आपको किसी दूसरे शहर में रहना होगा। यह बोलकर मुझे नेपाल ले गए। फिर एक आदमी नेपाल से भारत ले आया।’ पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें...।
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