नंदू गैंग के अनुराग और राजीव नयन के रिश्तेदार पुष्कर को UP STF ने दबोचा
उत्तर प्रदेश STF ने लखनऊ के विभूति खंड से दिल्ली के कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के सदस्य अनुराग मिश्रा और पेपर लीक गैंग के सक्रिय सदस्य पुष्कर पांडे को गिरफ्तार किया है. अनुराग राजकुमार दलाल मर्डर केस में दो साल से फरार था, जबकि पुष्कर पर कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक में शामिल होने का आरोप है.
'मिर्जापुर' में दिखाई बोल्डनेस, एक्ट्रेस को ऑफर हुईं एडल्ट फिल्में
पॉपुलर मिर्जापुर सीरीज में अनंग्शा बिस्वास ने जरीना का रोल कर नाम कमाया. शो में उनकी बोल्ड इमेज देखने को मिली थी.
6 या 7 सितंबर, अजा एकादशी का व्रत कब है? जानें सही तारीख और मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, अजा एकादशी की तिथि 6 सितंबर की शाम 7:29 बजे शुरू होगी और 7 सितंबर की शाम 5:03 बजे समाप्त हो जाएगी. ऐसे में उदया तिथि के आधार पर अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर को रखा जाएगा.
पाकिस्तान में हिंदू मंदिर को तोड़े जाने पर भारत सख्त, कहा- दोषियों पर हो कार्रवाई
भारत ने पाकिस्तान के नरोवाल में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने की घटना की कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान सरकार से तत्काल और पारदर्शी जांच कराने तथा जिम्मेदारों को सजा देने की मांग की है.
कौन हैं निर्मला यादव? जो बनीं राम मंदिर ट्रस्ट की इकलौती महिला सदस्य
शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव राम मंदिर ट्रस्ट की इकलौती महिला सदस्य बनी हैं.,निर्मला यादव ने नियुक्ति को प्रभु श्रीराम का प्रसाद बताया और ट्रस्ट में पारदर्शिता के साथ काम करने की बात कही.
स्वरा के बयान से फिर चर्चा में जौहर, क्या है सन 1303 के चित्तौड़ की कहानी?
स्वरा भास्कर के बयान के बाद जौहर एक बार फिर बहस के केंद्र में है. जौहर को इतिहास और लोककथाओं की नजर से देखना जरूरी है. आखिर 1303 में चित्तौड़ में क्या हुआ था?
बांदा में आफत बनी बारिश, कच्ची दीवार गिरने से दो महिलाओं की मौत
उत्तर प्रदेश के बांदा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है. बबेरू तहसील क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में कच्ची दीवारें गिरने से दो बुजुर्ग महिलाओं की मौत हो गई. हादसों के बाद परिवारों में चीख-पुकार मच गई. प्रशासन ने पोस्टमार्टम के बाद आपदा प्रबंधन के तहत 24 घंटे में मुआवजा देने की बात कही है.
पीने के अलावा भी कॉफी के हैं कमाल के इस्तेमाल, इन 6 कामों आएंगी काम
कॉफी सिर्फ सुबह की थकान मिटाने के लिए नहीं है. इसके बचे हुए ग्राउंड्स को घर के कई कामों में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. फ्रिज की बदबू कम करने से लेकर सफाई और पौधों की देखभाल तक, जानिए कॉफी के 6 आसान घरेलू इस्तेमाल के बारे में.
झरने में ऐसा क्या था? 10 दिन में परिवार के चार बेटों की मौत, 3 बच्चियां सीरियस
शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के चार बच्चों की 10 दिनों में बीमारी से मौत हो गई. परिवार के सदस्य 16 अगस्त को गोरा टीला के पास झरने पर नहाने गए थे. लौटने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. स्वास्थ्य विभाग ने 62 लोगों के सैंपल लिए हैं. तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें ग्वालियर भेजा गया.
फर्जी IAS तृप्ति सिंह पर चौथी FIR, होटल लीज के नाम पर 49 लाख की ठगी का खेल
भोपाल में खुद को IAS और मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग का एडिशनल डायरेक्टर बताकर कथित ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के खिलाफ एक और FIR दर्ज हुई है. बागसेवनिया पुलिस ने होटल लीज दिलाने के नाम पर करीब 49 लाख रुपये लेने के आरोप में तृप्ति, उसके भाई सुधांशु और साथी प्रखर को आरोपी बनाया है. पुलिस तृप्ति को प्रोडक्शन रिमांड पर लेने अशोकनगर पहुंची है.
31 दिनों में 5.68 लाख...HERO की इन बाइक्स की सबसे ज्यादा मांग
भारतीय बाजार में हीरो सबसे ज्यादा गाड़ियां बेचता है. अगस्त महीने में कंपनी की सेल्स अच्छी हुई है. घरेलू मार्केट और एक्सपोर्ट दोनों को मिलाकर ब्रांड ने 5.68 लाख से ज्यादा वाहन बेच दिए हैं. हालांकि, अगस्त के महीने में हीरो मोटोकॉर्प का एक्सपोर्ट कम हुआ है. वहीं इस वित्तवर्ष में कंपनी ने 27.79 लाख टू-व्हीलर्स बेच दिए हैं. आइए जानते हैं डिटेल्स.
80 सालों का टूटा रिकॉर्ड: जॉर्जिया मेलोनी ने रचा इतिहास
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार का रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही हैं. करीब 80 साल में इटली में लगभग 70 सरकारें बदल चुकी हैं. साधारण परिवार से निकलकर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने वाली मेलोनी ने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई. उनकी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली, प्रवासन और सरोगेसी जैसे मुद्दों पर सख्त रुख के लिए जानी जाती है.
'शक्तिमान बिक नहीं सकता', समय संग ऐड करने पर बोले मुकेश खन्ना
मुकेश खन्ना ने समय रैना के साथ एक मोबाइल फोन के ऐड में काम करने को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कौलैब समय रैना के शो से संबंधित नहीं था.
आलू भुजिया खाकर हो गए बोर? अब बनाएं बीकानेरी शाही दाल बीजी नमकीन
How to Make Shahi Dal Baji: चाय के साथ ज्यादातर लोगों को नमकीन खाना बहुत पसंद होता है लेकिन हर बार एक ही तरह की नमकीन खाकर बोरियत होने लगती हैं. ऐसे में यहां हम आपको बीकानेर की पॉपुलर शाही दाल बीजी नमकीन की रेसिपी बता रहे हैं जिसे अगर आपने एक बार बना लिया तो आप बाहर की नमकीन भूल जाएंगे.
नेपाल पीएम बालेन शाह ने बाढ़ आने की वजह बताई, किस पर फोड़ दिया ठीकरा?
इंटरनेशनल मदद के बारे में बात करते हुए, बालेन शाह ने कहा कि इस बड़े संकट में इंटरनेशनल मदद न लेने का कोई सवाल ही नहीं है, और हमने शुरू से ही मदद और सहयोग पाने के लिए इंटरनेशनल कम्युनिटी के साथ तालमेल किया है।
नोएडा में कैफे में हुआ घाटा तो प्रेमी जोड़ा बना चोर
नोएडा में कैफे कारोबार बंद होने के बाद प्रेमी जोड़े समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से चोरी की ज्वेलरी, साढ़े तीन लाख रुपये नकद, पांच लैपटॉप, दो टैबलेट और छह मोबाइल बरामद हुए. पुलिस के मुताबिक आरोपी बंद मकानों की रेकी कर वारदात करते थे. चोरी के बाद रात में बार और रेस्तरां में पार्टी करते थे. अर्टिगा कार भी जब्त हुई है.
नेपाल में जमा हुआ इतना मलबा कि 22,000 ट्रक भर जाएं, सफाई में लगेंगे सालों!
UNDP की रिपोर्ट के अनुसार, यह बाढ़ उन इलाकों में आई है, जहां की आबादी पहले से ही आजीविका और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रही थी। 6 जिलों की 17 नगर पालिकाओं के 84,270 लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
शीतला सप्तमी कल, जानें इस दिन देवी को क्यों लगाते हैं बासी पकवान का भोग
शीतला सप्तमी का पर्व 3 सितंबर 2026 को है. इस दिन माता शीतला की पूजा का शुभ समय सुबह 6 बजकर 24 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 52 मिनट तक रहने वाला है. शीतला सप्तमी की पूजा में एक दिन पहले तैयार किए गए ठंडे पकवानों का विशेष महत्व है. रांधण छठ के दिन बनाए गए भोजन को अगले दिन माता शीतला को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है.
किसके डर से ट्रक में छिपकर भागे डोनाल्ड ट्रंप? नेटफ्लिक्स की इस सीरीज में खुलेगी सच्चाई
Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप को लेकर नेटफ्लिक्स पर एक सीरीज आने वाली है। इसमें जुलाई 2026 के दौरान ट्रंप ने किस तरह के अपने प्लेन से उतर दूसरे प्लेन में यात्रा की थी। इसकी जानकारी दी जाएगी।
रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच जयशंकर की कीव यात्रा, देंगे शांति का संदेश
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर गुरुवार को यूक्रेन और पोलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर जाने वाले हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, विदेश मंत्री एस. जयशंकर तीन से पांच सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड गणराज्य की आधिकारिक यात्रा करने वाले हैं.
साथ चुनाव लड़ेंगे सपा-कांग्रेस... शिवपाल बोले- बनेगी पूर्ण बहुमत की सरकार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में सपा और कांग्रेस के गठबंधन को बरकरार रखने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी.
जमीन विवाद में दो बेटों ने 65 साल के पिता पर ढाया कहर
महाराष्ट्र के इंदापुर में जमीन विवाद को लेकर 65 वर्षीय बुजुर्ग के साथ सड़क पर मारपीट का मामला सामने आया है. आरोप है कि तुकाराम राउत के दोनों बेटों ने उन्हें घेरकर लकड़ी के डंडे से पीटा. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने दोनों बेटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस जमीन की बिक्री और विवाद की वजह की जांच कर रही है.
BCCI की हाई पावर मीटिंग में रोहित शर्मा पर बड़ा फैसला!
भारतीय क्रिकेट में गुरुवार को होने वाली बीसीसीआई की हाई पावर बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं. बैठक में टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी. सबसे बड़ा सवाल रोहित शर्मा के 2027 वनडे विश्व कप भविष्य को लेकर है. इसके अलावा अजित अगरकर और वीवीएस लक्ष्मण की भूमिका, न्यूजीलैंड दौरे की तैयारी, खिलाड़ियों के चयन और टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर भी मंथन संभव है.
रामलला की ओर कोर्ट में लड़ी कानूनी लड़ाई, अब ट्रस्टी बने मदन मोहन पांडेय
रामलला की ओर से राम जन्मभूमि मामले में लंबे समय तक पैरवी करने वाले मदन मोहन पांडेय अब राम मंदिर ट्रस्ट का हिस्सा हैं. जानिए अदालत की लड़ाई से ट्रस्ट तक पहुंचने वाले मदन मोहन के बारे में.
छोटा राजन गैंग के नाम पर ₹11 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप
मुंबई के बांद्रा में बिल्डर से ₹11 करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में महिला समेत 5 लोग गिरफ्तार हुए हैं. आरोपियों ने हत्या और रेप के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी. पढ़ें पूरी कहानी.
36 पारियों से नहीं जड़ा शतक, इंग्लैंड में बाबर का बुरा हाल
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज में बाबर आजम के बल्ले से पाक क्रिकेट फैन्स को बड़े रनों की उम्मीद थी. लेकिन बाबर आजम दोनों ही मैचों में बुरी तरह फ्लॉप रहे.
पहले माननी होंगी ये 13 शर्तें, तभी होगी बातचीत; शहबाज-मुनीर को PoK कमेटी का सख्त अल्टीमेटम
जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी कार्रवाई समिति ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नई प्रशासनिक व्यवस्था के साथ कोई भी बातचीत शुरू करने से पहले 13 तत्काल शर्तें रखी हैं। समिति के कोर कमेटी सदस्यों ने ये मांगें जारी की हैं।
सब्जियों वाले पुलाव से हैं बोर? बनाएं शाही ‘काजू मोती पुलाव’
Kaju Moti Pulao Recipe: रोज के दाल-चावल और सब्जियों वाले पुलाव से हो गए हैं बोर? अगर हां, तो आप इस बार आप शेफ संजीव कपूर का काजू मोती पुलाव रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. इसमें काजू-पनीर से तैयार होने वाले छोटी-छोटी मोती डाले जाते हैं, जो इसे शाही ट्विस्ट देते हैं.
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की 'डिनर डिप्लोमेसी', घर पर जुटे CM और मंत्री
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को अपने आवास पर रात्रिभोज का आयोजन किया है. इस रात्रिभोज में कई राज्यों के मुख्यमंत्री, जल शक्ति मंत्री, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल होने वाले हैं.
नेपाल ने चीन-अमेरिका, भारत से मांगा हर्जाना, UN जाएंगे बालेन शाह
नेपाल ने बागमती प्रदेश में आई भीषण बाढ़ के लिए चीन, भारत और अमेरिका को जलवायु मुआवजे की मांग की है. प्रधानमंत्री बालेन शाह यूएन महासभा में इस मुद्दे को उठाने के लिए न्यूयॉर्क जाने की तैयारी कर रहे हैं.
कौशांबी पटाखा ब्लास्ट: एक ही परिवार के 4 मासूमों की हुई मौत
कौशांबी की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने एक परिवार से चार मासूम बच्चों को छीन लिया. मंगलवार शाम शव गांव पहुंचे तो पिता गया प्रसाद साहू बेसुध हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया. सड़क जाम के बाद पहुंचे डीएसपी सत्येंद्र तिवारी ने उन्हें गले लगाकर संभाला और प्रशासन के साथ का भरोसा दिया. बुधवार को परिवार को 32 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक मिला.
'मैं इस जिम्मेदारी को...', राम मंदिर ट्रस्ट के CEO बनने पर क्या बोले जितेंद्र मिश्र?
भारतीय वायु सेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला सीईओ नियुक्त किया गया है. वे वेस्टर्न एयर कमांड के पूर्व प्रमुख रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के हीरो रहे पूर्व वायु सेना के अधिकारी अब मंदिर के प्रशासनिक-वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे. राम मंदिर CEO बनने पर क्या बोले जितेंद्र मिश्र? देखिए Video.
मदद नहीं मुआवजा चाहिए, भारत सहित 3 देशों से खफा नेपाल!
नेपाल तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी तबाही में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 4000 लोगों के लापता होने की खबर है। इसी बीच नेपाल ने अपनी अंतरराष्ट्रीय रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। नेपाल सरकार ने मानवीय सहायता मांगने के बजाय शीर्ष उत्सर्जक देशों से जलवायु मुआवजे की मांग करने का बड़ा कूटनीतिक रुख अपनाया है। द काठमांडू पोस्ट को दिए गए इंटरव्यू में नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने साफ किया है कि नेपाल वैश्विक ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में नगण्य योगदान देने के बावजूद दूसरों की ओर से पैदा किए गए जलवायु संकट की सबसे भारी कीमत चुका रहा है। नेपाली विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा, चीन दुनिया का सबसे बड़ा उत्सर्जक है। उसके बाद अमेरिका दूसरे और भारत तीसरे नंबर पर है। इन प्रमुख औद्योगिक देशों की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है कि वे नेपाल जैसे संवेदनशील देशों को मुआवजा दें। उन्होंने कहा नेपाल दान या भीख नहीं मांग रहा बल्कि कानून और नैतिक जवाबदेही मांग रहा है। नेपाल के वित्त मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को जलवायु मुआवजा दावा पत्र जारी कर दिया है। इसे भी पढ़ें: बाढ़ प्रभावित Nepal में राहत कार्य: Drone की मदद से दुर्गम इलाकों से पहुंचाए गए शव विदेश मंत्री खनाल ने आपदा की भयावहता का जिक्र करते हुए इसे पारंपरिक बाढ़ से अलग बताया। उन्होंने कहा कि 26 अगस्त को भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में आई लहरें 20 से 30 मीटर ऊंची थी और पानी का बहाव 180 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हिमालय ग्लेशियर पिघलते हैं तो गंगा और त्रिशुली जैसी नदियों पर निर्भर दक्षिण एशिया के 2 अरब से ज्यादा लोगों का जल सुरक्षा तंत्र हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगा। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार नेपाल ने इस त्रासदी से उभरने और पुनर्निर्माण के लिए $5 अरब डॉलर के नुकसान का आकलन किया है और संयुक्त राष्ट्र के क्लाइमेट डिजास्टर रिकवरी फंड से तुरंत वित्तीय सहायता मांगी है। नेपाल के कृषि वन और पर्यावरण मंत्रालय में जलवायु परिवर्तन प्रमुख महेश्वर ढकाल ने कहा कि इंसानों की वजह से हो रहे जलवायु परिवर्तन ने इस आपदा के लिए जिम्मेदार हालातों को और ज्यादा गंभीर बनाने में भूमिका निभाई है। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood Crisis: हिम्मत और संकल्प से लड़ेंगे, PM Balen Shah ने संसद में बताया Rescue Operation का पूरा प्लान उन्होंने कहा कि नेपाल जैसे कमजोर देशों को जलवायु परिवर्तन का अनुपात से कहीं ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। जबकि वैश्विक स्तर पर ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में उनका योगदान काफी कम है। लगभग ना के बराबर है। नेपाल सरकार की ओरसे जलवायु आपदा रिकवरी फंड के बोर्ड को भेजे गए पत्र के हवाले से ढकाल ने कहा कि जिन लोगों का योगदान सबसे कम रहा है, वही सबसे ज्यादा पीड़ित हो रहे हैं। इस भीषण आपदा के बाद नेपाल में अब तक 987 और तिब्बत में 16 मौतों को कुल मिलाकर 103 लोगों की जान जा चुकी है। नेपाल और तिब्बत का मिलाकर लगभग 4,000 लोग लापता हैं। 10,000 से ज्यादा लोगों को एयरलिफ्ट या फिर रेस्क्यू करके बचाया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार 158 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
प्रकृति की विभीषिका जब अपने चरम पर होती है, तब इंसान की बहादुरी और जज्बा ही उम्मीद की इकलौती किरण बनकर उभरता है। पड़ोसी देश नेपाल इन दिनों एक भीषण प्राकृतिक आपदा के दौर से गुजर रहा है, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते आई विनाशकारी बाढ़ और जानलेवा भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने तबाही का एक नया इतिहास लिख दिया है। देश के कई सुदूर और पहाड़ी इलाके पूरी तरह से दुनिया के बाकी हिस्सों से कट चुके हैं, और हर तरफ से सिर्फ तबाही और बर्बादी की डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं। ऐसे बेहद संकटपूर्ण और जानलेवा माहौल में मानवीय सेवा और अदम्य साहस की एक ऐसी दास्तां सामने आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर कैप्टन प्रिया अधिकारी ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मौत के मुहाने पर खड़े लोगों के लिए देवदूत का काम किया है। उन्होंने मात्र एक हफ्ते से भी कम यानी महज छह दिनों के भीतर रिकॉर्ड 100 से अधिक जोखिम भरे बचाव (रेस्क्यू) मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम देकर अनगिनत बेसहारा लोगों की जिंदगियां बचाई हैं। उनके इस असाधारण और साहसिक कार्य ने यह साबित कर दिया है कि जब इरादे मजबूत हों, तो कोई भी प्राकृतिक आपदा और दुर्गम परिस्थिति इंसान के हौसले को नहीं डिगा सकती।2015 के भूकंप से भी कहीं अधिक खतरनाक और चुनौतीपूर्ण था यह रेस्क्यू ऑपरेशनयह पूरा राहत और बचाव अभियान कितना भयावह और चुनौतीपूर्ण था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद कैप्टन प्रिया अधिकारी ने अपने पूरे करियर का इसे सबसे कठिन अनुभव बताया है। सीएनएन (CNN) को दिए गए अपने साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस बार की आपदा से निपटना और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना साल 2015 में आए उस विनाशकारी नेपाल भूकंप से भी कहीं अधिक कठिन और जानलेवा साबित हुआ, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस बार की तबाही का एक बहुत बड़ा हिस्सा एक बेहद संकरी और गहरी घाटी के भीतर केंद्रित था, जहां हेलीकॉप्टर को उतारना और वहां तक पहुंच बनाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। हर सेकंड बदलता मौसम, तेज हवाएं, और आसमान में मंडराता मौत का खतरा, इन सब के बीच उड़ान भरना सामान्य पायलटों के बस की बात नहीं थी। लेकिन प्रिया अधिकारी ने अपनी अद्भुत विमानन कला और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस असंभव प्रतीत होने वाले कार्य को संभव कर दिखाया। उन्होंने रसुवा जिले के बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित और दुर्गम तिमुरे इलाके सहित कई ऐसे संकरे और खतरनाक स्थानों पर अपने हेलीकॉप्टर को उतारा, जहां जाने से बड़े-बड़े अनुभवी पायलट भी कतरा रहे थे। उनके इस जांबाज अंदाज ने हर किसी को हैरान कर दिया है और उनकी पेशेवर दक्षता का लोहा मानने पर मजबूर कर दिया है।कौन हैं कैप्टन प्रिया अधिकारी? केबिन क्रू से लेकर हिमालय की आसमान तक का सफर41 वर्षीय कैप्टन प्रिया अधिकारी की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे उनका लंबा संघर्ष, कड़ी मेहनत और कभी हार न मानने वाला जज्बा छिपा है। वह हिमालयी क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ एक बेहद अनुभवी हाई-एल्टीट्यूड हेलीकॉप्टर पायलट हैं, जिन्होंने पिछले कई सालों से दुर्गम पहाड़ों पर सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशंस को सफलतापूर्वक चलाया है। उनके अब तक के करियर में कई ऐसे मिशन शामिल रहे हैं जहां उन्हें बेहद अधिक ऊंचाई पर जाकर फंसे हुए या घायल पर्वतारोहियों की जान बचानी पड़ी है, और कई बार तो उन्हें लगभग 6,200 मीटर की ऊंचाई तक अपने विमान को लेकर जाना पड़ा है। हालांकि, उनका यह एविएशन का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई एनवायरनमेंटल साइंस यानी पर्यावरण विज्ञान में पूरी की थी और अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने एयरलाइंस में केबिन क्रू के तौर पर काम किया था। एक दिन हेलीकॉप्टर की एक साधारण सी जॉयराइड ने उनके भीतर आसमान में उड़ने और पायलट बनने की गहरी दिलचस्पी जगाई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी कमर्शियल हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग पूरी करने के लिए फिलीपींस गईं। वहां अपने जरूरी फ्लाइंग घंटे पूरे करने के बाद वह साल 2017 में एक फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बनीं और धीरे-धीरे अपनी कड़ी मेहनत के बल पर हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन में महारत हासिल कर ली। आज वह न केवल नेपाल की बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बन चुकी हैं।मुश्किल इलाके और कीचड़ भरी जमीन: कैसे चलाए गए ये जोखिम भरे अभियान?वर्तमान में चल रहे इस व्यापक बचाव अभियान का दायरा और आकार बहुत बड़ा रहा है, जिसमें तिमुरे और उसके आसपास के इलाकों से लोगों को निकालने के लिए लगभग 20 हेलीकॉप्टरों को एक साथ लगाया गया था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि कई बार एक ही बेहद छोटे और संकरे इलाके में एक साथ कई विमानों को ऑपरेशन चलाना पड़ता था। कैप्टन प्रिया अधिकारी ने मीडिया से साझा करते हुए बताया कि बचे हुए और फंसे हुए लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कई बार पांच से छह हेलीकॉप्टरों को लगभग एक ही समय पर एक साथ जमीन पर उतारना पड़ता था। ऐसे समय में हवा में किसी भी तरह के भीषण हादसे या विमानों के आपसी टकराव से बचने के लिए सभी पायलट लगातार रेडियो के जरिए आपस में एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे और पल-पल की गतिविधियों का तालमेल बिठाते थे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी सही दिशा में काम कर रहे हैं। इसके अलावा, वहां का भौगोलिक इलाका भी पायलटों के लिए एक बहुत बड़ा और अदृश्य खतरा पैदा कर रहा था। अचानक आई भीषण बाढ़ और लगातार हो रहे भूस्खलन (मडस्लाइड) की वजह से प्रभावित क्षेत्रों के कई हिस्सों में दलदली और अस्थिर कीचड़ की बहुत मोटी परतें जमा हो गई थीं। ऊपर आसमान से हवा में देखने पर वह जमीन बिल्कुल ठोस और सुरक्षित लगती थी, लेकिन पायलट कभी भी यह सटीक अंदाजा नहीं लगा पाते थे कि वह जमीन भारी-भरकम हेलीकॉप्टर के वजन को संभाल पाएगी या नहीं। इन तमाम अनिश्चितताओं और जानलेवा खतरों के बावजूद कैप्टन प्रिया अधिकारी और उनकी पूरी टीम ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया है, वह इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है।
पंजाब की जेलों में नशे का चौंकाने वाला आंकड़ा, विपक्ष ने पूछे सवाल
पंजाब की जेलों में 44.5% कैदी Opioid Addiction Treatment के लिए OOAT क्लीनिक में रजिस्टर्ड हैं. हाईकोर्ट में सरकार के हलफनामे के बाद AAP सरकार पर विपक्ष ने सवाल उठाए. पढ़ें पूरी कहानी.
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चली आ रही जल कूटनीति में एक नया और बेहद नाटकीय मोड़ आ गया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। भारत द्वारा सिंधु जल संधि (IWT) पर हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल के फैसले को सिरे से खारिज करने और उसकी पूरी वैधता को कड़े शब्दों में नकारे जाने के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान के सुर पूरी तरह बदल गए हैं। कभी आक्रामक तेवर दिखाने वाला पाकिस्तान अब कूटनीतिक मोर्चे पर बैकफुट पर आ गया है और उसने भारत से 1960 के ऐतिहासिक जल-बंटवारे समझौते के दायरे में लौटकर 'रचनात्मक' और सकारात्मक बातचीत करने की गिड़गिड़ाते हुए अपील की है। भारत के इस सख्त और अडिग रुख ने यह साबित कर दिया है कि राष्ट्रीय हितों से जुड़े मामलों में नई दिल्ली किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है, जिसके चलते पाकिस्तान को अपनी रणनीतिक विफलताओं के बीच अब कूटनीति का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।भारत द्वारा ट्रिब्यूनल का फैसला खारिज करने के बाद डरा पाकिस्तानसोमवार को भारत ने सिंधु जल संधि (IWT) से जुड़े मामलों पर हेग स्थित परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन यानी इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल के फैसले को मानने से साफ इनकार कर दिया था और उसकी पूरी प्रक्रिया की वैधता पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। भारत के इस कड़े और निर्णायक रुख के बाद से ही इस्लामाबाद में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई थी, जिसके परिणामस्वरुप बुधवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को आधिकारिक रूप से सामने आकर बयान देना पड़ा। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने मीडिया के सामने यह स्वीकार किया कि परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने यह दावा किया है कि संधि अभी भी लागू है और इसके प्रावधान दोनों देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी हैं। हालांकि, वास्तविकता यह है कि भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह के एकतरफा और पक्षपातपूर्ण फैसलों का नई दिल्ली के लिए कोई कानूनी वजूद नहीं है। भारत के इसी सख्त रवैये से घबराए पाकिस्तान ने अब यह राग अलापना शुरू कर दिया है कि वह संधि के नियमों का पालन कराने के लिए हर संभव कूटनीतिक उपाय करेगा।पाकिस्तान की दलीलें और संधि को बचाने की नाकाम कोशिशपाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने अपनी सफाई देते हुए यह रट लगाई कि उनका देश सिंधु जल समझौते की मूल भाषा और उसके तमाम प्रावधानों के अनुसार इसे पूरी तरह और सही भावना के साथ लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अपनी कूटनीतिक कमजोरी को छिपाते हुए उन्होंने भारत से भी इसी तरह का सकारात्मक रवैया अपनाने की गुहार लगाई ताकि संधि का पालन उसके कानूनी प्रावधानों के तहत हो सके। गौरतलब है कि भारत द्वारा इस संधि को स्थगित करने के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने मार्च 2026 में हेग स्थित परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का दरवाजा खटखटाया था और वहां गुहार लगाई थी कि वह इस संधि की मौजूदा स्थिति पर जल्द से जल्द कोई फैसला सुनाए। पाकिस्तान की यह पूरी कवायद केवल इसलिए थी ताकि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल करके भारत पर दबाव बना सके, लेकिन भारत सरकार ने ट्रिब्यूनल के इस अधिकार क्षेत्र को ही खारिज करके पाकिस्तान की तमाम चालों को एक झटके में नाकाम कर दिया। भारत की इस रणनीतिक और कूटनीतिक बढ़त के आगे पाकिस्तान के सभी प्रयास अब पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सिंधु जल समझौते का भविष्य और भारत की बढ़ती रणनीतिक बढ़तवर्ष 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच हुए सिंधु जल समझौते को लेकर भारत का यह कड़ा रुख आने वाले समय में दक्षिण एशिया की राजनीति और कूटनीति की दिशा तय करने वाला साबित हो रहा है। भारत ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि आतंकवाद और कूटनीतिक बातचीत एक साथ नहीं चल सकतीं, और जब तक पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता, तब तक पानी और अमन की धारा एक साथ नहीं बह सकती। हेग ट्रिब्यूनल के फैसलों को दरकिनार करके भारत ने यह संदेश दे दिया है कि देश के जल संसाधन प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी बाहरी या अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान की ओर से की जा रही बातचीत की यह गुहार इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वह आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चे पर कितनी बुरी तरह फंस चुका है। देश और दुनिया की हर छोटी-बड़ी और पल-पल की ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ से अपने पाठकों को अपडेट रखने के लिए जागरण की टीम लगातार समर्पित भाव से जुटी हुई है ताकि हर एक सटीक खबर सबसे पहले आप तक पहुंचाई जा सके।
फंदे पर लटके मिले पति-पत्नी, दो साल पहले की थी लव मैरिज
सोनीपत के कबीरपुर में प्रेम विवाह करने वाले पति-पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. ऋतिक और सिमरन ने 2024 में प्रेम विवाह किया था और किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहे थे. आत्महत्या की वजह अभी सामने नहीं आई है. सुबह भाई से दुकान को लेकर बात हुई थी, लेकिन बाद में फोन नहीं उठाने पर परिजन घर पहुंचे.
भारत-UAE की 100 बिलियन डॉलर की यारी, सकपकाया चीन
एक तरफ दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था यानी हमारा भारत है तो दूसरी तरफ खाड़ी देशों का चमकता सितारा तकनीक और व्यापार का ग्लोबल हब यानी कि यूनाइटेड अरब अमीरात यानी कि यूएई। जब यह दो शक्तियां हाथ मिलाती है तो इतिहास नहीं रचा जाता है बल्कि भविष्य लिखा जाता है। ऐसे में आज भारत और यूएई की ताकत का आलम यह है कि दुनिया के बड़े-बड़े विकसित देश इस दोस्ती की मिसाल दे रहे हैं और इस दोस्ती ने अब एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है जो अकल्पनीय है। 100 बिलियन डॉलर का द्विपक्षी व्यापार। यह केवल पैसा नहीं है। यह दो संस्कृतियों का भरोसा है। यह भारत की एक्ट, वेस्ट पॉलिसी और यूएई के विज़न 2031 का सबसे बड़ा प्रमाण है। दरअसल इस महासफलता की कहानी शुरू होती है साल 2022 में। जब पूरी दुनिया महामारी के असर से जूझ रही थी तब भारत और यूएई ने सीईपीए पर हस्ताक्षर कर दिए। दोनों ने साथ में हस्ताक्षर किए और यह यूएई द्वारा किसी भी देश के साथ किया गया पहला द्विपक्षी व्यापार समझौता था। इसे भी पढ़ें: NAM Summit Belgrade में Kiren Rijiju का कूटनीतिक मिशन, Saudi Arabia और Serbia के साथ संबंधों पर विशेष चर्चा साल 2022 याद रखिए यूएई ने भारत को चुना। यह भारत की वैश्विक साख का प्रतीक है। प्रमाण है। उस समय व्यापार लगभग 60 बिलियन डॉलर पर था। लेकिन आज साल 2026 में हम बैठे हैं और साल 2026 के वित्तीय वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा 100 बिलियन को पार कर जाएगा। अब इसका असर क्या हुआ? चलिए पॉइंट में हम समझते हैं। पहला असर है भारत के 80% सामानों पर सीमा शुल्क यानी ड्यूटी खत्म कर दी गई। दूसरा है भारतीय ज्वेलरी कपड़े और इंजीनियरिंग सामानों के लिए यूएई का बाजार पूरी तरह से खुल गया। अब तीसरा पॉइंट और भी इंटरेस्टिंग है। अगले 10 सालों में लगभग सभी टेरिफ हटने वाले हैं। यह आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। और चौथा है अब लक्ष्य है साल 2032 तक 200 बिलियन डॉलर का व्यापार। यानी कि भारत और यूएई मिलकर एक ऐसी ट्रेड इकॉनमी बना रहे हैं जो कई यूरोपीय देशों की कुल जीडीपी से भी बड़ी होगी। अब दोस्ती सिर्फ व्यापार में नहीं दिखती है। निवेश में भी दिखती है। यूएई आज भारत में निवेश करने वाला सातवां सबसे बड़ा देश बन चुका है। अप्रैल 2000 से अब तक यानी साल 2026 तक यूएई ने भारत में 25.59 बिलियन का सीधा निवेश जिसे हम एफडीआई कहते हैं वो किया है। लेकिन असली तेजी पिछले 4 से 5 सालों में आई है। इसे भी पढ़ें: सऊदी अरब के रेगिस्तान में भारत का तूफान, इजरायल भी हैरान! इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी आईएc ने अंबानी ग्रुप के साथ मिलकर 11.5 बिलियन का एलुमिनियम प्रोजेक्ट शुरू किया है और यह भारत की औद्योगिक ताकत को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। Reliance और मुबादला। जी हां, अबू धाबी की मुबादला कंपनी ने Reliance Industries के साथ डिजिटल प्लेटफार्म में भारी निवेश किया है। डीपी वर्ल्ड कंपनी भारत के बंदरगाहों यानी कि पोर्ट्स और लॉजिस्टिक में पहले ही $3 बिलियन लगा चुकी थी और अब $5 बिलियन का और निवेश करने का संकल्प लिया है।
धरती के बेस्ट कपल हैं इन राशियों के लोग! एक दूसरे के बिना बिल्कुल अधूरे
ज्योतिषविद कुछ राशियों की जोड़ी को बहुत अच्छा मानते हैं. उनका कहना है कि अगर राशियों के आधार पर जोड़ी बनाकर लव लाइफ या शादी-विवाह के मामलों को आगे बढ़ाया जाए, तो लोगों को आगे चलकर बहुत अच्छे परिणाम मिलते हैं.
कभी ट्रेन में गाए भजन, 'हनुमान अंश' के नेत्रहीन सिंगर को मिला सम्मान
‘हनुमान अंश’ फिल्म के नेत्रहीन सिंगर सुनील लोधी अब किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. कभी ट्रेन में गाना गाने वाला ये सिंगर अब बड़ा स्टार बन चुका है.
ICC ने श्रीलंका से छिना हक, चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा भारत
आईसीसी ने पहली बार आयोजित होने वाली विमेन्स चैम्पियंस ट्रॉफी 2027 की मेजबानी भारत को सौंप दी है. टूर्नामेंट की तारीखों और वेन्यू का ऐलान भी कर दिया गया है.
बिना परमिट भारत के इन 4 सुंदर जगहों पर भारतीयों की भी नो-एंट्री
विदेश जाने के लिए वीजा तो आपने सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के 4 राज्यों में घूमने के लिए भारतीय नागरिकों को 'इनर लाइन परमिट' (ILP) की जरूरत होती है? जानिए क्यों लागू है यह नियम और इसके लिए कैसे आवेदन करें.
भूल जाएंगे CRETA-SIERRA, हुंडई ला रही नई SUV, CNG पर चलेगी
हुंडई भारतीय बाजार में एक नई कार लॉन्च करने वाली है. इस कार को लेकर कंपनी की तैयारियां तेज है. ब्रांड आने वाले दिनों में इसकी डिटेल्स रिवील कर सकता है. फिलहाल कार को टेस्टिंग के दौरान देखा गया है. ये कार दमदार फीचर्स के साथ क्रेटा वाले सेगमेंट में आएगी. कंपनी का टार्गेट कम कीमत में एक मिडसाइज एसयूवी ऑफर करने का है.
KBC 18: करीना को क्या बुलाएंगे अमिताभ? सवाल सुन सैफ के छूटे पसीने
अक्षय कुमार और सैफ अली खान अपनी आगामी फिल्म 'हैवान' के प्रमोशन के लिए 'कौन बनेगा करोड़पति 18' के सेट पर पहुंचे. दोनों सितारों ने अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत की और फिल्म से जुड़े मजेदार किस्से शेयर किए.
टाइगर हिल के हीरो अब संभालेंगे राम मंदिर की कमान
पाकिस्तान के खिलाफ जंग में अहम भूमिका निभा चुके पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र अब राम मंदिर की व्यवस्था संभालेंगे. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उन्हें पहला पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त किया है. भारतीय वायुसेना में लंबा अनुभव रखने वाले मिश्र ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. अब उनके सैन्य अनुशासन और प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल राम मंदिर के प्रशासन, सुरक्षा, वित्तीय व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा.
हैदराबाद में AIMIM कार्यकर्ता की हत्या के पीछे काले जादू के शक!
हैदराबाद के वट्टेपल्ली में AIMIM कार्यकर्ता मोहम्मद महबूब अली की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. अब पुलिस इस मामले में काले जादू के शक से जुड़ी पुरानी पारिवारिक रंजिश समेत कई एंगल को लेकर जांच कर रही है. पढ़े पूरी कहानी.
राम मंदिर CEO बनकर भावुक हुए जितेंद्र मिश्र, बोले- इतिहास से सीखूंगा
CEO बनने पर एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रभावुक नजर आए. CEO का दायित्व संभालने पर जितेंद्र मिश्र ने चयन समिति,राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान श्री राम का आभार जताया है.
कल या परसों, जन्माष्टमी कब? ज्योतिषविद ने पंचांग देखकर बताई सही तिथि
ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र के अनुसार, 4 सितंबर की रात 11:57 बजे से 5 सितंबर की रात 12:43 बजे तक भादो कृष्ण अष्टमी तिथि रहेगी. चूंकि जन्माष्टमी भादो कृष्ण अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र और मध्य रात्रि के संयोग में मनाई जाती है. इसलिए इस बार जन्माष्टमी का पर्व 4 सिंबर को ही मनाया जाएगा.
माता-पिता मोटे हैं तो आपको भी होगी ये बीमारी? कब है खतरा
भारत में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर बच्चों में ये ज्यादा देखी जा रही है. लेकिन क्या माता-पिता से भी ये बीमारी बच्चों में आती है? इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला CEO, जानें कौन हैं जितेंद्र मिश्र?
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को अपना पहला सीईओ नियुक्त किया है. अब वे राम मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे. 5500 से अधिक आवेदनों के बाद तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल तैयार किया था. भारतीय वायुसेना में लंबा अनुभव रखने वाले मिश्र ने पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व भी किया है. ट्रस्ट को उनसे पेशेवर और पारदर्शी व्यवस्था मजबूत करने की उम्मीद है.
बिना खर्च जन्माष्टमी पर ऐसे सजाएं घर, कान्हा जी हो जाएंगे खुश!
Janmashtami 2026 Decoration Ideas: जन्माष्टमी पर कान्हा जी के स्वागत के लिए घर को खूबसूरत और फेस्टिव लुक देना है तो आपको महंगे डेकोरेशन आइटम खरीदने की जरूरत नहीं है. फूल, मोरपंख, तोरण, फेयरी लाइट्स और घर में मौजूद सजावटी सामान की मदद से आप पूजा की जगह या घर के किसी छोटे से कोने को बेहद खूबसूरत बना सकते हैं. जानिए जन्माष्टमी पर कम खर्च में कान्हा जी के लिए सुंदर पूजा कॉर्नर और घर सजाने के आसान डेकोरेशन आइडिया.
'क्या मैं आपकी कार में चल सकता हूं', राम मंदिर के नए CEO और PM की वो बातचीत!
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (रि.) अपने करियर की दूसरी पारी शुरू कर रहे हैं. जंग के आसमान में पाकिस्तान को तगड़ी चोट देने वाले जितेंद्र मिश्र अब राम मंदिर ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) होंगे. कुछ दिन पहले उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की कहानी साझा की थी.
राम मंदिर के CEO बने रि. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, OP सिंदूर में निभाई थी खास भूमिका
भारतीय वायु सेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला सीईओ नियुक्त किया गया है. वे वेस्टर्न एयर कमांड के पूर्व प्रमुख रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के हीरो रहे पूर्व वायु सेना के अधिकारी अब राम मंदिर के प्रशासनिक-वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे.
4 करोड़ का चेक, खाते में 10 हजार नहीं, राम मंदिर ट्रस्ट हैरान
श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट को एक दानदाता ने सार्वजनिक रूप से 4 करोड़ और 10 हजार रुपये के दो चेक दिए. बैंक में चेक भेजे जाने पर पता चला कि दानदाता के खाते में बेहद कम रकम थी. यहां तक कि 10 हजार रुपये के चेक के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं था. ट्रस्ट फिलहाल मामले में FIR कराने के पक्ष में नहीं है.
राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव, गोविंद गिरि को चंपत राय वाली जिम्मेदारियां
राम मंदिर ट्रस्ट की नई टीम में कौन-कौन शामिल हुआ? पहली बार CEO की जिम्मेदारी किसे मिली और चढ़ावे की गिनती को लेकर क्या बड़ा फैसला हुआ? जानिए बैठक के सभी अहम फैसले.
बड़े काम की है दालचीनी, जायफल मिलाकर बनाएं 100% नेचुरल रूम फ्रेशनर
मॉनसून में कपड़ों की सीलन और हवा की नमी के कारण घर में अजीब सी बदबू आने लगती है. बाजार के केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचने के लिए आप रसोई में मौजूद दो मसालों को पानी में उबालकर 100% नेचुरल रूम फ्रेशनर बना सकते हैं. यह नुस्खा घर को तुरंत ताजगी और आरामदायक माहौल देता है. आइए आपको इसे बनाने का तरीका बताते हैं.
बलिया: नन्हीं रागिनी के आंसुओं के आगे झुका प्रशासन, घर पहुंचे DM
बलिया में एक पैर से 400 मीटर कूदकर स्कूल जाने वाली 7 साल की मासूम रागिनी का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मदद का हाथ बढ़ाया है. बुधवार को डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने उसके घर पहुंचकर दो ट्राईसाइकिल, किताबें, खिलौने और चॉकलेट दिए.
SBI कस्टमर्स के लिए चेतावनी, इस दिन बंद रहेगा UPI, नहीं होगा लेनदेन
एसबीआई ने अपने ग्राहकों को जानकारी दी है कि कुछ देर के लिए यूपीआई की सर्विस बंद रहने वाली है. ऐसे में अगर आप कोई ट्रांजेक्शन करना चाहते हैं तो इसके बंद रहने से पहले ही कर लें, वरना आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
VIDEO: वैन में भरकर शव ले जा रही पुलिस, नेपाल बाढ़ के बाद तबाही का दिखा खौफनाक निशान
नेपाल में आई भयानक बाढ़ में इतने सारे लोग बह गए कि नेपाल के एक जिले में अधिकारियों ने पहचान होने से पहले ही शवों को दफनाना शुरू कर दिया है। बता दें कि, बाढ़ के केंद्र से भोटेकोशी नदी इन शवों को सैकड़ों किलोमीटर दूर बहाकर ले आई थी, जिसके बाद चितवन में इन्हें बरामद किया गया
यूक्रेन पर और हमले...ईरान को खुला समर्थन; यूरोप-अमेरिका के दबाव को पुतिन ने दिखाया ठेंगा
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर और अधिक हमले करने तथा अमेरिका के खिलाफ चल रहे संघर्ष में ईरान को अपना समर्थन जारी रखने की बात कही है।
देवर संग प्यार, प्रॉपर्टी पर नजर... पति का मर्डर करके बोली- सुसाइड किया
बुलंदशहर में पत्नी और देवर ने कथित प्रेम संबंध और संपत्ति के लालच में सुमित की गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद शव को फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की. पोस्टमार्टम में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई तो पुलिस ने जांच शुरू की. कॉल रिकॉर्डिंग और पूछताछ के बाद पत्नी काजल और देवर उमेश गिरफ्तार हुए.
पाकिस्तान में 5वीं बार सेना के जनरल ने 'तख्तापलट' कर दिया है। फर्क बस इतना है कि इस बार ये टैकों के जरिए नहीं, संसद के रास्ते हुआ है। नए कानून से फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पाकिस्तान के सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं। इससे जुड़े 5 जरूरी सवालों के जवाब, आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: आसिम मुनीर को कौन-सी नई ताकतें मिल गई हैं?जवाब: नवंबर 2022 में आसिम मुनीर पाकिस्तान के 17वें आर्मी चीफ बने थे। उनका कार्यकाल खत्म होने से 6 महीने पहले, यानी मई 2025 में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च कर दिया। पाकिस्तान ने जीत का झूठा दावा किया और आसिम मुनीर को ‘हीरो’ बताया। इसके बाद आसिम मुनीर की ताकत बढ़ती चली गई… 20 मई 2025 को मुनीर फील्ड मार्शल बने। ये पाकिस्तानी सेना की सबसे ऊंची रैंक होती है। आम बोलचाल में इसे ‘फाइव स्टार जनरल’ कहते हैं। इससे पहले पाकिस्तान में सिर्फ जनरल अयूब खान इस रैंक तक पहुंचे थे। नवंबर 2025 को पाकिस्तानी संविधान के आर्टिकल 243 में 27वां संशोधन करके सेना में नया चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, CDF का पद बनाया गया। मुनीर देश के पहले CDF बने। वो 2030 तक इस पद पर रहेंगे। संशोधन के जरिए इसे बढ़ाया भी जा सकता है। 20 अगस्त 2026 को पाकिस्तानी संसद में 2 नए कानून पारित हुए, जिससे CDF को 5 बड़ी शक्तियां मिल गई हैं। डिफेंस फोर्सेज ऑफ पाकिस्तान एक्ट, 2026 के तहत 3 ताकतें… नेशनल कमांड अथॉरिटी एक्ट, 2026 के तहत 2 ताकतें… यानी आसिम मुनीर तीनों सेनाओं के प्रमुख हैं, न्यूक्लियर हथियारों से जुड़े फैसले लेने की भी ताकत है। सैन्य अफसरों से जुड़ा हर फैसला भी निर्णायक रूप से वही लेंगे और सबसे बड़ी बात- मुनीर पर कोई मुकदमा नहीं चल सकता। सवाल-2: मदरसे में पढ़े मुनीर पाकिस्तान के सबसे ताकतवर शख्स कैसे बन गए?जवाब: मुनीर के पिता सैयद सरवर मुनीर 1947 में पंजाब के जालंधर से पलायन कर पाकिस्तान पहुंचे थे। वो रावलपिंडी के मशहूर एफजी टेक्निकल स्कूल के हेडमास्टर बने। साथ ही मस्जिद में इमामत करते और इस्लामिक उपदेश देते। गहरे धार्मिक झुकाव वाले इस घर में 1968 में आसिम मुनीर का जन्म हुआ। पाकिस्तानी जर्नलिस्ट एजाज सैयद के मुताबिक, घर वाले चाहते थे कि आसिम कुरआन हिफ्ज करे। मुनीर सातवीं तक मदरसे में पढ़े और कुरआन रटी। फिर कुछ दिन एफजी टेक्निकल स्कूल पढ़ने गए। इसके बाद रावलपिंडी के सर सैयद कॉलेज गए, जहां से पूर्व आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा ने पढ़ाई की थी। क्रिकेट के शौकीन मुनीर कॉलेज के दिनों में तेज गेंदबाज थे। स्कूल के बाद मुनीर ने जापान के फूजी स्कूल, क्वेटा के कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और मलेशिया के आर्म्ड फोर्सेज कॉलेज से पढ़ाई की। उसके बाद इस्लामाबाद की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी और स्ट्रेटेजिक सिक्योरिटी मैनेजमेंट में मास्टर्स किया। 1986 में मिलिट्री करियर शुरू हुआ, सऊदी में दोबारा कुरआन रटी 25 अप्रैल 1986 को मुनीर को पाकिस्तान आर्मी में के फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में पहली तैनाती मिली। जब मुनीर लेफ्टिनेंट कर्नल बने, तो उन्हें सऊदी अरब में पाकिस्तानी दूतावास में तैनाती मिली। वहां मुनीर को महसूस हुआ कि वे कुरआन भूल रहे हैं। ऐसे में लगातार 3 साल वह छुट्टियों में घर नहीं गए और इस दौरान दोबारा कुरआन रटी। इसके बाद आसिम सियाचिन ग्लेशियर में भी रहे। आसिम का काफी वक्त पाकिस्तान के कब्जाए कश्मीर यानी PoK में भी गुजरा। फिर 2014 में मेजर जनरल, 2016 में पाकिस्तान के मिलिट्री इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जनरल और सितंबर 2018 में लेफ्टिनेंट जनरल की पोस्ट तक पहुंचे। सिर्फ 8 महीने ISI चीफ रहे मुनीर, पीएम इमरान से झगड़ा भारी पड़ा 25 अक्टूबर 2018 को मुनीर ISI के डीजी बने। 8 ही महीने बाद जून 2019 में उन्हें हटाकर लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को नया ISI डीजी बनाया गया। इसकी वजह थी- मुनीर का इमरान खान से झगड़ा। मुनीर ने इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के करप्शन के एक मामले को उजागर कर दिया था। इसलिए इमरान खान के कहने पर तब के आर्मी चीफ बाजवा ने मुनीर को ISI से बाहर का रास्ता दिखाया था। इमरान पीएम पद से हटाए गए, तो मुनीर नए आर्मी चीफ बने मुनीर नवंबर 2022 तक करीब एक साल क्वार्टरमास्टर जनरल रहे। ये भी ISI चीफ के मुकाबले काफी छोटा पद होता है। हालांकि 2022 की शुरुआत में इस्लामाबाद का सियासी माहौल बदलने लगा। 10 अप्रैल को इमरान अविश्वास प्रस्ताव लाकर पीएम पद से हटाए गए। अगले ही दिन नवाज शरीफ के गुट वाली मुस्लिम लीग के नेता और नवाज के छोटे भाई शहबाज शरीफ पीएम बन गए। मुनीर शहबाज के करीबी थे। माना जाता है कि इमरान को सत्ता से हटाने के हथकंडों में मुनीर ने अंदरखाने साथ दिया। मुनीर को भी इसका ‘रिटर्न गिफ्ट’ मिला। 29 नवंबर को बाजवा को हटाकर मुनीर को नया आर्मी चीफ बना दिया गया। मुनीर पहले आर्मी चीफ बने, जो पाकिस्तान की दोनों खुफिया एजेंसियों- ISI और मिलिट्री इंटेलिजेंस के चीफ रहे थे। अब मुनीर पहले ऐसे आर्मी चीफ हैं, जिनके पास एक साथ 3 पद हैं- आर्मी चीफ के अलावा फील्ड मार्शल का मिलिट्री ओहदा और नया नवेला सबसे ताकतवर पद- CDF। सवाल-3: आसिम मुनीर आखिर हासिल क्या करना चाहते हैं?जवाब: आसिम मुनीर खुद को ऐसे शासक के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं, जिसके लिए कोई खतरा या चुनौती न पैदा हो सके। मुनीर ने अपने लिए ये शील्ड 3 तरह से बनाई है…. 1. मुनीर के आगे बेबस मौजूदा सरकार 2. चुनाव के जरिए आसिम को हटाना मुश्किल 3. सरकार के जरिए कोर्ट पर भी सेना कंट्रोल सवाल-4: पाकिस्तान के पुराने सैन्य तानाशाहों के साथ क्या हुआ था?जवाब: पिछले सैन्य तानाशाहों ने इस्तीफा दिया, गिरफ्तार हुए या सबकुछ छोड़कर भागना पड़ा…. 1. जनरल अयूब खान: 27 अक्टूबर 1958 को राष्ट्रपति इस्कंदर मिर्जा का तख्तापलट किया। मिर्जा को इंग्लैंड भागना पड़ा और अयूब खुद राष्ट्रपति बने। 1965 की जंग में भारत से हार के बाद अयूब खान के बुरे दिन शुरू हो गए। मार्च 1969 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। 2. जनरल याह्या खान: जनरल याह्या खान मार्शल लॉ लगाकर राष्ट्रपति बने। 1971 में भारत-पाकिस्तान जंग में पाकिस्तान की हार हुई और बांग्लादेश का जन्म हुआ। भारी बेइज्जती के बाद दिसंबर 1971 में याह्या को इस्तीफा देना पड़ा। नई सरकार ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया। 1980 में उनकी गुमनाम मौत हुई। 3. जनरल जिया-उल-हक: सेना प्रमुख जिया ने साल 1977 में पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो का तख्तापलट किया। बाद में भुट्टो पर एक मर्डर केस चलाकर 1979 में उन्हें फांसी दे दी।जिया ने पाकिस्तान में सबसे लंबे समय तक राज किया। 17 अगस्त 1988 को एक प्लेन क्रैश में उनकी मौत हो गई। 4. जनरल परवेज मुशर्रफ: 12 अक्टूबर 1999 को मुशर्रफ, पीएम नवाज शरीफ का तख्तापलट कर राष्ट्रपति बन बैठे। नवाज को जेल में डाल दिया। बाद में वे सऊदी अरब भाग गए। मुशर्रफ के खिलाफ विरोध हुए, उन्होंने इमरजेंसी भी लगाई, आखिरकार अगस्त 2008 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। वे दुबई और फिर लंदन भाग गए। 2019 में उन्हें देशद्रोह के मामले में फांसी की सजा मिली। फरवरी 2023 में दुबई में उनकी मौत हो गई। सवाल-5: क्या मुनीर की सत्ता कायम होने से भारत को कोई खतरा है?जवाब: मुनीर का रुख पूरी तरह एंटी इंडिया है… 7 अगस्त 2026 को पाकिस्तान, सऊदी और तुर्किये में एक डिफेंस डील हुई। इसके तहत किसी एक देश पर हमला, तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। पाकिस्तान को इस पैक्ट का पहला जनरल सेक्रेटरी जनरल बनाया गया है। ताकतें बढ़ने से आसिम मुनीर को अपने एंटी इंडिया एजेंडे पर काम करना आसान हो जाएगा। ये भारत के लिए चिंता का सबब हो सकता है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:पाकिस्तान पर हमला हुआ तो लड़ने आएंगे सऊदी-तुर्किये, आखिर क्या है मक्का एग्रीमेंट; भारत कैसे काउंटर करेगा पाकिस्तान पर हमला हुआ, तो सऊदी और तुर्किये भी साथ लड़ने आएंगे। 7 अगस्त 2026 को मक्का में तीनों देशों में बीच एक खास रक्षा समझौता हुआ है। अब किसी एक पर हमला, तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
मुस्लिम NATO की पहली मीटिंग में ऐसा ऐलान, बुरे फंसे नेतन्याहू!
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पहली रणनीतिक बैठक सोमवार को इस्तांबुल में हुई। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के साथ सैन्य प्रमुख भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस, रक्षा सहयोग, सैन्य समन्वय और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना रहा। इसी दौरान तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने इजराइल और प्रधानमंत्री बेंजमीन नेतन्याहू पर बेहद तीखा हमला बोला। फिदान ने न नेतन्याहू को वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कहा कि नेतन्याहू और उनकी विचारधारा से जुड़ी ताकतें सिर्फ तुर्की के लिए ही नहीं बल्कि पूरी क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि इसे केवल तुर्की की समस्या मानना बड़ी गलती होगी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को नेतन्याहू के खतरे के खिलाफ कारवाई करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का 'पूरा नियंत्रण', ईरान की अर्थव्यवस्था तबाह, Donald Trump का बड़ा दावा फिदान ने यह भी आरोप लगाया कि नेतन्याहू की नीतियां क्षेत्र इजराइल यहूदी समुदाय और पूरी दुनिया के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना और क्षेत्र में चल रहे कब्जे को खत्म करने के पक्ष में नहीं है। फिदान के मुताबिक मौजूदा नीतियां क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ा रही हैं। फिदान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब तुर्की और इजराइल के बीच रिश्तों में लगातार तनाव देखने को मिल रहा है। इससे पहले भी फिदान इजराइल की सैन्य और क्षेत्रीय नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। अप्रैल 2026 में उन्होंने इजराइल पर सुरक्षा के नाम पर क्षेत्र में जमीन पर कब्जा बढ़ाने का आरोप लगाया था और नेतन्याहू सरकार को दुनिया के लिए समस्या बताया था। इस्ता तांबुल बैठक के बाद विधान ने हालांकि एक अहम बात साफ की। उन्होंने कहा कि मक्का रक्षा गठबंधन किसी एक देश के खिलाफ नहीं। गठबंधन का आधार देशों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और एक दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ना करने जैसा सिद्धांत है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के दूसरे देश निर्धारित शर्तों और मानकों के तहत इसमें शामिल हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें: तुम हमें यूं भुला न पाओगे...कुवैत-जॉर्डन-बहरीन पर ईरान का भीषण अटैक, ट्रंप करेंगे परमाणु हमला? पाकिस्तान सऊदी के साथ तुर्की की नई रणनीति धुरी। जी हां, 7 अगस्त को मक्का में हुए समझौते के तहत तीनों देशों ने सामूहिक रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। समझौते में एक देश पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति को तीनों के खिलाफ हमला माना गया। अब इस्तांबुल की पहली बैठक में साझेदारी को स्थंगत रूप से देने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। तीनों देशों ने रक्षा उद्योग, सैन्य तकनीक, हथियारों के उत्पादन और सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने पर भी सहयोग की दिशा तय की है। सऊदी अरब में इस गठबंधन के लिए सचिवालय स्थापित किया जाएगा और शुरुआती 3 साल के लिए महासचिव पाकिस्तान से होगा। यानी एक तरफ मक्का डिफेंस अलायंस क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नए ढांचे के तौर पर सामने आ रहा है तो दूसरी तरफ इसी मंच से तुर्की ने इजराइल और नेतन्या के खिलाफ अपना सबसे सख्त संदेश दिया है।
चेन्नई से आगरा, 2 हजार किमी का सफर... ऐसे खुला लाल सूटकेस का खूनी राज
तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में मिले लावारिस लाल सूटकेस का राज खुला तो 38 साल की हयात उन निशा की हत्या का मामला सामने आ गया. इस खौफनाक कत्ल की साजिश को हयात के प्रेमी और उसकी लिवइन पार्टनर ने रचा था. पढ़ें ये खौफनाक कहानी.
शनि-मंगल ने बनाया केंद्र योग, इन 4 राशियों को जल्द मिलेगी बड़ी कामयाबी
मंगल और शनि का केंद्र संबंध सामान्य तौर पर तनाव और रुकावट से जुड़ा माना जाता है. मंगल ऊर्जा और अग्नि का प्रतीक है. जबकि शनि ठहराव और अनुशासन से जुड़ा ग्रह है. फिर भी कुछ राशियों के लिए यही प्रभाव मजबूती, मेहनत और सफलता का कारण बन सकता है.
CM योगी की मथुरा को ₹1,051 करोड़ की सैगात, 229 परियोजनाओं का उद्घाटन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मथुरा को बड़ी सौगातें दी हैं. मुख्यमंत्री ने मथुरा में 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया है.
सोसाइटी गेट से टकराया बेकाबू ट्रक, CCTV में कैद हुआ हादसे का खौफनाक मंजर
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आम्रपाली गोल्फ होम्स सोसाइटी में अनियंत्रित ट्रक ने गेट पर बने लकड़ी के तंबू को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में तीन सुरक्षा गार्ड और एक डिलीवरी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना का खौफनाक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें ट्रक तेज रफ्तार से गेट की तरफ आता दिखाई दे रहा है. पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है.
सऊदी अरब के रेगिस्तान में भारत का तूफान, इजरायल भी हैरान!
दुनिया मिडिल ईस्ट में पैर जमाने के लिए वर्चस्व की जंग लड़ रही है लेकिन भारत अब नया मिडिल ईस्ट बन गया है। शायद इसीलिए मिडिल ईस्ट का सबसे ताकतवर देश सऊदी अरब पाकिस्तान और तुर्की की तरफ चला गया। नौबत यहां तक आ गई कि दुनिया को कर्ज बांटने वाला सऊदी अरब पहली बार कंगाल हो गया है। सऊदी अरब पहली बार बहुत बड़ा कर्ज मांग रहा है। सऊदी अरब का नाम आते ही आपके दिमाग में एक अमीर देश की छवि बनती है। तेल के कुएं दिखते हैं। ऊंची इमारतें और महंगी एसयूवी कारें दिखती हैं। सऊदी अरब वो देश रहा है जिसने कई देशों को कर्ज दिया है। सऊदी अरब तो पाकिस्तान का परमानेंट फाइनेंसर है। लेकिन सऊदी अरब को अब मोटे कर्ज की जरूरत पड़ गई है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब $8 अरब डॉलर का भारी भरकम लोन लेने की तैयारी कर रहा है। ईरान अमेरिका जंग ने सऊदी अरब को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। आप जानते हैं कि सऊदी अरब लंबे समय से विश्व का सबसे बड़ा तेल निर्यातक और मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी महाशक्ति रहा है। इसे भी पढ़ें: इजरायल-ग्रीस की बड़ी डील, बौखलाया पाकिस्तान पहुंचा तुर्किए ईरान अमेरिका जंग ने तेल पर सऊदी अरब की बादशाहत खत्म कर दी है। ईरान जंग ने दुनिया भर में तेल निर्यात पर असर डाला। व्यापार मार्गों खासकर हॉर्मोस स्ट्रेट को बाधित किया। इसके अलावा सप्लाई चेन पर भी दबाव डाला। इसी की वजह से सऊदी अरब का तेल निर्यात बहुत कम हो गया। ईरान ने सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया जिनमें ऑयल रिफाइनरीज शामिल है। इसके साथ अब ईरान समर्थित होती विद्रोहियों ने लाल सागर में जहाजों के लिए नया खतरा पैदा कर दिया है। स्टेट ऑफ हॉर्मोस के बंद होने के बाद सऊदी अरब के लिए आखिरी उम्मीद की किरण बाबल मंदेब स्ट्रेट था। लेकिन यहां पर हुथ विद्रोहियों ने सऊदी अरब को निशाना बना लिया। यानी सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। लेकिन सहयोग देखिए कि यहीं पर भारत के साथ एक बड़ा चमत्कार हुआ। भारत अब रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की मार्केट में नया सऊदी अरब बन गया। जिस तरह से क्रिटिकल मिनरल्स को प्रोसेस करने में चीन की बादशाहत है, जिस तरह से सेमीकंडक्टर पर ताइवान का कब्जा है, वैसे ही कच्चे तेल को प्रोसेस करने के मामले में भारत नया बादशाह बन गया है। भारत अब अफ्रीका और यूरोप समेत रूस को भी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स बेच रहा है। इसे भी पढ़ें: NAM Summit Belgrade में Kiren Rijiju का कूटनीतिक मिशन, Saudi Arabia और Serbia के साथ संबंधों पर विशेष चर्चा अफ्रीका और यूरोप को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स बेचने के मामले में भारत सऊदी अरब से आगे निकल गया है। दुनिया के पास अब भारत से पेट्रोल और डीजल प्रोडक्ट्स खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। विचित्र बात यह है कि भारत खुद अपनी जरूरतों का 80% कच्चा तेल इंपोर्ट करता है। लेकिन भारत इसी कच्चे तेल को प्रोसेस करके अब दुनिया को बेच रहा है। भारत के नियंत्रण में वह पूरी मार्केट आ गई है जो कभी सऊदी अरब की होती थी।
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने जितेंद्र मिश्र
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ के नाम का ऐलान हो गया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्होंने भारतीय वायुसेना में 39 साल से ज्यादा सेवा की और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया. इसके साथ ही ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को शामिल किया गया है. सीईओ के पास प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक जिम्मेदारियां रहेंगी.
ब्रिटेन में यूं तो शादी की उम्र अभी कुछ ही साल पहले 16 से बढ़ाकर 18 वर्ष की गई थी। फिर भी कुछ ऐसे आंकड़े आए हैं, जो हैरत में डालने वाले हैं। इन पर सोशल मीडिया से लेकर हर जगह चर्चा हो रही है। ऐसा ही एक आंकड़ा आया है छोटे बच्चों की शादियों […]
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बेलग्रेड में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) शिखर सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों का मकसद द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और अहम क्षेत्रों में आपसी जुड़ाव को बढ़ाना था। इस कूटनीतिक पहल के दौरान, रिजिजू ने सऊदी अरब के विदेश मामलों के उप मंत्री वलीद ए. एम. एल्खेरेइजी के साथ बातचीत की। उन्होंने नई दिल्ली और रियाद के बीच मजबूत और ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की, साथ ही साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर भी विचार-विमर्श किया। इसे भी पढ़ें: Supreme Court का निर्देश: BCI के नीतिगत फैसले Attorney General की सलाह से ही होंगे रिजिजू ने 'X' पर लिखा, सऊदी अरब साम्राज्य के विदेश मामलों के उप मंत्री महामहिम वलीद ए. एम. एल्खेरेइजी से मुलाकात की। भारत-सऊदी अरब की करीबी और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और मजबूत करने तथा आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया। केंद्रीय मंत्री ने सर्बियाई नेशनल असेंबली की अध्यक्ष एना ब्रनाबिक से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत और सर्बिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर चर्चा की, साथ ही दोनों देशों और वहां के लोगों को जोड़ने में विधायी कूटनीति के महत्व पर भी बात की। इस बातचीत के बाद, रिजिजू ने X पर पोस्ट किया, सर्बिया गणराज्य की नेशनल असेंबली की प्रेसिडेंट (स्पीकर) महामहिम एना ब्रनाबिक के साथ एक अच्छी और सार्थक बैठक हुई। भारत और सर्बिया के बीच दोस्ती के मज़बूत रिश्तों और हमारे दोनों देशों व लोगों को करीब लाने में संसदीय आदान-प्रदान की अहम भूमिका पर चर्चा हुई। इसे भी पढ़ें: Shaurya Path: भई दोस्त हो तो ऐसा हो! India के लिए S-500 Prometheus, Su-57 Felon, Su-30MKI Upgrade और Voronezh Radar जैसी बड़ी सौगातें लेकर आ रहे हैं Putin अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए, रिजिजू ने अंगोला के विदेश मंत्री टेटे एंटोनियो के साथ बातचीत की, जिसमें आपसी समृद्धि के लिए द्विपक्षीय गठबंधन को मज़बूत करने और सहयोग का दायरा बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने सर्बिया की आंतरिक और विदेशी व्यापार मंत्री जगोडा लाज़ारेविच से मुलाकात की, ताकि व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने के मौकों की समीक्षा की जा सके और साथ मिलकर विकास के नए रास्ते तलाशे जा सकें। इससे पहले मंगलवार को, रिजिजू ने सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक से मुलाकात की और आपसी सम्मान व साझा प्राथमिकताओं पर आधारित मज़बूत दोस्ती और बढ़ती साझेदारी को फिर से दोहराया।
इतालवी दैनिक ला वेरिटा में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, ईसाइयों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, चर्चों पर हमले, लिंचिंग और प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध के बावजूद यूरोप के जीएसपी + शासन के तहत टैरिफ छूट से पाकिस्तान को फायदा हुआ है, लेखक फ्रांसेस्को डुओडो ने कहा कि ब्रुसेल्स को जल्द ही यह तय करना होगा कि उसने जो शर्तें लगाई हैं वह इस्लामाबाद के लिए कितनी मायने रखती हैं। ला वेरिटा लेख पाकिस्तान को व्यावसायिक लाभ की ओर इशारा करता है, जबकि देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार जारी है। इसे भी पढ़ें: Bradford में कश्मीरियों का बड़ा प्रदर्शन, Pakistan Army के अत्याचारों के खिलाफ 60 दिनों से जारी है आक्रोश फ्रांसेस्को डुओडो ने नोट किया कि पाकिस्तान ने अकेले 2024 में यूरोपीय संघ की सामान्यीकृत प्राथमिकता प्लस योजना (जीएसपी+) शासन के तहत टैरिफ छूट में अनुमानित €732 मिलियन का लाभ उठाया, जिससे लगभग €7.5 बिलियन मूल्य का पाकिस्तानी सामान यूरोपीय बाजार में पूरी तरह से शुल्क-मुक्त हो गया। डुओडो के लेख में बताया गया है कि हालांकि यह वित्तीय अप्रत्याशित लाभ यूरोपीय खजाने से सीधे नकद हस्तांतरण का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, लेकिन यह पाकिस्तानी निर्यातकों को, विशेष रूप से आकर्षक कपड़ा क्षेत्र में, करोड़ों टैरिफ से बचाता है। इसे भी पढ़ें: Shaurya Path: भई दोस्त हो तो ऐसा हो! India के लिए S-500 Prometheus, Su-57 Felon, Su-30MKI Upgrade और Voronezh Radar जैसी बड़ी सौगातें लेकर आ रहे हैं Putin यह एक विशाल आर्थिक जीवनरेखा के रूप में कार्य करता है जिस पर इस्लामाबाद अपने विदेशी मुद्रा भंडार के लिए बहुत अधिक निर्भर करता है। ला वेरिटा में टिप्पणी का महत्वपूर्ण सार इन अनर्जित आर्थिक विशेषाधिकारों और पाकिस्तान के निराशाजनक मानवाधिकार बहीखाते के बीच स्पष्ट विरोधाभास है। डुओडो का कहना है कि 2014 से सक्रिय जीएसपी+ समझौते के तहत, इस्लामाबाद द्वारा मानवाधिकारों, श्रम सुरक्षा और सुशासन से संबंधित 27 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों को लागू करने पर व्यापार भत्ते सख्ती से सशर्त हैं।
ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर 60 से ज़्यादा दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान की सेना और राजनीतिक व्यवस्था की आलोचना और तेज़ कर दी है। उन्होंने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आम नागरिकों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इन प्रदर्शनों का मकसद पूरे इलाके में बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों की हत्या और उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार को उजागर करना है। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना पाकिस्तानी जनता के बजाय पाकिस्तान के सत्ताधारी जनरलों और वहां की सरकारों के खिलाफ है। इसे भी पढ़ें: Pakistan ने Modi की Photo Crop की तो भड़क गये Eknath Shinde, बोले- पाकिस्तान को दुनिया की तस्वीर से ही हटा देंगे एक वक्ता ने कहा, हम सत्ताधारी जनरलों और उन सभी गैर-कानूनी सरकारों से नफ़रत करते हैं जिन्होंने हमें चुप कराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने कश्मीर पर पाकिस्तान के दावे को भी खारिज कर दिया और कहा कि कश्मीरी लोगों को अपना राजनीतिक भविष्य खुद तय करना चाहिए। वक्ता ने कहा, कश्मीर कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनेगा। एक अन्य वक्ता ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह अपनी ही आबादी पर डर और दमन थोप रहा है, जबकि जिसे प्रदर्शनकारियों ने कब्जे वाला कश्मीर (occupied Kashmir) कहा, वहां के लोगों के खिलाफ और भी कठोर कदम उठा रहा है। वक्ता ने कहा, पाकिस्तान के लोगों पर आपने जो जुल्म किए हैं, उन्होंने उन्हें खामोश कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुनियादी अधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता की मांग करने के कारण कश्मीरियों को अभूतपूर्व दमन और बर्बरता का सामना करना पड़ा है। इसे भी पढ़ें: Shaurya Path: भई दोस्त हो तो ऐसा हो! India के लिए S-500 Prometheus, Su-57 Felon, Su-30MKI Upgrade और Voronezh Radar जैसी बड़ी सौगातें लेकर आ रहे हैं Putin वक्ताओं ने PoJK में आम नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग की खबरों की निंदा करते हुए कहा आपने हमारी माताओं, बहनों या बच्चों को भी नहीं बख्शा। उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों पर असहमति की आवाज दबाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया; इसके लिए इंटरनेट एक्सेस पर रोक लगाई गई और कथित तौर पर सेवाओं को बहाल करने से पहले निवासियों से हलफनामे (affidavits) पर हस्ताक्षर करने को कहा गया।
क्वेटा और डेरा बुगती में चार लोगों को कथित तौर पर ज़बरदस्ती गायब कर दिया गया है, जबकि पहले से लापता बताए जा रहे चार लोगों को कराची, क्वेटा और हैदराबाद से बरामद किया गया है। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' के अनुसार, अली अकबर के बेटे मजीद शाहवानी और कबीर अहमद के बेटे (एक 17 साल के लड़के) को कथित तौर पर 26 अगस्त, 2026 को रात करीब 9 बजे क्वेटा के केची बेग इलाके में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) और पुलिस के जवानों ने हिरासत में ले लिया था। कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने के बाद उनके परिवारों और सूत्रों को उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। एक अलग मामले में, डेरा बुगती में 29 अगस्त को शाम करीब 4 बजे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर 40 वर्षीय दुकानदार सद्दाम बुगती (मेहवत खान के बेटे) को हिरासत में ले लिया। इसे भी पढ़ें: Disha Salian मौत मामले में Bombay High Court ने दिया CBI जांच का आदेश इसके बाद उनके लापता होने की खबर आई। एक और मामला 23 साल के मोहम्मद नसीर का है, जो अब्दुल करीम के बेटे हैं। बताया जाता है कि 31 जुलाई की रात करीब 3 बजे क्वेटा में उनके घर से CTD के लोगों ने उन्हें उठा लिया था। कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने के बाद से ही उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसी दौरान, चार ऐसे लोग मिल गए जिनके बारे में पहले ज़बरदस्ती गायब किए जाने की खबर आई थी। इसे भी पढ़ें: Jabalpur Factory Incident: भारी बारिश के बीच जर्जर दीवार गिरने से 2 मजदूरों की मौत, Contractor की सफाई ने खड़े किए सवाल कराची के मरीपुर इलाके के टकरी गांव से 16 अगस्त को अहमद के बेटे आमिर को कथित तौर पर उठा लिया गया था और बताया जाता है कि 29 अगस्त को वह मरीपुर में मिल गए। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, नासिर अहमद के बेटे यासिर अली, जो 28 अगस्त को क्वेटा से गायब हो गए थे, 30 अगस्त को मिल गए। कराची के शराफी मालिर में हाजी शाह अली गांव से 29 जुलाई को अनवर के बेटे यूनुस बलोच कथित तौर पर गायब हो गए थे। बताया जाता है कि 29 अगस्त को वह हैदराबाद, सिंध में मिल गए। इसी तरह, 'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, रशीद के बेटे नियाज़, जिन्हें 1 अगस्त को उसी गांव से ले जाया गया था, 29 अगस्त को उस इलाके में मिल गए।
ईरान में शादी समारोह पर हमले में 5 की मौत, देखें दुनिया आजतक
ईरान में अमेरिकी हमले के बाद एक शादी का जश्न मातम में बदल गया... दक्षिणी ईरान के सिरिक इलाके में एक शादी समारोह के पास कथित अमेरिकी स्ट्राइक की खबर है...ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया के मुताबिक, हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई.... मृतकों में 4 साल का एक बच्चा भी शामिल है.... वहीं, 50 से अधिक लोग जख्मी बताए जा रहे हैं.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बुधवार को रासुवा और नुवाकोट में आई भयानक अचानक बाढ़ पर सरकार की कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि लोगों को बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। शाह ने कहा हम इस मुश्किल समय में देश के साथ हैं। यह घटना सुबह करीब 8:30 बजे हुई। जैसे ही हमें घटना के बारे में पता चला, हमने अपनी टीमों को अलर्ट कर दिया। सुबह 9:15 बजे एक बैठक बुलाई गई। हेलीकॉप्टरों को स्टैंडबाय पर रखा गया। सुबह 10:30 बजे हमारी इमरजेंसी रेस्क्यू टीमें तैनात होने के लिए तैयार थीं। लोगों को बचाना हमारी प्राथमिकता थी। उन्होंने आगे कहा कि प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चलाने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों को निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा, दोपहर करीब 1 बजे हम स्थानीय सांसद और विधायक से संपर्क कर पाए। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood में जान गंवाने वालों का आंकड़ा 1,127 पहुंचा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी शाम करीब 7 बजे लोगों से PM राहत कोष में योगदान देने को कहा गया। रसुवा और नुवाकोट के लिए 1-1 करोड़ रुपये दिए गए। विदेशी नागरिकों को खोजने और बचाने के लिए एक खास टीम बनाई गई। बचाव कार्य में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता दी गई। राहत सामग्री से भरे 10 ट्रक भेजे गए और सभी मंत्रियों ने अपनी एक महीने की सैलरी दान करने का फैसला किया। उन्होंने आगे बताया कि अब तक कुल 11,993 लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 3,916 लोग अभी भी लापता हैं। 'द काठमांडू पोस्ट' के अनुसार, उत्तरी नेपाल के समुदायों को बुरी तरह प्रभावित करने वाली इस आपदा के बारे में संसद को जानकारी देते हुए शाह ने कहा कि सरकार को भोटेकोशी बाढ़ से हुई तबाही का सामना हिम्मत और संकल्प के साथ करना होगा। यह सिर्फ रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग का दुख नहीं है। यह पूरे देश के दिल पर लगा एक साझा घाव है। उन्होंने कहा कि सरकार मानती है कि संकट के समय राष्ट्रीय नेताओं को दुख में डूबने के बजाय भरोसा और हिम्मत देनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: बाढ़ प्रभावित Nepal में राहत कार्य: Drone की मदद से दुर्गम इलाकों से पहुंचाए गए शव संकट की इस घड़ी में, हमने इस सच्चाई को स्वीकार किया है कि देश के नेतृत्व को हिम्मत, समर्थन और भरोसा देना चाहिए, न कि आंसू बहाने चाहिए, शाह ने कहा, जैसा कि 'काठमांडू पोस्ट' ने बताया। हमारे पास हिम्मत और संकल्प के साथ लड़ने के अलावा कोई चारा नहीं है, और हम लड़ रहे हैं। इससे पहले दिन में, नेपाल की स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता ने कहा कि भारत बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों के प्रबंधन में नेपाल की मदद कर रहा है, जिसमें DNA टेस्टिंग और DNA प्रबंधन के लिए लैब बनाने में मदद शामिल है।
बिहार में गंडक नदी का तांडव, खुद अपना घर तोड़ रहे लोग!
बिहार के बेतिया में गंडक नदी का कटाव अब आबादी वाले इलाकों के लिए बड़ा खतरा बन गया है. योगापट्टी की सिसवा मंगलपुर पंचायत में नदी तेजी से जमीन काट रही है. खतरा बढ़ता देख कई ग्रामीण अपने पक्के मकान खुद तोड़कर ईंट, लकड़ी और जरूरी सामान सुरक्षित जगह पहुंचा रहे हैं. वर्षों की मेहनत से बनाए घरों को टूटता देख परिवारों में दहशत और विस्थापन की चिंता बढ़ गई है.
'अमेरिका मत आना', आखिर क्यों इस शख्स ने छात्रों से की अपील
अमेरिका मत आना... ये हम नहीं बल्कि एजुकेशन के वीडियो बनाने वाले एक्सपर्ट अनुष्क शर्मा कह रहे हैं. उन्होंने भारतीय छात्र से अपील की है कि वह कहीं और चले जाए पढ़ने के लिए लेकिन अमेरिका न आए. अब सवाल ये है कि आखिर उन्होंने क्यों ऐसी बातें छात्रों से क्यों कही है?
अमेरिकी नेवी का एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन बुधवार को थाईलैंड पहुँचा। यह आठ महीने से ज़्यादा समय में उसका पहला पोर्ट कॉल था, जिससे वेस्ट एशिया में उसकी लंबी तैनाती खत्म हुई। इस तैनाती के दौरान क्रू की भलाई और मनोबल को लेकर चिंताएँ जताई जा रही थीं। समुद्र में महीनों बिताने के बाद, 1,00,000 टन वज़न वाला यह कैरियर पटाया के पास लैम चाबांग पोर्ट पर रुका। लंबी तैनाती के कारण इसके बाहरी हिस्से (हल) पर जंग के निशान दिखाई दे रहे थे। लिंकन पिछले साल नवंबर में सैन डिएगो से रवाना हुआ था और उम्मीद है कि इस साल के आखिर में दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया लौट आएगा, जिससे US नेवी के इतिहास में सबसे लंबी तैनातियों में से एक पूरी हो जाएगी। इसे भी पढ़ें: US Iran War Updates: UAE और कुवैत में US मिलिट्री ठिकानों पर भीषण हमला, पाकिस्तान का दोनों देशों संग बातचीत का दावा उस समय सैन डिएगो स्थित इस जहाज़ की जगह जापान स्थित USS जॉर्ज वॉशिंगटन ने ली, जो ऑपरेशनल ज़िम्मेदारियाँ संभालने के लिए इस इलाके में पहुँचा था। इसके साथ ही एयरक्राफ्ट कैरियर और उसके लगभग 5,000 लोगों के क्रू का असाधारण रूप से लंबा असाइनमेंट खत्म हुआ। CNN के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी के अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंथल ने बताया कि ईरान के साथ युद्ध के दौरान कॉम्बैट और नाकेबंदी के ऑपरेशन करते हुए इस कैरियर ने समुद्र में लगातार कई दिनों तक रहने का आधुनिक दौर का रिकॉर्ड बनाया। इसे भी पढ़ें: US Dollar के मुकाबले Rupee दो पैसे गिरकर 94.97 के स्तर पर बंद हुआ CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, सप्लाई की कमी के बीच लंबे समय तक तैनाती से क्रू के मनोबल पर असर पड़ा और कम से कम एक बार आत्महत्या की कोशिश की घटना भी सामने आई। 21 नवंबर, 2025 को सैन डिएगो से रवाना होने के बाद, फरवरी में ईरान के साथ तनाव बढ़ने पर इस जहाज को पश्चिम एशिया की ओर भेज दिया गया। एक मुख्य लॉन्चपैड के तौर पर काम करते हुए, इस कैरियर ने अमेरिकी सैन्य अभियानों के समर्थन में हजारों एयर सॉर्टी (हवाई उड़ानें) भरीं, जिससे इस पर तैनात कर्मियों का काम का बोझ काफी बढ़ गया।
पंड्या के सामने BCCI ने रखी शर्त? बताया वापसी का रास्ता
वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले बीसीसीआई खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर सख्त कदम उठाने जा रही है. भारत को आने वाले समय में कई अहम मुकाबले खेलने हैं, लिहाजा खिलाड़ियों का फिट रहना बेहद जरूरी है.
घास को माना शव, फिर सामूहिक मुखाग्नि... लापता अपनों को ऐसी विदाई!
नेपाल में पिछले हफ्ते आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई. जिन परिवारों को अब तक अपने परिजनों के शव नहीं मिले हैं, उनके लिए परिवारों ने कुश की घास से प्रतीकात्मक शव बनाकर उनका अंतिम संस्कार किया.
जीतेंद्र मिश्र होंगे अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ, 'ऑपरेशन सिंदूर' में थी अहम भूमिका - BBC
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यूपी: मोहन प्रसाद का मुस्लिम रीति-रिवाज से दफनाया गया शव, जानें क्यों
देवरिया जिले के सोनुघाट गांव में एक दलित हिंदू व्यक्ति मोहन प्रसाद के निधन के बाद उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार शव को मुस्लिम रीति-रिवाज से कब्रिस्तान में दफनाया गया. मृतक और उनकी पत्नी मुस्लिम धर्म मानते थे. शव दफनाने को लेकर गांव में विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची.
ऑपरेशन सिंदूर के हीरो, बेस्ट टेस्ट पायलट... कौन हैं राम मंदिर के पहले CEO जितेंद्र मिश्र
Jeetendra Mishra Profile: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को पहला सीईओ बनाया गया है. वेस्टर्न एयर कमांड के पूर्व प्रमुख और ऑपरेशन सिंदूर के हीरो जितेंद्र मिश्र मंदिर के प्रशासनिक-वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं.
दिन में चोरी, रात में पार्टी... कैफे बंद हुआ तो प्रेमी जोड़ा बना चोर
नोएडा में कैफे कारोबार में नुकसान के बाद एक प्रेमी जोड़े ने चोरी की राह पकड़ ली. दोनों अपने साथी के साथ अर्टिगा कार से हाईराइज सोसाइटी और दूसरे इलाकों में बंद मकानों की रेकी करते, फिर नकदी और कीमती सामान चुरा लेते थे. दिन में वारदात के बाद रात को बार-रेस्तरां में पार्टी करते थे. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लाखों का माल बरामद किया है.
'बैग में कंडोम मिला', एक्ट्रेस को प्रेग्नेंसी में पति ने किया चीट!
चारु असोपा और राजीव सेन की शादी नहीं चली थी. दोनों का रिश्ता पब्लिक स्क्रूटिनी का हिस्सा रहा था. चारु और राजीव ने मीडिया में एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे.
EAM S. Jaishankar का Ukraine-Poland दौरा: Russia-Ukraine War में भारत की 'Peace Maker' भूमिका पर नजर
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा और पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने पर केंद्रित होगी और दोनों पक्षों को क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर देगी। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रथम उप-प्रमुख सर्गी किस्लिट्स्या ने यूक्रेन में भारत के राजदूत अंजनी कुमार के साथ महत्वपूर्ण बैठक की और भारत-यूक्रेन संबंधों की संभावनाओं पर चर्चा की, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में नई दिल्ली की भूमिका भी शामिल थी। इसे भी पढ़ें: विदेश मंत्री S Jaishankar 3 सितंबर से Ukraine और पोलैंड की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे मंगलवार को 'X' पर एक पोस्ट में, किस्लिट्स्या ने कहा कि यह बैठक राष्ट्रपति कार्यालय के उप-प्रमुख ओलेक्सी सोबोलेव के साथ मिलकर की गई थी। उन्होंने कहा, यूक्रेन में भारत के राजदूत अंजनी कुमार @sahayanjani के साथ, अपने सहयोगी, राष्ट्रपति कार्यालय के उप-प्रमुख @OleksiiSobolev के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। हमने यूक्रेन-भारत संबंधों की संभावनाओं पर चर्चा की, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में भारत की भूमिका भी शामिल है। किस्लिट्स्या ने कहा कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में भेजे गए संदेश पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें कहा गया था कि अब अंतहीन युद्ध से युद्ध की समाप्ति की ओर बढ़ने का समय आ गया है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 | Delhi Police ने जारी की मोटरकेड रिहर्सल के लिए ट्रैफिक एडवाइज़री, जानें किन रास्तों से बचने की है सलाह उन्होंने कहा, हम भारत के साथ बातचीत जारी रखने और शांति के लिए इस साझा दिलचस्पी को ठोस कदमों में बदलने की उम्मीद करते हैं। इससे पहले, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा था कि रूस द्वारा रात भर यूक्रेन पर किए गए बड़े हवाई हमले में मारे गए 12 लोगों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कुल मिलाकर, हमले में 12 लोग मारे गए - जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है - और दर्जनों अन्य घायल हो गए। जिन लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों और प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने मॉस्को के बढ़ते हवाई हमलों पर दुनिया भर के नेताओं की बहुत कम प्रतिक्रिया की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि रूस के शहेदड्रोन ने कीव में एक यूनिवर्सिटी पर तब हमला किया जब वहाँ दिन में क्लास चल रही थी। ज़ेलेंस्की ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, आज, रूस के 'शहेद' ड्रोन ने कीव की एक यूनिवर्सिटी पर हमला किया - ठीक उसी समय जब क्लास चल रही थी। अच्छी बात यह रही कि 160 छात्र शेल्टर में थे। उन्होंने कहा कि राजधानी पर हुआ यह हमला, रात भर और दिन के दौरान यूक्रेन के आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए हमलों की एक बड़ी लहर का हिस्सा था। ओडेसा में ज़ेलेंस्की ने बताया कि एक रिहायशी इमारत और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचा है, जिससे एक बच्चे समेत पाँच लोग घायल हो गए। खार्किव इलाके में हुए हमलों की वजह से हज़ारों लोगों की बिजली चली गई, जबकि खेरसॉन में इमरजेंसी सर्विस देने वालों और पुलिस द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक इमारत पर हमला हुआ। उन्होंने लिखा, रात भर रूसियों ने ओडेसा पर हमले किए। एक आम रिहायशी इमारत और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचा। एक बच्चे समेत पाँच लोग घायल हो गए। खेरसॉन में, रूसियों ने इमरजेंसी सर्विस देने वालों और पुलिस द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक इमारत पर हमला किया। खार्किव इलाके में हमले के बाद हज़ारों लोग बिना बिजली के रह गए और कुछ लोग घायल भी हुए। कई इलाकों में जेट-पावर्ड ड्रोन और हवाई बमों के खतरे के कारण एयर रेड अलर्ट जारी हैं। इसे भी पढ़ें: Modi ने बहुत समझाया, मगर नहीं माने Putin; PM की शांति की अपील के तुरंत बाद Russia ने Ukraine पर कर दिया भीषण हमला मॉस्को के लगातार हवाई हमलों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सुस्त प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए, ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी कि रूसी सैन्य रणनीति यूक्रेन की सीमाओं से परे भी सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा पैदा करती है। ज़ेलेंस्की ने लिखा, दुर्भाग्य से, रूस द्वारा हमलों को और तेज़ करने की इस हालिया कार्रवाई पर दुनिया और उसके सबसे प्रभावशाली नेताओं की प्रतिक्रिया बहुत कम रही है। जब रूसी-ईरानी 'शहेद' (ड्रोन) यूरोप में चौबीसों घंटे इस तरह का आतंक फैला रहे हैं, तो यह केवल हमारे देश की समस्या नहीं रह सकती। ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी कि मॉस्को भविष्य के संघर्षों के लिए अपनी आक्रामक रणनीति को बेहतर बनाने के मकसद से यूक्रेनी शहरों के खिलाफ़ यह अभियान चला रहा है। इसे भी पढ़ें: यूक्रेन पर रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों में भारतीय नागरिक समेत 12 लोगों की मौत उन्होंने कहा यूक्रेनियों के खिलाफ़ ऐसा हर हमला, हमारे शहरों और गांवों के खिलाफ़ 'शहेद' और अन्य हथियारों का ऐसा हर इस्तेमाल असल में रूस की उन रणनीतियों का अभ्यास है जिनकी तैयारी वह अन्य देशों और अन्य लोगों के खिलाफ़ भी कर रहा है। अब कार्रवाई करने का समय आ गया है। बुराई को उसी क्षण रोकना होगा जब वह अपना सिर उठाए।
रोज इतने कप कॉफी सेहत के लिए खतरा, हो सकती है पानी की कमी
कॉफी में मौजूद कैफीन का ड्यूरेटिक प्रभाव शरीर से पानी और सोडियम को यूरिन के माध्यम से बाहर निकालता है, जिससे यूरिन ज्यादा आता है. डॉक्टर बताते हैं कि हाई बीपी, पेट की बीमारी या नींद की दवा लेने वाले लोगों को कॉफी से बचना चाहिए.
सिर्फ 4.5 घंटे में दिल्ली से पटना, आ रही अगली बुलेट ट्रेन
दिल्ली से पटना के बीच भारत के नेक्स्ट बुलेट ट्रेन चलने का प्रस्ताव सामने आया है, जो उत्तर प्रदेश के कई शहरों को जोड़ते हुए जाएगी. यह दिल्ली से पटना सिर्फ 4.5 घंटे में पहुंचा सकती है.

