हमारे सुप्रीम लीडर पर अमेरिकी हमला ईरान के खिलाफ युद्ध का ऐलान, प्रेसिडेंट पेजेशकियन ने ट्रंप को दी चेतावनी

Khamenei: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर हमला ईरान के खिलाफ पूरी तरह से जंग के बराबर होगा. राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को ईरान की आर्थिक समस्या और जनता की मुश्किलों के लिए जिम्मेदार भी ठहराया.

ज़ी न्यूज़ 19 Jan 2026 9:20 am

खुल गया काला सच... 60 Minutes शो को रोकने में ट्रंप प्रशासन का हाथ; डिपोर्टेशन के नाम पर भेजते थे साल्वाडोर की कुख्यात जेल

60 minutes report aired: 60 मिनट्स शो ने ट्रंप प्रशासन द्वारा साल्वाडोर की कुख्यात जेलों में डिपोर्टेशन पर एक रिपोर्ट बनाई थी जिसपर रोक लगा दी गई थी. जिसको एक महीने बाद रिलीज किया गया है.

ज़ी न्यूज़ 19 Jan 2026 9:07 am

64 साल के बाद सीरिया में होने जा रही पूरी शांति, कुर्द ताकतों के साथ सरकार ने किया कौन सा समझौता?

Ceasefire in Syria: सीरियाई सरकार और कुर्द नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक फोर्सेज ने सीजफायर पर सहमति दी है, जिससे रक्का और डेयर-एज-जोर प्रांत सरकार के कंट्रोल में आ गए हैं. समझौते से लंबे समय से जारी संघर्ष खत्म होने और बातचीत की उम्मीद बढ़ी है.

ज़ी न्यूज़ 19 Jan 2026 8:22 am

ट्रेड वॉर तय! अमेरिका पर 93 अरब यूरो का टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा EU, अमेरिकी कंपनियों पर भी लगेगी लगाम?

EU Tariffs On US: यूरोपीय यूनियन (EU) अमेरिका के खिलाफ बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक EU अमेरिका पर करीब 93 अरब यूरो का टैरिफ लगा सकता है. इसके अलावा अमेरिकी कंपनियों की यूरोप के बाजार में एंट्री पर भी लिमिटेशन्स लगा सकता है. बताते हैं कि ऐसा क्यों है.

ज़ी न्यूज़ 19 Jan 2026 8:18 am

ड्राइवर भी गलती कर दे तो ब्रेक लगा देती हैं ये ट्रेनें, फिर स्पेन में कैसे हो गई आमने-सामने की भिड़ंत

Spain Train: रविवार की शाम स्पेन में हुए ट्रेन हादसे में अब तक 21 लोगों की जान चली गई है और 100 से ज्यादा लोग जख्मी बताए जा रहे हैं. सवाल उठता है कि यूरोप जो सेफ और हाई टेक्नोलॉजी से जुड़ी ट्रेनों के लिए पहचाने जाता है, वहां ऐसा हादसा कैसे हो गया?

ज़ी न्यूज़ 19 Jan 2026 7:50 am

सालभर में 7 देशों पर हमले, आधी दुनिया पर नजर:ट्रम्प की 'सनक' एक सोची-समझी स्ट्रैटजी; जानिए 200 साल पुरानी अमेरिकी डॉक्ट्रिन

डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति पद की शपथ लिए एक साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान ट्रम्प ने 7 देशों पर सैन्य हमले किए, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तो घर से उठवा लिया, दर्जनों देशों पर अनाप-शनाप टैरिफ लगाए, राष्ट्राध्यक्षों को बेइज्जत किया और पूरे पश्चिमी हिस्से पर खुला दबदबा जताया। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि ट्रम्प क्या कर रहे हैं, सवाल यह है कि क्यों कर रहे हैं? क्या यह सब उनकी सनक है या अमेरिका की गिरती इकोनॉमी और बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में ताकत बचाने की एक सोची-समझी रणनीति? मंडे मेगा स्टोरी में ट्रम्प के फैसलों की पूरी डिकोडिंग... ***** ग्राफिक्स: अजीत सिंह और अंकित द्विवेदी ------ ट्रम्प से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... ट्रम्प के पास अब सबसे बड़ा ऑयल रिजर्व, क्या बेचेंगे वेनेजुएला का तेल; भारत में कब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐलान किया है कि अब वेनेजुएला की सत्ता अमेरिका चलाएगा और उसके तेल भंडार में निवेश करेगा। ट्रम्प ने ये बात वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने के बाद कही। ट्रम्प का दावा है कि उसका कब्जा अब दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार पर है, जिसकी कीमत करीब 1557 लाख करोड़ रुपए है। पूरी खबर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 19 Jan 2026 6:47 am

'बोर्ड आफ पीस' में शामिल होने के लिए ट्रंप ने भारत को दिया न्योता, संयुक्त राष्ट्र को मिल सकती है चुनौती

इस बोर्ड में शामिल होने के लिए दुनिया के करीब 60 देशों को आमंत्रण भेजा गया है, जिनमें भारत भी शामिल है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसका उद्देश्य गाजा संकट का समाधान बताया जा रहा है, लेकिन राजनयिक हलकों में इसे कहीं अधिक व्यापक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम माना जा रहा है।

देशबन्धु 19 Jan 2026 5:43 am

‘हमें बचा लो, बांग्लादेश में मर जाएंगे‘:भारत से 14 लोग डिपोर्ट, बहन बोली- वोटर कार्ड, 60 साल पुराने कागज, फिर क्यों भगाया

'पुलिस ने हमें मारपीट कर जबरदस्ती बांग्लादेश भेज दिया। हमारे पास यहां पर न खाने-पीने के लिए कुछ है और न रहने की जगह। हम बहुत तकलीफ में हैं, हमें किसी तरह यहां से निकाल लो वरना मर जाएंगे। हमें भारत लौटना है। मेरे बच्चे भी पास नहीं हैं।' 65 साल की अलकन बीबी बांग्लादेश से फोन कर रिश्तेदारों से मदद मांग रही हैं। 8 दिसंबर को ओडिशा पुलिस ने अलकन और उनके पति शेख जब्बार समेत परिवार के 14 लोगों को हिरासत में ले लिया। उन्हें कई हफ्तों तक कस्टडी में रखा गया। फिर 26 दिसंबर को पश्चिम बंगाल से नदिया जिले के रास्ते बांग्लादेश भेज दिया गया। रिश्तेदारों का कहना है कि दस्तावेज न होने पर बांग्लादेश के सुरक्षाबलों ने सभी को भारत लौटा दिया था, लेकिन BSF ने उन्हें दोबारा बांग्लादेश पुशबैक कर दिया। इन सबके बीच 5 लोग परिवार से बिछड़ भी गए हैं। जबकि बाकी के 9 लोग अब भी बांग्लादेश के सिलहट में हैं। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में रहने वाली जब्बार की बहन रहिमा उनकी वापसी के लिए लड़ाई लड़ रही हैं। वे दावा करती हैं कि कई दशक से उनके भाई का परिवार ओडिशा में है। वे वहां के रजिस्टर्ड वोटर हैं। उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और 60 साल पुरानी जमीन के डॉक्यूमेंट भी हैं। फिर भी पुलिस उन्हें घुसपैठिया बता रही। वहीं पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। दैनिक भास्कर की टीम ने पश्चिम बंगाल में शेख जब्बार के रिश्तेदारों से बात कर पूरा मामला समझा। भाभी फोन रोकर कह रहीं, हमें बचा लो नहीं तो यहां मर जाएंगे रहिमा पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम के आमडातल्ला गांव में रहती हैं। बड़े भाई की मौत हो चुकी है। उनके बाकी दो भाई ओडिशा के जगतसिंहपुर में रहते हैं। सभी राजमिस्त्री, फेरी और कबाड़ी का काम करते हैं। रहिमा बताती हैं, ‘तीनों भाई कई साल पहले ओडिशा जाकर बस गए थे। वहीं तीनों का कामकाज था और वहीं मकान भी बना लिया था। उनके बच्चे भी वहीं बड़े हुए।‘ ‘पिछले महीने मेरे भाई शेख जब्बार और उसके परिवार को पुलिस ने बांग्लादेश भेज दिया। जिसमें 5 छोटे बच्चे और 90 साल की बुजुर्ग भाई की सास भी हैं। मुझे जबसे इस बारे में पता चला है, परेशान हूं। रोने के अलावा और कर भी क्या सकती हूं। पति की मौत हो चुकी है। लड़के बाहर काम करते हैं। मैंने देवरानी के बेटे रहुम्मीन से इस मामले में मदद मांगी है।’ रहिमा बताती हैं, रहुम्मीन ने भाई के परिवारवालों से बात की है। मैंने भाभी की रिकॉर्डिंग सुनीं। रो-रोकर उनका बुरा हाल है। वो बस यही कह रही हैं कि हमें बचा लो नहीं तो यहां मर जाएंगे। ’हमारा परिवार पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना में नामखाना ब्लॉक के शिवरामपुर ग्राम पंचायत के पातीबुनिया में रहता था। गांव में कुनबे के कुछ ही लोग बचे हैं। गांव की जमीन के कागज भी उन्हीं के पास हैं।’ भाई के परिवार को बांग्लादेश भेजे जाने के बारे में कैसे पता चला? इसके जवाब में रहिमा कहती हैं, ‘दिसंबर में मेरे भाई की बहू ने मुझे फोन किया था। उसी ने बताया था कि पुलिस परिवार के लोगों को थाने ले गई है। उनके साथ बहुत मारपीट भी की जा रही है। इन सबके बाद भी हम ये नहीं समझ पाए थे कि पुलिस उन्हें बांग्लादेश भेज देगी।‘ बांग्ला बोलने वालों को परेशान कर रही BJP सरकाररहिमा के भतीजे रहुम्मीन खान बताते हैं, ‘ओडिशा में BJP सरकार आने के बाद से ही बांग्ला बोलने वालों को परेशान किया जा रहा है। मामा शेख जब्बार का परिवार 1970 के बाद से ही ओडिशा में रह रहा है। वहां की वोटर लिस्ट में उनका नाम भी है। फिर भी उन्हें बांग्लादेश भेज दिया।‘ ‘ओडिशा पुलिस ने पहले उन लोगों को गिरफ्तार करके जगसिंहपुर पुलिस स्टेशन में रखा। फिर BSF को सौंप दिया। इसके बाद BSF ने उन्हें नदिया जिले के रास्ते बांग्लादेश भेज दिया। जब परिवार बांग्लादेश के चुआडांगा में था, तभी हमें न्यूज से उनके बारे में पता चला।‘ ‘बांग्लादेश में जब सुरक्षा बलों ने उनसे डॉक्यूमेंट्स मांगे तो वे कुछ दे नहीं सके। इसलिए 27 दिसंबर को बांग्लादेश ने शेख जब्बार और उनके परिवार को फिर भारत भेज दिया। उनके पास फोन भी नहीं है। तब इतनी ठंड में वो सब जीरो माइल्स हेली बॉर्डर पर बैठे रहे, जो BSF के अधिकार क्षेत्र में आता है।‘ ‘हमें जैसे ही इस बारे में पता चला तो हमने हेली पुलिस स्टेशन में फोन किया और बताया कि वो सब लोग भारतीय हैं। हमारे पास उनके दस्तावेज भी हैं। इन्हें फिर बांग्लादेश न भेजा जाए।‘ बांग्लादेश ने लौटाया तो BSF ने फिर पुशबैक कियारहुम्मीन आगे बताते हैं, ‘बंगाल पुलिस ने बताया कि केस BSF के पास है इसलिए वो इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं। अगर कोई शिकायत की गई होती तो पुलिस इस मामले को देखती। इसके बाद रहुम्मीन ने BSF के अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई बात नहीं हो सकी।’ ’BSF ने फिर परिवार को बांग्लादेशी बताकर अपनी कस्टडी में ले लिया। उन्हें असम और मेघालय के बॉर्डर से फिर बांग्लादेश के चट्टोग्राम भेज दिया गया। ये बात लगभग 20 दिन पहले की है। तभी उनसे हमारी आखिरी बार बात हुई थी और पता चला था कि वो अभी बांग्लादेश के सिलहट में हैं।’ रहुम्मीन आगे बताते हैं, ’मेरी मामी लगातार रोते हुए कह रही थीं कि हमें बचा लो हम भारतीय हैं। वहां उन्हें खाना-पीना तक नहीं मिल रहा है। उनके साथ 90 साल की एक बुजुर्ग महिला हैं, वो तो अब चल-फिर भी नहीं पा रही हैं। न उनके पास रुपए-पैसे हैं और न ही रहने की जगह है। पूरा परिवार सड़क पर पड़ा है और लोगों से खाना मांग कर पेट भर रहा है। एजेंट बॉर्डर पार कराने के नाम पर 2 लाख रुपए मांग रहे हैं, लेकिन हम उन्हें पहचानते नहीं तो पैसे कैसे दे दें।’ ’इसके बाद हमारी भी हिम्मत टूटने लगी, लेकिन बंगाल सरकार से कोई मदद नहीं मिल रही है। प्रवासी मजदूरों के लिए काम करने वाली एक संस्था से हमें कानूनी तौर पर मदद मिली है। मैंने सबसे पहले मामा के गांव की पंचायत से वंशावली के कागजात बनवाए। कोर्ट से जो एफिडेविट बनवाने थे, वो बनवाए। हमारे पास बंगाल में 1962 की जमीन के कागज हैं, जिसमें मामा के पिता और चाचा का हिस्सा लिखा हुआ है।’ रहुम्मीन आगे बताते हैं, ‘हमारे पास जरूरी सरकारी दस्तावेज भी हैं। मामा शेख जब्बार का ओडिशा की 2002 की वोटर लिस्ट Or-05-039154197 में भी नाम है। हालांकि इसमें पिता का नाम गलत लिख गया था, जिसे एफिडेविट से सही करवाया गया है। मामा और उनका परिवार ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है, इसलिए डॉक्यूमेंट्स को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है।‘ सरपंच बोलीं- शेख के खानदान वाले आज भी गांव में रह रहेहमने जमीन की जानकारी पुख्ता करने के लिए गांव की सरपंच रचना सरकार से भी बात की। वो बताती हैं, ‘शेख पूचू (शेख जब्बार के पिता) का परिवार पात्तीबुनिया गांव में रहता था। परिवार के लोग कई साल पहले ओडिशा से चले गए, लेकिन खानदान के कुछ लोग आज भी गांव में रहते हैं। वंशावली बनवाने में मैंने ही परिवार की मदद की है। गांव नामखाना ब्लॉक के तहत आता है।‘ BSF अधिकारी बोले- कानूनी तौर पर डिपोर्ट किया जा रहाइस मामले को लेकर हमने जगतसिंहपुर के एसपी से इस बारे में जानने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इसके बाद हमने सीमा पर मौजूदा हालात और अवैध बांग्लादेशियों की वापसी की प्रक्रिया समझने के लिए BSF के एक सीनियर अधिकारी से बात की। अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर बात करने को राजी हुए। वे अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजने को जटिल कूटनीतिक और कानूनी प्रक्रिया बताते हैं। अधिकारी कहते हैं, ‘जब किसी संदिग्ध को सीमा के पास के इलाकों से हिरासत में लेते हैं, तो सबसे पहले उसके दस्तावेजों की जांच की जाती है। अगर उनके पास से कोई वैध दस्तावेज नहीं मिलते हैं तो हम बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) के साथ तत्काल फ्लैग मीटिंग करते हैं। अगर घुसपैठिया सीमा पार करते वक्त ही पकड़ा जाता है और कोई गंभीर अपराध न करे तो आपसी सहमति से उसे तभी वापस भेज देते हैं, जिसे तकनीकी भाषा में पुशबैक कहा जाता है।‘ ‘देश के किसी भी राज्य में अवैध बांग्लादेशी पकड़े जाने पर अलग प्रक्रिया फॉलो होती है। इसके तहत डिपोर्टेशन की प्रक्रिया में बांग्लादेशी एंबेसी से नागरिकता की पुष्टि करनी जरूरी होती है। स्टेट पुलिस और इंटेलिजेंस के लोग अपने लोकल नेटवर्क और बोली के हिसाब से इन्हें पहचानते हैं।‘ बोली से पहचानने को लेकर अधिकारी बताते हैं, ‘भारतीय बंगाली और अवैध बांग्लादेशी की बोली में फर्क समझ आ जाता है। पकड़े जाने पर ये लोग अक्सर फर्जी आधार कार्ड या वोटर आईडी दिखाते हैं। हालांकि सिस्टम में उनका बैक-एंड वेरिफिकेशन होते ही पहचान सामने आ जाती है। अवैध दस्तावेजों के पाए जाने पर इन्हें अलग-अलग धाराओं के तहत जेल भेजा जाता है।‘ अब वापसी की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित है। पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में पेट्रापोल या त्रिपुरा के अखौरा जैसे अधिकृत इंटरनेशनल चेक पोस्ट के जरिए ही इन्हें कानूनी तौर पर डिपोर्ट किया जाता है। अधिकारी मानते हैं कि अवैध घुसपैठ रोकने में भी काफी सुधार हुआ है। वे बताते हैं, ‘हमने अब सीमा पर बॉर्डर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीक का जाल बिछाया है, जिससे थर्मल इमेजरी के जरिए घने कोहरे और अंधेरे में भी बिना दस्तावेजों के घुसपैठ करने वालों को आसानी से ट्रैक कर लिया जाता है।‘ बांग्लादेश भेजी गईं सोनाली खातून SC के आदेश के बाद लौटींदिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी होने के शक में 18 जून को सोनाली खातून, पति दानिश और 8 साल के बेटे को एक पड़ोसी परिवार के साथ हिरासत में लिया। फिर उन्हें बांग्लादेश भेज दिया गया था। जिस वक्त सोनाली को बांग्लादेश भेजा गया, वे प्रेग्नेंट थीं। सोनाली के पास भी आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज थे। उनका घर पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में है। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 5 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बांग्लादेश में 162 दिन बिताने के बाद सोनाली और उनके बेटे को भारत लाया गया। सोनाली ने 5 जनवरी को बीरभूम के रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बेटे को जन्म दिया। जिसे देखने TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी भी गए थे। हालांकि सोनाली के पति दानिश शेख और एक अन्य बंगाली परिवार बांग्लादेश में ही है। वे अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज जमा कर रहे हैं, जबकि कानूनी प्रक्रिया जारी है। ................... ये खबर भी पढ़ें... स्कैन कर बांग्लादेशी बताने वाली मशीन का सच क्या 23 दिसंबर की बात है। गाजियाबाद में कौशाम्बी थाने के SHO अजय शर्मा बिहारी मार्केट की झुग्गियों में पहुंचे। उनके साथ लोकल पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी थे। अजय शर्मा टीम के साथ वहां रहने वालों की नागरिकता चेक करने लगे। SHO ने झुग्गी में रहने वाले 52 साल के मोहम्मद कैसर आलम से कागज दिखाने को कहा। पूछा कि कहां के रहने वाले हो, बांग्लादेशी तो नहीं हो। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 19 Jan 2026 5:06 am

ईरान में दो हफ्ते की उथल-पुथल के बाद हालात शांत, प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या पांच हजार हुई

ईरान में विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के खिलाफ शुरू हुए थे। शुरुआती दिनों में ये प्रदर्शन सीमित और शांतिपूर्ण थे, लेकिन कुछ ही समय में इनका स्वरूप बदल गया और नारे सीधे इस्लामिक शासन के खिलाफ लगने लगे।

देशबन्धु 19 Jan 2026 5:02 am

ट्रंप को यूरोपीय देशों का करारा जवाब, कहा- धमकियों से डरनेवाले नहीं, ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं

यूरोपीय संसद की अध्यक्ष राबर्टा मेत्सोला ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड न तो बिक्री के लिए है और न ही उस पर किसी बाहरी दबाव से फैसला बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना अंतरराष्ट्रीय कानून और यूरोपीय मूल्यों का अनिवार्य हिस्सा है।

देशबन्धु 19 Jan 2026 2:23 am

ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, ऑटोपेन से साइन आदेशों को बताया गैरकानूनी

Donlad Trump: 28 नवंबर को ट्रंप ने कहा था कि बाइडेन के कार्यकाल में ऑटोपेन से साइन किए गए सभी दस्तावेज अब खत्म माने जाएंगे और वे लागू नहीं होंगे. उनकी तरफ से यह भी दावा किया गया था कि करीब 92 प्रतिशत दस्तावेज ऐसे हैं जो ऑटोपेन से साइन किए गए थे और बाइडेन ने उन्हें मंजूरी नहीं दी थी.

ज़ी न्यूज़ 19 Jan 2026 1:59 am

टैरिफ और ट्रेड डील की टेंशन के बीच ट्रंप को पड़ गई पीएम मोदी की जरूरत, वजह है गंभीर; भेजा न्योता

Trump Invites India: भले ही भारत और अमेरिका के बीच सालभर से खुला ट्रेड वॉर चल रहा है, इसके बावजूद ट्रंप, पीएम मोदी को अपना सच्चा दोस्त बताते आए हैं, टैरिफ पर टैरिफ की धमकियों के बीच व्हाइट हाउस ने पीएम मोदी को न्योता भेजा है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 11:35 pm

Greenland Row: ट्रंप के नए टैरिफ बम का विरोध शुरू, फ्रांस जर्मनी ने खूब सुनाया; EU से की गई ये अपील

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ग्रीनलैंड को खरीदने जा रहे हैं. हालांकि डेनमार्क की ओर से साफ और स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है. इस बीच जर्मन इंडस्ट्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति की डिमांड को बेतुका बताया है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 9:01 pm

Karachi Mall Fire: कराची के गुल प्लाजा मॉल में लगी भीषण आग, 6 लोगों की मौत

Karachi Gul Plaza mall: राहत कार्य के लिए फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ी मौके पर मौजूद हैं और सीढ़ियों के जरिए पानी की लाइन को ऊपर ले जाया जा रहा है. गुल प्लाजा मॉल में अधिकतर कपड़े और प्लास्टिक के सामान की दुकाने हैं जिसकी वजह से आग तेजी से फैल गई.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 7:49 pm

US में कुछ बड़ा होने वाला है? पेंटागन ने 1,500 सैनिकों को मिनेसोटा में तैनाती के लिए किया तैयार; ट्रंप पहले ही दे चुके हैं धमकी

अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के सबसे अधिक आबादी वाले शहर में इस समय इमिग्रेशन एजेंट्स की कथित मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है. स्थिति से निपटने के लिए टागन ने लगभग 1,500 सक्रिय सैनिकों को मिनेसोटा में संभावित तैनाती के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 7:33 pm

Iran Protest: ईरान के हिंसक विरोध प्रदर्शन में 5000 लोगों की मौत, अधिकारी के दावे ने फैलाई सनसनी; सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों ने भी गवाईं जान

ईरान में हुए हिंसक प्रदर्शन में कम से कम 5000 लोगों की मौत हुई है. मृतकों में 500 से अधिक सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल पर पर ईरान में अशांति फैलाने का आरोप लगाया है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 6:52 pm

बुर्ज खलीफा भूल जाइए, इस शहर में बनने जा रही दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग; नीचे इंसान देखने के लिए दूरबीन की पड़ेगी जरूरत!

New Tallest Building in World: दुनिया में सबसे ऊंची बिल्डिंग का खिताब अभी तक बुर्ज खलीफा के नाम है.लेकिन अब आप इसे भूल जाइए. दुनिया में इससे भी ज्यादा ऊंची बिल्डिंग बनने जा रही है. जिसमें ऊपर से इंसान देखने के लिए आपको दूरबीन की जरूरत पड़ेगी.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 6:25 pm

'ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे से NATO को लगेगा झटका, पुतिन होंगे सबसे खुश', ट्रंप पर भड़के स्पेनिश पीएम सांचेज

EU's reaction to Trump's Greenland plan: ग्रीनलैंड पर कब्जे की ट्रंप के सनक के खिलाफ यूरोप के सारे देश एकजुट हो रहे हैं. अब स्पेनिश पीएम सांचेज ने कहा है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे से NATO को लगेगा झटका. अगर ऐसा हुआ तो पुतिन दुनिया के सबसे खुश इंसान होंगे.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 5:16 pm

बेटे की शादी में दिखा मरियम नवाज का ग्लैमरस लुक, सोशल मीडिया यूजर्स बोले- दुल्हन को भी पीछे छोड़ा

Maryam Nawaz: एक यूजर ने लिखा कि मरियम नवाज का दुल्हन की तरह सजने का जुनून कभी खत्म नहीं होगा.वहीं एक यूजर ने लिखा की मरियम नवाज दुल्हन से भी ज्यादा खूबसूरत लग रही हैं. इसके बाद एक यूजर लिखते हैं कि मरियम ने अपनी पहली बहू के साथ भी ऐसा ही किया था और वो फिर से ऐसा कर रही हैं.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 5:03 pm

'ड्रैगन' से बड़े 'भू-माफिया' बन रहे ट्रंप? गाजा की आड़ में यूक्रेन तक करने जा रहे हैं जियोपॉलिटिकल खेला

U.S. foreign policy:डोनाल्ड ट्रंप, नॉन गाइडेड मिसाइल की तरह बरताव कर रहे हैं. उनके धुर विरोधी डेमोक्रेट्स आलोचकों का कहना है कि ट्रंप, खुद कंफ्यूज्ड हैं इसलिए ऊटपटांग फैसले ले रहे हैं. अमेरिका की पॉलिटिक्स के इतर कुछ एक्सपर्ट्स ट्रंप के ऊपर अमेरिका की छवि खराब करने का आरोप लगा रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 4:50 pm

'भारत में AI पर क्यों खर्च किए जाएं अमेरिकी डॉलर?', ट्रेड टॉक के बीच ट्रंप के करीबी ने उगला जहर; जानिए पूरा मामला

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार एडवाइजर पीटर नवारों ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है. नवारों ने कहा कि भारत में एआई को बढ़ाने के लिए अमेरिकी पैसे का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है. इससे पहले भी उन्होंने भारत को लेकर कई बार विवादित बयान दिया है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 4:29 pm

VIDEO: OMG! 'सफेद मौत' का झपट्टा, 10 फीट तक गहरी बर्फ में दब गया ये शहर, रास्ते बंद, इंसान अपने घरों में बना 'कैदी'

Heavy Snowfall News in Hindi: दिल्ली एनसीआर के लोग इन दिनों हाड़ कंपाने वाली ठंड से जूझ रहे हैं. लेकिन एक शहर में तो अति ही हो गई है. वहां पर पूरा शहर करीब 8-10 फुट गहरी बर्फ में समा गया है. इसके चलते रास्ते बंद हो गए हैं और इंसान अपने घरों में कैदी बन गए हैं.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 4:13 pm

गाजा पर इजरायल-अमेरिका में मतभेद, अमेरिकी समर्थित बोर्ड पर नेतन्याहू सरकार का कड़ा एतराज

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका द्वारा गठित गाजा कार्यकारी बोर्ड की संरचना पर इजरायल को गंभीर आपत्ति है। हालांकि बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बोर्ड का कौन-सा पहलू इजरायल की नीति से सीधे टकराता है, लेकिन राजनीतिक और कूटनीतिक सूत्रों का मानना है कि इसकी मुख्य वजह तुर्किए की भागीदारी है।

देशबन्धु 18 Jan 2026 2:35 pm

किसी भी बैग और पैकेट पर नहीं लिखा जाएगा 'अल्लाह' का नाम, इस देश ने लगा दी पाबंदी

Saudi Arabia News: सऊदी अरब के कॉमर्स मिनिस्ट्री ने एक नया और कड़ा निर्देश जारी किया है. सऊदी अरब ने ऑफिशियली बैग, पैकेजिंग और दूसरी चीजों पर अल्लाह का नाम लिखने पर बैन लगा दिया है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 1:29 pm

रात में 'लाल' हुआ यह देश! लोगों को डराने के लिए नहीं, बल्कि जान बचाने के लिए लिया गया यह बड़ा फैसला

Denmark Red Streetlights: जब रात के समय सड़कें अचानक लाल रोशनी में डूबी हुई दिखाई दें तो किसी भी इंसान को पल भर के लिए डर या फिर अजीब जरूर लगेगा. लेकिन डेनमार्क में यह बदलाव किसी खतरे का संकेत नहीं बल्कि किसी के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा एक सोच-समझकर लिया गया फैसला है. कोपेनहेगन के पास एक इलाके में स्ट्रीटलाइट्स का रंग बदला गया है जहां टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर इंसानों के साथ जानवरों का भी ख्याल रखा जा रहा है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 1:04 pm

'ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं...' ट्रंप की धमकी का EU अध्यक्ष ने दिया कड़ा जवाब; कह दी ये बात

Greenland Dispute:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने की धमकी और 10% टैरिफ लगाने के बाद यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला ने विरोध जताया. मेट्सोला ने कहा कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है और उसकी संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 1:01 pm

अमेरिका का बदला, सीरिया में एयर स्ट्राइक करके अलकायदा कमांडर बिलाल हसन अल-जसीम को किया ढेर; ISIS से जुड़े थे तार

US Air Strike: अमेरिका ने सीरिया में हवाई हमला कर अल-कायदा से जुड़े एक आतंकी बिलाल हसन अल-जसीम को मार गिराया. यह जवाबी कार्रवाई 13 दिसंबर के पल्मायरा हमले के बाद हुई जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक सिविलियन मारे गए थे.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 11:33 am

'हां, हजारों लोगों की मौत हुई लेकिन कारण हम नहीं US है', खामेनेई बोले- सुरक्षा बल अपना काम कर रहे थे

Khamenei on protests: ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने हाल के विरोध प्रदर्शनों में हजारों मौतों की बात स्वीकार की है, लेकिन जिम्मेदारी अमेरिका और विदेशी ताकतों पर डाली है. ट्रंप ने इसे खतरनाक नेतृत्व बताया और नए नेतृत्व की मांग की है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 11:07 am

ग्रीनलैंड पर अमेरिकी टैरिफ धमकियां अस्वीकार्य, यूरोप देगा एकजुट होकर जवाब: इमैनुएल मैक्रों

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की तरफ से टैरिफ की धमकियों पर कड़ी आपत्ति जताई है

देशबन्धु 18 Jan 2026 10:37 am

'ईरान में अब नई लीडरशिप का समय', डोनाल्ड ट्रंप ने की खामेनेई शासन को खत्म करने की मांग

ईरान में गहराते संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है

देशबन्धु 18 Jan 2026 10:01 am

युद्ध के बाद शांति में भी जंग: क्या बगावत पर उतर गया इजरायल? ट्रंप के प्रस्ताव पर बोला- हमें मंजूर नहीं

US-Israel Relations: इजराइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के लिए उम्मीदवारों के चयन पर आपत्ति जताई है. इजराइल ने इसे अपनी नीति के विपरीत और समन्वयहीन बताया. जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने विदेश मंत्री गिदोन सार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से संपर्क करने का निर्देश दिया है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 8:40 am

जापान-फिलीपींस की टैक्स फ्री गोला-बारूद डील क्या है? भारत के लिए राहत और चीन की कैसे बढ़ेगी बेचैनी

Japan Philippines deal: जापान और फिलिपींस के बीच नया रक्षा समझौता चीन के लिए चुनौती बन गया है. भारत के लिए ये फायदेमंद हैं, क्योंकि चीन की नौसेना का ध्यान अब भारत से हटकर जापान, फिलिपींस और ताइवान पर केंद्रित हो जाएगा.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 8:29 am

ट्रंप को EU की चेतावनी और मैक्रों ने भी कहा झुकेंगे नहीं, टैरिफ से हालात बिगड़े तो यूरोप देगा साझा जवाब

Donald Trump: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति पूरी तरह से अड़ गए हैं. अब उन्होंने बात न मानने के केस में EU को धमकी दी है. साथ ही कहा है कि अगर इसमें शामिल देश उनकी बात नहीं मानते हैं तो उनपर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा, जिसपर फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने ये बात कही है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 8:06 am

जिस कीमत पर ट्रंप ग्रीनलैंड खरीदने निकले, उसी रकम में 4000 दिन जिंदा रह सकता है पाकिस्तान; देखिए आंकड़े

Greenland price 700 billion doller: अमेरिका की ग्रीनलैंड पर बढ़ती दिलचस्पी से वहां के लोग और सरकार चिंतित हैं, लेकिन ग्रीनलैंड ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका का हिस्सा नहीं बनना चाहता है. आज हम जानेंगे की अगर अमेरिका ग्रीनलैंड को खरीदता है तो कितनी कीमत चुकानी होगी.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 7:26 am

55 साल का सफर, 31 साल महिला नेतृत्व; फिर भी बांग्लादेश में क्यों घटती जा रही महिलाओं की भागीदारी?

Bangladesh Election:बांग्लादेश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी लगातार घट रही है, जबकि देश में दो महिला प्रधानमंत्री रह चुकी हैं. आगामी आम चुनाव में अधिकांश राजनीतिक दलों ने महिला उम्मीदवार नहीं उतारे हैं. जानकारी के अनुसार,30 पार्टियों ने महिलाओं को टिकट नहीं दिया है. देश की बड़ी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के 276 उम्मीदवारों में एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 7:20 am

37 साल के शासन का होगा अंत! ईरान पर बोले ट्रंप- बस अब बहुत हो गया; डर नहीं, सम्मान से चलता है देश

New leadership in Iran: ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अयातुल्ला खामेनेई के शासन को खत्म करने की मांग करते हुए नए नेतृत्व की बात कही है. वहीं खामेनेई ने विरोध को विदेशी साजिश बताया है, जबकि निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने जनता से बदलाव के लिए सड़कों पर उतरने की अपील की है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 6:33 am

संडे जज्बात-17 का हूं, टीबी ने मेरा पूरा परिवार छीना:आखिरी सहारा भाई भी मरा, सगे-संबंधी डरकर दूर हुए- एक अजनबी ने गोद लेकर जिंदगी दी

मेरा नाम दीपक रावत है। 17 साल का हूं। मैं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के खनौली गांव का रहने वाला हूं। मैंने कुछ दिन पहले ही अपने बड़े भाई की चिता को आग दी। उस आग में सिर्फ उसका शरीर नहीं जला- मेरा आखिरी सहारा भी राख हो गया। मैं वहां खड़े-खड़े न रो पा रहा था, न चीख पा रहा था। मेरे अंदर जैसे कुछ बचा ही नहीं था। इससे पहले मैंने अपनी मां को खोया था। उससे पहले पिता को। फिर चाचा और अब भाई को। एक-एक करके टीबी ने मेरे पूरे परिवार को निगल लिया। मेरे सगे-संबंधी मुझे छूने से डरने लगे। उन्हें डर था के उन्हें भी टीबी हो जाएगी। इस धरती पर अब मेरा कोई सगा नहीं बचा है। हालांकि, भगवान ने एक-एक करके सब कुछ छीन लिया, लेकिन अंत में एक रिश्ता दे दिया…एक अजनबी विभोर जोशी के रूप में, जिन्हें अब मामा कहता हूं। उन्होंने मुझे गोद लिया है। उनके साथ कभी लगता ही नहीं के वो गैर हैं। दरअसल, हम एक छोटे से पत्थर के बने घर में रहते थे- मैं, मेरे पापा, मां, बड़ा भाई और चाचा। पापा खेती करते थे। उसी खेती से हमारे परिवार की जिंदगी चलती थी। लेकिन उस जिंदगी में सुकून कम, खौफ ज्यादा था। मुझे पापा की शक्ल याद नहीं है। जब उनकी मौत हुई, तब मैं बहुत छोटा था। मेरी मां बताती थीं कि पापा खेत से शराब पीकर घर आते थे। नशे में वह उनको अक्सर पीटते थे। मां एतराज करतीं, तो वह उन्हें पीटकर घर से बाहर निकाल देते। फिर वह रात दूसरे के घर गुजारती थीं। मेरे पास अपने पापा की बस इतनी ही याद है। इसके बाद टीबी ने हमारे घर में दस्तक दी। एक-एक करके सबको निगलती गई। पहले पापा को, फिर मां को, उसके बाद चाचा और आखिर में मेरे बड़े भाई को। मां बताती थीं कि पापा को टीबी हो गई थी। शुरू में सिर्फ खांसी थी। फिर खांसी के साथ खून आने लगा। गांव में कोई अस्पताल नहीं था, कोई डॉक्टर नहीं था। एक दिन अचानक पापा की हालत बहुत बिगड़ गई। खून की उल्टियां होने लगीं। मां घबरा गईं। अस्पताल लेकर भागीं, लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बहुत देर हो चुकी थी। वहीं पापा की मौत हो गई। आज से करीब 15 साल पहले। उस वक्त मैं मुश्किल से दो साल का था। मुझे अपने पापा की शक्ल तक याद नहीं। मेरे लिए अब मां ही पूरी दुनिया थीं। पापा के जाने के बाद घर की जिम्मेदारी चाचा ने संभाली। खेती-बाड़ी वही देखने लगे। मां पहले की तरह घर चलाती रहीं। लेकिन उस घर में टीबी की बीमारी फिर से लौटने वाली थी। 2017 की बात है। मां को खांसी रहने लगी। शुरू में किसी ने ध्यान नहीं दिया। पहाड़ में खांसी आम बात है, लेकिन तीन-चार महीने बीत गए और खांसी रुकने का नाम नहीं ले रही थी। मां दिन-ब-दिन कमजोर होती जा रही थीं। एक दिन वह हम दोनों भाइयों को बिना बताए अकेले ही शहर के डॉक्टर को दिखाने चली गईं। वहां डॉक्टर ने बताया- टीबी है। मां घर लौटीं, लेकिन उन्होंने हमसे कुछ नहीं बताया। वह बीमारी छिपाकर जीती रहीं। हमारे लिए खाना बनातीं, कपड़े धोती, घर संभालतीं। अस्पताल मीलों दूर था। दवाइयां कभी समय पर मिलतीं, कभी नहीं। मां कभी दवा खाती, कभी छोड़ देतीं। फिर एक दिन सब बिखर गया। मां की हालत अचानक बहुत खराब हो गई। हम उन्हें अस्पताल लेकर भागे। डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया। उधर, मां का इलाज चलता रहा और हम कड़ाके की सर्दी में दोनों भाई अस्पताल की कैंटीन के बाहर भूखे बैठे रहते। एक दिन एक विभोर जोशी नाम के अजनबी हमसे मिलने आए। अब उन्हें मामा कहते हैं। दरअसल, कैंटीन का मालिक उनका दोस्त था। उसने ही मामा को बताया कि यहां यह दो बच्चे आए हैं और इनकी मां बीमार है। इन बच्चों के पास पैसे नहीं हैं। ये बिना खाए-पिए कैंटीन के बाहर पड़े रहते हैं। उस दिन मामा पहली बार मेरी मां से मिले। मां बिस्तर पर पड़ी थीं। चेहरा पीला पड़ चुका था। सांस भारी थी। मामा ने देखा और उनका मन पसीज गया। बाहर निकलकर उन्होंने कैंटीन वाले से कहा- इन दोनों बच्चों को रोज खाना देना और मां के लिए रोज दो उबले अंडे। पैसे की चिंता मत करना। उसी दिन से हमारी भूख का इंतजाम हो गया। महीनों बीत चुके थे। हमारा स्कूल छूट गया था। अस्पताल ही हमारा घर बन गया था। एक दिन मां ने मुझसे चाय लाने को कहा। मैं भागकर चाय लेकर आया। चाय का घूंट लेते ही उनको खून की उल्टियां होने लगीं। वह बिस्तर पर तड़पने लगीं। उन्होंने हमें पास बुलाया। आवाज बहुत धीमी थी। कहा- विभोर मामा को बुला लो। मामा आए। मां ने उनकी तरफ देखा और कहा- मेरा एक भाई है, लेकिन वह अब मुझसे मतलब नहीं रखता। आज से आप ही मेरे भाई हैं। अगर मुझे कुछ हो जाए, तो मेरे बच्चों को अकेला मत छोड़ना। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैं डॉक्टर को बुलाने भागा। डॉक्टर ने कहा- आ रहा हूं, लेकिन वह देर से आए। बहुत देर से। जब डॉक्टर कमरे में पहुंचे, तो हमें बाहर कर दिया गया। डॉक्टर ने कुछ दवाएं और इंजेक्शन दिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उसके तीसरे दिन ही मां की मौत हो गई। हमें समझ ही नहीं आ रहा था कि अब क्या करें। अस्पताल में मां का शरीर पड़ा था और बाहर हम दो बच्चे खड़े थे- बिल्कुल खाली हाथ। उसी वक्त जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से आए गुरुद्वारे के कुछ लोग सामने आए। उन्होंने बिना कुछ पूछे मां के अंतिम संस्कार का पूरा खर्च उठाया। मामा ने उस दिन मेरे बड़े भाई के हाथों मां को मुखाग्नि दिलवाई। मां की चिता जल रही थी। आग की लपटें उठ रही थीं। तब मैं सिर्फ 9 साल का था। उसी चिता के पास मैं कंचे खेल रहा था। मुझे यह तक नहीं पता था कि मेरी मां अब कभी वापस नहीं आएगी। मुझे भूख लगी थी। मैंने मामा का हाथ खींचा और कहा- मुझे खाना चाहिए। मामा मुझे खाना खिलाने ले गए। अंतिम संस्कार के बाद मामा हमें अपने घर ले गए। उस दिन मामा के घर रातभर नींद नहीं आई। रात में बार-बार बिस्तर से उठकर बैठ जाता और मां को याद करके रोने लगता। मामा ने अपने ही घर मां की तेरहवीं की। लोगों को खाना खिलाया गया- पूरे रीति-रिवाज के साथ। मामा के घर में पहली बार मुझे अपनापन महसूस हुआ। मामा की पत्नी यानी मामी बैंक में नौकरी करती हैं, लेकिन घर में वह मां जैसी थीं। वह भी हमारा ख्याल करती हैं। नानी गरम-गरम खाना खिलाती और कहती थीं- अब से मैं तुम्हारी नानी हूं, डरने की कोई बात नहीं। धीरे-धीरे मुझे समझ आया- भगवान ने मुझसे एक घर छीन लिया था, लेकिन एक दूसरा घर दे दिया था। मामा के घर मैं कुछ दिन रहा। वह घर, जहां किसी ने पहली बार हमें बोझ नहीं, इंसान समझा। कुछ दिन बाद मामा हम दोनों भाइयों को लेकर मेरे गांव पहुंचे। शायद यह देखने कि अब हम वहां रह सकते हैं या नहीं, लेकिन गांव ने जवाब देने में देर नहीं की। उसी दिन पता चला कि मेरे चाचा को भी टीबी है। यह खबर फैलते ही गांव वालों का व्यवहार बदल गया। गांव के कुछ लोग मामा के लिए चाय बनाकर लाए, लेकिन हमें चाय नहीं दी गई। हम दोनों एक कोने में खड़े रहे। लोगों को डर था- ‘अगर हम उनके बर्तन में चाय पिएंगे, तो उन्हें भी टीबी हो जाएगी।’ उस वक्त मामा ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने बस हमें देखा। और शायद उसी पल तय कर लिया कि यह गांव अब इन बच्चों का नहीं है। मामा उसी दिन वापस हमें अपने घर ले आए। उन्हें हमारी सिर्फ भूख या बीमारी की नहीं, हमारी पढ़ाई की भी चिंता थी। कुछ दिन हमें अपने पास रखा, हमें संभाला, फिर उन्होंने एक फैसला लिया- ताकि हम रोजमर्रा की जिंदगी में लौट सकें, मामा ने हम दोनों को एक हॉस्टल में रख स्कूल में दाखिला करवा दिया। ऐसी जगह, जहां हमारे साथ काफी बच्चे थे। हम हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने लगे। जिंदगी जैसे एक नई पटरी पर दौड़ने लगी थी। इन सबके बीच विभोर मामा कभी हमें भूलते नहीं। फोन करके हाल-चाल पूछते हैं, मिलने आ जाते हैं। फिर एक दिन हॉस्टल में मेरे गांव से खबर आई। बताया गया कि मेरे चाचा की भी टीबी से मौत हो गई है। उस खबर ने मुझे अंदर से झकझोर दिया, लेकिन तब तक मैं यह भी नहीं जानता था कि टीबी की बीमारी क्या होती है। हॉस्टल में मुझे नहीं पता था कि मेरी जन्मतिथि क्या है। मामा को पता चला तो उन्होंने सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए, कागजात ढूंढे, रजिस्टर खंगाले। कई दिनों की भागदौड़ के बाद एक दिन मामा आए और मुस्कुराते हुए बताया- ‘आज से तुम्हारा भी जन्मदिन होगा।’ उस दिन पहली बार मुझे पता चला कि मेरी जिंदगी की भी एक तारीख है। पिता, मां और फिर चाचा के जाने के बाद हॉस्टल में अब मेरा सहारा मेरा भाई ही था। वह मेरे कपड़े धोता, मेरे लिए खाना बनाता और मेरी पढ़ाई का ख्याल रखता। मां मेरे लिए जो करती थीं, वह सब अब मेरा भाई कर रहा था- बिना थके, बिना शिकायत किए। वह मुझसे बहुत प्यार करता था, लेकिन सख्ती भी रखता था। मैं जब कोई गलत काम करता, तो वह मुझे टोकता। मुझे याद है, मैं अक्सर गुस्से में कॉपी के कागज फाड़ देता था। वह यह देखकर भड़क उठता। डांटते हुए कहता- ‘उसी कॉपी में तो तू लिखेगा-पढ़ेगा। अगर कॉपी ही नहीं रहेगी, तो पढ़ेगा कैसे?’ कभी-कभी वह मुझे मार भी देता था। तब मुझे लगता था कि वह मुझसे नाराज है। आज समझ आता है- वह मुझे बचा रहा था। मुझे दूसरों पर पत्थर फेंकने की आदत थी। इस पर भी वह मुझे डांटता, रोकता, कभी हाथ उठा देता। वह चाहता था कि मैं वही न बनूं, जो हालात मुझे बना रहे थे। मेरी बदनसीबी यह थी कि जिस बीमारी ने मेरे मां-पापा और चाचा को छीना, वही बीमारी मेरे भाई के शरीर में भी पल रही थी- और मुझे इसकी भनक तक नहीं थी। एक दिन हॉस्टल की ओर से हमें घुमाने के लिए ले जाया गया। मेरा भाई भी मेरे साथ था। हम दोनों ने साथ-साथ कचौड़ियां खाईं। रात में हॉस्टल लौटकर हमने दाल-चावल खाया और सोने की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक मेरा भाई बेचैन होने लगा। अगले ही पल उसे तेज उल्टियां होने लगीं। शोर सुनकर एक टीचर भागती हुई पहुंचीं। वह तुरंत उसे लेकर अस्पताल भागीं। जाते वक्त उन्होंने मेरे सिर पर हाथ रखते हुए कहा- ‘डरो मत, भाई ठीक होकर जल्दी आ जाएगा। तुम यहीं हॉस्टल में रहो।’ भाई अस्पताल में भर्ती था। उस रात हॉस्टल का कमरा मुझे पहले से कहीं ज्यादा सूना लग रहा था। मैं पहली बार भाई के बिना सोने जा रहा था। डर लग रहा था। टीचर ने मेरी हालत देखी और उस दिन मुझे अपने साथ सुला लिया। उस रात मैं सोया तो था, लेकिन पहली बार अपने भाई के बिना। अगली सुबह डॉक्टरों ने कहा- सब ठीक है। उस दिन भाई अस्पताल से लौट आया। मुझे लगा- सब टल गया। कुछ दिन बीते। एक रात हम खाना खाने जा रहे थे। थाली उठाने ही वाले थे कि भाई अचानक झुक गया। फिर उल्टियां होने लगीं। वही डर, वही घबराहट। इस बार उसे श्रीकोट के अस्पताल ले जाया गया। मुझे भरोसा था- पिछली बार की तरह वह फिर लौट आएगा, लेकिन अगली सुबह हॉस्टल के कमरे में एक अजीब सी हलचल थी। मेरे भाई के कपड़े उठाए जा रहे थे। अलमारी खाली की जा रही थी। मैंने घबराकर टीचर से पूछा- ‘ऐसा क्यों कर रहे हैं?’ उन्होंने मुझे सीने से लगा लिया। देर तक कुछ नहीं बोलीं। फिर कहा- ‘तुम्हारे भाई की मौत हो गई है।’ मैं सुन्न सा हो गया। मां के जाने के बाद वही मेरा सब कुछ था। अब वह भी चला गया था। उस पल मुझे लगा- अब इस दुनिया में मेरा कोई नहीं। मैं रोते हुए अस्पताल पहुंचा। मेरा भाई सामने एक सफेद चादर में बंधा हुआ था। वही भाई, जो मुझे जगाता था, मेरा होमवर्क देखता था, रात में मेरे साथ सोता था। अब वह कुछ नहीं बोल रहा था। उस पल मुझे समझ आ गया- अब मेरे आगे-पीछे कोई नहीं बचा। मामा के साथ भाई का अंतिम संस्कार कर मैं वापस हॉस्टल लौट आया, लेकिन उस रात नींद मुझसे बहुत दूर थी। सच तो यह है कि कई रातों से मैं सोया ही नहीं था। मुझे मां की एक बात बार-बार याद आ रही थी। मरने से एक दिन पहले मां ने भाई के हाथ में मेरा हाथ दिया था और कहा था- छोटे का ख्याल रखना। उसे कभी अकेला मत छोड़ना। भाई उस वादे को निभा रहा था, लेकिन अब वह भी चला गया था। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं अपने भाई की चिता को आग दूंगा। जब मामा को पता चला कि मैं हॉस्टल में रात भर जागता रहता हूं, तो वे एक दिन चुपचाप आए। मेरा हाथ पकड़ा और कहा- अब तुम अकेले नहीं रहोगे। और मुझे अपने घर लेकर चले आए। उस दिन के बाद से मामा ने मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ा। वे मुझे हर जगह अपने साथ रखते हैं। अपने साथ बैठाकर खाना खिलाते हैं। मेरे सोने से लेकर जागने तक की हर चिंता करते हैं। वे मुझे जीना सिखा रहे हैं। उनसे मेरा कोई खून का रिश्ता नहीं है। फिर भी अब वही मेरी मां, मेरे पिता और मेरे भाई हैं। भगवान ने मुझसे बहुत कुछ छीन लिया, लेकिन एक रिश्ता ऐसा दिया, जिसने कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि मैं अकेला हूं। (दीपक रावत ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर नीरज झा से साझा किए हैं) --------------------------------------------------- 1- संडे जज्बात- किन्नर हूं, लड़के ने मेरी मांग भर दी:पिता ने बाजार में पीटा, बाल काट डाले, लेकिन लड़का पीछे नहीं हटा- मुझे दुल्हन बनाया मेरा नाम सोनी है। पश्चिम बंगाल के बनगांव की रहने वाली हूं। मैंने खुद को हमेशा एक लड़की ही माना, लेकिन लोगों ने मुझे पहचान दी- किन्नर, हिजड़ा जैसे शब्दों से। लोग कहते थे, ‘न मां बन पाएगी, न किसी की दुल्हन… फिर इसके जीने का क्या मतलब?’- पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया- 5 साल जेल रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी खबर यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 18 Jan 2026 5:35 am

क्या थलापति तमिलनाडु में BJP को जितवाएंगे 24 सीटें:कांग्रेस ने स्टालिन से मांगी 40 सीटें; गठबंधन टूटा, तो BJP को फायदा

27 अक्टूबर, 2024, तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले के विक्रवंडी की सड़कें लोगों से भरी थीं। इतनी गाड़ियां आईं कि ट्रैफिक जाम होने के डर से प्रशासन को टोल प्लाजा फ्री करने पड़े। पॉलिटिकल पार्टी बनाने के बाद साउथ फिल्मों के सुपरस्टार थलापति विजय इस दिन पहली रैली करने वाले थे। रैली में लाखों लोग पहुंचे। तेज धूप में कुर्सी सिर पर रखकर बैठ गए। थलापति विजय की जैसे फिल्मों में एंट्री होती हैं, इस रैली से वैसी ही एंट्री पॉलिटिक्स में हो गई। तमिलनाडु में अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं। उससे पहले विजय की वजह से CM एमके स्टालिन की पार्टी DMK और कांग्रेस का गठबंधन खतरे में आ गया है। कांग्रेस ने DMK से 40 सीटें मांगी हैं, जिन पर पार्टी राजी नहीं है। कांग्रेस का एक धड़ा विजय के साथ जाने की वकालत कर रहा है। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि ऐसा हुआ तो DMK को नुकसान होगा। BJP नेता अन्नामलाई ने भी विजय को साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है। दोनों स्थितियों में फायदा BJP को होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में सिर्फ 4 सीटें जीतने वाली BJP 22 सीटों पर बढ़त बना सकती है। विजय की फिल्म को राहुल गांधी का सपोर्ट, क्या स्टालिन को मैसेज विजय की एक फिल्म आ रही है जन नायगन, यानी जन नेता। सेंसर बोर्ड ने इसके कुछ डॉयलाग की वजह से सर्टिफिकेट नहीं दिया। आरोप है कि डॉयलाग में पॉलिटिकल कमेंट हैं, जिनसे विवाद पैदा हो सकता है। ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। जन नायगन विजय की आखिरी फिल्म है, इसके बाद वे पूरी तरह पॉलिटिक्स पर फोकस करेंगे। 13 जनवरी 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी तमिलनाडु में थे। इसी दौरान उन्होंने X पर लिखा- ‘फिल्म 'जन नायगन' को रोकने की केंद्र सरकार की कोशिश तमिल संस्कृति पर हमला है। मिस्टर मोदी आप तमिल लोगों की आवाज दबाने में कभी कामयाब नहीं होंगे।’ राहुल गांधी का कमेंट उस वक्त आया है, जब DMK और कांग्रेस के बीच विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग पर खींचतान चल रही है। तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीटें हैं। कांग्रेस DMK से 40 सीटें मांग रही है। DMK उसे 25 से 30 सीटें देने पर ही राजी है। इससे नाराज तमिलनाडु कांग्रेस के नेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK के साथ गठबंधन करना चाहते हैं। राहुल गांधी का विजय की फिल्म को सपोर्ट करना, तमिलनाडु में कांग्रेस-DMK गठबंधन में पहली दरार माना जा रहा है। कांग्रेस ने विजय से हाथ मिलाया, तो BJP को फायदातमिलनाडु के पॉलिटिकल एक्सपर्ट जॉन जे केनेडी कहते हैं, ‘पिछले 50 साल में तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति ने नेशनल पार्टियों को बहुत पीछे धकेल दिया है। BJP हो या कांग्रेस, दोनों को यहां कि सियासत में पैर जमाने के लिए AIADMK और DMK से हाथ मिलाना पड़ा।' '2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कामयाबी DMK के साथ गठबंधन की वजह से थी। चुनाव में DMK ने 133 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 18 सीटें मिलीं। कांग्रेस को DMK के कोर वोटर्स का साथ मिला। तमिलनाडु में कांग्रेस के पास न कैडर है, न ऐसी विचारधारा, जो तमिल वोटर्स को जोड़ सके। इसीलिए DMK उसे ज्यादा सीटें नहीं देना चाहती। ऐसे में राहुल गांधी का विजय की फिल्म को सपोर्ट करने के पीछे 3 मकसद हो सकते हैं।’ 1. विजय का भरोसा जीतने की कोशिश।2. राहुल ने DMK को मैसेज दिया कि तमिलनाडु में कांग्रेस के पास विजय भी विकल्प हैं।3. तमिल संस्कृति का विरोधी बताकर BJP पर निशाना साधा। तमिलनाडु में कांग्रेस अब भी DMK के साथ गठबंधन में है, लेकिन मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं है। 2021 के विधानसभा चुनाव में DMK ने सहयोगियों की मदद के बिना ही सरकार बनाई थी। सीनियर जर्नलिस्ट डॉ. बसवराज इटनाल कहते हैं, ‘विधानसभा चुनाव में थलापति विजय की एंट्री और कांग्रेस-DMK का गठजोड़ टूटने पर BJP को फायदा हो सकता है। खासकर उन 18 विधानसभा सीटों पर, जहां कांग्रेस पिछला चुनाव जीती थी। इनमें से ज्यादातर सीटों पर DMK का पारंपरिक वोट बैंक यानी द्रविड़, OBC, अल्पसंख्यक, शहरी मिडिल क्लास कांग्रेस के पक्ष में ट्रांसफर हुआ। ऐसे में DMK के बिना कांग्रेस के लिए दोबारा 18 सीटें जीतना नामुमकिन है।’ ‘6 सीटें ऐसी हैं, जहां विजय का प्रभाव है। यहां भी BJP फायदा ले सकती है। हालांकि, सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए कांग्रेस का TVK के साथ जाना जोखिम भरा कदम भी हो सकता है। 10 सांसदों और 18 विधायकों को बनाए रखने के लिए उसे DMK के साथ रहना ही होगा।’ तमिलनाडु में BJP की 60 सीटों पर लड़ने की तैयारीBJP तमिलनाडु चुनाव में अपना पुराने रिकॉर्ड बेहतर करने के लिए हर दांव लगा रही है। 23 दिसंबर को प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और NDA के नेताओं ने BJP के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल और अर्जुन राम मेघवाल के साथ बैठक की थी। पार्टी सोर्स बताते हैं कि बंद कमरे में हुई इस मीटिंग में सीट शेयरिंग और गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी AIADMK के साथ चुनाव जीतने की रणनीति पर बात हुई। तमिलनाडु BJP के एक सीनियर लीडर दैनिक भास्कर को बताते हैं कि पार्टी AIADMK से सीटों के बंटवारे पर मोलभाव कर रही है। 2021 में BJP 20 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इस बार हमने तय किया है कि इससे दोगुनी सीटों पर लड़ेंगे। BJP नेता आगे कहते हैं, 'पूर्व CM और AIADMK के जनरल सेक्रेटरी पलानीस्वामी चाहते हैं कि उनकी पार्टी 170 सीटों पर चुनाव लड़े। वे BJP को 23 सीटें देने को तैयार हैं, लेकिन BJP इस बार 60 सीटें मांग रही है। इस पर गृहमंत्री अमित शाह और पलानीस्वामी की दिल्ली में बातचीत हुई है। अब पलानीस्वामी NDA के सहयोगी दलों से बात करेंगे।' ‘हम थलापति विजय और कांग्रेस पर भी नजर बनाए हुए है। विजय की पार्टी कांग्रेस के साथ जाए या फिर DMK, विजय हमारे लिए बड़ी चुनौती नहीं हैं। हमारा ध्यान इन अटकलों पर जाने के बजाय DMK को हराने पर है।’ कांग्रेस-DMK में टूट पड़ी, तो BJP को कितना फायदा मिलेगा? सीनियर जर्नलिस्ट एन गोवर्धन इस सवाल का जवाब एक पुराने किस्से से देते हैं। वे कहते हैं, '2021 में मुझे कोलाचेल में नारियल का व्यापारी मिला। उसने बताया कि DMK कांग्रेस के साथ है। इसलिए चुनाव में कांग्रेस का उम्मीदवार जीतेगा।' 'मैंने उस व्यापारी से पूछा कि तुम ये बात इतने भरोसे से कैसे बोल सकते हो? व्यापारी ने कहा- वोट कांग्रेस को दे रहे हैं, लेकिन हमारा भरोसा तो स्टालिन पर है। वे कांग्रेस के साथ हैं, इसलिए बैलेंस बनाना पड़ेगा।’ गोवर्धन कहते हैं, ‘कोलाचेल सीट पर कांग्रेस केंडिडेट प्रिंस ने BJP के पी. रमेश को 24 हजार वोट से हराया था। अगर इस बार कांग्रेस स्टालिन का साथ छोड़ देती है, तो BJP यहां बढ़त बना सकती है। आप खुद समझ लीजिए कि कांग्रेस-DMK का गठबंधन टूटता है, तो सबसे ज्यादा नुकसान किसका होगा।’ एक्सपर्ट बोले- किसी भी पार्टी का अकेले बहुमत तक पहुंचना मुश्किल तमिलनाडु और साउथ की पॉलिटिक्स पर 25 साल से नजर रख रहे पॉलिटिकल एनालिस्ट टीएस सुधीर का मानना है कि तमिलनाडु में ऐसी कोई पार्टी नहीं है, जो इस बार बहुमत से सरकार बना सके। अगर चुनाव जीतना है तो राष्ट्रीय दलों को क्षेत्रीय पार्टियों से गठजोड़ करना ही पड़ेगा। हमने सुधीर से 3 सवाल पूछे...1. कांग्रेस-DMK गठबंधन में दरार आई, तो फायदा किसे मिलेगा?जवाब: BJP को फायदा होगा क्योंकि लोगों की DMK के खिलाफ धारणा बदलेगी। कांग्रेस का हर विधानसभा सीट पर छोटा ही सही, लेकिन वोट बैंक है। कड़े मुकाबले में यही मामूली अंतर निर्णायक साबित होता है। हालांकि, कांग्रेस तमिल पॉलिटिक्स में बड़ी खिलाड़ी नहीं है, इसलिए वोट बैंक के लिहाज से उसका असर बहुत ज्यादा नहीं होगा। सवाल 2: थलापति विजय का उभरना DMK और कांग्रेस में किसे ज्यादा असहज कर रहा है?जवाब: कांग्रेस का कैडर मानने लगा है कि पार्टी के तमिलनाडु में भविष्य और उसे नई एनर्जी के साथ खड़ा करने के लिए विजय के साथ जाना बेहतर रहेगा। उनका मानना है कि DMK कांग्रेस को बहुत कम सीटें देती है और सत्ता में भी हिस्सेदारी नहीं देती। सवाल 3: BJP को ज्यादा फायदा गठबंधन टूटने से होगा या विजय के राजनीति में आने से?जवाब: तमिलनाडु में BJP का कोई मजबूत वोटर बेस नहीं है। अकेले दम पर वह जीतने की स्थिति में नहीं है। उसका भविष्य AIADMK से होने वाले वोट ट्रांसफर पर टिका है। NDA को सीटें तभी मिलेंगी, जब वह DMK सरकार के खिलाफ गुस्से को भुना पाएगी। पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं... DMK: तमिलनाडु की परंपरा, सत्ता में कभी हिस्सेदारी नहीं हुईDMK अलायंस गठबंधन टूटने के कयासों पर तमिलनाडु सरकार में राज्यमंत्री और सीनियर DMK लीडर आई पेरियासामी कहते हैं, ‘कांग्रेस को सत्ता में हिस्सेदारी मांगने का पूरा अधिकार है, लेकिन DMK की ऐसी कोई प्लानिंग नहीं है। तमिलनाडु की परंपरा रही है कि यहां कभी दो पार्टियों की हिस्सेदारी वाली सरकार नहीं बनी।’ कांग्रेस: सत्ता में हिस्सेदारी के लिए DMK से बात कर रहे कांग्रेस-DMK के बीच सीट शेयरिंग को लेकर चल रही खींचतान पर हमने तमिलनाडु कांग्रेस के स्टेट प्रेसिडेंट के. सेल्वपेरुंथगई से बात की। उन्होंने बताया, ‘हम चाहते हैं कि चुनाव जीतने के बाद हमारी पार्टी भी राज्य सरकार में हिस्सेदार बने। हम DMK से लगातार बात कर रहे हैं। आखिरी फैसला CM एमके स्टालिन और हमारे नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ही लेंगे।’ BJP: DMK-कांग्रेस में एक-दूसरे से पीछा छुड़ाने की होड़ तमिलनाडु BJP के स्टेट स्पोक्सपर्सन नरायणन तिरुपाठी कहते हैं, ‘बीते 5 साल में DMK ने तमिलनाडु के लोगों को सिर्फ लूटा है। कांग्रेस ने भी देश के लिए कुछ नहीं सोचा। DMK अलायंस को लेकर तमिलनाडु में जबरदस्त गुस्सा है। इसलिए दोनों पार्टियां चुनाव से पहले एक-दूसरे से पीछा छुड़ाने के लिए ड्रामा कर रही हैं।’ क्या भविष्य में BJP विजय की पार्टी के साथ गठबंधन कर सकती है? नरायणन जवाब देते हैं, ‘तमिलनाडु के विकास के लिए अगर कोई भी पार्टी NDA में आना चाहती है, तो BJP उसका स्वागत करेगी। अगर थलापति विजय हमसे संपर्क करेंगे, तो उनके साथ काम करने को तैयार हैं।’ कितनी सीटों पर थलापति विजय का असरचेन्नई, कांचीपुरम, कोयंबटूर, करूर, मदुरै, तंजावुर और मईलापुर में विजय की अच्छी फैन फॉलोइंग है। चेन्नई: यहां विजय के फैन क्लब हैं। वे यहां शूटिंग भी करते रहे हैं। यहां युवा वोटर्स की संख्या अच्छी है। कांचीपुरम: यहां आईटी प्रोफेशनल्स और फर्स्ट टाइम वोटर्स ज्यादा हैं, जो विजय के फैन क्लब से जुड़े हैं। कोयंबटूर: यहां कांग्रेस और DMK की सीमित पैठ है। इस इलाके में विजय के करीबी रहते हैं। करूर: यहां 18 से 35 साल के वोटर्स सबसे ज्यादा है। विजय के फैन क्लब एक्टिव हैं। विजय यहां आकर फिल्म रिलीज और सोशल मीडिया कैंपेन जैसे इवेंट में शामिल हो चुके हैं। 27 सितंबर 2025 को करूर में ही विजय की रैली में भगदड़ से 39 लोगों की मौत हुई थी। .....................................ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें सबरीमाला मंदिर से चोरी 6 करोड़ का सोना कहां गया केरल के सबरीमाला मंदिर से चोरी हुए 4.5 किलो सोने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। केरल पुलिस का दावा है कि चोरी में मंदिर प्रशासन और कई रसूखदार राजनीतिक चेहरे शामिल हो सकते हैं। इसमें बड़े इंटरनेशनल मूर्ति तस्करी रैकेट और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के शामिल होने का भी शक है। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 18 Jan 2026 5:29 am

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले जारी: 24 घंटे में दो और हत्याएं, एक महीने में 11 की मौत

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग जिलों में दो हिंदू नागरिकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

देशबन्धु 18 Jan 2026 2:49 am

ग्रीनलैंड समर्थक 8 यूरोपीय देशों पर ट्रंप ने ठोका 10% टैरिफ, नहीं तो 25% की भी चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम अमेरिका और यूरोप के बीच पहले से मौजूद व्यापारिक तनाव को और गहरा सकता है। यूरोपीय संघ के कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।

देशबन्धु 18 Jan 2026 2:19 am

पाकिस्तान–सऊदी रक्षा साझेदारी से मिडिल ईस्ट ही नहीं कई जगह हो सकता है असर, एक्सपर्ट ने चेताया

Saudi-Pakistan Military Ties: इस नए इंतजाम से पाकिस्तान को अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति में राहत मिलेगी, वहीं सऊदी अरब को पश्चिमी देशों के महंगे विमानों के मुकाबले कम लागत वाला विकल्प आसानी से मिल जाएगा.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 2:04 am

ट्रंप की धमकियों से क्यों नहीं डरा खामेनेई? क्या अब बेअसर हो गई है अमेरिका की ताकत, जमकर दहाड़ा 'खलीफा'

Iran US Tension News: ट्रंप की धमकियों से भी ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई नहीं डरे. वे शनिवार को कई दिनों बाद पब्लिकली दिखाई दिए और अमेरिका पर जमकर दहाड़े. ऐसा में सवाल उठ रहा है कि क्या अब अमेरिकी ताकत बेअसर हो गई है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 12:05 am

गाजा पर US-इजरायल का बड़ा गेम! मुस्लिम देशों को मोहरा बनाकर हमास को करना चाहते हैं निहत्था

US Gaza Peace Plan News in Hindi: गाजा पर नियंत्रण हासिल करने के लिए US-इजरायल अब बड़ा बड़ा गेम करने जा रहे हैं. हमास के निहत्था करने के लिए अब वे खुद गोलियां चलाने के बजाय मुस्लिम देशों को मोहरा बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 17 Jan 2026 10:55 pm

बांग्लादेश में नहीं रुक रही हिन्दुओं की हत्या, रिपन साहा के बाद अगले दिन लिटन घोष को उतारा मौत के घाट

Bangladesh News: लिटन मिठाई की दुकान पर काम करने वाले नाबालिग को बचा रहा था, उसी वक्त हमलावरों ने उस पर हमला बोल दिया. घटना का कारण 28 साल का मसूम मियां बना, जो सुबह के वक्त दुकान पर आया और वहां काम करने वाले नाबालिग के साथ खेत से तोड़े गए केले के पत्ते को लेकर लड़ाई करने लगा.

ज़ी न्यूज़ 17 Jan 2026 10:05 pm

4 देश, ट्रंप की जिद और 2026, अभी से सच होने लगी बाबा वेंगा की ये सिंगल भविष्यवाणी?

Predictions for 2026:बाबा वेंगा ने 2026 को लेकर डरावनी भविष्यवाणियां की थीं. उन्होंने अपने मरने से काफी पहले 2026 को युद्ध और विनाश का साल बताया था. इस समय दुनिया में जैसी अशांति फैली है. 4 देशों में हाल बेहाल है, ट्रंप जिद पर अड़े हैं और पूरा साल बाकी पड़ा है. कहीं उनकी भविष्यवाणी सच होने की शुरुआत तो नहीं हो गई.

ज़ी न्यूज़ 17 Jan 2026 9:35 pm

ग्रीनलैंड पर सपोर्ट न मिला तो नाटो से निकल जाएंगे ट्रंप? अमेरिकी राष्ट्रपति की नई धमकी

Greenland row: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम बताते हुए कहा कि अगर उनकी बात सुनी नहीं गई तो अमेरिका को नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन से बाहर निकलने में देर नहीं लगेगी.

ज़ी न्यूज़ 17 Jan 2026 4:58 pm

कानून बेअसर, कट्टरपंथ हावी: बांग्लादेश में एक और हिंदू का कत्ल, पैसे मांगने पर कट्टरपंथियों ने कुचला

Bangladesh News: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार लगातार बढ़ता जा रहा है. अब राजबारी जिले के सदर उपजिला में एक हिंदू व्यक्ति को जानबूझकर गाड़ी से कुचलकर मार दिया गया. इस वारदात ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है.

ज़ी न्यूज़ 17 Jan 2026 2:44 pm

ईरान में सख्ती से थमे विरोध प्रदर्शन, पुतिन ने नेतन्याहू और पेजेश्कियन से की बात, ट्रंप ने मानी यह बात

ईरान की सरकारी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने देश के विभिन्न हिस्सों में कई और लोगों को हिरासत में लिया है। प्रदर्शनकारियों पर “राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे” में डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

देशबन्धु 17 Jan 2026 11:21 am

खूनखराबे और कोहराम के बीच वापसी... ईरान से लौटे भारतीयों ने क्या बताया, क्यों हो गए भावुक?

Indians Return from Iran: ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार की एडवाइजरी के बाद कई भारतीय नागरिक शुक्रवार देर रात ईरान से दिल्ली लौटे. लौटने वालों ने हालात को बेहद खराब बताया और कहा कि विरोध प्रदर्शन, इंटरनेट बंद होने और सुरक्षा चिंताओं के कारण मुश्किलें बढ़ गई थीं. उन्होंने सुरक्षित वापसी के लिए मोदी सरकार और दूतावास का आभार जताया.

ज़ी न्यूज़ 17 Jan 2026 9:59 am

ग्रीनलैंड मुद्दे पर ट्रंप अलग-थलग पड़े, रिपब्लिकन–डेमोक्रेट सांसदों का संयुक्त दल डेनमार्क के समर्थन में उतरा

ग्रीनलैंड को लेकर यह विवाद अब महज विदेश नीति का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह अमेरिकी घरेलू राजनीति में भी गहराते मतभेदों का प्रतीक बन गया है। रिपब्लिकन पार्टी के भीतर दोफाड़ की स्थिति ने राष्ट्रपति ट्रंप के लिए एक बार फिर राजनीतिक शर्मिंदगी खड़ी कर दी है।

देशबन्धु 17 Jan 2026 9:54 am

बडगाम में ईरान के समर्थन में प्रदर्शन, अशांति फैलाने के लिए लोगों ने अमेरिका-इजरायल को घेरा

ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ लोगों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स में किए गए दावों के अनुसार, दो हजार से ज्यादा लोग इस दौरान मारे गए और दस हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया

देशबन्धु 17 Jan 2026 9:24 am

मचाडो ने ट्रंप को पीस प्राइज दे तो दिया, लेकिन नोबेल कमेटी ने बता दी विनर की 'हद', याद दिलाई 2001 की घटना

Maria Corina Machado: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो अपना शांति का नोबेल भेंट किया था. उनकी भेंट के बाद अब नोबेल कमेटी का जवाब आया है. जानिए कमेटी ने क्या कहा है.

ज़ी न्यूज़ 17 Jan 2026 9:21 am

मियामी में फिर आमने-सामने होंगे यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल

यूक्रेन और अमेरिका की टीमें शनिवार को मियामी में एक बार फिर बातचीत करने जा रही हैं

देशबन्धु 17 Jan 2026 8:19 am

ईरान पर हमले से पीछे क्यों हटा अमेरिका:नेतन्याहू ने किस मजबूरी में ट्रम्प को रोका; क्या बरकरार रहेगी खामेनेई की इस्लामिक सत्ता

15 जनवरी को लगने लगा कि ट्रम्प अब कुछ ही घंटे में ईरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं। नेतन्याहू का विमान इजराइली एयर स्पेस से बाहर कहीं 'सेफ जगह' पर चला गया। कतर के अमेरिकी एयरबेस से सैनिक हटाए जाने लगे। पेंटागन के आसपास पिज्जा के ऑर्डर्स बढ़ गए। ऐसा तभी होता है, जब अमेरिका कोई बड़ा एक्शन लेने वाला होता है। फिर अचानक ईरान को लेकर ट्रम्प के तेवर नरम पड़ गए। आखिर ईरान पर हमले से पीछे क्यों हटे ट्रम्प, नेतन्याहू ने किस मजबूरी में ट्रम्प से हमला टालने को कहा, क्या अब सुप्रीम लीडर खामेनेई की सत्ता बनी रहेगी, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में... सवाल-1: ईरान पर हमले का आदेश देने से पीछे क्यों हटे ट्रम्प?जवाब: 13 जनवरी को ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर ईरान के प्रदर्शनकारियों से कहा, 'प्रोटेस्ट करते रहिए। मदद रास्ते में है।' कई अमेरिकी रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प ईरान पर हमले का मन बना चुके थे, लेकिन अचानक उनके पीछे हटने की 4 बड़ी वजहें हैं... 1. नेतन्याहू ने ट्रम्प को हमला करने से मना किया 2. सऊदी अरब, कतर जैसे देशों ने विरोध किया 3. अमेरिका अभी हमले के लिए पूरी तरह तैयार नहीं 4. ईरान में प्रदर्शन कमजोर हुए, फांसी टाली गईं सवाल-2: सऊदी अरब, इजराइल ने ट्रम्प को हमला करने से क्यों रोका?जवाब: NYT की रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत, कतर, सऊदी अरब जैसे देशों ने अमेरिकी ऑफिसर्स से कहा कि ईरान पर हमला हुआ, तो इलाके में एक बड़ा संघर्ष छिड़ जाएगा। ईरान मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेसेज को टारगेट कर सकता है। इससे पहले 22 जून 2025 को जब अमेरिका ने अपने B2 बॉम्बर विमानों से ईरान की 3 न्यूक्लियर साइट्स पर हमले किए थे, तब ईरान ने अगले ही दिन कतर में अमेरिकी एयरबेस 'अल-उदैद' पर एयरस्ट्राइक कर दी थी। जबकि कतर, इजराइल और ईरान के बीच सीजफायर के लिए मध्यस्थता कर रहा था। दरअसल, मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 19 मिलिट्री बेस हैं। इनमें से 8 अरब देशों में अमेरिका ने स्थायी अड्डे बनाए हैं। इनमें बहरीन, इजिप्ट, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और UAE जैसे देश हैं। ये सभी देश अमेरिका के आर्थिक और डिफेंस मामलों में सहयोगी हैं। तेल व्यापार और डिफेंस पार्टनरशिप के बदले अमेरिका इन देशों को सुरक्षा की गारंटी देता है। वहीं ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को समर्थन देने के बावजूद इजराइल नहीं चाहता कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर हमला करे। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन में स्ट्रैटजिक स्टडीज प्रोग्राम के डिप्टी डायरेक्टर विवेक मिश्र के मुताबिक, इसके पीछे 2 वजहें हैं… सवाल-3: क्या ईरान में सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट रुकने वाले हैं?जवाब: ईरान में प्रोटेस्ट धीमा पड़ता हुआ दिख रहा है, हालांकि इसके पूरी तरह खत्म होने के संकेत नहीं हैं। द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के सख्त रुख के चलते हालात अस्थायी रूप से शांत होते नजर आ रहे हैं। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों के लोगों ने कहा है कि कुछ दिन पहले सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधे टकराव हो रहे थे, लेकिन अब शांति है। सड़कों पर पहले जैसी भीड़, गोलीबारी और आगजनी नहीं दिख रही। ईरान प्रशासन की तरफ से भी अब प्रदर्शनकारियों के लिए नरम भाषा में संदेश जारी किए जा रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि सरकार देश में स्थिति सुधारने, भ्रष्टाचार और मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है। सवाल-4: क्या वाकई प्रदर्शनकारियों की फांसी पर रोक लगा दी गई है?जवाब: ईरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर तेज ट्रायल और जल्दी से फांसी देने का ऐलान किया था। हालांकि, अब फांसी पर रोक लगा दी गई है। NYT के मुताबिक, दो इजराइली ऑफिसर्स ने कहा कि ईरान में सरकार की सख्त कार्रवाई और इंटरनेट सर्विसेज ठप होने के चलते प्रोटेस्ट कमजोर हुए हैं और प्रदर्शनकारियों की हत्याओं में कमी आई है। यह भी कहा जा रहा है कि अमेरिका की धमकी के बाद ईरान ने प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रोकी हैं। इरफान को फांसी दिए जाने की चर्चा के बाद ट्रम्प ने कहा था , 'अगर वे फांसी देते हैं, तो आप कुछ भयानक देखेंगे।' ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि ईरान में करीब 12 हजार लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं। हालांकि अमेरिकी संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स ने बताया कि अब तक करीब 2,550 हत्याएं हुई हैं। चीन के बाद ईरान दुनिया का दूसरा देश है, जहां सजा के तौर पर सबसे ज्यादा लोगों को फांसी दी जाती है। इसके बाद दूसरे स्थान पर चीन है। 2025 में ईरान ने करीब 1,500 लोगों को फांसी दी थी। सवाल-5: क्या ईरान में खामेनेई की इस्लामिक सत्ता बनी रहेगी?जवाब: ईरान में जब विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, उस समय ट्रम्प ने वेनेजुएला से राष्ट्रपति मादुरो को उठवा लिया था। इसके बाद जब ट्रम्प ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया, तो कहा जाने लगा कि अमेरिका खामेनेई का तख्तापलट करवा सकता है। विवेक मिश्र कहते हैं कि जब तक ईरान में सेना पर खामेनेई का कंट्रोल है, उन्हें हटाना या उनका तख्तापलट करना मुश्किल है। कमरतोड़ महंगाई के बावजूद ईरान में वेनेजुएला जैसे राजनीतिक हालात नहीं हैं। वहां कोई विपक्ष नहीं है और न ही विरोध प्रदर्शनों का कोई एक लीडर है। ईरान के आखिरी राजशाही शासक रहे मोहम्मद शाह के बेटे रजा पहलवी अमेरिका में रह रहे हैं। हालांकि ट्रम्प ने कहा है कि वह ईरान में सत्ता संभालने के लिए अभी तैयार नहीं हैं। रजा पहलवी ट्रम्प से मिलना भी चाहते थे, लेकिन ट्रम्प नहीं मिले। ईरान को उसके सहयोगी देशों से भी मदद मिल रही है। दरअसल, ईरान में इंटरनेट पर बैन के बाद मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने ईरान में फ्री इंटरनेट देना शुरू कर दिया था। कई शहरों में ईरान ने इस सर्विस को भी बंद कर दिया। विवेक मिश्रा कहते हैं कि स्टारलिंक को ठप करने की तकनीकी क्षमता ईरान में नहीं है। उसे चीन जैसे देश ये तकनीकी मदद दे रहे हैं। सवाल-6: क्या अमेरिका वाकई ईरान पर हमला करने वाला था?जवाब: 14-15 जनवरी के घटनाक्रम से ईरान पर अमेरिका के बड़े हमले के कयास लगाए जा रहे थे... सवाल-7: क्या ट्रम्प आगे ईरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं?जवाब: हां, आने वाले कुछ दिनों में ईरान पर अमेरिकी हमले की संभावनाओं को खारिज नहीं किया जा सकता। इसके पीछे 2 बड़े तर्क हैं…1. ट्रम्प के इरादे पर भरोसा नहीं किया जा सकता 2. अमेरिका सैन्य तैयारी का समय ले रहा विवेक मिश्र कहते हैं कि टैक्टिकली अभी अमेरिका के लिए ईरान पर हमले का सबसे बढ़िया मौका है। ईरान इस समय सबसे ज्यादा कमजोर है। इस पूरे तनाव की जड़ ईरान के न्यूक्लियर बम बनाने की कोशिश है। ऐसे सबूत नहीं हैं कि ईरान ने अपना वो प्रोग्राम रोक दिया है। इसलिए अमेरिका अपने मुताबिक सत्ता लाकर ईरानी तेल पर कब्जा और न्यूक्लियर खतरे को जड़ से खत्म करना चाहता है। ----- रिसर्च सहयोग- ऐश्वर्य राज ----- ये खबर भी पढ़िए... आज का एक्सप्लेनर: नेतन्याहू ने इजराइल छोड़ा, पेंटागन में पिज्जा खपत बढ़ी, युद्धपोत मुड़े; 7 संकेत बता रहे ईरान पर जल्द हमला करेगा अमेरिका इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के देश से बाहर जाने की खबरें हैं, अमेरिकी युद्धपोत मिडिल ईस्ट की तरफ मुड़ चुके हैं, ईरान के एयरस्पेस से विमान गायब हैं और पेंटागन में पिज्जा की डिमांड बढ़ गई है। ये सभी बातें इशारा कर रही हैं कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान पर बड़ा हमला कर सकता है… शायद आज रात ही। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 7:43 am

ईरान में फंसे भारतीय स्टूडेंट, पैसे खत्म, हॉस्टल में कैद:फैमिली बोली- बच्चे चावल नहीं खरीद पा रहे, सरकार कह रही खुद टिकट खरीदो

‘ईरान में हम सब अच्छे हैं। शाम को प्रदर्शन होते हैं, लेकिन हम हॉस्टल से नहीं निकलते। आप लोग ज्यादा टेंशन मत लेना। यहां महंगाई की वजह से प्रदर्शन हो रहे हैं। 6 बजे के बाद कर्फ्यू लग जाता है। अभी हमें ईरान छोड़कर भारत लौटने को नहीं कहा गया है। ये भी नहीं पता है कि हम लौटेंगे ही, इसलिए इंतजार मत करना।‘ कश्मीर के बडगाम की रहने वाली अनीका जान ईरान में MBBS की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने अपनी खैरियत बताने के लिए एक वीडियो फैमिली को भेजा है। ईरान में 28 दिसंबर से महंगाई को लेकर सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं। इंटरनेट और मोबाइल सेवा बंद है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका के दखल के बाद प्रदर्शन हिंसक हो गए। अब तक 2,677 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 19,097 लोग अरेस्ट किए गए हैं। ईरान में प्रदर्शन और हिंसा के बीच अनीका की तरह भारत के करीब 3 हजार मेडिकल स्टूडेंट्स फंसे हैं। परिवारों का आरोप है कि तेहरान में इंडियन एंबेसी मदद नहीं कर रही है। श्रीनगर में रहने वाले अब्दुल हमीद कहते हैं कि बैंक बंद हैं और बच्चों के पास पैसे खत्म हो गए हैं। रोजमर्रा के सामान खरीदना मुश्किल है। सरकार ने कहा है कि भारतीय नागरिक किसी भी तरह ईरान से निकल जाएं। बच्चे फ्लाइट के टिकट कहां से खरीदें। सरकार को उन्हें वापस लाना चाहिए। हमने कश्मीर में कुछ परिवारों से बात कर ईरान में फंसे भारतीय स्टूडेंट्स का हाल जाना। स्टूडेंट्स के परिवारों से बात…हॉस्टल में कैद स्टूडेंट्स, खाने-पीने का सामान खत्म हो रहा कश्मीर के अनंतनाग में रहने वाले हिलाल अहमद भट की बेटी सहर तेहरान यूनिवर्सिटी से MBBS की पढ़ाई कर रही हैं। हिलाल बताते हैं, 'वहां हालात बहुत खराब हैं। बेटी रोज परेशान हो रही है। हमारे रिश्तेदार और यार-दोस्त हमें दिन में 10-10 बार फोन करके उसकी खैरियत पूछ रहे हैं। वो जानना चाहते हैं कि सहर कब और कैसे वापस आ रही है।' क्या एंबेसी से बच्चों को कोई मदद मिल रही है? इस पर हिलाल बताते हैं, 'अफसर बेटी का नाम लिखकर ले गए थे और उसका पासपोर्ट भी लिया था। 15 जनवरी की शाम सहर का फोन आया, तो उसने बताया कि उसे पासपोर्ट लौटा दिया है। आसपास के लोग बार-बार कह रहे हैं कि यहां हालात बिगड़ रहे हैं और आप लोग निकल जाइए। बेटी के कॉलेज वाले भी ईरान छोड़ने की सलाह दे रहे हैं।' बेटी ने वहां के हालात के बारे में क्या बताया? हिलाल कहते हैं, 'महंगाई आसमान छू रही है। बच्चे हॉस्टल से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उन्हें खाने-पीने की बहुत दिक्कत हो रही है। 250 ग्राम की तेल की बोतल 300 से 400 रुपए में मिल रही है। एक किलो चावल की कीमत हजार रुपए पहुंच गई है। उनके लिए रोजमर्रा का सामान खरीदना मुश्किल हो गया है।' क्या महंगाई की वजह से ही हालात बिगड़े हैं? इस पर वे कहते हैं, 'नहीं, वहां पहले भी महंगाई थी, लेकिन विरोध बढ़ने के बाद से दिक्कत बढ़ गई है। अब खाने-पीने के सामान की कमी हो गई है। बच्चों ने जो सामान पहले से स्टोर करके रखा था, अब वो भी खत्म हो रहा है। हमारे बच्चे बहुत मुश्किलों में जी रहे हैं।' वहां लोगों के जख्मी होने की बात सामने आ रही है? इस पर हिलाल बताते हैं, 'वहां रहने वाले लोग तो ये भी बता रहे हैं कि लाखों लोग जख्मी हैं, लेकिन हम ज्यादा नहीं जानते हैं। बेटी ने इतना जरूर बताया था कि प्रदर्शन के दौरान कश्मीर की एक लड़की जख्मी हुई है। वो कौन है और किस शहर की रहने वाली है, ये नहीं जानते।' हिलाल बेटी की वतन वापसी के लिए सरकार से गुजारिश करते हुए कहते हैं, 'किसी भी तरह हमारी बेटी को वहां से निकाल लाएं। सरकार जो चाहे कर सकती है। सरकार चाहे तो रोज 10 फ्लाइटें चलाकर ईरान में फंसे लोगों को निकाल सकती है। उनके लिए ये कोई काम बड़ा नहीं है। फिर कुछ करके जल्द हमारे बच्चों को भी वहां से निकाल लाइए।' एंबेसी एयरलिफ्ट नहीं कर रही, बच्चे टिकट कैसे कराएंइसके बाद हमने श्रीनगर के रहने वाले सुहेल अहमद काजी से बात की। उनके दोनों बच्चे तेहरान यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। वे बताते हैं, 'इंटरनेट बंद होने की वजह से बेटे और बेटी दोनों से ही पिछले 7-8 दिन से कॉन्टैक्ट नहीं हो पा रहा था। 15 जनवरी को ISD कॉल पर दोनों से बात हो सकी। मुश्किल से एक से दो मिनट की बात करने के बाद कॉल कट गया।' वे कहते हैं, 'सबकी तरह हम भी अपने बच्चों की सलामती चाहते हैं। सरकार से यही गुजारिश है कि अगर वहां बच्चों को किसी तरह का खतरा है और उन्हें निकालने की जरूरत है तो निकाला जाए।' श्रीनगर की ही रहने वाली रेहाना अख्तर की बेटी एलीजा भी तेहरान यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। वे बताती हैं, 'अब तक तो बच्चे गाइडलाइन फॉलो कर रहे थे। घर वापसी की उम्मीद में जैसे-तैसे हॉस्टल में रहकर ही दिन काट रहे थे। 16 जनवरी को एंबेसी ने अचानक बच्चों से कह दिया कि अपने खर्च पर ईरान से निकलो।' 'बच्चों ने रिक्वेस्ट भी की थी कि उनके पास पैसे नहीं हैं, ऐसे में टिकट कैसे कराएं। इंटरनेट बंद है, ऐसे में फैमिली भी टिकट नहीं करा सकती है। आप हमें एयरलिफ्ट करने में मदद करिए, लेकिन एंबेसी ने साफ मना कर दिया। अफसरों ने कहा कि हमने एक बार आपको एयरलिफ्ट किया, अब नहीं कर सकते हैं।' 'एंबेसी बच्चों पर ही दबाव बना रही है कि वे जल्द से जल्द यहां से निकलने की कोशिश करें। इस वक्त फ्लाइट बहुत महंगी हो गई है। बच्चों के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वे टिकट कराकर घर लौटे सकें।' बच्चों के पास टिकट के पैसे नहीं, मां-बाप लाचार, सरकार मदद करेश्रीनगर के रहने वाले सुलेमान अहमद का बेटा भी ईरान में पढ़ रहा है। वे जम्मू-कश्मीर सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय एंबेसी से अपील करते हुए कहते हैं, 'अधिकारियों को स्टूडेंट्स की मुश्किलों को गंभीरता से लेना चाहिए ताकि बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर न हो और वे सुरक्षित रहें।' 'हम उनके पेरेंट्स हैं, लेकिन इस वक्त उनके लिए कुछ भी नहीं कर सकते हैं क्योंकि हम लाचार हैं। हमारे पास न तो इतने पैसे हैं और न ही वहां जाने का कोई साधन है। अभी बच्चों के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वे टिकट वगैरह करा सकें। सरकार ने ईरान-इजराइल जंग के दौरान भी स्टूडेंट्स को एयरलिफ्ट कराया था। इस बार भी उसी तरह कराना चाहिए। सरकार तय करे कि हमारे बच्चे घर तक सुरक्षित पहुंचें।' श्रीनगर के ही रहने वाले अब्दुल हमीद कहते हैं, 'ईरान की स्थिति बहुत खराब है। आज तक हमारी राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर एक भी बयान जारी नहीं किया कि हमें थोड़ा सुकून मिल सके। हमारी उनसे अपील है कि वे विदेश मंत्रालय के साथ बातचीत करके हमारे बच्चों को ईरान से निकालने की कोशिश करें।' 'जबसे हमने सुना है कि इंडियन एंबेसी ने स्टूडेंट्स से कहा है कि वो अपने टिकट का इंतजाम खुद करें तो हमारा तनाव बढ़ गया है क्योंकि इस वक्त ये मुमकिन नहीं है। वहां बच्चे बहुत लाचार हैं। बाजार बंद हैं, बैंक बंद हैं, उनके पास पैसे नहीं है। वो बहुत परेशान और निराश हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि सरकार ठोस और वाजिब कदम उठाए और एंबेसी की मदद से बच्चों को घर वापस लाए।' स्टूडेंट्स को उनके हाल पर छोड़ा, सरकार के एक्शन से मायूसजम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) के नेशनल कन्वीनर नासिर खुएहामी ने बताया कि ईरान में करीब 3 हजार भारतीय स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। ये अलग-अलग शहरों जैसे मशहद, तेहरान और शिराज में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से करीब 2 हजार स्टूडेंट्स कश्मीर घाटी के हैं। नासिर कहते हैं, ‘भारत सरकार ने एक सलाह जारी की है, जिसमें भारतीय नागरिकों, स्टूडेंट्स और युवा पेशेवरों से ईरान छोड़ने की गुजारिश की गई है। हालांकि ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और मौजूदा हालात के बीच स्टूडेंट्स परेशान हैं कि वे कहां जाएं। उनके लिए अकेले निकलना सेफ नहीं है। स्टूडेंट्स के साथ ही उनके पेरेंट्स भी परेशान हैं कि उन्हें ईरान से कैसे निकाला जाए।‘ ‘कई पेरेंट्स ने जम्मू-कश्मीर सरकार से कॉन्टैक्ट कर गुजारिश की है कि इस मामले को भारत सरकार के साथ उठाए। हमने भी भारत सरकार से इस मामले में दखल देने और स्टूडेंट्स की वापसी का इंतजाम करने के लिए लेटर लिखा है। जैसे पिछले कई मौकों पर अभियान चलाकर भारतीयों को निकाला गया, वैसे ही इस बार भी किया जाए।‘ ‘हालांकि भारत सरकार की तरफ से अब तक ऐसा कुछ नहीं बताया गया है कि स्टूडेंट्स को निकालने के लिए कोई इंतजाम किया गया है या नहीं। उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। स्टूडेंट्स से कहा जा रहा है कि वे खुद फ्लाइट बुक कर घर लौटें। ऐसे में उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसलिए हमारी भारत सरकार से अपील है कि वो स्टूडेंट्स की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए उनके लौटने का इंतजाम करे।‘ भारतीयों को एयरलिफ्ट करने वाला ‘ऑपरेशन स्वदेश’ रुकाईरान से केंद्र सरकार ने भारतीयों को एयरलिफ्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन स्वदेश’ शुरू किया है। पहली स्पेशल फ्लाइट 16 जनवरी को तेहरान से नई दिल्ली पहुंचने वाली थी। हालांकि इसे स्थगित कर दिया गया है। तेहरान में इंडियन एंबेसी के अधिकारियों ने बताया कि अभियान को फिलहाल स्थगित किया गया है। दूतावास के अधिकारी स्टूडेंट्स के सीधे संपर्क में हैं और अगर उन्हें निकालने के लिए जरूरत पड़ी तो उन्हें बताया जाएगा। ईरान से कुछ भारतीय स्टूडेंट्स खुद फ्लाइट बुक करके भारत लौट रहे हैं। इनमें से ज्यादातर कश्मीर के रहने वाले हैं। स्टूडेंट्स का एक ग्रुप शिराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शारजाह होते हुए नई दिल्ली पहुंच रहा है। भारतीय नागरिकों को ईरान न जाने की सलाह15 जनवरी को विदेश मंत्री एस जयशंकर की ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत हुई। उन्होंने ईरान के हालातों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को ईरान न जाने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। भारत सरकार की ये एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस धमकी के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि अगर ईरान देशभर में हो रहे प्रदर्शनों का हिंसा से जवाब देना जारी रखता है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है।....................ये खबर भी पढ़ें... क्या पाकिस्तान से आए लोगों ने ईरान में भड़काई हिंसा ईरान का हाल बता रहे अहमद अब्बास राजधानी तेहरान में रहते हैं। वे दावा करते हैं कि बढ़ती महंगाई से लोगों में बेचैनी थी। पेट्रोल की कीमत 15 से बढ़कर 25 रुपए हो गई। 10 रुपए की रोटी 15 रुपए में मिलने लगी। इसके विरोध में लोग पहली बार 28 दिसंबर 2025 को तेहरान की सड़कों पर उतरे। अहमद का दावा है कि अमेरिका और इजराइल के दखल से प्रोटेस्ट हिंसक हो गया। देश में बीते 17 दिन में 2500 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 5:05 am

कहीं ICE का खौफ तो कहीं सीधे सेना उतार रहे... क्या खामेनेई की राह पर चल रहे ट्रंप?

US News:ईरान में छिड़ी बगावत को हवा देने वाले ट्रंप खुद घिर गए हैं.अमेरिका में ईरान जैसी बगावत की चिंगारी दिख रही है. जिसे बुझाने के लिए ट्रंप अपने ही देश में लोगों के खिलाफ सेना उतारने की धमकी दे रहे हैं. इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट एजेंट्स को लेकर लोगों का आक्रोश इतना ज्यादा हो गया कि ट्रंप भड़क गए.

ज़ी न्यूज़ 17 Jan 2026 1:11 am

पाकिस्तानी रेलवे का हाल-बेहाल, 20 साल से पुराने इंजनों के सहारे पटरी पर दौड़ रही ट्रेन

Pakistan Railway: कमेटी की तरफ से पैसेंजर कोचों में खराब एयर कंडीशनिंग की समस्या पर भी चर्चा की गई. जिसको लेकर अधिकारियों ने कहा कि ज्यादा पुराने एसी यूनिट होने की वजह से इनमें खराबी बढ़ रही है.

ज़ी न्यूज़ 17 Jan 2026 12:19 am

DNA: नोबेल देकर सत्ता की आस? मचाडो की ‘मेडल डिप्लोमेसी’ क्या दिला पाएगी बड़ी कुर्सी, अवार्ड पाकर ट्रंप का खिला चेहरा

Maria Corina Machado-Donald Trump News: वेनेजुएला में विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल पीस प्राइज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गिफ्ट कर दिया है. सवाल है कि क्या ये ‘मेडल डिप्लोमेसी’ मचाडो को बर्सी कुर्सी दिला पाएगी.

ज़ी न्यूज़ 17 Jan 2026 12:01 am

वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के खिलाफ केप टाउन में जोरदार प्रदर्शन

वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका की विधायी राजधानी केप टाउन में प्रदर्शन किया गया

देशबन्धु 16 Jan 2026 11:40 pm

‘काफिर को वोट देना हराम’, बांग्लादेश चुनाव से पहले मौलवियों के भड़काऊ फतवे, हिंदू होना बना सबसे बड़ा अपराध

Violence against Hindus in Bangladesh News: बांग्लादेश में कुछ महीने बाद होने जा रहे आम चुनावों से पहले हिंदुओं के खिलाफ जमकर जहर उगला जा रहा है. कई ऐसे वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें मौलाना कह रहे हैं कि ‘काफिर को वोट देना हराम’ है.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 11:36 pm

DNA: अचानक ट्रंप ने क्यों टाल दिया ईरान पर हमला? सब काम छोड़ अमेरिका पहुंचे मोसाद चीफ

DNA: डोनाल्ड ट्रंप ने ना सिर्फ अयातुल्ला खामेनेई जैसा रवैया अपना लिया है बल्कि उन्होंने खामेनेई के देश ईरान पर हमला करने का प्लान भी फिलहाल के लिए टाल दिया है. ट्रंप के इस फैसले से पूरी दुनिया हैरान है. आज हम, खामेनेई और ट्रंप में वॉर कैंसल की इनसाइड स्टोरी बताएंगे. ये डॉनल्ड ट्रंप ही थे जिन्होंने कुछ हफ्तों पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अगवा करा लिया था. आखिर वही ट्रंप हमला करने के फैसले से पीछे क्यों हटे.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 11:11 pm

इरफान सुल्तानी पर खाया रहम तो इस रेसलर को मिली थी मौत, कौन हैं नाविद अफकारी, जिसे प्रदर्शन करने के लिए ईरान ने दी थी फांसी

Iran Protest: ईरान में बढ़ते प्रदर्शन के बीच वहां की सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन ले रही है. बता दें कि साल 2020 में ईरान के फेमस रेसलर नाविद अफकारी को मौत की सजा सुनाई गई थी.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 9:00 pm

ब्रिटेन की संसद में गूंजा बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का मुद्दा, सांसद बॉब ब्लैकमैन ने यूनुस सरकार से की कार्रवाई की मांग

British Parliament:यूके कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई. उन्होंने हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा कि हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं. ब्लैकमैन ने बांग्लादेश के 12 फरवरी चुनावों को लोकतांत्रिक चिंताओं के बीच बताया जिसमें अवामी लीग को चुनाव से बैन किया गया और इस्लामिक कट्टरपंथियों ने संविधान में बदलाव की मांग की है.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 1:42 pm

काबुल की मेडिकल शॉप से उठा भरोसे का तूफान! अफगानिस्तान में भारतीय दवाइयों की बढ़ रही मांग?

Indian Medicines Dominate Afghanistan Market: अफगानिस्तान में अब भारतीय दवाइयों की मांग तेजी से बढ़ रही है. काबुल के लोगों का कहना है कि भारत में बनी दवाइयां न सिर्फ सस्ती हैं बल्कि असर में भी पाकिस्तानी दवाइयों से बेहतर हैं. एक अफगान ब्लॉगर के अनुभव के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 12:32 pm

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की कब्जे की जिद से बढ़ा आर्कटिक तनाव, यूरोप ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी

ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन और आर्कटिक मार्गों पर नियंत्रण इसे वैश्विक शक्तियों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम बनाते हैं। अमेरिका, रूस और चीन के बीच आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने इस विवाद को और संवेदनशील बना दिया है।

देशबन्धु 16 Jan 2026 11:28 am

कभी दौलत और शक्ति के केंद्र थे ये शहर, समंदर में दफन हैं चौकाने वाले सबूत; श्री कृष्ण की नगरी भी शामिल

Ancient Cities Submerged Underwater: दुनिया में कई ऐसे बड़े और मशहूर शहर रहे हैं जो कभी आबाद थे. हालांकि प्राकृतिक आपदाओं के चलते हमेशा के लिए समुद्र ने उन्हें निगल लिया. हैरानी की बात यह है कि आज भी इन शहरों के साफ-साफ सबूत पानी के नीचे मौजूद हैं.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 10:30 am

150 साल बाद स्पेन में होने जा रही अनोखी बात, कौन है वो राजकुमारी जिसने 20 साल की उम्र में रच दिया इतिहास

Princess Leonor Spain: स्पेन में 150 साल बाद एक बार फिर महिला शासक बनने वाली हैं. 20 साल की राजकुमारी लियोनोर बहुत जल्द स्पेन की रानी बनेंगी. उन्होंने सिंहासन संभालने से पहले सेना, नौसेना और वायुसेना की पूरी ट्रेनिंग भी पूरी कर ली है.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 10:02 am

गोलीबाज बने हीरो! शेख हसीना को सत्ता से बेदखल करने वालों को यूनुस का बड़ा तोहफा, ‘योद्धा’ बताकर कानून में दी खास छूट

बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने उन प्रदर्शनकारियों को बड़ा तोहफा दिया है जिन्होंने जुलाई 2024 में प्रदर्शन किए और 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार को गिराया. अब सरकार उनके लिए खास अध्यादेश लेकर आई है.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 9:42 am

ईरान पर हमले से पीछे हटे ट्रंप... जानें कैसे सऊदी, कतर, मिस्र और ओमान ने टाला युद्ध का खतरा?

खाड़ी देश के अधिकारी ने बताया कि सऊदी अरब, कतर, ओमान और मिस्र ने अमेरिकी प्रशासन को साफ शब्दों में आगाह किया कि ईरान पर किसी भी तरह का सैन्य हमला पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैला सकता है।

देशबन्धु 16 Jan 2026 9:42 am

यूक्रेन पर अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखना जरूरी: क्रेमलिन

क्रेमलिन ने कहा कि यूक्रेन मुद्दे पर अमेरिका के साथ संवाद जारी रखना आवश्यक और महत्वपूर्ण है।

देशबन्धु 16 Jan 2026 9:37 am

कराची मदरसे में मासूम की मौत, आरोपी शिक्षक को मिली जमानत

पाकिस्तान के कराची के मंघोपीर इलाके में एक मदरसे के शिक्षक को छह वर्षीय छात्र के साथ कथित रूप से मारपीट करने के मामले में जमानत मिल गई है। इस घटना में गंभीर रूप से घायल बच्चे ने बाद में दम तोड़ दिया था

देशबन्धु 16 Jan 2026 9:35 am

बांग्लादेश में जनमत संग्रह जागरूकता अभियान की शुरुआत

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की सलाहकार परिषद के सदस्यों ने देशव्यापी जनजागरूकता अभियान की शुरुआत कर दी है

देशबन्धु 16 Jan 2026 9:29 am

शैडो बैंकिंग, फरदिस जेल समेत कई अधिकारियों की बढ़ी मुश्किलें; ट्रंप ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध

US-Iran Tensions: ईरान मेंअशांति के बीच अमेरिका ने कई ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च परिषद के सचिव अली लारीजानी शामिल हैं. अमेरिका ने फरदिस जेल और ईरान के शैडो बैंकिंग नेटवर्क से जुड़े 18 व्यक्तियों व संस्थाओं को भी प्रतिबंधित किया है जिन पर मनी लॉन्ड्रिंग और दमन में शामिल होने के आरोप हैं.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 8:13 am

'1976 का शाही गिफ्ट, 2026 में भी उड़ रहा है...', ईरान ने क्यों संभाल रखा है 'टॉप गन' फाइटर F-14?

Iran F-14: ईरान और अमेरिका के बीच लगातार तनाव बढ़ रहा है. दोनों देश के नेता एक दूसरे पर टिप्पणी कर रहे हैं. इसी बीच हम बताने जा रहे हैं उस फाइटर जेट्स के बारे में जो दुनिया से रिटायर हो गया है लेकिन ईरान ने इसे संभाल रखा है. आइए जानते हैं इसके पीछे की क्या वजह है.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 7:43 am

कौन हैं महमूद खलील जिनकी रिहाई को अमेरिकी अदालत ने किया रद्द? हमास के लिए ट्रंप से ले चुके हैं पंगा

Donald Trump: अमेरिका की संघीय अपील अदालत ने फिलिस्तीन समर्थक महमूद खलील की रिहाई के निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है जिसे ट्रम्प प्रशासन ने बड़ी जीत बताया. इससे खलील की दोबारा गिरफ्तारी और निर्वासन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, हालांकि आदेश तत्काल लागू नहीं होगा.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 7:29 am

ट्रंप की चेतावनी से कांपा तेहरान! 800 फांसियों पर लगाई रोक, अमेरिकी दबाव के आगे झुका ईरान?

Iran Executions Halted: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद ईरान ने 800 लोगों की फांसी की योजना रोक दी है. व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि की है. यह बता ऐसे समय पर सामने आई है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने के दौरान हजारों लोगों की मौत की खबरें आ रही हैं.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 7:28 am

युद्धग्रस्त यमन में सत्ता पलटी, पीएम बिन ब्रिक आउट; सऊदी या यूएई- कौन चला रहा रिमोट?

Yemen PM Resigns: यमन से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यमन की सऊदी समर्थित प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) ने प्रधानमंत्री सलेम बिन ब्रिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 6:30 am

ट्रंप को मिल ही गया नोबेल पीस प्राइज? व्हाइट हाउस में मचाडो से मुलाकात के दौरान क्या हुआ?

Venezuela Opposition Leader Meets Trump: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की है. यह उनकी पहली आमने-सामने मुलाकात थी. इस बातचीत के दौरान माचाडो ने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया है.

ज़ी न्यूज़ 16 Jan 2026 6:22 am

DNA: ईरान पर हमला लेकिन युद्ध से क्यों कतरा रहा अमेरिका? क्या है ट्रंप का खामेनेई पर 'लिमिटेड अटैक' प्लान

America Attack On Iran: ईरान पर हमले को लेकर हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने एक बैठक की. इसमें उन्होंने खामेनेई शासन को मजबूत झटका देने की बात कही है.

ज़ी न्यूज़ 15 Jan 2026 11:36 pm

DNA: पेंटागन में अचानक क्यों बढ़ी पिज्जा की डिमांड? ईरान जंग से क्या है बड़ा कनेक्शन

America To Attack On Iran: ईरान और अमेरिका के बीच जल्द ही भाषण जंग होने वाली है या फिर अमेरिका ईरान पर जल्द ही कोई बड़ा हमला कर सकता है. इसको लेकर कई संकेत देखने को मिले हैं.

ज़ी न्यूज़ 15 Jan 2026 11:32 pm

क्या अमेरिका ही खत्म कराएंगा यूक्रेन युद्ध, रूस ने क्यों कहा ट्रंप से बातचीत जारी रखना जरूरी; क्या है मॉस्को का अगला प्लान?

रूस ने कहा है कि यूक्रेन के मसले पर अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखना जरूरी है. मॉस्को की ओर से बयान ऐसे समय पर आया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों कहा था कि रूस किसी समझौते के लिए तैयार हैं, जबकि यूक्रेन उतना तैयार नजर नहीं आता.

ज़ी न्यूज़ 15 Jan 2026 11:07 pm

आखिर क्या चाहता है अमेरिका! ट्रंप-मचाडो की बैठक से पहले US की बड़ी कार्रवाई, वेनेजुएला का एक और टैंकर जब्त

अमेरिका ने एक बार फिर वेनेजुएला से जुड़े तेल टैंकर वाले जहाज को जब्त किया है. अमेरिकी सेना की ओर से इस कार्रवाई को अंजाम दियाय गया है. अमेरिका की ओर से जब्त किया गया यह छठा जहाज है.

ज़ी न्यूज़ 15 Jan 2026 10:39 pm

ईरान के साथ जंग नहीं चाहता अमेरिका? ट्रंप की धमकी के बाद आया बड़ा अपडेट, युद्ध से क्यों पीछे हट रहे सैनिक

US Army Not Ready For War With Iran: ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने ऐसे एक्शन प्लान की डिमांड रखी है, जिसमें एक ही स्ट्राइक में ईरान के मामले का समाधान हो सके.

ज़ी न्यूज़ 15 Jan 2026 10:27 pm

पहले मारी गोली फिर मांगी कीमत... क्या है ईरान की 'बुलेट फीस', जिसके बिना परिवारों को नहीं मिल रहे प्रदर्शनकारियों के शव

Iran Protest Bullet Fee: ईरान की राजधानी तेहरान में प्रदर्सन के दौरान मारे गए प्रदर्शनकारियों का शव तब तक उनके परिवारों को नहीं दिया जा रहा जब तक कि वे बुलेट फीस न भर दें.

ज़ी न्यूज़ 15 Jan 2026 8:11 pm

Donald Trump: यूक्रेन-रूस वॉर का होगा The End? जेलेंस्की से मिलने जा रहे ट्रंप, पुतिन को लेकर किया बड़ा दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह दावोस में होने वाले विश्व आर्थिक मंच पर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे. हालांकि, एक साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध समाप्त कराने में जेलेंस्की कम इंटरेस्ट दिखा रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 15 Jan 2026 4:59 pm

'क्या पुरुष भी हो सकते हैं प्रेग्नेंट?' अमेरिकी सीनेट में डॉक्टर से पूछा गया सवाल, जवाब ने दुनिया को कर दिया दंग

Men Pregnant News in Hindi: क्या पुरुष भी महिला की तरह प्रेग्नेंट हो सकते हैं? अमेरिकी सीनेट में भारतीय मूल की एक डॉक्टर से यह अजब सवाल पूछा गया. लेकिन उनका जवाब और भी कूटनीतिक था. जिससे सभी सीनेटर्स चुप रह गए.

ज़ी न्यूज़ 15 Jan 2026 4:20 pm

ईरान में बढ़ते संकट के बीच भारत की एडवाइजरी, नागरिकों से तुरंत निकलने की अपील; 2000 कश्मीरी छात्र फंसे

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी कर छात्रों, पर्यटकों, कारोबारियों और धार्मिक यात्रा पर गए भारतीयों से उपलब्ध साधनों के जरिए जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकलने का आग्रह किया है।

देशबन्धु 15 Jan 2026 4:18 pm

तो गल गई शहबाज की दाल, ट्रंप की फैमिली ने मिलाया पाकिस्तान से हाथ, इस एग्रीमेंट पर किया साइन

US Pakistan Relation: पाकिस्तान पिछले कई महीनों से अमेरिका का चक्कर लगा रहा था. अब खबर है कि पाकिस्तान ने वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल से जुड़ी एक फर्म के साथ एक एग्रीमेंट साइन किया है. ये कंपनी ट्रंप परिवार की है.

ज़ी न्यूज़ 15 Jan 2026 1:31 pm

गायक जुबिन गर्ग की मौत को लेकर सिंगापुर में अदालत में बड़ा खुलासा, सामने आई यह बात

मामले के मुख्य जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि जुबिन गर्ग उस दिन एक निजी नौका पर करीब 20 लोगों के साथ मौजूद थे। इनमें उनके दोस्त और सहकर्मी शामिल थे। सभी लोग लाजरस द्वीप के पास समुद्र में समय बिता रहे थे।

देशबन्धु 15 Jan 2026 12:29 pm

ट्रंप तो फिर बम बरसा देंगे, पर ईरानी मिसाइलें कहां तक पहुंच पाएंगी? ये 8 टारगेट निशाने पर

अमेरिका तो 37 घंटे बॉम्बर उड़ाकर ईरान पर हमला कर सकता है लेकिन सवाल यह है कि जिस तरह से तेहरान जवाबी कार्रवाई की बात कर रहा है क्या उसकी मिसाइलें अमेरिका पहुंच पाएंगी? इसे समझने के लिए दुनिया का मैप देखना होगा. ईरान की लोकेशन और अमेरिका का मेनलैंड देखिए.

ज़ी न्यूज़ 15 Jan 2026 12:20 pm