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पीओके में बवाल से डरा PAK: विदेशी पत्रकारों के लिए सख्त किए नियम, अब हर कदम पर सरकार से लेनी होगी मंजूरी?

पीओके में बवाल से डरा PAK: विदेशी पत्रकारों के लिए सख्त किए नियम, अब हर कदम पर सरकार से लेनी होगी मंजूरी?

अमर उजाला 5 Aug 2026 10:11 am

FCRA: भारत में एफसीआरए संशोधन पर अमेरिकी सांसद को क्यों लगा मिर्ची? बोले- संबंधों पर असर पड़ने की आशंका

FCRA: भारत में एफसीआरए संशोधन पर अमेरिकी सांसद को क्यों लगा मिर्ची? बोले- संबंधों पर असर पड़ने की आशंका why-us-congressman-riley-moore-concern-over-fcra-amendment-bill-india

अमर उजाला 5 Aug 2026 10:02 am

Indian Cargo Ship Attack | Red Sea में भारतीय कार्गो जहाज़ पर हमला, डूबने के बाद 13 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया, विदेश मंत्रालय ने जताई सख्त आपत्ति

लाल सागर (Red Sea) में यमन तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक व्यावसायिक कार्गो जहाज़ पर हुए हमले के बाद वह समुद्र में पलटकर डूब गया। इस जहाज़ पर सवार 13 भारतीय नागरिकों समेत सभी 14 क्रू सदस्यों को यमनी कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया है और उन्हें मोखा बंदरगाह पहुँचाया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने व्यावसायिक जहाजों पर हो रहे इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Assembly में TVK सरकार का पहला Budget पेश करेंगी वित्त मंत्री Mary Wilson विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की व्यावसायिक जहाज़ 'MSV फ़ैज़ नूर ओलिय' पर हुए हमले की निंदा करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि रियाद में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और क्रू की सुरक्षा के लिए यमनी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा, हम भारत के झंडे वाले व्यावसायिक जहाज़ 'MSV फ़ैज़ नूर ओलिय' पर हुए हमले की निंदा करते हैं, जो 4 अगस्त, 2026 को यमन के तट के पास रेड सी में डूब गया था। सभी 13 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है। रियाद में हमारा दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और क्रू की सुरक्षा के लिए यमनी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है। हम सहयोग के लिए यमनी अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं। इसे भी पढ़ें: Trisha Krishnan Controversy | 'मेरे साथ आतंकवादी जैसा बर्ताव किया गया', जेल से रिहाई के बाद Udhayanidhi Stalin ने TVK सरकार पर साधा निशाना विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में व्यावसायिक जहाज़ों पर लगातार हो रहे हमले बहुत चिंताजनक हैं। मंत्रालय ने कहा, इस क्षेत्र में व्यावसायिक जहाज़ों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार, इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाज़ों की आवाजाही और व्यापार बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। इस बीच, केंद्रीय बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि उन्होंने मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन के महानिदेशक (DGMA) को निर्देश दिया है कि वे सभी संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर इस क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बचाए गए क्रू को हर ज़रूरी मदद देने के लिए तुरंत कदम उठाएँ। ब्लैक सी में व्यावसायिक जहाज़ पर हमला इससे पहले जुलाई में, ब्लैक सी में एक व्यावसायिक जहाज़ पर हमले के बाद एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी, क्योंकि रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से ज़्यादा समय से चल रहा संघर्ष जारी है। रूस के समुद्री इलाके में मौजूद इस जहाज़ की पहचान मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले 'MV OMORFI' के तौर पर की गई थी। यह जहाज़, जो पिछली बार रूस के सेंट पीटर्सबर्ग बंदरगाह पर रुका था, घटना के समय दस क्रू सदस्यों को ले जा रहा था, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। इसमें यह भी कहा गया कि जहाज़ पर मौजूद अन्य दो भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने यह भी कहा कि रूस में भारतीय मिशन ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया है और मृतक के परिवार की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की है और सभी पक्षों से समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करने का आह्वान किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा, भारत ऐसे हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करता है जो वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाते हैं और निर्दोष नागरिक क्रू सदस्यों की जान को खतरे में डालते हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है कि नेविगेशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्वतंत्रता को बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi Indian MSV Faize Noore Oliya has been hit by a projectile near Yemeni waters, causing the vessel to capsize and sink. India strongly condemns this unprovoked attack on the defenseless mechanised sailing vessel. The safety of our people is our supreme priority & I am relieved to… — Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) August 4, 2026

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 9:59 am

कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति

कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.

आज तक 5 Aug 2026 9:56 am

होर्मुज में तय रूट को लेकर ईरान की US को धमकी, देखें दुनिया आजतक

ईरान ने अमेरिका को धमकी दी है. ईरान ने कहा है कि अगर होर्मुज में तय रूट को बदलने की अगर अमेरिका ने कोशिश की तो अमेरिकी युद्धपोत उड़ा दिए जाएंगे. सीनियर सैन्य सलाहकार ने साथ ही ये बी कहा कि होर्मुज में किसी भी तरह की कोई दखलअंदाजी नहीं बर्दाश्त की जाएगी. ईरान को अमेरिका की नाकेबंदी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है.

आज तक 5 Aug 2026 9:49 am

ईरान की ना, ट्रंप दे रहे धमकी पर धमकी... होर्मुज पर खत्म नहीं हो रहा सस्पेंस

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त चेतावनी दी और कहा कि होर्मुज स्ट्रेट बहुत जल्द खुल जाएगा, नहीं तो बहुत जोरदार हमला होगा, साथ ही उन्होंने दोहराया कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रखेगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज को दोबारा खोलने पर ईरान-ओमान में बातचीत चल रही है.

आज तक 5 Aug 2026 9:41 am

शेख हसीना के खिलाफ विद्रोह करने वाले छात्र संगठनों के बीच भयानक जंग, बांग्लादेश में रंगपुर से लेकर ढाका तक अशांति

ढाका। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के समय जुलाई विद्रोह के दौरान लोकतांत्रिक जागृति का प्रतीक रहे शिक्षण संस्थान दो साल बाद लड़ाई के मैदान में बदल गए हैं। दो दिनों के भीतर जातीयतावादी छात्र दल (जेसीडी) और इस्लामी छात्र शिविर के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें रंगपुर के बेगम रोकेया यूनिवर्सिटी से […]

पांचजन्य 5 Aug 2026 9:14 am

गोल्फ क्लब के पास कार में बंदूक के साथ शख्स गिरफ्तार, ट्रंप की ह्त्या का था प्लान

गोल्फ क्लब के पास कार में बंदूक के साथ शख्स गिरफ्तार, ट्रंप की ह्त्या का था प्लान

समाचार नामा 5 Aug 2026 9:09 am

PoK में पाकिस्तान की बर्बरता का पर्दाफाश: 2 महीने में 90 बेगुनाह नागरिकों की मौत से सुलग उठा पाक अधिकृत कश्मीर

नई दिल्ली/मुज़फ़्फराबाद: भारत के अभिन्न अंग लेकिन पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र 'पाक अधिकृत कश्मीर' (PoK) में मानवीय संकट और नागरिकों पर राजकीय हिंसा अपने चरम पर पहुंच चुकी है। पिछले दो महीनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों, फ्रंटियर कांस्टेबुलरी (FC), पाक रेंजर्स और स्थानीय कठपुतली प्रशासन द्वारा की गई हिंसक कार्रवाई, अंधाधुंध गोलीबारी और हिरासत में प्रताड़ना के कारण 90 से अधिक निर्दोष स्थानीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। पोके के प्रमुख शहरों—मुज़फ़्फराबाद, मीरपुर, रावलाकोट, पलंदरी और कोटली में सब्सिडी की समाप्ति, बिजली की आसमान छूती दरों और पाकिस्तानी सेना के दमनकारी रवैये के खिलाफ ऐतिहासिक जनआंदोलन छिड़ा हुआ है। इस भीषण खून-खराबे और मानवाधिकारों के सरेआम हनन पर भारत सरकार ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए इस्लामाबाद को सख्त कटघरे में खड़ा किया है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान द्वारा पोके में आयोजित किए जाने वाले तथाकथित चुनाव और राजनीतिक प्रक्रियाएं लोकतंत्र के नाम पर एक भद्दा मजाक और दुनिया की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास हैं।पाक अधिकृत कश्मीर में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि स्थानीय नागरिक अपनी ही जमीन पर गुलामों जैसा जीवन जीने को मजबूर हैं। पाकिस्तानी सरकार और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की शह पर निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर जिस तरह से गोलियां बरसाई जा रही हैं, उसने वहां के माहौल को जलते हुए बारूद के ढेर में बदल दिया है।पाक अधिकृत कश्मीर में क्यों भड़का जनआक्रोश? 2 महीने में 90 मौतों की भयावह सच्चाईपोके में उपजे इस उग्र असंतोष की नींव महीनों पहले रखी गई थी, जब 'अवामी एक्शन कमेटी' (Awami Action Committee - AAC) के नेतृत्व में आम नागरिकों ने सरकार की दमनकारी आर्थिक नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। पोके के नागरिक वर्षों से सस्ती बिजली, आटे और गेहूं पर सब्सिडी तथा अपने ही प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस्लामाबाद में बैठी पाकिस्तानी हुकूमत ने उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय सेना और अर्धसैनिक बलों की 15 से अधिक बटालियनों को सड़कों पर उतार दिया।पिछले 60 दिनों के भीतर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, छात्रों, व्यापारियों और बुजुर्गों पर पुलिस की बर्बरता का वो नंगा नाच देखा गया जिसने जलियांवाला बाग जैसी त्रासदी की याद दिला दी। भीड़ को तितर-बितर करने के नाम पर एक्सपायर हो चुके आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया गया और सीधे सिर व छाती को निशाना बनाकर गोलियां चलाई गईं। रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों की सीधी गोलीबारी में 65 से अधिक लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक घायल नागरिकों ने अस्पतालों में समय पर इलाज न मिलने और पुलिस कस्टडी में प्रताड़ना के कारण दम तोड़ दिया। इस हिंसा में 800 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं और सैकड़ों युवाओं को जबरन उठाकर अज्ञात स्थानों पर प्रताड़ित किया जा रहा है।भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की क्रूरता की धज्जियां उड़ाईंपोके में निर्दोष नागरिकों की सिलसिलेवार हत्याओं पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए वैश्विक समुदाय का ध्यान इस मानवीय त्रासदी की ओर आकर्षित किया है। भारत के आधिकारिक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों में की जा रही क्रूरता, सेना का नग्न प्रयोग और बुनियादी मानवाधिकारों का हनन अत्यंत निंदनीय है।विदेश मंत्रालय ने अपने स्पष्ट रुख को दोहराते हुए कहा, सम्पूर्ण जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) और गिलगित-बालटिस्तान भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और हमेशा रहेगा। पाकिस्तान का इन भारतीय भू-भागों पर केवल अवैध और जबरन कब्जा है। इस्लामाबाद को तुरंत प्रभाव से अपने कब्जे वाले भारतीय इलाकों को खाली कर देना चाहिए और वहां के नागरिकों पर किए जा रहे अत्याचारों को बंद करना चाहिए। भारत ने कहा कि जो देश खुद को दुनिया के सामने मानवाधिकारों का मसीहा बताने का ढोंग करता है, वह अपनी ही अवैध हिरासत में रह रहे नागरिकों की आवाज को बंदूकों की नोक पर दबा रहा है।पाकिस्तान का 'चुनावी ढोंग': जनमत को दबाने के लिए सेना की फर्जी लोकतंत्र व्यवस्थाभारत ने पोके में समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले असेंबली और स्थानीय निकाय चुनावों की धज्जियां उड़ाते हुए उन्हें पूरी तरह से निष्प्रभावी और दिखावटी करार दिया। इस्लामाबाद द्वारा पोके में राजनीतिक वैधता हासिल करने के लिए कराए जा रहे चुनाव किसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि पाक सेना की अपनी पसंद के कठपुतली नेताओं (Puppet Leaders) को बिठाने की एक तयशुदा पटकथा मात्र हैं।भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि जिस क्षेत्र में मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध हो, स्थानीय स्वतंत्र पत्रकारों को जेल में डाला जा रहा हो, राजनीतिक विरोधियों का अपहरण किया जा रहा हो और आम जनता को अपने विचार व्यक्त करने पर गोलियों से भून दिया जाता हो, वहां चुनाव कराना लोकतंत्र की आत्मा का कत्ल करने जैसा है। पोके के चुनाव में केवल उन्हीं राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को हिस्सा लेने की इजाजत दी जाती है जो पाकिस्तान के प्रति निष्ठा की शपथ लेते हैं। जो स्थानीय नेता या राष्ट्रवादी दल पोके की स्वतंत्रता या भारत के साथ जुड़ाव की बात करते हैं, उन्हें असंवैधानिक घोषित कर चुनाव लड़ने से बेदखल कर दिया जाता है। ऐसे में इन चुनावों की कोई कानूनी या नैतिक वैधता नहीं रह जाती।संसाधनों की लूट और आर्थिक गुलामी: भुखमरी की कगार पर पोके के निवासीपाक अधिकृत कश्मीर के सुलगने के पीछे केवल राजनीतिक दमन ही वजह नहीं है, बल्कि वहां का आर्थिक शोषण भी एक बड़ा कारण है। पोके में स्थित नीलम-झेलम और मंगला हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स (Hydropower Projects) से हजारों मेगावाट सस्ती बिजली पैदा की जाती है। इस बिजली को पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांतों में बेहद कम दरों पर सप्लाई किया जाता है, जबकि पोके के निवासियों को, जिनकी नदियों पर ये बांध बने हैं, 45 से 50 रुपये प्रति यूनिट की अत्यधिक महंगी दरों पर बिजली बेची जाती है।इसी तरह, पाकिस्तान के भारी आर्थिक संकट और मुद्रास्फीति (Inflation) की मार सबसे ज्यादा पोके के निवासियों पर पड़ी है। वहां आटे का संकट इतना गहरा चुका है कि राशन की दुकानों पर कई-कई किलोमीटर लंबी लाइनें लग रही हैं। पोके के प्राकृतिक संसाधनों, जंगलों, खनिजों और नदियों का इस्तेमाल केवल इस्लामाबाद के खजाने को भरने के लिए किया जा रहा है, जबकि स्थानीय युवाओं के लिए न तो रोजगार के साधन हैं और न ही बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य का ढांचा। सीपेक (CPEC) परियोजनाओं के नाम पर भी स्थानीय आबादी की जमीनों को छीनकर चीनी कंपनियों को सौंपा जा रहा है, जिससे आम जनता में पाकिस्तान विरोधी गुस्सा भड़क उठा है।संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी पर उठे सवालपोके में 2 महीने के भीतर 90 बेगुनाहों की हत्या के बावजूद संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) और पश्चिमी देशों की चुप्पी पर भी भारत के रक्षा विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर जब भी कश्मीर का राग अलापता है, तो वह पोके में अपने द्वारा ढाए जा रहे जुल्मों को छिपाने की नाकाम कोशिश करता है।हालांकि, अब सोशल मीडिया और डिजिटल क्रांति के इस युग में मुज़फ़्फराबाद और मीरपुर से आ रही तस्वीरें पाकिस्तान के इस झूठ के गुब्बारे की हवा निकाल रही हैं। वायरल हो रहे वीडियो में पाकिस्तानी सेना के जवान निहत्थे नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाते और माताओं-बहनों को घसीटते हुए साफ नजर आ रहे हैं। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के इस घिनौने चेहरे को बेनकाब करना जारी रखेगा। जब तक पाकिस्तान पोके से अपना अवैध कब्जा नहीं हटा लेता और वहां के निवासियों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक भारत की यह कूटनीतिक और नैतिक लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 9:03 am

ईरान में सत्ता संघर्ष और अमेरिकी तनाव के बीच सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का गुप्त प्लान: जंग जारी रहेगी या वाशिंगटन के साथ सुलह का रास्ता चुनेंगे तेहरान के नए रहबर?

तेहरान: मध्य पूर्व में जारी भारी उथल-पुथल और अमेरिका-इजरायल के साथ चल रहे भीषण संघर्ष के बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) मुज्तबा खामेनेई के भावी रुख को लेकर पूरी दुनिया में गहरा सस्पेंस बना हुआ है। अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बाद सत्ता की कमान संभालने वाले 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने आने के बजाय पर्दे के पीछे से देश और सेना का मार्गदर्शन कर रहे हैं। हमले में घायल होने की खबरों के बीच वे रणनीतिक संदेशों के जरिए तेहरान की नीतियों को आकार दे रहे हैं। ऐसे समय में जब देश में अंदरूनी राजनीतिक खींचतान और आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां चरम पर हैं, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या मुज्तबा अमेरिका के साथ युद्ध को आगे बढ़ाएंगे या फिर पर्दे के पीछे कोई सुलह का रास्ता तलाशेंगे।अली खामेनेई के बाद मुज्तबा की ताजपोशी और तेहरान में आंतरिक चुनौतियांईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के समर्थन से मुज्तबा खामेनेई को देश का तीसरा सुप्रीम लीडर चुना गया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति के समय से ही तेहरान के सत्ता के गलियारों में कुछ हद तक अंतर्कलह और बहस की स्थिति रही है। पारंपरिक धर्मगुरुओं और सुधारवादी धड़ों के बीच सर्वोच्च पद के वंशानुगत जैसे लगने वाले हस्तांतरण को लेकर सवाल उठे थे। इसके अलावा, अमेरिकी व इजरायली हमलों में बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के कारण आंतरिक प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना नए नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।सार्वजनिक रूप से नजर न आने के बावजूद मुज्तबा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे देश में राजनीतिक स्थिरता और जनसमर्थन बनाए रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं। वे सरकारी संस्थानों और जनता के बीच एकता बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं ताकि युद्ध के इस नाजुक दौर में आंतरिक मतभेद देश की सुरक्षा को नुकसान न पहुंचाएं।'सैन्य प्रतिरोध और हॉर्मुज की नाकाबंदी': मुज्तबा का आक्रामक रुखसुप्रीम लीडर बनने के बाद जारी अपने शुरुआती लिखित बयानों में मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ सख्त और बेबाक रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान अपनी सैन्य ताकत के दम पर प्रतिरोध जारी रखेगा और किसी भी दबाव के आगे घुटने नहीं टेकेगा।मुज्तबा के प्लान का एक प्रमुख हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) को दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल जलमार्गों में से एक हॉर्मुज को प्रभावित कर तेहरान वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बनाए रखना चाहता है। इसके अलावा, उन्होंने यमन के हूती, लेबनान के हिजबुल्लाह और इराक के सशस्त्र समूहों जैसे 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' (प्रतिरोध के मोर्चे) के सहयोगियों को एकजुट रखकर नए युद्ध मोर्चे खोलने का भी संकेत दिया है।अमेरिका से सीधा टकराव या बैकचैनल डिप्लोमेसी? अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का दावाअमेरिकी खुफिया एजेंसियों (US Intelligence) के ताजा आकलनों के मुताबिक, घायल होने के बावजूद मुज्तबा खामेनेई तेहरान की युद्ध नीति और वाशिंगटन के साथ होने वाले गोपनीय कूटनीतिक संवादों को खुद नियंत्रित कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मुज्तबा अपने भरोसेमंद संदेशवाहकों और आमने-सामने की वार्ताओं के जरिए आईआरजीसी कमांडरों और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को दिशानिर्देश भेज रहे हैं।एक तरफ जहां सार्वजनिक मंचों पर उनका संदेश अमेरिका को सबक सिखाने का है, वहीं दूसरी तरफ वाशिंगटन में ट्रंप प्रशासन के साथ बैकचैनल कूटनीति के दरवाजे भी पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं। अमरीकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन वे पूरी तरह नष्ट नहीं हुई हैं। ऐसे में मुज्तबा का दोहरा प्लान दिख रहा है—एक तरफ सैन्य ताकत से हमले रोकना और दूसरी तरफ सौदेबाजी की मेज पर अपनी शर्तों को मजबूत बनाए रखना।आईआरजीसी का दबदबा और शासन की भावी दिशावर्तमान परिदृश्य में ईरान की दैनिक शासन व्यवस्था और रक्षा नीतियों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ की भूमिका बेहद अहम हो गई है। मुज्तबा खामेनेई के आईआरजीसी के साथ दशकों पुराने घनिष्ठ संबंध रहे हैं, जिसके चलते सेना का तेहरान की राजनीति पर नियंत्रण और मजबूत हुआ है।विश्लेषकों का मानना है कि मुज्तबा खामेनेई का अंतिम प्लान न तो पूरी तरह अमेरिका के सामने सरेंडर करने का है और न ही बिना किसी रणनीतिक सोच के अनियंत्रित युद्ध में कूदने का। वे ईरान के आंतरिक मतभेदों को दबाने, आईआरजीसी के जरिए नियंत्रण कायम रखने और हॉर्मुज व क्षेत्रीय सहयोगियों के माध्यम से अमेरिका पर कूटनीतिक व सैन्य दबाव बनाए रखने की बहुकोणीय रणनीति पर काम कर रहे हैं। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि मुज्तबा का यह गुप्त दांव मध्य पूर्व में शांति का रास्ता खोलेगा या संघर्ष को एक नए और भीषण मोड़ पर ले जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 9:01 am

यमन के पास भारतीय जहाज पर हूती विद्रोहियों का सनसनीखेज ड्रोन हमला: लाल सागर में धू-धू कर जला मर्चेंट वेसल, भारतीय नौसेना ने चलाया साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन; सुरक्षित बचाए गए सभी 14 नाविक

अदन की खाड़ी और लाल सागर के जलक्षेत्र में एक बार फिर समुद्री सुरक्षा पर भारी संकट खड़ा हो गया है। यमन के तटवर्ती इलाके के करीब से गुजर रहे भारतीय नाविकों के दल वाले एक व्यावसायिक जहाज (मर्चेंट वेसल) पर यमन के हूती विद्रोहियों ने घातक ड्रोन से हमला कर दिया। इस अचानक हुए आत्मघाती ड्रोन हमले के बाद जहाज में आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना (Indian Navy) के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत ने त्वरित और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। भारतीय नौसेना के जांबाज मरीन कमांडो और नौसैनिकों की तत्परता की बदौलत जहाज पर सवार सभी 14 भारतीय नाविकों को सकुशल और बिना किसी गंभीर चोट के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यमन के हूती विद्रोही लाल सागर और अदन की खाड़ी से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस हमले के बाद पूरे लाल सागर गलियारे (Red Sea Corridor) और अरब सागर में भारतीय नौसेना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा बलों ने निगरानी और गश्त बढ़ा दी है।लाल सागर और यमन तट के पास कैसे हुआ हमला: घटना का पूरा ब्योरामिली जानकारी के अनुसार, यह वाणिज्यिक मर्चेंट वेसल अपनी निर्धारित यात्रा के तहत लाल सागर के महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजर रहा था। जहाज पर कुल 14 क्रू मेंबर्स मौजूद थे, जो सभी भारतीय नागरिक हैं। जैसे ही जहाज यमन के तट से कुछ समुद्री मील की दूरी पर अदन की खाड़ी के पास पहुँचा, हूती नियंत्रित इलाके से छोड़े गए एक विस्फोटक से लैस मानवरहित ड्रोन (Kamikaze Drone) ने जहाज को निशाना बनाया।ड्रोन सीधे जहाज के ऊपरी हिस्से और सुपरस्ट्रक्चर से टकराया, जिसके तुरंत बाद एक जोरदार धमाका हुआ और जहाज के एक हिस्से में आग की लपटें उठने लगीं। हमले के वक्त जहाज में जरूरी कमोडिटी और वाणिज्यिक सामान लोड था। धमाके और आग लगने के बाद जहाज के कैप्टन ने तुरंत डिस्ट्रेस सिग्नल (आपातकालीन संदेश) प्रसारित किया और आसपास के जलक्षेत्र में गश्त कर रहे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों व भारतीय नौसेना से तत्काल मदद मांगी।भारतीय नौसेना की त्वरित कार्रवाई और 14 भारतीय नाविकों का रेस्क्यूभारतीय नौसेना का एक मिसाइल विध्वंसक (Guided-Missile Destroyer) युद्धपोत और समुद्री गश्ती विमान 'P-8I Poseidon' पहले से ही अरब सागर और अदन की खाड़ी के संवेदनशील क्षेत्र में आतंकवाद रोधी व पायरेसी रोधी (Anti-Piracy) अभियानों के लिए तैनात था। आपातकालीन डिस्ट्रेस कॉल मिलते ही भारतीय युद्धपोत ने बिना एक पल गंवाए घटना स्थल की ओर तेज गति से प्रस्थान किया।नाविकों की जान बचाने के लिए युद्धपोत से एक विशेष रेस्क्यू टीम, नौसैनिक फायर फाइटिंग दस्ता और स्पीड बोट्स को रवाना किया गया। भारतीय नौसैनिकों ने धुएं और आग से घिरे मर्चेंट शिप तक पहुँचकर बेहद योजनाबद्ध तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। नौसैनिकों ने बहादुरी का परिचय देते हुए जहाज पर लगी आग को नियंत्रित किया और लाइफ रॉफ्ट्स व रेस्क्यू बोट्स के माध्यम से सभी 14 भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारतीय युद्धपोत पर स्थानांतरित कर लिया।रेस्क्यू किए गए सभी नाविकों की प्रारंभिक मेडिकल जांच युद्धपोत के डॉक्टर द्वारा की गई, जिसमें सभी नाविक पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ पाए गए हैं। भारतीय नौसेना की इस बिजली जैसी त्वरित कार्रवाई की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है।हूती विद्रोहियों का लाल सागर में बढ़ता आतंक और जहाजों पर मंडराता खतरायमन के उत्तर-पश्चिम हिस्से पर नियंत्रण रखने वाले ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पिछले कुछ महीनों से लाल सागर, बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य और अदन की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने का सिलसिला तेज कर रखा है। हूती विद्रोही लगातार एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स का इस्तेमाल कर व्यापारिक जहाजों पर हमले कर रहे हैं।हूती गुटों का दावा है कि वे इजराइल, अमेरिका और ब्रिटेन से जुड़े या उनके सहयोगी देशों के जहाजों पर हमले कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इन हमलों की चपेट में तट से गुजरने वाले तटस्थ देशों के सामान्य मालवाहक और तेल टैंकर भी आ रहे हैं। इससे पहले भी कई मर्चेंट जहाजों को हूती मिसाइलों और ड्रोन्स द्वारा निशाना बनाया जा चुका है, जिसमें कई जहाजों को भारी नुकसान पहुँचा है। इस नए हमले ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन समुदाय को चिंता में डाल दिया है।वैश्विक समुद्री व्यापार और लाल सागर जलमार्ग पर पड़ा गंभीर असरलाल सागर और स्वेज नहर का समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार की लाइफलाइन माना जाता है। दुनिया का लगभग 12% से 15% अंतरराष्ट्रीय व्यापार और 30% कंटेनर ट्रैफिक इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। एशिया, यूरोप और अमेरिका को जोड़ने वाला यह सबसे छोटा और सुलभ जलमार्ग है।हूती विद्रोहियों के लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण कई वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने लाल सागर के रास्ते अपने जहाजों को भेजना बंद या कम कर दिया है। इसके बजाय, अब वाणिज्यिक जहाजों को अफ्रीका महाद्वीप के चक्कर लगाकर 'केप ऑफ गुड होप' (Cape of Good Hope) के लंबे और खर्चीले रास्ते से यूरोप जाना पड़ रहा है। इस वैकल्पिक लंबे मार्ग के कारण जहाजों की यात्रा में 10 से 14 दिनों की देरी हो रही है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ी है और मालभाड़ा (Freight Rate) और बीमा प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) और महंगाई पर पड़ रहा है।भारतीय नौसेना की मुस्तैदी और अरब सागर में सुरक्षा का अभेद्य चक्रभारत की रणनीतिक स्थिति और वैश्विक व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए भारतीय नौसेना अरब सागर, अदन की खाड़ी और उत्तरी हिंद महासागर में मुख्य सुरक्षा प्रदाता (First Responder and Net Security Provider) के रूप में कार्य कर रही है। भारत ने अपने मर्चेंट शिप्स और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'ऑपरेशन संकल्प' (Operation Sankalp) के तहत एक दर्जन से अधिक आधुनिक युद्धपोत, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और समुद्री टोही विमान इस इलाके में तैनात कर रखे हैं।भारतीय नौसेना का स्पष्ट रुख है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) और नाविकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हालिया रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब भी समुद्र में भारतीय नागरिकों या वाणिज्यिक जहाजों पर कोई संकट आता है, तो भारतीय नौसेना तत्परता से जीवन रक्षक की भूमिका में खड़ी नजर आती है। फिलहाल, प्रभावित मर्चेंट शिप को सुरक्षित बंदरगाह तक पहुँचाने और सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए अतिरिक्त नौसैनिक संपत्तियों को तैनात कर दिया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 9:00 am

ब्राजील में केमिकल फैक्ट्री धधकी! कई धमाके, 30 फायर टेंडर मौजूद

मंगलवार को साओ पाउलो मेट्रोपॉलिटन इलाके के इटाक्वाक्वेसेटुबा में एक केमिकल फ़ैक्ट्री में भीषण आग लग गई, दमकल की 30 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं.

आज तक 5 Aug 2026 8:54 am

Sri Lanka Rains: श्रीलंका में बारिश और भूस्खलन से 7 मौतें, 3,500 लोग विस्थापित

कोलंबो, पांच अगस्त (एपी) श्रीलंका के चाय उत्पादक पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है। हालात को देखते हुए स्कूल बंद कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण देश के कई हिस्सों में घर, खेत और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। सरकारी आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार मध्य श्रीलंका के पर्वतीय क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन केंद्र के प्रवक्ता प्रदीप कोडिप्पिली ने बताया कि मध्य क्षेत्र में भूस्खलन में दो मकान दब गए, जिससे कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा बाढ़ से दो अन्य लोगों की जान चली गई। इस आपदा में तीन लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि 291 मकानों को नुकसान पहुंचा है और लगभग 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए नौसेना और सेना के जवान राहत एवं बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। स्थानीय टेलीविजन चैनल ‘हिरु टीवी’ ने ऐसे दृश्य दिखाए, जिनमें सैनिक और स्थानीय लोग बाढ़ में फंसे लोगों को उनके घरों से सुरक्षित निकालते नजर आए। कुछ इलाकों में भूस्खलन का भी खतरा बना हुआ है। स्थानीय समाचार चैनलों ने मध्य क्षेत्र की कई सड़कों पर विशाल चट्टानों, मलबे और गिरे हुए बिजली के खंभों के कारण यातायात बाधित होने के दृश्य भी प्रसारित किए। यह आपदा ऐसे समय आई है जब श्रीलंका पिछले वर्ष नवंबर में आए चक्रवात ‘दित्वा’ से हुए भारी नुकसान से अब भी उबरने की कोशिश कर रहा है। इस चक्रवात में लगभग 640 लोगों की मौत हुई थी, 20 लाख लोग प्रभावित हुए थे और करीब 4.1 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ था।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 8:52 am

Massachusetts ने 15 अगस्त को किया India Day घोषित, गवर्नर मॉरा हेली ने दिया आदेश

(सागर कुलकर्णी)वाशिंगटन, पांच अगस्त मैसाचुसेट्स की गवर्नर मॉरा हेली ने राज्य के विकास में भारतीय समुदाय के योगदान को मान्यता देते हुए 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ घोषित किया है और राज्य के निवासियों से इस अवसर के आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान किया। एक अगस्त को जारी सरकारी आदेश में गवर्नर ने यह भी कहा कि सामुदायिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने वार्षिक स्वतंत्रता दिवस समारोहों तथा सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से नागरिक भागीदारी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी तरह की घोषणा बोस्टन की मेयर मिशेल वू ने भी की है। उन्होंने भी 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ घोषित किया है। उन्होंने बोस्टन में भारतीय वाणिज्य दूतावास के नए कार्यालय के उद्घाटन का स्वागत किया और ‘सेलबोस्टन-250’ कार्यक्रम में भारतीय नौसैनिक पोत आईएनएस सुदर्शिनी के आगमन पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। मैसाचुसेट्स की गवर्नर द्वारा जारी सरकारी आदेश में कहा गया है कि 15 अगस्त 2026 को भारत की ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से 1947 में मिली आजादी की 79वीं वर्षगांठ होगी। इस आजादी ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव रखी। इसमें कहा गया है कि भारतीय मूल के 3.6 करोड़ से अधिक लोग विभिन्न देशों में रहते हैं। अमेरिका में भारतीय मूल के 50 लाख से अधिक लोग निवास करते हैं, जो देश और समाज के सामाजिक, आर्थिक तथा नागरिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकारी आदेश में कहा गया है कि भारत एक प्राचीन और बहुआयामी सभ्यता वाला देश है, जो विभिन्न जातीय समूहों, धर्मों, भाषाओं, रीति-रिवाजों, परंपराओं, वेशभूषा, खान-पान, जलवायु और प्राकृतिक संसाधनों की अद्भुत विविधता के बावजूद अपनी मूलभूत एकता को बनाए रखे हुए है। इसमें कहा गया है कि मैसाचुसेट्स में भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने चिकित्सा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कारोबार और लोकसेवा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि बढ़ी है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 8:52 am

FCRA बिल 2026: कानून भारत में बन रहा, पर दिक्कत अमेरिका को क्यों?

भारत सरकार FCRA बिल ला रही है, लेकिन दिक्कत अमेरिका को हो रही है। इसी क्रम में अमेरिका के एक सांसद रिले मूर ने भारत के विदेशी योगदान नियम यानी FCRA में प्रस्तावित बदलावों की आलोचना की। उनका आरोप है कि ये बदलाव सरकार को चर्च और धार्मिक चैरिटी के प्रबंधन पर कब्जा करने का […]

पांचजन्य 5 Aug 2026 8:45 am

विवादों में ट्रंप का विशाल स्मारक द्वार: NPS ने जताई चिंता, क्या बदलेगी वाशिंगटन के ऐतिहासिक स्थलों की पहचान?

विवादों में ट्रंप का विशाल स्मारक द्वार: NPS ने जताई चिंता, क्या बदलेगी वाशिंगटन के ऐतिहासिक स्थलों की पहचान?

अमर उजाला 5 Aug 2026 8:44 am

पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बढ़ा जनआक्रोश, वीडियो में जाने महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन अब बना बड़ा राजनीतिक चुनौती

पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बढ़ा जनआक्रोश, वीडियो में जाने महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन अब बना बड़ा राजनीतिक चुनौती

समाचार नामा 5 Aug 2026 8:42 am

शेख हसीना के ऑनलाइन संबोधन पर भारत का रुख स्पष्ट, वीडियो में विदेश मंत्रालय बोला- निजी कार्यक्रम से सरकार का कोई संबंध नहीं

शेख हसीना के ऑनलाइन संबोधन पर भारत का रुख स्पष्ट, वीडियो में विदेश मंत्रालय बोला- निजी कार्यक्रम से सरकार का कोई संबंध नहीं

समाचार नामा 5 Aug 2026 8:41 am

ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?

कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.

आज तक 5 Aug 2026 8:27 am

America-Iran तनाव के बीच Strait of Hormuz पर नई हलचल!

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर नई स्थिति सामने आई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी समुद्री मार्ग को कारोबारी जहाजों के लिए खुला बताया है. वहीं ईरान और ओमान के बीच समुद्री व्यवस्था को लेकर बातचीत जारी है. हालांकि दोनों पक्षों के बीच अब तक किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

आज तक 5 Aug 2026 8:21 am

अमेरिका के पास घातक मिसाइलें खत्म! क्या Strait of Hormuz फिर खुलेगा? जानें ईरान-अमेरिका तनाव की लेटेस्ट अपडेट

अमेरिका के पास घातक मिसाइलें खत्म! क्या Strait of Hormuz फिर खुलेगा? जानें ईरान-अमेरिका तनाव की लेटेस्ट अपडेट

समाचार नामा 5 Aug 2026 8:15 am

ईरान में बढ़ा सियासी संकट, विदेश मंत्री अराघची पर महाभियोग की तैयारी, वीडियो में जाने सुप्रीम लीडर ने राष्ट्रपति की भूमिका सीमित की

ईरान में बढ़ा सियासी संकट, विदेश मंत्री अराघची पर महाभियोग की तैयारी, वीडियो में जाने सुप्रीम लीडर ने राष्ट्रपति की भूमिका सीमित की

समाचार नामा 5 Aug 2026 8:14 am

ट्रंप की जान लेने की फिर साजिश? संदिग्ध गिरफ्तार, कार में मिला पिस्तौल; घर में हथियारों का जखीरा

यह गिरफ़्तारी उस घटना के एक साल से ज़्यादा समय बाद हुई है जब 2025 में एक जूरी ने एक व्यक्ति को राष्ट्रपति के फ़्लोरिडा गोल्फ़ क्लब में ट्रंप की हत्या की कोशिश का दोषी पाया था।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 8:11 am

अमेरिकी राष्ट्रपति पर फिर हमले की साजिश! ट्रंप के फंडरेजर कार्यक्रम से पहले संदिग्ध गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किए हथियार

गिरफ्तार किया गया संदिग्ध व्यक्ति घटनास्थल की फोटो और वीडियो ले रहा था। उसके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस की टीम संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ कर रही है।

खबर इंडिया टीवी 5 Aug 2026 8:11 am

PoK में खून-खराबा, इमरान समर्थकों का आंदोलन... दो मोर्चों पर घिरे मुनीर-शहबाज!

पाकिस्तान सरकार ने विदेशी पत्रकारों के लिए नई गाइडलाइंस जारी करते हुए बड़े शहरों से बाहर रिपोर्टिंग के लिए एनओसी अनिवार्य कर दिया है. इसी बीच पीटीआई ने आज से इमरान खान की रिहाई के लिए देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है, यह दिन उनकी गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने का भी है. वहीं पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चुनाव के दूसरे चरण में पीएमएल एन को बड़ी जीत मिली है, लेकिन हिंसा और धांधली के आरोपों ने माहौल गरमा दिया है.

आज तक 5 Aug 2026 8:07 am

न चेहरा दिखा, न हाथ मिलाया... मोजतबा से ऐसे मिले पेजेशकियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की मोजतबा खामेनेई से कथित गुप्त मुलाकात ऐसे माहौल में हुई, जहां उन्हें तेहरान के एक अज्ञात ठिकाने पर ले जाकर धुंधले शीशों वाली गाड़ी में कुछ मिनट बैठाया गया, चेहरा नहीं दिखा, हाथ नहीं मिलाने दिया गया और पूरी बात सिर्फ आवाज के सहारे हुई.

आज तक 5 Aug 2026 8:07 am

Oil Spill: ओमान तट पर फंसे रूसी तेल टैंकर से बढ़ा रिसाव, गहराया पर्यावरणीय संकट; तट तक पहुंचा ऑयल स्पिल

Oil Spill: ओमान तट पर फंसे रूसी तेल टैंकर से बढ़ा रिसाव, गहराया पर्यावरणीय संकट; तट तक पहुंचा ऑयल स्पिल oman-oil-spill-stranded-sanctioned-tanker-caroline-bezengi-environment-crisis

अमर उजाला 5 Aug 2026 8:07 am

अमेरिका: डेमोक्रेटिक पार्टी से शैनन टेलर, रिपब्लिकन से जॉन मैकगायर उम्मीदवार; आम चुनाव में किससे होगी टक्कर?

अमेरिका: डेमोक्रेटिक पार्टी से शैनन टेलर, रिपब्लिकन से जॉन मैकगायर उम्मीदवार; आम चुनाव में किससे होगी टक्कर?

अमर उजाला 5 Aug 2026 8:00 am

तख्तापलट से निर्वासन तक... 2 साल बाद क्या कहेंगी शेख हसीना?

बांग्लादेश के तख्तापलट के दो साल बाद आज पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सबके आएंगी. शेख हसीना शाम 6 बजे आज मीडिया को संबोधित करेंगी. कहा जा रहा है कि वे आज अपने आगे के कदमों के बारे में बातएंगी.

आज तक 5 Aug 2026 7:52 am

ट्रंप का दावा ईरान ने खारिज किया, होर्मुज खोलने पर ओमान से वार्ता!

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर जल्दी समझौता हो सकता है, लेकिन तेहरान ने किसी भी बैठक या नई अमेरिकी वार्ता की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया. इसी बीच ओमान और ईरान के बीच शिपिंग कॉरिडोर, सुरक्षित आवाजाही, इस्तेमाल और संभावित शुल्क पर अलग बातचीत चल रही है.

आज तक 5 Aug 2026 7:43 am

यमन तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले पोत पर हमला: सभी नाविक बचाए गए, भारत ने निंदा की

खाड़ी संकट के बीच अब लाल सागर भी सुरक्षित नहीं है। यमन के पास लाल सागर में एक भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला किया गया है। इस हमले में जहाज डूब गया, लेकिन उस पर सवार सभी नाविक सुरक्षित बचा लिए गए। भारत सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। घटना कहां […]

पांचजन्य 5 Aug 2026 7:23 am

कार में गन... ट्रंप के गोल्फ क्लब के पास से संदिग्ध गिरफ्तार

डोनाल्ड ट्रंप के कैलिफोर्निया दौरे से पहले उनके ट्रंप नेशनल गोल्फ क्लब के बाहर 38 वर्षीय जीनिन जॉन टेले को हथियार और प्रतिबंधित गोलियां लेकर गिरफ्तार किया गया.

आज तक 5 Aug 2026 7:15 am

बिगड़ जाएंगे US संग रिश्ते… FCRA संशोधन को लेकर अमेरिकी सांसद ने भारत को दी चेतावनी

विपक्षी पार्टियों और सिविल सोसाइटी समूहों का कहना है कि यह विधेयक सरकार को विदेशी फंडिंग पर निर्भर संस्थाओं पर अत्यधिक कंट्रोल देता है। अब इस बिल पर अमेरिकी सांसद का बयान सामने आया है।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 7:13 am

चीन के माफियाओं का अड्डा बना श्रीलंका, कैसे भारत के पड़ोस तक पहुंची गैंग वॉर?

श्रीलंका में चीनी साइबर माफिया की खूनी जंग से हड़कंप। कंबोडिया से भागे साइबर सरगना हाओ पों की हत्या और फर्जी वीजा के खेल ने देश की सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल। पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 7:12 am

China ने विकसित की टनल बोरिंग मशीन, पहाड़ी इलाकों के लिए है दुनिया की पहली तकनीक

(केजेएम वर्मा)बीजिंग, चार अगस्त चीन ने दुनिया की पहली ‘टनल बोरिंग-एंड-ब्लास्टिंग’ मशीन बनाई है। यह एक नए तरह का उपकरण है, जिसे दुर्गम भू-वैज्ञानिक स्थितियों में सुरंग बनाने की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, 4.5 मीटर व्यास वाली इस मशीन का नाम ‘शियांगलोंग’ है। इसे सिंघुआ विश्वविद्यालय और सरकारी कंपनी ‘चाइना रेलवे ग्रुप’ की एक इकाई ने मिलकर बनाया है। हुबेई प्रांत की सरकार के बयान के अनुसार, यह मशीन मध्य हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में बनकर तैयार हुई। हांगकांग के अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने मंगलवार को इस बयान का हवाला देते हुए बताया कि आम टनल बोरिंग मशीन की तुलना में छोटी यह हाइब्रिड मशीन खुदाई के साथ-साथ ‘ड्रिलिंग एंड ब्लास्टिंग’ का काम भी एक साथ करती है। उन्होंने बताया कि इससे कठोर चट्टानों की खुदाई की क्षमता 30 प्रतिशत बढ़ जाती है। अभी, मुश्किल भू-वैज्ञानिक स्थितियों का सामना करते समय इंजीनियर दो अलग-अलग प्रणाली का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें पारंपरिक टनल बोरिंग मशीन और ‘ड्रिल-एंड-ब्लास्ट’ तरीका शामिल है। बयान के अनुसार, परंपरागत टनल बोरिंग मशीन बहुत ज्यादा कठोर या टूटी-फूटी पहाड़ी चट्टानों को काटते समय धीमी हो जाती हैं, जिससे अक्सर बड़ी परियोजनाओं में देरी होती है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 7:03 am

Gaza में 2023 के Israel हमले के मलबे से मिले 112 शवों का अंतिम संस्कार

दीर अल-बलाह (गाजा शहर), चार अगस्त (एपी) गाजा में 2023 में इजराइली हवाई हमले में मारे गए 100 से अधिक लोगों के अवशेष हाल में मलबे से निकाले जाने के बाद मंगलवार को फलस्तीनियों ने उनका सामूहिक अंतिम संस्कार किया। हमास के साथ युद्ध शुरू होने के कुछ सप्ताह बाद 22 नवंबर, 2023 को इजराइली लड़ाकू विमानों ने गाजा शहर के सबरा इलाके में एक रिहायशी परिसर को ध्वस्त कर दिया था। इस हमले में 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। हमले के तुरंत बाद राहतकर्मियों और स्थानीय लोगों ने साधारण औजारों तथा हाथों से मलबा हटाकर करीब 40 शव निकाले थे, लेकिन अधिकांश लोग मलबे के नीचे दबे रह गए थे। युद्ध के शुरुआती संघर्षविराम से ठीक पहले फैली अव्यवस्था के कारण इस भीषण हमले में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की जानकारी सार्वजनिक होने में कई दिन लग गए थे। सप्ताहांत में राहत एवं बचावकर्मियों ने ध्वस्त इमारतों के मलबे में खोज अभियान चलाकर 40 बच्चों सहित 112 लोगों के अवशेष बरामद किए। हमास के नियंत्रण वाले गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने यह जानकारी दी। एजेंसी के अनुसार, अभी भी 157 लोगों के शवों का पता नहीं चल सका है। अक्टूबर में लागू हुए मौजूदा संघर्षविराम के बाद गाजा के कुछ तबाह इलाकों में मलबे के नीचे दबे लोगों के शवों की तलाश का काम फिर से शुरू हो सका है। इसके चलते युद्ध के शुरुआती महीनों में मारे गए लोगों के अवशेष अब धीरे-धीरे बरामद किए जा रहे हैं। इन बरामदगियों के कारण युद्ध में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सात अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व वाले उग्रवादियों ने दक्षिणी इजराइल पर हमला किया था, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके जवाब में इजराइल द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान में अब तक 73,377 से अधिक फलस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस संख्या में संघर्षविराम लागू होने के बाद मारे गए लोग भी शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 7:01 am

लश्कर-ए-तैयबा कमांडर का दावा: भारतीय एजेंटों ने पाकिस्तान में 30 से ज्यादा आतंकियों को मारा

बीते कुछ सालों में पाकिस्तान में भारत के दुश्मन एक-एक कर मारे गए हैं। इसी क्रम में आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के कमांडर रिजवान हनीफ ने दावा किया है कि 2020 से अब तक पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में भारतीय एजेंटों ने उनके 30 से ज्यादा लोगों को मार डाला है। कमांडर ने क्या […]

पांचजन्य 5 Aug 2026 6:58 am

कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का ड्रोन हमला

मध्य पूर्व में हालात फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। मंगलवार को ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने तीन ड्रोन से हमला किया

देशबन्धु 5 Aug 2026 6:56 am

Trump Golf Course: US में राष्ट्रपति के खिलाफ साजिश! ट्रंप के गोल्फ कोर्स पर शख्स गिरफ्तार, पुलिस क्या बोली?

Trump Golf Course: US में राष्ट्रपति के खिलाफ साजिश! ट्रंप के गोल्फ कोर्स पर शख्स गिरफ्तार, पुलिस क्या बोली?--Suspect Monitoring Security at Trump Golf Course, Man Arrested With Firearm and Ammunition

अमर उजाला 5 Aug 2026 5:51 am

स्पेन और मोरक्को के बीच आरोप-प्रत्यारोप, 2,500 अवैध प्रवासी अभी भी स्यूटा में फंसे

स्पेन के शहर स्यूटा में प्रवासी संकट के एक सप्‍ताह बाद भी करीब 2,500 अवैध प्रवासी अब भी स्यूटा में मौजूद हैं। इनमें ज्यादातर मोरक्को के नागरिक हैं, लेकिन कुछ लोग उप-सहारा अफ्रीका के देशों से भी हैं।

देशबन्धु 5 Aug 2026 5:50 am

ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिश जारी, समझौते के मसौदे पर चल रही है बातचीत: माजिद अल अंसारी

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश अभी जारी है। दोनों देशों के बीच संभावित समझौते के मसौदे पर बातचीत चल रही है और क्षेत्रीय मध्यस्थ तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए काम कर रहे हैं

देशबन्धु 5 Aug 2026 5:18 am

PoJK Unrest: अधिकार मांगने वालों का दमन, खौफनाक हालात में बेबस मां ने सुनाई पीड़ा, पीओके पर भारत ने क्या कहा?

PoJK Unrest: अधिकार मांगने वालों का दमन, खौफनाक हालात में बेबस मां ने सुनाई पीड़ा, पीओके पर भारत ने क्या कहा?--Pakistan Occupied Kashmir Witnessing Crackdown on Protesters, Bereaved Mother Speaks, India Slams Elections

अमर उजाला 5 Aug 2026 5:11 am

Explainer: शेख हसीना के हटने के बाद बांग्लादेश कहां-कितनी चुनौतियों में घिरा, भारत से रिश्तों में क्या बदला?

शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के दो साल बाद देश में क्या बदला? जानिए मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार से लेकर तारिक रहमान की सत्ता में वापसी, गहराते आर्थिक संकट और भारत-बांग्लादेश के बदलते कूटनीतिक संबंधों का पूरा विश्लेषण।

अमर उजाला 5 Aug 2026 4:51 am

यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद पर तनाव बढ़ा: जॉर्डन ने इस्लामिक देशों की आपात बैठक बुलाई; इस्राइल पर क्या आरोप?

यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद पर तनाव बढ़ा:जॉर्डन ने इस्लामिक देशों की आपात बैठक बुलाई; इस्राइल पर क्या आरोप?

अमर उजाला 5 Aug 2026 4:26 am

'गाजा से इजरायली सेना तब ही हटाऊंगा जब...', नेतन्याहू ने ट्रंप को दिखाई आंख

गाजा युद्ध खत्म होने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं छोड़ता, तब तक इजरायली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी. इस बयान ने अमेरिका समर्थित युद्धविराम प्रस्ताव पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं और शांति वार्ता फिर अनिश्चितता में घिर गई है.

आज तक 5 Aug 2026 4:14 am

आज चांद से ये क्या टकराने वाला है! स्कूल बस जितना साइज, 8690KM स्पीड

करीब डेढ़ साल से अंतरिक्ष में भटक रहा SpaceX के फाल्कन-9 रॉकेट का एक विशाल हिस्सा अब चांद से टकराने वाला है. यह स्कूल बस के आकार का मलबा हजारों किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चंद्रमा की सतह पर गिरेगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक इससे कोई खतरा नहीं है, लेकिन अंतरिक्ष कचरे के बढ़ते संकट पर नई बहस जरूर छिड़ सकती है.

आज तक 5 Aug 2026 3:51 am

भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला

भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.

आज तक 5 Aug 2026 2:01 am

Anthropic India Plan: भारत में ही रहेगा एआई डाटा; एंथ्रोपिक की साझेदारी की योजना में क्या, किसे मिलेगा लाभ?

Anthropic India Plan: भारत में ही रहेगा एआई डाटा; एंथ्रोपिक की साझेदारी की योजना में क्या, किसे मिलेगा लाभ?

अमर उजाला 5 Aug 2026 1:36 am

PAK में कुछ बड़ा होने वाला है? विदेश मीडिया बैन, बाहर जाने के लिए NOC

PoK में विरोध प्रदर्शनों के दमन पर अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बाद पाकिस्तान सरकार ने कड़ा कदम उठाया है. नई गाइडलाइन्स 2026 के तहत अब विदेशी पत्रकारों को इस्लामाबाद, लाहौर और कराची से बाहर रिपोर्टिंग के लिए जाने से पहले एनओसी (NOC) लेना अनिवार्य कर दिया है.

आज तक 5 Aug 2026 12:03 am

No इंश्योरेंस-No फ्यूल: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश - Jagran

No इंश्योरेंस-No फ्यूल: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश Jagran जिन गाड़ियों का बीमा नहीं है उन्हें पेट्रोल नहीं मिलेगा; सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, National Hindi News Hindustan कार के अंदर मौत होने भर से नहीं मिलेगा मोटर एक्सीडेंट मुआवजा ! लेकिन क्यों? जानिए लीगल एंगल Navbharat Times थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश, नई कार-बाइक दोनों पर होगा लागू News18 Hindi 'बिना इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल' सुप्रीम कोर्ट ने IRDAI को क्या-क्या दिए आदेश ndtv.in

गूगल न्यूज़ 4 Aug 2026 11:57 pm

लाल सागर में हूती हमला, भारतीय जहाज डूबा

यमन के पश्चिमी तट के पास लाल सागर में विस्फोटकों से भरी एक नाव के हमले के बाद भारतीय झंडे वाला मालवाहक जहाज डूब गया

देशबन्धु 4 Aug 2026 11:53 pm

अब होर्मुज में बनेगा जहाजों का हाई-वे! ईरान-ओमान के बीच वार्ता जारी

होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही को लेकर ईरान और ओमान के बीच जारी बातचीत को सकारात्मक बताया गया है. ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर सुरक्षित मार्ग तय करने और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा व संप्रभुता के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर चर्चा कर रहे हैं.

आज तक 4 Aug 2026 11:26 pm

अंग्रेजी नहीं आती थी... ट्रंप ने भारतीयों को दिया एक और झटका, एक झटके में रद्द किए 28000 CDL

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी सड़कों की सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए गैर-नागरिकों और अवैध विदेशियों के पास मौजूद 28000 से अधिक कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। राज्यों के सहयोग से लगभग 24000 ऐसे ड्राइवरों के लाइसेंस पूरी तरह रद्द किए गए हैं जो अंग्रेजी बोल या पढ़ नहीं सकते थे।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 10:25 pm

अब बंगाल की खाड़ी में सेना उतारने की तैयारी में ट्रंप, भारत-चीन के करीब ऐसी हिमाकत क्यों? क्या प्लान

माना जाता है कि अमेरिका ने बांग्लादेश को एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान और एएच-64ई अपाचे आक्रमण हेलीकॉप्टर, साथ ही लॉकहीड निर्मित टीपीवाई-4 भूमि-आधारित वायु रक्षा रडार और NASAMS वायु रक्षा मिसाइल देने का प्रस्ताव दिया है।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 10:10 pm

समंदर ने उगले रहस्यमयी नीले जीव! ब्रिटेन के समुद्र किनारे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ये अनोखे प्राणी

समंदर ने उगले रहस्यमयी नीले जीव! ब्रिटेन के समुद्र किनारे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ये अनोखे प्राणी

समाचार नामा 4 Aug 2026 9:40 pm

H-1B, L-1 वीजा वालों को झटका! रिन्यूअल पर भी पैसा वसूलेगा US

अमेरिका H-1B और L-1 वीजा रिन्यूअल पर भी अतिरिक्त शुल्क लागू करने की तैयारी में है. प्रस्ताव लागू हुआ तो बड़ी कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है. इसका सबसे ज्यादा असर भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ने की आशंका है.

आज तक 4 Aug 2026 9:18 pm

पाकिस्तान से अलग 11 अगस्त को 'स्वतंत्रता दिवस' क्यों मनाते हैं बलूचिस्तान के लोग?

इसका जवाब दशकों पुराने ऐतिहासिक विवाद में छिपा है, जो 1947 में ब्रिटिश भारत के विभाजन और कलात की रियासत के भाग्य से जुड़ा है, जो कभी वर्तमान बलूचिस्तान के एक बड़े हिस्से पर राज करती थी।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 8:59 pm

बौद्ध धर्म की प्रथाओं पर प्रतिबंध का विरोध पड़ा भारी, चीन ने तिब्बती अफसर को दी सख्त सजा

चीन ने पूर्वी तिब्बत के वरिष्ठ अधिकारी द्रुक बुम ग्याल को तिब्बती बौद्ध परंपराओं पर नए प्रतिबंध तुरंत लागू करने से कथित इनकार के बाद पद से हटा दिया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने सामाजिक असंतोष की आशंका जताई थी। स्थानीय लोगों ने उनके रुख की सराहना की है।

खबर इंडिया टीवी 4 Aug 2026 8:46 pm

Vinay Mohan Kwatra ने Georgia के गवर्नर Brian Kemp से की मुलाकात

(सागर कुलकर्णी)वाशिंगटन, चार अगस्त अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने जॉर्जिया के गवर्नर ब्रायन केम्प से मुलाकात की और दक्षिण-पूर्वी राज्य के साथ व्यापार और निवेश साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की। क्वात्रा ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “हमने भारत-जॉर्जिया व्यापार और निवेश साझेदारी बढ़ाने, बेहतर कनेक्टिविटी और व्यापार, नवाचार एवं शिक्षा में सहयोग को गहरा करने के मौकों पर चर्चा की। भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में जॉर्जिया के लगातार योगदान के प्रति हम आशान्वित हैं।’’उन्होंने गवर्नर केम्प को उनके सफल कार्यकाल के लिए बधाई दी। अटलांटा की अपनी यात्रा के दौरान, क्वात्रा ने लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट कंपनी यूनाइटेड पार्सल सर्विस (यूपीएस) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैरल टोम से भी मुलाकात की और भारत में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। भारतीय राजदूत ने कहा कि टोम के साथ चर्चा भारत-अमेरिका की बढ़ती आर्थिक साझेदारी, मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और भारत में यूपीएस के बढ़ते निवेश, जुड़ाव तथा मौजूदगी पर केंद्रित थी। अटलांटा में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित भारत-अमेरिका शिक्षा गोलमेज वार्ता में, क्वात्रा ने अनुसंधान साझेदारियों, अकादमिक आदान-प्रदान, नवाचार, प्रौद्योगिकी सहयोग तथा भारत में सैटेलाइट परिसर खोलने पर लाभकारी चर्चा की। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे भारत और अमेरिका भविष्य में निवेश कर रहे हैं, शिक्षा हमारी रणनीतिक साझेदारी के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक बनी हुई है।”भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ अपनी बैठक में क्वात्रा ने कहा कि उनकी उपलब्धियां बढ़ती भारत-अमेरिका साझेदारी का मजबूत स्तंभ हैं। भारतीय राजदूत ने कहा, “अटलांटा में भारतवंशी समुदाय के सदस्यों से मिलकर बहुत अच्छा लगा। पूरे दक्षिण पूर्व में, हमारा समुदाय हर क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रहा है और भारत तथा अमेरिका के बीच रिश्तों को गहरा कर रहा है। उनकी उपलब्धियां गौरवान्वित करती हैं और हमारी बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का मजबूत स्तंभ हैं।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 8:25 pm

ईरान से पंगा ले फंस गए ट्रंप? अमेरिका का हथियार स्टॉक ही खत्म; मिसाइलों का भारी टोटा

अमेरिका और ईरान के बीच लगभग पांच महीने से युद्ध जारी है। इस बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी सैन्य बलों ने इस दौरान अपनी लगभग सभी सबसे सटीक और महत्वपूर्ण लंबी दूरी की मिसाइलें खर्च कर दी हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 8:07 pm

ईरान से जंग अमेरिका पर पड़ रही भारी! मिसाइलों का स्टॉक तेजी से घटा, अब क्या करेंगे ट्रंप

ईरान से जंग अमेरिका पर पड़ रही भारी! मिसाइलों का स्टॉक तेजी से घटा, अब क्या करेंगे ट्रंप

समाचार नामा 4 Aug 2026 8:05 pm

मुनीर-नकवी ने मिलकर कर दिया खेल, पाकिस्तान में तख्तापलट होने वाला है?

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पिछले 21 सालों के सबसे बड़े घोटाले का खुलासा करते हुए कहा है कि देश का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से विफल हो गया है। इससे पाकिस्तान को दुनिया भर में शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। नकवी ने जजों, राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। नतीजतन, पाकिस्तान में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और सत्ता परिवर्तन की संभावना को लेकर फिर से अटकलें लगाई जा रही हैं। इंटरनेशनल एनालिस्ट्स के अनुसार, मोहसिन नकवी तेज़ी से एक मीडिया प्रमुख से एक ताकतवर राजनीतिक नेता बन गए हैं। लंबे समय से उनकी प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रही है। माना जाता है कि सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर इस भूमिका में नकवी का सीधे तौर पर समर्थन करते हैं, क्योंकि नकवी को जनरल का बेहद करीबी माना जाता है। इसे भी पढ़ें: 11 अगस्त को बलूचिस्तान की आजादी का ऐलान! भारत भी हैरान बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में बढ़ते जन-आक्रोश और नागरिक अशांति के बीच, जनरल आसिम मुनीर अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, मुनीर देश में नए प्रांत या प्रशासनिक इकाइयाँ बनाने का रास्ता साफ़ करने के लिए मोहसिन नक़वी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका असल मकसद मुनीर के लिए पूरी सत्ता हासिल करने का रास्ता बनाना है—जिसमें वे राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के प्रमुख, दोनों की भूमिका निभाएँगे—ठीक वैसे ही जैसे परवेज़ मुशर्रफ़ ने किया था। नकवी ने देश में जवाबदेही और न्यायिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए प्रशासनिक प्रांत बनाने की मांग की है। पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता ने भी सुरक्षा और सुशासन के नज़रिए से इस प्रशासनिक पुनर्गठन का समर्थन किया है। हालाँकि, दोनों सत्ताधारी पार्टियों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी है, क्योंकि उनकी राजनीतिक ताकत पंजाब और सिंध प्रांतों से आती है; प्रांतों की सीमाओं में किसी भी बदलाव से उनका राजनीतिक प्रभाव कम हो सकता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ ने मोहसिन नकवी के लगातार बयानों से नाराज़ होकर उन पर तीखा हमला किया है। आसिफ़ ने कहा कि नकवी पिछले तीन सालों से बहुत ताकतवर पद पर हैं और प्रधानमंत्री के प्रति भी जवाबदेह नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इतनी ज़्यादा ताकत वाला व्यक्ति शिकायत कर रहा है, तो बाकी मंत्रियों को घर चले जाना चाहिए। आसिफ़ ने कैबिनेट की बैठकों और संसदीय सत्रों में नकवी की कम भागीदारी की भी आलोचना की। आसिफ़ ने नक़वी को यह सलाह भी दी कि वे अपने मंत्रालय और PCB से ही सिस्टम में बदलाव करना शुरू करें। इसे भी पढ़ें: विदेश मंत्रालय ने Pakistan में पीओके चुनाव को बताया दिखावा पाकिस्तान की राजनीति पर करीब से नजर रखने वाले बताते हैं कि मोहसिन नकवी लंबे वक्त से प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांक्षा रखते हैं। मोहसिन नकवी के इन बयानों के पीछे सीधे सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का हाथ है। नकवी को जनरल मुनीर का बेहद करीबी और रिश्तेदार माना जाता है। मुनीर ने संघर्ष के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के लिए भी मुनीर ने शहबाज सरकार को दरकिनार कर नकवी को ही अपना विशेष प्रतिनिधि बनाया था।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 7:55 pm

'वापस आएं और कानून का सामना करें', हसीना को लेकर बांग्लादेश की मांग

शेख हसीना की वापसी को लेकर बांग्लादेश ने भारत से फिर मांग दोहराई है. दिल्ली में उनके प्रस्तावित कार्यक्रम पर भी बांग्लादेश ने चिंता जताई है. वहीं, तसलीमा नसरीन की वापसी को लेकर भी बांग्लादेश सरकार ने अपना रुख बताया है.

आज तक 4 Aug 2026 7:43 pm

ट्रंप की कसम, ईरान को मिटा देंगे, अब अमेरिका करेगा भयंकर बमबारी

ईरान ने वो कर दिया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी आईआरजीसी के आत्मघाती ड्रोंस ने कुवैत में बने अमेरिकी मिलिट्री बेस पर सीधा हमला बोल दिया है। यही नहीं ओमान के समंदर में एक और मालवाहक जहाज को मिसाइल से उड़ाने की कोशिश हुई है। इस घटना के बाद वाइट हाउस से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वो बयान आया है जिसने ईरान के माथे पर पसीना ला दिया। ट्रंप ने दो टूक कह दिया है ईरान के पास समझौते का यह आखिरी मौका है। वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। ट्रंप ने साफ कर दिया कि अगर ईरान नहीं सुधरा तो अमेरिका टोटल मिलिट्री डिस्ट्रक्शन यानी ईरान का नामोनिशान मिटाने वाली कारवाई करेगा। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है एक तरफ ट्रंप कह रहे हैं कि डील की बातचीत चल रही है। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने सीना तान कर कह दिया हम अमेरिका से कोई बात नहीं कर रहे। इसे भी पढ़ें: मध्यस्थ ही संदिग्ध...अमेरिका-ईरान डील में पाकिस्तान OUT, ट्रंप को सऊदी पर भरोसा यह बातचीत फेल हो गई तो क्या अमेरिका ईरान पर बम बरसाएगा और इस लड़ाई से आपकी और हमारी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा? ईरान के खतरनाक शाहिद 136 सुसाइड ड्रोंस ने कुवैत में अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर उड़ान बढ़ी। गनीमत यह रही कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते इन ड्रोंस को हवा में ही मार गिराया। लेकिन इसका मलबा जब नीचे गिरा तो अमेरिकी कैंपों में हड़कंप मच गया। अभी दुनिया इस हमले की कड़ियां जोड़ ही रही थी कि ओमान के तट से 20 समुद्री मील दूर होमज स्टेट में एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात मिसाइल से हमला हो गया। शक की सुई सीधे ईरान पर है क्योंकि यह पूरा इलाका ईरान के दबदबे वाला है। इस हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप गुस्से से लाल है। ट्रंप ने दावा किया कि वह शुक्रवार को ही ईरान पर एक बड़ा हमला करने वाले थे। लेकिन ईरान की तरफ से आए शांति के संकेतों के बाद उन्होंने प्लान टाल दिया था। ट्रंप चाहते हैं कि ईरान तुरंत न्यूक्लियर डील पर साइन करे और समंदर का रास्ता जहाजों के लिए हमेशा खुला रखे। इसे भी पढ़ें: US-Iran युद्ध के बीच भारत का बड़ा एक्शन, अचानक तेहरान में नियुक्त किया अपना नया राजदूत लेकिन ईरान झुकने को तैयार नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कह दिया है हम अमेरिका से कोई डायरेक्ट बात नहीं कर रहे। जो भी बात हो रही है वो ओमान के जरिए सिर्फ समंदर के रास्ते को मैनेज करने के लिए हो रही। इतना ही नहीं ईरान के सांसदों ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने उनके देश पर एक भी बम गिराया तो पूरे मिडिल ईस्ट में फैले अमेरिकी ठिकानों को श्मशान बना देंगे और सऊदी अरब व यूएई के तेल कुओं को आग लगा देंगे।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 7:33 pm

खड़गे चिल्लाए, हंगामे पर खड़े हो गए सभापति:रिजिजू बोले- विपक्ष माफी मांगे; 2 साल में नहीं बनवाया बर्थ सर्टिफिकेट तो मजिस्ट्रेट जांच होगी

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला मंगलवार को संसद में जोरदार तरीके से गूंजा। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर पलटवार किया। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस के दौरान सत्ता और विपक्ष के सदस्य आमने-सामने आ गए। हंगामा इतना बढ़ा कि सभापति सीपी राधाकृष्णन को अपने आसन से उठकर सदस्यों को शांत कराने की कोशिश करनी पड़ी। इसके बावजूद शोर नहीं थमा और कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले, खड़गे ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था। ट्रस्ट को 70 एकड़ से ज्यादा जमीन सौंपी गई। ऐसे में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में ईडी, सीबीआई और दूसरी केंद्रीय जांच एजेंसियां कहां हैं, सरकार को सदन में इसका जवाब देना चाहिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर बनने पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया था। जो लोग भगवान राम के अस्तित्व को नहीं मानते थे, वे आज घड़ियाली आंसू बहाकर देश को गुमराह नहीं कर सकते। पहले भगवान राम का अपमान करने के लिए देश से माफी मांगिए, उसके बाद सरकार से जवाब मांगिए। इसके बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया। सभापति सीपी राधाकृष्णन अपने आसन से उठकर सदस्यों को शांत कराने पहुंचे, लेकिन व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोपहर में कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी अपनी बात रखी। प्रश्नकाल हंगामे के बीच चला और सदन को फिर दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। इसके बाद उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की अध्यक्षता में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 चर्चा के लिए पेश किया। विपक्ष के विरोध के बीच चर्चा हुई और विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही 5 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, लोकसभा में भी दिनभर हंगामा जारी रहा। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा नहीं थमा। दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो पीठासीन दिलीप सैकिया के सामने विपक्षी सदस्य दोबारा वेल में पहुंच गए। इसी दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इसके कुछ देर बाद उन्होंने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 भी सदन में रखा। लगातार हंगामे के बीच दोनों विधेयक बिना विस्तृत चर्चा के ध्वनिमत से पारित हो गए। पीठासीन दिलीप सैकिया ने विपक्ष से कई बार सहयोग की अपील की, लेकिन जब हंगामा नहीं रुका तो लोकसभा की कार्यवाही भी 5 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति और राजपत्र में अधिसूचना के बाद यह कानून बन जाएगा। इस संशोधन का उद्देश्य जन्म और मृत्यु के देर से होने वाले पंजीकरण पर सख्ती बढ़ाना है। नए प्रावधान के तहत, यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण घटना के 2 साल से अधिक समय बाद कराया जाता है, तो प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) की अनुमति अनिवार्य होगी। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…

दैनिक भास्कर 4 Aug 2026 7:24 pm

पाकिस्तान की सियासत में बड़ा तूफान! नकवी ने खोले शरीफ सरकार के राज, सत्ता बदलने की अटकलें तेज

पाकिस्तान की सियासत में बड़ा तूफान! नकवी ने खोले शरीफ सरकार के राज, सत्ता बदलने की अटकलें तेज

समाचार नामा 4 Aug 2026 6:50 pm

'भारत और उज्बेकिस्तान में अटूट मित्रता'

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा हैकि भारत और उज्बेकिस्तान सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों से बंधे हुए हैं और ये संबंध उनकी अटूट मित्रता का मजबूत आधार हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि बढ़ते राजनीतिक विश्वास, बढ़ते व्यापार और निवेश तथा जन-जन केबीच आदान-प्रदान में वृद्धि से आने...

स्वतंत्र आवाज़ 4 Aug 2026 6:48 pm

US-Iran युद्ध के बीच भारत का बड़ा एक्शन, अचानक तेहरान में नियुक्त किया अपना नया राजदूत

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच लगातार जारी तनाव को देखते हुए भारत सरकार अब एक्शन मोड में नजर आ रही है। जहां भारत ने एक बड़ा कूटनीतिक फैसला लेते हुए ईरान में अचानक नए राजदूत की नियुक्ति कर दी है। दरअसल भारत सरकार ने ईरान में अपने राजदूत को बदलते हुए भारतीय विदेश सेवा यानी कि आईएफएस के साल 2002 बैच के वरिष्ठ अधिकारी विश्वेश नेगी को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने 3 अगस्त को जारी अपने आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की। फिलहाल विश्वेश नेगी जो हैं वह नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं और जल्द ही तेहरान में अपनी नई जिम्मेदारी को संभालेंगे। नए राजदूत की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पूरा पश्चिम एशिया तनाव के दौर से गुजर रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। इसे भी पढ़ें: ईरान का बड़ा बयान, Pezeshkian बोले 'हम युद्ध नहीं चाहते' पर Trump ने दी Last Chance की चेतावनी पूरे इलाके में सैन्य गतिविधियां भी देखने को मिल रही है और कूटनीतिक प्रयास भी लगातार समानांतर तौर पर जारी है। ऐसे माहौल में भारत का ईरान में नए राजदूत को भेजना केवल एक नियमित प्रशासनिक फैसला नहीं है बल्कि यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है। भारत के लिए ईरान सिर्फ एक पड़ोसी देश नहीं बल्कि ऊर्जा सुरक्षा समुद्री व्यापार क्षेत्रीय संपर्क का एक अहम साझेदार है। भारत के तेल आयात, व्यापारिक जहाजों की आवाजाही और पश्चिम एशिया में उसके आर्थिक हित काफी हद तक स्ट्रेट ऑफ हार्मोस की सुरक्षा पर निर्भर करते हैं। यही कारण है कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर भी बनाए हुए हैं और साथ-साथ में एक्शंस भी ले रहा है। इन सबके बीच भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास सराची से भी फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत में भारत ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर अपनी गहरी चिंता जताई है। इसे भी पढ़ें: Iran Political Crisis: खामेनेई का Pezeshkian को आखिरी अल्टीमेटम, IRGC कमांडर के हाथ में कमान जयशंकर ने साफ कहा है कि किसी भी परिस्थिति में व्यवसायिक जहाजों और नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत ने यह भी दोहराया कि किसी भी पक्ष द्वारा व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमलों की वह कड़ी निंदा करते हैं। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से ही संवाद और कूटनीति के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक रहा है। वहीं ईरान की ओर से भी मौजूदा हालात और चल रही कूटनीतिक कोशिशों की जानकारी भारत के साथ साझा की गई। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच बिचौलियों के माध्यम से नई बातचीत शुरू होने की संभावना है। दूसरी ओर ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार ईरान और ओमान के बीच समुद्रिक गलियारे के संचालन को लेकर साझा व्यवस्था बनाने पर भी बातचीत जारी है जो कि जल्द ही अंतिम चरण में पहुंच सकती है। ऐसे संवेदनशील माहौल में विश्वेश नेगी की नियुक्ति भारत की उस रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। जिसके तहत भारत सरकार एक तरफ़ अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों की रक्षा करना चाहती है। तो वहीं दूसरी ओर ईरान के साथ अपने पारंपरिक संबंधों को भी मजबूत बनाए रखना चाहती है।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 6:24 pm

ड्रैगन की 'चिकन नेक' पर घेराबंदी की चाल! बांग्लादेश को चीन देगा J-10CE फाइटर जेट

भारतीय रक्षा विशेषज्ञों की नजर में यह सौदा सिर्फ हथियारों की खरीद-फरोख्त नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया के हवाई ताकत के संतुलन को बिगाड़ने वाली एक बड़ी रणनीतिक चाल है।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 6:23 pm

11 अगस्त को बलूचिस्तान की आजादी का ऐलान! भारत भी हैरान

दक्षिण एशिया की भू राजनीति में एक ऐसा भूचाल आया है जिसने इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी तक नींद उड़ा दी है पूरी दुनिया की। रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है कि 11 अगस्त को बलूचिस्तान का स्वतंत्रता दिवस घोषित कर दिया गया है। यह सिर्फ एक तारीख नहीं है बल्कि पाकिस्तान के अस्तित्व को दी गई सबसे बड़ी चुनौती है। पाकिस्तान के कब्जे से अपनी आजादी का दावा करने के कुछ ही हफ्तों बाद अब बलूच नेतृत्व ने पूरी दुनिया के देशों से अपील की है कि वे बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता दे दे। आखिर 11 अगस्त का राज क्या है? दरअसल बलूचिस्तान का दावा है कि वे कभी भी ब्रिटिश भारत का हिस्सा नहीं थे बल्कि वे एक अलग रियासत थे। 11 अगस्त 1947 को यानी पाकिस्तान बनने से 3 दिन पहले बलूचिस्तान ने अपनी आजादी का ऐलान किया। हैरानी की बात यह है कि उस समय द न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी इस खबर को छापा था और ऑल इंडिया रेडियो ने दुनिया को बताया था कि बलूचिस्तान आजाद हो चुका है। लेकिन फिर क्या हुआ? इसे भी पढ़ें: Balochistan में Pakistani Army पर भीषण हमला, UBA और BRG के धमाकों में 8 जवानों की मौत मार्च 1948 में पाकिस्तान की सेना ने जबरन बलूचिस्तान में घुसकर उस पर कब्जा कर लिया। आज के बलूच नेता मीरियार बलूच ये कहते हैं कि पाकिस्तान के साथ उनका रिश्ता सिर्फ और सिर्फ अवैध कब्जे का है। इसलिए 11 अगस्त को फिर से मनाना उस खोई हुई आजादी को वापस पाने की एक सबसे बड़ी मुहिम है। दरअसल रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के ताजा बयान में पाकिस्तान पर जो आरोप लगाए गए हैं, वह रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान का जन्म ही इस पूरे क्षेत्र में अशांति और आतंकवाद का कारण बना है। इसमें साफ तौर पर जिक्र किया गया है कि कैसे पाकिस्तान की नीतियों ने कश्मीर में घुसपैठ की। कैसे 1971 में पूर्वी पाकिस्तान जो अब बांग्लादेश है वहां नरसंहार किया गया पाकिस्तानी सैनिकों के द्वारा और कैसे जॉर्डन में फिलिस्तीनियों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाए गए। इतना ही नहीं, बलूच नेतृत्व ने 1998 के चगाई परमाणु परीक्षणों को भी याद दिलाया जो बलूचिस्तान की जमीन पर किए गए थे, और जिससे वहां की पर्यावरण और जनता को भारी नुकसान पहुंचा था। उनका तर्क सीधा है कि जब तक पाकिस्तान अपने मौजूदा नक्शे में रहेगा तब तक ना तो भारत सुरक्षित है और ना ही अफगानिस्तान और ना ही पूरी दुनिया। इसे भी पढ़ें: Pakistan में इस साल 3,000 से अधिक आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गईं: सेना अब बलूचिस्तान की यह लड़ाई सिर्फ जंगलों और पहाड़ों तक सीमित नहीं रह गई है। अब यह डिप्लोमेसी की मेज पर पहुंच चुकी है और बलूच नेतृत्व ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय विशेषकर भारत, अमेरिका और यूरोपीय देशों से अपील कर दी है और उनका कहना है कि 60 मिलियन बलूच जनता अपनी संप्रभुता के लिए तैयार खड़े हैं। बलूच दुनिया से पूछ रहे हैं कि अगर सूडान अलग हो सकता है अगर तिमोर लेसे को पहचान मिल सकती है तो बलूचिस्तान को क्यों नहीं? वे चाहते हैं कि दुनिया पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को पीछे छोड़कर बलूचिस्तान की जमीनी हकीकत देखे जहां हर दिन युवा लापता हो रहे हैं और संसाधनों की लूट मची हुई है।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 6:21 pm

ईरान का बड़ा बयान, Pezeshkian बोले 'हम युद्ध नहीं चाहते' पर Trump ने दी Last Chance की चेतावनी

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सोमवार को कहा कि तेहरान इलाके में कोई झगड़ा या तनाव नहीं बढ़ाना चाहता, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कोई समझौता नहीं करेगा। प्रेस टीवी के मुताबिक, पेज़ेश्कियान ने कहा इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान इलाके में तनाव या अस्थिरता नहीं बढ़ाना चाहता।हालांकि, देश की सुरक्षा, राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए वह अपनी पूरी ताकत से काम करेगा। उनके ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आए हैं जिसमें उन्होंने सोमवार (स्थानीय समय) को कहा था कि ईरान को समझौता करने का आखिरी मौका दिया गया है। ट्रंप ने दावा किया कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और ईरान के अनुरोध पर कूटनीति का रास्ता अपनाने के लिए वॉशिंगटन ने एक तय सैन्य हमले को रोक दिया था। इसे भी पढ़ें: Delhi Gold Price: दिल्ली में सोना ₹1,47,500 के पार, US-Iran Tension के बीच बाजार में बेचैनी ओवल ऑफिस में 'प्रेसिडेंशियल मिलिट्री स्पाउस कमीशन' बनाने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि कूटनीतिक कोशिशों की वजह से हमले को रोकने से पहले अमेरिका ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू करने के लिए तैयार था। तेहरान के साथ चल रही बातचीत पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा यह आखिरी मौका है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो यह उनके लिए एक अच्छा समझौता करने का आखिरी मौका है। ईरान के अनुरोध पर बातचीत होने का दावा करते हुए ट्रंप ने कहा हम अभी बातचीत कर रहे हैं, हम बातचीत कर रहे हैं और यह बातचीत ईरान के अनुरोध पर हो रही है, जिसे सऊदी अरब, UAE और खासकर कतर का समर्थन हासिल है, और दूसरे देशों का भी। कई देशों ने फोन किया... वे सभी इसे एक आखिरी मौका देना चाहते थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि अमेरिकी अधिकारियों के साथ कई बैठकें करने के बावजूद ईरान ने पहले बातचीत करने से इनकार कर दिया था। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से फिर से खोलने पर चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत के नए दौर का पहला चरण इस अहम शिपिंग रूट को खोलने पर केंद्रित होगा। इसे भी पढ़ें: Iran Political Crisis: खामेनेई का Pezeshkian को आखिरी अल्टीमेटम, IRGC कमांडर के हाथ में कमान हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत में शामिल नहीं है। उन्होंने तेहरान और वाशिंगटन के बीच सक्रिय द्विपक्षीय बातचीत के दावों को सख्ती से खारिज कर दिया। फार्स समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बघाई ने जोर देकर कहा कि ईरान का मौजूदा राजनयिक जुड़ाव केवल पड़ोसी देश ओमान के साथ द्विपक्षीय है, जो रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर एक अस्थायी सुरक्षित रास्ता बनाने पर केंद्रित है। बघाई ने स्पष्ट किया कि ओमान में चल रही बातचीत पूरी तरह से समुद्री यातायात प्रबंधन तक ही सीमित है। हालांकि मस्कट के साथ एक नए अस्थायी शिपिंग लेन को लेकर बनी सहमति सुरक्षित नेविगेशन के लिए एक तकनीकी पूर्व-शर्त है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि ऐसा समझौता एक जरूरी शर्त तो है, लेकिन इस अहम 'चोकपॉइंट' (संकरे समुद्री रास्ते) को पूरी तरह से फिर से खोलने के लिए अकेले यह काफी नहीं है।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 6:09 pm

आज का एक्सप्लेनर:सीएम विजय की ‘दोस्त’ पर कमेंट, उदयनिधि को उठा ले गई तमिलनाडु पुलिस, 9 धाराएं लगाई; विजय और तृषा की कहानी क्या है

तमिलनाडु में नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार सुबह पुलिस घर से उठा ले गई। उन पर महिला के अपमान से लेकर दंगा भड़काने तक ९ धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। मामला एक दिन पहले एक रैली का है, जिसमें उदय के भाषण के बीच कुछ लोग सीएम विजय थलापति की करीबी एक्ट्रेस ‘तृषा’ का नाम चिल्लाने लगे। उदयनिधि ने भी मुस्कराते हुए ‘डबल-मीनिंग’ बात कह दी। सीएम विजय और एक्ट्रेस तृषा की कहानी क्या है, कभी दोस्त रहे विजय और उदयनिधि राइवल कैसे बने और मौजूदा विवाद में आगे क्या होगा; आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: उदयनिधि ने रैली में ऐसा क्या किया, जो पुलिस घर से उठा ले गई? जवाब: 3 अगस्त को तमिलनाडु के तंजावुर में कावेरी जल विवाद पर प्रोटेस्ट चल रहा था। पूर्व सीएम MK स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने मंच से कहा, ‘45 हजार मिलियन क्यूबिक फीट पानी आना चाहिए था, लेकिन एक बूंद भी नहीं आई। हमारे सीएम तो इसपर कुछ बोल ही नहीं रहे हैं। उनकी चिंता DMK (उदयनिधि की पार्टी) नेताओं पर झूठे मामले दर्ज करने की है।' इसी बीच रैली में मौजूद कुछ लोग 'तृषा-तृषा' का नारा लगाने लगे। उदयनिधि ने भाषण रोका और भीड़ की तरफ मुस्कराते हुए एक डबल-मीनिंग सेंटेंस बोला। उनके पीछे मंच पर बैठे लोग भी इस पर मुस्कराए। फिर उदयनिधि ने कहा, 'मैं कावेरी की बात कर रहा था।' विजय की पार्टी TVK सहित बीजेपी नेताओं ने भी इस पर कड़ा विरोध जताया। उदयनिधि के बयान को तृषा पर सेक्शुअल कमेंट की तरह देखा जा रहा है। TVK प्रवक्ता फेलिक्स जेराल्ड ने कहा, 'क्या विपक्ष के नेता उदयनिधि अपनी बेटी या बेटे को लेकर भी ऐसा कहेंगे?' तमिलनाडु बीजेपी प्रवक्ता नारायण तिरुपति ने कहा, 'उदयनिधि का बयान अश्लील, अमर्यादित और आम जनभावना को ठेस पहुंचाने वाला है। इसके लिए उनको जेल भेजना चाहिए।' सवाल-2: आखिर कौन हैं तृषा, जिनका सीएम विजय के साथ अक्सर जिक्र आता है? जवाब: पहले ये 3 तस्वीरें देखिए… 4 मई, 2026, जगह थलापति विजय का नीलांकरई वाला घर 10 मई, 2026, विजय का शपथ ग्रहण समारोह, चेन्नई 22 जून, 2026, विजय का जन्मदिन इसके पहले 15 मई को तृषा की नई फिल्म ‘करुप्पु’ की स्क्रीनिंग थी। विजय ने ‘करुप्पु’ के लिए सुबह 9 बजे के मॉर्निंग शो (स्पेशल स्क्रीनिंग) की परमिशन दी। जबकि मॉर्निंग शो तमिलनाडु में 3 सालों से बैन था। स्क्रीनिंग के बाद थिएटर से निकली तृषा से फैन ने कहा, 'थलापति से कहना- मैंने उनका हालचाल पूछा है।' इस पर तृषा ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘कंदीपा (जरूर)’। तृषा और विजय के इस साथ की कहानी पुरानी है.. हालांकि, विजय और तृषा ने अबतक अपने रिश्ते को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। सवाल-3: उदयनिधि और सीएम विजय की पुरानी राइवलरी, क्या पर्सनल खुन्नस निकाल रहे? जवाब: एक समय उदयनिधि और विजय दोस्त हुआ करते थे। दोनों चेन्नई के लोयोला कॉलेज से पढ़े हैं। विजय, उदयनिधि से 3 साल सीनियर थे। विजय के ही कहने पर उदयनिधि ने अपना प्रोडक्शन हाउस- ‘रेड जायंट मूवीज’ शुरू किया और 2008 में विजय और तृषा को लेकर मूवी ‘कुरुवी’ बनाई। ये फिल्म सफल नहीं रही। फिर विजय और उदयनिधि ने कभी साथ काम नहीं किया। ‘कुरुवी’ के बाद दोनों में नाराजगी हो गई थी। 2023 में उदयनिधि ने कहा, ‘विजय आसानी से दोस्त नहीं बनते। जब बनते हैं, तो बहुत करीब हो जाते हैं। कुरुवी के बाद कुछ लोगों ने हमें अलग करने की कोशिश की, हमने दो साल बात नहीं की, लेकिन हम दोबारा दोस्त बने। हालांकि फिर हमने उचित दूरी बनाए रखी।’ 2012 में उदयनिधि ने भी फिल्म 'ओरु कल ओरु कन्नाडी' से एक्टिंग की शुरुआत की थी। तब तक कई ब्लॉकबस्टर हिट्स दे चुके विजय का कद बड़ा हो चुका था। उदय से पूछा गया कि क्या विजय को टक्कर देने फिल्म इंडस्ट्री में आए हैं। उदय ने कहा, 'मैं पागल नहीं हूं, जो उनसे कॉम्पिटीशन रखूंगा।' उदय ने करीब 20 फिल्में की हैं। जबकि विजय आखिरी मूवी ‘जननायगन’ तक करीब 70 फिल्में कर चुके हैं। 2021 में जब उदयनिधि ने पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, तो विजय से आशीर्वाद लिया। यहां तक सब ठीक था, लेकिन असली प्रतिद्वंद्विता तब शुरू हुई, जब विजय ने विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की और उदयनिधि के पिता सीएम MK स्टालिन के खिलाफ बयान देने शुरू किए। दरअसल, तमिलनाडु में द्रविड़ आंदोलन से निकली दो पार्टियां- DMK और AIADMK हैं। दोनों तमिल प्राइड, सेकुलरिज्म और एंटी-हिंदी स्टैंड के लिए जानी जाती हैं, लेकिन DMK इन मुद्दों पर ज्यादा कट्टर है। जबकि विजय ने एक नए तरीके की द्रविड़ पॉलिटिक्स की चर्चा की। उन्होंने DMK सरकार में भ्रष्टाचार को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया। स्टालिन परिवार के खिलाफ तीखे बयान दिए। विधानसभा में अपनी पहली स्पीच में उन्होंने एक कहानी सुनाई- ‘एक बुजुर्ग व्यक्ति धूप में कुछ खोज रहा था। एक लड़के ने उससे पूछा कि क्या ढूंढ रहे हैं। उसने जवाब दिया- 'मैं तुम्हारे पिता को ढूंढ रहा हूं।' दरअसल, स्टालिन चुनाव में अपनी कोलाथुर सीट हार गए थे। जवाब में उदयनिधि ने विजय के तलाक के मामले की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘चेंगलपट्टू कोर्ट में अपने पति को ढूंढ रही पत्नी की कहानी तमिलनाडु के लोग पहले से ही जानते हैं।' मई में विजय के सीएम बनने के बाद ये भी खबर आई कि ‘रेड जायंट मूवीज’ ने तृषा को रजनीकांत और कमल हासन स्टारर एक बड़ी फिल्म के लिए 12 करोड़ रुपए ऑफर किए हैं। हालांकि तृषा या उदयनिधि की तरफ से इसे लेकर कोई बयान नहीं आया। सवाल-4: उदयनिधि पर 9 धाराओं में केस, इनमें होगा क्या?जवाबः 3 अगस्त की घटना के लिए उदयनिधि पर इन 9 धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है… महिला का अपमान करना और सार्वजनिक स्थान पर कटाक्ष करने जैसी धाराओं को उदयनिधि के बयान के वीडियो से साबित किया जा सकता है। हालांकि उदयनिधि ने कहा कि वे कावेरी नदी के बारे में बात कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं, ‘उदयनिधि ने खुद किसी का नाम भी नहीं लिया। ऐसे में ‘बेनेफिट ऑफ डाउट’ मिल सकता है। हालांकि अभियोजन पक्ष ‘तृषा-तृषा’ के नारों के बाद उदयनिधि की मुस्कराहट को उनकी गलत मंशा का आधार बना सकता है।’ वहीं दंगे फैलाना, आपराधिक साजिश, समूहों को भड़काने जैसी धाराएं कोर्ट में कमजोर पड़ सकती हैं, क्योंकि इसके सबूत नहीं है। अक्सर, राजनीतिक टकराव वाले मामलों में केस दर्ज करते समय हर संभव धारा लगा दी जाती है। लेकिन कोर्ट गैर-जरूरी धारा हटा देता है। अग्रिम जमानत की याचिका पर मद्रास हाई कोर्ट ने उदय को रिहा करने का आदेश दे दिया है। ------------- ये खबर भी पढ़िए… क्या थलापति विजय से जलते हैं रजनीकांत; कहां से उठी सीएम बनने में अड़ंगा लगाने की बात, पूरी कहानी जानिए थलाइवा रजनीकांत ने चेन्नई के पोएस गार्डेन स्थित अपने घर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। सफाई देते हुए कहा- मैं विजय को तब से देख रहा हूं, जब वो बच्चे थे। उनके सीएम बनने से मुझे क्यों जलन होगी। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 4 Aug 2026 6:06 pm

रूस के खिलाफ Zelenskyy का बड़ा दांव, यूरोप की सुरक्षा के लिए FREYJA Anti-Ballistic Shield का किया ऐलान

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सोमवार को यूक्रेन के राजदूतों को दिए एक अहम भाषण में विदेश नीति और रक्षा से जुड़ी बड़ी पहलों के बारे में बताया। उन्होंने कीव की क्षेत्रीय सुरक्षा योजना के केंद्र में 'FREYJA' (फ्रेया) के विकास को रखा, जो यूरोप का एक संयुक्त एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। एक्स पर यूक्रेनी राजदूतों के साथ हुई बातचीत में अपनी कही बातों का ज़िक्र करते हुए, ज़ेलेंस्की ने 'एंटी-बैलिस्टिक गठबंधन' के विस्तार पर ज़ोर दिया ताकि 'FREYJA' को पूरा किया जा सके। यह यूक्रेन के नेतृत्व वाला एक प्रोजेक्ट है जिसका मकसद यूरोप के लिए एक संयुक्त मिसाइल डिफेंस शील्ड बनाना है। एयर डिफेंस को यूक्रेन की अहम ऑपरेशनल प्राथमिकता बताते हुए, ज़ेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन के पास 'FREYJA' फ्रेमवर्क के लिए मिसाइलें और मोबाइल लॉन्चर तो हैं, लेकिन इस शील्ड को चालू करने के लिए कुछ खास यूरोपीय पुर्ज़ों और संयुक्त फंडिंग की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: सर्जियो गोर काट रहे थे बांग्लादेश के चक्कर, तभी रूस ने ली धमाकेदार एंट्री, भारत का नाम लेकर किया सबसे बड़ा ऐलान यूरोप के अरबों डॉलर के मिलिट्री टेक्नोलॉजी मार्केट की रणनीतिक स्थिति पर बात करते हुए, ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोगियों से मुकाबला करने के बजाय मिलकर काम करने की अपील की। ​​उन्होंने चेतावनी दी कि मॉस्को महाद्वीप की रक्षा एकजुटता को तोड़ने की कोशिश करेगा। उन्होंने लिखा एंटी-बैलिस्टिक गठबंधन के तहत पहला कदम 'FREYJA' है। यह हमारा एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम होना चाहिए, जो उन यूरोपीय सहयोगियों के लिए खुला हो जिन्होंने इस युद्ध और हमारे सामने आई सभी चुनौतियों के दौरान हमारी मदद की है। हमारे पास मिसाइलें और लॉन्चर हैं, लेकिन कुछ पुर्ज़ों की कमी है। हमने उन सहयोगी देशों को एक साथ किया है जिनके पास वे खास चीज़ें हैं जिनकी हमें ज़रूरत है। हम सहयोगियों का स्वागत करते हैं। हमें इस सिस्टम के लिए ज़रूरी पुर्ज़ों और फंडिंग, दोनों की ज़रूरत होगी। जिन देशों के पास संबंधित प्रोडक्शन क्षमता नहीं है, लेकिन जिनके पास अभी पैट्रियट मिसाइलें हैं - और जो उन्हें देते हैं, यानी हमारे आसमान की सुरक्षा की हमारी क्षमता में उन मिसाइलों का योगदान करते हैं - उनका इस एंटी-बैलिस्टिक गठबंधन में शामिल होने के लिए बहुत स्वागत है। इसे भी पढ़ें: Moscow drone attack में पांच की मौत, रूस और यूक्रेन में तेज हमले उन्होंने आगे कहा हम समझते हैं कि हम न केवल यूरोप के लिए सुरक्षा बना रहे हैं, बल्कि एक प्रतिस्पर्धा भी पैदा कर रहे हैं। स्वीडन में साब (Saab), जर्मन कंपनियाँ, अमेरिका में लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन, और इटली की बहुत मज़बूत कंपनी लियोनार्डो मौजूद हैं। हमें प्रतिस्पर्धियों की ज़रूरत नहीं है; हमें ऐसे लोगों की ज़रूरत है जो हमें मज़बूत बनाएँ और हमें एक-दूसरे के करीब लाएँ। जब हम 'सिस्टमैटिक कदमों' की बात करते हैं, तो यहाँ राजनीति बहुत अहम हो जाती है।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 6:06 pm

Iran Political Crisis: खामेनेई का Pezeshkian को आखिरी अल्टीमेटम, IRGC कमांडर के हाथ में कमान

क्षेत्रीय संघर्ष और पश्चिम एशिया को लेकर अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के बीच, ईरान में नई राजनीतिक मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इज़राइली मीडिया की खबरों के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कथित तौर पर राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन को आखिरी अल्टीमेटम दिया है और बातचीत व संघर्ष से जुड़े अहम फैसलों पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर अहमद वाहिदी का समर्थन किया है। इज़राइली ब्रॉडकास्टर चैनल 14 ने तेहरान के घटनाक्रम से वाकिफ सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि खामेनेई ने राष्ट्रपति पेज़ेशकियन को एक और इस्तीफे की कोशिश से न रोककर, असल में उनसे उनकी मुख्य राजनीतिक ताकत छीन ली है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेज़ेशकियन ने ईरान के नेतृत्व के साथ नीतिगत मतभेदों के दौरान बार-बार इस्तीफे की धमकी दी थी और मई में औपचारिक रूप से इस्तीफा देने की कोशिश भी की थी। उनका कहना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसलों में उनके प्रशासन को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया था। इसे भी पढ़ें: Pakistan-Iran Diplomacy: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Islamabad बना मध्यस्थ, Ishaq Dar ने अरागची को भेजा न्योता चैनल 14 ने दावा किया कि खामेनेई का नया रुख ईरान के मिलिट्री एस्टेब्लिशमेंट के साथ पूरी तरह तालमेल का संकेत देता है, जिससे राष्ट्रपति के पास रणनीतिक पॉलिसी बनाने में असर डालने की गुंजाइश कम हो गई है। चैनल 14 ने बिना नाम बताए सूत्रों के हवाले से यह भी बताया कि तेहरान ने अमेरिका के प्रति सख्त रुख अपनाया है, और IRGC कमांडर अहमद वाहिदी का तरीका अब असल में सरकार की आधिकारिक पॉलिसी बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की राजनीतिक लीडरशिप और IRGC के बीच मतभेद काफी कम हो गए हैं, और सुप्रीम लीडर ने कथित तौर पर अमेरिका से जुड़े बड़े फैसलों पर वाहिदी को आखिरी फैसला लेने का अधिकार दे दिया है। इसे भी पढ़ें: होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद के बीच Iran क्या बना पाएगा परमाणु हथियार रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरानी नेताओं का मानना ​​है कि नवंबर में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के किसी बड़े पॉलिसी बदलाव की संभावना कम है, इसलिए तेहरान ज़्यादा से ज़्यादा दबाव बनाए रखने के साथ-साथ अपनी रणनीतिक और आर्थिक ताकत को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। उन्हीं सूत्रों का हवाला देते हुए, चैनल 14 ने बताया कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची और अमेरिकी विशेष दूतों - खासकर स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत और कतर व पाकिस्तान की मध्यस्थता तक ही सीमित है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अभी कोई औपचारिक बातचीत नहीं हो रही है। इसे भी पढ़ें: UKMTO ने ओमान तट पर मालवाहक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल हमले की शुरू की जांच यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब ट्रंप ने ईरान को समझौते तक पहुँचने का आखिरी मौका दिया है। वाशिंगटन ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के अनुरोध पर इस्लामिक रिपब्लिक पर नियोजित सैन्य हमले को रोक दिया था, ताकि कूटनीति का रास्ता अपनाया जा सके। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि कूटनीतिक कोशिशों की वजह से हमले को रोकने से पहले अमेरिका ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने के लिए तैयार था।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 6:05 pm

Heat Pack रसायन विज्ञान के किस सिद्धांत पर काम करते हैं?

(एलन ब्लैकमैन, ऑकलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी)ऑकलैंड, चार अगस्त (द कन्वरसेशन) सर्दियों के दिनों में कुछ लोग बर्फीले पहाड़ों पर स्कीइंग का आनंद ले रहे होते हैं, तो कुछ को मजबूरी में खुले आसमान के नीचे काम करना पड़ता है। दोनों ही स्थितियों में शरीर को गर्म रखना जरूरी होता है। लेकिन कई बार केवल गर्म कपड़े पहनना पर्याप्त नहीं होता।ऐसे में तुरंत गर्माहट देने वाले ‘हीट पैक’ बेहद काम आते हैं। प्लास्टिक के पैकेट से ‘हैंड वॉर्मर’ निकालकर जेब में रखते ही वह धीरे-धीरे गर्म महसूस होने लगता है और कई घंटों तक हल्की, आरामदायक गर्माहट देता रहता है। यह किसी जादू से कम नहीं लगता।लेकिन ये ‘हीट पैक’ आखिर काम कैसे करते हैं? ये इतनी देर तक गर्म कैसे रहते हैं? और कुछ ‘हीट पैक’ दोबारा इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जबकि कुछ केवल एक बार ही क्यों काम आते हैं? इसका जवाब रसायन विज्ञान के कुछ बुनियादी सिद्धांतों में छिपा है। उष्माक्षेपी अभिक्रिया क्या है?रासायनिक अभिक्रियाओं और भौतिक प्रक्रियाओं को इस आधार पर भी समझा जाता है कि वे ऊष्मा का क्या करती हैं—क्या वे ऊष्मा को अवशोषित करती हैं या उत्सर्जित करती हैं।जो प्रक्रिया अपने आसपास के वातावरण से ऊष्मा ग्रहण करती है, उसे उष्माशोषी (एंडोथर्मिक) प्रक्रिया कहा जाता है। सामान्य तापमान पर बर्फ का पिघलना इसका आम उदाहरण है। बर्फ वातावरण से ऊष्मा लेकर पानी में बदल जाती है।इसके विपरीत, जो प्रक्रिया अपने आसपास ऊष्मा छोड़ती है, उसे उष्माक्षेपी (एक्सोथर्मिक) प्रक्रिया कहते हैं। पेट्रोल का जलना इसका परिचित उदाहरण है, जिसमें बड़ी मात्रा में ऊष्मा निकलती है।‘हीट पैक’ भी इसी प्रकार की उष्माक्षेपी प्रक्रियाओं पर आधारित होते हैं। हालांकि, पेट्रोल के दहन की तरह इनमें प्रतिक्रिया बहुत तेज नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे होती है, इसलिए गर्माहट लंबे समय तक बनी रहती है।‘हीट पैक’ में इस प्रक्रिया को शुरू करने के दो प्रमुख तरीके हैं—हवा के संपर्क से सक्रिय होना और यांत्रिक रूप से सक्रिय होना। यही तय करता है कि कोई ‘हीट पैक’ एक बार इस्तेमाल होगा या उसे दोबारा भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। हवा के संपर्क से सक्रिय होने वाले हीट पैक कैसे काम करते हैं?जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, ऐसे हीट पैक हवा के संपर्क में आते ही सक्रिय हो जाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें वास्तव में लोहे की ऑक्सीजन के साथ होने वाली प्रतिक्रिया यानी जंग लगने की प्रक्रिया होती है।जब कोई शुद्ध धातु हवा के संपर्क में आती है, तो वह ऑक्सीजन से प्रतिक्रिया करती है और इस दौरान ऊष्मा निकलती है। कई बार यह प्रक्रिया बहुत तेज भी हो सकती है। उदाहरण के लिए, जब एंगल ग्राइंडर स्टील टुकड़े से टकराता है तो चिंगारियां निकलती हैं और वे लोहे और ऑक्सीजन के बीच अत्यंत तीव्र उष्माक्षेपी प्रतिक्रिया का परिणाम होती हैं।इसी तरह, 2016 में कैलिफोर्निया में लगी एक भीषण दावानल (जंगल में आग) की शुरुआत तब हुई थी, जब एक गोल्फ खिलाड़ी ने धातु के क्लब से एक पत्थर पर वार किया था।यदि ऐसा है, तो फिर धातु की वस्तुएं हर समय चिंगारियां क्यों नहीं छोड़तीं?दरअसल, लगभग सभी धातुओं की सतह पर ऑक्साइड की एक बेहद पतली परत बन जाती है, जो ऑक्सीजन के साथ उनकी प्रतिक्रिया की गति को काफी धीमा कर देती है। यही कारण है कि लोहे के ठोस टुकड़े पर जंग बहुत धीरे-धीरे लगती है।लेकिन हीट पैक के लिए यह गति पर्याप्त नहीं होती।इसीलिए इनमें लोहे के ठोस टुकड़े की जगह लोहे का बारीक पाउडर भरा जाता है। इससे लोहे का सतही क्षेत्रफल बहुत बढ़ जाता है और ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करने के लिए अधिक सतह उपलब्ध हो जाती है।लोहे के पाउडर के साथ पैक में नमक और पानी भी होता है, जो इस रासायनिक प्रक्रिया को आसान बनाते हैं। पैक के भीतर सामग्री बंद रहती है, लेकिन उसकी परत इतनी सूक्ष्म होती है कि हवा अंदर पहुंच सकती है। जैसे ही पैक हवा के संपर्क में आता है, प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है।यह प्रतिक्रिया इतनी नियंत्रित गति से होती है कि कई घंटों तक लगातार हल्की गर्माहट मिलती रहती है।प्रतिक्रिया पूरी होने पर सारा लोहा स्थायी रूप से जंग में बदल जाता है। यही वजह है कि हवा से सक्रिय होने वाले ‘हीट पैक’ केवल एक बार इस्तेमाल किए जा सकते हैं। पुन: इस्तेमाल होने वाले ‘हीट पैक’ कैसे काम करते हैं?पुन: उपयोग किए जा सकने वाले ‘हीट पैक’ भी उष्माक्षेपी प्रक्रिया पर आधारित होते हैं, लेकिन इनमें प्रतिक्रिया यांत्रिक तरीके से शुरू होती है।आपने बर्फ जमते समय यह प्रक्रिया देखी होगी। पानी जमकर बर्फ बनते समय अपने आसपास ऊष्मा छोड़ता है। यानी पानी का जमना भी एक उष्माक्षेपी प्रक्रिया है।ऐसे ‘हीट पैक’ में सोडियम एसीटेट नामक रंगहीन ठोस पदार्थ होता है, जो पानी में बहुत आसानी से घुल जाता है।यदि गर्म पानी में इसकी अधिकतम मात्रा घोलकर उसे बहुत सावधानी से ठंडा किया जाए, तो अतिसंतृप्त विलयन तैयार हो जाता है। इसमें सामान्य स्थिति से अधिक मात्रा में ‘सोडियम एसीटेट’ घुला रहता है।यह विलयन तब तक स्थिर रह सकता है, जब तक उसे कोई हल्का यांत्रिक झटका न मिले।‘हीट पैक’ के भीतर लगी छोटी धातु की पट्टी को मोड़ने या दबाने पर इतना झटका मिल जाता है कि सोडियम एसीटेट का क्रिस्टलीकरण शुरू हो जाता है। यह एक उष्माक्षेपी प्रक्रिया है, जिससे ऊष्मा निकलती है और पैक के भीतर मौजूद पानी गर्म हो जाता है।पानी अपेक्षाकृत धीरे-धीरे गर्म होता है और उतनी ही धीमी गति से ठंडा भी होता है। इसलिए सोडियम एसीटेट के क्रिस्टलीकरण से उत्पन्न ऊष्मा लंबे समय तक पैक में बनी रहती है।इन ‘हीट पैक’ को फिर से इस्तेमाल करने के लिए केवल इतना करना होता है कि उन्हें गर्म पानी में रखकर गर्म किया जाए। इससे सारा सोडियम एसीटेट दोबारा घुल जाता है और पैक अगली बार उपयोग के लिए तैयार हो जाता है।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 5:50 pm

Sheikh Hasina Virtual Address: यह भारत का Official Event नहीं, पूर्व राजनयिक ने बताया FCC का कार्यक्रम

पूर्व सीनियर डिप्लोमैट सुरेंद्र कुमार ने मंगलवार को कहा कि बांग्लादेश को सत्ता से हटाई गईं प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रस्तावित वर्चुअल संबोधन का इंतज़ार करने के बाद ही कोई प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत को बांग्लादेश में किसी भी राजनीतिक गतिविधि या उकसावे में शामिल नहीं माना जाना चाहिए। ANI से बात करते हुए कुमार ने कहा कि बांग्लादेश की चिंता का कारण यह है कि हसीना सत्ता से हटाई गई नेता हैं, जिन पर गंभीर कानूनी आरोप हैं और ढाका ने भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का मुख्य तर्क यह है कि वह एक भगोड़ी और आरोपी हैं, जिन्हें सज़ा (मेरे ख्याल से मौत की सज़ा) सुनाई गई है, और वह यहाँ हैं। उन्होंने प्रत्यर्पण का अनुरोध भी किया है। इसलिए उन्हें कोई भी राजनीतिक काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Sheikh Hasina के प्रस्तावित संबोधन पर MEA का बड़ा बयान, भारत सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं हालांकि, कुमार ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश के प्रत्यर्पण (extradition) के अनुरोध को खारिज नहीं किया है और इस मामले को कानूनी प्रक्रिया के ज़रिए देखा जा रहा है। उन्होंने कहा हमारा कहना है कि आपके प्रत्यर्पण के अनुरोध को खारिज नहीं किया गया है; उस पर विचार किया जा रहा है; यह एक कानूनी प्रक्रिया है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि प्रस्तावित संबोधन कोई आधिकारिक भारतीय कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने कहा, और यह कोई आधिकारिक भारतीय कार्यक्रम नहीं है। यह फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब (FCC) है। यह यहाँ कई सालों से काम कर रहा है। उन्होंने किसी को बोलने के लिए आमंत्रित किया है। इसे भी पढ़ें: विदेश मंत्रालय का Pakistan पर तीखा प्रहार, PoK Elections को बताया ढकोसला, Sheikh Hasina और China से संबंधों को लेकर भी कह दी बड़ी बात कुमार ने इस बारे में अटकलें लगाने से बचने को कहा कि हसीना अपने संबोधन में क्या कह सकती हैं या क्या इससे बांग्लादेश में अशांति फैल सकती है। उन्होंने कहा हमें पहले से कोई राय नहीं बनानी चाहिए; उन्होंने अभी कुछ नहीं कहा है, हमें नहीं पता कि वह क्या कहने वाली हैं, इसलिए यह मान लेना कि वह बांग्लादेश में अपने पार्टी समर्थकों को भड़का सकती हैं और सरकार के खिलाफ कोई प्रतिक्रिया हो सकती है, सही नहीं है। उन्होंने आगे कहा ये सब काल्पनिक अटकलें हैं। हमें बस इंतज़ार करना चाहिए।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 5:50 pm

Pakistan Atrocities in PoJK: 90 नागरिकों की मौत, MEA बोला- खोखली चुनावी प्रक्रिया से नहीं छिपेगा सच

भारत ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए तथाकथित चुनावों को लेकर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की और दुनिया भर से अपील की कि वे आम नागरिकों पर पाकिस्तानी प्रशासन द्वारा किए जा रहे अत्याचारों पर ध्यान दें। राष्ट्रीय राजधानी में हर दो हफ़्ते में होने वाली प्रेस ब्रीफ़िंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि PoK में यह तथाकथित स्थानीय चुनाव पूरी तरह से दिखावा है। असल में वहां जनता विरोध-प्रदर्शन कर रही है और पाकिस्तानी सेना आम लोगों की बेरहमी से हत्या कर रही है। ऐसी खोखली कवायदें सच्चाई को छिपा नहीं सकतीं। इसे भी पढ़ें: मध्यस्थ ही संदिग्ध...अमेरिका-ईरान डील में पाकिस्तान OUT, ट्रंप को सऊदी पर भरोसा उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि जून के बाद से पाकिस्तानी प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को बिजली कटौती, डराने-धमकाने और दमन का शिकार बनाने के कारण कम से कम 90 नागरिकों की जान जा चुकी है; यह सब एक खोखली चुनावी प्रक्रिया को वैधता दिलाने की कोशिश में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल जून से, लगातार हो रही कार्रवाई में कम से कम 90 आम नागरिकों की जान गई है। पाकिस्तानी प्रशासन ने जनता की नाराज़गी का जवाब गोलियों, ब्लैकआउट, डराने-धमकाने और दमन से दिया है, और अब एक खोखली चुनावी प्रक्रिया के ज़रिए अपनी वैधता साबित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस्लामाबाद को जवाबदेह ठहराने की अपील की। उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, और दुनिया को मानवाधिकारों पर पाकिस्तान के पाखंडपूर्ण उपदेशों के खोखलेपन को समझना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Pakistan-Iran Diplomacy: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Islamabad बना मध्यस्थ, Ishaq Dar ने अरागची को भेजा न्योता उनकी यह टिप्पणी PoJK में स्थानीय चुनाव के दौरान आम नागरिकों पर हुई बेरहम कार्रवाई के बीच आई है। रविवार को हुए चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, लॉजिस्टिक्स की विफलता और लगातार विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवालिया निशान लग गया और इसकी विश्वसनीयता पर नए सिरे से सवाल उठने लगे।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 5:42 pm

Sheikh Hasina के प्रस्तावित संबोधन पर MEA का बड़ा बयान, भारत सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं

सरकार ने आज कहा कि बुधवार को राजधानी में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़े प्रस्तावित मीडिया इवेंट में उसकी कोई भूमिका नहीं है। सरकार ने ज़ोर देकर कहा कि इसे एक प्राइवेट मीडिया संस्था आयोजित कर रही है और नई दिल्ली वहां व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन नहीं करती है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हर दो हफ़्ते में होने वाली मीडिया ब्रीफ़िंग में कहा कि सरकार की इस इवेंट में कोई भूमिका नहीं है। यह बयान बांग्लादेश की उन चिंताओं के बीच आया है जिनमें उसने नई दिल्ली में 'फ़ॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब [FCC] ऑफ़ साउथ एशिया' द्वारा आयोजित इवेंट में 5 अगस्त को शेख हसीना के प्रस्तावित संबोधन पर चिंता जताई थी। इसे भी पढ़ें: MEA का बयान: दोहरे इस्तेमाल वाली चीजों का भारत का निर्यात अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप जायसवाल ने कहा कि आप जिस बातचीत का ज़िक्र कर रहे हैं, उसे एक प्राइवेट मीडिया संस्था आयोजित कर रही है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। साथ ही, सरकार उस फ़ोरम पर व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन भी नहीं करती है। बांग्लादेश ने भारत के सामने अपनी चिंता ज़ाहिर की है कि शेख हसीना - जो पिछले साल ढाका छोड़ने के बाद से भारत में हैं एक वर्चुअल भाषण देने वाली हैं। बांग्लादेश का कहना है कि इस कार्यक्रम से दोनों देशों के रिश्तों में हाल ही में आए सुधार पर बुरा असर पड़ सकता है। यह मुद्दा सोमवार को बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर और ढाका में भारत के नए हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी के बीच हुई बैठक में उठा। एक और सवाल का जवाब देते हुए जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को फरवरी 2026 में पद संभालने पर भारत की द्विपक्षीय यात्रा के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था। उन्होंने कहा कि जहां तक ​​ब्रिक्स समिट की बात है, भारत ने BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स समिट के आउटरीच सेशन में शामिल होने के लिए अलग से निमंत्रण भेजा है। इसे भी पढ़ें: विदेश मंत्रालय का Pakistan पर तीखा प्रहार, PoK Elections को बताया ढकोसला, Sheikh Hasina और China से संबंधों को लेकर भी कह दी बड़ी बात उन्होंने कहा कि BRICS में आउटरीच सेशन के लिए अपनाई जाने वाली आम प्रक्रिया के तहत यह निमंत्रण भेजा गया है। इसी तरह क्षेत्रीय समूहों के अन्य प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया है। इससे पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि रहमान को BRICS समिट में शामिल होने का निमंत्रण मिला है और इस मामले को विचार के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा गया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने ANI को बताया हमें निमंत्रण मिला है और हमने इसे विचार के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दिया है; इस पर अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री ही लेंगे। अधिकारी ने आगे कहा BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर, बांग्लादेश को प्रधानमंत्री तारिक रहमान के लिए BRICS समिट के आउटरीच सेशन में भाग लेने का निमंत्रण मिला है। यह निमंत्रण 2027 से पहले आया है, जब BIMSTEC अपनी 30वीं वर्षगांठ मनाएगा और बांग्लादेश ढाका में BIMSTEC समिट की मेजबानी करेगा।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 5:37 pm

पाकिस्तान में तख्तापलट की आहट? मुनीर-नकवी के पावर प्ले से उड़ी शहबाज की नींद

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने देश के प्रशासनिक तंत्र को विफल बताते हुए 21 साल के सबसे बड़े घोटाले का खुलासा किया है. नकवी ने जजों, राजनेताओं और नौकरशाहों पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

आज तक 4 Aug 2026 5:18 pm

ईरान में सत्ता संघर्ष की अटकलें तेज! राष्ट्रपति की शक्तियां सीमित होने का दावा, वीडियो में जाने सेना की बढ़ी भूमिका

ईरान में सत्ता संघर्ष की अटकलें तेज! राष्ट्रपति की शक्तियां सीमित होने का दावा, वीडियो में जाने सेना की बढ़ी भूमिका

समाचार नामा 4 Aug 2026 5:03 pm

लश्कर आतंकी का बड़ा दावा: '3-4 साल में 30 से ज्यादा सदस्य मारे गए', वीडियो में जाने पाकिस्तान में संगठन को भारी नुकसान

लश्कर आतंकी का बड़ा दावा: '3-4 साल में 30 से ज्यादा सदस्य मारे गए', वीडियो में जाने पाकिस्तान में संगठन को भारी नुकसान

समाचार नामा 4 Aug 2026 5:02 pm

Moscow drone attack में पांच की मौत, रूस और यूक्रेन में तेज हमले

मॉस्को, चार अगस्त (एपी) मॉस्को के आसपास के इलाके में यूक्रेनी ड्रोन हमलों में पांच लोगों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। जबकि यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि वहां रूसी हवाई हमलों में भी कम से कम पांच नागरिकों की जान चली गई है। दोनों ही देश पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में लगभग 1,250 किलोमीटर (800 मील) में फैले संघर्ष क्षेत्र में मारे गए या घायल हुए सैनिकों की संख्या उजागर नहीं करते हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि रूस के काला सागर तट पर स्थित रिसॉर्ट शहर अरखिपो-ओसिपोवका में सोमवार को हुए एक ड्रोन हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। मंगलवार सुबह, क्रास्नोडार क्षेत्रीय अधिकारियों ने घायलों की संख्या अद्यतन करते हुए 58 बताई, जिनमें से 21 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इंटरनेट पर सामने आए वीडियो में एक ड्रोन को भीड़भाड़ वाले समुद्र तट से टकराते देखा गया, वीडियो में तेज गोलीबारी जैसी आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। यूक्रेन ने इस हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। मॉस्को क्षेत्र (जो रूसी राजधानी को घेरता है लेकिन खुद राजधानी का हिस्सा नहीं है) के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने बताया कि मंगलवार सुबह एक यूक्रेनी ड्रोन हमले में पांच लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। वोरोब्योव ने कहा कि इस हमले से सबसे ज्यादा नुकसान चेखव नगर पालिका क्षेत्र में हुआ, जहां नोवोसेल्की औद्योगिक क्षेत्र में कई जगह आग लग गई। रूस के सबसे बड़े ऑनलाइन विक्रेता वाइल्डबेरीज पर लगातार हो रहे हमलों की कड़ी में, कंपनी ने मंगलवार को बताया कि सेंट पीटर्सबर्ग से सटे लेनिनग्राद क्षेत्र में स्थित उसके गोदाम में आग लग गई है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार सुबह रिपोर्ट दी कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रात भर में 320 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 5:00 pm

इस्लामाबाद हुआ सील, सड़कों पर कंटेनरों का पहरा! क्या पाकिस्तान में होने वाला है तख्तापलट ?

इस्लामाबाद हुआ सील, सड़कों पर कंटेनरों का पहरा! क्या पाकिस्तान में होने वाला है तख्तापलट ?

समाचार नामा 4 Aug 2026 5:00 pm

अरुणाचल की ग्लाव झील रामसर स्थल घोषित

ईटानगर/ नई दिल्ली। पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज अरुणाचल प्रदेश की ग्लाव झील को भारत का 101वां रामसर स्थल घोषित किया। भूपेंद्र यादव ने कहाकि यह राज्य केलिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि उसे अपना पहला रामसर स्थल प्राप्त हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस उपलब्धि को जैव...

स्वतंत्र आवाज़ 4 Aug 2026 4:55 pm

होर्मुज के नए रूट पर ईरान की ओमान से बातचीत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से बातचीत की पुष्टि की है लेकिन इससे पहले ईरान ने होर्मुज़ के नए रुट को लेकर ओमान से बातचीत कर रहा है...और ये भी साफ कर दिया है कि होर्मुज़ की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा...होर्मुज़ बंद होने के लिए ईरान ने अमेरिका को ही ज़िम्मेदार बताया. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 4 Aug 2026 4:51 pm

पाकिस्तान में होने जा रहा तख्तापलट? कंटेनरों से सील किया गया इस्लामाबाद; क्या आसिम मुनीर ने कर दिया बड़ा खेला

जानकारों का मानना ​​है कि आसिम मुनीर, बलूचिस्तान से लेकर पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (POK) तक बढ़ती चुनौतियों के बीच, नकवी जैसे अपने करीबी को बड़ी राजनीतिक भूमिका के लिए समर्थन देकर अपना असर और बढ़ा सकते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 4:51 pm

खामेनेई के बेटे ने बदला ईरान का पावर बैलेंस? राष्ट्रपति की ताकत घटी, सुप्रीम लीडर की सेना बनी सबसे ताकतवर

खामेनेई के बेटे ने बदला ईरान का पावर बैलेंस? राष्ट्रपति की ताकत घटी, सुप्रीम लीडर की सेना बनी सबसे ताकतवर

समाचार नामा 4 Aug 2026 4:40 pm

दुबई में भारतीय कारोबारी सतीश सनपाल पर बड़ा एक्शन, खाते फ्रीज

यूएई की वित्तीय खुफिया एजेंसी ने भारतीय कारोबारी सतीश सनपाल और उनकी पत्नी ताबिंदा की संपत्तियां अटैच करने और बैंक खाते फ्रीज करने का आदेश दिया है. यह कार्रवाई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत की गई है.

आज तक 4 Aug 2026 4:38 pm

Pakistan-Iran Diplomacy: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Islamabad बना मध्यस्थ, Ishaq Dar ने अरागची को भेजा न्योता

पाकिस्तान ने ईरान के साथ अपने राजनयिक संपर्क बढ़ा दिए हैं। विदेश मंत्री इशाक डार ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची को बातचीत के लिए जल्द से जल्द इस्लामाबाद आने का न्योता दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब तेहरान और वॉशिंगटन के बीच संपर्क को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि क्षेत्रीय सहयोगियों की अपील के बाद उन्होंने ईरान के खिलाफ तय सैन्य हमले रद्द कर दिए थे। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से ईरान और अमेरिका के बीच एक अहम राजनयिक कड़ी बने रहने की इस्लामाबाद की कोशिश झलकती है, भले ही पाकिस्तान ने – जैसा कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया – काफी हद तक कम प्रोफ़ाइल बनाए रखी है। इस न्योते पर ईरान की प्रतिक्रिया के बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इसे भी पढ़ें: Pakistan की स्थिति West Indies के खिलाफ टेस्ट में मजबूत सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री सीनेटर मोहम्मद इशाक डार (@MIshaqDar50) ने आज ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची से बात की। उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम में बिगड़ते हालात भी शामिल हैं। इसमें आगे कहा गया उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री (डार) ने विदेश मंत्री अरागची को अपनी सुविधानुसार जल्द से जल्द पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया। इसके अलावा, खबर है कि नेशनल असsembly के स्पीकर अयाज सादिक ने अपने ईरानी समकक्ष मोहम्मद बागेर घालीबाफ को इस्लामाबाद आने का निमंत्रण दिया है। अरागची और घालीबाफ, दोनों ने हाल ही में हुई अमेरिका-ईरान बातचीत में अहम भूमिका निभाई थी। इसे भी पढ़ें: आखिर चाहता क्या है पाकिस्तान? बॉर्डर के पास 250 तोपें लेकर उतरी मुनीर की सेना पाकिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया हालिया कोशिशों के ज़रिए पाकिस्तान एक भरोसेमंद मध्यस्थ के तौर पर अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहता है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब कूटनीतिक कोशिशें कमज़ोर हैं और खाड़ी क्षेत्र में एक और सैन्य टकराव का खतरा बना हुआ है। अधिकारी ने कहा कि तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान अभी काफी हद तक खामोश है। उन्होंने आगे कहा मैं आपको बता दूं... पर्दे के पीछे कूटनीतिक बातचीत जारी है।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 4:31 pm

लश्कर के कमांडर का बड़ा कबूलनामा, 3-4 सालों में अज्ञात गनमैन ने मार दिए 30 से ज्यादा आतंकवादी

लश्कर के शीर्ष कमांडर रिजवान हनीफ ने यह स्वीकार किया है कि पाकिस्तान में अज्ञात गनमैन द्वारा इस आतंकवादी संगठन के 30 से अधिक सदस्यों को मार गिराया गया है।

खबर इंडिया टीवी 4 Aug 2026 4:29 pm