डिजिटल समाचार स्रोत

...

पाकिस्तान: सर्वे डेटा से जनता और सरकारी संस्थानों के बीच भरोसे की गहरी खाई उजागर

पाकिस्तान में जनता और सरकारी संस्थानों के बीच भरोसे की कमी सामने आई है। इप्सोस और फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा जारी एक पारदर्शिता सर्वेक्षण में “धारणा और वास्तविकता के बीच अंतर” को उजागर किया गया है

देशबन्धु 5 Feb 2026 11:37 pm

DNA: जंग होगी या शांति... अगले कुछ घंटों में तय होगी दुनिया का स्थिति, आमने-सामने आएंगे ईरान-अमेरिका, ओमान पर टिकी नजरें

Iran-America Conflict: ईरान और अमेरिका इन दिनों जंग की कगार पर खड़े हैं. भले ही दोनों देश वार्ता के लिए मान चुके हैं, लेकिन जंग को लेकर अभी भी संभावना जताई जा रही है.

ज़ी न्यूज़ 5 Feb 2026 11:26 pm

DNA: अवैध मस्जिदों पर चलेगा बुलडोजर... कट्टरपंथी होंगे देश से बाहर, अब ग्रीस क्यों अपनाने जा रहा योगी सरकार वाला मॉडल; जानिए डिटेल

यूरोप के खूबसूरत देशों में शुमार ग्रीस धार्मिक उन्माद, हिंसा और कट्टरपंथ से परेशान हैं. ग्रीस आने वाले समय में कई बड़े एक्शन की तैयारी में है. ग्रीस सरकार एथेंस में अवैध मस्जिदों की पहचान करने के लिए अभियान चला रही है.

ज़ी न्यूज़ 5 Feb 2026 11:24 pm

अमेरिका की डिफेंस इनोवेशन यूनिट और डीआरडीओ एक साथ कर सकते हैं काम

नई दिल्ली में भारत-अमेरिका संयुक्त तकनीकी समूह की 24वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मकसद रक्षा विज्ञान और नई तकनीकों के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को और आगे बढ़ाना था।

देशबन्धु 5 Feb 2026 11:12 pm

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को कैसे क्रूड ऑयल ने किया प्रभावित? जानिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय

भारत अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते की घोषण की जा चुकी है. जल्द ही दोनों देशों के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर किया जाना है. ट्रंप ने भारत पर थोपा गया 50 प्रतिशत का टैरिफ घटा कर 18 प्रतिशत कर दिया है.

ज़ी न्यूज़ 5 Feb 2026 10:51 pm

घाना को क्यों कहा जाता है'सोने का देश', भारत के साथ कैसा ही इस देश का रिश्ता?

भारत अपनी कुल सोने की जरूरत का 70 प्रतिशत से अधिक आयात घाना से करता है, जिससे यह द्विपक्षीय व्यापार का मुख्य आधार बन गया है. वित्त वर्ष 2024-25 में घाना ने भारत को करीब 12,157.74 मिलियन डॉलर मूल्य का सोना निर्यात किया.

ज़ी न्यूज़ 5 Feb 2026 8:57 pm

कौन हैं सवाना गुथरी? जिनकी 84 साल की मां नैन्सी को कर लिया गया किडनैप; ट्रंप ने खोजने के लिए लगा दी अपनी सारी ताकत, बहुत भावुक है पूरी कहानी

अमेरिकी टीवी की मशहूर एंकर सवाना गुथरी (Savannah Guthrie) की अमेरिका समेत पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है. इनसे जुड़ा मामला इतना भावुक है कि पूरी कहानी पढ़कर आप रो देंगे. तो समझे पूरी कहानी.

ज़ी न्यूज़ 5 Feb 2026 12:44 pm

बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों के सामने अपाहिज सा महसूस कर रहा पाकिस्‍तान, आधुनिक हथियार होने का दावा

ख्वाजा आसिफ ने संसद में कहा कि बलूचिस्तान भौगोलिक रूप से पाकिस्तान का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। उन्होंने तर्क दिया कि इतने विशाल और कम आबादी वाले, पहाड़ी व रेगिस्तानी क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखना किसी घनी आबादी वाले शहर की तुलना में कहीं अधिक कठिन है।

देशबन्धु 5 Feb 2026 12:17 pm

घर जलाया- दुकानें लुटीं, हाथ बांधकर फिर एक-एक को मार डाला.. इस्लामिक आतंकियों ने 162 से ज्यादा लोगों का किया बेरहमी से कत्ल; दुनिया का फटा कलेजा

नाइजीरिया में दिल दहला देने वाला मंजर सामने आया है. शाम के समय गांव में लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे थे, तभी अचानक इस्लामिक स्टेट से जुड़े बंदूकधारियों का हुजूम आ धमका. उन्होंने पहले गांव वालों को इकट्ठा किया, कईयों के हाथ पीछे बांध दिए और फिर बेरहमी से गोलियां चलानी शुरू कर दीं. लोकल टीवी पर जो फुटेज आए, उनमें खून से लथपथ लाशें बिखरी पड़ी थीं, कुछ के हाथ बंधे हुए. घरों में आग लगा दी गई, दुकानें लूट ली गईं. पूरा गांव तबाह हो गया है.

ज़ी न्यूज़ 5 Feb 2026 10:16 am

रूस-यूक्रेन जंग, ग्रीनलैंड या फिर कुछ और...अचानक पुतिन-जिनपिंग ने क्यों की बात? ट्रंप की बढ़ सकती है बेचैनी

Vladimir Putin: रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वीडियो कॉल पर बात की. बातचीत के दौरान उन्होंने कई मसलों पर चर्चा की. ये बातचीत वेस्टर्न लीडर्स के मीटिंग्स के बीच हुई है.

ज़ी न्यूज़ 5 Feb 2026 9:42 am

अफगानिस्तान में बिना फटे बमों की घटनाओं में मारे गए लोगों में 67.5 फीसदी बच्चे शामिल

अफगानिस्तान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिकारी (एएनडीएमए) ने बुधवार को बताया कि पिछले साल अफगानिस्तान में बिना फटे बम से जुड़ी 193 घटनाओं में कम से कम 87 लोग मारे गए और 333 अन्य घायल हुए

देशबन्धु 5 Feb 2026 9:27 am

रातों-रात गायब हुआ इटली में ‘एंजेल मेलोनी’ का चेहरा, प्राचीन चर्च में सिर्फ बची बॉडी, फोटो सामने आती ही हड़कंप; दुनिया हैरान

इटली के रोम की बासीलीका सैन लोरेंजो इन लुसीना में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जिसकी चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है. चर्चा हो भी क्यों न, मामला तो इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी से जुड़ा है, इसके पहले आप सब दिमाग लगाए, हम आपको बताते हैं पूरी कहानी.

ज़ी न्यूज़ 5 Feb 2026 9:19 am

न्यू स्टार्ट समझौता खत्म, रूस‑अमेरिका अब आज़ाद रास्तों पर

रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अब रूस और अमेरिका के बीच हुए न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी यानी न्यू स्टार्ट समझौते से जुड़ी कोई बाध्यता दोनों देशों पर नहीं रह गई है

देशबन्धु 5 Feb 2026 9:00 am

ट्रंप के हमलावर को उम्रकैद की सजा, 2024 में की थी गोल्फ कोर्स पर जानलेवा हमले की कोशिश

America News: साल 2024 में चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप पर हमला किया गया था. जिसके आरोपी को अब उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. इसके अलावा कई और गुनाहों की भी उसे सजा दी गई है.

ज़ी न्यूज़ 5 Feb 2026 8:51 am

जिस दीये को तूफां में... शशि थरूर के लिए बैड डे! सीढ़ियों पर गिरे, उधर बेटे ईशान की नौकरी चली गई

Ishaan Tharoor Layoff: शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की नौकरी चली गई है. मीडिया समूह वाशिंगटन पोस्ट ने बड़े पैमाने पर छंटनी की और उसमें ईशान को भी निकाल दिया. यह खबर थरूर फैमिली के लिए 'बैड डे' के दिन आई जब दिल्ली में थरूर भी सीढ़ियों पर गिर गए थे, कुछ देर बाद अमेरिका में बेटे की नौकरी चली गई.

ज़ी न्यूज़ 5 Feb 2026 7:11 am

बांग्लादेश में Bogra एयरबेस पर चीन लगाने जा रहा ड्रोन फैक्ट्री, यूनुस सरकार के बहाने शी जिनपिंग का खतरनाक प्लान! क्या भारत सुरक्षित रह पाएगा?

बांग्लादेश में Bogra एयरबेस के पास चीन की मदद से एक बड़ी ड्रोन फैक्ट्री लगने वाली है. ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है, पूरा प्लान यूनुस सरकार ने अप्रूव किया है, और पीछे शी जिनपिंग का हाथ साफ दिख रहा है. भारत के लिए ये बड़ा खतरा क्यों? समझें पूरी खबर.

ज़ी न्यूज़ 5 Feb 2026 7:10 am

एस जयशंकर से मिले साइप्रस के विदेश मंत्री, भारत को व्यापारिक समझौतों की दी बधाई

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अपने तीन दिवसीय दौरे पर अमेरिका में हैं। बुधवार को उन्होंने विदेश सचिव मार्को रुबियो से मुलाकात की

देशबन्धु 5 Feb 2026 6:41 am

क्या व्हाट्सएप भारत में बंद हो जाएगा:प्राइवेसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चेताया; चोरी से यूजर्स का डेटा बेचने का क्या मामला

140 करोड़ की आबादी वाले हिंदुस्तान में सोशल मैसेजिंग एप ‘व्हाट्सएप’ के 85 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। अब इसी व्हाट्सएप को सुप्रीम कोर्ट ने भारत छोड़ने की चेतावनी दे दी है। वजह है- एड, यूजर डेटा और प्राइवेसी। आखिर ऐसा क्या हुआ कि सुप्रीम कोर्ट इतना गुस्सा है, व्हाट्सएप पर यूजर्स का डेटा बेच रहा और वो भारत छोड़ देगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: व्हाट्सएप से जुड़ा ये मामला शुरू कहां से हुआ? जवाब: ये मामला व्हाट्सएप की जनवरी 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी के अपडेट से शुरु हुआ। इस प्राइवेसी पॉलिसी के मुताबिक… इस प्राइवेसी पॉलिसी का नोटिफिकेशन जब यूजर्स को भेजा गया, तो उन्हें 2 ऑप्शन दिए गए। या तो वे इसे एक्सेप्ट करें और व्हाट्सएप का यूज करते रहें या फिर अपना अकाउंट डिलीट कर दें। यानी व्हाट्सएप का यूजर बने रहते हुए डेटा शेयरिंग से बचने का कोई ऑप्शन नहीं था। बाद में व्हाट्सएप कहता रहा कि दोस्तों या परिवार से की जाने वाली प्राइवेट चैट पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड है। उन्हें न तो व्हाट्सएप पढ़ सकता है और न ही कोई और। हालांकि अगर यूजर व्हाट्सएप पर किसी बिजनेस या कंपनी से बात करता है, तो वह डेटा विज्ञापन दिखाने के लिए यूज किया जा सकता है। मार्च 2021 में कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया यानी CCI ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी की जांच शुरू की। फिर नवंबर 2024 में मेटा पर 213.14 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। इसके खिलाफ मेटा-व्हाट्सएप ने दिसंबर 2024 में नेशनल कंपनी लॉ एप्पेलेट ट्रिब्यूनल यानी NCLAT में अपील की। नवंबर 2025 में NCLAT ने मेटा को कुछ राहत दी, लेकिन जुर्माना बरकरार रखा। फिर जनवरी 2026 में मेटा-व्हाट्सएप ने NCLAT के जुर्माने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इसी मामले में 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सवाल-2: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा और व्हाट्सएप ने क्या दलीलें दीं? जवाब: 3 फरवरी को CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने मामले की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने मेटा-व्हाट्सएप को फटकार लगाते हुए कहा, ‘हम आपको एक भी जानकारी शेयर करने की इजाजत नहीं देंगे।’ वहीं मेटा की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि व्हाट्सएप की सर्विस मुफ्त है और यूजर्स से कोई फी नहीं ली जाती। प्राइवेसी से जुड़ा एक मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के सामने लंबित है। रोहतगी ने आगे कहा कि हम कोर्ट में एक पेज का एफिडेविट देकर यह बता सकते हैं कि हम क्या कर रहे हैं? व्हाट्सएप की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट अरुण ने कहा कि सभी यूजर्स का डेटा शेयर नहीं किया जाता है और शेयरिंग का दायरा सीमित है। व्हाट्सएप का कहना है कि हमारी पहुंच यूजर्स के पर्सनल मैसेज तक नहीं रहती। इससे पहले व्हाट्सएप ने कहा था कि अगर डेटा शेयरिंग पर सख्त रोक लगी, तो उसे भारत में कुछ फीचर्स को वापस लेना या रोकना पड़ सकता है। इससे व्हाट्सएप के कारोबार को नुकसान होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में IT मिनिस्ट्री को भी एक पक्ष बनाने को कहा है। साथ ही व्हाट्सएप और मेटा को हलफनामा देने को कहा है, जिसमें यह आश्वासन दिया जाए कि वे यूजर्स डेटा शेयर नहीं करेंगे। 9 फरवरी को कोर्ट अंतरिम आदेश देगा। सवाल-3: क्या यूजर्स को वॉट्सएप पर एड भी आ रहे हैं? जवाब: कम्युनिटी प्लेटफॉर्म LocalCircles ने व्हाट्सएप को लेकर हाल ही में सर्वे किया था। इसके मुताबिक, सवाल-4: डिजिटल डेटा शेयरिंग और प्राइवेसी को लेकर कानून क्या है? जवाब: भारत में 2023 का डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट यानी DPDP एक्ट, आम लोगों के डिजिटल डेटा और प्राइवेसी को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है। इसके मुताबिक… डेटा प्रिंसिपल यानी वे यूजर, जिनका डेटा लिया जा रहा है, वह अपने डेटा के मालिक हैं। वहीं डेटा फिडुशियरी यानी व्हाट्सएप और गूगल जैसी कंपनियां, जो डेटा इकट्ठा करती हैं, उनकी जिम्मेदारी यूजर्स का डेटा सुरक्षित रखने की है। कोई भी कंपनी बिना परमिशन के यूजर का डेटा नहीं ले सकती। कंपनी को साफ-साफ बताना होगा कि वह कौन सा डेटा ले रही है और क्यों। अगर यूजर ने किसी ऐप को अपनी 'लोकेशन' सिर्फ डिलीवरी के लिए दी है, तो कंपनी उसे किसी से शेयर नहीं कर सकती। काम पूरा होने के बाद, कंपनी को ये डेटा अपने सर्वर से हटाना होगा। अगर कोई कंपनी डेटा सिक्योरिटी में लापरवाही करती है या डेटा लीक होता है, तो उस पर 250 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। सवाल-5: इस मामले में आगे क्या हो सकता है? जवाब: सुप्रीम कोर्ट ने मेटा-वाॉट्सएप से एक हलफनामा दाखिल करने को कहा है। हलफनामा देने पर कोर्ट उनकी दलीलों पर विचार कर सकता है और उसे प्राइवेसी पॉलिसी सुधारने का आदेश दे सकता है। इसके अलावा कोर्ट व्हाट्सएप की याचिका खारिज करके CCI को जांच करने को भी कह सकता है। या फिर सरकार को नए नियम बनाने को कह सकता है, जिससे व्हाट्सएप बिजनेस और विज्ञापन पर सख्त निगरानी रखी जा सके। हालांकि केंद्र सरकार तमाम एप्स और OTT प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते फ्रॉड को लेकर नया कानून बनाने की तैयारी में है। सवाल-6: तो क्या वाकई में व्हाट्सएप भारत छोड़ सकता है? जवाब: भले ही कोर्ट में व्हाट्सएप को देश छोड़ने की चेतावनी दी गई है, लेकिन भारत से व्हाट्सएप का एक झटके में बाहर हो जाना मुश्किल है। भारत के 97% इंटरनेट यूजर व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। पूरे देश में व्हाट्सएप के ऐसे यूजर करीब 85 करोड़ हैं। भारत के 1.5 करोड़ से ज्यादा छोटे-बड़े बिजनेस भी कस्टमर से कम्युनिकेट करने के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। एप्स के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट ’Priori Data’ के मुताबिक, 2026 में सिर्फ भारत से व्हाट्सएप 27 हजार करोड़ रुपए की कमाई कर सकता है। 2025 में ये रकम लगभग 23 हजार करोड़ रुपए थी। कुल मिलाकर भारत व्हाट्सएप का सबसे बड़ा मार्केट है और यहां से जाना उसे काफी नुकसान दे सकता है। ऐसे में व्हाट्सएप के पास सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने का ही ऑप्शन है। सुप्रीम कोर्ट चेतावनी देकर व्हाट्सएप से भारत के नियम-कानून मानने के लिए दबाव बना रहा है। कोर्ट का कहना है कि भारत में बिजनेस करने के साथ आने वाली जिम्मेदारियों से समझौता नहीं किया जा सकता। अगर व्हाट्सएप को अपना काम जारी रखना है, तो उसे भारतीय संवैधानिक मूल्यों, खासकर आम लोगों के निजता के अधिकार का सम्मान करना होगा। अगर भारत से व्हाट्सएप चला जाता है, तो पहले से मौजूद मैसेजिंग एप जैसे- टेलीग्राम, सिग्नल, एट्टराई वगैरह अल्टरनेटिव बन सकते हैं। लेकिन इनका यूजर बेस बहुत कम है और लोग भी अचानक व्हाट्सएप से इन पर शिफ्ट होने में असहज होंगे। ***** व्हाट्सएप से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सरकार ने वॉट्सएप चैट से कैसे पकड़े 250 करोड़, क्या आपके मैसेज पढ़ रही सरकार; नए कानून का क्या होगा असर वॉट्सएप चैट और इंस्टाग्राम अकाउंट्स डिकोड करके 250 करोड़ रुपए की बेहिसाब संपत्ति पकड़ी गई। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 25 मार्च 2025 को संसद में ये बात कही। उन्होंने कहा कि गैरकानूनी लेनदेन के सबूत मिलने के बावजूद इसकी जांच के लिए कोई कानून नहीं है। इसलिए हमने सोचा कि इनकम टैक्स कानून में डिजिटल शब्द जोड़ना होगा। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:18 am

ब्लैकबोर्ड-‘एक्स्ट्रा सर्विस’ न देने पर मारी गई थी अंकिता भंडारी:मां-बाप ने खुद को घर में बंद किया; न कमा रहे, न राशन खरीद पा रहे

दिल्ली से आए मीडिया के लोग दिनभर अंकिता भंडारी के माता-पिता से बात करने के लिए उनके घर के बाहर बैठे रहे, लेकिन वे घर पर ताला लगाकर चले गए थे। तब तक नहीं लौटे, जब तक मीडिया के लोग वापस नहीं चले गए। अगले दिन मैं बिना बताए उनके घर पहुंची। वह हड़बड़ा गईं, लेकिन बात करने से पहले एक शर्त रख दी- ‘मनीषा जी, आप पत्रकार बनकर नहीं, मेरी बेटी बनकर सुनेंगी, तभी बात करूंगी,’ मैंने हामी भर दी। इसके बाद वह मेरे सामने जार-जार रोने लगीं। रोते-रोते उन्हें हिचकिया आने लगीं। मेरी ओर देखकर बोलीं- ‘मनीषा जी, क्या हम मर जाएं? सुबह से कुछ खाया तक नहीं है। कल दुखी होकर हम पति-पत्नी घर पर ताला लगाकर चले गए थे। मीडिया को मेरे बयान से मतलब है, मेरी जान से नहीं। देर रात हम जब लौटे तो पड़ोसियों ने रास्ते की लाइटें बंद कर दी थीं। मेरे पति बीमार हैं। अगर इन्हें कुछ हो गया तो मैं अकेली औरत क्या करूंगी? हम पर दया कीजिए,’ यह कहते हुए वह शॉल से मुंह ढककर फिर सिसकने लगती हैं। यह वही अंकिता भंडारी की मां हैं, जो उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। 18 सितंबर 2022 को उसकी हत्या कर दी गई। सबूत मिटाने के लिए उसका कमरा तक ढहा दिया गया। यह मामला सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन में बदल गया। 30 मई 2025 को कोटद्वार की अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हाल ही में एक ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद मामला फिर उबाल पर है। लोग सड़कों पर नारे लगा रहे हैं, लेकिन इन नारों से दूर अंकिता के माता-पिता इंसाफ की लड़ाई में टूट चुके हैं। घर में कैद हो चुके हैं। स्याह कहानियों की सीरीज ब्लैकबोर्ड में अंकिता भंडरी की हत्या के बाद इंसाफ की लड़ाई में उलझे उनके मां-बाप की कहानी। आस पड़ोस के लोगों और रिश्तेदारों ने उनसे दूरी बना ली है। उन्होंने खुद को अपने घर में कैद कर लिया है। गढ़वाल जिले का छोटा सा कस्बा है श्रीनगर। यहीं से मैं करीब 45 किलोमीटर दूर बरसूड़ी गांव पहुंची। श्रीनगर समेत उत्तराखंड बंद है। दुकानें, होटल, गुमटियां- सबके दरवाजे बंद। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। वजह साफ है- अंकिता भंडारी केस एक बार फिर चर्चा में है। यह अब सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं रहा, बल्कि पूरे उत्तराखंड का सवाल बन चुका है। हर दिन सड़कों पर जुलूस निकल रहे हैं, न्याय की मांग गूंज रही है। बरसूड़ी पहुंचकर दूर नीचे दोभश्रीकोट गांव दिखाई देता है। वहीं है अंकिता का घर। रास्ता बेहद संकरा है- कहीं पगडंडी, तो कहीं रास्ता ही नहीं है। करीब सात किलोमीटर पैदल नीचे उतरकर हम दोभश्रीकोट गांव पहुंचे। गांव में सिर्फ दो-तीन परिवार रहते हैं। अंकिता के माता-पिता अपने घर पर नहीं थे। वे इतने टूट चुके हैं कि देशभर का मीडिया उनके दरवाजे पर बैठा रहा, लेकिन वे घर पर ताला लगाकर चले गए। उनका घर उत्तराखंड के पुराने तरीके- पत्थरों से बना है। इसमें तीन कमरे हैं, और हर कमरे तक पहुंचने के लिए अलग सीढ़ियां। तीनों कमरों पर बाहर से ताले लटके हैं। बीच में एक खुला आंगन है, जहां चूल्हे पर काला पड़ चुका एल्युमिनियम का पतीला रखा है। सामने एक बछिया बंधी है। घर के ठीक सामने घना जंगल है। बताया गया कि रात में भालू और बाघ यहां तक आ जाते हैं। मैं वहां करीब 3 घंटे तक इंतजार करती रही, उम्मीद थी कि शायद वे लौट आएंगे। आखिर में एक लड़की आई। उसने बताया कि अंकिता की मां ने संदेश भेजा है- वे आज घर नहीं आएंगी। तब तक शाम के 4 बज चुके थे। लगा, अब इंतजार का कोई मतलब नहीं। उस लड़की ने चेताया- ‘अभी उजाला है, आप ऊपर सड़क तक निकल जाइए। अंधेरा होते ही रास्ते में बाघ जैसे जानवर मिल सकते हैं।’ मैंने पहाड़ की चढ़ाई शुरू की। करीब 7 किलोमीटर की तीखी चढ़ाई पार कर बरसूड़ी गांव की सड़क तक पहुंचना था। मौसम बिगड़ रहा था, रास्ता सुनसान था और रोशनी सिर्फ तारों की थी। लगभग 6 बज रहे थे। आखिरकार मैं वहां पहुंची, जहां मेरी कार खड़ी थी। सोचती रही- अंकिता के माता-पिता यह चढ़ाई रोज कैसे करते होंगे। यहां जंगल से लकड़ी और घास भी लानी पड़ती है। आसपास न तो अस्पताल है, न दवा की कोई दुकान- चारों तरफ बस जंगल। खैर, अगले दिन मिलने की उम्मीद में मैं रातभर श्रीनगर रुकी। सुबह फिर दोभश्रीकोट जाने का मन बनाया। फोन करती रही, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ था। परिवार के नजदीकी लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले थे। इसके बाद से उनके घर न लौटने ने शक और गहरा कर दिया। अब तक सोच-विचार करते-करते दोपहर हो चुकी थी। मैंने अंकिता के घर जाने के लिए फिर एक टैक्सी बुक की। बरसूड़ी गांव पहुंची। दोभश्रीकोट की ओर नीचे देखा, तो समझ आ गया कि एक बार फिर लंबा रास्ता तय कर नीचे जाना है। 7 किलोमीटर की तीखी ढलान उतरने के बाद मैं दोबारा अंकिता के घर पहुंच गई। इस बार एक कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। अंदर झांककर देखा तो लाल और नीले रंग की रजाइयों में दो लोग बेसुध पड़े थे। मैंने महिला को हाथ हिलाकर जगाया। वह हड़बड़ा कर उठीं। बगल बेड पर लेटे एक शख्स भी जग गए। दोनों अंकिता के माता-पिता थे- सोनी देवी और वीरेंद्र सिंह भंडारी। मैंने परिचय दिया- मैं पत्रकार मनीषा हूं, जिसे आपने कल बुलाया था। कल आपके घर पर ताला लगा था। अंकिता की मां कुछ नहीं बोलीं। कुछ देर हम सभी चुप बैठे रहे। फिर उन्होंने कहा- ‘आप कुछ भी रिकॉर्ड नहीं करेंगी, न ही मेरा इंटरव्यू लेंगी,’ मैंने सहमति जताई। थोड़ी देर बाद उन्होंने दोबारा कहा- 'हमें कोई इंटरव्यू नहीं देना है। माफ कर दो।’ फिर उन्होंने सामने रखी टेबल की ओर इशारा किया- ‘वहां देखिए, हम पति-पत्नी की दवाएं रखी हैं।’ टेबल पर आंखों, पेट दर्द, बीपी और नींद की दवाएं बिखरी पड़ी थीं। उन्होंने बताया- कल हम अस्पताल गए थे। अंकिता के लिए रो-रोकर मेरे पति की आंखें खराब हो गई हैं। डॉक्टर ने कहा है कि ज्यादा रोएंगे तो रोशनी जा सकती है। उन्होंने कहा- हमें दवाएं खानी हैं, लेकिन कल से हमने खाना नहीं खाया है। कोई पड़ोसी इतना भी नहीं सोचता कि खिचड़ी ही बनाकर भिजवा दें। मीडिया के लोग बयान के लिए आते हैं, लेकिन इस हालत में हम दवा तक नहीं खा पा रहे। कल एक मीडियाकर्मी बयान के लिए दबाव बना रहे थे, जबकि मेरे पेट में तेज दर्द था। यह कहते-कहते वह फूट-फूटकर रोने लगती हैं। बोलीं- सालों से मीडिया को एक ही बात बता-बताकर थक गई हूं। मुझे पित्त की पथरी है। हम दोनों को नींद नहीं आती, खाना मिलना मुश्किल है। हम दिनभर न्याय के लिए भटकते हैं और रात को घर आकर बिस्तर पर पड़ जाते हैं। गांव, पड़ोस और रिश्तेदार- सब धीरे-धीरे हमसे कट गए हैं। बिना काम किए दवा और खाने की जरूरत कैसे पूरी करें, समझ नहीं आता। अब हमसे और नहीं हो पा रहा। उन्होंने कहा- रात में गांव तक बाघ और भालू आ जाते हैं। लोगों ने रास्ते की लाइट काट दी हैं, क्योंकि हम देर रात पुलिस और नेताओं से मिलकर घर लौटते थे, जिससे लोगों को दिक्कत थी। उनकी आवाज भर्रा गई। बोलीं- इस तरह लोगों ने हमें हर तरफ से अकेला कर दिया है। यह कहते हुए वह फिर रोने लगती हैं। बगल में रखी अंकिता की तस्वीर पर हाथ फेरते हुए बोलती हैं- अब यही मेरी देवी है। यही मेरा मंदिर। रोज तस्वीर पर ताजे गेंदे के फूल चढ़ाती हूं, तिल के लड्डू और सेब रखती हूं। दिन-रात बस उसी को याद करती हूं। उसकी बातें मेरे कानों में गूंजती रहती हैं। घर के हर कोने में उसकी यादें बसी हैं। इतना कहकर वह फिर शॉल से मुंह ढंक लेती हैं और सिसकने लगती हैं। आंसू पोंछते हुए कहती हैं- अब मैं मीडिया के लोगों से बात नहीं करना चाहती। तुम मेरी बेटी जैसी हो। मेरी बात पत्रकार नहीं, बेटी बनकर सुनो। फिर धीमी आवाज में जोड़ती हैं- अब मैं भगवान को नहीं मानती, अब सिर्फ अंकिता की पूजा करती हूं। मैं उनसे पूछती हूं- अंकिता की कौन-सी बातें सबसे ज्यादा याद आती हैं? वह बताती हैं- जब मैं घर में जानवरों का गोबर उठाती थी तो वह कहती थी- मां, दस्ताने पहन लिया करो। तुम्हारे गंदे हाथ-पैर अच्छे नहीं लगते। वह मेरे गंदे कपड़े देखती तो डांटती थी। वह चाहती थी कि उसके मां-बाप सुंदर दिखें। वह सामने टेबल की ओर इशारा करती हैं। यह कवर उसी ने क्रोशे से बनाया था। उसे गुड़िया-गुड़ियों का बहुत शौक था। यह बेड उसी के सामान से भरा है। उसकी गुड़ियां, उसके कपड़े से। वह पापा को भी सुंदर देखना चाहती थी। उनके चेहरे की मालिश करती थी। उनकी दाढ़ी बनाती थी। वह बताती हैं कि अंकिता को पढ़ाई का बहुत शौक था। उसने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी। पता नहीं कितनी मुश्किलों से हमने उसे पढ़ाया। पढ़ाई पूरी होने के बाद अंकिता के एक दोस्त ने उसे वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी के बारे में बताया। वह नौकरी करने की जिद करने लगी। कहती थी- काम करूंगी तो पापा का हाथ बंटा पाऊंगी। उसे फिक्र रहती थी कि पापा अकेले घर चलाते हैं। यह कहते-कहते उनकी आवाज टूट जाती है- ‘काश, उस दिन मैं उसे जाने न देती। काश, मैंने उसे पढ़ाया ही न होता।’ वह बताती हैं कि अंकिता बहुत अच्छा खाना बनाती थी। मैं कहीं से भी लौटती, तो वह मेरे जूते साफ करती थी। हाथ-पैर धोने के लिए गरम पानी देती थी। हमारे गाल सहला देती थी। अब, जब बाहर से घर लौटती हैं, तो हर बार निराशा हाथ लगती है। शायद सभी बेटियां ऐसी ही होती होंगी। वह मेरे गाल छूकर कहती थी- तू मेरी मम्मा है, मेरी। मैं बस उसे देखती रह जाती थी। वह बहुत सुंदर थी। कहती थी, मां मैं किसकी तरह हूं, इतनी सुंदर? वह जोड़ती हैं- जैसे बेटी को मां की जरूरत होती है, वैसे ही मां को बेटी की भी। मेरी बेटी अब वापस नहीं आ सकती। न्याय के लिए हमने आधी रात में भी कोटद्वार और नैनीताल के चक्कर लगाए। कई बसें बदले। कई बार जंगल के रास्तों से रात-रात भर पैदल चले। ‘2022 में उसकी हत्या हो गई। इतने साल बीत गए, अब हमसे यह लड़ाई नहीं लड़ी जा रही,’ वह थकी आवाज में कहती हैं। पहाड़ों की चढ़ाई में मुझे चक्कर आ जाते हैं। कई बार उल्टी हो जाती है, फिर भी मीलों का सफर तय करती हूं- सिर्फ बेटी के लिए। अब वह साफ कहती हैं- अगर आप चाहते हैं कि हम जिंदा रहें, तो बस हमसे बात मत कीजिए। मुझमें अब मीडिया से बात करने की ताकत नहीं बची, यह बात करते-करते वह सिर पकड़ लेती हैं। फिर धीमे से जोड़ती हैं- मुझे पता है यह लंबी लड़ाई है। इस मामले में बड़े-बड़े नेता शामिल हैं। अगर ऐसा न होता, तो यह मामला कब का दब गया होता। लेकिन ऊपर से देख रही अंकिता शायद नहीं चाहती कि उसकी फाइल बंद हो। वह बताती हैं- मैं एक स्कूल शिक्षिका थी। लेकिन क्या वैसी लगती हूं? हम गरीब थे, लेकिन ईमानदार और स्वाभिमानी। एक कमरे में गुजारा किया- जहां न बाथरूम था, न रसोई। दिन-रात काम करते थे, कई बार खाना तक नहीं मिलता था। गोबर जलाकर बासी रोटियां सेंककर खाई हैं हमने। जब अंकिता की नौकरी लगी, तो वह बताती थी- मम्मी, यहां स्टाफ में मैं सबसे छोटी हूं। मैं उसे समझाती थी- ढंग से रहना, किसी के मुंह मत लगना। लेकिन वह कहती थी- ‘यहां सब अच्छे लोग हैं।’ वह रुककर कहती हैं- सब खत्म हो गया। अंकिता की दादी उसे याद करते-करते मर गईं। बेटी की मौत के बाद उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया था। अब हम भी डिप्रेशन में हैं और बीमारी से जूझ रहे हैं। कोई मदद नहीं कर रहा। वह कहती हैं- लेकिन हम इस लड़ाई को जिंदा रखना चाहते हैं। इलाके की सीनियर पत्रकार गंगा बताती हैं कि उर्मिला सनावर नाम की महिला का एक ऑडियो वायरल होने के बाद सरकार पर दबाव तेज हो गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग उठ रही है। उनके मुताबिक, मामला दोबारा उभरने के बाद अंकिता के माता-पिता सामाजिक रूप से और अलग-थलग पड़ गए हैं। गंगा का कहना है कि कुछ नेता उनके रिश्तेदारों को प्रभावित करने में जुटे हैं। उन्हें अंकिता के माता-पिता से दूर किया जा रहा है। उन पर नजर रखी जा रही है- कौन उनके घर जा रहा है और कौन आ रहा है। इस बीच लोग मांग कर रहे हैं कि मामले में शामिल वीवीआईपी शख्स पर कानूनी शिकंजा कसा जाए। दूसरी ओर, अंकिता के माता-पिता मानसिक रूप से टूट चुके हैं। उनका स्वास्थ्य एक बड़ा मुद्दा बन गया है। लंबा आंदोलन लड़ने के बाद वे अब थक चुके हैं। इसको लेकर जब मैंने उर्मिला सनावर से बात की, तो उन्होंने भी इसकी पुष्टि की। बताया कि मामला बेहद नाज़ुक है और सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर लिया है, ताकि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे। अंकिता को न्याय दिलाने के आंदोलन से जुड़ी सरस्वती कहती हैं कि कागजो में जिस वीवीआईपी का जिक्र था, अब उसका नाम सबके सामने आ चुका है। आंदोलन से जुड़े लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे। राज्य सरकार को भी कानून के कटघरे में खड़ा किया जाए कि आखिर उसकी नाक के नीचे अंकिता से ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ की मांग कैसे की गई। सरस्वती का कहना है कि हम लोग सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हत्याकांड की जांच चाहते हैं। अंकिता के माता-पिता को गुमराह किया जा रहा है और पहले भी उन्हें डराया व प्रताड़ित किया गया। इसी आंदोलन से जुड़े मुकेश सेमवाल कहते हैं कि अंकिता हत्याकांड का मुद्दा अब जनआंदोलन बन चुका है, जिसने उत्तराखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को झकझोर दिया है। 2022 में घटना के आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। दरअसल अंकिता पर वीवीआईपी को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव था, जिसके लिए उसने मना कर दिया था। हाल ही में उर्मिला सनावर नाम की एक महिला का ऑडियो वायरल होने के बाद मामला फिर से गरमा गया है। यह महिला भाजपा के एक पूर्व विधायक की दूसरी पत्नी होने का दावा कर रही हैं। ऑडियो में उस विधायक ने वीवीआईपी का नाम लिया है। अब जबकि वीवीआईपी का नाम सामने आ चुका है तो सरकार कानून शिकंजा कसे। ------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-किडनैप कर 10 दिन तक मेरा रेप किया:होश आया तो हाथ-पैर बंधे थे, चादर खून से सनी थी, रिश्तेदार ने एक लाख में बेचा था ‘2021 की बात है। दोपहर के 2 बज रहे थे। मैं अपनी सहेली के घर कुछ काम से जा रही थी। अचानक दो लड़के दौड़ते हुए मेरी तरफ आए। उन्होंने मुझे जबरदस्ती एक बोलेरो गाड़ी में बैठा लिया। मैं चीख-चीखकर पूछ रही थी- मुझे कहां ले जा रहे हो। तभी एक लड़के ने थप्पड़ मारा और रूमाल से मेरा मुंह दबाते हुए बोला- चुपचाप बैठी रहो। सागर जिले में सब तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-पापा को फांसी दिलाकर आत्महत्या कर लूंगी:कहते थे ब्राह्मण होकर नीच से शादी कैसे की, गोली मारकर बोले- अब मैं बहुत खुश हूं हम दोनों की लव मैरिज को तीन महीने बीत चुके थे। लग रहा था कि अब घर वाले शांत हो गए हैं और हमारी जिंदगी से उन्हें कोई लेना-देना नहीं रह गया है, लेकिन 5 अगस्त 2025 की शाम, करीब 5 बजे, सब कुछ बदल गया। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:18 am

भारत से दोस्ती या दुश्मनी, चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा:लूटे हथियारों से खून-खराबे का खतरा, हिंदुओं को जमात की जीत से डर

ढाका की मशहूर ‘शहीद मीनार’ के पास आइसक्रीम बेचने वाले अहीदुज्जमान जिस जगह ठेला लगाते हैं, वह बांग्लादेश की पहचान है। 1952 में इसी जगह ढाका यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भाषायी आंदोलन शुरू किया था। बांग्लादेश फिर बदलाव के दौर में है। शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद पहली बार 12 फरवरी को चुनाव होने हैं। हालांकि, चुनाव का जिक्र होते ही अहीदुज्जमान बहुत उत्साह में नहीं दिखते। अहीदुज्जमान कहते हैं, ‘मुझे चुनाव से कोई फर्क नहीं पड़ता। अवामी लीग ने देश को आजादी दिलवाई, उसी को चुनाव नहीं लड़ने दिया जा रहा। दूसरी तरफ जो 1971 के मुक्ति संग्राम के खिलाफ थे, जिन्होंने बांग्लादेश बनने का विरोध किया, वे चुनाव में जमकर प्रचार कर रहे हैं। अब बताइए इलेक्शन में हम किसे और क्यों वोट करेंगे।’ अहीदुज्जमान का इशारा जमात-ए-इस्लामी की ओर था। उनके जैसी ही उलझन हर आम बांग्लादेशी के सामने है। चुनाव में सिर्फ दो विकल्प हैं, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला गठबंधन। चुनाव की कवरेज के लिए दैनिक भास्कर ढाका पहुंचा है। आम लोगों और एक्सपर्ट्स से बात करके समझ आया कि भारत सबसे बड़ा मुद्दा है। वोटर दो हिस्सों में बंटे हैं, एक भारत समर्थक है और दूसरा भारत विरोधी। लोगों को डर है कि चुनाव के दौरान हिंसा हो सकती है। इसमें अगस्त 2024 के आंदोलन के दौरान लूटे गए हथियारों को इस्तेमाल होने का खतरा है। तख्तापलट की बुरी यादों से निकला बांग्लादेश, अब सड़कों पर चुनावी नारेअगस्त, 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद दैनिक भास्कर बांग्लादेश पहुंचा था। तब राजधानी ढाका के अलावा कई शहर हिंसा और आगजनी से दहले हुए थे। जगह-जगह तबाही की निशानियां थीं। सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा था और सुरक्षाबल भाग चुके थे। अब ढाका में चहल-पहल है। चुनावी रैलियां हो रही हैं, पोस्टर लगे हैं। बांग्लादेश में फिलहाल डॉ. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार है। इसमें छात्र आंदोलन से निकले नेता भी एडवाइजर के तौर पर शामिल हैं। इस बार चुनाव में सिर्फ दो धड़े हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी, जिसके नेता खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान हैं। दूसरा जमात-ए-इस्लामी, जिसने 11 पार्टियों का गठबंधन बनाया है। जमात के नेता शफीकुर रहमान हैं। पूर्व PM शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्रों की पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी ने भी जमात के साथ हाथ मिला लिया है। मुस्लिम बोले- भारत से दोस्ती जरूरी, जमात पाकिस्तान के एजेंडे परशहीद मीनार के पास मिले अहीदुज्जमान चुनाव के बारे में कहते हैं, ‘देश में चुनाव के लिए जैसा माहौल होना चाहिए, वैसा है नहीं। ये चुनाव मजाक की तरह हो रहा है। स्टूडेंट्स ने आंदोलन करके शेख हसीना को हटा दिया। अब उनकी पार्टी NCP ने जमात-ए-इस्लामी से गठबंधन कर लिया। वे अपनी पार्टी के अंदर ही महिलाओं से भेदभाव करते हैं।’ NCP ने 5 अगस्त को जो वादा किया था, उस पर कुछ नहीं कर पाए। जमात-ए-इस्लामी ने पहले छात्रों के आंदोलन का इस्तेमाल किया, अब उनकी पार्टी का कर रही है। जमात ही NCP को चला रही है। वह अपनी हुकूमत कायम करके पाकिस्तानी एजेंडे को लागू करना चाहती है। ‘पाकिस्तान ने हम पर जुल्म किया, सताया और कभी हमें बराबर का नहीं समझा। भारत ने हमें जुल्म और गुलामी से आजादी दिलाई। आज भारत बड़ी ताकत बन चुका है।’ ढाका में रिक्शा चलाने मोहम्मद नजरूल इस्लाम कहते हैं, ‘चुनाव में हर कोई अपनी फिक्र में लगा हुआ है। यहां पार्टियां लोगों के लिए राजनीति नहीं करतीं। पिछले दिनों इतने लोगों की मौत हो गई, उसके बारे में कोई बात नहीं कर रहा। महंगाई पर कोई बात नहीं कर रहा। पार्टियां अपने फायदे के लिए सब करने में लगी हैं।’ ‘मुझे नहीं पता कि मैं जमात को वोट करूं या BNP को। कोई मेरे बारे में तो बात ही नहीं कर रहा। मुझे लगता है कि भारत जैसे पड़ोसी से अच्छे रिश्ते रखने चाहिए। अभी रिश्ते अच्छे नहीं हैं।’ हिंदू वोटर्स की राय- पहले ज्यादा सेफ थे, समझ नहीं आ रहा किसे वोट देंढाका की जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली सुष्मिता मोंडल म्यूजिक डिपार्टमेंट में सेकेंड ईयर की स्टूडेंट हैं। वे अपने दोस्तों के साथ शहीद मीनार आई थीं। चुनाव और अल्पसंख्यकों के हालात पर सुष्मिता कहती हैं, ‘बीच-बीच में दिक्कतें आती रहती हैं। सड़क पर लोग गलत इशारे करते हैं। टोकने पर बदतमीजी करने लगते हैं।’ ‘ऐसा हमेशा से नहीं होता था। पहले हालात बेहतर थे। हम ज्यादा सुरक्षित महसूस करते थे। अब लगता है कि हमारे साथ कुछ हो भी जाए, तो कोई साथ नहीं देगा। ये डर हमारे दिल में घर कर गया है।’ बांग्लादेशियों के पास दो विकल्पबांग्लादेश के अलग-अलग तबकों के लोगों से बात करने पर समझ आया कि चुनाव को लेकर उनमें बहुत उत्साह नहीं है। आंदोलन चलाकर शेख हसीना की सरकार गिराने वाले छात्रों की पार्टी से भी बांग्लादेशियों का मोहभंग हो गया है। अब उनके पास दो ही विकल्प हैं- 1. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टीBNP के नेता वोट मांगते वक्त अपना पुराना शासन याद दिला रहे हैं। तारिक रहमान इस पार्टी के सबसे बड़े चेहरे हैं। वे देश को फिर से पटरी पर लाने का वादा कर रहे हैं। लोगों के बीच जाकर भविष्य की नीतियों का खाका पेश कर रहे हैं। 2. जमात-ए-इस्लामीजमात भविष्य के सपने बेच रही है। इस्लामिक पॉलिटिक्स को केंद्र में रखकर पार्टी खुलकर धर्म के आधार पर वोट मांग रही है। धर्म की राह पर चलकर करप्शन कम करने की बात कर रही है। जमात ने चुनाव की तैयारियां बहुत बारीकी से की हैं और सबसे बड़ा गठबंधन बनाने में कामयाब रही है। एक्सपर्ट बोले- लोगों को सुरक्षा से मतलब, सरकार से नहींढाका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सैफुल आलम चौधरी कहते हैं, ‘जिन हालात में बांग्लादेश में चुनाव हो रहे हैं, उसमें सबसे बड़ा सवाल है कि चुनाव होंगे या नहीं। अगर आप लोगों से बात करेंगे तो ज्यादातर कहेंगे कि चुनाव तो होगा, लेकिन नतीजे आएंगे या नहीं, इस पर शक है। अभी बांग्लादेश का अजीब माहौल है। अवामी लीग पर बैन लगा है। वह चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही है। सरकार चुनाव की बजाय रेफरेंडम पर जोर दे रही है।’ चौधरी आगे कहते हैं, ‘चुनाव शांति से और निष्पक्ष होंगे, इसे लेकर शंका है। अगस्त, 2024 में हुई हिंसा के दौरान बड़े पैमाने पर सिक्योरिटी फोर्स के हथियार लूटे गए थे। इनमें से सिर्फ 30% रिकवर हो पाए हैं। 70% हथियार अब भी लोगों के पास है। इसलिए लग रहा है कि चुनाव में हिंसा हो सकती है। चुनी हुई सरकार लोगों के लिए जवाबदेह होती है, अभी अंतरिम सरकार के साथ ऐसा नहीं है।’ चौधरी कहते हैं, ‘1971 के बाद से बांग्लादेश में दो तरह का वोट बैंक रहा है। एक भारत का समर्थक है, दूसरा विरोधी। कोई भी सिर्फ प्रो-इंडिया वोट बैंक से नहीं जीत सकता, इसलिए हर नेता और पार्टी खुद को भारत का विरोधी दिखाते हैं। मौजूदा सरकार भी अंदरूनी तौर पर भारत से पहले की तरह संबंध रखे हुए है। क्रिकेट जैसे मामलों पर ऐसा दिखाने की कोशिश हो रही है कि रिश्ते खराब हो रहे हैं।’ ‘सरकार के साथ मिलकर चुनाव में धांधली कर सकती है जमात’बांग्लादेश के सीनियर जर्नलिस्ट मंजरुल आलम पन्ना कहते हैं, ‘लोग दुविधा में हैं कि चुनाव होंगे या नहीं। डॉ. यूनुस की अंतरिम सरकार के काम में भेदभाव दिखता है। बांग्लादेश में कई सुपरपावर जैसे अमेरिका, चीन और तुर्किए का बड़ा दखल है। लोगों को लगता है कि डॉ. यूनुस पश्चिमी देशों का एजेंडा पूरा कर रहे हैं। कानून व्यवस्था बहुत खराब है। ऐसे में चुनाव कैसे होंगे, ये कहना मुश्किल है।’ मंजरुल आलम कहते हैं कि अवामी पार्टी की एक्टिविटी पर बैन है। ऐसे में BNP और जमात के बीच सीधी लड़ाई है। जमात के मुकाबले BNP ज्यादा पसंद की जाने वाली पार्टी है। उसके पास 35% रिजर्व वोट हैं। जमात के पास सिर्फ 5-7% वोट है।' 'जमात और अंतरिम सरकार मिलकर बारीकी से चुनाव की प्लानिंग कर रहे हैं। मुझे लगता है कि चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे और ये मिलकर धांधली करेंगे। अगस्त, 2024 में लोग इंडिया से नाराज थे। अब लोगों को समझ आ रहा है। भारत का विरोध करने वाले फिर से समर्थन में आ गए हैं। हिंदू अल्पसंख्यक किसे वोट करेंगेबांग्लादेश में करीब 8% हिंदू आबादी है। चुनाव में 60 से 70 सीटों पर इनका असर है। तख्तापलट से पहले तक हिंदू समुदाय अवामी लीग के वोटर माने जाते थे। अब उनके सामने सवाल है कि वे किसे वोट करें। मंजरुल आलम कहते हैं, ‘सबसे बड़ा सवाल है कि अवामी लीग के वोटर और अल्पसंख्यक किसे वोट देंगे। BNP अवामी लीग के वोटर्स को अपने पाले में ला सकती है। ऐसा होता है तो BNP को जीतने से कोई नहीं रोक सकता। अंतरिम सरकार ने अल्पसंख्यकों पर हमलों के बाद जिस तरह का बर्ताव किया है, उससे साफ है कि हिंदू समुदाय स्टूडेंट्स की पार्टी NCP और जमात को वोट नहीं देगा। ऐसे BNP ही बड़ा विकल्प बचता है।’ चुनाव में धांधली हुई, तो सेना के लिए मौकाबांग्लादेश में चुनाव वाले दिन हिंसा और धांधली होती है, तो नतीजों में देरी होगी। अगर पूरे नतीजे नहीं आ पाए, दोबारा चुनाव कराया जाएगा। हालात हाथ से बिल्कुल बाहर हो गए, तो बांग्लादेश की आर्मी एक्टिव हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि ऐसी स्थिति में नतीजे आने तक आर्मी कुछ वक्त के लिए सरकार भी बना सकती है। प्रोफेसर चौधरी कहते हैं, ‘बांग्लादेश में आर्मी का रुख प्रोफेशनल रहा है, लेकिन हाल में कई मौकों पर आर्मी का रवैया भेदभाव वाला दिखा है। 5 अगस्त के बाद उसने कई बार सरकार के निर्देशों का पालन किया, लेकिन बीच-बीच में सरकार को चेतावनी देती भी दिखी है। आर्मी की ही जिम्मेदारी है कि चुनाव शांति से हों।’ ……………………….बांग्लादेश से ये रिपोर्ट भी पढ़ें BNP लीडर बोले- इंडिया स्पेशल नहीं, शेख हसीना को पनाह देने से रिश्ते कैसे सुधरेंगे शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद हो रहे इन चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार है। दैनिक भास्कर ने BNP की सेंट्रल कमेटी के मेंबर अब्दुल मोइन खान से बातचीत की। वे कहते हैं कि हम भारत से अच्छी दोस्ती चाहते हैं, लेकिन भारत में कुछ स्पेशल नहीं है। समझ नहीं आता उसने शेख हसीना को पनाह क्यों दी है। इससे रिश्ते अच्छे नहीं हो पाएंगे। पढ़ें पूरा इंटरव्यू...

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:11 am

ट्रेड डील पर NSA डोभाल ने रूबियो से कहा, अमेरिकी धमकियों के आगे नहीं झुकेगा भारत, बात नहीं बनी तो हम ...

मुलाकात से जुड़े भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, डोभाल ने रूबियो से कहा था कि भारत राष्ट्रपति ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने तक इंतजार करने को तैयार है। लेकिन भारत चाहता है कि ट्रंप और उनके सहयोगी भारत की सार्वजनिक रूप से निंदा न करें ताकि रिश्तों को पटरी पर लाया जा सके।

देशबन्धु 5 Feb 2026 3:51 am

भारत ने अगर तेल खरीदना किया बंद, तो क्या होगा रूस का हाल? एक्सपर्ट्स के साथ आंकड़ों से समझिए पूरी डिटेल

हाल में ही भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात बनी है. हालांकि, इस ओर ट्रंप के दावे पर एक्सपर्ट्स अपनी राय रख रहे हैं. कुछ जानकार मानते हैं कि अगर भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद किया, तो मॉस्को को भारी आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ सकता है.

ज़ी न्यूज़ 4 Feb 2026 11:09 pm

उधमपुर में जैश के 2 आतंकियों का काल बनी भारतीय सेना! गुफा में छिपकर दे रहे थे चुनौती, सुरक्षाबलों ने किया ढेर

Army kill two jaish terrorists: उधमपुर में सुरक्षा बलों ने जैश के दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया है, जो गुफा में छिपे हुए थे. सर्च ऑपरेशन किया और किश्तवाड़ का ऑपरेशन त्राशी-1 लगातार जारी है, इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

ज़ी न्यूज़ 4 Feb 2026 1:16 pm

लीबिया के पूर्व तानाशाह शासक मुअम्मर गद्दाफी के बेटे की गोली मारकर हत्या, मौत को लेकर अलग-अलग दावे

सैफ अल-इस्लाम के वकील खालिद अल-ज़ायदी के अनुसार, चार लोगों की एक टीम ने ज़िंतान शहर में स्थित उनके घर पर हमला किया और उन्हें गोली मार दी। वकील ने कहा कि यह हमला सुनियोजित था और हमलावर सीधे उनके निवास पर पहुंचे।

देशबन्धु 4 Feb 2026 11:56 am

यूएई में बदलने वाला है सत्ता का 'महा-गेम'! राष्ट्रपति ने बेटे को सौंपे 260 अरब डॉलर, क्या नाहयान परिवार में छिड़ने वाली है जंग?

uae president transfer wealth to son khalid: यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद ने अपने बेटे शेख खालिद को 260 अरब डॉलर की संपत्ति सौंपकर सत्ता बदलने के संकेत दे दिए हैं.

ज़ी न्यूज़ 4 Feb 2026 11:46 am

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने कहा, तैयार कर रहे व्यापार समझौते का मसौदा, कृषि में सीमित सुरक्षा बरकरार

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में भारत ने अभी तक अमेरिकी मानकों को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है, जबकि अमेरिका का मानना है कि उसके उत्पाद सुरक्षित और वैश्विक मानकों के अनुरूप हैं। इस दिशा में एक मान्यता प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके तहत भारत को अपनी घरेलू राजनीतिक और नियामकीय प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।

देशबन्धु 4 Feb 2026 11:12 am

40 साल तक लीबिया को चलाने वाले गद्दाफी के वारिस को क्‍यों मार दिया गया? 2011 नहीं 2021 में छिपी है कहानी

लीबिया के पूर्व तानाशाह मुम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम की हत्या कर दी गई है. कभी सुधारक के तौर पर देखे जाने वाले सैफ ने देश की नीतियां बनाईं, लेकिन 2011 के विद्रोह में पिता का साथ दिया. कैद से रिहा होने के बाद चुनाव लड़ने की कोशिश की, लेकिन विवादों में घिरे. आइए जानते हैं आखिर40 साल तक लीबिया को चलाने वाले गद्दाफी के वारिस को क्‍यों मार दिया गया?

ज़ी न्यूज़ 4 Feb 2026 11:10 am

ईरान का सनसनीखेज दावा- अरब सागर में जासूसी मिशन रहा सक्सेसफुल, ड्रोन का पूरा डेटा सुरक्षित, अमेरिका को गिराने के लिए उतारना पड़ा दुनिया का सबसे खतरनाक F-35 जेट

ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका से मुठभेड़ से पहले उसके ड्रोन ने पूरा निगरानी डेटा कंट्रोल सेंटर तक भेज दिया था. हालांकि बाद में ड्रोन से संपर्क टूट गया. वहीं अमेरिका ने ईरानी ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है. अरब सागर और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव तेज हो गया है.

ज़ी न्यूज़ 4 Feb 2026 10:47 am

13 साल के बच्चे ने उफनते समंदर में 4 किमी तैरकर बचाई मां और भाई-बहन की जान, जानें कैसे लहरों से भिड़ गया नन्हा हीरो

शुक्रवार दोपहर ऑॅस्टिन अपनी मां जोआन एपलबि, 12 वर्षीय भाई ब्यू और आठ साल की बहन ग्रेस के साथ समुद्र में पैडल बोर्डिंग और कायकिंग कर रहा था। मौसम साफ था और समुद्र अपेक्षाकृत शांत दिख रहा था। परिवार छुट्टियों का आनंद ले रहा था। लेकिन कुछ ही देर में हालात बदल गए। तेज समुद्री हवाएं चलने लगीं और उनके इन्फ्लेटेबल (हवा भरे जाने वाले) बोर्ड्स खुले समंदर की ओर बहने लगे।

देशबन्धु 4 Feb 2026 10:11 am

तनातनी के बीच अमेरिका-ईरान इस दिन करेंगे परमाणु वार्ता, ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी

इस्तांबुल में होने वाली बैठक में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकाफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल होंगे। इस वार्ता का मुख्य एजेंडा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वर्षों से चले आ रहे विवाद को सुलझाना और पश्चिम एशिया में संभावित क्षेत्रीय संघर्ष के खतरे को टालना है।

देशबन्धु 4 Feb 2026 9:52 am

डील रद्द होते ही भड़का ड्रैगन, पनामा को दी 'भारी कीमत' चुकाने की सीधी धमकी; खतरे में है 23 अरब डॉलर की योजना...

China threaten Panama for port deal: पनामा ने हांगकांग की सीके हचिसन कंपनी के पोर्ट संचालन करार को रद्द कर दिया, जिससे चीन नाराज है और अमेरिका इसे अपनी जीत मान रहा है. इस फैसले से हचिसन की 23 अरब डॉलर की वैश्विक पोर्ट बिक्री योजना खतरे में पड़ गई है और इसी कारण चीन-पनामा तनाव बढ़ गया है.

ज़ी न्यूज़ 4 Feb 2026 8:28 am

दोस्ती पर लगी मुहर, ट्रंप के किस कमिटमेंट को मान गए पीएम मोदी? व्हाइट हाउस सेक्रेटरी ने बताई सच्चाई

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका की ट्रेड डील के बाद अब व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का कमिटमेंट किया है और इसके बजाय वह अमेरिका से कच्चा तेल लेगा.

ज़ी न्यूज़ 4 Feb 2026 7:27 am

अमेरिका में शटडाउन का अंत! ट्रंप ने खर्च विधेयक पर किए दस्तखत, लेकिन क्या मिनियापोलिस की आग होगी ठंडी?

US government shutdown ends: अमेरिका में चार दिन से चल रहा आंशिक सरकारी शटडाउन खत्म हो गया है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खर्च से जुड़े विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. अब सांसदों के सामने दो हफ्ते में डीएचएस के पूरे साल के फंड और इमिग्रेशन नीति पर सहमति बनाने की बड़ी चुनौती है.

ज़ी न्यूज़ 4 Feb 2026 7:22 am

वॉशिंगटन में US विदेश मंत्री से मिले जयशंकर, बीजिंग में बढ़ी जिनपिंग की टेंशन; मीटिंग में ऐसा क्या हुआ?

S Jaishankar Meets Marco Rubio: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात कर आपसी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की है. ये बैठक ऐसे समय हुई है, जब भारत-अमेरिका के बीच क्रिटिकल मिनरल्स सम्मेलन और नए व्यापार समझौते को लेकर रिश्तों में नई तेजी देखी जा रही है.

ज़ी न्यूज़ 4 Feb 2026 7:03 am

लीबिया के पूर्व तानाशाह गद्दाफी के बेटे का कत्ल, सैफ अल-इस्लाम की गोली मारकर की गई हत्या

Libyan News: लीबिया के पूर्व तानाशाह मुआम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की गोली मारकर जिंतान शहर में हत्या कर दी गई है. इस हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है.

ज़ी न्यूज़ 4 Feb 2026 6:38 am

‘जिस देश ने हसीना को पनाह दी, वो दोस्त कैसे’:BNP लीडर बोले- इंडिया स्पेशल नहीं, एक-दो मर्डर को हिंदुओं के खिलाफ हिंसा न कहें

बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने हैं। शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद हो रहे इन चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार है। पार्टी की कमान पूर्व PM खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के हाथ में है। दैनिक भास्कर ने BNP की सेंट्रल कमेटी के मेंबर अब्दुल मोइन खान से बातचीत की। वे पार्टी की इंटरनेशनल सेल के प्रमुख हैं। अगर BNP सत्ता में आती है, तो अब्दुल मोइन खान विदेश मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में भारत-बांग्लादेश रिश्तों की दिशा तय करने में उनकी अहम भूमिका होगी। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: भारत-बांग्लादेश के रिश्ते अब तक के सबसे खराब दौर में हैं। अगर BNP की सरकार बनी, तो भारत के लिए क्या रुख होगा?जवाब: बांग्लादेश की विदेश नीति एकदम साफ है। दोस्ती सभी से, दुश्मनी किसी से नहीं। हमने भारत के लिए पहले भी यही पॉलिसी अपनाई है और आगे भी ऐसा ही करेंगे। भारत या किसी और देश में कुछ भी स्पेशल नहीं है। भारत-बांग्लादेश के संबंध सबसे खराब दौर में हैं या नहीं, ये यूनुस सरकार बताएगी। आम लोग अंतरिम सरकार की विदेश नीति, खासतौर पर भारत के साथ रिश्तों की वजह से खुश नहीं है। वे भारत जैसे बड़े पड़ोसी से बिगड़ रहे रिश्तों से भी नाखुश हैं। सवाल: बांग्लादेश और भारत के रिश्ते खराब होने की वजह क्या है?जवाब: दो देशों के बीच रिश्ते सरकारों के रिश्ते नहीं होते। भारत ने बांग्लादेश के मामले में बहुत गलत किया। वे अवामी लीग और शेख हसीना से अच्छे रिश्ते चाहते थे। असल में उन्हें बांग्लादेश के लोगों के साथ अच्छे रिश्ते बनाने चाहिए थे। भारत के नेता, विदेश मंत्रालय के अधिकारी और सुरक्षाबल बांग्लादेश के लोगों की भावना समझने में नाकाम रहे हैं। अगर उन्होंने बांग्लादेश के लोगों को समझा होता, तो ये हालात नहीं होते। सवाल: क्या आपकी पार्टी भारत से अच्छे रिश्तों के लिए पहल करेगीजवाब: हम भारत से दोस्ती चाहते हैं। दुनिया के सभी मुल्कों से अच्छे और बराबरी वाले रिश्ते चाहते हैं। साउथ एशिया को एक ताकत के तौर पर उभरते देखना चाहते हैं। साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कोऑपरेशन यानी सार्क भी हमने मिलकर बांग्लादेश में ही बनाया था। दुनिया के हर मुद्दे या मुसीबत में साउथ एशिया अपना अलग पक्ष मजबूती के साथ रख सकता है। दुख की बात है कि सार्क काम नहीं कर रहा है। सवाल: क्या आपकी पार्टी चाहती है कि अवामी लीग से बैन हटे और शेख हसीना की वापसी हो?जवाब: शेख हसीना ने बांग्लादेश में जो भी किया, उसके बाद लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। शेख हसीना को देश छोड़कर जाना पड़ा। शेख हसीना को बांग्लादेश कोर्ट ने सजा सुना दी है। भारत ने उन्हें शरण दी है और बांग्लादेश की सरकार प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। हमें नहीं पता कि भारत ने हसीना को किस आधार पर पनाह दी है। उनके समर्थन में प्रोग्राम किए जा रहे हैं। अगर ये होता रहेगा, तो भारत और बांग्लादेश के रिश्ते कैसे अच्छे होंगे। सवाल: अगर आप सत्ता में आए, तो क्या शेख हसीना की वापसी के लिए भारत से बात करेंगे?जवाब: इसके लिए आपको इंतजार करना होगा। BNP लोगों की आवाज से चलने वाली पार्टी है, जो लोग चाहेंगे, हम वही करेंगे। सवाल: डॉ. यूनुस का डेढ़ साल का कार्यकाल आपको कैसा लगा, क्या अंतरिम सरकार निष्पक्ष तरीके से चुनाव करवा रही है?जवाब: सरकार ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए माहौल बनाने की कोशिश तो की है। हालांकि, अधिकारियों की नियुक्तियों पर सवाल उठ रहे हैं। कई अधिकारी शेख हसीना सरकार में काम कर चुके हैं। वही अब चुनाव कराएंगे। इलेक्शन कमीशन चुनाव कराने के लिए इन्हीं अधिकारियों के भरोसे है। सवाल: बांग्लादेश में चुनाव के साथ रेफरेंडम भी कराया जा रहा है। लोगों को वोट करना होगा कि संविधान में बदलाव होने चाहिए या नहीं। आपको नहीं लगता इससे कन्फ्यूजन होगा?जवाब: मेरा मानना है कि सरकार को इन दोनों चीजों को मिलाना नहीं था। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि रेफरेंडम की क्या जरूरत है। लोगों को बांग्लादेश की मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार की जरूरत लग रही है। किसी एक के पास बहुत ज्यादा ताकत नहीं होनी चाहिए, शक्ति का संतुलन होना चाहिए। ऐसे में बदलाव के लिए बांग्लादेश में आम सहमति बन गई है। सवाल: BNP के सामने जमात-ए-इस्लामी बड़ी चुनौती है। आप जमात और उसकी विचारधारा के बारे में क्या सोचते हैं?जवाब: 35 साल की राजनीति में मुझे समझ आया है कि राजनीति और चुनाव दोनों अलग-अलग चीजें हैं। मुझे लगता है कि जमात राजनीति में अच्छी हो सकती है, लेकिन चुनाव में वो कोई बड़ी ताकत नहीं बन पाएंगे। सवाल: जमात-ए-इस्लामी मानता है कि बांग्लादेश में शरिया कानून से शासन चलना चाहिए, आपका क्या मानना है?जवाब: जमात अलग-अलग बात करती है। 6 महीने पहले वे कह रहे थे कि देश को शरिया कानून के तहत चलाना चाहते हैं। कुछ दिन पहले जमात नेता ने कहा कि बांग्लादेश में शरिया कानून नहीं थोपेंगे। लोगों को लगता है कि वे राजनीतिक सुविधा के मुताबिक रुख बदलते रहते हैं। मुझे लगता है कि जमात ने खुद को पहले की तुलना में बदला है। सवाल: अगर लोग रेफरेंडम में वोट देते हैं, तो क्या बांग्लादेश का सेक्युलरिज्म कायम रहेगा या खत्म कर दिया जाएगा?जवाब: बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर कभी सेक्युलर राज्य नहीं रहा है। भारत सेक्युलर राज्य है। हां, बांग्लादेश ने हमेशा सेक्युलर देश के तौर पर ही व्यवहार किया है। यहां घूमने से आपको पता चल जाएगा कि देश में धार्मिक कट्टरता नहीं है। सवाल: बीएनपी की चेयरपर्सन खालिदा जिया के निधन के बाद उनके बेटे तारिक रहमान ने कमान संभाली है। वे ज्यादातर देश से बाहर रहे हैं, लोग कहते हैं कि उन्हें बांग्लादेश की जमीनी हकीकत नहीं पता है। इससे कैसे निपटेंगे?जवाब: तारिक रहमान लोगों से जुड़े व्यक्ति हैं। उनके काम करने का अपना स्टाइल है। रूरल एरिया में लोगों और पार्टी के कार्यकर्ताओं में उनकी अच्छी पकड़ है। ये कहना गलत होगा कि जमीन पर उनकी पकड़ कमजोर है। सवाल: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की हत्याओं की खबरें देखी-सुनीं। दीपू चंद्र दास को सरेआम मारा और पेड़ पर लटकाकर जला दिया। ऐसा क्यों हो रहा है?जवाब: ऐसी एक-दो घटनाएं हुई हैं। हर घटना में ये नहीं कहा जा सकता कि किसी को इसलिए मारा गया क्योंकि वो हिंदू था। बांग्लादेश जैसे देश की दिक्कत ये है कि यहां गरीबों को सताया जाता है। लोगों को धर्म के आधार पर कम और समाज में स्तर के आधार पर ज्यादा प्रताड़ित किया जा रहा है। सवाल: वॉशिंगटन पोस्ट की खबर के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी जमात-ए-इस्लामी के नेताओं से मिल रहे हैं। क्या अमेरिका बांग्लादेश के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है?जवाब: मैंने पूरी रिपोर्ट पढ़ी है। इसे गलत तरह से समझा गया है। रिपोर्ट की भाषा से गलतफहमी फैली है। इसमें साफ तौर पर अधिकारी के हवाले से लिखा है कि अमेरिका ने जमात को उसके कट्टर रुख को लेकर चेतावनी दी है। अमेरिका ने जमात को समर्थन दिया है, ये बात सही नहीं है। सवाल: BNP चुनाव में किन मुद्दों को लेकर लोगों के बीच जा रही है?जवाब: बांग्लादेश का जन्म लोकतंत्र के लिए हुआ था। हम चाहते हैं कि बांग्लादेश में लोकतंत्र होना चाहिए। 2009 के बाद से हमने लगातार 17 साल तक लोकतंत्र खत्म होते देखा है। इस दौरान अवामी लीग ने दमन, उत्पीड़न और यहां तक हत्याएं भी कीं। छात्रों ने सरकार से यही मांग की थी कि वे मेरिट के आधार पर नौकरियां चाहते हैं, न कि आरक्षण के आधार पर। शेख हसीना सरकार ने छात्रों को मारना शुरू कर दिया। यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट के मुताबिक, 1600 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, लेकिन शेख हसीना सरकार का खात्मा हुआ और अंतरिम सरकार बनी। अब आखिरकार चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव के साथ जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह बांग्लादेश में वोटिंग वाले दिन जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह होगा। जुलाई चार्टर संवैधानिक और राजनीतिक सुधार का डॉक्युमेंट है। इसमें प्रधानमंत्री की सत्ता सीमित करने की बात है, ताकि कोई हमेशा के लिए सत्ता में न रह सके। प्रधानमंत्री का कार्यकाल 8 या 10 साल करने की भी बात है। जुलाई 2025 में, पॉलिटिकल पार्टियों और नागरिक संगठनों के बीच जुलाई चार्टर नाम से संविधान सुधार प्रस्ताव बना था। इसमें 26 पॉइंट हैं। चार्टर के जरिए 4 अहम चीजें तय करने की कोशिश हुई है। जनमत संग्रह में लोगों से जुलाई चार्टर को लागू करने के आदेश पर राय मांगी जाएगी। इसमें प्रावधान है कि राजनीतिक दलों की अलग-अलग मांगों के बीच संतुलन बनाने के लिए 100 सदस्यों वाले अपर हाउस प्रतिनिधित्व के आधार पर बनाया जाएगा, यानी जिस पार्टी को जितने वोट मिलेंगे, उसी अनुपात में उसे सीटें दी जाएंगी। ……………………….. बांग्लादेश से ये इंटरव्यू भी पढ़ें...हिंदूवादी नेता का नामांकन रद्द, बोले-बांग्लादेश की पार्टियां नहीं चाहतीं हम संसद पहुंचें बांग्लादेश की राजधानी ढाका की गोपालगंज सीट से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना चुनाव लड़ा करती थीं। इस सीट से इस बार हिंदूवादी नेता और वकील गोबिंद चंद्र प्रमाणिक निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले थे। उनका नामांकन चुनाव आयोग ने रद्द कर दिया। गोबिंद बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत के महासचिव हैं। आरोप है कि उनका नामांकन हिंदू होने की वजह से रद्द किया गया है। पढ़ें पूरा इंटरव्यू...

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 5:08 am

फिरौती मांगने का अबू सलेम स्टाइल, कौन है शुभम लोनकर:लॉरेंस का खास, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग, फाइनेंसर से मांगे 5 करोड़

31 जनवरी को फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर 5 राउंड फायरिंग हुई। घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग के गुर्गे शुभम लोनकर ने ली। वही शुभम, जो सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग केस में भी वांटेड है। रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग से 5 दिन पहले फिल्म फाइनेंसर सनी नाना वाघचौरे से 5 करोड़ रुपए रंगदारी मांगी गई थी। ये धमकी भी शुभम लोनकर ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर दी थी। तीन किलो सोने की चेन पहने सनी की तस्वीरें सोशल मीडिया में काफी वायरल हैं। अब सवाल उठता है कि क्या ये महज इत्तफाक था या सोची समझी साजिश। कहीं रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के बहाने लॉरेंस गैंग के निशाने पर बॉलीवुड के बड़े स्टार्स तो नहीं हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच और दूसरी एजेंसियां अब इस एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं। मुंबई पुलिस ने पहले रोहित शेट्टी के मामले में शुभम लोनकर का नाम कोर्ट डॉक्यूमेंट में नहीं रखा था, लेकिन बाद में जोड़ दिया। हालांकि जिस लॉरेंस के नाम पर फायरिंग हुई और धमकाया गया, पुलिस ने उसका नाम इसमें शामिल नहीं किया है। पुलिस शुभम लोनकर के सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर रही है। दैनिक भास्कर को सोर्सेज से पता चला है कि बॉलीवुड में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट से जुड़े प्रोड्यूसर, एक्टर और फाइनेंसर, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर हैं। ये 1990 में दाऊद गैंग के पैटर्न को फॉलो कर रहे हैं। अबू सलेम की तर्ज पर लॉरेंस का गुर्गा मांग रहा रंगदारीरोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के बाद शुभम लोनकर आरजू बिश्नोई नाम से बने फेसबुक पेज से एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई। इसमें कई फिल्म स्टार्स को टारगेट करने का जिक्र है। ऐसे में सवाल था कि क्या वाकई फिल्म स्टार लॉरेंस गैंग के निशाने पर हैं। इसे समझने के लिए हमने गैंगस्टर नेटवर्क पर काम कर रहे सोर्स से कॉन्टैक्ट किया। नाम न छापने की शर्त पर मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि लॉरेंस गैंग से अलग होने के बाद रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गैंग भी फिल्मी सितारों को टारगेट कर रहा है। सितंबर 2025 में यूपी के बरेली में एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर फायरिंग की गई। पहली बार फायरिंग की खबर मीडिया में नहीं आई, तो अगले दिन कई राउंड फायरिंग की गई। इससे पहले अप्रैल 2025 में लॉरेंस गैंग ने सलमान खान के घर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। फिर अक्टूबर 2025 में कनाडा के सरे में कपिल शर्मा के कैफे पर तीसरी बार फायरिंग हुई। इन घटनाओं से साफ है कि लॉरेंस गैंग फिल्मी सितारों को धमकी देकर करोड़ों वसूलने की तैयारी में हैं। हालांकि, लॉरेंस गैंग का मेंबर शुभम लोनकर जो पैटर्न अपना रहा है, वही 1990 के दशक में दाऊद इब्राहिम के खास अबू सलेम का था। पहले दाऊद के नाम पर, फिर अपने नाम पर अबू सलेम फिल्मी सितारों को फोन पर धमकाता था। फायरिंग की आवाज सुनाकर एक्सटॉर्शन मनी मांगता था। वो कहता था- ‘अब अगली गोली तुम्हारे लिए चलेगी।‘ ‘5 दिन में 5 करोड़ नहीं मिले तो बाबा सिद्दीकी जैसा हाल होगा’FIR के मुताबिक, शुभम ने बिजनेसमैन और फाइनेंसर सनी नाना वाघचौरे को धमकाने के लिए 25 जनवरी की शाम इंटरनेशनल नंबर से दो बार वॉट्सएप कॉल किया, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके कुछ देर बाद उसने मैसेज किया, जिसमें लिखा था- Shubham Lonkar, Cl me (शुभम लोनकर, मुझे कॉल करो)। सनी ने कॉलबैक किया तो जवाब मिला- ‘शुभम लोनकर बोल रहा हूं, अगर नाम नहीं पता, तो गूगल पर सर्च कर लो, पता चल जाएगा। जब कॉल करूं, उठा लेना।’ इसके बाद फोन कट गया। अगले दिन 26 जनवरी की शाम दूसरे इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया। ये कॉल भी सनी नाना ने नहीं उठाया। कुछ देर बाद मैसेज आया, जिसमें लिखा था- '5 करोड़ रुपए देने के लिए तैयार हो जाओ। 5 दिन में पैसा मिल जाए वरना बाबा सिद्दीकी जैसा हाल होगा।' सनी ने अपने एडवोकेट आतिश लांडगे को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने पिंपरी चिंचवड़ पुलिस में मामले की शिकायत की। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि कॉल और मैसेज VPN यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के जरिए किए गए थे। पुलिस ये भी पता लगा रही है कि आखिर कॉल करने वाला शुभम लोनकर ही था या कोई और। रोहित शेट्टी के घर 5 राउंड फायरिंग, पहले लगा पटाखे फूटे रोहित शेट्टी 31 दिसंबर की रात करीब 10 बजे जुहू में अपने घर शेट्टी टावर पहुंचे। करीब 12:45 बजे परिवार के साथ 7वीं मंजिल पर थे। तभी पहली बार फायरिंग हुई। घर के बाहर दो प्राइवेट बॉडीगार्ड और दो पुलिसकर्मी तैनात थे। पहले लगा कि पटाखों की आवाज है, लेकिन दोबारा आवाज आने पर सीसीटीवी चेक किया गया, तो फायरिंग का पता चला। ब्लैक जैकेट और सफेद पैंट पहने एक युवक गेट के बाहर खड़ा दिखा। उसके हाथ में पिस्टल थी। फायरिंग के दौरान जिम के कांच पर भी एक गोली लगी। घटना के बाद युवक अपने साथी के साथ स्कूटर से फरार हो गया। शेट्टी फैमिली से मिली सूचना के बाद जुहू पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में पुलिस को मौके से कारतूस के 5 खाली खोखे मिले हैं। वहीं आरोपी स्कूटर से ट्यूलिप स्टार होटल जंक्शन पहुंचे। वहां पुलिस की नाकाबंदी थी, इसलिए आरोपी यू-टर्न लेकर जुहू चर्च की तरफ चले गए। दोनों ने वहीं स्कूटर छोड़ दिया और ऑटो से भाग निकले। पुलिस ने जुहू चर्च से लावारिस स्कूटर बरामद कर ली है। स्कूटर की जांच हुई तो मालिक का पता चला। उन्होंने पूछताछ में बताया कि कुछ दिन पहले ही स्कूटर (MH12FN2205) आदित्य गायकवाड़ को 30 हजार रुपए में बेच दी थी। पुलिस ने अब तक कुल 4 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। हालांकि, शेट्टी टावर पर फायरिंग करने वाला शूटर अब भी फरार है। सभी आरोपी पुणे के रहने वाले, कोई स्टूडेंट तो कोई डिलिवरी बॉयमुंबई पुलिस ने सबसे पहले आरोपी आदित्य ज्ञानेश्वर गायकवाड़ को पकड़ा। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चारों आरोपियों के बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड से कई सबूत मिले हैं, जिससे चारों के आपस में जुड़े होने का पता चला। इन्होंने ही स्कूटर और हथियार का इंतजाम किया था। पुलिस के मुताबिक, चारों आरोपी पुणे के रहने वाले हैं। इनमें से आदित्य ने 30 हजार रुपए में स्कूटर खरीदकर शूटर को दिया था। आदित्य ऑनलाइन सामानों की डिलीवरी करता है। इससे पूछताछ के जरिए पुलिस स्वप्निल, समर्थ शिवशरण पोमानी और सिद्धार्थ दीपक येनपुरे तक पहुंची। मुंबई पुलिस में हमारे सोर्स ने बताया कि इन सभी चार आरोपियों में स्वप्निल बंदू बेरोजगार है। इस घटना को अंजाम देने के लिए वही सीधा शुभम लोनकर के कॉन्टैक्ट में था। वहीं बाकी दो आरोपी समर्थ शिवशरण पोमानी और सिद्धार्थ येनपुरे ने गैंग से जुड़ने के लिए स्कूटर और हथियार खरीदने में मदद की थी। पांचवां आरोपी अब भी फरार है। यही शूटर है। बताया जा रहा है कि ये कुछ हजार रुपए लेकर फायरिंग के लिए तैयार हो गया था। कोर्ट डॉक्यूमेंट में शुभम का नाम जोड़ा, लॉरेंस बिश्नोई का नाम नहींरोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के बाद शुभम लोनकर ने सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने लिखा- ‘सभी भाइयों, आज जो मुंबई में (शेट्टी टावर) फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर फायरिंग हुई है, उसकी जिम्मेदारी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर, हरमन संधू लेते हैं।' 'हमने इसे बहुत बार मैसेज किया कि हमारे काम में दखल न दे, लेकिन इसे समझ में नहीं आया। ये छोटा सा ट्रेलर दिया है। अगर इसने आगे हमारी बात नहीं मानी, तो अब घर के बाहर नहीं, अंदर इसके बेडरूम में गोली चलेगी, इसकी छाती पर।‘ इसी पोस्ट में आगे लिखा- ‘बॉलीवुड को चेतावनी है कि टाइम रहते सुधर जाओ, नहीं तो बुरा हाल होगा। तुम्हारा बाबा सिद्दीकी से भी बुरा हाल करेंगे। हमने जिन-जिन लोगों को फोन कर रखा है या तो टाइम रहते लाइन पर आ जाओ, वरना छिपने के लिए जगह कम पड़ जाएगी। जितने भी हमारे दुश्मन हैं, तैयार रहो, तुमसे जल्दी ही मुलाकात होगी। एक ही था, एक ही है और एक ही रहेगा, लॉरेंस बिश्नोई गैंग।‘ इस घटना को लेकर 1 फरवरी को पुलिस ने कोर्ट में रिमांड आवेदन किया था। उसमें बताया गया कि 31 जनवरी की देर रात जब फायरिंग हुई, तब पुलिस विभाग की तरफ से तैनात किए गए दो पुलिसकर्मी की ड्यूटी वहीं पर थी। एक पुलिसकर्मी का नाम आशीष राणे और दूसरे का सचिन राणे है। घटना के वक्त आशीष राणे शेट्टी टावर की सातवीं फ्लोर पर खाना खा रहे थे। दूसरा पुलिसकर्मी उस वक्त कहां था, इसका जिक्र कोर्ट डॉक्यूमेंट में नहीं है। वहीं प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड उस समय गार्ड लॉबी में सीसीटीवी कैमरे देख रहे थे। फौजी बनना चाहता था शुभम, अब मुंबई में दबदबा बनाने की चाहत 32 साल शुभम लोनकर महाराष्ट्र के अकोला जिले के अकोट का रहने वाला है। पहले भाई के साथ पुणे में डेयरी चलाता था। वो अपनी कद-काठी के चलते आर्मी में भर्ती होना चाहता था। 2018-19 में राजस्थान के जैसलमेर में उसने आर्मी भर्ती का एग्जाम भी दिया था, लेकिन फेल हो गया। इसके बाद शुभम, लॉरेंस गैंग के नेटवर्क से सोशल मीडिया के जरिए जुड़ गया। फिर सीधे उसकी अनमोल बिश्नोई से बात होने लगी। शुभम का नाम पहली बार बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में आया। इसी ने फेसबुक पोस्ट से हत्या की जिम्मेदारी ली थी। वो हत्याकांड में वांटेड भी है। आशंका है कि शुभम नेपाल के रास्ते विदेश भाग चुका है। अब अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी और गोल्डी बराड़ के गैंग से अलग होने के बाद शुभम ही लॉरेंस गैंग की अहम कड़ी बन गया है। पिछली दो घटनाओं में शुभम लोनकर के साथ आरजू बिश्नोई का नाम भी आ रहा है। कुछ महीने पहले ही सिंगर बी प्राक को धमकी देने के मामले में पहली बार आरजू बिश्नोई का नाम सामने आया। अब रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पोस्ट पर शुभम लोनकर के साथ आरजू बिश्नोई का नाम आया है। हमारे सोर्स बताते हैं कि इस बात की संभावना ज्यादा है कि शुभम ने ही अपना नाम आरजू बिश्नोई भी रखा है। लॉरेंस के बाद कुख्यात नाम अनमोल बिश्नोई का था, लेकिन अब वो पुलिस की निगरानी में है।………………..ये खबर भी पढ़ें लॉरेंस और पाकिस्तानी डॉन शहजाद क्यों बने दुश्मन पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी अपने गैंगस्टर टेरर मॉड्यूल के जरिए भारत के खिलाफ खतरनाक साजिश रच रहा है। ये वही शहजाद है, जो कभी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी दोस्त था। पहलगाम हमले के बाद लॉरेंस ने हाफिज सईद को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद से शहजाद भट्टी लॉरेंस बिश्नोई और उसकी गैंग का दुश्मन बन गया। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 5:08 am

अमेरिका ने अरब सागर में गिराया ईरान का ड्रोन, क्या हो गई जंग की शुरुआत?

ईरान को घेरने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी फौज का बहुत बड़ा स्टेक मिडिल ईस्ट में तैनात कर रखा है. बीते पिछले एक हफ्ते से लाल सागर से लेकर अरब सागर तक अजीब सी खामोशी छाई थी.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 11:21 pm

मेडल घर में और चोर दरवाजे पर! स्टार खिलाड़ियों की चमक-धमक बनी उनकी सबसे बड़ी दुश्मन; रडार पर हैं करोड़ों के बंगले

23 साल के सैंडर्स ने शानदार कॉलेज करियर के बाद प्रोफेशनल लीग में कदम रखा और करोड़ों की डील साइन की. लेकिन जिस दिन वे मैदान में अपना पहला बड़ा मुकाबला खेल रहे थे, उसी वक्त उनके घर पर चोरों ने धावा बोल दिया. करीब 12 मिनट में चोर लाखों की लग्जरी चीजें लेकर फरार हो गए.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 9:20 pm

इटली के चर्च में एंजिल की जगह लगा दी पीएम जॉर्जिया मेलोनी की तस्वीर, भड़के लोग; देश में मचा बवाल

Meloni Photo In Rome Church: इटली की राजधानी रोम में सेंट लॉरेंस बेसिलिका नाम के एक चर्च में देवदूत की जगह पीएम जॉर्जिया मेलोनी की तस्वीर लगा दी गई.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 9:07 pm

सात लाख रुपये बचाने के लिए खुद को इस धर्म का बताते हैं छात्र, स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हैरान करने वाला मामला; छात्रा के दावे से हड़कंप

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने ऐसा दावा किया है कि जिससे एक नई बहस छिड़ गई है. छात्रा ने एक निबंध में बताया कि विश्वविद्यालय के कुछ छात्र अनिवार्य कैंपस भोजन योजनाओं से बचने के लिए विभिन्न धार्मिक बातों का दावा करते हैं.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 8:49 pm

75 मिसाइल, 450 ड्रोन दागकर रूस ने यूक्रेन में कर दिया घुप अंधेरा, दूसरे विश्व युद्ध का मेमोरियल भी चटका!

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर भीषण हमला करकेयूक्रेनको घुप अंधेरे में डुबो देने का आरोप लगाया है.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 6:43 pm

यूरोप के साथ FTA का दबाव या फिर ट्रेड की मजबूरी... भारत के साथ अमेरिकी डील पर क्या बोले विशेषज्ञ

Free Trade Agreement: यूरोपीय संघ के साथ भारत के एफटीए के बाद अमेरिका पर भारत के साथ व्यापार समझौता तेज करने का दबाव बढ़ा. विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच शीर्ष स्तर की बातचीत से यह डील संभव हुई. इससे भारतीय निर्यातकों को एशियाई देशों पर बढ़त मिलेगी और रणनीतिक सहयोग का रास्ता खुलेगा.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 2:13 pm

बलूचिस्तान में हथियार उठाती महिलाएं: जानें क्यों पाकिस्तान के खिलाफ विद्रोह में स्त्रियां बन गईं सबसे बड़ी चुनौती?

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हालिया हमलों के बाद संगठन ने अपने हमलावरों की तस्वीरें सार्वजनिक कीं। इन तस्वीरों में दो महिलाएं भी शामिल थीं। पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र और राजनीतिक नेतृत्व के लिए यह असाधारण दृश्य था।

देशबन्धु 3 Feb 2026 2:11 pm

एपस्टीन केस में नया मोड़: बिल और हिलेरी क्लिंटन हाउस जांच के सामने गवाही को तैयार, फिर भी लटकी अवमानना की तलवार!

हाउस ओवरसाइट कमेटी के रिपब्लिकन अध्यक्ष जेम्स कॉमर ने पुष्टि की कि क्लिंटन दंपती के वकीलों ने ई-मेल के जरिए सूचित किया है कि दोनों आपसी सहमति से तय तारीखों पर शपथ के तहत डिपॉजिशन देने को तैयार हैं।

देशबन्धु 3 Feb 2026 10:59 am

‘तबाही’ की धमकियों के बीच कूटनीतिक चाल, बातचीत की मेज पर आए ईरान-अमेरिका; क्या 6 फरवरी बदलेगी खेल?

Iran US Talks in Turkey: ईरान और अमेरिका के बीच रिश्तों में नर्मी आ सकती है. कहा जा रहा है कि जल्द ही दोनों देश तुर्की में एक अहम मीटिंग करने जा रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 10:44 am

नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बड़े बेटे गिरफ्तार, पहले से थे 38 केस...; रेप ट्रायल से पहले चाकू से किया हमला

Marius Borg Hoiby arrested: नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बड़े बेटे मारियस बॉर्ग हौइबी को गिरफ्तार कर लिया गया है. बीते शनिवार को उन्होंने किसी पर चाकू से हमला किया था. जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन्हें गिरफ्तार कर लिया है.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 10:15 am

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान: रूस से तेल खरीद पर लगा 25% पेनाल्टी टैरिफ हटेगा, ‘बाय अमेरिकन’ के तहत 500 अरब डॉलर की खरीद का वादा

अमेरिका ने अप्रैल में भारत पर 25% ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लगाया था। यह कदम अमेरिकी नीति ‘जैसे को तैसा’ के तहत उठाया गया था। इसके बाद अगस्त में रूस से तेल खरीद जारी रखने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ की घोषणा की गई। इस तरह कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया था।

देशबन्धु 3 Feb 2026 9:58 am

रूस से दोस्ती ईरान को पड़ी भारी, UK ने फिर लगाया प्रतिबंध; बैन में IRGC भी शामिल

Iran: ब्रिटेन ने ईरान में हालिया अशांति और दमन में कथित भूमिका के लिए 10 अधिकारियों और एक संगठन पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. जानकारी के अनुसार, प्रमुख अधिकारियों में आंतरिक मंत्री एस्कंदर मोमेनी और IRGC कमांडर शामिल हैं.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 8:54 am

जेल जाने के डर से झुके क्लिंटन? भारी जुर्माने की धमकी के बाद एपस्टीन जांच में होंगे शामिल

Bill clintons testify in epstein investigation: बिल और हिलरी क्लिंटन ने हाउस की एपस्टीन जांच में गवाही देने के लिए सहमति दी है. हालांकि, रिपब्लिकन नेता जेम्स कोमर ने कहा कि अंतिम समझौता अभी तय नहीं हुआ है.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 8:49 am

India-US Deal पर अमेरिकी अखबारों ने क्या कहा? कुछ दे रहे वॉर्निंग तो कुछ ने बताया अनसुलझा

India Us Trade Deal: भारत अमेरिका डील को लेकर वैसे तो अमेरिकी मीडिया ने बड़ा कदम बताया, हालांकि साथ में इस डील पर कई तरह के सवाल भी खड़े किए हैं. कुछ मीडिया संस्थानों ने अभी इसे अनसुलझा बताया है.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 8:34 am

ट्रंप का 'मास्टरस्ट्रोक'- अमेरिका ने शुरू किया 'प्रोजेक्ट वॉल्ट', उद्योग को बचाएगा खनिजों का ये 'गुप्त भंडार'

US launches project vault: अमेरिका ने पहली बार क्रिटिकल मिनरल्स का नागरिक भंडार प्रोजेक्ट वॉल्ट लॉन्च किया है ताकि उद्योग को आपूर्ति संकट से बचाया जा सके. ये योजना आर्थिक सुरक्षा और अमेरिकी उद्योग की प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने का काम करेगी.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 8:22 am

India-US Trade Deal: रूसी तेल, टैरिफ और दबाव की राजनीति के बाद पिघली बर्फ, क्या भारत-US के रिश्ते फिर से हो रहे रिसेट?

भारत और अमेरिका के बीच हुई डील को लेकर अब दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, रूसी तेल खरीदने के चलते लगाए गए अतिरिक्त 25 फीसद टैक्स के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते में खटास पैदा हो गई थी लेकिन अब यह एक बार फिर से रिसेट बटन दब गया है.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 8:21 am

Evo morales: वेनुजुएला के बाद लैटिन अमेरिका के इस देश पर ट्रंप की नजर, 1 महीने से लापता हैं ये दिग्गज नेता!

Bolivia evo morales disappearance: बोलिविया के दिग्गज समाजवादी नेता एवो मोरालेस मानव तस्करी के गंभीर आरोपों और गिरफ्तारी के डर के बीच एक महीने से रहस्यमयी ढंग से गायब हैं, जिससे उनके देश छोड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 7:51 am

‘बजरंग दल से डरा परिवार, बेटी का स्कूल छूटा’:मुस्लिम दुकानदार का सपोर्ट करने वाले ‘मोहम्मद’ दीपक का जिम बंद, बजरंग दल बोला- टारगेट पर हो

उत्तराखंड के कोटद्वार में रहने वाले जिम ट्रेनर दीपक कुमार बीते एक हफ्ते से खौफ में जी रहे हैं। दीपक का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे एक बुजुर्ग दुकानदार के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से भिड़ गए थे। ये वीडियो 26 जनवरी का है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने नाम पूछा, तो दीपक ने नाम बताया- मोहम्मद दीपक। इसके बाद दीपक के जिम के बाहर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। वीडियो बनाकर दीपक को धमकी दी गई। इसके वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें एक शख्स कह रहा है कि दीपक कुमार तुम टारगेट पर हो। दीपक कहते हैं, ‘उस घटना के बाद से परिवार घबराया हुआ है। डर तो है ही। सबसे पहले परिवार ही डरता है। बेटी LKG में पढ़ती है, वो स्कूल नहीं जा पा रही। मेरी तबीयत ठीक नहीं है। जिम भी नहीं चल रहा है। घर में मां और पत्नी हैं। काम तो करना ही पड़ेगा, लेकिन हालात ठीक नहीं हैं।’ दीपक कोटद्वार में ही जिम चलाते हैं। उनका वीडियो वायरल होने के बाद राहुल गांधी और असदुद्दीन ओवैसी उनके समर्थन में आए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं। दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं। उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज रौंदने की साजिश कर रहे हैं। इस पर दीपक कहते हैं, ‘इस समय मैं बहुत असहज महसूस कर रहा हूं। डरने की कोई बात नहीं है, ऊपर वाले का डर होना चाहिए, पर जो हालात बने हैं, उन्होंने परिवार को परेशान कर दिया है।’ हालांकि दीपक इस बात से खुश हैं कि उन्हें लोगों का सपोर्ट मिल रहा है। वे कहते हैं, ‘ज्यादातर लोग फेवर में हैं। मैंने कोई गलत काम तो किया नहीं है, इसलिए लोग सपोर्ट कर रहे हैं। बाजार और जिम से जुड़े लोग भी साथ खड़े हैं।’ 26 जनवरी को हुआ क्या था कोटद्वार में पटेल मार्ग पर बने मार्केट में बाबा स्कूल ड्रेस नाम की दुकान है। ये दुकान 70 साल के वकील अहमद की है। वीडियो में दिख रहा है कि खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बता रहे कुछ लोग दुकान में घुसते हैं। वे वकील अहमद से कहते हैं कि दुकान के नाम में बाबा शब्द हटाओ। इन लोगों का दावा था कि बाबा शब्द से कोटद्वार के प्रसिद्ध सिद्धबली बाबा मंदिर को लेकर भ्रम पैदा हो रहा है। दीपक कुमार बताते हैं कि ये सब हो रहा था, तब मैं वहीं पास में अपने एक दोस्त की दुकान पर था। मेरा जिम भी वहीं है। भीड़ देखकर मैं वहां पहुंचा। मैंने बुजुर्ग दुकानदार का पक्ष लिया। भीड़ ने मेरा नाम पूछा, तो मैंने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया। मैंने एकजुटता दिखाने के लिए ये नाम बताया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद 31 जनवरी को बजरंग दल और हिंदूवादी संगठनों के सदस्यों ने दीपक के जिम के बाहर प्रोटेस्ट किया। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सांप्रदायिक नारे लगाए। जिम के बाहर पुलिस के सामने ही दीपक और बजरंग दल के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। वीडियो में पुलिसवाले पहले दीपक को समझाते दिख रहे हैं। फिर भीड़ से कुछ युवक दीपक के जिम की तरफ जाने की कोशिश करते दिखते हैं। पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद स्थिति संभालने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। इलाके में फ्लैग मार्च भी निकाला गया। बजरंग दल का अभियान- जिसका काम, उसी का नामदीपक के जिम के बाहर हुए प्रोटेस्ट में देहरादून से बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे थे। इन्हीं में से एक देहरादून के जिला संयोजक अमन स्वेदिया भी थे। वे भी प्रोटेस्ट के बाद के एक वीडियो में दीपक कुमार को चुनौती देते दिख रहे हैं। हमने इस पर अमन स्वेदिया से बात की। अमन 26 जनवरी की घटना को एक अभियान का हिस्सा बताते हैं। वे कहते हैं कि बजरंग दल बीते 6 महीने से पूरे उत्तराखंड में ‘जिसका काम, उसी का नाम’ अभियान चला रहा है। अमन इस अभियान के बारे में कहते हैं, आप व्यापार करिए, हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अपनी पहचान मत छिपाइए। आप मुस्लिम होकर हिंदू नाम से या बाबा सिद्धबली के नाम पर दुकान क्यों चला रहे हैं। यह हिंदुत्व की पहचान का गलत इस्तेमाल है। आप अपने नाम से दुकान चलाइए, जिसे आना होगा आएगा। नाम को लेकर विवाद का ये बजरंग दल से जुड़ा पहला मामला नहीं है। इससे पहले दिसंबर 2025 में देहरादून में लकी हेयर सैलून नाम की एक दुकान में तोड़फोड़ करके पोस्टर फाड़ते हुए वीडियो वायरल हुआ था। वहीं, एक स्कूल में प्रेयर का विरोध करते हुए भी वीडियो आया था। अमन दावा करते हैं कि ये सारे वीडियो भी 'जिसका काम, उसी का नाम' अभियान से जुड़े हैं। बजरंग दल पर कानून हाथ में लेने के आरोप लगते हैं, लेकिन अमन दावा करते हैं कि जब बोर्ड हटाने या पहचान उजागर करने की बात आती है, तो पुलिस साथ में ही रहती है। पुलिस की मौजूदगी में सब होता है। दीपक के माफी मांगने पर अड़ा बजरंग दल 26 जनवरी की घटना पर अमन दावा करते हैं कि इसकी जानकारी पहले ही बजरंग दल के ग्रुप में शेयर की गई थी। तब भी बाबा स्कूल ड्रेस का नाम बदलवाने के लिए बजरंग दल वाले पहुंचे थे। अमन मोहम्मद दीपक पर संगठन के कार्यकर्ताओं से बदसलूकी का आरोप लगाते हैं। वे कहते हैं, ‘उस दिन हमारे कुछ कार्यकर्ता दुकान पर नाम बदलवाने की अपील करने गए थे। वहां 75 साल के हमारे एक बुजुर्ग कार्यकर्ता थे। मोहम्मद दीपक ने उनके साथ बदतमीजी की, उन्हें धक्का और लात मारी। हमने शालीनता से बात की थी, लेकिन उन्होंने मारपीट कर खुद को हीरो दिखाने की कोशिश की। हमें उम्मीद है कि प्रशासन हमें न्याय दिलाएगा।’ दीपक के खिलाफ भी FIR दर्जफिलहाल इस मामले में पुलिस ने तीन FIR दर्ज की हैं। पहली FIR दुकानदार वकील अहमद की शिकायत पर दर्ज की गई है। इसमें वकील अहमद ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं गौरव कश्यप, शक्ति सिंह और अन्य के खिलाफ नामजद शिकायत की है। इन सभी पर दुकान में घुसकर धमकी देने और गाली-गलौज का आरोप है। दूसरी FIR दीपक कुमार के खिलाफ की गई है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं कमल पाल और गौरव कश्यप की शिकायत पर दीपक कुमार और उनके साथी विजय रावत के खिलाफ FIR की गई है। उन पर मारपीट, लूटपाट, घड़ी और पैसे छीनने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। तीसरी FIR पुलिस ने खुद से दर्ज की है। इसमें 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ चक्काजाम करने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज किया है। सभी धर्मों की मीटिंग कराई, इलाके में अब शांति- पुलिस 26 जनवरी की घटना को लेकर CO तुषार बोरा दावा करते हैं कि इस मामले को सोशल मीडिया पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। पूरे एरिया में शांति है। फिर भी एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात है। पुलिस ने सभी धर्म के लोगों के साथ 1 फरवरी को मीटिंग भी की। दीपक पर अभी कोई कार्रवाई नहींदीपक कुमार ने एक वीडियो जारी कर जान का खतरा बताया था। जमीअत उलेमा-ए-हिंद, उत्तराखंड ने इस मामले में DGP को लेटर लिखा है। इसमें दीपक कुमार को सुरक्षा देने की मांग की गई है। लेटर में कहा गया है कि दीपक कुमार ने 26 जनवरी को एक मुस्लिम दुकानदार पर हुए हमले के दौरान बीच-बचाव कर व्यापारी की जान बचाई। अब उन्हें जान का खतरा बना हुआ है। हालांकि पुलिस ऐसे किसी भी खतरे से इनकार कर रही है। CO तुषार बोरा कहते हैं, ‘कई जगह यह बात फैलाई गई कि दीपक को बुरी तरह मारा-पीटा गया है। दीपक ने खुद वीडियो जारी किया है, जिसमें वह बिल्कुल ठीक दिख रहा है। फिर भी पुलिस पूरी तरह सतर्क है। गश्त जारी है और हम हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।’ दीपक की खिलाफ FIR पर CO तुषार बोरा सफाई देते हैं कि किसी के खिलाफ FIR दर्ज होने और जांच होने में बड़ा फर्क होता है। अभी जांच चल रही है। जांच के दौरान जो सबूत सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। धमकी देने वालों पर FIR क्यों नहीं? 31 जनवरी को हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने लगभग 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR की है। जिम के बाहर से वायरल हुए वीडियो में बजरंग दल के कार्यकर्ता दीपक को धमकी देते नजर आ रहे हैं। इस पर CO तुषार बोरा कहते हैं, ‘पुलिस ने अपनी ओर से रास्ता जाम करने और उपद्रव करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की है। वीडियो में जो भी लोग दिख रहे हैं, चाहे वे किसी भी संगठन या दल से जुड़े होने का दावा कर रहे हों, उनकी पहचान की जा रही है। वीडियो आधार पर सभी पर कार्रवाई की जाएगी।’ …………………………… ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… मुकंदर की मॉब लिंचिंग, बीवी बोली- अफसर 20 हजार रुपए दे गए ओडिशा के बालासोर के रहने वाले 35 साल के शेख मुकंदर मोहम्मद 14 जनवरी को काम पर निकले थे। राजमिस्त्री थे, लेकिन का काम न मिलने पर गाड़ियां लोड करते थे। परिवार शाम को लौटने का इंतजार कर रहा था, तभी फोन आया कि मुकंदर हॉस्पिटल में हैं। पता चला कि भीड़ ने उन्हें गो-तस्करी के आरोप में बुरी तरह पीटा है। कुछ घंटे इलाज के बाद मुकंदर ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मॉब लिंचिंग की धारा के तहत 6 लोगों को अरेस्ट किया है। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 5:15 am

इलेक्शन कवर करने बांग्लादेश पहुंचा दैनिक भास्कर:इजराइल, लेबनान, सीरिया के बाद अब बांग्लादेश से एक्सक्लूसिव खबरें, पढ़िए और देखिए कल, यानी 4 फरवरी से

बांग्लादेश में पूर्व PM शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद चुनाव होने वाले हैं। 12 फरवरी को वोटिंग होगी। ये चुनाव हिंदुओं पर लगातार हमलों और भारत विरोधी भावनाओं के साये में हो रहा है। लड़ाई इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के बीच है। बांग्लादेश का हाल बताने के लिए दैनिक भास्कर के रिपोर्टर वैभव पलनीटकर राजधानी ढाका में हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर ने इजराइल, लेबनान, सीरिया और नेपाल पहुंचकर कवरेज की है। कल, यानी 4 फरवरी से आपको मिलेंगी बांग्लादेश के ग्राउंड जीरो से एक्सक्लूसिव रिपोर्ट, कौन है सत्ता का दावेदार, अल्पसंख्यकों के हालात और सियासत के अहम किरदारों के इंटरव्यू। तो पढ़ते और देखते रहिए दैनिक भास्कर एप…

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 5:15 am

बलूचों से मिली हार, क्रिकेट को बनाया हथियार? हार का डर इसलिए पहले ही 'सरेंडर', ट्रॉफी चोर पाकिस्तान...डरकर भागा!

Pakistan News:पाकिस्तान के इस बहिष्कार वाले ड्रामे के बीच क्या आपने एक बात पर गौर किया. पाकिस्तान ने T-20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ खेलने से उस वक्त इनकार किया है जिस वक्त उसकी अंडर 19 टीम भारत के खिलाफ ICC के ही एक दूसरे इवेंट में खेल रही थी. खेल ही नहीं रही थी बल्कि बुरी तरह हार रही थी.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 3:07 am

DNA: खलीफा से 'खलीफा' का 'परमाणु वाला धोखा'!...एर्दोआन को अब 'एटम बम' बनाना है!

Iran Vs Turkiye:बैठक ईरान और अमेरिका के बीच जारी टेंशन को कम करने के मकसद से रखी जा रही है. और इसमें तुर्किये मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. लेकिन एक दिलचस्प कहानी ये निकल कर आ रही है कि इसके पीछे तुर्किये का एक स्वार्थ छिपा है, जिसे समझने के लिए आपको तुर्किये का ऑफर जानना चाहिए.

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 12:28 am

DNA: अपनों की मौत का बदला ले रहीं बलोच महिलाएं, टेंशन में आ गई मुनीर की सेना; पाक में अब आतंकी भी दे रहे सलाह

पाकिस्तान में बलोच महिलाओं से पाक की सेना भी हिल गई है. बलोच महिलाएं अब अपनों की मौत का बदला ले रही हैं. पाकिस्तान में बलोच महिलाएं अब पीड़ित से आजादी की लड़ाई लड़ने वाली योद्धा बन गई हैं. आइए आपको बताते हैं कैसे?

ज़ी न्यूज़ 3 Feb 2026 12:05 am

DNA: बलोचियों की मार से 'मुनीर' की सेना पस्त, जानिए पाकिस्तान पर सबसे बड़े हमले की पूरी डिटेल

पाकिस्तान की सेना खुद को सबसे बड़ी और बहादुर बताती हो, लेकिन जब बलूच आर्मी के लड़ाकों ने उनपर हमला किया, तो मुनीर की सेना पतलून छोड़कर भाग खड़ी हुई.

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 11:40 pm

चीन की मिसाइलों में फ्यूल की जगह भरा गया पानी, जिनपिंग के हाथ लगा बड़ा 'रहस्य'; 'मिलिट्री क्लीनअप' की क्या है वजह?

हाल में चीन के रक्षा प्रशासन में बड़े भ्रष्टाचार की कई खबरें समने आई हैं. पिछले कुछ समय में कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ कड़े एक्शन लिए गए. इस बीच एक अहम रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया है.

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 8:44 pm

अचानक कटऑफ हो गया एयर इंडिया ड्रीमलाइनर लंदन-बेंगलुरु फ्लाइट का फ्यूल स्विच, केबिन में छाया सन्नाटा फिर...

Air India news: लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से बेंगलुरु के लिए टेकऑफ करने की तैयारी के दौरान एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर की फ्लाइट AI-132 को ग्राउंड करना पड़ा. माना जा रहा है कि सही समय पर सही फैसला लेने की वजह से आज अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया क्रैश जैसा हादसा टल गया है.

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 7:23 pm

Epstein Files: ट्रंप से मस्क और... तक, एपस्टीन के 'हमाम में सब नंगे हैं', लिस्ट में जुड़े नए ताकतवर लोगों का नाम जानकर लगेगा झटका

Epstein Files List:अमेरिका के ज्यूडीशियरी डिपार्टमेंट ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का एक नया और आखिरी जखीरा जारी किया. इन नए कागजों में जिन दिग्गज हस्तियों के नाम शामिल हैं, उनके डर्टी कारनामों के बारे में जानकर आपके पैरों तले की जमीन धसक जाएगी.

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 6:02 pm

जेफरी एपस्टीन को सऊदी ने गिफ्ट किया था काबा का पवित्र किस्वा, अब खुला अय्याश के काले कारनामों का बड़ा राज; जानिए पूरा मामला

हाल में ही अमेरिका में जेफरी एपस्टीन को लेकर नए खुलासे किए गए हैं और इससे संबंधित कुछ फाइल्स भी जारी की गई है. इन खुलासों नेदुनिया को हिला दिया है. हर रोज कुछ ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जो बेहद चौंकाने वाले हैं.

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 5:24 pm

भारत-EU की 'मदर आफ आल डील्स' से पाकिस्तान में हड़कंप, यूरोपीय बाजार में खत्म हो सकती है कीमत वाली बढ़त

जहां भारत में इसे निर्यात और निवेश के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है, वहीं पाकिस्तान के लिए यह समझौता चिंता का विषय बन गया है। पाकिस्तान को आशंका है कि यूरोपीय बाजार में उसकी वर्षों पुरानी शुल्क-आधारित प्रतिस्पर्धी बढ़त अब खत्म हो सकती है।

देशबन्धु 2 Feb 2026 1:44 pm

कौन हैं तेनजिन ग्यात्सो जिन्होंने 90 की उम्र में जीता ग्रैमी अवॉर्ड, आखिर क्यों कहे जाते हैं दलाई लामा

Grammy Awards 2026: 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने 90 वर्ष की उम्र में अपनी ऑडियो बुक के लिए पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीता. दलाई लामा 1959 से भारत में निर्वासित जीवन जी रहे हैं और 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं. आइए जानते इनके जीवन के बारे में...

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 12:59 pm

'शर्म करो मामदानी!' मेयर के घर के बाहर भारी बवाल, एपस्टीन फाइल्स में मां का नाम आने पर न्यूयॉर्क की जनता का फूटा गुस्सा

Mira nair name epstein files: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मामदानी की मां मीरा नायर का नाम जेफरी एपस्टीन से जुड़े पुराने दस्तावेजों में आने के बाद उनके घर के बाहर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और उनसे जवाब मांगा है. इस विवाद ने उनकी छवि और जनता के भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 11:25 am

PAK ने टी-20 वर्ल्डकप में भारत का बॉयकॉट क्यों किया:क्या मैसेज देना चाह रहा पाकिस्तान, मैच नहीं हुआ तो कितना नुकसान उठाएगा

टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होगा। पाकिस्तान सरकार ने रविवार शाम को इस मैच के बॉयकॉट का ऐलान किया। दोनों टीमें 15 फरवरी को कोलंबो में एक-दूसरे से भिड़ने वाली थीं। इसके पहले पहले बांग्लादेश टीम ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद ICC ने उसे वर्ल्डकप से ही बाहर कर दिया था। आखिर पाकिस्तान ने मैच खेलने से क्यों इनकार किया, क्या अब पाकिस्तान को भी बाहर किया जा सकता है, इसे ICC को कितना नुकसान; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में.. सवाल-1: पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का बॉयकॉट क्यों किया?जवाब: पाकिस्तान ने बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर निकाले जाने के विरोध में भारत के साथ मैच खेलने से इनकार किया है… नकवी ने 26 जनवरी को ही पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। इस मीटिंग में पाकिस्तान के वर्ल्ड कप पार्टिसिपेशन और भारत के खिलाफ मुकाबले को लेकर बाते हुईं। इसके बात खबरें आईं कि पूरा वर्ल्ड कप बायकॉट करने की जगह, इन दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है- बांग्लादेश से सॉलिडैरिटी दिखाने के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ी काली पट्टी पहनकर खेलने उतरें। या फिर पाकिस्तान सिर्फ भारत के साथ होने वाले मैच खेलने से मना कर दे। इसके बाद 1 फरवरी को देर शाम पाकिस्तान सरकार ने एक X पोस्ट में भारत के खिलाफ मैच न खेलने की घोषणा की। इसमें लिखा गया, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।’ पाकिस्तान के ऐलान के बाद ICC ने बयान जारी करके कहा है कि वह अभी PCB से औपचारिक बातचीत का इंतजार कर रहा है। बयान में कहा गया, सरकारों की नेशनल पॉलिसी का सम्मान करता है, लेकिन चुनिंदा मैच खेलना, खेल की बुनियादी सोच और इसकी पवित्रता के खिलाफ है। ये फैसला वर्ल्ड क्रिकेट और दुनिया भर के फैंस, खासकर पाकिस्तानी फैंस के हित में नहीं है। इससे पाकिस्तान क्रिकेट और पूरे क्रिकेट ऑर्डर पर असर पड़ेगा। उम्मीद है कि PCB इस पर विचार करेगा। सवाल-2: पाकिस्तान-भारत का मैच न होने से दोनों टीमों में से किसे फायदा?जवाब: भारत और पाकिस्तान की टीमें वर्ल्ड कप के ग्रुप-A में है। चारों ग्रुप में 5-5 टीमें हैं, जिनमें से 2-2 टीमें सुपर-8 स्टेज में जाएंगी। चूंकि पाकिस्तान-भारत का मैच नहीं होगा, ऐसे में दोनों टीमें ग्रुप स्टेज में 3-3 मैच ही खेलेंगी। पाकिस्तान 7 फरवरी को नीदरलैंड, 10 फरवरी को अमेरिका और 18 फरवरी को नामीबिया से भिड़ेगी। वहीं टीम इंडिया 7 फरवरी को अमेरिका, 12 फरवरी को नामीबिया और 18 फरवरी को नीदरलैंड से मुकाबला करेगी। ICC की प्लेइंग कंडीशन के मुताबिक, अगर कोई टीम मैच खेलने से मना करती है तो इस टीम द्वारा मैच को ‘कंसीडेड’ माना जाता है, साथ ही दूसरी टीम को मैच ‘अवार्डेड’ दिया जाता है। यानी दूसरी टीम एक तरह से मैच बिना खेले ही जीत जाती है। प्लेइंग कंडीशन के क्लॉज 16.10.7 के मुताबिक, मैच खेलने से मना करने वाली टीम के पूरे ओवर में शून्य रन माने जाते हैं। पाकिस्तान के बायकॉट का मतलब होगा कि 15 फरवरी को होने वाले इस मैच के 2 पॉइंट्स भारत को मिल जाएंगे और भारत के सुपर-8 में पहुंचने की राह काफी आसान हो जाएगी। जबकि पाकिस्तान के मैच न खेलने से पाकिस्तान का रन रेट खराब होगा। वहीं भारत का रन रेट बेहतर हो जाएगा, क्योंकि भारत का एक भी ओवर काउंट नहीं होगा। पाकिस्तान का रन रेट निगेटिव में भी जा सकता है। ग्रुप-ए में भारत और पाकिस्तान के अलावा नामीबिया, नीदरलैंड और अमेरिका की टीमें हैं। हालांकि पाकिस्तान बाकी मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर इस स्थिति में भी सुपर-8 में पहुंच सकती है। अगर भारत ग्रुप से टॉप-2 में क्वालीफाई करता है, तो सुपर-8 में उसके 3 मैच होंगे। सुपर-8 से टॉप-2 में पहुंचने पर सेमीफाइनल और फिर जीतने पर फाइनल मैच होगा। यानी भारत के कम से कम 3 और अधिकतम 8 मैच होंगे। इसी तरह अगर पाकिस्तान भी सुपर-8 में पहुंचा, तो उसका भारत से मुकाबला हो सकता है। इससे आगे बढ़ने पर और मुकाबले भी हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक यह तय नहीं है अगर नॉकआउट में भारत सामने आया तो पाकिस्तान मैच खेलेगा या नहीं। सवाल-3: क्या ICC पाकिस्तान को वर्ल्ड कप से बाहर भी कर सकता है?जवाब: सामान्य तौर पर किसी वेन्यू पर मैच खेलने से मना करने पर पूरे टूर्नामेंट से बाहर नहीं किया जाता। इससे पहले ICC वर्ल्ड कप के इतिहास में कई बार टीमों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर किसी टीम के साथ मैच खेलने से मना किया, तो मैच फॉरफिट कर दिए गए, यानी विपक्षी टीम को उस मैच में विजेता घोषित कर दिया गया। 1996 के वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्ट इंडीज ने श्रीलंका में खेलने से इनकार किया तो दोनों मैच फॉरफिट हुए और इनके पॉइंट्स श्रीलंका को मिले। वहीं 2003 के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने क्रमशः जिम्बाब्वे और केन्या में खेलने से मना किया। इन दोनों मैचों को भी फॉरफिट घोषित किया गया। इस मामले में ICC और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच औपचारिक चर्चा के बाद ही ICC का अगला कदम साफ होगा। अगर ICC इसे मेंबरशिप ऑब्लिगेशंस या कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन मानेगा, तो पाकिस्तान टीम पर कुछ और सैंक्शन लगाए जा सकते हैं। इसमें वर्ल्ड कप से बाहर करने, अगले ICC इवेंट्स खेलने या पाकिस्तान की PSL जैसे घरेलू लीग में फॉरेन प्लेयर्स की भागीदारी पर रोक लगाई जा सकती है।क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने X पर लिखा है, 'ये देखना है कि अब ICC क्या एक्शन लेता है। हालांकि मुझे कोई हैरानी नहीं होगी अगर ICC ब्रॉडकास्ट से होने वाली कमाई के नुकसान की भरपाई पाकिस्तान से करे। अगर भारत-पाकिस्तान के बीच फाइनल होना हो, तो क्या होगा?' सवाल-4: अगर पाकिस्तान बाहर हुआ तो उसे क्या नुकसान हो सकते हैं?जवाब: अगर पाकिस्तान को वर्ल्ड कप से बाहर किया गया, तो उसे 5 बड़े नुकसान उठाने पड़ेंगे... 1. ICC से मिलने वाली सालाना कमाई पर रोक 2. पार्टिसिपेशन फीस और प्राइज मनी का सीधा घाटा 3. करीब 18 करोड़ रुपए का फाइन 4. द्विपक्षीय सीरीज पर बैन 5. पाकिस्तान सुपर लीग बंद होने का खतरा सवाल-5: भारत-पाकिस्तान मैच न होने से ICC को कितना नुकसान हो सकता है?जवाब: वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मैच सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मैच होता है। कई बार इस मैच की व्यूअरशिप फाइनल से भी ज्यादा होती है। 2023 के वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान के मैच को करीब 17 करोड़ लोगों ने देखा था। इस टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों देशों के मैच न होने से सबसे ज्यादा नुकसान जियो हॉटस्टार जैसे ब्रॉडकास्टर को होगा। ब्रॉडकास्टर पहले ही मैच के सारे विज्ञापन स्लॉट बेच चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्री-सोल्ड ऐड इन्वेंटरी, स्पॉन्सरशिप और प्राइम ब्रॉडकास्ट स्लॉट्स मिलाकर ब्रॉडकास्टर को करीब 300 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान होगा। भारत-पाकिस्तान के मैच के दौरान 10 सेकेंड के ऐड का प्राइस करीब 25 से 40 लाख होता है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान के एक मैच से होने वाली कमाई पूरे वर्ल्ड कप की कमाई का लगभग 8 से 10% तक होती है। ICC को सीधा नुकसान नहीं है क्योंकि वह पहले ही मीडिया राइट्स बेच चुकी है। हालांकि, यह मैच न होने से ब्रॉडकास्टर ICC से नुकसान की भरपाई की मांग कर सकते हैं। वहीं ICC, नुकसान की भरपाई, ICC से पाकिस्तान को होने वाले रेवेन्यू से काट सकता है। सवाल-6: भारत से मैच न खेलकर पाकिस्तान क्या पॉलिटिकल मैसेज देना चाहता है?जवाब: पाकिस्तान तीन बड़ी राजनीतिक वजहों से भारत के साथ मैच का बायकॉट कर रहा है... 1. दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव 2. भारत का विरोध पाकिस्तानी राजनीति का अहम हिस्सा 3. भारत के खिलाफ बांग्लादेश के साथ एकजुटता ------------- ये खबर भी पढ़िए… आज का एक्सप्लेनर: बांग्लादेश को उकसाया, लेकिन खुद वर्ल्डकप बायकॉट क्यों नहीं करेगा पाकिस्तान; बर्बादी से डरा PCB अब क्या करेगा 7 फरवरी से शुरू होने वाला टी-20 वर्ल्डकप जियो-पॉलिटिक्स का अखाड़ा बन चुका है। पहले बांग्लादेश टीम ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद ICC ने उसे वर्ल्डकप से ही बाहर कर दिया। अब पाकिस्तान पर नजरें हैं कि क्या वो भी वर्ल्डकप का बायकॉट करेगा? पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 11:10 am

खामोशी के पीछे छिपे 3000 जनाजे: ईरान ने खोला प्रदर्शनों में मौतों का रिकॉर्ड, लिस्ट भी जारी की

Iran Protest: ईरान प्रदर्शनों में बड़ी तादाद आम लोग मारे गए हैं, अब ईरान की सरकार ने बताया है कि प्रदर्शनों बीच 3000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, साथ ही लिस्ट भी जारी की है.

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 10:58 am

Grammy Awards 2026: दलाई लामा ने रचा इतिहास, ऑडियोबुक के लिए जीता पहला ग्रैमी; स्टीवन स्पीलबर्ग बने EGOT विनर

Grammy Awards:ग्रैमी अवॉर्ड्स के प्रीमियर सेरेमनी में संगीत और मनोरंजन जगत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज कीं. तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने ऑडियोबुक, नैरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग श्रेणी में अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर सबको चौंका दिया.

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 9:14 am

इजरायली सेना ने मार गिराया खूंखार आतंकी दाऊद, चलती कार को बनाया टारगेट; देखिए VIDEO

इजरायल ने एक और बड़े सटीक हमले में हिज्बुल्लाह आतंकीअली दाऊद अमिच को ढेर कर दिया है.इजरायली हवाई हमलों ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में हमला किया, जिसमें कई घरों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा.

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 7:32 am

'जाओ, नहीं बनाते परमाणु बम... पर हमें चाहिए पूरी इज्जत!' खामेनेई ने ट्रंप को दी खुली चेतावनी, जानें क्या है पूरा मामला?

Iran us tension: ईरान ने अमेरिका पर भरोसा टूटने की बात कहते हुए परमाणु समझौते और प्रतिबंध हटाने की मांग दोहराई है, जबकि ट्रंप ने समझौते की उम्मीद जताई है. खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो यह टकराव पूरे क्षेत्र में युद्ध में बदल सकता है.

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 6:56 am

ट्रम्प दुनिया का 6.7 लाख करोड़ डॉलर जब्त कर सकते:क्या इसीलिए अंधाधुंध सोना खरीद रहे देश, दुनिया में अंदरखाने क्यों मची इतनी उथल-पुथल

सोना रोज 10 हजार-20 हजार रुपए गिर-चढ़ रहा है। ऐसा नॉर्मल तो नहीं है। फिर ऐसा क्यों हो रहा है? पूरी दुनिया में सोना खरीदने की होड़ मची है। निवेशक और ग्राहक तेजी से खरीददारी कर रहे हैं। कई देश भी इसमें जुटे हैं। चीन ने 2303 और भारत ने 880 टन सोना जमा कर लिया है। ये आंकड़े अपने रिकॉर्ड स्तर पर है। माना जा रहा है कि ये सारा खेल अमेरिकी करेंसी डॉलर पर उठते भरोसे का है। आखिर डॉलर कैसे बनी भरोसेमंद वर्ल्ड करेंसी, गोल्ड-डॉलर का रिश्ता क्या है और क्या अब सब बदलने वाला है; जानेंगे मंडे मेगा स्टोरी में… ***** ग्राफिक्स: अजीत सिंह और अंकुर बंसल ---------- ये खबर भी पढ़िए…सालभर में 7 देशों पर हमले, आधी दुनिया पर नजर: ट्रम्प की 'सनक' एक सोची-समझी स्ट्रैटजी; जानिए 200 साल पुरानी अमेरिकी डॉक्ट्रिन डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति पद की शपथ लिए एक साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान ट्रम्प ने 7 देशों पर सैन्य हमले किए, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तो घर से उठवा लिया, दर्जनों देशों पर अनाप-शनाप टैरिफ लगाए, राष्ट्राध्यक्षों को बेइज्जत किया और पूरे पश्चिमी हिस्से पर खुला दबदबा जताया। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि ट्रम्प क्या कर रहे हैं, सवाल यह है कि क्यों कर रहे हैं? पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 5:33 am

सेंट्रल विस्टा जैसी बनेगी ओडिशा विधानसभा, 3600 करोड़ बजट:100 साल की तैयारी, 300 विधायकों के लिए जगह, लेकिन क्यों हो रहा विवाद

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 12 जनवरी, 2026 को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नए विधानसभा भवन का शिलान्यास किया। नई बिल्डिंग बनने से विधानसभा और लोक सेवा भवन यानी सचिवालय एक जगह हो जाएंगे। 71 एकड़ जमीन पर बनने वाले इस प्रोजेक्ट की लागत 3,623 करोड़ रुपए है। ये एरिया दिल्ली के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की तरह बनाया जाएगा। सरकार का दावा है कि भविष्य में परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या बढ़ेगी, इसलिए नई बिल्डिंग अगले 50 से 100 साल के लिए तैयार की जा रही है। ओडिशा में अभी 147 विधायक हैं, लेकिन नई बिल्डिंग में 300 विधायकों के बैठने की जगह होगी। हालांकि, विपक्षी बीजू जनता दल इसे गैरजरूरी प्रोजेक्ट बता रहा है। नए विधानसभा भवन की जरूरत क्यों पड़ीइसके पीछे सरकार की दलील है कि मौजूदा विधानसभा और सचिवालय भवन 70 साल से ज्यादा पुराने हो गए हैं। इनमें दिक्कतें भी आने लगी हैं। बिजली के तार खराब हो गए हैं, पानी के पाइप लीक होते हैं, बड़ी बात ये कि बिल्डिंग सुरक्षित नहीं हैं और इनमें बहुत कम जगह है। अगर परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या बढ़ेगी तो बैठने की जगह नहीं बचेगी। इसके अलावा विभाग अलग-अलग बिल्डिंग में बंटे हैं, इससे काम में देरी होती है। नई बिल्डिंग बनने के बाद पुराने विधानसभा भवन को तोड़ा नहीं जाएगा। इसे म्यूजियम बनाया जा सकता है या ये भविष्य में विधान परिषद के लिए इस्तेमाल होगा। नई बिल्डिंग का काम दो फेज में होगा। पहले सचिवालय और फिर विधानसभा भवन बनेगा। इसका काम 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है। शिलान्यास के वक्त मुख्यमंत्री माझी ने कहा, ‘परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या 147 से बढ़कर 200 तक हो सकती है। इसलिए हम 300 सीटों वाला नया विधानसभा भवन बना रहे हैं। यह भविष्य की जरूरतों के लिए है।’ आदिवासी इलाकों में सीटें बढ़ेंगी, यहां BJP मजबूतओडिशा में साल 1971 के बाद से 147 विधानसभा सीटें हैं। परिसीमन होने पर ये बढ़कर 190 से 200 हो सकती हैं। नई सीटें ज्यादातर आदिवासी इलाकों यानी सुंदरगढ़, मयूरभंज, कोरापुट में आएंगी। यहां BJP मजबूत हो रही है। हालांकि, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा है कि परिसीमन संविधान के हिसाब से आबादी के आधार पर होता है। विधानसभा की पुरानी बिल्डिंग अब ठीक नहीं है। नई बिल्डिंग सुरक्षित और सुंदर तो होगी ही, इससे काम भी तेज होगा। हम चाहते हैं कि विधायक और अधिकारी एक जगह काम करें, ताकि कानून बनाने और लागू करने में आसानी हो। BJD प्रवक्ता बोले- सरकार विधानसभा नहीं, अच्छे हॉस्पिटल बनाएविपक्षी पार्टी बीजू जनता दल यानी BJD आरोप लगा रही है कि 300 सीटों वाला विधानसभा भवन बनाना भविष्य की तैयारी नहीं, बल्कि आदिवासी वोटों के लिए राजनीतिक चाल है। पार्टी के एक नेता कहते हैं, ‘यह सिर्फ इमारत नहीं, 2029 चुनाव से पहले सत्ता बदलने का तरीका है।’ दैनिक भास्कर ने इन आरोपों पर BJD के प्रवक्ता लेनिन मोहंती से बात की। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: सरकार कह रही है कि विधानसभा की नई बिल्डिंग से फायदा होगा। आपको क्या लगता है, यह प्रोजेक्ट वाकई जरूरी है?जवाब: पहले समझना जरूरी है कि ओडिशा को इससे क्या फायदा होगा। इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि यह प्रोजेक्ट बजट के दायरे में है या नहीं। अचानक 3,623 करोड़ रुपए की घोषणा कर दी। इसकी कितनी जरूरत है, इस पर मंथन होना चाहिए था। आम लोग जिन मुद्दों पर बात कर रहे हैं, उन पर सरकार ध्यान नहीं दे रही। सरकार ने किसानों से वादा किया था कि 3100 रुपए में धान की खरीद होगी। ये अब तक पूरा नहीं हुआ। SCB मेडिकल कॉलेज को वर्ल्ड-क्लास बनाने का वादा भी अधूरा है। पहले से चल रहे कई अहम प्रोजेक्ट लगभग ठप पड़े हैं। पिछले 19 महीनों में सरकार ने करीब 91 हजार करोड़ रुपए कर्ज लिया है। इसमें बड़ा हिस्सा मार्केट से लिया है। ऐसे वक्त में, जब बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं, अचानक एक भव्य इमारत बनाना क्यों जरूरी है। सवाल: कानून मंत्री कह रहे हैं कि मौजूदा विधानसभा भवन पुराना हो गया है। भविष्य में सीटें बढ़कर 300 हो सकती हैं, तो क्या नई बिल्डिंग जरूरी नहीं होगी?जवाब: कानून मंत्री ने कैसे तय कर लिया कि सीटें 300 हो जाएंगी। यह घोषणा करने का अधिकार उन्हें किसने दिया। उन्हें कैसे पता कि 300 सीटें होंगी। अब तक जनगणना ही पूरी नहीं हुई है। जनगणना पूरी होने के बाद परिसीमन आयोग बैठेगा। फिर संसद में चर्चा होगी, तब तय होगा कि सीटें बढ़ेंगी या नहीं। बिना प्रक्रिया पूरी हुए अनुमान लगाकर बयान देना ठीक नहीं है। ये भ्रम फैलाने जैसा है। सवाल: BJD 24 साल तक सरकार में रही। तब नए विधानसभा भवन के बारे में क्यों नहीं सोचा गया? जवाब: हमें वर्ल्ड क्लास हॉस्पिटल चाहिए या सिर्फ नाम के लिए बिल्डिंग। अगर क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है, तो कॉन्ट्रैक्टर को खुश करने के लिए नहीं, बल्कि मजबूत प्लानिंग और जवाबदेही के साथ काम होना चाहिए। सवाल: कॉन्ट्रैक्टर को कैसे फायदा होगा, इससे लोगों को काम भी तो मिलेगा?जवाब: सिर्फ प्रोजेक्ट शुरू करने से रोजगार नहीं आता। अगर BJP को सच में कुछ करना है, तो पहले कटक के SCB मेडिकल कॉलेज जैसे वर्ल्ड क्लास प्रोजेक्ट को जिम्मेदारी के साथ पूरा करना होगा। AIIMS का उदाहरण सबके सामने है। हजारों पेशेंट आ रहे हैं। उनके रहने के लिए जगह और सुविधाएं नहीं हैं। सरकार को किसानों से धान की खरीद और महिला सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर फोकस करना चाहिए। यहां तो वुमेन डेस्क तक बंद कर दिया है। दुबई जैसे अहम रूट पर डायरेक्ट फ्लाइट शुरू नहीं हो पा रही है, जबकि ओडिशा से लगभग 40 हजार लोग वहां जाते हैं। पहले इन जरूरतों को प्रायोरिटी मिलनी चाहिए या विधानसभा के लिए नई बिल्डिंग को। चुनाव के वक्त ओड़िया अस्मिता का मुद्दा लाया गया, लेकिन आज ओड़िया अस्मिता कमजोर होती दिख रही है। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति भी खराब है। लोग बोले- नई बिल्डिंग बने, लेकिन ओडिशा का डेवलपमेंट भी होभुवनेश्वर के रहने वाले देवाशीष दास आईटी सेक्टर में हैं। वे विधानसभा के लिए नई बिल्डिंग को जरूरी बताते हैं। देवाशीष कहते हैं कि अभी की बिल्डिंग बहुत पुरानी हो गई है। इसलिए नई बिल्डिंग तो बनानी चाहिए। इससे लोगों को काम भी मिलेगा। इसके साथ दूसरे एरिया पर भी ध्यान देना चाहिए। ओडिशा में कंपनियां लानी चाहिए। दूसरे स्टेट जितने डेवलप हो रहे हैं, उतना ही काम ओडिशा में होना चाहिए। एसआर पांडा सरकारी नौकरी से रिटायर हुए हैं। हमने उनसे पूछा कि क्या विधानसभा के लिए नई बिल्डिंग बनानी चाहिए? वे जोर देकर कहते हैं, ‘बिल्कुल। बनना ही चाहिए। मौजूदा विधानसभा भवन बना था तब ओडिशा की आबादी कितनी थी और अब कितनी है। अभी राज्य की आबादी 4 करोड़ से ज्यादा है। उसके हिसाब से परिसीमन होना चाहिए। लोगों को अच्छी सर्विस चाहिए, नए लीडर चाहिए। इसलिए मुझे लगता है नई विधानसभा बनाने का फैसला सही है।’ एक्सपर्ट की राय- नई बिल्डिंग जरूरी, लेकिन तुरंत जरूरत नहींओडिशा के सीनियर जर्नलिस्ट संदीप मिश्रा भविष्य के लिहाज से इस प्रोजेक्ट को जरूरी मानते हैं। वे ये भी कहते हैं कि इसकी तुरंत जरूरत नहीं है। सवाल: नए विधानसभा भवन पर BJP और BJD की अलग-अलग राय है। नई बिल्डिंग कितनी जरूरी है? जवाब: ये प्रोजेक्ट आने वाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्लान किया गया है। इतना जरूर है कि ओडिशा के लिए यह प्रोजेक्ट तुरंत जरूरत का मुद्दा नहीं था। सरकार कह रही है कि यह कदम फ्यूचर रेडी गवर्नेंस की दिशा में उठाया है, जिसे अगले 50 साल के नजरिए से डिजाइन किया जा रहा है। सरकार सोच-समझकर ही प्रोजेक्ट अनाउंस करती है। बिना जरूरत के बड़ा फैसला नहीं लिया जाता। सवाल: क्या 2029 में होने वाले चुनाव पर इसका असर पड़ेगा?जवाब: अभी परिसीमन पर कुछ साफ नहीं है। 200 सीटों तक जाने की बात हो रही है। उसका एस्टीमेट बनाया जा रहा है, उसमें भी पूरी क्लैरिटी नहीं दिखती। चीजें साफ नहीं होंगी, तब तक इस पर कोई बड़ा फैसला लेना मुश्किल है। सरकार का फोकस लंबे समय के इंफ्रास्ट्रक्चर पर होना चाहिए। आने वाले 50 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्लानिंग करनी होगी। ओडिशा में नए कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट तभी शुरू किए जा सकते हैं, जब 5 या 10 साल का क्लियर प्लान हो। सरकार नया प्रोजेक्ट लॉन्च करती है, तो पहले कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस करती है। यानी एक जगह पैसा लगाया जा रहा है, तो दूसरी जगह क्या इफेक्ट पड़ेगा। यह भी देखा जाता है कि प्रोजेक्ट से किस एरिया को फायदा होगा। ये देखा गया है कि गांवों में फायदा पहुंचाने वाले प्रोजेक्ट का असर ज्यादा होता है। ……………………. ये खबर भी पढ़ेंबजट 2026: ओडिशा में बनेगा माइनिंग और रेयर अर्थ मैग्नेट कॉरिडोर 1 फरवरी को पेश बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने ओडिशा के लिए कई घोषणाएं की हैं। इनमें माइनिंग कॉरिडोर और रेयर अर्थ मैग्नेट कॉरिडोर शामिल हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि ओडिशा के अलावा केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ के लिए स्पेशल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे रेयर अर्थ मेटल पर भारत की निर्भरता दूसरे देशों पर कम होगी। साथ ही ओडिशा माइनिंग के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने का काम किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 5:31 am

'कामकाजी महिलाएं और प्रॉस्टीट्यूट...', बांग्लादेशी नेता के बयान पर बवाल के बाद पोस्ट डिलीट, पार्टी बोली- अकाउंट हैक हुआ

कामकाजी महिलाएं और प्रॉस्टीट्यूट... बांग्लादेश में जमात ए इस्लामी के चीफ के हालिया बयानों में ऐसा बयान सामने आया है, जिसे सभ्य समाज के लोग सुनना भी नहीं चाहते. पार्टी को आधी आबादी यानी महिलाओं का वोट छिटकते दिखा तो फौरन वो डैमेज कंट्रोल में जुट गई.

ज़ी न्यूज़ 2 Feb 2026 3:06 am