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El Mencho: मैक्सिको की सेना ने किसे मार गिराया कि सुलग उठा पूरा देश? ट्रंप ने रखा था ₹12500000000 का इनाम

Who is Al Mencho: मैक्सिको की सेना ने रविवार को सबसे बड़े ड्रग माफिया Nemesio Oseguera Cervantes उर्फ अल मेन्चो को ढेर कर दिया है. हालांकि उसकी मौत से पहले और बाद में कई जगहों पर आगजनी जैसी घटनाएं देखने को मिली हैं.

ज़ी न्यूज़ 23 Feb 2026 1:31 am

Gold News: इस देश के रेगिस्तान में दबा मिला 221 टन सोना, सर्वे रिपोर्ट के बाद मुल्क में जश्न, क्या अब सस्ता होगा सोना?

Latest Study on Gold: अगर आप सोने की खरीद के लिए बेहतर समय का इंतजार कर रहे थे तो समझ लीजिए कि अब आपका वक्त आ गया है. एशिया के एक बड़े देश में हुई स्टडी में रेत के नीचे 221 टन गोल्ड का पता चला है. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल बना हुआ है.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 11:54 pm

ट्रंप के रिसॉर्ट में आधी रात को घुसपैठ की कोशिश, सुरक्षाबलों ने हथियारबंद युवक को उतारा मौत के घाट

Donald Trump News: हथियारों के साथ एक युवक ने डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश की. हालांकि सीक्रेट सर्विस ने जवाबी कार्रवाई में उसे ढेर कर दिया. इस घटना ने ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 11:16 pm

यूक्रेन के ताबड़तोड़ हमलों से दहली रूसी राजधानी, धड़ाधड़ बरसे ड्रोन; खौफ में मॉस्को ने बंद किए सभी हवाई अड्डे

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. इस बीच मॉस्को पर एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ, जिसके चलते सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स बंद कर दिए गए.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 11:13 pm

Explainer: मसाज सर्विस, नाबालिगों की किडनैपिंग, दुष्कर्म और हत्या... सालों तक कैसे छिपा रहा एपस्टीन के यौन शोषण का जाल? अरबपतियों के गंदे राज से हिली दुनिया

Epstein Files: दुनियाभर में इन दिनों एपस्टीन फाइल्स की चर्चा हो रही है. इन फाइल्स के सामने आने पर एपस्टीन की रईसी और उसके द्वारा खड़े किए गए भव्य साम्राज्य के पीछे शोषण के एक बड़े जाल का खुलासा हुआ, जिसमें बिल क्लिंटन से लेकर एलन मस्क और एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर जैसे बड़े नाम छिपे हुए थे.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 7:18 pm

भारत के अलावा किन देशों में खेली जाती है होली? यहां देखें पूरी लिस्ट

Holi 2026: 4 मार्च को पूरे देश में होली का त्योहार मनाया जाएगा.ऐसा नहीं है कि होली का त्योहार सिर्फ भारत में ही मनाया जाता है. दुनिया में ऐसे कई देश हैं जहां होली खेली जाती है. आइए जानते हैं वो कौन से देश हैं.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 7:11 pm

'Everybody, Somebody, Anybody और Nobody...' कौन हैं गुरिंदर बरार? समझाया जिंदगी का फलसफा, सुनकर आप भी करेंगे वाह-वाह

Gurinder Brar Video:लोकतंत्र में अपेक्षा की जाती है कि हर शख्स जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करे. जिंदगी का ये फलसफा कनाडा की अल्बर्टा विधानसभा के एक विधायक गुरिंदर बरार ने 'चार लाइनों' में समझाया, तो उनके सधे शब्दों, शानदार भाषा शैली और बेबाक अंदाज ने सात समंदर पार के लोगों का दिल कैसे जीत लिया आइए बताते हैं.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 6:54 pm

'जरूरत है तो कांग्रेस से लो मंजूरी...,' ट्रंप के 15% ग्लोबल टैरिफ की टूटेगी कमर? कोर्ट से झटके के बाद इस भारतवंशी वकील ने खोला मोर्चा

Trump Hikes Tariffs After Court Hearing: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है, जिसको लेकर इंडियन-अमेरिकन वकील ने कई महत्वपूर्ण कानूनी सवाल उठाए हैं.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 6:06 pm

ट्रेड टैरिफ मामले में US SC के फैसले के बाद घटी ट्रंप की लोकप्रियता, महज इतने फीसदी लोग ही समर्थन में

Trump Approval Rating: हाल ही में आई एक ओपिनियन पोल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंताएं बढ़ा दी हैं. सर्वे के अनुसार, ज्यादातर अमेरिकी नागरिक ट्रंप के देश चलाने के तरीके से खुश नहीं है.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 5:49 pm

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर लगी रोक, ट्रंप के नए टैरिफ विवाद के बीच अहम बैठक टली

सूत्रों के अनुसार, हाल के घटनाक्रम विशेषकर अमेरिका में टैरिफ को लेकर हुए कानूनी और राजनीतिक फैसलों के मद्देनजर दोनों पक्षों ने स्थिति का समुचित आकलन करने के लिए अतिरिक्त समय लेने का निर्णय किया है। नई तारीख पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

देशबन्धु 22 Feb 2026 1:58 pm

समुद्र के रास्ते ग्रीनलैंड पहुंचा अमेरिकी अस्पताल, राहत मिशन या फिर इलाके पर पकड़ मजबूत कर रहे ट्रंप?

Greenland Medical Vessel: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड में मेडिकल हेल्प के लिए यूएस नेवी की शिप USNS Mercy को भेजने की घोषणा की है. अमेरिका इसे ट्रंप का मानवीय कदम बता रहा है लेकिन ट्रंप के इस कदम को आर्कटिक क्षेत्र में यूएसए की मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 12:54 pm

खामेनेई और उनके बेटे को मारना चाहता है US, व्हाइट हाउस ने तैयार किया हमले का ब्लूप्रिंट; पेंटागन ने की भारी तैनाती

Trump plan to Khamenei assassination: अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके बेटे को निशाना बनाने सहित सैन्य कार्रवाई के कड़े विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है. पेंटागन की भारी तैनाती और ट्रंप के कड़े बयानों ने मिडिल ईस्ट में एक बड़े युद्ध की आशंका को जन्म दे दिया है.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 11:49 am

अमेरिका के पूर्वी तट पर बर्फीले तूफान की चेतावनी, 1500 से अधिक उड़ानें रद्द

अमेरिका के पूर्वी तट पर बर्फीले तूफान की चेतावनी जारी की गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट और मौसम विभाग की माने तो तीव्र हो रहे शीतकालीन तूफान के कारण मध्य अटलांटिक और उत्तरपूर्वी अमेरिका में भारी बर्फबारी, तेज हवाएं और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ आने की आशंका है।

देशबन्धु 22 Feb 2026 10:00 am

सीवेज रिसाव जारी रहने पर ट्रंप ने वाशिंगटन के लिए इमरजेंसी की घोषणा को मंजूरी दी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डी.सी. में आपातकाल की घोषणा को मंजूरी दे दी है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि सीवर लाइन टूटने के बाद गंदा पानी लगातार पोटोमैक नदी में बह रहा है और स्थिति गंभीर बनी हुई है।

देशबन्धु 22 Feb 2026 9:57 am

मां ने ठुकराया, खिलौने से लिपटकर जी रहा:वायरल पंच-कुन की भावुक कहानी; क्या बंदर भी इंसानों जैसी फीलिंग रखते हैं

एक वीडियो में मकाक प्रजाति का बेबी बंदर कुछ खाता दिख रहा है। तभी एक बड़ा बंदर उसे पकड़कर जमीन में लथेड़ते हुए गोल-गोल घुमा देता है। बड़े बंदर की पकड़ से छूटते ही बेबी दौड़ लगाता है और कुछ दूरी पर पड़े एक ऑरेंज Orangutan खिलौने से चिपक जाता है। जापान के इस वायरल बेबी बंदर का नाम 'पंच-कुन' है। इसे देखने के लिए इचिकावा सिटी के चिड़ियाघर में भीड़ उमड़ रही है। आपने भी सोशल मीडिया पर इसे जरूर देखा होगा। आखिर बंदर एक खिलौने को अपनी मां क्यों समझ रहा और क्या बंदरों में ऐसा व्यवहार नॉर्मल है; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बेबी ‘पंच-कुन’ की कहानी क्या है?जवाब: 26 जुलाई 2025 को जापान के इचिकावा सिटी जू में करीब 6 महीने की गर्भवती मादा मकाक ने पहली बार एक बंदर को जन्म दिया। नाम रखा गया- ‘पंच-कुन’। जन्म के समय पंच-कुन का वजन केवल 500 ग्राम था। उसकी मां भीषण गर्मी में प्रसव की थकान से इतनी कमजोर हो गई कि उसने बच्चे पर ध्यान नहीं दिया।जापानी मकाक बंदर ग्रुप्स में रहते हैं, लेकिन समूह की किसी दूसरी मादा ने भी पंच-कुन को अपनाने की कोशिश नहीं की। इसलिए अगले दिन से चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने उसे बोतल से दूध पिलाना शुरू किया।बंदरों के एक्सपर्ट डारियो मेस्ट्रिपिएरी और केली ए कैरोल की साइंस डायरेक्ट पत्रिका में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, मकाक मांएं आम तौर पर बच्चों को जन्म के शुरुआती कुछ घंटों या दिनों में ही छोड़ सकती हैं, ये कोई दुर्लभ बात नहीं है। मकाक मादाएं कई वजहों से ऐसा कर सकती हैं… जू में काम करने वाले लोगों ने पंच-कुन के सामने कंबल और खिलौने रखे। उनमें से पंच-कुन ने स्टफ्ड खिलौने ‘ओरांगुटान’ को चुना। सोशल मीडिया पर लोग इस खिलौने को ‘ओरा-मां’ कह रहे हैं। सवाल-2: बंदर खिलौने को ही अपनी मां क्यों समझने लगा? जवाब: वैज्ञानिक मानते हैं कि बंदरों को अपनी मां से सिर्फ इसलिए लगाव नहीं होता, क्योंकि वह उन्हें खाना देती है। असली लगाव 'टच कम्फर्ट' यानी छूने और गले लगने से बनता है। 1958 में अमेरिकी साइंटिस्ट हैरी हार्लो ने अपने मशहूर 'मंकी एक्सपेरिमेंट' से ये बात साबित की थी। हार्लों के मुताबिक, स्पर्श ही मां और बच्चे के बीच कम्युनिकेशन का पहला तरीका होता है और ये गर्भ से ही शुरू हो जाता है… ऐसी चीजें जो बच्चे को कम्फर्ट देती हैं, जैसे मनपसंद तकिया या कंबल उन्हें मनोवैज्ञानिक 'कम्फर्ट ऑब्जेक्ट्स' कहते हैं। बच्चे हर समय इनके पास रहना चाहते हैं। मनोवैज्ञानिक रिचर्ड पासमैन तो कहते हैं, 'कभी-कभी कंबल बच्चे के लिए मां से भी ज्यादा मायने रखता है, क्योंकि मां के उलट, इस पर बच्चो का पूरा कंट्रोल रहता है।’ हार्लो की इस रिसर्च के नतीजों को ब्रिटिश मनोचिकित्सक जॉन बॉल्बी की 'अटैचमेंट थ्योरी' ने और मजबूत किया। इस थ्योरी के मुताबिक, बच्चे जिंदा रहने के लिए अपनी देखभाल करने वाले के पास रहना चाहते हैं। वह जन्म से ही इसी तरह प्रोग्राम किए गए होते हैं। बॉल्बी के अनुसार, जो बच्चे अपनी मां के करीब रहते हैं, उनके बड़े होने तक जिंदा रहने की संभावना ज्यादा होती है। उम्र के शुरुआती कुछ सालों में मां या बच्चे की देखभाल करने वाला बच्चे के लिए एक ऐसा 'सिक्योर बेस' होता है, जहां बच्चा सुरक्षित महसूस करता है। सवाल-3: तो क्या बंदर वाकई इंसानों की तरह भावनाओं को महसूस करते हैं? जवाब: लाखों साल पहले बंदर और इंसानों के पूर्वज यानी प्राइमेट्स एक ही थे। मशहूर प्राइमेटोलॉजिस्ट फ्रांस डी वाल कहते हैं, 'ऐसा नहीं है कि इंसानों की भावनाएं सिर्फ इंसानों में ही होती हैं। हमारी फीलिंग्स ज्यादा विस्तृत और परिष्कृत हो चुकी हैं, लेकिन मूल रूप से वह बंदरों से अलग नहीं हैं। मैंने दोनों की फीलिंग्स में कोई बुनियादी फर्क नहीं देखा।' दिमाग की न्यूरोइमेजिंग की स्टडीज में भी पाया गया है कि बंदरों के दिमाग में भी वही हिस्से हैं, जो हम इंसानों में अलग-अलग तरह की फीलिंग्स पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं। हमारे दिमाग का प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स नाम का हिस्सा फीलिंग्स पर कंट्रोल के लिए जिम्मेदार है। वहीं एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स, सहानुभूति पैदा करता है। इसके अलावा एमिग्डाला हिस्सा डर जैसी नकारात्मक भावनाओं के लिए जिम्मेदार है। बंदरों में भी दिमाग के ऐसे ही हिस्सों से उनकी अलग-अलग भावनाएं कंट्रोल होती हैं। इसीलिए बंदर भी हमारी तरह ही अलग-अलग भावनाओं को प्रोसेस करते हैं। तनाव की स्थिति में बंदरों में भी कोर्टिसोल का स्तर बढ़ता है, जो इंसानों जैसा ही जैविक रिस्पॉन्स है। किसी दुःख के चलते बंदरों में शारीरिक बदलाव तक देखे गए हैं। जैसे- दिमाग में खून का फ्लो कम होना या वजन घटना आदि। बंदर, चिंपाजी जैसी एप्स प्रजातियां हमारी तरह ही दुःख, चिंता, डर, खुशी, प्यार, संतोष और यहां तक कि हास्य और सहानुभूति की भावनाएं दिखाते हैं... हालांकि फीलिंग्स को लेकर कई मामलों में बंदर इंसानों से अलग या कम विकसित भी हैं। बंदर इंसानों के लेवल तक सहानुभूति महसूस नहीं करते। बंदरों में शर्म, गर्व या गहराई से सोचने की फीलिंग्स इंसानों जितनी डेवेलप नहीं हुई हैं। भाषा के जरिए अपनी फीलिंग्स जाहिर करने की बंदरों की क्षमता भी इंसानों जितनी विकसित नहीं है। सवाल-4: साथी बंदरों ने पंच-कुन को क्यों घायल किया?जवाब: 19 जनवरी 2026 को पंच-कुन को जू में बने बाड़े में लगभग 60 मकाक बंदरों के झुंड में शामिल किया गया। वहां देखा गया कि समूह के दूसरे बंदर पंच-कुन को परेशान कर रहे हैं। 20 फरवरी 2026 में जू ने कर्मचारियों ने कहा कि एक वयस्क मादा बंदर ने पंच-कुन को कई मीटर तक खींचा। दरअसल, पंच-कुन दूसरे बेबी मकाक के पास जाने की कोशिश कर रहा था। इसलिए मादा मकाक ने अपने बच्चे को बचाने की कोशिश में पंच कुन को घसीटा। नेचर वेबसाइट में छपी एक रिसर्च के अनुसार दूसरे बंदरों में ऐसा व्यवहार पंच-कुन को खुद से अलग-थलग मानने की सोच के चलते हो सकता है। मकाक बंदरों में सामाजिक तनाव के चलते झगड़े होते हैं। ऐसे में बड़े बंदर ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। खिलौने को अपनी मां समझने के चलते पंच कुल अलग-थलग दिखता था। उसका अपने खिलौने से लगाव बाकी बंदरों को असहज करने वाला था। छोटा होने के चलते वह दूसरे बंदरों के इशारे भी ठीक से समझ नहीं पा रहा था। ऐसे में वो आसान निशाना बन गया था। सवाल-5: अभी पंच-कुन किस हाल में है, क्या वो सामान्य जीवन जी पाएगा? जवाब: इचिकावा सिटी जू ने कर्मचारियों की दिनचर्या को इस तरह तैयार किया है कि वे पंच-कुन से समय-समय पर मिलते हैं। जब भी कोई कर्मचारी बाड़े के अंदर खाना खिलाने जाता है तो बेबी पंच-कुन तुरंत कर्मचारी के पैर से चिपक जाता है। वहीं दूसरे मकाक बंदर कर्मचारियों से एक दूरी बनाकर रखते हैं। पंच-कुन के इस व्यवहार पर जू के अधिकारी कहते हैं कि पंच धीरे-धीरे बंदरों के झुंड के साथ अपनी बातचीत बढ़ा रहा है। उसे समूह में रहने के लिए तैयार करने की कोशिश जारी है। अब वह दूसरे बंदरों के साथ सामान्य सामाजिक व्यवहार करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें हल्की नोकझोंक भी शामिल है। हर दिन उसे कई तरह के अनुभव मिल रहे हैं। उम्मीद है वह जल्दी ही सामान्य बंदर की तरह झुंड में रहना सीख जाएगा। सवाल-6: मकाक बंदरों के बारे में और क्या खास है?जवाब: मकाक दुनिया के सबसे बुद्धिमान और अनुकूलनशील यानी किसी माहौल में ढल जाने वाले बंदरों में से एक हैं। ये सोशल ग्रुप्स में रहते हैं। इनके समूह में एक हायरार्की यानी पदक्रम होता है। एक बंदर ग्रुप का लीडर होता है, उसके बाद मादाएं और फिर बच्चे अपने से बड़े बंदर से सीखते हैं और उसके निर्देश मानते हैं। मकाक इंसानों के साथ रहने में भी माहिर हैं। ये बंदर एक-दूसरे के बाल साफ करते हैं, ये इनका सामाजिक रिश्ते बनाने का तरीका है। भारत में आम तौर पर हम जो बंदर देखते हैं, वो मकाक बंदर की ही रीसस प्रजाति है। ---- रिसर्च सहयोग- सोमेश शर्मा ---- ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर: साथियों को छोड़ अकेले बर्फीले पहाड़ की तरफ क्यों गया पेंग्विन; क्या ये सुसाइड की कोशिश, वायरल 'डेथ वॉक' की असली कहानी आपने वो वायरल वीडियो तो देख लिया होगा, जिसमें एक पेंग्विन सबकुछ छोड़कर अकेला बर्फीले पहाड़ों की तरफ चल पड़ता है। जहां एक ही चीज निश्चित है- मौत। इस पेंग्विन से लोग खुद को रिलेट करके भावुक हो रहे हैं, मीम्स बना रहे हैं। इस वायरल ट्रेंड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तक शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 5:41 am

संडे जज्बात- लड़का समझकर महिला टॉयलेट से खींचकर बाहर किया:पहलवान हूं, टूटे कान; कद-काठी देखकर लोग कहते हैं- 'लड़का लगती हूं, शादी नहीं होगी'

मैं पहलवान अंशिका बालियान हूं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कस्बे सिसौली, मुजफ्फरनगर की रहने वाली हूं। पहलवानी में अभी बहुत नाम तो नहीं कमा पाई हूं, लेकिन कोशिश यही है कि अपने गांव और परिवार का नाम रोशन कर सकूं। इस शौक की कहानी अद्भुत है, लेकिन बिल्कुल आसान नहीं। जब मैंने पहलवानी को अपना रास्ता बनाने का फैसला किया, तभी लोगों ने कहना शुरू कर दिया- ‘अब इसकी शादी नहीं होगी।’ कुछ ने ताना मारा कि मैं लड़कों जैसी लगने लगी हूं। रिश्तेदार कहते थे, ‘अखाड़ों में लड़कों से कुश्ती लड़ती है, इससे कौन शादी करेगा?’ लेकिन मैंने ठान लिया था कि लोगों की सोच से बड़ा मेरा सपना है। सोचिए, पहलवानी चुनते ही पहला फैसला मेरे शरीर और भविष्य पर सुना दिया गया था। पहलवानी करने से अब टूटे कान, खुरदरे हाथ, कद-काठी के कारण मुझे अधूरी लड़की समझा जाता है। लड़का समझकर महिला टॉयलेट से अक्सर मेरा हाथ खींचकर बाहर कर दिया जाता है। कुश्ती सिखाने वाले गुरुजी ने एक बार पानी की पाइप से पिटाई की और बेहोश होने तक प्रैक्टिस करवाई। एक बार एक पहलवान लड़के ने छेड़ा तो मैंने उसे दंगल में टंगड़ी मार-मारकर खूब पटका। दरअसल, हुआ यूं कि मेरी बड़ी बहन को छोटे बाल रखने का शौक था। पापा ने कोविड महामारी के दौरान उसके बाल कटवा दिए। मुझसे भी कहने लगे कि तुम भी कटवा लो, तुमसे संभलते तो हैं नहीं। लेकिन मैं इनकार कर रही थी। लेकिन पापा मेरे बालों के पीछे ही पड़ गए। मेरे बाल बहुत लंबे और घने थे। बहुत पसंद थे मुझे। दिनभर तरह तरह के हेयर स्टाइल बनाती थी, लेकिन पापा ने एक दिन जबरदस्ती कटवा दिए। मैं बहुत परेशान थी। मैंने तीन दिन तक उनसे बात नहीं की। दिनभर रोती रही। खाना छोड़ दिया था। उसके बाद पापा ने समझाया- बालों में रखा ही क्या है? घर की खेती है, फिर आ जाएंगे। उसके बाद शांत हुई। अब जब घर से बाहर निकलती तो आस-पास के लोग कहते- अरे तुम तो गीता, विनेश फोगाट लगने लगी हो। एकदम लड़का हो गई हो। उस दिन पहली बार मेरे मन में ख्याल आया। अच्छा, मैं पहलवान भी बन सकती हूं। कोविड के दौरान मैं घर बैठी थी। पहलवानी करने के बारे में सोच रही थी। एक दिन घर के पास गांव गढ़ी में मैंने स्टेयर्स अकादमी का एक पैम्फलेट देखा। उसमें कुश्ती सिखाने की बात छपी थी। मैंने दो-तीन दिन तक सोच-विचार किया। हिम्मत जुटाई और पापा से कहा- मुझे पहलवानी करनी है। वे कुछ देर चुप रहे। कहने लगे: तुम सजने-धजने की शौकीन हो, तुमसे कुश्ती नहीं हो पाएगी। कुश्ती में बहुत मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन मैं नहीं मानी। मैंने फिर कहा। वह बोले- आखिर पैसे ही खराब करोगी। घूम फिर कर वापस लौट आओगी। रहने दो। लेकिन मैं पीछे पड़ गई। पापा मान गए। मुझे स्टेयर्स अकादमी ले गए। वहां गुरुजी मले, जो कि हमारे कोच बनने वाले थे। उन्होंने कहा कि यहां पर हॉस्टल सिर्फ लड़कों के लिए है। तुम्हें रोज घर से आना-जाना पड़ेगा। कैसे करोगी? मैंने कहां- कर लूंगी। उसके बाद मेरा एडमिशन करा दिया गया। उस दिन एडमिशन कराके मैं वापस घर आई। जब आस-पास के लोगों को पता चला। वे पापा से कहने लगे, ये सब क्या कर रहे हो? छोरी का ब्याह नहीं होगा? समाज में बड़ी बदनामी होगी? लेकिन उन सब बातों के बावजूद पापा ने मेरा साथ दिया। अकादमी में शुरुआती 10-15 दिन ठीक बीते। उसके बाद घबराने लगी। मुझे लगा कि नहीं कर पाऊंगी। गुरुजी से कहा, मुझसे नहीं हो पाएगा। लेकिन अब गुरुजी ने भी ठान लिया था। उन्होंने कहा अब वापस नहीं लौटना है। बस प्रैक्टिस में लग जाओ। वो मुझसे और ज्यादा प्रैक्टिस करवाने लगे। इतना ज्यादा कि कई बार बेहोश हो गई। होश आता तो फिर से प्रैक्टिस करवाते। घर आकर बहुत रोती। लेकिन सोचती थी- मैंने ही जिद की थी। अब कैसे घर वालों से कुश्ती छोड़ने की बात कहूं? खैर, मैंने भी ठान लिया कि अब वापस नहीं लौटूंगी। शुरुआत में तेज नहीं भाग पाती थी। थोड़ी दूर भागते ही सांस फूलने लगती, लेकिन धीरे-धीरे स्टैमिना मजबूत होने लगा। स्पीड से भागने लगी। अब तक दो महीने बीत चुके थे। कुछ समय बाद दिवाली आई। मैंने अकादमी के दोस्तों से पूछा- दिवाली पर भी अकादमी आना है? उन्होंने कहा- हम तो नहीं आ रहे। उस दिन मैं भी नहीं गई। घर पर थी। घर पर भी अखाड़े वाले टी-शर्ट और निक्कर पहनकर बैठी थी। उस दिन कुछ लोग पापा से कहने लगे- यह आखिर छोटे-छोटे कपड़े पहनती है। लड़कों के साथ कुश्ती लड़ती है, लोग क्या सोचेंगे? इसका यह सब बंद कराइए। लेकिन पापा ने कहा- कोई नहीं, अभी बच्ची है, बड़ी होने पर देख लेंगे। अगले दिन जब वापस अखाड़े में गई तो गुरुजी बहुत गुस्सा हुए। सजा के तौर पर 10 एक्स्ट्रा राउंड लगाने को कहा। किसी तरह मैंने लगा लिए। मैं थक चुकी थी, लेट गई। उसके बाद उन्होंने मुझे पानी की पाइप से पीटा। कहने लगे, कुश्ती के लिए मजबूत होना पड़ेगा। यहां होली, दिवाली सभी भूलना पड़ेगा। जब कहा था कि प्रैक्टिस पर आना है तो क्यों नहीं आई? गुरुजी से माफी मांगी और प्रैक्टिस में जुट गई। उसके बाद अपनी फिक्र करनी बंद कर दी। सारा दिन मिट्‌टी में प्रैक्टिस करती। अब मिट्‌टी ही मेरे लिए सनस्क्रीन बन गई थी। मेकअप, लिप्स्टिक लगाना सब बंद हो गया था। शक्ल लड़कों जैसी दिखने लगी। कान टूटने लगे थे और गंदे लगने लगे थे। हाथ खुरदरे हो गए थे। त्वचा लड़कों की तरह दिखने लगी थी। अब मुलायम नहीं रह गई थी। लेकिन सोचती थी- अब जो भी हो, सफल इसी में होना है। कान टूटने की वजह कुश्ती लड़ते वक्त उन पर बहुत रगड़ पड़ती थी। मुझे कानों को शीशे में देखकर बहुत खराब लगता। दर्द होता था, सोने में भी तकलीफ होने लगी थी। मेरे कान से खून आने लगा। वे सूजकर उभरे दिखने लगे थे। एक दिन दर्द से बहुत रोने लगी। उस दिन गुरु जी ने कह दिया- ‘पहलवानी तेरे बस की नहीं, वापस घर चली जा।’ जब गुरुजी ने कहा- पहलवानी मेरे बस की नहीं, तो अंदर से आवाज आई। अब तो हार नहीं मानूंगी। इस तरह दर्द में भी प्रैक्टिस करती रही। धीरे-धीरे शरीर और मन दोनों मजबूत होता गया। अखाड़े में कोई और लड़की नहीं थी। मेरी प्रैक्टिस लड़कों के साथ ही होती थी। अब तक मैं कुश्ती लड़ना सीख गई थी। लड़के मेरे साथ प्रैक्टिस करने से कतराते थे। उन्हें लगता था अगर वे लड़की से हार गए तो उनकी बेइज्जती हो जाएगी। लड़कों के गुरूर का एक किस्सा बताती हूं। एक बार मेरठ में कुश्ती प्रतियोगिता थी। वहां हरियाणा का एक पहलवान आया था। उसने मेरे ऊपर तंज कसा- ‘छोरियों गैल भी जोर हुआ करै क्या।' मतलब कि - 'छोरियों में भी दम होता है क्या।' मैंने सुन लिया। उस वक्त कुछ नहीं बोली। फिर जब दंगल शुरू हुआ तो मेरी कुश्ती उसी से तय हुई। अखाड़े में हम दोनों उतरे। मैं उसके कमेंट कारण गुस्से में भरी थी। सोच रही थी, आज दिखाऊंगी कि लड़कियों में भी जोर होता है। मैंने जोर से उसे लंगड़ी मारी और गिरा दिया। कई बार पटका। इतना कि उसकी हालत खराब कर दी। सोच रही थी अब इसे पता चला होगा कि लड़कियों में भी दमखम होता है। वह सोच रहा था- लड़कियां तो कोमल, कमजोर होती हैं। इस तरह मैं मैच खेलने अक्सर बाहर जाती हूं। कई बार तो महिला टॉयलेट में मेरी बांह पकड़कर बाहर निकाल दिया जाता है। वहां महिलाएं समझ ही नहीं पाती कि मैं लड़की हूं। कद-काठी की वजह से वे मुझे लड़का समझ लेती हैं। अक्सर कोच को बुलाना पड़ता है, तब जाकर बाथरूम जा पाती हूं। इसी तरह जब कहीं आती-जाती हूं तो लोग मेरी कद-काठी देखकर पूछते हैं- लौंडा है या लौंडी..। उन्हें बताना पड़ता है, ‘लड़की हूं।’ उस पर वहां औरतें सीधा मुंह पर बोल देती हैं- बाल नहीं बढ़ाने तुझे? छोटे बाल में तुमसे ब्याह कौन करेगा? उनकी बातों पर गुस्सा तो बहुत आता है, लेकिन कुछ कह नहीं पाती। सच कहूं तो शुरुआत में मुझे जरूर थोड़ा अजीब लगा, लेकिन अब नहीं लगता- अब तो छोटे, टाइट कपड़े पहनना आदत बन चुकी है। दंगल में सभी के सामने कपड़े बदलती हूं। लड़कों के साथ कुश्ती करती हूं। अब सब नॉर्मल लगता है। अब तक तो मैं मेकअप और लड़कियों वाला रंग-ढंग पूरी तरह छोड़ चुकी थी। टी-शर्ट और निक्कर ही पहनती थी। रिश्तेदार घर आते तो कहते- ये तो एकदम ही लड़का हो गई है। रात-रात पता नहीं कहां जाती थी। अखाड़े में लड़कों के साथ प्रैक्टिस करती थी। क्या ही लड़की बची होगी अब। वे पापा से कहते, लड़की से क्यों करवा रहे हो यह सब? शरीर बिगड़ गया तो इससे कौन ब्याह करेगा। घर बैठी रह जाएगी। पापा सब सुनकर चुप रहते थे। उनकी बातों पर सोचती थी, आखिर फिर लोग लड़का-लड़की बराबरी की बात क्यों करते हैं। लेकिन मैं कुछ कर नहीं सकती थी। बस यही सोचती हूं कि जिसे जैसा सोचना है सोचे। एक दिन जब लोग मेरी सफलता देखेंगे, तब मुझे समझेंगे। सफल होने पर शादी के रिश्तों की लाइन लग जाएगी। और शादी नहीं भी हुई तो क्या हो जाएगा, शादी ही कोई भविष्य नहीं होती। बिना शादी के भी जी लूंगी। हां, जब मेरी शादी को लेकर मेरे मम्मी-पापा को नीचा दिखाया जाता है, तो बहुत गुस्सा आता है। तब सोचती हूं कि जो लड़का मेरे लंबे बालों, गोरे रंग से शादी करना चाहता है, तो फिर उससे शादी करना ही क्यों? जिसे मेरी काबिलियत और तरक्की पसंद हो, वही मुझसे शादी करे। अब तो मुझे टी-शर्ट जीन्स में देखकर सहेलियां भी कहती हैं- थोड़ा सा तो लड़कियों की तरह रह लिया करो। गाउन पहनो, ऊंची हील की सैंडल पहना करो। लेकिन ये सब मुझसे अब नहीं होता। समय की बर्बादी लगती है। सोचती हूं- जींस पहनूं, बालों में हाथ फेरूं और जहां चाहे निकल जाऊं। आखिर कितना समय बच जाता है इससे। नहीं तो बाल संभालने, मेकअप में ही उलझी रहती थी। यह सब करने पर समाज को जो कहना था, कहा ही.. पैसे के लिहाज से सोचें तो भी यह आसान नहीं है। हर दिन 250 ग्राम बादाम, 300 ग्राम मुनक्का, काजू, दो किलो दूध, 250 ग्राम घी हर दिन चाहिए होता है। पापा बहुत पैसे वाले नहीं हैं, लेकिन खर्च कर रहे हैं। हर महीने 30,000 खर्च आता है, पापा से पूछती हूं कैसे कर लेते हो, तो कहते हैं- यह जानना तुम्हारा काम नहीं है, बस तुम जी-जान से पहलवानी करो। अब पापा का सपना है कि मैं अच्छी पहलवान बनूं। देश का नाम रोशन करूं। मेरी बड़ी बहन ने भी मेरे लिए कुश्ती छोड़ी है। दरअसल, वह भी पहलवान बनना चाहती थी। लेकिन पापा ने कहा- किसी एक की ही पहलवान बनाने का खर्च उठा सकता हूं। तुम दोनों तय कर लो कि किसे पहलवान बनना है। उस पर बड़ी बहन ने कहा था- कोई नहीं, इसे ही पहलवान बनाओ, मैं पढ़ाई कर लूंगी। आखिर मेरी बहन ने भी मेरी वजह से अपना सपना छोड़ दिया। अब मैं नाम रोशन करके उसका भी सपना पूरा करना चाहती हूं। इन सबके बीच पापा की मुश्किल बताना चाहती हूं। जब भी बाहर कुश्ती लड़ने जाती हूं तो पापा साथ होते हैं। घर से जाते समय ट्रेन में रिजर्वेशन मिल जाता है, लेकिन आते वक्त जनरल डिब्बे में घुसकर आना पड़ता है। बलिया जिले में नेशनल लेवल की कुश्ती का कंपिटिशन था। वहां मैंने ब्रॉन्ज जीता था। उस दिन वापस आते वक्त मैं पापा के साथ जनरल डिब्बे में घुसकर आई थी। पापा ट्रेन में खड़े होकर आए थे। पापा को इस तरह परेशान देखकर दुख होता है। मेरी वजह से वह भी कितना कुछ झेलते हैं। जरा सोचिए, कोई राज्य सरकार अपनी राष्ट्रीय खिलाड़ी के साथ ऐसा करती है क्या? उसे तो ऐसी खिलाड़ियों का खर्च उठाना चाहिए। खैर, मैं बहुत खुश हूं अपने कान तुड़वाकर। लड़कों जैसी दिखने वाली शरीर से भी। अब बस ओलंपिक में मेडल लाने की सोच रही हूं। तब लोग नहीं, मेरा खेल बोलेगा। (अंशिका बालियान ने अपने जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए हैं) --------------------------------------------------- 1- संडे जज्बात-लोग भैंस, बुलडोजर आंटी कहते थे:30 की उम्र में 92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया मैं कानपुर की रहने वाली आभा शुक्ला हूं। भैंस, मोटी, 45 साल की आंटी, चलती-फिरती बुलडोजर, किसी के ऊपर गिर जाए, तो वो दबकर ही मर ही जाए… कभी ये सारे नाम मेरे ही थे। लोग मुझे इन्हीं नामों से बुलाते थे। मेरे असली नाम ‘आभा शुक्ला’ से नहीं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 5:39 am

जैश की महिला जिहादी ब्रिगेड, भारत के लिए नया खतरा:ऑपरेशन सिंदूर के बाद मसूद अजहर ने नियम बदले, दिल्ली ब्लास्ट पहला असाइनमेंट

‘हमारा दुश्मन हिंदू महिलाओं को फौज में भर्ती कर रहा है। मैं भी उनके खिलाफ लड़ने के लिए महिला जिहादियों को तैयार कर रहा हूं। जमात-उल-मोमिनात की हर जिहादी को मौत के बाद सीधे जन्नत में जगह मिलेगी। उम्मीद है कि जैश-ए-मोहम्मद के मर्द लड़ाके इस नई यूनिट के साथ खड़े होंगे।’ जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर 2025 को पहली बार आतंकियों की महिला विंग जमात-उल-मोमिनात का ऐलान किया था। इसके ठीक 31 दिन बाद 10 नवंबर, 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास एक कार में ब्लास्ट हुआ। 15 लोग मारे गए। NIA ने ब्लास्ट को जैश-ए-मोहम्मद के 'वॉइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' का हिस्सा बताया। अब संयुक्त राष्ट्र की UNSC 1267 सैंक्शंस कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ब्लास्ट की साजिश जैश ने ही रची थी। इसकी साजिश में जमात-उल-मोमिनात को भी शामिल किया गया था। UNSC की 10 पेज की रिपोर्ट, 95वें पॉइंट में दिल्ली ब्लास्ट का जिक्रदैनिक भास्कर के पास UNSC की रिपोर्ट है। 4 फरवरी को जारी इस रिपोर्ट में 22 अप्रैल, 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र है। रिपोर्ट जारी करने वाली कमेटी जैश, ISIS और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों पर नजर रखती है। 95वें पॉइंट में लिखा है कि 10 नवंबर, 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास एक कार में ब्लास्ट हुआ। पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में जैश कमांडर मसूद अजहर भारत में ऐसे कई हमलों की प्लानिंग कर रहा है। इसमें जैश की महिला ब्रिगेड जमात-उल-मोमिनात को भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकी मारे जा चुके हैं। आगे पढ़िए, कैसे बनी महिला आतंकियों की नई यूनिट पहलगाम से करीब 5 किमी दूर बायसरन घाटी में आतंकियों ने 26 लोगों को मार डाला था। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें जैश कमांडर मसूद अजहर के परिवार के यूसुफ अजहर, जमील अहमद, हमजा जमील और हुजैफा अजहर समेत 14 लोग मारे गए। इसके बाद मसूद अजहर की एक ऑडियो क्लिप सामने आई थी, जिसमें उसने कहा था कि मेरी बड़ी बहन अबबा बीबी भी हमले में मारी गईं। मैं उनके साथ मिलकर एक महिला ब्रिगेड बनाना चाहता था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत से बदला लेने के लिए आतंकी संगठन जैश का चीफ मसूद अजहर और उसके भाई तल्हा अल सैफ ने महिला आतंकियों की भर्ती शुरू की है। इन लड़कियों में ज्यादातर बहावलपुर, कराची, मुजफ्फराबाद, कोटली, हरिपुर और मंसेहरा के मदसरों में पढ़ती हैं। भारत में जमात-उल-मोमिनात का नेटवर्क बढ़ाने और स्लीपर सेल को मजबूत करने का काम सादिया अजहर और अफीरा बीबी को सौंपा गया। सादिया अजहर मसूद अजहर की बहन है। वही जमात-उल-मोमिनात की सबसे बड़ी लीडर है। सादिया का पति यूसुफ अजहर ऑपरेशन सिंदूर में मारा गया था। संगठन में कमांडर की हैसियत रखने वाली अफीरा बीबी मसूद अजहर के भतीजे उमर फारुख की पत्नी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश ने बदले नियमNIA से जुड़े एक सीनियर अधिकारी कहते हैं, ‘भारत ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर और आतंकी ढांचे बर्बाद कर दिए थे। ये कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा थी, जिसकी ब्रीफिंग कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने की थी।’ ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया मसूद अजहर लगातार भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें रच रहा है। भारत की फौज में महिला ऑफिसर्स को देखकर उसने जैश की महिला ब्रिगेड शुरू करने का फैसला लिया। ‘जमात-उल-मोमिनात बनने के बाद लाल किले के पास ब्लास्ट हुआ। NIA ने इस मामले में लखनऊ की डॉ. शाहीन सईद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला है कि वह जमात-उल-मोमिनात की कमांडर अफीरा बीबी के कॉन्टैक्ट में थी। उसी ने शाहीन को भारत में महिलाओं को आतंकी ब्रिगेड में शामिल कर फिदायीन बनाने का काम सौंपा था।’ NIA को दिल्ली कार ब्लास्ट केस में जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद के शामिल होने लिंक मिले हैं। इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की डॉक्टर शाहीन सईद सहित डॉ. आदिल और डॉ. मुजम्मिल शकील शामिल हैं। ये भी जैश के नेटवर्क से लगातार संपर्क में थे। यूनाइटेड स्टेट इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के फाउंडर रॉबिन सचदेवा कहते हैं, ‘जैश का इतिहास देखें, तो ये संगठन अब तक महिलाओं को सीक्रेट ऑपरेशन और फिदायीन हमलों में शामिल नहीं करता था। इसकी बजाय उन्हें लोकल सपोर्ट सिस्टम, मैसेज-इंफॉर्मेशन कैरियर और लॉजिस्टिक मैनेजमैंट का काम दिया जाता था।' 'पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद संगठन ने रुख बदला है। बीते एक साल में ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें महिला फिदायीन के नाम सामने आए हैं।’ ‘महिलाओं की आतंकी यूनिट, भारत के लिए खतरे की घंटी’ रॉबिन सचदेवा आगे कहते हैं, ‘आतंकी मसूद अजहर ने हाल के दिनों में न सिर्फ खुले तौर पर महिलाओं का आतंकी नेटवर्क बनाया, बल्कि इसका ऐलान भी किया। जमात-उल-मोमिनात ग्रुप भी इसी का हिस्सा है। इसमें बकायदा महिला आतंकियों को कमांडर और कैप्टन जैसी पोस्ट दी गई हैं। इनका मकसद पाकिस्तान सहित भारत की पढ़ी-लिखी भारतीय महिलाओं को कट्टरपंथी बनाकर आतंकी संगठन में भर्ती करना है। ये भारत के लिए खतरे की घंटी है।’ रॉबिन कहते हैें, ‘दुनियाभर में देखें तो अब तक श्रीलंका में लिट्टे को ही एक्टिव वुमेन टेरर ग्रुप्स बनाने के लिए जाना जाता रहा है। लिट्टे ने सबसे पहले महिलाओं को संगठन में शामिल किया और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या जैसी खौफनाक घटना की। धीरे-धीरे उनकी आइडियोलॉजी को बोको-हराम और ISIS जैसे आतंकी संगठनों ने फॉलो किया। इसी लिस्ट में अब जैश की आतंकी यूनिट जमात-उल-मोमिनात का नाम जुड़ गया है।’ दिल्ली ब्लास्ट का जमात-उल-मोमिनात से लिंक कितना खतरनाक जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद्य बताते हैं, ‘दिल्ली ब्लास्ट की जांच में NIA ने जिस सच से पर्दा उठाया है, वो होश उड़ाने के लिए काफी है। अब हमारा सामना सिर्फ मदरसों या गांवों से कट्टरपंथी बनकर आए युवाओं से नहीं है। जैश-ए-मोहम्मद ने अपनी स्ट्रैटेजी को ISIS के लेवल पर अपग्रेड कर लिया है। ये अब वॉइट कॉलर टेररिज्म बन चुका है।’ ‘जैश का नया डॉक्टर मॉड्यूल, हमारी नाक के नीचे कश्मीर से निकलकर लखनऊ और हरियाणा तक फैल गया। ये इस बात का सबूत है कि अब टारगेट पर पढ़े-लिखे और अच्छा सैलरी पैकेज उठाने वाले लोग हैं। उन्हें इंक्रिपटेड ऑनलाइन चैनल्स के जरिए ब्रेनवॉश कर आतंकी बनाया जा रहा है।’ एसपी वैद्य के मुताबिक, दिल्ली ब्लास्ट में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम डॉ. शाहीन सईद का है। वह मास्टरमाइंड डॉ. आदिल और मुजम्मिल शकील के साथ मिलकर साजिश रच रही थी। इससे जाहिर होता है कि पढ़ी-लिखी महिलाओं में कट्टरपंथ का जहर कितनी गहराई तक जा चुका है। जमात-ए-मोमिनात जम्मू-कश्मीर, यूपी और साउथ के राज्यों में एक्टिव भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी कहते हैं, ‘2019 में हुए पुलवामा अटैक के बाद सुरक्षाबलों ने जैश के आधे से ज्यादा कमांडरों को मार गिराया। ऑपरेशन सिंदूर में भी सेना ने जैश के हेडक्वार्टर समेत बहावलपुर में एक मदरसे को निशाना बनाया, जहां कई आतंकी पनाह लिए हुए थे। ये सब देखकर मसूद अजहर को महिलाओं को मोर्चे पर लाने के लिए मजबूर होना पड़ा।’ ‘जमात-उल-मोमिनात जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए एक्टिव हो रहा है। टेलीग्राम, स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म, VPN और वॉट्सएप ग्रुप्स नेटवर्क के जरिए इस ग्रुप की गतिविधियां फैल रही हैं।’ बड़े मंदिर लश्कर की हिट लिस्ट में, सिक्योरिटी बढ़ाई10 नवंबर को हुए कार धमाके के बाद दिल्ली एक बार फिर हाई अलर्ट पर है। खुफिया एजेंसियों से मिले आतंकी हमले के इनपुट के बाद सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। लाल किले के आसपास ब्लास्ट के खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भारत के बड़े धार्मिक स्थलों को हिट लिस्ट में रखा है। सोर्स बताते हैं कि दिल्ली में चांदनी चौक का मंदिर भी आतंकियों के टारगेट पर है। खुफिया एजेंसियों ने इनपुट दिया है कि लश्कर-ए-तैयबा IED ब्लास्ट की कोशिश कर सकता है। आतंकी पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक मस्जिद में 6 फरवरी को हुए विस्फोट का बदला लेने की कोशिश कर रहे हैं। …………………………….ये खबर भी पढ़िए घाटी में कौन बना रहा कश्मीरी पंडितों की ‘डेथ लिस्ट’, पंडित बोले- हमें भी हथियार दो कश्मीरी पंडितों को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी ग्रुप द रेजिस्टेंस फोर्स यानी TRF ने टारगेट किलिंग की धमकी दी है। लिखा है कि कश्मीरी पंडितों थोड़े फायदे के लिए बलि का बकरा मत बनो। पहले ही देख चुके हो कि इस रास्ते पर चलने का अंजाम जान गंवाना होता है, जैसा राहुल पंडित, माखन लाल बिंद्रू, मोहन लाल और बाकी के साथ हुआ था। इसके बाद कश्मीरी पंडित हथियार और ट्रेनिंग देने की मांग कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 5:36 am

अपनी मर्जी से टीवी नहीं देख सकते इस देश के लोग, रिमोट पर भी है सरकारी पहरा!

North Korea TV Restriction: जैसे आप भारत में अपनी मर्जी से टीवी पर पसंदीदा कार्यक्रम देख सकते हैं. उस तरह इस देश में आप बिना सरकार की मर्जी के नहीं देख सकते हैं. यहां टीवी के रिमोट पर भी सरकार का पहरा है.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 1:03 am

DNA: ट्रंप के 'अपने' अदालत में कैसे 'बेगाने' हो गए, जिन्हें राष्ट्रपति ने 'जज' बनाया उन्होंने कैसे झुकाया?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ के मामले पर ट्रंप को बड़ा झटका दिया है. इस फैसले पर ट्रंप को बड़ा झटका लगा है, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति का गुस्सा उन जजों पर भी फूटा, जिन्होंने ये फैसला लिखा था.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 12:02 am

क्रीट में नाव हादसा : पांच प्रवासियों की मौत, 20 लापता

ग्रीस के सबसे बड़े द्वीप क्रीट के दक्ष‍िणी समुद्री क्षेत्र में शनिवार की सुबह नाव पलटने से पांच प्रवासियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद से करीब 20 लोग लापता हैं

देशबन्धु 21 Feb 2026 10:46 pm

US सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी नहीं रुक रहे ट्रंप, फिर फोड़ा टैरिफ बम; दुनिया भर के देशों पर 15% टैरिफ लगाने का ऐलान

Donald Trump: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ के मसले पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कल (शुक्रवार) को बड़ा झटका दिया था. ट्रंप की ओर से दुनिया भर देशों पर लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति के पास टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है. इसके अगले दिन ट्रंप ने टैरिफ पर एक नया ऐलान कर दिया है.

ज़ी न्यूज़ 21 Feb 2026 10:19 pm

कुत्ते से करवाता था ये शर्मनाक काम... पुलिस ने सीसीटीवी देख पकड़ी मालिक की चालाकी; लगेगा जुर्माना?

Italy man fined training dog to dump illegal waste: इटली के सिसिली में एक व्यक्ति को अपने कुत्ते को अवैध रूप से कचरा फेंकने की ट्रेनिंग देने के लिए भारी जुर्माने का सामना करना पड़ा है.

ज़ी न्यूज़ 21 Feb 2026 2:57 pm

गर्लफ्रेंड को पहाड़ पर ही छोड़कर भागा प्रेमी, ठंड में तड़पकर हो गई मौत; कोर्ट ने ब्‍वॉयफ्रेंड को सुनाई सजा

Austria grossglockner mountain death: ऑस्ट्रिया की एक अदालत ने पर्वतारोही थॉमस प्लाम्बरगर को उसकी गर्लफ्रेंड की ठंड से हुई मौत के मामले में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है.

ज़ी न्यूज़ 21 Feb 2026 1:57 pm

ट्रंप के टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाला ‘भारतीय दिमाग’ कौन? नील कत्याल की पूरी कहानी, जिसने व्हाइट हाउस की ताकत को ललकारा

Who is Neal Katyal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया है. इस टैरिफ को रद्द करवाने में जिसने अहम भूमिका निभाई उसका ताल्लुक भारत से रहा है.

ज़ी न्यूज़ 21 Feb 2026 12:23 pm

वे देश जहां रोजा नहीं रखना है 'गुनाह', कोड़े मारने से लेकर देश निकाला तक की है सजा

Ramadan 2026: रमजान का पवित्र महीना चल रहा है. इस महीने में लोग रोजा रखते हैं, मुस्लिमों का ये पवित्र महीना है. कई ऐसे देश हैं जहां पर रोजा न रखने की वजह से सजा मिलती है.

ज़ी न्यूज़ 21 Feb 2026 11:07 am

US Tariffs: 18% से घटकर सिर्फ 10% रह गया भारत पर टैरिफ, अमेरिकी कोर्ट के आदेश के बाद आया बड़ा अपडेट

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने ऐतिहासिक निर्णय में कहा था कि राष्ट्रपति को IEEPA के तहत व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। अदालत के इस फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन को नए कानूनी आधार की तलाश करनी पड़ी। इसी क्रम में राष्ट्रपति ट्रंप ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत एक नया वैश्विक टैरिफ आदेश जारी किया।

देशबन्धु 21 Feb 2026 10:05 am

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद ट्रंप का बड़ा एक्शन... सभी देशों पर लगाया 10% ग्लोबल टैरिफ

ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को “निराशाजनक और गलत” बताते हुए कहा कि वह तुरंत एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे। उनका कहना था कि यह कदम अमेरिका के व्यापारिक हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी है।

देशबन्धु 21 Feb 2026 9:44 am

ट्रंप के नियुक्त जजों ने ही टैरिफ पर राष्ट्रपति को दिया झटका, मुख्य न्यायाधीश राबर्ट्स की अगुवाई में दिया फैसला

मुख्य न्यायाधीश जॉन राबर्ट्स द्वारा लिखे गए 6-3 के बहुमत फैसले में अदालत ने साफ कहा कि IEEPA राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का स्पष्ट अधिकार नहीं देता। राबर्ट्स ने अपने निर्णय में लिखा, “आज हमारा कार्य केवल यह तय करना है कि आयात को ‘नियंत्रित’ करने की शक्ति क्या टैरिफ लगाने की शक्ति को समाहित करती है। ऐसा नहीं है।”

देशबन्धु 21 Feb 2026 9:43 am

US सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: ट्रंप के ‘आपातकालीन टैरिफ’ रद्द, 6-3 बहुमत से निर्णय

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मध्यावधि चुनावों से पहले बड़ा झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनके द्वारा राष्ट्रीय आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को खारिज कर दिया है। 6-3 के बहुमत से दिए गए फैसले में अदालत ने कहा कि 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) के तहत राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार प्राप्त नहीं है।

देशबन्धु 21 Feb 2026 8:24 am

भारत-US ट्रेड डील कब होगी लागू? मार्च में साइन होने की संभावना, पीयूष गोयल ने समझौते पर दिया बड़ा संकेत

Donald Trump: टैरिफ विवाद के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पटरी पर है और रिश्ते शानदार हैं. उन्होंने कहा कि अंतरिम समझौते में 18% टैरिफ लागू रहेगा, जबकि कुछ सेक्टरों पर 50% तक शुल्क जारी रहेगा.

ज़ी न्यूज़ 21 Feb 2026 7:36 am

सुप्रीम कोर्ट vs ट्रंप: किस कानून ने रोका ग्लोबल टैरिफ? समझिए सबसे बड़े आर्थिक हथियार टूटने की पूरी कहानी

Trump Tariffs Quashed: अमेरिका की सर्वोच्च अदालत संयुक्त राज्य अमेरिका का सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को उनके अधिकार से बाहर बताते हुए रद्द कर दिया है. अदालत ने कहा कि टैरिफ लगाने का अधिकार संसद का है और अब पहले वसूली गई बड़ी रकम की वापसी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.

ज़ी न्यूज़ 21 Feb 2026 7:05 am

‘भारत के प्रधानमंत्री के साथ रिश्ते फैंटास्टिक…’ लेकिन 18% टैरिफ अभी भी रहेगा जारी- बोले ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत के साथ ट्रेड डील सही दिशा में आगे बढ़ रही है. दोनों देशों के रिश्ते शानदार हैं. फिलहाल 18% टैरिफ लागू रहेगा और समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है.

ज़ी न्यूज़ 21 Feb 2026 6:52 am

सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद ट्रंप का काउंटर-अटैक! पूरी दुनिया पर 10% ग्लोबल टैरिफ, क्या ये ट्रेड वॉर 2.0 का ट्रेलर?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नया कदम उठाया है. उन्होंने दुनिया भर पर 10% का नया टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. जो करीब 5 महीने तक लागू रहेगा. इस दौरान आगे और सख्त टैक्स लगाने की तैयारी भी की जाएगी.

ज़ी न्यूज़ 21 Feb 2026 6:06 am

'18 करोड़ लोगों को बर्बाद किया, हसीना को लौटाए भारत':PM रहमान के करीबी सांसद बोले- दिल्ली गलती सुधारे, तभी रिश्ते सुधरेंगे

बांग्लादेश में अब BNP की सरकार है। बीते 18 साल लंदन में रहे तारिक रहमान प्रधानमंत्री हैं। बहुमत से चुनी गई नई सरकार के सामने देश की इकोनॉमी को दोबारा पटरी पर लाने, भारत से रिश्ते सुधारने, अल्पसंख्यकों की हिफाजत करने के साथ ही कट्टरपंथ से निपटने की चुनौतियां हैं। दैनिक भास्कर ने BNP के सेंट्रल कमेटी मेंबर और सांसद डॉ. अब्दुल मोईन खान से बात की। पार्टी और सरकार की पॉलिसी बनाने में उनका अहम योगदान होता है। मोईन खान PM रहमान के करीबी सलाहकार माने जाते हैं। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: तारिक रहमान सरकार के सामने सबसे बड़ी तीन चुनौतियां क्या हैं?जवाब: सरकार के सामने पहली चुनौती इकोनॉमी को सुधारना है। बांग्लादेश से लाखों डॉलर बाहर ले जाए गए। इंडस्ट्री खत्म कर दी गई हैं। कारोबारी सरकार का हिस्सा बन गए। दूसरी चुनौती लोकतांत्रिक ढांचे को बेहतर बनाना है। तीसरी चुनौती संस्थाओं की बहाली करने की है। ब्यूरोक्रेसी से लेकर ज्यूडिशियरी और बैंकिंग सिस्टम तक, सब बहाल करना है। सवाल: बांग्लादेश और भारत ने बीते डेढ़ साल में रिश्तों का खराब दौर देखा है। नई सरकार इस पर क्या करने वाली है?जवाब: अवामी लीग की तानाशाही और गलत नीतियों की वजह से ये हालात बने हैं। बांग्लादेश की विदेश नीति का मूलमंत्र है- दोस्ती सभी के साथ, दुश्मनी किसी से नहीं। BNP इसी पर यकीन करती है। हम आगे भी इसी पॉलिसी को फॉलो करेंगे। विदेश नीति की ताली एक हाथ से नहीं बजती। इसमें दोनों तरफ से गर्मजोशी होनी चाहिए। भारत जैसे पड़ोसी मुल्क के साथ रिश्ते इस बात पर निर्भर करते हैं कि भारत ने अपनी पॉलिसी में कैसे बदलाव किए हैं। भारत के नेताओं, फॉरेन और डिफेंस पॉलिसी बनाने वालों को साथ मिलकर बांग्लादेश के लिए पॉलिसी बनानी चाहिए। मुझे लगता है कि भारत को बांग्लादेश के लिए विदेश नीति में बदलाव करना होगा। उसे समझना होगा कि पिछले डेढ़ दशक में क्या गड़बड़ी हुई है। सवाल: शेख हसीना अब भी दिल्ली में हैं। क्या ये बांग्लादेश-भारत के बीच टकराव की वजह बनेगा?जवाब: निश्चित तौर पर यह मुद्दा है। अगर आप किसी से पूछेंगे कि आपके देश को जिसने बर्बाद किया और वो दूसरे देश में पनाह लिए हुए है, तो ये भावना आनी स्वाभाविक है। सवाल: क्या आप शेख हसीना की वापसी चाहते हैं?जवाब: बिल्कुल। भारत पर निर्भर करता है कि वो क्या करना चाहते हैं। अगर किसी ने 18 करोड़ लोगों के साथ नाइंसाफी की है, तो इंसाफ होना चाहिए। मुझे लगता है कि भारत बांग्लादेश के बारे में अपनी समझ बढ़ाएगा। अगर वे अपनी विदेश नीति की खामियों पर सोचेंगे, तो निश्चित तौर पर कोशिश करेंगे। सवाल: क्या रहमान सरकार हसीना को वापस बांग्लादेश भेजने की मांग करेगी?जवाब: हमारे नेता तारिक रहमान ने कहा है कि हम नफरत की राजनीति नहीं करते हैं। हम ये तय करना चाहते हैं कि इंसाफ हो। बांग्लादेश के लोगों ने इस पर खुद राय बनाई है। इस मामले में कानूनी रास्ते और प्रक्रिया को देखा जाएगा। सवाल: अल्पसंख्यकों पर हाल में बार-बार हमले हुए हैं, क्या कानून व्यवस्था नई सरकार के सामने बड़ी चुनौती रहेगी?जवाब: बांग्लादेश के लोग धार्मिक प्रवृत्ति के हैं। वे धार्मिक तौर पर कट्टर हैं, ये कहना सही नहीं होगा। बांग्लादेश में इस्लाम को मानने वाले ज्यादा हैं, लेकिन उनकी सोच हिंदू, क्रिश्चियन, बौद्ध सभी को लेकर खुली हुई है। कुछ लोग धर्म को राजनीति का टूल बनाने की कोशिश करते हैं। सवाल: बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का विरोध करने वाली जमात चुनाव हार गई। क्या उनकी राजनीति लोगों को पसंद नहीं आई?जवाब: बांग्लादेश का जन्म लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ हुआ था। हम पाकिस्तान से अलग इसलिए हुए थे क्योंकि तब ईस्ट पाकिस्तान के लोगों को लगा कि पाकिस्तान के लोकतंत्र में उनके लिए जगह नहीं है। हमने आजादी की लड़ाई में हजारों लोगों का खून दिया है। बांग्लादेश के लोगों ने हमेशा सही का साथ दिया है। बांग्लादेश के लोगों ने लोकतंत्र के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। इसलिए लोकतंत्र की सुरक्षा करना बहुत जरूरी है। सवाल: बांग्लादेश में चुनाव के साथ रेफरेंडम भी हुआ है। संविधान में बदलाव के पक्ष में वोट डाले गए। नई सरकार इसे कैसे आगे ले जाएगी?जवाब: BNP ने रेफरेंडम पर साइन किए हैं। हम धीरे-धीरे इसे लागू करेंगे। विचार ये था कि ऐसे बदलाव किए जाएं कि बांग्लादेश में फिर कभी तानाशाही न आए। सवाल: चुनाव में अल्पसंख्यक समुदाय से सिर्फ 3 सांसद चुनकर आए हैं। 10% आबादी के लिए सिर्फ 3 सीटें?जवाब: बांग्लादेश में रिजर्व सीटें सिर्फ महिलाओं के लिए हैं। अल्पसंख्यकों के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं है। हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यक शब्द का इस्तेमाल नहीं करते। हमारी पहचान धर्म नहीं बल्कि बांग्लादेश की नागरिकता है। मैं माइनॉरिटी शब्द को गरीब लोगों के लिए इस्तेमाल करना पसंद करूंगा। सवाल: आप नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के काफी करीब हैं, उनकी खूबियां क्या हैं?जवाब: वे काफी खुले विचारों के हैं। दूसरे लोगों को सुनना पसंद करते हैं। नए विचारों के लिए खुली सोच रखते हैं। उनकी उम्र करीब 60 साल है, लेकिन उन्हें देखकर नहीं लगता। कई लोग उन्हें युवाओं का लीडर भी कहते हैं। सवाल: तारिक रहमान के बारे में कोई वाकया बताइए, जिससे उनकी शख्सियत के बारे में पता चले?जवाब: तारिक रहमान का तरीका ट्रेडिशनल नहीं है। उसमें नयापन है। एक बार वे रैली में बोल रहे थे, तभी भीड़ में से एक शख्स को बुलाया और सभी के सामने उससे बात की। ये उनकी स्टाइल है। लोगों को ये पसंद आ रही है। सवाल: लोग बांग्लादेश की नई सरकार से क्या चाहते हैं?जवाब: सरकार गरीबों को सपोर्ट करने के लिए होती है। अमीर लोग सरकार से कुछ नहीं चाहते। वे खुद अपना ख्याल रख सकते हैं। ये सिर्फ हमारे देश की बात नहीं है, बल्कि आपके देश में भी यही होता है। लोग सरकार से अच्छा हेल्थ और एजुकेशन सिस्टम चाहते हैं। सवाल: अमेरिका में ट्रम्प सरकार आने के बाद पूरी दुनिया की राजनीति तेजी से बदल रही है। अमेरिका, चीन, यूरोप, पाकिस्तान, भारत के बीच बांग्लादेश कैसे तालमेल बिठाएगा?जवाब: बांग्लादेश सभी के साथ दोस्ती चाहता है। ट्रम्प ने ट्रेड को बहुत तवज्जो दी है। भारत-बांग्लादेश के बीच भी ट्रेड अहम मुद्दा है। ट्रेड छोटे देश को दबाने का टूल बन जाता है, तो दिक्कत होती है। अमीर देशों को इससे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन गरीब देशों को परेशानी होती है। अमीर देशों को खुद को प्रायोरिटी पर नहीं रखना चाहिए, बल्कि दुनिया के बारे में सोचना चाहिए। हम सिर्फ किसी एक देश के नागरिक नहीं हैं, बल्कि ग्लोबल सिटीजन हैं। सवाल: सार्क बहुत वक्त से काम नहीं कर रहा है। क्या आप सार्क को फिर से एक्टिव करने की कोशिश करेंगे?जवाब: हमने साउथ एशिया के लिए ही सार्क बनाया था। इसे एक्टिव करेंगे। हम क्षेत्रीय तौर पर एकजुट रहेंगे, तो दुनिया पर ज्यादा असर डाल पाएंगे। क्षेत्रीय एकजुटता से दुनिया के कई देशों ने मजबूत मंच तैयार किए हैं और दूसरे देशों को चुनौती दी है। अगर सार्क अच्छे से काम करता, तो ये दिक्कत शुरू ही नहीं होती। ……………………………बांग्लादेश से ये रिपोर्ट भी पढ़िएअवामी लीग-हिंदुओं के वोट BNP को मिले, हसीना की सरकार गिराने वाले हारे बांग्लादेश में 12 फरवरी को हुए चुनाव में BNP यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के गठबंधन ने 299 में से 212 सीटें जीती हैं। सरकार बनाने के लिए 150 सीटों की जरूरत थी। कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के गठबंधन को सिर्फ 77 सीटें मिलीं हैं। शेख हसीना की सरकार गिराने वाले स्टूडेंट्स की पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी यानी NCP को भी बांग्लादेशियों ने नकार दिया। पार्टी सिर्फ 6 सीटें जीत पाई है। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 21 Feb 2026 5:06 am

'अमेरिका को कुछ लोग बर्बाद कर रहे...', टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद फूटा ट्रंप का गुस्सा; अब क्या होगा ‘प्लान-B’

Trump on US Supreme Court verdict: डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ टेरर को अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है. सर्वोच्च अदालत के फैसले से भड़के ट्रंप ने कई देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द करने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को 'शर्मनाक' बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है.

ज़ी न्यूज़ 21 Feb 2026 12:16 am

'मेरे पास टैरिफ लगाने के और भी तरीके हैं...,' सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ट्रंप की चेतावनी, जजों के डिसीजन बताया शर्मनाक

Donald Trump Press Confrence: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुप्रीम कोर्ट की ओर से उनके ग्लोबल टैरिफ को रद्द करने के फैसले के बाद अब व्हाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 21 Feb 2026 12:10 am

DNA: ट्रंप के सबसे बड़े हथियार पर 'सुप्रीम' ब्रेक, US राष्ट्रपति के लिए कैसे महंगा साबित होगा अमेरिकी SC का फैसला?

DNA: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को आज यूएस संसद से बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी संसद ने ट्रंप की ओर से दुनिया भर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को खारिज कर दिया है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला न सिर्फ़ ट्रंप के लिए बड़ा झटका है बल्कि अमेरिका के खजाना पर भी भारी पड़ेगा.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 11:12 pm

संक्रमित मच्छरों से कटवाया, खतरनाक प्रयोग कर इंसानियत को आपदा से बचाने के लिए दे दी जान

1900 तक, साइंटिफिक सोच बदल गई थी. ब्रिटिश और इटैलियन रिसर्चर्स ने दिखाया था कि एनोफिलीज़ मच्छर मलेरिया फैलाते हैं. वेक्टर से होने वाली बीमारी अब बेतुकी नहीं थी. यह मुमकिन थी. लेज़ियर को लगता था कि फिनले सही हो सकते हैं. 8 सितंबर 1900 को, उन्होंने अपनी पत्नी को लिखा, 'मुझे लगता है कि मैं असली जर्म के निशाने पर हूं.'

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 11:09 pm

ईरान पर जल्द बरस सकती हैं मिसाइलें? ट्रंप ने किया मिलिट्री स्ट्राइक का इशारा; तेहरान में बजी खतरे की घंटी

America Military Strike On Iran: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीमित हमला करने की बात कही है. यह स्थिति समझौते के असफल होने पर बन सकती हैं.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 10:16 pm

डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, टैरिफ को बताया गैरकानूनी; लौटाना होगा वसूला पैसा

Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दुनिया भर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया है. यूएस सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टैरिफ इतना बढ़ाने का राष्ट्रपति को अधिकार नहीं है.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 9:11 pm

दक्षिण कोरिया पर बंदूक रख चीनी इलाके में फाइटर जेट उड़ा रहा था US? क्यों आई डॉगफाइट की नौबत

US China Tension:चीन ने साउथ कोरिया में मौजूद अमेरिकी फौज के लड़ाकू विमानों को चुनौती देने के लिए अपने सिक्स्थ जेन फाइटर जेट का बेड़ा रवाना किया. नीचे अनंत गहराई का समंदर ऊपर आसमान में चीन और अमेरिका के फाइटर जेट, आखिर हुआ क्या था पूरा मामला आइए बताते हैं.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 9:10 pm

डरावना नहीं इतना खूबसूरत है इस देश का कब्रिस्तान, यूजर्स बोले- पता ही नहीं चल रहा पार्क है या...

New Zealand Beautiful Cemetery: आज हम आपको एक खूबसूरत कब्रिस्तान के बारे में बताने जा रहे हैं. यहां चारों ओर खूबसूरत फूलों के पौधे और हरी घास मौजूद है. जहां बाकी कब्रिस्तान में लोग जाने में भी संकोच करते हैं वहीं इस कब्रिस्तान से आने का मन ही नहीं करेगा. चलिए जानते हैं किस देश में है ये इतना खूबसूरत कब्रिस्तान?

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 8:17 pm

लोहे के पिंजरे में रखे जाते थे बच्चे...बड़ों पर डाला जाता था गर्म पानी, कहां है दुनिया का सबसे बड़ा पागलखाना; जहां अब है भूतों का वास!

दुनिया का सबसे बड़ा पागलखाना कहे जाने वाले सेंट्रल स्टेट हॉस्पिटल अब खंडहर में तब्दील हो चुका है. इसको आज के समय में भूतिया स्थान भी कहा जाता है. हालांकि, सरकार की ओर से इसको आम टूरिस्ट के लिए खोल दिया गया है और लोग यहां जाने डरते हैं.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 7:14 pm

1600 रुपये की बिकिनी के चक्कर में इस मॉडल ने कराई फजीहत, CCTV के कैद हुआ कारनामा; लालच के चक्कर में हो गया बड़ा कांड

Gemma Doyle:ओनलीफैंस क्रिएटर जेम्मा डॉयल नाम की एक महिला ने इंडोनेशिया के बाली में एक बिकिनी चुराते नजर आई. इस बिकनी की कीमत 30 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बताई जा रही है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महिला ने माफी मांगी है.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 6:12 pm

2026 में किम जोंग उन का नया पावर पंच! पहले मिसाइल टेस्ट, फिर नए रॉकेट लॉन्चर तैनात; US तक बढ़ी टेंशन!

उत्तर कोरिया के तानाशाह ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चेतावनी दी है. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी पार्टी के अहम सम्मेलन से पहले सैन्य ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा दिया है.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 4:41 pm

गूगल से चुराया डाटा और चुपचाप ईरान को कर दिया ट्रांसफर, हत्थे चढ़े सिलिकॉन वैली के 3 इंजीनियर; अब कोर्ट करेगी फैसला

Silicon Valley Techies Stole Google Trade Secrets: सिलिकॉन वैली के 3 इंजीनियरों ने गूगल समेत कई लीडिंग टेक्नोलॉजी कंपनियों के ट्रेड सीक्रेट चुराकर ईरान भेजने की कोशिश की.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 4:19 pm

ईरान पर हमले को लेकर ब्रिटेन ने अमेरिका को एयरबेस देने से किया इनकार, डिएगो गार्सिया और RAF फेयरफोर्ड के इस्तेमाल पर मतभेद

अमेरिका संभावित सैन्य विकल्पों पर विचार करते हुए दो प्रमुख ठिकानों डिएगो गार्सिया (हिंद महासागर) और RAF फेयरफोर्ड (ब्रिटेन) का इस्तेमाल करना चाहता है। डिएगो गार्सिया चागोस द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप है और 1970 के दशक से यह ब्रिटेन और अमेरिका का साझा सैन्य अड्डा है।

देशबन्धु 20 Feb 2026 3:35 pm

तारिक रहमान के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद विपक्ष के तीखे सवाल, बीएनपी का भारत के साथ गठजोड़ का आरोप

नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर राजनीतिक संकेत बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो राजनीतिक प्रतिरोध किया जाएगा।

देशबन्धु 20 Feb 2026 2:57 pm

ट्रंप ने ताइवान और ईरान पर अमेरिकी मिलिट्री स्ट्रैटेजी बताने से किया इनकार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताइवान या ईरान को लेकर किसी भी संभावित मिलिट्री स्ट्रैटेजी के बारे में बताने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने तेहरान के लिए एक छोटी डेडलाइन तय की और ब्रिटेन के रॉयल फैमिली से जुड़े नए विवाद पर भी बात की

देशबन्धु 20 Feb 2026 1:55 pm

पहले रेड लाइट तोड़ी, फिर मारी टक्कर....अमेरिका में गिरफ्तार हुआ भारतीय ट्रक ड्राइवर, चपेट में आई तीन गाड़ियां

America News: अमेरिका में एक 25 साल के भारतीय को गिरफ्तार किया गया है. इस युवक ने अपने ट्रक से तीन गाड़ियों को टक्कर मार दिया था जिसकी वजह से एक आदमी की मौत हो गई है.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 1:14 pm

'बबूल के कांटे' बोने वाले यूनुस के जाते ही भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में पनपा प्यार, दिल्ली फिर खोल सकती है वीजा सेवाएं?

बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान भारत ने सुरक्षा खतरे और एंटी-इंडिया माहौल के चलते वीजा सेवाएं बंद कर दी थीं. अब तारिक रहमान की नई सरकार आने के बाद दिल्ली ने फैसला लिया है कि सभी कैटेगरी के वीजा जल्द बहाल होंगे. जानें पूरी खबर.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 12:24 pm

स्पिरिट एयरलाइंस ने रोकी उड़ान, 250 से ज्यादा फ्लाइट्स को किया कैंसिल, एयरपोर्ट पर फंसे पैसेंजर

Spirit Airlines Flight: स्टाफ की कमी से जूझ रही स्पिरिट एयरलाइंस ने सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसिल कर दी है. जिसकी वजह से काफी यात्री फंस गए हैं. साल में दूसरी बार ऐसा हुआ है जब इतने बड़े पैमाने पर एयरलाइंस ने उड़ानों को कैंसिल किया है.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 10:57 am

बाल-बाल बचे थे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर, बोइंग के स्टारलाइनर पर NASA का बड़ा खुलासा

NASA ने माना कि बोइंग स्टारलाइनर मिशन के दौरान हालात बेहद गंभीर थे और इसे अब ‘टाइप A’ दुर्घटना के रूप में वर्गीकृत किया गया है. नासा ने माना है कि Sunita Williams के मिशन में थ्रस्टर में आई परेशानी से कोलंबिया मिशन जैसी त्रासदी का खतरा था.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 10:45 am

मुझे जवान-हैंडसम आदमी नहीं, औरतें पसंद हैं...ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में अजीबोगरीब बयान, मीटिंग में जमकर हुई नेताओं की चापलूसी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन में आयोजित ‘पीस बोर्ड’ की बैठक में ऐसा बयान दे दिया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया. नेताओं की तारीफ करते-करते ट्रंप ने निजी टिप्पणियां, मजाक और बड़े राजनीतिक दावे किए.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 10:32 am

अब खुलेगी UFO और ‘एलियन’ की सच्चाई, ट्रंप ने पेंटागन को दिया रिकॉर्ड जारी करने का आदेश

Area 51: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पेंटागन को UFO और एलियन से जुड़े रिकॉर्ड डीक्लासिफाई करने का आदेश दिया है. यह कदम बराक ओबाना की हालिया टिप्पणियों के बाद उठाया गया.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 10:01 am

ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में भारत ने खेला 'ऑब्जर्वर कार्ड', 50 देशों के बीच भौकाल से ली एंट्री तो पूरी दुनिया हैरान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए वैश्विक मंच ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में भारत ने ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लेकर कूटनीतिक संतुलन का संकेत दिया है. वॉशिंगटन में 50 देशों की मौजूदगी के बीच भारत ने सदस्यता पर जल्दबाजी नहीं दिखाई. इस कदम को पश्चिम एशिया और वैश्विक राजनीति में भारत की रणनीतिक चाल माना जा रहा है. जानें पूरी खबर.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 9:48 am

रमजान में बेईमानी की सजा: रोजा नहीं रखने पर पुलिस ने चलाया चाबुक, इस मुस्लिम देश में 9 लोगों को हुई जेल

Nigeria News: नाइजीरिया में रोजा न रखने की वजह से 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें महिलाएं भी शामिल हैं. इन्हें इस साल रमजान के रोजे के पहले दिन खाना खाते हुए देखा गया था.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 9:41 am

भारत-पाकिस्तान का नाम लेकर अचानक NOoooo कहते हुए क्यों चिल्लाए डोनाल्ड ट्रंप?

ट्रंप एक ही बात को कई बार कह चुके हैं. अब पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को फाइटर कहते हुए जोर से बोले- नो..अअअअअ. ट्रंप ने इस दौरान यह भी बताया कि वह भारत और पाकिस्तान पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने के मूड में थे.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 9:20 am

मादुरो को बंदी बनाने के 47 दिन बाद बदल गया नियम, वेनेजुएला में होगी बंदियों की रिहाई; विपक्ष भी खुश

Venezuela News: वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने एक ऐसा कानून बनाया है जिससे सालों से जेल में बंद नेताओं, एक्टिविस्ट, वकीलों और कई दूसरे लोगों की रिहाई हो सकती है. ये बड़ा बदलाव मादुरों को बंदी बनाने के बाद आया है.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 8:45 am

पहले नहीं दिया किराया, फिर जड़ दिया ड्राइवर को थप्पड़, सिंगापुर में भारतीय मूल की महिला को जेल

Singapore News: भारतीय मूल की एक महिला को टैक्सी ड्राइवर को थप्पड़ मारने की वजह से जेल हुई है. उसे कोर्ट ने दो हफ्ते की सजा सुनाई है. जानिए आखिर पूरा मामला क्या है.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 7:44 am

ईरान-अमेरिका में होगा युद्ध! ट्रंप ने खामेनेई को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम, तेहरान-मॉस्को ने शुरू किया युद्धाभ्यास

Iran Nuclear Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते पर 10-15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कड़े परिणामों की चेतावनी दी है. इस बीच ईरान-रूस ने संयुक्त युद्धाभ्यास से तनाव को और बढ़ा दिया है.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 7:05 am

नहीं देंगे RAF बेस....ब्रिटेन ने ट्रंप को दिया बड़ा झटका, ईरान पर हमले से पहले हाथ लगी निराशा

Iran US Tensions: ईरान और अमेरिका के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. इसी बीच UK के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने डोनाल्ड ट्रंप को RAF बेस का इस्तेमाल करने से रोक दिया है. जानिए ऐसा क्यों कहा.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 7:01 am

DNA: किसी भी सूरत में अमेरिकी शर्तों झुकने को तैयार नहीं है ईरान, अब ट्रंप करेंगे हमले का फैसला

अगर ईरान डील न करने का फैसला करता है, तो यूनाइटेड स्टेट्स के लिए डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड में मौजूद एयरफील्ड का इस्तेमाल करना ज़रूरी हो सकता है, ताकि एक बहुत अस्थिर और खतरनाक सरकार के संभावित हमले को खत्म किया जा सके - एक ऐसा हमला जो संभावित रूप से यूनाइटेड किंगडम के साथ-साथ दूसरे दोस्त देशों पर भी किया जा सकता है.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 12:03 am

DNA: जानवरों को मारने के लिए 150 दिनों की सजा, लेकिन महिलाओं को पीटने पर केवल 15 दिनों की जेल; यहां गुलाम से भी बदतर है औरतों के लिए नियम

Afghanistan Beating Rules For Women: दुनियाभर में महिलाओं के साथ अपराध को रोकने के लिए जहां अलग-अलग नियम बनाए गए हैं तो वहीं अफगानिस्तान में महिलाओं को पीटने से जुड़ा एक ऐसा नियम बना है, जिसे सुनकर आप भी अपना सिर पकड़ लेंगे.

ज़ी न्यूज़ 20 Feb 2026 12:00 am

48 घंटे बाद 'महायुद्ध' शुरू होने वाला है! ईरान के खिलाफ US ने की घेरेबंदी

इसका मतलब अमेरिका और ईरान दोनों ने युद्ध की अधिकतम तैयारी कर ली है और दोनों के बीच वार्ता में बात नहीं बनने से धैर्य भी टूटता दिख रहा है. और ये सब कुछ हो रहा है..रमजान के पवित्र महीने में सिर्फ एक दिन पहले रमजान की शुरूआत हुई है. इस्लाम में इसे सबसे पवित्र महीना माना जाता है और आज दुनिया भर की एजेंसियां दावा कर रही हैं. सिर्फ 48 घंटे बाद अमेरिका और ईरान के बीच विनाशकारी और अनियंत्रित युद्ध की शुरुआत होने जा रही है.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 11:55 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति के विमान एयरफोर्स वन का रंग बदला, प्रेसिडेंशियल फ्लीट में होते हैं कितने विमान, प्रोटोकॉल भी जानिए

Air Force one :एयरफोर्स वन अब ट्रंप के पसंदीदा रंग का हो जाएगा. जिस रंग की टाई में ट्रंप अक्सर नजर आते हैं, वही रंग अब ट्रंप के प्लेन में भी दिखाई देगा. जो सुनहरा रंग ट्रंप के होटल में दशकों से मौजूद है और अब व्हाइट हाउस में भी इस्तेमाल हो रहा है, वो अब एयरफोर्स वन का भी हिस्सा बनने जा रहा है.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 11:26 pm

ट्रंप की खुली तेहरान को चेतावनी-डील नहीं तो रास्ता अलग होगा, 10 दिन में लेंगे फैसला

ट्रंप के बयान को तेहरान के लिए खुली चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उस समय जब दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर मतभेद बढ़े हुए हैं।

देशबन्धु 19 Feb 2026 11:17 pm

एलियंस पर ओबामा के बयान से मचा बवाल, अब ट्रंप की बहू लारा का दावा- सही समय पर होगा खुलासा

ओबामा के बयान के बाद डोनाल्ड ट्रंप की बहू लारा ट्रंप ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि उनके ससुर डोनाल्ड ट्रंप ने एलियंस और उनके संभावित अस्तित्व को लेकर पहले से एक भाषण तैयार कर रखा है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 9:19 pm

...तो बच्चे नहीं चला पाएंगे इंस्टाग्राम-फेसबुक? मैक्रों ने मोदी से कर दी गुजारिश; किन देशों में किड्स के लिए बैन है सोशल मीडिया

Social Media: फ्रांस के राष्ट्रपति ने दुनिया की नई पीढ़ी को बचाने के लिए बड़ा बयान दिया है. मैक्रों ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में कहा कि फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने जा रहा है'. मैंक्रो ने ये भी कहा की युवाओं के लिए सोशल मीडिया बैन होना चाहिए, इस बार G-7 समिट की ये प्राथमिकता होगी.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 8:57 pm

अरे ये क्या हुआ? सबसे अजीज दोस्त इजरायल में भारतीयों पर नस्लीय हमला, जमकर की पिटाई

Attacks On Indians In Israel: इजरायल में गाजा सीमा के पास अश्केलोन में 2 भारतीय श्रमिकों के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार और मारपीट की गई. घटना को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने विदेश मंत्री से इस मामले की तत्काल जांच करने का आग्रह किया है.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 8:45 pm

रमजान के महीने में UAE का गिफ्ट, प्राइवेट दफ्तरों में घटेंगे काम के घंटे; सभी धर्म के लोगों पर लागू होगा नियम

संयुक्त अरब अमीरात में रमजान के महीने में निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ा तोहफा मिला है. यूएई के श्रम कानून के तहत अब निजी क्षेत्र में काम करने वाले मुस्लिम या गैर-मुस्लिम सभी कर्मचारी प्रतिदिन दो घंटे कम काम करेंगे.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 5:17 pm

ब्रिटेन के किंग चार्ल्स के भाई एंड्र्यू गिरफ्तार, पद के दुरुपयोग का आरोप, एपस्टीन फाइल्स में आया था नाम

King Charles Brother Arrested: ब्रिटेन के किंग चार्ल्स के भाई एंड्र्यू को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके पहले अक्टूबर में एंड्रयू से उनके बाकी रॉयल टाइटल्स छीन लिए गए थे, जिनमें 'हिज़ रॉयल हाइनेस' (HRH) और 'प्रिंस' शामिल थे. उन्होंने घोषणा की थी कि जेफरी एपस्टीन से उनके कनेक्शन को लेकर दबाव के बीच वह ड्यूक ऑफ़ यॉर्क सहित अपने टाइटल्स का इस्तेमाल करना बंद कर देंगे.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 5:15 pm

US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के मध्‍य जंग की आहट के बीच गनबोट डिप्‍लोमेसी क्‍या है?

क्‍या अमेरिका इस वीकेंड तक ईरान पर हमला कर सकता है? कहा जा रहा है कि युद्ध की तैयारी कर ली गई है और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 5:05 pm

ब्रिटेन में किंग चार्ल्स के भाई एंड्रयू गिरफ्तार:एपस्टीन मामले में आया था नाम

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब टेम्स वैली पुलिस पूर्व प्रिंस की ओर से कथित रूप से दोषी यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन के साथ गोपनीय जानकारी साझा किए जाने की शिकायत की जांच कर रही है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 4:15 pm

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून को उम्रकैद की सजा, मार्शल लॉ के मामले में हुई कार्रवाई

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सूक येओल को 2024 में मार्शल लॉ लगाने की नाकाम कोशिश के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 4:03 pm

ये है दो पत्नियों का इकलौता पति! 8 साल से हैं साथ, शख्स ने बताया- कैसे करता हैं मैनेज?

Nigeria Two Wives Story: नाइजीरिया के रहने वाले जेफ्री अपनी 2 पत्नियों के साथ पिछले आठ साल से रह रहे हैं. समाज के तय मानकों को तोड़कर अपनी मर्जी की लाइफ जी रहे हैं. दो पत्नियों के साथ मिलकर इन तीनों का रिश्ता काफी अनमोल और अनोखा है. चलिए खुद जेफ्री के मुंह से जानते हैं कि क्या सच है और तुम और मैं में वो की एंट्री कब और कैसे हुई.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 4:03 pm

देश से बगावत के आरोप में South Korea के पूर्व राष्ट्रपति को उम्रकैद, कौन हैं यून सुक-योल? जानिए सबकुछ

यह घटनाक्रम न केवल दक्षिण कोरिया के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है, बल्कि शासन और संवैधानिक जवाबदेही को लेकर भी एक बड़ा संदेश देता है. फिलहाल यून सुक-योल को ग्वाचियोन के सीआईओ कार्यालय में पूछताछ के लिए ले जाया गया है.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 3:48 pm

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर: आने वाले हफ्तों में हो सकता है बड़ा सैन्य ऑपरेशन, 12 वॉरशिप-सैकड़ों फाइटर जेट तैयार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित अमेरिकी कार्रवाई जून में इजरायल द्वारा किए गए 12-दिवसीय हमले से कहीं अधिक व्यापक हो सकती है। यह ऑपरेशन ईरान के परमाणु और मिसाइल ढांचे को निशाना बना सकता है। बताया जा रहा है कि पेंटागन संभावित ईरानी जवाबी हमले को देखते हुए क्षेत्र में अपनी तैयारियां बढ़ा रहा है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 9:42 am

'ट्रंप फिर खोज रहे हैं भारत पर टैरिफ लगाने के बहाने...', ट्रेड डील के बाद अमेरिकी सांसद का बड़ा दावा

India Tariffs: US कांग्रेसी ब्रैड शेरमन भारत पर प्रस्तावित टैरिफ को लेकर प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की जमकर आलोचना की है. उन्होंने कहा कि टैरिफ के जरिए हमारे दोस्त को परेशान किया जा रहा है.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 8:59 am

6 बच्चों का पिता बना परिवार का दुश्मन, बेटे और पूर्व पत्नी की गोली मारकर की हत्या; काम पर पहनता था मिनीस्कर्ट और हील्स!

अमेरिका के रोड आइलैंड में एक हाई स्कूल हॉकी मैच के दौरान हुई गोलीबारी में एक पिता ने अपने ही बेटे और पूर्व पत्नी की हत्या कर दी. आरोपी की पहचान 56 वर्षीय रॉबर्ट डॉर्गन के रूप में हुई है. आरोपी अपने काम की जगह पर रॉबर्टा नाम से जाना जाता था. इस घटना में उसके पूर्व ससुराल पक्ष के लोग भी घायल हुए हैं.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 8:55 am

क्या है डिएगो गार्सिया? इसी जमीन के दम पर अमेरिका ईरान को कर सकता है नेस्तनाबूद? ब्रिटेन ने इसे बेच दिया तो अधमरी हो जाएगी ट्रंप की सेना!

हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डा अचानक वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन को चेताया है कि इस रणनीतिक द्वीप को लंबी लीज पर देना खतरनाक होगा.माना जा रहा है कि ईरान से टकराव की स्थिति में यही बेस अमेरिका की असली ताकत बन सकता है. जानते हैं आखिर क्या हैडिएगो गार्सिया, इसकी पूरी कहानी.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 8:39 am

हमले के डर से जमीन में दफन हो रहे न्यूक्लियर ठिकाने! ईरान ने बना लिए कंक्रीट के ‘अजेय किले’

Iran Nuclear Sites: ईरान और अमेरिका में तकरार छिड़ी है. दोनों देश एक दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे हैं. इसी बीच कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है ईरान न्यूक्लियर साइट्स को बंकर में तब्दील करने में लगा है.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 7:52 am

लो… ट्रंप ने जंग की फाइनल डेट लॉक कर दी! अमेरिका शनिवार से ईरान पर करेगा हमला? पेंटागन हाई अलर्ट पर; पूरी दुनिया हैरान

American military strikes on Iran as soon as Saturday:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके सलाहकारों ने बताया कि अमेरिकी सेना शनिवार तक ईरान पर हमला कर सकती है, सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन मिडिल ईस्ट से कुछ कर्मियों को हटा रहा है, ताकि ईरान की जवाबी कार्रवाई से बचा जा सके. ये खबर व्हाइट हाउस में तनाव बढ़ा रही है.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 7:38 am

डेटिंग ऐप से तंग सिंगल्स के लिए सिंगापुर का मास्टरस्ट्रोक! ‘आंटी’ कराएंगी ब्लाइंड डेट, पूरा खर्च देगी सरकार

सिंगापुर ने सिंगल अमेरिकियों के लिए एक अनोखा टूरिज्म कैंपेन शुरू किया है. इसमें डेटिंग ऐप की जगह आंटियों की मदद से लोगों की जोड़ी बनाई जाएगी. चुने गए दो लोगों को सिंगापुर बुलाकर ब्लाइंड डेट करवाई जाएगी जिसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी.

ज़ी न्यूज़ 19 Feb 2026 6:15 am

ब्लैकबोर्ड-5 करोड़ मुआवजा शानो-शौकत में उड़ा:3 करोड़ की जमीन खरीदी, 1 करोड़ का मकान; 80-80 लाख की शादियां- अब रोज कमाने से घर चल रहा

एक सच्ची कहानी- ग्रेटर नोएडा के किसान रामेश्वर सिंह की। 12 एकड़ जमीन सरकार ने ली और बदले में सवा पांच करोड़ रुपए मिले। पैसा खाते में आते ही जिंदगी बदल गई। रामेश्वर बताते हैं- ‘मुआवजे के पैसे से सबसे पहले बागपत में तीन करोड़ की जमीन खरीदी। गांव में दो बड़े मकान बनवाए- डेढ़ करोड़ से ज्यादा खर्च हुआ। दो महंगी गाड़ियां आ गईं। फिर शादियों का सिलसिला शुरू हुआ- तीन बेटियों, दो पोतियों और बाद में तीन पोतों की शादी। पोतियों को 20-20 तोला सोना और 20-20 लाख की गाड़ियां दहेज में दीं। एक शादी में ही करीब 80 लाख खर्च हो गए। बहुओं को भी 20-20 तोला सोने के जेवर दिए गए। आज वे मानते हैं- ‘पैसा संभालना नहीं आया।’ वजह पूछने पर बताते हैं कि जैसे ही पैसा मिला, हमारा दिमाग आसमान छूने लगा। यह कहानी ग्रेटर नोएडा के सिर्फ एक परिवार की नहीं। 1979 से न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने जमीन अधिग्रहण शुरू किया। 1991 में ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी बनी और 2007-2012 के बीच 39 से ज्यादा गांवों की जमीन ली गई। 15-20 साल बाद वही जमीन 70 से 200 करोड़ की हो चुकी है, लेकिन अब लगभग 95% परिवारों का मुआवजा खत्म हो चुका है। कई किसान अपनी ही जमीन पर बनी फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड हैं। कोई वहीं बनी इमारतों में दूध बेच रहा है। ब्लैकबोर्ड में इस बार ग्रेटर नोएडा में मुआवजे की रकम से करोड़पति बने और अब बर्बादी की कगार पर पहुंचे किसानों की स्याह कहानियां। 90 साल के रामेश्वर सिंह चौपाल में बैठे मिल जाते हैं। सरकार ने उनकी 12 एकड़ जमीन ली, जिसके बदले में उन्हें सवा पांच करोड़ रुपए दिए। लेकिन आज उनकी उसी जमीन की कीमत 80 करोड़ रुपए है। वह बताते हैं, ‘हमने पैसा हाथ में आते ही बागपत के अलावा हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में जमीन खरीदी। मैं जानता था- जमीन का पैसा जमीन में ही टिकता है। मेरी ही तरह करीब 95 फीसदी बड़े किसानों ने आसपास के इलाकों में दूसरी जगह जमीन खरीदी। हां, कुछ लोगों ने पैसा संभाला नहीं… लापरवाही में खर्च कर दिया।’ वह दोहराते हैं- 'अब 90 फीसदी से ज्यादा लोगों का मुआवजा खत्म हो चुका है। कोई दूध बेच रहा है, कोई छोटी-मोटी नौकरी कर रहा है। जिनके पास कभी खेत थे, अब वे रोज की कमाई जोड़कर घर चला रहे हैं। हमारी जमीन पर फैक्ट्रियां लगी हैं। लेकिन हमारे बच्चों को नौकरी नहीं मिलती। फैक्ट्री मालिकों को लगता है कि लोकल लड़के बदमाश होते हैं। सोचिए, जमीन हमारी गई और हम ही पराए हो गए।’ अब अगली पीढ़ी के लिए क्या बचा? न जमीन, न पैसा, न पढ़ाई के सहारे पक्की नौकरी का रास्ता? बड़ी तनख्वाह वाली नौकरी मिलती नहीं, छोटी नौकरी बच्चे करते नहीं। पहले कम से कम जमीन का सहारा तो था।’ सुबह की धूप में बैठे एक दूसरे किसान श्यामजी अपने पक्के मकान की छत पर खड़े नजर आते हैं। उनके पास पहुंची तो वह वहां से दूर चमकती कांच की इमारतों की तरफ देखते हैं। धीरे से हाथ उठाकर बताते हैं- वहीं कहीं हमारी 17 बीघे जमीन थी, जिसके बदले 50 लाख मिले थे। तब लगा था कि किस्मत खुल गई। लेकिन सच यह है कि आज मेरा बेटा 25 हजार महीने की प्राइवेट नौकरी करता है। दूसरा बेटा हमारी ही जमीनों पर बनी ऊंची-ऊंची ईमारतों में घर-घर दूध बेचता है। गांव के एक और किसान रमेश सुबह खाट पर बैठे-बैठे आंगन में बंधी भैंसों की ओर देख रहे हैं। कभी यही आंगन कच्चा था, दीवारें टेढ़ी थीं। 2008 में जब उनकी 8-10 बीघे जमीन गई और 14 लाख रुपए का चेक हाथ में आया, तो उन्हें लगा था अब जिंदगी संभल जाएगी। वह धीमे से कहते हैं- 'सबसे पहले घर बनवाया। सोचा पक्का मकान होगा तो इज्जत रहेगी। फिर दो बेटियों की शादी की। रिश्तेदार, बारात, जेवर और देखते ही देखते मेरे पूरे 14 लाख खत्म हो गए। बेटों के लिए कुछ बचा ही नहीं।', यह बात कहते हुए वह ठहर जाते हैं। उनकी आवाज में पछतावा है। वह कहते हैं आज मेरे तीनों बेटे भैंसें पालते हैं। सुबह-सुबह दूध लेकर निकलते हैं और उसी से घर चलता है। जमीन नहीं रही, तो यही अब सहारा बचा है। रमेश कहते हैं- गलती हो गई शायद… सारा पैसा घर और शादियों में लगा दिया। अब हालत यह है कि रोजमर्रा का खर्च भी मुश्किल से निकलता है। जब कभी वे बेटों से कुछ पैसे मांग लेते हैं, तो घर का माहौल भारी हो जाता है। बच्चे कहते हैं- आपको किसलिए पैसे चाहिए? हमारे बच्चों के इतने खर्चे हैं, हम नहीं दे पाएंगे’, ये बातें रमेश आंखें झुकाकर बताते हैं। वह थोड़ी देर चुप रहते हैं, फिर कहते हैं- हम भी तो बीमार होते हैं कभी-कभार… दवा-दरू के लिए पैसे चाहिए होते हैं। हुक्का-पानी भी बिना पैसे के नहीं चलता। 70 साल की उम्र हो चुकी है। अभी तो ठीक-ठाक हूं, चल-फिर लेता हूं, लेकिन कल कुछ हो गया तो क्या होग?’ वे आंगन की तरफ देखते हुए जोड़ते हैं, ‘बच्चों को हमारी फिक्र नहीं है अब। सब अपनी-अपनी जिंदगी में उलझे हैं। हम तो बस राम भरोसे हैं।’ रमेश की आवाज अचानक धीमी हो जाती है। कहते हैं- कभी-कभी खाना खाते हुए अगर बेटों से पानी मांग लूं न… तो ऐसे देखते हैं जैसे मैंने कुछ गलत कह दिया हो। थोड़ी देर चुप रहकर कहते हैं- लगता है अब उनके लिए मैं कुछ भी नहीं रहा… न जमीन रही, न पैसा… तो शायद मेरी कीमत भी नहीं रही। इस दौरान अहाते में बंधी भैंसों की घंटियां बजती रहती हैं, और रमेश की बात वहीं ठहर जाती है। वह लंबी सांस लेकर कहते हैं- बेटियों का आना-जाना लगा रहता है… तीन बहनें भी घर आती हैं। तीज-त्योहार पड़ते हैं तो खाली हाथ रहते हैं। देने को कुछ नहीं होता हमारे पास… बड़ी बेइज्जती लगती है। मुआवजा कब का खत्म हो गया। एक पाई नहीं बची। उल्टा 7 लाख का कर्ज चढ़ा है। कई बार इधर-उधर से उधार लेकर रस्म निभाते हैं। पत्नी का जिक्र आते ही उनकी आवाज और धीमी हो जाती है। ‘वो भी चली गई… अब आगे जिंदगी और मुश्किल होगी।’ फिर जैसे खुद से ही सवाल करते हैं- जब जमीन-जायदाद ही नहीं बची तो जिंदगी कैसे चलेगी? एक पल को रुकते हैं और कहते हैं- कभी-कभी तो सोचता हूं… मुझे भी मौत आ जाए।’ उनकी इस बात से जैसे आंगन में सन्नाटा फैल जाता है। रमेश थोड़ा संभलकर बैठते हैं और कहते हैं- मेरी बेटियां तो खुद कहती हैं- पापा, खर्च चाहिए हो तो बता देना। लेकिन उनसे कैसे ले लूं? आखिर उनकी शादी ही तो की है… बाप हूं उनका। वैसे भी बहुत कुछ दे नहीं पाया उन्हें… अब उन्हीं से पैसे लूं, ये बात गले नहीं उतरती। यह कहते हुए वे नजरें फेर लेते हैं- जैसे आत्मसम्मान और मजबूरी के बीच कहीं अटक गए हों। मुआवजा घर बनाने में खर्च क्यों कर दिया? रमेश बिना देर किए जवाब देते हैं। 'घर कच्चा था… दीवारें झरती थीं। रसोई खुली रहती थी, कुत्ते मुंह मार जाते थे। ऐसे में कैसे गुजारा होता?’ थोड़ा रुककर जोड़ते हैं, ‘रिश्तेदार आते-जाते थे तो शर्म लगती थी। बेटियों की शादी करनी थी… बिना पक्के घर के कौन रिश्ता करता? एक घर बनवाना जरूरी था।’ उनकी आवाज में सफाई कम, मजबूरी ज्यादा थी। ग्रेटर नोएडा के औरंगपुर गांव में राहुल नागर स्कूल में पढ़ाते हैं। वे बताते हैं, ‘2008 में हमारी 200 बीघे जमीन गई थी… 7 करोड़ मिले थे।’ फिर थोड़ी देर रुककर जोड़ते हैं, 'आज वही जमीन 200 करोड़ की हो गई है।’ राहुल कहते हैं- हमने तो जमीन के बदले जमीन ले ली, लेकिन हमारे बड़े-बुजुर्गों का बहुत नुकसान हुआ। जब जमीन थी न, तो मां-बाप किसी भी तरह बच्चों को पढ़ा लेते थे। खेत की ताकत थी, हिम्मत थी। जमीन बिकने के बाद जो मुआवजा मिला, वह बच्चों के असली काम नहीं आया। गांव में कई लोगों ने बड़ी-बड़ी गाड़ियां खरीद लीं, कुछ ने आलीशान मकान बनवा लिए।’ यह कहते हुए उनकी आवाज में अफसोस नजर आता है। वह थोड़ी देर चुप रहकर कहते हैं, ‘एक और नुकसान हुआ… हमारे बुजुर्ग बीमार पड़ने लगे। पहले उनकी आदत थी- सुबह खेत तक पैदल जाना, मेड़ों पर घूमना। वही उनकी कसरत थी। जमीन बिकने के बाद सब बदल गया। अब वे घर पर ही बैठे रहते हैं। बदले में हमने जो जमीन खरीदी, वो यहां से 150 किलोमीटर दूर है। वहां तक वे जा नहीं पाते। अब मेरे पिताजी सुबह उठते हैं, आंगन में ही टहल लेते हैं। कभी आसपास निकल जाते हैं, लेकिन… खुश नहीं रहते। दिन का ज्यादातर वक्त या तो घर के अंदर गुजरता है या आंगन में चक्कर लगाते हुए। राहुल कहते हैं- जब जमीन थी तो हमारे बुजुर्ग 100 साल तक जीते थे। अब बड़ी मुश्किल से 70 साल तक फिट रह पा रहे हैं। 45 से 70 साल की जो पीढ़ी है, वो जैसे बीच में अटक गई है। बच्चों के पास भी समय नहीं। सब अपनी-अपनी जिंदगी के बोझ में दबे हैं।’ उनकी बातों में बड़ी नाउम्मीदी दिखती है। इसी गांव के आशेराम अपने दरवाजे पर खड़े-खड़े बात करते हैं। ‘मेरे दो बेटे हैं और तीन बेटियां। बड़ा बेटा उधम सिंह ने लॉ की पढ़ाई की है, छोटा बेटा गौरव ग्रेजुएट है। लेकिन पीछे बंधी मवेशियों की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं- अब हमारे पास चार भैंसें और दो गाय ही सहारा हैं।’ वे बताते हैं, ‘2003 में हमारी जमीन कुछ लाख में एक्वायर हुई थी… आज वही जमीन 3 करोड़ की है।’ मुआवजे का पैसा कहां गया? इस पर वे सीधा जवाब देते हैं, ‘घर बना, बच्चों की पढ़ाई हुई, शादियां कीं… और सब खत्म। अब हाल यह है कि 14 लाख रुपए का कर्ज चढ़ चुका है। साहूकार आते-जाते रहते हैं, पूछते हैं पैसा कब दोगे।' यह कहते हुए उनके चेहरे पर थकान है- जैसे हिसाब-किताब अब जमीन का नहीं, रोज की जिंदगी का रह गया हो। वह कहते हैं, 'अब हम दूध बेचकर गुजारा कर रहे हैं। मेरे दोनों बेटे हमारी ही जमीन पर बने फ्लैट्स में दूध बेचते हैं। अगर वे यह काम न करें तो कर्ज की ब्याज चुकाना मुश्किल हो जाएगा। घर भी नहीं चलने वाला। कई बार बच्चे इस काम से परेशान हो जाते हैं। बीमारी से हमारे लाखों के जानवर मर जाते हैं। सोचिए एक भैंस हमारी दो लाख रुपए की होती है। कोई मर जाए तो हम मुसीबत में आ जाते हैं। जानवरों का काम आसान नहीं है। हमारे बच्चे पशुओं के साथ पशु बनकर काम करते हैं। अक्सर खीज में रहते हैं। आशेराम थोड़ी देर आसमान की तरफ देखते हैं, फिर कहते हैं, ‘हमने तो यही सोचा था… यहां इतनी कंपनियां लगेंगी, तो हमारे बच्चों को नौकरी मिल जाएगी। लेकिन कुछ नहीं मिला। न बड़ी कंपनी में जगह, न पक्की नौकरी। बस उम्मीद ही रह गई,’ वे धीरे से कहते हैं। जैसे एक सपना था, जो चुपचाप बिना शोर किए टूट गया। आशेराम कहते हैं, ‘सोचिए जरा… नोएडा में मेरी ही जमीन पर बनी एक फर्म में मेरा बेटा सिक्योरिटी गार्ड है। वो नौकरी न करे तो अपने बच्चे कैसे पालेगा? उसका गुस्सा हम पर ही उतरता है। ताना मार देता है- जमीन बेचकर अच्छा नहीं किया। कहता है कि मुआवजे के पैसे से कहीं और जमीन ले ली होती। या जमीन ठेके पर दी होती, तो जितना वह गार्ड बनकर कमा रहा है, उतना तो उसी से आ जाता। वह कहता है आपने हमारे लिए किया ही क्या? सारा पैसा घर बनवाने में लगा दिया। यह बताते हुए वे वे चुप हो जाते हैं, जैसे जवाब भीतर ही अटक जाता हो।' फिर धीरे से सफाई देते हैं, ‘अब सोचिए जरा… घर न बनवाता तो इनकी शादियां कैसे करता? हमारे यहां तो बेटी की शादी से पहले घर देखा जाता है। पक्का मकान न हो तो रिश्ता नहीं होता।’ आशेराम की बातें खत्म होती है तो आंगन में कुछ देर सन्नाटा रहता है। पक्के घर की दीवारें खड़ी हैं, लेकिन भीतर एक अधूरापन गूंजता है। जिन खेतों ने पीढ़ियों को सहारा दिया, वे अब कांच और कंक्रीट में बदल चुके हैं। बेटा अपनी ही जमीन पर बनी इमारत में गार्ड है, पिता अपने फैसलों का हिसाब देता फिर रहा है, और पोती-पोतों का भविष्य अंधेरे में खड़ा है। नोएडा की चमकती सड़कों से यह दर्द दिखाई नहीं देता। वहां सिर्फ विकास दिखता है- मेट्रो, मॉल, कंपनियां। लेकिन गांवों के आंगन में बैठा किसान पूछ रहा है- क्या तरक्की का मतलब जड़ों से कट जाना होता है? ------------------------------------- 1-ब्लैकबोर्ड-‘एक्स्ट्रा सर्विस’ न देने पर मारी गई थी अंकिता भंडारी:मां-बाप ने खुद को घर में बंद किया; न कमा रहे, न राशन खरीद पा रहे दिल्ली से आए मीडिया के लोग दिनभर अंकिता भंडारी के माता-पिता से बात करने के लिए उनके घर के बाहर बैठे रहे, लेकिन वे घर पर ताला लगाकर चले गए थे। तब तक नहीं लौटे, जब तक मीडिया के लोग वापस नहीं चले गए। अगले दिन मैं बिना बताए उनके घर पहुंची। वह हड़बड़ा गईं, लेकिन बात करने से पहले एक शर्त रख दी- ‘मनीषा जी, आप पत्रकार बनकर नहीं, मेरी बेटी बनकर सुनेंगी, तभी बात करूंगी,’ मैंने हामी भर दी। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-पापा को फांसी दिलाकर आत्महत्या कर लूंगी:कहते थे ब्राह्मण होकर नीच से शादी कैसे की, गोली मारकर बोले- अब मैं बहुत खुश हूं हम दोनों की लव मैरिज को तीन महीने बीत चुके थे। लग रहा था कि अब घर वाले शांत हो गए हैं और हमारी जिंदगी से उन्हें कोई लेना-देना नहीं रह गया है, लेकिन 5 अगस्त 2025 की शाम, करीब 5 बजे, सब कुछ बदल गया। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 19 Feb 2026 5:06 am

असम में क्या महिलाएं खोलेंगी BJP की जीत का रास्ता:स्कीम से मुस्लिम भी खुश, बोलीं- हिमंता भले हमें पसंद न करें, हम वोट देंगे

असम के कामरूप जिले में एक महिला साइकिल पर बेटी को लेकर जा रही थीं। हमने पूछा- सरकारी योजनाओं के पैसे मिले क्या? जवाब में कहा- ‘हां, मिले हैं।’ हमने पूछा, अबकी बार किसकी सरकार? वे मुस्कुराकर बोलीं- ‘BJP की…BJP जिंदाबाद, हिमंता जिंदाबाद’ असम में करीब दो महीने बाद चुनाव होने हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर पहुंची। यहां सड़कें चुनावी होर्डिंग और बैनरों से पटी मिलीं। हर चौक-चौराहे पर सरकारी योजनाओं और उनका फायदा लेने वालों की तस्वीरें हैं, जिनमें CM हिमंता बिस्वा सरमा महिलाओं को चेक देते दिख रहे हैं। ये चेक महिलाओं के खाते में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर के हैं। असम में अरुणोदय योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपए मिलते हैं। इस बार सरकार जनवरी से अप्रैल तक के 5 हजार रुपए एक साथ 20 फरवरी को देने वाली है। साथ में 3 हजार रुपए राज्य के सबसे बड़े त्योहार बिहू के लिए अलग से दिए जाएंगे। ऐसे में सवाल ये है कि चार महीने की राशि एकमुश्त देने का ऐलान क्यों, बिहू का तोहफा पहली बार चुनावी साल में ही क्यों दिया जा रहा है? क्या सीएम हिमंता ने भी वही दांव खेला है, जो बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान BJP गठबंधन ने खेला था। वहां छठ पूजा से पहले महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपए की एकमुश्त राशि भेजी गई थी। मध्यप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली जैसे 6 राज्यों में BJP के लिए ये जीत का फॉर्मूला रहा है। क्या चुनाव नतीजों पर इसका असर दिखेगा, क्या असम चुनाव से पहले महिलाओं को साधने के लिए ये CM का मास्टरस्ट्रोक है। दैनिक भास्कर की टीम ने ग्राउंड पर पहुंचकर हर तबके की महिलाओं से बातचीत कर इसे समझने की कोशिश की। जगह: रंगिया, गुवाहाटी‘पैसा मिला, सुविधाएं भी, कमल के फूल को ही वोट देंगे’सबसे पहले हम गुवाहाटी से 62 किलोमीटर दूर रंगिया पहुंचे। यहां हमें 40 साल की बैतन बीबी मिलीं। बैतन जिस कम्युनिटी से आती हैं, उसे CM हिमंता, मियां मुस्लिम कहते हैं। सरकारी योजनाओं से मिलने वाले फायदे के बारे में पूछने पर वे बताती हैं कि दो महीने पहले ही सेल्फ हेल्प ग्रुप से 10 हजार रुपए का चेक मिला है। अरुणोदय के तहत हर महीने 1250 रुपए मिलते हैं। 19 साल की बेटी तस्लीमा को हर महीने 1200 रुपए मिलते हैं। ये 11वीं पास करने के बाद निजुत मोइना योजना के तहत दिए जाते हैं। इसके अलावा परिवार को राशन समेत राज्य और केंद्र की बाकी योजनाओं के फायदे भी मिलते हैं। बैतन अभी हाल में मिले 30 हजार रुपए से बहुत खुश हैं। वे कहती हैं, ‘हमने दो बकरी और दुकान के लिए कुछ सामान खरीदा है। जो पैसा मिला बहुत है, आगे और मिलेगा। मेरे पति भी सरकार से मिलने वाली सुविधाओं से खुश हैं। इस चुनाव में हम कमल के फूल को ही वोट देंगे।‘ ‘CM हमें भले पसंद न करें, हम उन्हें ही वोट करेंगे’पास में खड़ी फरीदा बेगम कहती हैं, ‘मेरी बेटी को PM मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता हर महीने निजुत मोइना के 1200 रुपए देते हैं। पहले हम तिरपाल डालकर रहते थे, अब हमारे पास मोदी सरकार का दिया घर है।' 'कांग्रेस के लोग वोटर कार्ड मांगते आते हैं और ग्रुप बनाने को कहते हैं। हम गरीब जरूर हैं, लेकिन बेईमान नहीं हैं। हम जिसका खाते हैं, उसी से डरते हैं। मोदी सरकार ने हमें बहुत राशन दिया। हम 6 महीने बैठ कर खाए। हम बेईमानी नहीं करेंगे, जिसका खाया है, उसे ही फायदा पहुंचाएंगे।’ ’हमारा पूरा परिवार BJP को वोट देता है। हमें कोई मारे या काटे, हम BJP को ही वोट करेंगे। हम जब तक जिंदा रहेंगे, हिमंता को वोट करेंगे। मुख्यमंत्री हमें भले ना पसंद करें, लेकिन हम उन्हें बहुत पसंद करते हैं।’ जगह: कामरूप ‘सरकार के दिए पैसों से घर चलता है, BJP को ही जिताएंगे’इसके बाद हम कामरूप जिले में रहने वाली 32 साल जोनाली डेका से मिले। उन्हें दो साल से अरुणोदय योजना का फायदा मिल रहा है। पिछले साल मार्च में पति गुजर गए। तब से जोनाली दोनों बच्चों की जिम्मेदारी अकेले ही उठा रही हैं। बच्चों की फीस समेत घर का खर्च चलाने के लिए वो सिलाई का काम करती हैं। योजना के तहत मिलने वाले 1250 रुपए से कुछ मदद हो जाती है। जोनाली कहती हैं, ‘पहले महिलाओं को पति के सामने हाथ फैलाना पड़ता था, अब खुद पैसे खर्च करने का अधिकार मिला है। मुख्यमंत्री ने जो पैसे दिए, उससे हमारा काम चलता है। अभी फरवरी में मिलने वाले एकमुश्त 8 हजार रुपए से बकरी और मुर्गी खरीदेंगे, ताकि आगे घर चलाना आसान हो। सरकार ने हमारी जिंदगी आसान बनाई है, इसलिए चुनाव में BJP को ही जिताएंगे।‘ जगह: बक्सा ‘BJP ने घर बैठी महिलाओं को सम्मान दिया, उसे ही जिताएंगे’बक्सा जिले की रहने वाली अनु को भी सेल्फ हेल्प ग्रुप और अरुणोदय योजना का फायदा मिलता है। 45 की उम्र में इन पैसों से उन्होंने दुकान खोली है। 25 हजार रुपए की अगली रकम 6 से 12 महीने बाद मिलेगी। वो किराए की दुकान छोड़कर अपनी दुकान खरीदना चाहती हैं। इसी गांव की रहने वाली संगीता बताती हैं, मेरी सासू मां को भी इन योजनाओं का फायदा मिला। उन्होंने इससे दुकान खोली। अब वो मुझे और पूरे परिवार को BJP को वोट देने के लिए कहती हैं। हम बंगाली हिंदू कम्युनिटी के ठिकाने तुलसी बाड़ी पहुंचे। यहां मिलीं सुचित्रा पॉल कहती हैं, ‘महिलाएं पहले घर में ही रहती थीं। अब सरकार के दिए पैसों से हम कुछ करने लायक हो गए हैं। BJP ने महिलाओं को ये सम्मान दिया। इसी फरवरी में मुख्यमंत्री ने बिहू के आशीर्वाद के तौर पर 3 हजार रुपए ज्यादा देने का ऐलान किया है।‘ सुचित्रा की पड़ोसी रूमी पॉल को भी 3 महीने पहले अरुणोदय का पैसा मिलना शुरू हुआ है। रूमी कहती हैं, ‘पहले पति कभी-कभार पैसे देते थे। अब ये मेरा पैसा है, जब चाहे जैसे चाहे खर्च करती हूं। जिस दिन मुझे अरुणोदय के 10 हजार रुपए मिले, पति बोले- आज उनका लक्की डे है।’ शहरी महिलाएं बोलीं- हमारा काम रुका, हर महीने पैसे दे सरकार इसके बाद हम शहरी इलाकों की महिलाओं से मिले। गुवाहाटी के पंजाबरी में मल्या दास की किराने की दुकान है। योजना की रकम के बारे में पूछने पर हताशा से कहती हैं, ‘फॉर्म भर दिया है, लेकिन अभी पैसा नहीं मिला है। उम्मीद है जल्द ही पैसे आने लगेंगे।‘ कुछ दूर आगे बढ़े तो हमारी मुलाकात मंजू भुयान और मधुस्मिता से हुई। महिलाओं के लिए सरकारी योजनाओं के लेकर उनका कहना है कि सरकार हमें आगे बढ़ने के लिए बहुत मदद कर रही है। गुवाहाटी के सिलपुखुरी में रहने वाली 42 साल की पोडु बेगम कहती हैं, ‘इस महीने पैसे नहीं मिले, इसलिए काफी दिक्कत हो रही है। पति नहीं हैं, बेटी की शादी हो गई है। पैर में चोट लगी है। घर का किराया देना मुश्किल हो गया है। मकान मालिक घर खाली करने को कह रहे हैं। हम चाहते हैं कि सरकार हर महीने पैसे दें। हमारी बहुत सी जरूरतें हैं। हमें पैसा रोककर एकमुश्त नहीं चाहिए।‘ चुनाव आयोग बोला- योजना पुरानी, बिहू गिफ्ट बस नया एडिशनचुनाव के पहले बिहू के तोहफे के ऐलान को लेकर चुनाव आयोग का क्या रुख है, ये जानने के लिए हम असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल से मिले। वे कहते हैं, ‘मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद लागू होता है। राज्य सरकार या केंद्र के पास ये पावर है कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लगने से पहले किसी भी सरकारी स्कीम के तहत लोगों को सुविधाएं दे सकती है। सरकारें चुनाव की घोषणा के बाद किसी स्कीम में मिलने वाली राशि को नहीं बढ़ा सकतीं, लेकिन उससे पहले कोई रोक-टोक नहीं।’ पिछले 5 साल में चार बिहू गुजर गए, लेकिन तब पैसा बढ़कर नहीं मिला। फिर इस बार क्यों? अनुराग कहते हैं, ’अरुणोदय पुरानी योजना है। समय के साथ लाभार्थियों की संख्या और पैसा दोनों बढ़ा। इस बार बिहू नया एडिशन है। मुझे लगता है कि ये हर साल कायम रहेगा।’ ‘ये सिर्फ असम में ही नहीं हो रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों में कई पार्टियों ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ये कोशिशें की हैं। ऐसे में सिर्फ असम को लेकर इस तरह की बात करना सही नहीं होगा।‘ पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं…कांग्रेस: ये महिला सशक्तिकरण नहीं, ब्लैकमेलिंग स्कीमअसम की प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर का कहना है कि ये योजनाएं महिला सशक्तिकरण की नहीं है। महिला को 1250 दिया, लेकिन उसी महिला के ग्रेजुएट बच्चों के पास रोजगार नहीं है। असम सरकार पर 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। ये कर्ज असम के हर नागरिक पर है। असम में हिमंता के राजनीतिक दिन अब गिनती के हैं। क्या मियां मुस्लिम हिमंता को पसंद करते हैं? जवाब में मीरा कहती हैं, ‘मुख्यमंत्री के मियां मुस्लिमों से अच्छे रिलेशन हैं। वो खुद कहते हैं कि जब वोट की जरूरत होती तो बदर भाई (बदरुद्दीन अजमल) को बोल देता हूं, वो दिलवा देते हैं। मुस्लिमों में वो BJP के स्टार प्रचारक हैं। स्टेज पर दिखाने के लिए कुछ और बोलते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। वहीं नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया कहते हैं, ’महिला सशक्तिकरण के नाम पर असम सरकार सिर्फ चुनावी प्रलोभन दे रही है। चुनाव से ठीक पहले पैसे बांटना साफ तौर पर महिला वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश है। BJP का ये तथाकथित सशक्तिकरण असल में एक ब्लैकमेलिंग स्कीम है, जो महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठा रही है।’ ’ये योजना महिलाओं के उत्थान के लिए नहीं बल्कि BJP के लिए महिला वोट सुरक्षित करने के लिए है। कांग्रेस भी ऐसी योजनाएं लाएगी लेकिन हम BJP की तरह वोट के लिए लाभार्थियों को ब्लैकमेल नहीं करेंगे। हमारी योजनाओं में कलाकार, पत्रकार और दिव्यांग भी शामिल होंगे, जिन्हें मौजूदा सरकार ने बाहर कर दिया है।’ BJP: ये वोट बैंक नहीं, महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की कोशिशइसके बाद हमने BJP सरकार में मंत्री पीयूष हजारिका से मिले। हमने पूछा कि इस बार एकमुश्त 8 हजार देने के पीछे क्या वजह है? जवाब मिला, ‘चुनाव के वक्त आदर्श आचार संहिता के कारण हम पैसा दे नहीं सकते। कभी-कभी मामला कोर्ट में भी चला जाता है। इसलिए हमने सोचा कि चार-पांच महीने का पैसा इकट्ठा दे दिया जाए। असम के लिए बिहू बड़ा फेस्टिवल है, तो इसमें बिहू का गिफ्ट 3,000 रुपए जोड़ा गया है।‘ बिहू गिफ्ट पिछले सालों में क्यों नहीं दिया गया, चुनावी साल में ही क्यों? इस पर जवाब मिला, ‘कहीं न कहीं से तो शुरुआत करनी पड़ती है। अगर इस बार चुनाव नहीं होता, हम तब भी ये देते। अरुणोदय योजना हमने पिछले चुनाव से पहले शुरू की थी, लेकिन चुनाव के बाद भी बंद नहीं की।‘ विपक्ष आरोप लगा रहा है कि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) महिलाओं को वोट बैंक बनाने के लिए है, जैसे बाकी राज्यों में भी देखा गया। हालांकि पीयूष इससे इनकार करते हैं। एक्सपर्ट: फ्रीबीज से फायदा, लेकिन BJP के लिए राह आसान नहींगुवाहाटी यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर अब्दुल मन्नान कहते हैं, ‘ये आम धारणा है कि वोटर सिर्फ पैसे या ऐसे फायदों के आधार पर वोट करते हैं। ये सच है कि हाल के सालों में यहां को लोगों को जो आर्थिक फायदे हुए, महिलाओं को जो सुविधाओं दी गईं, उसका चुनावी असर पड़ सकता है।’ ’हालांकि अगर आने वाले दिनों में विपक्षी दल मिलकर एक मजबूत गठबंधन बनाने में कामयाब रहे तो BJP के लिए चुनाव जीतना इतना भी आसान नहीं होगा। मौजूदा सर्वे के मुताबिक, सिर्फ करीब 40% वोटर की BJP के सपोर्ट में है। करीब 60% लोग उसके खिलाफ रुख रखते हैं।’ मन्नान के मुताबिक, कांग्रेस, वामपंथी दल और रीजनल पार्टियां अगर एक मजबूत गठबंधन बनाती हैं, तो चुनावी नतीजे पूरी तरह बदल सकते हैं। …………………..ये खबर भी पढ़ें… गोगोई बोले- हिमंता मुख्यमंत्री रहने लायक नहीं असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। CM ने गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के संबंधों पर सवाल उठाए हैं। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 19 Feb 2026 5:03 am