54 हजार फॉलोअर्स वाला बेटा सो रहा था... पिता ने हथौड़े से मार डाला
राजकोट में एक घर के अंदर खौफनाक मंजर सामने आया. यहां पिता ने अपने 33 साल के बेटे की हत्या कर दी. बेटे के सोते वक्त उसके सिर और आंख के पास हथौड़े से वार किए गए. इसके बाद आरोपी पिता कुछ देर तक पास के बगीचे में बैठा रहा और फिर खुद पुलिस स्टेशन पहुंचकर हत्या की बात कबूल कर ली.
भूपेंद्र पटेल के बड़े ऐलान! आंगनवाड़ी बच्चों, छात्रों और ग्रामीणों को तोहफा
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाले नाश्ते से लेकर सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर तक कई बड़े ऐलान किए हैं.
कश्मीर से कन्या कुमारी तक, देखें देश से आजादी के जश्न की 80 तस्वीरें
आजादी के 80वें पर्व पर देशभर में जश्न का माहौल है. लाल किले से पीएम मोदी के तिरंगा फहराने, 21 तोपों की सलामी, ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान और देशभक्ति से सराबोर कार्यक्रमों के साथ कश्मीर से कन्याकुमारी तक तिरंगा शान से लहराता नजर आया. तस्वीरों में राजघाट पर पीएम मोदी की श्रद्धांजलि से लेकर लाल किले पर बच्चों, NCC कैडेट्स और विशेष मेहमानों की मौजूदगी तक आजादी के जश्न की भव्य झलक दिखी. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य, युवाओं को AI से जोड़ने, फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर जोर दिया.
आगरा में पिता पर मासूम बेटी को यमुना में फेंकने का आरोप
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति पर करीब एक साल की बेटी को यमुना नदी में फेंकने का गंभीर आरोप लगा है। इसके बाद उसने कथित तौर पर पत्नी को भी पुल से नीचे फेंकने की कोशिश की, लेकिन राहगीरों ने महिला को बचा लिया और आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
लाल किले से बोल रहे थे मोदी, इजरायल ने बड़ा खेल कर दिया!
80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13वीं बार तिरंगा फहराया। पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना है। हमें आत्मनिर्भर बनना है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि एक तरफ पीएम मोदी भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का काम कर रहे थे तो दूसरी तरफ इजराइल ने बड़ा खेल कर दिया। इजराइल ने भारत का झंडा गाड़ दिया। सबसे पहले तो भारत में इजराइली राजदूत रूएनार ने हिंदी में भारतवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। इसी बीच इजराइल के डिप्लोमेट्स भारत के एक रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और भारतीय लोगों को झंडा बांटने लगे। इसे भी पढ़ें: Independence Day 2026: भारत के साथ आजादी का जश्न मनाते हैं ये 5 देश, कितनों के बारे में जानते हैं आप? बता दें कि दो दिन पहले भी इजराइल के डिप्लोमेट्स ने भारत में वंदे मातरम गाना शुरू कर दिया था। यह संदेश खासतौर पर भारत में रहने वाले उन लोगों के लिए था जो वंदे मातरम गाना नहीं चाहते। वंदे मातरम। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इजराइल के अखबार ने भी तहलका मचा दिया है। इजराइल का अखबार यरूशलम पोस्ट भारत की ताकत के बारे में दुनिया को बता रहा है। भारत की ग्रोथ इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में दुनिया को बता रहा है। सोचिए एक तरफ राहुल गांधी भारत की विदेश नीति का मजाक बना रहे थे तो वहीं दूसरी तरफ इजराइल भारत की ताकत का गुणगान कर रहा है। हर घर तिरंगा अभियान के तहत मुंबई में इजराइल की डिप्टी काउंसिल जनरल अभिशाख हेर ने मुंबई के सीएसटी स्टेशन पर भारतीय लोगों को तिरंगा बांटना शुरू कर दिया। इजराइल की डिप्लोमेट ने खासतौर पर मुस्लिम महिलाओं को भी तिरंगा दिया और भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई भी दी।
AUS vs BAN: डार्विन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की हालत खस्ता
बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है. बांग्लादेश ने मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम पर अपना शिकंजा कस लिया है. अब चौथे दिन देखना दिलचस्प होगा कि मैच का पलड़ा किस तरफ झुकता है.
घर में हनुमान जी की कौन सी तस्वीर लगाना है शुभ? जानें सही दिशा
Hanuman Ji and Vastu: घर में हनुमान जी की कौन सी तस्वीर और मूर्ति रखना होता है शुभ? जानिए सही दिशा, पंचमुखी हनुमान का महत्व और वास्तु के जरूरी नियम.
संभल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में स्कूल का छज्जा गिरा, एक बच्चे की मौत- VIDEO
उत्तर प्रदेश के संभल जनपद में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया. असमोली थाना क्षेत्र के मदाला गांव स्थित हसनैन पब्लिक निजी स्कूल के मुख्य द्वार का छज्जा अचानक गिर गया, जिससे वहां मौजूद तीन बच्चे दब गए.
करौली कलेक्टर के ध्वजारोहण के दौरान तिरंगा नीचे गिरा, मचा हड़कंप
Karauli District Collector Flag Hoisting: करौली के मुंशी त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा के ध्वजारोहण के दौरान तिरंगा रस्सी सहित नीचे आकर पैरों के पास गिर गया, जिससे स्वतंत्रता दिवस समारोह में मौजूद लोग कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए.
Moto G Max भारत में लॉन्च, मिलेगी 7000mAh की बैटरी, ये है कीमत
Moto G Max भारत में लॉन्च हो गया है, जिसमें 7000mAh की बैटरी, 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है. यह एक मिड रेंज स्मार्टफोन है. इसमें कंपनी ने Snapdragon 6s Gen 4 4nm चिपसेट का यूज किया है. आइये इसकी कीमत और अन्य डिटेल्स के बारे में जानते हैं.
तीज पर छाईं कुमार विश्वास की बड़ी बेटी, डेनिम कुर्ते में दिखा रॉयल लुक
मशहूर कवि कुमार विश्वास की बेटी अग्रता शर्मा ने हरियाली तीज पर पारंपरिक साड़ी-लहंगे से हटकर एक स्टाइलिश इंडो-वेस्टर्न डेनिम लुक अपनाया. नीतू बिष्ट और संदीपिका शर्मा संग सेलिब्रेट करते हुए, अग्रता के डेनिम फरसी सलवार सूट, ऑलिव ग्रीन दुपट्टे और हॉट पिंक बैग में बेहद ग्लैमरस नजर आईं.
गॉल में डराने वाल पल! राहुल के शॉट से श्रीलंकाई फील्डर घायल
गॉल टेस्ट के दौरान केएल राहुल के स्वीप शॉट से श्रीलंका के शॉर्ट लेग फील्डर निशान मदुष्का बुरी तरह चोटिल हो गए. चोट के बाद मेडिकल स्टाफ मैदान पर पहुंचा और मदुष्का को जांच के लिए बाहर ले जाया गया.
भारत में इन सेक्टरों में आ सकती है नौकरियों की बाढ़, PM ने बताया
मैन्युफैक्चरिंग और कृषि से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा और क्रिएटिव इकोनॉमी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से विकास के सात प्रमुख क्षेत्रों को लेकर बात की है. उन्होंने इन सात क्षेत्रों को ‘शक्ति की सप्तधारा’ नाम दिया है. पीएम मोदी के मुताबिक, ये सात क्षेत्र भारत के विकास के अगले चरण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
तीन नवजात, नर्सें और तिरंगा... दिल छू लेगी अस्पताल की ये तस्वीर
न कोई मंच था, न परेड... बस तीन नन्हे मेहमान थे और तिरंगे के तीन रंग. नाशिक जिला अस्पताल की न्यूबोर्न बेबी केयर यूनिट में स्वतंत्रता दिवस का जश्न कुछ ऐसा मनाया गया, जिसकी तस्वीर देखकर चेहरे पर मुस्कान आ जाए. एक नवजात केसरिया रंग में लिपटा था, दूसरा सफेद और तीसरा हरे रंग में. नर्सों ने तीनों को एक साथ रखकर तिरंगे का स्वरूप बना दिया.
स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंगे खिलाड़ी
स्वतंत्रता दिवस के जश्न में भारतीय क्रिकेटर्स भी पूरी तरह से डूबे हुए हैं. सोशल मीडिया पर वह लगातार पोस्ट के जरिए फैन्स को आजादी के इस खास दिन की शुभकामनाएं दे रहे हैं.
सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल और ATF पर घटा दिया ये टैक्स
केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल और विमान ईंधन के निर्यात पर विंडफाल टैक्स को कम कर दिया है. यह ऐसे समय में फैसला लिया गया है, जब वेस्ट एशिया में एनर्जी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
लव मैरिज, बच्चा और फिर हत्या! स्वीटी पटेल केस में पूर्व इंस्पेक्टर को उम्रकैद
गुजरात के चर्चित स्वीटी पटेल हत्याकांड में कोर्ट ने स्वीटी पटेल के पति और तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर अजय देसाई को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है.
नाग पंचमी के दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम, घेर लेंगी मुश्किलें!
Nag Panchami 2026: 17 अगस्त को है नाग पंचमी. इस दिन भूलकर भी जमीन न खोदें और न करें ये 5 गलतियां, वरना नाग देवता की नाराजगी से जीवन में बढ़ सकती हैं मुश्किलें. जानें जरूरी नियम.
भूखे रहना ही व्रत नहीं! जानें सावन और रमजान का असली मतलब
Sawan 2026: सावन और रमजान के व्रत सिर्फ परंपरा नहीं हैं, बल्कि यह सेहत का राज और हेल्दी लाइफ का सीक्रेट फॉर्मूला है. जानिए उपवास के पीछे का विज्ञान और इसके हैरान करने वाले फायदे.
CRETA-SIERRA से टक्कर, दोगुनी हुई SUV की सेल, इतनी है कीमत
जुलाई का महीना कार कंपनियों के लिए शानदार रहा है. खासकर किआ इंडिया के लिए जिसकी सेल 27 परसेंट बढ़ी है. वहीं किआ सेल्टॉस के लिए जुलाई काफी स्पेशल साबित हुआ है. इस मिडसाइज एसयूवी की सेल 109 परसेंट बढ़ी है. यानी इसकी सेल पिछले साल के मुकाबले दोगुनी हो गई है. आइए जानते हैं किआ की दूसरी कारों का हाल कैसा रहा है.
57 में 27 की लगती हैं भाग्यश्री, खाती हैं ये हरी सब्जी
Bhagyashree Fitness Tips: 57 साल की भाग्यश्री अपनी उम्र से 20 साल छोटी नजर आती हैं. इसके लिए वो अपनी फिटनेस और खानपान का भी ध्यान रखती हैं.
तारा सुतारिया ने अपनाया 1950 के दशक का ओल्ड हॉलीवुड लुक
बॉलीवुड एक्ट्रेस तारा सुतारिया अपने 1950 के दशक के ओल्ड-हॉलीवुड रेट्रो लुक को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने ब्लैक लेस मिडी गाउन, लंबे ओपेरा ग्लव्स, मेश हील्स और मोतियों की ज्वेलरी के साथ विंटेज अंदाज अपनाया।
‘Gen-Z और Gen-Alpha यूपी की ताकत’, CM योगी का बड़ा संदेश
स्वतंत्रता दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने Gen-Z और Gen-Alpha को यूपी की सबसे बड़ी ताकत बताया. उन्होंने AI, सेमीकंडक्टर, साइबर, रोबोटिक्स समेत नए क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने की बात कही.
UPSC मेन्स 2026 का एडमिट कार्ड जारी, 21 अगस्त से शुरू होगी परीक्षा
संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 का एडमिट कार्ड ऑनलाइन जारी कर दिया है. प्रीलिम्स की परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवार अब इसे डाउनलोड कर सकते हैं और अपनी परीक्षा से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं.
इंडोनेशिया के फ्लोरेस आइलैंड के तट पर शनिवार सुबह 7.7 तीव्रता का भूकंप आया। देश की मौसम विज्ञान, क्लाइमेटोलॉजी और जियोफिजिक्स एजेंसी (बीकेएमजी) ने यह जानकारी दी।
दुनिया के दो सबसे भरोसेमंद और पुराने रणनीतिक साझेदार भारत और रूस अब वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐसा क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहे हैं, जो पूरी दुनिया के समुद्री भूगोल और जियोपॉलिटिक्स की तस्वीर बदलकर रख देगा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे महत्वाकांक्षी ड्रीम प्रोजेक्ट 'उत्तरी समुद्री मार्ग' यानी 'नदरर्न सी रूट' (NSR - Northern Sea Route) पर अब भारत और रूस मिलकर तेजी से काम करने की तैयारी कर रहे हैं। इस मेगा प्रोजेक्ट के जरिए आर्कटिक महासागर के जमे हुए खतरनाक बर्फ के सीने को चीरकर एक ऐसा नया और छोटा समुद्री व्यापारिक रास्ता तैयार किया जाएगा, जो रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य और पारंपरिक स्वेज नहर के विकल्प के तौर पर उभरेगा। इस ऐतिहासिक पहल से न केवल दोनों देशों के बीच व्यापारिक दूरी और लागत में भारी कमी आएगी, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी एक नया भूचाल आ जाएगा, जिसपर पूरी दुनिया की पैनी नजर टिकी हुई है।क्या है रूसी राष्ट्रपति पुतिन का ड्रीम प्रोजेक्ट 'एनसीआर' (NSR)?रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इस ड्रीम प्रोजेक्ट 'उत्तरी समुद्री मार्ग' (Northern Sea Route) का मुख्य उद्देश्य आर्कटिक महासागर के उन बर्फीले और दुर्गम जलमार्गों को नौवहन के लिए खोलना है, जो साल के अधिकांश समय बर्फ की मोटी चादर से ढके रहते हैं। रूसी राष्ट्रपति की यह योजना न केवल रूस के उत्तरी तटों को यूरोप और एशिया से जोड़ेगी, बल्कि पारंपरिक समुद्री रास्तों की तुलना में ढुलाई के समय को आधे से भी कम कर देगी। मॉस्को पिछले कई सालों से इस रूट को विकसित करने के लिए दुनिया के ताकतवर आइसब्रेकर (बर्फ तोड़ने वाले जहाज) बेड़े का निर्माण कर रहा है। अब इस विशाल प्रोजेक्ट में भारत की सीधी और सक्रिय भागीदारी ने इसे एक वैश्विक आयाम दे दिया है, जिससे यूरेशियाई व्यापार का पूरा नक्शा ही बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।क्यों पड़ रही है होर्मुज जलडमरूमध्य और स्वेज नहर के विकल्प की जरूरत?वर्तमान समय में भारत और रूस के बीच होने वाला अधिकांश व्यापार या तो पारंपरिक यूरोपीय मार्गों से होकर गुजरता है या फिर पश्चिम एशिया के संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर की स्वेज नहर से होकर जाता है। पिछले कुछ वर्षों में हूती हमलों, क्षेत्रीय युद्ध के हालातों और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण इन पारंपरिक रास्तों पर जहाजों की सुरक्षा को लेकर भारी संकट पैदा हो गया है। इसके अलावा, स्वेज नहर से सामान भेजने में समय और ईंधन दोनों का भारी खर्च होता है, जिससे वैश्विक महंगाई और लॉजिस्टिक्स की लागत आसमान छूने लगती है। इन तमाम सुरक्षा जोखिमों और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए ही अब दुनिया भर के देश एक ऐसे सुरक्षित और वैकल्पिक व्यापारिक मार्ग की तलाश में थे, जिसपर किसी तीसरे देश या क्षेत्रीय संघर्ष का असर न पड़े।भारत के लिए क्यों गेमचेंजर साबित होगा 'नदरर्न सी रूट'?भारतीय अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह उत्तरी समुद्री मार्ग एक एतिहासिक गेमचेंजर साबित हो सकता है। भारत अपनी जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा रूस से कच्चे तेल, कोयला और अन्य प्राकृतिक खनिजों के रूप में आयात करता है। यदि यह आर्कटिक मार्ग पूरी तरह से साल भर के लिए चालू हो जाता है, तो भारत और रूस के बीच माल भेजने के समय में लगभग 40 प्रतिशत तक की भारी बचत होगी। वर्तमान में सेंट पीटर्सबर्ग या मुरमंस्क बंदरगाहों से भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने में जो समय लगता है, वह इस नए रास्ते के जरिए काफी कम हो जाएगा, जिससे ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में भारी गिरावट आएगी। इसके अलावा, भारत इस मार्ग के जरिए आर्कटिक क्षेत्र के विशाल प्राकृतिक संसाधनों और दुर्लभ खनिज भंडारों तक अपनी सीधी पहुंच सुनिश्चित कर सकेगा, जो भविष्य की हाई-टेक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी हैं।आर्कटिक की बर्फ पिघलाना और पर्यावरण संरक्षण की बड़ी चुनौतियांभले ही यह प्रोजेक्ट आर्थिक और रणनीतिक रूप से बेहद आकर्षक लग रहा हो, लेकिन इसके रास्ते में कई विकट प्राकृतिक और तकनीकी चुनौतियां भी खड़ी हैं। आर्कटिक क्षेत्र की चरम जलवायु, भयंकर ठंड, और महीनों तक रहने वाला अंधेरा जहाजों के संचालन को बेहद खतरनाक बना देता है। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस न्यूक्लियर-पावर्ड आइसब्रेकर जहाजों की जरूरत होती है जो मोटी बर्फ की पर्तों को काटकर रास्ता बना सकें। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरणविदों और जलवायु वैज्ञानिकों द्वारा इस बात की भी चिंता जताई जा रही है कि आर्कटिक में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बढ़ने से वहां की नाज़ुक पारिस्थितिकी (Ecosystem) और ग्लोबल वार्मिंग पर बुरा असर पड़ सकता है। इन तमाम चुनौतियों से पार पाना रूस और भारत के संयुक्त तकनीकी दलों के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।वैश्विक राजनीति और चीन की भूमिका पर क्या पड़ेगा असर?इस पूरे भू-रणनीतिक घटनाक्रम में चीन की स्थिति और उसकी बढ़ती आर्कटिक गतिविधियों पर भी अमेरिका और पश्चिमी देशों की कड़ी नजर है। चीन पहले से ही अपने 'पोलर सिल्क रोड' के जरिए आर्कटिक क्षेत्र में पैर पसारने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में भारत और रूस की यह द्विपक्षीय साझेदारी इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बनाए रखने में एक अहम भूमिका निभाएगी। मॉस्को और नई दिल्ली की यह दोस्ती पश्चिमी देशों के तमाम प्रतिबंधों के बावजूद लगातार मजबूत हो रही है। इस प्रोजेक्ट के मूर्त रूप लेने से रूस को अपने ऊर्जा निर्यात के लिए एक सुरक्षित एशियाई बाजार मिलेगा, तो वहीं भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा को विविधता देने का एक अचूक और सुरक्षित जरिया मिल जाएगा, जो आने वाले दशकों में वैश्विक व्यापार की दशा और दिशा तय करेगा।
ब्रिटेन में गर्मी से पिघली पटरियां! 24 घंटे में दो बड़े ट्रेन हादसों से मचा हड़कंप, यात्राएं ठप
ब्रिटेन इन दिनों भीषण गर्मी और हीटवेव (Heatwave in UK) की चपेट में है, जिसके कारण वहां का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आलम यह है कि गर्मी का असर अब सीधे तौर पर परिवहन व्यवस्था पर दिखने लगा है और तपती पटरियों के कारण ट्रेनों के बेपटरी होने की दर्दनाक घटनाएं सामने आ रही हैं। देश के रेल नेटवर्क में महज 24 घंटे के भीतर दो बड़े ट्रेन हादसे होने से पूरे देश में हड़कंप मच गया है। इस विकट स्थिति ने ब्रिटिश रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।24 घंटे में दो बड़े हादसे: कैसे पलटीं पटरियां?पिछले 24 घंटों के अंतराल में ब्रिटेन के रेल नेटवर्क पर दो अलग-अलग जगहों पर ट्रेनें पटरी से उतर गईं। पहली दुर्घटना पूर्वी ससेक्स के लेवेस (Lewes) इलाके के पास हुई, जहां लंदन विक्टोरिया से आ रही एक पैसेंजर ट्रेन के कई डिब्बे अचानक ट्रैक से उतरकर पलट गए। इस भीषण हादसे में कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। इस घटना की दहशत अभी कम भी नहीं हुई थी कि इसके अगले ही दिन एसेक्स (Essex) के विकफर्ड रेलवे स्टेशन के पास ग्रेटर एंग्लािया की एक और ट्रेन के पिछले डिब्बे पटरी से उतर गए। गनीमत यह रही कि दूसरे हादसे में किसी बड़े जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं ने यात्रियों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है।रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और तपती पटरियों का खौफनाक असरविशेषज्ञों का मानना है कि इन हादसों के पीछे ब्रिटेन में पड़ रही भीषण गर्मी और तापमान का बहुत बड़ा हाथ है। समर हीटवेव के दौरान जब सूरज की तेज किरणें सीधे लोहे की पटरियों पर पड़ती हैं, तो ट्रैक का तापमान हवा के तापमान से करीब 20 डिग्री सेल्सियस तक अधिक हो जाता है। अत्यधिक गर्मी के कारण स्टील की पटरियां फैलने लगती हैं और मुड़ने लगती हैं, जिसे तकनीकी भाषा में 'ट्रैक बकलिंग' (Track Buckling) कहा जाता है। जब तेज रफ्तार ट्रेन इन टेढ़ी-मेढ़ी या फैली हुई पटरियों से गुजरती है, तो संतुलन बिगड़ जाता है और भयानक ट्रेन डिरेलमेंट (Train Derailment) जैसी दुर्घटनाएं घटित हो जाती हैं।नेटवर्क रेल की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाललगातार हो रहे इन हादसों के बाद ब्रिटेन की रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी 'नेटवर्क रेल' (Network Rail) और अन्य ऑपरेटर्स की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं और स्थानीय सांसदों ने पटरियों के मेंटेनेंस और सुरक्षा ऑडिट को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, नेटवर्क रेल के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने गर्मी से निपटने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए थे और तापमान की निगरानी भी की जा रही थी। बावजूद इसके, इस तरह की प्राकृतिक और तकनीकी चुनौतियों से पूरी तरह से पार पाना रेलवे प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है, जिसकी वजह से रेल यात्राएं बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं।यातायात पूरी तरह ठप, यात्रियों को हो रही भारी परेशानीइन दोनों दर्दनाक हादसों के बाद ब्रिटेन के कई मुख्य रेल रूटों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। लंदन को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण लाइनों पर ट्रेनों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। हजारों की संख्या में यात्री स्टेशनों पर फंसे हुए हैं और उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यात्रियों को अत्यधिक जरूरी होने पर ही यात्रा करने और घर से निकलने से पहले रूट की स्थिति जांचने की सलाह दी है, जबकि रेल एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (RAIB) पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
नाग पंचमी पर सालों बाद दुर्लभ संयोग, 3 राशियों की चमकेगी किस्मत
Nag Panchami 2026: 17 अगस्त 2026 को सावन का तीसरा सोमवार, नाग पंचमी और सूर्य देव का राशि परिवर्तन एक साथ होने जा रहा है. भगवान शिव, नाग देवता और सूर्य देव के इस दुर्लभ त्रिवेणी संगम से कई राशियों को फायदा होगा.
दुनिया के सबसे खतरनाक और ताकतवर अटैक हेलीकॉप्टरों में शुमार अमेरिकी बोइंग एएच-64 अपाचे (Boeing AH-64 Apache) एक बार फिर बड़े तकनीकी और सुरक्षा संकटों के घेरे में आ गया है। अमेरिकी सेना ने हाल ही में अपने अपाचे हेलीकॉप्टरों के पूरे ट्रेनिंग बेड़े को अचानक ग्राउंडेड करने का एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। इस अचानक उठाए गए कदम के बाद वैश्विक रक्षा जगत में हलचल मच गई है और यह सवाल लगातार पूछा जा रहा है कि आखिर अमेरिका को दुनिया के इस सबसे आधुनिक 'हवाई टैंक' की उड़ानों पर क्यों ब्रेक लगाना पड़ा? आइए इस पूरी घटना की गहराई में उतरकर इसके तकनीकी कारणों और भारत पर पड़ने वाले इसके संभावित प्रभावों का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।अमेरिका ने क्यों लगाया अपाचे हेलीकॉप्टर की उड़ानों पर अचानक ब्रेक?अमेरिकी सैन्य अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कड़ा फैसला टेक्सस में हाल ही में हुए एक दर्दनाक और घातक हादसे के बाद लिया गया है। इस दुर्घटना में अमेरिकी सेना के दो सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस जानलेवा दुर्घटना के सामने आने के तुरंत बाद अमेरिकी सेना मुख्यालय ने देश और विदेश में चल रहे सभी अपाचे ट्रेनिंग मिशनों को अगले आदेश तक पूरी तरह से स्थगित करने की घोषणा कर दी। सैन्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इस दुर्घटना के मूल कारणों यानी रूट कॉज (Root Cause) का पूरी तरह से पता नहीं चल जाता, तब तक इस बेड़े को जोखिम में नहीं डाला जाएगा। अमेरिकी सेना का यह कदम सुरक्षा प्राथमिकताओं को सबसे ऊपर रखने की उनकी रणनीति का हिस्सा है, लेकिन इससे उनकी युद्धक तैयारियों की निरंतरता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।क्या है तकनीकी खराबी और सुरक्षा जांच के मुख्य बिंदु?शुरुआती रिपोर्ट्स और आंतरिक रक्षा दस्तावेजों के मुताबिक, अपाचे हेलीकॉप्टरों के ट्रांसमिशन और मेन ड्राइव सिस्टम में कुछ आंतरिक तकनीकी गड़बड़ियों की बात सामने आई है। पिछले कुछ महीनों में इस तरह की तकनीकी जटिलताओं के कारण विमान के भीतर इलेक्ट्रिकल पावर और हाइड्रोलिक्स पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। हालांकि, ताजा दुर्घटना के पीछे की असली तकनीकी वजह का खुलासा आर्मी कॉम्बैट रीडनेस सेंटर की विशेष जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि यह अस्थायी रोक केवल रूटीन ट्रेनिंग उड़ानों के लिए है, जबकि सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील और एक्टिव कॉम्बैट मिशनों में लगे अपाचे हेलीकॉप्टरों को अभी इस दायरे से बाहर रखा गया है ताकि ऑपरेशनल जरूरतें प्रभावित न हों।क्या भारत की सुरक्षा के लिए बन रही है कोई बड़ी चिंता?भारतीय संदर्भ में बात करें तो भारतीय वायुसेना (IAF) और भारतीय थल सेना दोनों ही अपाचे एएच-64ई (AH-64E) गार्डियन हेलीकॉप्टरों का प्रमुखता से इस्तेमाल करती हैं। पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं पर सामरिक निगरानी और मारक क्षमता को बढ़ाने के लिए इन 'उड़ने वाले टैंकों' को बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में जब अमेरिकी बेड़े में तकनीकी खामियों के चलते ट्रेनिंग रोकी जाती है, तो भारतीय रक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े होना स्वाभाविक है। भारत ने हाल ही में अमेरिका के साथ इन हेलीकॉप्टरों के मेंटेनेंस और सपोर्ट के लिए करोड़ों के रक्षा सौदों को आगे बढ़ाया है। हालांकि, भारतीय रक्षा मंत्रालय और तकनीकी दल अमेरिकी विनिर्माता बोइंग और अमेरिकी सेना के साथ मिलकर लगातार संपर्क में हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय बेड़े में किसी भी प्रकार की तकनीकी अनिश्चितता या संकट का सामना न करना पड़े।भविष्य की रक्षा रणनीतियों और ग्लोबल सप्लाई चेन पर असरअपाचे हेलीकॉप्टरों का यह ग्राउंडिंग संकट केवल एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के उन तमाम देशों की चिंताएं बढ़ा रहा है जो अपनी वायु शक्ति के लिए इस अमेरिकी प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं। वैश्विक स्तर पर डिफेंस सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं और स्पेयर पार्ट्स की समय पर उपलब्धता न होने के कारण भी कई बार मेंटेनेंस के काम प्रभावित होते हैं। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका की इस सख्त जांच और रोक से आने वाले समय में बोइंग को अपने इस बेड़े के डिजाइन और ट्रांसमिशन सिस्टम में कुछ बड़े अपग्रेड या बदलाव करने पड़ सकते हैं। भारत के दृष्टिकोण से भी यह एक बड़ा सबक है कि क्रिटिकल मिलिट्री हार्डवेयर के मामले में तकनीकी स्वदेशीकरण और समय पर स्पेयर पार्ट्स का ऑडिट कितना जरूरी है।
तमिलनाडु प्रीमियर लीग के एक मैच के दौरान गर्लफ्रेंड को मैसेज करना एक युवा तमिलनाडु बल्लेबाज को भारी पड़ गया। बीसीसीआई की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट ने खिलाड़ी पर पीएमओए प्रोटोकॉल तोड़ने के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है
ब्रिटेन की दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में शुमार कैंब्रिज यूनिवर्सिटी (Cambridge University) से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहले अश्वेत प्रोफेसर के रूप में इतिहास रचने वाले प्रसिद्ध शिक्षाविद् और समाजशास्त्री प्रोफेसर जेसन अर्डे (Professor Jason Arday) अब हमारे बीच नहीं रहे। कैंब्रिज स्थित उनके निजी आवास पर उनका निधन हो गया। हैरानी की बात यह है कि यह दुखद घटना उनके द्वारा यूनिवर्सिटी से अपने पद से इस्तीफा देने के महज कुछ ही दिनों बाद घटी है। इस अचानक हुए हादसे ने न केवल अकादमिक जगत (Academic World) को सकते में डाल दिया है, बल्कि उनके चाहने वालों और दुनियाभर के छात्रों के मन में कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके।कौन थे प्रोफेसर जेसन अर्डे और क्यों खास था उनका कैंब्रिज तक का सफरप्रोफेसर जेसन अर्डे की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम प्रेरणादायक नहीं थी। उनका शुरुआती जीवन संघर्षों और असाधारण चुनौतियों से भरा हुआ था। बचपन में उन्हें ऑटिज्म (Autism) जैसी विकासात्मक स्थिति का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण वे काफी लंबे समय तक बोल और पढ़ नहीं पाते थे। डॉक्टरों और जानकारों ने यहां तक कह दिया था कि वे कभी अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पाएंगे और उन्हें आजीवन सहायक देखभाल की जरूरत होगी। लेकिन जेसन अर्डे ने इन तमाम नकारात्मक भविष्यवाणियों को अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से पूरी तरह गलत साबित कर दिया। उन्होंने न केवल खुद को शिक्षा के क्षेत्र में ढाला, बल्कि अपनी असाधारण बौद्धिक क्षमता के दम पर ब्रिटेन के सबसे युवा और पहले अश्वेत प्रोफेसर्स में से एक बनने का गौरव हासिल किया। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन में समाजशास्त्र (Sociology of Education) के प्रोफेसर के रूप में उनकी नियुक्ति पूरी दुनिया में डाइवर्सिटी और समावेशन का एक बहुत बड़ा प्रतीक बन गई थी।इस्तीफे के बाद अचानक मौत: क्या थे वे अंदरूनी हालात जिन्होंने सबको चौंकायाप्रोफेसर जेसन अर्डे का यूं अचानक कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से इस्तीफा देना और उसके तुरंत बाद उनके घर में मृत पाया जाना कई तरह के गहरे संदेहों को जन्म दे रहा है। हालांकि शुरुआती पुलिस जांच में किसी भी तरह की साजिश या फाउल प्ले (Foul Play) के पुख्ता संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन जिस तरह से यह पूरी घटनाक्रम सामने आया है, उसने अकादमिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पिछले कुछ महीनों से वे जिस मानसिक और पेशेवर दबाव से गुजर रहे थे, उसकी चर्चा अब खुलकर होने लगी है। क्या उच्च शिक्षा के इस सर्वोच्च संस्थान में उन्हें किसी तरह के भेदभाव या अत्यधिक कार्यभार का सामना करना पड़ रहा था? या फिर उनके स्वास्थ्य से जुड़ी कोई अन्य निजी वजह थी जो उनके इस्तीफे और इस त्रासदी की वजह बनी? इन तमाम सवालों के जवाब पाने के लिए पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन लगातार दस्तावेजों और उनके करीबी सहयोगियों से पूछताछ कर रहा है ताकि इस रहस्य से पर्दा उठ सके।अकादमिक जगत में शोक की लहर, सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि का तांताजेसन अर्डे के निधन की खबर मिलते ही पूरी दुनिया के शैक्षणिक संस्थानों, उनके छात्रों और सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी विचारक, बेहतरीन शिक्षक और सामाजिक न्याय का पुरोधा बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #JasonArday ट्रेंड करने लगा, जहां दुनिया भर के शिक्षाविदों ने उन्हें याद करते हुए अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। छात्रों का कहना है कि प्रोफेसर अर्डे सिर्फ एक व्याख्याता नहीं थे, बल्कि वे उन हजारों युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा थे जो समाज के हाशिए से उठकर बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते थे। उनका इस तरह अचानक दुनिया को अलविदा कह जाना अकादमिक समुदाय के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसे लंबे समय तक भरा नहीं जा सकता।जेनेरेटेक एआई और डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य की गंभीरता पर बड़ा सवालइस दर्दनाक घटना ने आज के इस आधुनिक जेनेरेटेक एआई (Generative AI) और हाई-स्पीड डिजिटल युग में एक बहुत ही गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को फिर से सतह पर ला दिया है, और वह है 'मानसिक स्वास्थ्य' (Mental Health)। आज के इस प्रतिस्पर्धी दौर में चाहे वह कॉर्पोरेट सेक्टर हो या दुनिया के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों का अकादमिक ढांचा, उच्च पद पर बैठे लोगों पर मानसिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। एआई और डेटा-ड्राइव्डेन दुनिया की इस अंधी दौड़ में इंसान के भीतर चल रही भावनात्मक लड़ाइयों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। प्रोफेसर जेसन अर्डे का जीवन हमें यह सिखाता है कि सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचने वाले व्यक्ति भी अंदर से कितने अकेले और संघर्षरत हो सकते हैं। उनकी यह दुखद विदाई हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज और संस्थानों को अपने दिग्गजों की पेशेवर कामयाबियों के साथ-साथ उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की सुरक्षा पर भी उतनी ही गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि किसी और चमकते हुए सितारे को इस तरह समय से पहले न खोना पड़े।
डिजिटल युग में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स बच्चों और किशोरों की दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बन चुके हैं। इंस्टाग्राम, टिक-टॉक, स्नैपचैट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स जहां बच्चों को सूचना और मनोरंजन उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं अत्यधिक स्क्रीन टाइम, साइबर बुलिंग और डिजिटल लत ने उनके मानसिक व शारीरिक विकास पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी पृष्ठभूमि में यूरोपीय देश फ्रांस ने बच्चों के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। फ्रांस की संसद द्वारा पारित कानून के तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्त कानूनी प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। फ्रांस के इस साहसिक फैसले ने पूरी दुनिया में यह बहस छेड़ दी है कि क्या बच्चों के हाथ से सोशल मीडिया छीनना सही कदम है या यह उनकी डिजिटल स्वतंत्रता में अनावश्यक हस्तक्षेप है।फ्रांस के नए कानून के कड़े नियम और माता-पिता की अनिवार्य सहमतिफ्रांस द्वारा लागू किए गए इस ऐतिहासिक कानून के मुख्य प्रावधान बच्चों के स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन एक्सपोजर को नियंत्रित करने के लिए तैयार किए गए हैं।उम्र सत्यापन (Age Verification): 15 वर्ष से कम आयु के किसी भी किशोर को सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाने के लिए डिजिटल आयु सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा।माता-पिता की लिखित सहमति (Parental Consent): 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अकाउंट बनाते समय उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावकों की स्पष्ट डिजिटल सहमति को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाया गया है।टेक कंपनियों पर भारी जुर्माना: सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर की सही उम्र की पहचान करने के लिए कड़े तकनीकी टूल लागू करने का आदेश दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाली टेक कंपनियों पर उनके वैश्विक वार्षिक टर्नओवर का 1 प्रतिशत तक भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।स्क्रीन टाइम सीमा और नोटिफिकेशन ब्लॉक: रात के समय बच्चों के सोशल मीडिया नोटिफिकेशन को स्वतः म्यूट करने और दैनिक स्क्रीन टाइम की सीमा तय करने का अधिकार भी अभिभावकों को दिया गया है।मानसिक स्वास्थ्य संकट और सोशल मीडिया बैन के पक्ष में मजबूत तर्कबाल मनोवैज्ञानिकों, न्यूरोलॉजिस्ट्स और शिक्षाविदों का एक बड़ा वर्ग बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के फैसले का पुरजोर समर्थन कर रहा है।एंग्जायटी, डिप्रेशन और इनसोमनिया से बचाव: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विभिन्न चिकित्सा शोधों के अनुसार, सोशल मीडिया पर लगातार स्क्रॉलिंग करने वाले किशोरों में नींद की कमी, एंग्जायटी और डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।बॉडी डिस्मॉर्फिया और अवास्तविक तुलना: सोशल मीडिया पर परोसी जाने वाली एडिटेड और फिल्टर की गई तस्वीरें किशोरों में अपनी शारीरिक बनावट को लेकर हीन भावना (Body Dysmorphia) पैदा करती हैं, जिससे उनका आत्मसम्मान कमजोर होता है।साइबर बुलिंग और ऑनलाइन प्रीडेटर्स: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के साथ ऑनलाइन उत्पीड़न (Cyberbullying), आपत्तिजनक कंटेंट और अज्ञात अपराधियों द्वारा शोषण का खतरा लगातार बना रहता है, जिस पर रोक लगाना आवश्यक है।डोपामाइन लूप और ध्यान भटकाव: शॉर्ट-फॉर्म वीडियो फॉर्मेट बच्चों के दिमाग में डोपामाइन रश पैदा करते हैं, जिससे उनकी एकाग्रता (Attention Span) और पढ़ाई में गहरी रुचि तेजी से घटती है।बैन के विरोध में उठते सवाल: क्या पूरी तरह पाबंदी लगाना सही समाधान है?दूसरी ओर, डिजिटल राइट्स कार्यकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों का तर्क है कि बच्चों से सोशल मीडिया पूरी तरह छीन लेना व्यावहारिक समाधान नहीं हो सकता।डिजिटल साक्षरता में रुकावट: 21वीं सदी में इंटरनेट और सोशल प्लेटफॉर्म्स रचनात्मकता, कोडिंग, वैश्विक संपर्क और ज्ञान अर्जन का महत्वपूर्ण जरिया बन चुके हैं। पूर्ण प्रतिबंध से बच्चे तकनीकी विकास में पीछे छूट सकते हैं।वीपीएन (VPN) और फर्जी अकाउंट्स का सहारा: कड़े प्रतिबंध लगाने पर बच्चे अक्सर उम्र छिपाने के लिए फर्जी जन्मतिथि, डमी अकाउंट्स या वीपीएन टूल्स का सहारा लेकर नियमों को बायपास करने लगते हैं, जिससे उनकी ऑनलाइन निगरानी और अधिक कठिन हो जाती है।प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी की चिंता: उम्र सत्यापन के लिए सरकारी पहचान पत्र या बायोमेट्रिक डेटा कंपनियों को सौंपने से नाबालिगों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा पर बड़ा जोखिम खड़ा होता है।दुनिया भर के देशों के लिए फ्रांस का यह कदम क्यों है एक बड़ा सबक?फ्रांस का यह कानून दुनिया के अन्य देशों—विशेष रूप से भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया—के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत मॉडल बन रहा है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिकी राज्यों (जैसे यूटा और फ्लोरिडा) में भी नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध या कड़े नियंत्रण कानून बनाए जा रहे हैं। भारत में जहां 70 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, वहां भी बच्चों के स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन गेमिंग की लत एक बड़ी पारिवारिक और सामाजिक चुनौती बन चुकी है। नीति निर्माताओं के लिए फ्रांस का मॉडल यह सिखाता है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए केवल माता-पिता पर जिम्मेदारी डालने के बजाय टेक दिग्गजों (Tech Giants) की एल्गोरिदम और कारोबारी नीतियों पर कानूनी जवाबदेही तय करना अनिवार्य है।संतुलित राह: प्रतिबंध के बजाय डिजिटल साक्षरता और सख्त पैरेंटल गाइडेंसविशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए पूर्ण प्रतिबंध के बजाय 'संतुलित डिजिटल परवरिश' (Balanced Digital Parenting) ज्यादा प्रभावी है।स्कूलों में बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों, एल्गोरिदम के काम करने के तरीके और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की डिजिटल लिटरेसी दी जानी चाहिए।टेक कंपनियों को बच्चों के लिए गैर-नशेड़ी (Non-Addictive) और एल्गोरिदम-मुक्त सुरक्षित इंटरफेस डिजाइन करने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए।परिवारों में स्क्रीन-फ्री जोन (जैसे डाइनिंग टेबल और बेडरूम) तय करके बच्चों के साथ संवाद और आउटडोर खेलों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
वैश्विक स्तर पर भारत का मेडिकल टूरिज्म (Medical Tourism) सेक्टर कितनी तेजी से नई ऊंचाइयां छू रहा है, इसका एक ताजा और दिलचस्प उदाहरण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अमेरिका में अत्यधिक महंगे मेडिकल खर्च और डॉक्टरों की अपॉइंटमेंट के लिए हफ्तों लंबे इंतजार से परेशान होकर एक अमेरिकी महिला इलाज कराने भारत पहुंची। भारत के एक निजी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती होने के बाद वहां का वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, 5-स्टार होटल जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं, आधुनिक मेडिकल तकनीक और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ का अपनत्व भरा व्यवहार देखकर वह इतनी प्रभावित हुई कि उसने वीडियो शेयर कर कहा कि क्या मुझे हमेशा के लिए इसी देश में बस जाना चाहिए?अमेरिका की महंगी स्वास्थ्य व्यवस्था बनाम भारतीय मेडिकल केयरवायरल वीडियो में अमेरिकी महिला ने संयुक्त राज्य अमेरिका (US) और भारत की स्वास्थ्य सेवाओं के बीच का सीधा अंतर साझा किया। महिला के अनुसार, अमेरिका में बिना विस्तृत हेल्थ इंश्योरेंस के सामान्य जांच या छोटी सर्जरी का खर्च भी हजारों डॉलर (लाखों रुपये) तक पहुंच जाता है। इसके अलावा, किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेने या एमआरआई/सीटी स्कैन जैसी बुनियादी जांचों के लिए भी मरीजों को महीनों पहले से अपॉइंटमेंट का इंतजार करना पड़ता है। इसके विपरीत, भारत पहुंचते ही उसी दिन विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श दिया गया, कुछ ही घंटों में सभी जरूरी डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरे कर लिए गए और बिना किसी जटिल प्रतीक्षा सूची के तुरंत इलाज और प्रक्रिया शुरू हो गई।5-स्टार होटल जैसी सुविधाएं और आधुनिक टेक्नोलॉजीमहिला ने भारतीय अस्पताल के प्राइवेट रूम, साफ-सफाई, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और मरीज के परिजनों के लिए दी जाने वाली सुविधाओं की तुलना अंतरराष्ट्रीय लक्जरी होटलों से की। उसने बताया कि कमरे में पौष्टिक कस्टमाइज्ड भोजन, समर्पित नर्सिंग केयर और डॉक्टरों की नियमित निगरानी इतनी सहज और पेशेवर थी कि उसे किसी अस्पताल में होने का तनाव ही महसूस नहीं हुआ। सबसे बड़ी बात यह रही कि पूरी यात्रा, फ्लाइट टिकट, भारत में रुकने का खर्च और उच्च स्तरीय इलाज का कुल बजट मिलाकर भी अमेरिका में होने वाले केवल मेडिकल बिल के एक-चौथाई हिस्से से भी कम रहा।ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनता भारतयह केवल एक महिला का व्यक्तिगत अनुभव नहीं है, बल्कि दुनिया भर से लाखों अंतरराष्ट्रीय मरीज हर साल भारत में कार्डियक सर्जरी, ऑन्कोलॉजी (कैंसर केयर), ऑर्थोपेडिक जॉइंट रिप्लेसमेंट, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और डेंटल ट्रीटमेंट के लिए पहुंच रहे हैं। भारत में अंतरराष्ट्रीय मानकों (JCI और NABH) से मान्यता प्राप्त अस्पतालों का विशाल नेटवर्क मौजूद है, जहां पश्चिमी देशों की तुलना में 70 से 80 प्रतिशत कम लागत में वैश्विक स्तर का इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही, भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया 'हील इन इंडिया' (Heal in India) अभियान और आसान 'मेडिकल वीजा' (Medical Visa) नियम विदेशी नागरिकों के लिए भारत आकर इलाज कराना बेहद सुगम बना रहे हैं।
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शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् गाया गया. लेकिन बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने दूसरे अंतरे के बाद इसे रोकने की कोशिश की. हालांकि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसपर पार्टी का रुख स्पष्ट किया है.
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ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से बहरीन में अमेरिकी नौसेना का लॉजिस्टिक्स हब क्षतिग्रस्त होने के बाद सप्लाई लाइन डिएगो गार्सिया शिफ्ट हुई है. यूएसएस अब्राहम लिंकन पर लंबे सप्लाई रूट से ताजा खाना खराब हो रहा है.
रोहित का संन्यास भूल जाइए! वनडे में फिर मचाएंगे तबाही
वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में रोहित शर्मा फिर से विरोधी गेंदबाजों के धागे खोलते नजर आएंगे. वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले रोहित शर्मा के पास खुद साबित करने का एक बड़ा मौका होगा.
100% स्वदेशी...फाइटर जेट इंजन पर लाल किले से मोदी का बड़ा ऐलान
15 अगस्त की सुबह लाल किले की प्राचीन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वो गर्जना जिसने भारतीय रक्षा गलियारों में एक नई हलचल पैदा कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ भाषण नहीं दिया बल्कि भारत की हवाई संप्रभुता का नया घोषणापत्र जारी कर दिया। अब यह ऐलान है स्वदेशी फाइटर जेट इंजन का आज मेरा लाल किले की प्राचीन से मेरे देश के युवा वैज्ञानिकों को मेरे टैलेंटेड यूथ को मेरे इंजीनियर्स को और प्रोफेशनल्स को और सरकार के हर विभागों को भी मेरा आह्वान है क्या हमारा अपना मेड इन इंडिया फाइटर जेट्स के लिए जेट इंजीन हमारा होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 सालों के बदलाव का एक ऐसा रिपोर्ट कार्ड पेश किया जिसने आलोचकों को चुप करा दिया। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत अब सिर्फ बातें नहीं करता बल्कि जमीन पर नतीजे दिखाता है। प्यारे देशवासियों पिछले 12 वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन करीब चार गुना। खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना हुआ। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब सात गुना बढ़ा। आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना बढ़ा। मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा। इतना ही नहीं आधुनिक युग को देकर के भी डिजिटल और इनोवेशन की दुनिया में भी हमने अपना परचम लहराया। इंटरनेट यूजर इंटरनेट कंज्यूमर करीब करीब चार गुना बढ़े। पेटेंट ग्रांट होने की संख्या चार गुना बढ़ी। डिजिटल ट्रांजैक्शन 100 गुना बढ़े। सामान्य मानवी की सुविधाओं की तरफ भी हमने उतना ही गंभीरता से काम किया। हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से हमने नल से जल कनेक्शन दिए। इसे भी पढ़ें: मोदी बोले- दिमागी नक्सलियों को पहचानें, उन्हें अलग करें: ये समाज को भटका रहे हर साल औसतन छह गुनी ज्यादा रफ्तार से लोगों को गैस कनेक्शन दिए। हर साल चार गुनी रफ्तार से गरीबों के लिए टॉयलेट बनाने का काम किया। हर साल तीन गुना ज्यादा तेजी से गरीबों को घर देने का काम किया। देश ने गवर्नेंस में भी बहुत बदलाव लाया। हजारों की संख्या में कंप्लायंसेस खत्म किए। सैकड़ों की तादाद में पुराने कानून खत्म किए। पिछली शताब्दी के कानूनों से 21वीं शताब्दी की मार्च नहीं हो सकती। हमने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेट्रो का विस्तार किया। हमने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ताकत दी। जिस स्पीड से काम जिस स्केल पर काम किया यह सब यह रफ्तार यह विस्तार ये अचीवमेंट आजादी के बाद पहली बार पिछले एक दशक में देखा है। और जब इतनी सारी सिद्धियां हमारे सामने हो, इतनी तेज गति दिखाई देती हो, देशवासियों का सामर्थ्य पल-पल प्रकट होता है। तब तो 2047 में विकसित भारत बनने का संकल्प कभी भी अधूरा नहीं रह सकता है। यह सारे आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि हम आगे बढ़ने वाले हैं। इसे भी पढ़ें: Fragile Five से दुनिया की बड़ी Economy बनने तक, PM Modi ने बताया 12 सालों में कैसे हुआ भारत का Transform अब आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में परमाणु बम बनाना आसान है। लेकिन एक फाइटर जेट का इंजन बनाना उससे कहीं ज्यादा जटिल है। आज दुनिया में सिर्फ अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन ही ऐसे देश हैं जिनके पास अपनी पूरी तरह से स्वदेशी जेट इंजन तकनीक है। चीन भी इसमें दशकों से लगा है लेकिन उसे भी अब तक पूर्ण सफलता नहीं मिली है। एक फाइटर जेट इंजन के अंदर का तापमान 1600 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है। यह इतना तापमान है कि साधारण स्टील मक्खन की तरह पिघल जाए। इसके लिए सिंगल क्रिस्टल ब्लेड और सुपर एलॉय जैसी तकनीक चाहिए होती है। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लाल किले से कहा कि इंजन हमारा ही होना चाहिए तो उनका इशारा किसी क्रिटिकल टेक्नोलॉजी को घर में विकसित करने की ओर था। अभी हमारे पास तेजस है लेकिन उसका दिल यानी कि इंजन अमेरिकी है। पीएम मोदी चाहते हैं कि आने वाले समय में तेजस मार्क 2 या एमका के अंदर जो भी इंजन धड़के वो मेड इन इंडिया हो। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों में एक इमोशनल टच भी था। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों के पसीने से बनी हुई वह चीजें जिसमें भारत की मिट्टी की महक हो हम उसे ही खरीदेंगे। यह एक बहुत बड़ा नीतिगत बदलाव है। यह सेनाओं और सरकारी विभागों को एक स्पष्ट आदेश है कि अब प्राथमिकता स्वदेशी ही होगी। इसे भी पढ़ें: राजस्थानी बंधेज से लेकर केसरिया पगड़ी तक, लाल किले पर हर साल कैसे बदलता रहा है PM मोदी का अंदाज अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे एक सामूहिक संकल्प बताया। जब 140 करोड़ से ज्यादा लोग तय कर लेते हैं कि हमें स्वदेशी बनना है तो बाजार की ताकतें भी झुक जाती है। जेट इंजन के निर्माण से ना केवल हजारों हाईटेक नौकरियां पैदा होंगी बल्कि भारत की अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा भी बचेगी जो हम इंजनों के रखरखाव और खरीद में खर्च करते हैं। अब लाल किले से हुआ यह ऐलान भविष्य के भारत की नींव है। स्वदेशी इंजन का मतलब है कि युद्ध के समय हमें किसी दूसरे देश के सामने हाथ नहीं फैलाने होंगे। अगर कोई भी देश हमें पुर्जे देने से मना भी कर देता है तो भी हमारे विमान आसमान में दुश्मनों से मुकाबला करते रहेंगे। खैर स्वतंत्रता दिवस पर भारत ने अपनी गुलामी की एक और बेड़ी विदेशी तकनीक पर निर्भरता को तोड़ने का संकल्प लिया है।
लंच में बनाएं तीन रंगों वाली फूली-फूली पूड़ी, मजे से खाएंगे बच्चे
15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर घर पर बनाएं स्वाद और देशभक्ति के रंगों से भरपूर तिरंगा पूड़ी. पालक और हल्दी के प्राकृतिक रंगों से बनी यह क्रिस्पी और फूली-फूली पूड़ी बच्चों और बड़ों सभी को बेहद पसंद आएगी. इसे आलू की सब्जी या छोलों के साथ सर्व करें.
लाल किले से पीएम मोदी ने युवाओं के लिए की बड़ी घोषणा
15 अगस्त 2026 को पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। समारोह में वंदे मातरम् के 150 वर्ष और विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति पर विशेष जोर रहा। PM मोदी ने कहा कि हमने नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया था.
ईरान ने पलटा पूरा गेम, BRICS बैंक में एंट्री से उड़ाए अमेरिका के होश!
ईरान ने अमेरिकी और पश्चिमी देशों की दादागिरी को खत्म करने के लिए ब्रिक्स यानी ब्रिक्स संगठन का इस्तेमाल करते हुए फाइनल गेम प्लान तैयार कर लिया। एक ऐसा प्लान जो ट्रंप प्रशासन के होश उड़ाने के लिए काफी है। अमेरिका और ईरान की दुश्मनी कोई नई नहीं है। लेकिन जब से डोनाल्ड ट्रंप वापस सत्ता में आए हैं, उन्हें ईरान के चारों तरफ एक सख्त आर्थिक दीवार खड़ी कर दी है। इसे ही कहते हैं आर्थिक नाकेबंदी। अमेरिका ने दुनिया भर के देशों से कह दिया है कि कोई भी ईरान से तेल नहीं खरीदेगा और अगर कोई खरीदेगा तो अमेरिका उस पर बैन लगा देगा। इतना ही नहीं ईरान को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम जिसे Swift कहते हैं उससे बाहर निकाल दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि ईरान ना तो अपना तेल किसी को बेच पा रहा था और ना ही दुनिया से अपनी करेंसी में व्यापार कर पा रहा था। ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह संकट में थी। अमेरिका का प्लान साफ था। इसे भी पढ़ें: ऐसी जिंदगी से मौत अच्छी, ईरान के खौफ से समुंदर कूद रहे US सैनिक ईरान को इतना मजबूर कर दो कि वो घुटने टेक दे। लेकिन अमेरिका यह भूल गया जब सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है और ईरान ने ठीक यही किया। अब आते हैं कहानी में ट्विस्ट। ईरान ने समझ लिया कि अकेले अमेरिका से लड़ना मुश्किल नहीं है। इसीलिए उसने हाथ उन देशों से जो खुद अमेरिका की नीतियों से परेशान है। ईरान जनवरी 2024 में bricks का पक्का सदस्य बन गया था। लेकिन असली मास्टर स्ट्रोक तो ईरान ने अब खेला है। ईरान ब्रिक्स के बैंक जिसे न्यू डेवलपमेंट बैंक यानी एनडीबी कहते हैं उसका हिस्सा बनने जा रहा है। अब तक ईरान डॉलर के बिना अंतरराष्ट्रीय व्यापार नहीं कर पा रहा था। लेकिन ब्रिक्स बैंक में आते ही ईरान अब रूस के साथ रूबल में, चीन के साथ युवान में और भारत के साथ रुपए में सीधा बिजनेस कर सकेगा। यानी 20 से ही अमेरिकी डॉलर का पत्ता पूरी तरह साफ। इसे भी पढ़ें: राष्ट्रपति पेजेशकियान आ रहे भारत, US सैनिकों को पीटने के बाद अब ईरान ने लिया चौंकाने वाला फैसला अमेरिका का जो बड़ा हथियार था डॉलर ईरान ने ब्रिक्स के जरिए उसकी हवा निकाल दी। इस पूरे खेल के पीछे एक बहुत मजबूत त्रिकोणीय गठबंधन काम कर रहा है जिसे दुनिया रूस, चीन और ईरान की तड़ी कह रही है। इसमें चीन की भूमिका एक आर्थिक रीड जैसी है क्योंकि चीन लगातार ईरान से भारी मात्रा में सस्ता तेल खरीद रहा है। कच्चा तेल खरीद रहा है और बदले में ईरान को एडवांस टेक्नोलॉजी और पैसे दे रहा है। वहीं दूसरी तरफ रूस जो खुद अमेरिकी प्रतिबंधों को झेल रहा है। रूस ने ईरान से मिलकर एक नया बैंकिंग मैसेजिंग सिस्टम बना लिया है ताकि उन्हें पश्चिमी देशों के स्विफ्ट सिस्टम की जरूरत ना पड़े। ये दोनों देश मिलकर एक नया रेल कॉरिडोर भी बना रहे हैं जिससे रूस का सामान ईरान होते हुए सीधे एशिया तक पहुंच सके। अब बात करते हैं सबसे जरूरी हिस्से की। इस पूरे ड्रामे में भारत का क्या स्टैंड है? भारत के लिए बहुत स्थिति नाजुक है। एक तरफ पुराना दोस्त ईरान है। जहां भारत चाब पोर्ट बना रहा है। वहां बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद जरूरी है। क्योंकि इसके जरिए हम पाकिस्तान को छोड़े बिना सीधे अफगानिस्तान, मध्य एशिया और रूस तक पहुंच सकते हैं। लेकिन दिक्कत यह है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण चाबार पोर्ट के काम पर असर पड़ा है। भारत पर भी दबाव है कि वह ईरान से दूरी बनाए रखें। लेकिन भारत की विदेश नीति अभी बहुत स्मार्ट है। भारत ने ईरान के साथ एक अस्थाई कामकाजी रास्ता निकाला है। हमारा निवेश भी सुरक्षित रहे और अमेरिका भी ज्यादा नाराज ना हो।
'कंप्रोमाइज करना होगा', काम के बदले हुई भद्दी डिमांड
यूट्यूबर सनी आर्य उर्फ तहलका भाई की पत्नी दीपिका आर्य कास्टिंग काउच का सामना कर चुकी हैं. दीपिका ने बताया कि काम के बदले उनसे कंप्रोमाइज करने की डिमांड हुई थी.
भारत का 2047 तक सैकड़ा गिगावॉट न्यूक्लियर पावर पाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से संबोधन में बताया कि भारत ने 2047 तक 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य तय किया है. आने वाले दशक में पांच नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने की योजना है। यह लक्ष्य देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और स्वच्छ ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
'भारत ने पिछले 12 सालों में तेज गति से प्रगति की', बोले PM मोदी
पीएम मोदी ने लाल किले से संबोधित करते हुए कहा कि 2014 तक हमारा देश दुनियाभर में फ्रेजाइल फाइव का एक हिस्सा माना जाता था जिसे लोग नजरअंदाज करते थे. लेकिन पिछले बारह सालों में भारत ने अपनी नई पहचान बनाई है. इस अवधि में देश ने तेजी से विकास किया है और दुनिया के नक्शे पर अपनी अलग जगह बनाई है. हम लगातार नई ऊचाइयां छू रहे हैं और भविष्य के लिए ठोस आधार बना रहे हैं.
एक ही नंबर से उड़ रहे थे यात्रियों से भरे 2 प्लेन, आसमान में हुआ ‘गड़बड़झाला’; टली तबाही
अमेरिका में एक ही फ्लाइट नंबर से उड़ रहे दो विमान आमने-सामने आ गए। फीनिक्स के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की सूझबूझ से संभावित टक्कर टली। FAA ने जांच शुरू की।
गॉल टेस्ट में बड़ा ड्रामा! गेंदबाज से टकराकर गिरे यशस्वी, VIDEO
गॉल टेस्ट में यशस्वी जायसवाल का रनआउट चर्चा का विषय बन गया है. श्रीलंकाई खिलाड़ी से टकराकर गिरने के बाद हुई गलतफहमी में जायसवाल रनआउट हो गए, जिसके बाद श्रीलंका की अपील पर भी सवाल उठे.
लाल किले के नीचे सीवर लाइन की पूरी निगरानी जारी
लाल किले के नीचे स्थित सीवर लाइनों की सुरक्षा के लिए व्यापक निगरानी की जा रही है. हर एक सीवर के ढक्कन पर जांच के बाद स्टिकर लगाया गया है जो यह सुनिश्चित करता है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है. इसके अलावा, लाल किले की प्राचीर पर AI कैमरों से लैस सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है.
लाल किले तक कैसे पहुंचे पीएम मोदी? देखें
भारत के प्रधानमंत्री कई बार अलग-अलग अवसरों पर लाल किले पर पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वहां जाकर संबोधन किया. इस दिन का देश के लिए विशेष महत्व है क्योंकि यहां से देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया जाता है. लोकतंत्र को मजबूत करने और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए भारत ने कई कुर्बानियां दी हैं. लाल किला का प्राचीर इस देश की स्वतंत्रता और एकता का प्रतीक है जहां से प्रधानमंत्री हमेशा देश के विकास और अखंडता की बात करते हैं.
चंद्र ग्रहण से पहले शुक्र का बड़ा गोचर, 4 राशियां कमाएंगी धन-दौलत!
Shukra Nakshatra Gochar 2026: चंद्र ग्रहण से पहले 25 अगस्त को शुक्र मंगल के नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. जानिए किन 4 भाग्यशाली राशियों के शुरू होने वाले हैं अच्छे दिन.
राजघाट पहुंचकर पीएम मोदी ने दी बापू को श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. ये इस बात का प्रतीक है कि हमारा देश अपने सभी शहीदों को हमेशा याद रखता है और उनका सम्मान करता है. महात्मा गांधी के अंतिम शब्द 'हे राम' उनकी महानता और आत्मा की गहराई को दर्शाते हैं. इन्हीं कारणों से उन्हें महात्मा कहा जाता है.
लाल किले पर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झंडा रोहण के कार्यक्रम में हिस्सा लिया जिसमें 21 तोपों की सलामी दी गई. इस अवसर पर इंडियन एयर फोर्स के 17 हेलीकॉप्टरों की श्रृंखला देखी गई. राष्ट्रीय ध्वज के साथ-साथ वंदे मातरम का प्रतीक भी दिखाया गया. हेलीकॉप्टर के कप्तान विंग कमांडर रजत और स्क्वाड्रन लीडर अंकित की उपस्थिति कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बनाती है.
आज पूरे भारत में 80वें स्वतंत्रता दिवस का भव्य समारोह पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और ऐतिहासिक स्थलों पर तिरंगा शान से लहरा रहा है। देश के कोने-कोने में देशभक्ति के रंग में रंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 15 अगस्त की यह ऐतिहासिक तारीख सिर्फ भारत के लिए ही आज़ादी का पैगाम लेकर नहीं आई थी? दुनिया के 5 अन्य देश भी इसी दिन अपनी आज़ादी का जश्न मनाते हैं। इनमें दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया, कांगो गणराज्य, लिकटेंस्टीन और बहरीन शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं पहुंचे, BJP ने साधा निशाना बहरीन और भारत का अनोखा कनेक्शन खाड़ी क्षेत्र (पश्चिमी एशिया) का द्वीपीय देश बहरीन भी 15 अगस्त को ही आज़ाद हुआ था। भारत की ही तरह बहरीन ने भी ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी से मुक्ति पाई थी। भौगोलिक दृष्टि से 50 प्राकृतिक और 33 कृत्रिम द्वीपों से मिलकर बने इस खूबसूरत देश की कुल आबादी (2020 की जनगणना के अनुसार) करीब 15 लाख (1.5 मिलियन से अधिक) दर्ज की गई थी, जिसमें से 7,12,362 लोग बहरीन के मूल निवासी थे। दरअसल, बहरीन 15 अगस्त 1971 को ब्रिटिश शासन से मुक्त हो गया था। हालांकि, इतिहास बताता है कि बहरीन की तुर्क सरकार और अंग्रेजों के बीच एक समझौते में 1913 में देश को स्वतंत्र घोषित किया गया था। हालाँकि, इसे 1971 तक लागू नहीं किया गया था। कई लोगों के अनुसार बहरीन का स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त है। लेकिन अगले दिन को ही स्वतंत्रता दिवस के रूप में मान्यता दी जाती है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता प्राप्त की, जैसा कि भारत और बहरीन ने किया था। इस दिन को कांगोलेस राष्ट्रीय दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह अफ्रीका का दूसरा सबसे बड़ा देश है। आयतन की दृष्टि से यह विश्व में 11वें स्थान पर है। 10.8 मिलियन की आबादी वाला कांगो कभी सबसे बड़े फ्रांसीसी उपनिवेशों में से एक था। कांगो को 1960 में फ्रांसीसियों से आजाद कराया गया था। इससे पहले इस पर 80 साल तक फ्रांसीसियों का शासन था। इसे भी पढ़ें: Arvind Kejriwal ने कहा, बेहतर स्कूलों के लिए Gen-Alpha बच्चे कर रहे संघर्ष लिकटेंस्टीन हमारे लिए बहुत परिचित देश नहीं है। वास्तव में, यह दुनिया के सबसे छोटे देशों की सूची में छठे स्थान पर है। 15 अगस्त, 1866 को देश जर्मन शासकों से स्वतंत्र हुआ। हालांकि लिकटेंस्टीन ने 1866 में स्वतंत्रता प्राप्त की। 15 को ही देश के तत्कालीन राजकुमार फ्रांज-जोसेफ द्वितीय का जन्मदिन था। उन्होंने 1938 से 2009 तक लिकटेंस्टीन पर शासन किया। 2019 की जनगणना के अनुसार, देश की कुल जनसंख्या 38,749 है। इसे भी पढ़ें: Congress HQ में गूंजा पूरा Vande Mataram, Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi की मौजूदगी में नया सियासी संदेश 1940 के दशक में कोरिया एक ही दिन दो भागों में बंट गया था। उत्तर और दक्षिण कोरिया का जन्म हुआ। कोरिया 1945 से एक जापानी उपनिवेश था। उस 35 साल के शासन के अंत में इस देश को आजादी मिली। लेकिन भारत की तरह कोरियाई लोगों को भी विभाजन का दर्द सहना पड़ा। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस को कोरिया के राष्ट्रीय मुक्ति दिवस के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान की हार हुई थी। तीन साल बाद कोरिया दो हिस्सों में बंट गया।
हसीना को कर रहे डेट गोविंदा, 2 फिल्मों में साथ करेंगे काम?
गोविंदा और कोमल रानी स्वर्णकार की डेटिंग की अफवाहें चर्चा में हैं. दोनों को एयरपोर्ट पर साथ देखा गया और गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने इस पर नाराजगी जताई. अब खबरें आ रही हैं कि गोविंदा, कोमल के साथ बैक टू बैक 2 फिल्में करने वाले हैं.
विकसित भारत को लेकर लाल किले से क्या बोले PM मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्र दिवस पर लाल किले से संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने एक बड़ा सपना देखा है जो पूरी दृढ़ता और संकल्प के साथ जुड़ा हुआ है. यह सपना है कि जब देश आजादी के 100 साल पूरे करेगा, यानी 2047 में, तब भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में खड़ा होगा. 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयासों से यह लक्ष्य हासिल किया जाना है
स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का लाल किले से देश को संबोधन
देश भर में स्वतंत्रता दिवस की धूम है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश वासियों को संबोधि करते हुए कहा कि 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाना हमारे लिए गर्व और एकता का प्रतीक है. इस अवसर पर हर दिल वंदे मातरम के नाद से गूंज रहा है यह स्वतंत्रता दिवस हमारे देश की स्वाधीनता के लिए समर्पित है और हमें हमारे राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य की याद दिलाता है.
'पहले दिमागी नक्सल बुलाते हैं, फिर उनकी बातें..' जयराम रमेश का PM पर वार
प्रधानमंत्री मोदी के 'दिमागाी नक्सल' वाले बयान पर कांग्रेस ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि जिन्हें वे अर्बन नक्सल और दिमागी नक्सल कहते हैं उन्हीं की बातें वे बाद में मानते हैं.
सीटिंग अरेंजमेंट्स से खफा? राहुल-खड़गे लाल किले के समारोह में क्यों नहीं हुए शामिल
लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल नहीं हुए. सूत्रों के मुताबिक, दोनों प्रोटोकॉल और बैठने की व्यवस्था से नाराज थे.
एश्ले गार्डनर के निजी रिश्ते को लेकर उठे विवाद के बीच क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपनी ‘Respect at Work’ नीति में बदलाव किया है। बोर्ड ने गार्डनर को महिला टीम की उपकप्तान बनाए रखने का फैसला किया है
शराब पार्टी और असम की लड़की... सन्न कर देगी नोएडा कांड की कहानी
एक रात... शराब की पार्टी... दो दोस्त कमरे में गए... और सुबह एक लाश मिली. इसके बाद कहानी नोएडा से निकलकर बिहार के कटिहार पहुंचती है, जहां हत्या का आरोपी पुलिस को शराब की पांच बोतलों के साथ मिला. नोएडा पुलिस जिस रमन राज को महक की हत्या के बाद ढूंढ रही थी, वो कटिहार पहुंच चुका था. अब नोएडा पुलिस कटिहार पहुंची है और उसे रिमांड पर लेकर उस रात का सच जानना चाहती है कि आखिर महक के साथ उस कमरे में क्या हुआ था?
इंडोनेशिया में भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट किया गया जारी
इंडोनेशिया में समुद्र के नीचे 35 किलोमीटर की गहराई में भूकंप का केंद्र बताया गया है. इस भूकंप के कारण वहां कई इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचा है. भूकंप के बाद अधिकारियों ने त्सुनामी की आशंका जताई है और जनता को सतर्क रहने की चेतावनी भी जारी की गई है. तेज झटकों का अनुभव भी भूकंप के बाद किया गया.
इंडोनेशिया में आज 7.7 तीव्रता का भूकंप, हुआ भारी नुकसान
इंडोनेशिया में आज 7.7 तीव्रता का भूकंप आया है. भूकंप की इतनी बड़ी तीव्रता से आस-पास के क्षेत्र में भारी नुकसान की संभावना रहती है. सामान्यतया 5 के आसपास की तीव्रता का भूकंप भी नुकसान पहुंचाता है, इसलिए 7.7 तीव्रता का भूकंप अधिक गंभीर और घातक प्रभाव डाल सकता है. ऐसे भूकंप से घर, इमारतें और सड़कें प्रभावित हो सकती हैं.
'खुद मोबाइल से करें जनगणना...' PM मोदी ने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देशवासियों से जनगणना में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि जनगणना सिर्फ लोगों की गिनती नहीं है, बल्कि इसके आंकड़ों के आधार पर देश की नीतियां और योजनाएं तैयार होती हैं.
अगरकर हटेंगे या वर्ल्ड कप तक मिलेगा मौका? BCCI जल्द करेगा ऐलान
बीसीसीआई की आगामी एपेक्स काउंसिल बैठक में मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कार्यकाल विस्तार पर बड़ा फैसला हो सकता है. सितंबर 2026 में उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने वाला है और बोर्ड 2027 वनडे विश्व कप तक उन्हें जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है.
शहीद के बेटे ने पूरा किया पिता का सपना.... IIT मुंबई में लिया एडमिशन
जिस पिता की यादें अतुल डागर के पास महज तीन साल की उम्र तक की है उन्हीं पिता के सपने को आज उनका बेटा अपनी मेहनत से पूरा कर रहा है. देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए पिता को खोने के बाद अतुल ने जिंदगी में कई मुश्किलें देखीं लेकिन कभी इनसे पीछे नहीं हटा. मथुरा से कोटा तक की पढ़ाई और फिर JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक 3463 हासिल कर अतुल ने IIT बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस में जगह बनाई.
US: जनजाति की अपील के बावजूद सीमा पर दीवार बनानी नहीं रुकेगी, अदालत ने ट्रंप प्रशासन को दी बड़ी राहत
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पहले बीहड़ में चलाती थीं गोलियां, अब रैंप पर बिखेरा जलवा
कभी बस्तर के जंगलों में हथियार थामने वाली इन महिलाओं की जिंदगी अब पूरी तरह बदल चुकी है. आत्मसमर्पण के बाद पहली बार वे रैंप पर उतरीं और कोसा सिल्क व हाथ से बुने कपड़ों में अपने नए आत्मविश्वास की झलक दिखाई. आखिर बंदूक से रैंप तक कैसे पहुंचीं ये महिलाएं, जानिए पूरी कहानी.
अमेरिका के बोस्टन शहर में पहली बार प्रसिद्ध प्रूडेंशियल सेंटर भारतीय तिरंगे के रंगों से जगमगा उठा। फाउंडेशन ऑफ इंडियन अमेरिकंस न्यू इंग्लैंड ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस को अपने पांचवें अंतरराष्ट्रीय इंडिया डे परेड और फ्रीडम फेस्टिवल के साथ मनाया।
टाइल्स पर जम गए खारे पानी के जिद्दी दाग? ऐसे करें साफ
Bathroom Tiles Cleaning Tips: अगर आपके घर में भी बाथरूम-टॉयलेट और किचन के टाइल्स पर पीले, मटपैले या खारे पानी के जिद्दी दाग जम चुके हैं तो रसोई की कुछ चीजों से आप उसे आसानी से साफ कर सकते हैं. यहां हम आपको कुछ कमाल के ट्रिक्स बता रहे हैं.
682KM की रेंज, तीन स्क्रीन वाला सेटअप... आ गई नई Mahindra SUV
महिंद्रा ने अपनी कूपे एसयूवी बीई 6 का स्पोर्टेक एडिशन लॉन्च कर दिया है. ये कार कई नए फीचर्स और दमदार इंटीरियर के साथ आती है. इसमें तीन स्क्रीन वाला सेटअप मिलता है. इसके साथ ही कंपनी ने डैशबोर्ड में भी बदलाव किया है. कार की रेंज और बैटरी सेटअप में कोई बदलाव नहीं किया गया है. आइए जानते हैं इस कार में क्या कुछ खास है.
रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया, राखी बांधना रहेगा शुभ? नोट करें मुहूर्त
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 पर है चंद्र ग्रहण का साया? जानिए भारत में इसका असर, राखी बांधने का सही समय, शुभ मुहूर्त और पंचांग से जुड़ी संपूर्ण जानकारी.
चला रहा था फेसबुक, फिर बना ढाई करोड़ का मालिक, ऐसे ठगे 36 लाख
साइबर ठगी का एक केस सामने आया है, जहां मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के रहने वाले शख्स को शिकार बनाया है. शख्स को फेसबुक चलाना महंगा पड़ गया. इसके बाद उसे ऐप में ढाई करोड़ का फेक प्रोफिट दिखाया और आखिर में जाकर 36 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गया. जानते हैं कि ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कैम से कैसे बचें.
भारत स्वतंत्रता दिवस के दिन श्रीलंका के खिलाफ अपना 600वां टेस्ट खेलेगा। 1932 में टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने वाली भारतीय टीम ने शुरुआती दौर में संघर्ष किया, लेकिन पिछले दो दशकों में उसका प्रदर्शन तेजी से बदला।
देश आजाद हुआ, लेकिन औरत की 'आजादी' की लड़ाई अब भी जारी है!
15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ. उस आजादी का कोई जेंडर नहीं था. लेकिन आजादी के 79 साल बाद भी एक सवाल हर किसी से है कि अगर औरत आजाद है तो घर से दफ्तर और सड़क तक उसे हर वक्त पहरेदारी में क्यों रहना पड़ता है? क्यों वह रात में सड़कों पर अकेले नहीं चल सकती? क्यों हर कदम पर उसके साथ एक अनकही 'असुरक्षा' चलती है?
'ईरान की हार के बाद Hormuz अमेरिका....' ट्रंप के बयान से मचा बवाल, ईरान बोला - 'सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से कब्जा नहीं...'
जब-जब बदला हिंदुस्तान, तब-तब बदला सिनेमा, आजादी के पर्दे की कहानी
भारतीय सिनेमा की कहानी 15 अगस्त 1947से शुरू नहीं होती. आजाद भारत से बहुत पहले गुलाम भारत की जमीन पर एक ऐसी दुनिया आकार ले रही थी, जो आने वाले दशकों में करोड़ों लोगों की कल्पनाओं, भावनाओं और सपनों का हिस्सा बनने वाली थी.
लखनऊ में अनियंत्रित होकर पलटा ईंट से भरा ट्रैक्टर, 4 मजदूरों की दबकर मौत
लखनऊ में शनिवार को एक सड़क हादसे की सूचना मिली है. बताया जा रहा है कि अनियंत्रित होकर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई, जिसकी चपेट में आकर 4 मजदूरों की दबकर मौत हो गई है.
यासुकुनी मंदिर पहुंचे जापान के रक्षा मंत्री: चीन-साउथ कोरिया के जख्म फिर हुए ताजा; PM तकाइची ने बनाई दूरी- Japanese Defense Minister visits Yasukuni Shrine dispute escalates amidst anger from China and South Korea
कैसे बचा हजारों साल पुराना मंदिर? जानें केदारनाथ के अनसुलझे रहस्य
Hindu Dharam: हिमालय की गोद में 11,755 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्राचीन भारतीय निर्माण कला और विज्ञान का अद्भुत नमूना है. 2013 की भीषण प्रलयकारी बाढ़ और मलबे के बावजूद मुख्य मंदिर का अडिग खड़े रहना आज भी वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का विषय है.
घूस के आरोपी इस IPS को UPSC इंटरव्यू में मिले थे सबसे खराब नंबर?
रिश्वत लेने के आरोपी आईपीएस राहुल बंसल को लेकर ऐसा दावा किया जा रहा है कि UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 के इंटरव्यू (Personality Test) में राहुल बंसल को पूरे बैच में सबसे खराब और कम नंबर मिले थे. आइए समझते हैं उनकी UPSC रैंक, इंटरव्यू के मार्क्स और इस पूरे एजुकेशनल बैकग्राउंड की कहानी!
पश्मीना से बनारसी तक... Google के Doodle में दिखी भारत की रंगीन विरासत
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर Google ने खास Doodle के जरिए देश की समृद्ध टेक्सटाइल विरासत को सलाम किया है. डिजिटल पैचवर्क में 22 क्षेत्रीय कपड़ा और हस्तशिल्प परंपराओं को शामिल किया गया है. इसमें कच्छ कढ़ाई, जामदानी, बनारसी, पश्मीना, पैठणी, फुलकारी, कांजीवरम, कलमकारी और मेखला चादर जैसी कलाएं नजर आती हैं.
त्यौहारों पर बनाएं क्रिस्पी मावा जलेबी, नोट करें आसान रेसिपी
Mawa Jalebi Recipe: आज हम आपको घर पर हलवाई स्टाईल कुरकुरी और रसीली मावा जलेबी बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे, जिसे आप बेहद आसानी से घर पर किसी खास मौके या त्यौहारों पर बना सकते हैं.
देश में महंगाई बढ़ी, तो उसके साथ संपत्तियों और कीमती धातुओं के दाम भी आसमान छूने लगे. लेकिन कृषि क्षेत्र को जानबूझकर इस रेस से बाहर रखा गया.
बोल्ड सीन करने से हिचके यश, करोड़ों कमाने के बाद छोड़ी शर्म!
यश अपनी फिल्म की लीड एक्ट्रेसेस के साथ म्यूजिक लॉन्च इवेंट पर पहुंचे. फिल्म रिलीज से पहले यश ने इंडिया टीवी के टॉक शो में उनसे जुड़े कई सवालों के जवाब दिए.
राज्यों पर भारी रही केंद्रीय सत्ता
भारत में केंद्र मजबूत रहा है, लेकिन राज्यों के अधिकारों को लेकर टकराव का इतिहास भी लंबा है. सरकारिया आयोग से लेकर राज्यपाल विवादों तक, बहस हमेशा केंद्र-राज्य के संवैधानिक संतुलन पर रही है.
गॉल में शुभमन गिल ने फहराया तिरंगा, गंभीर ने बजाईं तालियां
गॉल में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शुभमन गिल ने तिरंगा फहराया, वहीं हेड कोच गौतम गंभीर ने तालियां बजाईं और टीम इंडिया ने राष्ट्रगान गाकर देशभक्ति का संदेश दिया.
98.67% लाने वाले छात्र को शिक्षक ने कराया दिल्ली दर्शन, खुद भी पहली बार किया सफर
कहते हैं कि जब शिक्षक सही हो, तो वह आपको फर्श से अर्श तक पहुंचा सकता है लेकिन सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक शिक्षक किस हद तक जा सकता है इसका उदाहरण रविकांत कटारिया ने पेश की है.आमतौर पर शिक्षक विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ने और अच्छे अंक हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं लेकिन कोटा के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने अपने विद्यार्थियों से किया वादा न सिर्फ निभाया बल्कि एक होनहार छात्र के सपनों को उड़ान देने के लिए उसे अपने खर्चे पर दिल्ली की सैर कराई और हवाई जहाज का सफर भी कराया.
भूकंप से पहले आसमान में सिग्नल भेजती है धरती, सैटेलाइट ने पकड़ी हलचल
क्या बड़े भूकंप से पहले कोई सुराग मिल सकता है? ईरान के 6 बड़े भूकंपों के अध्ययन में सैटेलाइट डेटा ने एक दिलचस्प पैटर्न दिखाया, जहां भूकंप से महीनों पहले चुंबकीय हलचल बढ़ती नजर आई.
ODOC: UP सरकार की पहल, जो हर जिले के पारंपरिक स्वाद को दे रही नई पहचान
UP सरकार की ODOC योजना जिला-स्तरीय पारंपरिक व्यंजनों की पहचान कर उनकी गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित कर रही है.
उपलब्धियों का गौरव, चुनौतियों का सच
स्वतंत्रता के समय भारत एक गरीब और कृषि-प्रधान देश था. खाद्यान्न के लिए विदेशों पर निर्भरता थी, औद्योगिक आधार सीमित था और साक्षरता दर बेहद कम थी. आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना चुका है.
Beijing में Ambassador Vikram Doraiswami ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज
के जे एम वर्माबीजिंग, 15 अगस्त चीन में भारत के राजदूत विक्रम दुरईस्वामी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। तेज बारिश के बीच बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय इस कार्यक्रम में शामिल हुए। ध्वजारोहण के बाद, उपस्थित जनसमूह दूतावास परिसर के सभागार में एकत्र हुआ, जहां दुरईस्वामी ने राष्ट्र के नाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश पढ़ा। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह के सिलसिले में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए। इसके बाद, प्रवासी भारतीय समुदाय के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। भारतीय मिशन की ओर से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर की गई एक पोस्ट के अनुसार शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने एक समारोह में तिरंगा फहराया, जिसमें प्रवासी भारतीय समुदाय के 400 सदस्यों और भारत समर्थकों ने भाग लिया।

