मंगल गोचर से चमकी 4 राशियों की किस्मत, 12 नवंबर तक मिलेगा बंपर लाभ!
Mangal Gochar 2026: मंगल गोचर 2026 से मेष, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों को लाभ मिल सकता है. जानें 12 नवंबर तक किन राशियों को नौकरी, कारोबार और धन के मामले में मिलेगी तरक्की.
ट्रंप की हार-तेल कीमतें क्रैश... इंडियन शेयर बाजार में अभी से फूटने लगे दिवाली के पटाखे
Stock Market Rally: शेयर बाजार में गुरुवार को खुलने के साथ ही गदर मच गया. बीएसई का सेंसेक्स तो खुलने के साथ ही 1400 अंकों से ज्यादा की छलांग लगा गया.
अब ईरान की मस्जिदों में भी उठने लगी परमाणु हथियार बनने की मांग, खामेनेई ने लगाया था प्रतिबंध
इंटरनेट डेस्क। अमेरिका और इजराइल के साथ जारी विवाद के बीच अब देश की मस्जिदों में परमाणु बम बनाने की मांग उठी है। खबरों के अनुसार, अब मस्जिदों में में नमाज के दौरान इमाम और कट्टरपंथी नेताओं ने अमेरिका और इजराइल से सुरक्षा के लिए परमाणु हथियार बनने की मांग की दी है। ये मांग ऐसे समय में उठाई गई है, जब ईरान के नेता अमेरिका और इजराइल के साथ जारी जंग को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई ने फतवा जारी कर परमाणु बम बनाने और इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाया था। अब प्रतिबंध के खिलाफ आवाज उठने लगी है। आपको बता दें कि गत सप्ताह ईरान के पश्चिमी शहर कुहदाश्त में शुक्रवार की नमाज के दौरान इमाम ने बोल दिया था कि हमें परमाणु हथियारों से लैस होना चाहिए, ताकि हम अपराधी अमेरिका का मजबूती से मुकाबला कर सकें। इसके बाद नमाजियों ने नारा लगाया- परमाणु हथियारों से बचाव करना हमारा हक है। वहीं तेहरान में भी नमाज के दौरान इमाम अकबरी ने परमाणु नीति बदलने को देश की जरूरत करार दिया। इस पर भी लोगों ने वही नारा लगाया। ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की थी है इच्छा दूसरी ओर ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई चाहते थे कि देश परमाणु बम न बनाए लेकिन इतना सक्षम जरूर नजर आए कि अमेरिका और इजराइल उस पर हमला करने से डरें। उन्हें लगता था कि ईरान की परमाणु ताकत को लेकर बना डर ही दुश्मन देशों को हमला करने से रोक देगा। आपको बता दें ईरान का अमेरिका और इजराइल के साथ लम्बे समय से विवाद चल रहा है। PC:bbc अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
बेटी के साथ नौकर को कमरे में देख लिया, मालिक ने इतना पीटा कि हो गई मौत
बेंगलुरु में 45 साल के कारोबारी पर अपने 22 साल के कर्मचारी की हत्या का आरोप लगा है. पुलिस का कहना है कि कारोबारी ने युवक को अपनी 19 साल की बेटी के साथ घर में देख लिया था. इसके बाद उसकी पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हो गई. मृतक युवक के परिजनों का आरोप है कि ये पहले से रची गई साजिश है. पुलिस कारोबारी को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है.
स्पेन में एफसी एंडोरा और टेनेरिफ के बीच मुकाबले के दौरान गोलकीपर जीसस ओवोनो से टक्कर के बाद टेनेरिफ के फॉरवर्ड जीसस डी मिगुएल की मौत हो गई।
'रामायण' में दिखे 33 एक्टर, किसने निभाया कौन सा रोल?
फिल्म में माता सीता के रोल में साई पल्लवी हैं. ये पहली बार है जब साई पल्लवी किसी बड़े हिंदी प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं. पहली बार ही उनकी और रणबीर की जोड़ी बनी है.
सैलरी नहीं मिली तो कटोरा लेकर बैठीं मैडम, महिला अधिकारी का अनोखा विरोध
बिहार के बक्सर में 8 महीने से सैलरी नहीं मिलने पर ग्रामीण विकास अधिकारी अलपिता सिंह ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया. ऑफिस के बाहर हाथ में कटोरा लेकर दो दिनों तक धरने पर बैठीं महिला अधिकारी का आरोप है कि 11 महीने की सेवा में उन्हें सिर्फ 3 महीने की सैलरी मिली है. अब BDO से स्पष्टीकरण मांगा गया है. प्रशासन ने पूछा है कि आखिर किस आधार पर महिला अधिकारी का वेतन रोका गया.
18000 सैलरी, खर्च हो जाते हैं पूरे पैसे, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
किराया, खाना, बच्चों की फीस और दवाइयों का खर्च की वजह से उसकी महीने की कमाई खत्म हो जाती है... सोशल मीडिया पर एक शख्स ने सिक्योरिटी गार्ड की सैलरी को लेकर ब्यौरा दिया है जिसने सोशल मीडिया पर कम सैलरी और ज्यादा काम को लेकर चर्चा छेड़ दी है.
जो रूट के टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के सर्वाधिक रन के रिकॉर्ड के करीब पहुंचने पर मास्टर ब्लास्टर ने उनकी तारीफ की है।
अमेरिका में अब्दुल अल-सैयद की जीत के बाद 'अब्दुल' शब्द पर यूपी में सियासी घमासान छिड़ गया है. यूपी बीजेपी और AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली दोनों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा ने मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक और दरी बिछाने तक सीमित रखा है.
'...तो हिंदू ही चढ़ बैठते हैं' शिव कथा के मंच से राजा भैया का बयान वायरल
उन्नाव की शिव महापुराण कथा में कुंवर रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' ने सनातन धर्म और हिंदू एकजुटता पर बयान दिया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. खुद राजा भैया भी कुंडा में धीरेंद्र शास्त्री की राम कथा करवा रहे हैं.
ऑकलैंड में किंग Kohli का तूफान! तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड!
विराट कोहली का बल्ला वनडे क्रिकेट में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में 74 रनों की पारी खेलकर उन्होंने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं. कोहली अब चारों सेना देशों में 50 से ज्यादा की औसत रखने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने रनचेज में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ा और तीसरे नंबर पर 13 हजार रन पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी भी बने.
बाजार की मिठाई छोड़ें, 1 कप बेसन और देसी घी से बनाएं बेसन लड्डू
How to Make Besan Laddoo: दिवाली के त्योहार गणेश पूजन के लिए बेसन के लड्डू अनिवार्य तौर पर रखे जाते हैं. लेकिन कई लोग इन्हें बाजार से खरीदकर लाते हैं जिनमें मिलावट का डर रहता है. ऐसे में क्यों न आप 1 कप बेसन और देसी घी से घर पर स्वादिष्ट लड्डू तैयार कर लें. यहां हम आपको इसकी आसान रेसिपी बता रहे हैं.
कुबेर के खजाने में नहीं ये एक निधि, सिर्फ हनुमान के पास है नौवां खजाना
इसका मतलब हनुमान जी के पास नवनिधि और भगवान कुबेर के पास अष्टनिधि हैं. दोनों का संबंध धन, संपदा और ऐश्वर्य से है. लेकिन इनके अर्थ और आध्यात्मिक भाव में अंतर है. हनुमान जी को केवल बल और भक्ति का ही नहीं, बल्कि समस्त प्रकार की संपदा का अधिकारी भी माना गया है.
US Midterm में Republican पार्टी की हार के लिए Iran युद्ध जिम्मेदार, बोले JD Vance
अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक जीत के बाद, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार को कहा कि रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे ईरान के साथ युद्ध और इज़राइल के साथ वाशिंगटन के संबंध मुख्य कारण रहे। उन्होंने बताया कि 2024 में डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन करने वाले कई मतदाताओं ने प्रशासन की नीतियों के विरोध में अपना पाला बदल लिया।'एक्स' (X) पर जारी एक विस्तृत बयान में, वेंस ने तर्क दिया कि रिपब्लिकन पार्टी की हार का मुख्य कारण समर्थकों का मतदान केंद्रों तक न पहुंचना नहीं था। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प-वेंस टिकट का समर्थन करने वाले बड़ी संख्या में मतदाताओं ने 3 नवंबर के मिडटर्म चुनावों में पार्टी के खिलाफ रुख अपना लिया। इसे भी पढ़ें: अब्दुल अब दरी नहीं बिछाएंगे...अमेरिका में अल सैयद की जीत पर ओवैसी ने UP के मुस्लमानों को दिया बड़ा मैसज आंतरिक पोलिंग का हवाला देते हुए, वेंस ने मतदाताओं की नाराजगी के पीछे चार मुख्य कारण बताए: युद्ध, बढ़ती जीवन-लागत, प्रशासन की अपने 'अमेरिका फर्स्ट' (America First) एजेंडे के प्रति प्रतिबद्धता को लेकर चिंताएं, और इज़राइल के साथ वाशिंगटन के संबंधों को लेकर असंतोष। वेंस ने लिखा, हमारी हार का कारण युद्ध है। ट्रम्प प्रशासन के भीतर से यह सबसे स्पष्ट स्वीकारोक्तियों में से एक है कि ईरान के साथ संघर्ष रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक राजनीतिक बोझ बन गया था। वेंस ने बताया कि रिपब्लिकन डेटा विश्लेषकों ने मतदाताओं के जनसांख्यिकीय आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मध्यावधि चुनावों (मिडटर्म) में वोट डालने आए लोग क्या उन लोगों जैसे हैं, जिन्होंने 2024 में ट्रम्प का समर्थन किया था। हालांकि चुनावों के पूर्वानुमानों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत की बात कही गई थी, लेकिन शुरुआती आंतरिक आकलन से संकेत मिला कि रिपब्लिकन समर्थक काफी बड़ी संख्या में वोट डालने आ रहे थे, जिससे पार्टी मुकाबले में बनी हुई थी। हालांकि, वेंस द्वारा सलाह लिए गए एक डेटा विश्लेषक ने चेतावनी दी कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के बाहर निकलने का मतलब यह नहीं है कि वे रिपब्लिकन उम्मीदवारों को ही वोट देंगे। इसे भी पढ़ें: मिड टर्म चुनाव में हारते ही महाभियोग में फंसे! ट्रंप कितने कमजोर हो जाएंगे? डेमोक्रेट्स की जीत से भारत को फायदा या बड़ा नुकसान उस बातचीत को याद करते हुए, वेंस ने बताया कि उन्होंने विश्लेषक से पूछा था कि क्या डेटा से ऐसा संकेत मिलता है कि रिपब्लिकन चुनाव की रात कोई चौंकाने वाला परिणाम दे सकते हैं। विश्लेषक ने जवाब दिया, नहीं। हो सकता है कि हम चुनाव पूर्वानुमानों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करें। लेकिन डेटा बता रहा है कि 2024 में ट्रम्प/वेंस का समर्थन करने वाले कई मतदाता नाराज हैं और वे दूसरी तरफ के उम्मीदवारों को वोट देने की योजना बना रहे हैं। हमारे मतदाता वोट डालने तो आ रहे हैं, लेकिन हो सकता है कि वे हमें वोट न दें।
धनतेरस पर चमकेगी इन 5 राशियों की किस्मत!
धनतेरस के दिन शुक्र ग्रह कन्या राशि में वक्री होने जा रहे हैं. ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, 6 नवंबर को होने वाला यह गोचर पांच राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ सकता है. वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या और धनु राशि वालों को आर्थिक परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है. अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और नौकरी तथा कारोबार में तरक्की के नए अवसर बन सकते हैं.
अमेरिका का नया दांव: ईरान पर बढ़ेगा आर्थिक दबाव, भारत की कंपनियों पर भी गिरी गाज
नितिन गडकरी का ऐलान, इस महीने लॉन्च करेंगे 100% इथेनॉल वाली कार
टोयोटा ने अपनी नई इनोवा हायक्रॉस की लॉन्च डेट को कन्फर्म कर दिया है. कंपनी 25 नवंबर को नई हायक्रॉस को लॉन्च करने वाली है. कंपनी ने इस कार की लॉन्च डेट के अलावा कोई खास जानकारी नहीं दी है. लेकिन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस कार से जुड़ी एक खास जानकारी साझा की है.
ये जूते साफ करने के लिए है? एस्केलेटर के कोने में ये ब्रश क्यों लगे होते हैं?
मॉल, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर लगी एस्केलेटर के दोनों किनारों पर छोटे-छोटे ब्रश लगे होते हैं. कई लोगों को लगता है कि इनसे जूते साफ होते हैं, लेकिन इनका असली काम कुछ और है. जानिए ये ब्रश लोगों को चोट लगने से बचाने में कैसे मदद करते हैं.
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: भारतीय मूल के नेताओं ने रचा इतिहास, 30 सीट जीतीं; कई राज्यों में डेमोक्रेट्स को मजबूती---Indian Americans Shine in US Midterm Elections: 30 Win State Legislative Seats, Democrats Make Major Gains
छठ पर घर जाने की है टेंशन? ये रही 150+ स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट
Festival Special Trains: त्योहारों के दौरान रेगुलर ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है. यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दिल्ली, मुंबई, पुणे, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के कई शहरों से बिहार के लिए पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं. इन ट्रेनों का शेड्यूल, रूट और चलने की तारीखें यहां देखिए.
दिल्ली: एक दिन में 303 चालान, लेकिन गाड़ियों के नहीं!
MCD ने दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई तेज कर दी है. 4 नवंबर को रोहिणी जोन में सबसे ज्यादा 303 चालान काटे गए. इसके बावजूद कई इलाकों में खुले में कचरा जलाने, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के इंतजाम नहीं करने और मलबा खुले में डालने की शिकायतें सामने आ रही हैं.
घर पर बनाएं पानी से जलने वाला खूबसूरत दीया, रातभर जगमगाएगा घर
How To Make Diya Without Oil: दिवाली पर घर को सजाने के लिए महंगे डेकोरेटिव दीये खरीदने की बजाय इस बार घर पर ही पानी वाला खूबसूरत दीया बना सकते हैं. इसके लिए आपको कांच का गिलास, पानी, पुरानी मोमबत्ती, रुई या कलावे की बाती और सजावट के लिए कुछ चीजों की जरूरत होगी.
अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में भारतीय मूल की डेमोक्रेट नेता प्रमिला जयपाल ने छठी बार जीत दर्ज कर ली है। जानें प्रमिला जयपाल कौन हैं और वह कैसे भारत से अमेरिका के U.S. House of Representatives तक पहुंचीं।
फोन पर लड़के से बात करने पर पड़ी डांट, नाराज लड़की बिजली टावर पर चढ़ गई
यूपी के बांदा में घरवालों की डांट से नाराज होकर 17 साल की लड़की घर से बाहर निकल गई. परिवार ने पुलिस को सूचना दी तो दो टीमें उसकी तलाश में जुट गईं. कुछ देर बाद वह केन नदी के किनारे बिजली के टावर पर चढ़ी दिखाई दी. पुलिस ने उसे काफी देर तक समझाया. इसके बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया.
जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग... दिल्ली के ये 5 इलाके हैं सबसे प्रदूषित
आज 5 नवंबर की सुबह दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रहा. सुबह 7 बजे राजधानी का औसत AQI 371 दर्ज किया गया. जहांगीरपुरी 444 AQI के साथ सबसे प्रदूषित इलाका रहा. पंजाबी बाग, IIT दिल्ली, DTU और नरेला में भी AQI 400 के पार पहुंच गया.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, ईरान की Trump को खुली चेतावनी!
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके को ईरान ने युद्ध के खिलाफ जनता का फैसला बताया है. ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने ट्रंप सरकार को चेतावनी दी कि लोगों की इच्छा अनसुनी करने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा. उधर, ट्रंप ने भी माना कि ईरान युद्ध और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर चुनाव पर पड़ा. होर्मुज में तेल टैंकरों पर हमलों के दावों से तनाव और बढ़ा है.
39 साल पहले रामानंद सागर ने देसी जुगाड़ से बनाई रामायण
रामानंद सागर ने 39 साल पहले रामायण टीवी शो बनाया जो बिना महंगे VFX और कंप्यूटर ग्राफिक्स के आज भी लोकप्रिय है. उन्होंने देसी जुगाड़ और क्रिएटिविटी से कठिन दृश्यों को स्क्रीन पर जीवंत किया.
22 साल का ग्रेजुएट, पूछा- पहली नौकरी में कितनी होनी चाहिए सैलरी?
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब पहली नौकरी की तलाश शुरू होती है, तो सबसे बड़ा सवाल युवाओं के मन में यही होता है कि सैलरी कितनी मिलेगी? लेकिन कई बार युवाओं को पता ही नहीं होता है कि उन्हें कितनी सैलरी कंपनी से डिमांड करनी चाहिए. इसे लेकर एक ग्रेजुएट युवा ने सोशल मीडिया पर सवाल किया है.
गूगल का फैसला: कई देशों में कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का विकल्प, आर्थिक मुआवजे का भी ऑफर; किन पर पड़ेगा असर?
5 किफायती ब्यूटी प्रोडक्ट्स, जिनके बारे में Gen Z को जरूर पता होना चाहिए
महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदना हर किसी के बजट में फिट नहीं बैठता. ऐसे में जेन जी अपनी ब्यूटी किट में कुछ किफायती प्रोडक्ट्स शामिल कर सकती है. सनस्क्रीन, लिप बाम, फेस वॉश से लेकर बीबी क्रीम और मस्कारा तक, ये 5 प्रोडक्ट्स कम खर्च में आपकी रोजमर्रा की ब्यूटी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं.
'जुड़वां बच्चों की बुआ बनो', सारा के सामने अर्जुन की सास ने मांगी मुराद
सारा तेंदुलकर ने अपने 29वें जन्मदिन का एक खास वीडियो शेयर किया है. इसमें भाई अर्जुन तेंदुलकर की सास गौरिका घई चंडोक ने उनके लिए जुड़वां बच्चों की बुआ बनने की दुआ मांगी. भाभी सानिया ने सारा की शादी की इच्छा जताई, जबकि पिता सचिन तेंदुलकर ने भी बेटी को खास अंदाज में जन्मदिन की बधाई दी.
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: नतीजों के बाद ईरान में जश्न, तेहरान में ट्रंप-नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन; पोस्टर जलाए---Republican Party Midterm Election Loss Sparks Protest in Tehran, Demonstrators Burn Trump and Netanyahu Banner
अमेरिकी चुनाव में प्रो-इंडिया 'समोसा कॉकस' का क्या हुआ? रोचक हैं नतीजे
भारतीय मूल के नेताओं ने अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है. अमी बेरा, रो खन्ना, सुहास सुब्रमण्यम और प्रमिला जयपाल ने अपनी सीट बरकरार रखी है. वहीं, फ्लोरिडा से पिया डांडिया ने जीत दर्ज की है. इन नतीजों से अमेरिकी संसद में भारतीय मूल के सांसदों के अनौपचारिक समूह 'समोसा कॉकस' के मजबूत होने की उम्मीद है.
विदेशी कपल ने हिंदू रीति-रिवाज से की शादी, मंगलसूत्र पहनाकर लिए सात फेरे
इटली के मैटियो और कैटरीना ने आगरा में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी की. दूल्हा धोती-कुर्ते और दुल्हन लाल जोड़े में नजर आईं. दोनों ने अग्नि के सामने सात फेरे लिए, सिंदूर और मंगलसूत्र की रस्म भी निभाई.
US Midterm Election: अमेरिकी संसद में 5 भारतवंशियों की जीत, विवेक रामास्वामी गवर्नर का चुनाव हारे
US Midterm Election: अमेरिकी संसद में 5 भारतवंशियों की जीत, विवेक रामास्वामी गवर्नर का चुनाव हारे
दिवाली की पुताई के बाद पेंट की बदबू से परेशान? 10 टिप्स से करें दूर
दिवाली से पहले घर की पुताई कराने के बाद पेंट की तेज बदबू परेशान कर रही है? अगर हां, तो आप उसे आसानी से दूर कर सकते हैं. कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप पुताई कराने के बाद आने वाली बदबू से छुटकारा पा सकते हैं.
अमेरिका: प्रतिनिधि सभा के स्पीकर पद पर हकीम जेफ्रीज ने ठोकी दावेदारी, अगर चुने गए तो रच देंगे इतिहास
अमेरिका: प्रतिनिधि सभा के स्पीकर पद पर हकीम जेफ्रीज ने ठोकी दावेदारी, अगर चुने गए तो रच देंगे इतिहास
अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के स्पैंगल इलाके में एक घर में भीषण गोलीबारी हुई। इस घटना में शेरिफ विभाग के एक डिप्टी की मौत हो गई, जबकि दूसरे डिप्टी की बचने की उम्मीद नहीं है।
कोहली ने रचा नया इतिहास, SENA कंट्रीज में बनाया 'महारिकॉर्ड'
विराट कोहली ने ऑकलैंड वनडे में 74 रनों की पारी खेलकर भारत को 5 विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. यह कोहली के ओडीआई करियर का 80वां अर्धशतक रहा. कोहली ने इस शानदार इनिंग्स के दौरान रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी.
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: चेन्नई में जन्मीं प्रमिला जयपाल ने छठी बार दर्ज की जीत, कांग्रेस में इकलौती पूर्व H-1B वीजा धारक Chennai-born Pramila Jayapal, only ex-H-1B holder in Congress, wins sixth term
Live: 'रामायण' देखने थियेटर्स में उमड़े लोग, यश ने मचाया भौकाल
फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शानदार VFX, दमदार एक्टिंग और ग्रैंड विजुअल्स ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है.
चुनावी हार, ट्रंप और वेंस में दरार... 5 Points में समझें अमेरिकी सियासत कैसे हिल गई है
मिडटर्म इलेक्शन का सबसे बड़ा असर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के रिश्तों पर पड़ा है. जेडी वेंस ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट के जरिए ईरान के खिलाफ चलाए गए अलोकप्रिय सैन्य अभियान से खुद को अलग कर लिया. वेंस ने साफ लिखा कि सीनेट में 6 साल के लिए बहुमत गंवाना इस युद्ध के कारण हुआ है.
'बाहर ईरान, भीतर इस्लाम...', नेतन्याहू ने इजरायल को किस खतरे से आगाह किया?
इजरायल में नई सरकार को लेकर चल रही खींचतान के बीच नेतन्याहू ने देश की सुरक्षा पर चिंता जताई है. उन्होंने ईरान के साथ-साथ देश के भीतर भी खतरे की बात कही है. साथ ही विपक्ष की सरकार बनाने की कोशिशों पर सवाल उठाते हुए एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार की अपील की है.
अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों के नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि विदेशी नीति और बढ़ती ईंधन कीमतों जैसे मुद्दों का चुनावी परिणामों पर असर पड़ा
20 हजार रुपये मिलेंगे तो कौन नहीं बदलेगा नौकरी! चैट वायरल
बेंगलुरु की एक हाउसिंग सोसाइटी में नैनी यानी बच्चों की देखभाल करने वाली महिला को लेकर बहस छिड़ गई. एक परिवार ने आरोप लगाया कि दूसरे लोग उनकी नैनी को 20 हजार रुपये महीने की सैलरी का ऑफर देकर अपने यहां काम पर बुला रहे हैं. सोसाइटी के वॉट्सअप ग्रुप की चैट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.
आजतक ई-पेपर का एक साल: नई पत्रकारिता की दस्तक
आजतक ई-पेपर ने एक साल का सफर पूरा कर लिया है. इस दौरान डिजिटल पत्रकारिता में नए प्रयोगों के जरिए पाठकों को खबरें पढ़ने का अलग अनुभव देने की कोशिश की गई. अब दूसरे साल में ई-पेपर अपनी नई शुरुआत और विस्तार के साथ पाठकों के लिए क्या कुछ लेकर आ रहा है, जानिए इस खास रिपोर्ट में.
चीन में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.4 रही तीव्रता
चीन में गुरुवार, 5 नवंबर की सुबह 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, झटके सुबह 6:19 बजे आए. भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की गई. किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.
बदल रही खरीदारी की संस्कृति: दिवाली बाजार में स्वदेशी उत्पादों की धूम, चीनी सामानों का घटा दबदबा
बदल रही खरीदारी की संस्कृति: दिवाली बाजार में स्वदेशी उत्पादों की धूम, चीनी सामानों का घटा दबदबा diwali-festival-market-vocal-for-local-swadeshi-products-chinese-goods-indian-economy
अभिजीत भट्टाचार्य का सिंगर दलेर मेहंदी पर तंज, मंत्री का किया सपोर्ट
अभिजीत भट्टाचार्य ने लिप-सिंकिंग विवाद को लेकर दलेर मेहंदी पर स्पष्ट रूप से तंज किया, अपने हालिया लाइव शो में अभिजीत ने कहा, 'मैं धोखा नहीं दूंगा.'
ट्रंप आसानी से नहीं बदलने वाले: वादों पर भारी महंगाई और ईरान युद्ध, डेमोक्रेट्स की जीत से बढ़ेंगी मुश्किलें us-midterm-elections-trump-political-setback-democrats-majority-maga-policy-challenges
शुक्र की सीधी चाल से इन 5 राशियों को होगा लाभ!
दिवाली के बाद शुक्र ग्रह 14 नवंबर 2026 को अपनी वक्री चाल समाप्त कर मार्गी होने जा रहे हैं. ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, शुक्र की सीधी चाल का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा. हालांकि, मेष, कन्या, तुला, धनु और कुंभ राशि वालों के लिए यह बदलाव खास शुभ माना जा रहा है. इन पांच राशियों को धन लाभ, करियर में तरक्की और रुके हुए काम पूरे होने के अवसर मिल सकते हैं.
दुनिया में तेल संकट के बीच भारत के लिए खुला होर्मुज का रास्ता, ईरान ने दी खास रियायत!
दुनिया में तेल संकट के बीच भारत के लिए खुला होर्मुज का रास्ता, ईरान ने दी खास रियायत!
UP का मौर्य-कुशवाहा-शाक्य समाज: किन सीटों पर मजबूत वोटबैंक?
उत्तर प्रदेश की सियासत में यादव और कुर्मी के बाद तीसरा सबसे बड़ा ओबीसी वोटबैंक मौर्य-कुशवाहा, शाक्य और सैनी समाज एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. सूबे की 100 से अधिक सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाने वाले इस 6 फीसदी से अधिक वोटबैंक 2027 में किसका गेम बनाएगा और किसका खेल खराब करेगा?
बदलते समीकरण: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में ट्रंप को झटका, अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है दूरगामी प्रभाव us-midterm-election-republican-defeat-trump-global-politics-india-us-trade-relations
बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने 10 नागरिकों को जबरन गायब किया
बलूचिस्तान में अलग-अलग घटनाओं में पाकिस्तानी सेना ने कम से कम 10 नागरिकों को जबरन गायब कर दिया है, जिनमें एक 15 वर्षीय छात्र भी शामिल है।
'दौड़ जा...', जब मेरठ में मिले थे विराट, तब कहां पता था बनेंगे 'किंग'
18 साल पहले मेरठ की बल्ला फैक्ट्री में मिला वह युवा विराट आज 'किंग कोहली' है. तब इंटरनेशनल डेब्यू बाकी था, लेकिन इरादे साफ थे- 'मुझे खुद को साबित करना होगा.' आधे घंटे की उस बातचीत में उनके जवाब छोटे थे, मगर आज उनका कद पूरी कहानी बयां करता है. 38वें जन्मदिन पर उसी विराट से मुलाकात की अनसुनी यादें.
मीन राशि वाले आर्थिक मामलों में सावधान रहें, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Rashifal 5 नवंबर 2026, Horoscope Today: प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के योग हैं. परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा. धैर्य बनाए रखें
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: रिपब्लिकन पार्टी की हार, व्हाइट हाउस ने साझा की ट्रंप की तस्वीर; लिखा- नेवर सरेंडर white-house-never-surrender-post-trump-republican-defeat-us-midterm-elections
(सागर कुलकर्णी)वाशिंगटन, चार नवंबर अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने न केवल अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, बल्कि विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। मिशिगन की प्रतिनिधि सभा में अल्पमत दल के नेता रणजीव पुरी (डेमोक्रेटिक पार्टी) ने शानदार जीत दर्ज की है और उन्हें सदन के अध्यक्ष पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। यदि वह इस पद पर चुने जाते हैं, तो वह मिशिगन की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष बनने वाले भारतीय मूल के पहले अमेरिकी होंगे। एरिजोना की सीनेट में अल्पमत दल की नेता प्रिया सुंदरेशन सीनेट के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 18 से फिर से निर्वाचित हुई हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी ने 60 वर्ष में पहली बार एरिजोना की विधायिका पर नियंत्रण हासिल किया है। फीनिक्स में आयोजित विजय रैली में सुंदरेशन को सीनेट की अगली अध्यक्ष के रूप में पेश किया गया। डेमोक्रेटिक पार्टी के कृष सुब्रह्मण्यम ने मिनेसोटा की सीनेट सीट पर अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डस्टिन डुफॉल्ट को हराकर जीत दर्ज की। डेमोक्रेटिक पार्टी की लिसा कौल ने न्यूयॉर्क राज्य की सीनेट के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 39 से जीत हासिल की। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के रॉब रोलिसन को हराया। डेमोक्रेटिक पार्टी की नबीला सैयद ने इलिनॉय की सीनेट के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की डार्बी हिल्स को हराकर बड़ी जीत दर्ज की। जेरेमी कूनी ने निर्वाचन क्षेत्र संख्या 56 से चौथी बार सीनेट का चुनाव जीता। उन्हें कोलकाता के एक अनाथालय से गोद लिया गया था। उनकी मां ने न्यूयॉर्क राज्य में अकेले उनका पालन-पोषण किया। सैन्य सेवा का अनुभव रखने वाले इंजीनियर अमर मुकुंद ने मैरीलैंड की सीनेट के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 39 से निर्विरोध जीत हासिल की। भारत में जन्मीं सबा हैदर ने इलिनॉय की प्रतिनिधि सभा के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 84 से रिपब्लिकन पार्टी के ब्रायन स्कोपा को हराया। यहूदी मां और हिंदू पिता की संतान केशा राम हिंसडेल ने वर्मोंट में सीनेट का चुनाव जीता। डेमोक्रेटिक पार्टी के निखिल गोयल ने भी वर्मोंट में सीनेट की एक सीट पर जीत दर्ज की। डेमोक्रेटिक पार्टी के अरविंद वेंकट पेनसिल्वेनिया की प्रतिनिधि सभा के लिए फिर से निर्वाचित हुए, जबकि ज्योत सिंह जॉर्जिया की विधायिका के लिए चुने जाने वाले भारतीय मूल के पहले अमेरिकी और पहले सिख अमेरिकी बने। नॉर्थ कैरोलाइना की सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के मुख्य सचेतक जय चौधरी निर्वाचन क्षेत्र संख्या 15 से फिर से निर्वाचित हुए। डेमोक्रेटिक पार्टी की पूजा सेठी ने टेक्सास की प्रतिनिधि सभा के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 47 से जीत हासिल की। वह राज्य की विधायिका में पहुंचने वाली भारतीय मूल की पहली अमेरिकी बनी हैं। अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की अनुमानित आबादी 50 लाख से अधिक है। यह देश में एशियाई मूल के लोगों का दूसरा सबसे बड़ा समुदाय है।
मध्य प्रदेश के इंदौर में 2 से 4 नवंबर तक RSS के नेता जुटे। 6 मुद्दों सोशल मीडिया, जेन जी, विदेशी फंडिंग, पंजाब चुनाव, यूजीसी बिल और रूठे स्वयंसेवकों को मनाने पर बात की। बैठक में BJP के संगठन महामंत्री बीएल संतोष और राज्यों के संगठन मंत्री भी शामिल थे, यानी ये सारे मैसेज BJP के लिए भी थे। 6 मुद्दे, जिन पर बात हुई… 1. सरकार के खिलाफ कौन सा नैरेटिव चल रहा, RSS नजर रखेगादिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन सोशल मीडिया की ताकत का सबसे बड़ा उदाहरण है। BJP और सरकार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी इतना बड़ा आंदोलन खड़ा कर लेगी, ये किसी ने नहीं सोचा था। आंदोलन का तरीका पारंपरिक आंदोलनों और विरोध से अलग था। सोशल मीडिया के इस प्रयोग से कैसे निपटें, सोशल मीडिया की अराजकता पर लगाम कैसे लगाई जाए, यही बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा रहा। मैसेज दिया गया कि कार्यकर्ता सोशल मीडिया के भ्रमजाल में न फंसें, लेकिन सोशल मीडिया से कटना भी नहीं है। सोशल मीडिया पर बनाए जा रहे हर नैरेटिव को गंभीरता से लें। उसकी चर्चा अधिकारियों से करें। अगर लगे कि नैरेटिव हमारी विचारधारा के खिलाफ है, तो उसे जमीन पर काउंटर करें। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए RSS अलग टीम भी तैयार कर सकता है। ये प्रचार विभाग से अलग होगी। इस पर अभी सिर्फ विचार आया है। टीम का स्ट्रक्चर और फॉर्मेट तय होना बाकी है। 2. जेन जी को पाले में लाने के लिए युवाओं के बीच जाएगा संघ कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को जेन जी प्रोटेस्ट कहा गया। RSS का प्लान ऐसे जेन जी युवाओं की फौज तैयार करने का है, जो गंभीर मुद्दों पर बिना अराजक हुए आंदोलन करे। अपने मुद्दे उठाए, सरकार का विरोध भी करे, लेकिन सबके मूल में देश को आगे बढ़ाने की भावना हो। उसकी लगाम किसी और के हाथ में न हो। बैठक के दौरान सरसंघचालक मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि जेन जी को सामने रखकर विदेशी और राष्ट्रविरोधी ताकतें देश के खिलाफ काम कर रही हैं। इसलिए हमें राष्ट्रभक्त जेन जी तैयार करने हैं। इसके लिए कार्यकर्ताओं को उनके बीच जाना होगा। उनकी जरूरतें और उनकी भाषा को समझना होगा। 3. आंदोलनों के पीछे विदेशी फंडिंग का शक, सख्त कानून की पैरवी विदेशी फंडिंग और विदेश से बनाए जा रहे नैरेटिव पर मंथन तीसरा बड़ा मुद्दा है। देश की इंटेलिजेंस एजेंसियां देश में हो रहे आंदोलन में विदेशी फंडिंग के लिंक खंगाल रही हैं। सरकार में हमारे सूत्रों के मुताबिक, आंदोलनकारियों और आंदोलन को लेकर लगातार खोजबीन हो रही है। कई सबूत भी मिले हैं। इन्हें जल्द लोगों के सामने डॉक्यूमेंट के रूप में लाने की तैयारी है। विदेश फंडिंग पर लगाम कैसे लगे, इस पर बैठक में चर्चा की गई। कहा गया कि विदेश फंडिंग पर काम कर रही संस्थाओं की जांच होनी चाहिए। एक सख्त कानून बनना चाहिए। हाल में हुए आंदोलनों के मकसद को भी खंगालना चाहिए। 4. यूजीसी बिल से नाराजगी, यूपी में नुकसान का डर यूपी में BJP का वोटर नाराज है। इसकी बड़ी वजह उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव खत्म करने के लिए लाए गए यूजीसी के प्रस्तावित नियम हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन पर रोक लगा दी है। कई राज्यों में बिल का विरोध हो रहा था। यूपी पहला राज्य होगा, जहां विरोध से नुकसान की आशंका BJP और संघ दोनों को सता रही है। प्रदेश में फरवरी-मार्च में चुनाव हैं। RSS ने बैठक शुरू होने से पहले ही साफ कहा कि वह यूजीसी बिल के साथ नहीं है। इस बिल का सर्कुलर संतुलित नहीं था। इससे सामाजिक एकता और संतुलन प्रभावित होने की आशंका थी। 5. पंजाब में फोकस जीत नहीं, ड्रग्स और कानून-व्यवस्था मुद्दा पंजाब में फरवरी में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। बीते 6 महीनों में RSS ने ग्राउंड वर्क पूरा कर लिया है। इसकी रिपोर्ट में सामने आया कि पंजाब के मुद्दे अलग हैं। यहां बंगाल जैसी रणनीति काम नहीं करेगी। पंजाब में सामने खास आइडियोलॉजी वाली सरकार, मुद्दे और अराजक संगठन हैं। ड्रग्स की सप्लाई और राज्य में तैयार हो रहे नशीले केमिकल एक मुद्दा हैं, तो खालिस्तान दूसरा। लॉ एंड आर्डर, हथियारों की सप्लाई और धर्मांतरण अलग मुद्दे हैं। RSS पंजाब पर बनी समझ पर आगे भी काम करेगा। BJP ड्रग्स को चुनाव का मुद्दा बनाएगी। RSS के स्वयंसेवक बंगाल की तरह लॉ एंड आर्डर को मुद्दा बनाएंगे। सूत्र ने स्पष्ट किया, इस बार पंजाब जीतना नहीं, पंजाब को मुद्दा बनाना मकसद है। 6. राम मंदिर के बाद रूठे स्वयंसेवकों को मनाएगा संघ प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पुराने स्वयंसेवकों से संपर्क करें। उनसे दिशा-निर्देश लें। अगर उनकी कुछ सलाह या चिंता है, तो समाधान करें। रूठे या टूट चुके कार्यकर्ताओं को मनाएं। सूत्र ने बताया कि रामजन्मभूमि के मुद्दे समेत RSS के खिलाफ कई बयान आए। RSS से नाता तोड़ चुके कार्यकर्ताओं को संगठन के खिलाफ बोलने के लिए लगातार इस्तेमाल किया गया। इस वजह से अब पुराने कार्यकर्ताओं को मनाने का अभियान शुरू किया जाएगा।
एक्सप्लेनर: ट्रंप की अल्टीमेट पावर यानी वीटो क्या है, कैसे राष्ट्रपति कांग्रेस के फैसलों पर लगा सकते हैं रोक?- What is Donald Trump ultimate power veto how can President block decisions made by Congress
अमेरिका ने युद्ध को कहा ना...', ट्रंप को चुनावी झटके के बाद ईरान की चेतावनी
अमेरिकी चुनाव में ट्रंप की पार्टी को झटका लगने के बाद ईरान ने इसे युद्ध के खिलाफ जनता का संदेश बताया है. ईरान के संसद अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर ट्रंप सरकार को चेतावनी भी दी है.
पाकिस्तान के कराची का मलीर जेल। सेल नंबर-32 में 50 साल के बाबू भाई बम्मभनिया बंद थे। कोठरी ऐसी कि हल्की रोशनी भी न आ सके। बैठे-बैठे बुदबुदाए- ‘पता नहीं बीवी, बच्चों को यह पता भी है कि मैं जिंदा हूं या नहीं। बॉर्डर पार करना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी।’ तभी बूट पटकते हुए जेलर आया। गाली देते हुए बोला- ‘@#$% भारतीय जासूस है न तू। समुद्री रास्ते से पाकिस्तान घुस आया। जब चमड़े के बेल्ट पड़ेंगे, करेंट लगाए जाएंगे तो सारा सच बाहर आ जाएगा। नाम में हेरफेर करके घुस आते हैं @#$%।’ जेलर ने कॉन्स्टेबल से कहा- ‘खातिरदारी करो इनकी।’ कॉन्स्टेबल फौरन लाठी और चमड़े की बेल्ट लेकर सेल में घुसा और बाबू भाई को उल्टा लटकाकर खूब पीटा। काफी देर बाद भी जब वो कुछ नहीं बोले, तो जेलर ने कहा- ‘इसे उल्टा लटकाकर रखो और सोने मत देना।’ बाबू भाई की जैसे ही झपकी लगती, कॉन्स्टेबल उनका सिर पानी से भरे टब में डुबो देता। फिर बेल्ट से तब तक पीटता जब तक थक न जाता। करीब एक हफ्ते तक ऐसा ही चलता रहा। बाबू भाई कहते रहे कि ‘मैं जासूस नहीं, मछुआरा हूं।’ उसके बाद जेलर ने लोहे के प्लास से उनके नाखून नोचने का आदेश दे दिया। बाबू भाई अकेले नहीं, जिन्हें इस तरह जासूसी के नाम पर पाकिस्तान की जेलों में टॉर्चर किया जा रहा है। ऐसे करीब 198 भारतीय मछुआरे पाकिस्तानी जेलों में हैं। इस बार ब्लैकबोर्ड में कहानी अरब सागर किनारे बसे गुजरात के ऊना के उन परिवारों की, जिनका कोई अपना पाकिस्तान की जेल में बंद है। मैं नीरज झा, पहुंचा हूं ऊना… गुजरात के सोमनाथ जिले से करीब 90 किलोमीटर दूर ऊना तहसील का नवा बंदर इलाका। अरब सागर के किनारे बसा। जैसे-जैसे समंदर की तरफ बढ़ रहा हूं, मछलियों की गंध आ रही है। समंदर किनारे दर्जनों नाव हैं। यहीं मेरी मुलाकात मछुआरों के खारवा समाज के मुखिया नरेश भाई से हुई। नरेश कहते हैं, ‘ये जिंदगी भी कोई जिंदगी है। समंदर में मछली पकड़ते-पकड़ते गलती से कब कोई बॉर्डर पार कर पाकिस्तान पहुंच जाएं, कोई भरोसा नहीं। फिर सालों जेल में सड़ते हैं। चलिए उन महिलाओं से मिलवाऊं, जिनके पति ऐसी गलती से पाकिस्तान पहुंचे हैं।’ हम एक दुकान पर पहुंचे। वहां दुकानदार ने बताया कि 5-6 साल पहले ही बाबू भाई बम्मभनिया पाकिस्तान की जेल से छूटकर आए हैं। हम बाबू भाई से मिलने उनके घर पहुंचे, लेकिन घर पर कोई नहीं था। काफी देर में उनकी पत्नी भानी बेन आईं। वह बताती हैं, ‘मजदूरी करने गईं थी। पति 12 साल पाकिस्तानी जेल में रहे। घर चलाने के लिए मजदूरी करने लगी। जिस दिन पता चला कि उसे पाकिस्तानी फौज ने गिरफ्तार कर लिया है, मैं तो पागल हो गई थी। पड़ोसियों ने इलाज कराया। लगता था कि वह जिंदा नहीं लौटेगा। 6 साल पहले 2020 में जब वह छूटकर आया, तो इतना कमजोर हो चुका था कि ठीक से चल-फिर नहीं पा रहा था। फौरन हॉस्पिटल लेकर गए। कई महीने इलाज चला। अभी भी दवा खाता है। वह बताता था कि- जेल में सिर्फ चावल खाने को मिलता था। पाकिस्तानी पुलिस ने जासूसी का आरोप लगाया था। बहुत मारती थी। बूट से मारती थी। बाकी कैदियों से अलग एक काल-कोठरी में डाल दिया था। गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद पाकिस्तानी दूतावास से मलीर जेल को एक लेटर भेजा गया। उसमें बताया गया- ‘वो जासूस नहीं, मछुआरा है। गलती से नाम में हेरफेर हुई है। इस तरह बड़ी मुश्किल से छूटकर आया।’ भानी बताती हैं- ‘अब जूनागढ़ के मंगरोल पोर्ट पर मजदूरी करता है। अब मछली मारने नहीं जाता। पोर्ट के पास ही मछली ढोने का काम करता है। उसके पैर में दर्द होने लगा है। काम नहीं कर पाता। एक-दो दिन काम, फिर एक-दो दिन आराम करता है।’ अब मैं नरेश भाई के साथ गांव की एक फैक्ट्री में पहुंचा। यहां समंदर से लाई गई मछलियों की सफाई होती है। 20-25 औरतें झींगा मछली साफ कर रही हैं। इनमें हरे रंग की साड़ी पहनी हंसा बेन हैं। हाथों में एक-एक चूड़ियां। न माथे पर बिंदी, न मांग में सिंदूर। वह बताती हैं, ‘सालों बीत गए पति का चेहरा देखे हुए। एक-एक दिन कैसे काटती हूं, मैं ही जानती हूं। सजना-संवरना सब छोड़ दिया है। अब तो आइना भी नहीं देखती, न बिंदी-सिंदूर लगाती हूं। किसके नाम का लगाऊं। यहां 250-300 दिहाड़ी मिल जाती है, उसी से बच्चे पाल रही हूं।’ कुछ देर रुककर कहती हैं- ‘चलिए घर मेरे घर। बच्चे इंतजार कर रहे होंगे।’ घर पहुंचा तो दो कमरे का एक मकान। बरामदे के एक कोने में पानी से भरे बर्तन एक के ऊपर एक रखे हैं। हंसा मोबाइल के कवर से एक पासपोर्ट साइज फोटो निकालकर कहती हैं, ‘यही मेरे पति हैं, भरत सोलंकी। उनकी केवल यही फोटो है मेरे पास। जब भी याद आती, देख लेती हूं। 5 बरस होने वाले हैं। कुछ पता नहीं कि कैसे हैं, कहां हैं। 14 जनवरी 2022 को उन्हें आखिरी बार देखा था। उस दिन मकर संक्रांति थी। सुबह के करीब 9 बज रहे थे। उन्होंने कहा- ‘खाने में मछली और रोटला (बाजरे की रोटी) बना लो। आज मैं एक-डेढ़ महीने के लिए समंदर चला जाऊंगा। जब तक लौटकर ना आ जाऊं, अपना और बच्चों का ख्याल रखना।’ मैंने जल्दी-जल्दी खाना बनाया। उन्हें सामने बैठाकर खिलाया। सोचा नहीं था कि उन्हें देखने को तरस जाऊंगी। पता नहीं जिंदा भी हैं या नहीं। उस वक्त 2 साल की छोटी बेटी 7 साल की हो गई है। इसे बाप की शक्ल तक याद नहीं है। हर रोज पूछती है- पापा कब आएंगे? वो आएंगे, तो घूमने चलेंगे न! कैसे बताऊं कि कि वो पाकिस्तान की जेल में हैं।’ यह कहते हुए 38 साल की हंसा साड़ी के पल्लू से अपने आंसू छुपाने लगती हैं। बगल में बैठी बेटी कुंजिका और बेटा कर्तव्य उन्हें निहारने लगते हैं। हंसा बेटी को प्यार से छुटकी कह रही हैं। वह बताती हैं- ‘2022 का फरवरी-मार्च का महीना था। सुबह-सुबह इलाके के मुखिया के पास वेरावल फिशरीज डिपार्टमेंट से फोन आया- ‘हंसा बेन के पति को पाकिस्तानी फौज ने गिरफ्तार कर लिया है।’ वो भागते हुए मेरे घर आए और बोले- ‘भरत, गलती से समुंद्री सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया। गिरफ्तार हो गया है।’ मैं चीखने लगी। सदमा लग गया। देश की जेल में होते, तो मिलकर आ जाती। वहां कैसे जाऊं? कोई फोन-वीडियो कॉल नहीं। उस दिन के बाद एक हफ्ते घर का चूल्हा नहीं जला। पड़ोसी कुछ खाने के लिए दे दिया करते थे। छुटकी तो दिनभर रोती रहती थी। हम आज भी उनके लौटने का इंतजार कर रहे हैं। मछली पकड़ना तो हमारा पुश्तैनी काम है। आज तक किसी ने बॉर्डर पार नहीं किया। उस दिन पता नहीं ये सब कैसे हो गया। इसी साल जून महीने में पाकिस्तान के नंबर से वाट्सएप पर खत आया था। पति ने जेल में किसी को 300 रुपए देकर भेजा था। चिट्ठी में लिखा था- ‘जय सोमनाथ, जय चामुंडा मां। हंसा, मेरी चिंता मत करना। मैं यहां खुश हूं। सेहत ठीक है। तुम भी अच्छे से खाया-पीया करो। भाई और भाभी को प्रणाम कहना। दोनों बच्चे कैसे हैं, बताना। त्योहार आए, तो अच्छे से मनाना। तुम्हारा भरत।’ मोबाइल पर चिट्ठी दिखाते हुए हंसा बेन की आंखें भर आती हैं। आंचल से आंसू पोंछते हुए कहती हैं, ‘कोई पीड़ा भी होगी, तो चिट्ठी में नहीं लिखेंगे। चिट्ठी भेजने से पहले पाकिस्तानी जेलर उसे पढ़ते हैं, तब आने देते हैं। जब से वो गिरफ्तार हुए, हमने कोई त्योहर नहीं मनाया। होली, दिवाली, नवरात्रि, गरबा… सब भूल गई। अभी कुछ दिन पहले जेठ और उसके बाद ननद की मौत हो गई। पति को पता भी नहीं होगा। ये कैसी सजा है, जिसमें न कोई सुनवाई, न रिहा होने का कुछ पता। हर महीने गांधीनगर जाकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाती हूं। सब कहते हैं- जो होगा, दिल्ली से होगा। या फिर एक दिन वो खुद लौटकर आएगा।’ तभी बगल में बैठी हंसा बेन की बेटी कुंजिका धीमी आवाज में कहती हैं, ‘आप ये सब बात मेरे पापा से बताएंगे क्या? वह इस वीडियो को देखेंगे, तो कहना कि जल्दी घर आएं। हम घूमने चलेंगे।’ कुछ देर में हंसा बेन की पड़ोसी रामी बेन भी आ जाती हैं। अपने पति मोहन भाई सोलंकी की फोटो दिखाकर कहती हैं, ‘मेरा पति भी भरत भाई के साथ एक ही नाव पर था। वो तो पहली बार मछली पकड़ने गया था और गिरफ्तार हो गया। जब नाव में था, तो हर रोज फोन करके पूछता था- खाना खाया? कैसी तबीयत है? ठीक हो? चिंता मत करना, जल्दी आऊंगा। 5 साल बीत चुके हैं। हर दिन ऐसा लगता है, वह कहीं से आएगा और कुछ बोलेगा। एक दिन मैं रोते-रोते चक्कर खाकर सीढ़ी से गिर गई। घुटना टूट गया, ऑपरेशन कराना पड़ा। उसे तो पता भी नहीं होगा कि हम पर क्या बीत रही है। अभी नवरात्रि में महिलाएं अपने पतियों के संग गरबा कर रही थीं। देखकर याद आने लगा कि मैं भी पति के साथ गरबा करने जाती थी। अब बच्चे पालने के लिए मजदूरी करती हूं। सरकार से विनती है हमारे आदमी को रिहा कराए।’ सोमनाथ जिले के कोस्टल इलाके में 40 से ज्यादा गांव हैं, जहां के दर्जनों मछुआरे पाकिस्तानी जेलों में बंद हैं। नरेश भाई बताते हैं, ‘गांव के किसी आदमी के पाकिस्तान की जेल में बंद होने की खबर आते ही गांव में मातम छा जाता है, और वहां से कोई लौटता है तो ढोल-नगाड़ों से उसका स्वागत होता है। पेट पालने के लिए हमारे पास बस यही समंदर और मछली है। यहां एक नाव 15 लाख से एक करोड़ रुपए तक की होती है और उस पर 7-8 लोग होते हैं। पाकिस्तानी सिक्योरिटी किसी मछुआरे को पकड़ लेती है, तो भारत सरकार उसके परिवार को हर महीने 9 हजार रुपए देती है, पर ये पैसा कभी आता है, कभी नहीं। पाकिस्तान इतनी महंगी नावें वापस नहीं करता।’ पोर्ट पर मछली का कारोबार करने वाले एक व्यापारी बताते हैं, ‘एक नाव में करीब 50 से 70 लाख रुपए का माल होता है। नावों में जीपीएस लगा होता है, जो पाकिस्तानी सीमा के पास पहुंचते ही अलर्ट देने लगता है। लेकिन सीमा के पास मछलियां बहुत होती हैं, इसलिए पैसों के लालच में मछुआरे कई बार जान की बाजी लगाकर सीमा पार कर जाते हैं। कभी पकड़े जाते हैं, कभी बच निकलते हैं।’ कमिश्नर ऑफ फिशरीज, गांधीनगर के एक अधिकारी बताते हैं, ‘इस समय देश के 198 मछुआरे पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं, जिनमें 126 गुजरात के हैं। समुद्र में कोई भौतिक सीमा-चिह्न नहीं होता, सिर्फ जीपीएस अलर्ट करता है। दोनों देशों की समुद्री सीमा के बीच करीब 9 किमी का अंतर है। नाव चलाने वाले ज्यादातर कम पढ़े-लिखे होते हैं और सिग्नल नहीं समझ पाते, इसलिए कई बार इंटरनेशनल मेरीटाइम बाउंड्री लाइन (IMBL) पार कर जाते हैं। कई बार पाकिस्तानी मरीन सिक्योरिटी सीमा पर खड़े मछुआरों को भी जबरन पकड़ लेती है। पकड़े जाने पर पहले 3 साल की सजा होती थी, जिसे पाकिस्तान ने अब 5 साल कर दिया है। गिरफ्तारी होते ही इंडियन नेवी दिल्ली में मत्स्य मंत्रालय को सूचना देती है। नाव के ब्योरे से उसके बंदरगाह की पहचान होती है। फिर बंदरगाह पर तैनात गार्ड से नाव की लॉग-शीट निकाली जाती है, जिसमें दर्ज होता है कि नाव कब निकली, उसमें कितने लोग थे और वे कहां के रहने वाले हैं। जेल में टॉर्चर से कई मछुआरों की मौत भी हो जाती है। तब पाकिस्तान सरकार दूतावास के जरिए सूचना देती है और जांच के बाद शव भारत आने में तीन-चार हफ्ते लग जाते हैं। मृतक के परिवार को 5 लाख रुपए का मुआवजा मिलता है।’ 2022 में सख्ती और लाइसेंस सस्पेंड करने के बाद ऐसे मामले घटे हैं। 2017 से अब तक पाकिस्तान की जेलों में 22 मछुआरों की मौत हो चुकी है। --------------------------------------------- ब्लैकबोर्ड की ये कहानियां भी पढ़ें… 1-ब्लैकबोर्ड-सैफ अली को चाकू उसने घोपे, जिंदगी मेरी तबाह हुई:मंगेतर ने क्रिमिनल कहकर शादी तोड़ दी, बाप-भाई की भी नौकरी चली गई 18 जनवरी 2025 का दिन। सुबह के करीब 10 बजे थे। मुंबई के कल्याण से बिलासपुर जाने वाली ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के जनरल कोच में खिड़की के पास एक शख्स बैठा है। वो लगातार अपना फोन देख रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 2-ब्लैकबोर्ड-फर्जी रेप केस और SC/ST एक्ट भी झूठा:20 साल बाद बरी, मां-बाप और दो भाइयों की मौत, तीसरा पागल हुआ उत्तरप्रदेश के ललितपुर का सिलावन गांव। शाम का वक्त। करीब 44-45 साल का एक शख्स लंगड़ाते हुए चला जा रहा था। वो इधर-उधर देख रहा था, जैसे किसी को पहचानने को कोशिश कर रहा हो। पूरी खबर पढ़ें…
'अगर तुम ब्लैक या यहूदी हो और अब्दुल को वोट देते हो, तो तुम पागल हो। वो एक जिहादी है। वो खतरनाक और हिंसक जिहादी है।' ये शब्द अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हैं, जो उन्होंने अब्दुल अल-सैयद के बारे में कहे थे। मिडटर्म चुनाव नतीजों में 52% से ज्यादा मतों के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी के अब्दुल अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं। मिस्र से आए प्रवासियों के बेटे हैं सैयद 42 साल के अब्दुल पेशे से डॉक्टर और महामारी विशेषज्ञ हैं। 1970 के दशक में उनके माता-पिता मिस्र से अमेरिका आए थे। साउथ मिशिगन के डेट्रॉयट शहर में 31 अक्टूबर 1984 को सैयद का जन्म हुआ। 3 साल के हुए, तो माता-पिता का तलाक हो गया। उन्हें पिता और सौतेली मां ने पाला। अब्दुल ने मिशिगन यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल साइंस की पढ़ाई की। एपिडेमियोलॉजी, यानी महामारी विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर भी रहे। फिर वे पब्लिक सर्विस में आ गए और 2015 में 30 साल की उम्र में ‘डेट्रॉयट हेल्थ डिपार्टमेंट’ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बने। 2018 में मिशिगन का गवर्नर बनना चाहते थे, लेकिन पार्टी के दूसरे कैंडिडेट को मौका मिला। अब्दुल सैयद का प्लान राजनीति में आने का नहीं था। उनकी चुनावी वेबसाइट के मुताबिक वे चुनाव इसलिए लड़ रहे हैं क्योंकि, ‘खराब पॉलिटिक्स अमेरिकी लोगों को बीमार कर रही है। अमेरिका में जिंदगी इतनी मुश्किल नहीं होनी चाहिए।’ जिहाद, आतंकवाद और मुस्लिम ब्रदरहुड को समर्थन के आरोप लगे प्रचार के दौरान ट्रम्प ने सैयद को जिहादी और आतंकवादियों का समर्थन करने वाला बताया। टेक्सास से रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने तो चेतावनी दी कि अगर अब्दुल सैयद सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी में जाते हैं, तो अमेरिकी मारे जाएंगे। विपक्षी उम्मीदवार माइक रॉजर्स ने सवाल उठाए कि सैयद अमेरिका के पक्ष में है या आतंकवादी समूहों के। दरअसल, सैयद की बहन इमान अब्देलहादी ने 2012 में एक सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया था कि उनकी मां 70 के दशक में मिस्र के संगठन ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ से जुड़कर एक्टिविज्म करती थीं। तलाक के बाद सैयद की मां मिसौरी स्टेट चली गई थीं और इस्लामिक अमेरिकन रिलीफ एजेंसी (IARA) के साथ बतौर नर्स काम करने लगीं थीं। 2004 में FBI ने आतंकवादियों से संबंध के शक में IARA पर छापा मारा, तब सैयद की मां से भी पूछताछ हुई थी। रिपब्लिकन पार्टी ने इस मुद्दे को भी चुनाव में घसीटा। सफाई में सैयद ने कहा था कि उन्हें उनकी मां ने नहीं बल्कि पिता और सौतेली मां ने पाला है। उनका मुस्लिम ब्रदरहुड से कोई लेना देना नहीं है। उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने 15 अक्टूबर की रैली में लोगों से कहा, 'आप उस छोटे से धूर्त व्यक्ति से बेहतर के हकदार हैं। उसे अपना मुंह बंद रखना चाहिए और उस देश के प्रति थोड़ी कृतज्ञता दिखानी चाहिए जिसने उसे सब कुछ दिया है।' 4 नवंबर को नतीजे आए, तो सैयद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रॉजर्स को हरा दिया। विक्ट्री स्पीच में जेडी वेंस को जवाब देते हुए कहा, ‘जेडी हबीबी, मजेदार विडंबना है कि आपको मुझे शपथ दिलानी होगी।’ दरअसल, अमेरिका में सीनेटर्स की शपथ उप राष्ट्रपति कराते हैं। 2 दिन पहले अपनी ही पार्टी के नेता विरोध में गए अमेरिकी चुनाव में उम्मीदवार बनने से पहले पार्टी के उम्मीदवारों के बीच भी चुनाव होते हैं। अगस्त 2026 में सैयद चार बार की सांसद हेली स्टीवन्स को 15,000 वोटों से हराकर डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बने। हेली ने सैयद को हराने के लिए 4.2 करोड़ डॉलर से ज्यादा खर्च किए थे। मिडटर्म चुनाव प्रचार के आखिरी रविवार को हेली स्टीवन्स, रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रॉजर्स के साथ चर्च पहुंची और कहा, 'मैं उस व्यक्ति के साथ आई हूं, जिसे मैं अमेरिकी सीनेट के चुनाव में वोट देने वाली हूं।' प्रचार के आखिरी दिनों में हेली के इस कदम से सैयद को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही थी। जीत के बाद सैयद ने दावा किया है कि उन्हें चुनाव में हराने के लिए अपनी पार्टी के लोगों ने ही 70 मिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च किए हैं। अमेरिका में दो वजहों से कोई मुस्लिम उम्मीदवार जीतकर अब तक सीनेट नहीं पहुंचा था… फिर सैयद ने जीतकर इतिहास कैसे बना दिया? इसकी 3 प्रमुख वजहे हैं… 1. आम जरूरतों और टैक्स के पैसों को मुद्दा बनाया 2. धार्मिक टिप्पणियों का काउंटर 3. डेमोक्रेटिक पार्टी की लहर --------- ये खबर भी पढ़िए… ट्रम्प मिडटर्म चुनाव हारे, क्या बीच कार्यकाल कुर्सी छिनेगी:भारत पर कितना असर, क्या अब ईरान जंग भी खत्म हो जाएगी अमेरिका के राष्ट्रपतियों को एक श्राप मिला हुआ है। नाम है- मिडटर्म कर्स। पिछले 20 में से 18 बार, यानी 90% मिडटर्म चुनाव मौजूदा राष्ट्रपति की पार्टी हारी है। डोनाल्ड ट्रम्प भी इससे बच नहीं सके। अमेरिका में कल, यानी 3 नवंबर को मिडटर्म वोटिंग हुई थी, आज गिनती जारी है। अब तक के नतीजों में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी हार रही है। पूरी खबर पढ़िए…
अग्निवीर सेवा विस्तार: नए जवान की भर्ती से कहीं महंगा है अनुभवी जवान खोना, युद्ध के लिहाज से कुशल योद्धा जरूरी agniveer-two-year-service-extension-indian-army-operational-needs-experienced-soldiers
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ईरान को तेल प्रतिबंधों से बचाने का आरोप: अमेरिका ने भारतीय दंपती पर लगाया बैन, स्कॉट बेसेंट ने दी चेतावनी us-sanctions-indian-couple-companies-maritime-fraud-iran-oil-trade-Scott-Bessent-warns
'ईरान युद्ध खत्म करना डेमोक्रेट्स का एजेंडा': मध्यावधि चुनाव में जीत पर बोले चक शूमर, ट्रंप को लेकर क्या कहा?- Ending war with Iran is Democrats agenda Chuck Schumer on midterm election victory what did he say about Trump
अमेरिकी जनता ने ट्रंप को वादा तोड़ने की दी सजा, मिडटर्म हार की तीन सबसे बड़ी वजहें
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। उनकी पार्टी सीनेट और हाउस में बहुमत खो चुकी है। ट्रंप ने ईरान युद्ध को इस हार की वजह के रूप में स्वीकार किया है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस युद्ध से पीछे नहीं हटेंगे।
वर्ल्ड अपडेट्स: अमेरिका के मियामी में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत और दो गंभीर रूप से घायल
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गोलीबारी से दहला अमेरिका: फ्लोरिडा में सिटीबैंक के ऑफिस कॉम्प्लेक्स में फायरिंग, संदिग्ध समेत दो की मौत florida-tampa-citibank-office-complex-shooting-two-dead-suspect
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: नतीजों पर खामेनेई की दो टूक, कहा- समझौते की उम्मीद करना बड़ी भूल, हम नहीं बदलेगें रुख Mojtaba-khamenei-says-us-midterm-results-will-not-change-irans-stance-defense-policy
मध्यावधि चुनाव में हार पर बोले ट्रंप: कहा- युद्ध जरूरी था आगे जारी रहेगा, डेमोक्रेट्स के साथ काम करने को तैयार-
दिवाली पर यूपी में बम धमाकों की धमकी, अयोध्या-काशी-मथुरा निशाने पर
दिवाली से पहले यूपी में धमकी भरे मेल ने चिंता बढ़ा दी है. मेल में कई शहरों को निशाना बनाने की बात कही गई है. स्कूलों को भी चेतावनी दी गई है. मामले की जांच में एजेंसियां जुटी हैं.
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को हुए नुकसान में ईरान युद्ध की भूमिका रही. ट्रंप ने माना कि युद्ध के चलते पेट्रोल की कीमतें बढ़ीं, जिसका असर चुनाव पर पड़ा. हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का मौका फिर मिला तो वह पीछे नहीं हटेंगे.
मिडटर्म हार के बाद खतरनाक हो गए डोनाल्ड ट्रंप, ईरान युद्ध को लेकर बोले- फिर से करना पड़ा, तो करूंगा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात को स्वीकार किया है कि ईरान युद्ध मिडटर्म चुनाव में हार की एक बड़ी वजह रहा। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर उन्हें दोबारा ईरान पर हमला करना पड़ा, तो वह करेंगे।
पुलिस सब-इंस्पेक्टर का ड्रामा, रिश्वत लेते पकड़ा गया तो तालाब में जा कूदा
ओडिशा के संबलपुर में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते सब-इंस्पेक्टर सुजीत कुमार मोहंता को विजिलेंस ने पकड़ा. गिरफ्तारी से बचने वह तालाब में कूद गया. कमरे से 1.55 लाख रुपये नकद भी मिले.
ट्रंप की सरकार रहेगी, लेकिन पावर चली जाएगी? मिडटर्म में हार के होंगे साइड इफेक्ट!
अमेरिका के मिडटर्म चुनावों के नतीजों ने डोनाल्ड ट्रंप की सियासी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जिन चुनावों को ट्रंप के लिए जनता के मूड का इम्तिहान माना जा रहा था, उनमें डेमोक्रेट्स ने कई अहम मोर्चों पर बढ़त बनाई है. अब इन नतीजों का असर ट्रंप की बची हुई सत्ता और 2028 की सियासत पर पड़ना तय है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस में नहीं थम रही कलह, 10 नाराज विधायकों की तीसरी बैठक
जम्मू-कश्मीर की नेशनल कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हालिया कैबिनेट फेरबदल के बाद पार्टी में कलह खुलकर सामने आई हैं. नाराज विधायकों की लगातार बैठकें हो रही हैं, जिनमें उनकी मांगों और रणनीति पर चर्चा हो रही है. बुधवार को एक बार फिर नाराज विधायकों ने बंद कमरे में अहम मीटिंग की.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रिपब्लिकन पार्टी की मध्यावधि हार के लिए ईरान में चल रहे युद्ध को जिम्मेदार ठहराया है।
मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत, ओबामा बोले- अब ट्रंप पर रखें नजर
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार को मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह नतीजा लोगों को बांटने वाली राजनीति के खिलाफ एक मजबूत संदेश है। साथ ही उन्होंने डेमोक्रेट्स से अपील की कि वे कांग्रेस में अपने नए बहुमत का इस्तेमाल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर निगरानी रखने, लोगों की समस्याओं का हल निकालने और देश के बेहतर भविष्य की तैयारी के लिए करें।
चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी का दोनों सदनों पर नियंत्रण था, लेकिन डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने देशभर में बढ़त हासिल की। उन्हें उन राज्यों में भी सफलता मिली, जहां परंपरागत रूप से रिपब्लिकन पार्टी का प्रभाव रहा है।
'मां, मुझे गोली मार दी...' घायल मनोज ने किया फोन, अस्पताल में तोड़ा दम
बाइक ठीक कराने निकला मनोज शायद घर लौटने की उम्मीद लेकर गया था, लेकिन रिपेयरिंग सेंटर पर हमलावरों ने उसे घेर लिया. पेट में गोली लगने के बाद भी उसने मां और दोस्त को फोन किया. अस्पताल में उसकी मौत हो गई. डेढ़ महीने पहले जेल से छूटे मनोज की हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और गैंगवार का शक है.
अनुराग से पहले IPS अभिषेक तिवारी का भी इस्तीफा, दोनों रहे सागर एसपी
मध्य प्रदेश में सागर जिले के SP रहे IPS अफसर अनुराग सुजानिया ने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया है. जहरीली शराब कांड के बाद SP पद से हटाए जाने के सात दिन बाद उन्होंने यह फैसला लिया. इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है. इससे पहले सागर के ही पुलिस कप्तान रहे आईपीएस अभिषेक तिवारी ने भी नौकरी छोड़ दी थी. पढ़ें शराब और सागर से जुड़े दो रोचक संयोग...
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव हारते ही ट्रंप से नाराज हुए जेडी वेंस? बोले- ईरान युद्ध ही हार का कारण
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान युद्ध को मिडटर्म में पार्टी के बुरे हालातों का कारण बताया। उन्होंने कहा कि 2024 में डोनाल्ड ट्रंप को समर्थन देने वाले कई मतदाताओं ने इस बार पार्टी को वोट नहीं किया।
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US Election में Democratic Party की जीत से Elon Musk को झटका, Tesla शेयर गिरे
अमेरिका की राजनीति में आए बड़े बदलाव का असर अब दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल एलन मस्क पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव जिताने के लिए भारी रकम खर्च करने वाले मस्क को इस बार बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत और संसद के दोनों सदनों पर उसकी पकड़ बनने के बाद मस्क की कारोबारी दुनिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में करीब 50 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। टेक्सास उनके लिए खास अहमियत रखता है, क्योंकि यह उनके निजी निवास के साथ टेस्ला और उनकी दूसरी बड़ी कंपनियों के कामकाज का प्रमुख केंद्र भी है। इस राज्य में रिपब्लिकन पार्टी की पकड़ बनाए रखने के लिए उन्होंने खुलकर प्रचार किया था। इससे पहले 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को जिताने के लिए भी मस्क ने 25 करोड़ डॉलर से अधिक की रकम खर्च की थी। मंगलवार को मतदान शुरू होने से पहले मस्क ने अपने समर्थकों से रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट देने की अपील की थी। हालांकि, चुनाव के नतीजे उनकी उम्मीदों के उलट रहे। डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसद के दोनों सदनों में जीत हासिल की और टेक्सास में जीना हिनोजोसा ने ग्रेग एबॉट को हराकर राज्य की पहली डेमोक्रेटिक गवर्नर बनने का रास्ता साफ किया। बताया जा रहा है कि 30 साल से अधिक समय बाद टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी की यह बड़ी वापसी है। चुनाव से पहले ही खबरें सामने आई थीं कि डेमोक्रेटिक पार्टी जीतने पर मस्क के कारोबारी साम्राज्य की गहन जांच शुरू कर सकती है। इसी बीच मस्क ने अपने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक रिपोर्ट का जवाब देते हुए तीखी चेतावनी दी। रिपोर्ट में कहा गया था कि संसद में बहुमत मिलने के बाद डेमोक्रेटिक सांसद मस्क के खिलाफ जांच शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इस पर मस्क ने लिखा कि जो लोग उनसे टकराव मोल लेंगे, उन्हें समझना चाहिए कि वह असली फैसले लेने वालों तक पहुंचेंगे, सिर्फ उनके इशारे पर काम करने वालों तक सीमित नहीं रहेंगे। चुनावी नतीजों का असर शेयर बाजार में भी दिखा। कारोबार शुरू होने से पहले स्पेसएक्स के शेयर 3.8 प्रतिशत और टेस्ला के शेयर 3.6 प्रतिशत तक गिर गए। दोनों कंपनियों का प्रदर्शन व्यापक बाजार से कमजोर रहा। जानकारों के मुताबिक, अगर सरकारी मंजूरियों में देरी होती है तो मस्क की योजनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। खासकर आंकड़ा केंद्रों के निर्माण से जुड़ी मंजूरियों में देरी स्पेसएक्स के लिए चुनौती बन सकती है। कंपनी ने अपने प्रस्तावित शेयर बाजार प्रवेश से पहले निवेशकों के सामने 28.5 लाख करोड़ डॉलर के संभावित बाजार का जिक्र किया था। डेमोक्रेटिक सांसद पहले भी मस्क को लेकर कई मुद्दों पर सवाल उठा चुके हैं। इनमें यूक्रेन की सैन्य संचार व्यवस्था के लिए उपग्रह सेवाओं पर लगाई गई सीमाएं, सरकारी दक्षता विभाग के नेतृत्व में संघीय नौकरियों में बड़ी कटौती और उनकी कंपनियों को मिलने वाले सरकारी ठेके व आर्थिक सहायता शामिल हैं। चुनावी जीत के बाद प्रतिनिधि सभा की निगरानी समिति के आने वाले अध्यक्ष रॉबर्ट गार्सिया ने ट्रंप, उनके परिवार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “वकील कर लीजिए।” यह समिति सरकार के कामकाज पर नजर रखती है। इसे गवाहों को बुलाने, सरकारी दस्तावेज मांगने और कानूनी आदेश के जरिए जानकारी हासिल करने का अधिकार है। ऐसे में आने वाले समय में मस्क की कंपनियों और उनके सरकारी संबंधों की जांच अमेरिकी राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकती है।
चोरी-छिपे मिलते थे प्रेमी-प्रेमिका, परिवार ने कराई शादी
UP के प्रयागराज से प्रेमिका से मिलने कौशांबी पहुंचे युवक को युवती के परिजनों ने रेस्टोरेंट में पकड़ लिया. चार साल से चल रहे प्रेम प्रसंग पर दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई और सहमति बनने के बाद रामजानकी मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से दोनों की शादी करा दी गई.

