मॉस्को के रेस्टोरेंट में जोरदार धमाका! 3 लोगों की मौत, 15 घायल
मॉस्को के कुद्रिंस्काया स्क्वायर में एक रेस्टोरेंट के पास जोरदार धमाका हुआ. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए. पुलिस और जांच अधिकारी मौके पर राहत कार्य में जुटे हैं और विस्फोट की वजह की जांच कर रहे हैं. शुरुआती रिपोर्टों में गैस सिलेंडर फटने की संभावना जताई गई है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.
Oil Leak Oman: ओमान के तट पर फंसे तेल टैंकर से रिसाव बढ़ा, समुद्री संरक्षित क्षेत्र पर कौन सा संकट मंडरा रहा?
सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण: छह मिनट 23 सेकंड तक दिन में छाएगा अंधेरा, वैज्ञानिक क्यों मान रहे दुर्लभ घटना?
सिंगापुर। सिंगापुर में एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान मंच पर फिलिस्तीनी झंडा प्रदर्शित करने और राजनीतिक नारेबाजी करने के मामले में ब्रिटिश ट्रिप-हॉप बैंड ‘मैसिव अटैक’ (Massive Attack) पर बड़ी कार्रवाई की गई है. सिंगापुर पुलिस ने बैंड को भविष्य में देश के भीतर किसी भी प्रस्तुति देने से स्थायी रूप से प्रतिबंधित (Ban) कर […]
समुद्र में 1600 फीट की ‘दीवार’ बनाएगा स्पेन, मोरक्को से अवैध घुसपैठ के बाद अलर्ट
स्पेन ने घोषणा की है कि वह अपने उत्तरी अफ़्रीकी क्षेत्र स्यूटा और पड़ोसी मोरक्को के बीच समुद्री सीमा पर 500 मीटर लंबा (1,600 फीट) बैरियर बनाएगा।
Glasgow Commonwealth Games Day 10 Live Updates :नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।
समुद्र से तैरकर घुस गए 60,000 घुसपैठिए, स्पेन ने खींच दी है 1,600 फ़ीट लंबी समुद्री दीवार
मोरक्को से स्पेन के इलाके 'स्यूटा' में दो दिनों में लगभग 60,000 प्रवासी घुस आए, जिसके बाद बवाल मच गया। इस घटना में अब तक 67 लोगों की मौत भी हो गई है। स्पेन ने घुसपैठ रोकने के लिए 1,600 फीट लंबी समुद्री दीवार बना लिया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
'धोखा हुआ' जान पर खेलकर स्पेन में घुसने वाले लोग अब वापस क्यों लौट रहे?
स्पेन के सेऊटा में मोरक्को से आकर घुसने वाले लोग अब वापस लौट रहे हैं। हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में लोग सेऊटा में मौजूद हैं। स्पेन सरकार लगातार इन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रही है।
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
इजरायल की ढाल बनने में हांफने लगा अमेरिका! नेवी पर बढ़ा दबाव; टॉप जनरल ने पेंटागन को दी चेतावनी
जनरल ग्रिनकेविच ने स्पष्ट किया है कि अगर नए युद्धपोत नहीं मिलते हैं, तो उन्हें इजरायल की सुरक्षा के बजाय खुद अमेरिका की मुख्य भूमि की रक्षा को प्राथमिकता देनी होगी।
भारत के करोड़ों रुपये के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में वांछित भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी इन दिनों लंदन की जेल में बंद है, लेकिन उसकी कार्यशैली और बेपरवाही लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। हाल ही में एक कानूनी सुनवाई के दौरान वह अदालत में पेश नहीं हुआ। जब इस बारे में पूछताछ की गई तो जेल अधिकारियों ने कोर्ट को चौंकाने वाली जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नीरव मोदी सुनवाई में शामिल होने के बजाय जेल के अंदर बने शतरंज (चेस) क्लब में मजे से समय बिता रहा था। हालांकि, इस मामले में उसकी कानूनी टीम का यह तर्क सामने आया कि चूंकि वे लोग खुद ही सुनवाई को स्थगित करने का अनुरोध कर रहे थे, इसलिए उनके मुवक्किल का अदालत में शारीरिक रूप से मौजूद रहना जरूरी नहीं था।प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा है मामला, वादी बेचना चाहता है मैरीलेबोन का अपार्टमेंटयह पूरा कानूनी मामला ट्राइडेंट ट्रस्ट कंपनी (सिंगापुर) प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा हुआ है। यह वादी कंपनी मध्य लंदन के बेहद पॉश इलाके मैरीलेबोन क्षेत्र में स्थित एक अपार्टमेंट को बेचना चाहती है, जिसको लेकर अदालती प्रक्रिया चल रही है। इसी मामले की सुनवाई के सिलसिले में नीरव मोदी को वर्चुअली या पेश होना था, लेकिन वह चेस क्लब की व्यस्तता का हवाला देते हुए गायब रहा। ब्रिटेन की अदालतों में उसके मामलों की कानूनी खींचतान लगातार जारी है, लेकिन इन सबके बीच उसकी दिनचर्या और जेल के भीतर उसकी गतिविधियों को लेकर समय-समय पर नए खुलासे होते रहते हैं।भारत प्रत्यर्पण का मंडरा रहा है खतरा, फ्रांस में खारिज हो चुकी है आखिरी अपीलनीरव मोदी की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ती जा रही हैं। धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में घिरे नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण अब लगभग तय माना जा रहा है। कुछ समय पहले फ्रांस में स्थित यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय में उसकी तरफ से दायर की गई अंतिम अपील भी पूरी तरह से असफल साबित हो चुकी है, जिसके बाद से ब्रिटेन से उसके भारत लाए जाने का रास्ता लगभग साफ होता नजर आ रहा है। भारतीय जांच एजेंसियां—सीबीआई और ईडी—लंबे समय से उसे कानूनी शिकंजे में कसने के लिए ब्रिटिश प्रशासन के संपर्क में हैं और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।क्या राजनीतिक शरण के लिए नीरव मोदी ने दिया है दूसरा आवेदनइन सबके बीच एक मीडिया रिपोर्ट और ब्रिटिश पॉडकास्ट ('द डेली टेलीग्राफ') के हवाले से बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यर्पण के आसन्न खतरे और कानूनी शिकंजे से बचने के लिए ऐसी तेज अफवाहें उड़ रही हैं कि नीरव मोदी ने अपनी तरफ से अंतिम कोशिश के रूप में एक बार फिर से राजनीतिक शरण (Political Asylum) के लिए आवेदन किया हो सकता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन इतना तय है कि ब्रिटेन की जेल में बैठा यह भगोड़ा कारोबारी भारतीय कानून के शिकंजे से बचने के लिए हर संभव पैंतरा आजमाने में लगा हुआ है।
पाकिस्तान: हिमस्खलन के बाद लापता दस पर्वतारोहियों में से तीन के शव बरामद
पाकिस्तान की खतरनाक चोटियों में से एक ब्रॉड पीक पर एक बड़े हिमस्खलन के बाद दस पर्वतारोहियों का दल लापता हो गया है. इस टीम में मशहूर ब्रिटिश-नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा भी शामिल हैं. बचाव दल को अब तक 3 शव मिले हैं
तुरंत खाली करो पश्चिम एशिया, US की अपने नागरिकों को सलाह; ईरान में कुछ बड़ा होने वाला है?
क्या अमेरिका, ईरान में कुछ बड़ा करने वाला है? यह सवाल पश्चिम एशिया के कई देशों में अमेरिकी दूतावासों ने अमेरिका नागरिकों से किए गए आग्रह के बाद उठा है। इसमें अमेरिका ने कहा है कि पश्चिम एशिया में रह रहे उसके नागरिक, इस क्षेत्र से निकलने पर विचार करें।
पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की खबरों के बीच तेहरान ने बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि यदि अमेरिका ने उसके ऊर्जा संयंत्रों पर किसी भी प्रकार का बड़ा हमला किया, तो वह चुप नहीं बैठेगा। इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया के कई खाड़ी देशों में स्थित दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस ठिकानों की एक व्यापक लिस्ट जारी कर दी है, जिन्हें अमेरिकी हमले की स्थिति में नेस्तनाबूद किया जा सकता है।ईरानी मीडिया का दावा, सऊदी अरब से लेकर यूएई तक के प्रमुख तेल क्षेत्र निशाने परईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने अमेरिकी आक्रामकता का मुँहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली है। ईरान द्वारा जारी संभावित लक्ष्यों की इस सूची में सऊदी अरब के बेहद महत्वपूर्ण घरावार तेल क्षेत्र के साथ-साथ अबकाइक और खुरैस जैसे बड़े ठिकाने शामिल हैं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विशाल जकुम तेल क्षेत्र और रुवाइस रिफाइनरी को भी इस सूची में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग एक मिलियन बैरल तेल का उत्पादन होता है और यहाँ से वैश्विक बाजारों को बड़े पैमाने पर ऊर्जा का निर्यात किया जाता है।कतर, कुवैत और इजरायल के गैस संयंत्र भी ईरान के रडार परसऊदी अरब और यूएई के अलावा ईरान ने कतर, कुवैत, बहरीन और इजरायल के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को भी अपनी चेतावनी के दायरे में लिया है। दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडारों में से एक कतर के उत्तरी गैस फील्ड और रस लफ्फान को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है, जो वैश्विक एलएनजी (LNG) व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं। इसके साथ ही कुवैत के बर्गन तेल क्षेत्र, बहरीन की सित्राह और अल मिहाज रिफाइनरी तथा इजरायल के लेविथान और तमार गैस क्षेत्रों को भी संभावित लक्ष्यों की सूची में शामिल किया गया है। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका की किसी भी लापरवाही या दुस्साहस का कड़ा और बराबरी का जवाब दिया जाएगा।डोनाल्ड ट्रंप की नई रणनीति और ईरान का पलटवारयह पूरा तनाव तब और बढ़ गया जब मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को आर्थिक और सामरिक रूप से कमजोर करने के लिए उसके ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाने की योजना पर विचार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक इस तरह के किसी अंतिम हमले के आदेश जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन अमेरिका द्वारा इस विकल्प पर विचार करने से ही खाड़ी देशों की नींद उड़ गई है। इससे पहले भी अमेरिका और इजरायल के संभावित सैन्य दबाव के खिलाफ ईरान ने अपने हल्के ड्रोन्स और मिसाइल क्षमताओं के जरिए खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों को कड़ा संदेश दिया है। अब इस नई टारगेट लिस्ट के सामने आने के बाद पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा और अधिक गहरा गया है।
PoK पर ऐसा क्या बोले पाकिस्तानी? घसीटकर ले गई शहबाज की पुलिस
पाकिस्तान में लोगों को पुलिसकर्मी दबोच दबोच कर गाड़ियों में घसीट कर ले जा रहे हैं। दरअसल विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आई हैं। यह विरोध हो रहा है पाकिस्तान की सेना का पाकिस्तान की सरकार का। पाकिस्तान के कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाया है और पीओके में हो रहे जुल्म के खिलाफ आवाज उठाया है। पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब के सामने एक रैली हुई और इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस दबोच ले गई। यह प्रदर्शनकारी हिंसा की निंदा करने और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कार्यकर्ताओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए इकट्ठा हुए थे। जहां पर पाकिस्तान की सेना इस वक्त खुलेआम अत्याचार कर रही है। पाकिस्तानी कश्मीर में सिविल सोसाइटी समूहों के गठबंधन प्रतिबंधित जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी के समर्थन में कश्मीर एकजुटता प्रदर्शन का आयोजन हुआ। इसे भी पढ़ें: Kulgam Attack: Farooq Abdullah ने उठाया गंभीर सवाल, राज्य का दर्जा मांगते ही क्यों होती हैं हत्याएं? इसमें छात्र संघ मजदूर संगठनों ने इस मौके पर एक बड़ी रैली की। इस दौरान पुलिसकर्मियों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों के हाथ में प्ले कार्ड थे। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के झंडे थे। वो नारे लगा रहे थे। जैसे ही उन्होंने रैली शुरू की कि देखिए कैसे उन पर पुलिस वाले टूट पड़े। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कारवाई की। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और तो और विरोध प्रदर्शन जैसे ही खत्म हुआ अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए लोगों पुलिस की जेल वैन में पहुंचा दिया गया। कैसे देखिए कि दबोच कर लोगों को इन गाड़ियों में ठूसा जा रहा है। इस मौके पर लोग क्या कुछ कह रहे हैं वह सुनवाते हैं। कश्मीर के लिए आवाज उठा रहे हैं कि कश्मीर में गोलियां बंद करें। पूरा मन जो है उनके साथ। दरअसल यह विरोध प्रदर्शन इसलिए हो रहा क्योंकि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में इस वक्त भीषण अत्याचार हो रहा है। पाकिस्तान की सेना लगातार पाक ऑक्यूपाइड कश्मीर में अपने हक मांगने वाले लोगों को सीधे गोली मार दे रही है। बताया जा रहा है कि अब तक पाकिस्तान की सेना ने सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। और इसमें सबसे ज्यादा विरोध इस बात का है क्योंकि पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर में जिस तरीके से पाकिस्तान की सेना चुनाव करवा रही है उसी का सबसे ज्यादा विरोध है क्योंकि पाकिस्तान की सेना अपने मनपसंद पार्टी को चुनाव जितवा रही है और इसी का विरोध हो रहा है और यही देखने को मिला जब पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज को पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर के अंदर पहले फेज के चुनाव में चुनाव जितवाया गया। इसे भी पढ़ें: Farooq Abdullah के 'Statehood' वाले बयान पर भड़के Ravinder Raina, कहा- आतंक को सही ठहराना बंद करें 13 सीट पर चुनाव हुए और उसमें वो नौ सीटें जीत गई। पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव हो रहे हैं। जहां पहले चरण का चुनाव 27 जुलाई को हुआ। उसके बाद 2 अगस्त को चुनाव होने हैं और फिर 10 अगस्त को चुनाव होने हैं। क्षेत्र के मुख्य विरोध आंदोलन में जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी पर क्षेत्रीय सरकार ने जून में प्रतिबंध लगा दिया था। जिसके कारण लगातार घातक प्रदर्शन हो रहे हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में इस वक्त भीषण तनाव है। सिर्फ भारत ही पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर के लिए आवाज नहीं उठा रहा। बल्कि ब्रिटेन के सांसदों तक ने पाकिस्तान ऑक्युपाइड कश्मीर के हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए ब्रिटेन के विदेश मंत्री को चिट्ठी लिखी है और अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
आसिम मुनीर के हाथ से निकलने लगा PoK, जनआक्रोश चरम पर पहुंचा
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जनरल आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ जनआक्रोश चरम पर है. बुनियादी सुविधाओं, रोटी-बिजली और अधिकारों की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में पिछले 48 घंटों में कई बेगुनाह नागरिकों की मौत हो गई है. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) का दावा है कि 5 जून से शुरू हुए इस आंदोलन में अब तक करीब 100 लोग मारे जा चुके हैं. देखें...
84 हजार की आबादी वाले शहर में घुस गए 60 हजार घुसपैठिए!
स्पेन के स्यूटा शहर में मोरक्को से हजारों अवैध प्रवासियों के प्रवेश के बाद गंभीर संकट पैदा हो गया है. स्पेन सरकार के मुताबिक, इस दौरान मरने वालों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है. हालात संभालने के लिए सेना तैनात की गई है और सीमा पर सुरक्षा बढ़ाते हुए नया बैरियर लगाने का फैसला किया गया है.
पश्चिम एशिया में कुछ नहीं बचेगा, US के हमले के बाद कहां निशाना लगाएगा ईरान; जारी की लिस्ट
ईरान ने पश्चिम एशिया के कुछ बड़े ऊर्जा संयंत्रों की लिस्ट जारी की है। तेहरान की तरफ से कहा गया कि अगर अमेरिका ने उसके ऊर्जा संयंत्रों पर हमला किया, तो वह इन ऊर्जा संयंत्रों को भी तबाह कर देगा। इस लिस्ट में सऊदी अरब, कुवैत, कतर, इजरायल के बड़े ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं।
मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा नहीं रहे! दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी पर हिमस्खलन बना काल
मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा नहीं रहे! दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी पर हिमस्खलन बना काल
आज और कल ईरान पर भारी?अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत निकलने की दी सलाह, क्या ट्रंप फिर ढाएँगे कहर
फिर तो मैं इतिहास बना दूंगा, क्या था निर्मल पुर्जा का प्लान; क्यों चुना था PoK पीक
जाने-माने पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का निधन हो गया। वह छह पर्वतारोहियों की टीम के साथ एक मिशन पर थे, जब एक हिमस्खलन की चपेट में आ गए। निम्स-दाई के नाम से मशहूर निर्मल की मौत के बाद उनका एक्स पर किया अंतिम पोस्ट वायरल हो रहा है।
'खाड़ी में इतने बम मारेंगे, गिन नहीं पाओगे', ट्रंप की धमकी पर ईरान ने जारी की तबाही की लिस्ट
अमेरिका ने कहा है कि वह जल्द ही ईरान पर बड़े हमले कर सकता है। इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा किया तो पूरे मिडिल ईस्ट में तबाही मचा देंगे। इसे लेकर ईरान ने एक लिस्ट भी जारी की है।
जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान गाली देती लड़की पर FIR, बचाव में अभिजीत दीपके का बयान और पीएम मोदी का माफ करने वाला वीडियो। पिछले 48 घंटे के इन तीन घटनाक्रम से सवाल उठा- क्या गाली देना क्राइम है? कुछ लोग ये भी कहे रहे कि जेन-जी के लिए गाली ‘न्यू नॉर्मल’ है। आखिर प्रोटेस्ट में खुलेआम गाली देने के पीछे जेन-जी की साइकोलॉजी क्या है और गाली देना कानूनी अपराध है या नहीं; आज के एक्सप्लेनर में समझेंगे… सवाल-1: गाली देने की वजह से लड़की पर FIR का पूरा मामला क्या है? जवाबः जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान एक लड़की का वीडियो वायरल है। वो पीएम मोदी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती है और गालियां देती है। 30 जुलाई को नोएडा पुलिस ने शांतिभंग, अपमानित करने और मानहानि के लिए BNS की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत FIR दर्ज कर ली। लड़की की मां ने कहा, 'हमने पुलिस को माफीनामा दिया है। जो हुआ उसका बहुत अफसोस है।’ 31 जुलाई की रात पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो मैसेज में कहा, ‘जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी-भद्दी गालियां बोलीं। मुझे और मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दीं। गुमराह बच्चों को गले लगाकर राह दिखाना हमारा काम है। सजा देने से परिस्थितियां नहीं बदलेंगी। मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं।' इधर CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने लड़की के समर्थन में कहा, 'एक लड़की पर गाली देने के लिए केस हुआ। बीजेपी IT सेल के लोगों पर केस कब होंगे, जो सालों से ऑनलाइन लड़कियों को गालियां दे रहे थे। बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने एक सांसद के लिए कैसे शब्द इस्तेमाल किए थे। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी जर्नलिस्ट गालियां दी थीं।’ अभिजीत ने आगे कहा, 'गाली देना कोई क्राइम नहीं है। गाली देना बुरा हो सकता है, लेकिन उसको समझाइए कि गाली मत दो।’ सवाल-2: क्या वाकई गाली देना अपराध नहीं है? जवाबः 2 सिनैरियो हैं… 1. अगर ‘इरादा’ गलत न हो, तो गाली अपराध नहीं 2. अगर ‘इरादा’ गलत हो, तो गाली अपराध है गाली देने पर, मुख्य रूप से BNS की दो धाराओं में मुकदमा दर्ज होता है- धारा 352: शांति भंग के इरादे से किसी का अपमान करना। धारा 351: आपराधिक धमकी देना। दोनों धाराओं में अधिकतम 2 साल की जेल या जुर्माना हो सकता है। हालांकि केस-टू-केस कुछ और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। जैसे- किसी महिला को गाली दी जाए, जो उसकी मर्यादा के खिलाफ हो, तो BNS की धारा 74 के तहत यौन अपराध का मुकदमा भी चल सकता है। इसी संदर्भ में विराग गुप्ता दो और सवाल उठाते हैं… सवाल-3: क्या गाली देना जेन-जी के लिए न्यू-नॉर्मल बन गया है? जवाबः हां, एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस पीढ़ी में गालियां देना सामान्य चलन बन रहा है, जिसके पीछे 3 बड़ी वजहें हैं… 1. OTT, स्टैंडअप से एब्यूसिव भाषा का चलन 2. जेन-Z के एथिकल-मोरल फ्रेमवर्क में हिचक नहीं 3. हर जगह एक जैसे ‘इन्फॉर्मल’ हो रहे जेन-Z सवाल-4: क्या पहले भी इस तरह विरोध प्रदर्शनों में गालियां दी जाती थीं? जवाब: 1975 की इमरजेंसी के बाद इंदिरा गांधी के खिलाफ नारे लगे थे, 'इंदिरा हटाओ, देश बचाओ।' 1980 के बोफोर्स घोटाले के बाद पीएम राजीव गांधी के खिलाफ नारे लगे थे, 'गली-गली में शोर है, राजीव गांधी चोर है।' हालांकि जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से पहले भारत के किसी आंदोलन में सार्वजनिक गाली-गलौच का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। इस प्रदर्शन में कॉकरोच पार्टी के नेताओं ने भी गालियों, अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया। उनके समर्थन में आए कुछ लोगों ने आपत्तिजनक बातें कहीं। वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी कहते हैं, 'अपने समय में हमने भी आंदोलन किए, लाठियां खाईं और पत्थर भी फेंके, लेकिन तब ऐसी भाषा नहीं इस्तेमाल होती थी। अश्लील रील बनाने के लिए एक सीरियस मुद्दे का इस्तेमाल करना गलत था।' ----------- ये खबर भी पढ़िए… संसद पहुंचा वास्तेगुना-हुइंया और कुचु-पुचु; 56 साल औसत उम्र वाली लोकसभा अचानक जेन-जी की भाषा क्यों बोलने लगी 56 साल औसत उम्र वाली लोकसभा में इन दिनों 14 से 29 साल वाली जेन-जी के स्लैंग गूंज रहे हैं। कोई सांसद ‘वास्तेगुना-हुइंया’ और ‘कुच्चु-पुच्चु’ बोल रहा, तो किसी के भाषण में ‘डेलुलू’ और ‘क्लॉक्ड इट’ का इस्तेमाल हुआ। पूरी खबर पढ़िए…
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने शनिवार को मशहूर नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्स दाई) और उनकी टीम के उन सदस्यों की मौत पर गहरा दुख और भावपूर्ण श्रद्धांजलि व्यक्त की, जिनकी पाकिस्तान की ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन (avalanche) की चपेट में आने से दुखद मौत हो गई थी। मृत पर्वतारोहियों के अदम्य साहस को सम्मान देते हुए, प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने फेसबुक पोस्ट में कहा पर्वतारोहण सिर्फ़ चोटी तक की यात्रा नहीं है। यह साहस, अनुशासन, त्याग और अटूट आत्मविश्वास का सर्वोच्च प्रदर्शन है जो इंसानी सीमाओं को चुनौती देता है। पहाड़ कई लोगों को चोटी तक पहुँचने का गौरव देते हैं, तो कभी-कभी उन्हें हमेशा के लिए अपनी गोद में समेट भी लेते हैं। हालाँकि, पर्वतारोही अपने साहस और समर्पण के कारण इतिहास में हमेशा अमर रहेंगे। निर्मल पुर्जा 9 अन्य पर्वतारोहियों के साथ 8,051 मीटर ऊँची ब्रॉड पीक पर चढ़ने के मिशन पर थे। वह बिना ऑक्सीजन के दुनिया की 12वीं सबसे ऊँची चोटी पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Nepal में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा की चिंगारी क्या समूचे हिंदू समाज के लिए खतरे की घंटी है? पाकिस्तान की काराकोरम पर्वतमाला में स्थित दुनिया के 12वें सबसे ऊंचे पहाड़, 8,051 मीटर ऊंचे ब्रॉड पीक पर छह नेपाली और चार अन्य विदेशी पर्वतारोहियों (जिनमें वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर निर्मल पुर्जा या 'निम्स दाई' भी शामिल थे) की दुखद मौत ने हमें स्तब्ध कर दिया है। प्रधानमंत्री शाह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भले ही उनकी शारीरिक यात्रा समाप्त हो गई हो, लेकिन पुर्जा और उनकी टीम का साहस, ऐतिहासिक उपलब्धियां और समर्पण - जिन्होंने वैश्विक पर्वतारोहण में क्रांति ला दी - आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। निर्मल पुर्जा सहित सभी दिवंगत पर्वतारोहियों की केवल शारीरिक यात्रा ही रुकी है, लेकिन उनके साहस, समर्पण और योगदान का इतिहास हमेशा प्रेरणादायक और जीवित रहेगा। सभी दिवंगत पर्वतारोहियों को भावभीनी श्रद्धांजलि। शोक संतप्त परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के प्रति गहरी संवेदना। पुर्जा ने कई देशों के 10 पर्वतारोहियों की एक टीम का नेतृत्व किया था, जिसमें वे खुद भी शामिल थे। इनमें से 5 पर्वतारोही नेपाल से थे, जिनमें किली पेम्बा शेरपा, निमा शेरपा, ग्यालु शेरपा, नवांग थिंडु शेरपा और नेपाल के ही पुर बहादुर गुरुंग शामिल थे। इस समूह में पाकिस्तानी पर्वतारोही सोहेल सखी, चीनी पर्वतारोही वांग झोंग, ओमान की नाधिरा अहमद अब्दुल्ला अल हारथी और अमेरिका की मैलोरी गीस व सारा मैलोरी भी शामिल थीं। ब्रॉड पीक पर बर्फीला तूफ़ान (एवलांच) आया, जिसमें पूर्व ब्रिटिश गोरखा सैनिक और मशहूर पर्वतारोही पुर्जा के साथ-साथ उनके गाइड और साथी, पुर बहादुर गुरुंग (युक्ता) और निमा शेरपा की मौत हो गई। पुर्जा की कंपनी, 'एलीट एक्सपेड' ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करके इस घटना की पुष्टि की और इस नुकसान पर गहरा दुख जताया। इसे भी पढ़ें: घरों से इस्लामिक झंडे खींच रहा नेपाल, क्या बोले मुसलमान? पुर्जा की 'निम्सदाई फ़ाउंडेशन' ने एक बयान में कहा, आज, बहुत दुख और भारी मन से हम पुष्टि करते हैं कि ब्रॉड पीक पर बर्फीले तूफ़ान की चपेट में आने से निर्मल 'निम्सदाई' पुर्जा की दुखद मौत हो गई है। हमें यह भी पता चला है कि अभियान में शामिल अन्य सदस्य भी दुर्भाग्य से जीवित नहीं बच पाए। आज हम न केवल निम्स के लिए, बल्कि इस त्रासदी में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के लिए शोक मना रहे हैं, जिनमें उनके भरोसेमंद क्लाइंबिंग पार्टनर और गाइड, पुर बहादुर गुरुंग (युक्ता) और निमा शेरपा भी शामिल हैं। हमारी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवारों, दोस्तों और चाहने वालों के साथ हैं। इस अकल्पनीय नुकसान के दर्द को कोई शब्द कम नहीं कर सकता, और हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे उनके दुख के समय में उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें।
नेपाल में बवाल के बीच बिहार बॉर्डर पर हाई अलर्ट, देखें सुरक्षा इंतजाम
नेपाल में बवाल इस कदर बढ़ गया है कि कई जिलों में कर्फ्यू लगाना पड़ा है और सेना को सड़कों पर उतरना पड़ा है. जगह-जगह हुए हिंसक झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गई है. इस मामले में भारत के लिए चिंता और सतर्कता की जरूरत इसलिए है क्योंकि उसकी सीमा से लगे हुए इलाकों में माहौल तेजी से बिगड़ा है. देखें वीडियो.
PoK के समर्थन में लाहौर में प्रदर्शन, पुलिस का एक्शन
PoK में हिंसा के विरोध में लाहौर में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई की. कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. क्षेत्रीय चुनावों के बाद हालात और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. जून की शुरुआत से ही क्षेत्र में लगातार विरोध-प्रदर्शन, धरने और बंद का दौर जारी है.
नेपाल के प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर स्थित ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में निधन हो गया।
आंध्र प्रदेश में अविश्वसनीय गति से प्रगति-मोदी
विजयनगरम (आंध्र प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटनकर उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। स्वर्ण आंध्र की परिकल्पना केलिए इस दिन के अपार महत्व को उजागर करते हुए प्रधानमंत्री ने भगवान वराह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी,...
ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन का कहर: नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा लापता, फुटेज में देंखे 4 पर्वतारोहियों के शव मिले
WSJ की सनसनीखेज रिपोर्ट, President Donald Trump ने Iran पर सैन्य हमले का दिया आदेश
'वॉल स्ट्रीट जर्नल' में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना को इसी वीकेंड ईरान पर नया हमला करने का निर्देश दिया है। अखबार ने नाम न बताने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा कि इस प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई का मकसद तेहरान को घुटने टेकने पर मजबूर करना है। यह घटनाक्रम राष्ट्रपति ट्रंप के उन बयानों के बाद सामने आया है जिनमें उन्होंने तेहरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत को लेकर अनिश्चितता जताई थी। साथ ही, उन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए हमले के बाद कड़ी सैन्य जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दोहराई थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को मैरीलैंड में कैंप डेविड प्रेसिडेंशियल रिट्रीट में कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा, हम उन पर बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे और आगे कहा और किसी न किसी मोड़ पर वे कहेंगे कि अब वे इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ईरान पर नए सैन्य हमलों पर कर रहे विचार, White House ने दिए संकेत इसके अलावा, CBS ने रिपोर्ट दी कि वॉशिंगटन ईरान की एनर्जी सुविधाओं, जैसे कि बिजली घरों और पेट्रोलियम रिफाइनरियों पर संभावित हमलों पर विचार कर रहा है। मानवाधिकार और वकालत करने वाले संगठनों ने कहा है कि आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए जानबूझकर हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं। CBS की रिपोर्ट के बाद, शुक्रवार दोपहर पोस्ट-सेटलमेंट ट्रेडिंग के दौरान वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमतें 86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं। इन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा ईरान को तब तक कीमत चुकानी होगी जब तक वे उस तरीके से बातचीत की मेज पर नहीं आते जिसे राष्ट्रपति ट्रंप सार्थक मानते हैं। इसे भी पढ़ें: ईरान की खुली धमकी: US और Israel के Energy Assets को बनाएंगे निशाना, Trump की कार्रवाई का देंगे करारा जवाब राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना रुख बदलने से पहले कई बार बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है, लेकिन जारी संघर्षों ने अमेरिकी सैन्य भंडार को काफी कम कर दिया है, खासकर उन अहम एयर डिफेंस इंटरसेप्टर्स को जिनका इस्तेमाल सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए किया जाता है। यह संघर्ष, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद शुरू हुआ था, पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अस्थिरता का कारण बना है। इसके बाद तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया, जिससे कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरक की महत्वपूर्ण समुद्री आपूर्ति रुक गई। फारस की खाड़ी के देशों पर ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण कामकाज और अर्थव्यवस्था में भारी व्यवधान पैदा हुआ है।
पाकिस्तान: हिमस्खलन में लापता 3 पर्वतारोहियों के शव मिले
पाकिस्तान की ब्रॉड पीक पर्वत पर आए हिमस्खलन के बाद दस अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहियों का दल लापता है, जिसमें प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा भी शामिल हैं। बचाव दल ने अब तक तीन शव बरामद किए हैं। खराब...
मोबाइल पर रील देखने में मशगूल एक महिला ने अपने छह महीने के मासूम को तड़प-तड़प कर मरने पर मजबूर कर दिया। मामला अमेरिका के फ्लोरिडा का है। इस दिल दहला देने वाली घटना के सामने आने के बाद बच्चे की मां को गिरफ्तार कर लिया गया।
विदेश कमाने गए भारतीयों पर संकट! खाड़ी देशों में 3 वर्षों में 4 हजार से ज्यादा मौतें, जाने आखिर क्या है वजह ?
यूक्रेन के कीव पर टूटा रूसी मिसाइल का कहर, देखें दुनिया आजतक
यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने मिसाइल हमला किया, जिसमें कम से कम नौ लोगों की जान चली गई. रूसी हमले की निशाना बनी इमारत में कई लोग फंस गए. एक दर्जन से ज्यादा धमाकों से शहर दहल उठा. कीव मेयर ने कई जगहों पर आग की भी बात कही. देखें दुनिया आजतक.
नेपाल में बवाल के बाद सरकार सख्त, सांप्रदायिक हिंसा में गई 3 लोगों की जान, पुलिस ने 8 आरोपियों को पकड़ा
लॉन्च हुआ सस्ता गैजेट JioTag2, सालभर चलेगी बैटरी और बिना सिम के होगी ट्रैकिंग - aajtak.in
लॉन्च हुआ सस्ता गैजेट JioTag2, सालभर चलेगी बैटरी और बिना सिम के होगी ट्रैकिंग aajtak.in
घरों से इस्लामिक झंडे खींच रहा नेपाल, क्या बोले मुसलमान?
नेपाल सब दिन से सद्भाव वाला देश रहा है। नेपाल का तो नुकसान होगा ही होगा। पड़ोसी देशों को भी नुकसान इसका असर पड़ेगा। नेपाल के हिंदू अचानक मुस्लिम मोहल्लों में पहुंच गए और एक बहुत अजीब घटना हो गई। इस घटना के बाद पहली बार नेपाल में रहने वाले मुस्लिमों का भी बयान आया है।अभी तक अकड़ दिखा रहे नेपाल के मुस्लिमों की अचानक भाषा बदल गई है। नेपाल के मुस्लिम अचानक प्यार मोहब्बत की बातें करने लगे हैं। दरअसल आपने यह खबरें तो पढ़ी होगी कि नेपाल में मुस्लिमों ने एक कावड़ यात्रा पर हमला कर दिया था। जिसके बाद तनाव बढ़ गया। नेपाल जैसे हिंदू बहुल देश में भी अब सांप्रदायिक झगड़े शुरू हो गए हैं। लेकिन इसी तनाव के बीच नेपाल के हिंदू मुस्लिम मोहल्लों में पहुंच गए और उसके बाद जो हुआ वो होश उड़ा देने वाला था। इसे भी पढ़ें: Nepal में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा की चिंगारी क्या समूचे हिंदू समाज के लिए खतरे की घंटी है? नेपाल के हिंदुओं ने मुस्लिम मोहल्लों के घरों से हरे झंडे उतारने शुरू कर दिए। हिंदुओं ने कहा कि नेपाल में रहना है तो नेपाल की इज्जत करनी होगी। नेपाल के लोग अब मुस्लिम कट्टरता के खिलाफ खड़े हो गए हैं। नेपाली हिंदुओं ने मुस्लिमों के घर पर लगे इस्लामिक झंडों को हटा दिया और उसकी जगह नेपाल का झंडा लगाने की बात कही। वायरल वीडियो में नेपाल के लोग मुस्लिम मोहल्लों में जाकर बोल रहे हैं कि नेपाली झंडा लगाओ। नेपाल का झंडा लगाओ। नेपाल का झंडा इन लोगों का कहना है कि हम नेपाल का इस्लामीकरण नहीं होने देंगे। आपको बता दें कि यह वीडियो वायरल हैं। इसकी पुष्टि हम नहीं करते लेकिन अब नेपाल से ऐसी सैकड़ों वीडियो आ रही हैं जिसमें नेपाल के लोग अपनी हिंदू पहचान को बचाने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। इसी बीच भारत का नाम लेकर नेपाल के एक सीनियर जर्नलिस्ट अनिल गिरी ने लिखा है कि नेपाल के तरई इलाकों में हो रहे डेमोग्राफिक बदलावों और धर्म के नाम पर जमीन पर बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए भारतीय पक्ष की चेतावनी मुझे याद आ गई। इसे भी पढ़ें: MEA Press Conference : Pakistan पर India का अब तक का सबसे बड़ा हमला, विदेश मंत्रालय ने दुनिया के सामने खोली आतंकिस्तान की पूरी पोल भारतीय पक्ष ने चेतावनी दी थी कि तरई में जो हो रहा है वह सिर्फ एक ट्रेलर है। कुछ भारतीय अधिकारी अक्सर यह चेतावनी देते आए हैं कि एक दिन आपको पूरी पिक्चर देखने को मिलेगी। क्या अब यह सच हो रहा है? क्या नेपाल की डेमोग्राफी बदल रही है? आपको बता दें कि नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स यानी एपीएफ ने करीब 3 साल पहले नेपाल की सरकार को एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपी थी। उस वक्त नेपाल में चीन के प्यादे केपी शर्मा ओली की सरकार थी। उस रिपोर्ट में कहा गया था कि नेपाल के तराई मधेश इलाकों में ऐसे तत्व सक्रिय हो गए हैं जो सांप्रदायिक और जातीय झगड़ों को भड़काकर समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन नेपाल की सरकार ने उस वक्त कोई एक्शन नहीं लिया। Nepal mein hindu jaag raha hai pic.twitter.com/8pTaOKBP2i — indian (@priyaaarora12) August 1, 2026
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला होता है, तो वह पूरे इलाके में इज़राइल के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और अमेरिका के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह चेतावनी उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि वॉशिंगटन और तेल अवीव मिलकर ईरान के खिलाफ नए मिलिट्री ऑपरेशन की योजना बना रहे हैं। ईरान के एक सीनियर सिक्योरिटी अधिकारी ने शुक्रवार को तस्नीम न्यूज़ एजेंसी को बताया कि ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर संभावित हमलों के बारे में पश्चिमी मीडिया की खबरें एक तरह का पागलपन हैं। तस्नीम के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की व्यापक योजनाएं तैयार की हैं, जिनमें इज़राइल के अहम ठिकानों और पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका के एनर्जी एसेट्स पर हमले शामिल हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उकसावे की स्थिति में ईरान इन कदमों को उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे भी पढ़ें: 12-13 सितंबर को दिल्ली में ऐसा दिखेगा नजारा, व्हाइट हाउस से लेकर NATO मुख्यालय तक मच जाएगी खलबली! ईरान के अधिकारी ने कहा कि देश की सेना ने 40 दिन की लड़ाई और उसके बाद हुई झड़पों के दौरान ऐसे ऑपरेशन करने की अपनी क्षमता और पक्के इरादे को साबित किया है। यह चेतावनी तब आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी ठिकानों पर फिर से हमले की तैयारी के आदेश देने की खबरों के बाद सैन्य तनाव बढ़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से खबर दी कि राष्ट्रपति ट्रंप ने नए हमलों का निर्देश दिया है जो इसी सप्ताहांत शुरू हो सकते हैं। साथ ही, उन्होंने तेहरान को चेतावनी दी कि अगर वह बातचीत की मेज पर वापस नहीं आता है, तो उसे कड़े सैन्य कदमों का सामना करना पड़ेगा। शुक्रवार को कैंप डेविड में कैबिनेट की बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने जल्द होने वाले ऑपरेशन का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका उन पर बहुत जोरदार हमला करेगा और भरोसा जताया कि ईरान आखिरकार उस स्थिति में पहुंच जाएगा जहां वह इसे और बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। बढ़ती बयानबाजी वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव को दिखाती है। इससे यह चिंता पैदा हो रही है कि आगे कोई सैन्य कार्रवाई पूरे इलाके में बड़े संघर्ष को जन्म दे सकती है, जिससे क्षेत्र के अहम ऊर्जा संसाधनों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर असर पड़ सकता है।
Kyiv पर Russian Missile Attack से भारी तबाही, 9 की मौत के बाद Zelenskyy ने मांगी Air Defense मदद
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि रूसी सेना ने रात भर में कीव के सात ज़िलों में आम रिहायशी इलाकों पर ज़बरदस्त हवाई हमला किया, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। एक्स पर एक पोस्ट में ज़ेलेंस्की ने बताया कि इस बड़े हमले में 35 मिसाइलें (जिनमें 27 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं) और अलग-अलग तरह के 185 अटैक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि मुख्य निशाना कीव था, लेकिन हमलों का असर निप्रो, सुमी, खार्किव और पोल्टावा इलाकों पर भी पड़ा। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने राजधानी में भारी नुकसान की जानकारी दी और बताया कि हमलों के दौरान 18 रिहायशी इमारतों, एक स्कूल, बुनियादी ढाँचे की सुविधाओं और लिथुआनियाई दूतावास को निशाना बनाया गया। इसे भी पढ़ें: 12-13 सितंबर को दिल्ली में ऐसा दिखेगा नजारा, व्हाइट हाउस से लेकर NATO मुख्यालय तक मच जाएगी खलबली! जेलेंस्की ने लिखा कि कल रात रूस के हमले के बाद से कीव और उसके आस-पास के इलाकों में बचाव और राहत का काम चल रहा है। शहर में कई जगहों पर आग लग गई थी। सात ज़िले प्रभावित हुए और हमेशा की तरह, रूस ने आम रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया। अठारह रिहायशी इमारतों, एक स्कूल, लिथुआनियाई दूतावास और बुनियादी ढाँचे की सुविधाओं को नुकसान पहुँचा है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, इस हमले में नौ लोगों की मौत हुई है। मैं उनके परिवारों और चाहने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। दर्जनों लोग घायल हुए हैं। मेडिकल टीमें ज़रूरतमंद लोगों की मदद कर रही हैं। हमले की गंभीरता को उजागर करते हुए, ज़ेलेंस्की ने बताया कि सिर्फ़ एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोका जा सका, क्योंकि पैट्रियट सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर मौजूद नहीं हैं। और बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर की यही कमी रूस को ऐसे हमले करने के लिए बढ़ावा देती है जिनमें लोगों की जान जाती है। इसे भी पढ़ें: Russia के मिसाइल और Drone attack से यूक्रेन की राजधानी Kyiv दहली, 3 की मौत इससे पहले, ज़ेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से फ़ोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई हालिया मुलाक़ात, बेहतर एयर डिफेंस सिस्टम की ज़रूरत और रूस के साथ चल रहे संघर्ष के ग्लोबल मार्केट पर असर जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से अच्छी फ़ोन पर बातचीत हुई। हमने वॉशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई अपनी हालिया मुलाक़ात के बाद की स्थिति पर चर्चा की, जो सकारात्मक और फ़ायदेमंद रही। चूंकि रूस हमारे देश पर लगातार हवाई हमले कर रहा है, इसलिए एयर डिफेंस खासकर बैलिस्टिक मिसाइलों के ख़िलाफ़ पैट्रियट इंटरसेप्टर - हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उपराष्ट्रपति और मैंने रूस के युद्ध के ग्लोबल मार्केट पर पड़ने वाले असर के बारे में भी बात की। हम इस बात पर सहमत हुए कि हमारी टीमें संपर्क में रहेंगी और आज हुई चर्चा के आधार पर आगे काम करेंगी। मैं यूक्रेन और हमारे लोगों का समर्थन करने के लिए अमेरिका का शुक्रिया अदा करता हूँ।
POK में हिंसा की आग लाहौर तक पहुंची, प्रदर्शनकारियों पर PAK पुलिस का एक्शन
पाकिस्तान के लाहौर में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने कार्रवाई की है. कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. ये लोग पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हुई हिंसा के खिलाफ एकजुटता जताने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे.
पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर उभरा ‘कॉकरोच पार्टी पाकिस्तान’, युवाओं के नाम पर बदलाव का दावा
समूह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जिन प्रमुख मुद्दों को उठाया है, उनमें आर्थिक स्थिरता, राजनीतिक सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ऊर्जा संकट का समाधान और पानी की कमी जैसी समस्याएं शामिल हैं। अभियान का दावा है कि वह आम नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं की आकांक्षाओं और चिंताओं को सामने लाने का प्रयास कर रहा है।
भारत और रवांडा के बीच हुआ व्यापार विस्तार
नई दिल्ली। भारत के मध्य-पूर्व अफ़्रीकी देशों केसाथ बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों खासतौर पर व्यापारिक क्षेत्र में भारत-रवांडा संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) का पहला सत्र 30 और 31 जुलाई को नई दिल्ली में हुआ। सत्र में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाने, व्यापारिक संबंधों को और सुगम बनाने एवं बाजार पहुंच संबंधी...
यूक्रेन की राजधानी पर रूस ने किया बड़ा हमला, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से अटैक; 9 की मौत
रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला किया है। इन हमलों में 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हो गए।
जुड़वां भाइयों ने जुड़वां बहनों से रचाई शादी, पादरी भी निकले जुड़वां भाई; केरलम में अनोखा विवाह Jagran अनोखी शादी! जुड़वा दूल्हे और जुड़वा दुल्हनें; शादी करवाने वाले पादरी भी जुड़वा, National Hindi News Hindustan केरल में अनोखी डबल शादी, दूल्हे-दुल्हन से लेकर पादरी तक सभी निकले जुड़वां News18 Hindi दोहरी खुशी: जुड़वां भाइयों की जुड़वां बहनों से शादी, जुड़वां पादरियों ने संपन्न कराई विवाह की रस्में ThePrint Hindi अनोखी शादी! जुड़वां दूल्हे और जुड़वां दुल्हनें; शादी करवाने वाले पादरी भी जुड़वां | दोनों लड़के मर्चेंट नेवी में जबकि दोनों लड़कियां आईटी... | Inshorts Inshorts
हमास ने किया सरेंडर! ट्रंप के ऐलान के बाद गाजा से चरणबद्ध तरीके से पीछे हटेगी इजरायली सेना, जानें पूरी डील
डूबते पाकिस्तान को सऊदी ने दिया वफादारी का ईनाम, 5 अरब डॉलर का सहारा
क्या पाकिस्तान एक बार फिर डिफॉल्ट होने की कगार पर बाल-बाल बचा है या फिर सऊदी अरब ने पाकिस्तान की गर्दन पर लटकी कर्ज की तलवार को 3 साल के लिए और ढीला कर दिया है। जिस देश के पास अपने कंगाली के ढोल पीटने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा उस पाकिस्तान को एक बार फिर सऊदी अरब ने संजीवनी बूटी दे दी है। पूरे $5 अरब डॉलर। $5 अरब डॉलर का कर्ज रोलओवर हो चुका है। यानी अगले 3 साल तक पाकिस्तान को यह पैसा सऊदी को वापस नहीं लौटाना पड़ेगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या ये पाकिस्तान के लिए राहत की बात है या ये इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि पाकिस्तान बिना विदेशी बैसाखियों के अब दो दिन भी नहीं चल सकता। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और स्टेट बैंक के गवर्नर जमील अहमद आज छाती ठोक कर कह रहे हैं कि सऊदी ने हमारी मदद कर दी है। रोलओवर का मतलब तरक्की नहीं होता है। रोलओवर का सीधा सा मतलब है कि आपकी जेब में पैसा लौटाने की औकात नहीं। इसीलिए आपने हाथ जोड़कर मालिक से कहा हुजूर थोड़ा टाइम और दे दो। अभी हम लुटे पीटे हैं और सुनिए ये पहली या दूसरी बार नहीं है। इसे भी पढ़ें: Kartarpur Sahib गलियारा सुरक्षा कारणों से बंद, Lok Sabha में बोली सरकार सऊदी अरब ने लगातार तीसरी बार पाकिस्तान को यह मोहलत दी है। अगर सऊदी अपना पैसा आज वापस मांग ले तो अगले 24 घंटे के अंदर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ताश के पत्तों की तरह जाएगी। अब जो आंकड़े मैं आपको बताने जा रही हूं उन्हें सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पास विदेशी जमा के नाम पर कुल $1 अरब डॉलर पड़े हैं। और आपको जानकर हैरानी होगी कि इस 12 में से $8 अरब डॉलर अकेले सऊदी अरब का है। यानी पाकिस्तान का अपना फॉरेक्स रिजर्व्स सिर्फ नाम का है। असली मालिक तो रियाद में बैठा है। इस चालू वित्त वर्षा में पाकिस्तान को 21.5 अरब डॉलर का विदेशी कर चुकाना पड़ा है। अकेले जुलाई 2026 में ही यह $.2 अरब डॉलर बहा चुका है। 3 जुलाई को इनका विदेशी मुद्रा भंडार $8.4 अरब डॉलर का था जो कर्ज की किस्तें चुकाते-चुकाते 17 जुलाई तक घटकर 17.2 अरब डॉलर पार कर चुका है। सोचिए अगर सऊदी के यह $5 अरब डॉलर रोल ओवर ना होते तो पाकिस्तान अपने कर्ज की किस्ते चुकाना तो दूर अपने देश के लिए तेल और आटा भी नहीं खरीद पाता। सवाल यह है कि क्या सऊदी अरब यह सब मुफ्त में कर रहा है? इसे भी पढ़ें: रहमान डकैत के भाई को किसने गोली मारी? 'धुरंधर' का खेल है जारी, फिर क्या गैंगवार से दहलने वाला है ल्यारी बिल्कुल नहीं। दुनिया में कोई किसी को मुफ्त में $5 अरब डॉलर नहीं देता। सऊदी अरब जानता है कि पाकिस्तान इस वक्त उनके इशारों पर नाचने को मजबूर है। चाहे वो मध्यपूर्व यानी मिडिल ईस्ट की राजनीति हो या रणनीति फायदे। सऊदी जब चाहे पाकिस्तान का गला दबा सकता है। पाकिस्तान आज एक ऐसा मुल्क बन चुका है जो सिर्फ कर्ज लेकर पुराना कर्ज चुका रहा है। इसे अर्थशास्त्र की भाषा में डेफ ट्रैप यानी कर्ज का चक्रव्यूह कहते हैं। स्टेट बैंक के गवर्नर भले ही कहें कि तनाव कम हो गया है लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि यह राहत सिर्फ और सिर्फ वेंटिलेटर पर पड़े मरीज को कुछ दिन और जिंदा रखने जैसी है। जब तक पाकिस्तान अपनी बर्बादी की नीतियां नहीं बदलेगा 3 साल क्या? 30 साल बाद भी यह देश कटोरे लेकर ही खड़ा मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से मची तबाही, इस शहर में खाना तक नहीं बचा; दर्जनों मौतें
स्पेन के सेउटा में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अफवाह से 60 हजार प्रवासी घुसे। खाने की किल्लत और 57 मौतों के बीच 48 हजार से ज्यादा लोग मोरक्को लौटने पर मजबूर। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
30 जुलाई की शाम पाकिस्तान के ल्यारी का सिंघु लेन इलाका 40 साल का एक आदमी अपने घर के बाहर बैठा था। तभी दो मोटरसाइकिल सवार वहां से गुजरे और गुजरते हुए उस 40 साल के आदमी पर गोलियों की बरसात कर दी और मौके से फरार हो गए। उसके पेट में और सीने में कई गोलियां लगी। अब वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। ल्यारी का नाम सुनते ही आपने आईडिया लगा लिया होगा कि यह स्टोरी किसके बारे में है। जिस आदमी को गोलियां मारी गई हैं, उसका नाम है जुबैर बलोच। ल्यारी के कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच का भाई जो फिलहाल पाकिस्तान की जेल में बंद है। रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर की कहानी इसी उजैर बलोच के इर्द-गिर्द घूमती है। पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक जब जुबैर बलोच को गोली मारी गई तब वहां से गुजर रहे दो राहगीरों को भी गोली लगी जिनमें से एक की हालत गंभीर है। हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे जिसके कारण उनका चेहरा पहचान नहीं पाया गया। हमले के बाद पास के एक दुकानदार ने भी अपनी बंदूक निकाली और उन पर फायरिंग कर दी। जिसके बाद वह वहां से भागते बने। इसे भी पढ़ें: Lyari में Gangster Uzair Baloch के भाई को मारी गोली, क्या फिर शुरू होगा खूनी Gang War? डॉन ने कराची साउथ जोन के डीआईजी सैयद असद रजा के हवाले से लिखा है कि अपने भाई उजैर की ही तरह जुबैर भी कई मामले में आरोपी है। उसका भी आपराधिक इतिहास है। 2012 में उसको सात अपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। 13 साल जेल में रहने के बाद 2025 में उसको रिहा कर दिया गया। डीआईजी का कहना है कि इस केस में कई एंगल्स हैं। लेकिन सबसे अहम है गिरोहों की आपसी दुश्मनी। इसके अलावा व्यक्तिगत तौर पर भी जुबैर और उजैर के कई दुश्मन हैं। इसी इलाके के एक सोशल वर्कर ने नाम ना बताने की शर्त पर डॉन को एक अलग एंगल बताया है जो पॉलिटिकल है। कुछ महीने पहले जुबैर एक राजनीतिक दल में शामिल हुआ था। पार्टी का नाम सामने नहीं आया है। लेकिन जुबैर ने अपने इलाके में इस पार्टी के झंडे फहराए थे। इस सोशल वर्कर ने यह भी बताया कि ल्यारी में कुछ अफवाहें फैली हुई हैं। यह अफवाह कराची ऑपरेशन को लेकर है। यह ऑपरेशन 2010 से लेकर 2020 तक चला। इसमें आतंकवादियों के साथ-साथ ल्यारी के गैंगस्टर्स को भी निशाना बनाया गया। इसे भी पढ़ें: Balochistan में छात्रों के गायब होने की घटनाएं तेज, Sami Baloch ने Pakistan सरकार को घेरा इलाके के एक सोशल एक्टिविस्ट ने नाम न बताने की शर्त पर 'डॉन' को बताया कि ज़ुबैर कुछ महीने पहले एक राजनीतिक पार्टी में शामिल हुआ था और उसने अपने इलाके में उस पार्टी के झंडे भी लगाए थे। एक्टिविस्ट ने लियारी में फैली उन अफ़वाहों का भी ज़िक्र किया कि कराची ऑपरेशन के बाद दुबई और ईरान भाग गए कुछ गैंगस्टर, अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद वापस आ गए हैं, और इलाके के लोग पुरानी गैंग-वॉर के फिर से शुरू होने के डर में जी रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि हमलावरों ने अपने चेहरे ढके हुए थे और जब पास के एक दुकानदार ने जवाबी फायरिंग की, तो वे भाग गए। इससे पहले मार्च में, एक एंटी-टेररिज्म कोर्ट (ATC) ने हत्या, पुलिस एनकाउंटर और विस्फोटक रखने से जुड़े सात मामलों में उज़ैर बलोच की ज़मानत अर्ज़ियां खारिज कर दी थीं। उज़ैर और अन्य लोगों पर 2012 में कालाकोट पुलिस स्टेशन के इलाके में हथियारों और विस्फोटकों से कानून लागू करने वाले अधिकारियों पर हमला करने का आरोप था। अप्रैल 2020 में एक मिलिट्री कोर्ट ने उज़ैर बलोच को जासूसी का दोषी ठहराया था और उसे 12 साल की जेल की सज़ा सुनाई थी। इसे भी पढ़ें: परमाणु संपन्न पाकिस्तान में छिड़ेगा गृहयुद्ध? ग्वादर मिलिट्री कैंप तबाह... मारे गये 30 से ज़्यादा सैनिक, बलूच विद्रोहियों की खुली चेतावनी! साल 2020 में जब उजैर बलोच को सजा सुनाई गई तब भी पाकिस्तान ने इस मामले में भारत को घसीटा। बलोच को लेकर कहा गया कि वह ईरान के साथ-साथ रॉ के लिए भी जासूसी कर रहा था। इस मामले में सीटीडी ने तीन और गैंगस्टर्स को भारत से जुड़ा हुआ बताया। ये तीन गैंगस्टर्स थे। मुदसिर जावेद, हारिस उर्फ़, लंगड़ा और अबू सुफियान। इनको 2020 में गिरफ्तार किया गया। सीटीडी के अनुसार यह सब लेरी के ही एक गैंगस्टर जाहिद उर्फ़ शटर के गिरोह में थे। सीटीडी का आरोप है कि जाहिद संयुक्त अरब अमीरात में रहता है और भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के लिए जासूसी करता है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि उजैर बलोच के बाद लेहारी में जो कुछ गैंगस्टर बचे हैं रॉ उनका इस्तेमाल टारगेट किलिंग्स के लिए करता है। अप्रैल 2020 में पाकिस्तान की एक मिलिट्री कोर्ट ने उजैर बलोच को जासूसी करने के लिए दोषी ठहराया और 12 साल की जेल की सजा सुनाई। लेकिन यह इकलौता मामला नहीं है जिसमें वो जेल काट रहा है। अवैध हथियार रखने, विस्फोट करने, अरसद पप्पू की हत्या के साथ-साथ दर्जनों मामले उसके खिलाफ चल रहे हैं।
Explainer: ट्रंप की नई नीति से भारतीय छात्रों के ‘अमेरिकन ड्रीम’पर कैसे खतरा मंडरा रहा है?
अमेरिका में पढ़ने और वहाँ नौकरी करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक नई चुनौती आ खड़ी हुई है। ट्रंप प्रशासन ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) प्रोग्राम पर $100,000 (करीब ₹95 लाख) की फीस लगाने पर विचार कर रहा है। यह F-1 स्टूडेंट वीजा का एक्सटेंशन है, जो ग्रेजुएशन के बाद काम करने […]
ट्रंप की भीषण धमकी के बाद भड़का ईरान, कहा- 'अमेरिकी सैन्य अड्डों की जलेंगी चिताएं
वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी तनातनी अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है जहां से पीछे हटना नामुमकिन लग रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई सीधी और विनाशकारी सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध बेहद तेज हो गई है। ट्रंप के इस बयान पर पलटवार करते हुए ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों ने अमेरिका को खुली चुनौती दे दी है। ईरान ने साफ लफ्जों में कहा है कि अगर अमेरिका ने एक भी मिसाइल दागी, तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को श्मशान में तब्दील कर दिया जाएगा। इस बीच ईरान के एक बेहद शक्तिशाली 'महाबली' दोस्त ने भी जंग में कूदने के संकेत देकर पेंटागन की नींद उड़ा दी है।ट्रंप की उस एक धमकी से कैसे थर्राया पूरा मिडिल ईस्टदरअसल, वाशिंगटन में एक हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों और तेल डिपो को निशाना बनाने की खुली चेतावनी दी थी। ट्रंप का मानना है कि ईरान वैश्विक शांति और अमेरिकी हितों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। इस धमकी के बाद से ही कतर, बहरीन और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। दूसरी तरफ, ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल सिटीज के शटर खोल दिए हैं और सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों का रुख अमेरिकी ठिकानों की तरफ मोड़ दिया है, जिससे किसी भी वक्त युद्ध भड़कने की आशंका है।ईरान का वो रहस्यमयी 'महाबली' दोस्त कौन है जो अमेरिका से भिड़ने को तैयार हैइस पूरे विवाद में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब वैश्विक महाशक्ति माने जाने वाले ईरान के रणनीतिक साझेदार (रूस/चीन गुट) ने इस तनाव में सीधे दखल देने की बात कही। ईरान के इस महाबली दोस्त ने अमेरिकी विस्तारवाद को रोकने के लिए अपनी नौसेना और हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम को अलर्ट पर रख दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर तलवारें खिंचती हैं, तो यह केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रहेगी। यह महाबली दोस्त ईरान के पीछे ढाल बनकर खड़ा हो गया है, जो इस जंग को पलक झपकते ही वर्ल्ड वॉर में बदल सकता है।खाड़ी देशों और भारत पर इस संभावित महायुद्ध का क्या होगा असरअगर अमेरिकी सेना ईरान पर हमला करती है, तो इसका सबसे पहला और घातक असर ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर पड़ेगा। होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। लोकल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा भी दांव पर लग गई है। नई दिल्ली में भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी जा रही है और विदेश मंत्रालय ने अपनी इमरजेंसी यूनिट को एक्टिव कर दिया है।
12-13 सितंबर को दिल्ली में ऐसा दिखेगा नजारा, व्हाइट हाउस से लेकर NATO मुख्यालय तक मच जाएगी खलबली!
इतिहास गवाह है कि जब-जब दुनिया किसी बड़े संकट की ओर बढ़ती है तब-तब समाधान की तलाश में दुनिया की नजरें भारत की तरफ मुड़ती है। लेकिन 12-13 सितंबर 2026 को दिल्ली की धरती पर जो होने जा रहा है वैसा नजारा दुनिया ने दशकों से नहीं देखा होगा। यह सिर्फ प्रधानमंत्री और राष्ट्रपतियों की एक और रूटीन मुलाकात नहीं है। यह ग्लोबल पॉलिटिक्स का वह कुरुक्षेत्र है जहां दुनिया का नया भूगोल और नया इतिहास लिखा जाने वाला है। दिल्ली में सजने वाला है आरआईसी यानी रूस, भारत, चीन का वो महामंच जिसके नाम मात्र से ही वाइट हाउस से लेकर नाटो के मुख्यालयों तक खलबली मच जाती है। दरअसल कूटनीति में एक शब्द बहुत मशहूर है। आरआईसी यानी रशिया, इंडिया, चाइना। सालों तक यह सिर्फ कागजों पर रहा, लेकिन साल 2026 की दिल्ली समिट इसे हकीकत के धरातल पर उतार रही है। सोचिए जब दुनिया की तीन सबसे बड़ी सेनाएं, तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और तीन परमाणु शक्तियां एक ही मेज पर बैठकर चाय की चुस्कियों के साथ भविष्य का एजेंडा तय करेंगी, तो क्या होगा? पश्चिम को डर इस बात का नहीं है कि यह साथ मिल रहे हैं। डर इस बात का है कि इनके पास डीडोलाइजेशन का हथियार है। इसे भी पढ़ें: Xi Jinping की India यात्रा: ग़लवान झड़प के बाद पहली बार दिल्ली आ सकते हैं चीनी राष्ट्रपति अगर दिल्ली में इन तीनों ने डॉलर के विकल्प के तौर पर अपनी मुद्राओं में व्यापार को अंतिम मुहर लगा दी तो अमेरिकी डॉलर का साम्राज्य ताश के पत्तों की तरह ढह सकता है और यह पावरफुल तगड़ी संदेश दे रही है कि अब दुनिया का रिमोट कंट्रोल वाशिंगटन में नहीं बल्कि नई दिल्ली के इस हॉल में होगा। वैसे इस समिट की सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ है चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत आना। अक्टूबर 2019 में जब वे आए थे भारत तब माहौल कुछ और था। लेकिन साल 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में चोक हुआ। उसने रिश्तों में दशकों पुरानी कड़वाहट भर दी। अब 5 साल बाद जिनपिंग का दिल्ली आना कोई साधारण घटना नहीं है। अक्टूबर 204 के कजान समझौते के बाद से कूटनीतिक गलियारों में जो वार्म अप चल रहा था, उसका फाइनल मैच अब दिल्ली में होगा। क्या पीएम मोदी और शिजनपिंग के बीच होने वाली द्विपक्षी बातचीत एलएसी पर हमेशा के लिए शांति का रास्ता तय कर देंगी? अगर भारत और चीन के बीच आर्थिक संबंधों की नई शुरुआत होती है तो यह एशिया के लिए स्वर्ण युग की शुरुआत हो सकती है जो पश्चिम देशों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं होगा। इसे भी पढ़ें: अमेरिकी संसद में रूस के दोस्तों पर 100% टैरिफ वाला बिल आया, जिनपिंग ने अपना प्लेन अचानक दिल्ली की ओर घुमाया! हालांकि इस बार ब्रिक्स की मेज पर वो मुद्दे नहीं होंगे जो सालों से चल रहे थे। इस बार तीन बिल्कुल नए और संवेदनशील मुद्दों पर मंथन होगा। मुद्दा नंबर एक है ईरान की शक्ति प्रदर्शन और चाबहार का रास्ता। देखिए ईरान के राष्ट्रपति का दिल्ली आना एक मास्टर स्ट्रोक है। एक तरफ इजराइल और अमेरिका के साथ ईरान की जंग जैसी स्थिति है। हर दिन क्या हो रहा है हम आपको बता रहे हैं। और दूसरी तरफ भारत के साथ उनका पुराना सांस्कृतिक और रणनीतिक रिश्ता। दिल्ली में पिजिशियान सिर्फ अपनी बात नहीं रखेंगे बल्कि चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट को फिर से जीवित करेंगे जो भारत को मध्य एशिया और रूस तक सीधा रास्ता देता है। यह कॉरिडोर स्वेज नहर का सबसे बड़ा विकल्प बनकर उभरेगा। मुद्दा नंबर दो बांग्लादेश और भारत की बड़े भाई वाली भूमिका। भारत ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को बुलाकर यह साफ कर दिया है कि BRI सिर्फ बड़े देशों का क्लब नहीं है। Bimstek के अध्यक्ष के नाते उनकी मौजूदगी दक्षिण एशिया में भारत के पड़ोसी प्रथम नीति का सबसे बड़ा सबूत है। भारत यहां एक सेतु की भूमिका में है जो छोटे देशों को वैश्विक मंच पर आवाज दे रहा है। मुद्दा नंबर तीन फिलिस्तीन और मिडिल ईस्ट का पेचीदा पेंच ब्रिक्स के अंदर एक नई दरार दिख रही है। ईरान और यूएई आमने-सामने है। यूएई फिलिस्तीन मुद्दे पर थोड़ी नरम भाषा चाहता है। जबकि रूस, चीन और ईरान एक सख्त स्टैंड की मांग कर रहे हैं। यहां भारत की भूमिका एक ग्लोबल मिडिएटर की तौर पर होगी। इसे भी पढ़ें: पहली बार सामने आया चीन की खुफिया एजेंसी का नाम, पूरा भारत हैरान ! पीएम मोदी को दोनों धड़ों के बीच सहमति बनानी होगी ताकि एक साझा घोषणापत्र जारी हो सके। जनवरी 2024 में जब ब्रिक्स का विस्तार हुआ तो दुनिया ने तालियां बजाई। लेकिन अब वही विस्तार भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती बन गया है। ईरान और यूएई के बीच का तनाव ब्रिक्स के कामकाज को ठप कर सकता है। मई की विदेश मंत्रियों की बैठक का बिना किसी साझा बयान के खत्म होना एक चेतावनी थी। दुनिया देख रही है कि क्या भारत अपनी मेजबानी में इन दोनों इस्लामिक देशों को एक मेज पर ला पाएगा। तो पीएम मोदी के निजी रिश्ते किंग सलमान यानी सऊदी और जायद और यूएई के साथ भी बेहतरीन है और ईरान के नेतृत्व के साथ भी है। अगर दिल्ली समिट में टू स्टेट सॉल्यूशन पर कोई ऐतिहासिक समझौता होता है तो भारत की कूटनीति का लोहा पूरी दुनिया मानेगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ब्रिक्स साझा मुद्रा लाएगा? देखिए आर्थिक विशेषज्ञ का कहना है कि यह कठिन है क्योंकि भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाएं अलग-अलग तरह से काम करती हैं। लेकिन समाधान एक करेंसी नहीं बल्कि एक यूनिट ऑफ अकाउंट हो सकता है। एक ऐसा सिस्टम जहां हम आपस में व्यापार स्वर्ण यानी गोल्ड या फिर अपनी मुद्राओं के एक बास्केट के आधार पर करें। अगर ऐसा हुआ तो ब्रिटेन वुड्स टू का ताश का महल ढह जाएगा। अमेरिका अब दुनिया को डरा नहीं पाएगा क्योंकि व्यापार के विकल्प मौजूद हैं।
ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया से इस वक्त एक बेहद हैरान और रोमांचित करने वाली खबर सामने आ रही है। अंतरिक्ष में सालों से चक्कर काट रहा करीब 4,500 किलोग्राम का एक विशालकाय मानव निर्मित कचरा, जिसे वैज्ञानिक 'भटका दैत्य' (Rogue Space Junk) कह रहे हैं, अब सीधे चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है। यह भारी-भरकम टुकड़ा किसी और का नहीं, बल्कि अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) द्वारा सालों पहले लॉन्च किए गए एक रॉकेट का हिस्सा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस लावारिस बूस्टर रॉकेट की चांद से सीधी और भीषण टक्कर होने वाली है, जिसने दुनिया भर के खगोलविदों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।कैसे एक स्पेस मिशन का हिस्सा बन गया चांद का 'दुश्मन'यह पूरी कहानी साल 2015 से शुरू होती है, जब एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जर्वेटरी (DSCOVR) उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजने के लिए अपने फाल्कन 9 (Falcon 9) रॉकेट को लॉन्च किया था। मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इस रॉकेट का दूसरा चरण (बूस्टर) पृथ्वी और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के बीच फंस गया। ईंधन खत्म हो जाने के कारण यह पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गया और पिछले 11 सालों से अंतरिक्ष की गहराइयों में एक लावारिस भूत की तरह भटक रहा था। अब गुरुत्वाकर्षण के खेल ने इसे सीधे चांद के रास्ते पर धकेल दिया है।कितनी खतरनाक होगी यह टक्कर और कितनी रफ्तार से गिरेगा यह दैत्यनासा (NASA) और दुनिया भर के स्वतंत्र अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने इस कचरे के पथ की सटीक गणना की है। उनके अनुसार, यह 4500 किलो का ढांचा करीब 9,300 किलोमीटर प्रति घंटे (लगभग 2.6 किलोमीटर प्रति सेकंड) की अत्यंत तीव्र और विनाशकारी रफ्तार से चंद्रमा की सतह से टकराएगा। इस भीषण टक्कर के कारण चांद की जमीन पर एक बहुत बड़ा गड्ढा (Crater) बन जाएगा और वहां की धूल और चट्टानें अंतरिक्ष में सैकड़ों किलोमीटर ऊपर तक उछलेंगी। वैज्ञानिक इस बात को लेकर बेहद उत्सुक हैं कि इस प्रभाव से चंद्रमा की भूगर्भीय संरचना के बारे में कुछ नए रहस्य सामने आ सकते हैं।क्या भारत या दुनिया के किसी हिस्से से लाइव देखी जा सकेगी यह महा-टक्करअंतरिक्ष प्रेमियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वे इस ऐतिहासिक घटना को अपनी नग्न आंखों या घरेलू दूरबीन से देख पाएंगे? खगोलविदों ने साफ किया है कि यह टक्कर चंद्रमा के उस हिस्से पर होने जा रही है जो हमेशा पृथ्वी से दूर रहता है, जिसे 'फार साइड ऑफ द मून' (Far Side of the Moon) या चांद का अंधेरा हिस्सा कहा जाता है। इस वजह से पृथ्वी पर मौजूद किसी भी टेलिस्कोप से इसे लाइव देखना नामुमकिन होगा। हालांकि, चांद की परिक्रमा कर रहे नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (LRO) और भारत के चंद्रयान जैसे अंतरिक्ष यान इस टक्कर के बाद बनने वाले नए गड्ढे और उसके मलबे की तस्वीरें जरूर खींच सकेंगे, जो बाद में जारी की जाएंगी।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से इस वक्त की बेहद विस्फोटक और बड़ी खबर सामने आ रही है। PoK में प्रदर्शनकारियों पर हुई अचानक गोलीबारी के बाद वहां की जनता का गुस्सा फूट पड़ा है और यह विरोध प्रदर्शन अब एक पूर्ण बगावत का रूप ले चुका है। इस घटना के बाद न केवल मुजफ्फराबाद बल्कि पाकिस्तान के कई प्रमुख शहरों में लोग प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के खिलाफ खुलेआम सड़कों पर उतर आए हैं। हालात इस कदर बेकाबू हो चुके हैं कि पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के आला अफसरों के हाथ-पांव फूल गए हैं।क्यों भड़का PoK की जनता का गुस्सा और किस बात पर हुआ बवाल?दरअसल, PoK के नागरिक पिछले काफी समय से भारी महंगाई, आटे की किल्लत, बिजली के भारी-भरकम बिलों और बुनियादी अधिकारों के हनन को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे थे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों पर सीधी फायरिंग कर दी। गोलीबारी में कई स्थानीय नागरिकों के घायल होने और हताहत होने की खबर जैसे ही फैली, मुजफ्फराबाद, मीरपुर और पुंछ समेत पूरे इलाके में लोग हिंसक हो उठे और उन्होंने पाकिस्तानी चौकियों को घेर लिया।शहबाज शरीफ और जनरल मुनीर के खिलाफ क्यों गूंज रहे हैं आजादी के नारेइस खूनी झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सीधे तौर पर पाकिस्तान की कठपुतली सरकार और रावलपिंडी में बैठे सैन्य आकाओं पर फूट रहा है। प्रदर्शनकारी 'शाहबाज शरीफ इस्तीफा दो' और 'पाकिस्तानी सेना वापस जाओ' के गगनभेदी नारे लगा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जनरल असीम मुनीर के इशारे पर पाकिस्तानी सेना PoK के प्राकृतिक संसाधनों को लूट रही है और यहां के नागरिकों को गुलामों की तरह रखा जा रहा है। बगावत की आंच अब इतनी तेज हो चुकी है कि स्थानीय पुलिस भी जनता के गुस्से के आगे बेबस नजर आ रही है।क्या पाकिस्तान के हाथ से निकल जाएगा PoK और क्या होगा इसका अंजाम?वैश्विक और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि PoK में भड़की यह चिंगारी पाकिस्तान के वजूद के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। कंगाली और कर्ज के दलदल में डूबा पाकिस्तान पहले से ही आंतरिक कलह से जूझ रहा है और अब PoK में इस जनविद्रोह ने उसकी मुश्किलें सौ गुना बढ़ा दी हैं। मानवाधिकार संगठनों ने भी पाकिस्तानी सेना द्वारा नागरिकों पर किए जा रहे जुल्मों की कड़ी निंदा की है। अगर इस्लामाबाद ने तुरंत सेना को पीछे नहीं हटाया, तो यह बगावत पाकिस्तान के विभाजन की एक नई पटकथा लिख सकती है।
Sri Lanka Blasts Court sentences former police chief to death; a lapse claimed the lives of over 260 people.
US Passport Ranking: कभी टॉप पर रहने वाला अमेरिकी पासपोर्ट अब क्यों हुआ कमजोर? जाने रैंकिंग में भारत का कौनसा स्थान
फीफा अध्यक्ष जियानी इनफैनटिनो ने विश्व कप के मुनाफे को निजी इक्विटी कंपनियों के साथ साझा करने का प्रस्ताव वापस ले लिया है।
जापान में फिर हिली धरती, आओमोरी में 5.8 तीव्रता के भूकंप के झटके हुए महसूस,लोगों में दहशत
उत्तरी जापान में एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। देश की मौसम एजेंसी ने बताया कि शनिवार को उत्तरी जापान के आओमोरी प्रांत में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया।
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
Hamas की मदद के आरोप में ब्रिटेन में तुर्किये का नागरिक गिरफ्तार
न्यूयॉर्क, एक अगस्त (एपी) ब्रिटेन में तुर्किये के एक नागरिक को एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता संगठन के माध्यम से हमास को धन एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की कथित साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस्तांबुल निवासी मोहम्मद यूसुफ हसन (45) को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उसे न्यूयॉर्क लाए जाने से पहले प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मैनहट्टन में अमेरिकी अटॉर्नी जेमी मैकडोनाल्ड ने कहा कि हसन ने मानवीय सहायता की आड़ में हमास को खाद्य सामग्री, अन्य आवश्यक वस्तुएं और धन उपलब्ध कराने के लिए संगठन के शीर्ष नेतृत्व के साथ मिलकर काम किया। अमेरिका ने हमास को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अमेरिका में हसन की ओर से किस अधिवक्ता द्वारा पैरवी की जाएगी। हसन के खिलाफ लगाए गए आरोपों में हमास को सामग्री सहायता उपलब्ध कराने की साजिश रचना, आतंकवाद के वित्तपोषण की साजिश रचना तथा आतंकवाद के वित्तपोषण में संलिप्त होना शामिल है। इनमें से प्रत्येक आरोप में अधिकतम 20 वर्ष के कारावास का प्रावधान है। अमेरिका की सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि हसन 2023 से हमास के शासी निकाय के सदस्य और वरिष्ठ नेता गाजी हमद के साथ मिलकर काम कर रहा था।
नेपाल में हालात तनावपूर्ण, जनकपुर समेत कई जिलों में कर्फ्यू
नेपाल के जनकपुर और धनुषा में सांप्रदायिक हिंसा के बाद अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है. यह हिंसा पिछले शनिवार सुनसरी जिले में लाउडस्पीकर और धार्मिक झंडों को लेकर हुए विवाद से शुरू हुई थी. अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और सुनसरी, धनुषा, सिराहा और सप्तरी सहित चार जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है. आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने शांति बनाए रखने की अपील की है.
एक बार फिर कीव में रूस ने मचाई भीषण तबाही, मिसाइल और ड्रोन हमले में 9 लोगों की मौत, 22 घायल
यूक्रेन की राजधानी कीव रूस के एक बड़े हमले से दहल उठी। रूस ने शनिवार तड़के कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से जोरदार हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 नागरिक घायल हुए हैं।
तिब्बती संसद का प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा, 50+ सांसदों से की मुलाकात
राष्ट्रीय सभा की स्थायी समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने तिब्बती संसद की तस्वीर के लिए तिब्बती संसद से अनुरोध किया। तिब्बती संसद के सबसे युवा सदस्य खेनपो सोनम टेनफेल के नेतृत्व में 18वीं तिब्बती संसद के प्रतिनिधिमंडल ने इस महीने की 27 और 31 तारीख को बैठक की। दिल्ली में भारतीय संसद की बैठक के […]
ब्रॉड पीक पर मौत का तूफान: नेपाल के स्टार पर्वतारोही निर्मल पुर्जा हिमस्खलन में लापता, 10 की टीम पर टूटा कहर
रूस की ई-कॉमर्स कंपनी के पास गिरा यूक्रेनी ड्रोन, देखें दुनिया आजतक
यूक्रेनी सेना रूस में लगातार ऊर्जा क्षेत्रों और लॉजिस्टिक केंद्रों को निशाना बना रही है... वाइल्डबेरीज के बाद...अब देश की दूसरी सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी ओज़ोन के गोदाम पर ड्रोन अटैक हुआ है...जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई...उधर लगातार यूक्रेनी ड्रोन हमलों की वजह से रूस के पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है.
CWG 2026: 'आपकी उपलब्धि युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी', पीएम मोदी ने दी पदक विजेताओं को बधाई
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश के युवाओं को प्रेरित करेंगी।
चीनी सरकार ने ज्ञानपो युत्से तीर्थ पर लगाया सख्त प्रतिबंध, तिब्बती तीर्थयात्रियों को रोका गया
चीनी सरकार ने घोषणा की है कि वह ज्ञानपो युत्से के तिब्बती पहाड़ों में धार्मिक गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लगाएगी और पैदल समुद्र में जाने वालों को दंडित करेगी। इस महीने की 28 तारीख को, चीनी सरकार ने रमा ‘ब्रि रद्ज़ा गसुम ‘ब्युंग युल राष्ट्रीय उद्यान के प्रबंधन और नियंत्रण के संबंध में एक फरमान […]
F-35B Crash News: दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में शामिल F-35B हुआ क्रैश, पायलट सुरक्षित, जांच शुरू
नेपाल के मधेश इलाक़े में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा, तीन की मौत - BBC
नेपाल के मधेश इलाक़े में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा, तीन की मौत BBC नेपाल में हिंसा और आंदोलन का दिखा असर: जोगबनी से लौटे कई पर्यटक, इलाज कराने आए मरीज भी वापस लौटे, स्टेशन पर... Dainik Bhaskar मैथिली में संबोधन कर पीएम बालेन्द्र ने की मधेश-तराई को साधने की कोशिश की, National Hindi News Hindustan भारत-नेपाल बॉर्डर पर तनाव, नो मैन्स लैंड के पास पहुंचे प्रदर्शनकारी; हाई अलर्ट पर SSB Jagran नेपाल : सांप्रदायिक तनाव फैलने के बाद सप्तरी जिले में कर्फ्यू लागू Press Trust of India
California में F-35B लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त, पायलट सुरक्षित बाहर निकला
सैन डिएगो (अमेरिका), एक अगस्त (एपी) अमेरिकी मरीन कोर ने कहा कि कैलिफोर्निया में एफ-35बी स्टील्थ लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसके पायलट ने समय रहते विमान से आपात स्थिति में बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। मरीन कोर के अनुसार, यह विमान शुक्रवार को सैन डिएगो स्थित मिरामार एयर बेस के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट को सुरक्षित बाहर निकालकर स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है। उसे मामूली चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान रनवे की ओर उतर रहा था, तभी वह अचानक धीमा पड़ गया। जमीन से करीब 30 मीटर की ऊंचाई पर पायलट आपात स्थिति में विमान से बाहर निकला और पैराशूट खुलने के कुछ ही क्षण बाद विमान जमीन से टकराकर विस्फोट के साथ आग की लपटों में घिर गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर दमकल और सैन्य बचाव दल पहुंच गया तथा आग पर काबू पाया गया। एफ-35बी, एफ-35 लड़ाकू विमान का ऐसा संस्करण है जिसे कम दूरी से उड़ान भरने और लगभग सीधी लैंडिंग करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी कीमत लगभग 10.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर है। मरीन कोर ने एक बयान में शुक्रवार की इस दुर्घटना को ‘क्लास-ए मिसहैप’ यानी सबसे गंभीर श्रेणी की सैन्य विमान दुर्घटना बताया है। इस श्रेणी में वे हादसे शामिल होते हैं जिनमें विमान पूरी तरह नष्ट हो जाए, 20 लाख डॉलर से अधिक का नुकसान हो या किसी सैन्यकर्मी की मौत हो। अमेरिकी सेना के बेड़े में एफ-35 को सबसे सुरक्षित और अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में गिना जाता है।
इसी साल जनवरी में ईरान में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान पश्चिमी शहर खोर्रमाबाद में सुरक्षा बलों ने शोहादाये आशायर अस्पताल पर कब्जा कर लिया। अस्पताल के स्टाफ के मुताबिक, बेरहमी की इंतहा तो ये रही कि सुरक्षाबलों ने दर्जनों गंभीर रूप से घायल प्रदर्शनकारियों को इलाज के बजाय सीधे मुर्दाघर में भेज दिया। ईरान […]
भारत की नकल कर पाकिस्तान ने बनाई 'कॉकरोच पार्टी': किन मुद्दों पर लड़ेगा यह समूह, क्या है इसका प्लान?
भारत की नकल कर पाकिस्तान ने बनाई 'कॉकरोच पार्टी': किन मुद्दों पर लड़ेगा यह समूह, क्या है इसका प्लान?
PoK में कत्लेआम पर भड़के ब्रिटेन के 50 सांसद, जांच की मांग
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में बढ़ती हिंसा को लेकर 50 से ज्यादा ब्रिटिश सांसदों ने यूके के विदेश सचिव को पत्र लिखा है. सांसदों ने फायरिंग में हुई मौतों पर चिंता जताते हुए तुरंत कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है. वहीं एमनेस्टी इंटरनेशनल ने रावलाकोट में चुनाव से पहले हुई हिंसा को लेकर पाकिस्तान सरकार पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
अमेरिका-इजराइल इस हफ्ते ईरान पर कर सकते बड़ी स्ट्राइक, बिजली प्लांट और रिफाइनरी रडार पर
अमेरिका-इजराइल इस हफ्ते ईरान पर कर सकते बड़ी स्ट्राइक,बिजली प्लांट और रिफाइनरी रडार पर
Hormuz में बढ़ा तनाव, Donald Trump ने Iran को दी चेतावनी!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ आगे की कार्रवाई के विकल्पों पर विचार जारी है. व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोले और युद्धविराम की शर्तों का पालन करे. इस बीच क्षेत्र में तनाव बरकरार है और दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है.
मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के बीच एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान की तेल रिफाइनरियों और बिजली संयंत्रों पर अब तक का सबसे भीषण और बड़ा हमला बोल सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को झुकाने और अपने घुटने टेकने के लिए सैन्य तैयारियां तेज करने के कड़े निर्देश दे दिए हैं। अमेरिका का मुख्य मकसद तेहरान पर अधिकतम दबाव बनाना है ताकि उसे अपनी युद्धविराम शर्तों को मानने के लिए मजबूर किया जा सके।कैंप डेविड से राष्ट्रपति ट्रंप का सख्त संदेशमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैंप डेविड से एक बेहद कड़ा संदेश देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि इन हमलों की शुरुआत इसी हफ्ते हो सकती है। यदि यह हमला होता है, तो यह कई महीनों में पहला ऐसा मौका होगा जब इजरायल सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में खुलकर शामिल होगा। बीते जुलाई में युद्धविराम टूटने के बाद से अमेरिका लगातार ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य गतिविधियां चला रहा था, लेकिन इजरायल ने इन ऑपरेशनों से दूरी बनाए रखी थी।कैंप डेविड में दिए अपने बयान में ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा, 'हम उन पर बहुत भारी प्रहार करने जा रहे हैं। एक समय ऐसा आएगा, जब वे कहेंगे कि अब हम इसे और सहन नहीं कर सकते।' हालांकि, सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक इस सैन्य अभियान के लिए अंतिम कागजी मंजूरी नहीं दी है, और व्हाइट हाउस की कैबिनेट बैठक के दौरान कुछ सलाहकारों ने इस कार्रवाई पर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पहले भी दी थी चेतावनीडोनाल्ड ट्रंप पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि यदि फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद नहीं हुए, तो वह ईरान के पुलों, बंदरगाहों और पावर प्लांटों को पूरी तरह मलबे में बदल देंगे। यह ताजा राजनीतिक और सैन्य हलचल इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बीच वॉशिंगटन में हुई उच्च-स्तरीय बैठकों के ठीक बाद सामने आई है।5 महीने से जारी है भीषण संघर्षपश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले पांच महीनों से भी अधिक समय से लगातार सैन्य तनातनी और जवाबी हमलों का खूनी खेल जारी है। क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हालिया हमलों के बाद वॉशिंगटन का यह आकलन है कि ईरान का रुख दिन-प्रतिदिन और अधिक आक्रामक होता जा रहा है। तेहरान की इसी बढ़ती जिद और आक्रामकता पर लगाम कसने के लिए अब अमेरिका और इजरायल एक बड़े और निर्णायक एक्शन की रूपरेखा तैयार कर चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति में भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
मध्य पूर्व (Middle East) में भू-राजनीतिक तनाव अब तक के सबसे खतरनाक और विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल की ओर से संभावित सैन्य हमलों के कयासों के बीच ईरान ने अपनी आक्रामक रणनीति का खुलासा कर दिया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उस पर कोई नया हमला किया गया, तो वह इजरायल के साथ-साथ पूरे अरब क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ऊर्जा संपत्तियों और दुनिया के सबसे संवेदनशील एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सटीक मिसाइलों से नेस्तनाबूद कर देगा। इस चेतावनी के बाद से वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।ईरान की हिट लिस्ट में शामिल हैं अरब देशों के 7 बड़े एनर्जी हबसैन्य और खुफिया सूत्रों के अनुसार, अरब देशों और इजरायल में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस रिफाइनरियां सीधे तौर पर ईरानी गाइडेड मिसाइलों की रेंज में हैं। ईरान द्वारा जिन 7 प्रमुख ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की चेतावनी दी गई है, वे इस प्रकार हैं:1. घावर ऑयल फील्ड (सऊदी अरब): यह सऊदी अरब के तेल उत्पादन की रीढ़ माना जाता है। यहां किसी भी तरह की रुकावट आने का मतलब है कि दुनिया की 5 प्रतिशत से अधिक तेल आपूर्ति एक झटके में ठप हो जाएगी।2. अबकैक और खुरैस (सऊदी अरब): लगभग 70 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक थ्रूपुट क्षमता वाला यह दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल स्टेबिलाइजेशन प्लांट है।3. रूवेज रिफाइनरी और जकुम ऑयल फील्ड (UAE): संयुक्त अरब अमीरात का यह दूसरा सबसे बड़ा ऑफशोर तेल क्षेत्र है, जहां रोजाना 10 लाख बैरल से अधिक तेल का उत्पादन होता है।4. नॉर्थ गदीर गैस फील्ड और रास लफान LNG (कतर): यह दुनिया का सबसे बड़ा गैस क्षेत्र है, जिसके पास वैश्विक एलपीजी/एलएनजी व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा और 25 प्रतिशत प्रमाणित गैस भंडार मौजूद है।5. बर्गन ऑयल फील्ड (कुवैत): 67 अरब बैरल के विशाल भंडार और 20 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाला यह एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है।6. सितराह रिफाइनरी और अल-मिहाज (बहरीन): बहरीन की प्रमुख और रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील रिफाइनरी।7. लेविथान और तमार गैस फील्ड्स (इजरायल): इजरायल के सबसे बड़े और अहम प्राकृतिक गैस क्षेत्र, जो देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी करते हैं।एक हमले से चरमरा जाएगी वैश्विक अर्थव्यवस्थासैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान इन प्रमुख ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने में कामयाब हो जाता है, तो इसका विनाशकारी असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा। पूरी दुनिया में कच्चे तेल और गैस की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा जाएगी। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी आधुनिक मिसाइलें इन सभी ठिकानों को भेदने में पूरी तरह सक्षम हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले 40 दिनों तक चले संघर्ष के दौरान जब ईरान के साउथ पारस ठिकानों को निशाना बनाया गया था, तब जवाब में कतर की सबसे महत्वपूर्ण गैस रिफाइनरी पर बमबारी की गई थी। उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रुथ सोशल पर बयान जारी कर यह वादा किया था कि ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराई जाएगी। बहरहाल, ईरान की इस ताजा और आक्रामक चेतावनी के बाद वाशिंगटन, तेल अवीव और खाड़ी देशों के बीच आपातकालीन बैठकों का दौर तेज हो गया है और पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
Russia के मिसाइल और Drone attack से यूक्रेन की राजधानी Kyiv दहली, 3 की मौत
कीव, एक अगस्त (एपी) रूस ने शुक्रवार देर रात से शनिवार तड़के तक यूक्रेन की राजधानी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला किया जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 12 से अधिक लोग घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कीव के महापौर विट्टाली क्लिचको ने सोशल मीडिया मंच ‘टेलीग्राम’ पर बताया कि सोलोमियांस्की जिले में मलबा गिरने से पांच मंजिला रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। आशंका है कि अब भी कई लोग इमारत के अंदर फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि शेवचेंकिव्स्की जिले की एक अन्य रिहायशी इमारत की पहली और दूसरी मंजिल का हिस्सा ढह जाने से वहां भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। क्लिचको के अनुसार, दारनित्स्की जिले में स्थित गोदामों में भी इस हमले के कारण आग लग गई। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब महज दो दिन पहले रूस ने पूरे यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया था। उस हमले में 10 नागरिकों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। साथ ही, एक रूसी मिसाइल पोलैंड के हवाई क्षेत्र में भी प्रवेश कर गई थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर जेलेंस्की लगातार अमेरिका और अन्य पश्चिमी सहयोगी देशों से रूस के मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए पैट्रियट हवाई रक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं। जेलेंस्की ने शुक्रवार देर रात बताया कि उनकी अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने इस सप्ताह वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठक पर भी चर्चा की, जिसे उन्होंने ‘सकारात्मक और सार्थक’ बताया। जेलेंस्की ने ‘टेलीग्राम’ पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘रूस की ओर से हमारे देश पर हवाई हमले लगातार जारी हैं। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए पैट्रियट प्रणाली के इंटरसेप्टर और हवाई रक्षा क्षमता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बने हुए हैं।’’जुलाई में अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका यूक्रेन को पैट्रियट प्रणाली के निर्माण का लाइसेंस देगा। हालांकि, शुक्रवार को मैरीलैंड स्थित कैम्प डेविड में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
यूक्रेन पर रूस का भीषण हमला: कीव पर बरसाईं मिसाइलें और ड्रोन, तीन की मौत; जेलेंस्की ने US से क्या मांगी मदद? russia-launches-ballistic-missile-and-drone-attack-on-kyiv-Volodymyr-zelensky-seeks-patriot-system-from-us
Donald Trump ईरान पर नए सैन्य हमलों पर कर रहे विचार, White House ने दिए संकेत
काहिरा, एक अगस्त (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय एवं आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए सैन्य हमले करने पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका, ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए युद्धविराम समझौते की शर्तों का पालन करने का दबाव बना रहा है। रातभर अमेरिका की ओर से ईरान पर कोई हमला नहीं किया गया। वहीं, ईरान के अर्धसैनिक बल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (रिवोल्यूशनरी गार्ड) ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो और तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। दूसरी ओर, कुवैत ने कहा कि उसने अपने क्षेत्र में आए ड्रोन को मार गिराया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ईरान पर अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तेहरान ने पिछले महीने अमेरिका के साथ युद्धविराम संबंधी एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन इसके तुरंत बाद उसने उसे तोड़ दिया, वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया और अमेरिकी सैनिकों की हत्या की। लेविट ने शुक्रवार शाम एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप इस तरह की आतंकवादी हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब तक ईरान राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार सार्थक तरीके से बातचीत की मेज पर नहीं आता, तब तक उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।’’इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा था कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान में ‘जीत हासिल करना’ है और उन्होंने संकेत दिया था कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई कुछ समय तक जारी रह सकती है। मैरीलैंड स्थित कैम्प डेविड में ट्रंप ने कहा, ‘‘हम उन पर बहुत कड़ा प्रहार करेंगे। एक समय ऐसा आएगा जब वे कहेंगे कि अब हम और नहीं झेल सकते।’’उधर, हमास ने शुक्रवार को पुष्टि की कि वह हथियार छोड़ने के लिए तैयार है। इसे गाजा युद्ध समाप्त करने की दिशा में एक संभावित बड़ी प्रगति माना जा रहा है, हालांकि युद्ध खत्म होने की राह में अब भी कई बड़ी बाधाएं बनी हुई हैं।
CJP Protest: कॉकरोच आंदोलन से घबराए पाकिस्तान के हुक्मरान, सब कुछ पलटे जाने का है डर
इस्लामाबाद में आयोजित पाकिस्तान इकोनॉमिक समिट को संबोधित करते हुए मोहसिन नकवी ने कहा कि देश की मौजूदा शासन प्रणाली अपनी प्रभावशीलता खो चुकी है और मौजूदा ढांचे के जरिए जटिल समस्याओं का समाधान संभव नहीं दिख रहा।
कैग की रिपोर्ट में खुलासा: गंगा का कीचड़ खेतों तक पहुंचा, सेहत पर बड़ा खतरा; एसटीपी में स्लज का निस्तारण नहीं
PM मोदी के AI मॉर्फ्ड वीडियो पर बड़ी कार्रवाई, फुटेज में देंखे मेटा इंडिया हेड समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट हैंडलर्स पर FIR दर्ज
स्पेन की सीमा पर बड़ा हादसा, फुटेज में देंखे यूरोप में घुसने की कोशिश में 34 अफ्रीकी प्रवासियों की मौत, 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल
PoK में 'पाकिस्तानी फौज' का कत्लेआम! 50 की मौत, इस्लामाबाद तक मचा बवाल
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बीते तीन-चार दिनों में हुई हिंसा में 50 से ज्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों घायल होने की बात सामने आई है. जम्मू-कश्मीर जॉइंट पीपुल्स एक्शन कमेटी के सदस्य उमर नज़ीर कश्मीरी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सीधी गोलीबारी की गई. रावलाकोट और मुज़फ्फराबाद में भी ऐसी घटनाएं हुईं.
क्या ईरान पर फिर बरसेंगे अमेरिकी बम ट्रंप ने बना लिया तबाही का प्लान, सेना को दिए सख्त आदेश
क्या ईरान पर फिर बरसेंगे अमेरिकी बम ट्रंप ने बना लिया तबाही का प्लान, सेना को दिए सख्त आदेश
जीवन धारा: 'हम तो हमेशा से ऐसा ही करते आए हैं' रवैया बेहद घातक; तकनीक बदल रही है, सोच भी बदलिए
जीवन धारा:'हम तो हमेशा से ऐसा ही करते आए हैं' रवैया बेहद घातक; तकनीक बदल रही है, सोच भी बदलिए
West Asia: क्या ईरान पर नहीं रुकेंगे अमेरिकी हमले? व्हाइट हाउस ने दिया जवाब; ट्रंप बोले- अब भरोसा खत्म हो रहा Donald-trump-signals-fresh-military-action-against-iran-hormuz-strait-tensions
पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू- कश्मीर में क्षेत्रीय विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के दौरान लगातार हालात हिंसक एवं तनावपूर्ण हुए हैं। रावलकोट और मीरपुर में हिंसा के चलते संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों ने गोली चलाकर 37 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। मानवाधिकार संगठनों ने पीओजेके के इन […]
Report: पत्नी की ज्यादा कमाई बढ़ा देती है तलाक का खतरा? 29 देशों के 16 साल के अध्ययन में चौंकाने वाले खुलासे---Global Study Finds Gender Inequality Still Influences Marriages and Divorce Risk Across 29 Countries

