DNA: ईरान के लिए मंडराया बड़ा संकट? ट्रंप की सेना ने चारों तरफ से घेरा, अब क्या करेंगे खामेनेई
America-Iran Conflict: ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति को हिरासत में लेने के बाद अब कई छोटे देशों को धमका रहे हैं. अब माना जा रहा है कि उनका अगला टारगेट ईरान है. इसका सबसे बड़ा संकेत मिल चुका है.
वेनेजुएला के ऑयल रिजर्व पर अब अमेरिका का राज, मनमर्जी से तेज बेचेंगे ट्रंप; कर दिया बड़ा ऐलान
Trump To take Venezuela Oil reserves: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज से अमेरिका के साथ एक स्पेशल ऑयल पार्टनरशिप करने के लिए कहा है.
टैरिफ वॉर के बाद युद्ध की तैयारी में ट्रंप? 'वेनेजुएला मिशन' पूरा, भारत-चीन सहित इन देशों पर भी नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (7 दिसंबर) को 2027 के लिए पेंटागन का बजट 50% बढ़ाकर रिकॉर्ड 1.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 120 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा) करने का प्रस्ताव रखा है. 2026 में अमेरिकी सेना का बजट 901 अरब डॉलर है.
Bangladesh Deepu Chandra Das Case: बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से हिंदुओं के खिलाफ हिंसा जारी है. अब दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
Bangladesh News: बांग्लादेश के हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. 2025 की बात करें तो बांग्लादेश का क्राइम रेट खतरनाक स्तर पर पहुंच गया. इस दौर में महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा अत्याचार सहना पड़ा.
दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता की बात आए तो सबसे पहले भारत का नाम सामने आता है. श्रीलंका के प्रमुख सांसद और पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे ने साफ-साफ कहा है कि इस पूरे इलाके में लंबी शांति बनाए रखने के लिए भारत की लीडरशिप सबसे अहम है. जानें पूरी बात.
वेनेजुएला में जो हुआ उसके बाद अमेरिका और कोलंबिया के बीच भयंकर तनाव हो गया था. ऐसे लग रहा था कि दोनों देशों के बीच जंग छिड़ने वाली हो. ट्रंप ने कोलंबिया को धमकी दी थी, पेट्रो को कोकीन वाला कहा, मिलिट्री एक्शन की बात की. लेकिन कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने पहले बॉर्डर पर 30 हजार सैनिक भेजा, फिर एक फोन कॉल से ट्रंप के सुर बदलवा दिए. अब दोनों व्हाइट हाउस में मिलने वाले हैं.
वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण, क्या है ट्रंप का तीन फेज वाला प्लान
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए हैं
साल्ट लेक सिटी में ताबड़तोड़ फायरिंग, अंतिम संस्कार के दौरान तड़तड़ाई गोलियां, दो की मौत, कई घायल
Mass Shooting Utah: यूटा के साल्ट लेक सिटी के रेडवुड रोड पर एक LDS चर्च के पास भयंकर गोलीबारी हुई है, ये गोलीबारी अंतिम संस्कार के दौरान हुई है. जिसमें कई लोगों की मौत हो गई है.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को सोते हुए उठवाने के बाद से अमेरिका आक्रामक मोड में है. अब उसने पीछा करते हुए रूस के झंडे वाले तेल टैंकर को पकड़ा है. बताया जा रहा है कि जंग लगे टैंकर में तेल नहीं है फिर क्या है? यह इतना जरूरी क्यों था कि बचाने के लिए रूस ने सबमरीन रवाना कर दी थी लेकिन देरी हो गई.
Pakistan Lobbying Firms USA: अमेरिका के Department of Justice में जमा दस्तावेजों से खुलासा हुआ है. ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान ने अमेरिका में जबरदस्त लॉबिंग अभियान चलाया. इस अभियान का मकसद अमेरिकी नेताओं और नीति बनाने वालों तक पाकिस्तान का नजरिया पहुंचाना था. इसके लिए पाकिस्तान ने पुरानी और नई दोनों तरह की लॉबिंग कंपनियों की मदद ली थी.
तारिक रहमान 17 साल बाद ढाका से बाहर दौरे पर
बांग्लादेश में राजनीतिक दलों की हलचल तेज हो चुकी है। चुनाव में अब बस महीनेभर का समय बचा है। ऐसे में सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है
ढाका-कराची के बीच सीधी उड़ानें 29 जनवरी से शुरू
बंगलादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते घनिष्ठ संबंधों के बीच बंगलादेश की राष्ट्रीय विमानन कंपनी बिमान बंगलादेश 29 जनवरी से ढाका और कराची के बीच सीधी उड़ानें शुरू करने जा रही है
जिस इंटरनेशनल सोलर अलायंस को पीएम मोदी ने बनाया, डोनाल्ड ट्रंप ने उससे क्यों खींचा हाथ?
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा फैसला लेते हुए भारत और फ्रांस के नेतृत्व वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस समेत 66 इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन से अमेरिका का नाम वापस ले लिया है. जानिए उन्होंने ये फैसला क्यों किया?
सिर्फ US में बने प्रोडक्ट ही खरीदेगा वेनेजुएला...मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप क्यों लाद रहे भार?
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला को लेकर पूरी तरह से सख्त हो गए हैं. अब ट्रंप ने घोषणा करते हुए कहा है कि वेनेजुएला अब नई ऑयल डील से मिले पैसों से सिर्फ अमेरिका में बने प्रोडक्ट ही खरीदेगा.
जंग की तैयारी कर रहा अमेरिका? ट्रंप बोले 2027 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर होगा मिलिट्री बजट
US defense budget 2027: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को बड़ा ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा है साल 2027 के लिए अमेरिका का सैन्य बजट 1 ट्रिलियन डॉलर नहीं बल्कि 1.5 ट्रिलियन डॉलर होना चाहिए. ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखी है.
‘हम दोनों की लव मैरिज को तीन महीने बीत चुके थे। लग रहा था कि अब घर वाले शांत हो गए हैं और हमारी जिंदगी से उन्हें कोई लेना-देना नहीं रह गया है, लेकिन 5 अगस्त 2025 की शाम, करीब 5 बजे, सब कुछ बदल गया। मेरे पति राहुल क्लास में अटेंडेंस लगाकर कॉलेज के मेन गेट की ओर जा रहे थे। वहीं उनकी काली बुलेट खड़ी थी। मैं नर्सिंग डिपार्टमेंट से क्लास खत्म कर बाहर निकली ही थी, तभी कॉलेज के मेन गेट पर मुझे पापा दिखाई दिए। वे उजले रंग का मास्क और नीले रंग का कोट पहने हुए थे। कमर में कट्टा खोंसे वे बुलेट के पास खड़े हो गए। उन्होंने आसपास खड़े छात्रों से पूछा- ‘ये काली बुलेट किसकी है?’ छात्रों ने जवाब दिया- ‘राहुल मंडल की।’ कुछ ही देर बाद जैसे ही राहुल बुलेट लेने पहुंचे, पापा ने कट्टा निकाला और उसके सीने में दो गोलियां दाग दीं। राहुल का सीना खून से सना हुआ था। उस वक्त मैं राहुल से बस कुछ कदम की दूरी पर थी। वह लड़खड़ाकर जमीन पर गिरने ही वाला था कि मैं चीखते हुए उसकी ओर भागी। बदहवासी में वह मेरे सीने से आकर लग गया। पापा चीख-चीखकर कह रहे थे- ब्राह्मण होकर बेटी ने नीच से शादी कैसे की? मर गया, अब मैं बहुत खुश हूं। अब बेटी को भी मारूंगा।’, तनुप्रिया झा स्याह कहानियों की सीरीज ‘ब्लैकबोर्ड’ में आज कहानी इंटरकास्ट मैरिज करने वाली बिहार की तनुप्रिया की। जिसके पिता ने जाति की वजह से अपनी 20 साल की बेटी को विधवा बना दिया… तनुप्रिया आगे बताती हैं, 'मैं और आसपास के दोस्त राहुल को लेकर इमरजेंसी वार्ड की ओर भागे। भागते हुए मैं बार-बार पापा से चिल्लाकर पूछ रही थी- ‘तुमने मेरे पति को क्यों मारा? तुमने मेरा सुहाग क्यों उजाड़ दिया, हत्यारे?’ पापा कट्टा हाथ में लिए मेरे पीछे-पीछे इमरजेंसी वार्ड की ओर दौड़ रहे थे। तभी मेरे कुछ दोस्तों ने उन्हें पकड़ कर पीटना शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद राहुल मेरी गोद में हमेशा के लिए सो गया। वह मर गया। डॉक्टर चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए। यह कहते हुए 20 साल की तनुप्रिया झा की बड़ी-बड़ी आंखों में आंसू भर आते हैं। गला भर जाता है, शरीर कांपने लगता है। लड़खड़ाती आवाज में वह कहती हैं- ‘ऐसे आदमी को मैं अपना बाप नहीं कहना चाहती। अब उससे मेरा कोई रिश्ता नहीं। प्रेम शंकर झा मेरे पति राहुल मंडल का हत्यारा है। मेरी आखिरी इच्छा है कि उस हत्यारे को फांसी पर झूलते हुए देखूं।’ बिहार के सुपौल से 15 किलोमीटर दूर तुलापट्टी गांव के रहने वाले राहुल मंडल क्रिकेट और बुलेट के शौकीन थे। इसी वजह से दोस्त और तनुप्रिया उन्हें महेंद्र सिंह धोनी के निकनेम पर प्यार से ‘माही’ कहते थे। आज यह गांव राहुल से ज्यादा तनुप्रिया को जानता है। गांव में किसी से भी पूछिए, इशारों में ही लोग राहुल के घर का रास्ता बता देते हैं। राहुल मंडल के घर जाने वाली सड़क के दोनों ओर जूट की टहनियों पर गोबर का लेप लगा है। ठंड के मौसम में यहां के लोग सूखने के बाद इसी गोबर के उपलों से खाना पकाते हैं। राहुल के घर के ठीक सामने कई बकरियां और गायें बंधी हुई हैं। घर पहुंचते ही पहली मुलाकात उनके पिता गणेश मंडल से होती है। वे मुझे बैठने के लिए कुर्सी लाकर देते हैं और फिर चुप्पी साधे इधर-उधर देखने लगते हैं। टोकने पर दबी जुबान में कहते हैं- ‘एक ही तो बेटा था। वह भी चला गया। अब किसी से क्या कहना, सब खत्म हो गया। जाते-जाते अपनी जगह दूसरा बेटे (तनुप्रिया) को दे गया है। अब उसी को देखकर जी रहा हूं।’ यह कहते हुए गणेश मुंह फेर लेते हैं और अपनी वीरान पड़ी दुकान की ओर चले जाते हैं। कभी यहां उनकी किराने की दुकान हुआ करती थी। अब वह सिर्फ लकड़ी की एक गुमटी भर रह गई है। इस दौरान मैं राहुल के घर के बाहर खड़ा था, तभी एक दुबली-पतली, लंबी लड़की बाहर निकलती है। देखते ही मैं पूछ बैठता हूं- ‘आप तनुप्रिया हैं?’ इशारों में वह हामी भरती हैं- ‘हां’। पीछे से उनकी सास और राहुल की मां अनिता देवी भी आ जाती हैं। वे दोनों मुझे घर के भीतर बरामदे में ले जाते हैं। तनु सिहरती हुई आवाज में कहती हैं- ‘सास के लिए अब मैं ही राहुल हूं। इनका बेटा हूं। बहू की तरह नहीं, बेटे की तरह इनके साथ रहती हूं। अगर बहू बनकर रहती, तो घर से बाहर आकर आपको बुला न पाती। ये जो डेनिम की जैकेट मैंने पहनी है, राहुल की ही है।’ घर में चारों ओर नजरें घुमाने के बावजूद मुझे राहुल की एक भी तस्वीर दिखाई नहीं देती। पूछने पर तनु मुझे एक कमरे की ओर ले जाती हैं। ऊपर छज्जे से दो तस्वीरें उतारती हैं। दोनों तस्वीरें राहुल की हैं। तस्वीर पर हाथ फेरते हुए, रुंधे गले से तनु कहती हैं- ‘ये दिसंबर 2024 की फोटो है। मैंने ही इसे कॉलेज कैंपस में खींचा था। अब तो बस इसी फोटो का सहारा है। राहुल का एक ऑडियो मैसेज भी है, जिसे मैं हर रात सुनकर सोती हूं। कोई ऐसी रात नहीं, जब यहां ससुराल में हम लोगों में से कोई रोता न हो। पहले जब यह तस्वीर घर में टंगी रहती थी, तो पापा… यानी हमारे ससुर इसे देखते ही फूट-फूटकर रोने लगते थे। एक दिन उन्होंने कहा- इसे छुपाकर कहीं रख दो। तब से यह तस्वीर इसी छज्जे पर रखी है।’ कमरे के सामने एक बैंगनी रंग की, धूल से सनी ट्रॉली बैग रखी हुई है। उसका रंग अब मटमैला हो चुका है। तनु उसकी ओर इशारा करते हुए कहती हैं- ‘इसी में हमारे कपड़े, शादी का जोड़ा, किताबें… सब कुछ है। जब से यह ट्रॉली बैग दरभंगा से आया है, तब से इसे खोलकर देखा नहीं है। देखने की हिम्मत नहीं होती।’ इसे दिखाकर तनु वापस बरामदे में रखे तख्त पर आकर बैठ जाती हैं। फिर बताने लगती हैं- ‘12वीं के बाद मैंने दरभंगा के DMCH कॉलेज में नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लिया था। राहुल मुझसे सीनियर थे। दिसंबर 2024 में हमारी पहली मुलाकात हुई। धीरे-धीरे हम साथ उठने-बैठने लगे। पढ़ाई, घूमना-फिरना सब चल रहा था। उस वक्त हम सिर्फ अच्छे दोस्त थे। एक-दूसरे को प्रपोज भी नहीं किया था।’ राहुल के पास बुलेट बाइक थी। कभी-कभी हम दरभंगा के श्यामा माई मंदिर घूमने चले जाते थे। मुझे भी बुलेट चलाने का शौक है, तो मैं उसे चला लेती थी। एक दिन यह बात कॉलेज की प्रिंसिपल गुड़िया को पता चल गई। अगले दिन उन्होंने क्लास के करीब 60 छात्रों के सामने मुझे बुलाया और कहा- ‘तुम राहुल मंडल से बात करती हो? उसके साथ बुलेट पर घूमती हो? उसका सरनेम पता है? क्लास के बाद मेरे चैंबर में आकर मिलना। तुम्हें पता है कि वह छोटी जाति का है?’ यह कहकर प्रिंसिपल अपने ऑफिस चली गईं। क्लास खत्म होने के बाद जब मैं उनके चैंबर में पहुंची, तो वे मुझ पर चिल्लाने लगीं- ‘राहुल SC-ST जाति से है। तुम ब्राह्मण परिवार की हो। अपने मां-बाप की नाक कटाओगी क्या? कुल-खान-दान की इज्जत मिट्टी में मिलाना चाहती हो? तुम उसके साथ घूमती हो, बात करती हो। तुम्हारा उससे चक्कर चल रहा है न? आज के बाद तुम उससे बात नहीं करोगी।’ उस दिन मैं सिर झुकाए चैंबर से निकल आई। सोचने लगी- राहुल तो मेरा दोस्त है। दोस्ती में जाति का क्या मतलब? उस वक्त तो मुझे यह भी नहीं पता था कि ‘मंडल’ किस जाति का सरनेम होता है। मैंने प्रिंसिपल की बात नहीं मानी और पहले की तरह राहुल के साथ रहती रही। धीरे-धीरे हमारे बीच प्यार हो गया। एक दिन दरभंगा घूमते हुए राहुल ने मुझसे कहा- ‘तनु, हम दोनों कुछ बनने के बाद ही शादी करेंगे। अभी पढ़ाई पर फोकस करते हैं। जब अपने पैरों पर खड़े हो जाएंगे, तब घर वालों को बताएंगे। हम दोनों एक-दूसरे की फेमिली को मना लेंगे।’ क्या बनना चाहती थीं आप? तनु कहती हैं- ‘राहुल नर्सिंग ऑफिसर बनना चाहते थे। मैं यूपीएससी की तैयारी करना चाह रही थी। मैंने ऑनलाइन क्लासेज भी जॉइन कर ली थीं। स्टडी मटेरियल खरीदकर लाई थी। अब वो सारी किताबें तहखाने में धूल फांक रही हैं। राहुल की मौत के बाद कभी हिम्मत नहीं हुई उस कॉलेज में जाने की। उसके बाद उन किताबों के पन्ने भी नहीं पलटे मैंने। क्या ही पलटूं। अब तो जिंदगी का कोई सपना ही नहीं बचा। यूपीएससी क्रैक भी कर लूं, तो किसके लिए? कौन देखेगा अब? कुछ नहीं बचा। एक बाप ने अपनी ही बेटी को जिंदा लाश बना दिया। उसने यह भी नहीं सोचा कि वह अपनी बेटी की मांग उजाड़ने जा रहा है।’ यह कहते-कहते तनु फिर से फूट-फूटकर रोने लगती हैं। कुछ देर बाद मैं धीरे से उनके बचपन के बारे में पूछता हूं। लंबी सांस लेते हुए वह कहती हैं- ‘हम दो बहनें, एक भाई हैं। सहरसा के मेरे बनगांव में घर-घर ब्यूरोक्रेट्स यानी आईएएस-पीसीएस बने हैं। मैं भी बचपन से सिविल सर्विसेज में जाना चाहती थी। घर पर जो टीचर पढ़ाने आते थे, वे कहते थे- तनु पढ़ाई में होशियार है, इसे सिविल सर्विसेज की तैयारी ही करानी चाहिए। छठीं क्लास के बाद मैं सिमुलतला आवासीय विद्यालय चली गई। 12वीं पास करने के बाद DMCH (दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल) में नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लिया। यह मेरे करियर का प्लान-बी था। पापा की दवा की दुकान थी।’ वह बताती हैं- ‘यहीं मेरी दोस्ती राहुल से हुई। जब मेरे कॉलेज की प्रिंसिपल ने पापा को बताया कि मैं राहुल के साथ बुलेट पर घूमती हूं, तो पापा ने फौरन मुझे सहरसा बुला लिया। तारीख थी- 28 मार्च 2025। मुझे नहीं पता था कि उन्होंने क्यों बुलाया है। शाम को जब पापा दुकान से लौटे, तो मुझे देखते ही चिल्ला पड़े। पूछा- ‘ये राहुल कौन है?’ मैंने सकुचाते हुए कहा- ‘कॉलेज का दोस्त।’ ‘तुम उसके साथ बुलेट पर घूमती हो?’ यह कहते हुए पापा ने कमर से बेल्ट निकाल लिया। मैं कांपते हुए बोली- ‘हां… मुझे बुलेट चलाना अच्छा लगता है। उसके पास है, तो हम घूमने गए थे।’ इतना सुनते ही पापा ने बेल्ट मेरी पीठ पर बरसानी शुरू कर दी। मैं दर्द से चीखने लगी। बेल्ट से पीटते हुए वह मेरे बाल खींचते हुए बोले- ‘किस जाति का है वह?’ मैं हकलाते हुए बोली- ‘वह अपना नाम राहुल मंडल लिखता है। सब उसे माही कहते हैं।’ ‘मंडल…’ सुनते ही पापा आग-बबूला हो गए- ‘तुम नीच जाति के लड़के के साथ घूमती हो। %$#@… पूरे खानदान का मुंह काला करोगी। कल थाने चलो और उसके खिलाफ रेप केस लिखवाओ।’ मैं रोते हुए बोली- ‘उसने मेरे साथ कुछ गलत नहीं किया है। मैं झूठा केस कैसे दर्ज करवाऊं?’ यह सुनते ही पापा ने फिर से बेल्ट उठाई। ऐसा एक महीने तक रोज हुआ। उन्होंने तीन-तीन बेल्ट के बक्कल मेरी पीठ पर तोड़ दिए। कमर से लेकर पैरों तक पूरी पीठ लाल हो चुकी थी। दर्द बढ़ता तो वही दवा लाकर दे देते। उस दौरान मेरे दोनों भाई कहते- ‘इसे उस लड़के से प्यार हो गया है। दोनों शादी करना चाहते हैं। इसलिए ये शिकायत नहीं लिखवाना चाहती। इसे और मारो।’ एक दिन पापा गुस्से में बोले- ‘लड़के की इंस्टाग्राम आईडी और पासवर्ड दो।’ मैंने मना कर दिया। उस दिन मम्मी, पापा, भाई, दादी- सबने मिलकर मुझे मारा। इतना कि मैं चल नहीं पा रही थी। घर में बेहोश पड़ी रही। अप्रैल में मैंने राहुल को इंस्टाग्राम पर मैसेज किया। लिखा- ‘मुझे यहां से किसी भी तरह ले चलो। नहीं तो घर वाले मुझे मार देंगे।’ एक दिन शाम को घर में सिर्फ मां और दादी थीं। दोनों रसोई में काम कर रहे थे। राहुल अपनी बुलेट से दरवाजे पर आया। मैं कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स उठाई और तुरंत उसके साथ दरभंगा भाग निकली।’ तनुप्रिया अपने मोबाइल में घर वालों की कुछ तस्वीरें दिखाने लगती हैं। मां की तस्वीर पर उंगली टिक जाती है। वह सरकारी टीचर हैं। तनु कहती हैं- ‘जिस दिन मैं घर से भागी थी, उस दिन जब पापा दुकान से लौटे, तो उन्होंने मेरे खोज-बीन शुरू कर दी। 1 मई को उन्होंने बनगांव थाने में राहुल और उसके परिवार के खिलाफ मेरा अपहरण करने का मामला दर्ज करा दिया। दूसरी तरफ मैंने राहुल के साथ 5 मई को लखीसराय के एक मंदिर में शादी कर ली।’ अचानक शादी कर ली? ‘और क्या करती? वे लोग मेरी शादी मेरे मुंहबोले भाई से कराना चाह रहे थे, जिसके हाथ में मैं राखी बांधती थी। पापा कह रहे थे कि मुझे उसी से शादी करनी होगी।’ तख्त पर तनुप्रिया के बगल में उनकी सास अनिता देवी बैठी हैं। तनु की बात सुनते ही अनिता रोने लगती हैं। तनु आगे कहती हैं- ‘5 मई को शादी के बाद हम दोनों एक किराए के कमरे में रहने लगे थे। सब कुछ सामान्य हो गया था। हम दोनों पहले की तरह पढ़ाई कर रहे थे। 9 अगस्त को रक्षाबंधन आने वाला था। राहुल ने कहा कि तुम भाइयों के लिए राखी कूरियर कर दो। 4 अगस्त को मैंने अपने दोनों भाइयों के लिए राखी भेज दी। अगले ही दिन, 5 अगस्त को, मेरे भाइयों और पिता ने मिलकर मेरे पति की जान ले ली और मुझे विधवा बना दिया। राखी शायद रास्ते में ही रह गई होगी। सब कुछ एक जाति की वजह से खत्म हो गया।’ वह ठहरकर कहती हैं- ‘अब मैं उस हत्यारे बाप की बेटी नहीं कहलाना चाहती। मैंने अपने मायके से सारे रिश्ते खत्म कर लिए हैं। मेरी आखिरी इच्छा है कि अपने बाप को फांसी के फंदे पर झूलते देखूं। उसके बाद खुद को खत्म कर लूंगी। राहुल के जाने के बाद मैंने आज तक आईने में अपना चेहरा नहीं देखा।’ यह कहते हुए तनुप्रिया की आंखें डबडबा जाती हैं। उनकी सास अनिता बीच में टोकती हैं- ‘अब रहने दीजिए। जितनी बार ये बातें दोहराती हैं, कई-कई दिन खाना-पीना नहीं खा पाती। घर में खुद को बंद कर मूर्ति की तरह बैठी रहती है। उस डाकू बाप ने मेरे बेटे को मार दिया। उसे तो फांसी दिलवाकर रहूंगी। बेटे के बदले अब यही तनु मेरा बेटा है। इसी को देखकर हम जी रहे हैं। मैं घर से बाहर नहीं निकलती। डर लगता है कि लोग कहेंगे- देखो, जिसने बेटे की हत्या की, उसी की बेटी को घर में बिठा रखा है। सोचती हूं, बेटी का बाप भला उसका सुहाग कैसे उजाड़ सकता है। अब यह अनाथ हो गई है। जब तक जिएगी, इसी घर में रहेगी। लोग कहते हैं, इसकी दोबारा शादी कर दो। अगर यह मेरी बेटी होती, तो शायद दोबारा शादी की सोचती, लेकिन यह अब मेरे लिए बेटा है। राहुल के बदले तनु है।’ यह कहते हुए तनुप्रिया और अनिता एक-दूसरे को गले लगाकर रोने लगती हैं। तनु सिसकते हुए कहती हैं- ‘कभी इसी हाथ से मैं मांग में सिंदूर भरती थी। उस दिन इसी हाथ से मैंने अपने पति की चिता को आग दी। अब तो भाई, बाप जैसे रिश्तों का नाम सुनकर भी डर लगता है।’ -------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-तलाक हुआ तो अनजान डोनर से स्पर्म लेकर मां बनी:विदेश ले जाकर पति ने घर से निकाला, बिना पति के महिलाओं की कहानियां मेरी चीख सुनकर पड़ोसी जमा हो गए। बिस्तर से उठी तो देखा- मेरी सास ही तौलिए से मेरा मुंह दबा रही थीं। वह जोर-जोर से कह रही थीं- तूने मेरे बेटे को खा लिया। तू मांगलिक है। कुलच्छन है। अब अपने बच्चे को लेकर यहां से भाग जा, नहीं तो तुझे जिंदा नहीं छोड़ूंगी। पूरी खबर यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड- बेटी ने मारा तो घर छोड़ा:बस के नीचे मरने पहुंचे, भाई ने फर्जी साइन से पैसे हड़पे, वृद्धाश्रम में रोज सुबह सोचते हैं- कोई लेने आएगा मेरे बच्चे नहीं हैं। पत्नी की मौत के बाद अकेला हो गया था। मुझे आंख से दिखाई नहीं देता। एक रिश्तेदार के यहां रहने चला गया। वहां बहुत जलील हुआ तो एक दूसरे रिश्तेदार के यहां रहने पहुंचा, लेकिन उन्होंने अपने यहां रखने से साफ मना करा दिया। उस दिन मन में विचार आया कि सब खत्म कर दूं। सोचा कि यमुना में कूद जाऊं। फिर मरने के लिए एक बस डिपो पर गया। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
जापान में नए साल की पहली नीलामी में एक मछली रिकॉर्ड 29 करोड़ रुपए में बिकी। 243 किलो की ब्लूफिन टूना दुनिया की सबसे महंगी मछली बन चुकी है। इसके सिर्फ एक किलो मांस की कीमत में 5 रॉयल एनफील्ड बाइक आ जाएं। इससे पहले भी ये रिकॉर्ड ब्लूफिन टूना के ही नाम था। आखिर इस मछली में ऐसा क्या खास है, इसे किसने और क्यों खरीदा; ऐसे 6 सवालों के जवाब जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में... सवाल-1: 29 करोड़ की यह मछली किसने खरीदी? जवाब: जापान की राजधानी टोक्यो की तोयोसु फिश मार्केट में 5 जनवरी को नए साल की पहली नीलामी हुई। इसमें 243 किलो की ब्लूफिन टूना 510 मिलियन येन यानी करीब 29 करोड़ रुपए में बिकी। इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग टूना को खरीदा है जापान की मशहूर कंपनी कियोमुरा कॉर्पोरेशन के मालिक कियोशी कियोमुरा ने। उन्हें जापान में ‘टूना किंग’ कहा जाता है। वे ‘सुशी जनमई’ नाम से मशहूर सुशी रेस्टोरेंट चेन चलाते हैं और हर साल ऊंची बोली लगाने के लिए जाने जाते हैं। नीलामी के बाद कियोमुरा ने कहा- 'मैं कम कीमत की उम्मीद कर रहा था, लेकिन बोली इतनी तेजी से बढ़ी कि खुद को रोक नहीं पाया। अच्छी क्वालिटी की टूना देखकर मैं रुक ही नहीं सकता। सवाल-2: आखिर ब्लूफिन टूना इतनी महंगी क्यों होती है? जवाबः ब्लूफिन टूना को दुनिया की सबसे प्रीमियम खाने योग्य मछलियों में गिना जाता है। इसका मांस बेहद मुलायम, रसीला और फैट से भरपूर होता है। खासकर पेट का हिस्सा (ओटोरो) मक्खन जैसा माना जाता है। स्वाद, रंग और टेक्सचर में यह बाकी टूना से कहीं बेहतर होती है। हालांकि इसके इतनी महंगी होने के पीछे 4 बड़ी वजहे हैं... 1. ब्लूफिन टूना की कमी: यह मछली गहरे और खुले समुद्र में हजारों मील की यात्रा करती है, जिसके कारण इसे ढूंढना और पकड़ना बहुत मुश्किल काम है। पहले बहुत अधिक शिकार होने की वजह से अब समुद्र में इनकी संख्या काफी घट गई है, इसीलिए सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इसके शिकार पर सख्त नियम और कोटा तय कर दिया है। 2. ब्लूफिन टूना का साइजः कुछ मछलियों का वजन 450 किलो से भी ज्यादा हो सकता है। मछली जितनी बड़ी और पुरानी होती है, उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा होती है। इसकी वजह यह है कि बड़ी और उम्रदराज टूना का स्वाद और मांस की बनावट बेहतर मानी जाती है। 3. पकड़ने और ढोने की मुश्किल: जापान के ‘ओमा’ तट के पास पकड़ी गई टूना सबसे महंगी मानी जाती है। क्योंकि वहां के मछुआरे इसे जाल नहीं, बल्कि एक खास तकनीकि लाइन फिशिंग से पकड़ते हैं। इससे मछली को चोट या तनाव नहीं होता और मीट क्वालिटी टॉप क्लास रहती है। क्वालिटी बनाए रखने के लिए बहुत तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में ज्यादा खर्च आता है, जो इसकी कीमत को और बढ़ा देता है। 4. सबसे बड़ी वजह है डिमांड: दुनिया भर में सुशी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। जैसे-जैसे लोग ज्यादा सुशी खाने लगे हैं, वैसे-वैसे इसके जरूरी इंग्रीडिएंट्स, खासकर ब्लूफिन टूना की मांग और कीमत दोनों बढ़ती चली गई हैं। जापान में ब्लूफिन टूना का महत्व सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है। नए साल की पहली नीलामी को वहां शुभ माना जाता है। साल की पहली नीलामी में ऊंची बोली लगाने से पूरे साल व्यापार अच्छा चलने की मान्यता है। इसी वजह से बड़ी कंपनियां और फेमस रेस्टोरेंट सामान्य नीलामी में अधिक से अधिक बोली लगाकर इसे हासिल करना चाहते हैं। यह नीलामी उनके लिए कारोबार से कहीं ज्यादा ब्रांडिंग और सम्मान पाने का जरिया होती है। सवाल-3: ब्लूफिन टूना को जाल लगाकर क्यों नहीं पकड़ा जाता? जवाबः ब्लूफिन टूना को किसी बड़े जाल से नहीं, बल्कि 'लॉन्गलाइन' तकनीक से पकड़ा जाता है। जापान में मछली पकड़ने का ये पारंपरिक तरीका है। इस प्रक्रिया में समुद्र में एक बहुत लंबी रस्सी डाली जाती है। इस रस्सी पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चारे (भोजन) लगे कांटे होते हैं। जब ब्लूफिन टूना चारा निगलती है, तो वह कांटे में फंस जाती है। इसके बाद मछुवारे उसे धीरे और सावधानी से बाहर निकालते हैं। जापान के ओमा शहर के मछुआरे कड़कड़ाती ठंड में समुद्र के बीचों-बीच घंटों तक संघर्ष करते हैं ताकि मछली को बिना किसी नुकसान के जिंदा या ताजी हालत में नाव तक लाया जा सके। अगर मछली बड़ी और अच्छी क्वालिटी की निकली, तो नीलामी में उसकी कीमत करोड़ों तक पहुंच सकती है। इससे मछुआरे की किस्मत बदल जाती है। सवाल-4: इससे पहले सबसे महंगी मछली कौन-सी थी? जवाब: 2019 में भी एक ऐसी ही चौंकाने वाली नीलामी हुई थी। उस समय 278 किलो की एक टूना को 333.6 मिलियन येन यानि उस समय के हिसाब से लगभग 20 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। ये रिकार्ड भी 29 करोड़ की मछली खरीदने वाले कियोमुरा के नाम ही है। यानी उन्होंने अपनी ही रिकॉर्ड तोड़ा है। सवाल-5: क्या एक मछली पर 29 करोड़ रुपये खर्च करना समझदारी है? जवाब: पहली नजर में यह घाटे का सौदा लग सकता है, क्योंकि कोई भी रेस्टोरेंट 29 करोड़ की लागत को सिर्फ सुशी बेचकर वसूल नहीं कर सकता। दरअसल, इसके पीछे 'मार्केटिंग और ब्रांडिंग' का बड़ा खेल है। जब कोई व्यापारी इतनी महंगी मछली खरीदता है, तो उसका नाम दुनिया भर की मीडिया और सोशल मीडिया पर छा जाता है। इसे एक तरह का 'फ्री पब्लिसिटी स्टंट' माना जाता है जिसकी वैल्यू करोड़ों के विज्ञापन से कहीं अधिक होती है। इससे ग्राहकों के बीच यह मैसेज जाता है कि यदि यह रेस्टोरेंट मालिक दुनिया की सबसे बेहतरीन मछली खरीद सकता है, तो यहां मिलने वाली हर चीज की क्वालिटी बेहतर ही होगी। ये तरीका अमीर ग्राहकों को अपनी ओर खींचता है, जो केवल भोजन के लिए नहीं बल्कि बड़े होटल में सिर्फ एक एक्सपीरिएंस के लिए मोटी रकम खर्च करने को तैयार रहते हैं। सवाल-6: भारत में सबसे महंगी मछली कौन-सी नीलाम हुई है? जवाब: भारत की सबसे महंगी मछली की नीलामी में घोल मछली सबसे आगे है। महाराष्ट्र के पालघर में 1 सितंबर 2021 को 157 मछलियों के एक लॉट को ₹1.33 करोड़ में बेचा गया था। घोल मछली के पेट में औषधीय गुण होते हैं और यह कॉस्मेटिक्स व दवाओं में इस्तेमाल होती है। हांगकांग, जापान जैसे देशों में इसकी भारी मांग है और यह 'सी गोल्ड' कहलाती है। इसके अलावा अक्टूबर 2025 में पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में 88 तेलिया भोला मछली पकड़ी गई, जिसकी नीलामी में कीमत लगभग 60 लाख पहुंची थी। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए... जवान बेटे के लिए मां-बाप क्यों मांग रहे इच्छामृत्यु:सुप्रीम कोर्ट में गुहार मंजूर, एम्स रिपोर्ट बना रहा; क्या है इज्जत से मरने का अधिकार गाजियाबाद के रहने वाले अशोक राणा और निर्मला राणा जवान बेटे हरीश के लिए सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु मांग रहे हैं। 11 दिसंबर को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एम्स को रिपोर्ट बनाने को कहा। अब अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होनी है। पूरी खबर पढ़िए
18 दिसंबर 2025, रात करीब 9 बजे का वक्त था। बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में भीड़ ने गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू दास को पकड़ लिया। ईशनिंदा का इल्जाम लगाकर भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद दीपू के शव को फैक्ट्री से कुछ दूर ले गए और आग लगा दी। उस दिन से अब तक बांग्लादेश के अलग-अलग जिलों में 6 हिंदुओं की हत्या हुई है। बांग्लादेश में दीपू की हत्या का असर पश्चिम बंगाल में दिख रहा है। घटना के विरोध में यहां जगह-जगह बंगाली हिंदुओं ने प्रदर्शन किया। सिर्फ कोलकाता में ही करीब 10 हजार लोग सड़कों पर उतरे। लोगों का कहना है कि वो दिन दूर नहीं, जब पश्चिम बंगाल में भी बांग्लादेश जैसे हालात होंगे। 23 दिसंबर को हुए प्रदर्शन में शामिल 74 साल के नकुल भट्टाचार्जी कहते हैं, ‘बांग्लादेश में दीपू दास को जैसे जिंदा जलाया गया, उससे खराब भला क्या हो सकता है। ये सब मेरे बेटे के साथ भी हो सकता है। ममता बनर्जी के राज में भी यही हो रहा है। बांग्लादेश में जैसे हिंदुओं को टॉर्चर किया जा रहा है, यहां हालात उससे अलग नहीं हैं। पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश का डुप्लीकेट बन गया है।‘ वहीं 29 साल की संगीता आरोप लगाती हैं कि ममता दीदी बांग्लादेशियों और जिहादियों को पश्चिम बंगाल लेकर आ रही हैं। इससे यहां का माहौल भी खराब हो रहा। इस पर रोक लगनी चाहिए। पश्चिम बंगाल में इसी साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं। बांग्लादेश में हुई हिंसा और हिंदुओं को टारगेट किए जाने का चुनाव में क्या असर होगा, ये समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम कोलकाता पहुंची। पहले प्रदर्शन के दौरान अरेस्ट लोगों की बात…'परमिशन लेकर प्रदर्शन, फिर भी रोका, पुलिस वाले जिहादी हुए'कोलकाता में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल रहीं नीति भट्टाचार्जी कहती हैं, ‘दीपू दास को बहुत बुरी तरह मारा गया। वो हिंदू था, हम भी हिंदू हैं। हमें उसकी मौत का अफसोस है, इसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं। कोलकाता पुलिस हमें ये भी नहीं करने दे रही। पुलिसवाले हमें पकड़कर मारने लगे। हमारे एक साथी की नाक तोड़ दी।‘ ‘महिलाओं के बाल खींचे और उन्हें पकड़कर जेल में डाला गया, जबकि हम शांति से विरोध कर रहे थे। हम बांग्लादेश हाई कमिशनर को वापस भेजना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर हमें रोक दिया। हमने फिर कोशिश की, तो लाठीचार्ज कर 19 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस वाले जिहादी हो गए हैं।‘ परमिशन के बारे में पूछने पर नीति कहती हैं, ‘हिंदू जागरण मंच ने प्रदर्शन के लिए प्रशासन को मेल करके परमिशन मांगी थी। फिर भी हमें रोका गया। दोपहर 3 बजे ही हमें हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तार 19 लोगों में 7 महिलाएं थीं। हम पूछते रहे कि अब आगे क्या कार्रवाई होगी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अचानक रात 2 बजे हमें मेडिकल के लिए ले जाने लगे। हम डर की वजह से नहीं गए।‘ ‘इसके बाद पुलिस वाले हमारे फोन का पासवर्ड मांगने लगे। हमने मना किया तो शर्त रखी कि जो पासवर्ड बताएगा, घर पर सिर्फ उसी की बात कराएंगे। हममें से 3 महिलाओं ने बच्चों से बात करने के लिए पासवर्ड बता दिया। इसके बाद भी उन्हें फोन नहीं दिया गया। पुलिस ने थाने में लगे लैंडलाइन से उनकी घर पर बात कराई। अब भी हमारा फोन पुलिस के पास है।‘ 'हम अपराधी नहीं, फिर हत्या की कोशिश का केस क्यों'कोलकाता की रहने वाली प्रयोनीती पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहती हैं, ‘पुलिस ने हम पर ऐसे लाठियां बरसाईं, जैसे हम अपराधी हैं। हम पर BNS की धारा 109 के तहत FIR दर्ज कर अटेम्प्ट टू मर्डर का केस लगा दिया। गैरकानूनी हथियार रखने के भी चार्ज लगाए, जबकि मेरी जेब में सिर्फ एक पेन था।‘ नकुल भी यही आरोप लगाते हैं। वे कहते हैं, ‘हम सिर्फ प्रदर्शन करने गए थे, लेकिन हमें जेल में डाल दिया। 3 से 4 दिन जेल में ही रखा। बहुत टॉर्चर किया। मेरे सामने ही एक लड़की को पुलिस वालों ने इतना पीटा कि उसे देखकर मैं डर गया। हमने तो कोई चोरी-मर्डर भी नहीं किया। फिर हमें ऐसा टॉर्चर क्यों किया गया।' प्रदर्शन का हिस्सा रहे मोहम्मद सरफराज बताते हैं, ‘लाल बाजार हेडक्वार्टर के कुछ पुलिसवाले हमसे हमदर्दी रखते थे। उन्होंने कहा कि आप लोगों पर कई गलत इल्जाम लगे हैं। हम मजबूर हैं, हम पर ऊपर से दबाव है। कुल 8 धाराओं में केस हुआ, लेकिन सिर्फ सरकारी काम में बाधा डालने के अलावा सब धाराएं गलत लगाई गई हैं।‘ DCP बोले- प्रदर्शन में पुलिसवाले जख्मी हुए, इसलिए 8 धाराएं लगाईंइस मामले पर कोलकाता पुलिस के साउथ ईस्ट डिवीजन के DCP डॉ. भोलानाथ पांडे ने बताया, ‘प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसवाले जख्मी भी हुए हैं। उसी के आधार पर धाराएं लगाई गई हैं। प्रदर्शन के आयोजकों ने बयान दे दिया है और इन्वेस्टिगेशन भी जारी है। उसी के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी। मामले में BNS के तहत कुल 8 धाराएं लगाई गई हैं।' अब जानिए पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं…TMC: बांग्लादेश की वजह से नहीं, SIR के कारण हिंदू खतरे में बांग्लादेश में हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल में बने माहौल को लेकर हमने TMC प्रवक्ता प्रदीप्त मुखर्जी से बात की। वे कहते हैं, ‘BJP चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में ऐसा नैरेटिव तैयार करना चाहती है कि TMC सरकार यहां रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों को बसा रही है। वे TMC के लिए वोट करते हैं और बदले में उन्हें प्रोटेक्शन मिलता है। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।’ ’ये इंटरनेशनल डिप्लोमैटिक मुद्दा है, इसे लेकर TMC सरकार हमेशा से केंद्र के साथ है। देश की इंटीग्रिटी और यूनिटी को लेकर जो काम किया जाएगा, हम उसमें साथ देंगे। पार्टी के जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी पहले भी कह चुके हैं कि हम देश की अखंडता के लिए काम करेंगे।’ ’BJP लीडर शुभेंदु अधिकारी जानबूझकर गलत नैरेटिव तैयार करना चाहते हैं कि बंगाल में हिंदू खतरे में है। वे गलत खबर फैलाते हैं, जैसे एक फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती का डायलॉग है- आमी खबर देखी ना, खबर सुनी ना, आमी खुद ही खबर तैयारी करी। हम ये नैरेटिव तोड़ेंगे और विधानसभा चुनाव में 215 से ज्यादा सीटें जीतेंगे।’ वे आगे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में हिंदू खतरे में है, लेकिन वो बांग्लादेशियों की वजह से नहीं बल्कि SIR की वजह से। पश्चिम बंगाल में SIR के नाम पर 58 लाख मतुआ लोगों का नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो चुका है। इसमें कोई भी रोहिंग्या या बांग्लादेशी नहीं मिला है।’ BJP: ममता बनर्जी गाजा के लिए बोलती हैं, हिंदुओं के लिए नहींBJP प्रवक्ता ज्योति चटर्जी का कहना है, ‘बांग्लादेश में बंगाली हिंदुओं की संख्या बहुत कम हो गई है। आने वाले समय में बंगाली हिंदू खत्म हो जाएंगे। दीपू दास की तरह बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाप-बेटे को मार दिया। बांग्लादेश और बंगाल दोनों जगह बंगाली हिंदुओं की भाषा और कल्चर खत्म किया जा रहा है।‘ ‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गाजा के लिए बोलती हैं, लेकिन हिंदुओं के लिए आवाज नहीं उठातीं। आने वाले वक्त में हम सब दीपू दास बन जाएंगे। हमारी संख्या घट रही है। जहां संख्या घटी, वहां हम पीड़ित हुए। हिंदू जाग रहा है और ये चुनाव का सवाल नहीं है। ये बंगाली हिंदुओं के अस्तित्व का सवाल है।‘ पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी मुस्लिम आ रहे हैं। डेमोग्राफी बदल रही है। यहां बांग्लादेशी मुस्लिमों के लिए अचानक गुलशन कॉलोनी बन गई। मुस्लिमों का फर्टिलिटी रेट ज्यादा है। वो पर्सेंटेज में बढ़ रहे है और बंगाली हिंदू की संख्या घट रही है। ‘बांग्लादेश में बंटवारे के वक्त वहां 22% और भारत में 79.2% बंगाली हिंदू थे। अब बांग्लादेश में 6% और 2011 की जनगणना के अनुसार बंगाल में 70.5% हैं। राज्य में बंगाली हिंदू मेजॉरिटी में हैं, लेकिन जिन जगहों पर माइनॉरिटी में हैं, वहां प्रताड़ित किए जा रहे हैं। मुर्शिदाबाद में बंगाली हिंदू पुलिस को कॉल करते हैं, तो पुलिस टाइम पर आती ही नहीं है।’ ’अगर यहां ममता बनर्जी फिर चुनकर आईं तो बंगाली हिंदू नहीं बचेंगे। पूरे बंगाल में मुर्शिदाबाद जैसे हालत हो जाएंगे। यहां चिकन नेक है और ये बॉर्डर स्टेट भी है। ऐसे में देश की सिक्योरिटी के लिए पश्चिम बंगाल में BJP का आना जरूरी है। अगर ये गलत हाथों में गया तो देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।’ एक्सपर्ट बोले- टारगेट पर अल्पसंख्यक, हिंदू वोटर एकजुट हो रहापॉलिटिकल एक्सपर्ट मैनाक पुटाटुंडा कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव मार्च 2026 के आसपास हो सकते हैं। इसे लेकर यहां सियासी हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। TMC लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। BJP भी सत्ता पाने के लिए जोर लगा रही है। बांग्लादेश में हो रही हिंसा और घटनाओं का असर भी पश्चिम बंगाल की राजनीति पर पड़ रहा है।‘ ‘बांग्लादेश में दीपू दास की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है। बांग्लादेश में कुछ राजनीतिक पार्टियां अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हमलों को सीधे तौर पर न सही, लेकिन बढ़ावा देती दिख रही हैं। इन सबके नतीजे पश्चिम बंगाल में भी दिखेंगे। यहां धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण होना तय है। बांग्लादेश में हो रही घटनाओं की वजह से पश्चिम बंगाल में हिंदू वोटर एकजुट हो सकते हैं।‘ यदि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के वोटिंग के आंकड़ों का एनालिसिस करें, तो साफ होता है कि पश्चिम बंगाल में दो प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच वोट पर्सेंट का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है। ऐसी स्थिति में अगर BJP के कोर वोट बैंक में महज 5 से 7% का भी इजाफा होता है, तो सत्ता संतुलन प्रभावित हो सकता है। 'अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अहम, ये सियासी मुद्दा नहीं'पूर्व TMC लीडर और जादवपुर यूनिवर्सिटी के VC ओमप्रकाश मिश्रा कहते हैं, ‘भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान ही नहीं, दुनिया के कई देशों में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न होता रहा है। बांग्लादेश में जो दीपू दास के साथ हुआ, वो बहुत शर्मनाक है। इन घटनाओं का बांग्लादेश की सिविल सोसाइटी भी खुलकर विरोध कर रही है और भारत में भी विरोध किया गया। भारत हो या बांग्लादेश, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अहम मुद्दा है।‘ पश्चिम बंगाल में हिंदू की सुरक्षा के बारे में पूछने पर वे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में सभी मिल-जुलकर रहते हैं। यहां किसी तरह की कम्युनिटी के लिए असुरक्षा की स्थिति नहीं है। ये बात बार-बार साबित हो चुकी है। कुछ लोग इसे मुद्दा उठाकर सियासी फायदा लेने की कोशिश करते हैं।‘ ‘बाकी राज्यों में ऐसी राजनीति करके भले फायदा मिल सकता है, लेकिन पश्चिम बंगाल में ये नहीं चल पाएगी। यहां धर्म के आधार पर राजनीति करने वाला व्यक्ति या पार्टी खुद ही पिछड़ जाएगी। BJP समर्थक ये दावा करते हैं कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी या रोहिंग्या रह रहे हैं। अगर ऐसा है तो उन्हें इसका जवाब देश के गृह मंत्री अमित शाह से मांगना चाहिए क्योंकि देश की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है।’ 'बांग्लादेश में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे, इसका असर पश्चिम बंगाल में पड़ेगा'BJP के राज्यसभा सदस्य स्वपन दासगुप्ता कहते हैं, ‘उस्मान हादी की मौत के बाद वहां के स्टूडेंट रेवोल्यूशनरी सरकार बनाना चाहते थे। वहां हिंदुओं को टारगेट किया जा रहा है। बांग्लादेश का माहौल 1971 के मुक्ति संग्राम के उलट है। अभी वहां पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं। इसका असर पश्चिम बंगाल पर तो पड़ेगा ही।‘ ‘बांग्लादेश में हुए हिंदुओं के कत्लेआम का बंगाल से सीधा तो नहीं, लेकिन इमोशनली कनेक्शन है। बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कुछ करना चाहिए। BJP ये मुद्दा पहले से उठा रही है। SIR में रोहिंग्याओं और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ पहले से माहौल बना हुआ है। इसके खिलाफ भी हम 10-15 साल से लगातार आवाज उठा रहे हैं। ये दोनों हमारे लिए भी अहम मुद्दे हैं।‘ ‘पश्चिम बंगाल के हिंदुओं में इन सबको लेकर इनसिक्योरिटी है। लोग मानते हैं कि ये सब ममता बनर्जी के तुष्टीकरण के लिए हुआ है। कोई मुद्दा बनाया नहीं जा सकता, जब तक वो जनता के दिल से नहीं आता। पिछले पांच साल में हिंदुओं में इनसिक्योरिटी बढ़ी है, जिसका असर आने वाले चुनाव में दिखेगा।’...................... ये खबर भी पढ़ें... नीतीश ने हिजाब खींचा, पति ने नुसरत को कोलकाता भेजा ‘जब नीतीश कुमार ने नकाब खींचा, तो समझ नहीं आया कौन, कहां से मुझे खींच लेगा। वहां सब हंसने लगे थे। इतना कुछ पहले हो गया था, न जाने और क्या करते। मैं जल्दी-जल्दी वहां से निकली, ताकि मुझे कोई देख न ले। थोड़ी देर बाद दोबारा वहां गई अपॉइंटमेंट लेटर फाड़कर फेंकने, लेकिन तब तक सब जा चुके थे।’ नुसरत परवीन ने ये आपबीती भाई बबलू को सुनाई थी। पढ़िए पूरी खबर...
वेदांता संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश का न्यूयॉर्क में निधन
वेदांता कंपनी के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल (49) का न्यूयॉर्क में बुधवार को एक दुर्घटना में निधन हो गया
यूएस सेना ने दावा किया है कि उसने रूसी झंडे वाले एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है, जिसका नाम बेला-1 बताया गया है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह वही टैंकर है, जो वेनेजुएला से तेल की अवैध ढुलाई से जुड़ा हुआ था और अमेरिकी निगरानी से बचकर भागने में कामयाब हो गया था.
अमेरिका की बड़ी कार्रवाई : रूसी तेल टैंकर मैरिनो जब्त
संयुक्त राज्य अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर मैरिनो को जब्त कर लिया है
US New VISA Policy for Indian Student: अमेरिकी दूतावास की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब बड़ी संख्या में भारतीय छात्र हर साल अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं, और वीज़ा नियमों को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनती रहती है. दूतावास का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और कानूनी स्थिति सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है, लेकिन इसके लिए छात्रों का सहयोग और नियमों का पालन जरूरी है.
PM Modi-Netanyahu Phone Call: भारतीय पीएम मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बुधवार 7 जनवरी 2026 को फोन पर बातचीत हुई. डामाडोल से गुजर रही वैश्विक राजनीति के बीच आखिर यह फोन कॉल क्या संदेश देना चाहती है?
The Fall Of Maduro: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया का एक AI वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि मादुरो को कैसे अमेरिका के सैनिको ने अपने कब्जे में लिया था.
LIVE: 7 जनवरी की बड़ी खबरें और अपडेट्स
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Bangladesh Violence: बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं के साथ हो रही हिंसा के बीच एक और नया मामला देखने को मिला है. यहां चोरी के आरोप में एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी.
Berlin power outage: बर्लिन में वामपंथी आतंकवादी हमले के कारण हजारों घरों और कारोबारों में बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों को ठंड और अंधेरे का सामना करना पड़ा है. प्रभावित पावर ग्रिड की मरम्मत जारी है और जर्मन अधिकारी आतंकवादी गतिविधियों की जांच कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले संसदीय चुनावों की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों को वहां नहीं भेजेगा
पाकिस्तान की समस्या बलोच प्रतिरोध से नहीं, पहचान से है: मानवाधिकार कार्यकर्ता
मानवाधिकार कार्यकर्ता और बलोच यकजाहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता सम्मी दीन बलोच ने कहा है कि पाकिस्तान बलोच लोगों को एक आबादी के रूप में नहीं, बल्कि दुश्मन के तौर पर देखता है
वेनेजुएला से अमेरिका को मिलेगा 50 मिलियन बैरल तेल : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 मिलियन से 50 मिलियन बैरल प्रतिबंधित तेल सौंपेगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार 3 से 5 करोड़ बैरल तेल अमेरिका को सौंपेगी. यह तेल बाजार भाव पर बेचा जाएगा और कमाई का पैसा ट्रंप खुद कंट्रोल करेंगे, ट्रंप का यह ऐलान निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद आया है.
मादुरो के बाद अब उनके सबसे वफादार पर ट्रंप की टेढ़ी नजर, कहा,'...आपका भी यही हाल होगा'
Donald Trump: वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अमेरिका ने गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद दुनिया भर में इसकी चर्चा हो रही है. अब ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के हार्डलाइन इंटीरियर मिनिस्टर को नोटिस दिया है. जानिए उन्हें क्या चेतावनी दी गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की जिद फिर दोहरा दी है. व्हाइट हाउस ने साफ कहा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है और जरूरत पड़ी तो मिलिट्री ऑप्शन भी खुला है. वेनेजुएला के बाद ट्रंप की इस नई रणनीति ने डेनमार्क और NATO देशों में खलबली मचा दी है.
मोदी मुझसे खुश नहीं हैं... अब भारत के बारे में क्या बोले ट्रंप, एक दिन पहले दी थी टैरिफ की धमकी
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी मुझसे खुश नहीं है. ऐसा उन्होंने क्यों कहा है आइए जानते हैं.
Donald Trumps speech: डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में नरेंद्र मोदी, निकोलस मादुरो और इमैनुएल मैक्रों को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं, दुनिया भर की राजनीति में हलचल मचा दी है.
तारीख: 17 दिसंबर, जगह: यूपी का गाजियाबादराज नगर एक्सटेंशन में रहने वाली दीपशिखा किरायेदार अजय गुप्ता के यहां किराया मांगने पहुंचीं। उनका करीब 90 हजार रुपए किराया बाकी था। इस पर पहले झगड़ा भी हो चुका था। इसी गुस्से में अजय और उसकी पत्नी आकृति ने दीपशिखा का गला घोंटकर मर्डर किया और लाश के टुकड़े करके सूटकेस में भर दिए। उसे फेंकने जा रहे थे, लेकिन पकड़े गए। अजय ट्रांसपोर्टर और आकृति हाउस वाइफ है। ये अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ साल में मर्डर के बाद लाश के टुकड़े करने का पैटर्न सामने आया है। मार्च, 2025 में मेरठ के रहने वाले सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई। आरोप सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल पर है। दोनों ने डेड बॉडी के 20 टुकड़े किए और ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट भर दिया। दिल्ली में मई 2022 में हुआ श्रद्धा वालकर हत्याकांड भी इतना ही भयानक था। लिव इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला ने श्रद्धा को गला दबाकर मार दिया, फिर 10 घंटे तक बाथरूम में शावर चलाकर उसकी लाश के टुकड़े करता रहा। फिर 35 टुकड़ों को धोया और पॉलिथीन में भरकर फ्रिज में रख दिया। आरोप ये भी है कि आफताब 18 दिन तक महरौली के जंगल में टुकड़े फेंकता रहा। इसी तरह तेलंगाना में सेना से रिटायर्ड गुरुमूर्ति ने पत्नी माधवी की हत्या कर दी। लाश के टुकड़े किए और प्रेशर कुकर में उबालकर झील में फेंक दिए। इन मामलों में मर्डर करने वाले अपराधी या गैंगस्टर नहीं, बल्कि आम लोग हैं। कोई पड़ोसी, करीबी या रिश्तेदार। आखिर सामान्य लोग इतने बेरहम कैसे हो जाते हैं। साइकोलॉजिकल स्टडी और एक्सपर्ट के हवाले से समझिए पूरी कहानी। लाश के टुकड़े क्यों, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने बताईं वजहकोई इंसान मर्डर के बाद लाश के साथ इतनी क्रूरता क्यों करता है, इसे समझने के लिए 2012 में एक स्टडी की गई थी। फिनलैंड की रिसर्चर्स हेलिना और एइला ने 'जर्नल ऑफ फोरेंसिक साइंसेज' के नाम से रिसर्च पेपर पब्लिश किया था। इसमें डेडबॉडी को काटने या टुकड़े करने के पीछे 5 मकसद बताए गए। 1. खुद को बचाने के लिएअपराधी का मकसद क्रूरता करना नहीं, बल्कि खुद को बचाना होता है। वह लाश को काटता है, ताकि उसे सूटकेस या बैग में छिपाकर आसानी से ठिकाने लगा सके। हालिया मामलों में यही वजह सबसे ज्यादा सामने आई है। 2. गुस्से या नफरत की वजह सेमर्डर करने वाले के मन में मरने वाले के लिए बहुत ज्यादा नफरत हो। वह हत्या के बाद गुस्सा शांत करने के लिए डेडबॉडी को नुकसान पहुंचाता है। 3. सेक्शुअल डेविएशन या यौन विकृति यह गंभीर मानसिक बीमारी है। इसमें अपराधी फैंटेसी के लिए शरीर के अंगों को काटता है। 4. मानसिक विक्षिप्तता हत्यारा पूरी तरह मानसिक संतुलन खो चुका हो और उसे एहसास ही न हो कि वह क्या कर रहा है। 5. किसी को मैसेज देनागिरोह या अंडरवर्ल्ड में किसी को खौफजदा करने या मैसेज देने के लिए लाश के साथ वीभत्स बर्ताव किया जाता है। आम आदमी के हैवान बनने के 4 बड़े कारणनेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो यानी NCRB के मुताबिक 2025 में भारत में हत्या के 27,300 केस सामने आए। हालांकि कितने केस में शव के टुकड़े किए गए, रिकॉर्ड में इसकी जानकारी नहीं है। हत्या के बाद बॉडी के टुकड़े करने के पीछे क्या वजह होती है, इस पर हमने AIIMS के पूर्व डायरेक्टर और फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. तीरथ दास डोगरा, साइकियाट्रिस्ट डॉ. नाहिद दवे, साइकॉलोजिस्ट हिमानी कुलकर्णी और सर गंगाराम अस्पताल में साइकियाट्रिस्ट डॉ. राजीव मेहता से बात की। एक्सपर्ट्स की बातचीत से चार फैक्टर समझ आए। 1. दूसरों के दुख-दर्द से मतलब न रखनाAIIMS के पूर्व डायरेक्टर तीरथ दास डोगरा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर आरुषि हत्याकांड जैसे केस में पोस्टमॉर्टम किया है। वे निठारी केस में फोरेंसिक एक्सपर्ट के तौर पर जांच में जुड़े थे। डॉ. डोगरा लोगों में संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों की कमी को ऐसे अपराधों के लिए जिम्मेदार मानते हैं। वे कहते हैं, ‘आबादी बढ़ने के साथ नैतिक मूल्य बदल रहे हैं। इससे लोगों में क्रूरता बढ़ी है। पहले घर, परिवार और स्कूलों में मूल्यों की शिक्षा दी जाती थी। इससे लोगों में सहानुभूति और सहनशीलता बनी रहती थी।’ डॉ. डोगरा आगे बताते हैं कि अब लोगों को सिखाया जाता है कि तुम अपनी चिंता करो, दूसरों की नहीं। इससे इंसान अलग-थलग पड़ जाता है। दूसरों का दर्द महसूस नहीं कर पाता। लोगों में अहंकार और स्वार्थ हावी हो जाता है। भारत में यही हो रहा है। लोग अब अपने बारे में ज्यादा सोचते हैं। कम ही लोगों को चिंता है कि उनकी वजह से दूसरों पर क्या असर होगा। अपनी बात समझाने के लिए डॉ. डोगरा एक उदाहरण देते हैं। वे बताते हैं कि AIIMS में मॉर्च्युरी का बेसमेंट रेडियोलॉजी और इमरजेंसी डिपार्टमेंट के पास था। किसी की मौत होने पर डेडबॉडी के साथ 500 तक लोग आ जाते थे। पूरा गलियारा भर जाता था। अब ऐसा नहीं होता। 2. जल्दी आपा खो देनासाइकियाट्रिस्ट डॉ. नाहिद दवे कहती हैं, ‘फ्रंटियर ऑफ साइकोलॉजी जर्नल में छपी एक रिपोर्ट बताती है कि लोगों में इंपल्सिविटी बढ़ी है। वे जल्दी आपा खो देते हैं। दूर के नतीजों की बजाय हालिया फायदे-नुकसान के बारे में सोचकर काम करते हैं। इससे बर्दाश्त करने की क्षमता कम हो गई है। इससे कुछ भी करते वक्त अब बर्दाश्त नहीं करूंगा वाली मानसिकता हावी हो जाती है। कुछ लोगों को क्राइम करने पर पछतावा नहीं होता। इससे अपराध करना आसान हो जाता है।’ बिना क्रिमिनल हिस्ट्री वाले लोग भी मर्डर करने के बाद लाश के टुकड़े करने की हिम्मत कैसे जुटा लेते हैं? इसका जवाब साइकोलॉजिस्ट हिमानी कुलकर्णी देती हैं। हिमानी आठ साल से दिल्ली में युवाओं की मेंटल हेल्थ पर काम कर रही हैं। वे कहती हैं, ‘लोग एक दिन में अपराधी नहीं बनते। छोटी-छोटी घटनाएं उन हालात तक पहुंचाती हैं। जघन्य अपराध के वक्त इंसान में भरा गुस्सा बाहर निकलता है। इसके पीछे परिवार की समस्याएं, नौकरी या दूसरी वजह हो सकती हैं।’ हिमानी मानती हैं कि ऐसे अपराध ‘इमोशनल ट्रिगर' यानी किसी बात के चुभ जाने से होते हैं। अपराधी खुद को सही ठहराते हैं कि वे गलत नहीं हैं। अपराध करने वाले को वही आखिरी रास्ता लगने लगता है। ऐसे में अपराधी लाश के टुकड़े-टुकड़े तक कर देते हैं। 3. कहीं और का गुस्सा दूसरी जगह निकलनादिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में साइकियाट्रिस्ट डॉ. राजीव मेहता कहते हैं कि बड़े स्तर पर देखा जाए तो ये समस्या निजी नहीं, बल्कि समाज से जुड़ी है। रेपिस्ट जेल से छूट रहे हैं। काम की कमी और करप्शन से लोगों के अंदर हताशा बढ़ी है। लोग देख रहे हैं कि ताकतवर लोग कुछ भी कर रहे हैं। यह समाज को अशांति की ओर ले जा रहा है। कहीं और का गुस्सा दूसरी जगह निकल जाता है। गाजियाबाद केस का जिक्र कर डॉ. राजीव बताते हैं, ‘आरोपियों ने 5 महीने से किराया नहीं दिया था। फिर मकान मालकिन को काटकर सूटकेस में भर दिया। आरोपी पति-पत्नी का कहना है कि बीमारी की वजह से किराया नहीं दे रहे थे। किराया मांगने पर इतना बड़ा विवाद नहीं होता। इस केस में पैसे की तंगी का गुस्सा था, जो उस समय मकान मालकिन दीपशिखा पर निकला।’ 4. इंटरनेट और फिल्मों की नकलहिमानी सोशल मीडिया पर क्राइम में मदद करने वाली जानकारी आसानी से मिलने पर चिंता जताती हैं। श्रद्धा वालकर केस में पता चला कि आरोपी आफताब ने वेब सीरीज से बॉडी के टुकड़े करने का आइडिया लिया था। लोगों में संवेदनशीलता कम होने के पीछे डॉ. नाहिद सोशल मीडिया की लत को जिम्मेदार मानती हैं। वे कहती हैं कि सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाला लगभग हर शख्स डूम स्क्रॉलिंग करता है। डॉ. नाहिद इसे समझाते हुए बताती हैं, ‘हम एक रील दुख के भाव की देखते हैं। 20 से 30 सेकेंड बाद फिर तुरंत खुशी या कोई दूसरे भाव की रील आ जाती है। इससे इंसान के दिमाग की आदत ज्यादा देर तक एक भावना पर टिकने वाली नहीं रह जाती। फिर हीनियस क्राइम करते हुए भी इंसान ज्यादा गिल्ट महसूस नहीं करता है।’ ‘फिल्मों में जरूरत से ज्यादा हिंसा दिखाना खतरनाक’डॉ. नाहिद कहती हैं कि हिंसा से भरे वीडियो गेम और फिल्में बहुत आम हैं। पहली बार खून या हिंसा देखने पर इंसान असहज होता है, लेकिन लगातार ये देखने से यह सामान्य लगने लगता है। दिमाग के मिरर न्यूरॉन्स आसपास चल रही चीजों की नकल करते हैं। ब्लड फोबिया यानी खून का डर भी धीरे-धीरे दूर हो जाता है।’ श्रद्धा वालकर केस के आरोपी आफताब पूनावाला ने पुलिस को दिए बयान में माना था कि वह क्राइम बेस्ड अमेरिकन सीरीज डेक्सटर देखता था। इस सीरीज में लाश के टुकड़े करने के सीन दिखाए गए हैं। ‘खबरों को सनसनी बनाकर दिखाने से उन्माद बढ़ रहा’फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. डोगरा कहते हैं कि ऐसी घटनाएं नई नहीं हैं। अपने करियर के दौरान मैंने ऐसे कई मामले संभाले हैं। आरुषि केस, निठारी कांड, श्रद्धा वालकर या ऐसी ही हालिया घटनाओं को देखें तो रिपोर्टिंग करते हुए मीडिया भी असंवेदनशील हो जाता है। खबर को सनसनी बनाकर दिखाने से लोगों में उन्माद बढ़ता है। लगातार मीडिया में आ रही सनसनीखेज खबरें संवेदनशीलता को धीरे-धीरे कम कर देती हैं। इससे अपराधी हिंसा को आम मानने लगता है। इस पर एक्सपर्ट लोरेन कोलमैन की स्टडी कहती है कि किसी अपराधी की नकल करके हत्या करना यानी कॉपी कैट मर्डर असल में होता है। मीडिया ऐसी खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर बार-बार दिखाता है, तो यह बीमारी की तरह फैलता है और लोग इसे देखकर वैसे ही अपराध दोहराने लगते हैं। जरूरी है कि मीडिया अपराध की रिपोर्टिंग करते वक्त उसे सनसनी बनाने के बजाय चेतावनी के तौर पर पेश करे। ....................... ये रिपोर्ट भी पढ़ेंप्रेग्नेंट बेटी के पेट पर रॉड, सिर पर कुल्हाड़ी मारी, शादी के 6 महीने बाद मर्डर कर्नाटक के इनाम वीरापुर गांव में रहने वाले विवेकानंद की जिंदगी 22 दिसंबर के बाद पूरी तरह बदल गई। उनकी पत्नी मान्या की घर में ही हत्या कर दी गई। 20 साल की मान्या प्रेग्नेंट थीं। हत्या का आरोप मान्या के पिता पर है। विवेकानंद दलित हैं, जबकि मान्या लिंगायत समुदाय से थीं। दोनों ने 6 महीने पहले ही शादी की थी। पढ़िए पूरी खबर...
DNA: अमेरिकी अदालत से मादुरो को बरी कराएंगे वकील जे.पोलक! विकीलीक्स फाउंडर को कराया था 'आजाद'
DNA: खामेनेई ट्रंप की धमकियों का जवाब तेहरान में बैठकर दे रहे हैं और निकोलस मादुरो अमेरिका की अदालत में खड़े होकर ट्रंप को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. दरअसल अमेरिका अपनी न्याय प्रणाली को सबसे निष्पक्ष बताता है. अब उसी का सहारा लेकर मादुरो अमेरिका में खुद को बेगुनाह साबित करने में लगे हैं. गिरफ्तारी के बाद मादुरो को पहली बार न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट में पेश किया गया. जहां उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया. कोर्ट में पेशी के दौरान क्या-क्या हुआ. मादुरो की तरफ से केस लड़ने वाला वकील कौन है?.
DNA: 21वीं सदी में 'हिटलर रिटर्न्स'! क्यों हो रही ट्रंप और जर्मन तानाशाह की तुलना?
Donald Trump & Hitler:सोशल मीडिया पर कोई कह रहा है कि जिस तरह हिटलर ने 1930 में पूरी दुनिया को अस्थिर कर दिया था, ठीक उसी तरह ट्रंप भी 21वीं सदी की दुनिया को अस्थिर कर रहे हैं. कहने वाले तो ये तक कह रहे हैं कि ट्रंप सिर्फ नाम के रिपब्लिकन हैं, उनकी असली तासीर तो हिटलर का फासीवाद है.
DNA: 72 घंटे बाद विश्वयुद्ध की शुरुआत! चीन, रूस और इंडोनेशिया ने दक्षिण अफ्रीका में निकाले अस्त्र
DNA: आज सबसे पहले हम दुनिया के सामने सबसे बड़े खतरे को लेकर बात करेंगे. ऐसे समय में जब अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को रोकना, दुनिया के लिए मुश्किल हो रहा है. तब एक नए विश्वयुद्ध की आहट सुनाई पड़ रही है. आज आपको पता चलेगा अब से ठीक 72 घंटे बाद कैसे दुनिया एक नए विश्वयुद्ध की चिंगारी देखने जा रही है. आज आप जानेंगे रूस और चीन ने कैसे ईरान के लिए अपने अपने हथियार उतार दिये हैं.
फिलीपींस में मेयोन ज्वालामुखी के अलर्ट का स्तर लेवल-3 पर पहुंचा
फिलीपींस के ज्वालामुखी वैज्ञानिकों ने मंगलवार को लूजोन द्वीप पर अल्बे प्रांत में मेयोन ज्वालामुखी के अलर्ट का स्तर बढ़ाकर अलर्ट लेवल 3 कर दिया
US-Venezuela Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत पर लेने के बाद बयान जारी किया है. उन्होंने राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए अपने देश के हथियारों की तारीफ की.
क्या ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे के प्लान पर लगेगा पलीता? टेंशन में यूरोप, 7 देशों का आया बयान
European Countries Joint Statement On Greenland: ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड पर दिए गए बयान ने यूरोप में चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में यूरोपीय देशों ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है.
Manohara Odelia: शादी के एक साल बाद वो शाही यात्रा के दौरान 2009 में सिंगापुर के होटल से भाग गई, जिसके बाद वो अपनी मां और अमेरिकी दूतावास की मदद से इंडोनेशिया लौट पाने में सफल हो पाई.
Anonymous gambler: शुक्रवार की दोपहर तक मादुरो के सत्ता से बाहर होने की संभावना सिर्फ 6.5 प्रतिशत ही मानी जा रही थी. जिसके बाद ये आधी रात तक बढ़कर 11 प्रतिशत तक चली गई. लेकिन शनिवार को सुबह के वक्त ये संभावना अचानक बहुत तेजी से बढ़ने लगी. ये सटीक वो समय था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर मादुरो के अमेरिकी हिरासत में होने को लेकर जानकारी दी थी.
DNA: वेनेजुएला में एक और 'तख्तापलट' होगा? ट्रंप के प्लान B के खिलाफ पक्ष-विपक्ष एकजुट!
वेनेजुएला के राष्ट्रपति का अपहरण करने के बाद प्रेसिडेंट ट्रंप की अराजकता लगातार बढ़ रही है ये सच है, लेकिन सवाल है, क्या मादुरो को उठाकर ले जाने के बाद वेनेजुएला पर क्या ट्रंप का पूरी तरह से कब्जा हो पाएगा? या फिर वेनेजुएला में एक और तख्तापलट होने वाला है? ये सवाल क्यों उठ रहे हैं, इसका विश्लेषण हम आगे करेंगे .
No women on tickets of 30 partiesIn Bangladesh:बांग्लादेश के आने वाले चुनाव में महिलाओं की हालत देखकर आप सब दंग रह जाएंगे. 51 में से 30 पार्टियों ने एक भी महिला को टिकट ही नहीं दिया है. जबकि कुल उम्मीदवारों में सिर्फ 4.24% महिलाएं है. यह हम नहीं कह रहे आप एक बार चुनाव आयोग का डेटा देख लीजिए.
अमेरिका की वेनेजुएला से युद्ध की कोई मंशा नहीं - ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला के साथ किसी युद्ध में नहीं है और वहां जल्द चुनाव कराने का कोई दबाव भी नहीं डालेगा
ट्रंप का दावा– टैरिफ से अमेरिका को 600 अरब डॉलर की आमदनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि टैरिफ (शुल्क) के जरिए अमेरिका अब तक 600 अरब डॉलर से अधिक की राशि हासिल कर चुका है और आने वाले समय में और भी रकम मिलेगी
दुनिया भर में अपनी सनक, परमाणु धमकियों और सख्त शासन के लिए पहचाने जाने वाले उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग का एक ऐसा रूप दुनिया ने देखा, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया. किम फावड़ा लेकर जमीन खोदते दिखे, वो भी अपनी पत्नी री सोल-जू और बेटी जू-एके साथ. जिसके बाद ये तस्वीरों की खूब चर्चा हो रही है. जानते हैं इन तस्वीरों के पीछे की कहानी.
वेनेजुएला में अमेरिकी दखल, ट्रंप की तेल रणनीति पर उठे सवाल
वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर जो हमले किए और जिस तरह से वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ उठाकर लाया गया
Iran: ईरान में चल रहे आर्थिक विरोध प्रदर्शनों में अब तक 35 लोगों की मौत हो गई है और 1200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. यह जानकारी अमेरिका स्थित मानवाधिकार एजेंसी ने दी.
निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला को लेकर दुनिया में युद्ध की आशंका तेज हो गई है. इसी बीच ट्रंप का बड़ा बयान सामने आ गया है. जानते हैं अगले 30 दिनों की प्लानिंग.
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में सांप्रदायिक तनाव, सीमावर्ती शहर बीरगंज में कर्फ्यू लागू
नेपाल में 2025 के जेनजी आंदोलन के दौरान तख्तापलट के बाद अब 5 मार्च 2026 को आम चुनाव होने जा रहा है। हाल ही में वहां सांप्रदायिक घटनाएं भी देखने को मिलीं
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद अब कोलंबिया और अमेरिका के रिश्तों में भारी तनाव दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने तीखा जवाब दिया है. पेट्रो ने साफ कहा कि उन्होंने हथियार छोड़े हैं, लेकिन चलाना नहीं भूले और जरूरत पड़ी तो देश के लिए जंग तक लड़ेंगे.जानें पूरी कहानी.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति पैलेस में फिर गोलीबारी, खुले में हथियार लेकर घूमते दिखे लोग, देखिए VIDEO
Venezuela: वेनेजुएला की राजधानी काराकास के मिराफ्लोरेस राष्ट्रपति भवन के पास भारी गोलीबारी की खबर आई, जो राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद हुई. सोशल मीडिया पर वीडियो में हथियारबंद सैनिक और बख्तरबंद गाड़ियां दिखीं.
वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो जो अमेरिका में नारको-टेररिज्म के आरोपों में गिरफ्तार हैं, उन्होंने अमेरिका के मशहूर वकील बैरी जे. पोलैक को अपना बचाव करने के लिए नियुक्त किया है. पोलैक ने जूलियन असांजे की रिहाई जैसे बड़े केस जीते हैं. जिनके बारे में बहुत सारी कहानी फेमस है. जानते हैंबैरी पोलैक की कहानी.
Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के साथ 'मेक ईरान ग्रेट अगेन' हैट पर हस्ताक्षर किए. ग्राहम ने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि ट्रम्प ने अमेरिका को मजबूत किया है और ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आशीर्वाद की कामना की.
Nikita Godishala murder case: अमेरिका में रह रही हैदराबाद की युवती निकिता गोदिशाला की हत्या के मामले में पिता ने साफ किया कि आरोपी अर्जुन शर्मा उसका एक्स-बॉयफ्रेंड नहीं, बल्कि पूर्व रूममेट था. परिवार ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और निकिता के शव को भारत लाने की मांग की है, ताकि उसे न्याय मिल सके.
Venezuela Acting President: वेनेजुएला की राजधानी कराकस में सोमवार को डेल्सी रोड्रिगेज ने देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर पद संभाल लिया है. यह शपथ ऐसे समय में हुई है जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिका ने एक सैन्य अभियान के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर न्यूयॉर्क ले जाया था. वहां मादुरो ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया.
DNA: मादुरो से सबक..'खलीफा' का 'EXIT प्लान' लॉक! खामेनेई..ईरान छोड़कर भागेंगे या लड़ेंगे?
khamenei Exit Plan:एक ब्रिटिश अखबार ने इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर के प्लान बी का खुलासा किया है. इस अखबार ने दावा किया है कि खामेनेई के तख्तापलट का काउंटडाउन शुरू हो गया है. ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन और अमेरिकी प्रेशर की वजह से खामेनेई ने ईरान छोड़ने की तैयारी कर ली है.
DNA: सिर्फ दुश्मन नहीं..'दोस्त भी नपेंगे'! ग्रीनलैंड के पास ट्रंप के 'घातक' क्यों तैनात?
Trump Greenland Plan: ट्रंप अब दोस्त से भी दुश्मन जैसा सलूक कर रहे हैं. इस लिस्ट में वेनेजुएला के बाद अब यूरोप के एक इलाके का नंबर आ गया है. इससे पहले क्यूबा, कोलंबिया या ईरान को ट्रंप का अगला टारगेट माना जा रहा था. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के नए एलान ने सहयोगी यूरोपीय देशों को चौंका दिया है.
बांग्लादेश में अभी भी निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के हालात नहीं हैं : जमात-ए-इस्लामी पार्टी
बांग्लादेश में चुनावी सुगबुगाहट तेज होने के बीच राजनीतिक दलों में जारी आंतरिक कलह भी उजागर हो रही है
ताइवान का आरोप– चीन कर रहा सीमा-पार दमन और डिजिटल सत्तावाद
ताइवान सरकार ने चीन पर सीमा-पार दमन (ट्रांसनेशनल रिप्रेशन) का आरोप लगाया है
Nicolas Maduro: मादुरों ने कहा कि मुझे गिरफ्तार किया, लेकिन इसी बीच कोर्ट ने उन्हें बीच में ही रोक दिया. जब मादुरो से आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं निर्दोष हूं, मैं दोषी नहीं हूं, मैं नेक इंसान हूं और अपने देश का राष्ट्रपति हूं.
वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क के मैनहैटन की संघीय अदालत में पेश किया गया. उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस भी उनके साथ रहीं. दोनों पर ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े कई गंभीर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं.
America-Venezuela Tension: दुनियाभर में शांति का ढोल बजाने वाले ट्रंप ने वेनेजुएला में में हमला कर वहां के राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उनकी देखादेखी अन्य कई देश भी अपने दुश्मन देशों के साथ इस तरह की हरकत को अंजाम दे सकते हैं.
अमेरिका पर फूटा चीन का गुस्सा, विदेश मंत्री बोले- 'एक देश दुनिया का जज होने का दावा नहीं कर सकता'
वेनेजुएला में अमेरिका के हमले और पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने को लेकर चीन भड़का हुआ है
बलूचिस्तान में आईईडी धमाका : 1 की मौत, 16 घायल
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के पंजगुर जिले में सोमवार को हुए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए
Tears behavior in space: शोधकर्ताओं का मानना है कि गुरुत्वाकर्षण नहीं होने के चलते आंसू आंख के आसपास जम जाते हैं और बहने की बजाय फैल जाते हैं. इसके चलते ऐसा एहसास होता है, जैसे वो फिलिंग से ज्यादा फिजिकल हैं.क्योंकि, आंसू एक पतली और गोल परत बनाते हैं जो गिरती नहीं है, पलकें झपकाने का भी कोई फायदा नहीं मिलता.
अमेरिका की न्यूयॉर्क कोर्ट में मादुरो पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग्स तस्करी के गंभीर आरोपों को लेकर केस चलाया जाएगा. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मादुरो हथकड़ी पहने और न्यूयॉर्क के मैनहट्टन कोर्ट हाउस में जाते हुए दिखाई दे रहे हैं.
Hindu Woman Physically Assaulted In Bangladesh: बांग्लादेश में 2 पुरुषों ने एक विधवा महिला के साथ दुष्कर्म किया और उसे पेड़ से बांधकर बाल काट दिए.
Trump Warnings: वेनेजुएला के बाद ट्रंप ने मेक्सिको, क्यूबा, कोलंबिया सहित अपने साथी देश रहे डेनमार्क और ग्रीन लैंड को भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दे दी है. एक तरह से ट्रंप ने इन सभी देशों को अपने निशाने पर रखा है.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के घर पर पत्थरों से हमला, टूटीं घर की खिड़कियां, एक आरोपी गिरफ्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस के घर पर हमले के बाद सीक्रेट सर्विस और लोकल पुलिस ने इस हमले पर तुरंत कार्रवाई की. सोमवार तड़के सीक्रेट सर्विस के एजेंट ईस्ट वॉलनट हिल्स स्थित घर पहुंचे और एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है.
Bangladesh Hindu Exploitation:बांग्लादेश में 4 हिंदुओं की हत्या के बाग महिला हिंदू जिला कमिश्नर को जमात-ए-इस्लामी उम्मीदवार का नॉमिनेशन रद्द करने के बाद सांप्रदायिक गालियों और धमकियों का सामना करना पड़ा है. इस घटनाक्रम से पता चलता है कि ढाका के तख्त पर बैठकर अंतरिम सरकार चला रहे कट्टरपंथियों के आका मोहम्मद यूनुस के राज में हिंदुओं की हालत कितनी दयनीय हो गई है.
Labyrinth Found Under Peru Temple: पेरू में आर्कियोलॉजिस्ट को इंका सूर्य मंदिर के नीचे एक टनल सिस्टम मिला है. इसको लेकर वहां पहले से ही कई मान्यताएं और लोककथाएं प्रचलित थीं.
Nepal Hindu Protest: दोपहर एक बजे से बीरगंज महानगर में जिला प्रशासन द्वारा कर्फ्यू के आदेश जारी किए जाने के बावजूद, हिंदुओं ने प्रतिबंधित क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन जारी रखा. प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की.
राष्ट्रपति को उठवा लिया, अब वेनेजुएला में विपक्ष के साथ कौन सा खेला करेंगे ट्रंप? इनसाइड स्टोरी
सेना को भेजकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति को सोते समय उठवाना कोई साधारण घटना नहीं है. पूरी दुनिया आशंकित है. भारत ने बिल्कुल सधी हुई प्रतिक्रिया दी है. सवाल यह है कि अब राष्ट्रपति को उठवाने के बाद अमेरिका का अगला कदम क्या है? हां, क्योंकि उसने हजारों सैनिकों को थोड़ी दूर पर तैनात कर रखा है.
भारत पर और बढ़ेगा अमेरिकी टैरिफ! ट्रंप ने दी धमकी, कहा- PM मोदी ने मुझे खुश करने की कोशिश की
trump on ind-russia oil trade: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को चेतावनी दी कि अगर रूस से तेल के मामले में सहयोग नहीं किया तो टैरिफ बढ़ सकते हैं. इससे भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई चुनौती पैदा हो सकती है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज करेगी आपात बैठक, मादुरो गिरफ्तारी पर वैश्विक चिंता
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के एक दिन बाद रविवार को अमेरिका के अधिकारियों ने यहां एक हिरासत केंद्र में मादुरो से पूछताछ शुरू की
ट्रंप के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीवन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने X पर ग्रीनलैंड का मैप अमेरिकी झंडे से ढककर 'SOON' कैप्शन दिया है.ये पोस्ट वेनेजुएला पर अमेरिकी ऑपरेशन के बाद आई है. जिसके बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है, अब सबकी नजर इस बात पर है कि आखिर निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद अब अमेरिका किस देश पर हमला करने जा रहा है.
अमेरिका में भारतीय महिला की बेरहमी से हत्या, 'लापता' बताकर भारत भाग आया एक्स-बॉयफ्रेंड
Nikita Godishala murder: अमेरिका में 27 वर्षीय भारतीय महिला निकिता गोदीशाला की हत्या कर उनके पूर्व प्रेमी अर्जुन शर्मा के भारत भागने के बाद अंतरराष्ट्रीय लेवल पर तलाश शुरू की गई है.
वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई से आक्रोश, सड़कों पर उतरे लोग
अमेरिका ने शनिवार को जिस तरह से वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई की और उसके नेता को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया
'15 हजार सैनिकों ने ली पोजीशन...' ट्रंप की वेनेजुएला पर एक और स्ट्राइक की चेतावनी
वेनेजुएला पर अमेरिकी ऐक्शन अभी थमा नहीं है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी की बात नहीं मानी गई तो हम दूसरी स्ट्राइक के लिए तैयार हैं.
trump welfare list: ट्रंप ने हाल में ही एक वेलफेयर लिस्ट निकाली है जिसमें उन देशों के नाम है जहां के नागरिक अमेरिका में सरकारी मदद पर निर्भर रहने का काम करते हैं. लेकिन इस वेलफेयर लिस्ट में भारत का नाम नहीं है.
Maduro fort before and after Satellite pics:वेनेजुएला में जो हुआ वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं है.अमेरिका ने रातोंरात हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से पकड़ लिया और फोर्ट टिउना को तबाह कर दिया. ये वेनेजुएला का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस है, जिसे मदुरो का 'किला' कहा जाता था. अब सैटेलाइट तस्वीरें सामने आईं हैं, जो दिखा रही हैं कि हमले से पहले ये जगह कितनी मजबूत थी और बाद में कितनी बर्बाद हो गई.
वेनेजुएला पर हुकूमत करेगा अमेरिका...? अब ट्रंप ने लिया यूटर्न, कहा- हमारे कब्जे का इरादा नहीं है
US action against Venezuela: अमेरिकी कार्रवाई और ट्रंप के बयान के बाद वेनेजुएला को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है, हालांकि अमेरिका ने फिलहाल कब्जे से इनकार किया है. अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद दबाव बनाकर सही राजनीतिक बदलाव कराना है, न कि वेनेजुएला पर सीधे शासन करना.
12 साल पहले 239 पैसेंजर्स के साथ गायब हुए MH370 विमान की गुत्थी सुलझ सकती है। 31 दिसंबर 2025 से दुनिया का सबसे महंगा सर्च ऑपरेशन फिर शुरू हुआ है। मलेशिया की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के मुताबिक नए तरीके से प्लेन की लोकेशन का अंदाजा लगाया गया है। अमेरिकी प्राइवेट कंपनी ओशन इन्फिनिटी ने कहा है कि प्लेन खोजने के बाद ही वो 630 करोड़ रुपए फीस लेगी, पहले नहीं। मंडे मेगा स्टोरी में MH-370 फ्लाइट की मिस्ट्री और इसके सर्च ऑपरेशन से जुड़ी पूरी कहानी… आखिर MH-370 प्लेन के साथ क्या हुआ, सटीक जवाब किसी को नहीं पता। 6 बड़ी थ्योरीज चलती हैं… **** ग्राफिक्स: द्रगचन्द्र भुर्जी और अजीत सिंह ------ ये स्टोरी भी पढ़िए... सुनसान रेगिस्तान में क्या छिपा रहा है चीन:सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा अमेरिका जैसा वॉरशिप, भारत से सिर्फ 300 किमी दूर; जानिए पूरी कहानी चीन का सुनसान टकलामकान रेगिस्तान, जहां दूर-दूर तक पानी का नामो-निशान नहीं। रेत के बीच कुछ वॉरशिप तैनात दिखे हैं। सैटेलाइट इमेज में यहां रेलवे लाइन, रनवे और नौसेनिक अड्डा तक दिखाई दिया। पूरी खबर पढ़िए...
जम्मू के डोडा में रहने वाली अनीता राज विलेज डिफेंस गार्ड्स यानी VDG की ट्रेनिंग ले रही हैं। उन्होंने पहली बार ऑटोमैटिक राइफल चलानी सीखी है। वे ट्रेनिंग में आकर बहुत खुश हैं और कहती हैं, 'अभी सर्दियां हैं तो आतंकी ज्यादा एक्टिव रहते हैं। वो इसका फायदा उठाकर पाकिस्तान से घुसपैठ करते हैं। इसलिए अभी हम 24 घंटे अलर्ट रहते हैं।‘ 30 दिसंबर को ही सेना ने डोडा के अलग-अलग गांवों में ट्रेनिंग कैंप लगाए हैं। यहां जंगलों और पहाड़ों के बीच पेट्रोलिंग करने के साथ ही हथियार चलाना और हैंडल करना भी सिखाया जा रहा है। डोडा की रहने वाली कई महिलाएं विलेज डिफेंस गार्ड भी हैं। ये पिछले एक साल से घर के कामकाज के अलावा सेना के साथ गांव की सुरक्षा भी कर रही हैं। उन्हीं में से एक सोनाली कहती हैं, ‘मैं एक साल से VDG में हूं। मुझे देश के लिए लड़ना है और हम किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। हमें खुशी है कि देश के लिए काम कर रहे हैं।‘ पहले विलेज डिफेंस ग्राउंड (VDG ) को VDC कहा जाता था। इसमें सिर्फ पुरुष ही ट्रेनिंग ले रहे थे। अब पिछले साल से महिलाएं भी इसका हिस्सा हैं। ट्रेनिंग देने वाले अधिकारी के मुताबिक, ये 10 से 15 लोगों का एक ग्रुप होता है, जिसका लीडर रिटायर्ड पुलिस या आर्मी अधिकारी है। ऑटोमैटिक हथियार मिले और ट्रेनिंग भी, अब आतंकियों से लड़ना आसानदैनिक भास्कर ने VDG की ट्रेनिंग देने वाले अधिकारियों से बात की। वे कहते हैं, ‘जम्मू के पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में पैदल जाने का ही रास्ता है। वहां अगर कभी आतंकियों का मूवमेंट होता तो कैंप से आर्मी को पहुंचने में कई बार 4-5 घंटे भी लग जाते हैं। ऐसे इलाकों की पहचान कर वहां के लोकल लोगों को उनकी इच्छा से हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है। अगर कोई रिटायर्ड पुलिस या आर्मी अधिकारी है तो उसे ग्रुप की जिम्मेदारी दी जा रही है।‘ हमने डोडा में VDG की ट्रेनिंग में शामिल महिलाओं और कुछ युवकों से भी बात की। इनमें से एक सुरिंदर कुमार ने बताया कि पहले उन्हें थ्री नॉट थ्री से ट्रेनिंग दी जाती थी। हालांकि अब ऑटोमैटिक हथियार दिया गया है, जिससे काफी सहूलियत हो रही है। 2022 में गृह मंत्रालय के ऑर्डर के बाद अब VDG को ऑटोमैटिक हथियार दिए जा रहे हैं। ट्रेनिंग लेने वाले एक अन्य VDG मेंबर राजेश कुमार सिंह कहते हैं, ‘हमें समय-समय पर ट्रेनिंग दी जाती है। गन कैसे ओपन करनी है, कैसे बंद करनी और कैसे चलानी है। इससे हमें काफी फायदा हुआ है। अगर हमें किसी जंग में चीन बॉर्डर पर भी ले जाया गया तो हम उसके लिए तैयार हैं।‘ यहां हथियारों की ट्रेनिंग लेने आईं मधुबाला कहती हैं, हमें ट्रेनिंग मिली है। इससे हमें बहुत फायदा हुआ। हमारा जज्बा बढ़ा है। वैसे भी हमें सब कुछ आना चाहिए। दुश्मन से लड़ना भी। खुशी है कि देश की सेवा करने का मौका मिल रहा है। वहीं डोडा में रहने वाले सुनील कहते हैं कि गांव में जब भी कोई अजनबी आता है तो हम उसकी पहचान करके सेना को जानकारी देते हैं। फिर आर्मी के साथ मिलकर गश्त भी करते हैं। हाल के दिनों में डोडा के इलाकों में कुछ संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियां देखने को मिलीं। उसके बाद से यहां VDG को फिर एक्टिव किया जा रहा है। ट्रेनिंग देने वाले अधिकारी बताते हैं, ‘पिछले दो साल से महिलाएं भी विलेज डिफेंस गार्ड्स का हिस्सा बन रही हैं। दरअसल, महिलाएं सुनसान पहाड़ी पर मौजूद घरों में अकेली पड़ जाती हैं। ऐसे में इन्हें ट्रेनिंग मिलने से अब सुरक्षा बढ़ गई है। VDG जिले के SSP, डीएम और आर्मी अफसरों से कॉन्टैक्ट में रहते हैं। उनके लीडर को वायरलेस सेट भी दिए गए हैं। इसलिए कोई भी खतरा होने पर हमसे संपर्क कर सकते हैं।‘ 1995 में कैसे बनाई गई पहली विलेज डिफेंस कमेटी, रियासी में हुई ट्रेनिंगजम्मू के गांवों में लोकल लोगों को आतंकियों का मुकाबला करने के लिए हथियारों की ट्रेनिंग देने की शुरुआत 1995 में रियासी के बागनकोट गांव से हुई थी। उस समय रियासी के SSP पूर्व IPS अधिकारी एसपी वैद थे। जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP रिटायर्ड IPS अधिकारी एसपी वैद बताते हैं, ‘ये 1995 की शुरुआत की बात है। रियासी के बागनकोट गांव में आतंकियों का ग्रुप पाकिस्तान से घुसपैठ करके आ रहा था। आतंकी कश्मीर की तरफ जा रहे थे। तभी उन्होंने बागनकोट गांव में हमला कर दिया और गांव के दो लोगों को मार गिराया। मुझे वायरलेस पर मैसेज मिला।‘ ‘किसी तरह हम लोग गांव की तरफ पहुंचे। हमें रास्ते में ही गांव के लोग मिले और वे लाशें लेकर सड़क पर आ गए थे। उनमें बहुत गुस्सा था। वे हथियार की मांग करने लगे। हमने लाइसेंस के बारे में पूछा तो बोले- हम गरीब हैं, लाइसेंस कैसे लेंगे। तब हमने उन्हें हथियार दिलाने का भरोसा दिया।‘ ‘गांव वालों ने ये भी बताया कि उन्होंने अपना बचाव करते हुए कुल्हाड़ी और गडासे से दो आतंकियों को मार गिराया, लेकिन उनकी लाशें बाकी आतंकी अपने साथ ले गए। गांव वालों की हिम्मत देखकर पहली बार हमने ही विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) शुरू की। तब मैंने पुलिस मुख्यालय से परमिशन लेकर गांव वालों को पहली बार थ्री नॉट थ्री की 10 राइफलें दीं और ट्रेनिंग दिलाई। उन्हें 50-50 राउंड गोलियां भी दी गईं।’ ’जिन दो लोकल लोगों को आतंकियों ने मारा था। उनकी एक-एक बेटियों को पुलिस कॉन्स्टेबल बनवाया गया। जिससे पूरे गांव का हौसला बढ़ा। इसके बाद उन पहाड़ी इलाकों के लिए ये एक सिस्टम बन गया।’ पुलिस और सेना के होते हुए VDC बनाने की जरूरत क्यों पड़ीहमने पूछा कि इन इलाकों में हमेशा आर्मी और पुलिस क्यों नहीं तैनात रहती है। VDC बनाने की जरूरत क्यों पड़ी। इस पर पूर्व DGP एसपी वैद कहते हैं, ‘जम्मू और कश्मीर की भौगोलिक स्थिति में काफी अंतर है। कश्मीर में दूर-दराज के दो से तीन गांव भी एक साथ सटे हुए हैं। वहीं जम्मू में डोडा, किश्तवाड़, रामबन, पुंछ, राजौरी और रियासी समेत कई इलाकों के हालात काफी अलग हैं।‘ ‘यहां के गांवों में जाने के लिए एक या दो ही सड़क है। इसके बाद एक घर किसी एक पहाड़ी पर है तो दूसरा घर उससे काफी दूर दूसरी पहाड़ी पर है। इन घरों तक जाने के लिए सिर्फ पैदल रास्ते हैं। यहां आर्मी या फोर्सेस तुरंत नहीं पहुंच सकतीं। कोई घटना होने पर सूचना मिलने के बाद भी सेना को पहुंचने में कई बार 4-5 घंटे लग जाते थे। तब तक आतंकी घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।‘ ‘यही वजह है कि यहां के लोकल लोगों को हथियारों की ट्रेनिंग देकर सुरक्षा के लिए तैयार किया गया। यही वजह है कि जम्मू के इन इलाकों में आतंकी जल्द अपना ठिकाना नहीं बना पाते, न ही लोगों को मार पाते हैं। ये बेहद जरूरी और कारगर कदम है।‘ VDG अगर न होते तो जम्मू में भी हिंदुओं का नरसंहार होताजम्मू के दूर-दराज के पहाड़ी गांवों में विलेज डिफेंस गार्ड्स न होते तो क्या होता। इस सवाल पर पूर्व DGP वैद कहते हैं, ‘1990 के दशक में कश्मीर की तरह जम्मू में भी नरसंहार होने लगा था। उस वक्त पाकिस्तान चाहता था कि जिस तरह कश्मीर से हिंदुओं को भगाया गया। कश्मीरी पंडितों पर जुल्म हुए, उसी तरह जम्मू के पहाड़ी इलाकों में भी जुल्म हो और हिंदुओं को भगा दिया जाए।‘ ‘उस समय अगर ये विलेज गार्ड कमेटी नहीं बनाई जाती तो जम्मू एरिया में भी हिंदुओं पर अत्याचार होते और मास मर्डर किए जाते क्योंकि यहां के लोग खुद ही हथियार लेकर अपनी सुरक्षा में जुट गए इसलिए पाकिस्तान की ये चाल जम्मू में नहीं चली।‘ तब की VDC (अब VDG) को याद करते हुए वो कहते हैं, ‘डोडा, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ की पहाड़ियों में रहने वाले लोग रात-रात भर आतंकियों से लड़े हैं। वे तब तक लड़ते, जब तक उनके पास से गोला-बारूद खत्म नहीं हो गए। बहुत सारे लोगों ने इसके लिए अपनी जान भी दी है।‘ गृह मंत्रालय ने नया VDG बनाने का दिया आदेशदैनिक भास्कर ने 2022 में गृह मंत्रालय की तरफ से विलेज डिफेंस गार्ड्स (VDG) को लेकर जारी आदेश की कॉपी भी निकाली। उसमें VDG को लेकर नए दिशा-निर्देश दिए हैं। ये आदेश 14 अगस्त 2022 को जारी हुआ। इसमें लिखा है- ‘VDG को अपनी इच्छा के आधार पर छोटे-छोटे ग्रुप बनाने हैं। ये जम्मू के दूर-दराज के इलाकों में खुद अपनी सुरक्षा के लिए अलर्ट रहेंगे।‘ ‘इन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी और ये दिन-रात के वक्त गश्त करेंगे। ये उन एरिया के लिए है, जहां पुलिस और सिक्योरिटी फोर्सेज को पहुंचने में काफी मुश्किल होती है। VDG के एक ग्रुप में 15 से ज्यादा लोग नहीं होंगे। इनके पास हथियार का लाइसेंस होना जरूरी है।‘ इनके ग्रुप का लीडर कोई रिटायर्ड आर्मी मैन या जम्मू-कश्मीर पुलिस का पूर्व कर्मी होना चाहिए। ग्रुप में ऐसे युवा होने चाहिए, जो अपनी खुशी से हथियारों की ट्रेनिंग लें और कम्युनिटी की सिक्योरिटी में अलर्ट रहें। ‘VDG दो कैटेगरी में बनाए गए। पहला V1 कैटेगरी, जिसमें ग्रुप को लीड करने वाला होगा। वही ग्रुप को दिशा-निर्देश देगा। उसके पास वायरलेस सेट भी होगा, जिससे वो रिमोट एरिया से आर्मी और पुलिस को मैसेज भी कर सकेगा। उसे हर महीने 4500 रुपए सैलरी दी जाएगी। दूसरी कैटेगरी V2 है, जिसमें ग्रुप मेंबर्स होंगे। इन्हें हर महीने 4000 रुपए मिलेंगे।‘ VDG की ट्रेनिंग पर आतंकियों की नजर, 33 साल से वांटेड आतंकी का खुलासाजम्मू से पिछले 33 साल से गायब आतंकी जहांगीर सरूरी का प्रोपेगैंडा इंटरव्यू द रिवोल्यूशन रिसर्जेंस मैगजीन में पब्लिश हुआ है। उसमें लोकल लोगों को सेना की मदद करने और ट्रेनिंग देने का जिक्र किया गया है। जिससे पता चलता है कि आतंकियों की भी इस VDG पर नजर है। इस आतंकी से सवाल पूछा गया था कि भारतीय सेना और सरकार इन्हें (आतंकियों के आंदोलन को) दबाने के लिए कौन से तरीके अपना रही है? इस पर मोस्ट वांटेड आतंकी जहांगीर सरूरी ने जवाब दिया कि भारतीय सेना ने कुछ हिंदू युवाओं को हथियारों से लैस किया है। उन्हें उधमपुर जैसे शिविरों में आर्मी ट्रेनिंग दी गई है।.................... ये खबर भी पढ़ें... 'मार्च में इंडियन आर्मी करेगी बड़ा ऑपरेशन' ‘हमारे लिए हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। हम जानते हैं कि किसी भी इम्तिहान का मुश्किल हिस्सा आखिर में होता है। अल्लाह की मर्जी से हम इसे जीतकर, और मजबूत होकर निकलेंगे। ये सिर्फ आपकी लड़ाई है। जो भी करना है, खुद करना है। जल्द ही हम कब्जे से निपटने के लिए पूरा एक प्लान बताएंगे।’ ये मैसेज कश्मीर में एक्टिव आतंकियों के लिए है। पढ़िए पूरी खबर...
पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा में गोलीबारी की घटनाओं में चार पुलिसकर्मियों की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं में चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी

