पहले घटा मुनाफा, अब CFO का इस्तीफा, इस कंपनी का शेयर क्रैश
KPI Green Share Crash: एनर्जी सेक्टर की कंपनी केपीआई ग्रीन के शेयर में पैसे लगाने वाले निवेशकों के लिए मंगलवार का दिन अमंगलकारी साबित हुआ. कारोबार के दौरान ये स्टॉक 9% से ज्यादा टूट गया.
सूर्य-गुरु-बुध-चंद्रमा की चौकड़ी! आज से इन राशियों के अच्छे दिन शुरू
आज देशभर में सावन शिवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है. इस बार सावन शिवरात्रि पर चतुर्ग्रही योग भी बन रहा है. शिवरात्रि पर सूर्य, गुरु, बुध और चंद्रमा कर्क राशि में बैठकर चतुर्ग्रही योग का निर्माण कर रहे हैं. यह दुर्लभ संयोग कई राशियों के लिए लाभकारी माना जा रहा है.
इंदौर की TCS अफसर से रेप और ब्लैकमेलिंग, महेंद्र उर्फ शाहरुख पर FIR
Indore News: TCS अधिकारी युवती से हिंदू नाम बताकर रेप और 10 लाख की ब्लैकमेलिंग करने वाला शाहरुख बैग उर्फ महेंद्र गिरफ्तार. देवास सेंट्रल कोतवाली थाने में FIR दर्ज...
'हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा...', पीएम मोदी ने Instagram पर की अपील
पीएम मोदी ने Instagram पर वीडियो डालकर हर घर पर तिरंगा लहराने की अपील की है.
'हेमंत सोरेन की हत्या की कोशिश हुई...', झारखंड के मंत्री का बड़ा आरोप
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के पास धरने पर बैठे बीजेपी विधायकों का प्रदर्शन महज विरोध नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री को मारने की कोशिश थी. उन्होंने कहा कि उस समय हेमंत सोरेन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर में मौजूद थे.
250 KM कांवड़ लेकर पहुंचे 85 साल के चंदर, 35 साल से जारी यात्रा
फरीदाबाद के 85 वर्षीय चंदर ने हरिद्वार से करीब 250 किलोमीटर की दूरी तय कर कांवड़ लेकर अपने पैतृक गांव सागरपुर पहुंचे. परिवार ने गांव पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया. चंदर का कहना है कि भोले बाबा का बुलावा आया था, इसलिए वह कांवड़ लेकर आए. वह पिछले 35 सालों से लगातार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं.
किचन की इन 5 चीजों से बनाएं नेचुरल फेस वॉश, चेहरे पर आएगा निखार
Homemade Face Wash: अगर आप बाजार में मिलने वाले महंगे फेस वॉश की जगह कोई नेचुरल ऑप्शन तलाश रहे हैं तो आज हम आपको किचन में मौजूद कुछ चीजों से फेस वॉश बनाना बताएंगे. यह फेस वॉश स्किन से जुड़ी समस्याओं को दूर कर ग्लोइंग स्किन पाने में आपकी मदद करेगा.
चीन के हाथ में अमेरिकी 'वॉर मशीन' की चाबी? कभी भी लगा सकता है लॉक
अमेरिका के पास हथियारों की ताकत है, तो चीन के पास उन हथियारों की सप्लाई चेन का अहम हिस्सा. रेयर अर्थ की यही कहानी बताती है कि आज सप्लाई चेन भी बेहद अहम है.
VIDEO: 12 दिन बाद फिर आएगा वैभव सूर्यवंशी का तूफान?
वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर बल्ले से धमाल मचाते नजर आएंगे. दलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन की तरफ से बतौर उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी के पास टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी होगी. इस टूर्नामेंट से ठीक पहले उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है.
छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में ABVP कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान कल हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में ABVP कार्यकर्ताओं ने रांची में राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई. मौके पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.
इजरायल ने किया था मौत का दावा, अब सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने कर दिया बड़ा ऐलान
इजरायल ने दावा किया था कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की मौत हो गई है। इसके बाद मुज्तबा खामेनेई ने देश की सैन्य शक्ति में बड़ा फेरबदल किया है। जानें किसे क्या जिम्मेदारी दी है?
बिजनेसमैन की दुल्हन बनेगी हसीना, गुपचुप की सगाई, किया Kiss
सिंगर सुकृति कक्कड़ की सगाई हो गई है. उन्होंने इंस्टा पर ड्रीमी प्रपोजल की तस्वीरें पोस्ट की हैं. सिंगर ने अपने बिजनेसमैन बॉयफ्रेंड सौमिक शेट्टी संग सगाई की है.
रूसी हमलों से दहला यूक्रेन: हमलों में 6 लोगों की मौत, जेलेंस्की ने की कड़े प्रतिबंधों की मांग
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी हमलों की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि रूस जानबूझकर नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने की अधिकतम कोशिश कर रहा है। सोमवार रात रूस के मिसाइल हमलों में छह लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हुए हैं।
CRETA-SIERRA को टक्कर देने आई थी ये SUV, अब आधी हो गई सेल
रेनो डस्टर उन चुनिंदा कारों में से एक है, जिन्होंने भारतीय बाजार में मिडसाइज एसयूवी का सेगमेंट शुरू किया है. हालांकि, 2026 में जब रेनो डस्टर की वापसी हुई, तो कार पहले जैसा कोई कमाल नहीं कर पाई है. अब तक के आंकड़े तो यही दिखा रहे हैं. जून के मुकाबले जुलाई में डस्टर की सेल आधी हो गई है. आइए जानते हैं रेनो के लिए जुलाई कैसी रही.
8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी पेंशन? समझें कैलकुलेशन
8वां वेतन आयोग अभी लंबा इंतजार है, लेकिन कर्मचारी यूनियन ने कई मांग रखी है. अगर कर्मचारियों के हिसाब से बढ़ोतरी होती है तो पेंशन और सैलरी में तगड़ा इजाफा होगा?
सीरिया के तानाशाह रहे बशर अल-असद को मौत की सजा, रूस में रह रहे पूर्व राष्ट्रपति
सीरिया में दमिश्क की एक अदालत ने मंगलवार को सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें पूर्व नियोजित हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। उनके अलावा अदालत सीरिया के दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा के पूर्व प्रमुख आतिफ नजीब को भी फांसी की सजा सुनाई है।
'5 साल का कार्यकाल, 7 साल से राज्यपाल...', स्वामी प्रसाद मौर्य ने उठाए सवाल
आनंदीबेन पटेल 29 जुलाई 2019 से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं. इस पद पर रहते हुए उन्हें करीब सात साल हो गए हैं. यूं तो राज्यपाल का कार्यकाल पांच साल का होता है, पर संविधान के जानकार बताते हैं कि नए राज्यपाल की नियुक्ति ना होने पर, यह कार्यकाल जारी रहता है. अब राज्यपाल पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने सवाल उठाए हैं.
सौरव गांगुली को कौन दे रहा है जान से मारने की धमकी?
पूर्व भारतीय कप्तान Sourav Ganguly और उनकी पत्नी डोना गांगुली को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। सौरव की निजी सचिव ने कोलकाता पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। बताया गया कि पिछले छह महीनों से धमकी भरे पत्र आ रहे थे.
घर पर खड़े मसाले डालकर बनाएं फेमस अवधी तहरी, आसान है रेसिपी
Awadhi Tahri Recipe: रोज-रोज लंच या डिनर में वही दाल, सब्जी और चावल खाकर अगर आप भी बोर हो गए हैं, तो इस बार कुछ अलग ट्राई करें. उत्तर प्रदेश में चावलों की तहरी लोग बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन कुछ लोग पीले चावलों को तहरी समझ लेते हैं. ऐसे में आज हम आपको इस आर्टिकल में अवधी स्टाइल तहरी की रेसिपी बताएंगे, जो खाने मेंस्वादिष्ट होने के साथ-साथ बनाने में भी बहुत आसान होती है.चावल, मौसमी सब्जियों और खुशबूदार मसालों से तैयार होने वाली यह तहरी पेट भी भरती है और खाने में बेहद मजेदार भी लगती है.
सूर्य ग्रहण पर कल ये 3 राशियां रहें सावधान, पढ़ें पूरा राशिफल
Kal Ka Rashifal 12 August 2026: अपनी बातों में स्पष्टता रखें और वचन निभाएं. विदेशी गतिविधियों में रुचि बढ़ाएं. करीबियों का भरोसा जीतें और जिद या अहंकार में आने से पूरी तरह बचें.
48 घंटे में फूटा 'इस्लामिक नाटो' का गुब्बारा: सऊदी पर हमला, बचाने नहीं आए पाकिस्तान-तुर्की
सऊदी, पाकिस्तान और तुर्की के मक्का रक्षा समझौते की 48 घंटे में पोल खुल गई। जाजान में अरामको रिफाइनरी पर हूती ड्रोन हमले के बाद भी गठबंधन की ओर से कोई सैन्य कार्रवाई नहीं हुई।
मिसाइल अटैक में दो पाकिस्तानी नागरिक की मौत
यमन के पास बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में हूती मिसाइल हमले ने कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. सऊदी मीडिया के मुताबिक हमले में दो पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक की मौत हुई है. यह इलाका लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है, जिससे इसका रणनीतिक महत्व बेहद अहम है.
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति असद को मौत की सजा, वॉर क्राइम के दोषी पाए गए
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद को मौत की सजा सुनाई गई है. असद की सरकार पर लगे आरोपों में आम नागरिकों की सुनियोजित हत्या, हिरासत में यातना और मौत, लोगों को जबरन गायब करना, मनमानी गिरफ्तारियां और नागरिक इलाकों पर हमले शामिल हैं.
पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुए 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' (मक्का संयुक्त रक्षा समझौता) को अपनी पहली बड़ी परीक्षा में नाकामी का सामना करना पड़ा है। यमन के ईरान-समर्थित हूथी विद्रोहियों ने जाज़ान में अरामको रिफाइनरी पर हमला किया, लेकिन इस नए बने गठबंधन ने हमले का कोई साफ़ सैन्य जवाब नहीं दिया और न ही कोई चेतावनी जारी की। जाज़ान में अरामको रिफाइनरी में आग रविवार सुबह लगी। हूथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि सादा और हज्जा प्रांतों में सऊदी ड्रोन ऑपरेशन्स के जवाब में उनके समूह ने ड्रोन से इस सुविधा को निशाना बनाया था। बाद में सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने आग लगने की पुष्टि की और बताया कि आग बुझा दी गई है। इसे भी पढ़ें: Yemen Army का बड़ा Military Action, Houthi ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला, क्या Middle East में बढ़ेगा महायुद्ध का खतरा? यह घटना सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की मक्का में हुई मुलाक़ात और शुक्रवार को हुए समझौते पर हस्ताक्षर करने के ठीक 48 घंटे बाद हुई। इस समझौते के तहत, तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। फिर भी, जाज़ान पर हूथी हमले के बाद न तो तुर्की और न ही पाकिस्तान ने कोई प्रतिक्रिया दी, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि असल संकट के समय यह सामूहिक रक्षा व्यवस्था कैसे काम करेगी। द जेरूसलम पोस्ट के एक विश्लेषण के अनुसार, कुछ इज़राइली कमेंट्री में इस समझौते को इस्लामिक NATO या एक बड़े सुन्नी गठबंधन की नींव के तौर पर दिखाया गया है; कुछ जगहों पर तो सऊदी अरब के लिए पाकिस्तानी परमाणु सुरक्षा कवच (न्यूक्लियर अम्ब्रेला) की बात भी कही गई है। इसे भी पढ़ें: Houthi rebels ने यमन के मोखा बंदरगाह पर किया हमला, 7 की मौत; Aramco संयंत्र में आग हालांकि, समझौते की उपलब्ध जानकारी से पता चलता है कि यह व्यवस्था उतनी 'ऑटोमैटिक' (अपने-आप लागू होने वाली) नहीं है। इस समझौते का मकसद तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और सामूहिक प्रतिरोध (डिटेरेंस) को मज़बूत करना है। समिट के बयान के अनुसार, तीनों में से किसी भी देश पर सशस्त्र हमला होने पर उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इसे भी पढ़ें: Yemen War Alert: UN Envoy Hans Grundberg ने दी चेतावनी, Houthi हमलों से बढ़ सकता है भीषण संघर्ष समिट के बयान में कहा गया, इस समझौते का मकसद किसी भी तरह की आक्रामकता के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोध को मज़बूत करना है। इसमें यह प्रावधान है कि तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमला होने पर उसे उन सभी पर हमला माना जाएगा। साथ ही, इसमें तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं को बेहतर बनाने की बात भी कही गई है। हालांकि इस समझौते में ऑपरेशन या सैन्य प्रतिबद्धताओं का विस्तार से ज़िक्र नहीं है, लेकिन यह बेहतर रक्षा सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार करता है और क्षेत्र व उसके बाहर शांति, स्थिरता और सुरक्षा को अपने व्यापक लक्ष्यों के तौर पर पहचानता है। तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने अनादोलु एजेंसी से बात करते हुए समझौते के बारे में कुछ सबसे स्पष्ट जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामूहिक रक्षा वाला प्रावधान तकनीकी रूप से NATO के आर्टिकल 5 जैसा ही है और इस व्यवस्था में एक मंत्री-स्तरीय समिति और सऊदी अरब में स्थित एक स्थायी सचिवालय शामिल होगा।
VIDEO: जनाजे को देख कांवड़ियों ने किया ऐसा काम, हो रही तारीफ
बिजनौर के स्योहारा में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली. पूर्व शिक्षक के जनाजे के सम्मान में कांवड़ यात्रियों ने अपना काफिला रोक दिया और डीजे बंद कर पहले जनाजे को रास्ता दिया. इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
इस्लामिक NATO जैसा ही बना था 'बगदाद पैक्ट', जंग हुई तो दो टुकड़ों में बंट गया PAK, नहीं आई मदद
बगदाद पैक्ट पर हस्ताक्षर कर पाकिस्तान खूब डींगें हाक रहा था. लेकिन जब 1965 और 71 की जंग आई तो पाकिस्तान के सारे कथित 'दोस्त' बस आश्वासन देते रह गए. 71 की लड़ाई में तो पाकिस्तान दो टुकड़ों में बंट गया. अब पाकिस्तान ने मक्का पैक्ट साइन किया है और बार बार कह रहा है कि किसी भी एक मुल्क पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा.
सांप के काटने से कैसे हो जाती है मौत, क्यों नहीं बच पाती जान
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के एक आवासीय स्कूल में जहरीले सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत हो गई है जबकि अन्य छात्राओं का इलाज अस्पताल में जारी है. इस घटना से यह सवाल उठता है कि सांप के काटने के बाद मौत कैसे हो जाती है, क्यों कुछ मामलों में डॉक्टरों के लिए मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है?
Gen-Z पर आगे बढ़ रहे आकाश आनंद, लेकिन चंद्रशेखर को लेकर अलर्ट! समझें रणनीति
बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद की यूपी की सियासत में दोबारा से एंट्री हो गई है. आकाश आनंद ने सोमवार को हाथरस से मिशन-2027 का आगाज भी कर दिया और युवा वोटर्स को साधते नजर आए. इस दौरान उन्होंने जिस तरह अखिलेश यादव को अंकल कहा, उसके सियासी मायने साफ हैं.
10वीं में 52%, 3 बार IIT में फेल, अब BPSC पास कर बनें अधिकारी
पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं... यह कहावत आपने कभी न कभी अपने घर पर सुना ही होगा. लेकिन SDM राहुल सिन्हा का मानना है कि यह कहावत बिल्कुल गलत है. करीब 12 साल लगातार संघर्ष करने के बाद उन्होंने न केवल सरकारी नौकरी पाई बल्कि BPSC जैसा बड़ा एग्जाम पास कर लिया है.
मिसाइलों के बाद अब ईरान की अर्थव्यवस्था पर हमला, ट्रंप की रणनीति कितनी कारगर?
सैन्य झड़पों और मिसाइल हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान को रणनीतिक रूप से बैकफुट पर लाने के लिए अपना सबसे बड़ा हथियार—आर्थिक नाकाबंदी और वित्तीय प्रतिबंध (Maximum Pressure)—का इस्तेमाल पूरी ताकत से शुरू कर दिया है। वाशिंगटन का उद्देश्य केवल प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि 'डॉलर की किल्लत' और व्यापारिक प्रतिबंधों के जरिए ईरान की अर्थव्यवस्था को पंगु बनाकर उसे बिना किसी बड़े युद्ध के समझौते की मेज पर आने या अपनी क्षेत्रीय व परमाणु नीतियों को बदलने के लिए मजबूर करना है।अमेरिका का 'आर्थिक युद्ध' और रियाल में फ्री-फॉलअमेरिकी प्रशासन ने ईरान के बैंकिंग सेक्टर, तेल निर्यात के अवैध रास्तों (Shadow Fleet), डिजिटल एसेट एक्सचेंज और तेल व्यापार से जुड़े मध्यस्थों पर लगातार नए कड़े प्रतिबंध आयद किए हैं। इस रणनीति के कारण ईरान के भीतर अमेरिकी डॉलर की भारी किल्लत हो गई है, जिससे ईरानी मुद्रा 'रियाल' (Rial) ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गिरी है।ईरान की बैंकिंग प्रणाली में एक बड़े बैंक के वित्तीय संकट में फंसने और केंद्रीय बैंक द्वारा बेतहाशा नोट छापे जाने के बाद देश में मुद्रास्फीति (Inflation) चरम पर पहुंच गई है। दैनिक उपयोग की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे तेहरान समेत कई बड़े शहरों में आम जनता सड़कों पर उतर आई है।डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति: कितनी कारगर?अमेरिकी रणनीति का मुख्य खाका 4 प्रमुख स्तंभों पर टिका है:रणनीतिक समर्पण (Strategic Submission): इसका उद्देश्य शासन बदलना नहीं, बल्कि ईरान की आर्थिक रीढ़ तोड़कर उसे ऐसा समझौता करने पर मजबूर करना है जिसमें परमाणु कार्यक्रम पर स्थायी रोक और क्षेत्रीय गुटों को वित्तपोषण बंद करना शामिल हो।तिहरे व्यापारिक प्रतिबंध: ईरान से तेल खरीदने या वित्तीय सांठ-गांठ करने वाले तीसरे देशों पर 25 प्रतिशत तक के अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी देकर अमेरिका ने ईरान के आर्थिक मददगारों को भी पीछे हटने पर मजबूर किया है।आंतरिक अशांति का फायदा: आर्थिक तंगी से जब जनता परेशान होकर सड़कों पर उतरती है, तो ईरानी शासन पर दोहरा दबाव (आंतरिक विरोध और बाहरी प्रतिबंध) बनता है।मोलभाव का दरवाजा खुला रखना: कड़े प्रतिबंधों के बावजूद अमेरिका ने हमेशा बातचीत और नए सौदे (Deal) का विकल्प खुला रखा है, जिससे ईरानी नेतृत्व के भीतर मतभेद पैदा किए जा सकें।क्या हैं इस रणनीति के बड़े जोखिम और सीमाएं?हालांकि, कागज पर यह रणनीति बेहद प्रभावी दिखती है, लेकिन इसके अपने गंभीर वैश्विक और रणनीतिक जोखिम भी हैं:वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल: ईरान के तेल व्यापार को पूरी तरह से रोकने और हॉरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ने से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे अमेरिका और यूरोप में फिर से महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा होती है।चीन और 'ग्रे मार्केट' का सहारा: अमेरिका के कड़े रुख के बावजूद ईरान अपने तेल का बड़ा हिस्सा चीन और अनधिकृत 'शैडो फ्लीट' के जरिए बेचने में सक्षम रहा है, जिससे अमेरिकी आर्थिक दबाव का असर कुछ हद तक कम हो जाता है।ईरान का पलटवार और क्षेत्रीय अस्थिरता: जब किसी देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से दीवारों से घेर दिया जाता है, तो उसके द्वारा खाड़ी के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर या समुद्री व्यापारिक मार्गों को बाधित करने का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
'होंठ काटा, विरोध पर पीटा...', हरदोई में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला से शर्मनाक हरकत
हरदोई के सांडी थाना क्षेत्र में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला से बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है. आरोप है कि गांव का 50 वर्षीय भगवान सिंह कुशवाहा नशे की हालत में ट्यूबवेल पर पहुंचा और महिला से अभद्रता की. विरोध करने पर उसके होंठ पर काटा और मारपीट की.
राख हुई दुनिया... ग्रीस में आग का अटैक! एथेंस में धधका जंगल
ग्रीस में गर्मी के बीच जंगल की आग ने फिर चिंता बढ़ा दी है. एथेंस के पास कूवारास में लगी आग बुझाने के लिए 172 दमकलकर्मी जुटे हैं, जबकि देश के सात इलाकों में फायर रिस्क बहुत ज्यादा है.
श्रावणी अमावस्या पर लगेगा सूर्य ग्रहण, पितरों का तर्पण होगा या नहीं
Hariyali Amavasya 2026: इस बार 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. साथ ही इस दिन हरियाली अमावस्या भी पड़ रही है. इसलिए इस दिन महत्व ओर ज्यादा बढ़ गया है. लेकिन, ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा इसलिए इसका सूतक मान्य नहीं होगा.
ब्लैक सी में रूसी जहाजों पर ड्रोन हमलों से भड़का रूस, यूक्रेन पर लगाए गंभीर आरोप
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा भीषण युद्ध अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जिससे वैश्विक राजनीति में तनाव काफी बढ़ गया है। ब्लैक सी (Black Sea) क्षेत्र में रूसी जहाजों पर लगातार हो रहे ड्रोन हमलों से बौखलाए रूस ने यूक्रेन पर सीधा और आक्रामक हमलावर रुख अख्तियार कर लिया है। मॉस्को ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए आरोप लगाया है कि यूक्रेन जानबूझकर उन अंतरराष्ट्रीय जहाजों और व्यापारिक मार्गों को निशाना बना रहा है जो रूस के मित्र देशों से जुड़े हुए हैं। इस बयान के बाद से समुद्री व्यापारिक मार्गों पर सुरक्षा को लेकर भारी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ रहा है ब्लैक सी में तनाव?रूस के विदेश मंत्रालय और रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यूक्रेन लगातार समुद्री ड्रोन (Sea Drones) और मिसाइलों का इस्तेमाल करके उन पोतों और कमर्शियल जहाजों को अपना निशाना बना रहा है जो रूस और उसके सहयोगी देशों के बीच साझी आर्थिक गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। मॉस्को का कहना है कि यह केवल रूसी हितों पर हमला नहीं है, बल्कि यह उन तमाम मित्र देशों की संप्रभुता और आर्थिक सुरक्षा पर भी सीधा प्रहार है जो स्वतंत्र रूप से व्यापार कर रहे हैं। इस ताजा घटनाक्रम के बाद ब्लैक सी में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है और रूस की नौसेना हाई अलर्ट मोड पर आ गई है।वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर क्या होगा असर?यूक्रेन और रूस के बीच समुद्री मोर्चे पर बढ़ते इस टकराव का सीधा असर वैश्विक कमोडिटी मार्केट, ईंधन की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। जानकारों का मानना है कि यदि ब्लैक सी में जहाजों पर हमले इसी तरह जारी रहे, तो खाद्यान्न और ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने का खतरा और ज्यादा गहरा जाएगा। पश्चिमी देशों और रूस के बीच कूटनीतिक दूरियां पहले से ही चरम पर हैं, ऐसे में इस नए समुद्री विवाद ने दुनिया भर के देशों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं, जिस पर संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों की भी पैनी नजर बनी हुई है।
X पर वीडियो पोस्ट कर बुरा फंसे हरभजन सिंह, जानें क्यों हुए ट्रोल?
एक वीडियो पर बुरे फंसे हैं बीजेपी के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह. हरभजन सिंह ने कल एक वीडियो शेयर किया, इस वीडियो में नशे की हालत में दो युवा दिख रहे हैं. लेकिन बाद में पता चला कि वीडियो पंजाब का है ही नहीं. पंजाब की कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह वीडियो पंजाब का नहीं, बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर का है. इसके बाद सोशल मीडिया पर हरभजन सिंह को जमकर ट्रोल किया जा रहा है.
बिना चूल्हे के तवे पर ऐसे बनाएं टेस्टी लिट्टी-चोखा, रेसिपी है आसान
Litti Chokha Recipe: बारिश के मौसम में गरमा-गरम लिट्टी-चोखा खाने का मजा ही कुछ अलग होता है. आज हम आपको तवे पर बाजार जैसा टेस्टी लिट्टी-चौखा बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे, जिसे आप घर पर बेहद आसानी से तैयार कर सकते हैं.
कल का मौसम: 12 अगस्त को यूपी के इन जिलों में होगी बारिश, IMD का लेटेस्ट अलर्ट
UP Weather Forecast: 12 अगस्त को यूपी में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहेगा. IMD के मुताबिक कल पश्चिमी और पूर्वी यूपी के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है. हालांकि आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, गोरखपुर, झांसी, जालौन, ललितपुर, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र समेत कई जिलों में बारिश के आसार हैं. सोनभद्र में कई जगह मध्यम बारिश हो सकती है.
ईरान में बड़ा फेरबदल, सुप्रीम लीडर खामेनेई ने बदले IRGC कमांडर और सेना के कई बड़े चेहरे
पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच ईरान के सत्ता के गलियारों से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। देश के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) अयातुल्ला अली खामेनेई ने ईरान की सैन्य संरचना और शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) में बड़े पैमाने पर फेरबदल कर दिया है। इस अचानक हुए प्रशासनिक और सैन्य बदलाव के बाद ईरानी सेना (Military) के भीतर गहरी उथल-पुथल मच गई है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्रीय मोर्चे पर मिल रही चुनौतियों और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए खामेनेई ने यह सख्त कदम उठाया है ताकि रणनीतिक मोर्चे पर किसी भी चूक की गुंजाइश न बचे।क्यों उठाया गया यह कदम और क्या है खामेनेई की नई रणनीति?ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से पश्चिमी देशों और इजराइल के साथ बढ़ते गतिरोध के कारण ईरानी सेना की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुप्रीम लीडर खामेनेई ने शीर्ष पदों पर नए और युवा सैन्य कमांडरों को जिम्मेदारी सौंपी है ताकि फैसलों को तेजी से लागू किया जा सके और सैन्य अभियानों में उच्च स्तर की गोपनीयता व सटीकता बनी रहे। इस बड़े फेरबदल को ईरान की युद्धक तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने की एक बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है।IRGC में बदलाव का मिडिल ईस्ट की राजनीति पर असरइस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ईरान की सैन्य ताकत का सबसे अहम और ताकतवर स्तंभ माना जाता है, और इसके शीर्ष नेतृत्व में फेरबदल होने से सीधे तौर पर पूरे मध्य पूर्व (Middle East) के समीकरण प्रभावित होते हैं। नए कमांडर्स की नियुक्ति के साथ ही ईरान अपनी रक्षात्मक और आक्रामक रणनीतियों में भी बदलाव कर रहा है। क्षेत्रीय कूटनीति के जानकारों का कहना है कि ईरान का यह आंतरिक फेरबदल आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और खाड़ी देशों के साथ उसके संबंधों पर गहरा असर डाल सकता है, जिस पर अमेरिका और पश्चिमी देशों की पैनी नजर बनी हुई है।
अमेरिकी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले दिनों तुर्की (Trkiye) में एक गंभीर और पुख्ता जानलेवा खतरे (Assassination Threat) का सामना करना पड़ा था। इस खतरनाक खतरे से बचाने के लिए अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद गोपनीय और फिल्मी प्लान तैयार किया, जिसके तहत ट्रंप को एयर फोर्स वन (Air Force One) से चुपचाप एक एयरपोर्ट कैटरिंग ट्रक (Food/Catering Truck) के जरिए निकालकर दूसरी सीक्रेट मिलिट्री फ्लाइट में शिफ्ट करना पड़ा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान दुनिया और यहां तक कि उनके साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों को भी यही लगता रहा कि राष्ट्रपति मुख्य विमान में ही मौजूद हैं।क्या था पूरा मामला और क्यों पड़ी फूड ट्रक में छुपने की जरूरत?यह पूरी घटना तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल नाटो (NATO) समिट के दौरान की है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ईरान की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप पर हमले का एक बेहद खतरनाक और गंभीर इनपुट मिला था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए व्हाइट हाउस और सुरक्षा अधिकारियों ने तुर्की से उनकी सुरक्षित वापसी के लिए एक चालाक कूटनीतिक चाल (Ruse) चली। योजना के अनुसार, मीडिया और आम लोगों की नजरों के सामने डोनाल्ड ट्रंप को आधिकारिक एयर फोर्स वन विमान में चढ़ते हुए दिखाया गया ताकि हमलावरों या किसी भी बाहरी शख्स को उनकी असली लोकेशन का पता न चल सके।कैसे दिया गया इस सीक्रेट ऑपरेशन को अंजाम?जैसे ही कैमरे के सामने ट्रंप मुख्य विमान के अंदर गए, उसके तुरंत बाद उन्हें विमान के दूसरे हिस्से से एक हाइड्रोलिक एयरपोर्ट कैटरिंग ट्रक (खाने-पीने का सामान लोड करने वाली गाड़ी) के जरिए चुपचाप नीचे उतारा गया। इस फूड ट्रक के भीतर ट्रंप और उनके चुनिंदा करीबी सहयोगी छिपे हुए थे। इसके बाद उस ट्रक ने मुख्य विमान से दूर खड़े एक छोटे और सुरक्षित मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (C-32A) तक का सफर तय किया। उधर, पुराना एयर फोर्स वन विमान एक 'डिकॉय' (Decoy/धोखा देने वाला विमान) की तरह इस्तेमाल किया गया, जिसमें सिर्फ पत्रकार और कुछ व्हाइट हाउस के कर्मचारी सवार थे। इस तरह ट्रंप ने सीक्रेट मिलिट्री फ्लाइट से ब्रिटेन का सफर तय किया और उनकी सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं होने दी गई।
दिखने में लकड़ी जैसे, दीमक की टेंशन नहीं! कितने सस्ते हैं ये दरवाजे?
इन दिनों बाजार में कई तरह के दरवाजे मिलने लगे हैं. इन दरवाजों में न दीमक लगने का टेंशन है न ही ये बारिश में फूलते हैं. अगर इसे लगा लिया तो बार- बार पेंट करने के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी और ये स्मूथ भी बने रहेंगे.
दूसरी पत्नी पर लट्टू उर्मिला के Ex हसबैंड, लंहगे में सजी नई दुल्हन
मोहसिन ने निधा भट्ट संग दूसरी शादी की है. 14 जून को उन्होंने इंस्टा पर पत्नी संग निकाह की फोटो पोस्ट की थी. अब करीबन 2 महीने बाद मोहसिन ने नई तस्वीरें शेयर की हैं.
भूटान में भारत ने रोकी चीन की एंट्री, जानें कैसे बीजिंग के काल्पनिक संसार की उड़ी धज्जियां
अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों के नाम बदलकर चीन को यह लगा था कि इतिहास बदल जाएगा। लेकिन भारत ने उसको मुंह की दिखा दी। अब भारत के पूर्व विदेश सचिव कमल सिबल ने बीजिंग के इस काल्पनिक संसार की धज्जियां उड़ा दी हैं। सिबल साहब का सबसे बड़ा खुलासा यह है कि चीन की यह नक्शा नीति सिर्फ भारत के खिलाफ ही नहीं है बल्कि उसने नन्हे से भूटान को भी अपने जबड़े में फंसाने की तैयारी कर ली है। दरअसल कमल सिब्बल ने जिन शब्द का इस्तेमाल किया कार्टोग्राफिक टेरिटोरियल एक्सपेंस निज्म यह चीन की सबसे घातक चाल है। चीन सीधे युद्ध करने के बजाय पहले माइंड गेम खेलता है। वो किसी भी क्षेत्र के लिए अपने पुराने अप्रचलित और मनगढ़न नाम का इस्तेमाल करता है। फिर धीरे-धीरे उसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आधिकारिक बनाने की कोशिश करता है। और यहीं पर सिबल ने बताया कि भारत सरकार ने अब रक्षात्मक होने के बजाय प्रोएक्टिव रुख अपना लिया है। सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों के नामों को मानकीकृत करना यह सुनिश्चित करना है कि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का पक्ष ही आधिकारिक माना जाएगा। यह चीन की नेमिंग पॉलिटिक्स की जड़ों पर प्रहार है जिससे अब कभी चीन उबर नहीं पाएगा। अब इस खबर का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण हिस्सा भूटान है। उन्होंने साफ कर दिया कि भूटान को भी चीन ने नहीं छोड़ा है। इसे भी पढ़ें: India Bhutan जल संसाधन बैठक में CR Patil ने Punatsangchhu 1 परियोजना की समीक्षा की अब क्या भूटान है ड्रैगन की अगली भूख? चीन भूटान के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के नाम पर उसकी रणनीतिक चोटियों और चारागाहों पर दावा ठोक रहा है। कमल सिबल के अनुसार चीन भूटान को डराकर भारत के साथ उसके पुराने और अटूट संबंधों को तोड़ना चाहता है। चीन का लक्ष्य चीन का टारगेट भूटान की जमीन के जरिए भारत के चिकन नेक यानी कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर दबाव बनाना है। अब कमल सिबल ने चेतावनी दी है कि चीन की मत्वाकांक्षाएं सिर्फ लद्दाख या अरुणाचल तक सीमित नहीं है। वो पूरे हिमालय क्षेत्र को अपने प्रभाव में लेना चाहता है। अब यही वजह है कि पूर्व विदेश सचिव ने इतिहास की उस दुगती रख पर हाथ रख दिया जिसे चीन हमेशा छिपाना चाहता था। 1950 से पहले भारत और चीन के बीच कभी कोई सीमा समझौता नहीं था। भारत के पड़ोस में एक स्वतंत्र धार्मिक और शांतिप्रिय देश था जिसका नाम है तिब्बत। भारत ने तिब्बत पर चीन के नियंत्रण को स्वीकार किया ताकि पड़ोस में शांति बनी रहे। पंचशील समझौता उसे कहते थे। लेकिन सिविल ने आरोप लगाया कि चीन ने इस उदारता का फायदा उठाया। अब वह तिब्बत को एक लॉन्च पैड की तरह इस्तेमाल करके भारत की अतिरिक्त जमीन मांग रहा है। इसे भी पढ़ें: India Bhutan China Tri-Junction पर भारत की नई रणनीति ने किया हैरान, Doklam तक पहुँचेगी रेल, चीन के छूटे पसीने चीन का खोखला तर्क कमल सिबल का सवाल सीधा है कि तिब्बत के बाद आखिर चीन कहां रुकेगा और जब चीनी एक्सपर्टों ने भारत के इस कदम को भ्रम कहा तो यह उनकी बौखलाहट का प्रमाण है। यानी चीन की बौखलाहट का प्रमाण है। चीन यह कहता है कि इससे रिश्तों में सुधार की कोशिश को नुकसान होगा। सीबल का जवाब यह है कि रिश्तों में दरार भारत के अपने स्थानों के नाम तय करने से नहीं बल्कि चीन के घुसपैठ और फर्जी दाव से आई है। सिबल का विश्लेषण यह संदेश देता है कि भारत अब चीन की ब्लैकमेलिंग वाली कूटनीति में नहीं आने वाला है। अगर चीन नाम बदलेगा तो भारत अपनी पहचान को और भी मजबूती से स्थापित करेगा। चीन की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वह भूटान को दबा नहीं पाता क्योंकि भूटान की सुरक्षा की कमान अप्रत्यक्ष रूप से देखा जाए तो भारत के हाथों में है। डोकलाम तो आपको याद होगा भारत दशकों से भूटान की सेना को प्रशिक्षित कर रहा है। हां जिले में भारतीय सेना की स्थाई मौजूदगी चीन की आंखों में खटकती है। जब चीन ने भूटान के डोकलाम क्षेत्र में सड़क बनाने की कोशिश की तो भारतीय सेना ने अपनी सीमा लांगकर भूटान की जमीन के लिए चीन का मुकाबला किया। यह दुनिया के इतिहास में विरला उदाहरण था जहां एक देश दूसरे देश की जमीन बचाने के लिए महाशक्ति से टकरा गया। चिकन नेक की सुरक्षा और नई कनेक्टिविटी चीन को डर यह है कि वो भूटान पर सैन्य दबाव नहीं बना सकता क्योंकि भारत तुरंत बीच में आ जाएगा और यही वजह है कि चीन भूटान को अपने प्रभाव में लेकर भारत के चिकन नेक यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर तक पहुंचना चाहता है। लेकिन भारत ने इसे नाकाम करने के लिए भूटान में विकास की गंगा बहा दी है। भारत और भूटान के बीच पहली रेलवे लिंक पर काम शुरू हो चुका है। यह ना केवल व्यापार बढ़ाएगा बल्कि युद्ध की स्थिति में भारतीय सेना की पहुंच को और भी तेज कर देगा। सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ भूटान में बेहतरीन सड़कों का निर्माण कर रहा है। चीन परेशान है क्योंकि यह सड़कें भूटान के सुदूर इलाकों तक भारत की पहुंच आसान बना रहा है जिससे चीन की सलामी स्लाइसिंग नीति पूरी तरह से फेल हो चुकी है।
मुस्लिम देशों की 'चौकड़ी' बन जाती, ऐन वक्त पर जानें किसने मारी कल्टी?
जिस तरह से ईरान अमेरिका जंग के बाद में एक इस्लामिक नाटो जैशेप में आ गया है। लेकिन जिस मुल्क ने इसके लिए खूब पसीना बहाया है। खूब मेहनत की है। वो तो इससे छिटक गया। इस साल जून में काहिरा जो मिस्र की राजधानी है वहां पर इस्लामिक नाटो को लेकर इसे जमीन पर उतारने की कोशिशों को लेकर एक अहम बैठक हुई थी और इसके केंद्र में मिस्र था। मिस्र ने तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब को इस बात के लिए राजी किया था कि वो एक ग्रुप बनाएं। इसमें मिस्र को भी शामिल होना था। तब तो उसने यह पेशरफ्त अंजाम दी। इस संवाद को आगे बढ़ाया। लेकिन जब मक्का में ये डील हो रही थी। तो मिस्र का कहीं अता-पता नहीं था। मिस्र और उसके प्रेसिडेंट अब्दुल फताह अलसीसी तो हमेशा से इस तरह के मोर्चे को बनाने में आगे चल रहे थे। रणनीतिक मत्वाकांक्षा कितनी खतरनाक हो सकती है मिस्र बखूबी जानता है क्योंकि 1967 के युद्ध में सेनाई का बहुत सारा इलाका इजराइल के हाथों मिस्र ने गवा दिया था और मिस्र ने कई सालों की कोशिश कूटने की कोशिशों के बाद उस इलाके को पाया। तुर्किए पाकिस्तान और सऊदी अरब के गठबंधन में मिस्र भी शामिल हो जाता तो मिस्र के लिए ज्यादा खतरा होता क्योंकि इजरायल से तुर्किए की सीमा नहीं लगती। इसे भी पढ़ें: कागज के टुकड़े जान नहीं बचाते...पाकिस्तान-तुर्की डील के बाद सऊदी पर दमकर दहाड़ा भारत का दोस्त इजराइल से पाकिस्तान की सीमा नहीं लगती। इजराइल से जो है वो सऊदी अरब की सीमा भी नहीं लगती। लेकिन इजराइल से मिस्र की सीमा बहुत नजदीक है। यदि फिलिस्तीन में कुछ भी होगा तो वहां से भागने वाले लोग मिस्र जाएंगे और मिस्र के लिए एक नया संकट खड़ा हो जाएगा। तो यहां पर मिस्र ने बहुत ही इंटेलिजेंट निर्णय लिया है और उसी कारण से वह किसी रणनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं बना है क्योंकि वो इजराइल से दुश्मनी नहीं चाहता। कई बार अपने देश का वकार, इकोनॉमिक इंटरेस्ट, पड़ोसी और कुछ खास समीकरण विदेश नीति या फॉरेन पॉलिसी की दिशा को तय करते हैं। सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान ने डिफेंस डील की जिसे इस्लामिक नाटो कहा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि अमेरिका-इज़राइल-ईरान के बीच तनाव, अमेरिकी सुरक्षा गारंटी को लेकर अनिश्चितता, ईरान का सैन्य शक्ति का प्रदर्शन और क्षेत्रीय ताकतों की बाहरी ताकतों पर निर्भरता कम करने की इच्छा - इन सभी वजहों से यह समझौता हुआ है। इसके तीनों संस्थापक सदस्य ज़ोर देकर कहते हैं कि यह एक रक्षात्मक व्यवस्था है, न कि ईरान-विरोधी गठबंधन या NATO का कोई विकल्प। लेकिन शुरुआती दिनों में ही इसके इरादे बहुत ऊँचे नज़र आ रहे हैं। कई जानकारों का मानना है कि यह दशकों में पहली बार मुस्लिम ताकतों के नेतृत्व में क्षेत्रीय सुरक्षा ढाँचा बनाने की कोशिश है। इसे भी पढ़ें: तीन तिगाड़ा काम...पाक-सऊदी-तुर्किये की यारी क्या भारत पर पड़ेगी भारी? 'सुन्नी NATO' से हम कितने मजबूत, इस रिपोर्ट में जानें सऊदी अरब के पॉलिटिकल साइंटिस्ट मंसूर अल-मरज़ोकी ने एक्स पर कहा कि डिफेंस पैक्ट (रक्षा समझौते) पर हुई ज़्यादातर चर्चाओं में असल और बड़ी बात छूट गई है। मक्का समझौता किसी बड़ी चीज़ की ओर एक शुरुआती कदम है। यह दुनिया की तीन मध्यम-स्तरीय ताकतों की शक्ति को एकजुट करने का एक ढांचा है। एक नई विश्व व्यवस्था उभर रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या अंकारा का यह कदम अमेरिका और नाटो की विश्वसनीयता पर बढ़ते संदेह को दिखाता है। नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट की पूर्व अधिकारी और रणनीतिक मामलों की जानकार तारा कार्था ने बताया कि अमेरिका के एक कांग्रेस सदस्य ने दावा किया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मक्का समझौते को कराने में मदद की थी। रिपब्लिकन प्रतिनिधि जो विल्सन ने X पर कहा था कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच आपसी रक्षा समझौता, मध्य पूर्व में स्थिरता, शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में अमेरिकी राष्ट्रपति (POTUS) की एक और उपलब्धि है।
वाराणसी: विशाल के जाने का गम सह न सका परिवार, पत्नी-बेटे ने दी जान
वाराणसी के लक्सा क्षेत्र स्थित एक होमस्टे में ठहरे महाराष्ट्र के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. बीमारी के कारण बीएचयू अस्पताल में परिवार के मुखिया की मौत से दुखी होकर उनकी पत्नी और बेटे ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की है.
रेवंत रेड्डी के भाई की कंपनी को जमीन आवंटन! BRS ने मांगा CM का इस्तीफा
तेलंगाना में भूमि आवंटन को लेकर BRS ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर पद का दुरुपयोग करके परिवार को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है. BRS ने फोर्थ सिटी प्रोजेक्ट में टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को जमीन आवंटित करने के मामले में निष्पक्ष जांच और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है.
गन्ने से एथेनॉल बनाने पर लग सकती है रोक, बढ़ेगी चीनी की सप्लाई
देश में लगातार बढ़ती चीनी की कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. आगामी अक्टूबर से शुरू हो रहे नए सीजन में एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के इस्तेमाल को सीमित किया जा सकता है.
IND vs SL: सरफराज खान की वापसी से किसका कटेगा पत्ता?
15 अगस्त को भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच खेला जाना है. ऐसे में फैन्स की नजरें सरफराज खान पर रहेगी. लंबे समय बाद टीम में वापसी करने वाले सरफराज खान को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती हैं या नहीं? यह देखना दिलचस्प होगा.
भारत के जिगरी दोस्त का बड़ा यू-टर्न, आसिम मुनीर से मिला हाथ; क्या होगा इसका असर
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है, जिसे भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है। भारत के एक बेहद करीबी और पारंपरिक मित्र देश ने पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के साथ हाथ मिलाते हुए कूटनीतिक और रक्षा स्तर पर नई साझेदारियों की शुरुआत की है। इस अप्रत्याशित कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि आखिर इस डील के तहत पाकिस्तान उस देश को क्या देगा और बदले में उसे क्या हासिल होगा। जानकारों का कहना है कि यह नया समीकरण दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक संतुलन को गहरा प्रभावित कर सकता है।रणनीतिक समीकरणों में बदलाव और पाकिस्तान की चालपाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर लगातार ऐसे देशों के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ाने में लगे हैं जो पारंपरिक रूप से भारत के मित्र माने जाते रहे हैं। इस ताजा गठजोड़ के पीछे पाकिस्तान की मंशा अपनी चरमराई अर्थव्यवस्था को संभालना और सामरिक मोर्चे पर खुद को अलग-थलग होने से बचाना है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस देश को रक्षा सहयोग, रणनीतिक समझौतों और क्षेत्रीय सुरक्षा के नाम पर लुभाने की कोशिश कर रहा है, ताकि भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को काउंटर किया जा सके।भारत के लिए यह स्थिति कितनी संवेदनशील?भारत के लिए यह कूटनीतिक घटनाक्रम बेहद सतर्क रहने वाला है, क्योंकि नई दिल्ली अपने हर पड़ोसी और मित्र देश के साथ संबंधों को लेकर बेहद संवेदनशील रही है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय की मजबूत कूटनीति और वैश्विक मंचों पर उसकी बढ़ती साख के आगे ऐसी रणनीतिक चालें अक्सर बेअसर साबित होती आई हैं। भारत इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस नई दोस्ती का असर क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय हितों पर न पड़े।
रांची में महिला प्रदर्शनकारी अफरा-तफरी में बेहोश, घसीटे जाने का आरोप
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रांची में एबीवीपी की महिला प्रदर्शनकारी रोशनी अफरा तफरी में घसीटे जाने के बाद बेहोश हो गईं. सोमवार को हजारों छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च करते हुए बैरिकेड तोड़े, जिसके बाद पुलिस ने पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इस झड़प में कई प्रदर्शनकारी और 14 पुलिसकर्मी घायल हुए. इसका असर मंगलवार को झारखंड विधानसभा और संसद दोनों जगह देखने को मिला.
'Gen-Z में बढ़ी निराशा, आरक्षण खत्म करने की हो रही साजिश', BJP-कांग्रेस पर भड़कीं मायावती
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का भले ही ऐलान न हुआ हो, लेकिन सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. आकाश आनंद ने हाथरस से जनसभा करके मिशन-2027 का आगाज कर दिया है तो अब बसपा प्रमुख मायावती मंगलवार को प्रेस कॉफ्रेंस करके बीजेपी और कांग्रेस पर जमकर हमले किए.
VIDEO: मौन व्रत में भी क्यों बोले थे सांसद रवि किशन? CM योगी ने ली चुटकी
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसद रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर मजाकिया अंदाज में चुटकी ली. एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि सांसद आज पता नहीं क्यों भाषण नहीं किए. उन्होंने दावत का जिक्र करते हुए लोगों से पूछा कि कितने लोग रवि किशन की दावत में गए थे. इसके बाद उनकी फिल्मों को लेकर भी सवाल किया.
इबोला का कहर! कांगो में 2000 मौतें, रिकॉर्ड तेजी से फैला वायरस
Ebola Virus Congo: आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक कुल 4,381 पुष्टि किए गए मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 2,011 मरीजों की मौत हो चुकी है।
शहबाज-मुनीर के उड़े होश! सर्वोच्च अदालत के बाहर उतरी इमरान खान की फौज
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के बाहर पीटीआई का प्रदर्शन शुरू हो गया है. यह प्रदर्शन खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के आह्वान पर हुआ है. पार्टी के वकील और नेता कोर्ट के बाहर जुट रहे हैं और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. दरअसल इमरान खान 2023 से अडियाला जेल में बंद हैं. पार्टी का कहना है कि गुरुवार को सांसद उनसे मिलने जाएंगे और अगर मुलाकात नहीं होने दी गई तो पूरे देश में विरोध होगा.
श्रीलंका टेस्ट से पहले जडेजा बने पुष्पा, याद आए अल्लू अर्जुन
भारत-श्रीलंका पहले टेस्ट से पहले रवींद्र जडेजा का ‘पुष्पा’ अंदाज सोशल मीडिया पर छा गया है. अभ्यास सत्र के बाद उन्होंने अल्लू अर्जुन का मशहूर ‘झुकेगा नहीं साला’ पोज दोहराया, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
27KM का माइलेज, 5.81 लाख कीमत, जुलाई में इतनी बिकी SUV
हुंडई के पोर्टफोलियो में एक ऐसी कार है, जिसकी सीधा मुकाबला टाटा पंच से है. हम बात कर रहे हैं हुंडई एक्सटर की, जो 5.81 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत पर आती है. इस कार में 6 एयरबैग स्टैंडर्ड मिलते हैं. इसे पेट्रोल के साथ सीएनजी में भी खरीदा जा सकता है. आइए जानते हैं इस कार की जुलाई में कितनी सेल हुई है.
ऑयल इंडिया का Q1 मुनाफा 253% बढ़ा, शेयर ₹484 से ₹672 पहुंचने का अनुमान
ऑयल इंडिया के शेयर में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 6.53% तक की तेजी आई और भाव ₹483.95 पहुंच गया. जून तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा 253% बढ़कर करीब ₹2,900 करोड़ रहा, जो एलारा कैपिटल के अनुमान से काफी ज्यादा है. मजबूत क्रूड प्रोडक्शन, बेहतर रियलाइजेशन और नुमालीगढ़ रिफाइनरी के प्रदर्शन से नतीजों को सहारा मिला.
नेपाल में सांप्रदायिक तनाव से उठे बड़े सवाल
नेपाल में हाल के दिनों में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की घटनाओं ने भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच टकराव की खबरें लगातार आ रही हैं। नेपाल में हाल में हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के बीच हिंसा के […]
बंगाल CM शुभेंदु अधिकारी के चॉपर की इमरजेंसी लैंडिंग- VIDEO
पश्चिम बंगाल में खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के हेलिकॉप्टर की कोलाघाट में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. इसके बाद वह सड़क मार्ग से पश्चिम मिदनापुर के केशपुर के लिए रवाना हुए. मुख्यमंत्री को आगे पुरुलिया और बांकुड़ा भी जाना था, लेकिन मौसम और इमरजेंसी लैंडिंग के बाद इन कार्यक्रमों में उनके शामिल होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
अभिषेक बनर्जी को 16 मामलों में राहत, 31 अगस्त तक कठोर कार्रवाई नहीं
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है. कोर्ट का निर्देश है कि 31 अगस्त तक TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए.
सीतापुर पुलिस लाइन के क्वार्टर में मिला हेड कांस्टेबल का शव
सीतापुर पुलिस लाइन के टाइप-1 क्वार्टर नंबर 142 में हेड कांस्टेबल अजय कुमार का शव मिला. दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस पहुंची. मौके पर फॉरेंसिक टीम ने जांच की और फिलहाल किसी आपराधिक घटना के सबूत नहीं मिले हैं. पढ़ें पूरी कहानी.
इंटरनेट पर इंसानों से ज्यादा AI एजेंट्स, खुलासे से हड़कंप, मस्क ने कहा WOW
इंसान से ज्यादा बॉट्स और AI एजेंट यूज कर रहे हैं. दुनिया की सबसे बड़ी कंटेंट डिलिवरी सर्विस क्लाउडफ्लेयर ने कहा है कि इंटरनेट पर अब इंसानों से ज्यादा बॉट्स हैं. ये सिलसिला थमेगा नहीं, बल्कि डबल से भी ज्यादा हो जाएगा. ल
न दूध, न मावा, न चीनी, शिवरात्रि पर 3 चीजों से बनाएं कलाकंद बर्फी
सावन के व्रत में मीठा खाने का मन हो तो घर पर नरम और स्वादिष्ट गुड़ कलाकंद बर्फी बनाएं. पनीर, नारियल, मिल्क पाउडर और गुड़ से बनने वाली यह आसान मिठाई बिना मावा और चीनी के तैयार होती है. कम मेहनत में रिच स्वाद वाली यह स्पेशल बर्फी घर पर झटपट बन जाती है और सब लोग बड़े मजे से खाते भी हैं.
मॉनसून की मेहरबानी के बीच कौन से राज्य अब तक सूखे रह गए?
कहीं मॉनसून ने जमकर पानी बरसाया तो कहीं बादल अब भी इंतजार करा रहे हैं. देश में कुल बारिश सामान्य से 12% कम है, लेकिन कई राज्यों में कमी इससे भी ज्यादा है. जानिए कौन से राज्य अब तक बारिश के लिए तरस रहे हैं.
2 शादियां टूटीं-अक्षरा संग ब्रेकअप, पवन सिंह बोले- वो नहीं मिली
एक्टर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर कई दफा बात करते दिखे हैं. आने वाले एपिसोड में पवन सिंह अपनी अधूरी प्रेम कहानी पर बात करेंगे.
अनुज ने DPL में मचाई तबाही, 38 गेंदों में जड़ दिए 92 रन
आईपीएल 2025 के लिए गुजरात टाइटन्स ने अनुज रावत को 30 लाख रुपये में खरीदा था. लेकिन पिछले दो सीजन के एक भी मैच में वह प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं बन पाए हैं. दूसरी तरफ अनुज लगातार अपनी बल्लेबाजी से फैन्स का ध्यान खींचते रहे हैं.
गलत वीडियो शेयर करने पर हरभजन सिंह आप पार्टी ने घेरा
भाजपा सांसद हरभजन सिंह ने पंजाब में बढ़ते नशे को लेकर एक वीडियो शेयर किया, लेकिन बाद में पता चला कि वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर का है। इसके बाद आम आदमी पार्टी नेताओं ने उन्हें घेरा और पंजाब को बदनाम करने का आरोप लगाया।
'हम चूहों की तरह रहते हैं...' बारिश में डूबते गुरुग्राम पर भड़के सुहेल सेठ
गुरुग्राम वो शहर है जहां 20, 40 या 50 करोड़ नहीं बल्कि 100 करोड़, 200 करोड़ के घर बिकते हैं. अल्ट्रा रिच लोगों की पहली पसंद बनता ये शहर बारिश में बदहाली के लिए भी चर्चा में रहता है. सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा इस बात का गवाह है कि लोग किस हद तक परेशान हैं.
8,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद जकरबर्ग ने कह दी बड़ी बात
मेटा (META) के सीईओ मार्क जकरबर्ग को पूरा भरोसा है कि एआई से बड़े पैमाने पर नौकरी पैदा होगी. उनके इस बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ समय में मेटा से 8000 कर्मचारियों की छंटनी की गई है.
रांची के प्रदर्शन में वाटर कैनन चली तो स्टूडेंट ने लगा लिया शैंपू...
विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन चलाया. लेकिन एक प्रदर्शनकारी शैंपू लगाकर पहुंच गया और बोला-10 गाड़ियां और भेज दो. अब इसका वीडियो वायरल हो रहा है.
Colombia Earthquake: विनाशकारी भूकंप से 132 की मौत, President ने देश में घोषित की National Emergency
पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें कम से कम 132 लोगों की मौत हो गई, सैकड़ों लोग घायल हो गए और कई शहरों में दर्जनों इमारतें ढह गईं। US जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) और कोलंबिया की संबंधित एजेंसी के अनुसार, भूकंप ज़मीन से लगभग 66 मील (107 किलोमीटर) की गहराई पर आया। इस ज़बरदस्त झटके को पड़ोसी देश इक्वाडोर में भी महसूस किया गया। कोलंबिया के राष्ट्रपति एबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हुए कहा, यह सरकार पीड़ितों की पूरी देखभाल और इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण की ज़िम्मेदारी पूरे संकल्प, पूरी तैयारी और पूरी प्रतिबद्धता के साथ उठाती है। राष्ट्रपति ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आइए हम उन पीड़ितों और परिवारों का साथ दें जो आज इस मुसीबत का सामना कर रहे हैं; हम उन्हें उस महानता और एकजुटता का सहारा दें जो हमारे देशभक्तिपूर्ण चरित्र की पहचान है। इसे भी पढ़ें: अमेरिका के कोलंबिया में जबरदस्त भूकंप, रिक्टर स्केल पर 6.8 तीव्रता रिकॉर्ड सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में से एक, चोको के लोगों के लिए सरकार ने 1,400 से ज़्यादा प्रभावित परिवारों और लोगों की मदद के लिए आर्थिक संसाधन और मानवीय सहायता का इंतज़ाम किया है। राष्ट्रपति ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि घायलों और जिन्हें तुरंत मेडिकल मदद की ज़रूरत है, उन्हें उपलब्ध सभी हॉस्पिटल सुविधाओं के साथ मेडेलिन भेजा जा रहा है। इसके अलावा, जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें किराए के लिए अस्थायी सब्सिडी दी जाएगी। कई रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है और क्विबडो तथा आस-पास के इलाकों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इसे भी पढ़ें: Colombia में नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के अगले दिन Car Bomb विस्फोट भूकंप का केंद्र भूकंप का केंद्र चोको इलाके के सैन होज़े डेल पाल्मार में था। इस इलाके की आबादी लगभग 4,800 है और यह बोगोटा से करीब 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। USGS ने बताया कि भूकंप ज़मीन से 107 किलोमीटर की गहराई पर आया था। काफी गहराई पर होने के बावजूद, भूकंप इतना ज़बरदस्त था कि इससे काफ़ी नुकसान हुआ और इसे एक बड़े इलाके में महसूस किया गया। पड़ोसी देश में भी महसूस किए गए भूकंप के झटके भूकंप का असर सिर्फ़ कोलंबिया तक ही सीमित नहीं रहा। पड़ोसी देश इक्वाडोर में भी झटके महसूस किए गए, जिससे इस ज़बरदस्त भूकंपीय घटना के बड़े दायरे का पता चलता है। प्रभावित इलाकों में लोगों को तुरंत प्रतिक्रिया देनी पड़ी क्योंकि इमारतें हिलने लगीं और लोग अपनी सुरक्षा के लिए घरों से बाहर भागने लगे। पिछले साल जून में, वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो ज़बरदस्त भूकंप आए थे। उन भूकंपों से भारी तबाही हुई थी; सैकड़ों इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गईं और 5,000 से ज़्यादा लोगों की मौत की खबर थी। कोलंबिया में आए ताज़ा भूकंप ने एक बार फिर इस इलाके की भूकंपीय गतिविधियों की ओर ध्यान खींचा है, हालाँकि उपलब्ध जानकारी कोलंबिया और वेनेजुएला के भूकंपों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं दिखाती है।
FCRA बिल को JPC में भेज सकती है सरकार, PM मोदी और ओम बिरला से मिले रिजिजू
FCRA संशोधन बिल 2026 को लेकर सरकार संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के विकल्प पर विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, संसद में बिल पेश करने से पहले इसे विस्तृत जांच के लिए JPC को भेजा जा सकता है. वहीं, सोमवार को हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में FCRA और परिसीमन बिल पर कोई चर्चा नहीं हुई.
दिल्ली में मंगोलियाई नागरिक के लापता होने से मचा हड़कंप
दिल्ली में मेडिकल इलाज के लिए आया 43 वर्षीय मंगोलियाई नागरिक टहलने के दौरान रास्ता भटक गया था. राजेंद्र नगर पुलिस ने CCTV और अन्य माध्यमों की मदद से उसे सुरक्षित खोजकर पत्नी से मिलाया. पढ़ें पूरी कहानी.
ईरान की 300 अरब डॉलर की मांग पर Trump का तीखा पलटवार, कहा- मारे गए लोगों के लिए हर्जाना दे Tehran
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें उसने मौजूदा संघर्ष के दौरान अमेरिका और इज़राइल के हमलों से हुए नुकसान के लिए मुआवज़े की मांग की थी। इसके बजाय, ट्रंप ने मांग की कि तेहरान को अमेरिका को भुगतान करना चाहिए और अपने हमलों से जुड़ी मौतों और घायलों के लिए उसे ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। खबरों के मुताबिक, ईरान ने वॉशिंगटन से युद्ध से हुए नुकसान के लिए 300 अरब डॉलर के मुआवज़े की मांग की है, साथ ही फ्रीज़ की गई 100 अरब डॉलर तक की ईरानी संपत्ति को जारी करने की भी मांग की है। तेहरान ने इन मांगों को रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से फिर से खोलने के किसी भी समझौते से जोड़ा है। इसे भी पढ़ें: Global Oil Crisis: होर्मुज संकट से $84 के पार पहुंचा Brent Crude, ईरान-अमेरिका में बढ़ी तकरार ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने ईरान की मुआवज़े की मांग को एक दिलचस्प विचार बताया और कहा कि वह भविष्य की बातचीत में जवाबी मांग रखेंगे। उन्होंने कहा कि ईरानी प्रतिनिधि उस नुकसान के लिए मुआवज़ा मांग रहे थे जो उनके शब्दों में पिछले पांच महीने के सैन्य संघर्ष के दौरान हुआ था। उनका दावा था कि यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब ईरान ने अपने परमाणु हथियार छोड़ने से इनकार कर दिया। ईरान के खिलाफ़ अमेरिका-इज़राइल युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था। इसे भी पढ़ें: ईरान के डर से अपना एयरफोर्स-1 विमान छोड़-छाड़ झट से ली सीक्रेट फ्लाइट, Turkey से गुप्त तरीके से भागे ट्रंप? ट्रंप ने कहा कि ईरान को उन लोगों के परिवारों को भी मुआवज़ा देना चाहिए जो तेहरान से जुड़े हमलों और संघर्षों में मारे गए या घायल हुए। उन्होंने खास तौर पर 2000 में USS कोल पर हुए बम धमाके और अन्य घटनाओं का ज़िक्र किया, साथ ही ईरान के दिवंगत सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी का भी ज़िक्र किया, जो 2020 में बगदाद में ट्रंप के आदेश पर हुए अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे। ट्रंप ने कहा मैं भी ईरान से उन सभी लोगों के लिए मुआवज़े की मांग कर रहा हूं जिन्हें उन्होंने मारा है और गंभीर रूप से घायल किया है।
100 रुपये में कई पीस... कितने का आता है होटल में मिलने वाले 2 ब्रश वाला डेंटल किट?
होटल के कमरे में मिलने वाला छोटा डेंटल किट आखिर होटल को कितने रुपये का पड़ता है? ऑनलाइन थोक लिस्टिंग के मुताबिक, साधारण होटल डेंटल किट करीब 8 से 10 रुपये प्रति पीस मिल सकता है, जबकि 2 टूथब्रश और 1 टूथपेस्ट वाला किट करीब 14 से 15 रुपये का पड़ता है.
रूस में नॉर्थ कोरियाई सैनिक, जेलेंस्की ने साउथ कोरिया से मांगा हथियार
यूक्रेन ने साउथ कोरिया से एयर-डिफेंस सिस्टम मांगे हैं क्योंकि नॉर्थ कोरिया रूस को और सैनिक भेज रहा है. जेलेंस्की ने रूस में 30-50 हजार नॉर्थ कोरियाई सैनिकों की तैनाती की आशंका जताई है.
घुसपैठिए मुस्लिम खदेड़े, अब नेपाल से क्यों भगाए जा रहे चीनी लोग!
जिस वक्त नेपाल में फिर से देश को हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए भारी संख्या में सड़कों पर हिंदू उतरे हुए हैं और इसके लिए सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। ठीक इसी दौरान नेपाल से ऐसी खबर आई है जिसने चीन और अमेरिका में बहुत बड़ी खलबली मचा दी है। जब भी नेपाल में राजनीतिक हलचलें होती हैं तो उसका आरोप कहीं ना कहीं चीन और अमेरिका पर लगता है। हाल ही में जब नेपाल में तख्तापलट हुआ तो इसका भी आरोप चीन और अमेरिका पर ही लगा। लेकिन अब नेपाल ने ही चीन और अमेरिका को बहुत बड़ा झटका दिया है। दरअसल एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2021 से 2025 के बीच नेपाल से सबसे ज्यादा चीनी नागरिकों को निकाला गया है। इसे भी पढ़ें: जय हिंद...अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत मिलने के बाद कुछ इस अंदाज में गौतम अंडानी का आया पहला रिएक्शन, कोर्ट ने आपराधिक केस किया खारिज नेपाल की सालाना रिपोर्ट में विभाग ने बताया कि नेपाल ने 695 चीनी नागरिकों को निकाला है जो देश से डिपोर्ट किए गए विदेशी नागरिकों का सबसे बड़ा हिस्सा है। नेपाल ने 5 साल में कुल 2267 विदेशी नागरिकों को देश से डिपोर्ट किया है। जिनमें चीनी नागरिकों की हिस्सेदारी 30.65% रही है। नेपाल की इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर अमेरिका के नागरिक रहे हैं। अमेरिका के 191 नागरिकों को डिपोर्ट किया गया है। और तीसरे नंबर पर बांग्लादेश रहा जिसके 145 नागरिकों को डिपोर्ट किया गया। चौथे पर यूके और पांचवें पर पाकिस्तान के नागरिक रहे जिन्हें रिपोर्ट किया गया। नेपाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आंकड़े बताते हैं कि कुछ देशों के नागरिक किस कदर इमीग्रेशन कानून का उल्लंघन करते हैं। इसे भी पढ़ें: USCIS ने US में Green Card और नागरिकता के लिए ऑनलाइन आवेदन किया अनिवार्य दरअसल 2025 में निकाले गए अपने नागरिकों की संख्या के मामले में भी चीन इस लिस्ट में सबसे ऊपर था। नेपाल ने उस साल कुल 523 विदेशी नागरिकों को देश से निकाला था। जिनमें से 120 चीनी नागरिक थे। 2023 में भी चीनी नागरिकों का डिपोर्टेशन भी बहुत ज्यादा हुआ। इस दौरान 209 चीनी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया जो 2023 में नेपाल से डिपोर्ट किए गए सभी विदेशी नागरिकों का 46% था। तो इस तरह से चीनी नागरिकों को लेकर नेपाल में शिकंजा कसता जा रहा है। यह सब तब हो रहा है जब बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों को नेपाल से खदेड़ने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। इसे भी पढ़ें: US Visa Rules: H-1B और L-1 वीजा एक्सटेंशन पर अब देना होगा भारी शुल्क, Indian IT कंपनियों की बढ़ी टेंशन दरअसल नेपाल में चीन की बढ़ती सक्रियता और निवेश भारत के लिए कई मोर्चों पर गहरी चिंता का विषय बनता जा रहा था। लेकिन जिस तरह से नेपाल चीनी नागरिकों पर एक्शन ले रहा है उससे उतना तो साफ है कि कहीं ना कहीं चीन और नेपाल के रिश्तों में खटास दिखाई दे रही है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में नेपाल और क्या कुछ एक्शन लेता है।
खुद को दुनिया का सबसे ताकतवर देश बताने वाला अमेरिका और वहां के राष्ट्रपति जो खुद को सबसे ताकतवर लीडर बताते हैं। डोनाल्ड ट्रंप, वह ईरान के डर से चोरी-छुपे चुपचाप अपना प्लेन बदलकर तुर्की से वापस अमेरिका लौटते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के डर से अपने सबसे ताकतवर विमान एयरफोर्स वन की जगह एक छोटे से सैन्य विमान में चुपचाप बिना किसी को कानों कान खबर लगे तुर्की से वापस ब्रिटेन लौटे थे। दरअसल ट्रंप को लेकर एक ऐसा बड़ा खुलासा सामने आया है जिसने उनके तुर्की दौरे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जुलाई में जो नाटो समेत तुर्की में आयोजित की गई थी ट्रंप जब वहां से ब्रिटेन के लिए रवाना हुए थे तो उनका पूरा ट्रैवल प्लान अचानक से बदल दिया गया था और यह सब कुछ ईरान के डर से था। इसे भी पढ़ें: Iran ने US के सामने रखीं सख्त शर्तें, बर्ताव बदलने तक बंद रहेगा Hormuz Strait रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप को एयरपोर्ट पर एक कैटरिंग ट्रक की आड़ में एक छोटे से सन विमान तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें अमेरिकी एयरफोर्स के C32A से तुर्की से बाहर निकाला गया। यानी कि कैमरों को दिखाई देने के लिए वो विमान एयरफोर्स वन में चढ़ते हैं और इसके बाद छुप-छुपाकर एक छोटे से सैन्य विमान में बैठकर तुर्की से बाहर निकलते हैं। पुराने एयरफोर्स वन विमान को भी उनके साथ ब्रिटेन भेजा गया ताकि बाहर से देखने वाले लोगों को यही लगे कि अमेरिकी राष्ट्रपति एयरफोर्स वन में सवार होकर ब्रिटेन पहुंचा है। दोनों विमान कुछ मिनटों के अंतर पर ब्रिटेन पहुंचे। और अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर अमेरिका जो खुद को इतना शक्तिशाली बताता है वो ईरान के डर से अपने सबसे भरोसेमंद विमान को क्यों छोड़ देगा? इसके पीछे कई सारी वजह बताई गई है। जिसमें से एक बड़ी वजह यह है कि ट्रंप जब नाटो समिति के लिए तुर्की गए थे तो तुर्की की सीमा ईरान से लगती है। ऐसे में अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने ट्रंप की यात्रा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने का फैसला किया और उन्हें चुपचाप निकालने के लिए यह कारवाई की। इसे भी पढ़ें: Donald Trump प्रशासन में अमेरिका ने 1.75 लाख से अधिक US Visa रद्द किए आपको बता दें कि ट्रंप अपने नए बोइंग 7478 विमान में पहुंचे थे। यही विमान है जो क़तर की तरफ से अमेरिका को दान दिया गया है। जिसे अब ट्रंप एयरफोर्स वन की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इस नए विमान की यह पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा थी। लेकिन वापसी के वक्त अचानक इससे वापसी नहीं की गई। उस समय ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह पुराने समय की याद दिलाने के लिए पुराने एयरफोर्स वन से उड़ान भरेंगे। लेकिन रिपोर्ट्स का दावा है कि असल में राष्ट्रपति को कुछ देर बाद ऐसे ही गुपचुप तरीके से C32 ए विमान तक पहुंचाया गया और वहां से वह रवाना हो गए। ट्रंप के यूं प्लेन बदलने की जानकारी किसी को नहीं थी।
मायावती के भतीजे ने अखिलेश को कहा अंकल, जानिए सपा चीफ ने क्या जवाब दिया
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्मा गया है. बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने हाथरस में एक रैली संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अंकल बताया, इस पर अब अखिलेश यादव के रिएक्शन आया है.
China: उड़ान भरते ही कैसे फटा चीन का लॉन्ग मार्च 7ए रॉकेट? सैटेलाइट भी हुआ नष्ट; देखिए वीडियो
China: उड़ान भरते ही कैसे फटा चीन का लॉन्ग मार्च 7ए रॉकेट? सैटेलाइट भी हुआ नष्ट; देखिए वीडियो
चीन में लड़कियों की हो गई भारी कमी, अब दुल्हन की चाहत में कैसे बर्बाद हो रही कुंवारों की जिंदगी
चीन में लंबे समय तक 'वन चाइल्ड पॉलिसी' लागू रही। इसकी वजह से देश में महिलाओं की भारी कमी हो गई है। अब युवा लड़के को दुल्हन नहीं मिल पा रही। इस संकट के बीच अब युवाओं को ठगने का सिलसिला शुरू हो गया है।
बंदरों से बचाने के लिए 'लंगूर', इंटरनेशनल टूर्नामेंट में देसी जुगाड़
नई दिल्ली में होने वाली बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं. टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए आयोजकों ने कोर्ट, दर्शक दीर्घा और पूरे स्टेडियम की व्यवस्थाओं पर खास ध्यान दिया है. लेकिन इस बार एक ऐसी चुनौती भी सामने है, जिसकी शायद किसी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट से उम्मीद नहीं की जाती.
क्या प्रोटीन डाइट कोलेस्ट्रॉल बढ़ा देती है? डॉक्टर की राय
आजकल प्रोटीन डाइट का चलन बढ़ा है. कुछ लोग इसके लिए सप्लीमेंट भी लेते हैं. ज्यादा प्रोटीन लेना किडनी को तो नुकसान करता ही है, लेकिन क्या इससे कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ता है? इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं.
अमेरिकी अदालत ने रिश्वतखोरी और सिक्योरिटीज़-फ्रॉड के कथित मामले में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और अडानी ग्रीन एनर्जी के पूर्व CEO विनीत जैन के खिलाफ आपराधिक आरोपों को 'विद प्रिजुडिस' (हमेशा के लिए) खारिज कर दिया है। इससे लगभग दो साल से चल रही कानूनी कार्यवाही खत्म हो गई है। न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र (indictment) को खारिज करने के लिए जस्टिस डिपार्टमेंट की 'रूल 48(a)' याचिका को मंज़ूरी दे दी। इन आरोपों में सिक्योरिटीज़-फ्रॉड करने की साज़िश, वायर फ्रॉड और सिक्योरिटीज़-फ्रॉड करने की साज़िश शामिल थी। इसे भी पढ़ें: Gautam Adani मामला: US Court ने आपराधिक आरोपपत्र खारिज किया, कार्यवाही समाप्त जज निकोलस गारौफिस ने केस छोड़ने के फैसले के बारे में फेडरल प्रॉसिक्यूटर से अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगने के बाद इस बर्खास्तगी को मंज़ूरी दी। 'विद प्रिजुडिस' बर्खास्तगी का मतलब है कि आपराधिक कार्यवाही हमेशा के लिए खत्म हो गई है और इन आरोपों को दोबारा दायर नहीं किया जा सकता। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अदालत ने यह तय कर दिया है कि मूल आरोप साबित हो गए थे या गलत साबित हुए थे। गौतम अडानी ने केस खारिज होने का स्वागत किया इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, गौतम अडानी ने एक्स पर एक पोस्ट में अदालत के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मैं अमेरिकी अदालत के फैसले का विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ स्वागत करता हूं। इस मुश्किल दौर में भी सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन में हमारा भरोसा अटूट रहा। मैं उन सभी का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने हम पर, सिस्टम पर और न्याय दिलाने की भारत की क्षमता पर कभी भरोसा नहीं खोया। हम वही काम करते रहेंगे जो मायने रखता है: अपने देश के लिए निर्माण करना, ऐसी वैल्यू बनाना जो हमारे बाद भी बनी रहे और खुद से भी बड़े मकसद के लिए काम करना। क्या है पूरा मामला यह आपराधिक मामला नवंबर 2024 में दर्ज किया गया था, जब अमेरिकी अभियोजकों ने गौतम अडानी, सागर अडानी, विनीत जैन और अन्य पर सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को लगभग 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रिश्वत देने की योजना में शामिल होने का आरोप लगाया था। अभियोजकों का आरोप था कि इन कॉन्ट्रैक्ट्स से दो दशकों की अवधि में टैक्स के बाद 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा का मुनाफ़ा होने की उम्मीद थी। उन्होंने आरोपियों पर अमेरिकी बाज़ारों में लोन और बॉन्ड के ज़रिए 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा की रक़म जुटाते समय निवेशकों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को लगातार बेबुनियाद बताते हुए खारिज किया और कहा कि उसने लागू कानूनों और रेगुलेटरी ज़रूरतों का पालन किया है। अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के एक अलग सिविल मामले का भी गौतम अडानी के ख़िलाफ़ अंतिम फ़ैसले के ज़रिए निपटारा हो गया है। उन्होंने आरोपों को स्वीकार किए बिना ही इस फ़ैसले को मान लिया। इस आदेश के तहत, अडानी को 30 दिनों के भीतर SEC को 6 मिलियन डॉलर का सिविल जुर्माना देना होगा।
ट्रेन में हनीमून के बाद अब शताब्दी एक्सप्रेस में बर्थडे बैश! वीडियो वायरल
ट्रेन में हनीमून विवाद के बाद अब नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस में ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा बर्थडे सेलिब्रेट करने का वीडियो वायरल हुआ है. कोच के भीतर स्टाफ केक काटता और माला पहनाता दिखा. मामला सामने आने पर झांसी रेल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.
सुल्तानपुर के 'बाहुबली ब्रदर्स' को BJP MLA से क्यों सता रहा जान का खतरा
सुल्तानपुर के बाहुबली ब्रदर्स पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह उर्फ 'सोनू सिंह' और यशभद्र सिंह उर्फ 'मोनू सिंह' को बीजेपी के विधायक विनोद सिंह से अपनी जान का खतरा नजर आ रहा है. इस मामले को लेकर मोनू सिंह ने एसपी से शिकायत की है, लेकिन मामला आखिर क्या है और क्यों सियासी अदावत गहराती जा रही है.
गेहूं के आटे से झटपट बनाएं टेस्टी नूडल्स, सबको आएगा पसंद
Homemade Atta Noodles: आज हम आपको गेहूं के आटे से नूडल्स बनाना बताएंगे, जिन्हें आप बेहद आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं. गेहूं के आटे से बने नूडल्स मैदे वाले नूडल्स की तुलना में बेहतर ऑप्शन माने जाते हैं.
'इतिहास उन्हें सम्मान से याद रखेगा', मनमोहन सिंह पर सोनिया गांधी का लेख
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने नए आर्टिकल में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की ईमानदारी की तारीफ की है. सोनिया ने उनपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए उनके कार्यकाल की उपलब्धियां गिनवाई हैं. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इतिहास मनमोहन सिंह को सम्मान के साथ याद रखेगा.
10 आंदोलन लड़े, सबमें सरकार झुकी... पढ़ें राहुल क्रांति की कहानी
राहुल क्रांति, जो झारखंड के शिक्षकों और अभ्यर्थियों के लिए 10 बड़े आंदोलनों में जीत हासिल कर चुके हैं, भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लगातार लड़ रहे हैं. हाल ही में ICU में भर्ती होने के बावजूद, वे अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखे हुए हैं. राहुल ने JSSC और JPSC जैसे महत्वपूर्ण मामलों में सरकार को कोर्ट में हराया है और भ्रष्ट परीक्षा तंत्र के खिलाफ आवाज उठाई है. पढ़ें- इनकी कहानी.
IPS वाली कांवड़... संभल पहुंचते ही गूंजे SP केके बिश्नोई के जयकारे
संभल में कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की एक अनोखी कांवड़ चर्चा में है. बृजघाट से 41 लीटर गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने कांवड़ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संभल SP IPS केके बिश्नोई की तस्वीर लगाई. कांवड़िए हर हर महादेव के साथ योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद और केके बिश्नोई की जय के नारे लगाते नजर आए. संभल पहुंचने पर मुस्लिम युवकों ने फूल बरसाकर कांवड़ियों का स्वागत किया.
फरीदाबाद की फैक्ट्री से 271 करोड़ के पेंटहाउस तक, कौन हैं मानव सरदाना
मानव सरदाना द्वारा 271 करोड़ रुपये में खरीदे गए इस पेंटहाउस ने साबित कर दिया है कि गोल्फ कोर्स रोड पर अल्ट्रा-लग्जरी प्रॉपर्टीज की मांग और कीमतें अब एक नए ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुकी हैं.

