अजित पवारः आरोपों से ऊपर उठे राजनीति के ‘दादा-पुरुष’
यह खबर केवल एक व्यक्ति के निधन की नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के एक पूरे युग के अचानक थम जाने की सूचना है। 28 जनवरी 2026 की सुबह जब बारामती में हुए विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित अनंतराव पवार के असामयिक निधन की पुष्टि हुई, तो वह क्षण केवल पवार परिवार के लिए ... Read more
UGC के नए नियम के विरोध के दावे से योगी आदित्यनाथ का पुराना वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि यह वीडियो सितंबर 2025 का है, जब केंद्र सरकार ने नई जीएसटी दरें लागू की थीं. तब यूपी सीएम ने सड़क पर उतर कर जीएसटी रिफॉर्म के बारे में लोगों को जागरूक किया था.
भरोसे एवं भारत की आवाज थे विरल पत्रकार मार्क टुली
भारत की समकालीन इतिहास-यात्रा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल घटनाओं का वृत्तांत नहीं लिखते, बल्कि समय की चेतना में घुल-मिलकर स्वयं इतिहास का हिस्सा बन जाते हैं। सर विलियम मार्क टुली, जिन्हें दुनिया भर में स्नेह और सम्मान से ‘मार्क टुली’ कहा गया, ऐसे ही विरल पत्रकार थे। उनका निधन केवल एक ... Read more
कलमा पढ़ने की अपील करने के दावे से अविमुक्तेश्वरानंद का एडिटेड वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि अविमुक्तेश्वरानंद का वायरल वीडियो क्रॉप्ड है. मूल वीडियो में वह मुस्लिम और हिंदू धर्म में अंतर समझा रहे थे, जिसके एक हिस्से को मूल संदर्भ से काटकर शेयर किया जा रहा है.
शाहरुख की फिल्मों के बहिष्कार की बात कहते योगी आदित्यनाथ का वीडियो पुराना है
बूम ने जांच में पाया कि योगी आदित्यनाथ ने 2015 में शाहरुख खान की तुलना आतंकवादी हाफिज सईद से करते हुए यह बयान दिया था तब वह यूपी के सीएम नहीं थे.
व्हाट्सऐप चैट को लेकर मेटा पर दर्ज हुआ केस, कंपनी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
अमेरिका में मेटा कंपनी के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि व्हाट्सऐप की प्राइवेसी से जुड़े दावे सही नहीं हैं
कई दिनों की मशक्कत के बाद, सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से राहत दल एक दुर्गम स्थान तक पहुंचा। वहां जो दृश्य सामने आया, उसने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया। चार फुट मोटी बर्फ की चादर के नीचे 14 वर्षीय किशोर पीयूष, पुत्र विक्रमजीत, निवासी गांव घरेड का शव दबा हुआ था।
भक्तिकाल के समाज सुधारक परम संत गुरु रविदास
भक्ति काल मे स्वामी रामानंदाचार्य वैष्णव भक्ति धारा के महान संत थे। संत कबीर, संत पीपा, संत धन्ना और संत रविदास उनके शिष्य थे। संत रविदास तो संत कबीर के समकालीन व गुरु भाई माने जाते हैं। संत रविदास ने ऐसे समाज की कल्पना क थी जहां किसी भी प्रकार का लोभ, लालच, दुख, दरिद्रता, ... Read more
हैप्पी गणतंत्र दिवस। देश खुशहाल होंगे।
भाईचारे के पौधे दिल में उगाएंगे तब ही यह देश खुशहाल होंगे, जब हिन्दू, मुसलमान एक होंगे तब ही यह देश खुशहाल होंगे। गिले-शिकवे सभी भुलाकर एक दूसरे से गले मिलाकर जब धर्म-मजहब का सम्मान करेंगे, तब ही यह देश खुशहाल होंगे। मंदिर के ढ़हाया जाने पर मुसलमान मस्जिद के ढ़हाया जाने पर हिन्दू जब ... Read more
गुजरात की मानभट्ट लोककला का सम्मान, धार्मिक लाल चुन्नीलाल पांड्या को पद्मश्री
केंद्र सरकार ने रविवार को गणतंत्र दिवस की पूर्ण संध्या पर पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री विजेताओं के नामों की घोषणा की। इस सूची में गुजरात की 'मानभट्ट' लोककला के कलाकार धार्मिक लाल चुन्नीलाल पांड्या का नाम शामिल है।
भारत में गणतंत्र की चुनौतियां, विफलताएं और समाधान
26 जनवरी 1950 को संविधान लागू कर भारत ने स्वयं को संप्रभुता-संपन्न और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया। यह केवल औपनिवेशिक शासन से मुक्ति का उत्सव नहीं था
यह मिस्टर सिस्टम कौन हैं? संसद में सवाल लगाया जाना चाहिए! अभी 28 जनवरी से बजट सत्र शुरू हो रहा है
ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?
दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे
कठपुतली व्यवस्था में गणतंत्र पर खतरा
देश आज 77 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस बार यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंतोनियो लुईस सांतोस दा कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि होंगे
ब्रेन फॉग कहीं दिल की बीमारी का संकेत तो नहीं? जानें वैज्ञानिक कारण
आज की तेजतर्रार जिंदगी में अक्सर लोग थकान, तनाव और भूलने की आदत को आम परेशानी मान लेते हैं। लेकिन, कभी‑कभी यह केवल मानसिक थकान नहीं होती, बल्कि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। कई डॉक्टर मानते हैं कि बार‑बार ध्यान भटकना, नाम भूलना या दिमाग का भारी लगना सिर्फ दिमाग की कमजोरी नहीं, बल्कि दिल की बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है घुटनों का दर्द? जानिए कारण और आयुर्वेदिक इलाज
सर्दियों के मौसम में बहुत से लोगों को घुटनों के दर्द और जोड़ों की जकड़न की समस्या सताने लगती है, खासकर बुजुर्गों, आर्थराइटिस के मरीजों और उन लोगों को जो पहले से जोड़ों की परेशानी झेल रहे होते हैं
रियलमी दैनिक स्मार्टफोन उपयोग के लिए पावर को नए सिरे से कर रहा परिभाषित
भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्मार्टफोन बाजार में, बैटरी परफॉर्मेंस अब एक मुख्य विशेषता से हटकर दैनिक आवश्यकता बन गई है।
भारत में जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में बढ़ी ग्रोथ: एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई
भारत में जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियों में तेजी देखने को मिली है। यह जानकारी एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई डेटा में शुक्रवार को दी गई।
26 जनवरी गणतंत्र दिवस : संवैधानिक मूल्य: गणतंत्र की आत्मा और नागरिक दायित्व
-बाबूलाल नागा भारतीय संविधान केवल शासन चलाने का दस्तावेज नहीं,बल्कि एक जीवंत दर्शन है,जो देश की आत्मा,उसकी चेतना और दिशा—तीनों को परिभाषित करता है। संविधान की उद्देशिका में निहित स्वतंत्रता,समता,समानता,बंधुता,संप्रभुता,समाजवाद,धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र जैसे मूल्य पूरे संविधान की वैचारिक रीढ़ हैं। ये मूल्य“हम भारत के लोग”द्वारा स्वयं को दी गई वह सामूहिक प्रतिबद्धता हैं,जो प्रत्येक ... Read more
प्रजातंत्र (लोकतंत्र) और गणतन्त्र एवं भारतीय संविधान
क्या गणतन्त्र और प्रजातंत्र एक ही है या उनमें अंतर है ? यदि अंतर है तो गणतन्त्र और प्रजातंत्र में अंतर और क्या अंतर है ? वास्तविकता में जहाँ गणतंत्र में संविधान सर्वोच्च होता है वहीं प्रजातंत्र में जनता सर्वोच्च होती है । गणतंत्र में विधि का विधान यानि कानून काराज्य होता है तो प्रजातंत्र ... Read more
ओ वसंत! तुम्हें मनुहारता कचनार
मैं जिस महाविद्यालय में पढ़ाता हूं, उसके बगीचे में कचनार का पेड़ है- बूढ़ा और खखराया हुआ. वह ऊपर-ऊपर से सूख गया है
25 जनवरी राष्ट्रीय मतदाता दिवस : लोकतंत्र की असली ताकत: जागरूक मतदाता
-बाबूलाल नागा भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस प्रत्येक वर्ष25जनवरी को मनाया जाता है। विश्व में भारत जैसे सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदान को लेकर कम होते रुझान को देखते हुए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाने लगा था। पहली बार इसे वर्ष2011में मनाया गया। मतदान दिवस मनाने का मुख्य कारण है कि लोगो को मतदान का ... Read more
राष्ट्रीय मतदाता दिवस: लोकतंत्र की शक्ति और मताधिकार का महत्व
(‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’, 25 जनवरी 2026 पर विशेष आलेख) भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस देश के हर नागरिक के लिए अत्यंत अहम है। यह दिन देशवासियों के लिये केवल एक औपचारिक दिन नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को स्मरण करने का अवसर है। इस दिन ... Read more
दुनिया जल के वैश्विक दिवालियापन की ओर बढ़ रही है
“जल है तो जीवन है”-यह पंक्ति कोई नारा भर नहीं, बल्कि मानव सभ्यता का शाश्वत सत्य है। बिना जल के जीवन की कल्पना भी संभव नहीं। किंतु विडंबना यह है कि जिस जल को हम जीवन का आधार मानते हैं, वही आज सबसे अधिक संकटग्रस्त संसाधन बन चुका है। देश-दुनिया में जल संकट के हालात ... Read more
पीरियड्स की ऐंठन, सूजन और दर्द अब नहीं करेंगे परेशान, इन योगासनों से दूर होगी तकलीफ
नेशनल गर्ल चाइल्ड डे कैलेंडर का वह अहम दिन है, जो बेटियों की हिम्मत, ताकत और जज्बे को सम्मान देता है। यह दिन बेटियों के महत्व को रेखांकित करता है
शांति चाहिए तो विविधता का उत्सव मनाना होगा
कई धर्म, कई संस्कृतियां, कई भाषाएं और चीजों को बनाने के कई अलग-अलग तरीके होना अद्भुत है।
हीराकुंड जलाशय के पक्षियों की अनोखी दुनिया
— बाबा मायाराम परिवेश व पर्यावरण के प्रति जागरुकता तो इससे बढ़ती ही है, पक्षी प्रेम और उनके प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ती है। इससे जैव विविधता व पर्यावरण का संरक्षण तो होता ही है, टिकाऊ विकास का नजरिया भी मजबूत होता है। मानसिक स्वास्थ्य में भी पक्षी संगीत मददगार है। विशेषकर, जलवायु बदलाव के दौर में यह पहल बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है, जब गर्मी पड़ने के कारण पक्षियों का जीवन संकट में है, पीने के लिए पानी का अभाव है, तब पक्षियों के प्रति जागरुकता सार्थक व उपयोगी है। हाल ही मैंने ओडिशा के हीराकुंड बांध की यात्रा की। यह बांध संबलपुर के पास महानदी पर बना है। आजादी के पहले बांधों में से एक है। इस विशाल बांध में मैंने कई पक्षियों को खेलते देखा। इसके पहले भी मैंने राजस्थान के तालाबों पर रिपोर्टिंग की है। वहां के बहुत पुराने तालाबों में पक्षियों को देखा था और उनकी आवाजें सुनी थीं, यह बहुत ही अच्छा अनुभव था। आज के स्तंभ में मैं पक्षी और उनके महत्व पर बात करना चाहूंगा, जिससे हमारे आसपास की प्रकृति से हम परिचित हो सकें और उससे जुड़ सकें। हीराकुंड जलाशय की यात्रा के दौरान हम पैदल घूमे। यहां बड़ी संख्या में पक्षी दिखाई दिए। हाल ही में खबर आई है कि यहां उनकी गणना हुई है। सर्दियों में विदेशी पक्षी बहुत आते हैं। जिसमें बताया गया है कि यहां १२८ प्रजातियां हैं, जिसमें ५ नई प्रजातियां भी शामिल हैं। यह पक्षी, सैलानियों के आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। अब यह पर्यटक स्थल भी है। जिस दिन हम वहां गए थे, उस दिन स्कूली बच्चे भी आए हुए थे। मैं कई दिनों से बरगढ़ शहर में हूं, वहां से हीराकुंड की नहर गुजरती है। प्राय: रोज ही मैं सुबह की करता हूं। नहर के किनारे घूमता हूं। नहर में पक्षियों को खेलते देखना अनोखा है। यहां के पेड़ों पर उनका बसेरा होता है। इन ठंड दिनों में सुबह और शाम उन्हें देखना सुखद है। वे झूला झूलते हैं, इधर-उधर फुदकते हैं, गीत गाते हैं और धूप सेंकते हैं। विशेषकर, किंगफिशर यहां काफी दिखता है। उसे पेड़ों पर बैठे देखना, फिर पानी में डूबते उतरते देखना बहुत ही मनमोहक है। इसके साथ पेड़ों पर तरह-तरह की चिड़ियाओं की आवाजें सुनना, जैसे वे हमसे कुछ बात कर रही हों। कई साल बाद मुझे चिड़ियों की चहचहाहट सुनकर ही जागने का मौका मिला है। इससे मुझे बचपन की याद आती है। जब मैं गांव में रहता था और चिड़ियों की चहचहाहट से ही अक्सर जाग जाता था। लेकिन बाद के वर्षों में शहरों व कस्बों में रहा तो ऐसा मौका कम आया। बरगढ़ में रहते हुए सुबह व शाम को ऐसे नजारे देखने को मिलते रहे। कुछ वर्षों से मैंने पक्षियों में विशेष दिलचस्पी ली है। मैंने राजस्थान के तालाबों पर रिपोर्टिंग के दौरान पक्षी दर्शन पर विशेष ध्यान दिया। इसके बाद कुछ पक्षियों की पहचान भी हो गई, अब इसमें और भी जुड़ाव महसूस होने लगा। यहां दोपहर में भी जब मैं कोई किताब पढ़ता हूं, तब चिड़ियों की आवाजें अपनी ओर खींचती हैं। मैं किताब छोड़कर देखता हूं, वह कहां से बोल रही है। उसे पास से देखने का मन करता है और उनको खोजने निकल पड़ता हूं। मेरे एक पक्षी विशेषज्ञ मित्र कहते हैं, अगर प्रकृति और पक्षियों को पहचान जाओगे, जान जाओगे तो वे सदैव के लिए तुम्हारे मित्र बन जाएंगे। मैं कुछ साल पहले छत्तीसगढ़ में जन स्वास्थ्य सहयोग नामक संस्था में लोकेश तमगीरे नामक डॉक्टर से मिला, उनकी भी पक्षियों में गहरी रुचि है। कुछ समय पहले उनसे लम्बी बात की और उनके अनुभव जाने। वे बतलाते हैं कि कुछ साल पहले जब वे छत्तीसगढ़ में जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था में कार्यरत थे, तब से जंगल में घूमना, परिवेश से जुड़ना, पक्षी देखना शुरू हुआ। यह संस्था स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करती है और उसके उपकेन्द्र अचानकमार वन्यजीव अभयारण्य के पास शिवतराई व बम्हनी गांव में हैं। इन गांवों का रास्ता जंगल के बीच से होकर गुजरता है। बम्हनी जाते समय मनियारी नदी भी कल-कल बहती है। बिलासपुर जिले के अचानकमार अभयारण्य में घना जंगल तो है ही, रंग-बिरंगे पक्षी भी बहुत हैं। वे आगे बतलाते हैं कि इसके बाद महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में लोक बिरादरी प्रकल्प हेमलकसा में काम किया। यह संस्था प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रकाश आमटे व उनकी पत्नी डॉ. मंदाकिनी आमटे की है। यह स्वास्थ्य के अलावा सामाजिक क्षेत्र के कई काम करती है। उन्होंने बताया कि एक दिन जंगल में साइकिल से घूमते-घामते अचानक पीले रंग का पक्षी देखा, इसे अंग्रेजी में गोल्डन ओरिएल ( पीलक) कहते हैं। यह बहुत ही आकर्षक व सुंदर था। इससे उनकी पक्षी देखने में दिलचस्पी बढ़ी। रोज़ सुबह-शाम सैर करना। साइकिल और कैमरा लेकर निकल पड़ना, फोटो खींचना और पक्षियों की पहचान करना, यह सब दिनचर्या का हिस्सा बन गया। लोकेश तमगीरे ने बताया कि वर्ष २०१९ में सेवाग्राम वर्धा आ गए। यह गांधीजी की कर्मस्थली है। गांधी के विचारों से प्रेरणा मिली। इस पहल में प्रकृति, पर्यावरण व जैव विविधता का संरक्षण भी जुड़ गया। इसके बाद कोविड-१९ का दौर आ गया। देशव्यापी तालाबंदी हो गई। इस दौरान 'भारत के बर्डमैनÓ विख्यात पक्षी विज्ञानी सालिम अली की किताबें पढ़ीं। यहां व्यवस्थित तरीके से वीडियो बनाना शुरू किया। इस बीच उनकी बेटी ३ साल की हो गई, उसे भी साइकिल पर बिठाकर सैर कराने ले जाते थे। पक्षी देखना, आवाजें सुनना, उसे बहुत ही अच्छा लगता था। वह ३ साल की उम्र में ७-८ पक्षियों की आवाज पहचान लेती थी। बच्चों के विकास में भी पक्षी अवलोकन बहुत मददगार है, यह उन्होंने अनुभव किया। वह उन्हें संवेदनशील बनाता है। अब तक ५० पक्षियों की आवाज़ सुनकर उन्हें पहचानना सीख लिया था। पक्षी भी हमारी तरह प्रकृति का हिस्सा हैं। पक्षी परागीकरण में, खाद्य श्रृंखला में, फसलों के कीट नियंत्रण में बहुत उपयोगी हैं। जंगल को बढ़ाने के लिए भी पक्षियों का योगदान है। कई पेड़ों के बीज पक्षी खाते हैं और उनकी विष्ठा के माध्यम से ये बीज मिट्टी में मिल जाते हैं, जब नमी मिलती है, तब अंकुरित हो जाते हैं। इस तरह नया पेड़ बनता है। पक्षियों की विष्ठा खेतों को उर्वर बनाती है। कौंआ, चील और गिद्ध अच्छे सफाईकर्मी की तरह काम करते हैं। पंछियों की आवाज, पक्षी संगीत स्पष्ट रूप से किसी भी व्यक्ति की मनोदशा, मानसिक स्वास्थ्य और शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। कई जगह यह देखा गया है कि इससे तनाव, चिंता और अवसाद काफी हद तक कम होता है। इस कारण आजकल मानसिक स्वास्थ्य के लिए 'बर्डस साऊंड थैरेपीÓ का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुल मिलाकर, पक्षी अवलोकन कई तरह से उपयोगी है। परिवेश व पर्यावरण के प्रति जागरुकता तो इससे बढ़ती ही है, पक्षी प्रेम और उनके प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ती है। इससे जैव विविधता व पर्यावरण का संरक्षण तो होता ही है, टिकाऊ विकास का नजरिया भी मजबूत होता है। मानसिक स्वास्थ्य में भी पक्षी संगीत मददगार है। विशेषकर, जलवायु बदलाव के दौर में यह पहल बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है, जब गर्मी पड़ने के कारण पक्षियों का जीवन संकट में है, पीने के लिए पानी का अभाव है, तब पक्षियों के प्रति जागरुकता सार्थक व उपयोगी है। क्या हम उनसे जुड़ना चाहेंगे?
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल में उम्रकैद की सजा भुगत रहे एक कैदी खरताराम की चि_ी को याचिका मानकर सुनाए गए अपने फैसले में कहा है कि गरीबी कोई अपराध नहीं है
विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने
विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more
थाने में पत्रकार, कटघरे में पत्रकारिता
जम्मू-कश्मीर में साइबर पुलिस की ओर से पत्रकारों को तलब किए जाने पर और उनसे हलफ़नामे पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाने के आरोपों पर प्रेस की आजादी का सवाल नए सिर से खड़ा हो गया है
सुभाषचंद्र बोस की मृत्यु थी एक सोची समझी साजिश? ख़ुफ़िया दस्तावेजों का हुआ सनसनीखेज खुलासा
इतिहास का बड़ा खुलासा! ब्रिटिश खुफिया दस्तावेजों से पता चला है कि 1941 में अंग्रेजों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हत्या के आदेश दिए थे। काबुल से जर्मनी यात्रा के दौरान तुर्की में तैनात जासूसों को उन्हें खत्म करने का मिशन मिला था। जानें इतिहासकार यूनन ओ हैल्पिन ने इन गुप्त फाइलों के आधार पर नेताजी के खिलाफ रची गई इस सनसनीखेज साजिश के बारे में क्या बड़े दावे किए हैं।
बालिका विकास के बन्द दरवाजे खोलने का समय
राष्ट्रीय बालिकादिवसः 24 जनवरी 2026 राष्ट्रीय बालिका दिवस बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए जागरूकता बढ़ाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का दिन है, जिसकी शुरुआत 2008 में हुई; जिसके माध्यम से बालिकाओं की तस्वीर बदल रही है, जहाँ अब वे शिक्षा, खेल और नेतृत्व में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन ... Read more
23 जनवरी : राष्ट्रीय बालिका दिवस सम्मान, सुरक्षा और समानता का सवाल
भारत में विकास और समानता की चर्चा तब तक अधूरी मानी जाती है,जब तक उसमें बालिकाओं की स्थिति का ईमानदार मूल्यांकन न हो।23जनवरी को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय बालिका दिवस इसी मूल्यांकन और आत्ममंथन का अवसर प्रदान करता है। यह दिन केवल औपचारिक आयोजन या शुभकामनाओं तक सीमित नहीं है,बल्कि समाज,सरकार और परिवार—तीनों की जिम्मेदारियों ... Read more
ललित सुरजन की कलम से-उसमें प्राण जगाओ साथी- ''हमारे राजनैतिक संवाददाता''
कांग्रेस के टिकटार्थी यह आशा लेकर उनके पास आते थे कि वे अपने संपर्कों का उपयोग कर उन्हें टिकट दिलवा सकेंगे।
राजनीतिक संकल्प को परखने के लिए फिर वापस आया क्रीमी लेयर का सवाल
क्रीमी लेयर की बहस फिर एक बार संवैधानिक और राजनीतिक ध्यान के केंद्र में वापस आ गई है।
गड्ढे में भारत, भारत में गड्ढा
युवराज मेहता की खबर आने के बाद अब कई अखबारों में दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग जगहों की खबरें और तस्वीरें आ रही हैं कि यहां भी गड्ढा है, वहां भी गड्ढा है।
सेवानिवृत्ति पर सुनीता विलियम्स का बड़ा संदेश
भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स इन दिनों भारत दौरे पर हैं। 22 से 25 जनवरी तक चलने वाले केरल साहित्य महोत्सव में शामिल होने के लिए सुनीता देश आई हुई हैं।
किसीने इतनी लाजवाब बातें कहीं हैं जो बातें सच थी, सच है और सच ही रहेंगे
सोच, सोचकर सोचिए, साथ क्या ले जाएगा ? अरे देखते ही देखते मर जाओगे सब यहीं रह जाएगा। तेरा खुद का पैदा किया हुआ तुझको जला के आएगा, मगर प्यारे दूसरा कोई हाथ भी नहीं लगायेगा। ये कालचक्र है चलता ही चलता ही जाएगा, फिर कल कोई तेरी सम्पत्ति का मालिक हो जाएगा। इसीलिए कुछ ... Read more
ऋतुओं के राजा बसंत का पर्व बसंत
पंचमी धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक बसंत पंचमी को ही विद्या एवं बुद्धि की देवी माता सरस्वती का जन्म हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसारऋतुराज बसंत के साथ धरती पर कामदेव और उनकी पत्नी देवी रति आते हैं और सभी मेंप्रेम और काम भावना जागृत करते हैं। ऐसा माना जाता है कि बसंत पंचमी के दिन ... Read more
तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा
जन जन के नायक महान स्वतन्त्रता सेनानी नेता जी कहते थे कि राष्ट्रवाद मानव जाति के उच्चतम आदर्शों सत्यम, शिवम, सुन्दरम से प्रेरित होना चाहिये | उन्होंने हमें अपने जीवन में सदेव आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी थी चाहे हमारा सफर कितना ही भयानक, कष्टदायी दुखी और बदतर हो | सुभाष बोस ने हमें ... Read more
23 जनवरी से बदलेगा मौसम, एनसीआर को मिलेगी प्रदूषण से राहत
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है
लगातार खांसी बनी जान की दुश्मन? इन आयुर्वेदिक नुस्खों से मिलेगी राहत
सर्दियों के मौसम में खांसी की समस्या आम हो जाती है, लेकिन अगर यह लगातार बनी रहे तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। छाती में बेचैनी, बलगम का बनना या गले में जलन जैसे लक्षण सांस की सेहत पर असर डाल सकते हैं
यूपी में मिलावटी घी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, इन तीन ब्रांडों की बिक्री, भंडारण और वितरण पर प्रतिबंध
एफएसडीए का यह कदम ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। अधिकारियों ने साफ किया है कि प्रतिबंधित घी दोबारा बाजार में न पहुंचे, इसके लिए राज्यभर में सख्त निगरानी रखी जाएगी।
ललित सुरजन की कलम से: आई.के. गुजराल: कुछ निजी यादें
अखिल भारतीय समाचारपत्र संपादक सम्मेलन में लघु और मध्यम समाचारपत्रों की स्थिति का आंकलन करने के लिए एक कमेटी बनाई। बाबूजी सम्मेलन के उपाध्यक्ष थे। वे ही इस अध्ययन कमेटी के अध्यक्ष बने। एक साल की मेहनत के बाद रिपोर्ट बनकर तैयार हुई। 1972 में जालंधर में सम्मेलन का त्रिवार्षिक अधिवेशन हुआ, जिसमें श्री गुजराल केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री होने के नाते बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित थे। बाबूजी ने यह रिपोर्ट उन्हें औपचारिक रूप से सौंपी। गुजराल साहब ने पहले तो नाखुशी जाहिर की संपादक सम्मेलन में अखबारों को दीगर समस्याओं पर बात क्या? बाबूजी ने स्पष्ट किया कि अधिकतर भाषायी समाचारपत्र मध्यम अथवा लघु हैं तथा उनमें अधिकतर में संपादक ही पत्र के संचालक हैं। उनकी व्यवहारिक अड़चनों पर सरकार को ध्यान देना ही चाहिए। इस तर्क को उन्होंने स्वीकार किया और उनके कार्यकाल में समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ प्रयत्न भी किए गए। (देशबन्धु में 6 दिसम्बर 2012 को प्रकाशित) https://lalitsurjan.blogspot.com/2012/12/blog-post.html
कांग्रेस आलाकमान को कर्नाटक नेतृत्व संकट जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए
जब कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व टालमटोल करता दिख रहा है, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट विस्तार का प्रस्ताव दिया है।
नयी दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में उनके नाम का ऐलान किया गया।
नई दिल्ली, साल 2025 में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात ने पहली बार 47 अरब डॉलर यानी 4.15 लाख करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर लिया है, जो भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
पीठ और बदन दर्द से परेशान? ये 4 आसान घरेलू उपाय देंगे तुरंत आराम
नई दिल्ली, आजकल पीठ दर्द, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव या सामान्य शरीर दर्द की शिकायत बहुत आम हो गई है। लंबे समय तक बैठना, गलत पोस्चर, तनाव और मौसम के बदलाव जैसे कारणों से यह समस्या बढ़ जाती है। अच्छी बात ये है कि इन समस्याओं में कुछ घरेलू उपाय से झट से आराम भी मिल सकता है।
अदरक-तुलसी-हल्दी का काढ़ा : सर्दियों में तेजी से बढ़ेगी इम्युनिटी, तो सर्दी-जुकाम और संक्रमण से राहत
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों के मौसम में सर्दी-खांसी, जुकाम और गले की खराश जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय आयुर्वेदिक उपाय के रूप में अदरक, तुलसी और हल्दी के काढ़े को शामिल करने की सलाह देता है। इससे न केवल तेजी से इम्युनिटी बूस्ट होती है बल्कि सर्दी-जुकाम और संक्रमण में राहत मिलती है।
सर्दी के मौसम में ये आदतें आपके बालों के लिए नुकसानदायक, ये गलतियां बिलकुल न करें
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दी के मौसम में सही देखरेख न होने पर अक्सर लोग बाल झड़ने और पतले होने की शिकायत करते हैं। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही इस बात पर सहमत हैं कि बालों के स्वास्थ्य के लिए उचित पोषण, नमी और रक्त संचार बेहद जरूरी है।
पोषक तत्वों से भरपूर केले का छिलका, सेहत के लिए वरदान
केला हर घर में रोजाना खाया जाने वाला फल है। यह मीठा, पौष्टिक और तुरंत ऊर्जा देने वाला होता है, लेकिन ज्यादातर लोग केला खाने के बाद उसका छिलका बिना सोचे-समझे कूड़े में डाल देते हैं
अजीत डोभाल के करियर का सबसे रहस्यमय और चर्चित अध्याय वह है, जब उन्होंने पाकिस्तान में सात साल तक एक गुप्त एजेंट के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने सक्रिय आतंकवादी संगठनों और उनके नेटवर्क पर गहरी खुफिया जानकारी जुटाई।
जनतंत्र की खोखल, तानाशाह की जीत!
नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने आने वाले विधानसभाई चुनावों के लिए अपना अश्वमेध का घोड़ा छोड़ दिया है
ट्रम्प के चंगुल से ग्रीनलैंड को बचाने के लिए कितनी दूर जा सकता है यूरोपीय यूनियन?
ग्रीनलैंड के भविष्य पर चर्चा के लिए वॉशिंगटन वार्ता बुधवार को विफल हो गई, जिसमें डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री व्हाइट हाउस से यह संदेश लेकर घर लौटे कि ग्रीनलैंड सही मायने में अमेरिका का है और ट्रम्प इसके अधिग्रहण के समय पर फैसला करेंगे
ट्रंप का प्रस्ताव ठुकराना ही बेहतर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत को एक ऐसा प्रस्ताव मिला है, जिसे सरकार को फौरन नकार देना चाहिए
आयुर्वेद: प्राचीन चिकित्सा पद्धति का वैश्विक उत्थान
हाल ही में जयपुर के एसएमएस और उसके संबद्ध अस्पतालों में की गई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि मनुष्यों में एंटीबायोटिक दवाओं का असर 57% से 90% तक कम हो गया है। कुल 9776 मरीजों पर की गई रिसर्च में पता चला कि इनमें से एक भी मरीज ऐसा नहीं था जिसे ... Read more
असम में बीजेपी की जीत को मुश्किल बताते न्यूज एंकर के AI जनरेटेड वीडियो वायरल
एआई डिटेक्टर टूल Deepfake-O-Meter, Hive Moderation और वॉइस डिटेक्टर टूल Hiya इन वीडियो के एआई से बने होने की पुष्टि करते हैं.
देश में हार्ट अटैक का बढ़ रहा खतरा, इन चार छिपे हुए लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी
2014 से 2019 के बीच देश में हार्ट अटैक के मामलों में लगभग 50% की वृद्धि हुई, जो जागरूकता और निवारक देखभाल की बढ़ती आवश्यकता को उजागर करता है। शहरीकरण, बदलती जीवनशैली, अस्वस्थ आहार, निष्क्रिय व्यवहार, डायबिटीज और मोटापे जैसी स्थितियों की बढ़ती प्रचलन इस वृद्धि के प्रमुख कारक हैं।
ललित सुरजन की कलम से-अरब बसंत से अलेप्पो तक
'आज इजरायल की गणना विश्व के बड़े युद्ध सामग्री निर्यातक के रूप में की जाने लगी है जबकि हजारों सालों के वासी फिलीस्तीनियों को बेघर कर दिया गया है।
राज्य चुनावों से पहले ईडी के फिर अति सक्रिय होने पर रहस्य गहराया
भारत में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विपक्षी नेताओं और प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े हाई-प्रोफाइल राजनीतिक-कानूनी मामलों की सुनवाई कोई नई बात नहीं है।
असम के कालियाबोर में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र नगरीय निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस पर एक बेहूदा टिप्पणी की।
गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग; रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दमकलकर्मी की भी मौत
कराची के प्रसिद्ध गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार देर रात लगी भीषण आग में दमकलकर्मी समेत 6 लोगों की मौत हो गई। एमए जिन्ना रोड पर स्थित इस मॉल में भड़की आग पर काबू पाने के लिए 12 घंटे से अधिक समय तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। 20 लोगों को घायल अवस्था में अस्पताल भर्ती कराया गया है।
गर्भावस्था में पैरासिटामोल से कोई खतरा नहीं, नए अध्ययन ने ऑटिज्म और एडीएचडी से जुड़ी चिंताएं दूर की
गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल लेने से बच्चे में ऑटिज्म, एडीएचडी (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) या बौद्धिक अक्षमता का खतरा बढ़ने की वर्षों पुरानी धारणा को एक नए, व्यापक और सख्त वैज्ञानिक मानकों वाले अध्ययन ने खारिज कर दिया है।
भारत की अधिकतम ऊर्जा मांग वित्त वर्ष 2025-26 में 242.49 गीगावाट पर पहुंच गई है। यह जानकारी सरकार की ओर से शुक्रवार को दी गई।
किशोरावस्था में व्यायाम से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम: नई स्टडी में खुलासा
एक नए अध्ययन से पता चला है कि किशोरावस्था में नियमित शारीरिक गतिविधि (फिजिकल एक्टिविटी) ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम कर सकती है, क्योंकि यह ब्रेस्ट टिश्यू की संरचना और तनाव से जुड़े बायोमार्कर्स को प्रभावित करती है।
शंख भस्म: कैल्शियम से भरपूर है शंख भस्म, हड्डियों और जोड़ों को देती है नया जीवन
आयुर्वेद में उपचार के लिए सदियों से दुर्लभ जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल होता आया है। जड़ी-बूटियों के गुण बड़े से बड़े रोग से मुक्ति दिलाने की शक्ति रखते हैं, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि आयुर्वेद में भस्म के जरिए भी रोगों को दूर करने का काम पहले से होता आया है।
मौन व्रत : दुरुस्त सेहत तो कोसों दूर रहती हैं मानसिक समस्याएं
आज की भागदौड़ और शोर-शराबे से भरी दुनिया में शांति एक दुर्लभ लेकिन बेहद जरूरी चीज है। अशांति, शोर-शराबे से न केवल शरीर रोगों का घर बन जाता है बल्कि तनाव, चिड़चिड़ापन, खिन्नता मानसिक रूप से परेशान कर देते हैं। ऐसे में मौन का अभ्यास न केवल सेल्फ-अवेयरनेस, मानसिक स्पष्टता और गहरी आंतरिक शांति प्रदान करता है।
माणिक्य भस्म : चेहरे पर निखार और हृदय संबंधी विकारों के लिए औषधि, जान लें सेवन की सावधानियां
प्राचीन चिकित्सा शास्त्र यानी आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों के जरिए बड़े से बड़े रोगों का निवारण होता आया है। हिमालय की पहाड़ियों पर मिलने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियों में वह गुण होते हैं जो शरीर को रिसेट करने में मदद करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्राचीन चिकित्सा शास्त्र में रत्नों के जरिए भी गंभीर बीमारियों का इलाज होता आया है?
बांग्लादेश का वीडियो भारत में ट्रेन हादसे की साजिश के सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम ने जांच में पाया कि वीडियो भारत का नहीं है, वीडियो में दिख रही ट्रेन पर इसके बांग्लादेश से होने के पक्के सबूत मौजूद हैं.
छत्तीसगढ़ में शीतलहर का प्रकोप अंबिकापुर में पारा 3.9 डिग्री तक गिरा
छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य हिस्सों में कड़ाके की ठंड का असर जारी है। मौसम केंद्र रायपुर द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के इन क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है
भारत में श्रमिक आंदोलन से गिग वर्कर्स तक : हड़ताल, शक्ति और जनसमर्थन का क्षय
भारतीय रेल में 1974 की ऐतिहासिक हड़ताल जॉर्ज फर्नांडिस के नेतृत्व में हुई
ममदानी की जीत में भारत के लिए संदेश
जोहरान ममदानी ने मैनहट्टन के एक बंद पड़े सबवे में संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण शहर न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में पद की शपथ ली
परंपरागत ज्ञान से पर्यावरण बचाने की राह
लोकविज्ञान चाहे वह खेती व सिंचाई से संबंधित हो या जंगल में पाए जाने वाले औषधि या पौधे हों, आज भी वृद्ध लोगों के पास सुरक्षित है
क्रिकेट स्टेडियम में नमाज अदा करते मोहम्मद सिराज की AI जनरेटेड तस्वीर वायरल
कई एआई डिटेक्टर टूल्स ने इसकी पुष्टि की है कि मोहम्मद सिराज की यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाई गई है.
वित्तीय रिपोर्ट की निगरानी के लिए सरकार ने शुरू की नई एआई पहल
वित्तीय रिपोर्टों की गुणवत्ता पर नजर रखने और सरकारी कामकाज को तेज करने के लिए सरकार ने एक नई एआई पहल की है। इस पहल का नाम 'इंडिया एआई फाइनेंशियल रिपोर्टिंग कंप्लायंस चैलेंज' रखा गया है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से ऐसे डिजिटल समाधान तैयार करना है, जो वित्तीय रिपोर्टिंग की जांच आसान और तेज बना सकें।
चैटबॉक्स पर उठ रहे सवालों पर एलन मस्क बोले, ग्रोक नाबालिगों की आपत्तिजनक तस्वीरें नहीं बनाता
टेस्ला के सीईओ और एआई कंपनी एक्सएआई के फाउंडर एलन मस्क ने कहा है कि उन्हें ऐसी किसी भी घटना की जानकारी नहीं है, जिसमें एक्सएआई के चैटबॉट ग्रोक ने नाबालिगों की आपत्तिजनक या गलत तस्वीरें बनाई हों।
ललित सुरजन की कलम से - समृद्धि (?) की कीमत
'आज जब सीएजी द्वारा एक के बाद एक रिपोर्ट में सरकारी कामकाज में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया जा रहा है, तब यह याद कर लेना उचित होगा कि इन नीतियों से किसे लाभ पहुंचा है
अजीत डोभाल की बदला लेने की बात में अन्तर्निहित खतरनाक परिणाम का भय
उलटी-सीधी बातों से भरे एक भाषण में, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने, एक बारीक लेकिन साफ तरीके से, युवाओं से बदला लेने का विचार अपनाने को कहा है
आने वाले विधान सभा चुनाव :शंख बजा नहीं, महाभारत चालू
जीहां। पांच विधानसभा चुनावों को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा होने में देर है लेकिन चुनाव के अखाड़े के पहलवान पहले से गुत्थमगुत्था होने लगे है
इतिहास, संस्कृति और धर्म से खिलवाड़
नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जिस तेजी से अयोध्या में बाबरी मस्जिद की जमीन राम मंदिर बनाने के लिए दे दी गई और फिर वहां राम मंदिर बन भी गया
एमपी में बाघ के बाइक सवार पर हमला करने के दावे से वायरल वीडियो एआई जनरेटेड है
बूम ने जांच में पाया कि वीडियो वास्तविक घटना का नहीं हैं, इसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से बनाया गया है.
कुलपति का उखड़ना उर्फ जिंदा समाज होने का ढोंग
साल 2026 के शुरुआती हफ्ते में ही साहित्य जगत में एक ऐसा प्रकरण घटित हुआ, जिसने याद दिला दिया कि हम समाज के तौर पर जिंदा नहीं बचे हैं
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
ललित सुरजन की कलम से - वर्ग विभेद की भाषा व योजनाएं
'इसी तरह पिछले दिनों प्रधानमंत्री अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान फेसबुक के कार्पोरेट दफ्तर में गए
पश्चिम बंगाल की राजनीति में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। लगातार ऐसे प्रकरण घटित हो रहे हैं जिनकी वजह से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं
भारत में एआई से जुड़ी नौकरियों में तेजी से वृद्धि के कारण भर्तियों में जबरदस्त उछाल : रिपोर्ट
भारत में साल 2025 के दौरान एआई से जुड़ी नौकरियां तेजी से बढ़ीं। पिछले साल देश में एआई से जुड़े 2,90,256 पदों की भर्ती की गई। इससे साफ है कि एआई अब सर्विस सेक्टर की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है
एक दिन में 12 बार फिजिकल होने की तलब; यह हवस नहीं, ये है खतरनाक बीमारी; जानें इस बेकाबू जूनून का सच
क्या एक दिन में 10-12 बार फिजिकल होने की इच्छा सामान्य है? जानें निम्फोमेनिया (Nymphomania) और सैटेराइसिस के बारे में, जो एक गंभीर मानसिक विकार है। यह लेख इस 'अजीब' बीमारी के लक्षण, दिमागी रसायनों के असंतुलन और इसके उपचार (CBT) पर विस्तृत जानकारी देता है। कैसे यह बाध्यकारी व्यवहार रिश्तों और करियर को तबाह कर सकता है, जाने इसकी पूरी वैज्ञानिक रिपोर्ट।
पढ़ने की लौ एवं किताबों से नाता अटूट है
53वें भारत मंडपम् में 10 से 18 जनवरी 2026 तक नौ दिनों के किताबों के जमावडे ने एक बात स्पष्ट कर दी है कि किताबों से नाता कभी नहीं टूट पायेगा। इस मेले में 35 से अधिक देशों के एक हजार से अधिक प्रकाशक भाग ले रहे हैं। यह भव्य विश्व पुस्तक मेला केवल पुस्तकों ... Read more

