इंसानी दिमाग का अध्ययन:दुनिया में पहली बार 100+ दिमागों का 3डी एटलस बनाने की पहल, आईआईटी मद्रास का मकसद क्या?
पंचकूला में पुलिस और क्राइम ब्रांच-2 की संयुक्त टीम ने लॉरेंस बिश्नोई और अर्जू बिश्नोई गैंग के दो कुख्यात शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
विचार: माता-पिता के रहते भी अनाथ होते बच्चे
इन दिनों पति और बच्चों के रहते कुछ महिलाओं का दूसरे पुरुष के साथ शादी करने के मामले बढ़ने लगे हैं।
विचार: भरोसे के संकट से जूझता विपक्ष
राजनीतिक दल यह समझें कि बगैर विश्वसनीयता के न तो आंदोलन लंबा खिंच सकता है और न ही राजनीति।
जागरण संपादकीय: एक जरूरी इनकार
वैसे तो राहुल गांधी एक लंबे अर्से से एसआईआर को वोट चोरी बताने में लगे हुए हैं, लेकिन जबसे यह समाचार आया कि एसआईआर के कुछ पहलुओं पर दोनों चुनाव आयुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त से असहमत थे, तबसे राहुल गांधी नए सिरे से आक्रामक हो गए।
...और मैंने अमिताभ बच्चन को भेंट की अपनी पुस्तक
अमिताभ बच्चन। नाम एक, उपमाएं अनेक। वह आवाज दें तो पल में हजारों की भीड़ उमड़ पड़े। वह हंसें तो लाखों चेहरे खिलखिला उठें
लोकतंत्र में सबको विरोध का अधिकार
लोकतंत्र केवल चुनाव कराने, सरकार बनाने और शासन करने की व्यवस्था का नाम नहीं है। इसकी वास्तविक शक्ति नागरिकों को अपनी बात कहने, असहमति जतानेे और अपनी सरकार से प्रश्न पूछने की आजादी में निहित है…
तमिलनाडु उप-चुनावों में मिली जीत विजय के लिए संदेश
तमिलनाडु में हाल ही में संपन्न हुए दोनों विधानसभा उप-चुनावों में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की टीवीके पार्टी को जीत तो मिल गई है, लेकिन इसके लिए पार्टी को जी-तोड़ मशक्कत करनी पड़ी। ये सीटें- पश्चिमी तमिलनाडु की धारापुरम और उत्तर…
रासायनिक प्रतिक्रिया को जिस तरह कोई ‘उत्प्रेरक’ गति दे देता है, ठीक वही काम मौजूदा राजनीति में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने किया है। उसने सियासत में एक नई ऊर्जा भर दी है, जिसका लाभ अब विपक्ष को मिल रहा है…
विश्व राजनय में विडंबना या विरोधाभास की पराकाष्ठा बेहद दुखद और शर्मनाक है। अमेरिका ने रूस के साथ डीजल आयात के लिए समझौता किया है। वह रूस से पहले ही यूरेनियम और उर्वरक आयात करता रहा है। स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…
सुधारों को तेजी से लागू करके ही भारत बनेगा समृद्ध
भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, जिसमें बुनियादी ढांचे और डिजिटल भुगतान में प्रगति हुई है।
सबको बेहतर अवसर मुहैया कराना - आय बढ़ाना है चुनौती
विकसित भारत 2047 का संकल्प पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों से मजबूत हुआ है, जिसमें जन-कल्याण और डिजिटल सेवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कंधे-पीठ के दर्द चाहते है राहत तो रोज करें गोमुखासन
नई दिल्ली, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को स्वस्थ और तनावमुक्त रखने के लिए योग करना एक अच्छा विकल्प है। योग के विभिन्न आसनों में गोमुखासन शरीर को लचीला और मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद करता है।
जीवन धारा: हर दिन यों जिएं, जैसे अंतिम हो; आज करें, अभी करें का सूत्र बेहद सार्थक
जीवन धारा: हर दिन यों जिएं, जैसे अंतिम हो; आज करें, अभी करें का सूत्र बेहद सार्थक
अमेरिका में वीजा का एक पहलू यह भी: जेडी वेंस की बात अपमानजनक, लेकिनजिस निर्भरता की ओर इशारा किया, वह असली
साहस बिन करुणा के अधूरा है: कैप्टन स्मित, बिट्टू असाधारण मनुष्य बने, बच्चों को पढ़ाने के लिए मैराथन दौड़ीं मां
नरेंद्र मोदी सरकार के समक्ष वैधता और भरोसे का गंभीर संकट
भारत की भाजपा सरकार अपनी वैधता के संकट का सामना कर रही है।
हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति खत्म, जनता सड़कों पर
शकील अख्तर लोग टकराव की बात कर रहे हैं। लेकिन हमारा मानना है कि आन्दोलनों के विभिन्न रूप होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। जनता अपने आप पहचान जाती है कि कौन उसके लिए ईमानदारी से लड़ रहा है और कौन बेवजह दूसरे पर सवाल उठा रहा है। राहुल किसी पर सवाल नहीं उठा रहे। उन पर जो लोग सवाल उठा रहे हैं वे दिखने में चाहे मोदी के विरोध में दिखें मगर राहुल पर सवाल उठा कर वे अप्रत्यक्ष रूप मोदी की ही मदद कर रहे हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का आखिरी दांव है और असफल जा रहा है। पूरा देश उनके खिलाफ उठ कर खड़ा हो गया है। ऐसा मोदी ने कभी सोचा नहीं था। उन्हें अपने हिन्दू-मुस्लिम अजेंडे पर बहुत भरोसा था। मगर जन आन्दोलन ही एक ऐसी चीज होता है जो हर बैरिकेड्स को तोड़ देता है। आज राजनीतिक नेता, पत्रकार और दूसरे तमाम लोग यह कह रहे हैं कि ये हिन्दू लड़कियों के साथ क्या हो रहा है? नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तो बीजेपी आरएसएस के गुंडे शब्द का शाम को बाद में प्रयोग किया मगर बहुत सारे लोग दिन में ही यह कहने लगे थे। और ध्यान देने वाली बात यह है कि इनमें से बहुत सारे लोग मोदी समर्थक थे। पिछले एक हफ्ते से चले घटनाक्रम ने उनकी कई धारणाओं को तोड़ा है। उनमें सबसे खास यह है कि मोदी केवल मुस्लिम को टाइट करेंगे उन लोगों के लिए हर तरह की छूट और सुरक्षा है। लेकिन शनिवार को दिल्ली की सड़कों पर जो हुआ लड़कियों, छोटी-छोटी बच्चियों के कपड़े जिस तरह उतारने की कोशिश की गई, मार-पीट, गाली-गलौज उनकी कीमत लगाना इन सब के बाद वे लोग जो सोच रहे थे कि ये हिन्दुओं की रक्षा के लिए आए हैं उनका मोहभंग हो गया। क्योंकि जितनी लड़कियों के साथ यौन दुर्व्यवहार हुआ है उनमें से लगभग सभी हिन्दू ही थीं। इससे पहले भी जन्तर मन्तर वन और उसके बाद हुई सड़क की हर दुर्व्यवहार की घटना और पकड़ के ले जाने पर थाने में जो कुछ लड़कियों और लड़कों के साथ भी हुआ वे भी वही लोग थे जिनकी रक्षा के नाम पर मोदी हर चुनाव में वोट मांगते हैं। श्मशान कब्रिस्तान तक की बातें करते हैं। पुलिस अत्याचार का शिकार लड़के- लड़कियों ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में जो बताया उसको सुनना भी मुश्किल था। अभी शनिवार को तो दिल्ली की सड़कों पर लड़कियों के साथ पुलिस की मौजूदगी में गुंडों ने कपड़े उतारने की कोशिश से लेकर हर तरह की बदतमीजी की। मगर उससे पहले इन्होंने थानों के अंदर जाकर लड़के-लड़कियों के साथ वह वह हरकतें कीं कि बच्चे बता नहीं पा रहे थे। लड़कों के भी कपड़े उतारे गए। जो ज्यादा विरोध कर रहा था उसे कहा गया कि तू मुस्लिम है। लड़के ने अपना नाम बताया। कहा आधार देख लो नहीं माने। लड़कियों की दुर्दशा तो आप सुन ही नहीं सकते। इनमें वह लड़की भी शामिल थी जिस पर एक पुलिस अधिकारी असिस्टेंट कमिश्नर आफ पुलिस रैंक के विवेक भगत ने तीन अक्टूबर को सड़क पर यौन हमला किया था। और उसके बाद उसके प्रमोशन का आर्डर आया। मगर सोशल मीडिया और थोड़ी सी जिन्दा बची पत्रकारिता ने इस मुद्दे को इतना उठाया कि प्रमोशन का आर्डर पेन्डिंग रखना पड़ा। सीमित सही मगर साहसिक पत्रकारिता का यह असर रविवार को भी देखने को मिला जब शनिवार को पुलिस के साथ मिलकर खुली गुंडागर्दी कर रहे चार गुंड़ों को पुलिस को ही गिरफ्तार करना पड़ा। यह सब गुंडे और इनके संरक्षक पहले से हाथों में लाठियां लिए वीडियो बनाकर धमकियां दे रहे थे। और 12 साल से यही कर रहे हैं। लेकिन शनिवार की घटनाएं, जो कैमरों में कैद हो गईं, उनके विडियो वायरल हो गए, उस के बाद जब खुद मोदी के समर्थक रहे लोग यह कहने कि अब तो ये हिन्दू लड़कियों के साथ करने लगे तब सबको एक बड़ा झटका लगा। नफरत चीज ही ऐसी है कि वह किसी एक के खिलाफ केन्द्रित नहीं रहती है। मोदी ने मुसलमानों के खिलाफ इसे लाया था। शाहीन बाग़ के आन्दोलन के समय इसे चरम पर पहुंचा दिया गया था। दिल्ली में दंगे करवाए गए। जबकि दिल्ली में ऐसा कहीं माहौल ही नहीं था। इसी हिन्दू-मुसलमान के सहारे मोदी 12 साल से राज करने में सफल रहे। मगर अब जब लोगों ने खासतौर से हिन्दुओं ने देखा कि किस तरह उनकी बच्चियों के साथ अनपढ़ गुंडे बुलाकर उनके कपड़े उतारने की कोशिश की जा रही है उनकी तीन-तीन सौ रुपए कीमत लगाई जा रही है तो वे चौंक गए। इससे पहले शाहीन बाग़ की औरतों के लिए भी ऐसा ही कहा गया था कि पचास-पचास रुपए देकर धरने पर बिठाया जा रहा है। किसान आंदोलन की महिलाओं के लिए भी। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी कहा जिससे आक्रोशित होकर सुरक्षा बल की एक महिलाकर्मी ने जो किसान की बेटी थी कंगना रनौत को चांटा भी मारा था। लेकिन अब जब सड़क पर निकलने वाली हर लड़की बच्ची को पकड़-पकड़ कर उसका चीरहरण किया जाने लगा तो लोगों के मन में मोदी भक्ति के बदले मोदी के खिलाफ आक्रोश पैदा होने लगा। हिन्दुओं की सुरक्षा के नाम पर तो मोदी आए थे। नारा नारी की सुरक्षा का भी था। मगर नारी में सब धर्म जाति के आ जाते हैं तो उसे लोगों ने ज्यादा अपने हित वाले भाव से नहीं लिया। मगर हिन्दू खतरे में हैं और मैं उनकी रक्षा करूंगा यह बात मोदी लोगों के दिमाग में उतारने में सफल हो गए। इसलिए वे मंगल सूत्र जैसे प्रतीक बोलते हैं कि छीन कर ले जाएंगे। मगर छात्र और युवा पहले पेपर लीक पर और अब चुनाव चोरी पर जब आवाज उठाने लगे तो वही नफरत जो मुस्लिम के खिलाफ लाए थे इन बच्चों के खिलाफ भी सामने आ गई। खासतौर से लड़कियों के। और लड़कियां भी ज्यादातर उस मध्यम वर्ग की जिनके माता- पिता सबसे ज्यादा मोदी से प्रभावित हुए थे। नेहा वोरा के बारे में आप लोगों को मालूम होगा कि उसके माता-पिता दोनों मोदी समर्थकों में आते हैं। लेकिन अब जब उनकी लड़की के साथ और दूसरी लड़कियों के साथ एक से एक गलत व्यवहार होता है तो अभी तक मोदी का समर्थन कर रहे लोगों के दिमाग में भी सवाल आता है कि हमारे साथ भी वैसा ही व्यवहार। नेहा वोरा इस आन्दोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। निर्भय और प्रतिबद्ध। उसकी हिम्मत सबने देख ली। जब सीजेपी के सब बड़े नेता घोषणा करके दिल्ली आए और जाहिर है कि उसके बाद उन्हें पकड़ा ही जाना था, के बरअक्स नेहा शनिवार को अचानक सड़क पर आई और हिरासत में लिए जाने से पहले अपना प्रतिरोध दर्ज कराया। जब सरकार इतनी जालिम हो तब प्रतिरोध इसी तरह छापेमारी के अंदाज में किया जाता है। राहुल ने चार दिन लगातार दिल्ली में यही किया। और उससे पहले पेपर लीक के मुद्दे के समय भी। खैर हम फिलहाल सीजेपी ( काक्रोच जनता पार्टी) पर बात नहीं कर रहे हैं। लोग टकराव की बात कर रहे हैं। लेकिन हमारा मानना है कि आन्दोलनों के विभिन्न रूप होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। जनता अपने आप पहचान जाती है कि कौन उसके लिए ईमानदारी से लड़ रहा है और कौन बेवजह दूसरे पर सवाल उठा रहा है। राहुल किसी पर सवाल नहीं उठा रहे। उन पर जो लोग सवाल उठा रहे हैं वे दिखने में चाहे मोदी के विरोध में दिखें मगर राहुल पर सवाल उठा कर वे अप्रत्यक्ष रूप मोदी की ही मदद कर रहे हैं। अगर राहुल ही मैनेज हो जाएं तो फिर मोदी के लिए कोई समस्या बचती ही नहीं है। राहुल ही एकमात्र मोदी के लिए चैलेंज हैं। (लेखक वरिष्ठ पत्रकार है)
विचार: आर्थिकी को नई धार देने की कोशिश
जीएसटी में हालिया सुधार से कारोबारियों में डर खत्म होगा और ईमानदारी से व्यापार करने वालों का भरोसा बढ़ेगा।
विचार: आंदोलन वही, जो भरोसा पैदा करे
केवल मुद्दा सही होना ही पर्याप्त नहीं है, उसके खिलाफ सही नेतृत्व, सही भाषा और सही पद्धति भी चाहिए।
जागरण संपादकीय: दोहरे रवैये पर प्रहार
ऐसा लगता है कि इस संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के कर्ताधर्ता ने यह देखने-समझने की भी जरूरत नहीं समझी कि भारत के जिस प्रकरण को लेकर उसने जो चिंता जताई, उसके मूल में क्या है।
मृत्यु की मुस्कान से मोक्ष की ओर — श्रीमती कान्तादेवी बोथरा की सागरी संथारा
जैन धर्म की आध्यात्मिक परंपरा त्याग, तपस्या, संयम, आत्मजागरण और वैराग्य की ऐसी गौरवशाली परंपरा है, जिसमें जीवन की सार्थकता केवल जीने में नहीं, बल्कि जीवन के अंतिम क्षणों को भी सजगता, समता और आत्मशुद्धि से परिपूर्ण बनाने में निहित है। इस परंपरा में संथारा अथवा संलेखना एक ऐसी विशिष्ट आध्यात्मिक साधना है, जो मनुष्य ... Read more
जानना जरूरी है: मां दुर्गा ने किया महिषासुर-वध, पार्वती जी की तपस्या की रक्षा कैसे हुई?
जानना जरूरी है:मां दुर्गा ने किया महिषासुर-वध,पार्वती जी की तपस्या की रक्षा कैसे हुई?
पंजाब में चुनाव के दौरान पारंपरिक सियासत और समीकरणों से ज्यादा राजनीतिक मुद्दों से जुड़ी लहर और मतदाताओं का मूड असरदार रहता है।
Box Office Collection: 'दृश्यम 3' की कमाई ने सबको हैरान किया है। भारत के साथ दुनियाभर में यह फिल्म अच्छी कमाई कर रही है।
बेलोन में सर्व मंगला बेला भवानी मंदिर में दर्शनों के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर ट्राली की शनिवार की रात में डिबाई नरोरा मार्ग पर ट्रक से टक्कर हो गई। हादसे में ट्रैक्टर ट्राली में सवार 29 श्रद्धालु घायल हो गए।
भुस में लट्ठ मारते हम हिंदी वाले
एक संगोष्ठी में कई विद्वान मिलकर एक कवि के व्यक्तित्व और कृतित्व में मनुष्य खोज रहे थे और मैं उस कविता के कवि , उसकी पहचान को खोज रहा था। खोजते-खोजते पहले विद्वान ने…
वह कारों की दुनिया में किसी करिश्मे से कम नहीं थे। उनका एक ही मकसद था- बड़ी, शक्तिशाली और विश्वसनीय कार बनाना। बेहद साधारण परिवार से आए असाधारण मैकेनिकल इंजीनियर ने 30 की उम्र में एक कार कंपनी की नींव रखी…
सिर्फ सत्ता नहीं, व्यवस्था परिवर्तन के महानायक
पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान; लाहौर सेंट्रल जेल से रिहाई के बाद 21 अप्रैल, 1946 को पहली बार जयप्रकाश नारायण का पटना आगमन; लाखों की भीड़ अपने नायक की एक झलक पाने को आतुर; जेपी के स्वागत में एक जनसभा का आयोजन…
(10th October 1933 – 18th December 2011) *स्वर्गीय श्री मिर्चूमल सोनी* का जन्म 10th October 1933 को मांझन्द, जिला दादू, सिंध प्रांत (ब्रिटिश भारत) में हुआ था। उन्होंने सिंधी फाइनल तक शिक्षा प्राप्त की तथा शास्त्रीय संगीत में विशारद की उपाधि हासिल की। पेशे से स्वर्णकार होने के साथ-साथ वे गीत-संगीत, नाटक, साहित्य एवं लेखन ... Read more
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विपक्ष के आरोपों के बीच, 124 पूर्व अधिकारियों ने जनता के नाम पत्र जारी कर इसका समर्थन किया है
बदलती परिस्थितियों में कांग्रेस क्षत्रपों के साथ सम्मानजनक समझौते कर सकती है। राहुल गांधी की यह तमाम मशक्कत इसीलिए है। उनकी नजर साल 2029 के लोकसभा चुनावों पर है, लेकिन नरेंद्र मोदी जैसी लोकप्रिय शख्सियत से टकराने के…
समाजवाद के प्रणेता अहिंसावादी अग्रवंशी सम्राट महाराजा अग्रसेन
निर्विवाद रूप से किसी भी राष्ट्र या समाज एवं परिवार को उन्नत विकसित और कल्याणकारी बनाने के लिये उसके आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक स्तम्भों का मजबूत होना अति आवश्यक है | इन चारों स्तंभों को दृढ़ करके ही राष्ट्र को प्रगतिशील एवं विकसित देश बनाया जा सकता है |लगभग 5141वर्ष पूर्व महाराजा अग्रसेनजी इन्हीं ... Read more
जेपी की संपूर्ण क्रांतिः राजनीति को नई दिशा देने का मंत्र
जयप्रकाश नारायण जन्म जयन्ती-11 अक्टूबर, 2026 भारत के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने समय की सीमाओं को लांघकर आने वाली पीढ़ियों के लिए विचार, आदर्श और प्रेरणा के शाश्वत स्रोत बन जाते हैं। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ऐसे ही महान जननायक थे, जिन्होंने सत्ता के शिखरों पर पहुंचने की अपेक्षा जनसेवा के ... Read more
शेखर सुमन: नाना पाटेकर की याद में अभिनेता ने लिया बड़ा फैसला, शो के आखिरी एपिसोड को लेकर कही ये बात
अभिनेता शेखर सुमन ने अपने शो 'शेखर टुनाइट' का आखिरी एपिसोड करने से मना कर दिया है और उन्होंने इसके पीछे की वजह का खुलासा भी किया है। आइए जानते हैं कि एक्टर ने क्या कहा।
जानिए पार्श्वकोणासन के फायदे और सावधानियां
नई दिल्ली, भारतीय योग परंपरा में शारीरिक लचीलापन, मानसिक एकाग्रता को एक साथ साधने वाले आसनों में 'परिवृत्त बद्ध पार्श्वकोणासन' का विशेष स्थान है।
बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: वर्ल्डवाइड 400 करोड़ पार हुई 'दृश्यम 3' की कमाई, 'हनुमान अंश' ने भी लगाई छलांग
'दृश्यम 3' बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर रही है। एक हफ्ते बाद भी यह फिल्म अच्छी कमाई कर रही है। आइए जानते हैं बाकी फिल्मों ने कितना कलेक्शन किया है?
जंतर-मंतर 2.0- सरकार के सामने सीजेपी की नई चुनौती
उभरते हुए लोकतंत्रों के लिए एक नए युग की शुरुआत करने वाला देश अब एक चक्र पूरा कर चुका है।
ये सिर्फ आशंकाएं नहीं हैं: हर चार में से एक नौकरी जेनरेटिव एआई के चलते जोखिम में, सिकुड़ रहे कई क्षेत्र
पड़ोसी पहले की नीति पर पुनर्विचार हो: भारत के स्वाभाविक क्षेत्रीय प्रभाव से निष्ठा सुनिश्चित नहीं, दिल्ली असहज
सत्ता बदलने से अधिक जरूरी है व्यवस्था का बदलना
इस आंदोलन में किसी मंत्री, अधिकारी या नियामक प्राधिकारी का इस्तीफा का केंद्र में होता है।
लद्दाख में हिम तेंदुआ बचाने की पहल
लद्दाख में हिम तेंदुआ को बचाने की शुरूआत दो दशक पहले हुई थी।
अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय आईटी कंपनियों को स्थायी निवास कार्यक्रम से बाहर करने और वीजा नियमों को सख्त करने को भारत विरोधी और अहंकारी बताया गया है
विचार: सेवा, संकल्प और समर्पण की यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा, गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक, देश के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर केंद्रित है
विचार: मस्क के दबाव में आने से बचे भारत
पांच साल पहले स्टारलिंक के तत्कालीन भारत प्रमुख ने एलान किया था कि 2022 के अंत तक देश में 2,00,000 टर्मिनल चालू कर दिए जाएंगे, जिनमें से ज़्यादातर गांवों में होंगे
शास्त्री भवन से पुस्तकालय हटाना अनुचित
दिल्ली के शास्त्री भवन से ‘केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय’ को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस पुस्तकालय की स्थापना सन् 1891 में कोलकाता में ‘इम्पीरियल सेक्रेटेरियट लाइब्रेरी’ के रूप में हुई थी और साल 1969 से यह…
लोकतंत्र बचाने के लिए इस्तीफा अनिवार्य
पिछले पांच दिनों से देश की राजधानी दिल्ली छावनी में तब्दील हो चुकी है। बंद रास्ते, चौतरफा बैरिकेडिंग और पुलिस की बर्बरता केंद्र की सरकार में व्याप्त डर और बौखलाहट के ठोस सुबूत हैं। मुद्दा क्या है…
भारतीय मूल की अंतरराष्ट्रीय न्यायविद नवनेथम ‘नवी’ पिल्लै को शांति प्रयासों के लिए दिया जा रहा नोबेल तमाम भारतवंशियों के लिए खुशी और गौरव का क्षण है। न्यायविद नवी को बड़े-बड़े शांति व सेवा कार्यों को संपन्न करते देखा गया है…
गरबा और डांडिया रास की थापों बिना अधूरा लगता है नवरात्रा पर्व
समाज की संस्कृति का परिचायक नवरात्रा पर विशेष – हमारे देश में अनेक धर्म एवं सम्प्रदाय के लोग रहते है। जो समय समय पर अपनी संस्कृति के अनुसार धर्मो को मनाते है। इसीलिए हमारे देश के लिए अनेकता में एकता की बात कही जाती है। विभिन्न धर्मो एवं सम्प्रदाय के लोगों को एक सूत्र में ... Read more
‘भाइयों और बहनों’ से ‘ब्रो, वी नीड टू टॉक’ तक भारतीय राजनीति की बदलती भाषा और Gen-G का उभार
राजनीति हमेशा से केवल सत्ता प्राप्त करने की कला नहीं रही; वह समाज से संवाद करने की कला भी रही है। सत्ता के गलियारों से लेकर जनसभाओं तक, नेताओं की भाषा ने अपने समय की सामाजिक चेतना, राजनीतिक आकांक्षाओं और सांस्कृतिक मनोविज्ञान को प्रतिबिंबित किया है। एक समय था जब राजनीतिक संवाद की शुरुआत होती ... Read more
आईपीसीसी की जलवायु संबंधी रिपोर्टों पर तीन साल से जारी है वाद-विवाद
जलवायु परिवर्तन, अप्रत्याशित और गंभीर नतीजे दिखा रहा है. लेकिन नीति निर्माताओं के पास इससे जुड़ी बासी रिपोर्टें हैं.
बारिश और आंधी-तूफान के लिए येलो अलर्ट जारी: बिहार
पटना, बिहार में शुक्रवार को मौसम खराब रहने की संभावना है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
: नाना पाटेकर का कल रात उनके द्वारा इकट्ठा की गईं लकड़ियों से किया गया। इस मौके पर उनके बेटे ने बताया है कि उनका अंतिम संस्कार रात में क्यों किया गया है।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो 9 अक्तूबर की तारीख न चूकें। एनसीआरटीसी, बीसीपीएल, मैत्रेयी कॉलेज, जेकेएसएसबी और एसएमपी कोलकाता में कई पदों पर भर्ती चल रही है। नीचे दी गई भर्तियों में से अपनी पसंद की नौकरी के लिए तुरंत आवेदन कर दें।
भारत का चुनावी संकट अब ले रहा सर्वोच्च न्यायालय की परीक्षा
सर्वोच्च न्यायालय अब उस स्थिति में है जहां से वे जवाब सबसे विश्वसनीय रूप से सामने आ सकते हैं
जीएसटी सुधार की ओर: टैक्स दरों में बदलाव के बजाय व्यापार आसान बनाने की दिशा में पहल,57वीं बैठक कई अहम फैसले
थोड़ा-सा रूमानी, थोड़ा-सा रूहानी:नाना पाटेकर एक खुदरंग अभिनेता के रूप में दर्ज रहेंगे, अपनी तरह के खालिस
ललित सुरजन की कलम से विकलांग चेतना का दौर
कुल मिलाकर मुझे लगता है कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में सारा देश 'थियेटर ऑफ द एब्सर्ड' में तब्दील हो गया है।
आने वाले समय का संकेत: रेपो दर बढ़ने के पीछे अर्थव्यवस्था पर आरबीआई का भरोसा, क्या मुद्रास्फीति में कमी आएगी?
सामान्य वर्ग को न्यायोचित अधिकार मिलने चाहिए!
मनोहर चावला आज चारों तरफ़ आरक्षण ख़त्म करने के लिए सामान्य वर्ग सड़को पर है देश में जगह जगह आरक्षण ख़त्म करने के लिए जुलूस, हड़ताले और अनशन हो रहे है लेकिन सरकार के कानों जूँ तक नहीं रेंग रही है ।किसी भी दल ने आरक्षण के मुद्दे पर एक शब्द नहीं बोला न ही ... Read more
फोर्टिस शालीमार बाग ने उत्तरी-पश्चिमी दिल्ली का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण किया
नई दिल्ली। फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग के डॉक्टरों ने उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण (हार्ट ट्रांसप्लांट) कर 47 वर्षीय मरीज चंचल यादव को नया जीवन दिया है…
विचार: संस्थाओं की साख पर निशाना
अगर संस्थाएं अपनी नैतिक आभा के साथ नहीं बची रहीं तो यह लोकतंत्र की सेहत के लिए शुभ नहीं होगा।
जागरण संपादकीय: जीएसटी परिषद के फैसले
ध्यान रहे कि देश के साथ विदेश के भी कारोबारी टैक्स संबंधी नियमों को सरल और सुगम बनाने की मांग करते ही रहते हैं। यह मांग पूरी होनी चाहिए, क्योंकि इससे कारोबार जगत में भरोसा बढ़ता है और इसके नतीजे में उसे गति मिलती है।
डाटा सेंटर बनाते समय पानी बिजली का भी ध्यान रखें
इस साल जुलाई में ठाणे (मुंबई) के सैकड़ों निवासियों ने बालकुम स्थित 53 एकड़ के उस भूखंड पर मानव शृंखला बनाई, जिसे ‘हाइपरस्केल डाटा सेंटर’ के लिए चयनित किया गया था। निवासी उस शोर और गर्मी के खिलाफ अपना विरोध…
चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर सवाल
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा राजधानी दिल्ली में मार्च और धरना-प्रदर्शन ने एक बार फिर चुनाव आयोग की कार्य-प्रणाली, चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता को राष्ट्रीय बहस…
पाकिस्तान के गले पड़ा मक्का समझौता
सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हालिया हमलों की एक शृंखला ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौता, यानी मक्का पैक्ट को सक्रिय कर दिया है। यह पश्चिम एशिया की सुरक्षा संरचना में एक अहम मोड़ है…
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए चल रहे आंदोलन का दिनों-दिन तेज होना बड़ी चिंता और चिंतन की बात है। विगत 2 अक्तूबर से शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे विस्तार पा रहा है और इसके पक्ष के साथ ही…
जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने आठ और नौ अक्टूबर को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘रीविजिटिंग द कॉन्टूर्स ऑफ इंडियन सिविलाइज़ेशन : कल्चर, हेरिटेज, गांधी एंड इंडिजेनस एपिस्टेमोलॉजीज’ का आयोजन किया…
महिलाओं को नहीं बल्कि पुरुषों को भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर
नई दिल्ली, ब्रेस्ट कैंसर का नाम सुनते ही आमतौर पर हमारे मन में महिलाओं की तस्वीर आती है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि पुरुष भी इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं?
संचार मंत्रालय : सैटेलाइट कम्युनिकेशन पर भेदभाव के आरोप बेबुनियाद
नई दिल्ली, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सर्कुलेट हो रही है, जिसमें भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विसेज के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की निष्पक्षता पर सवाल उठाया गया है और कहा जा रहा है कि इसे भेदभावपूर्ण तरीके से लागू किया जा रहा है। इस पर भारत सरकार के संचार मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है।
पैरों और पेट की मांसपेशियों को मिलेगी मजबूती करे पार्श्वकोणासन
नई दिल्ली, योग पद्धति में ऐसे कई आसन हैं, जो शरीर को मजबूत बनाने के साथ-साथ लचीलापन और संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। 'उत्थित पार्श्वकोणासन' भी ऐसा ही एक योगासन है, जो शरीर के निचले हिस्से को मजबूत करने और पार्श्व अंगों में खिंचाव लाने के लिए किया जाता है।
स्मृति शेष: नाना पाटेकर केवल अभिनेता नहीं, बल्कि जमीन और लोक से जुड़े इंसान थे
नाना ने कभी अपने संघर्ष को छिपाया नहीं। वह खुलकर बताते थे कि उन्होंने भूख देखी है, गरीबी देखी है और अपमान भी सहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने अभिनय की बहुत सी बातें जिंदगी से सीखी हैं।
Nana Patekar Manisha Koirala: 90 के दशक में नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला के अफेयर की रूमर्स ने जोर पकड़ा था। उस दौर में दोनों के रिश्तों को लेकर हुई चर्चाओं पर हाल ही में फिल्म 'अग्नि साक्षी' के राइटर रणबीर पुष्प ने बात की।
भारतीय वायुसेना दिवस के मौके पर हम बॉलीवुड के उन कलाकारों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने फिल्मों में वायु सेना के योद्धाओं का किरदार निभाया है।
मारे गए तरावड़ी के घाट: एक युद्ध की हार, जो मुहावरा बन गई
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जन्म शुरुआत है अंतिम फैसला नहीं: कहां पहुंचते हैं, यही असली कहानी
जन्म शुरुआत है अंतिम फैसला नहीं: कहां पहुंचते हैं, यही असली कहानी
एक चुनौती, जो हमें दी गई: जब भारतीय स्टार्टअप ने अंतरिक्ष में खुद की राह बनाई
हम उस पीढ़ी का हिस्सा हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्षों के दौरान बड़ी हुई और उनकी प्रेरणा से ऐसी चीजें बना रही है, जिन्हें कभी दूसरे देशों से खरीदना पड़ता था।
उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती 2025 की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दो केंद्र बदले गए हैं। बारिश और जलभराव के कारण आजमगढ़ की जगह मिर्जापुर में परीक्षा होगी। अभ्यर्थी संशोधित प्रवेश पत्र डाउनलोड कर नई तारीख, केंद्र
मौद्रिक नीति की दिशा: महंगाई पर आरबीआई की सख्ती, विकास और कीमतों के बीच संतुलन की परीक्षा
मौद्रिक नीति की दिशा: महंगाई पर आरबीआई की सख्ती, विकास और कीमतों के बीच संतुलन की परीक्षा
ललित सुरजन की कलम से माधवराव सप्रे
यह निबंध प्रथमत: 1907 में प्रकाशित हुआ था और मेरे लिए यह विस्मयजनक था कि सौ वर्ष पूर्व इस विषय पर कोई लेख लिखा जा सकता था !
भारत में ईसाई संगठन अपने खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर चिंतित
हाल ही में, एक नई समस्या पैदा हुई है जिसने पहले से ही तनावपूर्ण और असहज अंतर-जातीय संबंधों को और जटिल बना दिया है।
मोदी अब कभी नहीं पूछेंगे कौन राहुल
एक बार नरेन्द्र मोदी ने अहंकार में पूछने की हिमाकत कर ली कि कौन राहुल, लेकिन अब भूल से भी कभी पूछने का दुस्साहस नहीं करेंगे।
विचार: संकट बने दवाओं के मनमाने मूल्य
जब दवाएं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आती हैं तो फिर एमआरपी की छद्म-आधारित मूल्य व्यवस्था क्यों ही बनी हुई है?
विचार: साकार हो रहे नव-निर्माण के सपने
यह देखकर मन अत्यंत आनंदित होता है कि विगत एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों ने हमारे राष्ट्रीय जीवन के कितने ही विविध आयामों को छुआ है।
जागरण संपादकीय: मोदी शासन के 25 वर्ष
इसी के साथ उन्होंने अपनी विदेश नीति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत का मान भी बढ़ाया। इसी कारण वे पिछले एक दशक से अधिक समय से विश्व के लोकप्रिय शासकों में शीर्ष पर अपना स्थान बनाए हुए हैं।
कामयाब कप्तान के रूप में याद रहेंगी हरमनप्रीत
हर खिलाड़ी अपने खेल-जीवन में ऐसा फैसला लेता है, जिसमें वह खुद से अधिक देश के बारे में सोचता है। हरमनप्रीत कौर का भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला कुछ ऐसा ही है…
अविश्वास खतरनाक मोड़ तक न पहुंचे
महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद शुरुआत तो नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने की थी, लेकिन चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल…
स्त्रियों की सुरक्षा पर कोर्ट का रुख सही
महिलाओं की सुरक्षा किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज की बुनियादी कसौटी होती है। दिन हो या रात, यदि महिलाएं सड़क पर चलने, यात्रा करने या किसी सार्वजनिक स्थान पर जाने से पहले अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती हैं…
लोकतंत्र में किसी भी राजनेता के लिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे करना सचमुच विरल है। दुनिया की दिग्गज हस्तियों में शुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ये 25 साल सदैव चर्चा और विमर्श का विषय रहेंगे…
मस्तिष्क के रहस्यों की नई खोज से मानवता के उजाले
मानव सभ्यता की यात्रा अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने की यात्रा है। कभी मनुष्य ने प्रकृति के रहस्यों को समझने के लिए आकाश की ओर देखा, कभी धरती की गहराइयों में उतरकर जीवन के सूत्र खोजे और कभी अपने शरीर के भीतर छिपी अद्भुत शक्तियों को जानने का प्रयास किया। विज्ञान की प्रत्येक महत्वपूर्ण ... Read more

