तनाव और खराब पाचन से परेशान? करें ये योगासन
नई दिल्ली, योग हमारे शरीर और मन को स्वस्थ रखने का सबसे प्राकृतिक तरीका है। ऐसे ही एक सरल और लाभकारी योगासन का नाम है शशकासन। शशक शब्द का अर्थ होता है खरगोश। इस आसन के अभ्यास के दौरान शरीर की आकृति खरगोश जैसी बन जाती है, इसलिए इसे शशकासन कहा जाता है। यह आसन दिखने में जितना सरल है, इसके लाभ उतने ही प्रभावशाली हैं।
15 Years Of Manish Malhotra Mijwan: बीती रात मुंबई में मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा का खास 'मिजवान वेलफेयर फैशन शो' आयोजित हुआ। यहां कई सेलेब्स ने शिरकत की। विक्की कौशल और आलिया भट्ट ने साथ में रैंप वॉक कर महफिल लूट ली।
श्राद्ध पक्ष 2026: पितृ कर्म के लिए कौन सा समय है सबसे शुभ? जानिए 4 खास मुहूर्त
पितृ पक्ष में पितरों की आत्मिक शांति और तृप्ति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है। शास्त्रों में इन कर्मों के लिए कुछ विशेष काल बताए गए हैं। आइए जानते हैं श्राद्ध कर्म के शुभ समय और मुहूर्त।
आज का राशिफल 27 सितंबर: मेष, मिथुन और कुंभ राशि वालों को मिल सकते हैं नए अवसर , पढ़ें दैनिक राशिफल
Aaj Ka Rashifal 27 September 2026: आज ग्रह-नक्षत्रों की चाल का असर सभी राशियों पर अलग-अलग देखने को मिल सकता है। जानें मेष से मकर तक किन राशियों के लिए दिन खास रहेगा और किन मामलों में सावधानी जरूरी होगी।
जानना जरूरी है: जरासंध से युद्ध में कृष्ण ने क्यों छोड़ा रण? महाभारत काल में भीम ने किया था वध, जानिए कथा
पितृपक्ष 2026: कितने प्रकार के होते हैं श्राद्ध कर्म? जानिए 12 प्रमुख प्रकार और उनका महत्व
पितृ पक्ष में पितरों की शांति और तृप्ति के लिए श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों में श्राद्ध के अलग-अलग प्रकार और उनके उद्देश्य बताए गए हैं।
दुनिया बेहिसाब बड़ी है और बच्चों के लिए तो और भी अथाह रहस्यमय। फौज में रहे नाना जब अपने दुलारे नाती को दूर देश-प्रदेश के अनुभव सुनाते, तब नाती कान खड़े कर सुनता था। पूछता चला जाता कि वहां के लोग कैसे दिखते हैं…
तालिबान अब फरीबा से कैसे नफरत कर पाएगा
पड़ोस में एक मुल्क है, जो कभी हमारे पुरखों द्वारा शासित होता था। पुराण बांचने वाले बताते हैं कि गांधारी वहीं के एक रजवाड़े की बेटी थीं; इतिहास कहता है कि बामियान की बुद्ध प्रतिमाएं, पृथ्वीराज चौहान की समाधि इस बात की साक्षी…
विचार: चुनाव आयोग के विवाद पर विराम
किसी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान मतभेद होना स्वाभाविक हैं। इन्हें तूल देने का कोई औचित्य नहीं बनता, लेकिन ऐसा ही किया गया।
जागरण संपादकीय: संदेह का निराकरण
वैसे तो तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक और उसके बाद जारी बयान ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ छेड़े गए विपक्ष के अभियान की हवा निकाल दी है, लेकिन यह तय है कि वह चुप नहीं बैठने वाला।
इस दौर में निरंकुश सत्तानायकों को नियंत्रित करने के लिए न कोई अंतरराष्ट्रीय संस्था बची है और न विचार। यह अकारण नहीं है कि जंगें भड़क रही हैं और समूची दुनिया की अर्थव्यवस्था सतहगामी है। ऐसा लगता है, मौजूदा दुनिया को कमजोर और निर्धन मुल्कों या इंसानों की जरूरत नहीं रह बची है…
नॉमिनी नहीं बनाया है तो म्यूचुअल फंड का पैसा किस प्रक्रिया से मिलता है? यहां जानें जरूरी बातें
आजकल किसी भी बैंकिंग व्यवहार में नॉमिनी को दर्ज किया जाना आम बात है, फिर भी यदि किसी वजह से म्यूचुअल फंड निवेशक की नॉमिनी दर्ज नहीं है, तब भी निवेश का पैसा खत्म नहीं होता, बल्कि निवेशक की मृत्यु के बाद यूनिट्स/रिडेम्पशन की रकम कानूनी उत्तराधिकारी (legal heirs) को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मिलती है। हालांकि, नॉमिनी होने की तुलना में प्रक्रिया अधिक लंबी और दस्तावेज़-आधारित हो सकती है। इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि नॉमिनी नहीं होने पर पैसा कैसे मिलता है? इसके लिए किन-किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। आइए जानते हैं क्रमबद्ध रूप से- पहला, सबसे पहले मृत्यु प्रमाणपत्र निवेशक के निधन का आधिकारिक Death Certificate प्रस्तुत करना होता है। दूसरा, उत्तराधिकारी की पहचान यदि नॉमिनी नहीं है, तो AMC/RTA आम तौर पर यह देखता है कि दावा करने वाला व्यक्ति मृतक का वैध उत्तराधिकारी है या नहीं। इसके लिए परिस्थितियों के अनुसार इनमें से दस्तावेज मांगे जा सकते हैं: (i) Legal Heir Certificate, (ii) Succession Certificate, (iii) Will/वसीयत, (iv) Probate/Letters of Administration, (v) अन्य आवश्यक कानूनी दस्तावेज। इसे भी पढ़ें: आधार में मोबाइल नंबर से लेकर पता तक घर बैठे बदलें: 2026 की पूरी प्रक्रिया, शुल्क और जरूरी दस्तावेज तीसरा, छोटे दावे में प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हो सकती है, यदि निवेश की कुल रकम निर्धारित सीमा के भीतर है, तो संबंधित AMC/RTA अपनी policy के अनुसार indemnity/affidavit, declaration, KYC और अन्य दस्तावेजों के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया कर सकता है। सीमा और दस्तावेज AMC/RTA के नियमों पर निर्भर करते हैं। चौथा, कई कानूनी वारिस हों तो यदि मृतक के एक से अधिक legal heirs हैं, तो सभी के दावे/सहमति की आवश्यकता पड़ सकती है। एक वारिस को पैसा देने के लिए दूसरे वारिसों की NOC/consent भी मांगी जा सकती है। पांचवां, वसीयत होने पर यदि मृतक ने वैध Will छोड़ी है, तो उसी के आधार पर अधिकार निर्धारित किया जा सकता है। बड़े या विवादित मामलों में probate अथवा succession-related court documents की जरूरत पड़ सकती है। एक महत्वपूर्ण फर्क समझिए। Nominee = हमेशा अंतिम मालिक नहीं। नॉमिनी की भूमिका मुख्यतः निवेश/संपत्ति को प्राप्त करने और आगे उचित प्रक्रिया में रखने/हस्तांतरित करने से जुड़ी होती है। वास्तविक उत्तराधिकार का निर्धारण लागू succession law और वैध वसीयत के आधार पर हो सकता है। उदाहरण: मान लीजिए किसी व्यक्ति के म्यूचुअल फंड में ₹10 लाख हैं और उन्होंने कोई nominee नहीं बनाया। मृत्यु के बाद उनकी पत्नी और दो बच्चे दावा करते हैं। ऐसे मामले में AMC/RTA सीधे किसी एक व्यक्ति को पैसा देने के बजाय: 1. मृत्यु प्रमाणपत्र, 2. KYC, 3. legal-heir/succession documents, 4. अन्य वारिसों की consent/NOC आदि मांग सकता है। दस्तावेज पूरे होने के बाद units को redeem/transfer करके निर्धारित बैंक खाते में राशि दी जा सकती है। सच कहूं तो म्यूचुअल फंड निवेशक की मृत्यु के बाद पैसा किसे और कैसे मिलेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि Nominee, Joint Holder और Will में से क्या मौजूद है। म्यूचुअल फंड निवेशक की मृत्यु के बाद पैसा पाने की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:- एक, Nominee बना हुआ है, यह सबसे आसान स्थिति है। नॉमिनी को संबंधित AMC/RTA के पास मृत्यु की सूचना देकर दावा करना होता है। सामान्यतः मांगे जाने वाले दस्तावेज हैं: मृत्यु प्रमाणपत्र, नॉमिनी का PAN/KYC, बैंक खाते का विवरण, Claim/ Transmission Form, मृतक के म्यूचुअल फंड खाते/फोलियो की जानकारी और अन्य दस्तावेज, जैसा AMC/RTA मांगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद units को नॉमिनी के नाम transmit किया जा सकता है या लागू प्रक्रिया के अनुसार उनका redemption किया जा सकता है। हमेशा ये बात ध्यान रखें कि नॉमिनी होना और अंतिम कानूनी उत्तराधिकारी होना हमेशा एक ही बात नहीं है। उत्तराधिकार का अंतिम अधिकार लागू succession law और वैध Will के अनुसार तय हो सकता है। दो, Joint Holding है: यदि म्यूचुअल फंड folio में दो या अधिक joint holders हैं, तो मृत्यु के बाद प्रक्रिया holding mode पर निर्भर करती है। उदाहरण: A & B — Joint Holding. यदि A की मृत्यु हो जाती है, तो surviving holder B को मृत्यु प्रमाणपत्र और निर्धारित transmission documents देकर units अपने नाम कराने की प्रक्रिया करनी होती है। यह स्थिति सामान्यतः अकेले निवेशक के बिना nominee होने की तुलना में सरल होती है। तीन, Nominee नहीं है, लेकिन Will है: यहां मामला थोड़ा अलग हो जाता है। यदि निवेशक ने वैध Will (वसीयत) बनाई है, तो Will में बताए गए beneficiary/legatee के आधार पर दावा किया जा सकता है। सामान्यतः जरूरत पड़ सकती है: Death Certificate, Will की copy, Claim/Transmission Form, PAN/KYC, बैंक विवरण, अन्य legal documents. कुछ मामलों में Probate/Letters of Administration आदि की आवश्यकता हो सकती है—विशेषकर जब मामला बड़ा हो, विवाद हो या लागू कानून/क्षेत्राधिकार के अनुसार इसकी आवश्यकता हो। चार, Nominee भी नहीं और Will भी नहीं: यही स्थिति परिवार के लिए सबसे अधिक कागजी कार्रवाई वाली हो सकती है। तब दावा legal heirs द्वारा किया जाता है। परिवार को पहले यह स्थापित करना पड़ सकता है कि मृतक के वैध उत्तराधिकारी कौन हैं। हर मामले में सभी दस्तावेज जरूरी नहीं होते। दस्तावेजों की आवश्यकता निवेश की राशि, उत्तराधिकार की स्थिति, Will और AMC/RTA की लागू प्रक्रिया के अनुसार बदल सकती है। पांचवां, कई Legal Heirs हों तो क्या होगा?: मान लीजिए मृतक के पीछे: पत्नी, एक बेटा, एक बेटी, तीन संभावित legal heirs हैं। ऐसे में AMC/RTA यह सुनिश्चित करना चाहेगा कि किसी एक व्यक्ति को भुगतान करने से दूसरे वैध उत्तराधिकारियों के अधिकार प्रभावित न हों। इसलिए परिस्थितियों के अनुसार: सभी वारिसों की consent/NOC, एक व्यक्ति को transmission/payment या कानूनी उत्तराधिकार दस्तावेज, संबंधित वारिसों के अधिकार के अनुसार वितरण की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। यदि परिवार में विवाद है, तो मामला अदालत तक भी जा सकता है। छठा, अगर निवेशक पर कर्ज भी था?: यह महत्वपूर्ण बिंदु है। मृतक की संपत्ति का उत्तराधिकार मिलने का अर्थ यह नहीं कि उससे जुड़े वैध दायित्व स्वतः समाप्त हो जाते हैं। यदि कोई ऋण/कानूनी दावा है, तो उसकी स्थिति अलग से देखनी पड़ सकती है। इसलिए बड़ी रकम वाले निवेश में Will और Nomination और व्यवस्थित financial records रखना बहुत उपयोगी है। सातवां, सबसे जरूरी दस्तावेजों की Master Checklist: परिवार को पहले से एक सुरक्षित जगह पर ये रिकॉर्ड रखना चाहिए: निवेश से जुड़े दस्तावेज: AMC के नाम, Folio Number, Scheme Name, Statement of Account, PAN, Nominee details, Holding mode — Single/Joint, Distributor/Platform details. मृत्यु के बाद: Death Certificate, Claim/Transmission Form, Claimant का PAN, KYC documents, Bank proof/cancelled cheque, Legal Heir Certificate, जहां आवश्यक हो, Will, यदि मौजूद हो, Succession/Probate documents, जहां आवश्यक हो, NOC/Consent, जहां आवश्यक हो, Indemnity/Affidavit, जहां आवश्यक हो। # एक बहुत उपयोगी Financial Safety File बनाइए परिवार की सुविधा के लिए एक “Financial Information File” बनाकर उसमें यह सूची रखें: Bank Accounts, Mutual Funds, Insurance, PPF, EPF, NPS, Demat/Shares, Bonds, Property and Loans. हर निवेश के सामने लिखें: संस्था | Account/Folio No. | Nominee | Approx. Value | संबंधित दस्तावेज, लेकिन OTP, UPI PIN, ATM PIN, Internet Banking Password या अन्य संवेदनशील पासवर्ड इस फाइल में खुले रूप में न रखें। # सबसे बेहतर व्यवस्था क्या है? यदि आप चाहते हैं कि मृत्यु के बाद परिवार को कम से कम परेशानी हो, तो आदर्श रूप से: Nominee, Valid Will, Updated KYC, सही Bank Details और परिवार को investments की जानकारी- इन पांचों को व्यवस्थित रखें। Nominee अकेला पर्याप्त नहीं है, और Will होने पर भी nominee details अपडेट रखना उपयोगी है। # निवेशकों के लिए सबसे जरूरी सलाह अगर आपने अभी तक म्यूचुअल फंड में nomination नहीं किया है, तो इसे जल्द पूरा करना बेहतर है। इससे मृत्यु के बाद परिवार को अनावश्यक कागजी कार्रवाई और देरी से बचाया जा सकता है। और यदि आपके पास कई म्यूचुअल फंड हैं, तो हर folio में nominee की स्थिति जरूर जांचें—सिर्फ एक फंड में nominee दर्ज होना पर्याप्त नहीं है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
सेहत के लिए वरदान है फाइबर, रोज कितना खाना चाहिए ? जाने सही मात्रा और फायदे
नई दिल्ली, सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ भरपूर खाना जरूरी नहीं है, बल्कि संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना बेहद जरूरी है। हमारी रोज की डाइट में फाइबर से भरपूर चीजों को शामिल करना हेल्दी ईटिंग प्लान का अहम हिस्सा है। फाइबर और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है।
शरीर संतुलन में चले तो करे अष्टावक्रासन
नई दिल्ली, योग केवल शरीर को लचीला बनाने की क्रिय नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा को संतुलित करने का एक प्राचीन मार्ग है। भारतीय योग परंपरा में अष्टावक्रासन एक ऐसा योगासन है, जो बाजुओं में मजबूती, पेट की मांसपेशियों में कसाव और मानसिक स्थिरता लाने के लिए जाना जाता है।
26 सितंबर 2026 को शनिवार होने के साथ-साथ आज महीने का चौथा शनिवार है। इस वजह से आज देशभर में बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी, हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी।
विकास की दौड़ में हांफती नदियां:गंगा-यमुना को जीवित मानव का दर्जा! ऐसे कानूनी नवाचार कड़ाई से लागू करना जरूरी
फिर हादसा, फिर सवाल: कागजी नियमों से सुरक्षा नहीं,जमीनी स्तर पर सख्त और निरंतर औचक निरीक्षण सबसे जरूरी कदम
राजनीतिक दखलंदाजी से खराब होता टाटा गु्रप का नाम
टाटा गु्रप में हुए हाल के घटनाक्रम से कई लोगों को बेचैनी महसूस हो सकती है।
सितंबर के आखिरी हफ्ते में पहाड़ से लेकर मैदान तक भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
27 सितम्बर विश्व नदी दिवस, नदियां बचेंगी तो बचेगा जीवन: नदी संरक्षण की चुनौती
भारत को नदियों का देश माना जाता है तथा यहां छोटी और बड़ी नदियों को मिलाकर लगभग 4000 से अधिक नदियां है।
पेड़ों के आसपास की मिट्टी में कई तरह के जंतु होते हैं। कीड़े-मकोड़ों का भी वास होता है।
जीवन के अन्तिम पड़ाव में- अपनों रिश्तो की अहमियत समझिये!
परिवार का इस दुनिया मे कोई भी सानी नही है। मगर रिश्ता यहाँ का कोई भी हो बेमानी नही है। कुछ लोग कहते है कि सभी साथ छोड़ जाते है। जीवनभर साथ देती किसी की भी जवानी नही है। आप है इसलिए अच्छा लगता हैं कहने के लिए , लिखने के लिए यह बात अच्छी ... Read more
विचार: संवेदना के साथ न्याय भी सुनिश्चित हो
दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई हो और आरोप असत्य या दुर्भावनापूर्ण सिद्ध होने पर निर्दोष व्यक्ति का सम्मान लौटाया जाए।
जागरण संपादकीय: अनुत्तरित प्रश्न
चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा की रक्षा करना और उसे अपुष्ट-अनर्गल आरोपों से बचाना अकेले मुख्य चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी नहीं। यह जिम्मेदारी दोनों चुनाव आयुक्तों की भी है।
भारत: स्कूलों के 50 मीटर दायरे से दूर होगा जंक फूड?
बच्चों में मोटापा रोकने के लिए भारत सरकार स्कूलों के आसपास हाई फैट, शुगर और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री सीमित करने पर विचार कर रही है
बेटियों को बुरी नजरों से कैसे बचाया जाए
यह खेद की बात है कि संस्कार के युग में व्यभिचार का दौर चल गया। खेद है कि समता पर आधारित हमारे भारत राष्ट्र में, असम्माननीय कर्म चलन-सा बनता जा रहा। खेद यह भी है कि जो बालिका साइकिल पर बैठ स्कूल चल पड़ी थी, उसी को दरिंदों ने समूह बनाकर अपना निशाना बनाया…
लड़कियों की असुरक्षा के लिए तंत्र जिम्मेदार
बिहार से लेकर राजधानी दिल्ली तक लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और बलात्कार की कई घटनाओं ने एक बार फिर पूरे देश में महिला सुरक्षा के विषय को सुर्खियों में ला दिया है। जाहिर है, इस पर समाज में रोष है और लोग (खासकर बच्चियां, महिलाएं) इस स्थिति से जल्द से जल्द निजात चाहते हैं…
आधार में मोबाइल नंबर से लेकर पता तक घर बैठे बदलें: 2026 की पूरी प्रक्रिया, शुल्क और जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड आज लगभग हर महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय काम में इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है। बैंक खाता, मोबाइल कनेक्शन, पेंशन, सरकारी योजनाओं से लेकर आयकर और डिजिटल केवाईसी (KYC) तक कई सेवाओं में आधार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि अगर आधार में मोबाइल नंबर, पता या ई-मेल बदल गया है तो क्या हर बार आधार केंद्र जाना जरूरी है? जवाब है—नहीं। 2026 में UIDAI ने नए Aadhaar App के जरिए कई महत्वपूर्ण सेवाओं को मोबाइल से उपलब्ध कराया है। फिलहाल ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि नाम, जन्मतिथि, लिंग और बायोमेट्रिक जैसी सभी जानकारी घर बैठे बदलने की सुविधा नहीं है। इनके लिए परिस्थितियों के अनुसार Aadhaar Enrolment/Update Centre जाना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की बड़ी योजनाएं # 2026 में आधार में क्या-क्या घर बैठे बदल सकते हैं? एक, मोबाइल नंबर: यह 2026 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। UIDAI के नए Aadhaar App में Mobile Number Update की सुविधा उपलब्ध है। ऐप में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए Aadhaar number holder को ऐप पर रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करना और आवश्यक authentication पूरा करना होता है। UIDAI के अनुसार नए ऐप में Mobile Number Update और Address Update दोनों सेवाएं उपलब्ध हैं। ध्यान रखें कि आपकी स्थिति और authentication requirements के आधार पर प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए ऐप में दिखाई देने वाले निर्देशों का पालन करें। दो, पता: आधार में पता बदलने की सुविधा लंबे समय से myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है और अब नया Aadhaar App भी Address Update सुविधा देता है। ऑनलाइन Address Update के लिए सामान्यतः: Aadhaar Number, Registered Mobile OTP, नया पता, संबंधित दस्तावेज और Submit की प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI के अनुसार myAadhaar पर ऑनलाइन Address Update के लिए आधार से मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना जरूरी है और मांगे गए पते के प्रमाण (POA) का दस्तावेज अपलोड करना होता है। तीसरा, ई-मेल: ई-मेल अपडेट की सुविधा भी Aadhaar App में उपलब्ध है। खास बात यह है कि UIDAI ने Aadhaar App के जरिए ई-मेल एड्रेस अपडेट का शुल्क 31 दिसंबर 2026 तक माफ किया है। # अब जानिए कि किन चीजों के लिए आधार केंद्र जाना पड़ सकता है? हर Aadhaar detail को मोबाइल से बदलने की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। जैसे: नाम: नाम में परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत Aadhaar Enrolment/ Update Centre जाना पड़ सकता है और वैध supporting document देना होता है। जन्मतिथि: Date of Birth में बदलाव के लिए भी दस्तावेजों के साथ निर्धारित अपडेट प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI ने इसके लिए अलग Standard Operating Procedure भी जारी किया है। लिंग: Gender update के लिए भी Aadhaar Centre की assisted update प्रक्रिया उपलब्ध है। फोटो और बायोमेट्रिक: फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो जैसे biometric updates के लिए Aadhaar Centre जाना पड़ता है। UIDAI के अनुसार biometric update में fingerprint, iris और photograph शामिल हैं। सामान्य परिस्थितियों में biometric update का शुल्क ₹125 है, जबकि निर्धारित आयु-समूहों में Mandatory Biometric Update पर विशेष छूट लागू है। # 2026 में आधार अपडेट का शुल्क कितना है? UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची के अनुसार: सेवा-शुल्क Demographic Update अलग से ₹75, Biometric Update सामान्यतः ₹125, Demographic व Biometric Update एक साथ। Biometric update के नियमों के अनुसार, Aadhaar App से Email Update| 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त। myAadhaar से Document Update14 जून 2027 तक मुफ्त। Aadhaar Centre पर Document Updat ₹75. UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची में demographic update के अंतर्गत नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आदि शामिल किए गए हैं। अलग से demographic update कराने की फीस ₹75 है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों के Mandatory Biometric Update के लिए अलग शुल्क नियम हैं। 7–15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शुल्क-माफी की वर्तमान व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू है। # myAadhaar से पता कैसे बदलें? अगर आप वेबसाइट के माध्यम से पता बदलना चाहते हैं तो प्रक्रिया मोटे तौर पर इस प्रकार है: Step 1: UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर जाएं। Step 2: Aadhaar number से लॉगिन करें। Step 3: Registered mobile पर आए OTP से authentication करें। Step 4: Address Update विकल्प चुनें। Step 5: नया पता सावधानी से दर्ज करें। Step 6: मांगा गया Proof of Address दस्तावेज अपलोड करें। Step 7: जानकारी को Preview में अच्छी तरह जांचें। Step 8: आवश्यक शुल्क का भुगतान करें। Step 9: Request Submit करें। इसके बाद आपको Update Request Number/ Reference के जरिए स्थिति ट्रैक करने की सुविधा मिल सकती है। UIDAI के अनुसार ऑनलाइन Address Update में अपलोड किए गए दस्तावेजों का verification किया जाता है। # Aadhaar App से अपडेट कैसे करें? नया Aadhaar App Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। UIDAI के अनुसार ऐप में Aadhaar number डालकर, Terms/Privacy को स्वीकार करके और Face Authentication पूरा करके registration किया जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध सेवाओं में जाकर संबंधित update विकल्प चुना जा सकता है। Aadhaar App की प्रमुख सुविधाएं: Mobile Number Update, Address Update, Biometric Lock/Unlock, Authentication History, e-Aadhaar Download, Aadhaar Verifiable Credential Sharing, Contact Card Sharing and Update Request Tracking. UIDAI ने बताया है कि ऐप के लिए Android 9.0 या उससे ऊपर तथा iOS 16.0 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक है। # Document Update क्या है? यह समझना बहुत जरूरी है कि Document Update और Demographic Update एक ही चीज नहीं हैं। Document Update में पहचान और पते से संबंधित दस्तावेजों को आधार रिकॉर्ड के समर्थन में जमा किया जाता है। UIDAI ने myAadhaar portal पर Document Update की फीस 14 जून 2027 तक माफ की है। जबकि Aadhaar Centre पर Document Update के लिए ₹75 शुल्क निर्धारित है। इसलिए जिन लोगों ने लंबे समय से अपने आधार में पहचान या पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेज अपडेट नहीं किए हैं, उन्हें UIDAI की सलाह और अपने रिकॉर्ड के अनुसार Document Update पर भी ध्यान देना चाहिए। # कौन-कौन से दस्तावेज काम आ सकते हैं? पता अपडेट के लिए UIDAI द्वारा स्वीकार किए जाने वाले वैध Proof of Address दस्तावेजों की सूची में विभिन्न सरकारी और अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर UIDAI की जानकारी में पासपोर्ट, राशन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उल्लेख है। कुछ परिस्थितियों में बिजली, पानी या लैंडलाइन टेलीफोन बिल भी निर्धारित शर्तों के तहत स्वीकार किए जा सकते हैं। लेकिन कोई भी दस्तावेज अपलोड करने से पहले UIDAI की वर्तमान Supporting Documents List में उसकी पात्रता जरूर जांचें। # घर बैठे अपडेट करते समय इन गलतियों से बचें:- एक, गलत मोबाइल नंबर न डालें: आधार में मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने पर OTP आधारित सेवाओं में परेशानी हो सकती है। दो, पता वही लिखें जो दस्तावेज में है। तीन, Address Update में spelling, house number, locality और PIN code को ध्यान से जांचें। तीन, खराब स्कैन/फोटो अपलोड न करें: दस्तावेज साफ और पढ़ने योग्य होना चाहिए। चार, एजेंट से सावधान रहें: आधार अपडेट के नाम पर अनधिकृत व्यक्ति को OTP या Aadhaar PIN जैसी संवेदनशील जानकारी न दें। पांच, OTP किसी से साझा न करें: UIDAI कभी भी फोन पर आपसे OTP बताने के लिए नहीं कहता। # सबसे आसान तरीके से समझिए: 2026 में आधार अपडेट की स्थिति: घर बैठे/मोबाइल से उपलब्ध: मोबाइल नंबर — Aadhaar App, पता — Aadhaar App / myAadhaar, ई-मेल — Aadhaar App और Document Update — myAadhaar. वहीं, केंद्र जाकर कराने वाली प्रमुख सेवाएं: फोटो/बायोमेट्रिक, कई नाम परिवर्तन मामले, जन्मतिथि से जुड़े निर्धारित अपडेट, अन्य ऐसे अपडेट जिनके लिए physical verification/biometric capture जरूरी है। ध्यान रहे कि UIDAI की सेवाओं और नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान निर्देश देखना सबसे सुरक्षित तरीका है। वस्तुतः आधार अपडेट अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। 2026 में नया Aadhaar App नागरिकों को मोबाइल नंबर और पता जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करने की सुविधा दे रहा है। साथ ही ई-मेल अपडेट के लिए 31 दिसंबर 2026 तक शुल्क माफ है और myAadhaar पर Document Update की मुफ्त सुविधा 14 जून 2027 तक जारी है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आधार की हर जानकारी घर बैठे बदली जा सकती है। नाम, जन्मतिथि, लिंग और biometric information जैसे मामलों में अभी भी निर्धारित केंद्र-आधारित प्रक्रिया लागू है। इसलिए “आधार में सब कुछ घर बैठे बदलें” के बजाय सही संदेश है—आधार की कई महत्वपूर्ण जानकारियां अब घर बैठे अपडेट करें, लेकिन सभी नहीं। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
बच्चों की आंखों में दिखे ये लक्षण तो हो जाएं सावधान
नई दिल्ली, बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता अक्सर छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान देते हैं, लेकिन आंखों से जुड़े कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
'सुप्त पादांगुष्ठासन' शरीर को बनाता है लचीला
नई दिल्ली, आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में घंटों बैठकर काम करने से शरीर में अकड़न, कमर दर्द और पैरों में खिंचाव आम समस्या बन गई है।
दिल्ली एनसीआर में मौसम ने ली करवट, 27 सितंबर को येलो अलर्ट जारी
नई दिल्ली, दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है।
चुनाव आयोग पर सवाल: 77 साल पहले डॉ. आंबेडकर ने किस खतरे से किया था आगाह?
16 जून 1949 को संविधान सभा में डॉ. भीमराव आंबेडकर ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर एक महत्वपूर्ण आशंका जताई थी।
विचार: असहमति लोकतंत्र की नियत और नियति
मुख्तार अब्बास नकवी का यह लेख भारतीय चुनाव प्रणाली के 1952 के पहले आम चुनाव से वर्तमान तक के सफर को दर्शाता है।
नई तकनीक सीखने की कोई उम्र नहीं होती: डर छोड़ें, छोटे कदमों से शुरुआत करें
मेरी उम्र 72 साल है और मुझे नई तकनीकें सीखने में डर लगता है कि कहीं कोई धोखा न हो जाए। यूपीआई, स्मार्टफोन चलाना व वीडियो कॉल करने की शुरुआत करना कैसे सीखूं?
उड़ान भरने का समय: उम्र नहीं, सीमित सोच संभावनाओं की राह रोकती है
उम्र कोई ऐसी ढलान नहीं है, जहां संभावनाओं के द्वार बंद होने लगें। यह तो अनुभवों की वह पराकाष्ठा है, जहां से नई उड़ान भरी जा सकती है।
हूती न बदल दें युद्ध का रुख: मध्य-पूर्व में बढ़ सकता है तनाव, तेल व्यापार पर मंडराता खतरा
अपनी भौगोलिक स्थिति के चलते हूती अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति प्रयासों को दरकिनार कर युद्ध का रुख मोड़ने की पूरी ताकत रखते हैं।
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
चुनाव आयोग के मतभेदों से उठे सवाल, विश्वसनीयता पर जवाब जरूरी
चुनाव आयोग के मतभेदों से उठे सवाल, विश्वसनीयता पर जवाब जरूरी
सीईसी के 'बिना अधिकार' और 'गैर-कानूनी' कामों के लिए प्रधानमंत्री मोदी ज़िम्मेदार
भारत के तीन चुनाव आयुक्तों में से दो ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों पर अपनी आपत्ति दर्ज की है
टाटा साम्राज्य में विद्रोह और विभाजन की दरार
1988-89 में भारत एक खोज सीरियल के साथ टाटा ग्रुप ने 'इस्पात भी हम बनाते हैं' के जरिये प्रेरक संदेश दिया था।
Will Rahul Gandhi be able to change the System by becoming Icon Of Youth, Women and depressed people? Whether Rahul Gandhi will be able to change the system by positioning himself as an icon for the youth, women, and marginalized groups is a subject of intense political debate in India. As the Leader of the ... Read more
अंत्योदय : विकसित भारत की मानवीय आधारशिला
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती (अंत्योदय दिवस), 25 सितंबर 2026 पर विशेषः भारत की विकास यात्रा आज ऐसे दौर में है, जब आर्थिक शक्ति, तकनीकी क्षमता, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक प्रभाव के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है और ... Read more
विचार: सेवा और समर्पण के ढाई दशक
भारतीय परंपरा में इसका उत्तर केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कर्म में निहित है। सेवा की शुरुआत किसी दूसरे के लिए कुछ करने से होती है, लेकिन उसका अंतिम उद्देश्य व्यक्ति, समाज और व्यापक सामूहिक कल्याण के बीच संबंध को अधिक मजबूत बनाना है।
विचार: राजनीति के भारतीयकरण के जनक
यह राजनीति के भारतीयकरण का ही परिणाम है कि भाजपा की अगुआई में आज देश आगे बढ़ रहा है। 1952 के लोकसभा चुनाव में दूसरा और तीसरा स्थान पाने वाली कम्युनिस्ट और सोशलिस्ट पार्टी आज इतिहास बन गई हैं।
विचार: घटता जा रहा है अमेरिका का कद
चिनफिंग और ट्रंप, दोनों ही इस समय द्विपक्षीय तनाव की तपिश घटाने तथा संबंधों में स्थायित्व लाने के पक्षधर प्रतीत होते हैं। आशा है कि यह स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसी तकनीक के संदर्भ में सीमित ही सही, किंतु किसी सार्थक प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।
जागरण संपादकीय: फिर वही हंगामा
यह विचित्र है कि विपक्षी दल एक ओर मतदाता सूचियों में गलतियों की शिकायत करते हैं और दूसरी ओर उन्हें दुरुस्त करने वाली एसआईआर प्रक्रिया का विरोध भी करते हैं। क्या इसलिए कि एसआईआर प्रक्रिया घुसपैठियों को चिह्नित करने में भी सहायक बन रही है?
भारतीय चुनाव आयोग का एक बार फिर गंभीर विवादों में उलझना अफसोसजनक है। आयोग पर आलोचनाओं की बौछारें हो रही हैं। विपक्ष तरह-तरह के आरोपों के साथ जिस तरह से आक्रामक हुआ है, उसे समझना कठिन नहीं है। मतदाता सूची पुनरीक्षण विवाद की एक बड़ी वजह है…
बैंक ऑफ बड़ौदा ने लोकल बैंक ऑफिसर भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार पूरा शेड्यूल नीचे देख सकते हैं। बैंक पात्र उम्मीदवारों के लिए प्री-एग्जामिनेशन ट्रेनिंग भी आयोजित करेगा।
देश के परिवहन नेटवर्क में आ रहा बड़ा बदलाव
नई दिल्ली, भारत का परिवहन नेटवर्क तेजी से बदल रहा है और पुल एवं सुरंगें नए रास्ते खोल रही हैं।
जानें सेतुबंधासन करने का सही तरीका
नई दिल्ली, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता तनाव हमारे शरीर और मन दोनों पर बुरा असर डाल रहा है। ऐसे में शरीर को लचीला और मन को शांत रखने के लिए योग से बेहतर कुछ नहीं है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग की घटना ने खासतौर पर रात में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Box Office Collection: सिनेमाघरों में फिल्म 'हनुमान अंश' महीनेभर बाद भी छाई हुई है। नई रिलीज हुई फिल्में इसके आगे पानी भर रही हैं। जानिए कल गुरुवार को किस फिल्म ने कितना कलेक्शन जुटाया?
इस शुक्रवार को ओटीटी पर अनीत पड्डा और फातिमा सना शेख की फिल्म रिलीज होने वाली है। वहीं वीरेंद्र सहवाग का शो भी स्ट्रीम होने वाला है।
24 सितंबर 2026 के आज के राशिफल में आपका हार्दिक स्वागत है! ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग प्रभाव लेकर आया है। आइए जानते हैं ग्रहों की चाल और आज के दिन का पूरा विश्लेषण, ताकि आप अपने दिन की सही योजना बना सकें।
दूसरा पहलू: मधुमक्खी का डंक और कैंसर का इलाज, एचआईवी से लड़ने सहित कई एंटी वायरल गुण भी
दूसरा पहलू: मधुमक्खी का डंक औरकैंसर का इलाज,एचआईवी से लड़ने सहित कई एंटी वायरल गुण भी
एक गंभीर चेतावनी:देश के करीब 40 फीसदी कोयला आधारित संयंत्रों में ईंधन का भंडार घटा,कई पहलुओं पर काम जरूरी
विज्ञान: देश के वैज्ञानिकों को सितारा बनाने की जरूरत, 2047 तक वैश्विक प्रयोगों की केंद्रीय शक्ति बनना चाहता है भारत
भारतीय कूटनीति का नया क्षितिज : ब्रिक्स सम्मेलन
आज का भारत वैश्विक कूटनीतिक धरातल पर अपनी समभाव की भावना को आगे बढ़ाने में सर्वोपरि रहा है।
जनता उठ कर खड़े हो, वर्ना लुटना तय है
सवाल केवल वोट चोरी का ही नहीं है। यह भारत के लोकतंत्र और उसकी संस्थाओं पर मोदी सरकार के कब्जे का है।
ललित सुरजन की कलम से आम चुनाव और एन.जी.ओ.
'भारत जैसे देश में जहां अभी समग्र व समावेशी विकास के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है
कालकाजी मंदिर से सटे आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र में झूलपुरी स्थित उत्तराखंड के विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस पर हरियाणा की युवती से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
विचार: अमेरिकी वर्चस्व थोपने वाला रवैया
संयुक्त राष्ट्र के मंच से ट्रंप के संबोधन ने यही दर्शाया कि अमेरिका अपने मित्र राष्ट्रों एवं प्रतिद्वंद्वियों पर रणनीतिक दबाव और बढ़ा सकता है।
जागरण संपादकीय: प्रधानमंत्री की चिंतन बैठक
शहरों की सूरत संवारने के साथ ही सरकार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सेहत सुधारने पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
दवाओं के बेहिसाब दाम पर लगाम लगाना जरूरी
दवाओं और मेडिकल उपकरणों की लागत और कीमत में भारी अंतर से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जो टिप्पणी की है, उसके गहरे निहितार्थ हैं। कोर्ट ने कहा है कि 2,700 रुपये में खरीदी गई दवा को 27,000 रुपये में बेचने…
चुनाव आयोग के अंदर से जो खबर निकलकर सामने आई है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इसमें कहा गया है कि मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद चुनाव आयोग ने…
यह सुखद और स्वागतयोग्य है कि भारत दुनिया की महाशक्तियों से परे एक अलग मजबूत बहुदेशीय आवाज बनाने की कोशिश करता दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र के दौरान ही भारत, लैटिन अमेरिकी…
जमुई यौन उत्पीड़न: अखिलेश यादव के साथ आरोपी नंदन यादव की तस्वीर AI जनरेटेड है
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर फेक है. कई AI डिटेक्शन टूल्स की मदद से परीक्षण करने पर पता चला कि इसे OpenAI के AI टूल की मदद से बनाया गया है.
जमुई छात्रा यौन उत्पीड़न मामले के मुख्य आरोपी के दावे से AI जनरेटेड तस्वीर वायरल
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर OpenAI के AI टूल की मदद से बनाई गई है. पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव को मंगलवार को अरेस्ट किया है.
कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत से बदली इस भारतीय की जिंदगी
कहते हैं कि अगर इंसान में मेहनत करने और आगे बढ़ने का जुनून हो, तो मुश्किल हालात भी उसके रास्ते को ज्यादा लंबे समय तक नहीं रोक सकते।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी 'मुरारीलाल माहेश्वरी'
बहुमुखी प्रतिभा के धनी 'मुरारीलाल माहेश्वरी'amar ujala founder murari lal maheshwari 100th birth anniversary
आयुर्वेद दिवस पर रेखा गुप्ता से लेकर केशव प्रसाद मौर्य तक ने दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली, 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर देशभर के नेताओं ने आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा को नमन करते हुए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
जानें महाभेद मुद्रा करने का सही तरीका
नई दिल्ली, योग शास्त्रों में शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह की मुद्राओं का अभ्यास करना बताया गया है।
उम्मीदों के शहर: दुनिया के तेजी से उभर रहे भारतीय शहर, प्रगति अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं
उम्मीदों के शहर: दुनिया के तेजी से उभर रहे भारतीय शहर, प्रगति अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं
जीवन धारा: लंबी दूरी भी छोटे-छोटे कदमों से पूरी होती है, असफलता से न डरने का सूत्र अहम
जीवन धारा: लंबी दूरी भी छोटे-छोटे कदमों से पूरी होती है, असफलता से न डरने का सूत्र अहम
बॉलीवुड में ऐसी कई अभिनेत्रियां हैं, जिन्हें आए दिन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है। फैसला कपल मिलकर लेते हैं, लेकिन ट्रोल सिर्फ एक्ट्रेस को किया जाता है।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ अपनी रिलीज के कई दिनों बाद भी बॉक्स ऑफिस में नंबर वन है। वहीं ‘मिर्जापुर द मूवी’ दूसरे नंबर की गद्दी पर बैठी है। मगर कुणाल की फिल्म ‘वाइब’ और करीना कपूर की फिल्म ‘दायरा’ को सिनेमाघरों में दर्शक नहीं मिल रहे।
शांति के लिए भी एक मंत्रालय हो: सुरक्षा केवल मिसाइलों व टैंकों से नहीं, क्या अब साहस दिखाने का समय नहीं?
विद्यार्थियों की संख्या सवा तीन करोड़ घटी
सरकारी स्कूलों में भी अध्यापकों की भर्ती में काफी ढील वाला माहौल है और 33 फीसदी कमी की रिपोर्ट इसमें है। मजेदार सूचना यह है कि इस मामले में निजी स्कूलों का रिकार्ड सरकार से बेहतर है। इसके साथ ही यह भी हुआ है कि शहरी प्राइवेट स्कूलों में अध्यापकों को सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के मुकाबले बेहतर वेतन मिलता है लेकिन ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों को वेतन कम मिलता है। ह हैरान करने वाली बात है कि देश में शिक्षा की स्थिति को लेकर एक नामी और विश्वसनीय संस्था के सर्वेक्षण से निकले निष्कर्षों पर कोई चर्चा ही नहीं हुई है। खबर के रूप में कहीं-कहीं यह बात आई कि टाटा इंस्टिट्यूट आफ सोशल साइंस की रिपोर्ट 'स्टेट आफ टीचर्स, टीचिंग एंड टीचर एजुकेशन इन इंडिया' नामक रिपोर्ट बताती है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद से बच्चों की संख्या में तीन साल में ही सवा तीन करोड़ की कमी आ गई है। 2021-22 में यह संख्या 26.5 करोड़ थी जो 2024-25 में घटकर 23.2 करोड़ रह गई है। शिक्षा अधिकार कानून और विकलांग लोगों के अधिकार कानून को लागू करने के बाद विद्यार्थियों की संख्या में बहुत तेज वृद्धि हुई थी और इन कानूनों के विरोधी कहते थे कि यह भीड़ सिर्फ खिचड़ी खाने वाले बच्चों की है, पढ़ने वालों की नहीं। 'टीस' के इस सर्वेक्षण में इस तरह की मान्यता से शुरुआत नहीं हुई है लेकिन कुछ आंकड़े यह जरूर बताते हैं कि पढ़ाई का स्तर गिरा है और बच्चों के सीखने के बुनियादी स्तर में गिरावट आई है। शिक्षा के स्थिति संबंधी दो एनी सर्वेक्षणों से यह नतीजा आया है कि बच्चों के ज्ञान के स्तर के साथ सीखने के क्षमता में भी कमी आई है। इस रिपोर्ट की खूबी यह है कि इसने इस गिरावट को गरीब और फटेहाल बच्चों के स्कूल पहुंचने की परिघटना के रूप में न बताकर शिक्षकों की कमी और उनके भी ज्ञान में कमी से भी जोड़ा है। यह सर्वेक्षण महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, पंजाब, ओडिशा और मिजोरम में किया गया और यह नतीजा निकाला कि स्कूलों में गणित और विज्ञान के अध्यापकों की भारी कमी है। जो लोग गणित पढ़ा भी रहे हैं उनमें से पचास फीसदी ने ही हाई स्कूल में भी गणित की पढ़ाई की थी। अंग्रेजी और भाषा पढ़ाने वालों का हाल इससे बेहतर है लेकिन वह भी 30 फीसदी की कमी वाला इलाका हैं। सरकारी स्कूलों में भी अध्यापकों की भर्ती में काफी ढील वाला माहौल है और 33 फीसदी कमी की रिपोर्ट इसमें है। मजेदार सूचना यह है कि इस मामले में निजी स्कूलों का रिकार्ड सरकार से बेहतर है। इसके साथ ही यह भी हुआ है कि शहरी प्राइवेट स्कूलों में अध्यापकों को सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के मुकाबले बेहतर वेतन मिलता है लेकिन ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों को वेतन कम मिलता है । एक अन्य रिपोर्ट भी इसी प्रवृत्ति को बताती है जो पंजाब के स्कूलों को लेकर किया गया था। वहां की मुख्य शिकायत तो यही रही कि सरकारी स्कूल दलित स्कूल में बदल गए हैं क्योंकि बाकी लोग अपने बच्चों को निजी और अंग्रेजी मीडियम स्कूल में भेजते हैं। ऐसे स्कूल अब गांव-गांव में खुल गए हैं। यह बदलाव दिल्ली से लेकर बिहार तक में देखा जा सकता है। पंजाब के सरकारी स्कूलों में अच्छे भवन हैं, शिक्षक हैं, पढ़ने के बाकी साधन हैं लेकिन समाज के ऊंचे तबके के बच्चे नदारद हैं। बिहार के देहात तक में पहुंचे प्राइवेट स्कूल, जो असल में बेरोजगार और पढ़े-लिखे लड़के-लड़कियों के बल पर ही चलते हैं। अब हास्टल और ट्रांसपोर्ट का इंतजाम कराके दूर-दूर से बच्चे जुटाने लगे हैं। 'टीस' वाली रिपोर्ट में छात्रों की संख्या की गिरावट को रेखांकित करने के साथ यह भी बताया गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 लागू होने के बाद से शिक्षकों की संख्या में छह लाख की बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में छात्रों की संख्या गिरना ज्यादा चिंता की बात है। रिपोर्ट में एक दूसरी धनात्मक प्रवृत्ति को भी रेखांकित किया गया है कि अध्यापकों में महिला शिक्षिकाओं का हिस्सा तेजी से बढ़ा है। अब यह 54 फीसदी तक पहुंच गया है जो भारत के लिए गर्व की बात होनी चाहिए पर इसमें एक कमी है। यह वृद्धि शहरी ज्यादा है ग्रामीण कम। शहरी शिक्षकों में महिलाओं का हिस्सा जहां 67 फीसदी है वहीं ग्रामीण इलाकों में उनका अनुपात 47 फीसदी है। यह चिंता की खास बात नहीं है लेकिन रिपोर्ट में एक कक्षा में कई-कई वर्ग के विद्यार्थियों को साथ पढ़ाने का मर्ज बढ़ता गया है। पहले वाले सर्वेक्षण में ऐसा 39 फीसदी कक्षाओं के साथ था तो अब यह बढ़कर लगभग आधा हो गया है। यह अनुपात सरकारी स्कूलों का है। बल्कि कई स्कूल तो अकेले मास्टर के बल पर चल रहे हैं। संसाधनों के प्रबंधन और विद्यार्थियों की कमी के नाम पर उनको बंद करने की परिघटना अलग चिंता का विषय है। बंद होने वाले स्कूलों के मामले में उत्तर प्रदेश चैंपियन है। ऐसा दिल्ली में भी हुआ है जहां लंबे समय तक शासन करने वाले आप के लोग सरकारी स्कूलों पर ज़्यादा ध्यान देने का दावा करते रहे हैं। निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए अनहोम ने जरूर काफ़ी प्रयास किया लेकिन उनके शासन में भी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटी। शिक्षा के अंदर के बदलावों के साथ यह भी अच्छा हुआ है कि शिक्षा का मामला चुनावी मुद्दा बन रहा है। इस बार उत्तर प्रदेश में भी स्कूलों का बड़े पैमाने पर बंद होना मुद्दा बन गया है। दिल्ली में यह लगातार एक मुद्दा रहा है। ऐसे में इस रिपोर्ट के नतीजों पर चर्चा न होना हैरान करता है।
तेल, संप्रभुता, दबाव और भारत: ट्रम्प के रूस पर प्रतिबंध
शिंगटन के रूस-प्रतिबंध कानून पर भारत की चेतावनी महज़ टैरिफ विवाद नहीं है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच, दोनों महाशक्तियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बादशाहत को लेकर होड़ मची है।
नेताओं की नीलामी और लोकतंत्र की मौत
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कहती है कि लोकतंत्र की मौत अचानक नहीं हुई , उसे धीरे-धीरे मारा गया , पहले उसके वोट खरीदे गए, फिर उसके प्रतिनिधि, पहले उसके सवाल मारे गए, फिर उसकी आवाज . लेकिन उसकी सांस तब भी चल रही थी जब वोट पैसों से मिल रहे थे , उसकी नब्ज तब भी ... Read more
लुटियंस दिल्ली में कचरा प्रबंधन अब केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कचरा पैदा करने वालों की जेब पर भी सीधा असर पड़ेगा।
विचार: फूहड़ और विषाक्त होती राजनीति
भारतीय राजनीति हर दिन स्तरहीन होती जा रही है और भाषा की मर्यादा की कोई परवाह नहीं कर रहा है।
विचार: संघ की प्राथमिकता में समरसता
संघ प्रमुख का विदेश दौरा भारत की घरेलू राजनीति के लिए भी अहम रहा, क्योंकि उन्होंने धार्मिक कट्टरता के विरुद्ध एक लक्ष्मण रेखा खींची
विचार: मजबूत होता भारत का सुरक्षा कवच
भारतीय जनसंघ ने अपने 1964 के पटना अधिवेशन में प्रस्ताव पारित करते हुए मांग की थी कि भारत को परमाणु बम बनाने के सभी प्रयत्न करने चाहिए। “सिद्धांत एवं नीतियां” नामक दस्तावेज में भी परमाणु अस्त्रों का निर्माण करने की बात की थी।
जागरण संपादकीय: सवालों में आईआईटी बॉम्बे
चूंकि आत्महत्या करने वाले छात्र सभी वर्गों के रहे हैं, इसलिए इस नतीजे पर पहुंचना सही नहीं कि इन संस्थानों में वर्ग विशेष के छात्रों के प्रति भेदभाव होता है, लेकिन इतना तो है ही कि छात्रों को तनावमुक्त वातावरण प्रदान करने की आवश्यकता है।
लहलहाते खेतों से ही दूर होगी पर्वतीय गांवों की वीरानगी
पहाड़ में सिमटती खेती और पलायन की दर अब स्थानीय पारिस्थितिकी व सामाजिक जीवन-तंत्र को प्रभावित करने लगी हैं। चिंताजनक है कि पहाड़ में खेती का परंपरागत तंत्र, जिसने सदियों तक हिमालयी गांवों को जीवंत बनाए रखा…
छात्र खुदकुशी पर हो गंभीर संवाद
आईआईटी, मुंबई के बीटेक, द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वोकाडे की आत्महत्या ने एक बार फिर देश के उच्च शिक्षा जगत में गंभीर बहस छेड़ दी है। इससे पहले आईआईटी, दिल्ली और कानपुर में भी दो छात्रों ने खुदकुशी कर ली थी, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं…
देश की राजधानी दिल्ली से लेकर बिहार के जमुई तक जब लड़कियों की आजादी को रौंदने वाली घटनाओं की मर्मांतक खबरें सिहरन पैदा कर रही थीं, ठीक उन्हीं पलों में जापान के कारोगी स्पोर्ट्स पार्क में भारतीय बेटियां हमें यह भरोसा सौंप रही थीं…

