सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
बेल का पेड़ है औषधीय गुणों से भरपूर
नई दिल्ली, भारत में पेड़-पौधों का महत्व सिर्फ पर्यावरण तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि प्राचीन समय से ही कई पौधों का इस्तेमाल औषधीय जरूरतों के लिए भी किया जाता रहा है।
एक किताब : जहां सुर की उठान के एहसास से भरे अनछुए किस्से हैं
संगीत के सुरों के साथ तमाम शख्सियतों के ऐसे किस्से जो भाषा की रवानगी और संवेदनशीलता के एहसास से भरी है
इन दिनों सिनेमाघरों में फिल्म 'मिर्जापुर द मूवी' और 'हनुमान अंश' के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है। वहीं जानिए 'टॉक्सिक' और 'इरुमुडी' ने मंगलवार को कितनी कमाई की है।
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
सबसे जरूरी तो हिमालय है: हिमालयी राज्यों के लिए विकास नहीं, अब पारिस्थितिकी भी प्राथमिकता होनी चाहिए
सबसे जरूरी तो हिमालय है: हिमालयी राज्यों के लिए विकास नहीं, अब पारिस्थितिकी भी प्राथमिकता होनी चाहिएnepal flood wake up call for himalayan states of india know how
यह एक बड़ा राजनैतिक विषय है जिसके आंदोलन की समाप्ति के बावजूद अभी भी सरकार का दम फूलना जारी है।
कॉकरोच से लगे झटके के बाद अपनी छवि सुधारने की तैयारी में मोदी
सम्मेलन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए बड़े प्रयास किए जा रहे हैं, जो भारत के बढ़ते प्रभाव और आर्थिक क्षमता को दिखाते हैं।
ललित सुरजन की कलम से वैज्ञानिक जिन्हें हम भूल न जाएं
'हमारी शासन व्यवस्था, समाज व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था- सब में ज्ञान, विवेक और तर्कबुद्धि, इन सबका मानो कोई स्थान नहीं रह गया है।
संयुक्त राष्ट्र की एक पहल के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से जम्मू-कश्मीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
दिल्ली में एक मुठभेड़ के बाद हिमांशु भाऊ गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
नेपाली स्वर साम्राज्ञी : अरुणा लामा
9 सितंबर, नेपाली स्वर कोकिला अरुणा लामा के वीं 82वें जन्मदिन पर विशेष……. आज 9 सितंबर नेपाली स्वर कोकिला अरुणा लामा को स्मरण करने का दिन है….. आज से ठीक 82 वर्ष सन् 1945 को आज ही के दिन दार्जलिंग, घूम की सुरम्य वादियों में पिता सूर्य बहादुर लामा और माता सनमाया लामा के घर ... Read more
ई-बाजारः सुविधा से आगे टिकाऊ अर्थव्यवस्था की नई चुनौती
भारत में खरीदारी की दुनिया जिस तेजी से बदल रही है, वह केवल बाजार की शैली में परिवर्तन नहीं है, बल्कि उपभोक्ता व्यवहार, रोजगार, तकनीक, छोटे व्यापार और अर्थव्यवस्था की पूरी संरचना में हो रहे बदलाव का संकेत है। हाल में शोध परामर्श संस्था इन्फिसम की रिपोर्ट ने इस परिवर्तन को एक स्पष्ट आंकड़े में ... Read more
विचार: अराजकता करने वालों को विशेष छूट
अफसोस कि यह पहली बार नहीं, जब सरकार या फिर सुप्रीम कोर्ट या फिर दोनों, किसी समूह के अराजक व्यवहार के सामने घुटने टेकते दिखे हों। नागरिकता संशोधन कानून और तीन कृषि कानूनों के विरोध के समय भी यही हुआ था।
जागरण संपादकीय: राजमार्गों पर एंबुलेंस
अच्छा हो कि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ मिलकर कोई ऐसा साझा तंत्र बनाए, जो राजमार्गों में आवागमन को सुरक्षित कर सके। राज्य सरकारों को इसकी भी फिक्र करनी होगी कि उसके अपने मार्गों पर भी दुर्घटनाएं थमें।
हिमालय को बांटकर देखने की नीति बदलनी पड़ेगी
राजनीतिक नक्शे हिमालय को कई देशों में बांटते हैं, लेकिन प्रकृति इन सीमाओं को नहीं मानती। तिब्बत में पैदा हुआ जल-प्रवाह भारत, नेपाल या भूटान में संकट बन सकता है और ऊंचे हिमालय की किसी निर्जन घाटी में टूटी हिमनदीय…
सिर्फ मुफ्त रेवड़ियां काम न आएंगी
जंतर मंतर पर जेन-जी के आंदोलन ने न केवल तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया, बल्कि कई अन्य उपलब्धियां भी इसके नाम रहीं। पहली और सबसे दिलचस्प उपलब्धि तो यही रही कि इसने छात्रों की उस…
जहरीले नशे पर कठोर कार्रवाई जरूरी
नकली और जहरीली शराब से देश में समय-समय पर होने वाली मौतें केवल कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और शासन की एक बड़ी कमजोरी है। हाल के वर्षों में बिहार, तमिलनाडु, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश…
कार्रवाई और कार्यवाही (व्यंग्य)
नकली बुद्धि पूरे विश्व में नैसर्गिक बुद्धि पर कब्ज़ा करती जा रही है। इधर दुनिया और समाज के समझदार, ख़ास लोग आम लोगों को चौकन्ना भी करते जा रहे हैं कि एआई यानी कृत्रिम बुद्धि पर ज्यादा विशवास न करें क्यूंकि यह भी गलती कर सकती है। लेकिन नकली बुद्धि ने यह बिलकुल सही बताया कि समाज या दफ्तर में अनुशासन बनाए रखने लिए नियमों के पालन के लिए, गलत काम करने वालों को सजा देकर अपराध रोकने के लिए और आम जनता की सुरक्षा और व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए कई किस्म की ज़रूरी कार्रवाई की जाती है। मजेदार यह है कि कितनी ही परिस्थितियों में कार्रवाई की जगह सिर्फ कार्यवाही ही की जाती है क्यूंकि कार्रवाई मुश्किल काम होता है और कार्यवाही आसान। हमारे यहां कार्यवाही यानी कामकाज और विचार विमर्श बहुत मेहनत, समयबद्ध तरीके से नियमानुसार और संवैधानिक आधार पर होता है जिसमें गलती की गुंजाईश काफी कम होती है। अगर गलती होती है तो प्राकृतिक कारणों से ही हुआ करती है, जैसे बरसात के मौसम में पानी का, बादलों की गलती से ज्यादा बरसना। कार्यवाही, बेचारी समझे जानी वाली कागजी चीज़ होती है, जिसके बारे ज्यादा बात क्या करनी। इसे भी पढ़ें: जवाब जिनका नहीं (व्यंग्य) कार्रवाई यानी किसी नियम, अनुशासन तोड़ने, गैर कानूनी काम करने वाले के खिलाफ सज़ा देने के लिए सख्त यानी कठोर प्रक्रिया अपनाना। जैसे पुलिस अपराधियों के खिलाफ हमेशा सख्त कदम उठाती है। वह बात अलग है कि कार्रवाई के दौरान जाति व्यवस्था, ऊंच नीच, शिक्षा अशिक्षा, अमीरी गरीबी, सामंती समाज को भी ससम्मान प्रवेश कराया जाता है। यह हमारे समाज के स्वादिष्ट मसाले हैं। पहले कार्रवाई हो चुकी हो या निपटाई जा चुकी हो तब भी दोबारा कार्रवाई की जा सकती है। पिछली कार्रवाई स्वत निरस्त हो जाती है। अगर कागज़ पर लिखे पत्र भेजे जाएं और महत्त्वपूर्ण शब्दों और लाइनों पर पीला, लाल या पसंद का रंग हाई लाइनर के रूप में प्रयोग किया जाए तो कई बातें रंग बदल लेती हैं। कार्रवाई पूरे इत्मीनान से होनी चाहिए नहीं तो पानी के बिना सिर्फ दूध की कॉफ़ी बन जाती है। कार्रवाई करना छोटा नहीं मोटा काम होता है। तस्सलीबख्स बाल काटने जैसा सतर्कता और ज़िम्मेदारी भरा काम होता है। कार्रवाई के दौरान जांच किए गए प्रमाण और कागजात बार बार कई कोनों से देखने परखने जांचने पड़ते हैं तभी तो बाद में पाया जाता है कि जिस गाडी को ट्रक के रूप जांच लिया गया वह वास्तव में टू व्ह्लिर्स या थ्री व्हीलर हो सकता है। कार्रवाई पूरी तरह से व्यवस्थित करनी पड़ती है ताकि कई नाक कटने से बच जाएं क्यूंकि नाक की मरम्मत पर अथाह खर्च होता है। हालांकि राजनीतिक परम्परा के अनुसार कार्रवाई के दौरान आपदा में अवसर भी खोजे जा सकते हैं फिर भी असली नैसर्गिक बुद्धिमत्ता इसी में है कि कार्रवाई को कार्यवाही न समझा जाए। - संतोष उत्सुक
म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करते समय 10 आम गलतियों को करने से बचें, तभी मुनाफा होगा
आजकल म्यूचुअल फंड में निवेश करने का प्रचलन बढ़ा है, क्योंकि इसमें थोड़ी सी जोखिम उठाने और सही रणनीति अपनाने से बैंक ब्याज या एफडी से ज्यादा रिटर्न प्राप्त होता है। इसलिए वित्तीय सलाहकार बताते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सबसे बड़ी गलती रिटर्न के पीछे भागना और अपने लक्ष्य, जोखिम तथा समय-अवधि को नजरअंदाज करना है। देखा जाए तो म्यूचुअल फंड के निवेशक 10 आम गलतियाँ कर ही बैठते हैं। प्रायः हर किसी से यह हो जाती हैं। इसलिए इन गलतियों से बचें और एक बेहतर आर्थिक भविष्य प्राप्त करें। म्यूचुअल फंड निवेश की कुछ महत्वपूर्ण गलतियाँ निम्नलिखित हैं:- पहला, सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर फंड चुनना: पिछले 1–3 साल का शानदार प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। इसलिए फंड की रणनीति, जोखिम और लंबी अवधि का प्रदर्शन भी देखें। अन्यथा भविष्य में आपको हानि उठानी पड़ सकती है। इसे भी पढ़ें: वाहन खरीदा, लेकिन छह महीने तक आरसी ट्रांसफर नहीं कराई तो बदल सकता है मालिकाना हक! सरकार लाई नया मसौदा नियम दूसरा, अपने लक्ष्य के बिना निवेश करना: बच्चों की शिक्षा, लड़की की शादी, घर, रिटायरमेंट या संपत्ति निर्माण—हर लक्ष्य के लिए निवेश की अवधि और फंड का चुनाव अलग हो सकता है। ऐसा करने में ही बुद्धिमानी होगी। इससे उपर्युक्त मौके पर आपके हाथ में सुनिश्चित धन रहेगा। तीसरा, जोखिम क्षमता से ज्यादा इक्विटी में जाना: इक्विटी फंड में बाजार गिरने पर बड़ी गिरावट संभव है। इसलिए जितनी गिरावट आप मानसिक और आर्थिक रूप से सह सकते हैं, उसी के अनुसार निवेश करें। यह बात हमेशा याद रखें कि म्यूचुअल फंड मार्केट में रिस्क तो उठाना ही पड़ता है, ज्यादा गेन प्राप्त करने के लिए। चौथा, बाजार गिरते ही SIP बंद कर देना: बाजार की गिरावट SIP निवेशक के लिए कम कीमत पर यूनिट खरीदने का अवसर भी हो सकती है। लेकिन केवल डर के कारण SIP रोकना लंबे समय में नुकसानदायक हो सकता है। चूंकि यह आपकी छोटी छोटी बचत को बड़ा बना देता है। इसलिए अपेक्षित सावधानी जरूरी है। पांचवां, बहुत सारे फंड खरीद लेना: कुछ निवेशक एक ही बार में बहुत सारे फंड खरीद लेते हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता कि 10–15 फंड रखने से जरूरी नहीं कि विविधीकरण (diversification) बेहतर हो जाए। कई फंड एक ही कंपनियों या क्षेत्रों में निवेश कर रहे हो सकते हैं। इसलिए इस दिशा में भी अपेक्षित सावधानी जरूरी है। छठा, NFO को सस्ता समझना: ₹10 की NAV वाला नया फंड जरूरी नहीं कि ₹100 NAV वाले पुराने फंड से सस्ता हो। चूंकि NAV अकेले फंड की गुणवत्ता नहीं बताती। इसलिए आंख मुदकर इन्हें खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। सातवां, Expense Ratio और Exit Load को नजरअंदाज करना: निवेश से पहले खर्च, exit load और अन्य लागू शुल्क समझना जरूरी है। तभी छोटी लागत का लंबी अवधि में बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। आठवां, बार-बार फंड बदलना: हर कुछ महीनों में प्रदर्शन देखकर फंड बदलना निवेश को अनुशासनहीन बना सकता है। ऐसे बदलाव का फैसला फंड की मूल रणनीति और आपके लक्ष्य के आधार पर करें। नौवां, कर (Tax) को नजरअंदाज करना: फंड बेचने पर लागू capital-gains tax और holding period को समझे बिना redemption का फैसला न करें। इसके लिए अनुभवी फंड मैनेजर की मदद लें। दस, बिना समझे किसी की सलाह पर निवेश करना: मित्र, रिश्तेदार, सोशल मीडिया या एजेंट की सलाह उपयोगी हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय लेने से पहले फंड के दस्तावेज, जोखिम और अपने वित्तीय लक्ष्य जरूर देखें। इससे आपको सटीक निर्णय लेने में मदद मिलेगी। सबसे जरूरी मंत्र: “सही फंड” से ज्यादा महत्वपूर्ण है— सही लक्ष्य, सही अवधि, सही जोखिम, नियमित निवेश और धैर्य। इसके अलावा, अपने निवेश से पहले यह भी तय करें कि आपको कितने समय बाद कितनी मोटी रकम चाहिए। उसी के आधार पर asset allocation और mutual-fund category चुनना अधिक तार्किक होता है। यही सही रणनीति होगी। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे से जोड़कर वायरल हुए AI जनित और असंबंधित वीडियो
बूम ने पाया कि इनमें से दो वीडियो AI की मदद से बनाए गए हैं. वहीं एक वीडियो 2021 में बेंगलुरु में हुई घटना का है, जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक इमारत गिरने की घटना से संबंधित है.
पीठ की अकड़न से है परेशान तो करे सुप्त मत्स्येंद्रासन
नई दिल्ली, दफ्तर में घंटों बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधि कम होने की वजह से कमर दर्द, कब्ज और पीठ में अकड़न की समस्या आम हो गई हैं। इन शारीरिक समस्याओं से निजात पाने के व्यक्ति योग का सहारा ले सकता है। सही खानपान और योग से शरीर को कई तरह के लाभ मिलते हैं। योग के इन्हीं आसनों में 'सुप्त मत्स्येंद्रासन' बेहद लाभदायक है, जो न सिर्फ कमर दर्द और जकड़न दूर करता है बल्कि मन को शांति मिलती है।
विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: मार्गरेट बूथ- ‘फिल्म एडिटर’ की संज्ञा पाने वाली महिला
मार्गरेट बूथ ने 45 फिल्मों की एडिटिंग की। जब उन्होंने शुरू किया, जाहिर है, तब मूक फिल्मों का दौर था। बाद में उन्होंने सवाक फिल्में भी एडिट कीं। पहले फिल्म एडिटर को फिल्म कटर कहा जाता था।
बच्चों के शुरुआती पहले 180 दिन रखे खास ख्याल, पूरे जीवन की नींव
नई दिल्ली, बच्चे के जीवन की शुरुआत जितनी नाजुक होती है, उतनी ही महत्वपूर्ण भी। जन्म के बाद के शुरुआती दिन और खासकर पहले छह महीने बच्चे के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। यही वह समय होता है जब बच्चे को सही पोषण, प्यार और देखभाल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। बच्चे के जीवन के पहले 180 दिन, यानी पहले छह महीने, उसके पूरे जीवन पर गहरा असर डाल सकते हैं।
uttar pradesh election 2027 Mainpuri Kishni Assembly seat history bjp sp bsp congress political equation- सीट का समीकरण: तीन दशक से ज्यादा समय से किशनी सीट पर सपा का कब्जा; अब तक नहीं जीत पाई BJP; ऐसा यहां का इतिहास
अदालती प्रक्रिया को भीड़ तंत्र से बचाएं: कानून का राज कमजोर हुआ तो न्याय पर टूटेगा भरोसा
अदालती प्रक्रिया को भीड़ तंत्र से बचाएं: कानून का राज कमजोर हुआ तो न्याय पर टूटेगा भरोसा
मुद्दा: हम भी हैं कथा कहने वाले, किस्सों में बसता है हमारा लोकजीवन
मुद्दा: हम भी हैं कथा कहने वाले, किस्सों में बसता है हमारा लोकजीवन
दूसरा पहलू: एच5एन1 से बचाव के लिए अनोखा अभियान
दूसरा पहलू: एच5एन1 से बचाव के लिए अनोखा अभियान
जीवन धारा: घृणा से मुक्ति ही सबसे बड़ी जीत, चोट का जवाब करुणा से देना सीखें
जीवन धारा: घृणा से मुक्ति ही सबसे बड़ी जीत, चोट का जवाब करुणा से देना सीखें
क्या ईरान मक्का समझौते में शामिल होगा?
मध्य पूर्व के देशों के लिए ईरान का समझौते में शामिल होना सबके लिए फ़ायदेमंद होगा।
भागवत कथा: न विदेश ने सुनी न देश ने!
आरएसएस के साथ एक मंच पर आकर, उसकी गतिविधियों को जाने-अनजाने वैधता प्रदान करने को अपनी गलती मानकर, बाकायदा इस पर पछतावा जताया था।
इस सालतृतीया और चतुर्थी तिथि के एक ही तारीख पर पड़ने की वजह से यह विशेष संयोग बन रहा है। आइए जानते हैं इस साल हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी कब मनाई जाएगी और दोनों पर्वों की पूजा के लिए शुभ समय क्या रहेगा।
ललित सुरजन की कलम से देशबन्धु के साठ साल-12
'एक समय मैंने नोटिस किया कि पत्रकार गण किसी कार्यक्रम में गए तो उचित सत्कार न होने के कारण बहिष्कार करके लौट आए।
दिल्ली में एक भवन के ढहने से फिर खड़े हुए सवाल
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना जितनी दुखद है, उतनी ही आंखें खोलने वाली भी। खबरों की मानें, तो यह इमारत 40-50 साल पुरानी थी और तीन मंजिल तक ही इसे बनाने की अनुमति मिली थी…
लापरवाही की भेंट चढ़ गई जिंदगी
दिल्ली में एक बार फिर प्रशासन और नौकरशाही की लापरवाही एक इमारत पर भारी पड़ी और वह ढह गई। सवाल अब ये पूछे जा रहे हैं कि क्या ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे? या, क्या इस हादसे के जिम्मेदार लोगों…
पुलिस को सबका विश्वास जीतना चाहिए
आज मुझे अपने एक वरिष्ठ सहकर्मी की बेतहाशा याद आ रही है, जिनके मुंह से एक वाक्य निहायत भोलेपन से निकल गया था। एक केंद्रीय पुलिस संगठन में प्रतिनियुक्ति पर आए हम कुछ अधिकारी गप्प लड़ा रहे थे कि वहां…
दिल्ली में एक भवन के ढहने से जो क्षति हुई है, उसकी भरपायी असंभव है। यह महज हादसा नहीं, जघन्य श्रेणी का अपराध है। यहां चंद गिरफ्तारियों और कार्रवाइयों से ही न्याय नहीं होगा। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उचित ही दिल्ली...
विचार: शिक्षकों की राह तकते शिक्षा संस्थान
शिक्षकों की कमी का पहला असर कक्षा पर पड़ता है। उपलब्ध शिक्षकों को अधिक कक्षाएं और अधिक प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती हैं।
विचार: फिर सवालों के घेरे में न्यायपालिका
मुख्य न्यायाधीश बनने की वरिष्ठता-परंपरा में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ का नाम है। उनके बाद बीवी नागरत्ना का नाम है।
जागरण संपादकीय: जहरीली शराब का कहर
यह ठीक नहीं कि आज जब देश को विकसित बनाने की बातें हो रही हैं, तब वैसी घटनाएं हो रही है, जैसी कई निर्धन देशों में भी नहीं होतीं।
विचार: देश में खर्च किया गया हर रुपया बनता है आय
भारत में उपभोक्ताओं की कमी नहीं है, लेकिन असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि उनके द्वारा खर्च किए गए प्रत्येक रुपये से अधिक से अधिक आय का निर्माण हो
विचार: जीवन में सकारात्मक बदलाव है देश की मंजिल
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8% आर्थिक वृद्धि दर एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन यह देश की पूरी आर्थिक स्थिति का एकमात्र पैमाना नहीं है
साफ शहर आदतों से बनेंगे: समाज केवल कानूनी बंदिशों से नहीं, परस्पर सम्मान की आदतों से सुसंस्कृत बनता है
बदलते मौसम की परीक्षा: क्या व्यवस्था दुरुस्त होने के दावे सही, नुकसान को कम करने के लिए हम कितने तैयार हैं?
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का असर अब दुर्गापूजा तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
ललित सुरजन की कलम से - हिमाचल प्रदेश- अंतिम: स्वर्ग से वापस धरती पर
'यूरोप के जैकोबियन शिल्प में निर्मित तिमंजिला भवन का एक हिस्सा ही आम जनता के लिए खुला है
प. बंगाल में भाजपा सरकार के शुरुआती सौ दिन में दिखा प्रतिशोध
प.बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के शुरुआती महीनों में दो तरह के नतीजे सामने आए हैं
शिक्षा संस्थान बौद्धिक संबोधनों की जगह : नाराज फूफा जैसे चुटकुलों की नहीं!
आदमी का स्वभाव है नीचे की तरफ आना। ऊपर उठाने में बहुत मेहनत करना पड़ती है
मिथक से मिथक की लड़ाई: ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर दो नजरिये- सत्ता की नजर में ‘गंभीर चुनौती’, विपक्ष के लिए ‘उपहास’ का ‘मुद्दा’
सत्य निकेतन हादसे के बाद बेघर हुए और इलाके में डर के चलते पीजी में नहीं रहना चाहने वाले छात्रों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने वैकल्पिक ठहरने की व्यवस्था की है।
सारनाथ बौद्ध स्थल के असली खोजकर्ता को मिला सम्मान
विश्वविख्यात बौद्ध धर्मस्थल एवं पर्यटन केंद्र सारनाथ के ऐतिहासिक तथ्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि इसकी खोज वाराणसी के बाबू जगत सिंह ने की थी। बाद में इसकी खोज का श्रेय एलेक्जेंडर कनिंघम ने ले लिया…
कैशलेस इंडिया की राह होगी मुश्किल
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस, यानी यूपीआई के दस साल हो गए। इन वर्षों में इसने भारत के आर्थिक जीवन में जिस तरह क्रांति ला दी, वह किसी चमत्कार से कम नहीं। चाय की दुकान से लेकर बड़े बाजार तक और सब्जीवाले से लेकर…
एक दिन गुरुग्राम की ऐसी गली से मेरा गुजरना हुआ, जो कीचड़ से लथपथ थी। उसमें मेरी गाड़ी एक स्पीड ब्रेकर से टकराई, जो ठीक आधा मीटर ऊंचा था। स्पीड ब्रेकर के उस अजीब बनावट को देख दुख तो बहुत हुआ…
विचार: बढ़ते तापमान से पिघलता हिमालय
जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे बाढ़ और भूकंप जैसी आपदाओं की आवृत्ति बढ़ रही है
विचार: शिक्षा व्यवस्था को चाहिए नैतिक आधार
आजादी के पहले के तीन दशक तक किसी परीक्षार्थी का पेपर लीक या सॉल्वर जैसे शब्दों से कोई परिचय नहीं था, लेकिन आज पेपर लीक को झेलना युवाओं की नियति बन गया है
एक राजस्थान, दो पार्टी, तीन नेता और पंजाब में सत्ता की जंग
-राकेश दुबे राजस्थान के पंजाब में दखल का दिलचस्प संयोग बना है। गुलाबचंद कटारिया पंजाब के राज्यपाल हैं, डॉ. सतीश पूनिया वहां बीजेपी के प्रभारी और सचिन पायलट पंजाब में कांग्रेस के प्रभारी। यानी पंजाब के संवैधानिक शीर्ष पद से लेकर राजनीतिक शीर्ष दलों, बीजेपी और कांग्रेस के चुनावी संगठन तक राजस्थान के तीन राजनीतिक ... Read more
छात्रों के आक्रोश का इतिहास: जेपी आंदोलन से लेकर आज के जंतर-मंतर तक, युवाओं ने सत्ता और लोकतंत्र को प्रभावित किया है
जानना जरूरी है: भगवान विष्णु का शयन और उत्थान... श्रीहरि के योगनिद्रा से जागते ही सृष्टि में पुनः गति आती है
घेराबंदी: जब भूखा रखने वाला खुद भूखा मरा, अतीत में झांकता ईरान लेनिनग्राद और क्यूबा की राह पर
घेराबंदी: जब भूखा रखने वाला खुद भूखा मरा, अतीत में झांकता ईरान लेनिनग्राद और क्यूबा की राह पर
आज का राशिफल: मिथुन राशि वालों को अचानक हो सकता है धन लाभ, जानें 12 राशि का हाल
आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा? जानें मेष से लेकर मीन राशि वालों के करियर, धन, प्रेम और सेहत से जुड़े आज के राशिफल की खास भविष्यवाणी।
एक दीप से जलते हैं अनगिनत दीप: गुरु से विश्वगुरु भारत तक
भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प में शिक्षकों की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया गया है, जो ज्ञान के साथ विवेक और चरित्र का निर्माण करते हैं।
विचार: आर्थिक प्रगति पर अनावश्यक सवाल
भारत ने पहली तिमाही में 7.8% की जीडीपी वृद्धि दर्ज की, जिससे वह विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया
अच्छे डॉक्टर का अपना जलवा होता है। मलाया माने मलेशिया में सेवारत भारतीय डॉक्टर कुप्पुस्वामी भी कुछ वर्षों में बड़े रसूखदार हो गए थे। उनके लिए छुट्टी के दिन भी बैंक खुलता था, रेलगाड़ी ठिठकती थी, पानी के जहाज इंतजार करते थे…
ताकि फिर कोई प्रकाश किसी गड्ढे में न बुझ पाए
यह आम मानवीय कमजोरी है कि हम अपने संघर्षों, अपनी तकलीफों के आगे किसी अन्य की पीड़ा को बहुत अहमियत नहीं देते। उनके बारे में गंभीरता से सोचना तो दूर की बात है। हालांकि, हमारे बीच ही कई ऐसे लोग हैं, जो अपना दर्द अपने भीतर समेटकर दूसरों की जिंदगी में …
बंगाल में भारतीय शिक्षा-दृष्टि को बल देने की अनुकरणीय घोषणा
पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख शैक्षणिक प्रकल्प विद्या भारती के कम से कम एक हजार नए विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की घोषणा नहीं है, बल्कि इसे राज्य की शिक्षा-दृष्टि में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के संकेत के ... Read more
पर्युषण महापर्व 8 सितंबर से, तप-साधना और आत्मचिंतन में जुटेगा जैन समाज
15 सितंबर को संवत्सरी महापर्व पर होगी क्षमायाचना, ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ के साथ महापर्व का समापन 5 सितंबर 2026 । जैन धर्मावलंबियों का प्रमुख आध्यात्मिक पर्व पर्युषण महापर्व 8 सितंबर से शुरू होगा। आठ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में जैन समाज के श्वेताम्बर समुदाय (स्थानकवासी, मूर्तिपूजक, तेरापंथ) के लोग तप, उपवास, स्वाध्याय, प्रतिक्रमण, ध्यान ... Read more
अयोध्या, मथुरा और काशी सिर्फ मंदिरों से नहीं, बल्कि उनके जरिये किए गए सभ्यता के निर्माण और विस्तार से जुड़े थे। ये तीनों धर्मनगरियां विभिन्न संस्कृतियों के मिलाप और ज्ञान के साझा सदुपयोग के साथ जुड़ी थीं। हमारे मंदिरों की भव्यता नहीं, बल्कि उनकी अलौकिक सार्वजनिनता…
शिक्षक दिवस विशेष: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में गुरु की आवश्यकता और बदलती भूमिका
भारत की परंपरा में गुरु का स्थान इसलिए बड़ा रहा, क्योंकि गुरु को केवल पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं माना गया। वह शिष्य को जीवन समझने की दृष्टि देता था।
जीवन धारा:बेहतर जीवन के लिए विज्ञान जरूरी है, येराष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने के महत्वपूर्ण माध्यम भी
मिस वर्ल्ड 2026: भारत का प्रतिनिधित्व कर रहीं निकिता पोरवाल, थाईलैंड की सुंदरी विजेता को पहनाएगी ताज
आज वियतनाम में मिस वर्ल्ड 2026 की विजेता का नाम घोषित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में भारत की तरफ से निकिता पोरवाल पहुंची हैं। आइए उनके बारे में और इस प्रतियोगिता के बारे में जानते हैं।
क्यों नहीं रुक रही रैगिंग की घटनाएं: क्या सुप्रीम कोर्ट की सख्ती भी बेमानी?शिक्षकों और समाज को सोचना होगा
शिक्षक को खुद जुनून से भरना होगा: एल्गोरिदम के दौर में छात्रों की भावनाओं को छूना प्रभावी शिक्षण, जरूरत समझें
नई ऊंचाई की ओरइसरो: कामयाबी से आत्मविश्वास, लेकिन जश्न का समय कम; अंतरिक्ष में हर सफलता अगली चुनौती की जमीन
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर संकट बढ़ गया है। आईएईए ने 20 साल बाद पहली बार ईरान को परमाणु अप्रसार दायित्वों का पालन न करने वाला पाया है।
यू-टर्न लेना आर्थिक नजरिये से कब सही होता है?
हाल ही में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने आर्थिक नीति बनाने के मामले में एक छोटा लेकिन अहम सबक दिया।
हिमालय की चेतावनी पर नदियों की प्रतिक्रिया
नेपाल, भारत, बांग्लादेश और चीन को मिलकर सीमा-पार काम करने वाली चेतावनी व्यवस्था बनानी होगी।
सतपुड़ा की घाटी में आदिवासी पेड़ लगाने का अनोखा हरियाली अभियान चला रहे हैं।
विचार: प्रमाणित होती अर्थव्यवस्था की मजबूती
विकसित देशों में भी डबल डिफ्लेशन पद्धति अपनाने पर इस तरह के परिणाम सामने आए हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी तैयार उत्पादों की कीमतों की तुलना में अधिक रही।
जागरण संपादकीय: इसरो का नया अध्याय
इस अंतरिक्ष एजेंसी के लिए यह भी आवश्यक है कि वह हर मामले में आत्मनिर्भर बने और अपनी उत्कृष्टता सिद्ध करती रहे, क्योंकि आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा बढ़ने वाली है।
जीएसएलवी-एफ17 सफल लॉन्च, अंतरिक्ष यात्रा
नई दिल्ली, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा जीएसएलवी-एफ 17/ईओएस-05 मिशन के सफल लॉन्च पर केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने गर्व जताते हुए देशवासियों को बधाई दी है। नेताओं ने कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक शानदार उपलब्धि हासिल हुई है।
जब जीवन विचलित करे, तब अडिग होकर कर्म कैसे करें
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की मधुर छवियां हमारे मन में जाग उठती हैं- माखन चुराते कन्हैया, बांसुरी बजाते श्याम, ग्वाल-बालों के साथ खेलते नंदलाल और यशोदा मैया को मोहित करते बाल गोपाल…
भारत : डेटा सेंटर की क्षमता 2029 तक बढ़कर 6 गीगावाट
नई दिल्ली, भारत का डेटा सेंटर इंडस्ट्री की क्षमता जून 2026 तक 1.6 गीगावाट की क्षमता से बढ़कर 2029 तक 6 गीगावाट होने की उम्मीद है। इसके लिए करीब 110 अरब डॉलर की पूंजी की जरूरत होगी। इस वृद्धि को एआई वर्कलोड और हाइपरस्केल क्लाउड की तैनाती से बढ़ावा मिलेगा।
ज्यादा टिकाऊ है ईवी की बैटरी, स्मार्ट पावर सिस्टम
नई दिल्ली, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच उनकी सबसे बड़ी चुनौती बैटरी की उम्र है। अब बैटरी की उम्र बढ़ाने की दिशा में भारतीय शोधकर्ताओं ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी राउरकेला के शोधकर्ताओं ने ऐसी हाइब्रिड ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित की है
जीवन धारा:कृष्ण जीवन की सभी कलाओं में माहिर हैं,साथ जाने का रास्ता चुनने पर शुरुआत में ही अहंकार छोड़ना होगा
मुद्दा:लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है,छुआछूत-भेदभाव जैसी अस्पृश्यता अब भी कायम; स्वतंत्रतामूलक सुधार अपरिहार्य
भ्रष्टाचार की तस्वीर: शिकायत पर कार्रवाई नहीं, संभावना पहचानने की व्यवस्था हो, डिजिटल प्रक्रिया की अहम भूमिका
इंसाफ कैसे: कॉलेजियम प्रणाली पर देशव्यापी चिंता, राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग 'असांविधानिक', रास्ता क्या?
जीडीपी आंकड़ों का भ्रम: दो अलग सीरीज की तुलना क्यों, 2.6% के दावे पर उठे सवाल कितने सही?
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Janmashtami 2026: इस साल 04 सितंबर को जन्माष्टमी का पावन उत्सव मनाया जा रहा है। विदेशों तक भगवान कृष्ण के प्रति आस्था और दीवानगी देखी जाती है। कई हॉलीवुड सेलेब्स भी उन्हें बहुत मानते हैं।

