Bigg Boss 20: 'बिग बॉस 20' में हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है। इस बीच काजी तौकीर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बिग बॉस ने बिना देर किए घर के अंदर डॉक्टर भेजा। इसके बाद काजी ने बताया कि उन्हें क्या हुआ?
समाज और संस्कृति: दिखावे का ज्ञान या जीवंत आचरण? जानें क्यों टूट रही है भारतीय संस्कारों की कड़ी
आधुनिकता और पाश्चात्य प्रभाव से भारतीय परिवारों में पारंपरिक संस्कारों का पतन हो रहा है। मौखिक उपदेशों के बजाय माता-पिता को स्वयं आचरण, त्याग, अनुशासन और आध्यात्मिक जीवन का जीवंत उदाहरण बनकर नई पीढ़ी में संस्कार रोपने होंगे।
कमर दर्द और तनाव से परेशान तो करें भुजंगासन दर्द से मिलेगा छुटकारा
नई दिल्ली, नियमित रूप से योग करने से न सिर्फ शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मन शांत और एकाग्र भी बनता है। इन्हीं महत्वपूर्ण आसनों में से एक है भुजंगासन। यह न केवल रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, बल्कि पूरे शरीर में नई ऊर्जा का संचार भी करता है।
विमर्श: पितृपक्ष में तर्पण के बाद लोग पितरों को भूल जाते हैं, वैसा ही हाल हिंदी का; छोड़नी होगी प्रवृत्ति
मानवता में मिलावट नहीं होनी चाहिए: इमारतों की नींव में भ्रष्टाचार, जापानी शब्द ‘ओमोईयारी’ से सीख ली जा सकती है
ब्रिक्स की राह: क्या गर्मजोशी के बाद तालमेल भी दिखेगा, वैश्विक संगठन के लिए कौन सी चुनौती सबसे बड़ी?
ब्रिक्स की राह: क्या गर्मजोशी के बाद तालमेल भी दिखेगा, वैश्विक संगठन के लिए कौन सी चुनौती सबसे बड़ी?
सूर्य गोचर 2026: 17 सितंबर के बाद इन 2 राशियों का चमकेगा करियर, मिल सकती है बड़ी सफलता
17 सितंबर को सूर्य सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।अब कन्या राशि में पहुंचने के बाद सूर्य केतु के प्रभाव से अलग हो जाएंगे। ऐसे में कुछ राशि के जातकों के लिए करियर के लिहाज से परिस्थितियां बेहतर होने के संकेत हैं।
पूर्व आईपीएस अफसर किरण बेदी ने कहा कि दिल्ली के मौजूदा और पूर्व विधायकों, पार्षदों एवं एमसीडी अधिकारियों से उनकी संपत्तियों का ब्योरा सार्वजनिक कराया जाना चाहिए।
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में डेज पीजी हॉस्टल हादसे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।
आंकड़ों से छिप नहीं सकता 'भरोसे का संकट'
तकनीकी जानकारी जीडीपी के आंकड़ों को समझा सकती है जबकि अनुभव पर आधारित समझ उन आंकड़ों की सच्चाई पर सवाल उठा सकती है।
भारत-चीन शिखर वार्ता से व्यापार बढ़ाने के मौके खुलेंगे
11 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में होने वाली 18वीं ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाक़ात को लेकर काफ़ी उम्मीदें हैं।
खेती और बैल के अटूट रिश्ते का त्योहार
पोला त्योहार में बैलों की पूजा की जाती है। उन्हें नहलाया-धुलाया जाता है। उन्हें सजाया जाता है।
परिचालन संबंधी कार्यों के चलते कई ट्रेनें रद्द रहने से दिल्ली और आसपास के रेल यात्रियों को 12 और 13 सितंबर को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बेटा-बेटी को डाक्टर तो बनाइये, लेकिन उसे इन्सान पहले बनाइए!
मनोहर चावला आज हर माँ- बाप की इच्छा रहती है कि उसका बेटा डाक्टर बने । वो शुरू से ही बच्चों के मस्तिक में ये विचार डाल देते है कि तुझे डाक्टर बनना है । और इसके लिए वे अपने बच्चों को कोचिंग क्लासो में दाख़िला दिलाते हैं। देखा नहीं आपने २४-२५ लाख विधार्थी नीट ... Read more
सभी विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था संभव नहीं
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्रावास का सवाल फिर से सुर्खियों में है। आरोप लग रहे हैं कि व्यवस्थागत खामियों के कारण छात्रों को छात्रावास की सुविधा नहीं मिल पा रही, जिस कारण वे जैसे-तैसे शिक्षण संस्थानों के नजदीकी…
छात्रावास बिना दयनीय स्थिति में रह रहे छात्र
आज पूरे देश मेें छात्रों, अभिभावकों और अध्यापकों में बेचैनी, रोष, असंतोष और असहमति दिखाई दे रही है। इसका मुख्य कारण है कि शासन का ध्यान शिक्षा के विकास और छात्रों के भविष्य पर नहीं है। खास तौर से जो केंद्रीय विश्वविद्यालय…
विचार: ब्रिक्स को लाभकारी बनाने की चुनौती
ब्रिक्स सम्मेलन का सबसे संवेदनशील पहलू भारत-चीन-रूस त्रिकोण होगा। भारत दोनों के साथ संबंध रखता है, लेकिन दोनों से अलग-अलग चुनौतियां भी हैं।
आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए अहम
भारत की मेजबानी में होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस बार केवल बहुपक्षीय कूटनीति का मंच नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आया है…
लोकतांत्रिक राज्य को असहमति सहनी चाहिए, लेकिन अराजकता के सामने आत्मसमर्पण नहीं। पुलिस संयमित हो, लेकिन पंगु नहीं, प्रशासन जवाबदेह हो, लेकिन असहाय नहीं और न्यायपालिका व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करे, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था की उस बुनियाद को कमजोर किए बिना, जिस पर लोकतंत्र स्वयं खड़ा है।
जागरण संपादकीय: ब्रिक्स की महत्ता
देखना यह है कि दिल्ली में आयोजित बिक्स सम्मेलन में सदस्य और सहयोगी देश अपने मतभेदों को भुलाकर आपसी व्यापार को कितना आगे ले जाने की कोई ठोस रूपरेखा बना पाते हैं?
फैक्ट चेक: मोहन भागवत और गौरव भाटिया के नाम पर मनगढ़ंत बयान हो रहे वायरल
बूम ने पाया कि नवभारत टाइम्स के लोगो वाले ये पोस्टकार्ड फेक हैं. इनमें मोहन भागवत और गौरव भाटिया के हवाले से पीएम मोदी व स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर फर्जी बयान वायरल किए जा रहे हैं.
फैक्ट चेक: अविश्वसनीय तरीके से कैच लेती महिला क्रिकेटर का AI जनित वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो असली नहीं है. इसे एआई की मदद से बनाया गया है.
Box Office Collection: फिल्म 'हनुमान अंश' और 'मिर्जापुर द मूवी' की बॉक्स ऑफिस धमक के बीच आज 'हैवान' रिलीज हो गई है। जानिए सिनेमाघरों में लगी फिल्मों का हाल कैसा है?
Web Series Chumbak Review: नीना गुप्ता, देवेन भोजानी, सुमित व्यास और अर्जुन बिजलानी जैसे बड़े कलाकारों से सजी वेब सीरीज चुंबक रिलीज हो चुकी है। जानिए कैसी है इसकी कहानी?
जीवन धारा: समस्या उम्र में नहीं, सोच में
जीवन धारा: समस्या उम्र में नहीं, सोच में
दूसरी पारी: रोमांच नहीं, जोखिम को कम करें
दूसरी पारी: रोमांच नहीं, जोखिम को कम करें
Guru Gochar 2026: अक्तूबर में गुरु सिंह राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। उनका यह गोचर करीब 12 साल के बाद होगा। ऐसे में कुछ राशि वालों का भाग्योदय होने के अलावा सफलता-सम्मान की प्राप्ति के भी योग हैं।
मशीनों की होड़ में मानवता: सीमाओं का सवाल खुद से पूछना होगा,सुनिश्चित करना होगा कि दुनिया भी सुरक्षित बनी रहे
ब्रिक्स टिका रहा, अब उसे नतीजे देने होंगे:विस्तार से अधिक प्रतिनिधित्व वाला मंच बना, क्यावास्तविक बदलाव आएगा?
दिल्ली की परीक्षा: ब्रिक्स टकराव के बजाय सहयोग का मंच बन सकता है, क्या भारत इसे रणनीतिक प्रभाव में बदल सकता है?
विनोबा : अहिंसक क्रांति के अग्रदूत
आचार्य विनोबा भावे का जीवन सत्य, प्रेम एवं करुणा से सिंचित, पल्लवित एवं पुष्पित एक बेमिसाल नजीर था।
न्यायपालिका की भूमिका और अधिकारों की रक्षा के सवाल
सजीव और सजग लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका अहम रहती है।
ब्रिक्स शक्ति-संघर्ष का अखाड़ा नहीं, सहयोग का सेतु बने
नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाला 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब विश्व व्यवस्था गहरे संक्रमण से गुजर रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया का तनाव, आतंकवाद, व्यापारिक टकराव, ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा की चिंता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तेज होती चुनौती और वैश्विक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर उठते ... Read more
दिल्ली पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 15,000 कर्मियों और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों को तैनात किया जाएगा।
'बेचारा' कहने पर भड़के प्रशांत किशोर: सीएम सम्राट चौधरी को बताया 'अनपढ़ अपराधी'; बाढ़-शराबबंदी पर क्या बोले?
विचार: अब भी नासूर बना हुआ है आतंकवाद
आतंक के खिलाफ कोरी बातें ही उसे ताकत प्रदान कर रही हैं। आज सबसे आवश्यक यह है कि आतंकवाद को संयुक्त राष्ट्र की ओर से परिभाषित किया जाए और आतंक के पोषक देशों को दंडित किया जाए।
विचार: आसिम मुनीर के शिकंजे में पाकिस्तान
रंपरागत रूप से पाकिस्तान में सेनाध्यक्ष ही सत्ता के सबसे ताकतवर चेहरे रहे हैं, जिनका रसूख निर्वाचित सरकार और उसके मुखिया से कहीं अधिक होता है।
जागरण संपादकीय: कांग्रेस की संकीर्णता
ध्यान रहे इसके बावजूद मुस्लिम लीग अलगाववादी एजेंडे पर चलती रही और देश के विभाजन का कारण बनी। आखिर कांग्रेस आज भी मुस्लिम लीग की आपत्तियों को महत्व क्यों दे रही है?
एक चौथाई खातों का निष्क्रिय होना ठीक नहीं
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 15,36,77,009 खाते निष्क्रिय पाए गए हैं, जो कुल खातों का करीब चौथाई हिस्सा (26 प्रतिशत) है। इसके अलावा, 5.72 करोड़ (5,72,35,490) खातों में शून्य (जीरो) बैलेंस है। आरटीआई के जरिये हुए…
उस दुर्दांत आतंकी हमले के आज पच्चीस साल हो रहे हैं, जिसने दुनिया की राजनीति, सुरक्षा व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दशा-दिशा बदल दी। 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका के ‘ट्विन टावर’ पर हुए आतंकी हमले को महज…
दुनिया के सबसे पुराने और विकसित लोकतांत्रिक देश अमेरिका में भी लोगों को सीधे नकदी या मुफ्त उपहार देने की राजनीति चल निकली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में उनकी…
बिहार: वैशाली में भरभराकर गिरा पुल का लॉन्चर, मची चीख-पुकार, छह कर्मचारी घायल; दो की हालत गंभीर
वैशाली के लालगंज थाना क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन पर निर्माणाधीन पुल का भारी लॉन्चर अचानक गिर गया। हादसे में छह कर्मचारी घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर है और उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया।
आईफोन डुओ से लेकर एयरपॉड्स 5 तक: एपल के इवेंट में क्या-क्या हुआ लॉन्च? जानें पूरी डिटेल
आईफोन डुओ से लेकर एयरपॉड्स 5 तक: एपल के इवेंट में क्या-क्या हुआ लॉन्च? जानें सभी की पूरी डिटेल
काम से प्यार हो, तो मेहनत बोझ नहीं लगती: मैंने हार को भी अपने जीवन का शिक्षक माना
देश का सबसे ज्यादा सैनिकों वाला गांव: जहां हर घर से सरहद तक पहुंचता है एक जवानindia most soldiers village in gazipur asia largest also
फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ बॉक्स ऑफिस पर काफी मुनाफा कमा रही है। वहीं ‘हनुमान अंश’ की कमाई अपनी रिलीज से कई दिनों के बाद भी जारी है। जानें कितना है इन फिल्मों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के तहत पात्र किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये की राशि भेजी जाएगी। जो किसान योजना के लिए पात्र होंगे, उन्हें ही ये आर्थिक मदद मिलेगी।
चीन 2.0 से एआई तक, बदलता शक्ति-संतुलन: दुनिया के मानक क्या चीन तय करेगा
चीन के विकास का बुलबुला फटने की भविष्यवाणियां कोई आज से नहीं हो रही हैं। पर, अब एआई में चीन जिस तरह से छलांग लगा रहा है, उसे देखते हुए वह दिन दूर नहीं, जब वह वैश्विक शक्ति-संतुलन को भी बदलने की कोशिश करेगा। असल समस्या की शुरुआत यहीं से होगी।
संप्रभुता की लकीरें: नक्शा सिर्फ भूगोल नहीं, राष्ट्रीय अस्मिता का आईना है
संप्रभुता की लकीरें: नक्शा सिर्फ भूगोल नहीं, राष्ट्रीय अस्मिता का आईना है
मूल लेखक: प्रोफ़ेसर अशरफ़ रहमान हिंदी अनुवाद-देवी नागरानी मूल लेखक: प्रोफ़ेसर अशरफ़ रहमान پروفیسر اشرف راہموں سَرحد کے اُس پار سَرحد کے اُس پار میرے بزرگ سَرحد کے اُس پار سے آئے تھے، وہ کیا چھوڑ کر آئے تھے ؛ تم کیا جانو؟ تمہیں اِس سے کوئ غرض نہیں ہو سکتی — تم نے اُن ... Read more
ललित सुरजन की कलम से भाषण और आंकड़ों से परे
'छत्तीसगढ़ की रमन सरकार ने पंचायत शिक्षकों का संविलियन कर शिक्षकों का स्थायी कैडर निर्मित करने का फैसला लिया है।
असलियत से ज़्यादा गणितीय हो सकती है भारत की तेज़ विकास दर
ऊर्जा की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव, क्षेत्रीय आपूर्ति में रुकावट, कम निवेश और बढ़ते व्यापार प्रतिबंधों की वजह से दुनिया की अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है।
सिमोन द बुवा के देश में नारी उत्पीड़न
नारी सशक्तीकरण पर उनके मौलिक और क्रांतिकारी विचारों पर दुनिया में आज भी मंथन होता है।
विचार: ब्रिक्स को नए आयाम देता भारत
भारत की अध्यक्षता ब्रिक्स को संप्रभु राष्ट्रों के एक स्वतंत्र मंच के रूप में अक्षुण्ण रखते हुए व्यावहारिक सहयोग के एक अधिक प्रभावी माध्यम के तौर पर स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।
विचार: नई पीढ़ी को सक्षम बनाने की चुनौती
शासन-प्रशासन में अनुभव, समझ और संयम का महत्व तो सदैव रहेगा, मगर भारत के भविष्य को गढ़ने में भावी पीढ़ी की भूमिका तय होनी ही चाहिए।
भारत ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिसके अपने निहितार्थ हैं और संदेश भी, लेकिन उससे भी अधिक मायने हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के, जो ब्रिक्स की बैठक से एक दिन…
खुदकुशी की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक
हर वर्ष 10 सितंबर को ‘विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस’ मनाया जाता है। हालांकि, सिर्फ एक दिन इसे मनाने से समाज में आत्महत्या नहीं रुक सकती। बड़े-बुजुर्ग ही नहीं, छात्र और युवा भी अपनी जान लेते रहे हैं…
जर्जर और अवैध भवनों को ध्वस्त करने की कोई भी कार्रवाई स्वागतयोग्य है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम को शहर के कई हिस्सों में अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और इस दिशा में…
जागरण संपादकीय: रेल सेवा का विस्तार
जापान, चीन और यूरोपीय देश न जाने कब से प्रमुख मार्गों पर बुलेट ट्रेन चला रहे हैं। इसी तरह एक सच्चाई यह भी है कि इन देशों में सामान्य ट्रेनों की औसत गति भारत के मुकाबले कहीं अधिक है।
दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ हुई बदसलूकी से जोड़कर फिल्म शूटिंग का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. वीडियो दिल्ली पुलिस द्वारा महिला पत्रकारों के साथ मारपीट का नहीं बल्कि एक शूटिंग के बिहाइंड-द-सीन का है.
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
बेल का पेड़ है औषधीय गुणों से भरपूर
नई दिल्ली, भारत में पेड़-पौधों का महत्व सिर्फ पर्यावरण तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि प्राचीन समय से ही कई पौधों का इस्तेमाल औषधीय जरूरतों के लिए भी किया जाता रहा है।
एक किताब : जहां सुर की उठान के एहसास से भरे अनछुए किस्से हैं
संगीत के सुरों के साथ तमाम शख्सियतों के ऐसे किस्से जो भाषा की रवानगी और संवेदनशीलता के एहसास से भरी है
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
सबसे जरूरी तो हिमालय है: हिमालयी राज्यों के लिए विकास नहीं, अब पारिस्थितिकी भी प्राथमिकता होनी चाहिए
सबसे जरूरी तो हिमालय है: हिमालयी राज्यों के लिए विकास नहीं, अब पारिस्थितिकी भी प्राथमिकता होनी चाहिएnepal flood wake up call for himalayan states of india know how
चुनौतियां बाकी हैं: स्वच्छ हवा अब महज पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं
चुनौतियां बाकी हैं: स्वच्छ हवा अब महज पर्यावरण संरक्षण का विषय नहींOpinion on clean air survey 2026 indore lucknow and delhi situation
यह एक बड़ा राजनैतिक विषय है जिसके आंदोलन की समाप्ति के बावजूद अभी भी सरकार का दम फूलना जारी है।
कॉकरोच से लगे झटके के बाद अपनी छवि सुधारने की तैयारी में मोदी
सम्मेलन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए बड़े प्रयास किए जा रहे हैं, जो भारत के बढ़ते प्रभाव और आर्थिक क्षमता को दिखाते हैं।
ललित सुरजन की कलम से वैज्ञानिक जिन्हें हम भूल न जाएं
'हमारी शासन व्यवस्था, समाज व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था- सब में ज्ञान, विवेक और तर्कबुद्धि, इन सबका मानो कोई स्थान नहीं रह गया है।
संयुक्त राष्ट्र की एक पहल के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से जम्मू-कश्मीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
दिल्ली में एक मुठभेड़ के बाद हिमांशु भाऊ गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
ई-बाजारः सुविधा से आगे टिकाऊ अर्थव्यवस्था की नई चुनौती
भारत में खरीदारी की दुनिया जिस तेजी से बदल रही है, वह केवल बाजार की शैली में परिवर्तन नहीं है, बल्कि उपभोक्ता व्यवहार, रोजगार, तकनीक, छोटे व्यापार और अर्थव्यवस्था की पूरी संरचना में हो रहे बदलाव का संकेत है। हाल में शोध परामर्श संस्था इन्फिसम की रिपोर्ट ने इस परिवर्तन को एक स्पष्ट आंकड़े में ... Read more
विचार: अराजकता करने वालों को विशेष छूट
अफसोस कि यह पहली बार नहीं, जब सरकार या फिर सुप्रीम कोर्ट या फिर दोनों, किसी समूह के अराजक व्यवहार के सामने घुटने टेकते दिखे हों। नागरिकता संशोधन कानून और तीन कृषि कानूनों के विरोध के समय भी यही हुआ था।
हाइब्रिड आतंकवाद से निपटने में आम नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी सुरक्षा एजेंसियों की। अगर कोई डिजिटल मीडिया पर संदिग्ध किस्म का कोई भी वार्तालाप या पोस्ट देखे तो उसे तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।
जागरण संपादकीय: राजमार्गों पर एंबुलेंस
अच्छा हो कि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ मिलकर कोई ऐसा साझा तंत्र बनाए, जो राजमार्गों में आवागमन को सुरक्षित कर सके। राज्य सरकारों को इसकी भी फिक्र करनी होगी कि उसके अपने मार्गों पर भी दुर्घटनाएं थमें।
हिमालय को बांटकर देखने की नीति बदलनी पड़ेगी
राजनीतिक नक्शे हिमालय को कई देशों में बांटते हैं, लेकिन प्रकृति इन सीमाओं को नहीं मानती। तिब्बत में पैदा हुआ जल-प्रवाह भारत, नेपाल या भूटान में संकट बन सकता है और ऊंचे हिमालय की किसी निर्जन घाटी में टूटी हिमनदीय…
सिर्फ मुफ्त रेवड़ियां काम न आएंगी
जंतर मंतर पर जेन-जी के आंदोलन ने न केवल तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया, बल्कि कई अन्य उपलब्धियां भी इसके नाम रहीं। पहली और सबसे दिलचस्प उपलब्धि तो यही रही कि इसने छात्रों की उस…
जहरीले नशे पर कठोर कार्रवाई जरूरी
नकली और जहरीली शराब से देश में समय-समय पर होने वाली मौतें केवल कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और शासन की एक बड़ी कमजोरी है। हाल के वर्षों में बिहार, तमिलनाडु, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश…
कार्रवाई और कार्यवाही (व्यंग्य)
नकली बुद्धि पूरे विश्व में नैसर्गिक बुद्धि पर कब्ज़ा करती जा रही है। इधर दुनिया और समाज के समझदार, ख़ास लोग आम लोगों को चौकन्ना भी करते जा रहे हैं कि एआई यानी कृत्रिम बुद्धि पर ज्यादा विशवास न करें क्यूंकि यह भी गलती कर सकती है। लेकिन नकली बुद्धि ने यह बिलकुल सही बताया कि समाज या दफ्तर में अनुशासन बनाए रखने लिए नियमों के पालन के लिए, गलत काम करने वालों को सजा देकर अपराध रोकने के लिए और आम जनता की सुरक्षा और व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए कई किस्म की ज़रूरी कार्रवाई की जाती है। मजेदार यह है कि कितनी ही परिस्थितियों में कार्रवाई की जगह सिर्फ कार्यवाही ही की जाती है क्यूंकि कार्रवाई मुश्किल काम होता है और कार्यवाही आसान। हमारे यहां कार्यवाही यानी कामकाज और विचार विमर्श बहुत मेहनत, समयबद्ध तरीके से नियमानुसार और संवैधानिक आधार पर होता है जिसमें गलती की गुंजाईश काफी कम होती है। अगर गलती होती है तो प्राकृतिक कारणों से ही हुआ करती है, जैसे बरसात के मौसम में पानी का, बादलों की गलती से ज्यादा बरसना। कार्यवाही, बेचारी समझे जानी वाली कागजी चीज़ होती है, जिसके बारे ज्यादा बात क्या करनी। इसे भी पढ़ें: जवाब जिनका नहीं (व्यंग्य) कार्रवाई यानी किसी नियम, अनुशासन तोड़ने, गैर कानूनी काम करने वाले के खिलाफ सज़ा देने के लिए सख्त यानी कठोर प्रक्रिया अपनाना। जैसे पुलिस अपराधियों के खिलाफ हमेशा सख्त कदम उठाती है। वह बात अलग है कि कार्रवाई के दौरान जाति व्यवस्था, ऊंच नीच, शिक्षा अशिक्षा, अमीरी गरीबी, सामंती समाज को भी ससम्मान प्रवेश कराया जाता है। यह हमारे समाज के स्वादिष्ट मसाले हैं। पहले कार्रवाई हो चुकी हो या निपटाई जा चुकी हो तब भी दोबारा कार्रवाई की जा सकती है। पिछली कार्रवाई स्वत निरस्त हो जाती है। अगर कागज़ पर लिखे पत्र भेजे जाएं और महत्त्वपूर्ण शब्दों और लाइनों पर पीला, लाल या पसंद का रंग हाई लाइनर के रूप में प्रयोग किया जाए तो कई बातें रंग बदल लेती हैं। कार्रवाई पूरे इत्मीनान से होनी चाहिए नहीं तो पानी के बिना सिर्फ दूध की कॉफ़ी बन जाती है। कार्रवाई करना छोटा नहीं मोटा काम होता है। तस्सलीबख्स बाल काटने जैसा सतर्कता और ज़िम्मेदारी भरा काम होता है। कार्रवाई के दौरान जांच किए गए प्रमाण और कागजात बार बार कई कोनों से देखने परखने जांचने पड़ते हैं तभी तो बाद में पाया जाता है कि जिस गाडी को ट्रक के रूप जांच लिया गया वह वास्तव में टू व्ह्लिर्स या थ्री व्हीलर हो सकता है। कार्रवाई पूरी तरह से व्यवस्थित करनी पड़ती है ताकि कई नाक कटने से बच जाएं क्यूंकि नाक की मरम्मत पर अथाह खर्च होता है। हालांकि राजनीतिक परम्परा के अनुसार कार्रवाई के दौरान आपदा में अवसर भी खोजे जा सकते हैं फिर भी असली नैसर्गिक बुद्धिमत्ता इसी में है कि कार्रवाई को कार्यवाही न समझा जाए। - संतोष उत्सुक
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे से जोड़कर वायरल हुए AI जनित और असंबंधित वीडियो
बूम ने पाया कि इनमें से दो वीडियो AI की मदद से बनाए गए हैं. वहीं एक वीडियो 2021 में बेंगलुरु में हुई घटना का है, जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक इमारत गिरने की घटना से संबंधित है.
पीठ की अकड़न से है परेशान तो करे सुप्त मत्स्येंद्रासन
नई दिल्ली, दफ्तर में घंटों बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधि कम होने की वजह से कमर दर्द, कब्ज और पीठ में अकड़न की समस्या आम हो गई हैं। इन शारीरिक समस्याओं से निजात पाने के व्यक्ति योग का सहारा ले सकता है। सही खानपान और योग से शरीर को कई तरह के लाभ मिलते हैं। योग के इन्हीं आसनों में 'सुप्त मत्स्येंद्रासन' बेहद लाभदायक है, जो न सिर्फ कमर दर्द और जकड़न दूर करता है बल्कि मन को शांति मिलती है।
एफिल टॉवर विवाद: बिना जांच बीएपीएस को कटघरे में रखना उचित नहीं
बीएपीएस से जुड़े करीब 100 लोगों के प्रतिनिधिमंडल के निजी दौरे के दौरान आरोप लगा कि महिला कर्मचारियों को कुछ स्थानों से हटाया गया। उनके साथ प्रतिनिधिमंडल का संपर्क सीमित किया गया। इसके बाद एफिल टॉवर के कर्मचारियों में नाराजगी हुई, विरोध हुआ।
विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: मार्गरेट बूथ- ‘फिल्म एडिटर’ की संज्ञा पाने वाली महिला
मार्गरेट बूथ ने 45 फिल्मों की एडिटिंग की। जब उन्होंने शुरू किया, जाहिर है, तब मूक फिल्मों का दौर था। बाद में उन्होंने सवाक फिल्में भी एडिट कीं। पहले फिल्म एडिटर को फिल्म कटर कहा जाता था।
बच्चों के शुरुआती पहले 180 दिन रखे खास ख्याल, पूरे जीवन की नींव
नई दिल्ली, बच्चे के जीवन की शुरुआत जितनी नाजुक होती है, उतनी ही महत्वपूर्ण भी। जन्म के बाद के शुरुआती दिन और खासकर पहले छह महीने बच्चे के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। यही वह समय होता है जब बच्चे को सही पोषण, प्यार और देखभाल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। बच्चे के जीवन के पहले 180 दिन, यानी पहले छह महीने, उसके पूरे जीवन पर गहरा असर डाल सकते हैं।
uttar pradesh election 2027 Mainpuri Kishni Assembly seat history bjp sp bsp congress political equation- सीट का समीकरण: तीन दशक से ज्यादा समय से किशनी सीट पर सपा का कब्जा; अब तक नहीं जीत पाई BJP; ऐसा यहां का इतिहास
अदालती प्रक्रिया को भीड़ तंत्र से बचाएं: कानून का राज कमजोर हुआ तो न्याय पर टूटेगा भरोसा
अदालती प्रक्रिया को भीड़ तंत्र से बचाएं: कानून का राज कमजोर हुआ तो न्याय पर टूटेगा भरोसा
मुद्दा: हम भी हैं कथा कहने वाले, किस्सों में बसता है हमारा लोकजीवन
मुद्दा: हम भी हैं कथा कहने वाले, किस्सों में बसता है हमारा लोकजीवन
दूसरा पहलू: एच5एन1 से बचाव के लिए अनोखा अभियान
दूसरा पहलू: एच5एन1 से बचाव के लिए अनोखा अभियान
जीवन धारा: घृणा से मुक्ति ही सबसे बड़ी जीत, चोट का जवाब करुणा से देना सीखें
जीवन धारा: घृणा से मुक्ति ही सबसे बड़ी जीत, चोट का जवाब करुणा से देना सीखें
सत्य निकेतन हादसा और भाजपा की संवेदनहीनता
जिम्मेदारी के नाम पर कुछ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई होती है, लेकिन असल दोषियों को बचा ही लिया जाता है। इस बार भी ऐसा ही होता हुआ दिख रहा है।

