सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को याद करना जरूरी
दिल्ली में जारी एसआईआर में खामियां और चुनाव आयोग की नाकामियां खुलकर सामने आ ही रही हैं।
विचार: भारत के लिए मुसीबत बनते ट्रंप
अमेरिका की ओर से भारत के लिए बढ़ती आर्थिक और व्यापारिक चुनौतियों के बीच भारत को अमेरिका के साथ आगे बढ़ रहे द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के तहत अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के प्रति अत्यंत सतर्क रहना होगा।
विचार: पुलिस सुधारों का अंतहीन इंतजार
हर समृद्ध देश को एक अच्छी शांति व्यवस्था की नींव चाहिए और यह केवल एक अच्छी पुलिस दे सकती है।
जागरण संपादकीय: चेतावनी पर्याप्त नहीं
सरकार को इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है कि साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बाद भी लोग उसके प्रति जागरूक क्यों नहीं हो पा रहे हैं?
बढ़ती बेरोजगारी से बढ़ रही चिंता
मीडिया खबरों के मुताबिक, भारत में रोजगार की स्थिति बहुत अच्छी नहीं दिख रही। केंद्र सरकार के सांख्यिकी मंत्रालय के आवधिक श्रम-बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के हवाले से छपी खबर में बताया गया है कि बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल…
सत्याग्रह को कितना समझ रहे हमारे आंदोलनकारी
हरेक प्रतिकार जरूरी नहीं कि सत्याग्रह हो। प्रतिकार, शांतिपूर्ण प्रतिकार और अहिंसक प्रतिकार के बीच भेद है। हाल में हुए युवा आंदोलन को सत्याग्रह में खपाने की न तो जरूरत है और न ही इसका औचित्य है…
बिहार सरकार ने बेटियों और महिलाओं की उच्च शिक्षा, स्वरोजगार और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहल शुरू की हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगस्त 2026 में बेटियों और बहनों के लिए शिक्षा, उद्यमिता और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। इनमें PhD करने वाली छात्राओं को हर महीने 10,000 रुपये की सहायता और स्टार्टअप शुरू करने के लिए 50,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद शामिल है। इन पहलों में मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप, बिहार की बेटी स्टार्टअप योजना और पुलिस दीदी अभया ब्रिगेड शामिल हैं। साथ में, वे उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना, महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना और शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सुरक्षा में सुधार करना चाहते हैं। आईये इन योजनाओं के बारे में जानते हैं: इसे भी पढ़ें: क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना? जानिए आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और दस्तावेज से जुड़ी जरूरी बातें 1. मुख्यमंत्री बालिका PhD फेलोशिप उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री बालिका PhD फेलोशिप शुरू की है। योजना की मुख्य बातें: - लगभग 1,000 योग्य छात्राओं को योजना का लाभ देने का प्रावधान। - चयनित छात्राओं को 10,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता। - यह सहायता चार साल तक दिए जाने का प्रावधान है। - योजना का उद्देश्य छात्राओं को PhD और शोध कार्य के दौरान आर्थिक मदद देना है। सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता मिलने से अधिक छात्राएं उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगी। 2. बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना जो बेटियां अपना कारोबार या स्टार्टअप शुरू करना चाहती हैं, उनके लिए सरकार ने बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना शुरू की है। इस योजना के तहत: - महिला उद्यमियों को अपने स्टार्टअप और नवाचार के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। - 50,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद का प्रावधान है। - सहायता का उद्देश्य नए उद्यम और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। - बेटियों को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने पर जोर दिया गया है। हालांकि, योजना के तहत आवेदन, चयन और अन्य विस्तृत पात्रता शर्तों की जानकारी संबंधित विभाग के आधिकारिक पोर्टल से जांचना जरूरी है। 3. बेटियों की सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी सरकार ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी नई पहल की है। इसके तहत पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) के लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिलों का लोकार्पण और फ्लैग-ऑफ किया गया। इस पहल का उद्देश्य: - स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को सुरक्षित माहौल देना। - महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को मजबूत करना। - जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता को अधिक प्रभावी बनाना। बेटियों को कैसे मिलेगा इन योजनाओं का लाभ? इन नई योजनाओं में लाभ लेने के लिए सरकार द्वारा तय पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा। आवेदन से पहले इन बातों की जांच करें: - योजना की आधिकारिक अधिसूचना। - उम्र और शैक्षणिक योग्यता। - बिहार का निवास संबंधी नियम। - जरूरी दस्तावेज। - आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तिथि। - चयन की शर्तें। - पुरानी योजनाओं से भी मिल रहा फायदा बिहार में महिलाओं के लिए पहले से भी कई योजनाएं संचालित हैं, जिनका उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और रोजगार को बढ़ावा देना है। नई PhD फेलोशिप और बेटी स्टार्टअप चैलेंज जैसी पहल से अब बेटियों को उच्च शिक्षा से लेकर अपना कारोबार शुरू करने तक अतिरिक्त मदद मिलने की उम्मीद है। बिहार सरकार की नई योजनाएं बेटियों को पढ़ाई और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। PhD करने वाली योग्य छात्राओं को चार साल तक हर महीने 10,000 रुपये की सहायता दी जाएगी, जबकि बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना के तहत महिला उद्यमियों को 50,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। हालांकि, किसी भी योजना के लिए आवेदन करने से पहले उसकी विस्तृत पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी बिहार सरकार के संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यम से जरूर जांच लें। - जे. पी. शुक्ला
क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना? जानिए आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और दस्तावेज से जुड़ी जरूरी बातें
दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर महिलाओं के बीच लंबे समय से चर्चा थी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। सरकार के ताजा ऐलान के अनुसार, योजना की पात्र लाभार्थियों को 1 सितंबर 2026 से 2,500 रुपये की मासिक सहायता राशि मिलना शुरू हो गई है। ताजा जानकारी के अनुसार: - पात्र महिलाओं को स्वीकृति पत्र अगस्त के अंतिम सप्ताह में दिए गए। - 1 सितंबर 2026 से पहली किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू हुई। - पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। - राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की गई है। इसे भी पढ़ें: म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करते समय 10 आम गलतियों को करने से बचें, तभी मुनाफा होगा क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना? दिल्ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को नियमित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। सरकार का कहना है कि इस योजना से महिलाओं को घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। योजना के तहत: - पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की सहायता। - लाभार्थियों को स्वीकृति और सत्यापन प्रक्रिया के बाद योजना में शामिल किया जाता है। - सहायता राशि बैंक खाते के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। डिफ़ॉल्ट रूप से, ₹2,500 में से ₹1,500 बेनिफिशियरी महिला के रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) अकाउंट में जमा किए जाएंगे। बाकी ₹1,000 बेनिफिशियरी के सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट से जुड़े बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए जाएंगे। RD या FD में जमा की गई रकम पर 31 जुलाई, 2029 तक लॉक-इन पीरियड लागू होगा। आवेदन और लाभार्थियों की स्थिति योजना शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने इसके लिए पंजीकरण कराया था। रिपोर्टों के अनुसार, लाखों महिलाओं ने योजना के लिए आवेदन किया और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए गए। खाते में पैसा नहीं आया तो क्या करें? यदि आप योजना की पात्र लाभार्थी हैं और आपके खाते में राशि नहीं आई है तो इन बातों की जांच करें: - आवेदन का स्टेटस जांचें। - बैंक खाते की जानकारी सही है या नहीं, इसकी पुष्टि करें। - आवेदन में दिए गए दस्तावेज पूरे और सही हैं या नहीं। - रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए SMS की जांच करें। - संबंधित विभाग या आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें। रिपोर्टों के अनुसार, गलत या अधूरी जानकारी वाले आवेदनों में सुधार या सत्यापन की जरूरत पड़ सकती है। क्या सभी महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ? नहीं। योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं और जिनका आवेदन सत्यापन के बाद मंजूर किया गया है। केवल आवेदन कर देना योजना का लाभ मिलने की गारंटी नहीं है। इन बातों का रखें ध्यान - केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही आवेदन और स्टेटस जांचें। - किसी एजेंट को अनावश्यक पैसे न दें। - बैंक खाते और मोबाइल नंबर की जानकारी अपडेट रखें। - स्वीकृति पत्र मिलने के बाद भी बैंक खाते की स्थिति जांचते रहें। - योजना से जुड़ी नई जानकारी के लिए केवल दिल्ली सरकार के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें। दिल्ली लक्ष्मी योजना की पहली किस्त को लेकर अब इंतजार समाप्त हो चुका है। सरकार के बाद के ऐलान के अनुसार 1 सितंबर 2026 से पात्र महिलाओं को 2,500 रुपये की मासिक सहायता राशि मिलना शुरू हुई। हालांकि, प्रत्येक आवेदक को लाभ तभी मिलेगा जब उसका आवेदन और पात्रता सरकार द्वारा सत्यापित और स्वीकृत हो। इसलिए जिन महिलाओं ने आवेदन किया है, उन्हें अपना स्टेटस और बैंक विवरण जरूर जांचना चाहिए। - जे. पी. शुक्ला
अपनी सहायता आप भली (बाल कहानी)
प्रतिभा गांव के सरकारी स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ती थी। पापा प्राइवेट नौकरी करते थे, उनकी आय ज़्यादा नहीं थी। वे कोशिश कर रहे थे कि उन्हें शहर में कहीं अच्छी नौकरी मिल जाए ताकि वे अपना परिवार भी वहीं रखें और प्रतिभा और उसके बड़े भाई आभास की पढ़ाई अच्छे स्कूल में हो सके। बेहतर नौकरी के लिए वे प्राइवेट स्तर पर उच्च शिक्षा भी ग्रहण कर रहे थे। गांव के स्कूल में पढ़ाई लिखाई के साथ, खेल कूद व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी सामान्य स्तर के होते थे। प्रतिभा को बचपन से ही नृत्य का शौक था। उसके कानों में जब भी किसी नृत्य संगीत की आवाज़ पड़ती थी तो वह सर्दी के मौसम में भी रजाई से अपना नन्हा हाथ बाहर निकाल कर हिलाने लगती थी। बड़ी होते होते उसे डांस करना और अच्छा लगने लगा। स्कूल में अध्यापिकाएं सीडी लगाकर नृत्य करवाती थी जिनमें फिल्मी गानों पर ज़्यादा होते थे। प्रतिभा की मम्मी चाहती थी कि उनकी बेटी ऐसा डांस सीखे जो भारतीय संस्कृति आधारित हो ताकि उसे नृत्य का मूल आधार पता चले। इसे भी पढ़ें: कार्रवाई और कार्यवाही (व्यंग्य) उसकी मम्मी ने बताया था कि हमारे देश में कई तरह के नृत्य हैं। उसे लोक नृत्य भी भाता था लेकिन उनके संपर्क में कोई सिखाने वाला नहीं था। मम्मी ने उसे समझाया था कि जब भी कहीं कोई प्रस्तुति अच्छी मानी जाएगी वह फूहड़ फिल्मी नृत्य की न होकर भारतीय संस्कृति आधारित नृत्य की ही मानी जाएगी। फिल्मी गीतों पर की गई उछल कूद को नृत्य नहीं कहते। पुरानी फिल्मों के कुछ नृत्य गीत अवश्य बढ़िया हैं। उनसे भी हम सीख भी सकते हैं। प्रतिभा को लगने लगा था कि वह गाँव में रहते हुए कुछ अच्छा नहीं सीख सकती। उसके मामा की लड़की शहर में रहती थी जो उसे शहर के स्कूल में हो रहे कार्यक्रमों के बारे बताती रहती थी। एक शाम प्रतिभा ने टीवी पर अपनी उम्र की बच्ची को कथक करते देखा तो उसको बुरा लगा और रोना आ गया। वह खूब रोई और रोते रोते सो गई। उसे पता था कि उसके पापा डांस सिखाने उसे शहर नहीं भेज सकते। उसे एक सपना आया जिसमें उसने अपने अध्यापक से सुनी एकलव्य की कहानी को घटते देखा। वे गुरु की मूर्ति के सामने धनुर्विद्या सीख रहे हैं। अचानक उसकी आँख खुल गई, मुंह धोते धोते उसे लगा वह खुद भी तो प्रयास कर सकती है। उसने अपनी मम्मी को सपना सुनाया और पूछा, ‘क्या मैं खुद कथक डांस सीख सकती हूँ’। मम्मी ने कहा बिलकुल सीख सकती हो। इसके लिए मैं तुम्हें ऐसे वीडियोज़ दिखा सकती हूँ जिसमें भारतीय नृत्य शैलियों पर आधारित डांस हों, कथक भी हो। कभी कभी टीवी में भी ऐसे कार्यक्रम आते हैं। उन्हें देखकर तुम्हें अभ्यास करना चाहिए। प्रतिभा ने मम्मी की प्रेरणा से अपनी सहायता आप करनी शुरू कर दी। अभ्यास और लगन से उसने नृत्य की स्टेपिंग अच्छे से सीख ली। एक दिन आया पड़ोस के शहर में आयोजित अनेक स्कूलों की प्रतियोगिता में उनके स्कूल को भी बुलाया गया । स्कूल की तरफ से प्रतिभा को जाने का मौका मिला। उसने एक पुराने फिल्मी नृत्यगीत जोकि शास्त्रीय संगीत पर आधारित था, पर मम्मी के कहे अनुसार खूब अभ्यास किया । प्रतियोगिता में काफी विद्यार्थी आए हुए थे। अधिकारीगण व अध्यापक भी थे। खूब बड़ा पंडाल लगा हुआ था। प्रतिभा ने बेहद सधे हुए स्टेप्स के साथ नृत्य किया तो सब वाह वाह कर उठे। उसका नृत्यगीत का चुनाव सबसे अलग था। उसे अपने आयुवर्ग में प्रथम पुरस्कार मिला। बाद में चाय पीते हुए सभी ने उससे पूछा, गाँव में रहते हुए भी किससे सीखा इतना अच्छा डांस। प्रतिभा ने खुश होकर कहा, मम्मी ने कहा अपने आप सीखो, सो देख देखकर, मम्मी की मदद से सीख लिया। - संतोष उत्सुक
विचार: झूठे नैरेटिव की करारी हार
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में एबीवीपी की ऐतिहासिक जीत ने यह सिद्ध किया है कि भारत का युवा आज केंद्र की भाजपा सरकार, राष्ट्रवादी विचार और 'नेशन फर्स्ट' के संकल्प के साथ खड़ा है।
विचार: नियमन के दायरे में आए एआई
एआई कंपनियों के प्रमुख एआई के खतरों को लेकर नियामक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जबकि वे स्वयं इसके विकास में सबसे आगे हैं।
इंदौर में राहुल गांधी द्वारा एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का उपहास उड़ाने के लिए कॉमेडियन का सहारा लेने को 'फूहड़ राजनीति' बताया गया है।
द बोनस मार्केट अपडेट: सेंसेक्स 400 अंक से अधिक उछला, निफ्टी 23,350 के पार पहुंचने में सफल
भारतीय शेयर बाजार में तेजी जारी है। सेंसेक्स 400 अंक से अधिक उछला और निफ्टी 23,350 के पार पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और सऊदी पाइपलाइन मरम्मत से बाजार को राहत मिली है।
दूसरा पहलू: दांतों के निशानों ने खोले प्राचीन मानव के राज, आधुनिक युग जैसे पहले भी थे मादक पदार्थों के दीवाने
चीन के बांध और तबाही की चिंताएं:जब हिमालयी आपदाएं ब्रह्मपुत्र नदी परपरियोजनाओं से टकराएंगी, तो क्या होगा?
स्वतंत्रता के साथ जवाबदेही भी हो: न्यायपालिका लोकतंत्र का प्रहरी, सर्वोच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी
आंकड़े बोलते हैं: पहली बार एनएसओ ने युवाओं की जिला स्तरीय तस्वीर दिखाई, ये जमीनी हकीकत को समझने का अवसर
हनीट्रैप में फंसकर सीमा पार संवेदनशील जानकारियां भेजने के आरोप में गिरफ्तार कठुआ के ट्रक चालक अमन कुमार से पूछताछ में बड़े खुलासे हुए हैं।
जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष की शुरुआत कश्मीर के आखिरी गांव खाजिमियार (बारामुला) से शुरू होगी।
हर देश के लिए जरूरी है 'शांति मंत्रालय'
बीसवीं सदी के दो विश्वयुद्धों और हिरोशिमा-नागासाकी की त्रासदी ने मानवता को विश्वास दिलाया था कि शायद अब 'युद्ध' इतिहास की बात बन जाएंगे, किंतु इक्कीसवीं सदी में ऐसा नहीं हुआ।
दिल्ली के कंक्रीट के जंगल के बीच कुछ ऐसे प्राकृतिक ठिकाने भी हैं, जहां करीब तीन करोड़ साल पुरानी कीट प्रजातियों की दुनिया आज भी आबाद है।
डीटीसी बस चालकों की हड़ताल रविवार को छठे दिन भी जारी रही।
युद्ध की राख से शांति का नया संसार कैसे बने?
अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस-21 सितम्बर, 2026 21 सितम्बर का अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस इस वर्ष ऐसे समय में आया है, जब दुनिया को शांति की सबसे अधिक जरूरत है। रूस-यूक्रेन युद्ध लंबा खिंच चुका है, पश्चिम एशिया में इजराइल-गाजा संघर्ष की मानवीय त्रासदी समाप्त नहीं हुई है और 2026 में अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच भीषण सैन्य ... Read more
ललित सुरजन की कलम से संशयग्रस्त भारत और ओलंपिक
'क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमें खिलाडिय़ों के साथ मैदान को भी विज्ञापनों से पाटा जा सकता है।
जन्मशताब्दी के अवसर पर युवाओं ने अखंड गायत्री साधना की
नई दिल्ली। मुखर्जी नगर स्थित युवा चेतना केंद्र में रविवार को गायत्री मंत्र की अखंड गूंज से साधनामय रहा…
दक्षिण कोरियाई सेना का दावा- 'उत्तर कोरिया ने ईस्ट सी में दागा अज्ञात प्रोजेक्टाइल'
सोल, दक्षिण कोरिया की सेना ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया ने ईस्ट सी (जापान सागर) की ओर अज्ञात प्रोजेक्टाइल दागा है। ज्यादा दिन नहीं बीते जब प्योंगयांग ने वॉनसन इलाके से ईस्ट सी की तरफ कई मिसाइलें दागी थीं।
हाई ब्लड प्रेशर है तो करे आसान आदतों से कंट्रोल
नई दिल्ली, हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) ऐसी समस्या है, जो कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के लंबे समय तक शरीर में बनी रह सकती है। व्यक्ति रोजमर्रा का काम सामान्य तरीके से करता रहता है और उसे महसूस भी नहीं होता कि बढ़ा हुआ रक्तचाप धीरे-धीरे उसके दिल, रक्त वाहिकाओं और किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है।
एक्सप्लेनर: कब और कैसे भारत आया मुगल बादशाह बाबर? आज ही के दिन एक गिरफ्तारी के साथ ढल गया इस सल्तनत का सूरज
नंदीग्राम: जिसने ममता को पहचान दी, उसी ने आईना दिखाया
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की एक विधानसभा सीट नहीं, ममता बनर्जी की राजनीतिक यात्रा का प्रतीक है। 2007 के भूमि अधिग्रहण आंदोलन ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई और 2011 में वाम मोर्चे के 34 साल पुराने शासन के अंत की पृष्ठभूमि तैयार करने में भूमिका निभाई।
नागरिक स्वतंत्रता की जरूरत: लोकतंत्र में राज्य-सत्ता से सवाल पूछना अहम, सजग और स्वतंत्र आवाजों की जरूरत और बढ़ी
हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जेमिनी ने टेस्टिंग के दौरान तीन वास्तविक कंपनियों के सिस्टम में बिना अनुमति पहुंच बना ली। इस घटना ने एआई की सुरक्षा और उसकी बढ़ती स्वायत्तता को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
कुछ अलग: ज्वालामुखी के क्रेटर में बसी 170 लोगों की दुनिया, समुद्र के बीच जापान का आगाशिमा क्यों है इतना अनोखा?
जब बेहतर बनना ही बीमारी बन जाए: लुक्स से डाइट तक ‘मैक्सिंग’ बढ़ा रहा तनाव, खुद को रोकना भी जरूरी
जब बेहतर बनना ही बीमारी बन जाए: लुक्स से डाइट तक ‘मैक्सिंग’ बढ़ा रहा तनाव, खुद को रोकना भी जरूरी
हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतिनियुक्ति व्यवस्था को राज्य सरकार ने खत्म कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर 17 सितंबर को आईआईएम जम्मू में आयोजित दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में अनुपस्थित छात्रों से जवाब तलब किया गया है।
पुंछ: ज्वेलरी शॉप से पाकिस्तानी झंडे और एके-47 बरामद, बड़ी साजिश का भंडाफोड़; कुछ संदिग्ध हिरासत में
जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ में पुलिस ने एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ किया है।
विचार: राष्ट्र की राह रोकती न्यायिक शिथिलता
देश की अदालतों में 5 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जिससे न्यायिक शिथिलता सामाजिक कुंठा और आर्थिक प्रगति में बाधा बन रही है
मोदी सरकार ने 2022 में पहले रोजगार मेले की शुरुआत करते हुए 2023 के अंत तक दस लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य तय किया था और अभी तक 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
सुरेंद्र कोली जेल से तो छूटा, अपने नाम से नहीं
दिसंबर 2006 में नोएडा के निठारी में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के मकान के पीछे नाले के पास मानव अवशेष मिलने से देश स्तब्ध रह गया।
आज का राशिफल: इन 3 राशि के लोगों का चमकेगा भाग्य, पूरे होंगे सभी अटके काम
19 सितंबर 2026 का आज का राशिफल:करियर, व्यापार, धन, प्रेम, परिवार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज ग्रहों की स्थिति का क्या प्रभाव रहेगा? किस राशि को मिल सकता है कोई नया अवसर और किसे आज सावधानी बरतने की जरूरत है?
जीवन धारा: सोच ही विज्ञान की नींव है, शक्ति का बिना सोचे-समझे इस्तेमाल बेहद खतरनाक
जीवन धारा: सोच ही विज्ञान की नींव है, शक्ति का बिना सोचे-समझे इस्तेमाल बेहदखतरनाक
टैरिफ और हम: भारत बाहरी दबावों के आगे झुकने वाला नहीं, अब इसी स्वतंत्र निर्णय क्षमता की परीक्षा
टैरिफ और हम: भारतबाहरी दबावों के आगे झुकने वाला नहीं,अब इसीस्वतंत्र निर्णय क्षमता की परीक्षा
विमान में तकनीकी खराबी बड़ा मुद्दा: हवाई यात्रियों के भरोसे का सवाल,उड्डयन क्षेत्र में बड़े बदलाव जरूरी
पिक्चर अभी बाकी है: द्विपक्षीय संबंध सामान्य करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी, क्या चीन की सोच वाकई बदल रही है?
एआई तेजी से भारत के आईटी सेक्टर के पारंपरिक बिजनेस मॉडल को बदल रहा है। कम कर्मचारियों में ज्यादा काम की क्षमता ने नौकरियों, हायरिंग और आने वाले समय की आईटी इंडस्ट्री को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
ब्रिक्स सम्मेलन : भारत-चीन रिश्तों की अब असली परीक्षा
चीन के साथ रिश्तों में नरमी आने से अमेरिका, यूरोप, जापान या क्वाड के साथ भारत के संबंधों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
यह खेती-बाड़ी और कृ षि परंपरा से जुड़ा है। विशेषकर, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में यह त्योहार उत्साह से मनाया जाता है।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव का करीब एक माह से चला आ रहा चुनावी संग्राम शुक्रवार को मतदान के साथ खत्म हो गया।
यूसीसी लागू करने का यह सही समय नहीं
यूसीसी पर बहस आज की नहीं है। आजादी के समय से ही इस पर चर्चा चल रही है। संविधान सभा में जब इस पर बहस हुई थी, तब मतभेद भी सामने आए थे। कुछ उलझनें और अस्पष्टता भी थीं। कुछ सदस्यों का मानना था…
समान नागरिक संहिता से सबको मिले न्याय
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा-एनडीए शासित सभी राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की बात कही है। चूंकि उत्तराखंड में 27 जनवरी, 2025 को इसे लागू किया जा चुका…
खतरनाक होगा अंतरिक्ष में हथियार रखना
अमेरिका ने अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती शुरू कर दी है। अमेरिकी वायु सेना के सचिव ट्रॉय मींक ने यह खुलेआम स्वीकार किया है। उनकी इस स्वीकारोक्ति के बाद अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है। सच यही है कि…
देश की एक कद्दावर क्षत्रप ममता बनर्जी द्वारा गठित पार्टी तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान और भविष्य पर बड़े प्रश्नचिह्न लग गए हैं। तृणमूल कांग्रेस और उसके चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर एक तरह से रोक लग गई है…
आज के सफल कहे जाने वाले अभिभावकों के सामने सबसे बड़ा सवाल
*जब बच्चों की जिंदगी में शनिवार-रविवार भी उसकी अपनी जिंदगी के लिए हों… तब बूढ़े माता-पिता अपने रविवार का क्या करें?* राज कुमार गुप्त कोलकाता। जब हमारे बच्चों की एडमिशन देश के 5 स्टार, टॉप टेन जैसे नामी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में हो जाती है तो उस समय हम बड़े उत्साह और गर्व से परिचितों ... Read more
अमेरिका की नई पैंतरेबाजी से डरने की जरूरत नहीं
विश्व राजनीति में शक्ति केवल सैन्य क्षमता या आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि कोई महाशक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस प्रकार करती है। आज अमेरिका की व्यापार एवं प्रतिबंध नीति इसी कसौटी पर बहस के केंद्र में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ... Read more
विचार: अनिश्चितता से घिरा मुस्लिम जगत
अरब देशों की इस्लामी एकता और अंतरराष्ट्रीय दबदबे की पिछली राजनीति नष्टप्राय हो चुकी है।
जागरण संपादकीय: मुश्किलों से घिरीं ममता
भले ही ममता बनर्जी अपनी पार्टी की दुर्गति के लिए भाजपा और चुनाव आयोग को दोष दें, लेकिन अपनी स्थिति के लिए वही जिम्मेदार हैं।
उज्जैन में 80s ट्रेंड की वजह से 45 साल बाद चोर पकड़े जाने की मनगढ़ंत कहानी वायरल
बूम से बातचीत में एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि उज्जैन में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है. यह खबर पूरी तरह फर्जी है.
बिहार: क्या बैकवॉटर इफेक्ट से बाढ़ हुई भयावह
बिहार के फिलहाल 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं
ताड़ासन शरीर और मन को रखता है संतुलित
नई दिल्ली, आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने से हमारा शारीरिक पोस्चर बिगड़ जाता है।
अभिषेक शर्मा रिकॉर्ड: क्रिकेटर अभिषेक शर्मा की मैदान की आक्रामकता और मन की नीरवता
Abhishek Sharma Century : अभिषेक शर्मा के बल्ले का प्रदर्शन मैदान पर शिव के 'तांडव' जैसी ऊर्जा और उग्रता से भरा था, लेकिन शतक के तुरंत बाद पिच पर बैठकर ध्यान लगाना उसी उग्रता को शांत समाधि में रूपांतरित करने का प्रतीक था।
पेरिस के एफिल टॉवर में उस दिन क्या हुआ था?
गहन जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि एफिल टॉवर संतों की वजह से नहीं, बल्कि फ्रेंच ट्रेड यूनियन (CGT) द्वारा प्रबंधन के खिलाफ पूर्व-नियोजित राजनीतिक हड़ताल के कारण बंद हुआ था। प्रत्येक वैश्विक पर्यटन स्थल के पास आधिकारिक VIP/डेलीगेशन स्लॉट होते हैं।
Box Office Collection: बीते दिन सिनेमाघरों में 'हनुमान अंश'; 'मिर्जापुर द मूवी' और 'हैवान' ने बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन किया? कलेक्शन के आंकड़ों से समझते हैं..
आज का राशिफल: इन 4 राशि वालों को मिलेगी खुशखबरी, मनचाही नौकरी का आ सकता है प्रस्ताव
18 सितंबर 2026 का आज का राशिफल:करियर, व्यापार, धन, प्रेम, परिवार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज ग्रहों की स्थिति का क्या प्रभाव रहेगा? किस राशि को मिल सकता है कोई नया अवसर और किसे आज सावधानी बरतने की जरूरत है?
जीवन धारा: उम्र के साथ चीजें ज्यादा स्पष्ट हो जाती हैं, अनुभव बढ़ने के बदलता है नजरिया
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एआई की दौड़ और सुरक्षा का सवाल: भारत के सामने बड़ी चुनौती, सुरक्षित तकनीक और जवाबदेही का ढांचा भी चाहिए india-ai-growth-safety-governance-accountability-regulation
क्या इससे बेहतर रास्ता नहीं हो सकता?: एमडीआर के बीच सामने आया लागत और डिजिटल अर्थव्यवस्था का सवाल
क्या इससे बेहतर रास्ता नहीं हो सकता?: एमडीआर के बीच सामने आया लागत और डिजिटल अर्थव्यवस्था का सवाल
एक्सप्लेनर: एआई के बाद अब रोबोट की बारी, 2050 तक दुनिया में हो सकते हैं एक अरब ह्यूमनॉइड रोबोट!
एआई के बाद अब ह्यूमनॉइड रोबोट टेक्नोलॉजी की अगली बड़ी क्रांति बनने की ओर बढ़ रहे हैं। अनुमान है कि 2050 तक दुनिया में 1 अरब से ज्यादा ह्यूमनॉइड रोबोट हो सकते हैं और इनका बाजार 5 ट्रिलियन डॉलर से भी बड़ा हो सकता है।
सामाजिक सुरक्षा का दायरा: 12 साल बाद ईपीएफओ में बड़ा बदलाव, वेतन में आंशिक कमी का दूरगामी लाभ
सामाजिक सुरक्षा का दायरा: 12 साल बाद ईपीएफओ में बड़ा बदलाव, वेतन में आंशिक कमी का दूरगामी लाभ epfo-salary-limit-increased-to-25000-51-lakh-new-employees-social-security
जम्मू के नरवाल इलाके से बेदखल किए जाने के बाद रोहिंग्या अब गुपचुप तरीके से देश के अन्य राज्यों में अपना ठिकाना बनाने की फिराक में हैं।
भारत में नीरो और किम जोंग उन का जिक्र
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को 76 बरस के हो गए। उन्हीं की बनाई परिपाटी के मुताबिक उन्हें सत्ता से हटकर भाजपा के मार्गदर्शक मंडल का हिस्सा बन कर रह जाना चाहिए था।
यूजीसी-नेट 2026: फाइनल आंसर-की जारी, अंग्रेजी-कॉमर्स-सोशियोलॉजी के अभ्यर्थी ऐसे करें चेक
यूजीसी-नेट 2026: फाइनल आंसर-की जारी, अंग्रेजी-कॉमर्स-सोशियोलॉजी के अभ्यर्थी ऐसे करें चेक?
ब्रिक्स : ग्लोबल साउथ की गूंज मजबूत
भारत की अध्यक्षता में दिल्ली में हुए ब्रिक्स के 18वें शिखर सम्मेलन की गूंज क्या वर्ल्ड ऑर्डर में किसी बड़ी तब्दीली का संकेत दे रही है।
एआई से खतरों के बीच मुनाफे और ताकत के दांव
टेक्नालॉजी से मानव की तरक्की से कोई इन्कार नहीं करता है। लेकिन उसके दुरुपयोग की आशंकाओं को खारिज भी नहीं कर सकते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू ) चुनाव में जीत के लिए कई दिनों से पसीना बहा रहे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो जाएगा।
विचार: मजबूत होता सामाजिक सुरक्षा कवच
भविष्य निधि वह भरोसा है कि वर्षों के परिश्रम की पूंजी जरूरत पड़ने पर कामगार और परिवार के साथ खड़ी होगी।
विचार: समय की मांग है यूपीआई को सक्षम बनाना
यह सुनिश्चित करना होगा कि यूपीआई के जरिये नागरिकों को मुफ्त भुगतान, छोटे दुकानदारों को संरक्षण और समूचे तंत्र को सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन मिलते रहें।
अमेरिकी टैरिफ से डरने की जरूरत नहीं
जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट’ को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन ….
एआई से हमें बहुत फायदा होगा या भारी नुकसान
मानव सभ्यता की विकास यात्रा में कई अहम मोड़ आए हैं। इन सभी मोड़ों से इंसान को जोखिम और फायदे, दोनों ही मिले। कुछ ने तो सभ्यता का रुख ही बदल डाला। आग और विद्युत की खोज ऐसी ही मोड़ थी…
अमेरिका ने अगर भारत सहित पांच देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया, तो इससे तनाव का बढ़ना तय है। अमेरिकी संसद ने इस टैरिफ को मंजूर कर लिया है और अब यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ में है कि वह कब इसे लागू…
यूपीआई शुल्कः सुविधाओं का विस्तार या उपभोक्ता पर बोझ?
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में यूपीआई केवल भुगतान का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि वह रोजमर्रा के आर्थिक व्यवहार का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। सब्जी वाले से लेकर बड़े कारोबारी तक, टैक्सी से लेकर ऑनलाइन खरीदारी तक और घरेलू लेन-देन से लेकर व्यावसायिक भुगतान तक-यूपीआई ने पैसे के लेन-देन की आदत, गति और ... Read more
भारत की सड़कों पर मर्दानगी से जूझती महिलाएं
महिलाओं, और खासकर कि मोटरसाइकिल चलाने वाली महिलाओं के लिए सड़कें आज भी किसी चुनौती से कम नहीं हैं
खरगे को राहुल गांधी की नाश्ते की टेबल से अलग बैठाने के दावे से एडिटेड फोटो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर OpenAI के AI टूल्स की मदद से एडिट कर बनाई गई है. मलेशियाई प्रधानमंत्री से मुलाकात की मूल तस्वीर में मल्लिकार्जुन खरगे मौजूद नहीं हैं.
कमर दर्द से है परेशान ? तो करे ये उपाए
नई दिल्ली, सुबह बिस्तर से उठते ही अगर कमर सीधी करने में परेशानी हो या फिर झुकने पर खिंचाव महसूस हो, तो इसे सिर्फ थकान समझकर नजरअंदाज न करें। कमर का अकड़ना एक आम समस्या है, जो कई बार गलत तरीके से सोने, लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने या ज्यादा मेहनत करने के बाद हो सकती है।
पेट की गैस और कब्ज से परेशान तो करे वज्रासन, पाचन होगा दुरुस्त
नई दिल्ली, भागदौड़भरी जीवनशैली में जहां लोग कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं योग एक प्राकृतिक और सरल उपाय के रूप में उभरा है। विभिन्न आसनों में वज्रासन एक ऐसा आसन है, जिसे करना सबसे सरल है और यह काफी लाभकारी है।
जन्मदिन विशेष पीएम नरेंद्र मोदी: सहमति-असहमति के बीच भारत का प्रधानमंत्री होना कितना मुश्किल?
PM Modi Birthday Special : प्रधानमंत्री बनना निश्चित रूप से कठिन है, लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद लगातार खुद को साबित करते रहना शायद उससे भी ज्यादा कठिन है।
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती नुकसान के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी 23,250 के ऊपर पहुंचा। अब बाजार अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णय पर प्रतिक्रिया देंगे। विश्लेषकों ने निफ्टी में आधार निर्माण की संभावना जताई है।
कौन हैं नमन धीर और आकिब नबी?: वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली बार वनडे टीम में मिली जगह, ऐसा है दोनों का रिकॉर्ड--IND vs WI: Naman Dhir and Aqib Nabi Get First ODI Call-Up, Know Their Cricket Records
UPSC ESE 2027 Notification: यूपीएससी ने इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2027 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत 480 पद हैं। आवेदन प्रक्रिया 16 सितंबर से शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी छह अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं।
शराब भी ले रही झूठ का सहारा: स्वाद से लेकर उम्र तक के दावे पर सवाल, लेबल की सच्चाई कितनी?
शराब भी ले रही झूठ का सहारा: स्वाद से लेकर उम्र तक के दावे पर सवाल, लेबल की सच्चाई कितनी?alcohol misleading claims flavour age label
जीवनधारा: फूल सुगंध का हिसाब नहीं रखता, बस खिलता है
जीवनधारा: फूल सुगंध का हिसाब नहीं रखता, बस खिलता है life-lessons-from-flower-bloom-without-counting-your-fragrance

