करवा चौथ : सरगी सिर्फ रस्म नहीं, सेहत के लिए भी जरुरी है
नई दिल्ली, करवाचौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत की शुरुआत की जाती है और रात में चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद व्रत खोला जाता है। सरगी की परंपरा सिर्फ धार्मिक मान्यताओं से ही नहीं जुड़ी है बल्कि सेहत के लिहाज से भी इसका खास महत्व है।
विधानपरिषद चुनाव: अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों और कैसे हारे बाहुबली अनंत सिंह?
बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट का चुनाव उम्मीदवारों की लड़ाई से आगे बढ़कर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच प्रतिष्ठा का मुकाबला बन गया।
बिहार लोक सेवा आयोग ने बीपीएससी एएसओ मुख्य परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। संतोष कुमार ने पहला,
ललित सुरजन की कलम से -प्रायोजित पत्रकारिता की चुनौतियां- 3
'यूं तो यह स्थिति लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन अभी हाल में इसका ज्यादा खुला रूप सामने आया है
त्यौहार के समय जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतें परिवारों के बजट पर भारी
भारत में त्यौहार एक महत्वपूर्ण परम्परा है, सिर्फ जश्न मनाने का मौका नहीं। इसलिए इस दौरान परिवार नए कपड़े, मिठाइयां, सजावट के सामान और उपहार खरीदने पर काफी पैसा खर्च करते हैं
महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक विकास की चुनौती
अर्थव्यवस्था की चर्चा होते ही महंगाई, ब्याज दर, जीडीपी, राजकोषीय घाटा और आर्थिक विकास जैसे शब्द सामने आने लगते हैं
अपनी सोच पर सवाल उठाना भी साहस है: जब अहंकार छोड़ दूसरों को समझेंगे, तभी रिश्तों में आएगी गहराई-Why Questioning Your Own Beliefs Is Courage: Lessons on Love, Ego and Relationships
बदलाव के संकेत: तकनीकी तरक्की की कीमत कहीं नौकरियां तो नहीं?
बदलाव के संकेत: तकनीकी तरक्की की कीमत कहीं नौकरियां तो नहीं?
चुनौतियां दूर होने के बाद ही दौड़ेंगी एथेनॉल गाड़ियां
सौ फीसदी एथेनॉल वाले ईंधन को मंजूरी देने का केंद्र सरकार का फैसला विवेचना की मांग करता है। इस ईंधन में पेट्रोल नहीं होता, जिसका मतलब है, गाड़ियां ‘हाइड्रो-कार्बन’ से नहीं, बल्कि ‘बायो फ्यूल’ से चलेंगी। निश्चय ही, ई-100 ईंधन वाली गाड़ियों को मंजूरी…
न्यायपालिका की प्रतिष्ठा सबसे जरूरी
देश के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश रह चुके न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की आने वाली पुस्तक विदाउट फीयर ऑर फेवर से जुड़े कुछ अंशों और खुद उनके साक्षात्कारों ने भारतीय न्यायपालिका की आंतरिक कार्यशैली को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है…
विचार: जिम्मेदार नागरिक निर्माण में शिक्षा का महत्व
यह लेख शिक्षा, परिवार और शिक्षकों की जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है। नई शिक्षा व्यवस्था को केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन, मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के लिए सक्षम नागरिक तैयार करना चाहिए।
विचार: राष्ट्र निर्माण में नई पीढ़ी की भूमिका
आज की पीढ़ी पहले की पीढ़ियों की तुलना में बहुत भिन्न है। उसके हाथ में पाठ्यपुस्तक से पहले मोबाइल आ जाता है। वह ऐसी दुनिया में बड़ा हो रहा है, जहां ज्ञान के स्रोत विद्यालय और परिवार तक सीमित नहीं हैं। इंटरनेट मीडिया, वीडियो प्लेटफार्म्स, गेमिंग, एआइ और डिजिटल समुदाय उसके सीखने की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। इसलिए उन्हें इनके सदुपयोग की समुचित जानकारी देनी होगी, क्योंकि यही वह पीढ़ी है जिसके सहयोग से विकसित भारत का निर्माण संभव होगा
विचार: वामपंथियों के शिकंजे में जकड़ी कांग्रेस
वामपंथियों से घिरे राहुल गांधी की रीति-नीति से कांग्रेस मध्यमार्गीय दल की अपनी छवि से मुक्त होने को है
विचार: अमेरिकी जनता के समक्ष बड़े निर्णय की घड़ी
मध्यावधि चुनावों में बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका के लोग डोनल्ड ट्रंप के दौर में जारी पतन से अपने देश को बचाने का प्रयास करेंगे।
दिल्ली और एनसीआर : प्रदूषण नियंत्रण पर उपायों को मजबूत करे
जयपुर, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली और एनसीआर में शामिल चार राज्यों को प्रदूषण नियंत्रण उपायों को मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के बाद ही करे योग नहीं तो पड़ सकता है भारी
नई दिल्ली, योग शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद है, लेकिन गलत तरीके से किया गया योग शरीर को लाभ पहुंचाने की जगह नुकसान भी कर सकता है। अक्सर लोग बिना किसी ट्रेनर या सही जानकारी के योगाभ्यास शुरू कर देते हैं, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों में दर्द और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
Box Office Collection: बॉक्स ऑफिस पर कई फिल्मों के बीच मुकाबला है। कमाई के मामले में 'जेलर 2' सबसे आगे है।वहीं पुरानी फिल्म 'दृश्यम 3' कई नई फिल्मों पर भारी पड़ रही है।
दूसरा पहलू: जब धूमकेतु से खौफ पैदा हो जाता था, आजखगोलीय परिघटना कहते हैं, कभी राजाओं के पतन का संकेत समझते थे
जीवन धारा: महानता आडंबर में नहीं चरित्र में होती है, अच्छे इन्सान बनने का सूत्र अपनाएं
जीवन धारा:महानता आडंबर में नहीं चरित्र में होती है, अच्छे इन्सान बनने का सूत्र अपनाएं
समस्या केवल पराली नहीं: साफ हवा के लिए राजनीति को दोषारोपण से ऊपर उठना पड़ेगा; किन कार्यों में सरकार की सफलता?
इधर अमेरिका, उधर चीन: महाशक्तियों की दुश्मनी भी उतनी ही खतरनाक है, जितनी कि उनकी दोस्ती
इधर अमेरिका, उधर चीन: महाशक्तियों की दुश्मनी भी उतनी ही खतरनाक है, जितनी कि उनकी दोस्ती
ललित सुरजन की कलम से जनतांत्रिक शक्तियों की विजय
'चुनावों के दौरान श्री मोदी ने बिहार में बत्तीस आम सभाएं कीं। आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने किसी प्रदेश के चुनाव में इतनी दिलचस्पी नहीं दिखाई।
इज़रायल का चुनाव : सत्ता कगार पर
बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक ताकत एक सशक्त तर्क पर टिकी है : इज़रायल अस्तित्व के खतरों का सामना कर रहा है और केवल उनके पास इनसे निपटने का अनुभव और संकल्प है।
यह संयोग ही नहीं है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने, विजयदशमी के अपने परंपरागत संबोधन में एक तरह से इस युद्घ ऐलान किया है।
विचार: तकनीक आधारित विकास को गति
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन विकसित भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
विचार: उत्तर प्रदेश का निर्णायक प्रश्न
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का राजनीतिक भविष्य केवल जातियों के जोड़-घटाव पर केंद्रित नहीं होना चाहिए
जागरण संपादकीय: बचकानी राजनीति
आखिर वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या इसलिए कि वे अच्छे से जान रहे हैं कि वोट चोरी का आरोप झूठा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर जो अशोभनीय टिप्पणी की है, वह बहुत निंदनीय है। उन्होंने ऐसा जान-बूझकर कहा या उनकी महज जुबान फिसल गई, यह तो वही जानते होंगे, लेकिन बाद में…
आंध्र प्रदेश के निकाय चुनावों में हैरान कर रही हिंसा
आंध्र प्रदेश में शहरी नुक्कड़ों और गांवों के चौराहों पर इन दिनों एक जंग-सी छिड़ी हुई है। ऐसे नजारे वहां पहले कभी नहीं देखे गए। वहां स्थानीय निकायों (शहरी और ग्रामीण पंचायत) के चुनाव होने वाले हैं और इनमें अपना दबदबा कायम करने के लिए…
पंजाब में फिर नशे पर बिछी बिसात
फिल्म उड़ता पंजाब बॉक्स ऑफिस पर भले झंडे न गाड़ पाई, मगर चुनावी राजनीति के थियेटर से उतरने का नाम नहीं ले रही। लगातार दो बार जनादेश पाने वाली अकाली-भाजपा सरकार 2017 में सत्ता से बेदखल हो गई, तो उसमें ‘उड़ता पंजाब’, यानी नशीले पदार्थों की…
पीएम रोजगार सृजन योजना: कभी कोचिंग में पढ़ाते थे मनोज, अब पौने 2 करोड़ का टर्नओवर, आप भी करें आवेदन
पटना के मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। कभी कोचिंग में पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाने वाले मनोज ने मेडिकल फर्नीचर के कारोबार में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में करीब 25 लोग काम कर रहे हैं और उनके मुताबिक कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब पौने दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कारोबार बढ़ाने में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम यानी PMEGP और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिली मदद का लाभ मिला। क्या है PMEGP योजना? प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) नए एंटरप्रेन्योर्स को नॉन-फार्म सेक्टर में माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने में मदद करता है। इनोवेशन को बढ़ावा देकर, सस्टेनेबल रोजी-रोटी बनाकर और माइग्रेशन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके बनाकर, PMEGP आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है और पूरे भारत में सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा देता है। इसे भी पढ़ें: यूपी सरकार द्वारा एक करोड़ महिलाओं को ₹1 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण देने की योजना से बदलेगी उद्यमिता की तस्वीर? प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) केंद्र सरकार की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। इसे MSME मंत्रालय के तहत KVIC लागू करता है। इसका उद्देश्य नए माइक्रो एंटरप्राइज शुरू कराकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। योजना में बैंक लोन के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी दी जाती है। PMEGP के खास फायदे - फाइनेंशियल सपोर्ट और मार्जिन मनी सब्सिडी: PMEGP, माइक्रो-एंटरप्राइज शुरू करने या बढ़ाने वाले एंटरप्रेन्योर्स के लिए शुरुआती फाइनेंशियल बोझ को कम करने के लिए मार्जिन मनी सब्सिडी देता है। सब्सिडी कैटेगरी और जगह के हिसाब से अलग-अलग होती है, जिसमें ग्रामीण इलाकों और महिलाओं, SC/ST और दिव्यांग लोगों जैसी खास कैटेगरी के लिए ज़्यादा सपोर्ट होता है। सब्सिडी और बेनिफिशियरी कंट्रीब्यूशन के बाद, बाकी प्रोजेक्ट कॉस्ट को शेड्यूल्ड बैंक फाइनेंस करते हैं, जिससे नए एंटरप्रेन्योर्स के लिए ज़्यादा पर्सनल इन्वेस्टमेंट के बिना कैपिटल पाना आसान हो जाता है। - सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट को बढ़ावा: यह स्कीम नॉन-फार्म सेक्टर में सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट को बढ़ावा देती है, जिसमें लोगों और सेल्फ-हेल्प ग्रुप (SHG) जैसे ग्रुप दोनों को टारगेट किया जाता है। यह नए एंटरप्रेन्योर्स को मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज़ और ट्रेड में काम के बिज़नेस शुरू करने में मदद करता है, जिससे सस्टेनेबल रोज़गार बनता है और सैलरी वाली नौकरी पर डिपेंडेंस कम होती है। - रोज़गार पैदा करना और इकोनॉमिक डेवलपमेंट: नए माइक्रो-एंटरप्राइज़ को सपोर्ट करके, PMEGP ग्रामीण और शहरी इलाकों में रोज़गार के मौके पैदा करता है। इससे ग्रामीण इलाकों से शहरी इलाकों में माइग्रेशन रोकने में मदद मिलती है, सैलरी कमाने की कैपेसिटी बढ़ती है और लोकल इकोनॉमिक ग्रोथ में मदद मिलती है। - पहली बार एंटरप्रेन्योर्स के लिए एनकरेजमेंट: यह स्कीम खास तौर पर पहली बार बिज़नेस ओनर्स के लिए फायदेमंद है, जो उन्हें अपने वेंचर्स के लिए एक मज़बूत फाउंडेशन बनाने के लिए फाइनेंशियल और एडवाइजरी सपोर्ट देती है कितना प्रोजेक्ट लगा सकते हैं? मौजूदा नियमों के अनुसार PMEGP में अधिकतम प्रोजेक्ट लागत इस प्रकार है: - मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर: 50 लाख रुपये तक - सर्विस सेक्टर: 20 लाख रुपये तक - सब्सिडी की दर श्रेणी और ग्रामीण/शहरी क्षेत्र के आधार पर 15% से 35% तक हो सकती है। - सामान्य श्रेणी में लाभार्थी का अपना योगदान सामान्यतः 10% और विशेष श्रेणी में 5% होता है। ध्यान रखें, यह पूरी रकम सरकार मुफ्त में नहीं देती। बैंक प्रोजेक्ट के आधार पर लोन मंजूर करता है और पात्रता के अनुसार सरकारी मार्जिन मनी सब्सिडी लोन से जुड़ती है। कौन कर सकता है आवेदन? PMEGP की आधिकारिक जानकारी के अनुसार: - आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। - नई यूनिट शुरू करने के लिए आवेदन किया जा सकता है। - मैन्युफैक्चरिंग में 10 लाख रुपये से अधिक और सर्विस/बिजनेस में 5 लाख रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट के लिए कम से कम 8वीं पास होना जरूरी है। - एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को नई यूनिट के लिए सहायता मिल सकती है। - पहले से चल रही यूनिट सामान्य नई-इकाई सहायता के लिए पात्र नहीं है। - जिस प्रोजेक्ट में पूंजीगत खर्च नहीं है, उसे PMEGP के तहत वित्त नहीं किया जाता। आवेदन कैसे करें? PMEGP के लिए ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक पोर्टल के जरिए किया जा सकता है। आवेदन में प्रस्तावित कारोबार, प्रोजेक्ट लागत, अपनी हिस्सेदारी और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी देनी होती है। इसके बाद संबंधित प्रक्रिया के तहत आवेदन की जांच और बैंक स्तर पर ऋण संबंधी निर्णय होता है। सरकार ने संभावित आवेदकों की मदद के लिए PMEGP हेल्पडेस्क और मॉडल प्रोजेक्ट रिपोर्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान PMEGP में लोन या सब्सिडी गारंटीड नहीं है। कारोबार की व्यवहार्यता, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, पात्रता और बैंक की क्रेडिट प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। इसलिए आवेदन से पहले अपने कारोबार का खर्च, बिक्री, कच्चा माल, मशीनरी और संभावित रोजगार का स्पष्ट अनुमान तैयार करें। मनोज शर्मा की कहानी दिखाती है कि छोटा शुरू किया गया कारोबार सही योजना और वित्तीय मदद से आगे बढ़ सकता है। लेकिन PMEGP को मुफ्त पैसा समझने के बजाय इसे बैंक लोन से जुड़ी सरकारी मार्जिन मनी सब्सिडी योजना के रूप में समझना जरूरी है। इच्छुक व्यक्ति आधिकारिक PMEGP पोर्टल पर पात्रता और आवेदन प्रक्रिया देखकर ही आगे बढ़ें। - जे. पी. शुक्ला
विचार: उपभोक्ताओं में जागरूकता जरूरी
त्योहारों पर मिठाइयों और दूध में मिलावट एक गंभीर समस्या है, जिसके पीछे अधिक मुनाफा कमाने की चाह और कमजोर कानून व्यवस्था मुख्य कारण हैं। इस पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून, नियमित जांच और उपभोक्ताओं की जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
विचार: तकनीक और जवाबदेही से मजबूत होगी निगरानी
नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए लगातार कार्रवाई के बावजूद चुनौतियां बनी हुई हैं। खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तकनीक, विशेषकर AI, और जवाबदेही पर जोर दिया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं तक सुरक्षित भोजन पहुंचे।
वेज या नॉनवेज : भोजन की थाली पर सियासत क्यों?
भोजन को लेकर विवाद इसलिए जल्दी बढ़ जाते हैं, क्योंकि यह विषय लोगों की आस्था, परिवार और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। जब हर घटना को विचारधारा की लड़ाई बना दिया जाता है तो मूल सवाल पीछे छूट जाता है।
तमिलनाडु : भारी बारिश के कारण आज स्कूल बंद
चेन्नई, उत्तर-पूर्वी मानसून के मजबूत होने के कारण हो रही भारी बारिश को देखते हुए तमिलनाडु के कई हिस्सों में सोमवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। वहीं, चेंगलपट्टू जिले में शिक्षण संस्थान सामान्य रूप से काम करेंगे।
द बोनस मार्केट अपडेट: सेंसेक्स 500 अंक से अधिक गिरा, निफ्टी 22450 के नीचे; जानिए बाजार का हाल
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 500 अंक से अधिक लुढ़का, जबकि निफ्टी 22,450 के नीचे बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का इंतजार निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है।
गन्ना किसानों के हितों का सवाल: एक लाख करोड़ की पैदावार पर भी संकट से जूझ रहे अन्नदाता, सवाल उठना लाजिमी है
एक भारतीय राजनयिक की पहल बनी वैश्विक पहचान, अंतरराष्ट्रीय राजनयिक दिवस के 10 साल पूरे
भारतीय राजनयिक अभय के. की पहल से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय राजनयिक दिवस अब दुनिया के कई देशों तक पहुंच चुका है24 अक्तूबर 2026 को इस पहल के 10 साल पूरे हुए, जिसका उद्देश्य राजनयिकों और उनके परिवारों के योगदान को पहचान दिलाना है।
जीवन धारा: किसी के वर्तमान को देखकर भविष्य का फैसला क्यों नहीं करना चाहिए? बदलाव की संभावना ही जीवन का सच है--Jeevan Dhara: Why We Should Never Judge the Future by the Present
प्रक्रिया ही नहीं, सोच भी बदली: गति शक्ति और प्रगति से कैसे बदल रहा देश में बुनियादी ढांचे के विकास का तरीका?-PM Gati Shakti and PRAGATI: How India Is Changing Infrastructure Planning and Execution
गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि के मामले में 13 अक्तूबर को एमपी-एमएलए कोर्ट में दोनों पक्षों की बहस की कार्यवाही पूरी हो चुकी है।
वैचारिक संकेत: यूरोप में हिंसा से जामिया के आंदोलन तक... बयानों के संदर्भ बेशक अलग, संकेतों को समझना जरूरी
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने तीन सांसदों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
यूपी के बागपत का 23 वर्ष का विक्रांत तोमर उर्फ विक्की तोमर अब तक दिल्ली, यूपी व हरियाणा में 50 से ज्यादा महिला सिपाहियों को ठग चुका है।
ललित सुरजन की कलम से संसाधनों का राष्ट्रीयकरण!
'नेहरू सरकार के सामने बड़ी चुनौती थी कि प्राथमिक क्षेत्र या कि बुनियादी उद्योग कैसे स्थापित किए जाएं।
जम्मू: रेलवे स्टेशन के सामने शिव मार्केट में लगी भीषण आग, कई दुकानें चपेट में; बुझाने के प्रयास जारी
जम्मू रेलवे स्टेशन के सामने स्थित शिव मार्केट में भीषण आग लग गई है।
कौन राहुल कैसी जनता एक नवंबर को सब पता चल जाएगा!
बीजेपी में वाजपेयी का दौर बीत गया। अब तो खुद प्रधानमंत्री ऐसी अवैज्ञानिक बातों के जनक बन गए हैं।
विचार: सत्ता से अधिक व्यवस्था परिवर्तन जरूरी
जनतांत्रिक अभियानों से बदलाव के बारे में नानाजी देशमुख की सफलता से सभी राजनीतिक दलों के नेता प्रेरणा लें।
विचार: लाइलाज हुई दलबदल की बीमारी
भारतीय राजनीति में दलबदल एक गंभीर समस्या बन गया है, जहां 2022 से अब तक 111 सांसद-विधायक पार्टियां बदल चुके हैं, जो लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है।
जागरण संपादकीय: कांग्रेस की बिगड़ी भाषा
राहुल गांधी संवैधानिक पद पर बैठे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी जमकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने में लगे हुए हैं। इसका दुष्परिणाम यह है कि कांग्रेस के छोटे-बड़े नेता, कार्यकर्ता और समर्थक भी प्रधानमंत्री के संदर्भ में बात करते हुए भाषा का कोई लिहाज नहीं रखते।
संगठन मजबूत, पर जनता से छीजता रिश्ता
साल 2014 के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन राज्यों में भी अपना संगठन मजबूत किया, जहां पार्टी कमजोर थी। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई और मुख्यमंत्रियों से लेकर गांव-मोहल्ले के कार्यकर्ताओं तक संदेश पहुंचाने का तंत्र खड़ा किया गया…
मध्यावधि चुनाव नतीजों से क्या ट्रंप की नीति बदलेगी
अमेरिका के लोग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के ठीक बीचोबीच अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन, यानी ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ की सभी 435 सीटों और 100 सदस्यों वाले उच्च सदन ‘सीनेट’ की लगभग एक तिहाई, यानी 35 सीटों…
वैश्विक मंदी की गहराती आशंकाएं
दुनिया की अर्थव्यवस्था इस वक्त एक अजीब दुविधा में फंसी हुई दिखती है। शेयर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव है। ईरान, अमेरिका इजरायल युद्ध ने तेल और ऊर्जा की कीमतों पर अनिश्चितता बढ़ा दी है। दुनिया भर की सरकारें कर्ज के बोझ से दबी हैं और अमेरिका से लेकर…
भारतीय भौतिक विज्ञानी अशोक सेन को दिया गया वर्ष 2026 का ऑस्कर क्लेन पदक भारतीय विज्ञान के लिए ऐतिहासिक अवसर है। विज्ञान की दुनिया में इस सम्मान को नोबेल तुल्य माना जाता है। साल 1988 में इसकी शुरुआत प्रसिद्ध…
वीरभद्रासन करते समय न करें ये गलतियां
नई दिल्ली, योग शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखने का एक अच्छा तरीका है। नियमित रूप से योग करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर का संतुलन बेहतर होता है। योग के कई आसनों में वीरभद्रासन भी शामिल है। यह आसन पैरों को मजबूती देने, शरीर का संतुलन सुधारने और कंधों को सक्रिय रखने में मदद करता है। हालांकि, इस आसन को करते समय सही मुद्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। छोटी-सी गलती भी घुटनों, कंधों और कमर पर अनावश्यक दबाव डाल सकती है।
करवा चौथ पर विवाहित स्त्रियां चंद्रमा की ही पूजा क्यों करती हैं?
नई दिल्ली, कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर हर वर्ष करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है। इस वर्ष 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाएं इस पर्व का बड़े उत्साह से इंतजार करती हैं। इस दिन चंद्रमा की विशेष पूजा की जाती है। करवा चौथ के दिन चंद्रमा की ही पूजा की जाती है, इसकी भी पौराणिक मान्यताएं हैं।
पंचांग : सुबह 11:48 से दोपहर 12:33 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
नई दिल्ली, हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना की एक पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
बाबा महाकाल : भस्म आरती में बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु
उज्जैन, महाकाल की नगरी उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में आश्विन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी पर रविवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
दलेर मेहंदी पिछले कुछ दिनों से चर्चा में बने हुए हैं। दरअसल, एक इवेंट में गायक और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद हो गया था।इस पर अब गायक के बेटे गुरदीप मेहंदी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
रोम में आज भी खड़े हैं हजारों साल पुराने जल सेतु: पहाड़ों से शहर तक पहुंचाते थे पानी, जानें इनकी खासियत
छोटे-छोटे पलों में छिपा है असली सुकून: ठहरकर देखें कि क्या अच्छा हुआ, हम किसके चेहरे पर मुस्कान ला सके?
चुनाव के 75 साल और भरोसे का सवाल: अमृत वर्ष में प्रणाली पर सवाल दुर्भाग्यपूर्ण, सीईसी ज्ञानेश कुमार पर भी आरोप
दिल्ली-एनसीआर में मौसम बदल गया है।
प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रैप-1 लागू है, लेकिन सड़कों पर धूल, महीनों से पड़ा निर्माण मलबा और खुले में पड़ी निर्माण सामग्री बता रही है कि नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
कलाकार हैं स्वप्नद्रष्टा और शांतिपूर्ण भविष्य के शिल्पी
अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस (25 अक्टूबर) पर विशेष कला एवं कलाकार मानव सभ्यता की आत्मा है। यह वह अनंत भाषा है, जिसके माध्यम से मनुष्य अपने अंतरतम की संवेदनाओं, अनुभूतियों, विचारों और स्वप्नों को रूप, रंग, ध्वनि, शब्द, लय और भावों में अभिव्यक्त करता है। जब आदिम मानव-कलाकारों ने गुफाओं की दीवारों पर अपनी अनुभूतियों को ... Read more
आज महारास की रात है रात भर कौन जागेगा
आज शरद पूर्णिमा है। पूनो की चांदनी आज धरती पर यूं बरसेगी, मानो किसी की आंखों का नेह झर रहा हो- झिर...झिर...। दूब की नोक पर टंकी ओस की बूंद की तरह झलमल, पारदर्शी। शरद पूर्णिमा की रात कौन जाग रहा है? जो जागेगा, उसे ही ज्ञान हो पाएगा…
विचार: अमेरिका के समक्ष अडिग रहे भारत
यदि अमेरिका चाहता है कि भारत उसके ऊर्जा हितों की रक्षा में सहायक बने तो उसे भी भारतीय हितों की रक्षा के प्रति संवेदनशील होना होगा।
जागरण संपादकीय: बेलगाम फार्मा कंपनियां
ऐसे में जो समिति गठित होने जा रही है, उसकी सिफारिशों को वैधानिक रूप दिया जाए, ताकि फार्मा कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगे।
बहुत सी घटनाएं अथवा निर्णय देश, काल और परिस्थितियां पैदा करती हैं। यही वजह है कि हर समीक्षक इस उधेड़बुन में रहता है कि बरसों बाद उनकी समीक्षा कैसे की जाए? हम सब अपने-अपने चश्मे से उन फैसलों की रंग-ओ-बू आंकते हैं। इंदिरा गांधी को कोई कैसे भी परखे…
सैटिंग, बैटिंग और रेटिंग (व्यंग्य)
हज़ारों साल से पूरी दुनिया जानती है कि हम अपना सभी आकार और प्रकार का कामकाज अपनी पसंद की शैली में करते हैं। माहौल खुश रहे इसलिए हम अपनी सैटिंग, बैटिंग और रेटिंग भी खुद किया करते हैं। दूसरा रेटिंग करने वाला चाहे कितना शानदार, जानदार और ईनामदार हो हम रेटिंग स्वीकार नहीं करते। रेटिंग एजेंसी अंतर्राष्ट्रीय हो, उसका नाम कितना भी आकर्षक हो। हम मानते हैं इन संस्थाओं द्वारा रेटिंग अपनी सुविधा के लिए की जाती है और हमारे लिए दुविधा खड़ी हो जाती है। हमें पता है खुद को यशस्वी, अनुभवी, तेज तर्रार मानने वालों से सही अनुमान नहीं लगता और हर दो तीन महीने में अनुमान बदलते रहते हैं। उसे घटाते ज्यादा हैं और बढाते कम हैं। अपना वक़्त बर्बाद करते रहते हैं हमारा मूड बिगाड़ते हैं। अंदाजा कुछ लगाते हैं परिणाम कुछ और निकालते हैं। विश्वगुरुओं यानि हमारी रेटिंग करने के सन्दर्भ में इस तरह से काम करना अच्छी बात नहीं है। उन्हें अभी तक समझ नहीं आया कि सैटिंग, बैटिंग और रेटिंग हमारी अपनी होती है। इसे भी पढ़ें: बैंगन का भर्ता (व्यंग्य) उनकी दी हुई रेटिंग भुलाकर हम यह ध्यान रखते हैं कि हमारी सारी वोटें सलामत रहें, जातीय समीकरण बिगड़ें नहीं। उदाहरणतया पारदर्शिता के अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने गुरुओं को ईमानदारी के पैमाने पर मनमाने अंक दिए हैं। हम क्यूं खाएं उनका बेस्वाद आकलन। उन्हें पता होना चाहिए कि हमें पसंद नहीं आएगा, स्वीकारेंगे नहीं तो ऐसा आकलन किया ही क्यूं। ज्ञानी हैं हम, इस बारे हम दो क्या तीन राय भी नहीं रखते। इस बारे दिलचस्प परिचर्चा हो सकती है कि नैतिक मूल्य सिखाए जा सकते हैं या नहीं। हमारे यहां नैतिकता एक पवित्र संस्था के रूप में स्थापित है इसलिए नैतिकता क्या किसी भी किस्म के मूल्य सिखाए जा सकते हैं। पेट से तो कोई भी सीख कर नहीं आता। हमारी सैटिंग, बैटिंग और रेटिंग इतनी अनुभवी होती है कि हमने कूड़ा कचरा प्रबंधन बेहतर तरीके से सीखने के लिए, दर्जनों लोगों की टीम को हज़ारों किलोमीटर दूर भेजा अब यह तो बदतमीज़ कूड़ा कचरा शातिर है कि काबू में नहीं आता। वर्तमान युग के परिवेश में भ्रष्टाचार, बेईमानी, दुष्टता व धूर्तता के कारण थोड़ी बहुत परेशानी तो है लेकिन हमारी सैटिंग कहीं कोई फर्क पड़ने नहीं देती, हम मानकर चलते हैं कि बैटिंग ठीक चल रही है इसलिए कोई दूसरा हमारे कामकाज की रेटिंग क्यूं करे। वैसे वास्तव में हम हमेशा चाहते हैं कि हमारी रेटिंग कोई ज़रूर करे लेकिन आंख मींच कर सौ में से दो सौ नंबर दे। यहां यह सवाल प्रवेश करता है क्या त्रेतायुग में रावण नहीं था। क्या वे अपने बारे में किसी भी तरह की रेटिंग की परवाह करते थे। हर युग का कठोर सत्य यही है इसलिए अपनी सैटिंग बैटिंग रेटिंग का प्रबंधन खुद करते रहना चाहिए करिए यही सुखी रहने का सूत्र है। - संतोष उत्सुक
भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच पहले अनौपचारिक टेस्ट मैच का पहला दिन का खेल जारी है। न्यूजीलैंड ए ने टॉस जीतकर फील्डिंग का फैसला लिया और भारत ए की पहली पारी 113 रन पर ऑलआउट कर दी। न्यूजीलैंड ए की पहली पारी में बल्लेबाजी जारी है।
आज का राशिफल 24 अक्तूबर: इन 4 राशि वालों को मिलेगी अच्छी खबर, नौकरी-बिजनेस में होगा बड़ा मुनाफा
Aaj Ka Rashifal 24 ctober 2026: आज का दिन मेष, कर्क, सिंह, कन्या और कुंभ समेत सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा? जानें करियर, कारोबार, धन, प्रेम और पारिवारिक जीवन के लिहाज से आज का दिन आपके लिए क्या संकेत दे रहा है।
फिर हवा खराब:दिल्ली के 42 निगरानी केंद्रों में से 32 परएक्यूआई 200 के पार, देश के 20 शहरों में समस्या गंभीर
जीवन धारा: मशीनें उड़ान का रास्ता तराश सकती हैं; सबको उड़ने का हक भी मिले, ये सिर्फ हमारे हाथों में
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डीआरडीओ (DRDE ग्वालियर) ने बायोलॉजिकल, केमिकल साइंसेज और इंजीनियरिंग छात्रों के लिए 6 महीने की इंटर्नशिप निकाली है। बिना लिखित परीक्षा चयन होगा और ₹30,000 मिलेंगे। 28 वर्ष तक के छात्र 14 नवंबर 2026 तक ऑफलाइन/ईमेल से आवेदन कर सकते हैं।
मुद्दा:ताकि बनी रहे डिजिटल बढ़त, अर्थव्यवस्था में मौजूदा योगदान 12 से 13%, आगामी दशक में 20% होने का अनुमान
'जेन जी' विरोध को रचनात्मक आधार भी दें
दिल्ली की हालिया घटनाओं को सरकार और विपक्ष के बीच के तात्कालिक टकराव से कहीं आगे बढ़कर देखने की ज़रूरत है।
सरकारी स्कूलों में दाखिले के बाद की चुनौती?
पांच साल के बच्चे के हाथ में जब पहली किताब आती है, तो उसके साथ परिवार की उम्मीदें भी स्कूल पहुंचती हैं।
Delhi Pollution Control: Two-Wheelers Account for Over 75% of PUCC Violations Amid Strict Winter Action Planकौन से वाहन दिल्ली में प्रदूषण नियमों की उड़ा रहे धज्जियां?: PUCC चालानों में 75% से ज्यादा है इनकी हिस्सेदारी, जानें पूरी रिपोर्ट
विचार: डिजिटल बैंकिंग में भरोसे का संकट
भारतीय स्टेट बैंक के लगभग चार हजार ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर लीक होने से देश की डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था में भरोसे का संकट खड़ा हो गया है
विचार: अमेरिका में बढ़ता हिंदूफोबिया
अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ बढ़ती नफरत और हिंदू मंदिरों पर हमलों की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई है
भाजपा ने विपक्षी दलों के 'वोट चोरी' के दुष्प्रचार का मुकाबला करने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़ा है, जिसमें चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप है
अधिकार देने से पहले सुरक्षा की सोचिए
सर्वोच्च न्यायालय के प्रति पूर्ण सम्मान रखते हुए भी, मीडिया रिपोर्टों में बताई गई इस टिप्पणी पर कि बच्चों पर इंटरनेट का पूर्ण प्रतिबंध अनुचित है, गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाता है। क्या अधिकार की चर्चा करते समय हम उस बच्चे की…
बच्चों को भी बराबरी से मिले इंटरनेट सुविधा
करीब 25 साल पहले की बात है। दिल्ली के कालकाजी इलाके में एक बस्ती के पास, एक दीवार पर इंटरनेट से कनेक्ट किया हुआ कंप्यूटर लगाया गया था। वहां न कोई शिक्षक था, न मदद या मार्गदर्शन करने वाला और न ही किसी तरह के…
शांति, सुरक्षा, समानता और सहयोग का मंच
द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिका ने विश्व समुदाय को यह एहसास कराया कि दुनिया की रक्षा के लिए विश्व में एक प्रभावी, मजबूत एवं निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय संगठन का होना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से 24 अक्तूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र की…
भारत-चीन सीमा पर लगातार तनाव चिंता की बात है। जहां, दोनों देशों के बीच व्यापार दिनोंदिन बढ़ रहा है, वहीं सरहद पर रहने वाले भारतीयों की चिंता भी बढ़ती लग रही है…
Diwali: From the Darkness of Ignorance to the Light of Self-Knowledge
India is a sacred land of festivals and celebrations. Every festival, celebrated here, introduces us to our rich culture, spiritual traditions, and values of life. Among all these festivals, Diwali holds special significance. Diwali is not merely a festival of lighting lamps, distributing sweets, and celebrating happiness, but a festival that inspires us to move ... Read more
सीजेपी नेताओं की न्यूड तस्वीरें लीक करने की धमकी वाला अजित डोभाल का वीडियो डीपफेक है
Hive Moderation और Hiya जैसे एआई डिटेक्शन टूल्स भी NSA अजीत डोभाल के वायरल वीडियो की आवाज के AI जनरेटेड होने की पुष्टि करते हैं.
एक्यूआई और प्रदूषण स्तर बिगड़ने पर कौन सा मास्क रखेगा सुरक्षित
नई दिल्ली, बदलते मौसम और बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच आजकल एक शब्द सबसे अधिक चर्चा में है, एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स)।
शरद पूर्णिमा की रात को खीर बनाकर क्यों रखा जाता है खुले आसमान के नीचे
नई दिल्ली, आश्विन महीने की पूर्णिमा तिथि को हर वर्ष शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है।

