राय और ब्लॉग्स / बूमलाइव
बूम ने पाया कि दोनों वीडियो पुराने हैं और अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं. इनमें से एक महाराष्ट्र से और दूसरा वीडियो बांग्लादेश से है.
बूम ने पाया कि यह वीडियो पुराना है, तब बांग्लादेश के कप्ताई लेक (Kaptai lake) में एक नाव हादसे का शिकार हो गई थी.
बूम ने पाया कि यह वीडियो पुराना है. यह इस साल मार्च में कोलकाता के हावड़ा ब्रिज पर होली के जश्न को दिखाता है.
बूम से बातचीत में झालमुड़ी विक्रेता विक्रम शॉ ने पुष्टि की है कि वायरल दावा गलत है और वह एसपीजी का हिस्सा नहीं हैं.
बूम ने पाया कि वीडियो बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान का है, जहां सासाराम स्थित मतगणना केंद्र पर बक्सों से भरा एक ट्रक अचानक स्ट्रांग रूम परिसर के
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
बूम ने जांच में पाया कि लॉकेट चटर्जी की यह तस्वीर गूगल एआई की मदद से निर्मित की गई है.
बूम ने पाया कि बायरन बिस्वास एक रिपोर्टर के सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने जंगीपुर ईवीएम स्ट्रांग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाया था.
बूम ने पाया कि पूरे वीडियो में सायनी घोष भवानीपुर को 'मिनी इंडिया' बताते हुए मंच से विभिन्न धर्मों की प्रार्थनाओं का पाठ करती और इसके जरिए एकता व भाईच
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो जुलाई 2023 का है. इसका पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से कोई संबंध नहीं है.
बूम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि वीडियो नोएडा के सेक्टर 6 स्थित Motherson फैक्ट्री के पास का है, जहां पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी क
बूम ने पाया कि फरवरी 2026 का यह वीडियो बांग्लादेश के दिघिनाला (Dighinala) उपजिला में बांग्लादेश सेना द्वारा आयोजित एक ड्रिल को दिखाता है.
बूम ने पाया कि वीडियो 2022 का पश्चिम बंगाल के खड़गपुर का है, जहां नगर निगम चुनाव में कैंडिडेट लिस्ट को लेकर विवाद के बाद तत्कालीन BJP नेता बेबी कोल ने
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2024 में काशी विद्यापीठ में आयोजित एक कार्यक्रम का है, जहां भाषण में स्वर्णकांता शर्मा ने अपने आगे बढ़ने का श्रेय भगवान
कुशीनगर पुलिस ने इस संबंध में बताया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले वास्तविक आरोपी की गिरफ्तारी हो गई है, जिसका नाम सुरेंद्र सिंह है.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो ब्राजील के Macap का है. वीडियो में कैद यह घटना 28 मार्च 2026 की है, जहां एक महिला चलती गाड़ी से कूद गई थी.
बूम ने पाया कि बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह वीडियो साल 2014 का है. उस समय उन्होंने राजद से अलग होकर जदयू को समर्थन देने की बात कही थी.
बूम ने पाया कि पुलिसकर्मियों द्वारा युवक को लात मारने का यह वीडियो मध्यप्रदेश के शहडोल जिले का है. इसका नोएडा प्रोटेस्ट से कोई संबंध नहीं है.
बूम ने पाया कि वीडियो को एआई-जनरेटेड वॉयसओवर का इस्तेमाल करके डिजिटल रूप से एडिट किया गया है.
वीडियो में दिखाई देने वाली विसंगतियां साफ तौर पर संकेत देती हैं कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो अत्ता मुहम्मद मरी नाम के पाकिस्तानी यूजर ने एडिट किया है.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2022 में वाराणसी में अग्निपथ स्कीम के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान का है, जहां स्थानीय दुकानदारों ने बलपूर्वक दुकानों क
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी नहीं बल्कि उनके हमशक्ल सदानंद नायक हैं.
कई AI डिटेक्शन टूल्स ने संकेत दिया कि यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाई गई है.
बूम ने पाया कि पूरे वीडियो में ममता बनर्जी मंदिर विध्वंस पर भाजपा के दोहरे मापदंड को लेकर बोलती हुई दिखाई दे रही हैं.
बूम ने पाया कि पीएम मोदी और कपिल मिश्रा का पुराना वीडियो हालिया घटनाक्रम से जोड़कर वायरल है. लॉकडाउन की घोषणा करते पीएम मोदी का वीडियो कोरोना काल का ह
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो अगस्त 2020 का है, तब यूएई के अजमान स्थित एक मार्केट में आग लग गई थी.
बूम ने पाया कि क्षतिग्रस्त बुर्ज खलीफा का यह वीडियो वास्तविक नहीं है. AI डिटेक्शन टूल्स इसके एआई जनरेटेड होने की पुष्टि करते हैं.
दिल्ली पुलिस ने वायरल दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि यह किसी फैसिलिटी नहीं बल्कि मार्केट फायर की घटना है.
बूम ने पाया कि यह वीडियो ईरान के साथ जारी अमेरिका-इजराइल संघर्ष से पहले का है. यह वीडियो फरवरी में न्यू जर्सी के Galloway Township के एक घर में लगी आग
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो का उत्तम नगर की घटना से कोई संबंध नहीं है. यह वीडियो फरवरी 2026 का उत्तर प्रदेश के वाराणसी का है.
US Iran Conflict: बूम ने पाया कि वायरल वीडियो असली नहीं है. DeepFake-O-Meter और HiveModeration जैसे AI डिटेक्शन टूल्स इसके एआई से बने होने की पुष्टि क
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो का हालिया ईरान-इजरायल संघर्ष से कोई संबंध नहीं है. यह वीडियो अक्टूबर 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है.
US Iran war: वायरल हो रही तस्वीरें खामेनेई की असली तस्वीरें नहीं हैं. इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5
बूम ने पाया कि पीएम मोदी का यह वीडियो, जिसमें वह पाकिस्तान द्वारा राफेल विमानों को नष्ट किए जाने की बात मानते दिख रहे हैं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की म
बूम ने पाया कि NH-48 के ओवरहेड साइनबोर्ड के बीचों-बीच फंसी महिंद्रा थार का यह वीडियो वास्तविक नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया
बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि आजतक ने इस तरह की कोई खबर नहीं चलाई है. वायरल वीडियो रिपोर्ट में एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई है.
बूम ने पाया कि देवरिया में सात साल की बच्ची के साथ रेप और मर्डर के आरोपी चाचा का नाम मोहम्मद अकरम नहीं बल्कि विद्यासागर यादव है.
बूम ने पाया कि शशि थरूर के इस वीडियो में एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई है और मूल वीडियो में एक नकली आवाज अलग से जोड़ दी गई है. कई एआई डिटेक्टर टूल्स ने
BOOM ने पाया कि इंडियन एक्सप्रेस ने ऐसी कोई खबर प्रकाशित नहीं की थी. वायरल पेपर कटिंग को डिजिटली एडिट करके तैयार किया गया है.
Hivemoderation और Undetectable.ai जैसे AI डिटेक्शन टूल्स ने पुष्टि की कि AIMIM महिला अध्यक्ष रुबीना और दीपक कुमार की मुलाकात की बताई जा रही तस्वीर आर्
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल वीडियो में योगी आदित्यनाथ कह रहे हैं कि मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने दीजिए, अगले 6 महीने में 'पाक अ
बूम से बातचीत में जी मीडिया के डिजिटल विंग के ग्रुप एडिटर अनुज खरे ने वायरल ग्राफिक को फर्जी बताया है.
बूम ने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर एडिट की गई है. मूल तस्वीर में दिख रहे शख्स यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान नहीं हैं.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो असम के गुवाहाटी का है, जहां सितंबर 2025 में दिवंगत गायक जुबीन गर्ग की अंतिम यात्रा के दौरान हजारों लोग जुटे थे.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो में दिख रहा शव सुनील पाटणकर नाम के व्यक्ति का है और फोर्टिस अस्पताल मुलुंड में अंगदान की प्रक्रिया से जुड़ा है.
बूम ने जांच में पाया कि कैथल सिटी थाने की एसएचओ गीता रानी के एक वीडियो को संदर्भ से काटकर शेयर करते हुए भ्रामक दावा किया जा रहा है.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो वेनेजुएला के पैरामिलो हवाई अड्डे पर 22 अक्टूबर 2025 को हुई विमान दुर्घटना का है.

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