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अमेरिका-ईरान तनाव: अमेरिका ने ईरान पर रोके रात के हवाई हमले; उपराष्ट्रपति वेंस और जनरल केन ने युद्ध बढ़ने व गोला-बारूद की कमी पर जताई चिंता

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने ईरान में युद्ध बढ़ने को लेकर चिंता जताई। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को व्हाइट हाउस मीटिंग के दौरान इस संभावना पर विचार किया। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान पर जारी हमलों को रोक दिया।

देशबन्धु 26 Jul 2026 4:38 pm

जोधपुर की पहाड़ी पर सेना ने युद्ध जैसा किया प्रदर्शन:चढ़ाई कर चौकी पर किया कब्जा; राज्यपाल बोले- कारगिल विजय सेना के शौर्य-बलिदान का प्रतीक

जोधपुर के पहाड़ी इलाकों पर सेना ने कारगिल के 'टाइगर हिल युद्ध' जैसा दृश्य दिखाते हुए सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान हथियार लिए जवानों ने पहले पहाड़ी इलाके में चढ़ाई की। इसके बाद दुश्मन को हराकर चौकी पर कब्जा किया। कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर रविवार को जोधपुर में ऑपरेशन विजय कारगिल-2026 सम्मान समारोह के दौरान यह दृश्य दिखा। क्रीड़ा भारती जोधपुर प्रांत के तत्वावधान में रावटी, घोड़ा घाटी, मेहरानगढ़ फोर्ट रोड पर आयोजित समारोह में आम लोग, पूर्व सैनिक आदि शामिल हुए। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा- कारगिल विजय भारतीय सेना के शौर्य, साहस और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा- देश की सीमाओं की रक्षा के लिए प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को जीवन का हिस्सा बनाएं। राज्यपाल ने कहा- कारगिल के वीरों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। देंखे समारोह से जुड़े PHOTOS… वीर सैनिकों और वीरांगनाओं को किया सम्मानित राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे और आयोजन समिति के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कारगिल युद्ध में वीरता का परिचय देने वाले राजस्थान के 16 वीर सैनिकों और वीरांगनाओं को सम्मानित किया। शेखावत ने कहा- हम सभी यहां उस स्वर्णिम इतिहास को आंखों के सामने पुनः जीवंत करने और उससे प्रेरणा लेने के लिए एकत्र हुए हैं, जिसे हमारे वीरों ने अपने रक्त से लिखा था। कारगिल युद्ध ने पूरी दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत शांति का उपासक तो है, लेकिन यदि कोई हमारी संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देगा तो देश अपने सैनिकों की ताकत के बल पर हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देना जानता है। इतिहास अतीत का पन्ना नहीं, बल्कि भविष्य के निर्माण की आधारभूमि गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- किसी भी देश के लिए इतिहास केवल अतीत का पन्ना नहीं, बल्कि भविष्य के निर्माण की आधारभूमि होता है। जब हम इतिहास की घटनाओं को केवल पुस्तकों में पढ़ने के बजाय अपनी आंखों के सामने जीवंत देखते हैं तो वह आने वाली पीढ़ियों के मानस पर गहरा प्रभाव छोड़ती है। जो समाज अपने राष्ट्रनायकों का सम्मान करना बंद कर देता है, वह अपनी जड़ों और प्रेरणास्रोतों से दूर हो जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प से जोड़ते हुए शेखावत ने कहा- राष्ट्र निर्माण केवल सीमा पर तैनात सैनिक ही नहीं करते। प्रयोगशाला में काम करने वाला वैज्ञानिक, स्टार्टअप शुरू करने वाला युवा, संस्कार देने वाला शिक्षक, खिलाड़ी तैयार करने वाला कोच और निष्ठा से अध्ययन करने वाला छात्र, अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करने वाला हर व्यक्ति राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है। युद्ध का किया जीवंत प्रदर्शन समारोह में कारगिल युद्ध का जीवंत मंचन किया गया। युद्ध के रोमांचक और भावनात्मक दृश्यों के सजीव प्रदर्शन ने लोगों को कारगिल के रणबांकुरों की वीरगाथा से रूबरू कराया। देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने कारगिल की प्रमुख चोटियों पॉइंट 5140, पॉइंट 4875, पॉइंट 5353 और टाइगर हिल पर हुए भीषण संघर्ष और भारतीय सेना की विजय गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद केंद्रीय मंत्री शेखावत ने क्रीड़ा भारती व आयोजन समिति का आयोजन की सफलता के लिए आभार जताया। साथ ही राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में मुख्य सचेतक व जालोर विधायक जोगेश्वर गर्ग, क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय मंत्री राज चौधरी, प्रांत अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह जोधा, महानगर अध्यक्ष वरुण धनाडिया, पूर्व सैनिक सेवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरपत सिंह सहित सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक आदि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 4:36 pm

खाड़ी देशों में फिर मंडराया युद्ध का खतरा, हूती विद्रोहियों ने सऊदी के तेल ठिकानों पर बोला हमला

मध्य पूर्व यानी खाड़ी के देशों में एक बार फिर से तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, जिससे पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने का खतरा मंडराने लगा है। शनिवार को घटी दो बड़ी और अहम घटनाओं ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के बेहद अहम तेल ठिकानों को निशाना बनाया है, वहीं दूसरी तरफ कैस्पियन सागर में एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर हुए हमले को लेकर ईरान और यूक्रेन आमने-सामने आ गए हैं। इस स्थिति के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमलाशनिवार को यमन के ईरान समर्थित हूती गुट ने सऊदी अरब की धरती पर स्थित दो प्रमुख तेल ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए। हूती संगठन के प्रवक्ता की ओर से जारी किए गए बयानों के अनुसार, सऊदी अरब के जिजान और यानबू शहरों में स्थित अरामको कंपनी की रिफाइनरियों और तेल भंडारण केंद्रों को इस हमले में खासतौर पर निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया और सामने आए वीडियो फुटेज में जिजान रिफाइनरी से आसमान में काले धुएं का भारी गुबार उठता हुआ साफ तौर पर देखा गया।ग्रीक सुरक्षा से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यानबू शहर की तरफ दागी गई दो खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलों को अमेरिकी पैट्रियट डिफेंस सिस्टम की मदद से हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। आपको बता दें कि यानबू सऊदी अरब का लाल सागर के तट पर स्थित सबसे महत्वपूर्ण तेल बंदरगाह है। मौजूदा समय में जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, तब सऊदी अरब के लिए तेल निर्यात करने का यह सबसे मुख्य और सुरक्षित रास्ता माना जाता है। इसके अलावा, जिजान रिफाइनरी की कुल क्षमता प्रतिदिन चार लाख बैरल तेल के उत्पादन की है, ऐसे में इस पर हुआ यह हमला आर्थिक और रणनीतिक दोनों लिहाज से बहुत बड़ा झटका है।यमन में फिर से सुलग उठा गृह युद्ध का संकटहूती विद्रोहियों के इन हमलों के तुरंत बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए कड़ा जवाब दिया है। गठबंधन सेना ने यमन के मारिब, अल-जौफ और होदेदाह इलाकों में स्थित हूती विद्रोहियों के कई प्रमुख ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। यमन के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इस सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों ही पक्षों ने एक बार फिर से युद्ध के मोर्चों पर भारी संख्या में सेना जुटाना शुरू कर दिया है।गौरतलब है कि साल 2022 से काफी हद तक थमा हुआ यमन का गृह युद्ध इस महीने एक बार फिर से भड़कता हुआ नजर आ रहा है। हूती विद्रोहियों ने पिछले ही हफ्ते सऊदी अरब की नौसैनिक नाकेबंदी की आधिकारिक घोषणा की थी और इसके ठीक बाद गुरुवार को लाल सागर के रास्ते से गुजर रहे सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर भी हमला कर दिया था। इन लगातार बढ़ती घटनाओं से इस बात की पूरी आशंका जताई जा रही है कि यमन का यह पुराना संघर्ष एक बार फिर से बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।ईरान और यूक्रेन के बीच बढ़ा तनाव, कैस्पियन सागर में जहाज पर हमलासऊदी अरब पर हुए हमलों के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में एक और बड़े भू-राजनीतिक विवाद ने जन्म ले लिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन पर कैस्पियन सागर के भीतर एक ईरानी कमर्शियल जहाज को टारगेट करने और उस पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरानी मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस खतरनाक हमले के दौरान हुए जोरदार विस्फोट में जहाज पर सवार एक नाविक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया है।इस घटना के विरोध में ईरान ने तेहरान स्थित यूक्रेन के शीर्ष राजनयिक को तलब किया और इस पूरी कार्रवाई को एक खुला दुश्मनी भरा और आपराधिक कृत्य करार दिया। दूसरी ओर, इस विवाद को हवा तब और मिल गई जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कैस्पियन सागर में हुए लंबी दूरी के हमलों की खुली तारीफ की थी। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया था कि रूस मध्य पूर्व क्षेत्र से जुड़ी सामरिक और सैटेलाइट की खुफिया जानकारियां लगातार ईरान के साथ साझा कर रहा है।अमेरिका की सक्रियता और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर मंडराता खतराइस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी सेना भी खाड़ी के समंदर में पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में एक ऐसे संदिग्ध जहाज को रोका है, जिसने हूती विद्रोहियों द्वारा घोषित की गई नाकेबंदी को तोड़ने का दुस्साहस किया था। अंतरराष्ट्रीय रक्षा और ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद लाल सागर का यह व्यापारिक और नौवहन मार्ग भी इसी तरह बाधित होता रहा, तो आने वाले दिनों में इसका सीधा और बहुत बुरा असर पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति तथा कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 2:10 pm

पठानकोट में 3 ड्रग तस्कर हेरोइन सहित अरेस्ट:'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत एक्शन; तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

पठानकोट पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पंजाब सरकार के युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत की गई है। थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस ने 26 जुलाई को यह सफलता हासिल की। जानकारी के अनुसार, थाना डिवीजन नंबर 2 के सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार अपनी टीम के साथ धीरा रोड इलाके में गश्त कर रहे थे। पुल के पास एक ऑटो रिक्शा गलत साइड में संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। पुलिस ने ऑटो की तलाशी ली, जिसमें बैठे तीन व्यक्तियों के पास से 5.40 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पहचान लखविंदर सिंह (पुत्र महिंदर सिंह, निवासी बजरी कंपनी, पठानकोट), गौरव सैनी (पुत्र सतनाम सिंह, निवासी बजरी कंपनी, पठानकोट) और राकेश कुमार (पुत्र महिंदर पाल, निवासी ढाका रोड, पठानकोट) के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर 2 में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हेरोइन कहां से लाई गई थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा ड्रग तस्करी गिरोह शामिल है।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 11:24 am

'अल्लाह-हू-अकबर' के नारे से दिया चकमा,18-हजार फीट पर फरहाया तिरंगा:जंग जीतकर लौटना सबसे बड़ी शादी; कारगिल युद्ध की कहानी सैनिकों की जुबानी

दुश्मन करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर पहाड़ों पर मजबूत स्थिति में बैठा था। भारतीय जवानों को नीचे से ऊपर की तरफ हमला करना था। जवानों के कंधों पर करीब 50-50 किलो का भारी सामान था। गोलियों का जखीरा भी सीमित था। 22 ग्रेनेडियर्स की मुस्लिम कंपनी ने ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाह-हू-अकबर’ और रेजिमेंट के नारे ‘सर्वदा शक्तिशाली’ के साथ अचानक हमला किया। इससे पाकिस्तानी सेना पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना। भारतीय सेना ने इसका फायदा उठाया। चार्ली कंपनी कमांडर मेजर अजीत सिंह (अब ब्रिगेडियर) के नेतृत्व में जवानों ने बैनेट फाइट और आर्टिलरी फायर के जरिए दुश्मन का मुकाबला किया। इसके बाद खालूबार रिज-5287 मीटर पर भारतीय सेना ने तिरंगा फहराया। यह कहना है 22 ग्रेनेडियर्स के वेटरन रिटायर्ड ऑनरेरी कैप्टन टीपू सुलतान खान का। कारगिल विजय दिवस के 27 साल पूरे होने पर झुंझुनूं के टीपू सुलतान और रिटायर्ड नायब सूबेदार जंगशेर खां ने अनुभव साझा किए। कारगिल युद्ध में झुंझुनूं के 19 जवान शहीद हुए थे। हजारों फीट की ऊंचाई पर जवानों ने बेहद मुश्किल हालात में लड़ाई लड़ी। कई जगह तापमान बहुत कम था, जिससे वहां रहना और लड़ना जवानों के लिए बेहद मुश्किल था। ससुराल मैसेज भेजा- सबसे बड़ी शादी युद्ध में सफल होकर लौटना रिटायर्ड नायब सूबेदार जंगशेर खां ने बताया- जब मुझे कारगिल जाने का आदेश मिला, उसी समय मेरे साले की शादी तय थी। ससुराल से लगातार संदेश आ रहे थे कि मैं शादी की रस्मों में शामिल होने के लिए घर आ जाऊं। लेकिन मेरे लिए उस समय देश की रक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी। मैंने ससुराल में संदेश भेजकर कहा था कि मेरे लिए सबसे बड़ी शादी यही है कि युद्ध में सफल होकर लौटूं। उन्होंने बताया- शायद वह खत आज भी मेरे ससुराल में मौजूद होगा। मैंने जवाब दिया था कि हमारे लिए सबसे बड़ी शादी यह है कि हम लड़ाई में सफल होकर आ जाएं, उसके बाद ही मैं आ सकता हूं। उससे पहले मैं नहीं आ सकता। घर पर पहुंच गई शहादत की अफवाह जंगशेर खां ने बताया कि जब मैं खालूबार की बर्फीली पहाड़ियों पर दुश्मन से लड़ रहा था, उस समय घर पर मेरी शहादत की झूठी खबर तक पहुंच गई थी। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई थी। मैंने और मेरे साथियों ने जान की परवाह किए बिना दुश्मन से मुकाबला जारी रखा। जवानों ने मुश्किल परिस्थितियों में भी मोर्चा नहीं छोड़ा और दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर किया। जब अपने ही जवानों के पास बोफोर्स से फायर करना पड़ा धनूरी गांव के वेटरन रिटायर्ड ऑनरेरी कैप्टन टीपू सुलतान खान ने बताया कि मेरी यूनिट हैदराबाद से राजस्थान और फिर स्पेशल ट्रेन से महज तीन दिन में जम्मू और कारगिल के मोर्चे पर पहुंची थी। बुधखरबू से जवान पैदल यलडोर पहुंचे। इसके बाद द्रास, कारगिल और बटालिक सेक्टर की दुर्गम पहाड़ियों पर चढ़ाई शुरू की गई। युद्ध के दौरान एक ऐसा समय भी आया, जब जवानों का गोला-बारूद कम होने लगा। दूसरी ओर दुश्मन लगातार काउंटर-अटैक कर रहा था। हालात इतने मुश्किल हो गए थे कि कंपनी कमांडर को SOS फायर का निर्देश देना पड़ा। इसका मतलब था कि बोफोर्स तोपों से अपने ही जवानों की स्थिति के आसपास फायर करना, ताकि दुश्मन को रोका जा सके। टीपू सुलतान खान ने उस पल को याद करते हुए बताया कि 25 से 30 सेकंड का वह समय ऐसा था, जब सांसें थम जाती थीं। उस समय मां-बाप, यार-दोस्त और बचपन की गलियां आंखों के सामने घूमने लगती थीं। उन्होंने बताया कि बोफोर्स की मार से करीब ढाई किलोमीटर के दायरे में दुश्मन को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद जवानों ने आमने-सामने की लड़ाई और बैनेट फाइट के जरिए दुश्मनों को पीछे खदेड़ दिया। सैनिक के पास होता है सिर्फ 25-30 सेकंड का समय कैप्टन टीपू सुलतान खान ने SOS फायर के बारे में कहा कि जब कोई सैनिक दुश्मन के बहुत करीब पहुंच जाता है और उसके पास लड़ने के लिए गोला-बारूद नहीं बचता तो वह दुश्मन के हाथों में नहीं पड़ना चाहता। ऐसी स्थिति में वह वायरलेस के जरिए कम से कम 45 किलोमीटर दूर मौजूद अपनी फोर्स से SOS फायर मांगता है। उन्होंने बताया कि SOS फायर की अलग-अलग तरह की प्रक्रिया होती है। दिन में धुआं छोड़कर और रात में रोशनी के जरिए सैनिक अपनी लोकेशन बताते हैं। इसके बाद उसी जगह पर तोपों से फायर किया जाता है। यह गोला इतना भयानक होता है कि आसपास करीब ढाई किलोमीटर के इलाके में कुछ भी बचना मुश्किल होता है। जिस सैनिक ने SOS फायर मांगा होता है, वह कोशिश करता है कि किसी चट्टान या ऐसी जगह छुप जाए, जहां गोले का सीधा असर न पहुंचे। SOS फायर मांगने के बाद सैनिक के पास सिर्फ 25 से 30 सेकंड का समय होता है। इसके बाद गोला गिरता है और आसपास का इलाका तबाह हो जाता है। कैप्टन टीपू सुलतान खान के अनुसार, उस समय सैनिक के मन में यही भाव रहता है कि ‘SOS मेरे जिस्म के बजाय मेरी आत्मा की रक्षा करना।’ देशभर से जवानों के लिए भेजी राखी-चिट्ठियां कारगिल युद्ध के दौरान देशभर के लोगों ने जवानों का हौसला बढ़ाया। बहनों ने जवानों के लिए राखियां भेजीं। लोगों ने चिट्ठियां और खाने का सामान भी भेजा। कैप्टन टीपू सुलतान खान ने बताया कि जब चोटी पर तिरंगा लहराता हुआ दिखाई दिया तो ऐसा लगा कि अब तक किया गया हर संघर्ष सफल हो गया। चाचा ने पत्र में लिखा- ‘घबराना मत बेटे, मुझे भी बुला लेना’ कैप्टन टीपू सुलतान खान ने बताया कि जब मैं सीमा पर जा रहा था, तब मेरे चाचा इकबाल ने मुझे एक पत्र भेजा था। पत्र में लिखा था- “अजीज टीपू सुलतान, प्यार भरा सलाम। तुम सीमा पर युद्ध में जा रहे हो, बड़ी खुशी हुई। घबराना मत बेटे, मुझे भी बुला लेना। ऐसा अवसर खुशनसीबों को ही मिलता है। वतन की हिफाजत में कोई कमी मत रखना।” उन्होंने बताया- चाचा ने पत्र में आगे लिखा था कि वे भी युद्ध में जाना चाहते हैं। उन्होंने मुझसे कहा था कि अपने कर्नल को बता देना कि तुम्हारा चाचा भी युद्ध में आना चाहता है और दोनों चाचा-भतीजा मिलकर दुश्मन से लड़ेंगे। पत्र के आखिर में उन्होंने उम्मीद जताई थी कि टीपू सुलतान की हर गोली अपने निशाने पर लगेगी। सैनिक बोले- युद्ध में जाति और भाषा नहीं, सिर्फ भारत था कारगिल युद्ध में हिस्सा लेने वाले इन सैनिकों का कहना है कि आज भी उन दिनों की याद आती है तो आंखें नम हो जाती हैं। उन्हें गर्व है कि देश की ऐतिहासिक जीत में उनका भी योगदान रहा। युद्ध ने उन्हें सिखाया कि मोर्चे पर न कोई जाति थी और न कोई भाषा। वहां सिर्फ भारत था और देश की रक्षा का संकल्प था।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 10:09 am

CM बोले-कारगिल युद्ध में शो की कमाई सेना को भेजी:चंडीगढ़ वॉर मेमोरियल में शहीदों को दी श्रद्धांजलि; कहा-पंजाब के 65 जवानों ने पाई शहादत

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कारगिल विजय दिवस पर चंडीगढ़ स्थित वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में सेना, प्रशासन और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सेना के नाम एक संदेश भी लिखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। मई से 26 जुलाई, 1999 तक चले कारगिल युद्ध में 527 से अधिक वीर जवान शहीद हुए थे, जिनमें 65 पंजाब के जवान शामिल थे। यह कार्यक्रम सैनिक वेलफेयर बोर्ड और विभिन्न संस्थाओं की ओर से आयोजित किया गया। शहीद एक परिवार के नहीं पूरे देश के होते हैं सीएम ने कहा , “जो कौम अपने शहीदों को याद रखती है, वह हमेशा आगे बढ़ती है। शहीद किसी एक परिवार के नहीं, बल्कि पूरे देश के होते हैं। मैं हर साल यहां आकर उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।” मुख्यमंत्री ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, जब कारगिल युद्ध हुआ था, तब मैं पटियाला में रहता था। बतौर कलाकार उस समय मैं शो किया था और उससे हुई कमाई सेना को भेजी थी। मैं शहीदों को हमेशा प्रणाम करता हूं। उनकी वजह से ही आज हम सुरक्षित हैं। चाहे माइनस तापमान हो या भीषण गर्मी, हमारे जवान सीमाओं पर डटे रहते हैं। उनकी बदौलत ही हम अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं। वहीं, उन्होंने किसी तरह का राजनीतिक सवाल नहीं लिया।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 9:56 am

हॉर्मूज संकट से चावल निर्यात पर ब्रेक:बंदरगाहों पर 1000 करोड़ का माल अटका,मिडिल ईस्ट में अस्थिरता से बासमती व्यापार प्रभावित

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के चावल निर्यात पर साफ दिखने लगा है। मिडिल ईस्ट, जो भारतीय बासमती चावल का बड़ा बाजार है, वहां जाने वाला व्यापार हॉर्मूज स्ट्रेट प्रभावित होने से ठप पड़ गया है। हालात यह हैं कि हजारों करोड़ रुपये का चावल या तो बंदरगाहों पर रुका हुआ है या समुद्र में रास्ते में फंसा है। निर्यातकों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है, वहीं आगामी धान सीजन को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं बोर्ड ऑफ ट्रेड के गैर-सरकारी सदस्य सतीश गोयल ने बताया कि हॉर्मूज स्ट्रेट के बंद होने से करीब एक लाख टन बासमती चावल बंदरगाहों पर पिछले 25 दिनों से रुका हुआ है। यह माल आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो यह माल खराब होने का खतरा भी पैदा हो जाएगा। इस मामले को लेकर हाल ही में केंद्र सरकार से बातचीत की गई है, जहां से निर्यात को सुचारु बनाने के लिए समाधान निकालने का आश्वासन मिला है। हरियाणा का 1000 करोड़ से ज्यादा का माल फंसासतीश गोयल के अनुसार, हरियाणा के निर्यातकों का करीब एक से डेढ़ लाख टन चावल बंदरगाहों पर अटका हुआ है, जिसकी कीमत 1000 करोड़ रुपये से अधिक है। कुछ माल कांडला पोर्ट पर पड़ा है, जबकि कुछ समुद्र में जहाजों के जरिए बीच रास्ते में रुका हुआ है। इस स्थिति को बने हुए लगभग 25 दिन हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसका सबसे बड़ा नुकसान व्यापारियों को हो रहा है, क्योंकि बैंक ब्याज लगातार बढ़ रहा है और परिवहन खर्च भी बढ़ गया है।बारिश के मौसम में बंदरगाहों पर पड़ा चावल खराब होने की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में निर्यातकों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें वित्तीय राहत या अनुदान दिया जाए, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके। सरकार ने आश्वासन दिया है कि व्यापारियों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और जल्द समाधान निकाला जाएगा। नया सीजन नजदीक, पेमेंट अटकी तो खरीद पर असरनिर्यातकों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि दो से तीन महीने बाद नया धान सीजन शुरू होने वाला है। अगर मौजूदा माल समय पर विदेश नहीं पहुंचा और उसकी पेमेंट नहीं आई, तो व्यापारी नया धान खरीदने में सक्षम नहीं होंगे। इससे किसानों पर भी सीधा असर पड़ सकता है। सतीश गोयल ने बताया कि इस समय जो चावल सेलरों में तैयार हो रहा है, उस पर भी प्रति माह करीब 1 प्रतिशत की दर से ब्याज लग रहा है। यदि निर्यात में देरी होती है, तो यह लागत और बढ़ेगी, जिससे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है। मिडिल ईस्ट बाजार पर सबसे ज्यादा असरभारत का बड़ा हिस्सा चावल निर्यात मिडिल ईस्ट देशों में जाता है। ईरान, इराक और सऊदी अरब जैसे देशों में हर साल करीब 30 लाख टन चावल भेजा जाता है, जिसमें प्रत्येक देश को लगभग 10-10 लाख टन निर्यात होता है। मौजूदा तनाव के चलते पूरा क्षेत्र अस्थिर हो गया है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। निर्यातकों को फ्रेट और इंश्योरेंस की बढ़ती लागत का भी सामना करना पड़ रहा है। जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से शिपिंग चार्ज बढ़ गए हैं, वहीं जोखिम बढ़ने के कारण बीमा प्रीमियम भी महंगा हो गया है। सरकार के सामने रखी गई मांगेंनिर्यातकों ने केंद्र सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें ट्रांसपोर्टेशन की समस्याओं का समाधान, बढ़े हुए रेट और ब्याज पर राहत, बंदरगाहों पर लगने वाले डेमरेज चार्ज को माफ करना और रास्ते में फंसे माल पर ‘वार कवर’ (बीमा सुरक्षा) देना शामिल है। सतीश गोयल ने बताया कि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है और अगले सप्ताह फिर बैठक कर स्थिति की समीक्षा की जाएगी। रिकॉर्ड निर्यात के बाद इस साल बढ़ाने का लक्ष्य1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक भारत ने 65 लाख टन चावल का निर्यात किया था, जो एक रिकॉर्ड रहा। इस बार निर्यातकों का लक्ष्य 70 लाख टन तक पहुंचने का है, लेकिन मौजूदा हालात इस लक्ष्य के सामने बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। सतीश गोयल ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य हो जाते हैं और हॉर्मूज का रास्ता खुल जाता है, तो निर्यात में फिर तेजी आ सकती है। लेकिन यदि तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो न केवल निर्यात प्रभावित होगा बल्कि विदेशी मुद्रा आय पर भी असर पड़ेगा। आगे की राह पर टिकी नजरेंफिलहाल चावल निर्यातक सरकार के फैसलों और अंतरराष्ट्रीय हालात में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर व्यापारियों के साथ-साथ किसानों तक पहुंच सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ सप्ताह चावल उद्योग के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 5:30 am

कारगिल युद्ध से 'ऑपरेशन सिंदूर' तक, भारत की आतंकवाद के खिलाफ रणनीति अधिक सक्रिय, सटीक और निर्णायक

27 साल बाद भी कारगिल विजय की गूंज पूरे देश में सुनाई देती है। यह विजय साहस, बलिदान और अटूट राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। फिर से हासिल की गई प्रत्येक चोटी इस बात की याद दिलाती है कि भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। इसकी रक्षा हर परिस्थिति में की जाएगी।

देशबन्धु 25 Jul 2026 10:35 pm

बागपत में कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज:शिवभक्तों के लिए मार्गों का युद्धस्तर पर हो रहा सुदृढ़ीकरण

श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के मद्देनजर बागपत जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के नेतृत्व में सभी विभाग शिवभक्तों की सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन तैयारियों की समय-समय पर समीक्षा कर रहे हैं। जनपद बागपत से गुजरने वाले प्रमुख कांवड़ मार्गों पर व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इनमें भडल, बरनावा, डेरा सच्चा सौदा, शेखपुरा, गल्हैता, चिरचिटा, मविकला, मविखुर्द और परशुरामेश्वर पुरा महादेव मार्ग शामिल हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा के दौरान किसी भी शिवभक्त को असुविधा का सामना न करना पड़े। शेखपुरा से गल्हैता के बीच वर्षा से क्षतिग्रस्त हुए कांवड़ मार्ग की जिला पंचायत ने तत्काल मरम्मत शुरू कर दी है। कटान वाले स्थानों पर ह्यूम पाइप डाले गए हैं, सैंड बैग लगाकर मार्ग को सुरक्षित बनाया गया है और सड़क को समतल किया जा रहा है ताकि कंकड़-पत्थरों से श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर मरम्मत कार्य लगातार जारी है। साफ-सफाई के साथ पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग की सुविधा और प्रमुख स्थानों पर हाई मास्ट लाइटें लगाई जा रही हैं। वहीं, वन विभाग द्वारा सूखे और जर्जर पेड़ों को हटाने तथा गूलर के पेड़ों की छंटाई का कार्य भी कराया जा रहा है, जिससे यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 8:42 pm

शुरू हो गया है महायुद्ध? ईरान पर टूट पड़े बहरीन और कुवैत; पहली बार किया सीधा हमला

मध्य पूर्व यानी पश्चिम एशिया का सुलगता संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक और नए मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां तनाव की आंच ने खाड़ी के देशों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। वैश्विक राजनीति और रक्षा गलियारों से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, पहली बार बहरीन और कुवैत खुलकर सीधे युद्ध के मैदान में उतर आए हैं और उन्होंने ईरान के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों खाड़ी देशों ने सऊदी अरब की रणनीतिक मदद से ईरान के भीतर मौजूद मिसाइल स्टोरेज और प्रमुख सैन्य ठिकानों को करारा जवाब देना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक कूटनीति में खलबली मच गई है।सऊदी अरब की खुफिया और डिफेंस मदद से ईरान पर पलटवारअब तक खाड़ी के देश अपने ऊपर आने वाले खतरों से निपटने के लिए केवल रक्षात्मक रुख अपनाते थे और ईरान समर्थित ड्रोन्स या मिसाइलों को हवा में ही नाकाम करने तक सीमित रहते थे। क्षेत्रीय तनाव और युद्ध के बड़े दायरे में फैलने के डर से इन देशों ने कभी सीधे तौर पर आक्रामक रुख नहीं अपनाया था, लेकिन ईरान की तरफ से लगातार बढ़ रहे हमलों और उकसावे ने इन देशों को अपनी नीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। ताजा सैन्य अभियानों में सऊदी अरब इन्हें खुफिया जानकारी यानी इंटेलिजेंस और डिफेंसिव एयर कवर उपलब्ध करा रहा है, जिससे बहरीन और कुवैत की ताकत में और इजाफा हुआ है। हालांकि इस मोर्चे पर अभी ओमान और कतर जैसे अन्य देशों ने सीधी सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं की है, लेकिन जिस तरह से खाड़ी देशों का रुख बदला है, उससे आने वाले दिनों में समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है ईरानईरान लगातार उन देशों को अपना निशाना बना रहा है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने और आधुनिक सैन्य उपकरण मौजूद हैं, जिसमें मुख्य रूप से बहरीन, कुवैत और जॉर्डन शामिल हैं। हालिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि यूएई के कई शहरों में भी तबाही मचाने की कोशिशें की गई हैं और इन देशों में आए दिन सायरन बजने की आवाज़ें सुनाई देती हैं। कुवैत के भीतर कैंप उडैरी, कैंप दोहा, कैंप आरिफजान और अली अल सलेम एयरबेस जैसे महत्वपूर्ण अमेरिकी ठिकानों को ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बहरीन के गृह विभाग को नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार अलर्ट जारी करना पड़ रहा है और सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सख्त हिदायत दी जा रही है।होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जे की जंग और गहराता वैश्विक ऊर्जा संकटयह पूरा घटनाक्रम अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ लगातार 13वीं रात भी हवाई हमले जारी रखने के कुछ ही घंटों बाद सामने आया है, जिससे दोनों पक्षों के बीच टकराव चरम पर पहुंच चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही यह तानशाही दुनियाभर के लिए एक बड़े आर्थिक संकट की घंटी बन गई है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए दुनिया की सबसे अहम धमनियों में से एक है और ताजा सैन्य भिड़ंत का मुख्य केंद्र भी यही इलाका है। यदि यह सामरिक जलमार्ग पूरी तरह बंद होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में भयंकर उछाल आ सकता है, जिससे पूरी दुनिया में भारी आर्थिक मंदी और उथल-पुथल मचने का खतरा मंडराने लगा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:14 pm

अमृतसर में थाने के बाहर नशे में झूमता युवक:पंजाब में 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान पर उठे सवाल- थाने के पास ही नशेडि़यों का जमवाड़ा

अमृतसर में पंजाब पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान पर सवाल खड़े हो गए हैं। थाना सी-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले गिलवाली गेट इलाके में एक युवक भारी नशे की हालत में सरेआम झूमता हुआ दिखाई दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह घटना पुलिस थाने के बिल्कुल पास घटी, जहां आसपास के क्षेत्र में कई अन्य युवक भी खुलेआम नशा करते हुए देखे गए। थाने की नाक के नीचे जमावड़ा, दावों की खुली पोल पुलिस थाने के इतने पास नशेड़ियों का इस तरह जमावड़ा लगना, आम इलाकों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है। पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यद्यपि सरकार और पुलिस नशा तस्करों व उनके नेटवर्क पर लगातार सख्त कार्रवाई करने के दावे करती रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सामने आ रही ऐसी घटनाएं इन दावों की हकीकत को उजागर करती हैं। स्थानीय निवासियों में खौफ, सख्त और निरंतर कार्रवाई की मांग इस घटना से स्थानीय निवासियों में भारी चिंता और रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि नशे पर तुरंत और प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया गया, तो पंजाब की युवा पीढ़ी का भविष्य गंभीर खतरे में पड़ जाएगा। निवासियों का मानना है कि इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए केवल कागजी अभियानों से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर सख्त और निरंतर कार्रवाई की अत्यंत आवश्यकता है। जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने की जरूरत यह पूरी घटना दर्शाती है कि पंजाब में नशे की समस्या पर काबू पाने के लिए और अधिक व्यावहारिक व ठोस कदम उठाने की जरूरत है। प्रदेश की युवा पीढ़ी को इसके भयानक परिणामों से बचाने और नशे के इस जाल को तोड़ने के लिए प्रशासन को और अधिक मुस्तैदी दिखानी होगी।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 3:22 pm

सऊदी अरब ने छेड़ी एक और नई जंग: हूतियों की खुली धमकी- 'दिखाएंगे जहन्नुम', लाल सागर में मचा भयंकर हाहाकार

मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के सबसे अशांत समुद्री रास्ते लाल सागर (Red Sea) से इस वक्त की सबसे बड़ी और दिल दहला देने वाली भू-राजनीतिक खबर आ रही है। सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) के बीच एक बार फिर सीधी और खतरनाक जंग छिड़ गई है। सऊदी अरब द्वारा हूतियों के खिलाफ शुरू की गई इस नई सैन्य कार्रवाई के बाद हूती कमांडरों ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए सऊदी शासन को खुली धमकी दी है। हूतियों ने सीधे लफ्जों में कहा है कि वे सऊदी अरब को 'जहन्नुम की आग' दिखाएंगे, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल गहरे हो गए हैं।लाल सागर बना बारूद का ढेर, जहाजों की आवाजाही ठपसऊदी अरब की वायुसेना और नौसेना ने हूतियों के रणनीतिक ठिकानों और मिसाइल लॉन्च पैड्स पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। इस जवाबी और आक्रामक कार्रवाई से बौखलाए हूती विद्रोहियों ने लाल सागर से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और सऊदी के तेल टैंकरों को निशाना बनाने की कसम खाई है। लाल सागर, जो वैश्विक व्यापार का एक लाइफलाइन रूट माना जाता है, इस समय पूरी तरह से बारूद के ढेर में तब्दील हो चुका है। कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने इस रूट से अपने जहाजों को हटाना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह चरमराने की कगार पर पहुंच गई है।हूतियों की 'जहन्नुम' वाली धमकी से दुनिया भर के देश अलर्टहूती विद्रोहियों के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सऊदी अरब को चेतावनी दी है कि उनके पास ऐसे घातक ड्रोन और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं जो रियाद और जेद्दा जैसे बड़े सऊदी शहरों के आर्थिक ठिकानों को पल भर में तबाह कर सकती हैं। हूतियों ने कहा कि सऊदी ने इस जंग को छेड़कर अपने लिए तबाही का रास्ता चुन लिया है। इस गंभीर धमकी के बाद अमेरिकी और ब्रिटिश नौसेना बल भी लाल सागर में अत्यधिक सक्रिय हो गए हैं, जिससे यह टकराव अब केवल दो देशों के बीच न रहकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप लेता जा रहा है।भारत सहित वैश्विक तेल बाजारों पर टूटेगा बड़ा संकटलाल सागर में बढ़े इस भीषण बवाल का सीधा और बड़ा असर भारत के स्थानीय बाजारों और घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ना तय है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते के जरिए आयात और निर्यात करता है। मुंबई और गुजरात के बंदरगाहों पर आने वाले माल ढुलाई (Freight Rates) के दामों में भारी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। अगर यह जंग लंबी खिंचती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने और महंगाई का एक नया दौर शुरू होने का सीधा खतरा मंडराने लगा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 1:32 pm

व्हाइट हाउस ने सऊदी अरब परमाणु डील को इजरायल समझौते से जोड़ा, दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य होने की उम्मीद जताई

व्हाइट हाउस ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को फिर से कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उम्मीद है कि सऊदी अरब, इजरायल के साथ संबंध सामान्य करेगा। इसके साथ ही व्हाइट हाउस ने उम्मीद जताई कि सऊदी अरब प्रस्तावित नागरिक परमाणु समझौता को लेकर बड़ी समझ के हिस्से के तौर पर अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी सरकार इस मुद्दे को अपनी मध्य-पूर्व रणनीति का केंद्र मानता है।

देशबन्धु 25 Jul 2026 11:43 am

Middle East War Escalation: बहरीन और कुवैत का ईरान पर पहला सीक्रेट एयरस्ट्राइक! यूएस बेस हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में महाजंग का खतरा

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब एक भीषण और बहुआयामी युद्ध का रूप ले चुका है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक हालिया एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, बहरीन और कुवैत की वायुसेना ने पहली बार संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए ईरान के अंदर मौजूद सैन्य ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज डिपो पर गुप्त हवाई हमले (Secret Airstrikes) किए हैं।इस सीक्रेट ऑपरेशन में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने खुफिया जानकारी साझा करने के साथ-साथ बहरीन और कुवैत के लड़ाकू विमानों को एयर कवर प्रदान किया। हालांकि बहरीन और कुवैत के पास सीमित वायुसेना है, लेकिन अपने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हो रहे ईरानी हमलों के जवाब में उन्हें यह बड़ा कदम उठाना पड़ा है।अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का भीषण पलटवारबहरीन और कुवैत के इस कदम के बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अपने हमले और तेज कर दिए हैं। ईरान ने कुवैत में मौजूद कैंप उदैरी (Camp Buehring), कैंप आरिफजान और अली अल सालेम एयर बेस के साथ-साथ बहरीन में ईसा एयर बेस और अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (US Fifth Fleet) के ठिकानों पर कमिकेज़ (Kamikaze) ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए हैं।ईरान की ओर से आम नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि वे अमेरिकी सैन्य परिसरों से कम से कम 500 मीटर की दूरी बनाए रखें, क्योंकि अमेरिकी मौजूदगी वाले सभी बेस उसके निशाने पर रहेंगे।समुद्र में नाकेबंदी और हॉर्मुज स्ट्रैट पूरी तरह ठपफारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना ने ईरान की समुद्री नाकेबंदी को कड़ा कर दिया है। अमेरिका ने नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग कर उन्हें बेकार कर दिया है।हॉर्मुज स्ट्रैट बंद: लगातार हो रही गोलाबारी और ड्रोन हमलों के कारण दुनिया का सबसे प्रमुख तेल मार्ग 'हॉर्मुज स्ट्रैट' (Strait of Hormuz) पूरी तरह ठप हो चुका है।समुद्र में मानवीय संकट: समुद्र में लगभग 400 व्यापारिक जहाज और 6,000 से अधिक नाविक बीच रास्ते में फंसे हुए हैं, जिनके पास भोजन, पानी और आवश्यक ईंधन का गहरा संकट पैदा हो गया है।कच्चे तेल में उबाल: हॉर्मुज स्ट्रैट और लाल सागर में जहाजों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गई हैं।यमन में हुथी ठिकानों पर सऊदी का हमलालाल सागर के मुहाने (बाब अल-मंदेब) पर ईरान समर्थित हुथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमले बढ़ा दिए थे। इसके जवाब में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के होदेइदा इलाके में हुथी विद्रोहियों के सैन्य अड्डों पर भारी बमबारी की है।फिलहाल ओमान, पाकिस्तान और चीन की ओर से शांति वार्ता कराने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अमेरिका और ईरान दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर पड़ रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 8:13 am

ट्रंप ने अमेरिका और सऊदी अरब के बीच न्यूक्लियर डील के साथ जोड़ी है ये खास शर्त भी

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ नागरिक परमाणु समझौते का एलान किया है. लेकिन ट्रंप ने शर्त रखी है कि रियाद को अब्राहम समझौता मानना होगा

देशबन्धु 25 Jul 2026 1:50 am

मुख्यमंत्री आगमन पर 3 दिन बंद रहेगी मंडी:पार्किंग बनाने को युद्धस्तर पर सफाई

मैनपुरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के मद्देनजर नवीन गल्ला मंडी को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। यह बंदी शुक्रवार से प्रभावी हो गई है और सोमवार को मंडी फिर से खुलेगी। मुख्यमंत्री 26 जुलाई को मैनपुरी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री नेहरू स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करने के लिए आ रहे हैं। उनके आगमन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। मंडी सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए नवीन गल्ला मंडी को पार्किंग स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इसी कारण मंडी की सभी दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। इस तीन दिवसीय बंदी के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान होने की आशंका है। इस दौरान मंडी में किसी भी प्रकार का व्यापार नहीं हो सकेगा। नगर पंचायत और नगर पालिका परिषद की सभी कर्मचारियों को मंडी समिति के अंदर सफाई व्यवस्था में लगाया गया है बारिश रुक रुक कर हो रही है और पानी भी भर गया है इसको लेकर टैंकरों से पानी की सफाई की जा रही है इससे अधिकारियों की यह बाहर से आने वाली सभी गाड़ियों की पार्किंग सही तरीके से कराई जाए और किसी को आने-जाने में कोई परेशानी ना हो इस इन बातों का भी ध्यान रखा गया है

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:42 pm

वैश्विक व्यापार युद्ध भड़का! ट्रंप ने इजरायल-EU समेत 60 देशों पर लगाया नया टैरिफ, भारत भी लपेटे में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े फैसले ने पूरी दुनिया के व्यापारिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। ट्रंप प्रशासन ने भारत, यूरोपीय संघ (EU), इजरायल और न्यूजीलैंड समेत दुनिया के 60 प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों से आने वाले सामानों पर 10% से लेकर 12.5% तक का भारी-भरकम नया टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। शुक्रवार से लागू हुए इस ऐतिहासिक और सख्त फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में हाहाकार मच गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप ने अपने सबसे करीबी रणनीतिक मित्र इजरायल को भी इस आर्थिक कार्रवाई से बाहर नहीं रखा है, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर एक नया ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका गहरा गई है।जबरन मजदूरी (Forced Labor) का गंभीर आरोप और ट्रेड एक्ट की धारा 301वाशिंगटन से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अमेरिका ने इन 60 देशों पर आरोप लगाया है कि वे अपने यहां जबरन मजदूरी (Forced Labor) से बनने वाले सामानों के आयात और व्यापार पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 (Section 301) के तहत यह सख्त कार्रवाई की है, जो अमेरिकी वाणिज्य को प्रभावित करने वाली अनुचित व्यापार नीतियों के खिलाफ राष्ट्रपति को ऐसे कड़े कदम उठाने का विशेषाधिकार देती है। यह नई दरें उस अस्थायी वैश्विक टैरिफ की जगह लेंगी जो हाल ही में समाप्त हुआ है।इजरायल से लेकर न्यूजीलैंड तक मचा बवाल, किस देश पर कितना लगा टैक्सअमेरिकी प्रशासन ने इन 60 देशों को उनकी मौजूदा नीतियों के आधार पर दो अलग-अलग स्लैब में बांटा है।10% का टैरिफ स्लैब: इस श्रेणी में भारत, यूरोपीय संघ (EU), ब्रिटेन, कनाडा, मैक्सिको और पाकिस्तान समेत 17 देशों को रखा गया है। इन देशों को थोड़ी राहत इसलिए मिली क्योंकि इन्होंने जबरन मजदूरी रोकने के लिए कुछ आंशिक कानून या प्रतिबद्धताएं दिखाई हैं।12.5% का टैरिफ स्लैब: चीन, इजरायल, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे बाकी 43 से अधिक देशों पर 12.5% का सीधा अतिरिक्त आयात शुल्क थोप दिया गया है।इस फैसले से अमेरिकी बाजारों में आने वाले कुल आयात का करीब 99.4% हिस्सा सीधे प्रभावित होने जा रहा है, जिसने वैश्विक सप्लाई चेन की कमर तोड़ दी है।भारतीय निर्यातकों को तगड़ा झटका, कच्चे तेल और गैस को मिली राहतइस फैसले से भारत के कपड़ा, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग सामान और कृषि आधारित निर्यात क्षेत्रों को सीधी चोट पहुंचने की आशंका है, क्योंकि अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए सबसे बड़े बाजारों में से एक है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने रणनीतिक चतुराई दिखाते हुए कुछ चुनिंदा जरूरी सामानों जैसे कच्चा तेल (Crude Oil), प्राकृतिक गैस (Natural Gas), चुनिंदा उर्वरक (Fertilizers) और आवश्यक कृषि उत्पादों को इस टैरिफ के दायरे से बाहर (Exempted) रखा है ताकि अमेरिकी घरेलू बाजार में महंगाई बेलगाम न हो जाए।वैश्विक प्रतिक्रिया: सहयोगियों ने अमेरिकी कदम को किया खारिजयूरोपीय संघ (EU) और न्यूजीलैंड समेत कई प्रमुख अमेरिकी सहयोगियों ने वाशिंगटन के इस फैसले पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। व्यापार विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि जबरन मजदूरी की समस्या वैश्विक है और अमेरिका खुद भी इससे पूरी तरह अछूता नहीं है, ऐसे में केवल व्यापारिक वॉल्यूम के आधार पर मित्र देशों को निशाना बनाना अनुचित और जवाबी आर्थिक कार्रवाइयों को न्यौता देने जैसा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 2:43 pm

अशोकनगर शहर में 8 मिनट तक ब्लैकआउट:बालाजी मंदिर के सामने युद्ध जैसी स्थिति का किया गया अभ्यास, पुलिस-प्रशासन और बचाव दलों ने दिखाई तत्परता

अशोकनगर शहर में शुक्रवार रात तार वाले बालाजी मंदिर के सामने अचानक भारी पुलिस बल की तैनाती, तेज सायरन और पूरे इलाके में ब्लैकआउट होने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। व्यस्त मार्ग पर अचानक हुई इस गतिविधि से राहगीर और स्थानीय लोग हैरान रह गए। इस दौरान आगजनी और विस्फोट जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की एंट्री से बढ़ी हलचल कुछ ही देर बाद एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के सायरन गूंजने लगे। होमगार्ड के जवानों ने स्ट्रेचर पर 'घायलों' की भूमिका निभा रहे लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। करीब 8 से 10 मिनट तक चले इस घटनाक्रम के बाद ब्लैकआउट समाप्त हुआ। बाद में सामने आई सच्चाई घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह किसी वास्तविक हादसे की नहीं, बल्कि आपदा और युद्ध जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल थी। विभिन्न विभागों ने लिया हिस्सा प्रशासन के अनुसार, मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की क्षमता परखना और नागरिकों को आपात स्थिति में बचाव एवं राहत प्रक्रिया की जानकारी देना था। अभ्यास में अपर कलेक्टर डीएन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेस, होमगार्ड, राजस्व विभाग, नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग के कर्मचारी और एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। सफल रही मॉक ड्रिल प्रशासन ने बताया कि मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। अभ्यास पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और इसे आपदा प्रबंधन की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम बताया।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 9:34 am

ईरान से युद्ध पर अमेरिका 37.5 अरब डॉलर फूंक चुका, 67 अरब डॉलर और चाहिए

US Iran war cost: अमेरिका को ईरान के साथ युद्ध बहुत मंहगा पड़ रहा है। लगभग 37 अरब 50 करोड़ डॉलर अब तक ख़र्च हो चुका है और युद्ध का अंत कहीं दिख नहीं रहा। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इन्हीं दिनों अमेरिकी संसद के उच्च सदन, यानी सीनेट की एक कमेटी के ...

वेब दुनिया 24 Jul 2026 9:17 am

ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ किया बड़ा असैन्य परमाणु समझौता, लेकिन सामने रख दी ऐसी शर्त

अंतरराष्ट्रीय राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब के साथ एक अहम असैन्य परमाणु समझौते (Civilian Nuclear Agreement) को मंजूरी दे दी है, लेकिन इसके साथ ही रियाद के सामने एक बहुत बड़ी और स्पष्ट शर्त भी रख दी है। ट्रम्प ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि इस समझौते के आगे बढ़ने की पूरी शर्त यह है कि सऊदी अरब को ऐतिहासिक 'अब्राहम संधि' (Abraham Accords) के तहत इजरायल के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को पूरी तरह सामान्य करना होगा। वाशिंगटन से लेकर खाड़ी देशों तक इस बड़े कूटनीतिक कदम के बाद भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं।क्या है डोनाल्ड ट्रम्प की बड़ी शर्त और परमाणु समझौते के मायने?अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए इस डील की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस असैन्य परमाणु समझौते के तहत सऊदी अरब को किसी भी प्रकार के यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका शांतिपूर्ण और गैर-संवर्धित परमाणु संयंत्रों के खिलाफ नहीं है, लेकिन इस पूरे समझौते के मुहर लगने की एकमात्र शर्त यही है कि सऊदी अरब को अब्राहम समझौते में शामिल होकर इजरायल के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाना होगा। हालांकि, दूसरी तरफ सऊदी अरब का यह रुख रहा है कि इजरायल के साथ संबंध तभी सामान्य हो सकते हैं जब स्वतंत्र फलस्तीन राष्ट्र की स्थापना के लिए एक स्पष्ट और पक्का रास्ता तैयार किया जाए।परमाणु अप्रसार विशेषज्ञों और इजरायल की बढ़ी चिंताएंइस समझौते के सामने आते ही वैश्विक स्तर पर बहस छिड़ गई है। परमाणु अप्रसार (Non-Proliferation) के कई बड़े विशेषज्ञों ने इस डील पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका तर्क है कि इस समझौते में ऐसे कड़े सुरक्षा उपायों और प्रावधानों की कमी है जो भविष्य में परमाणु सामग्री को हथियार बनाने लायक स्तर तक संवर्धित होने से रोक सकें। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस डील के बाद से पश्चिम एशिया यानी मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से हथियारों की भीषण होड़ शुरू होने का गंभीर अंदेशा जताया जा रहा है। आलोचकों का यहां तक कहना है कि इस तरह के समझौतों से इजरायल के दीर्घकालिक सुरक्षा हितों को बड़ा झटका लग सकता है।नेतन्याहू की चुप्पी और अमेरिकी संसद की मुहर का इंतजारहैरानी की बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल समझौते के ऐलान के बाद से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, उनके रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री की तरफ से फिलहाल कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म है। जानकारों के अनुसार, वाशिंगटन और रियाद के बीच घोषित इस बहुचर्चित समझौते को अभी अमेरिकी संसद (US Congress) से औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है, जिसके बाद ही इसकी असली तस्वीर साफ हो सकेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 7:46 am

मिडिल ईस्ट में भयंकर महासंकट: ईरान पर लगातार 13वें दिन अमेरिकी सेना का भीषण हमला, क्रूड ऑयल 100 डॉलर के पार

दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्र मिडिल ईस्ट से इस वक्त की बेहद डरावनी और बड़ी खबर सामने आ रही है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग रूट्स और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा तनाव अब एक बड़े महायुद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए लगातार 13वीं रात भी भीषण हवाई हमले जारी रखे हैं। इस भयंकर सैन्य संघर्ष और सप्लाई चेन ठप होने के खतरे के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छूने लगी हैं और क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया है।क्यों हो रहे हैं ईरान पर ताबड़तोड़ अमेरिकी हमले?अमेरिकी सेंट्रल कमांड और सैन्य अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम को अमेरिकी वायुसेना ने एक बार फिर ईरान के अंदरूनी सैन्य बुनियादी ढांचे और रणनीतिक ठिकानों को अपना निशाना बनाया। अमेरिकी सेना का साफ कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में कमर्शियल जहाजों को लगातार दी जा रही धमकियों और हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी चेतावनियों के बीच यह लगातार 13वां दिन है जब अमेरिकी सेना ने तेहरान के खिलाफ इस तरह के घातक प्रहार किए हैं।हॉर्मुज जलडमरूमध्य में थम गया जहाजों का आवागमनयह पूरा विवाद दुनिया के सबसे अहम चोकपॉइंट यानी हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नियंत्रण और वहां से गुजरने वाले शिपिंग रूट्स को लेकर खड़ा हुआ है। वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल तेल निर्यात का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान पर लगातार यह आरोप लग रहे हैं कि उसके रिवोल्यूशनरी गार्ड्स इस क्षेत्र में लगातार अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं और आवाजाही में बाधा डाल रहे हैं। अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से ईरान को जिम्मेदार ठहराने के बाद से इस समुद्री मार्ग पर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।क्रूड ऑयल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, 100 डॉलर के पार पहुंचा तेलमिडिल ईस्ट के इस महासंकट का सीधा असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। हॉर्मुज के साथ-साथ बाब अल-मंदेब (Bab el-Mandeb) जलडमरूमध्य से भी जहाजों के आवागमन के गंभीर रूप से बाधित होने के बाद वैश्विक बाजार में खलबली मच गई है। कच्चे तेल की कीमतें अचानक सात प्रतिशत तक उछल गई हैं और ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। इससे पहले आखिरी बार मई के महीने में तेल इस उच्च स्तर पर पहुंचा था। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 90 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर चुका है। आर्थिक विशेषज्ञों और जानकारों का अनुमान है कि अगर यह टकराव जल्द नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक भी जा सकती हैं, जिससे दुनियाभर में महंगाई का एक बड़ा दौर आ सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 7:44 am

एकतरफा प्यार में बिजली टावर पर चढ़ा मनचला युवक

चंदनकियारी | चंदनकियारी के चंडीपुर निवासी नाना साधु मोदी के घर आए 18 वर्षीय युवक पेटरवार निवासी सूरज मोदी ने एक नाबालिग से शादी की मांग को लेकर एक लाख 33 हजार केवीए के बिजली टावर पर चढ़ गया। वह घर से स्नान करने की बात कहकर निकला था। बाद में इसकी जानकारी होने पर देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बरमसिया पुलिस को दी। बरमसिया ओपी प्रभारी शैलेंद्र पासवान दल बल के साथ पहुंचे व युवक को उतारने का प्रयास किया। उनके अलावा युवक के नानी ने भी बार-बार उसे नीचे उतरने के लिए विनती किया। शाम पांच बजे के बाद चंदनकियारी थाना प्रभारी अमित कुमार राय एवं सीओ रवि कुमार आनंद भी घटनास्थल पर पहुंचे। सभी ने उसकी मांगें पूरी करने की बात कही। लेकिन नहीं उतरा। शाम करीब साढ़े छह बजे के बाद अंधेरा होता देख युवक खुद नीचे उतरा। नीचे आते ही सभी ने चैन की सांस ली। पुलिस ने युवक का मेडिकल कराया और परिजनों को सौंप दिया।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:30 am

सऊदी अरब के समर्थन में उतरा पाकिस्तान, हूतियों को दी सीधी चेतावनी; क्या ईरान से टकराने की तैयारी में है शहबाज-मुनीर की जोड़ी

मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक समीकरणों में एक बड़ा मोड़ आता दिख रहा है, जहां पाकिस्तान ने सऊदी अरब के पक्ष में खड़े होते हुए यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों को खुली चेतावनी दे दी है। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय (FO) ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी कर लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों और सऊदी अरब के खिलाफ हूतियों द्वारा दी गई नाकाबंदी की धमकियों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस कड़े रुख के बाद कूटनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि क्या अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मध्यस्थता की बात करने वाला पाकिस्तान अब सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते के चलते सीधे ईरान समर्थित ताकतों से दो-दो हाथ करने की तैयारी कर रहा है।हूतियों की नाकाबंदी की धमकी पर पाकिस्तान का सख्त रुख और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवालापाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के बंदरगाहों की आपूर्ति और लाल सागर में नौवहन को बाधित करने की कोई भी कोशिश अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। इस्लामाबाद ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों या देश के समुद्री हितों को नुकसान पहुंचाने वाली हर कार्रवाई को उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा खतरा माना जाएगा। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहते हुए अपनी संपत्तियों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आत्मरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखा है। जानकारों का मानना है कि सितंबर 2025 में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए पारस्परिक रक्षा समझौते, जिसमें एक पर हमला दोनों पर हमला माना जाता है, के तहत यह तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।ईरान से टकराव के आसार और लाल सागर में बढ़ता समुद्री संकटएक तरफ जहां पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का दावा करता रहा है, वहीं सऊदी अरब के साथ उसकी गहरी सामरिक साझेदारी अब उसे एक बड़ी दुविधा में डाल रही है। यमन के हूती विद्रोहियों को ईरान का खुला समर्थन प्राप्त है, ऐसे में यदि पाकिस्तान हूतियों के खिलाफ किसी भी सैन्य या प्रत्यक्ष कार्रवाई में शामिल होता है, तो इसे सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ कदम माना जा सकता है। इस स्थिति में ईरान और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक या सामरिक मोर्चे पर टकराव के आसार बढ़ सकते हैं। दूसरी ओर, हूतियों की धमकियों के चलते लाल सागर में तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके कारण सऊदी क्रूड तेल ले जाने वाले जहाजों को अपना मार्ग बदलना पड़ा है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पर सख्त नाराजगी जताई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 6:24 pm

गुरप्रीत के लिए चढूनी ने मांगा 5 करोड़ का मुआवजा:रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच मिसाइल हमले में गई जान, यमुनानगर में परिजनों से नहीं मिला प्रशासन

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास क्रूज मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले यमुनानगर के गांव पंजेटो निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक गुरप्रीत सिंह बाठ की मौत के बाद अब उन्हें शहीद का दर्जा देने और उनके परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग उठने लगी है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने इस मामले में वीडियो जारी कर केंद्र और हरियाणा सरकार से गुरप्रीत के परिवार को 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की मांग की है। सरकार को दिखानी चाहिए संवेदनशीलता चढूनी ने कहा कि यूक्रेन में हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत बेहद दुखद है, जिनमें यमुनानगर का गुरप्रीत सिंह भी शामिल था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद अब तक स्थानीय प्रशासन और सरकार की ओर से पीड़ित परिवार की कोई सुध नहीं ली गई है। उन्होंने कहा कि गुरप्रीत अपने परिवार का इकलौता बेटा और दिव्यांग पिता का सहारा था, इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत आर्थिक सहायता और रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि मिसाइल हमले में मारे गए सभी भारतीय नागरिकों के शव जल्द से जल्द भारत लाए जाएं। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में काफी देरी हो रही है, जिससे पीड़ित परिवारों की पीड़ा और बढ़ रही है। चढूनी ने मांग की कि सभी मृतकों के परिवारों को कम से कम पांच-पांच करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। डीएनए जांच के बाद होगी शव की पहचान गुरप्रीत सिंह का शव अभी तक भारत नहीं पहुंच सका है। मिसाइल विस्फोट इतना भीषण था कि कई शव बुरी तरह झुलस गए, जिसके चलते सामान्य तरीके से पहचान संभव नहीं हो सकी। शिपिंग कंपनी ने मृतकों के परिजनों से डीएनए सैंपल मांगे हैं। गुरप्रीत के पिता किर्तन सिंह अपना डीएनए सैंपल दे चुके हैं। रिपोर्ट का मिलान होने के बाद ही शव की औपचारिक पहचान पूरी होगी और फिर पार्थिव शरीर भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। परिवार ने प्रशासन की उदासीनता पर जताई नाराजगी गुरप्रीत के मामा अमरीक सिंह ने कहा कि अभी तक न जिला प्रशासन और न ही राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि परिवार से मिलने पहुंचा है। उन्होंने गुरप्रीत को शहीद का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि वह विदेश में रहते हुए भारतीय नागरिक के रूप में अपनी ड्यूटी निभा रहा था और युद्ध की विभीषिका का शिकार हुआ। उन्होंने सरकार से परिवार को हरसंभव सहायता देने और अधिकारियों को तुरंत पीड़ित परिवार से मिलने भेजने की मांग की। परिवार का इकलौता सहारा था गुरप्रीत गुरप्रीत सिंह गांव पंजेटो के रहने वाले थे और 12 जून को तुर्की गए थे। 19 जुलाई को उनका जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ था। इसी दौरान क्रूज मिसाइल हमले में जहाज तबाह हो गया। हमले में गुरप्रीत समेत चार भारतीयों और कुल 10 लोगों की मौत हुई थी। करीब डेढ़ साल पहले गुरप्रीत की शादी हुई थी और छह महीने पहले वह एक बेटे के पिता बने थे। 2016 में सड़क हादसे में उनके पिता किर्तन सिंह का एक पैर कट गया था। इसके बाद पूरे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी गुरप्रीत पर ही थी। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव पंजेटो में शोक का माहौल है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 5:22 pm

अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 3:52 pm

चूरू पुलिस ने चार शातिर जेबकतरों को पकड़ा:पिस्टल, कारतूस और लग्जरी कार जब्त, आरोपियों पर पहले से कई मामले दर्ज

चूरू की सदर पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर रामसरा तिराहा के पास चार शातिर जेबकतरों को गिरफ्तार किया है। देर रात गश्त के दौरान की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और एक लग्जरी कार जब्त की है। सदर थानाधिकारी इंद्रलाल महर्षि ने बताया कि बुधवार देर रात पुलिस गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक लग्जरी कार में चार संदिग्ध व्यक्ति रामसरा तिराहा के पास घूम रहे हैं। सूचना पर थानाधिकारी इंद्रलाल महर्षि अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने संदिग्ध कार को रोककर उसमें सवार लोगों से पूछताछ की और कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से एक देसी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत लांबिया ब्यावर निवासी राकेश आचार्य, धर्माराम आचार्य, पाल्यास पादू नागौर निवासी राधेश्याम और सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उनकी लग्जरी कार भी जब्त कर ली गई। सीआई इंद्रलाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी शातिर जेबकतरे हैं और उनके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि ये किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस अब जब्त किए गए हथियार और कार के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटा रही है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी इंद्रलाल महर्षि के साथ हेड कॉन्स्टेबल अशोक, हेड कॉन्स्टेबल राकेश कुमार, कॉन्स्टेबल संदीप, नवीन, पुलिस लाइन से कॉन्स्टेबल मुकेश और प्रमोद शामिल थे। पुलिस चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 1:32 pm

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच बड़ा फेरबदल: मायखाइलो ड्रापाती बने नए आर्मी चीफ, रूस ने दी 'कसाई' की उपाधि

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच कीव ने अपनी सैन्य कमान में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने मेजर जनरल मायखाइलो ड्रापाती को देश का नया आर्मी चीफ यानी थल सेना कमांडर नियुक्त किया है। अपनी आक्रामक सैन्य रणनीतियों के लिए पहचाने जाने वाले ड्रापाती की इस नई नियुक्ति पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जहां एक तरफ यूक्रेन उन्हें युद्ध के मैदान का एक माहिर खिलाड़ी मानता है, वहीं दूसरी तरफ रूस ने उन्हें आक्रामक रवैये के चलते 'कसाई' तक कह दिया है। कभी ज़ेलेंस्की के फैसलों के विरोध में अपना इस्तीफा तक सौंप चुके ड्रापाती का यह शीर्ष पद तक पहुंचना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।कौन हैं मायखाइलो ड्रापाती और क्यों चर्चा में हैं?मायखाइलो ड्रापाती पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से यूक्रेन की सेना में एक कद्दावर और अनुभवी कमांडर के रूप में जाने जाते हैं। साल 2014 में जब डोनबास क्षेत्र में संघर्ष की शुरुआत हुई थी, तब ड्रापाती ने अपनी सूझबूझ और फ्रंटलाइन लीडरशिप से सबको प्रभावित किया था। उनकी आक्रामक सैन्य शैली और युद्ध के मैदान में लिए जाने वाले त्वरित फैसलों ने उन्हें यूक्रेनी सैनिकों के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया है। यही वजह है कि जब देश की सेना को सबसे ज्यादा एक सख्त और अनुभवी नेतृत्व की जरूरत है, तब ज़ेलेंस्की ने उनपर भरोसा जताया है।रूस ने क्यों दी 'कसाई' की उपाधि?मायखाइलो ड्रापाती की नियुक्ति के साथ ही मॉस्को की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। रूसी मीडिया और सैन्य हलकों में ड्रापाती को 'कसाई' (Butcher) कहकर संबोधित किया जा रहा है। रूस का आरोप है कि ड्रापाती अपनी सैन्य कार्रवाइयों के दौरान अत्यधिक क्रूरता और आक्रामकता का परिचय देते हैं, जिससे दुश्मन सेना के साथ-साथ आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचता है। हालांकि, यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों के लिए यही आक्रामक तेवर रूस के खिलाफ जंग जीतने का एक बड़ा जरिया माने जा रहे हैं।कभी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को दे चुके थे इस्तीफाइस नियुक्ति का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि मायखाइलो ड्रापाती और राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच के संबंध हमेशा से सहज नहीं रहे हैं। कुछ साल पहले सैन्य रणनीतियों और प्रशासनिक असहमतियों के चलते ड्रापाती ने अपने पद से इस्तीफा तक दे दिया था। उनका वह इस्तीफा इस बात का गवाह था कि वे अपनी शर्तों और सैन्य सिद्धांतों पर समझौता करने के पक्ष में नहीं रहते हैं। हालांकि, मौजूदा युद्ध की विकट परिस्थितियों को देखते हुए दोनों के बीच के गिले-शिकवे दूर हुए और ज़ेलेंस्की ने देश की सबसे बड़ी सैन्य जिम्मेदारी उनके कंधों पर डाल दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:18 pm

खेल महोत्सव में ज्ञान निकेतन की 9-0 से एकतरफा जीत, अमन ने दागे 4 गोल

बीएसकेडी और इंडियन स्कूल ने भी झटके पूरे अंक भास्कर न्यूज | गढ़वा पेफी झारखंड चैप्टर एवं जिला प्रशासन के निर्देशन तथा जिला पब्लिक स्कूल समन्वय समिति के तत्वावधान में स्थानीय फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित गढ़वा खेल महोत्सव के तहत प्रथम गढ़वा जिला अंतर स्कूल फुटबॉल चैंपियनशिप जारी है। प्रतियोगिता के तीसरे दिन बुधवार को कुल तीन रोमांचक मुकाबले खेले गए। दिनभर चले कड़े संघर्ष में बीएसकेडी पब्लिक स्कूल, इंडियन पब्लिक स्कूल (बिश्रामपुर) और ज्ञान निकेतन कॉन्वेंट स्कूल ने अपने-अपने मैच जीतकर पूरे अंक हासिल किए। पहले मैच में बीएसकेडी पब्लिक स्कूल ने आस्था डीपीएस (मेराल) को 2-0 से शिकस्त दी। मैच की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखा रहे बीएसकेडी को पहले हाफ में पेनाल्टी मिली, जिसे आलोक ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में भी आलोक ने एक और मैदानी गोल दागकर टीम की 2-0 से जीत पक्की कर दी। दूसरे मैच में बारिश के बीच इंडियन पब्लिक स्कूल (बिश्रामपुर) और आरके पब्लिक स्कूल (मझिआंव) के बीच कांटे की टक्कर हुई। भीगते मैदान पर खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल भावना दिखाई, वहीं दर्शकों ने भी बारिश के बीच मैच का आनंद लिया। इंडियन पब्लिक स्कूल ने शानदार तालमेल के दम पर यह मुकाबला 2-1 से अपने नाम किया। टीम के खिलाड़ी अंकित ने निर्णायक गोल दागा। तीसरे मैच में ज्ञान निकेतन कॉन्वेंट स्कूल ने एआरडी पब्लिक स्कूल पर एकतरफा दबदबा बनाते हुए 9-0 से विशाल जीत दर्ज की। ज्ञान निकेतन के स्टार खिलाड़ी अमन ने अकेले 4 गोल दागे। वहीं प्रियांशु ने 3, जबकि संगम और अमन ने 1-1 गोल किया। ^गढ़वा की धरती पर लगभग 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन हो रहा है। वहीं, जिला अंतर स्कूल फुटबॉल चैंपियनशिप तो इतिहास में पहली बार आयोजित की जा रही है। - जिनाहुदीन खान, पूर्व फुटबॉलर सह टेक्निकल हेड

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 5:30 am

डारडातुर्की में स्वास्थ्य सेवा शिविर में हाई-रिस्क गर्भवतियों सहित विभिन्न रोगों की हुई जांच

भास्कर न्यूज | टोंक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डारडातुर्की में बुधवार को समग्र स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की टीबी, एचआईवी, डेंगू, मलेरिया, हेपेटाइटिस-बी व सी, सिफिलिस तथा ब्लड शुगर सहित कई रोगों की जांच की गई। बीसीएमओ पीपलू डॉ. संगीत चौधरी ने शिविर का निरीक्षण करते हुए हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं से टीबी, एचआईवी एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच समय पर कराने की अपील करते हुए कहा कि समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। इस दौरान निक्षय पोषण योजना के तहत पात्र टीबी मरीजों को पोषण सहायता भी वितरित की गई। जिला डीआरटीबी कोऑर्डिनेटर मोनिका कुमावत ने बताया कि जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हिमांशु मित्तल के निर्देशानुसार आयोजित शिविर का उद्देश्य, विशेषकर हाई-रिस्क समूह के लोगों को एक ही स्थान पर समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ब्लॉक हेल्थ सुपरवाइजर निसार खान की देखरेख में टीबी जांच के लिए बलगम के नमूने भी एकत्रित किए गए। शिविर में पीएचसी प्रभारी डॉ. दीपक बरूणा, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, नर्सिंग स्टाफ, काउंसलर हेमंत वर्मा, सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर, आशा सहयोगिनियां तथा राष्ट्रीय मानव विकास संस्थान के प्रतिनिधि रमेशचंद वर्मा, पूजा प्रजापत और विक्रम धाप सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने सेवाएं दीं। ग्रामीणों को टीबी, एचआईवी, हेपेटाइटिस, डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक करने के साथ निशुल्क जांच एवं दवाइयों का भी वितरण किया गया।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 5:30 am

बरवाला पुलिस ने 24 घंटे में पकड़ा जेबकतरा:बनभौरी मंदिर में श्रद्धालु की जेब काटी, सीसीटीवी फुटेज से आया पकड़ में

हिसार जिले के प्रसिद्ध बनभौरी मंदिर में दर्शन करने आए एक श्रद्धालु की जेब से 8 हजार रुपए निकाले जाने के मामले का बरवाला पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई पूरी राशि भी बरामद कर ली है। अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि वह पहले भी इस प्रकार की वारदातों में शामिल रहा है या नहीं। थाना प्रभारी निरीक्षक कर्मजीत ने बताया कि, 21 जुलाई को जींद जिले के अलेवा थाना क्षेत्र के गांव संढील निवासी सत्यानारायण ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह बनभौरी मंदिर में दर्शन करने आया था। मंदिर परिसर में भीड़ के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी जेब से 8 हजार रुपए निकाल लिए। पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी कैमरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच मुख्य सिपाही विजय कुमार को सौंपी गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों व गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कप्तान निवासी बनभौरी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी किए गए हजार रुपए बरामद कर लिए गए। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उससे गहन पूछताछ कर यह पता लगाया जा सके कि वह पहले भी मंदिरों या अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देता रहा है या नहीं। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 2:30 pm

यमुनानगर के गुरप्रीत के शव की DNA से होगी पहचान:रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच मिसाइल हमले में मौत, शव जलने से नहीं शिनाख्त

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले यमुनानगर जिले के गांव पंजेटो निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक गुरप्रीत सिंह बाठ के शव की पहचान अब डीएनए जांच से होगी। परिजनों के अनुसार मिसाइल विस्फोट इतना भीषण था कि कई शव बुरी तरह जल गए हैं, जिसके कारण उनकी शिनाख्त नहीं हो पा रही है। ऐसे में शिपिंग कंपनी ने मृतकों के परिजनों से डीएनए सैंपल मांगे हैं, ताकि रिपोर्ट के आधार पर शव की पहचान कर उसे भारत भेजा जा सके। रिपोर्ट मैच करने पर भेजा जाएगा पार्थिव शरीर गुरप्रीत के मामा अमरीक सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से संपर्क कर परिवार से डीएनए सैंपल उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसके बाद गुरप्रीत के पिता किर्तन सिंह ने अपना डीएनए सैंपल दे दिया है। अब रिपोर्ट आने के बाद उसे ईमेल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और कंपनी को भेजा जाएगा। डीएनए मैच होने के बाद ही गुरप्रीत के शव की औपचारिक पहचान पूरी होगी और फिर पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चार भारतीय नागरिकों की हुई मौत परिजनों ने बताया कि 19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होते ही गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मर्चेंट वेसल एमवी गोल्डन लियो पर क्रूज मिसाइल से हमला हुआ था। इस हमले में गुरप्रीत सिंह बाठ सहित चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हुआ था। हमले में कुल 10 लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है, जिनमें सीरिया के नागरिक भी शामिल हैं। परिवार का कहना है कि मिसाइल विस्फोट की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शव इस कदर झुलस गए हैं कि उनकी सामान्य तरीके से पहचान संभव नहीं है। इसी वजह से डीएनए जांच का सहारा लिया जा रहा है। प्रशासन ने नहीं किया परिजनों से संपर्क मामा अमरीक सिंह ने बताया कि परिवार लगातार कंपनी और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है, लेकिन अभी तक शव भारत कब तक पहुंचेगा, इसकी कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई गई है। पहले अनुमान लगाया गया था कि पार्थिव शरीर को भारत लाने में करीब 10 दिन लग सकते हैं, लेकिन अब यह प्रक्रिया डीएनए रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। परिजनों ने यह भी कहा कि भारत सरकार को इस हमले के बाद रूस के दूतावास को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए। वहीं अब तक जिला प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से परिवार से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया है। पार्थिव शरीर जल्द भारत लाए जाने की मांग उनका कहना है कि अभी तक किसी अधिकारी ने घर पहुंचकर न तो परिवार का हाल जाना है और न ही कोई सहायता या आश्वासन दिया है। परिवार ने सरकार से मांग की है कि गुरप्रीत के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। गुरप्रीत अपने परिवार का इकलौता बेटा था। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी हुई थी और उसका छह माह का एक बेटा है। वर्ष 2016 में सड़क हादसे में पिता किर्तन सिंह की एक टांग कट जाने के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक गुरप्रीत पर ही आ गई थी। उसकी मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है और गांव पंजेटो में शोक का माहौल बना हुआ है।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 6:57 am

पंजाब में 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' के 500 दिन पूरे:68 हजार से ज्यादा तस्कर गिरफ्तार, 319 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त

पंजाब पुलिस की 3-आयामी रणनीति (सख्त कानूनी कार्रवाई, जनभागीदारी और निवारक जागरूकता) अपने प्रमुख नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ की पहचान बनकर उभरी है। अभियान की शुरुआत के बाद बीते 500 दिनों में पुलिस ने नशीले पदार्थों के कारोबार पर बड़े प्रहार किए हैं, साथ ही समुदायों को भी नशे के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया है। ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के 500 दिन पूरे होने पर पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि इस अवधि में राज्य के इतिहास में ड्रग तस्करों के खिलाफ सबसे व्यापक और प्रभावी अभियानों में से एक चलाया गया। यह सफलता सख्त कानूनी- कार्रवाई , खुफिया सूचनाओं पर आधारित अभियानों और जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग के माध्यम से हासिल की गई है। उन्होंने कहा कि लगातार चलाए गए इस सघन अभियान के परिणामस्वरूप रिकॉर्ड संख्या में नशा तस्करों की गिरफ्तारियां हुई हैं, भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं तथा संगठित नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है। 68 हाजर 850 से अधिक ड्रग तस्कर गिरफ्तार उन्होंने कहा, “1 मार्च 2025 को अभियान शुरू होने के बाद से पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत 52 हजार 432 एफआईआर दर्ज की हैं और 68 हाजर 850 से अधिक ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें 629 बड़े तस्कर शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक के पास 2 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद हुई, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 12 करोड़ रुपए है।” कानूनी कार्रवाई अभियान के साथ-साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने भी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64ए के तहत 10 हजाक 917 व्यक्तियों को अदालती कार्रवाई से छूट प्रदान कर उन्हें अपने जीवन को नई दिशा देने का अवसर दिया है। इसके तहत उन्हें सजा के बजाय नशामुक्ति उपचार और रिहैबिलिटेशन का लाभ लेने में सक्षम बनाया गया है। ड्रग तस्करों की 319 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां जब्त पंजाब पुलिस ने साथ ही ड्रग माफिया के आर्थिक ढांचे को तोड़ने के लिए नशीले पदार्थों के कारोबार से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भी की है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के प्रमुख एडीजीपी नीलाभ किशोर ने कहा, “अभियान के दौरान ड्रग तस्करों की 319 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां जब्त की गईं। नशीले पदार्थों के कारोबार से अर्जित धन से सरकारी भूमि पर बनाए गए अवैध निर्माण भी ध्वस्त किए गए। यह कार्रवाई पंजाब पुलिस की ड्रग तस्करों और नशीले पदार्थों से अर्जित अवैध संपत्ति के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का स्पष्ट संदेश है।” इस अभियान की एक और प्रमुख उपलब्धि ‘सेफ पंजाब एंटी-ड्रग हेल्पलाइन’ (97791-00200) के माध्यम से बढ़ी जनभागीदारी रही है। इस हेल्पलाइन पर 46 हजार 342 गुमनाम सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर 22 हजार 960 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। लोगों की ओर से मिली इस अभूतपूर्व प्रतिक्रिया से पंजाब पुलिस के प्रति बढ़ते जनविश्वास का पता चलता है। साथ ही, यह जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग की सफलता का भी प्रमाण है, जिसने नागरिकों को बिना किसी भय के नशे से जुड़ी गतिविधियों की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित किया है। 'गांव स्तर पर खुफिया सूचनाएं जुटा रही ग्राम रक्षा समिति' पंजाब पुलिस यह भी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दे रही है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई हो। डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “एनडीपीएस मामलों में 89 प्रतिशत की दोषसिद्धि दर, जो देश में सबसे अधिक है। उच्च गुणवत्ता वाली जांच, बेहतर सबूत जुटाना और अभियोजन एजेंसियों के साथ मजबूत तालमेल का परिणाम है।” लगातार सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पंजाब पुलिस 24 हाजर से अधिक ग्राम रक्षा समितियों के साथ भी मजबूत तालमेल स्थापित कर कार्य कर रही है। इन समितियों में 1.25 लाख से अधिक सदस्य शामिल हैं, जो संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के साथ-साथ गांव स्तर पर खुफिया सूचनाएं जुटाने में भी सहयोग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, नशे के खिलाफ समाज को जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से पूरे राज्य में शैक्षणिक संस्थानों, सिविल सोसाइटी संगठनों और सामुदायिक नेताओं के सहयोग से जागरूकता अभियान, खेल प्रतियोगिताओं, युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम और जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। 'ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई करेगा पुलिस बल' हालांकि अभियान के 500 दिन पूरे होना एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन पंजाब पुलिस इसे राज्य को नशे के अभिशाप से मुक्त करने के अपने निरंतर अभियान का एक और महत्त्वपूर्ण पड़ाव मानती है। डीजीपी यादव ने कहा कि पुलिस बल संगठित ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और अधिक तेज करेगा, तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच को मजबूत बनाएगा और नागरिकों को नशामुक्त पंजाब के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित करते हुए जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग को और सशक्त करेगा।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 3:34 pm

The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी

क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 1:33 pm

महाभारत का वो रहस्यमय पल: जब श्रीकृष्ण को तोड़नी पड़ी अपनी प्रतिज्ञा, युद्ध में शस्त्र उठाने को हो गए मजबूर

महाभारत के महासंग्राम की चर्चा होते ही सबसे पहले मन में आता है वह दृश्य, जिसमें अर्जुन दुविधा में है और भगवान श्रीकृष्ण उसे गीता का उपदेश दे रहे हैं। युद्ध से पहले ही श्रीकृष्ण ने यह प्रण ले लिया था कि वे कुरुक्षेत्र में शस्त्र नहीं उठाएंगे। उनकी भूमिका केवल अर्जुन के सारथी के रूप में रहने की थी। लेकिन, एक बार ऐसी विषम परिस्थिति बनी कि जगत के पालनहार को अपना वचन तोड़ना पड़ा और वे रथ का पहिया लेकर भीष्म पितामह की ओर दौड़ पड़े। आखिर वह क्या मजबूरी थी, जिसने प्रभु को शस्त्र उठाने पर विवश कर दिया?क्यों दी थी भगवान श्रीकृष्ण ने शस्त्र न उठाने की प्रतिज्ञा?भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र युद्ध में तटस्थ रहने की घोषणा की थी। उन्होंने दुर्योधन और अर्जुन दोनों को विकल्प दिया था—एक तरफ उनकी विशाल 'नारायणी सेना' और दूसरी तरफ वे स्वयं, जो निहत्थे रहेंगे। अर्जुन ने श्रीकृष्ण को चुना और दुर्योधन ने सेना को। श्रीकृष्ण की प्रतिज्ञा के पीछे उद्देश्य यह था कि वे न चाहते हुए भी किसी एक पक्ष का सीधा संहार न करें, बल्कि न्याय की स्थापना में केवल मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं। वे अपनी लीलाओं से यह दिखाना चाहते थे कि अधर्म का नाश करने के लिए युद्ध से ज्यादा महत्वपूर्ण सही मार्गदर्शन और विवेक है।जब भीष्म के सामने विचलित हो गए थे श्रीकृष्णभीष्म पितामह ने प्रतिज्ञा की थी कि वे श्रीकृष्ण को शस्त्र उठाने पर मजबूर कर देंगे। युद्ध के दौरान, जब भीष्म पितामह ने अर्जुन पर बाणों की वर्षा शुरू की, तो अर्जुन उन्हें रोकने में असमर्थ हो गए। स्थिति ऐसी बन गई कि अर्जुन का रथ क्षतिग्रस्त हो गया और वे हार की कगार पर पहुँच गए। अर्जुन को संकट में देख भगवान श्रीकृष्ण का वात्सल्य और मित्र प्रेम जाग उठा। अपने प्रिय भक्त को मृत्यु के मुख में देख श्रीकृष्ण ने अपनी प्रतिज्ञा त्याग दी और जमीन से रथ का एक टूटा हुआ पहिया उठाकर पितामह की ओर बढ़े।'विपक्ष' की जीत या 'भक्ति' की पराकाष्ठा?जैसे ही श्रीकृष्ण चक्र (पहिया) लेकर पितामह की ओर बढ़े, भीष्म ने अपने शस्त्र डाल दिए और हाथ जोड़कर खड़े हो गए। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, प्रभु, मेरी प्रतिज्ञा पूरी हुई। आज आपके हाथों अपना अंत देखकर मेरा जीवन धन्य हो गया। श्रीकृष्ण का वह क्रोध वास्तव में उनके भक्त के प्रति प्रेम था। यह घटना सिखाती है कि भगवान के लिए अपने भक्त की रक्षा उनकी स्वयं की प्रतिज्ञा से कहीं अधिक बड़ी होती है। महाभारत का यह प्रसंग आज भी हमें याद दिलाता है कि भक्त और भगवान के बीच कोई भी नियम, वचन या प्रतिज्ञा बड़ी नहीं होती।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 1:41 pm

गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल

सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।

देशबन्धु 6 Jul 2026 3:20 am

आसमान से बारिश बरसते ही मंडराने लगा डेंगू का जानलेवा खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, राजधानी में युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू

मौसम में आए अचानक बदलाव और मानसून की पहली बारिश के दस्तक देते ही जहां लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ एक बड़े खतरे ने भी दस्तक दे दी है। रिमझिम फुहारों के साथ ही राजधानी और उसके आस-पास के इलाकों में मच्छरों से होने वाली जानलेवा बीमारी 'डेंगू' (Dengue) का खौफनाक खतरा तेजी से बढ़ने लगा है। जलजमाव और उमस भरे इस मौसम को मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इसी गंभीर चुनौती को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। राजधानी के सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और नगर निगम की टीमों ने इस महामारी से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर अपनी व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।जलजमाव वाले हॉटस्पॉट चिन्हित और फॉगिंग के लिए विशेष टीमों का गठनबारिश का पानी जमा होने के कारण राजधानी के कई रिहाइशी इलाकों और स्लम बस्तियों में डेंगू का डंक फैलने का सबसे ज्यादा रिस्क रहता है। स्थानीय नगर निगम और स्वास्थ्य अधिकारियों ने शहर के उन संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर लिया है जहां पिछले सालों में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे। इन चिन्हित हॉटस्पॉट्स में जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। इसके साथ ही, एंटी-लार्वा स्प्रे के छिड़काव और आधुनिक फॉगिंग मशीनों को काम पर लगा दिया गया है। नगर निगम की विशेष टीमें हर वार्ड में जाकर नालियों और खाली पड़े प्लॉटों में जमा पानी की चेकिंग कर रही हैं ताकि मच्छरों के पनपने के चक्र को शुरुआती चरण में ही तोड़ा जा सके।अस्पतालों में रिजर्व हुए स्पेशल डेंगू वार्ड और प्लेटलेट्स की व्यवस्था तेजराजधानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के निर्देशों के बाद शहर के सभी बड़े सिविल अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया गया है। संभावित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों में विशेष 'डेंगू वार्ड' और आइसोलेशन बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की अलग से ड्यूटी लगाई गई है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। इसके अलावा, ब्लड बैंकों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे प्लेटलेट्स (Platelets) का पर्याप्त स्टॉक मेंटेन रखें, क्योंकि डेंगू के गंभीर मामलों में मरीजों के प्लेटलेट्स बहुत तेजी से गिरते हैं, जिससे उनकी जान पर बन आती है।स्थानीय निवासियों के लिए गाइडलाइन जारी और एआई सर्च पर बढ़े सवालस्वास्थ्य विभाग ने राजधानी के नागरिकों के लिए एक जरूरी और कड़े प्रिकॉशंस की एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू का मच्छर साफ और स्थिर पानी में पनपता है, इसलिए लोग अपने घरों में रखे कूलर, गमलों, पुरानी टायरों और छतों पर पानी बिल्कुल भी जमा न होने दें। रात को सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। आज के डिजिटल युग और आधुनिक एआई-संचालित जनरेटिव सर्च (GEO) पर भी लोग 'डेंगू के शुरुआती लक्षण' और 'प्लेटलेट्स बढ़ाने के घरेलू उपाय' जैसे विषयों को लगातार सर्च कर रहे हैं। यदि किसी को तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में गंभीर अकड़न या बदन दर्द की शिकायत हो, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 3:52 pm

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more

अजमेरनामा 23 Jun 2026 3:53 am

'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!

दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...

वेब दुनिया 6 Jun 2026 12:31 pm

IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत

इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...

वेब दुनिया 29 May 2026 2:23 pm

खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज

मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:20 am

ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए

जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?

देशबन्धु 13 Apr 2026 3:20 am

युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत

यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।

देशबन्धु 11 Apr 2026 3:30 am

युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस

विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more

अजमेरनामा 7 Apr 2026 9:50 pm

तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी

इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।

देशबन्धु 7 Apr 2026 4:54 am

धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर

ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं

देशबन्धु 3 Apr 2026 3:41 am

पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत

वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:06 am

युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता

सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more

अजमेरनामा 29 Mar 2026 6:11 pm

युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह

संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more

अजमेरनामा 28 Mar 2026 6:09 pm

लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 1:39 pm

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 1:42 pm

120 बहादुर की रिलीज़ से पहले रेजांग ला युद्ध बलिदान दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया मेजर शैतान सिंह को याद

एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...

वेब दुनिया 19 Nov 2025 3:09 pm

War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा

रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...

वेब दुनिया 14 Aug 2025 2:20 pm

जब उर्वशी रौतेला ने की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच वायरल हुई तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...

वेब दुनिया 18 Jun 2025 4:16 pm

केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल

बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...

वेब दुनिया 19 Feb 2025 5:22 pm

फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल

Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...

वेब दुनिया 4 Sep 2024 2:33 pm

तुर्की के शूटर ने ओलंपिक में जीता मेडल, आदिल हुसैन को मिलने लगी बधाई, एक्टर बोले- अभी देर नहीं हुई...

Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के‍ खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने‍ सिल्वर मेडल जीता।

वेब दुनिया 3 Aug 2024 6:06 pm

CONFIRMED! 27 साल बाद फिर बनेगी Border 2, एक्टर Sunny Deol ने जेपी दत्ता के साथ फिर से हाथ मिलाया, युद्ध की सबसे बड़ी कहानी

बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 12:10 pm

Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस

Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.

आज तक 10 Jun 2024 7:25 pm

आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा

आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.

आज तक 11 May 2024 10:30 am

Jimmy Shergill की Ranneeti Balakot and Beyond का ट्रेलर जारी, भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी

रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।

प्रभासाक्षी 17 Apr 2024 2:10 pm

Honey Singh vs Badshah | बढ़ती जा रही है हनी सिंह और बादशाह के बीच नफरत की खाई, रैपरों के बीच वाकयुद्ध गंदे स्तर पर पहुंचा!

दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024

प्रभासाक्षी 26 Mar 2024 3:03 pm

'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम

आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

आज तक 22 Mar 2024 5:03 pm

अस्तित्व और बदले के लिए ब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर है Rebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

मनोरंजन नामा 20 Mar 2024 1:21 pm