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सऊदी अरब के नज्रान में अरामको पर किया ड्रोन अटैक, हूतियों का दावा

सूत्र का कहना है कि यह हमला सऊदी सैन्य विमानों द्वारा सादा प्रांत के उत्तर-पूर्वी हिस्से के ऊपर हवाई क्षेत्र में प्रवेश करके यमन की संप्रभुता का उल्लंघन करने के जवाब में किया गया था.

NDTV इंडिया 14 Aug 2026 11:56 pm

500 साल में एक बार ही काबू हुआ कुंभलगढ़? युद्ध से ज्यादा पानी ने बदली थी बाजी, जानिए 7 रोचक किस्से

500 साल में एक बार ही काबू हुआ कुंभलगढ़? युद्ध से ज्यादा पानी ने बदली थी बाजी, जानिए 7 रोचक किस्से

समाचार नामा 14 Aug 2026 11:20 pm

सेना को मिलेंगी घातक युद्धक ड्रोन प्रणाली, रक्षा मंत्रालय ने किए 1,577 करोड़ के दो करार

New Delhi, 14 अगस्त . भारतीय सेना की मारक क्षमता और आर्टिलरी रेजिमेंटों की ऑपरेशन क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने Friday को बड़ा कदम उठाया. दरअसल रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए ‘लॉइटर म्यूनिशन सिस्टम’ की खरीद के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और नाइब प्राइवेट लिमिटेड के ... Read more

डेली किरण 14 Aug 2026 9:21 pm

अमृतसर में भारत-पाकिस्तान मैत्री सम्मेलन:राज स्मृति बोलीं- युद्ध से जनता हारती है, हथियार कारोबारी जीतते

अमृतसर के विरसा विहार में 31वां भारत-पाकिस्तान मैत्री सम्मेलन एवं सेमिनार आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन हिंद-पाक दोस्ती मंच, फोकलोर रिसर्च अकादमी अमृतसर, पाकिस्तान-इंडिया पीपल्स फोरम फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी और पंजाब जागृति मंच जालंधर ने किया। सम्मेलन में भारत-पाकिस्तान संबंधों, विभाजन के दर्द और दोनों देशों के बीच शांति व आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने एकमत से कहा कि युद्ध किसी भी देश की आम जनता के हित में नहीं है। दोनों देशों के लोगों की खुशहाली के लिए शांति और बातचीत का रास्ता अपनाना आवश्यक है। लखनऊ से आईं राज स्मृति ने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लोगों ने जो दर्द और पीड़ा झेली, उसे आज की पीढ़ी को समझना चाहिए। राज स्मृति के अनुसार, युद्ध से आम लोगों को सबसे अधिक नुकसान होता है, जबकि हथियार बनाने वालों को लाभ मिलता है। राज स्मृति बोली- तीनों देश मिलकर आगे बढ़े राज स्मृति ने भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोगों से मिलकर शांति और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि आम लोग चुप रहने के बजाय शांति के लिए अपनी आवाज उठाएं, तो युद्ध की जगह अमन का माहौल बनाया जा सकता है। डॉ. सुनीलम ने भारत और पाकिस्तान के साझा इतिहास तथा संस्कृति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच पुराने समय से आपसी रिश्ते रहे हैं। डॉ. सुनीलम ने विभाजन को एक बड़ी त्रासदी बताया, जिसमें लाखों लोगों को विस्थापन और हिंसा का दर्द झेलना पड़ा था। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों देशों को हथियारों पर भारी खर्च करने के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसर पैदा करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। डॉ. सुनीलम के अनुसार, खुशहाली के लिए शांति और शांति के लिए बातचीत अत्यंत आवश्यक है। डॉ. सुनीलम ने भारत और पाकिस्तान की सरकारों के बीच बातचीत की वकालत की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोग शांति, व्यापार और आपसी संपर्क बढ़ाना चाहते हैं। लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और एक बेहतर भविष्य चाहिए, युद्ध नहीं।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 8:46 pm

LIVE: राष्ट्रपति का देश के नाम संबोधन- दुनिया में युद्ध के कारण संकट, इसके बावजूद तेजी से बढ़ी हमारी अर्थव्यवस्था

स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्र के नाम संबोधन कर रही हैं। द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज के भारत में हर कोई सपने देख सकता है और आगे बढ़ सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया में युद्ध के कारण संकट है। इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है।

खबर इंडिया टीवी 14 Aug 2026 7:08 pm

पाकिस्तान, सऊदी और तुर्की के ‘इस्लामिक नाटो’ वाले सपने में कितना दम? रक्षा विशेषज्ञों ने बता दी इसकी पूरी हकीकत

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीतिक गलियारों में इन दिनों पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए एक नए रक्षा समझौते की चर्चा जोरों पर है। सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में जुटे इन तीनों देशों के शीर्ष नेताओं ने इस ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर मुहर लगाई है। इस समझौते की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इसके तहत यदि तीनों देशों में से किसी भी एक देश पर बाहरी हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर संयुक्त हमला माना जाएगा। इस प्रावधान के सामने आने के बाद से ही विश्लेषकों द्वारा इसकी तुलना पश्चिमी देशों के सैन्य गठबंधन 'नाटो' (NATO) से की जा रही है, जिसे मीडिया में 'इस्लामिक नाटो' का नाम दिया गया है।मक्का पैक्ट और नाटो के 'आर्टिकल 5' जैसी समानतातुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान के एक बयान के अनुसार, यह मक्का रक्षा समझौता तकनीकी रूप से पश्चिमी देशों के सैन्य संगठन नाटो के प्रसिद्ध 'आर्टिकल 5' की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसका साफ मतलब यह है कि गठबंधन में शामिल किसी एक राष्ट्र की सुरक्षा पर आंच आने पर बाकी दोनों देश उसकी रक्षा के लिए मैदान में उतरेंगे। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी है कि इस समझौते के तहत तीनों देश अपनी थल सेना, नौसेना और वायु सेना को मिलाकर बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगे। इसके साथ ही इस सैन्य गठबंधन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सऊदी अरब में एक 'जनरल सेक्रेटेरिएट' की स्थापना की जाएगी, जो रणनीतिक और सैन्य सहयोग को बढ़ावा देगा।रक्षा विशेषज्ञों की नजर में क्या है 'इस्लामिक नाटो' की असलियत?भले ही कागजी तौर पर इस समझौते को बेहद मजबूत और नाटो के समकक्ष बताया जा रहा हो, लेकिन देश-विदेश के कई रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इसे अभी से 'नाटो' जैसा दर्जा देना बहुत बड़ी जल्दबाजी होगी। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण इन तीनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल (Interoperability) की भारी कमी है। उदाहरण के लिए, तुर्की खुद अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो का सदस्य है और वह पश्चिमी मानकों के हथियारों का इस्तेमाल करता है, जबकि पाकिस्तान अपनी रक्षा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर चीनी तकनीक और हथियारों पर निर्भर है। इसके विपरीत, सऊदी अरब अपनी सुरक्षा और हथियारों के लिए मुख्य रूप से अमेरिका पर निर्भर रहता है। तक्षशिला संस्थान की शोधकर्ता ऐश्वर्या सोनावणे के अनुसार, इन देशों के पास नाटो जैसा मजबूत संस्थागत ढांचा और एक-दूसरे के हथियारों के साथ आसानी से तालमेल बिठाने की तकनीकी क्षमता फिलहाल मौजूद नहीं है।आसिम मुनीर को मिल सकती है कमांडर की बड़ी भूमिका?इस नए गठबंधन को लेकर सामने आ रही रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया जा रहा है कि पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को इस समूह में एक बहुत बड़ी और अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। तुर्की के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के संकेतों के मुताबिक, 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' की देखरेख करने वाली गवर्निंग बॉडी में तीनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रियों के साथ-साथ उनके सेना प्रमुख भी शामिल होंगे, जिसमें आसिम मुनीर 'इस्लामिक नाटो' के कमांडर की भूमिका में भी नजर आ सकते हैं। हालांकि, तमाम राजनीतिक बयानों और दावों के बावजूद ज़मीनी स्तर पर इस गठबंधन की सफलता इसके आपसी विरोधाभासों और तकनीकी दूरियों को पाटने पर ही निर्भर करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Aug 2026 4:58 pm

अमेरिका के लिए 'बर्मूडा ट्रायंगल' बना होर्मुज! ईरान युद्ध में ट्रंप के 45 ड्रोन तबाह, 1.2 लाख करोड़ की भारी-भरकम चपत

मध्य पूर्व के सुलगते हालात और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक रणनीतिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आ रही है. दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माने जाने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब अमेरिकी सेना और विशेषकर रक्षा साजो-सामान के लिए आधुनिक समय का 'बर्मूडा ट्रायंगल' साबित होता दिखाई दे रहा है. डिफेंस एक्सपर्ट्स और खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के साथ चल रहे अप्रत्यक्ष और सामरिक संघर्ष के दौरान अमेरिका को इस रणनीतिक क्षेत्र में भारी-भरकम और अपूरणीय क्षति उठानी पड़ी है. ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियानों और निगरानी मिशनों के दौरान अमेरिका के अत्याधुनिक और बेहद महंगे लगभग 45 ड्रोन रहस्यमयी और खतरनाक परिस्थितियों में जमीनी या समुद्री हमलों का शिकार होकर लील लिए गए हैं. तकनीकी रूप से बेहद उन्नत और अचूक माने जाने वाले इन मानवरहित विमानों के इस तरह अचानक नेस्तनाबूद हो जाने से पेंटागन और अमेरिकी रक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह इलाका अब अमेरिकी सैन्य शक्ति के लिए एक ऐसा चक्रव्यूह बन चुका है जिससे पार पाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है.1.2 लाख करोड़ रुपये की चपत और अत्याधुनिक तकनीक का नुकसानइस पूरे सैन्य संघर्ष में अमेरिका को केवल रणनीतिक मोर्चे पर ही शिकस्त नहीं मिल रही है, बल्कि उसे वित्तीय रूप से भी एक हजार या दो हजार करोड़ नहीं बल्कि कुल 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की जबर्दस्त चपत लगी है. होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जिन 45 ड्रोनों को ईरान या उसके समर्थित प्रॉक्सी समूहों द्वारा निशाना बनाया गया है, वे कोई साधारण ड्रोन नहीं थे बल्कि अत्याधुनिक जासूसी तकनीक, रडार जैमिंग क्षमताओं और मिसाइल डिफेंस प्रणालियों से लैस बेहद महंगे एयरक्राफ्ट थे. एक रिपोर्ट के अनुसार, इन ड्रोनों की कुल लागत और उनके साथ नष्ट हुए संवेदनशील सैन्य उपकरणों का बाजार मूल्य भारतीय मुद्रा के अनुसार करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये बैठता है. अमेरिकी रक्षा बजट और टैक्सपेयर्स के पैसे से तैयार की गई इस आधुनिक सैन्य संपत्ति का यूं पानी में समा जाना या दुश्मन के हाथों तबाह हो जाना अमेरिका की तकनीकी श्रेष्ठता पर भी एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है. वाशिंगटन के रणनीतिकारों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर महंगे हथियारों का नुकसान किसी भी देश की रक्षा तैयारियों को अंदर से खोखला कर सकता है.ईरान की अचूक सामरिक रणनीति और इलेक्ट्रॉनिक युद्धक क्षमताआखिर ऐसा क्या कारण है कि दुनिया की सबसे ताकतवर सेना माने जाने वाली अमेरिकी सेना के ड्रोन होर्मुज जलडमरूमध्य के इस भू-भाग में लगातार धराशायी हो रहे हैं? रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने इस क्षेत्र में पारंपरिक युद्ध लड़ने के बजाय एक बेहद खतरनाक और आधुनिक 'इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर' यानी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली का जाल बिछा रखा है. ईरानी सेना और उसके रक्षा इंजीनियरों ने ऐसे उन्नत जैमर्स और साइबर हथियार विकसित कर लिए हैं जो अमेरिकी ड्रोनों के सैटेलाइट नेविगेशन और जीपीएस सिग्नलों को आसानी से जाम कर देते हैं या उन्हें भटका देते हैं. जब एक बार इन ड्रोनों का संपर्क अपने कमांड सेंटर से टूट जाता है, तो वे या तो खुद क्रैश हो जाते हैं या फिर ईरानी सेना के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में सुरक्षित उतरने के लिए मजबूर हो जाते हैं. इसके अलावा, ईरान के पास कम ऊंचाई पर उड़ने वाले इन ड्रोनों को हवा में ही नेस्तनाबूद करने वाली स्वदेशी एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलों का एक मजबूत जखीरा भी मौजूद है. होर्मुज का यह संकीर्ण समुद्री गलिवार भौगोलिक रूप से भी ऐसा है जहां दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखना और छुपकर हमला करना बहुत आसान हो जाता है, जिसका पूरा फायदा ईरानी सुरक्षा तंत्र उठा रहा है.वैश्विक तेल आपूर्ति और अमेरिकी साख पर मंडराता गंभीर संकटहोर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी ड्रोनों की इस बड़े पैमाने पर हुई बर्बादी और 1.2 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान का असर केवल सैन्य क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है. दुनिया का कुल कच्चे तेल का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, और इस इलाके में लगातार जारी तनाव के कारण वैश्विक एनर्जी सप्लाई चेन बुरी तरह से प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है. यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह सैन्य संघर्ष और अधिक बढ़ता है, तो दुनिया भर में क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका असर भारत सहित तमाम विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है. इसके अलावा, जिस प्रकार से सुपरपॉवर अमेरिका के सबसे अत्याधुनिक हथियार ईरान के इस चक्रव्यूह में फंसकर तबाह हो रहे हैं, उससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी सैन्य साख और उसकी मारक क्षमता की धमक को करारा झटका लगा है. दुनिया के दूसरे देश अब यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि क्या आधुनिक तकनीक भी हर जगह काम आ सकती है या फिर स्थानीय भूगोल और अचूक रणनीति किसी महाशक्ति को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर सकती है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Aug 2026 12:05 pm

Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला

Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 12:00 pm

मल्लिका शेरावत का बेली डांस वाला 19 साल पुराना गाना, एआर रहमान ने मिस्त्र सिंगर से गवाया, तुर्की थीम में हुआ शूट, आज भी ट्रेंडिंग

मल्लिका शेरावत इन दिनों चर्चा में हैं. वह द ट्रेटर्स 2 में नजर आ रही है, जिसके वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर छाए हुए हैं. हालांकि जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि मल्लिका शेरावत आज भले ही प्राइम वीडियो के शो के लिए सुर्खियों में हैं.

NDTV इंडिया 14 Aug 2026 11:27 am

JD Vance का बड़ा बयान, ईरान युद्ध में अब परमाणु से ज्यादा तेल पर फोकस? अमेरिका की रणनीति में आया बड़ा बदलाव

JD Vance का बड़ा बयान, ईरान युद्ध में अब परमाणु से ज्यादा तेल पर फोकस? अमेरिका की रणनीति में आया बड़ा बदलाव

समाचार नामा 14 Aug 2026 10:45 am

18 साथियों की शहादत ने जुवैर हिल पर दिलाई जीत, कैप्टन खान बोले- कारगिल युद्ध का हर पल आज भी ताजा

18 साथियों की शहादत ने जुवैर हिल पर दिलाई जीत, कैप्टन खान बोले- कारगिल युद्ध का हर पल आज भी ताजा

समाचार नामा 14 Aug 2026 9:26 am

250 दिन से समंदर में अमेरिकी सैनिक... सुसाइड की कोशिशों के दावे के बीच अब ईरान के पास भेजा जाएगा नया युद्धपोत

US Iran War: अमेरिका का जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन पिछले 9 महीने से समुद्र में है, 250 दिनों से अमेरिका के इन सैनिकों ने जमीन पर कदम नहीं रखा है.

NDTV इंडिया 14 Aug 2026 8:54 am

पाकिस्तान, सऊदी और तुर्की के ‘इस्लामिक नाटो’ वाले सपने में कितना दम? एक्सपर्ट ने बता दी हकीकत

खबर है कि पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर को इस संगठन में बड़ा रोल मिल सकता है। तुर्की के रक्षा मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक मुनीर 'इस्लामिक नाटो' के कमांडर की भूमिका में नजर आ सकते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 7:05 am

हैदराबाद की कंपनी से 22 लाख वसूली का आदेश:यूनीफॉर्म रंगने थान भेजे थे, 60 हजार मी. कपड़ा कम लौटाया बदले में भेजी कतरन

हथकरघा संघ स्कूल यूनिफॉर्म की रंगाई में बड़ा घोटाला फूटा है। यहां से लाखों मीटर थान कपड़ा डाई कराने हैदराबाद भेजा गया। वहां से तैयार थान के साथ कतरनें भी रंगकर भेज दी गईं। करीब छह माह तक यह गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई, क्योंकि जिन लोगों को कपड़े की जांच करनी थी, उन्होंने करीब 60 हजार मीटर कपड़े के बंडल खोलकर देखा ही नहीं और सही होने की रिपोर्ट दे दी। बाद में गोदाम प्रभारी ने अफसरों को बताया कि भेजा गया कपड़ा हथकरघा संघ का नहीं है। इसके बाद हड़कंप मचा। आनन-फानन में जांच कमेटी बनाई गई। जांच में हथकरघा से अलग कपड़ा होने की पुष्टि हुई। मामले में तत्कालीन गोदाम प्रभारी रामकिशुन देवांगन को निलंबित कर दिया गया, जबकि तकनीकी कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी गई। मारुति कोटेक्स लिमिटेड, हैदराबाद से 22.42 लाख रुपए की वसूली के निर्देश दिए गए हैं। फर्जीवाड़ा पिछले साल 2025-26 शिक्षा सत्र के लिए बांटे गए यूनीफार्म में किया गया है। हाथकरघा संघ ने जेम पोर्टल के जरिए निविदा कर मारुति कोटेक्स को डाईंग, प्रोसेसिंग और प्रिंटिंग का काम दिया था। इसके लिए 65.06 लाख मीटर ग्रे कपड़ा भेजा गया। कंपनी ने 63.16 लाख मीटर फ्रेश यानी थान कपड़ा यूनीफार्म के रंग में रंगकर लौटाया। इसके साथ 1.90 लाख मीटर कटपीस, सेकंड क्लास, मिस प्रिंट और वेस्टेज भी भेजा गया। इसके अलावा 60 हजार मीटर से ज्यादा कपड़ा कतरन यानी छोटे छोटे टुकड़ों वाला दे दिया। अफसरों ने इसकी जांच नहीं की। हर साल 140 करोड़ का स्कूल ड्रेस, 345 समितियां बनाती हैं 60 लाख मीटर थान राज्य के करीब 39 हजार स्कूलों में पढ़ने वाले 50 लाख से अधिक छात्रों को हर साल यूनिफॉर्म बांटी जाती है। इस पर करीब 140 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। हाथकरघा संघ पहले यूनीफार्म के लिए धागे खरीदता है। ये धागे राज्य की 345 बुनकर समितियों को दिए जाते हैं। समितियां इन्हीं धागों को करीब 60 लाख मीटर थान में बदलती हैं। धागे ग्रे रंग के होते हैं, इसलिए तैयार थान भी ग्रे रहता है। इसके बाद इसे सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म के तय रंग में रंगने के लिए भेजा जाता है। हैदराबाद की जिस कंपनी को पिछले साल कपड़ा भेजा गया था, वह पिछले 10-12 साल से डाई यानी यूनिफॉर्म के रंग में कपड़ा रंगने का काम कर रही है। जिन्हें जांच करनी थी, उन्होंने बंडल खोलकर भी नहीं देखा: थान वाले कपड़े और उसी कपड़े की छोटी-छोटी कतरनों की कीमत में खासा अंतर होता है। कतरन से पैंट-शर्ट सिलने पर फिनिशिंग नहीं आती। लाइनिंग और चेक्स वाले कपड़े में डिजाइन भी बिगड़ जाती है। इसलिए कतरन कम कीमत की होती है। इसी वजह से हैदराबाद से यूनिफॉर्म के रंग में रंगकर आने वाले थान की तकनीकी जांच कराई जाती है। लेकिन पिछले सत्र में तकनीकी एक्सपर्ट और गोदाम प्रभारी ने कतरन कपड़े के बंडल को खोलकर कपड़ा देखा ही नहीं। करीब छह माह बाद अचानक अफसरों को बताया गया कि करीब 60 हजार मीटर कपड़े के बंडल खोले ही नहीं गए थे। इसके बाद संघ में हड़कंप मचा और जांच कमेटी बनाई गई। कमेटी की जांच में कतरन होने की पुष्टि हुई। एजेंसी ने पेनाल्टी देने से किया इनकारसंघ की ओर से गोदाम प्रभारी व तकनीकी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद हैदराबाद की फर्म को वसूली को नोटिस भेजा जरूर है लेकिन एजेंसी ने पेनाल्टी के पैसे देने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने थान वाले कपड़े ही रंगकर भेजे हैं। गोदाम में गड़बड़ी हुई होगी। अफसरों का कहना है कि पेनाल्टी की पैसे नहीं मिले तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 5:30 am

आईआरजीसी का दावा : वर्षों तक युद्ध चले, तब भी दुश्मनों पर मिसाइलें दागता रहेगा ईरान

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) के प्रमुख कमांडर के एक वरिष्ठ सलाहकार मोहम्मद रज़ा नक़दी ने एक इंटरव्यू में बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि हालिया संघर्ष ने यह साबित कर दिया है कि अमेरिकी सेना उतनी ताकतवर नहीं है, जितना ईरान उसे पहले समझता था। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर यह संघर्ष कई वर्षों तक भी खिंचता है, तब भी ईरान अपने दुश्मनों के ठिकानों पर मिसाइलें बरसाना जारी रखेगा।

खास खबर 13 Aug 2026 11:53 pm

मक्का समझौता कैसे करेगा काम, तुर्की ने सऊदी अरब और पाकिस्तान को लेकर किया खुलासा

मंत्रालय ने यह भी कहा कि समझौते के तहत संयुक्त सैन्य अभ्यास की योजना भी बनाई जा रही है, और रक्षा उद्योग में संयुक्त उत्पादन और टेक्नोलॉजी शेयरिंग जैसे सहयोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं.

NDTV इंडिया 13 Aug 2026 11:50 pm

भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने ISI की साजिश का किया खुलासा, लश्कर-जैश को मिल रही हमास की सुरंग युद्ध तकनीक

पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था और ISI पर हमास व लश्कर-जैश जैसे आतंकी संगठनों के बीच रणनीतिक गठजोड़ को बढ़ावा देने का आरोप है।

जागरण 13 Aug 2026 10:28 pm

14 लाख सैनिक, 6000 टैंक, 3400 विमान... पाकिस्तान-सऊदी-तुर्की का ये 'इस्लामिक नाटो' कितना मजबूत है?

अल जजीरा के एक विश्लेषण के अनुसार, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' के तहत अपने सैन्य सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस समझौते के तहत तीनों देश मिलकर लगभग 14 लाख सक्रिय सैन्य कर्मियों, 3,400 से ज्यादा विमानों और 6,000 से अधिक टैंकों को एक साथ ला रहे हैं।7 अगस्त को हुआ यह समझौता अब केवल एक राजनीतिक घोषणा से कहीं आगे बढ़ चुका है। तीनों देश एक ऐसी संयुक्त व्यवस्था बनाने की योजना बना रहे हैं जिसमें उनके रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और सैन्य प्रमुख शामिल होंगे। इसके अलावा, तीनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास भी किए जाएंगे। आने वाले समय में यह सहयोग रक्षा उपकरण बनाने और सैन्य तकनीक साझा करने तक भी बढ़ सकता है।वहीं, इस समझौते को उभरते हुए इस्लामिक NATO के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें सामूहिक सुरक्षा का प्रावधान है, जिसके तहत किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमले को सभी पर हमला माना जाएगा। लेकिन यह व्यवस्था अभी NATO-जैसी एकीकृत सैन्य गठबंधन बनने से काफी दूर है, क्योंकि किसी भी सदस्य देश पर हमला होने की स्थिति में बाकी देश किस तरह सैन्य मदद करेंगे, इसे लेकर अभी कोई निश्चित नियम तय नहीं किया गया है।तीनों देशों का मिलिट्री ग्रुप कितना ताकतवर है?अल जजीरा की ओर से 2026 ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स के हवाले से बताए गए आंकड़े इनकी मिली-जुली मिलिट्री ताकत का पैमाना दिखाते हैं। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के पास कुल मिलाकर लगभग 14 लाख एक्टिव सैनिक, 3,415 मिलिट्री एयरक्राफ्ट, 6,046 टैंक और 344 नेवल एसेट्स (नौसेना के संसाधन) हैं।एक्टिव मिलिट्री मैनपावर में पाकिस्तान का हिस्सा सबसे ज्यादा है, जिसके पास लगभग 6,60,000 सैनिक हैं। जबकि तुर्की के पास लगभग 4,81,000 और सऊदी अरब के पास लगभग 2,47,000 सैनिक हैं।वहीं, इन तीनों देशों में टैंकों का सबसे बड़ा बेड़ा भी पाकिस्तान के पास है, जिसके पास लगभग 2,677 टैंक हैं। इसके बाद तुर्की (2,284 टैंक) और सऊदी अरब (1,085 टैंक) का नंबर आता है।एयरक्राफ्ट के मामले में भी पाकिस्तान सबसे आगे है, जिसके पास लगभग 1,397 मिलिट्री एयरक्राफ्ट हैं। जबकि तुर्की के पास लगभग 1,101 और सऊदी अरब के पास 917 एयरक्राफ्ट हैं।नौसेना के ताकत की बात करें तो, इसका हिसाब-किताब अलग है। तुर्की के पास 192 नेवल एसेट्स हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 120 और सऊदी अरब के पास 32 हैं। वहीं, तीनों देशों के पास कुल मिलाकर 33 फ्रिगेट, 24 कार्वेट और 22 सबमरीन हैं।सऊदी अरब के पास सबसे ज्यादा पैसा हैहालांकि, सिर्फ मिलिट्री के आंकड़ों से पूरी बात समझ नहीं आती।हालांकि, सिर्फ सैन्य संख्या से तीनों देशों की पूरी ताकत का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए रक्षा बजट बजट भी बहुत भी जरूरी है, जिसमें सऊदी अरब इन तीनों देशों से काफी आगे है।अल जजीरा के आंकड़ों के मुताबिक, इन तीनों देशों में सऊदी अरब का डिफेंस बजट सबसे ज्यादा है। 2026 में उसका अनुमानित डिफेंस खर्च लगभग 63.9 अरब डॉलर है, जबकि तुर्की का खर्च 51.4 अरब डॉलर और पाकिस्तान का सिर्फ 9.1 अरब डॉलर है।यह अंतर इस्लामाबाद के लिए अहम है, क्योंकि उसे लगातार आर्थिक दबावों का सामना करना पड़ रहा है और वह बाहरी आर्थिक मदद पर बहुत ज्यादा निर्भर है।फिर भी, इस समझौते से पाकिस्तान को सऊदी अरब के साथ रक्षा संबंध मजबूत करने और साथ ही अपने रक्षा उद्योग के लिए नए बाजार तलाशने का मौका मिलता है।एकेडमिक और सिक्योरिटी एनालिस्ट एंड्रियास क्रीग ने अल जजीरा को बताया कि सऊदी अरब पूंजी, भौगोलिक स्थिति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राजनीतिक रूप से लोगों को साथ लाने की क्षमता का योगदान देता है, जबकि तुर्की लगातार बेहतर होते रक्षा-औद्योगिक आधार, ड्रोन, मिसाइल, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, नौसैनिक सिस्टम और NATO-आधारित सैन्य विशेषज्ञता लाता है।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का योगदान मैनपावर, एक बड़ी पेशेवर सैन्य व्यवस्था, ऑपरेशनल अनुभव, रक्षा उत्पादन और परमाणु क्षमता है।सऊदी अरब को पाकिस्तान और तुर्की से क्या मिलता है?रियाद के लिए, यह समझौता अमेरिका पर उसकी लंबे समय से चली आ रही निर्भरता के अलावा सुरक्षा का एक और जरिया देता है।ईरान और उसके सहयोगियों से जुड़े बार-बार होने वाले क्षेत्रीय संघर्षों और हमलों के बीच, सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा साझेदारियों में विविधता लाने की कोशिश की है। तुर्की का रक्षा उद्योग रियाद को ड्रोन, मिसाइल और अन्य सैन्य तकनीकें उपलब्ध कराता है, जबकि पाकिस्तान एक बड़ा सैन्य ढांचा और परमाणु प्रतिरोध क्षमता प्रदान करता है।अमेरिकी रक्षा विभाग में अरब प्रायद्वीप मामलों के पूर्व निदेशक डेविड डेस रोशेस ने अल जजीरा को बताया कि इस समझौते से सऊदी अरब को पश्चिमी देशों से हथियारों के निर्यात को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच अपने रक्षा आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाने में मदद मिल सकती है।क्या पाकिस्तान सच में सऊदी अरब के लिए लड़ेगा?यहीं पर 'सामूहिक सुरक्षा' वाली शर्त की सबसे बड़ी परीक्षा हो सकती है।समझौते के मुताबिक, अगर किसी एक सदस्य पर हमला होता है, तो उसे तीनों पर हमला माना जाएगा। लेकिन इसमें NATO के आर्टिकल 5 की तरह तुरंत सैन्य कार्रवाई करने की कोई बात नहीं कही गई है।यह फर्क पाकिस्तान के लिए इसलिए अहम है क्योंकि इस्लामाबाद के ईरान के साथ संबंध हैं और वह बड़े मिडिल ईस्ट संघर्ष में खुद को मध्यस्थ के तौर पर पेश करने की कोशिश करता रहा है।इसलिए सवाल यह है कि अगर सऊदी अरब पर सीधे हमला होता है, तो क्या पाकिस्तान सच में ईरान के खिलाफ सेना भेजेगा?अगर हम पहले की घटनाओं को देखें तो, पता चलता है कि इस्लामाबाद किसी आक्रामक संघर्ष में सीधे शामिल होने के बजाय कूटनीतिक या रक्षात्मक भूमिका निभाना पसंद कर सकता है।क्या यह अमेरिका के नेतृत्व वाले सुरक्षा ढांचे के लिए चुनौती है?इस समझौते का असर सिर्फ इन तीन देशों तक ही सीमित नहीं रहेगा।पाकिस्तान अमेरिका का सहयोगी है और उसे अमेरिकी सुरक्षा सहायता मिलती है। सऊदी अरब अमेरिकी सैन्य उपकरणों के सबसे बड़े खरीदारों में से एक है, जबकि तुर्की के पास अमेरिका के बाद NATO की दूसरी सबसे बड़ी सेना है।हार्डकैसल एडवाइजरी के जैद एम. बेलबागी ने अल जजीरा को बताया कि पाकिस्तान को अमेरिकी मदद मिलती है, सऊदी अरब अमेरिकी सैन्य उपकरणों का सबसे बड़ा विदेशी खरीदार है, और तुर्की के पास अमेरिका के बाद NATO की दूसरी सबसे बड़ी सेना है।ऐसे में अमेरिका के तीन प्रमुख साझेदारों को शामिल करते हुए एक अलग सुरक्षा व्यवस्था का उभरना, क्षेत्र में तेजी से बदलते रणनीतिक समीकरणों में एक नई परत जोड़ सकता है।क्या मिस्र इस समझौते में शामिल हो सकता है?यह सुरक्षा समझौता आगे चलकर और देशों तक फैल सकता है। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने खुले तौर पर मिस्र के इस समझौते में शामिल होने का समर्थन किया है। उन्होंने मिस्र को इसका “स्वाभाविक साझेदार” बताया है।मिस्र की मजबूत सैन्य ताकत और उसकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, खासकर स्वेज नहर पर उसका नियंत्रण, उसे इस गठबंधन के लिए एक अहम सदस्य बना सकता है।हालांकि, मिस्र को इस तरह के सामूहिक रक्षा समझौते में शामिल होने से पहले कई बातों पर विचार करना होगा। इनमें अमेरिका के साथ उसके संबंध, मौजूदा सैन्य गठबंधन और क्षेत्र में उसकी दूसरी जिम्मेदारियां शामिल हैं।फिलहाल, अभी मुख्य ध्यान इस बात पर है कि क्या सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की अपनी बड़ी संयुक्त सैन्य क्षमताओं को एक कारगर सुरक्षा तंत्र में बदल सकते हैं।पाकिस्तान के लिए यह बात खास तौर पर अहम हो सकती है। क्योंकि यह देश इस समूह में सबसे ज्यादा सैनिक बल और परमाणु क्षमता का योगदान देता है, लेकिन इसका रक्षा बजट अपेक्षाकृत कम है और आर्थिक रूप से इसकी निर्भरता बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि सैन्य कर्मियों और रणनीतिक प्रतिरोध के अलावा यह कितना योगदान दे सकता है।यह भी पढ़ें:भारत से सीमा विवाद के बीच नेपाल का बड़ा कबूलनामा! क्या गायब हो गए 210 साल पुरानी सुगौली संधि के असली कागज?

ज़ी न्यूज़ 13 Aug 2026 9:46 pm

Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey | manpad missile

Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 8:34 pm

मणिपुर ने 135वां ‘पैट्रियट्स डे’ मनाया, 1891 के युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि दी

इंफाल, 13 अगस्त . मणिपुर ने Thursday को 135वां ‘पैट्रियट्स डे’ (देशभक्त दिवस) मनाया. यह दिन उन लोगों की याद में मनाया गया, जिन्होंने 1891 के एंग्लो-मणिपुर युद्ध के दौरान ब्रिटिश शासन का विरोध करते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी थी. मणिपुर के गवर्नर अजय कुमार भल्ला, Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह, डिप्टी सीएम ... Read more

डेली किरण 13 Aug 2026 6:52 pm

होर्मुज के कारण इराक में कैश की कमी, सरकारी कर्मचारियों को भी नहीं मिल पा रही सैलरी

बगदाद स्थित थिंक टैंक 'अल बयान सेंटर' के लिए अगस्त में जारी एक रिपोर्ट में इराकी अर्थशास्त्री अली अल-रावी ने तर्क दिया कि यह एक गंभीर संकट है, जो सिर्फ तेल क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है.

NDTV इंडिया 13 Aug 2026 6:06 pm

अमेर‍िकी खुफ‍िया जानकारी को अराघची ने बताया फर्जी, बोले-पहले गलती की तो शुरू हुआ युद्ध

नई द‍िल्‍ली, 13 अगस्त . ईरान के व‍िदेश मंत्री सैयद अब्‍बास अराघची ने एक बार फ‍िर अमेर‍िका प्रशासन पर न‍िशाना साधते हुए अमेर‍िका की खुफिया जानकारी पर सवाल खड़े क‍िए. मौजूदा हालातों के लिए अराघची ने अमेर‍िका की खुफिया जानकारी की गलत‍ियों को ज‍िम्‍मेदार ठहराया. अराघची ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में ल‍िखा, ”अमेरिका ... Read more

डेली किरण 13 Aug 2026 4:06 pm

23 साल बाद इराक से अमेरिकी सैनिकों की होगी विदाई! सद्दाम हुसैन से शुरू हुआ मिशन अब होगा खत्म

23 साल बाद इराक से अमेरिकी सैनिकों की होगी विदाई! सद्दाम हुसैन से शुरू हुआ मिशन अब होगा खत्म

समाचार नामा 13 Aug 2026 1:24 pm

Strait of Hormuz पर US का पूर्ण कब्जा, Donald Trump बोले- ईरान अब Middle East का दादा नहीं रहा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है और ईरान के साथ इस अहम रास्ते को फिर से खोलने को लेकर रुकी हुई बातचीत के बीच वे इसे बनाए रखेंगे। ट्रुथ सोशल पर एक बयान में ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है। मुझे लगता है कि हम इसे बनाए रखेंगे! हर कोई हमारी नेवल नाकेबंदी को स्टील की दीवार कह रहा है और ईरान इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता। ट्रंप ने यह भी कहा कि तेहरान का मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह कमज़ोर हो गया है और उन्होंने अपना मैसेज इस बात के साथ खत्म किया, अल्लाह की तारीफ़ हो! उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे कहा, उनके पास सिर्फ़ फ़ेक न्यूज़ और 300% महंगाई है, और हालात और बिगड़ रहे हैं! ईरान सिर्फ़ बातें करता है, कोई काम नहीं करता; अब वह मिडिल ईस्ट का दादा नहीं रहा। अल्लाह की तारीफ़ हो! प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप। अमेरिकी राष्ट्रपति की ये बातें होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर लंबे समय से चल रहे टकराव के बाद आई हैं। यह समुद्री रास्ता बहुत अहम है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20% पेट्रोलियम व्यापार यहीं से होता है। इसे भी पढ़ें: हूती विद्रोहियों का सबसे बड़ा हमला..सऊदी के जहाज को उड़ाया! यह ताज़ा तनाव इस इलाके में हफ़्तों से ईरान, इज़राइल और अमेरिकी सेनाओं के बीच हुई सैन्य झड़पों के बाद बढ़ा है। इस टकराव से इलाके में बड़े पैमाने पर संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। साथ ही, तेहरान ने बार-बार चेतावनी दी है कि अगर ईरान पर बाहरी दबाव बढ़ता रहा, तो समुद्री आवाजाही पर रोक लग सकती है या उसमें रुकावट आ सकती है।इसके जवाब में, वॉशिंगटन ने खाड़ी इलाके में अपनी नौसेना की बड़ी मौजूदगी तैनात की है और फिर से कहा है कि समुद्री आवाजाही की आज़ादी सुनिश्चित करना सुरक्षा का मुख्य लक्ष्य बना हुआ है। इसे भी पढ़ें: Donald Trump का दावा: नाकेबंदी से Strait of Hormuz पर अमेरिका का नियंत्रण है ट्रंप के बयानों के साथ-साथ पर्दे के पीछे कूटनीतिक बातचीत भी चल रही थी। वॉशिंगटन और तेहरान के प्रतिनिधि होर्मुज़ संकट को कम करने और समुद्री आवाजाही को फिर से सामान्य करने की शर्तों पर अप्रत्यक्ष बातचीत में शामिल रहे हैं। खबरों के मुताबिक, तेहरान ने 28 फरवरी को ट्रंप द्वारा शुरू किए गए अमेरिकी युद्ध से हुए नुकसान और प्रतिबंधों के कारण हुए आर्थिक नुकसान के लिए मुआवज़े की मांग की है; ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इस शर्त को खारिज कर दिया है। साथ ही, ट्रंप प्रशासन ने तेहरान के खिलाफ आर्थिक कदम तेज़ कर दिए हैं, मौजूदा प्रतिबंधों को लागू किया है और चेतावनी दी है कि अगर ईरान नियमों का पालन नहीं करता है, तो और सख़्त कार्रवाई की जा सकती है।

प्रभासाक्षी 13 Aug 2026 12:56 pm

अल-नीनो का असर, नदी का पानी घटा तो निकला हिटलर का युद्धपोत

डानुबे नदी का पानी घटने से 1944 में डूबा जर्मन युद्धपोत फिर दिखाई देने लगा है. सर्बिया में सामने आया यह मलबा यूरोप में बढ़ती गर्मी और सूखे के बीच नदियों के घटते जलस्तर की तस्वीर दिखाता है.

आज तक 13 Aug 2026 12:26 pm

Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | MBS

Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | अब सवाल उठ रहा है कि क्या जाजान हमला इस नए ‘इस्लामिक NATO’ की पहली बड़ी परीक्षा है?

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 10:35 am

इजरायली इनपुट पर CIA को था शक, फिर भी तुर्की से ट्रंप का गुपचुप 'रेस्क्यू'

तुर्की में NATO समिट के दौरान ट्रंप को ईरानी हमले से बचाने के लिए जिस गुप्त ऑपरेशन के तहत दूसरे विमान में शिफ्ट किया गया था, उस पर अब नई जानकारी सामने आई है. इजरायल से मिले ईरानी हमले के इनपुट को CIA ने कम भरोसे वाला माना था, लेकिन सीक्रेट सर्विस ने जोखिम नहीं लिया.

आज तक 13 Aug 2026 8:27 am

Pakistan का दावा, Saudi Arabia और तुर्किये से रक्षा समझौता केवल रक्षात्मक प्रकृति का

(सज्जाद हुसैन)इस्लामाबाद, 12 अगस्त पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि पिछले सप्ताह उसने सऊदी अरब और तुर्किये के साथ जिस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, वह “पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति का है’’। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने यहां संवाददाता सम्मेलन के दौरान समझौते को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में कहा, ‘‘यह समझौता पाकिस्तान की जनता की इच्छाओं के अनुरूप है।’’उन्होंने कहा कि यह समझौता ‘‘पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति का है, जो सदस्य देशों के लिए खतरों और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करने की अनुमति देता है।’’अंद्राबी ने हालांकि अपनी टिप्पणी में किसी भी देश का नाम नहीं लिया। इस सप्ताह की शुरुआत में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इस्हाक डार ने भी कहा था कि यह रक्षा समझौता “किसी भी देश के खिलाफ लक्षित नहीं है’’। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने सात अगस्त को ‘‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’’ पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच हुआ। तीनों देशों द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘‘रक्षा समझौते का उद्देश्य किसी भी आक्रामक कार्रवाई के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना है। इसमें यह प्रावधान है कि तीनों देशों में से किसी एक पर किया गया कोई भी सशस्त्र हमला, तीनों देशों पर हमला माना जायेगा।’’भारत ने मंगलवार को कहा था कि वह पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए रक्षा समझौते के देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा था, ‘‘जहां तक इस समझौते का सवाल है, हम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिहाज से इसके प्रभावों का आकलन कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा था, ‘‘भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में सभी जरूरी कदम उठाएगा।

प्रभासाक्षी 13 Aug 2026 8:22 am

महाभारत के युद्धिष्ठिर ने की रामायणम् के ट्रेलर की आलोचना, कहा- कैकई ऐसी नहीं थी, Ramayana क्या है

दूरदर्शन की महाभारत में युद्धिष्ठिर की भूमिका निभाने वाले एक्टर गजेंद्र चौहान ने नितेश तिवारी की रामायणम् के इंग्लिश टाइटल और कैकयी के रोल पर रिएक्शन दिया. वहीं रामायणम् के ट्रेलर के बारे में भी बात की.

NDTV इंडिया 13 Aug 2026 7:41 am

ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने तक युद्ध जारी रख सकता है ईरान: IRGC

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ सलाहकार मोहम्मद रजा नकदी ने कहा है कि अमेरिका के साथ जारी युद्ध को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल तक खींचना ईरान की रणनीति है.

आज तक 13 Aug 2026 5:04 am

Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel

Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 11:49 pm

USS अब्राहम लिंकन से कूदने की कोशिश कर रहे अमेरिकी सैनिक, ईरान युद्ध से हालत हुई खराब

ईरान युद्ध में फंसे अमेरिका के लिए सिरदर्द बढ़ गया है। USS अब्राहम लिंकन पर तैनात सैनिक अब तनाव से गुजर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक सैनिक पिछले 230 से ज्यादा दिनों से जहाज पर हैं और कैरियर भी लगातार पानी में ही है। ईरानी हमलों की आशंका ने चीजें और खराब कर दी हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 8:46 pm

हथियारों की नई रेस: ये 7 घातक टेक्नोलॉजी तय करेगी भविष्य में कौन जीतेगा युद्ध?

भविष्य के युद्धों में तकनीक की भूमिका निर्णायक होगी, जहां AI, ड्रोन, हाइपरसोनिक मिसाइलें और साइबर हथियार प्रमुख होंगे। भारत भी इन 7 घातक तकनीकों में तेजी से प्रगति कर रहा है, जो युद्ध के समीकरण बदल देंगी।

जागरण 12 Aug 2026 8:24 pm

Iran-Iraq Conflict: एरबिल में कुर्द ठिकानों पर Iran का Missile Attack, अरागची का दावा- अमेरिका और Israel को मिली मात

ईरान ने इराक के उत्तरी एरबिल प्रांत में ईरानी कुर्द विपक्षी समूहों के ठिकानों पर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे। अल जज़ीरा ने 'रुदाव' से बात करने वाले एक पेशमर्गा कमांडर के हवाले से बताया कि इन हमलों में एरबिल प्रांत की अलामा घाटी में कोमाला पार्टी और कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ ईरान (KDPI) के लड़ाकों को निशाना बनाया गया। इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इसके बाद ईरान के चार ड्रोन प्रांत के कई ज़िलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिनमें सोरान, खलीफ़ान और हरीर शामिल हैं। स्थानीय मीडिया के हवाले से अल जज़ीरा ने बताया कि दो ड्रोन खलीफ़ान के एक गाँव के पास गिरे, एक सोरान में एक रिहायशी घर से टकराया और चौथा बनी हरीर पहाड़ पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे आस-पास की घास में आग लग गई। पेशमर्गा स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र की सैन्य बल के तौर पर काम करते हैं, जबकि कोमाला पार्टी और KDPI ईरानी कुर्द विपक्षी समूह हैं जिनका मुख्यालय उत्तरी इराक के सीमावर्ती इलाके में है। इसे भी पढ़ें: Pannun Case में Nikhil Gupta की सज़ा पर सस्पेंस बरकरार, US Court ने 20 नवंबर तक टाला Sentencing फैसला इससे पहले मंगलवार को, ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि अमेरिका के साथ हालिया युद्ध के दौरान ईरान ने दुनिया के सामने खुद को एक 'मज़बूत और अजेय शक्ति' के तौर पर साबित किया और आखिरकार दुश्मन को बातचीत के लिए मजबूर किया। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय में 'कूटनीति और स्वास्थ्य के बीच सहयोग और तालमेल' पर हुई बैठक में अरागची ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल के साथ संघर्ष के दौरान ईरान की सेना ने बड़ी कुर्बानियां दी हैं। ISNA के अनुसार, अरागची ने कहा कि हमारी सेना ने अपनी जान की बाज़ी लगाई और दुनिया की सबसे बड़ी दिखने वाली सेना को हराया। यह कोई नारा नहीं है; यह एक सच्चाई है जिसे पूरी दुनिया मानती है। उन्होंने कहा कि हालिया युद्ध के दौरान पूरे देश में कुर्बानी और बहादुरी के नज़ारे देखने को मिले, जहाँ लोग संघर्ष के बावजूद अपने कर्तव्य निभाते रहे। उन्होंने कहा किसी ने नहीं सोचा था कि ईरान, अमेरिका और ज़ायोनी शासन [इज़राइल] के सहयोग—जिसमें सभी पश्चिमी देशों और कुछ अन्य देशों का समर्थन शामिल था जिन्हें हम सब जानते हैं—के ख़िलाफ़ इस तरह डटकर मुकाबला कर पाएगा और आखिरकार दुश्मन को बातचीत के लिए मजबूर कर देगा।

प्रभासाक्षी 12 Aug 2026 7:21 pm

Houthi Attack On Saudi Arabia: समंदर से लेकर तेल ठिकाने और अब सऊदी सेना पर हमले | MBS

यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी के दावे के मुताबिक, ताइज़ प्रांत के अल-मोखा क्षेत्र और मारिब के तदावीन कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 7:11 pm

महाभारत युद्ध के बाद द्रौपदी ने अश्वत्थामा को क्यों दिया था मृत्यु न पाने का अभिशाप

कुरुक्षेत्र के मैदान में 18 दिनों तक चले महाभारत के भीषण युद्ध में अंततः पांडवों की विजय हुई और कौरवों की हार हुई, लेकिन इस जीत की खुशी पांडवों के नसीब में नहीं थी। अपनों को खोने के असहनीय दुख के अलावा पांडवों और विशेषकर द्रौपदी के सीने में अपने पांचों पुत्रों की अकाल मृत्यु का गहरा जख्म था।यह दर्द इसलिए भी बहुत बड़ा था क्योंकि पांडव पुत्र युद्ध के मैदान में वीरता से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त नहीं हुए थे, बल्कि युद्ध समाप्त होने के बाद सोते हुए अवस्था में उनकी निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि गुरु द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा था। पुत्रों की हत्या के इस भयानक पाप के बदले में द्रौपदी ने अश्वत्थामा को मृत्यु न मिलने का यानी अमरता का अभिशाप दिया था, जो किसी वरदान से कम नहीं बल्कि सबसे बड़ी सजा थी।द्रौपदी के पुत्रों की सोते में हुई थी हत्यामहाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका था और कौरव सेना पूरी तरह परास्त हो चुकी थी। युद्ध की थकान से चूर द्रौपदी के पांचों पुत्र (उपपांडव) एक शिविर में गहरी नींद में सो रहे थे। विजय के अहंकार और प्रतिशोध की आग में जलते हुए अश्वत्थामा ने रात के अंधेरे में उस शिविर में प्रवेश किया और सोते हुए अवस्था में ही द्रौपदी के सभी पुत्रों की क्रूरतापूर्वक हत्या कर दी। इस घटना ने पांचाल और पांडव शिविर में कोहराम मचा दिया और पूरा माहौल शोक में डूब गया।द्रौपदी ने अश्वत्थामा को क्यों दिया था अमरता का अभिशाप?जब अश्वत्थामा को इस घोर पाप के लिए अर्जुन और भीम द्वारा पकड़कर श्री कृष्ण के समक्ष लाया गया, तब उसे मृत्युदंड देने के बजाय द्रौपदी ने एक अनूठा निर्णय लिया। सनातन शास्त्रों के अनुसार, गुरु के पुत्र को भी गुरु के समान ही आदरणीय माना जाता है और द्रौपदी गुरु द्रोणाचार्य का बहुत सम्मान करती थीं।इसके अलावा, एक मां के रूप में द्रौपदी स्वयं पुत्र वियोग के दर्द को भली-भांति समझती थीं। वह जानती थीं कि यदि अश्वत्थामा को मृत्यु दी जाती है, तो उसकी माता कृपी को भी पुत्र शोक की वैसी ही असहनीय पीड़ा झेलनी होगी, जैसी वह खुद झेल रही हैं। इन सभी धर्मिक मर्यादाओं और गुरु परिवार के सम्मान को ध्यान में रखते हुए, द्रौपदी ने अश्वत्थामा को मृत्यु के घाट उतारने के बजाय धरती पर चीरकाल तक जीवित रहने, कोढ़ और विभिन्न रोगों से ग्रसित होकर एक सूक्ष्म कण के रूप में भटकने का अभिशाप दिया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अश्वत्थामा आज भी कलियुग में जीवित हैं और पृथ्वी पर जहां भी नकारात्मकता, पाप और अधर्म होता है, वहां उनकी सूक्ष्म उपस्थिति मानी जाती है।अर्जुन ने छीन ली थी अश्वत्थामा के मस्तक की दिव्य मणिपौराणिक कथाओं के अनुसार, अश्वत्थामा के जन्म से ही उसके मस्तक पर एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य मणि सुशोभित थी। इस मणि के प्रभाव से उसे अस्त्र-शस्त्र, भूख, प्यास, थकान और किसी भी प्रकार के भय से मुक्ति मिली हुई थी। इसी मणि की असीम शक्ति और अहंकार के बल पर ही वह द्रौपदी के पुत्रों की हत्या करने में सफल रहा था।जब अश्वत्थामा का अहंकार और उसका अपराध पराकाष्ठा पर पहुंच गया, तब भगवान श्री कृष्ण के निर्देशानुसार अर्जुन ने उसके मस्तक से उस दिव्य मणि को बलपूर्वक निकाल लिया। मणि छिन जाने के कारण अश्वत्थामा का जीवन जीवित शव के समान हो गया और अंततः द्रौपदी द्वारा दिया गया अमरता का वह अभिशाप उसके लिए जीवनभर की सबसे बड़ी सजा बन गया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 5:55 pm

भारतीय युद्धपोत पर लगेंगे कामीकाजे ड्रोन, 18 हजार करोड़ की होगी डील

रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए जहाज से लॉन्च होने वाले लॉइटरिंग म्यूनिशन की RFI जारी की है. 1000 किमी रेंज, नौ घंटे तक लॉइटरिंग क्षमता मांगी गई है. डील 15-18 हजार करोड़ रुपये की हो सकती है.

आज तक 12 Aug 2026 4:57 pm

उत्तरी इराक के एरबिल में 4 ड्रोन गिरे, घरों को पहुंचा नुकसान

उत्तरी इराक के एरबिल में 4 ड्रोन गिरे, घरों को पहुंचा नुकसान

समाचार नामा 12 Aug 2026 4:31 pm

15 अगस्त को कर्क में बुध और गुरु का गृहयुद्ध, मेष राशि के लोग बचकर रहें, अन्य राशि का क्या?

15 अगस्त 2026 को कर्क राशि में बुध और उच्च के गुरु (बृहस्पति) के बीच होने वाला ग्रह युद्ध सभी 12 राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव और मानसिक उथल-पुथल लेकर आएगा। जल तत्व की राशि में यह संयोग मुख्य रूप से सोच-विचार, निर्णय लेने की क्षमता, व्यापार, शिक्षा और रिश्तों को प्रभावित करेगा। क्या होता है गृहयुद्ध? खगोलीय रूप से, 15 अगस्त के आसपास सुबह सूर्योदय से ठीक पहले पूर्व दिशा के आसमान में बुध और गुरु की युति (Conjunction) बेहद नजदीक दिखाई देगी, जिसे बाइनाकुलर (दूरबीन) की मदद से आसानी से देखा जा सकता है। 15 अगस्त 2026 को कर्क राशि में बुध (Mercury) और गुरु (Jupiter) के बीच होने वाली खगोलीय और ज्योतिषीय स्थिति को ज्योतिष में ग्रह युद्ध (Planetary War) कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों के अनुसार, जब मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनि में से कोई दो ग्रह एक ही राशि में बिल्कुल एक-दूसरे के करीब (आमतौर पर 1 डिग्री या उससे कम के अंतर पर या समान अंशों पर) आ जाते हैं, तो उनके बीच 'ग्रह युद्ध' की स्थिति बनती है। ज्योतिषीय गणना में माना जाता है कि ग्रह युद्ध में वही ग्रह विजेता होता है जो अक्षांश या दीप्ति में अधिक बलवान हो। चूंकि कर्क राशि में गुरु उच्च के हैं, इसलिए इस स्थिति में गुरु का पलड़ा भारी रहता है। आइए जानते हैं कि सभी 12 राशियों पर इस ग्रह युद्ध का क्या प्रभाव पड़ेगा: 1. मेष राशि (Aries) प्रभाव: चतुर्थ भाव में यह ग्रह युद्ध पारिवारिक मामलों में कुछ भ्रम या बहस की स्थिति पैदा कर सकता है। सलाह: घर-परिवार या जमीन-जायदाद से जुड़े बड़े फैसले लेते समय अति-उत्साह या बहसबाजी से बचें। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 2. वृषभ राशि (Taurus) प्रभाव: तृतीय भाव में बुध-गुरु की निकटता आपके पराक्रम और संचार (Communication) में वृद्धि करेगी। सलाह: छोटे भाई-बहनों से बातचीत में अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। नौकरी और व्यापारिक यात्राओं में सफलता मिलेगी, लेकिन दस्तावेज ध्यान से जांच लें। 3. मिथुन राशि (Gemini) प्रभाव: द्वितीय (धन) भाव में यह योग अचानक धन लाभ के अवसर देगा, लेकिन वाणी में कठोरता या घमंड भी ला सकता है। सलाह: आर्थिक मामलों में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। परिवार के साथ वित्तीय मामलों पर चर्चा करते समय शांति बनाए रखें। 4. कर्क राशि (Cancer) प्रभाव: आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में यह ग्रह युद्ध हो रहा है। मानसिक रूप से आप विचारों के अतिप्रवाह (Overthinking) और भ्रम का अनुभव कर सकते हैं। सलाह: जल्दबाजी या भावुक होकर कोई बड़ा फैसला न लें। गुरु की कृपा से आपकी बुद्धिमत्ता बढ़ेगी, लेकिन अहंकार से बचना होगा। 5. सिंह राशि (Leo) प्रभाव: द्वादश (12वें) भाव में यह स्थिति अचानक खर्चों में बढ़ोतरी और विदेश से जुड़े कार्यों में तेजी संकेत देती है। सलाह: बजट बनाकर चलें और कानूनी या कागजी मामलों में लापरवाही न बरतें। आध्यात्मिक कार्यों की ओर झुकाव रहेगा। 6. कन्या राशि (Virgo) प्रभाव: एकादश (लाभ) भाव में यह संयोग आय के नए रास्ते खोलेगा। आपके पेशेवर संपर्क मजबूत होंगे। सलाह: दोस्तों या व्यावसायिक साझेदारों के साथ पैसों या तर्कों को लेकर मतभेद हो सकते हैं। काम पर ध्यान केंद्रित रखें। 7. तुला राशि (Libra) प्रभाव: दशम (कर्म) भाव में यह ग्रह युद्ध करियर और कार्यक्षेत्र में बड़े बदलाव और नए अवसर ला सकता है। सलाह: कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करते समय अत्यधिक आत्मविश्वासी होने से बचें। अपने विचारों को स्पष्टता से रखें। 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) प्रभाव: नवम (भाग्य) भाव में उच्च के गुरु और बुध का यह संयोग उच्च शिक्षा, धार्मिक गतिविधियों और दूर की यात्राओं के योग बनाएगा। सलाह: भाग्य का साथ मिलेगा, लेकिन किसी भी मुद्दे पर अपने विचार दूसरों पर थोपने की कोशिश न करें। 9. धनु राशि (Sagittarius) प्रभाव: अष्टम भाव में यह स्थिति अचानक धन लाभ या शोध कार्यों में सफलता दिला सकती है, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। सलाह: शेयर बाजार या जोखिम भरे निवेश से बचें। गुप्त बातों को उजागर न होने दें। 10. मकर राशि (Capricorn) प्रभाव: सप्तम भाव में यह संयोग वैवाहिक जीवन और साझेदारी के व्यवसाय को प्रभावित करेगा। सलाह: जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ संवादहीनता (Communication Gap) न होने दें। तार्किक बहस रिश्ते बिगाड़ सकती है, इसलिए धैर्य रखें। 11. कुंभ राशि (Aquarius) प्रभाव: छठे भाव में यह योग आपको प्रतियोगिताओं और शत्रु पक्ष पर विजय दिलाएगा, लेकिन स्वास्थ्य का ख्याल रखना होगा। सलाह: खान-पान पर ध्यान दें और अनावश्यक वाद-विवाद से खुद को दूर रखें। कर्ज या लेन-देन के मामलों में सावधानी बरतें। 12. मीन राशि (Pisces) प्रभाव: पंचम भाव में यह ग्रह युद्ध शिक्षा, बुद्धि और संतान पक्ष के लिए सकारात्मक परिणाम देगा। सलाह: विद्यार्थियों को एकाग्रता बनाए रखनी होगी। रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर मिलेंगे, लेकिन निर्णय लेने में भ्रमित न हों। अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें: बुध और गुरु दोनों ग्रहों के शुभ फल प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु की आराधना सबसे उत्तम मानी जाती है। पीले और हरे रंग का सही संतुलन: इस दिन केले के वृक्ष की पूजा करें या किसी जरूरतमंद को चने की दाल/हल्दी का दान करें। गाय को हरा चारा/गुड़ खिलाएं: इससे बुध-गुरु जनित मानसिक तनाव और भ्रम दूर होता है।

वेब दुनिया 12 Aug 2026 2:42 pm

अब PAK-चीन की खैर नहीं... नेवी के हर युद्धपोत पर होगी ब्रह्मोस की तैनाती

भारतीय नौसेना 2030 तक ज्यादातर युद्धपोतों पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल लगा देगी. ऑपरेशन सिंदूर में इसकी सफलता के बाद लगभग 20 जहाज लैस हैं. नए जहाजों में पहले से व्यवस्था है.

आज तक 12 Aug 2026 2:07 pm

जापान की सैन्य नीति पर भड़का उत्तर कोरिया, बोला- 'युद्ध मशीन' को मजबूत करने का बहाना

उत्तर कोरिया ने जापान की नई रक्षा श्वेत पत्र को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्योंगयांग ने आरोप लगाया है कि जापान पड़ोसी देशों से खतरे का हवाला देकर अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने और क्षेत्र में सैन्यीकरण को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

खास खबर 12 Aug 2026 1:46 pm

जापान की सैन्य नीति पर भड़का उत्तर कोरिया, बोला- ‘युद्ध मशीन’ को मजबूत करने का बहाना

सोल, 12 अगस्त उत्तर कोरिया ने जापान की नई रक्षा श्वेत पत्र को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. प्योंगयांग ने आरोप लगाया है कि जापान पड़ोसी देशों से खतरे का हवाला देकर अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने और क्षेत्र में सैन्यीकरण को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. उत्तर कोरियाई Governmentी मीडिया में प्रकाशित एक ... Read more

डेली किरण 12 Aug 2026 1:36 pm

Trump की ईरानी साजिश पर Turkey ने उठाए बड़े सवाल!

डोनाल्ड ट्रंप की तुर्की यात्रा के दौरान कथित ईरानी हमले की चेतावनी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की के अधिकारियों को शक है कि इजरायल की ओर से दी गई खुफिया जानकारी का इस्तेमाल अमेरिका ईरान बातचीत को प्रभावित करने के लिए किया गया हो सकता है. हालांकि, इस दावे के समर्थन में अभी कोई सार्वजनिक ठोस सबूत सामने नहीं आया है और रिपोर्ट को संदेह के रूप में देखा जा रहा है.

आज तक 12 Aug 2026 1:26 pm

आजादी के अफसाने: सन् 1857 का सबसे चतुर रणबांकुरा! गोरिल्ला युद्ध से बरतानिया हुकूमत की हिला दी थी नींव

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक तात्या टोपे की प्रेरक गाथा पढ़िए... जानिए कैसे तात्या टोपे ने गोरिल्ला युद्ध की रणनीति से अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी, कानपुर और ग्वालियर में ऐतिहासिक भूमिका निभाई तथा रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर आजादी की लड़ाई लड़ी.

NDTV इंडिया 12 Aug 2026 12:29 pm

रूस-यूक्रेन युद्ध में दुनिया के सबसे रहस्यमय देश की एंट्री, जेलेंस्की के उड़े होश; पकड़ा रहा ऐसे घातक अस्त्र

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के मोर्चे पर एक ऐसा सनसनीखेज भू-राजकीय मोड़ आ गया है, जिसने पूरी दुनिया की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपने सख्त और रहस्यमयी तौर-तरीकों के लिए पहचाना जाने वाला दुनिया का सबसे गोपनीय देश अब इस युद्ध के अखाड़े में प्रत्यक्ष रूप से कूद पड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस गुप्त देश की तरफ से रूस को ऐसे अत्याधुनिक और खतरनाक अस्त्र-शस्त्र सप्लाई किए जा रहे हैं, जिनके आगे यूक्रेन की रक्षा प्रणालियां और पश्चिमी देशों के हथियार भी लाचार नजर आ रहे हैं। इस नई एंट्री से यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।यूक्रेन की डिफेंस लाइन को ध्वस्त कर रहे हैं ये सीक्रेट हथियारयुद्ध के मैदान से आ रही खुफिया रिपोर्टों से पता चलता है कि इस रहस्यमय देश द्वारा मोर्चे पर पहुंचाए जा रहे हथियार बेहद उच्च तकनीक वाले और घातक हैं। ये अस्त्र सटीक निशाना लगाने के साथ-साथ रडार को चकमा देने में भी माहिर बताए जा रहे हैं। रूसी सेना जब इन आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रही है, तो यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली और बख्तरबंद गाड़ियां बुरी तरह तबाह हो रही हैं। जेलेंस्की प्रशासन लगातार पश्चिमी देशों से आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम की मांग कर रहा था, लेकिन इस नई खेप के सामने आने के बाद यूक्रेन के रणनीतिकारों के होश फाख्ता हो गए हैं।वैश्विक कूटनीति में मचा हड़कंप, पश्चिमी देशों की बढ़ी चिंताइस रहस्यमय देश के सीधे तौर पर रूस के पक्ष में युद्ध के मैदान में उतरने से वाशिंगटन से लेकर ब्रुसेल्स तक के तमाम पश्चिमी देशों में हड़कंप मच गया है। अमेरिका और नाटो (NATO) के रणनीतिकार यह अनुमान लगाने में जुटे हैं कि इस गुप्त गठबंधन से आने वाले दिनों में युद्ध का पासा पूरी तरह से पलट सकता है। एक तरफ जहां रूस की सैन्य ताकत और मारक क्षमता में बेतहाशा इजाफा हुआ है, वहीं यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों के लिए इस नई चुनौती का सामना करना बेहद कठिन साबित हो रहा है। इस हाई-वोल्टेज डेवलपमेंट ने तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाओं को एक बार फिर से तेज कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 12:03 pm

जब कैटरिंग ट्रक में छिपकर भागे ट्रंप! ईरान के पास थी बेडरूम तक की लोकेशन... जानें तुर्की में उस रात क्या-क्या हुआ

Donald Trump Secret Plane Swap: क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक बड़ा मिसाइल हमला होने वाला था? क्या ईरान के सीक्रेट एजेंटों कोट्रंप के होटल के कमरे से लेकर उनके हर एक कदम की सटीक जानकारी थी? जी हां, तुर्की में आयोजित नाटो सम्मेलन के दौरान एक ऐसा खौफनाक सनसनीखेज वाकया सामने आया है, जिसने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और सीक्रेट सर्विस के होश उड़ा दिए थे।न्यू यॉर्क टाइम्स की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से 'सरफेस-टू-एयर मिसाइल' हमले के इनपुट मिलने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप को तुर्की से बेहद नाटकीय और सीक्रेट तरीके से सुरक्षित बाहर निकाला गया।ईरानी जासूसों के पास थी कमरे के फ्लोर तक की खबर!अंकारा में नाटो सम्मेलन के दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को बेहद खौफनाक इनपुट्स मिले। इंटेल रिपोर्ट में दावा किया गया था कि, ईरानी गुर्गों को इस बात की सटीक जानकारी थी कि ट्रंप अंकारा के किस होटल में रुके हैं और किस फ्लोर पर ठहरे हुए हैं।नाटो समिट वेन्यू के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइल के साथ देखा गया था। रिपोर्ट यह भी थी कि ट्रंप जिस भी प्लेन से उड़ान भरेंगे, उसे सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाया जा सकता है।कैटरिंग ट्रक में छिपकर निकले ट्रंपईरान के इस सीधे और जानलेवा खतरे को देखते हुए सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना ने ट्रंपको बचाने के लिए एक हॉलीवुड फिल्म जैसा 'मास्टरप्लान' बनाया। दुनिया और मीडिया को चकमा देने के लिए ट्रंप सबसे पहले कैमरों के सामने अपने आधिकारिक विमान 'एयर फोर्स वन' में सवार हुए। उन्होंने कहा भी कि वे 'पुरानी यादों के लिए' इस प्लेन का इस्तेमाल कर रहे हैं।इसके बाद एयरपोर्ट पर एक कैटरिंग कंटेनर को प्लेन के पास लाया गया। ट्रंप को बेहद चुपके से इस कैटरिंग ट्रक के अंदर ले जाया गया। ट्रंप को इस ट्रक के जरिए गुप्त रूप से एक सैन्य विमान (Air Force C-32A) में ट्रांसफर किया गया और वहां से वे ब्रिटेन के लिए रवाना हो गए। जब दुनिया सोच रही थी कि ट्रंप एयर फोर्स वन में हैं, तब वे एक मिलिट्री प्लेन से तुर्की की सीमा पार कर चुके थे।ट्रंप का सनसनीखेज कबूलनामा- 'मैंने ज्यादा सवाल नहीं पूछे...'तुर्की में हुए इस सीक्रेट प्लेन स्वैप पर ट्रंप का बयान भी सामने आया है। उन्होंने खुद पुष्टि की है कि उन्हें सुरक्षा एजेंसियों के कहने पर अपना विमान बदलना पड़ा था।डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मैं सीक्रेट सर्विस और सेना के निर्देशों पर चलता हूं। वे चाहते थे कि मैं दूसरी फ्लाइट और दूसरे प्लेन से जाऊं... मैंने वही किया जो उन्होंने कहा। मुझे लगता है कि वहां कोई बड़ा खतरा था। मैंने इसके बारे में ज्यादा सवाल नहीं पूछे, क्योंकि मुझे अक्सर ऐसी धमकियां मिलती रहती हैं। शायद मैं सबसे ज्यादा असरदार राष्ट्रपति हूं, इसलिए ऐसा होता है।'जब दो देशों के बीच मंडराया जंग का खतराविभाजन और वैश्विक कूटनीति के बीच इस घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव में घी डालने का काम किया है। अगर तुर्की में अमेरिकी राष्ट्रपति के विमान पर हमला हो जाता या ट्रंप को नुकसान पहुंचता, तो यह सीधे तौर पर तीसरे विश्व युद्ध का कारण बन सकता था। फिलहाल, अमेरिका की इस सतर्कता और सीक्रेट ऑपरेशन ने ट्रंप की जान बचा ली।

ज़ी न्यूज़ 12 Aug 2026 11:44 am

बाब अल-मंदेब में हूती समूहों ने सऊदी अरब के जहाज को बनाया निशाना, सैन्य उपकरण ले जाने का आरोप

बाब अल-मंदेब में हूती समूहों ने सऊदी अरब के जहाज को बनाया निशाना, सैन्य उपकरण ले जाने का आरोप

समाचार नामा 12 Aug 2026 11:29 am

Trump Plane Threat: तुर्की से निकलते वक्त क्यों बदला गया ट्रंप का विमान? राष्ट्रपति ने खुद बताया- जान को था गंभीर खतर

Trump Plane Threat: तुर्की से निकलते वक्त क्यों बदला गया ट्रंप का विमान? राष्ट्रपति ने खुद बताया- जान को था गंभीर खतर

समाचार नामा 12 Aug 2026 8:10 am

पिछली बार 2019 में निकाली थी लॉटरी:पाक युद्ध, इमरजेंसी, बाबरी विवाद छोड़कर पहली बार 7 साल बाद कुर्सी संभालेंगे नए मेयर-सभापति

प्रदेश के निकायों के मेयर, सभापति, अध्यक्ष ज्यादातर बार पांच साल में चुने जाते रहे हैं। लेकिन पाक युद्ध, इमरजेंसी, बाबरी ढांचा विवाद के बाद पहली बार है, जब 5 की जगह 7 साल बाद नए निगम मेयर, परिषद सभापति और पालिका अध्यक्ष कुर्सी संभाल पाएंगे। 13 अगस्त को पिछली लॉटरी के ठीक 6 साल 10 माह बाद फिर से निकायों की लॉटरी निकाली जाएगी। इसके करीब 2 माह चुनाव और परिणाम में लगेंगे। उसके बाद एक माह तक निकायों में बहुमत वाले दल के पार्षद बोर्ड द्वारा नए मेयर, सभापति का चुनाव किया जाएगा। फिर नए मेयर निकाय प्रमुख कुर्सी संभालेंगे, तब तक अक्टूबर-नवंबर आ जाएगा। ऐसे में 7 साल बाद नए निकाय प्रमुख मिलेंगे। 1977 की इमरजेंसी के बाद 6 साल के अंतराल से चुनाव हुए थे। गौरतलब है कि प्रदेश में 309 निकाय हैं और उनकी आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को निकाली जाएगी। वार्डों की पिछली लॉटरी 18 सितंबर, 2019 में निकाली गई थी। यह अंतराल करीब 7 साल का है।

दैनिक भास्कर 12 Aug 2026 5:30 am

Ambala News: एकतरफा कार्रवाई पर गुरमत्ता पारित, कल होगी सिख संगत की बैठक

एकतरफा कार्रवाई पर गुरमत्ता पारित, कल होगी सिख संगत की बैठक

अमर उजाला 12 Aug 2026 2:26 am

Nainital News: नाटक में तीसरे विश्वयुद्ध के बाद का दर्द हुआ जीवंत

सिने अभिनेता निर्मल पांडे की स्मृति में उनके जन्मदिवस पर सांस्कृतिक संस्था युगमंच एवं प्रयोगांक संस्था की ओर से नाट्य महोत्सव हुआ।

अमर उजाला 12 Aug 2026 1:44 am

मिडिल ईस्ट में रचा इतिहास: लेबनान ने खत्म की मौत की सजा, संसद से पास हुआ ऐतिहासिक बिल

लेबनान मौत की सजा को औपचारिक रूप से खत्म करने वाला मिडिल ईस्ट का पहला देश बन गया है। संसद ने इस ऐतिहासिक विधेयक को मंजूरी देते हुए देश में फांसी की प्रथा को कानूनी रूप से खत्म कर दिया है।

लाइव हिन्दुस्तान 11 Aug 2026 7:28 pm

'54 साल शासन, लाखों मौतें और गृहयुद्ध...सीरिया में असद युग का खौफनाक अंत! जानिए 14 साल पुरानी उस चिंगारी की कहानी

'54 साल शासन, लाखों मौतें और गृहयुद्ध...सीरिया में असद युग का खौफनाक अंत! जानिए 14 साल पुरानी उस चिंगारी की कहानी

समाचार नामा 11 Aug 2026 5:15 pm

Trump Secret Flight: Iran के डर से ट्रक में छिपकर भागे थे ट्रम्प, अब हुआ खुलासा। Turkey NATO Summit

अमेरिका के मुताबिक इस बार ईरान ट्रंप के तुर्के दौरे पर उन्हें निशाना बनाने वाला था। इस खतरे से सूचना मिलते ही ट्रंप को बेहद फिल्मी तरीके से बचाया गया था। इस सीक्रेट ऑपरेशन को लेकर हाल ही कुछ हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 11 Aug 2026 3:42 pm

अपनी पहली परीक्षा में ही फेल हुआ Mecca Joint Defence Agreement, हूतियों ने पाकिस्तान-सऊदी-तुर्की के पैक्ट की हवा निकाल दी

पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुए 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' (मक्का संयुक्त रक्षा समझौता) को अपनी पहली बड़ी परीक्षा में नाकामी का सामना करना पड़ा है। यमन के ईरान-समर्थित हूथी विद्रोहियों ने जाज़ान में अरामको रिफाइनरी पर हमला किया, लेकिन इस नए बने गठबंधन ने हमले का कोई साफ़ सैन्य जवाब नहीं दिया और न ही कोई चेतावनी जारी की। जाज़ान में अरामको रिफाइनरी में आग रविवार सुबह लगी। हूथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि सादा और हज्जा प्रांतों में सऊदी ड्रोन ऑपरेशन्स के जवाब में उनके समूह ने ड्रोन से इस सुविधा को निशाना बनाया था। बाद में सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने आग लगने की पुष्टि की और बताया कि आग बुझा दी गई है। इसे भी पढ़ें: Yemen Army का बड़ा Military Action, Houthi ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला, क्या Middle East में बढ़ेगा महायुद्ध का खतरा? यह घटना सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की मक्का में हुई मुलाक़ात और शुक्रवार को हुए समझौते पर हस्ताक्षर करने के ठीक 48 घंटे बाद हुई। इस समझौते के तहत, तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। फिर भी, जाज़ान पर हूथी हमले के बाद न तो तुर्की और न ही पाकिस्तान ने कोई प्रतिक्रिया दी, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि असल संकट के समय यह सामूहिक रक्षा व्यवस्था कैसे काम करेगी। द जेरूसलम पोस्ट के एक विश्लेषण के अनुसार, कुछ इज़राइली कमेंट्री में इस समझौते को इस्लामिक NATO या एक बड़े सुन्नी गठबंधन की नींव के तौर पर दिखाया गया है; कुछ जगहों पर तो सऊदी अरब के लिए पाकिस्तानी परमाणु सुरक्षा कवच (न्यूक्लियर अम्ब्रेला) की बात भी कही गई है। इसे भी पढ़ें: Houthi rebels ने यमन के मोखा बंदरगाह पर किया हमला, 7 की मौत; Aramco संयंत्र में आग हालांकि, समझौते की उपलब्ध जानकारी से पता चलता है कि यह व्यवस्था उतनी 'ऑटोमैटिक' (अपने-आप लागू होने वाली) नहीं है। इस समझौते का मकसद तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और सामूहिक प्रतिरोध (डिटेरेंस) को मज़बूत करना है। समिट के बयान के अनुसार, तीनों में से किसी भी देश पर सशस्त्र हमला होने पर उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इसे भी पढ़ें: Yemen War Alert: UN Envoy Hans Grundberg ने दी चेतावनी, Houthi हमलों से बढ़ सकता है भीषण संघर्ष समिट के बयान में कहा गया, इस समझौते का मकसद किसी भी तरह की आक्रामकता के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोध को मज़बूत करना है। इसमें यह प्रावधान है कि तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमला होने पर उसे उन सभी पर हमला माना जाएगा। साथ ही, इसमें तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं को बेहतर बनाने की बात भी कही गई है। हालांकि इस समझौते में ऑपरेशन या सैन्य प्रतिबद्धताओं का विस्तार से ज़िक्र नहीं है, लेकिन यह बेहतर रक्षा सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार करता है और क्षेत्र व उसके बाहर शांति, स्थिरता और सुरक्षा को अपने व्यापक लक्ष्यों के तौर पर पहचानता है। तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने अनादोलु एजेंसी से बात करते हुए समझौते के बारे में कुछ सबसे स्पष्ट जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामूहिक रक्षा वाला प्रावधान तकनीकी रूप से NATO के आर्टिकल 5 जैसा ही है और इस व्यवस्था में एक मंत्री-स्तरीय समिति और सऊदी अरब में स्थित एक स्थायी सचिवालय शामिल होगा।

प्रभासाक्षी 11 Aug 2026 2:35 pm

तुर्की से सीक्रेट फ्लाइट में निकले थे डोनाल्ड ट्रंप, फूड ट्रक में छिपकर बचाई जान; सामने आया चौंकाने वाला सच

अमेरिकी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले दिनों तुर्की (Trkiye) में एक गंभीर और पुख्ता जानलेवा खतरे (Assassination Threat) का सामना करना पड़ा था। इस खतरनाक खतरे से बचाने के लिए अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद गोपनीय और फिल्मी प्लान तैयार किया, जिसके तहत ट्रंप को एयर फोर्स वन (Air Force One) से चुपचाप एक एयरपोर्ट कैटरिंग ट्रक (Food/Catering Truck) के जरिए निकालकर दूसरी सीक्रेट मिलिट्री फ्लाइट में शिफ्ट करना पड़ा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान दुनिया और यहां तक कि उनके साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों को भी यही लगता रहा कि राष्ट्रपति मुख्य विमान में ही मौजूद हैं।क्या था पूरा मामला और क्यों पड़ी फूड ट्रक में छुपने की जरूरत?यह पूरी घटना तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल नाटो (NATO) समिट के दौरान की है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ईरान की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप पर हमले का एक बेहद खतरनाक और गंभीर इनपुट मिला था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए व्हाइट हाउस और सुरक्षा अधिकारियों ने तुर्की से उनकी सुरक्षित वापसी के लिए एक चालाक कूटनीतिक चाल (Ruse) चली। योजना के अनुसार, मीडिया और आम लोगों की नजरों के सामने डोनाल्ड ट्रंप को आधिकारिक एयर फोर्स वन विमान में चढ़ते हुए दिखाया गया ताकि हमलावरों या किसी भी बाहरी शख्स को उनकी असली लोकेशन का पता न चल सके।कैसे दिया गया इस सीक्रेट ऑपरेशन को अंजाम?जैसे ही कैमरे के सामने ट्रंप मुख्य विमान के अंदर गए, उसके तुरंत बाद उन्हें विमान के दूसरे हिस्से से एक हाइड्रोलिक एयरपोर्ट कैटरिंग ट्रक (खाने-पीने का सामान लोड करने वाली गाड़ी) के जरिए चुपचाप नीचे उतारा गया। इस फूड ट्रक के भीतर ट्रंप और उनके चुनिंदा करीबी सहयोगी छिपे हुए थे। इसके बाद उस ट्रक ने मुख्य विमान से दूर खड़े एक छोटे और सुरक्षित मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (C-32A) तक का सफर तय किया। उधर, पुराना एयर फोर्स वन विमान एक 'डिकॉय' (Decoy/धोखा देने वाला विमान) की तरह इस्तेमाल किया गया, जिसमें सिर्फ पत्रकार और कुछ व्हाइट हाउस के कर्मचारी सवार थे। इस तरह ट्रंप ने सीक्रेट मिलिट्री फ्लाइट से ब्रिटेन का सफर तय किया और उनकी सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं होने दी गई।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Aug 2026 2:07 pm

ईरान के डर से अपना एयरफोर्स-1 विमान छोड़-छाड़ झट से ली सीक्रेट फ्लाइट, Turkey से गुप्त तरीके से भागे ट्रंप?

खुद को दुनिया का सबसे ताकतवर देश बताने वाला अमेरिका और वहां के राष्ट्रपति जो खुद को सबसे ताकतवर लीडर बताते हैं। डोनाल्ड ट्रंप, वह ईरान के डर से चोरी-छुपे चुपचाप अपना प्लेन बदलकर तुर्की से वापस अमेरिका लौटते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के डर से अपने सबसे ताकतवर विमान एयरफोर्स वन की जगह एक छोटे से सैन्य विमान में चुपचाप बिना किसी को कानों कान खबर लगे तुर्की से वापस ब्रिटेन लौटे थे। दरअसल ट्रंप को लेकर एक ऐसा बड़ा खुलासा सामने आया है जिसने उनके तुर्की दौरे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जुलाई में जो नाटो समेत तुर्की में आयोजित की गई थी ट्रंप जब वहां से ब्रिटेन के लिए रवाना हुए थे तो उनका पूरा ट्रैवल प्लान अचानक से बदल दिया गया था और यह सब कुछ ईरान के डर से था। इसे भी पढ़ें: Iran ने US के सामने रखीं सख्त शर्तें, बर्ताव बदलने तक बंद रहेगा Hormuz Strait रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप को एयरपोर्ट पर एक कैटरिंग ट्रक की आड़ में एक छोटे से सन विमान तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें अमेरिकी एयरफोर्स के C32A से तुर्की से बाहर निकाला गया। यानी कि कैमरों को दिखाई देने के लिए वो विमान एयरफोर्स वन में चढ़ते हैं और इसके बाद छुप-छुपाकर एक छोटे से सैन्य विमान में बैठकर तुर्की से बाहर निकलते हैं। पुराने एयरफोर्स वन विमान को भी उनके साथ ब्रिटेन भेजा गया ताकि बाहर से देखने वाले लोगों को यही लगे कि अमेरिकी राष्ट्रपति एयरफोर्स वन में सवार होकर ब्रिटेन पहुंचा है। दोनों विमान कुछ मिनटों के अंतर पर ब्रिटेन पहुंचे। और अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर अमेरिका जो खुद को इतना शक्तिशाली बताता है वो ईरान के डर से अपने सबसे भरोसेमंद विमान को क्यों छोड़ देगा? इसके पीछे कई सारी वजह बताई गई है। जिसमें से एक बड़ी वजह यह है कि ट्रंप जब नाटो समिति के लिए तुर्की गए थे तो तुर्की की सीमा ईरान से लगती है। ऐसे में अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने ट्रंप की यात्रा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने का फैसला किया और उन्हें चुपचाप निकालने के लिए यह कारवाई की। इसे भी पढ़ें: Donald Trump प्रशासन में अमेरिका ने 1.75 लाख से अधिक US Visa रद्द किए आपको बता दें कि ट्रंप अपने नए बोइंग 7478 विमान में पहुंचे थे। यही विमान है जो क़तर की तरफ से अमेरिका को दान दिया गया है। जिसे अब ट्रंप एयरफोर्स वन की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इस नए विमान की यह पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा थी। लेकिन वापसी के वक्त अचानक इससे वापसी नहीं की गई। उस समय ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह पुराने समय की याद दिलाने के लिए पुराने एयरफोर्स वन से उड़ान भरेंगे। लेकिन रिपोर्ट्स का दावा है कि असल में राष्ट्रपति को कुछ देर बाद ऐसे ही गुपचुप तरीके से C32 ए विमान तक पहुंचाया गया और वहां से वह रवाना हो गए। ट्रंप के यूं प्लेन बदलने की जानकारी किसी को नहीं थी।

प्रभासाक्षी 11 Aug 2026 12:32 pm

Road Safety:नितिन गडकरी की चेतावनी- युद्ध या बीमारी से ज्यादा जान ले रही सड़क दुर्घटनाएं, हर साल 1.8 लाख मौतें

Road Accidents Claim More Lives Than War or Disease: Nitin Gadkari Urges Action on India’s Road Safety Crisisयुद्ध या बीमारी से भी अधिक जान ले रहे हैं सड़क हादसे: नितिन गडकरी ने भारत के सड़क सुरक्षा संकट पर दी बड़ी चेतावनी

अमर उजाला 11 Aug 2026 10:53 am

कतरास के छाताबाद भू-धंसान मामले में एक्शन, BCCL सीएमडी मनोज अग्रवाल समेत अधिकारियों पर केस दर्ज

छाताबाद भू-धंसान मामले में मो. अनवर अली ने बीसीसीएल के सीएमडी, जीएम व अन्य अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।

जागरण 11 Aug 2026 12:03 am

शिमला जिला परिषद चुनाव पर संग्राम: देरी का मामला हाई कोर्ट पहुंचा, CM सुक्खू और जयराम के बीच छिड़ा वाकयुद्ध

शिमला जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में देरी का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है, जहां सदस्यों ने चुनाव कराने की मांग की है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।

जागरण 10 Aug 2026 5:42 pm

Houthi Attck On Saudi Arabia: पहले सऊदी फिर America का MQ-9 हुआ क्रैश, हूती बेकाबू | Bab Al Mandeb

हूती-सऊदी तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर हमलों का दावा किया है।

लाइव हिन्दुस्तान 10 Aug 2026 11:35 am

मां हिंदुस्तानी, बाप चीनी...: अब बच्चों की पहचान पर क्यों खड़ा हुआ सवाल? 1962 के भारत-चीन युद्ध से जुड़ा मामला

बालाघाट के एक परिवार का दावा है कि 1962 युद्ध में बंदी बने चीनी सैनिक ने भारत में बसकर भारतीय महिला से शादी की थी। अब उनकी तीसरी पीढ़ी को पिता की नागरिकता और जाति संबंधी नियमों के कारण जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा।

अमर उजाला 10 Aug 2026 11:29 am

त्रिकोणीय मुकाबले में एकतरफा रहा फैसला

शक्ति नगर स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम में ट्रस्ट के चेयरमैन पद के लिए बहुप्रतीक्षित चुनाव रविवार को पूरी पारदर्शिता और उत्साहजनक माहौल में संपन्न हुए। पांच वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हुए इस चुनाव में विपन सभ्रवाल ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए लगातार दूसरी बार चेयरमैन पद की कमान संभाली। त्रिकोणीय मुकाबले में विपन सभ्रवाल ने अपने विरोधियों को पछाड़ते हुए एकतरफा जीत दर्ज की, जिसके बाद आश्रम परिसर के बाहर समर्थकों ने भांगड़ा डालकर और आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया। चेयरमैन पद के लिए इस बार कुल तीन प्रत्याशी मैदान में किस्मत आजमा रहे थे, जिनमें विपन सभ्रवाल, विक्की गिल और राज कुमार शामिल थे। चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत से ही वोटरों में भारी उत्साह देखा गया। शक्ति नगर, इस्लाम गंज, अली मोहल्ला, ब्रैंडरथ रोड, राईया वाली गली, गिल स्ट्रीट सहित शहर के विभिन्न इलाकों से वाल्मीकि समुदाय और आश्रम से जुड़े श्रद्धालुओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इलेक्शन इंचार्ज डॉ. सुरिंदर कल्याण ने चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मतों के आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में कुल 955 पात्र मतदाताओं ने अपने वोट डाले। मतगणना के दौरान 9 वोट अमान्य (कैंसिल) पाए गए, जिसके बाद कुल वैध मतों की संख्या 946 रही। वोटों की गिनती शुरू होते ही विपन सभ्रवाल ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनानी शुरू कर दी, जो अंत तक बरकरार रही। वोटों का ब्यौरा इस प्रकार रहा विपन सभ्रवाल 746 वोट (विजयी), राज कुमार 193 वोट और विक्की गिल 7 वोट प्राप्त किए। चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए इलेक्शन इंचार्ज डॉ. सुरिंदर कल्याण की देखरेख में पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अलग-अलग बूथों पर अधिकारियों और वालंटियर्स की ड्यूटी लगाई गई थी। मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने में वाइस चेयरमैन विजय सभ्रवाल, एडवोकेट करन खुल्लर, मोहन लाल लाहौरा, चरणजीत सिंह मट्टू, सुरिंदर, अर्जन गिल, राजेश नाहर, तमन्ना, कंचन थापर और निशा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अहम भूमिका निभाई। सभी बूथों पर शांतिपूर्वक मतदान संपन्न हुआ।

दैनिक भास्कर 10 Aug 2026 5:30 am

Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं

Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए Defense Agreement को लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Aug 2026 4:19 pm

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

समाचार नामा 8 Aug 2026 6:10 pm

Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आए साथ तो क्या बोला Iran ?

सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच बन रहे 'इस्लामिक नाटो' शैली के रक्षा समझौते पर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है। तेहरान ने रियाद को चेतावनी देते हुए कहा है कि कागजी समझौते और बाहरी ताकतों पर निर्भरता सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Aug 2026 2:38 pm

Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel

Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel

लाइव हिन्दुस्तान 7 Aug 2026 8:51 pm

Islamic NATO बनाने को लेकर डील फाइनल, Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye जल्द करेंगे ऐलान। Israel

पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों देशों के बीच डिफेंस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है

लाइव हिन्दुस्तान 7 Aug 2026 11:40 am

टेलर ने कपड़े की कतरन वापस लौटा दी तो फेंकने की बजाय 4 तरीके से करें इस्तेमाल

आपके पास ढेर सारी कपड़े की कतरन बची रहती है या फिर टेलर ने सूट या ब्लाउज की बची हुई कतरन को वापस कर दिया है। इसे फेंकने की बजाय आप बहुत ही काम के तरीकों से दोबारा से इस्तेमाल में ला सकते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Aug 2026 5:56 pm

500 साल में बस एक बार हारा कुंभलगढ़ किला, वजह युद्ध नहीं; पढ़िए मेवाड़ की आन-बान और शौर्य की अनोखी कहानी

500 साल में बस एक बार हारा कुंभलगढ़ किला, वजह युद्ध नहीं; पढ़िए मेवाड़ की आन-बान और शौर्य की अनोखी कहानी

समाचार नामा 6 Aug 2026 5:00 pm

सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें

सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें--The Most Important War We Ignore: Why Climate Change and Environmental Crisis Need Urgent Global Attention

अमर उजाला 6 Aug 2026 6:32 am

युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य

विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है…

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 11:28 pm

Iran America War: ईरान ने Iraq और Kuwait बार्डर के करीब क्यों भेजे T 72 Tanks|Trump

मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो कभी भी फट सकता है..जी हां जंग के बादल कभी भी छा सकते हैं...अमेरिका चाहे लाख मना करे...लेकिन जब तक इजरायल खित्ते में आक्रामक है तब तक जंग पूरी तरह नहीं रुक सकती..यही वजह है कि ईरान ने ्अपने टैंक इराक से लगी सरहद के करीब जमा करना शुरु कर दिए हैं…

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 9:30 pm

कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति

कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.

आज तक 5 Aug 2026 9:56 am

कंगना के ‘जेबकतरों जैसी ड्रेस’ वाले बयान को यूजर्स ने सोनाक्षी से जोड़ा

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

आज तक 4 Aug 2026 2:42 pm

'जेबकतरों की तरह...', कंगना ने सोनाक्षी पर किया कमेंट!

कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए इंडस्ट्री की एक हीरोइन पर तीखा हमला किया है. यूजर्स का मानना है कंगना ने ये अटैक सोनाक्षी सिन्हा पर किया है.

आज तक 4 Aug 2026 9:36 am

Iran US War Update: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!

Iran-US War: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 9:35 am

ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला

ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.

आज तक 4 Aug 2026 7:27 am

गाजा में कत्लेआम पर भड़के कतर-तुर्की-मिस्र, इजरायल नहीं रोक रहा बमबारी

कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.

आज तक 4 Aug 2026 7:05 am

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks

अमर उजाला 4 Aug 2026 5:37 am

'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला?', ट्रंप ने ईरान पर अब किया ये ऐलान

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़ा हमला फिलहाल रोक दिया है. दूसरी तरफ तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए सैन्य सतर्कता बनाए रखने, सऊदी अरब और पाकिस्तान से तेज संपर्क बढ़ाने और यह साफ करने का संदेश दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जवाबी तैयारी और राजनीतिक समाधान अब साथ साथ चलेंगे.

आज तक 3 Aug 2026 8:33 am

युद्ध, डर और उम्मीद... आखिर क्यों गढ़े गए सुपरहीरो?

सुपरहीरो कभी भी सिर्फ असाधारण शक्तियों वाले किरदार नहीं रहे. वे हर दौर के समाज की इच्छाओं, आशंकाओं और सपनों का प्रतिबिंब रहे हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत केवल असाधारण शक्तियों में नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने, कमजोरों के साथ खड़े होने और दूसरों के लिए जोखिम उठाने के साहस में होती है.

आज तक 3 Aug 2026 7:21 am

इराक के सुलेमानिया पर ईरानी ड्रोन ने बरपाया कहर, सामने आया Video

इराक के सुलेमानिया में ईरान-विरोधी समूहों के एक ठिकाने को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया है. माना जा रहा है कि ये हमला ईरान ने किया है जिसमें अलगाववादी समूहों के मुख्यालय पर दो प्रोजेक्टाइल सीधे जाकर लगे. ईरान ने ड्रोन से ये हमला किया. देखें वीडियो.

आज तक 2 Aug 2026 11:34 pm

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री

सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.

आज तक 2 Aug 2026 9:34 pm

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 1:34 pm

Iran US War: Iran ने जारी कर दी अपनी Hitlist, सऊदी, UAE और कतर पर क्यों मंडराया खतरा?

पश्चिम एशिया (Middle East) का युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी है.

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 11:25 am

मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.

आज तक 1 Aug 2026 11:31 pm

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.

आज तक 1 Aug 2026 12:09 pm

'टैरिफ धमकी से टला भारत-पाक परमाणु युद्ध', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ट्रंप का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध टालने में अपनी भूमिका का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनके कूटनीतिक दबाव और टैरिफ की धमकी से होने जा रहा युद्ध रुक गया. ट्रंप ने दावा किया कि इसी तरह उन्होंने 5 युद्ध रोक दिए.

आज तक 1 Aug 2026 4:00 am

Houthis vs Saudi Arabia: Iran के प्रॉक्सी से तीन तरफा घिरा सऊदी, क्या अब युद्ध की उपाय? Red Sea। US

अमेरिका और इज़राइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया लगातार तनाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक सऊदी अरब इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता रहा,

लाइव हिन्दुस्तान 31 Jul 2026 11:20 pm

Houthis Attack on Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF

Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF सऊदी के यमन पर अटैक और हूतियों के पलटवार के बीच..इराक से भी सऊदी से बदले की उठ रही आवाजें..मिडिल ईस्ट में जंग के इस नए मोर्चे पर..गल्फ न्यूज के पूर्व एडिटर बॉबी नकवी को सुनिए

लाइव हिन्दुस्तान 31 Jul 2026 9:56 pm

The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी

क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 1:33 pm

गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल

सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।

देशबन्धु 6 Jul 2026 3:20 am

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more

अजमेरनामा 23 Jun 2026 3:53 am

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!

दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...

वेब दुनिया 6 Jun 2026 12:31 pm

IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत

इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...

वेब दुनिया 29 May 2026 2:23 pm

खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज

मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:20 am

लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 1:39 pm

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 1:42 pm

120 बहादुर की रिलीज़ से पहले रेजांग ला युद्ध बलिदान दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया मेजर शैतान सिंह को याद

एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...

वेब दुनिया 19 Nov 2025 3:09 pm

War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा

रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...

वेब दुनिया 14 Aug 2025 2:20 pm

जब उर्वशी रौतेला ने की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच वायरल हुई तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...

वेब दुनिया 18 Jun 2025 4:16 pm

सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...

वेब दुनिया 7 Mar 2025 2:53 pm

केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल

बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...

वेब दुनिया 19 Feb 2025 5:22 pm

फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल

Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...

वेब दुनिया 4 Sep 2024 2:33 pm

तुर्की के शूटर ने ओलंपिक में जीता मेडल, आदिल हुसैन को मिलने लगी बधाई, एक्टर बोले- अभी देर नहीं हुई...

Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के‍ खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने‍ सिल्वर मेडल जीता।

वेब दुनिया 3 Aug 2024 6:06 pm

CONFIRMED! 27 साल बाद फिर बनेगी Border 2, एक्टर Sunny Deol ने जेपी दत्ता के साथ फिर से हाथ मिलाया, युद्ध की सबसे बड़ी कहानी

बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 12:10 pm

Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस

Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.

आज तक 10 Jun 2024 7:25 pm

आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा

आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.

आज तक 11 May 2024 10:30 am

Jimmy Shergill की Ranneeti Balakot and Beyond का ट्रेलर जारी, भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी

रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।

प्रभासाक्षी 17 Apr 2024 2:10 pm

Honey Singh vs Badshah | बढ़ती जा रही है हनी सिंह और बादशाह के बीच नफरत की खाई, रैपरों के बीच वाकयुद्ध गंदे स्तर पर पहुंचा!

दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024

प्रभासाक्षी 26 Mar 2024 3:03 pm

आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग

आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग

मनोरंजन नामा 23 Mar 2024 2:19 pm

'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम

आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

आज तक 22 Mar 2024 5:03 pm

अस्तित्व और बदले के लिए ब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर है Rebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

मनोरंजन नामा 20 Mar 2024 1:21 pm