देवास में खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण पेट्रोल पंपों पर ईंधन की समस्या उत्पन्न हो गई है। शहर के बाहरी क्षेत्र देवास बायपास पर स्थित दो पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टोल टैक्स के समीप स्थित कटारे फिलिंग स्टेशन पर पिछले लगभग 15 दिनों से डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति बाधित है। हालांकि, यहां सीएनजी वाहनों के लिए उपलब्ध है। वहीं, शंकरगढ़ बायपास स्थित रुक्मणी फ्यूल स्टेशन पर उपभोक्ताओं को केवल डीजल दिया जा रहा है, पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। दोपहिया वाहन चालकों को पैदल लौटना पड़ाइस स्थिति से दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से समस्या हो रही है। एक दोपहिया वाहन चालक चेतन ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ देवास से बायपास आए थे, लेकिन पेट्रोल न मिलने के कारण उन्हें अपना वाहन पैदल लेकर चलना पड़ा। कटारे फिलिंग स्टेशन के मैनेजर कृष्णा ने बताया कि कंपनी पहले क्रेडिट पर ईंधन देती थी, लेकिन अब युद्ध के चलते उत्पाद की कमी के कारण कंपनी एडवांस भुगतान की मांग कर रही है। इस वजह से पंप पर पिछले करीब 15 दिनों से डीजल-पेट्रोल उपलब्ध नहीं है, केवल सीएनजी मिल रही है। रुक्मणी फिलिंग स्टेशन के कर्मचारियों ने भी पुष्टि की कि उनके पंप पर फिलहाल डीजल पर्याप्त मात्रा में है, लेकिन पेट्रोल कल से उपलब्ध नहीं है। स्टॉक करने से भी समस्याजानकारों का मानना है कि इन दिनों उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा डीजल-पेट्रोल का स्टॉक कर रहे हैं, जिससे भी कुछ पंपों पर समस्या आ रही है। हालांकि, शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इसके विपरीत, लक्की फ्यूल स्टेशन नायरा के मैनेजर अरुण पाठक ने बताया कि उनके यहां डीजल-पेट्रोल की पर्याप्त खपत हो रही है और कंपनी से माल भी पर्याप्त मात्रा में मिल रहा है। वे सभी उपभोक्ताओं को डीजल-पेट्रोल उपलब्ध करवा रहे हैं। सप्लाई से पहले पेमेंट के कारण आई दिक्कत पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है। स्टॉक भरा पड़ा है। कुछ पेट्रोल पंपों के संचालकों को सप्लाई के पहले भुगतान में दिक्कत के कारण पेट्रोल मिलने में समय लग रहा है। सिंह ने बताया कि कंपनियों ने फिलहाल भुगतान होने के बाद ही पेट्रोल-डीजल की सप्लाई शुरू की है।
पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण युद्ध और गहराते ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आत्मनिर्भरता को लेकर बड़ा बयान दिया है। संसद के निचले सदन (लोकसभा) में करीब 20 मिनट के अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने 'E20 पेट्रोल' की ...
ईरान-इजराइल युद्ध से हिला बाजार: सेंसेक्स 1800 अंक टूटा, निवेशकों के 14 लाख करोड़ डूबे
Share Market Crash : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स में 1800 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई तो निफ्टी भी 602 अंक गिर गया। इससे निवेशकों को 14 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।
लोकसभा में पीएम मोदी बोले: युद्ध के बीच 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित लौटे, तेल-खाद्यान्न का पूरा इंतजाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध पर बयान देते हुए बताया कि अब तक 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार, कोयला स्टॉक और खाद्यान्न मौजूद है। सरकार हर चुनौती से ...
Middle East में 'पावर वॉर' का आगाज; Trum की 48 घंटे की डेडलाइन के बीच Iran की खाड़ी देशों को धमकी
मध्य पूर्व में बिजली पर महाजंग! ट्रंप की 48 घंटे की डेडलाइन के बीच ईरान की खाड़ी देशों को खुली धमकी। ऊर्जा और पानी के संकट पर मंडराया खतरा। पढ़ें विशेष रिपोर्ट।
Gujarat Industrial Crisis: पश्चिम एशिया में अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने गुजरात की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचाई है। कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुकी हैं, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों का आवागमन ठप है और गैस-एलपीजी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे सूरत का टेक्सटाइल हब और मोरबी का सिरेमिक क्लस्टर दोनों ही गंभीर संकट में फंस गए हैं। सूरत टेक्सटाइल उद्योग : सप्ताह में दो दिन बंदी, लागत दोगुनी सूरत की टेक्सटाइल प्रोसेसिंग मिलें—जो सिंथेटिक कपड़े, डाइंग और प्रिंटिंग पर निर्भर हैं—पेट्रोकेमिकल आधारित कच्चे माल और ऊर्जा के दामों में भारी उछाल से जूझ रही हैं। धागा, कोयला/गैस और अन्य इनपुट्स की कीमतें 15-20% तक बढ़ चुकी हैं। सप्लाई चेन बाधित होने से स्टॉक घट रहा है—कई मिलों के पास अब सिर्फ 10-20 दिनों का कोयला/गैस बचा है। इस दोहरे संकट (बढ़ती लागत + कम मांग) से निपटने के लिए साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (SGTPA) ने फैसला किया है कि मिलें हर सप्ताह दो दिन बंद रहेंगी। एसजीटीपीए के अध्यक्ष जीतु वखारिया ने कहा कि ग्रे कपड़े की कीमतें बढ़ने से मार्केट पार्टियां अब प्रसंस्करण के लिए माल नहीं दे रही हैं। ऐसी स्थिति में मिलें चलाना घाटे का सौदा हो गया है। हम अगले सप्ताह से यह कदम उठा रहे हैं ताकि नुकसान कम हो और संसाधन बचे रहें। सूरत में करीब 400-500 प्रोसेसिंग यूनिट्स हैं, जो सीधे 3 लाख से अधिक श्रमिकों की आजीविका चलाती हैं। ऑपरेशन कम होने से वेतन प्रभावित हो रहा है और मजदूरों का बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो गया है। हजारों उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों के श्रमिक रोज़ाना सूरत छोड़कर घर लौट रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संकट लंबा खिंचा तो मांग लौटने पर श्रमिकों की भारी कमी हो सकती है, जो उद्योग की रिकवरी के लिए बड़ा झटका साबित होगा। यह संकट नोटबंदी और कोविड के बाद उबरते सूरत के लिए एक नया झटका है। उद्योग बांग्लादेश संकट को अवसर मानकर तैयारी कर रहा था, लेकिन अब वैश्विक अस्थिरता ने सब कुछ उलट-पुलट कर दिया है। मोरबी सिरेमिक उद्योग : गैस संकट से सैकड़ों यूनिटें बंद संकट की लहरें सूरत से आगे मोरबी तक पहुंच गई हैं—भारत का सिरेमिक हब, जहां देश की 80-90% टाइल्स और सैनिटरीवेयर बनती हैं। ईरान युद्ध के कारण होर्मुज़ स्ट्रेट बंद होने और गैस आपूर्ति में कटौती से सैकड़ों इकाइयां (कुछ रिपोर्ट्स में 400+ तक) बंद हो चुकी हैं या बंद होने के कगार पर हैं। यदि हालात नहीं सुधरते हैं तो यह आंकड़ा 600 के पार भी जा सकता है। निर्यात मार्ग अवरुद्ध हैं—दुबई, ओमान, कतर, शारजाह जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर व्यवधान से कंटेनर फंसे हुए हैं। सिरामिक ही नहीं, मोरबी की लगभग 52 पेपर मिलें भी आर्थिक संकट में घिर गई हैं। कच्चे माल की कमी और बिक्री में 50% की गिरावट के कारण पूरा मोरबी फिलहाल आर्थिक चिंता के माहौल में है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज एरवाडिया के अनुसार, गैस की उपलब्धता और कीमतों में स्थिरता आने के बाद ही नए रेट कार्ड के साथ उत्पादन फिर से शुरू किया जाएगा। लाखों नौकरियां खतरे में फ्रेट चार्जेस 20-30 गुना तक बढ़ गए हैं। इससे उद्योग का नकदी प्रवाह थम गया है और लाखों नौकरियां खतरे में हैं। मोरबी का सालाना टर्नओवर हजारों करोड़ का है, जो अब ठप होने की कगार पर है। कुल मिलाकर यह सिर्फ एक क्षेत्रीय सुस्ती नहीं, बल्कि गुजरात की पूरी विनिर्माण अर्थव्यवस्था पर वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर है। राज्य का सबसे बड़ा आर्थिक इंजन परीक्षा की घड़ी से गुजर रहा है। यदि युद्ध लंबा चला तो मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और प्रवासन की नई लहर पैदा हो सकती है। उद्योग जगत सरकार से तत्काल राहत पैकेज, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत और निर्यात सहायता की मांग कर रहा है। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। सऊदी अरब सहित कई देशों में अस्थिरता का माहौल है, जिससे वहां कार्यरत विदेशी कर्मचारियों की नौकरियों पर संकट आ गया है। भारत समेत विभिन्न देशों के हजारों कामगारों को अचानक नौकरी से निकाला जा रहा है। इसी संकट की चपेट में मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र निवासी रिजवान खान और उनके अलीगढ़ निवासी भतीजे अली भी आ गए हैं। दोनों सऊदी अरब के मदीना शहर में टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत थे। उन्हें युद्ध के माहौल और आर्थिक दबाव का हवाला देते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से हटा दिया गया। कंपनी ने उनकी बकाया सैलरी का भुगतान भी नहीं किया और सीधे भारत का टिकट कराकर वापस भेज दिया। रविवार को भारत लौटे रिजवान ने बताया कि सऊदी अरब में ईरानी मिसाइल हमलों का जबरदस्त खौफ है। रिजवान के अनुसार, सऊदी सरकार किसी भी कीमत पर युद्ध से बचना चाहती है, क्योंकि पहले भी ईरान द्वारा किए गए हमलों से आर्थिक हालात बिगड़ चुके हैं। मौजूदा तनाव ने कंपनियों पर लागत कम करने का दबाव बढ़ा दिया है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। रिजवान की करीब 15 हजार रियाल की सैलरी रोक ली गई है, जिससे उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के कई कर्मचारी भी इसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। ईद जैसे महत्वपूर्ण त्योहार से ठीक पहले नौकरी छिन जाने से प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका और गहरा असर पड़ेगा। ऐसे में वहां काम कर रहे लाखों प्रवासी भारतीयों के भविष्य पर भी खतरा मंडराने लगा है।
LIVE: संजय राउत का पीएम मोदी से सवाल, युद्ध में हमारी क्या भूमिका है?
Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध का आज 24वां दिन है। दोनों ओर से भीषण बमबारी हो रही है। इस बीच शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी को बताना चाहिए कि युद्ध में हमारी ...
ईरान युद्ध रोकने के लिए उज्जैन में अनुष्ठान:मां बगलामुखी मंदिर में यज्ञ, देश भर से आए भक्त हुए शामिल
उज्जैन स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में सोमवार को विश्व शांति और युद्ध विराम की कामना को लेकर विशेष यज्ञ अनुष्ठान आयोजित किया गया। बीते कई दिनों से जारी अंतरराष्ट्रीय तनाव को देखते हुए इस आयोजन में दुनिया भर के कल्याण की प्रार्थना की गई। नवरात्रि के पावन पर्व पर शुरू हुए इस 9 दिवसीय यज्ञ में 100 से अधिक पंडित-पुजारी भाग ले रहे हैं। सोमवार को हुए अनुष्ठान में विशेष रूप से विश्व शांति के लिए आहुतियां दी गईं। मंदिर के गादीपति रामनाथ महाराज ने बताया कि दस महाविद्याओं का पूजन 51 बटुकों के साथ संपन्न कराया गया। वर्तमान में चल रहे युद्ध को लेकर माता से प्रार्थना की गई कि इस विनाशकारी स्थिति का जल्द अंत हो। पूरे अनुष्ठान में विधि-विधान से पूजन, अभिषेक और हवन किया गया। इसमें विशेष रूप से मिर्ची अनुष्ठान भी शामिल रहा, जिसे संकट निवारण और शत्रु बाधा समाप्ति के लिए किया जाता है। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने पहुंचे। मुंबई से आए भक्तों ने भी यज्ञ में भाग लेकर विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए प्रार्थना की।
ईरान और इस्राएल-अमेरिका युद्ध पर कहां खड़े हैं ब्रिक्स देश
जैसे-जैसे ईरान पर अमेरिका-इस्राएल युद्ध का असर बढ़ रहा है, ब्रिक्स देशों पर जवाबी कार्रवाई करने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है. आपसी मतभेदों और अलग-अलग हितों की वजह से इस गुट की कमियां पूरी दुनिया के सामने उजागर हो गई हैं
अमेरिका-इजराइल की ईरान की जंग से मिडिल ईस्ट में बिगड़े हालात का भारत पर भी असर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार दोपहर 2 बजे लोकसभा में इस संघर्ष पर सदन को संबोधित करेंगे। रविवार को ही पीएम की अध्यक्षता में संघर्ष के हालात पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई थी। 3.30 घंटे चली बैठक में उन्होंने साफ कहा है कि देश में जमाखोरी-कालाबाजारी कतई बर्दाश्त नहीं होगी। 28 जनवरी जंग शुरू हुई है। इसके बाद से ही विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर बहस की मांग करता आ रहा है। विपक्ष का दावा है कि देश में गैस, तेल और एनर्जी की कमी है, लेकिन केंद्र सरकार का कहना है कि सब ठीक है। आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगी। इसके जरिए लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट 2008 और कंपनी एक्ट 2013 में और संशोधन किए जाएंगे। इधर, सत्र की पिछली कार्रवाई के दौरान लोकसभा में विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों को पारित कर दिया गया। इसके लिए गिलोटिन प्रक्रिया लागू की गई। इसके तहत बिना चर्चा या बहस के मांगों को पारित कर दिया जाता है। सदन के दूसरे फेज के पिछले 8 दिन की कार्यवाही… 17 मार्च: देवगौड़ा सहित 59 सांसदों की राज्यसभा से विदाई अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 के बीच राज्यसभा से रिटायर हो रहे 59 सांसदों को विदाई दी गई। इनमें पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, सभापति हरिवंश, आरपीआई नेता रामदास आठवले शामिल हैं। हालांकि पवार और आठवले राज्यसभा के लिए फिर चुन लिए गए। इस दौरान पीएम मोदी ने संसद को एक ओपन यूनिवर्सिटी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपका अनुभव हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा बना रहेगा। पूरी खबर पढ़ें…16 मार्च: लोकसभा से 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हटा लोकसभा में मंगलवार को पहले फेज के दौरान निलंबित किए गए 8 सांसदों पर लगा सस्पेंशन हटा दिया गया। इनमें कांग्रेस के 7 और लेफ्ट के एक सांसद हैं। ये आठ सांसद 4 फरवरी को लोकसभा से पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए गए थे। उन पर हंगामा करने के दौरान स्पीकर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा था। यह हंगामा उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सदन में पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव का जिक्र कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें… 15 मार्च: राज्यसभा में LPG संकट पर हंगामा, खड़गे बोले- सरकार को पहले से पता था, इंतजाम क्यों नहीं किया बजट सत्र के दूसरे फेज में सोमवार को लोकसभा में पहली बार प्रश्नकाल बिना किसी हंगामे के पूरा हुआ। इधर राज्यसभा में LPG सिलेंडर के संकट को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित कर रही है। अगर सरकार समय रहते इंतजाम कर लेती, तो हालात इतने खराब नहीं होते। पूरी खबर पढ़ें… 13 मार्च: LPG संकट पर संसद में विपक्ष की नारेबाजी:वित्त मंत्री बोलीं- मुश्किल समय में साथ खड़े हों विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में LPG संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी समेत विपक्ष के सांसदों ने 8 निलंबित सांसदों की वापसी की मांग की। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा- सदन की मेजों पर चढ़ोगे तो यही एक्शन होगा। लोकसभा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विदेशों में हो रहे घटनाक्रम के कारण हमारे देश में कुछ मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। सरकार जरूरी फंड मुहैया कराने और पूरी तरह तैयार रहने के लिए कदम उठा रही है। पूरी खबर पढ़ें… 12 मार्च: राहुल बोले- पेट्रोलियम मंत्री ने एपस्टीन को दोस्त कहा था; स्पीकर ने बोलने से रोका, एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगे राहुल गांधी ने लोकसभा में गुरुवार को LPG संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है। अगर अमेरिका यह तय करे कि हम रूस से गैस या तेल खरीद सकते हैं या नहीं, तो यह समझ से परे है। पेट्रोलियम मंत्री खुद कह चुके हैं कि वे एपस्टीन के दोस्त हैं। स्पीकर बिरला ने राहुल को रोका। उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री से बोलने को कहा। पुरी ने जैसे ही बोलना शुरू किया, विपक्षी सांसद एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगाने लगे। पूरी खबर पढ़ें… 11 मार्च: शाह बोले- आंख मारने वाले स्पीकर पर सवाल उठा रहे; LPG कीमत बढ़ोतरी पर लोकसभा में हंगामा बुधवार को सदन की शुरुआत होते ही विपक्षी सदस्यों ने LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और कई सदस्य वेल में पहुंच गए। विपक्ष का विरोध जारी रहने के कारण अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे दिलीप सैकिया ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। वहीं शाह ने राहुल पर आरोप लगाया कि राहुल सदन में PM मोदी से आकर गले लग जाते हैं। आंख मारते हैं। फ्लाइंग किस देते हैं। मुझे तो बोलने में भी शर्म आती है। ये स्पीकर के आचरण पर सवाल करते हैं। अपने आचरण पर भी तो सवाल करिए। पूरी खबर पढ़ें… 10 मार्च: गोगोई बोले- राहुल को 20 बार टोका गया; रिजिजू का जवाब- प्रियंका को नेता प्रतिपक्ष बनाते तो अच्छा होता कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में कहा कि 2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जब बोल रहे थे, तब उन्हें बार-बार रोका गया। स्पीकर सर ने उनके तर्क पर सबूत देने का कहा। 9 फरवरी को शशि थरूर जब बोल रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रियंका को LoP बनाते तो कुछ अच्छा होता। देखिए प्रियंका हंस रही हैं। जो अच्छा व्यवहार करे तो उसकी सराहना करनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 9 मार्च: वेस्ट एशिया पर संकट जयशंकर बोले- हम शांति और बातचीत से समाधान के पक्ष में विदेश मंत्री ने सोमवार को पहले राज्यसभा में और फिर लोकसभा में गल्फ देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट को लेकर तैयारियों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि इस समय ईरान की लीडरशिप से कॉन्टैक्ट मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी-13 फरवरी: बजट सत्र का पहला फेज 13 फरवरी : खड़गे ने रिकॉर्ड से अपने भाषण के हिस्सों को हटाए जाने की आलोचना की संसद के बजट सत्र का पहला फेज 13 फरवरी को समाप्त हुआ, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा के रिकॉर्ड से अपने भाषण के कुछ हिस्सों को हटाए जाने की आलोचना की। 12 फरवरी : भाजपा सांसद ने राहुल की सदस्यता खत्म करने का नोटिस दिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार राहुल गांधी के खिलाफ सदन में उनकी स्पीच के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने की तैयारी में है। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा था कि मोदीजी ने छाती 56 इंच की नपवाई थी। उनके खिलाफ भी प्रस्ताव आना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 11 फरवरी : राहुल बोले- अडाणी पर केस मोदी पर दबाव बनाने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अडाणी पर चल रहा केस, दरअसल मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। पूरी खबर पढ़ें… 10 फरवरी : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश विपक्ष ने संसद की कार्यवाही के 10वें दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया था। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर थे। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही वह स्पीकर की चेयर संभालेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 9 फरवरी: लोकसभा केवल 13 मिनट चली, विपक्ष की मांग राहुल गांधी को बोलने दें बजट सत्र के 9 वें दिन लोकसभा की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्ष सदन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करता रहा था। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि 1 घंटा पहले स्पीकर के पास हम गए, स्पीकर ने हमें कमिट किया कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिए जाएगा, आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप मुझे बोलने देंगी या नहीं। पूरी खबर पढ़ें… 6 फरवरी: केंद्रीय मंत्री बिट्टू बोले- राहुल PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे लोकसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई। पहली बार 3 मिनट और दूसरी बार 7 मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी। इसके बाद लोकसभा 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा को भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। पूरी खबर पढ़ें… 5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में 97 मिनट बोले बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हुआ। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया था। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा कि इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल ने कहा था कि एक दिन पहले मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी: देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
युद्ध का असर डाकोर तक: गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण मंदिर का अन्नक्षेत्र बंद
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले तीन सप्ताह से चल रहे युद्ध का असर अब गुजरात के सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल डाकोर (Dakor) मंदिर तक भी पहुंच गया है। इस कमी के परिणामस्वरूप हॉस्टल, होटल और रेस्तरां के साथ-साथ अब मंदिरों के भोजनालय भी प्रभावित हुए हैं, ...
ईरान-इजराइल युद्ध से तेल संकट गहराया, ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर पार
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी महायुद्ध की वजह से एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 112 डॉलर के पार पहुंच गई। WTI क्रूड भी 98.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इंडियन बास्केट में भी आज ...
खाड़ी देशों में भड़की युद्ध की आग से पैदा हुए एलपीजी संकट के बाद सरकार ने 9 मार्च को कमर्शियल एलपीजी सप्लाय पर रोक लगा थी। इसका असर रेस्टोरेंट, होटल्स, कैंटीन, मैस व खान-पान की दुकानों पर पड़ने लगा है। 15 से 20 प्रतिशत तो बंद हो गए या लंच-डिनर बंद कर दिया है। स्टॉक व वैकल्पिक संसाधनों से जैसे-तैसे 10-12 दिन निकाल दिए, अब सप्लाय शुरू नहीं हुई तो धीरे-धीरे सभी पर असर होगा। इसका असर फूड इकोनॉमी व रोजगार पर तो होगा ही, रोजाना 1.5 से 2 लाख लोगों के लिए भोजन, नाश्ते का संकट खड़ा हो जाएगा। असर अब सराफा चौपाटी, छप्पन दुकान जैसे खान-पान स्थल भी दिखने लगा है। दूध, नमकीन व मिठाइयों का कारोबार भी प्रभावित होने लगा है। छप्पन दुकान पर फास्ट फूड काउंटर चल रहे हैं। गर्म खाना सर्व करने वाले काउंटर आइटम सीमित होने से खाली होने लगे हैं। छप्पन दुकान एसोसिएशन के गुंजन शर्मा का कहना है, प्रशासन के सहयोग से पीएनजी कनेक्शन मिल रहे हैं। अगले एक सप्ताह में सभी 20 फूड काउंटर पर यह उपलब्ध होंगे। इससे परेशानी दूर हो जाएगी। वर्तमान में इंडक्शन व अन्य विकल्प से काम चला रहे हैं। आगामी दिनों में भी सप्लाय सुचारु नहीं हुई तो कचौरी, समोसे, चाय, पोहे, जलेबी, रोजाना खाने के आयटम्स की दुकानें भी प्रभावित होने लगेंगी। 20 फीसदी संस्थानों ने मैन्यू बदले, इंडक्शन पर देर लगती है नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के अभिषेक बाहेती व सचिन अग्रवाल ने बताया, एलपीजी आधारित उद्योग तो लगभग बंद हो गए हैं। होटल-रेस्टोरेंट और खानपान की दुकानें स्टॉक से काम चला रहे थे, लेकिन उनके पास भी सिलेंडर खाली होने से जीरो सिलेंडर की स्थिति बन गई है। 20 फीसदी संस्थानों ने तो अपने मैन्यू बदल दिए हैं। कहीं दिन में लंच दिया जा रहा है तो कहीं रात में डिनर की व्यवस्था है। होटल, रेस्टोरेंट के लिए एलपीजी जरूरी है। कई वस्तुएं ऐसी होती हैं, जिनको तत्काल कस्टमर को गर्म करके देना होता है। इंडक्शन पर यह संभव नहीं होता, इसमें 20 से 30 मिनट का समय लगता है। इसका उपयोग भी सीमित है। जीरो सिलेंडर की स्थिति में रेस्टोरेंट, होटल्स, कैंटीन चलाना मुश्किल हो जाएगा। अगले एक सप्ताह में बंद होने का आंकड़ा 50 फीसदी से ज्यादा हो सकता है। 3200 की जगह 700 सिलेंडर तक सिमटी सप्लाय शहर में 3200 सिलेंडर की जगह मात्र 600 से 700 कमर्शियल सिलेंडर ही सप्लाय हो रहे हैं। पीएनजी पर चलने वाले रेस्टोरेंट, होटल चालू हैं, लेकिन यहां भी दाम बढ़ने और सप्लाय में परेशानी आ रही है। होटल एसोसिएशन के सूमित सूरी का कहना है, स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो इसका असर आने वाले दिनों में गर्मी की छुट्टियों में पयर्टन इकोनॉमी पर होगा। सराफा में 4-5 दुकानें बंद, कैफे संकट में सराफा चौपाटी एसोसिएशन के राम गुप्ता का कहना है, यहां पर एलपीजी सिलेंडर का कम ही उपयोग होता है। पाव भाजी, छोले टिकिया, जलेबी जैसे आइटम बनते हैं। जिनके पास स्टॉक है, वो दुकान लगा रहे हैं। 4-5 दुकानें बंद भी हुई हैं। स्कीम 140, भंवरकुआं, विजय नगर, स्कीम 54, एलआईजी, अन्नपूर्णा आदि क्षेत्रों के कैफे संचालकों का कहना है, एलपीजी सिलेंडर जरूरी है। इसके बिना कई आइटम मैन्यू से हटाना पड़े, क्योंकि इंडक्शन पर तत्काल बना कर देना आसान नहीं है। कोटा बढ़ेगा तो उपलब्ध कराएंगे कमर्शियल सिलेंडर को लेकर केंद्र से कोटा बढ़ाने के निर्देश मिलेंगे वैसे ही उपलब्धता कराएंगे। इस सप्ताह सुधार होगा। - एमएल मारू, खाद्य आपूर्ति नियंत्रक
Amidst Middle East crisis PM Modi held high level meeting : मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार अलर्ट मोड में है। दुनियाभर में चल रही गैस और तेल की कमी से निजात पाने और तेल के स्टॉक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने अधिकारिक आवास पर एक हाईलेवल ...
मिडिल ईस्ट संघर्ष से उर्वरकों की कमी हो सकती है: सीएम रेवंत रेड्डी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण उर्वरकों की कमी हो सकती है
कतर हेलीकॉप्टर हादसा : तीन तुर्क नागरिकों सहित कम से कम 6 की मौत
दोहा। कतर के क्षेत्रीय समुद्री जलक्षेत्र में तकनीकी खराबी के कारण हुए हेलीकॉप्टर हादसे में तुर्की के तीन नागरिकों सहित कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है। कतर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार सात में से छह लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है […] The post कतर हेलीकॉप्टर हादसा : तीन तुर्क नागरिकों सहित कम से कम 6 की मौत appeared first on Sabguru News .
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच टीवी और बॉलीवुड एक्टर राम कपूर अगले हफ्ते दुबई जाने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, दुबई के बुर्ज खलीफा में राम कपूर का अपना एक घर है, जिसका काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है। वहां के मौजूदा हालात सफर के लिए सुरक्षित नहीं माने जा रहे हैं, लेकिन काम पूरा करने की मजबूरी और डेडलाइन के दबाव की वजह से राम कपूर यह जोखिम उठा रहे हैं। 'काम पूरा करने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा' टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में राम कपूर ने अपने इस फैसले की वजह बताई। उन्होंने कहा, पिछली बार हम वहां करीब एक हफ्ते के लिए गए थे। मुझे लगा था कि मुंबई वापस आकर थोड़े दिन इंतजार करूंगा और जब हालात शांत होंगे तब काम शुरू करवाऊंगा। लेकिन अब मेरे पास कोई और चारा नहीं बचा है। ऐसा नहीं लग रहा कि हालात जल्द ठीक होंगे, बल्कि ये और बिगड़ते जा रहे हैं। अगर ऐसा ही रहा तो मैं और देर नहीं कर सकता। मुझे तय टाइमलाइन के हिसाब से काम पूरा करना ही होगा। बुर्ज खलीफा की डेडलाइन बनी वजह राम कपूर ने बताया कि दुबई जाने की जल्दबाजी इसलिए है क्योंकि बुर्ज खलीफा में उनके घर का रिनोवेशन का काम रुका हुआ है। उन्होंने कहा, हमें काम पूरा करने के लिए जरूरी परमिशन और एक तय समय-सीमा मिली थी, जो अब खत्म होने वाली है। मैं समय बढ़ाने की गुजारिश कर सकता हूं, लेकिन पता नहीं ये युद्ध वाले हालात कब तक चलेंगे। दुबई में मेरे जितने भी जान-पहचान वाले हैं, वे भी अपनी जिंदगी सामान्य तरीके से जीने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति अच्छी नहीं है, लेकिन मैं घबरा नहीं रहा हूं। अकेले करेंगे सफर, पत्नी गौतमी भारत में रुकेंगी इस बार राम कपूर के साथ उनका परिवार नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि वे मंगलवार को अकेले ही फ्लाइट से रवाना होंगे और करीब दो हफ्ते वहां रुकेंगे। पत्नी गौतमी की चिंता पर राम ने कहा, गौतमी को फिक्र तो होती है, लेकिन वह समझती है कि यह काम जरूरी है। मेरे बच्चे भी काफी समझदार हैं, वे अपनी मां को ही दिलासा दे रहे हैं। मैंने गौतमी को समझाया है कि जहां मेरा घर है, वह दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारतों में से एक है। मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति ईरान-इजराइल युद्ध और मिडिल ईस्ट का तनाव पिछले कुछ समय से ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है। कई देशों ने अपने नागरिकों को प्रभावित इलाकों में न जाने की सलाह दी है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी प्रभावित हो रही हैं और सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसी वजह से कई सेलिब्रिटीज ने अपने विदेशी दौरे रद्द कर दिए हैं।
सोनीपत जिले के गांव गढ़ी बिंदरौली में रविवार को शहीद हुए वीर जवान महेंद्र सिंह की शहादत के 55 साल बाद उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। वे 1971 में भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए थे। इस अवसर पर पूरा गांव भावुक हो उठा और हर आंख नम दिखाई दी। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी शहीद को पुष्प अर्पित करने पहुंचे। शहीद महेंद्र सिंह वर्ष 1968 में भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। वह एक साहसी और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे, जिन्होंने देश सेवा को सर्वोपरि माना। उनके जज्बे और देशभक्ति की भावना ने उन्हें एक सच्चा सैनिक बनाया। छुट्टी छोड़ बॉर्डर पहुंचे, देश को चुना सबसे पहलेवर्ष 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान महेंद्र सिंह अपने गांव गढ़ी बिंदरौली में दो महीने की छुट्टी पर आए हुए थे। मात्र 15 दिन बाद उन्हें एक टेलीग्राम प्राप्त हुआ, जिसमें उनकी छुट्टी तत्काल प्रभाव से रद्द कर बॉर्डर पर रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया। उन्होंने बिना देर किए ड्यूटी जॉइन की। घर से निकलते समय उन्होंने अपनी पत्नी और परिजनों से कहा— “देश को मेरी जरूरत है, चिंता मत करना।” यह शब्द आज भी परिवार के लिए गर्व और भावनाओं का प्रतीक बने हुए हैं। कश्मीर में लड़ते हुए दी सर्वोच्च बलिदानभारत-पाक युद्ध के दौरान कश्मीर क्षेत्र में दुश्मनों से मुकाबला करते हुए महेंद्र सिंह ने वीरगति प्राप्त की। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की और हमेशा के लिए अमर हो गए। प्रतिमा अनावरण में उमढ़ी भीड़शहीद की प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और गणमान्य लोग मौजूद रहे। शहीद की पत्नी संतरा देवी, बेटी राजवंती देवी और अन्य परिजन इस पल को देखकर भावुक हो उठे। आंखों में आंसू थे, लेकिन दिल में गर्व भी उतना ही था कि उनके परिवार का एक सदस्य देश के लिए शहीद हुआ। नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, युवाओं के लिए बताया प्रेरणाइस अवसर पर हरियाणा के पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली और विधायक कृष्णा गहलावत मौजूद रहे। उन्होंने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भूले-बिसरे शहीदों को सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महेंद्र सिंह की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी और युवाओं को देशभक्ति के मार्ग पर चलने की सीख देगी। शहीदी दिवस पर भी किया गया नमननेताओं ने बताया कि 23 मार्च के शहीदी दिवस के अवसर पर भी वीर शहीदों को याद किया जा रहा है। देश के महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की कुर्बानी को पूरे देश और हरियाणा में श्रद्धा के साथ नमन किया जा रहा है।
आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है। अब 'कांतारा' के लिए नेशनल अवॉर्ड जीत चुके एक्टर ऋषभ शेट्टी ने फिल्म देखने के बाद आदित्य धर के विजन की जमकर तारीफ की है। ऋषभ ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर फिल्म की कास्ट और क्रू की तारीफ की। ऋषभ ने धुरंधर 2 को सिर्फ एक सीक्वल नहीं, बल्कि एक स्टेटमेंट बताया है। ऋषभ बोले- फिल्म सिर्फ सीक्वल नहीं, एक स्टेटमेंट ऋषभ शेट्टी ने अपने X (ट्विटर) अकाउंट पर लिखा कि 'धुरंधर 2' का पहला ही सीन दर्शकों को खुद से जोड़ लेता है और अंत तक बांधे रखता है। उन्होंने आदित्य धर की तारीफ करते हुए कहा, फिल्म का हर फ्रेम युद्ध के नगाड़े की तरह बजता है। यह सिर्फ एक सीक्वल नहीं, बल्कि एक स्टेटमेंट है। शानदार कहानी और डिटेलिंग देखकर बहुत खुशी हुई। ऋषभ ने फिल्म की एडिटिंग और बैकग्राउंड म्यूजिक की भी तारीफ की। आदित्य ने जताया आभार ऋषभ शेट्टी ने फिल्म के कलाकारों- आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, रणवीर सिंह, संजय दत्त, सारा अर्जुन और राकेश बेदी के अभिनय को जबरदस्त बताया। उन्होंने सिनेमैटोग्राफर विकास नवलखा और म्यूजिक डायरेक्टर शाश्वत सचदेव को भी बधाई दी। इस पर आदित्य धर ने जवाब देते हुए लिखा, “आपके मुंह से तारीफ मिलना बहुत मायने रखता है। मैं खुद 'कांतारा' का बहुत बड़ा फैन हूं, इसलिए आपके शब्द मेरे लिए बेहद स्पेशल हैं।” बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो 'धुरंधर 2' ने भारत में अब तक 339.27 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन कर लिया है। वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 500 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। ऋषभ शेट्टी से पहले अल्लू अर्जुन, राम चरण, एसएस राजामौली और महेश बाबू जैसे दिग्गज कलाकार भी फिल्म की तारीफ कर चुके हैं। बॉलीवुड में अनुपम खेर, राकेश रोशन और शिल्पा शेट्टी ने भी इसे एक मास्टरपीस बताया है।
Masterstroke: पश्चिम एशिया युद्ध के बीच मोदी सरकार की बड़ी राहत, कमर्शियल LPG आवंटन में 20% का इजाफा
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) का आवंटन 20% बढ़ाकर कुल 50% कर दिया है। जानें कैसे रेस्टोरेंट, ढाबों और कैंटीन को इस फैसले से राहत मिलेगी और घरेलू गैस की सप्लाई पर इसका क्या असर होगा।
मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। ईरान ने रात के समय 9 देशों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसमें कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई पिछले कुछ दिनों में बढ़ते ईरान-अमेरिका संघर्ष का नवीनतम अध्याय ...
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर एक बड़ा मालवाहक जहाज रविवार को कर्नाटक के मंगलुरु स्थित New Mangalore Port बंदरगाह पर पहुंचा। ऐसे समय जब ईरान-इजरायल के बीच बढ़ती टेंशन की वजह से मध्य-पूर्व एशिया में तेल ...
ईरान रेड क्रेसेंट सोसायटी के अध्यक्ष पीरहुसैन कोलिवंद ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपनी “आक्रामक कार्रवाई” की शुरुआत से अब तक 80,000 से ज्यादा नागरिक स्थानों पर हमले किए हैं
पटना के जक्कनपुर इलाके के बंगाली कॉलोनी में शादीशुदा महिला की चाकू गोद कर हत्या कर दी गई है। मृतका की पहचान संतोष कुमार की पत्नी मुन्नी देवी (35 वर्ष) के तौर पर हुई है। इस चाकूबाजी की घटना में मृतका की नाबालिग बेटी भी घायल हो गई है, जिसे हाथ और बाजू में चोट लगा है। फिलहाल, बच्ची का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पहले देखिए घटना के बाद की तस्वीर… 12 से अधिक बार किया वार, मुझे भी चाकू मारा- बेटी मतका की 17 साल की बेटी ने पुलिस को बताया है कि, मैं घर पर मां के साथ मौजूद थी। लगभग 4 बजे के करीब राजा नाम का शख्स आया और चाकू मारना शुरू कर दिया। कम से कम 12 बार से अधिक वार किया। मैं बीच बचाव करने आई तो मुझे भी चाकू मार दिया। मैं शोर मचाने लगी। आस पास के लोग दौड़कर मेरे घर की ओर आने लगे तब तक राजा तेजी से फरार हो गया।' पड़ोस के लड़कों ने अस्पताल में कराया एडमिट पड़ोस के लड़के शैलेश कुमार ने बताया कि, ‘कॉल करके मुझे पड़ोसी ने बुलाया। उसके बाद हम लोग गोद में उठाकर बाइक से अस्पताल लाये थे। यहां से गंभीर स्थिति देखते हुए डॉक्टर ने पीएमसीएच रेफर कर दिया।’ एक तरफा प्यार में चाकू गोदने की आशंका राजा अक्सर मृतका के घर पर आया जाया करता था। पिछले 1 सप्ताह से बच्चों ने उसे घर पर नहीं आने दिया था। यह बात आरोपी को नागवार गुजरी। आज अचानक चाकू लेकर घर पर पहुंच गया और सीधे हमला कर दिया। आशंका है कि एक तरफा प्यार में इस घटना को अंजाम दिया गया है। महिला का पति बाहर रहता है और महिला पास में ही ठेले पर नाश्ते की दुकान चलाती थी। क्या कहती है पुलिस एसडीपीओ 2 रंजन कुमार ने बताया कि, ‘अभियुक्त की पहचान कर ली गई है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से रेड की जा रही है।’
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष मानवीय और आर्थिक दृष्टिकोण से दुखद, जल्द शांति बहाली जरूरी: रीता बहुगुणा
मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी ने इस स्थिति को मानवीय और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से दुखद बताते हुए जल्द शांति बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया
मिडिल-ईस्ट में युद्ध का असर...दुबई का मोह छूटा, वियतनाम, बाली, थाईलैंड का क्रेज बढ़ा
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पर दिखाई देने लगा है। मिडिल ईस्ट के कई रूट प्रभावित होने से यात्रियों को अपने ट्रैवल प्लान बदलने पड़ रहे हैं। लुधियाना के ट्रैवल एजेंटों के अनुसार पहले जहां दुबई और मिडिल ईस्ट के शहरों के लिए सबसे ज्यादा बुकिंग होती थी, वहीं अब लोग थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, वियतनाम और बाली जैसे डेस्टिनेशन चुन रहे हैं। अचानक बढ़ी मांग के कारण इन देशों के पैकेज और फ्लाइट टिकट की कीमतें भी तेजी से बढ़ गई हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि मार्च में कई जगहों के टिकट और पैकेज लगभग सोल्ड आउट हो चुके हैं और अब अप्रैल से जून तक की बुकिंग हो रही है। ट्रैवल एजेंटों के अनुसार पिछले एक महीने में कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर फ्लाइट टिकट के दाम दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं। उदाहरण के तौर पर मलेशिया की वापसी टिकट जो कुछ समय पहले करीब 25 हजार रुपये में मिल जाती थी, अब 65 से 79 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। यही स्थिति अन्य एशियाई रूट्स पर भी देखने को मिल रही है। मार्च पैकेज फुल, अब अप्रैल-जून के लिए बुकिंग हो रही क्यों बदल रहे हैं प्लान? {सुरक्षा: मिडिल ईस्ट के एयरस्पेस में मिसाइल अटैक के डर से लोग वहां रुकने या घूमने से बच रहे हैं।{लंबा सफर: रूट डायवर्ट होने से यूरोप जाने वाली फ्लाइट्स अब ज्यादा समय ले रही हैं।{वीजा छूट: थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों में वीजा की झंझट नहीं है, जो सैलानियों को लुभा रही है। पर्यटन का ट्रेंड बदला : ट्रैवल रूट बदलने से एक महीने में कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट टिकट तीन गुना तक हो चुकी हैं महंगी, पैकेज पर भी असर
ईरान-इजराइल जंग का असर:कतर से हीलियम सप्लाई रुकी, एमआरआई जांच महंगी होना तय
ईरान-इजराइल जंग आंच रसोई गैस और पेट्रोल के बाद हमारे इलाज तक भी पहुंचने लगी है। इससे एमआरआई स्कैन महंगी होना तय है, क्योंकि इसमें सप्लाई होने वाली हीलियम गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हो चुकी है और आने वाले समय में हीलियम की कीमतों में 150% तक बढ़ोतरी हो सकती है। गौरतलब है कि हीलियम गैस ना केवल एमआरआई के लिए सेमी कंडक्टर बनाने में काम आती है, बल्कि इसके संचालन के लिए भी जरूरी है। अभी देश में हीलियम का अधिकतम 15-20 दिनों का इन्वेंट्री (स्टॉक) बचा है और हीलियम सप्लाई करने वालों से लेकर एमआरआई बनाने वाली कंपनियों ने अस्पतालों को इसका अलर्ट भी जारी किया है। बता दें कि ईरान-इजराइल युद्ध के बीच कतर पर हमला हुआ और कतर पूरी दुनिया में हीलियम की एक तिहाई आपूर्ति करता है। अब जबकि हमलों के कारण वह हीलियम सप्लाई नहीं कर पाएगा और आने वाले दिनों में यह महंगी होगी। ऐसे में एमआरआई की लागत बढ़ना तय है। भास्कर नॉलेज -270 डिग्री टेंपरेचर मेंटेन करता है हीलियम
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते महंगाई की चपेट में आ सकता है चीन: रिपोर्ट
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों से चीन डिफ्लेशन (मंदी जैसी स्थिति) से तो बाहर निकल सकता है
ट्रंप का यू-टर्न! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने दिए युद्ध खत्म करने के संकेत
Iran Israel War Update: पश्चिम एशिया की जंग अब उस मुकाम पर पहुंच गई है, जहां से दुनिया या तो महाविनाश की ओर जाएगी या फिर शांति की ओर। एक तरफ ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर भीषण हमले और हिंद महासागर में अमेरिकी बेस डिएगो गार्सिया पर ईरानी मिसाइल ...
हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस की स्थिति तुलना मिडिल ईस्ट के देशों से की है। उन्होंने कहा कि जैसे मिडिल ईस्ट में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिलता है, वैसी ही स्थिति इस समय कांग्रेस के अंदर बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का संगठन लगातार कमजोर हो रहा है। करीब 25 प्रतिशत पार्टी पहले ही टूट चुकी है। आने वाले समय में पार्टी पूरी तरह बिखर सकती है। गौतम ने कहा कि कांग्रेस के 9 विधायकों में भी एकजुटता नहीं है। किसी ने वोट खराब किया, किसी ने क्रॉस वोटिंग की, तो कोई धरने पर बैठा नजर आया। विजेताओं को सम्मानित करने पहुंचे मंत्री गौरव गौतम मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित कॉर्पोरेट क्रिकेट टूर्नामेंट में विजेताओं को सम्मानित करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मानव रचना संस्थान खेल के क्षेत्र में हरियाणा और एनसीआर को प्रतिभाशाली खिलाड़ी देने का काम कर रहा है। 10 हजार लोग लेंगे हिस्सा इसके अलावा 23 मार्च को होने वाले शहीदी दिवस पर निकाली जाने वाली पदयात्रा को लेकर उन्होंने जानकारी दी कि फरीदाबाद में करीब 10 हजार लोग इस पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि शहीदी दिवस युवाओं को प्रेरणा और ऊर्जा देने का काम करता है।
ईरान और इजराइल-अमेरिका युद्ध पर कहां खड़े हैं ब्रिक्स देश
मुरली कृष्णन तेहरान ने 11 उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले ब्रिक्स समूह से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। फिलहाल, भारत इस समूह की अध्यक्षता कर रहा है। ईरान 2024 में इस समूह में शामिल हुआ था। ईरान एक मजबूत और एकजुट रुख अपनाने की मांग कर रहा है, ताकि वह जिसे ‘सैन्य आक्रामकता' कहता है, उसकी निंदा की जा सके। वह चाहता है कि ब्रिक्स समूह क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाए। भारत ने अब तक इस संघर्ष में किसी का भी पक्ष लेने से परहेज किया है। उसने संयम बरतने, तनाव कम करने और बातचीत के रास्ते पर लौटने का आग्रह किया है। विश्लेषकों का कहना है कि वाशिंगटन (अमेरिका) इसे ईरान के साथ एकजुटता के बजाय एक रणनीतिक कदम के रूप में देख रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ब्रिक्स के कुछ सदस्य सीधे तौर पर पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात में शामिल हैं। इसकी वजह से चल रहे संघर्ष पर ब्रिक्स का एक साझा और एकमत रुख बनाने में दिक्कत आ रही है।” उन्होंने कहा, ब्रिक्स के अध्यक्ष के तौर पर, भारत शेरपा चैनल के माध्यम से सदस्य देशों के बीच बातचीत को बढ़ावा दे रहा है।” उन्होंने इस चैनल का जिक्र करते हुए बताया कि यह सदस्य देशों के बीच बातचीत और तालमेल का मुख्य जरिया है। ब्रिक्स क्या कर सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की उम्मीदों के बावजूद, ब्रिक्स की प्रतिक्रिया देने की क्षमता सीमित है। ब्रिक्स के सदस्य देशों की संख्या बढ़ने से इनके अंदरूनी मतभेद और गहरे हो गए हैं। यूएई और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देश ईरान की भूमिका को लेकर बेहद सतर्क और आशंकित हैं। वहीं, समूह के अन्य देश ऐसा कोई भी रुख अपनाने से बच रहे हैं जिससे यह लगे कि वे अमेरिका के खिलाफ खड़े हैं। स्वतंत्र शोध मंच ‘मांत्रया' की प्रमुख शांथी मैरिएट डीसूजा ने डीडब्ल्यू को बताया, यह गठबंधन बातचीत के एक मंच के तौर पर संभावनाएं रखता है, लेकिन ब्रिक्स से कोई संयुक्त बयान जारी करने की उम्मीद करना शायद अवास्तविक है। किसी भी तरह से हस्तक्षेप करने की तो बात ही छोड़ दें।” उन्होंने कहा, ऐसा तब हो सकता है जब युद्ध के हालात सदस्य देशों के अपने हितों के लिए असहनीय हो जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा कि यूएई और सऊदी अरब के साथ ईरान की ‘पुरानी और बुनियादी समस्याएं' रही हैं। डीसूजा ने आगे कहा, चूंकि ईरान खुद इस संघर्ष का एक पक्ष है। इसलिए, किसी एक राय या आम सहमति पर पहुंचना मुश्किल है, भले ही ईरान की अधिकांश कार्रवाइयां अमेरिका-इजराइल की आक्रामकता के जवाब में रही हों।” बढ़ रही भारत की दुविधा डीसूजा ने कहा कि ब्रिक्स के अध्यक्ष के तौर पर, आम सहमति बनाने में भारत की अहम भूमिका है। इससे उसे इस समूह की ओर से बयान जारी करने का अधिकार मिल जाता है। वह बताती हैं, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल में, इस तरह के किसी भी कदम का उस चीज पर बहुत कम असर होगा जो अमेरिका और इजराइल, ईरान में हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स एक ‘सैद्धांतिक रुख' भी जाहिर करने में असमर्थ है। अमेरिका में भारत की पूर्व राजदूत रही मीरा शंकर ने डीडब्ल्यू को बताया कि मौजूदा स्थिति में आम सहमति वाले किसी बयान की संभावना कम ही लगती है। उन्होंने कहा, ब्रिक्स एक जैसी सोच वाले देशों का गठबंधन नहीं है। यह एक ढीला-ढाला समूह है जिसका एजेंडा काफी व्यापक है। इसमें व्यापार, विकास, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षवाद को मजबूत करना शामिल है।” शंकर ने कहा कि ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर इस गुट के सदस्य देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान मिलकर काम करना फायदेमंद मानते हैं, भले ही वे दूसरे मुद्दों पर सहमत न हों। भारत का संतुलन बनाने का प्रयास ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। वहां के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने भारतीय समकक्ष एस। जयशंकर के साथ कई बार फोन पर बात की। इन बातचीत का मकसद स्थिरता के लिए ब्रिक्स को सक्रिय करना और अमेरिका-इजराइल के हमलों की निंदा करना था। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर यूरोपियन स्टडीज के प्रोफेसर गुलशन सचदेवा ने डीडब्ल्यू को बताया, ब्रिक्स की अध्यक्षता होने के बावजूद, नई दिल्ली ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध के मामले में काफी हद तक चुप्पी साधे रखी है। यहां तक कि ब्रिक्स के एक सदस्य देश के राष्ट्राध्यक्ष की हत्या के बाद भी, जो कि साफ तौर पर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन था।” उन्होंने कहा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावी रूप से बंद होने के साथ-साथ यह फैलता हुआ युद्ध नई दिल्ली को अपनी स्थिति पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर कर रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भारत का ऊर्जा आयात काफी ज्यादा निर्भर है।” उन्होंने इस रणनीतिक जलमार्ग में शिपिंग (जहाजों की आवाजाही) में आ रही बाधा के संदर्भ में यह बात कही। सचदेवा ने इशारा किया कि तेहरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की इजाजत देना शुरू कर दिया है, लेकिन यह हर मामले में अलग-अलग आधार पर किया जा रहा है। हालांकि, उसे बदले में कुछ राजनीतिक संकेत मिलने की उम्मीद हो सकती है। सचदेवा ने कहा, ईरान को ब्रिक्स से एक मजबूत बयान की उम्मीद हो सकती है, लेकिन भारत को सऊदी अरब और यूएई जैसे दूसरे क्षेत्रीय सदस्यों की स्थितियों को लेकर भी संतुलन बनाए रखना होगा।” इन दोनों देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डे हैं और संघर्ष के दौरान इन पर ईरान ने हमले भी किए हैं। उन्होंने कहा, काफी हद तक, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या वह अपने एक सदस्य (ईरान) पर हुए हमले के खिलाफ समूह को सक्रिय रूप से लामबंद करता है और तनाव कम करने के लिए जोर देता है या फिर वह ऐसे सामान्य औपचारिक बैठकों तक ही सीमित रहता है जिनका कोई खास नतीजा नहीं निकलता।” आपसी हितों के टकराव से बंटा एक गुट इस संकट ने ब्रिक्स के भीतर की गहरी दरारों को उजागर कर दिया है, जिसमें सदस्य देश अलग-अलग खेमों में बंटे हुए हैं। भारत ने विशेष रूप से अमेरिका-इजराइल के हमलों की आलोचना करने से परहेज किया है। पूर्व भारतीय राजनयिक अजय बिसारिया ने डीडब्ल्यू को बताया कि मध्य-पूर्व के संकट ने ‘विस्तारित ब्रिक्स के भीतर के राजनीतिक विरोधाभासों' को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा, ब्रिक्स के सदस्य देश एक सक्रिय सैन्य संघर्ष में एक-दूसरे के आमने-सामने हैं, जिसमें ईरान, सऊदी अरब और यूएई के बुनियादी ढांचों पर हमले कर रहा है। अध्यक्ष के तौर पर भारत ब्रिक्स को एक ‘गैर-पश्चिमी' आर्थिक समूह के रूप में देखता है, न कि एक ‘पश्चिम-विरोधी' सुरक्षा गठबंधन के रूप में।” वह आगे कहते हैं, ब्रिक्स की ओर से एक साझा बयान जारी न कर पाना इस गुट की भू-राजनीतिक सीमाओं को दिखाता है। इससे यह भी पता चलता है कि यह समूह ज्यादातर आर्थिक मुद्दों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर ही ध्यान देता है।” बिसारिया ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स के अध्यक्ष के तौर पर भारत संभावित रूप से एक अधिक सक्रिय और प्रभावशाली रुख अपना सकता है। उन्होंने कहा, भारत एक अध्यक्षीय बयान जारी कर सकता है, जिसमें इस हमले और ब्रिक्स के एक सदस्य देश के साथ चल रहे युद्ध पर गहरी चिंता व्यक्त की जा सकती है। यह समूह ‘बातचीत और कूटनीति' का रास्ता साफ करने के लिए युद्ध को तत्काल रोकने की अपील कर सकता है।” बिसारिया ने कहा कि इससे भी अहम बात यह है कि यह संकट भारत को एक ऐसा मौका भी देता है कि वह शायद ब्रिक्स के दूसरे तटस्थ सदस्यों के साथ मिलकर शांति-दूत की भूमिका निभा सके। डीसूजा का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब ब्रिक्स ने इस तरह की चुनौती का सामना किया है। यूक्रेन युद्ध ने पहले ही इस संगठन की आम सहमति बनाने की सीमित क्षमता को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा, आज की दुनिया में, बहुपक्षीय मंचों और क्षेत्रीय संगठनों का देशों की कार्रवाइयों पर नियंत्रण या असर कम होता दिख रहा है।”
ट्रंप प्रशासन को पहला बड़ा झटका तब लगा जब ईरान ने कतर के रास लाफान गैस हब को निशाना बनाया। यह दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) उत्पादन केंद्रों में से एक है और वैश्विक गैस आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा यहीं से संचालित होता है।
ईद उल फितर पर शनिवार को अमन चैन की दुआ मांगी गई। उदयपुर में लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर प्रदेश में कई जगहों पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताया गया लेकिन उदयपुर में कहीं विरोध नजर नहीं आया। उदयपुर के चेतक सर्कल स्थित पलटन मस्जिद में सुबह नमाज अदा की गई। समाज ने नमाज अदा कर देश में अमन चैन शांति भाईचारा बना रहे इसे लेकर दुआ की। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे के गले लगर ईद की शुभकामनाएं दी। इस दौरान यहां पर सुरक्षा के माकूल प्रबंध किए गए। इससे पहले शहर के अन्य स्थानों पर भी ईद की नमाज अदा करने के बाद सभी ने एक-दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दी। नमाज के बाद सभी ने देश में सभी धर्मों के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द बना रहने और सभी को सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलने की ताकत मिले इसकी प्रार्थना की। शहर में पुलिस की तरफ से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चेतक पलटन मस्जिद समेत सभी प्रमुख मस्जिदों के आसपास पुलिस जवानों को तैनात किया गया था। पलटन मस्जिद पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। उदयपुर जिले के कानोड़ नगर में इस वर्ष ईद-उल-फितर का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही कस्बे में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल था। मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मस्जिद में नमाज़ अदा करने के लिए एकत्रित हुए। नमाज़ से पहले, मंसूरी मोहल्ला से सुबह 8 बजे एक जुलूस मस्जिद के लिए रवाना हुआ। मस्जिद में अमन, शांति और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया गया। घरों में विशेष पकवान बनाए गए और लोगों ने एक-दूसरे के यहां जाकर खुशियां बांटीं। वल्लभनगर में ईद-उल-फितर के अवसर पर मुस्लिम समुदाय ने नमाज़ अदा की। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरे क्षेत्र में त्योहार का माहौल बना रहा। उस्मानिया जामा मस्जिद के मीडिया प्रभारी वाजिद अली शाह ने बताया कि नमाज़ का आयोजन मस्जिद के सदर इरशाद खान की अध्यक्षता में हुआ। इमाम अलाउद्दीन खान ने शांतिपूर्ण वातावरण में नमाज़ अदा कराई। सुबह 7:30 बजे सभी नमाजी उस्मानिया जामा मस्जिद में एकत्रित हुए। यहां से जुलूस के रूप में चूड़ी बाजार, सदर बाजार, डांगीयो का चौड़ाया और पंचायत मार्ग होते हुए ईदगाह मस्जिद पहुंचे।
पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड में सुवर्णरेखा नदी किनारे काफी पुराने विस्फोटक के मिलने से हड़कंप मच गया है। रांची से पहुंची बम निरोधक टीम ने प्रारंभिक जांच में इसे एक शक्तिशाली जिंदा बम होने की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि यह एएन-एम 64 500 बी...अमेरिकन मेड श्रेणी का बम हो सकता है, जिसका वजन करीब 227 किलो है और यह बेहद घातक स्थिति में है। बम निरोधक दस्ते के प्रभारी नंदकिशोर सिंह ने बताया कि यह बम आकार में काफी बड़ा और खतरनाक है। इसे सामान्य तरीके से नष्ट करना संभव नहीं है। इसे निष्क्रिय करने के लिए उच्च स्तरीय तकनीक की जरूरत है, जो केवल सेना के पास उपलब्ध है। मालूम हो कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बम मिलने वाले क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया है। इलाके में अलर्ट, लोगों के जाने पर पाबंदी स्थानीय प्रशासन ने आसपास के ग्रामीणों को सख्त निर्देश दिया है कि वे नदीकिनारे उस स्थान पर न जाएं और किसी भीतरह की छेड़छाड़ से बचें। इसके बावजूद घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके प रपहुंचे और दूर से इस बम को देखने की कोशिश करते रहे। बालू में दबा था मौत का गोला नदी किनारे बालू-मिट्टी के भीतर दबा यह बम मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पहले इसे साधारण लोहे की वस्तु समझा जा रहा था। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विस्फोटक गिरातो था, लेकिन फटा नहीं, वह वर्षों बाद भी सक्रिय रह सकता है और कभी भी विस्फोट कर सकता है। स्थानीय बुजुर्गों से मिली जानकारी के अनुसार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में हवाई गतिविधियां हुई थीं। आशंका जताई जा रही है कि उस समय किसी विमान ने वजन कम करने के लिए हथियार नीचे गिराए थे, जिनमें से कुछ को बाद में हटाया गया, लेकिन यहबम दबा रह गया। पहले भी मिल चुका है ऐसा बम करीब सात महीने पहले पश्चिम बंगाल के गोपीवल्लभपुर थानाक्षेत्र के धरमपुर गांव के पास भी सुवर्णरेखा नदी में इसी प्रकार का बम मिला था, जिसे बाद में एयरफोर्स की मदद से सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया था। घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सेना या विशेषज्ञ टीम बुलाकर इस बम को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
ईरान राष्ट्रपति पेजेश्कियान बोले – मुस्लिम देशों से नहीं चाहते युद्ध
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया है कि उनका देश मुस्लिम देशों के साथ किसी भी तरह का युद्ध या टकराव नहीं चाहता
ईद के मौके पर अलवर के नयाबास स्थित ईदगाह में मुस्लिम समुदाय ने ईद की नमाज अदा की। ईदगाह में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और नमाज के बाद सभी ने मुल्क में अमन, शांति और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर अलवर में कहीं विरोध नजर नहीं आया है। प्रदेश में कई जगहों पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताया गया है। नमाज के बाद लोगों ने अल्लाह पाक से प्रार्थना की कि देश में सभी धर्मों के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द बना रहे। साथ ही सभी को सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलने की ताकत मिले। मौलाना अमजद ने बताया कि रमजान के पूरे महीने रोजे रखकर इबादत करने के बाद अल्लाह ने ईद का यह मुकद्दस दिन इनाम के तौर पर दिया है। उन्होंने कहा कि ईद का त्योहार खुशी के साथ-साथ आपसी भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि ईद प्यार प्रेम व भाइचारे का त्योहार है। पूरी दुनिया में ईद मनाई जा रही है। हमारे देश में नवरात्र, गणगौर भी साथ में है। यह सामाजिक सौहार्द भारत में देखने को मिलता है। सब जाति, धर्म होने के बावजूद हम एक हैं। इस अवसर पर अल्लाह ताला से दुआ है कि सब पर आशीर्वाद बना रहे। इस मौके पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमलेश सैनी और अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष साहुन सहित कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
Top News 21 March : अमेरिका इजराइल और ईरान युद्ध के 22वें दिन भी दोनों और से मिसाइल और ड्रोन हमले जारी है। ईरान ने डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला किया। ईरान के राष्ट्रपति मोजतबा खामेनेई ने दुश्मन देश की हार का दावा किया तो युद्ध को लेकर अमेरिकी ...
ईरान जंग के बीच भारत अब ‘नॉन-कंटैक्ट वारफेयर’ यानी बिना आमने-सामने आए लड़ी जाने वाली जंग के लिए खुद को तैयार कर रहा है। सरकार अपनी सैन्य शक्ति को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक ढालने के लिए सबसे बेहतर रक्षा तकनीकों पर तेजी से काम कर रही है। भारत ने न केवल 5th जेनरेशन(AMCA), बल्कि अब आधिकारिक तौर पर 6th जेनरेशन के फाइटर जेट्स के डिजाइन पर भी काम शुरू कर दिया है। साथ ही स्वदेशी एस-400 (LRSAM) जैसी लंबी दूरी की मिसाइल सिक्योरिटी सिस्टम, ड्रोन को तबाह करने वाले ‘अनंत शस्त्र’ (QRSAM) पर भी युद्धस्तर पर काम शुरू हो चुका है। संसद में पेश की गई रक्षा समिति की रिपोर्ट्स में इसका खुलासा हुआ है। भारत फाइटर जेट्स के लिए शक्तिशाली स्वदेशी इंजन, नौसेना के लिए अभेद सुरक्षा कवच और AI व साइबर डिफेंस जैसे प्रोजेक्ट्स डेवलप कर रहा है। इसके अलावा अस्त्र, नाग और ध्रुवास्त्र जैसी मिसाइलों के मार्क-II वेरिएंट पर काम हो रहा है। उड़ते हुए कमांड सेंटर की तरह काम कर सकेगा ‘6th जेन’ विमान देश का रक्षा दृष्टिकोण अब ‘नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर’ की चुनौतियों को देखते हुए आक्रामक और रक्षात्मक प्रौद्योगिकियों के बीच एक सटीक संतुलन बनाने पर केंद्रित है। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी क्षमताओं को साबित किया था। अब 5th जेनरेशन के विमानों और 6th जेनरेशन की सोच (जैसे हाइपरसोनिक स्पीड और सी4आईएसआर सिस्टम) के साथ भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए पूरी तरह तैयार है। ये खूबियां होंगी… हाइपरसोनिक गति: सिक्स्थ जेन प्लेन में ध्वनि की गति से 5 गुना तक तेज उड़ने की क्षमता हो सकती है अडैप्टिव शेप: विमान के विंग्स जरूरत के हिसाब से हवा में ही बनावट बदलने में सक्षम होंगे फ्लाइंग सी4आईएसआर: यह एक उड़ते हुए ‘कमांड सेंटर’ की तरह काम कर सकेगा डुअल मोड इंजन: इसमें एक उन्नत इंजन होगा जो न केवल विमान को शक्ति देगा बल्कि एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को ठंडा रखने और बिजली देने में मदद करेगा। डिफेंस इन्वेस्टेमेंट के लिए 2 लाख करोड़ से ज्यादा आवंटित देश को मॉडर्न वॉरफेयर में सक्षम बनाने के लिए सरकार ने इसके लिए भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए डिफेंस इन्वेस्टमेंट में खर्च के लिए में 2,19,306.47 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। यह पिछले वर्ष के बजट अनुमान से 21.84% अधिक है। इसका बड़ा हिस्सा केवल सशस्त्र बलों के मॉडर्नाइजेशन और नए हथियारों की खरीद के लिए सुरक्षित रखा गया है। ये टारगेट्स प्राइयॉरिटी पर… रक्षा बजट में 10 साल में सबसे बड़ा इजाफा, फाइटर जेट्स और इंजनों के लिए 64 हजार करोड़ 1 फरवरी को पेश हुए बजट पर ऑपरेशन सिंदूर का साफ असर दिखा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा बजट में पिछले 10 सालों का सबसे बड़ा इजाफा किया है। उन्होंने तीनों सेनाओं के लिए कुल 7.84 लाख करोड़ रुपए दिए हैं। यह 2025-26 के मुकाबले करीब 1 लाख करोड़ रुपए ज्यादा है। यानी कुल 15% की बढ़ोतरी हुई है। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। सरकार के मुताबिक 6 मई से शुरू हुआ यह ऑपरेशन आज भी चल रहा है। माना जा रहा है कि इसी के चलते डिफेंस बजट में बढोतरी की गई है। सेना को मिलने वाले बजट में मुख्य रूप से 4 पार्ट होते हैं : 1. कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी हथियार खरीद के बजट में 22% की बढ़त इस बार तीनों सेनाओं के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर 2.19 लाख करोड़ रुपए मिले हैं, जो पिछले साल से 21.84% ज्यादा है। पिछले साल यह 1.80 लाख करोड़ रुपए था। इस बजट के ज्यादातर हिस्से का इस्तेमाल हथियार खरीद और मॉडर्नाइजेशन पर होता है। 2. रेवेन्यू खर्च यानी सैलरी भी बढ़ सकती है इसमें सेना के वेतन, भत्ते और दैनिक संचालन का खर्च शामिल है। इसमें लगातार वृद्धि हुई है। 3.रिटायर्ड सैनिकों के लिए पेंशन बजट डिफेंस पेंशन का बजट एक बड़ा हिस्सा है, जो पूर्व सैनिकों के लिए है, जिसमें लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 4. सिविल डिफेंस बजट में मामूली कटौती इसमें रक्षा मंत्रालय के नागरिक प्रशासनिक खर्च और कोस्ट गार्ड के खर्चे शामिल होते हैं, जिनमें समय-समय पर मामूली बदलाव होते रहते हैं। डिफेंस बजट पर ऑपरेशन सिंदूर का असर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बजट देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे सेना की तैयारियां और ज्यादा मजबूत होंगी।’ 114 राफेल की डील, नए एयरक्राफ्ट और इंजन पर खर्च रक्षा बजट में सबसे ज्यादा ध्यान लड़ाकू विमान और एयरो इंजन पर दिया गया है। इसके लिए 63,733 करोड़ रुपए रखे गए हैं। वहीं, नेवी बेड़े के लिए 25,024 करोड़ रुपए दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत-फ्रांस के बीच 114 राफेल जेट की डील होने वाली है। रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए 17 हजार करोड़ रुपए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी खर्च बढ़ाया गया है। इसके लिए 17,250 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इस रकम से नई तकनीक, स्वदेशी हथियार और आधुनिक सिस्टम विकसित किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ हथियार खरीदे नहीं, बल्कि बनाए भी। कस्टम ड्यूटी हटाने से डिफेंस इंडस्ट्री को फायदा वित्त मंत्री ने बजट में विमान और रक्षा उपकरण बनाने में इस्तेमाल होने वाले इम्पोर्टेड कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी हटा दी है। इससे फैसले से देश की डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री को सीधा फायदा मिलेगा। उत्पादन सस्ता होगा और निजी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा। डिफेंस बजट में भारत, चीन से पीछे लेकिन पाकिस्तान से आगे पिछले साल चीन का रक्षा बजट करीब 247 बिलियन डॉलर यानी 22.6 लाख करोड़ रुपए रहा। अनुमान है कि इस साल 2026 में ये 300 बिलियन डॉलर यानी 27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। वहीं पाकिस्तान ने भी रक्षा बजट में तेज बढ़ोतरी की है। पिछले साल उसने ऑपरेशन सिंदूर के बाद 81 हजार करोड़ का डिफेंस बजट पेश किया, जो 2024 से 20% ज्यादा था। हालांकि, 2025 में रक्षा बजट में बढ़ोतरी के लिए पाकिस्तान को अपने कुल बजट में 7% की कटौती करनी पड़ी थी। जबकि भारत ने कुल बजट को पिछले साल से लगभग 8% बढ़ाते हुए रक्षा बजट को 15% बढ़ाया है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान के मॉडल को मंजूरी:बनाने में निजी कंपनियां मदद करेंगी भारत में बनने वाले 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान यानी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के प्रोडक्शन मॉडल को मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने पिछले साल 27 मई को यह जानकारी दी थी। रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि एयरक्राफ्ट को बनाने के लिए सरकारी के साथ निजी कंपनियों को भी बोली लगाने का मौका दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य तनाव के बीच नाटो देशों पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोग न देकर नाटो ने खुद को कमजोर साबित किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में ...
पटना में स्पीड प्रीमियम पेट्रोल की कीमत ₹2 प्रति लीटर के हिसाब से महंगी हो गई है। आर ब्लॉक के पास स्थित गैसोलीन प्राइवेट लिमिटेड पेट्रोल पंप के कर्मी सचिन कुमार केसरी ने बताया कि सुबह से दाम में इजाफा हुआ है। नॉर्मल पेट्रोल 105.23 रुपये है। इसमें कोई इजाफा नहीं है। जबकि स्पीड प्रीमियम की कीमत 2 रुपये बढ़ने के चलते 114.8 रुपये हो गया है। सेफ इंजन और माइलेज के लिए इस्तेमाल होते प्रीमियम पेट्रोल सुबह से ही हम लोग नए दाम पर ग्राहकों को प्रीमियम स्पीड पेट्रोल दे रहे हैं। स्पीड प्रीमियम पैट्रोल का इस्तेमाल अक्सर ग्राहक सेफ इंजन और माइलेज के लिए करते हैं। इसकी डिमांड और खपत भी नॉर्मल से कम नहीं है। खासकर के इसकी डिमांड नौकरी पेशा और बिजनेस से जुड़े लोगों के बीच हैं। जो लोग इसके बारे में जान गए हैं, वह लोग भी इसकी डिमांड करके लेते हैं। ग्राहक बोले- सरकार को नियंत्रण रखना चाहिए ग्राहक सतीश कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को इसे नियंत्रण में ही रखना चाहिए। दाम बढ़ने से सब कुछ पर असर पड़ेगा। वहींस नालंदा में प्रीमियम पैट्रोल के दाम 2 रुपये 6 पैसा आज सुबह से बढ़े हैं। हालांकि सिंपल पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
कतर के रास लफान LNG हब पर ईरानी हमले से जोड़कर असंबंधित वीडियो हुए शेयर
बूम ने जांच में पाया कि वीडियो ओमान और सऊदी अरब के हैं और इनका कतर के एलएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए अटैक से संबंध नहीं है.
मिडिल ईस्ट तनाव का असर: भारत में प्रीमियम पेट्रोल महंगा, 20 मार्च से नई कीमतें लागू
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक इलाकों में से एक है, और यहां किसी भी तरह का तनाव आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करता है।
Middle East Crisis: अमेरिका इजराइल ईरान युद्ध के बाद अब किन 2 देशों में भड़क सकता है संघर्ष?
विश्व वर्तमान में दो बड़े सैन्य संघर्षों का गवाह बन रहा है। 24 फरवरी, 2022 को रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर एक लंबे युद्ध की शुरुआत की। इसी बीच, 7 अक्टूबर, 2023 को आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर भीषण हमला किया, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 250 से अधिक को बंधक बना लिया गया। जवाब में इजरायल ने 'ऑपरेशन स्वॉर्ड्स ऑफ आयरन' शुरू किया, जिससे गाजा में भीषण युद्ध छिड़ गया। हमास द्वारा शुरू किया गया यह संघर्ष अब केवल गाजा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लेबनान और ईरान तक फैल चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व के बदलते समीकरणों के कारण इस युद्ध की आग भविष्य में पाकिस्तान सहित पूरे एशिया को अपनी चपेट में ले सकती है। इजराइल और पाकिस्तान: इजरायल और पाकिस्तान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 2018 में कहा था कि इजरायल पाकिस्तान का दुश्मन नहीं है और पाकिस्तान को भी दुश्मन की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए, लेकिन हाल की परिस्थिति के चलते इजराइल अब कभी भी पाकिस्तान के खिलाफ अपना मोर्चा खोल सकता है। सितंबर 2025 और उसके बाद के कुछ बयानों में नेतन्याहू ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरा है। नेतन्याहू ने कहा कि जिस तरह अमेरिका ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर ओसामा बिन लादेन को खत्म किया था, उसी तरह इजरायल भी अपने दुश्मनों को कहीं भी खोजने और खत्म करने का अधिकार रखता है। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को शरण देने का परोक्ष रूप से आरोप लगाते हुए इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताया। मार्च 2026 में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नेतन्याहू ने पाकिस्तान सहित कई इस्लामी देशों की दोहरी नीति की आलोचना की है। हालांकि पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर ईरान के हमलों की निंदा की है, लेकिन नेतन्याहू ने अक्सर यह संकेत दिया है कि पाकिस्तान जैसे देश इजरायल विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देते हैं। बेंजामिन नेतन्याहू का रुख पाकिस्तान के प्रति काफी सख्त रहा है। वे पाकिस्तान को भारत के साथ इजरायल की बढ़ती नजदीकियों के विरोधी और कट्टरपंथी विचारधारा के समर्थक के रूप में देखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल का अगला निशाना पाकिस्तान रहेगा। अमेरिका और पाकिस्तान: 18 मार्च 2026 को अमेरिकी सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी के सामने तुलसी गबार्ड ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ऐसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर रहा है जो भविष्य में अमेरिका तक मार करने में सक्षम हो सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान का मिसाइल कार्यक्रम अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने पाकिस्तान को रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान के साथ उन देशों की श्रेणी में रखा जो अमेरिका के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा हैं। तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ भारत का खुलकर समर्थन किया है और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद गबार्ड ने इसे इस्लामी आतंकवादी हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन आतंकवादियों को खोजने और सजा दिलाने में भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ पूरी तरह खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को आतंकवादियों को शरण देना और उन्हें पालना बंद करना होगा। तुलसी गबार्ड का मानना है कि पाकिस्तान की दोहरी नीति (आतंकवाद को समर्थन और परमाणु हथियारों का विस्तार) न केवल दक्षिण एशिया, बल्कि पूरी दुनिया और सीधे तौर पर अमेरिका की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। भविष्य में अमेरिका को इसके लिए कोई ठोस और कठोर कदम उठाने की आवश्यकता होगी। भारत और पाकिस्तान: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारत ने इसके लिए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' (TRF) और लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार ठहराया था। हमले के ठीक 15 दिन बाद, 7 मई 2025 की रात को भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, वायु सेना और नौ सेना के समन्वय से) ने यह ऑपरेशन लॉन्च किया। भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें मुरिदके, कोटली, मुजफ्फराबाद और बहावलपुर जैसे स्थान शामिल थे। रतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई सटीक, नपी-तुली और गैर-उत्तेजक थी। इसमें केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट किया गया और नागरिक क्षेत्रों को बचाने का पूरा प्रयास किया गया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की खबरें आईं। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश की, जिसे भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने विफल कर दिया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के 6 लड़ाकू विमान और 5 एयरबेस को तबाह कर दिया जिसके चलते पाकिस्तान घुटनों के बल आ गया। अंततः 10 मई 2025 के आसपास दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए युद्धविराम पर सहमति बनी। युद्ध के नए मोर्चे खुलने वाले संभावित क्षेत्र: 1. सऊदी अरब और ईरान 2. भारत और पाकिस्तान 3. उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया 4. चीन और ताइवान
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया में संघर्षों की असली वजह स्वार्थी हित और वर्चस्व की चाहत है। स्थायी शांति केवल एकता, अनुशासन और धर्म को मानने से ही हासिल की जा सकती है। भागवत नागपुर में विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय की आधारशिला रखने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा- पिछले 2,000 साल से दुनिया ने संघर्षों को सुलझाने के लिए कई प्रयोग किए हैं, लेकिन उन्हें बहुत कम सफलता मिली है। RSS चीफ ने यह भी कहा कि भारत का स्वभाव ही ऐसा है जो सद्भाव में विश्वास रखता है। यही कारण है कि पूरी दुनिया से यह आवाज उठ रही है कि भारत ही ईरान-इजराइल युद्ध को खत्म करने में मदद कर सकता है। भागवत बोले कि भारत के लोग मानवता के नियम पर चलते हैं, जबकि बाकी दुनिया जंगल का कानून मानती है। लड़खड़ाती हुई दुनिया को धर्म की नींव देकर उसमें संतुलन बहाल करना हमारा ही काम है। भागवत के बयान की बड़ी बातें… RSS को 86 संभागों में बांटने की बात कही, लेकिन तरीका नहीं बदलेगा नागपुर में एक मराठी अखबार के 100 साल पूरे होने पर गुरुवार को भागवत ने बताया कि स्वयंसेवकों को मजबूत बनाने और काम बेहतर करने के लिए संगठन में बदलाव किए गए हैं। भागवत ने कहा कि RSS का काम बहुत तेजी से बढ़ रहा है और लोगों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं, इसलिए अब काम को अलग-अलग हिस्सों में बांटने विकेंद्रीकरण की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले RSS में 46 प्रांत थे, अब इन्हें बढ़ाकर छोटी-छोटी इकाईयों यानी 86 संभागों में बांटा जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर काम आसानी और अच्छे तरीके से हो सके। भागवत कहा कि संघ के काम करने का तरीका नहीं बदलेगा। दोस्ती बनाकर और अच्छे उदाहरण देकर समाज में बदलाव लाना ही संघ का मुख्य तरीका है, और यह आगे भी चलता रहेगा। पढ़ें पूरी खबर…
नेतन्याहू बोले- US को युद्ध में हमने नहीं घसीटा, दावा- ईरान की परमाणु-मिसाइल क्षमता लगभग खत्म
पत्रकारों से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा, “हम जीत रहे हैं और ईरान तबाह हो रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडार को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है और इन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।
युद्ध केवल स्वार्थ का नतीजा, दुनिया विनाश के कगार पर; ईरान जंग पर बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत नागपुर में विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय की नींव रखने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि युद्ध केवल स्वार्थ के परिणाम होने हैं।
तुलसी गबार्ड ने कहा, ईरान में अमेरिका एवं इजरायल के युद्ध के उद्देश्य एक जैसे नहीं
गबार्ड के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि भले ही अमेरिका और इजराइल एक ही मोर्चे पर खड़े हों, लेकिन उनके सैन्य लक्ष्य अलग-अलग हैं। इजराइल ने हाल के हमलों में ईरान के धार्मिक नेताओं और सैन्य कमांडरों को सीधे निशाना बनाया है।
पीएम मोदी ने ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की निंदा की; कतर, ओमान, जॉर्डन और फ्रांस के नेताओं से की बात
पश्चिम एशिया संकट के बीच संवाद की कोशिशें भी चल रही हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कई देशों के राष्ट्रप्रमुखों से बात कर पश्चिम एशिया युद्ध को बातचीत से सुलझाने की अपील की। साथ ही पीएम मोदी ने ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की निंदा भी की।
अमेरिकी कांग्रेस में 200 बिलियन डॉलर युद्ध फंडिंग पर तीखी बहस
ईरान युद्ध की बढ़ती लागत और इसके वैश्विक बाजारों पर प्रभाव ने अमेरिकी कांग्रेस में विभाजन को और गहरा कर दिया है
कैथल के युवक की रूस यूक्रेन युद्ध में मौत:रूस आर्मी में जवान था, गांव रोहेड़ा का निवासी
कैथल के गांव रोहेड़ा के 22 वर्षीय युवक गीतिक की रशियन आर्मी में रूस यूक्रेन युद्ध के दौरान मौत हो गई। गीतिक वर्ष 2024 में रूस गया था और वहां जाकर आर्मी में भर्ती हो गया था। इस दौरान रूस यूक्रेन युद्ध के तनाव के बीच विस्फोट हुआ व गोलीबारी हुई, जहां पर करीब 5 महीने पहले उसकी मौत हो गई। पांच माह से लापता हालांकि शुरुआत में जब परिवार की ओर से रूस आर्मी से संपर्क किया गया तो गीतिक के बारे में यही कहा गया कि वह लापता है, लेकिन बाद में आर्मी ने युद्ध में मारे गए सभी जवानों के डीएनए सैंपल लिए और परिवार को सूचित किया तो पता चला कि गीतिक की भी मौत हो चुकी थी। डीएनए की जांच हुई इसके लिए उनके पिता का भारत से डीएनए सैंपल भेजा गया। उसे मैच करने के बाद अब 10 दिन पहले रूस आर्मी ने डेथ की कन्फर्मेशन की। बता दें कि गीतिक 9 महीने पहले आर्मी में भर्ती हुआ था। उसकी डोनबास बॉर्डर पर ड्यूटी थी और वह 444 बटालियन में जवान था। परिवार ने करीब चार लाख रुपए लगाकर इस उद्देश्य से गीतिक को रूस भेजा था कि वहां पर कुछ अच्छा कमाई करेगा और परिवार की स्थिति में सुधार करेगा, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि गीतिक के साथ ऐसी अनहोनी हो जाएगी। परिवार में पिता और भाई गीतिक के चाचा देवेंद्र ने बताया कि उनके पिता अमित कुमार करीब 1 एकड़ भूमि के किसान है। साथ में वे ज्योतिषी का कार्य करते हैं। परिवार की स्थिति सामान्य है। उन्होंने यह भी बताया कि गीतिक के परिवार में पिता अमित व उसका छोटा भाई है। माता की पहले मृत्यु हो चुकी है। आज हो सकता है संस्कार देवेंद्र ने बताया कि रशियन आर्मी की ओर से गीतिक के पार्थिव शरीर को इंडिया भेजा गया है। आज शायद उसका शरीर गांव में पहुंच जाए तो आज ही संस्कार किया जाएगा।
भारतीय सेना की दक्षिण कमान ने अपनी मारक क्षमता और 'फ्यूचर रेडी' (भविष्य के लिए तैयार) होने के संकल्प को चरितार्थ करते हुए 'अभ्यास अमोघ ज्वाला' का सफल आयोजन किया। इस उच्च-स्तरीय सैन्य अभ्यास का निरीक्षण दक्षिण कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (PVSM, UYSM, AVSM) ने किया। अभ्यास के दौरान रेगिस्तानी और मैदानी इलाकों में सेना की मशीनीकृत टुकड़ियों ने अपनी गति, सटीकता और तकनीक के बेजोड़ संगम से दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। क्या रहा 'अमोघ ज्वाला' का मुख्य आकर्षण? अभ्यास 'अमोघ ज्वाला' केवल हथियारों का प्रदर्शन मात्र नहीं था, बल्कि यह आधुनिक युग के 'नेटवर्क्ड और इंटीग्रेटेड' युद्ध कौशल की एक सजीव प्रयोगशाला रही। अभ्यास के दौरान जो सबसे महत्वपूर्ण बात उभरकर सामने आई, वह थी नई पीढ़ी के उपकरणों का निर्बाध एकीकरण। सेना ने दिखाया कि कैसे पारंपरिक टैंक और इन्फैंट्री अब डिजिटल सूचनाओं से लैस होकर अधिक घातक हो गए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने इस दौरान सैनिकों और कमांडरों के बीच उस 'कॉम्बैट एज' को देखा, जो एक समन्वित युद्ध प्रणाली से पैदा होती है। इसमें थल सेना के साथ-साथ वायुसेना के तालमेल ने अभ्यास को 'मल्टी-डोमेन' (बहु-आयामी) बना दिया। ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर का बोलबाला आधुनिक युद्ध अब केवल गोलियों से नहीं, बल्कि डेटा और सिग्नल से भी लड़े जाते हैं। अभ्यास में इसे प्रमुखता से शामिल किया गया: हमलावर हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों का गर्जन मैदानी कार्रवाई के दौरान आकाश से भी मौत बरस रही थी। अभ्यास में अटैक हेलीकॉप्टर्स और लड़ाकू विमानों को एकीकृत तरीके से शामिल किया गया। टैंकों की आगे बढ़ती टुकड़ियों को हवाई कवर प्रदान किया गया और गहरी मार करने वाली प्रणालियों ने दुश्मन के लॉजिस्टिक सेंटरों को तबाह करने का अभ्यास किया। 'फ्यूचर रेडी' और 'आत्मनिर्भर' भारत की झलक लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने अभ्यास के उपरांत संबोधन में कहा कि भारतीय सेना अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक और तकनीक आधारित दृष्टिकोण अपना रही है। उन्होंने 'अमोघ ज्वाला' को भविष्य की चुनौतियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अभ्यास में स्वदेशी तकनीक और मेक-इन-इंडिया के तहत विकसित कई रक्षा प्रणालियों का भी उपयोग किया गया, जो सेना की आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। 'अभ्यास अमोघ ज्वाला' ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय सेना की दक्षिण कमान किसी भी तरह की भौगोलिक चुनौती और आधुनिक खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। तकनीक, तेजी और सटीकता के इस त्रिकोण ने दुश्मन के लिए किसी भी हिमाकत का रास्ता बंद कर दिया है।
गाजीपुर जिले के गहमर स्थित सिद्ध पीठ माँ कामाख्या धाम में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। गहमर को एशिया के सबसे बड़े फौजियों के गांव के रूप में जाना जाता है। नवरात्रि के दूसरे दिन भी मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं। यह सिलसिला पूरे नौ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। माँ कामाख्या को सिकरवार वंश की कुलदेवी माना जाता है, जिससे इस धाम का विशेष धार्मिक महत्व है। नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान, यहाँ नौ देवियों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माँ के दरबार में पहुँचते हैं। गहमर गांव की एक खास पहचान देश सेवा से भी जुड़ी है, जहाँ से बड़ी संख्या में युवा भारतीय सेना में कार्यरत हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, माँ कामाख्या अपने भक्तों, विशेषकर सैनिकों की रक्षा करती हैं। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि माँ भगवती की कृपा से सैनिक युद्ध क्षेत्रों में सुरक्षित रहते हैं। यहाँ एक और विशेष परंपरा प्रचलित है। बताया जाता है कि जब भी कोई सैनिक छुट्टी पर अपने घर आता है, तो वह सबसे पहले माँ कामाख्या के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद लेता है। इसी तरह, ड्यूटी पर वापस लौटते समय भी सैनिक माँ का आशीर्वाद लेकर ही रवाना होते हैं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि माँ भगवती सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इसी आस्था और विश्वास के साथ दूर-दराज से श्रद्धालु इस धाम में पहुँच रहे हैं। तस्वीरें देखिए…
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
हालात ठीक नहीं, युद्ध को रोकने की जरूरत: तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर
मिडिल ईस्ट तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ने लगा है। पहले यूएस-इजरायल की ईरान पर एयर स्ट्राइक फिर जवाबी कार्रवाई इसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनातनी, खार्ग पर अमेरिका के हमले से होते हुए अब बात ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले तक पहुंच गई है
मिडिल ईस्ट में इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के बीच डर का माहौल है। हालात और बिगड़ने की आशंका के बीच लखनऊ समेत यूपी के कई लोग अपने परिवार के साथ वापस लौट आए हैं। लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचे यात्रियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वे डर और बेचैनी के माहौल में रह रहे थे। बस यही दुआ कर रहे थे कि किसी तरह सुरक्षित अपने देश लौट सकें। वापस लौटे यात्री एहसान ने कहा- सोशल मीडिया पर हालात को बहुत ज्यादा डरावना दिखाया जा रहा है। बहरीन-कुवैत बॉर्डर पर थोड़ी स्थिति खराब जरूर है, लेकिन सऊदी अरब के अंदर सब कुछ सामान्य है। वहां रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य तरीके से चल रही है। 2 तस्वीरें देखिए… यात्री बोले- हालात उतने खराब नहीं मध्य-पूर्व में इज़राइल-ईरान तनाव के बीच जहां एक तरफ डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। वहीं लखनऊ लौट रहे प्रवासी भारतीयों के अनुभव इस तस्वीर का दूसरा पहलू भी सामने ला रहे हैं। गुरुवार को लखनऊ पहुंचे एहसान, जो पिछले 10 सालों से सऊदी अरब में अकाउंटेंट के पद पर काम कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर जो दिखाया जा रहा है, जमीनी हकीकत उससे काफी अलग है। हालात सामान्य हैं। परिवार की चिंता और वीडियो कॉल का सहारा एहसान ने कहा- भारत में बैठे उनके परिवार के लोग सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो देखकर काफी घबरा जाते थे। जब घर वाले ऐसे वीडियो देखते थे तो तुरंत फोन करते थे। उन्हें हमारी बहुत चिंता होती थी। लेकिन जब हम वीडियो कॉल पर उन्हें सही-सलामत दिख जाते थे, तब जाकर उन्हें थोड़ी राहत मिलती थी। भले ही हालात पूरी तरह से बिगड़े नहीं थे, लेकिन खबरों और अफवाहों के कारण डर का माहौल जरूर बना हुआ था। जब तक ये बाहर थे, हर पल चिंता बनी रहती थी- हिना एहसान की पत्नी हिना ने बताया कि इस पूरे समय परिवार मानसिक दबाव में रहा। कहा- जब तक ये बाहर रहते थे, हर समय चिंता बनी रहती थी। हर थोड़ी देर में न्यूज़ देखते थे और कुछ ना कुछ नया सुनने को मिल जाता था, जिससे घबराहट और बढ़ जाती थी। सबसे ज्यादा डर तब लगता था जब एहसान वहां काम के सिलसिले में बाहर जाते थे। बस यही डर लगा रहता था कि ये सही-सलामत लौट आएं। अब जब ये वापस आ गए हैं, तो बहुत सुकून मिला है।
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
नव संवत्सर के अवसर काशी के शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने सनातनी पंचांग का लोकार्पण किया। इस दौरान गंगा घाट पर एक साथ हजारों लोगों ने मां गंगा की आरती उतारी और उनके पवित्रता का संकल्प लिया। शंकराचार्य ने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि गौ माता की रक्षा के लिए जो आंदोलन शुरू हुआ है, उसे इस वर्ष परिणाम तक पहुंचाया जाएगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने क्या कहा पढ़ें… सवाल - नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष के शुभ अवसर पर आप क्या संदेश देना चाहेंगे? जवाब- आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ है। रौद्र नाम के नए संवत्सर का आरंभ हुआ है। हमारी सनातन संस्कृति में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही नव वर्ष शुरू होता है। हमने काशी में शंकराचार्य घाट पर बैठकर प्रथम सूर्योदय को अर्घ्य दिया, पंचांग का श्रवण किया और पूरे वर्ष के लिए संकल्प लिए। सवाल - इस वर्ष के लिए आपने कौन से प्रमुख संकल्प लिए हैं? जवाब - हमने संकल्प लिया है कि गौ माता की रक्षा के लिए जो आंदोलन शुरू हुआ है, उसे इस वर्ष परिणाम तक पहुंचाया जाएगा। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि धर्मयुद्ध है और इसका शंखनाद हो चुका है। सवाल - गोरखपुर से शुरू होने वाली यात्रा की क्या योजना है? जवाब - इसकी विस्तृत रूपरेखा नवरात्रि के बाद साझा करेंगे। नवरात्रि के दौरान पंचमी को “शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना” के गठन की जानकारी देंगे और फिर नवरात्रि के अंत में आगे की रणनीति बताएंगे कि यह अभियान कैसे आगे बढ़ेगा। सवाल - लखनऊ में हुए आपके कार्यक्रम में भीड़ को लेकर सवाल उठाए गए। इस पर आपका क्या कहना है? जवाब - पहले से ही लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल बनाया गया था। एलआईयू और अन्य माध्यमों से लोगों पर नजर रखी जा रही थी, उन्हें रोका और भ्रमित किया गया। इसके बावजूद हजारों लोग कार्यक्रम में पहुंचे। साथ ही लाखों लोगों ने लाइव प्रसारण देखा और अपनी प्रतिक्रिया दी। इसलिए हम इसे एक बड़ी सफलता मानते हैं। सवाल - आपने कहा कि यह “धर्म युद्ध” शुरू हो चुका है, इसका क्या अर्थ है? जवाब - इसका अर्थ है कि समाज में जो धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का संघर्ष है, वह अब सक्रिय रूप से शुरू हो गया है। लोग जहां-जहां थे, वहीं से जुड़े—शंखनाद किया और समर्थन दिया। यह आंदोलन अब व्यापक रूप ले चुका है। सवाल- काशी में गंगा में इफ्तार पार्टी और उस पर हुई कार्रवाई को आप कैसे देखते हैं? जवाब - गंगा जी की पवित्रता के साथ लगातार समझौता हो रहा है। वर्षों से नाले गिर रहे हैं, उन्हें रोका नहीं गया। अब गंगा को कमाई का साधन बना दिया गया है—तैरते होटल, व्यावसायिक गतिविधियां और प्रदूषण बढ़ रहा है। ऐसे कृत्य गंगा की गरिमा के खिलाफ हैं और यह गंभीर विषय है। काशी की पारंपरिक पहचान और आध्यात्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। जो काशीत्व और बनारसी संस्कृति थी, वह धीरे-धीरे समाप्त होती दिख रही है। भीड़ बढ़ रही है, लेकिन धार्मिकता कम हो रही है। यह चिंताजनक है। सवाल- सरकार कह रही गंगा स्वच्छ है, व्यवस्था बदली है? जवाब- ऐसा ऐसा है कि गंगा जी की अवमानना 2014 से ही शुरू हो गई। जब यहां के सांसद आए और उन्होंने कहा कि मुझे तो गंगा ने बुलाया है। लोगों ने सोचा कि यह बहुत बड़े गंगा भक्त हैं। गंगा जी ने इनको साक्षात स्वयं बुला लिया है। लेकिन उसके बाद से देखिए 16 नाले गिर रहे थे काशी में अभी तक हमारी जानकारी में नहीं है कि कोई नाला बंद हो गया। आज 12 साल के बाद भी 16 नाले जैसे के तैसे ही गिर रहे हैं। यही नहीं अब यहां पर माई को कमाई का साधन बना दिया गया है। यहां पर अब माहौल बदल गया है। यहां नाव वाले पहले खुली नाव रखते थे। केवल उस पर बैठ सकता था कोई व्यक्ति। कोई आड़ नहीं रहता था। अब धीरे-धीरे यहां पर तैरते हुए होटल गंगा जी में उतार दिए गए हैं। 40-40 कमरों के होटल और उन कमरों में लोग रह रहे हैं। उसी में मलमूत्र का विसर्जन कर रहे हैं और उसी में कमरा बंद करके जाने क्या-क्या कर रहा है। विलासिता का वातावरण यहां पर सजित कर दिया गया है। केवल इसलिए कि पैसे की कमाई हो। आप कहते हैं हमने भीड़ इकट्ठा कर दी। लेकिन वो भीड़ धार्मिक कितनी है? वह भीड़ जो है यहां के धार्मिक वातावरण को क्षति पहुंचा रही है कि समर्थन कर रही है। अगर इसका विश्लेषण किया जाए तो मिलेगा कि इस भीड़ ने काशी की जो काशी का परंपरा थी, काशी का जो काशीत्व था, बनारस का जो बनारसीपन था वो सब समाप्त कर दिया। सवाल - अंत में, आप अपने अनुयायियों और देशवासियों से क्या अपील करना चाहेंगे? जवाब - सभी लोग अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं के प्रति सजग रहें। गौ माता की रक्षा और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए आगे आएं। यह समय संकल्प का है और मिलकर ही हम अपने उद्देश्य को प्राप्त कर सकते हैं।
बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने लोनी कटरा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में हुई कई घटनाओं में पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है, जिससे किसानों और आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। वर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी कर रही है और विपक्षी पक्षों से मिलीभगत के चलते उचित कार्रवाई नहीं कर रही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी 9 अप्रैल को एक बड़ी पंचायत आयोजित की जाएगी। इस पंचायत में आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रदर्शन के चलते थाने के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि, पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही।
अजमेर में विदेशों से आए जायरीनों के 31 सदस्यों के दल ने दरगाह पहुंचकर जियारत की और विश्व में शांति की दुआ मांगी। दल में मुख्य रूप से कनाडा और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लोग थे। इन्होंने मजार शरीफ पर मखमली चादर चढ़ाई और फूल पेश किए। इनमें कुछ ईरान और अमेरिका से जुड़े जायरीन भी थे। हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने स्वागत किया और जियारत कराई। इस मौके पर जायरीनों ने विशेष रूप से ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने ख्वाजा साहब की दरगाह में विश्व शांति, सद्भाव और संघर्षरत क्षेत्रों में अमन की बहाली के लिए खास दुआएं मांगीं। जायरीनों ने कहा-ख्वाजा गरीब नवाज का दरबार संदेश देता है कि मोहब्बत और इंसानियत से बड़ी कोई ताकत नहीं। आज जब दुनिया युद्ध की आग में जल रही है, यहां आकर हम सबने एकजुट होकर शांति की दुआ मांगी है। हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने बताया कि इस दौरान दुआ की गई कि दुनिया भर में युद्ध समाप्त हों और शांति कायम हो। (फोटो-वीडियो-नजीर कादरी, अजमेर) ……..………… ये खबर भी पढ़िए अजमेर में 11वीं के छात्र ने आंसर-बुक का बनाया वीडियो:एग्जाम हॉल में नहीं था वीक्षक; सीबीईओ बोले- गंभीर लापरवाही अजमेर जिले के एक परीक्षा केंद्र से 11वीं कक्षा की एग्जाम के दौरान एक छात्र द्वारा उत्तर पुस्तिका (आंसर बुक) की रील बना कर वायरल करने का मामला सामने आया है। यह वीडियो 11 मार्च का बताया जा रहा है। पूरी खबर पढें
अबोहर के सरकारी अस्पताल में मरीजों को इन दिनों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी में बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इस भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरे सक्रिय हो गए हैं, जिससे मरीजों में डर और रोष है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। मरीजों को सबसे पहले आभा आईडी बनवाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन पर्ची के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। टीबी अस्पताल के 100 से अधिक ओपीडी वाले मरीजों का बोझ डिस्पेंसरी पर आया डॉक्टर से जांच करवाने के बाद दवा डिस्पेंसरी पर भी लंबी कतारें लगती हैं। डिस्पेंसरी पर भीड़ बढ़ने के दो मुख्य तकनीकी कारण सामने आए हैं। डॉ. सौरव फुटेला के लौटने के बाद टीबी अस्पताल के 100 से अधिक ओपीडी वाले मरीजों का बोझ अब इसी डिस्पेंसरी पर आ गया है। नशा मुक्ति केंद्र के मरीज भी हो रहे परेशान इसके अलावा, नशा मुक्ति केंद्र के मरीजों को भी दवा लेने के लिए इसी खिड़की पर भेजा जा रहा है, जिससे सामान्य मरीजों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है।अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की ढिलाई का फायदा जेबकतरे और चोर उठा रहे हैं। लाइनों में लगी भीड़ के बीच मरीजों के मोबाइल फोन, पैसे और अन्य कीमती सामान चोरी होने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इलाज के लिए आए गरीब मरीजों के लिए यह स्थिति दोहरी मार साबित हो रही है।
जालंधर ग्रामीण पुलिस ने नशा तस्करी और आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए एक विशाल संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम युद्ध नशा विरुद्ध अभियान के तहत नकोदर सब-डिवीजन के लिली फार्म पैलेस, जालंधर-नकोदर रोड पर हुआ। कार्यक्रम का आयोजन जालंधर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरविंदर सिंह विर्क, पीपीएस, के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर डॉ. मुकेश कुमार, पीपीएस, एसपी (स्थानक); इंदरजीत सिंह, डीएसपी (तफ्तीश); ओंकार सिंह बराड़, डीएसपी (सब-डिवीजन नकोदर); और सुखपाल सिंह, डीएसपी (सब-डिवीजन शाहकोट) भी मौजूद थे। एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग 2000 मामले दर्ज किए सभा को संबोधित करते हुए एसएसपी विर्क ने वर्ष 2025 में जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई महत्वपूर्ण कार्यवाहियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग 2000 मामले दर्ज किए गए, जो नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई को दर्शाते हैं। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए, लगभग 900 व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया और करीब 6700 युवाओं को OOAT केंद्रों से जोड़ा गया, जिससे उन्हें सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिली। जनता से एसएसपी ने मांगा सहयोग अंत में, एसएसपी विर्क ने जनता से युद्ध नशा विरुद्ध और गैंगस्टरों ते वार जैसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि नशों और अपराध के खिलाफ यह लड़ाई एक साझा जिम्मेदारी है, और सामूहिक प्रयासों से ही एक नशा-मुक्त, सुरक्षित और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है 500 नागरिकों ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा कार्यक्रम में जतिंदर सिंह टाहली (सरपंच एवं ट्रक यूनियन प्रधान), दर्शन सिंह टाहली (चेयरमैन, जिला परिषद), चरणजीत सिंह (चेयरमैन, ब्लॉक समिति नकोदर), जीवन सिंह (वाइस चेयरमैन, ब्लॉक समिति नकोदर), सुरिंदर गढ़वाल (जिला कोऑर्डिनेटर, “युद्ध नशा विरुद्ध” अभियान), हरमेश सोही (काउंसलर, नकोदर), विपन शर्मा (एमडी, सत्यम कॉलेज) और सरबजीत कौर (ब्लॉक प्रधान, शहरी) जैसे प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इनके साथ कई सरपंच, गांव प्रतिनिधि और विभिन्न गांवों के सम्मानित व्यक्ति भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में लगभग 500 नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
12 दिन कतर में फंसी रही सागर की शाखा दुबे, मदद पर लोकसभा अध्यक्ष का जताया आभार
सागर| ईरान-इजराइल युद्ध के चलते सागर की शाखा दुबे 12 दिनों तक कतर में फंसी रहीं। ब्रिटेन जाते समय उनकी फ्लाइट की आपात लैंडिंग कतर की राजधानी दोहा में करना पड़ी थी। शाखा भारत सरकार की केंद्रीय राजभाषा समिति सदस्य एवं भाजयुमो के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजीव दुबे की बेटी हैं। इसके बाद दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रियों से संपर्क कर सहयोग मांगा था। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने विदेश मंत्री सहित अन्य अफसरों से बात की थी। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास ने लगातार रक्षा से संपर्क रखा। फ्लाइट उड़ने की परिस्थितियां बनते ही शाखा कतर से ब्रिटेन पहुंच गईं। वे वहां अध्ययनरत हैं। भाजपा नेता दुबे ने मंगलवार को नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष बिरला से मुलाकात कर सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने बताया कि बेटी जिस दिन कतर से निकलकर ब्रिटेन पहुंची, उसी दिन उसका जन्मदिन भी था। ऐसे मंे उसे न सिर्फ सुरक्षित रूप से ब्रिटेन पहुंचने में सबका सहयोग मिला, बल्कि जन्मदिन का यादगार तोहफा भी मिल गया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने मेरे कठिन समय में सहयोग और हौसला दिया।
केंद्र-बिहार के बीच नहीं होगा आंकड़ों का युद्ध, अब सही तस्वीर दिखेगी
भारत सरकार के सांख्यिकी सचिव सौरभ गर्ग की मौजूदगी में आज तय होगी ‘डाटा हार्मोनी की रूपरेखा’भारत सरकार और बिहार सरकार के बीच अब आंकड़ों का युद्ध नहीं होगा। केंद्र और राज्य सरकार के अलग-अलग विभाग आंकड़ों के हवाले से अलग-अलग दावे नहीं करेंगे। आंकड़ों की सही तस्वीर विकास के लक्ष्यों को उचित दिशा देकर मंजिल तक पहुंचाएगी। ‘डाटा हार्मोनी’ की इस परियोजना की एकीकृत प्रणाली विकसित करने के लिए 18 मार्च को भारत सरकार के सांख्यिकी सचिव सौरभ गर्ग की मौजूदगी में भारत सरकार और बिहार सरकार के अधिकारी रूपरेखा तैयार करेंगे। इस मौके पर पटना में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, असम और अंडमान निकोबार के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। भारत सरकार और राज्य सरकारों को एक तरह के डाटा प्लेटफॉर्म पर लाने के बाद अगर बिहार सरकार का कोई विभाग किसी एक आइटम का डाटा डालता है तो उसे सार्वजनिक करने से पहले संबंधित राज्य सरकार या भारत सरकार के विभाग इस पर दावा और आपत्ति कर सकते हैं। सभी ओर से सहमति बने पर ही इस डाटा को सार्वजनिक किया जाएगा। इससे किसी परियोजना या योजना के बारे में लक्ष्य तय करते समय केंद्र और राज्य की एजेंसियों के पास विकास की जमीनी हकीकत और लाभुकों के बारे में ऑनलाइन सही डाटा रहेगा। केंद्र और राज्य के पास अब एक ही आंकड़े होंगे फायदा क्या? मान लीजिए किसी खास इलाके में पेयजल की योजना बनाते समय राज्य सरकार का कोई विभाग यह बताता है कि उस इलाके में इतने घरों के पास पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्हें हैंडपंप मुहैया कराकर यह सुविधा दी जा सकती है। बिहार का भूजल बोर्ड कहता है कि वहां 30 फुट नीचे पानी उपलब्ध है। वहीं सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के आंकड़े बता रहे हैं कि पानी 300 फुट से नीचे उपलब्ध है। इस तरह के विरोधाभासी आंकड़ों में परियोजना बनानी काफी मुश्किल हो जाती है। भारत सरकार और बिहार सरकार का यूनिफाइड सिस्टम इसी समस्या को हल करेगा। जरूरी क्यों? बिहार सरकार की एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग शुरू किया है। ऐसे में लोकेशन या लाभुक तय करते वक्त विरोधाभासी आंकड़ों के कारण कई तरह की समस्या सामने आ रही है। इसलिए सरकारी स्रोतों का उपयोग कर डाटा को एआई के हिसाब से पूरी तरह तैयार करने के लिए भी केंद्र और राज्य सरकार के दावों में एकरूपता जरूरी है, ताकि एआई और मशीन लर्निंग टूल्स आसानी से उपयोग कर सरकारी एजेंसियों को सही रिपोर्ट दे सकें। आज होगी इन्वायरमेंटल डाटा की मॉनीटरिंग पर चर्चा केंद्रीय सांख्यिकी सचिव सौरभ गर्ग की मौजूदगी में बुधवार को सस्टेनबुल डेवलपमेंट गोल फ्रेमवर्क, पर्यावरण से जुड़े आंकड़ों और जेंडर से जुड़े डाटा की मॉनीटरिंग सही तरीके से करने पर चर्चा की जाएगी। इन आंकड़ों को सही तरीके से जमा करने, उनका विश्लेषण कर निष्कर्ष निकालने और उसकी सत्यता जानने के लिए देश और दुनिया में चल रहे प्रयोगों के बारे में मंथन किया जाएगा। इस मौके पर बिहार सरकार के योजना एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर सीकर जिले से है। ईरान-अमेरिका, इजराइल युद्ध में सीकर जिले के युवक की मौत हो गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें 1. ईरान-इजराइल युद्ध में राजस्थान के एक और युवक की मौतईरान-अमेरिका, इजराइल युद्ध में राजस्थान के एक और बेटे की मौत हो गई। ओमान में हुए ड्रोन हमले का शिकार सीकर जिले के विक्रम वर्मा (22) हुए हैं। वह खंडेला के अगलोई गांव के रहने वाले थे। पढ़ें पूरी खबर 2. बस और ट्रॉला की भिड़ंत में 5 लोगों की मौतमेगा हाईवे पर प्राइवेट बस और ट्रॉला की आमने-सामने की भिड़ंत में 5 यात्रियों की मौत हो गई। एक दर्जन से अधिक घायल हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर है। हादसा मंगलवार सुबह करीब 7 बजे हनुमानगढ़ में सरदारशहर रोड स्थित बरमसर के पास हुआ। पढ़ें पूरी खबर 3. बांसवाड़ा में SDM- तहसीलदार की गाड़ियों के शीशे फोड़ेबांसवाड़ा के कुशलगढ़ में पुलिस और प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। एसडीएम और तहसीलदार की गाड़ियों के शीशे फोड़ दिए। 4 पुलिसकर्मी और 4 नगर पालिका कर्मचारी भी घायल हो गए। पढ़ें पूरी खबर 4. पूर्व राजपरिवार संपत्ति विवाद पर पद्मजा कुमारी को झटकाउदयपुर के पूर्व राजपरिवार में चल रहे संपत्ति विवाद मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की बहन पद्मजा कुमारी को झटका लगा। उनकी मांग कोर्ट ने खारिज कर दी। पढ़ें पूरी खबर 5. इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी आतंकी से जुड़ा ऑटो ड्राइवरहरियाणा के अंबाला में विस्फोटक के साथ पकड़ा गया अजमेर निवासी अली अकबर उर्फ बाबू पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के सम्पर्क में था। आरोपी अली अकबर इंस्टाग्राम के जरिए उससे जुड़ा था। पढ़ें पूरी खबर अब 3 अहम खबरें 6. परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाकर बना सीनियर टीचरडमी कैंडिडेट बैठाकर टीचर बने आरोपी को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही एक डमी कैंडिडेट को भी पकड़ा है। पढ़ें पूरी खबर 7. रिहायशी इलाके में लेपर्ड ने किया शिकारभरतपुर में लेपर्ड के रिहायशी इलाके में शिकार से दहशत फैल गई है। गाय पर हमला करने के बाद वो कुछ मिनटों तक वहीं बैठा रहा। पढ़ें पूरी खबर 8. गणपत हत्याकांड में खुलासा, ब्लैकमेलिंग के कारण मर्डर,3 गिरफ्तारजालोर के गणपत सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 80 वर्षीय मां ने कहा कि- उन्हें न्याय मिल चुका है। पढ़ें पूरी खबर खबर जो हटकर है 9. कुरजां का ड्रिल मशीन और स्टील के वायर से इलाजजैसलमेर में डॉक्टर्स ने घायल पक्षी कुरजां का इलाज ड्रिल मशीन और वायर से किया है। स्टील के तारों को कुरजां के पैरों में ड्रिल करके पिनें डाली गई ताकि हड्डियों को फिर से जोड़ा जा सके। इलाज जल्दी करना जरूरी था नहीं तो इंफेक्शन फैल सकता था। पढ़ें पूरी खबर कल क्या है खास 10.देवस्थान विभाग के मंदिरों में विशेष आरती होगीराजस्थान दिवस की पूर्व संध्या पर देवस्थान विभाग के मंदिरों में विशेष आरती होगी...जिसमे सीएम और मंत्री शामिल होंगे
अमृतसर में नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने अवैध संपत्ति पर बुल्डोजर चलाया है। अमृतसर के सुभाष कॉलोनी इलाके में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक गैरकानूनी घर को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में चल रही “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम के तहत की गई। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह संपत्ति मुख्तार सिंह नामक व्यक्ति की थी, जो नशा तस्करी के कई मामलों में पहले से शामिल रहा है। “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम के तहत एक्शन पुलिस के अनुसार, यह अवैध निर्माण नशे के कारोबार से कमाई गई रकम से तैयार किया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के पैसे से बनाई गई किसी भी संपत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। कमिश्नर ने कहा कि पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे नशा तस्करों के खिलाफ जानकारी साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और महत्वपूर्ण जानकारी देने पर 10 लाख रुपय तक का इनाम भी दिया जा सकता है। इस मुहिम के तहत 1 मार्च 2025 से 16 मार्च 2026 तक 1800 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 3300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बड़ी मात्रा में हेरोइन, अफीम, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों के साथ करोड़ों रुपय की नकदी और कई वाहन भी जब्त किए हैं। प्रशासन का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
ईरान- अमेरिका,इजराइल युद्ध में ओमान में हुए एक ड्रोन हमले में राजस्थान के सीकर जिले के विक्रम वर्मा (22) की मौत हो गई। घटना के चार दिन बाद आज विक्रम का शव गांव पहुंचा। मृतक खंडेला के अगलोई गांव का रहने वाला था। इससे पहले 4 मार्च को नागौर जिले के दलीप की मिसाइल अटैक में मौत हो गई। दलीप क्रूड ऑयल कंपनी के शिप पर जॉब करता था। 1 मार्च की सुबह ओमान के एक पोर्ट पर ईरान की मिसाइल उनके जहाज पर गिरी थी। आज, मंगलवार को मृतक का शव गांव पहुंचने पर अंतिम संस्कार किया गया। विक्रम वर्मा पुत्र बनवारी लाल वर्मा 23 फरवरी को मजदूरी के लिए ओमान गया था। वहां एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सड़क बनाने का काम कर रहा था। हमले से पहले विक्रम ने अपनी मां, मामा, मौसी और बहन से ग्रुप वीडियो कॉल किया था। बात करते समय विक्रम ने कहा- अच्छी तरह से हूं, खाना समय पर मिलता है और काम भी अच्छा है। इस दौरान विक्रम ने वहां के हालात पर चिंता जताई थी। मृतक के पिता बनवारी लाल ने बताया - घटना की जानकारी विक्रम की मां के मामा लड़का, जो ओमान में उसी कंपनी में दूसरी जगह काम करता था, ने दी। इसके बाद कंपनी ने ही बाॅडी भिजवाने की व्यवस्था की। मृतक विक्रम के परिवार में मां-पिता और तीन बहनें हैं। एक बहन की शादी चुकी है और दो बहनें विक्रम से छोटी है। विक्रम अपने परिवार का इकलौता सहारा था। वह घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से विदेश गया था।
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
1914 के विश्व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता
इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि वक्त का पहिया घूमकर वापस आता है, लेकिन क्या तारीखें भी खुद को दोहराती हैं? सोशल मीडिया पर यह खबर बहुत वायरल हो रही है और ज्योतिषियों के बीच एक चौंकाने वाली समानता चर्चा का विषय बनी हुई है। गणितीय गणना बताती है कि वर्ष ...
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
कब छ्टेंगे युद्ध के बादल, क्या 'अंगारक योग' है कारण?
Attack on Iran: आज समूचा जगत तृतीय विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ा है। अमेरिका-इजराइल के गठजोड़ द्वारा ईरान पर सामरिक हमला किए जाने से विश्वयुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। संसार के देश खेमेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। आज आम जनमानस के मन में एक ही यक्ष ...
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर
खग्रास चंद्र ग्रहण और ग्रह गोचर से जुड़े संकेतों पर चर्चा तेज है। क्या इसका असर भारत पर भी युद्ध जैसे हालात बना सकता है? जानिए ज्योतिषीय विश्लेषण और संभावित संकेत।
भविष्यवाणी: ईरान-इजराइल युद्ध बनेगा विश्वयुद्ध की शुरुआत? भारत बनेगा महाशक्ति
जैसा कि ज्योतिषियों ने आशंक जताई थी कि मंगल के कुंभ में जाने से राहु के साथ जब उसकी युति बनेगी तो 'अंगारक योग' का निर्माण होगा जो आग और विस्फोट को जन्म देता है। इसी के साथ ही सूर्य और चंद्र ग्रहण के बीच कम अंतराल होने के कारण फिर से देश और युनिया ...
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

