दुनिया के कई देशों के बीच मचे घमासान और बढ़ती दूरियों ने आज पूरी मानवता को संकट में डाल दिया है। चारों तरफ मचे इस हाहाकार और अशांति के बीच अब आध्यात्मिक शक्तियों के जरिए विश्व में शांति बहाली की कोशिशें शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में प्रजापति ब्रह्मकुमारीज, नवीन नगर सेवा केंद्र की ओर से विशेष राजयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शांति यज्ञ के जरिए न केवल संपूर्ण विश्व की सुख-समृद्धि की कामना की गई, बल्कि मानवता की रक्षा के लिए 'सकाश सेवा' (पॉजिटिव वाइब्रेशंस) के माध्यम से योग क्रियाएं भी संपन्न हुईं। कुलपति के निवास पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब शांति और सकारात्मकता का यह खास कार्यक्रम कानपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति स्वर्गीय सर्वज्ञसिंह कटियार के निवास स्थान पर आयोजित किया गया। यहां बीके रितेश कटियार और सेंटर इंचार्ज बीके अर्चना दीदी की मौजूदगी में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह शांत और आध्यात्मिक नजर आया। सेंटर इंचार्ज अर्चना दीदी ने इस दौरान बताया कि वर्तमान में कुछ देशों की आपसी महत्वाकांक्षा ने पूरी पृथ्वी को विनाश की कगार पर खड़ा कर दिया है। ऐसे में राजयोग ही वह माध्यम है, जिससे हम अपने मन की शांति के साथ-साथ दुनिया में भी प्रेम और भाईचारे का संदेश फैला सकते हैं। राजयोग और सकाश सेवा से बदली फिजा इस राजयोग सभा का संचालन बीके राजेंद्र प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट ने किया। कार्यक्रम में राजयोग की बारीकियों को समझाते हुए बताया गया कि कैसे ध्यान और एकाग्रता के जरिए हम अशांत मन को स्थिर कर सकते हैं। 'सकाश सेवा' के दौरान उपस्थित सभी भाई-बहनों ने सामूहिक रूप से अपनी मानसिक शक्तियों को विश्व कल्याण के लिए केंद्रित किया। लोगों का मानना था कि जब सामूहिक रूप से शुभ संकल्प किए जाते हैं, तो उसका प्रभाव प्रकृति और समाज दोनों पर पड़ता है। समाज के विभिन्न वर्गों ने निभाई भागीदारीविश्व शांति की इस मुहिम में केवल संस्था के सदस्य ही नहीं, बल्कि शहर के गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। पूर्व आयकर अधिकारी शरद प्रकाश अग्रवाल और जानी-मानी साहित्यकार व समाजसेविका सीमा अग्रवाल 'जागृति' ने भी इसमें हिस्सा लिया और शांति की इस पहल को सराहा। आयोजन में शामिल लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक जीवन में भी शांति और संयम को अपनाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। बहनों में मुख्य रूप से बीके स्वर्ण लता, ममता, प्रियंका, स्वाति, अनुपम, किरण, मंजू गोयल, मधु जैन, नीता और संतोषी ने हिस्सा लिया। वहीं भाइयों में बीके वीरेंद्र सिंह, रिंकू जायसवाल और राम सेवक चौरसिया सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में विश्व को युद्ध और विनाश की विभीषिका से बचाने के लिए प्रार्थना की।
ईरान ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने युद्धविराम (Ceasefire) की बात कही थी। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ईरानी सरकारी टीवी के हवाले से बताया कि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ...
मिडिल ईस्ट के तनाव का असर अभी तक जारी ; क्या भारत में LPG की कीमत तोड़ेगी रिकॉर्ड?
भारत में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में अप्रैल 2026 से तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वैश्विक ऊर्जा संकट और मध्य पूर्व तनाव के कारण आयात लागत बढ़ी, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और उपभोक्ताओं पर महंगाई का असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
वाराणसी में आयोजित एक क्रिकेट आयोजन के दौरान सांसद मनोज तिवारी ने जहां खेल भावना की सराहना की, वहीं विपक्षी दलों पर जमकर निशाना भी साधा। रोटरी प्रीमियर लीग 2026 के मौके पर पहुंचे तिवारी ने कहा कि आज पूरे देश में क्रिकेट का उत्साह देखने को मिल रहा है, जो अपने आप में गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि “जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, ऐसे समय में भारत में खेलों का आयोजन होना देश की स्थिरता और मजबूत नेतृत्व को दर्शाता है।” इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास ही नहीं, बल्कि देश को फिट और सक्रिय बनाना भी है। उन्होंने “खेलेगा इंडिया तो खिलेगा इंडिया” के नारे को दोहराते हुए खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। रोटरी प्रीमियर लीग में भागीदारी मनोज तिवारी ने बताया कि वह रोटरी प्रीमियर लीग 2026 के आयोजन में शामिल होने के लिए वाराणसी आए हैं और इस पहल की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और लोगों को नियमों का पालन करने और अनुशासन में रहने की प्रेरणा देते हैं। मनोज तिवारी ने विपक्ष पर किया तीखा कटाक्ष खेल के मंच से ही तिवारी ने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल आरोप-प्रत्यारोप में लगा हुआ है, जबकि सत्तारूढ़ दल विकास और राष्ट्रहित के मुद्दों पर काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों में परिणाम बिहार की तरह ही होंगे और विपक्ष को हार का अंदाज़ा भी नहीं लगेगा। तिवारी ने यह भी कहा कि “जो पार्टियां आज विपक्ष में हैं, उनकी स्थिति भविष्य में इतनी कमजोर हो जाएगी कि उन्हें विपक्ष में बैठने की जगह भी नहीं मिलेगी।” कानून और नियमों की बात मनोज तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी नियम और कानून के तहत काम करती है और आगे भी उसी मार्ग पर चलेगी। उन्होंने विपक्षी दलों को “देश विरोधी मानसिकता” वाला बताते हुए कहा कि जनता उन्हें जवाब देगी।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की चर्चा के बीच एक बार फिर झीरम घाटी हत्याकांड पर सियासत तेज हो गई है। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने भूपेश बघेल को लेकर कहा कि, आपकी जेब में झीरम घाटी नक्सल वारदात के सबूत होने की बात कही जाती थी, लेकिन जब भी आप हाथ डालते हैं, तो सिर्फ अखबार की एक कतरन ही निकलती है। इस पर जवाब देते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, आपकी पार्टी ने जांच होने ही कहां दी डॉक्टर साहब। पता नहीं किस बात का डर है, कोर्ट जाकर जांच रुकवाते रहे। अब पढ़िए दोनों नेताओं का ट्वीट डॉ. रमन सिंह ने भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए लिखा कि, “आपकी जेब में झीरम घाटी नक्सल वारदात के सबूत होने की बात कही जाती थी, लेकिन जब भी आप हाथ डालते हैं तो सिर्फ अखबार की एक कतरन ही निकलती है।” दूसरों पर आरोप लगाकर अपने दाग नहीं छुपाए जा सकते और पांच साल के कार्यकाल में केवल दोषारोपण ही किया गया। इस पर जवाब देते हुए भूपेश बघेल ने पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि, “आपकी पार्टी ने जांच होने ही कहां दी डॉक्टर साहब। पता नहीं किस बात का डर है, कोर्ट जाकर जांच रुकवाते रहे।”जांच निष्पक्ष तरीके से करवाई जाए तो सबूत भी पेश किए जाएंगे। “सोच लीजिए, बाद में पछताना न पड़े।”
मसूद पेजेश्कियन युद्ध पर यू-टर्न के लिए हुए तैयार; बस सुरक्षा की गारंटी पर फंसा पेंच
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिका के सामने शांति का प्रस्ताव रखा है। सुरक्षा की गारंटी और डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बीच क्या खत्म होगा महायुद्ध? जाने रिपोर्ट
सोशल मीडिया और वॉट्सएप पर एक अप्रैल को ‘वॉर लॉकडाउन नोटिस’ वायरल हुआ, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। अशोक चक्र और मंत्रालय जैसे प्रतीकों के साथ बनाया गया यह नोटिस पहली नजर में आधिकारिक लगा, लेकिन बाद में यह अप्रैल फूल का मजाक निकला। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर किसी भी तरह के लॉकडाउन प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की। मंगलवार को वायरल हुए इस नोटिस का फॉर्मेट और भाषा बिल्कुल सरकारी आदेश जैसी रखी गई थी, जिससे कई लोगों ने इसे बिना सत्यापन आगे फॉरवर्ड कर दिया। हालांकि, दस्तावेज को खोलने पर सच्चाई सामने आई। उसमें 'April Fool' लिखा था और साथ में एक इमोजी दिया गया था। इससे साफ हो गया कि यह महज मजाक के तौर पर तैयार किया गया फर्जी नोटिस था। मंत्री बोले- लॉकडाउन की खबरें झूठी हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन की खबर पूरी तरह झूठी हैं। सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और नुकसानदायक है। हाल के दिनों में ईरान से जुड़े तनाव, हॉरमुज जलडमरूमध्य में सप्लाई रुकने की आशंका और भारत में पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर लोग पहले से ही चिंतित थे। इसी वजह से कई लोगों ने वायरल पोस्ट को सच मान लिया। इसके साथ ही 2020 के कोविड लॉकडाउन की यादें और उसी समय के आसपास का माहौल भी इस अफवाह के तेजी से फैलने की एक बड़ी वजह बना। कोई आधिकारिक लॉकडाउन नहीं है सरकार या किसी भी सरकारी एजेंसी ने युद्ध या सुरक्षा कारणों से किसी लॉकडाउन की कोई सलाह या सूचना जारी नहीं की है। यह घटना फिर से बताती है कि डर और भ्रम के माहौल में फर्जी संदेश बहुत तेजी से फैल जाते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से कहा है कि किसी भी मैसेज को आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई आधिकारिक सोर्स से जरूर जांच लें। सरकार के 3 मंत्रियों ने लॉकडाउन की खबरों को नकारा… लॉकडाउन की अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए गए बयान के बाद शुरू हुई थीं। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। 27 मार्च को सरकार के तीन मंत्रियों ने इसे नकारा था… लॉकडाउन पर राहुल-खड़गे का बयान ------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी की ईरान जंग पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, कहा- मिलकर काम करें और तैयारियां मजबूत रखें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च को ईरान जंग को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा था कि सभी राज्य टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करें और अपनी तैयारियां मजबूत रखें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में PM ने राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। पूरी खबर पढ़ें…
युद्ध थमने की उम्मीद से क्रूड सस्ता, सोना चमका, चांदी फिसली
Gold Silver Rates 1 April : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के थमने की उम्मीद में कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई। क्रूड के दाम भी घटकर 101 डॉलर के करीब पहुंच गए। वायदा कारोबार में भी सोने की कीमत बढ़ी वहीं चांदी सस्ती हुई।
ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब मध्य प्रदेश के दवा उद्योग पर दिखने लगा है। प्रदेश की लगभग 100 फार्मा कंपनियों का निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है। रेड सी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री मार्गों पर युद्ध के खतरे को देखते हुए शिपिंग कंपनियों ने हाथ पीछे खींच लिए हैं, जिससे 190 देशों को होने वाली दवाओं की सप्लाई रुक गई है। एक्सपोर्ट ठप होने के 3 मुख्य कारण जहाजों (Vessels) की कमी: युद्ध के जोखिम को देखते हुए कंपनियों ने अपने जहाज समुद्र में उतारने से मना कर दिया है। इससे बुकिंग पूरी तरह बंद है। भाड़े में भारी इजाफा: कंटेनर का किराया 40% तक बढ़ गया है। उदाहरण के लिए अफ्रीका जाने वाले 40 फीट के कंटेनर का रेट 3.5 लाख से बढ़कर 4.5 लाख रुपए तक पहुंच गया है। महंगा बीमा: समुद्री हमलों के डर से इंश्योरेंस कंपनियां बीमा देने से बच रही हैं। जहां बीमा मिल रहा, वहां प्रीमियम इतना ज्यादा है कि लॉजिस्टिक लागत उत्पादन लागत से भी ऊपर निकल गई है। संकट में इंडस्ट्री: 3 शिफ्ट का काम एक पर आया इंडियन ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (मप्र) के सचिव डॉ. अनिल सबरवाल के मुताबिक, रेडी स्टॉक को डिस्पैच नहीं कर पाने के कारण कंपनियां भारी दबाव में हैं। प्रोडक्शन में कटौती: जो कंपनियां 24 घंटे (3 शिफ्ट) चलती थीं, वहां अब केवल 1 शिफ्ट में काम हो रहा है। आने वाले समय में हफ्ते में केवल 5 दिन ही काम होने की संभावना है। लागत में वृद्धि: पैकिंग मटेरियल 20% और पीवीसी के दाम 30% तक बढ़ गए हैं। कच्चा माल नहीं मिलने से इंडस्ट्री शटडाउन की ओर बढ़ रही है। एक्सपोर्ट कमिटमेंट और घाटा पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी ने बताया कि कंपनियों के पास ऑर्डर तो हैं, लेकिन वे पुराने तय रेट पर माल नहीं भेज पा रही हैं। ट्रांसपोर्ट कॉस्ट 2 से 4 गुना बढ़ने के कारण निर्यात में भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। पीथमपुर SEZ की केमिकल और स्टील कंपनियों की स्थिति भी ऐसी ही है। वैश्विक बाजार पर असर भारतीय दवाओं पर यूएई, सऊदी अरब और ओमान जैसे देश अपनी सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर हैं। जस्ट-इन-टाइम इन्वेंटरी सिस्टम के कारण कंपनियों के पास ज्यादा स्टॉक नहीं होता। यदि युद्ध 10-15 दिन और चला तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में आवश्यक दवाओं की भारी किल्लत हो सकती है। कच्चे माल की आवक भी रुकी इंदौर (पीथमपुर, सांवेर रोड, पालदा) के करीब 5600 उद्योग कच्चे माल के लिए 60% मिडिल ईस्ट पर निर्भर हैं। आयात प्रभावित: बहरीन, कतर और सऊदी अरब से आने वाले बल्क ड्रग और पेट्रो केमिकल की सप्लाई रुक गई है। चीन का फैक्टर: चीन से आने वाले कंटेनर का किराया 1.5 लाख से बढ़कर 3 लाख रुपए हो गया है, जिससे वहां से भी आवक न के बराबर रह गई है। मध्य प्रदेश से हर महीने करीब 80 हजार कंटेनर कांडला और JNPT (Jawaharlal Nehru Port Trust) पोर्ट भेजे जाते थे, जिनका पहिया अब थम सा गया है। हवाई कार्गो की क्षमता सीमित होने के कारण वह भी विकल्प नहीं बन पा रहा है।
7-14 मार्च 2026 : इजराइल का लेबनान पर हमला
Middle East Conflict : इजराइल ने ईरान के मिसाइल लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया। IDF के अनुसार, उन्होंने ईरान के 470 में से 330 से ज्यादा लॉन्चर्स तबाह कर दिए। हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजराइल पर मिसाइल हमले जारी रखे। इजरायल ने लेबनान के नबी चित पर हमला कर ...
Saudi Pak Defense Agreement: अमेरिका और इज़राइल की ईरान पर भीषण बमबारी ने वैश्विक व्यवस्था की चूलें हिला दी हैं। 9 से अधिक देशों में तबाही का मंजर है और वैश्विक अर्थव्यवस्था हर दिन अरबों डॉलर का घाटा सह रही है। पिछले एक महीने से मिडिल ईस्ट (Middle ...
28 फरवरी 2026 : युद्ध की शुरुआत
अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त रूप से 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/रोरिंग लॉयन' शुरू किया। हमलों में ईरान के मिसाइल ठिकाने, हवाई सुरक्षा प्रणाली और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया। ईरान पर पहले 12 घंटों में सैकड़ों मिसाइलों दागी गईं। तेहरान में हुए हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई अन्य अधिकारी भी मारे गए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में 170 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। ईरान ने इजराइल के साथ ही बहरीन, कुवैत व कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।
अमेरिकी पत्रकार को अगवा कर क्या ईरान ने लिया बदला? इराक के जिस संगठन पर शक वो है IRGC का समर्थक
मंगलवार को अज्ञात हमलावरों ने पत्रकार शेली किटल्सन का अपहरण कर लिया। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और अपहरणकर्ताओं की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने भारतीय नौसेना को एक साथ तीन अत्याधुनिक युद्धपोत—INS दूनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रे—सौंपकर इतिहास रच दिया है। जानें इन स्वदेशी जहाजों की ताकत और खासियत।
युद्ध खत्म होने की उम्मीद से शेयर बाजार में भारी उछाल, सेंसेक्स 1930 अंक उछला
Share Market News 1 April : ईरान और इजराइल युद्ध समाप्त होने की उम्मीद में अप्रैल के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी उछाल दिखाई दिया। सुबह 9.51 बजे सेंसेक्स 1930 अंकों की (2.68 फीसद) उछाल के साथ 73878 पर पहुंच गया जबकि निफ्टी 2.65 प्रतिशत बढ़कर ...
LIVE: ईरान युद्ध में UAE की एंट्री, हार्मुज को बलपूर्वक खुलवाना चाहता है
Latest News Today Live Updates in Hindi : ईरान युद्ध में अब यूएई भी खुलकर अमेरिका के साथ आ गया है। ईरानी हमलों से परेशान यह देश हार्मुज को बलपूर्वक खुलवाना चाहता है। पल पल की जानकारी...
राजस्थान के MBBS स्टूडेंट रतन मेघवाल ने 14 मार्च 2026 को गुजरात के राजकोट में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। जैसलमेर जिले के फलसुंड गांव का रतन राजकोट एम्स में फाइनल ईयर का स्टूडेंट था। 19 दिन बाद भी उसकी आत्महत्या अनसुलझी पहेली बनी हुई है। उसने इंस्टाग्राम पर 18 पेज का सुसाइड नोट पोस्ट किया था, जिसमें 5 स्टूडेंट्स पर उसे मेंटली और फिजिकली टॉर्चर करने का आरोप लगाया। रतन के घरवालों ने भी उन पांचों स्टूडेंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि रतन ने एकतरफा प्यार में काल्पनिक कहानी बना ली। सच जानने के लिए भास्कर ने तीनों एंगल से मामले में पड़ताल की। सबसे पहले जानिए, क्या लिखा था सुसाइड नोट में… रतन ने अपने इंस्टाग्राम पर 18 पेज का सुसाइड नोट पोस्ट किया था। इसमें उसने बताया कि 27/1/26 को प्रणव पालीवाल, अस्मित शर्मा, युवराज चौधरी, निर्विघ्नम नूर और आयुष यादव ने हॉस्टल के कमरा नंबर 203 में उसके साथ मारपीट की। उन्होंने उसके वीडियो और ऑडियो भी रिकॉर्ड किए। इस सुसाइड नोट में रतन ने बताया था कि वो एक साथी स्टूडेंट से अटैच था। बीच में दोनों में अपने-अपने पर्सनल ईगो के चलते तनाव हो गया था। इसी तनाव का फायदा एक दूसरे स्टूडेंट प्रणव ने उठाया। छात्रा प्रणव और उसके दोस्तों का शिकार हो गई थी। वो उनके इशारे पर मुझे परेशान करने के इस खेल में उनका मोहरा बन गई थी। हालांकि इसमें छात्रा की कोई गलती नहीं है और न ही उसे या उसके माता-पिता को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। वो खुद इन लड़कों द्वारा किए गए 'दिमागी खेल' और 'लव बॉम्बिंग' का शिकार हुई थी। इस सुसाइड नोट में बताया कि छात्रा और उसके बीच प्यार नहीं था, लेकिन गहरा भावनात्मक लगाव था। बाद में दोनों के बीच गलतफहमी हुई थी। बातचीत बंद होने के कारण स्थिति बिगड़ गई। प्रणव ने उसके और लड़की के बीच तनाव का फायदा उठाया। उसने लड़की को इमोशनली बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसा लिया। रतन ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह छात्रा को प्रणव के टाइम पास गेम से बचाना चाहता था। इसी के चलते उसने छात्रा के घर कॉल कर प्रणव के बारे में उसके भाई को बता दिया। जब छात्रा और प्रणव व उसके दोस्तों को ये जानकारी लगी तो वो उससे नाराज हुए। इसके बाद ही प्रणव ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर 27 जनवरी को उसके साथ मारपीट की। सुसाइड नोट में रतन ने मांग की थी कि प्रणव सहित सभी 5 लड़कों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और एफएसएल द्वारा उनके फोन की जांच की जाए, ताकि हटाए गए वीडियो और सबूत मिल सकें। वहीं कॉलेज से अनुरोध किया है कि छात्रा के खिलाफ कोई कानूनी या शैक्षणिक कार्रवाई न की जाए। उसे पेशेवर परामर्श और पढ़ाई पूरी करने में सहायता प्रदान की जानी चाहिए। नोट : पहले वाले 17 पेज के सुसाइड नोट में इसी तरह की बातों और घटना का जिक्र किया गया था। पिता बोले- हमारे बेटे को टॉर्चर किया भास्कर टीम फलसुंड गांव पहुंची तो रतन के घर में बैठक चल रही थी। रतन के पिता मोहनलाल गुमसुम बैठे थे। भास्कर रिपोर्टर से बोले- मेरा बेटा रतन इतना कमजोर नहीं था, लेकिन उसे इतना टॉर्चर किया गया कि उसने ये कर लिया। मोहनलाल ने बताया कि मामले की शुरुआत 29 या 30 जनवरी को हो गई थी। उस दिन मेरे पास राजकोट से रतन के हॉस्टल से वार्डन और उसके प्रोफेसर राजेंद्र सर के कॉल आए थे। बताया कि आपके बेटे ने कोई लेटर लिखा है। इसके बाद से वो हॉस्टल से गायब है। हमें चिंता हुई तो आनन-फानन में मैं अपने छोटे भाई मांगीलाल के साथ प्लेन से राजकोट पहुंचा। इधर राजकोट पुलिस भी रतन को ढूंढ रही थी। शाम होने से पहले ही पुलिस ने रतन को रेलवे ट्रेक के पास से ढूंढ़ लिया। तब हम उसे गांव ले आए। इस दौरान हमें पता चला कि उसके साथ पढ़ने वाले कुछ दूसरे स्टूडेंट्स ने उसके साथ जमकर मारपीट की थी। उसके साथ जातिगत और मानसिक प्रताड़ना की। गांव आने के बाद हमने रतन से बात की कि अगर वो खुद को अनसेफ मानता है तो हम अपने खर्चे पर पुलिस सिक्योरिटी ले लेते हैं। वह चाहे तो एक साल का मेडिकल लेकर एमबीबीएस को एक साल आगे पोस्टपोन कर देते हैं। कोई बात नहीं अगर एक साल का बैक भी लग जाए तो। हमने उसे ये भी कहा कि अगर वो कहे तो कानूनी कार्रवाई कर आरोपी स्टूडेंट्स के परिवार वालो से भी बात कर इस मामले का निस्तारण कर दे। हालांकि, रतन इनमें से किसी ऑप्शन पर अपनी कोई राय नहीं देता था। इस बीच वो करीब डेढ़ महीना गांव में घर पर ही रहा। 11-12 मार्च को उसने हमें बताया कि उसे एग्जाम देने राजकोट जाना है। उसने हम सब को आश्वस्त किया कि वो मामला अब खत्म हो गया है और कोई टेंशन की बात नहीं हैं। इसके बाद 13 मार्च को वो यहां से राजकोट पहुंचा। फोन पर उसने अपने एक दोस्त के घर जाने की बात बताई। कहा कि उसके बाद वो फिल्म देखने भी जाएगा। हॉस्टल नहीं जाएगा। हमने उससे दोस्त का नाम पूछा पर उसने नहीं बताया। बाद में उसका फोन स्विच ऑफ़ आने लग गया। अगली सुबह जल्दी मैंने फिर उसके फोन किया। इस बार रिंग गई पर किसी ने कोई फोन नहीं उठाया। थोड़ी देर बाद कॉल वापस आया पर सामने से रतन नहीं किसी पुलिसकर्मी की आवाज थी। उसने बताया कि रतन की ट्रेन से कटने से मौत हो गई हैं। ये बताते-बताते रतन के पिता रोने लगे। चाचा बोले- कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन ने नहीं किया सहयोग रतन के चाचा मांगीलाल चौहान ने बताया कि उनकी सात पीढ़ियों में रतन से ज्यादा पढ़ा लिखा कोई नहीं था। पढ़ाई के दौरान कभी कोई शिकायत भी नहीं आई थी। हादसे की जानकारी मिली तो हम राजकोट पहुंचे तो वहां एम्स एडमिनिस्ट्रेशन ने हमारा कोई सहयोग नहीं किया। हालांकि राजकोट पुलिस ने हमारी हर संभव मदद की। वहीं हमें पता चला कि इस बार भी रतन ने एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमे उस ने आरोपियों के नाम भी लिखे थे, जिनकी वजह से उसे ये कदम उठाना पड़ा था। हमने इसी सुसाइड नोट के आधार पर वहां एफआईआर दर्ज करवाई कि 23 साल के रतन को उसके सहपाठी प्रणव पालीवाल, अस्मित शर्मा, युवराज चौधरी, निर्विघ्नम नूर और आयुष यादव लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। आरोपी रतन को बार-बार अपमानित करते थे और उसे परेशान करते थे। इस लगातार उत्पीड़न के कारण वह मानसिक तनाव में आ गया था और ट्रेन के आगे कूद गया। हालांकि मांगीलाल ने अपनी बातचीत में जातिगत भेदभाव जैसी बात नहीं मानी। इधर, सहयोग नहीं करने के आरोपों पर राजकोट एम्स के पीआरओ हिमांशु मकवाना ने बताया कि एम्स प्रबंधन ने हर संभव सपोर्ट परिवार को मुहैया करवाया था। रतन ने छोटे भाई को बताई थी टॉर्चर की कहानी छोटे भाई भीमाराम का कहना है कि उसके बड़े भाई रतन ने उसे बताया था कि उसे हॉस्टल के कमरा नंबर 203 में बुलाकर दरवाजे बंद कर दिए गए थे। इसके बाद सभी खिड़कियों और रोशनदान तक को गत्तों से बंद कर अंदर नंगा करके लात-घूंसों और बेल्ट से पिटाई की थी। इस दौरान उससे माफी मंगवाई गई और इस पूरे वाकये के वीडियो बनाये गए। रतन को उसका करियर खराब करने तक की धमकियां दी गई। इस के बाद ही वो डिप्रेशन में आ गया था। भीमाराम ने बताया कि रतन की मौत के बाद से उसके पिता मोहनलाल और मां बादु देवी मानसिक अवसाद में हैं। वो कई बार हमें कहते हैं कि जो बॉडी हम राजकोट से लाए थे, वो किसी और की थी। रतन तो वहां पढ़ाई कर रहा है। कई बार माता-पिता बिना किसी को बताए घर से निकल जाते हैं। पुलिस बोली-एकतरफा प्यार में बना ली काल्पनिक घटनाओं की दुनिया रतन के परिवार के बाद रिपोर्टर ने राजकोट एसपी जगदीश बांगडवा से बात की। उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर पांचों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि अब तक कि जांच में सुसाइड नोट के अलावा उन सभी के विरुद्ध कोई एविडेंस नहीं मिला है। जब पहली बार रतन अपने साथ मारपीट की बात कह कर हॉस्टल से गायब हुआ तो वो पुलिस को मिल गया था। एक्सपर्ट्स ने कहा- कल्पना कर लिखा गया है सुसाइड नोट राजकोट के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि- हमने उसके दोनों सुसाइड नोट्स का साइकेट्रिक एक्सपर्ट्स से विश्लेषण करवाया था। एक्सपर्ट का मत है कि जिस तरह से नोट लिखा गया है ये एकतरफा प्यार के बाद अपनी इल्यूजन से घटनाओं की कल्पना कर लिखा गया जैसा लगता है। इस तरह की मेंटल कंडीशन में एक व्यक्ति ये मान लेता है कि उसके साथ ऐसा हुआ है, जबकि वास्तविकता में ऐसा नहीं होता है। वहीं इसके साथ ही जिस तरह से लंबे लंबे सुसाइड नोट लिखे गए हैं वो सुसाइड के दौरान की कंडीशन में लिखना संभव नहीं है। लड़की बोली- रतन से नहीं था कोई अट्रेक्शन एसपी ने बताया कि- हमने सुसाइड नोट में लव ट्रायंगल का जिक्र को लेकर भी जांच की थी। जिस छात्रा को लेकर सुसाइड नोट ये सभी बातें कही गई थी, उससे भी पुलिस ने बात की है। उसने बताया कि उसका रतन के साथ कभी भी कोई अट्रेक्शन नहीं रहा था। हालांकि दो तीन बार रतन ने उसे एप्रोच किया था, लेकिन उसने मना कर दिया था। इसके बाद रतन अलग-अलग रह रहा था। डॉक्टर बोले-रतन को मानसिक परेशानी थी भास्कर ने मामले में रतन का इलाज करने वाले जोधपुर के डॉक्टर घनश्याम कुलवाल से भी बात की। उन्होंने बताया कि रतन को उनके परिजनों ने दो बार उन्हें दिखाया था। उसे मानसिक परेशानी थी। वो गुमसुम रहता था। उसे शकी विचार भी आते थे। उसके पिता मोहनलाल ने बताया था कि उसे ये तकलीफ पिछले 8 साल से थी। इस पर मैंने उन्हें ट्रीटमेंट लिखकर उसकी साइक्लोजिकल जांचें करवाने और उसे एडमिट करवाने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने ये तब नहीं किया था।
मिडिल ईस्ट में कोहराम: दुबई में मिसाइल अटैक के बाद गिरा मलबा, 2 भारतीय समेत कई घायल; अब तक 8 की मौत
मिडिल ईस्ट में चल रहे वॉर की वजह से टूरिज्म सेक्टर पर बुरा असर पड़ा है। जिससे गोरखपुर के टूरिज्म व्यापारियों का बिजनेस ठप पड़ गया है। समर वेकेशन में फॉरेन ट्रिप जाने वाले लोगों ने भारी मात्रा में अपने टिकट कैंसल करा दिया है। ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि मिडिल ईस्ट देशों की सभी बुकिंग्स कैंसल हो गई हैं। दूसरी तरफ फ्लाइट की टिकट भी महंगी हो गई है। इसका असर डोमेस्टिक ट्रिप पर भी देखने को मिल रहा है। वॉर की वजह से लोग देश के अंदर भी ट्रैवेल करने से कतरा रहे हैं। वहीं जो लोग बुकिंग्स करवा रहे भी रहे हैं। वे भी अपना डेस्टिनेशन साउथ एशियाई देशों को चुन रहे हैं। इन देशों में ज्यादातर बुकिंग्स वियनाम की हुई है। इसके अलावा, सिंगापुर, मालदीव, थाईलैंड जाना भी लोग पसंद कर रहे हैं। वहीं देश के अंदर नैनीताल, शिमला और अरुणाचल प्रदेश की बुकिंग्स हैं। 35 से अधिक बुकिंग्स कैंसिल होप फन ट्रैवल एजेंसी के ओनर शिव मिश्रा ने बताया कि महीने भर में दुबई, साउदी अरब, अबू धाबी, कतर समेत अन्य मिडिल ईस्ट देशों कि करीब 30-35 बुकिंग कैंसिल हुई हैं। जिनमें लगभग 150 पैसेंजर शामिल हैं। इंटरनेशनल उड़ानों की रेट भी 10-20 परसेंट तक बढ़ गई है। जिसकी वजह से बूकिंग्स नहीं हो रही है। इसके अलावा समर वोकेशन के लिए जो भी बूकिंग्स हो रही हैं, उनमें ज्यादातर लोगों की पहली पसंद वियतनाम है। वियतनाम पहली पसंद बनी साथ ही सिंगापुर, मलेशिया, मारिशस, दार्जिलिंग इंडोनेशिया, कंबोडिया की बुकिंग आ रही हैं। इस समय वार और फ्लाईट की टिकट महंगी होने की वजह से लोग इंडिया हो या फॉरेन कहीं भी ट्रैवल करने से कतरा रहे हैं। लोगों को लग रहा है कि इस क्राइसिस के बीच क्या पता कब कहा फंस जाएं। उन्होंने बताया कि मार्च-अप्रैल का पीक सीजन होता है। मेरे पास जहां पहले 150- 200 तक बूकिंग्स होती थी। वह घट कर महज 15 से 20 तक रह गई हैं। जिन्होंने पहले से कराई थी वे भी कैंसिल हो गई हैं। डोमेस्टिक टूरिज्म को दे रहे बढ़ावा वहीं रॉयल टूर एंड ट्रेवल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ओनर अहमद माआज ने बताया कि वॉर की वजह से इंटरनेशनल टूरिज्म को नुकसान पहुंचा है, लेकिन इससे गोरखपुर के लोगों में देश के अंदर ही घूमने का रुझान बढ गया है। क्योंकि ट्रैवल एजेंट्स भी डोमेस्टिक टूरिज्म को ही बढ़ावा दे रहे है। डोमेस्टिक ट्रिप के लिए लोग राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, बनारस, नैनीताल, अरुणाचल प्रदेश जैसे जगहों को पसंद कर रहे हैं। वहीं वे लोग एशियाई देशों के पैकेज ऑफर कर रहे हैं, ताकि लोग कम से कम कुछ छुट्टियां मना सकें। इनमें मालदिव, थाईलैंड, श्रीलंका, सिंगापुर सस्ते और कम जोखिम वाले ऑप्शन हैं, क्योंकि इन रूट्स पर मध्य पूर्व का हवाई क्षेत्र शामिल नहीं होता। लगातार फ्लाइट्स कैंसिल हो रही त्रिदेव टूर एंड ट्रेवल के ओनर ध्रुव गौर ने बताया कि वॉर ने टूरिज्म को बहुत ही प्रभावित किया है। लोग लगातार फ्लाइट कैंसिल करवा रहे है। पहले की बुकिंग्स तो कैंसल हो रही है। फॉरेन ट्रिप के लिए नई बुकिंग्स भी नहीं मिल रही। जिसकी वजह से हमने डोमेस्टिक टूरिज्म का ऑप्शन लोगों के सामने रखना शुरू कर दिया है। ऐसा अगर लंबे समय तक चला तो दिक्कत होगी। जिसमें लोग फिर ऐसे ऑप्शन की तलाश करेगें जो आस पास के ही हो।
जीवन में उम्मीद... जैसी रचनाओं पर बजी तालियां ईरान और इजरायल युद्ध पर भी डाला गया प्रकाश
भास्कर न्यूज|मधुबनी स्वचालित कविगोष्ठी की माह अप्रैल का मासिक आयोजन गजलकार-कवि राणा ब्रजेश की अध्यक्षता, प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल के कुशल संचालन मे आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. जेपी सिंह के आवासीय परिसर, आरके कॉलेज गेट, मधुबनी में किया गया। समीक्षा डॉ. विनय विश्वबंधु ने की। सर्वप्रथम संचालक प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल ने उपस्थित कवि-कवयित्रियों का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए नवांकुर कवयित्री श्वेता कुमारी एवं डा. सोनम बाला, भूगोल प्राध्यापिका को आज प्रथम दिन भाग लेने के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दिया। कविगोष्ठी गोष्ठी की शुरुआत सुभाष चंद्र झा सिनेही की रचना सबकी इज्जत करना सीखो से हुई। ज्योति रमण झा की धर्म, सुभेष चन्द्र झा की यह सत्य है, दयानंद झा की युद्ध और परिणाम, रेवती रमण झा की चुनावक जीत, डॉ. सोनम बाला की चलो नई शुरुआत करते हैं, डॉ. राम दयाल यादव की एलआईसी, भोलानंद झा की इजरायल-ईरान युद्ध, नवांकुर श्वेता कुमारी की सबको याद रख खुद को भूल जाते हो प्रिय, सुखदेव राऊत की बीतल समयक लेखा-जोखा खूब सराही गई। ऋषिदेव सिंह की होरी के त्योहार, डॉ. विजय शंकर पासवान की अब की नारी, विभा विभाजित की पूर्णिमाक चान, प्रो. नरेंद्र ना. सिंह निराला की कविता का बाजार कहां, प्रो. इश्तेयाक अहमद की क्या खबर थी मक्र भी एक दिन हुनर कहलाएगा ने खूब वाहवाही लूटी। जब से तुम से हुआ मिलन है... की सराहना की गई प्रो. जेपी सिंह ने अपने नाखून से घाव को डर लगता है यह जमीन नहीं आसमान भी घर लगता है, प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल ने यह आप पर भी कयामत है, वर्तमान में हो रहे विनाशकारी युद्ध की ओर इशारा करती रचना सबका ध्यान आकृष्ट किया। राणा ब्रजेश ने मेरे लिए वो चांद निकलता कब है, जीवन आशा और उम्मीद पर ही तो टिका है को दर्शाती रचना ने सोचने को विवश किया। लखनऊ से डॉ. कुसुम चौधरी ने जब से तुम से हुआ मिलन है, गुजरात से डॉ. पंकज लोचन सहाय कमल ने कविता की अंतरंग प्रवाह, दिल्ली से उदय जायसवाल ने विलुप्त हो रही प्रकृति पर रचना पेश की।
युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश
देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
बरनाला जिले का धनौला पुलिस थाना एक बार फिर चर्चा में है। गांव पंधेर में दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के बाद पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए ग्रामीणों और विपक्षी राजनीतिक दलों ने थाना धनौला के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर सत्ताधारी पार्टी के दबाव में निर्दोष लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया। यह मामला गांव पंधेर में दो पक्षों के बीच हुई लड़ाई से जुड़ा है, जिसमें दोनों तरफ के लोग घायल हुए और अस्पताल में भर्ती हुए। पुलिस ने आम आदमी पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष नायब सिंह की शिकायत पर गुरसेवक सिंह और 11 अन्य के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया है। मजदूर मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष चरणा सिंह ने बताया कि गुरसेवक सिंह एक व्यक्ति को अपने बेटे की पिटाई से बचाने गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक रंजिश के चलते गुरसेवक सिंह पर झूठा मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल धरने में पहुंचे कांग्रेसी विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक वीडियो के आधार पर केस दर्ज किया है, जबकि वीडियो में आरोपी मौजूद नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में भर्ती गुरसेवक सिंह, जिसके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया था, उसका बयान तक दर्ज नहीं किया गया। ढिल्लों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई हलका भदौड़ के विधायक के इशारे पर राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है। राजनीतिक नेता गुरदीप सिंह बांठ और पूर्व विधायक पिरमल सिंह धौला ने भी पुलिस की निंदा की। मामला रद्द ना करने पर आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि ये मामले रद्द नहीं किए गए और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी घोषणा की कि यदि विधायक उगोके गांव आएंगे, तो उनका काले झंडों के साथ विरोध किया जाएगा। दूसरी ओर, थाना धनौला के एसएचओ गुरविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर कानूनी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांगों और समस्याओं को सुन लिया गया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
खाड़ी युद्ध नियंत्रण से बाहर, Diplomacy की सीढ़ी का सहारा लेने की अपील
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि मध्य पूर्व में युद्ध नियंत्रण से बाहर है और इसने नेताओं के अनुमानों से भी परे जाकर सीमाओं को तोड़ दिया है। उन्होंने बुधवार को न्यूयॉर्क में सम्बोधित करते हुए मध्य पूर्व युद्ध को समाप्त करने के लिए ...
हमसे तेल खरीदो या खुद लड़ना सीखो, ईरान युद्ध में साथ न देने वाले देशों पर भड़के Donald Trump
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों को सख्त चेतावनी दी है जिन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में अमेरिका का साथ नहीं दिया। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो देश ईंधन संकट से जूझ रहे हैं, वे या ...
पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध का सीधा असर अब जालंधर के व्यापारिक गलियारों में दिखने लगा है। युद्ध के कारण वैश्विक शिपमेंट बाधित होने और माल ढुलाई की लागत बढ़ने से बासमती चावल का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय मंडी फेंटनगंज में दालों की कीमतों में 10 रुपए प्रति किलो तक का उछाल आया है, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। हालांकि, अलग-अलग व्यापारियों की राय बंटी हुई है, लेकिन ट्रांसपोर्टेशन और लेबर की कमी ने इंडस्ट्री की चिंताएं बढ़ा दी हैं। युद्ध का व्यापार पर सीधा प्रहार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने भारतीय बासमती चावल व्यापार को बड़ा झटका दिया है। युद्ध की वजह से समुद्री रास्तों में बाधा आ रही है, जिसके चलते विदेश जाने वाला माल बंदरगाहों पर ही फंसा हुआ है। जालंधर की प्रसिद्ध मंडी फेंटनगंज के व्यापारी दविंदर बहल ने बताया कि शिपमेंट बाधित होने से माल ढुलाई की लागत में भारी वृद्धि हुई है। दालों के दाम चढ़े, लेबर की कमीव्यापारियों के अनुसार, युद्ध की अनिश्चितता के कारण घरेलू बाजार में दालों के दाम 10 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। केवल महंगाई ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री को अन्य व्यावहारिक दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। डीजल और गैस की किल्लत की खबरों के बीच उद्योगों में काम कम हो गया है और लेबर की संख्या में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। इसका सीधा असर बाजार की रौनक पर पड़ा है और ग्राहक मंडियों से नदारद हैं। ढुलाई लागत में वृद्धि और ट्रक जामट्रांसपोर्टेशन सेक्टर पर युद्ध का प्रभाव सबसे अधिक दिख रहा है। ढुलाई की दरों में 100 रुपए तक का अंतर देखने को मिला है। व्यापारी विकास कुमार के मुताबिक, पंजाब में अभी स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में है, लेकिन यूपी, बिहार और बंगाल जैसे राज्यों में हालात चिंताजनक हैं। वहां डीजल की कमी के कारण ट्रक 3 से 4 दिनों तक सड़कों पर खड़े हैं, जिससे लोडिंग और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। वहीं, दूसरी ओर चावल एसोसिएशन के प्रधान नरेश मित्तल का मानना है कि फिलहाल युद्ध का कोई बड़ा नकारात्मक असर चावल की कीमतों पर नहीं पड़ा है। उनके अनुसार, मंडी में एक महीने से अधिक का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, निर्यात के मोर्चे पर 50,000 मीट्रिक टन की गिरावट की बात सामने आ रही है क्योंकि माल विदेशों में नहीं जा पा रहा है।
फरीदाबाद के निजी अस्पतालों में खाड़ी देशों से इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों की संख्या घट गई है। अमेरिका, इजरायल व ईरान के बीच युद्ध के चलते इलाज के लिए आने वाले इंटरनेशल मरीज नही पहुंच पा रहे है। जिसका नुकसान फाइनेंशियल तौर पर अस्पतालों को हो रहा है। अस्पतालों की माने, तो युद्ध के चलते फ्लाइट सेवा बंद होने से चलते मरीज नही आ पा रहे है। हर महीने आते थे 300 के करीब मरीज मेट्रो कैंसर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर, डॉ. सुमंत गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि , सऊदी अरब, इराक, ओमान, उज़्बेकिस्तान, कुवैत, रशियन आदि कई देशों सहित 300 के करीब मरीज हर महीने आते थे, लेकिन अब केवक एक तिहाई मरीज ही पहुंच रहे है। ऐसा एसलिए हो रहा है, क्योंकि युद्ध के चलते फ्लाइट सेवा नही मिल पा रही है। वहीं दूसरी तरह बहुत सारे लोगों ने अपनी यात्रा को कैंसिल कर दिया है। खाड़ी देशों के मरीज सबसे ज्यादा उन्होंने खाड़ी देशों के मरीज हमारे शहर में सबसे ज्यादा इलाज लेने के लिए आते है। इनमें हृदय रोग, किडनी से जुड़ी बीमारियां, हड्डी संबंधी समस्याएं और कैंसर सहित, किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट के मरीज शामिल होते है। खाड़ी देशों में इनस जुड़ा इलाज मिलना बेहद खर्चीला है। हमारे देश में 40 प्रतिशत कम इलाज का खर्च आता है। इसके अलावा इलाज की गुणवत्ता बेहतर होती है, लेकिन लड़ाई के चलते हालात प्रभावित है। उन्होंने कहा कि इजरायल और ईरान से कोई मरीज नहीं आ रहा है। हालात सामान्य नहीं हुए, तो उठाना होगा नुकसान उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में दूसरे देशों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई है। अगर जल्द ही हालात सामान्य नहीं हुए, तो मेडिकल टूरिज्म को और अधिक नुकसान हो सकता है।
सफा ने अपने बयान में ‘न्यूक्लियर विंटर’ (परमाणु हमले के बाद वैश्विक जलवायु पर पड़ने वाला गंभीर प्रभाव) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा इस खतरे को दुनिया के सामने लाने की कोशिश है, ताकि समय रहते इसे टाला जा सके।
युद्ध के कारण बारदाना संकट के फिर टली मध्यप्रदेश में गेहूं की खरीदी, 10 अप्रैल नई तारीख
मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े भीषण युद्ध के चलते अब पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। पेट्रोलियम उत्पादों की किल्लत के कारण पॉलीप्रोपाइलीन (पीपी) बैग का उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे मध्यप्रदेश ...
महायुद्ध के बीच इजरायल बोला भारत है बेहतरीन मध्यस्थ, ईरान ने भी अमेरिका से बातचीत को मारी ठोकर
लेबनान में यूएन शांतिसैनिकों पर हमला: फ्रांस के विदेश मंत्री ने की इजरायल की कड़े शब्दों में निंदा
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने इजरायल की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि लेबनान के नकौरा क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना (यूएनआईएफआईएल) के साथ “गंभीर घटनाएं” हुई हैं
ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब श्री हरिमंदिर साहिब, अमृतसर में देखने को मिल रहा है। यहां श्रद्धालुओं को सम्मान स्वरूप दिए जाने वाले सिरोपों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह धागेड़ा ने इस संबंध में जानकारी दी है। मैनेजर धागेड़ा ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले जाते हैं, जिसके बाद संगत को गुरु की बख्शिश के रूप में सिरोपा भेंट किया जाता है। श्री हरिमंदिर साहिब के साथ-साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अधीन आने वाले अन्य गुरुद्वारों के लिए भी सिरोपों की आपूर्ति यहीं से की जाती है। 19 हजार मीटर कपड़ा ही हुआ तैयार मैनेजर के अनुसार, वर्ष के अंतिम दिनों की आवश्यकता को देखते हुए एक फर्म को 1 लाख मीटर कपड़े का ऑर्डर दिया गया था। हालांकि, अब तक केवल 19 हजार मीटर कपड़ा ही प्राप्त हो सका है। फर्म ने बताया है कि सिरोपा तैयार करने में उपयोग होने वाला विशेष केमिकल ईरान से आता है, जिसकी आपूर्ति युद्ध के कारण फिलहाल बाधित हो गई है। इस वजह से पूरा ऑर्डर समय पर देना संभव नहीं हो पा रहा है। लंगर सेवा और श्रद्धालुओं की आमद पर असर नहीं धागेड़ा ने स्पष्ट किया कि लंगर सेवा और श्रद्धालुओं की आमद पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि, सिरोपों की कमी एक चुनौती बन गई है। इसके बावजूद, प्रबंधन द्वारा उपलब्ध स्टॉक से संगत को सरोपा देने की परंपरा को जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।
ईरान युद्ध का बिल अरब देशों से वसूलेंगे ट्रंप?
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अरब देशों से ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिका-इजरायल युद्ध से जुड़े खर्चों को उठाने में मदद मांगने में काफी दिलचस्पी रखेंगे
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब रांची की हवाई यात्रा पर स्पष्ट दिखने लगा है। मार्च में एयरलाइंस कंपनियों ने बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण फ्यूल सरचार्ज लागू किया है, जिससे घरेलू उड़ानों के किराया पहले से ही बढ़े हुए हैं। वहीं, अब केंद्र सरकार द्वारा फेयर कैप हटाया, तो इसका भी असर दिखने लगा है। रांची से महानगरों के विमान किराए में 2500 रुपए तक की वृद्धि हो गई है। यहां तक की एक महीना बाद के टिकट खरीदने पर भी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। अप्रैल माह में रांची से मुंबई जाने के 9000 रुपए तक, तो कोलकाता के लिए 6700 रुपए तक में टिकट खरीदना पड़ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा 23 मार्च से कैप हटाने की घोषणा के साथ ही विमानन कंपनियों ने किराया बढ़ा दिया। ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि कैप हटने पर अभी और मनमाना किराया वसूला जा सकता है। पहले तो सरचार्ज और 23 मार्च से फेयर कैप हटने के कारण रांची से जाने वाले यात्रियों को पॉकेट ढीला करना पड़ रहा है। अब रांची से विभिन्न शहरों के लिए युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में विमान किराया 3000 रुपए तक बढ़ गया है। रांची से दिल्ली, कोलकाता, पटना, बेंगलुरू और चेन्नई जैसे प्रमुख रूट्स पर टिकट पहले की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। मालूम हो कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल एटीएफ में सरचार्ज लगाने से रांची से विभिन्न शहरों में जाने वाले विमान का किराया 500 से 1000 रुपए बढ़ाया गया था। रांची एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों के लिए ऐसे बढ़ रहा किरायारांची से विभिन्न शहरों का संभावित हवाई किराया (रुपये में) नोट: किराया रुपए में। फेयर कैप हटने से और बढ़ा किरायाझारखंड चैंबर के सिविल एविएशन सबकमेटी चेयरमैन श्रवण राजगढ़िया ने बताया कि एयरलाइन्स टिकट का किराया स्थिर नहीं होता, यह डाइनेमिक प्राइसिंग पर आधारित होता है। डिमांड और सप्लाई के अनुसार कीमत बदलती है। जब यात्रियों की संख्या अधिक या सीटें कम होती हैं तो किराया बढ़ता है, जबकि सीटें खाली होने पर एयरलाइन्स कीमत घटा देती हैं, ताकि अधिक बुकिंग हो सके। नी 10 मार्च के बाद इंडिगो एयरलाइंस ने प्रति टिकट सरचार्ज तय किया। औसत किराया में करीब 500 रु. कि बढ़ोतरी रही। दिल्ली के लिए सामान्यत: औसत किराया 6100 रु. रहता था वह बढ़कर 6600 रु. हो गया, पटना का औसत किराया 3500 से बढ़कर 4000 रु. हो गया। इसी तरह रांची से चेन्नई, बेंगलुरू, भुवनेश्वर का औसत किराया भी बढ़ गया। इधर, 23 मार्च से केंद्र सरकार ने फेयर कैप हटाया तो किराया आसमान पर है। एयरलाइंस में फेयर कैप वह शुल्क या सीमा है जो टिकट या किराया बढ़ोतरी में न्यायसंगत और तय सीमा तय करती है, ताकि यात्रियों पर अचानक बोझ न पड़े। पर्यटक देश के अंदर ही तलाश रहे डेस्टिनेशन झारखंड चैंबर के टूरिज्म समिति के चेयरमैन शैलेश अग्रवाल के अनुसार वर्तमान में पर्यटक विदेश यात्रा से बच रहे हैं और देश के भीतर ही घूमने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट कनफ्लिक्ट के कारण सामान्य हवाई किराए में 1000 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर अन्य अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी दिख रहा है। थाईलैंड, सिंगापुर आदि के लिए भी टूरिस्ट अवॉयड कर रहे हैं। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो विमान ईंधन और बीमा शुल्क में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में विमानन कंपनियों को खर्च नियंत्रित करने के लिए बेहतर संसाधन प्रबंधन और उड़ान मार्गों के समुचित निर्धारण पर ध्यान देना होगा। रांची से प्रति दिन 200 यात्री विदेश जाते हैं। इनमें से लगभग 80 मिडिल ईस्ट के देशों में जाते हैं।
ईरान-इजराइल युद्ध के चलते सरसों के तेल में उछाल:800 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा; किसान स्टॉक कर रहे
ईरान और इजराइल के युद्ध की वजह से भरतपुर में भी सरसों के तेल में उछाल देखने को मिल रहा है। इसका बड़ा कारण है कि जो विदेशों से तेल खरीदा जाता था उस पर रोक लगी है। जिसके कारण सरसों में 800 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक उछाल देखने को मिल रही है। साथ ही किसानों ने भी सरसों का स्टॉक कर लिया है। किसान अभी और भी सरसों में उछाल का इंतजार कर रहा है। 50 प्रतिशत खाद्य तेल विदेशों से आता है व्यापारी नरेंद्र सिंघल ने बताया कि यह किसानों का भाग्य हैं। कभी-कभी सरकार खरीद करती है उससे भी किसानों को ज्यादा भाव मिलता है। भगवान ने अब ऐसी परिस्थिति बनाई है कि किसानों को सरसों का अच्छा भाव मिल रहा है लेकिन, महंगाई का दूसरा कारण है। इंडिया में 50 प्रतिशत खाद्य तेल विदेशों से आता है। विदेशों से खाद्य तेल नहीं हो शिपमेंट विदेशों से तेल खरीदने के बाद ही इंडिया में खाद्य तेल की पूर्ति होती है। इस समय विदेशों में युद्ध चल रहे हैं इसलिए शिपमेंट नहीं हो पा रहा। उसकी वजह से तेल की कमी है। इस वजह से सरसों के तेल के भाव बढ़े हैं। हाल ही में सरसों के तेल के भाव 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल हैं। अगर युद्ध ऐसे ही चलता रहा तो, सरसों के तेल के भाव और भी ज्यादा बढ़ सकते हैं। 1 लीटर सरसों के तेल में 30 रुपए तक बढ़ोतरी फरवरी में सरसों के भाव 6250 रुपए प्रति क्विंटल थे। इस समय सरसों के भाव 7 हजार के करीब पहुंच गए हैं। बाजारों में सरसों के तेल में 30 रुपये तक तेजी देखी गई है। इस समय किसान सरसों को बेचने के लिए मंडी में नहीं पहुंच रहा। किसान सरसों में और ज्यादा उछाल का इंतजार कर रहा है।
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजराइली हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे 'त्वरित और निर्णायक' कार्रवाई बताया था, लेकिन एक महीने बाद भी स्थिति इसके विपरीत है। ट्रंप का दावा है कि तेहरान के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन ईरानी अधिकारी किसी भी उच्च ...
फाजिल्का जिले के जलालाबाद में एसएसपी गुरमीत सिंह ने नशे के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चलाया है । इस दौरान उन्होंने पार्कों पर रेड कर रही है । जहां पर बैठे लोगों से पूछताछ की। बता दे कि जिले में लगातार शिकायते मिल रही थी कि पार्क में युवा नशे का सेवन करते हैं । कार्रवाई के दौरान एसएसपी ने कहा कि पार्कों के साथ हॉटस्पॉट इलाकों पर भी रेड की जा रही है । जानकारी देते हुए फाजिल्का के एसएसपी गुरमीत सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा युद्ध नशा विरुद्ध और गैंगस्टर पर वार के तहत पुलिस सर्च ऑपरेशन चला रही है । आज पुलिस ने जिले के सारे पार्क टारगेट किए है जहां पुलिस पहुंच सर्च ऑपरेशन चला रही है। शहीद उधम सिंह चौंक पर चेकिंग इसी क्रम में जलालाबाद के शहीद उधम सिंह चौंक में पुलिस ने रेड कर चेकिंग की है । क्योंकि लोगों की शिकायत रहती है कि पार्कों में युवा नशे का सेवन करते है । और वहां बैठे रहते है। जिसको मद्देनजर रखते हुए ये कदम उठाया गया है। एसएसपी ने कहा कि इसके इलावा जिले के हॉटस्पॉट इलाके में भी पुलिस रेड करने जा रही है। जो नशे को लेकर सुर्खियों में है। तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई इसलिए इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा । एसएसपी गुरमीत सिंह ने कहा कि नशे के आदि युवकों को इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया जाएगा । वहीं नशे का कारोबार करने वालों को पकड़ उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ये कासों आपरेशन आज दिनभर चलेगा। 200 पुलिस कर्मियों की टीम कर रही छापेमारी बताया जा रहा है कि करीब 200 पुलिस कर्मियों की टीम जिले भर में छापामारी कर रही है। जिसमें उनके साथ पुलिस थानों की टीम और सीनियर अधिकारी शामिल है। और इस कार्यवाही के दौरान अध्यक्षता फाजिल्का के एसएसपी गुरमीत सिंह खुद कर रहे है ।
ईरान में ग्राउंड पर सेना तैनात करने की संभावना को लेकर अमेरिका के सीनेटरों में गहरी चिंता है। अमेरिका के वरिष्ठ नेताओं ने बढ़ते खतरों, साफ मकसद और कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत पर जोर दिया है
30 मार्च की बड़ी खबरें: मिडिल ईस्ट युद्ध तेज, कुवैत में भारतीय की मौत, क्रूड 116 डॉलर पार
Top News 30 March : युद्ध के 31वें दिन भी अमेरिका-इजराइल और ईरान की ओर से भीषण बमबारी हो रही है। कुवैत के एक पॉवर प्लांट पर ईरानी हमले में एक भारतीय की मौत हो गई। मिडिल ईस्ट युद्ध पर पोप लियो 14 ने बड़ा संदेश देते हुए कहा कि भगवान उनकी प्रार्थनाएं ...
“खून से सने हाथों की प्रार्थना नहीं सुनता भगवान” – मिडिल ईस्ट युद्ध पर पोप का बड़ा संदेश
US Israel Iran War : मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईसाई समुदाय के सबसे बड़े धर्मगुरू पोप लियो चौदहवें ने बिना नाम लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को शांति और अहिंसा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान उन ...
खाड़ी देशों में युद्ध जारी है। इसकी गूंज अब बेगूसराय की गलियों और ठेलों पर सुनाई देने लगी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति में आई समस्या का सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ा है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत का सबसे बड़ा खामियाजा उन छोटे फुटकर दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है, जिनका गुजारा रोज की कमाई पर निर्भर है। सिलेंडर के लिए परेशानी बेगूसराय के चौक-चौराहों पर ठेला लगाकर चाट, समोसे, लिट्टी-चोखा और ब्रेड पकोड़ा बेचने वाले दुकानदार अब असहाय महसूस कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए कई एजेंसियों के चक्कर काटे, लेकिन हर जगह से उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा। सप्लाई बाधित होने के कारण सिलेंडर की कालाबाजारी की भी खबरें आ रही हैं, जो इन छोटे व्यापारियों की पहुंच से बाहर है। मजबूरी में अपनाया देसी जुगाड़ कमर्शियल गैस नहीं मिलने के कारण दुकानदारी ठप होने की कगार पर पहुंच गई थी। ऐसे में अपनी आजीविका बचाने के लिए बेगूसराय के दुकानदारों ने अब पारंपरिक रास्तों की ओर रुख किया है। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले कई दुकानदार अब खुद से मिट्टी और लोहे की ड्रम की मदद से कोयला जलाने वाला चूल्हा (भट्टी) बना रहे हैं। बढ़ सकती है कोयले की कीमत दुकानदारों का कहना है कि गैस चूल्हे पर काम करना आसान और स्वच्छ था, लेकिन अब मजबूरी में उन्हें फिर से धुएं और गर्मी के बीच कोयले की भट्टी पर काम करना पड़ रहा है। कोयले का चूल्हा बनाने में भी लागत आ रही है और ऐसे में अब कोयले की कीमतों में भी उछाल जरूर आएगा। इसके बावजूद, सिलेंडर की अनिश्चितता से बेहतर उन्होंने कोयले को ही विकल्प माना है। दुकानदारों को दो घंटे की अतिरिक्त मेहनत फुटपाथ दुकानदार अवधेश कुमार ब्रेड पकोड़ा और समोसे बेचते हैं। वह बताते हैं कि गैस की किल्लत ने उनकी दिनचर्या बदल दी है। पहले गैस चूल्हा जलाते ही काम शुरू हो जाता था। अब हमें दो घंटा पहले आकर कोयला सुलगाना पड़ता है। भट्टी तैयार करने में काफी समय और मेहनत लगती है। धुएं से आंखों में जलन होती है और गर्मी भी ज्यादा लगती है, लेकिन पेट पालने के लिए इसके अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। व्यापार पर पड़ा बुरा असर गैस की कमी और कोयले के इस्तेमाल से न केवल मेहनत बढ़ी है, बल्कि ग्राहकों को परोसे जाने वाले सामान की गति भी धीमी हो गई है। कोयले की आंच को नियंत्रित करना गैस के मुकाबले कठिन होता है, जिससे सामान तैयार होने में देरी होती है। भट्टी तैयार करने और कोयला सुलगाने में रोजाना 2 घंटे अधिक समय देना पड़ रहा है। धुएं के बीच काम करने से स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ेगा। बुझ सकता है परिवार का चूल्हा बेगूसराय की सड़कों पर बढ़ते कोयले के धुएं इस बात का प्रमाण हैं कि वैश्विक घटनाओं का असर धरातल पर कितनी जल्दी और गहराई से पड़ता है। गैस कंपनी और स्थानीय गैस एजेंसियों की चुप्पी ने इन छोटे दुकानदारों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। यदि जल्द ही कमर्शियल गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो कई परिवारों का चूल्हा बुझने की नौबत आ सकती है।
युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता
सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more
खाड़ी देशों में युद्ध से बिगड़े हालात का असर फरीदाबाद समेत आसपास के शहरों के मेडिकल टूरिज्म पर दिखाई दे रहा है। शहर के अस्पतालों में खाड़ी देशों से आने वाले मरीजों की संख्या कम हुई है। फरीदाबाद खाड़ी के देशों के लिए चिकित्सा का प्रमुख केंद्र है। शहर के बड़े निजी अस्पतालों में सऊदी अरब, ओमान, कुवैत, इराक व यूएई जैसे देशों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते थे। इनकी रोज की संख्या 10 से 15 होती थी। इनमें हृदय, किडनी ट्रांसप्लांट, ऑर्थोपेडिक सर्जरी व कैंसर रोग से जुड़े मरीजों की संख्या सबसे अधिक होती थी। लेकिन मौजूदा हालात व यात्रा से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण अब इन मरीजों का आना काफी कम हो गया है। अस्पतालों के अनुसार कुछ दिनों में विदेशी मरीजों की संख्या में 40 से 60 प्रतिशत तक कम हुई है। इसका सीधा असर अस्पतालों की आय पर पड़ रहा है। मेडिकल टूरिज्म से जुड़े विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि कई जगह काम कम होने से स्टाफ की जरूरत भी घट रही है।किफायती व बेहतर इलाज के लिए आते हैं विदेशी मरीज:मेट्रो अस्पताल के आनकोलाजिस्ट डा. सुमंत गुप्ता का कहना है कि भारत में इलाज की लागत खाड़ी देशों के मुकाबले 60 से 80 प्रतिशत तक कम है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए आते थे। उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं, अनुभवी डॉक्टर और आधुनिक तकनीक ने फरीदाबाद को मेडिकल टूरिज्म के नक्शे पर मजबूत पहचान दिलाई थी।यात्रा में हो रही परेशानी से कम हो रही मरीजों की संख्या:जानकारी के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में सबसे बड़ी समस्या मरीजों की यात्रा और वीजा से जुड़ी अनिश्चितता बन गई है। कई देशों ने सुरक्षा कारणों से यात्रा पर प्रतिबंध या सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिससे मरीजों के लिए भारत आना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा युद्ध के कारण लोगों की प्राथमिकताएं भी बदल गई हैं और वे इलाज के लिए विदेश यात्रा को टाल रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने के बाद बढ़ेंगे मरीज:डा. सुमंत गुप्ता का कहना है यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में मेडिकल सेक्टर को और भी बड़ा नुकसान हो सकता है। कई अस्पताल अब घरेलू मरीजों पर अधिक ध्यान देने और नई रणनीतियां बनाने पर काम कर रहे हैं ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होंगे, मेडिकल टूरिज्म में फिर से तेजी आ सकती है। लेकिन फिलहाल खाड़ी देशों में बिगड़े हालात ने फरीदाबाद के स्वास्थ्य क्षेत्र की रफ्तार को धीमा कर दिया है। जिसका असर पूरे मेडिकल इकोसिस्टम पर देखने को मिल रहा है।
हूती विद्रोही पहले भी गाजा संघर्ष के दौरान लाल सागर और आसपास के समुद्री मार्गों को बाधित कर चुके हैं। ऐसे में उनकी सक्रियता से वैश्विक शिपिंग रूट्स पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
पटना के जक्कनपुर इलाके के बंगाली कॉलोनी में बीते 21 मार्च को एक महिला की चाकू गोद कर हत्या कर दी गई थी। मृतका की पहचान मुन्नी देवी (35 वर्ष) के तौर पर हुई थी, जो मीठापुर पुरानी बस स्टैंड के ठीक सामने सड़क किनारे ठेले पर दुकान चलती थी। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। आरोपी की संभावित लोकेशन पर पुलिस की लगातार दबिश जारी है। हालांकि, अभी वह फरार है। पहले देखिए घटना के बाद की तस्वीर… महिला पर किए चाकू से 12 वार परिजनों के मुताबिक, मुन्नी देवी शाम 4 बजे के लगभग अपने कमरे में बच्चों के साथ मौजूद थी। इसी बीच राजा नाम का सिरफिरा चाकू लेकर कमरे में घूसा और महिला पर ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया। राजा ने चाकू से 12 वार किए थे। इस हमले मुन्नी बुरी तरह घायल हो गए, उन्हें इलाज के लिए PMCH में भर्ती कराया गया, लेकिन 1 घंटे बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हमले में मुन्नी देवी की 17 साल की नाबालिक बेटी भी जख्मी हो गई थी। एकतरफा प्यार में किया हमला परिवार के करीबियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतिका मुन्नी देवी के पति बाहर रहते हैं और प्राइवेट काम करते हैं। पिछले 8 साल से घर नहीं आए हैं। महिला ठेले पर अंडा वगैरह बेचती थी। वहीं, हमलावर राजा को महिला 8 साल से जानती थी। घटना से 2 महीने पहले तक मृतिका का परिवार और राजा, पटना के जक्कनपुर में किराए के घर में अलग-अलग रूम लेकर रहते थे। मुन्नी को आशंका थी कि राजा की नीयत उसके अलावा नाबालिक बेटी पर भी थी। इसके बाद से मुन्नी ने राजा से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। 2 महीने पहले मुन्नी ने दूसरे जगह पर कमरा लेकर अपनी बेटी के साथ रहने लगी। मुन्नी ने राजा से टेलिफोनिक बातचीत भी बंद कर दी थी। एक दो बार नए रेंट के मकान में भी राजा ने आने का प्रयास किया था, लेकिन बेटी ने नहीं आने दिया था। घटना से 7 दिन पहले राजा महिला के घर में घुसने की कोशिश कर परेशान कर रहा था। 21 मार्च की शाम में इसी बात से नाराज होकर सिरफिरा राजा चाकू लेकर पहुंचा और मां बेटी पर हमला करना शुरू कर दिया। पड़ोस के लड़कों ने अस्पताल में कराया एडमिट पड़ोस के लड़के शैलेश कुमार ने बताया कि, ‘कॉल करके मुझे पड़ोसी ने बुलाया। उसके बाद हम लोग गोद में उठाकर बाइक से अस्पताल लाये थे। यहां से गंभीर स्थिति देखते हुए डॉक्टर ने पीएमसीएच रेफर कर दिया।’ ट्रेन से भागा उत्तर प्रदेश पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद ट्रेन के जरिए उत्तर प्रदेश की ओर भागा है। उसकी लोकेशन पुलिस लगातार ट्रेस कर रही है। संभावित लोकेशन पर रेड जारी है। टेक्निकल इनपुट के अलावा अन्य माध्यमों से भी उसके बारे में जानकारी जुटा रही है। पूर्व में जेल भी जा चुका है आरोपी जांच में यह भी पता चला है कि राजा स्मैकीयर है और उसे नशे की गंदी लत है। उसने एक बार जक्कनपुर इलाके में गोलीबारी की थी, जिसमें जेल भी जा चुका है। राजा का स्थाई पता रामकृष्ण नगर और मलाही पकड़ी के इलाके में था, लेकिन अब जक्कनपर इलाके में रहने लगा। फिलहाल, पुलिस ने राजा के जानने वाले लोगों से भी पूछताछ की है।
मिस्र ने मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से बातचीत की
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा करने के लिए सऊदी, जॉर्डन और जर्मन समकक्षों के साथ-साथ यूरोपीय आयोग के अधिकारियों के साथ अलग-अलग फोन पर बातचीत की
इजराइल-ईरान युद्ध की वजह से मध्य प्रदेश के उद्योगों के सामने भी बड़ा संकट पैदा हो गया है। कच्चे माल की कीमतें 20 से 30 फीसदी तक बढ़ गई हैं, जबकि लॉजिस्टिक लागत में 5 गुना तक वृद्धि हुई है। इन दोनों स्थितियों के चलते एक्सपोर्ट के साथ ही घरेलू मांग और आपूर्ति प्रभावित हो रही हैं। इससे उद्योगों की लागत बढ़ने लगी है और तैयार माल महंगा पड़ रहा है। कई उद्योगों में कच्चे माल की कमी के कारण शटडाउन की स्थिति बनने लगी है। वहीं, 10 से 15 फीसदी फैक्ट्रियों में अब दो के बजाय एक ही शिफ्ट में काम हो रहा है। सबसे ज्यादा असर फार्मा इंडस्ट्री पर दिख रहा है। उत्पादकों के मुताबिक, सोमवार को जिस रॉ मटेरियल (पैरासिटामॉल पाउडर) के दाम 290 रुपए थे, वे अगले ही दिन 360 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए। यानी लगभग 20 से 22 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी सिर्फ एक-दो मटेरियल तक सीमित नहीं है, बल्कि लगभग सभी कच्चे माल में देखने को मिल रही है। दूसरी ओर, पैकेजिंग मटेरियल में भी दिक्कत आ रही है। प्लास्टिक दाना और पीपी महंगा होने से लेमिनेट्स व अन्य पैकिंग सामग्री के दाम भी बढ़ गए हैं। यदि युद्ध लंबा खिंचता है और किसी भी एक जरूरी मटेरियल की आपूर्ति बाधित होती है, तो फैक्ट्रियों में शटडाउन की नौबत आ सकती है। फिलहाल अगले 10 से 12 दिन तक स्थिति सामान्य रहने का अनुमान है, लेकिन इसके बाद परेशानी बढ़ने की आशंका है। इनपुट मटेरियल, बल्क ड्रग और पेट्रोकेमिकल की आवक ठप इंदौर एक प्रमुख औद्योगिक शहर है। यहां पीथमपुर, सांवेर रोड और पालदा क्षेत्रों में 5600 से अधिक उद्योग संचालित हैं। इनमें फार्मा, केमिकल, मेटल और प्लास्टिक उद्योग कच्चे माल के लिए लगभग 60 फीसदी मिडिल ईस्ट पर निर्भर हैं। युद्ध की स्थिति के चलते बहरीन, कतर, सऊदी अरब सहित कई देशों से इनपुट मटेरियल, बल्क ड्रग और पेट्रोकेमिकल की सप्लाई लगभग ठप हो गई है। खाड़ी क्षेत्र में कई इकाइयों ने उत्पादन बंद कर दिया है। वहीं होरमुज जलडमरूमध्य प्रभावित होने से चीन, यूरोप और अन्य देशों से आयात भी प्रभावित हो रहा है। तैयार माल के निर्यात में भी कठिनाई आ रही है और कंटेनर एक्सपोर्ट के दाम 5 गुना तक बढ़ गए हैं। कहीं रॉ मटेरियल नहीं, कहीं लागत ज्यादा पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी ने बताया कि युद्ध के कारण उद्योगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं रॉ मटेरियल उपलब्ध नहीं है, तो कहीं उसकी लागत बहुत ज्यादा हो गई है। कई जगह गैस सप्लाई की भी गंभीर समस्या है। फार्मा कंपनियों में इंजेक्शन सील करने के लिए गैस सिलेंडर की जरूरत होती है, लेकिन सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने से लाइफ सेविंग इंजेक्शन का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इसी तरह प्लास्टिक दाने की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, जिसके कारण कई प्लास्टिक फैक्ट्रियां शटडाउन की स्थिति में पहुंच गई हैं। 30% तक बढ़े दाम, लागत मूल्य बढ़ाना मुश्किल स्थानीय मटेरियल सप्लायर्स ने 7 मार्च के बाद से कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। प्लास्टिक उत्पाद जैसे बोतल, ढक्कन, पाइप, फुटवियर बनाने में उपयोग होने वाले वर्जिन दाने के दाम 30 से 70 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, जो 30 फीसदी से अधिक की वृद्धि है। उद्योगपतियों का कहना है कि कीमत बढ़ने के बावजूद समय पर माल नहीं मिल रहा। फुटवियर उद्योग से जुड़े एक उद्योगपति ने बताया कि लागत 20 फीसदी तक बढ़ गई है, जबकि मुनाफा केवल 5 से 7 फीसदी है। ऐसे में नुकसान बढ़ रहा है। इन कारणों से भी महंगा पड़ रहा दवाओं का प्रोडक्शन फार्मा उद्योग से जुडे़ शैलेष मीणा ने बताया कि ग्लिसरीन की कीमत दिसंबर से अब तक 64 प्रतिशत तक बढ़ गई है। पैरासिटामोल की कीमत 26 प्रतिशत बढ़ी है। सिर्फ इतना ही नहीं, शिपिंग में देरी, कंटेनरों की कमी और बढ़े हुए फ्रेट चार्ज भी लागत बढ़ा रहे हैं। दाम नियंत्रण के लिए बने नियम को अभी शिथिल कर दवाओं की कीमत बढ़ाने की अनुमति भी देना होगी। दवा कंपनियां बहुत ज्यादा तैयार स्टाॅक नहीं रखतीं। यदि युद्ध 10-15 दिनों तक और चला तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। यूएई, सऊदी अरब और ओमान जैसे देश सस्ती दवाइयों के लिए भारत पर काफी निर्भर हैं, इसलिए इस स्थिति का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है। कुल मिलाकर बढ़ती कच्चे माल की कीमतें, शिपिंग समस्याएं और नियंत्रित दवा कीमतें फार्मा उद्योग पर भारी दबाव डाल रही हैं। एक्सपोर्ट ऑर्डर भेजने में परेशानी इंदौर और आसपास से प्रदेश का 40 से 50 फीसदी एक्सपोर्ट होता है। हर महीने 80 हजार से अधिक कंटेनर कांडला और जेएनपीटी भेजे जाते हैं। वर्तमान में मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और यूरोप से फार्मा, सोया और फूड प्रोसेसिंग के बड़े ऑर्डर हैं, लेकिन उन्हें भेजने में दिक्कत आ रही है। कंटेनर भाड़ा 4 से 5 गुना तक बढ़ गया है और इंश्योरेंस भी बड़ी समस्या बन गया है। समुद्री और हवाई हमलों के खतरे के कारण कंपनियां बीमा देने से बच रही हैं। एयर कार्गो की क्षमता भी सीमित है। पीएनजी अब नकद में खरीदने की बाध्यता एलपीजी संकट के चलते उद्योगों को इसकी सप्लाई रोक दी गई है। पीएनजी उपलब्ध है, लेकिन अब इसके लिए उधार सुविधा समाप्त कर दी गई है। कंपनियां अब नकद या अगले दिन भुगतान की शर्त पर गैस दे रही हैं, जबकि पहले 7 से 15 दिन का समय मिलता था। दवा कंपनियों पर गहरा असर पड़ेगा इंदौर दवा बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने बताया कि ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का असर फार्मा में उपयोग होने वाले रॉ मटेरियल पर पड़ना शुरू हो गया है। यदि स्थिति लंबी चली तो दवा कंपनियों पर इसका गहरा असर पड़ेगा। पेट्रोकेमिकल्स से बनने वाले फार्मास्युटिकल साल्वेंट्स दवा निर्माण में भी इस्तेमाल होते हैं। इनके दाम एक सप्ताह में 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इससे दवाओं की उत्पादन की लागत बढ़ रही है। कुछ कच्चे माल की कीमतों में तो 60 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। युद्ध लंबा चला तो उद्योगों पर गहराएगा संकट एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री के सचिव तरुण व्यास के अनुसार, 7 मार्च के बाद से कच्चे माल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ रही है। मांग होने के बावजूद सप्लाई प्रभावित हो रही है और जल्द ही शटडाउन की स्थिति बन सकती है। फार्मा इंडस्ट्री और पीथमपुर औद्योगिक संगठन के डॉ. दर्शन कटारिया का कहना है कि फार्मा सेक्टर की निर्भरता केमिकल्स पर है, जो मुख्य रूप से खाड़ी देशों से आते हैं। वहां उत्पादन प्रभावित होने से कीमतें बढ़ रही हैं, हालांकि स्थिति जल्द सुधरने की उम्मीद है। फियो के पूर्व बोर्ड सदस्य सुबेर रामपुरवाला के अनुसार, मध्य प्रदेश से मिडिल ईस्ट में फूड प्रोसेसिंग और एग्रो उत्पाद बड़ी मात्रा में निर्यात होते हैं। समुद्री भाड़ा बढ़ने और इंश्योरेंस की दिक्कतों के कारण एक्सपोर्ट प्रभावित हो रहा है। यह खबर भी पढ़ें… इंदौर में गैस संकट गहराया, सराफा बाजार में रौनक घटी इंदौर की चमक-दमक वाली सराफा चौपाटी और मशहूर फूड हब्स पर अब कमर्शियल एलपीजी गैस संकट का साया गहरा गया है। मिडिल ईस्ट (ईरान-अमेरिका तनाव) से उपजे वैश्विक ईंधन संकट के चलते कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर प्रशासनिक रोक लग गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
ईरान-इजरायल युद्ध के बीच चंडीगढ़ प्रशासन ने गैस की कमी से निपटने के लिए रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत शहर में अगले एक सप्ताह तक रेजिडेंशियल इलाकों में पीएनजी कनेक्शन के लिए कैंप आयोजित किए जाएंगे। इसमें कनेक्शन की संख्या 22000 से बढ़ाकर 1 लाख तक करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी को तीन दिन के अंदर कनेक्शन मंजूर करने के निर्देश हैं। शहर के 30% इलाके में CGDअभी शहर के लगभग 30% इलाके में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) की सुविधा उपलब्ध है, जिसे इंडियन ऑयल अदानी गैस लिमिटेड द्वारा चलाया जा रहा है। फिर भी शहर में 3 लाख से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन हैं। इन कनेक्शनों को पीएनजी में कन्वर्ट करना प्रशासन का लक्ष्य है। होटल-रेस्टोरेंट को भी जोड़ा जाएगा CGD सेगैस आपूर्ति सुचारू रखने के लिए शहर के बड़े कमर्शियल कंज्यूमर जैसे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों को भी प्राथमिकता के आधार पर CGD से जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रशासन की तरफ से गैस पाइपलाइन बिछाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। 3 महीने में कटेगा कनेक्शनशहर के करीब 90,000 ऐसे एलपीजी कनेक्शन हैं, जिन इलाकों में पीएनजी की लाइन है, फिर भी एलपीजी का कनेक्शन ले रखा है। जिला प्रशासन की तरफ से एलपीजी संकट के बीच नेचुरल गैस एवं पेट्रोलियम प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन एक्ट 2026 को लागू कर दिया गया है, जिसके तहत अगर 3 महीने में पीएनजी कनेक्शन नहीं लिया तो एलपीजी कनेक्शन को बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए भी प्रशासन की तरफ से गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं।
भिवानी के पूर्व सांसद जंगबीर सिंह का शनिवार को उनके पैतृक गांव खरकड़ी माखवान में अंतिम संस्कार किया गया। पूर्व सांसद चौधरी जंगबीर सिंह का लंबी बीमारी के चलते 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उनकी अंतिम यात्रा में कंवर महाराज, कुलदीप बिश्नोई, दिग्विजय चौटाला, विधायक सुनील सांगवान सहित अनेक लोग शामिल रहे। चौधरी जंगबीर सिंह का जन्म तोशाम हलके के खरकड़ी माखवान गांव में 1 मार्च 1941 को हुआ था। उन्होंने एमए व एलएलबी तक पढ़ाई की और फौज में भर्ती हुए। राज राइफल में रहते उन्होंने 1962 व 1965 की चीन व पाक से लड़ाई में दुश्मनों के छक्के छुड़ाए थे। 19 महीने हिसार जेल में रहे इसके बाद वो राजनीति में आए और आपातकाल के दौरान 1975 से 77 तक 19 महीने हिसार जेल में रहे। उन्होंने तोशाम से पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के खिलाफ विधानसभा का चुनाव लड़ा और मात्र 1259 मतों से हारे। इसके बाद वो बंसीलाल के साथ आए और 1991 में बंसीलाल की पार्टी हविपा से भिवानी संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद चुने गए। जंगबीर सिंह बीते अक्टूबर महीने से वो बीमार चल रहे थे। लंबी बीमारी के चलते 86 साल की उम्र में शुक्रवार को मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। शनिवार को उनके अंतिम संस्कार में संत कंवर महाराज, कुलदीप बिश्नोई, विधायक सुनील सांगवान, दिग्विजय चौटाला सहित कई पूर्व विधायक व अन्य लोग मौजूद रहे और सभी ने नम आंखों से विदाई दी। लोगों ने किया याद इस दौरान भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि जंगबीर सिंह से उनके और उनके पिता चौधरी भजनलाल का दशकों से रिश्ता रहा है। वे आगे भी तन- मन- धन से उनके परिवार के साथ खड़े रहेंगे। चरखी दादरी से भाजपा विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि जंगबीर सिंह के परिवार से उन्हें व उनके पिता सतपाल सांगवान के घनिष्ठ संबंध रहे है। जंगबीर सिंह बहादुर सैनिक, समाजसेवी व लड़ाका नेता रहे हैं। JJP के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा कि चौ. जंगबीर सिंह वार हीरो व हरियाणा की शान थे। चौ. जंगबीर सिंह ने सेना में रहते चीन व पाक से लड़ाई लड़ी। देश को राजनीतिक आजादी दिलाने को उनके परदादा देवीलाल के साथ 19 महीने आपातकाल के दौरान जेल में रहे। उन्होंने कहा कि चौ. जंगबीर सिंह को हरियाणा हमेशा याद रखेगा और युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष से प्रेरणा मिलेगी। चौ. जंगबीर सिंह अपने पिछे दो बेटे कमल प्रधान व हरिकेश तथा एक पोते व तीन पोतियों को छोड़ गए।
युद्ध का असर:इंदौर के SEZ से 2 माह में निर्यात 300 करोड़ रुपए घटा
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते इंदौर के औद्योगिक क्षेत्रों में सर्विस व प्रॉडक्शन इंडस्ट्री पर संकट गहराने लगा है। विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र (सेज) से होने वाले मल्टी प्रॉडक्ट और आईटी-आईटीएस का एक्सपोर्ट ट्रंप टैरिफ से बेअसर रहा था। लेकिन अब युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट से कारोबार प्रभावित हो रहा है। दिसंबर तक हर महीने औसत 1500 करोड़ का एक्सपोर्ट हो रहा था, जो जनवरी और फरवरी में 1350 करोड़ रह गया। इस हिसाब दो माह 300 करोड़ औसत निर्यात घटा है। उद्योगपतियों का कहना है कि बीते दो महीनों में ऑर्डर में कमी आई। फ्रेट महंगा होने से डिलीवरी शेड्यूल भी गड़बड़ा गया है। पिछले साल अप्रैल से दिसंबर तक 9 महीने में सेज से हुए एक्सपोर्ट में 8.62 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। लेकिन इस साल जनवरी-फरवरी के बाद यह घटकर 7.93 प्रतिशत रह गई। विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध का बड़ा असर प्लास्टिक प्रॉडक्ट और फार्मा पर देखा जा रहा है। सेज से एक्सपोर्ट के फरवरी तक के आंकड़े हाल ही में जारी किए गए हैं। भरपाई मिडिल ईस्ट से हो रही थी विशेषज्ञों का कहना है, अमेरिका में बढ़े टैरिफ के कारण आई गिरावट की भरपाई मिडिल ईस्ट व यूरोपीय देशों से हो रही थी, लेकिन अब युद्ध का असर फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल व फार्मा पर हो रहा है। खासकर फूड प्रॉडक्ट व गारमेंट के अलावा मल्टी प्रॉडक्ट में करीब 0.8 फीसदी की कमी आई। आईटी-आईटीएस में 1 फीसदी की कमी आई। ऐसे प्रभावित होगा कारोबार आईटी इंडस्ट्री: इन देशों में आईटी इंडस्ट्री के लिए कामकाज बढ़ा था। युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट के देशों में आर्थिक हालात प्रभावित होंगे। इससे आईटी प्रॉडक्ट व सर्विस इंडस्ट्री का काम कम हो सकता है।
लखनऊ में शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद शिया मुसलमानों ने सऊदी अरब के शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आसिफी मस्जिद में हुए इस प्रदर्शन में लोग सऊदी हुकूमत और आतंकवादी विरोधी तख्तियां लेकर पहुंचे। भारी संख्या में मौजूद लोगों ने सऊदी अरब की हुकूमत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जन्नतुल बकी के पुनः निर्माण की मांग लिया। प्रदर्शन को देखते हुए बड़े इमामबाड़ा के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई। जन्नतुल बकी के निर्माण के लिए हुआ प्रदर्शन दरअसल सऊदी अरब के शहर मदीना में स्थित जन्नतुल बकी नामक कब्रिस्तान है। वहां पर पैगंबर-ए- इस्लाम की बेटी हजरत फातिमा जेहरा की कब्र को सऊदी शासन द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने सऊदी अरब में तोड़े गए मजारों का पुनरनिर्माण करने की मांग की है। इस मांग के लिए शिया मुसलमान सऊदी हुकूमत के खिलाफ हर साल आज जिनके दिन प्रदर्शन करते हैं। सऊदी हुकूमत का जमकर विरोध शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने प्रदर्शन कर रहे शिया मुसलमानों को संबोधित किया। इस दौरान सऊदी हुकूमत मुर्दाबाद के नारे लगे। मौलाना कल्बे जवाद ने सऊदी शासन की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा- जन्नतुल बकी शिया अकीदे के लिहाज से सबसे अहम कब्रिस्तान है। जब तक सऊदी अरब जन्नतुल बकी कब्रिस्तान में स्थित पैगमबर- ए-इस्लाम की सुपुत्री और उनके नातियों की कब्रों को फिर से निर्माण नहीं करवा देता। तब तक हम इसी तरह सऊदी शासन के खिलाफ हर साल प्रदर्शन करते रहेंगे।
ईरान-इजराइल युद्ध के कारण पहली बार एक साथ 2200 स्टेपी ईगल (बाज) ने बीकानेर के जोड़बीड़ में ठिकाना बनाया है। यह संख्या पिछली बार से लगभग दोगुनी है। पिछली बार यहां करीब 1200 बाज देखे गए थे। स्टेपी ईगल रूस-मंगोलिया से उड़कर हर साल ईरान-इराक की तरफ रुख करते थे। बहुत कम संख्या में राजस्थान में रुकते थे। इस बार 25 दिन का सफर कर इनके दो बड़े झुंड बीकानेर के जोड़बीड़ और जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में रुके हैं। डेजर्ट नेशनल पार्क में इनकी संख्या करीब 1700 है। इतनी तादाद देखकर एक्सपर्ट भी हैरान हैं। खास बात यह है कि इनमें 70 फीसदी स्टेपी ईगल किशोर (जुवेनाइल) हैं। इनकी उम्र 2 साल से भी कम है। एक्सपर्ट का मानना है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध से इनके आवास प्रभावित हुए हैं। इनके रहने की जगह खत्म हो चुकी है। इसी वजह से ये विदेशी पक्षी सबसे संरक्षित इन जगहों पर रुक गए हैं। 25 दिन का सफर तय करके भारत आए पिछले 20 साल से गिद्ध संरक्षण पर अनुसंधान कर रहे बीकानेर के वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉ. दाऊ लाल बोहरा का कहना है- स्टेपी ईगल मध्य एशिया, रूस और मंगोलिया से हजारों किलोमीटर का प्रवास कर 25 दिन में भारत पहुंचता है। पहले इनकी सीमित संख्या होती थी। राजस्थान में बाज की यह प्रजाति पिछले 15 साल से नियमित आ रही है। पिछले तीन साल में इनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ी है। डॉ. दाऊ लाल बोहरा ने जनवरी 2026 में बीकानेर, चूरू के ताल छापर और गंगीतासर, जैसलमेर और फलोदी में सर्वे किया था। इस सर्वे में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा बीकानेर के जोड़बीड़ से सामने आया है। जहां इस बार 2200 से ज्यादा स्टेपी ईगल की संख्या दर्ज की गई है। ईरान-इराक में आशियाने उजड़े डॉ. दाऊ लाल बोहरा का कहना है कि इस अचानक बढ़ोतरी की बड़ी वजह ईरान-इजराइल युद्ध के कारण उस क्षेत्र में चल रही अस्थिरता है। इसके कारण इन देशों में पक्षियों के लिए सुरक्षित आवास प्रभावित हुए हैं और उन्होंने भारत की ओर रुख किया है। ईरान-इराक में भी स्टेपी ईगल पहुंचे हैं, लेकिन उनकी संख्या कम हुई है। बीकानेर को मिलेगी नई पहचान डॉ. बोहरा बताते हैं- स्टेपी ईगल अप्रैल के अंत तक यहां रुकेंगे। इसके बाद फिर से अपने इलाकों में लौट जाएंगे। हमारे लिए अच्छी बात ये है कि दक्षिण एशिया में गिद्धों के लिए प्रसिद्ध जोड़बीड़ अब स्टेपी ईगल के कारण भी अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है। यह क्षेत्र पहले से ही Important Bird Area (IBA) और Key Biodiversity Area (KBA) के रूप में मान्यता प्राप्त है। इतनी तादाद के लिए रेड फ्लैग भी डॉ. बोहरा बताते हैं- इतने सारे ईगल का आना एक तरह से रेड फ्लैग भी है। वो इसलिए कि एक साथ इतने सारे पक्षियों का आने से यहां पारिस्थितिक असंतुलन हो सकता है। कुछ संक्रामक बीमारियों (जैसे बर्ड फ्लू) का खतरा बना रहेगा। यह आवास विनाश या बदलते मौसम के कारण भोजन और सुरक्षा की तलाश में सामूहिक पलायन की निशानी भी है। साल 2008 में बीकानेर में ही मरे थे स्टेपी ईगल इससे पहले साल 2008 में बीकानेर के जोड़बीड़ में 40 स्टेपी ईगल मर गए थे। दरअसल, जोड़बीड़ में मृत पशुओं को यहां डेरा जमाने वाले गिद्द के भोजन के लिए डाला जाता है। पशुओं को न्यूमेसुलाइड, डायक्लोफिनेक, एसिक्लोफिनेक जैसी दवाएं दी जाती हैं। ऐसे मृत पशुओं का मांस खाने से स्टेपी ईगल की मौत होने की पुष्टि हुई थी। ऐसे में अब पर्यावरण प्रेमी डिमांड कर रहे हैं कि पशुओं को ये दवाएं नहीं दी जाएं। दुनिया में ये विलुप्त होने की कगार पर, राजस्थान में इनके लिए सुरक्षित दावा किया जाता है कि ये विलुप्त होने की कगार पर हैं। दुनिया में स्टेपी ईगल सिर्फ 25 हजार ही बचे हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति और प्राकृतिक संसाधन संरक्षण संघ ने रेड लिस्ट यानी विलुप्त प्राय (Endangered) श्रेणी में रखा है। इधर राजस्थान में हर साल इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। जैसलमेर और बीकानेर के अलावा ये चूरू, जोधपुर, बाड़मेर, हनुमानगढ़, नागौर और फलोदी में भी देखे जा चुके हैं। इनकी सबसे ज्यादा तादाद बीकानेर में देखी गई है। इसलिए 62 देशों की भागीदारी से 2025 में ग्लोबल एक्शन प्लान तैयार किया गया था। 2026 से 2035 तक लागू होने वाली इस योजना में जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व को संरक्षण स्थल के रूप में चिह्नित किया। भारत, CMS (Convention on Migratory Species) का सदस्य होने के नाते इस अभियान में शामिल है। इसे ‘अम्ब्रेला स्पीशीज’ भी माना जाता है, यानी इसके संरक्षण से कई अन्य प्रजातियों को भी सुरक्षा मिलती है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर रूसी राष्ट्रपति पुतिन की चेतावनी को लेकर रही। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध से कोरोना महामारी जैसे हालात हो सकते हैं। वहीं, दूसरी बड़ी खबर यूपी में पेट्रोल-डीजल के लिए मची मारामारी से जुड़ी है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. पुतिन बोले- ईरान युद्ध से कोविड जैसे हालात का खतरा, जो जंग लड़ रहे, उन्हें भी अंदाजा नहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान युद्ध को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि युद्ध से कोरोना महामारी जैसे हालात हो सकते हैं। जो देश इस युद्ध में शामिल हैं, उन्हें भी इसके असर का अंदाजा नहीं है। संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, उत्पादन और सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। क्रूड ऑयल की कीमतें 5.2% बढ़ीं: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में करीब 5% का उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल 5.2% बढ़कर 107.54 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। खबर से जुड़े 5 अहम अपडेट्स... पूरी खबर पढ़ें... 2. यूपी में एक कंपनी ने पेट्रोल के दाम ₹5.30 बढ़ाए, डीजल 3 रुपए महंगा; पंपों पर दिनभर भीड़ यूपी के गुरुवार को कई जिलों में पेट्रोल-डीजल के लिए पंपों पर लाइनें लगी रहीं। कुछ जिलों के कई पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया। लखनऊ के भी 4 पेट्रोल पंप वीरान पड़े रहे। पेट्रोल नहीं होने की वजह से लोगों को लौटना पड़ा। दो टंकी लेकर पहुंचा बाइक वाला: देवरिया, सुल्तानपुर और गोंडा समेत कई जिलों के पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ी। लोग बड़े-बड़े डिब्बे लेकर पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंच गए। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। गोरखपुर में दोपहर 12 बजे एक युवक बाइक पर एक और टंकी लादकर तेल लेने पहुंचा। कहा- दोनों टंकियां फुल कर दीजिए। नायरा ने यूपी में बढ़ाए फ्यूल रेट: नायरा पेट्रोलियम ने प्रदेश में पेट्रोल 5.30 और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर महंगा कर दिया। इसके बाद लखनऊ में नायरा के पंपों पर पेट्रोल ₹100.15 और डीजल ₹91.05 प्रति लीटर मिल रहा। पहले पेट्रोल ₹94.84 और डीजल ₹88.05 प्रति लीटर मिलता था। पूरी खबर पढ़ें… 3. मोदी ईरान जंग पर आज मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे, संसद में कहा था- आने वाला समय मुश्किल ईरान जंग को लेकर PM मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। वे देश के हालातों पर चर्चा करेंगे। हालांकि, इस मीटिंग में चुनावी राज्यों के सीएम इसमें शामिल नहीं होंगे। इससे पहले 24 मार्च को भी PM ने राज्यसभा में कहा था कि आने वाला समय कोरोना जैसी परीक्षा लेगा। देश में ईंधन की कमी नहीं: सरकार ने आज देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी की खबरों को खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि दुनिया में कुछ भी हो जाए, भारत के पास 60 दिन का पेट्रोल, डीजल है। पूरी खबर पढ़ें... 4. होटल-रेस्टोरेंट बिल में LPG चार्ज नहीं जोड़ेंगे, सरकार बोली- ऐसा किया तो कार्रवाई होगी अब होटल-रेस्टोरेंट ग्राहकों से ‘LPG चार्ज’ के नाम पर पैसे नहीं ले सकते हैं। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने बताया कि होटल-रेस्टोरेंट अपने मेन्यू में ही सभी खर्च शामिल करें। गैस या अन्य खर्च के नाम पर बिल में अलग से चार्ज जोड़ना नियमों के खिलाफ माना जाएगा। कैफे ने नींबू पानी पर 5% LPG चार्ज वसूला था: बेंगलुरु के एक कैफे ने नींबू पानी के बिल पर 5% 'गैस क्राइसिस चार्ज' लगाया था। ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड ऑर्डर किए, जिनकी कुल कीमत 358 रुपए थी। कैफे ने ₹17.90 (5%) डिस्काउंट दिया, फिर GST के साथ 5% यानी ₹17.01 'गैस क्राइसिस चार्ज' जोड़ा। इससे कुल बिल ₹374 हो गया। पूरी खबर पढ़ें... 5. पांच चुनावी राज्यों से ₹400 करोड़ जब्त, बंगाल में TMC-BJP वर्कर्स में झड़प, 20 घायल पांच चुनावी राज्यों में चुनावी घोषणा के बाद से अब तक 400 करोड़ रुपए सामग्री और कैश जब्त हुआ है। इसमें ₹17.44 करोड़ कैश, ₹167.38 करोड़ के ड्रग्स शामिल हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प हुई। इसमें 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हिमंता बोले- कांग्रेस पाकिस्तान में सरकार बना सकती है: असम CM हिमंता ने कांग्रेस पर तंज कसा और कहा कि जब कांग्रेस की सरकार बनेगी तो वह या तो पाकिस्तान में होगी या बांग्लादेश में। पूरी खबर पढ़ें... 6. इकाना में ऋषभ पंत ने सबसे लंबा छक्का मारा, 9 हजार स्कूली बच्चों ने चीयर किया लखनऊ के इकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स टीम की तरफ से 'LSG नेक्स्ट-जेन डे' मनाया गया। इस दौरान सुपर सिक्स बॉल कांटेस्ट में LSG कप्तान ऋषभ पंत ने सबसे लंबा छक्का मारा। दूसरे नंबर पर मिशेल मार्श रहे। खिलाड़ियों ने सिग्नेचर टेनिस बॉल्स दर्शकों की ओर फेंके। 9 हजार बच्चों ने LSG की नई टीशर्ट पहनकर उनको चीयर किया। ऋषभ ने फुटबॉल भी खेला: प्रमोशनल प्रोग्राम में 9 हजार स्कूली बच्चों ने लाइव संगीत की धुनों पर जोरदार तालियां बजाकर टीम का स्वागत किया। इसके बाद खिलाड़ियों ने ग्राउंड का चक्कर लगाया। खिलाड़ियों-बच्चों के बीच मजेदार इंटरैक्शन भी हुआ। ऋषभ ने बच्चों और फैंस को मोटिवेट किया। वह ग्राउंड पर फुटबॉल खेलते हुए भी नजर आए। पूरी खबर पढे़ं… 7. कश्मीर में ईरान के लिए ₹18 करोड़ चंदा जुटाया गया, आतंकी फंडिंग में इस्तेमाल की आशंका कश्मीर ईरान के समर्थन में 18 करोड़ रुपए का चंदा जुटाया गया है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। आशंका है कि इन पैसों का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग में हो सकता है। करीब 85% रकम शिया समुदाय से आई है, जिसे ईरान में संघर्ष से प्रभावित लोगों की मदद के लिए इकट्ठा किया गया है। चंदे की राशि और बढ़ सकती है: सूत्रों के मुताबिक, भारत में ईरानी दूतावास ने सीधे पैसे ट्रांसफर करने के लिए एक विशेष बैंक अकाउंट भी खोला है, जिसमें UPI के जरिए भुगतान की सुविधा दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि चंदे की राशि और बढ़ सकती है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... 11 साल के लड़के ने उड़ाया प्लेन अमेरिका में 11 साल के रिशी शर्मा ने 4 साल की ट्रेनिंग के बाद प्लेन उड़ाया। उसने ऑक्सनार्ड एयरपोर्ट पर टच-एंड-गो लैंडिंग की। हालांकि, अमेरिका में 18 साल से कम उम्र के लोग अकेले विमान नहीं उड़ा सकते, लेकिन वे इंस्ट्रक्टर के साथ ट्रेनिंग ले सकते हैं। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों को पुराने दोस्तों से मदद मिल सकती है। मिथुन राशि वालों का मान-सम्मान बढ़ेगा। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया
युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।
रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को वैश्विक तनाव के बीच एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के बड़े हिस्से में युद्ध के काले बादल छाए हुए हैं, लेकिन संघर्ष नहीं, बल्कि समन्वय और शांति ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। रायसेन पहुंचे चौहान ने इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, दुनिया में युद्ध के हालात बन रहे हैं, लेकिन हमें लड़ाई नहीं, शांति का रास्ता अपनाना चाहिए। घृणा नहीं, प्रेम ही समाधान है। अपने दौरे की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री ने पाटन देव हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने बजरंगबली के साथ भगवान श्रीराम और अष्टमी के अवसर पर मां दुर्गा की पूजा कर आशीर्वाद लिया। कहा- ‘एक ही चेतना सबमें है’रामनवमी के संदेश का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा कि यह पर्व हमें एकता और समानता की सीख देता है। उन्होंने कहा, एक ही चेतना सबमें है, पूरे जगत में वही भाव है। चौहान ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल विकास की ओर बढ़ रहा है, बल्कि दुनिया को शांति और समन्वय का मार्ग भी दिखा रहा है। यह भी पढ़ें… रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक लगेगा राष्ट्रीय कृषि मेला:200 स्टॉल लगेंगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को रायसेन पहुंचे। उन्होंने यहां 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के तीन दिवसीय कृषि मेला प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। कार्यक्रम स्थल पहुंचकर उन्होंने बैठक व्यवस्था, विभिन्न सत्रों के लिए स्थल, स्टॉल और तकनीकों के सजीव प्रदर्शन सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। पूरी खबर पढ़ें…
पिंक सिटी टेनिस सेंटर की ओर से चित्रकूट स्टेडियम में आयोजित चार दिवसीय ऑल इंडिया नेशनल रैंकिंग टेनिस टूर्नामेंट में राजस्थान के होनहार खिलाड़ी हृदान शर्मा ने अंडर-12 वर्ग का खिताब अपने नाम किया। शानदार प्रदर्शन करते हुए हृदान ने पूरे टूर्नामेंट में एकतरफा जीत दर्ज की। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6-0, 6-0 से हराकर दमदार शुरुआत की। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में भी उनका शानदार खेल जारी रहा और उन्होंने मुकाबला 6-0, 6-1 से अपने नाम किया। सेमीफाइनल में हृदान ने 6-3, 6-2 से जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 6-3, 6-1 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम कर लिया।
9 राज बटालियन NCC अलवर की ओर से 12 दिवसीय आर्मी अटैचमेंट कैंप चल रहा है। इटाराना कैंट में आर्मी रेजीमेंट के साथ चल रहे कैंप में कैडेट्स को आर्मी की दिनचर्या, युद्ध में प्रयोग किए जाने वाले हथियार, टैंक और गन की जानकारी दी जा रही है। कैडेट्स रॉकेट लांचर से लेकर ड्रोन तक की ट्रेनिंग ले रहे हैं। देखिए- NCC कैडेट्स की ट्रेनिंग की PHOTOS कैंप में कुल 81 कैडेट्स शामिल 9 राज बटालियन के कमान अधिकारी ने बताया कि इस कैंप में कैडेट्स को ड्रिल, ऑप्टिकल्स, रॉक क्लाइंबिंग, क्वार्टर गार्ड विजिट, गार्ड माउंटिंग, कोत , विजिट रेजिमेंट इंस्टीट्यूट, स्नाइपर, रॉकेट लॉन्चर, ड्रोन ट्रेनिंग शामिल है। कैंप में साइबर सिक्योरिटी के प्रति जागरूकता, एक्सपा टीम की ओर से कैडेट्स में लीडरशिप एवं पर्सनेलिटी डवलपमेंट, ARO की ओर से आर्म्ड फॉर्स में भर्ती प्रक्रिया के बारे में बताया गया। कैंप में 9 राज बटालियन एनसीसी अलवर, 3 राज बटालियन एन सी सी जयपुर, 1 राज आर्म्ड स्क्वाड्रन एन सी सी जयपुर, 8 राज बटालियन एन सी सी जयपुर, 1 राज इंडेप्ट कंपनी पिलानी, 1 राज सी टी आर पिलानी जयपुर, 2 राज बटालियन एनसीसी चूरू, 1 राज बटालियन एन सी सी जयपुर के कुल 81 कैडेट्स भाग ले रहे हैं।
महंगी होंगी दवाएं! सरकार ने दी दाम बढ़ाने की मंजूरी, ईरान-इजरायल युद्ध का असर या कुछ और
आम लोगों की जेब पर एक और असर पड़ने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स और अन्य जरूरी दवाओं के दाम बढ़ने जा रहे हैं। सरकार ने आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची (NLEM) में शामिल दवाओं की कीमतों में करीब 0.6% तक बढ़ोतरी की अनुमति दे दी है।
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है
फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
Middle East war के कारण खड़ी तेल समस्या मे भारत बना आशा का किरण; जाने क्यों अमेरिका ने जताया आभार ?
डोनाल्ड ट्रम्प ने टेक्सास में $300 अरब की नई रिफाइनरी का ऐलान किया। भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज के भारी निवेश के साथ अमेरिका 50 साल बाद रचेगा नया ऊर्जा इतिहास।
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
कब छ्टेंगे युद्ध के बादल, क्या 'अंगारक योग' है कारण?
Attack on Iran: आज समूचा जगत तृतीय विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ा है। अमेरिका-इजराइल के गठजोड़ द्वारा ईरान पर सामरिक हमला किए जाने से विश्वयुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। संसार के देश खेमेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। आज आम जनमानस के मन में एक ही यक्ष ...
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर
खग्रास चंद्र ग्रहण और ग्रह गोचर से जुड़े संकेतों पर चर्चा तेज है। क्या इसका असर भारत पर भी युद्ध जैसे हालात बना सकता है? जानिए ज्योतिषीय विश्लेषण और संभावित संकेत।
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

