बलजिंदर सिंह को सऊदी अरब में मौत की सज़ा सुनाई गई है. अब उनका परिवार भारत सरकार और पंजाब सरकार से मदद की अपील कर रहा है.
Iran America War: Iranian Airlines पर रोक से भड़की Iraq की जनता, भारी प्रदर्शन | Karbala| Najaf
ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम की तकनीक और ताकत अवाम को दिखाई जा रही है...ये एक तरह की नुमाइश लगाई गई है लेकिन ईरान के इस प्रोग्राम में ईरान के झंडों के साथ साथ इराक की पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्स का सफेद परचम भी नजर आ रहा है...
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यूएई भारत में जल्द ही 25 अरब डॉलर का नया निवेश करेगा, जिससे कुल निवेश 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, LPG, LNG आपूर्ति और समुद्र के नीचे गैस पाइपलाइन जैसी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।
कांग्रेस ने मधुबनी में 'वोट चोरी' के आरोपों और चुनाव आयोग के कथित एकतरफा फैसलों के विरोध में प्रदर्शन किया। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जिला कलेक्ट्रेट के सामने यह प्रदर्शन हुआ। इसका नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी पूर्वी के अध्यक्ष नलिनी रंजन झा और पश्चिमी की अध्यक्ष मीना देवी कुशवाहा ने संयुक्त रूप से किया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मधुबनी के थाना चौक पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में कथित संदिग्ध बदलावों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की तुरंत गिरफ्तारी और पद से हटाने की मांग की। उन्होंने उनके कार्यकाल के दौरान मतदाता सूचियों में हुए कथित संदिग्ध बदलावों की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। प्रदर्शन में शहर के उपमहापौर अमानुल्लाह खान, पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा, टेकनाथ पाठक, गोपाल दास महंत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।
रविवार को खेले गए इस मैच में इराक़ ने कुवैत को 3-2 से हरा दिया. हालांकि, मैच के नतीजे के साथ-साथ ज़िदान इक़बाल की कुवैत के कप्तान और फ़ैन्स के साथ हुई बहस का मुद्दा भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है.
इंटरनेट डेस्क। ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच अपने देश का रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि ईरान जंग नहीं चाहता, बल्कि शांति और कूटनीति का रास्ता तलाश रहा है। अराघची ने कहा, राष्ट्रपति पेजेशकियान और मैं न्यूयॉर्क युद्ध बेचने नहीं आए हैं, हम शांति कायम करने आए हैं। मीडिया रिपोटर्स की माने तो अराघची का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज करने के बाद आया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और क्षेत्र में लड़ाई रोकने के लिए एक प्रस्ताव दिया था। ट्रंप ने इसे खारिज करते हुए कहा कि ईरान तुरंत होर्मुज खोलने का समझौता इसलिए चाहता है क्योंकि वह बुरी तरह दबाव में है। अब्बास अराघची ने शांति की बात के साथ ईरान का दूसरा रुख भी साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी आक्रामकता के सामने मजबूती से खड़ा रहेगा, भले ही हालात एपोकैलिप्टिक वॉर तक क्यों न पहुंच जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि तेहरान वास्तविक कूटनीति के लिए तैयार है। pc- aaj tak
बागपत के 'चाट युद्ध' के बाद हापुड़ का 'चटनी रण'
आपको वो एतिहासिक 'बैटल ऑफ बागपत' तो याद होगा, जो 'बागपत के चाट युद्ध' के नाम से भी मशहूर है। उस जंग को पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन सोशल मीडिया और मीम की दुनिया के इतिहास में आज भी उसे बड़े गर्व से याद किया जाता है।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- बहुत जल्द जीतेंगे जंग... ईरान ने दी 'विनाशकारी युद्ध' की चेतावनी
भले ही स्थिति विनाशकारी युद्ध में तब्दील हो जाए, आक्रामकता के खिलाफ खड़ा रहेगा ईरान : अराघची
न्यूयॉर्क, 28 सितंबर . अमेरिका की ओर से सात दिन के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वो प्लान को क्यों ठुकरा रहे हैं, यह एक अहम सवाल है. यह प्रस्ताव हालात सामान्य बना सकता है. तेहरान वास्तविक कूटनीति के लिए है. साथ ही, किसी भी आक्रामकता ... Read more
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक छोटी-सी खाने की दुकान अचानक ऐसी जगह में बदल गई, जहां कुछ देर के लिए लात-घूंसे और डंडे चलने लगे। धौलाना थाना क्षेत्र के देहरा गांव में पकौड़े की दुकान पर चटनी को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते सड़क पर लोगों की भीड़ जुट गई और दुकान के आसपास मारपीट का माहौल बन गया।घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में कई लोग एक-दूसरे से भिड़ते दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग सहमे हुए इस पूरे घटनाक्रम को देखते नजर आते हैं।हरी चटनी नहीं मिली तो बिगड़ गई बातNDTV के रिपोर्ट के मुताबिकके मुताबिक, विवाद की शुरुआत कुछ ग्राहकों की नाराजगी से हुई। उन्हें पकौड़ों के साथ हरी चटनी के बजाय मीठी इमली की चटनी परोसी गई थी। चटनी को लेकर हुई कहासुनी ने कुछ ही समय में उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि नाराज लोगों ने दुकानदार से मारपीट शुरू कर दी।दुकानदार के पक्ष में आसपास के कई लोग पहुंच गए। इसके बाद मामला दो पक्षों के बीच भिड़ंत में बदल गया और सड़क पर जमकर हंगामा शुरू हो गया।दुकान का सामान भी बना हथियारवायरल वीडियो में मारपीट का दृश्य काफी उग्र दिखाई देता है। लोग एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाते नजर आते हैं। कुछ के हाथों में बेल्ट और पत्थर दिखाई देते हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति ने पकौड़े बनाने में इस्तेमाल होने वाला बड़ा लोहे का छलना उठाया और उससे दूसरे व्यक्ति पर वार कर दिया।मारपीट के दौरान एक शख्स की शर्ट तक खिंच गई। एक अन्य व्यक्ति पर पत्थर से हमला किए जाने का दृश्य भी वीडियो में नजर आता है। पास खड़ी एक महिला ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन झगड़ रहे लोगों को रोकना आसान नहीं था। पुलिस के मुताबिक, घटना में चार लोग घायल हुए हैं। Hapur, UP .War of pakoda 2026 AD https://t.co/EDTAlPWFdu— ARIKA (@nidhisj2001) September 27, 2026 VIDEO सामने आते ही पुलिस ने शुरू की कार्रवाईवीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद धौलाना थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। सर्किल ऑफिसर मुनीष चंद्र के मुताबिक, देहरा गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट की जानकारी मिली है। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण शुरू कराया है और वीडियो के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक शांति भंग करने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।खचाखच भरे ट्रेन कोच में पेशाब करता पकड़ा गया शख्स, VIDEO वायरल होते ही भड़के लोग
एआईआईबी की बैठक में भाग लेने के लिए वित्त मंत्री सीतारमण कतर पहुंचीं
New Delhi, 28 सितंबर . वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की 11वीं वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए कतर पहुंच गई हैं. यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में Monday को दी गई. दोहा के हमद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कतर में India के राजदूत श्रीकर रेड्डी कोप्पुला ने उनका स्वागत ... Read more
जोधपुर स्थित एयर फोर्स स्टेशन पर रविवार को बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धभ्यास तरंग शक्ति-2026 का ऑपरेशनल फेज चल रहा है। रविवार को एयर मार्शल पीवी शिवानंद ने औपचारिक रूप से अभ्यास का उद्घाटन किया और दल के कमांडरों को आधिकारिक एक्सरसाइज पैच बांटे। दिन का समापन राजस्थानी संस्कृति की एक भव्य प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने वैश्विक सहयोग, भाईचारे और आसमान में सामरिक उत्कृष्टता का मंच तैयार किया।रविवार से युद्धाभ्यास की औपचारिक रूप से शुरुआत हो गई है। आज अमेरिका के साथ कई अन्य देशों के ताकतवर विमान शक्ति प्रदर्शन करेंगे। 12 अक्टूबर तक चलेगा युद्धाभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायु सेना के साथ दुनिया के 7 मित्र देश आसमान में अपनी सामरिक ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बार अभ्यास की मुख्य थीम पावर इन पार्टनरशिप रखी गई है, जिसका उद्देश्य भागीदार देशों के बीच आपसी समन्वय और सैन्य क्षमता को बढ़ाना है। इन देशों की भागीदारी से एक्सरसाइज का दायरा काफी बड़ा हो गया है। इसमें फाइटर एयरक्राफ्ट के साथ मिलिट्री ट्रांसपोर्ट और हवा में फ्यूल भरने वाले एयरक्राफ्ट की क्षमताएं भी एक ही प्लेटफॉर्म पर देखने को मिलेंगी। अलग-अलग एयर फोर्स अपने ऑपरेशनल एक्सपीरियंस भी शेयर करेंगी। दुनिया के शीर्ष लड़ाकू विमान मैदान में रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश हिस्सा ले रहे हैं, यानी भारत समेत कुल आठ देशों की वायु सेनाएं सीधे तौर पर भाग ले रही हैं। इसके अतिरिक्त, 32 से ज्यादा देश इस सैन्य आयोजन में प्रेक्षक (ऑब्जर्वर) के रूप में शामिल हुए हैं। अभ्यास के दौरान F-35 लाइटनिंग II, राफेल, F-16, A400M, C-130J, MRTT और KC-30A जैसे आधुनिक लड़ाकू, मालवाहक और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग विमान विभिन्न हवाई अभियानों को अंजाम दे रहे हैं। सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों का भी आयोजन 2024 के सफल पहले एडिशन के बाद 2026 में जोधपुर एयरबेस पर यह युद्धाभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति और स्थिरता के लिहाज से बेहद अहम है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, एक मंच पर F-35 व राफेल जैसे विमानों का भारतीय वायुसेना के बेड़े के साथ अभ्यास करना दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक भरोसे और भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करता है। इससे विदेशी सैनिकों को भारत के स्वदेशी एयरोस्पेस इकोसिस्टम और सांस्कृतिक धरोहर को समझने का अवसर मिल रहा है। वायुसेना ने मेहमानों और भारतीय जांबाजों के लिए ये कार्यक्रम रखे हैं- डिफेंस एक्सपो व इंडस्ट्री टूर: विदेशी डेलिगेशन को भारत के स्वदेशी एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब का दिखाएंगे। सेखों मैराथन: परमवीर चक्र विजेता निर्मलजीत सिंह सेखों की याद में 4 अक्टूबर को मैराथन आयोजित होगी। हेरिटेज टूर व योगा: राजस्थानी संस्कृति दिखाने हेरिटेज वॉक और फिटनेस के लिए रोजाना योग सत्र का आयोजन भी किया जा रहा है। --- ये खबर भी पढ़ें… भारतीय-वायुसेना के साथ पहली बार युद्धाभ्यास करने पहुंचे अमेरिकी F-35:अमेरिका से 200 जवान आए, ‘तरंग शक्ति’ में 8 देशों के लड़ाकू विमान हुए शामिल जोधपुर में एयरफोर्स का युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ चल रहा है। इसमें दुनिया के खतरनाक लड़ाकू विमान अपनी ताकत दिखा रहे हैं। इस मेगा एयर एक्सरसाइज में पहली बार अमेरिकी वायुसेना का 5वीं जनरेशन का स्टील्थ फाइटर जेट F-35 शामिल हुआ है। (पूरी खबर पढ़ें)
वॉशिंगटन, 28 सितंबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर अमेरिका की ओर से फिर सैन्य हमले की संभावना बनी हुई है. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि संघर्ष जल्द खत्म हो जाएगा और इसके बाद तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी. Sunday को जब फॉक्स न्यूज ने ट्रंप ... Read more
'ईरान पर दोबारा हमला संभव है': ट्रंप ने किया बड़ा इशारा, अराघची बोले- विनाशकारी युद्ध के लिए तैयार
'ईरान पर दोबारा हमला संभव है': ट्रंप ने किया बड़ा इशारा, अराघची बोले- विनाशकारी युद्ध के लिए तैयार donald-trump-iran-war-win-soon-midterm-strikes-possible-abbas-araghchi-says-ready-doomsday-war
होर्मुज खोलने के लिए अपनी शर्तों पर अड़ा ईरान: अमेरिका ने ठुकराया प्रस्ताव; क्या बढ़ेगा युद्ध का खतरा? Iran adamant on its terms for opening Hormuz US rejects proposal will the risk of war escalate
सुरेश अग्रवाल-नरेश सिंघल ग्रुप की एकतरफा जीत, अरविंद को सर्वाधिक वोट
श्री अग्रवाल शिक्षा समिति के चुनाव संपन्न हो गए हैं, जिसमें सुरेश अग्रवाल–नरेश सिंघल ग्रुप के पैनल ने एकतरफा जीत हासिल की। मुख्य चुनाव अधिकारी चानणमल अग्रवाल ने बताया कि कुल 4,500 सदस्यों में से 1,690 ने पारदर्शी मतदान प्रक्रिया में भाग लिया। चुनाव परिणामों में सबसे अधिक 1,530 मत अरविंद अग्रवाल को मिले, जबकि सुरेश अग्रवाल को 1,518 और नरेश सिंघल को 1,454 मत प्राप्त हुए। विरोधी गुट के मदन मोहन मित्तल को 160 और नरसिंह गुप्ता को 100 मत मिले। निर्वाचित सदस्य आगामी एक-दो दिन में मुख्य पदाधिकारियों का चयन करेंगे। जीत के बाद सुरेश अग्रवाल और नरेश सिंघल ने समाज का आभार जताते हुए कहा कि समिति गुणवत्तापूर्ण एकेडमिक और रोजगारोन्मुखी प्रोफेशनल शिक्षा के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। नई कार्यकारिणी ने समिति परिसर में नवनिर्मित अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के शीघ्र उद्घाटन का संकल्प लिया है, जिसमें स्विमिंग पूल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, स्क्वैश और कुश्ती जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा सभी कक्षाओं को एयर-कंडीशनर युक्त व स्मार्ट क्लास में बदलने तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए ‘विशेष शिक्षा सहायता ट्रस्ट’ गठित कर फीस सहायता देने का फैसला किया गया है।
यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार रूस और जर्मनी के विदेश मंत्रियों की हुई मीटिंग, क्या हैं इसके मायने
जर्मनी में AfD के बढ़ते कदमों से अब सरकार रूस के मामले में नरम रुख अपनाने पर बाध्य हो रही है. ये यूक्रेन के लिए खतरे की बात है, क्योंकि जर्मनी यूक्रेन का सबसे बड़ा समर्थक अब तक इस युद्ध में रहा है. अगर उसने भी अपने पैर खींच लिए तो फिर अन्य देश भी पीछे हटने से नहीं चूकेंगे.
'शांति चाहते हैं तो युद्ध के लिए तैयार रहें', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि वह अपनी 'सरकारी नीति के तहत आतंकवाद' जारी रखता है, तो भारत किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
मिडटर्म चुनावों की परवाह नहीं; ईरान का ट्रंप को डबल मैसेज- युद्ध के लिए तैयार लेकिन...
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि तेहरान को अमेरिका के आने वाले मिडटर्म चुनावों की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों पर ध्यान देगा।
मध्य पूर्व (Middle East) की भू-राजनीति में सऊदी अरब और ईरान के बीच की प्रतिद्वंद्विता दशकों से शक्ति संतुलन के केंद्र में रही है। अगर सैन्य खर्च और अत्याधुनिक हथियारों की बात करें, तो सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े रक्षा खरीदारों में शुमार है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब का सालाना सैन्य खर्च 70 से 83 अरब डॉलर के आसपास रहता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान का आधिकारिक रक्षा बजट महज 7 से 8 अरब डॉलर के करीब सीमित है। यानी कागजों पर सऊदी अरब का सैन्य बजट ईरान से लगभग 11 गुना ज्यादा है। इसके बावजूद जब यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध और सीमा पार से होने वाले हमलों की बात आई, तो सऊदी अरब के सामने गंभीर रणनीतिक चुनौतियां खड़ी हो गईं।बजट का विरोधाभास: 83 अरब डॉलर बनाम 7.4 अरब डॉलर का खर्चसऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए मुख्य रूप से पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन से खरीदे गए आधुनिक हथियारों पर निर्भर रहा है। सऊदी वायुसेना के पास F-15SA, यूरोफाइटर टाइफून जैसे उन्नत लड़ाकू विमान और जमीन पर अमेरिकी पैट्रियट (Patriot PAC-3) और थाड (THAAD) मिसाइल डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं।दूसरी ओर, ईरान दशकों से कड़े अमेरिकी व अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, वित्तीय सीमाओं और पुरानी वायुसेना के साथ काम कर रहा है। इस भारी आर्थिक और तकनीकी असमानता के बावजूद युद्ध के मैदान में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के तेल रिफाइनरी प्रतिष्ठानों (जैसे अरामको), हवाई अड्डों और सैन्य अड्डों को सटीक निशाना बनाए जाने ने रक्षा विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या केवल भारी रक्षा बजट से आधुनिक युद्ध जीता जा सकता है।असिमेट्रिक वॉरफेयर: सस्ते ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का घातक जालइस सैन्य असमानता के पीछे सबसे बड़ा कारण 'असिमेट्रिक वॉरफेयर' (Asymmetric Warfare) यानी असममित युद्ध रणनीति है।ईरान का स्वदेशी मॉडल: महंगे पारंपरिक लड़ाकू विमान खरीदने में असमर्थ ईरान ने अपनी पूरी ताकत कम लागत वाली बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और 'कामिकेज़' (आत्मघाती) ड्रोन्स (जैसे शहाब, कुद्स और समद सीरीज) के विकास में झोंक दी।हूतियों को तकनीकी ट्रांसफर: ईरान ने इस तकनीक और पुर्जों को यमन के हूती विद्रोहियों तक पहुंचाया, जिन्होंने स्थानीय वर्कशॉप्स में इन्हें असेंबल कर सऊदी अरब के खिलाफ रणनीतिक हथियार बना लिया।लागत का विनाशकारी खेल: हूती विद्रोही जिस ड्रोन से हमला करते हैं, उसकी निर्माण लागत महज 15,000 से 20,000 डॉलर (लगभग 15 से 20 लाख रुपये) होती है। वहीं, सऊदी अरब को उस एक ड्रोन को हवा में नष्ट करने के लिए अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल दागनी पड़ती है, जिसके एक इंटरसेप्टर रॉकेट की कीमत 30 लाख से 40 लाख डॉलर (लगभग 25 से 35 करोड़ रुपये) होती है।आर्थिक रूप से घाटे का सौदा: 20 हजार डॉलर के ड्रोन को गिराने के लिए 40 लाख डॉलर का हथियार खर्च करना लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में किसी भी देश के खजाने के लिए टिकाऊ नहीं हो सकता।भौगोलिक जटिलता और यमन के बीहड़ पहाड़ों की चुनौतीयमन का भूगोल किसी भी पारंपरिक और आधुनिक सेना के लिए सबसे बड़ा दुस्वप्न माना जाता है।गुरिल्ला रणनीति: हूती विद्रोही यमन के उत्तरी पहाड़ी इलाकों (जैसे सादा और सना) की गुफाओं, संकरी घाटियों और बीहड़ों में छिपे रहते हैं। वे आधुनिक सेना की तरह किसी बैरक या छावनी में नहीं रहते, बल्कि छोटे-छोटे दस्तों में बंटकर मोबाइल लॉन्चर्स से मिसाइल दागते हैं और तुरंत गायब हो जाते हैं।हाई-टेक हथियारों की सीमाएं: अरबों डॉलर के स्टील्थ फाइटर जेट्स और सैटेलाइट गाइडेड मिसाइलें उन लक्ष्यों पर बहुत कम प्रभावी होती हैं जो ठोस चट्टानों और गहरी गुफाओं के भीतर छिपे हों। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हजारों हवाई हमले किए, लेकिन वे हूतियों की मिसाइल लॉन्चिंग क्षमता को पूरी तरह समाप्त नहीं कर पाए।आर्थिक बुनियादी ढांचे की संवेदनशीलता और तेल बाजार का दबावसऊदी अरब की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार उसका तेल उद्योग और बुनियादी ढांचा है। देश के विजन 2030 के तहत रियाद अंतरराष्ट्रीय निवेश, पर्यटन और बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स (जैसे नियोम सिटी) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।सऊदी के पास खोने के लिए बहुत कुछ: सऊदी अरब जैसे संपन्न देश में यदि एक भी ड्रोन किसी रिफाइनरी या एयरपोर्ट पर गिरता है, तो वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच जाता है। 2019 में सऊदी अरामको के अबकैक (Abqaiq) और खुरैस संयंत्रों पर हुए ड्रोन-मिसाइल हमलों ने दुनिया की 5 प्रतिशत तेल आपूर्ति को एक झटके में रोक दिया था।हूतियों के पास खोने के लिए कुछ नहीं: युद्धग्रस्त और मानवीय संकट से जूझ रहे यमन में हूतियों के पास ऐसा कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक संपत्ति नहीं थी जिसके नष्ट होने का उन्हें डर हो। इस मनोवैज्ञानिक और आर्थिक लाभ ने हूतियों के हाथ में बढ़त बनाए रखी।प्रॉक्सी वॉर और डायरेक्ट टकराव से बचने की ईरानी कूटनीतिईरान ने इस पूरे संघर्ष में 'एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस' (Axis of Resistance) के जरिए प्रॉक्सी रणनीति को अपनाया। ईरान ने कभी भी सऊदी अरब से सीधा युद्ध नहीं लड़ा, जिससे वह पश्चिमी प्रतिबंधों और सीधे सैन्य जवाबी हमले के जोखिम से बचता रहा।यमन के हूतियों, लेबनान के हिजबुल्लाह और इराक-सीरिया के मिलिशिया समूहों को हथियार, प्रशिक्षण और खुफिया जानकारी देकर तेहरान ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को उनके ही घर की सीमाओं पर घेर कर रखा। सऊदी अरब को अपनी 1,400 किलोमीटर लंबी दक्षिणी सीमा की रक्षा के लिए अरबों डॉलर की सेना और एयर डिफेंस तैनात रखने पड़े, जबकि ईरान को इस पूरे ऑपरेशन के लिए अपने वार्षिक बजट का एक बहुत छोटा हिस्सा ही खर्च करना पड़ा।सामरिक सीख: तकनीक से बड़ा सबक बना आधुनिक युद्ध का यह टकरावयमन संघर्ष और हूती हमलों ने वैश्विक सैन्य विश्लेषकों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि 21वीं सदी के युद्ध केवल सबसे महंगे फाइटर जेट्स, टैंक और विशाल रक्षा बजट से नहीं जीते जा सकते। सस्ते मानवरहित ड्रोन (UAV), हाइपरसोनिक व क्रूज मिसाइलों के स्वदेशी भंडार और असममित रणनीतियों ने आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की कमजोरियों को उजागर किया है। यही वजह रही कि सऊदी अरब ने अंततः सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक रास्तों, संघर्ष विराम और क्षेत्रीय स्थिरता के विकल्पों को प्राथमिकता देना शुरू किया।
‘मिरेकल एट हाइफा: द मास्टर एंड द महाराजास’ पुस्तक पर चर्चा जयपुर। “हाइफा का युद्ध भारतीय सेना के लिए एक आत्मघाती मिशन था, उसके बावजूद यह एक गौरवशाली विजय में बदल गया,” यह बात मेजर चंद्रकांत सिंह ने रविवार को अशोक क्लब जयपुर में आयोजित पुस्तक चर्चा के दौरान कही। कार्यक्रम प्रभा खेतान फाउंडेशन की […] The post सैन्य इतिहास की ऐतिहासिक घटना, कार्मल पर्वत पर तीन सौं सैनिकों ने तलवारों व भालों से तोपों वाली तुर्की सेना के छुड़ा दिए थे छक्के- मेजर चंद्रकांत सिंह first appeared on Sanjeevni Today .
ईरानी सेना प्रमुख बोले- अभी खत्म नहीं हुआ युद्ध, दुश्मन प्रहार के लिए रहे तैयार
ईरानी सेना प्रमुख बोले- अभी खत्म नहीं हुआ युद्ध, दुश्मन प्रहार के लिए रहे तैयार
Middle East में तनाव बढ़ने से Global Oil Supply पर असर, Crude Oil की कीमतों में बड़ा उछाल
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के साथ कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल आया है। यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर नए हमलों की खबर के बाद गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 3% से ज्यादा बढ़ गई। इन हमलों में सरकारी ऊर्जा कंपनी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा भी किया गया है। इससे पहले से दबाव झेल रही वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ गई है। ब्रेंट कच्चा तेल, जिसे दुनिया में तेल की कीमतों का प्रमुख पैमाना माना जाता है, गुरुवार को कारोबार के दौरान 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया था। बाद में नवंबर के लिए ब्रेंट वायदा 106.50 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुआ। मौजूद जानकारी के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक संवेदनशील ठिकाने और लाल सागर के किनारे बसे यानबू शहर में अरामको की सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। हूती समूह के मुताबिक, दोनों हमलों ने अपने लक्ष्य हासिल किए हैं। यह दावा हूती समूह द्वारा संचालित यमन समाचार एजेंसी में जारी बयान में किया गया है। वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन बलों ने कहा कि उन्होंने हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब की तरफ दागी गई 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया है। सऊदी अधिकारियों ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि इन हमलों से किसी तरह का नुकसान हुआ है या कोई व्यक्ति हताहत हुआ है। अरामको की ओर से भी सामान्य कामकाजी समय के बाहर इस मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। गौरतलब है कि अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल है जो वैश्विक तेल मांग का करीब 10% हिस्सा को पूरी करती है। ऐसे में उसकी तेल सुविधाओं या आपूर्ति मार्गों पर किसी भी तरह का बड़ा हमला बाजार में चिंता बढ़ा सकता है। तेल कारोबार में यह डर रहता है कि किसी प्रमुख उत्पादक देश के ठिकानों पर हमला होने से उत्पादन या आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। मध्य पूर्व में ताजा तनाव ऐसे समय बढ़ा है, जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें फिर शुरू हुई हैं। दोनों देशों के बीच बातचीत संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने गुरुवार को उम्मीद जताई कि अमेरिका युद्ध खत्म करने से जुड़े पहले के समझौता ज्ञापन पर फिर लौटेगा। यह मेमोरेडम ऑफ अंडरस्टैडिंग अगस्त के मध्य में बिना किसी शांति समझौते के खत्म हो गया था। पेजेशकियन ने नवंबर में होने वाले अमेरिका के मध्यावधि चुनाव से पहले इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई है। सिंगापुर की स्पार्टा कमोडिटीज की सीनियर विश्लेषक जून गोह ने भी कहा कि ईरान से जुड़ा युद्ध जारी रहने तक तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने की संभावना है। उनके मुताबिक, स्थिति का साफ समाधान नहीं निकलने से दुनिया के कई हिस्सों में तेल भंडार और उपलब्ध आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ रहा है। बता दें कि तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर सिर्फ ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहता है। कच्चा तेल महंगा होने पर परिवहन, उत्पादन और कई जरूरी सामान की लागत बढ़ सकती है। ऐसे में मध्य पूर्व में जारी तनाव और आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा पर दुनिया भर के बाजारों की नजर बनी हुई हैं।
राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ शुरू हो गया है। इस बार अभ्यास में अमेरिका का पांचवीं पीढ़ी का F-35A स्टील्थ फाइटर जेट खास आकर्षण है। F-35 पहली बार भारत की जमीन पर किसी सैन्य अभ्यास में भारतीय वायुसेना के साथ शामिल हो रहा है। अमेरिका के छह […] The post पहली बार भारतीय वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास करेगा अमेरिकी F-35, 200 जवान भी पहुंचे; ‘तरंग शक्ति’ में 8 देशों की भागीदारी first appeared on Sanjeevni Today .
सहारनपुर पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर एक लाख रुपये की ठगी के मामले में आरोपी फरीद को गिरफ्तार किया है। फरीद ने युवक अजमल खान को सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी और वीजा दिलाने का झांसा दिया था। अजमल से रकम लेने के बाद उसे फर्जी एयर टिकट थमा दिया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर कर्मचारियों ने टिकट को फर्जी बताकर यात्रा से इनकार कर दिया। अजमल पहले सऊदी अरब में काम कर चुका था और दोबारा नौकरी तलाश रहा था। टपरी निवासी ताजिम ने उसे फरीद से मिलवाया था। अजमल ने 22 अगस्त 2024 को फरीद और ताजिम को एक लाख रुपये नकद दिए। वीजा नहीं मिलने पर फरीद ने 20 जून 2025 की यात्रा का फर्जी टिकट वॉट्सऐप पर भेजा। एयरपोर्ट पर टिकट फर्जी निकलने के बाद अजमल ने फरीद से पैसे और दस्तावेज मांगे। फरीद ने उसे धमकाया। अजमल की शिकायत पर 24 सितंबर 2025 को गागलहेड़ी थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने रविवार को मुखबिर की सूचना पर फरीद को टपरी गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मामले में ताजिम समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट के समक्ष पेश किया जा रहा है।
सऊदी अरब में भारतीय कंपनी के बूथ पर नस्लीय टिप्पणियां, वीडियो वायरल
सऊदी अरब में भारतीय कंपनी के बूथ पर नस्लीय टिप्पणियां, वीडियो वायरल
वैश्विक अस्थिरता और युद्ध के खतरों के बीच भारत समुद्री बीमा पूल (BMIP) भारतीय समुद्री व्यापार के लिए एक ढाल बन गया है। इसने भारतीय पक्षकारों के लिए निर्बाध युद्ध-जोखिम बीमा सुनिश्चित किया है और प्रीमियम में 35-40% की कमी लाई है।
New Delhi, 27 सितंबर . वैश्विक अस्थिरता और युद्ध से समुद्री व्यापार को बढ़ते जोखिमों के बीच India समुद्री बीमा पूल (बीएमआईपी) निर्णायक साबित हुआ है. इसने भारतीय समुद्री पक्षकारों के लिए निर्बाध युद्ध-जोखिम बीमा सुनिश्चित किया है. वहीं, पश्चिम एशिया में टकराव के बाद से युद्ध-जोखिम बीमा प्रीमियम में लगभग 35 से 40 प्रतिशत ... Read more
अमेरिका-ईरान युद्ध- अगले हफ्ते तय होगी शेयर बाजार की चाल
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। इस दौरान कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान युद्ध अपडेट और घरेलू आर्थिक आंकड़े जैसे ऑटो सेल्स, राजकोषीय घाटा, पीएमआई और इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन बाजार की चाल निर्धारित करेंगे।
मार्केट आउटलुक: कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान युद्ध और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से अगले हफ्ते तय होगी शेयर बाजार की चाल
सऊदी अरब ने यमन के पुल पर बरसाए बम, देखें दुनिया आजतक
यमन में सऊदी अरब ने फिर हवाई हमला किया. इब्ब प्रांत में अल-दलील पुल बुरी तरह तबाह हो गए. हमले के बाद सऊदी अरब, हूती के ठिकानों पर लगातार हवाई हमले कर रहे हैं. देखें दुनिया आजतक.
युद्ध का स्वरूप बदल रहा है, हमारी सोच को भी लगातार बदलना होगाः सेना प्रमुख
New Delhi, 27 सितंबर . रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का अर्थ केवल देश में हथियार और सैन्य उपकरण बनाना नहीं है. India के पास ऐसी क्षमता होनी चाहिए जिससे वह लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में अपनी सैन्य ताकत को बनाए रख सके. Sunday को यह बात थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने कही. ... Read more
2017 में स्टार प्लस पर एक सीरियल आया था, जिसकी खूब चर्चा हुई थी क्योंकि एक बॉलीवुड हीरो ने टीवी पर डेब्यू किया था. वहीं यह तुर्की सीरियल का रीमेक था. लेकिन इसके साथ सीरियल के चर्चा होने का एक और कारण था और वो है सीरियल की कहानी, जिसमें एक 60 साल के हीरो से 38 साल की हीरोइन को प्यार हो जाता है
नरसिंहपुर जिले के मुड़िया गांव में शनिवार को 160 साल से ज्यादा पुरानी कंस वध की परंपरा निभाई गई। दशहरे पर रावण दहन की तरह होने वाला यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। कृष्ण और कंस के दल आमने-सामने आए तो पूरा इलाका जयकारों से गूंज उठा। महामारी से मुक्ति के लिए शुरू हुई थी परंपरा आयोजन से जुड़े डॉ. विवेक सक्सेना और मनीष पटेल ने बताया कि करीब 160 साल पहले गांव में महामारी फैली थी। इससे मुक्ति के लिए ग्रामीणों ने कंस वध की परंपरा शुरू की थी। ग्रामीणों की मान्यता है कि इसके बाद से गांव में कोई बड़ी आपदा नहीं आई। मिट्टी से बनाई कंस की बड़ी मूर्ति परंपरा के अनुसार ग्रामीणों ने मिट्टी से कंस की बड़ी मूर्ति तैयार की। इसके मुकुट पर कांस की कलगी लगाई गई थी। आयोजन के दौरान गांव के लोग कृष्ण और कंस के दो दलों में बंट गए। इसके बाद दोनों दलों के बीच सांकेतिक युद्ध शुरू हुआ। 2 से 3 घंटे चला सांकेतिक युद्ध कृष्ण और कंस के दलों के बीच करीब 2 से 3 घंटे तक सांकेतिक युद्ध चलता रहा। आखिर में कृष्ण के स्वरूप ने कंस के मुकुट से कांस की कलगी उखाड़कर उसका सांकेतिक वध किया। इसके साथ ही कृष्ण दल की जीत हुई और ग्रामीणों ने जश्न मनाया।
सऊदी अरब बनाएगा परमाणु हथियार?: क्या ट्रंप भी कर रहे मदद, अमेरिका में क्यों बढ़ी चिंता, खुफिया आकलन में खुलासा
जोधपुर में एयरफोर्स का युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ चल रहा है। इसमें दुनिया के खतरनाक लड़ाकू विमान अपनी ताकत दिखा रहे हैं। इस मेगा एयर एक्सरसाइज में पहली बार अमेरिकी वायुसेना का 5वीं जनरेशन का स्टील्थ फाइटर जेट F-35 शामिल हुआ है। 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर चलने वाले युद्धाभ्यास में भारत समेत 8 देशों की वायुसेना के जवान हिस्सा ले रहे हैं। ये वायुसेना आसमान में अपनी ताकत और सामरिक तालमेल का प्रदर्शन कर रही हैं। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी जोधपुर पहुंचे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट शेयर कर युद्धाभ्यास में अमेरिकी वायुसेना की भागीदारी को लेकर खुशी जाहिर की है। अमेरिकी राजदूत ने बताया कि अमेरिका के 6 अत्याधुनिक F-35 लाइटनिंग फाइटर जेट और 200 से ज्यादा अमेरिकी एयरसैनिक पहली बार इस अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए जोधपुर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि मैं अमेरिका के इन 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स को भारतीय वायुसेना और अन्य सहभागी देशों के विमानों के साथ आसमान में उड़ान भरते देखने को लेकर उत्साहित हूं। देखिए, तरंग शक्ति-2026 के PHOTOS… हवाई युद्ध तकनीकों का अभ्यास इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना के सुखोई-30MKI, राफेल, तेजस और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और यूएई सहित 8 देशों के लड़ाकू विमान, AWACS (एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) और रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट भी युद्धाभ्यास में शामिल हैं। अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमान एक साथ उड़ान भरकर रणनीतिक तालमेल और हवाई युद्ध की बारीकियों को साझा कर रहे हैं। भारतीय और विदेशी पायलट जटिल हवाई युद्ध तकनीक, नाइट-फ्लाइंग ऑपरेशन और संयुक्त युद्ध रणनीतियों का अभ्यास कर रहे हैं। इसके जरिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। … ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर में तैनात दुनिया के शक्तिशाली लड़ाकू विमान:युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ शुरू; 8 देशों के 3 हजार से ज्यादा एयर वॉरियर्स हो रहे शामिल जोधपुर के आसमान में दुनिया के खतरनाक लड़ाकू विमान उड़ान भरेंगे। युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ शनिवार से शुरू हो गया। 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर चलने वाले युद्धाभ्यास में भारत समेत 8 देशों की वायु सेनाओं के जवान हिस्सा ले रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
जर्मनी की किस सलाह पर भड़का रूस?: द्वितीय विश्व युद्ध की भी दिलाई याद, दोनों देशों के बीच तनाव क्यों बढ़ा?
संयुक्त राष्ट्र (न्यूयॉर्क)। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक मंच से दुनिया के मौजूदा संकटों और युद्धों पर गहरी चिंता व्यक्त की। जयशंकर ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि युद्ध और भू-राजनीतिक टकरावों से कोसों दूर रहने वाले विकासशील और गरीब देशों को उन लड़ाइयों की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है, जिन्हें शुरू करने या खत्म करने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को जमीनी वास्तविकताओं का सामना करने की नसीहत देते हुए कहा कि आज की दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों की आवाज ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सबसे कम सुनी जाती है।जयशंकर ने अपने संबोधन में रूस-यूक्रेन युद्ध, खाड़ी और पश्चिम एशिया के तनाव, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों और उससे वैश्विक खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहे घातक प्रभावों का विस्तार से उल्लेख किया।'जिनका युद्ध से वास्ता नहीं, वे भुगत रहे हर्जाना'संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विश्व भर के नेताओं को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा:आज जो देश संघर्षों के भौगोलिक क्षेत्रों से बहुत दूर हैं, उन्हें बिना किसी गलती के दंडित किया जा रहा है। जो देश इन युद्धों के कारण सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अक्सर उन्हीं की राय को सबसे कम तवज्जो दी जाती है। इस महासभा को दुनिया की इस सच्ची और कड़वी स्थिति का सामना करना ही होगा।उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था (Globalised Economy) में जब युद्ध छिड़ता है, तो उसकी तरंगें पूरी दुनिया में फैलती हैं। विकासशील देशों (Global South) के लिए महंगाई, ईंधन की आसमान छूती कीमतें, उर्वरक संकट और खाद्यान्न असुरक्षा जीवन-मरण का प्रश्न बन चुकी हैं।यूक्रेन युद्ध और खाड़ी संकट: 'अंतहीन युद्ध अब खत्म होने चाहिए'विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए दोहराया कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकते:यूक्रेन संघर्ष: जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन युद्ध अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने दोहराया कि अंतहीन युद्धों का दौर अब समाप्त होना चाहिए और शांति के लिए कूटनीति व बातचीत का रास्ता अपनाना अनिवार्य है।व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हमले अस्वीकार्य: खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) और लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Ships) और नाविकों पर हो रहे हमलों को जयशंकर ने पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा और व्यापार के निर्बाध प्रवाह को बाधित करना पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना है। भारत ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय नाविकों की सुरक्षा के लिए 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' पहल की भी शुरुआत की है।पश्चिम एशिया और द्वि-राष्ट्र समाधान: पश्चिम एशिया में जारी हिंसा पर बोलते हुए उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा की अपील की और दोहराया कि इस क्षेत्र में स्थायी शांति केवल एक व्यावहारिक 'द्वि-राष्ट्र समाधान' (Two-State Solution) के माध्यम से ही संभव हो सकती है।'कगार पर खड़ी है दुनिया, शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं'जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र को आगाह करते हुए कहा कि यदि दुनिया लगातार धमकियों, प्रतिबंधों और दबावों के साए में जीती रहेगी, तो हम सचमुच एक गहरे गर्त (Abyss) के मुहाने पर खड़े हैं।उन्होंने कहा कि वास्तविक शांति केवल युद्ध न होने का नाम नहीं है, बल्कि इसके लिए अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में स्थिरता, सुरक्षा और पूर्वानुमान (Predictability) होना जरूरी है। भारत खाद्य, अनाज और ऊर्जा सुरक्षा को बहाल करने के लिए हर संभव मानवीय और कूटनीतिक सहायता देने को तैयार है।
जानना जरूरी है: जरासंध से युद्ध में कृष्ण ने क्यों छोड़ा रण? महाभारत काल में भीम ने किया था वध, जानिए कथा
एक नई दुनिया बन रही है: विश्वयुद्ध होना तय नहीं, हथियारों से लैस ताकतों के बीच विनाशकारी टकराव का खतरा करीब
टारगेट किलिंग के लिए तुर्की मेड पिस्तौलें मंगवाई गई थीं
भास्कर न्यूज | अमृतसर सीआईए स्टाफ ने विदेश में बैठे गैंगस्टरों के इशारे पर पंजाब को दहलाने और बड़े चेहरों को निशाना बनाकर टारगेट किलिंग करने की बड़ी साजिश को बेनकाब किया है। पुलिस ने तुर्की मेड पिस्तौल और जगाना पिस्तौल के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अदालत ने तीनों को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। 25 सितंबर की रात सीआईए पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि लोहगढ़ निवासी क्रिस गोल्ड उर्फ क्रिस रेलवे स्टेशन के पीछे सुनसान क्वार्टरों के पास हथियारों की डिलीवरी देने आया है। पुलिस ने रात 9:50 बजे घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। उसके पास से 2 विदेशी पिस्तौल बरामद हुए। पूछताछ में क्रिस ने कबूला कि हथियार उसे कटड़ा दूलो निवासी कुणाल मेहता ने आगे पहुंचाने के लिए दिए थे। इसके आधार पर पुलिस ने रात 11:05 बजे कुणाल को भी दबोच लिया। 26 सितंबर को साजिश में शामिल तीसरे साथी रोबिन को मजीठा रोड स्थित कंपनी बाग के पास से गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की उम्र 20 से 22 साल के बीच है। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़ी आगे और बड़ी बरामदगी होने की संभावना है।
चुनाव के दौरान किए संकल्पों में अधिकतर पूरे किए : मिड्ढा
Fulfilled most of the pledges made during the election: Middha
Panchkula News: 70 फीट हवा में होगा राम-रावण का महायुद्ध, नीचे उमड़ेगी भीड़ और ऊपर चलेगा युद्ध
70 फीट हवा में होगा राम-रावण का महायुद्ध, नीचेउमड़ेगीभीड़और ऊपर चलेगा युद्ध
हुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 शनिवार से राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर शुरू हुआ है। 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में भारत सहित नौ देशों की वायुसेना के तीन हजार जवान हिस्सा ले रहे हैं।
UNGA81: सिन्धु नदी के बहाव को मोड़ने की कोशिश, युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी - पाकिस्तान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है सिन्धु नदी जलक्षेत्र में भारत द्वारा पाकिस्तान के हिस्से को रोकने, उसे बाधित करने या बहाव मोड़ने के किसी भी प्रयास को युद्ध की कार्रवाई के तौर पर देखा जाएगा.
UNGA81: दूसरे विश्व युद्ध के बाद स्थापित व्यवस्था की रक्षा करनी होगी - चीन
चीन के उपराष्ट्रपति हान ज़ेंग ने यूएन महासभा के 81वें सत्र के दौरान अपने सम्बोधन में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित हुई अन्तरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि भूराजनैतिक टकरावों, गहराती विकास खाइयों और वैश्विक चुनौतियों की पृष्ठभूमि में, बहुपक्षवाद पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है.
New Delhi, 26 सितंबर . भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की मेजबानी में बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ का दूसरा संस्करण 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक Rajasthan के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है. इसी क्रम में अमेरिकी वायु शक्ति जोधपुर पहुंच चुकी है. यह जानकारी India में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ... Read more
राजस्थान के जोधपुर में 'तरंग शक्ति 2026' युद्धाभ्यास शुरू, अमेरिकी वायु शक्ति पहुंची जोधपुर: सर्जियो गोर
'दूर-दराज़ के देशों को युद्ध की सज़ा मिल रही है', UNGA में आतंकवाद पर क्या बोले एस जयशंकर
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि युद्ध वाले इलाकों से दूर स्थित देशों को भी इनके नतीजों का सामना करना पड़ रहा है।
Houthis Attacks Saudi Arabia: Riyad पर Ansarallah का जोरदार हमला, दाग दी बैलिस्टिक मिसाइल | MBS
Houthis Attacks Saudi Arabia: Riyad पर Ansarallah का जोरदार हमला, दाग दी बैलिस्टिक मिसाइल | MBS सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है।
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia को इस बार Iran नहीं रोकेगा,वजह जानिए | Saiyed Zegham Murtaza
सऊदी पर हावी अंसारुल्लाह को इस बार ईरान शायद ही रोके...क्यों कि वो अब रुकेंगे भी नहीं...हां अंसारुल्लाह ईरान का लिहाज जरुर करते हैं...लेकिन सऊदी को बुरी तरह पीटने के पीछे उनकी अपनी वजह भी है..जो बेहद गहरी हैं..समझिए...
हूती के हमलों से संकट में सऊदी अरब, तेल रिफाइनरियों को बनाया निशाना
सऊदी अरब इस समय यमन के हुती विद्रोहियों के लगातार हमलों से बेहद परेशान है. हुती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की तेल रिफाइनरियों और महत्वपूर्ण पाइपलाइनों को निशाना बनाया है. हाल ही में मदीना के पास ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर हुए हमले के कारण तेल की बड़ी आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे दुनिया भर में तेल का संकट गहराने की आशंका है. इन हमलों से निपटने के लिए सऊदी अरब ने पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों के साथ सैन्य रणनीतियों पर चर्चा शुरू कर दी है.
तेहरान, 26 सितंबर . ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि नाटो महासचिव मार्क रुटे के बयान ने साफ कर दिया है कि यूरोप ने अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के खिलाफ युद्ध में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है. उन्होंने ईयू और नाटो देशों की जवाबदेही तय करने और रुटे की ... Read more
अमेरिकी प्रतिबंध से मुश्किलें बढ़ीं, इराक ने मानवीय आधार पर मांगी रियायत
बगदाद, 26 सितंबर . इराक Government ने Saturday को जारी आधिकारिक बयान में कहा कि वह अमेरिकी प्रतिबंधों से कुछ हवाईअड्डों को छूट दिलाने के लिए वाशिंगटन से सीधी बातचीत कर रही है, ताकि ईरान के साथ फ्लाइट्स फिर से शुरू हो सकें. इराक के Prime Minister अली अल-जैदी के मीडिया कार्यालय ने कहा कि ... Read more
UN में शहबाज शरीफ की भारत को चेतावनी, वीडियो में बोले- सिंधु का पानी रोका तो इसे युद्ध की कार्रवाई मानेंगे
सऊदी अरब ने परमाणु बम का विकल्प खुला रखा? वीडियो में जाने अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट से बढ़ी हलचल
सऊदी अरब ने परमाणु बम का विकल्प खुला रखा? वीडियो में जाने अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट से बढ़ी हलचल
बीकानेर के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में US और इंडियन आर्मी के बीच ‘युद्ध अभ्यास-2026’ चल रहा है। इसमें नई टैक्नोलोजी, ड्रोन और दुश्मन के ठिकाने पर सटीक प्रहार की क्षमताओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। अभ्यास के दौरान SkyStriker लोइटरिंग म्यूनिशन ने महाजन रेंज में निर्धारित लक्ष्य पर सटीक प्रहार कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। SkyStriker ने वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में पहले टारगेट का पता लगाया। उसे एंगेज कर निशाना बनाया। SkyStriker कैसे काम करता है? लॉन्च — इसे जमीन से लॉन्च किया जाता है। उड़ान और निगरानी — यह लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर उड़ते हुए निर्धारित क्षेत्र में निगरानी कर सकता है। लक्ष्य की पहचान — ऑपरेटर/सिस्टम लक्ष्य को निर्धारित करता है। सटीक हमला — SkyStriker लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ता है और वारहेड के जरिए प्रहार करता है। एकतरफा मिशन — हमला करने के बाद सिस्टम वापस नहीं लौटता। इसकी खासियत क्या है? ये मानवरहित प्रणाली है, इससे दुश्मन के ठिकाने पर सटीक लक्ष्य भेजा जा सकता है। लक्ष्य क्षेत्र में कुछ समय तक मंडराने की क्षमता है। पारंपरिक हथियारों की तुलना में लक्ष्य के बेहद करीब जाकर हमला करने की क्षमता है। युद्ध अभ्यास-2026 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पर इसका प्रदर्शन इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भारतीय सेना के अभ्यास में आधुनिक मानवरहित और सटीक प्रहार वाली तकनीक के इस्तेमाल को प्रदर्शित किया गया। ड्रोन और ऑटोनॉमस सिस्टम पर खास फोकस इस वर्ष के युद्ध अभ्यास में तकनीक को खास महत्व दिया गया है। महाजन रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों के प्रदर्शन के साथ ड्रोन और ऑटोनॉमस सिस्टम के जरिए निगरानी, लक्ष्य पहचान और युद्धक्षेत्र में प्रतिक्रिया की क्षमताओं का अभ्यास किया जा रहा है। युद्ध अभ्यास-2026 भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास का 22वां संस्करण है। इसकी शुरुआत 15 सितंबर को हुई थी और अभ्यास उत्तराखंड के औली और राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एक साथ चल रहा है। दोनों देशों के करीब 600-600 सैन्यकर्मी इसमें भाग ले रहे हैं। अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, संयुक्त योजना और कई परिस्थितियों में समन्वित सैन्य अभियानों की क्षमता को मजबूत करना है। महाजन में चल रही गतिविधियों में आर्टिलरी फायरिंग से लेकर रॉकेट सिस्टम, अटैक हेलीकॉप्टर, एयर डिफेंस और ड्रोन-विरोधी प्रणालियों तक का संयुक्त इस्तेमाल दिखाई दे रहा है। SkyStriker का सटीक प्रहार इसी तकनीक-केंद्रित प्रशिक्षण का एक प्रमुख प्रदर्शन रहा। ये खबर भी पढ़े… अमेरिकी-राजदूत के सामने स्वदेशी पिनाका ने उड़ाए दुश्मन के ठिकाने:बीकानेर में 'युद्ध अभ्यास' में दोनों देशों के जवानों से मिले, बोले- यह हमारी हाइटेक तैयारी बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत-अमेरिकी सेना के संयुक्त ‘युद्ध अभ्यास-2026’ चल रहा है। इसे देखने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर भी पहुंचे। पढ़े पूरी खबर…
Houthis Attack On Saudi: सऊदी को हूतियों से बचाने के लिए Islamic NATO आया साथ | Pakistan | Turkey
यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की की सैन्य साझेदारी अब चर्चा में है। रियाद में तीनों देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की बैठक में खुफिया जानकारी साझा करने, सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर चर्चा हुई, सऊदी की सुरक्षा, सऊदी एयर डिफेंस,
Vladimir Putin: यूरोप के साथ युद्ध पर पुतिन का बड़ा ऐलान, यूक्रेन से शांति वार्ता पर कही ये बात
Russia Europe Conflict & Ukraine Peace Talks: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप के साथ किसी भी तरह के सैन्य टकराव की आशंकाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। नाटो के कुछ यूरोपीय सदस्य देशों द्वारा रूस के हमले की चेतावनी दिए जाने के बाद पुतिन ने दोटूक कहा कि मॉस्को की यूरोपीय देशों से दुश्मनी बढ़ाने की कोई 'मंशा' नहीं है और रूस यूरोप के साथ किसी भी तरह के युद्ध की तैयारी नहीं कर रहा है।सेंट पीटरसबर्ग में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने यूरोप की सैन्य तैयारियों और यूक्रेन के साथ रुकी हुई शांति वार्ता की संभावनाओं पर खुलकर बात की।'यूरोप से किसी टकराव की तैयारी नहीं'- पुतिनयूरोपीय देशों द्वारा रूस से भावी हमले के दावों पर सवाल उठाते हुए पुतिन ने कहा, 'यूरोप में कई लोग यह बात कर रहे हैं कि उन्हें रूस से हमले की आशंका है, इसलिए उनका मानना है कि उन्हें खुद युद्ध की तैयारी करनी चाहिए। मैं एक बार फिर जोर देकर कहना चाहता हूं कि हम यूरोप के साथ किसी भी तरह के संघर्ष की तैयारी नहीं कर रहे हैं।'पुतिन ने नाटो के उन दावों की तीखी आलोचना की जिनमें कहा जा रहा है कि मॉस्को व्यापक संघर्ष की पृष्ठभूमि तैयार कर रहा है।यूरोप में बढ़ता तनाव और नाटो के आरोपपुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई यूरोपीय देशों ने रूस की ओर से संभावित तोड़फोड़, ड्रोन गतिविधियों और अन्य सीक्रेट हाइब्रिड ऑपरेशन्स पर गहरी चिंता जताई है।हाल ही में जर्मनी ने मॉस्को पर लेइपज़िग एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले की योजना बनाने का आरोप लगाया था। वहीं, पोलैंड ने भी चेतावनी दी थी कि रूस यूक्रेन का समर्थन करने वाले देशों पर मिसाइलें और ड्रोन दाग सकता है।वैसे क्रैमलिन ने बार-बार दोहराया है कि वह नाटो देशों के साथ सीधे टकराव की ओर नहीं बढ़ रहा है और उसने यूरोपीय संघ या नाटो सदस्यों में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ में अपनी संलिप्तता से साफ इनकार किया है।यूक्रेन के साथ शांति वार्ता की टेबल पर वापसी संभव, लेकिन...यूक्रेन के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू करने के सवाल पर राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि वार्ता के प्रस्ताव अब भी टेबल पर मौजूद हैं, लेकिन रूस अपने अगले कदम सोच-समझकर उठाएगा। पुतिन ने संकेत दिया कि हाल ही में रूसी क्षेत्र में हुए यूक्रेनी हमलों के बाद मॉस्को अपनी रणनीति और स्थिति पर विचार कर रहा है।पुतिन ने कहा, फिर से बातचीत शुरू करने के प्रस्ताव टेबल पर हैं और यह बिल्कुल संभव है लेकिन यूक्रेन द्वारा की गई हालिया हरकतों के बाद, हम अपने अगले कदमों पर गहराई से विचार करेंगे।'
Iran US War: Trump ने ठुकराई ईरान की शर्त, Pezeshkian बोले- युद्ध में जोरदार जवाब देंगे | Pezeshkian
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने 7 दिन का एक प्रस्ताव रखा था। इसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और परमाणु बातचीत दोबारा शुरू करने की बात कही गई थी। बदले में ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, तेल प्रतिबंधों में राहत और लेबनान को शामिल करते हुए युद्धविराम की मांग रखी थी
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की क्या 'मक्का समझौते' के तहत करेंगे कार्रवाई? - BBC
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सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की क्या 'मक्का समझौते' के तहत करेंगे कार्रवाई?
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले बढ़ने के बाद पाकिस्तान और तुर्की उसकी किस तरह मदद करेंगे?
इथियोपिया: चार साल शांत रहने के बाद टिग्रे में बवाल, गृहयुद्ध का खतरा
अदीस अबाबा, 26 सितंबर . यूएन ने इथियोपिया के बिगड़ते हालात पर चिंता जताई है. प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि यूएन “ड्रोन इस्तेमाल और आम नागरिकों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सुनने में आ रही है जिससे यूएन बहुत चिंतित है” और उन्होंने सभी पक्षों से फिर से अपील की कि वे “अधिकतम संयम ... Read more
ट्रंप : युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकराया
वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिन के युद्धविराम के प्रस्ताव को खारिज करते हुए नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद तेहरान पर फिर से बमबारी शुरू करने की बात कही।
मक्का रक्षा समझौता: रियाद में बैठक की नौटंकी, सऊदी अरब की मदद के लिए सिर्फ कसमें ही खा रहे पाकिस्तान-तुर्किये saudi-arabia-pakistan-turkiye-makkah-defence-alliance-houthi-attacks-no-action-just-talks
यूएनजीए में कश्मीर राग अलापने वाले तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन को भारत का दो टूक और करारा जवाब
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्चस्तरीय वार्षिक सत्र के दौरान दुनिया ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कूटनीतिक दांव-पेच और तीखे बयानों का एक नया दौर देखा, जब तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तय्यप एर्दोगन ने अपने संबोधन में एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा। हमेशा की तरह इस बार भी तुर्की के राष्ट्रपति ने अपने भाषण में भारत के आंतरिक मामलों में दखل देने की कोशिश की और कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उछालने का असफल प्रयास किया। हालांकि, इस नापाक हरकत का भारत ने अपनी स्थापित कूटनीतिक परंपरा के अनुरूप बेहद कड़ा, स्पष्ट और करारा जवाब दिया। भारतीय राजनयिकों ने यूएन मंच पर ही तुर्की के दोहरे चरित्र और आंतरिक विरोधाभासों को उजागर करते हुए उसकी सबसे संवेदनशील और कमजोर नस यानी 'साइप्रस विवाद' पर सीधा प्रहार किया। भारत की इस नपी-तुली और आक्रामक कूटनीतिक प्रतिक्रिया के बाद अंतरराष्ट्रीय गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि नई दिल्ली अब किसी भी देश द्वारा आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी और हर मोर्चे पर माकूल जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।संयुक्त राष्ट्र के मंच से तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने अपने पारंपरिक रवैये को दोहराते हुए भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया और आत्मनिर्णय के अधिकारों जैसी बेतुकी बातें कहीं। अंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकारों का मानना है कि एर्दोगन वैश्विक मंच पर खुद को इस्लामिक दुनिया के तथाकथित मसीहा या नेता के रूप में पेश करने के लिए लगातार इस तरह के बयान देते रहते हैं, ताकि घरेलू राजनीति में उनकी लोकप्रियता बनी रहे। हालांकि, वे इस बात को बार-बार नजरअंदाज कर देते हैं कि कश्मीर पूरी तरह से भारत का एक आंतरिक और अभिन्न मामला है, जिस पर किसी भी बाहरी देश को टिप्पणी करने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। भारत ने हमेशा से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों के इस तरह के एजेंडे को सिरे से खारिज किया है और स्पष्ट शब्दों में यह संदेश दिया है कि द्विपक्षीय मुद्दों पर तीसरे पक्ष के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है।भारत का कड़ा पलटवार और साइप्रस के मुद्दे पर तुर्की की घेराबंदीजब तुर्की के राष्ट्रपति ने कश्मीर पर बयानबाजी की, तो संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के युवा और तेजतर्रार राजनयिक ने राइट टू रिप्लाई (जवाब देने के अधिकार) का इस्तेमाल करते हुए अंकारा को आईना दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भारत ने पूरी दुनिया के सामने तुर्की को याद दिलाया कि जो देश खुद अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं और दूसरे देशों की संप्रभुता का सम्मान नहीं करते, उन्हें मानवाधिकार और लोकतंत्र पर उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। भारत ने सीधे तौर पर 'साइप्रस' के मुद्दे को हवा देते हुए तुर्की की सबसे बड़ी कूटनीतिक कमजोरी पर चोट की। भारत ने स्पष्ट किया कि तुर्की खुद उत्तरी साइप्रस के अवैध सैन्य कब्जे और वहां के मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कटघरे में खड़ा है, इसलिए अंकारा को किसी अन्य देश के आंतरिक मामलों पर बोलने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। भारत के इस तीखे और सटीक प्रहार ने तुर्की की बोलती बंद कर दी और वैश्विक मंच पर एर्दोगन प्रशासन को असहज स्थिति में ला खड़ा किया।अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और भू-राजनीतिक समीकरणों पर असरभारत द्वारा तुर्की को इस तरह सार्वजनिक रूप से साइप्रस के मामले पर घेरना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब भारतीय विदेश नीति आक्रामक रक्षात्मक (Offensive-Defensive) रुख अपना रही है। कूटनीतिक जानकारों का यह मानना है कि पाकिस्तान के साथ घनिष्ठ सैन्य और रणनीतिक गठजोड़ के कारण तुर्की लंबे समय से भारत के खिलाफ बयानबाजी करता रहा है, लेकिन नई दिल्ली ने अब यह तय कर लिया है कि ऐसे बयानों का उसी की भाषा में और दोगुने कूटनीतिक वजन के साथ जवाब दिया जाएगा। साइप्रस गणराज्य के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक रूप से काफी प्रगाढ़ रहे हैं और भारत हमेशा से संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत साइप्रस की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता आया है। ऐसे में, तुर्की द्वारा कश्मीर पर अनर्गल प्रलाप करने पर भारत का साइप्रस कार्ड खेलना एक बेहद मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ है। इस पूरी घटना ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब अपने राष्ट्रीय हितों और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटेगा, चाहे वह मंच संयुक्त राष्ट्र का ही क्यों न हो।
सऊदी अरब के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर CIA की सीक्रेट रिपोर्ट से मचा हड़कंप
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और मध्य पूर्व के कूटनीतिक गलियारों में उस वक्त भूचाल आ गया जब अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की एक अत्यंत गोपनीय और संवेदनशील रिपोर्ट कैपिटल हिल यानी अमेरिकी संसद को सौंपी गई। इस सीक्रेट रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है कि सऊदी अरब अपने शांतिपूर्ण नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की आड़ में भविष्य के लिए परमाणु हथियार विकसित करने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और रियाद के बीच हाल ही में संपन्न हुए एक उच्चस्तरीय सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट यानी परमाणु सहयोग समझौते के बाद सामने आए इस खुफिया आकलन ने वाशिंगटन की राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। इस खुलासे के सामने आने के बाद अमेरिकी सांसदों और नीति निर्माताओं के बीच तीखी बहस छिड़ गई है, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप का यह महत्वाकांक्षी कूटनीतिक और व्यापारिक सौदा गंभीर संकट में पड़ गया है और संसद में इसे औपचारिक रूप से रद्द किए जाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स और खुफिया दस्तावेजों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी अधिकारियों के बीच हुए इस द्विपक्षीय नागरिक परमाणु समझौते के तहत अमेरिका द्वारा रियाद को परमाणु तकनीक, संवेदनशील उपकरण और ईंधन आपूर्ति की रूपरेखा तैयार की गई है। हालांकि, इस डील के कानूनी दस्तावेजों के साथ जो गोपनीय खुफिया आकलन अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों को समीक्षा के लिए भेजा गया, उसमें साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि सऊदी अरब इस उन्नत तकनीक का इस्तेमाल करके अपने देश में यूरेनियम संवर्धन यानी यूरेनियम एनरिचमेंट की क्षमता हासिल कर सकता है। सीआईए की इस रिपोर्ट में इस बात की आशंका जताई गई है कि एक बार यूरेनियम संवर्धन की क्षमता हासिल हो जाने के बाद रियाद के लिए परमाणु हथियार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाना तकनीकी रूप से आसान हो जाएगा। अमेरिकी खुफिया एजेंसी का यह आकलन ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली डेमोक्रेट सांसदों ने इस समझौते को वैश्विक अप्रसार मानकों के खिलाफ और मध्य पूर्व की शांति के लिए बेहद खतरनाक करार दिया है। सांसदों का यह स्पष्ट तर्क है कि इस तरह के समझौतों से पूरे क्षेत्र में एक नया और विनाशकारी परमाणु हथियारों का मुकाबला शुरू हो सकता है, जिससे वैश्विक स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।अमेरिकी संसद में बढ़ती सुगबुगाहट और डेमोक्रेटिक सांसदों का कड़ा रुखसीआईए की इस सीक्रेट रिपोर्ट के सार्वजनिक होने और कैपिटल हिल तक पहुंचने के बाद अमेरिकी संसद में भारी राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। सीनेटर एड मार्के और जेफ मर्कले समेत कई प्रमुख अमेरिकी सांसदों ने विदेश विभाग और संबंधित समितियों को एक सख्त पत्र लिखकर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। इन सांसदों का यह आरोप है कि ट्रंप प्रशासन ने पारंपरिक सुरक्षा मानकों को दरकिनार करते हुए और सऊदी अरब के कूटनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए बहुत ही ढीले प्रावधानों वाला समझौता तैयार किया है, जिससे रियाद के लिए गुप्त परमाणु हथियारों के रास्ते खुल सकते हैं। अमेरिकी कानून के मुताबिक इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय समझौतों को एक निश्चित संसदीय समीक्षा अवधि से गुजरना पड़ता है, और जानकारों का मानना है कि इस 90-दिवसीय समीक्षा के दौरान विपक्षी सांसद इस परमाणु समझौते को रोकने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव लाने की पूरी तैयारी कर रहे हैं। यदि यह प्रस्ताव संसद में पारित हो जाता है, तो ट्रंप प्रशासन के लिए इस डील को आगे बढ़ाना कानूनी और राजनीतिक रूप से बेहद मुश्किल हो जाएगा।सऊदी अरब का रुख और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर संभावित प्रभावदूसरी तरफ, इन तमाम गंभीर विवादों और अमेरिकी मीडिया में चल रही आलोचनाओं के बीच सऊदी अरब ने अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में बताया है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय और अन्य उच्चस्तरीय अधिकारियों का यह आधिकारिक बयान आया है कि देश का नागरिक परमाणु कार्यक्रम केवल भविष्य की घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने, बिजली उत्पादन बढ़ाने और देश की अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से मुक्त कर विविधता देने के लिए है। रियाद का हमेशा से यही दावा रहा है कि वह परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाली अंतरराष्ट्रीय संधियों का सम्मान करता है। इसके साथ ही, अमेरिकी विदेश विभाग ने भी इस समझौते का बचाव करते हुए बयान जारी किया है कि वाशिंगटन किसी भी रूप में सऊदी अरब के परमाणु हथियार कार्यक्रम का समर्थन नहीं करता है और समझौते में कड़े सुरक्षा प्रावधान रखे गए हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के कई पूर्व निरीक्षकों और वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञों का यह मानना है कि बिना सख्त और अतिरिक्त निरीक्षण प्रोटोकॉल के इस तरह के समझौतों पर आगे बढ़ना मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है, जिससे आने वाले समय में कूटनीतिक तनाव और अधिक बढ़ सकते हैं।
यूएन महासभा में शहबाज का भड़काऊ भाषण, सिंधु जल मुद्दे पर दी युद्ध की धमकी
संयुक्त राष्ट्र, 26 सितंबर . Pakistan के Prime Minister शहबाज शरीफ ने एक आक्रामक और युद्धोन्मादी भाषण में India को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा, “भारत, भारत, भारत… इस बारे में कोई गलती न करे. Friday को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि Pakistan के हिस्से के पानी को रोकने, ... Read more
UN महासभा में शहबाज का भड़काऊ भाषण, सिंधु जल मुद्दे पर दी युद्ध की धमकी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक आक्रामक और युद्धोन्मादी भाषण में भारत को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, भारत, भारत, भारत... इस बारे में कोई गलती न करे।
ट्रंप ने ईरान का सात दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव ठुकराया: रिपोर्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिन के युद्धविराम के प्रस्ताव को खारिज करते हुए नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद तेहरान पर फिर से बमबारी शुरू करने की बात कही।
जोधपुर के आसमान में आज दुनिया के खतरनाक लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी। युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ शनिवार से शुरू हो गया। 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस चलने वाले युद्धाभ्यास में भारत समेत 8 देशों की वायु सेनाओं के जवान हिस्सा ले रहे हैं। इस एक्सरसाइज में शामिल होने के लिए 32 ऑब्जर्वर और लगभग 100 एयरक्राफ्ट यहां पहुंचे हैं। इसमें 3,000 से ज्यादा एयर वॉरियर्स ने भाग ले रहे हैं। खास तौर से राफेल, तेजस, सुखोई 30 एमकेआई, पांचवीं पीढ़ी का एफ 35, एफ 16 और हवा में ईंधन भरने वाले एयरक्राफ्ट (एयर-टू-एयर रिफ्यूलर) जैसे कई विमान एक साथ ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना खासतौर पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिली लर्निंग का अभ्यास करेगी। इस इंटरनेशनल एक्सरसाइज में जोधपुर सहित वेस्टर्न बॉर्डर के 4-5 एयरबेस शामिल होंगे। यहां से ये विमान अपनी टास्क के अनुसार ऑन एयर होकर टारगेट को तबाह करेंगे। देखिए तंरग शक्ति-2026 के PHOTOS… जानिए- कौन-कौन से देश हो रहे शामिल… फ्रांस के डिप्टी कमांडर बोले- तरंग शक्ति हमारे लिए महत्वपूर्ण फ्रांस वायु रक्षा एवं हवाई संचालन कमान के डिप्टी कमांडर जूलियन साबेने ने कहा- यह युद्धाभ्यास हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि हम समय पर यहां पहुंचने के लिए दुनिया के दूसरे छोर से आए हैं। अपने पेगासस 26 मिशन के तहत हम दुनिया के दूसरे कोने से चार लड़ाकू विमान यहां लाए हैं। भारत, फ्रांस का बहुत ही महत्वपूर्ण वैश्विक रणनीतिक साझेदार है और हम यह दिखाना चाहते हैं कि हम अपने साझेदार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं। भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर काम करने के लिए हमारे पास कुल सात राफेल विमान होंगे। भारत की ओर से फ्रांस से 114 राफेल विमान खरीदने की चर्चा पर उन्होंने कहा- हमें बेहद खुशी है कि वे फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना से खरीदारी कर रहे हैं। हमारी योजना बेस्ट प्रैक्टिस का आदान-प्रदान करने की है। हम भारतीय राफेल विमानों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से उत्सुक हैं। --- ये खबर भी पढ़ें… पहली बार अमेरिकी F-35 के साथ अभ्यास करेगी भारतीय वायुसेना:8 देशों की वायु-सेनाएं लड़ाकू विमानों के साथ आएंगी जोधपुर, युद्धाभ्यास तरंग शक्ति में होंगी शामिल जोधपुर का आसमान एक बार फिर दुनिया के सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट से गूंजेगा। भारत, अमेरिका समेत 9 देशों की वायु सेनाएं अपने लड़ाकू विमानों के साथ हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ में शामिल होंगी। यह युद्धाभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर होगा। (पूरी खबर पढ़ें)
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण ऑनलाइन पढ़ाई करने को मजबूर भोपाल के 24 वर्षीय छात्र अनूप पचौरी ने हाई कोर्ट में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट लाइसेंसिएट रेगुलेशन-2021 को चुनौती दी है। कोटरा सुल्तानाबाद निवासी अनूप ने नीट-2021 में सफलता के बाद यूक्रेन की होरबाचेवस्की टेरनोपिल नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। उन्होंने 3 नवंबर 2021 को फीस जमा की। 7 नवंबर को यूक्रेन पहुंचे। एनएमसी ने 18 नवंबर 2021 को नया रेगुलेशन लागू किया। याचिका में बताया कि नए नियम के तहत 12 महीने की इंटर्नशिप उसी विदेशी यूनिवर्सिटी में करना और वहीं से प्रैक्टिस लाइसेंस लेना जरूरी है। युद्ध के कारण यूक्रेन जाकर इंटर्नशिप करना व्यावहारिक नहीं है। छात्र ने कट-ऑफ 3 नवंबर 2021 मानकर पुराने 2002 के नियम लागू करने की मांग की। एनएमसी का कहना है कि उसकी कक्षाएं 10 दिसंबर 2021 से शुरू हुई थीं, इसलिए नया नियम लागू होगा। हाई कोर्ट ने एनएमसी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव से 4 सप्ताह में जवाब मांगा है। क्या है एनएमसी का नया नियम? एनएमसी ने 18 नवंबर 2021 को नया रेगुलेशन जारी किया था। इसके तहत विदेश से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को उसी विदेशी कॉलेज से 12 महीने की इंटर्नशिप पूरी करनी होगी। साथ ही संबंधित देश से डॉक्टरी का लाइसेंस भी हासिल करना अनिवार्य है। इसके बाद ही छात्र भारत में 12 महीने की सुपरवाइज्ड इंटर्नशिप और नेशनल एग्जिट टेस्ट के लिए पात्र होंगे।छात्र की मुख्य दलील : याचिका में दलील दी गई है कि 18 नवंबर 2021 के नोटिफिकेशन के तहत नियम लागू होने से पहले दाखिला लेने वाले छात्रों को नए रेगुलेशन से छूट का प्रावधान है। छात्र ने 3 नवंबर 2021 को फीस जमा कर दी थी, इसलिए उस पर पुराने 2002 के नियम लागू होने चाहिए।
प्रदेश में नगर निकायों की तस्वीर शुक्रवार को पूरी तरह साफ हो गई। आखिरी तीन निगमों के आए परिणाम में भाजपा ने जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम भी जीत ली। अब 10 में से 9 नगर निगम में भाजपा और सिर्फ बीकानेर में कांग्रेस का मेयर होगा। जयपुर में भाजपा उम्मीदवार सुनील कोठारी (पार्षद 112) ने कांग्रेस की सुनीता महावर (वार्ड 118) को 29 वोटों से हरा दिया। एक नोटा के खाते में गया। गौरतलब है कि 7 नगर निगम में मेयर के चुनाव 21 सितंबर को ही हो चुके हैं, जबकि जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर चुनाव 25 सितंबर को कराए गए। इन तीन निगमों में 4 वार्डों में तकनीकी समस्या के चलते 16 सितंबर को वोटिंग कराई गई थी। इससे पहले अजमेर. पाली, अलवर, उदयपुर, भीलवाड़ा और भरतपुर में भाजपा अपना बोर्ड बना चुकी है। भीलवड़ा और भरतपुर में पार्टी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए थे। हालांकि कांग्रेस के हाथ सिर्फ बीकानेर ही मिला। वोट में सिर्फ 0.94% का फासला, 563 वार्ड अधिक जीते कांग्रेस का वोट बैंक पर असर?कांग्रेस को भाजपा से करीब 0.94% कम वोट मिले, लेकिन भाजपा ने 4,179 और कांग्रेस ने 3,613 वार्ड जीते। 309 निकायों में भाजपा को 35.18% वोट (37.35 लाख) मिले, जबकि कांग्रेस को 34.24% (36.36 लाख)। प्रत्याशियों को सामूहिक रूप से 27.38% वोट मिले। वोटों मामूली अंतर बड़ा अंतर बना।जीत में भाजपा को कांग्रेस से करीब 563 वार्ड ज्यादा मिले। साथ ही आरएलपी को 63, AAP को 42, सीपीआईएम को 38, बसपा को 19 और बीएपी को 8 वार्ड मिले। 10 निगमों की तस्वीर कैसे बदली?10 निगमों में भाजपा ने 9 मेयर पद हासिल किए, जबकि कांग्रेस को बीकानेर में एक मेयर पद मिला। अजमेर में कांग्रेस 37 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन भाजपा की अनामिका शर्मा मेयर बनीं। पाली में कांग्रेस के 29 पार्षद थे, फिर भी भाजपा की नमिता बुबकिया मेयर बन गईं। जोधपुर में भाजपा 45 और कांग्रेस 44 पर थी, मेयर चुनाव में भाजपा के प्रसन्न को 53 और कांग्रेस के राजेंद्र को 47 वोट मिले। चुनाव का सबसे बड़ा फैक्टर? दोनों स्तरों पर तस्वीर अलग रही। वार्ड चुनाव में 2,273 निर्दलीय जीतकर आए, जो कुल वार्डों का बड़ा हिस्सा है। भरतपुर में तो 65 में से 36 वार्ड निर्दलीयों ने जीते, जबकि भाजपा के 20 और कांग्रेस के सिर्फ 7 पार्षद थे; इसके बावजूद भाजपा की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर बनीं। जोधपुर में भी 10 निर्दलीय और एक RLP पार्षद थे, इसलिए मेयर चुनाव में ये वोट महत्वपूर्ण रहे। दूसरी ओर कोटा में भाजपा के 57 मूल पार्षदों के मुकाबले उसकी मेयर प्रत्याशी को 65 वोट मिले और कांग्रेस प्रत्याशी को 35; उपलब्ध रिपोर्टों में इसे कांग्रेस के चार पार्षदों की क्रॉस-वोटिंग के रूप में बताया गया है। निर्दलीयों से दोनों दलों को नुकसान?निर्दलीयों ने 2,273 वार्ड जीते और उन्हें 27.38% वोट मिले। भरतपुर, पाली, अजमेर, अलवर और जोधपुर जैसे निकायों में उन्होंने बोर्ड और मेयर के चुनाव का गणित प्रभावित किया। स्थानीय स्तर पर दोनों पार्टियों के सामने टिकट, बगावत और स्थानीय नेतृत्व की चुनौती बनी रहेगी। खाटूश्याम जी नगर पालिका का परिणाम हाई कोर्ट के आदेश पर रोका खाटूश्याम जी नगर पालिका के अध्यक्ष का चुनाव परिणाम फिलहाल रुका हुआ है। एक पार्षद के वोट देने नहीं पहुंचने के कारण यह परिणाम रुका है। चूंकि दोनों दलों के पास बराबर पार्षद हैं। ऐसे में एक पार्षद के वोट देने तक यहां की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकती। कोर्ट ने फिलहाल इसके चुनाव पर रोक लगा रखी है। सुकेत में भाजपा का बोर्ड, एक वोट से जीत सुकेत नगर पालिका में चेयरमैन पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा का बोर्ड बन गया। निर्दलीय पार्षदों का साथ लेकर भाजपा ने जितेंद्र चौपड़ा को नगरपालिका अध्यक्ष निर्वाचित करा लिया। सुकेत के ग्राम पंचायत से नगरपालिका बनने के बाद पहले चुनाव में भाजपा का बोर्ड बना है। भाजपा के चौपड़ा को 13 और कांग्रेस के प्रत्याशी उमरदीन खान को 12 पार्षदों के वोट मिले।
Amroha News: अहमद तुर्की क्लब ने हार्डी इलेवन को हराया
रोमांचक मुकाबले में अहमद तुर्की क्लब ने हार्डी इलेवन को 15 रन से हराकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
Kurukshetra News: यूपीआई भुगतान लेने से कतराने लगे बड़े दुकानदार
यूपीआई भुगतान लेने से कतराने लगे बड़े दुकानदार
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia के बाद France आया साथ, Mecca Pact की बैठक Pakistan Türkiye
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बक्सर के चौसा युद्ध मैदान में 2.65 करोड़ खर्च के बाद भी बदहाली, DM ने किया निरीक्षण
25 सितंबर, शुक्रवार: बक्सर का ऐतिहासिक चौसा युद्ध मैदान बदहाली का शिकार है। 2.65 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी परिसर में झाड़ियां उगी हैं। DM साहिला ने निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया, जिसके बाद स्थानीय लोगों को रेनोवेशन की उम्मीद है।
बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत-अमेरिकी सेना के संयुक्त ‘युद्ध अभ्यास-2026’ चल रहा है। इसे देखने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर भी पहुंचे। इस दौरान उनके सामने दोनों देशों के हाइटेक सिस्टम से रेगिस्तानी इलाकों में बनाए दुश्मन के ठिकानों को पलभर में उड़ा दिया गया। भारत के पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्च सिस्टम और अमेरिका के M-LIDS काउंटर-ड्रोन सिस्टम के जॉइंट ऑपरेशनल मूवमेंट और अटैकिंग मोड भी दिखाई दिए। युद्धाभ्यास के दौरान गोर ने दोनों सेनाओं के जवानों से बातचीत कीं। उन्होंने दोनों देशों की आधुनिक हथियार प्रणालियों के संयुक्त संचालन को प्रभावशाली बताया। साथ ही कहा कि यह सैन्य अभ्यास भारत और अमेरिका की मजबूत रक्षा साझेदारी और आपसी भरोसे के साथ हाइटेक तैयारी को बताता है। बता दें कि महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 15 से 28 सितंबर तक चलने वाले इस संयुक्त फायरपावर प्रदर्शन में दोनों देशों की ओर से अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें भारतीय सेना की ओर से स्वदेशी पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्च सिस्टम, एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर, धनुष आर्टिलरी सिस्टम, L/70 एयर डिफेंस गन, स्वाथी वेपन-लोकेटिंग रडार और AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की क्षमता का प्रदर्शन प्रमुख है। वहीं अमेरिकी सेना की ओर से HIMARS (हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम) और M-LIDS काउंटर-ड्रोन सिस्टम की क्षमताओं का भी आकलन किया जा रहा है। ड्रोन और स्वॉर्म हमलों से निपटने का विशेष अभ्यासआधुनिक युद्ध तकनीकों को ध्यान में रखते हुए इस अभ्यास के दौरान लक्ष्य पहचान, त्वरित फायर कमांड प्रक्रिया और आर्टिलरी फायर की जांच की गई। साथ ही युद्धक्षेत्र में उभरते नए खतरों के बारे में एडवांस्ड अटैक मॉड्यूल अपनाए गए। इनमें ड्रोन और 'ड्रोन स्वॉर्म' (ड्रोन के समूह) के अटैक को बेअसर करने के लिए उन्नत काउंटर-यूएएस (Counter-UAS) तकनीक का विशेष अभ्यास किया गया। रेगिस्तान से पहाड़ तक 1200 जवान एक साथ कर रहे अभ्यास‘युद्ध अभ्यास’ के 22वें संस्करण में दोनों देशों के लगभग 600-600 सैनिक (कुल 1,200 सैन्यकर्मी) भाग ले रहे हैं। इस बार अभ्यास को दो अलग-अलग जगहों पर किया जा रहा है। इनमें राजस्थान के बीकानेर में रेगिस्तानी इलाका शामिल है, वहीं उत्तराखंड (औली) पर अत्यधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्र में भी ऑपरेशनल तैयारी की गई। युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिकी सेना के बीच रणनीतिक तालमेल, सूचनाओं के आदान-प्रदान और जटिल बहु-क्षेत्रीय (मल्टी-डोमेन) सैन्य अभियानों को एक साथ अंजाम देने की क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) को और मजबूत करना रखा गया है। ये खबर भी पढ़िए… अपाचे हेलिकॉप्टर से रेगिस्तान में उड़ाए टारगेट:स्वदेशी धनुष तोप और पिनाका से भी फायरिंग; भारत-अमेरिका के सैनिकों ने मिलकर किया युद्धाभ्यास बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका की सेना संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही है। 'युद्ध अभ्यास-2026' में AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, भारत और अमेरिकी सेना के जवानों के साथ मिलकर इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल ड्रिल में हिस्सा ले रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए
सीकर में कटराथल स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर प्रोफेसर युद्धवीर सिंह को नया वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है। प्रोफेसर युद्धवीर सिंह अभी रोहतक(हरियाणा) की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (UIET) के डीन थे। शनिवार से श्राद्ध पक्ष शुरू होने के कारण प्रोफेसर युद्धवीर सिंह ने आज ऑर्डर जारी होते ही शेखावाटी यूनिवर्सिटी पहुंचकर पदभार संभाल लिया। इससे पहले शेखावाटी यूनिवर्सिटी के पूर्व VC प्रो. अनिल राय को रूहेलखंड यूनिवर्सिटी लगा दिया गया था। उस समय डॉ. BR अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी की VC प्रो. निष्ठा जसवाल को शेखावाटी यूनिवर्सिटी के VC पद का एडिशनल चार्ज दिया गया था। उसके बाद से सर्च कमेटी शेखावाटी यूनिवर्सिटी के VC के लिए चयन प्रक्रिया में लगी थी। अब प्रो. युद्धवीर सिंह को शेखावाटी यूनिवर्सिटी का VC लगाया गया है। प्रो. युद्धवीर सिंह के 5 पेटेंट और 1800+ साइटेशन्स प्रो. सिंह का मुख्य शोध क्षेत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, IoT, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी और वायरलेस सेंसर नेटवर्क रहा है। उन्होंने IEEE, Elsevier और Springer जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक जर्नल्स में 150 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें से 80 से अधिक SCI/Scopus इंडेक्स्ड हैं। प्रो. युद्धवीर सिंह के गूगल स्कॉलर पर उनके 1800 से अधिक साइटेशन्स हैं। उनके नाम 1 भारतीय, 1 जर्मन और 4 ऑस्ट्रेलियन पेटेंट दर्ज हैं।
बक्सर जिले का ऐतिहासिक चौसा युद्ध मैदान आज बदहाली का शिकार है। यहीं 1539 में शेरशाह सूरी और मुगल बादशाह हुमायूं के बीच निर्णायक जंग हुई थी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यह ऐतिहासिक जगह झाड़ियों और गंदगी से भरी है। पर्यटकों को खींचने के लिए बना पार्क इतना खराब हो गया है कि आसपास के लोग भी यहां नहीं जाते। शुक्रवार को बक्सर की डीएम साहिला ने युद्ध मैदान का जायजा लिया, जिससे इसके सुधार की उम्मीद जगी है। डीएम ने युद्ध मैदान का चारों तरफ घूमकर जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से युद्ध स्थल की मौजूदा हालत, सुविधाओं और आने-जाने के रास्ते के बारे में पूछा। इस दौरान अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए गए। दीवारों पर की गई थी वॉल पेंटिंग इस मौके पर चौसा नगर पंचायत के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि काजू मिश्रा, वार्ड पार्षद हृदय नारायण सिंह उर्फ मटर यादव, अशोक सिंह, चेयरमैन प्रतिनिधि मनोज यादव समेत स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने डीएम को युद्ध स्थल की हालत और वहां तक पहुंचने वाली सड़क की दिक्कतें बताईं। दशकों तक अनदेखी के बाद करीब पांच साल पहले मनरेगा से इस ऐतिहासिक युद्ध मैदान को पार्क के रूप में विकसित किया गया था। 2.65 करोड़ रुपये डेवलपमेंट पर खर्च यहां रंग-बिरंगे फूल, सेल्फी प्वाइंट और बच्चों के खेलने की सुविधा दी गई थी। दीवारों पर वॉल पेंटिंग के जरिए शेरशाह सूरी, हुमायूं और निजाम भिश्ती के चित्र बनाए गए थे। इससे उम्मीद थी कि यह जगह स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए खास बनेगी। इसके बाद करीब दो साल पहले बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने 2.65 करोड़ रुपये खर्च कर लैंडस्केपिंग, चारदीवारी, प्रवेश द्वार, टिकट रूम और गार्ड रूम बनवाए। विभाग की योजना थी कि इस ऐतिहासिक मैदान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। यहां टिकट की व्यवस्था, सुरक्षाकर्मी और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं देने की योजना थी। करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं बदली तस्वीर स्थानीय लोगों का कहना है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद स्थल अपनी पहचान नहीं बना सका। देखरेख के अभाव में पार्क में झाड़ियां बढ़ती गईं और गंदगी जमा होती गई। जिन सुविधाओं और खूबसूरती के जरिए पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना थी, वही अब उपेक्षा की तस्वीर दिखा रही हैं। नियमित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं होने से ऐतिहासिक स्थल वीरान नजर आने लगा है। 26 जून 1539 को हुई थी ऐतिहासिक लड़ाई चौसा का मैदान भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां 26 जून 1539 को अफगान शासक शेरशाह सूरी और मुगल बादशाह हुमायूं के बीच चौसा की लड़ाई हुई थी। युद्ध में शेरशाह सूरी ने हुमायूं को पराजित किया था। इस लड़ाई ने उस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और शेरशाह सूरी के नेतृत्व में सूरी साम्राज्य के विस्तार का रास्ता तैयार हुआ। डीएम साहिला के निरीक्षण के बाद अब स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि प्रशासन इस ऐतिहासिक स्थल की बदहाली दूर कर इसे फिर से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
शिवपुरी शहर की युवा राष्ट्रीय कवयित्री मनु वैशाली अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी कविताएं प्रस्तुत करेंगी। वह 25 सितंबर 2026 को दोहा, कतर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करेंगी। कार्यक्रम शाम 7 बजे दोहा के टाइम राको में आयोजित किया जाएगा। कवि सम्मेलन में कविता के साथ सम्मान समारोह भी आयोजकों के मुताबिक, यह अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का सीजन-2 है। कार्यक्रम में कविता, भावनाओं और प्रेरणा से जुड़ी प्रस्तुतियां होंगी। इसके साथ विद्यार्थियों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा। हास्य और काव्य प्रस्तुतियां कार्यक्रम का हिस्सा रहेंगी। शिवपुरी में रहता है मनु वैशाली का परिवार शिवपुरी निवासी रामनिवास बघेल (चिन्नौदी) ने बताया कि मनु वैशाली मूल रूप से शिवपुरी शहर की रहने वाली हैं। उनका परिवार मेडिकल कॉलेज के पास तात्याटोपे नगर में रहता है। फिलहाल मनु दिल्ली में रह रही हैं। मनु वैशाली देश के अलग-अलग राज्यों में आयोजित कवि सम्मेलनों में काव्य पाठ कर चुकी हैं। अपनी रचनाओं और प्रस्तुतियों के जरिए उन्होंने साहित्यिक मंचों पर पहचान बनाई है। अब दोहा में होने वाला काव्य पाठ उनके साहित्यिक सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। कई कवि देंगे प्रस्तुति दोहा में होने वाले इस कवि सम्मेलन में मनु वैशाली के साथ अमित शर्मा, एकाग्र शर्मा और गौरव साक्षी समेत कई अन्य कवि भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम में देश-विदेश में रहने वाले हिंदी भाषी साहित्य प्रेमियों के पहुंचने की उम्मीद है। मनु वैशाली के अंतरराष्ट्रीय मंच पर काव्य पाठ की जानकारी के बाद उनके परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में उत्साह है। स्थानीय साहित्य प्रेमियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। शिवपुरी की युवा कवयित्री का दोहा में काव्य पाठ शहर के साहित्यिक क्षेत्र के लिए भी खास अवसर माना जा रहा है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में पत्थर से Drone Down का दावा | Bin Salman | Ansarullah
यमन से सामने आए एक वीडियो ने हूती लड़ाकों की जमीनी लड़ाई और उनकी रणनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सऊदी ड्रोन को हूतियों पत्थर मार गिरा दिया और गिरने के बाद हूती लड़ाके उसके मलबे के आसपास दिखाई दे रहे हैं।
हूती न बदल दें युद्ध का रुख: मध्य-पूर्व में बढ़ सकता है तनाव, तेल व्यापार पर मंडराता खतरा
अपनी भौगोलिक स्थिति के चलते हूती अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति प्रयासों को दरकिनार कर युद्ध का रुख मोड़ने की पूरी ताकत रखते हैं।
Faridabad News: कई ट्रेनों का एकतरफा ठहराव, वापसी के लिए भटक रहे यात्री
One-way stoppage for several trains; passengers stranded while trying to return.
सऊदी अरब में फंसे याचिकाकर्ता को राहत:हाईकोर्ट ने दिए इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सऊदी अरब में रह रहे एक भारतीय नागरिक की पासपोर्ट संबंधी परेशानी पर विदेश मंत्रालय के सचिव को उसे इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी कराने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने अशरफ की याचिका का निस्तारण करते हुए यह आदेश पारित किया। जानिये क्या है मामला कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता का पासपोर्ट की अवधि 29 अगस्त 2026 को समाप्त हो चुकी है। उसने सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास में पासपोर्ट दोबारा जारी करने के लिए आवेदन पहले ही दे रखा है, जो अभी लंबित बताया गया। इन परिस्थितियों में कोर्ट ने निर्देश दिया कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 4(2)(ए) के तहत उसे इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी कराया जाए, ताकि वह स्वदेश लौटकर अपने क्षेत्र के पासपोर्ट अधिकारी के यहां नए पासपोर्ट के लिए विधिवत आवेदन कर सके। कोर्ट ने रजिस्ट्रार (अनुपालन) को आदेश की प्रति मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ के माध्यम से क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, गोमती नगर, लखनऊ को भेजने का निर्देश भी दिया है।
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia: क्या फिर Mecca पर हो गया हमला, या कोई साजिश | MBS
मक्का पर खतरे का अलर्ट... और उसके बाद हूती-सऊदी जंग में नया मोड़! सऊदी अरब में एक बार फिर मक्का समेत कई इलाकों के लिए “potential danger” का अलर्ट जारी किया गया।
Yemen Houthi Saudi Arabia War पहुंची Kahboub पहाड़ी तक, Bab El Mandeb पहुंचे अंसारुल्लाह | MBS
Yemen Houthi Saudi Arabia War पहुंची Kahboub पहाड़ी तक, Bab El Mandeb पहुंचे अंसारुल्लाह | MBS
धनबाद में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं के विरोध में गुरुवार को कतरास शहर में बंदी रखी गई। कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा ने इसका आह्वान किया था। पंचगढ़ी बाजार और भू-धंसान से प्रभावित इलाकों में भी दुकानें बंद रहीं। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर आंदोलन का समर्थन किया। मोर्चा के सदस्यों ने दावा किया कि बंदी को लोगों का अच्छा समर्थन मिला। मंगलवार को राजस्थानी समाज भवन में मोर्चा की बैठक हुई थी। इसमें भू-धंसान की समस्या को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि कतरास और आसपास के इलाकों को भू-धंसान से बचाने के लिए बीसीसीएल और सरकार को मजबूत कदम उठाने चाहिए। स्थानीय लोगों ने मांग की कि कोयला खनन वैज्ञानिक तरीके से होना चाहिए। मेगा प्रोजेक्ट और खनन से जुड़े नियम-कानून की जानकारी भी जनता को दी जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन इसकी वजह से लोगों के घर और जिंदगी खतरे में नहीं पड़नी चाहिए। मोर्चा के सदस्यों ने बताया कि आंदोलन गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बंदी के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को पूरे कोयलांचल तक ले जाया जाएगा। यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से होगा। मोर्चा ने क्षेत्र एक से 12 तक चक्काजाम करने की भी बात कही है।
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के Drone Attack से दहला Riyadh | Bin Salman
यमन और सऊदी अरब के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने लाल सागर से लेकर सऊदी शहरों तक हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के लड़ाकों की युद्ध क्षमता का Viral Video | Bin Salman
Yemen Houthi Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के लड़ाकों की युद्ध क्षमता का Viral Video | Bin Salman सऊदी समर्थित फोर्सेज के खिलाफ हूतियों के नए प्रोफेशनल वीडियो ने सबका ध्यान खींचा है।
पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे युद्ध नशों के विरुद्ध अभियान के तहत जालंधर ग्रामीण पुलिस ने सब-डिवीजन करतारपुर में नशा तस्करों और सेवन करने वालों के खिलाफ एक बड़ा विशेष अभियान चलाया है। एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क के निर्देशों पर की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 अलग-अलग एफआईआर दर्ज करते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने 139 नशीली गोलियां और नशा करने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है। इसके साथ ही पुलिस पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास पर भी विशेष जोर दे रही है। पंजाब में नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। जालंधर ग्रामीण पुलिस ने सब-डिवीजन करतारपुर के अंतर्गत आने वाले इलाकों में विशेष चेकिंग और छापेमारी अभियान चलाया। यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरविंदर सिंह विर्क के दिशा-निर्देशों और डीएसपी करतारपुर नरेंद्र सिंह औजला के नेतृत्व में अंजाम दी गई। प्रेस को जानकारी देते हुए एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि नशों की बिक्री, सप्लाई और सेवन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। 23 सितंबर को चलाए गए इस विशेष अभियान में करतारपुर, मकसूदां और लांबड़ा थानों की पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 20 आरोपियों को दबोचा। थाना करतारपुर में भारी मात्रा में नशीली गोलियां बरामद कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ी सफलता थाना करतारपुर पुलिस को मिली। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 22-61-85 के तहत दो मामले दर्ज किए। पहले मामले (FIR No. 196) में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 81 नशीली गोलियां बरामद की गईं। वहीं दूसरे मामले (FIR No. 198) में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर 58 नशीली गोलियां जब्त की गईं। थाना करतारपुर में कुल 9 आरोपियों से 139 नशीली गोलियां बरामद हुई हैं। थाना मकसूदां और लांबड़ा में भी कसा शिकंजा इसके अलावा थाना मकसूदां पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 27-61-85 के तहत दो अलग-अलग एफआईआर (No. 165 और 164) दर्ज कीं। इनमें कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से नशा सेवन में इस्तेमाल होने वाले सामान जैसे लाइटर, सिल्वर फॉयल, ₹10 के नोट और नशीले पदार्थ से लिपटा पैकेट बरामद किया गया। उधर, थाना लांबड़ा पुलिस ने एफआईआर नंबर 111 दर्ज कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से सिल्वर फॉयल, लाइटर और नकदी बरामद की। इसके साथ ही लांबड़ा पुलिस ने धारा 85 बीएनएस के तहत दर्ज एक पुराने मामले में भी 1 आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की। इसी पहल के तहत करतारपुर सब-डिवीजन से अब तक 4 नशा पीड़ितों को इलाज के लिए भर्ती कराया जा चुका है, जिनमें 2 मरीज थाना लांबड़ा और 2 मरीज थाना मकसूदां क्षेत्र से संबंधित हैं।
विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को केवल एकतरफा शिक्षा न दी जाए : कुलपति
Students in universities should not be imparted only one-sided education: Vice-Chancellor
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia का असर क्या,कैसे जीत रहे अंसारुल्लाह Syed Akif Zaidi से सुनिए
का क्या होगा असर,कैसे जीत रहे अंसारुल्लाह Syed Akif Zaidi से सुनिए सिर्फ हथियार ही नहीं ईमान से भी जीते यमन के अंसारुल्लाह,सऊदी को लगातार मिल रही शिकस्त की वजह क्या? ईरान से अंसारुल्लाह ने क्या सीखा,आकिफ जैदी से सुनिए..
बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका की सेना संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही है। 'युद्ध अभ्यास-2026' में AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, भारत और अमेरिकी सेना के जवानों के साथ मिलकर इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल ड्रिल में हिस्सा ले रहे हैं। रेगिस्तानी इलाके में दोनों देशों के जवान आर्टिलरी, रॉकेट सिस्टम, एयर डिफेंस, काउंटर ड्रोन तकनीक और एविएशन क्षमताओं का इस्तेमाल कर अभ्यास कर रहे हैं। इसमें M777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर, स्वदेशी धनुष 155MM तोप और पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर के साथ फायरिंग ड्रिल शामिल है। इस युद्धाभ्यास के वीडियो सामने आए हैं, जिसमें AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर से जमीन पर दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों पर पिन पॉइंट अटैक होता नजर आ रहा है। जबकि दूसरे वीडियो में दो हेलिकॉप्टर तेजी से टारगेट पर अटैक करते हैं। संयुक्त युद्धाभ्यास की खासियत केवल अलग-अलग हथियारों की फायरिंग नहीं, बल्कि उन्हें एक संयुक्त ऑपरेशन में इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग है। टारगेट की पहचान, सूचना का आदान-प्रदान, फायर कमांड, आर्टिलरी और रॉकेट फायर, ड्रोन खतरे की पहचान और काउंटर ड्रोन जैसी प्रक्रियाओं को भी शामिल किया जा रहा है। पहले देखिए- संयुक्त युद्धाभ्यास की तस्वीरें M777 की खासियत ‘शूट एंड स्कूट’अभ्यास में M777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर प्रमुख हथियार प्रणालियों में शामिल है। हल्की होने के कारण इसे तेजी से तैनात कर फायरिंग करने और फिर फायरिंग पोजीशन बदलने की क्षमता का अभ्यास किया जा रहा है। आधुनिक युद्ध में तेजी से पोजीशन बदलने की इस प्रक्रिया को ‘शूट एंड स्कूट’ कहा जाता है। पिनाका से लंबी दूरी तक रॉकेट फायरभारतीय सेना का पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर भी अभ्यास में शामिल है। इसके जरिए एक साथ बड़ी संख्या में रॉकेट दागकर निर्धारित क्षेत्र में फायर पावर पहुंचाने की क्षमता का प्रदर्शन किया जा रहा है। धनुष तोप और पिनाका के साथ अभ्यास से दोनों सेनाओं को अलग-अलग आर्टिलरी और रॉकेट प्रणालियों के बीच तालमेल का प्रशिक्षण मिल रहा है। ड्रोन दिखे तो M-LIDS और एयर डिफेंस ने साधा निशानादुनिया में तेजी से बढ़ रहे ड्रोन अटैक जैसी गंभीर खतरों से निपटने के लिए भी प्रभावी तैयारी की जा रही है। अमेरिकी सेना का M-LIDS (Mobile Low, Slow, Small Unmanned Aircraft Integrated Defeat System) काउंटर-ड्रोन सिस्टम भी युद्धाभ्यास में शामिल है। इसके साथ L/70 एयर डिफेंस गन जैसी प्रणाली का इस्तेमाल छोटे और धीमी गति से उड़ने वाले ड्रोन खतरों के खिलाफ किया जा रहा है। अपाचे हेलिकॉप्टर से एयर-ग्राउंड कोऑर्डिनेशनमहाजन फील्ड फायरिंग रेंज में AH-64E Apache अटैक हेलिकॉप्टर भी अभ्यास का हिस्सा है। हेलिकॉप्टर और जमीन पर मौजूद सैनिकों के बीच एयर-ग्राउंड कोऑर्डिनेशन, लक्ष्य की पहचान और संयुक्त कार्रवाई से जुड़ी ट्रेनिंग की जा रही है। अपाचे भारतीय सेना की प्रमुख अटैक हेलिकॉप्टर प्रणालियों में शामिल है। हिमार्स और स्टिंगर भी अभ्यास का हिस्साअमेरिकी सेना की ओर से हिमार्स (High Mobility Artillery Rocket System- HIMARS) और स्टिंगर एयर डिफेंस सिस्टम भी अभ्यास में शामिल है। हिमार्स मोबाइल प्रिसीजन रॉकेट फायर के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि स्टिंगर कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली है। इनके साथ अमेरिकी और भारतीय सैनिक संयुक्त रूप से फायरिंग और ऑपरेशनल तालमेल का अभ्यास कर रहे हैं। औली में पर्वतीय युद्ध का अभ्यास15 से 28 सितंबर तक संयुक्त अभ्यास होगा, जिसमें पहले चरण में महाजन फील्ड फायरिंग में अभ्यास चल रहा है, जबकि दूसरे फेज उत्तराखंड के औली में युद्धाभ्यास हो रहा है। वहां दोनों देशों की सेनाएं ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाके में पैदल सेना आधारित अभियानों, पर्वतीय युद्ध कौशल और अलग भौगोलिक परिस्थितियों में संयुक्त संचालन का अभ्यास कर रही हैं। औली, LAC से करीब 95 किलोमीटर की दूरी पर है।
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने एक बार फिर कश्मीर का राग छेड़कर भारत के आंतरिक और द्विपक्षीय विषय में दखल देने की कोशिश की है। एर्दोगन ने कहा कि दक्षिण एशिया में कश्मीर सहित सभी विवादों का समाधान संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र और संबंधित प्रस्तावों के दायरे में बातचीत के जरिए होना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच अगस्त में मक्का संयुक्त रक्षा समझौता हो चुका है। लेकिन सवाल यह है कि कश्मीर पर नसीहत देने वाले एर्दोगन क्या पहले अपने पड़ोस में शांति और सीमा विवादों का समाधान करेंगे? उल्लेखनीय है कि तुर्किये के अपने पड़ोसियों के साथ कई पुराने और गंभीर क्षेत्रीय विवाद हैं। यूनान के साथ एजियन सागर और पूर्वी भूमध्यसागर में समुद्री सीमाओं, महाद्वीपीय पट्टी और विशेष आर्थिक क्षेत्र को लेकर लंबे समय से टकराव चला आ रहा है। तुर्किये और साइप्रस के बीच विवाद तो 1974 के बाद से आज तक कायम है और संयुक्त राष्ट्र शांति व्यवस्था के बावजूद द्वीप विभाजित है। यही नहीं, पूर्वी भूमध्यसागर में ऊर्जा संसाधनों को लेकर भी अंकारा का यूनान और साइप्रस के साथ टकराव रहा है। साथ ही तुर्किये ने उन समुद्री क्षेत्रों में ऊर्जा खोज गतिविधियां की हैं, जिन पर यूनान और साइप्रस अधिकार का दावा करते हैं। इन गतिविधियों के कारण क्षेत्र में सैन्य तनाव तक पैदा हुआ है। इसे भी पढ़ें: Makkah Defence Pact आग नहीं, धुआं निकला, Modi की Diplomacy ने बिगाड़ दिया Pakistan का खेल साइप्रस का सवाल इससे भी ज्यादा संवेदनशील है। तुर्की सेना ने 1974 में साइप्रस के उत्तरी हिस्से पर कब्जा किया था और आज भी द्वीप का विभाजन कायम है। संयुक्त राष्ट्र के स्तर पर इस विवाद के समाधान की कोशिशें दशकों से चल रही हैं। ऐसे में एर्दोगन अगर दुनिया को सीमा विवादों और संवाद का पाठ पढ़ाते हैं, तो स्वाभाविक सवाल उठता है कि क्या वही सिद्धांत तुर्किये अपने पड़ोस में भी उतनी ही गंभीरता से लागू करेगा? यही वजह है कि एर्दोगन की कश्मीर पर टिप्पणी भारत के लिए केवल एक बयान नहीं, बल्कि कूटनीतिक दखल के रूप में देखी जा रही है। जबकि भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। साथ ही भारत-पाकिस्तान से जुड़े विषयों पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है। पिछले वर्ष भी एर्दोगन की ऐसी टिप्पणी पर भारत ने स्पष्ट किया था कि कश्मीर पर उसका रुख नहीं बदला है और तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई जरूरत नहीं है। इस बार भी नई दिल्ली ने एर्दोगन की टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया है। भारत का संदेश साफ है कि कश्मीर पर बातचीत भारत और पाकिस्तान के बीच ही हो सकती है और आतंकवाद तथा हिंसा के माहौल में संवाद की शर्तें भी भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है। दूसरी ओर, एर्दोगन की यह सक्रियता तुर्किये और पाकिस्तान की बढ़ती रणनीतिक नजदीकी की पृष्ठभूमि में भी देखी जा रही है। अगस्त में तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके साथ ही 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के दौरान अंकारा का पाकिस्तान के प्रति समर्थन भी भारत-तुर्किये संबंधों में तनाव का बड़ा कारण बना। भारत ने उस दौरान तुर्किये की ओर से पाकिस्तान को मिले समर्थन और सैन्य सहायता पर अपनी चिंता स्पष्ट रूप से दर्ज कराई थी। इसका असर सिर्फ कूटनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी दिखाई दिया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को तुर्किये की ओर से मिले समर्थन को देखते हुए भारत में तुर्किये के सामान के बहिष्कार की व्यापक मुहिम चली। दिल्ली की आजादपुर मंडी ने तुर्किये से सेब और अन्य फल-सब्जियों के आयात रोक दिये। साथ ही अन्य राज्यों के बाजारों में भी तुर्किये के सेब का बहिष्कार हुआ। महाराष्ट्र के पुणे में भी कारोबारियों ने तुर्किये के सेब खरीदना बंद कर दिया और स्थानीय तथा दूसरे देशों के विकल्पों की ओर रुख किया। उस समय रिपोर्टों में सिर्फ पुणे के बाजार में ही तुर्किये के सेब के कारोबार का मौसमी मूल्य लगभग 1,000 से 1,200 करोड़ रुपये तक बताया गया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि तुर्किये के मात्र सेब खरीदना बंद कर ही उसे कितना नुकसान पहुँचाया गया था। यही नहीं, व्यापक व्यापार के स्तर पर भी दोनों देशों के बीच कारोबार में काफी गिरावट दर्ज की गयी है। इस तरह अंकारा के पाकिस्तान-समर्थक रुख की भारत में केवल राजनीतिक आलोचना नहीं हुई, बल्कि उसका असर व्यापार, पर्यटन और तुर्किये के उत्पादों की भारतीय मांग पर भी पड़ा। उधर, भारत की ओर से तुर्किये की नापाक नीतियों का जवाब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं दिखता। नई दिल्ली ने तुर्किये के क्षेत्रीय रुख को देखते हुए यूनान और साइप्रस के साथ अपने रणनीतिक तथा समुद्री सहयोग को भी महत्व दिया है। संदेश साफ है। अगर अंकारा पाकिस्तान के साथ खड़े होकर भारत के खिलाफ कूटनीतिक मोर्चा खोलता है, तो भारत भी अपने राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय साझेदारियों के आधार पर जवाब देगा। बहरहाल, एर्दोगन को कश्मीर पर उपदेश देने से पहले अपने आसपास के विवादों की ओर देखना चाहिए। दुनिया के किसी भी देश को संवाद, संप्रभुता और शांतिपूर्ण समाधान की सीख देने का नैतिक आधार तभी मजबूत होता है, जब वही कसौटी अपने व्यवहार पर भी लागू की जाए। भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर पर बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं होगा और तुर्किये की ऐसी हिमाकत का जवाब कूटनीतिक स्तर पर भी दिया जाएगा और रणनीतिक स्तर पर भी। -नीरज कुमार दुबे
Yemen Houthi Saudi Arabia War: अंसारुल्लाह ने कैसे जमाया Bab al Mandeb Video पर कब्जा, आया New Video
सऊदी अरब पर बढ़ते हमलों के बीच हूतियों ने बाब अल-मंदेब को लेकर एक नया वीडियो जारी किया है। वीडियो में जलडमरूमध्य, पेरिम द्वीप और समुद्री क्षेत्र के दृश्य दिखाए गए हैं। हूतियों का दावा है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर उनकी पकड़ मजबूत है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पूर्व दस सीटों पर होने जा रहे राज्यसभा चुनाव में भाजपा सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर नए चेहरे पर दांव लगाएगी।
हिसार पुलिस की सीआईएमिल गेट टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अजीत पहलवान गैंग के शार्प शूटर सुमित उर्फ पिन्नी को भारी मात्रा में अवैध असलहा और कारतूसों के साथ दबोच लिया है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Britain बनेगा सहारा? America हटा था पीछे | Trump
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ब्रिटेन ने रियाद को सीमित सैन्य सहायता देने का फैसला किया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के मुताबिक, सऊदी अरब के अनुरोध पर ब्रिटेन रक्षात्मक air-to-air refuelling support देगा।
Yemen Houthi Saudi Arabia War से तबाह होगा सऊदी शाही खानदान,Saiyed Zegham Murtaza का दावा | MBS
यमन के अंसारुल्लाह और सऊदी अरब के बीच चल रही जंग को लेकर मिडिल ईस्ट में रहकर लंबे समय तक पत्रकारिता कर चुके ज़ैगम मुर्तजा ने बढ़ी भविष्यवाणी की है...उनका कहना है कि अगले एक सप्ताह में सऊदी ने हूतियों से समझौता नहीं किया तो सऊदी के शाही खानदान में बड़ी बगावत हो जाएगी...देखिए पूरा इंटरव्यू
Iran US War: हमले की अटकलों के बीच Qatar ने माना ईरान का जलवा | Trump | Mohammed bin Jassim Al Thani
पर्शियन गल्फ के मुल्कों का अब ईरान के बिना कुछ नहीं हो सकता...चाहे वो कुछ कर लें...ईरान को अगर बिना छेड़े शांति से रहने दिया जाएगा तो पूरा खित्ता अम्न से रहेगा….जी हां कतर ने बेखौफी दिखाई है और इशारे दिए हैं कि बिना ईरान के अब कुछ नहीं हो सकता...
हिसार CIA मिल गेट पुलिस ने सातरोड़ कलां से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से दो तुर्की पिस्तौल, 75 जिंदा कारतूस और तीन मैगजीन बरामद हुई हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सदर हिसार थाने में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, CIA मिल गेट की टीम सातरोड़ कलां इलाके में गश्त पर थी। इसी दौरान टीम को आरोपी के बारे में सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से ये हथियार और कारतूस मिले। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि बरामद हथियार, कारतूस और मैगजीन वह कहां से लेकर आया था। हथियारों के नेटवर्क का पता लगाएगी पुलिस पुलिस यह भी पता लगाएगी कि इनका मकसद क्या था और हथियारों से जुड़े नेटवर्क में कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं। एसपी सिद्धांत जैन ने कहा कि अवैध हथियार अपराध की जड़ हैं। अवैध हथियारों के दम पर समाज में डर फैलाने या अपराध करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी पर 15 केस पहले से दर्ज पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ 2017 से 2026 तक कुल 15 मामले दर्ज हैं। इनमें हिसार के सदर और सिविल लाइन थाने, पंजाब के मुनक थाने, राजस्थान के करधानी जयपुर थाने, हांसी के नारनौद थाने, जींद के उचाना थाने और गोहाना के सिटी थाने में दर्ज मामले शामिल हैं। इन मामलों में आर्म्स एक्ट के साथ-साथ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, अपहरण और मारपीट जैसी अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज हैं। सबसे नया मामला 1 अप्रैल 2026 को हिसार के सदर थाने में धारा 110/115/3(5), 351(3) बीएनएस और 25(1B)(a)(a) आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ था।
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia के बीच Bab al-Mandab Strait पहुंचे IRGC एक्सपर्ट? Red Sea
लाल सागर और बॉब-अल-मंदेब के रणनीतिक चोकपॉइंट पर क्या कोई बड़ा सैन्य खेल शुरू हो चुका है? AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, हूती सैन्य सूत्रों ने दावा किया है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी IRGC के विशेषज्ञों ने यमन के हूती-नियंत्रित मोखा और बॉब-अल-मंदेब इलाके का दौरा किया।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में हूतियों ने क्यों बनाया Kaaba? | Bin Salman
सऊदी अरब के जरिए यमन के अंसारुल्लाह पर मक्का शहर में काबे के पास हमला करने का आरोप लगाने और उस पर यमन से मिली तीखी प्रतिक्रिया के बीच सोशल मीडिया पर बहसो मुबाहिसे का बाजार गर्म है...इन दिनो सोशल मीडिया एक वीडियो गश्त कर रहा है जो यमन का बताया जा रहा है..
कमान की विरासत में युद्ध अभियानों के साथ मानवीय सहायता, आपदा राहत और संकट के समय नागरिक प्रशासन को सहयोग देने का भी लंबा इतिहास रहा है।
भाजपा के वॉकआउट के बावजूद युधवीर सेठी सदन में डटे रहे और अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाए, जिसके लिए CM उमर अब्दुल्ला ने उनकी सराहना की। CM ने सेठी के इस कदम को जनहित को प्राथमिकता देने वाला बताया और उन्हें 'असली विधायक' कहा।
नकोदर में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के तहत पुलिस का बड़ा एक्शन, 17 केस दर्ज, 20 गिरफ्तार
नकोदर में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के तहत पुलिस का बड़ा एक्शन, 17 केस दर्ज, 20 गिरफ्तार
Houthis Attack on Saudi Arabia: अंसारुल्लाह पर हमले से क्यों बच रहे Trump? अंदर की कहानी। Yemen| MBS
Houthis Attack on Saudi Arabia: अंसारुल्लाह पर हमले से क्यों बच रहे Trump? अंदर की कहानी।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में लाखों का जुलूस | Bin Salman | Bab El Mandeb
काबे पर हमारी जाने कुर्बान...काबे पर हमारी जाने कुर्बान...अरबी में इन्ही नारों के साथ यमन की राजधानी सना की सड़कों पर उमड़ा है अवाम का ये हुजूम..यमन में अंसारुल्लाह की हिमायत में,सऊदी अरब के इल्जाम का जवाब देनें के लिए जनता ने मोर्च संभाल लिया है.
Houthis attacks Saudi Arabia : हूतियों के हमलों से खत्म हुए Riyadh के Patriot Interceptors?
Houthis attacks Saudi Arabia : हूतियों के हमलों से खत्म हुए Riyadh के Patriot Interceptors?
युद्ध की राख से शांति का नया संसार कैसे बने?
अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस-21 सितम्बर, 2026 21 सितम्बर का अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस इस वर्ष ऐसे समय में आया है, जब दुनिया को शांति की सबसे अधिक जरूरत है। रूस-यूक्रेन युद्ध लंबा खिंच चुका है, पश्चिम एशिया में इजराइल-गाजा संघर्ष की मानवीय त्रासदी समाप्त नहीं हुई है और 2026 में अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच भीषण सैन्य ... Read more
85 की उम्र में किया एमए, अब PhD का सपना, 3 युद्ध लड़ चुके लाल चंद गोदारा के जज्बे को सलाम
Lal Chand Godara Success Story : सिरसा के पूर्व फौजी लाल चंद गोदारा ने 85 साल में एमए कर शानदार मिसाल पेश की है। वे भारत पाक और भारत चीन युद्धों में भी हिस्सा ले चुके हैं।
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Yemen Houthis Attack On Saudi: हूतियों के चक्रव्यूह में कैसे फंसा सऊदी अरब | Mohammed Bin Salman
Yemen Houthis Attack On Saudi: हूतियों के चक्रव्यूह में कैसे फंसा सऊदी अरब | Mohammed Bin Salman Saudi Arabia Oil Export Crisis को लेकर लाल सागर और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट की रणनीतिक अहमियत एक बार फिर चर्चा में है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में उमड़ा जनसैलाब | Bin Salman | Bab El Mandeb
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में उमड़ा जनसैलाब | Bin Salman | Bab El Mandeb
Yemen Houthis Saudi War के बीच मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट Shaukat Bharti ने सऊदी के धागे खोल दिए । Iran
Yemen Houthis Saudi War के बीच मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट Shaukat Bharti ने सऊदी के धागे खोल दिए । Iran यमन में अंसारुल्लाह और सऊदी अरब के बीच चल रही जबरदस्त जंग और उस पर सऊदी के आरोपों को लेकर मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट और असर टाइम्स के हेड शौकत भारती से सुनिए असली कहानी...
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War से आई ऐसी तस्वीर, एक दूसरे के साथ आमने-सामने भिड़ंत | MBS | PLC
यमन के पहाड़ों से हूती लड़ाकों की नई तस्वीरें सामने आने के बाद जंग के जमीनी मोर्चे को लेकर बड़े सवाल उठ रहे हैं। वायरल फुटेज में हूती लड़ाकों और सऊदी-समर्थित PLC बलों के बीच नजदीकी मुठभेड़, सैन्य वाहनों की घेराबंदी और कुछ सैनिकों को बंदी बनाए जाने का दावा किया जा रहा है।
Middle East में बड़ा उलटफेर! Trump की गीदड़ भभकी या Iran पर होगा America का महाप्रहार?
Houthis Saudi Arabia War: Yemen में कैसे बढ़ा हूतियों का कारवां,सऊदी की हालत खस्ता| MBS| Iran
Houthis Saudi Arabia War: Yemen में कैसे बढ़ा हूतियों का कारवां,सऊदी की हालत खस्ता| MBS| Iran मुंह में पत्ते चबाने वाले हूती सऊदी अरब जैसे अमीर और ताकतवर मुल्क का भला क्या ही बिगाड़ लेंगे..लेकिन अंसारुल्लाह के लड़ाकों और फौज ने मिलकर सऊदी अरब की वो हालत खराब की है.
Yemen Houthis Saudi Arabia War के बीच Qatar, UAE की Israel, US के साथ हुई मीटिंग | Iran | Red Sea
Yemen Houthis Saudi Arabia War के बीच Qatar, UAE की Israel, US के साथ हुई मीटिंग | Iran | Red Sea
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Türkiye क्या Mecca Pact का करेगा पालन ?| Erdogan | Pakistan
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Trkiye क्या Mecca Pact का करेगा पालन ?| Erdogan | Pakistan
Houthi Attack On Saudi Arabia के बीच Oman में अंसारुल्लाह से America से गुप्त मीटिंग | Bin Salman
अमेरिका-सऊदी रिश्तों में बड़ा सवाल! क्या हूतियों के खिलाफ जंग में वाशिंगटन ने रियाद को अकेला छोड़ दिया है? ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिकी अधिकारियों और हूती प्रतिनिधियों के बीच कथित गोपनीय बातचीत की रिपोर्टों ने पूरे मिडिल ईस्ट में नई चर्चा छेड़ दी है।
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: अब Iran की तरह हूतियों ने भी बिछाई Naval Mines | Bab al Mandeb
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: अब Iran की तरह हूतियों ने भी बिछाई Naval Mines | Bab al Mandeb
Yemen Houthis Attack On Saudi के बीच Iraq से हो रहे हमलों का राज क्या? MBS | Iran
Yemen Houthis Attack On Saudi के बीच Iraq से हो रहे हमलों का राज क्या? MBS | Iran
Houthis Attack On Saudi Arabia में Mecca Drone Attack की कहानी क्या MBS की चाल? | Yemen War
Houthis Attack On Saudi Arabia में Mecca Drone Attack की कहानी क्या MBS की चाल? | Yemen War
Houthis Saudi Arabia War में सऊदी की हार तय,अब रास्ता क्या,Zameer abbas Jafri से सुनिए|Iran
Houthis Saudi Arabia War में सऊदी की हार तय,अब रास्ता क्या,Zameer abbas Jafri से सुनिए|Iran यमन में चल रही हूती-सऊदी जंग में किसका पलड़ा भारी,अब सऊदी के पास कौन सा रास्ता बचा,समझिए मौलाना जमीर अब्बास जाफरी से…
बीच समंदर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी जहाज, भारत ने राजनयिक को किया तलब - Hindustan
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Houthis Saudi Arabia War के बीच अंसारुल्लाह का मरीब में नया प्रस्ताव क्या?| Prince MBS। Yemen
यमन के सेंट्रेल या मध्य इलाके की तरफ हूतियों या अंसारुल्लाह का काफिला बढ़ रहा है..हूती लड़ाके मरीब इलाके की तरफ कूच कर रहे हैं...मरीब राजधानी सना से करीब 175 किलोमीटर दूर है में यानी नक्शे पर देखें तो मरीब सना और यमन के पूर्वी रेगिस्तानी इलाकों के बीच एक रणनीतिक पुल जैसा है
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia के बाद कहां हैं Türkiye, Pakistan | War | Bab El Mandeb | Erdoğan
मक्का पैक्ट का असली मकसद क्या है? | Turkey-Pakistan-Saudi Alliance तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ मक्का पैक्ट सिर्फ तुरंत युद्ध में उतरने का समझौता नहीं है।
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia: हूतियों का तगड़ा बदला, सऊदी 3 शहरों में Emergency Alert। Jeddah
कहां तो सऊदी अरब से ने यमन की राजधानी सना पर कंट्रोल का ऐलान किया था..और कहां अपने कंट्रोल वाले हिस्सों से हाथ दो बैठा यमन में... सऊदी अरब यमन के अंसारुल्लाह या हूती को छेड़कर बड़ी मुसीबत में फंस गया है..हालात ये हैं कि जेद्दा, जाजान और आभाह जैसे शहरों में इमर्जेंसी अलर्ट है…
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia War में Chinese DF-15A Missile का इस्तेमाल, अंसारुल्लाह ने बनाया मजाक
बैलिस्टिक मिसाइल को लेकर यमन युद्ध से एक बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूतियों के खिलाफ इस्तेमाल की गई यह मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले तकनीकी खराबी का शिकार हुई और यमन के रेगिस्तान में गिर गई।
Iran America War: Hormuz को लेकर ईरान की नई चेतावनी, बढ़ेगा तनाव | Middle East| Trump
Iran America War: Hormuz को लेकर ईरान की नई चेतावनी, बढ़ेगा तनाव
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman |War
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman | War यमन के युद्धक्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने सबको हैरान कर दिया है। दावा है कि मिट्टी से बने कृत्रिम स्पीड ब्रेकर के अंदर कई एंटी-टैंक माइन्स छिपाई गई थीं।
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
Houthis Saudi Arabia War में अब कूदा Bani Hashish कबीला, बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS। Yemen। Red Sea
Houthi- Saudi Arabia Conflict में अब कूदा Bani Hashish कबीला,बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS जरा इन पैदल लड़ाकों को देखिए, पैरों में चप्पल है, रिवायती पोशाक जाम्बिया पहनकर ये जंगजु सऊदी अरब के खिलाफ जंग के लिए निकल पड़े हैं...इनका आरोप है कि सऊदी मुनाफिक है और उसे सबक सिखाना जरूरी हो गया है.
BRICS Summit 2026: Iran और UAE के बीच ऐसा क्या हुआ, Middle East के लिए सकरात्मक संदेश। Hormuz
डिस्क्रिप्शन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran UAE Relations को लेकर एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अहम मुलाकात हुई
Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Iran America War के बीच Abbas Araghci ने Trump को दी चेतावनी, Strait of Hormuz को लेकर दावा Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Houthis Attack on Saudi: सऊदी के ठिकानों पर अंसारुल्लाह ने मारी मिसाइलें | Middle East War | Yemen
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले लगातार जारी हैं और अब एक बार फिर सऊदी सीमा के भीतर नागरिक इलाका निशाने पर आया है। शनिवार को यमन से हूतियों की ओर से दागे गए मिसाइल प्रोजेक्टाइल ने सऊदी अरब के दक्षिणी जाज़ान इलाके में तबाही मचा दी।
Houthi- Saudi Arabia Conflict में हूतियों ने ताबड़तोड़ फोड़े 6 ठिकाने, क्या करेंगे Prince MBS?
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों (Yemeni Armed Forces) के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद हिंसक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 48 घंटों में दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया है, जिसने पिछले कुछ समय से बनी शांति की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
Houthi Attacks Saudi Arabia: मिसाइल-ड्रोन से Army Base निशाने पर, Oil Supply पर संकट | Middle East
सऊदी अरब पर हूतियों का बड़ा हमला. मिसाइलें दागी गईं, ड्रोन भेजे गए और निशाने पर था एक सैन्य अड्डा. लेकिन कहानी सिर्फ एक मिलिट्री बेस पर हमले तक सीमित नहीं है. जिस वक्त मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर पहले से ही तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है, उसी वक्त सऊदी अरब की एक बेहद अहम तेल पाइपलाइन भी बंद हो गई है.
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने तुर्की के अत्याधुनिक Karayel ड्रोन को गिराया, मलबे का वीडियो
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच संघर्ष एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों में हूतियों ने पश्चिमी यमन में तेजी से सैन्य बढ़त बनाई है। रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जे के बाद अब उन्होंने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के करीब अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
Houthi Attack Saudi Oil Pipeline: बाब अल-मंदेब पर हूतियों का कब्जा, सऊदी अरब पाइपलाइन बंद | Iran
Saudi Oil Pipeline Drone Attack के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन को ड्रोन से निशाना बनाए जाने के बाद इसे अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा।
'अक्टूबर में छिड़ेगी बड़ी जंग!' क्या Israel-Iran युद्ध में फँसेगा भारत? | Prof. Muqtedar Khan
इसराइल और बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ दुनिया भर में बढ़ते गुस्से के बीच भारत के अंतरराष्ट्रीय हितों और कूटनीतिक साख पर सवाल उठ रहे हैं। 'द डेली शो' में प्रोफेसर मुकेश कुमार के साथ खास बातचीत में प्रो. मुक़्तेदर ख़ान ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि मध्य पूर्व (Middle East) में अक्टूबर के दौरान ईरान के खिलाफ एक भयानक युद्ध की आशंका है।
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने घर में घुसकर सऊदी को मारा, Pakistan, Turkey गायब|Mecca Agreement
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब पर हुए हमलों को लेकर पाकिस्तान का रुख सामने आया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि हर हमले का जवाब उसी तरह देना जरूरी नहीं है, लेकिन अगर सऊदी अरब पर बाहरी आक्रमण होता है
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने सऊदी में घुसकर मारना शुरु किया ARAMCO Refinery फूंक दी| Iran
Iran ईरान अमेरिका इजरायल जंग के बीच एक और जंग भीषण हो गई है...जी हां सऊदी अरब और यमन के अंसारुल्लाह की अदावत अब उस मोड़ पर जा पहुंची है कि सऊदी ने तय कर लिया है कि हूतियों के कंट्रोल वाले यमन की राजधानी सना पर किसी भी सूरत में कब्जा करना है…
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
हाइब्रिड आतंकवाद से निपटने में आम नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी सुरक्षा एजेंसियों की। अगर कोई डिजिटल मीडिया पर संदिग्ध किस्म का कोई भी वार्तालाप या पोस्ट देखे तो उसे तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Iran America War के बीच Qatar का US से क्यों उठ गया भरोसा | Trump | Saudi| UAE। Hormuz
मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बड़े पार्टनर और उसे अपनी जमीन पर सबसे बड़ा फौजी अड्डा देने वाले कतर के सुर अमेरिका को लेकर बदलने लगे हैं...जी हां ईरान के जरिए हुई पिटाई और तुम्हारी जमीन से हमला होगा तो तुम पहले पिटोगे के फलसफे का असर दिखने लगा है....
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan मुस्लिम नाटो बन तो गया है..लेकिन क्या ये एक दूसरे की मदद कर पाएगा....इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी रहती है.…
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला | Iran
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला |
बुशरा बानो का जन्म उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में हुआ। वो पढाई में काफी तेज थीं। उनके पास कई डिग्रियां हैं जैसे पीएचडी, एमबीए एम और नेट-जेआरफ। बुशरा बानो ने अपनी अपनी 12वीं की पढ़ाई खत्म करने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी एएमयू से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
पंजाब में 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान का बड़ा असर, 25 हजार से ज्यादा नशा तस्कर गिरफ्तार
पंजाब सरकार ने बताया कि सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर मिली 51,979 गुप्त सूचनाओं की मदद से 25,339 गिरफ्तारियां की गईं. सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को एक महत्वपूर्ण ताकत बताया है.
Yemen Houthi Saudi Arabia War में सऊदी समर्थित सेना पर हावी हुए Iran समर्थित अंसारुल्लाह|Middle East
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। हूतियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों से सैन्य ठिकानों, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अधिकतर मामले सकारात्मक बने रहेंगे, सहजता से आगे बढ़ेंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: सभी के साथ मदद का नजरिया रखेंगे. अनुशासित ढंग से कार्य आगे बढ़ाएंगे. अनुभव का भरपूर लाभ मिलेगा. प्रबंध के मामलों में सक्रियता बनाए रखेंगे.
Iran Attack On UAE Jordan के बाद पत्रकारों को धमकी? | BBC News | America | Middle East
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच खाड़ी देशों में प्रेस की आजादी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में हमलों से प्रभावित इलाकों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने या उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर कड़े प्रतिबंधों की खबरें सामने आई हैं
Iran America War: ईरान युद्ध के बीच US Army में हड़कंप, कई सैनिक बाहर | Trump | Hormuz
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन में अंदरूनी खींचतान की खबरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के पद छोड़ने या हटाए जाने और दर्जनों प्रमोशन रोके जाने की बात सामने आई है।
Iran America War: IRGC ने एक साथ Qatar, Kuwait, Bahrain, UAE पर की Strike | Pakistan
अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब खाड़ी के कई देशों तक फैलती दिखाई दे रही है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस बढ़ते टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा दिया है।
Mecca Defence Pact: Turkey FM का Netanyahu पर बड़ा हमला | Saudi | Erdogan | Pakistan | Muslim NATO
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पहली बैठक इस्तांबुल में हुई। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के साथ सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
Israel Turkey Tensions के बीच Erdogan के विदेश मंत्रालय ने Netanyahu की तुलना Nazi से की | Gaza
तुर्की और इजराइल के बीच तनाव अब बेहद तीखा होता दिख रहा है। इजराइली विदेश मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन पर यहूदी-विरोध का आरोप लगाए जाने के बाद तुर्की के विदेश मंत्रालय ने नेतन्याहू सरकार पर बेहद कड़ा पलटवार किया है
Bangladesh Join Muslim NATO: Mecca Defence डील की Turkey बैठक में बड़े फैसले |Saudi |Pakistan
हाल ही में बड़े जोर शोर से बने मुस्लिम नाटो को अमल में लाने के लिए कार्रवाई शुरु हो गई है...ऐसे वक्त में जब ईरान अमेरिका एक दूसरे पर वार पलटवार कर रहे हैं....सीरिया में तुर्की और इजरायल आमने सामने हैं..मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट से जुड़े देश डील के बाद पहली बार मिल रहे हैं..
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East ईरान-अमेरिका के बीच सैन्य तनाव फिलहाल शांत दिख रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और कूटनीतिक टकराव बेहद तीखा हो गया है। अ
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Pakistan ने LoC पर Turkey Drone TB2 Bayraktar किए तैनात, जासूसी में माहिर, बॉर्डर पर बढ़ा तनाव!
LoC पर पाकिस्तान की ड्रोन गतिविधियों को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से तुर्की के Bayraktar TB2 ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा है। यह ड्रोन लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी करने के साथ सटीक हमले में भी सक्षम है
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता?
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता? ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इज़राइल की सख्ती के बीच अब सऊदी अरब के साथ अमेरिका की 30 साल की नागरिक परमाणु डील ने मध्य पूर्व की राजनीति में नया सवाल खड़ा कर दिया है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Mojtaba Khamenei Video से दुनिया हैरान | Trump | Hormuz
ईरान से मोजतबा खामेनेई का एक दुर्लभ वीडियो सामने आने के दावे ने उनकी सेहत को लेकर चल रही अटकलों को फिर चर्चा में ला दिया है। ईरानी मीडिया में सामने आए इस फुटेज में मोजतबा खामेनेई एक अकादमिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए नजर आते हैं और उनकी आवाज भी सुनाई देती है
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Natural Gas Reserve खोज ईरान ने बढ़ाई Trump की टेंशन | Hormuz
ईरान के ऊर्जा क्षेत्र से सामने आई एक बड़ी खबर ने वैश्विक भू-राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद के मुताबिक, दक्षिणी फार्स प्रांत में एक नए प्राकृतिक गैस क्षेत्र की खोज हुई है, जिसमें 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस भंडार होने का दावा किया गया है।
Muslim NATO में Iran की होगी एंट्री? Mecca Defence Treaty से Israel घबराया | Saudi | Turkey|Pakistan
क्या ईरान भी मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने जा रहा है? ईरानी संसदीय समाचार एजेंसी से जुड़े मेहदी रहीमी के एक दावे ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Israel Turkey Tension News: तुर्की से तनाव पर Israel FM Gideon Saar का सरेंडर! | Erdogan | Syria
इजरायल और तुर्की के बीच बढ़ता तनाव अब सीरिया से लेकर पूरे मिडिल ईस्ट की राजनीति को प्रभावित करता दिख रहा है। अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद तुर्की की कड़ी प्रतिक्रिया और फिर इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के नरम तेवरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
Pakistan में China, Turkey के Military Planes अचानक क्यों उतरे, क्या India के लिए कोई बड़ा खतरा?
पाकिस्तान के एयरबेस पर चीन और तुर्की के भारी सैन्य विमानों की बढ़ी आवाजाही ने नई सुरक्षा चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, करीब 60 घंटे के भीतर चीनी और तुर्की मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने पाकिस्तान के कई एयरबेस के चक्कर लगाए
Mecca Defence Treaty से किसको सबसे ज्यादा फायदा, China एक्सपर्ट ने समझाया | Saudi, Turkey, Pakistan
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने मध्य पूर्व की बदलती रणनीतिक तस्वीर पर नई बहस छेड़ दी है।
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan Add Live Hindustan as your preferred source on Google.
Pirates Hijack Cargo Ship: यमन और सोमालिया में दो कमर्शियल जहाज अगवा, 22 भारतीय बंधक। Turkey
अदन की खाड़ी से भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। दो अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे।
Saudi Arabia Houthi War: सऊदी पर हमले से पहले Iran की चेतावनी फिर ARAMCO पर हमला | Yemen
सऊदी अरब पर हूती ड्रोन हमलों के बाद मक्का रक्षा समझौते यानी कथित ‘मुस्लिम नाटो’ की असली ताकत पर सवाल उठने लगे हैं। अरामको, नज्रान और सऊदी के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दावों के बीच तुर्की और पाकिस्तान की भूमिका चर्चा में है।
Iran America War Update: युद्ध के बाद Trump के Sanctions से ईरान क्यों बेखौफ | China | Russia
ट्रंप के 'Economic D-Day' ऐलान के बाद ईरान ने अमेरिका की नई आर्थिक पाबंदियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रतिबंधों को पुरानी और विफल नीति बताया है।
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नक्शों और बयानों की जंग भी तेज हो गई है।
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Iran America War Update: हार देख Trump का ईरान के दोस्तों को Sanctions की धमकी | Middle East News
ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। ट्रंप ने ईरान और उसकी मदद करने वाले देशों को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है और इसे Economic D-Day बताया है।
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS | Middle East News
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS
Iran On Saudi Arabia UAE: अब America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz | Trump
Iran On Saudi Arabia UAE America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz |
Muslim NATO Alliance: इस्लामिक नाटो में Bangladesh को शामिल करने की तैयारी | Pakistan | Turkey|Saudi
बांग्लादेश को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के उभरते रक्षा ढांचे के करीब लाने की अटकलों ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। तुर्की के अखबार येनी शफाक ने बांग्लादेश को इस संभावित सुरक्षा ढांचे में शामिल किए जाने की संभावना जताई है, हालांकि अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है
Israel Qatar Deal Cancelled: कतर से Netanyahu ने डिफेंस डील रोकी | Iran US War Update | Hormuz
ईरान के बाद अब क्या कतर भी मिडिल ईस्ट के बड़े टकराव का नया केंद्र बनने जा रहा है? इज़राइल और कतर के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Turkey Anka 3 drone जो क्रूज मिसाइलें लेकर उड़ेगा, कितना खतरनाक, निशाने पर कौन? Iran US War। Israel
तुर्की ने अपने आधुनिक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन Anka-3 को भविष्य के हवाई युद्ध के लिए तैयार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों से लैस होकर दुश्मन के एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
Islamic NATO की तारीफ क्यों करने लगे Trump? Pakistan | Turkey | Iran | Saudi। Mecca Deal
ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने एक नए मुस्लिम सुरक्षा गठबंधन की चर्चा तेज कर दी है।
Iran Pilots Missing News: कहां गए IRGC के 3 पायलट, Qatar क्यों कर रहा इनकार? America | Hormuz
मार्च 2026 के युद्ध के दौरान लापता हुए ईरान के तीन फाइटर पायलटों को लेकर अब एक नया और बेहद गंभीर विवाद सामने आया है। ईरान का दावा है कि उसके तीन पायलट जिंदा हैं और पिछले छह महीनों से कतर की हिरासत में हैं।
Houthi Attack on Saudi: Iran vs US के बीच हूतियों ने Saudi Arabia की नाक में किया दम! | Mokha Port
मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव चरम पर है। जहां एक तरफ ईरान (Iran) अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं यमन के हूती विद्रोही (Houthi Rebels) सऊदी अरब (Saudi Arabia) की नाक में दम किए हुए हैं।
Hormuz Strait Crisis 2026: UAE का एक और जहाज तबाह, ईरानी पायलट्स पर कतर से भिड़ा ईरान | Mojtaba
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हो रहे हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर अपनी सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक और जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
Iran US War: Qatar के कैद में है ईरान के 3 पायलट, बड़ा खुलासा! | Qatar Captures 3 Iranian Pilots
मध्य पूर्व (Middle East) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान (Iran) के तीन लड़ाकू पायलट पिछले छह महीनों से कतर (Qatar) की कैद में हैं।
Iran Drone Attack On Erbil में America सैनिकों के होटल पर हमला | Trump | Hormuz | Middle East News
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इराक के एरबिल से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दावों के मुताबिक, एरबिल में अमेरिकी सैनिकों और कॉन्ट्रैक्टर्स के ठहरने वाले एक होटल को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया।
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey | manpad missile
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | MBS
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | अब सवाल उठ रहा है कि क्या जाजान हमला इस नए ‘इस्लामिक NATO’ की पहली बड़ी परीक्षा है?
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Houthi Attack On Saudi Arabia: समंदर से लेकर तेल ठिकाने और अब सऊदी सेना पर हमले | MBS
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी के दावे के मुताबिक, ताइज़ प्रांत के अल-मोखा क्षेत्र और मारिब के तदावीन कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।
Trump Secret Flight: Iran के डर से ट्रक में छिपकर भागे थे ट्रम्प, अब हुआ खुलासा। Turkey NATO Summit
अमेरिका के मुताबिक इस बार ईरान ट्रंप के तुर्के दौरे पर उन्हें निशाना बनाने वाला था। इस खतरे से सूचना मिलते ही ट्रंप को बेहद फिल्मी तरीके से बचाया गया था। इस सीक्रेट ऑपरेशन को लेकर हाल ही कुछ हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं।
Houthi Attck On Saudi Arabia: पहले सऊदी फिर America का MQ-9 हुआ क्रैश, हूती बेकाबू | Bab Al Mandeb
हूती-सऊदी तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर हमलों का दावा किया है।
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए Defense Agreement को लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आए साथ तो क्या बोला Iran ?
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच बन रहे 'इस्लामिक नाटो' शैली के रक्षा समझौते पर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है। तेहरान ने रियाद को चेतावनी देते हुए कहा है कि कागजी समझौते और बाहरी ताकतों पर निर्भरता सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
Iran America war होगी तेज, UAE, Saudi Arabia और Qatar तक फैलेगी जंग की आग! | Middle East
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। अब तक ईरान की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि यदि टकराव और गहराया तो इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO बनाने को लेकर डील फाइनल, Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye जल्द करेंगे ऐलान। Israel
पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों देशों के बीच डिफेंस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है
सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें--The Most Important War We Ignore: Why Climate Change and Environmental Crisis Need Urgent Global Attention
युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य
विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है…
Iran America War: ईरान ने Iraq और Kuwait बार्डर के करीब क्यों भेजे T 72 Tanks|Trump
मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो कभी भी फट सकता है..जी हां जंग के बादल कभी भी छा सकते हैं...अमेरिका चाहे लाख मना करे...लेकिन जब तक इजरायल खित्ते में आक्रामक है तब तक जंग पूरी तरह नहीं रुक सकती..यही वजह है कि ईरान ने ्अपने टैंक इराक से लगी सरहद के करीब जमा करना शुरु कर दिए हैं…
कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति
कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.
ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.
कंगना के ‘जेबकतरों जैसी ड्रेस’ वाले बयान को यूजर्स ने सोनाक्षी से जोड़ा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
'जेबकतरों की तरह...', कंगना ने सोनाक्षी पर किया कमेंट!
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए इंडस्ट्री की एक हीरोइन पर तीखा हमला किया है. यूजर्स का मानना है कंगना ने ये अटैक सोनाक्षी सिन्हा पर किया है.
Iran US War Update: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
Iran-US War: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
गाजा में कत्लेआम पर भड़के कतर-तुर्की-मिस्र, इजरायल नहीं रोक रहा बमबारी
कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला?', ट्रंप ने ईरान पर अब किया ये ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़ा हमला फिलहाल रोक दिया है. दूसरी तरफ तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए सैन्य सतर्कता बनाए रखने, सऊदी अरब और पाकिस्तान से तेज संपर्क बढ़ाने और यह साफ करने का संदेश दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जवाबी तैयारी और राजनीतिक समाधान अब साथ साथ चलेंगे.
युद्ध, डर और उम्मीद... आखिर क्यों गढ़े गए सुपरहीरो?
सुपरहीरो कभी भी सिर्फ असाधारण शक्तियों वाले किरदार नहीं रहे. वे हर दौर के समाज की इच्छाओं, आशंकाओं और सपनों का प्रतिबिंब रहे हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत केवल असाधारण शक्तियों में नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने, कमजोरों के साथ खड़े होने और दूसरों के लिए जोखिम उठाने के साहस में होती है.
इराक के सुलेमानिया पर ईरानी ड्रोन ने बरपाया कहर, सामने आया Video
इराक के सुलेमानिया में ईरान-विरोधी समूहों के एक ठिकाने को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया है. माना जा रहा है कि ये हमला ईरान ने किया है जिसमें अलगाववादी समूहों के मुख्यालय पर दो प्रोजेक्टाइल सीधे जाकर लगे. ईरान ने ड्रोन से ये हमला किया. देखें वीडियो.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
Iran US War: Iran ने जारी कर दी अपनी Hitlist, सऊदी, UAE और कतर पर क्यों मंडराया खतरा?
पश्चिम एशिया (Middle East) का युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
'टैरिफ धमकी से टला भारत-पाक परमाणु युद्ध', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध टालने में अपनी भूमिका का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनके कूटनीतिक दबाव और टैरिफ की धमकी से होने जा रहा युद्ध रुक गया. ट्रंप ने दावा किया कि इसी तरह उन्होंने 5 युद्ध रोक दिए.
Houthis vs Saudi Arabia: Iran के प्रॉक्सी से तीन तरफा घिरा सऊदी, क्या अब युद्ध की उपाय? Red Sea। US
अमेरिका और इज़राइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया लगातार तनाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक सऊदी अरब इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता रहा,
Houthis Attack on Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF
Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF सऊदी के यमन पर अटैक और हूतियों के पलटवार के बीच..इराक से भी सऊदी से बदले की उठ रही आवाजें..मिडिल ईस्ट में जंग के इस नए मोर्चे पर..गल्फ न्यूज के पूर्व एडिटर बॉबी नकवी को सुनिए
The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...
गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

