107 दिनों की तबाही के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान जंग खत्म करने को राजी हैं। रविवार को ट्रम्प ने लिखा- समझौता हो गया। ईरान ने भी बयान जारी किया। अब 19 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देश MoU पर साइन करेंगे। अंदरखाने कैसे हुई ये डील, इसमें क्या-क्या शर्तें हैं, आखिर कौन जीता ये जंग और अब आगे क्या होगा; ऐसे 7 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: क्या अमेरिका और ईरान में वाकई जंग खत्म हो गई है? जवाबः 14 जून की देर रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहजाब शरीफ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ऐलान किया, 'अमेरिका और ईरान में शांति समझौता हो गया है। दोनों देश लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तुरंत मिलिट्री ऑपरेशन बंद करने के लिए तैयार हो गए हैं।' थोड़ी देर बाद ट्रम्प ने भी एक पोस्ट से जरिए कंफर्म किया, 'ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को बहने दो।’ ईरान की तरफ से भी पुष्टि की गई कि दोनों पक्षों ने एक मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी MoU फाइनल कर लिया है। इससे ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटेगी और मौजूदा सीजफायर आगे बढ़ेगा। हालांकि इस घोषणा को ‘जंग का अंत’ कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी। इसकी तीन बड़ी वजहें हैं… पहली- खुद ट्रंप का बयान: ट्रम्प का कहना है कि ईरान के साथ युद्ध रोकने का समझौता हो गया है, लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। अगर परमाणु कार्यक्रम पर समझौते से अमेरिका संतुष्ट नहीं हुआ तो सख्त कदम उठाएगा। दूसरी- इजराइल का रवैयाः समझौते की घोषणा से कुछ घंटे पहले इजराइल ने लेबनान पर बमबारी की। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाने के संकेत दिए हैं। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्वीर ने अमेरिका-ईरान पीस डील पर कड़ी नाराजगी जताई है। तीसरी- ईरान की शर्तेंः ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि ये डील कायम रखने के लिए अमेरिका को तीन कदम उठाने होंगे- 1. नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना, 2. युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, 3. ईरान के फ्रीज्ड फंड जारी करना। जेनेवा में 19 जून को MoU पर साइन होंगे। अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रम्प या उप राष्ट्रपति जेडी वांस, समझौते पर डिजिटल साइन करेंगे। इसके बाद अगले 60 दिनों तक कई दौर की बातचीत होगी और फाइनल एग्रीमेंट तय किया जाएगा। सवाल-2: पाकिस्तान या कतर, अंदरखाने ये डील किसने कराई? जवाबः जंग शुरू होने के बाद सुलह कराने की कमान सबसे पहले पाकिस्तान ने संभाली, लेकिन आखिरी दौर में बाजी कतर के हाथ आ गई… दिल्ली स्थित थिंक टैंक ऑब्जर्वर्स रिसर्च फाउंडेशन यानी ORF में मिडिल ईस्ट से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट कबीर तनेजा बताते हैं, ‘इस समझौते में कतर की एंट्री आर्थिक वजहों से हुई। मसलन- आने वाले दिनों में ईरान फंड्स की मांग करता है, तो ये कतर से ही ट्रांसफर किए जाएंगे। क्योंकि ईरान के फ्रीज फंड का बड़ा हिस्सा कतर के बैंकों में बंद है। अगर ट्रम्प खुद अमेरिका के हवाले से फंड्स भेजेंगे, तो अमेरिका की स्थिति कमजोर दिखेगी।’ डिफेंस एनालिस्ट नितिन ए. गोखले का आकलन है कि पाकिस्तान के पास इतना दम या भरोसा नहीं था कि वह दोनों पक्षों को समझौते के करीब ला सके। आखिरकार कतर की दखल से ही डील मुमकिन हुई। हालांकि, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एसोसिएट रिसर्चर डॉ. यासिर अली मिर्जा इसे किसी एक देश की जीत मानने से इनकार करते हैं। उनके मुताबिक यह डील पाकिस्तान, कतर, मिस्र, सऊदी अरब और ओमान के साझा प्रयासों का नतीजा है। सवाल-3: इस समझौते में दोनों देश किन-किन बातों पर राजी हुए हैं?जवाबः आधिकारिक तौर से अभी शांति समझौते की शर्तें जारी नहीं की गई है। लेकिन ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर और ब्रिटिश न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक शांति के लिए 14 पॉइंट का लेखा तैयार किया गया हैं- सवाल-4: आखिरकार इस जंग में कौन जीता? जवाबः समझौते की शर्तों और बयानों से तो इस जंग में ईरान का पलड़ा भारी दिख रहा है… ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने डील की घोषणा के बाद कहा, 'दुश्मन ने अपने नापाक इरादों को पूरा करने के लिए हम पर हमला किया था, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया और हमने जंग में बड़ी जीत हासिल की।' दूसरी तरफ ट्रम्प ने डील का ऐलान करते हुए जंग में जीत का कोई जिक्र नहीं किया। जबकि कुछ हफ्तों पहले तक वो ईरान को नेस्तनाबूद करने का दावा कर रहे थे। सवाल-5: इजराइल इस डील से खुश है या नाराज? जवाबः शुरुआती प्रतिक्रियाओं में इजराइल इस डील से नाखुश दिख रहा है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने कहा है कि अमेरिका-ईरान समझौते से इजराइल बंधा हुआ नहीं है। कबीर तनेजा मानते हैं कि इजराइल के लिए ये डील बुरी खबर है। उसने ट्रम्प के बार–बार कहने के बाद भी लेबनान पर हमले नहीं रोके थे। 14 और 15 जून को भी इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में कई मिसाइलें दागीं। हालांकि इजराइल को एक बड़ी बढ़त भी मिल रही है। लेबनान की करीब 2,000 वर्ग किमी जमीन पर अब इजराइल का कब्जा है। पहले इजराइल कहता था कि उसका टारगेट सिर्फ लितानी नदी तक हिजबुल्ला लड़ाकों को खत्म करना है। लेकिन अब वो नदी पार कर लेबनान के दक्षिणी शहर नबातीह तक पहुंच गया है। इजराइल ने साफ कर दिया है कि इस जंग के दौरान उसने जो भी जमीन कब्जाई है, वह नहीं लौटाएगा। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सरकार की नीति स्पष्ट है। सेना इन इलाकों में बनी रहेगी ताकि इजराइल की सीमाओं और वहां रहने वाले लोगों को जिहादी गुटों से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि इन सुरक्षा क्षेत्रों से स्थानीय निवासियों को हटाया जाएगा और जमीन के ऊपर तथा नीचे मौजूद सभी आतंकी ढांचों को नष्ट किया जाएगा। सीमा से सटे गांवों में जिन घरों का इस्तेमाल आतंकी ठिकानों के रूप में हुआ, उन्हें भी ध्वस्त किया जाएगा। काट्स ने कहा कि नेतन्याहू ने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को भी साफ कर दी है। उन्होंने खुद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से इस मुद्दे पर बात की है। सवाल-6: इस डील का भारत समेत दुनिया पर क्या असर पड़ेगा? जवाबः होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया भर में ईंधन का जो संकट पैदा हुआ था, उससे निजाद मिलेगी… हालांकि JNU में फॉरेन अफेयर्स के प्रोफेसर राजन कुमार कहते हैं, ‘जंग रुकती है, तो तेल के दाम पहले जैसे होने में 6-9 महीने लग सकते हैं। बड़ी तेल कंपनियां अक्सर पहले से तय कॉन्ट्रैक्ट पर तेल खरीदती-बेचती हैं। कई बार 3-6 महीने पहले ही यह तय हो जाता है कि कितना तेल खरीदना है और किस कीमत पर खरीदना है।’ यासिर अली मिर्जा बताते हैं, ‘जंग रुकने से ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिलेगी और भारत और ईरान के बनाए चाबहार बंदरगाह पर व्यापार बढ़ेगा। इससे भारतीय सामान सीधे ईरान, अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच सकेगा। हालांकि, इसका असर दिखने में अभी समय लगेगा।’ सवाल-7: क्या यह डील टिकेगी? टूटने का सबसे बड़ा खतरा क्या है? जवाबः डील टूटने के 3 बड़े खतरे हैं- हालांकि यासिर अली मिर्जा मानते हैं कि मौजूदा डील फाइनल एग्रीमेंट में बदलेगी और जंग खत्म होगी, क्योंकि दोनों देश इस समय जंग आगे बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। ईरान को जंग से इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर भारी नुकसान हुआ है। वो चाहेगा कि उसके फंड्स रिलीज हों और नुकसान की भरपाई हो। ---------- ये खबर भी पढ़िए… पापा के कहने पर 'किलर' बने:5 बच्चे पैदा करने की जिद में 3 शादियां; ट्रम्प सनकी हैं या साइकोपैथ, 80वें जन्मदिन पर पूरा एनालिसिस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कमोबेश हर रोज दुनिया को अपनी बातों और हरकतों से हैरान करते हैं। वो खुद भी कहते हैं कि मेरा अनुमान लगाना नामुमकिन है। हालांकि जब उनके बर्ताव, हरकतों और बयानों को साथ जोड़कर देखते हैं, तो एक पैटर्न नजर आता है कि आखिर ट्रम्प क्या और क्यों सोचते हैं? पूरी खबर पढ़िए…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 80वें जन्मदिन पर मिडिल ईस्ट में जारी जंग खत्म करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है। अमेरिका-ईरान समझौते की घोषणा के बाद एशिया में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। ...
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती और हल्दीघाटी युद्ध विजय के 450वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में जयपुर में ‘हल्दीघाटी विजय स्मृति शिल्प प्रदर्शनी’ की शुरुआत हुई। इसका उद्घाटन राज्यपाल हरिभाऊ किशन राव बागड़े ने किया। प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए राज्यपाल बागड़े ने कहा- महान इतिहास सदैव समाज को ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करता है। हल्दीघाटी का युद्ध केवल एक संघर्ष नहीं, बल्कि स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है। अंग्रेजों ने भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को भुलाने का प्रयास किया, लेकिन हमारे वीरों की गाथाएं आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही हैं। मानसरोवर स्थित भारती शिल्पकला स्टूडियो में प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में महाराणा प्रताप और मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से जुड़े योद्धाओं, वीरांगनाओं एवं ऐतिहासिक विभूतियों की प्रतिमाओं का दुर्लभ संग्रह प्रदर्शित किया गया है। राज्यपाल ने महाराणा प्रताप की हाथी पर सवार प्रतिमा, चेतक पर सवार प्रताप की भव्य मूर्तियों और हल्दीघाटी युद्ध से जुड़ी शिल्पाकृतियों का अवलोकन किया। मेवाड़ की भूमि सदैव वीरों की भूमि रही है, जिसने कभी भी मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की। उन्होंने बप्पा रावल के पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा- विदेशी आक्रांताओं को भारत से खदेड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राज्यपाल ने कहा- अकबरनामा दरबारी इतिहास था, जबकि भारतीय इतिहास में अनेक वीरों और वीरांगनाओं के योगदान को पर्याप्त स्थान नहीं मिला। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उन गौरवशाली अध्यायों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इवेंट की फोटोज यहां देखें… मेवाड़ के स्वर्णिम इतिहास की झलक प्रदर्शनी में 12 इंच से लेकर 15 फीट तक की प्रतिमाएं प्रदर्शित की गई हैं। इनमें चेतक पर सवार महाराणा प्रताप, हाथी पर आरूढ़ महाराणा प्रताप, राणा पूंजा, भामाशाह, हाकिम खान सूरी, पन्ना धाय, भक्त शिरोमणि मीराबाई, महारानी पद्मिनी और राणा सांगा जैसी ऐतिहासिक विभूतियों की आकर्षक मूर्तियां शामिल हैं। इन प्रतिमाओं के माध्यम से न केवल हल्दीघाटी युद्ध की स्मृतियों को जीवंत किया गया है, बल्कि मेवाड़ की उस गौरवशाली परंपरा को भी सामने लाया गया है जिसने भारतीय इतिहास को नई दिशा दी। 25 वर्षों से महाराणा प्रताप को गढ़ रहे हैं महावीर भारती प्रदर्शनी के आयोजक एवं प्रख्यात मूर्तिकार महावीर भारती ने बताया कि वे पिछले 25 वर्षों से महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं। अब तक वे विश्वभर में 600 से अधिक प्रतिमाओं का निर्माण कर चुके हैं। देश के 15 से अधिक राज्यों के साथ-साथ दुबई और मॉरीशस तक स्थापित महाराणा प्रताप की अनेक प्रतिमाएं उनके स्टूडियो में तैयार की गई हैं। यह प्रदर्शनी केवल मूर्तियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि मेवाड़ के शौर्य, त्याग और बलिदान की अमर गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, विधायक गोपाल शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघ चालक डॉ. रमेश अग्रवाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ सहित राजनीतिक, सामाजिक और कला जगत की अनेक हस्तियां उपस्थित रहीं।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से राजकीय इंटर कालेज में प्रवक्ता भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को लखनऊ सहित कई जनपदों में आयोजित हुई। रूस और यूक्रेन युद्ध के अलावा आयुष्मान आरोग्य व प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के पूछे गए सवाल पूछे गए। सामान्य अध्ययन में तार्किक क्षमता और समसामयिक मुद्दों से जुड़े सवाल पूछे गये। शिक्षा और कृषि क्षेत्र की सरकारी योजनाओं, प्रमुख नियुक्तियां और खेल जगत से जुड़े प्रश्न थे। अधिकांश प्रश्न सीधे रटे-रटाए तथ्यों के बजाय विषय की गहरी समझ पर आधारित थे। परीक्षा में 23951 में 11378 उपस्थित रहे। जबकि करीब 52 फीसदी ने यानी 12573 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी। कड़ी जांच के बाद मिली एंट्री राजकीय जुबिली इंटर कालेज समेत दूसरे परीक्षा केंद्रों पर सघन तलाशी के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया दिया। हिंदी, संस्कृत, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, भौतिक विज्ञान, उर्दू, गणित, समाजशास्त्र, जीव विज्ञान, अंग्रेजी, नागरिक शास्त्र और रसायन विज्ञान विषयों के शिक्षकों का चयन होगा। सामान्य अध्ययन में तार्किक क्षमता और समसामयिक मुद्दों से जुड़े सवाल पूछे गये। शिक्षा और कृषि क्षेत्र की सरकारी योजनाओं, प्रमुख नियुक्तियां और खेल जगत से जुड़े प्रश्न थे। अधिकांश प्रश्न सीधे रटे-रटाए तथ्यों के बजाय विषय की गहरी समझ पर आधारित थे। अखिलेश ने बताया कि अर्थशास्त्र विषय के सवाली टीजीटी-पीजीटी स्तर के पूछे गए। इसमें सतत विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विभिन्न सरकारी योजनाएं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना व आयुष्मान आरोग्य योजना के सवाल पूछे गए। अनुराग ने बताया कि जीएस का स्तर सामान्य रहा। जबकि अर्थशास्त्र का खंड अपेक्षाकृत कठिन था। परीक्षा में स्टेटिक्स और करंट एफेयर दोनों प्रकार के प्रश्न शामिल थे। इसके अलावा इजराइल-ईरान और रूस व यूक्रेन युद्ध के सवाल पूछे गए।
पंजाब में भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान की स्थायी सफलता केवल नशा तस्करों और सप्लायरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि इसकी सफलता का आधार रोकथाम, समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और परिवारों और समाज द्वारा दिया जाने वाला सहयोग भी है। 1 मार्च 2025 को शुरू की गई ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम राज्य की सबसे महत्वपूर्ण नशा-विरोधी पहलों में से एक बन चुकी है। इस अभियान के अंतर्गत जहां एक ओर नशा तस्करों और अवैध नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशामुक्ति, पुनर्वास और जन-जागरूकता को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। 90 हजार से अधिक व्यक्तियों का इलाज हुआ पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि रोकथाम और पुनर्वास प्रयासों के तहत 1 मार्च 2025 से मई 2026 तक पंजाब के विभिन्न नशामुक्ति केंद्रों और ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (ओ ओ ए टी ) केंद्रों में नशे से प्रभावित 90 हजार से अधिक व्यक्तियों को भर्ती कर उनका उपचार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि पंजाब सरकार नशों के खिलाफ केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में नशों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन ऐसे संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान करने में, जिनमें नशे की आदत विकसित होने का खतरा हो, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशे की लत के शुरुआती संकेत अक्सर अनदेखे रह जाते हैं और ये भावनात्मक, व्यवहारिक तथा शारीरिक परिवर्तनों के रूप में दिखाई देते हैं। 'व्यवहारिक और शारीरिक परिवर्तनों को नजरअंदाज न करें' नशे की लत के प्रारंभिक संकेतों में अचानक स्वभाव में परिवर्तन, चिड़चिड़ापन, पढ़ाई या कार्य में ध्यान न लगना, परिवार से दूरी बनाना, अपनी गतिविधियों के बारे में अत्यधिक गोपनीयता रखना, बार-बार पैसों की मांग करना, नए मित्रों का साथ बनना, नींद में गड़बड़ी तथा खेल-कूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में रुचि कम होना शामिल हो सकता है। इसी प्रकार शारीरिक लक्षणों में व्यक्तिगत स्वच्छता की अनदेखी, लगातार थकान महसूस होना, आंखों का लाल होना, अत्यधिक नींद आना, खान-पान की आदतों में बदलाव और बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन में वृद्धि या कमी शामिल हो सकती है। अभियान से जुड़े विशेषज्ञों ने परिवारों को सलाह दी है कि वे ऐसे व्यवहारिक और शारीरिक परिवर्तनों को नजरअंदाज न करें। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के साथ शांत, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण तरीके से संवाद करें तथा उन्हें डांटने या दोष देने के बजाय उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करें। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों या चिकित्सकों की सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई कार्रवाई और पुनर्वास प्रयासों के परिणामस्वरूप अनेक व्यक्तियों ने सफलतापूर्वक उपचार प्राप्त किया है और अब वे स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। 'साहस कर लें तो नशे से मुक्ति संभव' अमृतसर के मनप्रीत सिंह (परिवर्तित नाम), जो नशे की लत से उबर चुके हैं, ने कहा, “एक समय ऐसा था जब मैंने स्वयं से उम्मीद छोड़ दी थी। पंजाब सरकार के नशामुक्ति केंद्र ने मुझे जीवन की नई दिशा दी। यहां के स्टाफ ने मेरा सम्मान बनाए रखते हुए पूरी देखभाल के साथ उपचार किया। आज मैं नशों से मुक्त हूं और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहा हूं। मेरा संदेश केवल इतना है कि यदि आप पहला कदम उठाने का साहस कर लें तो नशे से मुक्ति संभव है।” इसी प्रकार तरनतारन जिले के भिखीविंड निवासी खुशबाज़ सिंह (परिवर्तित नाम), जो वर्तमान में सरकारी मेडिकल कॉलेज, अमृतसर के नशामुक्ति केंद्र में भर्ती हैं, ने बताया, “उपचार और काउंसलिंग ने मुझे नशे की लत से बाहर निकलने और सामान्य जीवन में लौटने में सहायता की है। आज मेरा ध्यान अपने परिवार, काम और स्वस्थ भविष्य पर है। यहां का स्टाफ अत्यंत सहयोगी और प्रेरणादायक है।” अभिभावकों के लिए दिशा-निर्देश… 'शुरुआती चेतावनी संकेतों की पहचान करनी होगी' भगवंत मान सरकार का मानना है कि नशे की समस्या से निपटने के 3 प्रमुख स्तंभ हैं। नशामुक्ति, पुनर्वास और काउंसलिंग। ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के माध्यम से सरकार नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाने, नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रभावित व्यक्तियों की सफल रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का स्पष्ट मत है कि नशों के खिलाफ लड़ाई केवल कठोर कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकती। परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और समाज को मिलकर शुरुआती चेतावनी संकेतों की पहचान करनी होगी और प्रभावित व्यक्तियों को उपचार, पुनर्वास और पुनर्स्थापन की दिशा में सहयोग देना होगा। अभियान इस बात पर विशेष बल देता है कि नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ रोकथाम, उपचार और पुनर्वास के प्रयास भी निरंतर जारी रहने चाहिए, तभी पंजाब को नशों की इस गंभीर समस्या से स्थायी रूप से मुक्त किया जा सकेगा।
पंजाब सरकार की 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम के दूसरे चरण की शुरुआत पठानकोट में हो गई है। आम आदमी पार्टी के सुजानपुर हलका इंचार्ज अमित सिंह मंटू ने शिकायत बॉक्स से लैस एक विशेष ई-रिक्शा को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाना और शिकायतों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाना है। गांवों और कस्बों में जाएगा रिक्शाइस अवसर पर अमित सिंह मंटू ने बताया कि यह ई-रिक्शा हलका सुजानपुर के विभिन्न गांवों और कस्बों में जाकर नशे के खिलाफ जागरूकता संबंधी घोषणाएं करेगा। यह लोगों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग की अपील भी करेगा। ई-रिक्शा पर लगाए गए शिकायत बॉक्सउन्होंने बताया कि ई-रिक्शा पर लगाए गए शिकायत बॉक्स में आम लोग नशा तस्करी, नशे के कारोबार या अन्य संबंधित गतिविधियों के बारे में अपनी शिकायतें और सुझाव डाल सकेंगे। प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों और अधिकारियों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिकायतकर्ता की पहचान रहेगी गोपनीय अमित सिंह मंटू ने लोगों से अपील की कि वे बिना किसी डर या दबाव के नशे से जुड़ी जानकारी शिकायत बॉक्स में डालें। उन्होंने जोर दिया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, क्योंकि नशे के खिलाफ यह लड़ाई तभी सफल होगी जब समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय भूमिका निभाएगा। लोग इस मुहिम में करें सहयोगउन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खात्मे के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है और जनता के सहयोग से इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को नशा मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
युद्ध खत्म होने के करीब, होर्मुज, पुनर्निर्माण पर बातचीत का फोकस : ईरान
तेहरान/वाशिंगटन। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि अमरीका के साथ शत्रुता समाप्त करने संबंधी समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रस्तावित समझौते में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, ईरान की जब्त विदेशी परिसंपत्तियों को मुक्त करने तथा युद्ध के बाद पुनर्निर्माण में सहायता संबंधी […] The post युद्ध खत्म होने के करीब, होर्मुज, पुनर्निर्माण पर बातचीत का फोकस : ईरान appeared first on Sabguru News .
उदयपुर के महाराणा भूपाल स्टेडियम (गांधी ग्राउंड) में 17 जून को हल्दीघाटी युद्ध की 450वीं वर्षगांठ पर यहां ‘राष्ट्र चेतना संकल्प सभा’ होगी। प्रताप गौरव केन्द्र के इस आयोजन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत संबोधित करेंगे। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने बताया- पिछले साढ़े चार सौ सालों से फैलाए जा रहे इस झूठ को अब बदला जाएगा कि युद्ध में अकबर जीता था। सच यह है कि महाराणा प्रताप ने अपनी रणनीति से अकबर की सेना को हराया था। प्रो. शर्मा ने बताया- युद्ध के शुरुआती दौर में ही मेवाड़ी सेना ने मुगलों को सात कोस पीछे खदेड़ दिया था। हार के डर से मुगल सेना गोगुंदा के किले में छिप गई थी। वहां रसद खत्म होने पर मुगलों को मरे हुए घोड़ों का मांस और कच्ची केरियां खाकर दिन काटने पड़े थे। जब वे आगरा लौटे तो अकबर ने नाराज होकर मानसिंह का दरबार में आना 6 महीने के लिए बंद कर दिया था। यह साबित करता है कि जीत प्रताप की हुई थी। घर-घर बांटे जा रहे 2 लाख पत्रक प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि इस ऐतिहासिक सच को जनता तक पहुंचाने के लिए 2 लाख पत्रक छपवाए गए हैं। कार्यकर्ता राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश के कई जिलों में इन्हें घर-घर बांट रहे हैं। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 1000 से ज्यादा संतों और देश भर से 5000 प्रबुद्धजनों को न्योता भेजा गया है। कार्यक्रम संयोजक सीए महावीर चपलोत ने बताया कि सभा में 25 से 30 हजार लोगों के आने की उम्मीद है। इसके लिए 2 लाख वर्ग फीट का विशाल वाटरप्रूफ डोम और 20 हजार कुर्सियां लगाई जा रही हैं। जून की भीषण गर्मी को देखते हुए पूरे डोम में पंखे और वाटर मिस्ट (कूलर जैसी ठंडी फुहार) सिस्टम लगाया जा रहा है। हल्दीघाटी की मिट्टी से बनेगी प्रताप की तस्वीर कलाकार मनोहर कलार्थी पहली बार हल्दीघाटी की मूल मिट्टी से महाराणा प्रताप और डॉ. मोहनराव भागवत की अनूठी तस्वीर बना रहे हैं। मंच के सामने मिट्टी से ही कुम्भलगढ़ और चित्तौड़गढ़ के किलों की झांकी सजाई जाएगी। ई-रिक्शा, फ्री खाना और वीआईपी एंट्री बाहर से आने वाले लोगों के लिए विद्या भवन और फतह स्कूल में पार्किंग रहेगी। पार्किंग से ग्राउंड तक लाने-ले जाने के लिए ई-रिक्शा चलेंगे। वापसी में सभी के लिए 25 हजार भोजन पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर डॉक्टरों की स्पेशल टीम और एम्बुलेंस तैनात रहेगी। सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन यह पूरा आयोजन पर्यावरण के अनुकूल होगा। मैदान में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं होगा। मेहमानों के लिए पानी की बोतलें और कूड़ेदान भी मिट्टी के बने होंगे। इसके अलावा 15 जून से गांधी ग्राउंड में तीन दिवसीय ‘मेवाड़ शौर्य प्रदर्शनी’ भी शुरू होगी।
BRICS चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चंडीगढ़ चैप्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दीपक शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए भारत की सक्रिय भूमिका जारी रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कई देशों में चल रहे युद्ध और तनाव का असर व्यापार, माल की सप्लाई और निवेश पर पड़ रहा है, जिससे कारोबारियों और उद्योगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ चैप्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि दुनिया में चल रहे युद्ध और संघर्षों के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसका असर व्यापारियों, निर्यातकों और उद्योगपतियों पर पड़ रहा है। माल ढुलाई का खर्च बढ़ने, सामान की सप्लाई में दिक्कत आने और बाजार में अनिश्चितता के कारण व्यापार करना मुश्किल हो रहा है। पंजाब के व्यापार और उद्योग पर भी असर पत्र में कहा गया है कि पंजाब देश के प्रमुख कृषि और औद्योगिक राज्यों में से एक है। यहां का बड़ा कारोबार निर्यात और व्यापार पर निर्भर करता है। दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव का असर पंजाब के उद्योगों और व्यापार पर भी पड़ रहा है, जिससे लाखों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पहचान दुनिया में मजबूत हुई है। भारत हमेशा बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से विवादों को सुलझाने की बात करता है। ऐसे में भारत विभिन्न देशों के बीच बातचीत को बढ़ावा देकर तनाव कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। शांति से ही बढ़ेगा व्यापार और निवेश BRICS CCI ने पत्र में कहा कि दुनिया में शांति रहने से व्यापार बढ़ेगा, निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। संगठन ने कहा कि भारत को अपने अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का उपयोग कर शांति प्रयासों का समर्थन करना चाहिए, ताकि दुनिया में स्थिरता बनी रहे और कारोबार बेहतर तरीके से आगे बढ़ सके।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे दिन शनिवार को 5 मुकाबले खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच कतर और स्विट्जरलैंड के बीच खेला जाएगा। मैच सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से शुरू होगा। दूसरा मुकाबला ब्राजील और मोरक्को के बीच सुबह 4:30 बजे से न्यू यॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा। तीसरा मैच सुबह 6:30 बजे से हैती और स्कॉटलैंड के बीच मियामी स्टेडियम में होगा। चौथा मैच सुबह 9:30 बजे से ऑस्ट्रेलिया और तुर्की के बीच सिएटल स्टेडियम में, जबकि 5वां मुकाबला जर्मनी और कुरासाओ के बीच ह्यूस्टन स्टेडियम में रात 10:30 बजे से खेला जाएगा। मैच-5: वर्ल्ड कप में पहली बार कतर और स्विट्जरलैंड की भिड़ंत ग्रुप-B में शामिल कतर और स्विट्जरलैंड के बीच अब तक सिर्फ 1 इंटरनेशनल मुकाबला खेला गया है, जिसमें कतर ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। हालांकि, FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार एक-दूसरे से भिड़ेंगी। कतर की टीम एशिया कप चैंपियन होने के हौसले के साथ उतरेगी और उसे अपने विंगर एडमिल्सन जूनियर से बेहतर खेल की उम्मीद होगी। वहीं, स्विट्जरलैंड की मजबूत यूरोपियन टीम अपने स्टार खिलाड़ी ग्रेनिट जाका के अनुभव के दम पर मैच जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: कतर: अबुनाद, उई, मिगुएल, खुखी, अल-अमीन, अब्दुलसलाम, फाथी, लाये, अब्दुलरीसाग, अफीफ, जूनियर। स्विट्जरलैंड: कोबेल, विडमर, एलवेदी, अकांजी, रोड्रिगेज, एबिशर, जाका, फ्रायलर, एनडॉय, मनजांबी, अमदौनी। मैच-6: 1998 वर्ल्ड कप में ब्राजील ने मोरक्को को हराया था ग्रुप-C में शामिल पांच बार की चैंपियन ब्राजील और मोरक्को के बीच अब तक कुल 3 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से 2 मैच ब्राजील ने जीते हैं और एक में उसे हार मिली है। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमें 28 साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों की भिड़ंत साल 1998 के वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां ब्राजील ने मोरक्को को 3-0 से मात दी थी। नेमार की गैरमौजूदगी में ब्राजील की नजरें विनिसियस जूनियर और राफिन्हा पर टिकी होंगी। दूसरी ओर, मोरक्को की टीम अपने स्टार खिलाड़ी अचरफ हकीमी और ब्राहिम डियाज के दम पर ब्राजील को कड़ी चुनौती देगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: ब्राजील: एलिसन, डैनिलो, मार्विनहोस, गैब्रियल, सैंड्रो, कैसीमिरो, गुइमारेस, राफिन्हा, पाकेता, विनीसियस जूनियर, कुन्हा। मोरक्को: बोनो, हकीमी, डियोप, रियाद, मजरौई, अमराबत, एल आयनाउई, औनाही, डियाज, सैबारी, एल खन्नौस। मैच-7: हैती और स्कॉटलैंड के बीच कड़ा मुकाबला ग्रुप-F में शामिल हैती और स्कॉटलैंड के बीच अब तक कुल 2 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से स्कॉटलैंड ने 1 मैच जीता है, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमों के बीच यह पहली भिड़ंत होगी, जहां हैती की टीम स्कॉटलैंड के खिलाफ अपनी पहली जीत की तलाश में उतरेगी। हैती: प्लेसाइड, आर्कस, अदे, डेलक्रोइक्स, एक्सपीरियंस, डीडसन, जीन जैक्स, बेलेगार्डे, प्रोविडेंस, इसिडोर, नाजोन। स्कॉटलैंड: गन, हिकी, हेनली, सुतार, रॉबर्टसन, डोक, मैकटॉमिने, फर्गुसन, मैकगिन, एडम्स, शेंकलैंड। मैच-8: ऑस्ट्रेलिया से नहीं हारी तुर्की ग्रुप-D में शामिल ऑस्ट्रेलिया और तुर्की के बीच अब तक कुल 2 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में तुर्की का पलड़ा भारी है, जिसने दोनों ही मैचों में ऑस्ट्रेलिया को शिकस्त दी है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगी। ऑस्ट्रेलिया: रयान, इटालियानो, सिर्काती, सुतार, हेरिंगटन, बोस, मेटकाफ, इरविन, ओ'नील, लेकी, टूरे। तुर्की: चाकिर, चेलिक, डेमिरल, बरदाकची, एल्माली, चालहानोग्लू, युकसेक, गुलर, कोकचू, यिलमाज, गुल। मैच-9: जर्मनी के खिलाफ ऐतिहासिक डेब्यू करेगी कुरासाओ की टीम ग्रुप-E में शामिल 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी और कैरेबियाई देश कुरासाओ के बीच यह पहला मुकाबला होगा। कुरासाओ इतिहास में पहली बार FIFA वर्ल्ड कप खेल रही है। जर्मनी को फ्लोरियन विर्ट्ज और जमाल मुसियाला जैसे युवा सितारों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: जर्मनी: नोयर, किमिच, ताह, रुडिगर, रॉम, गोरेट्जका, पावलोविच, विर्ट्ज, मुसियाला, हावर्ट्ज, उंडाव। कुरासाओ: रूम, ब्रेनेट, गारी, ओबिस्पो, फ्लोरानस, एल. बकुना, जे. बकुना, गोरे, चोंग, कस्तानीर, मार्गरीथा। -------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… टाइटल जीतने का सबसे बड़ा दावेदार स्पेन फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत हो चुकी है। दुनिया की 48 बेस्ट टीमें खिताब के लिए भिड़ रही हैं। ऑप्टा सुपरकंप्यूटर और EPSN ने एनालिसिस किया और कहा कि इस वर्ल्ड कप की सबसे बड़ा दावेदार स्पेन है। पढ़ें पूरी खबर
मुंशी हसदा ने स्टूडेंट स्पोर्टिंग क्लब को हराया:जिला फुटबॉल लीग में 4-0 से एकतरफा जीत दर्ज की
पूर्णिया जिला फुटबॉल लीग टूर्नामेंट में आज मुंशी हसदा और स्टूडेंट स्पोर्टिंग क्लब के बीच मुकाबला खेला गया। इस मैच में मुंशी हसदा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्टूडेंट स्पोर्टिंग क्लब को 4-0 से एकतरफा मात दी। मैच की शुरुआत से ही मुंशी हसदा की टीम आक्रामक नजर आई। खेल के दूसरे मिनट में जर्सी नंबर 11 के खिलाड़ी वीरेंद्र ने पहला गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 15वें और 27वें मिनट में जर्सी नंबर 12 के राजीव ने लगातार दो गोल कर बढ़त को 3-0 कर दिया। दूसरे हाफ में भी मुंशी हसदा का दबदबा कायम रहा। जर्सी नंबर 10 के खिलाड़ी ने चौथा गोल कर टीम की बढ़त को 4-0 तक पहुंचाया। अंततः मुंशी हसदा ने यह मुकाबला 4-0 से अपने नाम कर लिया। मैच के मुख्य निर्णायक राम सेवक, रमन, रजनीश कुमार और बबलू कुमार थे। अपने उत्कृष्ट खेल के लिए जर्सी नंबर 12 के राजीव कुमार को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। इस अवसर पर डीएसए अध्यक्ष गौतम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ एथलेटिक संघ के सचिव एम.एच. रहमान, क्रिकेट संघ के अध्यक्ष गौतम चौधरी, फुटबॉल संघ के उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, रमन सिंह, आलोक लोहिया, पूर्व फुटबॉलर मनीष कुमार, फरद आलम, राजू सिंह और अंबुज सिंह भी मौजूद थे। टूर्नामेंट के अध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में आगे भी कई रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे।
दुर्ग जिले के बहुचर्चित एकतरफा प्रेम और जानलेवा हमले के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी ओमप्रकाश निर्मलकर उर्फ सोनू को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने माना कि आरोपी ने शादीशुदा महिला की हत्या करने के इरादे से उस पर पत्थर और धारदार कटर से हमला किया था। पीड़िता ने जनवरी 2025 में नेवई थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता अन्नू गायकवाड़ अपने पति से अलग होकर नेवईभाठा क्षेत्र में रह रही थीं। इसी दौरान क्षेत्र का निवासी ओमप्रकाश निर्मलकर उनसे एकतरफा प्रेम करने लगा। आरोपी लगातार उन्हें परेशान करता था। इस संबंध में अन्नू ने जनवरी 2025 में नेवई थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद आरोपी पीड़िता से रंजिश रखने लगा था। ड्यूटी जाने निकली थी तब किया हमला 17 अप्रैल 2025 की सुबह करीब 6:30 बजे अन्नू गायकवाड़ काम पर जाने के लिए घर से निकली थीं। नेवई खदानपारा नर्सरी के पास आरोपी ने उनका रास्ता रोक लिया और एकतरफा प्रेम में असफल रहने की नाराजगी में हमला कर दिया। आरोपी ने पहले भारी पत्थर से महिला के सिर और चेहरे पर वार किया, फिर धारदार कटर से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर नेवई पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से खून लगी मिट्टी, टूटी चूड़ियां और अन्य साक्ष्य जब्त किए। 12 गवाहों की गवाही बनी अहम सबूत पुलिस ने 18 अप्रैल 2025 को आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त करीब पांच किलो का पत्थर और खून से सना कटर बरामद किया गया। फॉरेंसिक जांच में इन पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता अन्नू गायकवाड़, प्रत्यक्षदर्शी पायल यादव, पीड़िता की मां सुभिया टंडन सहित कुल 12 गवाहों को अदालत में पेश किया। मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने अभियोजन के पक्ष को मजबूत किया। कोर्ट ने कहा- हमला बेहद गंभीर था सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने महिला के सिर और चेहरे जैसे संवेदनशील अंगों पर हमला किया था। हमले की प्रकृति और परिस्थितियां स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि यदि पीड़िता की मृत्यु हो जाती तो आरोपी हत्या का दोषी होता। अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118(2) के तहत दोषसिद्ध कर तीन वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। फैसले के बाद आरोपी को केंद्रीय कारागार दुर्ग भेज दिया गया।
बूंद-बूंद पानी को तरसेगा पाकिस्तान... भारत के चक्रव्यूह से बौखलाए पाकिस्तान ने दी 'युद्ध' की धमकी
Pakistan threatens India Indus Water Treaty: खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते.... भारत का यह कड़ा रुख अब पाकिस्तान के लिए काल बनता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत ने जब से ऐतिहासिक 'सिंधु जल समझौते' (Indus ...
झाबुआ बस स्टैंड पर शुक्रवार को एक महिला जेबकतरी को रंगे हाथों पकड़ा गया। वह एक निजी यात्री बस में चढ़कर भागने की कोशिश कर रही थी, तभी एक ग्रामीण महिला ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी और पुलिस को सूचना दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र से आई एक महिला बस स्टैंड पर मौजूद थी। इसी दौरान एक अन्य महिला ने उसके पर्स से नकदी निकाल ली। चोरी का पता चलते ही पीड़िता ने तुरंत आरोपी महिला का पीछा किया। आरोपी महिला एक निजी यात्री बस में सवार होकर भागने का प्रयास कर रही थी, लेकिन पीड़िता ने उसे बस में चढ़ने से पहले ही पकड़ लिया। बस स्टैंड पर देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। गुस्साई ग्रामीण महिला ने आरोपी की सार्वजनिक रूप से पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल में कैद कर लिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल की अन्य तस्वीरें…
पंजाब सरकार द्वारा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। सरकार ने 4 IAS और 30 PCS अधिकारियों के ट्रांसफर किए है। इसमें उनमें मुख्य रूप से अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ADC) और सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) स्तर के अधिकारी शामिल हैं. वर्ष 2022 बैच के IAS अधिकारी श्री डेवी गोयल को अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) श्री मुक्तसर साहिब लगाया गया है और उन्हें अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। साल 2023 बैच की IAS अधिकारी कृतिका गोयल को मानसा का नया अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) नियुक्त किया गया है। वर्ष 2023 बैच के ही IAS अधिकारी आदित्य शर्मा को अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) तरनतारन और पल्लवी मिश्रा को अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अमृतसर के खाली पदों पर तैनात किया गया है। आदेश की कॉपी
टोंक में पुलिस ने रेप के आरोपी को 6 साल बाद सऊदी अरब से जयपुर आते ही हिरासत में ले लिया है। आरोपी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी हुआ था। इस कारण आरोपी के विदेश से आने की सूचना मिलते ही यह कार्रवाई की गई। इसके बाद उसे टोंक कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। 2020 में दर्ज करवाया था मामला पुलिस जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने साल 2020 में आरोपी के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद टोंक में मामला ट्रांसफर कर दिया गया। महिला का आरोप था कि वह रेप कर दुबई चला गया और वहां अपना बिजनेस कर रहा है। विदेश से आपत्तिजनक फोटोज भेजता था महिला का आरोप था कि युवक सऊदी अरब से विवाहिता के पति को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर परेशान करता था। मामले में आरोपी की लंबे समय से तलाश की जा रही थी। पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था, जिसके चलते विदेश से भारत पहुंचते ही उसे जयपुर एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। फिलहाल पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
राजधानी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर गुरुवार को एक अलग ही आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। भगवान बुद्ध के परम शिष्यों सारिपुत्र और महामोद्गलायन के पवित्र अस्थि अवशेष जैसे ही भोपाल पहुंचे, वहां मौजूद लोगों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट परिसर कुछ देर के लिए श्रद्धा और भक्ति के रंग में डूब गया। मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग ने इस मौके पर विशेष स्वागत कार्यक्रम रखा था। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर दर्शन किए और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने जिस मानवता, शांति और करुणा के प्रवाह को शुरू किया था, उसे आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ा रहे हैं। “आज दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध की आवश्यकता है। ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का विचार भारत दुनिया तक पहुंचा रहा है। इस अवसर पर महाबोधि सोसायटी, सांची के पूज्य बान गल उप तिस्स नायक थेरो और बान गल विमल तिस्स थेरो सहित कई गणमान्य संत उपस्थित रहे। अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने इसे गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से इन पवित्र अवशेषों को विश्व के बौद्ध देशों तक पहुंचाया जा रहा है। एक लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शनमंगोलिया की राजधानी उलानबातर स्थित गंदन मठ में इन पवित्र अवशेषों को प्रदर्शित किया गया, जहां करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुरू हुई इस प्रदर्शनी ने मंगोलियाई बौद्ध अनुयायियों को दुर्लभ आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया। भारत-मंगोलिया के सांस्कृतिक संबंध हुए मजबूतयह यात्रा भारत और मंगोलिया के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्तों को और सशक्त करने वाली रही। दोनों देशों के बीच बौद्ध विरासत एक मजबूत सेतु का काम करती है। उल्लेखनीय है कि इन पवित्र अवशेषों को इससे पहले केवल थाईलैंड और मंगोलिया में ही सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए भेजा गया है। एयरपोर्ट पर लगी छायाचित्र प्रदर्शनीस्वागत कार्यक्रम के दौरान एयरपोर्ट परिसर में एक विशेष फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें भारत से मंगोलिया तक की यात्रा, वहां हुए स्वागत, श्रद्धालुओं की आस्था और गंदन मठ में हुए धार्मिक अनुष्ठानों के दुर्लभ दृश्य प्रदर्शित किए गए।
बठिंडा पुलिस ने 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए एक डिप्लोमा होल्डर युवक को 314 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कोटली अब्लू (थाना कोट भाई) निवासी राजप्रीत सिंह उर्फ मान के रूप में हुई है। डीएसपी संदीप सिंह ने बताया कि अधिकारियों के निर्देशों पर सीआईए स्टाफ-2 की टीम ठंडी सड़क से सुरखपीर रोड की ओर जा रहे संदिग्ध व्यक्ति की जांच कर रही थी। पोखरामाल कैंटीन के पास उसे रोका गया और तलाशी के दौरान उसके पास से 314 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। राजप्रीत सिंह के खिलाफ कैनाल कॉलोनी पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने हेरोइन कहां से प्राप्त की थी और इसे कहां सप्लाई करना था। आरके टेक से आरोपी ने किया है डिप्लोमा पुलिस के अनुसार, आरोपी राजप्रीत सिंह के खिलाफ पहले भी झपटमारी का मामला दर्ज हो चुका है। उसने आरके टेक से डिप्लोमा किया है और पिछले कुछ महीनों से गांव में एक बिजली की दुकान पर काम कर रहा था। मामले की आगे की जांच जारी है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया उर्फ बंटी की हत्या के लिए 20 लाख रुपए में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का सौदा किया गया था। वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों को 10 लाख रुपए एडवांस देकर सुपारी दी गई थी। पूरी साजिश कारोबार की रंजिश के चलते रची गई। मामले में सोमवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब मुख्य आरोपी रोबिन उर्फ मोनू और मुख्य शूटर अमन हथियारों की बरामदगी के दौरान वे पुलिस टीम पर ही फायरिंग कर भागने की कोशिश करने लगे। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें काबू कर लिया गया। 10 लाख में तय हुई थी डील सीआईए-1 के इंचार्ज प्रतीक कुमार के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि रोबिन ने वारदात करवाने के लिए विदेश में बैठे एक आरोपी को 20 लाख रुपए देने थे। इस कड़ी में विदेश में बैठे लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। रोबिन के भाई साहिल का नाम भी सामने आया है। तुर्की और यूके तक जुड़े तार साहिल तुर्की में बैठा हुआ है। उसने अपने यूके में रहने वाले एक दोस्त के जरिए शूटर अमन और राहुल से संपर्क कराया था। इसके बाद कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की पूरी साजिश तैयार की गई। इस वारदात में रोबिन और उसके भाई साहिल के अलावा जीजा विजय भी शामिल है। हथियार करवाने लाई निशानदेही सीआईए-1 प्रभारी प्रतीक कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का 5 दिन का पुलिस रिमांड चल रहा है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया था कि वारदात में इस्तेमाल हथियार पिपली बस स्टैंड के पीछे छिपाकर रखे गए हैं। सोमवार रात को पुलिस टीम रोबिन, अमन और एक अन्य आरोपी को हथियारों की निशानदेही के लिए मौके पर लेकर गई। पुलिस पर कर दी फायरिंग जैसे ही आरोपियों ने छिपाए गए हथियार निकाले, रोबिन और अमन ने उन्हीं हथियारों से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया। हालात को देखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान रोबिन और अमन के पैर में गोली लगी। दोनों को मौके पर ही काबू कर लिया गया, जबकि तीसरा आरोपी सुरक्षित पकड़ा गया। अस्पताल में भर्ती कराए आरोपी घायल दोनों आरोपियों को उपचार के लिए कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और उनका ऑपरेशन करवाया जाएगा। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। मौके पर दोनों तरफ से 6-7 राउंड फायरिंग की गई। कारोबार को लेकर रंजिश आरोपी रोबिन भी माइनिंग का कारोबार करता था। उसकी सुनील भाटिया के बीच लंबे समय से कारोबार को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों के बीच कई बार विवाद और कहासुनी हो चुकी थी। सुनील भाटिया की शिकायत के बाद माइनिंग विभाग ने रोबिन की एक गाड़ी जब्त कर ली थी। इसके बाद दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया। पहले करवाई रेकी, फिर बनाया प्लान हमले से पहले सुनील भाटिया की रेकी करवाई गई थी। आरोपियों ने उसकी दिनचर्या, आने-जाने के रास्ते और गतिविधियों की पूरी जानकारी जुटाई। रेकी के दौरान एक मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया था, जबकि वारदात के दिन दूसरी बाइक का उपयोग किया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। मिट्टी डलवाने के बहाने की पहचान 31 मई को दोनों शूटर सुनील भाटिया का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मिट्टी डलवाने के बहाने बातचीत शुरू की। चूंकि वे सुनील को पहचानते नहीं थे, इसलिए पहले उसका नाम पूछा गया और मोबाइल नंबर लेकर पहचान सुनिश्चित की गई। जब उन्हें यकीन हो गया कि सामने खड़ा व्यक्ति सुनील भाटिया ही है, तब उन्होंने बातचीत समाप्त कर दी। पीछे मुड़ते ही बरसाईं गोलियां सुनील भाटिया जब वहां से वापस जाने लगा तो आरोपियों ने उसे दोबारा आवाज देकर बुलाया। जैसे ही वह पीछे मुड़ा, उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। हमले में एक गोली उसकी जांघ में लगी, जबकि दूसरी गोली गर्दन में जा फंसी। गंभीर रूप से घायल सुनील को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। 18 लाख रुपए बरामद पुलिस जांच में अब तक आरोपियों से 2 गाड़ियां, 2 मोटरसाइकिल, 18 लाख रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद किए जा चुके हैं। शूटर अमन और राहुल से करीब 8.50 लाख रुपए बरामद किए हैं। वहीं रोबिन से भी 9.50 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। ये साढ़े 9 लाख रुपए विदेशी कॉन्टैक्टर को देने थे।
उदयपुर | प्रताप जयंती पर कार्यक्रमों को लेकर बजरंग सेना मेवाड़ की बैठक संभागीय कार्यालय में प्रमुख कमलेंद्र सिंह पंवार की अध्यक्षता में हुई। शोभायात्रा में झांकी के साथ अधिकाधिक भागीदारी का निर्णय लिया गया। 14 जून को चेतक अश्व पूजन, महाराणा प्रताप महाआरती, स्केटिंग, शौर्य तलवार रास, मार्शल आर्ट प्रदर्शन, भव्य आतिशबाजी एवं प्रसाद वितरण के कार्यक्रम होंगे। बैठक में निर्मल पंडित, पुखराज सिंह राजपुरोहित, करणवीर सिंह राठौड़, सुनील कालरा, शिव सिंह सोलंकी, सुरेश चौहान आदि मौजूद रहे। उदयपुर, बुधवार 10 जून, 2026 रक्ततलाई पहुंचे शिव दल कार्यकर्ता, ऐतिहासिक शिलाओं का किया तिलक उदयपुर | महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में शिव दल द्वारा आयोजित 15 दिवसीय कार्यक्रमों की शृंखला में मंगलवार को कार्यकर्ता खमनोर स्थित ऐतिहासिक रक्ततलाई पहुंचे और मेवाड़ के रणबांकुरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शिव दल प्रमुख मनीष मेहता ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले 5 किलो दूध से वीर योद्धाओं की छतरियों का अभिषेक किया। इसके बाद अंगूठा चीरकर रक्ततलाई की शिलाओं पर तिलक किया तथा छतरियों पर पुष्पांजलि और श्रीफल अर्पित कर आरती की। इस दौरान महाराणा प्रताप के जयकारे लगाए गए। मेहता ने कहा कि शिव दल ने रक्ततलाई के संरक्षण, तलाई में वर्षभर पानी भरने, लाल प्रकाश व्यवस्था करने तथा शिलालेख में संशोधन की मांग को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। शिव दल का मुख्य समारोह 16 जून को शाम 6 बजे जगदीश चौक में होगा। प्रताप गौरव केंद्र की राष्ट्र चेतना संकल्प सभा की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में कई प्रबुद्धजन शामिल हुए। इनसेट : संबोधित करते अतिथि। प्रताप पर पहली ऑडियो बुक लॉन्च, 17 भारतीय भाषाओं के साथ अंग्रेजी में भी उदयपुर | महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष और स्वाभिमान पर आधारित देश की पहली ऑडियो बुक का मंगलवार को हिरण मगरी स्थित आलोक संस्थान के चितमथ सभागार में लोकार्पण किया गया। फिल्म के निर्माता-निर्देशक डॉ. प्रदीप कुमावत द्वारा लिखित इस ऑडियो बुक को डिजिटल माध्यम से लॉन्च किया गया। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप की भूमिका निभा चुके अभिनेता नारायण सिंह सिसोदिया विशिष्ट अतिथि रहे। डॉ. कुमावत ने बताया कि ऑडियो बुक को देश की 17 प्रमुख भारतीय भाषाओं के साथ अब अंग्रेजी भाषा में भी जारी किया गया है। इसका हिंदी और अंग्रेजी संस्करण यूट्यूब सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध रहेगा। ऑडियो बुक महज 50 मिनट में श्रोताओं को महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक यात्रा से परिचित कराएगी। इस दौरान नारायण सिंह सिसोदिया, मनोज कुमावत, संजीव भारद्वाज, महाराणा प्रताप गाइड यूनियन के कोमल सिंह चौहान, किशन वाधवानी सहित अन्य मौजूद रहे। हल्दीघाटी युद्ध को लेकर इतिहास में स्थापित धारणाओं को बदलते हुए वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की वास्तविक विजय से जुड़े प्रामाणिक तथ्यों को समाज के सामने लाने के उद्देश्य से तैयारियां तेज हो गई हैं। हल्दीघाटी विजय के 450वें वर्ष (सार्द्ध चतुःशती उत्सव) के उपलक्ष्य में गांधी ग्राउंड में 17 जून को सुबह 9:30 बजे राष्ट्र चेतना संकल्प सभा होगी। प्रताप गौरव केंद्र के पद्मिनी सभागार में समीक्षा बैठक में इतिहासविदों और विभिन्न पदाधिकारियों ने इस महाआयोजन की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी। इतिहासविद और वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के सम्पर्क अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद इतिहास लेखन में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिसके कारण हमारी नई पीढ़ी वास्तविक इतिहास से दूर रही। हल्दीघाटी विजय का यह 450वां वर्ष महाराणा प्रताप की विजय के प्रमाणित तथ्यों को समाज तक पहुंचाने और इतिहास के छिपे हुए अध्यायों को उजागर करने का एक ऐतिहासिक अवसर है। केंद्र निदेशक अनुराग सक्सेना ने तिथियों के विशेष संयोग की जानकारी दी। बताया कि इस वर्ष 18 जून को ‘हल्दीघाटी विजय दिवस’ है और ठीक उससे एक दिन पहले यानी 17 जून को ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया पर महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाएगी। इसी दिन प्रताप गौरव केन्द्र के तत्वावधान में चल रहे सभी आयोजनों का समापन भी होगा। इस मुख्य आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मुख्य वक्ता होंगे। बैठक के दौरान समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा और महामंत्री दीपक कुमार शुक्ल ने भी उपस्थित कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। आयोजन समिति ने इस कार्यक्रम को पर्यावरण संरक्षण के संदेश से भी जोड़ा है। संयोजक महावीर चपलोत ने बताया कि पूरे परिसर को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त रखने का प्रयास है। अतिथियों और आगंतुकों के लिए पानी पीने के लिए मिट्टी की बोतलों तथा कचरा पात्र के रूप में मिट्टी के ही कूड़ेदानों (डस्टबिन) का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, गांधी ग्राउंड में 15 से 17 जून तक चित्र प्रदर्शनी भी आयोजित होगी, जिसमें महाराणा प्रताप के शौर्य, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति को दर्शाने वाले चित्रों को प्रदर्शित किया जाएगा। बजरंग सेना मेवाड़ की बैठक
सीनियर महिला क्रिकेट: उदयपुर की बारां पर एकतरफा जीत, अंशिका ने जमाया शतक
उदयपुर। राज्यस्तरीय सीनियर महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में उदयपुर की महिला टीम ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए बारां को बड़े अंतर से शिकस्त दी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी उदयपुर टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में बिना कोई विकेट गंवाए 212 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज अंशिका भंडारी ने मात्र 19 चौकों की मदद से नाबाद 108 रन (शतक) जड़े। वहीं, दूसरी छोर पर रीजा शेख ने 14 चौकों के साथ नाबाद 90 रनों की तूफानी पारी खेली। 213 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बारां टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर महज 89 रन ही बना सकी। अवनि ने सर्वाधिक 32 रन और कनक ने 22 रनों का योगदान दिया, लेकिन अन्य बल्लेबाज रन के प्रयास में विकेट गंवाते रहे।
पंजाब सरकार की 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम के तहत शाहपुरकंडी में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस-प्रशासन और बीडीसी (ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) कमेटी के सदस्यों ने भाग लिया। डीएसपी राजेश कक्कड़, थाना प्रभारी शाहपुरकंडी मोहित टाक, थाना प्रभारी धारकलां गुलशन कुमार और आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज अमित सिंह मंटू प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए डीएसपी राजेश कक्कड़ ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना है। साथ ही, लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका समाधान करना भी इसका लक्ष्य है। गांव-गांव और मोहल्लों से सीधे जुड़े उन्होंने बीडीसी सदस्यों के सुझावों और समस्याओं को महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि वे गांव-गांव और मोहल्लों से सीधे जुड़े हुए हैं। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और कुछ समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। प्रशासन का सहयोग करने की अपील डीएसपी कक्कड़ ने नागरिकों से 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम में सक्रिय रूप से भाग लेने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने पंजाब सरकार के हेल्पलाइन नंबर 97791-00200 की जानकारी दी। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रहेगी इस नंबर पर नशे से संबंधित शिकायतें 24 घंटे और सातों दिन दर्ज करवाई जा सकती हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी डर के जानकारी साझा कर सकें। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रयास जारी इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज अमित सिंह मंटू ने कहा कि नशा मुक्ति मोर्चा और पंजाब सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक साल पहले शुरू की गई 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिससे कई युवा नशे की गिरफ्त से बाहर निकल पाए हैं।
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज
मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।
ललित सुरजन की कलम से युद्ध नहीं, शांति चाहिए
जब एक तरफ सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी से उपजे भय और रिहाई की घोषणा से मिली राहत है, तब दूसरी तरफ आक्रामक मुद्रा अपनाकर हम क्या हासिल करना चाहते हैं?
युद्धविराम और हाशिए पर धकेल दिया गया भारत
यह युद्ध स्पष्ट रूप से नेतन्याहू की देन है और ट्रम्प इसके परिणामों के बारे में सोचे-समझे बिना ही इसमें फंस गए।
युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस
विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक ... Read more
तीसरे विश्वयुद्ध की आहट और गांधी
इतिहास विजय-पराजय-विनाश का मृत दस्तावेज नहीं है, न वह किसी की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की कहानी का विवरण है।
धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर
ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं
पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है
युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता
सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more
युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह
संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more
मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया
युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।
अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप
अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है
पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है
फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

