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वैश्विक बिसात पर यूएई का 'शांति दांव': क्या मिडिल ईस्ट में बदलने वाली है कूटनीति की परिभाषा?

भारत-यूएई संबंधों के बीच एक बड़ी खबर: यूएई के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय शांति बोर्ड में शामिल होने के अमेरिकी निमंत्रण को स्वीकारा। यह कदम मिडिल ईस्ट की कूटनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। जानिए कैसे यूएई की यह नई भूमिका भारत और विश्व की स्थिरता के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

प्रातःकाल 21 Jan 2026 6:16 am

2568 उम्मीदवारों में महज 109 महिलाएं, 'इस्लामिक' बांग्लादेश का काला सच उजागर, अधिकतर पार्टियों ने नहीं दिए टिकट

Bangladesh Election 2026 News in Hindi: बांग्लादेश में अगले महीने होने जा रहे संसदीय चुनाव में 2568 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा है. हैरानी की बात है कि उनमें से महिलाओं की संख्या महज 109 है. महिला उम्मीदवारों की यह संख्या 'इस्लामिक' बांग्लादेश का काला सच उजागर करती है.

ज़ी न्यूज़ 20 Jan 2026 11:17 pm

युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।

देशबन्धु 20 Jan 2026 1:15 pm

मिडिल ईस्ट में बढ़ी अमेरिकी फौज की तैनाती, क्या हमला करने वाला है US? तारीख भी आई सामने!

US Army in middle east:अमेरिका के KC-135 रिफ्यूलिंग टैंकर विमान भी जॉर्डर में तैनात कर दिए गए हैं. ये टैंकर हवा में लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले बॉम्बर्स में ईंधन भरते हैं. जॉर्डन में अमेरिकी फाइटर जेट्स की तैनाती के मायने क्या हैं. आपको ये भी समझना चाहिए.

ज़ी न्यूज़ 19 Jan 2026 11:46 pm

क्या वेनेजुएला जैसी होगी ईरान की हालत? US कर रहा घातक घेराबंदी, मिडिल ईस्ट में उतरे दो और C-17 ग्लोबमास्टर

ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका तेज़ी से अपने युद्धक विमानों, ईंधन भरने वाले टैंकर एयरक्राफ्ट और नौसैनिक पोतों को इस क्षेत्र की ओर भेज रहा है.इन तैनातियों के कारण यह अटकलें तेज़ हो गई हैं कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी बड़े गुप्त या अचानक सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है.

ज़ी न्यूज़ 19 Jan 2026 7:20 pm

इराक में फ्रांस के दूतावास का काला इतिहास! यहूदी परिवार के घर पर अवैध कब्जा; अब पेरिस में चलेगा मुकदमा

frances embassy history: ला वे परिवार फ्रांस सरकार पर आरोप लगा रहा है कि उसने इराकी यहूदियों के खिलाफ बने कानूनों का फायदा उठाकर उनके मकान का अवैध लाभ उठाया और किराया देना बंद कर दिया है. मामला पेरिस की अदालत में सुनवाई के लिए गया है.

ज़ी न्यूज़ 19 Jan 2026 10:52 am

स्मार्ट सिटी कानपुर में गंदगी:गोविंद नगर की गलियों में भरा सीवर का पानी, शादी में रिश्तेदार आने से कतरा रहे

कानपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले भले ही वर्षों बीत चुके हों, लेकिन गोविंद नगर की डीबीएस कच्ची बस्ती की हालत इन दावों की सच्चाई खुद बयां कर रही है। रविवार को जब दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची, तो जो तस्वीर सामने आई, वह किसी विकसित या सभ्य शहर की नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण थी। करीब 27 हजार की आबादी वाली इस बस्ती में इंसान और गंदगी के बीच का फर्क लगभग खत्म हो चुका है। घरों के बाहर भरा सीवर और नालों का गंदा पानी, जगह-जगह टूटी पटियाएं और बदबू से भरा माहौल यहां के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बन चुका है। घर नहीं, बीमारी का अड्डा बन गई बस्तीकरीब एक से डेढ़ किलोमीटर लंबे नाले में कई जगह पटिया गायब है। नतीजा यह है कि नाले और सीवर का पानी सड़कों पर बह रहा है। लोग मजबूरी में उसी गंदे पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। कई घरों में तो सीवर का पानी घुस चुका है। बच्चों का नालों में गिरकर घायल होना अब आम बात हो गई है। महिलाओं के लिए हालात और भी खराब हैं। न नहाने की सुविधा, न शौच के लिए सुरक्षित स्थान। चारों ओर फैली बदबू और मच्छरों के कारण बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासी बोले- शादी में रिश्तेदार आने से कतरा रहेस्थानीय निवासी मोहनलाल प्रजापति बताते हैं कि उनके घर में दस दिन बाद बेटी की शादी है, लेकिन बस्ती के हालात ऐसे हैं कि कोई रिश्तेदार आने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि बीते तीन महीनों से समस्या जस की तस बनी हुई है। नगर निगम के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर लोग थक चुके हैं। जब समाधान की मांग की जाती है, तो अधिकारी उल्टा सवाल कर देते हैं। आप ही बताइए, इसका समाधान क्या है? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जवाब प्रशासन की संवेदनहीनता को साफ तौर पर उजागर करता है।

दैनिक भास्कर 19 Jan 2026 8:57 am

अमेरिकी बयान से भड़का ईरान: खामेनेई पर हमले को बताया पूर्ण युद्ध

ईरान–अमेरिका तनाव तेज़: ट्रम्प के बयान के बाद राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन की चेतावनी—खामेनेई पर हमला मतलब युद्ध। ट्रम्प के नेतृत्व बदलने वाले बयान के बाद तेहरान का सख़्त रुख।

हस्तक्षेप 19 Jan 2026 8:09 am

अटलांटिक के पार व्यापार युद्ध की आहट: ट्रम्प की टैरिफ धमकी से डरा यूरोप, ऐतिहासिक ट्रेड डील पर मंडराया संकट

डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ धमकी ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार युद्ध का बिगुल फूंक दिया है! यूरोपीय संघ ने अमेरिका के साथ ऐतिहासिक ट्रेड डील रोकने की तैयारी की। जानिए क्या है ट्रम्प की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति और कैसे यूरोपीय संघ जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले इस बड़े कूटनीतिक टकराव की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

प्रातःकाल 18 Jan 2026 9:57 am

युद्ध के बाद शांति में भी जंग: क्या बगावत पर उतर गया इजरायल? ट्रंप के प्रस्ताव पर बोला- हमें मंजूर नहीं

US-Israel Relations: इजराइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के लिए उम्मीदवारों के चयन पर आपत्ति जताई है. इजराइल ने इसे अपनी नीति के विपरीत और समन्वयहीन बताया. जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने विदेश मंत्री गिदोन सार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से संपर्क करने का निर्देश दिया है.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 8:40 am

सुंदर साध्वी हर्षा बोलीं- धर्म परिवर्तन के ऑफर मिल रहे:साधु-संत मुझसे मिलने से कतराते हैं, इसलिए कहा था- धर्म का प्रचार छोड़ दूंगी

जब से मैंने धर्म का रास्ता छोड़ने की बात कही है, तब से मुझे लगातार धमकियां मिल रही हैं। लोग गालियां दे रहे हैं, गंदे-गंदे कमेंट कर रहे हैं। अलग-अलग धर्मों के लोग मैसेज भेजकर अपने धर्म के बारे में पढ़ने और उसे अपनाने को कह रहे हैं। ये कहना है हर्षा रिछारिया का, जो इस समय सोशल मीडिया पर जारी किए एक वीडियो की वजह से सुर्खियों में है। हर्षा ने वीडियो में भारी मन से यह ऐलान किया कि वह धर्म प्रचार का काम छोड़कर वापस अपने पुराने प्रोफेशन, एंकरिंग, में लौट रही हैं। इस ऐलान के बाद से हर्षा को धमकियां मिल रही हैं और धर्म परिवर्तन का ऑफर दिया जा रहा है। भास्कर से बातचीत में हर्षा ने कहा कि अगर कोई लड़की धर्म के रास्ते पर आगे बढ़ रही है, तो उसे कैसे रोका जाए, कैसे नीचे गिराया जाए, इसी कोशिश में लोग लग जाते हैं। हर्षा ने बातचीत में और क्या कहा? पढ़िए... महाकुंभ में पेशवाई में संतों के साथ नजर आईंहर्षा रिछारिया का नाम देश भर में तब चर्चा का विषय बना, जब 4 जनवरी, 2025 को प्रयागराज महाकुंभ के दौरान वह निरंजनी अखाड़े की भव्य पेशवाई में संतों के साथ एक रथ पर सवार नजर आईं। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। लोगों ने उन्हें 'महाकुंभ की सबसे सुंदर साध्वी' कहना शुरू कर दिया और वह रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बन गईं। इस प्रसिद्धि के साथ विवाद भी जुड़ गया। शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज जैसे कुछ धार्मिक गुरुओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा, 'यह उचित नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश फैलता है। धर्म को प्रदर्शन का हिस्सा बनाना खतरनाक है।' यहीं से हर्षा के लिए मुश्किलों का दौर शुरू हो गया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। हर्षा बोली- जब अपने ही करने लगे हमलाहर्षा बताती हैं कि प्रसिद्धि मिलने के बाद उन्हें संत समाज में स्वीकृति नहीं मिली। जब भी वह किसी संत से मिलने जातीं, तो उन्हें घंटों इंतजार करवाया जाता। उनके पुराने एंकरिंग प्रोफेशन को गंदी नजर से देखा जाता और उन्हें यह महसूस कराया जाता कि उन्होंने अतीत में कोई बहुत बड़ा पाप किया है। हर्षा कहती हैं, 'मुझे अपने पुराने प्रोफेशन पर गर्व है। उसी ने मुझे पहचान दी। मैंने सब कुछ छोड़कर धर्म का रास्ता चुना, लेकिन यहां मुझे समर्थन के बजाय संदेह मिला। हमारे ही धर्मगुरु हम पर शक करते हैं और हमें सफाई देनी पड़ती है। हमारे धर्म में एकता की कमी है, हर किसी में अहंकार भरा हुआ है। धमकियां मिल रहीं और धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहेधर्म प्रचार छोड़ने के उनके ऐलान के बाद यह उत्पीड़न और भी बढ़ गया हर्षा ने बताया कि उन्हें न केवल दूसरे धर्मों के लोगों से, बल्कि अपने ही धर्म के कुछ ठेकेदारों से भी धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं। उन्हें धर्म परिवर्तन करने के लिए उकसाया जा रहा है। इसके अलावा, अश्लील मैसेज और गालियों का एक अंतहीन सिलसिला चल पड़ा है। वह कहती हैं, लोग कह रहे हैं कि नाम और शोहरत मिल गई, इसलिए अब सब छोड़ रही हूं। जो लोग खुद को बहनों का रक्षक बताते हैं, वही आज मेरे खिलाफ खड़े हैं। वे दूसरे धर्म के लोगों को भी मुझे गाली देने और धमकाने का रास्ता दिखा रहे हैं। हर्षा ने स्पष्ट किया कि वह सनातनी हैं और हमेशा रहेंगी, लेकिन इस मानसिक पीड़ा को और बर्दाश्त नहीं कर सकतीं। 'माघ मेले में शिविर के लिए जमीन नहीं दी'हर्षा के लिए सबसे बड़ा झटका दिसंबर 2025 में माघ मेले के दौरान लगा। उन्होंने मेले में अपना शिविर लगाने के लिए जमीन आवंटन हेतु आवेदन किया। शुरुआत में संबंधित अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया और प्रक्रिया को मंजूरी भी दे दी। लेकिन जैसे ही कुछ प्रभावशाली संतों को इसकी भनक लगी, उन्होंने अधिकारियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। हर्षा बताती हैं, 'कुछ संतों ने अधिकारियों को धमकाया कि मुझे जमीन न दी जाए। इसके बाद अधिकारियों ने मेरे फोन उठाने बंद कर दिए और मुझसे मिलना भी छोड़ दिया। मुझे जमीन नहीं मिली। यह घटना उनके लिए आखिरी चोट साबित हुई। वह कहती हैं कि उन्होंने कभी श्रद्धालुओं से एक पैसा नहीं लिया, सारी व्यवस्था अपने खर्च पर करती थीं। 'परिस्थितियां बदलेंगी तो दोबारा इस मार्ग पर लौटूंगी'अपने अनुभव से सीखते हुए हर्षा ने युवाओं और महिलाओं को एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। उन्होंने कहा, अगर आपको धर्म से जुड़ना है, तो अपने परिवार और घर के मंदिर तक ही सीमित रहें। किसी के पीछे अंधे होकर न चलें। आखिर में, हर्षा ने साफ किया कि उन्होंने केवल धर्म का प्रचार छोड़ा है, सनातन धर्म नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भविष्य में कोई चमत्कार होता है और परिस्थितियां बदलती हैं, तो वह दोबारा इस मार्ग पर लौटने से पीछे नहीं हटेंगी। ये भी पढ़ें... मॉडल हर्षा बोलीं- सनातनी रहूंगी, प्रचार नहीं करूंगी 'सनातन धर्म को कोई तब तक नहीं अपना सकता, जब तक सनातन उस व्यक्ति को न अपनाए। मैंने धर्म नहीं, धर्म ने मुझे अपनाया है। सनातन धर्म का प्रचार जो एक साल से कर रही थी, उसे अब मैं यहीं विराम दे रही हूं।' ये बात महाकुंभ के दौरान वायरल हुईं मॉडल हर्षा रिछारिया ने जबलपुर में कही। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 18 Jan 2026 7:02 am

अजिंठा गुंफा का 'वो' भित्ती चित्र कैसे बना आधुनिक युद्ध नौका की परिभाषा ? जाने INSV कौंडिन्या का संपूर्ण इतिहास

भारतीय नौसेना के INSV कौंडिन्या ने प्राचीन 'सिलाई तकनीक' और अजंता की कला से प्रेरित डिजाइन के साथ मस्कट तक की अपनी पहली ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर ली है। नारियल के रेशों से सिले इस अनोखे जहाज ने सदियों पुराने समुद्री व्यापार मार्ग को पुनर्जीवित कर दिया है। जानें इस 'स्टिच्ड शिप' की निर्माण तकनीक और इसके रणनीतिक सफर की पूरी कहानी।

प्रातःकाल 18 Jan 2026 2:52 am

पाकिस्तान–सऊदी रक्षा साझेदारी से मिडिल ईस्ट ही नहीं कई जगह हो सकता है असर, एक्सपर्ट ने चेताया

Saudi-Pakistan Military Ties: इस नए इंतजाम से पाकिस्तान को अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति में राहत मिलेगी, वहीं सऊदी अरब को पश्चिमी देशों के महंगे विमानों के मुकाबले कम लागत वाला विकल्प आसानी से मिल जाएगा.

ज़ी न्यूज़ 18 Jan 2026 2:04 am

भारत के कड़े रुख से बैकफुट पर अमेरिका ; जाने कैसे 'दाल' बनी व्यापार युद्ध की वजह?

भारत ने अमेरिका से आयातित दालों पर 30% टैरिफ लगाया है, जिससे अमेरिकी किसानों को नुकसान होने लगा है। मोंटाना और नॉर्थ डकोटा के दो सीनेटरों ने ट्रंप को पत्र लिखकर टैरिफ हटाने की अपील की है। वहीं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बातचीत भी अंतिम चरण में है, लेकिन कोई समयसीमा नहीं बताई गई है।

प्रातःकाल 18 Jan 2026 1:37 am

सऊदी अरब की गुफाओं में मिले 1800 साल पुराने चीतों के अवशेष, DNA जांच में हुआ बड़ा खुलासा

Science News: वैज्ञानिकों को उत्तरी सऊदी अरब में चीते के ममी बन चुके पुराने अवशेष मिले हैं. यह खोज बहुत खास है क्योंकि इससे पता चलता है कि पुराने समय में वहां चीते रहा करते थे.

ज़ी न्यूज़ 17 Jan 2026 2:17 pm

तातापानी महोत्सव में जेबकतरे की पिटाई...VIDEO:पर्स चोरी करते लोगों ने रंगे हाथों पकड़ा, फिर गुस्साई भीड़ ने जमकर पीटा

बलरामपुर-रामानुजगंज के तातापानी महोत्सव में एक जेबकतरा पकड़ा गया। 15 जनवरी को पर्स चोरी का प्रयास करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ा गया, जिसके बाद भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक पर्स चोरी करने की कोशिश कर रहा था। लोगों ने उसे पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। घटनास्थल पर पुलिस भी मौजूद थी, जिसने बीच-बचाव का प्रयास किया। हालांकि, भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी युवक मौके से फरार होने में सफल रहा। तातापानी चौकी प्रभारी उमेश सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी युवक की पहचान की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 1:34 pm

राजस्थान से कश्मीर तक AI से निगरानी:बम पहचानने व उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने में माहिर रोबोटिक डॉग, आधुनिक युद्ध तकनीकों का प्रयोग

दुश्मनों को चकमा देने के लिए AI से बनाया विमान। बम पहचानने और उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने में माहिर रोबोटिक डॉग। CELL AI से वायु सेना को पता चलता है कि कौन सा विमान मिशन के लिए तैयार है, किस मिशन में कितना खतरा है और कहां तुरंत फैसला लेना जरूरी है। भारतीय सेना तेजी से AI बेस्ड, डेटा आधारित रणनीति की ओर बढ़ रही है। कश्मीर से लेकर राजस्थान और समुद्री इलाकों तक AI आर्मी, नेवी और एयरफाेर्स के काम करके के तरीके को बदल रहा है। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का कहना है कि AI अब केवल मदद करने वाली तकनीक नहीं रही, बल्कि भविष्य के युद्ध का मुख्य आधार बन चुकी है। सीमा सुरक्षा के लिए AI-पावर्ड सर्विलांस सिस्टम तैनातभारतीय सेना ने हाल ही में उत्तर और दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में सीमा सुरक्षा के लिए AI-पावर्ड सर्विलांस सिस्टम तैनात किया। यह पहल उत्तरी कमान के नए उत्तरी कमान (नॉर्दर्न कमान) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ प्रतीक शर्मा के निर्देश पर शुरू हुई। मई 2025 में कमान संभालने के बाद उन्होंने ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर और इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग टूल्स की तैनाती को प्राथमिकता दी। ये सिस्टम खतरे की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और पाकिस्तान व चीन की सीमाओं पर हो रहे बदलावों को रियल-टाइम में मॉनिटर करने में सक्षम है। इन AI सर्विलांस सिस्टम्स की तुलना अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट मेवन’ से की जा रही है, जिसने वीडियो एनालिसिस में लगने वाला समय लगभग 70 प्रतिशत तक घटा दिया था। बड़े अभ्यासों में AI की भूमिकामेजर शैलेंदर सिंह का कहना है कि राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में हुए बड़े अभ्यासों में AI-सक्षम सेंसर, टारगेट एक्विजिशन सिस्टम (लक्ष्य अर्जन प्रणाली) और स्मार्ट सर्विलांस टूल्स का व्यापक इस्तेमाल हुआ। ‘भारत शक्ति’ जैसे हालिया अभ्यासों में भी AI की बड़ी भूमिका देखने को मिली। इसी कड़ी में जयपुर के जगतपुरा के महल रोड पर 15 जनवरी को हुई भारतीय सेना की परेड ने यह साफ कर दिया कि भविष्य की सेना कैसी दिखेगी। इस परेड में रोबोटिक म्यूल और रोबोट डॉग्स को सार्वजनिक तौर पर दिखाया गया। ये रोबोट दुर्गम इलाकों में सामान ढोने, निगरानी करने और जोखिम भरे इलाकों में आगे जाकर जानकारी लाने के लिए बनाए गए हैं। स्वदेशी निगरानी ड्रोन और काउंटर ड्रोन सिस्टम भी दिखाए गए, जो यह बताते हैं कि सेना अब मानव और मशीन को एक साथ युद्ध क्षेत्र में उतारने की तैयारी कर चुकी है। बीते कुछ सालों में भारतीय सेना में डिजिटल यूजर्स की संख्या 1200 प्रतिशत और डेटा स्टोरेज क्षमता 620 प्रतिशत तक बढ़ी है। डिजिटल यूजर्स का मतलब सेना के डिजिटल सिस्टम, नेटवर्क और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वालों से है। पहले ये सुविधाएं सीमित यूनिट्स और अफसरों तक थीं। अब ज्यादा से ज्यादा सैनिकों को एक्सेस मिला है। ऐसे में डिजिटल यूजर्स 1200 प्रतिशत बढ़ गए हैं। CELL AI वायु सेना का GPT जैसा सिस्टमजयपुर में हुई भारतीय सेना की परेड के दौरान भारतीय वायु सेना के 2 ऑफिसर्स ने पहली बार अपने खास AI सिस्टम CELL AI के बारे में जानकारी दी। CELL AI को वायु सेना का अपना GPT जैसा सिस्टम माना जा रहा है, लेकिन इसका उपयोग बातचीत के लिए नहीं बल्कि सैन्य और एयरफोर्स जरूरतों के लिए किया जाता है। यह सिस्टम उड़ान से जुड़ा डेटा, मौसम की जानकारी, रडार से मिले सिग्नल, विमान के रख-रखाव का रिकार्ड और मिशन रिपोर्ट को एक साथ जोड़कर उनका एनालिसिस करता है। इससे वायु सेना को यह पता चलता है कि कौन सा विमान मिशन के लिए तैयार है, किस मिशन में कितना खतरा है और कहां तुरंत फैसला लेना जरूरी है। चार पैरों वाले आधुनिक रोबोटभारतीय सेना के रोबोटिक डॉग, जिन्हें MULE (मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट) कहा जाता है, चार पैरों वाले आधुनिक रोबोट हैं। इनका इस्तेमाल निगरानी, सीमा गश्त और खतरनाक कामों के लिए किया जाता है। ये रोबोट पहाड़ों, बर्फीले इलाकों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर आसानी से चल सकते हैं। बम की पहचान, विस्फोटक निष्क्रिय करने तथा गोला-बारूद और दवाइयों जैसे जरूरी सामान को ढोने में मदद करते हैं। इनमें थर्मल और 360 डिग्री कैमरे, एआई तकनीक और सेंसर लगे होते हैं। ये अपने आप रास्ता पहचान कर काम कर सकते हैं। 12 किलो ग्राम तक वजन उठा सकते हैं। AI के जरिए विमान का भ्रमऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना ने विमान के AI-आधारित एक्स-गार्ड टोड डेकोय (X-Guard towed decoy) का इस्तेमाल किया। यह 500 वॉट का 360-डिग्री जैमिंग सिग्नल देता है। 30 किलो वजन का होता है। 100 मीटर लंबी फाइबर-ऑप्टिक केबल पर विमान के पीछे चलता है। यह असली विमान जैसी रडार सिग्नेचर बनाकर दुश्मन को उलझन में डालता है। साथ ही असली विमान को सुरक्षित रखता है। तेजी से बढ़ रही ड्रोन क्षमताकर्नल दीप्तंगशु चौधरी ने बताया- भारतीय सेना ड्रोन क्षमता को तेजी से बढ़ा रही है। इसके तहत एक लाख से अधिक ड्रोन ऑपरेटरों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इन्फेंट्री यूनिट्स में ड्रोन प्लाटून शामिल किए जा रहे हैं। राजस्थान का मरुस्थलीय क्षेत्र इन ड्रोन प्रणालियों के परीक्षण और प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त माना जाता है। पूर्व सैन्य अधिकारी ले. कर्नल अभिषेक सोनी ने बताया कि हथियारों में AI का पूरा इस्तेमाल, खुद फैसले लेने वाली मशीनें और पूरी तरह स्वचालित युद्ध प्रणाली अभी बनने की प्रक्रिया में हैं। थल सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच AI को एक साथ जोड़ने और एक जैसी नीति बनाने का काम चल रहा है, लेकिन यह व्यवस्था अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है। आधुनिक युद्ध तकनीकों का प्रयोगराजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में ‘मरु ज्वाला’ अभ्यास में तकनीक-समेकित युद्ध क्षमताओं का परीक्षण किया गया। भारत-यूके ‘अजेय वॉरियर’ अभ्यास में AI-गाइडेड स्ट्राइक और आधुनिक युद्ध तकनीकों का प्रयोग हुआ। इन अभ्यासों ने वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में तकनीक की उपयोगिता को साबित किया। रक्षा क्षेत्र का सबसे बड़ा गेम-चेंजरAI अब रक्षा क्षेत्र में निर्णायक तकनीक बन चुका है। 2022 में वैश्विक मिलिट्री AI मार्केट का आकार 8.3 अरब डॉलर था, जो 2027 तक बढ़कर 19.2 अरब डॉलर होने का अनुमान है। ड्रोन अब जटिल मिशन खुद पूरा कर रहे हैं, AI-आधारित एनालिटिक्स दुश्मन की गतिविधियों का पहले ही अनुमान लगाने लगी है, और युद्ध क्षेत्र में निर्णय लेने की गति अभूतपूर्व रूप से तेज हुई है। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े रक्षा खर्च वाले देश के रूप में भारत भी रणनीतिक मजबूती के लिए AI तकनीकों को तेजी से अपना रहा है। AI युद्ध का स्वरूप बदल रहा हैसेवानिवृत्त मेजर जनरल ए. के. सिवाच, YSM, VSM कहते हैं- AI आधुनिक युद्ध क्षेत्र को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। भारतीय सेना किस तरह खतरों की पहचान, उनका विश्लेषण और उन्हें सटीकता से निष्प्रभावी कर रही है। AI ने इसमें अभूतपूर्व परिवर्तन किया है। यह तकनीक सैनिक की जगह नहीं ले रही, बल्कि उसे अधिक सक्षम बना रही है और युद्ध की गति को बदल रही है। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव कुमार सहनी कहते हैं- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान AI-आधारित सिस्टम ने सर्विलांस, इंटेलिजेंस और सटीक टारगेटिंग में अहम भूमिका निभाई। --- यह खबर भी पढ़े... आर्मी-डे पर पहली बार जयपुर में सेना ने दिखाया शौर्य: शहीद जवान की मां मेडल लेते बेहोश हुईं, राजनाथ सिंह बोले-ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ जयपुर के SMS स्टेडियम में आर्मी-डे पर गुरुवार शाम शौर्य संध्या कार्यक्रम में सेना के पैराट्रूपर्स उतरे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में पूरा स्टेडियम जय हो के नारे से गूंज उठा। पूरी खबर पढ़े

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 10:14 am

बास्केटबॉल कोर्ट पर DDU का दबदबा:एकतरफा मुकाबले में रायगढ़ को रौंदा, जादवपुर-त्रिपुरा के बीच कांटे की टक्कर

DDU में चल रहे इंटर यूनिवर्सिटी वूमेन बास्केटबॉल टूर्नामेंट में दूसरे दिन भी खिलाड़ियों में जबरदस्त जोश देखने को मिला। अपने जीतने के जज्बे से उन्होंने मुकाबले में रोमांच भर दिया। शानदार मुकाबले में जहां एक तरफ दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की टीम ने एकतरफे मुकाबले से जीत दर्ज की तो वहीं जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता और त्रिपुरा यूनिवर्सिटी के बीच कांटे का टक्कर देखने को मिला। दूसरे दिन कुल 6 शानदार मुकाबले खेले गए। खिलाड़ियों के जोश ने दर्शकों में भी उत्साह भर दिया। गोल करने पर दर्शकों के बीच से तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठती थी। वहीं टीमों में बीच चल रहे कड़े टक्कर तो देखकर उनकी सांसे भी अटक जाती थी। एकतरफे मुकाबले से जीती DDU की टीम दूसरे दिन का पहला मैच दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और शाहिद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़, छत्तीसगढ़ के बीच खेला गया। इस मैच में गोरखपुर विश्वविद्यालय ने एकतरफा बढ़त बनाते हुए 46-7 से बड़ी जीत दर्ज की। मणिपुर ने जोरदार बढ़त बनाते हुए कब्जा जमाया दूसरा मैच नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, इंफाल, मणिपुर और गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के बीच हुआ। इस मैच में मणिपुर ने 13-3 से जोरदार बढ़त बनाते हुए अपना कब्जा जमाया। जरा सी अंतर से चूंकि त्रिपुरा यूनिवर्सिटी सबसे कड़े मुकाबले वाला मैच जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता और त्रिपुरा यूनिवर्सिटी के बीच खेला गया। इस मैच में शुरू से ही त्रिपुरा यूनिवर्सिटी ने अपनी बढ़त बनाई हुई थी,लेकिन अंत में करिश्माई ढंग से जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता ने 36-34 के अंतर से मैच पर कब्जा जमा किया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने बनाया दबदबा चौथा मैच बरहमपुर यूनिवर्सिटी, उड़ीसा और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के बीच खेला गया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने अपना दबदबा बनाते हुए 53-19 के अंतर से मैच जीत लिया। पांचवा मैच रावेंशा यूनिवर्सिटी, कटक और शहीद महेंद्र कर्मा यूनिवर्सिटी, बस्तर के बीच खेला गया। इस मैच में रावेंशा यूनिवर्सिटी, कटक ने 31-15 के अंतर से बस्तर यूनिवर्सिटी को हरा दिया। छठा मैच दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और नागालैंड यूनिवर्सिटी के बीच खेला गया। इस मैच में गोरखपुर विश्वविद्यालय ने 35-21 के अंतर से अपना कब्जा जमाया।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 1:45 am

रोपड़ में 7 तस्कर गिरफ्तार:'युद्ध नशा विरुद्ध' अभियान; 4.50 किग्रा नशा, 33 गट्टे प्रतिबंधित पटाखा चाइना फॉर बरामद

रूपनगर: पंजाब सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव के दिशा-निर्देशों पर रूपनगर पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान के तहत पुलिस ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस कप्तान (SSP) मिंदर सिंह ने 15 जनवरी 2026 को प्रेस नोट जारी कर इस बड़ी सफलता की जानकारी साझा की। नशीले पदार्थों की बड़ी खेप बरामद एसएसपी मिंदर सिंह ने बताया कि डीआईजी (रूपनगर रेंज) नानक सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ा प्रहार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत विभिन्न थानों में मामले दर्ज किए गए हैं। जांच अभियान तेज विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रियता इस अभियान को सफल बनाने के लिए थाना सिटी रूपनगर, श्री चमकौर साहिब, कीरतपुर साहिब और नंगल पुलिस ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी है। एसएसपी ने बताया कि कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष नाके लगाए गए हैं और संदिग्ध वाहनों व व्यक्तियों की गहनता से जांच की जा रही है। जनता से सहयोग की अपील-तस्करों के बारे में यहां दें सूचना पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से इस मुहिम में भागीदार बनने का आह्वान किया है। एसएसपी ने अपील की कि नशा तस्करी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सेफ पंजाब एंटी ड्रग हेल्पलाइन (97791-00200) या 112 पर दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस टीमों ने नाकेबंदियों में यह बरामद किया 33 गट्टे चाइना फॉर बरामद नशे के साथ-साथ पुलिस ने समाज विरोधी तत्वों और अवैध व्यापार पर भी शिकंजा कसा है। थाना नंगल पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए चाइना फॉर (प्रतिबंधित पटाखे) की अवैध बिक्री करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 63 गट्टे चाइना फॉर बरामद किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 10:23 am

धर्म का स्वरूप विराट, जब तक सांस चलेगी, सनातन के अभय युद्ध के लिए स​मर्पित रहेगा जीवन : रामभद्राचार्य

सीकर रोड स्थित नींदड़ में चल रही 10 दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के आठवें दिन गुरुवार को तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य महाराज ने सनातन धर्म की विस्तृत से व्याख्या की। उन्होंने कहा कि जब तक सांस चलेगी सनातन धर्म के अभय युद्ध के लिए चलेगी। सनातन धर्म का स्वरूप विराट है, उसमें सृष्टि का कल्याण समाहित है। हर व्यक्ति का सम्मान करना, सबकी चिंता धर्म का मर्म है। सनातन धर्म का स्वरूप विराट है, जिसमें पूरे ब्रह्मांड का कल्याण समाहित है और हर व्यक्ति का सम्मान, सबकी चिंता करना इसका मूल है। आयोजन समिति के अनिल संत ने बताया कि शुक्रवार को 1008 कुंडिया हनुमत महायज्ञ एवं श्रीराम कथा में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू समेत कई संत-महंत कथा श्रवण करने आएंगे। गुरुवार को कथा के दौरान गायक कलाकार कन्हैया मित्तल ने हार गया, मैं बाबा अब तो दामन थाम ले..., हारा हूं बाबा मुझे तुझपे भरोसा है..., भरदो झोली मेरी..., जैसे भजन सुनाकर वातावरण को भक्ति और उल्लास से भर दिया। इस दौरान कई श्रद्धालु भजनों की स्वर लहरियों पर जयकारे लगाते हुए भाव-विभोर भक्ति भाव नृत्य करने लगे। गुरुवार को जहां बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और योग गुरु बाबा रामदेव ने जगदगुरु रामभद्राचार्य से आशीर्वाद लिया। भगवान का भजन कभी नष्ट नहीं होता महाराज ने कहा कि हनुमान जी की पीठ पर राम लक्ष्मण बैठे, क्योंकि हनुमान धर्म रथ है। रथी का पूरा जीवन सारथी पर निर्भर होता है। धर्म रथी कभी हारता नहीं। कोई भी कर्म, अनुष्ठान ईश्वर के भजन के बिना नहीं हो सकता। कर्म, ज्ञान भजन के बिना नष्ट हो जाएंगे। भगवान का भजन कभी नष्ट नहीं होता। भजन का मतलब भगवान को भजना। भजन का एक मतलब और भी है अद्भुत वस्तु का स्वाद लेना। संस्कृत का ज्ञान अनिवार्य होना चाहिए। संस्कृत के बिना संस्कृति का ज्ञान नहीं हो सकता, जो संस्कृत नहीं जानता वह संत नहीं हो सकता। नींदड़ में कथा सुनने पहुंचे भक्त। कथा का श्रवण करने आए योग गुरु बाबा रामदेव ने जहां रामभद्राचार्य महाराज द्वारा लिखी अंधती महाकाव्य के साथ नारद भक्ति सूत्र सहित कुल चार पुस्तकों का लोकार्पण किया। महाराज के द्वारा अब तक 377 ग्रंथ लिखे जा चुके हैं। इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि रामभद्राचार्य सनातन एवं राष्ट्र के गौरव है। उनकी वाणी में सरस्वती है ये राष्ट्र के उद्धारक हैं। इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव ने संस्कृत के श्लोक में महाराज को जन्मदिन की बधाई दी। सनातन एवं राष्ट्र के गौरव है रामभद्राचार्य: बाबा रामदेव

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 4:04 am

करौली में नगर परिषद की कार्रवाई का विरोध:कांग्रेस ने की एकतरफा कार्रवाई रोकने की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

करौली में नगर परिषद की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर एकतरफा और चुनिंदा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कानून के समान पालन और किसी एक व्यक्ति को निशाना न बनाने की मांग की है। यह विरोध नगर परिषद करौली द्वारा पूर्व सभापति के बेटे अमीनुद्दीन खान के व्यावसायिक परिसर को सीज करने और संभावित तोड़फोड़ की कार्रवाई के अंदेशे को लेकर है। अमीनुद्दीन पर नव संवत्सर रैली पर पथराव और दंगे का आरोप है। उनकी संपत्ति अंबेडकर सर्किल, भट्टावस्ती, लवे रोड पर स्थित है, जिसे नगर परिषद ने 12 जनवरी 2026 को सीज किया था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर परिषद क्षेत्र में कम से कम 38 ऐसी संपत्तियां रिकॉर्ड में दर्ज हैं, जिन पर पैनल्टी लगने के बावजूद आज तक न तो सीज के बाद कोई अग्रिम कार्रवाई की गई और न ही तोड़फोड़। कई मामलों में दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन उन पर समान नियम लागू नहीं किए गए। आंदोलन की दी चेतावनीकरौली के पूर्व विधायक लखन सिंह मीणा ने कहा कि अमीनुद्दीन की न्यायिक अभिरक्षा समाप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, उससे पहले एक ही व्यक्ति के खिलाफ राजनीतिक दबाव में की जा रही कार्रवाई कानून के सिद्धांतों के विपरीत है। कांग्रेस नेताओं ने इस प्रकार की एकतरफा कार्रवाई पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष और टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, करौली के पूर्व विधायक लाखन सिंह मीणा, सुनील कुमार सैनी सहित कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। उन्होंने मांग की कि पहले रिकॉर्ड में दर्ज सभी 38 संपत्तियों पर समान रूप से कार्रवाई की जाए। इसके बाद ही अमीनुद्दीन के मामले में कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि कानून का राज स्थापित हो सके।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 5:36 pm

जनरल बोले-युद्ध की अवधि कोई पहले तय नहीं कर सकता:4 दिन चलेगा या 4 साल, कोई नहीं जानता, भारत को लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा

चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने देश की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि युद्ध की अवधि कोई पहले से तय नहीं कर सकता, इसलिए भारत को लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेना के हथियार सहित अन्य सामान देश में ही बने और उसकी मरम्मत की क्षमता भी भारत के पास हो, तभी किसी भी हालात में मजबूती से मुकाबला किया जा सकता है। द्विवेदी ने बताया कि युद्ध चार दिन चलेगा या चार साल, यह पहले से कोई नहीं बता सकता, इसका अंदाजा युद्ध क्षेत्र में ही लगता है। ऐसे में अगर देश को लंबी लड़ाई लड़नी है तो सेना का साजो-सामान देश में ही बनना चाहिए और जरूरत पड़ने पर उसकी रिपेयरिंग भी भारत में ही होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अगर किसी इक्विपमेंट की कमी होती है तो उसे पूरा करने के लिए कई रास्ते होने चाहिए। जैसे विदेश से खरीदना, विदेशी टेक्नोलॉजी भारत लाकर यहां उत्पादन करना या विदेशी कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग के लिए आमंत्रित करना। इन अलग-अलग चैनलों के जरिए आत्मनिर्भरता को मजबूत किया जा सकता है। द्विवेदी ने बताया कि आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी कड़ी रिसर्च एंड डेवलपमेंट है। जब तक देश अनुसंधान पर गंभीरता से काम नहीं करेगा और सिर्फ टेक्नोलॉजी लाकर उसे बनाता रहेगा, तब तक लंबी लड़ाई लड़ने की क्षमता नहीं बन पाएगी और न ही पूरी आत्मनिर्भरता हासिल हो सकेगी। इसी सोच के तहत भारतीय सेना डीआरडीओ, एकेडमियां, इंडस्ट्री और पॉलिसी मेकर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आईडीईएक्स (iDEX) की ‘अदिति’ स्कीम जैसी योजनाओं के जरिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है और जब नया इक्विपमेंट सेना की जरूरतों पर खरा उतरता है तो उसके ऑर्डर 4 से 6 गुना तक दिए जा सकते हैं, जबकि नई डिफेंस प्रोसीजर में इसे और बढ़ाने की तैयारी है। रिसर्च एंड डेवलपमेंट को लेकर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल द्विवेदी ने बताया कि भविष्य में लंबी लड़ाई की स्थिति में देश को आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है। इसके लिए सिर्फ टेक्नोलॉजी लाना या उसे बनाना काफी नहीं है, बल्कि मजबूत रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर फोकस करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जब तक भारत रिसर्च की दिशा में गंभीरता से काम नहीं करेगा, तब तक पूरी आत्मनिर्भरता हासिल नहीं हो सकती। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना डीआरडीओ, एकेडमियां, इंडस्ट्री और पॉलिसी मेकर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आईडीईएक्स और ‘अदिति’ स्कीम जैसी योजनाओं के जरिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है और जब नया इक्विपमेंट सेना की जरूरतों पर खरा उतरता है तो उसके ऑर्डर 4 से 6 गुना तक बढ़ाए जा सकते हैं, जिसे नई डिफेंस प्रोसीजर में और आगे बढ़ाने की तैयारी है। जयपुर में 78वीं आर्मी डे परेड का आयोजन जयपुर में 78वीं आर्मी डे परेड के समापन के बाद चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने जयपुर के नागरिकों, राजस्थान सरकार और सेना के जवानों को आर्मी डे की शुभकामनाएं दीं। जनरल द्विवेदी ने बताया कि ऐतिहासिक और सुंदर शहर जयपुर में सेना दिवस मनाना उनके लिए गर्व का विषय है और इस मौके पर देश के सैनिकों, सिविलियन कर्मचारियों, वेटरन्स, वीर नारियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी यह दिखाती है कि सेना और आम जनता के बीच कितना गहरा संबंध है। जयपुर में आर्मी डे का आयोजन सेना को नागरिकों के और करीब लाने की कोशिश है। परेड के साथ ‘नो योर आर्मी’ एग्जिबिशन जैसे कार्यक्रमों ने इस जुड़ाव को और मजबूत किया है। भैरव बटालियन से बढ़ेगी सेना की लड़ाकू क्षमता चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल ने बताया कि भैरव बटालियन जैसी नई ऑर्गेनाइजेशंस सेना की लड़ाई की एफिशिएंसी को कई गुना बढ़ा सकती हैं। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए बताया कि किसी भी युद्ध की अवधि का पहले से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, वह चार दिन भी चल सकता है या चार साल भी। इस युद्ध से यह भी सीख मिली है कि टेक्नोलॉजी सैनिक की जगह नहीं लेती, बल्कि उसकी क्षमता और एफिशिएंसी को बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि आज की लड़ाइयों में छोटी टुकड़ियां बड़ी टुकडिय़ों के मुकाबले ज्यादा प्रभावी साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले से बनी यूनिट्स में बदलाव की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी होती है, जबकि नई बनाई गई यूनिट्स तेजी से बदलाव अपना लेती हैं। इसी सोच के तहत भैरव बटालियन को खड़ा किया गया है, जो सामान्य इन्फेंट्री और स्पेशल फोर्स के बीच के गैप को कवर करती है। उन्होंने बताया कि परेड में भैरव बटालियन ने जिस तरह अपनी क्षमता दिखाई है, उसे देखते हुए अगर ऐसी 25 बटालियन खड़ी कर दी जाएं, तो पारंपरिक इन्फेंट्री की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। नई जंग के लिए नई रणनीति जरूरी: जनरल द्विवेदी जनरल द्विवेदी ने बताया कि आज की परेड में दिव्यास्त्र और शक्ति बाण जैसी यूनिट्स की ताकत भी देखने को मिली। उन्होंने बताया कि आधुनिक ड्रोन 400 मीटर से लेकर 400 किलोमीटर, यहां तक कि 800 किलोमीटर तक जाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे ड्रोन पूरे युद्ध क्षेत्र में घूमकर जरूरत के मुताबिक स्ट्राइक करने, इनफॉर्मेशन देने और कार्रवाई करने में सक्षम होते हैं। इसके लिए सेना को नए ऑर्गेनाइजेशन और सुपर स्पेशियलिटी ट्रेनिंग वाले जवानों की जरूरत है, जो टारगेट की पहचान, ऑपरेशन और अपने व दुश्मन के सैनिकों में फर्क कर सकें। उन्होंने बताया कि बदलाव सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं हैं, आर्म्ड, मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री और सिग्नल्स जैसी यूनिट्स में भी बदलाव किए जाएंगे, क्योंकि तेजी से बदलते युद्ध क्षेत्र में टिके रहने के लिए उससे भी तेज तैयारियां जरूरी हैं। समय के साथ खुद को लगातार बदलती रहेगी भारतीय सेना चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल ने बताया कि मौजूदा समय में जो जरूरी लगा, उसकी तैयारी की गई है और परेड के माध्यम से उसे सामने रखा गया है। आने वाले दिनों में इन तैयारियों को और आगे बढ़ाया जाएगा और भारतीय सेना समय के साथ खुद को लगातार बदलती रहेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सेना का जवान सरहद पर डटा रहता है, लेकिन उसके परिवार की देखरेख एक आम नागरिक की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों के पीछे पूरा देश उनके परिवारों के साथ खड़ा रहे, यही इस परेड का भी अहम संदेश है। भविष्य की जंग के लिए बदली सेना की सोच जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सेना की सोच में साफ बदलाव आया है। सेना अब सिर्फ मौजूदा चुनौतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के युद्धों की तैयारी पर भी गंभीरता से काम कर रही है। इसी दिशा में नए स्ट्रक्चर्स तैयार किए जा रहे हैं और उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुसार ट्रेन किया जा रहा है। इस परिवर्तन प्रक्रिया के तहत भैरव बटालियन, अग्नि प्लाटून्स, शक्ति बाण रेजिमेंट और दिव्यास्त्र बैटरी जैसी नई इकाइयां खड़ी की गई हैं, जिनकी झलक आर्मी डे परेड में देखने को मिली। उन्होंने बताया कि ये संरचनाएं भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप एक रिस्पॉन्सिव और मिशन ओरिएंटेड सेना के निर्माण को दिखाती हैं। परेड में दिखा परंपरा और परिवर्तन का संगम उन्होंने बताया कि इस बदलाव का आधार आत्मनिर्भरता है, जिसकी झलक परेड के दौरान मेड इन इंडिया उपकरणों में साफ नजर आई। भारतीय सेना को भविष्य में भी ऐसे वेपन सिस्टम और इक्विपमेंट चाहिए, जो भारत में ही डिजाइन और डेवलप किए गए हों। उन्होंने बताया कि ऐसे संसाधनों पर भी फोकस किया जा रहा है, जो मिलिट्री के साथ-साथ सिविलियन जरूरतों में भी काम आएं, ताकि सेना के लिए विकसित इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन देश के समग्र विकास में भी योगदान दे सकें। एक फ्यूचर रेडी फोर्स के रूप में आगे बढ़ रही भारतीय सेना जनरल द्विवेदी ने बताया कि भारतीय सेना एक फ्यूचर रेडी फोर्स के रूप में आगे बढ़ रही है, जहां वेल ग्रेडेड सोल्जर, मॉडर्न सिस्टम और मल्टी डोमेन ऑपरेशन की क्षमता पर काम हो रहा है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सैनिक को हटाने के लिए नहीं, बल्कि उसे और सक्षम बनाने के लिए किया जा रहा है। अब तक की प्रगति को आगे बढ़ाते हुए अगले दो साल को सेना ने ‘इयर्स ऑफ नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी’ के रूप में अपनाया है, जिससे कनेक्टिविटी, इनफॉर्मेशन फ्लो और डिसीजन मेकिंग और बेहतर हो सके। उन्होंने बताया कि आज की परेड में परंपरा और परिवर्तन का सुंदर संगम देखने को मिला। भारतीय सेना का परिवर्तन आत्मनिर्भरता पर आधारित जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि भारतीय सेना का परिवर्तन आत्मनिर्भरता पर आधारित है, जिसकी झलक परेड में मेड इन इंडिया उपकरणों के जरिए देखने को मिली। सेना को भविष्य में ऐसे वेपन सिस्टम और इक्विपमेंट चाहिए जो भारत में ही डिजाइन और डेवलप हो। उन्होंने बताया कि मिलिट्री जरूरतों के साथ-साथ ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर भी फोकस किया जा रहा है, जो सिविलियन उपयोग और देश के समग्र विकास में भी काम आए। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान के प्रोपगेंडा पर जवाब पाकिस्तान के प्रोपगेंडा पर जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जो भी दुष्प्रचार किया जा रहा है, उसके मुकाबले भारतीय सेना का पक्ष कहीं ज्यादा पॉजिटिव और मजबूत है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना सिंगल सोर्स ऑफ ट्रुथ पर काम करती है और एडीजी प्लेटफॉर्म से जो भी जानकारी दी जाती है, वह तथ्यात्मक और विश्वसनीय होती है। उन्होंने यह भी बताया कि आज के इन्फॉर्मेशन वॉर में क्रेडिबिलिटी और सादगी सबसे ज्यादा जरूरी है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:33 pm

120 बहादुर की रिलीज़ से पहले रेजांग ला युद्ध बलिदान दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया मेजर शैतान सिंह को याद

एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...

वेब दुनिया 19 Nov 2025 3:09 pm

युद्ध और शांति के खेल में नोबेल

वैश्विक राजनीति में किस तरह नोबेल पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान की आड़ में नए खेल रचे जा रहे हैं

देशबन्धु 14 Oct 2025 3:27 am

War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा

रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...

वेब दुनिया 14 Aug 2025 2:20 pm

जब उर्वशी रौतेला ने की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच वायरल हुई तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...

वेब दुनिया 18 Jun 2025 4:16 pm

सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...

वेब दुनिया 7 Mar 2025 2:53 pm

केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल

बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...

वेब दुनिया 19 Feb 2025 5:22 pm

फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल

Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...

वेब दुनिया 4 Sep 2024 2:33 pm

तुर्की के शूटर ने ओलंपिक में जीता मेडल, आदिल हुसैन को मिलने लगी बधाई, एक्टर बोले- अभी देर नहीं हुई...

Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के‍ खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने‍ सिल्वर मेडल जीता।

वेब दुनिया 3 Aug 2024 6:06 pm

Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस

Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.

आज तक 10 Jun 2024 7:25 pm

आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा

आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.

आज तक 11 May 2024 10:30 am

Jimmy Shergill की Ranneeti Balakot and Beyond का ट्रेलर जारी, भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी

रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।

प्रभासाक्षी 17 Apr 2024 2:10 pm

Honey Singh vs Badshah | बढ़ती जा रही है हनी सिंह और बादशाह के बीच नफरत की खाई, रैपरों के बीच वाकयुद्ध गंदे स्तर पर पहुंचा!

दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024

प्रभासाक्षी 26 Mar 2024 3:03 pm

आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग

आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग

मनोरंजन नामा 23 Mar 2024 2:19 pm

'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम

आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

आज तक 22 Mar 2024 5:03 pm

अस्तित्व और बदले के लिए ब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर है Rebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

मनोरंजन नामा 20 Mar 2024 1:21 pm