'अमेरिका से युद्ध हुआ तो हम पाकिस्तान का देंगे साथ', राजस्थान भाजपा चीफ ने दिया विवादित बयान
राठौड़ ने कहा कि यदि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच युद्ध होता है तो पड़ोसी होने के नाते हम पाकिस्तान के साथ हैं, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होने पर भारत का साथ देंगे।
सऊदी अरब तनाव: हूती विद्रोहियों केहमलोंसे चिंता गहराई,उड़ानों की स्थिति और उमराह परभारतीय दूतावास ने क्या कहा?
तुर्की के इस्तांबुल में भारी बारिश से तबाही, सड़कें बनीं दरिया-जनजीवन अस्त-व्यस्त
तुर्की के सबसे बड़े और प्रमुख शहर इस्तांबुल में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. लगातार हुई तेज बारिश के कारण शहर की मुख्य सड़कें दरिया में तब्दील हो गई हैं. सड़कों पर खड़ी गाड़ियां पानी में डूब गईं और कई वाहन पानी के तेज बहाव में बहते हुए नजर आए. बारिश का पानी लोगों के घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घुस गया है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.
Yemen Houthis Attack on Saudi Arabia के बीच हूतियों के समर्थन में कबीले,सऊदी की मुश्किल और बढ़ी|MBS
ईरानी मीडिया का दावा है कि यमन में सऊदी और हूतियों के बीच चल रही भीषण जंग में स्थानीय कबीले भी अंसारुल्लाह लड़ाकों के साथ जुड़ते चले जा रहे हैं...उसकी कई वजह हैं एक तो हूतियों का बढ़ता गलबा..और दूसरा सऊदी यमन के 70 पर्सेंट पापुलेशन वाले हिस्से पर हूतियों का बढता कब्जा
सऊदी अरब ने दो बांग्लादेशी को दी फांसी, मक्का की पवित्र मस्जिद में क्या हुआ था?
मक्का इलाके में बुधवार को दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दी गई। सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के अनुसार, दोनों को एक मस्जिद के अंदर गलत काम करने का दोषी पाया गया था।
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले हुए तेज, तेल ठिकानों पर बढ़ा खतरा
यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार समर्थित बलों के बीच जंग काफी भीषण रूप ले चुकी है. हूतियों ने हाल ही में धुबाब और एयरपोर्ट के पास हुई भीषण लड़ाई का एक नया वीडियो जारी किया है. लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला बाब अल-मंदेब समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है. इस इलाके में जारी अस्थिरता का असर अब पूरे वैश्विक व्यापार पर पड़ रहा है.
रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'रामायण' का दूसरा ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। 2 मिनट 36 सेकेंड के इस ट्रेलर में पहले ट्रेलर के मुकाबले VFX और किरदारों के कॉस्टयूम में सुधार किया गया है। ट्रेलर में भगवान राम (रणबीर कपूर) और रावण (यश) के बीच धर्म और अधर्म के युद्ध को केंद्र में रखा गया है। ट्रेलर की शुरुआत एक वॉयसओवर से होती है, जिसमें इतिहास लिखे जाने से पहले की दुनिया का जिक्र है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे अंधेरे की गहराइयों से रावण का उदय होता है। दुनिया भर में 5 नवंबर को रिलीज होने जा रही इस फिल्म का अंतरराष्ट्रीय नाम 'रामायण: द राइज ऑफ ए लीजेंड' रखा गया है। देखें दूसरे ट्रेलर की झलक … सीता स्वयंवर से लेकर जटायु और दानवी सेना के युद्ध दृश्य ट्रेलर में केवल राम और रावण के किरदारों का टकराव ही नहीं, बल्कि रामायण के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों की झलकियां भी देखने को मिलती हैं। अभिनेत्री साई पल्लवी माता सीता के रूप में दीए जलाते और प्रार्थना करते दिखाई दे रही हैं। इसके अलावा भगवान राम के शिव धनुष उठाने के क्षण, भव्य महल, राक्षसों की सेना और आकाश में उड़ते जटायु के युद्ध दृश्यों को वीएफएक्स की मदद से दिखाया गया है। ट्रेलर के अंत में रावण पर हुए भालों के वार को खुद अपने हाथों से खींचकर फेंकते हुए उसकी शक्ति को दर्शाया गया है। लॉंच से पहले नमित मल्होत्रा का भावुक पोस्ट फिल्म के मेकर नमित मल्होत्रा ने एक्स (X) पर एक नोट शेयर किया, जिस पर उनके साथ निर्देशक नितेश तिवारी और यश के भी दस्तखत हैं। नमित ने लिखा कि जब उन्होंने 'रामायण' बनाने की शुरुआत की थी, तब उनका सपना भारत की इस महान गाथा को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि सोनी पिक्चर्स के ग्लोबल कैंपेन के जरिए दुनिया भर के दर्शक पहली बार इस कहानी को इतने बड़े पैमाने पर देखेंगे। उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का पल बताते हुए लिखा- 'हमारी सच्चाई, हमारा इतिहास, भारत से दुनिया तक, जय श्री राम'। राष्ट्रपति भवन में स्पेशल स्क्रीनिंग की तैयारी मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, मेकर्स नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राजनीतिक हस्तियों और देश के शीर्ष नेताओं के लिए 'रामायण' की एक विशेष स्क्रीनिंग आयोजित करने की अनुमति मांग रहे हैं। अगर अनुमति मिलती है तो यह स्क्रीनिंग 5 नवंबर को फिल्म की ग्लोबल रिलीज के आसपास आयोजित की जाएगी। रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी और फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी शामिल हो सकते हैं। रणबीर कपूर बने हैं भगवान राम, यश निभा रहे रावण का रोल फिल्म 'रामायण' में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बड़े कलाकार एक साथ नजर आने वाले हैं। रणबीर कपूर फिल्म में भगवान राम की भूमिका में हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। साउथ सुपरस्टार यश इस फिल्म में रावण के रोल में दिखेंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं, जबकि रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म 'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग पूरी हो चुकी है। ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिक फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट 5 नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। यह खबर भी पढ़ें... 'रामायण' फिल्म के मेकर पर इनकम टैक्स रेड की खबर: नमित मल्होत्रा की कंपनी प्राइम फोकस के मुंबई दफ्तरों में जांच; विदेशी लेन-देन से जुड़ा मामला फिल्म ‘रामायण’ के निर्माता नमित मल्होत्रा की कंपनी प्राइम फोकस लिमिटेड के मुंबई स्थित दफ्तरों पर आयकर विभाग की छापेमारी की खबर सामने आई थी। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई विदेशी लेन-देन में कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में की गई थी। इस दौरान कंपनी के शेयरों में भी करीब 8% की गिरावट दर्ज की गई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
भारतीय सेना दिवस-2027 के राष्ट्रीय समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 15 जनवरी 2027 को भोपाल में पहली बार सेना दिवस का राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होगा। मुख्य परेड बीएचईएल क्षेत्र के कालीबाड़ी मार्ग पर होगी। इसके अलावा बड़े तालाब पर सेना की युद्ध क्षमता का प्रदर्शन, जंबूरी मैदान में आधुनिक सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी और टीटी नगर स्टेडियम में शौर्य संध्या ‘रणहुंकार’ आयोजित की जाएगी। समारोह की थीम ‘आपकी सेना–आपके पास’ रखी गई है। गुरुवार को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने टीटी नगर स्टेडियम स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में सेना दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों सहित खेल एवं युवा कल्याण, संस्कृति और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। छावनी से निकलकर शहर के बीच होगी सेना दिवस परेड अब तक सेना दिवस की परेड सैन्य छावनियों में आयोजित होती रही है, लेकिन भोपाल में इसे शहर के सार्वजनिक क्षेत्र में आयोजित करने की तैयारी है। परेड में सेना के अनुशासित दस्ते, टैंक, ड्रोन और आधुनिक सैन्य प्रणालियां प्रदर्शित की जाएंगी। इससे आम नागरिकों को सेना की कार्यप्रणाली, तकनीक और सामरिक क्षमता को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय सैन्य आयोजनों को दिल्ली से बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने के दृष्टिकोण के अनुरूप भोपाल में यह समारोह आयोजित किया जा रहा है। उनके मुताबिक, आयोजन से नागरिकों में राष्ट्रभक्ति, सैनिकों के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। बड़े तालाब पर दिखेगी सेना की युद्ध क्षमता सेना दिवस के तहत भोपाल के अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। बीएचईएल के कालीबाड़ी मार्ग पर 15 जनवरी को मुख्य आर्मी-डे परेड होगी। बड़े तालाब के वीआईपी बोट क्लब क्षेत्र में इंटीग्रेटेड कॉम्बैट डिस्प्ले के जरिए सेना की सामरिक क्षमता, रणनीतिक कौशल और समन्वित सैन्य कार्रवाई का प्रदर्शन किया जाएगा। जंबूरी मैदान में सेना के आधुनिक उपकरणों का स्टेटिक और डायनेमिक डिस्प्ले होगा। यहां नागरिक सैन्य प्रणालियों को करीब से देख सकेंगे और उनके संचालन व कार्यक्षमता की जानकारी ले सकेंगे। वहीं, टीटी नगर स्टेडियम में 15 जनवरी की शाम शौर्य संध्या ‘रणहुंकार’ होगी। इसमें देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियों के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत दिखाई जाएगी। आड़ा-खड़ा और भगोरिया जैसे पारंपरिक लोकनृत्य भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। 9 जनवरी से शुरू होंगे कार्यक्रम, 1 नवंबर से मेरी माटी अभियान सेना दिवस समारोह से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत 9 जनवरी 2027 से होगी। 9 से 12 जनवरी के बीच बड़ा तालाब, अटल पथ और जंबूरी मैदान में सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी, लाइव डेमो, एयर-शो और वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इससे पहले 1 नवंबर 2026 को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से ‘मेरी माटी अभियान’ शुरू किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिट्टी एकत्रित की जाएगी और शौर्य स्मारक में संकल्प वृक्ष लगाया जाएगा। सेना और आम नागरिकों के बीच जुड़ाव पर जोर ‘आपकी सेना-आपके पास’ थीम के जरिए सेना और आम नागरिकों के बीच जुड़ाव मजबूत करने पर जोर रहेगा। समारोह में सैन्य प्रदर्शन के साथ देशभक्ति और प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को भी स्थान दिया जाएगा। तैयारियों की समीक्षा बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक चंचल शेखर, संस्कृति विभाग के संचालक एनपी नामदेव, अपर सचिव अजय श्रीवास्तव, भारतीय सेना के पश्चिम मध्यप्रदेश सब एरिया के मेजर जनरल विकास लाल, कर्नल सुब्रत मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद ड्रोन युद्ध की तैयारी तेज, भारतीय सेना खरीदेगी निगरानी और दुश्मन के ड्रोन नष्ट करने वाले सिस्टम
सनातन धर्म और पौराणिक कथाओं में शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri) के पावन अवसर पर मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। मां दुर्गा के सभी रूपों में उनका चंडिका रूप सबसे अधिक उग्र, शक्तिशाली और दुष्टों का संहार करने वाला माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ा है, तब-तब मां ने दैत्यों का नाश करने के लिए चंडिका का विकराल रूप धारण किया है। आइए जानते हैं मां चंडिका की उत्पत्ति और उनके महाविनाशक रूप से जुड़ी पौराणिक कथा के बारे में।क्या है मां चंडिका की पौराणिक कथा और उत्पत्ति का रहस्यपौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में शुंभ और निशुंभ नाम के दो शक्तिशाली तथा अत्याचारी राक्षसों ने स्वर्ग पर अधिकार कर लिया था और देवराज इंद्र को उनका सिंहासन छोड़ने के लिए विवश कर दिया था। देवताओं पर आए इस बड़े संकट से मुक्ति पाने के लिए देवराज इंद्र और अन्य सभी देवी-देवता सहायता की गुहार लगाने के लिए माता पार्वती के पास पहुंचे।देवताओं की पुकार सुनकर मां पार्वती के भीतर से एक अत्यंत तेजोमय और अलौकिक शक्ति प्रकट हुई, जिन्हें 'मां चंडिका' या 'चंडी' के नाम से जाना गया। मान्यता है कि जब राक्षस शुंभ ने माता के अलौकिक सौंदर्य को देखा, तो वह उन पर मोहित हो गया और उनके सामने विवाह का प्रस्ताव रख दिया। इस पर माता ने चेतावनी दी कि जो राक्षस युद्ध में उसे हराएगा, वही उससे विवाह करेगा। इसके बाद शुंभ और निशुंभ ने अहंकार में आकर अपनी सेना और महाबली सेनापतियों को युद्ध के लिए भेजा।चंड और मुंड का वध कर पड़ा 'चंडिका' नामशुंभ और निशुंभ के आदेश पर उनके दो सबसे ताकतवर असुर सेनापति 'चंड' और 'मुंड' देवी चंडिका से युद्ध करने के लिए रणक्षेत्र में उतरे। भीषण युद्ध के दौरान मां चंडिका ने अपने क्रोध से ऐसा भयंकर और विकराल रूप धारण किया कि देखते ही देखते उन्होंने चंड और मुंड दोनों का सिर धड़ से अलग कर दिया।असुरों के इन दोनों सेनापतियों का वध करने के कारण ही माता को 'चंडिका' या 'चंडी' नाम से पुकारा जाने लगा। इसके बाद अहंकारी राक्षस शुंभ और निशुंभ भी स्वयं मां के साथ युद्ध करने आए, लेकिन मां चंडिका ने अपने प्रहार से दोनों का अंत कर दिया और ब्रह्मांड को राक्षसों के आतंक से मुक्त कराया।हरिद्वार का प्रसिद्ध चंडी देवी मंदिर और उसकी महिमाभारतवर्ष में मां चंडिका के कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां दूर-दूर से भक्त अपनी मन्नतें लेकर पहुंचते हैं। इनमें से उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित चंडी देवी मंदिर बेहद प्रसिद्ध है। यह मंदिर नील पर्वत के शिखर पर स्थित है और देश के प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र मंदिर की मुख्य मूर्ति की स्थापना महान आध्यात्मिक संत आदि शंकराचार्य द्वारा आठवीं शताब्दी में की गई थी।मां चंडिका की आराधना करने से भक्तों को जीवन के हर क्षेत्र में विजय और शत्रुओं पर सफलता प्राप्त होती है। यदि किसी जातक के मन में अज्ञात भय या संकट रहता है, तो माता का स्मरण मात्र से सभी विपत्तियां टल जाती हैं। हरिद्वार के अलावा पंचकूला, हापुड़, छत्तीसगढ़, कटक (ओडिशा) और किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) में भी मां चंडिका के भव्य मंदिर स्थापित हैं, जहां भक्तों का तांता लगा रहता है।
Riyadh हवाई अड्डे पर हमले के बाद Houthis ने बढ़ाई आक्रामकता, सऊदी अरब से टकराव तेज
(लॉरेण्ट बोनेफोय, साइंसेज पीओ)पेरिस, 15 अक्टूबर (द कन्वरसेशन) यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किए गए घातक हमले ने सऊदी अरब के साथ उनके बढ़ते संघर्ष और खुद को ईरान के इशारे पर काम करने वाले संगठन के रूप में देखे जाने की धारणा बदलने की कोशिश को उजागर किया है।दस अक्टूबर को हुए हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए। फरवरी में ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से सऊदी अरब की धरती पर यह सबसे हिंसक घटना थी। इसके बाद भी मिसाइल हमले किए गए।यमन की राजनीति के विशेषज्ञ के अनुसार, ये घटनाएं पश्चिम एशिया में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और यमन में एक दशक से जारी युद्ध के व्यापक प्रभावों को दर्शाती हैं। ----- सऊदी अरब पर ध्यान केंद्रित कर रहे हूती -----हूती आंदोलन 2004 में यमन में एक सशस्त्र राजनीतिक ताकत के रूप में उभरा था। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और सऊदी अरब समर्थित सरकार के खिलाफ गृहयुद्ध लड़ रहा है। फिलहाल हूतियों का देश के करीब एक-तिहाई क्षेत्र और दो-तिहाई आबादी पर नियंत्रण है। उन्होंने लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों और ड्रोन का बड़ा जखीरा तैयार किया है।हूतियों को अक्सर ईरान का प्रतिनिधि संगठन बताया जाता है। हालांकि, ईरान से उनके संबंधों के बावजूद आंदोलन का विकास यमन की घरेलू राजनीति और उसके ऐतिहासिक संघर्षों से भी जुड़ा है।लेखक के मुताबिक, 2026 में हूती नेतृत्व ने अपनी सैन्य कार्रवाइयों को इस तरह पेश करने की कोशिश की है कि वे ईरान के निर्देश पर की गई कार्रवाई न लगें। फरवरी में अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के बाद भी हूती कई महीनों तक संघर्ष से दूर रहे।इसकी एक वजह यह थी कि फलस्तीनियों के समर्थन में कार्रवाई को अरब एकजुटता के रूप में पेश करना आसान था, जबकि ईरान के लिए लड़ने को यमन के घरेलू राजनीतिक और धार्मिक संदर्भ में उचित ठहराना कठिन था।अगस्त में क्षेत्रीय संघर्ष में लौटने के बाद हूतियों ने अपने राजनीतिक विमर्श में सऊदी अरब को प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश करना शुरू किया। वे अपने सैन्य अभियान को मुख्य रूप से राष्ट्रीय रक्षा की कार्रवाई बताते हैं। ----- हवाई अड्डे पर हमले के बाद बढ़ा तनाव -----लेख के अनुसार, जुलाई 2026 में सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दोबारा खोलने की हूतियों की कोशिश के दौरान तनाव बढ़ा। इजराइली हमलों के बाद 2024 के आखिर से बंद हवाई अड्डे पर 13 जुलाई को सऊदी सेना ने बमबारी की, जब तेहरान से आने वाला विमान वहां पहुंचने वाला था।हूतियों ने इसे सऊदी अरब के साथ टकराव फिर तेज करने का अवसर माना। अब वे सऊदी अरब के बंदरगाहों और तेल निर्यात से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को जवाबी कार्रवाई के रूप में उचित ठहराते हैं।हूतियों की इस रणनीति के दो उद्देश्य बताए गए हैं, पहला- यमन में आर्थिक और मानवीय संकट की जिम्मेदारी अपनी शासन संबंधी विफलताओं के बजाय सऊदी अरब की नाकेबंदी पर डालना और दूसरा- क्षेत्रीय संघर्ष को और बढ़ाने का आधार तैयार करना।सितंबर की शुरुआत में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर कुछ हद तक नियंत्रण स्थापित करने के प्रयासों से हूतियों को लाल सागर में सऊदी अरब के लिए महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार पर दबाव बनाने का अवसर मिला। ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिये वे सऊदी अरब के बड़े हिस्से में स्थित ठिकानों को भी निशाना बना सकते हैं। ----- क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ने की आशंका -----यह स्पष्ट नहीं है कि हूतियों के इस तेजी से आक्रामक होते अभियान के क्या परिणाम होंगे। क्षेत्र में संघर्ष जारी रहने की आशंका है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इससे अमेरिका जैसे देश फिर संघर्ष में शामिल होंगे या नहीं। अमेरिका अब तक पूर्ण पैमाने पर क्षेत्रीय युद्ध में दोबारा उतरने से बचता रहा है।लेकिन इन घटनाओं के बीच यमन के आम नागरिकों की दुर्दशा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यह उस आबादी की पीड़ा की याद दिलाता है, जो एक दशक से अधिक समय से जारी युद्ध से थक चुकी है। इस युद्ध ने उस देश के पहले से ही सीमित बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया है, जो संघर्ष शुरू होने से पहले ही पश्चिम एशया का सबसे गरीब देश था।
पंजाब के मानसा में नशों के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटे की सरेआम हत्या के विरोध में आज वीरवार को सिरसा जिले में किसान एवं युवाओं ने नेहरू पार्क अनाज मंडी सिरसा में एकत्रित होकर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान पंजाब की भगवंत मान सरकार, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के पुतले का दहन किया। परविंदर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह प्रदर्शन भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेश प्रवक्ता सुभाष झोरड़ की अगुवाई में किसानों और युवाओं ने किया। बीकेई के मीडिया प्रभारी गुरलाल सिंह भंगू और किसान नेताओं ने बताया, मानसा में नशों के खिलाफ लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे परविंदर सिंह झोटा का नशा तस्करों द्वारा सरेआम गोलियां मारकर की गई हत्या अत्यंत शर्मनाक और दुखद है। वीडियो साक्ष्यों से साफ जाहिर होता है कि कातिल ने फोन पर बातचीत करने के बाद बेखौफ होकर घटना को अंजाम दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि पंजाब में सरकार और पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से ही नशा सरेआम बिक रहा है। नेताओं ने सवाल किया कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए ऐसे गुमराह करने वाले बयान दे रही है। यदि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाती तो परविंदर झोटे जैसे युवा को अपनी जान न गंवानी पड़ती। नशा मुक्त अभियान को राजनीतिक ड्रामा बताया किसान नेताओं ने पंजाब सरकार के 'युद्ध नशों के खिलाफ' अभियान को सिर्फ और सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा करार देते हुए कहा कि परविंदर सिंह झोटा द्वारा अपने अंतिम समय लाइव होकर मेडिकल स्टोर से बनाई वीडियो में डी.एस.पी. को बार-बार फोन करने का जिक्र यह साबित करता है कि पुलिस को सब पता था। यदि कोरोना काल के दौरान पूरे पंजाब को घरों के अंदर बंद किया जा सकता था, तो पुलिस-प्रशासन को नशे के सौदागरों के बारे में जानकारी न होना असंभव है। किसान नेताओं ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के उस बयान की भी सख्त शब्दों में निंदा की, जिसमें उन्होंने कत्ल को 'व्यक्तिगत रंजिश' करार दिया। प्रदर्शन में यह रहे मौजूद प्रदर्शन में कुलदीप सिंह एचजीपीसी मेंबर, रिछपाल सिंह कंगनपुर, दलजीत सिंह रंगा, गुरजीत सिंह जोगेवाला, बलकौर सिंह फग्गू, सुभाष झोरड़, बलदेव सिंह, जीत सिंह, गुरपिंदर सिंह काहलों, अमरीक सिंह बाजवा, मनदीप सिंह लहगेवाला, रविन्द्र सिंह गिल, दलजीत सिंह रंगा, नाजर सिंह, गुरजीत सिंह मान, नरेंद्र सिंह नेजाडेला, गुरदीप सिंह मल्लेवाला, बापू गुरचरण सिंह पंजुआना, भरत सिंह रोहिड़ावाली, बलजिंदर भंगू, नरेंद्र, रणजीत सिंह, जसविंदर सिंह, जगसीर सिंह, सुखविंदर सिंह पूर्व सरपंच, नछतर सिंह, जयकरण झोरड़, मांगेराम धोतड़ मौजूद रहे। मुख्य मांगें: किसानों ने मांग रखी कि हाई कोर्ट इस मामले पर सुओ-मोटो (स्वंय संज्ञान) लेते हुए परविंदर सिंह झोटे के कत्ल की जांच सीबीआई को सौंपे, क्योंकि पंजाब पुलिस से इंसाफ की उम्मीद नहीं है। हत्याकांड में शामिल और इस सरकारी शह प्राप्त अपराध के पीछे मौजूद हर एक चेहरे को बेनकाब करके जेल भेजा जाए। जिस क्षेत्र में नशा बिकता है, उस क्षेत्र के संबंधित एसएचओ और एसएसपी के खिलाफ मामला दर्ज करके सीधी कानूनी कार्रवाई की जाए।
विदेश में रणबीर कपूर की 'रामायण' को मिली PG-13 रेटिंग, युद्ध और एक्शन सीन देखकर उड़ जाएंगे होश!
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' को लेकर सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह है। यह फिल्म सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि ग्लोबल स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ने की तैयारी में है। बेंगलुरु में इसके इंटरनेशनल ट्रेलर के भव्य अनावरण की तैयारी ...
सऊदी अरब में उड़ानें रद्द होने से फंसे Umrah Pilgrims, भारत ने मक्का में शुरू किया कंट्रोल रूम
भारत और सऊदी अरब के बीच उड़ानें प्रभावित होने के कारण वहां फंसे भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से उमरा यात्रियों की मदद के लिए भारत ने मक्का में एक अतिरिक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने यह जानकारी दी। यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब में असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए कई घातक ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे देशभर में उड़ानें प्रभावित हुई हैं। वाणिज्य दूतावास ने बुधवार को बताया कि नया नियंत्रण कक्ष मक्का स्थित भारतीय हज यात्री कार्यालय (आईएचपीओ) में स्थापित किया गया है और जेद्दा में पहले से मौजूद चौबीसों घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष भी अपनी सेवाएं जारी रखेगा। इससे पहले मंगलवार को वाणिज्य दूतावास ने भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से जेद्दा और मदीना आने-जाने वाले उमरा यात्रियों को सलाह दी थी कि वे अपनी विमानन कंपनियों के नियमित संपर्क में रहें और हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर पता कर लें। उमरा इस्लाम की एक धार्मिक परंपरा है, जिसे साल में किसी भी समय किया जा सकता है, जबकि हज यात्रा साल में एक निश्चित समय पर होती है। उमरा के लिए श्रद्धालु सऊदी अरब के मक्का जाते हैं, जो इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है। वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि मदद की जरूरत होने पर भारतीय नागरिक मक्का स्थित नियंत्रण कक्ष से फोन के जरिए संपर्क कर सकते हैं। यात्रियों को उड़ानें रद्द होने, उनके समय में बदलाव, यात्रा के वैकल्पिक इंतजाम और जरूरत पड़ने पर ठहरने की व्यवस्था के लिए ट्रैवल एजेंट, टूर ऑपरेटर और उमरा सेवाएं देने वाली एजेंसियों के संपर्क में रहने की भी सलाह दी गई है। वाणिज्य दूतावास ने बताया कि वह प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए विमानन कंपनियों और स्थानीय अधिकारियों के नियमित संपर्क में है। उड़ानों के संचालन से जुड़ी नयी जानकारी दूतावास के आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों पर साझा की जाएगी। वाणिज्य दूतावास ने प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए जेद्दा में भी चौबीसों घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय नागरिकों को स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने, हवाई हमला होने की स्थिति में घरों के अंदर रहने और मौजूदा घटनाक्रम से जुड़े वीडियो या खबरें प्रसारित करने से बचने की बुधवार को सलाह दी। दूतावास ने बुधवार को बताया कि रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन बंद है, जबकि दम्माम, जेद्दा और मदीना से उड़ानें कुछ बाधाओं के साथ जारी हैं। दूतावास के अनुसार, भारतीय विमानन कंपनियों एअर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एअर और इंडिगो ने 17 अक्टूबर तक सऊदी अरब से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें स्थगित कर दी हैं। वहीं, सऊदी अरब की विमानन कंपनियां सऊदिया और फ्लाइनास अपनी कुछ निर्धारित उड़ानों का संचालन कर रही हैं।
सऊदी अरब ने फीफा-ई फाइनल्स को टाल दिया
नई दिल्ली, फीफा और सऊदी ईस्पोर्ट्स फेडरेशन ने फीफा-ई फाइनल्स 2026 को टाल दिया है। इवेंट 16 से 25 अक्टूबर तक जेद्दा में होने वाला था।
सऊदी अरब में हमले के बाद फीफा ने फीफा-ई फाइनल्स को टाल दिया
New Delhi, 15 अक्टूबर . फीफा और सऊदी ईस्पोर्ट्स फेडरेशन ने फीफा-ई फाइनल्स 2026 को टाल दिया है. इवेंट 16 से 25 अक्टूबर तक जेद्दा में होने वाला था. यह फैसला हाल ही में रियाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद लिया गया है. 10 अक्टूबर को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में ... Read more
तुर्की के तट पर मिला 4,700 साल पुराना जहाज, प्राचीन समुद्री व्यापार के खुल सकते हैं कई रहस्य
एआई-जनरेटेड तस्वीर आतिफ नूर खान, तहलकातुर्की के अंताल्या तट के पास केकोवा द्वीप के निकट पुरातत्वविदों को लगभग 4,400 से 4,700 साल पुराने जहाज के मलबे का पता चला है। समुद्र की गहराई में मिले इस मलबे से प्राचीन समुद्री व्यापार, नाविकों के जीवन और उस दौर की सभ्यताओं के बीच संबंधों को समझने में […]
खाड़ी देशों में ईरान पर जोरदार हमला करके अमेरिका-इजरायल ने जो आग भड़काई, उसकी भारी कीमत आज उसके समर्थक चुका रहे हैं। जब ईरान ने अपनी सधी हुई रणनीति से और रूस व चीन के बल पर अमेरिका-इजरायल को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया, तो उन्होंने अपनी सैन्य कार्रवाई रोक ली। इधर ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने जब सऊदी को निशाने पर लिया और ताबड़तोड़ हमले शुरू किए, तो उनके विरुद्ध अमेरिका, सऊदी अरब और इस्लामिक नाटो की सैन्य क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। आधुनिक हथियारों, उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बावजूद हूती विद्रोही सऊदी अरब के लिए सुरक्षा चुनौती बने हुए हैं। जिस तरह से अक्टूबर 2026 में रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले हुए और लाल सागर के समुद्री मार्गों को लेकर तनाव बढ़ा, उसने इस संकट को और गंभीर बना दिया है। आइए हम आपको इसके पीछे के दस अहम सवाल समझाएंगे, जो आगे दिए हुए हैं। इससे पहले एक मीडिया की 12–13 अक्टूबर की रिपोर्टों में सऊदी हवाई सुरक्षा की कमजोरियों और हूतियों की बढ़ती क्षमताओं का उल्लेख किया गया है, उसकी चर्चा करते हैं। यही वजह है कि इस संकट को समझने के लिए तीन सवाल महत्त्वपूर्ण हैं:- इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Saudi Arabia पर Houthis के हमले और तेज होते ही Trump ने दी युद्ध की चेतावनी, जवाब में हूतियों ने अमेरिका को फटकारा एक, अमेरिका जैसी महाशक्ति हूतियों को निर्णायक रूप से नियंत्रित क्यों नहीं कर पा रही है? शायद इसलिए कि उनके ऊपर ईरान और ईरान के ऊपर रूस व चीन का हाथ है। सभी मिलकर खाड़ी देशों से अमेरिकी पांव उखाड़ना चाहते हैं। इसलिए अमेरिका बेबस है। दो, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच बने नए रक्षा समझौते की वास्तविक उपयोगिता क्या है? दरअसल, यह अमेरिकी इशारे पर भारत के विरुद्ध बनवाया गया संगठन है। लेकिन इनकी आर्थिक और सैन्य क्षमता ईरान से सीधा टकराने की नहीं है। अब जान चुके हैं कि जो देश अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर कर सकता है, वह देश इन अमेरिकी पिल्लों को पल भर में दबोच कर शिया शासन के अधीन मिला लेगा। किसी भी लड़ाई में सारे मोर्चे एक साथ नहीं खोले जाते, बल्कि एक एक कर दुर्लभ लक्ष्य साधा जाता है। ईरान और उसके प्रॉक्सी शिया संगठनों की रणनीति यही है। तीन, सऊदी अरब के पास सैन्य कार्रवाई के अलावा कौन-कौन से विकल्प हैं? चूंकि अमेरिका व इजरायल सऊदी अरब का साथ छोड़ चुके हैं, इसलिए अब वह रूस को माध्यम बनाकर ईरान के शरणागत हो जाए। साथ ही तमाम अमेरिका सैन्य अड्डों को खाली करवा ले। इससे ईरान खुद को सुरक्षित महसूस करेगा। यदि वह सुन्नी मुल्कों पाकिस्तान व तुर्कीये के भ्रमजाल में फंसेगा तो बर्बादी भी होगी और सत्ता पलट भी होगा। अब आइए दस मौलिक सवालों से इस वैश्विक समस्या के समाधान को ढूंढने की कोशिश करते हैं, जहां पर हर पक्ष के संतुलन को दर्शाने की कोशिश की गई है। पहला सवाल यह है कि हूतियों को नियंत्रित करना इतना कठिन क्यों है? तो जवाब होगा कि सैन्य शक्ति और युद्ध के परिणाम में अंतर होता है। अमेरिका और सऊदी अरब के पास आधुनिक सैन्य संसाधन हैं, लेकिन किसी सशस्त्र संगठन को पराजित करना केवल हथियारों की श्रेष्ठता का प्रश्न नहीं है, बल्कि सैनिकों में मजबूत राष्ट्रीय जज्बा भी होना चाहिए जो अबतक दिखा नहीं। हूती आंदोलन ने यमन के गृहयुद्ध के दौरान सैन्य अनुभव हासिल किया है। वह देश के बड़े हिस्से में अपना प्रभाव बनाए हुए है और उसके पास मिसाइल तथा ड्रोन जैसी क्षमताएँ हैं। एक ताजा विश्लेषण के अनुसार, हूतियों की चुनौती के पीछे अपेक्षाकृत कम लागत वाली सैन्य तकनीक, ईरान से मिली तकनीकी सहायता, स्थानीय समर्थन और विरोधी पक्षों के बीच मतभेद जैसे कारक हैं। दरअसल किसी देश की सैन्य श्रेष्ठता अपने आप यह सुनिश्चित नहीं करती कि वह अपने राजनीतिक उद्देश्यों को भी प्राप्त कर लेगा। दूसरा सवाल है कि कम लागत वाले हमले और महँगी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी सऊदी अरब पर हुती क्यों भारी पड़ रहा है? शायद इसलिए कि हूती संकट का एक महत्त्वपूर्ण पहलू आर्थिक है। ड्रोन और अन्य अपेक्षाकृत सस्ते साधनों से खतरा उत्पन्न किया जा सकता है। हमलों को रोकने के लिए अत्याधुनिक निगरानी और वायु रक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पड़ती है। लगातार हमलों की आशंका के कारण नागरिक विमानन, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और व्यापारिक गतिविधियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सऊदी अरब की रक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गई है, बल्कि हालिया घटनाएँ यह सवाल उठाती हैं कि क्या उसकी मौजूदा व्यवस्था सभी प्रकार के हमलों से पर्याप्त सुरक्षा दे पा रही है। मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अधिकारी रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में आई कमियों की जाँच कर रहे हैं। तीसरा सवाल यह है कि यमन का भूगोल और राजनीतिक परिस्थितियाँ हुतियों की मदद कर रही हैं। यमन की भौगोलिक परिस्थितियाँ और लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता इस समस्या को जटिल बनाती हैं। हूती आंदोलन को केवल बाहरी सैन्य शक्ति से नियंत्रित करने की कोशिश में स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की अनदेखी नहीं की जा सकती। यमन में एक ओर हूतियों का प्रभाव है, तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और दूसरे स्थानीय राजनीतिक तथा सैन्य समूह हैं। इन सभी के हित हमेशा एक जैसे नहीं होते। इसलिए हूतियों के विरुद्ध कार्रवाई और यमन में स्थायी राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करना दो अलग-अलग चुनौतियाँ हैं। चौथा सवाल है कि आखिर इसके पीछे ईरान की भूमिका क्या है? तो जवाब होगा कि हूती आंदोलन को ईरान से समर्थन और तकनीकी सहायता मिलने की बात लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय विश्लेषणों में सामने आती रही है। लेकिन हूतियों को केवल ईरान का निर्देश मानकर चलना भी अधूरा विश्लेषण होगा। एक अध्ययन के अनुसार, ईरान और हूतियों के हित कई मामलों में एक-दूसरे से मेल खाते हैं, लेकिन हूतियों के अपने स्थानीय राजनीतिक उद्देश्य भी हैं। इसका कूटनीतिक अर्थ यह है कि ईरान के साथ बातचीत उपयोगी हो सकती है, लेकिन उससे हूतियों के सभी निर्णय स्वतः नियंत्रित हो जाएँगे, इसकी गारंटी नहीं है। पांचवां सवाल यह है कि आखिर अमेरिका हूतियों को निर्णायक रूप से नियंत्रित क्यों नहीं कर पा रहा? तो जवाब होगा कि अमेरिका की स्थिति में एक महत्त्वपूर्ण विरोधाभास है: वह सऊदी अरब की सुरक्षा में सहयोग करना चाहता है, लेकिन यमन में एक और व्यापक युद्ध में उलझने से भी बचना चाहता है। इसके पीछे कुछ कारण हैं:- एक, सैन्य कार्रवाई की सीमाएँ: हूती ठिकानों पर हवाई हमले उनकी क्षमताओं को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन हवाई कार्रवाई अपने आप किसी संगठन का राजनीतिक नियंत्रण समाप्त नहीं करती। अतीत के अनुभवों से भी स्पष्ट है कि लंबे सैन्य अभियान के बावजूद हूती आंदोलन को समाप्त नहीं किया जा सका। इसलिए अमेरिका के सामने केवल हमले करने का प्रश्न नहीं, बल्कि यह भी है कि सैन्य कार्रवाई के बाद स्थायी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए? दो, अमेरिका की प्राथमिकताएँ: एक नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने हूतियों के विरुद्ध प्रस्तावित अभियान में अमेरिकी हवाई हमलों का समर्थन माँगा था, लेकिन उस समय वाशिंगटन ने प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से इनकार किया। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका खुफिया जानकारी और अन्य सहायता देता रहा। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका की सहायता और उसकी प्रत्यक्ष युद्ध में भागीदारी अलग-अलग विषय हैं। वाशिंगटन के लिए व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का जोखिम, सैन्य संसाधनों पर दबाव और दूसरे मोर्चों पर उसकी प्राथमिकताएँ महत्त्वपूर्ण कारक हैं। तीन, लाल सागर का सामरिक महत्त्व: लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार के महत्त्वपूर्ण मार्ग हैं। यदि इन मार्गों पर जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो उसका असर केवल सऊदी अरब पर नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं, माल ढुलाई की लागत और ऊर्जा व्यापार पर भी पड़ता है। एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि लाल सागर की सुरक्षा को लेकर बढ़ता संकट अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग को कमजोर कर सकता है। अमेरिका की दुविधा यह है कि उसे समुद्री व्यापार और अपने सहयोगियों की सुरक्षा करनी है, लेकिन ऐसी कार्रवाई से बचना भी है जो संघर्ष को और व्यापक बना दे। छठा सवाल है कि क्या ‘इस्लामिक नाटो’ हूतियों को रोक सकता है? तो यहाँ पर एक महत्त्वपूर्ण तथ्यात्मक अंतर समझना आवश्यक है। वह यह कि अगस्त 2026 में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने मक्का में एक संयुक्त रक्षा समझौता किया, जिसे भारत विरोधी माना गया। इस समझौते में एक हस्ताक्षरकर्ता पर सशस्त्र हमला अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं पर हमले के रूप में देखने का प्रावधान है। मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में इस व्यवस्था को कभी-कभी ‘इस्लामिक नाटो’ कहा जा रहा है। लेकिन इसे नाटो के समान संस्थागत, सैन्य और परिचालन क्षमता वाला संगठन मान लेना अभी उचित नहीं होगा। क्योंकि इस गठबंधन की अपनी संभावनाएँ हैं:- एक, सामूहिक प्रतिरोध का संदेश: यदि सदस्य देशों की प्रतिबद्धता विश्वसनीय होती है, तो किसी एक सदस्य पर हमले की राजनीतिक कीमत बढ़ सकती है। दो, सुरक्षा सहयोग: सदस्य देशों के बीच खुफिया जानकारी, प्रशिक्षण और सुरक्षा समन्वय में सहयोग बढ़ सकता है। हालांकि इन क्षेत्रों में वास्तविक सहयोग कितना विकसित हुआ है, इसका आकलन उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर करना होगा। तीन, सऊदी अरब के लिए अतिरिक्त कूटनीतिक विकल्प: रियाद को अमेरिका पर अपनी सुरक्षा संबंधी निर्भरता कम करने की दिशा में नए साझेदार मिल सकते हैं। फिर भी तीन बड़ी चुनौतियाँ हैं:- एक, अलग-अलग राष्ट्रीय हित: प्रत्येक देश यह तय कर सकता है कि किसी संकट में उसकी भागीदारी कितनी और किस प्रकार की होगी। दो, समझौते का व्यावहारिक क्रियान्वयन: पारस्परिक रक्षा की घोषणा अपने आप संयुक्त सैन्य कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करती। तीन, क्षेत्रीय संघर्ष का जोखिमकिसी सैन्य कार्रवाई से ईरान और अन्य क्षेत्रीय पक्षों के साथ तनाव बढ़ सकता है। एक मीडिया विश्लेषण ने भी इस गठबंधन की वास्तविक प्रभावशीलता और उसके सामने मौजूद चुनौतियों पर प्रश्न उठाए थे। वास्तव में यह समझौता सऊदी अरब की सुरक्षा कूटनीति में एक नया आयाम है, लेकिन इसे हूती समस्या का स्वतः समाधान नहीं माना जा सकता। सातवां सवाल है कि सऊदी अरब के सामने अब क्या विकल्प हैं? तो जवाब होगा कि सऊदी अरब के सामने मुख्य चुनौती यह है कि वह अपनी जनता, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करे, जबकि एक और लंबा युद्ध शुरू करने के जोखिम को भी ध्यान में रखे। लिहाजा उसके सामने पाँच प्रमुख विकल्प हैं:- एक, सैन्य दबाव बढ़ाना: सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के साथ मिलकर हूतियों पर सैन्य दबाव बढ़ा सकता है। इस विकल्प का उद्देश्य हूतियों की हमले करने की क्षमता को सीमित करना और विवादित क्षेत्रों पर नियंत्रण से संबंधित परिस्थितियों को बदलना होगा। इससे संभावित लाभ यह होगा कि हूतियों की सैन्य गतिविधियों पर दबाव बढ़ सकता है। जबकि जोखिम यह है कि संघर्ष लंबा खिंच सकता है, नागरिकों को नुकसान पहुँच सकता है और सऊदी अरब के भीतर हमलों का खतरा बढ़ सकता है।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब नेतृत्व यमन की सरकारी सेनाओं के साथ अभियान की योजना बना रहा था। उस समय अमेरिकी सेना की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित नहीं थी। इसलिए केवल सैन्य अभियान की घोषणा को सफलता का प्रमाण नहीं माना जा सकता है। दो, अमेरिका पर निर्भरता के साथ-साथ अन्य साझेदारों से सहयोग: सऊदी अरब अमेरिका के साथ अपने सुरक्षा संबंध बनाए रखते हुए पाकिस्तान, तुर्किये और दूसरे सहयोगियों के साथ सहयोग बढ़ा सकता है। लेकिन नए रक्षा समझौतों की वास्तविक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि सदस्य देश किस प्रकार की सहायता देने को तैयार हैं और उनके बीच व्यावहारिक समन्वय कितना है। यहाँ उद्देश्य केवल गठबंधन का विस्तार करना नहीं, बल्कि सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाना होगा। तीन, ईरान के साथ कूटनीतिक संवाद बनाना: हूती संकट का एक महत्त्वपूर्ण आयाम ईरान-सऊदी अरब संबंध भी हैं। यदि दोनों देश क्षेत्रीय तनाव कम करने, यमन में राजनीतिक समाधान और हमलों को रोकने के लिए संवाद आगे बढ़ाते हैं, तो इससे संघर्ष के विस्तार का जोखिम घट सकता है। हालाँकि, ईरान से बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कितना प्रभाव डाल सकता है और हूती नेतृत्व किन शर्तों को स्वीकार करता है। यहां पर कूटनीतिक चुनौती यह है कि ऐसा समझौता खोजना जो सऊदी अरब की सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करे, लेकिन यमन के भीतर राजनीतिक समाधान की संभावना भी बनाए रखे। चार, समुद्री सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मजबूत करना: लाल सागर की सुरक्षा केवल सऊदी अरब की समस्या नहीं है। इसलिए वह अन्य देशों के साथ समुद्री निगरानी, वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा, सूचना साझा करने और संकट के समय समन्वित प्रतिक्रिया पर काम कर सकता है। चैथम हाउस ने मौजूदा बहुराष्ट्रीय समुद्री अभियानों और सहयोग को मजबूत करने की संभावनाओं का उल्लेख किया है। इस विकल्प का महत्त्व इसलिए है क्योंकि समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए हूती आंदोलन के साथ पूरे संघर्ष का सैन्य समाधान निकालना अनिवार्य नहीं है। पांच, यमन में राजनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास: यह विकल्प तत्काल राजनीतिक रूप से कठिन हो सकता है, लेकिन स्थायी शांति के लिए इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। संयुक्त राष्ट्र ने सितंबर 2026 में हूतियों के हमलों की निंदा करते हुए सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और यमन के नेतृत्व में समावेशी राजनीतिक समाधान की दिशा में काम करने का आग्रह किया था। राजनीतिक समाधान में युद्धविराम, नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता, बंदियों के प्रश्न और यमन की भविष्य की शासन-व्यवस्था जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। इस प्रक्रिया में कठिन बातचीत और आपसी समझौते की आवश्यकता होगी। आठवां सवाल है कि सऊदी अरब के विकल्पों की तुलना किससे और कैसे की जा सकती है? इस विकल्प के संभावित लाभ, प्रमुख जोखिम या सीमा स्पष्ट हैं। जहां तक सैन्य दबावकी बात है तो हूतियों की क्षमताओं पर दबाव लंबा युद्ध और नागरिक नुकसान पहुंचा सकता है। अमेरिका के साथ सहयोग, मौजूदा सुरक्षा साझेदारी का लाभ, अमेरिकी प्रत्यक्ष भागीदारी की अनिश्चितता, पाकिस्तान-तुर्किये सहित नए साझेदार सुरक्षा सहयोग का विस्तार और समझौते की वास्तविक क्षमता अभी परखी जानी है। लिहाजा ईरान के साथ संवाद क्षेत्रीय तनाव कम करने की संभावना बढ़ा सकता है। ईरान का प्रभाव सीमित हो सकता है, लेकिन बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा में सहयोग व्यापक राजनीतिक संघर्ष का समाधान नहीं हो सकता। इसलिए यमन में राजनीतिक समझौता और स्थायी शांति की संभावना, कठिन वार्ता और परस्पर अविश्वास को दूर करके ही हासिल की जा सकती है। यह तुलना किसी एक विकल्प को सर्वश्रेष्ठ घोषित नहीं करती, बल्कि प्रत्येक विकल्प अलग समस्या का समाधान करने का प्रयास करता है और उसके परिणाम परिस्थितियों पर निर्भर होंगे। नौवां सवाल है कि भारत के लिए इस संकट के क्या मायने हैं? तो जवाब होगा कि भारत के लिए यह संकट तीन प्रमुख कारणों से महत्त्वपूर्ण है:- एक, ऊर्जा सुरक्षा: सऊदी अरब भारत के लिए एक महत्त्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार है। क्षेत्रीय संघर्ष से तेल की आपूर्ति और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। दो, समुद्री व्यापार: लाल सागर और बाब-अल-मंदेब में अस्थिरता से भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक जहाजों के मार्ग, परिवहन लागत और माल पहुँचने के समय पर प्रभाव पड़ सकता है। तीन, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा: पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने पर उनकी सुरक्षा और आवश्यकता पड़ने पर निकासी की तैयारी महत्त्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए भारत के हित में समुद्री मार्गों की सुरक्षा, क्षेत्रीय तनाव में कमी और सभी संबंधित पक्षों के साथ संवाद बनाए रखना है। दसवां सवाल है कि क्या सऊदी अरब को सैन्य रणनीति बदलनी होगी? तो जवाब होगा कि हूतियों के साथ जारी संघर्ष यह दिखाता है कि सैन्य संसाधनों की प्रचुरता और राजनीतिक उद्देश्यों की प्राप्ति के बीच सीधा संबंध नहीं है। अमेरिका की प्रत्यक्ष सैन्य भागीदारी की सीमाएँ, हूतियों की अपनी राजनीतिक और सैन्य संरचना, ईरान का समर्थन तथा यमन की जटिल आंतरिक परिस्थितियाँ इस संकट को लगातार कठिन बना रही हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान और तुर्किये के साथ सऊदी अरब का नया रक्षा समझौता सुरक्षा सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करता है, लेकिन उसकी वास्तविक प्रभावशीलता समय और परिस्थितियों के साथ ही स्पष्ट होगी। सऊदी अरब के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न केवल यह नहीं है कि हूतियों पर सैन्य दबाव कैसे बढ़ाया जाए, बल्कि यह भी है कि अपने नागरिकों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और समुद्री व्यापार की सुरक्षा करते हुए यमन में ऐसा राजनीतिक समाधान कैसे खोजा जाए जो बार-बार युद्ध की स्थिति पैदा होने से रोके। वस्तुतः इस संकट का आकलन तीन कसौटियों पर करना उपयोगी होगा: सऊदी अरब की सुरक्षा, लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय व्यापार की निर्बाध आवाजाही और यमन में स्थायी शांति की संभावनाएँ। इसको साधे बिना हर सैन्य कार्रवाई व वैश्विक कूटनीतिक अधूरी रहेगी। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
क्या सुंदर बनने तुर्की जा रही हैं पाकिस्तानी लड़कियां? जानिए वहां ऐसा क्या है...
पाकिस्तान में अब ब्यूटी ट्रीटमेंट का चलन काफी बढ़ गया है और कई लड़कियां तुर्की में जाकर ब्यूटी ट्रीटमेंट करवा रही हैं. ऐसे में जानते हैं वहां की महिलाएं तुर्की क्यों जा रही हैं?
मध्य पूर्व में जंग अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एयरपोर्ट और तेल ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। रियाद में मिसाइलों के धमाके गूंज रहे हैं, तेल कंपनी अरामको के ठिकानों पर आग लग रही है और सऊदी अरब की सुरक्षा को खुली चुनौती मिल रही है। वहीं अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी हूतियों पर हमले की तैयारी में हैं। ऐसे में यह लड़ाई सिर्फ सऊदी अरब और यमन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि पूरी दुनिया की तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और मध्य पूर्व की स्थिरता पर बड़ा खतरा बनकर मंडरा रही है। अरामको से एयरपोर्ट तक, सऊदी के रणनीतिक ठिकाने निशाने पर हम आपको बता दें कि हूतियों ने अपने ताजा बयान में दावा किया है कि उन्होंने धहरान स्थित सऊदी अरामको के प्रतिष्ठानों, रियाद एयरपोर्ट और राजधानी में मौजूद अरामको की रिफाइनरी को बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। मंगलवार रात धहरान में अरामको के मुख्य परिसर पर हुए हमले के बाद आग लगने की खबर सामने आई थी। सूत्रों के मुताबिक, आग कई मंजिलों तक फैल गई थी। हालांकि सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने नुकसान को सीमित बताया। सूत्रों के अनुसार, अरामको का कामकाज सामान्य रूप से जारी रहा और कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया है। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Houthis के Missile Attacks से दहला Saudi Arabia, पलटवार में Yemen में मचाई भारी तबाही इसके अलावा, हूतियों ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों, नागरिकों और कर्मचारियों से सऊदी हवाई अड्डों तथा तेल प्रतिष्ठानों को खाली करने की अपील भी की है। यह सऊदी अर्थव्यवस्था की सबसे संवेदनशील नस पर दबाव बनाने की रणनीति है। साथ ही रियाद का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कई बार हमलों का सामना कर चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसे 17 अक्टूबर तक बंद किया गया है और सऊदी अरब के लिए कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इस घटनाक्रम ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की उन महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी झटका दिया है, जिनके जरिए वे सऊदी अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से बाहर निकालकर विविध क्षेत्रों में विस्तार देना चाहते हैं। ईरान का मोहरा या अपने हितों की लड़ाई लड़ रहे हूती? हम आपको बता दें कि हूतियों को लंबे समय से ईरान का सहयोगी और सऊदी अरब के खिलाफ तेहरान का प्रतिनिधि माना जाता रहा है। लेकिन मौजूदा संघर्ष की एक अहम परत यह है कि हूती नेतृत्व अपनी लड़ाई को ईरान के निर्देश पर चलने वाले अभियान के बजाय यमन की संप्रभुता और सऊदी हमलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के रूप में पेश कर रहा है। देखा जाये तो हूती आंदोलन की जड़ें यमन के घरेलू संघर्षों में हैं। हूती देश के लगभग एक-तिहाई भूभाग और करीब दो-तिहाई आबादी पर नियंत्रण रखते हैं। उनके पास आधुनिक युद्धक विमान नहीं हैं, लेकिन लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों और ड्रोन का प्रभावशाली जखीरा है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले शुरू होने के बाद हूतियों के तत्काल युद्ध में कूदने की आशंका थी, लेकिन उन्होंने कई महीनों तक दूरी बनाए रखी। जुलाई में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य बंद करने के लिए ईरान की ओर से कथित अपील की खबरों के बावजूद उन्होंने तत्काल वैसा कदम नहीं उठाया। इसकी वजह अरब राष्ट्रवाद, यमनी पहचान और ईरान के लिए लड़ने की राजनीतिक संवेदनशीलता भी मानी जाती है। अगस्त में क्षेत्रीय संघर्ष में उनकी वापसी के साथ ही सऊदी अरब के खिलाफ उनकी बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं। सना एयरपोर्ट से शुरू हुआ बदले का नया चक्र इस टकराव की पृष्ठभूमि में सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विवाद भी अहम है। हूती-नियंत्रित राजधानी का यह हवाई अड्डा 2024 के आखिर में इजरायली हमलों के बाद बंद था। जुलाई 2026 में तेहरान से आने वाली एक उड़ान के जरिए इसे दोबारा खोलने की कोशिश हुई। इसी दौरान 13 जुलाई को सऊदी सेना ने रनवे पर बमबारी की, जिससे हूतियों को रियाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का नया आधार मिला। हम आपको याद दिला दें कि सऊदी अरब ने 2015 में यमन के गृहयुद्ध में हस्तक्षेप किया था, जब हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से 2022 में हुआ संघर्षविराम कई वर्षों तक नाजुक शांति बनाए रखने में सफल रहा, लेकिन इस साल लड़ाई फिर भड़क गई। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य अभियान चला रहा है, जबकि हूती इसे अपने खिलाफ आक्रामकता बताते हैं। साथ ही हूतियों की रणनीति का एक उद्देश्य सना में आर्थिक संकट और नाकेबंदी के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराना भी है। हालांकि उनके शासन, कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार पर उठते सवाल इस दावे को जटिल बनाते हैं। बाब अल-मंदेब पर पकड़, दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव हम आपको यह भी याद दिला दें कि सितंबर की शुरुआत में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर प्रभाव बढ़ाने की हूतियों की कोशिशों ने संकट को और गंभीर बना दिया था। लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां जहाजरानी बाधित होने का असर सऊदी तेल निर्यात से लेकर अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति शृंखलाओं तक पहुंच सकता है। यहां यह भी ध्यान देने की बात है कि हूतियों ने पहले गाजा युद्ध के दौरान नवंबर 2023 से मई 2025 तक लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाकर अपनी क्षमता दिखाई थी। अक्टूबर 2025 में गाजा संघर्षविराम के बाद उन्होंने इजरायल से जुड़े जहाजों पर हमले रोक दिए थे। मई 2025 में ट्रंप प्रशासन के साथ समझौते के बाद अमेरिकी जहाजों पर हमले भी निलंबित किए गए थे। सितंबर 2026 में ओमान में अमेरिकी राजनयिकों और हूती प्रतिनिधियों के बीच कथित मुलाकातों की खबरें भी सामने आईं थी। इससे संकेत मिलता है कि आक्रामक बयानबाजी के बावजूद हूती नेतृत्व परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलता रहा है। ट्रंप की चेतावनी और यमन में मानवीय त्रासदी इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हूतियों के खिलाफ हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। दूसरी ओर हूतियों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने हमला किया तो वे पूरे मध्य पूर्व में अमेरिकी कर्मियों और हितों को निशाना बना सकते हैं। ऐसा हुआ तो वाशिंगटन क्षेत्रीय युद्ध में और गहराई तक खिंच सकता है। उधर, यमन में आम नागरिकों की स्थिति बदतर होती जा रही है। रेड क्रॉस के मुताबिक, कई मोर्चों पर लड़ाई तेज होने से अस्पतालों पर घायलों का दबाव बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम ने चेतावनी दी है कि सरकारी नियंत्रण वाले ताइज शहर तक जीवनरक्षक सहायता पहुंचना बंद हो गया है। हूतियों से घिरे इस शहर में छह लाख से अधिक लोग मानवीय सहायता पर निर्भर हैं, जिनमें दो लाख से ज्यादा महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। बहरहाल, सऊदी अरब और हूतियों के बीच यह टकराव अब सिर्फ मिसाइलों और जवाबी हमलों की कहानी नहीं रहा। इसके केंद्र में तेल, समुद्री व्यापार, क्षेत्रीय वर्चस्व और अमेरिका की संभावित सैन्य भूमिका है। लेकिन इस भू-राजनीतिक संघर्ष की सबसे भारी कीमत यमन की वह आबादी चुका रही है, जो एक दशक से अधिक समय से युद्ध, भुखमरी और तबाह बुनियादी ढांचे के बीच जिंदगी बचाने की जद्दोजहद कर रही है।
Saudi Aramco News: सऊदी अरब की तेल कंपनी पर हमले का दावा, जानें किसके हाथों में है मालिकाना हक और कितनी है कंपनी की वैल्यू
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी अरामको से जुड़े परिसर पर हमले की खबर ने क्षेत्रीय हालात को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, सऊदी अरब के धहरान स्थित अरामको के प्रशासनिक परिसर को निशाना बनाया गया, जिसके बाद इमारत में आग लग गई। इस हमले […] The post सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको पर हूती हमले का दावा, तेल ठिकाने पर आग; रूस-चीन युद्धविराम की कोशिशों में जुटे first appeared on Sanjeevni Today .
‘ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म होगा, ऊर्जा कीमतों में तेजी से आएगी गिरावट’, ट्रंप का नया दावा
वाशिंगटन, 15 अक्टूबर . एरिजोना से मोंटाना में एक चुनावी रैली के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा. उनका दावा है कि युद्ध खत्म होने के बाद तेल और ऊर्जा की कीमतों में ... Read more
'ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म होगा, ऊर्जा कीमतों में तेजी से आएगी गिरावट', ट्रंप का नया दावा
'ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म होगा, ऊर्जा कीमतों में तेजी से आएगी गिरावट', ट्रंप का नया दावा
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War में US Midterm Election फंसा? | Trump
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War में US Midterm Election फंसा? | Trump
नालंदा जिले में कई साल से नासूर बनी ठोस कचरा प्रबंधन की समस्या से अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। जिले के सभी 15 नगर निकायों से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक निपटारे के लिए कतरीसराय प्रखंड के भगवानपुर में एक विशाल मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्र स्थापित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए 44 एकड़ जमीन चिह्नित कर दी है, जिसकी मापी का काम नगर निगम की टीम ने पूरा कर लिया है। जमीन की मापी पूरी, जल्द बनेगी चारदीवारी नगर निगम के स्वच्छता प्रबंधक कुंदन कुमार ने बताया कि जमीन की पैमाइश का काम पूरा हो चुका है। अब परिसर को सुरक्षित करने के लिए चारों तरफ पिलर लगाकर पक्की चारदीवारी तैयार की जाएगी। इस केंद्रीय प्लांट में बिहारशरीफ नगर निगम सहित राजगीर, हिलसा, इस्लामपुर, चंडी, परवलपुर, एकंगरसराय, अस्थावां, रहुई, सरमेरा, हरनौत, पावापुरी, गिरियक और नालंदा नगर निकाय का कचरा प्रोसेस किया जाएगा। डंपिंग यार्डों में सड़ रहा हजारों टन कचरा वर्तमान में बिहारशरीफ शहर से रोजाना दो से तीन टन कचरा नालियों और घरों से निकलता है, लेकिन शहर में एक भी आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट नहीं है। नतीजा यह है कि चकरसलपुर स्थित डंपिंग यार्ड में अब तक 86 हजार टन कचरे का पहाड़ खड़ा हो चुका है। इसके अलावा कोसुक के पास भी 26 टन से अधिक कचरा खुले में जमा है। खुले में सड़ रहे इस कचरे से उठने वाली दुर्गंध और प्रदूषण ने आसपास के ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। कचरे से बिजली बनाने का दावा रहा हवा-हवाई कचरा प्रबंधन के मामले में शहर की व्यवस्था का इतिहास निराशाजनक रहा है। वर्ष 2007 में बिहारशरीफ को नगर निगम का दर्जा मिला था। इन 19 सालों में शहर ने 4 मेयर देखे और 11 नगर आयुक्त बदले, लेकिन कचरे के स्थायी समाधान का दावा हर बार फाइलों में ही दबा रहा। पूर्व में कचरे से बिजली पैदा करने और बिल्डिंग मटेरियल तैयार करने के दावे भी किए गए थे, जो अंततः कागजी ही साबित हुए। 800 करोड़ की स्मार्ट सिटी योजना के बाद भी नहीं बदला हाल वर्ष 2017 में जब बिहारशरीफ को 'स्मार्ट सिटी' परियोजना में शामिल किया गया और करीब 800 करोड़ रुपए की योजनाएं मंजूर हुईं, तब लोगों को ठोस कचरा प्रबंधन की आधुनिक तकनीक आने की उम्मीद बंधी थी। हालांकि जमीनी स्तर पर डंपिंग यार्डों की स्थिति जस की तस बनी रही। अब कतरीसराय के भगवानपुर में 44 एकड़ में प्रस्तावित इस एमआरएफ केंद्र से नालंदावासियों को एक बार फिर स्वच्छ और कचरामुक्त जिले की उम्मीद दिखने लगी है।
Missile Update: चीन से आए पुर्जों के सहारे मिसाइल बनाने में जुटे हूती, सऊदी अरब और इजराइल की बढ़ सकती है चिंता
दतिया की मां पीतांबरा पीठ की पहचान सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। यहां साधना, शक्ति उपासना और राष्ट्ररक्षा से जुड़ी परंपराएं भी रही हैं। यही वजह है कि आम श्रद्धालुओं के साथ राजनीति और प्रशासन से जुड़ी हस्तियां भी यहां दर्शन के लिए पहुंचती रही हैं। पीठ का इतिहास दतिया के उस वनखंड से शुरू होता है, जहां प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के पास स्वामीजी महाराज ने साधना की थी। पीठ से जुड़े विवरणों के मुताबिक, स्वामीजी महाराज 9 जुलाई 1929 को दतिया पहुंचे थे। कुछ समय दूसरे स्थानों पर रहने के बाद उन्होंने वनखंडेश्वर महादेव मंदिर परिसर को अपनी साधना स्थली बनाया। उस समय यह इलाका वनखंडी के नाम से जाना जाता था। यहां एक छोटा-सा कक्ष था, जिसमें रहकर उन्होंने तपस्या की। आगे चलकर यही स्थान पीतांबरा सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध हुआ। 1935 में हुई मां बगलामुखी की स्थापना स्वामीजी महाराज ने 23 मई 1935 को मां बगलामुखी के विग्रह की स्थापना कराई। मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या माना जाता है। शाक्त परंपरा में उनकी उपासना शत्रुओं पर विजय, विरोधियों की बाधाओं से मुक्ति और संकटों से रक्षा की कामना से की जाती है। उनकी आराधना में शत्रु की वाणी और शक्ति को निष्प्रभावी करने का प्रतीकात्मक भाव भी जुड़ा है। इसी कारण उन्हें स्तंभन की देवी कहा जाता है। समय के साथ पीठ में मंत्र-जप, हवन और विशेष अनुष्ठानों की परंपरा विकसित हुई। यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं, जबकि साधक विशेष अनुष्ठानों के लिए भी पहुंचते हैं। इस वजह से राजसत्ता की देवी कहलाती हैं मां पीतांबरा मां बगलामुखी की उपासना से जुड़ी मान्यताओं के कारण पीतांबरा पीठ को राजसत्ता से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि मां की आराधना से विरोधियों पर विजय और कठिन परिस्थितियों में सफलता मिलती है। इसी विश्वास के चलते राजनीति से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां भी यहां दर्शन के लिए आती रही हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी के साथ राजमाता विजयाराजे सिंधिया का नाम भी पीठ से जुड़ी प्रमुख हस्तियों में लिया जाता है। हालांकि, पीठ की आस्था केवल राजनीतिक और प्रशासनिक लोगों तक सीमित नहीं है। आम श्रद्धालु भी पारिवारिक परेशानियों, जीवन की बाधाओं और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना लेकर यहां पहुंचते हैं। पीठ के आचार्य विष्णुकांत मुड़िया के मुताबिक, मां पीतांबरा को केवल राजसत्ता देने वाली देवी मानना उनकी व्यापक धार्मिक मान्यता को सीमित करना है। उन्होंने कहा कि मां संपूर्ण ब्रह्मांड की अधिष्ठात्री जगदंबा हैं। वे धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थ प्रदान करने वाली दयामयी मां हैं। उनके दरबार में राजनेता, अधिकारी, उद्योगपति, व्यापारी और ग्रामीण भक्त सभी समान भाव से आते हैं। 1962 के युद्ध के दौरान हुआ था 51 कुंडीय महायज्ञ पीतांबरा पीठ के इतिहास का चर्चित प्रसंग 1962 के भारत-चीन युद्ध से जुड़ा है। पीठ की परंपरा के अनुसार, युद्ध के दौरान देश की रक्षा की कामना से मां बगलामुखी की आराधना और विशेष राष्ट्ररक्षा अनुष्ठान कराया गया था। पीठ के ऐतिहासिक विवरणों में 19 दिसंबर 1962 को इस अनुष्ठान की महत्वपूर्ण तिथि बताया गया है। इस दौरान 51 कुंडीय महायज्ञ हुआ था, जिसे स्वामीजी महाराज की साधना और राष्ट्र के प्रति समर्पण से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद चीन की सेना ने पीछे हटना शुरू कर दिया था। 1978 में स्थापित हुईं मां धूमावती पीठ में मां बगलामुखी के अलावा मां धूमावती की उपासना भी प्रमुख है। स्वामीजी महाराज ने 13 जून 1978 को मां धूमावती के विग्रह की स्थापना कराई थी। उन्हें दस महाविद्याओं में सातवीं महाविद्या माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में उनकी उपासना वैराग्य और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति से जुड़ी है। शनिवार को उनके दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। एक ही परिसर में मां बगलामुखी, मां धूमावती और वनखंडेश्वर महादेव के मंदिर होने से यहां शक्ति और शिव उपासना की परंपरा दिखाई देती है। श्रद्धालु देवी दर्शन के साथ महादेव की पूजा-अर्चना भी करते हैं। स्वामीजी महाराज की साधना से जुड़ी है पीठ की पहचान पीतांबरा पीठ में नवरात्र, गुरु पूर्णिमा और स्वामीजी महाराज से जुड़े स्मृति पर्व प्रमुख अवसर हैं। वसंत पंचमी पर शास्त्रीय संगीत समारोह की परंपरा का भी उल्लेख मिलता है। इन आयोजनों में धार्मिक साधना के साथ सांस्कृतिक परंपराओं को भी स्थान मिलता है। स्वामीजी महाराज का महानिर्वाण 3 जून 1979 को हुआ। उनके बाद भी पीठ में स्थापित देवी उपासना और अनुष्ठानों की परंपरा जारी रही। आज यह स्थान मां बगलामुखी की आराधना, मां धूमावती के दर्शन और प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के कारण देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। --------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें श्मशान से घिरा मां बगलामुखी मंदिर:3.65 करोड़ के सोने-चांदी से दमकता गर्भगृह आगर-मालवा जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर चारों दिशाओं से श्मशान और कब्रिस्तान से घिरा हुआ है। लखुंदर नदी के किनारे स्थित इस मंदिर में तांत्रिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है। पढ़ें पूरी खबर
सऊदी अरब में फंसे भारतीयों के लिए जरूरी खबर, मक्का में बना कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन नंबर जारी
सऊदी अरब में उड़ानों में व्यवधान से प्रभावित भारतीयों की मदद के लिए भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अहम पहल की है। मक्का में एक अतिरिक्त कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नए कंट्रोल रूम के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
महिला सैनिकों के निजी पलों की रिकॉर्डिंग? युद्धपोत में मिला हिडन कैमरा
ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के जहाज एचएमएएस लीउविन के केबिन में हिडन रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने के बाद सैन्य पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. महिला नौसैनिकों की गुप्त रिकॉर्डिंग और वीडियो ऑनलाइन साझा किए जाने की आशंका जताई गई है.
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स… आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन पुलिस थाने और कॉन्टैक्ट नंबर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
दुख को बनाया ताकत: युद्ध में पत्नी-बेटी ने गंवाई जान, अब यूक्रेनी बच्चों को बचाने के मिशन पर सैनिक
दुख को बनाया ताकत: युद्ध में पत्नी-बेटी ने गंवाई जान, अब यूक्रेनी बच्चों को बचाने के मिशन पर सैनिक
Kushinagar News: सऊदी अरब में सड़क हादसे में पटहेरवा के युवक की मौत, दो गंभीर
सऊदी अरब मेंसड़कहादसे मेंपटहेरवाके युवक की मौत, दो गंभीर
Jaunpur News: शूर्पणखा की लक्ष्मण ने काटी नाक, खर-दूषण और श्रीराम के बीच हुआ युद्ध
Shurpanakha's nose was cut by Lakshman, and the battle between Khara-Dushan and Shri Ram happened
भारत ने बुधवार को सऊदी अरब में असैन्य बुनियादी ढांचों पर लगातार हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ये पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और तुरंत बंद होने चाहिए।
बहराइच के कतर्नियाघाट जंगल में मंगलवार रात एक अधेड़ व्यक्ति का कंकाल मिला। कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान मुर्तिहा क्षेत्र के भगड़िया निवासी रामप्रवेश (50) के रूप में हुई। वह करीब डेढ़ महीने से लापता था और मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। डेढ़ महीने पहले जंगल गया था रामप्रवेश जानकारी के अनुसार, पत्नी के छोड़कर चले जाने के बाद रामप्रवेश अक्सर घर से गायब रहता था। करीब डेढ़ महीने पहले वह जंगल की ओर गया था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। परिजनों और स्थानीय लोगों को उसकी तलाश थी। झाड़ियों में मिला हड्डियों का ढांचा जंगल का रास्ता खराब होने के कारण इन दिनों लकड़ी बीनने वाले लोग वहां नहीं जा रहे थे। बारिश के बाद कीचड़ सूखने पर कुछ लोग लकड़ी बीनने पहुंचे। इसी दौरान उन्हें झाड़ियों में हड्डियों का ढांचा दिखाई दिया। पास मिले कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान रामप्रवेश के रूप में की गई। वन विभाग और पुलिस ने की जांच सूचना मिलने पर रेंजर केके सिंह और कोतवाल यतीन्द्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कोतवाल के मुताबिक, रामप्रवेश की मौत किसी वन्यजीव के हमले में होने की आशंका है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Qatar Economic Crisis: Iran America War से Qatar Revenue 42 Percent Down, Emir Al Thani क्या बोले?
कतर की अर्थव्यवस्था पर ईरान युद्ध का बड़ा असर सामने आया है। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने 13 अक्टूबर 2026 को शूरा काउंसिल को बताया कि 2026 की पहली छमाही में देश का कुल राजस्व 42% गिर गया
Yemen Houthis Saudi Arabia War में हूतियों से निपटने में क्यों नाकाम रही Royal Saudi Air force?| MBS
मिडिल ईस्ट में सऊदी अरब की हालत ऐसी हो गई है..जैसे किसी शख्स ने अपनी सारी एनर्जी और वक्त घर के लिए बेहतर ताले और अलार्म बनाने,बाहर से बुलाने और लगाने में खर्च कर डाले..लेकिन अब जब वक्त आया तो ना ताले काम आ रहे हैं ना अलार्म बज रहे हैं
धन के लिए धर्म नहीं त्यागूंगा, छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा: सीएम योगी
वाराणसी, 14 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने कहा, “याद रखना, एक संन्यासी के जीवन का ध्येय ही होना चाहिए कि धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा. धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा.” उन्होंने कहा कि देश और धर्म के लिए किया गया ... Read more
धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा, छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा: सीएम योगी
वाराणसी, 14 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक संन्यासी के जीवन का ध्येय ही होना चाहिए कि धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा। देश और धर्म के लिए जो भी त्याग होगा, वह महान होगा और उसी महानता को लेकर के कार्य करना है, उसी […]
Saudi Arabia में Srilankan Hindu Anojan Sivarasa को सजा-ए-मौत पर रोक | Muhammad Paigambar
यमन के रेगिस्तानी मोर्चे से सामने आए कथित युद्ध दृश्यों ने ड्रोन वारफेयर और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है। वायरल वीडियो के बारे में दावा किया जा रहा है कि अंसारुल्लाह हूती लड़ाकों ने सऊदी समर्थित बलों की ट्रेंचों, बंकरों और सैन्य ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया
हूती हमलों से परेशान सऊदी अरब प्रिंस सलमान, फिर भी नेतन्याहू की मदद लेने से किया इनकार; क्या वजह?
हूती हमलों से परेशान सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस सलमान ने नेतन्याहू की मदद लेने से इनकार कर दिया है। इजरायली अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक तेल अवीव की तरफ से अमेरिका के जरिए सऊदी को मदद की पेशकश की गई थी। हालांकि, सऊदी ने इससे इनकार कर दिया है।
96 फीसदी मुस्लिम आबादी फिर भी हिजाब पर बैन, तुर्की के 'दोस्त' देश ने क्यों लिया ऐसा फैसला?
अजरबैजान में सरकारी स्कूलों के नए ड्रेस-कोड नियमों के तहत हिजाब या इस्लामिक हेडस्कार्फ पहनने पर रोक लगा दी गई है।। 96 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले देश में इस कदम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
धन के लिए धर्म नहीं त्यागूंगा, छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा : CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'याद रखना, एक संन्यासी के जीवन का ध्येय ही होना चाहिए कि धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा। धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा।' उन्होंने कहा कि देश और धर्म के लिए किया गया हर ...
Yemen Houthis Saudi Arabia War: अंसारुल्लाह प्रवक्ता Al Bukhaiti की MBS को आखिरी वॉर्निंग। Riyadh
यमन के अंसारुल्लाह हूती आंदोलन से जुड़े हुसैन अल-बुखैती के कथित बयान ने सऊदी अरब की सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट किए जा रहे दावों में नजरान, जीज़ान और असीर जैसे सीमावर्ती इलाकों का उल्लेख है।
फेसबुक पर कमेंट के लिए मिली थी मौत की सजा, सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने पलटा फैसला
सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक कमेंट पर ईशनिंदा के दोषी ठहराए गए श्रीलंकाई प्रवासी मजदूर अनोजन शिवराजा की मौत की सजा रद्द कर दी है। श्रीलंका सरकार के कूटनीतिक और कानूनी प्रयासों के बाद उन्हें बड़ी राहत मिली है।
शारदीय नवरात्रि के मौके पर काशी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत सेवा श्रम संघ के शताब्दी समारोह में राष्ट्रवाद, सनातन संस्कृति, धर्म की रक्षा और सामाजिक सेवा का संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने जहां संघ के 100 वर्षों के सफर की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक संन्यासी के जीवन का ध्येय ही होना चाहिए कि धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा। देश और धर्म के लिए जो भी त्याग होगा, वह महान होगा और उसी महानता को लेकर के कार्य करना है, उसी महानता के लिए अपने आप को समर्पित करना है। राष्ट्र की विरासत, धर्म और संस्कृति की रक्षा भी जरूरीमुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई राष्ट्र संकट में होता है, उसकी विरासत, उसकी आध्यात्मिक धरोहर, उसकी ऐतिहासिक धरोहर, उसके मान बिंदु, उसके धर्म और संस्कृति, इन सब के ऊपर भी संकट आता है। काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अगर विदेशी आक्रांता सफल नहीं होते, तो क्या काशी में बाबा विश्वनाथ की इस पावन धरा पर, बाबा विश्वनाथ के पावन मंदिर को अपवित्र और क्षतिग्रस्त करने का दुस्साहस कोई कर सकता था? राम जन्मभूमि पर 500 वर्षों तक गुलामी का कलंक (ढांचा) खड़ा रहता? मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की पावन जन्मभूमि पर गुलामी का कलंक खड़ा रहता? कभी नहीं होता। उन्होंने कहा कि ये वही पाप है जो आपने बंट कर के किया था। उसी पाप का परिमार्जन करने के लिए इन संतों ने अलग-अलग रूपों में, अलग-अलग कालखंड में उस महाजागरण के अभियान को अपनी आध्यात्मिक साधना का हिस्सा बनाया था, जिसमें स्वामी प्रणवानंद जी ने भी उसी आध्यात्मिक साधना को आगे बढ़ाया। शस्त्र केवल धारण करने के लिए नहीं, राष्ट्र रक्षा के लिए भी तैयार रहना होगामुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ की परंपरा में पूजा केवल धूप और दीया से ही नहीं होती, अस्त्र-शस्त्र से भी मां जगत जननी मां भगवती की पूजा होती है। उन्होंने कहा कि ये शस्त्र केवल धारण करने के लिए नहीं हैं, ये पूजन की भी वस्तु है और राष्ट्र रक्षा के लिए भी जब आवश्यकता पड़ती है इसको धारण करने के लिए हमें तैयार होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रणवानंद जी ने अपने समय में इस अभियान को आगे बढ़ाया था। आज भारत सेवाश्रम संघ देश के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि भारत सेवाश्रम संघ आज भी उन मूल्यों से विचलित नहीं हुआ है। पश्चिम बंगाल में संन्यासियों को धमकाने का काम कर रही थी जो सरकार, वह गईपश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बंगाल में एक हिंदू विरोधी (ममता) सरकार भारत सेवाश्रम संघ के संन्यासियों को धमकाने लग गई, मैंने कहा अब तो गई यह सरकार, अब इसको कभी नहीं आना है, क्योंकि वह अब रावण की तरह धमकाने का काम कर रही है, कंस की तरह धमकाने का काम कर रही है। संन्यासियों को धमकाने का काम कर रही है, इसका मतलब अब वह सरकार गई। उन्होंने भारत सेवाश्रम संघ के संन्यासियों की सराहना करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में भी वे विचलित नहीं हुए। पश्चिम बंगाल चुनाव का किया जिक्रमुख्यमंत्री ने अपने बंगाल प्रवास का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां की सभाओं में संघ का कोई न कोई संन्यासी उनसे मिलने जरूर आता था। वे पहले मंच से दूर रहते थे, लेकिन उनके आग्रह पर मंच पर भी आ जाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने संन्यासियों से पूछा कि कोई भय तो नहीं है, तो उनका जवाब था, नहीं, कैसा भय? क्या लेकर आए हैं, क्या लेकर जाएंगे? देश और धर्म के लिए मरेंगे, देश और धर्म के लिए जिएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही जज्बा जिसने विपरीत परिस्थितियों में भारत को भारत बनाया हुआ है। अगर यह जज्बा नहीं होता, तो क्या काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हो पाता? क्या 500 वर्षों के बाद अयोध्या का कलंक मिट करके भव्य राम मंदिर का निर्माण हो पाया होता? कभी नहीं।
इराक़ में यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ महिलाओं का नया हथियार: कैमरा, वीडियो और सोशल मीडिया
इराक़ में यौन उत्पीड़न का सामना करने वाली महिलाएं अब कैमरे और वीडियो को अपने हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही हैं. वे उत्पीड़न के सबूत रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर रही हैं.
Saudi Arabia में Aramco और एयरपोर्ट पर हमले अस्वीकार्य, MEA ने तुरंत रोक लगाने की मांग की
भारत ने सऊदी अरब में आम नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं पर हालिया हमलों की कड़ी निंदा की और इन्हें तुरंत रोकने की मांग की। साथ ही, रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूथी हमले में एक भारतीय की मौत के बाद, भारत ने विदेशों में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के अपने संकल्प को दोहराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हर दो हफ़्ते में होने वाली प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, इलाके में अरामको हेडक्वार्टर पर हुए हालिया हमले समेत जारी हमलों को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया। सऊदी अरब की जनता और सरकार के साथ एकजुटता दिखाते हुए, जायसवाल ने इलाके में शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई। इसे भी पढ़ें: Lipstick Shade Number याद रखने से दोबारा खरीदारी और Online Shopping होती है आसान सऊदी अरब में कई हमले हुए हैं, जिनमें कल अरामको हेडक्वार्टर पर हुआ हमला भी शामिल है। हम आम लोगों के लिए बनी सुविधाओं पर ऐसे सभी हमलों की निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि इन्हें तुरंत रोका जाए। ये बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं। हम सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा में वहां के लोगों और सरकार के साथ खड़े हैं और उम्मीद करते हैं कि इलाके में शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी, उन्होंने कहा। सऊदी अरब में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के बारे में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रियाद में भारतीय दूतावास द्वारा जारी एडवाइजरी और एयरस्पेस सुरक्षा संकट के बीच इस इलाके के लिए भारतीय एयरलाइंस के अपडेटेड फ्लाइट शेड्यूल के बारे में जानकारी दी। सऊदी अरब में हमारा दूतावास भारतीय समुदाय के लगातार संपर्क में है और उनकी भलाई के लिए एडवाइजरी जारी की है। हवाई अड्डों पर हमलों के बाद फ्लाइट शेड्यूल में रुकावट आई है, जिससे भारतीय एयरलाइंस पर असर पड़ा है, खासकर रियाद, दम्मम, मदीना और जेद्दा आने-जाने वाली उड़ानों पर। दूतावास यात्रियों और फंसे हुए लोगों को अपडेटेड जानकारी दे रहा है। इसे भी पढ़ें: San Jose में शुरू हुआ नया Resident Mission, MEA ने कहा- मजबूत होंगे द्विपक्षीय रिश्ते रियाद में सऊदी अरब के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर को हुए हमले के बारे में बात करते हुए, जायसवाल ने कहा कि घायल हुए 11 भारतीयों में से तीन को छुट्टी दे दी गई है, जबकि आठ अभी भी मेडिकल देखरेख में हैं और चार ICU में हैं। उन्होंने कहा कि जिन भारतीय नागरिक की चोटों के कारण मौत हो गई थी, उनका अंतिम संस्कार रियाद में किया गया। उन्होंने भारतीय दूतावास के माध्यम से प्रभावित लोगों और विदेश में रहने वाले अन्य नागरिकों को भारत का लगातार समर्थन देने का भरोसा दिलाया। 10 अक्टूबर को हुए हमले में 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक की दुर्भाग्य से मौत हो गई। परिवार की इच्छा के अनुसार और दूतावास की मदद से उनका अंतिम संस्कार रियाद में किया गया। बाकी 11 घायलों में से तीन को छुट्टी दे दी गई है, जबकि आठ अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से चार ICU में हैं। दूतावास के अधिकारी नियमित रूप से उनसे मिल रहे हैं और उनके परिवारों के संपर्क में हैं। हम विदेश में अपने नागरिकों की भलाई और सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अज़रबैजान ने स्कूलों में 'हिजाब' पर लगाया बैन तो तुर्की से बढ़ा तनाव - BBC
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भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न मुद्दों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सऊदी अरब में अरामको मुख्यालय पर हमले की कड़ी निंदा की और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अहम जानकारी दी। इसी दौरान प्रभासाक्षी की ओर से अमेरिकी गायिका मैरी मिलिबेन के उस सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सवाल पूछा गया, जिसमें उन्होंने भारत के युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की थी। हम आपको बता दें कि मिलिबेन ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया था कि अमेरिका में कुछ दानदाता प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में काम करने वाले लोगों को आर्थिक मदद दे रहे हैं और भारत में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से ऐसे कथित प्रयासों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से संगठित होने का आह्वान किया। इस पोस्ट पर पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि “यह टिप्पणी हमने अभी देखी नहीं है।'' प्रभासाक्षी के एक अन्य सवाल के जवाब में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की ओर से भारत सरकार पर लगाये जा रहे आरोपों को भी बेबुनियाद बताया। रणधीर जायसवाल ने एक अन्य प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि सऊदी अरब में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। अरामको मुख्यालय पर हुए हमले समेत लगातार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए भारत ने इन्हें तत्काल रोकने की मांग की है। भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की सरकार और जनता के साथ एकजुटता जताई तथा क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद व्यक्त की। इसे भी पढ़ें: Jan Gan Man: Ladakh पर बदजुबानी करने वाले China को India ने दिया करारा जवाब, बुरी तरह तिलमिला उठा Dragon जायसवाल ने बताया कि सऊदी अरब में भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लगातार संपर्क में है और उनकी सुरक्षा के लिए परामर्श जारी कर रहा है। उल्लेखनीय है कि हवाई अड्डों पर हमलों के कारण उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिसका असर विशेष रूप से रियाद, दम्माम, मदीना और जेद्दा आने-जाने वाली भारतीय विमानन कंपनियों की उड़ानों पर पड़ा है। दूतावास यात्रियों और फंसे हुए लोगों को लगातार अपडेटेड जानकारी उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने 10 अक्टूबर को हुए हमले में घायल भारतीयों का ब्योरा देते हुए कहा कि 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक की दुर्भाग्यवश मौत हो गई। परिवार की इच्छा के अनुसार रियाद में ही उनका अंतिम संस्कार कराया गया। शेष 11 घायलों में से तीन को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि आठ का इलाज जारी है। इनमें चार आईसीयू में भर्ती हैं। दूतावास के अधिकारी घायलों और उनके परिवारों के संपर्क में हैं। ईरान के साथ बातचीत में भारतीय नाविकों और टैंकरों की सुरक्षा पर जोर इसके अलावा, भारत और ईरान के बीच सुरक्षा संबंधी संवाद पर जायसवाल ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने 12 अक्टूबर को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव डॉ. मोहसिन रेजाई से बातचीत की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। इस दौरान भारतीय नाविकों और भारतीय टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। भारत-कनाडा व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने की तैयारी इसके अलावा, भारत और कनाडा के संबंधों पर प्रवक्ता ने कहा कि कनाडा के व्यापार मंत्री की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई है। ओटावा में वार्ता का पांचवां दौर भी आयोजित हो चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रधानमंत्रियों की बातचीत में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा समेत रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई है। द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति दिखाई दे रही है। बांग्लादेश को मुद्दे सुलझाने की अपेक्षा, BIMSTEC में आतंकवाद पर सहयोग साथ ही बांग्लादेश से जुड़े एक सवाल पर जायसवाल ने कहा कि भारत को अपेक्षा है कि संबंधित मुद्दों का समाधान बांग्लादेशी पक्ष की ओर से किया जाएगा। वहीं, भारत की मेजबानी में आयोजित BIMSTEC गृह मंत्रियों की वार्ता के बाद दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया गया। इसमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक और धनशोधन विरोधी सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। दिल्ली प्रदर्शन पर संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणी को बताया अनुचित इसके अलावा, दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) की टिप्पणियों पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया। जायसवाल ने इन्हें अनुचित और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियां भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के समान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन का रवैया चुनिंदा मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने वाला है। उनके मुताबिक, इस तरह का दृष्टिकोण बहुपक्षवाद में विश्वास को कमजोर करने के साथ संगठन की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है।
सऊदी अरब में हुए हमलों में घायल चार भारतीय आईसीयू में भर्ती, MEA पहुंचा रहा मदद
सऊदी अरब में 10 अक्टूबर को हुए हमले में घायल चार भारतीय अभी भी आईसीयू में भर्ती हैं। इसमें कुल 12 लोग घायल हुए थे जिसमें से एक की मौत हो गई थी। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा की है।
धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं की मौजूदगी के बीच इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती हैं। पुलिस ने मामले में कार्रवाई कर गिरफ्तार किया है।
सऊदी अरब में भारतीयों की तादाद ठीक-ठाक, दूतावास कर रहा हरसंभव मदद : विदेश मंत्रालय
New Delhi, 14 अक्टूबर . India ने सऊदी अरब पर हो रहे मिसाइल हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है. विदेश मंत्रालय (एमईए) के मुताबिक नागरिक या सार्वजनिक ठिकानों को निशाना बनाना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है. बिगड़ते हालात के भारतीय दूतावास की तरफ से अपने नागरिकों को पहुंचाई जा रही हरसंभव ... Read more
नीतू कपूर ने इंस्टाग्राम पर अपनी शादी की एक तस्वीर शेयर की. इस तस्वीर में पाकिस्तान के लीजेंड्री सिंगर संगीत नाइट पर परफॉर्म करते नजर आ रहे हैं.
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच इजराइल का बड़ा प्रहार! पाकिस्तान समेत 31 से ज्यादा देशों के पायलटों पर बैन, जानें वजह
Houthis Saudi Arabia War: Ansarallah ने Aramco के ठिकानों पर बरसाईं मिसाइलें। Yemen | Riyadh
सऊदी अरब और यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष अब एक बेहद संवेदनशील और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार देर रात हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के पूर्वी शहर धहरान में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी 'सऊदी अरामको' के प्रशासनिक परिसर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया।
चैटजीपीटी के ऑफिस में लगा रहा था रिकॉर्डिंग डिवाइस, सऊदी अरब का नागरिक गिरफ्तार
एआई कंपनी ओपनएआई के एक बैठक कक्ष में गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग उपकरण लगाने के आरोप में कंपनी के एक इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सऊदी अरब में श्रीलंकाई हिंदू युवक की मौत की सजा रद्द, क्या अब होगी रिहाई? जानें पूरा मामला
श्रीलंकाई हिंदू युवक सिवरासा अनोजन को सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मौत की सजा सुनाए जाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध और चिंता जताई गई। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 7 अक्तूबर, 2026 की अपनी रिपोर्ट में इस मामले को उठाते हुए सऊदी अरब सरकार से उनकी सजा रद्द करने […]
गुरदासपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के तहत जिला कोऑर्डिनेटर डॉ. अर्शदीप सिंह ने सखोवाल गांव में बैठक की। इसमें वाइस कोऑर्डिनेटर अनमोल रंधावा और नशा मुक्ति मोर्चा टीम के सदस्य शामिल हुए। डॉ. अर्शदीप सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से ही पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाकर उसका भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशे की समस्या को खत्म करने के लिए अभियान चला रही है। इसके तहत नशा तस्करी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने युवाओं को जोड़ने पर जोर डॉ. अर्शदीप सिंह ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि गांवों में खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ जैसी पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत बनाया जा सकता है।
अर्जुन का किरदार निभा रहे उर्वा सावलिया ने साझा किया, “जब मुझे पता चला कि इस विशेष प्रस्तुति में मैं माँ दुर्गा का किरदार निभाने वाला हूँ, तो कुछ बिल्कुल नया करने को लेकर मैं बहुत उत्साहित था।
सऊदी अरब के शख़्स ने ओपन एआई ऑफ़िस में जासूसी के लिए अपनाई थी अनोखी तरकीब
अमेरिका के संघीय अभियोजकों ने कहा कि कंपनी में काम करने वाले एक इंजीनियर ने दफ़्तर में जासूसी करने वाला उपकरण लगाया और उसे छिपाने की कोशिश की.
फिर मंडरा रहा तेल-गैस संकट? सऊदी अरब पर हमले से क्रूड में आया उबाल
पश्चिम एशिया में बढ़ते हमलों का असर अब कच्चे तेल के बाजार पर दिखने लगा है. सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की आशंका और होर्मुज से तेल की ढुलाई को लेकर बढ़ती चिंता ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा में हलचल बढ़ा दी है. 14 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड 106.58 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 94.94 डॉलर पर कारोबार कर रहा था.
हूती हमलों के बीच सऊदी अरब के समर्थन में आया पाकिस्तान, शहबाज शरीफ ने दिया सुरक्षा का भरोसा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सऊदी अरब पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान ने उसकी सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उनका देश सऊदी अरब की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा की रक्षा में उसके साथ मजबूती से खड़ा है।
हूतियों के खिलाफ जंग में इजराइल की एंट्री चाहता है नेतन्याहू? सऊदी अरब के सामने रखा प्रस्ताव, क्राउन प्रिंस ने जताई चिंता
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच तेलंगाना के 43 वर्षीय शख्स की मौत की आशंका
तेलंगाना के मोहम्मद अफजल खान की रूस-यूक्रेन सीमा के पास जंग के दौरान मौत हो जाने की आशंका जताई जा रही है. अफजल के परिवार ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से इस मामले में मदद की गुहार लगाई है. जानें क्या है पूरा मामला?
स्कूलों में 'हिजाब' बैन पर अज़रबैजान का तुर्की से बढ़ा तनाव
अज़रबैजान ने अपने क़रीबी सहयोगी तुर्की से अपने आंतरिक मामलों से दूर रहने को भी कहा. अज़रबैजान के संविधान में धर्म को स्टेट से अलग रखा गया है और धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी दी गई है.
यूक्रेन युद्ध में T-14 आर्माता टैंक की नाकामी और रूस का बदला रुख
अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार और आधुनिक सैन्य रणनीतियों के बीच रूस के सबसे चर्चित चौथी पीढ़ी के T-14 आर्माता (T-14 Armata) मेन बैटल टैंक को लेकर एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यूक्रेनी युद्धक्षेत्र की कठिन परिस्थितियों में जिस टैंक को रूस ने अपना सबसे बड़ा 'गेम चेंजर' हथियार घोषित किया था, वही टैंक वास्तविक जंग में तकनीकी और व्यावहारिक मोर्चे पर बुरी तरह विफल साबित हुआ है। रूसी रक्षा उद्योगों द्वारा निर्मित इस हाइटेक्स बख्तरबंद वाहन को युद्ध के मैदान में इंजन संबंधी गंभीर समस्याओं, अत्यधिक जटिल इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणाली और बेतहाशा रखरखाव लागत का सामना करना पड़ा। यही वजह रही कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके शीर्ष सैन्य कमांडरों ने इस टैंक को यूक्रेन के फ्रंटलाइन युद्धक्षेत्रों में बड़े पैमाने पर उतारने से साफ परहेज किया। रूस की अपनी सेना ने भी माना कि आर्थिक और परिचालन की दृष्टि से यह टैंक अभी उस विश्वसनीयता पर खरा नहीं उतरा है, जिसकी उम्मीद इतने महंगे प्रोजेक्ट से की जाती है।पुतिन खुद जिस टैंक पर नहीं जता रहे भरोसा, उसे भारत को क्यों बेचना चाहते हैं?जब रूस की अपनी सेना T-14 आर्माता को युद्ध में तैनात करने से झिझक रही है, तब यह सवाल उठना लाजिमी है कि मॉस्को इसे भारत जैसे अपने सबसे भरोसेमंद रक्षा साझेदार को क्यों पेश कर रहा है? इसके पीछे रूस की सोची-समझी कूटनीतिक और आर्थिक रणनीति छिपी हुई है। पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के कारण रूस के रक्षा उद्योग और अनुसंधान बजट को भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस महत्वाकांक्षी टैंक प्रोजेक्ट में अरबों डॉलर बहाने के बाद रूस को अब इसके वित्तीय बोझ को साझा करने के लिए एक बड़े और सक्षम साझेदार की सख्त जरूरत है। भारत अपनी पुरानी पड़ चुकी T-72 टैंकों की फ्लीट को बदलने के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन मेन बैटल टैंक (NGMBT) की तलाश में है। रूस इसी मौके का फायदा उठाकर भारत को 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल के तहत T-14 आर्माता के स्थानीय उत्पादन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) और संयुक्त विकास का लुभावना ऑफर दे रहा है ताकि प्रोजेक्ट को डूबने से बचाया जा सके।'मेक इन इंडिया' का ऑफर और भारतीय सेना की सामरिक जरूरतेंभारतीय थल सेना के आधुनिकीकरण के एजेंडे में भविष्य के बहु-आयामी युद्धक्षेत्रों से निपटने के लिए आधुनिक बख्तरबंद वाहनों की भारी मांग है। रूस द्वारा दिए गए इस नए प्रस्ताव में कहा गया है कि T-14 आर्माता के मूल प्लेटफॉर्म में भारतीय सेना की भौगोलिक और सामरिक आवश्यकताओं के हिसाब से बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। इस टैंक की मानवरहित बुर्ज (Unmanned Turret) प्रणाली और क्रू प्रोटेक्शन कैप्सूल तकनीकी रूप से काफी उन्नत माने जाते हैं। हालांकि, यूक्रेन युद्ध में इसके खराब रिकॉर्ड को देखते हुए भारतीय रक्षा विशेषज्ञ और थल सेना बेहद सतर्क रुख अपना रहे हैं। भारतीय रणनीतिकारों का मानना है कि यदि इस टैंक को भारतीय सेना में शामिल करना भी पड़े, तो इसमें स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम, भारतीय थर्मल इमेजर्स, एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम और शक्तिशाली स्वदेशी इंजन का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा, ताकि यह लद्दाख की हाड़ कंपाने वाली ऊंचाइयों और थार के तपते रेगिस्तान में बिना रुकावट काम कर सके।काकेशस से लेकर दक्षिण एशिया तक रक्षा संतुलन और भविष्य की चुनौतियांरूस का यह आक्रामक रक्षा प्रस्ताव केवल एक व्यापारिक सौदा नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया और वैश्विक रक्षा बाज़ार में शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाला कदम है। यदि भारत इस प्रोजेक्ट पर विचार करता है, तो यह रूस के रक्षा निर्यात को नया जीवन दे सकता है, लेकिन इसके साथ ही कई बड़ी तकनीकी और कूटनीतिक चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं। T-14 आर्माता के कई संवेदनशील पुर्जे विदेशी कलपुर्जों पर निर्भर रहे हैं, जिनकी आपूर्ति वैश्विक प्रतिबंधों के कारण प्रभावित हुई है। इसके अलावा, भारत के पास पहले से ही स्वदेशी 'अर्जुन' टैंक का अनुभव और T-90 'भीष्म' टैंकों के बड़े पैमाने पर निर्माण का सफल ट्रैक रिकॉर्ड मौजूद है। ऐसे में भारतीय रक्षा मंत्रालय और वैज्ञानिक समुदाय रूस के इस प्रस्ताव का बारीकी से तकनीकी मूल्यांकन कर रहे हैं, ताकि देश की सुरक्षा प्राथमिकताओं और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प से कोई समझौता न हो।
Yemen Houthis Saudi Arabia War में कूदने को बेताब Israel, MBS ने Nehanyahu को क्यों रोका? Riyadh
इजराइली अखबार हाआरेत्ज़ के हवाले से किए जा रहे दावों में कहा गया है कि बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के माध्यम से सऊदी अरब के एयरस्पेस के इस्तेमाल का प्रस्ताव आगे बढ़ाना चाहते हैं।
रूस से डीजल खरीद पर घिरे ट्रंप: बोले- दुनिया में जाएगा तेल; यूक्रेन युद्ध खत्म कराने को लेकर क्या कहा?- Trump under pressure diesel purchase from Russia Says oil go global market what say about ending Ukraine war
तेल कंपनी ने कहा कि उसकी स्टोरेज फैसिलिटी खाली थीं। सऊदी हमले से तेल भंडार या निवासियों के लिए सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फिर भी शहर में चश्मदीदों ने बताया कि कमी के डर से कुछ गैस स्टेशनों पर कारों की लाइनें लग गईं।
सऊदी अरब जाने वाली फ्लाइट्स पर लगा ब्रेक, एयर इंडिया और इंडिगो ने 17 अक्टूबर तक उड़ानें कीं सस्पेंड
सऊदी अरब जाने की तैयारी कर रहे भारतीय यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर परिचालन बंद होने के कारण कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं।
दुनिया में चल रहे 130 युद्ध: तेजी से तबाह हो रहे शहर, 1945 के बाद सबसे बड़ा संकट
दुनिया में चल रहे 130 युद्ध: तेजी से तबाह हो रहे शहर, 1945 के बाद सबसे बड़ा संकटreport 130 Conflicts Raging Worldwide Cities Being Ravaged Worst Crisis Since 1945
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दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी पर मिसाइल अटैक, हूतियों के हमलों से दहला सऊदी अरब
सऊदी अरब के धहरान शहर में 'अरामको' परिसर की एक प्रशासनिक इमारत पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले की खबर है. अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने के बावजूद कोई हताहत नहीं हुआ. रियाद समेत अन्य इलाकों में मिसाइल और ड्रोन रोके जाने के दावे किए गए हैं.
Almora News: चौबटिया में भारत-यूएई के जवानों का दमखम, पहाड़ी युद्ध कौशल को दे रहे धार
चौबटियामें भारत-यूएई के जवानों का दमखम,पहाड़ीयुद्ध कौशल को दे रहे धार
Yemen Houthis Saudi Arabia War के बीच Kata'ib Hezbollah की सऊदी को धमकी| Iran
यमन से अंसारुल्लाह या हूतियों का प्रतिकार सऊदी अरब के गले की फांस बन गया है....सऊदी अरब के लिए यमन से हूतियों के जरिए किए जा रहे हमले झेलना बेहद मुश्किल होता जा रहा है...तेल फेसिलिटी के बाद एयरफोर्स पर आन पड़ी है..अब ईरानी मीडिया में एक खबर है
सऊदी गठबंधन के अल्टीमेटम से यमन में महायुद्ध की आहट
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तनाव एक बार फिर विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन द्वारा यमन की राजधानी सना और लाल सागर तटीय क्षेत्रों में स्थित तेल डिपो व ईंधन भंडारण केंद्रों को खाली करने का सख्त अल्टीमेटम दिए जाने के बाद क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंका चरम पर पहुंच गई है। गठबंधन सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि हूती विद्रोही इन ऊर्जा और ईंधन भंडारण ठिकानों का इस्तेमाल बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों के सैन्य लॉजिस्टिक्स के लिए कर रहे हैं, इसलिए नागरिक तुरंत इन तेल सुविधाओं और संबंधित परिसरों से सुरक्षित दूरी बना लें। इस अल्टीमेटम को जमीनी स्तर पर एक बड़े और विनाशकारी हवाई हमले की सीधी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।हूतियों की जवाबी चेतावनी: सऊदी अरामको और रियाद एयरपोर्ट को निशाना बनाने का ऐलानसऊदी गठबंधन के अल्टीमेटम के चंद घंटों के भीतर ही यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बेहद आक्रामक तेवर अपनाते हुए खुली धमकी दे डाली है। हूती सैन्य प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि यदि सना या यमन के किसी भी नागरिक या तेल डिपो पर हमला किया गया, तो इसका सीधा और भयानक जवाब सऊदी अरब की जीवनरेखा माने जाने वाले तेल ठिकानों पर दिया जाएगा। हूतियों ने दम्मम स्थित सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के मुख्यालय, रियाद की तेल रिफाइनरी और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अपनी लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों और सुसाइड ड्रोनों के निशाने पर लेने की सीधी धमकी दी है। हूती नेतृत्व ने साफ किया कि 'तेल के बदले तेल' की नीति के तहत सऊदी अरब के प्रमुख आर्थिक बुनियादी ढांचे को पलक झपकते तबाह कर दिया जाएगा।होदेइदाह और रास ईसा ऑयल टर्मिनल पर सैन्य निगरानी तेजलाल सागर के रणनीतिक मुहाने पर स्थित होदेइदाह प्रांत और रास ईसा (Ras Isa) ऑयल टर्मिनल को लेकर दोनों पक्षों के बीच सबसे तीखा गतिरोध देखा जा रहा है। यह बंदरगाह और इसका ईंधन टर्मिनल यमन के बड़े हिस्से में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति का मुख्य केंद्र रहा है। गठबंधन खुफिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हूती विद्रोही रास ईसा और नजदीकी तटीय डिपो से विस्फोटक से भरी मानवरहित नौकाओं (USV) और नौसैनिक बारूदी सुरंगों का संचालन कर रहे हैं, जिससे लाल सागर से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। संभावित हवाई हमलों की आशंका को देखते हुए इन तटीय इलाकों में तेल टैंकरों और कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है।अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हलचल और ऊर्जा आपूर्ति पर गहराता खतरासऊदी अरब और यमन के हूतियों के बीच छिड़े इस नए शक्ति प्रदर्शन ने वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में अचानक हलचल पैदा कर दी है। दुनिया की सबसे बड़ी तेल निर्यातक कंपनी सऊदी अरामको के प्रतिष्ठानों पर हमलों की धमकी ने अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि 2019 में अरामको के अबकैक और खुरैस संयंत्रों पर हुए ड्रोन हमलों जैसी कोई भी घटना दोहराई जाती है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा सकती है। लाल सागर का जलमार्ग पहले से ही व्यापारिक जहाजों के लिए असुरक्षित बना हुआ है, और अब तेल डिपो पर सीधी बमबारी के खतरे ने जहाजों के भाड़े और युद्ध-जोखिम बीमा प्रीमियम (War Risk Premiums) को और महंगा कर दिया है।कूटनीतिक प्रयास विफल: क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील होने की आशंकासंयुक्त राष्ट्र (UN) और क्षेत्रीय मध्यस्थों द्वारा पिछले कुछ महीनों से दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम को बनाए रखने की कोशिशें की जा रही थीं, लेकिन हालिया घटनाओं ने शांति वार्ताओं को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। सना में नागरिक प्रशासन ने तेल डिपो के आसपास के रिहायशी इलाकों में सायरन और एहतियाती निर्देश जारी किए हैं, जबकि सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणालियों (पैट्रियट मिसाइल बैटरियों) को सीमावर्ती और औद्योगिक क्षेत्रों में हाई-अलर्ट पर तैनात कर दिया गया है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि आगामी कुछ घंटों में सऊदी गठबंधन का अल्टीमेटम हवाई हमलों में तब्दील होता है, तो हूतियों का जवाबी प्रहार पूरे अरब प्रायद्वीप को एक लंबे और विध्वंसक संघर्ष की आग में झोंक सकता है।
वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी के अंदर नाव पलट गई। नाव में 15-20 लोग सवार थे। हादसे में 13 लोगों की मौत होने की सूचना है। मृतकों में अधिकतर बच्चे शामिल हैं। दो बच्चों को बचा लिया गया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अधिकारियों से बात कर रेस्क्यू अभियान तेज करने को कहा है।
समुद्र में थर-थर कांपेंगे दुश्मन, नेवी के बेड़े में शामिल होने जा रहा स्वदेशी युद्धपोत समर्थक
समर्थक का मुख्य काम समुद्री निगरानी करना और गश्त लगाना होगा। यह कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों में भी हिस्सा ले सकता है। ऐसे अभियान समुद्र में सुरक्षा बनाए रखने और सीमित स्तर के खतरों से निपटने के लिए किए जाते हैं।
सऊदी अरब ने बदल दिया वॉर गेम, भीषण स्ट्राइक में 950 हूती मारे गए, सना पर भी स्ट्राइक!
सऊदी अरब समर्थित यमन की सेना ने हूती विद्रोहियों के गढ़ सना पर मिसाइलों से हमला किया है. कुछ ही देर पहले यमन की सरकारी सेना ने इसकी चेतावनी दी थी. ताजा अपडेट में सना में ऑयल टारगेट को निशाना बनाया गया है. हूतियों ने कहा है कि इस हमले का 'कड़ा' और दर्दनाक जवाब दिया जाएगा.
Yemen Houthis Saudi Arabia War में ब्रिटिश मीडिया पर भड़के Craig Murray | MBS। Riyadh Airport
Yemen Houthis Saudi Arabia War में ब्रिटिश मीडिया पर भड़के Craig Murray | MBS। Riyadh Airport
पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ मुहिम के तहत गुरदासपुर जिले में नशे के खात्मे के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने की तैयारी की है। डिप्टी कमिश्नर आदित्य उप्पल ने जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में सिविल और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर नशा विरोधी अभियान की समीक्षा की और आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में एसएसपी गुरदासपुर डॉ. महताब सिंह, एसएसपी बटाला गुरसिमरन सिंह ढिल्लों, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर गुरप्रीत सिंह गिल और डॉ. अर्शदीप सिंह मौजूद रहे। जिला कोऑर्डिनेटर अनमोल रंधावा और वाइस कोऑर्डिनेटर ने भी बैठक में हिस्सा लिया। डीसी आदित्य उप्पल ने कहा कि पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार जिले से नशे को खत्म करने के लिए सिविल और पुलिस प्रशासन मिलकर कानूनी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने और आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। युवाओं को खेलों से जोड़ेगा प्रशासन डीसी ने बताया कि नशे के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित इलाकों में एसडीएम और डीएसपी संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। इन क्षेत्रों में युवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा पार्क, ओपन जिम और स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना है। हॉटस्पाट में लगाए जाएंगे सीसीटीवी इन इलाकों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में मदद मिले। प्रशासन का उद्देश्य कानूनी कार्रवाई के साथ युवाओं को नशे से दूर रखना है।
सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों के लिए नई गाइडलाइन, वीडियो पोस्ट न करने और घर के अंदर रहने की सलाह
सऊदी अरब में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जारी एडवाइजरी के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। नागरिकों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, जरूरत पड़ने पर घर के अंदर रहने और संवेदनशील घटनाओं से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बचने को […] The post सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों के लिए नई गाइडलाइन, वीडियो पोस्ट न करने और घर के अंदर रहने की सलाह first appeared on Sanjeevni Today .
Yemen Houthis Saudi Arabia War हुआ तेज, Riyadh में लगातार तीन धमाकों के बाद गूंजे सायरन | MBS
Yemen Houthis Saudi Arabia War हुआ तेज, Riyadh में लगातार तीन धमाकों के बाद गूंजे सायरन | MBS
Yemen Houthi Saudi Arabia War में PLC सैनिकों के साथ हूतियों की भिड़ंत | MBS
यमन के रेगिस्तानी मोर्चे पर हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित सेना के बीच भीषण संघर्ष का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो में एक बख्तरबंद वाहन पर हमले, आग और धुएं के दृश्य दिखाई देने की बात कही जा रही है। क्या यमन की गुरिल्ला युद्ध रणनीति सऊदी समर्थित बलों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है?
New Delhi, 13 अक्टूबर . सऊदी अरब के रियाद हवाई अड्डे पर 10 अक्टूबर को हुए हमले में घायल चार भारतीय नागरिक अब भी आईसीयू में हैं, जबकि चार अन्य का सामान्य वार्ड में इलाज चल रहा है. तीन घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने Tuesday को ... Read more
भारतीय विमान कंपनियों ने सुरक्षा चिंताओं के चलते 17 अक्टूबर तक सऊदी अरब की सभी उड़ानें रद्द कीं
New Delhi, 13 अक्टूबर . एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और अकासा एयर ने सऊदी अरब की बदलती सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए Tuesday को दमाम, जेद्दा और रियाद से आने-जाने वाली उड़ानों को 17 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया. एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर ने social media ‘एक्स’ पर ... Read more
सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास ने जारी की एडवाइजरी, यहां पढ़ें
सऊदी अरब के रियाद हवाई अड्डे पर 10 अक्टूबर को हुए हमले में घायल चार भारतीय नागरिक अब भी आईसीयू में हैं, जबकि चार अन्य का सामान्य वार्ड में इलाज चल रहा है।
भारतीय नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी बहुउद्देशीय युद्धपोत ‘समर्थक’
New Delhi, 13 अक्टूबर . भारतीय नौसेना में बहुउद्देशीय पोत ‘समर्थक’ को शामिल किया जाएगा. 16 अक्टूबर को कर्नाटक के कारवार स्थित नौसेना अड्डे पर यह स्वदेशी पोत नौसेना का हिस्सा बनेगा. दरअसल ऐसे चार बहुउद्देशीय पोतों की श्रृंखला विकसित की जा रही है. इस श्रृंखला का फिलहाल यह पहला पोत जो नौसेना में शामिल ... Read more
पराली जलाने की रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर उतरें, अब समय बहुत कम: शिवराज सिंह चौहान
धान कटाई के मौजूदा सीजन में पराली (फसल अवशेष) प्रबंधन को मिशन मोड में अमलीजामा पहनाने के लिए मंगलवार को कृषि भवन, नई दिल्ली में महत्वपूर्ण अंतर-मंत्रालयी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने की।
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पंजाब के तरनतारन जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। खालड़ा पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान वां तारा सिंह और माड़ी मेघा सेक्टर के खेतों से तीन 30 बोर की पिस्तौल और मैगजीन बरामद की गई हैं। डीएसपी अतुल सोनी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पार से हथियारों की खेप पहुंचाए जाने का इनपुट मिला था, जिसके बाद यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया।सुरक्षा बलों की शिकायत पर थाना खालड़ा में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25, 26 और 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दो अलग-अलग लोकेशन से मिले पीले पैकेट माड़ी मेघा सेक्टर: बीएसएफ की 115वीं बटालियन की टीम ने माड़ी मेघा गांव के खेत में सर्च अभियान के दौरान दूसरे पीले पैकेट से दो पिस्तौलें बरामद कीं। इनमें 1 पिस्तौल (काल, मेड इन तुर्की) और 1 पिस्तौल (जिगना) समेत मैगजीन शामिल हैं। पुलिस जांच और मामला दर्ज पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों की खेप के लिंक खंगाले जा रहे हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सीमा पार (पाकिस्तान) से ड्रोन या किसी अन्य माध्यम से यह खेप खेतों में गिराई गई थी और इसे किसे रिसीव करना था। पुलिस का मानना है कि मामले की गहनता से जांच जारी है और जल्द ही इसमें बड़े खुलासे हो सकते हैं।
एयर चीफ एपी सिंह ने तेजस में भरी करियर की आखिरी उड़ान: 31 अक्टूबर को होंगे रिटायर, ‘तरंग शक्ति’ युद्धाभ्यास में लिया हिस्सा
सिद्धार्थनगर में पति ने सऊदी अरब से फोन पर पत्नी को तीन तलाक दिया। न्यायालय के आदेश पर पति के घर मुनादी कराई गई। मंगलवार को महिला थाना प्रभारी भागवती पांडे ने करीमपुर, बर्डपुर-11 पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के साथ घोषणा की। आदेश घर पर चस्पा किया गया। पति निजाम अहमद अंसारी मामले में आरोपी है। निजाम अहमद अंसारी सिद्धार्थनगर के करीमपुर का निवासी है। उसके खिलाफ महिला थाना सिद्धार्थनगर में दहेज उत्पीड़न, मारपीट, धमकी और मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। सऊदी अरब से फोन पर दिया तलाक जुबैदा खातून की शादी निजाम अहमद अंसारी से 12 मार्च 2022 को हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर उन्हें प्रताड़ित किया गया। मार्च 2024 में जुबैदा को मायके भेजा गया, जिसके बाद सऊदी अरब से फोन पर उन्हें तीन तलाक मिला। जुलाई 2025 में शिकायत के बाद 20 जुलाई 2025 को मुकदमा दर्ज हुआ। सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के आदेश पर निजाम अहमद अंसारी को फरार घोषित कर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
सोनी सब पर महाभारत की कहानियों से जु़ड़ा सीरियल 'हस्तिनापुर के वीर' आ रहा है. इसमें पांडव और कौरवों के बचपन की कहानियां दिखाई जा रही हैं. लेकिन इस बार अर्जुन और दुर्योधन के बीच कुछ अनोखा होने जा रहा है.
4000 करोड़ की 'रामायणम्' के जटायु की पहली झलक आई सामने, सीता को बचाने के लिए रावण से किया था युद्ध
नमित मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ के मेकर्स ने जटायु का नया पोस्टर जारी किया है, जिसमें महाकाव्य के सबसे पूजनीय पात्रों में से एक जटायु को दर्शकों के सामने पेश किया गया है.
समुद्र में एक साथ नजर आएंगे भारत और रूस की नौसेनाओं के आधुनिक युद्धापोत
New Delhi, 13 अक्टूबर . India और रूस की मजबूत दोस्ती को और आगे बढ़ाते हुए Tuesday से दोनों देशों के बीच नौसैनिक अभ्यास ‘इंद्र-2026’ शुरू हो रहा है. भारतीय नौसेना के मुताबिक, यह अभ्यास Tuesday 13 अक्टूबर से शुरू हो रहा है और 18 अक्टूबर तक जारी रहेगा. यहां दोनों देशों के आधुनिक युद्धापोत ... Read more
सऊदी अरब पर हूतियों के हमले रोकने में अमेरिका मदद क्यों नहीं कर रहा, ये हैं चार कारण
सऊदी अरब इतने हमले झेल रहा है, ऐसे में ज़्यादातर लोगों के मन में यही सवाल है कि अमेरिका उसकी मदद क्यों नहीं कर रहा है?
युद्धविराम के दावों के बीच यूक्रेन में रूस के हमले जारी, रिहायशी इमारत पर ड्रोन हमले में दो की मौत
कीव, 13 अक्टूबर . रूस ने Monday शाम एक बार फिर यूक्रेन पर घातक हमले किए. यूक्रेन के President वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि इन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई जबकि नौ लोग घायल हुए हैं. उन्होंने एक बार फिर रूस पर और ज्यादा दबाव बनाने की बात दोहराई. एक तरफ अमेरिकी ... Read more
युद्ध की आंच: रियाद में हूती विद्रोहियों के लगातार हमले व्यापक संघर्ष से अलग नहीं, राजनीतिक समाधान तलाशना ही होगा
आलमपुर बक्का में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध' मुहिम के तहत नुक्कड़ नाटक करवाया
जालंधर। पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध' मुहिम के तहत गांव आलमपुर बक्का में नुक्कड़ नाटक करवाया। डीसी वरजीत वालिया के निर्देशों के अनुसार सहायक निदेशक, युवा सेवाएं विभाग रवि दारा के नेतृत्व में सेंट सोल्जर लॉ कॉलेज जालंधर के रेड रिबन क्लब ने यह प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में गांववासियों, विशेषकर युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सहायक निदेशक रवि दारा ने बताया कि नुक्कड़ नाटक से नशों के सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के साथ-साथ नशे पर निर्भर व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर, परिवारों पर नकारात्मक प्रभाव और रिश्तों में बढ़ती दरार जैसे मुद्दों को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान गांववासियों को नशा रोकथाम के लिए आगे आने, मनोबल बढ़ाने और अपने आसपास के लोगों, खासकर युवाओं को जागरूक करने को प्रेरित किया। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने पंजाब सरकार, सिविल प्रशासन और जिला पुलिस की ओर से जिले में नशों के खात्मे के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
रूस-यूक्रेन युद्ध: पुतिन जेलेंस्की से ज्यादा समझौता चाहते हैं? ट्रंप का दावा; डीजल की आपूर्ति पर क्या कहा?
स्वामित्व योजना में लापरवाही:रजिस्ट्री कराने से कतरा रहे पटवारी, कलेक्टर्स नाराज
प्रदेश सरकार की स्वामित्व योजना में पट्टेधारियों को रजिस्ट्री करवाने में पटवारी कतरा रहे हैं। कलेक्टर्स इन्हें फटकार भी लगा चुके हैं, नौकरी से बर्खास्त करने की चेतावनी भी दी जा चुकी है, लेकिन पटवारी लगातार अनदेखी कर रहे हैं। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल तक रजिस्ट्री नहीं होने पर प्रदेशभर के कलेक्टर्स के प्रति नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। पटवारियों का कहना है कि गलत रजिस्ट्री हो जाने पर उनकी नौकरी दांव पर लग जाएगी। अफसर बदल गए तो कोई बचाने नहीं आएगा। पटवारी इसे गलत मान रहे हैं, लेकिन लोकायुक्त संगठन द्वारा रिश्वतखोरी के मामलों में पटवारियों के आंकड़े कुछ अलग ही कहानी बता रहे हैं। पिछले दो साल में इंदौर-उज्जैन संभाग के 16 जिलों में कुल 32 पटवारियों को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। सभी मामले जमीनों से ही जुड़े हैं। नामांतरण, ऋण पुस्तिका, रिकॉर्ड में नाम चढ़ाने के मामलों में ही दो हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक घूस लेते पकड़े गए हैं। उधर, स्वामित्व योजना में शिविर लगाकर मुफ्त में रजिस्ट्री करवाना है। पटवारी गलत रजिस्ट्री हो जाने के डर से काम नहीं कर रहे हैं। लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय का कहना है कि अकेले इंदौर संभाग में 15 मामले दर्ज किए गए हैं। सभी मामलों में आदिवासी और किसान पीड़ित थे। उनकी जमीन का बंटाकन, सीमांकन, ऋणपुस्तिका, सरकारी रिकॉर्ड में नाम चढ़ाने की प्रक्रिया की पूरा करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायतों का सत्यापन होने के बाद कार्रवाई की गई। रजिस्ट्री से एतराज, नामांतरण में घूसपटवारी खूमसिंह धारवे, कुलदीप यादव को विगत 29 सितंबर को दो लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। पटवारी पट्टेदारों को रजिस्ट्री करवाने से मना कर रहे हैं, लेकिन उन्हीं किसानों के नामांतरण करने में जमकर घूस ले रहे हैं। दोनों पटवारी दो लाख रुपए लिए बिना नामांतरण करने को तैयार नहीं थे। आखिर में पीड़ित किसान ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की। 450 फीट प्लॉट का नामांतरण करवाने तीन हजार मांगे : पटवारी दिनेश जगताप ने प्लॉट का नामांतरण करने 3 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया। सजा होने के बाद उसे सेवा से बर्खास्त तक कर दिया गया। सीमांकन के लिए 10 हजार चाहिए : पटवारी कला भट्ट ने कांकड़ की नपती के लिए किसान से 10 हजार रुपए मांगे। किसान ने 10 हजार देने से इनकार किया तो काम रोक दिया। लोकायुक्त संगठन ने आखिर में 10 हजार रुपए लेते हुए उसे पकड़ा। सबसे निजी ऑफिस, सुबह लगती है भीड़ इंदौर के जिले के तमाम पटवारियों ने घर या बाजार में निजी ऑफिस भी खोल रखे हैं। यहां पर कई एवजी भी रखे हुए हैं। रोजाना सुबह 8 से 10 बजे तक बटांकन, सीमांकन कराने के लिए लोग इनके पास जाते हैं। प्रशासनिक संकुल में भी पटवारियों का कक्ष है। वहां बैठने का समय भी फिक्स है, लेकिन बैठक स्थल अधिकांश समय खाली रहता है।
Bijnor News: सऊदी अरब में स्योहारा के युवक की मौत, परिवार में शोक
Youth from Seohara dies in Saudi Arabia; family in mourning.
Yemen Houthi Saudi Arabia War: Riyadh Airport Attack से सैंकड़ों उड़ानें रद्द, यात्री फंसे। MBS
Yemen Houthi Saudi Arabia War: Riyadh Airport Attack से सैंकड़ों उड़ानें रद्द, यात्री फंसे। MBS
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Trump ने क्यों नहीं की MBS की मदद, क्या Iran बना असली वजह?
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Trump ने क्यों नहीं की MBS की मदद, क्या Iran बना असली वजह?
हरियाणा की डॉ. सुधा यादव बनीं कर्नाटक की राज्यपाल, कारगिल युद्ध में पति हुए थे बलिदान
हरियाणा भाजपा की वरिष्ठ नेता डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। कारगिल युद्ध में पति को खोने के बाद उन्होंने राजनीति में लंबा सफर तय किया है।
Houthi Saudi Arabia War के बीच Bin Salman को बंकर में ले जाया गया | Mecca | Yemen
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में लगातार हो रहे मिसाइल हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए घातक हमले में 13 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर सामने आई।
Iran America Hormuz War में उड़े 3 टैंकर, Donald Trump के दावे झूठे | Saudi Arabia Vs Houthi
होर्मुज जलडमरूमध्य से लेकर सऊदी अरब के रियाद तक पश्चिम एशिया में समुद्री और हवाई सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ गया है। 11 अक्टूबर को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि चेतावनियों को नजरअंदाज कर रहे एक तेल टैंकर ने समुद्र में बिछी बारूदी सुरंग को टक्कर मारी, जिसके बाद विस्फोट और आग लग गई।
Yemen Houthi Attack on Riyadh Airport से हिल गया Saudi Arabia, क्या ईरान रुकवाएगा युद्ध। MBS
Yemen Houthi Attack on Riyadh Airport: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगातार हमलों की खबरों ने पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच अब सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान सऊदी अरब और यमन के बीच बातचीत कराने में कोई भूमिका निभा पाएगा?
पंजाब सरकार की 'युद्ध नशे के विरुद्ध' मुहिम के तहत तरनतारन जिले में सिविल और पुलिस प्रशासन गांवों तक पहुंचा। डिप्टी कमिश्नर राहुल कुमार और एसएसपी सुरेंद्र लांबा के निर्देश पर अधिकारियों ने लोगों को नशे के बुरे असर के बारे में जागरूक किया। अधिकारियों ने लोगों से सीधे बात की और बताया कि सरकार पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के सहयोग से ही नशे जैसी बुराई को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को शिक्षा, खेलों और दूसरी अच्छी गतिविधियों से जोड़ें। परिवार का साथ, अच्छी संगत और खेलकूद युवाओं को नशे से दूर रखने में मदद कर सकते हैं। प्रशासन लोगों से संपर्क कर रहा है, नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है और नशे से प्रभावित लोगों के इलाज व पुनर्वास पर ध्यान दे रहा है। युवाओं को सही दिशा में जोड़ने के लिए खेल सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। तस्करों की पुलिस को सूचना दें लोग अंत में अधिकारियों ने लोगों से पूर्ण सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को नशा तस्करी संबंधी कोई जानकारी मिलती है तो वह उसे संबंधित अधिकारियों के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और आम जनता के संयुक्त प्रयासों से ही जिले को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
रोहतक में दशहरे के अवसर पर अयोध्या की तर्ज पर पहली बार ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें 200 से अधिक ड्रोन हवा में राम-रावण युद्ध को दिखाएंगे। ड्रोन शो के लिए अयोध्या से ही टीम आएगी, जो जिले के लोगों को रामलीला के अद्भूत दर्शन करवाएगी। सनातनी युवा फाउंडेशन की तरफ से आयोजित कार्यक्रम के संयोजक करण विग ने बताया कि मुम्बई में मुकेश अंबानी के घर दो सप्ताह पहले भजन संध्या करने वाले मथूरा के केशव बैंड के सदस्य शाम 4 बजे से दो घंटे तक अपनी प्रस्तुति देंगे। उनके भजनों से पूरा जिला ही नहीं, आसपास के जिले भी लाभांवित होंगे। ‘हनुमान अंश’ फिल्म की आएगी स्टार कास्ट करण विग ने बताया कि कार्यक्रम में हनुमान अंश फिल्म की पूरी स्टार कास्ट को बुलाया गया है, जो हनुमान अंश फिल्म के कुछ सीन भी वहां दिखाएंगे। करण विग ने कार्यक्रम की एक वीडियो भी दिखाई, जिसमें भजन संध्या से लेकर ड्रोन शो के बारे में जानकारी दी गई। नशे से दूर कर सनातन से युवाओं को जोड़ने का प्रयास करण विग ने बताया कि कार्यक्रम करने का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर कर सनातन के साथ जोड़ने का रखा गया है। युवा नशे की तरफ जा रहा है। गलत चीजों में पकड़कर अपराध की दूनिया में कदम रख रहा है। ऐसे युवाओं को सही दिशा दिखाने का प्रयास है।
बहराइच के कतर्नियाघाट में हाथी का हमला, सफाईकर्मी ने भागकर बचाई जान; बाइक क्षतिग्रस्त
बहराइच के कतर्नियाघाट में हाथी का हमला, सफाईकर्मी ने भागकर बचाई जान; बाइक क्षतिग्रस्त
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बादल छाने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की भी संभावना बनी हुई है, वैसे अधिकतर इलाकों में मौसम शुष्क बना रह सकता है। मौसम विभाग जयपुर की माने तो, बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि, 12 अक्टूबर के लिए उपलब्ध जिला स्तरीय पूर्वानुमान में व्यापक बारिश की कोई विशेष चेतावनी नहीं है। मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग की माने तो जयपुर सहित पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में 12 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। स्थानीय स्तर पर बादल छाने या मौसम में मामूली बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन पूरे पूर्वी राजस्थान में व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं। अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों के अधिकांश हिस्सों में भी आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 13-14 अक्टूबर को बदल सकता है मौसम आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 और 14 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां फिर देखने को मिल सकती हैं। बीकानेर संभाग के साथ शेखावाटी क्षेत्र के कुछ इलाकों में बादल छाने, मेघगर्जन और हल्की बारिश होने की संभावना है। बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर और झुंझुनूं जैसे जिलों में मौसम पर विशेष नजर रहेगी। इन इलाकों में कहीं-कहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। pc-nai dunia
Bijnor News: सऊदी अरब भेजने के नाम पर ठगी करने वाला एक गिरफ्तार
One arrested for fraud under the pretext of sending people to Saudi Arabia.
भारत और संयुक्त अरब अमीरात की सेनाओं के बीच 'माउंटेन गार्जियन 2026' संयुक्त सैन्याभ्यास रानीखेत में जारी है। यह 14-दिवसीय अभ्यास दुर्गम पहाड़ी युद्धकला और सामरिक तालमेल को मजबूत कर रहा है, जिसमें दोनों देशों के 92 जवान हिस्सा ले रहे हैं।
Houthis Attack on Riyadh Airport: Saudi पर बड़ा हमला, अमेरिकी सहित 12 की मौत, 300 घायल | Yemen War
Saudi Arabia Riyadh Airport Attack ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। रियाद के King Khalid International Airport पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की खबर है
तरनतारन में डिप्टी कमिश्नर राहुल और एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने नशा प्रभावित गांवों अलादीनपुर, जोधपुर और कलेर का दौरा कर ग्रामीणों से नशे के खिलाफ चल रही ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ मुहिम में सहयोग की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि नशे की बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए जनभागीदारी और जागरूकता बेहद जरूरी है। इसके लिए पंचायतों और आम लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से युवाओं को नशे से दूर रखने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की तस्करी पर रोक लगाने के साथ ही लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। गांवों में सामूहिक प्रयासों से ही इस मुहिम को सफल बनाया जा सकता है। इस दौरान गांव कलेर के निवासियों ने अधिकारियों को बताया कि उनका गांव अब नशामुक्त हो चुका है। ग्रामीणों की यह पहल सामूहिक प्रयासों और आपसी सहयोग की अहमियत को दर्शाती है। अधिकारियों ने इसे अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणादायक बताते हुए नशे के खिलाफ अभियान में निरंतर सहयोग बनाए रखने की अपील की। दौरे के दौरान एसपी मुख्यालय तरनतारन और डीएसपी गोइंदवाल साहिब भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों से नशे की तस्करी से संबंधित गतिविधियों पर नजर रखने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील की।
हवा में उड़ते राक्षस, आग की लपटें और युद्ध के रोमांचक दृश्य… भावना एस्टेट में शनिवार को जनकपुरी महोत्सव के मंच पर रामायण का ऐसा चित्रण हुआ कि दर्शक डेढ़ घंटे तक नजरें टिकाए बैठे रहे। आधुनिक तकनीक, रोशनी, ध्वनि और कलाकारों के अभिनय ने रामकथा के प्रसंगों को जीवंत कर दिया। लंका दहन से लेकर श्रीराम और माता जानकी के विवाह तक के ने दर्शकों को आकर्षित किया। जनकदुलारी की विदाई के बाद ‘रघुवंशी रघुनंदन’ नाटक के मंचन से महोत्सव का माहौल फिर राममय हो गया। लाडी संगीत मेकर की ओर से प्रस्तुत इस नाटक में बॉलीवुड कलाकारों ने रामायण के प्रमुख पात्रों की भूमिका निभाई। श्रीराम के रूप में गौरव खन्ना, लक्ष्मण के रूप में राजन मोदी और माता सीता के रूप में प्राची नजर आईं। बिंदु दारा सिंह ने हनुमान और आर्यन बब्बर ने रावण की भूमिका निभाई। कलाकारों के संवाद, हाव-भाव और दमदार अभिनय ने कथा के अलग-अलग प्रसंगों को प्रभावशाली बनाया। आधुनिक तकनीक से साकार हुए युद्ध के दृश्य नाटक में उड़ते राक्षसों और आग की लपटों के विशेष प्रभाव आकर्षण का केंद्र रहे। रंग-बिरंगी रोशनी, ध्वनि और पार्श्व संगीत के साथ मंच पर तेजी से बदलते दृश्यों ने युद्ध के प्रसंगों को रोमांचक बना दिया। लंका दहन के दृश्य में आग और रोशनी के इस्तेमाल ने दर्शकों का ध्यान खींचा। वहीं, भव्य राजमहलों और युद्धभूमि के दृश्यों ने रामायण के प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया। श्रीराम और माता जानकी के विवाह का दृश्य भी विशेष आकर्षण रहा। दीपों की रोशनी से सजे मंच पर विवाह का दृश्य देखने के लिए दर्शक उत्सुक नजर आए। आयोजन समिति ने सहयोगियों का जताया आभार जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सदस्यों और महिला समिति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि महोत्सव की भव्यता सभी के सामूहिक प्रयास, समर्पण और सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा का परिणाम है। उन्होंने राजा दशरथ संजय सिंघल, रानी कौशल्या, राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना लता गोयल का अभिनंदन किया। इस अवसर पर संतोष कटारा, मनोज बंसल, संजय गोयल, अजय अवागढ़, नरेंद्र सिंह सेंगर, अशोक गुप्ता, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानियां, मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह, अरविंद शर्मा, आकाश ग्वाला, पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी, सतीश ठाकुर सहित आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे। महिला समिति की अध्यक्ष अमृता पोरवाल सहित शिखा, रुचि, सीमा, शालिनी, सिमी, शीतल, शुचि, वंदना, संगीता, मीना, दीप्ति, ऋतु, प्रियंका ठाकुर, एकता, ज्योति, शालू और अन्य सहयोगियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में शनिवार को युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 में अमेरिकन, फ्रेंच, रूस और इंडिया के सबसे खतरनाक फाइटर जेट्स ने एक साथ उड़ान भरी। इससे पहले सारंग, प्रचंड जैसे हेलिकॉप्टर्स की टीमों ने आसमान में अलग-अलग फॉर्मेशन भी बनाईं। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध तकनीकी बदलावों, हथियारों के इस्तेमाल के नए क्षेत्रों के विस्तार के कारण ज्यादा कठिन होते जा रहे हैं। अब यह केवल थल, समुद्र और वायु तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें अब अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र, विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम और सूचना क्षेत्र भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अचानक होने वाले हमले और गहरी अनिश्चितता अब 'न्यू नॉर्मल' है। इसके साथ ही, सशस्त्र समूहों का बढ़ता प्रभाव भी एक चुनौती है। युद्धक्षेत्र से लेकर महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों, सामरिक रूप से अहम समुद्री क्षेत्रों और संवेदनशील समुद्री संकरे मार्गों (चोक पॉइंट्स) तक को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। स्वदेशी ताकत मेक इन इंडिया का प्रदर्शन तरंग शक्ति में भारत अपने स्वदेशी सैन्य मंचों की ताकत दुनिया के सामने रख रहा है। इसमें भारत का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर प्रचंड और एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। ये खबरें भी पढ़ें… जोधपुर के आसमान में सूर्यकिरण विमानों ने बनाया तिरंगा:दिल भी उकेरा; मेहरानगढ़ फोर्ट के ऊपर से एक साथ गुजरे 5 ध्रुव हेलिकॉप्टर
Houthi Saudi Arabia War में हूतियों ने सऊदी के Airport को क्यों किया टार्गेट?| Iran| MBS|Pakistan
यमन में अंसारुल्लाह और सऊदी अरब के दर्मियान जंग अपने उरूज पर पहुंच गई है...अब हूती सऊदी को वो घाव दे रहे हैं जिसका उन्होने वादा किया है...आपको याद होगा कि अंसारुल्लाह ने सऊदी अरब को इंतेबाह दिया था कि अब सऊदी अरब में कोई भी इंटरनेशनल फ्लाइट उतरने नहीं दी जाएगी…
Houthi Attack On Saudi Arabia: अंसारुल्लाह के हमले में Riyadh Airport पर तबाही, Plane स्वाहा। MBS
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव ने यमन युद्ध को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले, यात्री विमान में आग, सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों को धमकी दिए जाने के दावे इस पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना रहे हैं।
Flydubai Flight Case: पहले Iran पर उठाई उंगली, अब Saudi Arabia खुद करेगा जांच । Omani Pilot
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai Flight FZ1073 में उस वक्त बड़ा संकट पैदा हो गया, जब ओमानी सह-पायलट पर कॉकपिट में कप्तान पर हमला करने और विमान को नीचे गिराने की कोशिश का आरोप लगा। विमान ने हजारों फीट की अचानक गिरावट के बाद सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग की।
Houthi Saudi Arabia War: यमन की Sanaa में सैलाब, Al Houthi की Mecca pact पर चेतावनी | Turkiye
Houthi Saudi Arabia War: यमन की Sanaa में सैलाब, Al Houthi की Mecca pact पर चेतावनी |
Houthi Saudi Arabia War में Mecca Pact पर Türkiye की सफाई | Pakistan | MBS | Iran
Houthi Saudi Arabia War में Mecca Pact पर Trkiye की सफाई | Pakistan | MBS | Iran
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Nazan और Jazan अंसारुल्लाह के निशाने पर क्यों?| Pakistan
मक्का पैक्ट लागू हो गया है नाफिज हो गया है...और अचानक से लागू हुआ है यानी इससे पहले सऊदी अरब के दोनों पार्टनर पाकिस्तान और तुर्की यमन में सऊदी समर्थित फौजों का हश्र होते हुए देख रहे थे...लेकिन अचानक मिटिंग होती है और मक्का पैक्ट पर अमल दरामद शुरु हो जाता है
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Aden Attack के बीच Taiz पहुंच गए अंसारुल्लाह | PLC | MBS
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच जंग एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। अदन एयरपोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन हमले, ताइज में बढ़ती सैन्य गतिविधियां और सऊदी अरब के रियाद व आभा एयरपोर्ट्स को निशाना बनाए जाने के दावों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। an/
Yemen Houthi Saudi Arabia War में PLC के गढ़ में घुसे अंसारुल्लाह के लड़ाकों का खौफ | Taiz
यमन की वादियों में इस वक्त मशीनगनों की गड़गड़ाहट और भयंकर गोलीबारी के बीच ऐसा जंग का मैदान तैयार हो चुका है, जिसने पूरे मिडिल ईस्ट की चिंता बढ़ा दी है!
मारे गए तरावड़ी के घाट: एक युद्ध की हार, जो मुहावरा बन गई
मारे गए तरावड़ी के घाट: एक युद्ध की हार, जो मुहावरा बन गई
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Taiz, Aden तक पहुंचे अंसारुल्लाह | MBS | Turkey | Pakistan
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Taiz, Aden तक पहुंचे अंसारुल्लाह | MBS | Turkey | Pakistan
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War में Aden Airport Attack से दहशत, ARAMCO भी जला | MBS
Yयमन में हूतियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच जंग और तेज हो गई है। 7 अक्टूबर की सुबह अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो बैलिस्टिक मिसाइलों और कई विस्फोटक ड्रोन से हमला हुआ।
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Yemen Houthis Saudi War: Pakistan भेज रहा 25 हजार अतिरिक्त सैनिक, क्या बोले अंसारुल्लाह? Turkey
Yemen Houthis Saudi War: Pakistan भेज रहा 25 हजार अतिरिक्त सैनिक, क्या बोले अंसारुल्लाह? Turkey
Iran America War के बीच Trump ने Los Angeles, San Diego पर क्या कहा, US में बवाल | Middle East War
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान पर अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। नेब्रास्का के ग्रैंड आइलैंड में चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने युद्ध से बढ़ी ईंधन कीमतों को छोटी कीमत बताते हुए कहा कि ईरान किसी अमेरिकी शहर को निशाना बना सकता है .
Yemen Houthi Strike On Saudi Arabia: Mecca Pact में Pakistan की एंट्री होते ही हूतियों का हमला | MBS
सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव के बीच मक्का पैक्ट और पाकिस्तान-तुर्की की भूमिका को लेकर बड़े दावे सामने आ रहे हैं। इसी बीच हूती सैन्य प्रवक्ता की ओर से सऊदी अरब के नजरान, जिजान और आभा को निशाना बनाने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों के दावे किए गए हैं।
Iran America War के बीच जब IRGC Shahed Drone US Embassy Riyadh में घुसा, हड़कंप | Saudi Arabia
रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए ईरानी ड्रोन हमले को लेकर अब नुकसान की तस्वीर पहले से कहीं ज्यादा गंभीर सामने आई है। अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने रियाद पहुंचकर दूतावास का निरीक्षण किया और कहा कि उन्होंने वहां दो ईरानी ड्रोन से हुई व्यापक क्षति देखी।
Yemen Houthis Saudi War: Mecca Pact एक्टिव, Pakistan Turkey के जवान जाएंगे सऊदी। Khwaja Asif
Mecca Joint Defense Agreement के तहत सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच पाकिस्तान और तुर्की की सैन्य मदद की तैयारी शुरू हो गई है। रियाद में हुई इमरजेंसी बैठक में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के शीर्ष अधिकारियों ने हूती हमलों की निंदा की।
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War: अब युद्ध की आग Bab El Mandeb के पास, ARAMCO पर हमला | MBS
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War: अब युद्ध की आग Bab El Mandeb के पास, ARAMCO पर हमला |
Yemen Houthis Saudi Arabia War के बीच MBS की सत्ता क्यों खतरे में, इतिहास से समझिए | Deen Duniya
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सऊदी के लिए जो ख्वाब देख रहे हैं वो पूरा होते दिख नहीं रहा है....ऐसे में सऊदी के शाही खानदान के अंदर भी क्यों कोई मोहम्मद बिन सलमान को अपना नेता मानेगा...जी हां शाही खानदान के अंदर..
Iran America war में ईरान ने अमेरिका को Middle East से ही खदेड़ दिया? Prof Peter Kuznik का बड़ा दावा
मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) की भू-राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही उथल-पुथल अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। वैश्विक मामलों के जानकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में दशकों से चला आ रहा अमेरिकी दबदबा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों पर Medina Attack का आरोप,अंदर की कहानी | MBS
मदीने से एक बेहद सेंसेटिव खबर आ रही है...सऊदी अरब और उसके एलायंस ने दावा किया है कि 29 सितंबर को मदीना मुनव्वरा के तैय्यबा पावर डिस्टीब्यूशन स्टेशन पर ड्रोन हमला हुआ है..दावा किया गया कि इस स्टेशन से मस्जिद ए नबवी को बिजली की सप्लाई होती है…
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों का सऊदी सेना पर हमला, Medina Attack का आरोप | MBS
यमन के हूतियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। सऊदी गठबंधन ने आरोप लगाया है कि 29 सितंबर को मदीना के तैबा पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे एक ट्रांसफॉर्मर बंद हो गया.
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Israel, UAE Airbase पर कब्जा | MBS | Bab El Mandeb
यमन में हूती लड़ाकों और सऊदी अरब के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। मयून द्वीप पर हूतियों के कब्जे की रिपोर्टों के बाद बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य को लेकर रणनीतिक चिंता बढ़ी है. सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि सऊदी अरब ने यमन के कई प्रांतों में 27 हवाई हमले किए।
US Troops Withdrawal From Iraq के बाद जश्न का माहौल, IRGC ने क्या कहा?| Iran | Trump
US Troops Withdrawal From Iraq के बाद जश्न का माहौल,IRGC ने क्या कहा?|Iran |Trump 23 साल बाद मिली आजादी का जश्न जी हां..हर तरफ खुशियां...सड़कों पर गाड़ियां और इराक का परचम हश्दुश्शाबी का परचम रजिस्टेंस के परचम..जी हां इराक में ये जश्न है अमेरिका के इराक से फाइनली बाहर निकलने का.…
US Troops Withdrawal From Iraq के बाद किसके समर्थन में जुटने लगी जनता?| Iran | Trump|PMF
इराक से अमेरिया बोरिया बिस्तर समेट कर जैसे ही निकला है...ईरान हिमायती रजिस्टेंस की हिमायत में अवाम खुल कर जुटने लगी है...हालांकि पहले भी इराक में रजिस्टेंस का दबदबा रहा है लेकिन इस बार अमेरिकी फौजों के जाने से बने गैप का कोई और ताकत फायदा ना उठा ले इसे देखते हुए इराकी आवाम अलर्ट दिख रही है...
Yemen Houthis Saudi Arabia War के पीछे की कहानी क्या,Prakash K Ray से समझिए| Iran
दीन दुनिया में आज देखिए सीनियर जर्नलिस्ट और इंटरनेशल मामलों के जानकार प्रकाश के राय का इंटरव्यू...जिन्होने सऊदी-अंसारुल्लाह जंग से लेकर ईरान अमेरिका तनाव पर धागे खोल दिए...
Yemen Houthis Saudi Arabia War: Saudi ने F-15 से कई इलाकों में की बमबारी, Yahya Saree की MBS को धमकी
यमन में सऊदी अरब और हूती बलों के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता याह्या सारी ने सऊदी हमलों को लेकर कई दावे किए हैं।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में सऊदी पर मजहबी कार्ड खेलने का आरोप क्यों? | MBS | Pakistan
यमन में जिस तरह हूती या अंसारुल्लाह सऊदी अरब हिमयाती फौजों को खदेड़कर शहर दर शहर..समुंदर,साहिल और पोर्ट पर अपना कंट्रोल हासिल करते जा रहे हैं और सऊदी फोर्सेस जमीन पर उनसे मुकाबला नहीं कर पा रही हैं...उसका असर मुस्लिम दुनिया पर भी हो रहा है.
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा!
बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा! असली मुद्दा ये है कि इराक में मुकीम सबसे बड़ी फोर्स हशदुशशाबी के लिए ये नाजुक और इम्तेहान की घड़ी है...वो इसलिए क्यों कि अमेरिका और इजरायल किसी भी सूरत में इराक में ईरान हिमायती इन फोर्सेस का खात्मा चाहते हैं..
Yemen Houthis Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के Anti Tank Gun दिखे हावी | PLC Force
Yemen Houthi Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के Anti Tank Gun दिखे हावी | PLC Force
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट क्यों भागी अमेरिकी सेना! Trump। Iran। Middle East
Iran America War के बीच Iraq से क्यों निकल रही US की फोर्सेस,अब कौन हावी?| Trump
Iran America War के बीच Iraq में बगावत, ईरान पर Sanctions के खिलाफ लड़ाके | Kata'ib Hezbollah
यमन में तो अंसारुल्लाह फतेह की तरफ बढ़ रहे हैं...लेकिन इस बीच इराक भी यमन बनने की तैयारी में है..जी हां ईरान के रजिस्टेंस ने इराक में वहां की सरकार और बरसों को ठिया जमाए अमेरिका की नाक में दम करना शुरु कर दिया है..
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर मंडराया युद्ध का खतरा!
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर की मध्यस्थता के बावजूद बातचीत में अभी कोई ठोस सहमति नहीं बनी है. न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन में अलग-अलग बैठकों के दौरान परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी नाकाबंदी, प्रतिबंधों में राहत और ईरानी फंड से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों पक्ष अपनी शर्तों पर कायम हैं. कतर लगातार संदेशों के आदान-प्रदान के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है.
Yemen Houthi Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के नाम,धर्म और फिर्के पर कौन कर रहा प्रोपेगेंडा? | MBS
मिडिल ईस्ट में लंबे वक्त तक रहकर जर्नलिज्म कर चुके जर्नलिस्ट जैगम मुर्तजा कहते हैं कि हूती हूती कहना ऐसे ही है जैसे रमजान को रमदान कर देना...जबकि हूसी सही लफ्ज है लेकिन हूसी भी यमन में एक खानदान का सरनेम है.
बच्चा आई कॉन्टैक्ट करने से कतराता है? कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का खतरा तो नहीं
Symptoms of Autism Spectrum Disorder: अगर आपका बच्चा आई कॉन्टैक्ट करने से कतराता है तो आपको खास ध्यान रखने की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये गंभीर बीमारी का खतरा हो सकता है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में MBS की सेना अंसारुल्लाह के आगे क्यों बेबस ? | America
Yemen Houthi Saudi Arabia War में MBS की सेना अंसारुल्लाह के आगे क्यों बेबस ? | America सऊदी अरब के पास अरबों डॉलर के आधुनिक हथियार, F-15 लड़ाकू विमान, Patriot एयर डिफेंस सिस्टम और बड़ी सैन्य ताकत है
Iran America War: Iranian Airlines पर रोक से भड़की Iraq की जनता, भारी प्रदर्शन | Karbala| Najaf
ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम की तकनीक और ताकत अवाम को दिखाई जा रही है...ये एक तरह की नुमाइश लगाई गई है लेकिन ईरान के इस प्रोग्राम में ईरान के झंडों के साथ साथ इराक की पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्स का सफेद परचम भी नजर आ रहा है...
बागपत के 'चाट युद्ध' के बाद हापुड़ का 'चटनी रण'
आपको वो एतिहासिक 'बैटल ऑफ बागपत' तो याद होगा, जो 'बागपत के चाट युद्ध' के नाम से भी मशहूर है। उस जंग को पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन सोशल मीडिया और मीम की दुनिया के इतिहास में आज भी उसे बड़े गर्व से याद किया जाता है।
Houthis attacks Saudi Arabia: सालों की जंग के बाद भी हूतियों का तोड़ नहीं ढूंढ पाया सऊदी, ये है कारण
सऊदी अरब और यमन के हुती विद्रोहियों के बीच चल रहा संघर्ष अब न केवल मध्य पूर्व (Middle East) बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन चुका है। अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था और आधुनिकतम सेना के बावजूद, सऊदी अरब के लिए हुती विद्रोहियों का कोई ठोस सैन्य समाधान (तोड़) निकालना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है
जानना जरूरी है: जरासंध से युद्ध में कृष्ण ने क्यों छोड़ा रण? महाभारत काल में भीम ने किया था वध, जानिए कथा
Houthis Attacks Saudi Arabia: Riyad पर Ansarallah का जोरदार हमला, दाग दी बैलिस्टिक मिसाइल | MBS
Houthis Attacks Saudi Arabia: Riyad पर Ansarallah का जोरदार हमला, दाग दी बैलिस्टिक मिसाइल | MBS सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है।
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia को इस बार Iran नहीं रोकेगा,वजह जानिए | Saiyed Zegham Murtaza
सऊदी पर हावी अंसारुल्लाह को इस बार ईरान शायद ही रोके...क्यों कि वो अब रुकेंगे भी नहीं...हां अंसारुल्लाह ईरान का लिहाज जरुर करते हैं...लेकिन सऊदी को बुरी तरह पीटने के पीछे उनकी अपनी वजह भी है..जो बेहद गहरी हैं..समझिए...
Houthis Attack On Saudi: सऊदी को हूतियों से बचाने के लिए Islamic NATO आया साथ | Pakistan | Turkey
यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की की सैन्य साझेदारी अब चर्चा में है। रियाद में तीनों देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की बैठक में खुफिया जानकारी साझा करने, सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर चर्चा हुई, सऊदी की सुरक्षा, सऊदी एयर डिफेंस,
Iran US War: Trump ने ठुकराई ईरान की शर्त, Pezeshkian बोले- युद्ध में जोरदार जवाब देंगे | Pezeshkian
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने 7 दिन का एक प्रस्ताव रखा था। इसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और परमाणु बातचीत दोबारा शुरू करने की बात कही गई थी। बदले में ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, तेल प्रतिबंधों में राहत और लेबनान को शामिल करते हुए युद्धविराम की मांग रखी थी
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia के बाद France आया साथ, Mecca Pact की बैठक Pakistan Türkiye
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia के बाद France आया साथ, Mecca Pact की बैठक Pakistan Turkiye
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच PLC Forces से अंसारुल्लाह ने छीने हथियार, नया वीडियो | MBS
सऊदी समर्थित बलों से हथियार जब्त करने का हूतियों का बड़ा दावा! यमन के लाल सागर तट पर जारी संघर्ष के बीच हूतियों की ओर से नया वीडियो जारी किया गया है। फुटेज में कथित तौर पर सैन्य वाहन, हथियार और दूसरे सैन्य उपकरण दिखाई दे रहे हैं।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में पत्थर से Drone Down का दावा | Bin Salman | Ansarullah
यमन से सामने आए एक वीडियो ने हूती लड़ाकों की जमीनी लड़ाई और उनकी रणनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सऊदी ड्रोन को हूतियों पत्थर मार गिरा दिया और गिरने के बाद हूती लड़ाके उसके मलबे के आसपास दिखाई दे रहे हैं।
हूती न बदल दें युद्ध का रुख: मध्य-पूर्व में बढ़ सकता है तनाव, तेल व्यापार पर मंडराता खतरा
अपनी भौगोलिक स्थिति के चलते हूती अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति प्रयासों को दरकिनार कर युद्ध का रुख मोड़ने की पूरी ताकत रखते हैं।
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia: क्या फिर Mecca पर हो गया हमला, या कोई साजिश | MBS
मक्का पर खतरे का अलर्ट... और उसके बाद हूती-सऊदी जंग में नया मोड़! सऊदी अरब में एक बार फिर मक्का समेत कई इलाकों के लिए “potential danger” का अलर्ट जारी किया गया।
Yemen Houthi Saudi Arabia War पहुंची Kahboub पहाड़ी तक, Bab El Mandeb पहुंचे अंसारुल्लाह | MBS
Yemen Houthi Saudi Arabia War पहुंची Kahboub पहाड़ी तक, Bab El Mandeb पहुंचे अंसारुल्लाह | MBS
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के Drone Attack से दहला Riyadh | Bin Salman
यमन और सऊदी अरब के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने लाल सागर से लेकर सऊदी शहरों तक हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के लड़ाकों की युद्ध क्षमता का Viral Video | Bin Salman
Yemen Houthi Saudi Arabia War में अंसारुल्लाह के लड़ाकों की युद्ध क्षमता का Viral Video | Bin Salman सऊदी समर्थित फोर्सेज के खिलाफ हूतियों के नए प्रोफेशनल वीडियो ने सबका ध्यान खींचा है।
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia का असर क्या,कैसे जीत रहे अंसारुल्लाह Syed Akif Zaidi से सुनिए
का क्या होगा असर,कैसे जीत रहे अंसारुल्लाह Syed Akif Zaidi से सुनिए सिर्फ हथियार ही नहीं ईमान से भी जीते यमन के अंसारुल्लाह,सऊदी को लगातार मिल रही शिकस्त की वजह क्या? ईरान से अंसारुल्लाह ने क्या सीखा,आकिफ जैदी से सुनिए..
Yemen Houthi Saudi Arabia War: अंसारुल्लाह ने कैसे जमाया Bab al Mandeb Video पर कब्जा, आया New Video
सऊदी अरब पर बढ़ते हमलों के बीच हूतियों ने बाब अल-मंदेब को लेकर एक नया वीडियो जारी किया है। वीडियो में जलडमरूमध्य, पेरिम द्वीप और समुद्री क्षेत्र के दृश्य दिखाए गए हैं। हूतियों का दावा है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर उनकी पकड़ मजबूत है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Britain बनेगा सहारा? America हटा था पीछे | Trump
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ब्रिटेन ने रियाद को सीमित सैन्य सहायता देने का फैसला किया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के मुताबिक, सऊदी अरब के अनुरोध पर ब्रिटेन रक्षात्मक air-to-air refuelling support देगा।
Yemen Houthi Saudi Arabia War से तबाह होगा सऊदी शाही खानदान,Saiyed Zegham Murtaza का दावा | MBS
यमन के अंसारुल्लाह और सऊदी अरब के बीच चल रही जंग को लेकर मिडिल ईस्ट में रहकर लंबे समय तक पत्रकारिता कर चुके ज़ैगम मुर्तजा ने बढ़ी भविष्यवाणी की है...उनका कहना है कि अगले एक सप्ताह में सऊदी ने हूतियों से समझौता नहीं किया तो सऊदी के शाही खानदान में बड़ी बगावत हो जाएगी...देखिए पूरा इंटरव्यू
Iran US War: हमले की अटकलों के बीच Qatar ने माना ईरान का जलवा | Trump | Mohammed bin Jassim Al Thani
पर्शियन गल्फ के मुल्कों का अब ईरान के बिना कुछ नहीं हो सकता...चाहे वो कुछ कर लें...ईरान को अगर बिना छेड़े शांति से रहने दिया जाएगा तो पूरा खित्ता अम्न से रहेगा….जी हां कतर ने बेखौफी दिखाई है और इशारे दिए हैं कि बिना ईरान के अब कुछ नहीं हो सकता...
Yemen Houthi Attack On Saudi Arabia के बीच Bab al-Mandab Strait पहुंचे IRGC एक्सपर्ट? Red Sea
लाल सागर और बॉब-अल-मंदेब के रणनीतिक चोकपॉइंट पर क्या कोई बड़ा सैन्य खेल शुरू हो चुका है? AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, हूती सैन्य सूत्रों ने दावा किया है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी IRGC के विशेषज्ञों ने यमन के हूती-नियंत्रित मोखा और बॉब-अल-मंदेब इलाके का दौरा किया।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में हूतियों ने क्यों बनाया Kaaba? | Bin Salman
सऊदी अरब के जरिए यमन के अंसारुल्लाह पर मक्का शहर में काबे के पास हमला करने का आरोप लगाने और उस पर यमन से मिली तीखी प्रतिक्रिया के बीच सोशल मीडिया पर बहसो मुबाहिसे का बाजार गर्म है...इन दिनो सोशल मीडिया एक वीडियो गश्त कर रहा है जो यमन का बताया जा रहा है..
Houthis Attack on Saudi Arabia: अंसारुल्लाह पर हमले से क्यों बच रहे Trump? अंदर की कहानी। Yemen| MBS
Houthis Attack on Saudi Arabia: अंसारुल्लाह पर हमले से क्यों बच रहे Trump? अंदर की कहानी।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में लाखों का जुलूस | Bin Salman | Bab El Mandeb
काबे पर हमारी जाने कुर्बान...काबे पर हमारी जाने कुर्बान...अरबी में इन्ही नारों के साथ यमन की राजधानी सना की सड़कों पर उमड़ा है अवाम का ये हुजूम..यमन में अंसारुल्लाह की हिमायत में,सऊदी अरब के इल्जाम का जवाब देनें के लिए जनता ने मोर्च संभाल लिया है.
Houthis attacks Saudi Arabia : हूतियों के हमलों से खत्म हुए Riyadh के Patriot Interceptors?
Houthis attacks Saudi Arabia : हूतियों के हमलों से खत्म हुए Riyadh के Patriot Interceptors?
युद्ध की राख से शांति का नया संसार कैसे बने?
अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस-21 सितम्बर, 2026 21 सितम्बर का अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस इस वर्ष ऐसे समय में आया है, जब दुनिया को शांति की सबसे अधिक जरूरत है। रूस-यूक्रेन युद्ध लंबा खिंच चुका है, पश्चिम एशिया में इजराइल-गाजा संघर्ष की मानवीय त्रासदी समाप्त नहीं हुई है और 2026 में अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच भीषण सैन्य ... Read more
85 की उम्र में किया एमए, अब PhD का सपना, 3 युद्ध लड़ चुके लाल चंद गोदारा के जज्बे को सलाम
Lal Chand Godara Success Story : सिरसा के पूर्व फौजी लाल चंद गोदारा ने 85 साल में एमए कर शानदार मिसाल पेश की है। वे भारत पाक और भारत चीन युद्धों में भी हिस्सा ले चुके हैं।
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Yemen Houthis Attack On Saudi: हूतियों के चक्रव्यूह में कैसे फंसा सऊदी अरब | Mohammed Bin Salman
Yemen Houthis Attack On Saudi: हूतियों के चक्रव्यूह में कैसे फंसा सऊदी अरब | Mohammed Bin Salman Saudi Arabia Oil Export Crisis को लेकर लाल सागर और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट की रणनीतिक अहमियत एक बार फिर चर्चा में है।
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में उमड़ा जनसैलाब | Bin Salman | Bab El Mandeb
Yemen Houthi Saudi Arabia War के बीच Sanaa में उमड़ा जनसैलाब | Bin Salman | Bab El Mandeb
Yemen Houthis Saudi War के बीच मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट Shaukat Bharti ने सऊदी के धागे खोल दिए । Iran
Yemen Houthis Saudi War के बीच मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट Shaukat Bharti ने सऊदी के धागे खोल दिए । Iran यमन में अंसारुल्लाह और सऊदी अरब के बीच चल रही जबरदस्त जंग और उस पर सऊदी के आरोपों को लेकर मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट और असर टाइम्स के हेड शौकत भारती से सुनिए असली कहानी...
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia War से आई ऐसी तस्वीर, एक दूसरे के साथ आमने-सामने भिड़ंत | MBS | PLC
यमन के पहाड़ों से हूती लड़ाकों की नई तस्वीरें सामने आने के बाद जंग के जमीनी मोर्चे को लेकर बड़े सवाल उठ रहे हैं। वायरल फुटेज में हूती लड़ाकों और सऊदी-समर्थित PLC बलों के बीच नजदीकी मुठभेड़, सैन्य वाहनों की घेराबंदी और कुछ सैनिकों को बंदी बनाए जाने का दावा किया जा रहा है।
Middle East में बड़ा उलटफेर! Trump की गीदड़ भभकी या Iran पर होगा America का महाप्रहार?
Houthis Saudi Arabia War: Yemen में कैसे बढ़ा हूतियों का कारवां,सऊदी की हालत खस्ता| MBS| Iran
Houthis Saudi Arabia War: Yemen में कैसे बढ़ा हूतियों का कारवां,सऊदी की हालत खस्ता| MBS| Iran मुंह में पत्ते चबाने वाले हूती सऊदी अरब जैसे अमीर और ताकतवर मुल्क का भला क्या ही बिगाड़ लेंगे..लेकिन अंसारुल्लाह के लड़ाकों और फौज ने मिलकर सऊदी अरब की वो हालत खराब की है.
Yemen Houthis Saudi Arabia War के बीच Qatar, UAE की Israel, US के साथ हुई मीटिंग | Iran | Red Sea
Yemen Houthis Saudi Arabia War के बीच Qatar, UAE की Israel, US के साथ हुई मीटिंग | Iran | Red Sea
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Türkiye क्या Mecca Pact का करेगा पालन ?| Erdogan | Pakistan
Yemen Houthi Saudi Arabia War में Trkiye क्या Mecca Pact का करेगा पालन ?| Erdogan | Pakistan
Houthi Attack On Saudi Arabia के बीच Oman में अंसारुल्लाह से America से गुप्त मीटिंग | Bin Salman
अमेरिका-सऊदी रिश्तों में बड़ा सवाल! क्या हूतियों के खिलाफ जंग में वाशिंगटन ने रियाद को अकेला छोड़ दिया है? ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिकी अधिकारियों और हूती प्रतिनिधियों के बीच कथित गोपनीय बातचीत की रिपोर्टों ने पूरे मिडिल ईस्ट में नई चर्चा छेड़ दी है।
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: अब Iran की तरह हूतियों ने भी बिछाई Naval Mines | Bab al Mandeb
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: अब Iran की तरह हूतियों ने भी बिछाई Naval Mines | Bab al Mandeb
Yemen Houthis Attack On Saudi के बीच Iraq से हो रहे हमलों का राज क्या? MBS | Iran
Yemen Houthis Attack On Saudi के बीच Iraq से हो रहे हमलों का राज क्या? MBS | Iran
Houthis Attack On Saudi Arabia में Mecca Drone Attack की कहानी क्या MBS की चाल? | Yemen War
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Houthis Saudi Arabia War में सऊदी की हार तय,अब रास्ता क्या,Zameer abbas Jafri से सुनिए|Iran
Houthis Saudi Arabia War में सऊदी की हार तय,अब रास्ता क्या,Zameer abbas Jafri से सुनिए|Iran यमन में चल रही हूती-सऊदी जंग में किसका पलड़ा भारी,अब सऊदी के पास कौन सा रास्ता बचा,समझिए मौलाना जमीर अब्बास जाफरी से…
बीच समंदर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी जहाज, भारत ने राजनयिक को किया तलब - Hindustan
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Houthis Saudi Arabia War के बीच अंसारुल्लाह का मरीब में नया प्रस्ताव क्या?| Prince MBS। Yemen
यमन के सेंट्रेल या मध्य इलाके की तरफ हूतियों या अंसारुल्लाह का काफिला बढ़ रहा है..हूती लड़ाके मरीब इलाके की तरफ कूच कर रहे हैं...मरीब राजधानी सना से करीब 175 किलोमीटर दूर है में यानी नक्शे पर देखें तो मरीब सना और यमन के पूर्वी रेगिस्तानी इलाकों के बीच एक रणनीतिक पुल जैसा है
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
Houthis Saudi Arabia War के बीच हूतियों का नया प्रस्ताव,क्या करेंगे Mohammed bin Salman?| Yemen
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia के बाद कहां हैं Türkiye, Pakistan | War | Bab El Mandeb | Erdoğan
मक्का पैक्ट का असली मकसद क्या है? | Turkey-Pakistan-Saudi Alliance तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ मक्का पैक्ट सिर्फ तुरंत युद्ध में उतरने का समझौता नहीं है।
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia: हूतियों का तगड़ा बदला, सऊदी 3 शहरों में Emergency Alert। Jeddah
कहां तो सऊदी अरब से ने यमन की राजधानी सना पर कंट्रोल का ऐलान किया था..और कहां अपने कंट्रोल वाले हिस्सों से हाथ दो बैठा यमन में... सऊदी अरब यमन के अंसारुल्लाह या हूती को छेड़कर बड़ी मुसीबत में फंस गया है..हालात ये हैं कि जेद्दा, जाजान और आभाह जैसे शहरों में इमर्जेंसी अलर्ट है…
Yemen Houthis Vs Saudi Arabia War में Chinese DF-15A Missile का इस्तेमाल, अंसारुल्लाह ने बनाया मजाक
बैलिस्टिक मिसाइल को लेकर यमन युद्ध से एक बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूतियों के खिलाफ इस्तेमाल की गई यह मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले तकनीकी खराबी का शिकार हुई और यमन के रेगिस्तान में गिर गई।
Iran America War: Hormuz को लेकर ईरान की नई चेतावनी, बढ़ेगा तनाव | Middle East| Trump
Iran America War: Hormuz को लेकर ईरान की नई चेतावनी, बढ़ेगा तनाव
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman |War
Yemen Houthi Vs Saudi Arabia: हाथों से खोज लिया Anti Tank Mines, हूती लड़ाकों का जज्बा | Salman | War यमन के युद्धक्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने सबको हैरान कर दिया है। दावा है कि मिट्टी से बने कृत्रिम स्पीड ब्रेकर के अंदर कई एंटी-टैंक माइन्स छिपाई गई थीं।
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
Yemen Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी सीमा के कितने करीब अंसारुल्लाह | War | Bab El Mandeb
Houthis Saudi Arabia War में अब कूदा Bani Hashish कबीला, बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS। Yemen। Red Sea
Houthi- Saudi Arabia Conflict में अब कूदा Bani Hashish कबीला,बुरा फंसा सऊदी| Prince MBS जरा इन पैदल लड़ाकों को देखिए, पैरों में चप्पल है, रिवायती पोशाक जाम्बिया पहनकर ये जंगजु सऊदी अरब के खिलाफ जंग के लिए निकल पड़े हैं...इनका आरोप है कि सऊदी मुनाफिक है और उसे सबक सिखाना जरूरी हो गया है.
BRICS Summit 2026: Iran और UAE के बीच ऐसा क्या हुआ, Middle East के लिए सकरात्मक संदेश। Hormuz
डिस्क्रिप्शन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran UAE Relations को लेकर एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अहम मुलाकात हुई
Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Iran America War के बीच Abbas Araghci ने Trump को दी चेतावनी, Strait of Hormuz को लेकर दावा Iran America War: Hormuz को लेकर Oman से डील पर क्या बोला ईरान, Trump को दो टूक | Middle East
Houthis Attack on Saudi: सऊदी के ठिकानों पर अंसारुल्लाह ने मारी मिसाइलें | Middle East War | Yemen
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले लगातार जारी हैं और अब एक बार फिर सऊदी सीमा के भीतर नागरिक इलाका निशाने पर आया है। शनिवार को यमन से हूतियों की ओर से दागे गए मिसाइल प्रोजेक्टाइल ने सऊदी अरब के दक्षिणी जाज़ान इलाके में तबाही मचा दी।
Houthi- Saudi Arabia Conflict में हूतियों ने ताबड़तोड़ फोड़े 6 ठिकाने, क्या करेंगे Prince MBS?
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों (Yemeni Armed Forces) के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद हिंसक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 48 घंटों में दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया है, जिसने पिछले कुछ समय से बनी शांति की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
Houthi Attacks Saudi Arabia: मिसाइल-ड्रोन से Army Base निशाने पर, Oil Supply पर संकट | Middle East
सऊदी अरब पर हूतियों का बड़ा हमला. मिसाइलें दागी गईं, ड्रोन भेजे गए और निशाने पर था एक सैन्य अड्डा. लेकिन कहानी सिर्फ एक मिलिट्री बेस पर हमले तक सीमित नहीं है. जिस वक्त मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर पहले से ही तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है, उसी वक्त सऊदी अरब की एक बेहद अहम तेल पाइपलाइन भी बंद हो गई है.
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने तुर्की के अत्याधुनिक Karayel ड्रोन को गिराया, मलबे का वीडियो
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी बलों के बीच संघर्ष एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों में हूतियों ने पश्चिमी यमन में तेजी से सैन्य बढ़त बनाई है। रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जे के बाद अब उन्होंने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के करीब अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
Houthi Attack Saudi Oil Pipeline: बाब अल-मंदेब पर हूतियों का कब्जा, सऊदी अरब पाइपलाइन बंद | Iran
Saudi Oil Pipeline Drone Attack के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन को ड्रोन से निशाना बनाए जाने के बाद इसे अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा।
Houthis Attack On Saudi: हूतियों ने घर में घुसकर सऊदी को मारा, Pakistan, Turkey गायब|Mecca Agreement
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब पर हुए हमलों को लेकर पाकिस्तान का रुख सामने आया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि हर हमले का जवाब उसी तरह देना जरूरी नहीं है, लेकिन अगर सऊदी अरब पर बाहरी आक्रमण होता है
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने सऊदी में घुसकर मारना शुरु किया ARAMCO Refinery फूंक दी| Iran
Iran ईरान अमेरिका इजरायल जंग के बीच एक और जंग भीषण हो गई है...जी हां सऊदी अरब और यमन के अंसारुल्लाह की अदावत अब उस मोड़ पर जा पहुंची है कि सऊदी ने तय कर लिया है कि हूतियों के कंट्रोल वाले यमन की राजधानी सना पर किसी भी सूरत में कब्जा करना है…
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
वीडियो गेम में चलते युद्ध का प्रवेश: मनोवैज्ञानिक युद्ध से कैसे बदल रहा राजनीतिक प्रचार?
हाइब्रिड आतंकवाद से निपटने में आम नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी सुरक्षा एजेंसियों की। अगर कोई डिजिटल मीडिया पर संदिग्ध किस्म का कोई भी वार्तालाप या पोस्ट देखे तो उसे तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Houthis Attack Saudi Arabia में ARAMCO Refinery धू-धू कर जली | Yemen War | Iran | Bin Salman
Iran America War के बीच Qatar का US से क्यों उठ गया भरोसा | Trump | Saudi| UAE। Hormuz
मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बड़े पार्टनर और उसे अपनी जमीन पर सबसे बड़ा फौजी अड्डा देने वाले कतर के सुर अमेरिका को लेकर बदलने लगे हैं...जी हां ईरान के जरिए हुई पिटाई और तुम्हारी जमीन से हमला होगा तो तुम पहले पिटोगे के फलसफे का असर दिखने लगा है....
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan
Muslim NATO Alliance चाह कर भी नहीं कर पाता एक दूसरे की मदद,अंदर की कहानी| Saudi|Turkey |Pakistan मुस्लिम नाटो बन तो गया है..लेकिन क्या ये एक दूसरे की मदद कर पाएगा....इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी रहती है.…
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला | Iran
Saudi Arabia Yemen War: Houthis ने स्कूल पर हमले का ARAMCO Refinery से लिया बदला |
पंजाब में 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान का बड़ा असर, 25 हजार से ज्यादा नशा तस्कर गिरफ्तार
पंजाब सरकार ने बताया कि सेफ पंजाब हेल्पलाइन पर मिली 51,979 गुप्त सूचनाओं की मदद से 25,339 गिरफ्तारियां की गईं. सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को एक महत्वपूर्ण ताकत बताया है.
Yemen Houthi Saudi Arabia War में सऊदी समर्थित सेना पर हावी हुए Iran समर्थित अंसारुल्लाह|Middle East
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। हूतियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों से सैन्य ठिकानों, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अधिकतर मामले सकारात्मक बने रहेंगे, सहजता से आगे बढ़ेंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: सभी के साथ मदद का नजरिया रखेंगे. अनुशासित ढंग से कार्य आगे बढ़ाएंगे. अनुभव का भरपूर लाभ मिलेगा. प्रबंध के मामलों में सक्रियता बनाए रखेंगे.
Iran Attack On UAE Jordan के बाद पत्रकारों को धमकी? | BBC News | America | Middle East
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच खाड़ी देशों में प्रेस की आजादी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में हमलों से प्रभावित इलाकों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने या उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर कड़े प्रतिबंधों की खबरें सामने आई हैं
Iran America War: ईरान युद्ध के बीच US Army में हड़कंप, कई सैनिक बाहर | Trump | Hormuz
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन में अंदरूनी खींचतान की खबरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के पद छोड़ने या हटाए जाने और दर्जनों प्रमोशन रोके जाने की बात सामने आई है।
Iran America War: IRGC ने एक साथ Qatar, Kuwait, Bahrain, UAE पर की Strike | Pakistan
अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब खाड़ी के कई देशों तक फैलती दिखाई दे रही है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस बढ़ते टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा दिया है।
Mecca Defence Pact: Turkey FM का Netanyahu पर बड़ा हमला | Saudi | Erdogan | Pakistan | Muslim NATO
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पहली बैठक इस्तांबुल में हुई। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के साथ सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
Israel Turkey Tensions के बीच Erdogan के विदेश मंत्रालय ने Netanyahu की तुलना Nazi से की | Gaza
तुर्की और इजराइल के बीच तनाव अब बेहद तीखा होता दिख रहा है। इजराइली विदेश मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन पर यहूदी-विरोध का आरोप लगाए जाने के बाद तुर्की के विदेश मंत्रालय ने नेतन्याहू सरकार पर बेहद कड़ा पलटवार किया है
Bangladesh Join Muslim NATO: Mecca Defence डील की Turkey बैठक में बड़े फैसले |Saudi |Pakistan
हाल ही में बड़े जोर शोर से बने मुस्लिम नाटो को अमल में लाने के लिए कार्रवाई शुरु हो गई है...ऐसे वक्त में जब ईरान अमेरिका एक दूसरे पर वार पलटवार कर रहे हैं....सीरिया में तुर्की और इजरायल आमने सामने हैं..मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट से जुड़े देश डील के बाद पहली बार मिल रहे हैं..
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के पोस्ट पर Kazem Gharibabadi का गजब जवाब |Middle East ईरान-अमेरिका के बीच सैन्य तनाव फिलहाल शांत दिख रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और कूटनीतिक टकराव बेहद तीखा हो गया है। अ
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Bangladesh Join Muslim NATO: क्यों Mecca Defence में शामिल होगा बांग्लादेश |Saudi |Turkey | Pakistan
Pakistan ने LoC पर Turkey Drone TB2 Bayraktar किए तैनात, जासूसी में माहिर, बॉर्डर पर बढ़ा तनाव!
LoC पर पाकिस्तान की ड्रोन गतिविधियों को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से तुर्की के Bayraktar TB2 ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा है। यह ड्रोन लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी करने के साथ सटीक हमले में भी सक्षम है
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता?
America Saudi Arabia Nuclear Deal में Iran के खिलाफ साजिश, Palestine छोड़ Israel को मान्यता? ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इज़राइल की सख्ती के बीच अब सऊदी अरब के साथ अमेरिका की 30 साल की नागरिक परमाणु डील ने मध्य पूर्व की राजनीति में नया सवाल खड़ा कर दिया है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Mojtaba Khamenei Video से दुनिया हैरान | Trump | Hormuz
ईरान से मोजतबा खामेनेई का एक दुर्लभ वीडियो सामने आने के दावे ने उनकी सेहत को लेकर चल रही अटकलों को फिर चर्चा में ला दिया है। ईरानी मीडिया में सामने आए इस फुटेज में मोजतबा खामेनेई एक अकादमिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए नजर आते हैं और उनकी आवाज भी सुनाई देती है
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Natural Gas Reserve खोज ईरान ने बढ़ाई Trump की टेंशन | Hormuz
ईरान के ऊर्जा क्षेत्र से सामने आई एक बड़ी खबर ने वैश्विक भू-राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद के मुताबिक, दक्षिणी फार्स प्रांत में एक नए प्राकृतिक गैस क्षेत्र की खोज हुई है, जिसमें 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस भंडार होने का दावा किया गया है।
Muslim NATO में Iran की होगी एंट्री? Mecca Defence Treaty से Israel घबराया | Saudi | Turkey|Pakistan
क्या ईरान भी मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने जा रहा है? ईरानी संसदीय समाचार एजेंसी से जुड़े मेहदी रहीमी के एक दावे ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Israel Turkey Tension News: तुर्की से तनाव पर Israel FM Gideon Saar का सरेंडर! | Erdogan | Syria
इजरायल और तुर्की के बीच बढ़ता तनाव अब सीरिया से लेकर पूरे मिडिल ईस्ट की राजनीति को प्रभावित करता दिख रहा है। अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद तुर्की की कड़ी प्रतिक्रिया और फिर इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के नरम तेवरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
Pakistan में China, Turkey के Military Planes अचानक क्यों उतरे, क्या India के लिए कोई बड़ा खतरा?
पाकिस्तान के एयरबेस पर चीन और तुर्की के भारी सैन्य विमानों की बढ़ी आवाजाही ने नई सुरक्षा चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, करीब 60 घंटे के भीतर चीनी और तुर्की मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने पाकिस्तान के कई एयरबेस के चक्कर लगाए
Mecca Defence Treaty से किसको सबसे ज्यादा फायदा, China एक्सपर्ट ने समझाया | Saudi, Turkey, Pakistan
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने मध्य पूर्व की बदलती रणनीतिक तस्वीर पर नई बहस छेड़ दी है।
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan Add Live Hindustan as your preferred source on Google.
Pirates Hijack Cargo Ship: यमन और सोमालिया में दो कमर्शियल जहाज अगवा, 22 भारतीय बंधक। Turkey
अदन की खाड़ी से भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। दो अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे।
Saudi Arabia Houthi War: सऊदी पर हमले से पहले Iran की चेतावनी फिर ARAMCO पर हमला | Yemen
सऊदी अरब पर हूती ड्रोन हमलों के बाद मक्का रक्षा समझौते यानी कथित ‘मुस्लिम नाटो’ की असली ताकत पर सवाल उठने लगे हैं। अरामको, नज्रान और सऊदी के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दावों के बीच तुर्की और पाकिस्तान की भूमिका चर्चा में है।
Iran America War Update: युद्ध के बाद Trump के Sanctions से ईरान क्यों बेखौफ | China | Russia
ट्रंप के 'Economic D-Day' ऐलान के बाद ईरान ने अमेरिका की नई आर्थिक पाबंदियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रतिबंधों को पुरानी और विफल नीति बताया है।
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नक्शों और बयानों की जंग भी तेज हो गई है।
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Iran America War Update: हार देख Trump का ईरान के दोस्तों को Sanctions की धमकी | Middle East News
ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। ट्रंप ने ईरान और उसकी मदद करने वाले देशों को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है और इसे Economic D-Day बताया है।
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS | Middle East News
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS
Iran On Saudi Arabia UAE: अब America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz | Trump
Iran On Saudi Arabia UAE America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz |
Muslim NATO Alliance: इस्लामिक नाटो में Bangladesh को शामिल करने की तैयारी | Pakistan | Turkey|Saudi
बांग्लादेश को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के उभरते रक्षा ढांचे के करीब लाने की अटकलों ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। तुर्की के अखबार येनी शफाक ने बांग्लादेश को इस संभावित सुरक्षा ढांचे में शामिल किए जाने की संभावना जताई है, हालांकि अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है
Israel Qatar Deal Cancelled: कतर से Netanyahu ने डिफेंस डील रोकी | Iran US War Update | Hormuz
ईरान के बाद अब क्या कतर भी मिडिल ईस्ट के बड़े टकराव का नया केंद्र बनने जा रहा है? इज़राइल और कतर के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Turkey Anka 3 drone जो क्रूज मिसाइलें लेकर उड़ेगा, कितना खतरनाक, निशाने पर कौन? Iran US War। Israel
तुर्की ने अपने आधुनिक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन Anka-3 को भविष्य के हवाई युद्ध के लिए तैयार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों से लैस होकर दुश्मन के एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
Islamic NATO की तारीफ क्यों करने लगे Trump? Pakistan | Turkey | Iran | Saudi। Mecca Deal
ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने एक नए मुस्लिम सुरक्षा गठबंधन की चर्चा तेज कर दी है।
Iran Pilots Missing News: कहां गए IRGC के 3 पायलट, Qatar क्यों कर रहा इनकार? America | Hormuz
मार्च 2026 के युद्ध के दौरान लापता हुए ईरान के तीन फाइटर पायलटों को लेकर अब एक नया और बेहद गंभीर विवाद सामने आया है। ईरान का दावा है कि उसके तीन पायलट जिंदा हैं और पिछले छह महीनों से कतर की हिरासत में हैं।
Houthi Attack on Saudi: Iran vs US के बीच हूतियों ने Saudi Arabia की नाक में किया दम! | Mokha Port
मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव चरम पर है। जहां एक तरफ ईरान (Iran) अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं यमन के हूती विद्रोही (Houthi Rebels) सऊदी अरब (Saudi Arabia) की नाक में दम किए हुए हैं।
Hormuz Strait Crisis 2026: UAE का एक और जहाज तबाह, ईरानी पायलट्स पर कतर से भिड़ा ईरान | Mojtaba
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हो रहे हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर अपनी सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक और जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
Iran US War: Qatar के कैद में है ईरान के 3 पायलट, बड़ा खुलासा! | Qatar Captures 3 Iranian Pilots
मध्य पूर्व (Middle East) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान (Iran) के तीन लड़ाकू पायलट पिछले छह महीनों से कतर (Qatar) की कैद में हैं।
Iran Drone Attack On Erbil में America सैनिकों के होटल पर हमला | Trump | Hormuz | Middle East News
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इराक के एरबिल से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दावों के मुताबिक, एरबिल में अमेरिकी सैनिकों और कॉन्ट्रैक्टर्स के ठहरने वाले एक होटल को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया।
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey | manpad missile
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | MBS
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | अब सवाल उठ रहा है कि क्या जाजान हमला इस नए ‘इस्लामिक NATO’ की पहली बड़ी परीक्षा है?
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Houthi Attack On Saudi Arabia: समंदर से लेकर तेल ठिकाने और अब सऊदी सेना पर हमले | MBS
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी के दावे के मुताबिक, ताइज़ प्रांत के अल-मोखा क्षेत्र और मारिब के तदावीन कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।
Trump Secret Flight: Iran के डर से ट्रक में छिपकर भागे थे ट्रम्प, अब हुआ खुलासा। Turkey NATO Summit
अमेरिका के मुताबिक इस बार ईरान ट्रंप के तुर्के दौरे पर उन्हें निशाना बनाने वाला था। इस खतरे से सूचना मिलते ही ट्रंप को बेहद फिल्मी तरीके से बचाया गया था। इस सीक्रेट ऑपरेशन को लेकर हाल ही कुछ हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं।
Houthi Attck On Saudi Arabia: पहले सऊदी फिर America का MQ-9 हुआ क्रैश, हूती बेकाबू | Bab Al Mandeb
हूती-सऊदी तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर हमलों का दावा किया है।
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए Defense Agreement को लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आए साथ तो क्या बोला Iran ?
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच बन रहे 'इस्लामिक नाटो' शैली के रक्षा समझौते पर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है। तेहरान ने रियाद को चेतावनी देते हुए कहा है कि कागजी समझौते और बाहरी ताकतों पर निर्भरता सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
Iran America war होगी तेज, UAE, Saudi Arabia और Qatar तक फैलेगी जंग की आग! | Middle East
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। अब तक ईरान की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि यदि टकराव और गहराया तो इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO बनाने को लेकर डील फाइनल, Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye जल्द करेंगे ऐलान। Israel
पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों देशों के बीच डिफेंस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है
सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें--The Most Important War We Ignore: Why Climate Change and Environmental Crisis Need Urgent Global Attention
युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य
विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है…
Iran America War: ईरान ने Iraq और Kuwait बार्डर के करीब क्यों भेजे T 72 Tanks|Trump
मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो कभी भी फट सकता है..जी हां जंग के बादल कभी भी छा सकते हैं...अमेरिका चाहे लाख मना करे...लेकिन जब तक इजरायल खित्ते में आक्रामक है तब तक जंग पूरी तरह नहीं रुक सकती..यही वजह है कि ईरान ने ्अपने टैंक इराक से लगी सरहद के करीब जमा करना शुरु कर दिए हैं…
कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति
कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.
ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.
कंगना के ‘जेबकतरों जैसी ड्रेस’ वाले बयान को यूजर्स ने सोनाक्षी से जोड़ा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
'जेबकतरों की तरह...', कंगना ने सोनाक्षी पर किया कमेंट!
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए इंडस्ट्री की एक हीरोइन पर तीखा हमला किया है. यूजर्स का मानना है कंगना ने ये अटैक सोनाक्षी सिन्हा पर किया है.
Iran US War Update: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
Iran-US War: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
गाजा में कत्लेआम पर भड़के कतर-तुर्की-मिस्र, इजरायल नहीं रोक रहा बमबारी
कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला?', ट्रंप ने ईरान पर अब किया ये ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़ा हमला फिलहाल रोक दिया है. दूसरी तरफ तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए सैन्य सतर्कता बनाए रखने, सऊदी अरब और पाकिस्तान से तेज संपर्क बढ़ाने और यह साफ करने का संदेश दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जवाबी तैयारी और राजनीतिक समाधान अब साथ साथ चलेंगे.
युद्ध, डर और उम्मीद... आखिर क्यों गढ़े गए सुपरहीरो?
सुपरहीरो कभी भी सिर्फ असाधारण शक्तियों वाले किरदार नहीं रहे. वे हर दौर के समाज की इच्छाओं, आशंकाओं और सपनों का प्रतिबिंब रहे हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत केवल असाधारण शक्तियों में नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने, कमजोरों के साथ खड़े होने और दूसरों के लिए जोखिम उठाने के साहस में होती है.
इराक के सुलेमानिया पर ईरानी ड्रोन ने बरपाया कहर, सामने आया Video
इराक के सुलेमानिया में ईरान-विरोधी समूहों के एक ठिकाने को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया है. माना जा रहा है कि ये हमला ईरान ने किया है जिसमें अलगाववादी समूहों के मुख्यालय पर दो प्रोजेक्टाइल सीधे जाकर लगे. ईरान ने ड्रोन से ये हमला किया. देखें वीडियो.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
Iran US War: Iran ने जारी कर दी अपनी Hitlist, सऊदी, UAE और कतर पर क्यों मंडराया खतरा?
पश्चिम एशिया (Middle East) का युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
'टैरिफ धमकी से टला भारत-पाक परमाणु युद्ध', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध टालने में अपनी भूमिका का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनके कूटनीतिक दबाव और टैरिफ की धमकी से होने जा रहा युद्ध रुक गया. ट्रंप ने दावा किया कि इसी तरह उन्होंने 5 युद्ध रोक दिए.
Houthis vs Saudi Arabia: Iran के प्रॉक्सी से तीन तरफा घिरा सऊदी, क्या अब युद्ध की उपाय? Red Sea। US
अमेरिका और इज़राइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया लगातार तनाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक सऊदी अरब इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता रहा,
Houthis Attack on Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF
Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF सऊदी के यमन पर अटैक और हूतियों के पलटवार के बीच..इराक से भी सऊदी से बदले की उठ रही आवाजें..मिडिल ईस्ट में जंग के इस नए मोर्चे पर..गल्फ न्यूज के पूर्व एडिटर बॉबी नकवी को सुनिए
The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...
गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

