देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली के भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाके में एकतरफा प्यार और सनक के चलते एक जिम ट्रेनर ने युवती पर चाकुओं से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी की पहचान इमरान के रूप में हुई है, जिसने सरेराह युवती को रोककर उस पर कई वार किए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल है। यह पूरी दिल दहला देने वाली वारदात पास की एक इमारत में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसके फुटेज के आधार पर पुलिस ने मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।रास्ते में घेरकर किया जानलेवा हमला: खौफनाक था मंजरप्राथमिक जांच के अनुसार पीड़िता रोजाना की तरह अपने काम से घर लौट रही थी। आरोपी इमरान पहले से ही गली के मोड़ पर घात लगाकर उसके आने का इंतजार कर रहा था। जैसे ही युवती वहां पहुंची, इमरान ने जबरन उसका रास्ता रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो के अनुसार, आरोपी ने पहले युवती पर बातचीत करने और रिश्ते के लिए दबाव बनाने की कोशिश की। युवती द्वारा कड़ा विरोध करने और वहां से आगे बढ़ने पर आरोपी ने अपनी जेब से धारदार चाकू निकाला और बिना किसी झिझक के उस पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।CCTV फुटेज में कैद हुई आरोपी की पूरी करतूतघटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में आरोपी की पूरी करतूत साफ तौर पर दर्ज हुई है। फुटेज में देखा जा सकता है कि युवती ने खुद को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया और मदद के लिए गुहार लगाई, लेकिन आरोपी लगातार उस पर वार करता रहा। हमले के दौरान जब युवती लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ी और उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय लोग व दुकानदार दौड़े, तो आरोपी हाथ में खून से सना चाकू लहराते हुए मौके से फरार हो गया। पुलिस ने इस फुटेज को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, जो कानूनी प्रक्रिया में मुख्य साक्ष्य बनेगा।गंभीर हालत में युवती अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों की टीम जुटीवारदात के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) वैन की मदद से गंभीर रूप से घायल युवती को नजदीकी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवती के पेट, सीने, गर्दन और हाथों पर गहरे घाव आए हैं। अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल के विशेषज्ञ सर्जनों की टीम ने युवती का आपातकालीन ऑपरेशन किया है और उसे गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। पीड़िता के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।महीनों से कर रहा था पीछा, पहले भी दी थी धमकियांपीड़िता के परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी इमरान इलाके के ही एक स्थानीय जिम में ट्रेनर का काम करता है। वह पिछले कई महीनों से युवती का लगातार पीछा (Stalking) कर रहा था और सोशल मीडिया व फोन कॉल्स के जरिए उस पर बात करने का दबाव बना रहा था। युवती ने कई बार उसे कड़ी फटकार लगाई थी और अपने परिवार को भी इसकी जानकारी दी थी। परिजनों ने आरोपी को समझाकर दूर रहने की चेतावनी दी थी, लेकिन उसकी सनक खत्म नहीं हुई। लगातार मिल रहे इनकार से बौखलाकर उसने इस खौफनाक कदम को अंजाम दिया।दिल्ली पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, सख्त धाराओं में केस दर्जदिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद आरोपी की धरपकड़ के लिए स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच की कई विशेष टीमें गठित की हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी इमरान की तलाश में दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस सर्विलांस टीम आरोपी के मोबाइल नेटवर्क, सोशल मीडिया अकाउंट्स और करीबी संपर्कों को ट्रैक कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालइस रूह कंपा देने वाली घटना के बाद स्थानीय निवासियों और महिला सुरक्षा संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाके में दिनदहाड़े ऐसी खौफनाक वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे सिरफिरे और मनचले अपराधियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर नजीर पेश करने वाली सजा दी जाए। इसके साथ ही इलाके में नियमित पुलिस गश्त, पीसीआर वैन की तैनाती और संवेदनशील गलियों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट्स व सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है।
यूएस: अमेरिका लौटते समय थाईलैंड में क्यों रुकेगा युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन? पश्चिम एशिया में तनाव के बीच रिकॉर्ड समय रहा तैनात
अब जबलपुर में टैंक होंगे तैयार, यहीं मिलेगा युद्धक अवतार; रक्षा उत्पादन में महाकोशल को नई पहचान
परियोजना से रक्षा क्षेत्र में निवेश, तकनीकी दक्षता और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खुलने की उम्मीद है। यानी आने वाले समय में रणभूमि के भरोसेमंद युद्धक टैंकों की ‘वापसी’ का रास्ता जबलपुर से होकर गुजरेगा।
नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह आई भयंकर फ्लैश फ्लड के बाद तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे करीब 400 तीर्थयात्री संपर्क से बाहर हो गए हैं। इनमें ज्यादातर भारतीय हैं और 93 नेपाली भी शामिल हैं।
कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) के अदम्य साहस और एयरफोर्स अफसरों की असल जिंदगी पर आधारित वेब सीरीज है ‘ऑपरेशन सफेद सागर’। 1999 से 2006 तक एयरफोर्स में अपनी सेवाएं दे चुके निर्देशक कुशल श्रीवास्तव ने इस सीरीज को तैयार किया है। वहीं दिग्गज कॉमेडियन दिवंगत राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा श्रीवास्तव इस सीरीज की एसोसिएट डायरेक्टर और हेड रिसर्चर हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कुशल श्रीवास्तव और अंतरा श्रीवास्तव ने एयरफोर्स के वास्तविक कल्चर, 8 साल के लंबे संघर्ष, MiG-21 की आखिरी उड़ानों की शूटिंग और प्रोजेक्ट के दौरान राजू श्रीवास्तव जी को खोने के भावुक पलों पर खुलकर चर्चा की। सवाल: ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ का आइडिया 2018 में आया था। इतने लंबे समय तक इस कहानी को लेकर जुनून कैसे बना रहा? कुशल श्रीवास्तव: दरअसल, इस कहानी से मेरा जुड़ाव 2018 से भी काफी पहले का है। दिसंबर 1998 में मैंने एयरफोर्स का एग्जाम दिया था। उसी दौरान कारगिल युद्ध शुरू हो गया और मैं युद्ध से जुड़ी खबरों को बहुत बारीकी से देखने लगा। अजय आहूजा और नचिकेता के पीओडब्ल्यू बनने की घटनाएं मैंने करीब से फॉलो कीं। वह भारत का पहला टेलीवाइज्ड वॉर था। दिसंबर 1999 में मैंने एयरफोर्स जॉइन की और 2006 में वहां से बाहर आया। इसके बाद जेपी दत्ता और अनुराग बसु को असिस्ट किया और 2011 में अपनी कंपनी शुरू कर ऐड फिल्में बनाने लगा। ‘वोडका डायरीज’ के बाद मैंने एयरफोर्स की कहानी कहने का फैसला किया। मेरा मानना था कि एयरफोर्स की वास्तविक जिंदगी पर्दे पर उस तरह नहीं आई है। उसे हमेशा आर्मी के शैडो में देखा गया है, जबकि दोनों का कल्चर और काम करने का तरीका काफी अलग है। एयरफोर्स की अपनी एक अलग रॉयल्टी और संस्कृति है। इसी सोच से 2018 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया। सवाल: इस कहानी में ऐसी क्या खास बात थी, जिसे बड़े स्केल पर बताना जरूरी लगा? कुशल श्रीवास्तव: मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण था एयरफोर्स के लोगों की सोच और उनकी जिंदगी को वास्तविक रूप में दिखाना। उदाहरण के लिए, एक स्क्वाड्रन का व्यक्ति फोटो रिकॉनिसेंस के लिए जाता है। उसके विमान में बम की जगह कैमरे होते हैं और वह दुश्मन की पोजीशन की तस्वीरें लेकर आता है। फिर उन्हीं तस्वीरों के आधार पर हमले की रणनीति तय होती है। नचिकेता को लेकर हुई घटना में भी एक पायलट की सोच सामने आती है कि मैं अपने आदमी को पीछे नहीं छोड़ूंगा। मेरे लिए इसका महत्व किसी बड़े देशभक्ति के डायलॉग से ज्यादा उस सोच में है कि हम अपने साथी को पीछे नहीं छोड़ते। फाइटर पायलट के लिए देश के लिए मरने की भावना के साथ अपने साथी की नजर में प्रोफेशनल रिस्पेक्ट भी बहुत मायने रखता है। इसलिए हमने कहानी में ज्यादा जिंगोस्टिक अप्रोच नहीं लिया। हमें लगा कि अगर आप अपना काम पूरी ईमानदारी और क्षमता से कर रहे हैं तो उसमें देशभक्ति अपने आप आ जाती है। सवाल: एयरफोर्स और आर्मी के कल्चर का अंतर सीरीज में किस तरह दिखाई देता है? कुशल श्रीवास्तव: एयरफोर्स में वैसे वॉर क्राइज या नारे नहीं होते, जैसे आर्मी में देखने को मिलते हैं। आर्मी में एक ऑफिसर कमांड देता है और जवान लड़ने जाते हैं, जबकि एयरफोर्स में जवान विमान को तैयार करते हैं और ऑफिसर उसे लेकर उड़ता है। इसलिए पायलट के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि विमान तैयार करने वाला व्यक्ति पूरी तरह ठीक है या नहीं। वह उससे पूछता है भाई, आई यू रेडी? सब बढ़िया है? घर में सब ठीक है? क्योंकि अगर वह आदमी मानसिक रूप से ठीक नहीं है तो उसका असर सीधे पायलट की जान पर पड़ सकता है। यही आपसी निर्भरता और रिश्ते एयरफोर्स की संस्कृति को अलग बनाते हैं और हम इसे कहानी में दिखाना चाहते थे। सवाल: शुरुआत में फिल्म के तौर पर सोचा गया प्रोजेक्ट वेब सीरीज में कैसे बदला ? कुशल श्रीवास्तव: 2018 में मैं इसे फिल्म के तौर पर बनाना चाहता था। एक अभिनेता को साइन भी कर लिया था और स्क्रिप्ट लॉक थी। तभी कोरोना आ गया और थिएटर बंद हो गए। जिस तरह का बजट हमें चाहिए था, उसके लिए स्टार जरूरी था। मेरे सामने दो रास्ते थे- या तो कहानी को कम बजट में बनाकर समझौता करूं या इसे छोड़ दूं। मैंने इसे छोड़ दिया और फिर नेटफ्लिक्स को अप्रोच किया। उन्हें इसमें वेब सीरीज की संभावना नजर आई। मेरे प्रोड्यूसर मैचबॉक्स ने बहुत सपोर्ट किया। मेरे को-क्रिएटर अभिजीत सिंह परमार हैं। हम दोनों क्रिएटर और शो रनर हैं। एयरफोर्स ने भी काफी सहयोग किया, जिसकी वजह से कहानी उस बड़े कैनवास पर बन सकी, जिस पर मैं इसे देखना चाहता था। सवाल: सिद्धार्थ और जिमी शेरगिल जैसे कलाकारों ने अपने किरदारों के लिए किस तरह तैयारी की? कुशल श्रीवास्तव: सभी कलाकारों ने बहुत मेहनत की। उन्होंने परेड ग्राउंड में परेड की, पायलट्स से मुलाकात की और एयरफोर्स बेस के अंदर काफी समय बिताया। जिमी सर मेरे साथ चंडीगढ़ में धनोआ सर के घर गए और देखा कि वह कैसे बात करते हैं और उनका व्यवहार कैसा है। सिद्धार्थ जी अलका मैम से मिले और आहूजा सर के व्यक्तित्व को समझा। कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने दोनों को प्रोजेक्ट से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिमी शेरगिल से मेरा रिश्ता हालांकि काफी पुराना है। 2007 में जब मैं बॉम्बे आया था, तब एक छोटी फिल्म में असिस्ट किया था और उसमें जिमी मेरे हीरो थे। तब से हम संपर्क में हैं। वह हमेशा मुझे एनकरेज करते रहे। मैं उनसे कहता था कि एक दिन आपके साथ काम करूंगा। वह आज भी बहुत सहज और फ्रेंडली इंसान हैं। सवाल: इस पूरे प्रोजेक्ट को बनाने में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? कुशल श्रीवास्तव: सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि हम पहली बार ऐसा कुछ बना रहे थे, जिसका कोई रेफरेंस नहीं था। यह सामान्य वॉर फिल्म नहीं है, जहां हर समय लड़ाई चल रही हो। युद्ध इसके बैकग्राउंड में है, लेकिन कहानी में इमोशनल चीजें ज्यादा हैं। दूसरी बड़ी चुनौती MiG-21 को लेकर थी। जिन विमानों के साथ हमें शूट करना था, वे धीरे-धीरे आउट ऑफ सर्विस जा रहे थे। बीच में उनकी उड़ान भी बंद हो गई थी। हमें लगा कि अब शायद इन्हें उड़ाया नहीं जाएगा। हमने रिक्वेस्ट की और जो आखिरी फ्लाइंग हुई, उसे अच्छे से कवर किया। एयर वॉरफेयर सीक्वेंस भी बेहद चुनौतीपूर्ण थे। यूके से हाइड्रॉलिक बेस आया, हैदराबाद से कैमरा सिस्टम और गेमिंग टेक्नोलॉजी से लाइटिंग सिस्टम तैयार किया गया। रियल प्लेन्स, हाइड्रॉलिक मूवमेंट और वीएफएक्स को मिलाकर हमने कोशिश की कि दर्शक को हर चीज वास्तविक महसूस हो। सवाल: अंतरा श्रीवास्तव की इस प्रोजेक्ट में क्या भूमिका रही? कुशल श्रीवास्तव: अंतरा मेरी फर्स्ट कजिन हैं, लेकिन हमारा रिश्ता सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं है। वह मेरे हर प्रोजेक्ट में लंबे समय से एसोसिएट रही हैं। 2013-14 के आसपास उन्होंने मेरे साथ इंटर्नशिप शुरू की और फिर मेरी कंपनी जॉइन कर ली। वह लास्ट एडी से सेकंड एडी, फर्स्ट एडी और फिर एसोसिएट डायरेक्टर बनीं। वह मेरी प्रोफेशनल कोलैबोरेटर भी हैं। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की फिल्म वाली कहानी भी मैंने उनके साथ मिलकर लिखी थी। इस प्रोजेक्ट में वह एसोसिएट डायरेक्टर और हेड रिसर्चर हैं। इसलिए उनकी भूमिका सिर्फ पारिवारिक सहयोग की नहीं, बल्कि कहानी की रिसर्च से लेकर इसके निर्माण तक एक महत्वपूर्ण क्रिएटिव सहयोगी की है। सवाल: एयरफोर्स अधिकारियों और मिलिट्री एक्सपर्ट्स से किस तरह इनपुट लिया गया? कुशल श्रीवास्तव: कहानी लिखने से पहले ही हम एयर हेडक्वार्टर्स गए। मैंने वहां से वॉर हीरोज की लिस्ट ली और टीम के साथ बैंगलोर, चंडीगढ़, पुणे, दिल्ली समेत कई शहरों में जाकर उनसे मुलाकात की। प्री-प्रोडक्शन से ही डिफेंस कंसल्टेंट्स जुड़े थे। यूनिफॉर्म, फ्लाइंग और वॉर स्ट्रैटेजी के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ थे। करीब चार-पांच कंसल्टेंट लगातार हमारे साथ रहे। उन्होंने स्टोरी राइटिंग से लेकर प्री-प्रोडक्शन और शूटिंग तक इनपुट दिया और कलाकारों को भी ट्रेन किया। इस पूरी रिसर्च का मकसद यही था कि एयरफोर्स की दुनिया पर्दे पर सिर्फ बड़ी दिखे नहीं, बल्कि वास्तविक भी महसूस हो। सवाल: क्या ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के बाद भी एयरफोर्स और MiG-21 से जुड़ा कुछ देखने को मिलेगा? कुशल श्रीवास्तव: हां। हमने MiG-21 पर ‘द लास्ट सल्यूट’ नाम की करीब 80 मिनट की डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है। MiG-21 के आउट ऑफ सर्विस होने के दौरान हमने उनके साथ शूट किया। यह भी नेटफ्लिक्स का प्रोजेक्ट है और अगस्त के आखिर में रिलीज होगी। सीरीज की शूटिंग के दौरान मिले फुटेज का इस्तेमाल इस डॉक्यूमेंट्री में भी किया गया है। दिग्गज कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा श्रीवास्तव से बातचीत.… सवाल: ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ सीरीज से आप किस तरह जुड़ी हैं? इस प्रोजेक्ट में आपकी क्या भूमिका रही है? अंतरा श्रीवास्तव: मैं इस प्रोजेक्ट से सिर्फ जुड़ी नहीं हूं, बल्कि इसकी शुरुआत से ही इसका हिस्सा रही हूं। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की शुरुआत मैंने और मेरे बड़े भाई जैसे कुशल दादा ने मिलकर की थी। वह मेरे सबसे बड़े ताऊजी के बेटे हैं। उन्होंने एयरफोर्स में करीब छह-सात साल सर्व किया और फिर फिल्ममेकिंग को करियर बनाया। जब वह फिल्ममेकिंग में आए, तब मैं कॉलेज में थी और उनके साथ इंटर्नशिप शुरू की। इसके बाद हमने एडवरटाइजिंग, म्यूजिक वीडियो और फिल्म पर साथ काम किया। हमने ‘वोडका डायरीज’ भी की, जिसे कुशल दादा ने डायरेक्ट किया था और मैं उसकी एसोसिएट प्रोड्यूसर थी। इसके बाद हमारी टीम अगले सब्जेक्ट पर चर्चा कर रही थी। तभी कुशल दादा ने ‘गोल्डन एरोज’ स्क्वाड्रन और ऑपरेशन सफेद सागर से जुड़ी एक खास कहानी के बारे में बताया। हमें लगा कि यही हमारा अगला विषय होना चाहिए और हमने इस पर काम शुरू कर दिया। सवाल: इस कहानी पर रिसर्च का सिलसिला कैसे शुरू हुआ? अंतरा: हमने सबसे पहले ग्रुप कैप्टन तरुण कुमार सिंघा सर से संपर्क किया। वह एयरफोर्स से रिटायर्ड हैं और कुशल दादा के दोस्त रहे हैं। उनके जरिए हम इंडियन एयरफोर्स तक पहुंचे। अक्टूबर-नवंबर 2018 में हमें अनुमति मिली और फिर रिसर्च शुरू हुई। हम मिसेज अलका आहूजा से मिले, चीफ मास्टर धनोआ सर से बात की और गोल्डन एरोज के पायलट्स के अनुभव समझे। आदिल हुसैन का किरदार एयर मार्शल पटनी सर से जुड़ा है, उनसे भी बात की। हमने सिर्फ भारतीय पक्ष नहीं, बल्कि पाकिस्तान की कहानी पर भी रिसर्च की—मुशर्रफ की प्लानिंग, नवाज शरीफ की भूमिका और दोनों के बीच की डायनेमिक्स को समझने की कोशिश की। हमारा मकसद सिर्फ एक तरफ की कहानी बताना नहीं था, बल्कि उस पूरे दौर को समझना था। सवाल: उस समय यह प्रोजेक्ट फिल्म के रूप में बनाया जा रहा था? अंतरा: हां। उस समय वेब सीरीज का आज जैसा क्रेज नहीं था, इसलिए हम इसे ‘गोल्डन एरोज’ नाम से फिल्म के रूप में बना रहे थे। काफी काम और प्री-प्रोडक्शन शुरू हो चुका था, लेकिन फिर कोविड आ गया। 2020-21 में पूरी दुनिया रुक गई। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री, फिल्में और थिएटर सब प्रभावित हुए और हमारा प्रोजेक्ट भी दो-तीन साल के लिए रुक गया। सवाल: वेब सीरीज के लिए कहानी को किस तरह विस्तार दिया गया? अंतरा: मूल कहानी गोल्डन एरोज के पायलट्स की है। इसमें विंग कमांडर टोनी धनोआ, उनके फ्लाइट कमांडर आहूजा, उनकी पत्नी मिसेज अलका आहूजा और मिसेज कमल धनोआ जैसे वास्तविक लोगों से जुड़े किरदार हैं। फिल्म की कहानी को सीरीज में विस्तार देने के लिए संदीप जैन, वरुण भुयन कश्यप और निखिल रवि को राइटर्स के तौर पर जोड़ा गया। उन्होंने हमारे साथ मिलकर पिच डेक तैयार किया। शाफात खान डायरेक्शन टीम और राहुल कपूर प्रोडक्शन टीम में थे। ये लोग फिल्म से सीरीज तक की पूरी जर्नी में हमारे साथ रहे। सवाल: इसी दौरान आपके पिता राजू श्रीवास्तव के निधन का दौर भी आया। उस समय आपके लिए यह सब कितना मुश्किल था? अंतरा: यह हमारे लिए बहुत भावुक और मुश्किल समय था। जिस बड़े प्रोजेक्ट का हम वर्षों से इंतजार कर रहे थे, वह मई-जून 2022 में ग्रीनलिट हुआ और उसके दो-तीन महीने बाद अगस्त में मेरे पापा की तबीयत खराब हुई और सितंबर में वह नहीं रहे। यह हमारे लिए बहुत बड़ा झटका था। इतने साल के इंतजार के बाद जैसे ही प्रोजेक्ट शुरू हुआ, कुछ ही महीने बाद पापा हमारे साथ नहीं रहे। इसके बावजूद हमने प्री-प्रोडक्शन का काम जारी रखा। कास्टिंग, कॉस्ट्यूम और बाकी तैयारियां चलती रहीं। सवाल: शूटिंग कितने बड़े स्तर पर हुई? अंतरा: हमने लगभग 110 दिन शूट किया। राजस्थान, हिमाचल, ग्वालियर, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और मुंबई में शूटिंग हुई। एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशनों पर भी शूट किया गया। हिमाचल में पहाड़ों पर माइनस 20 से 15 डिग्री तक के तापमान में शूट किया, वहीं राजस्थान और बीकानेर में बेहद गर्म मौसम में काम किया। कहानी में भारत, पाकिस्तान, डिप्लोमेसी, पॉलिटिक्स, वॉर, मिलिट्री और एयरफोर्स जैसे कई पहलू हैं। इसलिए कहानी की जरूरत के मुताबिक अलग-अलग लोकेशन पर शूट करना जरूरी था। सवाल: इतनी लंबी शूटिंग और लोकेशन के बाद पोस्ट-प्रोडक्शन कितना बड़ा रहा? अंतरा: बहुत बड़ा। यह वीएफएक्स-हेवी शो है और इसका वीएफएक्स कई महीनों तक चला। यहां तक कि जब रिलीज की तारीख तय हुई और अगस्त में रिलीज होना फाइनल हुआ, तब भी काफी वीएफएक्स का काम चल रहा था। यानी शूट खत्म होने के बाद भी पोस्ट-प्रोडक्शन का लंबा फेज रहा। सवाल: रिलीज से कुछ महीने पहले आपके ताऊजी यानी कुशल के पिता का भी निधन हो गया। इस पूरे संयोग को आप किस तरह देखती हैं? अंतरा: यह बहुत अजीब सा संयोग है। प्रोजेक्ट शुरू होने के तीन महीने बाद मेरे पापा नहीं रहे और जब प्रोजेक्ट खत्म होने वाला था, रिलीज से करीब तीन महीने पहले मेरे ताऊजी भी नहीं रहे। हमारे घर के दोनों भाई, यानी मेरे पापा और कुशल दादा के पापा, अब हमारे साथ नहीं हैं। हम उन्हें बहुत मिस करते हैं। इसी वजह से शो के आखिर में पापा को स्पेशल थैंक्स दिया है। कहीं न कहीं लगता है कि यह उनकी ब्लेसिंग्स हैं। वह इस प्रोजेक्ट को पूरा होता देखना चाहते थे। जब मैं किसी को बताती हूं कि मैं राजू श्रीवास्तव की बेटी हूं तो लोग बहुत प्यार से मिलते हैं और उनके बारे में अपनी यादें बताते हैं। हमें लगता है कि उनकी अनसीन ब्लेसिंग्स हमारे साथ हैं। सवाल: शो में राजू श्रीवास्तव को स्पेशल थैंक्स देने की पहल किसकी थी? अंतरा: मैं मैचबॉक्स के प्रोड्यूसर्स संजय राउत्रे सर, सरिता पाटिल जी और दीक्षा राउत्रे जी का खास तौर पर धन्यवाद करना चाहूंगी। अगर उन्होंने हमें बैक और सपोर्ट नहीं किया होता तो यह इतना बड़ा प्रोजेक्ट नहीं बन पाता। जब हमने फिल्म को सीरीज में कन्वर्ट किया और पिच तैयार किया, तब कहानी मैचबॉक्स के पास लेकर गए। उन्होंने हम पर विश्वास किया। संजय सर ने ही इस बात को सपोर्ट किया कि मेरे पापा राजू जी का नाम अंत में स्पेशल थैंक्स में आना चाहिए। इसके लिए मैं उनकी बहुत आभारी हूं। यह हमारे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: इतने सालों की मेहनत के बाद जब आप आज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को देखती हैं तो आपके लिए यह कितना खास है? अंतरा: यह कुशल दादा और मेरा ब्रेनचाइल्ड था। एक तरह से यह हमारा कॉन्सेप्ट था। हमने इसे एक आइडिया के रूप में शुरू किया, रिसर्च की, एयरफोर्स और वास्तविक लोगों से मिले, फिल्म के रूप में डेवलप किया, कोविड के कारण यह रुका और फिर वेब सीरीज में कन्वर्ट हुआ। नई रिसर्च हुई, नए राइटर्स जुड़े, मैचबॉक्स और नेटफ्लिक्स जुड़े और धीरे-धीरे यह बड़ा प्रोजेक्ट बनता गया। इसलिए हमारे लिए यह सिर्फ एक सीरीज नहीं, बल्कि बहुत लंबी जर्नी है। सवाल: क्या आप सिर्फ पर्दे के पीछे रहना चाहती हैं या कभी एक्टिंग के लिए भी कैमरे के सामने आने का मन है? अंतरा: सच कहूं तो अभी कैमरे के सामने आने का कोई प्लान नहीं है। आगे जिंदगी किस दिशा में जाती है, यह नहीं जानती, लेकिन फिलहाल मैं अपने काम से खुश हूं। मेरा फोकस है कि इस काम में अपना एक सॉलिड मार्क बनाऊं और अपनी पहचान बनाऊं। लोग मुझे पापा के नाम से जानते हैं और यह मेरे लिए गर्व की बात है। लेकिन मैं चाहती हूं कि लोग यह भी जानें कि राजू श्रीवास्तव की बेटी अपने दम पर क्या कर रही है। मेरे पास फिल्म और सीरीज दोनों का अनुभव है। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को मिल रहा प्यार और हमारी मेहनत की सराहना मुझे बहुत पॉजिटिविटी देती है। मुझे लगता है कि सबके सपोर्ट और ब्लेसिंग्स के साथ आगे बड़ी चीजें हासिल कर सकती हूं। सवाल: आपके पिता राजू श्रीवास्तव कॉमेडी के लिए जाने जाते थे। क्या उनका कोई गुण आपको भी मिला है? अंतरा: मुझे लगता है कि कॉमेडी का सबसे बड़ा हिस्सा ऑब्जर्वेशन है और यह चीज मेरे अंदर और मेरे भाई दोनों में है। मेरा भाई आयुष्मान श्रीवास्तव सितार प्लेयर और म्यूजिशियन है और निलाद्री कुमार जी से सीखता है। हम दोनों में पापा के कुछ-कुछ गुण जरूर हैं ऑब्जर्वेशन और डेली लाइफ में थोड़ा सा ह्यूमर। मेरे मामले में लगता है कि यह चीज फिल्मों के जरिए सामने आएगी। लोगों को ऑब्जर्व करने और समझने का सेंस शायद मेरी फिल्मों, सीरीज और कहानियों के जरिए बाहर आएगा। मेरे भाई के मामले में वही चीज उसके म्यूजिक के जरिए सामने आएगी। पापा से मिली चीजों को आगे ले जाने के हमारे अपने-अपने तरीके हैं।
Moradabad News: सऊदी अरब भेजने का झांसा देकर 2.87 लाख की ठगी, रिपोर्ट दर्ज
सऊदी अरब में काम दिलाने का झांसा देकर युवक से 2.87 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
कारगिल युद्ध की तरह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी हो व्यापक समीक्षा, कांग्रेस ने उठाई मांग
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि 30 मई 2025 को सिंगापुर में दिए गए एक साक्षात्कार में तत्कालीन सीडीएस चौहान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में कुछ बेहद महत्वपूर्ण खुलासे किए थे।
Nepal Flash Flood: नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। तिब्बत की तरफ से आई इस अचानक बाढ़ ने नेपाल के सीमावर्ती गांवों में भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा के बीच नेपाल के एक प्रमुख पत्रकार ने बीजिंग पर समय रहते अर्ली वार्निंग न देने का आरोप लगाते हुए कड़ा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर काठमांडू को चीन के साथ अपने संबंधों में इस एकतरफा प्यार का खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है।नेपाली पत्रकार का बीजिंग पर सीधा निशानाविदेश और सामरिक मामलों के वरिष्ठ नेपाली पत्रकार परशुराम काफ्ले ने बीजिंग द्वारा पूर्व चेतावनी न दिए जाने पर अप्रत्यक्ष लेकिन बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने चीन का नाम लिए बिना उसे नेपाल का उत्तरी पड़ोसी कहकर संबोधित किया और आरोप लगाया कि समय पर अलर्ट न भेजकर उसने नेपाल की स्थिति को गंभीर रूप से कमजोर किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए काफ्ले ने लिखा कि 'नेपाल अपने पड़ोसियों की जायज सुरक्षा चिंताओं का लगातार समाधान करता रहा है। हालांकि बेहद दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे उत्तरी पड़ोसी ने हमें काफी नुकसान पहुंचाया है। इतनी बड़ी आपदा की समय पर पूर्व चेतावनी न देकर उन्होंने हमारे यहां बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि की वजह तैयार की।'एकतरफा प्यार की कीमत अकेला नेपाल क्यों चुकाए?अपनी पोस्ट में काफ्ले ने नेपाल और चीन के बीच के इस द्विपक्षीय रिश्ते के स्वरूप पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चीनी क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले संकटों का सामना नेपाल को बार-बार करना पड़ता है जबकि काठमांडू बीजिंग की हर छोटी-बड़ी मांग और चिंताओं का ख्याल रखता है। काफ्ले ने आगे लिखा कि 'हम लगातार उनके क्षेत्र (चीन) से शुरू होने वाले संकटों का सामना करते आ रहे हैं जबकि हम उनकी सभी जरूरतों और अनावश्यक-आवश्यक चिंताओं को पूरा करते रहते हैं। आखिर इस एकतरफा प्यार की कीमत अकेले नेपाल को ही क्यों चुकानी पड़े?'सीमा पर भारी तबाही, भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ायह विवाद उस समय शुरू हुआ जब बुधवार सुबह तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक विनाशकारी बाढ़ आ गई। तिब्बती क्षेत्र से अचानक पानी के भारी सैलाब ने करीब सुबह 9 बजे नेपाल की भोटेकोशी नदी में प्रवेश किया। इस जल प्रलय के चलते सीमावर्ती टिमुरे और स्याप्रु बेसी इलाकों में तबाही देखने को मिली। नदी के तेज बहाव ने कई रिहायशी बस्तियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, गाड़ियों और सड़कों को अपनी चपेट में ले लिया और भारी नुकसान पहुंचाया।सेना और पुलिस के साथ युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशनआपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत कार्य चलाने और खोज अभियान को गति देने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक बयानों के मुताबिक प्रभावित बस्तियों में राहत पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है और हताहतों व मौतों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट होना बाकी है।क्रॉस-बॉर्डर अर्ली वार्निंग सिस्टम पर उठे सवालइस भीषण बाढ़ ने दो पड़ोसी देशों के बीच सीमा पार सूचना साझा करने के तंत्रकी पोल खोलकर रख दी है। संवेदनशील और आपदा-संभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी आपदाओं की जानकारी साझा करना बेहद जरूरी माना जाता है। इस घटना ने काठमांडू और बीजिंग के बीच कूटनीतिक और सामरिक विश्वास पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।यह भी पढ़ें:Bihar Flood Risk: नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में हाई अलर्ट, जानें- क्यों रखी जा रही है बारीकी से नजर
Nepal बाढ़ के खतरे पर Bihar CM का एक्शन! NDRF-SDRF टीमें तैनात, तैयारी युद्धस्तर पर
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हाई अलर्ट पर रहें, क्योंकि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। 26 अगस्त को पटना के संकल्प ऑडिटोरियम में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में, मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित या बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों के ज़िला अधिकारियों को सतर्क रहने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने गंडक नदी के संदर्भ में विशेष रूप से पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुज़फ़्फरपुर और वैशाली ज़िलों का ज़िक्र किया। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी का BJP सरकार पर हमला, बोले - लाठियों से सवाल नहीं दबेंगे, Bihar के BPSC छात्रों को न्याय दो अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे तटबंधों की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से उनका निरीक्षण करें। चौधरी ने किसी भी आपात स्थिति को रोकने के लिए बांधों और तटबंधों की लगातार निगरानी करने और रात में गश्त करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि वे संवेदनशील इलाकों में लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन के ज़रिए समय पर चेतावनी जारी करें, ताकि लोगों को बाढ़ से जुड़े खतरों के बारे में जानकारी मिलती रहे। उन्होंने पुष्टि की कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है और तेज़ी से राहत कार्यों के लिए अधिकारियों और बचाव टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर ज़ोर दिया। इंसानी जान बचाने को सबसे ज़रूरी बताते हुए, चौधरी ने अधिकारियों के बीच लगातार तैयारी और आपसी सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: बिहार में हाई अलर्ट, अमित शाह ने CM सम्राट से की बात, PM Modi की भी नजर बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
जिस स्कार्दू बेस से कारगिल युद्ध में PAK को मिली थी मदद, उसे उड़ाने जा रहा था भारत
पहली बार भारतीय सेना ने इस बात का खुलासा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर में स्कार्दू बेस भी भारत की हिट लिस्ट में था। ऑपरेशन सिंदूर के समय सीडीएस रहे जनरल चौहान ने कहा कि खराब मौसम होने की वजह से मिशन को आखिरी समय में रोकना पड़ा था।
ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला: दुनियाभर में अमेरिकी वीजा अपॉइंटमेंट पर अस्थाई रोक, जानिए क्या है वजह
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन और आप्रवासन नीतियों को लेकर बढ़ती सख्ती के बीच अमेरिका ने एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया है। अमेरिका ने दुनिया भर के वीजा आवेदकों के अपॉइंटमेंट पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी है। अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में अधिकारियों के लिए एक नई ग्लोबल ट्रेनिंग पहल शुरू की गई है, जिसके चलते वीजा सेवाओं के शेड्यूल में बदलाव किए जा रहे हैं।ग्लोबल ट्रेनिंग के चलते वीजा सेवाओं में बदलावअमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि करते हुए मंगलवार को जानकारी दी कि दुनिया भर के सभी अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में एक व्यापक ग्लोबल ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के कारण ही वीजा सेवाओं के अपॉइंटमेंट में अस्थायी फेरबदल और रोक लगाई गई है।ट्रंप प्रशासन देश से अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने (डिपोर्टेशन) और इमिग्रेशन नियमों को कड़ा करने के लिए लगातार आक्रामक अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत वीजा और ग्रीन कार्ड रद्द करने के साथ-साथ कई तकनीकी व राजनीतिक कारणों से आवेदनों को खारिज किए जाने के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें गाजा संघर्ष के दौरान हुए फिलिस्तीन-समर्थक प्रदर्शनों से जुड़े मामले भी शामिल हैं।कानूनी अड़चनों और अदालती झटकों के बीच प्रशासन की सख्तीट्रंप प्रशासन के अधिकारियों का तर्क है कि इन कड़े कदमों का मुख्य उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत करना है। हालांकि, प्रशासन की इन नीतियों को कई स्तरों पर कानूनी अड़चनों और अदालती झटकों का भी सामना करना पड़ रहा है।हाल ही में एक अमेरिकी संघीय जज ने ट्रंप प्रशासन की उस नीति को औपचारिक रूप से रद्द कर दिया था, जिसके तहत 75 देशों के आवेदकों के अप्रवासी वीजा जारी करने पर रोक लगाई गई थी। अदालत का कहना था कि यह नीति सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो के कानूनी अधिकार क्षेत्र से बाहर थी। इन कानूनी चुनौतियों के बावजूद प्रशासन अपनी नीतियों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।
नेपाल बाढ़: चीन पर भड़के नेपाली पत्रकार, बोले- एकतरफा प्यार की कीमत हम क्यों चुकाएं?
नेपाल के रसुवा जिले में उस वक्त हाहाकार मच गया जब तिब्बत की ओर से अचानक पानी का भारी सैलाब भोटे कोशी नदी में आ घुसा।
प्रथम विश्वयुद्ध के पहले से जारी है उमरिया हॉकी का स्वर्णिम सफर, अब एस्ट्रोटर्फ का इंतजार
यह वह दौर था जब मेजर ध्यानचंद की कप्तानी में भारतीय हॉकी टीम ने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते। इसका असर उमरिया पर भी पड़ा और बच्चों के हाथों में हॉकी स्टिक आम दृश्य बन गई।
'जलभराव को आपदा मान युद्धस्तर पर करें काम,' दिल्ली LG का सख्त निर्देश
बारिश से राजधानी दिल्ली में जलभराव की समस्या बढ़ गई है. उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सभी विभागों और एजेंसियों को अलर्ट रहने को कहा है. उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि दफ्तर में बैठने की बजाय सड़क पर काम करिए है. वहीं इससे पहले एनडीएमसी चेयरपर्सन मनोज द्विवेदी ने जनता से सार्वजनिक माफी मांगी है.
पाकिस्तान ने LoC पर तैनात किए तुर्की के 'घातक' Bayraktar TB2 ड्रोन, जानें कितने खतरनाक है ये
Pak Bayraktar Drones Near LoC: भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी पर एक बार फिर तनाव गहराता दिख रहा है। शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि पाकिस्तानी सेना ने भारत से सटी अपनी पश्चिमी सीमा पर तुर्की में बने Bayraktar TB2 ड्रोन की गश्त काफी बढ़ा दी है।मई 2025 में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' सैन्य संघर्ष के बाद से ही दोनों देश अपनी सीमाओं पर ड्रोन और UAV का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। लेकिन एलओसी के बेहद करीब तुर्की के इस कॉम्बैट-प्रूवन ड्रोन का देखा जाना भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।क्यों खतरनाक है तुर्की का Bayraktar TB2 Drone?बायराकतार टीबी2 केवल एक सामान्य जासूसी ड्रोन नहीं है, बल्कि यह एक मीडियम-एल्टीट्यूड, लॉन्ग-एंड्योरेंस स्ट्राइक-सक्षम यूएवी है। इसमें लगे इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सेंसर पैकेजेस रियल-टाइम इमेजरी भेजते हैं। इससे पाकिस्तानी ऑपरेटर्स भारतीय सीमा के दुर्गम इलाकों, सैन्य हलचल और पोस्टों की विस्तृत मैपिंग कर सकते हैं।यह ड्रोन सिर्फ रेकी नहीं करता, बल्कि प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों से हमला करने में भी सक्षम है। यानी जासूसी के लिए उड़ने वाला ड्रोन जरूरत पड़ने पर तुरंत स्ट्राइक मिशन में बदला जा सकता है।मुरीद एयरबेस बना ड्रोन ऑपरेशन्स का मुख्य अड्डासुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान अपने ड्रोन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 3 प्रमुख ठिकानों का इस्तेमाल कर रहा है:मुरीद एयरबेस (चकवाल): यह पाकिस्तान का मुख्य यूएवी हब बन चुका है, जहां से TB2 ड्रोन संचालित हो रहे हैं।नूर खान एयरबेस (चकाला, रावलपिंडी): यह रावलपिंडी के पास पाकिस्तान का प्रमुख सैन्य विमानन केंद्र है।रहीम यार खान एयरबेस: यह पाकिस्तान के दक्षिणी सेक्टर में फॉरवर्ड ऑपरेशन्स बेस के रूप में काम करता है।खुफिया इनपुट यह भी बताते हैं कि पाकिस्तान ने मुजफ्फराबाद और कोटली (PoJK) के आसपास ग्राउंड-कंट्रोल इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबाइल लॉन्च सिस्टम तैनात किए हैं। इससे ड्रोन का ट्रांजिट टाइम घट जाता है और वे भारतीय सीमा के पास ज्यादा देर तक मंडरा सकते हैं।'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद बदला सीमा का माहौलमई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव के दौरान भी पाकिस्तान ने टोही, आत्मघाती ड्रोन और सशस्त्र यूएवी का भारी इस्तेमाल किया था। उस दौरान भारतीय सेना ने मुरीद, चकाला और रहीम यार खान समेत कई पाकिस्तानी एयरबेस को निशाना बनाकर उनके ड्रोन नेटवर्क को करारा जवाब दिया था।भारत का 'काउंटर-ड्रोन' सुरक्षा कवच तैयारपाकिस्तानी ड्रोनों की इस नई हलचल का मुकाबला करने के लिए भारतीय रक्षा बलों ने सीमा पर अपनी सुरक्षा ग्रिड को बेहद मजबूत कर लिया है। एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के संवेदनशील इलाकों में स्वदेशी और आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक तैनात की गई है। रात और खराब मौसम में भी सीमा पार की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोनों को हवा में ही जाम करने या मार गिराने के लिए त्वरित एक्शन ग्रिड सक्रिय है।
ऑपरेशन सिंदूर में किराना हिल्स पर टकराया हो सकता है युद्धक ड्रोन: पूर्व CDS जनरल चौहान
भारत के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय लोइटरिंग म्यूनिशन (युद्धक ड्रोन) संभवत पाकिस्तान के किरना हिल्स इलाके से टकराया हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने किराना हिल्स को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया था।
ऑपरेशन सिंदूर में किराना हिल्स पर टकराया हो सकता है युद्धक ड्रोन: पूर्व सीडीएस जनरल चौहान
New Delhi, 26 अगस्त . India के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय लोइटरिंग म्यूनिशन (युद्धक ड्रोन) संभवत Pakistan के किरना हिल्स इलाके से टकराया हो सकता है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने किराना हिल्स को जानबूझकर ... Read more
इसराइल क्या तुर्की के ख़िलाफ़ युद्ध जीतने की क्षमता रखता है?
अमेरिका ईरान के साथ लंबे संघर्ष में उलझने से बचता दिख रहा है लेकिन इसराइल के भीतर कहा जा रहा है कि ईरान भले कमज़ोर पड़ गया है पर उसकी जगह तुर्की ले सकता है.
युद्ध बढ़ेगा तो भूख भी: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को चेताया- संघर्ष रोकें, वरना बढ़ेगा खाद्य संकट-India warns UN Security Council halt conflict or food crisis will worsen Escalating means rising hunger
पश्चिम एशिया में युद्ध से रियल एस्टेट पर असर, यूपी रेरा ने बिल्डरों को दी 4 माह की अतिरिक्त मोहलत
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण रियल एस्टेट परियोजनाओं पर पड़े असर को देखते हुए यूपी रेरा ने पंजीकृत परियोजनाओं को चार महीने का अतिरिक्त समय दिया है।
पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के रिश्तों को लेकर नया मोड़ आ गया है।
अगले साल खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध? देखें दुनिया आजतक
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अगले साल गर्मियों में रूस के साथ युद्ध समाप्त होने की उम्मीद जताई है. उन्होनें बताया कि अमेरिका और यूरोप के साथ मिलकर ड्राफ्ट तैयार हो रहा है.. उधर पूर्वी यूक्रेन में फ्री इकोनॉमिक जोन पर रूस ने कहा-डोनबास रूस का हिस्सा, तीसरा पक्ष अधिकार नहीं जमा सकता है.
छात्रों पर एकतरफा कार्रवाई हुई, सरकार की कठपुतली न बनें अधिकारी : बाबूलाल
नेता प्रतिपक्ष ने आरोपियों पर केस नहीं होने पर धरने पर बैठने की दी चेतावनी नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली मामले में पुतला दहन कार्यक्रम में छात्रों पर हुई कार्रवाई को एकतरफा बताया है। बाबूलाल ने आरोप लगाया कि पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान तैनात दंडाधिकारी ने छात्रों पर एकतरफा कार्रवाई की। इसके विरोध में मंगलवार को बाबूलाल भाजपा के अन्य नेताओं के साथ रांची सदर के अंचलाधिकारी सह मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंचे। मरांडी ने कहा कि अधिकारियों को सरकार की कठपुतली बनने के बजाय कानून सम्मत और निष्पक्ष कार्य करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण पुतला दहन के दौरान सत्ता पक्ष समर्थित लोगों ने उपद्रव किया और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया, लेकिन मजिस्ट्रेट ने दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों पर ही मुकदमे दर्ज किए। नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उन आरोपियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो पार्टी अंचल कार्यालय के समक्ष धरना देगी। इस दौरान दीपक प्रकाश, सीपी सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह और वरुण साहू मौजूद थे।
Ambala News: ध्रुव, युद्धवीर और करणदीप ने जीते स्वर्ण पदक
ध्रुव, युद्धवीर और करणदीप ने जीते स्वर्ण पदक
Iran America War Update: युद्ध के बीच Mojtaba Khamenei Video से दुनिया हैरान | Trump | Hormuz
ईरान से मोजतबा खामेनेई का एक दुर्लभ वीडियो सामने आने के दावे ने उनकी सेहत को लेकर चल रही अटकलों को फिर चर्चा में ला दिया है। ईरानी मीडिया में सामने आए इस फुटेज में मोजतबा खामेनेई एक अकादमिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए नजर आते हैं और उनकी आवाज भी सुनाई देती है
बाबूलाल मरांडी ने आंदोलनकारी छात्रों पर एकतरफा कार्रवाई का लगाया आरोप, सदर सीओ कार्यालय पहुंचकर जताया विरोध
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति हलकों में हलचल मचा दी है। रूस की राजधानी मास्को के नुकोवो एयरपोर्ट पर अचानक एक अमेरिकी सैन्य विमान के उतरने से दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े हो गए हैं। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना का सी-17ए ग्लोबमास्टर III विमान लातविया की राजधानी रीगा से उड़ान भरकर मास्को पहुंचा। इस विमान के इस तरह अचानक रूस की धरती पर लैंड करने के पीछे के असली मकसद और इरादे को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, जिससे इस पूरी घटना पर एक बड़ा रहस्य गहरा गया है।क्रेमलिन की प्रतिक्रिया और वाशिंगटन से कनेक्शनअमेरिकी सैन्य विमान की इस गतिविधि ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि यह विमान सीधे तौर पर अमेरिका के रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील ठिकानों से जुड़ा हुआ है। यह विमान 23 अगस्त को मैरीलैंड स्थित कैंप स्प्रिंग्स से रीगा पहुंचा था, जो कि ज्वायंट बेस एंड्रयूज का हिस्सा है और यहीं अमेरिकी वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रेसिडेंशियल फ्लीट के विमान रखे जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि रूस के शीर्ष नेतृत्व को इस लैंडिंग की कोई आधिकारिक भनक नहीं थी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कॉव ने स्पष्ट किया है कि मास्को के पास इस अमेरिकी सैन्य विमान के आने को लेकर कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। इसके अलावा, रूसी सरकारी मीडिया का भी कहना है कि इस सप्ताह मास्को में किसी भी अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारी के साथ कोई बैठक निर्धारित नहीं थी।एक तरफ खतरनाक होती जंग, दूसरी तरफ रहस्ययह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब रूस और यूक्रेन के बीच का युद्ध बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। हाल ही में रूस के तीव्र मिसाइल हमलों में यूक्रेन की राजधानी कीव में भारी तबाही मची है और कई बेकसूर नागरिकों की जान गई है। यूक्रेन इस समय गंभीर वायु रक्षा मिसाइलों और पैट्रियट इंटरसेप्टर की कमी से जूझ रहा है। यूक्रेनी नेतृत्व लगातार पश्चिमी देशों से अतिरिक्त सैन्य सहायता की गुहार लगा रहा है। ऐसे नाज़ुक वक्त में अमेरिकी सैन्य विमान का अचानक रूस की राजधानी पहुंचना और दोनों महाशक्तियों का इस पर साधी गई चुप्पी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी बड़े कूटनीतिक फेरबदल या गुप्त संवाद की ओर इशारा कर रही है।
चीन की नई चाल या युद्ध की तैयारी? दक्षिण चीन सागर में दिखे 3 नए रहस्यमयी ढांचे - AajTak
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'राजनीति और युद्ध एक-दूसरे से अलग नहीं', ऑपरेशन सिंदूर पर बोले पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान
विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के रणनीतिक प्रभावों पर चर्चा की।
श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह जेब काटने के शक में यात्रियों ने एक युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्टेशन पर मौजूद यात्री युवक को थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं। सूचना पर करणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। हालांकि पुलिस का कहना है कि तलाशी में आरोपी युवक के पास से कैश की बरामदगी नहीं हुई। पहले देखिए- 2 तस्वीरें इंटरसिटी ट्रेन में चढ़ने के दौरान चोरी हुआ जेब में रखा कैशएएसआई भोम सिंह के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे श्रीकरणपुर स्टेशन पर सूरतगढ़ से श्रीगंगानगर जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन पहुंची थी। इसी दौरान श्रीकरणपुर निवासी जसविंदर सिंह (45) अपनी पत्नी के अल्ट्रासाउंड और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए श्रीगंगानगर जाने के लिए ट्रेन में चढ़ रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान पीछे से किसी ने उनकी जेब से 5 हजार रुपए निकाल लिए। जसविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि पैसे निकलते समय उनका हाथ आरोपी के हाथ पर पड़ गया। इसके बाद आसपास मौजूद यात्रियों ने एक युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। पकड़े गए युवक की पहचान रोशन सिंह निवासी 8 जेड, श्रीगंगानगर के रूप में हुई। हालांकि, पुलिस पूछताछ में रोशन सिंह ने जेब से पैसे निकालने से इनकार किया। उसका कहना है कि गलती से उसका हाथ पीड़ित की पकड़ में आ गया था। पुलिस को भी रोशन के पास से 5 हजार रुपए की नकदी बरामद नहीं हुई। रोशन का कहना है कि वह भी श्रीगंगानगर ही जा रहा था। इस बीच असली चोर भाग गया और उसका हाथ जसविंदर की पकड़ में आ गया। पुलिस को वास्तविक जेबकतरे की तलाशएएसआई भोम सिंह ने बताया कि फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और वास्तविक जेबकतरे की तलाश की जा रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। बता दें कि करणपुर क्षेत्र में पिछले करीब ढाई महीने से चोरी और लूट की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने थाने में प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद पुलिस ने रात के समय ट्रेनों में तलाशी अभियान चलाकर संदिग्धों पर नजर रखने की कोशिश की थी। हालांकि अभी तक चोर पकड़ में नहीं आए। श्रीगंगानगर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… धमाके के साथ इलेक्ट्रिक स्कूटी में लगी भीषण आग, VIDEO:बच्चे ने कूदकर बचाई जान; दूसरा बच्चा अपनी गाड़ी लेकर भागा श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में इलेक्ट्रिक स्कूटी में धमाके के साथ ही आग लग गई। इस दौरान स्कूटी पर बैठे बच्चे ने कूदकर अपनी जान बचाई। वही पास में दूसरे बच्चे ने अपनी स्कूटी को पीछे दौड़ाकर खुद को बचाया। पूरी खबर पढ़िए
देश के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि सेना, राजनीतिक इच्छा का सीधा विस्तार है। किसी देश के राजनीतिक हित सबसे ऊपर होते हैं और सेना उन हितों की रक्षा करने वाले कई माध्यमों में से एक हैं। पूर्व CDS ने कहा- “शुरुआत इस बात से करते हैं कि राजनीति और युद्ध अलग नहीं हैं। क्लॉजविट्ज ने कहा था कि युद्ध दूसरे माध्यमों से राजनीति को आगे बढ़ाना है।” पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली में ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के हालात पर चर्चा की। यह आयोजन विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन ने रखा था। इस दौरान पूर्व CDS ने राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक शासन के रिश्ते पर बात की। चौहान बोले- युद्ध और राजनीति अलग नहीं जनरल चौहान ने प्रूशियाई जनरल कार्ल वॉन क्लॉजविट्ज की प्रसिद्ध बात का जिक्र किया कि युद्ध दूसरे माध्यमों से राजनीति को आगे बढ़ाने का तरीका है। उन्होंने कहा, “किसी देश के राजनीतिक हित सबसे ऊपर होते हैं और सशस्त्र बल उनकी रक्षा के लिए काम करने वाले माध्यमों में से सिर्फ एक हैं। ऐसे कई माध्यम होते हैं।” प्रूशियाई जनरल कार्ल वॉन क्लॉजविट्ज की किताब ‘ऑन वॉर’ (वॉम क्रिगे) आधुनिक पश्चिमी सैन्य सिद्धांत की आधारशिला मानी जाती है। यह किताब उनकी मौत के बाद 1832 में उनकी पत्नी मैरी वॉन ब्रुहल ने प्रकाशित की थी। क्लॉजविट्ज ने नेपोलियन के खिलाफ अभियान में हिस्सा लिया था। सरकार को सैन्य विकल्प देना सेना की जिम्मेदारी जनरल चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में जब सरकार अपने राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए बल प्रयोग का फैसला करती है, तब सेना की जिम्मेदारी दो तरह की होती है। पूर्व सीडीएस ने कहा कि सरकार जितने सैन्य विकल्प चाहती है, उन्हें तैयार करने के लिए शांतिकाल में उतना ही पैसा रक्षा क्षमताओं को विकसित करने पर खर्च करना होगा। सैन्य नेतृत्व को सरकार को ऐसे विकल्प देने होते हैं, जिन्हें खास रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा, “राजनीतिक लोकतंत्र में जब भी सरकार अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बल प्रयोग का फैसला करती है, तब रक्षा बलों या सेना की भूमिका दो तरह की होती है।” ट्रेनिंग और युद्धाभ्यास से बढ़ते हैं विकल्प जनरल चौहान ने कहा कि सैन्य विकल्पों की संख्या और उनकी गुणवत्ता अचानक तैयार नहीं होती। इसके लिए शांतिकाल में लगातार तैयारी करनी पड़ती है। इसमें कड़ी ट्रेनिंग, युद्धाभ्यास और अलग-अलग संभावित हालात की योजना बनाना शामिल है। उन्होंने कहा, “विकल्प इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि सैन्य नेतृत्व ने किस तरह की ट्रेनिंग दी है, किस तरह के युद्धाभ्यास किए हैं और किन संभावित हालात पर काम किया है। इससे हमारे पास उपलब्ध विकल्पों की संख्या बढ़ती है।” उन्होंने यह भी कहा कि हर सैन्य विकल्प में किसी न किसी तरह का जोखिम होता है। कमांडरों और नेताओं को इस जोखिम और हासिल किए जाने वाले राजनीतिक नतीजे के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। जनरल चौहान ने कहा, “हर विकल्प में एक खास तरह का जोखिम होता है और वह उस राजनीतिक जरूरत को भी पूरा करता है, जिसके लिए उसका इस्तेमाल किया जाना है। इसलिए यह जोखिम और राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के बीच का तालमेल है।” ऑपरेशन सिंदूर का असर अब भी रणनीतिक चर्चा का विषय ऑपरेशन सिंदूर के बड़े सक्रिय अभियान खत्म हुए लगभग 15 महीने हो चुके हैं। जनरल चौहान ने कहा कि इसके बावजूद ऑपरेशन का रणनीतिक असर बना हुआ है और भारत के साथ विदेशों में भी रणनीतिक मामलों के जानकार इस पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “इसे खत्म हुए करीब एक साल और तीन महीने हो चुके हैं। कुछ मायनों में यह अब भी जारी है। सक्रिय अभियानों का बड़ा हिस्सा खत्म हो चुका है, लेकिन यह विषय सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी रणनीतिक समुदाय की दिलचस्पी का विषय बना हुआ है।” उन्होंने कहा कि ऐसे ऑपरेशन का आकलन सिर्फ सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसमें ऑपरेशन से मिली सीख, सामने आई कमियों को दूर करने के लिए उठाए गए कदम, आधुनिक युद्ध के बदलते तरीके और दुनिया में बनी अनिश्चितताओं को एक साथ देखना जरूरी है। कमियों और बदलते युद्ध से नई चुनौती पूर्व सीडीएस ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों का भी आकलन किया जाना चाहिए। इसके साथ ही युद्ध के बदलते तरीके और व्यापक भू-राजनीतिक माहौल को भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा, “इस ऑपरेशन में लोगों ने जो कमियां देखीं, उन्हें दूर करने के लिए उठाए गए कदम, युद्ध के बदलते तरीके और दुनिया में बनी अनिश्चितताएं मिलकर हम सभी के सामने एक नई तरह की चुनौती खड़ी करती हैं।”
विवेकानंद इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन में 'ऑपरेशन सिंदूर' और उसके बाद की स्थितियों पर आयोजित 'विमर्श' कार्यक्रम में पूर्व चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक शासन के बीच संबंधों का स्पष्ट विश्लेषण किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सैन्य शक्ति राजनीतिक इच्छाशक्ति का ही सीधा विस्तार है। कार्ल वॉन क्लॉज़विट्ज़ के इस प्रसिद्ध कथन का ज़िक्र करते हुए कि युद्ध राजनीति को दूसरे तरीकों से आगे बढ़ाने का ही एक रूप है, जनरल चौहान ने कहा कि किसी देश के राजनीतिक हित सर्वोपरि होते हैं। इस ढांचे में, सशस्त्र बल उन हितों की रक्षा के लिए उपलब्ध कई राष्ट्रीय साधनों में से केवल एक साधन के तौर पर काम करते हैं। इसे भी पढ़ें: AFT ने Poonch मामले में पूर्व कमांडर की याचिका खारिज की, सैन्य अनुशासन जरूरी जनरल चौहान ने कहा, आइए इसकी शुरुआत इस बात से करते हैं कि राजनीति और युद्ध एक-दूसरे से अलग नहीं किए जा सकते। क्लॉज़विट्ज़ ने कहा था कि युद्ध राजनीति को दूसरे तरीकों से आगे बढ़ाने का ही एक रूप है। किसी देश के राजनीतिक हित सबसे अहम होते हैं; वे सर्वोपरि हैं, और सशस्त्र बल उनकी रक्षा करने वाले साधनों में से एक हैं - बस एक साधन। ऐसे कई साधन हैं। प्रशिया के जनरल कार्ल वॉन क्लॉज़विट्ज़ की किताब 'ऑन वॉर' (Vom Kriege) - जिसे नेपोलियन के खिलाफ़ अभियान के बाद उनकी पत्नी मैरी वॉन ब्रुहल ने 1832 में उनकी मौत के बाद प्रकाशित किया था - आज भी आधुनिक पश्चिमी सैन्य सिद्धांत का आधार बनी हुई है। इसे भी पढ़ें: 'जब पाकिस्तान ने युद्धविराम मांगा तो हमने कराया इंतज़ार', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान का बड़ा खुलासा एक राजनीतिक लोकतंत्र में, जब सरकार बल प्रयोग करने पर विचार करती है, तो जनरल चौहान ने सैन्य नेतृत्व की दोहरी ज़िम्मेदारी पर ज़ोर दिया। खास रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सैन्य विकल्पों की एक विविध सूची देकर लचीले विकल्प तैयार करना और रणनीतिक भरोसा पैदा करना साथ ही सरकार को यह भरोसा दिलाना कि अगर शांति के समय रक्षा क्षमताओं में पर्याप्त निवेश किया गया हो, तो सेना इन विकल्पों को प्रभावी ढंग से लागू कर सकती है। पूर्व CDS ने कहा और एक राजनीतिक लोकतंत्र में, जब भी सरकार अपने राजनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बल प्रयोग करने का फ़ैसला करती है, तो मुझे लगता है कि सशस्त्र बलों, रक्षा बलों या सेना की भूमिका दोहरी होती है।
सीरिया में इजरायली कार्रवाई का मकसद संदेश देना, तुर्की की बढ़ती भूमिका ठीक नहीं: ऐनात विल्फ
तेल अवीव, 25 अगस्त . इजरायल की पूर्व सांसद ऐनात विल्फ ने सीरिया में हालिया इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर कहा है कि इसका मुख्य उद्देश्य संदेश देना है कि इजरायल अपनी सीमाओं के पास उभर रहे सुरक्षा खतरों को नजरअंदाज नहीं करेगा. से बात करते हुए उन्होंने सीरिया में मौजूदा शासन और क्षेत्र में ... Read more
थाईलैंड में युद्धाभ्यास, भारतीय सेना ने दिखाया आर्मी मार्शल आर्ट्स
थाईलैंड में युद्धाभ्यास, भारतीय सेना ने दिखाया आर्मी मार्शल आर्ट्स
सड़क सुधार को लेकर धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला, मानसून बाद युद्धस्तर पर होंगे काम
उत्तराखंड में मानसून के बाद सड़कों की तस्वीर बदलने की तैयारी है। धामी कैबिनेट ने सड़क सुधार, पीएमजीएसवाई की पुरानी सड़कों, स्थानीय निकायों की धनराशि और समय पर निविदा प्रक्रिया पर अहम चर्चा की।
मणिपुर में सेना का एक्शन, 21 हथियार व युद्धक सामग्री के साथ चार गिरफ्तार
भारतीय सेना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मणिपुर में घातक हथियार बरामद किए हैं। सुरक्षा बलों ने 4 एंटी नेशनल एलिमेंट को खतरनाक हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में पीएलए का एक सक्रिय कैडर भी शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय। इतिहास के पन्नों में कुछ नाम ऐसे दर्ज होते हैं, जो सिर्फ अपनी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मौत से जूझने की अपनी कहानी से भी अमर हो जाते हैं। नील आर्मस्ट्रॉन्ग भी ऐसे ही एक नाम हैं। दुनिया उन्हें चांद पर कदम रखने वाले पहले इंसान के रूप में जानती है, लेकिन बहुत कम […] The post मौत से बाल-बाल बचे नील आर्मस्ट्रॉन्ग! युद्ध में जेट का हिस्सा कट गया, फिर भी सुरक्षित लौटे और चांद पर कदम रखा first appeared on Sanjeevni Today .
ड्रोन युद्ध का नया दौर ! लेजर और माइक्रोवेव से दुश्मन के UAV गिराने निकला अमेरिका, भारत भी रेस में
रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान-अमेरिका तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के बाद एंटी-ड्रोन तकनीक पर दुनिया का फोकस बढ़ा है. अमेरिकी सेना लेजर और माइक्रोवेव हथियारों का बड़ा परीक्षण करने जा रही है. जानिए यह तकनीक कैसे काम करती है और भारत D4 जैसे सिस्टम के साथ इस रेस में कहां खड़ा है.
ईरान को अलग-थलग करने के लिए अमेरिका ने शुरू किया आर्थिक युद्ध, नेतन्याहू ने दी बधाई
वॉशिंगटन, 25 अगस्त . अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ बड़े आर्थिक अभियान का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य तेहरान की आर्थिक जीवनरेखाओं को काटकर उसे पूरी तरह अलग-थलग करना है. साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि जो लोग खुद को तेहरान से जोड़कर रखेंगे उन्हें भी ... Read more
Iran: ईरान में युद्ध और महंगाई के बीच युवाओं का सुकून भी छिना, दर्जनों कैफे सील: क्या चाहती है हुकूमत?
कुंभ से पहले हरिद्वार में बिछेगी PNG पाइपलाइन, बारिश के बाद युद्ध स्तर पर होगा काम
उत्तराखंड सरकार ने पीएनजी विस्तार में तेजी लाने की तैयारी की है, मुख्य सचिव ने बारिश के बाद हरिद्वार में कुंभ 2027 से पहले युद्धस्तर पर पाइपलाइन बिछाने के निर्देश दिए।
यूक्रेन: रूसी हमलों में 17 की मौत, महासचिव ने युद्धविराम की अपील दोहराई
स्थानीय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों ने गुरूवार को यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास के इलाक़ों को निशाना बनाया,जिसमें17लोगों की मौत हो गई और40से अधिक घायल हुए.
युद्ध में पुरुषों व लड़कों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा: चुप्पी तोड़ना ज़रूरी
युद्ध एवं हिंसक टकरावों के दौरान आम नागरिकों और हिरासत में रखे गए लोगों के साथ गम्भीर दुर्व्यवहार हो सकता है. ऐसे अपराधों को दर्ज करना ही काफ़ी नहीं है;यह सुनिश्चित करना भी ज़रूरी है कि हर पीड़ित की पहचान हो,उसे संरक्षण मिले और वह न्याय व ज़रूरी सहायता तक पहुँच सके.
आक्रामक पक्षों की ओर से तय शर्तों के आधार पर ईरान नहीं खत्म होने देगा युद्ध : इस्माइल बाघेई
आक्रामक पक्षों की ओर से तय शर्तों के आधार पर ईरान नहीं खत्म होने देगा युद्ध : इस्माइल बाघेई
पश्चिम एशिया में जारी भारी सैन्य संघर्ष, अमेरिका-इजरायल से बढ़ते तनाव और गंभीर आर्थिक संकट के बीच ईरान के भीतर एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर देश का शीर्ष नेतृत्व और सेना अंतरराष्ट्रीय युद्ध व रणनीतिक सुरक्षा में उलझी हुई है, वहीं दूसरी ओर राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहरों में ईरानी महिलाओं ने अनिवार्य हिजाब के नियमों को खुलेआम चुनौती देना शुरू कर दिया है। सड़कों, कैफे, बाजारों और यहां तक कि सार्वजनिक परिवहन में बिना हिजाब और खुले बालों के साथ घूमती महिलाओं की संख्या में भारी उछाल आया है। हालांकि, इस खुली नाफरमानी के बावजूद ईरानी प्रशासन और उसकी कुख्यात 'मोरालिटी पुलिस' (Gasht-e Ershad) पहले की तरह क्रूरता से कार्रवाई करने से बचती नजर आ रही है।युद्ध के दौर में कैसे तेज हुआ हिजाब का खुला विरोध?क्षेत्रीय युद्ध और हवाई हमलों के खतरे के बीच ईरान की आंतरिक सुरक्षा प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आया है। सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल बाहरी सुरक्षा, मिसाइल डिफेंस और खुफिया तंत्र की मजबूती पर केंद्रित है।ईरानी महिलाओं ने इस ध्यान भटकाव (Strategic Distraction) को अपने व्यक्तिगत अधिकारों और आजादी की जमीन मजबूत करने के अवसर के रूप में लिया है। तेहरान, इस्फहान और शिराज जैसे प्रमुख शहरों की सड़कों पर महिलाएं न सिर्फ बिना स्कार्फ के आत्मविश्वास से टहल रही हैं, बल्कि स्कूटर चलाते और सार्वजनिक सभाओं में भाग लेते हुए भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर रही हैं।कार्रवाई करने से क्यों घबरा रहा है प्रशासन? 4 बड़े कारणईरान के कट्टरपंथी धार्मिक और राजनीतिक गुट भले ही संसद में पारित सख्त 'हिजाब और लज्जा विधेयक' (Hijab and Chastity Bill) को लागू करने का दबाव बना रहे हों, लेकिन सरकार और सुरक्षा एजेंसियां सीधे एक्शन से हिचक रही हैं:1. महसा अमीनी जैसे नए जन-विद्रोह का डर: सितंबर 2022 में 22 वर्षीय कुर्द-ईरानी महिला महसा अमीनी की मोरालिटी पुलिस हिरासत में मौत के बाद पूरे देश में भड़का 'महिला, जीवन, आजादी' (Woman, Life, Freedom) आंदोलन ईरानी हुकूमत के लिए ऐतिहासिक चुनौती बन गया था। यदि इस समय किसी महिला के खिलाफ हिंसक कार्रवाई होती है और कोई अप्रिय घटना घटती है, तो युद्ध के बीच पूरे देश में दोबारा अनियंत्रित नागरिक विद्रोह भड़कने का खतरा है।2. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का सुधारवादी रुख: सुधारवादी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी नागरिक की आस्था या व्यवहार को लाठी-डंडों और जबरन कानून से नहीं बदला जा सकता। उन्होंने सार्वजनिक मंचों से मोरालिटी पुलिस द्वारा महिलाओं को परेशान करने की नीति का विरोध किया है, जिससे सुरक्षा बलों के आक्रामक तेवर ठंडे पड़े हैं।3. दोहरे मोर्चे पर जंग से बचने की मजबूरी: एक तरफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, मुद्रा रियाल का भारी अवमूल्यन और युद्ध का साया है। ऐसे में ईरानी शासन अपनी ही आधी आबादी यानी महिलाओं के साथ घरेलू 'सांस्कृतिक युद्ध' (Internal Front) खोलकर देश को पूरी तरह अस्थिर नहीं करना चाहता।4. विरोध का सामाजिक रूप से सामान्य (Normalize) होना: अब केवल कुछ एक्टिविस्ट ही नहीं, बल्कि हर उम्र, वर्ग और पृष्ठभूमि की आम महिलाएं सार्वजनिक रूप से हिजाब का त्याग कर रही हैं। जब अवज्ञा लाखों की संख्या में सामान्य हो जाती है, तो उसे पुलिस बल से दबाना प्रशासनिक रूप से लगभग असंभव हो जाता है।कट्टरपंथियों का दबाव और परोक्ष प्रतिबंधों की नई रणनीतिसीधे सड़क पर महिलाओं को गिरफ्तार करने में आ रहे जोखिमों को देखते हुए कट्टरपंथी व्यवस्था अब परोक्ष हथकंडे अपना रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाली महिलाओं को शरण देने के आरोप में दर्जनों कैफे, रेस्तरां और दुकानों को सील किया जा रहा है, और सर्विलांस कैमरों के जरिए कारों पर नोटिस भेजे जा रहे हैं।इसके बावजूद, ईरानी समाज में डर का वह पर्दा टूट चुका है जो 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद दशकों तक कायम था। ईरान की महिलाएं आज बिना किसी हथियार के, केवल अपने खुले बालों और अटूट साहस के साथ इतिहास की सबसे बड़ी शांत क्रांति का नेतृत्व कर रही हैं।
Iran America War Update: युद्ध के बीच Natural Gas Reserve खोज ईरान ने बढ़ाई Trump की टेंशन | Hormuz
ईरान के ऊर्जा क्षेत्र से सामने आई एक बड़ी खबर ने वैश्विक भू-राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद के मुताबिक, दक्षिणी फार्स प्रांत में एक नए प्राकृतिक गैस क्षेत्र की खोज हुई है, जिसमें 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस भंडार होने का दावा किया गया है।
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पाकिस्तान-सऊदी-तुर्की वाले 'मक्का पैक्ट' में ईरान भी होगा शामिल? ईरानी विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
ईरान ने पाकिस्तान-सऊदी अरब और तुर्की के द्वारा बनाए गए मक्का पैक्ट में शामिल होने पर जवाब दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें मक्का समझौते में शामिल होने का निमंत्रण नहीं मिला है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रस्ताव जरूर दिए गए हैं।
हरियाणा-महाराष्ट्र मिलकर बनाएंगे तीसरे पानीपत युद्ध की वीरगाथा को समर्पित स्मारक
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने मुंबई प्रवास के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आवास पर आत्मीय मुलाकात की। दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच विभिन्न समसामयिक और महत्वपूर्ण विषयों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान हरियाणा और महाराष्ट्र के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ दोनों …
सऊदी अरब के पास टैंकर पर प्रोजेक्टाइल हमला: यूकेएमटीओ
लंदन, 24 अगस्त . यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) ने Monday को बताया कि सऊदी अरब के यानबू से लगभग 63 नॉटिकल मील (117 किमी) पश्चिम में एक टैंकर पर ‘अज्ञात प्रोजेक्टाइल’ से हमला हुआ है. जिसमें जहाज के मुख्य डेक पर आग लग गई. जहाज की कंपनी के सुरक्षा अधिकारी के हवाले से एजेंसी ... Read more
सऊदी अरब में भारतीय राजदूत और जीसीसी महासचिव की अहम बैठक, एफटीए और आपसी सहयोग पर हुई चर्चा
सऊदी अरब में भारतीय राजदूत और जीसीसी महासचिव की अहम बैठक, एफटीए और आपसी सहयोग पर हुई चर्चा
क्या चीन और तुर्की PAK के कंधे पर बंदूक रखकर भारत को बना रहे निशाना!
पाकिस्तान में चीन और तुर्की के सैन्य विमानों की आवाजाही तेज हुई है. टीबी2 ड्रोन, लॉयटरिंग म्यूनिशन और उपकरणों की आपूर्ति का दावा किया गया है. भारत के खिलाफ संभावित तैयारियों और क्षेत्रीय प्रभावों पर चर्चा हो रही है.
रक्षाबंधन पर देवीधुरा में फिर सजेगा अनोखा ‘बग्वाल युद्ध’, कभी दी जाती थी नरबलि
रक्षाबंधन पर देवीधुरा में फिर सजेगा अनोखा ‘बग्वाल युद्ध’, कभी दी जाती थी नरबलि
Iran-US: ईरान की अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई का समर्थन करने वाले देशों की दी युद्ध की चेतावनी
इंटरनेट डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर दोनों ओर से बयानबाजी का दौर जारी है। ईरान की सर्वाेच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नए प्रमुख मोहसिन रेजाई ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई का समर्थन करने वाले किसी भी देश के कदम को युद्ध माना जाएगा। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन का बचाव किया। ईरान की सर्वाेच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के कट्टरपंथी नेता मोहसिन रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह चेतावनी दी। उन्होंने सरकारी प्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा, अगर (डोनाल्ड ट्रंप) कुछ करना चाहते हैं, तो हम भी मुंह तोड़ पलटवार करेंगे। दूसरी ओर, अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट सोमवार को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। इस बीच, मध्यस्थों के जरिए वार्ता फिर शुरू कराने के प्रयासों के तहत पाकिस्तान के सेना प्रमुख भी सोमवार को ईरान की यात्रा कर सकते हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने अपनी खबर में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी फील्ड मार्शल असीम मुनीर सोमवार को तेहरान पहुंचेंगे और एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। pc- parstoday.ir
‘इस्लामिक नाटो’ में ईरान की एंट्री से मचेगा भूचाल? सऊदी, तुर्की और PAK के गठबंधन में शामिल होने का मिला प्रस्ताव, जाने भरत पर की होगा असर
केरल और खाड़ी देशों के रिश्ते को वहाँ से भेजे जाने वाले पैसे (रेमिटेंस) के आधार पर मापा जाता रहा है। विदेशों में काम करने वाले मलयाली लोगों की कहानियाँ अक्सर घर भेजे जाने वाले पैसे, उस पैसे से बने घरों और उन परिवारों के बारे में होती थीं जिनकी ज़िंदगी खाड़ी देशों की कमाई से बदल गई। लेकिन वर्ल्ड बैंक की एक स्टडी ने इस पलायन के एक परेशान करने वाले पहलू को सामने लाया है। यह पहलू सऊदी अरब और दूसरे खाड़ी देशों से लौटने वाले प्रवासियों की सामाजिक और जेंडर से जुड़ी सोच, और घरेलू हिंसा को सामान्य मानने की उनकी मानसिकता से जुड़ा है। वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब से लौटने वाले लोगों में महिलाओं के साथ शारीरिक हिंसा को लेकर बहुत ज़्यादा कट्टर सोच देखी गई। यह रिपोर्ट मार्च 2022 में पब्लिश हुई थी, लेकिन तब इस पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया गया और न ही इसकी चर्चा हुई। कई जाने-माने लोगों द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद, तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्टडी के नतीजों पर चिंता जताई और मुस्लिम समुदाय के भीतर बातचीत की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। इसे भी पढ़ें: तलाक की खबरों पर लगा पूर्णविराम! सुनीता आहूजा ने गोविंदा के खिलाफ वापस ली डिवोर्स पेटीशन, मैनेजर ने की पुष्टि रिसर्च पेपर में पाया गया कि सऊदी अरब से लौटने वाले केरल के प्रवासी, उन लोगों की तुलना में कहीं ज़्यादा रूढ़िवादी थे जो विदेश नहीं गए थे। यह अंतर जेंडर से जुड़े कई मामलों में देखा गया, जैसे जेंडर-बेस्ड हिंसा, घर के फ़ैसले लेने और जेंडर से जुड़ी कट्टर सोच। रविवार (23 अगस्त) को थरूर ने इन नतीजों को परेशान करने वाली रिपोर्ट बताया और विदेशों से रूढ़िवादी और यहाँ तक कि प्रतिक्रियावादी सोच और रीति-रिवाजों के आने को लेकर चेतावनी दी। वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट में जेंडर से जुड़े रीति-रिवाजों के आदान-प्रदान और इस बात की जांच की गई कि क्या ज़्यादा रूढ़िवादी समाजों में रहने का असर केरल लौटने वाले प्रवासियों की सोच पर पड़ सकता है। केरल का समाज लंबे समय से धार्मिक मेल-जोल की अपनी परंपरा के लिए जाना जाता है। 2020 में, अलाप्पुझा की एक मस्जिद ने आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार की मदद के लिए पारंपरिक रीति-रिवाजों (जैसे यज्ञ की अग्नि और पुजारी द्वारा कराई गई रस्मों) के साथ एक हिंदू शादी की मेज़बानी की। 2018 की बाढ़ के दौरान, जब पास की मस्जिद पानी में डूब गई और वहाँ पहुँचना मुश्किल हो गया, तो त्रिशूर के पुरापुल्लीकावु रत्नेश्वरी मंदिर ने ईद-उल-अज़हा की नमाज़ के लिए स्थानीय मुसलमानों के वास्ते अपने परिसर के दरवाज़े खोल दिए। इसे भी पढ़ें: Shashi Tharoor ने Parliament भवन को बताया भावशून्य केंद्र, कहा- संवाद की कमी है शशि थरूर, कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के सीनियर फेलो मिलान वैष्णव की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिन्होंने वर्ल्ड बैंक का पॉलिसी रिसर्च वर्किंग पेपर शेयर किया था। इस रिसर्च पेपर का शीर्षक है: 'बियॉन्ड मनी: डज़ माइग्रेशन एक्सपीरियंस ट्रांसफर जेंडर नॉर्म्स? एम्पिरिकल एविडेंस फ्रॉम केरल, इंडिया। थरूर ने केरल में इस्लाम के उदार और प्रगतिशील तौर-तरीकों के इतिहास का ज़िक्र किया, खासकर मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों को शिक्षित करने के मामले में राज्य के रिकॉर्ड का। थरूर ने एक्स पर पोस्ट किया, ये चिंताजनक रिपोर्टें हैं। केरल लंबे समय से इस्लाम के उदार और प्रगतिशील तौर-तरीकों का केंद्र रहा है, जो राज्य में मौजूद आपसी मेलजोल और सांप्रदायिक सद्भाव के पूरी तरह अनुकूल है। केरल को इस बात पर गर्व है कि उसने मुस्लिम लड़कियों और महिलाओं को भी लड़कों और पुरुषों के बराबर स्तर तक शिक्षित किया है।
MBBS करने भारत से रूस गया था लड़का, युद्ध ने बदल दी जिंदगी, डॉक्टर की जगह बन गया रशियन का पति!
MBBS करने भारत से रूस गया था लड़का, युद्ध ने बदल दी जिंदगी, डॉक्टर की जगह बन गया रशियन का पति!
बेटा 9 महीने से अमेरिका के लिए लड़ रहा युद्ध, ट्रंप ने बाप को भेज दिया जेल, सैनिक का छलका दर्द
अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने जवान के पिता की गिरफ्तारी पर कहा- “परिवार में किसी व्यक्ति का सेना में होना देश के कानूनों का उल्लंघन करने की खुली छूट नहीं देता.”
बिहार : गंगा के तेज कटाव से राघोपुर बांध 30 मीटर क्षतिग्रस्त, बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
भागलपुर, 24 अगस्त . बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव के कारण खरीक प्रखंड स्थित काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध के ई-नोज के डाउनस्ट्रीम में राघोपुर बांध-सह-रेलवे टैगिंग बांध करीब 30 मीटर की लंबाई में क्षतिग्रस्त हो गया है. विभाग के अनुसार, Monday तड़के करीब दो बजे यह क्षति हुई. ... Read more
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार देश में होगा भारत-US का युद्धाभ्यास
भारत और अमेरिका सितंबर में युद्ध अभ्यास 2026 का 22वां संस्करण आयोजित करेंगे. औली और महाजन में करीब 350-350 सैनिक हिस्सा लेंगे. यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला बड़ा भारत-अमेरिका सैन्य अभ्यास है.
रक्षाबंधन पर यहां अनोखे युद्ध की परंपरा, कभी दी जाती थी नरबलि; 28 अगस्त को फिर जुटेंगी सेनाएं
रक्षाबंधन के दिन चंपावत के देवीधुरा में अनोखे युद्ध की परंपरा है। कभी यहां मां वाराह देवी के लिए नरबलि दी जाती थी। लेकिन अब युद्ध लड़ने का तरीका बदल गया है। 28 अगस्त को फिर सेनाएं जुटेंगी।
भारत की दिग्गज कंपनी L&T को मध्य पूर्व में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का एक 'अल्ट्रा-मेगा' गैस कंप्रेशन प्रोजेक्ट मिला है।
विशेषज्ञ का खुलासा: ईरान ने 40 साल पहले ही शुरू कर दी थी अमेरिका से युद्ध की तैयारी, बनाई थी रणनीति
विशेषज्ञ का खुलासा: ईरान ने 40 साल पहले ही शुरू कर दी थी अमेरिका से युद्ध की तैयारी,बनाई थी रणनीति
Muslim NATO में Iran की होगी एंट्री? Mecca Defence Treaty से Israel घबराया | Saudi | Turkey|Pakistan
क्या ईरान भी मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने जा रहा है? ईरानी संसदीय समाचार एजेंसी से जुड़े मेहदी रहीमी के एक दावे ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
युद्धपोत और तेल टैंकर भी... भारत बनेगा शिप बिल्डिंग हब, राजनाथ का ऐलान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पारंपरिक देशों में जहाज बनाने की क्षमता घटने से भारत वैश्विक हब बन सकता है. कोलकाता में GRSE और यंत्र इंडिया के 3500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास हुआ.
भारत से तेल आयात की तैयारी में कई देश:युद्ध के बावजूद दुनिया में भारतीय रिफाइनरियों का डंका! मॉरीशस से समझौता
पूर्व भाजपा विधायक अमृता मेघवाल और भाजपा एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष बाबूलाल मेघवाल के तलाक मामले में फैमिली कोर्ट ने करीब 3 साल पुराने फैसले को पलट दिया है। अदालत ने एकतरफा डिक्री निरस्त करते हुए कहा कि अमृता को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं मिला था।
पाकिस्तान के इतने चक्कर क्यों काट रहें तुर्की के मिलिट्री प्लेन, क्या है माजरा?
सैन्य विमानों को रावलपिंडी के पास नूर खान एयरबेस और कराची के मसरूर एयरबेस पर उतरते और उड़ान भरते देखा गया है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि इतने कम समय में इतने विमानों का पैटर्न काफी असामान्य है।
युद्ध के समय चुनाव कराने से यूक्रेन बर्बाद हो सकता है: जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने युद्ध के समय चुनाव कराने से इनकार करते हुए चेतावनी दी है कि इस संकटकाल में मतदान कराना देश के लिए एक 'सुनामी' साबित हो सकता है और यूक्रेन बिखर और बर्बाद हो सकता है
Israel Turkey Tension News: तुर्की से तनाव पर Israel FM Gideon Saar का सरेंडर! | Erdogan | Syria
इजरायल और तुर्की के बीच बढ़ता तनाव अब सीरिया से लेकर पूरे मिडिल ईस्ट की राजनीति को प्रभावित करता दिख रहा है। अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद तुर्की की कड़ी प्रतिक्रिया और फिर इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के नरम तेवरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
2 क्रू मेंबर्स का रेस्क्यू, 22 अब भी लापता; बंगाल की खाड़ी में नेवी ने उतारे 3 युद्धपोत
odisha Cargo ship sank: पारादीप से चीन जा रहा मालवाहक जहाज एमवी ओशन विनर बंगाल की खाड़ी में लापता हो गया है, जिस पर 24 विदेशी क्रू सदस्य सवार थे। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल खोज एवं बचाव अभियान में जुटा है।
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा
Turkey Israel Tension: Syria के बहाने आमने-सामने आए Erdogan, Netantyahu, बढ़ा जंग का खतरा मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
'US ने शुरू किया व्यापार युद्ध': PM कार्नी का दावा, क्या ट्रेड डील के सहारे कनाडा के पर कतरना चाहते हैं ट्रंप? canada-us-trade-talks-collapse-mark-carney-retaliatory-tariffs-donald-trump-Says-US-Launched-Trade-War
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अमेरिका का 'नया इलाका', ट्रंप ने शेयर किया मैप, मिडिल ईस्ट में बढ़ी हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नया मैप शेयर किया है। इस बार उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का नया इलाका बताया है।
देहरादून-दिल्ली ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर बस युद्ध, UP की 26 बसों के विरोध में उतरा उत्तराखंड रोडवेज
उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने देहरादून-दिल्ली ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर यूपी परिवहन निगम की 26 अतिरिक्त बसों के प्रस्ताव का विरोध किया है। परिषद ने वेतन न मिलने और राजस्व हानि का हवाला देते हुए प्रस्ताव रद्द करने और आंदोलन की चेतावनी दी है।
Pakistan में China, Turkey के Military Planes अचानक क्यों उतरे, क्या India के लिए कोई बड़ा खतरा?
पाकिस्तान के एयरबेस पर चीन और तुर्की के भारी सैन्य विमानों की बढ़ी आवाजाही ने नई सुरक्षा चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, करीब 60 घंटे के भीतर चीनी और तुर्की मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने पाकिस्तान के कई एयरबेस के चक्कर लगाए
उदयपुर के मशहूर स्वर्ण शिल्पी इकबाल सक्का ने सूक्ष्म कला का अनूठा नमूना पेश करते हुए दुनिया के सबसे छोटे मक्का और मदीना शरीफ का निर्माण किया है। 12 वफात (ईद मिलादुन्नबी) के मौके पर तैयार की गई यह कलाकृतियां मूंग के दाने के बराबर यानी महज 1 मिलीमीटर आकार की हैं, जिन्हें केवल माइक्रोस्कोपिक लेंस की मदद से ही देखा जा सकता है। 211 इंटरनेशनल वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा चुके डॉ. सक्का ने इस अद्भुत रचना के साथ एक और उपलब्धि अपने नाम की है। सोने का काबा और सऊदी के पत्थर से बना संगे अस्वद डॉ. सक्का ने सोने से खाना-ए-काबा का पूरा ढांचा तैयार किया है। इसमें बारीक मीनारों के साथ सोने का एक मुख्य दरवाजा भी लगाया गया है। काबा शरीफ को उन्होंने काली मखमल पर खास डिजाइन की गई पोशाक से सजाकर पूरी तरह मूल स्वरूप दिया है। मक्का शरीफ के दरवाजे की पूर्वी दीवार में चांदी की फ्रेम में जड़े जन्नती पत्थर (संगे अस्वद) की तरह ही उन्होंने सऊदी अरब से लाए गए एक ओरिजिनल पत्थर की बारीक कटिंग कर उसे चांदी की फ्रेम में जड़ा है, जो लेंस से देखने पर साफ नजर आता है। हरा गुंबद और खिड़की भी बनाई इसके साथ ही 1 मिलीमीटर साइज में मदीना-ए-मुनव्वरा की प्रतिकृति बनाई गई है। इसमें बारीक मीनारें, हरा गुंबद और गुंबद-ए-खिजरा के ऊपर एक छोटी सी खिड़की भी उकेरी गई है। कलाकृति के साथ अरबी में 'ला इलाहा इल्लल्लाह' लिखा हुआ सऊदी अरब का राष्ट्रीय ध्वज और भारत का तिरंगा भी दर्शाया गया है। सऊदी के प्रधानमंत्री को तोहफे में देंगे इस पूरे मॉडल को बनाने में 7 दिन का समय लगा है। इसे तैयार करने में 2 ग्राम चांदी और 100 मिलीग्राम सोने का इस्तेमाल हुआ है। डॉ. इकबाल सक्का इन कलाकृतियों को 140 करोड़ देशवासियों की ओर से सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान को भेंट करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने नई दिल्ली स्थित सऊदी अरब दूतावास के राजदूत और सीधे सऊदी के पीएम को आधिकारिक पत्र भी भेजा है।
Mecca Defence Treaty से किसको सबसे ज्यादा फायदा, China एक्सपर्ट ने समझाया | Saudi, Turkey, Pakistan
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने मध्य पूर्व की बदलती रणनीतिक तस्वीर पर नई बहस छेड़ दी है।
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan
Turkey Israel Tension के बीच Netanyahu Arrest Warrant से मची हलचल, Gaza Flotilla का मामला | Erdoğan Add Live Hindustan as your preferred source on Google.
Amroha News: वसीम व अहमद की तूफानी पारी से अहमद तुर्की क्लब 9 विकेट से जीता
डीएनएस क्रिकेट एकेडमी के मैदान में खेले गए मुकाबले में अहमद तुर्की क्लब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इमरान इलेवन को नौ विकेट से करारी शिकस्त दी।
Sambhal News: तेंदुए की दहशत से खेतों में जाने से कतरा रहे किसान, पशुओं के लिए चारे का संकट
गुन्नौर तहसील क्षेत्र के असदपुर और ईसमपुर डांडा गांव के आसपास तेंदुए की मौजूदगी की सूचना से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
Pirates Hijack Cargo Ship: यमन और सोमालिया में दो कमर्शियल जहाज अगवा, 22 भारतीय बंधक। Turkey
अदन की खाड़ी से भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। दो अलग-अलग घटनाओं में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे।
Saudi Arabia Houthi War: सऊदी पर हमले से पहले Iran की चेतावनी फिर ARAMCO पर हमला | Yemen
सऊदी अरब पर हूती ड्रोन हमलों के बाद मक्का रक्षा समझौते यानी कथित ‘मुस्लिम नाटो’ की असली ताकत पर सवाल उठने लगे हैं। अरामको, नज्रान और सऊदी के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दावों के बीच तुर्की और पाकिस्तान की भूमिका चर्चा में है।
Iran America War Update: युद्ध के बाद Trump के Sanctions से ईरान क्यों बेखौफ | China | Russia
ट्रंप के 'Economic D-Day' ऐलान के बाद ईरान ने अमेरिका की नई आर्थिक पाबंदियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रतिबंधों को पुरानी और विफल नीति बताया है।
कानपुर में कुर्सी 'युद्ध' के बाद पांच घंटे डटे रहे पूर्व जिला मंत्री, नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट
कानपुर में भाजपा के स्वागत समारोह में पूर्व जिला मंत्री और जिला सह-मीडिया प्रभारी के बीच कुर्सी पर बैठने को लेकर मारपीट हो गई।
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Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East
Iran America War Update: नक्शे पर US ने Hormuz को बताया अपना, ईरान का तगड़ा जवाब। Trump| Middle East अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नक्शों और बयानों की जंग भी तेज हो गई है।
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
Somalia Pirates Turkey Ship Hijack: बीच समंदर तुर्की के हथियारों के जखीरे की लूट | yemen
बीसीसीएल के ई-ब्लॉक खनन परियोजना को कोल इंडिया बोर्ड से मंजूरी मिल गई है, जिससे 2027 से खनन शुरू होगा। यह 27 साल का प्रोजेक्ट 376 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार देगा।
Iran America War Update: हार देख Trump का ईरान के दोस्तों को Sanctions की धमकी | Middle East News
ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। ट्रंप ने ईरान और उसकी मदद करने वाले देशों को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है और इसे Economic D-Day बताया है।
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS | Middle East News
Houthi Saudi Arabia War News: सऊदी के अलग-अलग शहर में Yemen से हमले | MBS
Iran On Saudi Arabia UAE: अब America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz | Trump
Iran On Saudi Arabia UAE America से जंग में खाड़ी देशों की बारी ? | Hormuz |
Muslim NATO Alliance: इस्लामिक नाटो में Bangladesh को शामिल करने की तैयारी | Pakistan | Turkey|Saudi
बांग्लादेश को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के उभरते रक्षा ढांचे के करीब लाने की अटकलों ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। तुर्की के अखबार येनी शफाक ने बांग्लादेश को इस संभावित सुरक्षा ढांचे में शामिल किए जाने की संभावना जताई है, हालांकि अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है
Israel Qatar Deal Cancelled: कतर से Netanyahu ने डिफेंस डील रोकी | Iran US War Update | Hormuz
ईरान के बाद अब क्या कतर भी मिडिल ईस्ट के बड़े टकराव का नया केंद्र बनने जा रहा है? इज़राइल और कतर के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल बढ़ा दी है।
Turkey Anka 3 drone जो क्रूज मिसाइलें लेकर उड़ेगा, कितना खतरनाक, निशाने पर कौन? Iran US War। Israel
तुर्की ने अपने आधुनिक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन Anka-3 को भविष्य के हवाई युद्ध के लिए तैयार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों से लैस होकर दुश्मन के एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
आज ही के दिन यानी की 18 अगस्त को पेशवा बाजीराव प्रथम का जन्म हुआ था। वह एक बेहतरीन घुड़सवार, कुशल तलवारबाजी और कमाल के सेनापति थे। बाजीराव प्रथम युद्ध में माहिर थे। उन्होंने मुगलों की कमर तोड़ दी थी। बाजीराव प्रथम अपनी जिंदगी में एक भी युद्ध नहीं हारे थे। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर पेशवा बाजीराव के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार 18 अगस्त 1700 को पेशवा बाजीराव का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम बालाजी विश्वनाथ और मां का नाम राधाबाई था। इनके पिता छत्रपति शाहू के प्रथम पेशवा थे। बाजीराव का एक छोटा भाई चिमाजी अप्पा था। बाजीराव अपने पिता के साथ हमेशा सैन्य अभियानों में जाया करते थे। इसे भी पढ़ें: Bal Gangadhar Tilak Death Anniversary: पत्रकारिता के जरिए ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने वाले Bal Gangadhar Tilak बाजीराव प्रथम पेशवा बाजीराव को बाजीराव प्रथम भी कहा जाता है। वह मराठा साम्राज्य के एक महान पेशवा थे। पेशवा का अर्थ प्रधानमंत्री होता है। वह मराठा छत्रपति राजा शाहू के चौथे प्रधानमंत्री थे। बाजीराव ने अपना प्रधानमंत्री पद साल 1720 से लेकर मृत्यु तक संभाला था। बाजीराव घुड़सवारी करते हुए लड़ने में माहिर थे। यह माना जाता है कि उनसे अच्छा घुड़सवार सैनिक देश में आज तक नहीं देखा गया। उनके 4 घोड़े थे- गंगा, नीला, सारंगा और औलख आदि। जिनकी वह खुद देखभाल किया करते थे। बाजीराव 6 फुट ऊंचे थे और वह न्यायप्रिय सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनना पसंद करते थे। बाजीराव पूरी सेना को अनुशासन में रखते थे। बता दें कि 20 साल की उम्र में बाजीराव पेशवा के पद पर नियोजित हुए थे। उनके पेशवा बनते ही छत्रपति शाहू नाम मात्र के शासक रह गए थे। वह एक महान योद्धा थे। मोहम्मद बंगश, निजाम से लेकर मुगलों और पुर्तगालियों तक को वह कई-कई बार शिकस्त देते। बाजीराव इतिहास के अकेले ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने 41 लड़ाइयां लड़ी थीं और एक भी लड़ाई नहीं हारी। बाजीराव की बिजली की गति से तेज आक्रमण शैली का इस्तेमाल कर रहे थे। मृत्यु बाजीराव पेशवा की 28 अप्रैल 1740 को 39 साल की उम्र में मृत्यु हो गई थी।
Islamic NATO की तारीफ क्यों करने लगे Trump? Pakistan | Turkey | Iran | Saudi। Mecca Deal
ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने एक नए मुस्लिम सुरक्षा गठबंधन की चर्चा तेज कर दी है।
Iran Pilots Missing News: कहां गए IRGC के 3 पायलट, Qatar क्यों कर रहा इनकार? America | Hormuz
मार्च 2026 के युद्ध के दौरान लापता हुए ईरान के तीन फाइटर पायलटों को लेकर अब एक नया और बेहद गंभीर विवाद सामने आया है। ईरान का दावा है कि उसके तीन पायलट जिंदा हैं और पिछले छह महीनों से कतर की हिरासत में हैं।
Houthi Attack on Saudi: Iran vs US के बीच हूतियों ने Saudi Arabia की नाक में किया दम! | Mokha Port
मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव चरम पर है। जहां एक तरफ ईरान (Iran) अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं यमन के हूती विद्रोही (Houthi Rebels) सऊदी अरब (Saudi Arabia) की नाक में दम किए हुए हैं।
Hormuz Strait Crisis 2026: UAE का एक और जहाज तबाह, ईरानी पायलट्स पर कतर से भिड़ा ईरान | Mojtaba
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हो रहे हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर अपनी सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक और जहाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
Iran US War: Qatar के कैद में है ईरान के 3 पायलट, बड़ा खुलासा! | Qatar Captures 3 Iranian Pilots
मध्य पूर्व (Middle East) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान (Iran) के तीन लड़ाकू पायलट पिछले छह महीनों से कतर (Qatar) की कैद में हैं।
Iran Drone Attack On Erbil में America सैनिकों के होटल पर हमला | Trump | Hormuz | Middle East News
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इराक के एरबिल से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दावों के मुताबिक, एरबिल में अमेरिकी सैनिकों और कॉन्ट्रैक्टर्स के ठहरने वाले एक होटल को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया।
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Houthi Drone Attack On Saudi Arabia: सऊदी के डिफेंस सिस्टम को फोड़कर Saudi Aramco पर हूती हमला
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey | manpad missile
Trump Secret Flight ऑपरेशन में किस Missile से हमला कर सकता था Iran,खुलासा |Turkey
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | MBS
Houthi Attack On Saudi Arabia: हूतियों ने किया सऊदी पर हमला, Islamic NATO पर उठे सवाल | अब सवाल उठ रहा है कि क्या जाजान हमला इस नए ‘इस्लामिक NATO’ की पहली बड़ी परीक्षा है?
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Trump Secret Flight ऑपरेशन क्यों करवाया गया,बड़ा खुलासा |Turkey | NATO Summit| Iran | Israel
Houthi Attack On Saudi Arabia: समंदर से लेकर तेल ठिकाने और अब सऊदी सेना पर हमले | MBS
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी के दावे के मुताबिक, ताइज़ प्रांत के अल-मोखा क्षेत्र और मारिब के तदावीन कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।
महाभारत युद्ध के बाद द्रौपदी ने अश्वत्थामा को क्यों दिया था मृत्यु न पाने का अभिशाप
कुरुक्षेत्र के मैदान में 18 दिनों तक चले महाभारत के भीषण युद्ध में अंततः पांडवों की विजय हुई और कौरवों की हार हुई, लेकिन इस जीत की खुशी पांडवों के नसीब में नहीं थी। अपनों को खोने के असहनीय दुख के अलावा पांडवों और विशेषकर द्रौपदी के सीने में अपने पांचों पुत्रों की अकाल मृत्यु का गहरा जख्म था।यह दर्द इसलिए भी बहुत बड़ा था क्योंकि पांडव पुत्र युद्ध के मैदान में वीरता से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त नहीं हुए थे, बल्कि युद्ध समाप्त होने के बाद सोते हुए अवस्था में उनकी निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि गुरु द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा था। पुत्रों की हत्या के इस भयानक पाप के बदले में द्रौपदी ने अश्वत्थामा को मृत्यु न मिलने का यानी अमरता का अभिशाप दिया था, जो किसी वरदान से कम नहीं बल्कि सबसे बड़ी सजा थी।द्रौपदी के पुत्रों की सोते में हुई थी हत्यामहाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका था और कौरव सेना पूरी तरह परास्त हो चुकी थी। युद्ध की थकान से चूर द्रौपदी के पांचों पुत्र (उपपांडव) एक शिविर में गहरी नींद में सो रहे थे। विजय के अहंकार और प्रतिशोध की आग में जलते हुए अश्वत्थामा ने रात के अंधेरे में उस शिविर में प्रवेश किया और सोते हुए अवस्था में ही द्रौपदी के सभी पुत्रों की क्रूरतापूर्वक हत्या कर दी। इस घटना ने पांचाल और पांडव शिविर में कोहराम मचा दिया और पूरा माहौल शोक में डूब गया।द्रौपदी ने अश्वत्थामा को क्यों दिया था अमरता का अभिशाप?जब अश्वत्थामा को इस घोर पाप के लिए अर्जुन और भीम द्वारा पकड़कर श्री कृष्ण के समक्ष लाया गया, तब उसे मृत्युदंड देने के बजाय द्रौपदी ने एक अनूठा निर्णय लिया। सनातन शास्त्रों के अनुसार, गुरु के पुत्र को भी गुरु के समान ही आदरणीय माना जाता है और द्रौपदी गुरु द्रोणाचार्य का बहुत सम्मान करती थीं।इसके अलावा, एक मां के रूप में द्रौपदी स्वयं पुत्र वियोग के दर्द को भली-भांति समझती थीं। वह जानती थीं कि यदि अश्वत्थामा को मृत्यु दी जाती है, तो उसकी माता कृपी को भी पुत्र शोक की वैसी ही असहनीय पीड़ा झेलनी होगी, जैसी वह खुद झेल रही हैं। इन सभी धर्मिक मर्यादाओं और गुरु परिवार के सम्मान को ध्यान में रखते हुए, द्रौपदी ने अश्वत्थामा को मृत्यु के घाट उतारने के बजाय धरती पर चीरकाल तक जीवित रहने, कोढ़ और विभिन्न रोगों से ग्रसित होकर एक सूक्ष्म कण के रूप में भटकने का अभिशाप दिया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अश्वत्थामा आज भी कलियुग में जीवित हैं और पृथ्वी पर जहां भी नकारात्मकता, पाप और अधर्म होता है, वहां उनकी सूक्ष्म उपस्थिति मानी जाती है।अर्जुन ने छीन ली थी अश्वत्थामा के मस्तक की दिव्य मणिपौराणिक कथाओं के अनुसार, अश्वत्थामा के जन्म से ही उसके मस्तक पर एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य मणि सुशोभित थी। इस मणि के प्रभाव से उसे अस्त्र-शस्त्र, भूख, प्यास, थकान और किसी भी प्रकार के भय से मुक्ति मिली हुई थी। इसी मणि की असीम शक्ति और अहंकार के बल पर ही वह द्रौपदी के पुत्रों की हत्या करने में सफल रहा था।जब अश्वत्थामा का अहंकार और उसका अपराध पराकाष्ठा पर पहुंच गया, तब भगवान श्री कृष्ण के निर्देशानुसार अर्जुन ने उसके मस्तक से उस दिव्य मणि को बलपूर्वक निकाल लिया। मणि छिन जाने के कारण अश्वत्थामा का जीवन जीवित शव के समान हो गया और अंततः द्रौपदी द्वारा दिया गया अमरता का वह अभिशाप उसके लिए जीवनभर की सबसे बड़ी सजा बन गया।
Trump Secret Flight: Iran के डर से ट्रक में छिपकर भागे थे ट्रम्प, अब हुआ खुलासा। Turkey NATO Summit
अमेरिका के मुताबिक इस बार ईरान ट्रंप के तुर्के दौरे पर उन्हें निशाना बनाने वाला था। इस खतरे से सूचना मिलते ही ट्रंप को बेहद फिल्मी तरीके से बचाया गया था। इस सीक्रेट ऑपरेशन को लेकर हाल ही कुछ हैरतअंगेज खुलासे हुए हैं।
Houthi Attck On Saudi Arabia: पहले सऊदी फिर America का MQ-9 हुआ क्रैश, हूती बेकाबू | Bab Al Mandeb
हूती-सऊदी तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर हमलों का दावा किया है।
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं
Mecca Joint Defense Agreement से पलटा Turkiye, Saudi Arabia के साथ रक्षा समझौता Iran के खिलाफ नहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए Defense Agreement को लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आए साथ तो क्या बोला Iran ?
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच बन रहे 'इस्लामिक नाटो' शैली के रक्षा समझौते पर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है। तेहरान ने रियाद को चेतावनी देते हुए कहा है कि कागजी समझौते और बाहरी ताकतों पर निर्भरता सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।
Iran America war होगी तेज, UAE, Saudi Arabia और Qatar तक फैलेगी जंग की आग! | Middle East
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। अब तक ईरान की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि यदि टकराव और गहराया तो इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO में Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye आएंगे साथ, क्या India के लिए मुश्किल। Israel
Islamic NATO बनाने को लेकर डील फाइनल, Saudi Arabia, Pakistan,Turkiye जल्द करेंगे ऐलान। Israel
पश्चिम एशिया में जारी जंग और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने भू-राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों देशों के बीच डिफेंस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश चल रही है
टेलर ने कपड़े की कतरन वापस लौटा दी तो फेंकने की बजाय 4 तरीके से करें इस्तेमाल
आपके पास ढेर सारी कपड़े की कतरन बची रहती है या फिर टेलर ने सूट या ब्लाउज की बची हुई कतरन को वापस कर दिया है। इसे फेंकने की बजाय आप बहुत ही काम के तरीकों से दोबारा से इस्तेमाल में ला सकते हैं।
500 साल में बस एक बार हारा कुंभलगढ़ किला, वजह युद्ध नहीं; पढ़िए मेवाड़ की आन-बान और शौर्य की अनोखी कहानी
सबसे अहम युद्ध पर किसी का ध्यान नहीं: तेजी से फैल रहे नफरत और भेदभाव, जीत तभी होगी, जब हम धरती को हारने न दें--The Most Important War We Ignore: Why Climate Change and Environmental Crisis Need Urgent Global Attention
युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य
विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है…
Iran America War: ईरान ने Iraq और Kuwait बार्डर के करीब क्यों भेजे T 72 Tanks|Trump
मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो कभी भी फट सकता है..जी हां जंग के बादल कभी भी छा सकते हैं...अमेरिका चाहे लाख मना करे...लेकिन जब तक इजरायल खित्ते में आक्रामक है तब तक जंग पूरी तरह नहीं रुक सकती..यही वजह है कि ईरान ने ्अपने टैंक इराक से लगी सरहद के करीब जमा करना शुरु कर दिए हैं…
कतर से रुकी सप्लाई, फिर भी 15% कैसे बढ़ा भारत का LNG आयात? देखें कूटनीति
कूटनीति' में आज बात भारत की उस रणनीतिक चाल की, जिसने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ारों को हैरान कर दिया है. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग छिड़ी, तो दुनिया को लगा कि भारत में बड़ा गैस संकट आने वाला है. वजह साफ थी-भारत अपनी 60 फीसदी एलएनजी (LNG) गैस इसी समुद्री रास्ते से मंगाता था. लगा कि कतर से सप्लाई रुकते ही भारत की फैक्ट्रियां और रसोई गैस थम जाएगी. लेकिन भारत ने ऐसा कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला कि इस पूरे संकट के बावजूद देश में एलएनजी का आयात घटने के बजाय 15 फीसदी और बढ़ गया.
ईरान-ओमान वार्ता पर कतर ने दिया अपडेट, क्या आज हो पाएगी डील?
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की भाषा तैयार हो चुकी है और उसका मसौदा अभी पक्षों के बीच साझा किया जा रहा है, जबकि कतर और ओमान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत आसान बनाने के लिए करीबी तालमेल से काम कर रहे हैं.
कंगना के ‘जेबकतरों जैसी ड्रेस’ वाले बयान को यूजर्स ने सोनाक्षी से जोड़ा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
'जेबकतरों की तरह...', कंगना ने सोनाक्षी पर किया कमेंट!
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए इंडस्ट्री की एक हीरोइन पर तीखा हमला किया है. यूजर्स का मानना है कंगना ने ये अटैक सोनाक्षी सिन्हा पर किया है.
Iran US War Update: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
Iran-US War: महायुद्ध से डरा Saudi Arab? MBS ने Donald Trump को फोन कर दी बड़ी चेतावनी!
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
गाजा में कत्लेआम पर भड़के कतर-तुर्की-मिस्र, इजरायल नहीं रोक रहा बमबारी
कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला?', ट्रंप ने ईरान पर अब किया ये ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़ा हमला फिलहाल रोक दिया है. दूसरी तरफ तेहरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए सैन्य सतर्कता बनाए रखने, सऊदी अरब और पाकिस्तान से तेज संपर्क बढ़ाने और यह साफ करने का संदेश दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जवाबी तैयारी और राजनीतिक समाधान अब साथ साथ चलेंगे.
युद्ध, डर और उम्मीद... आखिर क्यों गढ़े गए सुपरहीरो?
सुपरहीरो कभी भी सिर्फ असाधारण शक्तियों वाले किरदार नहीं रहे. वे हर दौर के समाज की इच्छाओं, आशंकाओं और सपनों का प्रतिबिंब रहे हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि असली ताकत केवल असाधारण शक्तियों में नहीं बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने, कमजोरों के साथ खड़े होने और दूसरों के लिए जोखिम उठाने के साहस में होती है.
इराक के सुलेमानिया पर ईरानी ड्रोन ने बरपाया कहर, सामने आया Video
इराक के सुलेमानिया में ईरान-विरोधी समूहों के एक ठिकाने को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया है. माना जा रहा है कि ये हमला ईरान ने किया है जिसमें अलगाववादी समूहों के मुख्यालय पर दो प्रोजेक्टाइल सीधे जाकर लगे. ईरान ने ड्रोन से ये हमला किया. देखें वीडियो.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
Iran US War: Iran ने जारी कर दी अपनी Hitlist, सऊदी, UAE और कतर पर क्यों मंडराया खतरा?
पश्चिम एशिया (Middle East) का युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी दी है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से खत्म होगा गाजा युद्ध? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल को लेकर साइप्रस में बैठक हुई है. यह बोर्ड गाजा युद्ध खत्म करने और पुनिर्माण योजना की निगरानी के लिए बनाया गया है. ट्रंप के कई देशों के नेताओं को इसमें शामिल होने का मौका दिया है. हालांकि कुछ देशों ने समर्थन किया है. वहीं कुछ ने इसकी भूमिका और और संयुक्त राष्ट्र पर असर को लेकर चिंता जताई है.
'टैरिफ धमकी से टला भारत-पाक परमाणु युद्ध', 'ऑपरेशन सिंदूर' पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध टालने में अपनी भूमिका का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनके कूटनीतिक दबाव और टैरिफ की धमकी से होने जा रहा युद्ध रुक गया. ट्रंप ने दावा किया कि इसी तरह उन्होंने 5 युद्ध रोक दिए.
Houthis vs Saudi Arabia: Iran के प्रॉक्सी से तीन तरफा घिरा सऊदी, क्या अब युद्ध की उपाय? Red Sea। US
अमेरिका और इज़राइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया लगातार तनाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक सऊदी अरब इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता रहा,
Houthis Attack on Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF
Saudi Arabia और Iraq में Iran के रजिस्टेंस की ताकत पर Bobby Naqvi को सुनिए | PMF सऊदी के यमन पर अटैक और हूतियों के पलटवार के बीच..इराक से भी सऊदी से बदले की उठ रही आवाजें..मिडिल ईस्ट में जंग के इस नए मोर्चे पर..गल्फ न्यूज के पूर्व एडिटर बॉबी नकवी को सुनिए
The Odyssey Review: युद्ध से लौटते योद्धा की नहीं, खुद तक लौटते इंसान की कहानी
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' सिर्फ होमर के महाकाव्य का रूपांतरण नहीं, बल्कि युद्ध, अपराधबोध और आत्म-स्वीकृति की गहरी कहानी है। मैट डेमन का शानदार अभिनय, अद्भुत सिनेमैटोग्राफी और भावनात्मक निर्देशन इसे सिर्फ एक पौराणिक एडवेंचर नहीं रहने देते। शुरुआती ...
गाजा संघर्ष : नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
सयुक्त राष्ट्र की हालिया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट ने इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों की गंभीर तस्वीर पेश की है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की लपटों में घिरकर वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। कई सप्ताह तक चले संघर्ष ने क्षेत्र को ऐसे ज्वालामुखी में बदल दिया था, जिसकी प्रत्येक विस्फोटक घटना विश्व अर्थव्यवस्था ... Read more
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
'वाराणसी' में दिखेगा महायुद्ध, भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच होगा 30 मिनट का ऐतिहासिक टकराव!
दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली जब भी कोई नया प्रोजेक्ट लाते हैं, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उत्सव बन जाता है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, राजामौली अब सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी अगली महात्वाकांक्षी ...
इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) हर हफ्ते दुनिया भर यूजर्स के सर्च और प्रोफाइल विजिट के आधार पर 'मोस्ट पॉपुलर इंडियन सेलिब्रिटीज' की लिस्ट जारी करता है। आमतौर पर इस लिस्ट के शीर्ष पर वही सुपरस्टार्स नजर आते हैं जिनकी बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ...
खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज
मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
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