ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्री शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उसने कहा है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की शर्तों पर युद्ध खत्म नहीं करेगा। ईरान ने कहा है कि युद्ध का अंत तभी होगा जब उसकी शर्तें पूरी होंगी। इसके लिए उसने 5 प्रमुख शर्तें ...
अफगानिस्तान और पाकिस्तान से तत्काल युद्धविराम और स्थाई शांति की अपील
अफगानिस्तान लौटने वाले अफगान लोग टॉर्कहम सीमा पार से गुजरते हैं, सामान ले जाते हैं और थकान के संकेत दिखाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों सहित परिवार, भीड़भाड़ और धूलभरी सड़क पर सवार होते हैं, जो भरी हुई गाड़ियों से घिरी होती है, जो अफगानिस्तान लौटने की ...
ईरान और इजरायल, अमेरिका के बीच युद्ध का असर उद्योगों पर पड़ रहा है। कानपुर में बुधवार को शहर के उद्यमियों ने बैठक कर चर्चा की। उन्होंने कहा ये संकट कोराना जैसा हो सकता है, लगातार फैक्ट्री मे कम बंद करने की स्थिति हैस क्योकि कच्चा माल मंहगा हो रहा है। दूसरी तरफ औधोगिक क्षेत्रों में विभागों के अधिकारी टैक्स की वसूली कर रहें है। हमारे पास काम नहीं है, तो टैक्स कैसे दें। इंडस्ट्रियल एरिया के चेयरमैन ने टैक्स वसूली कार्यवाई को सरकार से रोकने की मांग की है। बैठक में कानपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव एस्टेट लिमिटेड के चेयरमैन विजय कपूर ने सैकड़ों उद्यमियों और 100 से अधिक फैक्ट्री मालिकों के साथ मौजूदा व्यापारिक संकट पर चर्चा की। उद्यमियों ने बताया कि बाजार में कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और गैस की किल्लत के कारण उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विजय कपूर ने कहा कि कच्चे माल की कीमतों में करीब 80 फीसदी तक इजाफा हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्लास्टिक दाने और केमिकल जैसे कच्चे माल की जमाखोरी कर कालाबाजारी कर रहे हैं, जिस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि गैस की कमी के कारण मजदूर वर्ग प्रभावित हो रहा है, जिससे फैक्ट्रियों में काम ठप पड़ता जा रहा है। कई इकाइयों में उत्पादन लगातार घट रहा है और श्रमिक टिक नहीं पा रहे हैं। उद्यमियों ने सरकार से मांग की कि मौजूदा संकट को देखते हुए कुछ समय के लिए टैक्स वसूली पर रोक लगाई जाए। विजय कपूर ने कहा कि केस्को, जीएसटी और हाउस टैक्स की वसूली युद्ध समाप्त होने के एक महीने बाद की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग के चलते वसूली का दबाव बना रहे हैं, जबकि उद्योग इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है।उन्होंने कहा कि उद्योगपति अपने स्तर पर मजदूरों को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कच्चे माल की महंगाई और काम की कमी के चलते स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
बरनाला में जिले में पंजाब सरकार के 'युद्ध नशे विरूद्ध' अभियान के तहत एक जनसंपर्क बैठक आयोजित की गई। इसमें पटियाला रेंज के डीआईजी कुलदीप सिंह चहल विशेष रूप से शामिल हुए और उन्होंने नशा तस्करों को कड़ी चेतावनी दी। इस कार्यक्रम में एसएसपी बरनाला मुहम्मद सरफराज आलम सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित थे। डीआईजी चहल ने बताया कि बरनाला में लोगों से सीधा संपर्क स्थापित किया गया है, ताकि उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक किया जा सके और इस समस्या का जड़ से समाधान किया जा सके। एसएसपी ने किया संबोधित एसएसपी ने कहा कि इस पहल को लोगों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने घोषणा की कि यह अभियान आने वाले समय में भी लगातार जारी रहेगा। डीआईजी ने लोगों से अपील की कि यदि उन्हें नशे की तस्करी या इससे जुड़ी कोई घटना दिखे, तो वे तुरंत 'सेफ पंजाब' ऐप पर इसकी रिपोर्ट करें या एडीसी को सूचित करें। नशे से दूर रहने का दिया संदेश उन्होंने सरपंचों से भी आग्रह किया कि वे अपने गांवों में नियमित रूप से खेल-कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन करें, ताकि युवा नशे की लत से दूर रहें। डीआईजी चहल ने जोर देकर कहा कि किसी भी नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस नशे की तस्करी के मामलों में किसी भी व्यक्ति के प्रति कोई नरमी नहीं बरतेगी। 2500 से अधिक केस दर्ज उन्होंने बताया कि पटियाला रेंज में नशा तस्करों के खिलाफ 2500 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग अभी भी नशे के धंधे में शामिल हैं, उनके लिए बेहतर होगा कि वे इसे छोड़ दें।
महायुद्ध पर कविता: सुलग रहा संसार है
सुलग रहा संसार क्यों अब और छाया हा हकार है पल में बदलेगी किसकी दुनिया इसका ना कोई ऐतबार है हो रही रक्त रंजित धरा आसमां पर धुएं का गुब्बार है अंत हीन है युद्ध बिगुल ये चीर कानों को भरता मन में भय,अशांति का विश्व में साम्राज्य है
कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल बुधवार को बस्ती पहुंचे। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सिलाई मशीन सहित अन्य सामग्री वितरित की। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले में चल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री ने शासन की उपलब्धियां गिनाईं। दैनिक भास्कर द्वारा रसोई गैस की किल्लत पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का हल्का-फुल्का असर निश्चित तौर पर है। उन्होंने जोड़ा कि प्रधानमंत्री इस स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। 40 हजार रुपये देने की घोषणा बस्ती मेडिकल कॉलेज से मरीजों को गोरखपुर या लखनऊ रेफर किए जाने और रास्ते में उनकी मौत होने संबंधी सवाल पर मंत्री ने जिलाधिकारी को इस विषय को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा सरकार बदलने पर महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने की घोषणा पर आशीष पटेल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव 2012 से 2017 तक सरकार में थे, तब उन्होंने यह काम क्यों नहीं किया। मंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार 'डिलीवरी' देती है, जबकि विपक्ष केवल वादे करता है।
ट्रंप का दावा- युद्ध जीता, परमाणु हथियार नहीं बनाएगा ईरान; बमबारी जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ युद्ध में जीता का दावा करते हुए कहा कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करने पर पूरी तरह सहमत हो गया है। तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तेल-गैस संबंधी एक बहुत बड़ा तोहफा अमेरिका को भेजा ...
25 March Top News : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के 26वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ युद्ध जीतने का दावा किया। हालांकि ईरान और इजराइल अभी भी एक दूसरे पर जबरदस्त बमबारी कर रहे हैं। पीएम मोदी ने आज शाम सर्वदलीय बैठक बुलाई। असम में ...
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच RBI ने विदेशी मुद्रा बाजार में अपना हस्तक्षेप कम किया है। जानिए विशेषज्ञों का क्या है कहना और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका क्या होगा असर।
वैश्विक स्तर पर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ज्योतिषीय विश्लेषण एक अलग तस्वीर पेश कर रहा है। ज्योतिषाचार्य व ज्योतिष मठ संस्थान के अध्यक्ष पं. विनोद गौतम के अनुसार ग्रहों की चाल में हो रहे बदलाव आने वाले समय में युद्ध जैसे हालात को कमजोर कर सकते हैं, वहीं इस संघर्ष का अंत धर्म और सत्य की जीत के रूप में सामने आ सकता है। उन्होंने बताया कि राहु और मंगल पिछले लगभग एक माह से कुंभ राशि में युति कर रहे थे। राहु को दैत्यों का सेनापति और मंगल को देवताओं का सेनापति माना जाता है। दोनों का एक ही राशि में होना टकराव और युद्ध जैसी परिस्थितियों को जन्म दे रहा था। इसी दौरान वैश्विक स्तर पर तनाव और संघर्ष की स्थितियां भी बनी रहीं। गौतम के अनुसार 2 अप्रैल को रात 10 बजे के बाद मंगल मीन राशि में प्रवेश करेगा, जिससे राहु और मंगल की युति टूट जाएगी। इस बदलाव के साथ ही युद्ध को बढ़ावा देने वाले ग्रहों का प्रभाव कमजोर पड़ेगा और 2 अप्रैल के बाद हालात में नरमी आने की संभावना बनेगी। हालांकि मीन राशि में मंगल और सूर्य की युति से अंगारक योग बनेगा, जो कुछ समय तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिषाचार्य व ज्योतिष मठ संस्थान के अध्यक्ष पं. विनोद गौतम का कहना है कि ग्रहों की वर्तमान स्थिति इस युद्ध के परिणाम को स्पष्ट संकेत दे रही है, जिसमें अंततः धर्म और सत्य की जीत होगी। उन्होंने बातचीत में बताया कि गुरु का कर्क राशि में स्थित होना इस पूरे घटनाक्रम में अहम भूमिका निभा रहा है। गुरु को सामाजिक और धार्मिक ग्रह माना जाता है, ऐसे में उसका प्रभाव यह दर्शाता है कि इस संघर्ष में अंततः धर्म और सत्य की विजय होगी। गौतम के अनुसार जो पक्ष इस समय आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं और ‘दादागिरी’ की स्थिति में नजर आ रहे हैं, उन्हें इस युद्ध से सबक मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल शक्ति प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके परिणाम स्वरूप आक्रामक पक्षों को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह युद्ध केवल जीत-हार का नहीं, बल्कि सीख देने वाला भी साबित होगा। जो ताकतें इस समय दबाव बनाने की कोशिश कर रही हैं, उन्हें परिस्थितियां नियंत्रित करने का संदेश मिलेगा। ज्योतिषीय दृष्टि से यह भी संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में ग्रहों के प्रभाव में बदलाव के साथ मौजूदा तनाव में कमी आ सकती है। हालांकि, हालात पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। 14 अप्रैल के बाद खत्म होंगे प्रमुख अशुभ योगज्योतिषीय गणना के मुताबिक 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ अंगारक योग समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही शनि और सूर्य की युति भी खत्म होगी। इस तरह शनि, राहु और मंगल जैसे क्रूर ग्रहों का संयुक्त प्रभाव टूटने से बड़े युद्ध जैसे विनाशकारी हालात टल सकते हैं। जनवरी से बन रहा था संकट कालज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के अनुसंधान के अनुसार जनवरी 2026 से ही ग्रहों की स्थिति संकट की ओर इशारा कर रही थी। चतुर्ग्रही और पंचग्रही योग, कम अंतराल में दो ग्रहण, रौद्र संवत्सर और रुद्रवीसी जैसे योगों ने तनावपूर्ण परिस्थितियां निर्मित की थीं। गुरु के प्रभाव से धर्म और सत्य की जीतपं. गौतम ने बातचीत में यह भी कहा कि गुरु का कर्क राशि में स्थित होना इस पूरे घटनाक्रम में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। गुरु को सामाजिक और धार्मिक ग्रह माना जाता है, ऐसे में इसके प्रभाव से इस युद्ध में अंततः धर्म और सत्य की जीत होगी। उन्होंने कहा कि जो पक्ष इस समय आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं और दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें इस संघर्ष से सबक मिलेगा। यह युद्ध केवल ताकत का प्रदर्शन नहीं रहेगा, बल्कि आक्रामक शक्तियों को अपनी सीमाओं का एहसास भी कराएगा। मई में और मजबूत होंगे सकारात्मक संकेत11 मई को मंगल के मेष राशि में प्रवेश के बाद राहु से उसकी दूरी दो राशियों तक बढ़ जाएगी, जो और अधिक सकारात्मक प्रभाव देगा। इससे युद्ध जैसे हालात और कमजोर पड़ सकते हैं। प्राकृतिक प्रकोप की आशंका बरकरारहालांकि ग्रहों की मौजूदा स्थिति पूरी तरह राहत देने वाली नहीं है। ज्योतिषीय संकेत बताते हैं कि आने वाले समय में प्राकृतिक आपदाएं, भूमि हलचल और तेज तूफान जैसी घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
ईरान-अमेरिका में सुलह कराएगा पाकिस्तान? सऊदी अरब के रुख ने पलटी बाजी!
जहां एक ओर पाकिस्तान शांति का दूत बनने की कोशिश कर रहा है, वहीं 'न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट ने खलबली मचा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान ईरान के खिलाफ ...
ढोंगी बाबा अशोक खरात पर ‘तुर्की के दुर्लभ शहद’के नाम पर करोड़ों की ठगी का भी आरोप
नासिक। खुद को ‘कैप्टन’ बताने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उसने व्यापारियों और राजनीतिक हस्तियों को कथित तौर पर ‘दुर्लभ तुर्की शहद’ के नाम पर करोड़ो रुपये का चूना लगाया है। जांचकर्ताओं के अनुसार खरात का दावा था कि तुर्की की समुद्री गुफाओं से लाया गया यह […] The post ढोंगी बाबा अशोक खरात पर ‘तुर्की के दुर्लभ शहद’ के नाम पर करोड़ों की ठगी का भी आरोप appeared first on Sabguru News .
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान से युद्ध के बीच पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने मिडिल-ईस्ट के हालात और होर्मुज पर ट्रंप से महत्वपूर्ण बातचीत की है। इससे पूर्व पीएम मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद ...
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा खुलासा, रक्षा मंत्री हेगसेथ को बताया ईरान युद्ध का असली 'मास्टरमाइंड'
डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने खुलासा किया है कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई का फैसला किस तरह लिया गया। इस बयान ने न सिर्फ अमेरिकी राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई बहस छेड़ दी है।
US-Iran War Mediation: पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़े पूर्ण युद्ध में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने खुद को प्रमुख मध्यस्थ (lead mediator) के रूप में स्थापित कर लिया है। कई प्रतिष्ठित मीडिया ...
राज्यसभा में पीएम मोदी का बड़ा बयान: युद्ध से गहराया ऊर्जा संकट, भारत के लिए ‘बड़ी परीक्षा’
PM Modi RajyaSabha Speech : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि युद्ध से दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि इसका भारत पर कम असर हो। उन्होंने कहा कि युद्ध का असर लंबे समय तक रहेगा। ये ...
रोहतक जिले के गांव मायना के सुरेंद्र उर्फ काला ने बताया कि दोहर कतर पर ईरान की तरफ से किए जा रहे हमले के बीच करीब 500 भारतीय अब वापस लौट रहे है। कतर एयरपोर्ट पर भारतीय पहुंच चुके है, जिन्हें बोर्डिंग पास मिल गया था। सभी फ्लाइट में बैठकर भारत आने के लिए तैयार है। सुरेंद्र उर्फ काला मायना ने बताया कि कतर में काम के लिए गए लोग वापस आने के लिए तैयार है। करीब 60 भारतीय ईरान इजराइल युद्ध में फंसे हुए थे, जो उनके साथ ही काम कर रहे थे। इनमें 5 लोग हरियाणा के रहने वाले है, जबकि करीब 500 भारतीय कतर में थे, जो फ्लाइट में बैठकर वापस आने के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं। 28 फरवरी को दिखाई दी थी मिसाइल सुरेंद्र उर्फ काला ने बताया कि 28 फरवरी को आसमान में मिसाइल देखने को मिली थी, जिसके बाद से भारतीय काफी डरे हुए थे। उसके बाद लगातार बमबारी की आवाज सुनाई दे रही थी। आसमान में मिसाइल का धुआं दिख रहा था। उनके होटल से करीब 40 किलोमीटर दूर ही मिसाइल गिराए जा रहे थे। रोहतक के सुरेंद्र सहित हरियाणा के ये लोग लौटे रोहतक के मायना गांव निवासी काला ने बताया कि उनके साथ हरियाणा के कई युवक भारत वापस लौट रहे है। इनमें अंबाला से पारस, कैथल से मंदीप, पानीपत से रवि, सोनीपत से अमित शामिल है। साथ ही अन्य भारतीय भी वापस आ रहे हैं। समुंद्र से बोट द्वारा भारतीयों को किया रेस्क्यू सुरेंद्र मायना ने बताया कि रात करीब 2 बजे जैसे ही ईरान ने अटैक किया, लोग काफी सहम गए। उनके साथ काम करने वाले करीब 60-70 भारतीयों को समुंद्र में से रेस्क्यू करने का काम शुरू किया गया। बोट के माध्यम से भारतीयों को समुंद्र से जमीन पर लाया गया। होली के दिन भी सुनाई दिए थे धमाके सुरेंद्र काला ने बताया कि होली के दिन भी सुबह जब उठे, तो फोन पर कतर सरकार की तरफ से अलर्ट का मैसेज आया हुआ था कि ईरान की तरफ से दोबारा हमला हुआ है। अलर्ट को देखकर वह बाहर निकले तो आसमान में मिसाइल देखने को मिली, जो उनके रहने वाले स्थान से करीब 40 किलोमीटर दूर गिरी। मिसाइल अटैक से घबराए हुए थे लोग सुरेंद्र काला ने बताया कि ईरान की तरफ से लगातार मिसाइल अटैक किया जा रहा है। जिसके कारण कतर में फंसे लोग डरे हुए है। भारतीय लोग अपने घरों में फोन करके सही सलामत होने की बात कर रहे थे, लेकिन अंदर से सभी लोग सहमे हुए थे, क्योंकि दिन रात धमाकों की आवाज सुनाई दे रही थी।
Middle East के तनाव ने रोका 'फाइनालिसीमा'; अर्जेंटीना-स्पेन महामुकाबला रद्द
Middle East में तनाव के कारण अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाला 'फाइनालिसीमा' मुकाबला रद्द। मेसी और यमाल की भिड़ंत देखने का फैंस का सपना टूटा। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के संकट और ईरान-इज़राइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए अब कानपुर के लोग भी चिंतित हैं। इस वैश्विक तनाव को कम करने और निर्दोषों की जान बचाने के लिए मंगलवार को किदवई नगर स्थित श्री रामलीला ग्राउंड (H-ब्लॉक) में विशेष शांति यज्ञ का आयोजन किया गया। आदर्श उद्योग व्यापार मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस हवन में व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दुनिया को विनाशकारी युद्ध से मुक्ति मिले और स्थितियाँ जल्द सामान्य हों। 2 घंटे तक गूँजे वैदिक मंत्र, मांगी सुख-शांति यज्ञ का आयोजन सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जो करीब 12 बजे तक चला। इसमें व्यापारियों और क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 'रिचा ज्वेलर्स' के संचालक और विश्वबैंक बर्रा के अध्यक्ष विनायक सिंह ने बताया कि,आज पूरी दुनिया ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की मार झेल रही है। उन्होंने कहा, “हमने यज्ञ की पूर्णाहुति के माध्यम से प्रभु से यह कामना की है कि जल्द से जल्द यह युद्ध रुके। इस युद्ध में अब तक लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, हमने उन दिवंगत आत्माओं की शांति और मोक्ष के लिए भी प्रार्थना की है।” तस्वीरें देखिए… महंगाई और मासूमों की सुरक्षा बड़ी चिंता व्यापारियों का मानना है, कि इस वैश्विक युद्ध का असर केवल सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। यज्ञ में शामिल लोगों ने चिंता जताई कि यदि युद्ध जल्द नहीं रुका, तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। यज्ञ के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। निर्दोष लोगों की जान बचाना और वैश्विक शांति बहाल करना ही वर्तमान में सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। 40 लोगों ने मिलकर दी आहुतियांइस शांति यज्ञ में लगभग 35 से 40 लोगों ने हिस्सा लिया। मंत्रोच्चार के बीच सभी ने यज्ञ कुंड में आहुतियां डालीं और युद्ध विराम का संकल्प लिया। यज्ञ संपन्न होने के बाद सभी उपस्थित लोगों ने यज्ञ कुंड की परिक्रमा की और हाथ जोड़कर मंगल कामना की। इस अवसर पर आदर्श उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष हिमांशु पाल सहित कई स्थानीय व्यापारी और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे। सभी का एक ही सुर में कहना था कि हम फिर से वही सामान्य जीवन चाहते हैं जहाँ भय और युद्ध की कोई जगह न हो।
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत: आरबीआई बुलेटिन
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मासिक बुलेटिन में कहा गया कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध और वैश्विक बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है
तेल संकट के बीच बड़ी राहत, सऊदी अरब और UAE से भारत आ रहे कई टैंकर; सरकार ने क्या बताया?
कुल मिलाकर, लगभग 500 टैंकर जहाज फारस अरब की खाड़ी में फंसे हुए हैं। इनमें 108 कच्चे तेल के टैंकर, 166 तेल उत्पाद टैंकर, 104 रासायनिक/उत्पाद टैंकर, 52 रासायनिक टैंकर और 53 अन्य प्रकार के टैंकर शामिल हैं।
युद्ध पर ट्रंप को बड़ा झटका, नेतन्याहू बोले- ईरान पर हमले जारी रहेंगे, कोलंबिया में विमान हादसा
Top News 24 March : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के 25वें दिन भी भीषण हमले जारी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध खत्म करने संबंधी दावे को ईरान के साथ ही इजराइल ने भी खारिज कर दिया। इजराइली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि ईरान पर हमले जारी ...
ईरान-इजराइल युद्ध ने जयपुर के मेडिकल टूरिज्म की रफ्तार पूरी तरह रोक दी है। खाड़ी देशों से हर महीने 60 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते थे, लेकिन पिछले दो महीनों में यह संख्या शून्य हो गई है। दुबई, कुवैत और यूएई सहित खाड़ी क्षेत्र में तनाव, फ्लाइट्स में कमी और बढ़े किराए का सीधा असर मरीजों की आवाजाही पर पड़ा है। युद्ध का असर जयपुर के बड़े अस्पतालों में साफ दिख रहा है। ईएचसीसी, फोर्टिस, नारायणा और जैन ईएनटी जैसे अस्पताल, जहां खाड़ी देशों के मरीजों की नियमित आमद रहती थी, अब खाली हैं। पिछले साल मार्च 2024 में 54 और मार्च 2025 में 62 मरीज इलाज के लिए जयपुर आए थे, लेकिन इस बार एक भी नहीं आया। जयपुर मेडिकल टूरिज्म के साथ-साथ मेडिकल कॉन्फ्रेंस और हेल्थ इवेंट्स का भी बड़ा केंद्र है। शहर के टूरिस्ट डेस्टिनेशन होने के कारण इलाज के साथ अन्य गतिविधियों के लिए भी हजारों लोग आते थे, लेकिन मौजूदा हालात में यह पूरी गतिविधि प्रभावित हो गई है। जयपुर के अस्पतालों का एशिया-अफ्रीका पर फोकस सबसे ज्यादा असर हार्ट, किडनी, लिवर ट्रांसप्लांट, जॉइंट रिप्लेसमेंट और ईएनटी सर्जरी पर पड़ा है। एक मरीज पर औसतन 6 से 8 लाख रुपए खर्च होते थे, जिससे हर महीने करीब 4 से 5 करोड़ रुपए का मेडिकल टूरिज्म जुड़ा हुआ था, जो अब पूरी तरह ठप है। अस्पताल संचालकों का मानना है कि युद्ध के खत्म होने के बाद भी हालात सामान्य होने में समय लगेगा और अगले 4 से 5 महीनों तक खाड़ी देशों से मरीज नहीं के बराबर आने की संभावना है। इस स्थिति में अस्पताल अब दक्षिण पूर्व एशिया, अफ्रीका और मध्य एशिया के देशों पर फोकस कर रहे हैं। कई अस्पतालों ने टेलीमेडिसिन सेवाएं शुरू कर दी हैं, ताकि मरीजों को पहले ऑनलाइन जोड़ा जा सके और बाद में जरूरत होने पर जयपुर लाया जा सके। एक्सपर्ट व्यूज - डॉ. अजीत बाना, डॉ. जितेन्द्र मक्कड़ (सीनियर कार्डियक सर्जन), डॉ. मुजाहिद सलीम व डॉ. विजय शर्मा (सीनियर जॉइंट रिप्लेसमेंट), डॉ. सतीश जैन (सीनियर ईएनटी सर्जन),
वैश्विक युद्ध का असर अब ग्वालियर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर दिखने लगा है। शहर के ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रकों की आवाजाही में करीब 20% की गिरावट दर्ज की गई है। जहां सामान्य दिनों में रोज करीब 10 हजार ट्रकों का आना-जाना था। वहीं अब यह संख्या घटकर लगभग 8 हजार रह गई है। काम न मिलने के कारण 800 ट्रक ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग में खड़े हैं। जिससे कारोबार प्रभावित हुआ है। अमेरिका, इजरायल और ईरान युद्ध के कारण इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का गणित बिगाड़ दिया है। बढ़ती हुई उत्पादन लागत ने फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन घटा दिया है। इसका सीधा असर ग्वालियर के ट्रांसपोर्ट कारोबार पर पड़ा है। युद्ध ने बिगाड़े पोर्ट से भाड़े के समीकरण, इसलिए बढ़ा संकट ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के ग्वालियर अध्यक्ष सुनील माहेश्वरी ने बताया कि युद्ध ने इंपोर्ट-एक्सपोर्ट को प्रभावित किया है। करीब 35% ट्रांसपोर्टेशन कार्य ठप हो चुका है। ग्वालियर से पहले चॉकलेट, किराना, बिजली सामग्री विदेश जाती थी, जबकि वहां से इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी आती थी। इन सभी में गिरावट आई है। ग्वालियर से गुजरात का मुंद्रा पोर्ट, मुंबई का नवा शेवा पोर्ट और दिल्ली तक बड़े पैमाने पर माल जाता था, जहां से यह विदेश में जाता था। वर्तमान में वहां से होने वाला काम महज 70% रह गया है। उत्पादन घटा, ‘डर’ ने बढ़ाई मंदी: चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष डॉ.प्रवीण अग्रवाल का कहना है कि मौजूदा मंदी संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि बाजार में फैला भय का माहौल है।फैक्ट्रियों में उत्पादन घटने से माल की आवाजाही कम हो गई है। चॉकलेट, बेकरी उत्पादों का निर्यात ठप हो चुका है। ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष बोले-भाड़ा कम, बढ़ी लागत लोकल ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष राजीव मोदी के अनुसार, मौजूदा हालात में भाड़ा कम मिल रहा है और लागत बढ़ रही है। इससे ट्रांसपोर्टर्स की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ा है। दूसरी ओर, ट्रक ड्राइवरों को ईंधन के लिए भी परेशान हो रहे हैं। हरियाणा के कई शहरों के पंप 200 लीटर डीजल दे रहे हैं। इससे लंबी दूरी के रूट बाधित हो रहे हैं।
पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है
मिडिल ईस्ट युद्ध पर पीएम मोदी के संबोधन पर एनडीए नेता बोले, सभी को एकजुट होने की जरूरत
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच पैदा हुई समस्याओं से भारत कैसे निपट रहा है, इस बारे में पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में अपनी बात रखी
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि पति या पत्नी की मृत्यु के बाद एक्स-पार्टी (एकतरफा) तलाक के डिक्री को रद्द नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मुकदमा आगे नहीं बढ़ सकता और इसे पुनर्जीवित करना कानूनन संभव नहीं है। जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने यह निर्णय देते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें 30 साल पुराने तलाक को बहाल कर दिया गया था। पत्नी की मौत पर दूसरी के साथ रहने लगा था मामले में पहली पत्नी का विवाह 1991 में एक्स-पार्टी डिक्री के जरिए समाप्त हो गया। इसके बाद पति ने दूसरी शादी कर ली और अलग परिवार के साथ रहने लगा। वर्ष 2023 में पति की मृत्यु के बाद दूसरी पत्नी को वैध विधवा मानते हुए उसे सभी सेवा लाभ दिए गए। इसके बाद पहली पत्नी ने भी लाभ पाने के लिए दावा किया और फैमिली कोर्ट में एक्स-पार्टी डिक्री रद्द करने की मांग की। फैमिली कोर्ट ने देरी माफ करते हुए डिक्री रद्द की, जिसे दूसरी पत्नी और उसके बच्चों ने हाइकोर्ट में चुनौती दी। हाइकोर्ट ने पाया कि पहली पत्नी ने डिक्री को चुनौती देने के लिए 30 साल से अधिक समय तक कोई कदम नहीं उठाया और यह आवेदन पति की मृत्यु के तुरंत बाद किया गया, जिससे उसकी मंशा पर भी सवाल उठता है। तलाक की सूचना नहीं, यह साबित नहीं हाईकोर्ट ने कहा कि पहली पत्नी यह साबित नहीं कर पाई कि उसे तलाक की कार्यवाही की सूचना नहीं दी गई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार पति या पत्नी की मृत्यु के बाद वैवाहिक विवाद समाप्त हो जाता है और उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। अदालत ने कहा, “ऐसे हालात में पुराने मुकदमे को बहाल करने से दूसरी पत्नी का वैध अधिकार प्रभावित होता है, जबकि उसे अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं मिलेगा।” हाइकोर्ट ने यह भी माना कि तलाक के बाद हुई दूसरी शादी पूरी तरह वैध थी। इन सभी तथ्यों को देखते हुए अदालत ने दूसरी पत्नी की अपील स्वीकार करते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया।
'क्या सरकार खुद तैयार है...', पश्चिम एशिया युद्ध पर एमके स्टालिन ने केंद्र से पूछा सवाल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मंगलवार को संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान की...
सरकार को मिडिल ईस्ट युद्ध रुकवाने के लिए कोशिश करनी चाहिए : रामगोपाल यादव
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच लोकसभा में पीएम मोदी के संबोधन पर विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि वर्तमान की स्थिति काफी गंभीर है और इस युद्ध से विनाश होगा
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सरकार के कामकाज पर तंज कसते हुए कहा- दिसंबर 2023 से प्रदेश में अजीबोगरीब 'इंतजारशास्त्र' चल रहा है। पिछली कांग्रेस सरकार के जनहितकारी प्रोजेक्ट्स की रफ्तार को जानबूझकर थाम दिया गया है। इससे न केवल लागत बढ़ रही है, बल्कि जनता अपने अधिकारों से भी वंचित हो रही है। गहलोत ने बयान जारी कर कहा- गहलोत ने जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित 'महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज' की भव्य इमारत वर्ष 2024 में ही बनकर तैयार हो चुकी है, लेकिन सरकार इसे क्रियाशील करने से बच रही है। क्या आप इस बेहतरीन संस्थान को सिर्फ इसलिए शुरू करने से कतरा रहे हैं, क्योंकि यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के नाम पर है? 233 करोड़ के बजट से संस्थान की रखी थी नींव पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा- टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) और पुणे के MIT की तर्ज पर अक्टूबर 2022 में करीब 233 करोड़ के बजट से इस संस्थान की नींव रखी गई थी। इसका एकमात्र लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को सुशासन और सामाजिक विज्ञान में अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और शोध की सुविधा देना था। एक्ट पारित कर इसे स्वायत्त संस्थान का दर्जा दिया गया था, ताकि यह राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा के नए आयाम स्थापित कर सके। गहलोत ने कहा- संस्थानों का निर्माण किसी एक दल के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किया जाता है। गांधी जी के नाम और उनके आदर्शों से राजनीतिक द्वेष पालना न केवल संकीर्ण मानसिकता है, बल्कि उन हजारों युवाओं के साथ भी अन्याय है, जो इस संस्थान में प्रवेश का सपना देख रहे हैं। सरकार तुच्छ राजनीति से ऊपर उठकर इस संस्थान को अविलंब शुरू करे। गहलोत ने कहा- यदि जनहित के इन प्रोजेक्ट्स को राजनीतिक द्वेष के कारण रोका गया तो प्रदेश की जनता इस नकारात्मक दृष्टिकोण का जवाब समय आने पर जरूर देगी।
ईरान-अमेरिका युद्ध पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के क्या मायने, कोविड से क्यों की तुलना
PM Modi Lok Sabha Speech: पश्चिमी एशिया में चल रहे ईरान और इजराइल, अमेरिका युद्ध पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकसभा में दिए गए भाषण के कई मायने निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में युद्ध हो रहा है वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ ...
फैक्ट चेक: इजरायल के डिमोना पर हमले के दावे से इराक का वीडियो हुआ वायरल
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
देवास में खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण पेट्रोल पंपों पर ईंधन की समस्या उत्पन्न हो गई है। शहर के बाहरी क्षेत्र देवास बायपास पर स्थित दो पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टोल टैक्स के समीप स्थित कटारे फिलिंग स्टेशन पर पिछले लगभग 15 दिनों से डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति बाधित है। हालांकि, यहां सीएनजी वाहनों के लिए उपलब्ध है। वहीं, शंकरगढ़ बायपास स्थित रुक्मणी फ्यूल स्टेशन पर उपभोक्ताओं को केवल डीजल दिया जा रहा है, पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। दोपहिया वाहन चालकों को पैदल लौटना पड़ाइस स्थिति से दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से समस्या हो रही है। एक दोपहिया वाहन चालक चेतन ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ देवास से बायपास आए थे, लेकिन पेट्रोल न मिलने के कारण उन्हें अपना वाहन पैदल लेकर चलना पड़ा। कटारे फिलिंग स्टेशन के मैनेजर कृष्णा ने बताया कि कंपनी पहले क्रेडिट पर ईंधन देती थी, लेकिन अब युद्ध के चलते उत्पाद की कमी के कारण कंपनी एडवांस भुगतान की मांग कर रही है। इस वजह से पंप पर पिछले करीब 15 दिनों से डीजल-पेट्रोल उपलब्ध नहीं है, केवल सीएनजी मिल रही है। रुक्मणी फिलिंग स्टेशन के कर्मचारियों ने भी पुष्टि की कि उनके पंप पर फिलहाल डीजल पर्याप्त मात्रा में है, लेकिन पेट्रोल कल से उपलब्ध नहीं है। स्टॉक करने से भी समस्याजानकारों का मानना है कि इन दिनों उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा डीजल-पेट्रोल का स्टॉक कर रहे हैं, जिससे भी कुछ पंपों पर समस्या आ रही है। हालांकि, शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इसके विपरीत, लक्की फ्यूल स्टेशन नायरा के मैनेजर अरुण पाठक ने बताया कि उनके यहां डीजल-पेट्रोल की पर्याप्त खपत हो रही है और कंपनी से माल भी पर्याप्त मात्रा में मिल रहा है। वे सभी उपभोक्ताओं को डीजल-पेट्रोल उपलब्ध करवा रहे हैं। सप्लाई से पहले पेमेंट के कारण आई दिक्कत पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है। स्टॉक भरा पड़ा है। कुछ पेट्रोल पंपों के संचालकों को सप्लाई के पहले भुगतान में दिक्कत के कारण पेट्रोल मिलने में समय लग रहा है। सिंह ने बताया कि कंपनियों ने फिलहाल भुगतान होने के बाद ही पेट्रोल-डीजल की सप्लाई शुरू की है।
पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण युद्ध और गहराते ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आत्मनिर्भरता को लेकर बड़ा बयान दिया है। संसद के निचले सदन (लोकसभा) में करीब 20 मिनट के अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने 'E20 पेट्रोल' की ...
ईरान-इजराइल युद्ध से हिला बाजार: सेंसेक्स 1800 अंक टूटा, निवेशकों के 14 लाख करोड़ डूबे
Share Market Crash : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स में 1800 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई तो निफ्टी भी 602 अंक गिर गया। इससे निवेशकों को 14 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।
लोकसभा में पीएम मोदी बोले: युद्ध के बीच 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित लौटे, तेल-खाद्यान्न का पूरा इंतजाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध पर बयान देते हुए बताया कि अब तक 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार, कोयला स्टॉक और खाद्यान्न मौजूद है। सरकार हर चुनौती से ...
Middle East में 'पावर वॉर' का आगाज; Trum की 48 घंटे की डेडलाइन के बीच Iran की खाड़ी देशों को धमकी
मध्य पूर्व में बिजली पर महाजंग! ट्रंप की 48 घंटे की डेडलाइन के बीच ईरान की खाड़ी देशों को खुली धमकी। ऊर्जा और पानी के संकट पर मंडराया खतरा। पढ़ें विशेष रिपोर्ट।
Gujarat Industrial Crisis: पश्चिम एशिया में अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने गुजरात की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचाई है। कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुकी हैं, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों का आवागमन ठप है और गैस-एलपीजी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे सूरत का टेक्सटाइल हब और मोरबी का सिरेमिक क्लस्टर दोनों ही गंभीर संकट में फंस गए हैं। सूरत टेक्सटाइल उद्योग : सप्ताह में दो दिन बंदी, लागत दोगुनी सूरत की टेक्सटाइल प्रोसेसिंग मिलें—जो सिंथेटिक कपड़े, डाइंग और प्रिंटिंग पर निर्भर हैं—पेट्रोकेमिकल आधारित कच्चे माल और ऊर्जा के दामों में भारी उछाल से जूझ रही हैं। धागा, कोयला/गैस और अन्य इनपुट्स की कीमतें 15-20% तक बढ़ चुकी हैं। सप्लाई चेन बाधित होने से स्टॉक घट रहा है—कई मिलों के पास अब सिर्फ 10-20 दिनों का कोयला/गैस बचा है। इस दोहरे संकट (बढ़ती लागत + कम मांग) से निपटने के लिए साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (SGTPA) ने फैसला किया है कि मिलें हर सप्ताह दो दिन बंद रहेंगी। एसजीटीपीए के अध्यक्ष जीतु वखारिया ने कहा कि ग्रे कपड़े की कीमतें बढ़ने से मार्केट पार्टियां अब प्रसंस्करण के लिए माल नहीं दे रही हैं। ऐसी स्थिति में मिलें चलाना घाटे का सौदा हो गया है। हम अगले सप्ताह से यह कदम उठा रहे हैं ताकि नुकसान कम हो और संसाधन बचे रहें। सूरत में करीब 400-500 प्रोसेसिंग यूनिट्स हैं, जो सीधे 3 लाख से अधिक श्रमिकों की आजीविका चलाती हैं। ऑपरेशन कम होने से वेतन प्रभावित हो रहा है और मजदूरों का बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो गया है। हजारों उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों के श्रमिक रोज़ाना सूरत छोड़कर घर लौट रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संकट लंबा खिंचा तो मांग लौटने पर श्रमिकों की भारी कमी हो सकती है, जो उद्योग की रिकवरी के लिए बड़ा झटका साबित होगा। यह संकट नोटबंदी और कोविड के बाद उबरते सूरत के लिए एक नया झटका है। उद्योग बांग्लादेश संकट को अवसर मानकर तैयारी कर रहा था, लेकिन अब वैश्विक अस्थिरता ने सब कुछ उलट-पुलट कर दिया है। मोरबी सिरेमिक उद्योग : गैस संकट से सैकड़ों यूनिटें बंद संकट की लहरें सूरत से आगे मोरबी तक पहुंच गई हैं—भारत का सिरेमिक हब, जहां देश की 80-90% टाइल्स और सैनिटरीवेयर बनती हैं। ईरान युद्ध के कारण होर्मुज़ स्ट्रेट बंद होने और गैस आपूर्ति में कटौती से सैकड़ों इकाइयां (कुछ रिपोर्ट्स में 400+ तक) बंद हो चुकी हैं या बंद होने के कगार पर हैं। यदि हालात नहीं सुधरते हैं तो यह आंकड़ा 600 के पार भी जा सकता है। निर्यात मार्ग अवरुद्ध हैं—दुबई, ओमान, कतर, शारजाह जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर व्यवधान से कंटेनर फंसे हुए हैं। सिरामिक ही नहीं, मोरबी की लगभग 52 पेपर मिलें भी आर्थिक संकट में घिर गई हैं। कच्चे माल की कमी और बिक्री में 50% की गिरावट के कारण पूरा मोरबी फिलहाल आर्थिक चिंता के माहौल में है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज एरवाडिया के अनुसार, गैस की उपलब्धता और कीमतों में स्थिरता आने के बाद ही नए रेट कार्ड के साथ उत्पादन फिर से शुरू किया जाएगा। लाखों नौकरियां खतरे में फ्रेट चार्जेस 20-30 गुना तक बढ़ गए हैं। इससे उद्योग का नकदी प्रवाह थम गया है और लाखों नौकरियां खतरे में हैं। मोरबी का सालाना टर्नओवर हजारों करोड़ का है, जो अब ठप होने की कगार पर है। कुल मिलाकर यह सिर्फ एक क्षेत्रीय सुस्ती नहीं, बल्कि गुजरात की पूरी विनिर्माण अर्थव्यवस्था पर वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर है। राज्य का सबसे बड़ा आर्थिक इंजन परीक्षा की घड़ी से गुजर रहा है। यदि युद्ध लंबा चला तो मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और प्रवासन की नई लहर पैदा हो सकती है। उद्योग जगत सरकार से तत्काल राहत पैकेज, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत और निर्यात सहायता की मांग कर रहा है। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। सऊदी अरब सहित कई देशों में अस्थिरता का माहौल है, जिससे वहां कार्यरत विदेशी कर्मचारियों की नौकरियों पर संकट आ गया है। भारत समेत विभिन्न देशों के हजारों कामगारों को अचानक नौकरी से निकाला जा रहा है। इसी संकट की चपेट में मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र निवासी रिजवान खान और उनके अलीगढ़ निवासी भतीजे अली भी आ गए हैं। दोनों सऊदी अरब के मदीना शहर में टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत थे। उन्हें युद्ध के माहौल और आर्थिक दबाव का हवाला देते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से हटा दिया गया। कंपनी ने उनकी बकाया सैलरी का भुगतान भी नहीं किया और सीधे भारत का टिकट कराकर वापस भेज दिया। रविवार को भारत लौटे रिजवान ने बताया कि सऊदी अरब में ईरानी मिसाइल हमलों का जबरदस्त खौफ है। रिजवान के अनुसार, सऊदी सरकार किसी भी कीमत पर युद्ध से बचना चाहती है, क्योंकि पहले भी ईरान द्वारा किए गए हमलों से आर्थिक हालात बिगड़ चुके हैं। मौजूदा तनाव ने कंपनियों पर लागत कम करने का दबाव बढ़ा दिया है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। रिजवान की करीब 15 हजार रियाल की सैलरी रोक ली गई है, जिससे उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के कई कर्मचारी भी इसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। ईद जैसे महत्वपूर्ण त्योहार से ठीक पहले नौकरी छिन जाने से प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका और गहरा असर पड़ेगा। ऐसे में वहां काम कर रहे लाखों प्रवासी भारतीयों के भविष्य पर भी खतरा मंडराने लगा है।
LIVE: संजय राउत का पीएम मोदी से सवाल, युद्ध में हमारी क्या भूमिका है?
Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध का आज 24वां दिन है। दोनों ओर से भीषण बमबारी हो रही है। इस बीच शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी को बताना चाहिए कि युद्ध में हमारी ...
ईरान युद्ध रोकने के लिए उज्जैन में अनुष्ठान:मां बगलामुखी मंदिर में यज्ञ, देश भर से आए भक्त हुए शामिल
उज्जैन स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में सोमवार को विश्व शांति और युद्ध विराम की कामना को लेकर विशेष यज्ञ अनुष्ठान आयोजित किया गया। बीते कई दिनों से जारी अंतरराष्ट्रीय तनाव को देखते हुए इस आयोजन में दुनिया भर के कल्याण की प्रार्थना की गई। नवरात्रि के पावन पर्व पर शुरू हुए इस 9 दिवसीय यज्ञ में 100 से अधिक पंडित-पुजारी भाग ले रहे हैं। सोमवार को हुए अनुष्ठान में विशेष रूप से विश्व शांति के लिए आहुतियां दी गईं। मंदिर के गादीपति रामनाथ महाराज ने बताया कि दस महाविद्याओं का पूजन 51 बटुकों के साथ संपन्न कराया गया। वर्तमान में चल रहे युद्ध को लेकर माता से प्रार्थना की गई कि इस विनाशकारी स्थिति का जल्द अंत हो। पूरे अनुष्ठान में विधि-विधान से पूजन, अभिषेक और हवन किया गया। इसमें विशेष रूप से मिर्ची अनुष्ठान भी शामिल रहा, जिसे संकट निवारण और शत्रु बाधा समाप्ति के लिए किया जाता है। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने पहुंचे। मुंबई से आए भक्तों ने भी यज्ञ में भाग लेकर विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए प्रार्थना की।
ईरान और इस्राएल-अमेरिका युद्ध पर कहां खड़े हैं ब्रिक्स देश
जैसे-जैसे ईरान पर अमेरिका-इस्राएल युद्ध का असर बढ़ रहा है, ब्रिक्स देशों पर जवाबी कार्रवाई करने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है. आपसी मतभेदों और अलग-अलग हितों की वजह से इस गुट की कमियां पूरी दुनिया के सामने उजागर हो गई हैं
अमेरिका-इजराइल की ईरान की जंग से मिडिल ईस्ट में बिगड़े हालात का भारत पर भी असर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार दोपहर 2 बजे लोकसभा में इस संघर्ष पर सदन को संबोधित करेंगे। रविवार को ही पीएम की अध्यक्षता में संघर्ष के हालात पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई थी। 3.30 घंटे चली बैठक में उन्होंने साफ कहा है कि देश में जमाखोरी-कालाबाजारी कतई बर्दाश्त नहीं होगी। 28 जनवरी जंग शुरू हुई है। इसके बाद से ही विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर बहस की मांग करता आ रहा है। विपक्ष का दावा है कि देश में गैस, तेल और एनर्जी की कमी है, लेकिन केंद्र सरकार का कहना है कि सब ठीक है। आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगी। इसके जरिए लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट 2008 और कंपनी एक्ट 2013 में और संशोधन किए जाएंगे। इधर, सत्र की पिछली कार्रवाई के दौरान लोकसभा में विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों को पारित कर दिया गया। इसके लिए गिलोटिन प्रक्रिया लागू की गई। इसके तहत बिना चर्चा या बहस के मांगों को पारित कर दिया जाता है। सदन के दूसरे फेज के पिछले 8 दिन की कार्यवाही… 17 मार्च: देवगौड़ा सहित 59 सांसदों की राज्यसभा से विदाई अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 के बीच राज्यसभा से रिटायर हो रहे 59 सांसदों को विदाई दी गई। इनमें पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, सभापति हरिवंश, आरपीआई नेता रामदास आठवले शामिल हैं। हालांकि पवार और आठवले राज्यसभा के लिए फिर चुन लिए गए। इस दौरान पीएम मोदी ने संसद को एक ओपन यूनिवर्सिटी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपका अनुभव हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा बना रहेगा। पूरी खबर पढ़ें…16 मार्च: लोकसभा से 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हटा लोकसभा में मंगलवार को पहले फेज के दौरान निलंबित किए गए 8 सांसदों पर लगा सस्पेंशन हटा दिया गया। इनमें कांग्रेस के 7 और लेफ्ट के एक सांसद हैं। ये आठ सांसद 4 फरवरी को लोकसभा से पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए गए थे। उन पर हंगामा करने के दौरान स्पीकर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा था। यह हंगामा उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सदन में पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव का जिक्र कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें… 15 मार्च: राज्यसभा में LPG संकट पर हंगामा, खड़गे बोले- सरकार को पहले से पता था, इंतजाम क्यों नहीं किया बजट सत्र के दूसरे फेज में सोमवार को लोकसभा में पहली बार प्रश्नकाल बिना किसी हंगामे के पूरा हुआ। इधर राज्यसभा में LPG सिलेंडर के संकट को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित कर रही है। अगर सरकार समय रहते इंतजाम कर लेती, तो हालात इतने खराब नहीं होते। पूरी खबर पढ़ें… 13 मार्च: LPG संकट पर संसद में विपक्ष की नारेबाजी:वित्त मंत्री बोलीं- मुश्किल समय में साथ खड़े हों विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में LPG संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी समेत विपक्ष के सांसदों ने 8 निलंबित सांसदों की वापसी की मांग की। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा- सदन की मेजों पर चढ़ोगे तो यही एक्शन होगा। लोकसभा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विदेशों में हो रहे घटनाक्रम के कारण हमारे देश में कुछ मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। सरकार जरूरी फंड मुहैया कराने और पूरी तरह तैयार रहने के लिए कदम उठा रही है। पूरी खबर पढ़ें… 12 मार्च: राहुल बोले- पेट्रोलियम मंत्री ने एपस्टीन को दोस्त कहा था; स्पीकर ने बोलने से रोका, एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगे राहुल गांधी ने लोकसभा में गुरुवार को LPG संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है। अगर अमेरिका यह तय करे कि हम रूस से गैस या तेल खरीद सकते हैं या नहीं, तो यह समझ से परे है। पेट्रोलियम मंत्री खुद कह चुके हैं कि वे एपस्टीन के दोस्त हैं। स्पीकर बिरला ने राहुल को रोका। उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री से बोलने को कहा। पुरी ने जैसे ही बोलना शुरू किया, विपक्षी सांसद एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगाने लगे। पूरी खबर पढ़ें… 11 मार्च: शाह बोले- आंख मारने वाले स्पीकर पर सवाल उठा रहे; LPG कीमत बढ़ोतरी पर लोकसभा में हंगामा बुधवार को सदन की शुरुआत होते ही विपक्षी सदस्यों ने LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और कई सदस्य वेल में पहुंच गए। विपक्ष का विरोध जारी रहने के कारण अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे दिलीप सैकिया ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। वहीं शाह ने राहुल पर आरोप लगाया कि राहुल सदन में PM मोदी से आकर गले लग जाते हैं। आंख मारते हैं। फ्लाइंग किस देते हैं। मुझे तो बोलने में भी शर्म आती है। ये स्पीकर के आचरण पर सवाल करते हैं। अपने आचरण पर भी तो सवाल करिए। पूरी खबर पढ़ें… 10 मार्च: गोगोई बोले- राहुल को 20 बार टोका गया; रिजिजू का जवाब- प्रियंका को नेता प्रतिपक्ष बनाते तो अच्छा होता कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में कहा कि 2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जब बोल रहे थे, तब उन्हें बार-बार रोका गया। स्पीकर सर ने उनके तर्क पर सबूत देने का कहा। 9 फरवरी को शशि थरूर जब बोल रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रियंका को LoP बनाते तो कुछ अच्छा होता। देखिए प्रियंका हंस रही हैं। जो अच्छा व्यवहार करे तो उसकी सराहना करनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 9 मार्च: वेस्ट एशिया पर संकट जयशंकर बोले- हम शांति और बातचीत से समाधान के पक्ष में विदेश मंत्री ने सोमवार को पहले राज्यसभा में और फिर लोकसभा में गल्फ देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट को लेकर तैयारियों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि इस समय ईरान की लीडरशिप से कॉन्टैक्ट मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी-13 फरवरी: बजट सत्र का पहला फेज 13 फरवरी : खड़गे ने रिकॉर्ड से अपने भाषण के हिस्सों को हटाए जाने की आलोचना की संसद के बजट सत्र का पहला फेज 13 फरवरी को समाप्त हुआ, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा के रिकॉर्ड से अपने भाषण के कुछ हिस्सों को हटाए जाने की आलोचना की। 12 फरवरी : भाजपा सांसद ने राहुल की सदस्यता खत्म करने का नोटिस दिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार राहुल गांधी के खिलाफ सदन में उनकी स्पीच के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने की तैयारी में है। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा था कि मोदीजी ने छाती 56 इंच की नपवाई थी। उनके खिलाफ भी प्रस्ताव आना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 11 फरवरी : राहुल बोले- अडाणी पर केस मोदी पर दबाव बनाने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अडाणी पर चल रहा केस, दरअसल मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। पूरी खबर पढ़ें… 10 फरवरी : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश विपक्ष ने संसद की कार्यवाही के 10वें दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया था। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर थे। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही वह स्पीकर की चेयर संभालेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 9 फरवरी: लोकसभा केवल 13 मिनट चली, विपक्ष की मांग राहुल गांधी को बोलने दें बजट सत्र के 9 वें दिन लोकसभा की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्ष सदन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करता रहा था। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि 1 घंटा पहले स्पीकर के पास हम गए, स्पीकर ने हमें कमिट किया कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिए जाएगा, आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप मुझे बोलने देंगी या नहीं। पूरी खबर पढ़ें… 6 फरवरी: केंद्रीय मंत्री बिट्टू बोले- राहुल PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे लोकसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई। पहली बार 3 मिनट और दूसरी बार 7 मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी। इसके बाद लोकसभा 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा को भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। पूरी खबर पढ़ें… 5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में 97 मिनट बोले बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हुआ। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया था। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा कि इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल ने कहा था कि एक दिन पहले मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी: देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
युद्ध का असर डाकोर तक: गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण मंदिर का अन्नक्षेत्र बंद
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले तीन सप्ताह से चल रहे युद्ध का असर अब गुजरात के सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल डाकोर (Dakor) मंदिर तक भी पहुंच गया है। इस कमी के परिणामस्वरूप हॉस्टल, होटल और रेस्तरां के साथ-साथ अब मंदिरों के भोजनालय भी प्रभावित हुए हैं, ...
ईरान-इजराइल युद्ध से तेल संकट गहराया, ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर पार
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी महायुद्ध की वजह से एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 112 डॉलर के पार पहुंच गई। WTI क्रूड भी 98.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इंडियन बास्केट में भी आज ...
मिडिल ईस्ट जंग का असर: पेट्रोलियम पदार्थों की आ रही कमी, सरकार हल निकाले : बहल
अमृतसर| मिडिल ईस्ट की जंग के चलते सबसे अधिक किल्लत पेट्रोलियम पदार्थों की आ रही है। इसके चलते हर तरफ असर पड़ रहा है। भारत विकास परिषद के प्रधान नैनीश बहल ने कहा कि सप्लाई बहाल कराना हमारे बस में नहीं है लेकिन किफायत करके काफी हद तक समस्या से निपटा जा सकता है। उन्होंने लोगों व सरकार को सुझाव दिया है कि शिक्षण संस्थानों खास करके स्कूल-कॉलेज आदि के साथ सरकारी दफ्तरों के क्लेरिकल स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम मोड पर लाया जाए। इससे उनके ट्रांसपोर्टेशन में इस्तेमाल होने वाले फ्यूल को बचाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने मंत्रियों, नेताओं और ब्यूरोक्रेट्स से भी वाहनों के कारवां कम करने की अपील की है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि वह बहुत जरूरी होने पर ही वाहनों का इस्तेमाल करें।
मिडिल ईस्ट संघर्ष से उर्वरकों की कमी हो सकती है: सीएम रेवंत रेड्डी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण उर्वरकों की कमी हो सकती है
सोनीपत जिले के गांव गढ़ी बिंदरौली में रविवार को शहीद हुए वीर जवान महेंद्र सिंह की शहादत के 55 साल बाद उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। वे 1971 में भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए थे। इस अवसर पर पूरा गांव भावुक हो उठा और हर आंख नम दिखाई दी। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी शहीद को पुष्प अर्पित करने पहुंचे। शहीद महेंद्र सिंह वर्ष 1968 में भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। वह एक साहसी और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे, जिन्होंने देश सेवा को सर्वोपरि माना। उनके जज्बे और देशभक्ति की भावना ने उन्हें एक सच्चा सैनिक बनाया। छुट्टी छोड़ बॉर्डर पहुंचे, देश को चुना सबसे पहलेवर्ष 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान महेंद्र सिंह अपने गांव गढ़ी बिंदरौली में दो महीने की छुट्टी पर आए हुए थे। मात्र 15 दिन बाद उन्हें एक टेलीग्राम प्राप्त हुआ, जिसमें उनकी छुट्टी तत्काल प्रभाव से रद्द कर बॉर्डर पर रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया। उन्होंने बिना देर किए ड्यूटी जॉइन की। घर से निकलते समय उन्होंने अपनी पत्नी और परिजनों से कहा— “देश को मेरी जरूरत है, चिंता मत करना।” यह शब्द आज भी परिवार के लिए गर्व और भावनाओं का प्रतीक बने हुए हैं। कश्मीर में लड़ते हुए दी सर्वोच्च बलिदानभारत-पाक युद्ध के दौरान कश्मीर क्षेत्र में दुश्मनों से मुकाबला करते हुए महेंद्र सिंह ने वीरगति प्राप्त की। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की और हमेशा के लिए अमर हो गए। प्रतिमा अनावरण में उमढ़ी भीड़शहीद की प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और गणमान्य लोग मौजूद रहे। शहीद की पत्नी संतरा देवी, बेटी राजवंती देवी और अन्य परिजन इस पल को देखकर भावुक हो उठे। आंखों में आंसू थे, लेकिन दिल में गर्व भी उतना ही था कि उनके परिवार का एक सदस्य देश के लिए शहीद हुआ। नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, युवाओं के लिए बताया प्रेरणाइस अवसर पर हरियाणा के पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली और विधायक कृष्णा गहलावत मौजूद रहे। उन्होंने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भूले-बिसरे शहीदों को सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महेंद्र सिंह की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी और युवाओं को देशभक्ति के मार्ग पर चलने की सीख देगी। शहीदी दिवस पर भी किया गया नमननेताओं ने बताया कि 23 मार्च के शहीदी दिवस के अवसर पर भी वीर शहीदों को याद किया जा रहा है। देश के महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की कुर्बानी को पूरे देश और हरियाणा में श्रद्धा के साथ नमन किया जा रहा है।
ईरान रेड क्रेसेंट सोसायटी के अध्यक्ष पीरहुसैन कोलिवंद ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपनी “आक्रामक कार्रवाई” की शुरुआत से अब तक 80,000 से ज्यादा नागरिक स्थानों पर हमले किए हैं
पटना के जक्कनपुर इलाके के बंगाली कॉलोनी में शादीशुदा महिला की चाकू गोद कर हत्या कर दी गई है। मृतका की पहचान संतोष कुमार की पत्नी मुन्नी देवी (35 वर्ष) के तौर पर हुई है। इस चाकूबाजी की घटना में मृतका की नाबालिग बेटी भी घायल हो गई है, जिसे हाथ और बाजू में चोट लगा है। फिलहाल, बच्ची का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पहले देखिए घटना के बाद की तस्वीर… 12 से अधिक बार किया वार, मुझे भी चाकू मारा- बेटी मतका की 17 साल की बेटी ने पुलिस को बताया है कि, मैं घर पर मां के साथ मौजूद थी। लगभग 4 बजे के करीब राजा नाम का शख्स आया और चाकू मारना शुरू कर दिया। कम से कम 12 बार से अधिक वार किया। मैं बीच बचाव करने आई तो मुझे भी चाकू मार दिया। मैं शोर मचाने लगी। आस पास के लोग दौड़कर मेरे घर की ओर आने लगे तब तक राजा तेजी से फरार हो गया।' पड़ोस के लड़कों ने अस्पताल में कराया एडमिट पड़ोस के लड़के शैलेश कुमार ने बताया कि, ‘कॉल करके मुझे पड़ोसी ने बुलाया। उसके बाद हम लोग गोद में उठाकर बाइक से अस्पताल लाये थे। यहां से गंभीर स्थिति देखते हुए डॉक्टर ने पीएमसीएच रेफर कर दिया।’ एक तरफा प्यार में चाकू गोदने की आशंका राजा अक्सर मृतका के घर पर आया जाया करता था। पिछले 1 सप्ताह से बच्चों ने उसे घर पर नहीं आने दिया था। यह बात आरोपी को नागवार गुजरी। आज अचानक चाकू लेकर घर पर पहुंच गया और सीधे हमला कर दिया। आशंका है कि एक तरफा प्यार में इस घटना को अंजाम दिया गया है। महिला का पति बाहर रहता है और महिला पास में ही ठेले पर नाश्ते की दुकान चलाती थी। क्या कहती है पुलिस एसडीपीओ 2 रंजन कुमार ने बताया कि, ‘अभियुक्त की पहचान कर ली गई है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से रेड की जा रही है।’
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष मानवीय और आर्थिक दृष्टिकोण से दुखद, जल्द शांति बहाली जरूरी: रीता बहुगुणा
मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी ने इस स्थिति को मानवीय और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से दुखद बताते हुए जल्द शांति बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया
मिडिल-ईस्ट में युद्ध का असर...दुबई का मोह छूटा, वियतनाम, बाली, थाईलैंड का क्रेज बढ़ा
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पर दिखाई देने लगा है। मिडिल ईस्ट के कई रूट प्रभावित होने से यात्रियों को अपने ट्रैवल प्लान बदलने पड़ रहे हैं। लुधियाना के ट्रैवल एजेंटों के अनुसार पहले जहां दुबई और मिडिल ईस्ट के शहरों के लिए सबसे ज्यादा बुकिंग होती थी, वहीं अब लोग थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, वियतनाम और बाली जैसे डेस्टिनेशन चुन रहे हैं। अचानक बढ़ी मांग के कारण इन देशों के पैकेज और फ्लाइट टिकट की कीमतें भी तेजी से बढ़ गई हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि मार्च में कई जगहों के टिकट और पैकेज लगभग सोल्ड आउट हो चुके हैं और अब अप्रैल से जून तक की बुकिंग हो रही है। ट्रैवल एजेंटों के अनुसार पिछले एक महीने में कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर फ्लाइट टिकट के दाम दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं। उदाहरण के तौर पर मलेशिया की वापसी टिकट जो कुछ समय पहले करीब 25 हजार रुपये में मिल जाती थी, अब 65 से 79 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। यही स्थिति अन्य एशियाई रूट्स पर भी देखने को मिल रही है। मार्च पैकेज फुल, अब अप्रैल-जून के लिए बुकिंग हो रही क्यों बदल रहे हैं प्लान? {सुरक्षा: मिडिल ईस्ट के एयरस्पेस में मिसाइल अटैक के डर से लोग वहां रुकने या घूमने से बच रहे हैं।{लंबा सफर: रूट डायवर्ट होने से यूरोप जाने वाली फ्लाइट्स अब ज्यादा समय ले रही हैं।{वीजा छूट: थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों में वीजा की झंझट नहीं है, जो सैलानियों को लुभा रही है। पर्यटन का ट्रेंड बदला : ट्रैवल रूट बदलने से एक महीने में कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट टिकट तीन गुना तक हो चुकी हैं महंगी, पैकेज पर भी असर
ईरान-इजराइल जंग का असर:कतर से हीलियम सप्लाई रुकी, एमआरआई जांच महंगी होना तय
ईरान-इजराइल जंग आंच रसोई गैस और पेट्रोल के बाद हमारे इलाज तक भी पहुंचने लगी है। इससे एमआरआई स्कैन महंगी होना तय है, क्योंकि इसमें सप्लाई होने वाली हीलियम गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हो चुकी है और आने वाले समय में हीलियम की कीमतों में 150% तक बढ़ोतरी हो सकती है। गौरतलब है कि हीलियम गैस ना केवल एमआरआई के लिए सेमी कंडक्टर बनाने में काम आती है, बल्कि इसके संचालन के लिए भी जरूरी है। अभी देश में हीलियम का अधिकतम 15-20 दिनों का इन्वेंट्री (स्टॉक) बचा है और हीलियम सप्लाई करने वालों से लेकर एमआरआई बनाने वाली कंपनियों ने अस्पतालों को इसका अलर्ट भी जारी किया है। बता दें कि ईरान-इजराइल युद्ध के बीच कतर पर हमला हुआ और कतर पूरी दुनिया में हीलियम की एक तिहाई आपूर्ति करता है। अब जबकि हमलों के कारण वह हीलियम सप्लाई नहीं कर पाएगा और आने वाले दिनों में यह महंगी होगी। ऐसे में एमआरआई की लागत बढ़ना तय है। भास्कर नॉलेज -270 डिग्री टेंपरेचर मेंटेन करता है हीलियम
राजस्थान में प्लेन, हेलिकॉप्टर, ड्रोन और मिसाइल बनाने की सुविधाएं विकसित करने की तैयारी की जा रही है। राजस्थान सरकार ने हाल ही में राजस्थान एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी 2026 को लॉन्च किया है। इस पॉलिसी में ड्रोन से लेकर डिफेंस के उपकरण बनाने की यूनिट्स के लिए खास सुविधाएं देने का प्रावधान किया है। पॉलिसी में युद्ध के बदलते तौर तरीकों यानी मॉर्डन वॉरफेयर के लिए जरूरी साजो सामान बनाने के लिए राजस्थान में ज्यादा से ज्यादा यूनिट्स लगाने पर जोर दिया है। पॉलिसी के तहत राज्य में विमान, हेलिकॉप्टर, ड्रोन, मिसाइल, एवियोनिक्स, सैटेलाइट बसें, बख्तरबंद वाहन, राडार, नेविगेशन, कम्युनिकेशन सिस्टम, रोबोटिक्स और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स के मैन्युफैक्चरिंग की सुविधाओं का विकास करने के प्रावधान किए गए हैं। निवेशकों के लिए कई तरह के पैकेज और सुविधाएं देने के भी प्रावधान रखे गए हैं। छूट मिलेगी और स्पेशल पैकेज ड्रोन बनाने से लेकर एयरो डिफेंस के कारखाने लगाने वालों को कई तरह के पैकेज और खास सुविधाएं देने का प्रावधान रखा गया है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस से जुड़े कारखानों और यूनिट्स को निवेश अनुदान या टर्न ओवर लिंक प्रोत्साहन के लाभ मिलेंगे। विशेष इंसेन्टिव के रूप में बैंकिंग, व्हीलिंग और ट्रांसमिशन चार्जेज में छूट मिलेगी। फ्लेक्सिबल लैंड पेमेंट मॉडल, ऑफिस-स्पेस लीज रेंटल सब्सिडी और कैप्टिव पावर प्लांट में किए गए निवेश पर छूट मिलेगी। 7 साल तक विद्युत शुल्क से 100 प्रतिशत छूट, 7 साल तक मंडी शुल्क अथवा बाजार शुल्क का 100 प्रतिशत सरकार रिएम्बर्समेंट करेगी। स्टांप शुल्क और रूपांतरण शुल्क के भुगतान में 75 प्रतिशत छूट और 25 प्रतिशत पुनर्भरण के प्रावधान किए गए हैं। ग्रीन इन्सेटिव, स्किल ट्रेनिंग इन्सेटिव और इटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्रिएशन इन्सेंटिव जैसे लाभ दिए जाएंगे। लार्ज, मेगा और अल्ट्रा मेगा कैटेगरी में बांटे प्रोजेक्ट एयरोस्पेस और डिफेंस से मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स को लार्ज, मेगा और अल्ट्रा मेगा कैटेगरी में बांटा जाएगा। 50 से 300 करोड़ रुपए तक पूंजी निवेश करने पर लार्ज कैटेगरी मानी जाएगी। 300 से 1000 करोड़ निवेश पर मेगा और 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश पर अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट की कैटेगरी में रखा है। सर्विस सेक्टर के लिए 25 से 100 करोड़ तक पूंजी निवेश वाले प्रोजेक्ट लार्ज, 100 से 250 करोड़ तक मेगा और 250 करोड़ से ज्यादा निवेश वाले प्रोजेक्ट अल्ट्रा मेगा कैटेगरी में रखे गए हैं। राजस्थान को एयरोस्पेस और डिफेस मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने का दावा राजस्थान एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी 2026 में एयरोस्पेस और डिफेंस वैल्यू चेन में मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च, टेस्टिंग और सर्विसेज को प्रोत्साहन देकर वैश्विक प्रतिस्पर्धी इको सिस्टम तैयार करने का दावा किया गया है। दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी, सड़कों का नेटवर्क, जमीन की उपलब्धता के साथ अलग-अलग धातुओं की सुलभता भी राजस्थान में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में मदद करने वाले फैक्टर है। स्टील, तांबे और पीतल की यूनिट्स का मेटल मशीनिंग सेक्टर गोला-बारूद और डिफेंस के पुर्जे बनाने में सहयोग करेगा।
ईद उल फितर पर शनिवार को अमन चैन की दुआ मांगी गई। उदयपुर में लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर प्रदेश में कई जगहों पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताया गया लेकिन उदयपुर में कहीं विरोध नजर नहीं आया। उदयपुर के चेतक सर्कल स्थित पलटन मस्जिद में सुबह नमाज अदा की गई। समाज ने नमाज अदा कर देश में अमन चैन शांति भाईचारा बना रहे इसे लेकर दुआ की। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे के गले लगर ईद की शुभकामनाएं दी। इस दौरान यहां पर सुरक्षा के माकूल प्रबंध किए गए। इससे पहले शहर के अन्य स्थानों पर भी ईद की नमाज अदा करने के बाद सभी ने एक-दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दी। नमाज के बाद सभी ने देश में सभी धर्मों के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द बना रहने और सभी को सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलने की ताकत मिले इसकी प्रार्थना की। शहर में पुलिस की तरफ से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चेतक पलटन मस्जिद समेत सभी प्रमुख मस्जिदों के आसपास पुलिस जवानों को तैनात किया गया था। पलटन मस्जिद पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। उदयपुर जिले के कानोड़ नगर में इस वर्ष ईद-उल-फितर का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही कस्बे में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल था। मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मस्जिद में नमाज़ अदा करने के लिए एकत्रित हुए। नमाज़ से पहले, मंसूरी मोहल्ला से सुबह 8 बजे एक जुलूस मस्जिद के लिए रवाना हुआ। मस्जिद में अमन, शांति और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया गया। घरों में विशेष पकवान बनाए गए और लोगों ने एक-दूसरे के यहां जाकर खुशियां बांटीं। वल्लभनगर में ईद-उल-फितर के अवसर पर मुस्लिम समुदाय ने नमाज़ अदा की। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरे क्षेत्र में त्योहार का माहौल बना रहा। उस्मानिया जामा मस्जिद के मीडिया प्रभारी वाजिद अली शाह ने बताया कि नमाज़ का आयोजन मस्जिद के सदर इरशाद खान की अध्यक्षता में हुआ। इमाम अलाउद्दीन खान ने शांतिपूर्ण वातावरण में नमाज़ अदा कराई। सुबह 7:30 बजे सभी नमाजी उस्मानिया जामा मस्जिद में एकत्रित हुए। यहां से जुलूस के रूप में चूड़ी बाजार, सदर बाजार, डांगीयो का चौड़ाया और पंचायत मार्ग होते हुए ईदगाह मस्जिद पहुंचे।
पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड में सुवर्णरेखा नदी किनारे काफी पुराने विस्फोटक के मिलने से हड़कंप मच गया है। रांची से पहुंची बम निरोधक टीम ने प्रारंभिक जांच में इसे एक शक्तिशाली जिंदा बम होने की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि यह एएन-एम 64 500 बी...अमेरिकन मेड श्रेणी का बम हो सकता है, जिसका वजन करीब 227 किलो है और यह बेहद घातक स्थिति में है। बम निरोधक दस्ते के प्रभारी नंदकिशोर सिंह ने बताया कि यह बम आकार में काफी बड़ा और खतरनाक है। इसे सामान्य तरीके से नष्ट करना संभव नहीं है। इसे निष्क्रिय करने के लिए उच्च स्तरीय तकनीक की जरूरत है, जो केवल सेना के पास उपलब्ध है। मालूम हो कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बम मिलने वाले क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया है। इलाके में अलर्ट, लोगों के जाने पर पाबंदी स्थानीय प्रशासन ने आसपास के ग्रामीणों को सख्त निर्देश दिया है कि वे नदीकिनारे उस स्थान पर न जाएं और किसी भीतरह की छेड़छाड़ से बचें। इसके बावजूद घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके प रपहुंचे और दूर से इस बम को देखने की कोशिश करते रहे। बालू में दबा था मौत का गोला नदी किनारे बालू-मिट्टी के भीतर दबा यह बम मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पहले इसे साधारण लोहे की वस्तु समझा जा रहा था। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विस्फोटक गिरातो था, लेकिन फटा नहीं, वह वर्षों बाद भी सक्रिय रह सकता है और कभी भी विस्फोट कर सकता है। स्थानीय बुजुर्गों से मिली जानकारी के अनुसार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में हवाई गतिविधियां हुई थीं। आशंका जताई जा रही है कि उस समय किसी विमान ने वजन कम करने के लिए हथियार नीचे गिराए थे, जिनमें से कुछ को बाद में हटाया गया, लेकिन यहबम दबा रह गया। पहले भी मिल चुका है ऐसा बम करीब सात महीने पहले पश्चिम बंगाल के गोपीवल्लभपुर थानाक्षेत्र के धरमपुर गांव के पास भी सुवर्णरेखा नदी में इसी प्रकार का बम मिला था, जिसे बाद में एयरफोर्स की मदद से सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया था। घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सेना या विशेषज्ञ टीम बुलाकर इस बम को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
ईद के मौके पर अलवर के नयाबास स्थित ईदगाह में मुस्लिम समुदाय ने ईद की नमाज अदा की। ईदगाह में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और नमाज के बाद सभी ने मुल्क में अमन, शांति और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर अलवर में कहीं विरोध नजर नहीं आया है। प्रदेश में कई जगहों पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताया गया है। नमाज के बाद लोगों ने अल्लाह पाक से प्रार्थना की कि देश में सभी धर्मों के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द बना रहे। साथ ही सभी को सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलने की ताकत मिले। मौलाना अमजद ने बताया कि रमजान के पूरे महीने रोजे रखकर इबादत करने के बाद अल्लाह ने ईद का यह मुकद्दस दिन इनाम के तौर पर दिया है। उन्होंने कहा कि ईद का त्योहार खुशी के साथ-साथ आपसी भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि ईद प्यार प्रेम व भाइचारे का त्योहार है। पूरी दुनिया में ईद मनाई जा रही है। हमारे देश में नवरात्र, गणगौर भी साथ में है। यह सामाजिक सौहार्द भारत में देखने को मिलता है। सब जाति, धर्म होने के बावजूद हम एक हैं। इस अवसर पर अल्लाह ताला से दुआ है कि सब पर आशीर्वाद बना रहे। इस मौके पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमलेश सैनी और अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष साहुन सहित कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
युद्ध से महंगाई के डर से पेट्रोल पंपों पर भीड़, औद्योगिक डीजल 22 रुपए तक महंगा
भास्कर न्यूज |लुधियाना लुधियाना में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर फैलते ही शहरभर के पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी। संभावित महंगाई और ईंधन की कमी की आशंका के चलते लोग घबराहट में अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे, जिससे कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गईं और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, औद्योगिक डीजल की कीमत में करीब 22 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। पहले यह 68-70 रुपए प्रति लीटर के आसपास था, जो अब बढ़कर 90-92 रुपए तक पहुंच गया है। वहीं स्पीड पेट्रोल में भी लगभग 2 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे इसकी कीमत करीब 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इसके अलावा ऑटो गैस (एलपीजी) के दाम में भी लगभग 10 रुपए प्रति किलो का इजाफा हुआ है, जो अब करीब 75 रुपए प्रति किलो के आसपास हो गया है। हालांकि, लुधियाना पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान रंजीत सिंह गांधी ने स्पष्ट किया कि सभी पंपों पर ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाएं।
ईरान जंग के बीच भारत अब ‘नॉन-कंटैक्ट वारफेयर’ यानी बिना आमने-सामने आए लड़ी जाने वाली जंग के लिए खुद को तैयार कर रहा है। सरकार अपनी सैन्य शक्ति को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक ढालने के लिए सबसे बेहतर रक्षा तकनीकों पर तेजी से काम कर रही है। भारत ने न केवल 5th जेनरेशन(AMCA), बल्कि अब आधिकारिक तौर पर 6th जेनरेशन के फाइटर जेट्स के डिजाइन पर भी काम शुरू कर दिया है। साथ ही स्वदेशी एस-400 (LRSAM) जैसी लंबी दूरी की मिसाइल सिक्योरिटी सिस्टम, ड्रोन को तबाह करने वाले ‘अनंत शस्त्र’ (QRSAM) पर भी युद्धस्तर पर काम शुरू हो चुका है। संसद में पेश की गई रक्षा समिति की रिपोर्ट्स में इसका खुलासा हुआ है। भारत फाइटर जेट्स के लिए शक्तिशाली स्वदेशी इंजन, नौसेना के लिए अभेद सुरक्षा कवच और AI व साइबर डिफेंस जैसे प्रोजेक्ट्स डेवलप कर रहा है। इसके अलावा अस्त्र, नाग और ध्रुवास्त्र जैसी मिसाइलों के मार्क-II वेरिएंट पर काम हो रहा है। उड़ते हुए कमांड सेंटर की तरह काम कर सकेगा ‘6th जेन’ विमान देश का रक्षा दृष्टिकोण अब ‘नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर’ की चुनौतियों को देखते हुए आक्रामक और रक्षात्मक प्रौद्योगिकियों के बीच एक सटीक संतुलन बनाने पर केंद्रित है। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी क्षमताओं को साबित किया था। अब 5th जेनरेशन के विमानों और 6th जेनरेशन की सोच (जैसे हाइपरसोनिक स्पीड और सी4आईएसआर सिस्टम) के साथ भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए पूरी तरह तैयार है। ये खूबियां होंगी… हाइपरसोनिक गति: सिक्स्थ जेन प्लेन में ध्वनि की गति से 5 गुना तक तेज उड़ने की क्षमता हो सकती है अडैप्टिव शेप: विमान के विंग्स जरूरत के हिसाब से हवा में ही बनावट बदलने में सक्षम होंगे फ्लाइंग सी4आईएसआर: यह एक उड़ते हुए ‘कमांड सेंटर’ की तरह काम कर सकेगा डुअल मोड इंजन: इसमें एक उन्नत इंजन होगा जो न केवल विमान को शक्ति देगा बल्कि एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को ठंडा रखने और बिजली देने में मदद करेगा। डिफेंस इन्वेस्टेमेंट के लिए 2 लाख करोड़ से ज्यादा आवंटित देश को मॉडर्न वॉरफेयर में सक्षम बनाने के लिए सरकार ने इसके लिए भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए डिफेंस इन्वेस्टमेंट में खर्च के लिए में 2,19,306.47 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। यह पिछले वर्ष के बजट अनुमान से 21.84% अधिक है। इसका बड़ा हिस्सा केवल सशस्त्र बलों के मॉडर्नाइजेशन और नए हथियारों की खरीद के लिए सुरक्षित रखा गया है। ये टारगेट्स प्राइयॉरिटी पर… रक्षा बजट में 10 साल में सबसे बड़ा इजाफा, फाइटर जेट्स और इंजनों के लिए 64 हजार करोड़ 1 फरवरी को पेश हुए बजट पर ऑपरेशन सिंदूर का साफ असर दिखा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा बजट में पिछले 10 सालों का सबसे बड़ा इजाफा किया है। उन्होंने तीनों सेनाओं के लिए कुल 7.84 लाख करोड़ रुपए दिए हैं। यह 2025-26 के मुकाबले करीब 1 लाख करोड़ रुपए ज्यादा है। यानी कुल 15% की बढ़ोतरी हुई है। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। सरकार के मुताबिक 6 मई से शुरू हुआ यह ऑपरेशन आज भी चल रहा है। माना जा रहा है कि इसी के चलते डिफेंस बजट में बढोतरी की गई है। सेना को मिलने वाले बजट में मुख्य रूप से 4 पार्ट होते हैं : 1. कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी हथियार खरीद के बजट में 22% की बढ़त इस बार तीनों सेनाओं के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर 2.19 लाख करोड़ रुपए मिले हैं, जो पिछले साल से 21.84% ज्यादा है। पिछले साल यह 1.80 लाख करोड़ रुपए था। इस बजट के ज्यादातर हिस्से का इस्तेमाल हथियार खरीद और मॉडर्नाइजेशन पर होता है। 2. रेवेन्यू खर्च यानी सैलरी भी बढ़ सकती है इसमें सेना के वेतन, भत्ते और दैनिक संचालन का खर्च शामिल है। इसमें लगातार वृद्धि हुई है। 3.रिटायर्ड सैनिकों के लिए पेंशन बजट डिफेंस पेंशन का बजट एक बड़ा हिस्सा है, जो पूर्व सैनिकों के लिए है, जिसमें लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 4. सिविल डिफेंस बजट में मामूली कटौती इसमें रक्षा मंत्रालय के नागरिक प्रशासनिक खर्च और कोस्ट गार्ड के खर्चे शामिल होते हैं, जिनमें समय-समय पर मामूली बदलाव होते रहते हैं। डिफेंस बजट पर ऑपरेशन सिंदूर का असर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बजट देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे सेना की तैयारियां और ज्यादा मजबूत होंगी।’ 114 राफेल की डील, नए एयरक्राफ्ट और इंजन पर खर्च रक्षा बजट में सबसे ज्यादा ध्यान लड़ाकू विमान और एयरो इंजन पर दिया गया है। इसके लिए 63,733 करोड़ रुपए रखे गए हैं। वहीं, नेवी बेड़े के लिए 25,024 करोड़ रुपए दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत-फ्रांस के बीच 114 राफेल जेट की डील होने वाली है। रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए 17 हजार करोड़ रुपए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी खर्च बढ़ाया गया है। इसके लिए 17,250 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इस रकम से नई तकनीक, स्वदेशी हथियार और आधुनिक सिस्टम विकसित किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ हथियार खरीदे नहीं, बल्कि बनाए भी। कस्टम ड्यूटी हटाने से डिफेंस इंडस्ट्री को फायदा वित्त मंत्री ने बजट में विमान और रक्षा उपकरण बनाने में इस्तेमाल होने वाले इम्पोर्टेड कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी हटा दी है। इससे फैसले से देश की डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री को सीधा फायदा मिलेगा। उत्पादन सस्ता होगा और निजी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा। डिफेंस बजट में भारत, चीन से पीछे लेकिन पाकिस्तान से आगे पिछले साल चीन का रक्षा बजट करीब 247 बिलियन डॉलर यानी 22.6 लाख करोड़ रुपए रहा। अनुमान है कि इस साल 2026 में ये 300 बिलियन डॉलर यानी 27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। वहीं पाकिस्तान ने भी रक्षा बजट में तेज बढ़ोतरी की है। पिछले साल उसने ऑपरेशन सिंदूर के बाद 81 हजार करोड़ का डिफेंस बजट पेश किया, जो 2024 से 20% ज्यादा था। हालांकि, 2025 में रक्षा बजट में बढ़ोतरी के लिए पाकिस्तान को अपने कुल बजट में 7% की कटौती करनी पड़ी थी। जबकि भारत ने कुल बजट को पिछले साल से लगभग 8% बढ़ाते हुए रक्षा बजट को 15% बढ़ाया है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान के मॉडल को मंजूरी:बनाने में निजी कंपनियां मदद करेंगी भारत में बनने वाले 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान यानी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के प्रोडक्शन मॉडल को मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने पिछले साल 27 मई को यह जानकारी दी थी। रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि एयरक्राफ्ट को बनाने के लिए सरकारी के साथ निजी कंपनियों को भी बोली लगाने का मौका दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
पटना में स्पीड प्रीमियम पेट्रोल की कीमत ₹2 प्रति लीटर के हिसाब से महंगी हो गई है। आर ब्लॉक के पास स्थित गैसोलीन प्राइवेट लिमिटेड पेट्रोल पंप के कर्मी सचिन कुमार केसरी ने बताया कि सुबह से दाम में इजाफा हुआ है। नॉर्मल पेट्रोल 105.23 रुपये है। इसमें कोई इजाफा नहीं है। जबकि स्पीड प्रीमियम की कीमत 2 रुपये बढ़ने के चलते 114.8 रुपये हो गया है। सेफ इंजन और माइलेज के लिए इस्तेमाल होते प्रीमियम पेट्रोल सुबह से ही हम लोग नए दाम पर ग्राहकों को प्रीमियम स्पीड पेट्रोल दे रहे हैं। स्पीड प्रीमियम पैट्रोल का इस्तेमाल अक्सर ग्राहक सेफ इंजन और माइलेज के लिए करते हैं। इसकी डिमांड और खपत भी नॉर्मल से कम नहीं है। खासकर के इसकी डिमांड नौकरी पेशा और बिजनेस से जुड़े लोगों के बीच हैं। जो लोग इसके बारे में जान गए हैं, वह लोग भी इसकी डिमांड करके लेते हैं। ग्राहक बोले- सरकार को नियंत्रण रखना चाहिए ग्राहक सतीश कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को इसे नियंत्रण में ही रखना चाहिए। दाम बढ़ने से सब कुछ पर असर पड़ेगा। वहींस नालंदा में प्रीमियम पैट्रोल के दाम 2 रुपये 6 पैसा आज सुबह से बढ़े हैं। हालांकि सिंपल पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर: भारत में प्रीमियम पेट्रोल महंगा, 20 मार्च से नई कीमतें लागू
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक इलाकों में से एक है, और यहां किसी भी तरह का तनाव आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करता है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया में संघर्षों की असली वजह स्वार्थी हित और वर्चस्व की चाहत है। स्थायी शांति केवल एकता, अनुशासन और धर्म को मानने से ही हासिल की जा सकती है। भागवत नागपुर में विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय की आधारशिला रखने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा- पिछले 2,000 साल से दुनिया ने संघर्षों को सुलझाने के लिए कई प्रयोग किए हैं, लेकिन उन्हें बहुत कम सफलता मिली है। RSS चीफ ने यह भी कहा कि भारत का स्वभाव ही ऐसा है जो सद्भाव में विश्वास रखता है। यही कारण है कि पूरी दुनिया से यह आवाज उठ रही है कि भारत ही ईरान-इजराइल युद्ध को खत्म करने में मदद कर सकता है। भागवत बोले कि भारत के लोग मानवता के नियम पर चलते हैं, जबकि बाकी दुनिया जंगल का कानून मानती है। लड़खड़ाती हुई दुनिया को धर्म की नींव देकर उसमें संतुलन बहाल करना हमारा ही काम है। भागवत के बयान की बड़ी बातें… RSS को 86 संभागों में बांटने की बात कही, लेकिन तरीका नहीं बदलेगा नागपुर में एक मराठी अखबार के 100 साल पूरे होने पर गुरुवार को भागवत ने बताया कि स्वयंसेवकों को मजबूत बनाने और काम बेहतर करने के लिए संगठन में बदलाव किए गए हैं। भागवत ने कहा कि RSS का काम बहुत तेजी से बढ़ रहा है और लोगों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं, इसलिए अब काम को अलग-अलग हिस्सों में बांटने विकेंद्रीकरण की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले RSS में 46 प्रांत थे, अब इन्हें बढ़ाकर छोटी-छोटी इकाईयों यानी 86 संभागों में बांटा जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर काम आसानी और अच्छे तरीके से हो सके। भागवत कहा कि संघ के काम करने का तरीका नहीं बदलेगा। दोस्ती बनाकर और अच्छे उदाहरण देकर समाज में बदलाव लाना ही संघ का मुख्य तरीका है, और यह आगे भी चलता रहेगा। पढ़ें पूरी खबर…
भारतीय सेना की दक्षिण कमान ने अपनी मारक क्षमता और 'फ्यूचर रेडी' (भविष्य के लिए तैयार) होने के संकल्प को चरितार्थ करते हुए 'अभ्यास अमोघ ज्वाला' का सफल आयोजन किया। इस उच्च-स्तरीय सैन्य अभ्यास का निरीक्षण दक्षिण कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (PVSM, UYSM, AVSM) ने किया। अभ्यास के दौरान रेगिस्तानी और मैदानी इलाकों में सेना की मशीनीकृत टुकड़ियों ने अपनी गति, सटीकता और तकनीक के बेजोड़ संगम से दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। क्या रहा 'अमोघ ज्वाला' का मुख्य आकर्षण? अभ्यास 'अमोघ ज्वाला' केवल हथियारों का प्रदर्शन मात्र नहीं था, बल्कि यह आधुनिक युग के 'नेटवर्क्ड और इंटीग्रेटेड' युद्ध कौशल की एक सजीव प्रयोगशाला रही। अभ्यास के दौरान जो सबसे महत्वपूर्ण बात उभरकर सामने आई, वह थी नई पीढ़ी के उपकरणों का निर्बाध एकीकरण। सेना ने दिखाया कि कैसे पारंपरिक टैंक और इन्फैंट्री अब डिजिटल सूचनाओं से लैस होकर अधिक घातक हो गए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने इस दौरान सैनिकों और कमांडरों के बीच उस 'कॉम्बैट एज' को देखा, जो एक समन्वित युद्ध प्रणाली से पैदा होती है। इसमें थल सेना के साथ-साथ वायुसेना के तालमेल ने अभ्यास को 'मल्टी-डोमेन' (बहु-आयामी) बना दिया। ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर का बोलबाला आधुनिक युद्ध अब केवल गोलियों से नहीं, बल्कि डेटा और सिग्नल से भी लड़े जाते हैं। अभ्यास में इसे प्रमुखता से शामिल किया गया: हमलावर हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों का गर्जन मैदानी कार्रवाई के दौरान आकाश से भी मौत बरस रही थी। अभ्यास में अटैक हेलीकॉप्टर्स और लड़ाकू विमानों को एकीकृत तरीके से शामिल किया गया। टैंकों की आगे बढ़ती टुकड़ियों को हवाई कवर प्रदान किया गया और गहरी मार करने वाली प्रणालियों ने दुश्मन के लॉजिस्टिक सेंटरों को तबाह करने का अभ्यास किया। 'फ्यूचर रेडी' और 'आत्मनिर्भर' भारत की झलक लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने अभ्यास के उपरांत संबोधन में कहा कि भारतीय सेना अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक और तकनीक आधारित दृष्टिकोण अपना रही है। उन्होंने 'अमोघ ज्वाला' को भविष्य की चुनौतियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अभ्यास में स्वदेशी तकनीक और मेक-इन-इंडिया के तहत विकसित कई रक्षा प्रणालियों का भी उपयोग किया गया, जो सेना की आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। 'अभ्यास अमोघ ज्वाला' ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय सेना की दक्षिण कमान किसी भी तरह की भौगोलिक चुनौती और आधुनिक खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। तकनीक, तेजी और सटीकता के इस त्रिकोण ने दुश्मन के लिए किसी भी हिमाकत का रास्ता बंद कर दिया है।
गाजीपुर जिले के गहमर स्थित सिद्ध पीठ माँ कामाख्या धाम में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। गहमर को एशिया के सबसे बड़े फौजियों के गांव के रूप में जाना जाता है। नवरात्रि के दूसरे दिन भी मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं। यह सिलसिला पूरे नौ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। माँ कामाख्या को सिकरवार वंश की कुलदेवी माना जाता है, जिससे इस धाम का विशेष धार्मिक महत्व है। नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान, यहाँ नौ देवियों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माँ के दरबार में पहुँचते हैं। गहमर गांव की एक खास पहचान देश सेवा से भी जुड़ी है, जहाँ से बड़ी संख्या में युवा भारतीय सेना में कार्यरत हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, माँ कामाख्या अपने भक्तों, विशेषकर सैनिकों की रक्षा करती हैं। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि माँ भगवती की कृपा से सैनिक युद्ध क्षेत्रों में सुरक्षित रहते हैं। यहाँ एक और विशेष परंपरा प्रचलित है। बताया जाता है कि जब भी कोई सैनिक छुट्टी पर अपने घर आता है, तो वह सबसे पहले माँ कामाख्या के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद लेता है। इसी तरह, ड्यूटी पर वापस लौटते समय भी सैनिक माँ का आशीर्वाद लेकर ही रवाना होते हैं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि माँ भगवती सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इसी आस्था और विश्वास के साथ दूर-दराज से श्रद्धालु इस धाम में पहुँच रहे हैं। तस्वीरें देखिए…
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
अगर वैश्विक युद्ध चला तो राजस्थान में टेक्सटाइल इंडस्ट्री में खराब स्थितियां हो जाएंगी। अभी राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन की एक मीटिंग में उद्यमियों ने बताया कि अब इंडस्ट्री के पास केवल 15 से 20 दिन का पॉलिस्टर फाइबर, गैस एवं डाई केमिकल बचा है। कई इंडस्ट्री में कच्चे माल का स्टॉक खत्म हो गया है। सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट पर असर पड़ा है। करीब 5 हजार करोड़ के ऑर्डर अटक गए। डाई-केमिकल की रेट 24 प्रतिशत बढ़ गई। शिपिंग का भाड़ा तीन गुना बढ़ गया। अभी दुबई एवं अन्य मिडिल ईस्ट के देशों को एक्सपोर्ट बंद है। खाड़ी क्षेत्र और यूरोप के बंदरगाहों पर माल अटक रहा है। कई शिपमेंट रुके हुए हैं। करीब 80-90 हजार करोड़ के इस उद्योग में कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित होने, लॉजिस्टिक्स महंगे होने और एक्सपोर्ट घटने से उत्पादन 40 फीसदी तक कम हो गया। ऐसे में धागे से लेकर तैयार कपड़े 15 से 40 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। भीलवाड़ा की 100 से ज्यादा यूनिटों में अब शिफ्ट कम करने की तैयारी है क्योंकि कच्चा माल करीब एक से दो सप्ताह का ही बचा है। कच्चा माल - रेड सी रूट महंगा होने से अटकी गैस व पॉलिस्टर फाइबर टेक्सटाइल उत्पादन का आधार कच्चा माल है और संकट यहीं से शुरू हुआ। पॉलिएस्टर और सिंथेटिक फाइबर, जो चीन, कोरिया और मिडिल ईस्ट से आते हैं, उनकी सप्लाई रेड सी रूट महंगा होने से प्रभावित हुई है। कंटेनर फ्रेट 2 से 2.5 गुना तक बढ़ गया, जिससे भीलवाड़ा सहित अन्य जगह पॉलिएस्टर यार्न 20-30% महंगा हो गया। पाली और बालोतरा के प्रोसेस हाउस डाई-केमिकल के लिए 65-70% तक चीन पर निर्भर हैं। सप्लाई लेट होने और कीमत बढ़ने से प्रोसेसिंग कॉस्ट 15-20% तक बढ़ गई। गैस - 400 से अधिक प्रोसेस हाउसों में गैस खत्म, प्लांट बंद होने लगे एलपीजी गैस की कमी के चलते भीलवाड़ा के 25 प्रोसेस हाउसों में संचालन ठप हुआ है। पाली, बाड़मेर, बालोतरा सहित अन्य जगह छोटे व बड़े करीब 2500 प्रोसेस हाउस हैं। एक प्रोसेस हाउस में औसतन प्रतिदिन 250 किलो गैस का उपयोग हो रहा है। यदि समाधान नहीं निकला, तो करीब 80 प्रतिशत वीविंग इकाइयों का कामकाज ठप हो सकता है। क्रूड की कीमतों में लगभग 50% की बढ़ोतरी के कारण यार्न के भाव 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। एक्सपोर्ट - मिडिल ईस्ट के देशों में 5 हजार करोड़ के ऑर्डर अटके यूरोप और मिडिल ईस्ट से एक्सपोर्ट ऑर्डर 8-20% तक घटे हैं, जिससे कैश फ्लो पर दबाव बना है। 800 से 1000 करोड़ रुपए का निर्यात कारोबार प्रभावित हुआ है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण खाड़ी देशों और यूरोप को जाने वाले निर्यात ऑर्डर अस्थायी रूप से रुके हुए हैं, जिससे लगभग 800 से 1000 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। पाली, बाड़मेर, बालोतरा को मिलाकर यह आंकड़ा करीब पांच हजार करोड़ तक पहुंचा है।
मिडिल ईस्ट में इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के बीच डर का माहौल है। हालात और बिगड़ने की आशंका के बीच लखनऊ समेत यूपी के कई लोग अपने परिवार के साथ वापस लौट आए हैं। लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचे यात्रियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वे डर और बेचैनी के माहौल में रह रहे थे। बस यही दुआ कर रहे थे कि किसी तरह सुरक्षित अपने देश लौट सकें। वापस लौटे यात्री एहसान ने कहा- सोशल मीडिया पर हालात को बहुत ज्यादा डरावना दिखाया जा रहा है। बहरीन-कुवैत बॉर्डर पर थोड़ी स्थिति खराब जरूर है, लेकिन सऊदी अरब के अंदर सब कुछ सामान्य है। वहां रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य तरीके से चल रही है। 2 तस्वीरें देखिए… यात्री बोले- हालात उतने खराब नहीं मध्य-पूर्व में इज़राइल-ईरान तनाव के बीच जहां एक तरफ डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। वहीं लखनऊ लौट रहे प्रवासी भारतीयों के अनुभव इस तस्वीर का दूसरा पहलू भी सामने ला रहे हैं। गुरुवार को लखनऊ पहुंचे एहसान, जो पिछले 10 सालों से सऊदी अरब में अकाउंटेंट के पद पर काम कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर जो दिखाया जा रहा है, जमीनी हकीकत उससे काफी अलग है। हालात सामान्य हैं। परिवार की चिंता और वीडियो कॉल का सहारा एहसान ने कहा- भारत में बैठे उनके परिवार के लोग सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो देखकर काफी घबरा जाते थे। जब घर वाले ऐसे वीडियो देखते थे तो तुरंत फोन करते थे। उन्हें हमारी बहुत चिंता होती थी। लेकिन जब हम वीडियो कॉल पर उन्हें सही-सलामत दिख जाते थे, तब जाकर उन्हें थोड़ी राहत मिलती थी। भले ही हालात पूरी तरह से बिगड़े नहीं थे, लेकिन खबरों और अफवाहों के कारण डर का माहौल जरूर बना हुआ था। जब तक ये बाहर थे, हर पल चिंता बनी रहती थी- हिना एहसान की पत्नी हिना ने बताया कि इस पूरे समय परिवार मानसिक दबाव में रहा। कहा- जब तक ये बाहर रहते थे, हर समय चिंता बनी रहती थी। हर थोड़ी देर में न्यूज़ देखते थे और कुछ ना कुछ नया सुनने को मिल जाता था, जिससे घबराहट और बढ़ जाती थी। सबसे ज्यादा डर तब लगता था जब एहसान वहां काम के सिलसिले में बाहर जाते थे। बस यही डर लगा रहता था कि ये सही-सलामत लौट आएं। अब जब ये वापस आ गए हैं, तो बहुत सुकून मिला है।
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
नव संवत्सर के अवसर काशी के शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने सनातनी पंचांग का लोकार्पण किया। इस दौरान गंगा घाट पर एक साथ हजारों लोगों ने मां गंगा की आरती उतारी और उनके पवित्रता का संकल्प लिया। शंकराचार्य ने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि गौ माता की रक्षा के लिए जो आंदोलन शुरू हुआ है, उसे इस वर्ष परिणाम तक पहुंचाया जाएगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने क्या कहा पढ़ें… सवाल - नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष के शुभ अवसर पर आप क्या संदेश देना चाहेंगे? जवाब- आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ है। रौद्र नाम के नए संवत्सर का आरंभ हुआ है। हमारी सनातन संस्कृति में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही नव वर्ष शुरू होता है। हमने काशी में शंकराचार्य घाट पर बैठकर प्रथम सूर्योदय को अर्घ्य दिया, पंचांग का श्रवण किया और पूरे वर्ष के लिए संकल्प लिए। सवाल - इस वर्ष के लिए आपने कौन से प्रमुख संकल्प लिए हैं? जवाब - हमने संकल्प लिया है कि गौ माता की रक्षा के लिए जो आंदोलन शुरू हुआ है, उसे इस वर्ष परिणाम तक पहुंचाया जाएगा। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि धर्मयुद्ध है और इसका शंखनाद हो चुका है। सवाल - गोरखपुर से शुरू होने वाली यात्रा की क्या योजना है? जवाब - इसकी विस्तृत रूपरेखा नवरात्रि के बाद साझा करेंगे। नवरात्रि के दौरान पंचमी को “शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना” के गठन की जानकारी देंगे और फिर नवरात्रि के अंत में आगे की रणनीति बताएंगे कि यह अभियान कैसे आगे बढ़ेगा। सवाल - लखनऊ में हुए आपके कार्यक्रम में भीड़ को लेकर सवाल उठाए गए। इस पर आपका क्या कहना है? जवाब - पहले से ही लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल बनाया गया था। एलआईयू और अन्य माध्यमों से लोगों पर नजर रखी जा रही थी, उन्हें रोका और भ्रमित किया गया। इसके बावजूद हजारों लोग कार्यक्रम में पहुंचे। साथ ही लाखों लोगों ने लाइव प्रसारण देखा और अपनी प्रतिक्रिया दी। इसलिए हम इसे एक बड़ी सफलता मानते हैं। सवाल - आपने कहा कि यह “धर्म युद्ध” शुरू हो चुका है, इसका क्या अर्थ है? जवाब - इसका अर्थ है कि समाज में जो धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का संघर्ष है, वह अब सक्रिय रूप से शुरू हो गया है। लोग जहां-जहां थे, वहीं से जुड़े—शंखनाद किया और समर्थन दिया। यह आंदोलन अब व्यापक रूप ले चुका है। सवाल- काशी में गंगा में इफ्तार पार्टी और उस पर हुई कार्रवाई को आप कैसे देखते हैं? जवाब - गंगा जी की पवित्रता के साथ लगातार समझौता हो रहा है। वर्षों से नाले गिर रहे हैं, उन्हें रोका नहीं गया। अब गंगा को कमाई का साधन बना दिया गया है—तैरते होटल, व्यावसायिक गतिविधियां और प्रदूषण बढ़ रहा है। ऐसे कृत्य गंगा की गरिमा के खिलाफ हैं और यह गंभीर विषय है। काशी की पारंपरिक पहचान और आध्यात्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। जो काशीत्व और बनारसी संस्कृति थी, वह धीरे-धीरे समाप्त होती दिख रही है। भीड़ बढ़ रही है, लेकिन धार्मिकता कम हो रही है। यह चिंताजनक है। सवाल- सरकार कह रही गंगा स्वच्छ है, व्यवस्था बदली है? जवाब- ऐसा ऐसा है कि गंगा जी की अवमानना 2014 से ही शुरू हो गई। जब यहां के सांसद आए और उन्होंने कहा कि मुझे तो गंगा ने बुलाया है। लोगों ने सोचा कि यह बहुत बड़े गंगा भक्त हैं। गंगा जी ने इनको साक्षात स्वयं बुला लिया है। लेकिन उसके बाद से देखिए 16 नाले गिर रहे थे काशी में अभी तक हमारी जानकारी में नहीं है कि कोई नाला बंद हो गया। आज 12 साल के बाद भी 16 नाले जैसे के तैसे ही गिर रहे हैं। यही नहीं अब यहां पर माई को कमाई का साधन बना दिया गया है। यहां पर अब माहौल बदल गया है। यहां नाव वाले पहले खुली नाव रखते थे। केवल उस पर बैठ सकता था कोई व्यक्ति। कोई आड़ नहीं रहता था। अब धीरे-धीरे यहां पर तैरते हुए होटल गंगा जी में उतार दिए गए हैं। 40-40 कमरों के होटल और उन कमरों में लोग रह रहे हैं। उसी में मलमूत्र का विसर्जन कर रहे हैं और उसी में कमरा बंद करके जाने क्या-क्या कर रहा है। विलासिता का वातावरण यहां पर सजित कर दिया गया है। केवल इसलिए कि पैसे की कमाई हो। आप कहते हैं हमने भीड़ इकट्ठा कर दी। लेकिन वो भीड़ धार्मिक कितनी है? वह भीड़ जो है यहां के धार्मिक वातावरण को क्षति पहुंचा रही है कि समर्थन कर रही है। अगर इसका विश्लेषण किया जाए तो मिलेगा कि इस भीड़ ने काशी की जो काशी का परंपरा थी, काशी का जो काशीत्व था, बनारस का जो बनारसीपन था वो सब समाप्त कर दिया। सवाल - अंत में, आप अपने अनुयायियों और देशवासियों से क्या अपील करना चाहेंगे? जवाब - सभी लोग अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं के प्रति सजग रहें। गौ माता की रक्षा और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए आगे आएं। यह समय संकल्प का है और मिलकर ही हम अपने उद्देश्य को प्राप्त कर सकते हैं।
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
1914 के विश्व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता
इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि वक्त का पहिया घूमकर वापस आता है, लेकिन क्या तारीखें भी खुद को दोहराती हैं? सोशल मीडिया पर यह खबर बहुत वायरल हो रही है और ज्योतिषियों के बीच एक चौंकाने वाली समानता चर्चा का विषय बनी हुई है। गणितीय गणना बताती है कि वर्ष ...
Middle East war के कारण खड़ी तेल समस्या मे भारत बना आशा का किरण; जाने क्यों अमेरिका ने जताया आभार ?
डोनाल्ड ट्रम्प ने टेक्सास में $300 अरब की नई रिफाइनरी का ऐलान किया। भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज के भारी निवेश के साथ अमेरिका 50 साल बाद रचेगा नया ऊर्जा इतिहास।
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
कब छ्टेंगे युद्ध के बादल, क्या 'अंगारक योग' है कारण?
Attack on Iran: आज समूचा जगत तृतीय विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ा है। अमेरिका-इजराइल के गठजोड़ द्वारा ईरान पर सामरिक हमला किए जाने से विश्वयुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। संसार के देश खेमेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। आज आम जनमानस के मन में एक ही यक्ष ...
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर
खग्रास चंद्र ग्रहण और ग्रह गोचर से जुड़े संकेतों पर चर्चा तेज है। क्या इसका असर भारत पर भी युद्ध जैसे हालात बना सकता है? जानिए ज्योतिषीय विश्लेषण और संभावित संकेत।
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

