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अब 9-10 अप्रैल से ही शुरू होगी गेहूं खरीदी:मंत्री बोले- युद्ध के कारण बारदाने की व्यवस्था में देरी हुई, अब इंतजाम पर्याप्त है

एमपी में गेहूं की सरकारी खरीदी अब 9-10 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दो बार अफसरों के साथ गेहूं खरीदी को लेकर बैठक की। बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पशुपालन मंत्री लखन पटेल और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाएगा बैठक में सीएम ने कहा प्रदेश में इस साल गेहूं की खरीदी तय समय पर शुरू होगी। खास बात यह है कि इस बार खरीदी प्रक्रिया में छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाएगा, उसके बाद मध्यम और बड़े किसानों की बारी आएगी। प्रदेश में बारदानों की 3.12 लाख गठानों की जरूरत है, सरकार का दावा है कि बारदानों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने 10 अप्रैल से पहले सभी तौल केंद्रों का गहन निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। कब और कहां होगी खरीदी? 7 अप्रैल से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू हो जाएगी। 9-10 अप्रैल से: इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में खरीदी शुरू होगी। 15 अप्रैल से: प्रदेश के बाकी सभी संभागों में उपार्जन शुरू होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से दैनिक भास्कर ने गेहूं खरीदी को लेकर चर्चा की। सवाल: गेहूं खरीदी देरी से क्यों शुरू हो रही है? मंत्री राजपूत- ये बात पूरे देश, प्रदेश में पक्ष-विपक्ष और सबको मालूम है कि युद्ध की स्थिति बनी हुई है। इस कारण से कई समस्याएं आईं। जितना गेहूं बाहर निर्यात होता था, संभवत: उतना निर्यात नहीं हो पा रहा। हमें तारीख इसलिए बढ़ानी पड़ी क्योंकि बारदाना जूट कमिश्नर कलकत्ता के माध्यम से आता है। बारदाना आने में विलंब हुआ। हम ये नहीं चाहते थे कि पर्याप्त बारदाने के बिना हम खरीद शुरू करें। ताकि हमारे किसानों को और कोई परेशानी हो। जब हमारे पास पर्याप्त बारदाना आ गया, तब हमने खरीदी शुरू की है। करीब 50 हजार गठानें हमारे पास आ चुकी हैं। 50 हजार गठानें और आने वाली हैं। अब हमारे पास पर्याप्त मात्रा में बारदाना आ गया है और समस्या होगी तो हमें भारत सरकार ने पीपीपी बैग खरीदने की अनुमति दी है। उसके टेंडर भी हो गए हैं। जितना हम खरीदेंगे, उतना वारदाना हमारे पास आ चुका है। सवाल: गेहूं खरीदी की तारीखों में कुछ बदलाव कर रहे हैं? मंत्री राजपूत- 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग शुरू हो जाएगी। हम 9 और 10 तारीख से खरीदी शुरू कर देंगे। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9-10 तारीख से खरीद शुरू होगी। बाकी संभागों में 15 अप्रैल से खरीद शुरू होगी। सवाल: मप्र में कितना गेहूं खरीदेंगे और प्रदेश में कितनी भंडारण क्षमता है? मंत्री राजपूत- मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हम पिछले साल की तुलना में ज्यादा गेहूं खरीदेंगे। पिछले साल 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदेंगे। लोग अफवाहें उड़ा रहे हैं, हमारे पास भंडारण की कोई दिक्कत नहीं है। हमारे पास ढाई करोड़ टन भंडारण क्षमता है। इसके अलावा साइलो बैग के टेंडर भी बुलाए गए हैं। हमारे पास स्टील साइलो भी हैं। कुल मिलाकर जितनी खरीदी करेंगे, उसे रखने की पर्याप्त व्यवस्था है। सवाल: बारिश की वजह से किसी का गेहूं खराब न हो, उसके लिए क्या व्यवस्था है? मंत्री राजपूत: पर्याप्त मात्रा में बारदाना आ गया है। मुख्यमंत्री जी के निर्देश हैं कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पीने के पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था रहे। खरीदी के साथ ही ट्रांसपोर्टेशन भी होता रहे। खरीदी मंडियों और वेयरहाउस के आसपास होगी। हमारी कोशिश होगी कि गेहूं को जल्द से जल्द परिवहन कर सुरक्षित भंडारण में रखा जाए। सवाल: मुख्यमंत्री जी ने एक दिन में दो बार इसी विषय पर बैठक की, उसमें क्या चर्चा हुई? मंत्री राजपूत: मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट निर्देश है कि किसानों को कोई परेशानी न हो। यदि बारदाने और अन्य व्यवस्थाओं की समस्या सुलझ गई है, तो गेहूं खरीदी शुरू की जाए। बैठक सकारात्मक माहौल में हुई और उनके निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 6 Apr 2026 12:05 am

नौगांवा सादात से कौन मजबूत, विधायक समरपाल या कोई और:भाजपा से देवेंद्र नागपाल या चौधरी युद्धवीर? बसपा में किसे दिग्गज मानते हैं

दैनिक भास्कर यूपी की 403 विधानसभा सीटो पर सर्वे कर रहा है। किस सीट पर अब किसकी हवा है। जनता की पसंद कौन है, मौजूद विधायक या कोई और। इस सर्वे मे भाग लेकर आप बताइए। अमरोहा जिले की नौगावां सादात विधानसभा पर सपा विधायक चौधरी समरपाल सिंह को क्या आप उम्मीदवार बनाना चाहते है या यहां से तैयारी कर रहे अशफ़ाक अली खां को मौका देंगे? सपा नेता जावेद आब्दी या नावेंद्र गुड्डू में आपकी पसंद है तो उनके लिए सर्वे मे भाग लीजिए। कोई और पसंद है तो अन्य में जाकर उसका नाम भी आप दे सकते हैं। भाजपा से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहेंगे। देवेंद्र नागपाल या चौधरी युद्धवीर सिंह में कौन पसंद है? BJP नेता सुधीर चौहान पसंद है तो उसका नाम भी आप दे सकते हैं। बसपा से फुरकान अली, नावेद अयाज या कासिम हुसैन में आप किसे चुनना चाहेंगे। यह सर्वे पूरी तरह गोपनीय है, आपकी पहचान कभी भी उजागर नहीं होगी। इस लिंक पर क्लिक करके आप सर्वे में भाग ले सकते हैं। अगर आपके पास भास्कर एप नहीं है तो पहले डाउनलोड करें, फिर सर्वे में भाग लें- लिंक

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 8:49 pm

बासोपट्टी के युवक की सऊदी अरब में निधन:68 दिन बाद गांव पहुंचा शव, 12 साल से रह रहा था

बासोपट्टी थाना क्षेत्र के खौना गांव में शनिवार देर रात सऊदी अरब में मृत किशुनदेव साह (55) का पार्थिव शरीर 68 दिन बाद उनके पैतृक गांव पहुंचा। शव के आगमन पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग जुट गए और उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। जानकारी के अनुसार, किशुनदेव साह पिछले करीब 12 वर्षों से सऊदी अरब के जेद्दा शहर में एक रेस्टोरेंट में शेफ के पद पर कार्यरत थे। लगभग 9 माह पहले वे छुट्टियां बिताकर काम पर लौटे थे। 27 जनवरी को अचानक उनकी मौत की खबर परिवार तक पहुंची। मृतक के सहकर्मी ने फोन पर यह सूचना दी थी। परिजनों ने भारतीय दूतावास से संपर्क कर मौत की पुष्टि की, जहां उन्हें बताया गया कि हार्ट अटैक उनकी मृत्यु का कारण था। शव को भारत लाने की प्रक्रिया तकनीकी औपचारिकताओं और कागजी कामकाज के कारण लंबी खिंच गई। परिजनों ने लगातार प्रशासन और संबंधित विभागों से संपर्क बनाए रखा। दो महीने से अधिक की जद्दोजहद के बाद शव को आखिरकार सऊदी अरब से दिल्ली तक एयर इंडिया की फ्लाइट से भेजा गया। दिल्ली से रिश्तेदार आनंद साह और ग्रामीण बुधन साह एंबुलेंस के माध्यम से शव को पैतृक गांव तक लाए। मृतक के पुत्र रौशन साह, मनीष साह और उनकी पत्नी शव लाने की प्रक्रिया में लंबे समय से जुटे थे। गांव में शव पहुंचने पर भारी भीड़ ने अंतिम दर्शन किए। ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाया और गहरी संवेदना व्यक्त की। इसके बाद परिजनों ने पूरे विधि-विधान के साथ किशुनदेव साह का अंतिम संस्कार किया।

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 1:11 pm

ईरान-इजरायल युद्ध की 'आर्थिक मार': रुपये को बचाने में खाली हो रहा है भारत का डॉलर भंडार, क्या बढ़ेगी मुश्किल?

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच रुपये को संभालने के लिए आरबीआई ने निकाले डॉलर, सोने की कीमतों ने ढकी भंडार की वास्तविक कमी।

प्रातःकाल 5 Apr 2026 10:45 am

ईरान-इजरायल युद्ध का असर:प्रवासी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित; गैस की गंभीर कमी से कई घर लौटने को मजबूर

इजराइल-ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस सप्लाई प्रभावित होने के कारण पंजाब के अमृतसर में LPG गैस सिलेंडरों की भारी कमी हो गई है। शहर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन कई घंटों के इंतजार के बाद भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। इस संकट का सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ा है। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले ये लोग रोजाना 600 से 650 रुपये तक कमाते हैं, लेकिन अब उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा गैस सिलेंडर भरवाने में ही खर्च हो रहा है। ऐसे में उनके लिए घर का खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। रोजाना कमाई गैस सिलेंडर में खर्च, परिवार को पैसे भेजना मुश्किल उत्तर प्रदेश के रहने वाले महेश, जो पिछले 9 वर्षों से अमृतसर में मजदूरी कर रहे हैं, बताते हैं कि हालात अब पहले जैसे नहीं रहे। उनका कहना है कि जितनी कमाई होती है, वह गैस सिलेंडर में ही खर्च हो जाती है, जिससे परिवार को पैसे भेजना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि कई दिनों से वे गुरुद्वारों में लंगर खाकर गुजारा कर रहे हैं, लेकिन वहां तक रोज पहुंचना भी आसान नहीं है। क्योंकि मेरा काम ऐसा है कि मैं रोज गुरुद्वारे नहीं जा सकता। मेरे घर से गुरुद्वारा भी दूर है और मेरा कोई निश्चित समय नहीं है कि कब मैं घर लौटू। काले बाजार से महंगे सिलेंडर, बाहर खाना महंगा वहीं बिहार के रहने वाले राजेश ने बताया कि इस हालात को देखते हुए उनके कई साथी पहले ही अपने घर लौट चुके हैं और अब वे खुद भी वापस जा रहें हैं। उन्होंने कहा कि गैस न होने के कारण मुझे बाहर, ढाबों और होटलों से खाना लेना पड़ रहा है, जो मेरी आमदनी के हिसाब से बहुत महंगा है। मुझे सिलेंडर तो मिल रहा है, लेकिन काले बाजार में, और वह भी पहले से काफी अधिक कीमत पर, जिससे मेरा गुजारा मुश्किल हो रहा है। मैं परेशान हो रहा हू। और अब मैं अपने घर जा रहा हुं। गंभीर हालात के चलते बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अमृतसर छोड़कर अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। मजदूरों के इस पलायन का असर अब स्थानीय कारोबार पर भी पड़ने लगा है।

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 8:38 am

राजस्थान के सोजत में मेहंदी की फैक्ट्रियां बंद:अमेरिका-ईरान युद्ध में 250 करोड़ का ऑर्डर अटका, यूरोप से लेकर खाड़ी देशों तक सप्लाई चेन टूटी

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की आग में मारवाड़ की विश्व प्रसिद्ध मेहंदी उद्योग भी झुलस रहा है। राजस्थान के सोजत (पाली) में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियों में मशीनों के पहिए थम गए हैं। 2200 से ज्यादा मजदूरों को घर भेजा जा चुका है।सोजत के निर्यातकों का करीब 250 करोड़ रुपए का माल पोर्ट और गोदामों में फंसा हुआ है। 4 से 5 हजार रुपए सालाना टर्नओवर वाले इस कारोबार पर ब्रेक लग गया है। प्रोडक्शन 80% गिरा, फैक्ट्रियां बंद होने की कगार परव्यापारियों के अनुसार, पिछले एक महीने से एक्सपोर्ट पूरी तरह ठप है। सोजत में करीब 35 ऐसी बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जो खास तौर पर मिडिल ईस्ट के लिए नेचुरल मेहंदी और हेयर डाई बनाती हैं। मांग न होने के कारण उत्पादन 20% तक सिमट गया है। व्यापारी नितेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना काल के बाद पहली बार ऐसे हालात बने हैं। पलायन बनी मजबूरीमेहंदी व्यापारी अनिल हिरानी ने बताया कि काम बंद होने के कारण अब तक करीब 2200 मजदूरों को घर भेजा जा चुका है। इनमें से 80% श्रमिक यूपी, बिहार और कोटपूतली (राजस्थान) के हैं। काम न मिलने के कारण श्रमिक पलायन को मजबूर हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और मंडी सप्लायर्स पर भी बुरा असर पड़ा है। माल भाड़ा हुआ डबल, पेमेंट भी फंसानिर्यातक विनोद लोढ़ा के अनुसार, मुंबई पोर्ट और दिल्ली एयर कार्गो में करीब 150 करोड़ का माल अटका हुआ है। युद्ध के कारण खाड़ी देशों की ओर जाने वाले जहाजों का जोखिम बढ़ गया है, जिससे शिपिंग कंपनियों ने माल भाड़ा दोगुना कर दिया है। पुराने भेजे गए माल का पेमेंट भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। रमजान के बाद आए ऑर्डर ठप, 100 करोड़ का माल गोदामों में कैदसोजत के मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर विनोद लोढ़ा ने बताया- रमजान से पहले के ऑर्डर तो समय पर चले गए थे, लेकिन उसके बाद आए सभी ऑर्डर युद्ध के कारण रुक गए हैं। वर्तमान में करीब 100 करोड़ रुपए की मेहंदी अकेले सोजत के गोदामों में तैयार पड़ी है, जिसे दुबई भेजा जाना था। लेकिन न तो नए ऑर्डर मिल रहे हैं और न ही पुराने ऑर्डर्स की डिस्पैचिंग हो पा रही है। गुजरात से आने वाला कच्चा माल हुआ महंगामेहंदी व्यापारी सुरेन हिरानी ने बताया कि मेहंदी के कोन और पाउडर बनाने के लिए जरूरी रॉ-मटेरियल मुख्य रूप से गुजरात से आता है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने से वहां के सप्लायर्स ने रेट बढ़ा दिए हैं। 10 ग्राम से लेकर 1 किलो तक की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला मटेरियल, जो पहले 250 रुपए किलो मिलता था, वह अब 350 रुपए तक पहुंच गया है। एक्सपोट्‌र्स बोले- न दाम बढ़ा सकते, न माल बेच सकते हैंएक्सपोट‌्‌र्स की सबसे बड़ी दुविधा यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी और डिमांड की कमी के चलते वे अपनी फिनिश्ड गुड्स (तैयार माल) की कॉस्ट नहीं बढ़ा पा रहे हैं। लागत में 40% तक की बढ़ोतरी होने के बावजूद पुरानी रेट पर भी खरीदार नहीं मिल रहे हैं। घरेलू बाजार में भी माल भेजना अब महंगा हो गया है, क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ चुकी है। 130 देशों का 'ग्लोबल मार्केट' अब अधर मेंसोजत की मेहंदी का रसूख इतना बड़ा है कि यह केवल भारत या खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है। यह फ्रांस, पेरिस, आयरलैंड, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों तक अपनी पहुंच बना चुकी है। व्यापारियों के अनुसार, सोजत से निकलने वाली प्रीमियम मेहंदी और नेचुरल हेयर डाई की मांग यूरोपीय देशों में साल भर रहती है, लेकिन मौजूदा युद्ध ने शिपिंग रूट्स को इतना असुरक्षित बना दिया है कि 130 देशों का यह विशाल नेटवर्क ठप होने की कगार पर है।जो मेहंदी स्पेन, यूनान और माल्टा जैसे देशों के बाजारों की शोभा बढ़ाती थी, वह अब ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं के कारण सोजत के गोदामों से बाहर नहीं निकल पा रही है। क्वालिटी का डर- 1 महीने में खराब हो जाता है मेहंदी कोनव्यापारियों की सबसे बड़ी चिंता क्वालिटी को लेकर है। मेहंदी कोन की लाइफ महज एक महीना होती है, जिसके बाद वह खराब होने लगता है। हेयर डाई की क्वालिटी भी 6 महीने बाद गिरने लगती है। अगर युद्ध लंबा चला, तो व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। 4 से 5 हजार रुपए का सालाना टर्नओवरसोजत का मेहंदी कारोबार का सालाना टर्नओवर 4 से 5 हजार रुपए सालाना है। व्यापारियों ने दावा किया- यदि युद्ध आज भी रुक जाए, तो स्थिति को सामान्य होने में कम से कम 4 से 6 महीने का समय लगेगा। व्यापारी बोले- समझ नहीं आ रहा उद्योग कैसे बचाएंमेहंदी व्यापारी सुरेन हिरानी कहते हैं- सोजत की मेहंदी का सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट से है। वहां युद्ध शुरू होते ही हमारी सप्लाई लाइन कट गई। अब गुजरात से आने वाला कच्चा माल महंगा हो गया और ट्रांसपोर्ट के दाम बढ़ गए। समझ नहीं आ रहा कि उद्योग को कैसे बचाएं। 80% श्रमिक बाहरी राज्यों के, रोजी-रोटी का संकटसोजत के मेहंदी उद्योग में उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कोटपूतली (राजस्थान) क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रमिक आते हैं। कुल निकाले गए मजदूरों में 80 फीसदी प्रवासी हैं, जबकि 20 फीसदी स्थानीय लोग हैं। इन मजदूरों के लिए मेहंदी सीजन ही साल भर की कमाई का मुख्य जरिया होता है, लेकिन युद्ध ने उनके इस भरोसे को तोड़ दिया है। केवल मजदूर नहीं, पूरी 'सप्लाई चेन' प्रभावित काम बंद होने का असर केवल फैक्ट्री के भीतर तक सीमित नहीं है। इसका 'चेन रिएक्शन' पूरे सिस्टम पर दिख रहा है। किसान: मेहंदी की फसल बेचने वाले किसानों को खरीदार नहीं मिल रहे। मंडी: सोजत मंडी में व्यापारिक गतिविधियां सुस्त पड़ गई हैं। सप्लायर: पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और कच्चा माल सप्लाई करने वालों का काम भी रुक गया है। खाड़ी देशों की पहली पसंद है 'सोजत मेहंदी'सोजत की मेहंदी अपनी ए-ग्रेड क्वालिटी के लिए जानी जाती है। यहां मेहंदी में केमिकल के बजाय लौंग, नीलगिरी और टी-3 नेचुरल ऑयल का इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि इसकी डिमांड मिडिल ईस्ट के अलावा दुनिया के 130 देशों में है। लेकिन वर्तमान युद्ध की स्थिति ने इस चमक को फिलहाल धुंधला कर दिया है। लातविया से लेकर पुर्तगाल तक... हर जगह सोजत का डंकासोजत की मेहंदी की गुणवत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह एस्टोनिया, लिथुआनिया, बुल्गारिया, स्लोवाकिया, और क्रोएशिया जैसे देशों में भी निर्यात की जाती है। यूरोप का बाजार- यहां नेचुरल कॉस्मेटिक्स की भारी डिमांड है, जिसे सोजत पूरा करता है। एशियाई बाजार- नेपाल और मलेशिया जैसे देशों में सोजत की मेहंदी एक अनिवार्य ब्रांड बन चुकी है। पेरिस के फैशन से रूस के बाजार तकसोजत की मेहंदी की सबसे बड़ी खूबी इसका 'केमिकल फ्री' होना है। इसी कारण पेरिस (फ्रांस) जैसे फैशन हब और रूस व बेलारूस जैसे ठंडे देशों में भी इसे स्किन-फ्रेंडली हेयर डाई के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल इन सभी देशों से आने वाले नए ऑर्डर्स पर युद्ध की अनिश्चितता के कारण 'ब्रेक' लग गया है। 38 हजार हेक्टेयर में फैला है ‘मेहंदी का साम्राज्य’पाली जिले का सोजत और उसके पड़ोसी क्षेत्र रायपुर व जैतारण मिलकर दुनिया का सबसे बड़ा मेहंदी उत्पादक हब बनाते हैं। कुल 38 हजार हेक्टेयर भूमि पर होने वाली यह खेती यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यहां की मिट्टी और जलवायु मेहंदी के लिए इतनी अनुकूल है कि यहां पैदा होने वाली मेहंदी में लॉसोने (रंग देने वाला तत्व) की मात्रा दुनिया में सर्वाधिक पाई जाती है। प्रति हेक्टेयर 15 क्विंटल का उत्पादन, पर बाजार में सन्नाटा इस क्षेत्र में औसतन 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मेहंदी का उत्पादन होता है। इस साल भी पैदावार बंपर होने की उम्मीद है, लेकिन युद्ध के कारण सोजत की मंडी और फैक्ट्रियों में रौनक गायब है। बंपर स्टॉक: खेतों से मंडी तक माल पहुंच रहा है, लेकिन निर्यात रुकने से स्टॉक जमा होता जा रहा है। भाव का डर: मांग कम होने से किसानों को डर है कि उन्हें अपनी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पाएगा। क्यों खास है सोजत की मेहंदी?सोजत की मेहंदी को इसकी शुद्धता और गहरे रंग के लिए GI टैग (Geographical Indication) भी मिल चुका है। यहां की मेहंदी में किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल के बजाय प्राकृतिक तेलों का उपयोग किया जाता है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतारता है। ------ अमेरिका-ईरान युद्ध के साइड इफेक्ट की यह खबर भी पढ़िए… राजस्थान में सैकड़ों फैक्ट्रियां बंद, हजारों लोग बेरोजगार, डिमांड लगातार कम हो रही, घाटा करोड़ों में अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के कारण राजस्थान का मिनरल उद्योग प्रभावित हुआ है। गुजरात के मोरबी की सिरेमिक इंडस्ट्रीज में डिमांड घटने से करीब 2300 से ज्यादा मिनरल्स-ग्राइंडिंग यूनिट्स बंद हो गई हैं। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 8:17 am

सिवनी में जेबकतरा गिरफ्तार:मंदिर से श्रद्धालु का उड़ाया था पर्स, 17 हजार लेकर हुआ था फरार

सिवनी जिले में सक्रिय जेबकतरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने शनिवार की रात एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी की नकदी और पर्स बरामद किया। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को सिवनी निवासी अमित राजपूत (42) ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि हनुमान प्रकटोत्सव के दौरान बालस्वरूप हनुमान मंदिर में पूजा करते समय रात करीब 8 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी जेब से लगभग 17 हजार रुपए चुरा लिए थे। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना स्तर पर एक टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास पूछताछ, संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग किया। इसके आधार पर सिवनी के टिग्गा मोहल्ला निवासी इस्लाम खान (30) की पहचान संदिग्ध के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने चोरी की गई राशि में से कुछ पैसे खर्च कर दिए थे। उसके पास से 7,250 रुपये नकद और एक पर्स बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी इस्लाम खान के खिलाफ पहले भी कोतवाली थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीश तिवारी के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक संजय यादव, मनोज पाल, मुकेश चौरिया और राजेंद्र राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 7:16 am

जंग की आंच मप्र तक; निर्यात-नौकरी दोनों आधी:इजराइल-ईरान युद्ध के बीच प्रदेश के 5 बड़े औद्योगिक क्षेत्रों के हाल, पलायन कर रहे मजदूर

ईरान-इजरायल युद्ध ने भोपाल के औद्योगिक ढांचे को भी झकझोर दिया है। राजधानी के मंडीदीप, गोविंदपुरा और बगरोदा औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चे माल की कमी, कमर्शियल गैस की अनुपलब्धता और बढ़ती लागत ने उत्पादन, निर्यात और रोजगार तीनों पर एक साथ दबाव बना दिया है। ​भोपाल: गोविंदपुरा में 25 यूनिट बंद; मंडीदीप से निर्यात आधा मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया में उत्पादन 30% तक घट गया है। प्लास्टिक, पैकेजिंग, फार्मा और इंजीनियरिंग सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इंजीनियरिंग इकाइयों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से काम प्रभावित हुआ है, जबकि फार्मा कंपनियां कच्चे माल और पैकेजिंग मटेरियल के 10 से 15% बढ़े दाम से जूझ रही हैं। प्लास्टिक इंडस्ट्री में पेट्रोकेमिकल्स की सप्लाई रुकने से कच्चे माल की कीमत करीब 20% तक बढ़ गई है। एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज मंडीदीप के संरक्षक राजीव अग्रवाल के मुताबिक, फिलहाल कंपनियां पुराने स्टॉक के सहारे काम चला रही हैं। सप्लाई नहीं सुधरी तो 4000 से अधिक कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होगा। गोविंदपुरा: 20 साल में पहली बार जल्दी बंद हो रहीं फैक्ट्रियां : गोविंदपुरा में 1157 यूनिट्स में से 25 बंद हो चुकी हैं, 600 आधी क्षमता पर चल रही हैं। 500 यूनिट्स ने शिफ्ट घटा दी है। जो फैक्ट्रियां रात 9:30 बजे तक चलती थीं, वे शाम 5:30 बजे ही बंद होने लगी हैं। कोविडकाल को छोड़ दें तो दो दशकों में यह पहली बार है, इतनी जल्दी काम बंद हो रहा है। हमें ऐसे लग रहे जंग के झटके ग्वालियर: ​मालनपुर में 50 यूनिट बंद तो बानमोर में उत्पादन 50% मालनपुर से प्रवीण चतुर्वेदीबानमोर से विजय सिंह राठौरग्वालियर-चंबल संभाग के औद्योगिक क्षेत्रों मालनपुर और बानमोर में कच्चे माल की कमी, गैस सप्लाई में कटौती और बढ़ती लागत के कारण उद्योगों की स्थिति बिगड़ रही है। बड़े उद्योगों का उत्पादन 40% तक घट गया है, वहीं छोटी इकाइयों में बंदी का दौर शुरू हो गया है। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में 17 बड़ी और 127 छोटी इकाइयां हैं, जिनमें से करीब 50 छोटी इकाइयों ने उत्पादन बंद कर दिया है। इसका असर रोजगार पर पड़ा है। पिछले एक महीने में 1500 से ज्यादा श्रमिक गांव लौट चुके हैं, जबकि नई लेबर भी आना बंद हो गई है। कॉन्ट्रैक्ट लेबर सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। मजदूरों को करीब 520 रुपए रोज मिलते थे, जिसमें पीएफ-ईएसआई शामिल था। एक समय का खाना फैक्ट्री में और दूसरा गैस सिलेंडर से बनता था, लेकिन अब गैस की कमी के कारण सिलेंडर भरवाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने लौटना ही बेहतर समझा। मालनपुर के उद्योगों में नेचुरल और प्रोपेन गैस का इस्तेमाल होता है। नेचुरल गैस की सप्लाई 45% घट गई है, जबकि प्रोपेन मिल नहीं रही। इससे कई यूनिट्स में उत्पादन आधा रह गया है। कुछ पूरी तरह ठप हो गए हैं। हमें ऐसे लग रहे जंग के झटके इंदौर: ​30% उत्पादन ठप, 35 हजार वर्कर्स की नौकरी गई पीथमपुर से संदीप पारे युद्ध की आंच इंदौर के औद्योगिक क्षेत्रों पीथमपुर, राऊ और सांवेर रोड तक पहुंच गई है। कच्चे माल की कमी और लागत में भारी बढ़ोतरी के कारण 25 से 30% उत्पादन ठप हो गया है। सीधा असर रोजगार पर पड़ा है। करीब 20 हजार कॉन्ट्रैक्ट वर्करों की छुट्टी हो चुकी है, जबकि 15 से 20 हजार स्थायी कर्मचारियों को ले-ऑफ (अस्थायी छुट्‌टी) पर भेजा गया है। इंदौर-पीथमपुर के करीब 5600 उद्योगों में से 1000 से ज्यादा यूनिट्स के सामने बंद होने की कगार पर हैं। अधिकांश कंपनियों ने काम के घंटे घटा दिए हैं। वे आधी क्षमता पर चल रही हैं। एडवांस पेमेंट पर भी 50% कच्चा माल ही मिल पा रहा : होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण मिडिल ईस्ट से सप्लाई प्रभावित हुई है। उद्योगपतियों के मुताबिक, कच्चा माल अब 50% भी नहीं मिल पा रहा है। जो मिल रहा है, उसके दाम 60 से 100% तक बढ़ चुके हैं। कच्चा माल एडवांस पेमेंट पर खरीदना पड़ रहा है। तैयार माल का भुगतान 60 से 90 दिन में मिल रहा है। इंश्योरेंस और माल भाड़ा भी महंगा हो गया है, जिससे उत्पादन लागत निकलना मुश्किल हो गया है। हमें ऐसे लग रहे जंग के झटके

दैनिक भास्कर 5 Apr 2026 5:30 am

ईरान-इजरायल युद्ध का असर:कानपुर में महंगी LPG ने बिगाड़ा स्वाद, अब व्यापारियों ने की PNG कनेक्शन आसान करने की मांग

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब कानपुर के रसोईघरों और होटलों के चूल्हों तक पहुंचने लगा है। युद्ध की स्थिति के चलते एलपीजी (LPG) गैस की आपूर्ति प्रभावित होने और सिलेंडरों की किल्लत की आशंका के बीच शहर के व्यापारियों ने पाइप वाली गैस यानी पीएनजी (PNG) की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। शनिवार को ‘भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल’ के बैनर तले व्यापारियों ने साकेत नगर स्थित सीयूजीएल (CUGL) कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने मुख्य महाप्रबंधक के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन वरिष्ठ प्रबंधक पंकज राज को सौंपा और मांग की कि शहर में घरेलू और कमर्शियल पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल, सुलभ और किफायती बनाया जाए। रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों पर संकटप्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने वार्ता के दौरान कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के कारण देशभर में एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। कानपुर में भी कमर्शियल सिलेंडरों की अनियमित उपलब्धता से रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें और गेस्ट हाउस संचालक परेशान हैं। इससे न केवल व्यापार बाधित हो रहा है, बल्कि उपभोक्ता आपूर्ति श्रृंखला पर भी बुरा असर पड़ रहा है। व्यापारियों का तर्क है कि पीएनजी सुरक्षित और निरंतर मिलने वाला विकल्प है, लेकिन विभाग की जटिल प्रक्रिया के कारण लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। विधानसभा वार सहायता केंद्र खोलने की मांगव्यापारियों ने विभाग से मांग की कि कानपुर महानगर के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सहायता केंद्र खोला जाए और वहां सक्षम अधिकारी की नियुक्ति की जाए। इसके साथ ही विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी करने और कमर्शियल कनेक्शन के लिए निश्चित समय सीमा तय करने की भी जरूरत बताई गई। व्यापारियों ने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट्स को जल्द से जल्द कनेक्शन देकर उन्हें एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। 90 दिन का इंतजार और तकनीकी उलझनेंसीयूजीएल के वरिष्ठ प्रबंधक पंकज राज ने बताया कि घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए एक ऐप उपलब्ध है, जिस पर आवेदन स्वीकृत होने के बाद 90 दिनों के भीतर कनेक्शन दिए जा रहे हैं। हालांकि, कमर्शियल कनेक्शन को लेकर विभाग की चुनौतियां भी सामने आईं। उन्होंने कहा कि कमर्शियल कनेक्शन के लिए फिलहाल कोई ऐप नहीं है और उपभोक्ताओं को विभाग की वेबसाइट के माध्यम से ही आवेदन करना होगा। वरिष्ठ प्रबंधक ने कमर्शियल कनेक्शन में आ रही दिक्कतों को स्वीकार करते हुए व्यापारियों को आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में दक्षिण अध्यक्ष कमल त्रिपाठी, युवा प्रदेश संगठन महामंत्री विनायक पोद्दार, अशोक शुक्ला, जितेंद्र सिंह, अरविंद गुप्ता, पवन गौड़, शैलेंद्र सेंगर, सत्यम मिश्र, विवेक गुप्ता, सुरेंद्र मिश्र सहित अन्य व्यापारी नेता शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 9:18 pm

'डीसी के खिलाफ मैच एकतरफा था, मजा नहीं आया,' एमआई की हार से टूटा फैंस का दिल

मुंबई इंडियंस (एमआई) को दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 8वें मुकाबले में 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने एमआई के फैंस का दिल तोड़ा है। हालांकि, इन फैंस ने डीसी के बल्लेबाज समीर रिजवी की तारीफ भी की, जो महज 10 रन से अपना पहला आईपीएल शतक चूक गए। शनिवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मैच में एमआई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 162 रन बनाए। इस पारी में रोहित शर्मा ने 35 रन, जबकि सूर्यकुमार यादव ने 51 रन का योगदान दिया। इसके जवाब में डीसी ने समीर रिजवी और पथुम निसांका की शानदार पारियों के दम पर 18.1 ओवरों में जीत दर्ज कर ली। निसांका ने 30 गेंदों में 44 रन की पारी खेली, जबकि रिजवी ने 51 गेंदों में 7 छक्कों और 7 चौकों के साथ 90 रन की पारी खेली। मुंबई इंडियंस की फैन आकांक्षा ने 'आईएएनएस' से कहा, एमआई भले ही इस मैच को गंवा बैठी, लेकिन रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ने शानदार खेल दिखाया। उनकी पारी देखकर बहुत मजा आया। इन खिलाड़ियों के आउट होने के बाद मेरे लिए मैच बोरिंग हो गया। परविंदर सिंह गिल ने कहा, हम यहां मुंबई इंडियंस को सपोर्ट करने आए थे, लेकिन एमआई की हार से हमारा दिल टूट गया। मैच एकतरफा था, जिसे देखकर मजा नहीं आया। बुमराह भी इस मुकाबले में अपना प्रभाव नहीं छोड़ सके। हालांकि, समीर रिजीव ने लगातार दूसरे मैच में अपना प्रभाव छोड़ है। उनकी पारी काबिल-ए-तारीफ थी। मुंबई इंडियंस की फैन आकांक्षा ने 'आईएएनएस' से कहा, एमआई भले ही इस मैच को गंवा बैठी, लेकिन रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ने शानदार खेल दिखाया। उनकी पारी देखकर बहुत मजा आया। इन खिलाड़ियों के आउट होने के बाद मेरे लिए मैच बोरिंग हो गया। Also Read: LIVE Cricket Score राम ने कहा, मैं मुंबई इंडियंस को समर्थक हूं, लेकिन मेरी पसंदीदा टीम इस मैच को जीत नहीं सकी। रोहित शर्मा से मुझे खासा उम्मीदें थीं। हालांकि, दिल्ली कैपिटल्स ने मैच अपने नाम किया। रोहित शर्मा को पूरे मैच में मैदान पर होना चाहिए था। उनका फील्ड पर न होना एमआई के लिए नुकसानदायक रहा। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 4 Apr 2026 8:50 pm

मिडिल ईस्ट तनाव में नया मोड़: UAE पर ईरान का सख्त रुख, जंग के विस्तार का खतरा बढ़ा

तेहरान के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान को अब यह भरोसा हो गया है कि UAE इस संघर्ष में निष्क्रिय नहीं है। ईरान का आरोप है कि UAE ने अमेरिका और इजरायल को अपने सैन्य ठिकानों और एयर फैसिलिटी का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।

देशबन्धु 4 Apr 2026 1:06 pm

LIVE: कतर का बड़ा फैसला, ईरान युद्ध में मध्यस्थता से किया इनकार

Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध भीषण दौर में पहुंचता नजर आ रहा है। कतर ने ईरान युद्ध में मध्यस्थता से कर दिया तो ईरान ने पाकिस्तान को मध्यस्थ मानने से इनकार किया। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 4 Apr 2026 10:49 am

मिडिल ईस्ट जंग से 'लाह की लहठियां' महंगी:मुजफ्फरपुर में उद्योग पर संकट, कारोबारी बोले- कीमत बढ़ने से 60% तक बिक्री घटी है

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब स्थानीय बाजारों तक दिखने लगा है। अपनी खास पहचान रखने वाली मुजफ्फरपुर की मशहूर 'लाह की लहठियां' (चूड़ियां) महंगी हो गई हैं। जिससे कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। शादी-विवाह के सीजन से ठीक पहले कीमतों में 30 से 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी ने ग्राहकों की खरीदारी कम कर दी है, वहीं दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है। शहर के इस्लामपुर स्थित सबसे बड़ी लाठी मंडी में इन दिनों रौनक कम नजर आ रही है। आमतौर पर लगन के मौसम में जहां भारी भीड़ उमड़ती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। दुकानदारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और कच्चे माल की महंगाई का सीधा असर कारोबार पर पड़ा है। 55 साल पुरानी दुकान में भी घटी बिक्री करीब 50-55 साल पुरानी दुकान चलाने वाले व्यापारी मोहम्मद फिरोज बताते हैं, 'मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे माल और उत्पादन लागत बढ़ गई है। पहले जो लहठियां 100 रुपए में मिलती थी, अब उनकी कीमत 140-150 रुपए तक पहुंच गई है। इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ा है, जिससे बिक्री 50 से 60 फीसदी तक घट गई है।' मुजफ्फरपुर की लहठी का देश-विदेश में डिमांड मुजफ्फरपुर की ये पारंपरिक लहठियां सिर्फ बिहार या भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों तक अपनी पहचान रखती हैं। खासतौर पर यहां की चूड़ियों की डिमांड शादी-विवाह के सीजन में काफी बढ़ जाती है। स्थानीय कारीगरों का दावा है कि इन चूड़ियों की खूबसूरती और डिजाइन के कारण बॉलीवुड हस्तियां भी इन्हें पसंद करती रही हैं, जिनमें ऐश्वर्या राय का नाम भी लिया जाता है। लगन के बावजूद बाजार सुस्त हालांकि, इस बार 15 अप्रैल से शुरू हो रहे लगन सीजन से पहले बाजार में उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं दिख रही है। महंगाई के कारण ग्राहक सीमित खरीदारी कर रहे हैं, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि अगर जल्द ही कीमतों में स्थिरता नहीं आई, तो पारंपरिक 'लाख उद्योग' पर इसका दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। वहीं, कारीगरों के सामने भी रोजगार का संकट गहराने लगा है।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 10:12 am

यूक्रेन युद्ध में धकेले गए फतेहाबाद के युवक की मौत:दिल्ली पहुंचा शव; 8 महीने पहले जबरन रूसी सेना में किया था भर्ती

रूस की सेना में जबरन भर्ती करके यूक्रेन में युद्ध में धकेले गए फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया के दो युवकों में से एक की मौत हो गई है। युवक अंकित जांगड़ा की डेडबॉडी दिल्ली पहुंच गई है। जहां परिजन डेडबॉडी लेने पहुंच गए हैं। आज (शनिवार) दोपहर बाद तक डेडबॉडी दिल्ली से गांव कुम्हारिया लाई जाएगी। मृतक अंकित जांगड़ा के बड़े भाई रघुवीर जांगड़ा ने बताया कि परिवार के पास कल शुक्रवार को ही डेडबॉडी भारत भेजने की सूचना पहुंची थी। इसके बाद परिवार आज सुबह दिल्ली रवाना हुआ। दोपहर बाद गांव में अंकित के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, दूसरे युवक विजय पूनिया का अभी कोई सुराग नहीं लगा है। बता दें कि, इन दोनों युवकों की वापसी के लिए परिवार की ओर से काफी प्रयास किए गए थे। परिजन दिल्ली और चंडीगढ़ में रूसी एंबेसी, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से मदद की गुहार लगाने के लिए गए। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सिरसा सांसद कुमारी सैलजा, रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा ने भी विदेश मंत्री जयशंकर को इस मामले में पत्र लिखा था। अब जानिए यूक्रेन में आखिर कैसे फंसे युवक... स्टडी वीजा पर गए थे दोनों युवक: गांव कुम्हारिया के अंकित जांगड़ा (23) और विजय पूनिया (25) स्टडी वीजा पर रूस गए थे। अंकित के भाई रघुवीर ने बताया कि सात महीने पहले अंकित की कॉल आई थी। उसके साथ तब विजय भी था। अंकित ने उधर से कहा, हमें बचा लो। हमारे पास एक-दो दिन ही बचे हैं। इसके बाद हमें युद्ध में भेज दिया जाएगा। 12वीं के बाद गया अंकित: रघुवीर ने बताया कि अंकित 12वीं की पढ़ाई पूरी कर 14 फरवरी 2025 को स्टडी वीजा पर रूस गया था। इसमें फरीदाबाद की एजेंट ने उनकी मदद की थी। अंकित ने मॉस्को के एमएसएलयू कॉलेज में लेंग्वेज कोर्स में दाखिला लिया था। अंकित के पिता रामप्रसाद ने बताया कि अंकित ने पढ़ाई के दौरान फ्री टाइम में किसी रेस्टोरेंट में हेल्पर का काम शुरू किया, ताकि अपना खर्चा निकाल सके। दोबारा बिजनेस वीजा से गया विजय: विजय पूनिया जुलाई 2024 में स्टडी वीजा पर गया था। वीजा एक्सटेंड नहीं हुआ, तो एक महीने बाद वापस आ गया था। फिर अक्टूबर 2024 में दोबारा गया। 6 महीने रहकर मार्च के आखिर में वापस गांव आया। इसके बाद 15 जुलाई 2025 को विजय एक साल का बिजनेस वीजा लगवाकर रशिया गया। परिवार का कहना है कि लोन लेकर उसे विदेश भेजा था। रूस में महिला ने लालच देकर फंसाया: रघुवीर ने बताया कि करीब आठ महीने पहले एक महिला ने अंकित व विजय के साथ अन्य 13 लोगों को रशियन आर्मी में नौकरी दिलाने की लालच दिया था। 15 लोगों का एक बैच बनाया। जाॅब दिलाने वाली को वॉट्सऐप पर कॉल की, तो महिला ने कहा कि अंकित और विजय तो मर गए हैं। इसके बाद महिला ने नंबर ब्लॉक कर दिया। 11 सितंबर 2025 के बाद से नहीं हुआ संपर्क इन दोनों युवकों से परिवार के सदस्यों का 11 सितंबर 2025 के बाद से कोई संपर्क नहीं हुआ था। लगातार दोनों परिवार उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे थे। मगर इसी बीच अंकित की डेडबॉडी भारत भेज दी गई है। वहीं, दूसरे युवक विजय का भी अभी तक कोई पता नहीं चल पा रहा है।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 9:50 am

अमेरिका-ईरान युद्ध में झुलसा कारोबार:चाइना क्ले उद्योग की 100 यूनिट बंद हुईं, 2000 मजदूरों पर संकट

ईरान-अमेरिका युद्ध का असर अब स्थानीय उद्योगों तक पहुंच गया है। नागौर का चाइना क्ले उद्योग इस वैश्विक संकट की सीधी चपेट में है। जिले में 100 से अधिक यूनिट पिछले 15 दिनों से बंद हैं, जिससे दो हजार से ज्यादा श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उद्योगों में रोजाना करीब 2-5 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है और अब तक यह आंकड़ा 50 करोड़ रुपए पार कर चुका है। हालात ऐसे हैं कि 15 अप्रैल तक स्थिति सुधरने की उम्मीद भी नहीं है, क्योंकि गुजरात की खरीदार यूनिटें पूरी तरह ठप हैं। अगर यही स्थिति बनी रही तो नागौर को अकेले 60 से 70 करोड़ रुपए तक का सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रदेश स्तर पर यह आंकड़ा 300 करोड़ तक पहुंच सकता है। दरअसल, इस पूरे संकट का कारण गुजरात के मोरबी क्षेत्र में सिरेमिक उद्योग का ठप होना है, जो नागौर के चाइना क्ले का सबसे बड़ा खरीदार है। गैस सप्लाई प्रभावित होने और अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने के कारण वहां की फैक्ट्रियां बंद हैं, जिससे नागौर की सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई है। स्थानीय व्यापारी रामप्रसाद मेहरिया ने बताया कि जिले के 100 से अधिक यूनिटों पर काम करने वाले करीब 2 हजार मजदूर बेरोजगार हो गए है। ऐसे में अब सरकार कोई राहत नहीं दी तो उद्योग बर्बाद हो जाएगा। मजदूरों का पलायन, ट्रांसपोर्ट भी ठप मोरबी की सिरेमिक फैक्ट्रियों में काम करने वाले 4 लाख से ज्यादा मजदूर बेरोजगार हो चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या यूपी, बिहार, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के श्रमिकों की है, जो फैक्ट्रियां बंद होने के बाद अपने घर लौट गए हैं। कच्चा माल ढोने वाले 8000 से ज्यादा ट्रकों के पहिए भी थम गए हैं। संकट बढ़ने के संकेत, 15 तक राहत नहींमोरबी की यूनिट्स 15 अप्रैल तक बंद रहने वाली हैं। अगर इस दौरान गैस सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं हुए, तो शटडाउन और लंबा खिंच सकता है। ऐसे में नागौर के उद्योगों के सामने नकदी संकट, श्रमिक पलायन और उत्पादन ठप रहने जैसी कई चुनौतियां एक साथ खड़ी हो गई है। गुजरात में फैक्ट्रियां बंद, राजस्थान से सप्लाई चेन पूरी तरह टूटी“गुजरात के मोरबी में करीब 600 सिरेमिक फैक्ट्रियां अलग-अलग राज्यों से चाइना क्ले खरीदती हैं। नागौर सहित राजस्थान से रोजाना बड़ी मात्रा में कच्चा माल यहां पहुंचता था, लेकिन फैक्ट्रियां बंद होने के बाद प्रोसेसिंग यूनिट से लेकर अंतिम सप्लाई तक पूरी शृंखला ठप हो गई है। मोरबी में करीब 25 प्रोसेसिंग यूनिट्स ही चल रही है बाकि बंद पड़ी हैं, जिससे चाइना क्ले की खपत पूरी तरह रुक गई है और इसका सीधा असर नागौर के उद्योगों पर पड़ा है। जिले के झुंझाला गांव सहित खराड़ी, इंदावड़, टांगळा-टांगळी, छावटा, बोड़वा, पातेली से रोज करीब 250 ट्रक मोरबी जाते थे, मगर ये व्यापार अब पूरी तरह ठप्प हो चुका है।” -भूराराम भाकर, अध्यक्ष, श्री गुंसाई बाबा चाइना क्ले सोसायटी, नागौर।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 5:49 am

ईरान-इजरायल युद्ध की मार, मार्बल-माइनिंग सेक्टर को हर माह 300 करोड़ रुपए का घाटा

ईरान-इजरायल के बीच छिड़े युद्ध ने उदयपुर के विश्वप्रसिद्ध मार्बल और माइनिंग उद्योग की कमर तोड़ दी है। वैश्विक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय परिवहन मार्ग बाधित होने से उदयपुर का व्यापारिक गणित पूरी तरह बिगड़ गया है। तुर्किए और ओमान जैसे देशों से कच्चे माल का आयात रुकने और अमेरिका-खाड़ी देशों को होने वाले निर्यात पर ब्रेक लगने से प्रति माह औसतन 250 से 300 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, मोरबी का टाइल्स उद्योग ठप होने से उदयपुर के मिनरल सेक्टर को प्रतिदिन 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की चपत लग रही है। विशेषज्ञों ने जताई चिंता- संकट और बढ़ेगा आयात पूरी तरह थमा, जाने वाले कंटेनर भी अटके, खदानों पर संकट खनन लागत में 10% का उछाल : युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और रसायनों की कीमतें बढ़ी हैं। माइनिंग में पत्थर काटने के लिए उपयोग होने वाले केमिकल और भारी मशीनरी के दाम 10 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जिससे स्थानीय खदान मालिकों पर दोहरी मार पड़ी है। मोरबी कनेक्शन से खदानें संकट में : मोरबी (गुजरात) में टाइल्स फैक्ट्रियां बंद होने से उदयपुर के फेल्सपार और सोपस्टोन की मांग खत्म हो गई है। जिले की करीब 100 खदानों से रोजाना निकलने वाले 250 ट्रक (100 मोरबी व 150 रीको एरिया) की सप्लाई रुक गई है। आयात-निर्यात पर प्रहार : उदयपुर की सुखेर मंडी में तुर्की और ओमान से हर महीने आने वाला 15 हजार टन (करीब 100 करोड़ रुपये) मार्बल ब्लॉक का आयात पूरी तरह थम गया है। वहीं, खाड़ी देशों और अमेरिका के लिए रोजाना रवाना होने वाले 25 से 30 कंटेनर समुद्री मार्ग में तनाव के कारण अटक गए हैं।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 5:30 am

नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी’ युद्धपोत:ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें हैं तैनात, विशाखापट्टनम के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से केदार हुए शामिल

विशाखापत्तनम में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेशी युद्धपोत ‘तारागिरी’ को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया। इस कार्यक्रम में मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक केदारनाथ गुप्ता अतिथि के रूप में मौजूद रहे। एनएस तारागिरी भारतीय नौसेना का एक अत्याधुनिक, स्वदेशी गाइडेड-मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट है, जिसे 3 अप्रैल 2026 को विशाखापत्तनम में औपचारिक रूप से शामिल किया गया। यह युद्धपोत ‘प्रोजेक्ट 17ए’ के तहत तैयार किया गया है और इसका निर्माण मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने किया है। करीब 6,670 टन वजनी यह युद्धपोत 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री से बना है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देता है। इसकी स्टील्थ तकनीक इसे दुश्मन के रडार से बचाने में सक्षम बनाती है। तारागिरी में ब्रह्मोस मिसाइल जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें तैनात हैं, जो लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम हैं। इसके अलावा इसमें उन्नत रडार सिस्टम, ‘कवच’ जैसे डिफेंस मैकेनिज्म और पनडुब्बी रोधी क्षमताएं भी शामिल हैं। यह युद्धपोत समुद्र के ऊपर, सतह और पानी के अंदर तीनों स्तरों पर दुश्मन से मुकाबला करने में सक्षम है। इसकी मल्टी-रोल क्षमता भारतीय नौसेना की ताकत को और मजबूत करती है। कार्यक्रम में मौजूद केदारनाथ गुप्ता ने इसे देश की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत अब युद्धपोत निर्माण से लेकर आधुनिक हथियार प्रणालियों तक में तेजी से आत्मनिर्भर हो रहा है। ‘तारागिरी’ का नौसेना में शामिल होना इस बात का संकेत है कि भारत अपनी समुद्री सुरक्षा को स्वदेशी तकनीक के दम पर लगातार मजबूत कर रहा है।

दैनिक भास्कर 3 Apr 2026 10:01 pm

युद्ध में टेक इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरान क्यों बना रहा है सॉफ्ट टारगेट और इसके पीछे क्या है रणनीति

ईरान के ड्रोन हमलों ने युद्ध के स्वरूप को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में Amazon Web Services (AWS) के दो डेटा सेंटर्स को निशाना बनाया, जबकि बहरीन में एक अन्य कमर्शियल डेटा सेंटर भी हमले की चपेट में आया। यह पहली बार है जब किसी ...

वेब दुनिया 3 Apr 2026 5:06 pm

मैक्रों ने ट्रम्प की 'ईरान नीति' की धज्जियां उड़ाईं, युद्ध और नाटो पर फ्रांस के राष्ट्रपति का बड़ा बयान

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान युद्ध और नाटो गठबंधन को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी आलोचना की है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके वैश्विक परिणाम।

वेब दुनिया 3 Apr 2026 4:21 pm

युद्ध की वजह से शेयर बाजार बेहाल: सेंसेक्स-निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव

Share Market Weekly Review : अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग की वजह से इस हफ्ते भी भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार चढ़ाव दिखाई दिया। 2 छुट्‍टियों वाले 3 दिन के कारोबारी हफ्ते में 2 दिन बाजार में हरे निशान में रहे। लेकिन 1 दिन की गिरावट इस पर भारी पड़ी। सेंसेक्स में 264 और निफ्टी में 106 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह। कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 1636 अंकों की गिरावट के साथ 71,947 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 488 अंक गिरकर 22,331 पर जा पहुंचा। मंगलवार को महावीर जयंती के उपलक्ष्य में शेयर बाजार बंद था। नए वित्त वर्ष के पहले दिन 1 अप्रैल को ट्रंप के बयान के बाद युद्ध खत्म होने की उम्मीद से शेयर बाजार में भारी तेजी दिखाई दी। सेंसेक्स 1187 अंक बढ़कर 73,134 पर बंद हुआ निफ्टी भी 348 अंक बढ़कर 22679 पर जा पहुंचा। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार चढ़ाव दिखाई दिया। सेंसेक्स ने निचले स्तर से 2,023 अंक की रिकवरी की और यह 185 अंक बढ़कर 73319 पर पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी 34 अंकों की तेजी के साथ 22713 पर बंद हुआ। शुक्रवार को गुड फ्राइडे की वजह से बाजार बंद हैं। इससे गिरते बाजार में निवेशकों को लंबा ब्रेक भी मिल गया है। इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल इस हफ्ते युद्ध से जुड़ी खबरों ने ही शेयर बाजार की दिशा तय की। दुनिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का बाजार पर सीधा असर दिखा। रिजर्व बैंक द्वारा देश में डॉलर की सप्लाई बढ़ाने की वजह से रुपया एक ही दिन में 152 पैसे मजबूत हुआ।आईटी शेयरों में स्थिरता ने भी गिरावट के दौरे में सेंसेक्स और निफ्टी को सहारा दिया। सोमवार को बाजार में जमकर मुनाफा वसूली हुई तो बुधवार को निचले स्तर पर जमकर लिवाली की गई। गुरुवार को पहले मुनाफा वसूली हावी रही हालांकि बाद में आईटी सेक्टर में आए जबरदस्त उछाल से बाजार हरे निशान में बंद हुआ। कैसा रहेगा अगला हफ्ता बाजार में अगले हफ्ते ईरान युद्ध के साथ ही ट्रंप के टैरिफ संबंधी फैसले का भी असर दिखाई दे सकता है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चिता की स्थिति बनी हुई है। खाड़ी देशों में अमेरिकी आईटी कंपनियों के दफ्तरों पर ईरान के हमले युद्ध के नेक्स्ट लेवल पर पहुंचने का संकेत दे रहे हैं। बाजार में इस हफ्ते भी दबाव बना रहेगा। भारतीय रिजर्व बैंक, अमेरिकी फेड रिजर्व की रिपोर्ट के साथ ही अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। क्या कहते हैं एक्सपर्ट शेयर बाजार विशेषज्ञ सागर अग्रवाल ने कहा कि ट्रंप के लगातार बदलते बयानों से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। क्रूड के दाम बढ़ रहे हैं, रुपए में लगातार कमजोरी आ रही है। इस वजह से निवेशक लगातार मुनाफा वसूली कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध थमने तक बाजार में तेल संकट बना रहेगा। इससे बाजार भी दबाव में ही दिखाई देगा। इस स्थिति में निवेशकों के लिए वेट एंड वॉच के मोड में रहना ही बेहतर है। अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

वेब दुनिया 3 Apr 2026 12:41 pm

एलपीजी और मिडिल ईस्ट संकट पर कांग्रेस के दो बड़े नेताओं का पार्टी से अलग सुर, सिंधिया को मिला हमले का मौका

कांग्रेस के दो नेताओं ने इस बार पार्टी लाइन से हटकर रुख अपनाया है। आनंद शर्मा ने इस विषय पर अपनी 11 पोस्‍ट में से एक में कहा कि संभावित जोखिमों से बचते हुए संकट से निपटने में भारतीय कूटनीतिक प्रयास परिपक्व और कुशल रहे हैं।

देशबन्धु 3 Apr 2026 12:29 pm

ईरान युद्ध से पाकिस्तान बेहाल, पेट्रोल 137.24 और डीजल 184.49 रुपए महंगा, जानिए क्या है नए दाम?

Pakistan Petrol Diesel News : ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से पाकिस्तान का दम फूल गया। पेट्रोल की कीमतों में 137.24 रुपए और डीजल की कीमतों 184.49 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पेट्रोल 458 रुपए लीटर और डीजल 520 रुपए लीटर हुआ। ALSO READ: दुनिया का थानेदार या 'इकोनॉमिक हंटर' : क्या अमेरिकी मंदी का इलाज 'युद्ध' है? 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच भीषण जंग की वजह से हार्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाय बुरी तरह बाधित हुई है। दुनिया में गहराते तेल संकट के बीच पाकिस्तान सरकार ने आज तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की। पेट्रोल की कीमतों में 42.7 फीसद का इजाफा हुआ है तो डीजल के दाम 54.9 फीसद बढ़े हैं। नई दरों लागू कर दी गई है। क्यों बढ़े दाम? पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्च तेल की कीमतों में भारी उछाल के कारण अब कीमतों में वृद्धि को रोक पाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतें बेकाबू हो जाने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी अनिवार्य हो गई थी। पाकिस्तान में तेल की कीमतों में एक महीने में दूसरी वृद्धि है। इससे पहले मार्च की शुरुआत होर्मुज स्ट्रेट से ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने के बाद पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल के दाम 50 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए थे। ALSO READ: युद्ध के बीच ट्रंप का टैरिफ बम: पेटेंट दवाओं पर 100% टैक्स, स्टील-एल्यूमिनियम नियमों में बड़ा बदलाव क्या है क्रूड के दाम युद्ध की वजह से अंतरराष्‍ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में आग लगी हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 7.78 फीसदी उछाल के साथ 109 डॉलर प्रति बैरल है जबकि WTI क्रूड के दाम 11.41 प्रतिशत उछलकर 111.5 रुपए प्रति बैरल हो गए। edited by : Nrapendra Gupta

वेब दुनिया 3 Apr 2026 11:28 am

दुनिया का थानेदार या 'इकोनॉमिक हंटर' : क्या अमेरिकी मंदी का इलाज 'युद्ध' है?

क्या अमेरिका अपनी अर्थव्यवस्था बचाने के लिए युद्ध छेड़ता है? आइजनहावर, निक्सन और किसिंजर के तर्कों के साथ समझिए 'मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स' का पूरा खेल।

वेब दुनिया 3 Apr 2026 10:39 am

15 तस्वीरों में देखें अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध कॉन्क्लेव का समापन:कुशीनगर में कृषि मंत्री बोले- आज दुनिया को युद्ध की नहीं, बल्कि बुद्ध की आवश्यकता है

कुशीनगर में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध कॉन्क्लेव 2026 का समापन हो गया। इस आयोजन के दौरान आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक कार्यक्रमों के माध्यम से विश्व शांति, करुणा और सहिष्णुता का संदेश दिया गया। समापन समारोह में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और विश्व शांति, मानव कल्याण तथा आपसी सौहार्द की कामना की। अपने संबोधन में मंत्री शाही ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भगवान बुद्ध के विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, आज दुनिया को युद्ध की नहीं, बल्कि बुद्ध की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि विश्व की जटिल समस्याओं का समाधान शांति, करुणा और सह-अस्तित्व के मार्ग पर चलकर ही संभव है। मंत्री ने अहंकार त्यागने और संतुलित जीवनशैली अपनाने का भी संदेश दिया। कॉन्क्लेव के दौरान 'धम्मा, डायलॉग एंड डेवलपमेंट' विषय पर कई सत्र आयोजित किए गए। इनमें बौद्ध दर्शन, वैश्विक शांति, सतत विकास, पर्यटन और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर देश-विदेश के विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। देखें तस्वीरें… जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में लगभग 2000 बौद्ध भिक्षुओं, स्कॉलर्स, उद्योगपतियों, होटल व्यवसायियों, सिविल एविएशन विशेषज्ञों और टूर ऑपरेटर्स ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कुशीनगर के लिए सीखने, विकास और वैश्विक पहचान का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुआ है। समापन अवसर पर विश्व शांति के लिए कैंडल लाइट पीस मार्च का भी आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर शांति और भाईचारे का संदेश दिया। इस कॉन्क्लेव के माध्यम से कुशीनगर ने एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में सफल रहा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देने वाला साबित हुआ है।

दैनिक भास्कर 3 Apr 2026 9:32 am

ईरान युद्ध के बीच केरोसिन पर सरकार की घोषणा:गयाजी में वितरण की न तैयारी, न डिमांड; डिपो संचालक बोले- सिर्फ राशन डीलर्स को ही डिलीवरी की अनुमति

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से पैदा हुए संभावित गैस संकट को लेकर केंद्र सरकार ने केरोसिन वितरण की बात कही है, लेकिन जमीन पर इसकी तस्वीर बिल्कुल उलट दिख रही है। सरकारी घोषणा और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा फासला साफ नजर आ रहा है। दैनिक भास्कर की टीम आमस प्रखंड के चंडी स्थान स्थित केरोसिन डिपो पहुंची, तो वहां न कोई तैयारी दिखी और न ही किसी तरह की हलचल। हालात यह कि पूरी योजना अभी कागजों तक ही सीमित है। पढ़ें, पूरी रिपोर्ट। आमस, गुरारू, टिकारी और इमामगंज में केरोसिन डिपो गयाजी जिले में आमस, गुरारू, टिकारी और इमामगंज को छोड़ पूरे बिहार में कहीं भी डिपो नहीं है। इन चार डिपो से ही जनवितरण प्रणाली के डीलर जरूरत पड़ने पर केरोसिन उठाते हैं। हालांकि हकीकत यह है कि रूटीन में कोई भी डीलर केरोसिन लेने नहीं पहुंचता। डिपो संचालकों को भी सिर्फ राशन डीलरों को ही केरोसिन देने की अनुमति है। किसी निजी या अन्य संस्थान को देने का अधिकार नहीं है। आमस प्रखंड के चंडी स्थान स्थित कलिंगा इंटरप्राइजेज के मालिक चंद्रिका सिंह बताते हैं कि उन्हें प्रशासन जितना ऑर्डर देता है, उतना ही केरोसिन देना होता है। लेकिन मौजूदा हालात में डिमांड लगभग खत्म हो चुकी है। महीने में बमुश्किल एक या दो डीलर ही केरोसिन लेने आते हैं। वजह साफ है। अब इसकी जरूरत ही नहीं रह गई। बिजली और एलपीजी गैस के चलते केरोसिन का इस्तेमाल लगभग खत्म हो चुका है। बिक्री ठप्प होने के बाद एक-एक कर बंद होते गए केरोसिन के डिपो चंद्रिका सिंह आगे बताते हैं कि एक समय जिले में कई डिपो हुआ करते थे, लेकिन बिक्री ठप होने के कारण एक-एक कर सभी बंद हो गए। हम लोग बरौनी से केरोसिन उठाते हैं। पिछले साल अगस्त में 12 हजार लीटर उठाया था। उसमें से अब भी करीब 5 हजार लीटर स्टॉक में पड़ा है। इसके बाद हाल ही में मार्च में फिर 12 हजार लीटर उठाने का आदेश मिला, लेकिन डिमांड नहीं होने के कारण अब तक नहीं उठाया। लाखों रुपए फंसा कर रखना आसान नहीं है। सरकार की नई घोषणा के तहत पेट्रोल पंपों के जरिए केरोसिन वितरण की बात कही गई है। इस पर डिपो संचालक इसे अपने लिए राहत जरूर मान रहे हैं। लेकिन आदेश का इंतजार कर रहे हैं। चंद्रिका सिंह कहते हैं कि अब तक न प्रशासन से कोई निर्देश आया है और न ही हिंदुस्तान पेट्रोलियम की ओर से। हम तैयार हैं, लेकिन बिना आदेश कुछ नहीं कर सकते। केरोसिन वितरण योजना पर कई सवाल हो रहे खड़े हालांकि इस योजना पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह कि पेट्रोल पंप केरोसिन का वितरण कैसे करेंगे। फिलहाल पेट्रोल पंपों पर सिर्फ पेट्रोल और डीजल के लिए ही नोजल और स्टोरेज सिस्टम होता है। ऐसे में तीसरे ईंधन के तौर पर केरोसिन को कैसे शामिल किया जाएगा। इस पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं है। केरोसिन की प्रकृति भी अलग और कुछ हद तक खतरनाक मानी जाती है। ऐसे में सुरक्षा का पहलू भी बड़ा मुद्दा है। गांवों में कुछ लोगों ने निकाले स्टोव, बोले- अब यही काम आएगा इधर, आमस के गांवों में एक अलग ही तस्वीर उभर रही है। संभावित संकट की आशंका के बीच लोग पुराने केरोसिन स्टोव को फिर से दुरुस्त कराने में जुट गए हैं। आमस के कोरमथु गांव निवासी पिंटू कुमार बताते हैं कि घर में पुराना स्टोव है, लेकिन खराब हो गया है। उसे ठीक कराने शेरघाटी बाजार जा रहा हूं। गैस खत्म हो रही है और इस बीच किल्लत भी बढ़ रही है। अगर केरोसिन मिलेगा तो स्टोव काम आएगा। पिंटू बताते हैं कि सरकार की घोषणा के बाद ही उन्होंने स्टोव ठीक कराने का फैसला लिया। सुना है कि सरकार केरोसिन देगी, इसलिए पहले से तैयारी कर रहे हैं। हालांकि बाजार की स्थिति भी निराशाजनक है। केरोसिन स्टोव अब बाजार से लगभग गायब हो चुके हैं। न तो इसका निर्माण हो रहा है और न ही इसे ठीक करने वाले कारीगर आसानी से मिल रहे हैं। शहर के रमना रोड बाजार के हार्डवेयर दुकानदार मनोज केसरी बताते हैं कि हर दिन 6-7 लोग स्टोव पूछने आते हैं। लेकिन हमारे पास नहीं है। पूरे बाजार में कहीं स्टोव नहीं मिल रहा। अब इसका न निर्माण हो रहा है और न कारीगर बचे हैं। केरोसिन वितरण का आदेश मिला तो है, लागू करने को स्पष्ट निर्देश नहीं मामले पर जिलापूर्ति अधिकारी अशोक चौधरी का भी जवाब साफ तस्वीर नहीं देता। वे कहते हैं कि केरोसिन वितरण को लेकर आदेश तो मिला है, लेकिन यह कब से लागू होगा, इस पर अब तक स्पष्ट निर्देश नहीं आया है। जब उनसे पूछा गया कि गांव के लोग केरोसिन का क्या करेंगे, तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा कि लोग स्टोव जलाने या रोशनी के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं। हालांकि यह जवाब खुद ही सवाल खड़ा करता है। क्योंकि जिले के लगभग हर गांव और घर में बिजली पहुंच चुकी है। ऐसे में रोशनी के लिए केरोसिन का उपयोग कितना व्यावहारिक होगा। यह समझ से परे है।कुल मिलाकर, ईरान युद्ध के बीच संभावित संकट को लेकर सरकार की तैयारी अभी जमीन पर नजर नहीं आ रही। डिपो खाली पड़े हैं, डिमांड नहीं है, बाजार में स्टोव नहीं है और प्रशासन के पास भी स्पष्ट रोडमैप नहीं है।

दैनिक भास्कर 3 Apr 2026 9:21 am

युद्ध के बीच ट्रंप का टैरिफ बम: पेटेंट दवाओं पर 100% टैक्स, स्टील-एल्यूमिनियम नियमों में बड़ा बदलाव

Trump Tariff War : ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ा है। पेटेंट दवाओं पर 100% तक टैरिफ लगाने का फैसला। स्टील, एल्युमिनियम और कॉपर पर भी टैरिफ नियमों में बदलाव किया गया।

वेब दुनिया 3 Apr 2026 8:39 am

Top News : ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने सेना प्रमुख को हटाया, ट्रंप ने फोड़ा टैरिफ बम

TOP News 3 April : ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने सेना में बड़ा बदलाव करते हुए सेना प्रमुख रैंडी जॉर्ज को पद छोड़ने को कहा है। दुबई में ओरेकल के दफ्तर पर हमला। अमेरिका इजराइल के हमले में ईरान का B1 ब्रिज तबाह किया। इस बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ...

वेब दुनिया 3 Apr 2026 8:10 am

पीथमपुर में उद्योगों पर युद्ध का असर, शिफ्ट में कटौती:लेबर पलायन करने पर मजबूर, कर्मचारियों का आधा वेतन किया, शटडाउन की आशंका

ईरान-ईजराइल-अमेरिका युद्ध के कारण औद्योगिक क्षेत्र में आने वाला समय संकट से भरा होगा, यह बात खुद उद्योग संचालक कह रहे हैं। पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष गौतम कोठारी का कहना है कि युद्ध लंबा चला तो कई उद्योगपतियों के साथ दिवालिया होने की स्थिति भी बन सकती है। उद्योगपतियों ने कर्मचारियों को लेऑफ(आधी सैलरी) दे दिया है। फैक्ट्रियों में शटडाउन की स्थिति बन रही है। अस्थायी कर्मचारियों का पलायन शुरू हो गया है। दूसरी तरफ मौजूदा परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई सकारात्मक पहल अब तक नहीं की गई है। औद्योगिक संगठनों के साथ ना कोई बैठक हुई है और न ही आगे का कोई एक्शन प्लान तैयार किया गया है। 20 हजार मजदूर बाहर होने की स्थिति में पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी ने बताया कि पीथमपुर से अधिकांश एक्सपोर्ट का काम होता है। एक्सपोर्ट पूरी तरह से रुक गया है। उद्योगपतियों में एक प्रकार का अंदर डर बैठ गया है। वह कोशिश यहीं कर रहे हैं कि जितना कम से कम हो सके उतना ही प्रोडक्शन करें। प्रोडक्शन कम करने के कारण फैक्ट्रियों में शिफ्ट कम हो गई हैं और बेरोजगारी बढ़ गई है। पीथमपुर में कांट्रैक्ट लेबर करीब-करीब बाहर होने की स्थिति में हैं। ऐसे कम से कम 20 हजार मजदूर हैं जो पीथमपुर में काम कर रहे थे, अब बाहर हो चुके हैं। इसके अलावा जो फैक्ट्रियों में शटडाउन हो रहा है, उसके कारण स्थायी लेबर को लेऑफ यानी आधी तनख्वाह दी जाएगी। कई लेबर पीथमपुर से पलायन कर गए युद्ध का सबसे ज्यादा असर उद्योगों पर देखने के लिए मिल रहा है। पीथमपुर औद्योगिक संगठन से मिली जानकारी के अनुसार पीथमपुर में एलपीजी की समस्या होने और कंपनियों में काम कम होने के कारण अधिकांश लेबर यहां से अपने गांव के लिए जा चुके हैं। लेबर कांट्रैक्टर सद्दाम पटेल ने बताया कि पीथमपुर में लेबर बाहर से आती है, उनको गैस छोटे-छोटे बॉटलें लेना पड़ती हैं। पिछले दिनों गैस की सप्लाई प्रभावित होने से उन्हें गैस महंगी मिल रही थी। अब 300 रुपए की गैस लेबर को भरवाने में दिक्कत होती है, क्योंकि इतनी पेमेंट उनकी नहीं है। 550 रुपए सैलरी में 300 की गैस कैसे भरवाएंसेज सेक्टर की एक फार्मा कंपनी में काम करने वाले लेबर नीतेश बघेल ने बताया कि मैं प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करता हूं, लेकिन कंपनी में प्लास्टीक दाना महंगा होने से पिछले 5 दिन से काम बंद हो गया है, इसलिए हमारी भी छुट्‌टी कर दी गई है। हां घर की महिलाएं कपड़ा फैक्टी में पैकिंग का काम करने जाती है उन्हें जरूर 10 अप्रैल तक के लिए काम पर बुलाया जा रहा है, उनका काम बंद होने के बाद हम गांव चले जाएंगे। सरकार क्राइसेस का कोई मैनेजमेंट नहीं कर रही पीथमपुर औद्योगिक संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसी क्राइसेस में हम सरकार का मुंह देखते हैं, बाकी समय तो सरकार हमारा मुंह देखती है, क्योंकि हम उनको टैक्स देते हैं। उनको जीडीपी में योगदान देते हैं। सरकार वर्तमान की स्थिति में क्राइसेस को लेकर कोई काम नहीं कर रही है। क्राइसेस में क्राइसेस मैनेजमेंट किया जाता है, लेकिन अभी सरकार कोई मैनेजमेंट नहीं कर रही। अगर आपने गैस कम कर दी तो यह कोई क्राइसेस मैनेजमेंट नहीं है, मैनेजमेंट तो तब होता जब इंडस्ट्री की आवश्यकता के अनुसार हर चीज का निर्धारण होता है। सरकार समस्या को नकारते हुए बाहरी रूप से अगर उसको मैनेज कर रही है तो यह क्राइसेस मैनेजमेंट नहीं है बल्कि अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना है। मध्य प्रदेश का 'डेट्रॉयट' अब संकट में पीथमपुर को मध्य प्रदेश का औद्योगिक इंजन कहा जाता है। यहां ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मा, प्लास्टिक, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर की 5,600 से ज्यादा इकाइयां हैं। SEZ से हर महीने करोड़ों डॉलर का एक्सपोर्ट होता था। अमेरिका, यूरोप और मिडिल ईस्ट के बाजारों में पीथमपुर के पुर्जे, दवाइयां और पैकेजिंग सामग्री पहुंचती थी। हॉर्मुज स्ट्रेट और सूज कैनाल पर तनाव से फ्रेट चार्ज पांच गुना बढ़ गए। बीमा प्रीमियम आसमान छू रहा है। ये खबर भी पढ़ें… शुगर-बीपी, बुखार सहित इन्फेक्शन की दवाएं महंगी मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स की सप्लाई बाधित होने और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से मध्यप्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री में शटडाउन का खतरा मंडरा रहा है। फार्मा इंडस्ट्री में लगने वाले रॉ मटेरियल के रेट में 30% से लेकर 50% तक की बढ़ोत्तरी हुई है।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 3 Apr 2026 5:00 am

धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर

ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएं अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं

देशबन्धु 3 Apr 2026 3:41 am

ईरान-इजराइल युद्ध का असर:व्यापारियों ने उठाई सर्वे और छापेमारी बंद करने की मांग; सहालग के लिए मांगा कमर्शियल सिलेंडर

कानपुर के व्यापारिक गलियारों में आज जीएसटी सर्वे और छापेमारी को लेकर नाराजगी साफ दिखी। गुमटी नंबर पांच स्थित सेलिब्रेशन होटल में आयोजित 'व्यापारी उद्यमी संवाद' में कारोबारियों ने दो टूक कहा कि एक तरफ ईरान-इजराइल युद्ध से व्यापार प्रभावित है, ऊपर से विभाग की कार्रवाई ने कमर तोड़ दी है। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने मांग उठाई कि जीएसटी के सर्वे छापे और सचल दल की धारा 129 के तहत होने वाली मनमानी तुरंत बंद होनी चाहिए। संवाद में आए प्रदेश चेयरमैन नटवर गोयल ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की हर समस्या को सरकार तक पहुंचाया जाएगा और विभागों में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' का पालन सुनिश्चित होगा। मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट के लिए चाहिए सिलेंडर आने वाले सहालग (शादियों का सीजन) को देखते हुए व्यापारियों ने कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि शादियों के सीजन में मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट पर काम का दबाव बढ़ जाता है, ऐसे में पर्याप्त सिलेंडरों की सप्लाई सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि खान-पान का कारोबार पटरी पर लौट सके। इस मुद्दे को लेकर जल्द ही संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ में स्टेट जीएसटी आयुक्त से मुलाकात करेगा। मोबाइल और सब्जी मंडी के संगठनों का हुआ विलय इस कार्यक्रम के दौरान भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल का कुनबा और बड़ा हो गया। कानपुर मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज बलेचा और चकरपुर हरी सब्जी आढ़ती व्यापार मंडल के अध्यक्ष सौरभ पांडे ने अपने पदाधिकारियों के साथ संगठन की सदस्यता ली। इनके अलावा कानपुर कपड़ा कमेटी के निदेशक रुमित सागरी भी संगठन में शामिल हुए। नए सदस्यों के जुड़ने से अब मोबाइल और गल्ला व्यापार की समस्याएं भी सीधे प्रदेश स्तर पर उठ सकेंगी। लखनऊ तक गूंजेगी कानपुर की आवाज संवाद में स्टेट और सेंट्रल जीएसटी से जुड़ी पेचीदगियों पर लंबी चर्चा हुई। तय हुआ कि व्यापारियों के उत्पीड़न के खिलाफ अब लखनऊ में मोर्चा खोला जाएगा। प्रदेश संगठन महामंत्री बनवारीलाल गुप्ता ने बुंदेलखंड के उरई और बांदा के सम्मेलनों का हवाला देते हुए कानपुर के व्यापारियों में भी जोश भरा। जिला महामंत्री महेश सोनी और मनीष गुप्ता सलोने ने कहा कि कानपुर में नए लोगों को जोड़कर संगठन को और अधिक आक्रामक बनाया जाएगा।प्रदेश कार्यसमिति की बैठक जल्द संगठन को और धार देने के लिए जल्द ही लखनऊ में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान जीएसटी विभाग की सचल दल इकाइयों द्वारा किए जा रहे दुरुपयोग को रोकने के लिए रणनीति बनेगी। कार्यक्रम में कानपुर की सभी इकाइयों के पदाधिकारी आशीष मिश्र, कमल त्रिपाठी,बृजमोहन मिश्रा,कृष्ण कुमार गुप्ता,अनुज त्रिपाठी, विजय गुप्ता गोरे सहित दर्जनों व्यापारी नेता मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में व्यापारिक एकता पर जोर दिया।

दैनिक भास्कर 2 Apr 2026 9:11 pm

गुरुग्राम में डोनाल्ड ट्रंप की सद्बुद्धि के लिए विशेष हवन-यज्ञ:युद्ध रोकने और विश्व शांति के लिए दी आहुतियां, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ

गुरुग्राम में सेक्टर 32 स्थित एपी ग्रुप परिसर के अंजनी पुत्र हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती पर विशेष हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस यज्ञ में मुख्य रूप से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सद्बुद्धि और समग्र विश्व शांति के लिए आहुतियां दी गईं। पंडित मनीष हरि ने यज्ञ के दौरान बताया कि वर्तमान समय में विश्व अशांति की चपेट में है। विभिन्न देशों में चल रहे संघर्ष, युद्ध और तनावपूर्ण स्थितियां मानवता के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि हनुमान की कृपा से हम सभी को बल, साहस और विवेक प्राप्त हो। डोनाल्ड ट्रंप और सभी नेताओं की सद्बुद्धि की कामनाउन्होंने कहा कि इस हवन के माध्यम से हम युद्ध में शामिल डोनाल्ड ट्रंप समेत सभी नेताओं को सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना कर रहे हैं, ताकि कोई भी निर्णय शांति और कल्याण के पक्ष में हो। उन्होंने कहा कि हनुमान जयंती का पर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्व कल्याण की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है। भारतीय संस्कृति ने विश्व कल्याण का संदेश दिया वरिष्ठ ज्योतिषी और वास्तुकार आदित्य पारीक ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव शांति, अहिंसा और विश्व कल्याण का संदेश दिया है। वेदों, उपनिषदों और पुराणों में विश्व को एक परिवार मानने की अवधारणा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ प्रमुख है।आज जब विश्व कई चुनौतियों से जूझ रहा है, तब हमारी प्राचीन परंपराएं हमें सही मार्ग दिखाती हैं। इस हवन यज्ञ के जरिए हम न केवल हनुमान जी की आराधना कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी कर रहे हैं। विश्व शांति के लिए प्रार्थनाएं जारी रहेंगी वास्तुकार निशिका पारीक ने बताया कि हवन यज्ञ करने से पर्यावरण शुद्ध होता है और मानसिक शांति मिलती है। विश्व शांति के लिए ऐसी प्रार्थनाएं निरंतर होती रहनी चाहिए। बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कीइस कार्यक्रम में स्थानीय भक्तों, समाजसेवियों, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और स्कूली बच्चों ने शिरकत की। यज्ञ के बाद प्रसाद वितरण और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया। भक्तों ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया और बजरंगबली से विश्व में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना की।

दैनिक भास्कर 2 Apr 2026 1:29 pm

मिडिल ईस्ट हालात पर बांका प्रशासन अलर्ट:आयुक्त की अध्यक्षता में सप्लाई मैनेजमेंट की रिव्यु

मध्य पूर्व में जारी तनाव के मद्देनजर बांका जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त अवनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में बांका समाहरणालय सभागार में संकट प्रबंधन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला सहित जिले के सभी वरीय पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय अधिकारी और विभिन्न तेल विपणन कंपनियों के बिक्री प्रबंधक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान पेट्रोलियम पदार्थों सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जिले में पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति एवं स्टॉक की स्थिति सामान्य है। हालांकि, संभावित व्यवधान को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन सतर्कता बढ़ा दी है। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौकस रहने का निर्देश प्रमंडलीय आयुक्त ने सभी थानाध्यक्षों और वरीय अधिकारियों को पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़-भाड़ को रोकने तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौकस रहने का निर्देश दिया। बैठक में उर्वरकों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में सभी प्रकार के उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वर्तमान में जिले में 14 थोक और लगभग 350 खुदरा उर्वरक विक्रेता कार्यरत हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। जिले में फिलहाल रसोई गैस की कोई कमी नहीं रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर भी प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में फिलहाल रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में गैस बुकिंग का लंबित समय लगभग 3.5 दिन है, जिसे कम करने के लिए संबंधित कंपनियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराकर अनावश्यक गैस बुकिंग न करें।निर्धारित नियमों के अनुसार शहरी उपभोक्ता 25 दिन बाद और ग्रामीण उपभोक्ता 45 दिन बाद ही गैस बुकिंग करें। किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। प्रशासन द्वारा कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए अब तक एजेंसियों के विरुद्ध 175 तथा अन्य स्थानों पर 558 छापेमारी की गई है, यानी कुल 733 स्थानों पर कार्रवाई की गई है।इसके अलावा जिला आपदा प्रबंधन शाखा बांका में 24 घंटे नियंत्रण कक्ष संचालित किया जा रहा है। आम नागरिक 06424-223001, 223002 और 223004 नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना भी प्रशासन को दी जा सकती है। जिले में भविष्य में पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर गैस उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जा रही है, जिसके लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम को नोडल एजेंसी नामित किया गया है।

दैनिक भास्कर 2 Apr 2026 12:25 pm

सोनीपत के अंकित की रूस-युक्रेन युद्ध में मौत:स्टडी वीजा पर गया था विदेश, परिवार का इकलौता सहारा; आज घर पहुंचेगा शव

सोनीपत जिले के इब्राहिमपुर कुराड़ के 30 वर्षीय युवक अंकित, जो बेहतर भविष्य और परिवार की उम्मीदों को पूरा करने के लिए स्टडी वीजा पर रूस गया था, अब यूक्रेन-रूस युद्ध की भेंट चढ़ गया। परिवार ने कर्ज और मेहनत से करीब 5 लाख रुपए जुटाकर उसे विदेश भेजा था, ताकि वह पढ़ाई कर अच्छी नौकरी पा सके और घर की आर्थिक स्थिति सुधार सके। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अंकित अब जिंदा नहीं, बल्कि ताबूत में अपने गांव लौट रहा है। आज वीरवार को अंकित की डेडबॉडी सोनीपत लाई जाएगी। घटना ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। नौकरी के साथ कर रहा था पढ़ाई अंकित 13 मार्च 2025 को एक मेडिएटर के जरिए स्टडी वीजा पर रूस गया था। उसने सोनीपत से अपनी बीए की पढ़ाई पूरी की थी और आगे लैंग्वेज कोर्स करने के लिए विदेश का रुख किया। शुरुआती 5-6 महीनों तक वह मॉस्को में एक होटल में काम करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए था। लालच और दबाव के बीच सेना में भर्ती मामा संजय के अनुसार, रूस में भारतीय युवाओं को पहले अच्छी सैलरी का लालच दिया जाता है और जो इससे सहमत नहीं होते, उन्हें दबाव डालकर सेना में भर्ती किया जाता है। अंकित को भी एक भारतीय एजेंट के माध्यम से रूस की सेना में शामिल कराया गया। बताया गया कि उसे करीब 2 लाख रुपये मासिक वेतन का लालच दिया गया था। 15 दिन की ट्रेनिंग के बाद सीधे युद्ध में भेजा मिली जानकारी के अनुसार, अंकित को 26 अगस्त 2025 को रूस के एवानावा शहर में सेना में भर्ती किया गया। वहां उसे महज 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई और तुरंत बाद रूस- यूक्रेन फ्रंटलाइन पर भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि फ्रंटलाइन तक पहुंचने के लिए नदी पार करनी पड़ती थी। इसी दौरान लड़ाई में अंकित की मौत हो गई। 12 अक्टूबर के बाद परिवार से टूटा संपर्क अंकित के मामा संजय के अनुसार, 12 अक्टूबर 2025 को आखिरी बार उसकी परिवार से बातचीत हुई थी। इसके बाद से उसका कोई संपर्क नहीं हो पाया। परिवार को उम्मीद थी कि नेटवर्क की समस्या के कारण बात नहीं हो रही, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। दूतावास से मिली मौत की सूचना मंगलवार को अंकित की मामा और उसके दोस्त जितेंद्र को रूस स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से उसकी मौत की सूचना मिली। इस खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वीरवार को अंकित का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव कुराड़ इब्राहिमपुर पहुंचने की संभावना है। परिवार का इकलौता सहारा था अंकित अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें शादीशुदा हैं। पिता पहले ड्राइविंग करते थे, लेकिन बीमारियों के चलते पिछले 6 साल से बिस्तर पर हैं। शुगर की गंभीर बीमारी के कारण उनका एक पैर घुटने तक काटना पड़ा। परिवार के पास महज आधा एकड़ जमीन है और कोई स्थायी आय का साधन नहीं है। मां गृहिणी हैं और पूरे परिवार की उम्मीदें अंकित पर टिकी थी। सपनों के साथ टूट गया परिवार परिवार को उम्मीद थी कि अंकित विदेश से लौटकर घर की हालत सुधारेगा, सुविधाएं बढ़ाएगा और फिर उसकी शादी की जाएगी। लेकिन अब वह सारी उम्मीदें चकनाचूर हो गई हैं। माता-पिता आज भी उस दिन का इंतजार कर रहे थे जब उनका बेटा एक साल पूरा कर घर लौटेगा, लेकिन अब वह इंतजार एक दर्दनाक सच में बदल चुका है। गांव में छाया मातम अंकित की मौत के बाद गांव में शोक की लहर है। वहीं इस पूरे मामले ने विदेश भेजने वाले एजेंटों और युवाओं को फंसाकर युद्ध में झोंकने के मामलों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं अन्य भारतीयों के लिए भी मांग उठाई कि अन्य युवकों को सकुशल भारत लाया जाए।

दैनिक भास्कर 2 Apr 2026 5:59 am

युद्ध की आड़ में कालाबाजारी करने पर सख्ती की मांग उठाई

अंतरराष्ट्रीय तनाव और युद्ध की आड़ में स्थानीय स्तर पर मुनाफाखोरी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ अब जन संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। डीडवाना जिला न्याय संघर्ष समिति ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में राशन और गैस की कालाबाजारी पर तुरंत लगाम लगाने की मांग की है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष पप्पू तंवर के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में ईरान, अमेरिका और इजराइल के मध्य चल रहे युद्ध की परिस्थितियों का अनुचित लाभ उठाया जा रहा है। डीडवाना और मौलासर तहसील के व्यापारी मनमर्जी से खाद्य तेल और गैस सिलेंडरों के दामों में बढ़ोतरी कर रहे हैं। समिति ने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कीमतों में ऐसी कोई वृद्धि नहीं की गई है। इसके बावजूद, स्थानीय दुकानदार स्टॉक होने के बाद भी कृत्रिम कमी दिखाकर आम जनता से अधिक पैसे वसूल रहे हैं। इससे क्षेत्र की जनता न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान हो रही है। ज्ञापन के माध्यम से समिति ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि डीडवाना और मौलासर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का तुरंत औचक निरीक्षण किया जाए।कालाबाजारी में लिप्त व्यापारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की निर्धारित दरों पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आम जनता को साथ लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समाधान किया जाना जरूरी है।

दैनिक भास्कर 2 Apr 2026 5:30 am

फार्मा इंडस्ट्री पर युद्ध का असर, दवाएं हुई महंगी:पैरासिटामोल, एजिथ्रोमाइसिन, शुगर और बीपी की दवाओं पर असर, रॉ मटेरियल में 30% से 50% की बढ़ोतरी

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स की सप्लाई बाधित होने और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से मध्यप्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री में शटडाउन का खतरा मंडरा रहा है। फार्मा इंडस्ट्री में लगने वाले रॉ मटेरियल के रेट में 30% से लेकर 50% तक की बढ़ोत्तरी हुई है। इन बढ़े हुए रेट में भी रॉ मटेरियल की सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिससे फार्मा यूनिट्स में काम बंद होने की नौबत आ गई है। एमपी की 300 फार्मा यूनिट्स में अब तीन शिफ्ट की जगह सिर्फ एक ही शिफ्ट में दवाओं का प्रोडक्शन हो रहा है। नजीता यह है कि रोजमर्रा में काम आने वाली पैरासिटामोल, एजिथ्रोमाइसिन, शुगर और बीपी की दवाएं महंगी हो गई हैं। फार्मा इंडस्ट्री में दवाओं के प्रोडक्शन में ये समस्याएं इंडियन ड्रग्स मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन (IDMP) मप्र के सचिव डॉ. अनिल सबरवाल ने बताया कि ड्रग्स में रॉ मटेरियल महंगा होने के कारण प्रोडक्शन रेट बड़ाना मजबूरी हो गया है। सरकार का डीपीसीओ यानी ड्रग एंटरप्राइजेज कंट्रोल अथॉरिटी है, उसने एक प्राइज दे रखा है कि आप किसी चीज को तय रेट से ज्यादा महंगा नहीं बेच सकते हैं। अब ओवरहेड खर्चें बढ़ गए हैं। 15 रुपए में 10 गोली का प्रोडक्शन कॉस्ट ही नहीं आ रहा है। ऐसे में सरकार 20 से 25% रेट बढ़ाने का रिलेक्शन देती है, जो पहले ही दे चुकी है। फार्मा इंडस्ट्री को मिडिल ईस्ट तनाव के कारण रॉ मटेरियल और पैकेजिंग सामग्री की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। सप्लाई चेन बाधित है, लागत में वृद्धि हो रही है और इंजेक्टेबल दवाओं के निर्माण के लिए आवश्यक गैस की भी कुछ स्थानों पर कमी देखी जा रही है। रेट बढ़ाना दवा कंपनियों की मजबूरी ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के जनरल सेक्रेटरी राजीव सिंघल ने बताया कि एमपी की जो फार्मा इंडस्ट्री की दवाईयां सबसे ज्यादा मिडिल ईस्ट कंट्री में सप्लाई की जाती है। अभी राॅ मटेरियल जैसे एपीआई, साल्वेंट और एल्यूमिनियम की शॉर्टेज चल रही है। दवा कंपनियों ने इस समस्यों के बाद अपने रेट बढ़ाए हैं। जहां तक फार्मा इंडस्ट्री के शट-डॉउन की बात है तो जब तक रॉ मटेरियल, एपीआई और साल्वेंट नहीं मिलेगा तो शट-डाउन तो करना ही पड़ेगा। हांलाकि अभी तक आम आदमी पर इसका असर देखने को नहीं आया है। सरकार ने वैसे 6.5 प्रतिशत से ज्यादा का प्राइस हाइक कर दिया है जिसे हर साल किया जाता है। चीन से आने वाले रॉ मटेरियल की सप्लाई रुकी फार्मा इंडस्ट्री में दवाओं के उत्पादन के लिए सबसे ज्यादा रॉ मटेरियल चीन से आता है। वर्तमान में चीन से आने वाले रॉ मटेरियल की सप्लाई चैन पूरी तरह से टूट गई है। पीथमपुर एसोसिएशन के कोठारी ने बताया कि चीन से आने वाले रॉ मटेरियल जैसे डाइक्लोफेनेक, एमाक्सी, एजिथ्रोमाइसिन, पैरा-एमिनोफेनोल एम्पीसिलिन, पेनिसिलिन सहित अन्य ड्रग साल्वेंट की सप्लाई पूरी तरह से रुक गई है। पेट्रोकेमिकल से बनने वाले रॉ मटेरियल के बिना प्रोडक्शन मुश्किल फार्मा इंडस्ट्री के सबरवाल ने बताया कि पेट्रोकेमिकल का सबसे बड़ा इम्पैक्ट प्लास्टिक इंडस्ट्री के बाद किसी पर आता है तो वह फॉर्मा इंडस्ट्री है। पेट्रोकेमिकल से प्रोपलीन ग्लाइकोल, पीजी 400, पीजी 6000, पीजी 5000, एसीटोन, एमडीसी, आईसोप्रोपाइल पेट्रोकेमिकल से बनते हैं। पेट्रोकेमिकल से बने रॉ मटेरियल के प्रोडक्ट के बिना बनी दवाएं सांस भी नहीं ले सकती हैं। इन सभी का उपयोग दवाओं को साफ करने, फिनिश करने और पालिशिंग के लिए किया जाता है। इंप्योरिटीज को अलग करने के लिए इन रॉ मटेरियल की जरूरत पड़ती है। एम्पुल को लेकर समस्या बढ़ेगी फार्मा इंडस्ट्री के एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले समय में एम्पुल यानी कांच की बोटल जिसमें इंजेक्शन लगाने की दवाई पैक की जाती है, उसको लेकर समस्या बढ़ेगी। इंजेक्शन बनाने वाली कंपनियों को एलपीजी गैस की सप्लाई सुचारू नहीं होने के कारण दिक्कत आ रही है। इंजेक्शन बनाने के लिए जो लॉकिंग की जाती है वह एलपीजी से ही हो पाती है। पीएनजी से लॉकिंग प्रॉपर नहीं हो पाती है। लॉकिंग के लिए फ्रैक्शन ऑफ सेंकड्स के अंदर ग्लास को मेल्ट करना होता है। पीएनजी में इतना प्रेशर या हीट नहीं होती है जिससे फ्रैक्शन ऑफ सेंकड्स के अंदर ग्लास को मेल्ट कर लॉकिंग की जा सकें। इंजेक्शन बनाने वाली कंपनी भी तीन शिफ्ट की जगह एक शिफ्ट पर ही काम कर रही है। ये खबर भी पढ़ें… 190 देशों को दवा सप्लाई रुकी, शटडाउन का खतरा रान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब मध्य प्रदेश के दवा उद्योग पर दिखने लगा है। प्रदेश की लगभग 100 फार्मा कंपनियों का निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है। रेड सी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री मार्गों पर युद्ध के खतरे को देखते हुए शिपिंग कंपनियों ने हाथ पीछे खींच लिए हैं, जिससे 190 देशों को होने वाली दवाओं की सप्लाई रुक गई है।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 2 Apr 2026 5:00 am

कानपुर से उठी विश्व शांति की गूंज:युद्ध की विभीषिका के बीच नवीन नगर सेंटर ने की 'सकाश' सेवा, कुलपति आवास पर जुटे शहर के प्रबुद्ध जन

दुनिया के कई देशों के बीच मचे घमासान और बढ़ती दूरियों ने आज पूरी मानवता को संकट में डाल दिया है। चारों तरफ मचे इस हाहाकार और अशांति के बीच अब आध्यात्मिक शक्तियों के जरिए विश्व में शांति बहाली की कोशिशें शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में प्रजापति ब्रह्मकुमारीज, नवीन नगर सेवा केंद्र की ओर से विशेष राजयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शांति यज्ञ के जरिए न केवल संपूर्ण विश्व की सुख-समृद्धि की कामना की गई, बल्कि मानवता की रक्षा के लिए 'सकाश सेवा' (पॉजिटिव वाइब्रेशंस) के माध्यम से योग क्रियाएं भी संपन्न हुईं। कुलपति के निवास पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब शांति और सकारात्मकता का यह खास कार्यक्रम कानपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति स्वर्गीय सर्वज्ञसिंह कटियार के निवास स्थान पर आयोजित किया गया। यहां बीके रितेश कटियार और सेंटर इंचार्ज बीके अर्चना दीदी की मौजूदगी में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह शांत और आध्यात्मिक नजर आया। सेंटर इंचार्ज अर्चना दीदी ने इस दौरान बताया कि वर्तमान में कुछ देशों की आपसी महत्वाकांक्षा ने पूरी पृथ्वी को विनाश की कगार पर खड़ा कर दिया है। ऐसे में राजयोग ही वह माध्यम है, जिससे हम अपने मन की शांति के साथ-साथ दुनिया में भी प्रेम और भाईचारे का संदेश फैला सकते हैं। राजयोग और सकाश सेवा से बदली फिजा इस राजयोग सभा का संचालन बीके राजेंद्र प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट ने किया। कार्यक्रम में राजयोग की बारीकियों को समझाते हुए बताया गया कि कैसे ध्यान और एकाग्रता के जरिए हम अशांत मन को स्थिर कर सकते हैं। 'सकाश सेवा' के दौरान उपस्थित सभी भाई-बहनों ने सामूहिक रूप से अपनी मानसिक शक्तियों को विश्व कल्याण के लिए केंद्रित किया। लोगों का मानना था कि जब सामूहिक रूप से शुभ संकल्प किए जाते हैं, तो उसका प्रभाव प्रकृति और समाज दोनों पर पड़ता है। समाज के विभिन्न वर्गों ने निभाई भागीदारीविश्व शांति की इस मुहिम में केवल संस्था के सदस्य ही नहीं, बल्कि शहर के गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। पूर्व आयकर अधिकारी शरद प्रकाश अग्रवाल और जानी-मानी साहित्यकार व समाजसेविका सीमा अग्रवाल 'जागृति' ने भी इसमें हिस्सा लिया और शांति की इस पहल को सराहा। आयोजन में शामिल लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक जीवन में भी शांति और संयम को अपनाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। बहनों में मुख्य रूप से बीके स्वर्ण लता, ममता, प्रियंका, स्वाति, अनुपम, किरण, मंजू गोयल, मधु जैन, नीता और संतोषी ने हिस्सा लिया। वहीं भाइयों में बीके वीरेंद्र सिंह, रिंकू जायसवाल और राम सेवक चौरसिया सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में विश्व को युद्ध और विनाश की विभीषिका से बचाने के लिए प्रार्थना की।

दैनिक भास्कर 1 Apr 2026 10:36 pm

वाराणसी पहुंचे सांसद मनोज तिवारी:बोले- दुनिया में युद्ध चल रहा, भारत में खेल हो रहा है; बिहार की तरह यूपी भी जीतेंगे

वाराणसी में आयोजित एक क्रिकेट आयोजन के दौरान सांसद मनोज तिवारी ने जहां खेल भावना की सराहना की, वहीं विपक्षी दलों पर जमकर निशाना भी साधा। रोटरी प्रीमियर लीग 2026 के मौके पर पहुंचे तिवारी ने कहा कि आज पूरे देश में क्रिकेट का उत्साह देखने को मिल रहा है, जो अपने आप में गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि “जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, ऐसे समय में भारत में खेलों का आयोजन होना देश की स्थिरता और मजबूत नेतृत्व को दर्शाता है।” इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास ही नहीं, बल्कि देश को फिट और सक्रिय बनाना भी है। उन्होंने “खेलेगा इंडिया तो खिलेगा इंडिया” के नारे को दोहराते हुए खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। रोटरी प्रीमियर लीग में भागीदारी मनोज तिवारी ने बताया कि वह रोटरी प्रीमियर लीग 2026 के आयोजन में शामिल होने के लिए वाराणसी आए हैं और इस पहल की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और लोगों को नियमों का पालन करने और अनुशासन में रहने की प्रेरणा देते हैं। मनोज तिवारी ने विपक्ष पर किया तीखा कटाक्ष खेल के मंच से ही तिवारी ने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल आरोप-प्रत्यारोप में लगा हुआ है, जबकि सत्तारूढ़ दल विकास और राष्ट्रहित के मुद्दों पर काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों में परिणाम बिहार की तरह ही होंगे और विपक्ष को हार का अंदाज़ा भी नहीं लगेगा। तिवारी ने यह भी कहा कि “जो पार्टियां आज विपक्ष में हैं, उनकी स्थिति भविष्य में इतनी कमजोर हो जाएगी कि उन्हें विपक्ष में बैठने की जगह भी नहीं मिलेगी।” कानून और नियमों की बात मनोज तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी नियम और कानून के तहत काम करती है और आगे भी उसी मार्ग पर चलेगी। उन्होंने विपक्षी दलों को “देश विरोधी मानसिकता” वाला बताते हुए कहा कि जनता उन्हें जवाब देगी।

दैनिक भास्कर 1 Apr 2026 7:13 pm

झीरम घाटी हत्याकांड पर फिर सियासत:रमन बोले-आपकी जेब में सबूत की जगह अखबार की कतरन, भूपेश ने कहा-बीजेपी ने जांच ही नहीं होने दी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की चर्चा के बीच एक बार फिर झीरम घाटी हत्याकांड पर सियासत तेज हो गई है। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने भूपेश बघेल को लेकर कहा कि, आपकी जेब में झीरम घाटी नक्सल वारदात के सबूत होने की बात कही जाती थी, लेकिन जब भी आप हाथ डालते हैं, तो सिर्फ अखबार की एक कतरन ही निकलती है। इस पर जवाब देते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, आपकी पार्टी ने जांच होने ही कहां दी डॉक्टर साहब। पता नहीं किस बात का डर है, कोर्ट जाकर जांच रुकवाते रहे। अब पढ़िए दोनों नेताओं का ट्वीट डॉ. रमन सिंह ने भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए लिखा कि, “आपकी जेब में झीरम घाटी नक्सल वारदात के सबूत होने की बात कही जाती थी, लेकिन जब भी आप हाथ डालते हैं तो सिर्फ अखबार की एक कतरन ही निकलती है।” दूसरों पर आरोप लगाकर अपने दाग नहीं छुपाए जा सकते और पांच साल के कार्यकाल में केवल दोषारोपण ही किया गया। इस पर जवाब देते हुए भूपेश बघेल ने पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि, “आपकी पार्टी ने जांच होने ही कहां दी डॉक्टर साहब। पता नहीं किस बात का डर है, कोर्ट जाकर जांच रुकवाते रहे।”जांच निष्पक्ष तरीके से करवाई जाए तो सबूत भी पेश किए जाएंगे। “सोच लीजिए, बाद में पछताना न पड़े।”

दैनिक भास्कर 1 Apr 2026 5:20 pm

ईरान युद्ध के बीच लॉकडाउन का फेक नोटिस वायरल:शेयर पीडीएफ खोलने पर ‘April Fool’ निकला; मंत्री की अफवाह न फैलाने की अपील

सोशल मीडिया और वॉट्सएप पर एक अप्रैल को ‘वॉर लॉकडाउन नोटिस’ वायरल हुआ, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। अशोक चक्र और मंत्रालय जैसे प्रतीकों के साथ बनाया गया यह नोटिस पहली नजर में आधिकारिक लगा, लेकिन बाद में यह अप्रैल फूल का मजाक निकला। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर किसी भी तरह के लॉकडाउन प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की। मंगलवार को वायरल हुए इस नोटिस का फॉर्मेट और भाषा बिल्कुल सरकारी आदेश जैसी रखी गई थी, जिससे कई लोगों ने इसे बिना सत्यापन आगे फॉरवर्ड कर दिया। हालांकि, दस्तावेज को खोलने पर सच्चाई सामने आई। उसमें 'April Fool' लिखा था और साथ में एक इमोजी दिया गया था। इससे साफ हो गया कि यह महज मजाक के तौर पर तैयार किया गया फर्जी नोटिस था। मंत्री बोले- लॉकडाउन की खबरें झूठी हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन की खबर पूरी तरह झूठी हैं। सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और नुकसानदायक है। हाल के दिनों में ईरान से जुड़े तनाव, हॉरमुज जलडमरूमध्य में सप्लाई रुकने की आशंका और भारत में पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर लोग पहले से ही चिंतित थे। इसी वजह से कई लोगों ने वायरल पोस्ट को सच मान लिया। इसके साथ ही 2020 के कोविड लॉकडाउन की यादें और उसी समय के आसपास का माहौल भी इस अफवाह के तेजी से फैलने की एक बड़ी वजह बना। कोई आधिकारिक लॉकडाउन नहीं है सरकार या किसी भी सरकारी एजेंसी ने युद्ध या सुरक्षा कारणों से किसी लॉकडाउन की कोई सलाह या सूचना जारी नहीं की है। यह घटना फिर से बताती है कि डर और भ्रम के माहौल में फर्जी संदेश बहुत तेजी से फैल जाते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से कहा है कि किसी भी मैसेज को आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई आधिकारिक सोर्स से जरूर जांच लें। सरकार के 3 मंत्रियों ने लॉकडाउन की खबरों को नकारा… लॉकडाउन की अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए गए बयान के बाद शुरू हुई थीं। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। 27 मार्च को सरकार के तीन मंत्रियों ने इसे नकारा था… लॉकडाउन पर राहुल-खड़गे का बयान ------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी की ईरान जंग पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, कहा- मिलकर काम करें और तैयारियां मजबूत रखें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च को ईरान जंग को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा था कि सभी राज्य टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करें और अपनी तैयारियां मजबूत रखें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में PM ने राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 1 Apr 2026 3:05 pm

190 देशों को दवा सप्लाई रुकी, शटडाउन का खतरा:MP की फार्मा इंडस्ट्री पर युद्ध की मार, 100 कंपनियों का एक्सपोर्ट रुका

ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब मध्य प्रदेश के दवा उद्योग पर दिखने लगा है। प्रदेश की लगभग 100 फार्मा कंपनियों का निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है। रेड सी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री मार्गों पर युद्ध के खतरे को देखते हुए शिपिंग कंपनियों ने हाथ पीछे खींच लिए हैं, जिससे 190 देशों को होने वाली दवाओं की सप्लाई रुक गई है। एक्सपोर्ट ठप होने के 3 मुख्य कारण जहाजों (Vessels) की कमी: युद्ध के जोखिम को देखते हुए कंपनियों ने अपने जहाज समुद्र में उतारने से मना कर दिया है। इससे बुकिंग पूरी तरह बंद है। भाड़े में भारी इजाफा: कंटेनर का किराया 40% तक बढ़ गया है। उदाहरण के लिए अफ्रीका जाने वाले 40 फीट के कंटेनर का रेट 3.5 लाख से बढ़कर 4.5 लाख रुपए तक पहुंच गया है। महंगा बीमा: समुद्री हमलों के डर से इंश्योरेंस कंपनियां बीमा देने से बच रही हैं। जहां बीमा मिल रहा, वहां प्रीमियम इतना ज्यादा है कि लॉजिस्टिक लागत उत्पादन लागत से भी ऊपर निकल गई है। संकट में इंडस्ट्री: 3 शिफ्ट का काम एक पर आया इंडियन ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (मप्र) के सचिव डॉ. अनिल सबरवाल के मुताबिक, रेडी स्टॉक को डिस्पैच नहीं कर पाने के कारण कंपनियां भारी दबाव में हैं। प्रोडक्शन में कटौती: जो कंपनियां 24 घंटे (3 शिफ्ट) चलती थीं, वहां अब केवल 1 शिफ्ट में काम हो रहा है। आने वाले समय में हफ्ते में केवल 5 दिन ही काम होने की संभावना है। लागत में वृद्धि: पैकिंग मटेरियल 20% और पीवीसी के दाम 30% तक बढ़ गए हैं। कच्चा माल नहीं मिलने से इंडस्ट्री शटडाउन की ओर बढ़ रही है। एक्सपोर्ट कमिटमेंट और घाटा पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी ने बताया कि कंपनियों के पास ऑर्डर तो हैं, लेकिन वे पुराने तय रेट पर माल नहीं भेज पा रही हैं। ट्रांसपोर्ट कॉस्ट 2 से 4 गुना बढ़ने के कारण निर्यात में भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। पीथमपुर SEZ की केमिकल और स्टील कंपनियों की स्थिति भी ऐसी ही है। वैश्विक बाजार पर असर भारतीय दवाओं पर यूएई, सऊदी अरब और ओमान जैसे देश अपनी सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर हैं। जस्ट-इन-टाइम इन्वेंटरी सिस्टम के कारण कंपनियों के पास ज्यादा स्टॉक नहीं होता। यदि युद्ध 10-15 दिन और चला तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में आवश्यक दवाओं की भारी किल्लत हो सकती है। कच्चे माल की आवक भी रुकी इंदौर (पीथमपुर, सांवेर रोड, पालदा) के करीब 5600 उद्योग कच्चे माल के लिए 60% मिडिल ईस्ट पर निर्भर हैं। आयात प्रभावित: बहरीन, कतर और सऊदी अरब से आने वाले बल्क ड्रग और पेट्रो केमिकल की सप्लाई रुक गई है। चीन का फैक्टर: चीन से आने वाले कंटेनर का किराया 1.5 लाख से बढ़कर 3 लाख रुपए हो गया है, जिससे वहां से भी आवक न के बराबर रह गई है। मध्य प्रदेश से हर महीने करीब 80 हजार कंटेनर कांडला और JNPT (Jawaharlal Nehru Port Trust) पोर्ट भेजे जाते थे, जिनका पहिया अब थम सा गया है। हवाई कार्गो की क्षमता सीमित होने के कारण वह भी विकल्प नहीं बन पा रहा है।

दैनिक भास्कर 1 Apr 2026 2:35 pm

मिडिल ईस्ट में वॉर का असर टूरिज्म सेक्टर पर:फॉरेन ट्रिप कैंसिल करा रहे लोग, एजेंट्स ने कहा- व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा

मिडिल ईस्ट में चल रहे वॉर की वजह से टूरिज्म सेक्टर पर बुरा असर पड़ा है। जिससे गोरखपुर के टूरिज्म व्यापारियों का बिजनेस ठप पड़ गया है। समर वेकेशन में फॉरेन ट्रिप जाने वाले लोगों ने भारी मात्रा में अपने टिकट कैंसल करा दिया है। ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि मिडिल ईस्ट देशों की सभी बुकिंग्स कैंसल हो गई हैं। दूसरी तरफ फ्लाइट की टिकट भी महंगी हो गई है। इसका असर डोमेस्टिक ट्रिप पर भी देखने को मिल रहा है। वॉर की वजह से लोग देश के अंदर भी ट्रैवेल करने से कतरा रहे हैं। वहीं जो लोग बुकिंग्स करवा रहे भी रहे हैं। वे भी अपना डेस्टिनेशन साउथ एशियाई देशों को चुन रहे हैं। इन देशों में ज्यादातर बुकिंग्स वियनाम की हुई है। इसके अलावा, सिंगापुर, मालदीव, थाईलैंड जाना भी लोग पसंद कर रहे हैं। वहीं देश के अंदर नैनीताल, शिमला और अरुणाचल प्रदेश की बुकिंग्स हैं। 35 से अधिक बुकिंग्स कैंसिल होप फन ट्रैवल एजेंसी के ओनर शिव मिश्रा ने बताया कि महीने भर में दुबई, साउदी अरब, अबू धाबी, कतर समेत अन्य मिडिल ईस्ट देशों कि करीब 30-35 बुकिंग कैंसिल हुई हैं। जिनमें लगभग 150 पैसेंजर शामिल हैं। इंटरनेशनल उड़ानों की रेट भी 10-20 परसेंट तक बढ़ गई है। जिसकी वजह से बूकिंग्स नहीं हो रही है। इसके अलावा समर वोकेशन के लिए जो भी बूकिंग्स हो रही हैं, उनमें ज्यादातर लोगों की पहली पसंद वियतनाम है। वियतनाम पहली पसंद बनी साथ ही सिंगापुर, मलेशिया, मारिशस, दार्जिलिंग इंडोनेशिया, कंबोडिया की बुकिंग आ रही हैं। इस समय वार और फ्लाईट की टिकट महंगी होने की वजह से लोग इंडिया हो या फॉरेन कहीं भी ट्रैवल करने से कतरा रहे हैं। लोगों को लग रहा है कि इस क्राइसिस के बीच क्या पता कब कहा फंस जाएं। उन्होंने बताया कि मार्च-अप्रैल का पीक सीजन होता है। मेरे पास जहां पहले 150- 200 तक बूकिंग्स होती थी। वह घट कर महज 15 से 20 तक रह गई हैं। जिन्होंने पहले से कराई थी वे भी कैंसिल हो गई हैं। डोमेस्टिक टूरिज्म को दे रहे बढ़ावा वहीं रॉयल टूर एंड ट्रेवल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ओनर अहमद माआज ने बताया कि वॉर की वजह से इंटरनेशनल टूरिज्म को नुकसान पहुंचा है, लेकिन इससे गोरखपुर के लोगों में देश के अंदर ही घूमने का रुझान बढ गया है। क्योंकि ट्रैवल एजेंट्स भी डोमेस्टिक टूरिज्म को ही बढ़ावा दे रहे है। डोमेस्टिक ट्रिप के लिए लोग राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, बनारस, नैनीताल, अरुणाचल प्रदेश जैसे जगहों को पसंद कर रहे हैं। वहीं वे लोग एशियाई देशों के पैकेज ऑफर कर रहे हैं, ताकि लोग कम से कम कुछ छुट्टियां मना सकें। इनमें मालदिव, थाईलैंड, श्रीलंका, सिंगापुर सस्ते और कम जोखिम वाले ऑप्शन हैं, क्योंकि इन रूट्स पर मध्य पूर्व का हवाई क्षेत्र शामिल नहीं होता। लगातार फ्लाइट्स कैंसिल हो रही त्रिदेव टूर एंड ट्रेवल के ओनर ध्रुव गौर ने बताया कि वॉर ने टूरिज्म को बहुत ही प्रभावित किया है। लोग लगातार फ्लाइट कैंसिल करवा रहे है। पहले की बुकिंग्स तो कैंसल हो रही है। फॉरेन ट्रिप के लिए नई बुकिंग्स भी नहीं मिल रही। जिसकी वजह से हमने डोमेस्टिक टूरिज्म का ऑप्शन लोगों के सामने रखना शुरू कर दिया है। ऐसा अगर लंबे समय तक चला तो दिक्कत होगी। जिसमें लोग फिर ऐसे ऑप्शन की तलाश करेगें जो आस पास के ही हो।

दैनिक भास्कर 1 Apr 2026 6:47 am

खाड़ी देशों मे युद्ध का असर,बेगूसराय में पेट्रोल की किल्लत:10 पेट्रोल पंप पर तेल खत्म, 6 पर डीजल उपलब्ध नहीं

खाड़ी देश में युद्ध के कारण पेट्रोलियम आयात में आई बाधा का असर अब बेगूसराय सहित पूरे बिहार में भी दिखने लगा है। पेट्रोलियम कंपनियां भले ही डीजल-पेट्रोल कमी नहीं होने की बात कर रही है। लेकिन पेट्रोल पंपों को पेट्रोल और डीजल के आपूर्ति नियम में बदलाव किए जाने के कारण बेगूसराय के 10 से अधिक पेट्रोल पंप पर तेल खत्म हो गया है। जबकि, 6 पंप पर डीजल उपलब्ध नहीं है। हालांकि इसके लिए संबंध में कोई भी जिम्मेदार कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल चोकप्वाइंट होर्मुज पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिसके कारण भारत में भी बहुत कम मात्रा में पेट्रोलियम से भरे जहाज आ रहे हैं। डीजल-पेट्रोल की के लिए मारामारी की स्थिति नहीं बने इसके लिए सभी कंपनियां सतर्कता बरत रही है। लगातार दावा किया जा रहा है कि पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध हैं। लेकिन हकीकत में स्थिति यह है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर का सप्लाई बंद होने से कारोबार पर असर पड़ा है। रसोई गैस सिलेंडर के लिए मारामारी की स्थिति है। डीजल और पेट्रोल के आपूर्ति में भी बाधा आई वहीं अब पेट्रोलियम प्रोडक्ट डीजल और पेट्रोल के आपूर्ति में भी बाधा आई है। सूत्र बताते हैं कि बिहार में स्थित इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के डीपो से पहले मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में पंप को डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराए जाते थे। लेकिन 25 मार्च से सप्लाई का नियम बदल दिया गया है। अब इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सभी डिपो से 3 लाख लीटर आपूर्ति किए जाने का नियम बनाए जाने से पेट्रोल पंपों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। वहीं, पहले डिमांड भेज देने पर अगले दिन आपूर्ति कर दी जाती थी। लेकिन अब पहले पेमेंट करना पड़ता है। उसके दो दिन के बाद ही आपूर्ति हो रही है। इसका असर है कि जिलेभर में 20 से अधिक पेट्रोल पंप पर शनिवार से सोमवार तक पेट्रोल उपलब्ध नहीं था। वहीं, मंगलवार को भी करीब 10 से पेट्रोल पंप पर पेट्रोल उपलब्ध नहीं था। 6 पंप पर डीजल उपलब्ध नहीं है। नाम नहीं बताने की शर्त पर एक पेट्रोल पंप मालिक ने बताया कि 5 दिन पहले पेमेंट किए जाने के बाद भी डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति नहीं हो रही है। एक ओर लोगों को परेशानी हो रही है, तो वहीं हम लोगों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। एक पेट्रोल पंप मालिक ने बताया कि दो दिनों से आपूर्ति नहीं मिलने से बिक्री बंद है। युद्ध नहीं रुका तो हालत और बिगड़ी सकती है। इस संबंध में पेट्रोलियम कंपनी के प्रतिनिधि और पेट्रोल पंप संगठन से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वह लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।

दैनिक भास्कर 1 Apr 2026 5:00 am

जीवन में उम्मीद... जैसी रचनाओं पर बजी त​ालियां ईरान और इजरायल युद्ध पर भी डाला गया प्रकाश

भास्कर न्यूज|मधुबनी स्वचालित कविगोष्ठी की माह अप्रैल का मासिक आयोजन गजलकार-कवि राणा ब्रजेश की अध्यक्षता, प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल के कुशल संचालन मे आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. जेपी सिंह के आवासीय परिसर, आरके कॉलेज गेट, मधुबनी में किया गया। समीक्षा डॉ. विनय विश्वबंधु ने की। सर्वप्रथम संचालक प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल ने उपस्थित कवि-कवयित्रियों का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए नवांकुर कवयित्री श्वेता कुमारी एवं डा. सोनम बाला, भूगोल प्राध्यापिका को आज प्रथम दिन भाग लेने के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दिया। कविगोष्ठी गोष्ठी की शुरुआत सुभाष चंद्र झा सिनेही की रचना सबकी इज्जत करना सीखो से हुई। ज्योति रमण झा की धर्म, सुभेष चन्द्र झा की यह सत्य है, दयानंद झा की युद्ध और परिणाम, रेवती रमण झा की चुनावक जीत, डॉ. सोनम बाला की चलो नई शुरुआत करते हैं, डॉ. राम दयाल यादव की एलआईसी, भोलानंद झा की इजरायल-ईरान युद्ध, नवांकुर श्वेता कुमारी की सबको याद रख खुद को भूल जाते हो प्रिय, सुखदेव राऊत की बीतल समयक लेखा-जोखा खूब सराही गई। ऋषिदेव सिंह की होरी के त्योहार, डॉ. विजय शंकर पासवान की अब की नारी, विभा विभाजित की पूर्णिमाक चान, प्रो. नरेंद्र ना. सिंह निराला की कविता का बाजार कहां, प्रो. इश्तेयाक अहमद की क्या खबर थी मक्र भी एक दिन हुनर कहलाएगा ने खूब वाहवाही लूटी। जब से तुम से हुआ मिलन है... की सराहना की गई प्रो. जेपी सिंह ने अपने नाखून से घाव को डर लगता है यह जमीन नहीं आसमान भी घर लगता है, प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल ने यह आप पर भी कयामत है, वर्तमान में हो रहे विनाशकारी युद्ध की ओर इशारा करती रचना सबका ध्यान आकृष्ट किया। राणा ब्रजेश ने मेरे लिए वो चांद निकलता कब है, जीवन आशा और उम्मीद पर ही तो टिका है को दर्शाती रचना ने सोचने को विवश किया। लखनऊ से डॉ. कुसुम चौधरी ने जब से तुम से हुआ मिलन है, गुजरात से डॉ. पंकज लोचन सहाय कमल ने कविता की अंतरंग प्रवाह, दिल्ली से उदय जा‌यसवाल ने विलुप्त हो रही प्रकृति पर रचना पेश की।

दैनिक भास्कर 1 Apr 2026 4:08 am

युद्ध को लेकर मोदी का देश को डराने वाला संदेश

देश में जहां भी और जब भी चुनाव होते हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे सारे काम छोड़कर अपनी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:09 am

पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत

वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है

देशबन्धु 1 Apr 2026 3:06 am

बरनाला में धनौला थाने के बाहर प्रदर्शन:ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया एकतरफा कार्रवाई का आरोप, आंदोलन करने की चेतावनी

बरनाला जिले का धनौला पुलिस थाना एक बार फिर चर्चा में है। गांव पंधेर में दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के बाद पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए ग्रामीणों और विपक्षी राजनीतिक दलों ने थाना धनौला के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर सत्ताधारी पार्टी के दबाव में निर्दोष लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया। यह मामला गांव पंधेर में दो पक्षों के बीच हुई लड़ाई से जुड़ा है, जिसमें दोनों तरफ के लोग घायल हुए और अस्पताल में भर्ती हुए। पुलिस ने आम आदमी पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष नायब सिंह की शिकायत पर गुरसेवक सिंह और 11 अन्य के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया है। मजदूर मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष चरणा सिंह ने बताया कि गुरसेवक सिंह एक व्यक्ति को अपने बेटे की पिटाई से बचाने गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक रंजिश के चलते गुरसेवक सिंह पर झूठा मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल धरने में पहुंचे कांग्रेसी विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक वीडियो के आधार पर केस दर्ज किया है, जबकि वीडियो में आरोपी मौजूद नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में भर्ती गुरसेवक सिंह, जिसके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया था, उसका बयान तक दर्ज नहीं किया गया। ढिल्लों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई हलका भदौड़ के विधायक के इशारे पर राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है। राजनीतिक नेता गुरदीप सिंह बांठ और पूर्व विधायक पिरमल सिंह धौला ने भी पुलिस की निंदा की। मामला रद्द ना करने पर आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि ये मामले रद्द नहीं किए गए और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी घोषणा की कि यदि विधायक उगोके गांव आएंगे, तो उनका काले झंडों के साथ विरोध किया जाएगा। दूसरी ओर, थाना धनौला के एसएचओ गुरविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर कानूनी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांगों और समस्याओं को सुन लिया गया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 31 Mar 2026 9:48 pm

जालंधर में ईरान-इजरायल युद्ध का असर:बासमती चावल का निर्यात प्रभावित, दालों के दाम बढ़े; शिपमेंट बाधित होने से व्यापारियों की चिंता बढ़ी

पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध का सीधा असर अब जालंधर के व्यापारिक गलियारों में दिखने लगा है। युद्ध के कारण वैश्विक शिपमेंट बाधित होने और माल ढुलाई की लागत बढ़ने से बासमती चावल का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय मंडी फेंटनगंज में दालों की कीमतों में 10 रुपए प्रति किलो तक का उछाल आया है, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। हालांकि, अलग-अलग व्यापारियों की राय बंटी हुई है, लेकिन ट्रांसपोर्टेशन और लेबर की कमी ने इंडस्ट्री की चिंताएं बढ़ा दी हैं। युद्ध का व्यापार पर सीधा प्रहार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने भारतीय बासमती चावल व्यापार को बड़ा झटका दिया है। युद्ध की वजह से समुद्री रास्तों में बाधा आ रही है, जिसके चलते विदेश जाने वाला माल बंदरगाहों पर ही फंसा हुआ है। जालंधर की प्रसिद्ध मंडी फेंटनगंज के व्यापारी दविंदर बहल ने बताया कि शिपमेंट बाधित होने से माल ढुलाई की लागत में भारी वृद्धि हुई है। दालों के दाम चढ़े, लेबर की कमीव्यापारियों के अनुसार, युद्ध की अनिश्चितता के कारण घरेलू बाजार में दालों के दाम 10 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। केवल महंगाई ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री को अन्य व्यावहारिक दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। डीजल और गैस की किल्लत की खबरों के बीच उद्योगों में काम कम हो गया है और लेबर की संख्या में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। इसका सीधा असर बाजार की रौनक पर पड़ा है और ग्राहक मंडियों से नदारद हैं। ढुलाई लागत में वृद्धि और ट्रक जामट्रांसपोर्टेशन सेक्टर पर युद्ध का प्रभाव सबसे अधिक दिख रहा है। ढुलाई की दरों में 100 रुपए तक का अंतर देखने को मिला है। व्यापारी विकास कुमार के मुताबिक, पंजाब में अभी स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में है, लेकिन यूपी, बिहार और बंगाल जैसे राज्यों में हालात चिंताजनक हैं। वहां डीजल की कमी के कारण ट्रक 3 से 4 दिनों तक सड़कों पर खड़े हैं, जिससे लोडिंग और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। वहीं, दूसरी ओर चावल एसोसिएशन के प्रधान नरेश मित्तल का मानना है कि फिलहाल युद्ध का कोई बड़ा नकारात्मक असर चावल की कीमतों पर नहीं पड़ा है। उनके अनुसार, मंडी में एक महीने से अधिक का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, निर्यात के मोर्चे पर 50,000 मीट्रिक टन की गिरावट की बात सामने आ रही है क्योंकि माल विदेशों में नहीं जा पा रहा है।

दैनिक भास्कर 31 Mar 2026 4:35 pm

फरीदाबाद में खाड़ी-देशों से आने वाले मरीजों की संख्या घटी:युद्ध के चलते फ्लाइट सेवा बंद, निजी अस्पतालों में इंटरनेशनल लांज खाली

फरीदाबाद के निजी अस्पतालों में खाड़ी देशों से इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों की संख्या घट गई है। अमेरिका, इजरायल व ईरान के बीच युद्ध के चलते इलाज के लिए आने वाले इंटरनेशल मरीज नही पहुंच पा रहे है। जिसका नुकसान फाइनेंशियल तौर पर अस्पतालों को हो रहा है। अस्पतालों की माने, तो युद्ध के चलते फ्लाइट सेवा बंद होने से चलते मरीज नही आ पा रहे है। हर महीने आते थे 300 के करीब मरीज मेट्रो कैंसर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर, डॉ. सुमंत गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि , सऊदी अरब, इराक, ओमान, उज़्बेकिस्तान, कुवैत, रशियन आदि कई देशों सहित 300 के करीब मरीज हर महीने आते थे, लेकिन अब केवक एक तिहाई मरीज ही पहुंच रहे है। ऐसा एसलिए हो रहा है, क्योंकि युद्ध के चलते फ्लाइट सेवा नही मिल पा रही है। वहीं दूसरी तरह बहुत सारे लोगों ने अपनी यात्रा को कैंसिल कर दिया है। खाड़ी देशों के मरीज सबसे ज्यादा उन्होंने खाड़ी देशों के मरीज हमारे शहर में सबसे ज्यादा इलाज लेने के लिए आते है। इनमें हृदय रोग, किडनी से जुड़ी बीमारियां, हड्डी संबंधी समस्याएं और कैंसर सहित, किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट के मरीज शामिल होते है। खाड़ी देशों में इनस जुड़ा इलाज मिलना बेहद खर्चीला है। हमारे देश में 40 प्रतिशत कम इलाज का खर्च आता है। इसके अलावा इलाज की गुणवत्ता बेहतर होती है, लेकिन लड़ाई के चलते हालात प्रभावित है। उन्होंने कहा कि इजरायल और ईरान से कोई मरीज नहीं आ रहा है। हालात सामान्य नहीं हुए, तो उठाना होगा नुकसान उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में दूसरे देशों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई है। अगर जल्द ही हालात सामान्य नहीं हुए, तो मेडिकल टूरिज्म को और अधिक नुकसान हो सकता है।

दैनिक भास्कर 31 Mar 2026 1:56 pm

ईरान-इजराइल युद्ध से सिरोपों की आपूर्ति प्रभावित:ईरान से रूकी केमिकल सप्लाई, अमृतसर के गुरुद्वारों में कमी, ऑर्डर समय पर देना मुश्किल

ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब श्री हरिमंदिर साहिब, अमृतसर में देखने को मिल रहा है। यहां श्रद्धालुओं को सम्मान स्वरूप दिए जाने वाले सिरोपों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह धागेड़ा ने इस संबंध में जानकारी दी है। मैनेजर धागेड़ा ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले जाते हैं, जिसके बाद संगत को गुरु की बख्शिश के रूप में सिरोपा भेंट किया जाता है। श्री हरिमंदिर साहिब के साथ-साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अधीन आने वाले अन्य गुरुद्वारों के लिए भी सिरोपों की आपूर्ति यहीं से की जाती है। 19 हजार मीटर कपड़ा ही हुआ तैयार मैनेजर के अनुसार, वर्ष के अंतिम दिनों की आवश्यकता को देखते हुए एक फर्म को 1 लाख मीटर कपड़े का ऑर्डर दिया गया था। हालांकि, अब तक केवल 19 हजार मीटर कपड़ा ही प्राप्त हो सका है। फर्म ने बताया है कि सिरोपा तैयार करने में उपयोग होने वाला विशेष केमिकल ईरान से आता है, जिसकी आपूर्ति युद्ध के कारण फिलहाल बाधित हो गई है। इस वजह से पूरा ऑर्डर समय पर देना संभव नहीं हो पा रहा है। लंगर सेवा और श्रद्धालुओं की आमद पर असर नहीं धागेड़ा ने स्पष्ट किया कि लंगर सेवा और श्रद्धालुओं की आमद पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि, सिरोपों की कमी एक चुनौती बन गई है। इसके बावजूद, प्रबंधन द्वारा उपलब्ध स्टॉक से संगत को सरोपा देने की परंपरा को जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 31 Mar 2026 9:11 am

युद्ध का असर अब हवाई यात्रा पर दिखा...:पहले एटीएफ में सरचार्ज लगा, फिर फेयर कैप हटा, रांची से फ्लाइट किराया 3000 तक बढ़ा

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब रांची की हवाई यात्रा पर स्पष्ट दिखने लगा है। मार्च में एयरलाइंस कंपनियों ने बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण फ्यूल सरचार्ज लागू किया है, जिससे घरेलू उड़ानों के किराया पहले से ही बढ़े हुए हैं। वहीं, अब केंद्र सरकार द्वारा फेयर कैप हटाया, तो इसका भी असर दिखने लगा है। रांची से महानगरों के विमान किराए में 2500 रुपए तक की वृद्धि हो गई है। यहां तक की एक महीना बाद के टिकट खरीदने पर भी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। अप्रैल माह में रांची से मुंबई जाने के 9000 रुपए तक, तो कोलकाता के लिए 6700 रुपए तक में टिकट खरीदना पड़ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा 23 मार्च से कैप हटाने की घोषणा के साथ ही विमानन कंपनियों ने किराया बढ़ा दिया। ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि कैप हटने पर अभी और मनमाना किराया वसूला जा सकता है। पहले तो सरचार्ज और 23 मार्च से फेयर कैप हटने के कारण रांची से जाने वाले यात्रियों को पॉकेट ढीला करना पड़ रहा है। अब रांची से विभिन्न शहरों के लिए युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में विमान किराया 3000 रुपए तक बढ़ गया है। रांची से दिल्ली, कोलकाता, पटना, बेंगलुरू और चेन्नई जैसे प्रमुख रूट्स पर टिकट पहले की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। मालूम हो कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल एटीएफ में सरचार्ज लगाने से रांची से विभिन्न शहरों में जाने वाले विमान का किराया 500 से 1000 रुपए बढ़ाया गया था। रांची एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों के लिए ऐसे बढ़ रहा किरायारांची से विभिन्न शहरों का संभावित हवाई किराया (रुपये में) नोट: किराया रुपए में। फेयर कैप हटने से और बढ़ा किरायाझारखंड चैंबर के सिविल एविएशन सबकमेटी चेयरमैन श्रवण राजगढ़िया ने बताया कि एयरलाइन्स टिकट का किराया स्थिर नहीं होता, यह डाइनेमिक प्राइसिंग पर आधारित होता है। डिमांड और सप्लाई के अनुसार कीमत बदलती है। जब यात्रियों की संख्या अधिक या सीटें कम होती हैं तो किराया बढ़ता है, जबकि सीटें खाली होने पर एयरलाइन्स कीमत घटा देती हैं, ताकि अधिक बुकिंग हो सके। नी 10 मार्च के बाद इंडिगो एयरलाइंस ने प्रति टिकट सरचार्ज तय किया। औसत किराया में करीब 500 रु. कि बढ़ोतरी रही। दिल्ली के लिए सामान्यत: औसत किराया 6100 रु. रहता था वह बढ़कर 6600 रु. हो गया, पटना का औसत किराया 3500 से बढ़कर 4000 रु. हो गया। इसी तरह रांची से चेन्नई, बेंगलुरू, भुवनेश्वर का औसत किराया भी बढ़ गया। इधर, 23 मार्च से केंद्र सरकार ने फेयर कैप हटाया तो किराया आसमान पर है। एयरलाइंस में फेयर कैप वह शुल्क या सीमा है जो टिकट या किराया बढ़ोतरी में न्यायसंगत और तय सीमा तय करती है, ताकि यात्रियों पर अचानक बोझ न पड़े। पर्यटक देश के अंदर ही तलाश रहे डेस्टिनेशन झारखंड चैंबर के टूरिज्म समिति के चेयरमैन शैलेश अग्रवाल के अनुसार वर्तमान में पर्यटक विदेश यात्रा से बच रहे हैं और देश के भीतर ही घूमने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट कनफ्लिक्ट के कारण सामान्य हवाई किराए में 1000 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर अन्य अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी दिख रहा है। थाईलैंड, सिंगापुर आदि के लिए भी टूरिस्ट अवॉयड कर रहे हैं। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो विमान ईंधन और बीमा शुल्क में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में विमानन कंपनियों को खर्च नियंत्रित करने के लिए बेहतर संसाधन प्रबंधन और उड़ान मार्गों के समुचित निर्धारण पर ध्यान देना होगा। रांची से प्रति दिन 200 यात्री विदेश जाते हैं। इनमें से लगभग 80 मिडिल ईस्ट के देशों में जाते हैं।

दैनिक भास्कर 31 Mar 2026 4:00 am

युद्ध के माहौल में महावीर के दर्शन की उपादेयता

सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने समझ दी कि महानता कभी भौतिक पदार्थों, सुख-सुविधाओं, ... Read more

अजमेरनामा 29 Mar 2026 6:11 pm

युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह

संदर्भ – तीर्थंकर महावीर स्वामी जन्म कल्याणक 2625वां (31 मार्च 2026) आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के ... Read more

अजमेरनामा 28 Mar 2026 6:09 pm

मिडिल ईस्ट युद्ध ने ट्रम्प की मुश्किलों को बढ़ाया

युद्ध के मामले में अमेरिका-इजरायल की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।

देशबन्धु 27 Mar 2026 3:08 am

पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है।

देशबन्धु 26 Mar 2026 3:20 am

अब युद्धविराम को लालायित ट्रंप

अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह लड़ाई अमेरिका को पहले ही महंगी पड़ रही है

देशबन्धु 26 Mar 2026 2:50 am

पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा

पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है

देशबन्धु 24 Mar 2026 3:30 am

ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे

ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं

देशबन्धु 20 Mar 2026 6:35 am

ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी

बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं

देशबन्धु 19 Mar 2026 9:21 am

लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...

वेब दुनिया 14 Mar 2026 1:39 pm

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 1:42 pm

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि वक्त का पहिया घूमकर वापस आता है, लेकिन क्या तारीखें भी खुद को दोहराती हैं? सोशल मीडिया पर यह खबर बहुत वायरल हो रही है और ज्योतिषियों के बीच एक चौंकाने वाली समानता चर्चा का विषय बनी हुई है। गणितीय गणना बताती है कि वर्ष ...

वेब दुनिया 13 Mar 2026 12:03 pm

Middle East war के कारण खड़ी तेल समस्या मे भारत बना आशा का किरण; जाने क्यों अमेरिका ने जताया आभार ?

डोनाल्ड ट्रम्प ने टेक्सास में $300 अरब की नई रिफाइनरी का ऐलान किया। भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज के भारी निवेश के साथ अमेरिका 50 साल बाद रचेगा नया ऊर्जा इतिहास।

प्रातःकाल 12 Mar 2026 1:37 pm

युद्धोन्माद और मीडिया

ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है

देशबन्धु 12 Mar 2026 2:32 am

ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव

पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं

देशबन्धु 11 Mar 2026 4:14 am

ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए

'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें

देशबन्धु 4 Mar 2026 2:43 am

क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'

बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'

बूमलाइव 26 Feb 2026 1:24 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है

देशबन्धु 2 Feb 2026 3:20 am

मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.

बूमलाइव 29 Jan 2026 3:29 pm

युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।

देशबन्धु 20 Jan 2026 1:15 pm

120 बहादुर की रिलीज़ से पहले रेजांग ला युद्ध बलिदान दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया मेजर शैतान सिंह को याद

एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...

वेब दुनिया 19 Nov 2025 3:09 pm

War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा

रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...

वेब दुनिया 14 Aug 2025 2:20 pm

जब उर्वशी रौतेला ने की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच वायरल हुई तस्वीरें

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...

वेब दुनिया 18 Jun 2025 4:16 pm

सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...

वेब दुनिया 7 Mar 2025 2:53 pm

केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल

बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...

वेब दुनिया 19 Feb 2025 5:22 pm

फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल

Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...

वेब दुनिया 4 Sep 2024 2:33 pm

तुर्की के शूटर ने ओलंपिक में जीता मेडल, आदिल हुसैन को मिलने लगी बधाई, एक्टर बोले- अभी देर नहीं हुई...

Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के‍ खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने‍ सिल्वर मेडल जीता।

वेब दुनिया 3 Aug 2024 6:06 pm

CONFIRMED! 27 साल बाद फिर बनेगी Border 2, एक्टर Sunny Deol ने जेपी दत्ता के साथ फिर से हाथ मिलाया, युद्ध की सबसे बड़ी कहानी

बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 12:10 pm

Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस

Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.

आज तक 10 Jun 2024 7:25 pm

आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा

आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.

आज तक 11 May 2024 10:30 am

Jimmy Shergill की Ranneeti Balakot and Beyond का ट्रेलर जारी, भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी

रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।

प्रभासाक्षी 17 Apr 2024 2:10 pm

Honey Singh vs Badshah | बढ़ती जा रही है हनी सिंह और बादशाह के बीच नफरत की खाई, रैपरों के बीच वाकयुद्ध गंदे स्तर पर पहुंचा!

दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024

प्रभासाक्षी 26 Mar 2024 3:03 pm

आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग

आखिर क्यों Indira Gandhi नेAandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध,आज भी देखने से कतराते हैं लोग

मनोरंजन नामा 23 Mar 2024 2:19 pm

'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम

आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.

आज तक 22 Mar 2024 5:03 pm

अस्तित्व और बदले के लिए ब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर है Rebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

मनोरंजन नामा 20 Mar 2024 1:21 pm