युद्ध से महंगाई के डर से पेट्रोल पंपों पर भीड़, औद्योगिक डीजल 22 रुपए तक महंगा
भास्कर न्यूज |लुधियाना लुधियाना में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर फैलते ही शहरभर के पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी। संभावित महंगाई और ईंधन की कमी की आशंका के चलते लोग घबराहट में अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे, जिससे कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गईं और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, औद्योगिक डीजल की कीमत में करीब 22 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। पहले यह 68-70 रुपए प्रति लीटर के आसपास था, जो अब बढ़कर 90-92 रुपए तक पहुंच गया है। वहीं स्पीड पेट्रोल में भी लगभग 2 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे इसकी कीमत करीब 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इसके अलावा ऑटो गैस (एलपीजी) के दाम में भी लगभग 10 रुपए प्रति किलो का इजाफा हुआ है, जो अब करीब 75 रुपए प्रति किलो के आसपास हो गया है। हालांकि, लुधियाना पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान रंजीत सिंह गांधी ने स्पष्ट किया कि सभी पंपों पर ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाएं।
ईरान जंग के बीच भारत अब ‘नॉन-कंटैक्ट वारफेयर’ यानी बिना आमने-सामने आए लड़ी जाने वाली जंग के लिए खुद को तैयार कर रहा है। सरकार अपनी सैन्य शक्ति को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक ढालने के लिए सबसे बेहतर रक्षा तकनीकों पर तेजी से काम कर रही है। भारत ने न केवल 5th जेनरेशन(AMCA), बल्कि अब आधिकारिक तौर पर 6th जेनरेशन के फाइटर जेट्स के डिजाइन पर भी काम शुरू कर दिया है। साथ ही स्वदेशी एस-400 (LRSAM) जैसी लंबी दूरी की मिसाइल सिक्योरिटी सिस्टम, ड्रोन को तबाह करने वाले ‘अनंत शस्त्र’ (QRSAM) पर भी युद्धस्तर पर काम शुरू हो चुका है। संसद में पेश की गई रक्षा समिति की रिपोर्ट्स में इसका खुलासा हुआ है। भारत फाइटर जेट्स के लिए शक्तिशाली स्वदेशी इंजन, नौसेना के लिए अभेद सुरक्षा कवच और AI व साइबर डिफेंस जैसे प्रोजेक्ट्स डेवलप कर रहा है। इसके अलावा अस्त्र, नाग और ध्रुवास्त्र जैसी मिसाइलों के मार्क-II वेरिएंट पर काम हो रहा है। उड़ते हुए कमांड सेंटर की तरह काम कर सकेगा ‘6th जेन’ विमान देश का रक्षा दृष्टिकोण अब ‘नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर’ की चुनौतियों को देखते हुए आक्रामक और रक्षात्मक प्रौद्योगिकियों के बीच एक सटीक संतुलन बनाने पर केंद्रित है। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी क्षमताओं को साबित किया था। अब 5th जेनरेशन के विमानों और 6th जेनरेशन की सोच (जैसे हाइपरसोनिक स्पीड और सी4आईएसआर सिस्टम) के साथ भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए पूरी तरह तैयार है। ये खूबियां होंगी… हाइपरसोनिक गति: सिक्स्थ जेन प्लेन में ध्वनि की गति से 5 गुना तक तेज उड़ने की क्षमता हो सकती है अडैप्टिव शेप: विमान के विंग्स जरूरत के हिसाब से हवा में ही बनावट बदलने में सक्षम होंगे फ्लाइंग सी4आईएसआर: यह एक उड़ते हुए ‘कमांड सेंटर’ की तरह काम कर सकेगा डुअल मोड इंजन: इसमें एक उन्नत इंजन होगा जो न केवल विमान को शक्ति देगा बल्कि एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को ठंडा रखने और बिजली देने में मदद करेगा। डिफेंस इन्वेस्टेमेंट के लिए 2 लाख करोड़ से ज्यादा आवंटित देश को मॉडर्न वॉरफेयर में सक्षम बनाने के लिए सरकार ने इसके लिए भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए डिफेंस इन्वेस्टमेंट में खर्च के लिए में 2,19,306.47 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। यह पिछले वर्ष के बजट अनुमान से 21.84% अधिक है। इसका बड़ा हिस्सा केवल सशस्त्र बलों के मॉडर्नाइजेशन और नए हथियारों की खरीद के लिए सुरक्षित रखा गया है। ये टारगेट्स प्राइयॉरिटी पर… रक्षा बजट में 10 साल में सबसे बड़ा इजाफा, फाइटर जेट्स और इंजनों के लिए 64 हजार करोड़ 1 फरवरी को पेश हुए बजट पर ऑपरेशन सिंदूर का साफ असर दिखा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा बजट में पिछले 10 सालों का सबसे बड़ा इजाफा किया है। उन्होंने तीनों सेनाओं के लिए कुल 7.84 लाख करोड़ रुपए दिए हैं। यह 2025-26 के मुकाबले करीब 1 लाख करोड़ रुपए ज्यादा है। यानी कुल 15% की बढ़ोतरी हुई है। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। सरकार के मुताबिक 6 मई से शुरू हुआ यह ऑपरेशन आज भी चल रहा है। माना जा रहा है कि इसी के चलते डिफेंस बजट में बढोतरी की गई है। सेना को मिलने वाले बजट में मुख्य रूप से 4 पार्ट होते हैं : 1. कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी हथियार खरीद के बजट में 22% की बढ़त इस बार तीनों सेनाओं के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर 2.19 लाख करोड़ रुपए मिले हैं, जो पिछले साल से 21.84% ज्यादा है। पिछले साल यह 1.80 लाख करोड़ रुपए था। इस बजट के ज्यादातर हिस्से का इस्तेमाल हथियार खरीद और मॉडर्नाइजेशन पर होता है। 2. रेवेन्यू खर्च यानी सैलरी भी बढ़ सकती है इसमें सेना के वेतन, भत्ते और दैनिक संचालन का खर्च शामिल है। इसमें लगातार वृद्धि हुई है। 3.रिटायर्ड सैनिकों के लिए पेंशन बजट डिफेंस पेंशन का बजट एक बड़ा हिस्सा है, जो पूर्व सैनिकों के लिए है, जिसमें लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 4. सिविल डिफेंस बजट में मामूली कटौती इसमें रक्षा मंत्रालय के नागरिक प्रशासनिक खर्च और कोस्ट गार्ड के खर्चे शामिल होते हैं, जिनमें समय-समय पर मामूली बदलाव होते रहते हैं। डिफेंस बजट पर ऑपरेशन सिंदूर का असर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बजट देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे सेना की तैयारियां और ज्यादा मजबूत होंगी।’ 114 राफेल की डील, नए एयरक्राफ्ट और इंजन पर खर्च रक्षा बजट में सबसे ज्यादा ध्यान लड़ाकू विमान और एयरो इंजन पर दिया गया है। इसके लिए 63,733 करोड़ रुपए रखे गए हैं। वहीं, नेवी बेड़े के लिए 25,024 करोड़ रुपए दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत-फ्रांस के बीच 114 राफेल जेट की डील होने वाली है। रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए 17 हजार करोड़ रुपए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी खर्च बढ़ाया गया है। इसके लिए 17,250 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इस रकम से नई तकनीक, स्वदेशी हथियार और आधुनिक सिस्टम विकसित किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ हथियार खरीदे नहीं, बल्कि बनाए भी। कस्टम ड्यूटी हटाने से डिफेंस इंडस्ट्री को फायदा वित्त मंत्री ने बजट में विमान और रक्षा उपकरण बनाने में इस्तेमाल होने वाले इम्पोर्टेड कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी हटा दी है। इससे फैसले से देश की डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री को सीधा फायदा मिलेगा। उत्पादन सस्ता होगा और निजी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा। डिफेंस बजट में भारत, चीन से पीछे लेकिन पाकिस्तान से आगे पिछले साल चीन का रक्षा बजट करीब 247 बिलियन डॉलर यानी 22.6 लाख करोड़ रुपए रहा। अनुमान है कि इस साल 2026 में ये 300 बिलियन डॉलर यानी 27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। वहीं पाकिस्तान ने भी रक्षा बजट में तेज बढ़ोतरी की है। पिछले साल उसने ऑपरेशन सिंदूर के बाद 81 हजार करोड़ का डिफेंस बजट पेश किया, जो 2024 से 20% ज्यादा था। हालांकि, 2025 में रक्षा बजट में बढ़ोतरी के लिए पाकिस्तान को अपने कुल बजट में 7% की कटौती करनी पड़ी थी। जबकि भारत ने कुल बजट को पिछले साल से लगभग 8% बढ़ाते हुए रक्षा बजट को 15% बढ़ाया है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान के मॉडल को मंजूरी:बनाने में निजी कंपनियां मदद करेंगी भारत में बनने वाले 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान यानी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के प्रोडक्शन मॉडल को मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने पिछले साल 27 मई को यह जानकारी दी थी। रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि एयरक्राफ्ट को बनाने के लिए सरकारी के साथ निजी कंपनियों को भी बोली लगाने का मौका दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य तनाव के बीच नाटो देशों पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोग न देकर नाटो ने खुद को कमजोर साबित किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में ...
पटना में स्पीड प्रीमियम पेट्रोल की कीमत ₹2 प्रति लीटर के हिसाब से महंगी हो गई है। आर ब्लॉक के पास स्थित गैसोलीन प्राइवेट लिमिटेड पेट्रोल पंप के कर्मी सचिन कुमार केसरी ने बताया कि सुबह से दाम में इजाफा हुआ है। नॉर्मल पेट्रोल 105.23 रुपये है। इसमें कोई इजाफा नहीं है। जबकि स्पीड प्रीमियम की कीमत 2 रुपये बढ़ने के चलते 114.8 रुपये हो गया है। सेफ इंजन और माइलेज के लिए इस्तेमाल होते प्रीमियम पेट्रोल सुबह से ही हम लोग नए दाम पर ग्राहकों को प्रीमियम स्पीड पेट्रोल दे रहे हैं। स्पीड प्रीमियम पैट्रोल का इस्तेमाल अक्सर ग्राहक सेफ इंजन और माइलेज के लिए करते हैं। इसकी डिमांड और खपत भी नॉर्मल से कम नहीं है। खासकर के इसकी डिमांड नौकरी पेशा और बिजनेस से जुड़े लोगों के बीच हैं। जो लोग इसके बारे में जान गए हैं, वह लोग भी इसकी डिमांड करके लेते हैं। ग्राहक बोले- सरकार को नियंत्रण रखना चाहिए ग्राहक सतीश कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को इसे नियंत्रण में ही रखना चाहिए। दाम बढ़ने से सब कुछ पर असर पड़ेगा। वहींस नालंदा में प्रीमियम पैट्रोल के दाम 2 रुपये 6 पैसा आज सुबह से बढ़े हैं। हालांकि सिंपल पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
कतर के रास लफान LNG हब पर ईरानी हमले से जोड़कर असंबंधित वीडियो हुए शेयर
बूम ने जांच में पाया कि वीडियो ओमान और सऊदी अरब के हैं और इनका कतर के एलएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए अटैक से संबंध नहीं है.
मिडिल ईस्ट तनाव का असर: भारत में प्रीमियम पेट्रोल महंगा, 20 मार्च से नई कीमतें लागू
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक इलाकों में से एक है, और यहां किसी भी तरह का तनाव आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करता है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया में संघर्षों की असली वजह स्वार्थी हित और वर्चस्व की चाहत है। स्थायी शांति केवल एकता, अनुशासन और धर्म को मानने से ही हासिल की जा सकती है। भागवत नागपुर में विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय की आधारशिला रखने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा- पिछले 2,000 साल से दुनिया ने संघर्षों को सुलझाने के लिए कई प्रयोग किए हैं, लेकिन उन्हें बहुत कम सफलता मिली है। RSS चीफ ने यह भी कहा कि भारत का स्वभाव ही ऐसा है जो सद्भाव में विश्वास रखता है। यही कारण है कि पूरी दुनिया से यह आवाज उठ रही है कि भारत ही ईरान-इजराइल युद्ध को खत्म करने में मदद कर सकता है। भागवत बोले कि भारत के लोग मानवता के नियम पर चलते हैं, जबकि बाकी दुनिया जंगल का कानून मानती है। लड़खड़ाती हुई दुनिया को धर्म की नींव देकर उसमें संतुलन बहाल करना हमारा ही काम है। भागवत के बयान की बड़ी बातें… RSS को 86 संभागों में बांटने की बात कही, लेकिन तरीका नहीं बदलेगा नागपुर में एक मराठी अखबार के 100 साल पूरे होने पर गुरुवार को भागवत ने बताया कि स्वयंसेवकों को मजबूत बनाने और काम बेहतर करने के लिए संगठन में बदलाव किए गए हैं। भागवत ने कहा कि RSS का काम बहुत तेजी से बढ़ रहा है और लोगों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं, इसलिए अब काम को अलग-अलग हिस्सों में बांटने विकेंद्रीकरण की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले RSS में 46 प्रांत थे, अब इन्हें बढ़ाकर छोटी-छोटी इकाईयों यानी 86 संभागों में बांटा जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर काम आसानी और अच्छे तरीके से हो सके। भागवत कहा कि संघ के काम करने का तरीका नहीं बदलेगा। दोस्ती बनाकर और अच्छे उदाहरण देकर समाज में बदलाव लाना ही संघ का मुख्य तरीका है, और यह आगे भी चलता रहेगा। पढ़ें पूरी खबर…
नेतन्याहू बोले- US को युद्ध में हमने नहीं घसीटा, दावा- ईरान की परमाणु-मिसाइल क्षमता लगभग खत्म
पत्रकारों से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा, “हम जीत रहे हैं और ईरान तबाह हो रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडार को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है और इन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।
सऊदी अरब की बड़ी तेल रिफाइनरियों पर क्यों हमले कर रहा ईरान?
ईरान ने लाल सागर तट पर स्थित सऊदी अरब की रिफाइनरी पर जबरदस्त हमला एक सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि इसके व्यापक भू-राजनीतिक संकेत भी है। यह हमला सऊदी अरब की ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा प्रहार है। यह रिफाइनरी सऊदी तेल आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ...
युद्ध केवल स्वार्थ का नतीजा, दुनिया विनाश के कगार पर; ईरान जंग पर बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत नागपुर में विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय की नींव रखने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि युद्ध केवल स्वार्थ के परिणाम होने हैं।
तुलसी गबार्ड ने कहा, ईरान में अमेरिका एवं इजरायल के युद्ध के उद्देश्य एक जैसे नहीं
गबार्ड के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि भले ही अमेरिका और इजराइल एक ही मोर्चे पर खड़े हों, लेकिन उनके सैन्य लक्ष्य अलग-अलग हैं। इजराइल ने हाल के हमलों में ईरान के धार्मिक नेताओं और सैन्य कमांडरों को सीधे निशाना बनाया है।
पीएम मोदी ने ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की निंदा की; कतर, ओमान, जॉर्डन और फ्रांस के नेताओं से की बात
पश्चिम एशिया संकट के बीच संवाद की कोशिशें भी चल रही हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कई देशों के राष्ट्रप्रमुखों से बात कर पश्चिम एशिया युद्ध को बातचीत से सुलझाने की अपील की। साथ ही पीएम मोदी ने ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की निंदा भी की।
अमेरिकी कांग्रेस में 200 बिलियन डॉलर युद्ध फंडिंग पर तीखी बहस
ईरान युद्ध की बढ़ती लागत और इसके वैश्विक बाजारों पर प्रभाव ने अमेरिकी कांग्रेस में विभाजन को और गहरा कर दिया है
कैथल के युवक की रूस यूक्रेन युद्ध में मौत:रूस आर्मी में जवान था, गांव रोहेड़ा का निवासी
कैथल के गांव रोहेड़ा के 22 वर्षीय युवक गीतिक की रशियन आर्मी में रूस यूक्रेन युद्ध के दौरान मौत हो गई। गीतिक वर्ष 2024 में रूस गया था और वहां जाकर आर्मी में भर्ती हो गया था। इस दौरान रूस यूक्रेन युद्ध के तनाव के बीच विस्फोट हुआ व गोलीबारी हुई, जहां पर करीब 5 महीने पहले उसकी मौत हो गई। पांच माह से लापता हालांकि शुरुआत में जब परिवार की ओर से रूस आर्मी से संपर्क किया गया तो गीतिक के बारे में यही कहा गया कि वह लापता है, लेकिन बाद में आर्मी ने युद्ध में मारे गए सभी जवानों के डीएनए सैंपल लिए और परिवार को सूचित किया तो पता चला कि गीतिक की भी मौत हो चुकी थी। डीएनए की जांच हुई इसके लिए उनके पिता का भारत से डीएनए सैंपल भेजा गया। उसे मैच करने के बाद अब 10 दिन पहले रूस आर्मी ने डेथ की कन्फर्मेशन की। बता दें कि गीतिक 9 महीने पहले आर्मी में भर्ती हुआ था। उसकी डोनबास बॉर्डर पर ड्यूटी थी और वह 444 बटालियन में जवान था। परिवार ने करीब चार लाख रुपए लगाकर इस उद्देश्य से गीतिक को रूस भेजा था कि वहां पर कुछ अच्छा कमाई करेगा और परिवार की स्थिति में सुधार करेगा, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि गीतिक के साथ ऐसी अनहोनी हो जाएगी। परिवार में पिता और भाई गीतिक के चाचा देवेंद्र ने बताया कि उनके पिता अमित कुमार करीब 1 एकड़ भूमि के किसान है। साथ में वे ज्योतिषी का कार्य करते हैं। परिवार की स्थिति सामान्य है। उन्होंने यह भी बताया कि गीतिक के परिवार में पिता अमित व उसका छोटा भाई है। माता की पहले मृत्यु हो चुकी है। आज हो सकता है संस्कार देवेंद्र ने बताया कि रशियन आर्मी की ओर से गीतिक के पार्थिव शरीर को इंडिया भेजा गया है। आज शायद उसका शरीर गांव में पहुंच जाए तो आज ही संस्कार किया जाएगा।
गाजीपुर जिले के गहमर स्थित सिद्ध पीठ माँ कामाख्या धाम में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। गहमर को एशिया के सबसे बड़े फौजियों के गांव के रूप में जाना जाता है। नवरात्रि के दूसरे दिन भी मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं। यह सिलसिला पूरे नौ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। माँ कामाख्या को सिकरवार वंश की कुलदेवी माना जाता है, जिससे इस धाम का विशेष धार्मिक महत्व है। नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान, यहाँ नौ देवियों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माँ के दरबार में पहुँचते हैं। गहमर गांव की एक खास पहचान देश सेवा से भी जुड़ी है, जहाँ से बड़ी संख्या में युवा भारतीय सेना में कार्यरत हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, माँ कामाख्या अपने भक्तों, विशेषकर सैनिकों की रक्षा करती हैं। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि माँ भगवती की कृपा से सैनिक युद्ध क्षेत्रों में सुरक्षित रहते हैं। यहाँ एक और विशेष परंपरा प्रचलित है। बताया जाता है कि जब भी कोई सैनिक छुट्टी पर अपने घर आता है, तो वह सबसे पहले माँ कामाख्या के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद लेता है। इसी तरह, ड्यूटी पर वापस लौटते समय भी सैनिक माँ का आशीर्वाद लेकर ही रवाना होते हैं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि माँ भगवती सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इसी आस्था और विश्वास के साथ दूर-दराज से श्रद्धालु इस धाम में पहुँच रहे हैं। तस्वीरें देखिए…
ईरान युद्ध के सबक मौजूदा संघर्ष से कहीं आगे बाजार का आकार तय करेंगे
ऊर्जा बाजार एक ऐसे दौर में जा रहा है, जहां मूल्य निर्धारण मॉडल के आधार पर बनी पारंपरिक धारणाएं संघर्ष के बदलते स्वरूप से पूरी तरह बदल रही हैं
अगर वैश्विक युद्ध चला तो राजस्थान में टेक्सटाइल इंडस्ट्री में खराब स्थितियां हो जाएंगी। अभी राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन की एक मीटिंग में उद्यमियों ने बताया कि अब इंडस्ट्री के पास केवल 15 से 20 दिन का पॉलिस्टर फाइबर, गैस एवं डाई केमिकल बचा है। कई इंडस्ट्री में कच्चे माल का स्टॉक खत्म हो गया है। सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट पर असर पड़ा है। करीब 5 हजार करोड़ के ऑर्डर अटक गए। डाई-केमिकल की रेट 24 प्रतिशत बढ़ गई। शिपिंग का भाड़ा तीन गुना बढ़ गया। अभी दुबई एवं अन्य मिडिल ईस्ट के देशों को एक्सपोर्ट बंद है। खाड़ी क्षेत्र और यूरोप के बंदरगाहों पर माल अटक रहा है। कई शिपमेंट रुके हुए हैं। करीब 80-90 हजार करोड़ के इस उद्योग में कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित होने, लॉजिस्टिक्स महंगे होने और एक्सपोर्ट घटने से उत्पादन 40 फीसदी तक कम हो गया। ऐसे में धागे से लेकर तैयार कपड़े 15 से 40 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। भीलवाड़ा की 100 से ज्यादा यूनिटों में अब शिफ्ट कम करने की तैयारी है क्योंकि कच्चा माल करीब एक से दो सप्ताह का ही बचा है। कच्चा माल - रेड सी रूट महंगा होने से अटकी गैस व पॉलिस्टर फाइबर टेक्सटाइल उत्पादन का आधार कच्चा माल है और संकट यहीं से शुरू हुआ। पॉलिएस्टर और सिंथेटिक फाइबर, जो चीन, कोरिया और मिडिल ईस्ट से आते हैं, उनकी सप्लाई रेड सी रूट महंगा होने से प्रभावित हुई है। कंटेनर फ्रेट 2 से 2.5 गुना तक बढ़ गया, जिससे भीलवाड़ा सहित अन्य जगह पॉलिएस्टर यार्न 20-30% महंगा हो गया। पाली और बालोतरा के प्रोसेस हाउस डाई-केमिकल के लिए 65-70% तक चीन पर निर्भर हैं। सप्लाई लेट होने और कीमत बढ़ने से प्रोसेसिंग कॉस्ट 15-20% तक बढ़ गई। गैस - 400 से अधिक प्रोसेस हाउसों में गैस खत्म, प्लांट बंद होने लगे एलपीजी गैस की कमी के चलते भीलवाड़ा के 25 प्रोसेस हाउसों में संचालन ठप हुआ है। पाली, बाड़मेर, बालोतरा सहित अन्य जगह छोटे व बड़े करीब 2500 प्रोसेस हाउस हैं। एक प्रोसेस हाउस में औसतन प्रतिदिन 250 किलो गैस का उपयोग हो रहा है। यदि समाधान नहीं निकला, तो करीब 80 प्रतिशत वीविंग इकाइयों का कामकाज ठप हो सकता है। क्रूड की कीमतों में लगभग 50% की बढ़ोतरी के कारण यार्न के भाव 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। एक्सपोर्ट - मिडिल ईस्ट के देशों में 5 हजार करोड़ के ऑर्डर अटके यूरोप और मिडिल ईस्ट से एक्सपोर्ट ऑर्डर 8-20% तक घटे हैं, जिससे कैश फ्लो पर दबाव बना है। 800 से 1000 करोड़ रुपए का निर्यात कारोबार प्रभावित हुआ है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण खाड़ी देशों और यूरोप को जाने वाले निर्यात ऑर्डर अस्थायी रूप से रुके हुए हैं, जिससे लगभग 800 से 1000 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। पाली, बाड़मेर, बालोतरा को मिलाकर यह आंकड़ा करीब पांच हजार करोड़ तक पहुंचा है।
हालात ठीक नहीं, युद्ध को रोकने की जरूरत: तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर
मिडिल ईस्ट तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ने लगा है। पहले यूएस-इजरायल की ईरान पर एयर स्ट्राइक फिर जवाबी कार्रवाई इसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनातनी, खार्ग पर अमेरिका के हमले से होते हुए अब बात ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले तक पहुंच गई है
युद्ध के बीच शिपिंग में रुकावट, इंग्लिश क्रिकेट को करना पड़ सकता है 'ड्यूक' गेंदों का सामना
आगामी इंग्लिश क्रिकेट सीजन में 'ड्यूक बॉल' की कमी के कारण अनोखी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इसका असर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह के मुकाबलों की तैयारियों पर पड़ सकता है। ईरान के साथ जारी यूएस-इजरायल संघर्ष के कारण खाड़ी के शिपिंग रास्तों में हुई देरी ने साउथ एशिया से यूके तक क्रिकेट गेंदों के ट्रांसपोर्टेशन को धीमा कर दिया है, जिससे आयोजकों के लिए लॉजिस्टिक्स संबंधी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। 3 अप्रैल से इंग्लिश सीजन की शुरुआत होगी, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ड्यूक गेंदों का स्टॉक सामान्य सप्लाई के मुकाबले लगभग आधा रह गया है। इन ड्यूक गेंदों का इस्तेमाल घरेलू टेस्ट और काउंटी चैंपियनशिप में होता है, जिनमें सभी 18 फर्स्ट क्लास काउंटी शामिल हैं। ड्यूक गेंदों की निर्माता कंपनी 'ब्रिटिश क्रिकेट बॉल्स लिमिटेड' के मालिक दिलीप जाजोदिया ने खाड़ी संघर्ष के माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स पर पड़ने वाले असर को उजागर करते हुए 'डेली मेल' को बताया, इस खाड़ी युद्ध के चलते अभी हम एक बड़े संकट का सामना कर रहे हैं। हमें क्लबों को सीजन की शुरुआत में उनके कोटे की सिर्फ 50 प्रतिशत गेंदें देकर काम चलाना पड़ रहा है, और फिर इस समस्या को सुलझाना है। हमारे पास उपमहाद्वीप की फैक्ट्रियों में बहुत सारा सामान तैयार पड़ा है, लेकिन एयरलाइंस उसे ले जाने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि वहां भारी जाम लगा हुआ है। जाजोदिया ने आगे बताया कि इस संघर्ष के कारण ट्रांसपोर्टेशन की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि सुरक्षा संबंधी चिंताओं और मध्य-पूर्व से होकर जाने वाले हवाई रास्तों में आई रुकावटों के चलते माल ढुलाई का किराया काफी बढ़ गया है। ड्यूक गेंदों की निर्माता कंपनी 'ब्रिटिश क्रिकेट बॉल्स लिमिटेड' के मालिक दिलीप जाजोदिया ने खाड़ी संघर्ष के माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स पर पड़ने वाले असर को उजागर करते हुए 'डेली मेल' को बताया, इस खाड़ी युद्ध के चलते अभी हम एक बड़े संकट का सामना कर रहे हैं। हमें क्लबों को सीजन की शुरुआत में उनके कोटे की सिर्फ 50 प्रतिशत गेंदें देकर काम चलाना पड़ रहा है, और फिर इस समस्या को सुलझाना है। हमारे पास उपमहाद्वीप की फैक्ट्रियों में बहुत सारा सामान तैयार पड़ा है, लेकिन एयरलाइंस उसे ले जाने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि वहां भारी जाम लगा हुआ है। Also Read: LIVE Cricket Score जाजोदिया ने मजाकिया अंदाज में कहा, काश मुझे पहले से पता होता कि ऐसा कुछ होने वाला है, तो मैं डोनाल्ड ट्रंप से जरूर बात करता। उनसे कहता कि कृप्या, क्रिकेट सीजन शुरू होने से पहले किसी पर भी हमला मत करना। Article Source: IANS
महायुद्ध के बीच जानलेवा मेनिंजाइटिस का कहर, लंदन में 27 मरीज, हेल्थ अलर्ट जारी
ब्रिटेन में जानलेवा मेनिंजाइटिस (Meningitis) का प्रकोप अब राजधानी लंदन तक पहुंच गया है। देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। इसके बाद पूरे यूके में स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के लक्षणों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस घातक ...
मध्य पूर्व में जारी युद्ध अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायल और अमेरिका के हमलों से बौखलाए ईरान ने अब खाड़ी देशों के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा हमलों में ईरान ने सऊदी अरब, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख ...
मिडिल ईस्ट में इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के बीच डर का माहौल है। हालात और बिगड़ने की आशंका के बीच लखनऊ समेत यूपी के कई लोग अपने परिवार के साथ वापस लौट आए हैं। लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचे यात्रियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वे डर और बेचैनी के माहौल में रह रहे थे। बस यही दुआ कर रहे थे कि किसी तरह सुरक्षित अपने देश लौट सकें। वापस लौटे यात्री एहसान ने कहा- सोशल मीडिया पर हालात को बहुत ज्यादा डरावना दिखाया जा रहा है। बहरीन-कुवैत बॉर्डर पर थोड़ी स्थिति खराब जरूर है, लेकिन सऊदी अरब के अंदर सब कुछ सामान्य है। वहां रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य तरीके से चल रही है। 2 तस्वीरें देखिए… यात्री बोले- हालात उतने खराब नहीं मध्य-पूर्व में इज़राइल-ईरान तनाव के बीच जहां एक तरफ डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। वहीं लखनऊ लौट रहे प्रवासी भारतीयों के अनुभव इस तस्वीर का दूसरा पहलू भी सामने ला रहे हैं। गुरुवार को लखनऊ पहुंचे एहसान, जो पिछले 10 सालों से सऊदी अरब में अकाउंटेंट के पद पर काम कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर जो दिखाया जा रहा है, जमीनी हकीकत उससे काफी अलग है। हालात सामान्य हैं। परिवार की चिंता और वीडियो कॉल का सहारा एहसान ने कहा- भारत में बैठे उनके परिवार के लोग सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो देखकर काफी घबरा जाते थे। जब घर वाले ऐसे वीडियो देखते थे तो तुरंत फोन करते थे। उन्हें हमारी बहुत चिंता होती थी। लेकिन जब हम वीडियो कॉल पर उन्हें सही-सलामत दिख जाते थे, तब जाकर उन्हें थोड़ी राहत मिलती थी। भले ही हालात पूरी तरह से बिगड़े नहीं थे, लेकिन खबरों और अफवाहों के कारण डर का माहौल जरूर बना हुआ था। जब तक ये बाहर थे, हर पल चिंता बनी रहती थी- हिना एहसान की पत्नी हिना ने बताया कि इस पूरे समय परिवार मानसिक दबाव में रहा। कहा- जब तक ये बाहर रहते थे, हर समय चिंता बनी रहती थी। हर थोड़ी देर में न्यूज़ देखते थे और कुछ ना कुछ नया सुनने को मिल जाता था, जिससे घबराहट और बढ़ जाती थी। सबसे ज्यादा डर तब लगता था जब एहसान वहां काम के सिलसिले में बाहर जाते थे। बस यही डर लगा रहता था कि ये सही-सलामत लौट आएं। अब जब ये वापस आ गए हैं, तो बहुत सुकून मिला है।
कतर हमले पर ट्रंप का गुस्सा: ईरान को तबाह करने की चेतावनी
इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पार्स गैस फील्ड पर भीषण हमला किया है। साउथ पार्स दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस फील्ड मानी जाती है
पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद के अवसर पर की युद्धविराम की घोषणा
पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद-उल-फ़ितर के अवसर पर शत्रुता में “अस्थायी विराम” की घोषणा की। यह कदम सऊदी अरब, तुर्की और क़तर की अपीलों के बाद उठाया गया
ईरान युद्ध में नाटो से अलग-थलग पड़े ट्रंप की परीक्षा की घड़ी
बुधवार को, अमेरिका-इजरायल गठबंधन के ईरान के खिलाफ युद्ध के 18वें दिन, ट्रंप को एक साथ दो बुरी खबरें मिलीं
नव संवत्सर के अवसर काशी के शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने सनातनी पंचांग का लोकार्पण किया। इस दौरान गंगा घाट पर एक साथ हजारों लोगों ने मां गंगा की आरती उतारी और उनके पवित्रता का संकल्प लिया। शंकराचार्य ने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि गौ माता की रक्षा के लिए जो आंदोलन शुरू हुआ है, उसे इस वर्ष परिणाम तक पहुंचाया जाएगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने क्या कहा पढ़ें… सवाल - नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष के शुभ अवसर पर आप क्या संदेश देना चाहेंगे? जवाब- आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ है। रौद्र नाम के नए संवत्सर का आरंभ हुआ है। हमारी सनातन संस्कृति में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही नव वर्ष शुरू होता है। हमने काशी में शंकराचार्य घाट पर बैठकर प्रथम सूर्योदय को अर्घ्य दिया, पंचांग का श्रवण किया और पूरे वर्ष के लिए संकल्प लिए। सवाल - इस वर्ष के लिए आपने कौन से प्रमुख संकल्प लिए हैं? जवाब - हमने संकल्प लिया है कि गौ माता की रक्षा के लिए जो आंदोलन शुरू हुआ है, उसे इस वर्ष परिणाम तक पहुंचाया जाएगा। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि धर्मयुद्ध है और इसका शंखनाद हो चुका है। सवाल - गोरखपुर से शुरू होने वाली यात्रा की क्या योजना है? जवाब - इसकी विस्तृत रूपरेखा नवरात्रि के बाद साझा करेंगे। नवरात्रि के दौरान पंचमी को “शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना” के गठन की जानकारी देंगे और फिर नवरात्रि के अंत में आगे की रणनीति बताएंगे कि यह अभियान कैसे आगे बढ़ेगा। सवाल - लखनऊ में हुए आपके कार्यक्रम में भीड़ को लेकर सवाल उठाए गए। इस पर आपका क्या कहना है? जवाब - पहले से ही लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल बनाया गया था। एलआईयू और अन्य माध्यमों से लोगों पर नजर रखी जा रही थी, उन्हें रोका और भ्रमित किया गया। इसके बावजूद हजारों लोग कार्यक्रम में पहुंचे। साथ ही लाखों लोगों ने लाइव प्रसारण देखा और अपनी प्रतिक्रिया दी। इसलिए हम इसे एक बड़ी सफलता मानते हैं। सवाल - आपने कहा कि यह “धर्म युद्ध” शुरू हो चुका है, इसका क्या अर्थ है? जवाब - इसका अर्थ है कि समाज में जो धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का संघर्ष है, वह अब सक्रिय रूप से शुरू हो गया है। लोग जहां-जहां थे, वहीं से जुड़े—शंखनाद किया और समर्थन दिया। यह आंदोलन अब व्यापक रूप ले चुका है। सवाल- काशी में गंगा में इफ्तार पार्टी और उस पर हुई कार्रवाई को आप कैसे देखते हैं? जवाब - गंगा जी की पवित्रता के साथ लगातार समझौता हो रहा है। वर्षों से नाले गिर रहे हैं, उन्हें रोका नहीं गया। अब गंगा को कमाई का साधन बना दिया गया है—तैरते होटल, व्यावसायिक गतिविधियां और प्रदूषण बढ़ रहा है। ऐसे कृत्य गंगा की गरिमा के खिलाफ हैं और यह गंभीर विषय है। काशी की पारंपरिक पहचान और आध्यात्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। जो काशीत्व और बनारसी संस्कृति थी, वह धीरे-धीरे समाप्त होती दिख रही है। भीड़ बढ़ रही है, लेकिन धार्मिकता कम हो रही है। यह चिंताजनक है। सवाल- सरकार कह रही गंगा स्वच्छ है, व्यवस्था बदली है? जवाब- ऐसा ऐसा है कि गंगा जी की अवमानना 2014 से ही शुरू हो गई। जब यहां के सांसद आए और उन्होंने कहा कि मुझे तो गंगा ने बुलाया है। लोगों ने सोचा कि यह बहुत बड़े गंगा भक्त हैं। गंगा जी ने इनको साक्षात स्वयं बुला लिया है। लेकिन उसके बाद से देखिए 16 नाले गिर रहे थे काशी में अभी तक हमारी जानकारी में नहीं है कि कोई नाला बंद हो गया। आज 12 साल के बाद भी 16 नाले जैसे के तैसे ही गिर रहे हैं। यही नहीं अब यहां पर माई को कमाई का साधन बना दिया गया है। यहां पर अब माहौल बदल गया है। यहां नाव वाले पहले खुली नाव रखते थे। केवल उस पर बैठ सकता था कोई व्यक्ति। कोई आड़ नहीं रहता था। अब धीरे-धीरे यहां पर तैरते हुए होटल गंगा जी में उतार दिए गए हैं। 40-40 कमरों के होटल और उन कमरों में लोग रह रहे हैं। उसी में मलमूत्र का विसर्जन कर रहे हैं और उसी में कमरा बंद करके जाने क्या-क्या कर रहा है। विलासिता का वातावरण यहां पर सजित कर दिया गया है। केवल इसलिए कि पैसे की कमाई हो। आप कहते हैं हमने भीड़ इकट्ठा कर दी। लेकिन वो भीड़ धार्मिक कितनी है? वह भीड़ जो है यहां के धार्मिक वातावरण को क्षति पहुंचा रही है कि समर्थन कर रही है। अगर इसका विश्लेषण किया जाए तो मिलेगा कि इस भीड़ ने काशी की जो काशी का परंपरा थी, काशी का जो काशीत्व था, बनारस का जो बनारसीपन था वो सब समाप्त कर दिया। सवाल - अंत में, आप अपने अनुयायियों और देशवासियों से क्या अपील करना चाहेंगे? जवाब - सभी लोग अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं के प्रति सजग रहें। गौ माता की रक्षा और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए आगे आएं। यह समय संकल्प का है और मिलकर ही हम अपने उद्देश्य को प्राप्त कर सकते हैं।
LIVE: ईरान का पलटवार, कतर के रास लफान गैस प्लांट पर हमला
Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग तेल ठिकानों तक पहुंची। साउथ पार्स पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान का भी कतर के तेल ठिकानों पर हमला। पल पल की जानकारी...
ईरान ने अपने सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी की शहादत का बदला लेने की कसम खाते हुए इजराइल के खिलाफ मिसाइल हमलों की 61वीं लहर का ऐलान कर दिया है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 2 बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने देश के ...
Iran War News : ईरान की चेतावनी, सऊदी अरब, यूएई और कतर में तेल ठिकानों पर करेगा हमला
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक अमेरिका और इजराइल ने दक्षिणी ईरान में साउथ पार्स गैस फील्ड और असालुयेह शहर की तेल-गैस सुविधाओं पर एयरस्ट्राइक की है। ईरान ने अपने गैस फील्ड पर हमले के बाद सऊदी अरब, कतर और यूएई के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाने की ...
बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने लोनी कटरा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में हुई कई घटनाओं में पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है, जिससे किसानों और आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। वर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी कर रही है और विपक्षी पक्षों से मिलीभगत के चलते उचित कार्रवाई नहीं कर रही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी 9 अप्रैल को एक बड़ी पंचायत आयोजित की जाएगी। इस पंचायत में आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रदर्शन के चलते थाने के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि, पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही।
अकेले पड़े डोनाल्ड ट्रंप! न 'मागा' का साथ मिला न यूरोप का, क्या ईरान युद्ध बनेगा उनकी सबसे बड़ी भूल?
डोनाल्ड ट्रंप का ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) आंदोलन आंतरिक कलह से जूझ रहा है। ईरान युद्ध को लेकर टकर कार्लसन और मार्जोरी टेलर ग्रीन जैसे दिग्गजों ने ट्रंप के खिलाफ बगावत कर दी है। जानें क्या है पूरा मामला।
फैक्ट चेक: अमेरिकी युद्धपोत पर ईरानी हमले के दावे से AI जनरेटेड वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो वास्तविक नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.
अबोहर के सरकारी अस्पताल में मरीजों को इन दिनों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी में बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इस भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरे सक्रिय हो गए हैं, जिससे मरीजों में डर और रोष है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। मरीजों को सबसे पहले आभा आईडी बनवाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन पर्ची के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। टीबी अस्पताल के 100 से अधिक ओपीडी वाले मरीजों का बोझ डिस्पेंसरी पर आया डॉक्टर से जांच करवाने के बाद दवा डिस्पेंसरी पर भी लंबी कतारें लगती हैं। डिस्पेंसरी पर भीड़ बढ़ने के दो मुख्य तकनीकी कारण सामने आए हैं। डॉ. सौरव फुटेला के लौटने के बाद टीबी अस्पताल के 100 से अधिक ओपीडी वाले मरीजों का बोझ अब इसी डिस्पेंसरी पर आ गया है। नशा मुक्ति केंद्र के मरीज भी हो रहे परेशान इसके अलावा, नशा मुक्ति केंद्र के मरीजों को भी दवा लेने के लिए इसी खिड़की पर भेजा जा रहा है, जिससे सामान्य मरीजों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है।अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की ढिलाई का फायदा जेबकतरे और चोर उठा रहे हैं। लाइनों में लगी भीड़ के बीच मरीजों के मोबाइल फोन, पैसे और अन्य कीमती सामान चोरी होने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इलाज के लिए आए गरीब मरीजों के लिए यह स्थिति दोहरी मार साबित हो रही है।
मोजतबा खामेनेई ने ठुकराए युद्धविराम के प्रस्ताव, कहा- अमेरिका-इजरायल पहले हार मानें
एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, दो मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका की ओर से तनाव कम करने और संभावित युद्धविराम के प्रस्ताव तेहरान भेजे गए थे। हालांकि, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इन्हें स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया।
मध्य पूर्व में युद्ध की बड़ी कीमत, हर दिन 1 अरब डॉलर की बर्बादी
एक ऐसे समय जब विश्व के अनेक हिस्सों में मानवीय सहायता आवश्यकताओं में तेज़ी से वृद्धि हो रही है और वित्तीय संसाधनों की विशाल क़िल्लत है, मध्य पूर्व क्षेत्र में भड़के हिंसक टकराव में हर दिन 1 अरब डॉलर ख़र्च हो रहे हैं। आपात राहत मामलों के लिए संयुक्त ...
ईरान में मोसाद के लिए जासूसी के आरोप में व्यक्ति को फांसी, युद्ध के बीच सख्त संदेश
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी को पिछले साल जून में सवजबलाघ शहर से गिरफ्तार किया गया था। उस समय ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन तक चला संघर्ष जारी था, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ था।
जालंधर ग्रामीण पुलिस ने नशा तस्करी और आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए एक विशाल संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम युद्ध नशा विरुद्ध अभियान के तहत नकोदर सब-डिवीजन के लिली फार्म पैलेस, जालंधर-नकोदर रोड पर हुआ। कार्यक्रम का आयोजन जालंधर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरविंदर सिंह विर्क, पीपीएस, के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर डॉ. मुकेश कुमार, पीपीएस, एसपी (स्थानक); इंदरजीत सिंह, डीएसपी (तफ्तीश); ओंकार सिंह बराड़, डीएसपी (सब-डिवीजन नकोदर); और सुखपाल सिंह, डीएसपी (सब-डिवीजन शाहकोट) भी मौजूद थे। एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग 2000 मामले दर्ज किए सभा को संबोधित करते हुए एसएसपी विर्क ने वर्ष 2025 में जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई महत्वपूर्ण कार्यवाहियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग 2000 मामले दर्ज किए गए, जो नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई को दर्शाते हैं। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए, लगभग 900 व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया और करीब 6700 युवाओं को OOAT केंद्रों से जोड़ा गया, जिससे उन्हें सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिली। जनता से एसएसपी ने मांगा सहयोग अंत में, एसएसपी विर्क ने जनता से युद्ध नशा विरुद्ध और गैंगस्टरों ते वार जैसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि नशों और अपराध के खिलाफ यह लड़ाई एक साझा जिम्मेदारी है, और सामूहिक प्रयासों से ही एक नशा-मुक्त, सुरक्षित और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है 500 नागरिकों ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा कार्यक्रम में जतिंदर सिंह टाहली (सरपंच एवं ट्रक यूनियन प्रधान), दर्शन सिंह टाहली (चेयरमैन, जिला परिषद), चरणजीत सिंह (चेयरमैन, ब्लॉक समिति नकोदर), जीवन सिंह (वाइस चेयरमैन, ब्लॉक समिति नकोदर), सुरिंदर गढ़वाल (जिला कोऑर्डिनेटर, “युद्ध नशा विरुद्ध” अभियान), हरमेश सोही (काउंसलर, नकोदर), विपन शर्मा (एमडी, सत्यम कॉलेज) और सरबजीत कौर (ब्लॉक प्रधान, शहरी) जैसे प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इनके साथ कई सरपंच, गांव प्रतिनिधि और विभिन्न गांवों के सम्मानित व्यक्ति भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में लगभग 500 नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल युद्ध का असर अब भारत के हवाई यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। सुरक्षा कारणों और एयरस्पेस की स्थिति को देखते हुए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए संचालित होने वाली कई फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। जयपुर से शारजाह और दुबई जाने वाली दो इंटरनेशनल फ्लाइट्स को मंगलवार को भी रद्द कर दिया गया है। कुछ एयरलाइंस ने आगामी उड़ानों की बुकिंग भी फिलहाल बंद कर दी है। इन दो फ्लाइट्स को किया कैंसिल एयर अरेबिया की शारजाह जाने वाली फ्लाइट G9-436 को कैंसिल कर दिया गया है। यह फ्लाइट जयपुर से हर दिन अलसुबह करीब 4 बजकर 10 मिनट पर उड़ान भरती है। पिछले कुछ दिनों में यह फ्लाइट दोबारा संचालित होने लगी थी। अब ताजा हालात को देखते हुए आज इसे फिर से कैंसिल कर दिया गया है। इस फैसले से उन पैसेंजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा, जिन्होंने पहले से टिकट बुक कर रखे थे। स्पाइसजेट एयरलाइंस की दुबई जाने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट SG-57 भी मंगलवार को कैंसिल कर दी गई। यह फ्लाइट जयपुर से सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर उड़ान भरकर दुबई के लिए रवाना होती है। ऐसे में अब एयरलाइन की ओर से यात्रियों को रिफंड या वैकल्पिक उड़ान का विकल्प देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुरक्षा कारणों से कई उड़ानों की बुकिंग बंद मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कई एयरलाइंस सतर्क रुख अपना रही हैं। एतिहाद एयरवेज और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी फिलहाल अपनी खाड़ी देशों में जाने वाली कुछ उड़ानों की बुकिंग बंद कर दी है। एयरलाइंस का कहना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और एयरस्पेस से जुड़े दिशा-निर्देशों के आधार पर आगे की उड़ानों को लेकर फैसला लिया जाएगा। दरअसल, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के चलते मध्य पूर्व के कई हिस्सों में एयरस्पेस को लेकर सावधानी बरती जा रही है। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस अपने विमानों के रूट बदल रही हैं या उड़ानें अस्थायी रूप से स्थगित कर रही हैं। इसका सीधा असर भारत से खाड़ी देशों के लिए संचालित होने वाली फ्लाइट्स पर पड़ रहा है। जयपुर एयरपोर्ट से खाड़ी देशों में खासकर दुबई, शारजाह और अबू धाबी के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय और पर्यटक ट्रैवल करते हैं। ऐसे में फ्लाइट्स के कैंसिल होने से पैसेंजर्स का ट्रैवल प्लान प्रभावित हो रहे हैं।
12 दिन कतर में फंसी रही सागर की शाखा दुबे, मदद पर लोकसभा अध्यक्ष का जताया आभार
सागर| ईरान-इजराइल युद्ध के चलते सागर की शाखा दुबे 12 दिनों तक कतर में फंसी रहीं। ब्रिटेन जाते समय उनकी फ्लाइट की आपात लैंडिंग कतर की राजधानी दोहा में करना पड़ी थी। शाखा भारत सरकार की केंद्रीय राजभाषा समिति सदस्य एवं भाजयुमो के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजीव दुबे की बेटी हैं। इसके बाद दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रियों से संपर्क कर सहयोग मांगा था। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने विदेश मंत्री सहित अन्य अफसरों से बात की थी। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास ने लगातार रक्षा से संपर्क रखा। फ्लाइट उड़ने की परिस्थितियां बनते ही शाखा कतर से ब्रिटेन पहुंच गईं। वे वहां अध्ययनरत हैं। भाजपा नेता दुबे ने मंगलवार को नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष बिरला से मुलाकात कर सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने बताया कि बेटी जिस दिन कतर से निकलकर ब्रिटेन पहुंची, उसी दिन उसका जन्मदिन भी था। ऐसे मंे उसे न सिर्फ सुरक्षित रूप से ब्रिटेन पहुंचने में सबका सहयोग मिला, बल्कि जन्मदिन का यादगार तोहफा भी मिल गया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने मेरे कठिन समय में सहयोग और हौसला दिया।
केंद्र-बिहार के बीच नहीं होगा आंकड़ों का युद्ध, अब सही तस्वीर दिखेगी
भारत सरकार के सांख्यिकी सचिव सौरभ गर्ग की मौजूदगी में आज तय होगी ‘डाटा हार्मोनी की रूपरेखा’भारत सरकार और बिहार सरकार के बीच अब आंकड़ों का युद्ध नहीं होगा। केंद्र और राज्य सरकार के अलग-अलग विभाग आंकड़ों के हवाले से अलग-अलग दावे नहीं करेंगे। आंकड़ों की सही तस्वीर विकास के लक्ष्यों को उचित दिशा देकर मंजिल तक पहुंचाएगी। ‘डाटा हार्मोनी’ की इस परियोजना की एकीकृत प्रणाली विकसित करने के लिए 18 मार्च को भारत सरकार के सांख्यिकी सचिव सौरभ गर्ग की मौजूदगी में भारत सरकार और बिहार सरकार के अधिकारी रूपरेखा तैयार करेंगे। इस मौके पर पटना में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, असम और अंडमान निकोबार के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। भारत सरकार और राज्य सरकारों को एक तरह के डाटा प्लेटफॉर्म पर लाने के बाद अगर बिहार सरकार का कोई विभाग किसी एक आइटम का डाटा डालता है तो उसे सार्वजनिक करने से पहले संबंधित राज्य सरकार या भारत सरकार के विभाग इस पर दावा और आपत्ति कर सकते हैं। सभी ओर से सहमति बने पर ही इस डाटा को सार्वजनिक किया जाएगा। इससे किसी परियोजना या योजना के बारे में लक्ष्य तय करते समय केंद्र और राज्य की एजेंसियों के पास विकास की जमीनी हकीकत और लाभुकों के बारे में ऑनलाइन सही डाटा रहेगा। केंद्र और राज्य के पास अब एक ही आंकड़े होंगे फायदा क्या? मान लीजिए किसी खास इलाके में पेयजल की योजना बनाते समय राज्य सरकार का कोई विभाग यह बताता है कि उस इलाके में इतने घरों के पास पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्हें हैंडपंप मुहैया कराकर यह सुविधा दी जा सकती है। बिहार का भूजल बोर्ड कहता है कि वहां 30 फुट नीचे पानी उपलब्ध है। वहीं सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के आंकड़े बता रहे हैं कि पानी 300 फुट से नीचे उपलब्ध है। इस तरह के विरोधाभासी आंकड़ों में परियोजना बनानी काफी मुश्किल हो जाती है। भारत सरकार और बिहार सरकार का यूनिफाइड सिस्टम इसी समस्या को हल करेगा। जरूरी क्यों? बिहार सरकार की एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग शुरू किया है। ऐसे में लोकेशन या लाभुक तय करते वक्त विरोधाभासी आंकड़ों के कारण कई तरह की समस्या सामने आ रही है। इसलिए सरकारी स्रोतों का उपयोग कर डाटा को एआई के हिसाब से पूरी तरह तैयार करने के लिए भी केंद्र और राज्य सरकार के दावों में एकरूपता जरूरी है, ताकि एआई और मशीन लर्निंग टूल्स आसानी से उपयोग कर सरकारी एजेंसियों को सही रिपोर्ट दे सकें। आज होगी इन्वायरमेंटल डाटा की मॉनीटरिंग पर चर्चा केंद्रीय सांख्यिकी सचिव सौरभ गर्ग की मौजूदगी में बुधवार को सस्टेनबुल डेवलपमेंट गोल फ्रेमवर्क, पर्यावरण से जुड़े आंकड़ों और जेंडर से जुड़े डाटा की मॉनीटरिंग सही तरीके से करने पर चर्चा की जाएगी। इन आंकड़ों को सही तरीके से जमा करने, उनका विश्लेषण कर निष्कर्ष निकालने और उसकी सत्यता जानने के लिए देश और दुनिया में चल रहे प्रयोगों के बारे में मंथन किया जाएगा। इस मौके पर बिहार सरकार के योजना एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर सीकर जिले से है। ईरान-अमेरिका, इजराइल युद्ध में सीकर जिले के युवक की मौत हो गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें 1. ईरान-इजराइल युद्ध में राजस्थान के एक और युवक की मौतईरान-अमेरिका, इजराइल युद्ध में राजस्थान के एक और बेटे की मौत हो गई। ओमान में हुए ड्रोन हमले का शिकार सीकर जिले के विक्रम वर्मा (22) हुए हैं। वह खंडेला के अगलोई गांव के रहने वाले थे। पढ़ें पूरी खबर 2. बस और ट्रॉला की भिड़ंत में 5 लोगों की मौतमेगा हाईवे पर प्राइवेट बस और ट्रॉला की आमने-सामने की भिड़ंत में 5 यात्रियों की मौत हो गई। एक दर्जन से अधिक घायल हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर है। हादसा मंगलवार सुबह करीब 7 बजे हनुमानगढ़ में सरदारशहर रोड स्थित बरमसर के पास हुआ। पढ़ें पूरी खबर 3. बांसवाड़ा में SDM- तहसीलदार की गाड़ियों के शीशे फोड़ेबांसवाड़ा के कुशलगढ़ में पुलिस और प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। एसडीएम और तहसीलदार की गाड़ियों के शीशे फोड़ दिए। 4 पुलिसकर्मी और 4 नगर पालिका कर्मचारी भी घायल हो गए। पढ़ें पूरी खबर 4. पूर्व राजपरिवार संपत्ति विवाद पर पद्मजा कुमारी को झटकाउदयपुर के पूर्व राजपरिवार में चल रहे संपत्ति विवाद मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की बहन पद्मजा कुमारी को झटका लगा। उनकी मांग कोर्ट ने खारिज कर दी। पढ़ें पूरी खबर 5. इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी आतंकी से जुड़ा ऑटो ड्राइवरहरियाणा के अंबाला में विस्फोटक के साथ पकड़ा गया अजमेर निवासी अली अकबर उर्फ बाबू पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के सम्पर्क में था। आरोपी अली अकबर इंस्टाग्राम के जरिए उससे जुड़ा था। पढ़ें पूरी खबर अब 3 अहम खबरें 6. परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाकर बना सीनियर टीचरडमी कैंडिडेट बैठाकर टीचर बने आरोपी को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही एक डमी कैंडिडेट को भी पकड़ा है। पढ़ें पूरी खबर 7. रिहायशी इलाके में लेपर्ड ने किया शिकारभरतपुर में लेपर्ड के रिहायशी इलाके में शिकार से दहशत फैल गई है। गाय पर हमला करने के बाद वो कुछ मिनटों तक वहीं बैठा रहा। पढ़ें पूरी खबर 8. गणपत हत्याकांड में खुलासा, ब्लैकमेलिंग के कारण मर्डर,3 गिरफ्तारजालोर के गणपत सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 80 वर्षीय मां ने कहा कि- उन्हें न्याय मिल चुका है। पढ़ें पूरी खबर खबर जो हटकर है 9. कुरजां का ड्रिल मशीन और स्टील के वायर से इलाजजैसलमेर में डॉक्टर्स ने घायल पक्षी कुरजां का इलाज ड्रिल मशीन और वायर से किया है। स्टील के तारों को कुरजां के पैरों में ड्रिल करके पिनें डाली गई ताकि हड्डियों को फिर से जोड़ा जा सके। इलाज जल्दी करना जरूरी था नहीं तो इंफेक्शन फैल सकता था। पढ़ें पूरी खबर कल क्या है खास 10.देवस्थान विभाग के मंदिरों में विशेष आरती होगीराजस्थान दिवस की पूर्व संध्या पर देवस्थान विभाग के मंदिरों में विशेष आरती होगी...जिसमे सीएम और मंत्री शामिल होंगे
अमृतसर में नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने अवैध संपत्ति पर बुल्डोजर चलाया है। अमृतसर के सुभाष कॉलोनी इलाके में नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक गैरकानूनी घर को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में चल रही “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम के तहत की गई। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह संपत्ति मुख्तार सिंह नामक व्यक्ति की थी, जो नशा तस्करी के कई मामलों में पहले से शामिल रहा है। “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम के तहत एक्शन पुलिस के अनुसार, यह अवैध निर्माण नशे के कारोबार से कमाई गई रकम से तैयार किया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के पैसे से बनाई गई किसी भी संपत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। कमिश्नर ने कहा कि पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे नशा तस्करों के खिलाफ जानकारी साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और महत्वपूर्ण जानकारी देने पर 10 लाख रुपय तक का इनाम भी दिया जा सकता है। इस मुहिम के तहत 1 मार्च 2025 से 16 मार्च 2026 तक 1800 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 3300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बड़ी मात्रा में हेरोइन, अफीम, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों के साथ करोड़ों रुपय की नकदी और कई वाहन भी जब्त किए हैं। प्रशासन का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
ईरान- अमेरिका,इजराइल युद्ध में ओमान में हुए एक ड्रोन हमले में राजस्थान के सीकर जिले के विक्रम वर्मा (22) की मौत हो गई। घटना के चार दिन बाद आज विक्रम का शव गांव पहुंचा। मृतक खंडेला के अगलोई गांव का रहने वाला था। इससे पहले 4 मार्च को नागौर जिले के दलीप की मिसाइल अटैक में मौत हो गई। दलीप क्रूड ऑयल कंपनी के शिप पर जॉब करता था। 1 मार्च की सुबह ओमान के एक पोर्ट पर ईरान की मिसाइल उनके जहाज पर गिरी थी। आज, मंगलवार को मृतक का शव गांव पहुंचने पर अंतिम संस्कार किया गया। विक्रम वर्मा पुत्र बनवारी लाल वर्मा 23 फरवरी को मजदूरी के लिए ओमान गया था। वहां एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सड़क बनाने का काम कर रहा था। हमले से पहले विक्रम ने अपनी मां, मामा, मौसी और बहन से ग्रुप वीडियो कॉल किया था। बात करते समय विक्रम ने कहा- अच्छी तरह से हूं, खाना समय पर मिलता है और काम भी अच्छा है। इस दौरान विक्रम ने वहां के हालात पर चिंता जताई थी। मृतक के पिता बनवारी लाल ने बताया - घटना की जानकारी विक्रम की मां के मामा लड़का, जो ओमान में उसी कंपनी में दूसरी जगह काम करता था, ने दी। इसके बाद कंपनी ने ही बाॅडी भिजवाने की व्यवस्था की। मृतक विक्रम के परिवार में मां-पिता और तीन बहनें हैं। एक बहन की शादी चुकी है और दो बहनें विक्रम से छोटी है। विक्रम अपने परिवार का इकलौता सहारा था। वह घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से विदेश गया था।
ईरान संघर्ष को लेकर ट्रंप पर बरसे डेमोक्रेट हकीम जेफ्रीज, बोले- अमेरिका को बेवजह युद्ध में धकेल दिया
अमेरिका में ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव और घरेलू आर्थिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है
ईरान-इजरायल युद्ध का असर अब बड़वानी जिले के कपास व्यापार पर भी दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग प्रभावित होने से आयात-निर्यात की प्रक्रिया में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे व्यापारी वर्ग में चिंता का माहौल है। जिले के स्थानीय कपास व्यापारी और कॉटन एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल तायल ने बताया कि भारत का पूरा कपास व्यापार काफी हद तक आयात और निर्यात पर निर्भर करता है। भारत अपनी जरूरत की लंबे रेशे वाली कपास की गांठें अमेरिका, ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आयात करता है। समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ तो बढ़ेगी परिवहन लागत अध्यक्ष ने बताया कि मौजूदा युद्ध की स्थिति में अमेरिका भी पूरी तरह से इसमें शामिल है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास स्थित महत्वपूर्ण समुद्री जलमार्ग पर भी स्थिति संवेदनशील हो गई है। यदि यह मार्ग प्रभावित होता है, तो जहाजों को अफ्रीका के रास्ते होकर गुजरना पड़ेगा, जिससे परिवहन लागत काफी बढ़ जाएगी और व्यापार महंगा हो जाएगा। युद्ध से कपास व्यापार और निर्यात पर असर बढ़ा उन्होंने आगे बताया कि भारत का अमेरिका के साथ कपास व्यापार काफी बड़ा है। देश अमेरिका से बड़ी मात्रा में कपास आयात करता है और यहां तैयार होने वाले कपड़े व रेडीमेड गारमेंट यूरोप के कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। लेकिन यूरोप के कई देश भी इस युद्ध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। निर्यात रुका तो कपड़ा उद्योग और व्यापार को नुकसान अध्यक्ष के अनुसार, यदि निर्यात प्रभावित होता है, तो बड़वानी जिले सहित अन्य जिलों और प्रदेशों में तैयार माल बाहर नहीं जा पाएगा और बाजार में माल का दबाव बढ़ जाएगा। ऐसी स्थिति में कपड़ा उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है और उद्योग की स्थिति भी चरमरा सकती है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध उद्योग और व्यापार दोनों के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है, क्योंकि एक तरफ जहां आयात प्रभावित होगा, वहीं दूसरी ओर निर्यात भी रुकने की आशंका है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो इसका सीधा असर कपास व्यापार, वस्त्र उद्योग और इससे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका पर पड़ सकता है। व्यापारी बोले- संघर्ष से कपास व्यापार पर संकट व्यापारी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जल्द से जल्द शांति स्थापित होना जरूरी है, ताकि व्यापारिक गतिविधियां सामान्य हो सकें, कपास व्यापार में स्थिरता आए और देश में उद्योग तथा व्यापारी वर्ग बिना किसी बाधा के अपना कारोबार कर सकें हम बता दे कि बड़वानी जिले में कपास का कारोबार बड़े स्तर पर होता है। उन्होंने बताया कि ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण हॉर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही ठप होने से कपास और टेक्सटाइल व्यापार पर गहरा संकट आ गया है। समुद्री मार्ग बंद होने और युद्ध जोखिम बीमा बढ़ने से ढुलाई लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। कच्चे माल के दाम बढ़ने से तैयार कपड़ों की कीमतें 30-35 प्रतिशत बढ़ी हैं और निर्यात लगभग ठप हो गया है।
वैश्विक स्तर पर चल रहे ईरान-अमेरिका युद्ध की तपिश अब ग्वालियर-चंबल संभाग के औद्योगिक क्षेत्रों में भी महसूस की जाने लगी है। मालनपुर, बानमोर, बाराघाटा, गिरवाई व शंकरपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में ऊर्जा संकट और कच्चे माल की आसमान छूती कीमतों के कारण उत्पादन ठप होने की नौबत आ गई है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई इकाइयों में प्रोडक्शन पूरी तरह से बंद होने की कगार पर है। उद्योगपती बोले- परेशानी में साथ नहीं दे रही सरकार गैस कटौती से प्रोडक्शन प्रभावितग्लास प्लांट पूरी तरह नेचुरल गैस पर निर्भर है। गैस सप्लाई घटने से उत्पादन लागत बढ़ गई है और बाजार में प्रतिस्पर्धा मुश्किल हो रही है। -वसुमित्र पांडे, सीईओ, सूर्या रोशनी कच्चे माल की सप्लाई घटी प्लास्टिक दाना अरब देशों से आता है। अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है और उत्पादन 15–20% कम करना पड़ा।-दिलीप करवा, कॉमर्शियल डीजीएम, सुप्रीम इंडस्ट्रीज रबर यूनिट बंद करनी पड़ीगैस सप्लाई बंद होने से रबर उत्पाद बनाने वाली यूनिट सात दिन से बंद है, कर्मचारियों को खाली बैठाकर वेतन देना पड़ रहा है।-राजेंद्र अग्रवाल, संचालक, श्रीराम दूत इंडस्ट्रीज प्रोडक्शन 70% तक घटाकच्चे माल की कमी और कीमत बढ़ने से प्लास्टिक जार व फिटिंग उत्पादों का उत्पादन 70% तक घटाना पड़ा। -राजू पंडित, संचालक, थ्रीबी इंटरप्राइजेज अंचल की करीब 200 इकाइयों का प्रोडक्शन प्रभावित गिरवाई, मालनपुर, महाराजपुरा समेत अन्य क्षेत्रों में बनी 60 से अधिक टॉफी इंडस्ट्रीज का प्रोडक्शन 50% से भी कम रह गया है। वहीं मिठाई, नमकीन, आईस्क्रीम सहित करीब 200 इकाइयां अपनी क्षमता के अनुसार प्रोडक्शन नहीं कर पा रही हैं।- डॉ. प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष, चेंबर ऑफ कॉ़मर्स एंड इंडस्ट्रीज बानमोर: पैकेजिंग और कैप प्लांट हुए बंद बानमोर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुदीप प्रकाश शर्मा ने बताया कि सिलेंडर और कच्चे माल के संकट ने प्रोडक्शन पर असर किया है। एल्युमिनियम शीट पर प्रिंटिंग न हो पाने के कारण उनका कैप प्लांट लगभग बंद हो चुका है। बानमोर में करीब 5 पानी की टंकी और पाइप बनाने वाली कंपनियों का उत्पादन महज 50 रह गया है। मालनपुर: पीएनजी में सबसे ज्यादा एमपी में वैट मालनपुर एसो. अध्यक्ष मुकुल चतुर्वेदी ने बताया कि मप्र में पीएनजी पर 14% वैट है, जबकि अन्य राज्यों में औसतन 5% ही है। इस संकट की घड़ी में इसे कम करना चाहिए। शंकरपुर:70%गिरा उत्पादन शंकरपुर इंडस्ट्रीज एसो. के अध्यक्ष राजेंद्र तलूजा ने बताया कि तेल की कट्टी, बेकरी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स बनाने वाली इकाइयां 7 प्रमुख फैक्ट्रियों में उत्पादन 70% तक गिर चुका है।
मुजफ्फरपुर जिले के तुर्की थाना क्षेत्र में रविवार देर शाम एक सड़क हादसे में लगभग 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। तुर्की ओवरब्रिज के समीप श्मशान घाट के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुर्की थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) मुजफ्फरपुर भेज दिया। तुर्की थाना के एएसआई बबलू कुमार ने घटना की पुष्टि की। एएसआई बबलू कुमार ने बताया कि अज्ञात वाहन की टक्कर से व्यक्ति की मौत हुई है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
हमारी सनातन संस्कृति अजर अमर अविनाशी है जिसे कोई मिटा नहीं सकता। हमें इस संस्कृति पर और सनातनी होने पर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए। हमें आध्यात्मिकता से जुड़कर ही इसकी रक्षा कर सकते हैं। सनातन संस्कृति केवल परम्पराओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है। जिसकी जड़ें आध्यात्मिकता में गहराई से समाई हुई हैं। आध्यात्मिकता के माध्यम से ही सनातन संस्कृति की रक्षा, पुनर्स्थापना ओर प्रसार संभव है। वक्ताओं ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के भीलवाड़ा पथिक नगर केन्द्र के तत्वावधान में आयोजित साधु संत महासम्मेलन में अपने विचार रखे। वक्ताओं ने सनातन के लिए अपने विचार रखते हुए कहा कि युद्ध के दौरान में मानवता चौराहे पर रो रही है। हमें एकजुट रहना होगा। संत वही है जो मान-अपमान में भी एक जैसा ही रहे। सनातन से पावन कुछ नहीं सम्मेलन में ऋषिकुल धाम जोधपुर के आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. शिव स्वरूपानंद महाराज ने कहा कि हमारे महापुरुषों ने सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए जीवन समर्पित कर दिया। सनातन संस्कृति जनमानस के हृदय में समाई हुई है। वेद सनातन संस्कृति के मुख्य ग्रंथ है और विश्व में सब कुछ वही है जो वेदों में बताया गया है। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति को जानने पर ही आध्यात्मिकता सनातन की रक्षा कर पाएगी। जब तक देश में भगवाधारी संत है सनातन संस्कृति को कोई मिटा नहीं सकता। जीवन में सनातन आ गया तो आत्मा का दिव्य प्रकाश भी आएगा जिससे पवित्र व पावन कुछ नहीं है। बोले- एकजुट होकर रहना होगा सम्मेलन में हरिशेवा धाम भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी हंसाराम उदासीन ने ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा सनातन पर कार्यक्रम आयोजित करने पर खुशी जताते हुए कहा- ये संस्था भी सनातन की ही शाखा है। सनातन सबके सुख की कामना करता है। सुख चाहते है तो सेवा और सिमरन करना होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी सनातन सभ्यता के अंश हैं और सनातन से प्राचीन कुछ भी नहीं है। इस सृष्टि की रचना हमारे ईश्वर ने की है। राम शब्द सनातन सभ्यता और संस्कृति से जोड़ने वाला है। सनातन अजर अमर होने के साथ कोई इसको मिटा नहीं सकता। जिसने इसे मिटाने का प्रयास किया वह समाप्त हो गया। सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए सनातनियों को एकजुट रहना होगा। मान-अपमान में सम भाव में रहने वाला ही संत सहारनपुर से आचार्य महामंडलेश्वर कमल किशोर महाराज ने दंडवत प्रणाम से उद्बोधन प्रारंभ करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति दंडवत कराना सिखाती है। ओम शांति मंत्रों के उच्चारण से सृष्टि में शांति आ सकती है। उन्होंने कहा कि मान-अपमान, यश-अपयश में सम भाव में रहने वाला ही संत होता है। अपने भीतर प्रेम का उदय होने पर क्रोध स्वतः चला जाता है। आत्मा और शरीर एक दूसरे के बिना अधूरे है। जीवन में ज्ञान योग श्रेष्ठ है। परमात्मा को प्राप्त करना चाहते है तो उस पर पूर्ण विश्वास भी रखना होगा। युद्ध के इस दौर में मानवता चौराहे पर रो रही ब्रह्माकुमारी प्रयागराज की प्रभारी एवं संस्था की धार्मिक प्रभाग अध्यक्ष राजयोगिनी ब्रह्मकुमारीज मनोरमा दीदी ने सनातन संस्कृति को अविनाशी बताते हुए कहा- महन्त,पंडित, पुजारी इसके बहुत बड़े स्तम्भ हैं। हमें आत्मा के नैसर्गिंक गुणों को जानना होगा। आत्मा प्रेम आनंद व कल्याण स्वरूप है। थोड़ा है थोड़े की जरूरत सिद्धांत आध्यात्मिकता से विमुख कर रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध के इस दौर में मानवता चौराहे पर रो रही है और चारित्रिक संकट आ रहा है। चाहे कुछ न करो पर मन ओर परमात्मा की आवाज अवश्य सुनने का प्रयास करें। राजयोगी युगलों का सम्मान एवं राजयोग की कराई अनुभूति समारोह में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय धार्मिक प्रभाग के मध्यप्रदेश जोनल समन्वयक नारायण भाई ने सम्मेलन के विषय से परिचय कराते हुए कहा कि संत महात्माओं के बिना सनातन संस्कृति नहीं रह सकती है। आध्यात्मिक व दिव्य ज्ञान से ही सनातन संस्कृति की रक्षा हो सकती है। प्रयागराज से आई बीके श्रद्धा दीदी ने सम्मेलन में राजयोग की अनुभूति कराते हुए इसके माध्यम से सुखी एवं तनाव रहित जीवन के बारे में बताया। इनका मिला सानिध्य महासम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में ऋषिकुल धाम जोधपुर के आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. शिव स्वरूपानंद महाराज,सहारनपुर से आचार्य महामंडलेश्वर कमलकिशोर महाराज, हरिशेवाधाम भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी हंसाराम उदासीन, ब्रह्माकुमारी प्रयागराज की धार्मिक प्रभाग अध्यक्ष राजयोगिनी ब्रह्माकुमारीज मनोरमा दीदी एवं ब्रह्माकुमारीज माउंट आबू के धार्मिक प्रभाग मुख्यालय संयोजक ब्रह्माकुमार रामनाथ भाई का सानिध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
देश में एलपीजी आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के प्रयासों के बीच हरियाणा के फतेहाबाद जिले के दो युवकों का भी अहम योगदान सामने आया है। जिले के गांव कुम्हारिया और सरवरपुर के दो युवक मर्चेंट नेवी में अधिकारी के रूप में तैनात हैं। ये दोनों उन जहाजों पर तैनात हैं, जो ईरान से एलपीजी गैस लेकर भारत की ओर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, युद्ध प्रभावित होर्मुज मार्ग से भारतीय ध्वज वाले दो जहाज शिवालिक और नंदा देवी शनिवार सुबह सुरक्षित गुजर गए। इन जहाजों में कुल 92 हजार 700 टन एलपीजी लदी हुई है। दोनों जहाज अब गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं और इनके 16–17 मार्च तक भारत पहुंचने की संभावना है। शिवालिक पर तैनात अनिल भांभू गांव कुम्हारिया के कृष्ण गोदारा मर्चेंट नेवी में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और वे गैस लेकर भारत आ रहे जहाज नंदा देवी पर तैनात हैं। वहीं, गांव सरवरपुर के अनिल भांबू भी मर्चेंट नेवी में अधिकारी हैं और शिवालिक जहाज पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 24 भारतीय जहाज फंस गए थे बताया जा रहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज मार्ग के पश्चिमी किनारे पर 24 भारतीय जहाज फंस गए थे। इनमें से दो जहाज अब सुरक्षित निकल कर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं, जबकि फारस की खाड़ी में अभी भी 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज कतार में हैं, जिन पर 611 नाविक सवार हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय ध्वज वाले चार अन्य जहाज होर्मुज के पूर्वी हिस्से में भी फंसे हुए बताए गए हैं। फतेहाबाद जिले के इन दोनों युवकों ने अपने सफर को परिवार से भी साझा किया है। 25 फरवरी को गैस लेने गए थे कतर गांव कुम्हारिया के कृष्ण कुमार मर्चेंट नेवी में मुख्य अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि गांव सरवपुर के अनिल सेकेंड अधिकारी तैनात हैं। इनके परिवार के अनुसार, दोनों अधिकारी जहाज लेकर पिछले महीने 25 फरवरी को कतर में एलपीजी गैस लेने के लिए गए थे, लेकिन इस बीच युद्व शुरू होने के चलते फंस गए थे। 8 साल पहले भर्ती हुए थे अनिल मर्चेंट नेवी में सेकेंड ऑफिसर अनिल भांभू के भाई सुनील के अनुसार, उनके भाई अनिल की उम्र इस समय 30 साल है। करीब आठ साले वह पहले मर्चेट नेवी में भर्ती हुआ था। शुरू से ही नेवी में जाने का उसको जुनून था। परिवार में पिता कृष्ण कुमार, माता सुशीला, भाभी उषा, भतीजा कुशांत है। जो लगातार उसके सुरक्षित पहुंचने की दुआ कर रहे हैं। वाट्सएप कॉल से परिवार कर रहा बातचीत अनिल के भाई सुनील ने बताया कि परिवार को शुरू में चिंता हुई थी, लेकिन अब गर्व महसूस कर रहे हैं कि बेटा देश के लिए काम कर रहा है। वाट्सएप कॉल के जरिए अनिल से परिवार के लोग संपर्क कर रहे हैं। उससे लगातार कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सोमवार शाम तक जहाज अपनी तय जगह पर पहुंच जाएंगे। परिवार के अनुसार, अनिल ने बातचीत में बताया है कि जहाज के सुरक्षित पहुंचने में भारत सरकार और भारतीय नेवी, शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया का काफी योगदान रहा है।
हिंदू नववर्ष संवत 2083 का प्रवेश 19 मार्च 2026 को हो रहा है, लेकिन उदया तिथि में प्रतिपदा के क्षय होने के कारण नवसंवत्सर का आरंभ 20 मार्च, शुक्रवार से माना जाएगा। इस वर्ष का नाम रौद्र संवत्सर रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम के अनुसार वैशाख कृष्ण नवमी, 11 अप्रैल 2026 से दुर्मति नामक उपसंवत्सर प्रारंभ होगा, हालांकि संकल्प आदि में पूरे वर्ष रौद्र संवत्सर का ही प्रयोग किया जाएगा। वर्ष के ग्रह पदाधिकारी और उनके प्रभाव संवत 2083 के लिए ज्योतिषीय गणना के अनुसार वर्ष के दस पदाधिकारी निर्धारित किए गए हैं। इनमें राजा गुरु, मंत्री भौम (मंगल), सस्येश शुक्र, दुर्गेश चंद्र, धनेश गुरु, रसेश रवि, धान्येश बुध, नीरसेश गुरु तथा फलेश और मेघेश चंद्र हैं। इस प्रकार राजा गुरु के पास दो अतिरिक्त विभागों का स्वामित्व रहेगा, जबकि चंद्रमा को तीन विभागों की जिम्मेदारी मिलेगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन ग्रह स्थितियों का असर देश-दुनिया की आर्थिक, सामाजिक और प्राकृतिक परिस्थितियों पर दिखाई दे सकता है। युद्ध, आगजनी और वैश्विक तनाव की आशंका ज्योतिषीय गणना के अनुसार वर्ष की शुरुआत में चतुर्ग्रही योग का प्रभाव रहेगा और मंगल-राहु का अंगारक योग आगजनी, विस्फोट और युद्ध जैसी स्थितियों के संकेत देता है। कई देशों में राजनीतिक असंतोष और राष्ट्राध्यक्षों के खिलाफ रोष बढ़ सकता है। मंगल-शनि की युति तापमान में वृद्धि और वर्ष के अंत तक महंगाई बढ़ने के संकेत दे रही है। वहीं सूर्य-शनि के षडाष्टक योग के कारण वाहन, रेल और हवाई दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई गई है। प्राकृतिक आपदा और महामारी की संभावना ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस वर्ष आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। कुछ देशों में महामारी जैसे हालात बनने की संभावना भी ग्रह संकेत दे रहे हैं। चौपायों में रोग फैलने और पेयजल की कमी जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। श्रावण मास में पांच गुरुवार पड़ने से पश्चिमी देशों में तनाव बढ़ने की संभावना जताई गई है, जबकि भारत के मध्य भाग में जनआंदोलन से अशांति की स्थिति बन सकती है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर संभावित असर ग्रह स्थिति के अनुसार पाकिस्तान की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति कमजोर होने के संकेत बताए गए हैं। वहीं तुर्की और चीन जैसे देशों के लिए भी यह वर्ष चुनौतीपूर्ण रह सकता है। अमेरिका में आंतरिक असंतोष और विद्रोह की आशंका जताई गई है, जबकि रूस और ईरान जैसे देशों के साथ भारत के व्यापारिक संबंध मजबूत होने के संकेत बताए गए हैं। चीन और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के समाधान में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। रुद्र बीसी का 14वां वर्ष बताया गया ज्योतिषाचार्य के अनुसार संवत 2083 तथाकथित रुद्र बीसी का 14वां वर्ष माना गया है। भृगु संहिता के आधार पर ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र बीसी को 20-20 वर्षों के कालखंड में बांटा गया है। रुद्र बीसी की अवधि वर्ष 2012 से शुरू होकर 2032 तक मानी जा रही है। इस अवधि को प्राकृतिक प्रकोप, सामाजिक अस्थिरता और युद्ध जैसी घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है। आने वाले वर्षों को लेकर चेतावनी ज्योतिषाचार्य पं. गौतम के अनुसार रुद्र बीसी के शेष वर्षों में भी विश्व स्तर पर युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं और नई बीमारियों की आशंका बनी रह सकती है। भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में भूकंप जैसी घटनाओं का खतरा बताया गया है। उनका कहना है कि इन भविष्यवाणियों का उद्देश्य भय पैदा करना नहीं, बल्कि समाज को संभावित परिस्थितियों के प्रति सचेत करना है।
इजराइल-ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच एलपीजी गैस की किल्लत का असर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी दिखाई देने लगा है। घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण लोग अब इंडक्शन चूल्हा, लकड़ी-कोयला और डीजल भट्टी जैसे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। बाजार में इनकी मांग बढ़ने से कीमतें भी तेजी से बढ़ गई हैं। बाजार में पहले 1100 रुपए में मिलने वाला इंडक्शन अब करीब 2500 रुपए में मिल रहा है। वहीं 2500 रुपए की डीजल भट्टी अब 5 से 8 हजार रुपए तक में बिक रही है। ईंधन खर्च बढ़ने के कारण कई होटल संचालकों ने खाने के दाम भी बढ़ा दिए हैं। बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग 15 से 20% बढ़ी ग्वालियर के बाजारों में इंडक्शन चूल्हों की मांग 15 से 20% तक बढ़ गई है। इलेक्ट्रॉनिक शोरूम पर सीमित स्टॉक भी खत्म होने लगा है। शोरूम संचालकों ने कंपनियों को नए ऑर्डर देना शुरू कर दिया है। बाजार में 2500 से 5000 रुपए तक के इंडक्शन उपलब्ध हैं। लोग प्रेस्टीज, फिलिप्स, हैवेल्स, बजाज, पिजन, ऊषा और क्रॉम्पटन जैसी कंपनियों के इंडक्शन अधिक खरीद रहे हैं। डीजल भट्टी की मांग बढ़ी, कीमत 5 से 10 हजार तक एलपीजी की कमी के कारण डीजल भट्टी की मांग भी बढ़ी है। पहले बाजार में इसकी कीमत 3 से 7 हजार रुपए थी, जो अब 5 से 10 हजार रुपए तक पहुंच गई है। कई कारीगरों ने बर्तन बनाने का काम छोड़कर डीजल भट्टी बनाना शुरू कर दिया है। डीजल भट्टी बनाने वाले दुकानदार आजाद खान ने बताया कि पहले इसकी मांग कम थी, लेकिन एलपीजी की किल्लत के कारण अचानक मांग बढ़ गई है। लकड़ी और कोयले के दामों में बढ़ोतरी लकड़ी और कोयला बेचने वाली दुकानों पर भी मांग बढ़ गई है। पहले लकड़ी 7 रुपए प्रति किलो और कोयला 15 से 20 रुपए प्रति किलो बिकता था। अब लकड़ी की कीमत 10 रुपए प्रति किलो और कोयला 25 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। बाजार में लकड़ी की कमी के कारण कुछ ढाबा और होटल संचालकों ने अपना कारोबार भी बंद कर दिया है। एलपीजी की कमी से बिजली खपत में 20% तक बढ़ोतरी एलपीजी की किल्लत के कारण लोग घरों में इंडक्शन चूल्हे का उपयोग कर रहे हैं। इससे शहर में बिजली खपत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिजली खपत में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। दुकानदार बोले- इंडक्शन का स्टॉक खत्म होने लगा मधु इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के संचालक अमित महेश्वरी ने बताया कि एलपीजी की कमी के कारण लोग इमरजेंसी के लिए इंडक्शन खरीद रहे हैं। अचानक मांग बढ़ने से कंपनियों के पास रखा हुआ स्टॉक भी खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर इंडक्शन की बिक्री नवंबर-दिसंबर में ज्यादा होती है, इसलिए कंपनियां उसी आधार पर उत्पादन करती हैं। अचानक मांग बढ़ने से बाजार में रॉ मटेरियल की कमी भी सामने आ रही है। ठेले वाले ने बताया- 900 का सिलेंडर 1500 में मिल रहा पानी की टिक्की बेचने वाले सोनू सिंह कुशवाहा ने बताया कि पहले वह एलपीजी सिलेंडर पर टिक्की बनाते थे, लेकिन अब गैस नहीं मिलने के कारण लकड़ी की भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले 900 रुपए का सिलेंडर मिलता था, लेकिन अब अगर मिल भी रहा है तो 1500 रुपए तक में मिल रहा है। हालात ऐसे ही रहे तो टिक्की के दाम भी बढ़ाने पड़ सकते हैं। ढाबों पर खाने की कीमतें बढ़ीं एलपीजी और अन्य ईंधन महंगे होने से शहर के होटल और ढाबों पर खाने की कीमतें बढ़ गई हैं। पहले 100 रुपए प्रति प्लेट मिलने वाली दाल फ्राई अब 125 रुपए की हो गई है। तंदूरी रोटी की कीमत 5 रुपए से बढ़कर 7 से 8 रुपए प्रति नग हो गई है। पुलाव, मिक्स वेज और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम भी 5 से 10 रुपए तक बढ़ाए गए हैं। इसके कारण ढाबों पर ग्राहकों की संख्या में भी कमी देखी जा रही है।
लुधियाना की सड़कें रविवार सुबह एक ऐतिहासिक जोश की गवाह बनीं। रन फॉर ह्यूमैनिटी मैराथन में शहरवासियों ने साबित कर दिया कि जब बात इंसानियत की हो तो लुधियाना का दिल सबसे बड़ा है। इस दौड़ का दोहरा मकसद था, संसाधनों के अभाव में शिक्षा से दूर बच्चों की मदद करना और दुनियाभर में फैल रही जंग की आग के बीच शांति का पैगाम देना। मैराथन की शुरुआत घुमार मंडी से हुई और फाउंटेन चौक पर जाकर संपन्न हुई। सुबह 5 बजे ही लोग जुटना शुरू हो गए थे। देखते ही देखते पूरा रूट जोश से भरे लोगों से भर गया। इस दौड़ में केवल युवा ही नहीं बल्कि नन्हें बच्चों से लेकर 70 साल के बुजुर्गों तक ने हिस्सा लेकर यह साबित किया कि सेवा की कोई उम्र नहीं होती। वैश्विक तनाव के बीच शांति की पुकार मैराथन के दौरान लोगों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय दुनिया के मौजूदा हालात भी रहे। आयोजकों और दौड़ने वाले लोगों ने विशेष रूप से ईरान और इराक के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों पर चिंता व्यक्त की। कहा कि, जब दुनिया के एक हिस्से में युद्ध की लपटें उठ रही हों तब दूसरे हिस्से से शांति और इंसानियत की आवाज बुलंद करना और भी जरूरी हो जाता है। लुधियाना की यह दौड़ उन निर्दोष लोगों के साथ एकजुटता दिखाने का भी एक जरिया है जो युद्ध की मार झेल रहे हैं। सिर्फ दौड़ नहीं, एक उम्मीद है यह कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह केवल शारीरिक तंदुरुस्ती के लिए की गई दौड़ नहीं थी। उन्होंने कहा कि जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद दूसरों के लिए जीना है। आज लुधियाना की सड़कों पर वही संदेश फैलाया गया है। यह मैराथन उन बच्चों के लिए एक उम्मीद की किरण है जिनके हाथों में किताबों की जगह मजबूरी है। हर व्यक्ति का एक कदम किसी बच्चे का भविष्य बदलने की ताकत रखता है। टीम 1699 और दसवंत फाउंडेशन की अनूठी पहल जसदेव सिंह सेखों ने जानकारी देते हुए बताया कि 'टीम 1699' और 'दसवंत फाउंडेशन' की इस साझी पहल का असली लक्ष्य इंसानियत को हर सरहद और विवाद से ऊपर रखना था। उन्होंने कहा लुधियाना हमेशा से सेवा और भाईचारे में अग्रणी रहा है। दौड़ना तो एक बहाना था असली मकसद लोगों को एक मंच पर लाना था ताकि हम समाज और दुनिया को एक बेहतर कल की दिशा में ले जा सकें।
झज्जर। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालातों का असर अब हरियाणा के औद्योगिक शहर बहादुरगढ़ के उद्योगों पर भी दिखने लगा है। कच्चे माल की सप्लाई घटने और कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण यहां की फुटवियर इंडस्ट्री संकट में आ गई है। उद्योगपतियों के अनुसार कई इकाइयों में उत्पादन करीब 40 प्रतिशत तक घट गया है, जबकि बढ़ती लागत के कारण जूते-चप्पलों के दाम भी 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने पड़े हैं। बहादुरगढ़ फुटवियर एसोसिएशन की बैठक में उद्योगपतियों ने जूते-चप्पलों के दाम बढ़ाने पर सहमति जताई है। एसोसिएशन के महासचिव सुभाष जग्गा ने बताया कि जूता उद्योग में इस्तेमाल होने वाला पीयू, ईवीए और रेग्जिन जैसे कच्चे माल का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगवाया जाता है। युद्ध जैसे हालातों के कारण इनकी सप्लाई कम हो गई है और स्टॉकिस्टों ने कच्चे माल के दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। कच्चा माल महंगा होने से घटाना पड़ा उत्पादन उन्होंने बताया कि कच्चे माल की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण उद्योगों को मजबूरी में उत्पादन घटाना पड़ रहा है। साथ ही जूते-चप्पलों की कीमतों में भी 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करनी पड़ी है। सुभाष जग्गा के अनुसार जूता उद्योग पहले ही एमएसएमई सेक्टर में 45 दिन में भुगतान की बाध्यता के कारण दबाव में था और अब अंतरराष्ट्रीय हालातों ने उद्योग की स्थिति और कमजोर कर दी है। 1500 से ज्यादा इकाइयों में 30 हजार करोड़ का उत्पादन बहादुरगढ़ देश के प्रमुख फुटवियर हब में से एक माना जाता है। यहां 1500 से अधिक जूता निर्माण और उससे जुड़ी इकाइयां काम कर रही हैं। इन इकाइयों में सालाना करीब 30 हजार करोड़ रुपये का उत्पादन होता है, जबकि लगभग 700 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट किया जाता है। जूते-चप्पल बनाने के लिए करीब 5 हजार करोड़ रुपये का कच्चा माल विदेशों से मंगवाया जाता है, जिस पर मौजूदा हालातों का सीधा असर पड़ा है। कैमिकल इंडस्ट्री पर भी पड़ा असर युद्ध जैसे हालातों का असर केवल फुटवियर इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है। बहादुरगढ़ की कैमिकल इंडस्ट्री भी इससे प्रभावित हो रही है। सार ग्लोबल के डायरेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि रिफाइनरी से मिलने वाला पेट्रो-केमिकल आधारित कच्चा माल और सॉल्वेंट की सप्लाई लगभग बंद हो गई है। इसके अलावा फैक्ट्रियों में गैस की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। सिर्फ 60% रह गया उत्पादन, शटडाउन का खतरा राजेश कुमार के अनुसार इन हालातों के कारण कई फैक्ट्रियों में उत्पादन करीब 60 प्रतिशत तक सिमट गया है। अगर जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो कई उद्योगों के सामने फैक्ट्री बंद करने की स्थिति भी पैदा हो सकती है। महंगाई बढ़ने की भी आशंका उद्योगपतियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण गैस और कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसके चलते उपभोक्ता वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ने लगे हैं और आने वाले समय में महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध की निंदा
अमृतसर| फोकलोर रिसर्च एकेडमी अमृतसर ने इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते विनाशकारी युद्ध की कड़े शब्दों में निंदा की है। एकेडमी के अध्यक्ष रमेश यादव ने कहा कि इस युद्ध ने न केवल संबंधित देशों, बल्कि पूरी दुनिया के लिए संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने बताया कि इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों सहित स्कूलों और नागरिक ठिकानों पर किए गए हमलों से भारी तबाही मची है। विशेष रूप से दक्षिणी ईरान के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में 180 मासूम लड़कियों की मौत पर दुख व्यक्त किया। ईरान के जवाबी हमलों से इजरायल को भी बड़ा नुकसान हुआ है। एकेडमी ने चिंता जताई कि युद्ध से तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है और लाखों निर्दोष फंस गए हैं।
लीजा रे ने दुबई से शेयर की दर्दभरी कविता, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जताई चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। हर तरफ धमाकों और सायरन का शोर सुनाई दे रहा है। एक्ट्रेस लीजा रे भी इन हालातों के बीच दुंबई में अपने घर ...
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती
मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में ...
1914 के विश्व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता
इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि वक्त का पहिया घूमकर वापस आता है, लेकिन क्या तारीखें भी खुद को दोहराती हैं? सोशल मीडिया पर यह खबर बहुत वायरल हो रही है और ज्योतिषियों के बीच एक चौंकाने वाली समानता चर्चा का विषय बनी हुई है। गणितीय गणना बताती है कि वर्ष ...
Middle East war के कारण खड़ी तेल समस्या मे भारत बना आशा का किरण; जाने क्यों अमेरिका ने जताया आभार ?
डोनाल्ड ट्रम्प ने टेक्सास में $300 अरब की नई रिफाइनरी का ऐलान किया। भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज के भारी निवेश के साथ अमेरिका 50 साल बाद रचेगा नया ऊर्जा इतिहास।
ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर एक मार्मिक और भीतर तक झकझोरने वाली तस्वीर छापी है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
कब छ्टेंगे युद्ध के बादल, क्या 'अंगारक योग' है कारण?
Attack on Iran: आज समूचा जगत तृतीय विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ा है। अमेरिका-इजराइल के गठजोड़ द्वारा ईरान पर सामरिक हमला किए जाने से विश्वयुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। संसार के देश खेमेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। आज आम जनमानस के मन में एक ही यक्ष ...
क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर
खग्रास चंद्र ग्रहण और ग्रह गोचर से जुड़े संकेतों पर चर्चा तेज है। क्या इसका असर भारत पर भी युद्ध जैसे हालात बना सकता है? जानिए ज्योतिषीय विश्लेषण और संभावित संकेत।
भविष्यवाणी: ईरान-इजराइल युद्ध बनेगा विश्वयुद्ध की शुरुआत? भारत बनेगा महाशक्ति
जैसा कि ज्योतिषियों ने आशंक जताई थी कि मंगल के कुंभ में जाने से राहु के साथ जब उसकी युति बनेगी तो 'अंगारक योग' का निर्माण होगा जो आग और विस्फोट को जन्म देता है। इसी के साथ ही सूर्य और चंद्र ग्रहण के बीच कम अंतराल होने के कारण फिर से देश और युनिया ...
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

