राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट–1 में आपने पढ़ा था कि जालोर में 4 जुलाई 2007 की सुबह एक व्यक्ति अपने घर लौटा तब उसका पूरा परिवार (पत्नी, दो बेटे और बेटी) लहूलुहान हालत में बेसुध पड़े थे। वह 3 जुलाई को अपने पैतृक गांव गया था। 4 जुलाई की सुबह लौटा तो घर में यह हालत देखकर उसके होश उड़ गए। आस-पड़ोस में पता चला तो सभी घर में इकट्ठे हुए। पुलिस भी मौके पर पहुंची। घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया। इस दौरान व्यक्ति के एक बेटे की मौत हो गई। उसका शव जालोर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। व्यक्ति को समझ नहीं आ रहा था कि उसके परिवार की यह हालत किसने कर दी। घर में कोई लूट या चोरी जैसे भी हालात नहीं लग रहे थे। वह कुछ समझ पाता तब तक हॉस्पिटल में उसकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया था। बेटे और बेटी की जान बचाने के लिए दोनों को पहले जोधपुर में, फिर जयपुर एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। जयपुर में इलाज के दौरान बेटे की हालत में सुधार हुआ और वह बयान देने की स्थिति में आया। 9 जुलाई को बेटे ने बताया कि घटना की रात उनका पारिवारिक परिचित घर पर आया था। सभी ने साथ में खाना खाया। बारिश बंद होने के बाद वह बाहर गया। वापस लौटा तब वह रबड़ी कुल्फी के चार पैकेट लाया था। इसे सभी ने खाया। उसके बाद बेहोशी छाने लगी। हल्का होश आया तो देखा कि परिचित उसकी बहन पर कुल्हाड़ी से वार कर रहा था। उसने रोकने की कोशिश की तो उस पर भी वार कर दिया। इस बयान के बाद पुलिस ने परिचित को जालोर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में वह वारदात से इनकार करता रहा। जयपुर हॉस्पिटल में बेटी की हालत में सुधार हो रहा था। वह भी बयान देने की स्थिति में आई। मजिस्ट्रेट के सामने 12 जुलाई को बेटी ने अपने बयान दिए। बेटी के बयान के बाद स्थिति साफ हुई कि 3 जुलाई की रात को पूरे परिवार पर जो हमला हुआ आखिर उसका कारण क्या था। बेटी का बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय त्रिपाठी ने दर्ज किया। बेटी ने बताया कि 3 जुलाई की रात को परिचित घर पर आया। वह भीगा हुआ था। उसने रात घर पर ही रुकने की इच्छा जताई तो मां ने हां कर दी। बेटी ने बताया कि परिचित से पारिवारिक रिश्ते थे। वह उसे भाई मानती थी। रात को कुल्फी खाकर सभी बेहोश हो गए। उसे भी जब बेहोशी छाने लगी तो परिचित ने उसे कहा कि वह उससे बहुत प्यार करता है। वह उसे शादी के लिए हां कर दे तो वह अपनी पत्नी को छोड़ कर उससे शादी करने को तैयार है। बेटी ने कहा कि वह उसे भाई मानती है। इस पर वह गुस्से में आ गया। उसने कहा कि वह हां बोले नहीं तो वह उसके परिवार काे खत्म कर देगा। वह बार-बार न बोलती रही तो वह कुल्हाड़ी लाया और उससे उसकी मां पर हमला किया। एक भाई की गर्दन और दूसरे भाई के पैर पर वार किए। बेटी की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर वहां से भाग गया। बहन-भाई के बयान के बाद हत्या का राज खुला, लेकिन 24 जुलाई को भाई व 27 जुलाई को बहन की जयपुर हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। पुलिस परिचित को गिरफ्तार कर चुकी थी। उसकी निशानदेही पर कुल्हाड़ी भी बरामद की। पोस्टमाॅर्टम की रिपोर्ट में बॉडी में जहर की भी पुष्टि हुई थी। मामला जालोर के फास्ट ट्रैक कोर्ट में चला। 28 सितंबर 2010 को दोषी युवक को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। इस आरोप के खिलाफ उसकी ओर से उसके वकील ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसकी सुनवाई के बाद 4 मई 2011 को मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदला गया। कुल्फी खिलाकर कुल्हाड़ी से पूरे परिवार को काट डाला:पत्नी-बच्चों को लहूलुहान देखकर होश उड़े, देर रात परिचित आया था घर में; पार्ट-1
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर भीषण हमला करकेयूक्रेनको घुप अंधेरे में डुबो देने का आरोप लगाया है.
राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से यौन अपराध (पॉक्सो) के एक मामले को रद्द करते हुए केन्द्र सरकार को पॉक्सो कानून में रोमियो-जूलियट (सहमति वाले रिश्ते पॉक्सो से अलग) का प्रावधान जोड़ने का सुझाव दिया है। जस्टिस अनिल उपमन की अदालत ने यह आदेश 19 साल के युवक की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। कोर्ट ने कहा- देशभर में पॉक्सो के तहत दर्ज मामलों का एक बड़ा हिस्सा रोमियो-जूलियट प्रकृति का है। जहां किशोर-किशोरी (नाबालिग) अथवा किशोर-युवा (नाबालिक और बालिग) आपसी सहमति से संबंध में होते हैं। लेकिन उम्र के तकनीकी अंतर और सामाजिक-पारिवारिक असहमति के चलते पूरा मामला गंभीर आपराधिक मुकदमे में बदल दिया जाता है। 12 जनवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने कहा- मौजूदा कानूनी ढांचा यौन शोषण और सहमति से बने किशोर संबंधों के बीच फर्क करने में नाकाम रहता है। पॉक्सो में आपसी सहमति को महत्व नहीं कोर्ट ने कहा कि हम उन आकड़ों को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं, जो पॉक्सो कानून लागू होने के बाद सामने आए हैं। इसमें एक बड़ा प्रतिशत उन स्थितियों से जुड़ा है, जहां 16 से 18 साल की उम्र के बीच किशोर और युवा एक कमिटेड रिलेशनशिप में हैं। इस तरह के मामले साल 2012 से पहले अपराध की श्रेणी में नहीं आते थे। लेकिन पॉक्सो कानून लागू होने के बाद अब लड़की की सहमति की परवाह किए बिना इन्हें एक दंडनीय अपराध मान लिया जाता है। पुलिस-ट्रायल कोर्ट ने मशीनरी काम किया अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में एक 19 साल के युवा के खिलाफ 17 साल की किशोरी का अपहरण करके उसके साथ यौन शोषण करने का मामला पॉक्सो कानून के तहत दर्ज किया गया। लेकिन यहां पुलिस और ट्रायल कोर्ट ने एक मशीनरी की तरह काम किया। जबकि किशोरी पुलिस और ट्रायल के कोर्ट को दिए बयानों में साफ कह रही है कि वह अपनी मर्जी से अपने घर से गई थी। युवक ने उसके साथ कोई जबरदस्ती नहीं की। न ही दोनों के बीच कोई संबंध सहमति अथवा जबरन बना। वहीं, मेडिकल रिपोर्ट में भी यौन शोषण की पुष्टि नहीं हुई। लेकिन उसके बाद भी पुलिस ने अपहण और रेप की धाराओं में चालान पेश किया। वहीं, ट्रायल कोर्ट ने युवक पर चार्ज भी फ्रेम कर दिए। कोर्ट आंखे नहीं मूंद सकती है कोर्ट ने कहा- यह कानून बच्चों को सेक्सअुल शिकारियों और शोषण करने वालों से बचाने के लिए बनाया गया था। यह नहीं कहा जा सकता कि कानून बनाने वालों का इरादा इस सख्त कानून का इस्तेमाल उन युवाओं को परेशान करने के लिए करना था, जो आपसी सहमति से, भले ही सामाजिक रूप से अस्वीकार्य, रिश्तों में शामिल हैं। जब पीड़िता खुद आरोपी को बेगुनाह बता रही है, मेडिकल रिपोर्ट भी उसका समर्थन करती है। यह कोर्ट आंखें नहीं मूंद सकता है। हम युवक के खिलाफ दर्ज एफआईआर और ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई को रद्द करने का आदेश देते हैं। 2012 में लागू हुआ था POCSO 2012 में बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए भारत में POCSO कानून लाया गया था। पहले 2017 में 33,210 मामले दर्ज हुए थे, जो 2022 तक दोगुने से ज्यादा हो गए। रिपोर्टिंग बढ़ने का मतलब है कि लोग अब चुप नहीं रहते, लेकिन वास्तविक मामले इससे कहीं ज्यादा हो सकते हैं। …. राजस्थान हाईकोर्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… हाईकोर्ट ने कहा- छात्राओं के लिए स्कूलों में टॉयलेट नहीं:वे पानी नहीं पी पाती; शिक्षा सचिव से कहा- हम बच्चों को जवाब नहीं दे पा रहे राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और क्लासरूम को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल से कहा- आप स्वच्छ भारत मिशन की बात करते हो, लेकिन आप स्कूल में बच्चियों के लिए टॉयलेट की व्यवस्था भी नहीं कर पा रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
बांग्लादेश में पूर्व PM शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद चुनाव होने वाले हैं। 12 फरवरी को वोटिंग होगी। ये चुनाव हिंदुओं पर लगातार हमलों और भारत विरोधी भावनाओं के साये में हो रहा है। लड़ाई इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के बीच है। बांग्लादेश का हाल बताने के लिए दैनिक भास्कर के रिपोर्टर वैभव पलनीटकर राजधानी ढाका में हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर ने इजराइल, लेबनान, सीरिया और नेपाल पहुंचकर कवरेज की है। कल, यानी 4 फरवरी से आपको मिलेंगी बांग्लादेश के ग्राउंड जीरो से एक्सक्लूसिव रिपोर्ट, कौन है सत्ता का दावेदार, अल्पसंख्यकों के हालात और सियासत के अहम किरदारों के इंटरव्यू। तो पढ़ते और देखते रहिए दैनिक भास्कर एप…
गुरदासपुर के युवक की सऊदी अरब में मौत:दो महीने पहले कमाने गया था, परिवार ने शव भारत लाने की मांग की
गुरुदासपुर जिले की कादिया के पास गांव नाथुखेहरा के 36 वर्षीय मनदीप सिंह की सऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मनदीप दो महीने पहले रोजी-रोटी कमाने के लिए सऊदी अरब गए थे। उनके निधन से गांव में शोक की लहर है। मनदीप अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे छोड़ गए हैं। उनके पिता बलदेव सिंह और भाई-बहनों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर मनदीप को सऊदी अरब भेजा था। परिवार अब गहरे सदमे में है। परिवार ने सरकार से शव लाने की अपील की परिवार ने केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और प्रवासी भारतीयों से मनदीप का शव भारत लाने की भावुक अपील की है। उन्होंने सऊदी अरब सरकार से भी बेटे की मौत के कारणों की जांच करने का आग्रह किया है। परिवार को सऊदी अरब से मनदीप का एक वीडियो मिला है, जिसमें वह बीमार अवस्था में दिख रहे हैं। ग्राम सरपंच सरवन सिंह और गांव निवासी रणजोत सिंह ने भी मनदीप के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मनदीप एक मेहनती युवक थे और पूरे गांव ने सरकारों से उनके शव को पंजाब लाने में मदद करने की अपील की है। परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए मदद मांगी है।
लेबनान में इजरायल का बड़ा हमला; हिज्बुल्लाह का मास्टरमाइंड इंजीनियर Ali Daoud अमिच ढेर
लेबनान में इजरायल ने हिज्बुल्लाह के प्रमुख इंजीनियर अली दाऊद अमिच को मार गिराया। दक्षिणी लेबनान के अल-द्विर क्षेत्र में हुई इस स्ट्राइक से हिज्बुल्लाह की सैन्य योजना पर असर पड़ा और 2025 के सीजफायर समझौते की संवेदनशीलता बढ़ गई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Japanese Army Unit 731: इंसानों से जानवरों तक, जापानी सेना दूसरे विश्व युद्ध में कौन से घातक एक्सपेरिमेंट कर रही थी? करीब 80 साल बाद चीन ने अब जापानी सेना की 'यूनिट 731' का राज खोलने का दावा किया है.
पीलीभीत जनपद के घुंघचिहाई थाना क्षेत्र के गांव पिपरिया मझारा स्थित मौजा चिरागा में शनिवार रात तेंदुए की चहलकदमी देखी गई। इससे किसानों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तेंदुए का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसे गांव के आसपास खेतों और रिहायशी इलाकों के नजदीक देखा जा सकता है। गांव चिरागा निवासी दर्शन सिंह और हरजिंदर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनके घरों के आसपास तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले भी तेंदुआ हरजिंदर सिंह के घर से एक बकरी उठा ले गया था, जिससे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। तेंदुए के दोबारा दिखाई देने से किसान खेतों में जाने से हिचक रहे हैं, वहीं बच्चों और बुजुर्गों को भी घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में बिजली की उचित व्यवस्था न होने के कारण रात के समय घना अंधेरा रहता है। इसी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से गांव में प्रकाश व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रविवार सुबह करीब आठ बजे भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के नगर अध्यक्ष सोनी सिंह ने इस मामले की जानकारी प्रशासन और वन विभाग को दी। उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और तेंदुए की निगरानी हेतु वन विभाग की टीम तैनात की जाए। खुटार रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि एक टीम को मौके पर भेजा गया है।
जीवन में सबसे बड़ी ताकत हार न मानने का जज्बा होता है। दुश्मन की गोलियों से गंभीर रूप से घायल होने के बाद डॉक्टरों ने मुझे जीवनभर व्हीलचेयर पर रहने की सलाह दी थी। यह वह पल था, जब किसी भी इंसान के सपने टूट सकते थे लेकिन मैंने इसे अपनी मंज़िल की दीवार नहीं बनने दिया। यह कहना है कि सेवानिवृत्त मेजर दीपेंद्रसिंह सेंगर का। उन्होंने यह बात इंदौर में आयोजित रोटरी मंडल 3040 अधिवेशन इंद्रधनुष में कही। सेंगर भारतीय सेना के वे साहसी मेजर है जिन्होंने 1998-199 में उत्तर-पूर्व और कारगिल युद्ध में अदम्य साहस दिखाया था। तब युद्ध में गोलियां लगने बाद उन्हें जीवनभर विकलांग रहने की आशंका जताई गई थी। डॉक्टरों की भविष्यवाणी को जज्बे से हराया जब डॉक्टरों ने यह कहा कि अब वह कभी खड़े नहीं हो सकेंगे तो कुछ पल के लिए लगा कि जीवन में जो कुछ सोचा था, सब खत्म हो गया। महज 24 घंटे के भीतर खुद से वादा किया मैं फिर मुख्यधारा में लौटूंगा और कुछ अलग करूंगा। क्या अलग होगा, यह तब नहीं जानता था लेकिन इतना तय था कि हार नहीं माननी है। कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए खुद को खड़ा किया। संघर्ष के बीच अधूरी रस्में, लेकिन अडिग लक्ष्य अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए उन्होंने बताया कि घायल अवस्था में उनकी रिंग सेरेमनी भी उनके बिना ही संपन्न हुई। हालात ऐसे थे कि मैं अपनी मंगेतर जया से खुद कहा डॉक्टरों ने कहा है कि मैं कभी खड़ा नहीं हो पाऊंगा, आप सगाई तोड़कर किसी और से शादी कर लीजिए। इस पर मंगेतर का जवाब था कि अगर यह घटना शादी के बाद होती, तो क्या मैं साथ छोड़ देती। उन्होंने साफ कहा कि वह सगाई नहीं तोड़ेगी। मंगेतर के इसी साहस और निस्वार्थ समर्थन ने मुझे युद्ध के मैदान से भी ज्यादा मजबूत बनाया। फौज से मैनेजमेंट तक का सफर उन्होंने का कि व्हीलचेयर पर आने के बाद एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने सोचा कि अब फौज छोड़नी पड़ेगी, क्योंकि वापसी संभव नहीं लग रही थी। मुझे अपनी रेजीमेंट से बेहद लगाव था। फिर नया कुछ करने के लिए सैन्य अनुभव काम आए। यहीं से मैनेजमेंट की ओर रुख किया। इसके लिए CAT की तैयारी की। इसके लिए 4थी से 12वीं तक की मैथ्य की खास तैयारी की और MBA किया ताकि जीवन को नई दिशा दे सकें। गौरतलब है कि उनके असाधारण जीवन संघर्ष और उपलब्धियों से प्रेरित होकर फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने उनके जीवन पर फिल्म बनाई “जीत की ज़िद” जो आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका मानना है कि अनुभव ही सबसे बड़ा शिक्षक होता है जो सिखाता है कि हालात चाहे जैसे हो, उनसे लड़ा कैसे जाता है। आचार्य बालकृष्ण (पतंजलि) ने कहा कि सेवा ही मानव जीवन का सबसे बड़ा धर्म है और रोटरी जैसी संस्थाएं समाज सेवा के माध्यम से वास्तविक राष्ट्र निर्माण का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य, शिक्षा और सहयोग पहुंचाना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों को लेकर बताया कि आंवला, एलोवेरा, गिलोय जैसी औषधीय वनस्पतियों को आधुनिक रूप में तैयार कर घर-घर तक पहुचाया गया। इससे लोग प्राकृतिक उपचार की ओर लौट रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत इंदौर के विबग्योर स्कूल की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक गणेश वंदना नृत्य से हुई, जिसने पूरे सभागार को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सुशील मल्होत्रा, रूबी मल्होत्रा, गजेंद्र नारंग, दिनेश मेहता (रोटरी इंटरनेशनल प्रेसिडेंट रिप्रेजेंटेटिव), डीजीई संस्कार कोठारी, डीजीएन मुकेश साहू, डीजीएनडी सुखदेव सिंह घुम्मन,मनोज चांडक (को - चेयरमैन), हितेश ठाकुर (को -चेयरमैन), प्रशांत श्रॉफ डिस्टिक एक्सक्यूटिव सेक्रेटरी, रोटरी मंडल 3040 के पूर्व मंडलाध्यक्षगण , घनश्याम सिंह (पब्लिक इमेज चेयरमैन, रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3040) तथा कॉन्फ्रेंस चेयरमैन ब्रजेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में रोटेरियन उपस्थित रहे। कॉन्फ्रेंस का आयोजन रोटरी क्लब ऑफ इंदौर मेघदूत की अध्यक्ष संतोष मुंदडा और सचिव स्वाति अग्रवाल द्वारा किया गया अधिवेशन का पहला दिन उत्साह, प्रेरणा और सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसमें सुधांशु मनी (मैन बिहाइंड वन्दे भारत), उदय दहिया ( कॉमेडियन) एवं गजल कालरा ने भी अपने संबोधन से समा बांधा।
सऊदी अरब में 161 भारतीय फंसे:अलीसार कंपनी ने काम-वेतन रोका, बस्ती के 13 युवक भी शामिल
सऊदी अरब के अबहा शहर में 161 भारतीय नागरिक गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के 13 युवक भी शामिल हैं। ये सभी अलीसार कंपनी में काम करने गए थे, लेकिन अब उन्हें काम और वेतन नहीं मिल रहा है। फंसे हुए भारतीयों के अनुसार, शुरुआत के छह महीने तक उन्हें नियमित रूप से काम और वेतन मिला। हालांकि, उसके बाद कंपनी ने अचानक काम देना और वेतन भुगतान बंद कर दिया। इस स्थिति के कारण इन भारतीयों के सामने भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। फंसे हुए भारतीयों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें अकेला छोड़ दिया है। उन्होंने स्थानीय पुलिस और भारतीय दूतावास से सहायता मांगी, लेकिन उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली। अपनी आपबीती साझा करने और भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करने के लिए उन्होंने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। बस्ती जिले के जिन 13 युवकों के नाम सामने आए हैं, वे गोकुल, गिरीश चंद्र, जसवंत, जोगेंद्र, करुणा, पंकज यादव, शुभम, विजय कुमार, रूप चंद्र, राम प्रीत, फूल सिंह, गोरखनाथ और सत्यनारायण हैं। इन युवकों ने बताया कि वे अबहा में एक तरह से फंसे हुए हैं और बिना पैसे के जीवनयापन करना बेहद मुश्किल हो गया है। नगर थाना क्षेत्र के भटहा गांव निवासी सत्यनारायण के परिजन विशेष रूप से चिंतित हैं। परिजनों के अनुसार, सत्यनारायण अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। उनके बुजुर्ग पिता, बीमार मां और पढ़ाई कर रही छोटी बहन का खर्च सत्यनारायण की आय पर निर्भर करता था। परिजनों ने उसे सऊदी अरब भेजने के लिए लगभग एक लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन अब वह स्वयं संकट में है।
US Iran Tension: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के बादल लगातार सघन हो रहे हैं. युद्ध में जीत के लिए अमेरिका अपनी मोर्चेबंदी को मजबूत कर रहा है. इसके लिए वह 83 साल पुरानी ट्रिक का फिर से इस्तेमाल कर रहा है. क्या यह ट्रिक उसे ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों से बचा पाएगी.
सऊदी अरब से ट्रेस हुआ गुमशुदा मोबाइल:संतकबीरनगर पुलिस ने 121 फोन बरामद किए, कीमत 25 लाख रुपए से अधिक
संतकबीरनगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 121 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये है। बरामद किए गए मोबाइलों में एक ऐसा फोन भी शामिल है जिसे सऊदी अरब से ट्रेस किया गया था। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर के निर्देश पर सर्विलांस टीम और थानों में CEIR पोर्टल पर नियुक्त कर्मचारियों ने इन मोबाइलों की शत-प्रतिशत बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत विभिन्न कंपनियों के एंड्रॉइड सेट बरामद किए गए। बरामदगी के क्रम में, एक महत्वपूर्ण सफलता तब मिली जब सदाबखान पुत्र वसी अहमद, निवासी चम्मनगंज, कानपुर का मोबाइल सऊदी अरब से ट्रेस किया गया। यह फोन बरदहिया बाजार से गुम हुआ था और पुलिस की तकनीकी जांच विदेश तक पहुंची। पुलिस ने गैर-प्रांतीय राज्यों जैसे बिहार, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से भी मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें वैशाली, बिहार निवासी संजय चौधरी पुत्र चुरमी का मोबाइल महराजगंज से, बलिया निवासी शिक्षक ज्योति प्रकाश तिवारी पुत्र नारायण का मोबाइल अम्बेडकरनगर-बस्ती बॉर्डर से, और संतकबीरनगर निवासी नंदनी प्रजापति पुत्री योगेन्द्र का मोबाइल गोरखपुर से बरामद किया गया। गुमशुदा मोबाइल मिलने की सूचना पर संबंधित स्वामियों को सूचित किया गया। मोबाइल वापस मिलने पर उन्होंने संतकबीरनगर पुलिस टीम को धन्यवाद दिया। यह कार्रवाई CEIR पोर्टल के माध्यम से आमजन को मिल रहे सीधे लाभ को दर्शाती है। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना ने मोबाइल बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु 25,000 रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की। बरामदगी करने वाली टीम में प्रभारी सर्विलांस सेल अभिमन्यु सिंह, कांस्टेबल अमरजीत मौर्य और कांस्टेबल नितीश कुमार शामिल थे।
अरुणाचल: भारतीय सेना और आईटीबीपी का संयुक्त अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’, युद्ध तैयारियों को मिली मजबूती
भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अरुणाचल प्रदेश में चार दिवसीय संयुक्त फायरिंग अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’ के दूसरे चरण (फेज-II) का सफल आयोजन किया
एक ऐसी रामलीला जिसे न हिटलर का विश्वयुद्ध रोक पाया, न कोरोना का लॉकडाउन। यह अंग्रेजों की गोलियों से भी नहीं डरी। मशालों से शुरू हुई और अब स्मार्टफोन की फ्लैश लाइट तक पहुंच गई है। हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के विदिशा के मेला ग्राउंड में 125 साल पहले शुरू हुई 'चलित रामलीला' की। यह भारत की शायद इकलौती ऐसी मूविंग थिएटर है, जिसमें बेबी बूमर्स से लेकर जेन-जी और जनरेशन अल्फा तक…यानी चार पीढ़ियां भूमिका निभाती आ रही हैं। यहां लोग मूवी, सीरीज छोड़कर, दफ्तरों से छुट्टी लेकर अपना किरदार जीने आते हैं। इतना ही नहीं, इस रामलीला में पूर्व राष्ट्रपति, पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्री तक अभिनय कर चुके हैं। 27 दिन तक चलने वाली इस रामलीला को कवर करने दैनिक भास्कर की टीम विदिशा पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… जानिए क्यों खास है यह रामलीला हिटलर का विश्वयुद्ध भी नहीं रोक पायारामलीला के लिए एक रजिस्टर्ड सभा भी बनाई गई है। इसके उपाध्यक्ष कीर्ति प्रकाश शर्मा ने बताया कि यह चलित रामलीला स्वर्गीय विश्वनाथ शास्त्री की अध्यक्षता में साल 1901 में शुरू की गई थी। उस समय बिजली नहीं हुआ करती थी, ऐसे में रामलीला मशालों के उजाले में की जाती थी। इस रामलीला को लेकर लोगों में बड़ा उत्साह रहता है। कीर्ति प्रकाश शर्मा ने बताया कि रामलीला जब से शुरू हुई है, तब से एक भी बार नहीं रुकी। विश्वयुद्ध के समय और कोरोना के समय लगाए गए लॉकडाउन में भी रामलीला की प्रस्तुति की गई। इसे देखने और अभिनय करने बढ़-चढ़कर इसमें सहभागिता करने आते हैं। रामलीला में यह खास बातचार पीढ़ियां करती आ रहीं अभिनयउपाध्यक्ष कीर्ति प्रकाश शर्मा के परिवार की चौथी पीढ़ी रामलीला में भूमिका अदा करती आ रही है। उनके पिता ने 74 साल तक इसमें अपना अभिनय किया। कीर्ति शर्मा खुद 35 साल से अभिनय करते आ रहे हैं। उनका बेटा 4 साल की उम्र से और अब पोता भी इसमें भूमिका निभाता है। कीर्ति प्रकाश शर्मा के भाई एनपी शर्मा ने भी 44 साल तक अभिनय किया। हैदराबाद से आते हैं बेटा और पोता उनका बेटा वैभव शर्मा (43) हैदराबाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह चार साल से रामलीला में अलग-अलग पात्र बन रहे हैं। वहां से 4-5 दिन की छुट्टी लेकर वह हर साल अपना किरदार निभाने आते हैं। उनका बेटा प्रभाव शर्मा (9 साल) भी भूमिका निभाता है। सिर्फ कीर्ति शर्मा ही नहीं, उनकी तरह और भी लोग हैं, जो अपनी नौकरी और काम छोड़कर रामलीला में आते हैं। रजिस्टर्ड सभा के सचिव ने बताया कि रेलवे में सेवाएं देते हुए रमेश व्यास भी रामलीला में अभिनय के लिए विदिशा आया करते थे। वह गरुण की भूमिका निभाते थे। वहीं एक और अन्य व्यक्ति बैतूल में जज रहते हुए रामलीला में अभिनय करने को आते रहे। पूर्व राष्ट्रपति से लेकर मुख्यमंत्री और मंत्री कर चुके अभिनय 12वीं में पढ़ते हैं राम, सीता नौवीं में‘चलित रामलीला’ में अभिनय करने को लेकर लोगों में शुरुआत से ही उत्साह रहता है। आयोजकों के पास 100 से ज्यादा पात्रों की ड्रेस हैं। वानर का रोल करने तक के लिए लोग बड़ी रुचि से आते हैं। यहां पंडिस चंद्र व्यास लगभग 45 साल से भगवान राम के गुरु वशिष्ठ के रूप में, पंडित हरिशंकर शास्त्री (67) 10 साल की उम्र से अभिनय कर रहे हैं। वहीं फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाले मंथन पाठक चार साल की उम्र से अभिनय कर रहे हैं। वह इस बार भरत की भूमिका में हैं। कक्षा 12 में पढ़ने वाले कृष्णा राम बने हैं। कक्षा 9 में पढ़ने वाले ध्रुव भार्गव सीता माता की भूमिका में हैं। जानें क्या कहते हैं किरदार कॉलेज में फर्स्ट ईयर स्टूडेंट मंथन पाठक ने बताया- मैं 14 सालों से भूमिका करते आ रहा हूं। अबकी मुझे भरत का किरदार निभाने का सौभाग्य मिला है। मेरी मां देवी, मामा हनुमान जी के पुत्र मकर मकरध्वज बन चुके हैं। नानाजी अभी प्रधान संचालक हैं। रामलीला में हमारा परिवार पीढ़ियों से जुड़ा है। आगे में जैसा राम जी चाहेंगे, वैसी ही उनकी सेवा करते रहेंगे। बलराम शर्मा संस्कृत आचार्य हैं। उन्होंने बताया- मैं 8 साल से रामलीला में पात्र बनते आया हूं। एक बार राजा जनक, भरत बन चुका। अबकी बार एक राजा बना हूं। राजा दशरथ की अंत्येष्टि में शामिल होऊंगा। दोपहर में 2 बजे मेरी छुट्टी होने के बाद मैं यहां अभ्यास के लिए आता हूं। अब जानिए किस तरह से होती हैं तैयारियांआयोजकों ने बताया शुरुआत में पहले रामलीला 10 दिन की होती थी। समय के साथ अब यह 27 दिन की हो चुकी है। रामलीला में अभिनय करने वाला कोई भी पात्र रुपए नहीं लेता। सभी अपने अपने कामों से समय निकालकर ट्रेनिंग में शामिल होने आते हैं। सभी पात्रों की ट्रेनिंग 15 दिसंबर से चालू होती है। डेढ़ महीने से तैयारी चलती है। इस दौरान पात्रों को बोलने, चलने, खड़े होने बैठने समेत कई चीजों की प्रैक्टिस करनी होती है। उसके बाद सभी रामलीला में शामिल होते हैं। जब तक रामलीला चलती है इसके पात्र बाजार का कुछ भी नहीं खाते। मुख्य पात्रों के लिए शुद्ध आहार लेना होता है। कोई भी धूम्रपान नहीं करता। नेचुरल रंगों से होता है किरदारों का श्रृंगारपंडित विशाल चतुर्वेद बताते हैं कि उनके दादा जगन्नाथ प्रसाद चतुर्वेदी रामलीला के किरदारों का श्रृंगार करते थे। उनके बाद पिता रुद्रेश चतुर्वेदी करते थे और अब वह कर रहे हैं। हम प्रतिदिन 30 लोगों का श्रृंगार करते हैं। तीन तस्वीरें देखिए… गांवों से रामलीला देखने पहुंचते हैं लोग मकर संक्रांति के अवसर पर लगने वाले मेले के समय ‘चलित रामलीला’ होती है। 300 बाई 280 एरिया में 32 कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी होती है। स्टेडियम में 20 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। विदिशा शहर समेत आसपास के लोग भी रामलीला मेले में आते हैं। विदिशा के सकलदीप ठाकुर 40 साल से रामलीला देखने पहुंचते हैं। विदिशा की शांति बाई 50 साल से रामलीला देखने आ रही हैं। ग्राउंड में चलती रामलीला को देखने में उन्हें आनंद आता है।
झज्जर में सरकारी स्कूल का नाम बदला:शहीद भले राम के नाम पर रखा गया; 1971 के युद्ध में बलिदान हुए थे
झज्जर जिले के गांव अच्छेज में सरकार की ओर से सरकारी स्कूल का नाम बदलकर शहीद के नाम पर किया गया है। गांव के शहीद भले राम 1971 के भारत पाक युद्ध के दौरान शहीद हुए थे। उन्हीं के नाम पर गांव के सरकारी स्कूल का नाम रखा गया है। आज गांव के सरकारी स्कूल में स्टाफ व ग्रामीणों ने स्कूल का नाम शहीद के नाम पर होने पर गर्व महसूस किया और सरकार का धन्यवाद किया। ग्रामीणों ने बताया कि देश की रक्षा करते हुए वीर सपूत शहीद भले राम को उनके पैतृक गांव अच्छेज ने ऐतिहासिक सम्मान दिया है। गांव के राजकीय विद्यालय अच्छेज का नाम अब बदलकर राजकीय विद्यालय शहीद भाले राम कर दिया गया है। ग्रामीण बोले गांव के लिए ऐतिहासिक पल ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों बाद भी उनका बलिदान गांव वासियों के दिलों में जीवित है। विद्यालय का नाम उनके नाम पर किया जाना गांव के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। गांव के बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, त्याग और बलिदान की प्रेरणा मिलेगी। अब स्कूल में पढ़ने वाले छात्र रोज शहीद भले राम का नाम देखकर उनके साहस और देशप्रेम से प्रेरित होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि शहीदों के नाम पर सार्वजनिक संस्थानों का नामकरण करना केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक संदेश है कि देश अपने वीर सपूतों को कभी नहीं भूलता।
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों के अतिरिक्त यातायात और भीड़ को देखते हुए उनकी सुविधा के लिए दो नई एक तरफा (वन-वे) स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। ये ट्रेनें पोरबंदर से जोधपुर और साबरमती से बीकानेर के बीच चलाई जाएंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि यात्रियों की सहूलियत के लिए इन दोनों ट्रेनों का संचालन जनवरी और फरवरी में निर्धारित तारीखों पर किया जाएगा। पोरबंदर-जोधपुर स्पेशल 1 फरवरी को सीपीआरओ के अनुसार गाड़ी संख्या 09291, पोरबंदर-जोधपुर एक तरफा स्पेशल ट्रेन 1 फरवरी को रवाना होगी। यह ट्रेन पोरबंदर से शाम 19:40 बजे चलकर अगले दिन दोपहर 1 बजे जोधपुर पहुंचेगी। इस दौरान यह ट्रेन वांसजालिया जं., लालपुर जाम, जामनगर, हापा, राजकोट, वांकानेर, सुरेंद्रनगर, विरमगाम, महेसाना, पाटन, भीलडी, धनेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़ भीनवाल, जालोर और समदड़ी स्टेशनों पर ठहराव करेगी। साबरमती-बीकानेर स्पेशल 30 जनवरी को इसी तरह, गाड़ी संख्या 09491, साबरमती-बीकानेर एक तरफा स्पेशल ट्रेन 30 जनवरी को साबरमती से शाम 17:50 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह 6:30 बजे बीकानेर पहुंचेगी। रास्ते में यह रेलसेवा महेसाना, पालनपुर, आबूरोड, मारवाड़ जं., जोधपुर और नागौर स्टेशनों पर रुकेगी। कोच की स्थिति रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पोरबंदर-जोधपुर स्पेशल में 6 द्वितीय शयनयान, 10 साधारण श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 18 डिब्बे होंगे। वहीं, साबरमती-बीकानेर स्पेशल ट्रेन में 12 द्वितीय शयनयान, 4 साधारण श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 18 डिब्बे लगाए जाएंगे।
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
युद्ध और शांति के खेल में नोबेल
वैश्विक राजनीति में किस तरह नोबेल पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान की आड़ में नए खेल रचे जा रहे हैं
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

