ईरान-इजराइल युद्ध के बीच कुवैत में फंसीं थीं उर्वशी रौतेला, डर के मारे फ्लाइट में रो पड़ीं
मिडिल ईस्ट में इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। इसी बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला भी इस स्थिति के बीच कुवैत में फंस गई थीं। काम के सिलसिले में वहां मौजूद उर्वशी ने हालात बिगड़ते देख भारत लौटने का फैसला किया। जब वह भारत आने वाली फ्लाइट में बैठीं तो उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा कीं। एक्ट्रेस ने बताया कि अचानक उन्हें बहुत डर महसूस होने लगा और वह बेहद बेचैन हो गईं। उनका यह भावुक पोस्ट सामने आने के बाद फैंस भी उनकी सलामती के लिए दुआ करने लगे। फ्लाइट में बैठते ही डर से घिर गईं उर्वशी उर्वशी रौतेला ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो और नोट शेयर किया, जिसमें वह काफी इमोशनल नजर आईं। वीडियो में वह अपनी आंखों से आंसू पोंछती दिखीं। उन्होंने बताया कि जब तक वह फ्लाइट में बैठने तक पहुंचीं, तब तक सब कुछ सामान्य था। लेकिन जैसे ही वह विमान के अंदर अपनी सीट पर बैठीं, उन्हें अचानक डर की एक लहर ने घेर लिया। उन्होंने लिखा कि उनका दिल तेजी से धड़कने लगा और उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर अचानक ऐसा क्यों हो रहा है। इस दौरान वह खुद को काफी कमजोर और बेचैन महसूस कर रही थीं। फैंस से मांगी दुआएं उर्वशी ने अपने नोट में फैंस से भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि इस समय उन्हें लोगों की दुआओं की जरूरत है। एक्ट्रेस ने लिखा कि वह चाहती हैं कि उनका सफर सुरक्षित रहे और वह जल्द ही घर पहुंच जाएं। उन्होंने कहा, “अगर यह सब इमोशनल लग रहा है या मेरी बातों से कोई परेशान हुआ है तो मैं माफी चाहती हूं। लेकिन मुझे लगा कि मुझे अपने फैंस के साथ यह शेयर करना चाहिए कि मैं इस समय कैसा महसूस कर रही हूं। आपकी दुआएं और सपोर्ट मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं।” ALSO READ: धुरंधर द रिवेंज की कहानी: रणवीर सिंह फिर तैयार, क्या सीक्वल पार करेगा 1500 करोड़ का आंकड़ा? प्रोफेशनल काम के सिलसिले में थीं कुवैत में बताया जा रहा है कि जब मिडिल ईस्ट में हालात अचानक बिगड़ने लगे, उस समय उर्वशी रौतेला अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट की वजह से कुवैत में थीं। जैसे ही क्षेत्र में तनाव बढ़ा, वहां मौजूद कई लोगों की तरह वह भी काफी चिंतित हो गईं। हालांकि अब राहत की बात यह है कि उर्वशी सुरक्षित भारत लौट आई हैं। मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी कार से शहर की एक छोटी सी वीडियो क्लिप भी शेयर की, जिसमें वह शहर की सड़कों पर घूमती नजर आईं। सोशल मीडिया पर चर्चा में आईं उर्वशी उर्वशी रौतेला का यह इमोशनल पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई फैंस ने कमेंट कर उनकी हिम्मत बढ़ाई और उनके सुरक्षित लौटने पर खुशी जताई। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर सिर्फ राजनीति या अर्थव्यवस्था पर ही नहीं बल्कि वहां मौजूद आम लोगों और सेलेब्रिटीज पर भी पड़ रहा है। उर्वशी का अनुभव इसी स्थिति की एक झलक दिखाता है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला कुवैत से भारत लौट आई हैं। हालात बिगड़ने के बाद उन्होंने जल्दबाजी में कुवैत छोड़ दिया। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर बताया कि उस दौरान वह काफी डर गई थीं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। दरअसल, हाल के दिनों में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण मिडिल ईस्ट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कई जगहों पर मिसाइल हमलों और सुरक्षा अलर्ट की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच उर्वशी रौतेला भी अपने एक प्रोफेशनल काम के सिलसिले में कुवैत गई हुई थीं, लेकिन हालात अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत वहां से निकलना पड़ा। एक्ट्रेस ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में बताया कि जब तक वह फ्लाइट में बैठीं, तब तक सब ठीक था, लेकिन सीट पर बैठने के बाद अचानक उन्हें घबराहट महसूस होने लगी। उन्होंने लिखा कि उनका दिल बहुत तेज धड़कने लगा और अचानक डर की भावना ने घेर लिया। उर्वशी ने कहा कि उस समय वह खुद को असुरक्षित और चिंतित महसूस कर रही थीं, इसलिए उन्होंने अपने फैंस से दुआ करने की अपील भी की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुवैत एयरपोर्ट पर उस समय माहौल भी काफी तनावपूर्ण था। कई विदेशी नागरिक जल्दी-जल्दी देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई थी और यात्रियों में घबराहट साफ नजर आ रही थी। इसी दौरान उर्वशी भी एयरपोर्ट पर भावुक हो गईं और फ्लाइट में बैठने से पहले उनकी आंखों में आंसू आ गए। हालांकि राहत की बात यह है कि उर्वशी अब सुरक्षित भारत लौट चुकी हैं। भारत पहुंचने के बाद उन्होंने अपने फैंस को बताया कि वह ठीक हैं। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और एयरपोर्ट स्टाफ का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने मुश्किल हालात में यात्रियों की मदद की। भारत लौटने के बाद उर्वशी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वह अपने फैंस को अपडेट देती नजर आईं। इस वीडियो के जरिए उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि अब वह सुरक्षित हैं।
देश में बेलगाम होती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराते युद्ध के संकट को लेकर मंगलवार को नालंदा जिला मुख्यालय स्थित बिहार शरीफ की सड़कें विरोध के नारों से गूंज उठीं। भाकपा-माले (CPIML) के कार्यकर्ताओं ने 'युद्ध विरोधी शांति मार्च' के बैनर तले एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी के सदस्य शामिल हुए। हाथों में लाल झंडे और शांति की अपील वाले पोस्टर लिए कार्यकर्ताओं ने शहर के मुख्य मार्गों का भ्रमण करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला सचिव ने केंद्र की मोदी सरकार पर उठाए सवाल प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला सचिव नवल किशोर ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए अमेरिका के साथ बढ़ती नजदीकियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल का आपराधिक साम्राज्यवादी गठजोड़ दुनिया भर में अशांति फैला रहा है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर भारत की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम जनता की जेब पर भी पड़ रहा है। साव ने कड़े शब्दों में कहा कि मोदी सरकार अमेरिका के साथ साठगांठ कर रही है, लेकिन इसका असली खामियाजा देश का गरीब और मध्यम वर्ग भुगत रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि युद्ध की वजह से तेल की कीमतों में लगी आग ने बाजार की कमर तोड़ दी है और जब तेल महंगा होता है, तो माल ढुलाई महंगी हो जाती है, जिससे बाजार की हर जरूरी वस्तु के दाम बढ़ना स्वाभाविक है। सरकार पर पुरानी वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया महंगाई के साथ-साथ पार्टी ने सरकार पर पुरानी वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया। किशोर साव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने गरीबों को जमीन देने और दो-दो लाख रुपए की आर्थिक मदद पहुंचाने का जो भरोसा दिलाया था, वह आज तक हकीकत नहीं बन सका है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ईरान और अन्य देशों के खिलाफ जारी युद्ध पर तत्काल रोक लगाई जाए और अमेरिका-इजराइल के हस्तक्षेप को बंद किया जाए। साथ ही, उन्होंने बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने और गरीबों को जमीन व वित्तीय सहायता के वादों को तुरंत पूरा करने की मांग दोहराई। मार्च के समापन पर कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कर दिया कि यदि सरकार ने जल्द ही राहतकारी कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में इस जन-आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
ईरान-इजरायल युद्ध का वैश्विक असर अब राजस्थान तक पहुंचने लगा है। युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने एलपीजी डीलर्स को संदेश जारी कर कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। तेल कंपनियों के इस अचानक आए संदेश ने व्यापार जगत में हड़कंप मचा दिया है। खासकर होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। डूंगरपुर जिले में भी डीलर्स को मैसेज मिलने के बाद सप्लाई पूरी तरह ठप कर दी गई है। इस संकट का जमीनी स्तर पर जायजा लेने के लिए डूंगरपुर शहर की एक प्रसिद्ध मिठाई की दुकान और रेस्टोरेंट के हालात देखे गए। वहां के हालात काफी चिंताजनक नजर आए। एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि उनके यहां रोजाना 4 कमर्शियल सिलेंडर की खपत होती है। वर्तमान में उनके पास केवल आज भर का स्टॉक बचा है। संचालकों का कहना है कि यदि कल तक नई सप्लाई नहीं मिली, तो उन्हें अपना किचन मजबूरन बंद करना पड़ेगा, जिससे पूरा बिजनेस ठप हो जाएगा। शादियों और त्योहारों के इस सीजन में कैटरिंग और हलवाइयों के पास पहले से ही कई ऑर्डर बुक हैं। ऐसे में कमर्शियल गैस की किल्लत न केवल व्यापारियों का आर्थिक नुकसान करेगी, बल्कि आम जनता के लिए भी परेशानी का सबब बनेगी। फिलहाल सभी की नजरें तेल कंपनियों के अगले आदेश पर टिकी हैं।
फरवरी के अंत से शुरू हुए ईरान-अमेरिका संघर्ष ने मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंचा दिया है। मिसाइल हमलों, होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट और वैश्विक व्यापार पर पड़ रहे असर की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बडौली का बयान:राज्यसभा चुनाव में एक सीट भाजपा को, अंतरराष्ट्रीय युद्ध पर चिंता
फरीदाबाद में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने ईरान-इजराईल के बीच हो रहे युद्ध पर चिंता व्यक्त की हैं। बड़ौली ने कहा कि जिस तरह से इन दोनो देशों के साथ युद्ध हो रहा है उससे कहीं न कहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नुकसान हो रहा हैं। यह सबके लिए चिंता की बात हैं और जिस तरह से दोनों देशों की बयानबाजी सामनें आ रही हैं उससे लगता हैं कि अभी युद्ध लंबा चल सकता हैं। बड़ौली ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शांति का संदेश दिया है और दुनिया को उसी रास्ते पर चलना चाहिए। जब भी युद्ध होता है तो इसका असर सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहता बल्कि कई अन्य देशों पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि देशों के बीच व्यापार, वस्तुओं का आदान-प्रदान और आर्थिक गतिविधियां भी युद्ध के कारण प्रभावित होती हैं। इसलिए दुनिया के किसी भी हिस्से में युद्ध नहीं होना चाहिए और सभी देशों को शांति और बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। बड़ौली फरीदाबाद में कार्यकर्ताओं से मिलने सेक्टर-16 में जिला कार्यकारिणी सदस्य कपिल कौशिक के कार्यालय में पहुंचे थे। उन्होंने पत्रकारों के सवालाों का जवाब देते हुए कहा कि राज्यसभा की दोनों सीटों पर दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा व कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इन दो सीटों में से एक सीट भाजपा के खातें में जाएगी और दुसरी सीट कांग्रेस के हिस्से में जाएगी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को लेकर कहा कि कांग्रेस को इस प्रदेश में पहले ही बहुत कुछ मिल चुका है और अब उन्हें ज्यादा कुछ लेने की आवश्यकता नहीं है। भाजपा अपने संगठन और कार्यकर्ताओं की ताकत के दम पर मजबूती से चुनाव लड़ती है। उनका हर कार्यकर्ता पार्टी की रीड़ हैं।
मलबे में तब्दील होते बचपन के बावजूद भी बातचीत की मेज से हटा ईरान; क्या यह परमाणु युद्ध की आहट है ?
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच महाजंग जारी। तेहरान के तेल डिपो पर भीषण हमला, लेबनान में 83 बच्चों की मौत और वैश्विक तेल बाजार में भारी हलचल। जाने विस्तृत रिपोर्ट
अमेरिका-ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा दावा, ईरान बोला- जंग का फैसला हम करेंगे
US Israel Iran War Updates : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग जल्द ही समाप्त हो जाएगी। ट्रंप के इस दावे से कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई। हालांकि ईरान ने ट्रंप को जवाब देते हुए कहा कि ...
LPG Rule Change: ईरान युद्ध से एलपीजी पर संकट, एक्शन मोड में सरकार, दनादन ले रही बड़े फैसले
US-Israel Vs Iran War Impact: मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग का असर दुनियाभर में एनर्जी सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। भारत में एलपीजी को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं और लोगों में घबराहट है, हालांकि सरकार की ओर लगातार पर्याप्त रिजर्व होने का भरोसा दिलाने के साथ ही बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
क्या अब थम जाएगा ईरान युद्ध? जानें ट्रंप-पुतिन की बातचीत में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष लगातार तेज हो रहा है और वैश्विक स्तर पर इसके असर को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। रूस की ओर से बताया गया कि बातचीत खुली, विस्तृत और रचनात्मक माहौल में हुई, जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
भारतीय शेयर बाजार (Sensex & Nifty 50) में आज 10 मार्च को रिकवरी के संकेत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच विशेषज्ञों ने रिलायंस और एथर एनर्जी समेत 8 शेयरों में निवेश की सलाह दी है। जानें विस्तार से।
सीमावर्ती पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के अंतर्गत एयर डिफेंस ब्रिगेड ने एक उच्च तीव्रता वाला 'फील्ड फायरिंग' युद्धाभ्यास संपन्न किया। आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए आयोजित इस सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए हवाई खतरों, विशेषकर स्वायत्त (Autonomous) और स्वार्म ड्रोन्स (झुंड में हमला करने वाले ड्रोन्स) के खिलाफ अपनी सटीक मारक क्षमता को परखना था। ड्रोन और स्वार्म हमलों पर विशेष प्रहार आज के दौर में युद्ध का तरीका बदल चुका है। अब आमने-सामने की जंग के बजाय 'ड्रोन' और 'स्वार्म ड्रोन' (दर्जनों ड्रोन्स का झुंड) के हमले बढ़ गए हैं। पोकरण में हुए इस युद्धाभ्यास में सेना ने विशेष रूप से इन्ही खतरों से निपटने की तैयारी की। अभ्यास के दौरान जब काल्पनिक दुश्मन के ड्रोन्स ने भारतीय हवाई क्षेत्र में घुसने की कोशिश की, तो एयर डिफेंस की यूनिट्स ने अपनी तकनीक का इस्तेमाल कर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जाम किया और फिर अपनी तोपों से सटीक निशाना लगाकर उन्हें मार गिराया। आधुनिक तकनीक का सफल समावेश युद्ध के मैदान में अब ड्रोन्स और रिमोट संचालित हथियारों का महत्व बढ़ गया है। इसे ध्यान में रखते हुए सेना ने इस युद्धाभ्यास में ‘त्वरित तकनीक समावेशन’ पर विशेष बल दिया। अभ्यास के दौरान अत्याधुनिक रडार प्रणालियों और मिसाइल डिफेंस यूनिट्स के बीच सटीक समन्वय का प्रदर्शन किया गया। सैनिकों ने बिजली की तेजी से कार्य करने वाली 'बैटल ड्रिल्स' के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि किसी भी हवाई खतरे को पलक झपकते ही नष्ट किया जा सके। अभ्यास में शामिल आधुनिक हथियारों का जखीरा पोकरण की तपती रेत में आयोजित इस युद्धाभ्यास के दौरान कई घातक प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया, जो 'आर्मी एयर डिफेंस' की रीढ़ मानी जाती हैं: स्वचालित विमान भेदी तोपें (Anti-Aircraft Guns): वीडियो और तस्वीरों में सेना की 'L-70' जैसी उन्नत गन प्रणालियों को तैनात देखा गया। ये तोपें न केवल लड़ाकू विमानों, बल्कि अब आधुनिक युग के सबसे बड़े खतरे यानी 'ड्रोन' को भी गिराने में सक्षम हैं। इनकी विशेषता यह है कि इन्हें रडार के साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे ये रात के अंधेरे में भी सटीक निशाना लगाती हैं। रडार और सर्विलांस सिस्टम: अभ्यास के दौरान उन्नत रडार सिस्टम का उपयोग किया गया जो कई किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के विमान या छोटे से छोटे ड्रोन की लोकेशन ट्रैक कर लेते हैं। ये रडार 'थर्ड आई' (तीसरी आँख) की तरह काम करते हैं, जो एक साथ कई लक्ष्यों की निगरानी कर सकते हैं। कंट्रोल और मिसाइल कंसोल: सेना के तकनीकी विशेषज्ञों ने हाई-टेक कंप्यूटर कंसोल के जरिए मिसाइल दागने और लक्ष्यों को भेदने की प्रक्रिया का सफल संचालन किया। वीडियो में दिखाया गया कि कैसे स्क्रीन पर लक्ष्य की पहचान होते ही सटीक कमांड के जरिए उसे हवा में ही नष्ट कर दिया जाता है। L-70 विमानभेदी (एंटी एयरक्राफ्ट) गन प्रणाली L-70 (एल-70) एक उन्नत विमानभेदी (Anti-Aircraft) गन प्रणाली है, जिसे भारतीय सेना ने आधुनिक हवाई खतरों, विशेषकर ड्रोन्स और मिसाइलों से निपटने के लिए व्यापक रूप से अपग्रेड किया है। मूल रूप से स्वीडिश कंपनी बोफोर्स द्वारा विकसित इस 40MM गन को भारत में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा आधुनिक बनाया गया है। L-70 गन की प्रमुख विशेषताएं: अचूक मारक क्षमता: यह गन प्रति मिनट लगभग 240 से 330 राउंड फायर करने में सक्षम है, जो इसे दुश्मन के हवाई हमलों के खिलाफ एक मजबूत ढाल बनाती है।प्रभावी रेंज: इसकी मारक क्षमता लगभग 3.5 से 4 किलोमीटर तक है, जहाँ यह ड्रोन्स, हेलीकॉप्टरों और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को सटीक निशाना बना सकती है।आधुनिक तकनीक: अपग्रेड के बाद इसमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर, थर्मल इमेजर और लेजर रेंज फाइंडर जैसी तकनीकों को जोड़ा गया है। इससे यह रात के अंधेरे और खराब मौसम में भी लक्ष्यों को ट्रैक और नष्ट कर सकती है।ड्रोन किलर: हाल के ऑपरेशन्स (जैसे ऑपरेशन सिंदूर) में इसने दुश्मन के ड्रोन्स को गिराने में अपनी प्रभावशीलता साबित की है। इसमें अब ड्रोन जैमर जैसी सॉफ्ट-किल क्षमताएं भी एकीकृत की गई हैं।स्वचालित ट्रैकिंग: यह प्रणाली फ्लाई कैचर रडार और वीडियो ट्रेसिंग सिस्टम से लैस है, जिससे यह कई दिशाओं से आने वाले लक्ष्यों को पहचान कर निशाना साध सकती है। वर्तमान में, भारतीय सेना ने इन गनों को वास्तविक नियंत्रण रेखा जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अग्रिम मोर्चों पर तैनात किया है ताकि किसी भी हवाई घुसपैठ का माकूल जवाब दिया जा सके। मिशन रेडी रणनीति पर जोर सेना के अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि 'मिशन रेडी' (हमेशा तैयार) रहने की एक कड़ी है। जिस तरह से हाल के वैश्विक संघर्षों में हवाई युद्ध का स्वरूप बदला है, भारतीय सेना अपनी एयर डिफेंस क्षमताओं को और अधिक धार दे रही है ताकि देश की सीमाओं और आसमान पर पूर्ण प्रभुत्व स्थापित किया जा सके। इस युद्धाभ्यास ने सेना की उच्च परिचालन तत्परता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तकनीकी श्रेष्ठता को सिद्ध किया है।
इजरायल-अमेरिका और ईरान में चल रहे युद्ध का असर अब हरियाणा में दिखने लगा है। प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोकने का फैसला किया है। अब ये सिलेंडर सिर्फ कॉलेजों और अस्पतालों को ही दिए जाएंगे। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ये फैसला बस एहतियात के तौर पर किया गया है। जल्द ही सप्लाई सुचारू कर दी जाएगी, इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट संचालकों के सामने संकट खड़ा होगा। दोपहर बाद आए आदेश एलपीजी गैस मुहैया कराने वाले कंपनियों ने सोमवार को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर देने से मना कर दिया। जिन गैस एजेंसियों ने सुबह से गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरू कर दी थी, दोपहर को उन्हें कंपनियों के अधिकारियों ने रोक दिया। एजेंसी संचालकों की मानें, तो उन्हें कंपनियों की तरफ से आदेश मिला है कि आगामी आदेश तक व्यवसायिक गैस सिलेंडर का वितरण न किया जाए। इस फैसले के बाद से रेस्टोरेंट से लेकर रेहडियों तक खाद्य उत्पाद बनाने वाले कारोबारियों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। इसलिए लिया फैसला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर यह फैसला कब तक लागू रहेगा, इस पर भी कोई स्पष्टता नहीं है, क्योंकि गैस कंपनियों से जो आदेश मिले हैं, उसमें आगामी आदेश तक के लिए रोक का जिक्र है। गैस एजेंसी के संचालकों का कहना है कि उन्हें कंपनी से आगामी आदेश तक व्यवसायिक सिलेंडर की सप्लाई बंद करने के आदेश मिले हैं। बताया जा रहा है कि ये फैसला एहतियातन लिया गया है, इससे स्टॉक न हो सके। इन सिलेंडरों में गैस सप्लाई पर लगी रोक गैस एजेंसी के संचालकों की मानें, तो अभी तीन प्रकार के व्यवसायिक एलपीजी सिलिंडरों पर रोक लगाई है। इसमें 19 किलोग्राम, 35 किलोग्राम और 47.5 किलोग्राम का सिलिंडर शामिल है। इसकी सप्लाई पर रोक लगा दी गई है। एलपीजी का प्रयोग घरेलू और व्यवसायिक ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रीज के लिए भी प्रयोग किया जाता है। इंडस्ट्रीज के लिए 425 किलोग्राम का सिलिंडर एजेंसियों से सप्लाई होता है। एजेंसी संचालकों की मानें तो अभी तक इसकी सप्लाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं है।
10 March Top News : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग जल्द ही समाप्त हो जाएगी। ट्रंप के इस दावे से कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई। 28 फरवरी से जारी युद्ध की वजह से दुनियाभर में तेल का ...
युद्ध का असर:दुबई-अबूधाबी से फ्लाइट का किराया 70 हजार रुपए से 1.15 लाख रु. तक
अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध के असर से खाड़ी देशों से भारत लौटना लोगों के लिए बेहद महंगा हो गया है। दुबई और अबूधाबी से लौटे यात्रियों ने बताया कि एयरलाइंस कंपनियां दिल्ली और मुंबई की टिकट एक लाख रुपए तक में बेच रही हैं। मजबूरी में लोगों को महंगी टिकट लेकर वापस लौटना पड़ रहा है, जबकि कई लोग अभी किराया कम होने का इंतजार कर रहे हैं। अबूधाबी, दुबई, कतर और जेद्दा से फिलहाल दिल्ली और मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट ही चल रही हैं। युद्ध के कारण कनेक्टिंग फ्लाइट बंद हैं। सामान्य तौर पर कनेक्टिंग फ्लाइट से किराया कम पड़ता है, लेकिन डायरेक्ट फ्लाइट सीमित होने के कारण विदेश में फंसे लोग कई गुना किराया देकर रायपुर पहुंच रहे हैं। नेशनल ट्रैवल्स एंड टूर्स एसोसिएशन के अनुसार इन शहरों से भारत आने के लिए अभी रोजाना दो-तीन फ्लाइट को ही अनुमति मिल रही है। यात्रियों की संख्या ज्यादा और सीटें कम होने से किराया बढ़ गया है। सामान्य दिनों में दुबई और अबूधाबी से भारत आने का किराया 10 से 14 हजार रुपए रहता है, जबकि पीक सीजन में 15 से 20 हजार रुपए तक मिलता है। फिलहाल यही किराया बढ़कर एक लाख रुपए तक पहुंच गया है। अभी भी कैंसिल हो रही हैं टिकटेंदुबई और अबूधाबी के लिए टिकटों की बुकिंग लगातार कैंसिल हो रही है। ट्रैवल्स कंपनी के संचालक भरत देव ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद जिन लोगों ने दुबई जाने की योजना बनाई थी, उन्होंने मौजूदा हालात को देखते हुए अपनी टिकटें रद्द कर दी हैं। मार्च के आखिरी सप्ताह और अप्रैल में बुकिंग कराने वाले भी असमंजस में हैं और फिलहाल केवल जानकारी ले रहे हैं। दुबई में फंसे लोगों की हो रही मदद: श्रेयांश दुबई में रह रहे राजधानी के श्रेयांश श्रीवास्तव ने बताया कि वहां फंसे लोगों की मदद सामाजिक संगठन कर रहे हैं। उन्हें रहने और खाने-पीने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जा रही है। टिकट महंगी होने के कारण कई लोग ग्रुप में टिकट बुक करा रहे हैं। डायरेक्ट फ्लाइट पसंद कर रहे हैं लोग: दुबई से लौटे भावेश झा ने बताया कि वहां हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन व्हाया टिकट कराने पर फ्लाइट कैंसिल होने का खतरा बना रहता है। इसलिए लोग किराया ज्यादा होने के बावजूद डायरेक्ट फ्लाइट से लौटना पसंद कर रहे हैं। इसलिए बढ़ते हैं दाम: अंतरराष्ट्रीय संकट या युद्ध की स्थिति में एयरलाइंस कंपनियां सुरक्षा कारणों से कई देशों के एयरस्पेस से बचकर लंबा रूट अपनाती हैं। इससे फ्लाइट का समय और ईंधन खर्च बढ़ जाता है। इससे टिकटों के दाम अचानक बढ़ जाते हैं। अभी 4-5 दिन तक यही हालात रहेंगे दुबई, अबूधाबी, जेद्दा और कतर समेत कई शहरों के लिए अभी टिकटों की बुकिंग नहीं हो रही है। फिलहाल इन शहरों से भारत वापसी की टिकटें ही ज्यादा बुक हो रही हैं। विकल्प कम होने के कारण किराया बढ़ गया है और अगले चार-पांच दिन तक यही स्थिति रहने की संभावना है।-कीर्ति व्यास, संरक्षक, ट्रैवल्स एंड टूर एसोसिएशन
ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने आपातकालीन कदम उठाए
बांग्लादेश ने आने वाले दिनों में ईंधन की भारी कमी से बचने के लिए पेट्रोल राशनिंग का सहारा लिया है
जहानाबाद में भाकपा माले का युद्ध विरोधी मार्च:अमेरिका के युद्ध और बढ़ती महंगाई पर जताया विरोध
जहानाबाद में भाकपा माले (CPI-ML) ने सोमवार को युद्ध के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। यह मार्च पार्टी कार्यालय से शुरू होकर काकै मोड़ तक गया, जहां इसे एक सभा में बदल दिया गया। इस विरोध मार्च में पार्टी के कई कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। इस दौरान पार्टी के सदस्य रामाधार शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए अमेरिका द्वारा पेट्रोलियम संसाधनों पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे युद्ध को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध को कई देशों का समर्थन भी मिल रहा है, जिससे वैश्विक स्थिति और अधिक चिंताजनक होती जा रही है। ''युद्ध का असर आम लोगों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा'' रामाधार शर्मा ने कहा कि युद्ध का असर आम लोगों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। महंगाई लगातार बढ़ रही है और गैस सिलेंडर के दाम में भी लगभग 60 रुपये प्रति टंकी की बढ़ोतरी की गई है। उनका कहना था कि यदि युद्ध की स्थिति बनी रही तो पेट्रोल, डीजल सहित कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, जिससे आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के खिलाफ कुछ भी बोलते नहीं दिख रहे हैं। इससे ऐसा लगता है कि उनका मौन समर्थन भी इस युद्ध के साथ है। ''अमेरिका लगातार नियमों का उल्लंघन कर युद्ध कर रहा'' शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका लगातार नियमों का उल्लंघन कर युद्ध कर रहा है, जैसे कि सैनिक अभ्यास से लौट रही टुकड़ी पर हमला, जिसमें कई सैनिकों की जान चली गई। उन्होंने मांग की कि सभी देश मिलकर अमेरिका को इस युद्ध के खिलाफ एकजुट करें और युद्ध को बंद कराया जाए। विरोध मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने युद्ध के खिलाफ नारेबाजी की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने की मांग की।
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने सोमवार को वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में जन सुनवाई की। इस दौरान कुल 21 प्रकरण आये। जिसमें अधिकतर प्रकरण घरेलू हिंसा, जमीनी विवाद एवं बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट से संबंधित थे। आयोग की सदस्या गीता विश्वकर्मा ने महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभाग को उपलब्ध कराते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की समस्याओं का संज्ञान लेते हुए उसका निस्तारण नियमानुसार तय समय में किया जाए। इसके अलावा गीता विश्वकर्मा ने हर बार की तरह इस बार भी इसकेजिला कारागार के महिला बंदी सेल में जाकर महिला कैदियों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला चिकित्सालय वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर महिलाओं का हाल चाल लिया और उनके बारे में जाना। वहीं उन्होंने इस दौरान कहा की यदि महिला आयोग के निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 21 मामलों का हुआ निस्तारण राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने बताया - अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में खास जन सुनवाई आ कराई जा रही है। जिसमें कुल 21 प्रकरण आये हैं। जिसमें जमीन के और घरेलू हिंसा के मामले ज्यादा हैं। इसके लावा 4 बच्चों की स्कालरशिप फ्री की गई है। जमीन के मामले आये ज्यादा गीता विश्वकर्मा ने बताया - जमींन के मामले कम से कम 4 से 5 आये हैं। एक पुराने मामले शारदा देवी के नाम से आया है। जबकि उसमे राज्य महिला आयोग ने कब्जा देने की बात कही थी। आरोप है कि पुलिसिया कार्रवाई की शिथिलता की वजह से उसे आज तक कब्जा नहीं मिला जबकि आप का ऑर्डर दिखा चुका है। इस सवाल पर गीता विश्वकर्मा बगलें झांकने लगी । लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज गीता विश्वकर्मा ने यह क्लियर किया कि - यदि कोई अफसर राज्य महिला आयोग के सदस्यों का निर्देश अनुपालित नहीं करवाता है। तो उसपर कार्रवाई होगी और उसकी जवादेही तय होगी। यदि अदालत के केस की अवहेलना है तो यह बड़ा जुर्म है महिलाओं की बदली सोच गीता ने कहा - पिछले कुछ सालों में नारी सशक्त हुई है। पहले लोक लाज और सम्मान के कारण महिलाऐं नहीं बताती थीं और प्रतड़ना सहती थीं। वह खत्म हो गया है। लोग भी पढ़े लिखे हो गए हैं और उन्हें जानकारियां है तो वो पीछे नहीं हटते । लेकिन अक्सर सुना है कि थानों में पैसे के बल पर एकतरफा कार्य कर रहे थे।
ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध में अमेरिका पानी की तरह पैसा बहा रहा है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका इस संघर्ष में हर दिन लगभग 891 मिलियन डॉलर (करीब 7,500 करोड़ रुपए) खर्च कर रहा है। वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक 'सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल ...
Middle East War के बीच LPG सिलेंडर पर बड़ी पाबंदी; अब 21 दिन से पहले बुकिंग नामुमकिन
Middle East War के बीच LPG बुकिंग नियम बदले! अब 25 दिन के अंतराल पर होगा सिलेंडर बुक। ₹60 महंगी हुई रसोई गैस; दिल्ली में दाम ₹913 पहुंचे। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
इजराइल का लेबनान पर बड़ा हमला, 400 लोगों की मौत, मिडिल ईस्ट में फिर भड़का युद्ध
पश्चिम एशिया में छिड़ा युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को इजरायल ने एक बार फिर दक्षिणी लेबनान और राजधानी बेरूत पर भीषण हवाई हमले किए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन ताजा हमलों में 12 और लोगों की जान चली गई है, जिसके साथ ही इस ...
युद्ध काल में निवेशकों ने क्यों बनाई सोने चांदी से दूरी, जानिए क्या है आपके शहर में दाम?
Gold Silver Rates 9 March : ईरान और अमेरिका के बीच 10 दिन से जारी जंग के बीच सोमवार को भी सोने चांदी की कीमतों में गिरावट रही। क्रूड के दामों में भारी गिरावट के चलते महंगाई की चिंता सताने लगी है। इस वजह से शेयर बाजार में भी बिकवाली की धारणा बनी हुई है। जानिए देश के 10 शहरों में क्या है सोने चांदी के दाम? बुलियन मार्केट में आपके शहर में क्या है सोने के दाम? शहर सोने के दाम मुंबई 1,61,273 रुपए प्रति 10 ग्राम चेन्नई 1,61,674 रुपए प्रति 10 ग्राम दिल्ली 1,61,489 रुपए प्रति 10 ग्राम कोलकाता 1,61,169 रुपए प्रति 10 ग्राम भोपाल 1,61,756 रुपए प्रति 10 ग्राम अहमदाबाद 1,61,436 रुपए प्रति 10 ग्राम जयपुर 1,61,375 रुपए प्रति 10 ग्राम बेंगलुरु 1,61,550 रुपए प्रति 10 ग्राम तिरुवनंतपुरम 1,61,133 रुपए प्रति 10 ग्राम पटना 1,61,611 रुपए प्रति 10 ग्राम आपके शहर में क्या है चांदी के दाम? शहर चांदी के दाम मुंबई 2,65,333 रुपए प्रति किलो चेन्नई 2,65,428 रुपए प्रति किलो दिल्ली 2,65,295 रुपए प्रति किलो अहमदाबाद 2,65,542 रुपए प्रति किलो भोपाल 2,65,413 रुपए प्रति किलो कोलकाता 2,65,428 रुपए प्रति किलो जयपुर 2,65,051 रुपए प्रति किलो बेंगलुरु 2,65,211 रुपए प्रति किलो तिरुवनंतपुरम 2,65,037 रुपए प्रति किलो पटना 2,65,537 रुपए प्रति किलो वायदा कारोबार में क्या है सोने चांदी का हाल वायदा कारोबार (MCX) पर दोपहर 12:48 बजे सोने की कीमत 1,016 रुपए गिरकर 1,60,618 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर थी। इस समय चांदी 3,785 रुपए की गिरावट के साथ 2,64,500 रुपए प्रति किलो हो गई। स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिलवर में भी आज बढ़त दिखाई दी। यहां सोने की कीमत 5098.88 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 83.38 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। सोने चांदी में क्यों नहीं है निवेशकों की दिलचस्पी आमतौर पर युद्ध, संघर्ष और अनिश्चितता के समय निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं। इस वजह से युद्धकाल में सोने चांदी की मांग बढ़ जाती है और इसकी कीमतें भी तेजी से बढ़ती है। मगर इस युद्ध में निवेशकों की दिलचस्पी सोने चांदी में कम ही नजर आ रही है। बाजार में ट्रेंड भी स्पष्ट नहीं है इस वजह से इसके दामों में ज्यादा उतार चढ़ाव नहीं दिखाई दे रहा है। नकदी की जरूरत के कारण बांड और डॉलर की मांग लगातार बढ़ रही है। बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा के अनुसार, बाजार में चांदी फिलहाल रेंज बाउंड की रहेगी। 2.25 लाख रुपए प्रति किलो से नीचे क्लोजिंग पर इसमें मंदी और 3.05 लाख रुपए प्रति किलो से ऊपर बंद होने की स्थिति में तेजी की संभावना बनेगी। उन्होंने कहा कि सोने भी फिलहाल 1.50 लाख से 1.71 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम की रेंज में रहने की संभावना है। अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। जीएसटी और अन्य कारणों से सोने चांदी के दाम यहां दिए गए दाम से अलग भी हो सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। edited by : Nrapendra Gupta
वर्ल्ड कप पर मंडराया 'विश्व युद्ध' का साया; क्या रद्द होंगे 2026 FIFA World Cup के मैच?
ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण इराक का हवाई क्षेत्र बंद। कोच ग्राहम अर्नोल्ड ने फीफा विश्व कप 2026 प्लेऑफ को टालने की मांग की। फुटबॉल पर युद्ध के प्रभाव की पूरी रिपोर्ट।
सऊदी अरब पर ईरानी मिसाइल हमले में भारतीय नागरिक की गई जान? इंडियन एम्बेसी ने बताई सच्चाई
इससे पहले भारतीय मिशन ने सऊदी अरब में रविवार को अपने नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया कि वे सतर्क रहें और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें। उनसे यह भी कहा गया है कि वे स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सलाह का सावधानीपूर्वक अनुसरण करें।
ईरान-इजरायल युद्ध: भारत के लिए क्यों है यह 'रेड अलर्ट'? जयशंकर ने किया खुलासा।
संसद के बजट सत्र में पश्चिम एशिया संकट पर घमासान। विदेश मंत्री का बयान, ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव और ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ती चिंता की विस्तृत रिपोर्ट।
S Jaishankar on US Iran War : ईरान अमेरिका के बीच जारी युद्ध पर राज्यसभा में बयान देते हुए विदेशमंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 28 फरवरी से संकट शुरू हुआ। युद्ध में 2 भारतीयों की मौत, 1 घायल। खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के लिए सरकार गंभीर ...
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में टीम इंडिया की जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। वहीं,बॉर्डर पार से भी भारत को बधाई मिल रही है लेकिन साथ हीकड़ी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख्तर ने भारत की जीत के बाद एक ऐसा बयान दिया है जो शायद भारतीय फैंस को पसंद नहीं आएगा। अख्तर ने कहा है किभारत के आगे बढ़ने से क्रिकेट बर्बाद हो गया है। भारत ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल में न्यूज़ीलैंड को हराकर 96 रन से बड़ी जीत हासिल की और टूर्नामेंट के इतिहास मेंअपना तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप खिताब जीता। जहां ज़्यादातर क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने ज़बरदस्त परफॉर्मेंस की तारीफ़ की।वहीं, अख्तर ने एक विवादित बयान दिया। अख्तर ने भारत की तुलना एक अमीर बच्चेसे की जो पड़ोस के खेल पर हावी हो रहा हो। टैपमैड शो गेम ऑन है के दौरान अख्तर ने कहा, “येवैसा ही है जैसे पड़ोस में एक अमीर बच्चा हो जो सभी गरीब बच्चों को बुलाकर कहे, ‘आओ, क्रिकेट खेलते हैं।’ भारत हमारे साथ ठीक यही कर रहा है। आठ टीमों में से, वोचार को रखते हैंऔर उन चार में से वोफिर से तीन को बुलाते हैं और आगे बढ़ते हैंऔर फिर वो कहते हैं, ‘देखो, मैं जीत गया।’ उन्होंने क्रिकेट को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है।” Also Read: LIVE Cricket Score पाकिस्तान के पूर्व पेसर के कमेंट्स ने ऑनलाइन फैंस के बीच तुरंत बहस छेड़ दी, जिसमें कई लोगों ने भारत की ज़बरदस्त जीत के बाद इन कमेंट्स को कड़वा बताया। दिलचस्प बात ये है कि फाइनल से पहले अख्तर ने थोड़ा अलग अंदाज़ अपनाया था। भारत को फेवरेट मानते हुए, उन्होंने कहा था कि वोचाहते हैं कि न्यूज़ीलैंड क्रिकेट के लिएटाइटल जीते। उन्होंने पहले कहा था, मुझे लगता है कि न्यूज़ीलैंड भारत के सामने थोड़ा दब सकता है, लेकिन भारत पर 1.5 अरब लोगों का भी प्रेशर है। वोअहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया से वर्ल्ड कप फाइनल में पहले ही एक मैच हार चुके हैं। मुझे लगता है कि भारत इस सब में विनर है, लेकिन क्रिकेट के लिएअब समय आ गया है कि न्यूज़ीलैंड येवर्ल्ड कप जीते।
जयपुर से खाड़ी देशों की उड़ानें ईरान-इजरायल युद्ध के चलते पिछले 8 दिनों से रद्द थीं। सोमवार को एयर अरेबिया का विमान शारजाह (संयुक्त अरब अमीरात) के लिए रवाना हुआ। हालांकि, अभी भी तीन देशों के लिए अन्य उड़ानें रद्द हैं, जिनमें दुबई और अबू धाबी शामिल हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, एयर अरेबिया की फ्लाइट G9-435 आज सुबह करीब 4:40 बजे शारजाह से जयपुर एयरपोर्ट पहुंची। यहां से यात्रियों को लेकर यह विमान सुबह 5:45 बजे वापस शारजाह के लिए रवाना हुआ। युद्ध के कारण यह फ्लाइट लगभग 8 दिनों तक संचालित नहीं हो सकी। जयपुर से खाड़ी देशों के लिए जाने वाली उड़ानें आज लगातार आठवें दिन भी रद्द रहीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रद्द होने वाली उड़ानों में एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट EY-329 शामिल है। जो जयपुर से रात 3:15 बजे अबू धाबी के लिए रवाना होती है। इसके अलावा, एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-195, जो सुबह 8:45 बजे दुबई के लिए उड़ान भरती है, और एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट EY-327, जो रात 9:30 बजे अबू धाबी जाती है, इसको भी रद्द कर दी गईं। एयरलाइन कंपनियों के अनुसार, युद्ध की स्थिति सामान्य होने तक उड़ान संचालन प्रभावित रह सकता है। ऐसे में, मध्य पूर्व की यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई अड्डे पर आने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच अवश्य कर लें, क्योंकि आने वाले दिनों में भी उड़ान कार्यक्रम में बदलाव संभव है। --- अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्या को दैनिक भास्कर एप के सिविक इश्यू में पोस्ट करना के लिए क्लिक करें। ---
युद्ध का शेयर बाजार पर असर: सेंसेक्स 2200 अंक टूटा, निफ्टी धड़ाम
Share Market 9 march : अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण जंग की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड के दाम 115 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गए। तेल के दामों में लगी आग से आज भारतीय शेयर बाजार भी झुलस गए। सुबह 9.51 बजे सेंसेक्स 2263 अंकों की ...
पश्चिम एशिया में युद्ध का नया मोड़, ईरान के भीषण हमले में अमेरिकी 'थाड' रक्षा प्रणाली को भारी नुकसान
रिपोर्टों के मुताबिक ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने न केवल इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि जॉर्डन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर में स्थित कुछ महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को भी प्रभावित किया है।
रोहतक जिले के गांव मायना के सुरेंद्र उर्फ काला मायना ने दोहा कतर के हालातों को लेकर पिछले दिनों कई वीडियो शेयर किए, जिनमें आसमान के अंदर मिसाइल दिखाई दे रही थी। साथ ही भारतीयों के फंसे होने के बारे में भी लगातार जानकारी दे रहे थे। अब हालात सामान्य हो रहे हैं, जिसके बाद सुरेंद्र ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज से वीडिया कॉल पर बात की। सुरेंद्र उर्फ काला मायना ने बताया था कि ईरान की तरफ से लगातार बमबारी करते हुए कतर एयरपोर्ट और रास लफान को निशाना बनाया जा रहा था। रास लफान में कतर LNG का गैस प्लांट है, जिन्हें टारगेट किया गया था। पूरी रात आसमान में फाइटर प्लेन व मिसाइल, बम धमाकों की आवाज लोगों को सुनाई देती थी, जिससे लोग काफी डरे हुए है। लेकिन अब हालात सामान्य हो रहे हैं। वीडियो कॉल पर अनिल विज का जाना हालचाल सुरेंद्र उर्फ काला मायना ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज से वीडियो कॉल पर बात करते हुए पैर में लगी चोट के बारे में पूछा। साथ ही अनिल विज ने भी सुरेंद्र मायना से वहां मौजूद भारतीयों के बारे में जानकारी ली और सरकार की तरफ से हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। अंबाला व सोनीपत के युवकों से की बात वीडियो कॉल पर अनिल विज ने सुरेंद्र मायना के साथ रहने वाले अंबाला के पारस व सोनीपत के अमित से भी बात की और उनके कुशलक्षेम के बारे में पूछा। साथ ही उन्हें जल्द से जल्द भारत लौटने के लिए कहा। अनिल विज ने कहा कि पहली फ्लाइट मिलते ही भारत आ जाए। कार्गो फ्लाइट शुरू, जल्द शुरू होगी कमर्शियल सुरेंद्र काला ने बताया कि कतर में अब कार्गो फ्लाइट शुरू कर दी गई है। हालात सामान्य हो रहे है, जिसके कारण जल्द कमर्शियल फ्लाइट भी शुरू हो जाएगी। फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही फ्लाइट शुरू होगी, वह भारत लौट आएंगे। अनिल विज ने कहा कि अगर कोई दिक्कत हो, तो वह बोल देते हैं।
उमरा करने गए नागपुर के एक डॉक्टर और कारोबारी को सऊदी अरब के मक्का में हिरासत में लिया गया है। राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने सऊदी स्थित भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर सहायता देने की मांग की है। नागपुर के अब्दुल आसिम खान और डॉ. याह्या हुनानी को मस्जिद अल हरम में नमाज के दौरान हिरासत में लिया गया। परिवार के अनुसार अरबी भाषा न समझ पाने से गलतफहमी हुई। दोनों पर बिना कंपनी लाइसेंस के ब्रोकरेज गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है और उन्हें अल शुमैसी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। आज की बाकी बड़ी खबरें… नचम्मई न्यूक्लियर पावर प्लांट संभालने वाली पहली महिला आरएम नचम्मई देश के एक फंक्शनल न्यूक्लियर पावर प्लांट की कमान संभालने पहली महिला बन गई हैं। नचम्मई 15 मार्च से कर्नाटक के कैगा जनरेटिंग स्टेशन की यूनिट 3 और 4 को बतौर चीफ सुपरिंटेंडेंट संभालेंगी। परमाणु ऊर्जा प्रणाली में यह पद तकनीकी रूप से सबसे गहन और जिम्मेदारी वाला माना जाता है।
जघीना में आयोजित विराट कुश्ती दंगल में बुलेट मोटरसाइकिल की रोमांचक कुश्ती जीतने वाले ईरान के पहलवान मिर्जा ईरानी इन दिनों भारत के दंगलों में लगातार चर्चा में हैं। पिछले पांच साल से भारत में कुश्ती लड़ रहे ईरानी अब तक कई बड़े दंगल जीत चुके हैं। जघीना दंगल के बाद दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने अपने कुश्ती करियर, भारत में मिल रहे प्यार और ईरान में चल रहे युद्ध के हालात पर बात की। जघीना में जीत के बाद ईरानी काफी खुश नजर आए। भास्कर संवाददाता से ईरानी की खास बातचीत.... 50 बुलेट बाइक, 4 स्कॉर्पियो, 4 ट्रैक्टर और 4 कार जीते चुके हैं ईरानी सवाल: ईरान में भी कुश्ती बड़े स्तर पर होती है, फिर आपने भारत में दंगल चुना? ईरानी: ईरान में भी कुश्ती का अच्छा क्रेज है, लेकिन भारत के मिट्टी के अखाड़ों में लड़ना मुझे ज्यादा पसंद है। फिलहाल मैं चंडीगढ़ के मुल्लापुर अखाड़े में अभ्यास कर रहा हूं। सवाल: आपने भारत में कुश्ती कब शुरू की , कितने दंगल जीते हैं ? ईरानी: पिछले 5 साल से भारत में कुश्ती लड़ रहा हूं। अब तक 50 बुलेट बाइक, 4 स्कॉर्पियो, 4 ट्रैक्टर और 4 ऑल्टो कार जीत चुका हूं। सवाल: शेरा गुर्जर से कुश्ती लड़ना कितना चुनौतीपूर्ण रहता है? ईरानी: शेरा गुर्जर भारत के सबसे लंबे और ताकतवर पहलवानों में से एक हैं। उनसे मुकाबला चुनौतीपूर्ण रहता है। मैं उन्हें 4 बार हरा चुका हूं, कई मुकाबले बराबरी पर भी रहे। सवाल: भारत में आपको काफी प्यार मिलता है, इस बारे में क्या कहेंगे? ईरानी: भारत के लोग मुझे बहुत प्यार देते हैं। दर्शक सेल्फी और ऑटोग्राफ के लिए आ जाते हैं। जघीना गांव में भी लोगों ने खूब समर्थन दिया। सवाल: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कैसे देखते हैं? ईरानी: युद्ध से ईरान के लोग काफी परेशान हैं। मेरी पत्नी और बच्चा वहीं हैं। उनकी चिंता बनी रहती है। उम्मीद है कि 140 करोड़ भारतीयों की दुआ से जल्द शांति कायम होगी।
इंडिया गठबंधन के सांसदों ने सोमवार को संसद के मकर द्वार पर पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर केंद्र के खिलाफ...
महेंद्रगढ़ जिले के गांव भगड़ाना में द्वितीय विश्वयुद्ध के पूर्व सैनिक कैप्टन नौरंग सिंह (98) का शनिवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पंजाब रेजिमेंट की एक टुकड़ी ने उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया, पुष्पचक्र अर्पित किया और 'अमर रहे' के नारे लगाए। द्वितीय विश्वयुद्ध में हिस्सा लिया था कैप्टन नौरंग सिंह गांव के पहले सूबेदार और ऑर्डिनरी कैप्टन बनने का गौरव रखते थे। उनके पोते अनिल भगड़ाना हरियाणा युवा यादव महासभा के पूर्व जिला कार्यकारी अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि दादा 1945 में महाराजा पटियाला की फौज में भर्ती हुए थे और द्वितीय विश्वयुद्ध में हिस्सा लिया था। 1948 में भारतीय सेना में शामिल देश की आजादी के बाद रियासतों के भारत सरकार के अधीन विलय के कारण अधिकतर सैनिकों को घर भेज दिया गया था, लेकिन देशभक्ति की भावना के चलते कैप्टन नौरंग सिंह 1948 में दोबारा भारतीय सेना में शामिल हो गए। उन्होंने भारतीय सेना की पंजाब रेजिमेंट की 16वीं और बाद में 19वीं बटालियन में सेवा दी। कैप्टन नौरंग सिंह 31 दिसंबर 1975 को सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद उन्होंने गांव में आकर कई सालों तक स्कूल और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से समाज सेवा की। महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत परिवार के सदस्य वे अपने पीछे तीन बेटे-बेटियां, छह पोते-पोतियां और आठ परपोते-परपोतियां सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार के सदस्य भारतीय सेना, केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और निजी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। कैप्टन नौरंग सिंह ने अपने दादा-दादी से लेकर अपनी परपौत्री की बेटी तक, कुल सात पीढ़ियां देखी थीं, जो कुछ विरले लोगों को ही नसीब होता है। अंतिम संस्कार में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ उनके अंतिम संस्कार में गांव और आसपास के गांवों के लोग, साथ ही यादव सभा, भूतपूर्व सैनिक विकास संघ, राहत ग्रुप, वेद प्रचार मंडल, नेवल वेटरन एसोसिएशन, आर्य समाज और 19 पंजाब रेजिमेंट भूतपूर्व संगठन जैसे विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अररिया में जन जागरण शक्ति संगठन द्वारा 'औरत आज़ादी मार्च' का आयोजन किया गया। यह मार्च अररिया बस स्टैंड से चांदनी चौक तक निकाला गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं, मज़दूरों और युवाओं ने भाग लिया। संगठन के अनुसार, यह मार्च महिलाओं के अधिकारों के साथ-साथ दुनिया भर में जारी युद्ध, बढ़ती बेरोज़गारी और साम्राज्यवादी हमलों के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन था। चांदनी चौक पर आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए संगठन की सचिव सोहिनी ने कहा कि आज का दिन न्यूयॉर्क की कपड़ा मिल मज़दूरों और रूस की क्रांतिकारी महिलाओं को याद करने का है, जिन्होंने 'रोटी और शांति' के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इज़रायल फिलिस्तीन और यूक्रेन में नरसंहार कर रहे हैं, तथा ईरान-वेनेजुएला की आज़ादी को कुचल रहे हैं। सोहिनी ने भारत सरकार से अमेरिका की चाटुकारिता छोड़कर स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की मांग की। ''युद्ध में हमेशा महिलाओं के शरीर को रणभूमि बनाया जाता'' संगठन की वरिष्ठ सदस्य मांडवी देवी ने अपने संबोधन में कहा कि युद्ध में हमेशा महिलाओं के शरीर को रणभूमि बनाया जाता है। उन्होंने अमेरिका और इज़रायल के इस दावे को 'फरेब' बताया कि वे महिलाओं को 'आज़ाद' करने के लिए जंग लड़ रहे हैं। मांडवी देवी ने कहा कि जो देश फिलिस्तीन की माताओं की गोद सूनी कर रहा हो, वह महिलाओं का हमदर्द नहीं हो सकता। उन्होंने बंदूक के बजाय सम्मानजनक रोटी, कपड़ा और मकान की आवश्यकता पर बल दिया। ''महिलाओं की आज़ादी के बिना एक न्यायपूर्ण समाज की कल्पना असंभव'' कार्यक्रम की शुरुआत जीवनशाला के बच्चों- अतीश, नंदिनी, अंशु और ज्ञांशा द्वारा गाए गए युद्ध-विरोधी गीत से हुई। इस अवसर पर एडवोकेट नवाज और सभ्यसाची सेन ने भी मार्च को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आज़ादी के बिना एक न्यायपूर्ण समाज की कल्पना असंभव है। इस आयोजन को सफल बनाने में ज्योति, लक्ष्मी, रघुनंदन, पवन, मधु, दीपक, त्रिभुवन, शहज़ाद, आनंद, प्रियंका, नीतीश, और गोपाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी कड़ी मेहनत से यह मार्च और सभा सुचारू रूप से संपन्न हुई। सभा के अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि हम एक ऐसी दुनिया बनाएंगे जहाँ बारूद की गंध नहीं, बल्कि अमन की खुशबू हो। मार्च का समापन 'साम्राज्यवाद मुर्दाबाद' और 'इंसाफ और इंसानियत ज़िंदाबाद' के नारों के साथ हुआ।
सरगुजा जिले में घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमतों में बढ़ोत्तरी के विरोध में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। कांग्रेस ने कहा कि गैस की बढ़ी हुई कीमतें लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही हैं। कलेक्टोरेट चौक पर पुतला दहन के दौरान पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेसी पुलिस की निगरानी से बचते हुए पुतला दहन करने में कामयाब रहे। घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतें पेट्रोलियम कंपनियों ने बढ़ा दी हैं। इसके विरोध में कांग्रेसियों ने कांग्रेस कार्यालय से रैली निकाली और कलेक्टोरेट चौक पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि मध्यपूर्व में युद्ध शुरू होने पर मोदी सरकार ने लगातार यह दावा किया था कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त भंडारण है और कीमतें बढ़ेंगी नहीं। लेकिन 7 मार्च से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 60 रुपए और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 115 रुपए बढ़ा दी गई है। यह बढ़ोतरी उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं पर भी लागू की गई है। युद्ध की आड़ में मंहगाई का तोहफा कांग्रेस जिलाध्यक्ष पाठक ने कहा कि दूसरे सिलेंडर की रिफिलिंग जो 16 दिनों में होती थी, उसका समय बढ़ाकर 21 दिन कर दिया है। सरकार ने युद्ध की आड़ में देश की जनता को महंगाई का तोहफा दे दिया है। बालकृष्ण पाठक ने कहा कि यह सब एप्सटीन फाइल और अडानी पर कार्रवाई के दबाव में मोदी सरकार अमेरिका परस्त हो गई है। इसका परिणाम था कि उसने रशिया से तेल और गैस खरीदना बंद कर दिया। आज युद्ध की स्थिति में मध्यपूर्व के देशों पर निर्भरता ने देश को महंगाई में झोंक दिया है। इस स्थिति के बावजूद सरकार करों में कटौती कर आम जनता को राहत दे सकती थी, लेकिन इस सरकार ने आम जनता के बजाए तेल कंपनियों के हित को देखा। पुतला दहन के दौरान दुर्गेश गुप्ता, संजय सिंह, अनूप मेहता, लोकेश कुमार, गुरुप्रीत सिद्धू, चंद्रप्रकाश सिंह, रजनीश सिंह, नीतीश चौरसिया, विकल झा, आलोक सिंह, अमित सिन्हा, हिमांशु जायसवाल, आशीष जायसवाल, अमित सिंह, विकास केशरी, सुरेंद्र गुप्ता, आकाश अग्रहरि सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
अमेरिकी खुफिया जानकारी से परिचित अधिकारियों के अनुसार, रूस द्वारा साझा की गई जानकारी से ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों, सैन्य विमानों और अन्य रक्षा संसाधनों की गतिविधियों के बारे में अहम संकेत मिल सकते हैं।
अभी गेहूं कटने का समय आने वाला है, ऐसे में किसान को डीजल तो हर हाल में लगेगा ही। युद्ध चल रहा है, इसलिए डीजल को लेकर अफवाह भी चल रही है कि सप्लाई बंद होने वाली है। अगर उस समय डीजल नहीं मिला तो किसान बर्बाद हो जाएगा। इसी वजह से हम लोग पहले से ही डीजल का स्टॉक कर रहे हैं। ये कहते हुए नरसिंहपुर के रहने वाले शैलेंद्र गुर्जर ट्रैक्टर में रखी पानी की दो बड़ी टंकियों की तरफ इशारा करते हैं। दरअसल, वो एक पेट्रोल पंप के बाहर खड़े हैं और इन टंकियों में डीजल भरवाने के लिए आए हैं। केवल शैलेंद्र ही नहीं बल्कि उनके गांव के और भी किसान पानी की टंकियां लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंचे हैं। ये सबकुछ हुआ है सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह की वजह से। अफवाह ये है कि ईरान और इजराइल- अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की वजह से आने वाले दिनों में पेट्रोल डीजल की किल्लत हो सकती है। इस अफवाह का असर एमपी के शहरी इलाकों में कम गांवों में ज्यादा दिख रहा है। कुछ जिलों में तो हालात इस कदर बेकाबू हुए कि खाद और राशन की तरह लाइन लगाकर डीजल बांटना पड़ा है। किसानों को डर है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा और सप्लाई बाधित हुई, तो उनकी गेहूं की फसल खेतों में ही बर्बाद हो जाएगी। हालांकि, सरकार और प्रशासन लगातार आश्वासन दे रहे हैं कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और यह संकट वास्तविक नहीं है। दैनिक भास्कर ने पेट्रोल पंपो पर पहुंच कर देखा कि क्या वाकई तेल की किल्लत है? या लोग डर के चलते पेट्रोल डीजल जरूरत से ज्यादा भरवा रहे हैं। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई में क्या अंतर आया है और आने वाले समय में क्या स्थिति रहने की उम्मीद है? पढ़िए रिपोर्ट… अब सिलसिलेवार जानिए तीनों जिलों के हाल पिपरिया: किसानों का डर, खेती का काम ठप हो जाएगा नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में भारत पेट्रोल पंप पर किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पांच-पांच अतिरिक्त टंकियां लेकर पहुंच गए। भीड़ इतनी बढ़ गई कि पेट्रोल पंप संचालकों को व्यवस्था बनाने के लिए लोगों से लाइन लगवानी पड़ी। जैसे कभी खाद या सरकारी राशन की दुकानों पर बोरियां कतार में रखी जाती थीं, ठीक उसी तरह यहां लोगों ने अपनी टंकियां और ड्रम लाइन में लगा दिए। ताकि बारी-बारी से सबको ईंधन मिल सके। कई किसानों ने बताया कि उन्हें डर है कि अगर अचानक सप्लाई बंद हो गई तो खेती-किसानी का सारा काम ठप हो जाएगा। गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का यही मुख्य समय है, जिसमें ट्रैक्टर और बाकी मशीनों के लिए डीजल ही एकमात्र सहारा है। इसी डर से वे पहले से ही डीजल का भंडारण कर रहे हैं। किसानों के साथ-साथ आम बाइक सवार भी अपनी टंकियां फुल करवाते नजर आए। सीहोर-इछावर: जहां एक दिन में बिक गया चार गुना ईंधन अफवाह की आग सीहोर और इछावर क्षेत्र में भी तेजी से फैली। यहां के पेट्रोल पंपों पर दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कार और बाइक चालक अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाने के साथ-साथ अतिरिक्त केन में भी पेट्रोल भरवाते दिखे। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, जिन पंपों पर सामान्य दिनों में अधिकतम 8 से 9 हजार लीटर की खपत होती थी, वहां एक ही दिन में 38 से 39 हजार लीटर तक की बिक्री दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि आसपास के कुछ पेट्रोल पंपों के ड्राई होने की खबर सोशल मीडिया पर फैल गई, जिसके बाद लोगों में घबराहट बढ़ गई और वे पंपों की ओर दौड़ पड़े। किसान बोला- एक लाख का डीजल ले रहा हूं, फसल का सवाल है नरसिंहपुर के रहने वाले किसान शैलेंद्र गुर्जर की कहानी इस डर और मजबूरी को और भी साफ करती है। वह अपने ट्रैक्टर में दो बड़ी टंकियां लेकर डीजल भरवाने पहुंचे थे। शैलेंद्र ने बताया कि युद्ध चल रहा है, इसलिए डीजल को लेकर अफवाह भी चल रही है कि कहीं सप्लाई बंद न हो जाए। अभी गेहूं कटने का समय आने वाला है, ऐसे में किसान को डीजल तो हर हाल में लगेगा ही। अगर उस समय डीजल नहीं मिला तो किसान बर्बाद हो जाएगा। इसी वजह से हम लोग पहले से ही डीजल का स्टॉक कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, मेरे जैसे कई किसान हैं जो ड्रम और टंकियों में डीजल स्टॉक कर रहे हैं, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो।” शहर के लोग बोले- यह घबराहट बेवजह है हालांकि, भोपाल जैसे बड़े शहरों में हालात सामान्य बने हुए हैं। यहां के लोग इसे महज अफवाह मान रहे हैं। भोपाल में पेट्रोल भरवाने पहुंचे धनंजय सिंह ने कहा, 'डीजल-पेट्रोल के दामों को लेकर काफी अफवाहें आ रही हैं कि दाम बढ़ सकते हैं या सप्लाई रुक सकती है। लोग अपने मन से ही अतिरिक्त ईंधन भरवा रहे हैं। मेरे हिसाब से इस तरह से घबराना सही नहीं है। कोई ज्यादा से ज्यादा 10-20 लीटर ही स्टॉक कर सकता है, उसके बाद तो उसे वापस पंप पर आना ही पड़ेगा। प्रशासन बोला- पर्याप्त स्टॉक है, अफवाहों पर ध्यान न दें इन जिलों में पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाह को देखते हुए सरकार और स्थानीय प्रशासन तुरंत ही हरकत में आए। पिपरिया में एसडीएम का आश्वासन: पिपरिया में स्थिति बिगड़ने की जानकारी मिलते ही एसडीएम आकिब खान ने एक प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया कि डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। नरसिंहपुर में आपूर्ति विभाग की मुस्तैदी: नरसिंहपुर जिला आपूर्ति अधिकारी देवेंद्र खोबरिया ने भी कहा कि जिले में ईंधन की कमी जैसी कोई स्थिति नहीं है। प्रशासन ने पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ा दी है और जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने की समीक्षा: मंत्रालय में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। अपर मुख्य सचिव (खाद्य) रश्मि अरुण शमी ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। ऑयल कंपनियों ने भी पुष्टि की कि वर्तमान खपत के अनुसार पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमाखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्या कहते हैं विशेषज्ञ और एसोसिएशन? पेट्रोल पंप एसोसिएशन: पेट्रोल पंप एसोसिएशन से जुड़े संचालक नकुल शर्मा के अनुसार, ‘डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। सप्लाई नियमित चल रही है और ऊपर से भी स्टॉक कम होने की कोई सूचना नहीं है। यह सिर्फ ग्रामीण इलाकों में फैली अफवाह का नतीजा है।’ अर्थशास्त्री की राय:इकोनॉमिक इंस्टीट्यूट फॉर एक्सीलेंस इन हॉयर एजुकेशन, भोपाल के प्रोफेसर डॉ. महिपाल सिंह यादव का कहना है, 'खाड़ी देशों में तनाव का असर तेल बाजार पर पड़ना स्वाभाविक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सप्लाई तुरंत बंद हो जाएगी। भारत के पास पर्याप्त आयात विकल्प और भंडारण क्षमता है। पैनिक बाइंग अक्सर कृत्रिम कमी पैदा कर देती है, जबकि वास्तविक संकट होता ही नहीं है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा की शुरुआत कर दी है। काशी से वह उसी पालकी में सवार होकर मंदिर पहुंचे जिसको प्रयागराज महाकुंभ में रोका गया था। पालकी में बैठते ही उन्होंने सरकार पर हमला बोल दिया। शंकराचार्य ने यात्रा को लेकर कहा कि अभी तो जरूरी हो गई है और मजबूरी हो गई। अपने द्वारा चुनी सरकारों के सामने अपनी गौ-माता को बचाने के लिए युद्ध करना पड़ रहा है। पहले तीन तस्वीर देखें शंकराचार्य ने कहा - राजनीति वाले राजनीतिक मायने निकालते हैं। हम धार्मिक लोग है। अपनी गौ-माता को बचाने के लिए निकल रहे हैं। देश की आजादी के साथ से ही गो रक्षा कानून का सपना दिखाया गया है। इस कानून को अब तक लागू नहीं किया जा सका है। इस कानून को लागू कराया जाना आवश्यक हो गया है। 78 वर्ष से प्रतीक्षित कानून को लटकाए रखने का कोई औचित्य नहीं है। काशी से निकलते निकलते शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री को किया आमंत्रित शंकराचार्य जब अपने पालकी पर बैठे तो उन्होंने कहा कि सभी के लिए यह मौका है वह बताएं कि कितने बड़े गौ भक्त हैं। उन्होंने कहा जो मक्कार और कालनेमी होगा वह कुछ नहीं बोलेगा। उन्होंने कहा कि हमारे इस लड़ाई में कुछ सच्चे हिंदू हैं तो कुछ नकली हिंदू हैं। इसलिए दो पफाड़ दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शंकराचार्य ने वाराणसी से निकलते निकलते पुनः आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि वह एक योगी और संत है इसलिए उनको इस धर्म युद्ध में शामिल होना चाहिए और हम उन्हें बिल्कुल आमंत्रित कर रहे है। साथी उन्होंने यह भी कहा कि हम इतने दिन से यही कर रहे हैं कि उनके अंदर का संत जग जाए लेकिन नहीं जग रहा है तो हम क्या करें। केवल घोषणाएं और भाषण देने से गौ माता की रक्षा नहीं हो सकती- शंकराचार्य शंकराचार्य ने कहा - आजकल देश में कोई भी व्यक्ति किसी भी रूप में सामने आ जाता है। कोई अचानक नेता बन जाता है तो कोई संत या संन्यासी बन जाता है। लेकिन केवल वेशभूषा बदल लेने से व्यक्ति का आचरण नहीं बदलता। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति संत का वेश धारण करता है तो उसे उसी के अनुरूप आचरण भी करना चाहिए। समाज में आदर्श प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी ऐसे लोगों की होती है। गौ संरक्षण के मुद्दे पर भी राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ माता की रक्षा के प्रति गंभीर है तो उसे जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल घोषणाएं और भाषण देने से गौ माता की रक्षा नहीं हो सकती।
युद्ध का असर:नहीं मिलेंगे 1 माह में 2 LPG सिलेंडर
ईरान–अमेरिका युद्ध के बीच घरेलू गैस सप्लाई पर अनौपचारिक नियंत्रण शुरू कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी एलपीजी उपभोक्ता को महीने में दो सिलेंडर नहीं मिल पाएंगे। जिन ग्राहकों के पास डबल सिलेंडर कनेक्शन (डीवीसी) है उन्हें दूसरा सिलेंडर लेने के लिए 25 दिन इंतजार करना होगा, जबकि सिंगल सिलेंडर कनेक्शन वालों को 21 दिन बाद ही अगली बुकिंग पर सिलेंडर मिल सकेगा। जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद्र भदौरिया का कहना है कि एलपीजी सप्लाई पर नियमित निगरानी की जा रही है। एलपीजी फेडरेशन ग्वालियर-चंबल संभाग के अध्यक्ष पुष्पेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह व्यवस्था पोर्टल में लागू कर दी गई है। लगभग सभी एजेंसियों पर 300-400 पर्ची रुक गई हैं, कारण इनकी बुकिंग में अभी 21 या 25 दिन का अंतराल नहीं है।
भारत सरकार को ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध को रुकवाना चाहिए : सलमान खुर्शीद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने के लिए भारत सरकार को पहल करनी चाहिए
इजराइल-ईरान युद्ध में बिगड़े हालात से जेईई मेन-2026 अप्रैल सेशन पर संकट
उदयपुर | इजराइल-ईरान युद्ध के चलते बिगड़े हालात का असर अब भारत की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन-2026 के अप्रैल सेशन के कार्यक्रम पर इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है। वर्तमान कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा 2 से 9 अप्रैल के बीच आयोजित की जानी है, लेकिन खाड़ी देशों के कई शहरों में प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों के कारण स्थिति जटिल हो सकती है। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा बताते हैं कि जेईई मेन अप्रैल सेशन प्रभावित होने की आशंका है। पहला, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने दोहा, दुबई, मस्कट, रियाद, कुवैत और अबू धाबी जैसे शहरों में परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए हैं, जो वर्तमान में युद्ध प्रभावित क्षेत्र माने जा रहे हैं। दूसरा, सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने शनिवार 7 मार्च को जारी अधिसूचना में बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई के विदेशी परीक्षा केंद्रों पर 11 मार्च तक 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इनमें 9 मार्च को प्रस्तावित गणित विषय की परीक्षा भी शामिल है। इन परिस्थितियों में एनटीए को परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था पर नए सिरे से विचार करना पड़ सकता है। वहीं सीबीएसई को भी परीक्षा कार्यक्रम की नई कार्ययोजना बनानी होगी। यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो अप्रैल सेशन के कार्यक्रम में बदलाव या पुनर्निर्धारण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नीट यूजी- 2026: अंतिम तिथि आज, 10-12 मार्च तक सुधार का मौका मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 8 मार्च निर्धारित है। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय का इंतजार किए बिना आवेदन प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर लें और अंतिम तिथि बढ़ने से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि आवेदन के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि रह जाती है तो अभ्यर्थियों को घबराने की जरूरत नहीं है। एनटीए 10 मार्च से 12 मार्च के बीच करेक्शन विंडो खोलेगी, जिसमें विद्यार्थी अपने आवेदन में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे। फिलहाल नीट यूजी-2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविक आंकड़ा एनटीए की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। यदि परीक्षार्थियों की संख्या में कमी आती है तो यह मेडिकल शिक्षा के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है। उन्होंने इसके तीन कारण बताए पहला, पिछले समय में परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर सख्ती होने से फर्जी अभ्यर्थियों के हौसले कम हुए हैं। दूसरा, कई बार परीक्षा देने वाले विद्यार्थी अब अन्य करियर विकल्प तलाशने लगे हैं। तीसरा, देश में मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ रही है।
पटना में शनिवार को भाकपा-माले ने जीपीओ गोलंबर के पास शांति मार्च निकाला। ईरान के खिलाफ युद्ध पर तत्काल रोज लगाने की आवाज बुलंद की। CPIML MLC शशि यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी अमेरिका के खिलाफ नारे लगा रहे थे। MLC शशि यादव ने कहा कि पूरे विश्व को जिस तरह से अमेरिका युद्ध में धकेल रहा है, उसी युद्ध के खिलाफ आज हम लोग शांति मार्च निकाल रहे हैं। दुनिया के लोग युद्ध नहीं बल्कि शांति चाहते हैं। कभी भी युद्ध से कोई भी मसला हल नहीं हुआ है। हम पीएम से मांग करते हैं कि वह अमेरिका के खिलाफ खड़े हो और उसे सबक सिखाएं। अमेरिका के शर्तों पर हमारे देश में चीजें लागू मत कीजिए। अमेरिका की दादागिरी भारत के अंदर नहीं चलेगी और हमारे प्रधानमंत्री इस दादागिरी के खिलाफ खड़े हो। ईरान में कई बच्चे मारे जा रहे एप्स्टिन फाइल्स में जिस तरह से अमेरिका के लोगों का खुलासा हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए अमेरिका आज यह युद्ध पूरी दुनिया पर थोप रहा है। आज ईरान में कई बच्चे मारे जा रहे हैं उसी के खिलाफ हम लोग यह मार्च निकाल रहे हैं। हम अमन-चैन पसंद करने वाले लोग हैं कहा कि हम अमन-चैन पसंद करने वाले लोग हैं। हम यहां मार्च इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अमेरिका के सामने हमारा देश भी घुटने टेक रहा है। अमेरिका रोज-रोज नया आदेश जारी कर रहा है। पीएम मोदी अमेरिका के सामने घुटने टेक रहे हैं। यह हमें कहीं से भी बर्दाश्त नहीं है। इस युद्ध से भारत में भी काफी प्रभाव पड़ रहा है।
सीहोर में पाटीदार समाज ने युवाओं पर हुई कथित एकतरफा पुलिस कार्रवाई के विरोध में रैली निकालकर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समाजजनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दर्ज प्रकरण को निरस्त करने की मांग की। पाटीदार समाज के मनोज गुजराती ने बताया कि भोपाल के मिसरोद थाने में समाज के कुछ युवाओं पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उनका कहना है कि विवाद के दौरान समाज के युवाओं के साथ भी मारपीट हुई थी और उन्हें चोटें आई थीं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मिसरोद थाने में शिकायत भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने न तो घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया और न ही उनकी एफआईआर दर्ज की। समाजजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा समाज के अन्य युवाओं को भी डराया-धमकाया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की जाए ज्ञापन में मांग की गई है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की जाए। साथ ही समाज के युवाओं को परेशान न करने और दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग भी की गई है। समाजजनों का कहना है कि घटना के दौरान उनकी समाज को ‘जिहादी’ कहकर अपमानित किया गया और डीएनए परीक्षण की बात कही गई। इसके विरोध में समाज ने सभा आयोजित कर निंदा प्रस्ताव भी पारित किया। ज्ञापन का वाचन मध्यप्रदेश पाटीदार समाज संगठन के महामंत्री नंदकिशोर पाटीदार ने किया। इस दौरान मनोज गुजराती, रघुनंदन निगोदिया सहित ग्राम मुंगावली के कई नागरिक और बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
ड्रोन, इलेक्ट्रिक मोटर युद्ध में सबको कर रहे तबाह; इस तकनीक पर चीन का दबदबा: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि चीन ने उत्पादन के क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है, जबकि अमेरिका, भारत और अधिकांश दुनिया उपभोग के क्षेत्र में खेल रही है। असली रोजगार उत्पादन में हैं, न कि आईटी जैसे उपभोग वाले क्षेत्रों में।
अमेरिका-ईरान युद्ध से शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 2372 अंक टूटा, निवेशकों के लाखों करोड़ डूबे
Share Market Review Market ki Baat : अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग की वजह से इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट हुई। चार कारोबारी दिनों वाले इस हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार 3 दिन नकारात्मक रहा। सेंसेक्स में 2372 अंकों की गिरावट आई तो निफ्टी भी 728 अंक गिर गया। इससे निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह। कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 1,048 अंक टूटकर 80,238 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 313 अंक गिरकर 24,865 पर बंद हुआ। मंगलवार को होली की वजह से शेयर बाजार बंद रहे। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई। सेंसेक्स 1,127 अंक की भारी गिरावट के साथ 79,116 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 385 से ज्यादा अंक फिसलकर 24,481 पर बंद हुआ। सेंसेक्स गुरुवार को 900 अंक बढ़कर 80,016 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 285 अंक की बढ़त के साथ 24,766 पर बंद हुआ। सेंसेक्स शुक्रवार को 1,097 अंक टूटकर 78,919 के स्तर पर आ गया। निफ्टी भी 315 अंक टूटकर 24,450 पर बंद हुआ। ईरान स्टॉक एक्सचेंज बंद अमेरिका और इजराइल के हमले से ईरान को भारी नुकसान हुआ। भारी तबाही के बाद सरकार ने ईरान स्टॉक एक्सचेंज को अनिश्चिकाल के लिए बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि स्थिति सामान्य होने के बाद ही शेयर बाजार में काम शुरू हो पाएगा। इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल बाजार विशेषज्ञ मनीष उपाध्याय ने बताया कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध की वजह से इस हफ्ते शेयर बाजार में भारी गिरावट हुई। विदेशी निवेशकों ने इस दौरान जमकर बिकवाली की। अमेरिकी शेयर बाजारों से कमजोर संकेत और एशियाई बाजारों में सुस्ती ने भी निवेशकों का भरोसा कम किया। क्रूड ऑइल की कीमतें बढ़ने के बाद निवेशकों ने निवेश के बजाए नकदी को प्राथमिकता दी। युद्ध काल में निवेशकों की दिलचस्पी सेफ हैवन माने जाने वाले सोने में भी कम ही दिखाई दी। कैसा रहेगा अगला हफ्ता उपाध्याय के अनुसार, आने वाले हफ्ते में भी भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहने की संभावना है। अगर बाजार 24350 का लेवल तोड़ता है तो इसमें नई गिरावट आ सकती है। ऊपर में 24900 का बेस मजबूत दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार फिलहाल नकारात्मक धारणा बनी हुई है। फिलहाल तो यु्द्ध के जल्द खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। युद्ध खत्म होने के बाद भी बाजार में एक बार मुनाफा वसूली की स्थिति बन सकती है। अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टीमें अब चार्टर्ड फ्लाइट से भारत से रवाना होंगी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने इन टीमों के लिए विशेष उड़ानों का इंतजाम किया है। दरअसल, ईरान-इजाइल युद्ध के कारण हवाई सेवाएं प्रभावित हो गई हैं और दुबई से कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इसी वजह से टी-20 वर्ल्ड कप में अपने-अपने मैच खत्म होने के बाद ये तीनों टीमें भारत में ही फंसी हुई थीं। शनिवार और रविवार को रवाना होंगी टीमेंक्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार यानी 5 मार्च को भारत से सेमीफाइनल हारने वाली इंग्लैंड की टीम शनिवार शाम को मुंबई से सीधे लंदन के लिए उड़ान भरेगी। वहीं, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका की टीमें कोलकाता से एक अलग चार्टर्ड फ्लाइट से रवाना होंगी। यह फ्लाइट पहले जोहान्सबर्ग (साउथ अफ्रीका) जाएगी और वहां से एंटीगुआ (वेस्टइंडीज) के लिए उड़ान भरेगी। साउथ अफ्रीकी टीम के रविवार को रवाना होने की उम्मीद है। वेस्टइंडीज के कोच ने सोशल मीडिया पर गिनाए दिनवेस्टइंडीज की टीम 1 मार्च को सुपर-8 के आखिरी मैच में भारत से हारकर बाहर हो गई थी, तब से खिलाड़ी कोलकाता में ही रुके हुए हैं। वेस्टइंडीज के हेड कोच डेरेन सैमी ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर'Day 6'पोस्ट किया। उनका इशारा उन दिनों की तरफ था जो टीम को मैच खत्म होने के बाद मजबूरी में कोलकाता में बिताने पड़े। जिम्बाब्वे की टीम को भी भारत से निकलने में काफी देरी हुई, हालांकि उनके कुछ सदस्य 4 मार्च को रवाना हो चुके हैं। साउथ अफ्रीका के कुछ खिलाड़ी सीधे न्यूजीलैंड जाएंगेसाउथ अफ्रीका की टीम 4 मार्च को पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हार गई थी। टीम के मैनेजमेंट के साथ केशव महाराज,जेसन स्मिथ और जॉर्ज लिंडे जैसे खिलाड़ी रविवार को कोलकाता से सीधे न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे। वहां 15 मार्च से लिमिटेड ओवर्स की सीरीज शुरू होनी है। बाकी टीम जोहान्सबर्ग वापस लौट जाएगी। कल अहमदाबाद में होगा फाइनल मुकाबला7 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच के साथ ही एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप का समापन हो जाएगा। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत-न्यूजीलैंड जहां साउथ अफ्रीका से हारे, वहीं वर्ल्डकप फाइनल खेलेंगे:इकोनॉमी, रन-रेट में दोनों बराबर; पावरप्ले में कीवी, मिडिल ओवर्स में इंडिया आगे टी-20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी को 20 टीमों के बीच शुरू हुआ। 5 मार्च तक 2 फाइनलिस्ट टीमें मिल गईं, जिनके बीच 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। न्यूजीलैंड ने कोलकाता और भारत ने मुंबई में सेमीफाइनल जीता। पूरी खबर
भारत ने ईरान के IRIS लावन युद्धपोत को क्यों दी थी शरण? विदेश मंत्री जयशंकर ने असली बताई वजह
विदेश मंत्री के अनुसार, ईरानी जहाज ‘आईरिस लावन’ को समुद्र में तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा था। इसी दौरान ईरान के एक अन्य जहाज ‘आईरिस देना’ (IRIS Dena) के अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में डूबने की घटना भी सामने आई।
अमेरिका ईरान जंग में क्या पाकिस्तान भी होगा शामिल, सऊदी अरब के रक्षा मंत्री से क्या बोले आसिम मुनीर?
रियाद। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में 8वें दिन भी भीषण युद्ध चल रहा है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान में भारी तबाही मचाई वहीं ईरान ने कई देशों में अमेरिकी एयरबेस तबाह कर दिए। इस बीच सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान बिन ...
बुलंदशहर के डीएवी पीजी कॉलेज में शनिवार को आध्यात्मिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्वामी अवधेशानंद गिरि ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता और आध्यात्मिक मूल्यों का महत्व समझाया। कार्यक्रम का विषय चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों का स्वर था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में स्वामी अवधेशानंद गिरि ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा लखनऊ में आयोजित 'धर्म युद्ध' पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश में हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता है। अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य माने जाने के सवाल पर स्वामी अवधेशानंद ने स्पष्ट किया कि इस विषय में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया भी उन्हें शंकराचार्य नहीं मानता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में संवाद और विचार व्यक्त करने की परंपरा पर जोर दिया। स्वामी अवधेशानंद ने साध्वी प्राची के अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर दिए गए बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता एक ऐसा ग्रंथ है जिसे न केवल भारत बल्कि विश्व के अनेक विचारकों ने पढ़ा और समझा है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वामी अवधेशानंद गिरि ने समय के सही प्रबंधन को सफलता का सबसे बड़ा मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि जो छात्र अपने समय का सदुपयोग करना सीख लेते हैं, वे निश्चित रूप से सफल होते हैं। उन्होंने छात्रों को पर्याप्त नींद लेने, अच्छी संगति में रहने और सफल व्यक्तियों की जीवनियां पढ़कर प्रेरणा लेने की भी सलाह दी। जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण आवश्यक है। इसके लिए कानून बनाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में आने वाली समस्याओं से बचा जा सके। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने स्वामी अवधेशानंद गिरि से प्रश्न पूछे और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
युद्ध का असर: रसोई गैस सिलिंडर बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव, ऑनलाइन बुकिंग में भी दिक्कत
मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े भीषण युद्ध का असर अब भारत पर भी पड़ने लगा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पर दिखने लगाया है। युद्ध के लंबा खींचने के अंदेशाऔर वैश्विक संकट को देखते हुए ...
ईरान युद्ध: रूस क्यों नहीं आ रहा ईरान की मदद के लिए सामने?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी कम सहयोगियों वाली ईरानी सरकार, अमेरिका और इस्राएल के जारी हमलों के बीच मॉस्को के समर्थन की उम्मीद कर रही थी. लेकिन अब तक तो उसे केवल निराशा ही हासिल हुई है
युद्ध खत्म होने के बाद कैसा दिख सकता है ईरान का भविष्य
अभी कोई नहीं जानता कि अमेरिका, इस्राएल और ईरान के बीच छिड़ी यह जंग कब खत्म होगी. यह कहना भी मुश्किल है कि लड़ाई के बाद ईरान की हालत कैसी होगी
अधिकांश जर्मन मतदाता ईरान युद्ध के खिलाफ; डर का माहौल
जर्मनी के एक नए सर्वे के अनुसार जर्मन मतदाता ईरान पर अमेरिका-इस्राएल हमलों और मध्य पूर्व की स्थिति के वैश्विक प्रभावों को लेकर चिंतित हैं. अमेरिका पर जर्मन लोगों का भरोसा कम हो गया है
7 March Top News : ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध का आज 8वां दिन है। अमेरिका ने ईरान की तीनों सेनाओं को खत्म करने का दावा किया। इस बीच एक अमेरिकी अखबार ने आरोप लगाया कि रूस ईरान को अमेरिकी युद्धपोनों की जानकारी दे रहा है। युद्ध की वजह से भारत में रसोई ...
LPG Cylinder Price in India : ईरान अमेरिका युद्ध के बीच भारत में 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस के दाम 60 रुपए बढ़ गए हैं। दिल्ली में अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 से बढ़कर 913 रुपए हो गई है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपए महंगा मिलेगा। यह ...
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार को काशी से ‘धर्म युद्ध’ नाम से आंदोलन की शुरुआत कर दी। गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर शुरू की गई यात्रा 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी। शंकराचार्य यहां “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” करेंगे। यात्रा के दौरान लोगों को पोस्टर बांटे गए। इनमें लिखा है- 'जिंदा हिंदू लखनऊ चलें'। इससे पहले, शंकराचार्य सुबह 8.30 बजे मठ से निकलकर गौशाला पहुंचे। गाय की पूजा की। फिर पालकी पर सवार हुए। मठ से 300 मीटर दूर स्थित चिंतामणि गणेश मंदिर पहुंचे। यहां 11 बटुकों ने उनका स्वागत किया। फिर पूजा-अर्चना कर संकट मोचन मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और अपने संकल्प को दोहराया। इसके बाद शंखनाद और जयकारों के बीच अपनी वैनिटी वैन से लखनऊ रवाना हो गए। शंकराचार्य के साथ यात्रा में 20 से अधिक गाड़यां शामिल हैं। 500 से अधिक श्रद्धालु उनके साथ चल रहे हैं। जगह-जगह पर उनके स्वागत के लिए भक्त इंतजार कर रहे हैं। यात्रा के दौरान शंकराचार्य ने मीडिया से कहा- बहुत दुर्भाग्य की बात है कि धर्म युद्ध के लिए निकलना पड़ रहा है। अपने ही देश में, अपने ही वोट से चुनी सरकार के सामने, अपनी ही गौमाता को बचाने के लिए हम लोगों को आंदोलन करना पड़ रहा है। डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य के स्वागत वाले बयान पर बोले- जिसके मन में जो है, यही मौका है, बोल दे। जो गाय के पक्ष में है, वो बोल रहा है। अपनी अभिव्यक्तियों से वे बता रहे हैं कि हम किधर हैं। जो हिम्मती लोग हैं, वो बोलेंगे कि मैं गाय के पक्ष में नहीं हूं। जो अंदर से मक्कार है, कालनेमि है, वो कुछ नहीं बोलेंगे। शंकराचार्य के जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
नमस्कार, कल की बड़ी खबर रसोई गैस से जुड़ी है। घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा हो गया है। ईरान जंग के चलते सरकार ने कंपनियों को प्रोडक्शन बढ़ाने का निर्देश दिया है। दूसरी खबर कर्नाटक में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगाने की तैयारी से जुड़ी है। ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. दावा- घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़े: ईरान जंग से रसोई गैस की किल्लत की संभावना केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिलेगी। पहले यह 853 रुपए की थी। वहीं, 19 किग्रा वाले कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो जाएंगी। सरकार का LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने गैस के दामों में बढ़ोत्तरी ऐसे वक्त की है जब ईरान जंग के चलते देश में किल्लत की संभावना जताई गई है। सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। सप्लाई संकट की 3 वजह पूरी खबर पढ़ें... 2. UPSC 2025 एग्जाम: राजस्थान के अनुज टॉपर, UP में परचून वाले की बेटी IAS बनी UPSC ने शुक्रवार को सिविल सर्विस एग्जाम 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया। यूपी के शामली की 23 साल की आस्था जैन को 9वीं रैंक मिली। आस्था ने पहले प्रयास में UPSC क्वालीफाई किया था। 131वीं रैंक पाकर वो IPS बनी थीं। हैदराबाद में IPS की ट्रेनिंग से छुट्टी लेकर सिविल सर्विस की पढ़ाई की। उनके पिता परचून की दुकान चलाते है। वहीं, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया। 958 कैंडिडेट्स अलग-अलग सर्विसेज के लिए चयनित हुए हैं। अनुज ने तीसरी बार एग्जाम पास किया: पहले भी 2 बार UPSC एग्जाम क्लियर कर चुके हैं। UPSC 2023 में पहले प्रयास में उन्हें दिल्ली में SDM के पद पर नियुक्ति मिली थी। अनुज के पिता केबी अग्निहोत्री राजस्थान परमाणु बिजलीघर में काम करते हैं। मां मंजू अग्निहोत्री गृहिणी हैं। 180 कैंडिडेट्स IAS के लिए चयनित: जारी रिजल्ट में कुल 180 कैंडिडेट्स IAS के लिए चयनित हुए हैं। IFS के लिए 55 कैंडिडेट्स का चयन हुआ है। वहीं, 150 IPS चुने गए हैं। पूरी खबर पढ़ें... 3. रूस से कच्चा तेल खरीद सकेगा भारत, ईरान जंग के कारण अमेरिका ने 3 अप्रैल तक रियायत दी भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है, क्योंकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का स्पेशल लाइसेंस दिया है। ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा। 5 मार्च तक लोड हुए जहाजों का ही तेल खरीद सकेंगे: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के 'ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल' ने तेल खरीद के लिए ये लाइसेंस जारी किया है। इसके तहत 5 मार्च तक जहाजों पर लोड हो चुके रूसी कच्चे तेल की ही डिलीवरी भारत को की जा सकेगी। यानी, जो जहां पहले से समुद्र में है उनसे सप्लाई होगी। भारत बोला- हमें तेल खरीदने के लिए किसी की इजाजत नहीं: सरकार की तरफ से एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि भारत कभी भी रूसी तेल खरीदने के लिए किसी देश की इजाजत पर निर्भर नहीं रहा है। हालांकि, US बैन में छूट से रिफाइनर इसे खरीद सकते हैं, लेकिन यह देश की पॉलिसी तय नहीं करता है। हम कभी किसी दबाव में नहीं झुकते। हमारी सरकार हमेशा से बहुत साफ रही है कि हमें जहां से भी तेल मिलेगा, वहां से खरीदेंगे। पूरी खबर पढ़ें... 4. दावा- ईरान का एक युद्धपोत अभी भारत में, 183 नौसैनिक यहीं मौजूद हैं ईरान का युद्धपोत IRIS Lavan तकनीकी खराबी आने के बाद भारत के कोच्चि बंदरगाह पर आकर रुका हुआ है। ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि जहाज को अनुमति मिलने के बाद यहां डॉक किया गया। 183 नौसैनिकों को सुविधाएं दी जा रहीं: रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने 28 फरवरी को भारत से अनुरोध किया था। इसके बाद जहाज 4 मार्च को कोच्चि पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू मेंबर्स फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहराए गए हैं और उन्हें जरूरी सहायता दी जा रही है। इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे जहाज भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया था। हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए थे। ट्रम्प बोले- ईरान बिना शर्त सरेंडर करे: अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग को सात दिन हो गए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता तभी संभव है जब वह बिना शर्त सरेंडर करे। इजराइल-ईरान जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स ट्रम्प ने खामेनेई के बेटे को उनका उत्तराधिकारी मानने से इनकार किया। अमेरिका-इजराइल हमलों में ईरान में 1332 लोगों की मौत। ईरान में अब तक 1300 हमले हुए, 14 मेडिकल सेंटर निशाना बने। ईरान में कई जगह पानी और बिजली सप्लाई ठप हुई। इजराइल ने ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर तबाह किए। ईरान बोला- कुवैत-बहरीन और UAE में 20 अमेरिकी बेस को नुकसान हुआ। पूरी खबर पढ़ें… 5. मुरादाबाद में इंजीनियर भाई ने बहन की हत्या की, मां को चाकू मारे; बहन भी इंजीनियर थी मुरादाबाद में 25 साल के इंजीनियर ने दिनदहाड़े अपनी सगी इंजीनियर बहन की हत्या कर दी। वारदात के बाद वह जॉब पर गई मां को ऑफिस से घर लेकर आया। मां अंदर गई तो बेटी का खून से लथपथ शव देखकर चीखने लगी। यह देखकर आरोपी हार्दिक ने मां पर भी चाकू से हमला कर दिया। महिला के चीखने की आवाज सुनकर दो पड़ोसी महिलाएं पहुंचीं। उन्हें देखते ही आरोपी कार लेकर भाग गया। महिलाएं घर के अंदर गईं तो मां-बेटी खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को मुरादाबाद जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने बहन को मृत घोषित कर दिया। मां नीलिमा अस्पताल में भर्ती हैं। पूरी खबर पढ़ें… 6. कर्नाटक बच्चों के सोशल मीडिया यूज पर बैन लगाएगा, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने का ऐलान किया। कर्नाटक ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है। सीएम सिद्धारमैया ने बजट भाषण के दौरान कहा कि बच्चों में मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे उन पर गलत असर पड़ रहा है। उम्र का वैरिफिकेशन जरूरी होगा: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन का प्रस्ताव डेटा सुरक्षा कानून डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 (DPDP) और पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन रूल्स 2025 से भी जुड़ा है। इसके तहत बच्चों को अकाउंट बनाने से पहले माता-पिता की अनुमति और उम्र का वैरिफिकेशन जरूरी होगा। पूरी खबर पढ़ें... 7. सोना 3 दिन में ₹8720 सस्ता, ₹1.59 लाख पर आया, चांदी ₹29,125 गिरी 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,835 रुपए घटकर ₹1,58,751 पर आ गया है। गुरुवार को इसकी कीमत 1,60,586 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सोना 3 दिन में 8,720 सस्ता हुआ है। वहीं एक किलो चांदी 3,489 रुपए गिरकर ₹2,60,723 पर आ गई है। ये 3 दिन में 29,125 रुपए सस्ती हुई है। ऑल टाइम हाई से 1.25 लाख रुपए गिरी चांदी: चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 36 दिन में चांदी 1,25,210 लाख रुपए सस्ती हो गई है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. बंगाल SIR: ममता बनर्जी कोलकाता में धरने पर बैठीं: कहा- चुनाव आयोग ने जिन वोटर को मृत बताया, मैं उन्हें सामने लाऊंगी (पढ़ें पूरी खबर) 2. ईरान जंग: उप-विदेश मंत्री बोले- आखिरी गोली तक लड़ेंगे: ट्रम्प न्यूयॉर्क का मेयर नियुक्त नहीं कर सकते, हमारा लीडर क्या खाक तय करेंगे (पढ़ें पूरी खबर) 3. नेशनल: राहुल बोले-लोग केरल स्टोरी-2 नहीं देख रहे, ये अच्छी खबर: फिल्मों और मीडिया का इस्तेमाल प्रोपेगैंडा के लिए हो रहा; केरल में स्टूडेंट्स से बात की (पढ़ें पूरी खबर) 4. फैसला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ वॉट्सएप चैट से तलाक नहीं: पत्नी पर क्रूरता के आरोप साबित करने होंगे; फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया (पढ़ें पूरी खबर) 5. नेपाल चुनाव: भारत विरोधी ओली 10 हजार वोटों से पीछे: अपने गढ़ में मिल रही हार, बालेन शाह की पार्टी RSP 110 सीटों पर आगे (पढ़ें पूरी खबर) 6. इंटरनेशनल: होर्मुज से 24 घंटे में सिर्फ 2 जहाज निकले: दुनिया की 20% तेल सप्लाई रुकी; रक्षा मंत्री बोले- भारत की तेल-गैस सप्लाई पर सीधा असर (पढ़ें पूरी खबर) 7. एंटरटेनमेंट: ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का ट्रेलर आज होगा रिलीज: रणवीर सिंह का डबल रोल, पांच भाषाओं में 19 मार्च को रिलीज होगी फिल्म (पढ़ें पूरी खबर) 8. T20 वर्ल्डकप: पॉप स्टार रिकी मार्टिन क्लोजिंग सेरेमनी में परफॅार्म करेंगे:8 मार्च को भारत-न्यूजीलैंड फाइनल से पहले शो होगा, 2 ग्रैमी अवॉर्ड जीते (पढ़ें पूरी खबर) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... मलेशिया में रहने वाले शख्स के 42 दांत, दो अभी निकलना बाकी मलेशिया के प्रथाब मुनियांडी नाम के शख्स ने सबसे ज्यादा दांत होने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। प्रथाब के मुंह में 32 की जगह 42 दांत हैं। इस रिकॉर्ड को 2023 में आधिकारिक तौर पर मान्यता मिली थी। हालंकि अब जांच में पता चला है कि उनके दो और दांत निकलना बाकी हैं। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर- बालेन शाह नेपाल के पीएम बनने के करीब, 35 साल उम्र, टोपियों और रैप के शौकीन; क्या भारत को चिंता करनी चाहिए 2. क्या निशांत के लिए नीतीश को हटाने का बना प्लान: भाजपा नेताओं ने शाह को बताया-सरकार अफसर चला रहे; 7 दिन में ललन-संजय ने बनाई स्ट्रैटजी 3. रामनवमी से पहले बिहार में भाजपा सरकार: JDU के दो डिप्टी CM सहित 32 मंत्री ले सकते हैं शपथ, स्पीकर-गृह मंत्रालय पर फंसा है पेंच 4. भास्कर इंटरव्यू- 'ईरान की 20 हजार मिसाइलें परमाणु बम जैसी': इजराइल की विपक्षी नेता बोलीं- अमेरिका के साथ मिलकर दुनिया बचा रहे, ईरानी हमारे भाई-बहन 5. जरूरत की खबर- बीपी कम करना है तो दही खाएं: इम्यूनिटी बढ़ाए, इंफ्लेमेशन कम करे, 12 हेल्थ बेनिफिट्स, जानें किसे नहीं खाना चाहिए 6. भास्कर एनालिसिस- नीतीश कुमार कैसे कमजोर होते गए, 10 बड़ी घटनाएं: महिलाओं पर अटपटे कमेंट, नुसरत का हिजाब खींचा, 20 महीने में 10 बार असहज हुईं BJP-JDU करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज धनु राशि के लोगों को तनाव से दूरी रखनी होगी। मीन राशि के लोगों को कानूनी मामलों में अच्छी खबर मिल सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने संकेत दिया कि कुछ देश युद्ध समाप्त कराने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। इसे संघर्ष खत्म करने के लिए संभावित कूटनीतिक पहल का शुरुआती संकेत माना जा रहा है।
ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा 11 मार्च को लखनऊ में प्रस्तावित ‘गो-प्रविष्ठा धर्मयुद्ध’ कार्यक्रम को लेकर अभी प्रशासन की मंजूरी नहीं मिली है। राजधानी के आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के लिए आयोजकों की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन का कहना है कि अब तक आधिकारिक अनुमति जारी नहीं की गई है और मामले की समीक्षा की जा रही है। आशियाना में प्रस्तावित है बड़ा कार्यक्रमआयोजकों के मुताबिक 11 मार्च को शीतला अष्टमी के अवसर पर आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल, पासी किला चौराहा पर दोपहर 2:15 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इस दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ‘गो-प्रविष्ठा धर्मयुद्ध’ का औपचारिक शंखनाद करेंगे और समर्थकों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में संत-समाज, विभिन्न संगठनों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। अविमुक्तेश्वरानंद के आवेदन पत्र- पुलिस-प्रशासन ने अभी नहीं दी अनुमतिसूत्रों के अनुसार इस कार्यक्रम के लिए अब तक पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से औपचारिक अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अनुमति दी जाती है। इसी वजह से संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर होगी समीक्षाप्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन का विस्तृत प्लान तैयार करना जरूरी है। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर पर समीक्षा की जा रही है। इसके बाद ही कार्यक्रम को लेकर अनुमति देने या न देने पर फैसला लिया जाएगा। लखनऊ कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की मंजूरी पर संशयसूत्रों के मुताबिक लखनऊ में 11 मार्च को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई अनुमति नहीं दी गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि फिलहाल, मंजूरी मिलने की संभावना कम है। इसके बावजूद आयोजकों की ओर से कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। काशी से लखनऊ तक यात्रा पर हैं शंकराचार्यशंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों काशी से लखनऊ तक यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, मोहनलालगंज, उन्नाव और नैमिषारण्य सहित कई स्थानों पर सभाएं प्रस्तावित हैं। आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा गौ-रक्षा को लेकर जनजागरण अभियान का हिस्सा है और 11 मार्च को लखनऊ में इसका मुख्य कार्यक्रम रखा गया है। आयोजकों ने शुरू कर दी तैयारियांहालांकि प्रशासन की ओर से अनुमति अभी लंबित है, इसके बावजूद आयोजकों ने कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभिन्न जिलों में समर्थकों और श्रद्धालुओं को सूचना दी जा रही है ताकि वे 11 मार्च को लखनऊ पहुंच सकें। वहीं, प्रशासन का कहना है कि नियमों के तहत ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।
वाराणसी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शंखनाद करने जा रहे हैं। आज यानी शुक्रवार शाम 5 बजे शंकराचार्य घाट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाएंगे। यहीं पर धर्मयुद्ध शंखनाद का संकल्प लेंगे। वहीं इससे पहले शंकराचार्य ने कहा- सीएम योगी के पास 5 दिन का समय बचा है। वह गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कर दें। अभी तक उनकी तरफ से कोई बयान नहीं आया है। उनके ही पार्टी के अन्य लोग समर्थन कर रहे हैं, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा है। 7 मार्च को हनुमान चालीसा का पाठ कर वाराणसी से लखनऊ के लिए निकलेंगे। वहां पर सभी साधु संतों के सामने हम अपने फैसले सुनाएंगे। उन लोगों का चेहरा भी सामने लाएंगे, जो लोग हमारे इस अभियान में साथ हैं। रास्ते में हमें जहां रोका जाएगा, हम कानून का पूरा साथ देंगे। उम्मीद है कि ये धर्म की यात्रा है, इसमें कोई बाधा नहीं आएगी। अपने निर्धारित मार्ग और कार्यक्रम के अनुसार ही लखनऊ के लिए बढ़ेंगे। हम अपने मार्ग पर निकलेंगे और जो भी निर्णय लेना होगा, वह अपने धर्म और परंपरा के अनुसार लेंगे। प्रशासन को जो करना है वह करे, लेकिन अपने तय कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेंगे। शंकराचार्य को लेकर जारी विवाद का ताजा मामला विस्तार से पढ़िए- प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। 27 फरवरी को हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख 9 मार्च तय की। तब तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। शंकराचार्य के जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव ने उदयपुर के पर्यटन कारोबार को काफी कमजोर कर दिया है। हालात यही रहे तो अगले 2 महीने में इस सेक्टर की कमर टूटनी तय है। 15 मार्च से झीलों की नगरी में पर्यटन का पीक सीजन शुरू होने वाला था, लेकिन उससे पहले ही इंटरनेशनल फ्लाइट्स के रद्द होने और हवाई मार्गों में बदलाव ने पर्यटकों के कदम पूरी तरह रोक दिए हैं। एक अनुमानित आकंडे के आधार पर इन हालातों से मार्केट में सीधे 40 से 50 फीसदी पर्यटकों की कमी हुई है। कई देशों में बिगड़ते हालातों के चलते लोग डरे हुए हैं और बच्चों की छुट्टियों के लिए बनाई गई अपनी पूरी ट्रैवल प्लानिंग को फिलहाल टाल रहे हैं। खाड़ी देशों से आने वाले पर्यटकों का ग्राफ भी तेजी से गिरा है। उदयपुर में 1500 से ज्यादा होटल, रिसोर्ट्स और होमस्टे-विला है, ऐसे में इस सेक्टर की इकॉनामी बिगड़ने की आशंका है। उदयपुर के स्थानीय पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि 15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच यूरोप से आने वाले पर्यटकों की लगभग सभी बुकिंग कैंसिल हो चुकी है। इन देशों के अलावा भारत के कई इलाकों के लोग ऐसे माहौल के बीच घूमना पसंद करते है। इसी तरह उदयपुर और भारत के अन्य हिस्सों से यूरोप जाने वाले टूरिस्ट भी एयर स्पेस की पाबंदियों के कारण बीच में ही फंसे हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में बिजनेस ट्रैवलर भी शामिल हैं, जो अपने काम के सिलसिले में विदेश जा रहे थे। पर्यटन विशेषज्ञों के मुताबिक रमजान और ईद के दौरान बड़ी संख्या में खाड़ी देशों के सैलानी हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली, आगरा और राजस्थान घूमने आते हैं। इस बार अचानक बने युद्ध के हालात की वजह से इन यात्राओं पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। भारत सरकार ने भी ईरान और इजराइल के रूट पर यात्रा करने वालों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी कर उन्हें सतर्क रहने और फिलहाल यात्रा से बचने की सलाह दी है। उदयपुर होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी इस संकट के कारण भारतीय पर्यटकों के विदेश जाने की संख्या में 90 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। ट्रैवल एजेंसियों के पास बुकिंग्स कैंसिल कराने वालों की लंबी कतार लगी है। सबसे बड़ी समस्या अब रिफंड को लेकर आ रही है। हालांकि एयरलाइंस की ओर से कुछ मामलों में रिफंड मिल रहा है, लेकिन होटल बुकिंग का पैसा वापस लेने में सैलानियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना का कहना है कि युद्ध के कारण कई भारतीय पर्यटक मिडिल ईस्ट के देशों में फंस गए हैं। उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस लाने के लिए भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन की मदद से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसका असर इंडिया और उदयपुर के लोकल पर्यटन क्षेत्र पर भी है। विभाग इसको लेकर भी उच्च अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट कर चुका हैं। ग्लिम्पसेस ऑफ राजस्थान के निदेशक आनंद सिंह शक्तावत ने बताया कि मिडिल ईस्ट के एयर स्पेस बंद होने से यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से भारत आने वाले कई ग्रुप टूर भी कैंसिल हो गए हैं, जिससे पर्यटन उद्योग को दोहरा झटका लगा है।
नर्मदापुरम। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने की अफवाह के कारण ईंधन की आपूर्ति बाधित होने की आशंका से जिले में किसान और आम लोग चिंतित नजर आए। इसी डर के चलते पिपरिया और बनखेड़ी क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर दोपहर से लेकर देर रात तक भारी भीड़ लगी रही। किसान और नागरिक पेट्रोल-डीजल का स्टॉक करने बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए। कई लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़े-बड़े ड्रम और केन लेकर ईंधन भरवाते दिखाई दिए। लोगों को आशंका है कि आने वाले दिनों में डीजल, पेट्रोल और एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, इसलिए वे पहले से भंडारण करने में जुट गए हैं। कई पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारेंमंगलवारा बाजार स्थित आइल एंड जनरल स्टोर, बनखेड़ी रोड पर स्थित पालीवाल पेट्रोल पंप समेत अन्य पंपों पर भीड़ बढ़ गई। मंगलवारा बाजार में वाहनों की लंबी कतार लगने से जाम की स्थिति बन गई। पुराने बस स्टैंड के पेट्रोल पंप से मंगलवारा चौराहे तक वाहन फंस गए, वहीं दूसरी ओर ओवरब्रिज तक जाम लग गया। स्थिति संभालने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस को भी मौके पर पहुंचना पड़ा। तहसीलदार वैभव बैरागी टीम के साथ पेट्रोल पंपों पर पहुंचे और लोगों को समझाइश दी। उन्होंने कहा कि जिले में अभी तक पेट्रोल-डीजल की कमी की कोई सूचना नहीं है, इसलिए अफवाहों से बचें। नियमों के खिलाफ ड्रमों में दिया जा रहा ईंधनपेट्रोल पंपों पर बड़े ड्रमों में पेट्रोल-डीजल देना नियमों के विरुद्ध है। आम तौर पर किसान सिंचाई कार्य के लिए सीमित मात्रा में ही डीजल ले जा सकते हैं। इसके बावजूद कई जगह पंप संचालक बड़े-बड़े ड्रम और केनों में पेट्रोल-डीजल देते नजर आए। इससे अफरातफरी का माहौल बनने की आशंका भी जताई जा रही है। प्रशासन ने कहा—अफवाहों पर ध्यान न देंजिला आपूर्ति अधिकारी रश्मि साहू ने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। ईंधन की आपूर्ति लगातार और नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान खपत को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और जिले की जरूरत के अनुसार एलपीजी गैस का भी पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। प्रशासन द्वारा पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के स्टॉक की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोलियम पदार्थ खरीदें, अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से पेट्रोल-डीजल का भंडारण न करें।
अमेरिका-ईरान युद्ध:दुबई से आना हुआ महंगा, मुंबई तक की फ्लाइट में किराया 1.21 लाख रुपए तक
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच यूएई में पहले फ्लाइट बंद होने व अब सीमित संख्या में फ्लाइट संचालन के कारण कई लोग अब भी वहां फंसे हुए हैं। सीमित रूट पर फ्लाइट शुरू होने से इनके किराए में 8-10 गुना तक की बढ़ोतरी हो गई है। दुबई से मुंबई का किराया 60 हजार रुपए से लेकर 1.21 लाख रुपए तक पहुंच गया है, जबकि आम दिनों में यह किराया 15-18 हजार रुपए रहता है। दुबई में फंसे इंदौर के आठ लोगों के ग्रुप ने दुबई से 160 किमी दूर फुजैरा से मुंबई तक फ्लाइट बुक की है। प्रति व्यक्ति किराया करीब 85 हजार रुपए रहा। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के अनुसार अभी सीमित संख्या में फ्लाइट संचालन से यह स्थिति बन रही है। आने वाले दिनों में सभी फ्लाइटों के संचालन के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। 85 हजार रुपए में करवाई बुकिंग इंदौर से दुबई गए आठ लोगों का ग्रुप दुबई में चार दिन तक फंसा रहा। ग्रुप से जुड़े लोग 2 मार्च को आने वाले थे, हालांकि फ्लाइट निरस्त होने से वहीं रह गए। दो दिन पहले वाया कोच्चि होते हुए फ्लाइट करवाई थी, हालांकि आखिरी मौके पर वह फ्लाइट भी निरस्त हो गई। ग्रुप से जुड़े संजय गोयल ने कहा अब फुजैरा से मुंबई तक की फ्लाइट बुक करवाई और रात को इससे मुंबई पहुंचे। उन्होंने कहा प्रति व्यक्ति 85 हजार रुपए फेयर आया है। फ्लाइट के लगातार निरस्त होने के कारण मुंबई से इंदौर तक के टिकट नहीं करवाए थे। गोयल ने कहा कि दुबई में सभी लोग सुरक्षित थे, किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। होटलें भी काफी सस्ती हैं। यूएई सरकार भी यात्रियों की काफी मदद कर रही है। दुबई से मुंबई सीधी फ्लाइट का फेयर6 मार्च: 78 हजार से लेकर 1.21 लाख रुपए तक। 7 मार्च: 61 हजार से लेकर 1.18 लाख रुपए तक।8 मार्च: 54 हजार से लेकर 1.09 लाख रुपए तक।9 मार्च: 27 हजार से लेकर 82 हजार रुपए तक। 10 मार्च: 18 हजार से लेकर 1.09 लाख रुपए तक। लगातार निरस्त हो रहे टूर इधर, जिन लोगों ने पहले दुबई की आगे की बुकिंग थी, उन्होंने भी स्थिति को देखते हुए बुकिंग निरस्त कर दी है। एक ट्रेवल कंपनी के प्रमुख ने कहा कि उनकी मार्च के पहले सप्ताह में तीन बुकिंग थी, तीनों निरस्त कर दी गई हैं। जिनकी मार्च के आखिरी सप्ताह या अप्रैल की बुकिंग है, वे भी असमंजस में हैं। सबकुछ सामान्य, दुबई में रह रहे लोग मदद के लिए आगे आए मिडिल ईस्ट दुबई के चेयरमैन चंद्रशेखर भाटिया ने कहा दुबई में सबकुछ नार्मल है। ऑफिस खुले हुए हैं। लोग आराम से घूम रहे हैं। यूएई सरकार भी लोगों को काफी सपोर्ट कर रही है। वहीं, दुबई के लोग भी फ्लाइट निरस्त होने से फंसे हुए लोगों की मदद कर रहे हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। विभिन्न संगठनों के लोगों द्वारा भी लगातार मदद की जा रही है। कई लोगों ने अपनी बिल्डिंग भी लोगों के लिए खोल दी है।
माकपा नेता ने ईरानी युद्ध पोत पर हमले की निंदा
बेगूसराय |ईरानी युद्ध पोत आईआरएस डेना’ को युद्धाभ्यास से लौटते के दैारान अमेरिका द्वारा किए गए हमला पर माकपा ने निंदा की है। माकपा की जिला ईकाई ने इसकी कड़ी निंदा की है। माकपा ने इसे कुकृत्य को जघन्य अंतरराष्ट्रीय अपराध एवं लोकतंत्र की वैश्विक प्रतिस्थापना की अवधारणा के खिलाफ क्रुर तानाशाही का रवैया मानती है। उक्त बातें माकपा के सचिव मंडल सदस्य दयानिधि चौधरी ने कहा िक यह ईरानी युद्ध पोत पर जल के अंदर से ही टॉरपीडो हमला द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार किया गया है। ऐसे में माकपा भारत सरकार से मांग करती है कि केंद्र सरकार की ओर से अधिकारिक तौर पर इस संदर्भ में कड़ा रूख अपनाई जाय, क्योंकि अपरोक्ष रूप से यह भारत की स्वतंत्र वैश्विक संबंध और संप्रभुता पर भी हमला है।
ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध के बीच सऊदी अरब और अन्य तेल बाहुल्य देशों में हो रहे हमले के चलते पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित होने की जानकारी सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसकी समीक्षा की है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के अफसरों ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई करने वाले डीलर्स के साथ बैठक के बाद कहा है कि प्रदेश में एलपीजी, डीजल और पेट्रोल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव खाद्य विभाग रश्मि अरुण शमी ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यह जानकारी ऑयल कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने अपर मुख्य सचिव खाद्य रश्मि अरुण शमी द्वारा गुरुवार को मंत्रालय में बुलाई गयी पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा बैठक के दौरान दी है। वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा के निर्देश दिये थे। समीक्षा बैठक में ऑयल कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान खपत को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। अपर मुख्य सचिव ने ऑयल कम्पनियों को जिलावार अपने फील्ड ऑफिसर तथा डिपो प्रभारी को संभागायुक्त एवं कलेक्टर से सम्पर्क करने तथा नियमित रूप से स्टॉक की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने यह भी कहा है कि डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की जमाखोरी एवं कालाबाजारी किसी भी स्थिति में न हो। डीलर स्तर पर प्रतिदिन स्टॉक की समीक्षा की जाए। बैठक में कमिश्नर खाद्य कर्मवीर शर्मा, एमडी नागरिक आपूर्ति निगम अनुराग वर्मा और ऑयल कम्पनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पायलट बोले-नीतीश से काम निकला तो दिल्ली बुलाया:ईरान युद्ध पर भारत की विदेश नीति को लेकर उठाए सवाल
राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन करने पर बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा- पहले एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाकर पद से हटाया गया। अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिल्ली बुलाया है। भाजपा ने बिहार में नीतीश के नाम पर चुनाव जीता और अब राज्यसभा में नामांकन करा दिया। अगर यही करना था तो पहले जनता को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी? सचिन पायलट गुरुवार को लाडनूं विधायक मुकेश भाकर के वैवाहिक समारोह में शामिल होने नागौर पहुंचे थे। विधायक भाकर 9 मार्च को RJS कोमल के साथ जयपुर में विवाह बंधन में बंधेगे। गुरुवार को भाकर परिवार की ओर से प्रीतिभोज दिया गया। पायलट के बयान की बड़ी बातें
पश्चिम बंगाल चुनाव से एक महीने पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस्तीफा दे दिया है। तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को बंगाल की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। उधर, लद्दाख के उपराज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने भी इस्तीफा दे दिया है। बोस ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा भेज दिया है। फिलहाल वे दिल्ली में मौजूद हैं। उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बोस के इस्तीफे पर हैरानी जताई। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री ने अभी मुझे सूचित किया है कि आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने मुझसे राय नहीं ली है। ये केंद्र का एकतरफा फैसला है। बोस ने 23 नवंबर 2022 को बंगाल के राज्यपाल बने थे। वहीं, गुप्ता ने 18 जुलाई 2025 को कार्यभार संभाला था। CM ममता और राज्यपाल बोस के बीच सामने आए विवाद… बोस के कार्यकाल के दौरान कई बार ममता सरकार और राजभवन के बीच मतभेद भी सामने आए थे। विशेष रूप से विश्वविद्यालयों की नियुक्तियों, प्रशासनिक हस्तक्षेप और कुछ संवैधानिक मुद्दों को लेकर विवादों की खबरें आती रही हैं। 2023: विश्वविद्यालयों में VC नियुक्ति विवाद राज्यपाल बोस ने राज्य के कई विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर (VC) नियुक्त किए, जिस पर राज्य सरकार ने आपत्ति जताई। सरकार का आरोप था कि नियुक्तियां राज्य की सलाह के बिना हुईं। राज्यपाल ने कहा कि कानून के तहत यह उनका अधिकार है। मामला अदालत तक पहुंचा और उच्च शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। 2023-2024: राज्य विधेयकों को मंजूरी न देने का आरोप राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि राज्यपाल कई विधेयकों पर मंजूरी में देरी कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने इसे ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा' बताया था। राज्यपाल का पक्ष था कि विधेयकों की संवैधानिक जांच जरूरी है। इससे सरकार-राज्यपाल संबंध और तनावपूर्ण हुए। 2023: मनरेगा और केंद्रीय फंड पर टिप्पणी राज्यपाल ने मनरेगा सहित केंद्रीय योजनाओं में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए। राज्य सरकार ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया। दोनों पक्षों के बयानों से केंद्र-राज्य संबंधों पर भी असर पड़ा। 2023-24: राज्यपाल की जिलों की यात्राएं राज्यपाल के जिलों के दौरे और जनता से सीधे संवाद पर सरकार ने आपत्ति जताई। सरकार ने कहा कि यह समानांतर प्रशासन जैसा है। राज्यपाल ने इसे जनता से जुड़ने का संवैधानिक दायित्व बताया था। 2024: महिला कर्मचारियों की सेक्शुअल हैरेसमेंट की शिकायतें पश्चिम बंगाल लोक भवन से जुड़े सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप सामने आए, जिस पर राज्य सरकार ने जांच और कार्रवाई की मांग की। राज्यपाल ने आरोपों को सिरे से खारिज किया और राजनीतिक दुर्भावना बताया। मामला राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहा, लेकिन तनाव बढ़ता रहा। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को बम से उड़ाने की धमकी, आरोपी गिरफ्तार, ई-मेल में अपना मोबाइल नंबर भी लिखा था पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को ई-मेल के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई। ई-मेल में राज्यपाल को बम से उड़ाने की बात लिखी थी। पुलिस ने कुछ ही घंटे में आरोपी को कोलकाता के पास सॉल्ट लेक इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने धमकी क्यों दी और इसके पीछे क्या साजिश हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
भिवानी में गुरूवार को इजराइल व ईरान युद्ध को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान भारत की जनवादी नौजवान सभा के बैनर के तले विभिन्न संगठनों के लोग नेहरू पार्क में इकट्ठा हुए। यहां से युद्ध को बंद करवाने की मांग को लेकर नेहरू पार्क से लेकर घंटाघर होते हुए सराय चौपटा और बाजार से गुजरते हुए कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान सभी ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस युद्ध में हस्तक्षेप करके शांति करवाएं। जनवादी महिला समिति की जिलाध्यक्ष बिमला घनघस ने कहा कि हम युद्ध नहीं शांति चाहिए, इसको लेकर कैंडल मार्च निकाला गया है। इस दौरान उन बच्चियों को भी याद किया गया, जिन छोटी-छोटी बचियों ने अपना जीवन इस युद्ध में खो दिया। जिसकी हम निंदा करते हैं। पीएम से युद्ध रूकवाने की अपील हमारे पिछले इतिहास को देखेंगे तो पहले के युद्धों में इन देशों ने साथ दिया है, उसको ना भूले। पीएम नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति से बात कर सकते है। और युद्ध को रुकवा सकते है। क्योंकि अमेरिका इंडिया के अंदर भी हस्तक्षेप करने लगा। भारत के लोगों में डर है कि आज भारत के जहाज को नष्ट कर रहा है। युद्ध से हमारे देश को भी नुकसान का अनुमान धीरे-धीरे यह भारत के अंदर ना आ जाए, यह डर है। इसलिए पीएम मोदी इस युद्ध में पूर्ण रूप से इस्तक्षेप करके बंद करवाए। सीपीआईएम के जिला सचिव कामरेड ओमप्रकाश ने बताया कि इजराइल व अमेरिका ने ईरान पर एक तरफा हमला किया है। इससे 160 से अधिक बेटियां मारी गई है। एक हजार से अधिक लोग मारे गए। हम चाहते हैं कि शांति हो, युद्ध से हमारे देश को भी नुकसान होगा। हमारे देश में तेल व गैस महंगी होंगी इससे हमारे देश में तेल व गैस महंगी होंगी। अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी। इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी इसमें हस्तक्षेप करें। वे 140 करोड़ जनसंख्या वाले देश के प्रधानमंत्री हैं, वे इतना तो बोले कि यह युद्ध ठीक नहीं है। बातचीत से इसका समाधान निकालें।
कब छ्टेंगे युद्ध के बादल, क्या 'अंगारक योग' है कारण?
Attack on Iran: आज समूचा जगत तृतीय विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ा है। अमेरिका-इजराइल के गठजोड़ द्वारा ईरान पर सामरिक हमला किए जाने से विश्वयुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। संसार के देश खेमेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। आज आम जनमानस के मन में एक ही यक्ष ...
ईरान-इजरायल युद्ध के बीच पूर्णिया और सुपौल में पेट्रोल की किल्लत और कीमतों में बढ़ोतरी की अफवाह फैल गई। इसके बाद लोग पेट्रोल पंप पर जुट गए। पूर्णिया के अमौर के साथ ही सुपौल के बसंतपुर प्रखंड के सीमावर्ती इलाकों वीरपुर और भीमनगर में लोग गाड़ी की टंकी फूल कराने पेट्रोल पंप पहुंच गए। सुपौल में स्थानीय मजहर आलम ने कहा है कि पेट्रोल और डीजल खत्म हो गया है। इसलिए हम लोग पेट्रोल पंप पर पहुंचे हैं। युद्ध का असर अब दिख रहा है। स्थानीय डॉक्टर चंद्र प्रकाश ने कहा कि मैं पेट्रोल खत्म होने पर पेट्रोल पंप में पहुंचा हूं, यहां देख रहा हूं कि बहुत भीड़ है। यहां सभी को लग रहा है कि पेट्रोल खत्म हो जाएगा। सोशल मीडिया और आपसी बातचीत के जरिए यह खबर तेजी से फैली कि युद्ध के कारण पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और जल्द ही इनकी कमी हो सकती है। इसी आशंका के कारण लोग अपने दोपहिया और चारपहिया वाहनों में जल्द से जल्द तेल भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। एसडीएम बोले- ये अफवाह है हालांकि, प्रशासन ने इस खबर को पूरी तरह से अफवाह करार दिया है। वीरपुर के एसडीएम नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल, डीजल या गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन का भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति भी सामान्य रूप से जारी है। एसडीएम ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं, ताकि व्यवस्था सामान्य बनी रहे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल टंकी फुल कराने कराने के लिए लोगों की भीड़ जमा होने का वीडियो सामने आया है। जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दो-पहिया और चार-पहिया गाड़ी की लंबी कतार लग गई। सैकड़ों बाइक और कई चार-पहिया वाहन पेट्रोल भरवाने के इंतजार में लाइन में खड़े दिखे। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग जल्द से जल्द अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे हैं। पेट्रोल पंप पर मौजूद कर्मी लगातार लोगों को लाइन में रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते नजर आ रहे हैं, लेकिन भीड़ कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। पेट्रोल पंप पर उस समय महज चार कर्मचारी ही मौजूद थे। अचानक इतनी बड़ी भीड़ आने से उन्हें स्थिति संभालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कर्मचारी एक ओर लोगों को समझाने में लगे थे, तो दूसरी ओर वाहनों में पेट्रोल भरने का काम भी कर रहे थे। नोजलकर्मी बोले- अफवाह के कारण बढ़ी भीड़ पेट्रोल पंप पर तैनात नोजलकर्मी अमर कुमार ने बताया कि लोगों के बीच यह अफवाह फैल गई थी कि ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल का आयात प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से पेट्रोल की कीमतें बढ़ सकती हैं या फिर पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी हो सकती है। गाड़ियों की टंकी फूल करवाने जुटी भीड़ अफवाह के कारण लोग घबराकर बड़ी संख्या में पेट्रोल पंप पहुंच गए और अपनी गाड़ियों की टंकी फुल कराने लगे। उन्होंने आगे बताया कि होली के कारण पेट्रोल पंप बंद था। पंप बंद रहने से लोगों के बीच तरह-तरह की बातें फैलने लगीं और अफवाहों को और बल मिल गया। जब पंप खुला तो एक साथ बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए, जिससे लंबी लाइन लग गई और भीड़ बढ़ती चली गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आखिर पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस के पहुंचने के बाद लोगों को समझाकर लाइन में लगाया गया। धीरे-धीरे स्थिति को सामान्य किया गया। हालांकि इस घटना ने यह साफ कर दिया कि अफवाहें किस तरह अचानक भीड़ और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा कर सकती हैं।
भारतीय सेना के ऑनरेरी कैप्टन रमेश चंद्र यादव का सेवानिवृत्ति के बाद अपने गृह जनपद गाजीपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने कारगिल युद्ध और ऑपरेशन 'सिंदूर' जैसे महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में अपनी सेवाएं दी हैं। बुधवार (होली की रात) को कामायनी एक्सप्रेस से गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचे। युवाओं, पूर्व सैनिकों और स्थानीय नागरिकों ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और भारत माता के जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। ग्राम बीकापुर निवासी ऑनरेरी कैप्टन रमेश चंद्र यादव हाल ही में भारतीय सेना की आर्टिलरी हेडक्वार्टर नासिक स्थित 172 फील्ड रेजीमेंट (ग्वालियर यूनिट) से सेवानिवृत्त हुए हैं। स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, सामाजिक प्रतिनिधियों, परिजनों और शुभचिंतकों ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। कैप्टन यादव ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर आरती उतारी और सभी उपस्थित लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद डीजे और देशभक्ति गीतों के साथ एक भव्य स्वागत रैली निकाली गई, जिसने पूरे नगर के माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। यह स्वागत रैली गाजीपुर रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए उनके पैतृक गांव बीकापुर तक पहुंची। गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अपने पैतृक निवास पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने अपने पिता को माल्यार्पण कर उनके चरण स्पर्श किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही अपने गुरुजनों, मित्रों और शुभचिंतकों का सम्मानपूर्वक अभिवादन किया। गांव के युवा विकास तिवारी ने बताया कि रमेश चंद्र यादव का सैन्य जीवन संघर्ष, अनुशासन और समर्पण की मिसाल रहा है। उन्होंने एक सामान्य सैनिक के रूप में भर्ती होकर ऑनरेरी कैप्टन जैसे सम्मानित पद तक का सफर तय किया। अपने सेवा काल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण अभियानों में देश की रक्षा की जिम्मेदारी निभाई। विशेष रूप से कारगिल युद्ध और ऑपरेशन ‘सिंदूर’ जैसे चुनौतीपूर्ण सैन्य अभियानों में उनकी सक्रिय तैनाती रही, जहां उन्होंने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने कहा कि ऑनरेरी कैप्टन रमेश चंद्र यादव का संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी जीवन जनपद के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका जीवन युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सेवा भावना को मजबूत करने वाला है। उन्होंने कहा कि देश सेवा और देश प्रेम की भावना युवाओं में सर्वोपरि होनी चाहिए।
खाड़ी देशों में जारी युद्ध और लगातार बमबारी की खबरों ने गिरिडीह के कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के विभिन्न प्रखंडों के ऐसे परिवार, जिनके सदस्य रोजगार के लिए खाड़ी देशों में रह रहे हैं, इन दिनों अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। युद्ध से जुड़ी खबरें टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद यह चिंता और बढ़ गई है। गिरिडीह शहर के वार्ड नंबर 16 स्थित आजाद नगर निवासी सन्नी और शम्मी भी उन भारतीयों में शामिल हैं, जो पिछले कुछ वर्षों से खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। सन्नी आबूधाबी में एक कंपनी में अकाउंट से संबंधित कार्य करते हैं, जबकि उनके छोटे भाई शम्मी दुबई के एक बैंक में कार्यरत हैं। मौजूदा युद्ध की स्थिति ने उनके परिवार की चिंता बढ़ा दी है। परिजन दिनभर टीवी और मोबाइल पर खबरें देखते रहते हैं: अंसार अहमद दोनों भाइयों के पिता अंसार अहमद ने बताया कि युद्ध की खबरें सामने आने के बाद से परिवार में चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि परिजन दिनभर टीवी और मोबाइल पर खबरें देखते रहते हैं और बेटों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। वे लगातार फोन के माध्यम से अपने बेटों से संपर्क में हैं। अंसार अहमद ने केवल अपने बेटों के लिए ही नहीं, बल्कि खाड़ी देशों में कार्यरत सभी भारतीयों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि यदि स्थिति और गंभीर होती है, तो वहां रह रहे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सरकार से देश में ही युवाओं के लिए बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि उन्हें विदेश जाने की आवश्यकता न पड़े। अंसार अहमद ने बताया कि वे अपने बच्चों को विदेश नहीं भेजना चाहते थे, लेकिन शिक्षा ऋण और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्हें बाहर काम करने जाना पड़ा। युद्ध और बमबारी की खबरें सुनकर काफी डर लगता है वहीं, दोनों भाइयों की मां सलेहा परवीन ने कहा कि युद्ध और बमबारी की खबरें सुनकर काफी डर लगता है। उन्होंने बताया कि एक मां होने के नाते हर समय मन में चिंता बनी रहती है, लेकिन उन्हें अपने बेटों पर और वहां की व्यवस्था पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि उन्हें यूएई की व्यवस्था और देश की नरेंद्र मोदी सरकार पर पूरा विश्वास है कि अगर कोई संकट की स्थिति आती है तो भारतीयों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। परिजनों ने कहा कि वे अपने बेटों से संपर्क में हैं और फिलहाल दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन युद्ध की खबरों के बीच परिवार के लोगों की चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही है।
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के चलते पंजाब में फरीदकोट जिले के कोटकपूरा शहर में पेट्रोल पंपों पर किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। वीरवार को शहर के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल भरवाने के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं। खासकर किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ड्रम और कैन लेकर पहुंचे और बड़ी मात्रा में डीजल भरवाकर स्टोर करते नजर आए। दरअसल, गेहूं की कटाई का सीजन करीब एक महीने बाद शुरू होने वाला है। ऐसे में किसानों को डर है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ते हैं तो तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका के चलते किसान अभी से डीजल जमा करने में जुट गए हैं ताकि कटाई के समय उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। किसान बोले- युद्ध की वजह से तेल की कमी होने की चर्चा पेट्रोल पंपों पर पहुंचे किसानों का कहना है कि युद्ध की खबरों के कारण तेल की कीमतें बढ़ने और कमी होने की चर्चा चल रही है। इसी वजह से वे एहतियात के तौर पर डीजल स्टोर कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि कटाई के दौरान ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य कृषि मशीनों के लिए बड़ी मात्रा में डीजल की जरूरत पड़ती है, इसलिए वे पहले से तैयारी कर रहे हैं। वहीं, पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि तेल की सप्लाई नियमित रूप से आ रही है, लेकिन अचानक बढ़ी मांग के कारण कुछ जगहों पर भीड़ और लंबी कतारें लग रही हैं। प्रशासन भी लोगों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है भाजपा नेता ने की अफवाहों से बचने की अपील इस मामले में भाजपा नेता प्रदीप शर्मा ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश में तेल की कोई कमी नहीं है और केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय हालात चाहे जैसे हों, भारत में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराकर तेल जमा करने की बजाय सामान्य तरीके से ही खरीदारी करें। यहां देखें फोटो…
सीहोर में महादेव की होली गुरुवार को शुरू हो चुकी है। काशी, मथुरा और बरसाना की तर्ज पर यहां पर फूल-गुलाल से होली खेली जाएगी। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि पहले सीवन नदी किनारे होली खेली जाती थी। नबाव साहब ने इसे बंद करा दिया था, अब हमने फिर से इसकी शुरूआत की है। उन्होंने कहा भगवान शिव के स्वरूप को सब जानें कि उनकी भक्ति का रंग अजर-अमर है। इजराइल-अमेरिका, ईरान में चल रहे युद्ध पर भी कथावाचक ने कहा कि किसी न किसी कारण से देश बर्बाद हो रहे हैं। सारे राष्ट्र में अब शांति हो यह युद्ध अब समाप्त होना चाहिए। सब पर बाबा देवाधिदेव महादेव की कृपा बनी रहे। भारत का एक-एक नागरिक प्रार्थना करता है कि सभी जगह पर शांति हो। फूल-गुलाल से खेली जाती है होलीइस होली की खास बात यह है कि इसमें केवल गुलाल और फूलों का उपयोग किया जाता है। पानी या पानी में घुले रंगों का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है। इसका उद्देश्य यह है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को वापस घर लौटते समय किसी तरह की असुविधा न हो। महादेव की होली की 3 तस्वीरें देखिए… पांच शिव मंदिरों में खेली जाती है होलीमहादेव की होली शहर के छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर विभिन्न शिव मंदिरों से होती हुई आगे बढ़ती है। इसके बाद यह गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर और नर्मदेश्वर महादेव मंदिर होते हुए प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचती है। यहां विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन किया जाता है। शिव और गुरु के साथ होली का संदेशपंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार यह होली शिव और गुरु के साथ खेली जाती है, जो यह संदेश देती है कि बड़ों के सानिध्य में जीवन खुशियों के रंगों से भर जाता है। उनका कहना है कि शिव ही ऐसे हैं जिनका रंग एक बार चढ़ जाए तो जीवन भर नहीं उतरता। देशभर के श्रद्धालुओं को किया आह्वानपंडित मिश्रा ने देशवासियों से अपने-अपने शिव मंदिरों में भगवान शिव को चंदन युक्त जल अर्पित करने का आह्वान किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि महादेव की होली उत्साह के साथ लेकिन पूरी शांति और अनुशासन के साथ मनाएं।
आज जोधपुर पहुंचेंगे शहर के श्रद्धालु:दुबई में कथा में हिस्सा लेने गए थे, युद्ध के चलते फंसे थे
जोधपुर से दुबई के कथा करने के लिए गए शहर के 120 श्रद्धालु गुरुवार दोपहर तक जोधपुर लौट आएंगे। ये सभी 23 फरवरी को दुबई के लिए रवाना हुए थे। दुबई में 28 फरवरी को कथा समापन के बाद सभी वापस एयरपोर्ट पर फ्लाइट पकड़ने के लिए पहुंचे, लेकिन ईरान ओर इजरायल के बीच चल थे युद्ध के चलते सभी को एयरपोर्ट से वापस होटल भेज दिया गया था। बमबारी के बीच सभी दहशत में थे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मामले में केंद्र सरकार से उन्हें सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई थी। इसमें 76 यात्री दुबई से कोच्चि और 30 यात्री अहमदाबाद पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि सभी अपने खर्चे पर वापस लौटे हैं। ये यात्री दोपहर करीब 3 बजे तक जोधपुर पहुंचेंगे। बता दें कि दुबई में जोधपुर के सूरसागर बड़ा रामद्वारा के संत अमृतराम महाराज की 24 से 28 फरवरी तक कथा थी। जिसे सुनने के लिए शहर से भी 120 श्रद्धालु साथ में दुबई गए थे, लेकिन अचानक युद्ध शुरू होने के चलते सभी फंस गए थे।
जालंधर के हैंडटूल इंडस्ट्री के उद्योगपति ईरान-इजरायल युद्ध के चलते दोहा (कतर) में फंस गए हैं। जालंधर पंजाब में हैंडटूल और नट बोल्ट बनाने वाली MSME का गढ़ है। दोहा में फंसे फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल के मेंबर अश्वनी शर्मा ने बताया कि भारत का मिडिल ईस्ट के साथ 3 हजार करोड़ का व्यापार है। अश्विनी शर्मा ने बताया कि उनके भतीजे हैंडटूल इंडस्ट्री के प्रदर्शनी (एग्जीबिशन) के लिए जर्मनी जा रहे थे। जालंधर के कई उद्योगपति जर्मनी में हर साल होने वाली प्रदर्शनी में भाग लेने जाते हैं, लेकिन इस बीच युद्ध के चलते वे रास्ते में ही फंस चुके हैं। अभी 4 दिन से दोहा में रुके हैं, कुछ लोग दुबई में फंसे हैं। अश्वनी शर्मा ने बयाता कि ये प्रदर्शनी हैंडटूल इंडस्ट्री के लिए संजीवनी का काम करती है। यहीं पर दुनिया भर के व्यापारी एक दूसरे के साथ नए सौदे करते हैं। प्रदर्शनी में यूएसए, चाइना, यूरोप, मिडिल ईस्ट से इंडस्ट्रियलिस्ट आते है। मिडिल ईस्ट का हवाई रास्ता युद्ध के कारण बंद हो गया है। फ्लाइट कैंसिल चल रही हैं जिसके चले दुनियाभर का व्यापार प्रभावित हो रहा है। युद्ध न रुका तो हैंडटूल इंडस्ट्री 2 साल तक उभर नहीं पाएगी। 50 साल से जा रहे थे जर्मनी में होने वाली एग्जिबिशन मेंफेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल के मेंबर अश्वनी शर्मा ने बताया कि जर्मनी में हर साल मार्च के पहले सप्ताह में हैंडटूल एग्जीविशन लगती है। वह लगभग पिछले 50 साल से इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इस बार भी उनके कुछ रिश्तेदार और कुछ उद्योगपति साथी भाग लेने केलिए जा रहे थे, लेकिन युद्ध के कारण वह पिछले 4 दिन से दोहा में फंस गए हैं। केंद्र और पंजाब सरकार निकालने की कोशिश कर रहीअशवनी शर्मा ने कहा कि केंद्र व पंजाब सरकार से बात हुई है। उनको यहां से निकलने की कोशिश कर की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि देश से हर साल हैंडटूल इंडस्ट्री का लगभग 3000 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट है। अगर युद्ध समुद्री रास्ते पर असर डालेंगा तो इंडस्ट्री 2 साल तक नहीं उभर पाएगी। इस युद्ध से उनका करोड़ों रुपए का नुकसान हो जाएगा। एग्जीबिशन पर ही टिका है हैंडटूल इंडस्ट्री का फ्यूचर अश्वनी शर्मा ने बताया कि जर्मनी में होने वाली हैंडटूल एग्जीविशन पर ही जालंधर सहित देशभर की हैंडटूल इंडस्ट्री का फ्यूचर टिका हुआ है। एग्जीविशन में यूएसए, चाइना, यूरोप, मिडिल ईस्ट से व्यापारी आते हैं। मिडिल ईस्ट का रास्ता युद्ध के कारण बंद हो गया है। यहां सैकड़ो इंडस्ट्रियलिस्ट नए इनोवेशन लेकर आते हैं। हर साल एक से दो प्रोडक्ट नई इनोवेशनस के साथ आते हैं। उन्होंने कहा कि अगर तेल के दामों में बढ़ौतरी होती है तो इंडस्ट्री पर काफी असर पड़ेगा। अश्वनी ने कहा कि उनके कई मेंबर दुबई में भी फंसे हुए हैं। ऐसे में इंडस्ट्री पर भी युद्ध को लेकर संकट के बादल छा गए हैं और कारोबारियों में चिंता बढ़नी शुरू हो गई है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिका के हमले की है। जिसमें 80 से ज्यादा सैनिक मारे गए। दूसरी खबर बिहार से है, जहां नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. नेपाल में आम चुनाव के लिए वोटिंग होगी। 2025 में GEN-Z प्रदर्शन के बाद यह पहला चुनाव है। 2. टी-20 वर्ल्डकप में दूसरा सेमीफाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। कल की बड़ी खबरें... 1. भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिका का हमला, श्रीलंका के पास डुबो दिया अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के पांच दिन हो गए हैं। अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत 'IRIS देना' को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया है। हमले में अब तक 80 ईरानी नौसैनिक मारे गए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाया। फरवरी में भारत आया था ईरानी जहाज: जहाज पर लगभग 180 नौसैनिक सवार थे। लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यह ईरानी युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था। जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स... अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,045 हो गई है। अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई के लिए बुधवार रात होने वाला समारोह टाल दिया गया है। ईरान के खिलाफ युद्ध से इजराइल को हर हफ्ते 2.9 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है। ईरानी मंत्री बोले- ट्रम्प ने ईरान के साथ जारी परमाणु बातचीत के बीच हमला करके डिप्लोमेसी के साथ धोखा किया है। पूरी खबर पढ़ें... 2. नीतीश CM पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं, बेटे निशांत के नाम की भी चर्चा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीएम पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं। बुधवार शाम इसे लेकर सीएम आवास पर अहम बैठक हुई। इसमें संजय झा और विजय चौधरी मौजूद रहे। विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को लेना है। पार्टी नेता नहीं चाहते कि नीतीश जाएं: बताया जा रहा है कि पार्टी के बड़े नेता नहीं चाहते हैं कि नीतीश दिल्ली जाएं। वहीं, उनके बेटे निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा हो रही है। अंतिम फैसला नीतीश कुमार को लेना है। नीतीश के राज्यसभा जाने की खबरों पर रिएक्शन चिराग पासवान ने कहा, 'ऐसी कोई चर्चा नहीं है। ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं होने वाली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभवी नेतृत्व में हमारी सरकार बिहार में चल रही है। पप्पू यादव बोले- जब जनादेश नीतीश जी को CM बनाए रखने के लिए आया था तो 3 महीने में BJP उसका हरण क्यों कर रही है। पूरी खबर पढ़ें... 3. भारत में CNG-रसोई गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं, कतर में गैस उत्पादन बंद मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की कीमतें बढ़ सकती हैं। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश कतर अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट में प्रोडक्शन रोक चुका है। भारत में 40% सप्लाई घटी: भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई है और घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40% तक की बड़ी कटौती की गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) यानी करीब 2.7 करोड़ टन सालाना कतर से ही आयात करता है। पूरी खबर पढ़ें... 4. इजराइल-ईरान जंग,भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया, जेद्दा से 200 यात्री आए अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है। इसमें भारतीय नागरिकों के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मंगलवार देर रात जेद्दा, दुबई से कई भारतीय दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुए। जंग के चलते एयरस्पेस पूरी तरह बंद: युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के 8 देशों ने एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिए हैं। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय एयरलाइंस ने 1,117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द की हैं। इससे हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। पूरी खबर पढ़ें... 5. UP में होली खेलने के बहाने पत्नी की हत्या की, मुखौटा पहनकर घर में घुसा, प्रेमी पर तेजाब फेंका शाहजहांपुर में होली के दिन पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। उसके प्रेमी पर तेजाब फेंक दिया। उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया। उसने चेहरे पर मुखौटा पहना हुआ था। वारदात के दौरान मारपीट में पति खुद भी अधमरा हो गया। पुलिस के मुताबिक, महिला का पति से दो साल से तलाक का केस चल रहा था। तब से वह पति से अलग रह रही थी। बीते 6 महीने से अपने प्रेमी के साथ अलग किराए के मकान में लिव-इन में रह रही थी। बुधवार सुबह 6 बजे पति होली खेलने के बहाने महिला के घर पहुंचा। पूरी खबर पढ़ें… 6. न्यूजीलैंड दूसरी बार टी-20 वर्ल्डकप के फाइनल में, फिन एलन ने सबसे तेज शतक लगाया न्यूजीलैंड ने दूसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में एंट्री कर ली है। टीम ने बुधवार को पहले सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराया। टीम पहली बार 2021 के फाइनल में पहुंची थी। मैच के हाईलाइट्स: कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में कीवियों के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। साउथ अफ्रीका ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 169 रन बनाए। न्यूजीलैंड ने 170 रन का टारगेट 12.5 ओवर में एक विकेट पर चेज कर लिया। एलन का सबसे तेज शतक: फिन एलन ने 33 बॉल पर 100 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे तेज शतक लगाया। उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज बैटर क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा। गेल ने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ 47 बॉल पर शतक लगाया था। पूरी खबर पढ़ें... 7. सोना ₹4923 सस्ता, ₹1.62 लाख पर आया; चांदी एक दिन में 18 हजार रुपए सस्ती हुई 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4,923 रुपए घटकर ₹1.62 लाख पर आ गया है। इससे पहले सोमवार को इसकी कीमत 1.67 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 18,501 रुपए गिरकर ₹2.71 लाख पर आ गई है। इससे पहले सोमवार को इसकी कीमत 2.89 लाख रुपए प्रति किलो थी। 34 दिन में 13 हजार गिरा: इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2026 को सोने की दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 13,573 रुपए सस्ता हो चुका है। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... मथुरा की 150 साल पुरानी जूता-चप्पल मार होली मथुरा में 150 साल पुरानी जूता-चप्पल मार होली खेली गई। इस अनूठी होली में बड़े-बुजुर्ग अपने से छोटों को जूता या चप्पल मारकर आशीर्वाद देते हैं। इसे अपमान नहीं, बल्कि स्नेह, शुभकामना और संस्कारों का प्रतीक माना जाता है। ये परंपरा अंग्रेजों के अत्याचारों के विरोध में शुरू हुई थी। पूरी खबर पढ़ें… फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर- भारत के पास 45 दिन का तेल रिजर्व मौजूद, ईरान जंग इससे ज्यादा चली तो क्या होगा; क्या कोई बैक-अप ऑप्शन है 2. भास्कर एक्सप्लेनर- तुर्किये से आई ‘गुजिया’ होली का हिस्सा कैसे बनी:भांग, रंग और पिचकारी की भी अनोखी कहानी; ब्रिटिशर्स कैसे मनाते थे होली 3. बॉलीवुड क्राइम फाइल्स- नाम बदलकर अबू सलेम ने मोनिका बेदी से बढ़ाई नजदीकियां: US में नौकरों जैसा सलूक किया, एक्ट्रेस बोलीं- गिरफ्तारी से खुशी मिली 4. नेपाल से भास्कर- चुनाव में फेक वीडियो, PM मोदी-अमिताभ बच्चन मांग रहे वोट: इस बार बालेन सरकार के आसार, बहुमत लायक सीटें किसी को नहीं 5. रिलेशनशिप एडवाइज- हसबैंड को होली खेलना पसंद नहीं: मुझे रंगों से बहुत प्यार है, क्या करूं, अपना मन मार लूं या पति से झगड़ा करूं? करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुआ युद्ध सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात तक पहुंच गया है। आबुधाबी से एक भारतीय की मौत की खबर सामने आई है। कई भारतीयों के ऐसे भी वीडियो सामने आए, जिसमें वो भारत सरकार से मदद की गुहार लगाते दिखे। इजराइल ने हमले की शुरुआत की, इसलिए उन्हें अब खतरा भी है। देश के कई हिस्सों में बीच-बीच में हमले भी हो रहे। पिछले 2 साल में यूपी से 6 हजार से ज्यादा श्रमिक इजराइल जा चुके हैं। देश के करीब 42 हजार लोग इस वक्त इजराइल में हैं। उनकी क्या स्थिति है? वो क्या सोचते हैं? किस तरह से खुद का बचाव कर रहे? इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए हमने उन्हीं लोगों से बात की… यूपी सरकार ने 2 साल पहले मजदूरों को भेजा 2024 में यूपी सरकार ने नेशनल स्किल डेवलपमेंट के तहत युवाओं को विदेश भेजने का फैसला किया। इजराइल की पॉपुलेशन इमिग्रेशन एंड बॉर्डर अथॉरिटी ने लखनऊ में कैंप किया। करीब 6 हजार युवाओं को सिलेक्ट करके अपने देश ले गए। इसमें श्रमिक ज्यादा थे। सभी की सैलरी 1 लाख से ज्यादा थी। सभी इजराइल पहुंचे और वहां बिल्डिंग बनाने से लेकर सड़क बनाने के काम में जुट गए। सरकार लगातार इनकी निगरानी करती रही। जिस वक्त ये श्रमिक इजराइल पहुंचे, वहां कई हिस्सों में युद्ध की स्थिति थी। इजराइल और हमास भिड़े थे। इजराइल लगातार गाजा पर हमलावर था। हालांकि, उस युद्ध में किसी भी भारतीय के साथ कोई घटना सामने नहीं आई। लेकिन, इस बार स्थिति अलग है। इजराइल और अमेरिका मिलकर ईरान पर हमलावर हैं। ईरान गाजा के मुकाबले मजबूत देश है और वह लगातार हमला कर रहा। एक ही गांव के 16 लोग, बोले- सभी सुरक्षित बहराइच के शाहनवाजपुर गांव के साहबपुरवा मौजा से 16 लोग इजराइल गए हुए हैं। ये लोग इस वक्त कत्सरीन में हैं। यह इजराइल की राजधानी जेरूसलम से करीब 250 किलोमीटर दूर है। यहीं अभिनव निषाद बतौर इंजीनियर काम करते हैं। बाकी के जो और लोग हैं, वह श्रमिक के तौर पर काम करते हैं। अभिनव निषाद से हमने पूछा कि आप कब इजराइल गए और अभी क्या स्थिति है? अभिनव ने कहा- मैं यहां 5 साल से ज्यादा वक्त से हूं। बाकी लोग तो 2024 में आए थे। अभी हम लोग लेबनान-सीरिया के बॉर्डर के पास ही रहते हैं। ईरान से जो लड़ाई हो रही, उसमें इस हिस्से में किसी तरह की दिक्कत नहीं। लेकिन बीच-बीच में सायरन बजता है, तो हम सभी लोग अलर्ट हो जाते हैं। तुरंत बंकर में चले जाते हैं। अब हर फ्लैट के साथ बंकर बन रहे अभिनव बताते हैं- इजराइल का हर हिस्सा खतरे से भरा है। आप किसी बिल्डिंग में जाएंगे, पार्क में जाएंगे, सड़क पर ही रहेंगे, हर जगह आपको जमीन के नीचे बंकर मिल जाएगा। अब स्थिति यह हो गई है कि हर फ्लैट के साथ बंकर बनाया जा रहा। बंकर की जो दीवार होती है, उसकी मोटाई ढाई से 3 फीट की होती है। यहां पूरा निर्माण ही आरसीसी का होता है, कहीं भी ईंट का प्रयोग घरों के निर्माण में नहीं होता। पिछले साल जब गाजा से लड़ाई हो रही थी, तब यहां के आसमान से लगातार मिसाइल जाते हुए नजर आते थे। उस वक्त तो हर दिन ऐसी स्थिति बन जाती थी कि बंकर में जाना पड़ता था। अभी तेल अवीव और जेरूसलम के पास हमले की सूचना मिल रही है। हम लोग जहां हैं, यहां की स्थिति सामान्य है। एक ब्लास्ट हुआ, लेकिन खतरा नहीं बहराइच के ही रामअचल निषाद भी कत्सरीन में काम कर रहे हैं। यूपी सरकार की स्कीम के तहत वह इजराइल गए थे। इस वक्त के हालात पर कहते हैं- जब से युद्ध शुरू हुआ है, डर लगने लगा है। क्योंकि, इस युद्ध में ईरान लगातार अटैक कर रहा है। रोज न्यूज में देखता हूं कि कहीं दुबई, तो कहीं बहरीन में अटैक हो गया है। 3 दिन पहले एक मिसाइल भी गिरी थी, उसका वीडियो हम लोगों ने देखा। तब से सभी लोग डरे हुए हैं। रामअचल कहते हैं- हम लोग इतना नहीं डरे हैं जितना हमारे घर के लोग डरे हुए हैं। वह बीच-बीच में वीडियो कॉल करते हैं और आसपास की स्थिति को देखते हैं। मैं उनका बंकर दिखाता हूं, यह बताता हूं कि यहां अभी तक हमला जैसी स्थिति नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक है। तब जाकर वो लोग आराम से रह पाते हैं। रामअचल यहां आने की बात पर कहते हैं- अभी हमारा आने का कोई इरादा नहीं है। यहां किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी यहां आए थे। उन्होंने कुछ लोगों से मुलाकात की थी। हम लोगों की सुरक्षा की भी बात की थी। यहां के अधिकारियों ने बताया कि सभी ठीक हैं। यूपी सरकार लगातार निगरानी कर रही इजराइल में इस वक्त देश के 42 हजार से ज्यादा नागरिक रह रहे हैं। इनमें 6004 यूपी के निर्माण श्रमिक शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर पिछले 2 साल के अंदर गए हैं। यूपी सरकार के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने इस पूरे मामले पर कहते हैं- यूपी की सरकार सभी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नेशनल स्किल डेवलपमेंट निगम और वहां के दूतावास के लगातार संपर्क में हैं। अब तक किसी भी तरह की कोई दिक्कत सामने नहीं आई है। इजराइल के तेल अवीव में भारतीय दूतावास है। अधिकारियों ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ये नंबर- +972-54-7520711, +972-54-2428378 हैं। इसके अलावा पीआईबीए ने भी 1-700-707-889 नंबर जारी किया है। इसका संचालन सेंटर फॉर इंटरनेशनल माइग्रेशन एंड इंटीग्रेशन कर रहा है ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… ईरान-अमेरिका युद्ध से यूपी के 25 लाख लोग फंसे, होली में भी घर नहीं आ पाएंगे, जानिए क्यों खाड़ी देश जाते हैं युवा गोंडा के 27 साल के दिनेश वर्मा इन दिनों दुबई में फंसे हैं। 1 मार्च को उनका मुंबई आने का टिकट था, लेकिन क्षेत्र में जारी बमबारी के कारण एयरपोर्ट बंद हो गया। वे भारत नहीं लौट पाए। दुबई में कुक का काम करने वाले दिनेश को वापस उनके कमरे पर भेज दिया गया। वे होली और अपने भांजे विनोद वर्मा की 11 मार्च को बस्ती में होने वाली शादी में शामिल नहीं हो सकेंगे। पढ़िए पूरी खबर…
बनारपुर के दो युवक दुबई में फंसे:परिवारों को खाड़ी में युद्ध के तनाव की चिंता
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव, खासकर इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष, अचानक हजारों किलोमीटर दूर बसे बक्सर के बनारपुर गांव की जिंदगी में डर और सन्नाटा घोल गया है। गांव के दो युवक सुजीत सिंह और संतोष कुशवाह दुबई में काम करते हैं। वहां मिसाइल गिरने और संघर्ष तेज होने की खबरों ने उनके परिवारों की नींद उड़ा दी है। होली का त्योहार बीत गया, लेकिन गांव के घरों में न रंग खरीदा गया और न ही किसी भी घर से पकवान की महक उठी। हर कोई सिर्फ एक ही बात कर रहा है, हमरा बेटा कब वापस आई? काम छोड़कर घर दौड़े पिता भास्कर की टीम होली के दिन बनारपुर गांव पहुंची। खेतों वाली पगडंडी के किनारे सुजीत कुशवाह की मां पन्ना देवी हाथ में हंसुआ लिए सरसों के खेत की ओर जा रही थीं। होली के रंग से दूर चेहरे पर चिंता की गहरी लकीरें साफ दिख रहीं थीं। भास्कर की टीम ने जब उनसे बात की तो उन्होंने कहा, जब से हमलोगों को पता चला है वहां लड़ाई हो रही है, तब से हमारी नींद उड़ गई है। वे इतना कहती हैं और फिर चुप हो जाती हैं। उनकी आंखें बार-बार भर आती हैं। उधर, सुजीत के पिता रामप्रवेश सिंह लगभग दो किलोमीटर दूर राजमिस्त्री का काम कर रहे थे। जब किसी ग्रामीण ने उन्हें बताया कि उनके बेटे के बारे में पूछने मीडिया पहुंची है, तो वे फावड़ा छोड़कर भागते हुए घर लौट आए। घर पहुंचते ही पूछने लगे, बाबू, वहां का नया-नया खबर बताइए। हमरा सुजीत ठीक तो है ना? बेटा मां को घबराहट न हो इसलिए बहुत कुछ छुपाता है पन्ना देवी बताती हैं, मेरा बेटा जनता है कि हम जल्दी घबरा जाते हैं। इसलिए बहुत कुछ हमसे छुपाता है। बस कहता है मां चिंता मत करिए, मैं ठीक हूं। लेकिन मां का मन कैसे शांत हो? वह खेत के किनारे बैठती हैं और बोलीं, जब तक मेरा बेटा घर वापस नहीं आ जाएगा, तब तक हमारे घर का रंग पूरी तरह से फीका है। मन बस उसका मुंह देखना चाहता है। जिस भी दिन वो घर लौटेगा तब हमलोग होली मनाएंगे। 28 अगस्त 2025 को घर की गरीबी दूर करने गया था सुजीत सुजीत के पिता रामप्रवेश सिंह बताते हैं, उनका बेटा पिछले साल 28 अगस्त को दुबई गया था। घर में आमदनी बहुत कम थी। मां-बाप खेती और छोटे-मोटे मजदूरी से घर चलाते हैं। वे कहते हैं, हम चाहत रहे कि सुजीत कुछ बचत करे, घर बने, बहन की शादी हो जाए। उसी खातिर विदेश गया था। लेकिन अब, हर मिसाइल हमले की खबर पर परिवार की धड़कनें तेज हो जाती हैं। कैंप से 2 किलोमीटर पर मिसाइल गिरी, कैसे न डरें? सुजीत के पिता बताते हुए भावुक हो जाते हैं, बेटा कह रहा था कि मिसाइल उधर गिरा है, जहां से उसका कैंप बस दो किलोमीटर दूर है। वो हमको समझा रहा है कि आप लोग चिंता मत करो। लेकिन बाप का दिल कहां मानता है? उन्होंने आसमान की ओर देखते हुए कहा, बस एक दुआ है… जैसे गया है वैसे ही सुरक्षित लौट आए। जो सबका गति, वही हमारो बनारपुर का दूसरा युवक संतोष कुशवाह भी दुबई में काम करता है। उसके पिता नन्दलाल सिंह की आंखें नम हो जाती हैं जब वे बेटे की बात करते हैं। वे बताते हैं, बेटा मुझे कहा था कैंप से दो किलोमीटर पर बम गिरा है। हम कहनी कि बेटा, लौट आओ… तो कहता है अभी आने की कोई व्यवस्था नहीं है। नन्दलाल सिंह की आवाज भर्रा जाती है। कहता है कि घबराइए मत, बहुत लोग इंडिया के हैं। जो सबका होगा, वही हमारो होगा। वे दिन में कई बार फोन करते हैं, हाल जानने की कोशिश करते रहते हैं। मेरा एक ही बेटा है, जब तक वो न आ जाए, चैन नहीं संतोष की मां कमलावती देवी की आंखें पल-पल भर आती हैं। वे कहती हैं, हमारा एक ही बेटा है। भगवान से मन्नत मांगे हैं कि जैसे गया है वैसे ही सुरक्षित वापस आ जाए। संतोष ने घर बनवाने और बहन की शादी धूमधाम से करने का सपना देखा था। मां कहती हैं, बेटा बोला कि मां, सब ठीक हो जाए, तब हम भी अपनी शादी कर लेंगे। रंग-गुलाल की जगह डर और दुआएं बनारपुर में इस बार होली की रौनक कहीं दिखाई नहीं पड़ती। चौपाल पर बैठे बुजुर्ग बताते हैं, होली पर तो हर साल डुगडुगी बजती थी, बच्चे रंग खरीदने जाते थे, लेकिन इस बार गांव में बस चर्चा है युद्ध, मिसाइल, और खाड़ी में फंसे अपने बच्चे। गांव के एक दुकानदार ने बताया, इस साल रंग-गुलाल की बिक्री आधे से भी कम हुई है। लोग कहते हैं कि जब बेटा खतरनाक जगह पर है, तो कैसे खुशी मनाएं? होली चाहे न मने, बेटा सुरक्षित लौट आए फोन पर परिवारों को उनके बच्चे कहते जरूर हैं हम सुरक्षित हैं, लेकिन वे भी डर छुपा नहीं पाते। एक ग्रामीण ने बताया, जो लोग दुबई में हैं, सब बोल रहे हैं कि माहौल टेंस है। मिसाइल गिर रही है। सबको बस यही डर है कि अगला वार कहां होगा। उधर गांव में माताएं सुबह-शाम दीया जला रही हैं। पिता अपने खेत में कम काम कर रहे हैं, घर पर ज्यादा बैठे रहते हैं संभवतः कभी फोन आ जाए। घर की हालत सुधारने गए थे… अब घरवालों की हालत खराब है गांव में कई लोग कहते मिले कि अरे भाई, घर की गरीबी मिटाने विदेश जाते हैं। लेकिन अब हाल यह है कि घर वाले ही खाना छोड़ दे रहे हैं। गांव की एक महिला ने कहा, हमको अपने बच्चों की चिंता है। सरकार को देखना चाहिए कि जल्दी से इन सबको वापस बुलाया जाए। सिर्फ दो परिवार नहीं, पूरा गांव परेशान बनारपुर छोटा सा गांव है। यहां 100 से 150 घर हैं। किसी का बेटा कुवैत में है, किसी का कतर में, किसी का दुबई में। बुधवार की सुबह गांव में एक जगह 20 से 25 लोग इकट्ठा होकर मोबाइल में खाड़ी देशों की खबरें देख रहे थे। हर मिसाइल हमले की खबर पर डर की लहर दौड़ती। एक बुजुर्ग बोले, युद्ध में कोई भी सुरक्षित नहीं। बस भगवान करे कि हमारे बच्चे सकुशल लौट आएं। हालात सामान्य हैं, पर गांव माने कैसे? सुजीत और संतोष ने वीडियो कॉल पर परिजनों को बताया कि यहां सामान्य स्थिति है, हम कैंप के भीतर सुरक्षित हैं। लेकिन यह आश्वासन भी गांव की बेचैनी कम नहीं कर पा रहा। सुजीत की मां कहती हैं, बेटा हमको दिलासा दे रहा है लेकिन उसकी आवाज में भी डर महसूस होता है। होली पर घर की दहलीज खाली सुजीत की मां ने कहा,होली तो हर साल आती है। लेकिन बेटा, वो अगर एक बार खो जाए ते वापस नहीं आएगा। बस ईश्वर से दुआ है कि मेरा बच्चा सुरक्षित लौट आए। संतोष की मां ने धीमी आवाज में कहा, हमको होली नहीं चाहिए… बस मेरा बेटा बच जाए। अगली होली में पूरा परिवार साथ हो बनारपुर की होली इस बार रंगों से ज्यादा उम्मीद, दुआ और इंतजार से भरी है। पूरा गांव एक ही बात कह रहा है,ईश्वर करे दोनों लड़का सही सलामत वापस आ जाए। बाकी त्योहार बाद में मना लेंगे।
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामनेई की अमेरिका और इजराइल के हमलों में हुई मौत के चार दिन बाद अखिलेश यादव ने निंदा की है। बुधवार को सोशल मीडिया साइट एक्स पर अखिलेश यादव ने लिखा कि “समाजवादी पार्टी अयातुल्ला खामेनेई पर हुए हमले और मीनाब के एक स्कूल पर हुए सबसे घातक इज़रायली-अमेरिकी हमलों में से एक, जिसमें 165 छात्राएं मारी गईं, दोनों की कड़ी निंदा करती है। जिनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय कानून, जो संघर्ष के समय में भी मानव जीवन की रक्षा के लिए बनाए गए हैं, ऐसे कृत्यों से गंभीर रूप से खतरे में हैं। हम उनकी शहादत को नमन करते हैं और इस क्षति से दुखी, शोक संतप्त सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।” बता दें कि बीते शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने आयतुल्ला खामनेई के घर पर हमला कर दिया था, जिसमें खामनेई, उनकी बेटी, दामाद, नवासी की मौत हो गई थी। इस हमले में उनकी पत्नी घायल हो गई थीं, जिनका तीसरे दिन इंतकाल हो गया था। 28 फरवरी को ही अमेरिका इजराइल ने लड़कियों के एक स्कूल पर भी हमला कर 165 बच्चियों को मार डाला था। इस हमले के बाद लखनऊ समेत देश के कई हिस्सों में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ। पहले सिर्फ केंद्र सरकार को घेरा था अखिलेश यादव ने आयतुल्लाह खामनेई की मौत को ईरान की ओर से कंफर्म किए जाने के बाद 1 मार्च को पोस्ट कर केंद्र सरकार पर हमला बोला था। अखिलेश यादव ने लिखा था कि…“किसी देश के सबसे ख़ास से लेकर आम नागरिकों तक पर हो रहे जानलेवा हमलों व जंग के इन हालातों में हमारे देश की सरकार, इस अंतरराष्ट्रीय विषय पर अपना रुख़ साफ़ करे और बताए कि वो जंग के साथ है या अमन के और युद्ध को रोकने व शांति की बहाली के लिए एक तटस्थ देश होने के नाते क्या कूटनीतिक प्रयास कर रही है। हमारे देश की सरकार, हर संभव स्तर पर, युद्ध में मारे जानेवालों से जुड़ी ख़बरों की पुष्टि करे और सच क्या है ये जनता के सामने रखे। युद्धकालीन समाचार अक्सर रणनीति का हिस्सा होते हैं, इसीलिए उनकी पुष्टि की ज़रूरत होती है। इंसान के साथ इंसानियत का मारा जाना बेहद अफ़सोसजनक है। हर देश को ज़िम्मेदाराना व्यवहार करना चाहिए।” युद्ध खत्म होना चाहिए अमेरिका-इजराइल व ईरान युद्ध पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि भारत का स्टैंड कभी क्लियर नहीं होगा क्योंकि आप हर एक से तो व्यापार कर रहे हैं। खाड़ी के देशों में और अमेरिका में हमारे एक करोड़ भारतीय हैं, वह लोग होली कैसे मना रहे होंगे? युद्ध कभी तरक्की खुशहाली नहीं लाता है, युद्ध से नुकसान होता है। समाजवादी लोग इसके पक्ष में नहीं रहे, युद्ध खत्म होना चाहिए।
ब्यावर में ऐतिहासिक बादशाह मेले में गुलाल उड़ा रहे बादशाह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बादशाह ट्रक पर बैठकर गुलाल रूपी खर्ची बांट रहे थे, इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। इस पर साथ बैठे लोगों ने एम्बुलेंस की मदद से उनको सरकारी हॉस्पिटल पहुंचाया। हॉस्पिटल में डॉक्टर ने सीपीआर देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। हालत ज्यादा गंभीर होने पर उनको अजमेर रेफर करने का प्रयास किया, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। निधन की जानकारी मिलते ही उत्सव का माहौल गमगीन हो गया। 4 तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम… डॉक्टरों की कोशिश के बाद भी नहीं बची जानजानकारी के अनुसार, 176वें ऐतिहासिक बादशाह मेले में चंद्रप्रकाश अग्रवाल (46) बादशाह बने थे। बुधवार शाम करीब 6.30 बजे बादशाह की सवारी फतेहपुरिया चौपड़ के पास पहुंची थी। चंद्रप्रकाश अग्रवाल यहां पर बादशाह के रूप में गुलाल रूप खर्ची लुटा (उड़ा) रहे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। बादशाह समिति के सदस्यों ने उनको तुरंत एम्बुलेंस की मदद से अमृतकौर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने उनको ICU में भर्ती किया और प्राथमिक इलाज शुरू किया। डॉक्टर ने उनको सीपीआर देकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उनको अजमेर रेफर करने से पहले उनकी मौत हो गई। इस दौरान ब्यावर विधायक शंकरसिंह रावत और प्रशासनिक अधिकारी वहीं मौजूद थे। मेले में चल रहे सभी कार्यक्रम रोकेबादशाह के निधन की सूचना मिलते ही मेले में चल रहे सभी कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से रोक दिए गए। अजमेरी गेट के बाहर चल रहा डीजे बंद कर दिया गया और कलेक्टर ऑफिस में होने वाला पारंपरिक गुलाल युद्ध भी रद्द कर दिया गया। प्रशासन ने पारंपरिक फरमान देने की रस्म अदायगी पूरी कर जुलूस को समाप्त कर दिया। आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थनाचंद्रप्रकाश अग्रवाल के निधन के बाद उत्सव का माहौल गमगीन हो गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक मंडलों और नागरिकों ने चंद्रप्रकाश अग्रवाल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। लोगों ने इस घटना को मेले के इतिहास की एक दुखद घटना बताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। दूसरी बार बादशाह बने थे चंद्रप्रकाश अग्रवालचंद्रप्रकाश अग्रवाल का ब्यावर में मिठाई और नमकीन का कारोबार है, जिसे वह अपने पिता के साथ संभालते थे। ऐतिहासिक बादशाह मेले में दूसरी बार बादशाह बने थे। उन्होंने पिछले साल भी बादशाह बनकर हजारों रुपए की अबीर-गुलाल उड़ाई थी।
ईरान में चल रहे संघर्ष और वैश्चिक अनिश्चिता के बीच वेदांता समूह के चैयरमैन अनिल अग्रवाल ने तेल, गैस और खनन जैसे इलाकों को राष्ट्रीय प्राथमिकता घोषित करने की मांग की है। जिससे आयात पर निर्भरता खत्म हो। अग्रवाल ने कहा कि आज की दुनिया में कोई भी देश किसी का स्थायी मित्र या साझेदार नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय तनाव का भारत पर असर अनिल अग्रवाल ने कहा कि संसाधनों से भरपूर क्षेत्रों में किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर भारत पर पड़ता है। क्योंकि देश आज भी तेल, गैस और खनिजों के लिए बड़े पैमाने पर विदेशों पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि भारत अपनी आवश्यकता का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जिससे देश की परिवहन व्यवस्था चलती है। घरेलू रसोई गैस का करीब 66 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आता है और लगभग 50 प्रतिशत तरलीकृत प्राकृतिक गैस का आयात किया जाता है, जिसका उपयोग स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन में होता है। हर साल 176 अरब अमेरिकी डॉलर आयात पर व्यय अग्रवाल ने कहा- तेल और गैस देश के कुल आयात व्यय का सबसे बड़ा हिस्सा हैं, जो हर साल करीब 176 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाता है। उनके अनुसार तेल, गैस और सोना मिलकर भारत के कुल आयात का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। अनिल अग्रवाल के मुताबिक जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतें बढ़ती हैं, तो उसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इससे सरकारी खर्च और कर्ज़ बढ़ते हैं। रुपया कमजोर होता है और महंगाई बढ़ती है, जिसका बोझ जनता पर आता है। राष्ट्रीय प्राथमिकता घोषित की जाए वेदांता चेयरमैन ने सरकार से अपील की कि तेल, गैस और खनन जैसे क्षेत्रों को राष्ट्रीय प्राथमिकता घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना और अनुमतियों में देरी को कम करना ज़रूरी है। उनके अनुसार आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए देश को सोच-समझकर जोखिम लेने से पीछे नहीं हटना चाहिए। जन-सुनवाई और पर्यावरण से जुड़ी स्वीकृतियों की प्रक्रिया में लचीलापन लाया जाना चाहिए। भरोसे पर आधारित व्यवस्था अपनाई जा सकती है। जिसमें कंपनियां नियमों के पालन का आश्वासन दें और बाद में जांच के ज़रिये उसकी पुष्टि की जाए। संकट के समय हर देश अपने हितों को देता है प्राथमिकता अनिल अग्रवाल ने दोहराया कि दुनिया पहले से कहीं अधिक अस्थिर और अनिश्चित हो चुकी है। मौजूदा वैश्विक राजनीति में कोई भी देश स्थायी मित्र नहीं होता और संकट के समय हर देश अपने हितों को प्राथमिकता देता है। ऐसे में भारत को अपनी ऊर्जा और खनिज ज़रूरतों के लिए खुद पर निर्भर होना ही होगा। अग्रवाल के इस बयान से राजस्थान के बाड़मेर तेल क्षेत्र को लेकर भी बड़ी उम्मीदें जगी हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में घरेलू तेल उत्पादन बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है और आत्मनिर्भरता को रणनीतिक आवश्यकता बताया जा रहा है। गौरतलब है कि वेदांता समूह की कंपनी केयर्न ऑयल एंड गैस पिछले दो दशकों से राजस्थान के बाड़मेर में भारत के सबसे बड़े थल-आधारित तेल क्षेत्र से कच्चे तेल का उत्पादन कर रही है। बाड़मेर क्षेत्र में मंगला, ऐश्वर्या और भाग्यम सहित कई तेल क्षेत्रों से उत्पादन हो रहा है, जो देश की कच्चे तेल की ज़रूरतों में अहम योगदान देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनिल अग्रवाल की ओर से तेल, गैस और खनन क्षेत्रों को राष्ट्रीय प्राथमिकता घोषित करने की मांग और बाड़मेर में बड़े निवेश की योजना—दोनों मिलकर भारत के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम मोड़ साबित हो सकती हैं।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के कुटेसरा गांव के लगभग 2500 लोग खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालात के कारण इन लोगों के परिजन चिंतित हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग सऊदी अरब और दुबई जैसे खाड़ी देशों में काम करने गए थे। परिजनों के अनुसार, वहां फंसे उनके परिवार के सदस्य बता रहे हैं कि उनके ऊपर से मिसाइलें गुजरती हैं और अमेरिकी ठिकानों पर गिरती हैं। हालांकि, वे फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन भविष्य को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। मुजफ्फरनगर में मौजूद इन परिवारों ने भारत सरकार से अपील की है कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो उनके अपनों को सुरक्षित वापस लाया जाए। जिला प्रशासन ने जिला कलेक्ट्रेट में एक आपातकालीन कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसका हेल्पलाइन नंबर 1077 भी जारी किया गया है। इस नंबर पर युद्धग्रस्त देशों में फंसे किसी भी व्यक्ति की जानकारी दी जा सकती है और सहायता मांगी जा सकती है। कुटेसरा गांव के पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद कामिल ने बताया कि उनके गांव के लगभग 2000 से 2500 युवक खाड़ी देशों जैसे दुबई, कतर और सऊदी अरब में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान में बहुत कम लोग होंगे, बाकी सभी अन्य खाड़ी देशों में हैं। परिजनों का कहना है कि गांव से करीब ढाई हजार लड़के बाहर रोजगार के लिए गए हुए हैं। एक परिवार के पांच भतीजे, एक बेटा और छोटा भाई भी वहीं कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। कोई क्लीनिंग का काम कर रहा है, कोई सिलाई का और कुछ मजदूरी कर रहे हैं। परिजनों ने बताया कि वहां हमलों की खबरें मिल रही हैं। बच्चे फोन पर बताते रहते हैं कि ऊपर से मिसाइलें गुजरती हैं और कई बार ठिकानों पर गिरती हैं। हालांकि अब तक उनके रहने वाली जगहों पर कोई सीधी क्षति नहीं हुई है। परिवार के लोगों ने बताया कि रोजाना बात हो रही है। हालात को लेकर चिंता जरूर है, लेकिन फिलहाल बच्चे खुद को सुरक्षित बता रहे हैं। ईद पर आने के लिए कुछ युवकों के टिकट भी बुक हो चुके थे, लेकिन मौजूदा हालात के कारण यात्रा टल सकती है। टिकट मिलना भी मुश्किल हो गया है। परिजनों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि विदेशों में रह रहे भारतीय युवकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें स्वदेश लाने की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि न्यूज में कई भारतीयों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे परिवारों में डर बना हुआ है। हालांकि युवक हिम्मत बनाए हुए हैं और परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। तीनों बेटे रियाद में मजदूरी कर रहे गांव कुटेसरा, कस्बा चरथावल निवासी मोहम्मद मतलूब ने बताया कि उनके तीनों बेटे सऊदी अरब के रियाद में मजदूरी कर रहे हैं। बेटों के नाम नौशाद, शहजाद और सरफराज हैं। उन्होंने बताया कि एक बेटा करीब सात-आठ साल से वहां रह रहा है, दूसरा दो साल से और तीसरा करीब डेढ़ साल से काम कर रहा है। घर में डर का माहौल है, हालांकि बच्चों से लगातार बात हो रही है। मतलूब ने कहा कि कुछ बच्चे ईद पर घर आने वाले थे और टिकट भी बुक हो गए थे, लेकिन युद्ध जैसे हालात के कारण फ्लाइट्स प्रभावित हो गई हैं। गांव के लगभग हर घर से एक-दो युवक खाड़ी देशों—कुवैत, रियाद और दुबई—में काम कर रहे हैं। परिजनों ने सरकार से मांग की है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो बच्चों को सुरक्षित देश वापस लाने की व्यवस्था की जाए। दो बेटे सऊदी में कार्यरत, मिसाइलों की आवाज से दहशत का माहौल ग्रामीण मोहम्मद इंतजार ने बताया कि उनके दो बेटे—सलमान और नाजिम—सऊदी अरब में मजदूरी कर रहे हैं। उनसे रोजाना बात हो रही है। उन्होंने बताया कि मिसाइलें उनके क्षेत्र के ऊपर से गुजरती हैं, जिससे दहशत का माहौल बना रहता है। हालांकि बेटे सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की सीधी परेशानी नहीं है। उन्होंने बताया कि एक बेटा करीब दस साल से वहां काम कर रहा है और हर दो साल में घर आता है। इस बार ईद पर आने की योजना थी, लेकिन मौजूदा हालात के कारण वह नहीं आ पाएगा। परिजनों का कहना है कि घर पर माता-पिता को चिंता बनी रहती है। सरकार से अपील की गई है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और यदि स्थिति गंभीर हो तो उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाया जाए।
दौसा जिले के पावटा गांव में होली दूज पर खेली जाने वाली डोलची ‘खूनी’ होली की शुरुआत हो चुकी है। युवाओं की टीमें एक दूसरे पर पानी की डोलची भर-भर कर पानी मार रही है। करीब 500 वर्षों से यह होली बल्लू शहीद की वीरता की स्मृति में मनाई जा रही है। इसकी विशेषता यह है कि दो धड़ों में बंटे युवक अर्धनग्न होकर चमड़े की डोलची में पानी भरकर एक-दूसरे पर प्रहार करते हैं, जिससे पूरा मैदान रणभूमि जैसा लगता है। पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह ने बताया- पानी इस चौक से निकलकर आगे कुएं तक न पहुंच जाए तब तक ये खेल चलता रहा है। एक साल इस खेल को नहीं खेला तो प्राकृतिक आपदाएं आने लगी थी। आगजनी होने लगी और लोग परेशान रहने लगे। इसके बाद बाबा से माफी मांगी और फिर से ये खेल शुरू किया। हवन से शुरुआत, रणभूमि जैसा माहौल महवा उपखंड से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित पावटा गांव के हदीरा मैदान में सुबह हवन के साथ आयोजन की शुरुआत होती है। इसके बाद भैरुजी मंदिर पर होली का आमंत्रण दिया जाता है। परंपरा के अनुसार दणगस और पीलवाड़ गोत्र के युवक दो दलों में आमने-सामने होते हैं। अतिथियों के संकेत मिलते ही दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पानी से भरी डोलची से प्रहार शुरू कर देते हैं। नंगे बदन युवाओं की पीठ पर पानी की तेज बौछार पड़ते ही लाल निशान उभर आते हैं, लेकिन जोश कम नहीं होता। जवाबी वार उतनी ही तीव्रता से किया जाता है। यह दृश्य ऐसा प्रतीत होता है मानो दो सेनाएं आमने-सामने युद्ध कर रही हों। इसी कारण इसे ‘खूनी होली’ कहा जाता है। देखें डोलची होली की तस्वीरें…
मिडिल ईस्ट में जारी ईरान - इजरायल तनाव का असर अब भी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट पर साफ नजर आ रहा है। सुरक्षा कारणों और एयरस्पेस प्रतिबंधों के चलते जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए संचालित होने वाली चार फ्लाइट्स को बुधवार को लगातार पांचवे दिन भी रद्द कर दिया गया है। लगातार हो रहे फ्लाइट कैंसिलेशन की वजह से पैसेंजर्स को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सबसे पहले एतिहाद एयरवेज की अबू धाबी जाने वाली फ्लाइट EY - 329 कैंसिल कर दी गई है। यह फ्लाइट जयपुर से रोजाना रात 3 बजकर 15 मिनट पर अबू धाबी के लिए रवाना होती है, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसका संचालन स्थगित कर दिया गया है। इसी तरह एयर अरेबिया की अल सुबह 4 बजकर 10 मिनट पर संचालित होने वाली फ्लाइट भी रद्द रही। एयर अरबिया की फ्लाइट G9 - 436, जो शारजाह के लिए जाती है, उसे भी कैंसिल कर दिया गया है। इससे खासतौर पर उन यात्रियों को परेशानी हुई, जिन्होंने बिजनेस या कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए ट्रैवल प्लान बनाया था। इसके साथ ही एयर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई जाने वाली फ्लाइट IX - 195 भी कैंसिल रही। यह फ्लाइट सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर जयपुर से दुबई के लिए उड़ान भरती है। वहीं स्पाइसजेट एयरलाइंस की दुबई जाने वाली फ्लाइट SG - 57 भी आज संचालित नहीं हो सकी। यह फ्लाइट सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर जयपुर से दुबई के लिए रवाना होती है। लगातार फ्लाइट्स रद्द होने से एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कैंसिलेशन की वजह से उन्हें होटल बुकिंग, वीजा वैधता और कनेक्टिंग फ्लाइट को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है। एयरलाइंस कंपनियां प्रभावित यात्रियों को रिफंड या री-शेड्यूलिंग का विकल्प दे रही हैं। लेकिन फिर भी पैसेंजर्स की परेशानी कम नहीं हो रही है। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य होने तक फ्लाइट संचालन प्रभावित रह सकता है। एयरस्पेस में अस्थायी बंदिशें और सुरक्षा एडवाइजरी के चलते एयरलाइंस एहतियात बरत रही हैं। पैसेंजर्स को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से फ्लाइट स्टेटस की जानकारी जरूर लें। ऐसे में अगर मिडिल ईस्ट के हालत में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में भी खाड़ी देशों के लिए उड़ानों पर असर जारी रह सकता है। जयपुर से दुबई, अबू धाबी और शारजाह के लिए बड़ी संख्या में पैसेंजर्स रोजाना सफर करते हैं, ऐसे में यह स्थिति पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकती है। --- ये खबर भी पढ़ें युद्ध के कारण खाड़ी देशों की उड़ाने रद्द:जयपुर से दुबई, अबू धाबी और शारजाह के लिए जाने वाली फ्लाइट्स कैंसिल मध्य-पूर्व के देशों में चल रहे युद्ध के कारण खाड़ी देशों की तरफ जाने वाली फ्लाइट्स आज भी रद्द रही। जयपुर से दुबई, अबू धाबी और शारजाह की फ्लाइट्स आज भी उड़ान नहीं भर सकी। इस कारण इन देशों में फंसे सैंकड़ों यात्री और यहां से इन देशों में जाने वाले यात्री फंस गए है। (पूरी खबर पढ़ें)
मिडिल ईस्ट संकट का असर: 1,609 उड़ानें रद्द
मिडिल ईस्ट की स्थिति को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय लगातार निगरानी कर रहा है। मौजूदा हालात के चलते अब तक भारतीय एयरलाइंस की 1,221 और विदेशी एयरलाइंस की 388 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं
खाड़ी देशों में हो रहे युद्ध के चलते इसका सीधा असर अब पंजाब के बासमती राइस एक्सपोर्टर पर पड़ा है। फाजिल्का जिले के जलालाबाद की बात करें तो यहां से एक्सपोर्ट किया गया लाखों टन बासमती चावल रास्ते में अटक गया है। मिलर्स का कहना है कि युद्ध के हालातों को देखते हुए शिपिंग के नाम पर अब शिपिंग एजेंसियां उनसे 2000 डॉलर प्रति कंटेनर की मांग रही हैं। जिसे वह अदा करने में असमर्थ हैं। इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार से दखल देने की मांग करते हुए समस्या के समाधान की मांग की है। जलालाबाद से राइस एक्सपोर्टर कपिल देव गुंबर ने बताया कि फाजिल्का जिले में किसान बासमती चावल की खेती करते हैं। 1121 किस्म का बासमती चावल खाड़ी देशों में पसंद किया जाता है। वह पिछले 15 वर्षों से बासमती चावल एक्सपोर्ट का काम कर रहे हैं। लाखों टन चावल भारत से खाड़ी देशों को भेजा जा रहा है। युद्ध के चलते रास्ते में फंसा चावल उन्होंने बताया अब भी उनके द्वारा लाखों टन बासमती चावल दुबई, ईरान सहित गल्फ कंट्रियो में भेजा गया है, जो ईरान- इजराइल युद्ध के चलते रास्ते में फंस गया है। उन्होंने बताया कि उनके करीब 150 कंटेनर है जिसमें से कुछ शिप, समुंदर, बंदरगाह या फिर ट्रकों में है वो वहीं रुक गया है। सारा माल रास्ते में फंस गया है। हालांकि पहले से ही तय भाड़े के अनुसार उनके द्वारा चावल एक्सपोर्ट किया जा रहा है। अब हालात ये हो गए हैं कि युद्ध के चलते रास्ते में फंसे चावल के लिए उनसे शिपिंग एजेंसियों द्वारा वार चार्जेस के नाम पर 2000 डॉलर प्रति कंटेनर मांगा जा रहा है। जिससे चावल का भाव 800 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ जाएगा, लेकिन उन्हें इतना मार्जन नहीं है। एक-दो रुपए प्रति किलो का मार्जन : गुंबर वह एक- दो रुपए प्रति किलो मार्जन पर काम कर रहे हैं। ऐसे में उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में दखल देने की मांग करते हुए समस्या के समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो राइस मिलर्स को भारी नुकसान होगा। जिसका सीधा असर पंजाब की किसानी पर भी पड़ेगा।
ललित सुरजन की कलम से - युद्ध नहीं, शांति चाहिए
'एक कटु सत्य है कि भारत ने युद्ध की विभीषिका का बहुत सीमित अनुभव किया है। बातें हम भले ही बड़ी-बड़ी कर लें
क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर
खग्रास चंद्र ग्रहण और ग्रह गोचर से जुड़े संकेतों पर चर्चा तेज है। क्या इसका असर भारत पर भी युद्ध जैसे हालात बना सकता है? जानिए ज्योतिषीय विश्लेषण और संभावित संकेत।
भविष्यवाणी: ईरान-इजराइल युद्ध बनेगा विश्वयुद्ध की शुरुआत? भारत बनेगा महाशक्ति
जैसा कि ज्योतिषियों ने आशंक जताई थी कि मंगल के कुंभ में जाने से राहु के साथ जब उसकी युति बनेगी तो 'अंगारक योग' का निर्माण होगा जो आग और विस्फोट को जन्म देता है। इसी के साथ ही सूर्य और चंद्र ग्रहण के बीच कम अंतराल होने के कारण फिर से देश और युनिया ...
क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
मनाली: बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों के दावे से तुर्की का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
युद्धक्षेत्र में बढ़त हासिल करने में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम निभाएगा अहम भूमिका : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, पारंपरिक युद्धक्षेत्र के साथ-साथ युद्ध का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है और 'सेंस, सिक्योर एंड स्ट्राइक' का एसएसएस मंत्र इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में बढ़त हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से दी गई।
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की '120 बहादुर' को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह ...
War 2 रिव्यू: लचर स्क्रिप्ट और निर्देशन के कारण रितिक और एनटीआर हारे युद्ध, पढ़ें पूरी समीक्षा
रितिक रोशन और एनटीआर स्टारर War 2 ‘स्पाई यूनिवर्स’ की बड़ी पेशकश मानी जा रही थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और औसत निर्देशन ने इसे निराशाजनक बना दिया। शानदार एक्शन सीक्वेंस और एनटीआर के दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म का सेकंड हाफ बिखर गया। कहानी में ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी खूबसूरती से हर किसी का दिल जीत लेती हैं। उर्वशी ने बेहद ही कम समय में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ 'मिलने और अभिवादन' के क्षणों में संलग्न रहती है। ऐसा ही एक क्षण था जब ...
सलमान खान की सिकंदर के आखिरी गाने में दिखेगा जबरदस्त जलवा, तुर्की से बुलाए गए 500 डांसर्स!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की 'सिकंदर' इस साल की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके एक्शन-पैक्ड टीजर ने इसकी भव्य एंट्री के लिए एकदम परफेक्ट माहौल तैयार कर दिया है। भव्य पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म में ...
केसरी वीर के लिए सूरज पंचोली ने की कड़ी ट्रेनिंग, ऐसे सीखा युद्ध कौशल
बॉलीवुड एक्टर सूरज पंचोली अपनी पहली बायोपिक में वीर हामीरजी गोहिल के ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने जा रहे हैं। सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय और सूरज पंचोली अभिनीत फिल्म 'केसरी वीर : लीजेंड्स ऑफ सोमनाथ' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है। सोमनाथ मंदिर की ...
फरहान अख्तर लेकर आ रहे भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म 120 बहादुर, निभाएंगे मेजर शैतान सिंह का रोल
Movie 120 Bahadur : रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट, ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज के साथ मिलकर '120 बहादुर' को पेश करने के लिए उत्साहित हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) और चार्ली कंपनी, 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों की कहानी कहती ...
Adil Hussain: दुनियाभर में इन दिनों पेरिस ओलंपिक 2024 की धूम मची हुई है। पेरिस ओलंपिक में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने भाग लिया है। भारत के कई खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। हाल ही में तुर्की के शूटर यूसुफ डिकेक ने सिल्वर मेडल जीता।
बॉर्डर की 27वीं सालगिरह पर, अभिनेता सनी देओल ने एक घोषणा वीडियो के ज़रिए फ़्रैंचाइज़ी के दूसरे संस्करण की पुष्टि की है। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर सनी ने बॉर्डर 2 में अपनी वापसी की आधिकारिक घोषणा करते हुए एक वीडियो शेयर किया और इसे 'भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म' बताया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ''एक फौजी अपने 27 साल पुराने वादे को पूरा करने के बाद, आ रहा है फिर से। भारत की सबसे बड़ी युद्ध फिल्म, बॉर्डर 2।'' इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता करेंगे। आगामी युद्ध फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह करेंगे। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | पति से तकरार के बीच केन्या लौट गई हैं Dalljiet Kaur? शादी को बचाने की कर रही कोशिश सनी द्वारा घोषणा वीडियो शेयर किए जाने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कमेंट सेक्शन में बाढ़ ला दी। एक यूज़र ने लिखा, ''वाह, यह बहुत बढ़िया घोषणा है सर जी, जय हिंद।'' दूसरे ने लिखा, ''बहुत उत्साहित हूँ।'' तीसरे यूजर ने टिप्पणी की, ''बॉर्डर 2 के लिए बहुत उत्साहित हूं।'' इसे भी पढ़ें: NDA पर इमोशनल बयान, काले सूट में ली मंत्री पद की शपथ और शर्मिला अंदाज, Tripti Dimri की तरह रातों रात भारत के Sensation बन गये Chirag Paswan सनी देओल की अन्य परियोजनाएं उन्हें आखिरी बार अमीषा पटेल के साथ गदर 2 में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल रही और इसे ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर घोषित किया गया। गदर 2 की सफलता के बाद, सनी ने लाहौर 1947 सहित कई फिल्में साइन कीं, जिसे आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जिन्होंने आमिर को कल्ट क्लासिक अंदाज़ अपना अपना (1994) में निर्देशित किया था। View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol)
Kalki 2898 AD: शुरू हो गया नया युद्ध, पूरे ट्रेलर की अहम कड़ी हैं अमिताभ, प्रभास करेंगे इम्प्रेस
Kalki 2898 AD के ट्रेलर को देखें तो, फिल्म कल्कि 2898 एडी के मेकर्स ने विश्वास दिलाया है कि ये फिल्म लोगों को बांधने में कामयाब होगी. टफ सीक्वेंस, क्लियर एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर आपका ध्यान खींचते हैं. वीएफएक्स पर भी अच्छा काम किया गया है.
आशुतोष राणा ने डीपफेक वीडियो को बताया 'माया युद्ध', बोले- ये सालों से चल रहा
आशुतोष ने कहा कि ऐसी बातों में खुद को डिफेंड करने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग आपको जानते हैं वो सवाल करेंगे ही नहीं. और जो नहीं जानते, उन्हें किसी रिस्पॉन्स से फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो दिमाग में आपकी एक छवि बना चुके होते हैं.
रानीति बालाकोट एंड बियॉन्ड: जिमी शेरगिल की नई सीरीज भारत की आधुनिक युद्ध की ऐतिहासिक कहानी को प्रदर्शित करेगी। जिमी शेरगिल दो मिनट के ट्रेलर की शुरुआत पुलवामा हमले की झलक से होती है। एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाने वाले आशीष कहते हैं, ये एक नया रण है या इसे जीतने के लिए एक नई रणनीति की जरूरत है। इसे भी पढ़ें: नक्सलियों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार', कमांडर शंकर राव समेत अब तक 79 हुए ढेर, हिट लिस्ट में और भी कई नाम शामिल आगामी वेब शो आधुनिक युद्ध को डिकोड करता है जो केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता है बल्कि सोशल मीडिया, डिजिटल रणनीति और गुप्त राजनीतिक चालों के क्षेत्र से परे है जो भू-राजनीति को नया आकार देने की शक्ति रखता है। वेब श्रृंखला उन वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने 2019 में देश को हिलाकर रख दिया था। शो में कुछ हवाई दृश्य, शानदार प्रदर्शन और एक शक्तिशाली कथा है जो युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हर पहलू को चतुराई से पकड़ती है। इसे भी पढ़ें: Biden को सोचना पड़ेगा फिर एक बार, Iran पर प्रहार तो रूस करेगा पलटवार, रक्षा मंत्रायल ने चिट्ठी लिखकर जता दी मंशा आगामी वेब श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, जिमी ने कहा: यह मेरे द्वारा अतीत में की गई किसी भी भूमिका से भिन्न है। कम से कम यह कहना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन भारत की पहली वॉर-रूम केंद्रित वेब-श्रृंखला का हिस्सा बनना बेहद संतोषजनक भी है। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित जिसने देश को हिलाकर रख दिया। एनएसए प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, आशीष ने कहा, एनएसए प्रमुख की भूमिका निभाना चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन रक्षा बलों के कुछ सदस्यों के साथ बैठकों ने मुझे अपने चरित्र की बारीकियों को समझने में मदद की। तैयारी कार्य और कार्यशालाएं मुझे वापस ले गईं मेरे एनएसडी के दिनों में। संतोष सिंह द्वारा निर्देशित, श्रृंखला का निर्माण स्फीयरओरिजिन्स मल्टीविजन प्राइवेट लिमिटेड के सुंजॉय वाधवा और कॉमल सुंजय डब्ल्यू द्वारा किया गया है। इसमें प्रसन्ना भी हैं। शो का प्रीमियर 25 अप्रैल को JioCinema पर होगा।
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
आखिर क्यों Indira Gandhi ने Aandhi मूवी पर लगा दिया था प्रतिबन्ध, आज भी देखने से कतराते हैं लोग
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'सावरकर' रिव्यू: खोखली, एकतरफा फिल्म में एकमात्र अच्छी चीज है रणदीप हुड्डा का काम
आज के दौर में 'गुमनाम' हो चुके एक स्वतंत्रता नायक की कहानी कहने निकली ये फिल्म, एक अनजान कहानी बताने से ज्यादा अपने हीरो विनायक दामोदर सावरकर को बाकियों के मुकाबले अधिक 'वीर' बताने पर फोकस करने लगती है.
अस्तित्व और बदले के लिएब्रह्मांड में शुरू होने वाला है महायुद्ध, एक्शन और रोमांच से भरपूर हैRebel Moon 2 का धांसू ट्रेलर

