Dhuandhar Falls और जादुई चट्टानें, भेड़ाघाट का वो रहस्यमयी सफर जहां आज भी मिलते हैं Dinosaur Eggs
अगर आप भी किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जो बेहद खूबसूरत होने के साथ विदेशी नजारों वाला एहसास करा सके। तो आपको एक बार मध्यप्रदेश का रुख करना चाहिए। मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक ऐसी खूबसूरत जगह है, जिसको देखकर आप भी दांतों तले उंगली दबा लेंगे। इस जगह का नाम भेड़ाघाट है। यह जगह हरे-भरे पेड़ों और संगमरमर की ऊंची-ऊंची चट्टानों से घिरा है। भेड़ाघाट को फिल्मों की शूटिंग और बोटिंग आदि के लिए परफेक्ट माना जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भेड़ाघाट की खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं। भेड़ाघाट की खासियत इस जगह की खासियत यहां की 100 फीट ऊंची चट्टानें हैं। नर्मदा नदी के तेज बहान ने इन चट्टानों को 5 किमी लंबी खूबसूरत घाटी में बदल दिया। वहीं लोग इन चट्टानों को जादुई मानते हैं। जैसे-जैसे पानी का बहता है, इन चट्टानों का आकार बदलता है। बाहर से काली और अंदर से सफेद दिखने वाली इन चट्टानों पर जब सूरज की किरणें पड़ती हैं, तो ऐसा लगता है मानो वक्त ठहर गया हो। रात के समय चांद की रोशनी में इसकी खूबसूरती दोगुनी हो जाती है। इसे भी पढ़ें: Sikar Travel Guide: Raksha Bandhan पर करें Jeen Mata के दर्शन, Rajasthan का यह मंदिर है भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक जमीन में दबे हैं सालों पुराने राज यह जगह भूगोल के नजरिए से भी बेहद खास है। नर्मदा और ताप्ती दोनों देश की वह दो नदियां हैं, जो बंगाल की खाड़ी की जगह अरब सागर में गिरती है। एक जमाने पर यहां जमीन में दरार आ गई थी। जिससे बीच की जमीन रह गई और दोनों नदियां अरब सागर की ओर बहने लगीं। अरबों साल पहले यहां पर ज्वालामुखी फटा था, उस ज्वालामुखी के लावे से 'सॉफ्ट स्टोन' बना था। जिसको हम मार्बल बोलते हैं, यह वही सॉफ्ट स्टोन है। इसमें मैग्नीशियम की बहुत अधिक मात्रा पाई जाती है, इस कारण यह इतना नर्म होता है। वहीं इसी इलाके में डायनासोर के अंडे भी मिल चुके हैं। धुंआधार वॉटरफॉल्स भेड़ाघाट में एक फेमस और बहुत सुंदर वॉटरफॉल भी है, जिसको 'धुआंधार वॉटरफॉल्स' के नाम से जाना जाता है। इस वॉटरफॉल का नाम ही इसकी खूबसूरती को बयां कर देता है। यहां पर पानी इतनी तेज रफ्तार और ऊंचाई से गिरता है कि चारों ओर पानी की बूंदें धुएं की तरह उड़ती दिखती हैं। यहां बहते पानी का शोर बहुत दूर तक सुनाई देता है। फिल्मों की फेवरेट लोकेशन बॉलीवुड को भी भेड़ाघाट की खूबसूरती बेहद लुभाती है। शाहरुख खान और तापसी पन्नू स्टारर सुपरहिट फिल्म 'डंकी' में भेड़ाघाट के खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। इससे पहले भी इस जगह पर कई यादगार फिल्में फिल्माई गई हैं। जिनमें रितिक रोशन की फिल्म मोहनजोदड़ो, ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया की फिल्म बॉबी, सुनील दत्त की फिल्म प्राण जाए पर वचन न जाए और शोमैन राज कपूर की क्लासिक फिल्म 'जिस देश में गंगा बहती है' शामिल है। चौंसठ योगिनी मंदिर यहां पर घूमने के दौरान आप चौंसठ योगिनी मंदिर भी देखने जरूर जाएं। नर्मदा नदी के ठीक ऊपर बने एक पहाड़ पर यह एक ऐतिहासिक मंदिर है। इस मंदिर में मां दुर्गा की 64 योगनियों की मूर्तियां हैं। इन मूर्तियों के बीचोबीच में भोलेनाथ की मूर्ति विराजमान है। पर्यटकों के लिए यह एक दर्शनीय स्थल है। बैलेंसिंग रॉक्स भेड़ाघाट में आपको नेचर का एक और सरप्राइज देखने को मिलता है, जिसको बैलेंसिंग रॉक्स कहते हैं। यह पत्थर की काफी बड़ी गोलाकार चट्टाने हैं। जिनको इंसानों ने नहीं बनाया। यह चट्टानें हजारों साल पहले हुए ज्वालामुखी विस्फोट से बनी थीं। इसकी खासियत इनका बैलेंस है। चाहे भूकंप आए या फिर कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा, इन गोलाकार चट्टानों का बैलेंस कभी नहीं बिगड़ता है। ऐसे पहुंचें भेड़ाघाट जबलपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से करीब 25 किमी दूर यह जगह है। अगर आप फ्लाइट से जाना चाहें, तो जबलपुर शहर का अपना एयरपोर्ट भी है। इसके अलावा भेड़घाट तक आने के लिए पर्यटकों के पास रोपवे का ऑप्शन भी है। वहीं मार्बल रॉक्स और घाट के नजारों को करीब से महसूस करने के लिए आप नर्मदा नदी में बोटिंग भी कर सकते हैं।
भारत में कई अद्भुत चमत्कार और रहस्यमय मंदिरों का खजाना है। यहां पर आपको कई प्राचीन मंदिर देखने को मिलेंगे। हर मंदिर की एक अलग विशेषता है। राजस्थान के सीकर जिले में एक ऐसा मंदिर स्थित है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शता है। इस मंदिर का नाम है जीणा माता। यह मंदिर मां जीण भवानी को समर्पित है। रक्षाबंधन पर अपने भाई के साथ यहां दर्शन के लिए आप जरुर जा सकते हैं। यह मंदिर अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित है और यहां मां जीण माता के साथ उनके भाई हर्ष की भी पूजा की जाती है। आइए आपको इस मंदिर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी बताते हैं। राजस्थान में कहां स्थित है भाई-बहन को समर्पित जीण माता का मंदिर? राजस्थान के सीकर जिले में जीणमाता गांव में यह मंदिर स्थित है। यहां पर मुख्य रुप से मां जीण की पूजा होती है। राखी के समय यहां लोग दर्शन के लिए जरुर जाते हैं। इस दौरान यहां पर काफी भीड़ देखने को मिलती है। यह मंदिर खाटू श्याम से 25-30 किमी की दूरी पर स्थित है। कैसे पहुंचे? - अगर आप सीकर शहर से यहां जाएंगे, तो आपको 29 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। यदि आप जयपुर से जा रहे हैं, तो आपको 110 किमी का सफर तय करना होगा। जयपुर से पहुंचने के लिए करीब 3 घंटे का समय लगेगा। - जो भाई-बहन दूसरे शहरों से आने का प्लान कर रहे हैं, वह ट्रेन से जा सकते हैं। इसके लिए आपको रींगस जंक्शन तक ट्रेन टिकट बुक करानी पड़ेगी। - सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर एयरपोर्ट है, यहां से आप मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। जीण माता मंदिर तक पहुंचने के लिए बस की क्या सुविधा है? - राजस्थान से आपको सीकर जिले से मंदिर के लिए बस मिल जाएगी। आसपास के शहरों से भी सीकर जिले के लिए बस जाती है। - जयपुर से आप सीकर के लिए पहले बस लें। इसके बाद सीकर पहुंचकर जीण माता मंदिर के लिए शेयरिंग टैक्सी या ऑटो बुक कर सकते हैं। जीण माता मंदिर यह मंदिर भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ा है, इसलिए रक्षाबंधन के समय भीड़ थोड़ी देखने को मिल सकती है। किसी भी साधन से जा रहे हैं, तो समय का जरुर ध्यान रखें। जीण माता मंदिर पहाड़ी पर स्थित है, इसलिए जीण माता मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 200 से 300 मीटर पैदल चलना पड़ता है। रास्ते में करीब 200 सीढ़िया मिलेगी। इन्हें चढ़ने में आधे घंटे का समय लग जाएगा। View this post on Instagram A post shared by Aryan Parashar (@aryanpujari_jeenmata)

