बुलंदशहर के शिकारपुर बाईपास पर सड़क के बीचो-बीच लगभग 20 फीट गहरा सीवर मैनहोल खुला पड़ा है। मैनहोल का ढक्कन टूटने के कारण यह स्थिति बनी है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। यह घटना लगभग 15 दिनों के भीतर दूसरी बार हुई है, जिससे मैनहोल ढक्कनों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। यह बाईपास दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़, बरेली, बदायूं, शिकारपुर, डिबाई, संभल, नरौरा, अमरोहा और अनूपशहर जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है। इस व्यस्त मार्ग से रोजाना पांच लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, शिकारपुर बाईपास पर मैनहोल के ढक्कन टूटने की समस्या लगातार बनी रहती है। रात के समय तेज रफ्तार से चलने वाले वाहन चालकों को यह गड्ढा अक्सर दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सूत्रों के मुताबिक, मैनहोल ढक्कनों की खराब गुणवत्ता के कारण हर महीने इस तरह की समस्या सामने आ रही है। ढक्कन टूटते ही सड़क पर गहरा गड्ढा बन जाता है, जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। फिलहाल, अधिकारियों ने मैनहोल को चिन्हित करने के लिए उसमें लकड़ी लगाई है, जिसे एक अस्थायी व्यवस्था माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मजबूत और मानक गुणवत्ता वाले ढक्कन लगाने तथा पूरे बाईपास के मैनहोल की जांच कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। नगर पालिका ईओ डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि ढक्कन बदलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों के लिए उच्च गुणवत्ता का ढक्कन लगवाया जाएगा, ताकि यह समस्या बार-बार न हो।
नागौर के डेह रोड पर हरिमा के नजदीक भाम्भू पेट्रोल पंप के पास ओवरटेक करने के प्रयास में एक लोक परिवहन बस और ट्रक के बीच भीषण भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में कुल 26 लोग घायल हो गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े और एम्बुलेंस व पुलिस को सूचित किया। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 14 घायलों को तुरंत नागौर के जेएलएन अस्पताल लाया गया, जबकि अन्य घायल यात्रियों को उपचार के लिए पास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जेएलएन अस्पताल लाए गए घायलों में से दो की स्थिति नाजुक होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, लोक परिवहन की बस सुजानगढ़ से नागौर की तरफ आ रही थी, जबकि ट्रक नागौर से सुजानगढ़ की ओर जा रहा था। इसी दौरान ओवरटेक करने के चक्कर में दोनों वाहनों की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना पाकर रोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को रास्ते से हटवाकर यातायात सुचारू करवाया। रेफर किए गए घायलों में भरतपुर निवासी ट्रक ड्राइवर आजाद खान (24) और लाडनूं के जरडिया निवासी प्रीति (29) शामिल हैं, जबकि शेष घायलों का इलाज जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में जारी है। हादसे की सूचना पर जेएलएन प्रभारी आर के गुप्ता भी मौके पर पहुंचे और डॉक्टर्स की टीम को घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए।
डॉ. शेखावत संभल कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला हल्लू सराय स्थित प्राचीन सिद्धपीठ चामुंडा देवी मंदिर में शनिवार रात 08:40 बजे पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा-अर्चना की, जहां क्षत्रिय समाज के लोगों ने उनका स्वागत किया।क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने UGC एक्ट के विरोध में 8 मार्च को दिल्ली में महाआंदोलन की घोषणा की है। उन्होंने संभल में कहा कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया तो आगामी चुनावों में इसका असर दिखाई देगा। डॉ. शेखावत ने आरोप लगाया कि यह कानून देश के सामान्य वर्ग के छात्रों और नागरिकों पर थोपा गया है। उनके अनुसार, एक्ट में ऐसी व्यवस्थाएं हैं जिनसे एकतरफा कार्रवाई की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का प्रावधान है, जबकि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है। साथ ही, जांच समिति में सामान्य वर्ग को प्रतिनिधित्व न देने का भी आरोप लगाया गया। डॉ. शेखावत ने संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी नागरिकों को समानता और सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि इस एक्ट से इन अधिकारों का हनन हो रहा है। एक्ट को वापस लेने की मांग को लेकर स्वर्ण समाज समन्वय समिति का गठन किया गया है। इसके माध्यम से हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 'आमंत्रण यात्रा' निकाली जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश बड़े जनआंदोलनों की धरती रहा है और इस बार भी यहां से भारी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचेंगे। राज शेखावत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में इस एक्ट को लेकर मामला विचाराधीन है और फिलहाल इस पर स्टे मिला हुआ है। हालांकि, संगठन की मांग है कि कानून को पूरी तरह निरस्त किया जाए, और जब तक यह नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न सांसदों से संपर्क कर राजनीतिक समर्थन जुटाया जा रहा है। उनका आरोप है कि संसद में बिल पारित होने के समय कई जनप्रतिनिधियों ने विरोध दर्ज नहीं कराया, जिससे समाज में नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो इसका प्रभाव चुनावों में दिखाई देगा। जब तक यह काला कानून, यह यूजीसी रोलबैक नहीं होता, तब तक भाजपा को न हमें मतदान करना है, न हमें वोट देना है, न हमारा परिवार देगा, न हमारे सगे-संबंधी देंगे और न ही हमारे मित्र देंगे। इनका एकमात्र विकल्प है, और वह विकल्प है 'वोट की चोट'। तो हम तो इनको उखाड़ फेंकने के लिए मैदान में उतर चुके हैं। दुख की बात तो यह है कि 140 सांसद हमारे हैं, जो हमने हमारे कोटे से इनको टिकट मिली और हमने जिताकर उन्हें संसद में भेजा। लेकिन जब यह बिल पास हुआ, तो किसी ने आपत्ति दर्ज नहीं की। तो उन सांसदों की भी खैर नहीं है और इस भाजपा की भी खैर नहीं है। इसको दिखाएँगे कि सामान्य वर्ग कितनी बड़ी संख्या में इस भारत देश में आपके साथ था, अब आपके साथ नहीं है। उन्होंने देशभर के लोगों से 8 मार्च को दिल्ली पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया और कहा कि यह समान अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई है, जिसे पूरी ताकत से लड़ा जाएगा।
कोरबा में बोर्ड परीक्षाओं और होली पर्व के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार कक्ष में डीजे संचालकों और होली सामग्री विक्रेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए और होली पर्व शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो। अधिकारियों ने सभी संबंधित पक्षों को शासन के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। डीजे संचालकों को रात 10 बजे बाद बंद करने निर्देश डीजे संचालकों को रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों को पूरी तरह बंद रखने का निर्देश दिया गया है, जब तक कि विशेष अनुमति न हो। ध्वनि का स्तर निर्धारित डेसिबल मानक से अधिक नहीं होना चाहिए। परीक्षा केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के आसपास विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। होली पर्व के दौरान डीजे संचालन करते समय कानून-व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया गया। होली सामग्री विक्रेताओं को किसी भी प्रकार के मुखौटे (मास्क) की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, आपत्तिजनक, अश्लील या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री, साथ ही हानिकारक रासायनिक रंगों या स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह पदार्थों की बिक्री न करने को कहा गया है। अधिकारियों ने नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसी दुकान में मुखौटे या अन्य प्रतिबंधित/आपत्तिजनक सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। डीजे संचालकों को भी स्पष्ट किया गया कि निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि प्रसारण या समय सीमा का उल्लंघन करने पर उपकरण जब्त किए जाएंगे, लाइसेंस रद्द होगा और मामले दर्ज किए जाएंगे। डीजे संचालकों और व्यापारियों ने नियमों का पालन करने तथा पुलिस प्रशासन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। कोरबा पुलिस ने सभी नागरिकों, आयोजकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों के हितों को प्राथमिकता दें और होली पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं।
बहन की शादी कर वापस लौट रहे युवक की कानपुर सेंट्रल स्टेशन में ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। युवक ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी के कारण रेलवे ट्रैक पर खड़ा गया। इस दौरान ट्रेन पर चढ़ते वक्त शर्ट फंसने के कारण रेलवे ट्रैक पर गिरने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची जीआरपी पुलिस ने हादसे की जानकारी परिजन को दी, तो कोहराम मच गया। मुंबई से परिवार संग आए थे मूलरूप से नौबस्ता के उस्मानपुर गांव निवासी 45 वर्षीय अमर गोसाई बीते कई सालों से परिवार के साथ मुम्बई के दहिसर में रह रहे थे। परिवार में पत्नी सीमा, बेटी नंदनी, प्रिया और बेटे आर्यन, शिवम व कृष्णा है। परिजन ने बताया कि वह मुम्बई में सिलेंडर की डिलीवरी करते थे। गुरुवार को उनकी बहन गंगोत्री की शादी कानपुर में थी। जिसमें शामिल होने के लिए वह परिवार के साथ कानपुर आये थे। शादी का कार्यक्रम निपटाने के बाद शनिवार सुबह वह अकेले मुम्बई जाने के लिए घर से निकले थे। सुबह करीब साढे छह बजे वह प्लेटफार्म नंबर तीन व चार में ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन में चढ़ने के लिए जल्दबाजी करते हुए वह रेलवे ट्रैक पर खड़े हो गए। ट्रेन पर चढ़ने वक्त उनकी शर्ट ट्रैक किनारे लगे पाइप में फंस गई। जिसकी वजह से वह रेलवे ट्रैक पर सिर के बल गिरकर घायल हो गए। सूचना पर पहुंची कानपुर जीआरपी पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जिसके बाद जीआरपी ने मृतक के पास मिले कागजों के आधार पर शव की पहचान कर हादसे की जानकारी परिजन को दी।
संभल जिले के चंदौसी स्थित विशेष पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में एक अभियुक्त को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने शीलू पुत्र रूपकिशोर, निवासी ग्राम लहरा नगला, थाना गुन्नौर, जिला संभल को तीन वर्ष के कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान के तहत सुनाया गया। अभियुक्त शीलू को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 452 के तहत तीन वर्ष के कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। इसके साथ ही, उसे पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत भी तीन वर्ष के कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यह निर्णय विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने सुनाया। यह मामला विशेष सत्र परीक्षण संख्या 574/2019 और अपराध संख्या 166/2019 के तहत थाना गुन्नौर में दर्ज किया गया था। अभियुक्त पर आईपीसी की धारा 323, 354, पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)10 के अंतर्गत आरोप लगाए गए थे। न्यायालय ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि समाज में बालिकाओं की मर्यादा और सम्मान की रक्षा सर्वोपरि है। ऐसे कृत्य करने वाले अपराधी किसी सहानुभूति के पात्र नहीं हैं। न्यायालय ने कहा कि यह निर्णय समाज को स्पष्ट संदेश देता है कि न्यायपालिका बेटियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर है। इस मुकदमे की प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) नरेंद्र कुमार यादव ने की। उन्होंने न्यायालय में तथ्यपरक और साक्ष्य-आधारित दलीलें प्रस्तुत कीं। गवाहों के बयानों, चिकित्सीय प्रमाणों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अभियुक्त के दोषसिद्ध होने का विश्वास दिलाया, जिससे पीड़िता को न्याय मिल सका।
बिजनौर के शेरकोट इलाके में खो नदी के नए पुल से आज एक युवक ने अचानक नदी में छलांग लगा दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू की। कई घंटों की मशक्कत के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। जानकारी के अनुसार, धामपुर की मुन्नी देवी कॉलोनी निवासी 21 वर्षीय योगेश सैनी पुत्र दिनेश सैनी शनिवार शाम करीब चार बजे अपने दोस्त रिंकू के साथ बाइक से शेरकोट आया था। शेरकोट नेशनल हाईवे पर नए पुल पर पहुंचते ही योगेश अचानक बाइक से उतरकर खो नदी में कूद गया। उसके साथी रिंकू ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका और योगेश नदी में डूब गया। कई लोगों ने उसे डूबते हुए देखा। 3 तस्वीरें देखिए… डूबने वाले युवक के पिता दिनेश सैनी ने बताया कि उनका बेटा डीजे बजाने का काम करता था। आज उसकी विनीत नामक लड़के से पैसों के लेनदेन को लेकर कहासुनी हुई थी। हालांकि, योगेश शेरकोट कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है। यह भी बताया गया है कि योगेश का अपनी पत्नी से भी विवाद चल रहा था, जो कोर्ट में विचाराधीन है। घटना की सूचना मिलते ही सीओ अफजलगढ़ आलोक सिंह और शेरकोट थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ ने बताया कि गोताखोरों की टीम युवक की तलाश कर रही है और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम को भी सूचित कर दिया गया है। स्थानीय गोताखोरों द्वारा भी युवक की तलाश जारी है।
पीलीभीत के बिलसंडा थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपनी पत्नी को विदा कराने की जिद में ससुराल में जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना शनिवार को हुई, जिसके बाद युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। शाहजहांपुर के बंडा थाना क्षेत्र के डभौरा गांव निवासी विनोद कुमार पुत्र विजय पाल अपनी ससुराल बिलसंडा के कल्यानपुर ताल्लुक बेहटी गांव आया था। वह अपनी पत्नी सरवती को अपने साथ ले जाने (विदा कराने) की जिद कर रहा था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ने पर विनोद ने आवेश में आकर खेत में छिड़काव के लिए इस्तेमाल होने वाली कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। जहर खाने के बाद विनोद की हालत बिगड़ने लगी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। ससुराल वालों ने तत्काल डायल 112 पुलिस को सूचना दी। पीआरवी (PRV 5925) की टीम, जिसमें सब कमांडर कांस्टेबल सौरभ मलिक, राजन तोमर और चालक शिवओम शामिल थे, तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए युवक को सरकारी गाड़ी से बिलसंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. अखिलेश कुमार ने उसे प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि, जहर के गंभीर असर को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पीलीभीत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस पूरे मामले में विनोद की पत्नी सरवती का पक्ष अलग है। सरवती ने बताया कि उसके पति विदा कराने के लिए दबाव बना रहे थे और इसी बात पर उन्होंने उसके साथ मारपीट की। सरवती के अनुसार, विनोद ने उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पत्नी ने यह भी कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि उसके पति ने कौन सी दवा खाई है। बिलसंडा थानाध्यक्ष सिद्धांत शर्मा ने बताया कि थाने के स्तर पर फिलहाल इस घटना के संबंध में कोई लिखित सूचना या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
इटावा। विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट मधु गुप्ता ने तीन साल पुराने एक गैंगेस्टर मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को तीन साल की कैद और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मामला जसवंत नगर थाना पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था। आरोपी की पहचान फिरोजाबाद जिले के अत्तर थाना क्षेत्र के मोहल्ला कृष्णा नगर निवासी कन्हैया पुत्र बब्लू के रूप में हुई है। कन्हैया पर समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर अवैध रूप से धन उगाही करने का आरोप था। इसी आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने गहन छानबीन के बाद कन्हैया के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट की कोर्ट में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने कन्हैया को दोषी पाया। इसके बाद उसे तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
दुर्ग पुलिस ने अवैध सट्टे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सुपेला क्षेत्र में दबिश दी। लक्ष्मी नगर स्थित मछली मार्केट से सट्टा-पट्टी लिखते हुए तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से सट्टा-पट्टी, दो मोबाइल फोन और 5,790 रुपये नकद जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 और BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सुपेला पुलिस को शनिवार, 21 फरवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नगर के मछली मार्केट क्षेत्र में कुछ लोग रुपयों का दांव लगाकर सट्टा संचालित कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को सट्टा-पट्टी लिखते हुए पकड़ लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि साहनी (38 वर्ष), निवासी राजीव नगर सुपेला; कोमल सिंह (28 वर्ष), निवासी लक्ष्मी नगर शक्ति चौक सुपेला; और अमित कुमार गुप्ता (19 वर्ष), निवासी लक्ष्मी मार्केट दुर्गा पारा सुपेला के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी संगठित रूप से सट्टा संचालन में लिप्त थे। उनके कब्जे से सट्टा-पट्टी, दो मोबाइल फोन और 5,790 रुपये नकद राशि जब्त की गई। थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 297/2026 दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ धारा 6 छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 और धारा 112 BNS के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
विवाहिता का शव फंदे से लटका मिला:पीलीभीत में परिजनों ने खिड़की तोड़कर निकाला, मानसिक तनाव में थी
पीलीभीत शहर के मोहल्ला केसरी सिंह में शनिवार को एक 36 वर्षीय विवाहिता का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। सदर कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान विकास पटेल की पत्नी रश्मि गंगवार (36) के रूप में हुई है। शनिवार को रश्मि घर पर थीं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान रश्मि एक कमरे में गईं और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक रश्मि के कमरे से बाहर न आने पर परिजनों को चिंता हुई। अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने खिड़की से कमरे के अंदर झांका, जहां रश्मि का शव छत के पंखे के कुंडे से साड़ी के फंदे के सहारे लटका हुआ था। परिजनों ने तुरंत दरवाजा तोड़कर फंदा काटा और रश्मि को नीचे उतारा। उन्हें तत्काल एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद रश्मि को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से मिली सूचना के बाद सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआती पूछताछ में मृतका के मानसिक तनाव में होने की बात सामने आ रही है, हालांकि आत्महत्या के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है। उन्होंने कहा, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल मृतका के पक्ष या परिजनों की ओर से किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
धमतरी में तेज रफ्तार इको वाहन नाले में गिरी:ब्रेकर पर उछलने से हुआ हादसा, तीन यात्री घायल
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक तेज रफ्तार इको वाहन नाले में जा गिरी। इस हादसे में वाहन में सवार तीन लोग घायल हो गए। घटना देर रात भखारा थाना क्षेत्र के ग्राम कोसमर्रा के पास हुई। जानकारी के अनुसार, इको वाहन धमतरी से रायपुर की ओर जा रही थी। ग्राम कोसमर्रा के पास एक ब्रेकर पर वाहन अचानक उछल गई, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क किनारे नाले में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन पलट गया और उसके सभी टायर ऊपर की ओर आ गए। हादसे में वाहन में सवार तीनों यात्रियों को मामूली चोटें आई। घटना के बाद आसपास मौजूद राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को वाहन से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
श्योपुर जिले के अगरा थाना क्षेत्र में शनिवार को सड़क हादसे में नवविवाहिता की जान चली गई। यह हादसा उस समय हुआ जब पति-पत्नी अपनी शादी की पहली सालगिरह मनाकर मंदिर से घर लौट रहे थे। पिपरवास गांव के रहने वाले देवेश धाकड़ अपनी पत्नी प्रियंका धाकड़ के साथ बाइक से पास के गांव में माता के मंदिर दर्शन करने गए थे। शादी की पहली सालगिरह होने के कारण दोनों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। घर लौटते समय पिपरवास गांव के पास सामने से आ रही एक बेकाबू ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। पहिए के नीचे आने से हुई मौत टक्कर लगते ही प्रियंका सड़क पर गिर गई और ट्रैक्टर-ट्रॉली का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पति देवेश को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन पत्नी की आंखों के सामने हुई मौत से वह गहरे सदमे में है। घटना के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर मौके से भाग निकला। पुलिस की कार्रवाई अगरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि पुलिस ने घायल महिला को विजयपुर के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया था। पुलिस ने आरोपी चालक पंचम धाकड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया है।
गोरखपुर में रोड चौड़ीकरण, लाइन शिफ्टिंग और सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत कार्य के चलते रविवार को अलग-अलग समय पर कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को पहले से तैयारी करने की सलाह दी है। लाइन शिफ्टिंग के चलते चार घंटे सप्लाई बंदविद्युत उपकेंद्र राप्तीनगर के 11 केवी नकहा और फेस फोर फीडर के साथ ही विद्युत उपकेंद्र इंडस्ट्रियल स्टेट, सूरजकुंड और राप्तीनगर न्यू से जुड़े क्षेत्रों में दोपहर 12:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती रोड चौड़ीकरण एवं लाइन शिफ्टिंग कार्य के कारण की जा रही है। सीएम ग्रिड योजना के तहत सुबह से दोपहर तक कटौतीसीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत कार्य होने के कारण राप्तीनगर फेस थर्ड, दूरदर्शन और पत्रकार पुरम फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 11:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विद्युत विभाग ने कहा है कि कार्य के दौरान असुविधा से बचने के लिए उपभोक्ता जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य पूरा होते ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेरठ दौरे के कारण रविवार को शहर और आसपास के इलाकों में यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। सुरक्षा कारणों से मेरठ-दिल्ली मार्ग पर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। पुलिस और यातायात विभाग ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। मेरठ से दिल्ली जाने वाले वाहनों को दिल्ली रोड से सीधे प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इन वाहनों को मोदीपुरम पुल, सरधना पुल और बागपत पुल से होते हुए नेशनल हाईवे-58 के रास्ते काशी टोल प्लाजा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाना होगा। दूसरा विकल्प बिजली बंबा चौराहे से हापुड़ मार्ग होकर दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे के जरिए दिल्ली पहुंचना है। दिल्ली से मेरठ आने वाले वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से काशी टोल प्लाजा होते हुए एनएच-58 के माध्यम से शहर में प्रवेश करेंगे। इसके लिए उन्हें बागपत रोड, रोहटा रोड, सरधना रोड और मोदीपुरम का उपयोग करना होगा। दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे से हापुड़ होते हुए बिजली बंबा चौराहे के रास्ते भी मेरठ पहुंचा जा सकता है। प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर, परतापुर इंटरचेंज से दिल्ली रोड होकर शहर में प्रवेश आम जनता के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं और एंबुलेंस को इस दौरान प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन के अनुसार, दिल्ली रोड सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक जनता के लिए पूर्ण रूप से बंद रहेगा। प्रशासन ने जनता से अनावश्यक यात्रा से बचने और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
बेगमपुल स्टेशन का नाम बदलने की मांग:हिंदू संगठन ने शिवाजी महाराज के नाम पर रखने की अपील की
मेरठ में अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन ने बेगमपुल मेट्रो-रैपिड रेल स्टेशन का नाम बदलने की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है, जो 22 फरवरी को मेरठ में मेट्रो और रैपिड रेल का उद्घाटन करने आ रहे हैं। सिरोही ने कहा कि बेगमपुल स्टेशन का नाम 'बेगम' के नाम पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि स्टेशन का नाम बदलकर 'शिवाजी महाराज' या किसी अन्य हिंदू योद्धा के नाम पर रखा जाए। उन्होंने मेरठ को 'क्रांति की धरती' बताते हुए कहा कि इस पवित्र भूमि पर 'बेगम' नाम स्वीकार्य नहीं है। सिरोही ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल परियोजना के लिए धन्यवाद भी दिया, जिससे यात्रा आसान हो गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 22 फरवरी को होने वाले उद्घाटन के बाद भी स्टेशन का नाम नहीं बदला जाता है, तो वे नाम बदलवाने के लिए एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में अपना 62वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर उन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया, मां का आशीर्वाद लिया और बच्चों के साथ समय बिताया। दिन की शुरुआत सत्यनारायण भगवान की कथा के श्रवण से हुई। मुख्यमंत्री साय ने सर्वप्रथम अपनी माता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत उन्होंने सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस धार्मिक आयोजन में परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे, जहां प्रदेश की शांति, समृद्धि और नागरिकों के कल्याण की कामना की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री दोकड़ा स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने मंदिर में प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में परिक्रमा कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं कल्याण की मंगलकामना की। साय ने कहा कि जनकल्याण ही शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद, मुख्यमंत्री बगिया स्थित बालक आश्रम पहुंचे। उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ अपना जन्मदिन मनाया, जिससे यह दिन और भी यादगार बन गया। बालक आश्रम में बच्चों के बीच आत्मीय जन्मदिन धार्मिक कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री बगिया स्थित बालक आश्रम पहुंचे, जहां कक्षा पहली से पांचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं। उल्लेखनीय है कि आश्रम में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। जैसे ही वे आश्रम परिसर पहुंचे, बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक दौड़ गई। कई बच्चे दौड़कर उनके पास आए और कुछ ही क्षणों में पूरा वातावरण पारिवारिक मिलन जैसा बन गया। उस समय मुख्यमंत्री औपचारिक पद की गरिमा से परे एक स्नेही अभिभावक की तरह बच्चों के बीच नजर आए। केक काटा, सपनों को दिया संबल मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटकर जन्मदिन मनाया। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर आत्मीय बातचीत की, उनके नाम पूछे, पढ़ाई के बारे में जाना और उनके भविष्य के सपनों को सुना। उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट खिलाई तथा स्नेहपूर्वक उनके सिर पर हाथ फेरकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, बड़े सपने देखें और आगे बढ़कर अपने परिवार एवं प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा, “आप सब बच्चों की मुस्कान ही मेरे जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार है।” मुख्यमंत्री के इन शब्दों ने बच्चों के मन में आत्मविश्वास और अपनत्व की गहरी भावना जगाई। बच्चों की आंखों की चमक और चेहरों की मुस्कान इस बात का प्रमाण थीं कि यह दिन उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृति बन गया है।
डीजी हेल्थ ने कांशीराम अस्पताल का निरीक्षण किया:आईसीयू न चलने पर सवाल, स्टाफ बढ़ाने की मांग
डीजी हेल्थ पवन कुमार अरुण ने शुक्रवार देर शाम रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल के आईसीयू के सुचारू रूप से न चलने और स्टाफ की कमी का मुद्दा सामने आया। सीएमएस ने डीजी हेल्थ से स्टाफ बढ़ाने की मांग की, जिस पर उन्हें आश्वासन मिला। निरीक्षण के दौरान डीजी हेल्थ ने अस्पताल की लैब में हो रही जांचों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में बने आईसीयू को भी देखा। आईसीयू के पूरी तरह से संचालित न होने के सवाल पर सीएमएस ने न्यूरो विशेषज्ञ और अन्य स्टाफ की कमी बताई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गायनी विभाग और लेबर वार्ड का भी निरीक्षण किया। डीजी हेल्थ ने अस्पताल में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। डीजी हेल्थ ने अस्पताल परिसर में शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी के लिए एक डिस्प्ले लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने परिसर में अंधेरा होने के चलते लाइटों को ठीक करवाने के लिए भी कहा। सीएमएस ने डॉक्टरों की नियुक्ति और स्टाफ देने की अपनी मांग दोहराई, जिस पर डीजी हेल्थ ने जल्द स्टाफ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सीएमएस डॉ. नवीन चंद्रा, डॉ. ओपी राय, डॉ. पीयूष मिश्रा और हिमांशु शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सीतापुर में अज्ञात वाहन की टक्कर से दो की मौत:तिलक समारोह से लौटते समय हुआ हादसा, वाहन चालक फरार
सीतापुर के बिसवां कोतवाली क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां महमूदाबाद–बिसवां मार्ग पर ग्राम मौचकला के पास रात करीब 9:30 बजे अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। मृतकों की पहचान राजेंद्र वर्मा (55) पुत्र अवध राम और जयपाल वर्मा (45) पुत्र मायाराम, निवासी ग्राम छठवान जहांगीराबाद, थाना सदरपुर के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दोनों एक ही बाइक पर सवार होकर तिलक समारोह से वापस घर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बिसवां कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों शवों को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिसवां भिजवाया। इसके बाद मृतकों के परिजनों को सूचना दी गई, जिनके पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। अज्ञात वाहन की तलाश के लिए आसपास के मार्गों और संभावित सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
टोंक कोतवाली थाना क्षेत्र के किसान ने ICICI Bank पर गोल्ड लोन के लिए बैंक में रखे 128 ग्राम गोल्ड को बिना सूचना के नीलाम करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दी है। पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है। कोतवाल भंवर लाल वैष्णव ने बताया कि इसकी जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। लोन चुकाने पहुंचा तो कहा- सोना नीलाम कर दिया पीड़ित किसान डोड़वाड़ी निवासी रामदयाल चौधरी ने कोतवाली में दी रिपोर्ट में बताया कि उसने वर्ष 2024 में बैंक से 128.52 ग्राम सोना गिरवी रखकर 2 लाख 52 हजार रुपए का गोल्ड लोन लिया था। पीड़ित किसान 6 फरवरी को ऋण चुकाने बैंक आया। जहां बैंक प्रबंधन ने कुछ कागजों पर साइन करवा लिए और कहा कि आपका सोना नीलाम कर दिया। साथ ही धमकाया कि ज्यादा नेतागिरी की तो केस दर्ज करवा कर जेल में डलवा दूंगा। किसान बोला- न नोटिस दिया न सूचना फिर किसान डर कर घर चला गया। कुछ दिन बाद उसने यह बात साथियों को बताई। फिर साथियों ने हिम्मत बंधाई और आज अपना सोना वापस लेने बैंक पहुंचा, जहां बैंक प्रबंधन ने उसे बताया गया कि उसका सोना कुछ दिन पहले ही लेने नहीं आने पर नीलामी में बेच दिया गया। जबकि किसान का आरोप है कि उसे न तो किसी प्रकार का नोटिस दिया गया और न ही नीलामी की कोई पूर्व सूचना दी गई। मैनेजमेंट बोला- नियम के साथ की नीलामी मामले को लेकर आज शाम करीब 4 बजे बैंक में कहासुनी हुई और हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना टोंक पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। बाद में पीड़ित किसान कुछ किसानों आदि के साथ कोतवाली पहुंचकर बैंक प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत दी है और पूरे मामले की जांच के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग। उधर बैंक प्रबंधन ने पुलिस को बातचीत में बताया कि पूरे नियम के साथ नीलामी की गई है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
बड़वानी जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड पर शनिवार शाम एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। यह घटना बस में बैठे-बैठे हुई, जिससे बस स्टैंड पर मौजूद लोग हैरान रह गए। मृतक की पहचान आलीराजपुर निवासी राकेश डावर (लगभग 35 वर्ष) के रूप में हुई है। वह अपने बेटे किशु के साथ सेंधवा से आलीराजपुर लौट रहे थे और बड़वानी बस स्टैंड से बस में सवार हुए थे। लोगों को लगा कि चक्कर आया है प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस बदलने के लिए युवक बैठा था, लेकिन वह बैठे-बैठे अचानक जमीन पर गिर गया। यात्रियों को लगा कि उन्हें चक्कर आया होगा, लेकिन जब वे नहीं उठे तो यात्रियों में घबराहट फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सहायता के लिए आवाज लगाई। सीपीआई दिया फिर भी नहीं बची जान बोरलाय निवासी दिनेश यादव और बल्लू पहलवान ने सामाजिक कार्यकर्ता अजित जैन को घटना की सूचना दी। अजित जैन तुरंत मौके पर पहुंचे और बताया कि जब तक वे पहुंचे, युवक की सांसें थम चुकी थीं। इसी दौरान पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। परिजन को दी सूचना जिला अस्पताल के डॉक्टर ने प्रारंभिक तौर पर साइलेंट अटैक को मौत का माना है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। युवक की पहचान उसकी शर्ट पर लिखे टाइगर ग्रुप सेंधवा और हाथ पर अंकित राकेश नाम से हुई। सेंधवा मानव सेवा समिति से संपर्क करने पर समिति ने पांच मिनट के भीतर मृतक के परिजन की जानकारी उपलब्ध करा दी। बच्चे को नहीं पता कि पिता नहीं रहे मृतक के कुछ रिश्तेदार सेंधवा में रहते हैं, जिन्हें सूचना दे दी गई है और वे बड़वानी के लिए रवाना हो गए हैं। इस पूरी घटना के दौरान मासूम किशु अपने पिता के पास ही बैठा रहा और उन्हें उठाने की कोशिश करता रहा, उसे इस बात का आभास नहीं था कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।
हरियाणा के पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में एक युवक ने खुद को आग लगा ली। आग लगने के कारण युवक बुरी तरह से झुलस गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने तुरंत सामान्य अस्पताल भर्ती करवाया, जहां पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट उसके बयान दर्ज करने पहुंची। पंचकूला के सेक्टर-20 निवासी साहिल ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट को अपने बयान में बताया कि वह मूल रूप से लुधियाना के फिल्लौर का रहने वाला है। उसका परिवार सेक्टर-20 व 25 में रहता है। शनिवार को देर शाम वह ताऊ देवीलाल स्टेडियम में घूमने के लिए गया था। उसके पास एक पुरानी चद्दर थी, जिसे वह आग लगा रहा था। आग लगाने के दौरान आग लगी चद्दर ने उसके कपड़ों को भी छू लिया। जिसके कारण चद्दर से आग उसके कपड़ों में भी लग गई। आग लगने के कारण उसने चीखना शुरू कर दिया। जिस पर वहां टहल रहे लोगों ने तुरंत डॉयल-112 को सूचित किया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची व एंबूलेंस की सहायता से उसे सेक्टर-6 के सरकारी अस्पताल लाया गया। जहां पर मजिस्ट्रेट के सामने हुए बयान के बाद चंडीगढ PGI रेफर कर दिया गया। पत्नी से विवाद के कारण डिप्रेशन में युवक पंचकूला सेक्टर-20 के SHO सोमबीर ढाका ने बताया कि परिवार से मिली जानकारी के अनुसार आग के कारण झुलसे हुए युवक का पत्नी के साथ विवाद चल रहा है। जिसके कारण वह काफी समय से डिप्रेशन में चल रहा है। झुलसे हुए युवक ने बताया है कि पुरानी चद्दर को आग लगा रहा था, वह भी आग की चपेट में आ गया।
जांजगीर-चांपा जिले में नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और CCTNS 2.0 की तैयारियों के मद्देनजर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण पुलिस लाइन जांजगीर में ई-साक्ष्य, ई-समंस, ई-एफएसएल और ई-प्रॉसीक्यूशन (Medl-ए-पीआर) मॉड्यूल पर केंद्रित था। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, विवेचना अधिकारी और CCTNS ऑपरेटर आरक्षक उपस्थित रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप ने प्रशिक्षण के दौरान मॉड्यूल की बारीकियों, समयबद्ध अपडेट और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने थाना स्तर पर प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण में ई-साक्ष्य मॉड्यूल के तहत डिजिटल साक्ष्यों (वीडियो, फोटो, दस्तावेज) के सुरक्षित अपलोड, भंडारण और न्यायालयीन उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। ई-समंस प्रणाली के माध्यम से न्यायालय से प्राप्त समंस/वारंट की ऑनलाइन प्राप्ति, तामिली प्रविष्टि और समयबद्ध प्रतिवेदन पर भी चर्चा हुई। ई-एफएसएल मॉड्यूल में फॉरेंसिक नमूनों की ऑनलाइन प्रविष्टि, ट्रैकिंग और डिजिटल रिपोर्ट प्राप्त करने की विधि बताई गई। ई-प्रॉसीक्यूशन (APR मॉड्यूल) के तहत अभियोजन शाखा के साथ समन्वय, केस डायरी व दस्तावेजों का ऑनलाइन आदान-प्रदान तथा लंबित प्रकरणों की निगरानी पर भी जोर दिया गया। Medl-ए-पीआर के माध्यम से थानों से डॉक्टर को ऑनलाइन एमएलसी और पोस्टमार्टम फॉर्म प्रेषित करने की डिजिटल व्यवस्था भी समझाई गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से इन मॉड्यूल्स का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया और अधिकारियों को हैंड्स-ऑन अभ्यास भी कराया गया। डेटा एंट्री में बरती जाने वाली सावधानियों, सामान्य त्रुटियों से बचने और साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों की शंकाओं का समाधान करते हुए बताया गया कि भविष्य में ऐसे तकनीकी प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाना है।
इंसानी शरीर और डिजिटल डिवाइस कई मामलों में एक जैसे हैं। जिस तरह डिजिटल डिवाइस हैंग या लैक (फंस-फंस कर चलना) होने पर उसे रिसेट किया जाता है। इसी प्रकार हमारे शरीर में जब विकार या टॉक्सिसिटी बढ़ जाती है तो पंचकर्म की जरूरत पड़ती है। यह बॉडी को पूरी तरह से रिफ्रेश करने वाली एक आयुर्वेदिक प्रकिया है। यह बातें AIIMS दिल्ली के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार ने कहीं। वे भोपाल स्थित पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान में 19, 20 और 21 फरवरी तक आयोजित हुई एडवांस्ड पंचकर्म थैरेप्यूटिक पंचकर्म कार्यशाला में भाग लेने आए थे। संस्थान के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला ने बताया कि कार्यशाला में भोपाल सहित मध्य प्रदेश के 56 से जगहों से आए लगभग 150 आयुर्वेद विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य पंचकर्म की आधुनिक और उन्नत चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी देना, शोध आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना तथा चयनित रोगियों को फ्री परामर्श देकर स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना था। पंचकर्म केवल उपचार नहीं बल्कि शरीर शुद्धि की प्रक्रिया है। इसमें पहले रोगी की जांच की जाती है, फिर शरीर को तैयार किया जाता है। उसके बाद शोध प्रक्रिया की जाती है। विद्यार्थियों को पंचकर्म की प्रामाणिक और वैज्ञानिक पद्धति से प्रशिक्षण देना है। पंचकर्मा इंसानी शरीर का मैनुअल AIIMS दिल्ली के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार ने यह भी कहा कि जिस तरह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (टीवी, मोबाइल या कम्प्यूटर) का एक मैनुअल होता है। उसी तरह इंसानी शरीर का एक मैनुअल है, जिसे आयुर्वेद कहा जाता है। पंचकर्म ऐसी प्रक्रिया है जो ना केवल रोगियों को रोग से मुक्त करती है। बल्कि जिन मरीजों को वर्तमान में कोई रोग नहीं है, उनमें भविष्य में रोग के खतरे को भी कम करती है। पंचकर्म में सिरोधारा से लेकर कई प्रकार की थेरेपी और डाइट का एक संयुक्त प्लान होता है। जिसे मरीजों को फॉलो करना होता है। हर व्यक्ति के अनुसार यह तैयार की जाती है। पहले दिन 52 रोगियों को निःशुल्क परामर्श 19 फरवरी को तिरुवनंतपुरम से आए डॉ. पी मुरली कृष्ण ने ऑटिज्म, माइग्रेन, ग्रहणी रोग और सोरायसिस से पीड़ित 25 रोगियों को निःशुल्क परामर्श दिया। नागपुर से आए डॉ. सचिन चंडालिया ने तंत्रिका और स्पाइन से जुड़ी बीमारियां, संधिवात, गठिया वात, त्वचा रोग और दमा से पीड़ित 27 चयनित रोगियों का परामर्श कर पंचकर्म चिकित्सा का लाभ दिया। दूसरे दिन जीवनशैली से जुड़ी बिमारियों और मालिश पर चर्चा 20 फरवरी को दिल्ली से डॉ. संतोष कुमार भटेड़ ने मोटापा, कोलेस्ट्रोल और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को पंचकर्म तकनीक से कैसे ठीक कर सकते है, इसके बारे में बताया। वर्धा से आई डॉ. पूनम सावरकर ने कमर दर्द, मधुमेह और लकवा जैसे रोगों पर चर्चा की। उन्होंने पंचकर्म में विभिन्न प्रकार की मालिश तकनीकों जैसे रिफ्लेक्सोलॉजी, डिटॉक्स मसाज और अन्य विधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। तीसरे दिन शोध आधारित चर्चा और प्रशिक्षण AIIMS दिल्ली के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार ने पित्त से ग्रसित लोगों के लिए विरेचन प्रक्रिया पर शोध आधारित व्याख्यान दिया। इसमें पित को अलग अलग औषाधि से मल के रास्ते बाहर निकाला जाता है। जयपुर से आए प्रोफेसर गोपेश मंगल ने बताया कि पंचकर्म शरीर की आंतरिक सफाई की प्रक्रिया है। हम शरीर को बाहर से रोज साफ करते हैं, लेकिन अंदर की सफाई नहीं करते। पंचकर्म इसी आंतरिक शुद्धि का माध्यम है। पंचकर्म की प्रक्रिया कैसे होती है पंचकर्म करने के लिए सबसे पहले रोगी की पाचन शक्ति को बढ़ाया जाता है और घी पिलाकर शरीर को तैयार किया जाता है। इसके बाद वोमेटिंग, लूज मोशन, बस्ति, नाक में दवा या तेल डालने जैसी प्रक्रियाएं रोग के अनुसार कराई जाती हैं। विद्यार्थियों को ऑडियो और वीडियो में मिला प्रशिक्षण पंचकर्म विभाग की HOD डॉ. कामिनी सोनी ने बताया कि एक्सपर्ट एक वार्ड में पंचकर्म तकनीक मरीजों पर करते थे जिसका लाइव प्रसारण तीनों दिन ऑडिटोरियम में ऑडियो और विजुअल माध्यम से अन्य विद्यार्थियों को दिखाया है। विशेषज्ञों को अलग अलग विषय दिए गए थे, जिन पर उन्होंने विस्तार से प्रशिक्षण दिया। प्रत्येक आयु वर्ग के लिए अलग पंचकर्म तकनीक विशेषज्ञों ने बताया कि पंचकर्म जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक किया जा सकता है, लेकिन हर आयु और रोग के अनुसार इसकी विधि अलग होती है। यह पूरी तरह हर्बल और सुरक्षित प्रक्रिया है। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कमर दर्द, न्यूरो मस्कुलर विकार और अन्य जीवनशैली रोगों में पंचकर्म लाभकारी सिद्ध हो सकता है। यह खबर भी पढ़ें… भोपाल एम्स में अब मरीजों को एआई बताएगा रास्ता भोपाल एम्स अब देश का पहला ऐसा अस्पताल बनने जा रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई, मरीजों और उनके परिजन को रास्ता बताएगा। रोजाना 10 हजार से ज्यादा लोग इस परिसर में इलाज, जांच और परामर्श के लिए पहुंचते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
कांग्रेस ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित कृषि ट्रेड डील के विरोध में 24 फरवरी को भोपाल में विधानसभा घेराव और किसान महापंचायत का ऐलान किया है। विदिशा कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने बताया कि इस देशव्यापी किसान आंदोलन की शुरुआत भोपाल से होगी। इसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के दबाव में यह ट्रेड डील साइन की है। इससे सोयाबीन, मक्का और कपास उत्पादक किसानों को भारी नुकसान होगा। नेताओं का कहना था कि यदि अमेरिकी उत्पाद बिना टैरिफ के भारत आते हैं और भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगता है, तो यह सौदा किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने 'आत्मनिर्भर भारत' के नारे को 'अमेरिका-निर्भर भारत' में बदलने का आरोप लगाया। कांग्रेस इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाकर किसान सम्मेलन आयोजित करेगी। कफ सिरप से मौतों का भी जिक्रइस दौरान कांग्रेस नेताओं ने इंदौर में दूषित पानी और कथित जहरीली कफ सिरप से हुई मौतों का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग दोहराई। साथ ही, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पर की गई टिप्पणी को असंसदीय बताते हुए निंदा की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी और नगर अध्यक्ष रवि साहू ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने दो माह के लिए धारा 163 के तहत धरना, आंदोलन और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाकर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत बताते हुए आदेश निरस्त करने की मांग की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि विदिशा जिले से हजारों कार्यकर्ता 24 फरवरी को भोपाल पहुंचेंगे। वे विधानसभा घेराव और किसान महापंचायत में शामिल होंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी, जिला प्रभारी पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर, पूर्व जिलाध्यक्ष कमल सिलाकारी, प्रदेश सचिव आनंद प्रताप सिंह, नगर अध्यक्ष रवि साहू और मीडिया प्रभारी सुशील शर्मा मौजूद रहे।
जांजगीर-चांपा जिले में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसके तहत फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली (मतदाता सूची) का अंतिम प्रकाशन शनिवार, 21 फरवरी 2026 को किया गया। मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया गया था। इसके बाद दावा-आपत्तियां प्राप्त करने और उनके निराकरण की समस्त प्रक्रिया पूर्ण की गई। आयोग के निर्देशों के अनुसार अंतिम रूप से संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की गई है। कलेक्टर ने राजनीतिक दलों की बैठक ली इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जन्मेजय महोबे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजनीतिक दलों की बैठक ली। उन्होंने निर्वाचक नामावली के अंतिम प्रकाशन की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला स्तर पर सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की एक फोटोयुक्त हार्डकॉपी तथा एक फोटोरहित सॉफ्टकॉपी (इमेज पीडीएफ फॉर्मेट) डीवीडी के माध्यम से निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। बैठक में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, एसडीएम जांजगीर सुब्रत प्रधान, निर्वाचन पर्यवेक्षक राकेश प्रधान सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रकाशित मतदाता सूची में अपना नाम जांच लें। किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है।
बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। सघन नक्सल विरोधी अभियान के तहत थाना फरसेगढ़ क्षेत्र से 16 बीयर बॉटल आईईडी और 5 किलोग्राम का एक प्रेशर कुकर आईईडी बरामद किया गया। इन सभी विस्फोटकों को मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई सीआरपीएफ की 214वीं वाहिनी के कैंप कांडलापरती-2 द्वारा ग्राम नीलमड़गु की ओर चलाए गए एरिया डोमिनेशन अभियान के दौरान की गई। बीडीडी (बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल) टीम ने डिमाइनिंग कार्रवाई करते हुए माओवादियों द्वारा लगाए गए इन विस्फोटकों का पता लगाया। बीडीडी टीम ने सभी आईईडी को किया निष्क्रिय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बीडीडी टीम ने सभी आईईडी को मौके पर ही निष्क्रिय कर सुरक्षित रूप से नष्ट किया। अधिकारियों के अनुसार, इन विस्फोटकों की समय पर बरामदगी से सुरक्षा बलों और ग्रामीणों को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश विफल हो गई। तलाशी में माओवादियों का छिपाया सामान बरामद आगे की तलाशी के दौरान, सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा जमीन के भीतर एक प्लास्टिक ड्रम में छिपाकर रखी गई सामग्री भी बरामद की। इसमें रस्सी, फ्लेक्सिबल वायर, मल्टीमीटर, आयरन सोल्डरिंग रॉड, वायर कटर, एम-सील, पेंसिल बैटरी (1.5V AAA), डीसी मोटर, माओवादी वर्दी, मैगजीन पाउच, दवाइयाँ, माओवादी साहित्य और पाम्पलेट शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में माओवादियों के विरुद्ध सघन गश्त और तलाशी अभियान लगातार जारी है। सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सिरसा में ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की टक्कर:दो युवकों की मौके पर मौत, तीसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम
सिरसा जिले की रानियां में देर शाम एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। यह दुर्घटना एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और मोटरसाइकिल की टक्कर के कारण हुई। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब तीनों युवक अभोली गांव से अपने गांव 8 बुर्जी की ओर जा रहे थे। सामने से आ रही सोनालिका ट्रैक्टर-ट्रॉली से उनकी मोटरसाइकिल की जोरदार टक्कर हो गई।टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल पर सवार तीनों युवक सड़क पर गिर गए। इनमें से दो युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अस्पताल में तीसरे घायल की मौत तीसरे घायल युवक को रानियां के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों मृतक 8 बुर्जी गांव के निवासी थे। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने मृतकों को ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे से बाहर निकाला और घायल को अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिरसा के नागरिक अस्पताल भेज दिया है।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ग्राम सरहरी में पति ने कई माह से मायके में रह रही पत्नी और साली के साथ एक बच्ची पर हथौड़े से जानलेवा हमला कर दिया। उसने एक अन्य बच्ची को भी मारने की कोशिश की, लेकिन वो बचकर भाग निकली। आरोपी पति अपने साले की शादी में शामिल होने आया था। गंभीर रूप से घायल पत्नी की हॉस्पिटल में मौत हो गई, वहीं युवती को रेफर कर दिया गया है। मामला प्रतापपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, यशोदा कुशवाहा कुछ समय से पति गणेश कुशवाहा से विवाद के कारण सरहरी में अपने मायके रह रही थी। गणेश ससुराल में साले सुरेश की शादी समारोह में शामिल होने के लिए सरहरी आया था। ससुराल आकर उसने पत्नी से शादी के बाद साथ लौटने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। सो रही पत्नी, साली और बच्ची पर हथौड़े से हमला 20 फरवरी को सुरेश की बारात वापस लौटी तो अधिकांश मेहमान घर से चले गए थे। रात में यशोदा अपनी बेटी नैना के साथ एक कमरे में सो रही थी। वहीं उसकी छोटी बहन गंगात्रो और भांजी पिंकी के साथ एक कमरे में सो रही थी। रात करीब 2 बजे गणेश ने हथौड़े से अपनी पत्नी यशोदा के साथ ही साली गंगोत्री और बच्ची पिंकी पर हमला कर दिया। हमले के बाद पिंकी ने शोर मचाया तो परिवारजन बाहर निकल आए। इस बीच मौका पाकर गणेश भाग निकला। परिजनों ने तीनों को हॉस्पिटल पहुंचाया। हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद तीनों को रेफर कर दिया। तीनों को अंबिकापुर मिशन हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया। यहां इलाज के दौरान यशोदा की मौत हो गई। घायल गंगोत्री की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रायपुर रेफर कर दिया गया है। वहीं पिंकी को भी सिर में आई चोट के कारण उसका इलाज किया जा रहा है। मामले में प्रतापपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। प्रतापपुर पुलिस आरोपी की खोजबीन में जुटी है। हत्या की घटना से शादी की खुशियां मातम में बदल गई हैं।
अलीगढ़ में दुल्हन की शाही एंट्री:ऊंट पर सवार होकर वरमाला तक पहुंची, मेहमानों ने बजाईं तालियां
शादियों के इस सीजन में आपने अक्सर दुल्हनों को डोली, पालकी या लग्जरी कारों में एंट्री करते देखा होगा, लेकिन अलीगढ़ में एक ऐसी शादी हुई जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। यहां एक दुल्हन ने राजस्थान के शाही अंदाज में ऊंट पर सवार होकर वरमाला के लिए एंट्री ली। दुल्हन का यह अनूठा अंदाज देखकर मेहमान अपनी जगह खड़े हो गए और पूरा मैरिज होम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भाई ने पूरा किया सबसे छोटी बहन का सपनासचिन सैनी ने बताया कि मानिक चौक निवासी मिताली सैनी उनकी मौसेरी बहन हैं। वह अपनी पांच बहनों में सबसे छोटी हैं। बाकी सभी बहनों की शादी पहले ही हो चुकी थी, इसलिए परिवार मिताली की विदाई को ऐतिहासिक बनाना चाहता था। मिताली की भी जिद थी कि उनकी एंट्री ऐसी हो, जिसे लोग सालों तक याद रखें। गूगल सर्च के बाद ऊंट की एंट्री फाइनलबहन की इस इच्छा को पूरा करने की जिम्मेदारी उठाई। सचिन ने बताया कि कुछ ऐसा करना चाहते थे जो यूपी में पहले कभी न हुआ हो। काफी गूगल सर्च और मशक्कत के बाद हमने ऊंट वाली एंट्री का आइडिया फाइनल किया। शादी में दिखी जैसलमेर की झलकयूं तो ऊंट राजस्थान की शान माने जाते हैं, लेकिन मिताली की एंट्री के लिए खास तौर पर जैसलमेर से ताल्लुक रखने वाले एक ऊंट का इंतजाम किया गया। संयोग ऐसा रहा कि यह ऊंट अलीगढ़ के पास ही एक काम के सिलसिले में आया हुआ था। सचिन ने अपने परिचित होने के नाते महज 10,000 रुपए में इसकी बुकिंग कर ली। ऊंट पर दुल्हन देख, दूल्हा भी दंगजब सजी-धजी मिताली ऊंट पर सवार होकर तालसपुर स्थित मदन पैलेस के विवाह स्थल पहुंचीं, तो दूल्हे लकी सैनी समेत सभी बाराती दंग रह गए। ऊंट की ऊंचाई और उस पर बैठी दुल्हन का राजसी ठाठ देखकर हर कोई इस पल को अपने मोबाइल में कैद करने लगा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरलउत्तर प्रदेश में शायद यह पहला मौका है जब किसी दुल्हन ने ऊंट पर सवार होकर वरमाला की रस्म निभाई है। 14 फरवरी को हुई इस शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग मिताली के भाई सचिन की क्रिएटिविटी और मिताली के आत्मविश्वास की जमकर तारीफ कर रहे हैं। पिता शंकर लाल सैनी भी अपनी लाडली की इस खुशी को देखकर काफी भावुक नजर आए।
ग्वालियर में पति-पत्नी का झगड़ा सुलझाने गए एक युवक की लात-घूंसों से पिटाई हो गई।घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के रानीगंज की है। वीडियो शनिवार शाम को सामने आया, जबकि घटना शुक्रवार की है। घटना के सामने आए वीडियो में 4 लोग मिलकर उस युवक को सड़क पर पटककर लात-घूसों से पीटते दिख रहे हैं। पीड़ित युवक पड़ोस में रहता था। वह पति-पत्नी के बीच हो रहे झगड़े में बीच-बचाव करने गया था। इससे नाराज होकर चारों युवकों ने उसे घर से खींचकर पीटा। पुलिस ने बताया कि अभी तक इस मामले में थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले और पीड़ित युवक की पहचान करने में जुटी है। देखें वीडियो
हरियाणा के पंचकूला में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने डेरामुखी और डॉक्टरों के खिलाफ केस में शिकायतकर्ता को गवाही के लिए 5 मार्च की डेट तय की है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि 5 से 7 मार्च को उसकी गवाही के लिए निर्धारित किया है। इन तीन दिन किसी अन्य गवाह को सुनवाई के लिए समन नहीं किया जाएगा। शिकायतकर्ता फिलहाल अमेरिका में रहता है। जिसने पिछले माह सुनवाई के दौरान अपने याचिका में स्थगन की मांग करते हुए कहा था कि वह रेटिनल वेन आक्लूजन के इलाज से गुजर रहा है और डाक्टरों ने उसे लंबे समय तक कैमरे की ओर देखने से बचने की सलाह दी है। उसने यह भी कहा कि राम रहीम एक प्रभावशाली व्यक्ति है, जिसके वरिष्ठ राजनेताओं से संबंध हैं, और उसने गवाही की रिकार्डिंग के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए वीडियो कान्फ्रेंसिंग (वीसी) के दूरस्थ केंद्र पर अपने वकील की भौतिक उपस्थिति की अनुमति देने का अनुरोध किया। सीबीआई के बचाव पक्ष के वकील ने जिरह स्थगित करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। हालांकि, बचाव पक्ष ने दूरस्थ वीसी केंद्र पर गवाह के वकील की भौतिक उपस्थिति के अनुरोध का विरोध किया और तर्क दिया कि साक्ष्य रिकॉर्डिंग के दौरान दूरस्थ केंद्र पर वकील की उपस्थिति की अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं है। वीसी में वकील नहीं रहेगा मौजूद शिकायतकर्ता और बचाव पक्ष के वकीलों और सीबीआइ की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्णय दिया था कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा बनाए गए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों के अनुसार वकील को वीसी कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल दूरस्थ केंद्र समन्वयक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रक्रिया को सुगम बनाने की अनुमति होगी। साल 2105 में दर्ज हुआ था मामला यह मामला सात जनवरी 2015 को सीबीआई, नई दिल्ली द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 326, 417 और 506 के तहत डेरामुखी गुरमीत, डा. पंकज गर्ग और डा. एमपी सिंह के खिलाफ दर्ज किया गया था। डेरामुखी पर आरोपी है कि उसने कथित रूप से डाक्टरों की मिलीभगत से लगभग 400 अनुयायियों का बधियाकरण करवाया, यह दावा करते हुए कि इससे वह भगवान के करीब पहुंचेंगे।
हाथरस के सादाबाद-मथुरा मार्ग पर शनिवार रात करीब 8:30 बजे डीसी पब्लिक स्कूल के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में बोलेरो चला रहे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथ बैठा दूसरा युवक मामूली रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार तसींगा पंचायत के गांव गढ़ निवासी 22 वर्षीय चिराग उर्फ राहुल पुत्र हरिशंकर अपने गांव के ही शंकर पुत्र सतपाल के साथ सादाबाद की ओर आ रहे थे। जैसे ही उनकी बोलेरो डीसी पब्लिक स्कूल के सामने पहुंची, सामने से आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में वाहन चला रहे राहुल की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, साइड सीट पर बैठे शंकर को हल्की चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने राहुल को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए, जहां कोहराम मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की तलाश कर रही है, जो घटना के बाद फरार हो गया था।
बिलासपुर में सराफा व्यापारियों से लगातार हो रही लूट की घटनाओं पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बिलासपुर में पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली, जिसमें सीपत और राजकिशोर नगर लूटकांड की विस्तृत जानकारी ली गई। डीजीपी ने भविष्य में ऐसी वारदातों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गश्त और चेकिंग बढ़ाने पर जोर दिया। डीजीपी ने सराफा दुकानों, बैंकों और होटल-लॉज की सख्त निगरानी के आदेश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने नाकाबंदी को मजबूत करने और एफआईआर की निगरानी के भी निर्देश दिए। इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग सहित सभी राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान, डीजीपी अरुण देव गौतम ने सिरगिट्टी और मोपका अग्निकांड के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने आईजी को रेंज स्तर पर इन मामलों की सख्त निगरानी करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने अपराधियों को पूरे माल के साथ 24 घंटे के भीतर पकड़ने और अंतर्राज्यीय समन्वय के लिए पुलिस की सराहना भी की। पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली, गश्त-पेट्रोलिंग, संदिग्धों की चेकिंग, होटल-लॉज की जांच और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया। डीजीपी ने सराफा और बैंक जैसी संवेदनशील जगहों की नियमित चेकिंग करने तथा सीसीटीवी व अन्य सुरक्षा उपायों की लगातार जांच करने के निर्देश भी दिए। डीजीपी ने पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग को रेंज के सभी जिलों में पुलिस की कार्यप्रणाली की पर्याप्त निगरानी करने और बैठक में दिए गए निर्देशों को रेंज स्तर पर सही तरीके से लागू करने के लिए सतत पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया। थाने आने वाले फरियादियों की पूरी बात सुनें पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को कहा कि वे थाने का निरीक्षण करें। उन्होंने अधिकारियों को फरियादियों की बातें ध्यान से सुनने का भी निर्देश दिया। इसके लिए थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी थानों को संवेदनशील और फरियादियों के लिए मददगार बनाएं। नाकाबंदी की व्यवस्था सुधारें डीजीपी ने बैठक में सभी अधिकारियों को कहा कि नाकाबंदी की व्यवस्था को सुधारें और थाने में थाना प्रभारी खुद रिपोर्ट सुनें और एफआईआर लिखवाने की निगरानी करें। साथ ही, उन्होंने कहा कि संदिग्ध मर्ग मामलों की जांच बहुत सावधानी और गंभीरता से की जाए। बैठक में अभियोजन संचालक माखनलाल पांडेय को कहा गया कि वे जांच की गुणवत्ता सुधारें और आईसीजेएस सिस्टम के तहत ई-चालान और ई-साक्ष्य की प्रक्रिया को न्यायालय और थानों के साथ मिलकर जल्दी लागू करने की व्यवस्था करें। बैठक में होमगार्ड डीआईजी लक्ष्मी चंद्र वर्मा और अग्निशमन अधिकारी भी अपनी टीम के साथ मौजूद थे। बिलासपुर रेंज में डीजीपी की अधिकारियों के साथ बैठक डीजीपी की बैठक बिलासपुर रेंज के सभागार में हुई। इसमें पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रामगोपाल गर्ग, नगर सेना के उप पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी चंद्र वर्मा, संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पांडेय, संभागीय सेनानी नगर सेना नरसिंह नेताम, एडिशनल एसपी (ग्रामीण) मधुलिका सिंह, एडिशनल एसपी (शहर) पंकज पटेल, एएसपी (विशेष शाखा) दीपमाला कश्यप, जिला सेनानी एवं अग्निशमन दीपांकर नाथ, उप पुलिस अधीक्षक फिंगरप्रिंट विद्या जौहर सहित जिले के सभी पुलिस और अग्निशमन विभाग के राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।
पानीपत के समालखा के गांव जौरासी खास के खेतों में रजवाहे के पास खून से लथपथ हालत में मिले युवक के शव की पहचान आखिरकार तीसरे दिन शनिवार को हो गई। मृतक की पहचान चुलकाना निवासी इंतजार के रूप में हुई, जिसकी शिनाख्त उसकी पत्नी ने की। बता दें कि, 19 फरवरी की सुबह करीब 9 बजे एक राहगीर ने खेतों में शव पड़ा देखा था। उसने इसकी सूचना खेत मालिक को दी, जिसने सरपंच के माध्यम से पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के प्रयास शुरू किए थे, लेकिन प्रारंभिक तौर पर मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा मौत का कारण स्पष्ट तीन दिन तक अज्ञात रहे शव की शनिवार को पत्नी द्वारा पहचान किए जाने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पहले ही पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था, जिसका शनिवार को तीन डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। अब रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण और हत्या में प्रयुक्त हथियार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। थाना समालखा पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न टीमों को जांच में लगाया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हर संभावित एंगल से पड़ताल की जा रही है। थाना प्रभारी गुलशन कुमार ने दावा किया है कि जल्द ही इस हत्या की गुत्थी सुलझाकर आरोपियों को कानून के शिकंजे में लिया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में शनिवार शाम वीआईपी मूवमेंट के चलते प्रमुख रास्तों यमुना एक्सप्रेस वे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर जाम की स्थिति रही। सीएम योगी आदित्यनाथ के यमुना सिटी में कार्यक्रम के बाद शाम को सड़क मार्ग से दिल्ली रवाना होने और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोभिक के आगरा से दिल्ली लौटने के दौरान सुरक्षा कारणों से कई जगह यातायात को डायवर्ट किया गया। इसके चलते परी चौक से लेकर सेक्टर-150 कट तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई। शाम करीब 7 बजे से वीआईपी काफिलों की आवाजाही शुरू हुई। यमुना एक्सप्रेसवे से होते हुए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर भारी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। डोमिनोज गोल चक्कर, अल्फा गोल चक्कर, परी चौक और सेक्टर-150 कट के पास ट्रैफिक को अस्थायी रूप से रोका गया। इस कारण घर लौट रहे लोगों को आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। रात करीब नौ बजे के बाद यातायात सामान्य हो सका। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कुछ समय के लिए यातायात रोका गया था। वीआईपी काफिलों के सुरक्षित गुजरने के बाद ट्रैफिक को चरणबद्ध तरीके से छोड़ा गया।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा जारी है। शनिवार को बारां जिले के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय छीपाबड़ौद में बोर्ड परीक्षा के दौरान एक छात्रा की अचानक तबियत बिगड़ गई। बोर्ड सचिव गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने तुरंत अधिकारियों से बात कर उसे चिकित्सा सहायता दी। जानकारी के अनुसार, छात्रा परीक्षा कक्ष में बैठकर प्रश्नपत्र हल कर रही थी, तभी उसका ब्लड प्रेशर कम हो गया। परीक्षा ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों ने तुरंत स्थिति को संभाला और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कंट्रोल रूम पर सूचना दी। उस समय बोर्ड सचिव गजेंद्र राठौड़ कंट्रोल रूम में बैठकर परीक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे थे। सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत संबंधित एसडीएम से दूरभाष पर संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया और आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की। सूचना के बाद उपखण्ड अधिकारी अभिमन्यू सिंह कुंतल और तहसीलदार सुरेन्द्र गुर्जर ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक चिकित्सा प्रबंध सुनिश्चित किए। स्कूल में तत्काल डॉक्टर को भेजा गया। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक सीता राम गोयल भी विद्यालय पहुंचे। चिकित्सक द्वारा प्राथमिक उपचार प्रदान करने से छात्रा की स्थिति में शीघ्र सुधार हुआ। अधिकारियों ने छात्रा के स्वास्थ्य की पूरी निगरानी सुनिश्चित की और उसे आवश्यक आराम उपलब्ध कराया। बोर्ड ने छात्रा को उपचार के बाद परीक्षा पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त समय भी प्रदान किया, ताकि उसकी शैक्षणिक हानि न हो। बोर्ड प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा अवधि में सभी केंद्रों पर विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखी जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जालौन जिले के कोंच में तैनात क्षेत्रीय वन अधिकारी पंकज भान सिंह (43) का निधन हो गया। शनिवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। उनकी मृत्यु की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह और कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मामले की जांच करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंकज भान सिंह नदीगांव रोड स्थित क्षेत्रीय वन कार्यालय के सरकारी आवास में रह रहे थे। शनिवार शाम करीब 6 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। गंभीर हालत में परिजन उन्हें एक निजी नर्सिंग होम ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोंच रेफर कर दिया। सीएचसी पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। पंकज भान सिंह मूल रूप से प्रतापगढ़ जिले के ग्राम गोडे, थाना चिलबिला के निवासी थे। वह पिछले कुछ महीनों से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिससे उनके पैरों सहित शरीर के कई अंग प्रभावित थे। दो दिन पहले ही उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में स्वास्थ्य परीक्षण कराया था और डॉक्टरों की सलाह पर दवाएं ले रहे थे। घटना की सूचना पर प्रशासन हरकत में आया। उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह और कोतवाल बृजेश बहादुर सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। कोतवाली पुलिस ने आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पंकज भान सिंह वर्ष 2022 से कोंच में क्षेत्रीय वन अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में पत्नी प्रतिमा सिंह और दो पुत्र प्रतीक (20) तथा शिवांश (17) हैं, जो लखनऊ में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
हरियाणा के मुरथल में ढाबे से रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए डॉक्टर के केस में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने का आदेश दिया है। डॉक्टर नवित पर 2.5 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगा है। नवित कुमार पानीपत के सिवाह स्थित पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के अंतर्गत एक पाली क्लिनिक में चिकित्सा अधिकारी के पद पर तैनात थे। आयुष्मानभव अस्पताल के निदेशक स्क्वाड्रन लीडर (रिटायर) डा. सुदीप सांगवान ने एसीबी, सीबीआइ चंडीगढ़ को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि डा. नवित कुमार मरीजों को उनके अस्पताल में भेजने के लिए प्रति माह 3.5 लाख रुपए की मांग कर रहा था। इसी मामले में उनको गिरफ्तार किया गया था। पानीपत से दिखाई गिरफ्तारी मामले की सुनवाई के दौरान डा. नवित कुमार की ओर से अधिवक्ता केपी सिंह और शिवम गौर ने कोर्ट को बताया कि सीबीआ डा. नवित कुमार की गिरफ्तारी 6 फरवरी 2026 को रात 8:25 बजे एनएफएल गेस्ट हाउस, पानीपत से बता रही है। जबकि आरोपी का दावा है कि उन्हें वास्तव में उसी दिन शाम 4:30 से 5:30 बजे के बीच मुरथल हवेली से हिरासत में लिया गया था। इसलिए इन स्थानों की सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित कराया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकार्ड का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने कहा कि न्याय के हित में सीसीटीवी फुटेज का संरक्षण आवश्यक है। कोर्ट ने आवेदन स्वीकार करते हुए संबंधित प्रबंधकों को तत्काल प्रभाव से फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र का जेवर आज देश की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षा का प्रतीक बन गया है। इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड की डीडीआईसी ओसैट यूनिट का शिलान्यास केवल एक औद्योगिक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक छलांग माना जा रहा है। 2028 तक शुरू होगी ओसैट यूनिटइंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड दरअसल एचसीएल टेक्नोलॉजीज और फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप का 60:40 संयुक्त उद्यम है, जो लगभग 3,700 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक ओसैट सुविधा स्थापित कर रहा है और इसके वर्ष 2028 तक परिचालन में आने की उम्मीद है। इस संयंत्र में स्मार्टफोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल सिस्टम और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का उत्पादन किया जाएगा। प्रति माह 20,000 वेफर्स की प्रोसेसिंग क्षमता वाला यह केंद्र देश में सेमीकंडक्टर कॉम्पोनेंट्स की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस निवेश से 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। क्यों खास है यह यूनिट?यह देश की पहली डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट (डीडीआईसी) ओसैट सुविधा होगी। मोबाइल, टेलीविजन, लैपटॉप और ऑटोमोबाइल डिस्प्ले में प्रयुक्त होने वाले डीडीआईसी चिप्स की अब तक भारत में सीमित उत्पादन क्षमता थी। इस यूनिट के स्थापित होने से भारत की आयात निर्भरता में कमी आएगी और घरेलू विनिर्माण को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को सशक्त करेगा। यीडा क्षेत्र बनेगा टेक्नोलॉजी हबयमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र पहले ही लॉजिस्टिक्स और एयरोस्पेस निवेश के लिए चर्चित रहा है। अब सेमीकंडक्टर उद्योग के प्रवेश से यह क्षेत्र हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में विकसित होने की राह पर है। एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप के संयुक्त निवेश से स्थापित यह मेगा यूनिट तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनेगी। परियोजना से सलाना लगभग 45,000 करोड़ के जीडीपी योगदान का अनुमान है।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के खेल प्रांगण में आयोजित इंटर कॉलेजिएट ताइक्वांडो प्रतियोगिता संपन्न हो गई। इस स्पर्धा में विश्वविद्यालय कैंपस की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता, जबकि श्री बाबू सिंह महाविद्यालय की टीम रनर-अप रही। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय पूमसे खिलाड़ी राम गोपाल बाजपेई और बलराम यादव की उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे इन दिग्गजों ने खिलाड़ियों को केवल दांव-पेंच ही नहीं सिखाए, बल्कि मानसिक मजबूती का मंत्र भी दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ताइक्वांडो केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मसंयम और निरंतर अभ्यास की तपस्या है। खेल के मैदान पर तकनीकी दक्षता के साथ-साथ अनुशासन ही एक खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाता है। प्रतियोगिता के दौरान क्योरुगी (फाइट) और पूमसे (फॉर्म्स) दोनों ही वर्गों में विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पूमसे के व्यक्तिगत वर्ग में सीएसजेएमयू की श्वेता तिवारी ने अपनी फुर्ती और सटीक मूवमेंट से प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, डीएवी की ऋषिका दूसरे और बीएनडी की दुर्गा त्रिवेदी तीसरे स्थान पर रहीं। टीम पूमसे इवेंट में भी यूनिवर्सिटी कैंपस की तिकड़ी सृष्टि वर्मा, श्वेता तिवारी और सानिया गौतम ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। क्योरुगी स्पर्धा के अलग-अलग भार वर्गों में रोमांच चरम पर रहा। अंडर 46 किग्रा वर्ग में केएसडीडी पीजी कॉलेज की प्रभा सिंह ने अपनी प्रतिद्वंद्वी पायल को हराकर पहला स्थान हासिल किया। इसी तरह अंडर 49 किग्रा में सानिया गौतम ने श्रेष्ठता सिद्ध की और अंडर 53 किग्रा वर्ग में शिमरन कनौजिया ने स्वर्ण पदक जीता। पूरे आयोजन के दौरान शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार सिंह यादव और खेल सचिव डॉ. निमिषा सिंह कुशवाहा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
उज्जैन नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बिलोटीपुरा क्षेत्र (जोन क्रमांक-1) में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित डिस्पोजल सामग्री जब्त की गई। यह कार्रवाई शहर में प्रतिबंधित पॉलीथिन और अमानक प्लास्टिक के उपयोग के खिलाफ निगम के अभियान का हिस्सा है। उपायुक्त संजेश गुप्ता के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में विनायक चौरसिया के निवास से लगभग 1.5 लाख प्रतिबंधित प्लास्टिक ग्लास, कटोरी, चम्मच और अन्य डिस्पोजल सामग्री बरामद की गई। निगम के अनुसार, यह सामग्री अमानक स्तर की और प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। 5 हजार रुपए का चालान भी बनाया कार्रवाई के समय स्वास्थ्य अधिकारी हरीश व्यास और स्वच्छता निरीक्षक अजय दावरे सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद थी। निगम ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ ₹5000 की चालानी कार्रवाई भी की है। उपायुक्त संजेश गुप्ता ने बताया कि पिछले एक माह में नगर निगम द्वारा यह चौथी बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिबंधित सामग्री के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जब्त की गई सामग्री को एमआर-5 में सुरक्षित रखा गया है, और इसे नष्ट करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर-बांदीकुई रेलखंड पर रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) के निर्माण कार्य के कारण रविवार, 22 फरवरी को रेल यातायात प्रभावित रहेगा। इस तकनीकी कार्य के चलते जोधपुर से वाराणसी सिटी के बीच चलने वाली मरुधर एक्सप्रेस के समय में बदलाव किया गया है। यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से ढाई घंटे की देरी से संचालित होगी। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि जयपुर मंडल के झर-जटवाड़ा स्टेशनों के बीच स्थित समपार फाटक संख्या 190 और 199 पर आरयूबी का निर्माण कार्य किया जाना है। इस निर्माण कार्य के लिए रेलवे द्वारा रविवार को ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। इस ब्लॉक के कारण मुख्य रूप से मरुधर एक्सप्रेस का एक ट्रिप प्रभावित होगा। इसके तहत ट्रेन संख्या 14864, जोधपुर-वाराणसी सिटी मरुधर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह 8:35 बजे की बजाय नए संशोधित समय सुबह 11:05 बजे रवाना होगी। डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी और सुरक्षा कारणों से समय में यह बदलाव अपरिहार्य है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें।
बच्ची को बोरे में भरकर भाग रही महिला को पकड़ा:कानपुर में लोगों ने पिटाई की; टॉफी देकर किडनैप किया था
कानपुर में घर के बाहर खेल रही 2 साल की बच्ची को एक महिला टॉफी का लालच देकर अपने साथ ले गई। कुछ दूरी पर ले जाकर महिला ने बच्ची को बोरे में भर लिया। वह बच्ची को किडनैप कर ले जा रही थी। इस दौरान बच्ची रो रही थी। बोरे से रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों को शक हुआ। लोगों ने महिला को रोकने की कोशिश की तो वह भागने लगी। इसके बाद शक और बढ़ गया। लोगों ने 100 मीटर तक दौड़ाकर महिला को पकड़ लिया। बोरा खोलकर देखा तो उसमें मासूम बच्ची थी। इसके बाद लोगों ने महिला की पिटाई कर दी। फिर महिला को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है। महिला गोंडा की रहने वाली बताई जा रही है। घटना पनकी इलाके में शनिवार देर रात को हुई। 2 तस्वीरें देखिए….. कच्ची बस्ती से अगवा किया पनकी थाना क्षेत्र की कच्ची बस्ती में रहने वाले अजब सिंह यादव मजदूरी करते हैं। परिवार में पत्नी पूजा और दो साल की बेटी है। बच्ची की मां पूजा ने बताया- देर रात बेटी घर के बाहर खेल रही थी। तभी एक महिला आई और टॉफी देने के बहाने उसे अपने साथ ले गई। कुछ दूर ले जाकर महिला ने बच्ची को बोरे में भर लिया, तभी आसपास के लोगों ने बोरे से रोने और चिल्लाने की आवाज सुनी। शक होने पर लोगों ने महिला को पकड़ लिया। बोरा खोलते ही बच्ची को देखकर सभी के होश उड़ गए। गुस्साए लोगों ने महिला की पिटाई भी कर दी। उस महिला को आज पहली बार देखा इसी दौरान शोर सुनकर अजब सिंह यादव और उनकी पत्नी मौके पर पहुंचे। माता-पिता को देखते ही बच्ची रोने लगी। बच्ची के बच्ची के पिता अजब सिंह ने बताया- एक ड्राइवर ने आकर हमें बताया कि आपकी बेटी को कोई महिला उठाकर ले गई है। हमारे पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने सबसे पहले उसे देखा और शोर मचाया। इसके बाद लोगों ने दौड़ाकर महिला को पकड़ लिया। बच्ची के पिता अजब सिंह यादव ने कहा- हमने उस महिला को आज पहली बार देखा है। गोंडा की रहने वाली बताई जा रही महिला मौके पर पहुंची पुलिस महिला को पकड़कर थाने ले गई। पूछताछ में महिला ने खुद को गोंडा की रहने वाली बताया है। फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है। एसीपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और अपने माता-पिता के पास है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला अकेले काम कर रही थी या किसी गिरोह का हिस्सा है। इलाके में घटना के बाद दहशत का माहौल है। ------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… बच्चे के जबड़े को चीरते हुए निकली गोली:बुलंदशहर में बेटे से बोला- गोली चला, किसी को लगी तो तेरा बाप देख लेगा बुलंदशहर में हर्ष फायरिंग में चली गोली बच्चे के जबड़े को चीरते हुए निकल गई। वह पड़ोसी की छत पर खेल रहा था। गोली लगते ही 8 साल का मासूम गिरकर लहूलुहान हो गया। साथ खेल रहे बच्चों ने उसके घर वालों को बताया। इसके बाद बच्चे का पिता उसे गोद में लेकर अस्पताल के लिए भागा। पढ़ें पूरी खबर….
जयपुर में स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का 6 दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव प्रवाह, कॉलेज के वार्षिक समारोह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जयपुर कलक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी मौजूद रहे। समारोह की अध्यक्षता मेटाक्यूब सॉफ्टवेयर के सह-संस्थापक पारिजात अग्रवाल ने की और इन्फोसिस लिमिटेड के ग्रुप प्रोजेक्ट मैनेजर मनन गोयल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद संस्थान के अध्यक्ष सुरजा राम मील, निदेशक जयपाल मील और निदेशक (अकादमिक) प्रो. एस.एल. सुराणा ने अतिथियों का स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। मुख्य अतिथि डॉ. सोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कामयाबी की परिभाषा केवल सफलता मिलना नहीं होता, विनम्रता के साथ जीवन जीना बहुत जरूरी है। इस मौके पर प्रो. सुराणा ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट पेश की। स्टूडेंट्स ने रंगारंग कार्यक्रमों की दी प्रस्तुतियां कार्यक्रम के दौरान विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने नृत्य, नाटक और गायन की शानदार प्रस्तुतियों से पूरे माहौल को कल्चरल एक्टिविटीज के रंग में सराबोर कर दिया। सांस्कृतिक संध्या में 'नवरस' की थीम पर आधारित नृत्य शिव तांडव, ऑपरेशन सिंदूर और नाटकों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां दी गई, जिनमें श्रृंगार, करुणा, वीर, हास्य, वीभत्स, अद्भुत, भयानक, रौद्र और शांत रस का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के रजिस्ट्रार रचना मील, प्राचार्य-प्रो. रमेश कुमार पचार, वाईसचेयरमैन अनिल बाफना, डीन डॉ आर के जैन समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित हुए।
जींद जिले के उचाना में सर्व जातीय दाड़न खाप चबूतरा पालवां पर खाप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में खाप के विभिन्न गांवों से लोग शामिल हुए, जिसकी अध्यक्षता निवर्तमान प्रधान सूरजभान घसो ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य खाप के नए प्रधान और कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से चुनाव करना था। चुनाव प्रक्रिया कृष्ण उचाना खुर्द, राजेश नंबरदार मखंड, रामधन पूर्व सरपंच घसो, प्रेम झील और जिले सिंह पालवां की देखरेख में संपन्न हुई। खाप के गांवों से आए लोगों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद, सुंदरपुरा निवासी रणधीर श्योकंद को सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया। नई कार्यकारिणी का हुआ गठन नई कार्यकारिणी में डूमरखा कलां के कृष्ण, मंगलपुर के महावीर, छैन के रामभगत, जाजनपुर के जवाहरमल, मखंड के पं. पंकज और घसो खुर्द के सोनू सरपंच को उप प्रधान नियुक्त किया गया। खरकभूरा के राजेश श्योकंद को प्रवक्ता और पालवां के प्रदीप श्योकंद को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सर्वसम्मति से नए प्रधान का चुनाव निवर्तमान प्रधान सूरजभान घसो ने बताया कि उनका प्रधान पद और कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा होने पर यह बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से नए प्रधान और कार्यकारिणी का चुनाव किया है, और खाप व पंचायतें समाज हित में निरंतर कार्य करती रहेंगी। पंचायतों की गरिमा को बढ़ाने का काम करेंगे नव नियुक्त प्रधान रणधीर श्योकंद सुंदरपुरा ने सर्वसम्मति से सौंपी गई जिम्मेदारी के लिए खाप के सभी गांवों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे और खाप व पंचायतों की गरिमा को बढ़ाने का काम करेंगे। नशे से खिलाफ चलेगा अभियान रणधीर श्योकंद ने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि सबसे पहला कार्य युवाओं को नशे से दूर ले जाने के लिए एक अभियान चलाना होगा, विशेषकर ग्रामीण अंचल में जहां नशा तेजी से फैल रहा है। इसके अतिरिक्त, कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, पौधरोपण कर पर्यावरण को दूषित होने से बचाने सहित विभिन्न सामाजिक कार्यों को लेकर खाप के गांवों में निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। सेवाभाव और आमजन से जुड़ाव के कारण मिली जिम्मेदारी अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला कुरुक्षेत्र के प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद ने नवनियुक्त प्रधान रणधीर श्योकंद सुंदरपुरा से खाप की गरिमा को बढ़ाने की पूरी उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि रणधीर श्योकंद गौशाला में गायों की सेवा और निरंतर समाज सेवा से जुड़े रहे हैं, और उन्हें यह जिम्मेदारी उनके सेवाभाव और आमजन से जुड़ाव के कारण मिली है।
आगरा में ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त, भीषण जाम:5 मिनट की दूरी तय करने में लगा आधा घंटा, रेंगते रहे वाहन
आगरा में शनिवार शाम शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर के प्रमुख मार्गों यमुना किनारा रोड, वाटर वर्क्स चौराहा, रामबाग और सिकंदरा पर लंबा जाम लग गया। हालात ऐसे रहे कि जहां सामान्य दिनों में 5 मिनट का रास्ता तय होता है, वहां लोगों को आधे घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। एक ही जगह खड़े रहे वाहनशनिवार रात करीब 7 बजे से शहर की सड़कों पर जाम लगना शुरू हो गया। धीरे-धीरे वाहनों की कतार लगना शुरू हो गई। कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए तो कई स्थानों पर गाड़ियां एक ही जगह पर खड़ी रहीं। दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन सभी जाम की चपेट में रहे। ऑफिस से लौट रहे कर्मचारी, स्कूल वाहन और एंबुलेंस तक को रास्ता बनाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। रोजाना बन रही समस्यास्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति अब आम हो गई है। रोजाना शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम लगना आम बात बन गई है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। शहरवासियों का कहना है कि पुलिस और ट्रैफिक विभाग की ओर से जाम से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस और दीर्घकालिक योजना लागू नहीं की जा रही। मौके पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यातायात सुचारु नहीं हो सका। मेट्रो निर्माण के चलते सभी रोड पर बेरिकेडिंग हो रखी है। ऐसे में जाम लगा रहता है।
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में गर्ल्स हॉस्टल में गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक दूषित पानी पीने से 30 से अधिक छात्राएं पीलिया की चपेट में आ चुकी हैं, जबकि करीब 90 छात्राओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर NSUI ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया था। इस दौरान कुलपति ने मौके पर ही पानी पीकर जांच कराने का आश्वासन दिया।हॉस्टल अधीक्षक के इस्तीफे और प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष एसएम पुनेश्वर लहरे अपने समर्थकों और छात्राओं के साथ प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठे। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। छात्र नेताओं ने मांग की कि हॉस्टल में स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, प्रभावित छात्राओं का निःशुल्क और समुचित उपचार कराया जाए तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए। कुलपति के पहुंचने पर हुई तीखी बहसधरना स्थल पर कुलपति के पहुंचते ही छात्र नेताओं के साथ तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारी छात्र गंदा पानी बोतल में भरकर साथ लाए थे और उसे दिखाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस दौरान कुलपति ने मौके पर ही पानी पीकर जांच कराने का आश्वासन दिया। छात्राओं ने अपनी परेशानी बताते हुए तत्काल समाधान की मांग दोहराई और हॉस्टल का निरीक्षण करने का आग्रह भी किया। जमीन पर लेटकर जताया विरोध, धरना जारी रखने की चेतावनीआंदोलन के दौरान कुछ छात्र प्रतिनिधि प्रशासनिक भवन के सामने जमीन पर लेट गए और त्वरित कार्रवाई की मांग करने लगे। काफी समझाइश के बाद वे उठे, लेकिन चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक फिर अनिश्तिकालीन धरना होगा। इस प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष एसएम पुनेश्वर लहरे के नेतृत्व में प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल, प्रदेश सचिव मोनू तिवारी, उत्तर विधानसभा अध्यक्ष अनुज शुक्ला, उपाध्यक्ष अंकित बंजारे, ओझ पांडे, तनिष्क मिश्रा, इंडिया ग्रीतलहरे, असलान शेख, मनीष बांधे, शुभ, प्रियांशु मिंज, हर्ष वीर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
शिवपुरी शहर के ग्वालियर बायपास पर शनिवार शाम एक चलती कार से अचानक सीएनजी (CNG) गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस रिसने से मौके पर हड़कंप मच गया। संभावित खतरे को देखते हुए बायपास पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला और दोनों ओर से आ रहे यातायात को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया। कार से गैस पूरी तरह निकलने के बाद स्थिति सामान्य हुई, जिसके बाद यातायात को फिर से शुरू कर दिया गया है। फिलहाल गैस रिसाव के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। जानकारी के अनुसार, सीएनजी से चलने वाली मारुति सुजुकी ब्रेजा कार में भिंड जिले के निवासी विजय सिंह सवार थे। वे खनियाधाना में अपना कोई निजी कार्य निपटाकर वापस भिंड लौट रहे थे। इसी दौरान शिवपुरी में ग्वालियर बायपास पर उनकी कार के साथ यह घटना हो गई। कुछ देर पहले ही पंप से भरवाई थी गैस बताया जा रहा है कि घटना से कुछ देर पहले ही कार सवार विजय सिंह ने एक सीएनजी पंप से कार में गैस भरवाई थी। ग्वालियर बायपास पर पहुंचते ही कार से अचानक गैस रिसने लगी। गैस के रिसाव को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। पुलिस की तत्परता से टला संभावित खतरा किसी भी बड़े संभावित खतरे को टालने के लिए पुलिस ने तत्काल यातायात रोककर क्षेत्र को खाली करा लिया था। जब तक कार से गैस का रिसाव पूरी तरह बंद नहीं हो गया और गैस निकल नहीं गई, तब तक पुलिस सुरक्षा के लिहाज से मौके पर ही डटी रही। कुछ देर बाद रिसाव बंद होने पर यातायात बहाल किया गया।
लखनऊ स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंस (LSMS) में चल रहे छह दिवसीय वार्षिकोत्सव 'एसएमसोत्सव-26' के पांचवें दिन विभिन्न इंजीनियरिंग और प्रबंधन महाविद्यालयों के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उत्साह और रचनात्मकता देखने को मिली। दिनभर तकनीकी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इनमें एकल और समूह गायन, नृत्य, मिमिक्री, स्टैंड-अप कॉमेडी और मोनो एक्ट शामिल थे। प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। जीत से अधिक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में भाग लेना शाम का मुख्य आकर्षण फैशन शो रहा। इसमें प्रतिभागियों ने अपनी शैली, आत्मविश्वास और रचनात्मक प्रस्तुति से दर्शकों को प्रभावित किया। दर्शकों ने उनका उत्साहवर्धन किया।इसी अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि आईपीएस अधिकारी और उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस, लखनऊ के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के गोस्वामी रहे। संस्कृति को एक मंच पर लाना समय की आवश्यकता उन्होंने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि जीत से अधिक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में भाग लेना है, क्योंकि यह अनुभव और आत्मविश्वास बढ़ाता है। गवर्निंग काउंसिल सदस्य डॉ. चंद्र मौलि द्विवेदी और सचिव व मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद सिंह ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। शरद सिंह ने कहा कि नवाचार और संस्कृति को एक मंच पर लाना समय की आवश्यकता है। पांचवें दिन का समापन डीजे प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने संगीत और नृत्य के माध्यम से युवा ऊर्जा का जश्न मनाया।
फर्रुखाबाद के कादरी गेट थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। देर रात एक तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी, जिसमें बच्चा अपने परिवार के साथ शादी समारोह से लौट रहा था। हादसे में बच्चे की मां, दादी, बड़ा भाई और ई-रिक्शा चालक घायल हो गए। साहिबगंज नारायण दास निवासी अभिजीत तिवारी का तीन वर्षीय पुत्र तेजस तिवारी अपनी मां पूजा तिवारी, 13 वर्षीय बड़े भाई चेतन तिवारी और दादी रीता तिवारी के साथ आवास विकास स्थित डायमंड पैलेस से लौट रहे थे। यह घटना देर रात हुई, जब वे ई-रिक्शा से अपने घर जा रहे थे। ई-रिक्शा जैसे ही बढ़पुर स्थित क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के सामने पहुंचा, पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन वर्षीय तेजस को मृत घोषित कर दिया। दादी रीता तिवारी, मां पूजा तिवारी, भाई चेतन तिवारी और ई-रिक्शा चालक सोनू (निवासी हैवतपुर गड़िया) का इलाज जारी है।बताया कि दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया था, लेकिन उसकी पहचान कर ली गई है। पुलिस परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करेगी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
लखनऊ के ऐशबाग स्थित तिलकनगर के महाराजा अग्रसेन पार्क में श्री श्याम ज्योत मंडल की ओर से 44वां श्री श्याम निशानोत्सव मनाया जा रहा है। 'जमघट म्हारे श्याम का' भजन संध्या के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम स्थल पर रंगबिरंगी रोशनी से सजा दरबार बनाया गया था। खाटू नरेश की प्रतिमा स्वर्ण कमल वाले सिंहासन पर विराजमान हैं । प्रतिमा को मोर पंख का स्वर्ण मुकुट, तिलक, हीरा-पन्ना और मोतियों से सुसज्जित बागा पहनाया गया। परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। देवी-देवताओं और टेराकोटा कला की नक्काशी की गई लगभग 50 फुट ऊंचे और 111 फुट चौड़े दरबार के दोनों ओर पवनसुत हनुमान और श्याम ध्वज स्थापित किए गए थे। दरबार की दीवारों पर देवी-देवताओं और टेराकोटा कला की नक्काशी की गई हैं । यहां पुरी के भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के दर्शन कर सकते हैं ।भजन संध्या में संजय शर्मा, लव अग्रवाल, अरविंद सहल और कुमार मुकेश ने प्रस्तुतियां दीं। श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के साथ फूलों की होली खेली उन्होंने 'मन की बाता सांवरिया से…', 'तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे…', 'ए श्याम तेरे हम जबसे दीवाने हो गए…' और 'किसी की नैया का मांझी बन जाता है…' जैसे भजन गाए।उत्सव के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के साथ फूलों की होली खेली।मंडल द्वारा भजन गायकों और सेवा सहयोगियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष श्रवण अग्रवाल, कोषाध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्याम भक्त उपस्थित थे।
मिर्जापुर के मां विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय से संबद्ध मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही जिलों के महाविद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025–26 की स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएँ सफलतापूर्वक संपन्न हो गईं। इन परीक्षाओं में कुल 37,171 विद्यार्थी शामिल हुए। स्नातक स्तर की परीक्षाएँ 27 जनवरी से शुरू हुईं, जबकि परास्नातक स्तर की परीक्षाएँ 16 फरवरी से आयोजित की गई थीं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, तीनों जिलों में कुल 99 परीक्षा केंद्र और 20 नोडल केंद्र स्थापित किए गए थे। स्नातक स्तर पर 31,576 और परास्नातक स्तर पर 5,595 परीक्षार्थियों ने इन परीक्षाओं में भाग लिया। पूरी परीक्षा प्रक्रिया विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। परीक्षाओं के सफल आयोजन पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने परीक्षा कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों, संबद्ध महाविद्यालयों के प्रबंधकों, प्राचार्यों, केंद्राध्यक्षों, सहायक केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों, कक्ष निरीक्षकों और समस्त कर्मचारियों की उनके अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सहयोग के लिए सराहना की और धन्यवाद ज्ञापित किया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी परीक्षाएँ सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित और सुदृढ़ बनाना है।
सोनभद्र के ओबरा में 21 फरवरी को निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) का विधानसभा स्तरीय शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वक्ताओं ने मछुआ समुदाय को संविधान में सूचीबद्ध श्रेणी में शामिल करने और ओबीसी सूची से हटाने की मांग उठाई। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऐतिहासिक और खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद सोनभद्र जनपद शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में अपेक्षित विकास से वंचित है। ओबरा क्षेत्र में मछुआ समुदाय की बड़ी संख्या को देखते हुए, समाज को संविधान में सूचीबद्ध श्रेणी में शामिल करने तथा ओबीसी सूची से नाम हटाने की मांग पर जोर दिया गया। सभा में आरक्षण, संविधान और लोकतंत्र की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर बल दिया गया। मीडिया से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि मछुआ समुदाय को संविधान की सूचीबद्ध श्रेणी में शामिल करने और ओबीसी सूची से नाम हटाने की मांग की गई है। उन्होंने सामाजिक न्याय समिति का उल्लेख करते हुए कहा कि मिल्क मैन (दुग्ध उत्पादक) को 27 प्रतिशत और लेदरमैन (चर्मकार) को 23 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है। ऐसे में 'अदरमैन' (अन्य समुदाय) के लिए सरकार कानून बनाकर मदद कर रही है। मंत्री निषाद ने प्रधानमंत्री मत्स्य योजना, आयुष्मान भारत, किसान क्रेडिट कार्ड और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ समुदाय को अधिक से अधिक दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आशा और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय बढ़ाने संबंधी फाइल प्रक्रिया में है और जल्द ही कैबिनेट में इस पर निर्णय लिया जाएगा। जातीय बैठकों के संबंध में उन्होंने कहा कि सभी को अपनी बात रखने और समस्याओं को जानने का अधिकार है, और सभी को कानून से सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार में गरीब ब्राह्मणों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है, जिससे उन्हें नौकरी के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
संतकबीरनगर में विदेश भेजने के नाम पर 1.40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति को फर्जी दुबई वीजा देकर ठगा गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी मोहम्मद तारिक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह मामला सिद्धार्थनगर जिले के मुहम्मदपुर त्रिलोकपुर निवासी अताउल्लाह से जुड़ा है। अताउल्लाह अपने गांव के सहादुद्दीन के साथ विदेश जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें दुधारा, संतकबीरनगर निवासी मोहम्मद तारिक के बारे में पता चला, जो लोगों को विदेश भेजने का काम करता है। शिकायत के अनुसार, 11 अगस्त 2024 को तारिक अताउल्लाह के गांव पहुंचा और उन्हें विदेश भेजने का भरोसा दिलाया। उसके कहने पर पीड़ितों ने अलग-अलग तारीखों पर कुल 1,40,000 रुपये उसके बताए गए बैंक खाते में जमा कर दिए। कुछ समय बाद, आरोपी ने पीड़ितों को दुबई का वीजा उपलब्ध कराया। हालांकि, जब इस वीजा की जांच की गई, तो वह फर्जी पाया गया। धोखाधड़ी का पता चलने पर, अताउल्लाह ने हाल ही में आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि इस दौरान तारिक ने गाली-गलौज की, फोन पर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। थानाध्यक्ष ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मोहम्मद तारिक के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मऊगंज के सड़क हादसे में महिला की मौत, चालक फरार:देवरी सेगरान की घायल सीता ने रीवा में दम तोड़ा
मऊंगज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में शनिवार को एक महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला का शुक्रवार शाम को ऑटो से एक्सीडेंट हुआ था। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार ऑटो चालक की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार नईगढ़ी के देवरी सेगरान गांव की 38 वर्षीय सीता कुशवाहा शुक्रवार शाम घर से किसी काम से निकली थी। इस दौरान एक ऑटो चालक ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल सीता को पहले नईगढ़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे गंभीर हालत में रीवा के संजय गांधी अस्पताल भेजा दिया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। नईगढी पुलिस ने शनिवार शाम करीब 5 बजे इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस हादसे के लिए जिम्मेदार ऑटो चालक की तलाश कर रही है।
बालोद जिले के मालीघोरी क्षेत्र के जंगल में अवैध रूप से देशी शराब बेचने की तैयारी कर रहे एक आरोपी को पुलिस ने 190 पौवा शराब के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। एसडीओपी बोनिफास एक्का ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मालीघोरी के जंगल में भारी मात्रा में देशी शराब रखकर ग्राहक तलाशे जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा के नेतृत्व में टीम गठित कर मौके पर दबिश दी गई। मौके से एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार कार्रवाई के दौरान आमापारा, बालोद निवासी 38 वर्षीय प्रीतम कुमार ठाकुर को मौके से गिरफ्तार किया गया। वहीं शिकारीपारा निवासी बब्बन गौतम पुलिस को देखकर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो बड़े चैनदार थैलों में रखे 95-95 नग कुल 190 पौवा देशी प्लेन शराब जब्त की। जब्त शराब की कीमत लगभग 15,200 रुपए आंकी गई है। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल 20 हजार रुपए कीमत की स्कूटी समेत कुल 35 हजार 200 रुपए का सामान जब्त किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत थाना बालोद में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर बालोद जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है।
चित्तौड़गढ़ जिले में केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीमों ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। यह कार्रवाई केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की सेकंड डिवीजन, चित्तौड़गढ़ सेल और जयपुर सेल द्वारा की गई। अधिकारियों के अनुसार तीन अलग-अलग मामलों में डोडा चूरा और अफीम बरामद की गई है। सभी मामलों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत कार्रवाई की गई है। अरनिया माली के पास गाड़ी से 96.680 किलो डोडा चूरा जब्त पहली कार्रवाई केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, चित्तौड़गढ़-2 डिवीजन की टीम ने निंबाहेड़ा क्षेत्र में की। टीम को पक्की खुफिया सूचना मिली थी कि अरनिया माली–निंबाहेड़ा रोड पर एक गाड़ी में अवैध डोडा चूरा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने संदिग्ध मार्ग पर निगरानी रखी और अरनिया माली गांव के पानी वाले पुल के पास एक टाटा टियागो गाड़ी को रोका। गाड़ी में दो लोग सवार थे, जिनमें से एक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया। तलाशी लेने पर गाड़ी से कुल 96.680 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद हुआ। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए डोडा चूरा और गाड़ी को जब्त कर लिया गया। एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया है और मामले की आगे जांच जारी है। नीमच के जावद गांव में घर से 5.950 किलो अफीम मिली दूसरी कार्रवाई चित्तौड़गढ़ सेल की टीम ने मध्यप्रदेश के जिला नीमच के जावद गांव में की। टीम को सूचना मिली थी कि एक घर में अवैध अफीम छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर टीम ने वहां छापा मारा और तलाशी के दौरान 5.950 किलोग्राम अफीम बरामद की। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध व्यक्ति ने सहयोग नहीं किया और बेहोशी का नाटक करने लगा। इसके बावजूद टीम ने पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए अफीम को जब्त कर लिया। संदिग्ध को आगे की जांच के लिए चित्तौड़गढ़ के सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। विभाग का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। हाईवे पर मोटरसाइकिल से 3.687 किलो अफीम बरामद तीसरी कार्रवाई केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की जयपुर सेल ने उदयपुर–चित्तौड़गढ़ हाईवे पर की। टीम ने चामुंडा राठा जी हिमाचल पंजाब होटल के पास एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति को रोका। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल से जुड़े बैग में रखे तीन पॉलीथीन बैगों से कुल 3.687 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अफीम और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया गया तथा आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि तीनों मामलों में मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क की जांच की जा रही है और आगे भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मध्य प्रदेश के मंदसौर में बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर और ड्रग माफिया वाहिद उर्फ भय्यू लाला की संदिग्ध हालत में मौत मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अहम खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार उसकी मौत कान के पीछे गोली लगने से हुई। गोली कान के पीछे से घुसकर आंख के पास से बाहर निकली, जिससे उसकी जान गई। एडिशनल एसपी हेमलता कुरील ने पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मौत पुलिस की पिटाई से नहीं हुई, बल्कि गोली मारी गई थी। भय्यू लाला को तीन लोग एक निजी क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। क्लीनिक से लौटने के बाद उसे घर लाकर पलंग पर सुलाया गया। इसके बाद परिजन और अन्य लोगों ने स्थानीय पुलिस, पड़ोसियों को सूचना दी गई। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वे तीन लोग कौन थे। गोली किसने और किन परिस्थितियों में मारी। इसके पहले पुलिस ने कहा था कि दम घुटने से जान गई। परिजनों ने कहा था कि 6 लाख लेकर भी पुलिस ने मार दिया। वारदात से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… शव को घर लाए, फिर वीडियो बनाया गया एडिशनल एसपी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि परिजन उसे गांव से करीब एक किलोमीटर दूर तितरोद स्थित झोलाछाप डॉक्टर राजाबाबू मंसूरी के क्लीनिक ले गए थे, जहां उसे मृत घोषित किया गया। इसके बाद शव को घर लाकर बेड में रखकर वीडियो बनाया गया। बाथरूम में गीजर के ऊपर पिस्टल मिली ASP हेमलता ने बताया कि फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में घर की तलाशी ली गई। पुलिस सर्च के दौरान बाथरूम में गीजर के ऊपर एक पिस्टल मिली। पिस्टल को जब्त कर लिया गया है। जांच की जा रही है कि भय्यू को गोली किस पिस्टल से लगी और किसने चलाई। 18 फरवरी यानी बुधवार को शव मिलने के बाद कमरा सील किया गया था। फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में घर की तलाशी ली गई। पुलिस सर्च के दौरान बाथरूम में गीजर के ऊपर एक पिस्टल मिली। पिस्टल को जब्त कर लिया गया है। जांच की जा रही है कि भय्यू को गोली किस पिस्टल से लगी और किसने चलाई। हालांकि, भय्यू लाला के परिजन ने पिस्टल फर्जी तरीके से रखने का आरोप लगाया है। अब पढ़िए भय्यू लाला की मौत पर किसने क्या कहा था ? बेटा बोला- पापा पर कई केस, लेकिन ज्यादातर झूठे इसके पहले भय्यू के बेटे शाहिद ने पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा था- मेरे पापा पर कई केस थे, लेकिन ज्यादातर झूठे थे। वह कोर्ट में सरेंडर करने वाले थे, इसीलिए कुछ दिन पहले ही पुलिस अफसरों को 6 लाख रुपए देकर आए थे, ताकि कोई परेशानी न हो, लेकिन पुलिस ने धोखा दिया और उन्हें मार मार डाला। शाहिद ने घटना का जिक्र करते हुए बताया, पुलिस की टीम घर आई। करीब 15-20 जवान तीन घंटे तक घर में रहे। वे मुझे पुलिस की गाड़ी में बिठाकर गांव से दूर ले गए। वहां कोरे कागज पर साइन करा लिया। धमकाया कि मीडिया को कुछ बताया तो 10-20 साल के लिए जेल में डाल देंगे। पत्नी का आरोप- डेढ़ घंटे तक मारते रहे, मैं चीखती रही भय्यू की पत्नी रुखसाना ने बताया था कि 'मैं और मेरे पति अंदर वाले कमरे में बैठे थे, तभी अचानक पुलिसवाले आ गए। टीआई साहब पलंग पर बैठकर बात कर रहे थे। अचानक उन्होंने एक जवान को डीवीआर की तरफ इशारा किया। इसके बाद जवान ने डीवीआर निकाल लिया। पुलिस वाले मेरे पति को घसीटकर एक कमरे में ले गए। पुलिस ने मुझे कमरे में बंद कर दिया। बाहर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। अंदर से मेरे पति की चीखने की आवाजें आ रही थीं। पति को पीटते रहे, जब तक उनकी सांसें नहीं थम गई। मृतक वाहिद उर्फ भय्यू लाला की पत्नी रुखसाना ने पुलिस महकमें पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रुखसाना ने बताया कि 5-6 महीने पहले भी मैंने इनकी (पुलिस) शिकायत की थी। पिछले 1 महीने से हर दो से तीन दिन में 181 पर इनकी शिकायतें कर रह रही हूं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सीतामऊ पुलिस लाखों रुपए की मांग की। हर साल भय्यू पर फर्जी केस बनाती थी। SDOP, TI और अन्य पुलिसवालों पर हत्या का आरोप रुखसाना के मुताबिक महिला पुलिसकर्मियों ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति, टीआई कमलेश प्रजापति सहित अन्य पुलिसकर्मी घर में आए थे। दो महिला पुलिस भी थी। करीब 2 से 3 घंटे तक ये घर में ही रहे। वह चिल्लाता रहा और इन्होंने उसे मार डाला। मुझे भी धमकाया कि तुझे थाने तक घसीटेंगे। बेटी की शादी के लिए करना चाहता था सरेंडर परिवार का कहना था है कि भय्यू अपनी बेटी की शादी करना चाहता था और एक सामान्य जीवन जीना चाहता था, इसलिए उसने पुलिस से सेटिंग कर कोर्ट में सरेंडर करने का फैसला किया था। वह इसी सिलसिले में बात करने के लिए सुरजनी आया था, लेकिन पुलिस ने उसे मार दिया। पुलिस का दावा- हत्या नहीं, हादसा वहीं सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति ने बताया था कि- 'भय्यू लाला पर कई गंभीर केस दर्ज थे। वह 5 हजार रुपए का इनामी था। पुलिस उसकी तलाश में दबिश देने गई थी, लेकिन वह घर में नहीं मिला। बाद में हमें 112 इमरजेंसी नंबर से सूचना मिली कि भय्यू की मौत हो गई है। पुलिस ने दावा किया था कि जब टीम दबिश देने पहुंची तो उनसे बचने के लिए भय्यू घर में बने बेड के बॉक्स में छिप गया। पुलिस ने घर की तलाशी ली, जब वह नहीं मिला तो टीम लौट गई, लेकिन बेड में हवा न मिलने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई। अब जानिए कौन था भय्यू लाला, जिसे 3 राज्यों को थी तलाश पुलिस रिकॉर्ड में वाहिद उर्फ भय्यू लाला कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि ड्रग्स माफिया होने के साथ हिस्ट्रीशीटर लिस्ट में शामिल था। किसान परिवार से ताल्लुख रखता था। भय्यू को मप्र के अलावा महाराष्ट्र और राजस्थान की पुलिस तलाश रही थी। वाहिद उर्फ भय्यू लाला ने साल 2003 में अपराध की दुनिया में कदम रखा और फिर उसके खिलाफ साल दर साल लगातार अपराध दर्ज होते चले गए। 23 साल में उसके खिलाफ मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में लूट, डकैती, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार और मादक पदार्थ तस्करी जैसे 19 गंभीर केस दर्ज हुए। भय्यू लाला कैसे चलाता था सिंडिकेट? ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क: 19 में से 8 मामले अवैध मादक पदार्थ तस्करी के थे। वह मंदसौर-नीमच क्षेत्र में एमडी ड्रग्स का बड़ा तस्कर माना जाता था। मुंबई-ठाणे कनेक्शन: 11 जनवरी 2026 को मुंबई और ठाणे पुलिस ने जावरा से 10 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की थी। मंदसौर के मनोहर गुर्जर और जाजू सुल्तान को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन भय्यू लाला फरार होने में कामयाब हो गया था, तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। नाबालिगों का इस्तेमाल : भय्यू पैसों का लालच देकर नाबालिग और कॉलेज के छात्रों को अपने ड्रग्स नेटवर्क में इस्तेमाल करता था, ताकि पकड़े जाने पर उन्हें कानूनी राहत मिल सके। हाल ही में एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए कई युवकों ने उसका नाम लिया था। अब आगे क्या? फिलहाल, इस मामले में सच्चाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही सामने आएगी। रिपोर्ट से यह साफ होगा कि मौत का कारण दम घुटना है या शरीर पर लगी चोटें। परिवार ने एसपी को नामजद शिकायत देकर आरोपी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ये खबर भी पढ़ें… हिस्ट्रीशीटर भय्यू लाला की संदिग्ध हालात में मौत:मंदसौर में दबिश के दौरान बेड में लाश मिलने का दावा मंदसौर जिले के सुरजनी गांव में बुधवार रात कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तस्कर वाहिद उर्फ भय्यू लाला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। भय्यू लाला को 3 राज्यों की पुलिस तलाश रही थी। बताया जा रहा है कि पुलिस की दबिश के दौरान वह बचने के लिए घर में रखे दीवान (बॉक्स वाले बेड) के अंदर छिप गया था, जहां दम घुटने से उसकी जान चली गई। पढ़ें पूरी खबर...
बूंदी जिले के हिंडोली थाना क्षेत्र में रामी की झोपड़ियां बसोली रोड पर एक सड़क एक ट्रक ने हादसे में 8 वर्षीय पूरण बैरागी कुचल दिया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मेगा हाईवे जाम कर दिया। वे मृतक के परिजनों के लिए 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और सड़क पर चार ब्रेकर बनाने की मांग कर रहे थे। बाद में हिंडोली एसडीएम शिवराज मीणा के आश्वासन के बाद धरना हटा दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से समझाइश की। हिंडोली एसडीएम शिवराज मीणा ने सरकारी नियमों के अनुसार सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थान दुर्घटना संभावित है। ग्रामीणों ने बताया कि तीन महीने पहले इसी जगह पर कैलाश रेगर की भी एक दुर्घटना में मौत हो गई थी। घुमावदार सड़क और कथित लापरवाही को यहां बार-बार होने वाले हादसों का कारण बताया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों ने गोवंश की मौतें होने की बात भी कही। धरने पर कांग्रेस मंडल अध्यक्ष रामेश्वर गुर्जर, प्रशासक महावीर गुर्जर, छात्र कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राकेश गुर्जर, सीताराम गुर्जर, चंद्र प्रकाश गुर्जर और दीपक प्रजापत सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए घटना स्थल पर आरएसी के जवान तैनात किए गए। हिंडोली के मुकेश यादव और डिप्टी विवेक राजवंशी सहित उच्च अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे थे।
रतलाम जिले के पिपलौदा तहसील के हरियाखेड़ा गांव में शनिवार सुबह 45 वर्षीय मजदूर लक्ष्मीचंद ने पानी की टंकी पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मजदूर ने फांसी लगाने से पहले टंकी की दीवार पर गांव के सरपंच का नाम और पुलिस द्वारा सुनवाई न करने की बात लिखी। उसकी जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें सरपंच, उसके परिजनों और जावरा औद्योगिक थाने के पुलिसकर्मियों पर मारपीट व झूठे केस में फंसाने का आरोप है। घटना के विरोध में परिजनों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने सरपंच सहित तीन लोगों पर केस दर्ज कर लिया है और एसपी ने एक एएसआई को लाइन अटैच कर दिया है, जिसके बाद शाम को गांव में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बता दें कि शनिवार सुबह करीब 6 बजे मजदूर का छोटा भाई मांगीलाल पंवार पानी की टंकी की तरफ गया था। वहां उसने अपने भाई लक्ष्मीचंद (पिता कनीराम) को फांसी के फंदे पर लटकते हुए देखा। उसने तुरंत परिजनों और पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और जावरा सिविल अस्पताल लेकर गई। टंकी की दीवार पर लिखा- मेरी जेब में सबूत हैमृतक लक्ष्मीचंद ने आत्महत्या से पहले पानी की टंकी की दीवार पर बड़े अक्षरों में लिखा था- मेरे जेब में सबूत है। मुजको (मुझको) जीत सरपंच ने जान से मारने की धमकी दी है। इसके अलावा दीवार पर यह भी लिखा था कि मुझे न्याय चाहिए, पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है। उसकी जेब से बरामद सुसाइड नोट में गांव के सरपंच जितेंद्र (पिता पुरुषोत्तम), सरपंच के पिता पुरुषोत्तम पाटीदार, भाई लोकेश और जावरा औद्योगिक थाने के पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों ने किया चक्काजाम, विधायक भी पहुंचेदोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर गांव लौटते समय आक्रोशित परिजनों ने जावरा ओवरब्रिज पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा और मालवीय समाज के जीतू मालवीय भी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने सरपंच के अवैध मकान को तोड़ने, आरोपियों पर केस दर्ज करने और मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी को सस्पेंड करने की मांग की। परिजनों ने कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, वे वहां से नहीं उठेंगे। सरपंच सहित 3 पर एफआईआर, एएसआई लाइन अटैचचक्काजाम की सूचना मिलने पर जावरा सीएसपी युवराजसिंह चौहान, पिपलौदा तहसीलदार देवेंद्र धनगर और औद्योगिक थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की समझाइश और कार्रवाई के बाद करीब एक घंटे तक चला चक्काजाम समाप्त हुआ। पुलिस ने सरपंच और दो अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं, रतलाम एसपी अमित कुमार ने जावरा औद्योगिक थाने के एएसआई आशीष मांगरिया को लाइन अटैच कर दिया है। इसके बाद सभी लोग शांत हुए और शाम को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। 8 दिन पहले एसपी को दिया था शिकायत का आवेदनमृतक ने सुसाइड से 8 दिन पहले रतलाम कलेक्टर के नाम एक शिकायत का आवेदन भी दिया था। जिसमें प्रतिलिपि में रतलाम एसपी को रखा गया था। आवेदन में बताया गया कि 11 फरवरी की मध्य रात करीब 1 बजे वह खेत में फसल को पानी पिलाने का काम कर रहा था। तभी अज्ञात चोर आए और खेत में लगी झटका मशीन से करंट की चपेट में आ गए। लक्ष्मीचंद ने तुरंत बटन दबाकर मशीन को बंद किया, तभी अचानक 8 से 10 युवकों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और खेत में लगी मशीन को कुएं में फेंक दिया था। हालांकि एसपी ऑफिस के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार का कोई आवेदन एसपी ऑफिस नहीं पहुंचा। यह भी पता नहीं चल पाया है कि यह आवेदन जावरा में दिया या रतलाम आकर। लक्ष्मीचंद की मौत के बाद यह आवेदन सामने आया है। पुलिस पर लगाए लॉकअप में पीटने के आरोपएसपी को दिए आवेदन में मृतक ने बताया था कि सरपंच, उसके पिता और भाई अपने साथियों के साथ उसे थाने ले गए। मुझ पर मशीनों को फेंकने का झूठा आरोप लगाकर पुलिस को शिकायत की। मृतक ने अपने आवेदन में लिखा था- सरपंच द्वारा की गई शिकायत पर मेरी किसी ने बात नहीं सुनी। मुझे लॉकअप में बंद कर बहुत मारा। जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। सरपंच के कहने पर एक स्टार पुलिस और एक अन्य पुलिस दोनों ने मिलकर बहुत मारा और प्रताड़ित किया। जिससे मुझे छाती पर गंभीर चोटे आई है। मृतक ने कहा था कि थाने पर सरपंच के दबाव के चलते उसकी एक न सुनी गई, जबकि वह एक मजदूर होकर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। उसने आवेदन में सरपंच व थाने के पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन कोई सुनवाई न होने से आहत होकर शनिवार सुबह उसने फांसी लगा ली। एएसपी विवेक कुमार लाल ने बताया सरपंच समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सरपंच को राउंडअप कर लिया है। पुलिसकर्मी पर भी आरोप लगे हैं, लाइन हाजिर कर दिया। मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।
लुधियाना जिले के जगराओं में 22 फरवरी को स्थानीय विधायक के आवास के बाहर प्रस्तावित किसान धरने को लेकर अनाज मंडी में मजदूर यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आम आदमी पार्टी की विधायक के निवास के बाहर होने वाले प्रदर्शन में मजदूर बड़ी संख्या में भाग लेंगे और किसान संघर्ष का खुलकर समर्थन करेंगे। बैठक की अध्यक्षता गल्ला मजदूर यूनियन के प्रधान देव राज ने की। इस दौरान रेवोल्यूशनरी सेंटर पंजाब के जनरल सेक्रेटरी कंवलजीत खन्ना ने मजदूरों को संबोधित किया। खन्ना बोले- अमेरिका से व्यापार समझौता हानिकारक खन्ना ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौता देश के किसानों और मजदूरों दोनों के लिए हानिकारक साबित होगा। उन्होंने आशंका जताई कि विदेशी अनाज के आयात से मंडियां बंद हो सकती हैं, जिससे किसानों की फसल की कीमतें प्रभावित होंगी और मंडियों में काम करने वाले हजारों मजदूरों का रोजगार भी छिन सकता है। खन्ना ने मजदूरों की आजीविका पर सवाल उठाते हुए कहा कि डेढ़ महीने की मेहनत से कमाई करने और बाकी महीनों मुश्किलों में गुजर-बसर करने वाले मजदूर बिजली का रिचार्ज और घर का खर्च कैसे चलाएंगे? खन्ना ने आरोप लगाया कि संसद में पारित किया जा रहा इलेक्ट्रिसिटी एक्ट गरीबों से सस्ती बिजली का अधिकार छीन लेगा और कृषि व्यवस्था पर कॉर्पोरेट घरानों का कब्जा बढ़ाएगा। मजदूर वर्ग को असुरक्षित करने का आरोप कंवलजीत खन्ना ने यह भी कहा कि मनरेगा और श्रम कानूनों को कमजोर करके मजदूर वर्ग को असुरक्षित किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य का जिक्र करते हुए उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों की आलोचना की और कहा कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ से जुड़े फैसलों पर आपत्ति जताई है। खन्ना ने केंद्र सरकार और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर मजदूर-विरोधी और किसान-विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाया। इस बैठक में यूनाइटेड फार्मर्स एंड वर्कर्स फ्रंट ने भी विधायक निवास के सामने होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान किया। इस अवसर पर अवतार सिंह तारी, सोनू चौधरी, फला चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित थे। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेंगे और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे।
अशोक विश्नोई का राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान:अगरतला में हुए सम्मानित, ग्रामीणों ने जताई खुशी
त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में राजभाषा हिंदी को कार्यालय में लागू करने में उत्कृष्ट कार्य के लिए आईआरएस अशोक बिश्नोई को सम्मानित किया गया। यह सम्मान गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार द्वारा प्रदान किया गया। फलोदी के अशोक विश्नोई सम्मानितफलोदी निवासी अशोक बिश्नोई, जो सीजीएसटी जयपुर में कार्यरत हैं। उन्हें उत्तर क्षेत्र में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर यह पुरस्कार मिला। उनके कार्यालय ने भारत सरकार की राजभाषा नीति के तहत वर्ष 2024-25 के लिए यह उपलब्धि हासिल की है। आईआरएस अशोक बिश्नोई मूल रूप से फलोदी जिले के गाँव नोखड़ा गोदारा के निवासी हैं। इस सम्मान पर उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार राजभाषा हिंदी को लागू करने में सभी कर्मचारियों को अधिक प्रोत्साहन देगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे आयोजन भाषा के माध्यम से पूरे देश को जोड़ते हैं।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंडावा विधायक रीटा चौधरी ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। विधायक ने प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत और झुंझुनू के पूर्व जिला कलेक्टर रामवतार मीणा पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदन में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि मंडावा की ऐतिहासिक हवेलियों पर कब्जे करवाने में सत्ता पक्ष के लोग लिप्त हैं। जमीन विवाद और कब्जों की शिकायत के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और मुख्यमंत्री आवास (CMR) में कई बार फोन किए। शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने का समय तक नहीं दिया गया। 'फोन तक नहीं उठाते मंत्रीजी' विधायक रीटा चौधरी ने प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत को लेकर कहा कि वे मंडावा क्षेत्र की कलात्मक और ऐतिहासिक हवेलियों पर अवैध कब्जे करवाने का काम कर रहे हैं। विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र की विरासत को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जब एक निर्वाचित विधायक समस्या को लेकर मंत्री को फोन करता है, तो वे फोन उठाना भी उचित नहीं समझते। जनता की समस्याओं की सुनवाई के बजाय भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है। बिसाऊ जमीन विवाद का खुलासा सदन में रीटा चौधरी ने झुंझुनू के पूर्व कलेक्टर रामवतार मीणा के कार्यकाल की एक कथित धांधली का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि बिसाऊ में पिछले 60 वर्षों से एक अल्पसंख्यक परिवार जमीन पर काबिज था और खेती कर रहा था। कुछ राजनीतिक और रसूखदार लोगों के दबाव में आकर कलेक्टर उस जमीन का नामांतरण (म्यूटेशन) दूसरे के नाम करवाना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन तहसीलदार ने गलत काम करने से साफ़ मना कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि तहसीलदार के इनकार करने पर कलेक्टर ने उन्हें वहां से हटा दिया और कलेक्ट्रेट के एक बाबू को दो दिन के लिए तहसीलदार का चार्ज देकर बिसाऊ भेज दिया। उस बाबू से आनन-फानन में वह गलत नामांतरण करवाया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री द्वारा विधायकों के फोन तुरंत उठाने के दावे पर रीटा चौधरी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इस जमीन विवाद और कब्जों की शिकायत के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और मुख्यमंत्री आवास (CMR) में कई बार फोन किए। शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने का समय तक नहीं दिया गया। विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सदन में कह रहे हैं कि वे सबका फोन उठाते हैं, लेकिन हकीकत में मंडावा की समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सत बहनिया मंदिर के पास नाबालिगों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। नशे के सामान के बंटवारे को लेकर उपजे विवाद में तीन नाबालिगों ने एक अन्य नाबालिग पर मारपीट के बाद धारदार हथियार से हमला कर दिया। घायल किशोर की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार घटना शाम के समय सत बहनिया मंदिर के पास हुई। श्याम नगर निवासी 9 से 16 वर्ष आयु के तीन नाबालिगों ने सतबहनिया मंदिर निवासी एक नाबालिग को घेर लिया। आरोप है कि पहले कहासुनी हुई, फिर मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान आरोपियों ने चाकू निकालकर जांघ और हाथ पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में गंभीर रूप से घायल किशोर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरु कर दी है। नाबालिग पर हमला करने वाले आरोपियों की तलाश जारी है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपए प्रति व्यक्ति ऑनलाइन पंजीयन शुल्क लागू किए जाने के फैसले के खिलाफ शनिवार को युवा कांग्रेस ने मंदिर क्षेत्र में सांकेतिक प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया को एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन मंदिर परिसर के नीलकंठ मार्ग द्वार पर हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सशुल्क दर्शन व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की। महाकाल मंदिर समिति द्वारा संध्या आरती और शयन आरती में दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य करते हुए 250-250 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किए जाने के बाद से शहर में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। प्रदर्शन के दौरान, युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था को बदला जा रहा है और आम भक्तों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने ‘दलाली बंद करो’ और ‘भक्तों का पैसा खाना बंद करो’ जैसे नारे भी लगाए। कुछ देर तक कार्यकर्ता जमीन पर बैठकर विरोध जताते रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अब संध्या और शयन आरती का भी शुल्क युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भस्म आरती की तर्ज पर अब संध्या और शयन आरती को भी सशुल्क कर दिया है। जिससे आम श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है। उनका आरोप है कि यह निर्णय बिना किसी व्यापक जनसंवाद के लिया गया है। इस प्रदर्शन में जिला स्तर के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया को ज्ञापन सौंपकर शुल्क व्यवस्था को वापस लेने की मांग दोहराई गई। पुलिस बल की मौजूदगी में यह प्रदर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। शयन आरती में 8493 भक्तों ने किया दर्शन मंदिर प्रशासन ने एक दिन पहले, 20 फरवरी 2026 को आयोजित शयन आरती के शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से होने की जानकारी दी है। प्रशासन के अनुसार, पूर्व पंजीयन कराने वाले 1168 श्रद्धालुओं और 7325 निःशुल्क दर्शनार्थियों सहित कुल 8493 भक्तों ने विधिवत दर्शन लाभ प्राप्त किया था।
पाली में महिलाएं बेच रहीं बाजरे के बिस्किट:राजसखी मेले से मिल रही पहचान; सेल्फी पॉइंट्स भी बनाए
पाली में जिला स्तरीय राजसखी सरल मेले का शनिवार शाम को उद्घाटन हुआ। मेले में आदिवासी क्षेत्र की महिलाएं शुद्ध शहद बेच रही है तो धोरों की नगरी से आने वाली महिलाएं बाजरे से बने प्रोडेक्ट बेच रही है। मेले में 62 स्टॉले लगी है। जहां प्रदेश भर से आई हुनरमंद महिलाएं अपने हाथों से बनाए प्रोडेक्ट बेच रही है। मेला सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है। सांसद ने किया मेले का शुभारम्भजिला प्रशासन एवं राजीविका राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय राजसखी सरस मेला का शनिवार को रामलीला मैदान में सांसद पीपी चौधरी ने शुभारम्भ किया।सांसद चौधरी ने कहा कि सरस मेला ग्रामीण महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों के लिए एक सशक्त मंच है। जो उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर एलएन मंत्री, सीईओ मुकेश चौधरी, ऐसीईटो महेंद्र मेहता, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, देवीलाल मेघवाल सहित कई जने मौजूद रहे। सांसद ने स्टाॅल्स का किया अवलोकन सांसद चौधरी ने इस दौरान स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता की प्रशंसा की। मेले में हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र, खाद्य उत्पाद एवं स्थानीय कला से संबंधित आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं, जो आमजन के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सेल्फी पॉइंट रहा आकर्षण का केंद्रमेले में सेल्फी पॉइंट आकर्षण का केंद्र रहा जिसमे आमजन ने उत्साह से फ़ोटो खिंचवाई। इसमें मेडिकल सहायता व आयोजन के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। रोजाना शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन विभागों के अधिकारी ,राजीविका के मैनेजर फाइनेंस कल्याण सिंह राजपुरोहित, जिला लेखाकार सवाई सिंह राजपुरोहित, रचना दास, जिला प्रबंधक, बजरंग लाल मीणा जिला प्रबंधक पवन धाकड़, परियोजना सहायक कृष्ण गोपाल तेजराज, जिला परियोजना प्रबंधन इकाई राजीविका व आमजन मौजूद रहे। फोटो में देखें राजसखी सरस मेला…
सहारनपुर में बारातियों और ग्रामीणों में चली तलवारें:कार खड़ी करने पर बवाल, 5 घायल; एक देहरादून रेफर
सहारनपुर में शनिवार शाम को एक बारात में रास्ते में खड़ी कार हटाने को लेकर कहासुनी हो गई। कहासुनी के बाद जमकर मारपीट हुई। झगड़े में सरदार युवकों ने तलवार निकाल कर लोगों पर हमला कर दिया। हमले में में पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायल को देहरादून रेफर कर दिया गया है। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि सरदार युवक हाथ में तलवार लिए हमला कर रहे है। एक युवक का शर्ट फटा हुआ है। उसके सिर से खून निकल रहा है। घटना थाना फतेहपुर क्षेत्र के गांव फरकपुर की है। तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरा मामला गांव चकहरेटी से राकेश के बेटे विनय की बारात फरकपुर नवादा में श्यामलाल के यहां आई हुई थी। शाम करीब पांच बजे बारात की घुड़चढ़ी के दौरान रास्ते में कार खड़ी थी। बरातियों द्वारा इसे हटाने के लिए कहा गया जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चल गए। इसके बारात में शामिल सरदार युवकों ने तलवार निकाल ली। उससे हमला करने लगे। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। मारपीट की घटना में दूल्हा पक्ष के अशोक और अनूप तथा ग्रामीणों में विनीत, सुनील, भूपेंद्र, आशु और मोंटी घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले तीखी बहस हुई, फिर देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। बारात में शामिल कुछ सरदार युवक अपने साथ खुकरी लिए हुए थे। आरोप है कि झगड़े के दौरान खुकरी लहराई गई। उससे हमला भी किया गया। एक सरदार युवक हाथ में हथियार लिए हमला कर रहे है। एक युवक का शर्ट फटा हुआ है। उसके सिर से खून निकल रहा है। मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गईइस हमले में 5 लोग घायल हो गए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मारपीट में मोंटी पुत्र पिंकी (नवादा) गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले सहारनपुर लाया गया, जहां से हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने देहरादून रेफर कर दिया। इसके अलावा सुनील पुत्र जोगिंदर, विनीत पुत्र रोहतास, आशु पुत्र बूबा और भूपेंद्र पुत्र जल सिंह भी घायल हुए हैं। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर में प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझायासूचना मिलते ही फतेहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात काबू में किए। पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया और मौके पर मौजूद लोगों को समझाकर स्थिति शांत कराई। घटना के बाद गांव में कुछ देर तक तनाव का माहौल रहा, लेकिन एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दोनों पक्ष एक ही समुदाय से संबंध रखते हैं। सीओ मुनीश चंद्र ने बताया- दोनों पक्षों से तहरीर ले ली गई है और सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। खुकरी के इस्तेमाल के आरोपों की भी जांच की जा रही है। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… झांसी में MBA पास भाई को न्यूड कर दफनाया, कपड़े धुलकर रखे; पकड़ा न जाए, इसलिए फोन जंगल में जलाया झांसी में गाली देने पर छोटे भाई ने MBA पास बड़े भाई की हत्या कर दी। हत्या के बाद पकड़ा न जाए, इसलिए एक-एक सबूत मिटाने का पूरा प्लान बनाया। घर के पिछले हिस्से में 5 फीट गहरी कब्र खोदी और लाश को न्यूड कर दफना दिया। पढ़ें पूरी खबर…
रोहतक में जाट संस्था के आजीवन सदस्य चंचल नांदल ने प्रधान गुलाब सिंह दिमाना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चंचल नांदल ने कहा कि वर्तमान कार्यकारिणी दो कार्यालय होते हुए अलग से करोड़ों रुपए का दुरुपयोग करके नया कार्यालय बना रही है। यह कार्यालय छोटू राम के नाम से बनने वाले ऑडिटोरियम की जगह पर बन रहा है, जिसकी नींव का पत्थर पूर्व में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रखा था। चंचल नांदल ने कहा कि संस्था समाज के पैसों का दुरुपयोग छोटूराम सेलिब्रेशन के तहत किया गया। इससे पहले 8 से 10 लाख रुपए छोटूराम सेलिब्रेशन का खर्चा आता था, जबकि अबकी बार 30 से 35 लाख रुपए छोटूराम सेलिब्रेशन पर खर्च किए गए। इसके अलावा यह जानकारी मिली कि कार्यकारिणी जल्द दो बसों को खरीदने जा रही है, जिसकी संस्था में कोई जरूरत नहीं है। संस्था के बाहर लगे पत्थर पर किया पेंट चंचल नंदन ने बताया कि संस्था के बाहर की चारदीवारी पर धौलपुर पत्थर लगाया हुआ है जिसके ऊपर पेंट कर दिया, जिसकी वजह से सारा पत्थर केमिकल की वजह से खराब हो जाएगा। प्रधान लगातार अपने परिवार के सदस्यों को नौकरी पर लगा रहे है। चंचल नांदल ने कोलिजियम सदस्यों से अनुरोध किया कि वह इस मामले में प्रधान का समर्थन न दें। एएनएम व जीएनएम के लिए नहीं किया ऑनलाइन अप्लाई चंचल नांदल ने कहा कि वर्तमान कार्यकारिणी एएनएम व जीएनएम के एफीलिएशन को लेकर भी गलत प्रचार कर रही है जबकि कार्यकारिणी ने एएनएम व जीएनएम की एफिलेशन के लिए ऑनलाइन अप्लाई नहीं किया। वह छोटू राम सेलिब्रेशन में गलत तरीके से शिक्षा मंत्री के सामने एफीलिएशन की बात कर रहे हैं जबकि आज तक एएनएम जीएनएम के लिए ऑनलाइन अप्लाई भी नहीं किया। जाट स्कूल स्टाफ को 16 महीने से नहीं मिली सेलरी एडवोकेट चंचल नांदल ने बताया कि डेढ़ साल कार्यकारिणी को हो गए और अभी तक जाट स्कूल के स्टाफ को 16 महीने की ना तो सेलरी मिली, ना ही जाट स्कूल में छोटू राम पब्लिक स्कूल के हालात सुधारने के लिए कोई काम किया जा रहा है। कार्यकारिणी क्रिकेट ग्राउंड को लेकर भी गलत बयान दे रही है, जबकि क्रिकेट ग्राउंड की जगह छोटी-छोटी क्यारियां काट रखी है। जाट संस्था को यूनिवर्सिटी बनाने की मांग अठगामा तपा बोहर के सचिव ऋषि पाल ने बताया कि अठगामा तपा बोहर ने जाट शिक्षण संस्थानों की सारी अनियमिताओं को देखते हुए प्रस्ताव पास किया कि जाट शिक्षण संस्थाओं को यूनिवर्सिटी बना दिया जाए। वह इस मुद्दे को लेकर व अन्य शिकायतों को लेकर अठगामा तपा बोहर व जाट संस्था बचाओ समिति जल्द मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से मुलाकात करेगी।
हिसार जिले में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चला रहे बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला हिसार जिले के थाना अग्रोहा के गांव काजला में आरोप सामने आया है, जहां चेकिंग करने गई टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। अग्रोहा सब-डिवीजन के जेई देशराज, जेई सुभाष और लाइनमैन सतपाल ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव काजला के खेतों में स्थित एक ढाणी में बिजली की मुख्य लाइन से सीधी 'कुंडी' डालकर चोरी की जा रही है। सूचना के आधार पर जब टीम मौके पर पहुंची, तो पाया कि बिजली लाइन पर अवैध रूप से कुंडी लगी हुई थी और सरेआम बिजली चोरी हो रही थी। कार्रवाई के दौरान हुआ हमला टीम ने जैसे ही चोरी पकड़ने और कार्रवाई शुरू करने की कोशिश की, वहां मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों के साथ हाथापाई और तेजधार हथियार से हमले का प्रयास किया गया। लेकिन गनीमत रही कि कर्मचारी बच गए,ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें अपना काम करने से रोका गया, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। पुलिस को दी गई शिकायत घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने अग्रोहा थाना में मामले की लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। जेई देशराज और उनकी टीम ने हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। बिजली यूनियन पदाधिकारियों ने जताया विरोध आल हरियाणा पावर कोपरेशन वर्कर यूनियन के खंड अग्रोहा संगठन प्रधान उमेश बूरा, वरिष्ठ उपप्रधान ओमप्रकाश, सचिव रमेश,यूनिट प्रधान विजेंद्र पूनिया, कोषाध्यक्ष बलबीर खीचड़, सहित अग्रोहा बिजली विभाग के अन्य कर्मचारियों ने शनिवार को कार्यालय परिसर में एक गेट मीटिंग कर कर्मचारियों पर हमले को लेकर अपना रोष प्रकट किया। सुरक्षा नहीं तो काम नहीं गेट मीटिंग में बिजली कर्मचारियों ने कहा कि अधिकारियों द्वारा बिजली कर्मचारियों पर बिजली चोरी पकड़ने का दबाव बनाया जाता है। जब वो बिजली चोरी पकड़ने जाते हैं तो स्थानीय लोगों द्वारा उनके साथ मारपीट की जाती है। कर्मचारियों ने कहा कि जब भी विभाग का कर्मचारी बिजली चोरी पकड़ने जाए तो उन्हें पुलिस सुरक्षा मिलनी चाहिए। यूनियन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि जब कर्मचारियों को सुरक्षा मिलेगी तभी वो बिजली चोरी पकड़ने जाएंगे।आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर दिया अल्टीमेटम आल हरियाणा पावर कोपरेशन वर्कर यूनियन के खंड अग्रोहा संगठन प्रधान उमेश बूरा, वरिष्ठ उपप्रधान ओमप्रकाश, सचिव रमेश,यूनिट प्रधान विजेंद्र पूनिया, कोषाध्यक्ष बलबीर खीचड़, सहित अग्रोहा बिजली विभाग के अन्य कर्मचारियों ने कर्मचारियों ने एकसुर में कहा कि अग्रोहा पुलिस द्वारा कर्मचारियों पर हमले के आरोपितों को दो दिन में गिरफ्तार नहीं किया और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो कर्मचारी अपना काम छोड़, कार्यालय बंद कर कार्यालय के आगे धरने पर बैठ जाएंगे, जिसके लिए पूरी तरह से प्रशासन की जिम्मेदार होगा।
इंदौर नगर निगम आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर व्यापक स्तर पर रणनीति तैयार कर रहा है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने शनिवार को सिटी बस ऑफिस में अधिकारियों के साथ चर्चा और समीक्षा की। इसमें शासन की गाइडलाइन के अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण के सभी बिंदुओं पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। इसमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्रोत पर कचरा पृथक्करण, गार्बेज फ्री सिटी मानक, ओडीएफ प्लस प्लस की स्थिति, लोगों की सहभागिता, नवाचार एवं डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे प्रमुख बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की। आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने दायित्वों का सूक्ष्म विश्लेषण कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करे और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप काम करे। स्वच्छ जल प्रदाय और नाला सफाई पर विशेष जोर बैठक में स्वच्छ जल प्रदाय व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पेयजल गुणवत्ता, नियमित परीक्षण, लीकेज नियंत्रण एवं जल वितरण की सतत निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छ नाला अभियान के अंतर्गत नालों की नियमित सफाई, सिल्ट हटाने, आउटफॉल की जांच और जलभराव की स्थिति को रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर में कहीं भी गंदे पानी का ठहराव न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। सौंदर्यीकरण एवं अन्य स्वच्छता मापदंड शासन की गाइडलाइन अनुसार शहर के प्रमुख रास्तों, चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सौंदर्यीकरण कामों की प्रगति की समीक्षा की। दीवार लेखन, पेंटिंग, सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता और रखरखाव, कचरा मुक्त सार्वजनिक स्थल आदि बिंदुओं पर विस्तार से बातचीत की गई। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि नो रेड स्पॉट अभियान को पुनः गति दी जाए और शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। सुचारू यातायात व्यवस्था बहुत आवश्यक बैठक में यातायात प्रबंधन को भी स्वच्छ सर्वेक्षण से जोड़ते हुए समीक्षा की गई। निगमायुक्त द्वारा प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने, सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था तथा यातायात सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित शहर की छवि के लिए सुचारू यातायात व्यवस्था बहुत आवश्यक है। निगमायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभागीय स्तर पर रोजाना मॉनिटरिंग करने और हर एक बिंदु पर शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में अपर आयुक्त प्रखर सिंह, सहित अन्य समस्त अपर आयुक्त, विभाग प्रमुख, उपायुक्त, झोनल अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी अब सरकार द्वारा काटे गए 14 लाख पीले राशन कार्डों का मुद्दा उठाएगी। उन्होंने कहा कि इनेलो ने पहले भी बुजुर्गों की पेंशन बढ़वाने और समय पर दिलवाने का काम किया है। अभय सिंह चौटाला शनिवार को टोहाना में अपने भांजे कुणाल करण सिंह के निवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। चौटाला ने सरकार पर निशाना साधते हुए 14 लाख राशन कार्ड रद्द करने पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, यदि ये कार्ड गलत बने थे, तो सरकार ने पहले इन्हें क्यों जारी किया? और यदि जारी किए थे, तो अब इन्हें क्यों रद्द किया जा रहा है? उन्होंने चेतावनी दी कि जब गरीब आदमी सड़कों पर उतरेगा, तभी सरकार को अपनी गलती का एहसास होगा। अभय बोले- बढ़वाई जाएगी बुजुर्गों की पेंशन इनेलो सुप्रीमो ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बुजुर्गों की पेंशन जारी करवाने का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, जबकि प्रदेश की जनता सच्चाई जानती है। उन्होंने दावा किया कि इनेलो ने ही सरकार को मजबूर करके बुजुर्गों की पेंशन बढ़वाई और समय पर दिलवाई। अभय सिंह चौटाला ने बताया कि मौजूदा विधानसभा सत्र में इनेलो मुख्यमंत्री के उस बयान पर जवाब मांगेगी, जिसमें उन्होंने 1 लाख 5 हजार बुजुर्गों की पेंशन काटने का कारण उनकी मृत्यु बताया था। इनेलो विधायक सरकार से ऐसे मृत बुजुर्गों की नाम सहित सूची उपलब्ध कराने की मांग करेंगे। बजट सत्र पर टिप्पणी करते हुए चौटाला ने कहा कि सरकार के बजट से प्रदेश के विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार सरकार प्रदेश पर कर्ज बढ़ाती है, जो इस बार 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो जाएगा।
कोटा में अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से पिछले साल मुकंदरा में शिफ्ट की गई बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से छुटकारा मिल गया है। अब वो थोड़े बड़े जंगल में घूम सकती है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा बाघिन को बाड़े से रिलीज करने की परमिशन के बाद आज बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से 21 हेक्टेयर के जंगल में रिलीज किया गया। सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया- मुकंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व में बाधिन (MT-7) को आज शाम साढ़े 5 बजे ट्रेंकुलाइज किया गया। उसके बाद बाघिन को रेडियो कॉलर लगाया गया।स्वास्थ्य संबंधी जांच के बाद उसे 21 हेक्टेयर के बाड़े में छोड़ा गया। जहां उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है। भविष्य में बाघिन को खुले जंगल में छोड़ने का निर्णय, उसके व्यवहार-बर्ताव व एक्सपर्ट की राय के आधार पर मुख्य वनजीव प्रतिपालक द्वारा लिया जाएगा। रणथंभौर में बाघिन टी 114 की मौत के बाद, उसके 2 शावकों (एक नर और एक मादा) को 1 फरवरी 2023 को कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में लाया गया था। उस समय शावकों की उम्र ढाई महीने थी। पार्क में वनकर्मियों ने उनका पालन-पोषण किया और रिवाइल्डिंग की लंबी प्रक्रिया चली। इसके बाद, नर शावक को 4 दिसंबर 2024 को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में छोड़ा गया। मादा शावक, जिसे बाघिन MT-7 के नाम से जाना जाता है, को इसके सात दिन बाद मुकंदरा में स्थानांतरित किया गया था। पिछले 14 महीनों से, यह बाघिन 5 हेक्टेयर के एनक्लोजर में रह रही थी, जहाँ उसने कई शिकार किए। अब, इसे 21 हेक्टेयर के बड़े बाड़े में छोड़ा गया है। ये खबर भी पढ़िए… मुकंदरा व रामगढ़ में रिवाइल्ड बाघ-बाघिन जंगल में रिलीज होंगे:NTCA से परमिशन मिली, 14 महीने से 5 हेक्टेयर एनक्लोजर में रह रहे
बुरहानपुर जिले के शाहपुर वन परिक्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत बंभाड़ा के चांदगढ़ में शुक्रवार रात एक तेंदुए ने किसान प्रकाश पूनमचंद बारी की गाय पर हमला कर उसे मार डाला है। घटना की सूचना मिलने के बाद शनिवार को वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कर लिया है और क्षेत्र में गश्त बढ़ाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मोहद वन चौकी के डिप्टी रेंजर अरुण सातव ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पंचनामा तैयार किया। वन विभाग ने यह रिपोर्ट शनिवार को अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार अपनी निगरानी बढ़ा रही है। सरपंच ने गांव में कराई मुनादीवन विभाग ने सभी ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और शाम के समय खेतों में बिल्कुल अकेले न जाएं। ग्राम सरपंच सविता सागर ने भी गांव में मुनादी कराकर लोगों को इस वन्यप्राणी की गतिविधियों के प्रति जागरूक किया है। इसके साथ ही, ग्रामीणों को अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधने और रात के समय खेतों में न रुकने की सख्त हिदायत दी गई है। गुरुवार रात भी हुआ था बछड़े का शिकारइससे पहले गुरुवार रात को मोहद में कालिका माता मंदिर मार्ग पर भी एक अज्ञात वन्यप्राणी ने शिकार किया था। यहां शुभम महाजन के खेत के बाड़े में बंधे एक बछड़े को मार दिया गया था। इसे भी तेंदुए का हमला ही माना गया था। शुक्रवार को उस स्थान पर तेंदुए के पगमार्क (पैरों के निशान) मिले थे। इसके बाद अब शनिवार सुबह बंभाड़ा में भी पगमार्क देखे गए हैं, जिससे क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी स्पष्ट हो गई है। लगातार की जा रही है गश्तबुरहानपुर के एसडीओ अजय सागर ने बताया कि घटना का पंचनामा तैयार कर लिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है और आमजन को भी लगातार जागरूक किया जा रहा है।
धमनार में विधायक के स्कूल की बस-बाइक की टक्कर:एक युवक की मौत, दो की हालत नाजुक
मंदसौर जिले के धमनार में शनिवार को हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है और उनकी हालत नाजुक है। हादसे में मृतक की पहचान कन्हैया लाल पिता दौलत राम भील (22) निवासी गांव हनुमंतिया, थाना रिंगनोद, जिला रतलाम के रूप में हुई। घायलों में दशरथ पिता मोहनलाल भील (25) एवं लखन पिता विनोदलाल भील (17) शामिल हैं। तीनों युवक थाना रिंगनोद, जिला रतलाम के निवासी बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि कन्हैया लाल और दशरथ आपस में चचेरे भाई थे, जबकि लखन उनका रिश्तेदार है। तीनों किसी काम से बाइक क्रमांक एमपी 43 डी डब्ल्यू 8141 पर सवार होकर धमनार आए थे। इसी दौरान उनकी बाइक एक बस से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कन्हैया लाल ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अन्य दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। विधायक के स्कूल की बस से टक्करप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस बस से बाइक सवारों की टक्कर हुई, वह दलोदा पब्लिक स्कूल की बस बताई जा रही है। यह स्कूल मंदसौर विधायक विपिन जैन का बताया जा रहा है। हालांकि हादसे के कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। पुलिस ने बस सहित उसके ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है, हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
रोहतक के गांव हमायुपूर निवासी बॉडी बिल्डर रोहित धनखड़ की भिवानी में हत्या करने के मामले में गठित SIT ने 7वें आरोपी को काबू किया। पुलिस ने आरोपी को 3 दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस मामले में पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि उसके अन्य साथियों को पकड़ा जा सके। बता दें कि, गांव हमायुंपूर निवासी बॉडी बिल्डर रोहित धनखड़ 27 नवंबर को अपने दोस्त जतिन के साथ गांव रेवाड़ी खेड़ा जिला भिवानी में शादी समारोह में गया था। शादी में रात के समय बारात में आए युवकों ने रोहित व उसके दोस्त जतिन के साथ झगड़ा गया। इसी झगड़े के बाद आरोपियों ने रोहित की हत्या कर दी। बामला रोड पर रोहित धनखड़ को घेरा रात के समय रोहित शादी से गाड़ी में सवार होकर अपने दोस्त के साथ वापस घर की तरफ आ रहा था। रोहित व जतिन जब रेवाड़ी खेड़ा से बामला रोड रेलवे फाटक के पास पहुंचे तो बारात में आए हुए व्यक्ति चार गाड़ियों में बैठकर राहुल के पीछे आए। युवकों ने काले रंग की गाड़ी को जतिन की गाड़ी के आगे लगाकर गाड़ी को रुकवा लिया। एक अन्य गाड़ी से जतिन की गाड़ी को पीछे से टक्कर मारी। युवकों ने चारों तरफ से गाड़ी में सवार जतिन व रोहित को घेर लिया। जबरदस्ती रोहित व जतिन को गाड़ी से नीचे उतारा। युवको ने लाठी-डंडों के साथ रोहित व जतिन के साथ मारपीट की। युवकों ने गाड़ी के साथ तोड़फोड़ की। आरोपियों ने रोहित के साथ मारपीट की और मौके से फरार हो गए। मारपीट में लगी चोटों के कारण रोहित की मौत हो गई। एएसपी के नेतृत्व में गठित की SIT भिवानी पुलिस की कार्रवाई से नाखुश परिवार की मांग पर मामले को रोहतक पुलिस के पास ट्रांसफर किया गया। एसपी ने एएसपी वाईवीआर शशि शेखर के नेतृत्व में SIT गठित की। SIT टीम ने मामले में सातवें आरोपी आकाश पुत्र अजीत निवासी तिगडाना जिला भिवानी को गिरफ्तार किया। वारदात में शामिल रहे 6 आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।
हिसार जिले में स्वतंत्रता सेनानी श्योदत्त ढिल्लो की पत्नी सुनहरी देवी का शनिवार को निधन हो गया। वह लगभग 90 वर्ष की थीं। उनका बुडाक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में प्रशासन की ओर से पटवारी, कानूनगो और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने दिवंगत आत्मा को सलामी दी। ग्रामीणों और परिजनों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार, उनके पति श्योदत्त ढिल्लो आजादी की लड़ाई के दौरान आजाद हिंद फौज में शामिल हुए थे। कई दिनों तक भूखे-प्यासे रहकर संघर्ष किया उन्होंने सिंगापुर में रहते हुए कई दिनों तक भूखे-प्यासे रहकर संघर्ष किया था। उनका केंद्र नासिक में भी रहा था। श्योदत्त ढिल्लो का निधन वर्ष 1997 में हो गया था। स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी होने के नाते सुनहरी देवी को सरकार से पेंशन मिल रही थी। उनके पोते सतपाल सिंह ने बताया कि परिवार में सैनिक के आठ बच्चे थे, जिनमें छह बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। गांव में शोक की लहर बेटों के नाम छोटूराम, रोशन लाल, मेवा सिंह, किशन लाल, राजकुमार और सतबीर सिंह हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सुनहरी देवी ने जीवनभर अपने पति के आदर्शों को संजोकर रखा और सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत किया। उनके निधन से गांव ने एक सम्मानित बुजुर्ग को खो दिया है।
दुर्ग जिले में नकली सोने के जेवर पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर कर बैंक से लोन लेने पहुंचे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला छावनी थाना क्षेत्र के सिटी यूनियन बैंक की नंदिनी रोड स्थित ब्रांच का है। आरोपी ने 833 और 916 कैरेट का फर्जी हॉलमार्क लगाकर 113 ग्राम नकली आभूषण गिरवी रखने की कोशिश की। अब जानिए पूरा मामला 20 फरवरी 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे एक व्यक्ति बैंक में सोने के जेवर गिरवी रखकर लोन लेने पहुंचा। बैंक के ब्रांच मैनेजर अनुराग बंधु ने बताया कि शक होने पर जेवरों की जांच कराई गई। बैंक के स्वर्ण आभूषण परीक्षक राकेश कुमार गुप्ता ने जांच की और पाया कि सभी जेवर नकली थे। जेवरों पर 833 और 916 कैरेट का हॉलमार्क लगा था, लेकिन वह फर्जी निकला। संदेह हुआ तो पुलिस दी सूचनाजेवरों की जांच के बाद बैंक को बड़े फर्जी गिरोह होने का शक हुआ। इसके बाद बैंक ने छावनी थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मामले की सूचना मिलते ही छावनी थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। बैंक मैनेजर का कहना है कि यदि समय रहते जेवरों की नकली होने की पहचान नहीं होती, तो बैंक को लाखों रुपए का नुकसान हो सकता था। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तारथाना छावनी में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से 1 हार, 2 कंगन, 2 चेन, 1 ब्रेसलेट और 1 अंगूठी समेत कुल 113 ग्राम नकली सोने के जेवर जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राज कुमार पातरा (37 वर्ष) निवासी राघा नगर, थाना घाटला, जिला मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। वर्तमान में वह प्रेम सागर चौक, बैगा पारा, दुर्ग में रह रहा था।
कोटा शहर में बिजली लाइनों के मेंटेनेंस कार्य के कारण कल सुबह से दोपहर तक कई क्षेत्रों में निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। निजी बिजली कंपनी द्वारा यह शटडाउन लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों के रखरखाव के लिए लिया जा रहा है। इस दौरान तकनीकी टीमें वायरिंग, पोल और फीडर की जांच करेंगी। कंपनी ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि मेंटेनेंस पूरा होते ही बिजली सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा शटडाउन बायोसेफ मॉल और राजस्थान पत्रिका कार्यालय, मंगल दाल एवं ऑयल मिल से अमन स्टोन, कमलेश स्टोन, अग्रवाल मार्बल, उत्तम इंडस्ट्री, महावीर कंस्ट्रक्शन व आसपास , मदनी स्टील, ड्रीम्स रेजीडेंसी, रिलायंस पेट्रोल पंप, चंद्रा टोयोटा, अनंतपुरा, मद्रासी मोहल्ला, चमड़ा गोदाम, क्रिकेट अकादमी, क्रेशर रोड, सोफिया स्कूल, तलाव गांव स्कूल, केशर विहार, तेजाजी चबूतरा, बरडा बस्ती, रोड नं. 6, रोड नं. 7, बूंदी सिलिका, पोद्दार इंडस्ट्रीज एरिया, जूते की फैक्ट्री के पास, नालंदा स्कूल के पास, नालंदा स्कूल के पीछे पटेल टायर वाली गली, रूंग्टा इंडस्ट्रीज, ट्रॉली मार्केट के पास, मजार के पास, गंभीर उद्योग के पास, बुरहानी वाली गली, भामाशाह मंडी के सामने, अनंतपुरा घोसी मोहल्ला, कोली पाडा, बॉम्बे योजना, ओम अर्बन हाइट, शगुन एलिगेंस, बरडा बस्ती, ओम अर्बन हाइट, कर्णेश्वर आवास योजना , दीपश्री सैन्संग, आशीर्वाद गोकुल, सुभाष विहार, आनंद विहार , पीएचईडी, बेस्ट प्राइज इलाकों की 4 घंटे बिजली कटौती रहेंगी। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक नहीं आएगी बिजली सरकारी क्वार्टर सिविल लाइन, दोस्तपुरा इलाकों की 2 घंटे बिजली कटौती रहेगी।
नूंह जिले में बाइक चोरी का एक प्रयास विफल हो गया। जहां शनिवार शाम पिनगवा थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने एक संदिग्ध युवक को बाइक चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। बता दे कि यह घटना शाम करीब चार बजे मस्जिद के सामने हुई, जहां एक बाइक खड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक बाइक के पास संदिग्ध रूप से घूम रहा था। कुछ देर बाद उसने अपने पास मौजूद देसी मास्टर चाबी से बाइक का लॉक खोलने का प्रयास किया।युवक की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे ग्रामीणों को शक हुआ। बाइक चोरी करते युवक गिरफ्तार उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया। ग्रामीणों ने आरोपी की तलाशी ली, जिसमें उसके पास से देसी मास्टर चाबी बरामद हुई। इसके बाद डायल 112 पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान नूंह जिले के गुलालता निवासी के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी से बाइक चोरी के प्रयास के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
नरसिंहपुर जिले में नेशनल हाईवे 44 और 45 को जोड़ने वाले चौराहे के पास रहने वाले लोगों को मुक्तिधाम नहीं होने से समस्या का सामना करना पड़ रहा है। करीब 500 की आबादी वाले इस इलाके में आज तक मुक्तिधाम (श्मशान घाट) की सुविधा नहीं मिल पाई है। मुक्तिधाम न होने की वजह से यहां के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए अपने गांव से लगभग 2 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत लोलरी जाना पड़ता है। दूरी ज्यादा होने के कारण परिजनों को शव यात्रा निकालने में काफी दिक्कत आती है। कई बार तो मजबूरी में शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर ले जाना पड़ता है। स्थानीय निवासी विमलेश पटेल का कहना है कि दुख की घड़ी में इस सुविधा का न होना लोगों की परेशानी और बढ़ा देता है। सरकारी जमीन की कमी बनी बाधा इस समस्या को लेकर जब ग्राम पंचायत लोलरी की सचिव उमा श्रीवास्तव से बात की गई, तो उन्होंने एक बड़ी तकनीकी दिक्कत बताई। उनके अनुसार, राजमार्ग क्षेत्र में सरकार के पास अपनी कोई जमीन खाली नहीं है। वहां जितनी भी जमीन है, वह निजी (प्राइवेट) है और उसकी कीमत बहुत ज्यादा है। पंचायत के पास इतना बजट नहीं है कि वह इतनी महंगी जमीन खरीद सके, यही वजह है कि मुक्तिधाम का निर्माण नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने की प्रशासन से मांग स्थानीय लोग कई बार इस मामले में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का कोई रास्ता निकाला जाए और क्षेत्र में जल्द से जल्द मुक्तिधाम बनवाया जाए ताकि लोगों को भटकना न पड़े।
कानपुर में होटल कारोबारी से रंगदारी, डकैती मामले में आरोपी कर्मचारी नेता भूपेश अवस्थी की कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है। पीड़िता कारोबारी ने दिसंबर 2010 को मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। पिछले साल मामले में दोबारा जांच शुरू हुई, जिसमें आरोपी भूपेश का नाम सामने आया था। 15 साल पहले जूही में दर्ज हुई थी FIR होटल कारोबारी प्रज्ञा त्रिवेदी ने कोर्ट के आदेश से 15 साल पहले जूही थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि वह ओम जायसवाल के साथ साझेदारी में होटल संचालन कर रही थीं। ओम जायसवाल का अजय निगम से आए दिन विवाद होता था, जिसके कारण वह उनसे भी रंजिश रखता था। आरोप था कि अजय, एडवोकेट अखिलेश दुबे व उसके गुर्गों ने होटल संचालन के नाम पर दो लाख रंगदारी मांगी, मना करने पर अजय ने अश्लील भाषा का किताब छपवा कर बंटवा दी। विरोध पर 6 दिसंबर 2010 को उनके होटल में घुसकर मारपीट की और जंजीर तोड़ ली। 20 दिसंबर 2010 को मुकदमा लिखा गया कोर्ट के आदेश पर 20 दिसंबर 2010 को मुकदमा लिखा गया, लेकिन अखिलेश दुबे के रसूख में पांच घंटे के भीतर पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। अखिलेश दुबे पर शिकंजा कसने के बाद प्रज्ञा त्रिवेदी ने एक बार फिर शिकायत की, जिस पर दोबारा जांच शुरू हुई। अग्रिम विवेचना में भूपेश अवस्थी का नाम सामने आया था, जिसके बाद से वह फरार थे। भूपेश ने अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान भूपेश की ओर से कहा गया कि कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। मुकदमे में भी उनका नाम नहीं है। उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। घटना के समय वह अपने कर्मचारी यूनियन के सदस्यों के साथ लखनपुर स्थित कार्यालय में थे। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने मामले की सुनवाई करते हुए अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
छतरपुर में भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 शनिवार को पूरा हो गया है। 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर तैयार की गई इस नामावली का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया गया। जिले में कुल 13,81,875 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इस अवसर पर रोल प्रेक्षक सत्येन्द्र सिंह (वि.क.अ., सह-संचालक आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं) ने मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पार्थ जैसवाल और अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी मिलिंद नागदेवे भी उपस्थित रहे। बैठक में इंडियन नेशनल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के प्रतिनिधि शामिल हुए। राजनैतिक दलों को अंतिम रूप से प्रकाशित निर्वाचक नामावली की प्रतियां सौंपी गईं। प्रतिनिधियों ने पुनरीक्षण कार्यक्रम के सफल समापन पर जिला प्रशासन की सराहना की। कुल 13,81,875 मतदाता रिकॉर्डरोल प्रेक्षक ने निर्देश दिए कि 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं को संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्र में सम्मानित करें। 21 फरवरी 2026 की स्थिति के अनुसार, जिले में कुल 13,81,875 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 7,42,406 पुरुष, 6,39,455 महिला और 14 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। विधानसभा क्षेत्रवार मतदाताओं की संख्या इस प्रकार है: महाराजपुर में 2,27,436; चंदला में 2,28,950; राजनगर में 2,43,024; छतरपुर में 2,23,017; बिजावर में 2,30,327 और मलहरा में 2,29,121 मतदाता हैं। जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से आगामी निर्वाचन में अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नरसिंहपुर जिले के करेली में चल रहे एक पुराने जमीन विवाद में फैसला सुनाया है। जबलपुर हाईकोर्ट की मुख्यपीठ ने इस मामले में पहले दिए गए एसडीओ (SDO) और कमिश्नर के आदेशों को रद्द कर दिया है। इस फैसले से करीब 15 परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जो पिछले काफी समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। ये है पूरा मामला यह पूरा मामला करेली के राम वार्ड के 15 लोगों से जुड़ा है। इन परिवारों का स्वर्गीय नारायण दास नेमा के वारिसों के साथ जमीन के सीमांकन और अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहा था। प्रशासन की ओर से पहले जो आदेश जारी हुए थे, उनके कारण इन परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इन आदेशों के खिलाफ 13 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी, जिस पर दो दिन पहले 19 फरवरी को फैसला आया। हाईकोर्ट ने क्यों पलटा आदेश? मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने दलील दी कि प्रशासनिक स्तर पर उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया और प्रक्रिया में कई कानूनी कमियां थीं। हाईकोर्ट ने इन दलीलों को सही माना और कहा कि बिना ठोस वजह और पूरी सुनवाई के दिए गए आदेश सही नहीं माने जा सकते। इसी आधार पर अदालत ने 22 जुलाई 2022 और 19 जनवरी 2023 के पुराने आदेशों को खत्म कर दिया। अब दोबारा होगी सुनवाई हाईकोर्ट ने इस मामले को फिर से सुनवाई के लिए करेली एसडीओ के पास भेज दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाए और उसके बाद ही नया फैसला लिया जाए। तब तक मौके पर यथास्थिति बनी रहेगी, यानी जमीन की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इस फैसले के बाद प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है।
पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के हवारा कलां गांव में आयोजित चढ़दी कला पंथक सभा में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने वाघा बॉर्डर पर बड़ा आंदोलन छेड़ने और जरूरत पड़ने पर रावी नदी पार कर पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब तक जाने की बात कही है। यह सभा सरबत खालसा द्वारा नियुक्त जत्थेदार जगतार सिंह हवारा के पैतृक गांव में आयोजित की गई थी। इसमें विभिन्न पंथक, सियासी, सामाजिक और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने बंदी सिंहों की रिहाई के लिए चल रहे आंदोलन की आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया। सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि पंजाब सरकार 2 मार्च तक जगतार सिंह हवारा को उनकी बीमार माता से मिलने के लिए पैरोल नहीं देती है, तो सभी संगठन मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर चल रहे कौमी इंसाफ मोर्चा में शामिल होकर संघर्ष तेज करेंगे। इस दौरान जगतार सिंह हवारा की माता नरेंद्र कौर को एंबुलेंस से पंडाल में लाया गया। अपने संबोधन में सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई और किसानों के मुद्दों को जोड़ते हुए वाघा बॉर्डर पर एक बड़ा संघर्ष शुरू किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस आंदोलन की तारीख होला मोहल्ला के अवसर पर घोषित की जा सकती है। सिमरनजीत सिंह मान के बयान का सबसे विवादास्पद हिस्सा तब सामने आया जब उन्होंने कहा कि यदि वाघा बॉर्डर पर आंदोलन के बाद भी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे रावी नदी पार कर करतारपुर साहिब तक जाने की योजना बनाएंगे। करतारपुर साहिब पाकिस्तान में स्थित है। विधानसभा में प्रस्ताव की मांग सभा में शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के अध्यक्ष एवं पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि जैसे तमिलनाडु सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर कैदियों की रिहाई का रास्ता निकाला, वैसे ही पंजाब में भी ऐसा किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में पंथक कहलाने वाली सरकारों ने इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं विधायक मनप्रीत सिंह इयाली ने बताया कि उन्होंने विधानसभा के स्पीकर को पत्र लिखकर आगामी बजट सत्र में दो प्रस्ताव लाने की मांग की है- एक बंदी सिंहों की रिहाई के लिए और दूसरा खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह पर लगाए गए एनएसए को हटाने के लिए। सभा के दौरान किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल के संबोधन के समय हल्का तनाव भी देखने को मिला। भीड़ में से आई किसी टिप्पणी के बाद उन्होंने अपना भाषण बीच में रोक दिया और मंच से माफी मांग ली। बाद में आयोजकों ने अपील की कि किसी भी वक्ता को सार्वजनिक रूप से बीच में न रोका जाए। पैरोल नहीं मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी कौमी इंसाफ मोर्चा के नेता पाल सिंह फ्रांस ने कहा कि यदि 2 मार्च तक पैरोल नहीं दी गई, तो आंदोलन को और तीखा किया जाएगा और अरदास कर राजनीतिक जवाबदेही तय करने की बात कही जाएगी। साथ ही पंथक एकता के लिए एक नई कमेटी गठित करने की घोषणा भी की गई, जिसकी संरचना जगतार सिंह हवारा तय करेंगे। कुल मिलाकर हवारा कलां का यह पंथक एकत्र बंदी सिंहों की रिहाई से जुड़े आंदोलन को नई दिशा देने के साथ-साथ सिमरनजीत सिंह मान के बयान के कारण राष्ट्रीय स्तर पर बहस का मुद्दा बन गया है। अब राजनीतिक नजरें 2 मार्च और प्रस्तावित वाघा बॉर्डर आंदोलन पर टिकी हुई हैं।
रूण्डेडा गांव स्थित श्री गातोड़िया श्याम बावजी मंदिर परिसर में शनिवार को एक विशेष विवाह समारोह संपन्न हुआ। इस आयोजन में बावजी के सेवक जगदीश हरजोत (गुड्डा) ने दो निर्धन परिवारों के बच्चों का विवाह पूर्ण धार्मिक विधि-विधान से कराया, जिसका पूरा खर्च उन्होंने स्वयं वहन किया। अधिवक्ता मुकेश मेनारिया और भूपेंद्र मेनारिया ने बताया कि वर सोनूदास के पिता हीरादास का लगभग दो माह पूर्व बीमारी के कारण निधन हो गया था। उन्होंने अपने जीवनकाल में ही बेटे का रिश्ता तय कर दिया था, लेकिन असमय मृत्यु के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया था। इसी प्रकार, वधू हर्षिता के पिता रमेशदास का भी करीब एक वर्ष पहले निधन हो चुका था। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण विवाह को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं। ऐसी परिस्थितियों में जगदीश हरजोत (गुड्डा) ने आगे आकर दोनों परिवारों की जिम्मेदारी संभाली। शनिवार को पंडित के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संस्कार संपन्न हुआ। इस भावुक पल के साक्षी दोनों पक्षों के परिजन, ग्रामीणजन और समाज के लोग बने। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से लगभग ₹12,000 का कन्यादान कर नवदंपति को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की।
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया शनिवार को लुधियाना के ताजपुर रोड पहुंचे। यहां उन्होंने राज्यसभा सदस्य और प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी संत बलवीर सिंह सीचेवाल के साथ मिलकर बुड्ढे नाले की सफाई मुहिम का जायजा लिया। राज्यपाल ने खुद कश्ती (नाव) में सवार होकर उस हिस्से का निरीक्षण किया जिसे संत सीचेवाल की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद एक घाट के रूप में विकसित किया है। राज्यपाल ने बताया कि पानी को प्राकृतिक तरीके से साफ करने के लिए यहां जल-जीवों को भी छोड़ा जा रहा है। कटारिया ने कहा कि हालांकि हालात पहले से सुधरे हैं लेकिन संतोषजनक नहीं हैं। इसके लिए वे जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय मीटिंग करेंगे। राज्यपाल ने संत सीचेवाल द्वारा तैयार किए गए घाट और उनके प्रयासों की सराहना की। 'दरिया' से 'गंदा नाला' बनने का का प्रयास लुधियाना का यह बुद्धा नाला कभी बुड्ढे दरिया के नाम से जाना जाता था और इसका पानी पीने योग्य था। दशकों पहले यह सतलुज नदी की एक सहायक धारा थी। शहर के विस्तार और उद्योगों (खासकर डाइंग यूनिट्स) के जहरीले कचरे ने इसे देश के सबसे प्रदूषित जल स्रोतों में से एक बना दिया। इस नाले का प्रदूषित पानी आगे जाकर सतलुज में मिलता है जिससे मालवा क्षेत्र में कैंसर जैसी बीमारियां फैलने का बड़ा कारण माना जाता रहा है। ताजपुर रोड पर बदली तस्वीर ताजपुर रोड का इलाका कभी गंदगी के ढेरों और बदबू के लिए जाना जाता था। गुलाब चंद कटारिया ने कहा संत सीचेवाल की टीम ने यहां दिन-रात मेहनत करके न केवल गाद निकाली बल्कि किनारों को पक्का कर इसे एक पिकनिक स्पॉट जैसा रूप देने की कोशिश की है। राज्यपाल ने इसी बदलाव को अपनी आंखों से देखने के लिए आज कश्ती का सहारा लिया। यहां जो काम संत सीचेवाल की टीम ने किया है वह मिसाल है। लेकिन पूरे नाले को साफ करने के लिए प्रशासन और जनता को एकजुट होना होगा। मैं खुद इसकी निगरानी करूंगा।
कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि सखियों के द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया है। इस कार्यक्रम में 80 कृषि सखियों ने भाग लिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि फलोदी के संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार बंशीधर चौधरी थे और अध्यक्षता वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एसके बैरवा ने की। मुख्य अतिथि बंशीधर चौधरी ने कृषि सखियों की भूमिका को ग्रामीण कृषि विकास में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित कृषि सखियां किसानों तक नई कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में सहायक होंगी। चौधरी ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. एसके बैरवा ने प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में क्षमता निर्माण और आजीविका को मजबूत करने में सहायक होते हैं। प्रशिक्षण में डॉ. प्रियंका कटारा, डॉ. गजानंद नागल, सहायक निदेशक कृषि श्याम लाल और रावल चंद पंचारिया (FMT) ने प्राकृतिक खेती से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। डॉ. बैरवा ने सफल आयोजन के लिए सभी विशेषज्ञों, संयुक्त निदेशक कृषि और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
फरीदाबाद में अवैध रूप से संचालित हो रहे एक आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) प्लांट का मामला सामने आया है। शनिवार दोपहर सीएम फ्लाइंग टीम फरीदाबाद को सूचना प्राप्त हुई कि फरीदाबाद के नहर पार क्षेत्र में कैपिटल कंस्ट्रैक्शन नाम से बिना किसी वैध अनुमति के आरएमसी प्लांट चलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर सीएम फ्लाइंग टीम फरीदाबाद की टीम ने तत्परता दिखाते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड फरीदाबाद के एईई जतिन बरवाल को साथ लेकर मास्टर रोड, सेक्टर-89 स्थित गांव भूपानी की राजस्व संपदा में चल रहे उक्त प्लांट पर औचक निरीक्षण किया। टीम के पहुंचते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान साइट पर मौजूद ऑपरेटर मनीष ने बताया कि प्लांट का संचालन सोनू गुप्ता द्वारा किया जा रहा है। टीम ने प्लांट संचालन से संबंधित वैध अनुमति, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृति तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन मौके पर कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। संचालक नहीं दिखा सका कोई दस्तावेज प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रिकॉर्ड की जांच में भी यह स्पष्ट हुआ कि प्लांट संचालक द्वारा संचालन के लिए कोई वैध अनुमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है। इसके बावजूद साइट पर सीमेंट, क्रेशर सामग्री सहित अन्य निर्माण सामग्री का पर्याप्त स्टॉक मौजूद मिला और प्रतिदिन की गतिविधियों का इंद्राज भी किया जा रहा था, जिससे यह साफ हुआ कि प्लांट नियमित रूप से संचालित हो रहा था। एईई जतिन बरवाल ने बताया कि बिना अनुमति आरएमसी प्लांट चलाना नियमों का उल्लंघन है। संचालक को नोटिस जारी कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित इकाइयों में हड़कंप की स्थिति है।
प्रॉपर्टी टैक्स बकाया, 7 संपत्ति कुर्क:भोपाल में नगर निगम की कार्रवाई; 5 नल कनेक्शन भी काटे
प्रॉपर्टी टैक्स और जल कर बकाया होने पर भोपाल नगर निगम अब संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई कर रहा है। वहीं, नल कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। शनिवार को 7 संपत्ति कुर्क की गई, जबकि 5 नल कनेक्शन काट दिए गए। निगम अमले ने जोन नंबर-04 के अंतर्गत वार्ड-13 के फिरदौस नगर बैरासिया रोड में कार्रवाई की। यहां के एजाज मो. खान पर संपत्तिकर की 2 लाख 33 हजार 784 रुपए की राशि बकाया है। हामिदा खान पर 1 लाख 40 हजार 408 रुपए, हसीब खान पर 1 लाख 60 हजार 881 रुपए और 98 संत कंवरराम कॉलोनी के दिलीप गिरधानी पर 3 लाख 33 हजार 572 रुपए बकाया है। इस पर इनकी संपत्ति कुर्क की गई। यहां भी कार्रवाई की गईनिगम अमले ने इसी जोन के वार्ड-17 के ईसाईगंज बैरसिया रोड के जय प्रकाश पालीवाल, रविदासपुरा छोला रोड निवासी महेंद्र कुमार विश्वकर्मा पर भी कार्रवाई की। पालीवाल पर 1 लाख 53 हजार 288 रुपए और विश्वकर्मा 99 हजार 667 रुपए संपत्ति कर बकाया है। इब्राहिमगंज के पन्नालाल द्वारा संपत्तिकर की बकाया राशि 2 लाख 69 हजार 155 रुपए का भुगतान न करने पर संपत्ति कुर्क की गई। इन वार्ड के बकायादारों पर भी कार्रवाईनिगम के जोन नंबर-2 के अमले ने वार्ड-21 में 5 बकायादारों द्वारा जल अभिकर की राशि जमा न करने पर उनके विरुद्ध नल कनेक्शन विच्छेद करने की कार्रवाई की।

