बलिया के बेल्थरा रोड क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किशोरी एमएमडी पब्लिक स्कूल के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कई घंटों की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारने में सफल रही। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किशोरी सुबह से ही टावर पर चढ़ी हुई थी। करीब 6:30 बजे इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पीआरवी-112 की टीम मौके पर पहुंची और किशोरी को समझाने का प्रयास शुरू किया। प्रेमी को बुलाने की जिद पर अड़ी रही किशोरी पुलिस के अनुसार, किशोरी बार-बार अपने कथित प्रेमी को मौके पर बुलाने की मांग कर रही थी और उसके आने तक नीचे उतरने को तैयार नहीं थी। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बावजूद जब वह नहीं मानी तो पुलिस ने संबंधित युवक को संपर्क कर मौके पर बुलाया। युवक से मोबाइल फोन पर बातचीत होने के बाद किशोरी का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद उसने स्वयं ही टावर से नीचे उतरने का फैसला किया और सुरक्षित नीचे आ गई। मां ने युवक पर लगाए गंभीर आरोप घटना के बाद किशोरी की मां ने युवक पर बेटी को बहला-फुसलाने और उसे इस तरह का कदम उठाने के लिए उकसाने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि किशोरी की शादी पहले से तय हो चुकी है, जिससे परिवार में तनाव का माहौल बना हुआ है। घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा किशोरी के टावर पर चढ़ने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। कई लोग वीडियो बनाते और घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करते नजर आए। इस वजह से क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। किशोरी को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद पुलिस ने उससे और उसके परिजनों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झांसी में आज बारिश का अलर्ट:तेज धूप की वजह से गर्मी और उमस बढ़ी, अधिकतम तापमान 40 डिग्री से कम रहेगा
झांसी में लगातार दूसरे दिन रविवार सुबह से तेज धूप खिली है। इस वजह से गर्मी और उमस बढ़ गई है। न तो अंदर के अंदर चैन है और न ही बाहर। कूलर-पंखे भी काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने आज बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिन में एक से दाे बार बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है। सुबह 9 बजे तापमान 32 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। बारिश होने के बाद राहत मिली थी पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण पिछले दिनों झांसी में बारिश हुई थी। शुक्रवार को भी आंधी चलने के साथ हल्की बारिश हुई थी। इसके बाद पारा तेजी से नीचे गिर गया था और गर्मी से राहत मिली थी। मगर शनिवार को पूरे दिन तेज धूप खिली रही। आज सुबह से भी तेज धूप खिली है। बारिश के बाद तेज धूप खिलने से उमस और गर्मी बढ़ गई है। इससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार- झांसी में रविवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 40 से कम रहेगा पारा भरारी कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक आदित्य कुमार सिंह ने बताया- झांसी में पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं का प्रभाव कम हो गया है। अब तापमान बढेगा, लेकिन अभी एक दो दिन तापमान 40 डिग्री के आसपास रहेगा। मानसून भी तेजी से यूपी की ओर बढ़ रहा है। इससे अच्छी बारिश होगी।
बालोतरा में महिला गैस जलाकर चाय बना रही थी। अचानक गैस टंकी के ऊपर आग लग गई। घबराई महिला ने घर में सो रहे बच्चों और परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। चंद मिनट में ही टंकी में विस्फोट हुआ। इससे पूरे घर में आग लग गई। आभूषण, रुपए और कपड़े सब जलकर राख हो गए। घटना बालोतरा जिले के सिवाना थाना इलाके धीरा गांव आज रविवार सुबह करीब 6 बजे की है। प्रथम दृष्टया गैस रिसाव होने के कारण टंकी में आग लगी है। गनीमत यह रही कि समय रहते परिवार के सदस्य सभी बाहर आ गए। मिली जानकारी के अनुसार धीरा निवासी पोलाराम पुत्र सकाराम अपने परिवार के साथ रहता था। रविवार को सुबह 6 बजे सता देवी गैस पर चाय बनाने के लिए गई। गैस शुरू करने के साथ ही टंकी के रिसाव होने लगा। चंद सेकेंड में टंकी पर आग लग गई। महिला ने सुझबुझ दिखाते हुए सो रहे बच्चों और परिवार के सदस्यों को जगाया और सबको बाहर निकाला। इतनी देर में आग फैल गई। वहीं गैस टंकी में ब्लास्ट हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। रेत व पानी से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। घर कच्चा होने के कारण पूरा जलकर राख हो गया। पीड़ित महिला सतादेवी ने बताया- आग लगते ही बच्चों और परिवार के लोगों को बचाया। आग में घरेलू उपयोग का सामान, नकदी, जेवरात और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया। हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गरीब परिवार की आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।
KGMU के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में चार कथित दलालों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। आरोप है कि ये लोग मरीजों और उनके तीमारदारों को बहला-फुसलाकर सस्ती दवा और जांच का झांसा देकर निजी मेडिकल संस्थानों की ओर भेज रहे थे। KGMU प्रशासन के अनुसार कुलपति प्रो.सोनिया नित्यानंद के निर्देश पर कैंपस के विभिन्न विभागों की OPD और ट्रॉमा सेंटर में दलालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत लारी कार्डियोलॉजी विभाग में कार्रवाई करते हुए चार लोगों को पकड़ा गया। सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस को सौंप दिया गया है। मरीजों के शोषण पर हुआ एक्शन KGMU के प्रवक्ता प्रो.केके सिंह ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बाहरी जिलों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को निशाना बनाकर दवा और जांच के नाम पर निजी संस्थानों में भेजा जा रहा है। इससे मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा था। सघन निगरानी की तैयारी पर जोर प्रशासन ने अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ सादी वर्दी में प्रशासनिक अधिकारियों की भी तैनाती की जा रही है, जो विभिन्न विभागों के बाहर निगरानी करेंगे और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि मरीजों के हितों की रक्षा और दलालों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मध्यप्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) 2026 में IPL खेल चुके 12 खिलाड़ियों पर सभी की नजरें टिकी हैं, लेकिन शुरुआती मुकाबलों में इनमें से सिर्फ कुछ खिलाड़ी ही उम्मीदों पर खरे उतर पाए हैं। लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी मालवा स्टैलियन्स के कप्तान आशुतोष शर्मा 15 लाख रुपए की बोली के बावजूद पांच पारियों में सिर्फ 65 रन बना सके हैं। वहीं, IPL में लगातार दूसरी बार RCB को खिताब दिलाने वाले रजत पाटीदार और वेंकटेश अय्यर भी अपने होम ग्राउंड पर अब तक प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। दूसरी ओर उज्जैन फाल्कन्स के ऑलराउंडर माधव तिवारी, रीवा जगुआर्स के अक्षत रघुवंशी और चंबल घड़ियाल के आवेश खान ने शानदार प्रदर्शन कर अलग पहचान बनाई है। रजत पाटीदार का बल्ला देर से चला RCB को लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन बनाने वाले रजत पाटीदार से MPL में बड़े प्रदर्शन की उम्मीद थी। हालांकि शुरुआती मुकाबलों में उनका बल्ला खामोश रहा। तीन मैचों में उन्होंने 105 रन बनाए हैं। मालवा स्टैलियन्स के खिलाफ 30 गेंदों में नाबाद 65 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर उन्होंने फॉर्म में वापसी के संकेत दिए। वेंकटेश अय्यर भी नहीं दिखा सके पुराना रंग इंदौर पिंक पैंथर्स के कप्तान वेंकटेश अय्यर ने तीन मैचों में 88 रन बनाए हैं और सिर्फ एक विकेट लिया है। हालांकि मालवा स्टैलियन्स के खिलाफ उन्होंने 22 गेंदों में 54 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 6 छक्के शामिल थे। सबसे महंगे खिलाड़ी आशुतोष का खराब प्रदर्शन मालवा स्टैलियन्स ने इस सीजन की नीलामी में आशुतोष शर्मा पर सबसे बड़ी 15 लाख रुपए की बोली लगाई थी। लेकिन कप्तान आशुतोष अब तक 6 पारियों में सिर्फ 95 रन ही बना सके हैं। लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी होने के कारण उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती मुकाबलों में उनका बल्ला पूरी तरह खामोश रहा। यही वजह है कि MPL में IPL सितारों के प्रदर्शन की चर्चा के बीच आशुतोष का नाम सबसे ज्यादा निराश करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गया है। कुलदीप सेन का प्रदर्शन रहा निराशाजनक IPL में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी कर चुके कुलदीप सेन इस सीजन बुंदेलखंड बुल्स का हिस्सा हैं, लेकिन उनका प्रदर्शन अब तक उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा है। उन्होंने एक मैच में चार ओवर में 47 रन खर्च किए और कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। ये चेहरे बने एमपीएल के सितारे माधव तिवारी ने बल्ले और गेंद दोनों से दिखाया दम उज्जैन फाल्कन्स के ऑलराउंडर माधव तिवारी MPL के शुरुआती चरण के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने तीन मैचों में 66.50 की औसत और 182.19 की स्ट्राइक रेट से 133 रन बनाए हैं। इसके साथ ही तेज गेंदबाजी में भी कमाल दिखाते हुए चार विकेट अपने नाम किए हैं। बल्ले और गेंद दोनों से उनके प्रदर्शन ने टीम को मजबूती दी है। एमपीएल में माधव के नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है। अक्षत रघुवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी ने खींचा ध्यान रीवा जगुआर्स के युवा बल्लेबाज अक्षत रघुवंशी ने सिर्फ दो मैचों में ही अपनी छाप छोड़ दी है। उन्होंने 276.09 की स्ट्राइक रेट से 127 रन बनाए हैं। इसमें 32 गेंदों में 85 रन की विस्फोटक पारी भी शामिल है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी लीग की चर्चा का विषय बनी हुई है। आवेश खान ने दिखाई धारदार गेंदबाजी चंबल घड़ियाल के तेज गेंदबाज आवेश खान ने तीन मैचों में छह विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने 6.83 की इकॉनमी से गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। IPL का अनुभव उनके प्रदर्शन में साफ नजर आ रहा है। अरशद नहीं खेले, अनिकेत ने संभाली जिम्मेदारी गुजरात टाइटंस के लिए IPL 2026 का फाइनल खेलने वाले और भोपाल लेपर्ड्स के आधिकारिक कप्तान अरशद खान अब तक MPL में मैदान पर नहीं उतरे हैं। उनकी अनुपस्थिति में अनिकेत वर्मा टीम की कमान संभाल रहे हैं। अनिकेत ने चार मैचों में 137 रन बनाए हैं। शुरुआती मुकाबलों में संघर्ष करने के बाद उन्होंने रीवा जगुआर्स के खिलाफ 10 गेंदों में 25 रन और बुंदेलखंड बुल्स के खिलाफ 39 गेंदों में 85 रन की शानदार पारी खेलकर फॉर्म में वापसी की। शिवांग और कार्तिकेय ने किया प्रभावित बुंदेलखंड बुल्स के बाएं हाथ के स्पिनर शिवांग कुमार ने दो मैचों में 7.53 की इकॉनमी से गेंदबाजी करते हुए दो विकेट लिए हैं। वहीं रॉयल नीमाड़ ईगल्स के कुमार कार्तिकेय ने अपने इकलौते मुकाबले में चंबल घड़ियाल के खिलाफ चार ओवर में 24 रन देकर दो विकेट हासिल किए। शिवम शुक्ला ने एक पारी में झटके पांच विकेट इंदौर पिंक पैंथर्स के शिवम शुक्ला ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक पारी में लगातार पांच विकेट हासिल किए। उनका यह स्पेल MPL के अब तक के सबसे यादगार प्रदर्शनों में शामिल है। मंगेश यादव ने संभाली गेंदबाजी की कमान ग्वालियर चीता के मध्यम तेज गेंदबाज मंगेश यादव ने तीन मैचों में चार विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर टीम को महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाई हैं।
सतना जिले की रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने शनिवार को अवैध शराब की बड़ी खेप के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 40,500 रुपये मूल्य की 54 लीटर अवैध शराब और एक बिना नंबर की स्कूटी जब्त की है। पुलिस को पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके आधार पर सेलहना गांव के पास घेराबंदी की गई। वहां बिना नंबर की स्कूटर पर जा रहे दो व्यक्तियों को रोका गया, जिनकी पहचान विवेक शिवहरे (20) और रोहित जायसवाल (33) के रूप में हुई। दोनों कर्पवाह के निवासी हैं। दो कार्टून और एक सफेद बोरी में कुल मिली 54 लीटर शराबतलाशी लेने पर उनके पास से दो कार्टून और एक सफेद बोरी में कुल 300 पाव (54 लीटर) अवैध शराब बरामद हुई। इसकी अनुमानित कीमत 40,500 रुपये बताई गई है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे यह शराब अवैध बिक्री के लिए ले जा रहे थे। पुलिस ने 60,000 रुपये कीमत की स्कूटी भी जब्त कर ली है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
कानपुर बिठूर विधानसभा से बीजेपी विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने सड़क शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज सपा जो बिजली पर चिल्ला रही है। इनकी सरकार में इसी विधानसभा में विधायक और सरकार इनकी थी, तब गांव में खराब हुआ ट्रांसफार्मर डेढ़ साल में बदला गया था। इस विधानसभा में ऐसे गांव हुआ करते थे जहां बिजली न होने की वजह से लड़कों की शादी के लिए रिश्ते नहीं आते थे। साल 2017 में सपा का मीटर जब जनता ने उखाड़ फेंका, तब उसके बाद यहां 200 ऐसे गांव हैं जहां बिजली पहुंचाने का काम बीजेपी सरकार ने किया। अब पढ़िए विधायक सांगा ने जो कहा जब हम बिजली की बात करते हैं तो 2017 से पहले ज्वालापुरवा, दरिया, मानपुर और श्यामनगर में बिजली नहीं थी। साल 2017 से पहले 200 ऐसे गांव थे जहां बिजली नहीं थी। जब मैं क्षेत्र में जाता था तो लोग कहते थे, सकटपुर गांव है, यहां तो लोगों ने बताया था कि जल्दी बिजली पहुंचाओ, यहां लड़कों की शादी नहीं हो रही, लोग संबंध नहीं भेज रहे। मेरा सौभाग्य है कि मैं विधायक बना, प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी। संत के हाथों में प्रदेश की कमान पहुंची। मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से विधानसभा के 200 गांवों में 2017 के बाद बिजली पहुंचाने का काम किया गया। इन गांवों में 18 घंटे बिजली की सप्लाई दी जा रही है। ट्रांसफार्मर फुंकता है तो 48 घंटे के भीतर बदल दिया जाता है। यहां गांव के लोगों से पूछिए कि सपा की सरकार में बिजली की क्या व्यवस्था थी। कभी यहां दिन में बिजली आती थी, कभी रात में। बस लोग इंतजार में रहते थे। जब ट्रांसफार्मर खराब हो जाता था, तो यहीं गांव के लोग बता रहे हैं कि डेढ़ साल बाद बदला गया था। उस दौर में ऐसा रहा कि खरेसर में सपा के विधायक थे, सपा की सरकार थी, लेकिन डेढ़ साल तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। इसी लिए गांव की जनता ने यहां से समाजवादी पार्टी का मीटर उखाड़कर फेंकने का काम किया।
सलूम्बर में सरणी नदी को स्वच्छ बनाने के लिए अभियान चला। युवो टीम सलूम्बर और ग्रीन सलूम्बर-क्लीन सलूम्बर टीम ने मिलकर श्रमदान किया। नदी तट पर जमा कचरा और प्लास्टिक हटाया गया। उसका उचित निस्तारण भी किया गया। अभियान का नेतृत्व युवा टीम के ऋषभ पटवारी ने किया। युवाओं ने ग्रीन सलूम्बर-क्लीन सलूम्बर टीम के साथ मिलकर नदी संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन में योगदान दिया। नदी शहर की धरोहर इस दौरान डॉ. संजय जैन ने कहा कि सरणी नदी शहर की पहचान है। यह एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय धरोहर है। इसे स्वच्छ रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। प्रकाश शाह ने नगरवासियों से स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सलूम्बर को स्वच्छ, सुंदर और आदर्श नगर बनाना है। इसके लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सार्वजनिक जगहों पर कचरा न फैलाएं। दूसरों को भी प्रेरित करें। वक्ताओं ने कहा कि सिर्फ सरकारी प्रयासों से नहीं, जनभागीदारी से ही स्वच्छ सलूम्बर का सपना पूरा होगा। अभियान में कमलेश दोषी, नरेंद्र दोषी, तुषार परडिया, कल्पेश परडिया, प्रकाश मालवी, नरेश मालवी, सुरेश मावजीत, धर्मेंद्र सिंघवी, डॉ. नयन जैन, सुरेंद्र खेतावत, अरविंद रग्जियोत सहित ग्रीन सलूम्बर-क्लीन सलूम्बर टीम के भगवतीलाल सेवक, राकेश प्रजापत, विष्णु सोनी, करण सिंह पंवार, संतोष चूड़ीवाला, इंद्रजीत सोनी, चंद्रप्रकाश सोनी, शंकरलाल भोई सहित बड़ी संख्या में नगरवासियों ने श्रमदान किया। अभियान के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सरणी नदी को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया।
जयपुर में हुए मध्यप्रदेश के युवक के ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने आरोपी मोनू जाटव को रिंग रोड क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया, साथ ही मृतक की पत्नी को घर से हिरासत में ले लिया। मृतक की पत्नी आरती के आरोपी से अवैध संबंध थे, जिसमें बाधा बनने पर दोनों ने महेश जाटव (30) को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। उसके बाद आरोपी मोनू जाटव (28) ने 11 जून की रात उसका धारदार हथियार से गला रेत दिया। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि 12 जून को मांगीलाल जाटव ने शिप्रापथ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसका भतीजा महेश जाटव (जो त्रिवेणी नगर क्षेत्र में मजदूरी करता था) को मोनू चौधरी शराब पिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। बाद में उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार लोकेशन बदल रहे आरोपी का पुलिस ने करीब 50 किलोमीटर तक पीछा किया और टोंक रोड के पास रिंग रोड क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी वारदात के बाद मध्यप्रदेश भागने की फिराक में था। अवैध संबंध बने हत्या की वजह पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक की पत्नी आरती जाटव (32) और आरोपी मोनू जाटव (28) के बीच पिछले तीन साल से अवैध संबंध थे। जब महेश जाटव को इसकी जानकारी हुई तो उसने पत्नी को मोनू से बात करने से मना कर दिया। उसका मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया। इसके बाद आरती और मोनू ने महेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची। योजना के तहत मोनू ने महेश से दोस्ती बढ़ाई और रोजाना उसके साथ शराब पीने लगा। 11 जून की रात आरती ने मोनू को 1200 रुपए देकर महेश को शराब पिलाकर हत्या करने के लिए कहा। इंस्टाग्राम कॉल के जरिए हत्या की जानकारी दी मोनू ने शराब की बोतल खरीदकर महेश को नशे में किया और त्रिवेणी पुलिया के नीचे खड़े वाहनों की आड़ में ले गया। वहां बेहोशी की हालत में महेश का धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने इंस्टाग्राम कॉल के जरिए आरती को हत्या की जानकारी दी और मौके से फरार हो गया। पत्नी की भूमिका भी सामने आई पुलिस पूछताछ में आरोपी मोनू जाटव ने स्वीकार किया कि उसने आरती के कहने पर महेश जाटव की हत्या की। मामले में मृतक की पत्नी आरती जाटव की भूमिका भी सामने आने के बाद उसे भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने बताया कि हत्या के इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करने में साइबर सेल और शिप्रापथ थाना पुलिस की टीम की विशेष भूमिका रही। प्रकरण में आगे की जांच जारी है। -------------- ये खबर भी पढ़िए… जयपुर में एमपी के युवक की गला रेतकर हत्या:त्रिवेणी पुलिया के नीचे खून से सना हुआ शव मिलने से सनसनी, घटनास्थल से मिले शराब के पव्वे जयपुर में गुरुवार को देर रात आपसी कहासुनी को लेकर हुए विवाद के बाद एक युवक की गला रेतकर हत्या कर दी गई। त्रिवेणी पुलिया के नीचे खून से लथपथ युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शुक्रवार को सुबह लोगों की सूचना के बाद शिप्रापथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जहां मौके से सबूत जुटाए गए। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। (पढ़िए पूरी खबर)
रायसेन में मानसून से पहले प्री-मानसून गतिविधियां लगातार असर दिखा रही हैं। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर शुरू हुआ। बारिश करीब डेढ़ घंटे तक जारी रही। इसे इस सीजन की अब तक की सबसे तेज और लंबी बारिश माना जा रहा है। सड़कों पर बहा पानी, गर्मी से राहत मिली तेज बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर पानी बहने लगा। लगातार बनी उमस और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली। बारिश के बाद पूरे जिले का मौसम सुहावना हो गया और ठंडी हवाएं चलने लगीं। रविवार सुबह भी वातावरण में ठंडक महसूस की गई। तापमान में 7 डिग्री की गिरावट मौसम में आए बदलाव का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शनिवार रात हुई बारिश के बाद तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और रविवार तक अधिकतम तापमान घटकर 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। अगले चार दिन ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय ट्रफ लाइन और प्री-मानसून सिस्टम के प्रभाव से अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। विभाग ने कई क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। 15 से 20 जून के बीच मानसून की संभावना मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री 15 से 20 जून के बीच हो सकती है। इससे पहले प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय रहने के संकेत मिल रहे हैं। यह बारिश किसानों के लिए भी राहत लेकर आई है। खेतों में नमी बढ़ने से खरीफ सीजन की तैयारियों को गति मिलेगी और किसानों को बुवाई की तैयारी में मदद मिलेगी।
फर्रुखाबाद में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) प्रवक्ता भर्ती परीक्षा रविवार को 14 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। परीक्षा में कुल 5508 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की बहुस्तरीय जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर सबसे पहले पुलिसकर्मियों द्वारा तलाशी ली गई। इसके बाद मेटल डिटेक्टर से जांच और बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया। महिला अभ्यर्थियों को क्लेचर, चिमटी और अन्य धातु की वस्तुएं बाहर रखनी पड़ीं, जबकि कुछ केंद्रों पर जूते उतरवाकर भी जांच की गई। सुबह 8 बजे से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश शुरू हुआ, जिसे 8:45 बजे बंद कर दिया गया। परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू हुई। परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। 459 कक्ष निरीक्षक सहित व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 14 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 14 केंद्र व्यवस्थापक, 28 सह केंद्र व्यवस्थापक, 38 परीक्षा सहायक, 58 सहायक निरीक्षक और 459 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई थी। कई जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी अंबेडकर नगर, अमेठी, बांदा, औरैया, बदायूं, बरेली समेत विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने फर्रुखाबाद पहुंचे। कई अभ्यर्थी शनिवार शाम को ही शहर पहुंच गए थे और होटल-लॉज महंगे होने के कारण स्टेशन पर रात बिताने को मजबूर हुए। अंबेडकर नगर से आए अभ्यर्थी सुनील कुमार पाठक ने बताया कि शनिवार को लखनऊ में एलटी ग्रेड मुख्य परीक्षा देने के बाद उन्हें सीधे फर्रुखाबाद आना पड़ा। उन्होंने कहा कि दो महत्वपूर्ण परीक्षाओं के बीच पर्याप्त अंतराल न होने से अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह दीपक कुमार ने भी आयोग से भविष्य में परीक्षाओं के बीच कम से कम एक दिन का अंतर रखने की मांग की। उनका कहना था कि लगातार दो दिनों तक अलग-अलग शहरों में परीक्षा देने से आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह की दिक्कतें हुईं। मेडिकल रिपोर्ट दिखाने के बाद मिला प्रवेश बांदा निवासी अभ्यर्थी पंकज कुमार को जांच के दौरान विशेष परिस्थिति का सामना करना पड़ा। उनके पैर में दुर्घटना के बाद सरिया लगी हुई है। मेटल डिटेक्टर में संकेत मिलने पर अधिकारियों ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट की जांच की, जिसके बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। वहीं बरेली से आई एक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि उनकी यात्रा और परीक्षा व्यवस्था दोनों संतोषजनक रहीं तथा उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।
कोडरमा के तिलैया एनएच-20 पर महतोआरा के पास तेल टैंकर ने बाइक सवार मजदूर को टक्कर मार दी। इसके बाद बाइक सहित सवार को लगभग 100 मीटर तक घसीटा। इससे व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के मुताबिक गुमो निवासी 45 वर्षीय अनिल यादव अपनी बाइक से महतोआरा से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे तेल टैंकर ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। अनिल यादव के सिर व पैर में गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान रास्ते में तोड़ा दम घटना की सूचना मिलते ही तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल अनिल यादव को तत्काल तिलैया थाना के वाहन से कोडरमा सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स रेफर कर दिया। लेकिन रिम्स ले जाने के दौरान रास्ते में ही अनिल यादव ने दम तोड़ दिया। इसके बाद शव को वापस उनके घर लाया गया, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अनिल यादव स्थानीय एक निजी फैक्ट्री में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। मुआवजे की मांग को लेकर फैक्ट्री गेट जाम आज सुबह आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ कोडरमा केमिकल्स से निकले उस तेल टैंकर से संबंधित फैक्ट्री के मुख्य गेट को जाम कर दिया। ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। मृतक के पुत्र बिट्टू यादव ने बताया कि उनके पिता ही घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। परिवार में एक जवान बहन और एक छोटा भाई भी है। जिनकी जिम्मेदारी अब उन पर आ गई है। परिजनों की मांग है कि फैक्ट्री संचालक उचित मुआवजा दे, ताकि परिवार को सहारा मिल सके। घटना की जानकारी मिलते ही तिलैया थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई है और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर के गांधी नगर में रविवार तड़के फायरिंग की वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। ब्लैक स्कॉर्पियो में सवार होकर आए बदमाशों ने दो युवकों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमले में गांधी नगर निवासी 20 साल के अमन और प्रिंस (20) घायल हो गए। दोनों को गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना सुबह करीब साढ़े 3 बजे की हुई है। अमन और प्रिंस सुबह गांधी नगर में मौजूद थे। इसी दौरान ब्लैक स्कॉर्पियो में सवार कुछ युवक पहुंचे और दोनों पर फायरिंग कर दी। इसमें अमन को 2 और प्रिंस को एक गोली गई। सुबह-सुबह फायरिंग की आवाज सुनकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। साथियों ने पहुंचाया अस्पताल फायरिंग में घायल हुए अमन और प्रिंस को उनके साथियों ने तुरंत कुरुक्षेत्र के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों को बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। हालांकि परिजन उन्हें शहर के प्राइवेट अस्पताल में ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है। जुआ-सट्टेबाजी के विवाद से जुड़ रहा मामला सूत्रों के मुताबिक मामला जुआ और सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़ा लग रहा है। यहां गांधी नगर में कुछ लोग कथित तौर पर जुआ और सट्टेबाजी का काम करते हैं। अमन और प्रिंस का नाम भी इस नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। आशंका है उन पर फायरिंग भी कारोबार या पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में हुई। बदमाशों का पीछा, नाले में गिरी स्कॉर्पियो वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार होने लगे। इस दौरान शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग और घायल युवकों के साथी बाहर निकल आए। उन्होंने आरोपियों का पीछा किया। भागने की कोशिश में आरोपियों की स्कॉर्पियो बेकाबू होकर एक नाले में जा गिरी। सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुरानी रंजिश का मामला- सुनील कुमार DSP हेडक्वार्टर सुनील कुमार ने बताया कि मामला पुरानी रंजिश का लग रहा है, क्योंकि आरोपियों का पहले भी घायलों के साथ झगड़ा हुआ था। इसमें उनकी गिरफ्तारी हुई थी। घटनास्थल से पुलिस को 5 खाली खोल बरामद हुए हैं। फिलहाल पुलिस ने वारदात में इस्तेमलाल स्कॉर्पियो गाड़ी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
गौशाला कर्मी की रॉड से मारकर हत्या:जौनपुर में मामूली कहासुनी के बाद हमला, आरोपी गिरफ्तार
जौनपुर के जलालपुर क्षेत्र में एक गौशाला कर्मी की लोहे की रॉड से मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना शनिवार रात सुरहुरपुर गौशाला के पास हुई। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान चक बहादुर उर्फ भुवर सरोज (50 वर्ष) के रूप में हुई है, जो निगोह, थाना बरसठी का निवासी था और पिछले कुछ महीनों से सुरहुरपुर गौशाला में मजदूरी कर रहा था। आरोपी शनि उर्फ अभिषेक कुमार (23 वर्ष) लखौवां उदपुर, थाना बक्सा का रहने वाला है और गांव के एक व्यक्ति के यहां बकरी चराने का काम करता था। 3 तस्वीरें देखिए- पुलिस के अनुसार, शनिवार रात भुवर सरोज और शनि उर्फ अभिषेक कुमार के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा और गाली-गलौज हुआ था। रविवार सुबह भुवर सरोज का शव गौशाला के गेट के पास मिला। उसके सिर और मुंह पर लोहे की रॉड से वार किए गए थे। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जलालपुर थानाध्यक्ष प्रशांत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी शनि उर्फ अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शनिवार रात हुए विवाद के बाद शनि ने रॉड से हमला कर भुवर सरोज की हत्या कर दी।
रामपुर। श्रीनाथ जी रस कथा महोत्सव के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से गौ सेवा परिवार द्वारा प्रतिदिन प्रभात फेरी निकाली जा रही है। इसका लक्ष्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को कथा से जोड़ना है। संस्था के अध्यक्ष सचल अग्रवाल के नेतृत्व में यह धार्मिक यात्रा शहर के विभिन्न मोहल्लों से गुजर रही है, जिसे लोगों का भरपूर सहयोग और स्वागत मिल रहा है। रविवार सुबह करीब 6:30 बजे प्रभात फेरी का शुभारंभ वाल्मीकि मंदिर से हुआ। श्रद्धालु भजन-कीर्तन और श्रीनाथ जी के जयघोष के साथ रामनाथ कॉलोनी पहुंचे। यहां आदि शक्ति भवानी मंदिर में राधा के रस में भजन गाए गए और प्रसाद चढ़ाया गया। इसके बाद प्रभात फेरी विभिन्न मार्गों से होते हुए संत भाई जी बाबा गुरुद्वारा पहुंची, जहां धार्मिक माहौल के बीच इसका समापन हुआ। रास्ते में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर प्रभात फेरी का स्वागत किया और कथा महोत्सव में शामिल होने का संकल्प लिया। गौ सेवा परिवार के अध्यक्ष सचल अग्रवाल ने बताया कि श्रीनाथ जी रस कथा महोत्सव का आयोजन 18 जुलाई से 21 जुलाई तक प्रतिदिन शाम चार बजे उत्सव प्लेस में किया जाएगा। इस कथा के माध्यम से धर्म, संस्कृति और सनातन मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं और विभिन्न समितियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अग्रवाल ने यह भी बताया कि प्रभात फेरी प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे तक निकाली जा रही है, जो 17 जून तक जारी रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के हर क्षेत्र में पहुंचकर लोगों को कथा महोत्सव का निमंत्रण देना है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकें। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमियों से कथा महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। प्रभात फेरी में युवक, युवतियां, महिलाएं और पुरुष पूरी निष्ठा के साथ शामिल हो रहे हैं।
मुरादाबाद में मजार पर चला बुलडोजर:सरकारी रिकॉर्ड में चामुंडा मंदिर के नाम से दर्ज थी भूमि
मुरादाबाद में सालों पुरानी मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। मजार को लेकर दो पक्षों में अर्से से विवाद चला आ रहा था। जिस जमीन पर मजार बनी थी, वह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में चामुंडा देवी मंदिर के नाम से दर्ज है। लेकिन इस पर अवैध रूप से कब्जा करके मजार बना ली गई थी। प्रशासन ने जांच के बाद इस जमीन को चामुंडा देवी का पाते हुए यहां बनी मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान भारी फोर्स मौजूद रही।जिला प्रशासन ने यह बड़ी कार्रवाई मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में धारक नंगला गांव में की है। भारी फोर्स के साथ पहुंची टीम ने यहां बनी मजार को ध्वस्त कर दिया। राजस्व रिकॉर्ड मैं यह भूमि चामुंडा देवी मंदिर के नाम से दर्ज है। अधिकारियों का कहना है कि यहां अवैध रूप से कब्जा करके देव स्थान पर मजार बना ली गई थी।
श्रावस्ती के मल्हीपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि मोटरसाइकिल सवार एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, बनगई गांव निवासी सालू यादव (16) पुत्र दुलारे यादव साइकिल से फत्तेपुर से डीजल लेकर नर्सरी की सिंचाई के लिए जा रहा था। इसी दौरान जमुनहा-बहराइच मार्ग पर बनगई गांव के पास उसकी साइकिल की सामने से आ रही मोटरसाइकिल से टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि सालू यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मोटरसाइकिल पर सवार हैदर यादव (30) पुत्र रामधीरज यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक पर सवार दूसरा व्यक्ति घटना के बाद मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही मल्हीपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने हैदर यादव को जिला चिकित्सालय भिनगा रेफर कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक सालू यादव अपने परिवार में छह बहनों का इकलौता भाई था। उसकी पांच बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बहन की शादी अभी बाकी है। पिता दुलारे यादव खेती-किसानी के साथ साप्ताहिक बाजारों में नमक सप्लाई का काम करते हैं। सीमित कृषि भूमि वाले परिवार पर बेटे की मौत से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पिता की ओर से तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज में पुरुष और महिला प्रवक्ताओं की प्रारंभिक परीक्षा 2025 आज गोंडा जिले के 11 केंद्रों पर आयोजित की गई। इस परीक्षा में 4491 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिसके लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को त्रिस्तरीय सघन चेकिंग के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई। परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र, आईडी कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और कुछ नकदी के अलावा कोई अन्य सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं थी। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए 11 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 11 स्टैटिक मजिस्ट्रेट और 11 केंद्र व्यवस्थापकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अतिरिक्त, 1000 से अधिक कक्ष निरीक्षकों को भी तैनात किया गया है। सभी परीक्षा केंद्र गोंडा शहर के आसपास ही बनाए गए हैं, ताकि परीक्षार्थियों को आवागमन में कोई असुविधा न हो। भीषण गर्मी को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। 4 तस्वीरें देखिए- गोंडा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बने जिला स्तरीय सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। गोंडा के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज में पुरुष और महिला प्रवक्ता प्रारंभिक परीक्षा आज 11 केंद्रों पर सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित की गई। परीक्षार्थियों की चेकिंग प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है।
रोहतक की रहने वाली महिला व्यवसायी की शिमला के स्कूल में गोलियां मारकर हत्या कर दी। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने वहां लगे सीसीटीवी भी खंगाले, ताकि आरोपियों का पता चल सके। पुलिस मामले में जांच कर रही है। महिला व्यवसायी की पहचान रोहतक की रहने वाली मनीषा के रूप में हुई, जिसकी शादी रेवाड़ी के एक डॉक्टर से हुई थी। लेकिन पति से विवाद के बाद मनीषा अपनी बेटी को लेकर शिमला चली गई और वहां सरस्वती पैराडाइज स्कूल के कैंपस में ही रहती थी। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने मनीषा की गोलियां मारकर हत्या कर दी। 2020 से चल रहा भाईयों से विवादमनीषा के माता-पिता की मौत 2020 में हो गई, जिसके बाद से संपत्ति को लेकर भाईयों के साथ विवाद चल रहा है। इस मामले में मनीषा ने अपनी जान का खतरा भी बताया था। हमले के बाद से पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी खंगाल रही है और हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
बिजनौर में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) प्रवक्ता पद के लिए प्रारंभिक परीक्षा आज रविवार को शुरू हो गई। जिले में कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 5242 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी में पूरी परीक्षा प्रक्रिया संपन्न हो रही है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अभ्यर्थियों को गहन तलाशी और चेकिंग के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है। परीक्षा ड्यूटी में लगे स्टाफ को भी पहले ही परीक्षा संचालन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। 4 तस्वीरें देखिए- बिजनौर जनपद में जिन 12 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की जा रही है, उनमें आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज बिजनौर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर, केपीएस कन्या इंटर कॉलेज, किसान इंटर कॉलेज मंडावली, आरबीडी महिला महाविद्यालय बिजनौर, राजा ज्याला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज बिजनौर, वर्धमान डिग्री कॉलेज बिजनौर, बिजनौर इंटर कॉलेज बिजनौर, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज झालू, हृदयानंद सार्वजनिक इंटर कॉलेज झालू, किसान इंटर कॉलेज पीली चौकी और राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर शामिल हैं। अधिकारियों के साथ-साथ परीक्षा केंद्रों के परिसरों के सभी प्रवेश और निकास द्वारों, गलियारों और विशेष रूप से परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।
महराजगंज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा आयोजित प्रवक्ता (पुरुष/महिला) राजकीय इंटर कॉलेज (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 रविवार को जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित की जा रही है , जिसमें कुल 5168 अभ्यर्थी शामिल होंगे। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। परीक्षा से पहले, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को ब्रीफिंग दी। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को समय पर ड्यूटी स्थल पर पहुंचने, परीक्षा केंद्रों पर पूरी सतर्कता बरतने और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर विशेष नजर रखने तथा परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। 5 तस्वीरें देखिए- अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले के सभी 12 परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। महराजगंज पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में, सुरक्षा व्यवस्था में एक अपर पुलिस अधीक्षक, तीन क्षेत्राधिकारी, 12 निरीक्षक, 43 उपनिरीक्षक, 203 मुख्य आरक्षी और आरक्षी, तथा 60 महिला आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाएगी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी समय-समय पर केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। प्रशासन का लक्ष्य परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना है, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बस्ती में 94 क्विंटल राशन कम मिला:कोटेदार का लाइसेंस निलंबित, DM की मंजूरी पर दर्ज होगी FIR
बस्ती के कुदरहा ब्लॉक अंतर्गत भंगुरा गांव में उचित दर विक्रेता द्वारा राशन की बड़े पैमाने पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। भौतिक सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाए जाने के बाद पूर्ति विभाग ने दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद कोटेदार और उसके सहयोगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूर्ति निरीक्षक अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि 10 जून को भंगुरा गांव की उचित दर दुकान का भौतिक सत्यापन किया गया था। जांच के दौरान दुकान पर केवल 8.87 क्विंटल गेहूं और 15.50 क्विंटल चावल उपलब्ध मिला। जबकि स्टॉक रजिस्टर के अनुसार, दुकान में 47.52 क्विंटल गेहूं और 70.69 क्विंटल चावल होना चाहिए था। जांच में कुल 38.65 क्विंटल गेहूं और 55.19 क्विंटल चावल कम पाया गया। इस प्रकार, लगभग 94 क्विंटल खाद्यान्न की कमी सामने आई, जिससे राशन वितरण प्रणाली में गंभीर अनियमितता उजागर हुई। विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से उचित दर दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया। पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि जिलाधिकारी की मंजूरी के बाद उचित दर विक्रेता रामानंद और उनके सहयोगी संजय कुमार के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। विभागीय स्तर पर भी आगे की कार्रवाई की जाएगी। भंगुरा गांव के कार्डधारकों को राशन वितरण में कोई परेशानी न हो, इसके लिए उपभोक्ताओं को अस्थायी रूप से ग्राम पंचायत चकदहा की उचित दर दुकान से संबद्ध कर दिया गया है। अगले आदेश तक सभी पात्र लाभार्थियों को वहीं से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। पूर्ति विभाग की इस कार्रवाई से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों को सख्त संदेश गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी ऐसी अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रतापगढ़ के कुंडा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष के लोगों के साथ मारपीट करते हुए गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो शनिवार शाम का है। इस संबंध में ग्राम शेरगढ़ निवासी मोहम्मद इकबाल ने कोतवाली कुंडा पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया है। इकबाल ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी। मोहम्मद इकबाल ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि बीजेपी केवल इवेंट और मैनेजमेंट की पार्टी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को धोक-प्रणाम करने के लिए दिल्ली जाते हैं। बीजेपी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जाए वहां तक तो ठीक है लेकिन राज्यपाल भी जा रहे हैं। दरअसल गोविंद सिंह डोटासरा सीकर आवास पर मीडिया से रूबरू हुए। जहां उन्होंने यह बात कही। डोटासरा ने कहा कि बीजेपी इवेंट,मैनेजमेंट की पार्टी है,काम इनको करना नहीं है। 12 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या किया यह तो बताओ? किस बात को लेकर उनके 12 साल के कार्यकाल पूर्ण होने के कार्यक्रम किए जा रहे हैं। भाजपा सरकार 20 दिन शहरों में कैंप लगवाने की बात कर रही है। पहले भी कैंप लगवाए क्या हुआ? लोगों की कितनी समस्याओं का समाधान हुआ? हमारी सरकार की तुलना में आज लोगों को 5 गुना महंगे पट्टे मिल रहे हैं। हमने 5-5 रुपए में लोगों को पट्टे दिए गए। बिजली और पानी से जुड़ी कितनी समस्याओं का समाधान हुआ। इन पर चर्चा करने वाला कोई भी नहीं है। बीजेपी सरकार ने आते ही कहा था कि कांग्रेस सरकार ने 10 लाख पट्टे जारी कर दिए। हम इनकी जांच करवाएंगे। जांच भी करवा ली,क्या हुआ। यह लोग एक-एक नगरपालिका और नगर परिषद में 10-10 पट्टे भी नहीं दे पाए हैं। 20 दिन के लिए क्या ही अभियान होगा। बीजेपी सरकार में जब पहले प्रशासन शहरों के संग अभियान चला तब प्रभारी मंत्री संजय शर्मा नीमकाथाना गए,सीकर आए लेकिन शिविर में कर्मचारी नहीं मिले। उनके खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा लेकिन कोई एक्शन हुआ ही नहीं। आज हर वर्ग परेशान हो चुका है। दिन में 20-20 बार बिजली की कटौती हो रही है। किसानों के साथ लगातार अन्याय हो ही रहा है। मंत्री के साथ चलने वाले लोग इतना बड़ा भ्रष्टाचार कर रहे हैं। फिर कहते हैं कि हम तो किसानों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं। भाजपा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जाए वह तो समझ में आता है लेकिन राज्यपाल जा रहे हैं। कृषि मंत्री इतने बड़े कार्यक्रम में नहीं जा रहा। बीजेपी की अंतरकलह से लोग परेशान है। मुख्यमंत्री केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के धोक-प्रणाम करने के लिए दिल्ली जाते हैं। राजस्थान के लिए दिल्ली से एक पैसा लेकर नहीं आए। प्रदेश के हालात बड़े गंभीर है। जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारी को नौकरी से हटाने के बाद सुसाइड मामले पर डोटासरा ने कहा कि हमारी कांग्रेस की सरकार के समय संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का नियम बना था। बीजेपी गवर्नमेंट नई नौकरी तो दे नहीं रही लेकिन संविदा कर्मचारियों को निकाल रही है। जिससे परेशान होकर लोग सुसाइड कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भरतपुर में देव दर्शन के लिए तो समय मिल जाता है लेकिन युवाओं को पूछने के लिए समय नहीं है। कोटा में प्रसूताओं की मौत हो गई,बीकानेर में किडनियां फेल हो गई। स्वास्थ्य मंत्री कह रहे हैं कि नाचते-गाते आई थी क्या। यह जो असंवेदन रवैया है सरकार और मंत्रियों का उससे लोग परेशान हैं। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि 17 जून को राहुल गांधी कोटा आ रहे हैं। जो कोटा में नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स से संवाद करेंगे। नीट के पेपर जो लगातार आउट हुए,स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया,इसके अलावा अन्य भी कई परेशानियों से स्टूडेंट्स घिरे हुए हैं। इन्हीं बातों को लेकर राहुल गांधी स्टूडेंट्स से बात करेंगे। राहुल गांधी स्टूडेंट्स से उनकी व्यक्तिगत समस्याएं पूछेंगे कि वह किस तरीके की परेशानी झेल रहे हैं। इसके अलावा देश में युवाओं की क्या समस्याएं हैं। जो कोचिंग में रहते हैं उनको क्या प्रॉब्लम आती है। मोदी सरकार से युवाओं को क्या अपेक्षा थी और कहां विफल रह गए।
अंबेडकरनगर के जलालपुर थाना क्षेत्र के पंथीपुर बाजार स्थित एक ज्वैलर्स की दुकान को निशाना बनाते हुए चोर लाखों रुपये के आभूषण और अन्य सामान लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, अरई निवासी मुकेश सोनी की पंथीपुर बाजार में बालाजी ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। मुकेश सोनी ने बताया कि वह बुधवार शाम रोजाना की तरह दुकान बंद कर घर चले गए थे। रात में अज्ञात चोरों ने दुकान के शटर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद दुकान में रखे सोने-चांदी के आभूषणों समेत करीब एक लाख रुपये मूल्य का सामान चोरी कर लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों ने दुकान का टूटा ताला और खुला शटर देखा तो इसकी सूचना दुकान मालिक को दी। मौके पर पहुंचकर मुकेश सोनी ने दुकान की जांच की, जिसके बाद चोरी की घटना का पता चला। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय व्यापारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और पुलिस से जल्द खुलासे की मांग की। सूचना पर पहुंची जलालपुर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है। थानाध्यक्ष जलालपुर ने बताया कि अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा किया है। फिलहाल पुलिस टीम चोरी में शामिल आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
झज्जर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए झज्जर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीआईए-1 बहादुरगढ़ पुलिस ने अवैध हथियार रखने और सप्लाई करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो अवैध हथियार और सात जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गुप्त सूचना पर आरोपी रविंद्र दबोचा सीआईए-1 बहादुरगढ़ प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि आसौदा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति अवैध हथियार के साथ मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी रविंद्र निवासी फतेहपुरी, जिला झज्जर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर एक अवैध हथियार, एक मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। नाबालिग को हथियार सप्लाई करने वाला आरोपी भी गिरफ्तार एक अन्य मामले में सीआईए-1 पुलिस ने अवैध हथियार सप्लाई करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस ने 22 अप्रैल 2026 को एक नाबालिग को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। मामले की गहन जांच के दौरान हथियार सप्लायर के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। इसी आधार पर पुलिस ने साहिल निवासी भापड़ौदा, जिला झज्जर को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड के दौरान बरामद हुआ हथियार आरोपी साहिल को बहादुरगढ़ अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड अवधि के दौरान की गई पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर उसकी निशानदेही पर एक अवैध हथियार और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने दी सख्त चेतावनी पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि जिले में अवैध हथियार रखने, सप्लाई करने और अपराध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून तोड़ने वालों के साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी
संभल में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज प्रवक्ता प्री परीक्षा 2025 के लिए छह परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 2656 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सघन चेकिंग और बायोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। प्रत्येक कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी में पूरी परीक्षा संपन्न हो रही है। सुबह 09:30 बजे शुरू हुई परीक्षा 11:30 बजे समाप्त होगी। प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों के जूते उतरवाकर जांच की गई। परीक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों, अधिकारियों और किसी भी अभ्यर्थी को बेल्ट, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फोन या घड़ी ले जाने की अनुमति नहीं थी। एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि जनपद में यह परीक्षा छह केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। इन परीक्षा केंद्रों में जवाहर लाल मेमोरियल नगर पंचायत इंटर कॉलेज सिरसी, महात्मा गांधी डिग्री कॉलेज संभल, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज संभल, राजकीय महाविद्यालय हयातनगर, जेड. यू. इंटर कॉलेज सरायतरीन संभल और हिंद इंटर कॉलेज संभल शामिल हैं। अभ्यर्थी क्षेत्रपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले भी जीआईसी लेक्चरर का पेपर दिया था, जिसमें कम स्कोर के कारण चयन नहीं हो पाया था। उन्होंने कहा, अब इसमें कोशिश कर रहे हैं। जीआईसी लेक्चरर की वैकेंसी पांच साल बाद आई है, जिससे यह एक बड़ी समस्या है। उम्र भी बढ़ती जा रही है, अब एक-दो मौके और मिलेंगे। उत्तराखंड के कोटद्वार से परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी श्रेष्ठ डोबरियाल ने बताया कि वह पहली बार यह परीक्षा दे रहे हैं। उन्होंने पिछले चार महीने से इसकी तैयारी की थी।
गुरुग्राम में नए पुलिस कमिश्नर ने सभी थाना प्रभारियों को खुले में शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन कुछ दिन सख्ती के बाद फिर से ठेकों के बाहर खुलेआम जाम छलकने लगे हैं। पुराना गुरुग्राम से लेकर नए गुरुग्राम तक के ठेकों के बाहर बड़ी संख्या में लोग नशा करके लड़ाई भी कर रहे हैं। जिससे आम नागरिक को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर 82-83 स्थित एक शराब ठेके के बाद चिंताजनक तस्वीरें सामने आई है। यहां शराब ठेके के पास सार्वजनिक स्थान पर शराबियों का झगड़ा देखने को मिला। खुलेआम शराब पीने और उसके बाद आपस में हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यहां शराबियों को कानून का कोई डर नहीं है। नशे में थप्पड़बाजी और हाथ में ईंट वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खुलेआम शराब पीने के दौरान कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। नशे में धुत युवक सार्वजनिक स्थान पर आपस में भिड़ गए। उनके बीच जमकर लात-घूंसे और थप्पड़ चलने लगे। हैरान करने वाली बात यह है कि इस हंगामे के दौरान एक युवक हाथ में ईंट लेकर दूसरे पक्ष पर हमला करने के लिए घूमता दिखाई दिया। गनीमत यह रही कि वहां मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया, वरना कोई बड़ी और जानलेवा अनहोनी घट सकती थी। सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने इस पूरे उपद्रव और थप्पड़बाजी की तस्वीरों को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। खाली जमीन बनी शराबियों का अड्डा सेक्टर-82 और 83 रोड पर स्थित ठेके के बिल्कुल बगल में स्थित खाली जमीन अब पूरी तरह से अवैध 'अहाते' और शराबियों के अड्डे में तब्दील हो चुकी है। लोग अपनी गाड़ियों के बोनट पर या खुले मैदान में बैठकर बिना किसी डर के जाम टकराते नजर आते हैं। आरडब्ल्यूए ने की कार्रवाई की मांग इस खुलेआम नशाखोरी को लेकर आसपास की सोसाइटी की आरडब्ल्यूए में गुस्सा है। द्वारका एक्सप्रेस-वे डवलपमेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी बी. सरीन का कहना है कि इस तरह की शिकायत लोगों से मिली है कि शाम ढलते ही कुछ जगहों पर शराबियों का जमघट लग जाता है। जिससे महिलाएं खुद को अनसेफ महसूस करती हैं। रेजिडेंशियल क्षेत्र और मुख्य मार्ग के पास चल रहे इस माहौल के खिलाफ पुलिस से खुले में शराब परोसने व पीने वालों के खिलाफ एक सघन अभियान चलाकर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग जाएगी। पुलिस कर रही कार्रवाई इस बारे में पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार का कहना है कि हाल ही में पुलिस ने खुले में शराब पीने वालों की धरपकड़ की है। पिछले दिनों में खुले में शराब पीने वाले एक हजार से ज्यादा लोगों को पकड़ा जा चुका है। जहां से भी शिकायत मिलती है तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। पुलिस कमिश्नर की तरफ से सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सख्त कार्रवाई करें। गश्त के दौरान भी इस तरह का कोई माहौल मिलता है तो मौके पर ही कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि आम पब्लिक से भी पुलिस ने फीडबैक लिया है और उनके द्वारा बताया गया है कि इस कार्रवाई की सराहना की है और इस तरह के मामलों में कमी आई है। लोगों से अपील है कि अगर कहीं इस तरह का माहौल बनता है तो सही लोकेशन के साथ वीडियो और फोटो भेजें तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी के दालमंडी में रविवार को 5 नए मकान पर बुलडोजर एक्शन होगा। इसके लिए एक दिन पहले शनिवार को मुनादी कराई गए। 5 मकान को आज तोड़ा जाएगा। इन सभी को पूर्व में नोटिस खाली करने की दी गयी थी। इन पांचों मकानों को नगर निगम ने अति जर्जर घोषित किया है। इसके पहले दालमंडी ध्वस्तीकरण में अभी तक 132 मकान तोड़े जा चुके हैं। वहीं हाईकोर्ट के आदेश के बाद असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हाईकोर्ट ने दो प्रार्थनापत्र पर अगली सुनवाई 20 जुलाई तक यथास्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया है। ये मकान भी नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित किए गए हैं। दालमंडी ध्वस्तीकरण की देखिये तस्वीरें … आज टूटेंगे पांच मकान दालमंडी ध्वस्तीकरण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में रविवार को नगर निगम द्वारा अति जर्जर घोषित किए गए मकानों में 5 मकानों को आज तोड़ा जाएगा। इसे लेकर मुनादी कराई जा चुकी है और सभी को इसे खाली करने को कहा गया है। शनिवार को भी मुनादी कराई गई है। पीडब्ल्यूडी के एक्सीईएन केके सिंह ने बताया - नगर निगम ने जो मकान अति जर्जर घोषित किए हैं। उनमे से पांच का कल ध्वस्तीकरण कराया जाएगा। इसे लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है और मुनादी भी की गई है। पोकलैंड मशीन और जेसीबी से होगा ध्वस्तीकरण केके सिंह ने बताया - दालमंडी का काम अब तेजी से हो रहा है। ऐसे में लगातर भवनों का ध्वस्तीकरण की जा रहा है। अब तक 65 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। और 132 मकानों का ध्वस्तीकरण शुरू किया जा चुका है। जिसमें से 80 मकानों को जमीदोज किया जा चुका है और उनका लैंड खाली करा लिया गया है। आज 5 नई मकानों पर पोकलैंड मशीन और जेसीबी से कार्रवाई की जाएगी ताकि जल्द से जल्द दालमंडी को खाली किया जा सके। 200 पुलिसकर्मी की तैनाती दालमंडी ध्वस्तीकरण को देखते हुए दालमंडी में 200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसमें पुलिस, पैरामिलेट्री और आरआरएफ की जवान हैं। सुबह से ही दालमंडी में बैरिकेडिंग कर पुराने मकानों को तोड़ा जा रहा है। रात में मालाबा उठाने का काम जारी है। इन मकानों का होना है ध्वस्तीकरण वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में नगर निगम आज अति जर्जर भवनों के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाएगा। नगर निगम ने सीके 43/119, सीके 43/121, सीके 43/115, डी 50/216 और डी 50/250 को जर्जर घोषित किया है। शनिवार को इलाके में मुनादी कराकर लोगों को सूचित किया गया। प्रशासन ने सभी चिह्नित मकानों को तत्काल खाली करने की अपील की है। अब जानिए क्या है दालमंडी प्रोजेक्ट … प्रधानमंत्री ने रखी आधरशिला, काशी का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री ने अपने 51वें काशी के दौरे पर इस कार्य का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 186 भवन, दुकान स्वामियों को 191 करोड़ रुपए मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे। 17.5 मीटर चौड़ी होगी सड़क पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार नई सड़क से लेकर चौक थाने तक 650 मीटर की दालमंडी गली को 17.5 मीटर यानी 60 फुट चौड़ा किया जाना है। इसमें 30 फुट की सड़क और दोनों तरफ 15-15 फुट की पटरी होगी। इसके अंदर बिजली, सीवर और पानी की व्यवस्था अंडरग्राउंड की जाएगी। यहां तारों का जंजाल साफ किया जाएगा। इसके अलावा बैठने के लिए कुर्सियां लगाईं जाएंगी। ग्रीनरी की जाएगी और वाटर हार्वेस्टिंग का सिस्टम भी लगाया जाएगा। 215 करोड़ से बनेगी 650 मीटर लंबी सड़क नई सड़क से चौक थाने तक गई दालमंडी की कुल लंबाई 650 मीटर है। इस सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा करने का मसौदा पास हो चुका है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन 215 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ और 2 करोड़ रुपए रिलीज भी कर दिए गए। पीडब्ल्यूडी की टीम ने मई 2025 से 181 घरों की नपाई शुरू की और सितंबर 2025 से उनकी रजिस्ट्री शुरू की और अक्टूबर 2025 में ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ है। मकानों के अलावा यहां 6 मस्जिदें भी है। PWD के अधिकारियों ने डेटा तैयार किया। इस डेटा के हिसाब से मुआवजे का आकलन किया गया था। जो लगभग 191 करोड़ रुपए हैं। अभी तक 132 से अधिक मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। धीरे-धीरे मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। अभी तक कुल 65 करोड़ का मुआवजा बांटा जा चुका है।
हाथरस में युवक की गोली मारकर हत्या:उपचार के दौरान हुई मौत, पुलिस जांच जारी
हाथरस के मुरसान कस्बे में दयालपुर गांव के पास शनिवार की शाम को एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। मृतक की पहचान सुनील (46) पुत्र जयवीर को कार में लेकर काफी देर तक इधर-उधर घूमते रहे। आरोप है कि रास्ते में किसी विवाद को लेकर आरोपियों ने सुनील के कंधे के पास गोली मार दी। परिजनों ने यह भी बताया कि आरोपी पहले ही सुनील से पैसे ले चुके थे। गोली मारने के बाद आरोपी घायल सुनील को कार में लेकर काफी देर तक इधर-उधर घूमते रहे। सुनील मूल रूप से अलीगढ़ जनपद के इगलास थाना क्षेत्र के असरोई गांव के निवासी थे। वह वर्तमान में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दयालपुर के पास रहकर हार्डवेयर का व्यवसाय करते थे। परिजनों के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:15 बजे पड़ोस का एक युवक अपने तीन साथियों के साथ कार से उनके घर पहुंचा और सुनील को अपने साथ हाथरस की ओर ले गया। आरोपी मौके से फरार इसी दौरान क्षेत्र के एक युवक ने परिजनों को सूचना दी कि सुनील घायल अवस्था में हैं। सूचना मिलते ही उनके पिता जयवीर सिंह तथा भाई विकास और सचिन हाथरस पहुंच गए। परिजनों का आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए। चिकित्सकों ने किया मृत घोषित परिजनों के मुताबिक घायल अवस्था में सुनील ने बताया था कि पड़ोस का एक युवक अपने तीन साथियों के साथ उन्हें कार में ले गया था और रास्ते में गोली मार दी थी। बाद में उन्हें उपचार के लिए अलीगढ़ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना अध्यक्ष ने शव को पीएम के लिए भेजा मृतक के पिता जयवीर सिंह सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता असरोई गांव में रहती हैं। परिवार में उनके छोटे भाई विकास और सचिन हैं। सुनील की पत्नी अंजू मथुरा जनपद के राया क्षेत्र के सरूपा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं। परिवार में पत्नी के अलावा उनकी बेटी आशी और पुत्र माधव हैं। मुरसान थाना अध्यक्ष अरविंद सक्सेना ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और आगे की जांच जारी है।
मेरठ में अवैध हथियार तस्करी के एक मामले में फरार आरोपी की तलाश में दूसरे जिले की पुलिस ने दबिश दी। इस दौरान आरोपी के घर पर परिजनों ने हंगामा किया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। घटना के कारण इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। जानकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अवैध हथियारों की तस्करी के गंभीर आरोप हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। देर रात पुलिस टीम आरोपी के संभावित ठिकाने पर पहुंची थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा है। दबिश के दौरान आरोपी के परिजनों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने कार्रवाई में बाधा डालने का आरोप लगाया, जबकि परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने शहर के विभिन्न मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है। कई स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। पुलिस को इनपुट मिला था कि आरोपी शहर में ही कहीं छिपा हुआ है। पुलिस ने आरोपी से जुड़े कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिली जानकारियों के आधार पर संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उसके नेटवर्क और अवैध गतिविधियों से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
सतना जिले के नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में 11 जून को हुए बहुचर्चित गोलीकांड के चार दिन बाद रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। शनिवार को घटना से जुड़े तीन वीडियो सामने आने के बाद मामले में नया मोड़ आया। राजपरिवार से जुड़े लोगों का दावा है कि वीडियो में बाबा राजा के साथ मारपीट होती दिख रही है। इसके बाद दैनिक भास्कर ने पूरे घटनाक्रम को लेकर बाबा राजा से बातचीत की। बाबा राजा ने पत्नी योगिता सिंह की मां नरेंद्र कुमारी सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उनके साथ हिंसक मारपीट की गई थी। उन्हें बचाने के लिए सुनीता सिंह ने फायरिंग की थी। उन्होंने यह भी कहा कि सुनीता उनकी वर्किंग पार्टनर हैं, उन्हें गर्लफ्रेंड या दूसरी पत्नी बताना गलत है। पढ़िए बाबा राजा से बातचीत के प्रमुख अंश... रिपोर्टर: 11 जून की दोपहर परसमनिया गढ़ी में आखिर क्या हुआ था? बाबा राजा: दोपहर करीब 3:30 बजे मैं गढ़ी के पोर्च में बैठकर फार्म हाउस का काम देख रहा था। तभी मेरी पत्नी योगिता, मेरा इकलौता बेटा, बड़े साले और उनके साथ 2-4 अन्य लोग गाली-गलौज करते हुए आए। मैंने सिर्फ इतना कहा कि बैठकर बात कर लेते हैं। तभी मुझे धक्का दिया गया। मेरा सिर टेबल से टकराया, चश्मा टूट गया और मुझे धुंधला दिखने लगा। इसके बाद बड़े साले ने मुझे कॉरिडोर में धकेलकर मारपीट शुरू कर दी। मैंने बेटे से भी कहा कि बात करो, लेकिन वे लोग गालियां देते हुए मारपीट करते रहे। परिवार की फोटो फ्रेम और सैंडल तक मेरे ऊपर फेंकी गईं। कांच लगने से शरीर पर कई जगह घाव आए हैं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा अपना परिवार मेरे साथ ऐसा करेगा। रिपोर्टर: सुनीता सिंह ने गोली चलाई, यह नौबत कैसे आई? बाबा राजा: सुनीता मेरे पेट्रोल पंप की मैनेजर और वर्किंग पार्टनर हैं। घटना के समय वह घर के अंदर थीं और खाना खाने आई थीं। शोर सुनकर बाहर आईं तो मैंने उन्हें वापस अंदर जाने को कहा। उन्होंने खुद को दूसरे हिस्से में बंद कर लिया था। लेकिन उन्हें भी गंदी गालियां और जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। इसी बीच मेरे बड़े साले ने मेरे दादा की मोटे कांच वाली फोटो फ्रेम मेरे सिर पर मार दी, जिससे खून बहने लगा। मेरी आंखों के सामने धुंध छाने लगी थी। तब सुनीता ने कहा कि अगर मारपीट नहीं रुकी तो वह अपने और मेरे सेल्फ डिफेंस में गोली चला देंगी। उन्होंने डराने के लिए दीवार की तरफ 3-4 फायर किए। एक गोली दीवार से टकराकर मेरी पत्नी योगिता के पेट में लग गई। उनका किसी को मारने का इरादा नहीं था। रिपोर्टर: गोली लगने के बाद क्या हुआ? बाबा राजा: गोली लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग योगिता को लेकर चले गए। उन्हें किन-किन अस्पतालों में ले जाया गया और इलाज कैसे हुआ, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। रिपोर्टर: आपकी सास का दावा है कि उन्होंने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी है? बाबा राजा: मेरी सास मीडिया में जो बयान दे रही हैं, वह पूरी तरह गलत हैं। मुझे समझ नहीं आता कि उन्होंने कौन सी आंखों से देखा है, क्योंकि घटना के समय न तो वह कैंपस के अंदर थीं और न ही मेरे ससुर। इसलिए उनके आरोपों का कोई आधार नहीं है। रिपोर्टर: आपके और योगिता सिंह के बीच विवाद की असली वजह क्या है? बाबा राजा: इसकी सही वजह तो वही बता सकती हैं। मेरी समझ में कोई ठोस कारण नहीं आता। उनकी तरफ से हमेशा एक ही बात कही जाती है- सुनीता सिंह। जबकि सुनीता मेरे साथ काम करती हैं। हमारे एनजीओ और अन्य कामों में उनकी भागीदारी है। उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स में पैसा निवेश किया है और इसी वजह से वह मेरे साथ रहती हैं। रिपोर्टर: सुनीता सिंह के साथ आपके संबंधों को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं। आप क्या कहना चाहेंगे? बाबा राजा: पिछले कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि कोई उन्हें मेरी दूसरी पत्नी बता रहा है, कोई गर्लफ्रेंड कह रहा है। यह किसी महिला के प्रति अशोभनीय बात है। मैं समाज और मीडिया से कहना चाहता हूं कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वास्तविकता जान लेनी चाहिए। सुनीता मेरी वर्किंग पार्टनर हैं। मैं इस विषय पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नागौद राजघराने में फायरिंग के 3 वीडियो, रूपेंद्र सिंह को पीटते दिखे ससुरालवाले सतना में नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में हुए गोलीकांड के तीन वीडियो सामने आए हैं। इनमें से एक वारदात के समय का है जबकि दो बाद के हैं। पहले वीडियो में रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा के साथ उनकी ससुरालवाले मारपीट करते दिख रहे हैं। उनके कपड़े पूरी तरह फट चुके हैं। इस वीडियो में गोलियां चलने की आवाज सुनाई दे रही है। गोली दीवार पर लगने के बाद धुआं भी दिख रहा है…पूरी खबर पढ़ें
लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त अभिलेखों के आधार पर आरोप लगाया है कि करीब 20 सोकपिटों का निर्माण कराए बिना ही उनका भुगतान कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अभिलेखों में जिन स्थानों पर सोकपिट निर्माण दर्शाया गया है, वहां मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं मिला। आरोप है कि सरकारी धन खर्च दिखाकर कार्य पूर्ण दर्शा दिए गए, जबकि जमीनी स्तर पर निर्माण नहीं हुआ। ग्रामीणों ने विशेष रूप से सोकपिट संख्या-122 का मामला उठाया है। उनका दावा है कि दौलतापुर निवासी दौलतराम पुत्र हेमराज के घर की छत पर केवल योजना संबंधी विवरण लिखकर कार्य पूर्ण दिखा दिया गया और भुगतान भी कर दिया गया। ग्रामीणों ने इसके समर्थन में तस्वीरें भी उपलब्ध कराई हैं। आरटीआई में सामने आए कई सवाल ग्रामीणों ने आरटीआई के माध्यम से ह्यूम पाइप खरीद, सोकपिट निर्माण, स्वच्छता कार्य, ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभा की बैठकों की कार्यवाही, हैंडपंप रीबोर और मरम्मत समेत विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख प्राप्त किए थे। दस्तावेजों की जांच के बाद उन्होंने कई मदों में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन कराए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अभिलेखों में दर्ज कार्यों की स्थलीय जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं साबित होती हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकारी धन की रिकवरी भी सुनिश्चित की जाए। खंड विकास अधिकारी जयेश कुमार सिंह ने कहा कि यदि उन्हें शिकायत के साथ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराए जाते हैं, तो पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी।
नोएडा में डिवाइडर से टकराकर बस पलटी:12 से अधिक लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
नोएडा में रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। फेज-1 थाना क्षेत्र में महामाया फ्लाईओवर के पास तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। हादसे में 12 यात्री घायल हो गए। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। फिलहाल सभी की स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस के अनुसार, बस फर्रुखाबाद से दिल्ली जा रही थी। हादसा दिल्ली की ओर जाने वाली लेन पर महामाया फ्लाईओवर के पास हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस सड़क पर पलट गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटवाया और यातायात को सुचारु कराया। प्राथमिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
धार जिले में रविवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। सुबह से ही आसमान में गहरे बादल छाए रहे और बारिश की संभावना बनी रही, लेकिन अधिकांश स्थानों पर बादल बिना बरसे आगे बढ़ गए। बादलों के कारण लोगों को तेज धूप से राहत मिली, हालांकि उमस भरी गर्मी ने परेशान किया। सुबह से धार शहर और आसपास के क्षेत्रों में बादलों की घनी परत छाई रही। बादलों की आवाजाही के बीच मौसम बारिश जैसा बना रहा, लेकिन अपेक्षित वर्षा नहीं हुई। इसके चलते वातावरण में नमी बढ़ गई और उमस अधिक महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शनिवार को यह 24.8 डिग्री सेल्सियस था। दोपहर तक अधिकतम तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई। तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से मौसम का स्वरूप बार-बार बदल रहा है। किसानों को बारिश का इंतजार कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में आ रहे लगातार बदलाव मानसून की सक्रियता का संकेत हो सकते हैं। जिले के किसान भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि खरीफ फसलों की तैयारियां शुरू की जा सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में बादलों को देखकर किसानों की उम्मीदें बढ़ी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में बादलों की सक्रियता और बढ़ सकती है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। फिलहाल मौसम के बदलते तेवरों ने लोगों को गर्मी, उमस और बारिश की उम्मीदों के बीच उलझाकर रखा है। आसमान में छाए गहरे बादल संकेत दे रहे हैं कि मानसून की दस्तक अब ज्यादा दूर नहीं है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान डेयरी संचालक ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। बुलडोजर कार्रवाई के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है। यह मामला मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम छिपली का है। अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व, पंचायत और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गांव पहुंची थी। टीम ने मौके पर बने डेयरीनुमा ढांचे को हटाने की कार्रवाई शुरू की। डेयरी संचालक ने कार्रवाई का विरोध किया था। इस दौरान टीम ने पहले बाउंड्रीवॉल को तोड़ा, फिर बिजली मीटर की लाइन काटी और वहां मौजूद 22 पशुओं को बाहर निकाला। कार्रवाई के कुछ समय बाद संचालक की हालत बिगड़ गई। रिश्तदारों ने अचेत हालत में पाया संचालक के बेटे धनेंद्र कुमार साहू ने बताया कि पिता चंपा लाल साहू (53) कार्रवाई के दौरान यह कहकर घर लौट गए थे कि वे घर जा रहे हैं। जब परिवार के अन्य सदस्य घर पहुंचे तो उन्होंने चंपा लाल को दरवाजे के पास अचेत अवस्था में पाया। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। अस्पताल में चल रहा इलाज परिजनों ने तुरंत उन्हें मगरलोड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। 20 साल से कर रहे थे पशुपालन धनेंद्र कुमार साहू के मुताबिक, उनका परिवार पिछले करीब 20 सालों से उसी स्थान पर पशुपालन का काम कर रहा था। ग्रामीणों ने पशुपालन के लिए उन्हें जगह दी थी, जहां वे एक डेयरीनुमा मकान में 22 पशु रखकर अपना और परिवार का गुजारा करते थे।
मेरठ के कोतवाली थाना क्षेत्र से कुख्यात हिस्ट्रीशीटर सलमान को शनिवार देर रात पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी सलमान को अपने साथ ले जाते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस उसके भाई आमिर की तलाश में पहुंची थी, जिसके खिलाफ 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस आमिर की तलाश में सलमान के घर पहुंची थी। आमिर के खिलाफ दो दिन पहले लोहियानगर थाने में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, आमिर मौके पर नहीं मिला। इसके बाद पुलिस सलमान को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई। परिवार के सदस्यों ने बाद में आमिर को पुलिस के सामने पेश कर दिया। सूत्रों का दावा है कि आमिर के आत्मसमर्पण के बाद सलमान को छोड़ दिया गया। जानकारी के मुताबिक, आमिर के खिलाफ केवल मेरठ ही नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर में भी एक मुकदमा दर्ज है। मुजफ्फरनगर पुलिस भी इसी मामले में उसकी तलाश कर रही थी। माना जा रहा है कि दोनों जिलों की पुलिस आमिर की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल, पुलिस अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस अब आमिर से पूछताछ कर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
देवघर बुढ़ई में हुए सड़क हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि खलासी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा जगदीशपुर हटिया के समीप हुआ। जहां लोहे का सरिया लादकर धमनी की ओर जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क के बीच खड़े एक पुराने इमली के पेड़ से जा टकराया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे के बाद चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। घटनास्थल पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बिहार के शेखपुरा कर रहने वाला है ड्राइवर घटना में घायल खलासी को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। मृतक चालक की पहचान बिहार के शेखपुरा निवासी श्रीकांत यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक का नंबर WB 37 M 5734 है। हादसे के बाद काफी देर तक चालक का शव केबिन में फंसा रहा। जिसे बाद में पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। सूचना मिलने पर बुढ़ई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पेड़ हटाने को लेकर हुई कवायद, हटाया नहीं गया स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के बीच खड़ा यह पुराना इमली का पेड़ लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। कई बार संबंधित विभाग से इसे हटाने या सड़क को चौड़ा कर सुरक्षित बनाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं।
ललितपुर में आंधी-बारिश से बदला मौसम:कई इलाकों में जलभराव, पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित
ललितपुर में शनिवार देर शाम तेज आंधी और झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। बारिश से जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं कई इलाकों में जलभराव और बिजली आपूर्ति बाधित होने से परेशानी भी झेलनी पड़ी। तालबेहट क्षेत्र में तेज हवाओं के चलते एक पेड़ विद्युत तारों पर गिर गया। इससे बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई इलाकों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बिजली विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं। शहरी क्षेत्र में शनिवार शाम करीब 7:30 बजे तेज आंधी के साथ लगभग 15 मिनट तक बारिश हुई। वहीं तालबेहट और आसपास के क्षेत्रों में करीब 40 मिनट तक मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। बारिश के दौरान तेज हवाओं के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। बारिश के चलते नगर सहित आसपास के कई गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। हालांकि, बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार सुबह से भी ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार सुबह 9 बजे तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले दिनों की तुलना में तापमान में कमी आने से लोगों ने राहत महसूस की। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग खुले वातावरण का आनंद लेते नजर आए। बारिश से किसानों को भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि जलभराव वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका को लेकर किसान स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सहारनपुर में 17 साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी बांग्लादेशी नागरिक जाहिद की गिरफ्तारी जितनी महत्वपूर्ण रही, उससे कहीं अधिक दिलचस्प उसकी पहचान उजागर होने की कहानी है। पुलिस और एटीएस की जांच में सामने आया कि आरोपी वर्षों से फर्जी दस्तावेजों और बदली हुई पहचान के सहारे भारत में रह रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2009 में थाना कुतुबशेर में विदेशी अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में जाहिद गिरफ्तार हुआ था। बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया, लेकिन अदालत में पेश होने के बजाय फरार हो गया। उसके अन्य साथियों को सजा हो गई, जबकि जाहिद 17 वर्षों तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा। गिरफ्तारी के बाद जब एटीएस और चिलकाना पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र मिला। इसके अलावा मोबाइल फोन की जांच में ऐसे दस्तावेज सामने आए, जिन्होंने उसकी असली पहचान की पुष्टि कर दी। मोबाइल की गैलरी में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) का कार्ड मिला, जिस पर उसका फोटो और म्यांमार मूल की जानकारी दर्ज थी। इसके अलावा भारत सरकार के आधार कार्ड की फोटो भी मिली, जिसमें पंजाब के मोहाली जिले का पता दर्ज था। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने पुलिस और अन्य एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए ऐसे दस्तावेज तैयार कराए थे और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल करता था। जांच के दौरान जब पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले तो पता चला कि गिरफ्तार व्यक्ति वही जाहिद है, जो वर्ष 2009 के मुकदमे में नामजद था और जिसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। थाना कुतुबशेर और डीसीआरबी से मिली जानकारी ने भी उसकी पहचान की पुष्टि कर दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था। बांग्लादेशी पहचान पत्र, मोबाइल में मौजूद दस्तावेजों और पुराने मुकदमे के रिकॉर्ड के मिलान के बाद उसकी वास्तविक पहचान पूरी तरह स्पष्ट हो सकी। एटीएस और पुलिस का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से न केवल 17 साल पुराने मामले का एक महत्वपूर्ण अध्याय खुला है, बल्कि यह भी सामने आया है कि वह लंबे समय तक फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपनी पहचान छिपाने में सफल रहा।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सिद्धार्थनगर में संगठनात्मक मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के निर्देश पर वरिष्ठ बसपा नेता रमेश कुमार गौतम को सिद्धार्थनगर का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बसपा बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को तेज करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष रमेश कुमार गौतम ने अपनी नियुक्ति की पुष्टि की। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किया जाएगा। गौतम ने बताया कि संगठन को गांव, सेक्टर और बूथ स्तर तक सक्रिय कर पार्टी की नीतियों और विचारधारा को आम जनता तक पहुंचाया जाएगा। रमेश गौतम ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और संगठन विस्तार पर विशेष जोर देने की बात कही। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बसपा कार्यकर्ताओं के प्रयासों और जनता के सहयोग से पार्टी जिले में अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करेगी। उनकी नियुक्ति की घोषणा के बाद जिले के बसपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। पार्टी नेताओं और समर्थकों ने उन्हें बधाई दी और सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि रमेश गौतम के नेतृत्व में संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और पार्टी का जनाधार बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
लखनऊ के केजीएमयू की एक मेडिकल छात्रा से संस्थान के गेट के बाहर देर रात छेड़खानी का मामला सामने आया है। आरोप है कि विरोध करने पर बाइक सवार युवक ने छात्रा को कुचलने का प्रयास किया। शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े तो आरोपी भागने लगा। इस दौरान वह 2 बाइकों से टकराया और चबूतरे से भिड़ गया। इसके बावजूद भागने में सफल रहा। छात्रा के पिता ने चौक कोतवाली में शिकायत दी है। शिकायत के मुताबिक, उनकी बेटी मंगलवार रात करीब 10 बजे शिफ्ट समाप्त होने के बाद केजीएमयू गेट के बाहर कैब का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार युवक वहां पहुंचा और छेड़खानी करने लगा। बेटी ने विरोध किया तो आरोपी ने उसे धमकाया और बाइक से टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की। 3 बार लड़खड़ाने के बावजूद भाग निकला डरी-सहमी छात्रा वहां से भागी और शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े तो आरोपी भागने लगा। जल्दबाजी में उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और पहले एक ऑटो और फिर दूसरी बाइक से टकरा गई। इसके बाद वह पिंक बूथ के चबूतरे से जा भिड़ा, लेकिन मौके से फरार होने में सफल रहा। घटना के बाद केजीएमयू चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई। दहशत में आई छात्रा वापस संस्थान पहुंची और अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी। बाद में उसने अपने पिता को फोन कर घटना बताई। अगले दिन छात्रा के पिता ने चौक कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। आरोपी की तलाश कर रही है पुलिस चौक पुलिस ने पिंक बूथ के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी घटना के बाद चरक चौराहे की ओर भागा था। फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। चौक इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने बताया कि छात्रा के पिता की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में युवक ने शादी का झांसा देकर युवती से रेप किया, जब वह प्रेग्नेंट हो गई तो उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली 22 साल की युवती की पहचान फरवरी 2025 में इंस्टाग्राम के जरिए से सागर सारथी (25, निवासी ग्राम जिला जशपुर) से हुई थी। बातचीत के दौरान सागर ने खुद को अविवाहित बताया था और तराईमाल स्थित प्लांट में काम करना बताया था। सागर लगातार युवती को पत्नी बनाकर रखने और शादी करने का आश्वासन देता रहा। 23 जुलाई 2025 को सागर ने युवती को फोन कर तराईमाल बुलाया। वह उसे मजदूर क्वार्टर में ले गया और पत्नी बनाकर रखने का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी लगातार उसे अपने क्वार्टर में पत्नी की तरह रखकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। युवती के गर्भवती होने पर शादी से इंकार अगस्त 2025 में जब युवती गर्भवती हो गई, तब आरोपी ने उसका पालन-पोषण नहीं कर पाने की बात कहकर उसे उसके घर धरमजयगढ़ भेज दिया। इसके बाद भी सागर उसके घर आता-जाता रहा और विवाह करने की बात करता रहा, लेकिन जब पीड़िता ने आरोपी से अपने साथ रखने की बात कही, तब आरोपी ने बताया कि उसकी पहली पत्नी गर्भवती है और उसने शादी से इनकार कर दिया। जान से मारने की धमकी सागर ने पीड़िता से कहा कि वह अपने परिजनों से कहीं और विवाह करा देने की बात कहे। ऐसा नहीं करने पर आरोपी ने उसे जान से मारकर फेंक देने की धमकी भी दी। पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल धमकी के बाद पीड़िता ने गुरुवार को पूंजीपथरा थाने में लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता का बयान दर्ज किया और उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी सागर सारथी को सिंघल पावर प्लांट लेबर कॉलोनी, तराईमाल से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने प्रेम संबंध होने और गर्भवती करने की बात स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
हांसी स्थित गांव चानौत में भाखड़ा पाइपलाइन से पेयजल कनेक्शन की मांग को लेकर चल रहे धरने के बीच शनिवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने धरना कमेटी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई इस बैठक में लंबी चर्चा के बावजूद कोई सहमति नहीं बन पाई और ग्रामीण अपनी मूल मांग 'टी कनेक्शन' पर अड़े रहे। बैठक के दौरान मंत्री महिपाल ढांडा ने स्पष्ट किया कि हांसी के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन अमृत-2 योजना के तहत है, जिसमें 'टी कनेक्शन' का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, ग्रामीणों ने दावा किया कि इसी योजना के तहत पहले ही 12 गांवों और कई ढाणियों को कनेक्शन दिए जा चुके हैं। मंत्री ने इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव सरकार की ओर से गांव के लिए एक अलग 8 इंच की पाइपलाइन, मोटर, बिजली कनेक्शन और जनरेटर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन, धरना कमेटी ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। कमेटी सदस्य अनूप चानौत ने बताया कि 21 सदस्यीय और 11 सदस्यीय कमेटियों ने यह निर्णय लिया है कि 'टी कनेक्शन' के अलावा कोई अन्य प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं होगा। ग्रामीणों की मांग है कि यह पाइपलाइन वहीं से बिछाई जाए जहां से हांसी की लाइन बिछनी है। धरना कमेटी के सदस्य और पूर्व सरपंच सत्यवान ने 'टी कनेक्शन' के लाभ समझाते हुए कहा कि इससे बिना मोटर और बिजली के दबाव से पानी गांव तक पहुंचेगा। साथ ही, जलघर भरने के बाद कनेक्शन बंद करके पूरा पानी हांसी शहर को दिया जा सकेगा, जिससे दोनों पक्षों की जरूरतें पूरी होगी। सरकार 7.5 करोड़ खर्च करने को तैयार : डीसी इस बीच, उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल ने मंत्री महिपाल ढांडा की ओर से जानकारी देते हुए बताया कि सरकार गांव के जलघर के जीर्णोद्धार पर लगभग 7.5 करोड़ रुपए खर्च करने को तैयार है। इससे गांव के जलघर में हर समय 2 करोड़ लीटर से अधिक पानी उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण अलग से पाइपलाइन के लिए सहमत होते हैं तो अलग पाइपलाइन बिछाने का कार्य कल से ही शुरू किया जा सकता है। वहीं, धरना कमेटी ने घोषणा की है कि बुधवार को महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण ट्रैक्टरों के साथ हांसी पहुंचकर उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
गाजीपुर में शनिवार देर शाम हुई सीजन की पहली मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका और प्रशासन की मानसून तैयारियों की पोल खोल दी। बारिश के कुछ ही देर बाद शहर की कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मानसून सत्र की औपचारिक शुरुआत 15 जून से मानी जा रही है। इससे पहले जिलाधिकारी के निर्देश पर शहर के नालों की सफाई का अभियान चलाया गया था। नगर पालिका की ओर से दावा किया गया था कि सभी प्रमुख नालों की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया गया है। लेकिन पहली ही तेज बारिश ने इन दावों की वास्तविकता सामने ला दी। कई स्थानों पर नालों से पानी की निकासी नहीं हो सकी और बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ और राहगीरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कुछ इलाकों में स्थिति ऐसी रही कि सड़क और नाले के बीच अंतर करना भी मुश्किल हो गया। जलभराव के चलते दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को विशेष परेशानी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहली बारिश में ही यह हाल है तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। अभी पूरे मानसून का मौसम शेष है और लगातार बारिश होने पर जलभराव की समस्या विकराल रूप ले सकती है। शहरवासियों का मानना है कि केवल कागजी सफाई अभियान चलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। नालों की नियमित सफाई, अतिक्रमण हटाने और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है। पहली बारिश ने प्रशासन को स्पष्ट संकेत दे दिया है कि मानसून के दौरान संभावित समस्याओं से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे, अन्यथा शहर को गंभीर जलभराव और यातायात बाधा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
हरियाणा बीजेपी की नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अर्चना गुप्ता सोमवार को फतेहाबाद जिले में पहुंचेंगी। यहां उनका बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत किया जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष का जिले में सात जगह कार्यकर्ता स्वागत करेंगे। गांव सनियाना से प्रदेशाध्यक्ष अपने काफिले के साथ जिले में एंट्री करेंगी। सबसे पहले इसी गांव में उनका स्वागत होगा। मुख्य स्वागत समारोह फतेहाबाद शहर के भूना रोड स्थित जिला भाजपा कार्यालय में रखा गया है। जहां सभी प्रमुख जनप्रतिनिधि, बड़े नेता और पदाधिकारी प्रदेशाध्यक्ष का अभिनंदन करेंगे। जिले के सभी बड़े नेता स्वागत समारोह के मंच पर एक साथ नजर आएंगे। क्या रहेगा प्रदेशाध्यक्ष का रूट प्लान गांव सनियाना में स्वागत के बाद प्रदेशाध्यक्ष का काफिला फतेहाबाद की ओर बढ़ेगा। वहां गांव खासा पठाना, भूना शहर, गांव जांडली, झलनिया व जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़ के गांव बरसीन में भी डॉ.अर्चना गुप्ता का कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत किया जाएगा। गांव बरसीन से सीधे प्रदेशाध्यक्ष जिला कार्यालय पहुंचेंगी। कार्यकर्ताओं में उत्साह, तैयारियां जोरों पर बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा के अनुसार, प्रदेशाध्यक्ष के स्वागत समारोह को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। स्वागत समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही है। सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता प्रदेशाध्यक्ष का अभिनंदन करने को उत्साहित हैं। स्वागत समारोह के लिए पदाधिकारियों की अलग-अलग ड्यूटियां लगाई गई हैं। जानिए… भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के बारे में पानीपत की रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अर्चना गुप्ता के रूप में 43 साल बाद प्रदेश में बीजेपी की महिला प्रदेशाध्यक्ष बनी है। इनसे पहले 1980 में स्व.डॉ.कमला वर्मा पहली महिला अध्यक्ष बनीं थी। अर्चना गुप्ता गोल्ड मेडलिस्ट रेडियोलॉजिस्ट (MBBS, MD) हैं। राजनीति में आने से पहले विश्व हिंदू परिषद की इंडियन हेल्थ लाइन में सक्रिय थीं। पीजीआई रोहतक से एमडी की डिग्री हासिल की है। इनके पति डॉ. अनिल गुप्ता आई स्पेशलिस्ट हैं। गुप्ता दंपती खुद का अस्पताल चलाते हैं। साल 2020 में डॉ.अर्चना को पानीपत भाजपा की जिलाध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद साल 2023 में प्रदेश महामंत्री बनीं। अब प्रदेशाध्यक्ष पद पर नियुक्ति हुई है।
बुलंदशहर के नरसेना थाना क्षेत्र की बुगरासी पुलिस चौकी के सामने आयोजित एक वैरायटी शो में अश्लील नृत्य का मामला सामने आया है। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पुलिस ने मामले की जांच की बात कही है। जानकारी के अनुसार, पुलिस चौकी के ठीक सामने आयोजित यह कार्यक्रम देर रात तक चला। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ प्रस्तुतियां अशोभनीय थीं। मौके पर बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस चौकी के सामने इस तरह का आयोजन होना और कथित रूप से अश्लील प्रस्तुतियों का मंचन कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा, लेकिन इसे रोकने के लिए कोई प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक आयोजनों में सांस्कृतिक मर्यादाओं का पालन होना चाहिए और परिवारों तथा बच्चों की मौजूदगी में इस तरह की प्रस्तुतियों पर रोक लगनी चाहिए। एसपी सिटी अभिषेक प्रताप ने कहा कि वीडियो और पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीहोर की पॉश कॉलोनी में चोरी की कोशिश:एक हफ्ते में दूसरी वारदात, गेट फांदकर घर में घुसे चोर
सीहोर शहर की पॉश एसआर विहार कॉलोनी में शनिवार रात एक सूने मकान में चोरी का प्रयास किया गया। चोर गेट लांघकर घर के अंदर घुसे, लेकिन उनकी पूरी करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। एक हफ्ते के भीतर इसी कॉलोनी में यह दूसरी घटना है। शहर की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली एसआर विहार कॉलोनी चारों ओर से ऊंची दीवारों से घिरी हुई है। इसके बावजूद चोर बेखौफ होकर कॉलोनी में घुसे और एक सूने मकान को निशाना बनाने का प्रयास किया। इससे पहले 6 जून को भी इसी कॉलोनी में एक घर का ताला तोड़ा गया था। करौली माता मंदिर चोरी का भी नहीं हुआ खुलासा एसआर विहार कॉलोनी की इस घटना से पहले बीते सोमवार को प्रसिद्ध करौली माता मंदिर में चोरी हुई थी। चोर दान पेटी सहित हजारों रुपए का सामान लेकर फरार हो गए थे। इस मामले के आरोपी भी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जिला मुख्यालय पर लगातार हो रही इन घटनाओं ने पुलिस के सुरक्षा दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोर गिरोह थाना सीमाओं की परवाह किए बिना वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। कोतवाली और मंडी थाना क्षेत्र में लगातार सामने आ रही घटनाओं से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। लगातार चोरी की घटनाओं से उठे सवाल आम घरों के साथ-साथ धार्मिक स्थल भी चोरों के निशाने पर हैं। पॉश कॉलोनियों से लेकर आस्था के केंद्रों तक लगातार हो रही घटनाओं ने पुलिस की गश्त व्यवस्था और मुखबिर तंत्र की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में बढ़ती वारदातों के बीच लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं।
ओमान के निकट होर्मुज क्षेत्र में जहाज पर हुए हमले में जान गंवाने वाले सुरौली गांव निवासी शिप फिटर शिवानंद चौरसिया के पार्थिव शरीर को भारत लाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने परिजनों से संपर्क कर शव को स्वदेश लाने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी है। मृतक के भाई रामप्रवेश चौरसिया को भारतीय दूतावास के एक अधिकारी का फोन आया। बातचीत के दौरान अधिकारी ने परिवार का हालचाल जानने के साथ बताया कि दूतावास ओमान के संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और पार्थिव शरीर को भारत भेजने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने बताया कि आवश्यक दस्तावेज और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होते ही शिवानंद का शव भारत भेज दिया जाएगा। इस दौरान रामप्रवेश ने अपने भाई का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द गांव पहुंचाने की गुहार लगाई। दूतावास की ओर से उन्हें भरोसा दिलाया गया कि भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से लेकर लगातार प्रयास कर रही है। डीएम-एसपी ने परिजनों से की मुलाकात घटना के तीसरे दिन शनिवार को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर सुरौली गांव पहुंचे। अधिकारियों ने शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया, भाई रामप्रवेश और अन्य परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। जिलाधिकारी ने परिवार को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जानकारी शासन को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित भारतीय दूतावासों के बीच समन्वय स्थापित कर शव को जल्द भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। परिवार को शव का इंतजार शिवानंद चौरसिया की मौत के बाद से सुरौली गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। परिवार लगातार पार्थिव शरीर को वतन लाने और सरकारी सहायता की मांग कर रहा था। भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप और प्रक्रिया शुरू होने की सूचना मिलने के बाद अब परिजनों को जल्द शव मिलने की उम्मीद जगी है। परिवार और ग्रामीणों की निगाहें अब उस दिन पर टिकी हैं, जब शिवानंद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा और उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जा सकेगा।
छह पुरानी रोडवेज बसें नीलाम:मुरादाबाद में दस और बसें हटेंगी, मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
मुरादाबाद में यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित परिवहन सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से परिवहन निगम ने पुरानी बसों को बेड़े से हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में, निर्धारित आयु पूरी कर चुकी छह बसों की नीलामी कर दी गई है। परिवहन निगम के सीनियर फोरमैन गजेंद्र सिंह ने बताया कि जिन बसों ने अपनी तय संचालन अवधि पूरी कर ली थी, उन्हें नियमानुसार नीलाम किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन बसों के स्थान पर तत्काल नई या अन्य बसों की व्यवस्था की गई है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और बस सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहें। सिंह ने आगे बताया कि निगम यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर यात्रा अनुभव को प्राथमिकता दे रहा है। इसी उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से जर्जर और पुरानी बसों को बेड़े से बाहर किया जा रहा है। आगामी महीनों में लगभग 10 और पुरानी बसों की नीलामी की जाएगी। परिवहन निगम के इस कदम से मुरादाबाद परिक्षेत्र के यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
देवघर साइबर थाना पुलिस ने तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि पथरड्डा ओपी (सारठ) क्षेत्र के सुरा-सुरा जंगल में कुछ साइबर अपराधी सक्रिय हैं। सूचना के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। जिसमें सिराजुद्दीन अंसारी (20), चंदन कुमार दास (22) और निलोय कुमार दास (23) को दबोच लिया गया। गिरफ्तार सभी आरोपी देवघर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने मौके से सात मोबाइल फोन और सात सिम कार्ड भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। ये अपराधी फ्लिपकार्ट, अमेजन, एयरटेल बैंकिंग, गूगल पे और फोन पे के नाम पर कॉल कर लोगों से संपर्क करते थे। खुद को अधिकारी बताकर ये लोगों से बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करते और फिर खातों से पैसे उड़ा लेते थे। इतना ही नहीं, आरोपी पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर फर्जी एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने की भी कोशिश करते थे। एयरटेल बैंकिंग अधिकारी बनकर एयरटेल थैंक्स ऐप के जरिए भी लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। 1930 पर शिकायत कराएं दर्ज देवघर पुलिस ने इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि बताया है। बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन अपराधियों ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया है। साथ ही, आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान कॉलर को अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड करने से बचें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
संभल में पारा 39 डिग्री, AQI 156 पहुंचा:चार दिन बाद उमस भरी गर्मी; 24 जून से मानसून की दस्तक
संभल में रविवार को धूप निकलने के साथ उमस भरी गर्मी बढ़ गई। हालांकि, मौसम विभाग ने शाम तक आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई है। सुबह का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 156 रहा। हवाएं 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं। रविवार सुबह 9 बजे संभल का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस था। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह और शाम को मौसम साफ रहेगा, जबकि दोपहर में आंधी के साथ आंशिक बारिश हो सकती है। बीते दिनों के तापमान की बात करें तो गुरुवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री, शुक्रवार को 33 डिग्री और शनिवार को 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जून की शुरुआत में मौसम सुहावना रहा, लेकिन बाद में भीषण गर्मी का दौर चला। इस बार मानसून चार दिन की देरी से 24 जून तक संभल में दस्तक दे सकता है। नौतपा का असर इस बार दिखाई नहीं दिया। शुरुआती बारिश से किसानों को कुछ फायदा हुआ था, लेकिन तूफान के साथ हुई बारिश से मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है। जिन किसानों ने अपनी फसल काट ली थी या बेच दी थी, उन्हें लाभ हुआ, जबकि अन्य किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। बारिश के मौसम को देखते हुए किसानों ने धान की बुवाई की तैयारी शुरू कर दी है। स्थानीय निवासी मोहम्मद अनीस ने बताया कि बारिश के बाद मौसम अच्छा हो जाता है, लेकिन धूप निकलने पर उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ता है। पंकज कुमार ने कहा कि आज तापमान बढ़ने से गर्मी बढ़ी है, जबकि पिछले तीन दिनों से मौसम ठीक था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार की शाम को 926 करोड़ रुपये के लागत की 226 परियोजनाओं की सौगात देंगे। वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में शाम 4:30 बजे से आयोजित कार्यक्रम में इन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। इनमें 136.64 करोड़ रुपये की 38 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 799.44 करोड़ रुपये की 188 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री इस दौरान जनसभा को संबोधित भी करेंगे। ये विकास परियोजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यटन, शहरी विकास, पेयजल एवं कानून व्यवस्था से जुड़ी हैं। इन योजनाओं के पूरा होने से शहर के साथ ग्रामीण विधानसभा और पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में आवागमन बेहतर होगा। स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी, खेल प्रतिभाओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी तथा पर्यटन और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। लोकार्पित होने वाली प्रमुख परियोजनाओं में जिला चिकित्सालय में स्थापित पीएचएल लैब, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आडिटोरियम भवन का जीर्णोद्धार, चरगावां आईटीआइ में 50 सीटों वाला कान्फ्रेंस हाल और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में नए ट्यूबवेल शामिल हैं। नगर निगम क्षेत्र में सड़कों, नालियों, पार्कों और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं का भी लोकार्पण होगा।पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के तहत प्राचीन विष्णु मंदिर पर्यटन विकास, शिव मंदिर सुंदरीकरण, विभिन्न पोखरों के विकास, टाउनहाल रेस्टोरेशन तथा नगर निगम के पुराने सदन हाल को संग्रहालय के रूप में विकसित करने जैसी परियोजनाएं भी जनता को समर्पित की जाएंगी। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 300 लोगों की क्षमता वाले बाढ़ शरणालय का निर्माण आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इन परियोजनाओं का होगा लोकार्पणविभिन्न पोखरों एवं पार्कों का विकास – 18 करोड़ रुपये जिला कारागार में नई बैरकों का निर्माण – 11.88 करोड़ रुपयेस्पोर्ट्स कालेज में बहुउद्देशीय क्रीड़ा हाल – 10.07 करोड़ रुपये पीएसी परिसर में आवास निर्माण – 8.60 करोड़ रुपयेरामगढ़ताल थाना भवन – 7.66 करोड़ रुपये बीआरडी मेडिकल कालेज आडिटोरियम रिनोवेशन – 7.35 करोड़ रुपयेबाढ़ शरणालय निर्माण – 5.82 करोड़ रुपये एमएमएमयूटी से सिंघड़िया तक आरसीसी नाला – 5.73 करोड़ रुपयेसाइबर थाना भवन – 4.88 करोड़ रुपये
पाली शहर में रविवार को पीटीईटी परीक्षा 2026 का आयोजन चार परीक्षा केंद्रों पर किया गया। सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को सुबह साढ़े 7 बजे से प्रवेश देना शुरू कर दिया गया। शहर के बांगड़ कॉलेज परीक्षा केंद्र पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। यहां कड़ी जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। तैनात पुलिसकर्मी प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की जांच के बाद परीक्षार्थियों को अंदर भेज रहे थे। परीक्षा प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। इसी तरह का नजारा शहर के बांगड़ स्कूल परीक्षा केंद्र पर भी देखने को मिला। यहां भी सघन जांच के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। मन्नत के धागे तक खुलवाए गए तथा प्रवेश पत्र, पैन कार्ड सहित अन्य पहचान दस्तावेजों की जांच की गई। परीक्षा केंद्रों पर लड़कों की तुलना में लड़कियों की कतारें अधिक लंबी नजर आईं। उल्लेखनीय है कि शहर के चार परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा के लिए कुल 1818 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। यह फोटो भी देखें…
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जेल में बंद विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद नाराज रिश्तेदारों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इस दौरान वहां हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। रिश्तेदारों का आरोप है कि जेल में कैदी के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने रिश्तेदारों के आरोपों को गलत बताया है। जानकारी के अनुसार विचाराधीन कैदी अवैध शराब बेचने के मामले में जेल में बंद था। घटना के बाद रिश्तेदारों ने मामले की न्यायिक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, 10 मई को कोतरारोड थाना क्षेत्र के नवापारा गांव निवासी संजय बघेल (28) को अवैध शराब बिक्री के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार सुबह जेल में उसकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे फौरन रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई, जिसकी खबर मिलते ही रिश्तेदार और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अचानक हुई मौत पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। रिश्तेदारों का आरोप है कि जेल में संजय बघेल के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। उनका यह भी कहना है कि घटना के कई घंटे बाद तक उन्हें शव देखने की अनुमति नहीं दी गई। समझाइश के बाद शांत हुए रिश्तेदार और ग्रामीण स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने रिश्तेदारों और ग्रामीणों को समझाइश दी। अधिकारियों ने बताया कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव दिखाया जाएगा। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी चाहिए। पिता ने कहा- दूसरे को पैसा लेकर छोड़ा संजय के पिता प्यारे लाल बघेल ने बताया कि 3 दिन पहले गांव में सामाजिक कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में बेटा शामिल होने गया था। उसी दौरान शंभू चौहान नाम के पुलिसकर्मी ने संजय और एक अन्य युवक को पकड़ लिया था। शव देखने नहीं दिया वहीं, इस मामले में सरपंच नंद कुमार बरेठ ने बताया कि तीन दिन पहले कोतरारोड पुलिस ने अवैध शराब के मामले में संजय बघेल को गिरफ्तार किया था। आज सूचना मिली कि उसकी मौत हो गई है। खबर मिलते ही ग्रामीण और रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे, लेकिन काफी देर तक उन्हें शव देखने की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस बोली- कोई मारपीट नहीं हुई जेल अधीक्षक जीएस सोरी ने बताया कि संजय बघेल को 10 जून को जेल में दाखिल किया गया था। 12 जून को उसकी तबीयत खराब होने पर जेल अस्पताल में उसका इलाज कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर शनिवार सुबह उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसका परीक्षण कर दवाइयां दीं। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बिलासपुर सेंट्रल जेल में कैदी की संदिग्ध मौत: 4 दिन पहले शराब मामले में हुआ था गिरफ्तार, परिजन बोले- पीट-पीटकर की गई हत्या बिलासपुर में केंद्रीय जेल में एक कैदी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। चार दिन पहले ही पुलिस ने उसे शराब के केस में गिरफ्तार किया था। परिजन का कहना है कि जेल भेजने से पहले पुलिसकर्मियों ने पैसे की डिमांड की थी और उसकी बेहरमी से पिटाई की थी। उन्होंने बंदी की हत्या का आरोप लगाते हुए जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर…
आगरा में निकली धूप, हल्के बादल छाए:तापमान 39 डिग्री पहुंचा, 18 जून के बाद भीषण गर्मी का अलर्ट
आगरा में रविवार सुबह से तेज धूप के साथ हल्के बादल छाए हुए हैं। पिछले दिनों हुई बारिश और आंधी के कारण गर्मी में कमी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 39C और न्यूनतम तापमान 27C के आसपास रहने का अनुमान है। बीते दिनों शहर का अधिकतम तापमान 44C तक पहुंच गया था। इसके मुकाबले अब तापमान में करीब 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। तापमान में आई इस कमी से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि दोपहर के समय तेज धूप के कारण गर्मी का असर महसूस हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सप्ताह तापमान में फिर बढ़ोतरी होने की संभावना है और पारा दोबारा चढ़ सकता है। अगले सात दिनों में फिर बढ़ेगा तापमान आने वाले सप्ताह में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। अधिकांश दिनों में तेज धूप निकलेगी और तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। 18 जून के बाद अधिकतम तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को फिर से गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि प्री-मानसून गतिविधियों के चलते बीच-बीच में बादल और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी। पिछले सात दिनों में ऐसा रहा मौसम पिछले एक सप्ताह में आगरा का मौसम कई बार बदला। सप्ताह की शुरुआत भीषण गर्मी और लू जैसे हालात के साथ हुई, जब अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। इसके बाद 11 जून से मौसम ने करवट ली और आंधी-बारिश का दौर शुरू हुआ। बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई। पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस कम हुआ, जबकि 10 जून की तुलना में रविवार तक तापमान में लगभग 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। इसी वजह से धूप निकलने के बावजूद गर्मी की तीव्रता कम महसूस हो रही है।
नूंह जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित कुमार जैन ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में फिरोजपुर झिरका सदर थाना प्रभारी रण सिंह को निलंबित कर दिया है। पुलिस के अनुसार, थाना प्रभारी रण सिंह क्षेत्र में चल रहे ओवरलोड डंपरों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहे थे। इसके अतिरिक्त, अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा की गई एक महत्वपूर्ण छापेमारी के दौरान भी उनकी गंभीर लापरवाही सामने आई थी। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी किए। जानकारी के अनुसार, फिरोजपुर झिरका सदर थाने में जल्द ही नए थाना प्रभारी की नियुक्ति की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य थाना और चौकी प्रभारियों में भी अपनी ड्यूटी के प्रति जवाबदेही और सतर्कता बढ़ गई है। अपराध नियंत्रण में जवाबदेही पर जोर : एसपी डॉ. अर्पित कुमार जैन ने नूंह जिले में पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभालने के बाद से ही अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। अपने दो महीने के कार्यकाल में उन्होंने दो पुलिस इंस्पेक्टरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित कुमार जैन ने इस संबंध में कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जयपुर शहर की नागरिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाले 'भास्कर समाधान' पर आज फिर जनता ने अपनी परेशानियां पोस्ट कर बताई हैं। नारायण विहार में जहां पिछले 3 महीने से बंद रोड लाइटों के कारण लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं, वहीं सांगानेर में लापरवाही की वजह से क्षतिग्रस्त हुई पानी की पाइपलाइन ने लोगों के लिए पानी की किल्लत बढ़ा दी है। हालांकि, 'भास्कर समाधान' का बड़ा असर भी देखने को मिला है—माल की ढाणी में लंबे समय से जमा कचरे को साफ कर दिया गया है, तो रेलवे स्टेशन के पास हादसों को न्यौता दे रहे झुके हुए बिजली के पोल को भी दुरुस्त करा दिया गया है। इसी के साथ आज नगर निगम के निवर्तमान चेयरमैन मनोज मुदगल को 'पब्लिक का स्टार' चुना गया है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) नारायण विहार वेस्ट वे हाइट्स में रोड लाइट खराबजयपुर शहर के नारायण विहार वेस्ट वे हाइट्स जेडीए योजना इलाके से प्रीतम अग्रवाल ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर बंद रोड लाइट की समस्या पोस्ट की है। प्रीतम ने बताया कि लाइट पिछले 3 महीने से बंद है। शाम होते ही भरी आबादी वाले इस इलाके में लोग अंधेरे में रहने को मजबूर है। महावीर कॉलोनी से सामने आई नाली की समस्याबम्बाला के गोवर्धन नगर की महावीर कॉलोनी से कपिल देव ने नाली जाम की समस्या के बारे में बताया है। उन्होंने लिखा कि 15 दिनों से कॉलोनी की नालियां जाम है। ये मुख्यमंत्री का क्षेत्र है फिर भी इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव से गली में हो रही फिसलनआमेर के कुंडा इलाके की जगदंबा विस्तार विहार कॉलोनी के रहने वाले ईश्वर सिंह ने भी 'भास्कर समाधान' पर खराब सड़क और जलभराव की परेशानी पोस्ट कर बताई है। उन्होंने लिखा कि 2 साल से रोड खराब है और बारिश का पानी जमा हो रहा है। इसी के साथ चिकनी मिट्टी होने के कारण लोगों के फिसलने का डर बना रहता है। सांगानेर में पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्तसांगानेर के दादू दयाल नगर से नीरज नाजवानी ने कल्याणपुरा पानी की पाइपलाइन टूटने से हो रही समस्या पोस्ट की है। नीजर ने लिखा कि सड़क की खुदाई होने के दौरान पानी की पाइपलाइन तोड़ दी गई है, जिसे अभी तक ठीक नहीं किया गया और लोगों को असुविधा हो रही है। कचरे की समस्या का हुआ समाधानजयपुर शहर के सांगानेर के माल की ढाणी से गौरव पटेल ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर कचरे की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें गौरव ने बताया था कि कॉलोनी में काफी समय से कूड़ा-कचरा पड़ा हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू फैल रही थी। समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर साफ-सफाई करवा दी है। बिजली के पोल की ससस्या का समाधानशहर के रेल्वे स्टेशन एरिया के पास पावर हाउस रोड से चंद्र ने दैनिक भास्कर एप पर बिजली के पोल से संबंधित समस्या लिखी थी। उन्होंने बताया था कि बिजली का पोल एक तरफ झुक गया है। जिसके गिरने से कभी भी हादसा हो सकता है. समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम के निवर्तमान चेयरमैन ने एक्शन लेते हुए समाधान करवा दिया है। मनोज मुदगल बने आज के 'पब्लिक के स्टार'जयपुर शहर के रेल्वे स्टेशन एरिया के पास से बिजली के पोल के झुक जाने की शिकायत सामने आई थी। इस मामले में वहां रहने वाले चंद्र ने इसे ठीक करने की मांग की थी। समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम के निवर्तमान चेयरमैन मनोज मुदगल ने इसका समाधान करवा दिया है। जिससे क्षेत्र के लोगों को राहत मिली है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर शहर में असुविधाओं की हकीकत:कहीं मलबा तो कहीं अंधेरे की शिकायत; मालवीय नगर में कार्रवाई कर निधि जैन बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 2.जयपुर में घरों के पानी से सड़क पर जलभराव:मकानों पर लटके मीटर के तार दे रहे बड़े हादसे को न्योता, ओवरफ्लो सीवर लाइन दुरस्त 3.जयपुर में जनता की आवाज बनी असरदार:समस्याओं के बीच सामने आया समाधान का उदाहरण, नगर निगम की कार्रवाई से मिली राहत 4.जयपुर के सुमेल में सुधरी बिजली:घाट गेट में नालियां साफ; मेयर कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 5.भास्कर समाधान का असर, स्ट्रीट लाइट की समस्या हुई दूर:पानी, सड़क और सफाई की समस्याओं से जूझ रहे लोग, शिव कुमार बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 6.जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ की पहल का असर:आदर्श नगर की बंद स्ट्रीट लाइट और बुद्ध विहार की सफाई समस्या दूर; झोटवाड़ा, सांगानेर और जगतपुरा में लोग परेशान 7.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 8.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’ 9.जयपुर में खुले नाले, सीवर ओवरफ्लो से लोग परेशान:प्रशासन की अनदेखी से समस्याएं जस की तस, कई जगहों पर हुआ समाधान 10.मुरलीपुरा और मानसरोवर में सीवर की समस्या:कई क्षेत्रों में भास्कर की पहल से हुआ समाधान; XEN निधि जैन बनीं आज ‘पब्लिक की स्टार’
पुडुचेरी से जुड़े 5 करोड़ रुपए के नकली दवा घोटाले के मुख्य आरोपी को जांच में राहत दिलवाने के लिए हरियाणा कैडर के 2012 बैच के एक सीनियर IPS अधिकारी को नाम सामने आया है। आरोपी से 3 करोड़ रुपए की डील होने का भी खुलासा हुआ है। सीबीआई की रडार पर आए इस आईपीएस अधिकारी चिह्नित तो कर लिया गया है, लेकिन फिलहाल उनके नाम का आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक खुलासा नहीं किया गया है। जो वर्तमान में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में क्षेत्रीय निदेशक के पद पर तैनात हैं। खास बात यह है कि इनके ही बैचमेट IPS अधिकारी इन दिनों सीबीआई में ही पोस्टेड हैं। 14 मई को दिल्ली में हुई डील सीबीआई के मुताबिक, 14 मई को दिल्ली में आरोपियों व अधिकारी की बीच मीटिंग हुई। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और राजकुमार ने मुख्य आरोपी एन राजा से कथित तौर पर 3 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी। इसमें से 1.5 करोड़ रुपए एडवांस दिए जाने थे। इंस्पेक्टर प्रदीप ने हवाला ऑपरेटर के जरिए 1 करोड़ लिए और फिर उसे प्रभात नाम के शख्स को दिए थे। प्रभात, आरोपी IPS अफसर का परिचित था। इसके बाद इंस्पेक्टर ने बचे 25 लाख रुपए अपने घर में रख लिए। जो बाद में सीबीआई की जांच में इंस्पेक्टर और राजकुमार के पास से मिले। सीबीआई अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों को बचाने और जांच को प्रभावित करने के लिए रिश्वतखोरी में कौन-कौन शामिल था। अब जानिए घोटाले की मुख्य बातें… पुडुचेरी का नकली दवा घोटाला क्या है? साल 2025 में पुडुचेरी में पुलिस और CBI-CID ने छापेमारी के बाद नकली और मिलावटी दवाइयां बनाने के धंधे का पर्दाफाश किया था। इस दौरान भारी मात्रा में नकली दवाएं और कच्चा माल जब्त किया गया था। इनकी दवाओं की रकम करीब-करीब 5000 करोड़ थी। इसके बाद मुख्य आरोपी एन राजा को गिरफ्तार किया गया। जांच आगे बढ़ी तो मामले में नेता से लेकर अफसर, सबकी भागीदारी के संकेत मिले। इसके बाद मामला सीबीआई को जांच के लिए सौंपा गया। सीबीआई ने मार्च में एन राजा के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया। अब जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे रिश्वत का खुलासा हो रहा है। साथ ही अफसरों की संलिप्तता भी सामने आ रही है।
उदयपुर। दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' के जरिए शहरवासी लगातार अपनी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। इसी कड़ी में जहां भुवाना में बार-बार बिजली कटने की समस्या के समाधान और जैन कॉलोनी में रुके हुए नाले की सफाई होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है, वहीं शहर के कई इलाकों में अब भी बुनियादी समस्याओं का अंबार है। हिरण मगरी सेक्टर 4 में सड़क पर पड़े कचरे की बदबू से लोग परेशान हैं, तो खुमानपुरा में बंद पड़ी रोड लाइटें अंधेरे का कारण बनी हुई हैं। इसके अलावा, कुराबाद में पानी की भारी किल्लत और चित्रकूट नगर में गैस लाइन के लिए खोदी गई सड़कें आने वाले मानसून में बड़ी मुसीबत को दावत दे रही हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) सड़क पर पड़े कचरे से आ रही बदबूउदयपुर शहर के हिरण मगरी के सेक्टर 4 से रमेश ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर महेश्वरी गौतम भवन के पास पड़े कचरे की समस्या लिखी। जिसमें रमेश ने बताया कि कचरे से इतनी बदबू आती है कि वहां से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। बंद रोड लाइट से गली में अंधेराखुमानपुरा क्षेत्र के महावीर कॉलोनी रोड के पास रहने वालीं विद्या शर्मा ने 'भास्कर समाधान' पर बंद रोड लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि गली में लाइट पिछले कई समय से बंद है, जिससे हर तरफ अंधेरा रहता है। कुराबाद इलाके में रेगुलर पानी न आने की समस्याउदयपुर जिले के कुराबाद के रहने वाले शंकर नाथ ने पानी नहीं आने की समस्या के बारे में लिखा है। शंकर का कहना है कि इस क्षेत्र में लगभग 1 महीने में 1 बार ही पानी आता है। पानी आने का न तो निर्धारित समय है और न ही पानी कितनी देर आएगा इस बारे में लोगों को कोई जानकारी है। बारिश के दिनों में चित्रकूट नगर की स्थिति और भी खराबचित्रकूट नगर के कुंज विहार से भी सड़क से संबंधित समस्या सामने आई है। जिसमें निवासी पूजा गौर ने लिखा कि गैस लाइन डालने का काम करने के बाद से सड़क को खोद कर छोड़ दिया गया है। बारिश के दिनों में तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। भुवाना में बिजली की समस्या का हुआ समाधानउदयपुर शहर के ज्ञान विहार रोड के रहने वाले दिनेश ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर बिजली बार-बार कटने की समस्या पोस्ट की है। जिसमें दिनेश ने लिखा था कि सेलिब्रेशन मॉल के पास वाले इलाके में बार-बार लाइट जा रही थी। समस्या पोस्ट करने के बाद संंबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान कर दिया है। रुके हुए नाली की करवाई साफ-सफाईनोखा रोड के जैन कॉलोनी निवासी प्रकाश ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर गंदे नाले में कचरा जमा होने के बारे में पोस्ट किया था। प्रकाश ने बताया कि पूरा नाला कचरे से भरा हुआ था। इस मामले में पोस्ट करने के बाद नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी ने कार्रवाई करते हुए नाले की सफाई करवा दी है। पुरुषोत्तम चौहान बने आज के 'पब्लिक के स्टार'उदयपुर शहर के जैन कॉलोनी के रहने वाले प्रकाश ने गंदे नाले में कचरा जमा होने की समस्या दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की थी। समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी पुरुषोत्तम चौहान ने सफाई करवा दी है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.उदयपुर में सुविधाएं नहीं मिलने से लोग परेशान:शहर की सड़कों से पार्क तक समस्याओं का अंबार, शिकायतों पर कुछ जगह मिली राहत 2.‘भास्कर समाधान’ के 12 दिन पूरे:शहरभर से सैकड़ों शिकायतें, कई समस्याओं का हुआ तुरंत समाधान 3.उदयपुर में भास्कर समाधान से राहत:कई समस्याओं पर अफसरों ने लिया एक्शन; कई इलाकों में नहीं सुधर रहे हालात 4.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:चित्रकूट नगर में रोशन हुईं स्ट्रीट लाइटें, सेक्टर 4 का खुला चैंबर ठीक करने वाले JEN हिमांशु बने ‘स्टार ऑफिसर’ 5.उदयपुर में बिजली आपूर्ति की समस्या का हुआ समाधान:लोगों ने भास्कर समाधान पर उठाई आवाज, आशीष कुमावत बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 6.उदयपुर में ‘भास्कर समाधान’ का असर:स्ट्रीट लाइट और झुका बिजली पोल हुआ ठीक; कुंभा नगर, बड़गांव, मीरा नगर में समस्याएं बरकरार 7.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:ज्योति नगर और पत्रकार कॉलोनी की स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त; सेक्टर-6, विक्रमचार्या नगर और पहाड़ा में समस्याओं से जनता परेशान 8.उदयपुर में कहीं अंधेरे से खतरा,कहीं सड़क-नालियों का संकट:जीएसटी विभाग के क्वार्टर्स में कचरा; भास्कर समाधान से मिली कई समस्याओं से राहत 9. भास्कर समाधान असर, एक पोस्ट से घर बैठे समाधान:कहीं नदी में मिल रहा गंदे नाले का पानी, कहीं टूटी सड़कें बनी मुसीबत, जेईएन शिवानी बनीं 'पब्लिक की स्टार' 10. राजस्थान के 5 और शहरों में 'भास्कर समाधान' लॉन्च:डिप्टी सीएम बैरवा, शिक्षा, कानून और वन मंत्री ने की शुरुआत, समस्या से समाधान तक ऑनलाइन
जोधपुर में दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ ने लोगों को अपनी समस्याओं को सीधे जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाने का मंच दिया है। यूजर अपनी पोस्ट के जरिए अधिकारियों को अपने वार्ड की जमीनी हकीकत भी बता रहे हैं। अधिकारी भी यथा संभव समाधान करवा रहे हैं। इस तरह भास्कर समाधान जनता और अधिकारियों के बीच संवाद का काम कर रहा है। ‘भास्कर समाधान’ पर इन समस्याओं के पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग अपने क्षेत्र की समस्याओं का हल भी निकाल रहे हैं। इतना ही नहीं अधिकारी शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लेते हैं। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए… गली में झूल रहे तार, खम्भा झुका जोधपुर से दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ पर प्रताप नगर, गुरु का तालाब, वार्ड नंबर 25 से दीपक ने बिजली के तारों की समस्या भेजी है। उन्होंने लिखा कि रोकड़िया बालाजी मंदिर के सामने नहर वाली गली में एक महीने से बिली का खंभा झुका हुआ है। बिजली के तार भी रास्ते पर झूल रहे हैं। समय पर नहीं उठता, लगा कचरे का ढेर जोधपुर के सूर सागर रोड से दिनेश कुमार दायमा ने समय पर कचरा न उठाने की शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है कि उनके एरिया कृषि कुंज में मुख्य रास्ते के किनारे गंदगी का ढेर लगा हुआ है। यह हजारों लोगों के रोज आने–जाने का रास्ता है लेकिन बदबू के मारे यहां सांस लेना भी मुश्किल होता है। सड़क भी टूटी हुई है। खुले में पड़े बिजली के तार, बेसाहारा डॉगी की मौत सरदारपुरा से राजू देवानी ने पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक जगह पर बिजली के खुले तार पड़े होने की समस्या बताई है। उन्होंने लिखा कि बिजली के तारों की अव्यवस्था की शिकायत संबंधित विभागों को अप्रेल में ऑनलाइन कर चुके हें, लेकिन आज तक कोई समाधन नहीं हुआ। एक बेसाहारा कुत्ते की करंट लगने से मौत भी हो चुकी है। गली में ही नहीं आते सफाईकर्मी पुरोहितों का बास, मदेरणा कॉलोनी से बबलू ने पोस्ट में सफाई कर्मचारियों से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उनकी गली में न तो सफाई के लिए कर्मचारी आते हैं न ही कचरा उठाने गाड़ी सहां आती है। कई बार कह चुके लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 10 दिन बाद ठीक हुई सीवरेज लाइन जोधपुर के बनाड़ रोड, आर्मी स्कूल के सामने गली नंबर 10 से कमांडर लक्ष्मण सिंह कर्मसोत ने सीवरेज लाइन लीक होने से गंदा पानी कॉलोनी में जमा होने की शिकायत पोस्ट की थी। इस पर एक्शन लेते हुए संबंधित विभाग ने लीकेज ठीक कर 10 दिन बाद कॉलोनीवासियों की समस्या का समाधान कर दिया। यूजर ने खुद यह जानकारी दी। ‘भास्कर समाधान’ से हल हुई समस्या जोधपुर के रिडिया चौराहा, सूर सागर रोड से रणजीत ने समस्या पोस्ट की थी कि उनके घर के पास खाली प्लॉट में बाहर के लोग आकर कचरा डाल रहे हैं। इससे वहां रहने वालों को बहुत परेशानी होती है। भास्कर समाधान पर पोस्ट के बाद संबंधित विभाग ने पूरे प्लाट की सफाई करवाकर समाधान कर दिया है। राजेश सारवान बने ‘पब्लिक के स्टार' जोधपुर के सूर सागर रोड से रणजीत ने समस्या पोस्ट की थी कि उनके घर के पास खाली प्लॉट में बाहर के लोग आकर कचरा डाल रहे हैं। कई बार अधिकारियों को लिख चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। समस्या सामने आने पर सफाई प्रभारी राजेश सारवान ने समाधान करवा दिया है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1. 5 दिनों से बंद बिजली आपूर्ति का हुआ समाधान:शिकायतों के बाद कुछ समस्याओं का हुआ समाधान, कुलदीप सिंह बने आज के 'पब्लिक के स्टार' 2. ‘भास्कर समाधान’, एक पोस्ट से मिल रहे हल:आंधी में गिरे बिजली के पोल अब तक नहीं लगाए, गंदे पानी से निकलने को मजबूर 3.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
कोटा में दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ का असर नजर आने लगा है। यूजर की पोस्ट विभिन्न विभागों और उनके अधिकारियों को जमीनी हकीकत भी बता रही है, जिसका अधिकारी लगातार समाधान भी करवा रहे हैं। कोटा में सबसे ज्यादा समस्या जाम नालों, पाने के पानी, ओवरफ्लो चैम्बर और खाली प्लाट में कचरा डालने की है। भास्कर ‘समाधान’ पर इन समस्याओं के पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग अपने क्षेत्र की समस्याओं का हल भी करवा रहे हैं। अधिकारी शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लेते हैं। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए... खाली प्लाट में कचरे से बीमारी का डर कोटा से दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ पर रंगबाड़ी के अम्बे नगर से तंवर सिंह ने खाली प्लाट में कचरा डालने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है कि उनके घर के आगे–पीछे मौजूद खाली प्लाट में लोग कचरा डालते हैं। गंदगी के कारण अब बरसात में उन्हें मौसमी बीमारी का डर लगने लगा है। रोज हो रही नाली जाम, सफाई नहीं होती रंगबाड़ी से ही राजेश्वरी गौड़ ने नाली जाम होने की शिकायत हमें भेजी है। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि वीर सावरकर नगर में उनके घर के आगे बनी नाली सफाई न होने की वजह से रोज जाम हो जाती है। जिससे गंदा पानी गली और उनके घर के आगे जमा हो जाता है। जलभराव से उन्हें बाहर निकलने में भी परेशानी होती है। पॉश इलाके में भरा पानी, डेंगू का डर जमना बावरी मार्ग, नयापुरा से अरुण शर्मा ने सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके मेंपानी भरने की शिकायत ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की है। शर्मा ने लिखा कि यहां काफी समय से गड्ढा है जिसमें बारिश और आसपास की नालियां का पानी भरने से डेंगू फैलने का डर बना हुआ है। संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत कर चुके लेकिन समाधान नहीं हुआ। महीनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट, सुनवाई नहीं कोटा के गणेश पोल से आशीष ने अपनी कॉलोनी में लगी स्ट्रीट और रोड लाइट की समया पोस्ट की हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि कई महीनों से उनके इलाके में ये लाइट्स खराब पड़ी हैं। शिकायत के बावजूद विभाग सुनवाई नहीं कर रहा। अंधेरे के कारण रात को निकलने में भी संकोच होता है। ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट से लगा सरकारी बोरिंग कोटा के अनंतपुरा के महादेव मंदिर क्षेत्र में पानी की समस्या यूजर एस.के. ने पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि पानी के लिए निजी बोरिंग वालों पर निर्भर थे जो मनमाना पैसा वसूल रहे थे। सरकारी बोरिंग की जरूरत थी जो लग नहीं रहा था। पोस्ट के बाद लोगों और विभाग के आपसी सहयोग से कॉलोनी में सरकारी बोरिंग लग गया है। भास्कर समाधान पर पोस्ट के बाद मिला हल आरडीएएच कृष्णा मंदिर रोड से दिलीप महावर ने पोसट कर ओवर फ्लो सीवर चैम्बर की शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि उनके यहां गली में बने दोनों सीवर चैम्बर रोज ओवर फ्लो रहते हैं। गंदा पानी गली के किनारे जमा होकर बदबू मारता है। इस पर संबंधित विभाग ने उनकी समस्या का समाधान करवा दिया है। XEN पवन शर्मा बने ‘स्टार ऑफिसर' कोटा के केशवपुरा की राजपूत कॉलोनी से दिलीप महावर ने सीवर चैम्बर के ओवर फ्लो होकर बहने की शिकायत ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि उनकी गली में बने दोनों चैम्बर दिनभर ओवरफ्लो रहते हैं। इस पर एक्सईएन पवन शर्मा ने टीम भेजकर समस्या हल करवा दी है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 2.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 3.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
सीकर शहर के विभिन्न इलाकों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई हैं। भास्कर समाधान पर नागरिकों ने सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं। कहीं पाइपलाइन डालने के बाद सड़क का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है, तो कहीं लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इसके अलावा एक क्षेत्र में रोड लाइट का पोल झुक जाने से हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। हालांकि कुछ मामलों में संबंधित विभागों ने कार्रवाई शुरू होने की जानकारी दी है, लेकिन कई समस्याएं अब भी समाधान का इंतजार कर रही हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) पाइपलाइन खुदाई के बाद नहीं बनी सड़क महाराणा प्रताप नगर से शुभम शर्मा ने पोस्ट किया कि पंचमुखी बालाजी मंदिर के पास जीवन नगर में कॉमर्स कॉलेज के सामने स्थित गली में पाइपलाइन की खुदाई के बाद सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ और पानी भरने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से परेशानी झेलने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। इस मामले में संबंधित अधिकारी ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए कार्य जारी है। मुख्य नाली की सफाई नहीं होने से बढ़ी परेशानीजाट कॉलोनी से सुरेंद्र ने पोस्ट किया कि आज़ाद नगर, नवलगढ़ रोड क्षेत्र में मुख्य नाली और घरों के सामने की नालियों की सफाई नहीं हुई है। रहवासियों का कहना है कि गंदगी जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। शिकायत के बावजूद अब तक सफाई नहीं कराए जाने से लोगों में नाराजगी है। ब्लॉक नाली का पानी सड़क पर, रास्ता हुआ बाधितन्यू जनता कॉलोनी रोड क्षेत्र से हरिप्रसाद ने पोस्ट किया कि में नाली पूरी तरह ब्लॉक होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार पूरे मोहल्ले का पानी इसी नाली से निकलता है, लेकिन जाम होने के कारण सड़क पर जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। झुका रोड लाइट पोल बना हादसे का खतरानवलगढ़ बाईपास से शिव शंकर शर्मा ने पोस्ट किया कि दासा की ढाणी क्षेत्र में रोड लाइट का पोल टेढ़ा होकर झुक गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोल कभी भी गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई कर पोल को दुरुस्त करने की मांग की है। दिन में जलती मिली स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान जयपुर रोड, सीकर से पिंटू ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया था कि उनके क्षेत्र में दिन के समय भी स्ट्रीट लाइटें जल रही थीं। इससे बिजली की अनावश्यक खपत हो रही थी। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त कर समस्या का समाधान कर दिया। इससे बिजली की बर्बादी रुक गई और क्षेत्रवासियों को राहत मिली। रानी सती रोड की गली से हटाया गया कचरा शास्त्री नगर, सीकर से आदित्य जांगिड़ ने शिकायत पोस्ट कर बताया था कि रानी सती रोड स्थित गली में लंबे समय से मिट्टी, पत्थर और कचरा पड़ा हुआ था। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी और गंदगी का माहौल बना हुआ था। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने सफाई करवाकर गली से मिट्टी, पत्थर और कचरा हटवा दिया। समस्या का समाधान होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली। आज के स्टार ऑफिसर: एईएन अमित शर्मा आज के स्टार ऑफिसर एईएन अमित शर्मा रहे। शास्त्री नगर से आदित्य जांगिड़ ने रानी सती रोड स्थित गली में लंबे समय से पड़े मिट्टी, पत्थर और कचरे की शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद अमित शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई कराई। उनकी पहल पर संबंधित टीम ने गली की सफाई करवा कर समस्या का समाधान किया। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… 1.पैराडाइज सिटी में पानी की समस्या से मिली राहत:संबंधित विभागों की कार्रवाई से लोगों को मिली राहत, किरण बनी आज की 'स्टार ऑफिसर' 2.भास्कर समाधान का असर: 62 से ज्यादा समस्याओं का समाधान:504 शिकायतें मिली, कई समस्याओं पर काम जारी , लोगों को मिली राहत 3.सीकर के सबलपुरा में 8 दिन में बनी सड़क:स्टेशन रोड पर लीकेज ठीक; बस स्टैंड पर कचरा और पिपराली रोड पर गंदे पानी की सप्लाई 4.भास्कर समाधान में जलभराव की समस्या हुई ठीक:जनसुविधाओं की बदहाली, शिकायतों के बीच कई समस्याओं का हुआ समाधान 5.भास्कर समाधान का असर, पानी लीकेज की समस्या दुरस्त:सीकर में स्ट्रीट लाइट, खुली नाली और गंदगी की समस्याएं बनी चिंता का कारण 6.एक क्लिक पर हुआ सड़क की समस्या का समाधान:नालियों और सीवरेज की समस्याओं से लोग परेशान, JEN हरिराम बने आज के 'पब्लिक के स्टार' 7.भास्कर ‘समाधान’, एप पर शिकायत से प्रशासन हुआ अलर्ट:पानी, सफाई और आवारा पशुओं की समस्या से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों का हुआ समाधान 8.सीकर में समाधान सेगमेंट का असर:कचरा गाड़ी और नाली की समस्या में सुधार, AEN अमित शर्मा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 9.सीकर में सड़क और सीवर समस्याओं से लोग परेशान:कई इलाकों में जलभराव, टूटी सड़कें और खुले चैंबर; AEN वाजिद अहमद बने स्टार ऑफिसर 10. भास्कर समाधान असर, एक पोस्ट से मिल रहा समाधान:बिजली, सीवरेज और टूटी सड़कों की समस्याओं से लोग परेशान, विवेक ओला बने आज ‘पब्लिक के स्टार’
लुधियाना में धर्म परिवर्तन को लेकर पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। एक युवक और उसकी पत्नी के साथ उनके रिश्तेदारों और मां-बाप ने जमकर मारपीट की है। थाना दुगरी की पुलिस ने मारपीट करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता शिवांगू दुआ निवासी सेक्टर-5, गुरु ज्ञान विहार, दुगरी, लुधियाना ने बयान में बताया कि 26 मई 2026 को उसके मामा विवेक भाटिया, मनीष भाटिया, उसकी मां डिंपल दुआ और पिता नीरज कुमार ने मिलकर उसके और उसकी पत्नी अदिति आस्त्रा से मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। वर्ष 2024 में इस्लाम अपनाया शिवांगू ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2024 में उसने इस्लाम धर्म अपना लिया था और तब से वह इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार जीवन व्यतीत कर रहा है तथा इबादत करता है। उसका आरोप है कि उसके माता-पिता को उसका धर्म परिवर्तन स्वीकार नहीं था। इसी रंजिश के चलते परिवार के सदस्यों ने अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर उस पर और उसकी पत्नी पर हमला किया। आरोपियों ने जूते चप्पल तक मारे। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान नीरज कुमार दुआ निवासी मकान नंबर 23, सेक्टर-5, गुरु ज्ञान विहार, दुगरी, डिंपल दुआ, विवेक भाटिया, मनीष भाटिया निवासी जवाला नगर, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) तथा महिंद्र कुमार दुआ निवासी प्रकाश नगर के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज थाना दुगरी पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2), 351(2), 191(3) और 190 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
मैहर में वन विभाग ने अवैध वन उपज के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को रामगढ़-ओबरा मुख्य मार्ग पर अर्जुन प्रजाति की लकड़ी से लदा एक टाटा ट्रक जब्त किया गया। कार्रवाई वन विभाग की टीम ने वाहन चेकिंग के दौरान की गई। इसमें बीट प्रभारी भीषमपुर, परिक्षेत्र सहायक अमरपाटन और वन परिक्षेत्र अमरपाटन के अन्य कर्मचारी शामिल रहे। संदेह के आधार पर ट्रक को रोका गया और चालक दिनेश यादव (पिता किशोरीलाल, निवासी कैशालपुर, जिला सतना) से लकड़ी परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए। हालांकि, चालक कोई आवश्यक अनुमति पत्र या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। विभाग ने ट्रक और लकड़ी को जब्त किया इसके बाद वन विभाग की टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ट्रक और उसमें लदी अर्जुन प्रजाति की लकड़ी को जब्त कर लिया। जब्त की गई लकड़ी की अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख रुपए बताई गई है। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह लकड़ी कटहा गांव से अमरपाटन ला रहा था। इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। जब्त वाहन और वन उपज को फिलहाल विभागीय अभिरक्षा में रखा गया है। रेंजर प्रफुल त्रिपाठी ने जानकारी दी कि मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दौसा में यूपी के अलीगढ़ से जयपुर जा रही रोडवेज बस आगरा रोड बाईपास कट पर आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। स्पीड ब्रेकर पर ट्रेलर की रफ्तार कम होने के दौरान पीछे से आ रही बस ड्राइवर उसकी स्पीड का सही अनुमान नहीं लगा सका और बस ट्रेलर में जा घुसी। हादसा रविवार अलसुबह करीब 5 बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना में 2 बच्चों और 6 महिलाओं समेत कुल 19 यात्री घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी घायलों की हालत सामान्य बताई जा रही है। गहरी नींद में थे यात्राी, हादसे के बाद मची चीख पुकार जानकारी के अनुसार, हादसे के समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। अचानक बस के ट्रेलर से टकराने पर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्पीड ब्रेकर पर ट्रेलर की रफ्तार कम हुई, पीछे से बस भिड़ीपुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाईपास कट पर बने स्पीड ब्रेकर के कारण ट्रेलर की गति धीमी हुई थी। इसी दौरान पीछे से आ रही यूपी रोडवेज बस चालक ट्रेलर की रफ्तार का सही अनुमान नहीं लगा सका और तेज गति में बस ट्रेलर से जा टकराई। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची, चलाया रेस्क्यू अभियानहादसे की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम की निगरानी में उनका इलाज जारी है। 2 बच्चे और 6 महिलाओं समेत 19 यात्री घायलपुलिस के अनुसार हादसे में 2 बच्चे और 6 महिलाओं सहित कुल 19 यात्री घायल हुए हैं। सभी घायल उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं। घायलों में विजेंद्र सिंह ठाकुर निवासी हनुमानगढ़ी चंदौसी संभल, सौरव यादव निवासी जमालपुर हाथरस, विजेंद्र सिंह जाट निवासी महू अलीगढ़, सोनू शर्मा निवासी गढ़ी नंगला अलीगढ़, पुष्पेंद्र दरजी निवासी अलीगढ़, बॉबी सिंह निवासी जगतपुर अलीगढ़, लोकेश और कौशल सैन निवासी कस्तली अलीगढ़, देव शर्मा निवासी सीहपुर अलीगढ़, अभिषेक जाट निवासी हाथरस, कुंवरपाल यादव निवासी लहरा नंगला संभल, मोहम्मद नौशाद और राशिद अली निवासी जमालपुर अलीगढ़, उषा कश्यप, नंदनी और लता निवासी बेगम बाग अलीगढ़, आरिफ मलिक निवासी जमालपुर अलीगढ़ तथा सुमित चौधरी और निशांत चौधरी निवासी जगतपुर अलीगढ़ शामिल हैं। सभी घायल खतरे से बाहर, अस्पताल में जारी है इलाजजिला अस्पताल में सभी घायलों का उपचार जारी है। पुलिस के अनुसार किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है और सभी की हालत सामान्य तथा खतरे से बाहर है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है। राहत की बात यह रही कि हादसा बड़ा होने के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई।
लखनऊ में एक बार फिर ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश का मामला सामने आया है। कैंट क्षेत्र के दिलकुशा ब्लॉक हट के पास रेलवे ट्रैक पर 50 किलो वजनी लोहे का एंगल रख दिया गया। अमृतसर से हावड़ा जा रही पंजाब मेल जब लखनऊ से गुजरी तो दिलकुशा के पास उसके इंजन के नीचे लोहा फंस गया। लोको पायलट ने समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे की है। वरिष्ठ खंड अभियंता (रेलपथ) राजकिशोर मिश्र के मुताबिक, ट्रेन संख्या 13006 पंजाब मेल दिलकुशा ब्लॉक हट के पास पहुंची थी, तभी लोको पायलट की नजर ट्रैक पर रखे भारी लोहे के एंगल पर पड़ी। ट्रेन की रफ्तार कम होने के बावजूद इंजन एंगल से टकरा गया और वह इंजन में फंस गया। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और आरपीएफ मौके पर पहुंचे तथा एंगल को हटाकर कब्जे में लिया। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस राजकिशोर मिश्र की लिखित शिकायत पर कैंट थाने में रेलवे अधिनियम की धारा 151 और 153 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस और सर्विलांस टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। कैंट थाना प्रभारी गुरप्रीत कौर ने बताया कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है। खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे शरारती तत्वों या नशेड़ियों की हरकत मान रही है, लेकिन किसी बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुए खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। रेलवे और पुलिस की संयुक्त टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। पहले भी हुईं ऐसी घटनाएं 22 जून 2025 : मल्हौर स्टेशन के पास हमसफर एक्सप्रेस के ट्रैक पर भारी लोहे का स्ट्रक्चर रखा गया था। 22 अप्रैल 2025 : उतरठिया के पास पटरियों पर लोहे का भारी दरवाजा रखा गया, मालगाड़ी उसे तोड़ते हुए निकली। 16 अप्रैल 2025 : मलिहाबाद में गरीब रथ एक्सप्रेस लकड़ी के भारी तने से टकराई थी। 24 अक्टूबर 2024 : मलिहाबाद के पास ट्रैक पर लकड़ियां और बड़े पत्थर रखकर हादसा कराने की कोशिश की गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, हर बार लोको पायलटों की सतर्कता से बड़े हादसे टल गए।
रायसेन में शनिवार रात सागर रोड अमरावत के पास एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। अज्ञात वाहन की चपेट में आने से युवक 100 मीटर तक घसीटता चला गया, जिससे उसके शरीर का पिछला हिस्सा गायब हो गया। मृतक की पहचान आमा पानी निवासी 25 वर्षीय कल सिंह के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्चुरी में रखा गया है, जिसका पोस्टमार्टम रविवार सुबह किया जाएगा। बाइक से घर लौट रहा थामृतक के पिता के अनुसार, कल सिंह मजदूरी करता था। वह नकतरा बाइक से गया था और लौटते समय यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक वाहन के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कोतवाली थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आया था। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। मृतक कल सिंह आदिवासी समुदाय से था। हादसे की खबर मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के MBBS सेकेंड ईयर के दो छात्र शनिवार शाम तिघरा डैम में डूब गए। दोनों दोस्तों का पैर फिसलने से वे 40-50 फीट गहरे पानी में समा गए। हादसा शनिवार शाम 7 बजे डैम के कच्ची पार इलाके में हुआ। यहां आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित है। रेस्क्यू टीम ने देर रात गोपाल अग्रवाल का शव बरामद कर लिया। वहीं, आयुष श्रीवास्तव की तलाश जारी है। डैम की अधिक गहराई, कीचड़ और चट्टानों के कारण सर्च ऑपरेशन में परेशानी आ रही है। 8 छात्रों का ग्रुप पिकनिक मनाने पहुंचा था मेडिकल कॉलेज के 8 छात्र-छात्राओं का ग्रुप पिकनिक मनाने तिघरा डैम पहुंचा था। ग्रुप में 4 छात्राएं और 4 छात्र शामिल थे। सभी बोट क्लब से करीब 3 किलोमीटर दूर कच्ची पार क्षेत्र में गए थे। इसी दौरान आयुष श्रीवास्तव (मुजफ्फरपुर, बिहार) और गोपाल अग्रवाल (बीना, सागर) पानी में उतरे और अचानक गहरे हिस्से में डूब गए। रेस्क्यू की 3 तस्वीरें देखिए… संतुलन बिगड़ने से गहराई में समा गए प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों का पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने से वे गहराई में समा गए। बाकी साथी ऊपर पिकनिक स्पॉट पर मौजूद थे। काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे तो दोस्तों ने तलाश शुरू की। किनारे पर मिले दोनों के जूते-कपड़े तलाशी के दौरान डैम के पथरीले किनारे पर दोनों के जूते और कपड़े सलीके से रखे मिले। इसके बाद अनहोनी की आशंका होने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही तिघरा थाना पुलिस, सीएसपी कृष्णपाल सिंह और थाना प्रभारी शिवराम सिंह कंषाना मौके पर पहुंचे। SDRF और स्थानीय गोताखोरों की टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया। रातभर बोट और हाई-पावर लाइट की मदद से सर्चिंग की गई। सीएसपी बोले- परिजन को सूचना दे दी सीएसपी कृष्णपाल सिंह ने बताया कि छात्र कच्ची पार इलाके में पिकनिक मनाने पहुंचे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई। स्थानीय गोताखोरों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। दोनों छात्रों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
डिंडोरी में शनिवार रात भाजपा के जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते और एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पंकज टेकाम सहित कई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर के गेट के सामने जमीन पर बैठ गए। उन्होंने कलेक्टर से मिलने की बात कही। सूचना मिलने पर पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेता रविवार को आयोजित होने वाले जनकल्याणकारी शिविरों और भवनों के लोकार्पण कार्यक्रमों के शिलालेखों में जनप्रतिनिधियों के अलावा भाजपा नेताओं के नाम शामिल न किए जाने से नाराज थे। इन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते भी रेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े कलेक्ट्रेट गेट पर बैठे भाजपा नेताओं को मनाने के लिए पहले डिंडोरी और बजाग के एसडीएम पहुंचे। बाद में अपर कलेक्टर जेपी यादव ने भी उनसे बातचीत की। हालांकि, नेता कलेक्टर को मौके पर बुलाने की अपनी मांग पर अड़े रहे। शहपुरा विधायक और जिला अध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि यह कोई धरना प्रदर्शन नहीं था, बल्कि कार्यकर्ता कलेक्टर से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे। कलेक्टर के कलेक्ट्रेट न पहुंचने पर, रात करीब 11:30 बजे भाजपा नेताओं को कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के बंगले जाना पड़ा। वहां उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात की। वंचितों तक योजनाएं पहुंचाने की तैयारी मुलाकात के बाद शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने मीडिया को बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं का दायित्व है। वे सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि संगठन ने उन लोगों की सूची तैयार की है जिन्हें अभी तक योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। विधायक ने कलेक्टर से जनकल्याणकारी शिविरों की समय-सारणी बदलने और उन स्थानों पर शिविर आयोजित करने का अनुरोध किया, जहां कार्यकर्ताओं ने तैयारी की है, ताकि लाभार्थियों की समस्याओं का समाधान हो सके।
दमोह में जुआ खेलने से रोकने पर घर पर पथराव:पिता-पुत्र घायल, कार में भी तोड़फोड़; एक आरोपी गिरफ्तार
दमोह के खजरी मोहल्ले में शनिवार रात जुआ खेलने से रोकने पर बदमाशों ने घर पर पथराव कर दिया। घटना में परिवार के दो सदस्य घायल हो गए और उनकी कार में भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के खजरी मोहल्ले में देर रात करीब 12 बजे हुई। कुछ लोग शराब के नशे में जुआ खेल रहे थे और गाली-गलौज कर रहे थे। जब एक परिवार ने उन्हें ऐसा करने से रोका, तो करीब 40 से अधिक बदमाशों ने उनके घर पर हमला कर दिया। जुआ खेलने से मना करने पर पथराव पीड़ित नरेंद्र अहिरवार ने बताया कि जब वे घर लौटे, तो घर के पीछे कुछ लोग जुआ खेलते हुए गाली-गलौज कर रहे थे। उन्हें रोकने पर उन पर ईंट से हमला किया गया। लगभग 15 मिनट बाद, 40 से अधिक बदमाशों ने आकर उनके घर पर पथराव किया। हमले में नरेंद्र अहिरवार के बेटे अभिषेक अहिरवार (18) और पिता शंकर लाल अहिरवार घायल हो गए। आरोपियों ने घर के बाहर खड़ी कार का कांच भी तोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। नरेंद्र अहिरवार के अनुसार, पुलिस ने एक आरोपी संदीप अठ्या को पकड़ लिया है। उन्होंने दिलीप पटिया, भागीरथ अहिरवार, संजू अहिरवार सहित 40 से अधिक लोगों पर पथराव का आरोप लगाया है। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि खजरी मोहल्ले में कुछ लोगों ने शराब के नशे में उत्पाद मचाया है। वे लोग जुआ खेल रहे थे, जब एक परिवार ने रोका तो आरोपियों ने हमला कर दिया। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना की गई है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।
नर्मदापुरम जिले में मूंग की फसल की कटाई शुरू होने के साथ ही खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने के मामले भी सामने आने लगे हैं। प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए माखननगर ब्लॉक के आंचलखेड़ा गांव में नरवाई जलाने वाले 3 किसानों पर 2500-2500 रुपए का जुर्माना लगाया है। नर्मदापुरम एसडीएम द्वारा संबंधित किसानों की जानकारी जुटाकर नियमानुसार यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। प्रशासन की सख्ती और जुर्माने की कार्रवाई के बावजूद कुछ जगहों पर नरवाई जलाने का सिलसिला जारी है। शनिवार को नर्मदापुरम के पवारखेड़ा बायपास स्थित दो-तीन खेतों में भी कटाई के बाद नरवाई में आग लगाई गई। प्रशासन अब ऐसे अन्य मामलों में भी जानकारी जुटाकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर रहा है। कृषि और राजस्व अमले की सतत निगरानीखेतों में नरवाई जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कृषि और राजस्व विभाग की टीमें फील्ड स्तर पर सतत निगरानी कर रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा किसानों को नरवाई जलाने से पर्यावरण और मिट्टी को होने वाले नुकसान के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही, किसानों को नरवाई प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों और वैकल्पिक उपायों के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की अपील- भूमि की उर्वरता बचाएंजिला प्रशासन ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में खेतों में नरवाई न जलाएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नरवाई जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि मिट्टी के मित्र कीट नष्ट होने से कृषि भूमि की उर्वरता भी कम हो जाती है। प्रशासन ने किसानों को पर्यावरण संरक्षण के लिए फसल अवशेषों के सुरक्षित निपटान के तरीके अपनाने की सलाह दी है।
रीवा संभाग में गर्भवती महिलाओं के बीच गंभीर रक्ताल्पता (एनीमिया) एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनकर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, संभाग में 2 हजार से अधिक गर्भवती महिलाएं खून की भारी कमी से जूझ रही हैं। इन महिलाओं के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर 7 ग्राम प्रति डेसीलीटर से भी नीचे पहुंच गया है, जो मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की जान के लिए बड़ा खतरा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो संभाग के रीवा जिले में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां 7 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन वाली 884 गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया है। इसके अलावा सतना जिले में 567, सीधी में 303 और सिंगरौली में 246 गर्भवती महिलाएं गंभीर रक्ताल्पता की शिकार पाई गई हैं। इन खतरनाक आंकड़ों ने संभाग की स्वास्थ्य व्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश स्तर की रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि गंभीर रक्ताल्पता से पीड़ित गर्भवतियों के इलाज और प्रबंधन में रीवा संभाग सबसे निचले पायदान पर है। डिलीवरी के समय बीमारी का पता चलने से बढ़ता है खतरास्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में अत्यधिक कमजोरी, लगातार थकान, चक्कर आना, सांस फूलना, सिरदर्द और चेहरे समेत पूरे शरीर का पीला पड़ जाना शामिल है। चिंताजनक बात यह है कि कई मामलों में महिलाओं को अपनी इस बीमारी की जानकारी तब होती है, जब वे प्रसव (डिलीवरी) के लिए सीधे अस्पताल पहुंचती हैं। गर्भावस्था के दौरान समय पर खून की कमी का पता न चलने और इलाज के अभाव में प्रसव के समय जटिलताएं काफी बढ़ जाती हैं। ऐसे गंभीर मामलों में मातृ मृत्यु का खतरा भी कई गुना अधिक हो जाता है। डिप्टी सीएम बोले- प्रभावी कार्रवाई के देंगे निर्देशइस गंभीर स्थिति को लेकर मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस समस्या को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि 'एनीमिया मुक्त भारत' अभियान के तहत वर्तमान में पूरे देश में काम किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि किशोर अवस्था से ही बच्चियों को खून की कमी और सही पोषण के बारे में जागरूक करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
झुंझुनूं के राजकीय भगवान दास खेतान (बीडीके) हॉस्पिटल में हर दिन औसतन 15 से 20 यूनिट रक्त की जरूरत होती है। गंभीर मरीजों, प्रसव के दौरान अत्यधिक खून बह जाने वाली प्रसूताओं तथा गंभीर रक्त अल्पता (एनीमिया) से जूझ रहे बच्चों और बुजुर्गों की जान बचाने के लिए यह रक्त बेहद जरूरी होता है। बीडीके ब्लड सेंटर में स्थापित है ब्लड सेपरेशन तकनीकबीडीके अस्पताल का ब्लड बैंक पूरे जिले में एकमात्र ऐसा सरकारी ब्लड सेंटर है, जहां ‘ब्लड सेपरेशन’ (रक्त के विभिन्न घटकों को अलग करने) की आधुनिक सुविधा उपलब्ध है। इस तकनीक के आने से अब दान किए गए खून की एक-एक बूंद का पूरा इस्तेमाल हो रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक ही रक्तदाता के खून से अलग-अलग बीमारियों से जूझ रहे तीन मरीजों की जान एक साथ बचाई जा सकती है। एक यूनिट रक्त से तैयार होते हैं तीन महत्वपूर्ण घटकजब कोई जागरूक नागरिक यहां एक यूनिट रक्तदान करता है, तो आधुनिक मशीनों के जरिए उस खून को तीन मुख्य हिस्सों में बांट दिया जाता है। लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) उन मरीजों को चढ़ाई जाती हैं जिनके शरीर में खून की भारी कमी होती है। प्लाज्मा का उपयोग झुलसे हुए मरीजों या लिवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के इलाज में किया जाता है, जबकि प्लेटलेट्स डेंगू या कैंसर जैसी बीमारियों में तब सबसे अधिक काम आते हैं, जब मरीजों के प्लेटलेट्स तेजी से गिर जाते हैं। मरीजों के इलाज के साथ खुद भी रक्तदान करते हैं डॉक्टरअस्पताल के पीएमओ एवं वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि यहां का स्टाफ केवल दवाइयों से ही मरीजों का इलाज नहीं करता, बल्कि जरूरत पड़ने पर खुद आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान भी करता है। डॉ. भाम्बू के अनुसार अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दुष्यंत बसेरा, डॉ. विजय झाझड़िया, डॉ. संजय खीचड़ और डॉ. प्रमोद सहित कई स्वास्थ्यकर्मी समय-समय पर स्वयं रक्तदान कर समाज को जागरूक कर रहे हैं और ब्लड बैंक में खून की कमी नहीं होने देते। आज विश्व रक्तदाता दिवस पर लगेगा विशेष रक्तदान शिविरविश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आज बीडीके अस्पताल के ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर (ब्लड कैंप) का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों ने जिले के युवाओं तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे अस्पताल पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान करें।
रोहतक में शनिवार दोपहर बाद एक लड़का दिल्ली बाईपास स्थित जवाहरलाल नेहरू नहर (JLN) में डूबे लड़के का 16 घंटे गुजरने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि उसकी तलाश के लिए गोताखारों की टीम लगी है। लड़के की पहचान जनता कॉलोनी निवासी नाबालिग के रूप में हुई है, जो नहर पर अपनी दोस्त के साथ गया हुआ था। दोनों नहर किनारे ग्रिल पर बैठे हुए थे, इसी दौरान लड़के का पैर फिसल गया और वह पानी में डूबने लगा। यह देखकर वहां मौजूद लड़की ने बचाओ- बचाओ की आवाज लगाई, जिसके बाद दो लड़कों ने नहर में कूदकर लड़के को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। फायर ब्रिगेड व NDRF की टीम ने खंगाली नहर सूचना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम व NDRF की टीम भी मौके पर पहुंची और लड़के की तलाश शुरू की। काफी देर तक पानी में रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन लड़के का कोई सुराग नहीं लगा। अंधेरा होता देख टीम वापस आ गई और सुबह दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। लड़की बोली, पैर फिसलने के कारण गिरा घटनास्थल पर मौजूद जब लड़की चिल्ला रही थी तो लोगों ने पूछा कि क्या हुआ तो लड़की ने कहा कि उसका दोस्त पानी में गिर गया है। वह नहर किनारे ग्रिल पर बैठे हुए थे और अचानक पैर फिसलने के कारण उसका दोस्त नहर में गिर गया। पुलिस लड़के की तलाश में जुटी आईएमटी थाना के जांच अधिकारी ASI राजेश ने बताया कि शनिवार दोपहर के बाद एक लड़के के नहर में डूबने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और नहर में लड़के की तलाश शुरू की। सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन लड़के का कोई सुराग नहीं लगा है। लड़के की तलाश की जा रही है।
बड़वानी जिला मुख्यालय में आवारा कुत्तों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि अब मासूमों के बाद बड़ों की जान पर बन आई है। 12 जून (शुक्रवार) को कबाड़ और लकड़ी बीनकर अपने परिवार का पेट पालने वाली 35 वर्षीय लीला बाई बकावले को आवारा कुत्तों के एक झुंड ने नोच-नोचकर मार डाला। डॉक्टरों का कहना है कि महिला के नाक, कान समेत हाथ-पैर पर गहरे जख्म थे। शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद महिला का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के दूसरे दिन दैनिक भास्कर ने पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर, चश्मदीद और मृतका के पिता से बात की। साथ ही डॉग बाइट्स के आंकड़े खंगाले तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि जिला मुख्यालय की 60 हजार आबादी में 1 जनवरी से 12 जून तक 800 डॉग बाइट्स के मामले सामने आ चुके हैं, यानी रोजाना करीब 4 से 5 लोग आवारा कुत्तों के शिकार हो रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अलावा यह संख्या एक हजार से ज्यादा हो सकती है। हादसे के अगले दिन भी वहीं घूम रहे थे खूंखार कुत्ते हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना के अगले दिन (शनिवार) भी ईंट-भट्ठे पर नजारा आम दिनों जैसा था। मजदूर काम कर रहे थे। पास ही उन्हीं कुत्तों का झुंड बेखौफ घूम रहा था, जिन्होंने लीला बाई पर हमला किया था। नगर पालिका की तरफ से कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। डॉक्टर बोले- गले का मांस नोचा, ज्यादा खून बहने से हुई मौत लीला बाई का पोस्टमॉर्टम करने वाले जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. अनिल सिंह जामोद ने बताया- यह इस साल कुत्तों के हमले से मौत का पहला केस है। महिला के शरीर पर 6 से ज्यादा बड़े और गहरे जख्म थे। कुत्तों ने नाक, कान, गला, हाथ-पैर, मुंह और सिर तक को बुरी तरह काटा था। ऐसा लगता है कि जब महिला जमीन पर गिरी तो कुत्तों ने उसकी गर्दन पर दांत गड़ाकर मांस नोच लिया। अत्यधिक खून बह जाने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। पिता बूढ़े, पति बीमार और बेटा बोल नहीं सकता लीला बाई अपने घर की इकलौती कमाने वाली सदस्य थीं। उसके जाने से परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है। रोते हुए बुजुर्ग पिता नारायण निरगुड़े ने बताया- पति दिलीप लंबे समय से बीमार है। 12 साल का बेटा बोल नहीं पाता है। लीला रोज घर का काम निपटाकर कबाड़ और लकड़ी बीनने जाती थी, जिससे घर का चूल्हा जलता था। पिता ने रोते हुए पूछा- मैं तो बूढ़ा हूं, कितने दिन जीऊंगा पता नहीं, लेकिन मेरी बेटी के बाद अब इस मूक-बधिर बच्चे का क्या होगा? पूर्व पार्षद राकेश मकवाने ने प्रशासन से इस बेसहारा परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उसके शरीर पर बहुत जख्म थे पिता ने बताया कि रोजाना की तरह लीला शुक्रवार को भी बेटे को मेरे पास छोड़कर गई थी। शाम को उसकी राह देख रहा था। वो रोज अंधेरा होने से पहले आ जाती थी। कल थोड़ी देरी हुई, तो मैं घर से निकल बाहर आकर बैठकर इंतजार करने लगा। इतने में कुछ लोग आए। बोले- लीला को भट्ठे के पास कुत्तों ने काट लिया है। मैं उनके साथ वहां पहुंचा। वहां पहुंचकर देखा कि लीला तो मरी पड़ी थी। किसी ने उसके ऊपर कपड़ा डाल दिया था। वहां कई लोग इकट्ठा थे। पुलिस भी मौजूद थी। उसके चेहरे से कपड़ा हटाया। शरीर के हर हिस्से पर गहरे जख्म थे। कुत्तों ने उसके सिर के बाल तक नोच खाए थे। वो हमारे लिए खाना बनाने का सामान लेकर वापस आ रही थी। उसकी लाश के पास ही सामान का थैला और लकड़ियों का गट्ठा पड़ा था। चश्मदीदों ने कहा- चीख सुनकर दौड़े, पर तब तक देर हो चुकी थी भट्ठा संचालक गोलू गोले, अरुण और विशाल ने बताया कि उन्होंने शाम को कुत्तों के भौंकने और महिला के चिल्लाने की आवाज सुनी थी। जब वे दौड़कर मौके पर पहुंचे तो 5-6 कुत्ते लीला बाई को घेरकर नोच रहे थे। महिला बचाओ-बचाओ चिल्ला रही थी। हमने पत्थर मारकर कुत्तों को भगाया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। परिवार को सहायता देने की मांग बीजेपी के पूर्व पार्षद राकेश मकवाने ने बताया कि लीला बकावले रोजाना लकड़ी और भंगार बीनकर परिवार का जीवन यापन करती थी। उसने जाने के बाद परिवार को भोजन तक की परेशानी हो गई है। प्रशासन को मदद करनी चाहिए। राकेश कहते हैं कि इस चूना-भट्ठी इलाके में डॉग बाइट के सबसे ज्यादा मामले हैं। कुत्ते के हमले से एक बच्चे की मौत का मामला भी सामने आया था। (हालांकि, राकेश के इस दावे की प्रशासन ने पुष्टि नहीं की है।) सीएमओ ने भविष्य की प्लानिंग गिना दीं जब इस लापरवाही को लेकर नगर पालिका सीएमओ सोनाली शर्मा से बात की गई तो धरातल पर कार्रवाई के बजाय उन्होंने कागजी योजनाएं गिना दीं। उनका कहना था कि आवारा कुत्तों के नियंत्रण और ART (एनिमल रेस्क्यू एंड ट्रीटमेंट) सेंटर के लिए टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन किसी एजेंसी ने दिलचस्पी नहीं ली। अब दोबारा टेंडर निकाले जाएंगे। ART सेंटर के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए एसडीएम को पत्र लिखा गया है। सीएमओ ने कहा कि रैबीज के खतरे को कम करने के लिए कुत्तों के वैक्सीनेशन की योजना बनाई जा रही है और स्थायी समाधान के प्रयास जारी हैं। ……………………. यह भी पढ़ें कुत्तों ने महिला को नोच-नोचकर मार डाला मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में शुक्रवार शाम 5-6 आवारा कुत्तों ने एक महिला पर अटैक कर दिया। खूंखार कुत्तों के झुंड ने महिला को नोच-नोचकर मार डाला। महिला के गले और चेहरे पर चोटें हैं। मृतक की पहचान पाटी नाका टीन शेड निवासी 35 वर्षीय लीला बाई (पति दिलीप बकावले) के रूप में हुई है। पढ़ें पूरी खबर
इंदौर में मास्टर प्लान की सड़कों का निर्माण समय पर पूरा हो, इसके लिए नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल अब सख्त रुख में नजर आ रहे हैं। स्मार्ट सिटी कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि सड़कों के निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धीमी गति से काम करने वाली एजेंसियों और कंसल्टेंट्स को फटकार लगाते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में परिणाम नहीं मिले तो टर्मिनेशन की कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को हुई बैठक में मास्टर प्लान की 33 सड़कों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत स्वीकृत 23 सड़कें और अन्य 10 मास्टर प्लान सड़कें शामिल हैं। कमिश्नर ने एक-एक परियोजना की स्थिति की जानकारी लेते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। इन सड़कों के लिए तय की समय-सीमा समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने अन्नपूर्णा रोड से रिंग रोड के बीच सुदामा नगर और विश्वकर्मा नगर को जोड़ने वाली सड़क का काम एक महीने में पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं मधुमिलन चौराहे से छावनी चौराहे तक सड़क निर्माण तीन महीने में पूरा करने को कहा गया। मालवीय नगर रोड का काम डेढ़ महीने में पूरा करने और मच्छी बाजार रोड पर 30 जून तक ट्रैफिक शुरू कराने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा जिंसी स्थित लक्ष्मीबाई प्रतिमा से नेमीनाथ जैन मंदिर तक चल रहे विकास कार्यों की प्रगति भी जानी गई। भंडारी पुल और बाणगंगा रोड का भी लिया जायजा कमिश्नर ने एमआर-4 स्थित भंडारी पुल के नीचे से बाणगंगा रेलवे क्रॉसिंग तक सड़क चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए ये सड़कें बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनमें किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। एजेंसियों और कंसल्टेंट को लगाई फटकार बैठक के दौरान कई परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित एजेंसियों और कंसल्टेंट्स को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर परिणाम दिखाई देने चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि यदि काम में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई की जाएगी। इन परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा बैठक में खड़े गणपति से स्कीम नंबर-155 होते हुए टिगरिया बादशाह तक प्रस्तावित सड़क, गांधी नगर मेन रोड, तिलक नगर स्थित श्रीकृष्ण पब्लिक स्कूल से गोयल नगर पानी की टंकी तक सड़क विकास कार्य की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा तेजपुर गड़बड़ी पुल के आगे एबी रोड से ट्रेजर टाउनशिप मार्ग को जोड़ने वाली सड़क, चंद्रभागा से कलालकुई मस्जिद तक सड़क विकास कार्य और राऊ सर्कल से डीपीएस स्कूल तक एक तरफ सर्विस रोड निर्माण की प्रगति भी जानी गई। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूरी हों, ताकि शहरवासियों को बेहतर और सुगम यातायात सुविधाएं मिल सकें। बैठक में अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, कार्यपालन यंत्री पी.एस. कुशवाह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नाथद्वारा स्थित पुष्टिमार्गीय वल्लभ सम्प्रदाय की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में शनिवार को ‘चलो सखी कुंज गोपाल जहां’ मनोरथ के तहत लाडले लाल प्रभु की शोभायात्रा निकाली गई। प्रभु श्री लाडले लाल श्री नवनीत प्रियाजी शाही सुखपाल में विराजित होकर ठाट-बाट के साथ लालबाग पधारे। शाम करीब साढ़े पांच बजे मंदिर के मोती महल से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा में घोड़े, नगाड़े, निशान, श्रीनाथ बैंड, गोविंद पलटन और कीर्तनकार शामिल रहे। गोस्वामी चिरंजीव विशाल बावा भी सेवकों के साथ शोभायात्रा में मौजूद रहे। भक्ति संगीत और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों के बीच निकली यात्रा ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। तोरण द्वार और फूलों की वर्षा से हुआ स्वागत मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह तोरण द्वार, रंगोलियां और आकर्षक सजावट कर प्रभु का स्वागत किया। बड़ी संख्या में वैष्णवों ने फूलों की वर्षा कर लाडले लाल प्रभु के दर्शन किए। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। गुलाबी परिधानों में नजर आए वैष्णव श्रद्धालु इस दौरान पूरा नाथद्वारा नगर गुलाबी रंग में रंगा नजर आया। महिला-पुरुषों सहित बाहर से आए वैष्णव श्रद्धालु भी गुलाबी पारंपरिक परिधानों में शोभायात्रा में शामिल हुए। मनोरथ के अनुरूप श्रद्धालुओं की वेशभूषा आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। लालबाग में हुए मनोरथ दर्शन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ शोभायात्रा चौपाटी, दिल्ली बाजार होते हुए गोविंद चौक पहुंची, जहां से प्रभु को वाहनों के माध्यम से लालबाग ले जाया गया। लालबाग कुंड पर सुसज्जित छतरियों के बीच प्रभु को विराजित कर भोग आरोगाया गया। इसके बाद शाम साढ़े सात बजे श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खोले गए, जहां बड़ी संख्या में वैष्णवों ने मनोरथ दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सवाई माधोपुर में आज बारिश का अलर्ट:प्री-मानसून एक्टिविटी से तापमान 6 डिग्री गिरा, गर्मी से राहत
सवाई माधोपुर में दो दिनों से हुई बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने रविवार को जिले में बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार दिनभर बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बारिश होने के आसार हैं। तापमान में गिरावट, धूप और गर्मी का असर हुआ कम मौसम में आए बदलाव के कारण जिले के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार को सवाई माधोपुर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने से धूप का असर कम रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली। शुक्रवार शाम को तेज हवाओं के साथ जिले के कई क्षेत्रों में बारिश हुई थी, जबकि शनिवार सुबह भी हल्की बारिश और बादलों का दौर जारी रहा। दो दिनों में 6 डिग्री तक लुढ़का पारा पिछले दो दिनों में मौसम के बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो शुक्रवार को घटकर 38 डिग्री सेल्सियस रह गया। वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस तरह दो दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है। आज और गिर सकता है तापमान मौसम विभाग का कहना है कि रविवार को बारिश की संभावना बनी हुई है। यदि जिले में बारिश होती है तो तापमान में और गिरावट आ सकती है। बारिश के बाद मौसम में ठंडक घुलने से लोगों को गर्मी और उमस से और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।
विदिशा में मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MPMKVVCL) रविवार 14 जून को शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रखेगी। यह कटौती सुबह 9:00 बजे से 10:00 बजे तक आवश्यक मेंटेनेंस कार्य के कारण की जाएगी। कंपनी के अनुसार, 33 केवी बेतनिया फीडर और 33 केवी एचटीसी फीडर पर रखरखाव कार्य किया जाएगा। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। यह इलाके होंगे प्रभावितप्रभावित होने वाले क्षेत्रों में ब्रिटानिया, पी.एस. जंबार बागरी, एम.पी. पेपर मिल, वॉटर वर्क्स, चौपाल सागर, करण एजुकेशन (स्प्रिंग फील्ड स्कूल), गटर प्लांट, सुंदर डेयरी, जिला अस्पताल, विग बाजार, अरेरा हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अरिहंत बिहार सबस्टेशन और रामलीला सबस्टेशन से जुड़े सभी संबंधित इलाके भी प्रभावित होंगे। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य की अवधि आवश्यकतानुसार बदली जा सकती है। मेंटेनेंस कार्य पूरा होते ही बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी। विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं से हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और उनसे निर्धारित समय के अनुसार आवश्यक तैयारियां करने की अपील की है।
चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सिटको) ने अपने होटलों को पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सिटको ने शहर के तीन प्रमुख सरकारी होटलों—होटल माउंटव्यू (सेक्टर-10), होटल शिवालिकव्यू (सेक्टर-17) और होटल पार्कव्यू (सेक्टर-24) में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई शुरू कर दी है। इससे अब फुल मेन्यू का खाना तैयार किया जा सकेगा। पिछले दिनों एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद सिटको की ओर से रेस्टोरेंट के मेन्यू में बदलाव किए गए थे। जिन व्यंजनों की मांग कम थी और जिन्हें तैयार करने में गैस की खपत अधिक होती थी, उन्हें मेन्यू से हटा दिया गया था। लेकिन अब पीएनजी से खाना बनने के बाद दोबारा फुल मेन्यू के सभी व्यंजन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल के साथ अब इन होटलों के किचन में खाना प्राकृतिक गैस से तैयार होगा, जिससे न केवल कार्य क्षमता व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ा सिटको सिटको के प्रवक्ता के अनुसार पीएनजी पर शिफ्ट होना केंद्र और प्रशासन की सतत शहरी विकास (Sustainable Urban Development) नीति के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करना और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव केवल तकनीकी अपग्रेड नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है। मेहमानों को मिलेगी बेहतर और तेज सेवा सिटको के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह ने कहा कि संस्थान लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और मेहमानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पीएनजी व्यवस्था अपनाने से होटलों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी और मेहमानों को उच्च गुणवत्ता वाली आतिथ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। पीएनजी से होटलों को होंगे 3 बड़े फायदे 1. लगातार और सुरक्षित गैस सप्लाई पीएनजी के जरिए किचन को बिना किसी रुकावट के गैस मिलती रहेगी। सिलेंडर खत्म होने या बदलने की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इससे संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारु बनेगा। 2. किचन की कार्यक्षमता बढ़ेगी सिटको के चीफ जनरल मैनेजर नवीन रत्तू के अनुसार पीएनजी के उपयोग से किचन की कार्यकुशलता में सुधार होगा। खाना बनाने की प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित होगी, जिससे सेवा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। 3. पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटेगी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के स्थान पर पीएनजी अपनाने से होटलों की पारंपरिक ईंधन व्यवस्था पर निर्भरता कम होगी। यह बदलाव संचालन को अधिक आधुनिक और पर्यावरण हितैषी बनाएगा। आगे भी जारी रहेंगे ग्रीन प्रोजेक्ट सिटको प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे कई नवाचार किए जाएंगे। संस्था का लक्ष्य है कि होटल सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाया जाए और साथ ही कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी योगदान दिया जाए।
विदिशा जिले में शनिवार शाम प्री-मानसून गतिविधियों का असर देखने को मिला। तेज आंधी और बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। दिनभर की भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, हालांकि तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने और सामान उड़ने की घटनाएं भी सामने आईं। दिनभर धूप निकली शाम को तेज बारिशशनिवार को दिनभर तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान रहे। शाम होते-होते आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ आंधी शुरू हो गई। इसके बाद हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। तेज हवाओं के कारण जिले के कई इलाकों में घरों के बाहर रखा सामान उड़ गया। वहीं अलग-अलग स्थानों पर पेड़ गिरने की भी जानकारी मिली है। हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से लोगों ने राहत महसूस की। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश इससे पहले शुक्रवार रात भी जिले में बारिश हुई थी, जो देर रात तक जारी रही। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। 17-18 जून तक मानसून की दस्तक संभव मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ गुजर रही है। इसके अलावा ऊपरी हवा में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और एक अन्य ट्रफ सिस्टम के कारण मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 17 से 18 जून के बीच मध्यप्रदेश में मानसून दस्तक दे सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चंबल अभयारण्य क्षेत्र में जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने महुआ थाना क्षेत्र के विंडवा गांव में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने यहां अवैध रूप से भंडारित करीब 350 ट्रॉली रेत को नष्ट कर दिया है, जिसकी अनुमानित कीमत 10 लाख रुपए बताई जा रही है। अवैध रेत के इस बड़े भंडारण को नष्ट करने के लिए प्रशासन को भारी मशीनरी का उपयोग करना पड़ा। टास्क फोर्स ने दो जेसीबी और दो लोडर की मदद से इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। मौके पर तीनों विभागों (वन, पुलिस और राजस्व) के कुल 20 अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। जिले में कई अन्य स्थानों पर भी रेत माफियाओं ने रेत का अवैध भंडारण किया हुआ है, जिसे खोजने और नष्ट करने के लिए टास्क फोर्स लगातार अभियान चला रही है। एक दिन पहले 33.70 लाख की रेत की थी नष्टसुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद प्रशासन ने टास्क फोर्स के रूप में अलग-अलग टीमें गठित की हैं, जो जिलेभर में दबिश दे रही हैं। विंडवा गांव की इस कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले भी प्रशासन ने तीन अलग-अलग स्थानों पर छापा मारा था। वहां टीम ने 33 लाख 70 हजार रुपए कीमत की अवैध भंडारित रेत को नष्ट किया था। कलेक्टर के सख्त निर्देश- आगे खनन हुआ तो नपेंगे अधिकारीजिला टास्क फोर्स की बैठक में कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने अवैध उत्खनन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर हाल में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में आगे से किसी भी स्थिति में रेत का अवैध उत्खनन नहीं होना चाहिए। यदि ऐसा होता पाया गया, तो सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
रतलाम में राजपूत समाज द्वारा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप और वीर छत्रसाल बुंदेला की जन्म जयंती पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्री राजपूत नवयुवक मंडल न्यास और महिला मंडल के तत्वावधान में 15 से 17 जून तक तीन दिवसीय आयोजन होंगे। इस दौरान खेल प्रतियोगिताओं और सम्मान समारोह के साथ ही शहर के मुख्य मार्गों से एक विशाल शौर्य यात्रा निकाली जाएगी। आयोजन के पहले दिन 15 जून को सुबह 9 बजे से कार्यक्रम शुरू होंगे। हाथीखाना स्थित राजपूत धर्मशाला भवन में दोपहर 12 बजे तक बच्चों के लिए दौड़, रंगोली, साफा धारण और तलवारबाजी की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। अगले दिन 16 जून को दोपहर 3 बजे संगठन की वार्षिक बैठक आयोजित होगी। इसके बाद शाम 4 बजे से पुरस्कार वितरण समारोह शुरू होगा। इस समारोह में समाज के वरिष्ठ समाजसेवियों को ‘राजपूत रत्न’ से सम्मानित किया जाएगा और प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान होगा। 17 जून को शहर में निकलेगी शौर्य यात्राजयंती के मुख्य दिन 17 जून को शाम 4.30 बजे समस्त राजपूताना संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल शौर्य यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शहर के महलवाड़ा से शुरू होकर पैलेस रोड, डालूमोदी बाजार, माणक चौक, घास बाजार और चौमुखी पुल होते हुए आगे बढ़ेगी। इसके बाद यात्रा नोलाईपुरा, गणेश देवरी, धानमंडी और शहीद चौक से होते हुए महाराणा प्रताप चौक पर पहुंचेगी। यात्रा मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर इसका स्वागत किया जाएगा। बग्घियों पर विराजेंगे महापुरुष, मातृशक्ति दिखाएगी शौर्यइस शौर्य यात्रा में 11 घुड़सवार भगवा ध्वज लेकर शामिल होंगे। साथ ही राष्ट्रीय धुनों पर बजने वाला बैंड दल विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। यात्रा में शामिल चार सुसज्जित बग्घियों पर वीर महाराणा प्रताप, वीर छत्रसाल बुंदेला, छत्रपति शिवाजी महाराज और रतलाम राज्य के संस्थापक महाराजा रतनसिंहजी के चित्र विराजित रहेंगे। इस दौरान दुर्गा वाहिनी और मातृशक्ति अपनी पारंपरिक वेशभूषा में हाथों में तलवार लेकर शौर्य व संस्कृति का प्रदर्शन करेंगी। यात्रा का समापन महाराणा प्रताप चौक स्थित प्रतिमा स्थल पर होगा, जहां माल्यार्पण के बाद आतिशबाजी की जाएगी। आयोजकों ने की शामिल होने की अपीलश्री राजपूत मंडल न्यास के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गोयल, मंडल अध्यक्ष विजय सिंह चौहान और महिला मंडल अध्यक्षा किरण गोयल ने आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने सभी समाजजनों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से 17 जून को निकलने वाली इस शौर्य यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।
कोटा पुलिस लाइन में जवानों के खाने, वर्दी, बर्तन और सिक्योरिटी फंड में बड़ी वित्तीय गड़बड़ी का आरोप है। जांच में पता चला है कि 2021 से फरवरी 2026 तक विभागीय रकम नियमों से हटकर जारी होती रही, जबकि कई अहम रिकॉर्ड अब गायब बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच के बाद एक हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका जांच के घेरे में है। सवाल यह है कि जिस विभाग पर कानून और सरकारी धन की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उसके भीतर ही यह खेल आखिर इतने साल तक कैसे चलता रहा? एसपी ने बनाई जांच कमेटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि पुलिस लाइन में निरीक्षण हुआ था। एसओपी के तहत जिन प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए था। उनका पालन नहीं किया जा रहा था। मामले की जांच एडिशनल एसपी को सौंपी गई है। उनके साथ वरिष्ठ लेखा टीम अलग-अलग खातों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत हेड कॉन्स्टेबल रूपराम मीणा को सस्पेंड कर दिया गया है। संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच जारी है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग के अंदर ही गबन के इस पूरे खेल को सिलसिलेवार पढ़िए- शुरुआती तौर पर 3 किरदार सामने आए है रूपराम मीणा- मामले में जांच के बीच तत्कालीन हेड कॉन्स्टेबल रूपराम मीणा को 21 अप्रैल को सस्पेंड कर दिया गया। ये इतना रसूखदार है कि इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को मिलने वाले क्वार्टर में रहता है। रामसिंह मीणा- लाइन में निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी मिलने के बाद पूर्व रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) रामसिंह मीणा का फरवरी में अलवर ट्रांसफर कर दिया गया था। 2014-15 में सुल्तानपुर थाने में पोस्टिंग के दौरान एसीबी ने इसे ट्रैप किया था, राम सिंह जेल भी गया था। पुलिस लाइन का लेखा-जोखा रखने की जिम्मेदारी इनकी थी। SI दुर्गाशंकर- यह कोटा में बैंड पुलिस में भर्ती हुआ था। वर्तमान में पुलिस लाइन में लाइन ऑफिसर (एलओ) के पद पर है। जिसके चलते पुलिस लाइन में लेखा-जोखा रखने की जिम्मेदारी थी, कई रिकॉर्ड गायब मिले, इसलिए संदेह के दायरे में हैं। दुर्गा शंकर का ब्याज पर पैसे देने का पुश्तैनी काम है। विभाग के पैसों का कैसे किया गबन 1- मेस में 12-13 लाख की गड़बड़ी का आरोप हेड कॉन्स्टेबल रूपराम मीणा के पास 2020 से फरवरी 2026 तक मेस कैशियर का चार्ज था। इसके अलावा डिक्स, सरकारी क्वार्टर में पानी की मोटर सप्लाई और मनोरंजन के ब्रांचों का जिम्मा भी था। मेस फंड और बर्तन फंड में करीब 12 से 13 लाख रुपए की अनियमितता की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि जब रूपराम मीणा ने मेस कैशियर का चार्ज संभाला था। तब उसे पूर्व प्रभारी ने लगभग 18 लाख रुपए नकद एवं संबंधित रिकॉर्ड सौंपे थे। वर्तमान में उस राशि का स्पष्ट हिसाब उपलब्ध नहीं है। आरोप है कि मेस से संबंधित पुराने रिकॉर्ड भी नष्ट कर दिए गए थे। विभाग को केवल एक साल का रिकॉर्ड ही उपलब्ध कराया गया। 2- जवानों से खाने के पैसे ज्यादा लिए मेस में सुबह-शाम 300 जवान खाना खाते हैं। जानकारी के अनुसार एक जवान की एक डाइट की लागत लगभग 28 से 31 रुपए प्रतिदिन आती थी, जबकि रिकॉर्ड में 40 रुपए तक की डाइट दिखाई। प्रति जवान 10 से 12 रुपए अतिरिक्त काटकर खुद के पास रखी गई। ये पैसा किसके पास गया और इसका क्या उपयोग हुआ है, इसकी जांच की जा रही है। 3- सिक्योरिटी के लाखों रुपए अपने खाते में जमा करवाए 2021 से फरवरी 2026 तक पुलिस लाइन में 700 से ज्यादा जवान भर्ती हुए थे। हर जवान से सिक्योरिटी राशि के नाम पर 3 हजार रुपए जमा करवाए जाते थे। ये रकम पुलिस विभाग के अकाउंट में जमा होनी थी। सूत्रों के मुताबिक इस रकम को एक निजी खाते में जमा करवाया गया। इसके लिए निजी बैंक अकाउंट का क्यूआर कोड स्कैनर का उपयोग किया था। अनुमान है कि लगभग 24 से 25 लाख रुपए निजी खाते में जमा हुए थे। 4- बर्तन फंड में गड़बड़ी की बर्तन फंड में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। साल 2019 में तत्कालीन प्रभारी सुरेश चंद ने लगभग 12 लाख 70 हजार रुपए के साथ चार्ज सौंपा था। आरोप है कि यह राशि भी विभागीय रिकॉर्ड से गायब कर दी गई। पूर्व आरआई रामसिंह मीणा और अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत से विभागीय फंड का दुरुपयोग किया गया था। बता दें कि रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) रामसिंह मीणा फरवरी 2024 से लेकर फरवरी 2026 तक पुलिस लाइन में तैनात थे। 5- 60 लाख की एफडी तुड़वाई मेस से संबंधित कामों के लिए 60 लाख रुपए की एफडी करवाई गई थी, जिसे बिना कारण अलग-अलग समय पर तुड़वाया गया था। मेस की एफडी तुड़वाने के लिए एडिशनल एसपी मुख्यालय के हस्ताक्षर होना जरूरी होता है। सूत्रों के मुताबिक एफडी का पैसा विभाग के खाते में आया फिर इन रुपयों को अपने निजी फायदे के लिए काम में लिया गया। मामले में तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, इसकी जांच की जा रही है। 6- मुख्यालय से मिले कपड़े बेचने की भी जांच पुलिस लाइन के वस्त्र भंडार में जवानों की ड्रेस,कपड़े,जूते, मोजे और स्वेटर के नाम पर भी गड़बड़ी हुई है। जयपुर मुख्यालय से पुलिसकर्मियों को ड्रेस सिलवाने के रुपए दिए जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक नए जवानों को बाहरी टेलर के से ड्रेस सिलवाने के लिए मजबूर किया गया। इसके साथ ही वस्त्र भंडार में रखे कई कपड़े, जूते-मोजे, स्वेटर, मुख्यालय को न भेजकर पुलिसकर्मियों ने अपने स्तर पर ही बेच दिए। पूर्व आरआई ने आरोपों से इनकार किया पूर्व आरआई रामसिंह मीणा ने इस पूरे मामले से खुद को अलग बताते हुए कहा कि मेस का हिसाब सीधे एडिशनल एसपी मुख्यालय के पास जाता है। उनका इससे कोई संबंध नहीं है। फिलहाल अलवर जवानों की ट्रेनिंग में आया हुआ हूं। मेस कैशियर रूप राम मीणा ने बताया कि मेरी ओर से किसी भी तरह का कोई गबन नहीं किया गया। सभी रिकॉर्ड उच्च अधिकारियों को दिए हैं। अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल पिछले 8 से 10 साल में पुलिस लाइन की मेस और संबंधित शाखाओं का प्रभावी निरीक्षण ही नहीं हुआ था। रिटायर्ड एडिशनल एसपी संजय शर्मा ने इस गड़बड़ी को पकड़ लिया था, लेकिन उनके रिटायरमेंट से पहले कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं के संचालन, रिकॉर्ड का रखरखाव और निरीक्षण की जिम्मेदारी आरआई और एलओ की होती है। कई वर्षों से पुलिस लाइन में रिकॉर्ड का सही तरीके से रखरखाव नहीं किया गया और कई दस्तावेज में अनियमितताएं बनी हुई हैं। वहीं, दुर्गाशंकर पिछले करीब 5 साल से पुलिस लाइन में ही एलओ के पद पर कार्यरत हैं। रिकॉर्ड संबंधी कमियों और खामियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने उच्च अधिकारियों को इसकी शिकायत या रिपोर्ट नहीं दी। आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों ने मामले को दबाने का प्रयास किया। मामले में पूर्व में तैनात कई एडिशनल एसपी मुख्यालय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
12 जून की रात करीब 10 बजे राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाने पहुंची एक महिला को देखकर पुलिसकर्मी भी कुछ देर के लिए ठिठक गए। महिला के गले में ताले लगी लोहे की जंजीर थी। कमर, कूल्हे और जांघ पर गर्म सरिए से जलाने के निशान थे। पैरों में कांटे चुभे थे। चेहरा यातना की कहानी बयां कर रहा था। महिला थाने पहुंचकर फूट-फूटकर रोने लगी। पुलिस ने शांत कराया तो उसने कहा- मैं पति की कैद से भागकर आई हूं। पति ने मुझे घर में खंभे से जंजीर में बांध रखा था, ताकि मैं शिकायत करने थाने न पहुंच सकूं। महिला करीब 24 घंटे तक बंधक रही। उसने पत्थर से ताला तोड़ा और रात में 6 किलोमीटर पैदल चलकर थाने पहुंची। पुलिस ने उसकी शिकायत पर केस दर्ज कर पति को गिरफ्तार कर लिया। दैनिक भास्कर ने पीड़ित महिला से बात कर जाना कि पति ने उसे किस तरह प्रताड़ित किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पति ने खाना खाया, गाली दी, फिर पीटना शुरू किया खिलचीपुर के छीपीपुरा गांव की रहने वाली मांगीबाई तंवर (30) ने बताया कि 10 जून को वह घर पर थीं। दोपहर करीब 12 बजे पति घर आया और खाना मांगा। उन्होंने कहा- बस दे रही हूं। इस पर पति भड़क गया और गालियां देने लगा। महिला के मुताबिक- विरोध करने पर वह बाहर गया और पेड़ की डाली तोड़कर डंडा बना लाया। बोला- मुंह चलाएगी, इसके बाद डंडे बरसाने लगा। थप्पड़ भी मारे। यह पहली बार नहीं था। पति नशे में अक्सर मारपीट करता था। रोज-रोज की यातना से तंग आकर इस बार मैंने चुप रहने के बजाय पुलिस तक पहुंचने का फैसला किया। पूरी रात पैदल चली, थाने से पहले पति ने पकड़ा पीड़िता बताती है- मैं पति के सोने का इंतजार करती रही। उसके सोते ही खिलचीपुर थाने के लिए निकल गई। थाना घर से 6 किमी दूर था, लेकिन अंधेरे में रास्ता भटक गई। रातभर खेत और जंगल में भटकती रही। उजाला होने पर जैसे-तैसे खिलचीपुर पहुंची। थाने से करीब 100 मीटर पहले पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास पति आ गया और उसने मुझे पकड़ लिया। महिला का आरोप है कि पति उसे बाइक पर बैठाकर घर ले जाने लगा। विरोध करने पर रास्ते में फिर मारपीट की। वहां से गुजर रहे बालू तंवर ने बीच-बचाव किया। कुछ देर शांत रहने के बाद पति उसे जबरन बाइक पर बैठाकर घर ले आया। बोला- देखता हूं रिपोर्ट कैसे करती है, फिर जंजीर से बांधा महिला के अनुसार- घर पहुंचते ही पति ने फिर मारपीट की। इसके बाद मेरे गले में लोहे की जंजीर डालकर उसका दूसरा सिरा आंगन में गड़े खंभे से बांध दिया। बड़े ताले से जंजीर मेरे गले में और छोटे ताले से खंभे पर बंद कर दी। इसके बाद पति ने कहा, अब देखता हूं तू मेरी रिपोर्ट करने थाने कैसे जाती है। महिला के अनुसार पति यहीं नहीं रुका। वह गैस चूल्हे पर लोहे का सरिया गर्म कर लाया और मेरी कमर के ऊपरी हिस्से, हिप्स व दाईं जांघ को दाग दिया। दर्द से चीखी तो उसने मुंह दबा दिया। वहां मेरी चीख सुनने वाला कोई नहीं था। 24 घंटे तक भूखी रही, पंचायत में झूठ बोलने का दबाव महिला ने बताया कि उसे करीब 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। पति गांव में पंचायत बुलाने की बात करता रहा। वह चाहता था कि पंचायत के सामने वह खुद को झूठा बताए और लिखकर दे कि उसके लगाए सभी आरोप गलत हैं और वह थाने में रिपोर्ट नहीं करेगी। मांगीबाई ने बताया कि डर के कारण उसने पति की बात मानने का नाटक किया, जबकि वह वहां से निकलने का मौका तलाश रही थी। महिला के अनुसार- मेरे हां कहते ही पति शाम को पंचायत के लिए गांव के लोगों को बुलाने चला गया। मौका मिलते ही मैंने पास पड़े पत्थर से खंभे पर लगे छोटे ताले को तोड़ना शुरू किया। काफी कोशिश के बाद ताला टूट गया। गले में जंजीर लटकाए थाना पहुंची, फफककर रोने लगी ताला टूटने के बाद मैं बिना समय गंवाए घर से निकल गई। शाम के करीब 6 बजे थे। गले में जंजीर और ताला अब भी लटक रहा था। पति से बचने के लिए जंगल के रास्ते गई। डर था कि वह पीछे न आ जाए। करीब 6 किलोमीटर पैदल चलकर रात करीब 10 बजे खिलचीपुर थाने पहुंची। रास्ते में कांटे चुभे और पैर छिल गए, लेकिन रुकी नहीं। लोग पागल समझते रहे, कोई भी दर्द नहीं समझ पाया महिला ने बताया कि खिलचीपुर पहुंचने पर कई लोग गले में जंजीर और ताला देखकर हैरान रह गए। कुछ लोगों ने उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ समझा, लेकिन कोई नहीं जानता था कि वह उसकी कैद की निशानी थी। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसकी हालत देखकर खाने के लिए नाश्ता दिया। वह कई घंटों से भूखी थी। खाना खाने के बाद हिम्मत जुटी और सीधे थाने पहुंच गई। थाने में सुनाई आपबीती, पुलिस पति को पकड़ने पहुंची महिला ने बताया कि थाने पहुंचते ही वह जोर-जोर से रोने लगी। पुलिस ने उसे शांत कराया और सबसे पहले गले से ताला व जंजीर हटवाई। इसके बाद उसकी आपबीती सुनी और खाना खिलाया। फिर मेडिकल परीक्षण कराया गया। उसने पति द्वारा दिए गए जख्म दिखाए। इसके बाद पुलिस गांव पहुंची और आरोपी पति सरदार सिंह तंवर को गिरफ्तार कर लिया। 10 साल पहले शादी, 5 साल पहले बच्चे की मौत हुई दैनिक भास्कर से बातचीत में पीड़िता ने बताया कि वह राजस्थान के मनोहर थाना क्षेत्र के बिरजीपुरा गांव की रहने वाली है। उसकी शादी 10 साल पहले छीपीपुरा निवासी सरदार सिंह से हुई थी। वह पति के साथ खेती में हाथ बंटाती थी। गांव के बाहर बने घर में दोनों साथ रह रहे थे। महिला ने बताया कि शादी के करीब 5 साल बाद एक बच्चे का जन्म हुआ था, लेकिन तीन महीने की उम्र में बीमारी से उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसे कोई संतान नहीं हुई। महिला का आरोप है कि सरदार सिंह शराब पीकर आए दिन उसके साथ मारपीट करता है। मारपीट के बाद गले में जंजीर बांध दी खिलचीपुर टीआई कमल सिंह गेहलोत ने बताया कि यह घरेलू विवाद है। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि महिला ने पति के लिए खाना बनाया था। इसी दौरान दोनों में विवाद हुआ और पति ने उसके साथ मारपीट की। बाद में महिला शिकायत दर्ज कराने थाने आ रही थी, लेकिन रास्ते में पति उसे रोककर वापस घर ले गया। उसे आशंका थी कि महिला उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगी, इसलिए उसने उसे थाने जाने से रोकने के लिए जंजीर से बांध दिया।
होटल में अवैध शराब बेचने पर संचालक गिरफ्तार:DST और पुलिस ने की रेड, 11 पेटी शराब और 7,520 रुपए जब्त
बांसवाड़ा में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत डीएसटी (DST) और सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भील कुआं क्षेत्र में सज्जनगढ़ रोड स्थित होटल ‘आरपार’ पर छापेमारी की। पुलिस ने मौके से 8 पेटी बीयर, 3 पेटी अंग्रेजी शराब और शराब बिक्री के 7,520 रुपए नकद जब्त किए। अवैध रूप से शराब बेचने और पिलाने के आरोप में होटल संचालक राहुल पुत्र डाडमचंद कलाल निवासी सज्जनगढ़ को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। थानाधिकारी धनपत सिंह ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि होटल आरपार में अवैध रूप से ग्राहकों को शराब परोसी और बेची जा रही है। सूचना के बाद पुलिस ने योजना बनाकर होटल पर दबिश दी। पुलिस के पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। तलाशी के दौरान होटल और काउंटर से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही पूरी शराब खेप और नकद राशि जब्त कर ली। आरोपी होटल संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। कार्रवाई बांसवाड़ा पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत की गई। मामले की जांच जारी है।
लुधियाना में रविवार की सुबह थाना सलेम टाबरी के ठीक सामने करीब 6:15 बजे तेज रफ्तार टोयोटा कार (Toyota XZ) और ई-रिक्शा के बीच इतनी जोरदार टक्कर हुई कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। हादसे में शहर के एक ट्रांसपोर्टर के बेटे की मौत हो गई जबकि उसके 3 दोस्त घायल हो गए। मृतक नवजोत सिंह (17) निवासी सलेम टाबरी लुधियाना का रहने वाला था। वह परिवार का इकलौता था। वह पार्ट टाइम जॉब करता था। इस भीषण सड़क हादसे में ई-रिक्शा सवार एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सबसे दुखद पहलू यह है कि सभी दोस्त माता वैष्णो देवी के पवित्र दर्शन कर घर लौट रहा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार माता वैष्णो देवी की यात्रा पूरी करके सुबह लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंचा था। वहां से उन्होंने जसिया जाने के लिए एक ई-रिक्शा किया अचानक एक कार काल बनकर आई और जोरदार टक्कर मार दी। हादसे से चंद मिनट पहले ही उतरी थीं 2 युवतियां खौफनाक हादसे के चश्मदीद और ई-रिक्शा चालक हिमांशु ने आपबीती सुनाई। चालक के मुताबिक उसने रेलवे स्टेशन से जसियां जाने के लिए कुल 5 सवारियां बैठाई थीं, जिनमें 2 युवतियां और 3 युवक शामिल थे। हादसे से कुछ देर पहले ही रास्ते में 2 युवतियों को उतारा गया था, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। हादसे के वक्त 3 युवक ई-रिक्शा में पीछे बैठे हुए थे। टक्कर इतनी भयानक थी कि पीछे बैठे एक युवक की जान चली गई, जबकि बाकी घायलों को खून से लथपथ हालत में तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। यूपी से जम्मू ड्यूटी पर जा रहा था कार चालक फौजी हादसे में शामिल टोयोटा कार को राहुल कुमार मिश्रा नाम का व्यक्ति चला रहा था। कार चालक राहुल इंडियन आर्मी का जवान है। वह उत्तर प्रदेश (UP) से अपनी पोस्टिंग पर ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए जम्मू जा रहा था। इसी दौरान लुधियाना क्रॉस करते समय सलेम टाबरी के पास यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा घटित हो गया। पुलिस जांच में जुटी, असली कारणों की हो रही पड़ताल सड़क पर हुए इस भयानक हादसे की सूचना मिलते ही सलेम टाबरी थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को सुचारू करवाया और दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों (कार और ई-रिक्शा) को सड़क के किनारे करवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
मुरैना जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला दंडाधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न गांवों के कोटवारों को विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) नियुक्त किया है। यह अहम निर्णय पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के अनुरोध पर लिया गया है, ताकि ग्रामीण स्तर पर पुलिस और प्रशासन का सूचना तंत्र मजबूत हो सके। जिला दंडाधिकारी ने पुलिस अधिनियम 1861 और मध्यप्रदेश कोटवार नियमों के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। इसके तहत जिले की अंबाह, जौरा, मुरैना और सबलगढ़ तहसीलों के चयनित ग्रामों के कोटवारों को यह विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। थाना प्रभारी के अंडर करेंगे काम, पुलिस को देंगे सूचनाविशेष पुलिस अधिकारी के रूप में नियुक्त किए गए कोटवार अपने-अपने क्षेत्रों में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर सतत निगरानी रखेंगे। किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या संदिग्ध हलचल दिखने पर वे तुरंत संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस विभाग को इसकी सूचना देंगे। सभी कोटवार संबंधित थाना प्रभारी के सीधे नियंत्रण और पर्यवेक्षण में ही काम करेंगे। गश्त और निगरानी में करेंगे पुलिस का सहयोगये कोटवार केवल खनन रोकने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि गांव में अपराध और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने का काम भी करेंगे। वे ग्रामीण क्षेत्रों में खुफिया सूचनाएं एकत्र करने के साथ-साथ पुलिस की गश्त और निगरानी में भी पूरा सहयोग करेंगे, जिससे क्षेत्र में कानून और शांति व्यवस्था बनी रहे। मजबूत सूचना तंत्र से रुकेगा अवैध खननकलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के अनुसार, ग्राम स्तर पर कोटवारों की इस सक्रिय भागीदारी से एक बेहद मजबूत सूचना तंत्र विकसित होगा। इससे प्रशासन को अवैध खनन गतिविधियों की सटीक जानकारी सही समय पर मिल सकेगी। कलेक्टर ने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करें, ताकि जिले में अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
चाकू मारकर गंभीर घायल करने वाले को कोर्ट ने 2 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 2 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम न्यायालय रवीन्द्र प्रतापसिंह चुण्डावत की कोर्ट ने सुनाया है। सहायक निदेशक अभियोजन आशा शाक्यवार ने बताया कि प्रकाश (21) पिता बाबूलाल निवासी रिंगनोद ने रिंगनोद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 4 नवंबर 25 की रात करीब 8 बजे मजदूरी के रुपए लेने रिंगनोद गया था। वहां शासकीय दूध डेयरी के पास खड़ा था। उसी दौरान अरमान पिता अली हुसैन निवासी रिंगनोद आया और जातिसूचक शब्दों के साथ गालियां देने लगा। आज के बाद यहां मत दिखना कहते हुए चाकू से हमला कर दिया। चाकू के दो वार मुझे लगे। इससे बांये कंधे और बांया पसली पर चोट लगी, जिससे खून बहने लगा। आसपास के लोगों ने बीच बचाव किया। बयानों के आधार पर सजा घटना के बाद पुलिस ने चाकू जब्त किया। कोर्ट में मामला पेश किया। बयानों व साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने चाकू मारने वाले आरोपी अरमान (22)पिता अली हुसैन निवासी रिंगनोद को 2 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ अच्छुसिंह गोयल ने की।

