साइबर सेल ने पीड़ित के रुपए लौटाए:साइबर ठगी का हुआ था शिकार, 40 हजार रुपए वापस मिले
रामपुर साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति को उसकी पूरी धनराशि वापस दिलाई है। शाहबाद थाना क्षेत्र के पीड़ित के खाते से कटे 40 हजार 240 रुपए शत-प्रतिशत वापस कराए गए हैं। आवेदक योगेन्द्र सिंह, निवासी ग्राम ढकिया, थाना शाहबाद, रामपुर ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके बैंक खाते से 40 हजार 240 रुपए संदिग्ध तरीके से कट गए थे। शिकायत दर्ज होते ही साइबर सेल थाना शाहबाद ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस उपमहानिरीक्षक साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक रामपुर और अपर पुलिस अधीक्षक रामपुर (नोडल अधिकारी साइबर अपराध) के पर्यवेक्षण में साइबर सेल ने तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर त्वरित कार्रवाई की। पीड़ित योगेन्द्र सिंह के खाते से कटी हुई पूरी धनराशि 40 हजार 240 रुपए उनके बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। इस दौरान, साइबर सेल ने आवेदक को साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरूक भी किया। पुलिस ने सलाह दी कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंक खाता संख्या, पिन, ओटीपी, सीवीवी नंबर जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने की अपील की गई। धनराशि वापस मिलने पर आवेदक योगेन्द्र सिंह और उनके परिजनों ने साइबर सेल तथा रामपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस कार्रवाई से आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
आजमगढ़ जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के लाटघाट में शारदा क्लीनिक में इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया है। क्लीनिक में भर्ती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जिसके बाद बड़ी संख्या में परिजनों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई थी। मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों ने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एन आर वर्मा ने एडिशनल सीएमओ एलेंद्र कुमार के नेतृत्व में कमेटी गठित कर मौके पर क्लीनिक जांच के लिए भेजा। मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब शारदा क्लीनिक के डॉक्यूमेंट की जांच की तो यह बात सामने आई किया पूरी तरह से अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। इस क्लीनिक का कोई पंजीकरण था। इसके बाद शारदा क्लीनिक को तत्काल सील कर दिया गया। इसके साथ ही कई बरपुर क्षेत्र में भी जांच के दौरान शिव क्लिनिक की जांच की गई जो बंद था। महिला की मौत के बाद हुई कार्रवाई आजमगढ़ जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के लाल घाट बाजार में मां शारदा महिला प्रसव केंद्र रौनापार थाना क्षेत्र के रहने वाली मिंटू पटेल को डिलीवरी के लिए 24 जनवरी को भर्ती कराया गया था। 25 जनवरी को ऑपरेशन के दौरान बेटी का जन्म हुआ इसके बाद बच्ची की हालत गंभीर होने पर जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि इस दौरान प्रसूता महिला की भी हालत लगातार बिगड़ रही थी। पुलिस ऑफिस पहुंचे परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत बिगड़ने के बाद भी रेफर नहीं किया गया। 27 जनवरी को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया था जहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है।
लखनऊ के मूल निवासी कपिल शर्मा ने नवाचार और मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके इसी योगदान को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर उन्हें सम्मानित किया। यह सम्मान 25 जनवरी को राजधानी नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया गया। कपिल शर्मा को यह उपलब्धि बतौर चुनाव अधिकारी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को लोकतंत्र से जोड़ने और मतदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मिली है। भारत निर्वाचन आयोग में सेवाएं दे रहे कपिल शर्मा बिहार राज्य सेवाओं के अधिकारी हैं और हाल तक वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार के कार्यालय में चुनाव अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। इसी महीने उन्हें प्रतिनियुक्ति पर भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोशल मीडिया कैंपेन की खूब चर्चा रही इससे पहले बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें नोडल मीडिया और सोशल मीडिया अधिकारी की अहम भूमिका दी गई थी। इस दौरान उनके द्वारा चलाए गए रचनात्मक सोशल मीडिया कैंपेन की खूब चर्चा रही। फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं के खिलाफ प्रभावी काउंटर स्ट्रेटजी तैयार करने के लिए उनकी विशेष सराहना की गई। बिहार राज्य सेवा के माध्यम से चयनित होकर चुनाव आयोग से जुड़े लखनऊ के ऐशबाग क्षेत्र के रहने वाले कपिल शर्मा ने बताया कि हम अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद नेशनल पीजी कॉलेज, लखनऊ से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) से जनसंचार की शिक्षा प्राप्त की। जनसंचार में मिली इस ट्रेनिंग ने उनके प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा दी, जिसका असर उनके काम में साफ नजर आता है। बिहार राज्य सेवा के माध्यम से चयनित होकर वे चुनाव आयोग से जुड़े और लगातार नई पहल करते रहे। फिल्मों के लिए लेखन कार्य कर चुके हैं कपिल शर्मा केवल एक अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक रचनात्मक लेखक भी हैं। वे गीतकार और पटकथा लेखक के रूप में फिल्मों के लिए लेखन कार्य कर चुके हैं। इसके साथ ही यूपीएससी अभ्यर्थियों के जीवन संघर्ष पर आधारित उनका उपन्यास 'लैम्डा' भी प्रकाशित हो चुका है, जिसे पाठकों ने खूब सराहा है।
पूर्व प्रधान पति को वाहन ने मारी टक्कर, मौत:बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी
पीलीभीत के दियोरिया कोतवाली क्षेत्र में बुधवार रात एक सड़क हादसे में पूर्व महिला प्रधान के पति बृजपाल उर्फ छोटे (55) की मृत्यु हो गई। यह दुर्घटना बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर हुई, जहां एक अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और फरार वाहन की तलाश शुरू कर दी है। दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सनगवां निवासी बृजपाल उर्फ छोटे (55) अपनी पत्नी राजकुमारी, जो पूर्व प्रधान रह चुकी हैं, के साथ रहते थे। बुधवार को वह किसी निजी कार्य से बीसलपुर गए थे। रात करीब 8:30 बजे जब वह अपनी स्कूटी से गांव लौट रहे थे, तभी बिलसंडा मार्ग पर आरबीएल इंटर कॉलेज के पास सामने से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बृजपाल स्कूटी समेत सड़क पर गिर गए और उन्हें सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। राहगीरों ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद बृजपाल को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक खून के कारण उनकी मृत्यु अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। घटना की सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित किया और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दुर्घटना के बाद वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिस आरोपी वाहन और चालक की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
पूर्व विधायक योगेश वर्मा की मां का निधन:कल पैतृक गाँव धन्जू में होगा अंतिम संस्कार
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व हस्तिनापुर से पूर्व विधायक योगेश वर्मा की माता मालती देवी का आज दोपहर न्यूटीमा अस्पताल में निधन हो गया। बताया गया कि वे कुछ समय से अस्वस्थ थीं और अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। परिवार के अनुसार, यह समय उनके लिए बेहद कठिन और पीड़ादायक है। परिजनों ने कहा कि मातृ निधन ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। श्रीमती मालती देवी पूर्व मेयर सुनीता वर्मा की सास थीं। उनके निधन की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने शोक जताया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। परिवार ने बताया कि अंतिम संस्कार कल दोपहर 1 बजे पैतृक गाँव धन्जू में किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से लोग पहुँच सकेंगे। समाजवादी पार्टी की स्थानीय इकाई ने भी शोक संदेश जारी किया है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि संकट की इस घड़ी में वे वर्मा परिवार के साथ खड़े हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
भोपाल से महाराष्ट्र की ओर जा रही वर्मा ट्रेवल्स की एक बस बुधवार रात इंदौर बायपास पर हादसे का शिकार हो गई। घटना रात करीब 9 से 9.30 बजे के बीच लसूड़िया थाना क्षेत्र में हुई। बताया जा रहा है कि एक अन्य वाहन चालक को बचाने के प्रयास में बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई है। हादसे के दौरान एक लोडिंग वाहन भी बस की चपेट में आ गया, जिससे उसका चालक घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया है। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। बस में यात्रियों के साथ बच्चे भी मौजूद थे। सूचना मिलते ही लसूड़िया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। यात्रियों को इमरजेंसी गेट और पीछे का कांच तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में वर्मा ट्रेवल्स की दूसरी बस से सभी यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजा गया। हादसे के चलते बायपास पर कुछ समय के लिए लंबा जाम लग गया। दुर्घटना में बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने बताया कि बस चालक और लोडिंग वाहन चालक का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट किया जा सके कि किसी ने शराब का सेवन तो नहीं किया था। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटनाग्रस्त बस का नंबर MP 04 ZL 8622 बताया गया है।
राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के जिला महासचिव काशिफ खां को उनके उत्कृष्ट सामाजिक और पंचायत स्तरीय कार्यों के लिए 'रामपुर रत्न' सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें श्री बालाजी विकास सेवा संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में नगर विधायक आकाश सक्सेना और जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने संयुक्त रूप से काशिफ खां को सम्मानित किया। सम्मान मिलने की सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत मनकरा सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और समर्थकों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया। लोगों का कहना है कि काशिफ खां ने हमेशा पंचायत हित, जनसमस्याओं के समाधान और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। यह सम्मान उनके इन्हीं प्रयासों का प्रमाण है। कार्यक्रम के दौरान काशिफ खां ने श्री बालाजी विकास सेवा संस्थान के प्रबंधक विशाल सक्सेना का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक जिम्मेदारी के साथ जनसेवा के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे आगे भी ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों के हितों की आवाज मजबूती से उठाते रहेंगे। सम्मान समारोह के बाद ग्राम मनकरा में समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। इस अवसर पर शहजान खां, सलीम अल्वी, विक्रमजीत सिंह विक्की, गुलाम साबिर, बब्लू खां, मुनीर अहमद, हीरालाल सैनी, इंद्रजीत सिंह, मुंतयाज़ मियां, गुलाम नबी, ताहिर अली, अली अहमद, नबी हुसैन, फकीर चंद, इकराम उल्ला खां, अख्तर अली, शाहिद अली, हनीफ मलिक, बाबू खां, आकिल मलिक, रवि कुमार और शानू रज़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि काशिफ खां के नेतृत्व में पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को और गति मिलेगी।
कोरबा में ब्लू बर्ड स्कूल के एक छात्र पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना बुधवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद कोसाबाड़ी मुख्य मार्ग पर हुई। घायल छात्र को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई इस घटना में कक्षा आठवीं का 13 वर्षीय छात्र अपने घर काशीनगर जा रहा था। इसी दौरान आधा दर्जन से अधिक छात्रों ने उस पर हमला कर दिया। हमलावरों ने छात्र के गले के पिछले हिस्से पर धारदार हथियार से वार किया और मौके से फरार हो गए। पुरानी रंजिश में किया हमला घायल छात्र के साथ मौजूद कक्षा सातवीं के 12 वर्षीय छात्र ने बताया कि हमलावरों में ब्लू बर्ड स्कूल के 5-6 छात्र और दो बाहरी लड़के शामिल थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हमला पुरानी रंजिश के चलते किया गया है। घायल छात्र का अस्पताल में इलाज जारी राहगीरों की मदद से घायल छात्र को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही छात्र के परिजन अस्पताल पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन ने मेमो के आधार पर जिला अस्पताल चौकी पुलिस को घटना की जानकारी दी है। परिजनों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन को इस मारपीट की घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने पुलिस और स्कूल प्रबंधन दोनों से इस मामले में शिकायत करने की बात कही है। परिजनों ने घटना की गंभीरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें बच्चे की जान भी जा सकती थी।
'फितूर' नाटक का मंचन, अपराध और लालच उजागर:समकालीन समाज की मानसिक विकृतियों पर केंद्रित ब्लैक कॉमेडी
समकालीन समाज में तेजी से बढ़ते अपराध,लालच और मानसिक विकृतियों को उजागर करने वाला ब्लैक कॉमेडी नाटक 'फितूर' का मंचन बुधवार को किया गया। यह प्रस्तुति उद्यान भवन प्रेक्षागृह, सप्रू मार्ग, हजरतगंज में हुई। इसका आयोजन संस्कृति निदेशालय, उत्तर प्रदेश के सहयोग से सफ़र फाउंडेशन एवं सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था द्वारा किया गया। नाटक का उपशीर्षक 'शातिर हैं… मगर किस्मत इन्हें मूर्ख बना देती है' दर्शकों को कहानी से जोड़ता है। 'फितूर' नाटक चार अपराधियों के एक गिरोह की कहानी है। यह गिरोह एक खूबसूरत युवती की मदद से धनवान और प्रभावशाली लोगों को अपने जाल में फंसाता है। पहले प्रेम और आकर्षण के जरिए शिकार को भ्रमित किया जाता है, फिर उसका अपहरण कर भारी फिरौती मांगी जाती है। चौंकाने वाली बात यह है कि फिरौती मिलने के बाद भी गिरोह निर्दयता से हत्या कर देता है। सुनसान फ्लैट में ले जाकर अपहरण किया कहानी में एक दिलचस्प मोड़ तब आता है, जब गिरोह एक व्यक्ति को बड़ा सरकारी अधिकारी समझकर हनीट्रैप में फंसा लेता है। उसे सुनसान फ्लैट में ले जाकर अपहरण किया जाता है, लेकिन बाद में खुलासा होता है कि वह कोई अधिकारी नहीं, बल्कि एक सरकारी अधिकारी का ड्राइवर है। इस सच्चाई से अपराधी गिरोह घबरा जाता है और मजबूरी में कम फिरौती पर सौदा करता है। जैसे-जैसे घटनाएं आगे बढ़ती हैं, गिरोह के सदस्यों के बीच लालच, शक और स्वार्थ हावी होने लगता है। यही 'फितूर' (सनक/जुनून) अंततः उन्हें एक-दूसरे का दुश्मन बना देता है। अप्रत्याशित घटनाक्रम में चारों अपराधी आपस में ही एक-दूसरे की हत्या कर बैठते हैं।नाटक का संदेश स्पष्ट है कि अपराध, नशा, हनीट्रैप और जल्दी अमीर बनने की चाहत का अंजाम हमेशा विनाशकारी होता है। यह प्रस्तुति युवाओं के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सतर्क करती है। इन कलाकारों ने हिस्सा लिया मंच पर सुभाष संतोष प्रजापति, नीतू, माही, रघु, मनोज तिवारी, जितेश, ओमकार पुष्कर, संदीप अजय कुमार, स्वाती अनामिका सिंह, इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार सिंह, हवलदार पीयूष पाण्डेय और पड़ोसी अर्जुन सिंह ने प्रभावशाली अभिनय किया। कार्यशाला का निर्देशन पीयूष पाण्डेय ने किया, जबकि नाटक का लेखन एवं निर्देशन मोहम्मद अनवर बेग ने किया।
उत्तरायणी कौथिग का समापन:लखनऊ में 15 दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव का सफल आयोजन
राजधानी लखनऊ में उत्तरायणी कौथिग 2026 पंद्रहवें दिन तक चला।यह आयोजन पंडित गोविन्द बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन, बीरबल साहनी मार्ग पर रजत जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।समापन दिवस पर पर्वतीय महापरिषद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और हजारों आगंतुक कौथिग परिसर में उमड़ पड़े। अंतिम दिन मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्तराखण्डी व्यंजन, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की खरीदारी की। आयोजकों के अनुसार, सतरंगी संस्कृति और लोकपरंपराओं से भरे इस मेले के 15 दिन कब बीत गए, इसका एहसास ही नहीं हुआ। समापन के समय सभी के चेहरों पर सफल आयोजन की खुशी और कौथिग के विदा होने की हल्की उदासी दिखाई दी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग ने इस सांस्कृतिक उत्सव का भरपूर आनंद लिया। समापन पर स्टार नाइट का आयोजन किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में समापन अवसर पर भव्य स्टार नाइट का आयोजन किया गया। लोकगायक राकेश खनवाल, फौजी ललित मोहन जोशी, हेमा नेगी करासी, हरू जोशी और लोकअभिनायक लच्छू की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हेमा नेगी करासी द्वारा प्रस्तुत भगवान बद्रीविशाल स्तुति, जाग नंदा पाणी का पैडलौं, ऊँचा डांडा कांठ मां जैसे लोकगीतों पर श्रोता देर तक तालियां बजाते रहे। समापन अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में खेल, मेधावी छात्र, वृद्ध दंपति, गायन, नृत्य, चित्रकला, खानपान, निबंध, ऐपण, छपेली और झोड़ा प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, सामाजिक विभूतियों, महापरिषद के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, क्षेत्रीय शाखाओं और रामलीला समितियों को भी सम्मान प्रदान किया गया। फुटबॉल खिलाड़ी हेमा पाठक सहित 25 विशिष्ट व्यक्तियों को रजत जयंती अवार्ड से नवाजा गया। अध्यक्ष को 'बेस्ट अचीवर' और महासचिव को 'श्रेष्ठतम परिकल्पनाकार' पुरस्कार से सम्मानित किया महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चन्द्र जोशी ने आयोजन की सफलता पर शासन-प्रशासन, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। महासचिव महेन्द्र सिंह रावत ने कलाकारों और आगंतुकों को 15 दिन तक मेले की रौनक बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर अध्यक्ष को 'बेस्ट अचीवर' और महासचिव को 'श्रेष्ठतम परिकल्पनाकार' पुरस्कार से सम्मानित किया गया।समापन समारोह के मुख्य अतिथि विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव रहे। उनका स्वागत संयोजक के.एन. चन्दोला,अध्यक्ष गणेश चन्द्र जोशी और महासचिव महेन्द्र सिंह रावत ने किया।
खेलो एमपी यूथ गेम्स 2026 के तहत प्रदेशभर में चल रही राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में युवाओं का जोश और प्रतिस्पर्धा चरम पर है। कबड्डी, हॉकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, कयाकिंग-कैनोइंग और कुश्ती सहित कई खेलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। भोपाल के विभिन्न खेल स्थलों पर एक के बाद एक मुकाबलों ने दर्शकों को रोमांचित किया, वहीं पदक तालिका में जिलों के बीच कड़ी होड़ देखने को मिली। कोलार खेल स्टेडियम में गर्ल्स कबड्डी का रीवा बनाम जबलपुर और बॉयज कबड्डी का बालाघाट बनाम नर्मदापुरम मुकाबला खेला गया। मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में मंडला बनाम धार और शाजापुर बनाम नरसिंहपुर के बीच हॉकी मैच हुए। तात्या टोपे खेल स्टेडियम में बॉक्सिंग, बास्केटबॉल और एथलेटिक्स स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने दमदार खेल दिखाया। दूसरी तरफ इसी सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल के प्रमुख खेल स्थलों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और खिलाड़ियों से सीधे संवाद किया। मंत्री ने कोलार खेल स्टेडियम, मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम और तात्या टोपे खेल स्टेडियम पहुंचकर प्रतियोगिताओं की प्रगति देखी। उन्होंने खिलाड़ियों से आवास, भोजन, आवागमन, चिकित्सा सुविधा और प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर फीडबैक लिया। कयाकिंग-कैनोइंग में भोपाल के खिलाड़ी चमके भोपाल के लोअर लेक में आयोजित कयाकिंग और कैनोइंग प्रतियोगिता की फाइनल स्पर्धाएं संपन्न हुईं।K1 बॉयज 1000 मीटर में के. संतोष सिंह (भोपाल) ने स्वर्ण, कोंजेंगबाम सिंह वांगथोई (उज्जैन) ने रजत और प्रिंस भाटी (टीकमगढ़) ने कांस्य पदक जीता।C1 बॉयज 1000 मीटर में प्रिंस गोस्वामी (भोपाल) स्वर्ण पदक विजेता रहे, जबकि नितेश (भिंड) को रजत और अभय तलियान (टीकमगढ़) को कांस्य पदक मिला। कुश्ती में इंदौर का दबदबा कुश्ती प्रतियोगिता के पहले दिन इंदौर के पहलवानों ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में बढ़त बनाई। अनुष्का बौरासी (65 किग्रा) और लक्ष्मी जरिया (50 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं पृथ्वी जोशी (77 किग्रा, ग्रीको-रोमन) और तुषांत जाधव (55 किग्रा, ग्रीको-रोमन) ने कांस्य पदक हासिल किए। इंदौर जिले ने कुल दो स्वर्ण और दो कांस्य पदक अपने नाम किए। अन्य खेलों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, तैराकी और एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। तैराकी में इंदौर, भोपाल, नीमच, जबलपुर और उज्जैन के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। नौ संभागों में 28 खेलों की प्रतियोगिताएं खेलो एमपी यूथ गेम्स 2026 के तहत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ एक साथ आयोजित हो रही हैं। आने वाले दिनों में एथलेटिक्स, कबड्डी, क्रिकेट, शूटिंग, फेंसिंग, ताइक्वांडो, खो-खो और जूडो सहित अन्य खेलों के मुकाबले खेले जाएंगे, जिनसे अगले चरण के लिए खिलाड़ियों का चयन होगा।
बागपत में लूट की योजना बनाते 7 गिरफ्तार:तीन नाबालिग भी पकड़े गए, अवैध हथियार और कार बरामद
बागपत की खेकड़ा कोतवाली पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान लूट की योजना बनाते हुए सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से अवैध हथियार और एक कार बरामद की है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ युवक एक स्थान पर बैठकर लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर इन्हें पकड़ा।गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से एक स्विफ्ट डिजायर कार, दो अवैध तमंचे, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, सात अवैध चाकू और सात मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। गिरफ्तार किए गए वयस्कों में नाजिम पुत्र कल्लू, शहजाद पुत्र असलम दोनों निवासी सैंडभर, बागपत, राकेश निवासी बागपत और रिहान पुत्र अफजल निवासी दिल्ली शामिल हैं। इनके साथ तीन नाबालिगों को भी पकड़ा गया है। खेकड़ा कोतवाली प्रभारी प्रभाकर केन्तुरा ने बताया कि सभी सात अभियुक्तों को लूट की योजना बनाते हुए गिरफ्तार किया गया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है।
बरेली में 9 साल के प्यार का मर्डर से अंत:पत्नी ने पति का गला दबाया, फिर फांसी पर लटकाया
शादी को अभी दो महीने भी नहीं बीते थे कि जिस मोहब्बत के लिए जितेंद्र ने 9 साल इंतजार किया, उसी ने उसकी जान ले ली। इज्जतनगर की कैलाशपुरम कॉलोनी में आईवीआरआई (IVRI) के संविदाकर्मी जितेंद्र यादव की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पहले इसे सुसाइड माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी पलट दी। रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। हत्या के बाद शव को फंदे पर टांगा, स्टूल पर टिके थे पैरसोमवार सुबह जब पुलिस कमरे में पहुंची, तो जितेंद्र का शव वेंटिलेटर से मफलर के सहारे लटका था। हैरानी की बात यह थी कि जितेंद्र के पैर नीचे रखे स्टूल पर टिके हुए थे और जीभ बाहर निकली हुई थी। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही थी, लेकिन फॉरेंसिक टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि जितेंद्र ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उसका गला घोंटकर उसे फंदे पर लटकाया गया ताकि मामला आत्महत्या लगे। जायदाद बेचो और मेरे नाम मकान-कार करोजितेंद्र के भाई अजय और ममेरे भाई विकास (जेल वार्डन) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के मुताबिक, रोडवेज में कंडक्टर पत्नी ज्योति शादी के बाद से ही जितेंद्र पर दबाव बना रही थी कि वह अपनी पैतृक संपत्ति बेच दे और शहर में मकान व कार ज्योति के नाम पर खरीदे। ऐसा न करने पर ज्योति और उसके घरवाले पूरे परिवार को दहेज उत्पीड़न के केस में फंसाने की धमकी देते थे। नौ साल के प्रेम संबंध के बाद हुई इस शादी में दो महीने के भीतर ही पत्नी पर आरोप है कि पति की हत्या कर दी। आखिरी फोन मायके वालों को, पुलिस को साजिश का शकपुलिस की तफ्तीश में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जितेंद्र और ज्योति के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगालने पर पता चला कि वारदात के वक्त ज्योति ने आखिरी कॉल अपने मायके वालों को की थी। पुलिस का मानना है कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने या शव को ठिकाने लगाने की योजना में ससुराल वाले भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब गली में लगे सीसीटीवी कैमरों और ज्योति के मायके वालों की लोकेशन ट्रेस कर रही है। एसएसपी ने कहा- हत्या की धारा में तरमीम होगा मुकदमाबरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने फिलहाल ज्योति और उसके कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में ले लिया है। इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने दोबारा घटनास्थल का मुआयना किया है। पुलिस का कहना है कि जो एफआईआर पहले 'आत्महत्या के लिए उकसाने' में दर्ज थी, उसे अब हत्या की धारा में तब्दील किया जा रहा है। वो 4 बड़े सवाल जिन्होंने 'सुसाइड' की थ्योरी को फेल कर दिया क्राइम टाइमलाइन (घटनाक्रम) 25 नवंबर 2025: शादी का दिनजितेंद्र और ज्योति ने 9 साल लंबे प्रेम प्रसंग के बाद लव मैरिज की थी। दोनों खुशी-खुशी साथ रहने लगे थे।26 जनवरी 2026: हत्या की तारीखशादी के ठीक 62 दिन बाद, विवाद के चलते जितेंद्र की गला दबाकर हत्या कर दी गई। साजिश के तहत शव को मफलर के सहारे वेंटिलेटर से लटकाया गया ताकि यह सुसाइड लगे।27 जनवरी 2026: पोस्टमार्टमपुलिस ने कमरे से शव बरामद किया। परिजनों के हंगामे और संदेह के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। भाई अजय की तहरीर पर शुरुआती FIR दर्ज हुई।28 जनवरी 2026: रिपोर्ट और खुलासापोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक हुई। रिपोर्ट में 'स्ट्रेंगुलेशन' (गला घोंटना) मौत का कारण बताया गया। इसी दिन पुलिस ने मामले को आत्महत्या से हत्या में बदलने की कार्रवाई शुरू की।
ड्यूटी के दौरान बैंक कर्मी ने खाया जहर, मौत:गाजीपुर में सिक्योरिटी गार्ड ने मेडिकल कॉलेज पहुंचाया
गाजीपुर के इलाहाबाद बैंक में ड्यूटी के दौरान एक कर्मचारी ने जहर खा लिया। जिससे कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़ने से बैंक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लालदरवाजा स्थित बैंक का है। मृतक की पहचान नंदगंज थाना क्षेत्र के बरहपुर गांव निवासी इंद्रपाल सिंह उर्फ टिंकल सिंह के रूप में हुई है। इंद्रपाल सिंह रोज की तरह बैंक में ड्यूटी पर पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। बैंक कर्मियों ने तत्काल सिक्योरिटी गार्ड की मदद से उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां जहर खाने की आशंका जताई गई। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने घंटों इलाज किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, इंद्रपाल सिंह शराब के आदी थे, जिसको लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। नशे के कारण उनकी तबीयत अक्सर खराब रहती थी। हालांकि, किन परिस्थितियों में उन्होंने जहर खाया, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। इंद्रपाल सिंह अपने पीछे पत्नी उषा सिंह, बेटी शिवांगी सिंह (कक्षा 9) और बेटा पार्थ सिंह (कक्षा 6) को छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है। बताया जा रहा है कि देर शाम चोचकपुर घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, इस मामले में सदर कोतवाल महेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
लखनऊ में भूजल स्तर गिरावट पर तकनीकी व्याख्यान:विशेषज्ञों ने जल संकट के भयावह भविष्य की चेतावनी दी
द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (आई.ई.आई.) उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र की ओर से बुधवार को एक महत्वपूर्ण तकनीकी व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘भूजल स्तर में गिरावट का प्रभाव – एक भयावह भविष्य हमारी प्रतीक्षा कर रहा है’ रहा। रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स भवन में हुए इस आयोजन में देश में तेजी से घटते भूजल स्तर और उससे जुड़ी गंभीर चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार गिरता भूजल स्तर आने वाले समय में बड़ा संकट बन सकता है।मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर (बिहार) के पूर्व कुलपति प्रो. आर.सी श्रीवास्तव उपस्थित रहे। भविष्य में जल संकट और भी भयावह रूप ले सकता उन्होंने कहा कि अनियंत्रित भूजल दोहन देश के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। इसका सीधा असर कृषि उत्पादन, पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संतुलन और मानव जीवन पर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अभी ठोस और व्यावहारिक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में जल संकट और भी भयावह रूप ले सकता है। प्रो. श्रीवास्तव ने वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और सतत इंजीनियरिंग समाधानों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अभियंताओं, नीति निर्माताओं और आम नागरिकों से सामूहिक प्रयास की अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। भूजल प्रबंधन में अभियंताओं की भूमिका बेहद अहम कार्यक्रम का आयोजन आई.ई.आई उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ के अध्यक्ष इं. वी.पी सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और भूजल प्रबंधन में अभियंताओं की भूमिका बेहद अहम है। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. वी.बी सिंह और पूर्व अध्यक्ष इं. सत्य प्रकाश भी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने जल संरक्षण को लेकर जागरूकता का मजबूत संदेश दिया।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन की बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 18234/18233) में अब एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगाए जाएंगे। यह सुविधा बिलासपुर से 30 मार्च और इंदौर से 31 मार्च से शुरू होगी। इन नए कोचों से यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा। रेलवे प्रशासन के अनुसार, एलएचबी कोच पारंपरिक कोचों की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होते हैं। इन कोचों के लगने से ट्रेन में सीटों की संख्या में भी वृद्धि होगी, जिससे अधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिल सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन द्वारा चरणबद्ध तरीके से सभी ट्रेनों में पुराने पारंपरिक कोचों को हटाकर नई तकनीक वाले एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से शास्त्रीय एवं सुगम संगीत की प्रादेशिक प्रतियोगिता 2025-26 के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया।यह कार्यक्रम उल्लास उत्सव के तहत अकादमी के संत गाडगे जी ऑडिटोरियम में किया गया।समारोह में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। मुख्य अतिथि प्रो. संजय सिंह के साथ उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, उपाध्यक्ष विभा सिंह, ललित कला अकादमी क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ के सचिव डॉ. देवेंद्र कुमार त्रिपाठी तथा अकादमी के निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि का स्वागत एवं सम्मान किया गया और फिर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। भारतीय संगीत साधना और आत्मिक उन्नति का मार्ग इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रो. संजय सिंह ने कहा कि प्रभावी संगीत के लिए केवल स्वर और लय पर्याप्त नहीं होते, बल्कि उसमें भावों की भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भारतीय संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह साधना और आत्मिक उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त करता है। अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2024-25 अकादमी द्वारा आयोजित सम्भागीय शास्त्रीय संगीत प्रतियोगिता का स्वर्ण जयंती वर्ष था। इस दौरान शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ सुगम संगीत की विधाओं—भजन और गजल—को भी शामिल किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 18 सम्भागों के 21 केंद्रों पर लगभग 900 प्रतिभागियों ने भाग लिया था। 1100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया वर्ष 2025-26 में आयोजित सम्भागीय शास्त्रीय एवं सुगम संगीत प्रतियोगिता में 18 सम्भागों के 23 केंद्रों पर लगभग 1100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया ।प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष लखीमपुर और फर्रुखाबाद को नए केंद्र के रूप में जोड़ा गया।प्रतियोगिता तीन वर्गों—बाल, किशोर और युवा—में आयोजित की गई। इसमें गायन, वादन, नृत्य तथा सुगम संगीत की विभिन्न विधाओं जैसे ख्याल, ध्रुपद, ठुमरी, भजन, गजल, कथक सहित कई वाद्य यंत्रों की श्रेणियां शामिल रहीं।
प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। वहीं बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों, परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित और स्ववित्त पोषित शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, विशेष शिक्षक, अनुदेशकों, कस्तूरबागांधी विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक, अंशकालिक शिक्षकों और प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकार कैशलेस चिकित्सा सुविधा देगी। विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी सरकार का मास्टर स्ट्रोक होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग और बेसिक शिक्षा परिषद के करीब दस लाख से अधिक शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों को इसका लाभ मिलेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्तपतिवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में यह दोनों प्रस्ताव सहित कुल 29 प्रस्ताव पर चर्चा होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने लोक भवन में होने वाली कैबिनेट बैठक का एजेंडा जारी किया है। नोएडा में बनेगा मेट्रोपोलेटन कारपोरेशन अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की ओर से उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में योजित Special Leave to Appeal (Crl.) No (s).1251/2023 VIRENDRA SINGH NAGAR VS STATE OF UTTAR PRADESH ANR के तहत सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नोएडा में मेट्रोपोलेटन कारपोरेशन बनाया जाएगा। अटल नवीकरण और शहरी रुपांतरण मिशन 2.0 (अमृत2.0) योजना के तहत गोरखपुर नगर निगम में सीवरेज योजना जोन ए-3 से संबंधित परियोजना के लिए 721 करोड़ 40 लाख 41 हजार रुपए के व्यय का अनुमोदन किया जाएगा। अटल नवीकरण और शहरी रुपांतरण मिशन 2.0 (अमृत2.0) योजना के तहत वाराणसी में नगर निगम में सीवरेज से 18 अत्यधिक प्रभावित वार्डों में से दुर्गाकुंड, नरिया सरायनंदन, जोल्हा, उत्तरी, भेलूपुर वार्ड में सीवरेज लाइन बिछाने और गृह संयोजन के लिए 266 करोड़ 49 लाख 44 हजार रुपए के व्यय का अनुमोदन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश नगर निगम (आकाश चिन्ह और विज्ञापनों का विनियमन ) नियमावली 2026 को मंजूरी मिल सकती है। उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति 2026 लागू करने का प्रस्ताव। शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए वित्त पोषण के रूप में विकास शुल्क की संशोधित प्रणाली लागू करने और उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (विकास शुल्क निर्धारण, उद्हरण एवं संग्रहण) नियमावली 2014 में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। राजस्व में अभिवृद्धि एवं परिवहन विभाग के कर ढांचे में परिवर्तन किये जाने के प्रयोजनार्थ उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1997 (यथा संशोधित, 2025) की धारा-4 की उपधारा (1-क) एवं उपधारा (2) के अन्तर्गत निर्गत एवं समय समय पर यथासंशोधित अधिसूचनाओं को अवक्रमित करते हुए नवीन अधिसूचनाएं निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में। (2) उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति, 2022 (यथासंशोधित, 2025) के क्रम में शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकरण शुल्क में छूट दिए जाने सम्बन्धी निर्गत अधिसूचना के प्रख्यापन पर कार्योत्तर अनुमोदन प्राप्त किये जाने के सम्बन्ध में। (3) परिवहन विभाग के अंर्तगत फेसलेस सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली, 1998 में परिवहन विभाग की 04 सेवाओं-ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि बदलना, पहाड़ी क्षेत्र में वाहन को चलाने की अनुमति, पंजीकरण संख्या का प्रतिधारण (रिटेंशन) एवं गैर उपयोग सूचना परमिट सम्बन्धी उपबंध किये जाने के संबंध में। उत्तर प्रदेश परिवहन सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी मिल सकती है। प्रदेश में सहायक मोटर यान निरीक्षक के नवस्जित 351 पद के लिए उपबंध करने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन (अधीनस्थ) प्राविधिक सेवा (षष्टम संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी मिल सकती है। बरेली में विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला की स्थापना कराने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण, बरेली, उत्तर प्रदेश को कार्यदायी संस्था नामित किया जाएगा। मुरादाबाद में विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला की स्थापना किए जाने के लिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश को कार्यदायी संस्था नामित करने का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। उत्तर प्रदेश लोक सेवाओं (प्रतियोगी परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री अध्येतावृति के अनुसंधानविदो के लिए आयु सीमा एवं अधिमान का शिथिलीकरण) नियमावली, 2026 को मंजूरी मिल सकती है। उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियमावली, 1982 में संशोधन का प्रस्ताव। उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा नियमावली, 2001 में सप्तम संशोधन का प्रस्ताव। 16- दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लि. मोरना, जनपद-मुजफ्फरनगर की पेराई क्षमता विस्तार, तकनीकी अपग्रेडेशन एवं आधुनिकीकरण करते हुए नई चीनी मिल स्थापना करने का प्रस्ताव। सहकारी चीनी मिल्स संघ लि. को आगामी पेराई सत्र 2025-2026 में गन्ना मूल्य भुगतान हेतु उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण की व्यवस्था के लिए शासकीय गारण्टी प्रदान करने एवं उक्त शासकीय गारण्टी पर देय गारण्टी शुल्क को माफ करने का प्रस्ताव। नॉएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के भविष्य में विस्तारीकरण (स्टेज-2/ फेज-1) एवं (स्टेज-2/फेज-2 व स्टेज-2/फेज-3) के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव। निदेशक, सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा, निदेशालय लखनऊ का त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2020-21 (भाग 1 से 9 तक) को राज्य विधान मण्डल के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। लखनऊ-हरदोई में प्रस्तावित पी०एम० मित्रा टेक्सटाइल पार्क के लिए औद्योगिक जलापूर्ति के लिए 16 एम०एल०डी० टी.टी.पी. के निर्माण, स्वच्छ जलापूर्ति (गोमती नदी से) के लिए 8.25 एम.एल. डी. इन्टेकवेल एवं राइजिंग मेन तथा स्वच्छ जलापूर्ति (भू-गर्भ जल से) के लिये 4.50 एम.एल. डी. ट्यूबवेल, पम्प हाउस एवं राइजिंग मेन से सम्बन्धित प्रायोजना के लिए 458 करोड़ 50 लाख 11 हजार रुपए का अनुमोदन हो सकता है। -उत्तर प्रदेश ईंट भट्ठा (स्थापना हेतु स्थल मापदण्ड) (प्रथम संशोधन), नियमावली, 2026 को मंजूर मिल सकती है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2020 में संशोधन करने का प्रस्ताव। वाराणसी/चन्दौली में मोहनसराय उपाध्याय नगर चकिया मार्ग (राज्य मार्ग सं0-120) के चैनेज 21.000 से चैनेज 32.235 तक 04/06 लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण (लम्बाई 11.235 कि0मी0) कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल सकती है। देवरिया में देवरिया कसया मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-79) के चैनेज 1.600 से चैनेज 33.100 तक (लम्बाई 31.500 कि0मी0) 4 लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल सकती है। उत्तर प्रदेश राज्य में उप निबन्धक कार्यालयों में पंजीकृत विलेखों का डिजिटाइज़ेशन किया जाएगा। प्रदेश के उप खनिजों के स्वामित्व (रायल्टी) की दर एवं वार्षिक अपरिहार्य भाटक (डेडरेन्ट) की दरों में संशोधन किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश उप खनिज (परिहार) नियमावली, 2021 में द्वितीय संशोधन किया जाएगा। राजस्व ग्राम भरधापुर, ग्राम पंचायत आम्बा, परगना, धर्मापुर, तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) जनपद बहराइच में आपदा प्रभावित परिवारों को विस्थापित कर पुनर्वासित करने के लिए अपेक्षित भूमि की व्यवस्था एवं उक्त भूमि को आपदा प्रभावित परिवारों को आवंटित करते हुए उस पर अवस्थापना संबंधी अन्य विविध सुविधाएं दी जाएंगी। पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से विस्थापित हिन्दू बंगाली परिवारों के पुनर्वासन की व्यवस्था सरकार करेगी।
वाराणसी। नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार को मौसम के बिगड़े मिजाज ने हवाई यातायात को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कम विजिबिलिटी के कारण काठमांडू हवाई क्षेत्र में पहुंचे कई विमानों को घंटों हवा में चक्कर लगाना पड़ा और अंत में उन्हें भारत के हवाई अड्डों पर डाइवर्ट करना पड़ा। इसी क्रम में दिल्ली से काठमांडू जा रहे एयर इंडिया को वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतारा गया। इसके अलावा कुछ विमान लखनऊ भी डायवर्ट किये गए। 100 मिनट तक आसमान में मंडराता रहा विमानदरअसल, एयर इंडिया का विमान एआई 213 बुधवार सुबह 7:20 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से यात्रियों को लेकर काठमांडू के लिए रवाना हुआ था। विमान निर्धारित समय पर सुबह 8:30 बजे काठमांडू हवाई क्षेत्र में पहुंच गया, लेकिन वहां कम दृश्यता होने के कारण एटीसी ने लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। पायलट ने मौसम साफ होने के इंतजार में करीब 1 घंटे 40 मिनट तक विमान को लेकर आसमान में चक्कर लगाता रहा। इस दौरान विमान ने काठमांडू हवाई क्षेत्र में विमान 10 चक्कर लगाया। जब काफी देर बाद भी मौसम में सुधार नहीं हुआ और विमान का ईंधन कम होने लगा, तो पायलट ने एटीसी से संपर्क कर सुरक्षा को देखते हुए विमान को वाराणसी डाइवर्ट करने का निर्णय लिया। वाराणसी में हुई लैंडिंग और रिफ्यूलिंगविमान सुबह 10:10 बजे काठमांडू से वाराणसी की ओर डाइवर्ट हुआ और 40 मिनट बाद, सुबह 10:50 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पर विमान सुरक्षित रूप से लैंड किया। वाराणसी एयरपोर्ट पर विमान करीब दो घंटे तक खड़ा रहा और वाराणसी में उसकी रिफ्यूलिंग की गई। उसके बाद काठमांडू से मौसम साफ होने का सिग्नल मिलने के पर दोपहर 12:50 बजे विमान ने वाराणसी से पुनः नेपाल के लिए उड़ान भरा।
जांजगीर-चांपा जिले में ग्राम पीपरा और बरगांव के बीच खेत में मिली युवती पूजा महंत (21) के शव के मामले में पुलिस ने उसके बॉयफ्रेंड प्रवीण प्रकाश चंद्रा (28) को गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह अफेयर में शक और गुस्सा बताया जा रहा है। यह मामला नवागढ़ थाना क्षेत्र का है। एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि 27 जनवरी की सुबह बरगांव में रामेश्वर साहू के खेत में एक अज्ञात युवती का अर्धनग्न शव मिला था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच में हत्या का मामला प्रतीत होने पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें तड़के सुबह 4.38 बजे दो युवक बाइक पर जाते दिखाई दिए। इसके कुछ ही मिनट बाद 4.45 बजे मृतका पूजा महंत अकेली मोबाइल पर बात करते हुए उसी रास्ते से गुजरती नजर आई थी। युवती का शव खेत में अर्धनग्न अवस्था में मिला जांच में सामने आया कि पूजा महंत ग्राम किरीत में आयोजित वार्षिक उत्सव देखकर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच घर लौटी थी। उसके पिता ने उसे देखा भी था। इसके बाद तड़के करीब 4.45 बजे वह घर से निकली और कुछ ही देर बाद उसका शव खेत में कीचड़ से सनी अर्धनग्न अवस्था में मिला। पुलिस पूछताछ में आरोपी प्रवीण प्रकाश चंद्रा ने बताया कि उसे शक था कि पूजा उसे समय नहीं देती और किसी अन्य युवक से बातचीत करती है। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और गुस्से में उसने खेत में पूजा को धक्का देकर उसका सिर कीचड़ में दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी प्रवीण प्रकाश चंद्रा को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अतिरिक्त, हत्या के बाद आरोपी को भागने में मदद करने वाले दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पटना से पकड़ा गया मुख्य आरोपीघटना के बाद आरोपी को फरार कराने में उसके भाई लव प्रकाश चंद्रा (32) और दोस्त केशव चंद्रा (34) ने मदद की। दोनों ने प्रवीण को शिवरीनारायण बस स्टैंड से बाहर भेज दिया। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए आरोपी को पटना से गिरफ्तार किया। सबूत जब्त, तीनों न्यायिक रिमांड पर..पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन, पहने हुए कपड़े और आरोपी की मोटरसाइकिल बरामद की है। मुख्य आरोपी प्रवीण प्रकाश चंद्रा के साथ-साथ उसे भगाने में मदद करने वाले लव प्रकाश चंद्रा और केशव चंद्रा को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर बुधवार को आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की संयुक्त टीम ने वन्यजीव तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया। पुलिस ने जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस से 600 दुर्लभ कछुए बरामद किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस तस्करी के नेटवर्क से जुड़े पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो सुल्तानपुर के निवासी हैं। चेकिंग अभियान के दौरान हुआ खुलासाआरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार मीणा और जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अखलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में स्टेशन पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान, मुखबिर से सूचना मिली कि जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस में प्रतिबंधित जीवों की तस्करी हो रही है। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 4/5 पर रुकी, पुलिस टीम ने जनरल कोच के पास संदिग्ध बैगों और बोरियों को देखा। इनमें हलचल और आवाजें सुनाई दीं, जिससे पुलिस को शक हुआ। बोरियों को खोलते ही अंदर कछुए नजर आए, जिनकी संख्या 600 से अधिक थी। सुल्तानपुर के तस्कर गिरफ्तारपुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर पांच तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान अरुण कुमार, अनीश कुमार, रवि कुमार, जितेन्द्र और अमीर खान के रूप में हुई है। ये सभी सुल्तानपुर जिले के हनुमानगंज क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि वे इन कछुओं को फतेहपुर जिले के नदियों और तालाबों से पकड़कर पश्चिम बंगाल के हावड़ा ले जा रहे थे। यहां इन कछुओं को विदेशी बाजारों में ऊंचे दामों पर बेचा जाना था। वन विभाग ने कछुओं को किया कब्जे में मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग को सूचित किया गया। डिप्टी रेंजर रविन्द्र कुमार और वन दरोगा शिवदत्त सिंह की मौजूदगी में बरामद कछुओं की गिनती और स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आरोपियों और कछुओं को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए वन विभाग के हवाले कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले को लेकर संयुक्त जांच टीम ने कहा,हम तस्करी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं और जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
अवध लेडीज क्लब, लखनऊ ने 'अवध शक्ति सम्मान 2026' समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर कला, साहित्य, चिकित्सा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली अवध की प्रतिष्ठित महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ मंच संचालक अर्चना गुप्ता ने गरिमामय ढंग से किया। समारोह की मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह थीं, जबकि पूर्णिमा पाण्डे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। दोनों अतिथियों ने चयनित महिलाओं को 'अवध शक्ति सम्मान 2026' प्रदान किया। अवध लेडीज क्लब की स्थापना वर्ष 1936 में हुईं क्लब की अध्यक्ष ज्योति कौल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन क्लब के नब्बे वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित उत्सवों की श्रृंखला का पहला कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि अवध लेडीज क्लब की स्थापना वर्ष 1936 में अवध के नवाबों और बेगमों की प्रेरणा से की गई थी। क्लब की सचिव मनोरमा मिश्रा ने क्लब के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अवध लेडीज क्लब साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि समय के साथ महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ी है और क्लब की सदस्याएं भी प्रत्येक क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। इसी उद्देश्य से हर वर्ष विशिष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। इन सदस्यों को 'अवध शक्ति सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया इस अवसर पर मीरा गर्ग को नाट्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। शीला तिवारी को सामाजिक उत्थान एवं चैरिटी कार्यों के लिए, जबकि आशा तिवारी को सामाजिक कार्यों के साथ क्लब की गतिविधियों में सक्रिय सहयोग के लिए सम्मान मिला। लोक गायन के क्षेत्र में दूरदर्शन और आकाशवाणी सहित प्रतिष्ठित मंचों पर सक्रिय इंदु सारस्वत को भी सम्मानित किया गया। लेखन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट शैली से पहचान बनाने वाली लेखिका डॉ. किरण दयाल तथा चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से समाज के आमजन को लाभान्वित करने वाली डॉ. सरोजनी सक्सेना को भी 'अवध शक्ति सम्मान 2026' से नवाजा गया।
मऊ में सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून के विरोध में आंदोलन की रणनीति तैयार की है। इस क्रम में 'सवर्ण एकता मंच' का गठन किया गया है, जिसके बैनर तले 04 फरवरी 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन की दिशा में यह बड़ा कदम बुधवार शाम को उठाया गया, जब नगर क्षेत्र स्थित रामस्वरूप भारती (मठिया मठ) मंदिर के पास सर्वदलीय सवर्ण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी रणनीति और जनसंपर्क अभियान पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ व्यवसायी उमाशंकर उमर ने की, जबकि संचालन विजय प्रताप सिंह ने संभाला। इसमें जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से आए सभी राजनीतिक दलों से जुड़े सवर्ण पदाधिकारियों ने भाग लिया। यह बैठक दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चली। बैठक के दौरान आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। जनसंपर्क के माध्यम से संगठन को मजबूत करने, आर्थिक और शारीरिक सहयोग जुटाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। एक साझा मंच के नाम पर विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से 'सवर्ण एकता मंच' नाम तय किया गया। सर्वसम्मति से यह घोषणा की गई कि यूजीसी के 'काले कानून' के विरोध में 04 फरवरी 2026 को मऊ जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में 'सवर्ण एकता मंच' के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि आंदोलन के दौरान सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंच, माला और औपचारिकताओं से दूर रहेंगे। वे गाँव-गाँव तक विभिन्न आधुनिक माध्यमों से सूचना पहुंचाकर जमीनी स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएंगे, ताकि आम जनता को आंदोलन से जोड़ा जा सके। इसके अतिरिक्त, यह भी तय किया गया कि आगे की बैठकें सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित की जाएंगी और आंदोलन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए रणनीति को लगातार मजबूत किया जाएगा। इस बैठक में ताजेपुर के फलहारी बाबा, संत अमरजीत, केके पांडे, नरेंद्र सहित विभिन्न पार्टियों के युवा नौजवान साथी मौजूद रहे।
लखनऊ में निजी विकासकर्ताओं द्वारा बनाई गई टाउनशिप में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का अब थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा। इससे आवासीय योजनाओं में क्षमता के अनुरूप STP के निर्माण और उसके प्रभावी संचालन को सुनिश्चित किया जा सकेगा। बुधवार को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने गोमती नगर विस्तार स्थित शालीमार वन वर्ल्ड और ओमैक्स ग्रुप की टाउनशिप का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, मुख्य नगर नियोजक के.के. गौतम सहित अन्य अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे। शालीमार वन वर्ल्ड में STP मानकों पर खरा मंडलायुक्त ने सबसे पहले शालीमार वन वर्ल्ड टाउनशिप का निरीक्षण किया। यहां STP को संचालित पाया गया। STP में आने वाले सीवेज जल और शोधित जल की रिपोर्ट की जांच की गई, जो मानकों के अनुरूप पाई गई। समीक्षा में सामने आया कि शोधित पानी का उपयोग सोसाइटी के पार्क और ग्रीन बेल्ट की सिंचाई में किया जा रहा है। ओमैक्स टाउनशिप में टॉयलेट ब्लॉक में हो रहा उपयोग इसके बाद मंडलायुक्त ने ओमैक्स ग्रुप की टाउनशिप का निरीक्षण किया। यहां STP से निकलने वाले शोधित जल का उपयोग टॉयलेट ब्लॉक में किया जा रहा है। सभी निजी टाउनशिप के STP का होगा ऑडिट निरीक्षण के बाद मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि शहर में निजी डेवलपर्स द्वारा विकसित सभी टाउनशिप के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए। इससे डीपीआर के अनुसार क्षमता वाले STP का निर्माण और उसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही उन्होंने STP के प्रभावी संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश भी दिए।
संभल में UGC कानून के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन तेज हो गया है। बुधवार को डीएसएम शुगर मिल राजपुरा के विद्यार्थियों ने गुन्नौर तहसील पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने UGC कानून को वापस लेने की मांग की। दोपहर 3 बजे एसडीएम कार्यालय पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्र हुए और UGC कानून के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने UGC गो बैक, काला कानून वापस लो और जातिगत भेदभाव बंद करो जैसे नारे लगाए। छात्रों का आरोप है कि यह कानून छात्रों के बीच जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देता है और सवर्ण छात्र-छात्राओं के भविष्य को प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि UGC के इस नियम से शिक्षा व्यवस्था में असमानता पैदा होगी, जिसका सीधा असर मेधावी छात्रों पर पड़ेगा। प्रदर्शन के बाद डीएसएम शुगर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में UGC कानून को तत्काल वापस लेने और सभी वर्गों के छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। गौरतलब है कि जिले में UGC के खिलाफ यह दूसरा प्रदर्शन है। इससे एक दिन पहले भी संभल में UGC कानून के विरोध में दो अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन हुए थे। एसडीएम गुन्नौर अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि छात्रों द्वारा दिया गया ज्ञापन जिलाधिकारी को भेजा जाएगा। ज्ञापन देने वाले छात्रों में ओजस कुमार शर्मा, मन कुमार, अंश, आदित्य, विभोर, अनंत, यथार्थ, वेदांश, अभय, दिवाकर, अक्षिता, भूमिका, आयुष आदि शामिल थे।
लखनऊ में व्यापारियों की बैठक, बजट 2026-27 पर सुझाव:कर प्रणाली सरल बनाने, GST सुधारों पर चर्चा हुई
आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर लखनऊ में व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बजट 1 फरवरी 2026 को पेश होना है। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने की, जिसमें कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। व्यापारियों ने सरकार के समक्ष अपनी जमीनी समस्याएं और सुझाव रखने का निर्णय लिया। अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने बताया कि 7 जनवरी 2026 को सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह के माध्यम से और ई-मेल द्वारा वित्त मंत्री को कर सुधार संबंधी एक ज्ञापन भेजा गया था। बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि सरकार 'एक राष्ट्र-एक कर' की भावना के अनुरूप 'एक ट्रेड-एक टैक्स' की व्यवस्था लागू करे, जिससे व्यापारियों को जटिल कर ढांचे से राहत मिल सके। जीएसटी पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण लगने वाली पेनल्टी से राहत देने की भी अपील की व्यापारियों ने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें पार्टनरशिप फर्मों पर कर दरों का युक्तिकरण, जीएसटी पंजीकरण सीमा सेवाओं के लिए 50 लाख रुपये और वस्तुओं के लिए 1 करोड़ रुपये तक बढ़ाना शामिल है।
दमोह के तेजगढ़ इलाके में बुधवार शाम एक प्राइवेट बैंक कर्मचारी का शव सागोनी के जंगल में मिला। मृतक के सिर को पत्थरों से कुचलकर बड़ी बेरहमी से मारा गया है। पुलिस ने मर्डर का केस दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक की पहचान पटेरा के कुड़ई गांव के रहने वाले 30 साल के विनोद अहिरवार के रूप में हुई है। जंगल में एक चरवाहे ने शव देखा और पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस को विनोद के सिर और चेहरे पर भारी पत्थरों के वार मिले। शव के पास ही उसकी मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है। वसूली करने निकला था बैंक कर्मी परिजनों के मुताबिक विनोद दमोह में एक प्राइवेट बैंक में काम करता था और महिलाओं के समूह को दिए गए लोन की वसूली (कलेक्शन) करता था। मंगलवार को वह पैसे इकट्ठा करने घर से निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। तलाश करने के बाद घरवालों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में जुटी एसडीओपी अर्चना अहीर और थाना प्रभारी अरविंद ठाकुर ने पुलिस बल के साथ मौके का मुआयना किया। विनोद इस सुनसान जंगल तक कैसे पहुंचा और हत्या के पीछे किसका हाथ है, पुलिस इसकी जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
UGC द्वारा लागू की जा रही नई नीतियों के विरोध में सर्वण समाज, आगरा की ओर से मंगलवार को शांतिपूर्ण कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च शाम 5 बजे शहीद स्मारक, संजय पैलेस से शुरू हुआ, जिसमें शिक्षकों, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में जागरूक नागरिकों ने भाग लिया। आयोजकों का कहना है कि UGC की नई नीतियां शिक्षा के मूल सिद्धांतों, समानता के अधिकार और संविधान की भावना के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि इन प्रावधानों से समाज में विभाजन बढ़ेगा और इसका सीधा असर छात्रों, शिक्षकों तथा शैक्षणिक संस्थानों के अधिकारों पर पड़ेगा। कैंडल मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार के भेदभाव और मनमानी का विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था, लोकतांत्रिक मूल्यों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा हुआ है। सर्वण समाज, आगरा ने शहर के शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे इस शांतिपूर्ण जनांदोलन में बढ़-चढ़कर समर्थन दें। कैंडल मार्च में कपिल बाजपेई, डॉ. मदन मोहन शर्मा, दिलीप बंसल, डॉ. मुनेश्वर गुप्ता सहित कई प्रमुख सामाजिक लोग मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ है। भदौसी गांव के पास तेज रफ्तार अनियंत्रित बाइक सड़क किनारे लगे खंभे से टकरा गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना बुधवार रात करीब 8 बजे हुई। मृतक की पहचान बासुपुर कटैया गांव निवासी शनि सिंह के रूप में हुई है। हादसे के समय बाइक पर शनि सिंह के साथ समर पाल और शिव प्रसाद भी सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि शनि सिंह ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। समर पाल और शिव प्रसाद को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। देखिए दो तस्वीरें… पुलिस के अनुसार, तीनों युवक बिना हेलमेट के बाइक चला रहे थे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। जानकारी के मुताबिक, तीनों युवक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रहे थे, तभी भदौसी गांव के पास यह दुर्घटना हुई। घायल शिव प्रसाद के भाई सौरभ ने बताया कि दुर्घटना की खबर मिलते ही परिवार में दुख का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही अंतू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
रीवा की मनगवां विधानसभा सीट से भाजपा विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति पर हमले और अभद्रता का वीडियो सामने आया है। घटना 25 जनवरी की है, जो सूरानाथ हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान हुई। वीडियो में आरोपी बेहद आक्रामक नजर आ रहा है और लगातार गालियां दे रहा है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और वीडियो फुटेज के आधार पर जांच कर रही है। सामने आए वीडियो में आरोपी बेहद उग्र और आक्रामक नजर आ रहा है। वह लगातार गंदी और अश्लील गालियां देता हुआ दिखाई दे रहा है। फुटेज के अनुसार, करीब 40 सेकंड के भीतर आरोपी ने लगभग 30 बार आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। वीडियो में यह भी साफ दिख रहा है कि गाली-गलौज के बीच एक आरोपी अचानक विधायक की ओर दौड़ता है और हमला करने की कोशिश करता है। उसी दौरान मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने सतर्कता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया, जिससे स्थिति और गंभीर होने से बच गई। शराब के नशे में पहुंचे थे, महिलाओं से भी अभद्रता विधायक ने मंगलवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी रिंकू सिंह और गुड्डू उर्फ गड़ासा शराब के नशे में मौके पर पहुंचे थे और अचानक माहौल बिगाड़ने लगे। विधायक ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने कार्यक्रम में मौजूद माता-बहनों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर तनाव फैल गया। विधायक का कहना है कि यदि कार्यकर्ता समय रहते हस्तक्षेप नहीं करते, तो उनके साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी। विधायक बोले- यह साजिश है, अनहोनी हो सकती थी इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति ने पूरे घटनाक्रम को साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा, दोनों आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस एक्सक्लूसिव वीडियो फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को लखनऊ की आंचलिक विज्ञान नगरी में नॉलेज ऑन स्फीयर और साइंस एक्सपो-2026 की नई सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विज्ञान, शिक्षा और शोध जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित अतिथि मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में लखनऊ उत्तर के विधायक डॉ. नीरज बोरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सीएसआईआर-सीमैप, लखनऊ के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली के निदेशक विजय शंकर शर्मा और इसरो आईएसटीआरएसी की उप निदेशक नंदिनी हरिनाथ भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक, छात्र और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया उद्घाटन के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने देश के प्रमुख वैज्ञानिक और अनुसंधान संस्थानों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। इन संस्थानों में सीएसआईआर-सीमैप, इसरो आईएसटीआरएसी, एनबीआरआई, सीडीआरआई, जीएसआई, एनबीएफजीआर, आईसीएआर-आईएसआरआई, सीआईपीईटी, एनसीएसएम और केजीएमयू प्रमुख रूप से शामिल थे। उपमुख्यमंत्री ने नॉलेज ऑन स्फीयर (KOS) सुविधा का अनुभव किया और इसे विज्ञान संप्रेषण का एक अभिनव माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच तथा जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं।इसरो की वरिष्ठ वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ ने विज्ञान शिक्षा में नवाचार और रचनात्मकता के महत्व पर जोर दिया। राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली के निदेशक विजय शंकर शर्मा ने जानकारी दी कि नॉलेज ऑन स्फीयर राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की एक विशेष पहल है। 700 छात्रों ने क्विज और प्रश्नोत्तरी में भाग लिया सीएसआईआर-सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने केंद्र की जनजागरूकता गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सचल विज्ञान प्रदर्शनी के जरिए अब तक 40 लाख से अधिक लोग विज्ञान से जुड़े हैं। कार्यक्रम के दौरान सीएसआईआर-सीआरआरआई के वैज्ञानिक डॉ. आर. रवि शंकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक व्याख्यान दिया, जिसमें लगभग 700 छात्रों ने क्विज और प्रश्नोत्तरी में भाग लिया।
तेलंगाना में एक रात छह घरों में चोरी की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर फरार हुए दो आरोपियों को घाटमपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपी घटना के बाद अपने साथी के साथ घर मे छिपे थे। सूचना मिलने पर तेलंगाना पुलिस ने घाटमपुर थाना पुलिस के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से रिमांड लेकर तेलंगाना पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। 6 घरों के ताला तोड़कर चोरी की थी पुलिस के मुताबिक बीती 15 जनवरी की रात तेलंगाना के पलकेरी थाना क्षेत्र में स्थित लगभग छह घरों में एक साथ ताला तोड़कर लाखों की चोरी की घटना को अंजाम देकर बदमाश भाग निकले थे, घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। पीड़ित परिवारों की तहरीर पर तेलांगना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि वारदात को घाटमपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर निवासी मंगल सिंह पुत्र स्व. अमर सिंह, इंद्रपुरी नई दिल्ली निवासी पवन कुमार पुत्र जय प्रकाश तथा बिहार निवासी एक अन्य साथी ने मिलकर अंजाम दिया था। चोरी के बाद आरोपी अपने घर लौट आए, जबकि तीसरा साथी फरार बताया जा रहा है। लोकेशन ट्रेस करते घाटमपुर पहुंची पुलिस तेलंगाना पुलिस आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करते हुए घाटमपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। इसके बाद रघुनाथपुर गांव में दबिश देकर मंगल सिंह व पवन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से दो लाख चार हजार पांच सौ रुपये नकद भी बरामद किए गए, जिसे चोरी की रकम बताई जा रही है। दोनो आरोपियों को अपने साथ ले गई पुलिस घाटमपुर थाने के क्राइम इंस्पेक्टर खुर्शीद अहमद ने बताया कि रघुनाथपुर से पकड़े गए दोनों आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद तेलंगाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया, जिसके बाद तेलंगाना पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर रवाना हो गई। पुलिस फरार तीसरे आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
थाने से 200 मीटर दूर मंदिर में चोरी:राधा कृष्ण मंदिर से दान पेटी और गर्भगृह से हजारों की नकदी चोरी
कानपुर के चकेरी थाना से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित राधा कृष्ण मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने मंदिर में रखी दो दान पेटियों और गर्भगृह का ताला तोड़कर हजारों रुपये की नकदी चुरा ली। बुधवार सुबह मंदिर के पुजारी के पहुंचने पर घटना का पता चला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सनिगवां के भाभानगर निवासी पुजारी महेश शास्त्री ने बताया कि वे बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें मंदिर की दो दान पेटियां और गर्भगृह का ताला टूटा हुआ मिला। चोरों ने लेबर रूम में रखे 7 हजार रुपये और दान पेटियों से हजारों रुपये चुराए। हालांकि, पुलिस को दी गई तहरीर में चोरी की गई राशि 20-25 हजार रुपये बताई गई है। पुजारी के अनुसार, चोर मंदिर की दीवार फांदकर अंदर घुसे और वारदात को अंजाम दिया। वे मंदिर के अंदर रखे पीतल के भगोने भी बाहर फेंककर भाग गए। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। उन्होंने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है। इसी बीच, रामादेवी चौराहे पर अराजकता और अव्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। इलाके के रमेश कुमार, अर्पित सिंह और राजेश यादव ने बताया कि सब्जी मंडी की आड़ में चोर राहगीरों और दुकानदारों को निशाना बनाते हैं। उनका कहना है कि अराजकता हटाने के लिए कई बार निरीक्षण हुए, लेकिन चौराहे की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। चौराहे पर अक्सर जाम लगता है, जिससे कई बार एंबुलेंस भी फंस जाती हैं। आरोप है कि चौराहे पर मौजूद ट्रैफिककर्मी मूकदर्शक बने रहते हैं। इसके साथ नगर निगम और पुलिस के अफ़सर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान नहीं चलाते।
ट्रैफिककर्मी को बोनट पर 500 मीटर तक घसीटा:ग्रेटर नोएडा में घटना, आरोपी ड्राइवर की तलाश में पुलिस
ग्रेटर नोएडा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक कार चालक ने यातायात पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर अपनी गाड़ी के बोनट पर करीब 500 मीटर तक घसीटा। यह घटना बुधवार दोपहर बीटा टू थाना क्षेत्र के पी 3 गोल चक्कर पर हुई। यातायात पुलिसकर्मी गुरमीत अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, जहां वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण यातायात को नियंत्रित किया जा रहा था। इसी दौरान एक लाल रंग की हुंडई कार तेज रफ्तार से आई। पुलिसकर्मी गुरमीत और अन्य यातायात कर्मियों ने कार को रोकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि वह जल्दी में है और रुकेगा नहीं। जब गुरमीत ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से यातायातकर्मी गुरमीत गाड़ी के बोनट पर गिर गए। कार ड्राइवर उन्हें बोनट पर ही 400 से 500 मीटर तक घसीटता रहा, इस दौरान गुरमीत चिल्लाते रहे। लगभग 500 मीटर आगे जाकर चालक रुका, गुरमीत को बोनट से नीचे फेंका और गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। इस घटना में पुलिसकर्मी गुरमीत को चोटें आई हैं। उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर गाड़ी नंबर के जरिए अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब कार नंबर के आधार पर आरोपी ड्राइवर की तलाश कर रही है।
लखनऊ में दुकान और घर में चोरी:शहर से बाहर गया था परिवार, आर्टिफिशियल ज्वैलरी दुकान को बनाया निशाना
लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र में चोरों ने एक घर को निशाना बनाया। घर से नगदी व कीमती जेवर लेकर गायब हो गए। वहीं अलीगंज में आर्टिफिसियल ज्वैलरी की दुकान का ताला तोड़कर सामान पार कर दिया। पुलिस मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है। सेक्टर -17 इंदिरानगर निवासी प्रिया श्रीवास्तवा पत्नी अभीजित श्रीवास्तव ने बताया कि 17 जनवरी को सुबह घर से निकलकर परिवार के साथ गोहारी चली थी। चार दिन वहीं पर थी। 21 जनवरी को रात 9 बजे वापस लौटी तो घर के मेन गेट का ताला टूटा था। अंदर जाने पर देखा कि सारे कमरे का ताला और अलमारी टूटी है। घर में सारा सामान बिखरा है, सामान चेक किया तो अलमारी से लगभग 50 हजार रुपए व सोने -चांदी के हार, चेन, अंगूठी व पायल गायब मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। ज्वैलरी की दुकान में चोरी वहीं पाण्डेय टोला अलीगंज निवासी सौरभ वर्मा पुत्र सुशील कुमार वर्मा की डन्डड्या बाजार में वर्मा ज्वैलर्स एण्ड जेग्स स्टोर नाम से आर्टिफीशियल ज्वैलरी की दुकान है। 24 जनवरी को दुकान बंद कर घर चले गए। अगली सुबह करीब 8 बजे दुकान पहुंचे तो देखा दुकान का ताला टूटा हुआ था। दुकान में चांदी की नाक की कील का डिब्बा, बिछिया, पायले लगभग 250 ग्राम और फैन्सी ब्राइडल सेट एडी अगूंठी व कुछ अन्य आर्टिफीशियल सामान सहित 18 हजार 600 नगद गायब था। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। अलीगंज पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में गणतंत्र दिवस के दिन बस स्टैंड पहुंची युवती के साथ युवक ने छेड़छाड़ की। युवक टैक्सी चलाता है। युवती ने कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। जब वह वापस बस स्टैंड पहुंची तो युवक अपनी कार में बैठा मिला। युवती ने युवक का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल किया। पुलिस ने बुधवार को युवक को गिरफ्तार किया और उसका शहर में जुलुस निकाला। जानकारी के मुताबिक, गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए युवती बैकुंठपुर आई थी। वापस घर जाने के लिए वह बस स्टैंड पहुंची, जहां सड़क पर एक टैक्सी चलाने वाले ड्राइवर अरशत ने सड़क पर उसके साथ छेड़छाड़ की। युवती ने इसका विरोध किया और कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया में किया वायरल अपने साथ हुए छेड़छाड़ की घटना से आक्रोशित युवती जब वापस बैकुंठपुर पहुंची तो उसने अरशत को बस स्टैंड में गाड़ी में बैठे देखा। युवती ने इसका वीडियो बनाना शुरू किया तो युवक ने कार स्टार्ट की और भाग निकला। युवती ने युवक का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। मामले को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया आई और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग तो पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने गुरूवार को युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अरशत के खिलाफ धारा 75 (1) (iv) के तहत कार्रवाई की। कोतवाली पुलिस ने छेड़छाड़ के आरोपी का शहर से जुलुस निकाला। युवक को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर दिया है। सोशल मीडिया में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
नीमच में प्रशासन ने दो नाबालिग बहनों की शादी रुकवा दी है। बुधवार को बाल विवाह रोकथाम दल ने यह कार्रवाई की। लड़कियों की उम्र 16 और 17 साल पाई गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या को 28 जनवरी को खबर मिली थी कि ग्राम जवासा में 29 जनवरी को दो बहनों का विवाह होने वाला है। ये लड़कियां राजस्थान की रहने वाली हैं और अपने मामा के घर आई थीं। एक बारात राजस्थान से और दूसरी जावद के मोरका से आने वाली थी। मौके पर पहुंची टीम एसडीएम संजीव साहू की निगरानी में पुलिस, राजस्व और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम जवासा पहुंची। जांच में पता चला कि लड़कियों के पिता और ननिहाल पक्ष के पास उम्र से जुड़ा कोई सरकारी कागज नहीं है। परिवार ने माना कि दोनों की उम्र 18 साल से कम है। परिवार ने दी लिखित सहमति अधिकारियों ने परिवार और गांव वालों को बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। इसके बाद लड़कियों के पिता और ननिहाल पक्ष ने शादी टालने का फैसला किया। मौके पर पंचनामा बनाया गया, जिसमें परिवार ने लिख कर दिया कि अब लड़कियां बालिग होने पर ही शादी करेंगे।
सहारनपुर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र में बुधवार को एक निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। यह घटना रूपडी गांव में हुई, जहां ईगरीकला गांव का निवासी मजदूर काम कर रहा था। अचानक छत ढह गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि नियमानुसार अन्य सरकारी सहायता भी दी जाएगी। हादसे के बाद मृतक के गांव ईगरीकला और कार्यस्थल रूपडी गांव के लोगों के बीच तनाव की आशंका थी। इसे देखते हुए प्रशासन ने सक्रिय भूमिका निभाई। दोनों गांवों के गणमान्य नागरिकों, परिजनों और समाजसेवियों के साथ बैठक कर वार्ता कराई गई। आपसी समझदारी और संवाद के माध्यम से स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया। अंतिम संस्कार को लेकर भी सहमति बन गई। पुलिस ने क्षेत्र में एहतियातन सतर्कता बनाए रखी है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन, पुलिस और सामाजिक संगठनों की त्वरित पहल की सराहना की। उनका कहना था कि समय पर हस्तक्षेप से न केवल पीड़ित परिवार को सहायता मिली, बल्कि दो गांवों के बीच सौहार्द भी बना रहा। आपसी सुलह समझौते के बाद परिजन मृतक के शव को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के अपने साथ ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
झज्जर जिले में शादी के चार दिन बाद ही दुल्हन सारा सामान लपेट कर फरार होने की कोशिश का मामला सामने आया है। दुल्हन सामान लेकर फरार होने ही वाली थी कि ग्रामीणों ने ग्रामीणों ने पकड़ लिया और परिवार को ठगी का शिकार होने से बचा लिया। मामला जिले के गांव सूहरा का है जहां शादी के नाम पर ठगी की गई है। दुल्हन ने ससुराल वालों को नशीला पदार्थ खिलाकर ससुराल वालों को बेहोश किया और गहने व नकदी लेकर फरार होने प्रयास किया। उसी दौरान पड़ोसियों ने दुल्हन को उसके मायके वालों के साथ मौके पर ही पकड़ लिया। घटना का सीसीटीवी आया सामने घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दुल्हन को गहने लेकर भागते हुए देखा जा सकता है। जानकारी के अनुसार सूहरा गांव निवासी हरकेश की शादी चार दिन पहले पंजाब की रहने वाली युवती से करवाई गई थी। इस शादी के लिए झज्जर की एक महिला बिचौलिए के माध्यम से करीब डेढ़ लाख रुपए के लेन-देन करने की बात भी सामने आई है। नशीला पदार्थ खिलाकर सदस्यों को किया बेहोश शादी के बाद दुल्हन ने पहले से बनी योजना के तहत पति, सास और अन्य परिजनों को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। परिवार के सदस्य जब बेहोशी में पड़े थे, उसी दौरान दुल्हन गहने और नकदी समेटकर फरार होने लगी। इसी बीच पड़ोसियों को शक हुआ और उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुल्हन, उसकी मां और भाई को पकड़ लिया, जबकि दुल्हन का मामा मौके से फरार होने में सफल रहा। जानकारी के अनुसार दुल्हन के भागने के लिए गाड़ी भी घर के बाहर खड़ी थी, जिसमें उसकी मां और भाई मौजूद थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि दुल्हन ने अपने मायके वालों के साथ मिलकर शादी के नाम पर ठगी की पूरी योजना पहले से तैयार कर रखी थी। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी दुल्हन व उसके परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। आरोपियों को किया कोर्ट पेश भेजा जेल दुलीना चौकी के जांच अधिकारी एएसआई जितेंद्र ने बताया कि सुरहा गांव में दुल्हन व उसके परिवार द्वारा ससुरालजन को नशीला पदार्थ देकर बेसुध कर भागने का प्रयास किया था, जिनको ग्रामीणों ने पकड़ लिया। तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर अदालत में पेश किया गया, जहां से एक को एक दिन के रिमांड व दो को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने सर्वजीत कौर, पलविंद्र कौर व दीपक को अदालत में पेश किया, जहां से सर्वजीत कौर को एक दिन के रिमांड पर लिया गया जबकि बाकी दो को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जयपुर में केंद्र सरकार की ओर से लाए यूजीसी कानून के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है। करणी सेना के नेतृत्व में बुधवार शाम को वीर दुर्गा दास सर्किल से खातीपुरा तक मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में युवा हाथों में मशाल लेकर सड़कों पर उतरे। यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी रोल बैक” और “मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए। यूजीसी कानून की प्रतियां जलाकर जताया विरोध मशाल जुलूस के दौरान करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में युवाओं ने यूजीसी कानून की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया। जुलूस में हजारों युवा शामिल रहे। पुलिस की मौजूदगी में जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। विधानसभा घेराव को लेकर राजपूत सभा भवन में कल होगी बैठकजुलूस का नेतृत्व कर रहे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने बताया- यह कानून शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ है। इसे बिना सभी वर्गों से चर्चा किए लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया- इस कानून से कॉलेजों और यूनिवर्सिटी की स्वायत्तता खत्म होगी और सरकार का सीधा दखल बढ़ेगा। उन्होंने कहा- करणी सेना के साथ-साथ सभी सवर्ण समाज इस कानून का विरोध कर रहे हैं। मकराना ने बताया- यूजीसी कानून के विरोध को लेकर गुरुवार को जयपुर के पांच बत्ती सर्कल स्थित राजपूत सभा भवन में सवर्ण समाज की बैठक बुलाई गई है। बैठक में परशुराम सेना, ब्राह्मण समाज, अग्रवाल महासभा सहित अन्य सवर्ण जातियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें रणनीति तय की जाएगी और आने वाले दिनों में विधानसभा घेराव को लेकर निर्णय लिया जाएगा। यह है यूजीसी कानून, इसलिए हो रहा विरोधकेंद्र सरकार की ओर से लाए गए नए यूजीसी कानून में उच्च शिक्षा से जुड़े कई नियमों में बदलाव की बात कही गई है। प्रस्तावित कानून के तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में नियुक्तियों, पाठ्यक्रम, प्रशासन और संचालन में यूजीसी और केंद्र सरकार की भूमिका बढ़ाने का प्रावधान है। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि इससे राज्यों और शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता कमजोर होगी। उनका आरोप है कि यह कानून शिक्षा को केंद्रीकृत करेगा और पारंपरिक शिक्षा ढांचे को नुकसान पहुंचाएगा। इसी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके खिलाफ विरोध शुरू हो गया है और अब जयपुर में भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
हरियाणा के हिसार जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि उसका साथ गंभीर रूप से घायल हो गया। सिंघवा गांव के पास अचानक सड़क पर नीलगाय आ जाने से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और सड़क किनारे गिर गई। मृतक की पहचान खरकड़ा गांव निवासी कृष्ण और घायल की सुरेश के रूप में हुई प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक के परिजनों के अनुसार, बाइक तेज रफ्तार में नहीं थी, लेकिन अचानक नीलगाय सामने आ जाने से चालक घबरा गया। संतुलन बिगड़ते ही बाइक फिसल गई और दोनों युवक सड़क पर जा गिरे। हादसे में कृष्ण को सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुरेश घायल हो गया। घायल को नागरिक अस्पताल में कराया भर्ती घायल सुरेश को तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। बुधवार को बरवाला थाना पुलिस ने हिसार के नागरिक अस्पताल में मृतक कृष्ण का पोस्टमार्टम करवाया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने बताया कि कृष्णा मजदूरी करता था और परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। उसके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। परिजनों के अनुसार, कृष्णा अपने भाई की सास के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए बिठमड़ा गांव जा रहा था, लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है।
अयोध्या के किसान संगठनों, विभिन्न दलों के नेताओं ने कहा कि न्याय महापंचायत की तैयारी विकास खंडवार गांव-गांव की गई है गांवों से भारी संख्या में किसानों मजदूरों तथा न्याय प्रिय साथियों का जत्था गांधी पार्क पहुंचेगा और बड़ा जमावड़ा होगा। नेताओं ने कहा कि शिवकुमार वर्मा निवासी सोनोरा गाऊपुर के ऊपर प्राण घातक हमला करने वाले अपराधियों को बचाने का पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। मुकदमे में भी पुलिस की हल्की पैरवी के कारण गिरफ्तार अभियुक्त भी रिहा हो चुके हैं। जिसके कारण शिवकुमार वर्मा के जान माल का खतरा बढ़ गया है। मायाराम वर्मा ने शिवकुमार वर्मा के जान-माल की सुरक्षा की मांग किया है।
देवास में एबी रोड पर नितिन लॉज के पास स्थित एक धर्मस्थल के समीप हो रहे नए निर्माण को लेकर बुधवार रात विवाद की स्थिति बन गई। हिंदू संगठनों ने इसे अतिक्रमण बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और मौके पर ही हनुमान चालीसा का पाठ किया। हंगामा बढ़ता देख नाहर दरवाजा थाना टीआई मंजू यादव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और हालात को संभाला। पुलिस प्रशासन ने फिलहाल मौके से निर्माण कार्य को हटवा दिया है और पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। हिंदू संगठनों का आरोप है कि दरगाह के आसपास नया निर्माण कर अतिक्रमण बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे सड़क और रास्ता प्रभावित हो सकता है। संगठन ने नाहर दरवाजा थाना क्षेत्र में स्थित इस स्थान से तत्काल अतिक्रमण हटाने की मांग की। बोले- सड़क बनने पर मंदिर पीछे हुआ हिंदू संगठन के पदाधिकारी दिनेश राठौर ने कहा कि दरगाह के आसपास अवैध रूप से कब्जा करने और रास्ता रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एबी रोड के निर्माण के दौरान भेरू महाराज के मंदिर को पीछे किया गया था, लेकिन दरगाह को नहीं हटाया गया और अब उसका विस्तार किया जा रहा है। राठौर ने अवैध अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने हटवाया निर्माण, जांच जारी नाहर दरवाजा थाना टीआई मंजू यादव ने बताया कि दरगाह के आगे नए निर्माण की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचकर जांच की गई, जिसके बाद निर्माण कार्य को फिलहाल हटवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जाली और निर्माण की तस्दीक की जा रही है। यदि अतिक्रमण पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है और प्रशासन पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अधिकारों को लेकर एक नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी जांच अधिकारी द्वारा की गई इन्वेस्टिगेशन से असहमत होने का मतलब यह नहीं है कि अदालत उसे बिना सफाई का मौका दिए 'लापरवाह', 'दुर्भावनापूर्ण' या 'षड्यंत्रकारी' घोषित कर दे। जस्टिस फरजंद अली की एकल पीठ ने जैसलमेर में तैनात एएसपी (तत्कालीन सीओ, बालेसर) राजूराम चौधरी को बड़ी राहत देते हुए निचली अदालतों द्वारा उनके खिलाफ की गई बेहद तल्ख और प्रतिकूल टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि ऐसी टिप्पणियां एक अधिकारी के करियर को बर्बाद कर सकती हैं, इसलिए बिना सुनवाई के ऐसा आदेश देना नैसर्गिक न्याय की हत्या है। यह था पूरा मामलामामला तब का है, जब याचिकाकर्ता राजूराम चौधरी जोधपुर के बालेसर में वृत्ताधिकारी (सीओ) पद पर तैनात थे। उनके पास एक महिला द्वारा दर्ज करवाया गया एक रेप केस जांच के लिए आया था। पीड़िता का आरोप था कि आरोपी प्रहलाद राम ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर घर में घुसकर चाकू की नोक पर उसके साथ गैंगरेप किया और अश्लील फोटो वायरल किए। जांच अधिकारी ने अपनी इन्वेस्टिगेशन में पाया कि गैंगरेप के आरोपों की पुष्टि नहीं हो रही है। उन्होंने आरोपी प्रहलाद राम के खिलाफ केवल अश्लील फोटो वायरल करने के मामले में आईटी एक्ट के तहत चालान पेश किया। पुलिस की इस जांच से असंतुष्ट होकर परिवादिया ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। निचली अदालतों की आईओ पर तल्ख टिप्पणियांपुलिस की जांच रिपोर्ट को लेकर निचली अदालतों ने जिस तरह की सख्त टिप्पणियां कीं। वे किसी भी अधिकारी के लिए चिंताजनक थीं। हाईकोर्ट के आदेश में - सेशन कोर्ट, जोधपुर (28 जुलाई 2022): निगरानी याचिका पर सुनवाई करते हुए सेशन जज ने लिखा कि जांच अधिकारी ने साक्ष्यों को गौर से नहीं देखा। कोर्ट ने यहां तक लिखा कि ऐसा लगता है कि किसी दुर्भावना या षड्यंत्र के चलते गलत धारा में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने मामले को रिमांड पर भेजते हुए अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का संकेत दिया। सीजेएम कोर्ट, बालेसर (1 मार्च 2025): मामला वापस निचली कोर्ट में आया तो सीजेएम कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने आदेश में लिखा कि रेप जैसे संवेदनशील मामले में आरोपी को क्लीन चिट देना विधि के प्रावधानों की पूर्ण अवहेलना और कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही का द्योतक है। बात यहीं खत्म नहीं हुई। कोर्ट ने आदेश दिया कि फैसले की एक कॉपी राजस्थान के डीजीपी को भेजी जाए, ताकि वे संबंधित अधिकारी (राजूराम चौधरी) के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई करें और कोर्ट को बताएं। हाईकोर्ट का तर्क: 'ऑडी अल्टरम पार्टम' का उल्लंघनयाचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि निचली अदालतों ने अधिकारी को नोटिस दिए बिना और उनका पक्ष सुने बिना ही उन्हें दोषी करार दे दिया। जस्टिस फरजंद अली की कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए विस्तृत व्याख्या दी। अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण: हाईकोर्ट ने कहा कि संज्ञान या रिमांड के स्तर पर कोर्ट का काम सिर्फ यह देखना है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं। इस स्तर पर जांच अधिकारी की मंशा पर सवाल उठाना या उन पर 'षड्यंत्र' का आरोप लगाना अधिकार क्षेत्र से बाहर है। करियर पर असर: कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि न्यायिक आदेशों में की गई ऐसी निंदात्मक टिप्पणियों के गंभीर 'सिविल और सर्विस परिणाम' होते हैं। इससे अधिकारी की पदोन्नति, पोस्टिंग और प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। सुनवाई जरूरी: 'ऑडी अल्टरम पार्टम' यानी 'दूसरे पक्ष को भी सुनो' कानून का बुनियादी सिद्धांत है। किसी भी व्यक्ति को उसकी पीठ पीछे दोषी नहीं ठहराया जा सकता। चूंकि निचली अदालतों ने अधिकारी को सफाई का मौका नहीं दिया, इसलिए ये टिप्पणियां कानूनन गलत हैं। फैसला: टिप्पणियां हटीं, लेकिन रेप केस की जांच जारी रहेगी हाईकोर्ट ने अपने फैसले में संतुलन बनाते हुए आदेश दिया है: टिप्पणियां हटाई गईं: 28 जुलाई 2022 और 1 मार्च 2025 के आदेशों से जांच अधिकारी के खिलाफ की गई सभी प्रतिकूल टिप्पणियों (जैसे- लापरवाही, षड्यंत्र, दुर्भावना) को हटाया जाता है। डीजीपी को भेजा निर्देश रद्द: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि डीजीपी को कार्रवाई के लिए भेजा गया निर्देश भी प्रभावी नहीं रहेगा। केस चलता रहेगा: हालांकि कोर्ट ने कहा कि इन टिप्पणियों को हटाने का असर मुख्य आपराधिक मुकदमे पर नहीं पड़ेगा। निचली अदालत द्वारा मामले को रिमांड पर भेजने या दोबारा जांच के जो आदेश दिए गए थे। वे बरकरार रहेंगे और कानून के मुताबिक चलते रहेंगे।
बिजली घर चौराहे के पास महिला का शव मिला:पहचान नहीं हुई, पुलिस ने अस्पताल की मोर्चरी में रखवाई लाश
अलवर में एक अज्ञात महिला का शव मिला। इससे इलाके में सनसनी फैल गई। शव दिखने पर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 4 बजे बिजली घर चौराहे के पास नेपाल टिंबर के पास महिला का शव मिला। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी कार्तिकेय वर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और शव को जिला अस्पताल भिजवाया। जहां पहचान के लिए उसे पोस्टमार्टम हाउस की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने कहा- महिला के परिजन आने पर मिलेगी जानकारीपुलिस के अनुसार मृत महिला की उम्र करीब 40 वर्ष है। महिला ने लाल रंग का सूट-सलवार पहन रखा था। प्रारंभिक तौर पर महिला की पहचान हो चुकी है, लेकिन अभी तक परिजन मौके पर नहीं पहुंचे हैं। पुलिस ने बताया कि महिला के परिजन कोटपुतली क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। परिजनों के आने के बाद ही महिला की पहचान और मौत के कारणों को लेकर जानकारी सामने आ सकेगी।
पलवल जिले के भुड गांव से एक युवक को अगवा करके जबरन दबाब डालकर उससे प्लॉट का एग्रीमेंट लिखवाने का मामला प्रकाश में आया है। युवक ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, इसके बाद से युवक लापता है। चांदहट थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। चांदहट थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद के अनुसार, भुड गांव निवासी बिरेंद्र सिंह ने दी शिकायत में कहा कि उनका भांजा विकास त्यागी बचपन से ही उनके पास रह रहा है। बिरेंद्र ने विकास के नाम पर फलौदा रोड स्थित माला सिंह फार्म में 150 गज का एक प्लॉट लिया हुआ है। शिकायत में आरोप लगाया है कि 13 जनवरी को भुड गांव निवासी रवि, सुनहरी का नंगला गांव निवासी अशोक, खेड़ा निवासी लक्की और फलौदा निवासी नितेश एक गाड़ी में आए और विकास को जबरन उठाकर ले गए। आरोपी उसके भांजे विकास को पलवल ले गए, जहां डरा-धमका कर उससे प्लॉट का एग्रीमेंट साइन करवा लिया। मामा को बताने पर बुरी तरह से पीटा शिकायत में कहा है कि जब विकास ने आरोपितों से कहा कि वह इस पूरी वारदात के बारे में अपने मामा को बताया तो 15 जनवरी को आरोपियों ने उसे फिर से बुरी तरह पीटा। बिरेंद्र सिंह का कहना है कि विकास ने फोन पर इस हमले की जानकारी दी थी, लेकिन तब से उसका कोई पता नहीं चल पा रहा है। परिजन उसकी तलाश में जुटे हैं, पर युवक अभी तक लापता है। कई दिनों तक युवक का पता नहीं चला तो मामले की शिकायत पुलिस में की गई। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों व लापता युवक की तलाश शुरू कर दी है।
फरीदाबाद जिले में बाप-बेटे पर तेजाब फेंकने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव की कोर्ट ने पर्वतीय कॉलोनी के रहने वाले मोहन सिंह भंडारी को दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बता दे कि यह मामला सारन थाना क्षेत्र का है, जिसकी घटना 12 नवंबर 2023 की है, जबकि केस 13 नवंबर 2023 को दर्ज किया गया था। अक्सर विवाद करता था दोषी कोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार पर्वतीय कॉलोनी के रहने वाले भरत सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनका पड़ोसी मोहन सिंह भंडारी आवारा किस्म का व्यक्ति है और अक्सर विवाद करता रहता था। पिता से कर रहा था गाली गलौज घटना वाले दिन मोहन सिंह उनके घर के बाहर आया और भरत सिंह और उनके पिता श्याम सुंदर के साथ गाली-गलौज करने लगा। जब दोनों ने उसे समझाने और शांत करने की कोशिश की, तो आरोपी गुस्से में अपने घर गया और वहां से तेजाब की बोतल ले आया। गुस्से में आकर फेंका तेजाब इसके बाद मोहन सिंह भंडारी ने भरत सिंह और उनके पिता पर तेजाब फेंक दिया। तेजाब भरत सिंह की आंख में चला गया, जिससे उनकी आंख बुरी तरह जख्मी हो गई, जबकि उनके पिता श्याम सुंदर के हाथ और पैरों पर तेजाब गिरने से वे भी गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका लंबे समय तक इलाज चला। कोर्ट ने सुनाई सजा पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी माना और सख्त सजा सुनाते हुए यह संदेश दिया कि इस तरह के जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
करनाल शहर की ब्राह्मण धर्मशाला में सवर्ण समाज के लोग एकत्रित हुए और UGC के विरोध में खुलकर आवाज उठाई। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि यह व्यवस्था सवर्ण समाज के हित में नहीं है और इससे समाज में आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचेगा। लोगों का कहना है कि नियमों के तहत जिस कमेटी के गठन की बात कही गई है, उसमें SC-ST और BC को प्राथमिकता दी गई है, जिससे संतुलन बिगड़ेगा और सामाजिक समरसता प्रभावित होगी। बैठक में मौजूद सवर्ण समाज के लोगों ने कहा कि UGC के प्रावधान सवर्ण समाज के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि यदि सवर्ण समाज के किसी बच्चे पर बिना गलती के भी झूठी शिकायत दर्ज हो जाती है, तो उसे निष्पक्ष न्याय नहीं मिल पाएगा। लोगों ने रखी अपनी बात सवर्ण समाज के सुरेंद्र शर्मा, मोहर सिंह राणा, योगेश, तन्नु पंडित और गौरव सहित अन्य लोगों ने एक स्वर में UGC का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह नियम सवर्ण समाज के लिए काला कानून साबित होगा। समाज के लोगों ने सरकार से मांग की कि इसे तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए, अन्यथा सवर्ण समाज बड़े स्तर पर एकजुट होकर विशाल रोष प्रदर्शन करेगा। आगामी रणनीति की तैयारी बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जल्द ही सवर्ण समाज के अग्रणी नेताओं के साथ एक और बैठक की जाएगी। जिसमें आगे की रणनीति और आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। समाज के लोगों ने बताया कि UGC को 15 जनवरी से लागू किया गया, लेकिन शुरुआत में इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं थी। जैसे ही इसके संभावित नुकसान सामने आए, वैसे ही इसका विरोध शुरू कर दिया गया। सरकार से सीधी मांग सवर्ण समाज ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि UGC को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समाज के लोगों ने कहा कि वे भाईचारे और सामाजिक एकता के पक्षधर हैं और किसी भी ऐसी व्यवस्था का विरोध करेंगे, जो समाज को तोड़ने का काम करे।
प्रदेश में आने वाले दिनों में सरकारी भवनों के निर्माण में 3 डी प्रिंटिंग का उपयोग किया जा सकता है। खासतौर पर सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों में जब तेजी से भवनों के निर्माण की जरूरत होगी तो इसे लागू किया जा सकता है। इस तकनीक में कंप्यूटर पर भवन का डिजिटल डिज़ाइन तैयार किए जाने के बाद विशेष मशीनों से कांक्रीट या अन्य निर्माण सामग्री को परत-दर-परत प्रिंट कर संरचना का निर्माण किया जाता है। इसमें ईंट, शटरिंग और पारंपरिक ढलाई की जरूरत अत्यंत कम हो जाती है, जिससे कंसट्रक्शन अधिक तेज़ी से, सटीक और नियंत्रित बनता है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बुधवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में 3D प्रिंटिंग आधारित भवन निर्माण तकनीक का अवलोकन किया। लोक निर्माण मंत्री सिंह ने कहा कि 3D प्रिंटिंग तकनीक से भवन निर्माण में न सिर्फ तेजी आएगी बल्कि गुणवत्ता भी बेहतर होगी। वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले जैसे विशाल आयोजनों में जहां परिस्थितियों के अनुरूप तीव्र गति से भवन निर्माण की जरूरत होती है वहां 3D प्रिंटिंग आधारित निर्माण तकनीक बहुत कारगर सिद्ध हो सकती है। बेस्ट प्रैक्टिसेस लागू करने हर संभव प्रयास मंत्री सिंह ने यह भी बताया कि लोक निर्माण विभाग नई तकनीकों, नवाचारों और बेस्ट प्रैक्टिसेज को प्रदेश में लागू करने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में आईआईटी मद्रास की यह अध्ययन यात्रा आयोजित की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पूर्व लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधिमंडल द्वारा गुजरात, तेलंगाना और महाराष्ट्र में भी नई निर्माण तकनीकों और आधुनिक कार्य प्रणालियों का अध्ययन किया जा चुका है। गुजरात अध्ययन यात्रा का नेतृत्व स्वयं मंत्री सिंह ने किया था। इसलिए अलग महत्व रखता है 3 डी प्रिंटिंग मंत्री सिंह ने बताया कि 3D प्रिंटिंग, जिसे एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग भी कहा जाता है, पारंपरिक निर्माण पद्धतियों से भिन्न है। इसमें पहले कंप्यूटर पर भवन का डिजिटल डिजाइन किया जाता है और फिर विशेष मशीनों द्वारा कांक्रीट या अन्य निर्माण सामग्री को परत-दर-परत प्रिंट कर संरचना का निर्माण किया जाता है। इस प्रक्रिया में ईंट, शटरिंग और पारंपरिक ढलाई की आवश्यकता अत्यंत कम हो जाती है, जिससे निर्माण अधिक तेज़, सटीक और नियंत्रित बनता है। मंत्री सिंह कहा कि जहां पारंपरिक निर्माण में महीनों का समय लगता है, वहीं 3D प्रिंटिंग तकनीक से कई संरचनाएं कुछ ही दिनों में तैयार की जा सकती हैं। मौसम, श्रमिक उपलब्धता और शटरिंग जैसी बाधाओं का इस तकनीक पर सीमित प्रभाव पड़ता है। आपदा-प्रभावित क्षेत्रों, आपातकालीन आवास, स्कूल तथा स्वास्थ्य संरचना जैसे कार्यों में यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है। मानवीय गलतियां कम होने की संभावनाडिजिटल डिज़ाइन आधारित निर्माण से यूनिफॉर्म क्वालिटी, उच्च सटीकता और बेहतर स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ सुनिश्चित होती है, साथ ही मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होती है। यह भी स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में यह तकनीक हर प्रकार के निर्माण का पूर्ण विकल्प नहीं है। इसे अपनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट, इंजीनियरों की विशेष ट्रेनिंग तथा तकनीकी संस्थानों और स्टार्ट-अप्स के साथ समन्वय आवश्यक होगा। मंत्री सिंह ने यह भी कहा कि आने वाले समय में देश के अन्य तकनीकी संस्थानों और राज्यों में भी इस प्रकार की अध्ययन यात्राएं आयोजित की जाएंगी ताकि नई तकनीकों को समझकर उन्हें प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप चरणबद्ध और सुरक्षित तरीके से लागू किया जा सके। सड़क सुरक्षा की नई तकनीकों को भी समझाअध्ययन यात्रा के दौरान मंत्री ने सड़क सुरक्षा से जुड़ी नई तकनीकों तथा डेटा ड्रिवन हाइपरलोकल आधारित कार्य प्रणालियों का भी अवलोकन किया। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट विश्लेषण और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली पर विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर आईआईटी मद्रास के सड़क सुरक्षा प्रभाग के प्रमुख प्रोफेसर वेंकटेश बालासुब्रह्मण्यम एवं इंजीनियरिंग डिज़ाइन प्रभाग के प्रमुख प्रोफेसर जयकांथन के साथ उभरती तकनीकों, इंजीनियरिंग नवाचार और सड़क सुरक्षा पर सार्थक संवाद हुआ। चर्चा में प्रबंध संचालक भवन विकास निगम एम सिबी चक्रवर्ती, प्रमुख अभियंता (भवन) लोक निर्माण विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हरियाणा के नूंह जिले के मांडीखेड़ा स्थित अल आफिया अस्पताल के रिकॉर्ड रूम में बुधवार दोपहर आग लग गई। शॉर्ट सर्किट के कारण लगी इस आग से कमरे में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामान जलकर राख हो गए। आग लगने की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया। फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों की जांच शुरू अस्पताल के सीएमओ ने पुष्टि की कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है और अस्पताल के अन्य हिस्सों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने रिकॉर्ड रूम की स्थिति का जायजा लिया। आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
श्रीगंगानगर जिले के जैतसर थाना क्षेत्र के गांव 10 सरकारी में बुधवार शाम को कुई खोदते समय एक मजदूर की मिट्टी में दबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ कद्दू (35) पुत्र भोला सिंह के रूप में हुई है, जो इसी गांव का निवासी था। खुदाई करते समय मिट्टी धंसी जानकारी के अनुसार, गुरप्रीत सिंह बुधवार सुबह अपने एक साथी श्रमिक के साथ ग्रामीण रामकुमार चालिया के घर में कुई खोदने का काम कर रहा था। दिनभर काम करने के बाद शाम करीब 5:15 बजे कुई की गहराई लगभग 18 से 20 फीट तक पहुंच चुकी थी। इसी दौरान अचानक ऊपर की मिट्टी धंस गई। उस समय गुरप्रीत सिंह कुई के अंदर बैठकर मिट्टी निकाल रहा था, जिससे वह मिट्टी के नीचे दब गया। साथी ने शोर मचाकर बुलाया घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद मजदूर ने शोर मचाया। आवाज सुनते ही मकान मालिक रामकुमार चालिया सहित आस-पास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हाथों से मिट्टी हटाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने दो जेसीबी मशीनें भी मौके पर बुला लीं, जिसके बाद तेजी से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। साथ ही घटना की सूचना जैतसर प्रशासन और पुलिस थाना को दी गई। शाम को हुआ रेस्क्यू सूचना मिलने पर जैतसर थाना पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा। घटना की जानकारी मिलते ही सरपंच कृष्ण लाल लीला, पटवारी योगेश कुमार और ग्राम सचिव अमित शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शाम लगभग 7:45 बजे गुरप्रीत सिंह को मिट्टी से बाहर निकाला गया। जिसके बाद उसे एंबुलेंस से जैतसर के सरकारी हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचना दी है। ग्रामीणों के अनुसार मृतक गुरप्रीत सिंह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था और तीन लड़कियों का पिता था। गांव में घटना के बाद से ही शोक का माहौल है। इनपुट: राजू आसदेव, 10 सरकारी
रायपुर पुलिस ने स्कूल और कॉलेज के बाहर बेवजह जमावड़ा करने वाले युवकों के खिलाफ अभियान चलाया। पुलिस कमिश्नरेट और डीसीपी नॉर्थ जोन के निर्देश पर बुधवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में बदमाश युवकों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान पुलिस ने उन युवकों को निशाने पर लिया, जो पढ़ाई के माहौल को प्रभावित करते हुए स्कूल-कॉलेज परिसरों के आसपास अनावश्यक रूप से खड़े रहते थे। इसके साथ ही सामने मौजूद पान ठेलों पर भीड़ लगाकर शोर-शराबा करने वालों पर भी कार्रवाई की गई। कई मामलों में युवकों को मौके पर समझाइश दी गई, वहीं जरूरत पड़ने पर वैधानिक कार्रवाई भी की गई। यह अभियान उरला, खमतराई, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह थाना क्षेत्रों में एक साथ चलाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और सार्वजनिक शांति से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि यह सिर्फ शुरुआत है। आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलेंगे, ताकि छात्र-छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिले और सार्वजनिक स्थानों पर असामाजिक गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
अनूपपुर में मिला 7 महीने का मृत भ्रूण:शौच के लिए गईं महिलाओं ने खेत में देखा, पुलिस कल मौके पर जाएगी
अनूपपुर जिले के भालूमाडा थाना क्षेत्र (वार्ड नंबर 8, पसान) में बुधवार शाम एक नवजात बालक का मृत भ्रूण मिला। भ्रूण की उम्र 6 से 7 महीने बताई जा रही है। पुलिस ने भ्रूण कब्जे में लेकर जांच शुरू की। बुधवार शाम करीब 5 बजे महिलाएं शौच के लिए खेत की तरफ गई थी। लौटते समय तुला पनिका के खेत में भ्रूण पड़ा दिखा। महिलाओं ने स्थानीय निवासी छोटू चौधरी को जानकारी दी। इसके बाद भालूमाडा थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस कार्रवाई और जांच थाना प्रभारी विपुल शुक्ला ने बताया कि धारा 194 (BNSS) के तहत केस दर्ज किया गया है। बुधवार शाम अंधेरा होने के कारण ज्यादा सबूत नहीं मिल सके। गुरुवार सुबह पुलिस टीम फिर से घटनास्थल पर जाकर पूछताछ करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद भ्रूण की सही उम्र और मौत की वजह साफ होगी। पुलिस आसपास के इलाकों में जानकारी जुटा रही है कि भ्रूण खेत तक कैसे पहुँचा।
भोपाल में भगवान बिरसा मुंडा को समर्पित राज्य स्तरीय केमिस्ट प्रीमियर लीग (CPL) सीजन-6 का आगाज हुआ। भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन ने इसे आयोजित कराया है। उद्घाटन समारोह में भाजपा भोपाल जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। रविन्द्र यति ने खिलाड़ियों से खेल भावना और अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया। पहले दिन खेले गए 6 मुकाबले टूर्नामेंट के पहले दिन कुल छह मुकाबले खेले गए, पहले मैच में फार्मा टाइगर्स ने लाइफ सेवर को 13 रनो से हराया। धर्मेंद्र सिंह चौहान 19 गेंदों पर 40 रन की पारी खेलकर मैन ऑफ द मैच रहे। दूसरे मुकाबले में टाइगर केमिस्ट क्रिकेट क्लब द्वारा दिए गए 65 रन के लक्ष्य को केमिस्ट चैंपियन भोपाल ने बिना विकेट गंवाए महज 3 ओवर में हासिल कर लिया। दिनू पाल ने 13 गेंदों पर 30 रन बनाकर मैन ऑफ द मैच बने। तीसरे मुकाबले में फार्मा टाइगर्स 56 रन पर ऑलआउट हो गई, जिसे नीलबड़ केमिस्ट टाइगर्स ने 5.1 ओवर में हासिल कर लिया। जितेंद्र गौर ने 4 विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार अपने नाम किया। चौथे मैच में लाइफ सेवर 11 ने सीएम सुपर किंग्स को 11 रनो से हराया। जितेंद्र मीना को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। पांचवें मुकाबले में केमिस्ट चैंपियन भोपाल ने विदिशा बाउंसर्स 11 को एकतरफा मुकाबले में हराया। दिनू पाल ने मैन ऑफ द मैच रहे। दिन के अंतिम मुकाबले में सीएम सुपर किंग्स ने नीलबड़ केमिस्ट टाइगर्स को मात दी। अक्षत 3 विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच रहे। भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने कहा “CPL सीजन-6 का पहला दिन जोश, प्रतिस्पर्धा और खेल भावना से भरपूर रहा। आने वाले दिनों में टूर्नामेंट के और भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।”
हिसार में बिजली का करंट लगने से युवक की मौत:इलाज के दौरान तोड़ा दम, टूटे तार को ठीक करते समय हादसा
हिसार जिले में बास थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी में 22 वर्षीय प्रवीण कुमार की मंगलवार रात को हिसार के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसे 21 जनवरी को अपने घर के सामने लगे बिजली के पोल पर तार लगाते समय करंट लग गया था। मृतक के पिता राजेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि वे मजदूरी करते हैं। 21 जनवरी की शाम 7 बजे प्रवीण घर की टूटी बिजली के तार को ठीक करने का काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। इलाज के दौरान मौत हादसे के बाद परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए हिसार के एक निजी अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने प्रवीण की हालत नाजुक देखते हुए उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया था, जहां पिछले कई दिनों से उसका उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान 27 जनवरी को प्रवीण ने दम तोड़ दिया। बुधवार को उसके शव का हिसार के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। गांव में शोक की लहर पिता राजेंद्र सिंह ने पुलिस को दिए बयान में इस घटना को एक इत्तेफाकिया हादसा बताया। उन्होंने कहा कि इसमें किसी व्यक्ति की कोई लापरवाही या दोष नहीं है। परिजनों ने किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने की बात कही है। पुलिस ने मृतक के पिता के बयान के आधार पर इत्तेफाकिया कार्रवाई अमल में लाई है। इस घटना को लेकर गांव में शोक का माहौल है।
जयपुर की एससी-एसटी कोर्ट ने पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा पर हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में आरोप तय (चार्ज फ्रेम) कर दिए हैं। मलिंगा सहित 7 आरोपियों पर जज विद्यानंद शुक्ला ने चार्ज फ्रेम किए। मलिंगा पर पुलिस ने 29 मार्च 2022 को मारपीट, राजकार्य में बाधा और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। मलिंगा पर आरोप है कि उनके कहने पर धौलपुर के बाड़ी डिस्कॉम ऑफिस में 28 मार्च 2022 को AEN हर्षदापति और JEN नितिन गुलाटी के साथ मारपीट की घटना हुई थी। गिर्राज सिंह मलिंगा तब बाड़ी विधानसभा क्षेत्र के विधायक थे। हाईकोर्ट के निर्देश पर इस प्रकरण को धौलपुर से जयपुर कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। अदालत ने पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा सहित राकेश, भोला, सचिन, गुमान, प्रमोद और समीर पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में चार्ज फ्रेम किए हैं। मलिंगा जमानत पर हैं बाहरइस केस के आरोपी पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। मलिंगा को हाईकोर्ट ने करीब साढ़े 3 साल पहले 17 मई 2022 को कोरोना के चलते जमानत दी थी। मलिंगा ने जमानत मिलने के बाद समर्थकों के साथ जुलूस निकाला था। इसे हाईकोर्ट ने जमानत का मिसयूज मानते हुए 5 जुलाई 2024 को उसकी जमानत याचिका रद्द कर दी थी। वहीं उसे 30 दिन में सरेंडर करने के निर्देश दिए थे। बाद में मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मलिंगा ने 20 नवंबर को धौलपुर जिले के एससी-एसटी कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से मलिंगा को जमानत मिल गई थी। यह है पूरा मामलाधौलपुर के बाड़ी डिस्कॉम ऑफिस में 28 मार्च 2022 को AEN हर्षदापति और JEN नितिन गुलाटी के साथ मारपीट की घटना हुई थी। मामले में एईएन हर्षदापति ने मलिंगा और अन्य के खिलाफ 29 मार्च 2022 को नामजद मारपीट, राज्य कार्य में बाधा और एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज कराया था। मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। घटना के बाद तत्कालीन धौलपुर एसपी शिवराज मीणा का भी तबादला कर दिया गया था। बिजली विभाग के इंजीनियर्स के साथ मारपीट होने के बाद निगम के कर्मचारियों में आक्रोश भड़क गया था। मलिंगा की गिरफ्तारी को लेकर विद्युत निगम के कर्मचारियों ने प्रदेश स्तर तक धरने-प्रदर्शन भी किए थे। इसके बाद तत्कालीन विधायक राजेंद्र गुढ़ा को साथ लेकर मलिंगा ने सीएम हाउस पहुंचकर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की थी। इसके बाद सरेंडर किया था। मामले में संबंधित ये खबर भी पढ़ें... JEN-AEN को पीटा, गर्दन पर पैर रख बाल खींचे:डिस्कॉम ऑफिस में घुसकर हाथ-पैर तोड़े, जातिसूचक गालियां दीं; कांग्रेस MLA मलिंगा पर केस बाड़ी के डिस्कॉम ऑफिस में AEN और JEN को पीटने के मामले में MLA गिर्राज सिंह मलिंगा और एक पार्षद प्रतिनिधि के खिलाफ मारपीट और SC-ST एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। अस्पताल में भर्ती AEN हर्षदापति ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि विधायक और उनके साथ आए लोगों ने मारपीट की। उनके साथ आए एक व्यक्ति ने सिर पर कट्टा तान दिया। इन लोगों ने 28 मार्च 2022 को JEN के दोनों पैर तोड़ दिए थे। (पूरी खबर पढ़ें)
बालाघाट में नल-जल योजना के काम में ढिलाई बरतने पर 4 ठेकेदार कंपनियां ब्लैकलिस्ट कर दी गई हैं। कलेक्टर मृणाल मीणा ने रायपुर, नागपुर, छिंदवाड़ा और मुरैना की इन कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखाया। साथ ही 12 और कंपनियों को बैन करने की तैयारी है। काम लटकाने की वजह से मेसर्स टेक्नोडीलर्स (रायपुर), मेसर्स तिरुपति एसोसिएट (नागपुर), मेसर्स अकाल इंफ्रास्ट्रक्चर (छिंदवाड़ा) और मेसर्स एपी कंस्ट्रक्शन (मुरैना) पर कार्रवाई हुई। इन कंपनियों के पुराने एग्रीमेंट खत्म कर अब नए टेंडर निकलेंगे। 147 गांवों में काम पेंडिंग जिले के 147 गांवों में 1000 से ज्यादा घरों में नल लगना बाकी है। सामान की कमी बताकर काम रोकने वाले 12 अन्य ठेकेदारों को भी ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव जबलपुर भेजा गया। कलेक्टर ने साफ किया कि जहां काम पूरा हो चुका है, वहां की लाइनें तुरंत ग्राम पंचायतों को हैंडओवर की जाएं। इन पर भी लटकी तलवार लगातार नोटिस के बाद भी काम न करने वाली मेसर्स एव्ही कंस्ट्रक्शन रीवा, वीणा इंटरप्राइजेस बैहर और वैभव इंटरप्राइजेस नागपुर समेत 12 कंपनियों की लिस्ट कार्रवाई के लिए भेजी गई। प्रशासन की इस सख्ती से अब रुके हुए कामों में तेजी आएगी।
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव पुलिस ने शादी का झांसा देकर रेप करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पीड़िता के लगातार शोषण के कारण गर्भवती होने और एक बच्ची को जन्म देने के बाद यह कार्रवाई की गई। मामला केशकाल थाना क्षेत्र का है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, केशकाल क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। बताया गया था कि बेटी का गांव के ही एक युवक के साथ करीब एक साल से प्रेम संबंध था। इस दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। कांकेर में दिया था बेटी को जन्म जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव डाला, तो आरोपी ने इनकार कर दिया। लगातार शोषण के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई और उसने कांकेर जिला मेडिकल कॉलेज में एक बेटी को जन्म दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की सूचना सिटी कोतवाली कांकेर को दी। इन धाराओं के तहत कार्रवाई कांकेर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया और आगे की जांच के लिए मामला केशकाल थाने को भेजा। केशकाल थाने में प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर अपराध क्रमांक 18/26, धारा 64(1), 64(ड) भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की धारा 04, 06 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। न्यायिक रिमांड पर जेल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक टीम गठित की। टीम ने आरोपी को पकड़कर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर 28 जनवरी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
समाजवादी पार्टी के जिला पंचायत सदस्य राजा मानसिंह से जुड़े फर्जी जमानत रैकेट का अयोध्या पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों में राजा मानसिंह और उनकी पत्नी पहले से जेल में बंद हैं। इसी प्रकरण में उनके करीबी सहयोगी उपदेश यादव को फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत दिलाए जाने का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि उपदेश यादव की जमानत के लिए विभिन्न जनपदों के न्यायालयों, तहसीलों, थानों और आरटीओ कार्यालयों की फर्जी मोहरों का इस्तेमाल किया गया। न तो ग्राम प्रधान स्तर पर सत्यापन कराया गया और न ही तहसील स्तर पर किसी प्रकार की पुष्टि की गई। फर्जी जमानतदार खड़े कर कूटरचित जमानत सत्यापन रिपोर्ट तैयार की गई, जिसके आधार पर कोर्ट से जमानत प्राप्त कर ली गई। मामले के उजागर होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देश पर जांच सीओ अयोध्या को सौंपी गई। थाना पूराकलंदर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बस्ती जिले के रहने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में भीम प्रकाश शाही, सर्वेश कुमार, रवीन्द्र पाल, शम्भूनाथ और पवन कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 105 फर्जी मोहरें बरामद की हैं, जिनमें विभिन्न जिलों के थानों, तहसीलों, जिलाधिकारी कार्यालय और न्यायालयों की मोहरें शामिल हैं। इसके अलावा 57 कूटरचित जमानत सत्यापन रिपोर्ट, 25 हैसियत सत्यापन की फर्जी रिपोर्ट, 169 पासपोर्ट साइज फोटो, कई रजिस्टर, मोबाइल फोन, टैबलेट और बड़ी संख्या में खाली प्रपत्र भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद रजिस्टर में कई मुकदमों के आरोपियों के नाम और उनके जमानतदारों का विवरण दर्ज है, जिससे इस रैकेट के बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह नेटवर्क बस्ती, अयोध्या, गोंडा, संतकबीरनगर, अमेठी सहित कई जिलों तक फैला पाया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह अंतरजनपदीय गिरोह लंबे समय से फर्जी जमानत और सत्यापन के जरिए आरोपियों को लाभ पहुंचा रहा था। अब पूरे नेटवर्क की कड़ी-दर-कड़ी जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होंगी।
छत्तीसगढ़ पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता की 16वीं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में हुआ। उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने की। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद पैरा एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, सचिव डीकेश टंडन और उपाध्यक्ष प्रशांत रघुवंशी ने मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी का स्वागत भी पैरा एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने किया। खिलाड़ियों का मंच तक पहुंचना ही बड़ी उपलब्धि: मीनल चौबे मुख्य अतिथि मीनल चौबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि पैरा एथलेटिक्स के इन खिलाड़ियों का इस मंच तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन कर खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देना बेहद जरूरी है। महापौर ने आयोजन की पहल करने पर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा ऐसे सकारात्मक कार्यों में आगे रहते हैं। रायपुर में बेहतर खेल मैदान की जरूरत: आकाश तिवारी नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि पैरा एथलीट्स के लिए रायपुर में एक बेहतर और समर्पित खेल मैदान का निर्माण ही उनके लिए सच्चा योगदान होगा। उन्होंने कहा कि समाज को इन खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करना चाहिए, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर रायपुर और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें। इसके बाद मुख्य अतिथि ने पैरा एथलेटिक्स का ध्वज फहराकर प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया। व्हीलचेयर क्रिकेट ने बढ़ाया जोश उद्घाटन के दिन व्हीलचेयर क्रिकेट मुकाबले ने दर्शकों में खासा उत्साह भर दिया। छत्तीसगढ़ टीम-ए के कप्तान पोषण ध्रुव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम को 120 रन तक पहुंचाया। जवाब में छत्तीसगढ़ टीम-बी, कप्तान किशन रावत के नेतृत्व में 114 रन ही बना सकी। इस तरह टीम-ए ने 6 रन से मुकाबला जीत लिया। विजेता टीम को नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया, जबकि उपविजेता टीम को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। पूरे प्रदेश से जुट रहे खिलाड़ी प्रतियोगिता के पहले दिन शाम तक करीब 250 खिलाड़ियों का पंजीयन हो चुका था। कांकेर, अभनपुर, बिलासपुर, मुंगेली, महासमुंद, रायगढ़, बसना, सरायपाली, जांजगीर-चांपा, बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कवर्धा, कोरबा, पेंड्रा-मरवाही, बलौदाबाजार, कसडोल, धमतरी, गरियाबंद, राजिम, मगरलोड, पलारी, जोरा और पिरदा सहित पूरे छत्तीसगढ़ से खिलाड़ियों का आना लगातार जारी है। सभी खिलाड़ियों का पंजीयन के साथ टी-शर्ट और बैज देकर स्वागत किया गया, जिससे उनका उत्साह साफ नजर आया। खिलाड़ियों के लिए ठहरने और भोजन की पूरी व्यवस्था आयोजन समिति की ओर से खिलाड़ियों के ठहरने और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। अंत में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने और आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं।
जयपुर में क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) के जयपुर सब-चैप्टर की ओर से गुणवत्ता, उत्कृष्टता, सतत सुधार और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में जयपुर सब-चैप्टर अध्यक्ष मनोज मेश्राम ने कहा- मंच उद्योग और समाज में गुणवत्ता आधारित सोच को सशक्त बनाने में भूमिका निभाते हैं। बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में QCFI के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश मिश्रा, राजसमंद चैप्टर के चेयरपर्सन डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा तथा QCFI के नॉर्थ रीजन के डायरेक्टर अविनाश उपाध्याय ने संबोधित किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश मिश्रा ने कहा- गुणवत्ता और कौशल विकास से ही उद्योग को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा- आज के प्रतिस्पर्धी दौर में गुणवत्ता पर ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि यही किसी भी संगठन को दीर्घकालिक और टिकाऊ सफलता दिलाती है। गुणवत्ता केवल प्रक्रिया नहीं, बल्कि सोच है, जिसे संगठन के हर स्तर पर अपनाने की आवश्यकता है। सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाएं संगठनQCFI के नॉर्थ रीजन डायरेक्टर अविनाश उपाध्याय ने कहा- अधिक से अधिक लोगों को QCFI से जोड़ना जरूरी है। साथ ही क्वालिटी एंगेजमेंट भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। राजसमंद चैप्टर के चेयरपर्सन डॉ. एन. के. शर्मा ने कहा- QCFI को औद्योगिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा- गुणवत्ता का लाभ बड़ी कंपनियों के साथ-साथ छोटी इकाइयों और लघु उद्योगों तक पहुंचना चाहिए, ताकि व्यापक स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव हो सके। कार्यक्रम में राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. राजीव जैन, प्रो. राजेश सोलंकी आदि मौजूद रहे।
दमोह के मशहूर मां बड़ी देवी मंदिर में स्थापित मां सरस्वती की मूर्ति का बुधवार शाम को विसर्जन किया गया। विसर्जन से पहले मां की जलविहार यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। भक्तों ने मां सरस्वती की प्रतिमा को सुंदर पालकी में सजाया और उसे कंधों पर उठाकर शहर के मुख्य रास्तों से निकले। खास बात यह रही कि इस यात्रा में मां सरस्वती के साथ मां बड़ी देवी की प्रतिमा भी विराजमान थी। शहर में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर पालकी यात्रा का जोरदार स्वागत किया। फुटेरा तालाब में हुआ विसर्जन श्रद्धालु विवेक अग्रवाल ने बताया कि बसंत पंचमी के पावन पर्व पर मंदिर में मां सरस्वती की स्थापना की गई थी। बुधवार शाम को गाजे-बाजे के साथ यह यात्रा फुटेरा तालाब पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
उदयपुर में राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह ने कहा- केंद्र सरकार के रोम-रोम में संविधान बदलने की मंशा समाई हुई है। उन्हाेंने कहा- हमें समझना होगा और लड़ाई लड़नी होगी। सारिका सिंह उदयपुर शहर महिला कांग्रेस की नई अध्यक्ष तारिका भानुप्रताप सिंह की नई टीम के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रही थी। उदयपुर में 100 फीट रोड स्थित अशोका ग्रीन में हुए कार्यक्रम में सारिका सिंह ने कहा- भाजपा ने वर्ष 2024 में कहा था कि हमें 400 पार कराओ, हम संविधान बदल देंगे। ये 400 पार नहीं हुए और अटक गए हैं, लेकिन संविधान बदलने की मंशा इनके रोम-रोम में समाई हुई है। नियम प्रावधान कमजोर करना चाहते हैंमहिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह ने कहा- यह समझने की जरूरत है कि संविधान बदलने का मतलब है कि जो नियम-प्रावधान जोड़ रखे हैं। उनको ये कमजोर करना चाहते हैं। यह समझना होगा। सारिका सिंह ने मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार द्वारा योजना का नाम बदलकर VB-GRAM-G करने पर कहा- ये दिल्ली से योजनाएं पास करेंगे कि गांव में स्कूल बनाना है और मजदूरों को दिखाकर औपचारिकताएं पूरी कर देंगे, जबकि कांग्रेस सरकार ने इस कानून को अधिकार बना दिया था। अब काम की गारंटी नहीं है। मजदूर काम मांग नहीं सकेगा। उन्होंने महिला सशक्तीकरण, संगठन की मजबूती और जमीनी स्तर पर सक्रियता की आवश्यकता पर हुए कहा- संगठित महिला शक्ति ही समाज और राजनीति में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। महिला शक्ति, एकता और संगठन की मजबूती का सशक्त उदाहरण उदयपुर शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिका भानुप्रताप सिंह ने बताया- कार्यक्रम में महिला कांग्रेस प्रदेश संगठन महासचिव मंजू चौहान, उदयपुर शहर महिला कांग्रेस पर्यवेक्षक, प्रदेश महासचिव हितांशी शर्मा, उदयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़, उदयपुर के पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, सांसद प्रत्याशी ताराचंद मीणा मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष तारिका भानुप्रताप सिंह ने कहा- यह आयोजन महिला शक्ति, एकता और संगठन की मजबूती का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि महिला कांग्रेस आने वाले समय में सामाजिक एवं संगठनात्मक स्तर पर और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में देहात महिला कांग्रेस अध्यक्ष भगवती डांगी, दिव्यानी कटारा, गोपाल शर्मा, दिनेश श्रीमाली, पंकज शर्मा, के.के. शर्मा, नजमा मेवाफरोश, अरुण टाक, अजय सिंह, गोपाल नागर, गौरव प्रताप सिंह, सुधीर जोशी, राजेश चुग, दीपेश हेमनानी, दीपक सुखाड़िया, मधु सालवी, कल्याण सिंह राव एवं हिदायत अली आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में 31 पदाधिकारियों ने ली शपथजिलाध्यक्ष तारिका भानुप्रताप सिंह ने बताया- उदयपुर शहर महिला कांग्रेस की कार्यकारिणी में 31 महिलाओं को विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी दी गई। संगठन महासचिव के पद पर कौसर परवीन को नियुक्त किया गया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष हीना खान, ब्लॉक अध्यक्ष नेहा कुमावत एवं महिमा चुग, उपाध्यक्ष रेखा डांगी, शहनाज अयूब, मोनिका गुर्जर एवं यासमीन खान और महासचिव पद पर पलकांश राव, नीतू शर्मा, दीपिका चौधरी एवं कंचन कंवर को नियुक्त किया गया। इसी प्रकार सचिव मीना छतलानी, प्रिया तलरेजा, हर्षिता प्रजापत, कशिश डोडजा, रुखसाना साबुनवाला, शालिनी भटनागर, ज्योति खत्री, कविता सिंह, सोनिया, मुस्कान खान, शाहिदा जयपुरी, रजनी अटवाल, कनिष्का श्रीमाली, रेखा मोसेस एवं रीमा विलियमसन को मनोनीत किया गया।
झुंझुनूं के वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पी. एल. भालोठिया को इंडियन साइकिएट्रिक सोसायटी (IPS) द्वारा आयोजित 77वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन (ANCIPS 2026) में साइंटिफिक सेशन के चेयरपर्सन के रूप में मनोनीत किया गया है। द्वारका स्थित यशोभूमि (IICC) में 28 से 31 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस महासम्मेलन में डॉ. भालोठिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। एक चेयरपर्सन के रूप में, वे न केवल वैज्ञानिक सत्रों का संचालन करेंगे, बल्कि देश-विदेश से आए विशेषज्ञों के बीच होने वाली अकादमिक चर्चाओं का मार्गदर्शन भी करेंगे। उनके अनुभव का लाभ उन शोधकर्ताओं और युवा डॉक्टरों को मिलेगा जो मानसिक स्वास्थ्य की नई चुनौतियों पर काम कर रहे हैं। इस बार की थीम: मनोचिकित्सा को नई दिशा इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य केंद्र समाज के मानसिक स्वास्थ्य के लिए मनोचिकित्सा को नई दिशा रखा गया है। आज के दौर में जब तनाव और मानसिक विकार वैश्विक समस्या बन चुके हैं। आयोजन समिति के अनुसार, डॉ. पी. एल. भालोठिया का चयन उनके द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिए गए दशकों लंबे योगदान और उनके उत्कृष्ट अकादमिक रिकॉर्ड के आधार पर किया गया है। डॉ. भालोठिया को मिली इस उपलब्धि पर मानसिक स्वास्थ्य समुदाय और उनके साथी चिकित्सकों ने उन्हें बधाई दी है।
गैस सिलेंडर चोरी के एक मामले में आरंग पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार करते हुए सिलेंडर चोरी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है। डीएसपी लम्बोदर पटेल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर रायपुर और महासमुंद जिले के कई इलाकों में वारदातों को अंजाम दिया है। दुकान से 4 भरे सिलेंडर हुए थे चोरी प्रार्थी राजकुमार टंडन ने 27 जनवरी 2026 को थाना आरंग में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि ग्राम गुल्लू बस स्टैंड में उसका ‘राजहंस च्वाइस सेंटर’ है, जहां घरेलू गैस सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूशन का काम किया जाता है। 20 जनवरी को दुकान बंद करते समय उसने 6 भरे और 7 खाली सिलेंडर रखे थे। लेकिन दोपहर करीब 1:30 बजे लौटने पर देखा कि 4 भरे एचपी गैस सिलेंडर गायब मिले। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक युवक अपने साथी के साथ नीले रंग की एक्टिवा में सिलेंडर ले जाते हुए दिखाई दिया। इस पर थाना आरंग में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी से मिला सुराग, घर से पकड़ा गया आरोपी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक हरीश कुमार साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम बनाई गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक्टिवा और आरोपी की गतिविधियां राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में पाई गईं। इसके बाद पुलिस टीम ने न्यू राजेन्द्र नगर में दबिश दी, जहां आरोपी कन्हैयालाल राजपाल सिंधी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथी मुकेश कुकरेजा के साथ मिलकर चोरी की थी और चोरी के सिलेंडर गुढ़ियारी में गुप्ता बर्तन दुकान में बेच दिए थे। कई इलाकों में सिलेंडर चोरी की वारदात कबूली आरोपी ने माना कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर अलग-अलग जगहों से सिलेंडर चोरी किए। ये चोरी दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच हुई और इसमें महासमुंद, रायपुर, अभनपुर और बसना कॉलोनी के कई घर शामिल हैं। उन्होंने अलग-अलग कंपनियों के भरे और खाली सिलेंडर चुराकर बेच दिए। 13 गैस सिलेंडर जब्त पुलिस ने गुढ़ियारी के गुप्ता बर्तन दुकान से कुल 11 खाली गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 13 सिलेंडर बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी कन्हैयालाल राजपाल सिंधी के खिलाफ रायपुर जिले के पुरानी बस्ती, टिकरापारा और देवेंद्र नगर थानों में भी चोरी के मामले दर्ज हैं। दो गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहला आरोपी कन्हैयालाल राजपाल सिंधी (48 साल) निवासी न्यू राजेन्द्र नगर, रायपुर है। दूसरा आरोपी विकास कुमार गुप्ता (23 साल) निवासी गुढ़ियारी, रायपुर है, जिसके बर्तन की दुकान से चोरी के सिलेंडर बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे भी जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
सवर्ण समाज ने 1 फरवरी को मऊगंज बंद बुलाया:कहा- यूजीसी के नए नियम जनरल कैटेगरी के हक छीनने वाले
मऊगंज में यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज में नाराजगी है। छात्र-छात्राओं, टीचरों और उनके परिवारों ने इन नियमों के विरोध में 1 फरवरी को 'मऊगंज बंद' रखने का ऐलान किया है। मंगलवार शाम को सवर्ण समाज के लोग इकट्ठा होकर एसडीएम (SDM) दफ्तर पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर 1 फरवरी को बंद की जानकारी दी। लोगों का कहना है कि यूजीसी के ये नए नियम जनरल कैटेगरी के हक छीनने वाले हैं। समाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ये नियम सिर्फ एक तरफा सोच के साथ बनाए गए हैं, जिससे सामान्य वर्ग के बच्चों और शिक्षकों के साथ भेदभाव होगा। कॉलेज के पास जुटेंगे प्रदर्शनकारी विरोध जताने के लिए समाज ने मऊगंज कॉलेज के पास का मैदान चुना है, जहां प्रदर्शन किया जाएगा। लोगों का मानना है कि इन नए नियमों में कुछ भी साफ नहीं है और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। समाज की मांग है कि यूजीसी इन नियमों को फौरन वापस ले। ज्ञापन सौंपते वक्त बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक मौजूद रहे। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप लेगा।
कुरुक्षेत्र की जिला कोर्ट ने नशीला पदार्थ रखने के 2 अलग-अलग मामले में ट्रक ड्राइवर समेत 3 दोषियों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही दोषी जगजीत सिंह निवासी सैनी माजरा जिला मोहाली (पंजाब) पर 1.10 लाख रुपए और दूसरे मामले के दोषी संदीप कुमार निवासी हंडेसरा जिला मोहाली व अमनदीप सिंह निवासी अम्बाला पर एक-एक लाख रुपए जुर्माना लगाया। एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) की टीम 14 जनवरी 2023 को जीटी रोड पर उमरी चौक के पास मौजूद थी। टीम ने गुप्त सूचना पर जगजीत सिंह व बलकार सिंह फ्लाईओवर पिपली चौक से ट्रक सहित काबू किया था। उनके से 54 किलो चूरापोस्त और एक किलोग्राम अफीम बरामद हुई थी। इस मामले की नियमित सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायधीश स्पेशल कोर्ट ने गवाहों व सबूतों के आधार पर नशीला पदार्थ रखने के आरोपी जगजीत सिंह को दोषी करार देते हुए 10 साल कारावास व 1.10 लाख रुपए जुर्माने सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोषी से मिला था चूरापोस्त दूसरे मामले में ANC की टीम ने 25 फरवरी 2019 को संदीप कुमार व अमनदीप सिंह को फ्लाईओवर बाईपास कुरुक्षेत्र रोड पिहोवा से ट्रक सहित काबू किया था। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 102 किलोग्राम चूरापोस्त बरामद हुआ था। इस मामले की नियमित सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायधीश स्पेशल कोर्ट ने गवाहों व सबूतों के आधार पर नशीला पदार्थ रखने के आरोपी संदीप व अमनदीप को दोषी करार देते हुए 10-10 साल कारावास व एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर दोषियों को 6-6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने पहल की है। जेडीए अब ट्रैफिक से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स को वैज्ञानिक और विशेषज्ञ आधारित तरीके से लागू करेगा। वहीं मालवीय नगर में गौरव टावर (जीटी) क्षेत्र सहित शहर के 84 चिन्हित स्थानों पर बिल्डिंग मैप के अनुसार पार्किंग की जांच होगी। इसके बाद पीक आवर्स में पार्किंग की दरें बढ़ाने की नीति बनाने को कहा गया। जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में बुधवार को जेडीए के मंथन सभागार में ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड (TCB) की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में कहा कि अब शहर में कोई भी ट्रैफिक परियोजना बेतरतीब तरीके से नहीं होगी। बल्कि ट्रैफिक एक्सपर्ट्स की राय और आधुनिक तकनीक के आधार पर निर्णय लिए जाएंगे। पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए शहर में विशेष कॉरिडोर और फुटओवर ब्रिज के उपयोग को लेकर सर्वे कराने पर भी चर्चा हुई। वहीं अन्य शहरों में सफल ट्रैफिक मॉडल का अध्ययन भी किया जाएगा। विशेषज्ञ तय करेंगे ट्रैफिक प्लानबैठक में निर्णय लिया गया कि जेडीए ट्रैफिक विशेषज्ञों की सेवाएं लेगा और अधिकारियों की टीमों को देश के अन्य शहरों में भेजकर सफल ट्रैफिक मॉडल का अध्ययन कराया जाएगा। साथ ही प्रशासनिक और तकनीकी दो सब-कमेटियों का गठन किया गया है, जो छोटे स्तर पर चर्चा कर अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। महल रोड से गौरव टावर तक सुधार की योजनाबैठक में महल रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव पर चर्चा की गई। सांगानेर फ्लाईओवर के नीचे यू-टर्न सुविधा डवलप करने का प्रस्ताव रखा गया। इसकी डिजाइन विशेषज्ञ तय करेंगे। साथ ही सड़कों को केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि अर्बन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसमें सड़क चौड़ीकरण, जंक्शन सुधार और सौंदर्यीकरण शामिल होगा। पीक आवर्स में बढ़ेंगी पार्किंग दरगौरव टावर (जीटी) क्षेत्र सहित 84 चिन्हित स्थानों पर स्वीकृत बिल्डिंग मैप के अनुसार पार्किंग की जांच होगी। व्यावसायिक इमारतों में पार्किंग की जगह से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं नगर निगम को पीक आवर्स में पार्किंग शुल्क बढ़ाने और अलग-अलग क्षेत्रों के लिए विशेष पार्किंग नीति तैयार करने को कहा गया है। वहीं मैरिज गार्डन और होटलों में निर्धारित पार्किंग का उपयोग केवल गाड़ियां खड़ी करने के लिए ही किया जाएगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर फोकसबैठक में बस स्टॉप्स को चौराहों से उचित दूरी पर शिफ्ट करने और अनधिकृत जगहों पर बस रोकने पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया। वहीं स्कूलों के सामने बने डिवाइडर पर कट केवल स्कूल समय में ही खोले जाएंगे। एआई और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की तैयारीबैठक में जयपुर में ट्रैफिक मैनेजमेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्मार्ट कैमरे और वन-वे ट्रैफिक के लिए SOP तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए ग्रीन जंक्शन और मीडियन्स पर पौधरोपण की योजना भी बनाई जाएगी। जेडीसी ने किया सिविल लाइंस आरओबी का निरीक्षणबैठक के बाद जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने सिविल लाइंस आरओबी का निरीक्षण किया। सर्विस रोड निर्माण में आ रही कानूनी अड़चनों पर अधिकारियों को प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए गए। इसके बाद सहकार मार्ग स्थित इमली फाटक का दौरा कर ट्रेन गुजरने के दौरान लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम की समस्या का जायजा लिया। जेडीसी ने तकनीकी विशेषज्ञों से समाधान प्लान तैयार करने को कहा।
बिलासपुर में कार और बाइक पर खतरनाक स्टंटबाजी कर वीडियो वायरल करने वालों पर पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। गणतंत्र दिवस के दिन गांधी चौक रोड पर कार की खिड़की पर बैठकर खतरनाक स्टंट करने का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने कार जब्त कर दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कोतवाली टीआई देवेश सिंह ठाकुर के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों युवक छात्र हैं। उनके ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा रही है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सफेद रंग की कार ( CG12BT1243) में सवार युवक सार्वजनिक मार्ग पर खतरनाक स्टंट कर रहे थे। जानलेवा स्टंट करने वाले युवक गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया। मानव जीवन को खतरे में डालने वाले दो युवकों वंश सक्तेल और कुनाल साहू को गिरफ्तार किया गया। शाहरूख ईरानी को भी गिरफ्तार किया गया है। ये लोग कार की खिड़कियों पर बैठकर जानलेवा स्टंट कर रहे थे, जबकि वाहन को हर्ष वर्धन सिंह लापरवाही और जोखिमपूर्ण तरीके से चला जा रहा था। इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल, कार जब्त पुलिस ने बताया कि कथित स्टंटबाजी का यह वीडियो वंश सक्तेल ने इंस्टाग्राम पर वायरल किया था। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 3(5) और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 189 के तहत अपराध दर्ज कर कार को जब्त कर लिया है। ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू स्टंटबाजी करने वाले आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है। इसके साथ ही, वाहन चालक हर्ष वर्धन सिंह के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जनूथर थाना पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 4 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR) में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। यह मामला 12 जुलाई 2025 को प्रकाश में आया, जब ग्राम तरोडर निवासी अशोक कुमार (32) ने जनूथर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। अशोक कुमार ने बताया कि उसकी पहचान रवि कुमार पुत्र सुंदर सिंह जाट, निवासी अंधियार, तहसील मांट, जिला मथुरा से थी, जो अक्सर उनके गांव आता-जाता था। आरोपी रवि कुमार ने अशोक कुमार के भतीजे हरेंद्र को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR) में नौकरी लगवाने का प्रलोभन दिया। इसके एवज में उसने 4 लाख रुपये की मांग की। 5 दिसंबर 2021 को रवि कुमार ने गांव तरोडर आकर नौकरी की गारंटी दी। इसके बाद प्रार्थी अशोक कुमार ने उसे नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 4 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। आरोपी ने विश्वास दिलाने के लिए प्रार्थी के व्हाट्सएप पर ICAR भर्ती का एक फर्जी एडमिट कार्ड भी भेजा और परीक्षा भी दिलवाई। परीक्षा के बाद जब हरेंद्र को नौकरी नहीं मिली, तो अशोक कुमार ने अपने रुपये वापस मांगे। हालांकि, आरोपी रवि कुमार लगातार बहाने बनाता रहा और पैसे लौटाने से इनकार करता रहा। आखिरकार 29 अप्रैल 2025 को फोन पर संपर्क करने पर आरोपी ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि उसने छल-कपट और बेईमानी की नीयत से रुपये हड़प लिए हैं। उसने यह भी कहा कि न तो उसने कोई नौकरी लगवाई है और न ही रुपये वापस करेगा। इस संबंध में जनूथर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान वांछित आरोपी रवि कुमार (28) को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के सरकारी अस्पताल में मुंगेली के भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक के बेटे ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान उसने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर से बदसलूकी करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने भाजयुमो मुंगेली जिलाध्यक्ष तरुण खांडेकर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है। बिलासपुर के विनोबा नगर निवासी डॉ. अभिषेक पात्रो तखतपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल अफसर हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि 24 जनवरी की रात करीब 9:40 बजे ड्यूटी पर थे। इसी दौरान तरुण खांडेकर अपनी मां को लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था। उसने चिकित्सकीय नियमों को दरकिनार कर मनमाना इलाज कराने का दबाव बनाने लगा। डॉक्टर ने मना किया, तब मचाने लगा हंगामा-जान से मारने दी धमकीडॉ. पात्रो के अनुसार, जब उन्होंने चिकित्सकीय नियमों के कारणों से उसके कहने पर इलाज करने से इनकार किया, तो तरुण खांडेकर भड़क गया। अस्पताल में गाली-गलौज करते हुए हंगामा मचाने लगा। वो कहने लगा कि “तू मुझे नहीं जानता”, फिर अपने हिसाब से इलाज करने का दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि उसने अपनी राजनीतिक पहचान और रसूख का हवाला देकर डॉक्टर को डराने की कोशिश की और सरकारी काम में बार-बार बाधा डाली। बताया जा रहा है कि आरोपी भाजपा युवा मोर्चा मुंगेली का जिलाध्यक्ष है। उसके पिता चोवादास खांडेकर भाजपा के पूर्व विधायक रह चुके हैं। साथ ही आरोपी का संबंध एक पूर्व मंत्री के परिवार से भी बताया जा रहा है। डॉक्टर ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंताडॉ. पात्रो ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना के बाद वे डरे हुए हैं और रात की ड्यूटी के दौरान खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर आगे उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी आरोपी की होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तखतपुर पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुराना आपराधिक रिकार्ड, एसआई-आरक्षक पर किया था हमला बताया जा रहा है कि आरोपी तरुण खांडेकर भाजपा युवा मोर्चा से जुड़ा हुआ है और पूर्व में जनपद पंचायत अध्यक्ष भी रह चुका है। वह पूर्व विधायक चोवादास खांडेकर का बेटा है और पूर्व मंत्री का रिश्तेदार बताया जा रहा है। इतना ही नहीं, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। 2018 में तखतपुर क्षेत्र में रात्रि गश्त के दौरान आरोपी तरुण खांडेकर और उसके भाई निक्की खांडेकर पर आरक्षक और एसआई के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगा था। उस घटना में एक आरक्षक को संवेदनशील अंगों पर गंभीर चोट आई थी, जिससे वह मौके पर बेहोश हो गया था। पुलिस ने उस मामले में धारा 186, 307, 332, 353, 392 सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया था।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम जिलहड़ी में गोवंश वध का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और बरामद मांस को जांच के लिए पशु चिकित्सा विभाग भेजा है। ग्राम जिलहड़ी निवासी शिवम सिंह ने थाने में आवेदन देकर बताया कि गांव के ही हीरा साकेत, मिट्ठू साकेत और मझीले साकेत ने स्कूल के पास एक बगीचे में बछड़े की धारदार हथियार से हत्या कर दी। आरोप है कि आरोपी बछड़े का मांस बोरी में भरकर अपने घर ले गए, जबकि सिर, पैर और अन्य अवशेष घटनास्थल पर ही छोड़ दिए। ग्रामीणों को आरोपियों के घर से संदिग्ध मांस से भरी बोरी भी मिली है। पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी सूचना मिलते ही नईगढ़ी थाना प्रभारी गोविंद तिवारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता ($BNS$) की धारा 325, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। विहिप और बजरंग दल ने जताया विरोध घटना की जानकारी मिलने पर विहिप और बजरंग दल के जिला सहसंयोजक ऋषभ श्रीवास्तव सहित कई कार्यकर्ता जिलहड़ी गांव पहुंचे और इस घटना का विरोध किया। थाना प्रभारी का कहना है कि बरामद मांस की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांजगीर-चांपा जिले के पुलिस कंट्रोल रूम में साइबर थाने का औपचारिक शुभारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा ने रायपुर से वर्चुअल माध्यम से इसका उद्घाटन किया। इस थाने का उद्देश्य बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में बढ़ते साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए साइबर थाने स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा में यह थाना शुरू किया गया है। साइबर थाने में कुल 20 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सागर पाठक को जिले का प्रथम साइबर थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ एसआई, एएसआई, हवलदार और आरक्षकों की भी नियुक्ति हुई है। पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराध के मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साइबर क्राइम के 29 केस एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि जिले में फिलहाल साइबर अपराध के मामले सीमित हैं। जिले के सभी थानों के आंकड़ों के अनुसार, कुल लगभग 5,500 अपराध दर्ज हुए हैं, जिनमें से 29 केस साइबर क्राइम से संबंधित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग संबंधित थानों में की जाती थी। हालांकि, अब सभी साइबर प्रकरण सीधे साइबर थाने में दर्ज किए जाएंगे, जिससे त्वरित जांच और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।
चितरी थाना क्षेत्र में गलियाकोट में गढ़िया कसारीया पुल में एक लड़की ने पुल के ऊपर से छलांग लगा दी। इसके बाद छात्रा डूबने लगी। ये देख लोगों की भीड़ लग गई। गोताखोर ओर गलियाकोट उपसरपंच ने अपने साथियों के साथ आकर युवती को जिंदा बाहर निकाला। युवती के अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्राप्त जानकारी अनुसार गलियाकोट निवासी एक 19 वर्षीय युवती दुकान में काम करती है। बुधवार शाम के समय वह गलियाकोट के गढ़िया पुल ऐप पहुंची। इसके बाद पुल से माही नदी में छलांग लगा दी थी। इससे युवती नदी की गहराईं में डूबने लगी। अचानक युवती के नदी में कूदते ही लोग चौंक गए। लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। सूचना मिलते ही गलियाकोट से उपसरपंच ओर गोताखोर हारून बादशाह, अपने साथी शाहजहां शेख , जितेंद्र खाट, संजय डेंडोर मौके पर पहुंचे। सभी ट्यूब की मदद से नदी में उतरे ओर युवती का रेस्क्यू करने का प्रयास शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद उसे बचा लिया गया। वहीं, युवती को अस्पताल लेकर गए। जहां उसका इलाज चल रहा है। युवती की हालत अभी ठीक बताई जा रही है।
हरियाणा के गुरुग्राम में खुद को हिंदू बताकर एक मुस्लिम ट्रांसपोर्ट कारोबारी ने इंश्योरेंस कंपनी में काम करने वाली युवती को अपने प्रेम में फंसा लिया और उससे शादी कर ली। प्लानिंग के साथ शादी करने के बाद जान से मारने की धमकी देकर जबरन धर्म परिवर्तन करवाने का प्रयास किया। युवती किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकल कर दूसरी जगह रहने लगी। मगर, युवक और उसके परिजन वहां भी पहुंच गए और उसे पिटाई की। इस पिटाई से युवती को काफी चोट आईं , जिसके कारण वह 2 दिन से जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती है। इसके बाद युवती के परिवार की ओर से दी गई उसकी शिकायत पर पुलिस ने दर्ज कर लिया। साथ ही आरोपी युवक और उसके एक साथी को अरेस्ट कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आरिफ उर्फ आरव (35) और तारीफ (34) के रूप में हुई है। दोनों गांव धुनेला के रहने वाले हैं। युवती से शादी करने वाला युवक आरिफ हे, जो पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे है। कैसे हिंदू बनकर फंसाया, युवती ने शिकायत में बताया… फर्म का मालिक बताकर इंश्योरेंस कराने का काम दिया : पुलिस को दी शिकायत में युवती ने बताया कि वह वर्ष-2022 में सेक्टर-15 स्थित एक कम्पनी में इंश्योरेंस विभाग में कार्यरत थी। इसी दौरान इसकी मुलाकात तारीफ नामक व्यक्ति से हुई, जो इंश्योरेंस कार्य के सिलसिले में वहां आया था। तारीफ ने इसे अपने मालिक आरव का मोबाइल नंबर दिया और बताया कि उनकी एसएस एंटरप्राइज नाम की फर्म है। खुद को हिंदू बता प्रेम जाल में फंसाया, संबंध बनाए: युवती ने बताया कि इसके बाद उसकी इंश्योरेंस के लिए फोन पर आरव से बातचीत होने लगी। आरव ने खुद को हिंदू बताते हुए इससे इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी और धीरे-धीरे विश्वास जीतकर संबंध बना लिए। आरव ने उसके परिवार से भी मुलाकात की और खुद को गुरुग्राम में ठेकेदारी का कार्य करने वाला, अविवाहित और पारिवारिक जिम्मेदारियों से मुक्त बताया। तीन साल पहले धोखाधड़ी से की शादी : युवती के मुताबिक, आरव 4 नवंबर 2022 को सोहना-पलवल रोड स्थित मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उससे शादी कर ली। शादी के बाद जब वह गर्भवती हुई तो आरव ने जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाया। डॉक्टर द्वारा गर्भ 6 माह का बताने और गर्भपात को जोखिमपूर्ण बताए जाने पर आरव ने उसके साथ मारपीट की। बच्चे के जन्म के बाद धोखाधड़ी का पता चला : युवती के मुताबिक, डिलीवरी के समय आरव उसको मेदांता अस्पताल सेक्टर-47 में छोड़कर चला गया और बच्चे के जन्म के बाद वापस आया। बच्चे के जन्म के बाद आरव के सहयोगी तारीफ उसे बताया कि आरव हिंदू नहीं है, उसका वास्तविक नाम आरिफ है, उसकी पहले से शादी हो चुकी है और 3 बच्चे हैं। आरिफ के परिजनों ने भी मारपीट की : युवती ने आगे बताया, आरव के मुस्लिम होने की जानकारी मिलने पर वह मानसिक रूप से आहत हुई। मगर, बच्चे का जन्म होने के बाद वह कुछ नहीं कर सकी। साल 2023 में आरव उसे गांव धुनेला लेकर गया, जहां आरव की मां जैतूनी, पत्नी अर्शिदा, भाई इरशाद, नोमेन और मोमेन ने उसके मारपीट की। साथ ही जबरन धर्म परिवर्तन करके नमाज पढ़ने का दबाव बनाया गया। डर के मारे बच्चे को पेरेंट्स के पास छोड़ा : युवती के मुताबिक, डर के कारण वह एक दिन चुपचाप अपने गांव चली गई और बच्चे को अपने पेरेंट्स के पास छोड़कर राजीव नगर में रहने लगी। 26 जनवरी 2026 को आरव उर्फ आरिफ और उसके परिवार ने राजीव नगर आकर उसके साथ मारपीट की। धर्म परिवर्तन न करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसमें वह घायल हो गई। आरोपियों के जाने के बाद परिवार के लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही उसकी शिकायत भी पुलिस को दी। अब जानिए पुलिस पूछताछ में आरोपी ने क्या बताया… धर्म परिवर्तन की धाराओं के तहत केस दर्जपुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर सेक्टर-14 पुलिस थाना में हरियाणा गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और मारपीट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने युवती के पति आरव उर्फ आरिफ और उसके साथी तारिफ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बोले- योजनाबद्ध तरीके से फंसायापुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि तारीफ पहले आरिफ के यहां ड्राइवर का काम करता था। वर्ष-2022 में आरिफ ट्रांसपोर्ट का काम करता था। दोनों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इंश्योरेंस पॉलिसी के माध्यम से युवती को संपर्क में लाकर फर्जी पहचान के सहारे प्रेमजाल में फंसाया। कोर्ट में पेश करने की तैयारीपुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में मंदिर में शादी करने और बाद में जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाकर मारपीट करना भी स्वीकार किया। फिलहाल, पुलिस टीम की ओर से दोनों आरोपियों को आगामी कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।---------------- ये खबर भी पढ़ें…. 'तुझे मारकर सबूत नहीं छोड़ूंगा':यमुनानगर में महिला बोली- पति ने हिंदू महिला का कटा सिर दिखाया, कहा- इसके प्रेमी की तरह नहीं फंसूंगा हरियाणा के यमुनानगर में थर्मामीटर का पारा (मर्करी) पीकर सुसाइड की कोशिश करने के मामले में लगातार खुलासे हो रहे हैं। यूपी के सहारनपुर की रहने वाली रेखा उर्फ रुबीना ने दैनिक भास्कर एप की टीम को बताया कि उसका पति फुकरान उसे सहारनपुर की ही हिंदू महिला उमा की सिर कटी लाश का वीडियो दिखाकर कहता था कि अगर विरोध किया तो उसका भी वही हाल करेगा। (पूरी खबर पढ़ें)
जांजगीर-चांपा जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद बुधवार को परिसर में हड़कंप मच गया। ई-मेल सामने आते ही न्यायालय प्रशासन ने तत्काल पुलिस अधीक्षक को सूचित किया, जिसके बाद पूरे जिले की पुलिस अलर्ट हो गई। सूचना मिलते ही जांजगीर-चांपा पुलिस, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर जिला न्यायालय परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। कोर्ट के हर कक्ष, कार्यालय, पार्किंग एरिया और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की गई। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस को किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिससे राहत मिली। एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए न्यायालय परिसर में आवाजाही सीमित कर दी गई थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी। ई-मेल की जांच साइबर सेल को सौंपी एसपी विजय पांडेय ने बताया कि धमकी भरा ई-मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन है, इसका पता लगाने के लिए मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है। साइबर टीम ई-मेल की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि आरोपी तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। न्यायालय परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई पुलिस के अनुसार, फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से निगरानी बढ़ा दी गई है। इस घटना के बाद जिला न्यायालय परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी अब अंतिम चरण में है। 31 जनवरी को खरीदी का आखिरी दिन है। सारंगढ़ की कांग्रेस विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े ने धान खरीदी को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी अब अंतिम चरण में है, लेकिन सरकार किसानों का धान खरीदना नहीं चाह रही है। विधायक ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक ऑडियो का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस ऑडियो में एक खाद्य अधिकारी समिति प्रबंधकों को धान नहीं खरीदने और टोकन के आवेदन पेंडिंग रखने के निर्देश दे रहा है। इतना ही नहीं, ज्यादा टोकन जारी करने पर नौकरी जाने की धमकी भी दी जा रही है। विधायक ने धान खरीदी में अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। यह वायरल ऑडियो समिति प्रबंधकों और एक खाद्य अधिकारी की कॉन्फ्रेंस कॉल का बताया जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अब जानिए क्या है इस वायरल ऑडियो में बतातया जा रहा है कि इस वायरल ऑडियो में समिति प्रबंधकों और खाद्य अधिकारी के बीच कॉन्फ्रेंस कॉल चल रही है। बातचीत में टोकन की स्थिति पर चर्चा हो रही है। अधिकारी अलग-अलग खरीदी केंद्रों से कटे हुए और पेंडिंग टोकन की जानकारी लेते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो में हरदी गांव के समिति प्रबंधक बताते हैं कि उनके केंद्र में धान खरीदी का लक्ष्य 58 तक पहुंच सकता है। इस पर खाद्य अधिकारी नाराज होकर कहते हैं कि “तुम ही क्रॉस कर रहे हो भाई।” इसके जवाब में समिति प्रबंधक कहता है कि पटवारी टोकन का वेरिफिकेशन कर रहे हैं और उन्हें मना भी किया गया है, लेकिन इसके बावजूद टोकन पास हो रहे हैं। साथ ही वह यह भी बताता है कि अभी 11 किसानों के टोकन पेंडिंग हैं। आवेदक को ऑनलाइन एंट्री भी नहीं करना है इसके बाद खाद्य अधिकारी सभी समिति प्रबंधकों को निर्देश देते हैं कि फिलहाल किसी भी किसान का टोकन न काटा जाए। नए आवेदन आने पर उन्हें पेंडिंग रखा जाए और आवेदन को ऑनलाइन भी दर्ज नहीं किया जाए। अधिकारी ने हरदी गांव के समिति प्रबंधक को चेतावनी देते हुए कहा, “तुम देख लो यार… शिकायतें बहुत आ रही हैं।” यह ऑडियो समिति प्रबंधकों और एक खाद्य अधिकारी की कॉन्फ्रेंस कॉल का बताया जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस विधायक बोली-किसान परेशान है इस मामले में सारंगढ़ की विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े ने कहा कि सरकार लगता है किसानों का धान खरीदना नहीं चाहती। वायरल हुए ऑडियो में अधिकारी खुद कह रहा है कि धान नहीं खरीदी जाएगी। विधायक ने सवाल उठाया कि आखिर यह कौन होता है ऐसा कहने वाला। इन्हें नियमों के अनुसार तो धान खरीदना ही चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यह अधिकारी समिति प्रबंधकों को धमका रहा है और कह रहा है कि अगर आप लोग टोकन काटोगे तो देख लेना। जांगड़े ने आगे कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई है, किसान इसी तरह परेशान हैं। छोटे किसान धूप में बैठे रहते हैं, लेकिन मंडी में उनका धान नहीं लिया जा रहा। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो व्यास नारायण नाम के अधिकारी का नाम सामने आ रहा है उस पर कार्यवाई होनी चाहिए। विधायक ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में ऐसी अव्यवस्था नहीं थी। इस मामले में सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। साढे़ 29 हजार करोड़ रुपए हो चुका है भुगतान सरकार के आंकड़ों की माने तो खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत 23.48 लाख किसान समर्थन मूल्य पर धान बेच चुके हैं और उन्हें कुल 29,597 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। सरकार का दावा है कि डिजिटल और समयबद्ध प्रणाली से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। प्रदेश में धान खरीदी पूरी तरह सुचारू, तेज़ और पारदर्शी तरीके से की जा रही है।
शाहजहांपुर में बिजली के बिल से परेशान बुजुर्ग ने फंदे से लटककर जान दे दी। उनकी जेब से सीएम योगी के नाम लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला। बुजुर्ग ने लिखा- मुख्यमंत्री जी, मेरा बिजली का बिल माफ कर दिया जाए। मेरे बाद मेरे बच्चों को परेशान न किया जाए। गांव वालों ने बुधवार दोपहर बुजुर्ग का शव पेड़ से लटका देखा। इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतरवा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। मृतक की पहचान कामेन्द्र विक्रम सिंह के रूप में हुई। घटना पुवायां थाना क्षेत्र के नाहिल गांव की है। 32 हजार का बिजली बिल बकाया था पुवायां के नाहिल गांव के रहने वाले कामेन्द्र विक्रम सिंह पिछले दो-तीन महीनों से मानसिक रूप से परेशान थे। परिवार वालों के मुताबिक, बुधवार की दोपहर कामेन्द्र घर से बाहर निकले थे। तभी पेड़ से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। कामेन्द्र पर करीब 32 हजार रुपए का बिजली बिल बकाया था। उन्होंने ओटीएस योजना के जरिए बिल जमा करने की जानकारी ली थी। लेकिन किसी वजह से योजना का लाभ नहीं मिल सका। अधिकारियों ने उन्हें 17 हजार रुपए किश्तों में जमा करने की बात कही थी। सुसाइड नोट में लिखा- योगी जी कर्ज से परेशान हूं पुलिस को कामेंद्र की जेब से सीएम के नाम लिखा एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें बिजली बिल के अलावा करीब 50 हजार रुपए निजी कर्ज का भी जिक्र है। सुसाइड की सूचना पर एसडीएम और सीओ भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों के काफी समझाने के बाद परिवार वाले पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए। कामेन्द्र अपनी पत्नी के साथ रहते थे। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। सभी की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा सौरभ सिंह उर्फ आदित्य पेस्टीसाइड कंपनी में नौकरी करता है। वह माता-पिता के साथ ही रहता था। जबकि, बड़ा बेटा अच्युत प्राइवेट स्कूल में टीचर है। वह पत्नी के साथ अलग किराए के मकान में रहता है। पुवाया CO प्रवीण मलिक ने बताया- मृतक ने सुसाइड नोट में लोन और बिजली कर्ज से परेशान होने की बात लिखी है। साथ ही लिखा है कि मेरे परिवार और बच्चों को इसकी कोई जानकारी नहीं है। मामले की जांच की जा रही है। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया- एक बुजुर्ग द्वारा आत्महत्या का मामला सामने आया है। सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है और परिजनों की ओर से किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। ------------------------- ये भी पढ़ें… 'पापा अजित पवार के साथ फ्लाइट है, आपसे बात कराऊंगी':केबिन क्रू पिंकी का पिता को आखिरी कॉल; यूपी के जौनपुर की रहने वाली थीं “पापा, आज अजित पवार के साथ फ्लाइट है… आपसे बात कराऊंगी।” यूपी की पिंकी माली ने मंगलवार को अपने पिता शिव कुमार से यह कहा था। पिता को नहीं पता था कि बेटी की यह बात उनसे आखिरी बातचीत होगी। अगले ही दिन बुधवार को महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार के साथ हुए प्लेन क्रैश में पिंकी की भी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
निवाड़ी में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी ने अपने जिलाध्यक्ष प्रमोद अहिरवार की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक षडयंत्र बताते हुए नगर के बड़ी माता मंदिर से अंबेडकर चौराहे तक जुलूस निकाला। प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के 90 कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी। पुलिस ने अमरपाल सिंह हत्या मामले में जिलाध्यक्ष प्रमोद अहिरवार और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पार्टी का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है। पदाधिकारियों का दावा है कि 18 तारीख को हुई घटना के वक्त प्रमोद मौके पर मौजूद ही नहीं थे, इसके बावजूद पुलिस ने बिना जांच के सीधे एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग प्रदर्शन के बाद पार्टी के पदाधिकारियों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम मनीषा जैन को ज्ञापन सौंपा। भीम आर्मी के नेता नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई एकतरफा और पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि झूठी एफआईआर से नाम नहीं हटाए गए, तो वे इस मामले को कोर्ट तक ले जाएंगे और संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी अदालत में जवाबदेह बनाएंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम जुलूस और प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया था। इससे पहले 21 जनवरी को भी पार्टी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर निर्दोषों को रिहा करने की मांग की थी। भीम आर्मी का स्पष्ट कहना है कि हत्या की इस घटना में राजनीतिक रंजिश के चलते उनके नेता को निशाना बनाया जा रहा है। एसपी बोले- सबूतों और जांच के आधार पर गिरफ्तार की गई वहीं एसपी डॉक्टर राय सिंह नरवरिया ने कहा कि 18 जनवरी को अमरपाल सिंह की हुई हत्या के मामले में सात आरोपी है। 19 जनवरी को दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पांच आरोपियों की जांच पड़ताल की जा रही है। मृतक पक्ष के लोगों ने भी आरोप लगाया है। आरोपों और जांच के बाद प्रमोद अहिरवार की गिरफ्तारी की गई है। भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी का कहना है कि प्रमोद अहिरवार को गलत फंसाया गया है और इस मामले में चार दिन पूर्व भी पार्टी ने आवेदन देकर दूसरे से जांच करवाने की मांग की थी। इस पर सेंदरी थाना प्रभारी को जांच सौंपी है और एसआईटी का गठन किया गया है। पार्टी का कहना है कि प्रमोद अहिरवार घटना के वक्त मौके पर मौजूद नहीं था। सबूतों और जांच के दौरान पाया गया कि प्रथम दृष्टया वह घटना स्थल पर मौजूद थें। अभी तक जांच में यह नहीं पाया गया है कि प्रमोद अहिरवार उस वक्त घटना पर मौजूद नहीं थे। आज 90 कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ्तारियां दीं हैं और ज्ञापन के जरिए अपनी मांग रखी है।
झाबुआ जिले की ग्राम पंचायत कुम्भाखेड़ी के मखोड़ फलिए में मूलभूत सुविधाओं की कमी के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बुधवार को जनपद पंचायत की टीम ने गांव का दौरा किया। टीम ने बुधवार को ग्रामीणों से बात की और उनकी समस्याओं को देखते हुए जल्द ही स्वच्छ पानी और सड़क की सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। बता दें कि, क्षेत्र की समस्याओं को लेकर दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। बोरिंग कर हैंडपंप लगाया जाएगा निरीक्षण के लिए पहुंचे सहायक यंत्री सरदारसिंह भाभर और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी दलसिंह मुणियां ने पाया कि ग्रामीण आज भी पीने के पानी के लिए पुराने कुएं पर निर्भर हैं। जल संकट की इस स्थिति को देखते हुए सहायक यंत्री ने ग्राम पंचायत को निर्देश दिए हैं कि यहां तुरंत बोरिंग (नलकूप खनन) कराई जाए और हैंडपंप लगाया जाए, ताकि लोगों को शुद्ध पानी मिल सके। सड़क-बिजली के लिए भी शुरू हुई पहल पेयजल के अलावा फलिए के लोगों ने बिजली और सड़क की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी। सरपंच ने बताया कि बिजली के लिए पहले भी आवेदन दिए जा चुके हैं, जिस पर अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, फलिए से मुख्य गांव तक जाने वाली 2 किलोमीटर की कच्ची सड़क को पक्की बनाने के लिए पटवारी से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलते ही सड़क निर्माण का प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अधिकारी बोले- जल्द शुरू होंगे विकास कार्य सहायक यंत्री सरदारसिंह भाभर ने बताया कि वे जमीनी हकीकत जानने के लिए यहां पहुंचे थे। निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट तैयार कर बड़े अधिकारियों को भेजी जा रही है, जिससे विकास कार्यों को बजट मिल सके। गांव में प्रशासनिक अधिकारियों को देख ग्रामीणों में खुशी की लहर है और उन्हें उम्मीद है कि अब उनकी समस्याएं जल्द हल होंगी। यह खबर भी पढ़ें… झाबुआ का मखोड़ फलिया 35 साल से विकास से वंचित:ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं तक नहीं देश में गणतंत्र दिवस समारोह के बीच, झाबुआ जिले की ग्राम पंचायत कुम्भाखेड़ी के वार्ड नंबर 2 स्थित 'मखोड़ फलिया' में बुनियादी सुविधाओं का अभाव सामने आया है। यहाँ के 14 परिवार पिछले 35 वर्षों से विकास से वंचित हैं। पढ़ें पूरी खबर
उज्जैन में बुधवार शाम सवर्ण समाज ने टावर चौक पर यूजीसी के प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन और नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में समाजजन हाथों में तख्तियां लेकर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए शहीद पार्क तक रैली निकाली, जहां उन्होंने मानव श्रृंखला बनाई। प्रदर्शन के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने एसडीएम पवन बारिया और विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. शैलेन्द्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अपनी मांगों से अधिकारियों को अवगत कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन उच्च शिक्षा व्यवस्था में सामाजिक असंतुलन और भेदभाव को बढ़ावा देंगे। इन नियमों से विशेष रूप से सवर्ण वर्ग के छात्रों के शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। समाज ने आरोप लगाया कि शिक्षा नीति का उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग के अधिकारों को कमजोर करना। उन्होंने इस नीति को एकतरफा बताया। पुजारी बोले- समाज को बेड़ियों में बांधने जैसा महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी महेश पुजारी ने कहा कि प्रस्तावित नियम सवर्ण समाज को बेड़ियों में बांधने जैसा है। उन्होंने इसे हिंदू समाज पर अन्याय बताते हुए कहा कि यह कानून सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने वाला है। अर्पित गोयल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे सामान्य वर्ग से आते हैं और सरकार से इस “काले कानून” को वापस लेने की मांग करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सबसे अधिक कर, चंदा और जिम्मेदारियां सामान्य वर्ग निभाता है, इसके बावजूद उसी वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया जा रहा है। संगठन ने मांग की कि यूजीसी के एकपक्षीय ड्राफ्ट रेगुलेशन को तत्काल रोका जाए। इसके साथ ही, नीति निर्धारण समितियों में सभी सामाजिक वर्गों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए और छात्रों, शिक्षकों व शिक्षाविदों से व्यापक संवाद के बाद ही कोई नई नीति लागू की जाए।
खंडवा में वोटर लिस्ट से वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने फॉर्म क्रमांक-7 के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पहले मोघट थाना और फिर सिटी कोतवाली पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीएम ऋषि सिंघई ने आश्वासन दिया है कि मामलों का पंचनामा बनाया जाएगा और यदि आपत्तिकर्ता खुद उपस्थित नहीं होते हैं, तो आपत्तियां निरस्त कर दी जाएंगी। कांग्रेस का आरोप है कि सुनियोजित तरीके से फर्जी आपत्तियां लगाकर फॉर्म-7 का दुरुपयोग किया गया है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास हुआ है। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि फर्जी आपत्तियां लगाने वालों पर निर्वाचन आयोग द्वारा सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरी एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को निष्पक्ष नहीं माना जा सकता। एसडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इधर, कांग्रेस ने निर्वाचन कार्यालय की पिछले 15 दिनों की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस पूरे मामले के पीछे कौन लोग शामिल हैं और आपत्तियां जमा करने कौन आया था। अध्यक्ष के सवाल- किसने प्रिंट कराए लिफाफे, डेटा कहां से मिला? शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने प्रशासन से तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा, मुद्दा केवल आपत्तियां निरस्त करने का नहीं है, बल्कि यह जानना ज्यादा जरूरी है कि यह पूरा षड्यंत्र किसने और कैसे रचा। फॉर्म-7 कहां से और कैसे उपलब्ध कराए गए? फर्जी आपत्तियों वाले लिफाफे किसने प्रिंट कराए? इन्हें निर्वाचन कार्यालय में किसके माध्यम से जमा कराया गया? इन आपत्तियों का कोई आवक-जावक रजिस्टर में उल्लेख क्यों नहीं है? क्या निर्वाचन आयोग का डेटा आपत्तिकर्ताओं से साझा किया गया? बीएलओ और फील्ड अफसरों को कर रहे परेशान कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जानबूझकर बीएलओ और फील्ड अधिकारियों को मानसिक रूप से परेशान और हतोत्साहित किया जा रहा है। इसके बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। शिकायत के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही हैं। वैध नाम जुड़ने तक जारी रहेगा आंदोलन प्रतिभा रघुवंशी ने कहा, यह मामला केवल नाम काटने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को कमजोर करने की गहरी साजिश है। जब तक प्रत्येक वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची में दोबारा शामिल नहीं किया जाता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। ये नेता रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान खानशाहवली वार्ड के पार्षद शब्बीर कादरी, तारिक बबलू पटेल, असलम गोरी, विशाल जैन, शहजाद पवार, दिव्यांश ओझा, अब्दुल कादिर, गुरप्रीत सिंह, अशोक मालवीय, अश्विनी चौहान, रणधीर कैथवास, इमरान गौरी, सुनील पासी, रिजवान शेख, अयान खान समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद थे।
पिकअप की टक्कर से दूध व्यापारी की मौत:एटा में सिर दो हिस्सों में बटा, चालक की तलाश जारी
एटा जनपद के मारहरा थाना अंतर्गत कुबातगंज गांव में बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे एक भयावह हादसा हो गया। जिसमें दूध व्यापारी रामवीर सिंह (47) की मौत हो गए। यह उस वक्त हुई जब दूधिया सड़क किनारे खड़ा होकर किसी का इंतजार कर रहा था, तभी एक तेज रफ्तार पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। इसके बाद पिकअप का पहिया उसके सिर पर उतर गया। जिससे दूधिये का सिर दो हिस्सों में बंट गया और भेजा बाहर आ गया। वहीं, पकड़े जाने के डर से आरोपित चालक घटनास्थल पर वाहन छोड़कर भाग निकला। फिलहाल, पुलिस ने पिकअप को सीज कर आरोपित चालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और एमवी एक्ट की सुसंगत धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। देखिए हादसे से जुड़ी 3 तस्वीरें… दो हिस्सों में बटा सिर प्रभारी निरीक्षक कृष्णकांत लोधी के मुताबिक, क्षेत्र के सराय अहमद खां गांव निवासी रामवीर सिंह दूध का व्यापार कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। चार साल पहले बीमारी के चलते उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। जिसके बाद वह तीन बेटियां समेत पांच बच्चों के संग रहते थे। भाई हरि सिंह ने जानकारी दी कि शाम को रामवीर किसी काम से घर से बाहर निकले थे। जहां, वह कुबातगंज वाले चकरोड पर खड़े होकर किसी का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच मटर से भरी पिकअप ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। जब तक वह संभल पाते तब तक पिकअप का पहिया उनके सिर से उतर गया। जिससे सिर के दो हिस्से हो गए और भेजा बाहर आ गया।आधार कार्ड से हुई शिनाख्त प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोपित चालक को रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने रफ्तार बढ़ा दी। हालांकि, कुछ दूरी पर आरोपित पिकअप छोड़कर घटनास्थल से भाग निकला। इसके बाद राहगीरों ने फौरन पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शिनाख्त के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चालक की तलाश जारी प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई। थाना उपनिरीक्षक मुकुल कुमार ने बताया कि भाई हरि सिंह की लिखित शिकायत पर पुलिस ने पिकअप को सीज कर आरोपित चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, परिजन भी आरोपित चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे है। फिलहाल, नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस ने आरोपित चालक की तलाश में वाहन स्वामी से पूछताछ करने में जुटी है।
ब्यावर क्षेत्र के अतितमण्ड गांव में मंगलवार को खनन विभाग की टीम पर हमले के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। बुधवार सुबह 12 बजे से जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर सैकड़ों ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। ब्यावर जिला सरपंच संघ ने भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है, जिसमें 24 घंटे के भीतर निर्वतमान सरपंच को रिहा नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। धरनार्थी निर्वतमान सरपंच दुष्यन्त सिंह की तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही, वे ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज कथित झूठे मुकदमों को वापस लेने और साकेत नगर थानाधिकारी जितेंद्र फौजदार को तत्काल निलंबित करने की भी मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खनन विभाग और माइंस अलॉटमेंट धारकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों की मिलीभगत से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाया जा रहा है और झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।मामले को लेकर ब्यावर नगर परिषद के सभापति नरेश कन्नोजिया के नेतृत्व में पंचायत समिति जवाजा के सरपंच संघ अध्यक्ष महिपाल सिंह चौहान सहित कई सरपंचों ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की है कि सरपंच दुष्यंत सिंह को तत्काल राहत दी जाए, उनके विरुद्ध दर्ज झूठे मुकदमे को रद्द किया जाए और दोषी पुलिस व माइनिंग विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जाए।इस दौरान पदम सिंह, आनंद सिंह, ब्रजपाल सिंह रावत, पानी देवी, लीला देवी, राजेन्द्र सिंह पंवार, सुमित्रा चौहान, लक्ष्मी देवी, पृथ्वीपाल सिंह, बदामी, प्रवीण सिंह रावत, सुमन देवी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में हाल ही में IPS अधिकारियों के प्रमोशन किए गए हैं। लेकिन कवर्धा एसपी धर्मेंद्र सिंह ने प्रमोशन प्रक्रिया में अपने साथ अन्याय और भेदभाव होने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मुख्य सचिव और डीजीपी को लेटर लिखा है। उनका कहना है कि मेरे ही बैच के कई अधिकारियों को डीआईजी बना दिया गया। लेटर में कवर्धा एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया है कि वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और सभी योग्यताएं होने के बावजूद उन्हें प्रमोशन नहीं दिया गया, जबकि अन्य अधिकारियों को प्रमोट कर दिया गया। उन्होंने मांग की है कि प्रमोशन की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की जाए और उनके मामले पर दोबारा विचार किया जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। दरअसल, 23 जनवरी को 16 IPS अफसरों के प्रमोशन हुआ। जिसमें 2001 बैच के आनंद छाबड़ा ADG बने। 2008 बैच के प्रशांत अग्रवाल, मिलन कुर्रे, नीतू कमल और डी श्रवण को IG पद पर पदोन्नत किया गया। 2012 बैच के 8 अधिकारी DIG बनाए गए और अभिषेक पल्लव, मोहित गर्ग सहित 4 अधिकारी SSP पद पर प्रमोट हुए। पढ़ें लेटर की कॉपी- जानिए कवर्धा SP ने क्या कहा ? कवर्धा एसपी धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि मुझे अब तक जूनियर स्केल और सीनियर स्केल का प्रमोशन नहीं दिया गया है। मैं 2012 बैच का आईपीएस अधिकारी हूं। मेरे ही बैच के कई अधिकारियों को डीआईजी बना दिया गया है, लेकिन मुझे प्रमोशन नहीं मिला। इससे मुझे लगता है कि मेरे साथ भेदभाव किया जा रहा है। मेरे बारे में कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश में मेरे खिलाफ एक मामला है। उस मामले में पहले ही खात्मा हो चुका था, लेकिन कोर्ट से उसे मंजूरी नहीं मिली और जांच जारी बताई जा रही है। जबकि मेरे ही बैच के अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी ऐसे ही मामले दर्ज थे, फिर भी उन्हें प्रमोशन दे दिया गया। भारत सरकार के प्रमोशन नियमों के अनुसार किसी अधिकारी का प्रमोशन तभी रोका जा सकता है, जब वह निलंबित हो, उसके खिलाफ विभागीय जांच चल रही हो या कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हुआ हो। मैं इन तीनों ही स्थितियों में नहीं आता हूं। इसके बावजूद मेरे तीन प्रमोशन रोक दिए गए हैं। इसी वजह से मैंने यह पत्र लिखा है। धर्मेंद्र यादव के बारे जानिए आईपीएस अधिकारी धर्मेंद्र सिंह 2012 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं और छत्तीसगढ़ कैडर से हैं। वे वर्तमान में कवर्धा जिले के पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ हैं और अपने कार्यों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने और पुलिस की सकारात्मक छवि स्थापित करने के लिए की गई उनकी पहलें खास तौर पर सराही गई हैं। उन्होंने प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री सहित शासन के शीर्ष अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। ……………………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में IPS अधिकारियों का प्रमोशन:IPS छाबड़ा एडीजी, IPS प्रशांत अग्रवाल बने IG; 16 अफसरों के प्रमोशन का गृह विभाग ने जारी किए आदेश छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत अलग-अलग बैच के कई अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने औपचारिक आदेश जारी किए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
रायसेन में सांसद खेल महोत्सव का समापन समारोह 1 और 2 फरवरी को खेल स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर संसदीय क्षेत्र की करीब 20 से ज्यादा महिला और पुरुष वर्ग की टीमें शामिल होंगी। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रवींद्र जडेजा शामिल होंगे। बुधवार को भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा और विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने पत्रकारों को यह जानकारी दी। इस दौरान विदिशा के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश जादौन और सीहोर के पूर्व जिला अध्यक्ष रवि मालवीय भी उपस्थित रहे। भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि रायसेन शहर में पहली बार इतना बड़ा कार्यक्रम हो रहा है। उन्होंने इस गरिमामय आयोजन में मीडिया की अहम भूमिका पर जोर दिया। शर्मा ने गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों और समाजसेवियों से भी सहयोग का अनुरोध किया है। विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बताया कि सांसद खेल महोत्सव का उद्देश्य जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। विभिन्न प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने भाग लिया है, और अब समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। डॉ. चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया गया है, जिससे नई खेल प्रतिभाएं सामने आई हैं। रायसेन जिले की आठों विधानसभाओं से खिलाड़ी इसमें शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि समापन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, खेल प्रेमी, खिलाड़ी और आमजन बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे। जिलेभर में इस आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है, खासकर युवाओं और बच्चों में रवींद्र जडेजा की उपस्थिति को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। स्टेडियम में 10 हजार दर्शकों की बैठने की व्यवस्था की जा रही है।
श्योपुर के प्रेमसर क्षेत्र के ग्राम जालेरा रोड पर एक निजी स्कूल की वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में वैन में सवार 8 बच्चों को चोटें आईं। कक्षा 7 के छात्र प्रिंस मीणा को गंभीर चोटें आईं, जिनके पैर में फ्रैक्चर बताया गया है। प्रिंस को बेहतर इलाज के लिए सवाईमाधोपुर ले जाया गया है। घटना बुधवार शाम की है। जालेरा की ओर जा रही थी वैन प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, वैन तेज रफ्तार में थी। छुट्टी के बाद बच्चों को जालेरा की ओर ले जा रही वैन गोहेड़ा और जालेरा के बीच अचानक नियंत्रण खो बैठी और सड़क से उतरकर खेत में जा पलटी। वैन पलटते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। जबकि एक अभिभावक का कहना है कि सामने से आ रहे कुछ बच्चों को बचाने के फेर में वेन सड़क से निचे उतर गई जिससे यह हादसा हुआ है। ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकाकर पहुंचाया अस्पताल आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बच्चों को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने अपने-अपने स्तर पर घायल बच्चों को इलाज के लिए ले गए। अन्य घायल बच्चों का उपचार निजी क्लीनिकों और डॉक्टरों के यहां कराया गया। यह वैन कोटा रोड पर संचालित टैलेंट कॉन्वेंट स्कूल की बताई गई है। ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल वैन के चालक को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। अभिभावकों ने कई बार स्कूल प्रबंधन से ड्राइवर बदलने की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ड्राइवर पर लापरवाही का लगाया आरोप कुछ अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों को ज्यादा चोट नहीं आई है और वे किसी प्रकार की शिकायत नहीं करना चाहते। हालांकि, कुछ अन्य अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रशासन से भी स्कूल वाहनों की नियमित जांच और नियमों के सख्त पालन की मांग उठी है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार सुबह 8.45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश में निधन हो गया। हादसे में पवार के सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर समेत 5 लोगों की जान चली गई। इनमें से कैप्टन सांभवी पाठक मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली थीं। फिलहाल, सांभवी का परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया है। ग्वालियर में शांभवी की दादी मीरा पाठक बसंत विहार के मकान नंबर डी-61 में रहती हैं। शांभवी ने आज सुबह साढ़े 6 बजे ही दादी को मैसेज किया था। उन्होंने लिखा था- हाय, गुड मॉर्निंग दादा। दादी मीरा ने जवाब में लिखा- गुड मॉर्निंग, चीनी। अब वे यही मैसेज देख-देखकर अपनी पोती को याद करके रो रही हैं। दादी बोली- नहीं जानती थी कि यह आखिरी मैसेज हैदैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए दादी मीरा पाठक ने कहा- शांभवी को घर में सभी चीनी कहते हैं। वह मुझे कभी मैसेज नहीं करती थी। पता नहीं, आज कैसे उसे याद आ गई। मैं नहीं जानती थी कि यह उसका अपनी दादी को आखिरी मैसेज है। सुबह 9 बजे शांभवी के पिता विक्रम का फोन आया था। वह रो रहा था। मैंने प्लेन क्रैश की खबर सुनी थी। मैं समझ गई कि कुछ गड़बड़ है। विक्रम ने बाद में कॉल करता हूं, कहकर फोन कट कर दिया। करीब दो घंटे बाद ही विमान हादसे में शांभवी की मौत की खबर आ गई। ज्योतिषी ने कहा था कि नाम रोशन करेगीमीरा पाठक ने बताया- सांभवी मेरे दिल के सबसे करीब थी। काम की व्यस्तता की वजह से बात कम होती थी लेकिन जब भी होती थी, लंबी होती थी। वह प्यार से मुझे दादी की बजाय ‘दादा' कहकर पुकारती थी। वह कहती थी कि दादाजी के चले जाने के बाद आप ही मेरे दादा हो। मीरा ने बताया- उसकी कुंडली बनवाते वक्त ज्योतिषी ने बताया था कि आपकी बिटिया साल 2026-27 में ऐसा नाम रोशन करेगी कि पूरे देश में आपकी पहचान बन जाएगी। पर पता नहीं था कि वह साल 2026 की 28 जनवरी को इस तरह नाम रोशन कर सभी को छोड़कर चली जाएगी। देखें, सांभवी की तस्वीरें… पिता और दादा एयरफोर्स में रहेदादी मीरा पाठक ने कहा- शांभवी बचपन से ही मेधावी थी। उसे उड़ान का जुनून अपने दादा श्रीकिशन पाठक और पिता विक्रम पाठक से मिला है। दादा एयरफोर्स में विंग कमांडर के पद से रिटायर्ड हुए थे, जबकि पिता एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन रह चुके हैं। यही कारण है कि वह एविएशन फील्ड में ही जाना चाहती थी। मीरा ने बताया कि सांभवी पिता, मां और भाई वरुण के साथ दिल्ली में ही रहते थी। ये खबर भी पढ़ें… महिला कैप्टन के आखिरी शब्द थे- ओह शिट... ओह शिट महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया। क्रैश से पहले प्लेन के मेन पायलट सुमित कपूर ने मेडे कॉल नहीं किया था, लेकिन उनके साथ मौजूद कैप्टन सांभवी पाठक के आखिरी शब्द थे- ओह शिट...ओह शिट। यह जानकारी बारामती के एक फ्लाइंग स्कूल के एक सोर्स ने भास्कर को दी। पढ़ें पूरी खबर…
शिवपुरी के दिव्यांग को मिली पहली ट्राइसाइकिल:विपक्ष की पहल के बाद अब सिंधिया की अनुशंसा पर दूसरी
शिवपुरी के दिव्यांग अशफाक खान इन दिनों चर्चा में हैं। दो वर्षों तक बैटरी चालित ट्राइसाइकिल के लिए भटकने के बाद, उन्हें अब दो ट्राइसाइकिल मिलने जा रही हैं। एक विपक्ष की पहल पर मिली है, जबकि दूसरी सत्ता पक्ष की अनुशंसा पर स्वीकृत हुई है। कुछ समय पहले शिवपुरी की जनसुनवाई में अशफाक खान ने बैटरी चालित ट्राइसाइकिल की मांग को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने प्रशासन पर दो साल से टालमटोल और सुनवाई न करने का आरोप लगाया था। स्थिति इतनी बढ़ गई थी कि कर्मचारियों को उन्हें जनसुनवाई कक्ष से बाहर ले जाना पड़ा था। अशफाक ने कलेक्टर को हटाने की भी मांग की थी। प्रशासनिक प्रतिक्रिया से निराश अशफाक को पहली ट्राइसाइकिल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार की पहल पर मिली। ग्वालियर के विधायक सतीश सिकरवार ने यह ट्राइसाइकिल भिजवाई थी, जिसे कांग्रेस नेताओं ने अशफाक के घर जाकर सौंपा। यह मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ। अब केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की अनुशंसा पर अशफाक को एक और बैटरी चालित ई-ट्राइसाइकिल मिलने वाली है। सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत इसके लिए 60 हजार रुपये की प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। इस प्रकार, जिस अशफाक को दो साल तक एक बैटरी ट्राइसाइकिल के लिए संघर्ष करना पड़ा, उन्हें अब दो बैटरी चालित ट्राइसाइकिल मिलेंगी। एक ट्राइसाइकिल जनप्रतिनिधियों की पहल पर मिली है, जबकि दूसरी सरकारी योजना के तहत प्राप्त होगी। यह घटनाक्रम शिवपुरी में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज को हाईकोर्ट से राहत:कलेक्टर के आदेश पर रोक, छह सप्ताह बाद होगी सुनवाई
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज को बड़ी राहत दी है। न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की एकलपीठ ने कलेक्टर द्वारा पारित आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। कॉलेज की ओर से दायर याचिका में तर्क दिया गया कि कलेक्टर ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश पारित किया है। याचिकाकर्ता के अनुसार कॉलेज मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 181 और 182 के तहत ‘भूमिस्वामी’ नहीं है, इसके बावजूद कलेक्टर ने कार्यवाही कर आदेश जारी कर दिया, जो कानूनन गलत है। आदेश की तारीख को लेकर भी विवाद हाईकोर्ट के समक्ष यह भी तथ्य सामने आया कि कलेक्टर के समक्ष मामला 23 जनवरी 2026 को अंतिम आदेश के लिए तय था, लेकिन उससे पहले ही 12 जनवरी 2026 को आदेश पारित कर दिया गया। वहीं, इसी बीच अतिरिक्त आयुक्त द्वारा 19 जनवरी 2026 को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश भी दिए जा चुके थे। याचिका में आरोप लगाया गया कि इन आदेशों को निष्प्रभावी करने के लिए कलेक्टर का आदेश एंटी-डेटेड हो सकता है। वैकल्पिक अपील की दलील खारिज राज्य सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता के पास वैकल्पिक अपील का उपाय उपलब्ध है, लेकिन कोर्ट ने माना कि मामला अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) से जुड़ा हुआ है, ऐसे में याचिकाकर्ता को वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अगली सुनवाई तक आदेश पर रोक हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के पक्ष में मामला बनता पाया और निर्देश दिए कि कलेक्टर का 12 जनवरी 2026 का आदेश अगली सुनवाई तक प्रभावी नहीं रहेगा। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत कॉलेज प्रबंधन ने कलेक्टर की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस को पहले हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि कलेक्टर का पत्र केवल नोटिस है, अंतिम आदेश नहीं। प्रबंधन को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। इसके बाद प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां याचिका खारिज करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि कलेक्टर कानून के अनुसार निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह तय हो गया था कि अंतिम फैसला कलेक्टर ही लेंगे।

