छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल शनिवार को रायपुर सेंट्रल जेल से करीब 170 दिन बाद रिहा हो गए। दैनिक भास्कर से चैतन्य बघेल ने कहा कि बदले की कार्रवाई की गई है। राजनीति द्वेष में कार्रवाई की गई है। वहीं दैनिक भास्कर से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से ED, IT और EOW का दुरुपयोग किया गया, वह आज उजागर हो गया है। केंद्र और राज्य सरकार की जांच एजेंसियों का राजनीतिक उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया। बघेल ने कहा कि उनके बेटे की गिरफ्तारी एक साजिश के तहत की गई थी। उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। चैतन्य की रिहाई उसके बेटे के जन्मदिन के दिन हुई, जबकि ED ने चैतन्य के जन्मदिन पर गिरफ्तारी कर खुशी में खलल डालने की कोशिश की थी। आज का दिन उनके लिए बेहद खुशी का है। चैतन्य की रिहाई से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए... भूपेश बघेल बोले- सत्य की जीत हुई बेटे चैतन्य को जमानत मिलने पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। सत्य परेशान हो सकता है। पराजित नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से ED, IT और EOW का दुरुपयोग किया गया, वह आज उजागर हो गया है। समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई। वहीं चैतन्य के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि जबरन सबूत बनाकर चैतन्य की गिरफ्तारी की गई। उन्हें EOW में 2 लाख और ED में 1 लाख के मुचलके पर जमानत मिली है। चैतन्य बघेल की संलिप्तता और लाभ का कोई प्रमाण नहीं है कि घोटाले के पैसे से उन्हें मुनाफा हुआ हो। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी है। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में हुई थी गिरफ्तारी दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB/EOW) की ओर से दर्ज केसों में मिली है। ED ने चैतन्य को पिछले साल जुलाई में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था, जबकि भ्रष्टाचार के मामले में सितंबर में ACB ने उन्हें तब गिरफ्तार किया जब वे पहले से ही जेल में थे। जांच एजेंसियों के अनुसार यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल इस पूरे शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे। उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपए का लेन-देन व्यक्तिगत रूप से संभाला। इसके अलावा ACB का दावा है कि चैतन्य बघेल को हिस्से के तौर पर 200 से 250 करोड़ रुपए मिले और इस पूरे घोटाले की कुल रकम 3,200 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। हाईकोर्ट ने DGP को लगाई फटकार शराब घोटाला केस में हाईकोर्ट ने सह-आरोपी लक्ष्मी नारायण बंसल को अरेस्ट नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को भागने का मौका दिया, जिसके खिलाफ पहले से ही परमानेंट वारंट जारी था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बजाय केवल उसका बयान दर्ज किया और उसे जाने दिया, जिसके बाद वह फरार हो गया। कोर्ट ने इसे कानून का गंभीर उल्लंघन (Grave violation of law) माना है। साथ ही राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को आदेश दिया है कि वह व्यक्तिगत रूप से इस मामले को देखें। उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। 'चुनिंदा कार्रवाई' की नीति अपनाई हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने सह-आरोपी लक्ष्मी नारायण बंसल के बयान पर भरोसा तो किया, लेकिन जब वही आरोपी पुलिस के सामने था और उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी मौजूद था, तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया? उसे खुलेआम घूमने की अनुमति देना यह दर्शाता है कि जांच पारदर्शी नहीं है। कानून का ऐसा 'चुनिंदा इस्तेमाल' न्याय व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है। अब जानिए चैतन्य बघेल तक कैसे पहुंची ED ? प्रवर्तन निदेशालय (ED) के वकील सौरभ पाण्डेय ने बताया था कि शराब घोटाले का जो इन्वेस्टिगेशन चल रहा था उसमें एविडेंस मिले हैं, जिसमें चैतन्य बघेल ने बहुत सारे पैसे को लेयरिंग की है। 1000 करोड़ का लेनदेन किया है। पप्पू बंसल ने अपने बयान में खुलासा किया है। शराब के घोटालों के पैसों को चैनलाइज्ड करके चैतन्य बघेल तक पहुंचाया जाता था। लिकर स्कैम का पैसा अनवर ढेबर के जरिए दीपेंद्र चावड़ा फिर वह पैसा केके श्रीवास्तव और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल औ उसके बाद चैतन्य बघेल के पास यह पैसा पहुंचता था। सौरभ पाण्डेय ने बताया था कि शराब घोटाले में जिन लोगों का इन्वॉल्वमेंट है उन लोगों के आपस में कनेक्शन है। अनवर ढेबर से मोबाइल चैट और रिकॉर्डिंग मिली है। चैतन्य बघेल तक पैसा पहुंचाया गया है। पूर्व सीएम के बेटे इसलिए हुई गिरफ्तारी- चैतन्य के वकील बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया था कि पप्पू बंसल के बयान को आधार मानते हुए चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी की गई है जो सही नहीं है। पप्पू बंसल के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट है और वह बाहर घूम रहे हैं। किसके दबाव में उन्होंने इस तरह का बयान दिया है यह आप समझ सकते हैं। रिजवी ने कहा था कि 2022 से शराब घोटाले मामले में जांच चल रही है, और आज चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी तक एक भी समन चैतन्य बघेल को नहीं दिया गया है। मार्च में जब उनके घर में रेड की गई थी तब उनके सभी डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए थे। जो डॉक्यूमेंट एजेंसी ने मांगी थी, उन्हें सभी डॉक्यूमेंट को चैतन्य के जरिए दिया गया है। वकील ने कहा था कि ED की जांच में चैतन्य बघेल ने लगातार सपोर्ट किया है, जांच में भी शामिल हुए हैं लेकिन एक बार भी उनका बयान नहीं लिया गया। सीधे उनकी अरेस्टिंग की गई है। कानून को ताक पर रखकर चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया गया है, उनका अपराध सिर्फ यही है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं। जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला ? छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। A, B और C कैटेगरी में बांटकर किया गया घोटाला A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन 2019 में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी 75 रुपए और बाद के सालों में 100 रुपए कमीशन लिया जाता था। कमीशन को देने में डिस्टलरी संचालकों को नुकसान ना हो, इसलिए नए टेंडर में शराब की कीमतों को बढ़ाया गया। साथ ही फर्म में सामान खरीदी करने के लिए ओवर बिलिंग करने की राहत दी गई। B: नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बिकवाना C: डिस्टलरीज के सप्लाई एरिया को कम/ज्यादा कर अवैध धन उगाही करना
सड़कों की भीड़भाड़ से बचाकर कच्चा और तैयार मॉल कंपनियों और बाजार तक पहुंचाने के लिए प्राधिकरण सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान (सीएलपी) तैयार कर रहा है। इस प्लान के लिए नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड में दो कंपनियों ने अपना प्रजेंटेशन दिया। इसमें एसपीए ( स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट) नई दिल्ली व आईआईटी, रुड़की है। प्रजेंटेशन के आधार पर किसी एक कंपनी का चयन करने को कहा गया। चयनित होने वाली कंपनी के साथ प्राधिकरण एमओयू करेगा। ये प्लान नोएडा की 10 हजार इंडस्ट्री को लेकर तैयार किया जाएगा। यह पहल ऐसे समय में की गई है जब शहर में तेजी से निवेश बढ़ रहा है और भविष्य में इस प्लान की कारोबारियों की जरूरत होगी। ताकि लॉजिस्टिक परिवहन में किसी प्रकार की अड़चन नहीं आए। ये प्लान एक सलाहकार कंपनी तैयार करेगी। इससे करीब 10 हजार से ज्यादा फैक्ट्रियों को फायदा होगा। इसके अलावा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कार्गो सेवा में इसका फायदा होगा।क्या होगी प्लानिंग इस प्लान के तहत उन सड़कों की पहचान की जाएगी, जिससे सबसे ज्यादा लॉजिस्टिक आता जाता है। वेयर हाउस, बाज़ार और इंडस्ट्री जोन का एक मैप तैयार किया जाएगा। लॉजिस्टिक लाने ले जाने के लिए ट्रक आवाजाही , बेहतर पार्किंग और लोडिंग-अनलोडिंग सुविधाओं जैसे उपाय सुझाए जाएंगे। अभी नहीं है कोई प्लानवर्तमान में नोएडा में ट्रकों की आवाजाही के लिए कोई मैनेजमेंट प्लान नहीं है। जिससे अक्सर भारी वाहन आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों में घुस जाते हैं। इससे यातायात जाम और लोगों को खासी दिक्कत होती है। सीएलपी नॉन पीक आवर में भारी वाहनों की आवाजाही को निर्धारित करके, लॉजिस्टिक गतिविधियों के लिए क्षेत्रों को चिह्नित करेगा। एनएलपी को अपनाकर बनेगा प्लाननोएडा नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी (एनएलपी) को अपनाकर ही शहर का सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान (सीएलपी) बनाएगी। इसके तहत माल ढुलाई भागीदारी समिति (एफपीसी) का गठन किया जाएगा। इन समितियों में सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत, लॉजिस्टिक्स प्रदाता और शैक्षणिक विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो सामूहिक रूप से अलग-अलग क्षेत्रों जैसे ई-कॉमर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिक्स के लिए विशेष कार्य योजनाएं बनाएंगे। नीयत यातायात से प्रदूषण होगा कमनए प्लान के तहत शहर के प्रमुख रास्तों पर लॉजिस्टिक एक नीयत ढंग से चलेगा। जिससे सड़कों पर वायु प्रदूषण कम होगा और यातायात जाम भी नहीं होगा। प्लान तैयार करने के बाद प्राधिकरण इसे नोएडा में लागू करेगा।
कानपुर में शीतलहर आमजन की कंपकपी छुड़ा रही है। दिन में धूप न निकलने से दिन में भी गलन का एहसास हो रहा है। शनिवार को लगातार दूसरे दिन धूप न निकलने से मौसम ठंडा रहा। दिन के समय चली बर्फीली हवाओं ने आमजन को बेहाल किया। सीएसए की ओर से जारी वेदर रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 4.6 डिग्री कम है। हालांकि सुबह के समय कोहरा न होने के चलते विजिबिलिटी सामान्य रही। बादलों ने बढ़ाया रात का तापमान जहां एक ओर दिन में ठंड महसूस की जा रही है। वहीं, रात का तापमान सामान्य से बढ़ा रहा। न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 2.2 डिग्री ज्यादा है। हालांकि दिन का तापमान कम होने के चलते लोगों को सर्दी महसूस ज्यादा हो रही है। बादल छाए रहने के कारण रात का तापमान बढ़ रहा है। कोहरे व सर्द हवाएं बढ़ाएंगी ठंड मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि बादल छाए रहने के कारण रात का तापमान बढ़ा रहा है। आगे आने वाले दिनों में सुबह, शाम व रात कोहरा व धुंध रहेगा। लेकिन दिन में धूप निकलने से ठंड से राहत मिलेगी। उत्तर पश्चिमी सर्द हवाएं कानपुर मंडल में अपना असर दिखाएंगी, जिसमें शीतलहर व गलन वाली ठंडक रहेगी। रात के तापमान गिर सकते हैं। दिन का तापमान धूप निकलने से बढ़ सकते हैं। ट्रेनें भी घंटों की देरी से पहुंची कोहरे का सीधा असर रेल परिवहन पर भी पड़ रहा है। शनिवार को 35 ट्रेनें तय समय से घंटों देरी से कानपुर सेंट्रल पहुंची। बनारस से चलकर नई दिल्ली जाने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस (22435) 1.23 घंटे देरी से कानपुुर सेंट्रल पहुंची। इसके अलावा नई दिल्ली से लखनऊ जाने वाली तेजस एक्सप्रेस (82502) 2.13 घंटे लेट रही। इनके अलावा राजधानी व हससफर ट्रेनें भी लेट रहीं।
गोरखपुर में शनिवार को नगर आयुक्त ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में लगने वाले खिचड़ी मेले की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने गोरखनाथ ओवरब्रिज से गोरखनाथ मंदिर तक डिवाइडर पर लगी रेलिंग को पेंट कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही धर्मशाला ओवरब्रिज के सभी पिलरों और यातायात तिराहे से धर्मशाला तक तथा धर्मशाला से गोरखनाथ ओवरब्रिज तक रेलवे साइड वॉल पर स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी वॉल पेंटिंग कराने को कहा।जीरो वेस्ट और प्लास्टिक फ्री खिचड़ी मेले पर जोरनगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि मेले को पूरी तरह जीरो वेस्ट और प्लास्टिक फ्री बनाया जाए। इसके लिए पूरे मेला परिसर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत जीरो वेस्ट खिचड़ी मेला और प्लास्टिक फ्री खिचड़ी मेले से जुड़े बैनर और फ्लेक्स लगाए जाएं।उन्होंने यह भी कहा कि खिचड़ी मेले के दौरान पूरे परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। मेले में लगने वाली सभी दुकानों पर डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा। कोई भी दुकान बिना डस्टबिन के नहीं लगाई जाएगी।जागरूकता अभियान चलेगा दिन-रातनगर आयुक्त ने बताया कि मेले में आने वाले लोगों को जीरो वेस्ट खिचड़ी मेले के प्रति जागरूक करने के लिए IEC टीम के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान चार से पांच दिनों तक लगातार चलेगा और दिन व रात दोनों समय लोगों को जागरूक किया जाएगा।मेला परिसर की होगी आकर्षक सजावटनिरीक्षण के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि मेला परिसर में रोशनी की सुंदर सजावट की जाए। इसके साथ ही कपड़ों, रंग-बिरंगी पतंगों, घंटियों और स्वास्तिक जैसे सजावटी सामानों से परिसर को सजाया जाए, ताकि मेले का माहौल और अधिक आकर्षक बने।निरीक्षण के दौरान सहायक नगर आयुक्त और जोनल अधिकारी अविनाश प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता अमरनाथ, सहायक अभियंता पथ प्रकाश मोहित गुप्ता, अवर अभियंता अवनीश भारती, सफाई निरीक्षक श्रवण कुमार सोनकर सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रयागराज के माघ मेले में 5 लाख से ज्यादा कल्पवासी कर रहे हैं। जिले के CMO डॉ. एके तिवारी ने भी पहली बार माघ मेले में कल्पवासी बने हैं। वह अपने शिविर में बकायदा पूजन अर्चन कर रहे हैं और यहां स्वास्थ्य सेवाओं की खुद मानिटरिंग कर रहे हैं। वह माघ मेले में दिन रात यहीं पर रह रहे हैं। पत्नी के साथ वह पूरे विधि विधान से कल्पवास करते हैं और फिर पूरी टीम के साथ मेला क्षेत्र में बने अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य संबंधित कार्यों की भी मानिटरिंग कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि वर्षों से संगम पर लगने वाले विभिन्न माघ मेला व कुंभ-महाकुंभ में ड्यूटी करते आ रहे हैं। लेकिन इस बार वह खुद कल्पवास कर रहे हैं। मेला सकुशल संपन्न हो, यह भी कामना करने के लिए यह कल्पवास है। उन्होंने कहा, यदि कोई जरूरी कार्य की वजह से शहर के आफिस जाना पड़ा तो जाऊंगा वरना रात्रि में यहीं शिविर में प्रवास करूंगा। मां गंगा की आराधना के साथ-साथ अपने कार्याें का निर्वहन करता रहूंगा। जानिए, क्या है कल्पवास का महत्व पद्य पुराण और मत्स्य पुराण में कल्पवास के बारे में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि माघ महीने में सभी देवी-देवता संगम तट पर निवास करते हैं। ऐसे यहां रहकर पूजा अर्चना करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। इसके लिए कल्पवासी 2 से 3 बार गंगा स्नान करते हैं और शिविर में ही पूजा पाठ करते हैं। अपने शिविर में अखंड दीप जलाए रखते हैं।
झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेने वाली सेंट्रल जीएसटी की डिप्टी कमिश्नर (IRS अफसर) प्रभा भंडारी समेत 3 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया। डिप्टी कमिश्नर पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कार्रवाई की, जबकि कानपुर कमिश्नर रोशन लाल ने सुपरिडेंटेंड अनिल तिवारी और अजय शर्मा को सस्पेंड कर दिया। तीनों अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई। तीनों अफसरों ने जय दुर्गा हार्डवेयर एवं जय अंबे प्लाईवुड पर छापा मारा था। दोनों फर्मों के मालिकों को टैक्स चोरी के एवज में 23 करोड़ रुपए सरकारी खजाने में जमा करने थे। मगर तीनों आरोपी डेढ़ करोड की रिश्वत लेकर 23 करोड़ की रकम को घटाकर 50 लाख रुपए करने वाले थे। सीबीआई ने 30 दिसंबर को 70 लाख की घूस लेते सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उनके साथ दुर्गा हार्डवेयर फर्म के मालिक राजू मंगनानी और वकील नरेश को भी अरेस्ट किया गया था। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को गिरफ्तार किया था। 23 करोड़ रुपए टैक्स बन रहा था 18 दिसंबर को डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के नेतृत्व में सेंट्रल जीएसटी टीम ने झोकनबाग स्थित जय दुर्गा हार्डवेयर एवं जय अंबे प्लाईवुड पर छापा मारा था। इस दौरान भारी मात्रा में अघोषित माल और करोड़ों रुपए के कच्चे बिल पकड़े गए थे। सेंट्रल जीएसटी टीम की गणना में 13 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी पाई गई। नियम के अनुसार 50 प्रतिशत पेनाल्टी और 5 साल के ब्याज के साथ टैक्स वसूला जाना था। इस हिसाब से कारोबारी को 23 करोड़ रुपए जमा करने थे। बचने के लिए कारोबारियों ने वकील नरेश से संपर्क किया। नरेश ने अनिल और अजय से बात की। दाेनों ने 23 करोड़ की भारी भरकम राशि कम कराने की एवज में दो करोड़ की रिश्वत मांगी। फिर घटाकर डेढ़ करोड़ कर दी। राजू मंगतानी और लोकेश तोलानी की भी डिप्टी कमिश्नर से बात कराई। राजू मंगतानी ने डिप्टी कमिश्नर से पैसा कम करने को कहा तो वह तैयार नहीं हुई। इनकार करने पर दोनों कारोबारी 1.50 करोड़ देने पर सहमत हो गए थे। मगर सीबीआई ने पूरे मामले का भंडाफोड़ कर दिया। अनिल के साथ निवारक दस्ते में शामिल निरीक्षक को भी हटाया घूसकांड के बाद सेंट्रल जीएसटी विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। झांसी डिवीजन निवारक दस्ते में अनिल तिवारी एवं अजय शर्मा के साथ तैनात निरीक्षक प्रशांत विश्वकर्मा को हटा दिया गया। उनको झांसी से कानपुर शाखा की रिव्यू ब्रांच में भेज दिया गया। यह साइड पोस्टिंग मानी जाती है। निरीक्षक नरेंद्र कुमार को हटाकर कानपुर मंडल भेजा गया है। दोनों के हटाए जाने के बाद से विभाग में खलबली मची है। 4 पॉइंट में समझिए पूरा मामला सीबीआई के ट्रैप की पूरी कहानी CBI की FIR में दो और कारोबारियों के नाम खुलासा होने के बाद सीबीआई ने लखनऊ में 7 नामजद और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, जीएसटी सुपरिटेंडेंट सिविल लाइन निवासी अनिल तिवारी और शिवाजी नगर निवासी अजय शर्मा, सिविल लाइंस निवासी वकील नरेश कुमार गुप्ता और मयूर विहार कॉलानी निवासी जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राजू मंगनानी अरेस्ट हो चुके हैं। इसके अलावा राजू का भाई तेजपाल मंगनानी और आवास विकास कॉलोनी-1 निवासी जय अंबे प्लाईवुड के मालिक लोकेश तोलानी को भी आरोपी बनाया गया है। पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई इंस्पेक्टर आशीष कुमार सिंह कर रहे हैं। सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर समेत दोनों सुपरिटेंडेंट की अकूत संपत्तियां खंगालना शुरू कर दिया है।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स
खाद्य सुरक्षा लैब का मामला:बाड़मेर सहित प्रदेश में 20 करोड़ से बनी 7 खाद्य सुरक्षा लैब 30 माह से बंद
प्रदेश में 20 करोड़ से बनी 7 खाद्य सुरक्षा लैब 30 माह से बंद पड़ी हैं। सभी में कारण स्टाफ और उपकरणों की कमी है। नतीजा यह है कि प्रदेश में खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच समय पर नहीं हो पा रही और इसी कारण मिलावटी सामग्री बाजार में धड़ल्ले से बिक रही है। इन सात में से एक लैब बाड़मेर शहर के लालाणियों की ढाणी में 1.19 करोड़ रुपए लागत से बनी हुई है, लेकिन यह भी 30 माह से बंद है। इसके उपकरणों पर करीब 1.80 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। लैब बंद होने से खाद्य पदार्थों के नमूने जोधपुर लैब भेजे जा रहे हैं। जोधपुर लैब में भी हर माह सैंपलों की जांच एक-एक माह बाद हो रही है। सरकार की ओर से 2020-21 में प्रदेश में एक साथ 7 लैब स्वीकृत की गई थीं। सभी बनकर तैयार हैं, लेकिन मैनपावर व उपकरणों की कमी से पिछले ढाई साल से बंद हैं। प्रदेश में बाड़मेर, भीलवाड़ा, सीकर, धौलपुर, श्रीगंगानगर, बारां और नागौर में लैब की बिल्डिंग बनने के साथ कुछ उपकरण पहुंच चुके हैं, लेकिन शुरू नहीं हुई हैं। वर्ष 2020-21 की लैब तो बंद ही हैं और सरकार ने 2025-26 में 7 और लैब की घोषणा की है। जोधपुर लैब पर आठ जिलों से पहुंच रहे सैंपल, ट्रेनी एनालिस्ट कर रहे हैं जांच प्रदेश में 11 लैब थीं। इनमें से चूरू व जालोर लैब बंद हैं। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर, भरतपुर, बांसवाड़ा व अलवर में सैंपलों की अधिकता के चलते करीब हर माह एक्सटेंशन लेटर निकाले जा रहे हैं। इन सभी लैबों पर भी केवल 40 फीसदी ही स्टाफ है। सबसे खस्ता हाल जोधपुर लैब के हैं। यहां 8 जिलो बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, फलोदी, सिरोही, पाली, जालोर व जोधपुर—के सैंपल पहुंच रहे हैं। ऐसे में जांच समय पर नहीं हो रही है। जोधपुर लैब में न तो फूड एनालिस्ट है और न ही लैब टेक्नीशियन। बांसवाड़ा लैब पर कार्यरत फूड एनालिस्ट को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। 3 ट्रेनी एनालिस्ट से काम चलाया जा रहा है। लैब पर 17 कार्मिक हैं, जिनमें 70 प्रतिशत अस्थायी हैं। प्रदेश पूरे में एक मुख्य खाद्य विश्लेषक और केवल 10 खाद्य विश्लेषक ही कार्यरत हैं। रिपोर्ट आने से पहले बिक गया सामान • 14 मार्च को गुरु कृपा किराणा स्टोर, सेड़वा से घी का सैंपल लिया गया। दूसरे दिन सैंपल जोधपुर लैब भेजा गया। रिपोर्ट में देरी हुई और दुकान से घी बिक गया। • 24 अप्रैल को बाड़मेर शहर के शास्त्रीनगर में एमडी प्रोडक्ट दुकान से बच्चों के खाने की पेप्सी (आइस लॉली) का संदेह के आधार पर सैंपल लिया गया, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही बिक गया। • पिछले साल मौखाब में हिंगलाज स्वीट एंड केटर्स से कलाकंद का सैंपल लिया गया। रिपोर्ट में सैंपल फेल रहा, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले पूरा बिक गया। • पिछले साल चौहटन में महादेव दूध डेयरी से पनीर का सैंपल लिया गया। रिपोर्ट आने से पहले पूरा बिक चुका था और जब रिपोर्ट आई तो सैंपल फेल निकला। प्रदेश में वर्ष 2020-21 में स्वीकृत लैब तैयार हैं। उपकरणों के लिए 1170 करोड़ रुपए आरएमएससीएल को ट्रांसफर किए गए हैं। 26 आइटम के टेंडर प्रोसेस में हैं। मैनपावर की प्रक्रिया भी प्रोसेस में है। जल्द भर्तियां निकाली जाएंगी। — डॉ. विजय प्रकाश शर्मा, संयुक्त आयुक्त, औषधि नियंत्रण, जयपुर
जोधपुर में वकीलों ने हाईकोर्ट प्रशासन के नए फैसलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हाईकोर्ट में महीने के दो शनिवार को वर्किंग-डे घोषित करने और नाइट कोर्ट (रात्रिकालीन अदालत) शुरू करने के विरोध में वकील 5 जनवरी, सोमवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करेंगे। यह फैसला शनिवार को जोधपुर के दोनों प्रमुख वकील संगठनों की संयुक्त बैठक में लिया गया। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन की संयुक्त बैठक शनिवार को आयोजित की गई। इसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि हाईकोर्ट प्रशासन के फैसलों के विरोध स्वरूप वकील 5 जनवरी को जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट मुख्यपीठ समेत सभी अधीनस्थ न्यायालयों में न्यायिक कार्यों में स्वेच्छा से उपस्थिति नहीं देंगे। मांग: अदालतों में भी हो 5 दिन का सप्ताह बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि राजस्थान में अधीनस्थ न्यायालयों में सप्ताह में 5 कार्यदिवस होने चाहिए। उनका कहना था कि जिला मुख्यालयों पर रेवेन्यू कोर्ट, एडीएम और एसडीएम सहित राज्य सरकार के अन्य अधिकरण सप्ताह में 5 दिन ही काम करते हैं, इसलिए अधीनस्थ न्यायालयों में भी यही व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इसके अलावा, वकीलों ने रात्रिकालीन अदालतों के संचालन के निर्णय का भी कड़ा विरोध किया है। जयपुर जाकर एक्टिंग सीजे से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल विरोध के साथ ही वकीलों ने बातचीत का रास्ता भी खुला रखा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि दोनों एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर जाएगा और वहां राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर अपनी बात रखेगा। इस वार्ता के बाद ही आंदोलन की आगामी रूपरेखा तय की जाएगी। वकीलों को निर्देश: अपने स्तर पर कार्यवाही न करें एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी वकील या सदस्य अपने स्तर पर किसी प्रकार की कार्यवाही न करे। यदि कोई दुविधा हो, तो एसोसिएशन के पदाधिकारियों से संपर्क करें ताकि गरिमा बनी रहे। बैठक में राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रणजीत जोशी, राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत और निवर्तमान अध्यक्ष आनंद पुरोहित सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। कांग्रेस कार्यकर्ता में ऐसा जोश कि होश ही नहींइंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस प्रदेशभर में सरकार और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। इस दौरान कार्यकर्ताओं का जोश हाई नजर आ रहा है। इसी जोश में कार्यकर्ता जोखिम भी ले रहे हैं। ऐसी ही तस्वीर गुना में नजर आई। जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री विजयवर्गीय का पुतला जलाया। इस दौरान एक कार्यकर्ता के मफलर में आग लग गई। उसे ये होश ही नहीं रहा कि उसका मफलर जल रहा है। वह इसी हालत में प्रदर्शन करता रहा। हालांकि बाद में उसके साथी ने आग बुझाई। वहीं एक कार्यकर्ता की पेंट खिसकती नजर आ रही है। वह पेंट को संभाल रहा है और प्रदर्शन भी कर रहा है। इस वीडियो को देखकर लोग तंज कर रहे हैं कि कांग्रेस कार्यकर्ता भी जोश और उत्साह से लबरेज हैं। दिग्विजय सिंह खामो खां भाजपा और संघ के संगठन की तारीफ कर रहे हैं। पटवारी बोले- हमारा संगठन भाजपा से मजबूतमध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा मजबूत है। कांग्रेस का संगठन भाजपा से भी मजबूत है। बस इसे लाइनअप करने की जरूरत है। जीतू पटवारी के इस बयान को दिग्विजय सिंह के उस बयान का जवाब माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने भाजपा और संघ के संगठन की तारीफ की थी। जीतू पटवारी से सवाल भी दिग्विजय के उसी बयान को लेकर किया गया था। वैसे कांग्रेस संगठन को लाइनअप करने के लिए पटवारी जमीन पर उतर आए हैं। गांव-गांव, पंचायत-पंचायत तक दौड़ लगा रहे हैं। जमीनी स्तर पर संगठन बना रहे हैं। चौपाल लगाकर कार्यकर्ताओं के बीच बैठकर खुद नियुक्तियां कर रहे हैं। खरी बात ये है कि अभी तो पटवारी अकेले मैदान में नजर आ रहे हैं। पूरी टीम मैदान में उतरे तो कुछ बात बने। लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस गुटबाजी में बुरी तरह फंसी है। जिसे एक करने के लिए पटवारी को खूब पापड़ बेलने पड़ेंगे। दिग्विजय सिंह की बात पर पं. प्रदीप मिश्रा की मुहरकथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तुलना भगवान शिव से कर दी है। राजधानी भोपाल में संघ के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि शिव भी विष पीते हैं और राष्ट्र की रक्षा करते हैं, संघ भी विष पिता है और राष्ट्र की रक्षा में लगा हुआ है। अब पंडित प्रदीप मिश्रा के इस बयान से कोई खुश हो न हो, दिग्विजय सिंह खुश हो सकते हैं। क्योंकि उन्होंने हाल ही में भाजपा और संघ के संगठन की तारीफ की थी। अब पंडित प्रदीप मिश्रा ने उनकी बात पर मुहर जो लगा दी है। कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों पर चढ़ा धुरंधर का नशाफिल्म 'धुरंधर' का एक गाना सोशल मीडिया पर खूब छाया हुआ है। लोग इस गाने पर अक्षय खन्ना की स्टाइल में डांस कर वीडियो बना रहे हैं और सोशल मीडिया पोस्ट कर रहे हैं।सरकार कर्मचारी भी पीछे नहीं हैं। छिंदवाड़ा में कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने भी इस गाने पर डांस करते हुए रील बनाई। एक साथ 34 कर्मचारी इस गाने पर थिरके। बताया जा रहा है कि यह रील नए साल के मौके पर एक-दूसरे को बधाई देने के दौरान बनाई गई थी। इसका वीडियो सामने आने के बाद लोग इस पर सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या सरकारी दफ्तर के परिसर इस तरह की रील और मनोरंजन के लिए सही जगह है। शराब के नशे में युवक ने की सांड की सवारी ग्वालियर में एक अनोखा वीडियो सामने आया है। जिसमें शराब के नशे में चूर एक युवक सांड के ऊपर बैठ गया। वो काफी देर तक सांड की पीठ पर बैठा रहा और वहीं पर स्मोकिंग भी की। युवक काफी देर से सांड के ऊपर चढ़ने की कोशिश कर रहा था। लेकिन सांड उसे बैठने नहीं दे रहा था। जिसके बाद शराबी युवक ने सांड के हाथ जोड़े, उसके पैर छूए और उसके सिर पर सिर रख दिया। मानो वह सांड से मिन्नतें कर रहा हो। और आखिरकार वह सांड के ऊपर बैठ ही गया। ये वीडियो देखकर लोग कह रहे हैं कि शराब गले में उतरती है तो फिर होश कहां रहता है, आदमी बाहुबली बन जाता है। सुरूर है सुरूर..। युवक शराब के नशे में था। ये वीडियो देखकर ऐसा करने की कोशिश न करें। ये खतरनाक भी हो सकता है। ये भी पढ़ें - सीएम ने बीच में रोका भाजपा विधायक का भाषण: मंच पर बदली मुख्यमंत्री की कुर्सी सीएम मोहन यादव ने मंच पर भाजपा विधायक का भाषण रोक दिया। सीएम उज्जैन के खाचरोद पहुंचे थे। वे जल्दी में थे, उन्हें जबलपुर जाना था। लेकिन मंच पर संबोधित कर रहे नागदा-खाचरोद विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान बोलते ही जा रहे थे। रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। पूरी खबर पढ़ें
नमस्कार, कानपुर में कल (शनिवार) की बड़ी खबरें…अगले दो दिन में कड़ाके की ठंड की चेतावनी जारी की गई है। नगर निगम में मेयर और पार्षदों के बीच का विवाद सरकार तक पहुंच गया है।। गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत हो गई। BAMS के एक स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। डिप्रेशन में था चित्रकूट का रहने वाला छात्र। सपा सांसद डिंपल यादव और उनकी बेटी की फेक तस्वीरें वायरल की गईं। एफआईआर दर्ज की गई है। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…।
विदेश से MBBS की डिग्री लेकर फर्जी रजिस्ट्रेशन से राजस्थान में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सबसे बड़ी जांच शुरू कर दी है। दैनिक भास्कर को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, इस समय प्रदेश के 8 हजार से ज्यादा डॉक्टर एसओजी के रडार पर हैं। इस फर्जीवाड़े में शामिल और डॉक्टरों को परमिशन देने वाली संस्था राजस्थान मेडिकल काउंसिल के कई अफसर शक के दायरे में हैं। करीब एक माह पहले SOG ने तीन डॉक्टरों को पकड़ा था। तीनों विदेश से मेडिकल डिग्री लेकर आए थे और फर्जी मेडिकल रजिस्ट्रेशन करा सरकारी हॉस्पिटल्स में प्रैक्टिस कर रहे थे। इनसे पूछताछ में SOG को बड़े स्तर पर नेक्सस का पता चला है। इसके बाद एसओजी डॉक्टरों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए कैसे विदेशों से डिग्रियां हासिल कर यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है.... सबसे पहले जानते हैं, कैसे खुला फर्जी FMGE डॉक्टरों का मामला?4 दिसंबर 2025 को एसओजी ने फर्जी प्रमाण से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने वाले 3 डॉक्टरों डॉ. पियूष कुमार त्रिवेदी, डॉ. देवेंद्र गुर्जर और डॉ. शुभम गुर्जर को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि तीनों ने विदेश से मेडिकल की पढ़ाई तो की, लेकिन भारत में अनिवार्य Foreign Medical Graduate Examination (FMGE) में फेल हो गए थे। इसके बाद 16-16 लाख रुपए देकर फर्जी FMGE सर्टिफिकेट हासिल किए। इसके आधार पर नेशनल मेडिकल काउंसिल से इंटर्नशिप की अनुमति ली गई। इसके बाद डॉ. पियूष ने करौली के राजकीय मेडिकल कॉलेज, शुभम गुर्जर ने राजीव गांधी हॉस्पिटल, अलवर और देवेंद्र गुर्जर ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, दौसा में इंटर्नशिप पूरी की। SOG को मिलीं शिकायतेंतीन गिरफ्तारियों के बाद एसओजी को अलग-अलग शिकायतों में बड़ी संख्या में संदिग्ध नाम मिले। एसओजी को मिली शिकायतों में ऐसे डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं जिन्होंने किर्गिस्तान, जॉर्जिया, चीन और बांग्लादेश जैसे देशों से एमबीबीएस की डिग्री ली। बताया जा रहा है कि इनमें से कई डॉक्टर या तो घर पर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं या फिर बड़े प्राइवेट और सरकारी हॉस्पिटलों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में एसओजी ने विदेश से डिग्री करने के बाद FMGE का सर्टिफिकेट हासिल करने वाले, इंटर्नशिप और प्रैक्टिस करने वाले करीब 8000 डॉक्टरों का डेटा मंगवाया है। डॉक्टर्स के डाक्यूमेंट्स, रजिस्ट्रेशन और FMGE प्रमाण पत्रों का क्रॉस-वेरिफिकेशन का काम तेजी से चल रहा है। FMGE सर्टिफिकेट की वैधता की जांच, NBE और विदेशी यूनिवर्सिटी से संपर्कएसओजी ने विदेश से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों के एफएमजीई सर्टिफिकेट की जांच के लिए दिल्ली स्थित नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) को पत्र लिखा है। इसके जरिए संबंधित अभ्यर्थियों का पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है। इतना ही नहीं, जॉर्जिया की मेडिकल यूनिवर्सिटी से भी संपर्क किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एमबीबीएस की डिग्री भी कहीं फर्जी तो नहीं है। मेडिकल काउंसिल के अधिकारी भी रडार परप्रदेश में कहीं भी प्रैक्टिस के लिए डॉक्टरों को राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMS) में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होता है। अगर किसी मेडिकल स्टूडेंट ने विदेश से डिग्री ली है तो उसके पास एफएमजीई पास करने का सर्टिफिकेट होना चाहिए। उस सर्टिफिकेट की वैद्यता जांचने के बाद राजस्थान मेडिकल काउंसिल इंटर्नशिप की परमिशन जारी करती है। SOG की जांच में सामने आया है कि एफएमजीई के फर्जी सर्टिफिकेट को ही अप्रूवल दिया गया था। यह बिना मिलीभगत के संभव नहीं है, क्योंकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान कई स्तर पर डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन होता है। राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन की प्रक्रिया क्या है? राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMS) डॉक्टरों के अस्थायी, स्थायी और अतिरिक्त योग्यता से जुड़े रजिस्ट्रेशन करती है। पूरी प्रोसेस ऑनलाइन होती है। लेकिन फिजिकल वेरिफिकेशन भी अनिवार्य होता है। मल्टी लेवल प्रोसेस के बावजूद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीयन होना कई सवाल खड़े करता है। एसओजी अब यह जांच कर रही है कि पंजीयन के प्रत्येक चरण में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या रही और किन परिस्थितियों में नियमों को नजरअंदाज किया गया। SOG के एडीजी बोले- फर्जी डॉक्यूमेंट पर कैसे दी गई परमिशन?एसओजी टीम राजस्थान मेडिकल काउंसिल से डेटा जुटा रही है। दिल्ली की उन एजेंसियों से भी संपर्क किया है, जो एफएमजीई जैसी परीक्षाएं कंडक्ट करती हैं। SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि फर्जी सर्टिफिकेट बनाना कोई बड़ी बात नहीं है। असली और गंभीर सवाल यह है कि ये सर्टिफिकेट बना कौन रहा था और इन्हें अथॉरिटी से अप्रूव कैसे करवाया जा रहा था? हम यह जांच कर रहे हैं कि फर्जी दस्तावेज किस तरह असली दस्तावेजों की तरह सिस्टम में स्वीकार किए गए? इतने लंबे समय तक किसी को इसकी भनक कैसे नहीं लगी? इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई या कहीं किसी की मिलीभगत तो नहीं रही। इसकी गहराई से जांच की जा रही है। राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. गिरधर गोयल से बातचीत सवाल: हाल ही में एसओजी ने तीन डॉक्टरों को पकड़ा था, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इंटर्नशिप कर रहे थे। उनका राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कैसे हुआ?जवाब: राजस्थान मेडिकल काउंसिल में तीनों डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। इन लोगों ने हमारे यहां रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल ही प्रोसेस में नहीं दी थी, इसलिए हमें इसकी जानकारी नहीं थी। सवाल: क्या बिना रजिस्ट्रेशन के इंटर्नशिप की जा सकती है?जवाब: इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया जा सकता है। इंटर्नशिप शुरू होने के बाद संबंधित डॉक्टर को मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराना होता है। सवाल: इंटर्नशिप शुरू होने के बाद कितने समय के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है?जवाब: जितना जल्दी हो सके, आमतौर पर एक महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर दिया जाता है। सवाल: लेकिन इन डॉक्टरों को तो इंटर्नशिप करते हुए काफी समय हो गया था?जवाब: यह मामला हमारी जानकारी में नहीं आ पाया था। सवाल: क्या राजस्थान मेडिकल काउंसिल के पास फर्जी तरीके से डॉक्टरी या इंटर्नशिप करने वालों का पता लगाने की व्यवस्था नहीं है?जवाब: हम इस तरह की बातों का ध्यान रखते हैं। लेकिन इस मामले में जानकारी सामने नहीं आ सकी। अब एसओजी जिस प्रकार का सहयोग चाहती है, हम पूरा कर रहे हैं। हमने अपना पूरा सिस्टम एसओजी के सामने खोल दिया है और कहा है कि वे इसमें से जो भी देखना चाहें, देख सकते हैं। यह पूरा डेटा सरकारी है। इसमें हमारा कोई व्यक्तिगत डेटा शामिल नहीं है। भारत में प्रैक्टिस के लिए जरूरी हैं ये 2 एग्जाम पास करनेएनएमसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार यूएसए, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, रूस, किर्गिस्तान, जॉर्जिया, चीन और बांग्लादेश जैसे कई देशों की एमबीबीएस डिग्री भारत में मान्य है, बशर्ते यूनिवर्सिटी WHO से मान्यता प्राप्त हो। लेकिन भारत में प्रैक्टिस करने के लिए आमतौर पर FMGE या NExT परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है। FMGE पासिंग परसेंटेज (उत्तीर्ण प्रतिशत) आमतौर पर 20-30% के बीच रहता है। 2024 में लगभग 25.8% और 2025 के जून सत्र में लगभग 18.61% रहा है। --- फर्जी डॉक्टर्स की यह खबर भी पढ़िए... SOG ने तीन फर्जी डॉक्टर्स को किया गिरफ्तार:विदेश में MBBS कर आए इंडिया, FMGE का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर की इंटर्नशिप स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने तीन फर्जी डॉक्टर्स को गिरफ्तार किया। तीनों डॉक्टर्स ने विदेश से एमबीबीएस कर FMGE का फर्जी सर्टिफिकेट लेकर इंडिया में इंटर्नशिप की। फिलहाल आरोपी डॉक्टर्स से एसओजी पूछताछ कर रही है। पढ़ें पूरी खबर...
बदायूं में हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार:मुठभेड़ में एक को गोली लगी, दूसरा ने किया सरेंडर
बदायूं में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या और उसके चाचा को घायल करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मुठभेड़ के बाद हुई, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी जबकि दूसरे ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उनके पास से दो तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले में नामजद चार अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। यह घटना 31 दिसंबर की दोपहर मुजरिया थाना क्षेत्र के अलीगंज और सगराय के बीच इस्माइलपुर मेमड़ी गांव के पास हुई थी। इस्माइलपुर मेमड़ी निवासी वीरेंद्र यादव अपने चाचा राजेंद्र यादव के साथ दवाई लेने जा रहे थे। तभी उनके गांव के ही सगे भाइयों विजय सिंह, धूम सिंह, धारा सिंह, धवल सिंह और धीर सिंह ने पिकअप और कार से उनकी बाइक को टक्कर मारकर गिरा दिया। इसके बाद आरोपियों ने वीरेंद्र पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जब चाचा राजेंद्र यादव ने बचाव का प्रयास किया, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इस हमले में वीरेंद्र यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चाचा घायल हो गए। शुरुआत में पुलिस ने इसे सड़क हादसा माना था, लेकिन परिवार ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या का आरोप लगाया। वीरेंद्र की पत्नी विमलेश की तहरीर पर पुलिस ने विजय सिंह, धूम सिंह, धारा सिंह, धवल सिंह और धीर सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। हत्या के आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि मुजरिया थाना क्षेत्र के वितरोई रोड से बगल नगला जाने वाले रास्ते पर दो संदिग्ध व्यक्ति किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। इस दौरान संदिग्धों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी धूम सिंह पुत्र नवाब सिंह के पैर में गोली लगी, जबकि आकाश पुत्र मटरू ने आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल धूम सिंह को सहसवान सीएचसी में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं।
संभल में लेखपाल सुभाष चंद्र से मारपीट के बाद ग्राम प्रधान पति गजराम सिंह के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत मातीपुर धकतोड़ा में मनरेगा समेत अन्य विकास कार्यों की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। लेखपाल की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर यह टीम गठित की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि गांव में बिना काम कराए ही भुगतान किया गया है और मनरेगा योजना के तहत मृत व्यक्तियों के नाम पर भी पैसे निकाले गए हैं। शनिवार को संभल के विकासखंड असमोली की ग्राम पंचायत मातीपुर धकतोड़ा में प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम पहुंची। इस टीम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) गोरखनाथ भट्ट, जिला विकास अधिकारी रामाशीष, जिला पंचायत राज अधिकारी चेतेंद्र पाल, एईआर ईडी रामगोपाल बंसल और एक लेखाकार शामिल थे। जांच के लिए टीम के तीन सदस्य ग्राम पंचायत पहुंचे। शिकायतकर्ता शेर सिंह ने टीम को उन कार्यों को दिखाया, जिनका भुगतान बिना काम किए ही कर दिया गया था। ऐसे तालाब भी टीम को दिखाए गए, जहां कोई काम न होने के बावजूद पैसे निकाल लिए गए थे। जांच टीम ने इन सभी स्थलों का गहन निरीक्षण किया। खंड विकास अधिकारी प्रेमपाल सिंह, सत्येंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, सचिव जेई आरईडी विपिन कुमार और एपीओ सुधांशु ने जांच प्रक्रिया में सहयोग किया। जांच पूरी होने के बाद टीम वापस लौट गई है और अब इसकी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट ने बताया कि ग्राम पंचायत मातीपुर में विकास कार्यों की जांच के लिए टीम गठित की गई थी। टीम ने गांव जाकर देर शाम तक जांच पड़ताल की। उन्होंने जानकारी दी कि अंतिम रिपोर्ट सोमवार तक पूरी हो जाएगी। कमेटी की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शहर की यातायात व्यवस्था बदहाली की पहचान बन चुकी है। सालों से ट्रैफिक सुधार के नाम पर बैठकों में योजनाएं बनती रहीं, फाइलें चलीं, लेकिन सड़कों पर हालात जस के तस हैं। हर साल ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और प्रशासन हमारे टैक्स के पैसों से नया प्लान पेश करते हैं। दावे होते हैं, लेकिन हकीकत में वही जाम। तिराहे-चौराहों पर जाम आमबात हो गई है। पुलिस की आंखों के सामने नियम टूट रहे हैं। ओवरस्पीडिंग, सिग्नल जंप और बेतरतीब ऑटो- ई-रिक्शा का आतंक रोजमर्रा की बात है। सड़कों पर गड्ढे हैं, फुटपाथ गायब हैं और अतिक्रमण खुलेआम बढ़ रहा है। यातायात पुलिस का फोकस सुधार नहीं, चालान के नाम पर वसूली पर है। निगम अतिक्रमण हटाने के बजाय मैनेजमेंट में जुटा है। प्रशासन सब जानता है, फिर भी खामोश है। जाम का कारण-14 लाख की आबादी, वाहन 8.40 लाख 14 लाख की आबादी वाले शहर में 8.40 लाख वाहन हैं। इनमें 1.54 लाख चार पहिया, 6 लाख से ज्यादा दो पहिया और करीब 25 हजार ऑटो, ई-रिशा और विक्रम हैं। जाम वाले 17 चौराहे: शहर में 125 चौक-चौराहों हैं। शाम को हर घंटे 1.20 लाख वाहन गुजरते हैं। शाम 6 से 7 बजे जाम चरम पर रहता है। बाड़े पर इस समय में हर घंटे 8,825, गोला का मंदिर चौराहे पर 8,251, हजीरा पर 4,512, नदी गेट पर 4,952, मेडिकल चौराहा 4,125 और शिंदे की छावनी 4,523 वाहन गुजरते हैं, जो रोज जाम झेलते हैं। जानिए किस विभाग की क्या जिम्मेदारी… और कौन निभा रहा है अपना काम, कौन नहीं नगर निगम: शहर की सड़कों दुरस्त करना, फुटपाथों का निर्माण, रोड मार्किंग, व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था की जिम्मेदारी है।हकीकत: सड़कों पर गड्डे हैं। फुटपाथ तो छोड़िए रोड पर हॉकर्स का कब्जा है। व्यवस्थत पार्किग नहीं है। आरटीओ: वाहनों के परमिट जारी करना, पंजीयन करना और लोक परिवहन के रूट तय करना मूल जिम्मेदारी है।हकीकत: बिना परमिट वाहनों पर कार्रवाई बंद है। नए रूट परमिट जारी नहीं हो रहे। यातायात पुलिस: शहर में 3 ट्रैफिक थानों को ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने और निगम के साथ मिलकर रोड से अतिक्रमण हटवाने की है।हकीकत: पुलिस का फोकस ट्रैफिक सुधार नहीं, बल्कि नियम तोड़ने वालों के चालान करने की है। पुलिस का साल 2026 में फिर सपनों का प्लान प्लान: वर्ष 2026 में पुलिस ने फिर बड़ी राहत के सपने दिखाए हैं। निगम -जिला प्रशासन के साथ ट्रैफिक सुधार योजना बनाई है। दावा-100 नए स्थानों पर 400 कैमरे लगेंगे। इससे रॉन्ग साइड, दोपहिया पर तीन सवारी पर कार्रवाई होगी। ई-रिक्शा-ऑटो के नए रूट तय होंगे। सड़क पर पार्किंग पर रोक लगेगी, संकरी रोड चौड़ी करेंगे, लेफ्ट टर्न फ्री होंगे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भारी वाहनों की एंट्री रोकी जाएगी। हकीकत: पहले भी यही प्लानयही प्लान 2025 में भी बना था। न दो शिफ्ट चलीं, न रूट तय हुए, न अतिक्रमण हटा। कैमरे लगे, घोषणाएं हुईं, बैठकें चलीं। जमीन पर कुछ नहीं बदला। आज भी जाम और अव्यवस्था कायम है। पुलिस के 575 और स्मार्ट सिटी के 442 कैमरे लगे हैं। इन कैमरों से आज तक ट्रैफिक नहीं सुधार पाया। अब फिर 100 कैमरे लगाकर ट्रैफिक सुधार का दावा है। ये हो सकते हैं समाधान पुलिस ने वर्ष 2025 में 2.83 करोड़ वसूले, फिर भी टूट रहे नियम : पुलिस ने वर्ष 2025 में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 61623 लोगों से 2.83 करोड़ रुपए चालान से वसूले, लेकिन सुधार के नाम पर कुछ नहीं किया। इसी का परिणाम है कि न वाहनों की रफ्तार कम हुई, न रॉन्ग साइड चलने वालों पर लगाम लगी। लोग आज भी बेखौफ नियम तोड़ रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2024 में में 53,772 नियम तोड़ने वालों से 2.43 करोड़ रुपए वसूले गए। यानी दो साल में 5 करोड़ से ज्यादा की वसूली, फिर भी हालात वही हैं। जिम्मेदार बोले- सड़कों से अतिक्रमण हटाएंगे, पार्किंग को बेहतर करेंगे^सड़कों और फुटपाथ पर हॉकर्स के कब्जे को हटाया जाएगा। जहां-जहां सड़कें खराब हैं वहां इनको सही कराने का काम तेजी से किया जा रहा है। वाहन पार्किंग के लिए नए स्थान चिहि़त किए जाएंगे। जिससे लोगों को परेशानी न हो।-संघप्रिय, निगमायुक्त अभियान चलाएंगे, बिना परमिट वाहनों पर करेंगे कार्रवाई ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत बिना परमिट दौड़ रहे ऑटो-रिक्शा समेत सभी नियम उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।-विक्रम जीतसिंह कंग, आरटीओ अब कागज़ों में नहीं सड़कों पर दिखेगा ट्रैफिक प्लान इस बार ट्रैफिक प्लान कागज़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़कों पर दिखाई देगा। इसकी पूरी तैयारी है। नगर निगम और जिला प्रशासन के साथ समन्वय से जहां कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर कर कार्रवाई की जाएगी। 35 बॉडी कैमरे मिले हैं। ऑनलाइन चालान मशीनें दी जाएंगी, ताकि अवैध वसूली पर अंकुश लगेगा।-अनु बेनीवाल, एएसपी ट्रैफिक
मध्यप्रदेश में साइबर ठगों का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। बीते चार साल में साइबर फ्रॉड का काला कारोबार 1124 फीसदी तक बढ़ गया है। ठगों का सबसे बड़ा निशाना प्रदेश के बड़े शहरों के लोग बन रहे हैं। 2025 में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सीहोर और ग्वालियर में ठगों ने सबसे ज्यादा वार किया। इन चार शहरों के 7573 लोगों से 165 करोड़ रुपए की ठगी हुई। अनूपपुर, अशोकनगर, दतिया और टीकमगढ़ जैसे जिलों में ठगी के मामले कम रहे। 1930 हेल्पलाइन और स्टेट साइबर क्राइम पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 में ठगों ने प्रदेशवासियों से 45 करोड़ रुपए ठगे थे। इसके बाद हर साल ठगों का नेटवर्क बढ़ता गया। साल 2025 में स्थिति बेहद गंभीर हो गई। पूरे प्रदेश में 62 हजार से ज्यादा लोग साइबर ठगों के जाल में फंस गए और ठगों ने कुल 551 करोड़ रुपए उड़ा लिए। औसतन हर दिन 178 लोग साइबर ठगी का शिकार हुए और ठग रोजाना 1.51 करोड़ रुपए की रकम ऐंठते रहे। 2022: भोपाल में 33, इंदौर में 11 करोड़ ठगेसाइबर ठगों ने 2022 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के 5982 लोगों को सबसे ज्यादा टारगेट कर 33 करोड़ 17 लाख रुपए ऐंठे थे। इंदौर के लोगों से 11 करोड़ 53 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई। ग्वालियर में ठगों ने 6 करोड़ 10 लाख रुपए उड़ा दिए, जबकि जबलपुर 4 करोड़ 85 लाख रुपए की ठगी दर्ज की गई। साल-दर-साल बढ़ता गया काला कारोबारराष्ट्रीय साइबर रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म (एनसीआरपी) के आंकड़े बताते हैं कि 2022 में प्रदेशवासियों से 45 करोड़ रुपए ठगे। 2023 में ठगी की राशि बढ़कर 196 करोड़ रुपए पहुंच गई। 2024 में यह आंकड़ा 465 करोड़ रुपए हो गया। वहीं 2025 में साइबर ठगों ने 551 करोड़ रुपए 62 हजार से ज्यादा लोगों के खातों से उड़ा लिए। ठगी के नए-नए हथकंडों में फंस रहे लोग साइबर ठग कभी बैंक अधिकारी बनकर केवाईसी अपडेट करने का झांसा देते हैं तो कभी लॉटरी, इनाम या सरकारी योजनाओं के नाम पर पैसे ऐंठते हैं। फर्जी नौकरी, ऑनलाइन शॉपिंग, तत्काल लोन, सोशल मीडिया फ्रेंड या तकनीकी मदद के बहाने मोबाइल एक्सेस लेकर, क्यूआर कोड व यूपीआई लिंक भेजकर ठगी करते हैं। स्टेट साइबर पुलिस ने 100 करोड़ रुपए वापस दिलाएसाइबर ठगी के बढ़ते मामले चिंता की बात है। 2025 में प्रदेश के 62 हजार से अधिक लोगों से 551 करोड़ रुपए की ठगी की गई। हालांकि साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच-पड़ताल के बाद 100 करोड़ रुपए पीड़ितों को वापस दिलाए हैं। ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार सावधानी है। मैसेज में आए लिंक, क्यूआर कोड या ऐप पर बिना जांच क्लिक न करें, क्योंकि 70% फ्रॉड की शुरुआत यहीं से होती है। सोशल मीडिया पर डीपी, मोबाइल नंबर और प्रोफाइल को पब्लिक न रखें। ठग इन्हीं जानकारियों से निशाना बनाते हैं।-प्रणय नागवंशी, एसपी राज्य साइबर सेल
कैथल में शीला खेड़ा ड्रेन में करीब 30 वर्षीय महिला का शव सूटकेस में मिलने के मामले में पुलिस की पांच टीमों को जांच में लगा दिया गया है। इनमें तीन सीआईए, एक सिटी थाना और एक अनाज मंडी चौक की टीम शामिल हैं। ये टीमें अब कैथल जिले के साथ साथ दूसरे जिलों में जाकर महिला की शिनाख्त का प्रयास कर रही हैं। दूसरी ओर महिला के पोस्टमाॅर्टम के बाद इस बात का तो पता चल गया है कि शव मिलने के करीब 48 घंटे पहले उसकी हत्या की गई थी, उसके तुरंत बाद सूटकेस में डाला गया। ब्लड व डीएनए जांच के लिए सैंपल भेजे पोस्टमॉर्टम के आधार पर उसकी गला दबाकर हत्या की गई है, लेकिन डॉक्टरों ने महिला ब्लड व डीएनए जांच के लिए सैंपल लेकर मधुबन लैब में भेजे हैं, जिनके बाद यह पता लग पाएगा कि महिला को हत्या से पहले कोई नशीला या जहरीला पदार्थ तो नहीं दिया गया था। रेप जैसी वारदात का पता लगाने का भी प्रयास किया जा रहा है। साथ ही डीएनए जांच के लिए भी बोन मैरो के सैंपल भेजे गए हैं, जिनके आधार पर महिला की पहचान करने में आसानी हो सकेगी। अस्पताल में महिला के शव का पोस्टमाॅर्टम करने वाले डॉक्टर सचिन मांडले ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम के दौरान यही सामने आया है कि जिस समय महिला का शव बरामद हुआ, उससे करीब 48 घंटे पहले उसकी हत्या की गई थी। दो घंटे में मृत शरीर अकड़ जाता है, ऐसे में सामने आया है कि हत्या के साथ ही उसे ज्वाइंट से मोड़कर सूटकेस में डाला गया। बाद में शव को खुर्द बुर्द करने के लिए उसे ड्रेन में फेंक दिया गया था। सीसीटीवी में नहीं दिख रहे वाहनों के नंबर वहीं पुलिस की ओर से की गई जांच में अब तक यह सामने आया है कि महिला के साथ को रात के समय ड्रेन में फेंका गया था। पुलिस आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी कैमराें को खंगाल रही है। रात का समय और घनी धुंध होना भी पुलिस के लिए महिला की पहचान करने और आरोपियों का पता लगाने में परेशानी बना हुआ है। जो सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने हासिल किए हैं, उनके अनुसार रात के समय घटनास्थल के पास से गुजरने वाले वाहनों के नंबर वगैरह दिखाई नहीं दे रहे हैं। मामले को लेकर एसपी उपासना ने बताया कि पुलिस लगातार केस की जांच में जुटी हुई है। अब जिले के बाहर भी अन्य थाने व चौकियों में संपर्क कर रही हैं ताकि महिला के बारे में कोई न कोई जानकारी मिल सके। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही महिला की पहचान कर ली जाएगी और आरोपियों का भी पता लगा लिया जाएगा। ये था पूरा मामला बता दें कि कैथल में पांच दिन पहले ड्रेन से एक सूटकेस में महिला का शव बरामद हुआ। उसकी उम्र करीब 30 वर्ष पाई गई। सूटकेस को नाले में कुत्ते खींच रहे थे। यह देखकर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस की टीम और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी गई। महिला की हत्या कर शव को सूटकेस में रखा गया था। इसके बाद इसे ड्रेन (नाली) में फेंका गया है, शव कई दिन पुराना लग रहा था। पानी में रहने के चलते बॉडी फूल गई और कुछ अंग गल भी गए, उसके गले पर निशान और हाथ पर एक टैटू मिले। उन्हीं के जरिए पुलिस पहचान का प्रयास कर रही है।
हमारे तालाब सेहतमंद:बिलावली, यशवंत सागर में मिले प्रवासी पक्षी
बाघों की गणना के बाद अब तालाबों में रहने वाले पक्षियों की प्रजातियां पता लगाने के लिए दो दिनी सर्वे शनिवार से शुरू हो गया। सुबह 6 बजे से पक्षी विशेषज्ञ, वन विभाग के एक्सपर्ट तालाबों पर पहुंचे। दूरबीन की मदद से पक्षियों की पहचान की गई। कैमरों से उनके फोटो भी लिए। अच्छी बात यह है कि 12 महीने पाए जाने वाले पक्षियों के साथ प्रवासी पक्षी भी तालाबों में नजर आए। इसका मतलब है हमारे तालाब सेहतमंद हैं। तालाब प्रवासी पक्षियों के रहवास के मुताबिक हैं। रविवार को भी बर्ड वॉचिंग की जाएगी। सर्वे के बाद सभी फोटो एक्सपर्ट के बीच रखे जाएंगे। इससे पता चलेगा कि तालाबों में पक्षियों की कितनी प्रजातियां हैं। डीएफओ प्रदीप मिश्रा के मुताबिक एशियन वाटरबर्ड सेंसस एक अंतरराष्ट्रीय नागरिक-विज्ञान कार्यक्रम है, जो हर साल एशिया और ऑस्ट्रेलिया के कई देशों में किया जाता है। भारत में यह कार्यक्रम आर्द्रभूमियों की निगरानी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और रामसर कन्वेंशन के तहत देश की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद करता है। सर्वे में 50 से अधिक प्रशिक्षित पक्षी प्रेमी शामिल हुए पिछले रिकॉर्ड और हालिया निरीक्षण के आधार पर इंदौर जिले में 20 से अधिक झीलों, तालाबों, जलाशयों और नदी किनारे क्षेत्रों को सर्वेक्षण के लिए चुना गया है। इन क्षेत्रों में स्थानीय और प्रवासी दोनों तरह के पक्षी पाए जाते हैं। सर्वे में 50 से अधिक प्रशिक्षित पक्षी प्रेमी वन विभाग के कर्मचारियों के साथ भाग ले रहे हैं। हर टीम को तय स्थान दिए हैं, ताकि दोहराव न हो और डेटा सही रहे। तालाबों के आसपास लाइटिंग कम करने पर जोर दिया जा रहा है। ई-बर्ड एप का उपयोग सर्वे के दौरान सभी पक्षियों की जानकारी ई-बर्ड एप पर दर्ज की जाएगी। इससे हर रिकॉर्ड स्थान, समय और तारीख के साथ सुरक्षित होगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुलना के लिए उपयोगी बनेगा। इसके साथ ही आर्द्रभूमि मूल्यांकन फॉर्म भी भरा जाएगा, जिसमें पानी की स्थिति, वनस्पति, मानवीय गतिविधियां और अन्य दबावों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे पक्षियों की संख्या को पर्यावरण की स्थिति के साथ जोड़कर समझा जा सकेगा।
राजस्थान में रविवार को 5 जिलों में शीतलहर और 9 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार को प्रदेश के तीन शहरों को छोड़कर बाकी सभी शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। माउंट आबू (सिरोही) में लगातार दूसरे दिन (शनिवार) तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शेखावाटी और जयपुर संभाग के जिलों में सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राज्य में तेज सर्दी, शीतलहर और कोहरा रहने की संभावना है। माउंट आबू के बाद फतेहपुर में सबसे ज्यादा सर्दी रहीपिछले 24 घंटे का मौसम देखें तो शनिवार को उत्तर-पूर्वी और उत्तर-दक्षिणी जिलों (जयपुर, भरतपुर, बीकानेर, कोटा और अजमेर के आंशिक जिलों में) में घना कोहरा रहा। कोहरे के साथ ही इन जिलों में कोल्ड-वेव चली और दिन में भी गलन वाली सर्दी रही। माउंट आबू के बाद फतेहपुर (सीकर) में कल सबसे ज्यादा सर्दी रही, जहां का न्यूनतम तापमान (9 डिग्री तक गिरकर) 2.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। फतेहपुर, सीकर, अलवर के ग्रामीण एरिया में पाला पड़ना शुरू हो गया। सामान्य से 4 डिग्री नीचे आया अधिकतम तापमानशीतलहर और कोहरे के कारण धूप का असर खत्म सा हो गया है। अधिकांश शहरों में शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। दिन में सबसे ज्यादा ठंड पिलानी (झुंझुनूं) में रही। यहां अधिकतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर, सीकर में अधिकतम तापमान 18-18 डिग्री सेल्सियस, श्रीगंगानगर में 18.2, कोटा में 17.6, अलवर में 18.5, अजमेर में 18.2, वनस्थली (टोंक) में 18.8, चूरू में 16.9, सिरोही में 17.4, करौली में 16.8, झुंझुनूं में 16, दौसा में 18.9 और उदयपुर में 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। एक सप्ताह तेज सर्दी रहेगीमौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राज्य में आगामी एक सप्ताह मौसम ड्राय रहेगा। अगले 2-3 दिन कुछ भागों में सुबह के समय घना कोहरा रहने की संभावना है। साथ ही आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री गिरावट होने और उत्तरी भागों में शीतलहर का असर रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक नीचे दर्ज होने के कारण कोल्ड-डे (शीत दिन) की संभावना है।
एमपी पीएससी : 87 पदों के लिए आज होगी भर्ती परीक्षा
एमपी पीएससी की कम्प्यूटर साइंस विषय के 87 पदों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा रविवार को दो शिफ्ट में होगी। नकल रोकने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। रिजल्ट 15 से 20 दिन में आएगा। ढाई हजार अभ्यर्थी इसमें शामिल होंगे। पहली बार इस विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती होने जा रही है। इंदौर में अलग-अलग सेंटरों पर यह एग्जाम होगी। जो अभ्यर्थी क्वालिफाई होंगे, उन्हें इंटरव्यू के लिए चयनित किया जाएगा। इस विषय के 29 पदों की वैकेंसी और जारी की गई है। उसकी एग्जाम अगले साल जुलाई में होगी।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला करने की रही। वहां के राष्ट्रपति को बंधक बना लिया गया है। अब वेनेजुएला पर अमेरिका का कब्जा रहेगा। वहीं, दूसरी बड़ी खबर भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के रोने को लेकर रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला, राष्ट्रपति को पकड़ा; बेडरूम से पति-पत्नी को घसीटकर बाहर निकाला अमेरिका ने वेनेजुएला के कई जगहों पर हवाई हमला किया। वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर बंधक बना लिया।मादुरो और उनकी पत्नी एडेला को अमेरकी सेना ने बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला और अपने कब्जे में लिया। दोनों को न्यूयॉर्क लाया जा रहा है। ट्रम्प इस मौके का लाइव ऑपरेशन देख रहे थे। वेनेजुएला में इमरजेंसी लागू: अमेरिकी हमले के बाद राष्ट्रपति मादुरो ने कहा था कि वे अमेरिका को जवाब देंगे और देश में इमरजेंसी लगा दी। उनके बयान के 1 घंटे बाद ट्रम्प ने उन्हें पकड़ने का ऐलान किया। वेनेजुएला पर हमले की 3 बड़ी वजह... पढ़ें पूरी खबर... 2. बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर KKR से बाहर, BCCI के निर्देश के बाद शाहरुख की टीम ने निकाला कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर कर दिया है। यह फैसला BCCI के निर्देश पर लिया गया। KKR ने ट्वीट में कहा कि मुस्तफिजुर को टीम से बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह दूसरे खिलाड़ी की मंजूरी मिल गई है। IPL की शुरुआत 26 मार्च से होगी: जबकि लीग का फाइनल मैच 31 मई को खेला जाएगा। दरअसल, बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही हिंसा के बीच रहमान के IPL में खेलने का विरोध हो रहा था। वहां पिछले 14 दिन में 4 हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है। पढ़ें पूरी खबर... 3. प्रयागराज माघ मेले के पहले दिन बही पुलिया, किन्नरों ने त्रिशूल लहराकर स्नान किया प्रयागराज में माघ मेले के पहले ही दिन अक्षयवट मार्ग पर एक पुलिया बह गई। इससे रास्ते में रुकावट आ गई। श्रद्धालु बीच में ही फंस गए। पौष पूर्णिमा पर 7 बजे तक 31 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर आचार्य कल्याणी मां ने त्रिशूल लहराते हुए हर-हर गंगे के जयघोष के बीच आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने स्नान-दान के बाद लेटे हनुमानजी के दर्शन किए। हालांकि, मेला प्राधिकरण ने पहले दिन 20 से 25 लाख श्रद्धालु पहुंचने का अंदाजा लगाया था। वहीं, पुलिस ने दो फर्जी बाबा को पकड़ा। उनके पास से फर्जी आधार कार्ड और नकली नोट मिले। एक सपा कार्यकर्ता मुलायम सिंह यादव की तस्वीर साथ लेकर डुबकी लगाता दिखा। पढ़ें पूरी खबर... 4. राष्ट्रकथा में दबदबा सुनकर बृजभूषण फूट-फूटकर रोए, गोंडा में रितेश्वर महाराज बोले- मैं इनका बाप हूं गोंडा में चल रही राष्ट्रकथा के दूसरे दिन पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह फूट-फूटकर रोने लगे। करीब एक घंटे तक वह अपने पुराने संघर्षों को याद कर आंसू बहाते रहे। इस पूरे वाकये का वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, राष्ट्रकथा के दौरान सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया। उन्होंने मंच से बृजभूषण के 'दबदबे' का जिक्र किया। रितेश्वर जी महाराज ने अवध क्षेत्र और गोंडा का नाम लेते हुए कहा- यहां लोग कहते हैं कि बृजभूषण का दबदबा था, दबदबा है और दबदबा रहेगा। उन्होंने खुद को बृजभूषण शरण सिंह का पिता बताते हुए कहा, यहां इनका बाप बैठा है। मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा। पढ़ें पूरी खबर... 5. छत्तीसगढ़ में 14 नक्सली ढेर, हैदराबाद में 20 नक्सली सरेंडर, इसमें मोस्ट वांटेड नक्सली देवा भी शामिल छत्तीसगढ़ में सुकमा और बीजापुर में सुरक्षाबलों ने 14 नक्सलियों को मार गिराया। सुकमा में 12 और बीजापुर में 2 नक्सली मारे गए। इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। वहीं, हैदराबाद में छत्तीसगढ़ के मोस्ट वांटेड नक्सली देवा ने अपने 20 साथियों के साथ सरेंडर किया है। देश 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त होगा: गृहमंत्री अमित शाह का कहना है कि देश 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से पूरी तरह से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नक्सली हथियार डालकर आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, तो स्वागत है। लेकिन कोई बंदूक उठाएगा तो गोली का जवाब सरकार गोली से देंगे। पढ़ें पूरी खबर... 6. इंदौर में जहरीले पानी से 16वीं मौत, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा पर चप्पल फेंकी गई इंदौर के भागीरथपुरा में कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की तरफ किसी ने चप्पल फेंक दी। एंकर- इंदौर में जहरीले पानी से 16वीं मौत हो गई। कांग्रेस की पांच सदस्यीय जांच समिति भागीरथपुरा के लोगों से मिलने पहुंची। इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। कांग्रेसियों ने 'घंटा पार्टी मुर्दाबाद' के नारे लगाए। इस दौरान किसी ने MP के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की तरफ चप्पल फेंकी। पुलिस ने सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार समेत कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया। खबर से 2 बड़े अहम अपडेट्स... पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... दिल्ली में बंदरों को भगाने के लिए लोगों की भर्ती दिल्ली में बंदरों को भगाने के लिए लोगों की भर्ती हो रही है। लोग लंगूर की आवाज निकालकर बंदरों को भगाएंगे। दिल्ली विधानसभा के बाहर 8 घंटे की शिफ्ट में उन्हें काम करना होगा। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों की इनकम बेहतर हो सकती है। मिथुन राशि वालों के काम मनचाहे तरीके से पूरे हो सकते हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
भागीरथपुरा:दूषित पानी की चपेट में 69 बोरिंग भी, जांच के लिए सैंपल्स भेजे गए
भागीरथपुरा में दूषित पानी की चपेट में 69 बोरिंग भी आ चुके हैं। भागीरथपुरा में करीब 3 हजार 700 घर हैं, जिनमें 40 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। यहां पानी की टंकी महज दो मीटर तक ही भर पाती है। ज्यादातर परिवार बोरिंग के पानी पर निर्भर हैं। 69 बोरिंग नर्मदा लाइन से जुड़े मिले। इनके कनेक्शन हटा दिए गए हैं। इन सभी बोरिंग में क्लोरीनेशन भी कराया गया। लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी बोरिंग का पानी इस्तेमाल न करें। बोरिंग के पानी के सैंपल भी लिए हैं। अब तक मैपिंग नहीं पहला मरीज 24 दिसंबर को मिला था, लेकिन इसके बाद बीमारी कहां-कहां और कैसे फैली, इसकी कोई स्पष्ट मैपिंग अब तक नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी माना है कि मरीजों में हैजा पाया गया है, लेकिन संक्रमण की चेन अब भी अधूरी है। निगम प्रशासन भी तय नहीं कर पाया है कि गंदा पानी किसी एक पॉइंट से फैला या फिर पूरा लाइन सिस्टम ही प्रदूषित हो चुका था। बोरिंग भूजल उपयोग के लिए होते हैं, पर भागीरथपुरा में बोरिंगों को नर्मदा लाइन से जोड़ दिया गया। जागरूकता पर जोर : प्रभावित घरों के आसपास 50-50 घरों की जांच शुरू भागीरथपुरा में अब पूरा जोर जागरूकता पर है। शनिवार सुबह से प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इसी पर फोकस किया। कलेक्टर शिवम वर्मा सुबह 6.30 बजे टीमों के साथ पहुंचे। घरों में टैंकर के माध्यम से किए जा रहे पेयजल वितरण का जायजा लिया। टैंकर से पानी पीकर देखा। यहां पीएचई, ड्रेनेज सीवरेज विभाग, सफाई विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ एनजीओ टीम के 200 से ज्यादा सदस्यों को काम पर लगाया है। क्षेत्र का रिंग सर्वे शुरू करते हुए टीमों के माध्यम से डोर टू डोर नागरिकों को निगम टैंकर के माध्यम से उपलब्ध पानी का ही उपयोग करने की घोषणा की जा रही है। नागरिकों से अपील की जा रही है कि केवल टैंकर से वितरित पानी का ही उपयोग करें।
राजस्थान के सायबर ठगों का एक पीड़ित और सामने आया
भास्कर संवाददाता| भिंड राजस्थान के ठगों के गिरोह द्वारा साइबर फ्रॉड के लिए किराए के बैंक अकाउंट खोलकर रुपयों का लेनदेन के मामले में शहर के एक युवक ने प्रकरण दर्ज कराया है। मालूम हो कि बीते दिनों ऊमरी पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामलों में पड़ताल भिंड के 15 लोगों के साथ ठगी करने वाली राजस्थान की गैंग के 5 आरोपियों गिरफ्तार किया गया था। दुबई से ऑपरेट हो रहे गिरोह के सदस्य लोन और योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर लोगों के बैंक अकाउंट, एटीएम, मोबाइल सिम लेकर बैंकों फर्जी अकाउंट खोलते थे। ठग इन बैंक खातों का उपयोग सायबर ठगी की रकम के लेनदेन में कर उन्हें बंद कर देते थे। शहर के वार्ड 9 धर्मनगर निवासी राघवेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को देहात थाना पुलिस ने अपने साथ हुए फ्रॉड के मामले में शिकायत की, जिस पर जांच करते हुए देहात पुलिस ने इश्तियाक खान निवासी जोधपुर, अनंत उर्फ संजय जाटव, राहुल सैनी, राजेश उर्फ राज जाट सभी निवासी सीकर, उमेश जाट निवासी झुंझुनूं राजस्थान व अभिषेक यादव निवासी भिंड के खिलाफ मामला दर्ज किया है। देहात थाना टीआई मुकेश शाक्य ने बताया कि साइबर फ्रॉड मामले में शिकार हुए लोग सामने आ रहे हैं। अभी और भी मामले सामने आ सकते हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मनमोहक नजारा... बसंत पंचमी से पहले ही पीली चादर से ढंकी धरती
बंपर पैदावार की उम्मीद अशोकनगर| इन दिनों क्षेत्र के किसानों और राहगीरों के चेहरे पर एक नई चमक देखने को मिल रही है। कारण है बसंत पंचमी से ठीक पहले सरसों के फूलों की पीली चादर। यह सुनहरा पीला रंग प्रकृति के नए जीवन और समृद्धि के आगमन का स्पष्ट संकेत दे रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष मौसम अनुकूल रहा है, जिसके चलते सरसों की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है। सरसों के खेत फोटोग्राफरों की पसंद बने हैं।
मेरठ के इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती पति, पत्नी के बीच ‘वो’ बनकर घिर गए हैं। महिला टीम मेंबर के पति ने थाने में कहा था- मेरी पत्नी शादाब जकाती के साथ रहती है, मुझे उनसे जान का खतरा है। इंचौली थाने में उन्होंने 45 मिनट ड्रामा किया। रोते और छाती पिटते दिखे। इसके बाद सिर्फ 24 घंटे के बाद एक नया VIDEO सामने आया। इसमें शादाब के साथ इरम और उनके पति खुर्शीद दिखे। अब खुर्शीद के सुर बदले हुए थे, वो कहते हैं- इरम मेरी मर्जी से शादाब भाई के पास है, मुझे कोई दिक्कत नहीं। इन दो VIDEO से पहले शादाब ने कहा- पुलिस ने मुझे पूछताछ के लिए बुलाया था, मैं अपने घर में ठीक से सो भी नहीं पा रहा हूं, आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मैं कितना परेशान हूं। खुर्शीद को उसकी बीवी की सैलरी नहीं मिली, तो आरोप लगा दिए। लगातार बदलते घटनाक्रमों के बीच 3 जनवरी को खुर्शीद ने कहा- मैंने नहीं कहा कि इरम मेरी मर्जी से शादाब के पास गई, वो बयान मुझसे जबरन दिलाया गया। वीडियो बनाकर सब जगह वायरल किया गया। हकीकत तो बिल्कुल अलग है। वहीं, इन्फ्लुएंसर और उनकी टीम के मेम्बर के मामले पर पुलिस मान रही है कि ये सब कन्ट्रोवर्सी के जरिए सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोअर बढ़ाने का खेल है। अधिकारी कहते हैं कि अगर ऐसे फैक्ट मिलते हैं, तो इन्फ्लुएंसर के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब पूरे मामले को समझिए… 25 दिसंबर. इरम ने खुर्शीद के खिलाफ शिकायत दीदरअसल, इस मामले की शुरुआत 25 दिसंबर से होती है। इंचौली थाने में शादाब की टीम की मेम्बर इरम ने एक अप्लीकेशन दी थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाए कि मेरे पति खुर्शीद सही व्यक्ति नहीं हैं। मैं शादाब जकाती के साथ काम करती हूं, वो बतौर सैलरी मुझे जो भी रुपए देते हैं, वो मेरे पति खुर्शीद ले लेते हैं। रुपए नहीं देने पर मेरे साथ मारपीट करते हैं। मुझे परेशान करते हैं। इस शिकायत के बाद इंचौली थाने में खुर्शीद और इरम को बुलाया गया था। दोनों के बीच समझौता कराया गया। बतौर पति और पत्नी, दोनों ने लिखित समझौते पर साइन किए थे। इसके बाद ये मामला शांत हो गया। 1 जनवरी. खुर्शीद ने थाने में कहा- पत्नी कहती है, तू मर जा1 जनवरी को पति खुर्शीद इंचौली थाने पहुंचा। छाती पीट-पीटकर रोने लगा। पुलिस के सामने शादाब और इरम को लेकर बड़े-बड़े दावे किए। उन्होंने बताया कि मेरी पत्नी ज्यादा वक्त शादाब के साथ बिताती है। दोनों कई-कई दिन साथ रहते हैं। दोनों मिलकर मुझे मारना चाहते हैं। इसलिए पुलिस मेरी मदद करे। उन्होंने कहा- मुझे हार्ट की बीमारी है, 31 दिसंबर को इरम शादाब के साथ देहरादून जा रही थी। मैंने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए पत्नी से जाने से मना किया तो उसने कहा कि तू मर जा। सोनू ने दावा किया कि पत्नी शादाब के कहने पर ही मेरे साथ ऐसा कर रही है। 2 जनवरी. शादाब थाने पहुंचे, बोले- मेरा कैरेक्टर खराब होता, ये सब हासिल नहीं होतादिनभर शादाब जकाती मीडिया के सामने नहीं आए, न ही किसी से बात की है। रात को वो मेरठ पुलिस के पास पहुंचे। थाने में अपने और इरम को लेकर चल रही कंट्रोवर्सी पर उन्होंने बयान दर्ज कराए। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा- मैं खुर्शीद को बहुत अच्छी तरह से जानता हूं। वो मेरी टीम मेम्बर इरम के पति हैं। वो जो आरोप लगा रहे हैं, वो ठीक नहीं हैं। ये पति और पत्नी के बीच का मामला है, मुझे बेवजह बीच में लेकर आ गए हैं। इस मसले को उन्हें खुद ही सुलझाना होगा। वीडियो को तैयार करने के लिए हमारे पास एक टीम है। इसमें लड़के और लड़कियां, दोनों हैं। कई लड़कियां काम करने आईं, पूरा करके चली भी गईं। अगर हम चरित्र के ऐसे होते तो 10 साल की मेहनत से जो हम कर पाए, वो नहीं कर सकते थे। हमारे खिलाफ क्या नए आरोप लगाए जा रहे हैं, ये हम नहीं देखना चाहते हैं, क्योंकि उनकी पत्नी खुद बोल चुकी हैं कि आरोप झूठे हैं, फिर उन पर ध्यान क्यों देना? बहुत मेहनत से 50 हजार वीडियो बनाए, अब सबको शादाब दिख रहा हम तो गांव में भी रहे हैं। कभी ऐसा कोई काम नहीं किया, बचपने से आप पता कर लीजिए, हमारी आज तक कोई शिकायत नहीं आई। किसी को छेड़ा नहीं, परेशान नहीं किया। उस इंसान (खुर्शीद) ने हमसे जान का खतरा बताया है, ऐसे मैं भी कह सकता हूं कि मुझे भी जान का खतरा है, क्योंकि मेरे पास भी धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। मैं अपने घर में ठीक से सो नहीं पा रहा है। शादाब ने आगे कहा- मैंने सोशल मीडिया पर बहुत मेहनत की। मेरे 50 हजार से भी ज्यादा वीडियो हैं। सालों मेहनत करने के बाद अब जाकर वायरल हुआ हूं। मुझे ऊपरवाले ने फल अब जाकर दिया है। मगर बार-बार विवाद सामने आ रहे हैं, बार-बार लोगों को एक ही चीज दिख रही है केवल शादाब जकाती। इससे मैं परेशान हूं। उन्होंने कहा- एक महिला हमारे पास काम कर रही है। जब उसका पति उसे मारेगा, उसे खाने के लिए नहीं देगा, तो महिला क्या करेगी? क्या महिला को जीने का हक नहीं है? एक औरत अपना जीवन दे सकती है, भूखी रह सकती है, लेकिन अपने बच्चों को वो भूखा कैसे देख ले। फिर जब पति ही कुछ नहीं कर रहा हो, तो एक महिला काम करेगी ही, इसमें दिक्कत क्या है। फिर तुम उसके पैसे भी लेकर जा रहे हो। कभी 10 हजार दे दो, कभी 20 हजार दे दो। दुबई, मुंबई सब जगह लोग मेरे वीडियो देखते हैंलोग मुझे लेकर क्यों विवाद कर रहे हैं, मैं समझ नहीं पा रहा हूं। सोचता हूं कि यहां से दूर चला जाऊं, लोग तो लगे हुए हैं कि शादाब के पैर पकड़कर नीचे कर दो, मगर मेरे इरादे पक्के हैं। मैं दुबई, मुंबई पता नहीं कहां-कहां गया, वहां मुझे कितना रेस्पेक्ट मिला। सब मेरे वीडियो देखते हैं। इरम ने मुझे मना किया कि मेरी सैलरी आप खुर्शीद को क्यों दे रहे हें? वो जुए और शराब में रुपए उड़ा रहा है। मैंने भी देखा कि वो सिर्फ घूमता रहता है। आवारागर्दी रोक दी, तो मुझ पर आरोप गढ़ दिए। आरोप लगाने में कितनी देर लगती है, मैं कह सकता हूं, लेकिन मुझे जरूरत नहीं है। ये सब कलाकार हैं, मेहनत करते हैं, तो सैलरी लेते हैं। पुलिस ने मुझे थाने बुलाया था, मुझसे जो पूछा गया, वो मैंने उन्हें बता दिया था। पुलिस जांच कर रही है, उन्हें करना ही चाहिए। जो सच है, वो मैं पहले ही बता चुका हूं। मैं कोई यहां से जा थोड़े रहा हूं, पूरा सहयोग करेंगे। कुछ लोग झूठ बोल रहे हैं, मेरी छवि खराब करना चाहते हैं, ये तो सबको दिख रहा है। 3 जनवरी. खुर्शीद ने कहा- मुझसे जबरन कहलाया गयाइस पूरे मामले में खुर्शीद ने 3 जनवरी को कहा- मुझसे वो बयान शादाब ने जबरन कहलाया था। मुझे डराया गया था। बीवी इरम ने मुझे कहा कि तुम्हें तलाक दे दूंगी, जेल में सड़वा दूंगी। देख लो...मुझे लगता है कि शादाब ने मेरी बीवी से कहा होगा कि ये तुम्हें छोड़ेगा नहीं, इसको डराना होगा। खुर्शीद आगे कहते हैं कि शादाब जकाती कहते हैं कि उन्हें जान का खतरा है, उन्हें कौन धमकी देगा। मैं अल्लाह से डरने वाला हूं, मैं क्या उन्हें मारुंगा। जो ये कहता हो कि मैं कचहरी खरीद लूंगा, थाने खरीद लूंगा, उस आदमी का मैं क्या ही बिगाड़ लूंगा। अब इरम की बात… शादाब सर की गलती नहीं, मेरी मेहनत पति को पसंद नहींखुर्शीद की पत्नी इरम का कहना है- शादाब सर निर्दोष हैं। उनकी कोई गलती नहीं है, सारे आरोप गलत हैं। मेरे पति काम कर नहीं रहे हैं, मेरी सारी सैलरी वो ही ले रहे थे। वो कुछ करते नहीं हैं, मुझे चार बच्चे पालने हैं। मैंने शादाब सर से कहा कि मेरी सैलरी मुझे दीजिए मेरे पति को मत दीजिए। बस तभी मेरे पति ने ये सब आरोप लगा दिए और मेरी शिकायत कर दी। उन्होंने कहा कि मैं पहले ही अपने पति के खिलाफ शिकायत कर चुकी हूं, उनकी रिपोर्ट भी दर्ज है। शादाब सर बाकी लड़के, लड़कियों को भी बहुत सपोर्ट कर रहे हैं। वो बेगुनाह हैं। ये सब खाली पैसों के लिए है। शादाब सर की कोई गलती नहीं है। हम सब काम करते हैं शादाब सर हमें सपोर्ट करते हैं, सैलरी देते हैं। पति के खिलाफ पहले ही शिकायत कर चुकी हूं, पुलिस और मेरा परिवार ये सब जानता है। जब मेरे पति को मेरी सैलरी मिलना बंद हो गई वो नशा नहीं कर पा रहे, आवारागर्दी नहीं कर पा रहे, तब उन्होंने ये आरोप लगा दिए। मैं अपने बच्चे पाल रही हूं, मेहनत से घर चला रही हूं, यही मेरे पति को पसंद नहीं आ रहा। एरिया का माहौल समझिए सिर्फ 20 कदम पर शादाब, इरम के मकान मेरठ के इंचौली इलाके में शादाब का घर है। वहां से सिर्फ 20 कदम पर इरम का मकान है। चर्चा है कि इरम जिस मकान में रह रही हैं, वो शादाब का ही घर है। जो शादाब ने उसे रहने को दिया है। चर्चा ये भी है कि उनके कारण ही इरम का घर टूटा है, उसके पति को इन्होंने घर से निकाल दिया है। शादाब की पत्नी को भी इसकी जानकारी है, वो भी इसका विरोध कर रहीं हैं। शुक्रवार को भी दिनभर शादाब की पत्नी ने किसी से बात नहीं की न ही उसने घर का दरवाजा खोला। CCTV से वो गेट पर कौन आ रहा है जा रहा है, देखती रही लेकिन गेट नहीं खोला। परिवार बाहर नहीं आया। उधर खुर्शीद के घर में 4 दिन से ताला पड़ा हुआ है। इरम कहीं और किराए के मकान में रह रही हैं। अब पुलिस जांच को समझिए इस पूरे मामले में SP देहात अभिजीत कुमार ने कहा- सीओ को पूरे मामले में जांच करके रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। अगर ये पूरा मामला क्रिएट किया गया होगा, तो पुलिस का टाइम वेस्ट करने के लिए इन लोगों पर कार्रवाई होगी। जो भी फैक्ट हैं, वो जल्द सामने आ जाएंगे। CO सदर देहात शिव प्रताप सिंह कहते हैं- खुर्शीद के सामने आने से पहले उसकी पत्नी इरम थाने आई थी। तहरीर भी दी थी, आरोप लगाए थे। दोनों का थाने में समझौता भी हुआ था। फिर अचानक शादाब पर आरोप लगाए गए। हमारे पास 1–1 करके 3 वीडियो आए हैं। कंट्रोवर्सी क्यों खड़ी की गई, हम सभी की जांच कर रहे हैं। आरोप सही मिलने पर आरोपियों को जेल भेजा जा सकता है। ........ ये पढ़ें - 'शादाब जकाती संग रहती है पत्नी, मुझे जान का खतरा':मेरठ में थाने पहुंचा पति, इंस्पेक्टर के सामने फूट-फूटकर रोया यूपी में मेरठ के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार शादाब साथ काम करने वाली महिला कलाकार इरम की वजह से मुश्किलों में हैं। इरम के पति खुर्शीद उर्फ सोनू ने शादाब जकाती पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोनू गुरुवार को इंचौली थाने पहुंचे और छाती पीट-पीटकर रोने लगे। पुलिस के सामने शादाब और इरम को लेकर बड़े-बड़े दावे किए। उन्होंने बताया कि मेरी पत्नी ज्यादा वक्त शादाब के साथ बिताती है। दोनों कई-कई दिन साथ रहते हैं। दोनों मिलकर मुझे मारना चाहते हैं। इसलिए पुलिस मेरी मदद करे। पढ़िए पूरी खबर...
प्रयागराज में माघ मेला शुरू हो चुका है। पहले दिन शनिवार को 31 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। इस दौरान व्हील चेयर पर बाबा, पेट्रोलिंग करती गाड़ियां दिखीं। मेले में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर आचार्य कल्याणी मां ने त्रिशूल लहराते हुए हर-हर गंगे के जयघोष के बीच आस्था की डुबकी लगाई। ढोल-नगाड़ों, मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में किन्नर अखाड़े का ये स्नान काफी भव्य रहा। इसके अलावा जिसने सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित किया, वो थीं माघ मेले में आईं दो नई 'मोनालिसा'। इनमें पहली लड़की है अफसाना, जो सिर्फ माला बेचती है और महाकुंभ में आई मोनालिसा की रिश्तेदार है। वहीं, दूसरी बासमती है, जो माला और दातून दोनों बेचती है। VIDEO में देखिए माघ मेले के पहले दिन के रंग...
यूपी में ब्राह्मण विधायकों की बैठक के बाद उन्हें चेतावनी भरा नोटिस जारी करना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को भारी पड़ रहा है। मीडिया, सोशल मीडिया में क्षत्रिय विधायकों के कुटुंब परिवार, लोध और कुर्मी विधायकों की बैठक पर मौन रही भाजपा को चौतरफा घेरा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि प्रदेश अध्यक्ष के बयान के बाद इस मुद्दे को कुर्मी बनाम ब्राह्मण को रूप देकर प्रदेश में नया जातीय संघर्ष पैदा करने का प्रयास किया जा रहा। अगर समय रहते पार्टी ने इसे कंट्रोल नहीं किया, तो पंचायत से लेकर विधानसभा चुनाव तक भाजपा को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। भास्कर संडे बिग स्टोरी में जानते हैं कि यूपी की सियासत में ब्राह्मण कितने महत्वपूर्ण हैं? क्यों राजनीतिक दल ब्राह्मणों की अनदेखी नहीं कर सकते हैं? ब्राह्मणों ने आवाज उठाई, इसलिए मचा हंगामायूं तो विधानसभा के मानसून सत्र में क्षत्रिय विधायकों की कुटुंब परिवार की बैठक हुई। उसके बाद कुर्मी विधायकों और लोध समाज के विधायकों की भी बैठक हुई। लेकिन, ठाकुर, कुर्मी और लोध समाज के विधायकों की बैठक में असंतोष के स्वर सामने नहीं आए। बैठक के जरिए इन समाजों ने अपनी ताकत का एहसास कराने का ही प्रयास किया। लेकिन, ब्राह्मण विधायकों की बैठक में सरकार, संगठन और आरएसएस के प्रति नाराजगी और असंतोष का भाव साफ झलका। ब्राह्मण विधायकों ने खुलकर कहा कि सरकार, संगठन और संघ में उनकी सुनवाई करना वाला कोई नहीं। समाज के लोगों को उपेक्षित किया जा रहा। मीडिया में ब्राह्मण विधायकों की ओर से उपेक्षा की बात सामने आने के बाद एकाएक पूरब से पश्चिम तक ब्राह्मण समाज के लोगों में भी यह चर्चा का विषय बन गया। समाज के लोग अपने-अपने तरीके से इसकी व्याख्या कर संघ, संगठन और सरकार को कटघरे में खड़ा करने लगे। वहीं, विपक्ष ने भी इसे मुद्दा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सपा महासचिव शिवपाल यादव ने तो यहां तक बयान दे दिया कि ब्राह्मण सपा के साथ आएं, पूरा सम्मान मिलेगा। आगामी पंचायत और फिर विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों की नाराजगी से होने वाले नुकसान को भांपते हुए भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने ब्राह्मण विधायकों को चेतावनी भरा नोटिस जारी किया। पंकज चौधरी ने नोटिस तो मामले को थामने के लिए जारी किया था, लेकिन उनका दांव उल्टा पड़ गया। इससे ब्राह्मणों में संदेश गया कि विधायकों का कहना सही है कि भाजपा में ब्राह्मणों की उपेक्षा की जा रही। क्योंकि, इससे पहले जब ठाकुर, कुर्मी, लोध विधायकों की बैठक हुई तो पार्टी ने चेतावनी जारी क्यों नहीं की? वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्रनाथ भट्ट कहते हैं- अध्यक्ष पंकज चौधरी ने ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर चेतावनी जारी कर सेल्फ गोल किया। जब ठाकुर, कुर्मी, लोधी समाज बैठक कर रहे थे, तो ब्राह्मणों की बैठक से भाजपा पर कौन-सा आसमान गिर गया। अब पंकज चौधरी ने अपने बचाव में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को आगे किया है। वीरेंद्रनाथ भट्ट कहते हैं- यूपी की सियासत में ब्राह्मणों की अहमियत कांग्रेस ने बनाई थी। पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी ने यूपी में ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम समीकरण बनाया। आजादी से पहले मदन मोहन मालवीय, गोविंद वल्लभ पंत ब्राह्मण परिवार से थे। लेकिन, 1980 में इंदिरा गांधी ने जब वीपी सिंह को सीएम बनाया तो ब्राह्मणों को झटका लगा। उसके बाद मंडल-कमंडल की राजनीति से ब्राह्मणों को चुनौती मिलना शुरू हो गई। उसके बाद सियासत में ब्राह्मणों का पतन होता चला गया। 2007 में मायावती ने ब्राह्मणों को साधने के लिए नारा दिया, हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा-विष्णु-महेश है। मुलायम सिंह यादव ने भी सपा में ब्राह्मणों के वर्चस्व को कम नहीं होने दिया। 2022 विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद हुए सर्वे बताते हैं कि 87 फीसदी ब्राह्मणों ने भाजपा को वोट दिया था। पश्चिम से लेकर पूरब तक करीब 20 लोकसभा और 103 विधानसभा सीटों पर ब्राह्मण निर्णायक भूमिका अदा करता है। भाजपा से बेहतर सम्मान नहीं मिलेगावरिष्ठ पत्रकार अनिल सिंह मानते हैं- ब्राह्मण विधायकों की नाराजगी या समाज में असंतोष की जो बात की जा रही है। उससे पंचायत या विधानसभा चुनाव में भाजपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भाजपा अच्छी संख्या में ब्राह्मणों को टिकट देती है। दूसरे किसी भी दल में उतना सम्मान नहीं मिलेगा। वैसे भी ब्राह्मण विधायकों की बैठक सरकार या संगठन के खिलाफ नहीं थी। वह बैठक उनके स्वयं के राजनीतिक हित के लिए थी। पंचायत चुनाव आते-आते चीजें बदल जाएंगी। हां, इतना नुकसान जरूर हो सकता है कि अगर किसी सीट पर सपा का ब्राह्मण और भाजपा किसी अन्य जाति का नेता चुनाव लड़ रहा होगा, तो ब्राह्मण वोट सपा को चला जाएगा। गोलबंदी के संकेत नहींवरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक आनंद राय मानते हैं- मानसून सत्र के दौरान ठाकुर, कुर्मी और लोध विधायकों की बैठक पर पार्टी ने संज्ञान नहीं लिया था। लेकिन, इस बार ब्राह्मण विधायकों की बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने चेतावनी जारी कर दी इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। उनका कहना है कि विधायक पीएन पाठक अच्छे मेजबान हैं। वह पत्रकारों के साथ भी क्रिकेट मैच खेलते हैं, दावत देते हैं। इस बैठक की मेजबानी का संदर्भ और व्याख्या वह ही बेहतर कर सकते हैं। लेकिन, मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए ऐसा नहीं लगता कि विधायकों ने सरकार के खिलाफ गोलबंदी की। बैठक में शामिल विधायक अगले ही दो-तीन दिनों में सरकार और संगठन के मुखिया से भी मिले। वहीं, कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा कहते हैं- ब्राह्मण दधीचि, ब्राह्मण चाणक्य है, ब्राह्मण परशुराम है, ब्राह्मण चंद्रशेखर आजाद है। जिसका जीवन राष्ट्र और धर्म को संप्रति है, वही ब्राह्मण। ब्राह्मणों की नाराजगी का मुद्दा मीडिया और सोशल मीडिया का ही मुद्दा है। बैठक में शामिल किसी भी विधायक ने यह नहीं कहा है कि वह नाराज है। 45 सदस्यीय भाजपा की प्रदेश टीम में चार प्रदेश उपाध्यक्ष, एक प्रदेश महामंत्री और तीन प्रदेश मंत्री ब्राह्मण समाज से हैं। सात अग्रिम मोर्चों में से भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी और संगठनात्मक 6 क्षेत्रों में से अवध के क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा ब्राह्मण समाज से हैं। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें... यूपी में भाजपा के टारगेट पर फर्जी यादव-मुस्लिम वोटर:SIR में अब वोट बचाने-कटवाने की टेंशन, जानिए सपा का प्लान एसआईआर का दूसरा चरण 6 जनवरी से शुरू हो रहा। इसे लेकर सियासी दल चौकन्ना है। सपा, भाजपा हो या फिर बसपा और कांग्रेस। सभी दल अपने-अपने वोटर को संजोने के लिए रणनीतियां बना रहे। पहले चरण की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद माना जा रहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं में सक्रियता कम रही। यहां तक कि भाजपा के लोग भी मान रहे कि पहले चरण में समाजवादी पार्टी ने अधिक सक्रिय होकर काम किया है और अपने वोटर को बचाने की हर कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर
मनुष्य को समाज का ऋण उतारकर जाना चाहिए : निगोले
खरगोन | शहर के जानकी नगर में सवाई सिंह मंडलोई के उत्तर कार्यक्रम में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर समाजसेवी बलीराम निगोले ने कहा कि मनुष्य पर जन्म से तीन ऋण होते हैं- देव ऋण, पितृ ऋण और समाज ऋण। समाज ऋण ही व्यक्ति को मानवीय रीति-रिवाज, रहन-सहन और जीवन जीने की सीख देता है। कार्यक्रम में भाई देवीसिंह मंडलोई व पुत्र लक्की मंडलोई द्वारा आदिवासी समाज धर्मशाला व छात्रावास के लिए 11 हजार रुपए की राशि भेंट की गई। साथ ही ग्राम समाज धर्मशाला के लिए बर्तन भी प्रदान किए गए। समाजजनों ने कहा कि आज के भौतिकवादी दौर में परंपराओं की तुलना में विवेक को महत्व देना जरूरी है। समाज में व्याप्त कुरीतियों, व्यसनों, दिखावटी फैशन और अनावश्यक खर्च वाली परंपराओं को बंद किया जाना चाहिए। धन का सदुपयोग बच्चों की शिक्षा, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं और पौधरोपण जैसे कार्यों में किया जाना चाहिए, ताकि दिवंगत आत्मा को अक्षय पुण्य प्राप्त हो सके।
अब ई-टोकन प्रणाली से किसानों को मिलेगा खाद
भास्कर संवाददाता | बड़वानी जिले में 1 जनवरी से खाद का वितरण ई-टोकन प्रणाली से होगा। ई-विकास प्रणाली के संबंध में कलेक्टर कार्यालय के सभागृह में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जिले के सहकारी व निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रेताओं शामिल हुए। प्रशिक्षण में बताया किसानों की भूमि की जानकारी जैसे क्षेत्रफल, फसल प्रकार की जानकारी एग्री स्टेक पोर्टल से प्राप्त कर उर्वरक की आवश्यकता का अनुमान लगाया जाता है। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने के लिए किसान को फार्मर रजिस्ट्री/फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य होगा। फार्मर आईडी क्षेत्र के पटवारी या लोकल यूथ से संपर्क कर बनाई जा सकेगी। फार्मर रजिस्ट्री होने के बाद किसान का ई-विकास पोर्टल पर पंजीयन कर ई- टोकन जारी करेंगे। जिसके आधार पर किसान नजदीक के डीलर फसल की मांग अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। निमेश जैन भोपाल से लाइव जुड़कर ई-विकास प्रणाली पोर्टल पर आईडी जनरेट से लेकर टोकन जारी करना, उर्वरक वितरण तक की जानकारी दी। ई-विकास प्रणाली किसानों को उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और सुगमता प्रदान करने के लिए विकसित की गई है। ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत किसानों को उर्वरक प्राप्ति के लिए एक डिजिटल टोकन प्रदान किया जाता है। जिसमें उनकी आवश्यकतानुसार उर्वरक की मात्रा, वितरण केंद्र, तिथि एवं समय का उल्लेख होता है। इससे वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ कम होती है और किसानों को लंबी कतारों से राहत मिलती है। अपर कलेक्टर सोहन कनास, उप संचालक कृषि केसी वास्केल, जिला विपणन अधिकारी आर टेंबरे, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी संजय शर्मा, एसएलआर शीतल सोलंकी, कृषि विभाग के मैदानी अमले, जिले के सभी पैक्स, विपणन संघ, एमपी एग्रो, मार्केटिंग के अफसर-कर्मचारी व निजी व्यापारी उपस्थित थे।
यूपी की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले फिर से गठबंधन की बिसात बिछने लगी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांशीराम की पुण्यतिथि पर भले ही बड़े दलों से दूरी का ऐलान कर दिया हो। लेकिन, बिहार चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बदले तेवरों ने सियासी चर्चाओं को नई हवा दे दी है। सवाल ये नहीं कि बसपा गठबंधन में जाएगी या नहीं। सवाल है कि अगर मायावती ने रुख बदला तो यूपी की सत्ता का गणित किस हद तक उलट-पलट सकता है। दैनिक भास्कर ने सपा, बसपा और कांग्रेस के नेताओं और राजनीतिक जानकारों से बात की। यह समझने की कोशिश की कि क्या बसपा को लेकर कांग्रेस और सपा की ओर से पर्दे के पीछे कोई सियासी बातचीत चल रही? सपा-बसपा साथ आए तो क्या राजनीतिक तस्वीर बनेगी? बसपा और कांग्रेस ने गठबंधन में 2027 विधानसभा का चुनाव लड़ा तो किसे नुकसान पहुंचाएंगे? अगर सपा-कांग्रेस के महागठबंधन में बसपा भी शामिल हुई तो भाजपा का चुनावी गणित कितना प्रभावित होगा? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मायावती के ऐलान के बाद भी क्यों छिड़ी चर्चाबसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 9 अक्टूबर, 2025 को कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में सभा की थी। इसमें ऐलान किया था कि बसपा भविष्य में किसी बड़े राजनीतिक दल से गठबंधन नहीं करेगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। हालांकि, उन्होंने समान विचारधारा वाले छोटे दलों से गठबंधन के विकल्प खुले रखे। राजनीति में किसी भी संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। बिहार चुनाव के नतीजों के बाद बसपा को लेकर कांग्रेस और सपा के सुर बदले नजर आ रहे। यूपी कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि अगर बसपा इंडिया ब्लॉक में शामिल होना चाहे, तो उसका स्वागत किया जाएगा। क्योंकि, राजनीति में संभावनाएं कभी खत्म नहीं होतीं। अगले दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी इसी तरह का बयान दिया। कहा कि कांग्रेस वटवृक्ष है और अगर बसपा साथ आना चाहे, तो उसका स्वागत है। हालांकि, आखिरी फैसला शीर्ष नेतृत्व लेगा। सपा की ओर से देवरिया जिले के सलेमपुर से सांसद रमाशंकर राजभर ने भी कहा कि यदि बसपा पीडीए के साथ आती है, तो उसका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूपी में भाजपा बनाम पीडीए की लड़ाई चल रही। इस लड़ाई में जो भी साथ आएगा, उसका स्वागत किया जाएगा। यूपी में भले ही बसपा और कांग्रेस के बीच कभी औपचारिक गठबंधन न रहा हो। लेकिन, 1995 के गेस्ट हाउस कांड के बावजूद सपा और बसपा 2019 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन कर चुके हैं। वहीं, सपा और कांग्रेस ने भी पिछला लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था। ऐसे में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बनने वाले तीन संभावित गठबंधनों के सियासी समीकरणों को समझना जरूरी हो जाता है। यूपी में गठबंधन की 3 संभावनाएं बनेंगी इंडी गठबंधन में बसपा शामिल होती है, तो क्या बनेगा समीकरणवरिष्ठ पत्रकार रतन मणि लाल के मुताबिक, पिछले एक साल से बसपा खुद को राजनीतिक तौर पर मजबूत करने की कोशिश कर रही। इसके तहत पार्टी ने संगठन में बदलाव किए हैं। भतीजे आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। बिहार चुनाव में बसपा को जहां एक सीट पर जीत मिली, वहीं 7 सीटों पर उसके प्रत्याशियों ने मजबूत चुनौती पेश की। बसपा यूपी में जहां अपने कोर वोटरों को सहेजने में जुटी है, वहीं मुस्लिम मतदाताओं को भी पार्टी से जोड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इसके लिए मुस्लिम भाईचारा कमेटी बनाई गई है। खुद मायावती यह संदेश देने में लगी हैं कि मुस्लिम समर्थन के बल पर भाजपा को हराने में बसपा ही निर्णायक भूमिका निभा सकती है। समाजवादी पार्टी को 2014, 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों में मुस्लिमों का भरपूर समर्थन मिला। इसके बावजूद भाजपा को सत्ता में आने से रोका नहीं जा सका। वहीं, 2007 में मुस्लिमों के लगभग एक चौथाई समर्थन के सहारे बसपा ने अपने दम पर सरकार बनाई थी। बसपा ने 9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर लाखों की भीड़ जुटाकर यह भी जता दिया था कि उसे पूरी तरह से हाशिए पर नहीं डाला जा सकता। हाल के दिनों में मायावती ने भाजपा के प्रति बहुत अधिक कटुता भी नहीं दिखाई। इससे संकेत मिलते हैं कि वह सपा और कांग्रेस के साथ इंडी गठबंधन में शामिल होने का विकल्प खुला रख सकती हैं। हालांकि, बिहार में इंडी गठबंधन में शामिल आरजेडी, कांग्रेस सहित अन्य दलों के खराब प्रदर्शन ने यूपी में सपा और कांग्रेस की चिंता जरूर बढ़ा दी है। क्या बसपा इस गठबंधन में शामिल होगी?वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र दुबे 2019 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हैं। तब भाजपा को रोकने के लिए सपा, बसपा और रालोद के बीच महागठबंधन हुआ था। उस समय राजनीतिक और मीडिया हलकों में माना जा रहा था कि यह गठबंधन भाजपा को भारी नुकसान पहुंचाएगा, लेकिन नतीजे इसके बिल्कुल उलट आए। सपा अपने पारिवारिक गढ़ की केवल 5 लोकसभा सीटें ही जीत सकी, जबकि मायावती के नेतृत्व में बसपा के 10 सांसद लोकसभा पहुंचे। 2019 के लोकसभा चुनाव में यह भी सामने आया कि सपा-बसपा-रालोद के बीच औपचारिक गठबंधन तो हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं के स्तर पर दूरियां बनी रहीं। मौजूदा समय में गांवों में सपा और बसपा के कोर वोटरों के बीच टकराव की स्थिति और ज्यादा दिखाई देती है। यादव और कुर्मी जैसे ओबीसी समुदायों के राजनीतिक रूप से मजबूत होने के साथ ही उनकी तल्खी दलित समुदाय के साथ बढ़ती गई। असर यह हुआ कि 2019 में पहली बार यह देखने को मिला कि बसपा के वोट सपा की ओर ट्रांसफर नहीं हुए। जबकि, सपा के वोटों का ट्रांसफर बसपा की ओर हुआ था। ये हालात आज भी बड़े स्तर पर बदले नहीं हैं। 2019 में बसपा 38 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जबकि सपा 37 सीटों पर। रालोद 3 सीटों पर और अमेठी-रायबरेली की सीटों पर कांग्रेस को समर्थन दिया गया था। इससे साफ है कि सीट बंटवारे में बसपा कभी भी जूनियर पार्टी की भूमिका स्वीकार नहीं करेगी। भले ही उसे सीनियर दल का दर्जा न मिले, लेकिन कम से कम बराबरी की सीटों से कम पर बसपा समझौता करने को तैयार नहीं होगी। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए सपा अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का त्याग कर पाएगी? इसका जवाब फिलहाल ‘न’ ही नजर आता है। यानी सपा-बसपा-कांग्रेस के बीच महागठबंधन की संभावना बेहद कमजोर दिखती है। गठबंधन होने पर कितना फायदा और भाजपा को कितना नुकसानसपा और बसपा के बीच पहली बार 1993 में गठबंधन हुआ था। उस समय यूपी की 425 विधानसभा सीटों में से बसपा ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा। 67 सीटें जीतीं, जबकि सपा ने 256 सीटों पर चुनाव लड़कर 109 सीटों पर जीत दर्ज की। उस दौर में दोनों दलों के वोट एक-दूसरे को प्रभावी रूप से ट्रांसफर हुए थे। बाबरी विध्वंस के बाद भी भाजपा बहुमत से दूर रह गई थी। हालांकि, यह गठबंधन 1995 में गेस्ट हाउस कांड के चलते टूट गया था। इसके 25 साल बाद 2019 में दोनों दल फिर साथ आए। लेकिन समय के साथ दोनों के कोर वोटरों के बीच पैदा हुई कटुता आज भी बरकरार है। जमीनी स्तर पर इस कटुता को खत्म करने के लिए तीनों दलों को चुनाव से काफी पहले गठबंधन करना होगा। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल और भरोसा कायम करने पर गंभीरता से काम करना पड़ेगा। तभी यह गठबंधन मुस्लिम, दलित और यादव वोटबैंक के सहारे करीब 45 फीसदी वोट हासिल कर सकता है। क्या सपा-बसपा में गठबंधन की संभावना है?बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल इस तरह की किसी भी संभावना को सिरे से खारिज करते हैं। उनका कहना है कि 9 अक्टूबर के कार्यक्रम में बसपा प्रमुख मायावती साफ कर चुकी हैं कि पार्टी किसी बड़े राजनीतिक दल से गठबंधन नहीं करेगी। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद भी मायावती ने कहा था कि गठबंधन से बसपा को कोई फायदा नहीं हुआ। बसपा उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। हालांकि, समान विचारधारा वाले छोटे दलों के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं। लेकिन, किसी भी तरह का फैसला केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष ही लेंगी। फिलहाल पार्टी संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार रतन मणि लाल के मुताबिक, सपा और बसपा दोनों के लिए उत्तर प्रदेश सबसे अहम राज्य है। दोनों ही दल यहां सत्ता में रह चुके हैं। भले ही किसी तरह सीटों का तालमेल बन भी जाए, लेकिन सबसे बड़ा पेंच मुख्यमंत्री पद को लेकर फंसेगा। बसपा प्रमुख मायावती कभी भी सपा की जूनियर पार्टी बनकर यूपी की राजनीति करना पसंद नहीं करेंगी। वहीं, केवल भाजपा को हराने के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी छोड़ने को तैयार नहीं होंगे। ऐसे में सपा-बसपा के बीच गठबंधन की संभावना फिलहाल दूर-दूर तक नजर नहीं आती। सपा-बसपा में गठबंधन हुआ तो भाजपा को नुकसान?राजनीतिक विश्लेषक 2022 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हैं। उस चुनाव में सपा को करीब 32 और बसपा को लगभग 13 फीसदी वोट मिले थे। अगर ये वोट पूरी तरह बरकरार रहते हैं, तो दोनों दल मिलकर करीब 45 फीसदी वोट हासिल कर सकते हैं। 2022 में भाजपा को करीब 41 फीसदी वोट मिले थे। इस लिहाज से देखें तो सपा-बसपा का गठबंधन भाजपा को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, राजनीति में गणित का फॉर्मूला हमेशा काम नहीं करता। परिस्थितियां तय करती हैं कि एक और एक का जोड़ 11 बनेगा या शून्य। वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र दुबे कहते हैं कि सपा और बसपा के बीच आज भी गहरी तल्खी है। उनके कोर वोटर यादव और दलित के बीच गांवों में टकराव की स्थिति दिखाई देती है। 2019 में गठबंधन के बावजूद आए नतीजों ने साफ कर दिया था कि अब यह कोई स्वाभाविक गठबंधन नहीं रह गया है। बसपा-कांग्रेस में गठबंधन की क्या संभावना हैवरिष्ठ पत्रकार रतन मणि लाल मानते हैं- बसपा-कांग्रेस गठबंधन की संभावना अपेक्षाकृत अधिक है। बिहार चुनाव के नतीजों के बाद जिस तरह कांग्रेस वहां राजद से दूरी बनाने की तैयारी कर रही है, उसका असर यूपी में भी दिख सकता है। बिहार में कमजोर प्रदर्शन के चलते सपा कांग्रेस को कम सीटें देना चाहती है। वहीं, कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में मिले प्रदर्शन के आधार पर यूपी में 100 से 125 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जता रही। ऐसे में कांग्रेस बसपा के साथ जाने का विकल्प तलाश सकती है। भले ही बसपा और कांग्रेस ने कभी यूपी में प्री-पोल गठबंधन नहीं किया हो, लेकिन सत्ता के दौर में दोनों के बीच समन्वय रहा है। 2007 में जब यूपी में बसपा की सरकार थी और केंद्र में कांग्रेस नीत यूपीए की सत्ता थी, तब दोनों दलों के बीच एक संतुलन बना रहा। कांग्रेस के साथ गठबंधन कर बसपा मुस्लिम वोटरों को अपने साथ जोड़ सकती है। जबकि, कांग्रेस का ओबीसी और सवर्ण वोटरों में भी प्रभाव माना जाता है। इसके अलावा 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए यूपी में खोने के लिए बहुत कुछ नहीं है। वह विधानसभा चुनाव से पहले अधिक से अधिक सीटों पर लड़कर संगठन मजबूत करना चाहेगी। ऐसे में बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ना कांग्रेस के लिए फायदेमंद हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषक सैयद कासिम के मुताबिक, बसपा-कांग्रेस गठबंधन से कांग्रेस को भले ही यूपी में सीमित फायदा मिले, लेकिन उत्तराखंड और पंजाब जैसे राज्यों में उसे बड़ा फायदा हो सकता है। वहां कांग्रेस इस गठबंधन के दम पर सत्ता की प्रमुख दावेदार बन सकती है। बसपा-कांग्रेस का गठबंधन होने से सपा को नुकसानवरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र दुबे के अनुसार, बसपा-कांग्रेस गठबंधन से दोनों दलों को भले ही बड़ा फायदा न हो, लेकिन इसका सबसे ज्यादा नुकसान सपा को होगा। बसपा और कांग्रेस के साथ आने से दलित वोट इस गठबंधन के पक्ष में एकजुट होंगे। वहीं, मुस्लिम वोटों का भी बड़ा हिस्सा उनके साथ जा सकता है। इससे सपा का पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण कमजोर पड़ जाएगा और पार्टी एक बार फिर M-Y (मुस्लिम-यादव) समीकरण तक सिमट कर रह सकती है। इस स्थिति में सपा के लिए यूपी की सत्ता तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाएगा। अगर 2022 के विधानसभा चुनाव को आधार मानें, तो उस समय बसपा को करीब 13 फीसदी और कांग्रेस को लगभग ढाई फीसदी वोट मिले थे। दोनों के साथ आने पर यह आंकड़ा 18 से 20 फीसदी तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में प्रदेश में त्रिकोणीय मुकाबला बनेगा। 2022 में भी कई सीटों पर सपा को बसपा के चलते हार का सामना करना पड़ा था। त्रिकोणीय लड़ाई की स्थिति में भाजपा को फायदा और सपा को सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना रहेगी। अगर सपा-कांग्रेस का मौजूदा गठबंधन ही बना रहा तो क्या होगी तस्वीरबसपा सुप्रीमो मायावती 9 अक्टूबर, 2025 को ही साफ कर चुकी हैं कि बसपा 2027 का विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। उन्होंने सपा और भाजपा दोनों के साथ हुए पुराने गठबंधनों को असफल बताते हुए कहा था कि अकेले चुनाव लड़ने पर ही 2007 में बसपा को सफलता मिली थी। अगर बसपा अकेले चुनाव लड़ती है, तो इसका सीधा असर सपा-कांग्रेस के वोटों पर पड़ेगा। जिसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा के करीब 9 फीसदी वोट ने कई सीटों पर हार-जीत का अंतर तय किया था। सपा-कांग्रेस गठबंधन भले ही मजबूत बना रहे, लेकिन दलित वोटों का पूर्ण ट्रांसफर संभव नहीं दिखता। इस बीच भाजपा गैर-यादव ओबीसी, नॉन-जाटव दलित और महिला वोटरों को साधने की रणनीति पर फोकस कर रही है। ऐसे हालात में भाजपा को बढ़त जरूर मिलती दिखती है, लेकिन 10 साल की सत्ता के बाद उभरने वाली एंटी-इनकंबेंसी सपा के लिए भी एक अवसर बन सकती है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें- यूपी में नए साल में होंगे 3 चुनाव, मायावती, चंद्रशेखर और पंकज चौधरी के लिए कैसा रहेगा 2026? जानिए... 2026 की दस्तक के साथ प्रदेश ही नहीं, देश की निगाहें यूपी में 2027 पर होने वाले विधानसभा चुनाव पर रहेंगी। 2027 की परीक्षा से पहले यूपी में भाजपा, सपा, अपना दल (एस), रालोद, सुभासपा, निषाद पार्टी, कांग्रेस, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और बसपा को तीन-तीन बड़े चुनावों से गुजरना होगा। इसी साल सभी पार्टियां दल-बदल से गुजरेंगी। पढ़िए पूरी खबर...
समस्या के निराकरण के लिए नियुक्त किए प्रभारी
भास्कर संवाददाता | बड़वानी इंदौर की घटना के बाद बड़वानी नगर पालिका अलर्ट मोड पर आ गई है। शनिवार को नगर पालिका अमले सहित जनप्रतिनिधियों ने शहर में वितरण होने वाले नर्मदा जल की विभिन्न वार्डांे से सैंपल लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग की जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए। वहीं शहर में पानी से संबंधित समस्या के निराकरण के लिए प्रभारी भी नियुक्त किए गए है। शनिवार को शहर में कई स्थानों पर पानी की लाइन लीकेज की समस्या पर नगर पालिका अमले ने गड्ढे खोदकर लाइन को दुरुस्त किया गया। शहर में जल प्रदाय पाइप लाइन में संभावित लीकेज की जांच सहित सुधार के लिए संबंधित जल प्रदाय प्रभारी और वाल्व ऑपरेटरों को तत्काल सर्वे करने के निर्देश दिए गए। जल आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। किसी भी समस्या की स्थिति में नागरिक संबंधित प्रभारी मुन्नालाल चौहान 8719017235 और जल वितरण प्रभारी अनिल जोशी 9993677513 को तत्काल सूचित करें। नपा के सहायक यंत्री पुष्पराज अजनारे ने बताया शनिवार को शहरी आजीविका मिशन अंतर्गत पंजीकृत समूह की महिला द्वारा पोर्टेबल टेस्ट कीट के माध्यम से शहर के विभिन्न ओवरहेड वाटर टैंक की जल गुणवत्ता का परीक्षण किया। लैब में दिए गए पानी के सैंपल में बैक्टीरिया की जांच रिपोर्ट तीन दिन में आएगी। शिकायत के आधार पर शहर में तीन स्थानों पर लीकेज की जांच कर दुरुस्त कराया गया। पिछले माह नपा द्वारा नर्मदा जल, पानी की टंकियों, घरेलू व शासकीय नलों के पानी के सैंपल लेकर पीएचई की लैब में जांच के लिए दिए थे। लैब में 14 प्रकार से पानी की भौतिक व रासायनिक जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार पानी में की गई क्लोरीन प्रक्रिया का परिणाम संतोषजनक और मानक अनुरूप पाया गया। जिला प्रशासन द्वारा शुद्ध जल प्रदाय प्रणाली के निरीक्षण के लिए जिपं सीईओ सहित सभी निकाय के सीएमओ, पीएचई और एनवीडीए के कार्यपालन यंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शहर में नहीं है पार्किंग की व्यवस्था
भास्कर संवाददाता | बड़वानी शहर में पार्किंग पार्किंग को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण मुख्य मार्गों के किनारे वाहनों को पार किया जाता है। रोजाना मुख्य मार्ग पर वाहनों की पार्किंग होती है। जिसके कारण मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बन रही है। शहर के एमजी रोड, कचहरी रोड पर पार्किंग को लेकर नगर पालिका द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है। हर बार सड़क सुरक्षा समिति की बैठक होने के बाद भी पार्किंग को लेकर कोई समन्वय नहीं बन पाया है। जिसके कारण कारण आए दिन जान की स्थिति बनती है। नगर पालिका द्वारा झंडा चौक पर वेंडर माल का निर्माण किया जा रहा है। इसकी शुरुआत के बाद लोगों को पार्किंग के लिए सुविधा मिलेगी।
अंजड़ नप के दो ट्रैक्टरों की बैटरी चुराकर ले गए बदमाश
बड़वानी | अंजड़ नगर परिषद के दो सरकारी वाहनों से बैटरी चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना शनिवार दोपहर को पता चली। आनंद भवन परिसर में खड़े दो ट्रैक्टरों को चोरों ने निशाना बनाया। कर्मचारी जब ट्रैक्टर स्टार्ट करने लगे तो वे स्टार्ट नहीं हुए। जांच करने पर पता चला दोनों ट्रैक्टरों से बैटरी गायब थीं और उनके तार कटे हुए थे। ट्रैक्टरों को धक्का मारकर स्टार्ट किया। चोरी से अंजड़ नगर परिषद को आर्थिक नुकसान हुआ। इससे नगर में सफाई और अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित होंगे। वाहन शाखा प्रभारी दरोगा अंबाराम कौशल मौके पर पहुंचे। उन्होंने आशंका जताई की चोरी शुक्रवार रात को हुई होगी। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
जिले में अब तक 2.65 लाख से अधिक फार्मर आईडी तैयार
भास्कर संवाददाता | बैतूल भारत सरकार द्वारा विकसित एग्रीस्टेक एक समग्र डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसका उद्देश्य किसानों के लिए एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार करना है। भारत सरकार के एग्रीस्टेक कार्यक्रम को प्रदेश में भी प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। केंद्र की अपेक्षाओं के अनुरूप फार्मर आईडी निर्माण तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जिले में अब तक 2.65 लाख से अधिक फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी हैं। कृषि विभाग द्वारा प्रमुख कृषक- उन्मुख योजनाओं के हितग्राही घटकों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराते हुए एग्रीस्टेक से एकीकृत किया जा रहा है, जिससे किसानों को अपने गांव या मोबाइल फोन पर ही योजनाओं की जानकारी मिलेगी और बिना किसी कागजी कार्यवाही के आवेदन की सुविधा उपलब्ध होगी। शासन द्वारा खरीफ 2026 से सभी विभागीय हितग्राही मूलक कृषक-उन्मुख योजनाओं में सहायता- अनुदान के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत जिले में शत- प्रतिशत पात्र कृषकों की फार्मर आईडी बनाए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है, ताकि आगामी खरीफ मौसम से सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी रूप से किसानों तक पहुंचाया जा सके।
जयवंती हॉक्सर की पुण्यतिथि मनाई
भास्कर संवाददाता | बैतूल शहर के पीएमश्री जेएच कॉलेज में शनिवार को दानदात्री मां जयवंती हक्सर की पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री डीडी उइके, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, जनभागीदारी अध्यक्ष घनश्याम मदान और प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे मौजूद थे। अटल सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में अपने- अपने संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली विद्यार्थियों विजय माहोरे, ज्योति सातपुते, साधना बाछड, रश्मि देशमुख, अजय भुसुमकर, प्राची प्रजापति, शिवा बेले, प्राची दोड़ेके को अतिथियों ने पुरस्कृत किया गया। युवा उत्सव के तहत राष्ट्रीय स्तर पर चयनित माइम एवं अम्मा नाटक का मंचन किया। इस मौके पर डीडी उइके ने अपने कहा कि पूरा जिला मां जयवंती का हमेशा ऋणी रहेगा। मोहन नागर ने कहा कि मां जयवंती ने जिले में शिक्षा की ऐसी अलख जगाई जो आज तक जल रही है। इस अवसर पर घनश्याम मदान ने विद्यार्थियों और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. मीनाक्षी चौबे ने कहा कि मां जयवंती ने जिले में शिक्षा की नींव रखी। इस कार्यक्रम में डॉ. अनिता सोनी, डॉ. धमेन्द्र, डॉ. बीडी नागले, डॉ. पल्लवी दुबे, डॉ. खुशाल देवधरे, डॉ. बीआर खातरकर, डॉ. चंदेल, डॉ. जीपी साहू, प्रो. शंकर सातनकर, प्रो. देवीसिंह सिसोदिया सहित अन्य लोग मौजूद थे।
कोरोना काल में बंद 3 ट्रेनें अब तक शुरू नहीं हुईं, यात्रियों को परेशानी
भास्कर संवाददाता | बैतूल कोरोना काल में देशभर में रेल सेवाएं ठप कर दी गई थीं। बाद में हालात सामान्य होने पर अधिकांश ट्रेनें दोबारा शुरू कर दी, लेकिन बैतूल जिले से होकर गुजरने वाली तीन महत्वपूर्ण ट्रेनें आज तक प्रारंभ नहीं हुईं हैं। नागपुर- भुसावल एक्सप्रेस, नागपुर-रीवा एक्सप्रेस और नागपुर-इटारसी पैसेंजर ट्रेन के संचालन शुरू न होने से जिले के यात्रियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन ट्रेनों को दोबारा शुरू करने की मांग लंबे समय से लोग कर रहे हैं। वहीं जिले के बैतूल, घोड़ाडोंगरी, आमला, मुलताई, बरबतपुर एवं ढोडरामोहर रेलवे स्टेशनों पर कई ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग हो रही है। लेकिन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण अब तक जिले के लोगों को इन ट्रेनों की दोबारा सेवा नहीं मिल पा रही। और न स्टॉपेज मिल पा रहे। जबकि रेलवे ने अब ट्रेनों को शुरू करने एवं स्टॉपेज की मांग एवं सुझाव का अधिकारी अधिकारियों से छीनकर सांसद को दे दिए हैं। अब ट्रेन संचालन और स्टॉपेज से जुड़े सुझाव मंडल अधिकारियों के बजाय सांसद रेलवे बोर्ड को भेज सकते हैं। लेकिन बैतूल के सांसद केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद स्वयं के जिले में सेवाएं प्रारंभ नहीं करा इससे उन पर सवाल उठ रहे हैं। नागपुर-भुसावल एक्सप्रेस एकमात्र ट्रेन थी जो नागपुर- इटारसी सेक्शन को खंडवा-भुसावल सेक्शन से जोड़ती थी। यही ट्रेन बैतूल जिले के यात्रियों को खंडवा दादाधाम सीधे भेजती थी। वहीं 22135- 22136 नागपुर-रीवा एक्सप्रेस जिले के लोगों के लिए रीवा और मैहर शारदा धाम जाने की एकमात्र सीधी ट्रेन थी। अब सांसद के पास है अधिकार अब ट्रेन संचालन और स्टॉपेज से जुड़े सुझाव मंडल अधिकारियों के बजाय सांसद रेलवे बोर्ड को भेज सकते हैं। यदि क्षेत्रीय सांसद इन ट्रेनों को दोबारा शुरू करने और स्टॉपेज की मांग को रेलवे बोर्ड तक पहुंचाएं, तो इन पर निर्णय संभव है। - यश जनबंधु , रेल पीआरओ नागपुर नागपुर-इटारसी पैसेंजर बैतूल- इटारसी के बीच एकमात्र पैसेंजर ट्रेन थी, जो सभी छोटे रेलवे स्टेशनों पर रुकती थी। इसके बंद होने से छोटे स्टेशनों के यात्रियों को अब केवल मेमू ट्रेन पर निर्भर रहना पड़ रहा है। खंडवा, नर्मदापुरम सहित अन्य संसदीय क्षेत्रों में सांसदों की मांग पर कोरोना काल में बंद ट्रेनों का दोबारा संचालन शुरू हो गया है। वहीं स्टेशनों पर कई ट्रेनों को स्टॉपेज भी स्वीकृत किए गए हैं। इसके विपरीत बैतूल जिले के सांसद केन्द्रीय राज्य मंत्री होने के बावजूद न तो कोरोना काल में बंद ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू हो सका है और न ही बैतूल सहित जिले के अन्य रेलवे स्टेशनों को नई ट्रेनों का स्टॉपेज मिल पाया है। इस स्थिति से क्षेत्रीय यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे इसे जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से जोड़कर देख रहे हैं।
40 फीट नीचे खाई में गिरी बाइक, दो युवकों की मौत
भास्कर संवाददाता | बैतूल घोड़ाडोंगरी तहसील के धसेड़ गांव के पास शुक्रवार रात को बाइक धसेड़ डेम से करीब 40 फीट नीचे खाई में जा गिरी। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को दोनों के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए। पुलिस के अनुसार घोड़ाडोंगरी के पीपरी निवासी शुभम (22) पिता कानूलाल उइके और श्याम (18) पिता अशोक गंजाम बाइक से धसेड़ डेम पर गए। वापस आने के दौरान बाइक का संतुलन बिगड़ गया जिससे बाइक डेम से करीब 40 फीट नीचे खाई में जा गिरी। घायलों को ग्रामीणों की मदद से घोड़ाडोंगरी अस्पताल भेजा गया। जहां इलाज के दौरान शुभम की मौत हो गई। वहीं प्राथमिक उपचार के बाद श्याम की हालत नाजुक होने पर बैतूल जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने श्याम को मृत घोषित कर दिया। श्याम का पोस्टमार्टम शनिवार सुबह बैतूल जिला अस्पताल में परिजनों की मौजूदगी में किया गया, जबकि शुभम का पोस्टमार्टम घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। सारनी थाना प्रभारी जयपाल इनवाती ने बताया कि धसेड़ डेम से बाइक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। हादसे में दो युवकों की मौत हुई है। दोस्त की बाइक लेकर आए थे युवक ने अपने दोस्त की बाइक मांगकर विक्रमपुर निवासी दोस्त के साथ दुधावानी गांव में दीया देव मेला घूमने गए। मेला घूमने के बाद दोस्त को विक्रमपुर गांव छोड़कर बाइक से शुभम और श्याम अपने घर पीपरी आने के लिए निकले। रास्ते में धसेड़ डेम से उतरने के दौरान बाइक अनियंत्रित हो गई और बाइक खाई में जा गिरी।
वाहन विक्रेता संघ ने परिवहन विभाग पर अवैध वसूली का लगाया आरोप
बैतूल| वाहन खरीदी बिक्री विक्रेता संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस सेवा दल के बैतूल ब्लॉक अध्यक्ष गोलू सोनी ने प्रदेश के परिवहन विभाग पर देश में सबसे अधिक टैक्स वसूली करने का आरोप लगाया है। सोनी ने कहा कि वर्ष 2014 के पहले वाहन फिटनेस टैक्स 2500 रुपए लिया जाता था, लेकिन वर्तमान में फिटनेस पेनाल्टी के नाम पर 50 रुपए प्रतिदिन की दर से राशि वसूली जा रही है, जिससे वाहन मालिकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि पहले टू-व्हीलर वाहन ट्रांसफर कराने में 1500 रुपए खर्च होते थे, अब 3 से 5 हजार रुपए तक कर दिए हैं। चार पहिया वाहनों के ट्रांसफर पर पहले 3 हजार लगते थे, जबकि अब 10 से 40 हजारतक वसूले जा रहे।
जनरल स्टोर में साढ़े 3 हजार रुपए सहित सामग्री चोरी
बैतूल| गंज थाना क्षेत्र के मंडी कॉम्प्लेक्स स्थित एक जनरल स्टोर को शुक्रवार रात चोरों ने निशाना बनाया। चोरों ने दुकान के ताले तोड़कर साढ़े तीन हजार रुपए नकद सहित कीमती कॉस्मेटिक्स सामान चोरी कर ले गए। चोरी की सूचना मिलने पर शनिवार सुबह गंज पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मंडी कॉम्प्लेक्स में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। दुकानदार लोकेश साहू ने बताया कि वे रोज की तरह रात में दुकान बंद कर घर चले गए थे। सुबह जब दुकान खोलने पहुंचे तो ताले टूटे मिले। दुकान के अंदर काउंटर में रखी लगभग साढ़े तीन हजार रुपए नकद गायब थे। इसके अलावा कॉस्मेटिक्स का सामान भी चोरी हो चुका था। एक दिन पहले ही नागपुर से करीब 10 हजार रुपए का नया कॉस्मेटिक्स सामान मंगवाया था, जिसकी पैकिंग तक नहीं खुली थी। चोर वह पूरा बॉक्स उठा ले गए।
अलसुबह से छाया रहा घना कोहरा, चना फसल को नुकसान की आशंका
भास्कर संवाददाता| पाडल्या नगर में शनिवार की अलसुबह घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय कोहरा इतना अधिक था कि नगर में शिमला-पचमढ़ी जैसे मौसम का अनुभव हुआ। चारों ओर सफेद कोहरे की चादर होने से दृश्यता बेहद कम हो गई। मुख्य मार्ग पर दोपहिया व चारपहिया वाहन चालक हेडलाइट चालू कर कम गति में गुजरे। नगरवासियों ने बताया कि अलसुबह कोहरा हलका था, लेकिन जैसे-जैसे सुबह होती गई कोहरा बढ़ता गया। सुबह 10.30 बजे के बाद कोहरे का असर धीरे-धीरे कम हुआ। लोगों ने इस नजारे को अपने मोबाइल में कैद किया। किसानों ने बताया घने कोहरे का असर चने की फसल पर पड़ सकता है। जिन किसानों की चने की फसल में फूल आ रहे हैं उन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
बाइक सवार को टक्कर मार डिवाइडर में घुसी कार, महिला-पुरुष घायल
भास्कर संवाददाता| निमरानी एबी रोड के बायपास पर शुक्रवार रात 9 बजे बाइक सवार को पीछे से टक्कर मार एक कार डिवाइडर में जा घुसी। साइड से टक्कर लगने से बाइक सवार महिला-पुरुष गंभीर रुप से घायल हो गए। टक्कर की आवाज सुनते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। महिला के कान व हाथ में गंभीर चोट आईं। मौजूद लोगों ने खलटांका पुलिस चौकी, डायल 112 व एंबुलेंस को सूचना दी लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। महिला की स्थिति देखते हुए लोगों ने तुरंत एक लोडिंग वाहन की व्यवस्था कर उसे ठीकरी शासकीय अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद जाम की स्थिति बन गई। खलटांका पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। लोगों ने कहा एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने का यह कोई पहला मामला नहीं है। क्षेत्र में कोई एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध नहीं है। नेशनल हाईवे की एंबुलेंस यहां से 25 किमी दूर बरूफाटक में खड़ी रहती है। हर बार घटना होने पर सूचित किया जाता है। लेकिन इसे यहां तक पहुंचने में कम से कम एक घंटे का समय लग जाता है। सरकारी एंबुलेंस की क्षेत्र में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। दिखावे के लिए औद्योगिक वेलफेयर एसोसिएशन ने एंबुलेंस को क्षेत्र की सुविधा के लिए लाकर रखा है लेकिन उसका अब तक इस्तेमाल नहीं हुआ है।
समय रहते कर लें भगवान की भक्ति व भजन
बोरावां | ग्राम सावदा में श्रीमद् देवी भागवत कथा जारी है। चौथे दिन शनिवार को कथावाचक पं. शिव गुरु ने कहा भगवान की भक्ति व भजन समय रहते कर लेना चाहिए। क्योंकि बुढ़ापे में भक्ति करने की शक्ति नहीं रहेगी और ना ही शरीर साथ देगा। सत्संग व भगवान का भजन करने से ही मां भगवती प्रसन्न होती है। हर पुत्र का धर्म है कि वह अपनी मां की सेवा निस्वार्थ भाव से करें। गुरु जी ने कहा जिस प्रकार एक बीज में कई फल होते हैं, लेकिन वह दिखाई नहीं देते हैं। ठीक उसी प्रकार मां भगवती की जितनी भी शक्तियां है, जितने भी रूप है, जितनी भी लीलाएं हैं वह हमें दिखाई नहीं देती, लेकिन सभी रूप व शक्तियां बीज मंत्र में समाहित होती है। बाहर के श्रद्धालुओं को उनके गांव तक छोड़ने की व्यवस्था निशुल्क की गई है।
हरियाणा में पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने कंपकंपी छुटा दी है। मौसम विभाग ने आज रविवार को प्रदेश के 13 जिलों में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 9 जिलों में कोल्ड-डे की स्थिति रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे, दिल्ली-हिसार हाईवे और केएमपी एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पंचकूला, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत, रोहतक और जींद में कोहरा छा सकता है। इसके अलावा सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखीदादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह और पलवल में कोल्ड-डे की स्थिति बनी रहेगी। शीत हवाओं के कारण शनिवार को महेंद्रगढ़ में पारा गिरकर 3.0C पर पहुंच गया, जो राज्य में सबसे कम है। हिसार में तापमान 5.2C और नारनौल में 4.5C रहा। अंबाला और चंडीगढ़ में दिन का तापमान 14.0C दर्ज किया गया। एक्सपर्ट ने बताया आगे कैसा रहेगा मौसम...
मध्य प्रदेश को 29 नए अपर कलेक्टर एक जनवरी से मिल गए हैं लेकिन इन्हें कम से कम दो माह तक एसडीएम या कलेक्टर कार्यालय में प्रभारी अधिकारी का ही काम करना होगा। 2 साल पहले अपर कलेक्टर बनने वाले सभी अधिकारियों को ही राज्य सरकार अभी तक जिलों में अपर कलेक्टर नहीं बना सकी है। अब 29 नए अधिकारियों के सामने आने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग को जल्दी ही इनकी पोस्टिंग का रास्ता निकालना होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने 31 दिसंबर को आदेश जारी कर एक जनवरी 2026 से 29 राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को प्रमोट किया है। इन अधिकारियों की अच्छी सीआर के आधार पर इन्हें वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान (संयुक्त कलेक्टर) से प्रवर श्रेणी वेतनमान (अपर कलेक्टर) देने का आदेश जारी किया गया है। 12 दिसम्बर 2025 को हुई विभागीय चयन समिति की बैठक के बाद क्रमोन्नत किए गए इन अधिकारियों की पोस्टिंग अभी जिलों में एसडीएम और संयुक्त कलेक्टर के रूप में है। इन्हें अब जिलों में अपर कलेक्टर या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के पद पद पदस्थ किया जाएगा क्योंकि दोनों ही पद समान वेतनमान और अधिकार वाले हैं। ये अधिकारी बने अपर कलेक्टर, पदस्थापना यथावत इनको भी मिला है प्रमोशन जो अन्य संयुक्त कलेक्टर अपर कलेक्टर पद पर प्रमोट हुए हैं उनमें रविशंकर राय भोपाल, बृजेन्द्र कुमार रावत नर्मदापुरम, लक्ष्मीकांत खरे भोपाल, मकसूद अहमद बैतूल, बृजेश सक्सेना उज्जैन, विनय द्विवेदी उपायुक्त राजस्व सागर संभाग, हुनेंद्र घोरमारे, मायाराम कौल बालाघाट, हेमलता सोलंकी खरगोन, ज्योति भलावे छिंदवाड़ा, दिनेश सिंह तोमर सीहोर, वीरेद्र सिंह दांगी राजगढ़, अयोध्या प्रसाद द्विवेदी मऊगंज, राजेश कुमार यादव उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल, जमील खान सीहोर, ममता खेड़े उपसंचालक प्रशासन अकादमी, विनीत तिवारी भोपाल के पद पर पदस्थ हैं। विभाग ने कहा है कि चार संयुक्त कलेक्टर अयोध्या प्रसाद द्विवेदी, राजेश कुमार यादव, जमील खान, ममता खेड़े, विनीत तिवारी को उनसे सीनियर अफसरों की जांच के चलते रहने और प्रमोशन का लिफाफा बंद रखने के चलते प्रमोट किया गया है। अगर सीनियर अफसरों की जांच खत्म हो जाती है और क्लीनचिट मिलती है तो अपर कलेक्टर के पद पर प्रमोट हो चुके अंतिम पांच अफसरों को क्रमावनत किया जाएगा। दो डिप्टी कलेक्टर बने संयुक्त कलेक्टरसामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में दो डिप्टी कलेक्टरों को प्रमोट कर संयुक्त कलेक्टर बनाया है। ये अधिकारी राकेश परमार डिप्टी कलेक्टर इंदौर और अनुराग निंगवाल डिप्टी कलेक्टर शिवपुरी हैं। 5 अधिकारी सीनियर अफर कलेक्टरइसके अलावा अपर कलेक्टर स्तर को पांच अफसरों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान पर क्रमोन्नत किया है। सीनियर अपर कलेक्टर की कैटेगरी में आने वाले ये अधिकारी महिप कुमार तेजस्वी उप सचिव सामान्य प्रशासन पूल, लक्ष्मी गामड़ अपर नियंत्रक गवर्नमेंट प्रेस भोपाल, प्रवीण फुलपगारे सीईओ जिला पंचायत दमोह, भुरला सोलंकी अपर कलेक्टर शाजापुर और महेंद्र सिंह कवचे अपर कलेक्टर दतिया हैं।
गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के एक ढाबा पर जमकर मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है। यहां मनबढ़ों ने ढाबा मालिक और कर्मचारी को लाठी, डंडे से दौड़ाकर पीटा। ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरे में सारी घटना कैद हो गई। यह वीडियो अब वायरल हो रहा है। इसमें एक आरोपी कहते दिख रहा है कि थाना-चौकी पर कॉल करके देख लो कोई मेरा कुछ बिगाड़ नहीं पाएगा। इसके बाद वह ढाबा मालिक पर हमला कर देता है। घटना के बाद ढाबा मालिक अनुज श्रीवास्तव ने 31 दिसंबर को एम्स थाने में तहरीर दी। जिसके आधार पर भोला विश्वकर्मा, रामकेश और दो अज्ञात के युवक के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब इस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। वहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। अब विस्तार से जानें पूरा मामला बस्ती जिले के रहने वाले अनुज श्रीवास्तव एम्स थाना क्षेत्र के माड़ापार में यार फैमिली ढाबा चलाते हैं। अनुज ने बताया कि 30 दिसंबर 2025 की रात 8:15 बजे मेरे ढाबे पर भोला विश्वकर्मा, रामकेश के साथ 2 अज्ञात युवक आए। जो मुंह पर गमछा लपेटे हुए थे। मेरे कर्मचारी राजीव जायसवाल से ये लोग कहासुनी करने लगे। मैंने उन्हें समझाने की कोशिश की। तब वे मुझे व मेरे कर्मचारी को रॉड और डंडे से मारने पीटने लगे। दोनों ही लोगों को हमले में काफी चोट आई है। मारपीट के बाद ढाबे पर लगा टेबल, कुर्सी और पंखा भी आरोपियों ने लाठी, डंडे से मारकर तोड़ दिया। आरोपियों ने धमकी दी कि तुम लोग ढाबा बंद करके चले जाओ, वरना जान से मार दिए जाओगे। ढाबा मालिक ने कहा कि हाईवे पर कारोबार करना मुश्किल है। इस घटना के बाद सभी लोग दहशत में हैं। एम्स थाना प्रभारी संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि घटना के बाद तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जबलपुर में चौथी वर्ल्ड रामायण डे कॉन्फ्रेंस चल रही है। 2 जनवरी को इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। रामायण कॉन्फ्रेंस का हिस्सा बनने के लिए दुनिया के कोने-कोने से राम भक्त पहुंचे हैं। अलग-अलग कलाकारों की प्रस्तुतियां हुईं हैं। इसी तरह का कार्यक्रम दूसरे दिन यानी 3 जनवरी को भी चला। वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में यूएसए, इंडोनेशिया, थाईलैंड, चीन, वियतनाम, नेपाल, श्रीलंका यहां तक कि बांग्लादेश से भी रामभक्त और रामायण प्रेमी पहुंचे। इन्हीं में से दैनिक भास्कर ने 5 देशों के रामभक्तों से बात की। रामायण पर रिसर्च के साथ पढ़ाते हैं प्रोफेसर डॉ. फान प्रोफेसर फान रामायण कॉन्फ्रेंस का हिस्सा बने। उन्होंने बताया कि वो वियतनाम की यूनिवर्सिटी ऑफ सोशल साइंस एंड ह्यूमैनिटी के एसोसिएट प्रोफेसर हैं। फान ने कहा कि मैं अपनी यूनिवर्सिटी और अपने देश में एनसिएंट कल्चर जैसे जांबाह और ओनाम पर रिसर्च कर रहा हूं। ये दोनों किंगडम भारतीय संस्कृति से प्रेरित हैं। हमारी रिसर्च के सामने आया कि रामायण हमारे देश में 7वीं शताब्दी में आ गई थी। वियतनाम के कई समुदाय इंडियन कल्चर से प्रभावित हैं। ये राम और सीता की वेडिंग एनिवर्सरी को सेलिब्रेट करते हैं। इनके डांस सेलिब्रेशन में भी रामायण के कैरेक्टर होते हैं जैसे हनुमान और रावण। कामिर कम्युनिटी हर हफ्ते इस डांस को परफॉर्म करती है। प्रोफेसर फान ने बताया कि ये इवेंट इंडिया के साथ साउथ एशियन देशों के लिए स्पेशल इवेंट है। क्योंकि मैं मानता हूं कि इंडिया के अलावा वहां भी रामायण बहुत फेमस है। इस कॉन्फ्रेंस में आए इंडियन स्कॉलर्स और दुनियाभर के आए स्कॉलर्स से रामायण के बारे में बहुत कुछ जाना है। ये मेरी रिसर्च के काम आएगा। हम वियतनाम में यूनिवर्सिटी के रामायण को पढ़ाते हैं। वियतनाम में एक थिएटर ग्रुप रामायण को परफॉर्म भी करता है। ये वियतनाम का फेमस थिएटर वर्क मन जाता है। यहां रामायण में सीता कहा जाता है हमारे वियतनाम में सेडा कहते हैं। मैने पर्सनली रामायण से प्रेम सीखा है। रामायण और सीता के बीच का प्रेम बेहद प्रेरणादायक है। चीन की जोया ने चीनी भाषा में ट्रांसलेट की श्रीमद्भागवत गीता जोया ने बताया कि वो चीन से हैं, लेकिन पिछले 25 सालों से आयरलैंड और माल्टा में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं यहां रामायण कॉन्फ्रेंस अटैंड करने आई हूं। इसके पीछे का कारण ये है कि भगवान राम और रामायण के प्रति मेरे दिल में प्रेम और पैशन है। उनकी कृपा से ही मैं यहां पहुंची हूं। अपने स्प्रिचुअल गुरु के जरिए मुझे यहां के कॉन्फ्रेंस की जानकारी लगी और मैं यहां पहुंची।मैंने 2 साल की मेहनत से श्रीमद्भागवत को चीन की भाषा में ट्रांसलेट किया है। ट्रांसलेशन सामान्य नहीं था। हिंदी से चीनी भाषा का सामान्य ट्रांसलेशन करना बहुत आसान है, लेकिन मैने उसकी मीनिंग समझते हुए उसे चीनी भाषा में ट्रांसलेट लियाम इसके लिए मैं पूरी तरह स्प्रिचुअल बनी भागवत गीता की मीनिंग को समझा। इसकी चीन में काफी चर्चा है। अब मेरा भविष्य का प्लान है कि अन्य वैदिक ग्रंथों का चीनी भाषा में ट्रांसलेट करूं। बांग्लादेश की शरीन ने कहा - रामायण से फेमिनिज्म स्ट्रांग हुआ जहां एक तरफ बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हो रहे अत्याचार और उनकी हत्याओं के विरोध में प्रदर्शन चल रहे हैं। आईपीएल टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने पर एक्टर शाहरुख खान के खिलाफ बयानबाजी चल रही है। इसी बीच जबलपुर में चल रहे वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में डॉ. शरीन शाहजहां नाओमी पहुंची। उन्होंने बताया कि वो एक एकेडमिक हैं और इको फेमिनिज्म पढ़ाती हैं। उन्होंने कहा, इको फेमिनिज्म पढ़ाने के दौरान मैने इंडियन इको फेमिनिस्ट वंदना शिवा को जाना। इको फेमिनिज्म के मुझे ये समझ आया कि नारी और प्रकृति शक्ति का स्वरूप है। हमें दोनों की रिस्पेक्ट करनी चाहिए। जब मुझे रामायण के बारे पता चला। मैने उसे पढ़ा तो यही रिस्पेक्ट वाली बात मुझे उसमें भी मिली। रामायण में भगवान राम की जो यात्रा है वो शक्ति के सम्मान के लिए समर्पित है। उनकी पूरी यात्रा सीता माता के लिए ही है। यही इको फेमिनिज्म है। मैं यही कहना चाहूंगी कि हिंदुस्तान में जो पश्चिमी पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है। उसके साथ रामायण भी पढ़ाई जानी चाहिए। मैं हर दिन 80 मिनट मेडिटेशन योग करती हूं। खास तौर पर सुदर्शन क्रिया करती हूं ये मुझमें रामायण की समझ बढ़ाती है। रामायण की महानता शब्दों से परे है। इसके बहुत से बेहतरीन मायने हैं। मैने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई की है। रामायण से जुड़ाव के पीछे शाहरुख खान की स्वदेश मूवी वजह है। मैं स्वदेश मूवी देख रही थी उसमें एक एक्ट्रेस रामायण से जुड़ा गाना गा रही थी, शाहरुख खान को इस बारे में बता रही थीं। उससे मैं प्रभावित हुई और गहराई से रामायण को जाना। आज की बहुत सी यांग महिलाओं को उनके पति के साथ रहने में टॉक्सिक्सिटी जैसी फिलिंग आ रही है। उनका फेमिनिज्म उन पर भरी पद रहा है। उनकी जिंदगी पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। वो रामायण पढ़ेंगी, समझेंगी तो उनको काफी मदद मिलेगी। उन्हें सीता के समर्पण से काफी कुछ सीखने को मिलेगा। इंडिया बांग्लादेश के रिश्तों वाले सवाल पर शरीन ने कहा, मुझे लगता है कि इंडिया बांग्लादेश के रिश्ते कुछ दिनों में ठीक हो जाएंगे। हिंदुओं की हत्याओं की जो बातें सामने आ रही हैं इसको लेकर इंडियन गवर्नमेंट चिंतित है। सिचुएशन को ऑब्जर्व कर रही है। बांग्लादेश सरकार भी ये नहीं चाहती। श्रीलंकाई वायलिनिस्ट डॉन दिनेश ने ॐ जय जगदीश हरे सुनाया कॉन्फ्रेंस में श्रीलंका के पॉपुलर वायलिनिस्ट डॉन दिनेश भी कॉन्फ्रेंस के शामिल होने आए हैं। दिनेश ने कहा कि मैं यहां इसलिए हूं, क्योंकि साल 2007 में मुझे रावण की लेगसी के वाद्य यंत्र मिले। किंगरी, कोटनकाछी, रावण हस्र, 16वीं 17वीं शताब्दी के हिस्टोरियन इसे रावण हाथ बोलते हैं। मैंने ब्रिटिश म्यूजियम में यूरोपियन पेंटर की बनाई एक पेंटिंग देखी थी जिसमें रावण हाथ मौजूद था। ये 12वीं 13वीं शताब्दी में बनाई गई थी।ये वही यंत्र था जिसके वर्जन के तौर पर हम यहां पायोनियर वायलिन कहकर यूज करते हैं। वेद और रामायण के मुताबिक तार के द्वारा बजने वाले दो तरह के यंत्र थे। रुद्र वीणा जिसे हाथ के बजाया जाता था और दूसरा रावण वीणा जिसे धनुष से बजाया जाता है। मैने इसके बारे में काफी रिसर्च की। फिर मैं पश्चिमी देशों के गया मैने वहां इन यंत्रों को रेट्रोड्यूस किया। इसके बाद मैं खुद से ही सेम रावण हाथ को श्रीलंका में रीइन्वेंट किया। श्रीलंका के बहुत से लोग हैं जो रावण को फॉलो करते हैं उनकी पूजा करते हैं। डॉन दिनेश ने मजाकिया लहजे में कहा कि सच कहूं तो यहां विलेन साइड को रिप्रेजेंट कर रहा हूं। भारत में जो ये कॉन्फ्रेंस हो रही है, बेहद प्यारा आयोजन है। मैं यहां बालासुब्रमण्यम से संपर्क के बाद पहुंचा हूं। बाला जी कोशिश कर रहे हैं कि श्रीलंका का जो रामायण का वर्जन है उसे इंडिया के वर्जन के साथ लाएं। साथ ही वो दुनिया में जहां जहां भी रामायण लिखी गई है उन्हें साथ लाकर दुनिया के सामने रखना चाहते हैं। सबके अलग-अलग मायने निकलेंगे उन्हें समझा जाएगा। मैं पश्चिमी देशों के जाकर उनके पायोनियर वायलिन के आधार को दिखाना चाहता हूं जो रावण की देन है। वेद की देन है। उन्होंने हमें रावण हाथ नाम के वाद्य यंत्र के जरिए ॐ जय जगदीश हरे बजा कर सुनाया। थाईलैंड के कित्ती फोन्ग ने हिंदी में बात कीकित्ती फोन्ग ने बात करते हुए कहा कि थाईलैंड से हम 7 लोगों की टीम यहां आई है। मैं थाईलैंड में हिंदी पढ़ाता हूं। मैं स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में पढ़ाता हूं। ये इंडियन एंबेसी में है, भारत सरकार के अंतर्गत आता है। मेरी दोस्त इकराची कत्थक सिखाती है। थाईलैंड की अपनी रामायण है। उसे रामकियन कहा जाता है यानी राम की रति। थाईलैंड में आयेंगे तो देखेंगे कि वहां की संस्कृति में भारतीयता का प्रभाव मिलता है। थाई भाषा में भी कई संस्कृत शब्द यूज किए जाते हैं। हमारे साथ कई विद्वान आए हैं जो थाई हैं। उन्हें भारत सरकार से पद्मश्री जैसे सम्मान मिले हैं। उन्होंने भारतीय ग्रंथों का थाई भाषा में अनुवाद किया है। ये खबर भी पढ़ें... वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में देखें सैंड आर्ट मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। 2, 3 एवं 4 जनवरी को शहर के मानस भवन में होने वाले इस आयोजन में शामिल होने के लिए ना सिर्फ भारत बल्कि कई देशों से रामायण को जानने और सुनने वाले पहुंचे हैं। कार्यक्रम में भाग लेने बौद्ध भिक्षु श्रीलंका के उडुगामा सारनाथिसा और लाओस के आचरन सिफान डान भी पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया के भी कलाकार एवं साहित्यकार जबलपुर पहुंचे हैं।पूरी खबर पढ़ें स्वामी रामभद्राचार्य बोले- राष्ट्रग्रंथ घोषित हो रामचरित मानस जबलपुर में शुक्रवार से 3 दिवसीय वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन हो रहा है। कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि आज देश में शांति-शांति नहीं, बल्कि क्रांति-क्रांति हो रही है। रामचरित मानस को राष्ट्र ग्रंथ घोषित करना चाहिए। पीएम मोदी गांधी जी के भक्त हैं, विपक्ष के लोग भी भक्त हैं। मनरेगा का नाम बदलने को लेकर भी बहुत जगह विवाद चल रहा है। गांधी जी ने कीर्तन प्रारंभ किया था कि रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम।पूरी खबर पढ़ें
रिम्स का केली बंगल नंबर 2 खाली, नेम प्लेट हटा, गेट पर लगा ताला
रिम्स परिसर स्थित केली बंगला नंबर-2 आखिरकार खाली करा लिया गया। हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी आशीष सिंहमार के नाम से अलॉट यह बंगला उनके झारखंड से जाने के बाद खाली नहीं कराया जा सका था। शनिवार को बंगले के बाहर लगा नेम प्लेट और बोर्ड हटा लिए गए, वहीं मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ पाया गया। सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह बंगला खाली कराया गया। आईएएस सिंहमार मार्च 2014 में प्रतिनियुक्ति पर झारखंड आए थे। यहां उन्हें एनआरएचएम का अभियान निदेशक बनाया गया था। इसी दौरान उन्हें रिम्स का केली बंगला नंबर-2 सरकारी आवास के रूप में आवंटित किया गया था। 10 वर्षों से किराया नहीं मिला रिम्स प्रशासन के अनुसार, बंगला अलॉट होने के 10 वर्षों में एक बार भी किराया जमा नहीं किया गया। इसे लेकर रिम्स निदेशक ने पूर्व में राज्य सरकार को पत्र लिखकर बंगला खाली कराने के साथ-साथ अलॉटमेंट की तिथि से अब तक का बकाया किराया वसूलने की मांग की थी।
वर्ष 2025 में वन्य जीव संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्था वाइल्ड लाइफ SOS ने मथुरा,आगरा में 1300 से ज्यादा जीव,जंतुओं का रेस्क्यू किया। संस्था से जुड़े कर्मियों ने एक वर्ष के दौरान सबसे ज्यादा अलग अलग जगह से सरीसृप का रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए जीव जंतुओं को उनके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। आश्रय छीनने से शहरों की तरफ आ जाते हैं जीव जंतु वाइल्डलाइफ एसओएस ने वर्ष 2025 में आगरा,मथुरा और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगभग 1,300 जंगली जानवरों को बचाया है।तेजी से होते शहरीकरण, प्राकृ़तिक आवास का घटना और चरम जलवायु प्रदुषण अनगिनत प्रजातियों को खतरे में डाल रही हैं। प्राकृतिक आवासों के सिकुड़ने और इंसानों द्वारा किये जा रहे अतिक्रमण बढ़ने के कारण, जंगली जानवर भोजन, पानी और आश्रय की तलाश में शहरी क्षेत्रों में जाने के लिए विवश हो रहे हैं। भीषण गर्मी, ठंडी हवाएँ और मानसून वन्यजीवों के सामने आने वाली चुनौतियों को और बढ़ा रही हैं। परिणामस्वरूप, वाइल्डलाइफ एसओएस की हेल्पलाइन पर स्तनधारियों, सरीसृपों और पक्षियों से संबंधित सैकड़ों कॉल प्राप्त हुए, जिन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता थी। 600 सरीसृपों का किया रेस्क्यू उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से, वाइल्डलाइफ एसओएस ने पूरे वर्ष बचाव अभियान चलाए, जिससे समय पर जहां भी संभव हो, सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके। बचाए गए जानवरों में 600 से अधिक सरीसृपों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया। इनमें मगरमच्छ, मॉनिटर लिज़र्ड और सांपों की कई प्रजातियां जैसे कि वुल्फ स्नेक, अजगर और कोबरा शामिल थे। जिनमें से कई आवासीय क्षेत्रों, स्कूलों, व्यवसायिक स्थलों और खेतों के अंदर पाए गए थे। 433 स्तनधारियों को भी बचाया संस्था ने नीलगाय, हॉग डियर, लकड़बग्घा, तेंदुए का शावक, सांभर हिरण और कई बंदर सहित 433 स्तनधारी जीवों को भी बचाया। इसके अलावा 295 पक्षियों को भी बचाया गया। जिनमें भारतीय मोर, बगुला और चील शामिल थीं। यह संस्था की पर्यावास में व्यवधान, चोटों, निर्जलीकरण या जाल में फंसने से प्रभावित पक्षी प्रजातियों की सहायता करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चुनौतीपूर्ण और प्रेरणादायक रहा वर्ष 2025 वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण, ने कहा 2025 चुनौतीपूर्ण और प्रेरणादायक दोनों रहा है। अप्रत्याशित मौसम और मानवीय दबावों के कारण वन्यजीवों पर बढ़ते खतरों के बावजूद टीम ने त्वरित और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देना जारी रखा। यह उपलब्धि कर्मचारियों, स्वयंसेवकों के समर्पण और वन विभाग की सहायता के बिना संभव नहीं होती। वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव गीता शेषमणि, ने कहा हर बचाव अभियान भारत की जैव विविधता के संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी की याद दिलाता है। शहरीकरण के विस्तार के साथ, अधिक से अधिक जानवर मानव-प्रधान क्षेत्रों में देखे जाते हैं, और उन्हें सुरक्षित मार्ग और पुनर्वास प्रदान करने की हमारी जिम्मेदारी और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एम.वी. ने कहा मगरमच्छों से लेकर पक्षियों और बड़े स्तनधारियों तक हर बचाव अभियान हमारी टीम की दक्षता को दर्शाता है, जो अक्सर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करती है।
अभी हर माह हार्ट की 12 से 15 जटिल सर्जरी हो रही, मशीन आने से 25 होंगी
रिम्स के कार्डियो थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग में हृदय व फेफड़ों से जुड़ी जटिल सर्जरी को लेकर बड़ी पहल की जा रही है। प्रबंधन ने एडवांस हार्ट-लंग मशीन की खरीद के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस अत्याधुनिक मशीन के रिम्स आने के बाद ओपन हार्ट सर्जरी की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और मरीजों का वेटिंग पीरियड भी काफी हद तक कम हो जाएगा। वर्तमान में सीटीवीएस विभाग में हर महीने औसतन 12 से 15 ओपन हार्ट सर्जरी हो पा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, नई हार्ट-लंग मशीन के आने के बाद यह संख्या बढ़कर 25 से 30 प्रतिमाह तक पहुंच सकती है। रिम्स में फिलहाल एक ही हार्ट-लंग मशीन उपलब्ध है, जिससे हर ओटी वाले दिन केवल एक सर्जरी संभव हो पाती है। दूसरी मशीन आने से एक ही दिन में दो सर्जरी करने का रास्ता खुलेगा। मशीन की अनुमानित कीमत 1.2 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपए के बीच है। पिछले 3-4 वर्षों में बढ़े हार्ट सर्जरी के मरीज सीटीवीएस विभाग के डॉक्टरों के अनुसार 3-4 साल पहले तक रिम्स में हार्ट सर्जरी के लिए मरीजों की संख्या काफी कम थी। लेकिन बीते कुछ वर्षों में लोगों का भरोसा बढ़ा है और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि अब संसाधनों के विस्तार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। अगर नई हार्ट-लंग्स मशीन के साथ मैनपावर और ओटी की सुविधाएं भी बढ़ा दी जाती हैं तो रिम्स में हार्ट के मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा। इससे गरीब मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। नई मशीन आने के बाद काफी कम होगा दबाव जानकारी के अनुसार, रिम्स में हर महीने हार्ट और लंग से जुड़ी जटिल सर्जरी के लिए 30 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। संसाधनों की सीमित उपलब्धता के कारण इनमें से आधे मरीजों की ही सर्जरी हो पाती है, जबकि शेष को लंबा इंतजार करना पड़ता है या बाहर रेफर होना पड़ता है। नई मशीन के आने से इस दबाव में काफी कमी आने की उम्मीद है। मशीन की अनुमानित कीमत 1.2 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपए है हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि केवल हार्ट-लंग्स मशीन की खरीद से ही सर्जरी की संख्या नहीं बढ़ेगी। इसके लिए मैनपावर सपोर्ट बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है। वर्तमान में सीटीवीएस विभाग में केवल दो सर्जन कार्यरत हैं। विभाग में दो ऑपरेशन थिएटर मौजूद हैं, लेकिन सपोर्ट स्टाफ की कमी के कारण सिर्फ एक ओटी ही पूरी तरह फंक्शनल है। दोनों ऑपरेशन थिएटर को एक साथ चालू रखने के लिए दो पूर्ण ओटी टीम की आवश्यकता होगी। एक टीम में सर्जन के अलावा परफ्यूजनिस्ट, एनेस्थेटिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और अन्य सपोर्ट स्टाफ शामिल होते हैं। फिलहाल विभाग में केवल एक ही ओटी टीम उपलब्ध है, जिससे कार्यक्षमता सीमित हो रही है।
रिम्स : 2025 में 8.5 लाख ने ओपीडी में कराया इलाज, 63 हजार सर्जरी भी
राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में जनवरी से दिसंबर 2025 के दौरान इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक दायरा देखने को मिला। पूरे साल में रिम्स की ओपीडी में 8 लाख 58 हजार 977 मरीजों ने इलाज कराया, जबकि 78,101 मरीजों को भर्ती (आईपीडी) किया गया। गंभीर बीमारियों के इलाज के साथ-साथ सर्जरी, जांच और प्रसव सेवाओं में भी रिम्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इधर, रिम्स में इलाज के दौरान 10,165 मरीजों की मौत भी दर्ज की गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक मरीज निजी अस्पतालों से रेफर होकर आए थे, जिन्हें अत्यंत गंभीर अवस्था में रिम्स भेजा गया था। रिम्स में वर्ष 2025 के दौरान कुल 63,926 सर्जरी की गईं। इनमें 20,995 मेजर और 42,931 माइनर सर्जरी शामिल हैं। आंकड़ा दर्शाता है कि रिम्स न केवल सामान्य इलाज, बल्कि जटिल और गंभीर सर्जरी का भी प्रमुख केंद्र है। 1.40 लाख जांच, रेडियोलॉजी पर दबावएक साल में कुल 1,40,779 जांचें की गईं। एक्स-रे 90,758 मरीजों की हुई। अल्ट्रासाउंड 23,868 और सीटी स्कैन 26,153 शामिल हैं। रेडियोलॉजी विभाग पर भारी दबाव रहा। वहीं 35,735 ईसीजी व 17,580 इको-कार्डियोग्राफी हुई। रिम्स में 2025 में 5214 बच्चों का जन्मरिम्स में साल 2025 में 5214 नवजात शिशुओं का जन्म हुआ। इनमें 2,773 लड़के और 2,441 लड़कियां शामिल हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में रिम्स की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक मरीज निजी अस्पतालों से रेफर होकर आए थे, जिन्हें अत्यंत गंभीर अवस्था में रिम्स भेजा गया था। रिम्स में वर्ष 2025 के दौरान कुल 63,926 सर्जरी की गईं। इनमें 20,995 मेजर और 42,931 माइनर सर्जरी शामिल हैं। आंकड़ा दर्शाता है कि रिम्स न केवल सामान्य इलाज, बल्कि जटिल और गंभीर सर्जरी का भी प्रमुख केंद्र है।
तीनों डैम व हिनू, हरमू नदी की होगी ड्रोन मैपिंग, पिलर लगेगा
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रांची के जलाशयों को एक बार फिर अतिक्रमणमुक्त करने की कवायद शुरू होगी। कांके,धुर्वा, गेतलसूद डैम और हरमू-हिनू नदी की वास्तविक सीमा का पता लगाने के लिए ड्रोन मैपिंग की जाएगी। मूल नक्शा से डैम और नदी के क्षेत्र का मिलान किया जाएगा। इसके बाद कब्जा वाले क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके बाद जलाशयों को अतिक्रमण से बचाने के लिए चारों ओर पिलर लगाए जाएंगे। डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने शनिवार को धुर्वा डैम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पदाधिकारियों को धुर्वा डैम सहित सभी जलाशयों का सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा। इसके लिए रोस्टर के अनुसार टीम को काम सौंपने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि जलाशयों को अतिक्रमण मुक्त करने के बाद उसके सौंदर्यीकरण की योजना भी तैयार करें। साथ ही एक बार अतिक्रमण हटने के बाद दुबारा कब्जा न हो, इसके लिए पूरी योजना तैयार करने के लिए कहा गया। 85 करोड़ खर्च, पर नहीं बदली सूरत, पेमेंट नहीं तो मेंटनेंस बंदहरमू नदी के जीर्णोद्धार का काम 2015 में शुरू हुआ था। इस पर नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको ने करीब 85 करोड़ रुपए खर्च किए। 20 से 30 फीट चौड़ाई में फैली नदी सिमट कर 10 फीट में रह गई। नदी के जीर्णोद्धार का काम करने वाली कंपनी को ऑपरेशन- मेंटनेंस का पैसा नहीं दिया गया। इसके बाद कंपनी ने दो साल पहले साफ-सफाई का काम पूरी तरह बंद कर दिया। हरमू नदी में100 सफाई मित्र उतरे, कचरा साफ नहीं हुआ निगम प्रशासक सुशांत गौरव के निर्देश पर निगम की टीम शनिवार को हरमू नदी की सफाई कराने उतरी। करीब 100 सफाईकर्मी, पोकलेन सहित अन्य संसाधन लगाए गए। इसके बावजूद नदी से सारा कचरा साफ नहीं हुआ। हालांकि, हरमू मुक्ति धाम के पास वर्षों से जमे कचरा, प्लास्टिक, गाद व गंदगी निकाले गए। इस दौरान निगम प्रशासक स्वयं जायजा लेने पहुंचे थे।
विमेंस हॉकी इंडिया लीग: एसजी पाइपर्स 3-1 से जीता, जेएसडब्ल्यू सूरमा की लगातार चौथी हार
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में शनिवार को खेले गए विमेंस हॉकी इंडिया लीग मुकाबले में एसजी पाइपर्स ने जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब को 3-1 से हराकर अपनी मजबूत दावेदारी कायम रखी। इस हार के साथ झारखंड की स्टार खिलाड़ी सलीमा टेटे की अगुआई वाली सूरमा हॉकी क्लब लगातार चौथा मुकाबला हार गई और बिना एक भी अंक के टूर्नामेंट से बाहर हो गई। मैच में सूरमा ने 12वें मिनट में पेनी स्क्विब के पेनाल्टी कॉर्नर गोल से बढ़त बनाई, लेकिन एसजी पाइपर्स ने तेज प्रतिक्रिया देते हुए लोला रिएरा, ज्योति सिंह और सुनेलिता टोप्पो के गोल से मुकाबले को अपने नाम कर लिया। रणनीति व फिनिशिंग ने बदला रुख मैच का निर्णायक मोड़ पहले क्वार्टर में ही आ गया, जब सूरमा की बढ़त के तुरंत बाद एसजी पाइपर्स ने लगातार पेनाल्टी कॉर्नर हासिल कर दबाव बनाया और लोला रिएरा ने बराबरी का गोल दाग दिया। इस गोल ने सूरमा की लय तोड़ दी। दूसरे क्वार्टर में ज्योति सिंह का फील्ड गोल पाइपर्स की बेहतर सर्कल पोजिशनिंग और तेज ट्रांजिशन का नतीजा था। इसके बाद सूरमा ने बराबरी के कई मौके बनाए, लेकिन पेनाल्टी कॉर्नर पर कमजोर कन्वर्जन और फिनिशिंग की कमी भारी पड़ती चली गई।आज का मैच...श्राची राढ़ बंगाल टाइगर्स रांची रॉयल्स : दोपहर 3 बजे से।
हरियाणा में सोनीपत में प्रापर्टी एनओसी घोटाला उजागर होने के बाद अब दो और जिले गुरुग्राम और रोहतक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB) ने इंटरनल जांच शुरू करने जा रहा है। विभाग दूसरे जिलों के म्यूनिसिपल कमिश्नर और टेक्निकल ऑफिसर्स को शामिल कर कमेटी बनाकर जांच को कराएगा। ये कमेटी पिछले दो साल यानी 2023-24 और 2024-25 में कॉलोनियों को जारी की गई नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की जांच करेगी। यूएलबी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन दो जिलों के बाद अन्य जिलों में भी दूसरे जिलों के अधिकारियों को लेकर कमेटी बनाई जाएगी और जांच की जाएगी। विभाग ने इन वजहों से लिया फैसला... ULB डिपार्टमेंट ने ऐसे कराई जांच वैध कॉलोनी के लिए क्या हैं नियम
वित्त विभाग:शिक्षा विभाग-वित्त विभाग के बीच फंसे 5 हजार शिक्षक, 100 करोड़ वसूली होगी
प्रदेश के 5 हजार से अधिक शिक्षक वित्त विभाग के एक आदेश को लेकर असमंजस में हैं। शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को बिना पद सृजित किए ही शहर के स्कूलों में पोस्टिंग दे दी। वेतन ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के खाली पड़े पदों से दिया गया। अब वित्त विभाग ने इन शिक्षकों को दिए गए शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता तथा शहरी क्षतिपूर्ति को गलत बताते हुए वसूली के आदेश जारी किए हैं। आदेश के बाद 5 हजार शिक्षकों से करीब 100 करोड़ रुपए वसूल करने की तैयारी है। अब शिक्षक परेशान है कि उनको शिक्षा विभाग ने पोस्टिंग दी थी। वेतन की जिम्मेदारी भी शिक्षा विभाग की थी। इसमें उनकी क्या गलती है। वित्त विभाग के आदेश के कारण इन शिक्षकों का 3 माह से वेतन भी अटका हुआ है। वित्त विभाग के आदेश के अनुसार ग्रामीण इलाके के खाली पदों से उठाए गए वेतन के साथ शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता तथा शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता शामिल नहीं होगा। अगर किसी शिक्षक को भुगतान किया गया है तो उनसे वसूली की जाएगी। विभाग ने अप्रैल 2023 के बाद दिए गए भत्ते की वसूली के आदेश जारी किए हैं। प्रत्येक शिक्षक से 1.75 लाख से लेकर 2 लाख तक की वसूली हो सकती है। यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपए के करीब है। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने शिक्षकों की यह समस्या शिक्षा सचिव तक पहुंचाई है। प्रदेश महामंत्री महेंद्र लखारा और अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल का कहना है कि वित्त विभाग के आदेश से शिक्षकों में रोष है। यह है मामला : पिछली सरकार में इन शिक्षकों को चयन के बाद काउंसलिंग के लिए महात्मा गांधी स्कूलों में स्थायी पोस्टिंग दी गई थी। तब विभाग की ओर से कहा गया था कि इन स्कूलों में पद सृजित करेंगे। अभी तक शिक्षकों के पद सृजित नहीं हुए हैं। इन शिक्षकों का वेतन दूसरे स्कूलों से ही उठ रहा है। अब वित्त विभाग के आदेश ने इन शिक्षकों की नींद उड़ा दी है। पद सृजित करने का काम शिक्षा विभाग का है। हम शहरी क्षेत्र में काम कर रहे हैं तो हमें शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता तथा शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता मिला है। वेतन देना विभाग का काम है। इनका कहना है...शहरी क्षेत्र में काम करने पर शिक्षक शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता व शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता लेने के हकदार है। वित्त विभाग इनसे वसूली नहीं कर सकता। पद सृजित करने को लेकर अधिकारियों की लापरवाही की सजा शिक्षकों को नहीं भुगतने देंगे। वित्त विभाग आदेश वापस लें। -रामकृष्ण अग्रवाल, प्रदेशाध्यक्ष, अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने और पूरे मामले की मुझे अभी जानकारी नहीं है। पता कर उचित कार्रवाई की जाएगी। -सीताराम जाट, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा
रिम्स में जल्द शुरू होगा किडनी ट्रांसप्लांट, नौ को होगा फैसला
रांची के राज अस्पताल को भी मिल सकती है अनुमति झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में जल्दी ही किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होगी। करीब पांच साल से अटकी यह प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचने वाली है। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी कमेटी की नौ जनवरी को एक अहम बैठक होने वाली है। इसमें रिम्स के साथ ही रांची के राज अस्पताल को भी किडनी ट्रांसप्लांट के लिए रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस देने पर विचार किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में इन दोनों अस्पतालों को किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति देने पर चर्चा होगी। स्वास्थ्य विभाग भविष्य में इन अस्पतालों के अलावा अन्य सरकारी अस्पतालों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है। रिम्स ने 2020 में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग को भेजा था वहां से इसे केंद्र सरकार को भेजी गई थी। जुलाई 2021 में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए को-ऑर्डिनेटर की नियुक्ति का इंटरव्यू भी कराया गया। लेकिन 2022 में कुछ तकनीकी और संरचनात्मक कमियों का हवाला देते हुए फाइल लौटा दी गई। रिम्स को फिर प्रस्ताव देने को कहा। इसी बीच अगस्त 2023 में रिम्स को ब्रेन डेड घोषित करने की अनुमति मिली। इसे ट्रांसप्लांट की दिशा में अहम पड़ाव माना गया। फिर सितंबर 2023 में रिम्स ने संशोधित प्रस्ताव भेजा। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए यह है प्रक्रिया... सबसे पहले निदेशक-प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में तकनीकी समिति का गठन किया जाता है। यह समिति संबंधित अस्पताल का स्थल निरीक्षण करती है। निरीक्षण के दौरान बुनियादी ढांचे, विशेषज्ञ फैकल्टी, नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ब्लड बैंक, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन सिस्टम समेत सभी आवश्यक संसाधनों का गहन मूल्यांकन किया जाता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर एडवाइजरी कमेटी तय करती है कि संबंधित अस्पताल सभी मानकों और अर्हताओं को पूरा करता है या नहीं। फिर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक में अंतिम फैसला होता है। राज्य में अभी कहां है ट्रांसप्लांट की व्यवस्था? -राज्य में अभी सिर्फ एक निजी अस्पताल में यह सुविधा है। अधिकतर मरीज इसके लिए दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े अस्पतालों पर निर्भर हैं। इससे मरीजों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है। सरकारी अस्पताल में यह सेवा शुरू होने से खासकर गरीब मरीजों को काफी राहत मिलेगी। रिम्स में ट्रांसप्लांट शुरू होने पर कितना खर्च आएगा? - निजी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट पर अमूमन 10 से 20 लाख रुपए का खर्च आता है। रिम्स में यह सुविधा शुरू होने से ऑर्गन मिलने के बाद ट्रांसप्लांट नि:शुल्क हो सकेगा। लोगों को इसके लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना होगा। झारखंड में किडनी रोग के कितने मरीज हैं? - स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसा कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है। लेकिन एक्सपर्ट डॉक्टरों के मुताबिक विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले 100 में से 5 मरीज किडनी रोग के मिलते हैं। रिम्स इसके लिए कितना तैयार है? यहां कितने एक्सपर्ट हैं? - रिम्स किडनी ट्रांसप्लांट के लिए करीब तीन साल से तैयार है। यहां नेफ्रोलॉजी के एक्सपर्ट के अलावा यूरोलॉजी के भी डॉक्टर हैं। सुपर स्पेशियलिटी विंग है, जहां एक्सपर्ट एनेस्थेटिस्ट भी तैनात हैं। अनुमति मिलने के बाद सेवा शुरू होने में कितना समय लगेगा? - एडवाइजरी कमेटी की नौ जनवरी को होने वाली बैठक में अगर अनुमति मिल जाती है तो अधिकतम छह महीने में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू हो जाएगा।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा शनिवार को 16 पर पहुंच गया। 150 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। अलग-अलग हॉस्पिटल के ICU में भर्ती लोगों को एक जगह शिफ्ट किया जा रहा है। शनिवार शाम 6 बजे के बाद ऐसे 12 मरीज बॉम्बे हॉस्पिटल के ICU में लाए गए। उधर, कोलकाता से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैक्टीरियोलॉजी की टीम इंदौर पहुंची है। यह टीम भागीरथपुरा से सीधे पानी के सैंपल लेकर बैक्टीरिया की गहराई से जांच करेगी, ताकि संक्रमण के स्रोत और फैलाव की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की डायरेक्टर सलोनी सिडाना भी शनिवार को इंदौर पहुंचीं। उन्होंने अलग-अलग अस्पतालों में जाकर मरीजों का हाल जाना। कहा- हमने 15 डॉक्टर्स अन्य जिलों से इंदौर में बुलाए हैं। दवाइयां और रेपिड टेस्ट किट भी मंगाई हैं। कांग्रेस-BJP कार्यकर्ता भिड़े, पूर्व मंत्री-विधायक को हिरासत में लियाशनिवार को कांग्रेस की पांच सदस्यीय जांच समिति भागीरथपुरा के लोगों से मिलने पहुंची थी। यहां बीजेपी कार्यकर्ता सामने आ गए। उन्होंने 'बाहरी लोग वापस जाओ' के नारे लगाए तो कांग्रेसी 'घंटा पार्टी मुर्दाबाद' के नारे लगाने लगे। इसी दौरान किसी ने पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की तरफ चप्पल भी फेंकी। आखिरकार, पुलिस ने मोर्चा संभाला। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार, प्रताप गरेवाल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को हिरासत में लिया। गाड़ी में बैठाकर उन्हें भागीरथपुरा से बाहर ले गए। तस्वीरों में देखिए, भागीरथपुरा में शनिवार को क्या-क्या हुआ... 11 जनवरी से प्रदेशस्तरीय आंदोलन करेगी कांग्रेसकांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- अगर 11 जनवरी के पहले नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा और मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारी, महापौर पर एफआईआर नहीं होती है तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में धरना देगी। पटवारी ने शनिवार को नर्मदापुरम में मीडिया से बातचीत में कहा- सरकार ने एक जान के बदले 2 लाख का मुआवजा दिया, चार अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया..ये जनता के साथ धोखा है। प्रदेश की एक पंचायत में सरकारी अधिकारी मात्र दो घंटे में डेढ़ लाख के ड्रायफ्रूट्स खा गए और यहां एक जान की कीमत मात्र 2 लाख रुपए। मुख्यमंत्री ये किस तरीके का मध्य प्रदेश बना रहे हैं? पटवारी ने कहा- इससे पहले 26 बच्चों की मौत दवा पीने से हुई। अस्पताल में चूहों ने नोंचकर बच्चों को मार डाला, किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। मंत्रियों को अपनी जवाबदारी लेनी पड़ेगी। कैलाश विजयवर्गीय को इस्तीफा देना पड़ेगा। जल संसाधन मंत्री ने ली महापौर-निगम अफसरों की बैठकइंदौर में गंदे पानी की समस्या को लेकर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शनिवार को कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम के अफसरों के साथ बैठक की। इसमें शहर के अलग-अलग इलाकों की समीक्षा की गई। अधिकारियों के बीच कार्य विभाजन किया गया। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... मौतों की जिम्मेदारी किसकी? पार्षद तो छोटा आदमी... इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 16 मौतों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। दैनिक भास्कर ने जब इस इलाके के विधायक और प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पूछा कि चूक कहां हुई? तो उन्होंने कहा इस त्रासदी के लिए 200 फीसदी अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने माना कि ये सिस्टम की नाकामी है, जिसकी जवाबदेही सरकार की है। पढ़ें पूरी खबर...
मध्यप्रदेश में सर्दी के सीजन में पहली बार सबसे लंबा कोहरा छा रहा है। शनिवार को भोपाल में पूरे दिन घना कोहरा रहा। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी असर देखा गया। इस वजह से दिन में तेज ठंड रही। 11 शहरों में पारा 20 डिग्री से नीचे ही रहा। ऐसा ही मौसम अगले 2 से 3 दिन तक बना रह सकता है। कोहरे के साथ कोल्ड वेव यानी, शीतलहर भी चलेगी। कोहरे की वजह से दिल्ली की तरफ से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली मालवा, सचखंड, शताब्दी एक्सप्रेस समेत एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें हर रोज 30 मिनट से 6 घंटे तक लेट है। रविवार को भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। रविवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, शाजापुर समेत कई जिलों में कोहरे का असर देखा जा रहा है। इसलिए ऐसा मौसमसीनियर मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया, पूरे उत्तर भारत में कोहरा छा रहा है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, बिहार में भी ऐसी स्थिति है। दरअसल, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के गुजरने के बाद मौसम में नमी पर्याप्त है। अगले एक-दो दिन तक कोहरा तो रहेगा, लेकिन इतने समय तक नहीं रहेगा। अगले 2 दिन इन जिलों में घना कोहरा जनवरी में कोल्ड वेव, बारिश के आसारसीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, इस बार दिसंबर में प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई। मौसम साफ रहा। भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में 15 से 16 दिन तक कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चली। ऐसा ही मौसम जनवरी में भी बना रहेगा। साल के पहले ही दिन ग्वालियर में हल्की बारिश हुई। भोपाल और इंदौर में भी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की माने तो जनवरी में 15 से 20 दिन तक शीतलहर चल सकती है। कड़ाके की ठंड का दौर दूसरे सप्ताह में शुरू होगा, जो आखिरी तक बना रहेगा। रात में पारा बढ़ा, लेकिन दिन में लुढ़का, दतिया सबसे ठंडामौसम विभाग के अनुसार, इस समय रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन शीतलहर की वजह से दिन का तापमान 20 डिग्री से नीचे आ गया है। शनिवार को प्रदेश के 5 बड़े शहर- भोपाल में 20.2 डिग्री, इंदौर में 21.9 डिग्री, ग्वालियर में 18.6 डिग्री, उज्जैन में 20.8 डिग्री और जबलपुर में 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, दतिया में पारा सबसे कम दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 16.6 डिग्री रहा। इसी तरह रीवा में 17 डिग्री, नौगांव में 17.3 डिग्री, सीधी में 17.6 डिग्री, उमरिया में 18 डिग्री, दमोह में 19 डिग्री, सतना में 19.2 डिग्री, खजुराहो में 19.4 डिग्री, श्योपुर में 19.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 20 डिग्री, रतलाम में 20.2 डिग्री, पचमढ़ी में 20.8 डिग्री, धार में 21.3 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरी ओर, अधिकांश शहरों में रात के तापमान में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। ग्वालियर में पारा 7.7 डिग्री पर आ गया। भोपाल में यह 11 डिग्री रहा। इंदौर में 12.6 डिग्री, उज्जैन में 13.3 डिग्री और जबलपुर में 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री रहा। शिवपुरी में 6 डिग्री, दतिया में 6.6 डिग्री, राजगढ़ में 8.2 डिग्री, मंडला में 8.9 डिग्री और रतलाम में 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों में तापमान 10 डिग्री से अधिक पहुंच गया। इस बार कड़ाके की ठंड का दौरइस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। मौसम विभाग ने नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान जताया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चलेगी। इसलिए बढ़ेगी ठंडपहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी से एमपी में सर्दी का असर बढ़ेगा। सुबह घने कोहरे के अलावा कोल्ड वेव यानी, शीतलहर, कोल्ड डे और तेज ठंड का असर भी बना रहेगा।मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को जेट स्ट्रीम (ठंडी-गर्म हवा का नदी जैसा बहना) की रफ्तार 278 kmph तक पहुंच गई। इस वजह से दिन में सर्द हवाएं चल रही हैं। क्या होती है जेट स्ट्रीम?मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12.6 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 285 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरीमौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिल बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का अहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था।24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
झारखंड में मौसम ने एक बार फिर सर्दी का असर बढ़ा दिया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह ठंड और कोहरे का असर बना हुआ है, जबकि रात में तापमान गिरने से कंपकंपाती ठंड महसूस की जा रही है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिल रही है। राजधानी रांची समेत प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। जबकि न्यूनतम तापमान 6 से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। रांची में अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री और न्यूनतम 12.3 डिग्री दर्ज किया गया। जमशेदपुर में अधिकतम 25.4 और न्यूनतम 10.5 डिग्री, डाल्टनगंज में अधिकतम 25.6 और न्यूनतम 8.3 डिग्री, बोकारो में अधिकतम 25.1 और न्यूनतम 11.2 डिग्री तथा देवघर में अधिकतम 24.4 और न्यूनतम 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। इन जिलों में ज्यादा ठंड, कहीं दिन में भी सर्दी मौसम केंद्र, रांची की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में सबसे कम तापमान गुमला में 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि गुमला में दिन का अधिकतम तापमान 23.6 डिग्री रहने से धूप के कारण दिन में अच्छी राहत मिली। वहीं लातेहार ऐसा जिला रहा, जहां दिन के वक्त भी ठंड ज्यादा महसूस की गई। यहां अधिकतम तापमान केवल 18.7 डिग्री और न्यूनतम 9.8 डिग्री दर्ज हुआ। चाईबासा में राज्य का सबसे अधिक 26.8 डिग्री अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया है। शेष जिलों में अधिकतम तापमान 21 से 26 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन रात का पारा गिरने से ठंड का असर और बढ़ सकता है। घने कोहरे का अलर्ट, यातायात पर पड़ सकता है असर मौसम विभाग ने 5 जनवरी तक राज्य के 11 जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं। खासकर 4 जनवरी को राज्य के उत्तरी हिस्सों में घना कोहरा देखने को मिल सकता है। कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सुबह के समय सावधानी बरतने, धीमी गति से वाहन चलाने और फॉग लाइट के इस्तेमाल की सलाह दी है। किसानों और आम लोगों के लिए सलाह जारी बढ़ती ठंड और नमी को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आलू, सब्जियों और सरसों की फसल को रोग से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा गया है। कम तापमान और नमी के तनाव से बचाव के लिए सब्जियों में हल्के पानी के छिड़काव और नर्सरी को पॉलिथीन से ढकने की सलाह दी गई है। वहीं आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं और आने वाले कुछ दिनों तक झारखंड में सुबह ठंड व कोहरे के साथ दिन में साफ और सुहावना मौसम बना रहेगा।
धुर्वा डैम को पर्यटन स्थल बनाएं, इसकी कार्ययोजना बनाएं अधिकारी: सीएम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि धुर्वा डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करें। इसके लिए जल्दी ठोस कार्ययोजना तैयार करे। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही रांची शहर के पर्यटन नक्शे का यह प्रमुख आकर्षण होगा। नए साल पर धुर्वा डैम और अन्य पिकनिक स्पॉट का निरीक्षण करने गए मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए। उन्होंने वहां की भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन विकास की संभावनाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने चाय की चुस्की के साथ रांची की हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य का भी आनंद लिया। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों एवं नागरिकों से उनकी समस्याएं सुनीं तथा सुझाव लिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार जनसहभागिता के माध्यम से क्षेत्र के समग्र विकास को प्राथमिकता देगी। मुख्यमंत्री ने कहा धुर्वा डैम न केवल रांची का महत्वपूर्ण जल स्रोत है, बल्कि यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं भी हैं। सरकार इन संभावनाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित करेगी। सोरेन ने धुर्वा स्थित ज्यूडिशियल अकादमी झारखंड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान की अधोसंरचना एवं प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए।
अगर आपका मोबाइल फोन चोरी हो जाए या गुम हो जाए तो अब थाने का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज हो जाएगी। यहीं से आप मोबाइल नंबर भी ब्लॉक करा सकेंगे। डिजिटल पुलिसिंग के तहत झारखंड पुलिस ने अपनी वेबसाइट https://citizen.jhpolice.gov.in पर आम लोगों के लिए यह सुविधा शुरू की है। ताकि लोगों को बेवजह परेशानी न झेलनी पड़े। दरअसल अभी मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर थाने का चक्कर लगाना पड़ता है। चोरी की बात साबित न कर पाने की स्थिति में गुम होने की शिकायत करनी पड़ती है। वहीं मोबाइल नंबर ब्लॉक करवाने के लिए भी अलग से संबंधित कंपनी को आवेदन देना पड़ता है। इससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी हैऐसे कर सकेंगे मोबाइल चोरी या गुम होने की शिकायत सबसे पहले https://citizen.jhpolice.gov.in पर लॉग इन करना होगा। लॉग इन करते ही Add Lost/Stolen Mobile Blocking Request का एक ऑप्शन दिखेगा। उस पर क्लिक करते ही एक नया विंडो खुल जाएगा। विंडो खुलते ही पहले ऑप्शन में डिवाइस के संबंध में जानकारी देनी होगी। जिसमें दो सिम के नंबर के बारे में विस्तृत जानकारी देने का ऑप्शन मिलेगा। मोबाइल के ब्रांड व आईएमईआई नंबर के बारे में जानकारी देनी होगी। इसके बाद मोबाइल गुम हुआ या चोरी हुई, इसके बारे में बताना होगा। हादसे के प्रकार में चोरी या गुम का ऑप्शन मिलेगा। कहां चोरी हुई या खोया, किस तारीख को घटना हुई, जिला व संबंधित थाना क्षेत्र की जानकारी दिए गए ऑप्शन में शिकायतकर्ता को भरना होगा। शिकायतकर्ता को अपने बारे में भी पूरी जानकारी देनी होगी मोबाइल धारक को भी अपने संबंध में पूरी जानकारी देनी होगी। इसमें नाम व पूरा पता देने के अलावा एक पहचान पत्र (आधार, पैन, पासपोर्ट, राशन कार्ड, आर्म्स लाइसेंस में से कोई एक) संलग्न करना होगा। अपना ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर भी देना होगा। दिए गए मोबाइल नंबर पर आवेदन जमा करते ही उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। शिकायतकर्ता को यह भी बताना होगा कि वह झारखंड के किस जिले का रहने वाला है और उसका संबंधित थाना कौन सा है। ताकि आवेदन संबंधित थाने को भेजा जा सके और संबंधित थाने की पुलिस शिकायतकर्ता से संपर्क कर सके।
स्टेकिंग, भौतिक सत्यापन सजगता से करें: कलेक्टर
भास्कर न्यूज | राजनांदगांव कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में धान खरीदी के मद्देनजर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, पटवारियों, समिति प्रबंधकों एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों में वास्तविक किसानों की उपज की ही खरीदी करना है। इसमें किसी प्रकार की गलती नहीं होनी चाहिए। किसानों को धान खरीदी केन्द्रों में धान की बिक्री में दिक्कत नहीं होनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए। कलेक्टर ने अवैध धान खपाने का प्रयास करने वाले कोचियों एवं बिचौलियों पर निडर होकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अंतरराज्यीय सीमाओं पर अवैध धान के परिवहन को रोकने के लिए लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए। किसान को कोचियों एवं बिचौलियों की जानकारी मिलने पर फोन के माध्यम से सूचित कर सकते हैं। उन्होंने धान खरीदी केन्द्रों में भौतिक सत्यापन का कार्य सावधानी के साथ करने कहा। बदलाव या अन्य कार्य करने पर पंचनामा अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए और इसकी सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को देने के लिए कहा। स्टेकिंग के कार्य को अच्छे से कराने कहा। जिससे भौतिक सत्यापन सही तरीके से हो सके।
मैनेजर ने 3.38 लाख रुपए का किया गबन
राजनांदगांव| ममता नगर में स्थित भारत फाइनेंस कंपनी के मैनेजर पर 3 लाख 38 हजार रुपए के गबन की शिकायत हुई है। कोतवाली पुलिस ने उक्त मैनेजर पर एफआईआर दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी नागेश्वर साहू कंपनी में मैनेजर के पद पर पदस्थ था। जिसका काम लोन की किस्त को कंपनी के खातें में जमा करना था। नागेश्वर साहू ने 3 लाख 38 हजार रुपए के लोन किस्त की राशि कंपनी खाते में जमा न कर खुद इस्तेमाल किया।
राजा भानपुरी में आज रिकॉर्डिंग डांस स्पर्धा
राजनांदगांव | मां भवानी सेवा समिति संगम चौक ग्राम राजा भानपुरी में 4 जनवरी को रिकार्डिंग डांस स्पर्धा रखी गई है। कार्यक्रम शाम 6 बजे शुरू होगा। मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष किसान सेना एवं दुर्ग संभाग शिवसेना अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव होंगे। अध्यक्षता सरपंच राजा भानपुरी प्रभादास वैष्णव करेंगे। तैयारी की जा चुकी है।
मैदान की सफाई व पानी के छिड़काव में कोताही न बरतें
भास्कर न्यूज | राजनांदगांव महापौर मधुसूदन यादव ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का निरीक्षण किया। एस्ट्रोटर्फ बदलने पर चर्चा की। गुणवत्ता की जांच कर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मैदान की सफाई और पानी छिड़काव में कोताही नहीं बरतने कहा। खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने चेंजिंग रूम, जिम और खिलाड़ियों के विश्राम गृह का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अभ्यास में असुविधा नहीं होनी चाहिए। स्टेडियम में सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम शहर की पहचान है। यहां से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। हमारी प्राथमिकता है हम खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करें। स्टेडियम के उन्नयन के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान अध्यक्ष फिरोज अंसारी, शिवनारायण धकेता, नीलमचंद जैन, भूषण साव, रमेश डाकलिया, अंतर राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे, प्रिंस भाटिया, रणविजय प्रताप सिंह, छोटे लाल रामटेके, अजय झा, प्रकाश शर्मा, विजय शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
दूरस्थ अंचल तक पहुंचेगी एंबुलेंस, मिलेगी मुफ्त दवा
भास्कर न्यूज| महासमुंद जिले के सुदूर वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की राह अब आसान हो जाएगी। “पीएम जनमन” योजना के तहत जिले को तीन अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल यूनिट मिली हैं। यह पहल विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) कमार बस्तियों के 75 गांवों के लिए वरदान साबित होगी। जिले में निवासरत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की तैयारी जिले में पूरी कर ली गई है। दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गांवों व बसाहटों तक पहुंचाएगी। मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से जिले के 75 से अधिक पिछड़ी जनजाति वाले गांवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। जिले के बागबाहरा, महासमुंद और पिथौरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली कमार बसाहटों में रहने वाले लगभग 3500 से अधिक लोगों को अब इलाज के लिए मीलों दूर अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के दरवाजे पर पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली है। ये यूनिटें महीने के हर 15 दिन में गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी। जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जांच और रोगों का उपचार किया जाएगा। जांच के साथ प्राथमिक उपचार और निशुल्क दवाइयां भी दी जाएगी। शासन की ओर से आदिवासियों को नए साल में सौगात मिली है। अब जिले में इसका विधिवत शुभारंभ का इंतजार है। दूरस्थ अंचल के आदिवासी भी इस सुविधा की इंतजार है। आपात स्थिति में बनेगी जरूरत मंदों का सहारा: पीएम जनमन योजना की शुरुआत 15 नवंबर 2023 को हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य इन जनजातियों का सामाजिक और आर्थिक उत्थान करना है। सीएमएचओ डॉ. आई नागेश्वर राव ने बताया कि जिले में तीनों यूनिट पहुंच चुकी हैं। सोमवार से इनका विधिवत शुभारंभ कर इन्हें आदिवासी क्षेत्रों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। आपातकालीन स्थिति में ये यूनिट मरीजों को नजदीकी बड़े स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने में भी सहायक होंगी। . नियमित जांच: ये यूनिटे महीने में 25 दिन सक्रिय रहेंगी और हर 15 दिन के अंतराल पर गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाएंगी। . जांच की सुविधा: यूनिट में बीपी, शुगर, सिकलिंग, हीमोग्लोबिन और खून जाँच समेत 25 से अधिक प्रकार के टेस्ट की सुविधा होगी। . निशुल्क दवाएं: प्राथमिक उपचार के लिए कुल 106 तरह की दवाइयां मरीजों को मुफ्त दी जाएंगी। . विशेषज्ञ दल: प्रत्येक यूनिट में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशयन और स्थानीय वॉलंटियर तैनात रहेंगे।
गोंडवाना एक्स. में लगेगा अतिरिक्त एसी-3 कोच
रायगढ़| रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निजामुद्दीन-रायगढ़-न िजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-3 कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य अधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराना और यात्रा को सुविधाजनक बनाना है। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 12410 निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस में यह अतिरिक्त एसी-3 कोच 5 जनवरी को जोड़ा जाएगा। वहीं गाड़ी संख्या 12409 रायगढ़-निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस में यह सुविधा 7 जनवरी को उपलब्ध रहेगी। अतिरिक्त कोच की व्यवस्था से इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर लंबी दूरी के यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
रुपए नहीं देने पर पति ने पत्नी पर डाला गर्म पानी
रायगढ़| जुआ खेलने के लिए रुपए नहीं देने पर एक शराबी पति की बर्बरता सामने आई है। चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुरेंद्र गुप्ता ने अपनी पत्नी तेजस्वनी से पैसों की मांग की। पत्नी द्वारा मना करने पर आरोपी ने पहले गाली-गलौज की और फिर लोहे के पाइप से उसकी पीठ पर वार किया। क्रूरता की हद पार करते हुए पति ने चूल्हे पर उबलता गर्म पानी पत्नी के ऊपर डाल दिया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। महिला की चीख सुनकर पहुंचे ससुर ने मितानिन की सहायता से उसका उपचार कराया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
घर में सोता रहा परिवार, चोर ले उड़े साढ़े 5 लाख के जेवर
भास्कर न्यूज | रायगढ़ छाल थाना क्षेत्र के कूड़ेकेला में चोरों ने घर से साढ़े 5 लाख रुपए के सोने-चांदी व जेवरात पार कर दिए। पुलिस के अनुसार विनीत साव अपने छोटे भाई और मां के साथ बस स्टैंड के पास मुख्य मार्ग पर रहता है। शुक्रवार की रात 10 बजे वह दोस्त के साथ घरघोड़ा काम से गया था। घर में मां और छोटा भाई था। पत्नी भी नहीं थी। रात करीब 11 बजे से रात 2 बजे के बीच घर में घुसे चोरों ने अलमारी से 5 लाख 86 हजार रुपए के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए। रात में मां उठी, तो घर का दरवाजा खुला देखा। उसने बेटे से पूछा, तो उसने दरवाजा बंदकर बाहर जाने की जानकारी दी। इसके बाद वह लौटा, तो अलमारी का सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद चोरी की सूचना पुलिस को दी गई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर पांच लोग नजर आए, जो कार से पहुंचे थे। फिलहाल पुलिस आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जांच में सामने आया कि रात करीब 12:40 बजे गांव के बीच बस्ती से होकर सफेद कार में 5 लोग मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने पहले बगल के मकान की कुंडी लगाई। फिर विनीत साव के घर के बाहर लगे ताले को तोड़ा। घर के अंदर मोबाइल दुकान का काउंटर खंगाला। दुकान का सारा सामान बिखेर दिया। इसके बाद वे घर के अंदर गए और जेवरात चोरी किए।
तीन सड़क हादसों में 4 लोगों की मौत
भास्कर न्यूज | रायगढ़ सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 24 घंटे में तीन सड़क हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई। तीन अलग–अलग थानों की घटना है। पहली घटना लैलूंगा से है जहां बाइक सवार युवक को ट्रेलर चालक ने अपने चपेट में लिया लिया। जिससे दोनों युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरे घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के उर्दना के पास हुई है। जहां बाइक सवार युवक को अज्ञात वाहन ने चपेट में लिया। जिससे उसकी भी मौत पर हो गई। तीसरे घटना भूपदेवपुर थाना क्षेत्र में हुई है। जहां काम से लौट रहे बाइक सवार युवक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई। तीसरी घटना भूपदेवपुर थाना क्षेत्र की है, जहाँ शुक्रवार रात ग्राम गोड़म निवासी पंकज चारभांठा की ओर से लौट रहा था। इस दौरान उसकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे डिवाइडर से टकरा गई। सूचना मिलते ही 112 की टीम ने उसे तत्काल उपचार के लिए खरसिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। खरसिया पुलिस मर्ग कायम कर मामले की विवेचना कर रही है। दूसरी घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत दीनदयाल कॉलोनी के पास हुई। शुक्रवार देर रात करीब डेढ़ बजे एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार जीवन बरेठ (28 वर्ष, निवासी भेलवाटिकरा) को जोरदार टक्कर मार दी। सिर और शरीर के अंगों में गंभीर चोट आने के कारण जीवन की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, जीवन पेशे से चालक था और रात को किसी कार्य से घर से निकला था। पुलिस ने शव को अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए भेजकर फरार वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है। तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार दोपहर एक वाहन चालक ने लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाते हुए बाइक सवार संजय मिंज (32 वर्ष, निवासी तोलमा) और डोमिनिक टोप्पो (30 वर्ष, निवासी तोलमा) को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उसे कुछ ही दूरी पर दौड़ाकर पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची लैलूंगा पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
मामूली विवाद में पिटाई बुजुर्ग की मौत, गिरफ्तार
भास्कर न्यूज | रायगढ़ मामूली विवाद पर युवक ने बुजुर्ग की पिटाई कर दी। बुजुर्ग को गंभीर रूप से घायल होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन दिन के इलाज के बाद आखिरकार उसकी मौत हो गई। बेटे की रिपोर्ट पर चौकी रैरूमाखुर्द पुलिस ने आरोपी युवक को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार जानकारी के अनुसार ग्राम डिडवानारा राजाराम तिग्गा (65) को कम सुनाई देता था। 30 दिसंबर को वह अपने छोटे भाई लुकस तिग्गा के घर से लौट रहा था। इस दौरान बस्ती में मुकेन्दर तिग्गा के घर के बाहर थाली बजने से वह नाराज हो गया। उसने घर से बाहर आकर रिश्ते के बड़े पिताजी राजाराम को पकड़कर रोड पर पटक दिया और लात-घूंसों से मारपीट कर बेहोश कर दिया। राजाराम को गंभीर चोटें पहुंची। परिजन उसे लेकर पत्थलगांव के अस्पताल पहुंचे और भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुजुर्ग की मौत के बाद बेटे रायगढ़ में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो तिरीत तिग्गा ने चौकी पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
नया फूड हब मिलेगा, हल्दीबाड़ी की चौपाटी जल्द शुरू की जाएगी
भास्कर न्यूज | चिरमिरी शहरवासियों के लिए राहत और सुविधा की बड़ी खबर सामने आई है। बीते तीन वर्षों से हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशन के समीप बंद पड़ी चौपाटी को फिर चालू कराने की दिशा में नगर निगम ने ठोस पहल शुरू कर दी है। जल्द ही इस स्थान पर चौपाटी का संचालन शुरू किया जाएगा। चौपाटी के दोबारा शुरू होने से न केवल मुख्य बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि शहर को एक नया, सुव्यवस्थित और आकर्षक फूड हब भी मिलेगा, जहां नागरिक अपने परिवार और मित्रों के साथ समय बिताते हुए स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में कांग्रेस शासनकाल के दौरान लगभग 33 लाख की लागत से इस चौपाटी के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया था। हालांकि यह निर्माण एसईसीएल की लीज पर ली गई भूमि पर होने के कारण प्रबंधन की आपत्ति के चलते रोक दिया था। नगर निगम ने ठेकेदार को निर्माण लागत का भुगतान भी कर दिया, लेकिन तकनीकी व प्रशासनिक अड़चनों के कारण पिछले तीन वर्षों से यह कार्य अधूरा रहा। समय के साथ यह चौपाटी निर्माण स्थल खंडहर में तब्दील हो गया, जिससे न केवल क्षेत्र की सुंदरता प्रभावित हुई, बल्कि जनता में भी गहरी नाराजगी देखने को मिली। चिरमिरी शहर में चौपाटी निर्माण का उद्देश्य लोगों को एक सुव्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराना था, जहां वे सड़क किनारे अव्यवस्था और यातायात बाधा के बिना भोजन का आनंद ले सकें, लेकिन निर्माण अधूरा रहने के कारण यह परियोजना जनता के लिए सुविधा के बजाय असुविधा का कारण बन गई थी। लंबे समय से लोग इस चौपाटी के पुनः प्रारंभ होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब महापौर रामनरेश राय के प्रयासों से इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के फिर से शुरू होने की उम्मीद जगी है। बीते शुक्रवार को महापौर रामनरेश राय ने नगर निगम के एमआईसी सदस्यों व स्वच्छता अधिकारी के साथ मिलकर चौपाटी परिसर का निरीक्षण किया और व्यापक साफ-सफाई अभियान चलवाया। महापौर ने कहा कि जल्द ही चौपाटी के शेष बचे निर्माण कार्यों को पूरा कराया जाएगा और जनता की सुविधा के अनुरूप दुकानों का आबंटन किया जाएगा। चौपाटी के चालू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, साथ ही हल्दीबाड़ी क्षेत्र की रौनक भी बढ़ेगी। यह चौपाटी आने वाले समय में चिरमिरी शहर के लिए एक प्रमुख आकर्षण और व्यवस्थित फूड हब के रूप में अपनी पहचान बनाएगी।
बाइक से पहुंचीं कलेक्टर ग्रामीणों में दिखा भरोसा
भास्कर न्यूज | नारायणपुर शासन की मंशा के अनुरूप जिले के दूरस्थ, दुर्गम क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं एवं मूलभूत सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर नम्रता जैन द्वारा क्षेत्र भ्रमण किया गया। कलेक्टर नम्रता जैन बाइक के माध्यम से जिले के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम आदिंगपार एवं धुरबेड़ा पहुंची जिले के अंदरूनी क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित ग्रामों में पहुंचकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं, शासकीय संस्थाओं के संचालन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का अवलोकन किया। धुरबेड़ा पहुंचकर उन्होंने बालक आश्रम छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भोजन व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय व्यवस्था, आवासीय कक्षों की स्थिति एवं उपलब्ध संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की। भ्रमण के दौरान एडीशनल एसपी अजय कुमार, एसडीएम ओरछा डॉ. सुमित गर्ग, तहसीलदार कोहकामेटा डॉ. अयाज हाशमी, जनपद सीईओ ओरछा लोकेश चतुर्वेदी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर द्वारा कोड़नार आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर साफ-सफाई, बच्चों के पंजीयन की समीक्षा की गई।
सामान्य सभा में अधूरे निर्माण को जल्द पूरा करने पर दिया गया जोर
सुकमा| सुकमा जनपद पंचायत में सामान्य सभा की बैठक हुई। जपं अध्यक्ष संतोष इंडो की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभागवार कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही अधूरे निर्माण, प्राथमिक शाला व आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण को जल्द पूरा करने के निर्देश अफसरों को दिए गए। विभिन्न विभागों की सरकारी योजनाओं का फायदा अंतिम व्यक्ति पर पहुंचे, इस पर जोर दिया गया। इसके साथ ही आश्रम-शालाओं की व्यवस्थाओं पर सुधार लाने कहा गया। उपाध्यक्ष रीना पेद्दी ने भी बैठक में जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान जपं सीईओ निधि प्रधान सहित अन्य मौजूद थे।
अस्पताल में अव्यवस्था को एक हफ्ते के भीतर सुधारें: मिश्रा
बीजापुर| बीजापुर व्यापारी संघ की मांग पर कलेक्टर संबित मिश्रा ने जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर ने अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और लापरवाही पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, मरीजों की सुविधाएं, दवाओं की उपलब्धता, स्टाफ की उपस्थिति सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच की। कलेक्टर ने अफसर-कर्मियों को निर्देश देते कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर कर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं। ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एसडीएम जागेश्वर कौशल, सीएमएचओ डॉ. बीआर पुजारी, डॉ. रत्ना ठाकुर सहित व्यापारी संघ के प्रतिनिधि मौजूद थे।
वार्षिकोत्सव: स्कूली बच्चों ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति
बीजापुर| नगर के एक निजी स्कूल का शुक्रवार को वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस दौरान पहले सत्र में सार्वजनिक सभा हुई, जिसमें नगर के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नपा अध्यक्ष गीता सोम पुजारी रहीं और अध्यक्षता नपा उपाध्यक्ष भुवन सिंह चौहान ने की। विशेष अतिथियों में संस्था के सलाहकार संजय लुंकड़, हायर सेकेंडरी स्कूल के सेवानिवृत्त प्राचार्य बीआर नरवरिया, स्वामी आत्मानंद स्कूल के सेवानिवृत्त प्राचार्य पीआर शर्मा, वार्ड सदस्य हितेश सहानी, सत्यवती परतगिरी, व्यवसायी शुभ्रतु मजूमदार मौजूद थे। संस्था की प्राचार्य श्यामला नायर ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। वहीं वर्ष 2024-25 में कक्षा में प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी मौजूद थे। इस दौरान केएसएस नायर, रामगोपाल शर्मा, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, अशोक लुंकड़ सहित अन्य मौजूद थे।
सैन्य प्रशिक्षणार्थियों को फल वितरित किया
भास्कर न्यूज | कोंडागांव प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रदेश सहसंयोजक प्रदीप सिंघो का 3 जनवरी को रायपुर से कोंडागांव नगर में आगमन हुआ। प्रवास के दौरान प्रदीप सिंघो और उनकी धर्मपत्नी मौसमी सिंघो के विकास नगर स्टेडियम में पहुंचने पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा पुष्पगुच्छ देकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। बस्तर संभाग प्रभारी सुब्रत साहा ने प्रदीप सिंघो और उनकी धर्मपत्नी मौसमी सिंघो को निशुल्क सैन्य प्रशिक्षण का निरीक्षण करवाया और बताया कि पूर्व सैनिकों के द्वारा युवाओं को प्रतिदिन 5 किलोमीटर की दौड़ कराई जा रही है, उसके बाद ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक और अन्य प्रशिक्षण कराया जाता है। तत्पश्चात प्रदीप सिंघो और उनकी धर्मपत्नी मौसमी सिंघो ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को फल वितरण किया। इसके बाद प्रदीप सिंघो ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी और कहा कि यदि आपने फौज में जाने का लक्ष्य बना लिया है तो उसके लिए आप कड़ी मेहनत करिए कभी हार मत मानिए, क्योंकि कोई लक्ष्य बड़ा नहीं, हारा वही जो लड़ा नहीं। प्रदीप सिंघो ने अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के कार्यों की सराहना की और कहा कि कोंडागांव जिले के पूर्व सैनिक निशुल्क सैन्य प्रशिक्षण देने के साथ-साथ युवाओं के अंदर राष्ट्र के प्रति देशभक्ति की भावना भी जागृत कर रहे हैं। इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के संरक्षक एवं बस्तर संभाग प्रभारी सुब्रत साहा, जिला अध्यक्ष सूरज यादव, सदस्य श्रीकांत तिवारी, राकेश धीवर और निशुल्क सैन्य प्रशिक्षण लेने वाले 75 युवक-युवतियां उपस्थित रहे।
निधि बनीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
भास्कर न्यूज | बलौदाबाजार नव वर्ष उप पुलिस अधीक्षक निधि नाग को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई। शुक्रवार 2 जनवरी 2026 को पुलिस कार्यालय बलौदाबाजार में विभागीय पदोन्नति कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो गरिमा और उत्साह से परिपूर्ण रहा। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने निधि नाग के कंधे पर अशोक चिन्ह लगाकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नति की औपचारिक प्रक्रिया पूर्ण की और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। वर्तमान में निधि नाग एसडीओपी बलौदाबाजार के पद पर पदस्थ हैं और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, जनसंपर्क तथा संवेदनशील मामलों के कुशल प्रबंधन के लिए उन्हें जाना जाता है।
छात्र बना रहे फेक आईडी, एआई से एडिट कर रहे टीचर्स के वीडियो, अनजाने में कर रहे गंभीर अपराध
शहर में छोटी उम्र के बच्चे भी अनजाने में साइबर दुराचार का हिस्सा बनते जा रहे हैं। पुलिस और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के पास पहुंच रहे मामलों में सामने आया है कि कई छात्र परिणाम सोचे-समझे बिना अपने ही मोबाइल से टीचर्स के नाम पर फेक सोशल मीडिया अकाउंट बना रहे हैं, तस्वीरों और वीडियो को एआई की मदद से एडिट कर पोस्ट कर रहे हैं या फिर गुमनाम अकाउंट से अभद्र टिप्पणियां लिख रहे हैं। बच्चे इसे मजाक या गुस्सा निकालना समझते हैं, जबकि कानून इसे गंभीर अपराध मानता है। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना काल के बाद ऐसे मामलों में उछाल आया है। ऑनलाइन क्लासेस के दौर में बच्चों के हाथ में मोबाइल और इंटरनेट तो आ गया, लेकिन डिजिटल जिम्मेदारी और कानूनी समझ नहीं आ सकी। कई मामलों में स्कूल अपनी छवि और स्टैंडर्ड बनाए रखने को बात पुलिस तक नहीं जाने देते। स्कूल स्तर पर ही पेरेंट्स बुलाकर माफीनामा लिखवा छोड़ दिया जाता है। एक ऑनलाइन गलती, पूरे भविष्य पर भारी पड़ सकती है विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में सिर्फ सजा देना समाधान नहीं है। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि फेक आईडी बनाना, किसी की फोटो या वीडियो से छेड़छाड़ करना और आपत्तिजनक कंटेंट शेयर करना कानूनी जुर्म है। पेरेंट्स की भूमिका सबसे अहम है। असली निगरानी घर से ही शुरू होती है। बार-बार नहीं हटने पर समय रहते काउंसलिंग की जरूरत होती है, ताकि उनके भीतर छिपी भावनात्मक समस्याओं को समझा जा सके। सही मार्गदर्शन, निगरानी और समझ के जरिए ही बच्चों को साइबर अपराध के दलदल में फंसने से बचाया जा सकता है. सजा नहीं, समझ और निगरानी असली समाधान है क्योंकि एक छोटी सी ऑनलाइन गलती भी उनके पूरे भविष्य पर भारी पड़ सकती है। कोरोना के बाद हर बच्चे के हाथ में मोबाइल, बिना जानकारी कर रहे साइबर अपराध केस 1 : टीचर के नाम से बनाई फेक सोशल मीडिया प्रोफाइल : आठवीं क्लास के एक छात्र ने अपनी ही स्कूल की महिला टीचर के नाम से सोशल मीडिया पर फेक पेज बनाया। लगातार आपत्तिजनक पोस्ट डालने की जानकारी टीचर को एक सहयोगी से मिली। जांच में छात्र की भूमिका सामने आई और मामला पेरेंट्स तक पहुंचा। पूर्व में अनुशासनहीनता के रिकॉर्ड के बाद मैनेजमेंट ने छात्र को स्कूल से निकाल दिया। केस 2 : टीचर की वीडियो पर वल्गर गाना जोड़कर बनाया फैन पेज : 13 साल के एक छात्र ने अपने टीचर का फैन पेज बनाया। उसने टीचर की वीडियो पर वल्गर गाना जोड़कर पोस्ट कर दिया। स्कूल मैनेजमेंट ने पेरेंट्स को बुलाकर न सिर्फ कड़ी चेतावनी दी। बल्कि माफीनामा लिखवाया गया। केस 3 : एकतरफा पसंद का गुस्सा सोशल मीडिया बदनामी में बदला : एक छात्र क्लासमेट को पसंद करता था, लेकिन वह किसी अन्य छात्र की क्लोज फ्रेंड थी। नाराज छात्र ने बदला लेने के इरादे से दूसरे छात्र के नाम से सोशल मीडिया पेज बना दिया। गलत फोटो अपलोड की गई और वॉयस मैसेज के जरिए अपमानजनक बातें फैलाई गईं। शिकायत मिलते ही कंटेंट हटवाया गया और छात्र की काउंसलिंग कराई गई। केस 4 : एआई एडिटिंग से टीचर की आवाज और छवि से की छेड़छाड़ : एक छात्र को अपनी क्लास टीचर पसंद नहीं थीं। उसने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर टीचर के वीडियो में ऐसी एडिटिंग कर दी, जिससे लगे कि टीचर खुद अपने बारे में आपत्तिजनक बातें कह रही हैं। केस 5 : पिटाई से नाराज छात्र ने टीचर के खिलाफ बनाई फेक आईडी: ग्रामीण क्षेत्र के एक आठवीं क्लास के छात्र को टीचर की पिटाई का गहरा आघात लगा। गुस्से में उसने टीचर के खिलाफ फेक सोशल मीडिया आईडी बना ली और लिखने लगा कि टीचर बच्चों को मारता है। मामला बढ़ने पर पुलिस भी बीच में आई। बाद में आपसी सहमति से समझौता हुआ।
सीयू के कुलाधिपति प्रो. मोडक का मुंबई के अस्पताल में निधन, श्रद्धांजलि दी गई
बिलासपुर| गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति प्रो. अशोक गजानन मोडक का 86 वर्ष की आयु में मुंबई के निजी अस्पताल में 2 जनवरी की रात निधन हो गया। प्रो. मोडक जुलाई 2018 से सीयू के चांसलर पद पर कार्यरत थे। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सभा कक्ष में शनिवार की शाम 5 बजे आयोजित शोक सभा हुई। इसमें कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रावल ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने कहा कि प्रो. मोडक सदैव विश्वविद्यालय की प्रगति एवं उत्कर्ष के विषय में विचार किया। जनजातीय बंधु और बांधवों के कल्याण के लिए समर्पित प्रो. मोडक का जाना विश्वविद्यालय सहित संपूर्ण समाज एवं शिक्षा जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। कुलसचिव प्रो. अश्विनी कुमार दीक्षित ने प्रो. मोडक के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी। बिलासपुर| ग्राम बैमा (बिरकोना) निवासी अमरीका देवी उपाध्याय का 86 वर्ष की उम्र में 3 जनवरी को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार 4 जनवरी सुबह 10 बजे स्थानीय मुक्तिधाम में किया जाएगा। वे आशुतोष उपाध्याय की मां थीं। बिलासपुर| दयालबंद निवासी पुष्पा देवांगन का 3 जनवरी को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार 4 जनवरी मर्णिकाघाट, बनारस में किया जाएगा। वे राजेंद्र कुमार देवांगन की पत्नी व आशीष देवांगन की मां थीं।
शिव महापुराण कथा में बताई सत्य की महत्ता ब्रह्मा को झूठ बोलने पर मिला था अभिशाप
सिटी रिपोर्टर| बिलासपुर झूठ का दंड कितना भयावह हो सकता है, इसका प्रभाव कलियुग तक कैसे बना रहता है, इसका सजीव वर्णन पत्रकार कॉलोनी में चल रही शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन सुनने को मिला। कथा वाचिका ईश्वरी देवी ने बताया कि ब्रह्माजी को झूठ बोलने पर जो अभिशाप मिला, वह इतना प्रचंड था कि आज भी उसके प्रभाव देखे जा सकते हैं। इसी कारण ब्रह्मा के केवल एक ही मंदिर पुष्कर में हैं और केतकी पुष्प भगवान शिव को अर्पित नहीं किया जाता। कथा वाचिका ने कहा कि शिव महापुराण के अनुसार एक बार ब्रह्मा और भगवान विष्णु के बीच यह विवाद उत्पन्न हो गया कि सृष्टि में कौन श्रेष्ठ है। ब्रह्माजी ने स्वयं को सृष्टिकर्ता बताकर श्रेष्ठ माना, जबकि भगवान विष्णु ने स्वयं को पालनहार बताते हुए सर्वोच्च होने का दावा किया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों के बीच भयंकर युद्ध होने लगा। देवताओं के इस संघर्ष को रोकने भगवान शिव अग्नि स्तंभ (ज्योतिर्लिंग) के रूप में प्रकट हुए। शिव ने दोनों से कहा कि जो इस ज्योतिर्लिंग का आदि या अंत खोज लेगा, वही सर्वश्रेष्ठ कहलाएगा। भगवान विष्णु ने वाराह अवतार धारण कर पाताल लोक में ज्योतिर्लिंग का अंत खोजने का प्रयास किया, जबकि ब्रह्माजी हंस का रूप धारण कर आकाश की ओर बढ़े। काफी प्रयास के बाद भी जब दोनों को ज्योतिर्लिंग का आदि-अंत नहीं मिला, तब भगवान विष्णु ने सत्य स्वीकार कर लिया कि वे असफल रहे। वहीं ब्रह्माजी ने विजय पाने केतकी पुष्प को साक्षी बनाकर झूठ बोल दिया कि उन्होंने ज्योतिर्लिंग का अंत देख लिया है। सर्वज्ञ भगवान शिव से यह असत्य छिप न सका। शिव के पूछने पर केतकी पुष्प ने भी झूठ का साथ दिया। इस पर भगवान शिव ने कहा कि जो देवता झूठ बोलता है, वह पूजनीय नहीं हो सकता। इसके बाद शिव ने अपने काल भैरव अवतार को प्रकट किया और ब्रह्माजी के पांचवें सिर का छेदन कर दिया।
पानीपत शहर में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालक हनीट्रैप में फंस गया। पीड़ित 80% दिव्यांग है। उससे सेंटर पर राशन कार्ड बनवाने के बहाने आई महिला उसका मोबाइल नंबर ले गई। फिर 3 महीने तक उसे कॉल और मैसेज कर डिनर पार्टी के लिए बुलाती रही। इसी बीच उसने युवक को अपनी बातों में उलझा लिया और वह उसके बताए ठिकाने पर पहुंच गया। जहां पहुंचने के बाद महिला ने उसे बीयर पिलाई और खुद ही निर्वस्त्र होकर उससे जबरन संबंध बनाए। तभी महिला का पति वहां आ धमका और उसने युवक की आपत्तिजनक हालत में वीडियो बना ली। इसके बाद उससे मारपीट कर उसकी सोने की चेन झपट ली और ₹10 लाख रुपए की डिमांड की। मौके पर ₹2 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। आरोपियों में एक व्यक्ति और शामिल रहा, जोकि खुद को पुलिसकर्मी बताकर युवक पर कैसे भी मामला निपटाने की धमकी देता रहा। डरे-सहमे युवक ने ₹1 लाख रुपए मौके पर दिए। बाकी पैसों के लिए आरोपी लगातार उसे फोन करते रहे। युवक ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। लेकिन पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। पुलिस का कहना है कि शिकायत के बाद मौके पर रेड की थी, लेकिन जानकारी लीक होने से कुछ पकड़ में नहीं आया। युवक और महिला के बीच हुई वॉट्सऐप चैट भी सामने आई है। सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, पीड़ित की जुबानी, हनी ट्रैप की कहानी... जांच अधिकारी बोले- सबूत नहीं मिलेइस बारे में तहसील कैंप थाने के जांच अधिकारी संजय ने बताया कि मामले की शिकायत भले ही मेरे नाम पर चढ़ी है, लेकिन उसकी जांच-पड़ताल खुद SHO कर रहे हैं। मामले में कोई ठोस सबूत ऐसा नहीं मिला, जिससे की ये स्पष्ट हो सके कि उससे डिमांड की गई है। ऐसे मामलों में केस दर्ज करने के लिए सबूत होने जरूरी होते हैं। हालांकि, शिकायत के आधार पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए थे। टीम ने मौके पर रेड भी की थी, लेकिन सूचना लीक होने की वजह सफल नहीं हो पाए। वहीं, इस बारे में थाना प्रभारी ने कहा कि कोई शिकायत ही नहीं मिली है। अब यहां पढ़िए, दोनों के बीच हुई चैटिंग...
कुर्मी क्षत्रिय सेवा समिति का चुनाव विवादों में, फर्म-सोसायटी से शिकायत
बिलासपुर| कुर्मी क्षत्रिय सेवा समिति बिलासपुर के पदाधिकारियों के चुनाव को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। समाज के कई सदस्यों ने आरोप लगाया है कि निर्धारित चुनाव प्रक्रिया को नजरअंदाज करते हुए मनोनयन के जरिए पदाधिकारियों का चयन किया गया, जो संस्था की नियमावली और पंजीकरण अधिनियम का उल्लंघन है। इस मामले को लेकर फर्म्स एवं संस्थाएं, बिलासपुर के रजिस्ट्रार कार्यालय में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है। विवाद उस समय और बढ़ गया जब चुनाव के बाद 4 जनवरी को पुरानी कार्यकारिणी की अंतिम बैठक बुला ली गई। समाज के लोगों का कहना है कि पुरानी कार्यकारिणी द्वारा बैठक बुलाना नियमों के खिलाफ है। शिकायत के अनुसार कुर्मी क्षत्रिय सेवा समिति, सीपत रोड चांटीडीह चौक, बिलासपुर एक पंजीकृत संस्था है, जिसका पंजीयन क्रमांक 13805 26 जून 1984 है। संस्था के पहले अध्यक्ष स्व. बीआर कौशिक थे। वर्ष 1998 में उनके निधन के बाद उनके पुत्र रमेश कौशिक को अध्यक्ष मनोनीत किया गया। समाज के लोगों का आरोप है कि इसके बाद वर्ष 1998 से 26 जून 2022 तक अवैध रूप से अध्यक्ष पद पर कब्जा बनाए रखा गया। बताया गया कि 26 जून 2022 को फर्म्स एवं संस्थाएं बिलासपुर द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक की मौजूदगी में विधिवत चुनाव संपन्न कराया गया था। इस चुनाव के बाद 28 जून 2022 से 26 जून 2025 तक का तीन वर्षीय कार्यकाल तय किया गया। आरोप है कि इसके बावजूद बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कार्यकाल को छह माह तक बढ़ा दिया गया। इसके बाद 14 दिसंबर को साधारण सभा में संस्था की नियमावली के इंडिका क्रमांक 10 और 11 का उल्लंघन करते हुए चुनाव प्रक्रिया अपनाई गई। समाज के सदस्यों का कहना है कि मनोयन से नियुक्ति करना असवैंधानिक है।
ओपन नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप जूनियर वर्ग में राजवीर ने जीता गोल्ड
बिलासपुर| तीसरी ओपन नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप का आयोजन 29, 30 व 31 दिसंबर को जिला खेल परिसर सरकंडा में किया गया। इस प्रतियोगिता में जूनियर बालक वर्ग से यदुनंदन नगर निवासी एलसीआईटी पब्लिक स्कूल के कक्षा चौथी के छात्र राजवीर शर्मा (शुभ) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। कोच रिमझिम गुप्ता ने बताया कि उनका चयन इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप के लिए हो गया है। पिता यत्नदीप व माता भानुप्रिया शर्मा ने बताया कि इससे पहले सितंबर माह में हुई स्टेट लेवल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भी राजवीर ने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
इंजीनियरिंग के छात्रों को एसआईआर व सूची में नाम जुड़वाने की जानकारी दी
बिलासपुर| इंजीनियरिंग कॉलेज कोनी में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मतदान के अधिकार और प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी मनीष साहू, तहसीलदार बेलतरा मनीषा झा रहे। अतिथियों द्वारा उपस्थित जनसमूह को वोटर आईडी कार्ड बनवाने की प्रक्रिया, एसआईआर फॉर्म भरने की विधि व निर्वाचन संबंधी जानकारियां दी गईं। इस दौरान एक ऑनलाइन फॉर्म भरकर लाइव प्रदर्शन करते हुए उपस्थित दर्शकों का मार्गदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों ने एसआईआर से जुड़े कुछ मूलभूत प्रश्न पूछे। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. एसके सिंघई सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संचालन प्रो. इंद्राणी बोरकर ने किया। कार्यक्रम प्रो. मनेश मंडावी, प्रो. सौरव यादव के निर्देशन में हुआ।
दो पिकअप सहित 69 बोरी अवैध धान जब्त
भास्कर न्यूज| महासमुंद जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण पर कार्रवाई जारी है। शुक्रवार बीती रात तहसील सरायपाली के ग्राम पुटका, मनपाली जाने वाले मार्ग में कच्ची सड़क में रोशन प्रधान निवासी चिवड़ाकुटा के द्वारा अवैध धन परिवहन किया जा रहा था। जिसकी सूचना वीडियो और फोटोग्राफ के माध्यम से गोपाल साहू निवासी चिवड़ाकुटा द्वारा एसडीएम सरायपाली को दी गई। सूचना पर तत्काल राजस्व टीम द्वारा मौका जांच किया गया। जहां मौके पर सड़क में 69 बोरी धान पाया गया,जिसे मौके जब्त कर ट्रैक्टर के माध्यम से मंडी भिजवाया गया। और मौके से फरार पिकअप वाहन 07 पी 4677 की सूचना पुलिस को दी गई। इसी तरह शनिवार को तहसील सराईपाली के ग्राम चिवराकूटा में ओड़िसा से अवैध धान परिवहन करते हुए दो पिकअप वाहन को राजस्व टीम द्वारा पकड़ा गया। जिसे मौके पर जब्त कर थाना सिंघोड़ा को सुपुर्द किया गया।
घर-घर जाकर बच्चों ने मांगा अन्न दान
लोहर्सी | पचपेड़ी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लोहर्सी में छत्तीसगढ़ का पारंपरिक लोकपर्व छेरछेरा तिहार हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छोटे बच्चों से लेकर युवक-युवतियां और बुजुर्गों तक सभी वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। छेरछेरा तिहार के दौरान ग्रामीणों की टोलियां घर-घर जाकर छेरछेरा कोठी के धान ला हेरे-हेरे का पारंपरिक उद्घोष करती नजर आईं। गांव के प्रत्येक घर से लोगों ने खुशी-खुशी धान, चावल व अन्य सामग्री दान में देकर इस लोकपर्व की परंपरा को जीवंत बनाए रखा। ग्रामीणों ने बताया कि छेरछेरा तिहार आपसी भाईचारे, सहयोग और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से समाज में मेल-मिलाप, दान भावना और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा मिलता है। पूरे गांव में पारंपरिक उल्लास और उत्सव का वातावरण बना रहा। ग्रामीणों ने मिल-जुलकर छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए छेरछेरा तिहार को पूरे उत्साह और आनंद के साथ मनाया।
जोंधरा में दान का महापर्व छेरछेरा मनाया
जोंधरा | जोंधरा के सभी गली-मोहल्ले छेरछेरा-छेरछेरा की गूंज से गुंजायमान रहे। बड़े-बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चों तक, बाजा व कीर्तन मंडलियों के साथ युवाओं की टोलियां घर-घर जाकर छेरछेरा पर्व धूमधाम से मनाती नजर आईं। इस अवसर पर स्वच्छता अभियान से जुड़े लोगों ने भी सहभागिता करते हुए गली-मोहल्लों से अन्न, धान व धनराशि एकत्र की, जिसे स्वच्छता अभियान में उपयोग किया जाएगा। छेरछेरा छत्तीसगढ़ का प्रमुख लोकपर्व है, जिसे सभी वर्ग मिलकर उत्साहपूर्वक मनाते हैं। यह पर्व हर वर्ष पौष मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है और दान, सहयोग व सामाजिक एकता का संदेश देता है।
बघेल और महंत गुट की गुटबाजी आई सामने
पेण्ड्रा| जीपीएम जिले में कांग्रेस पार्टी के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के गुटों के बीच गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। बीते विधानसभा चुनाव में मरवाही जैसी कांग्रेस की परंपरागत सीट हारने और कोटा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जीपीएम जिले के मतदान केंद्रों में भाजपा से पिछड़ने के बावजूद पार्टी सबक लेती नजर नहीं आ रही है। हाल ही में 30 दिसंबर को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में नव नियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानू के कार्यक्रम से महंत गुट के नेताओं ने दूरी बना ली थी। वहीं दूसरी ओर, महंत गुट द्वारा आयोजित नववर्ष मिलन समारोह में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित बघेल गुट के नेता अनुपस्थित रहे। इससे पार्टी की अंदरूनी खींचतान और अधिक उजागर हो गई। इसी क्रम में महंत गुट की ओर से इंदिरा उद्यान, पेण्ड्रा में नववर्ष मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस व विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर कोरबा लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने वर्चुअल माध्यम से कार्यकर्ताओं को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
डिप्टी सीएम साव आज मुंगेली दौरे पर रहेंगे
मुंगेली | उप मुख्यमंत्री अरुण साव 4 जनवरी को एक दिवसीय प्रवास पर मुंगेली पहुंचेंगे। वे सुबह 9 बजे रायपुर से प्रस्थान कर दोपहर 11.30 बजे ग्राम बांकी, तहसील मुंगेली पहुंचेंगे। यहां अल्प प्रवास के बाद वे विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। दोपहर 12.30 बजे उप मुख्यमंत्री जयनगरपारा, कोदवाबानी में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे ग्राम पत्थरताल, लोरमी में संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। दोपहर 2.30 बजे ग्राम झाफल, लोरमी में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद शाम 4 बजे ग्राम बिचारपुर में श्रीराम चरित मानस कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। इसके बाद वे लोरमी में स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेकर रात 8 बजे बिलासपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
हरियाणा के हिसार जिले के गांव दड़ौली में मां 100 साल की हुईं, तो बेटों ने ग्रैंड सेलिब्रेशन किया। 100वें जन्मदिन पर मीरा देवी ने 4 पीढ़ियों के साथ डीजे पर डांस भी किया। एक हजार से अधिक लोगों के लिए स्पेशल लंच की व्यवस्था की गई। दूर-दराज से रिश्तेदारों के अलावा आसपास के गांव- ग्वांड से जान-पहचान वाले भी न्योते गए। यह समारोह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, गांव दड़ौली निवासी मीरा देवी की असल जन्म तारीख तो पता नहीं। लेकिन, परिवार हर बार नए साल यानी 1 जनवरी को उनका जन्मदिन मनाता है। इस बार वो 100 साल की हो गईं। मीरा देवी के पति स्व.बिहारी लाल शर्मा अंग्रेजों के जमाने में सेना में कुक थे। वह बरतानिया में ड्यूटी करते थे। बाद में वह अंग्रेजों की सेना छोड़कर सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में शामिल हो गए। पूरी तरह स्वस्थ, कभी-कभार बढ़ता है बीपीमीरा देवी के सबसे बड़े बेटे सज्जन कुमार 77 साल के हैं। वह बताते हैं कि मां 100 साल की उम्र में भी पूरी तरह स्वस्थ हैं। सुनाई भी ठीक देता है। एक आंख पहले से ही खराब थी, लेकिन दूसरी आंख से सही दिखता है। कभी-कभार सिर्फ बीपी बढ़ता है। उसके लिए दवाई लेती हैं। बाकी दिनचर्या अच्छे से बिताती हैं। पति का 1988 में हुआ था निधनमीरा देवी के पति बिहारी लाल शर्मा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ मिलकर आजाद हिंद फौज में रहते हुए आजादी की लड़ाई लड़ी। इस दौरान वह काफी समय तक घर से दूर ही रहे। मगर देश की आजादी के बाद बिना पेंशन ही घर लौट आए थे। इसके बाद वह गांव दड़ौली में ही रहे। साल 1998 में उनका निधन हो गया था। जानिए... मीरा देवी और उनके परिवार की कहानी जन्मदिन समारोह में आसपास के गांवों से पहुंचे लोगमीरा देवी के बेटे महेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी माता के जन्मदिन समारोह में गांव दड़ौली के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी लोगों को आमंत्रित किया गया। इस समारोह में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक कार्यों में सक्रिय लोगों की भागीदारी रही। इनमें हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी जिलों से जानकार और रिश्तेदार आए। समारोह में आए लोगों ने उनकी माताजी को अलग-अलग प्रकार के गिफ्ट देकर सम्मानित किया। मां बोली-बेटों-पोतों ने जीवन सफल कर दियामहेंद्र सिंह बताते हैं कि इस जन्मदिन समारोह के आयोजन में मां ने भी बड़े चाव से भाग लिया। वह सभी से मिलकर बेहद खुश हुई। मां को इस आयोजन के बारे में एक सप्ताह पहले बताया था। आयोजन के बाद मां ने कहा कि बेटों-पोतों ने जीवन सफल कर दिया। उन्हें खुशी हुई कि इस बहाने वह सारे बच्चों व रिश्तेदारों से मिल सकीं।

