उद्योग मार्ग को बेहतर करने का काम अगले महीने से शुरू होगा। इसके लिए जारी किए गए टेंडर को पूरा करने की प्रकिया अंतिम चरण में है। काम शुरू होने के बाद पूरा होने में करीब छह महीने का समय लगेगा। करीब नौ करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया है। ढाई किमी मार्ग को करेंगे दुरुस्तसेक्टर-1 गोलचक्कर से सेक्टर-11 झुंडपुरा तिराहे तक उद्योग मार्ग का हिस्सा है। यह करीब ढाई किलोमीटर लंबा हिस्सा है। इस हिस्से में सड़क की मरम्मत, नाला-नाली बनाने, फुटपाथ ठीक करने समेत अन्य काम किए जाने हैं। शहर का विकास करने समेत अन्य काम कराने वाले नोएडा प्राधिकरण का दफ्तर भी उद्योग मार्ग के पास है। इसी रास्ते से प्राधिकरण के सीईओ, एसीईओ समेत अन्य अधिकारी आते-जाते हैं। एक सप्ताह में कंपनी का चयनऐसे में इस रास्ते को बेहतर बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने पिछले महीने टेंडर जारी किया था। इस टेंडर की प्रक्रिया एक कदम आगे बढ़कर इसकी फाइनेंशियल बिड खुल चुकी है। जिस एजेंसी ने सबसे कम दर लगाई है, उसकी फाइल मंजूरी के लिए आला अधिकारियों के पास गई हुई है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है एक सप्ताह के अंदर एजेंसी का चयन कर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। शो रूम को करेंगे व्यवस्थित नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि उद्योग मार्ग पर खुले शोरूमों के बाहर व्यवस्था को भी व्यवस्थित कराया जाएगा। गौरतलब है कि अभी यहां प्राधिकरण दफ्तर के सामने से आकर आने वाले कट पर ही दिन भर जाम लगा रहता है। ऐसे में लोगों को दिक्कत होती है। इस रोड को पहले मॉडल बनाया जाना था। लेकिन अब इसे दुरुस्त किया जाएगा।
महाराष्ट्र के जलगांव जिले की चालीसगांव तहसील में ऐसा बैंक चल रहा है, जहां पैसों की बजाय बकरियों का लेन-देन होता है। इस ‘गोट बैंक’ ने 300 से ज्यादा गरीब, विधवा, परित्यक्ता और भूमिहीन श्रेणी की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। पुणे का ‘सेवा सहयोग फाउंडेशन’ लोन लेने आई महिला को बकरी पालन का प्रशिक्षण दिलाता है। इसके बाद एक पूर्ण विकसित बकरी मुफ्त दी जाती है। शर्त केवल इतनी होती है कि 6 से 9 महीने बाद, जब बकरी के बच्चे बड़े हो जाते हैं, तो महिला को उनमें से एक मेमना बैंक में डिपॉजिट के रूप में वापस करना पड़ता है। यही मेमना बड़ा होने पर किसी अन्य नई सदस्य महिला को स्वरोजगार के लिए दे दिया जाता है। महिलाओं की ‘एटीएम’ बनी बकरी महिलाएं बैंक से मिली बकरी का पालन कर रही हैं। वे इससे सालाना 3 से 4 मेमने प्राप्त कर, एक मेमना बैंक को लौटाती हैं और शेष बेचकर 30,000 रुपए तक कमा लेती हैं। बकरी उनके लिए ‘एटीएम’ बन गई है। अब इन महिलाओं ने मिलकर ‘गिरणा परिसर महिला पशुपालक उत्पादक कंपनी’ बना ली है। जानिए कैसे काम करता है पढ़िए बकरी बैंक पर 2 बयान हमारे अभियान से 300 से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं। बकरी बैंक के माध्यम से महिलाएं अब खुद बकरियां लौटा रही हैं- गुणवंत सोनवणे, सेवा सहयोग फाउंडेशन बकरी बैंक की वजह से मुझे रोजगार का नया जरिया मिला और अच्छी आय हो रही है। अब मैं इलाके की अन्य महिलाओं को भी इस व्यवसाय से जुड़ने के लिए मार्गदर्शन दे रही हूं- वैशाली राठौड़, सुंदरनगर, चालीसगांव
महाकुंभ के बाद माघ मेले में भी नागा साधुओं का अलग संसार नजर आने लगा है। संगम की रेती पर छोटे छोटे टेंट लगाकर नागा बाबा भक्तों, श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे हैं। हर टेंट में अग्नि कुंड के सामने नागा बैठ रहे हैं। नागाओं के पूरे शरीर पर भस्म लगी है। चंदन (त्रिपुंड तिलक), जटाएं, और रुद्राक्ष की माला पहने यह नागा अलग ही नजर आ रहे हैं। हाथ में त्रिशूल, कमंडल, और चिमटा भी इनकी पहचान है। श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा के नागा साधु अनिल बाबा 25 दिसंबर को ही माघ मेला पहुंच गए थे। 2 तस्वीरें देखिए... 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान किया अब धूनी रमाकर मकर संक्रांति स्नान की तैयारी कर रहे हैं। नागा बाबा ने बताया- मेरा मोबाइल चोरी हो गया। इससे काफी दिक्कत हो रही है। शिष्यों, भक्तों से बात नहीं हो पा रही है। भक्त हमारे तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। शिष्यों से संपर्क ही टूट गया है। नागा बाबा ने कहा कि महाकुंभ जैसी सुविधाएं नागा को नहीं दी गई। हम अपने जेब से ही खा रहे हैं। श्री शंभू पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा दीपक भारती नागा बाबा भी माघ मेला में पंडाल लगाकर बैठे हैं। नागा दीपक भारती जूनागढ़ गुजरात से आए हैं। वह कहते हैं पौष पूर्णिमा स्नान कर लिया। रोज संगम स्नान कर रहे हैं। एक साथ नागा अब मकर संक्रांति का स्नान करेंगे फिर मौनी अमावस्या पर महा स्नान होगा। माघ मेले में गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, बंगाल व उत्तर प्रदेश के जिलों से नागा साधु पहुंच रह हैं।श्री शंभू पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा नागा साधु भिक्षा नहीं मांगते। हाथ नहीं फैलाते। कोई मर्जी से दे जाए तो ही लेते हैं। यही वजह है कि इन नागा साधु को हर प्रकार की सुविधा न मिलने से परेशानी हो रही है। कोतवाल, भंडारी, कोठारी, कारोबारी और पुजारी आवाहन अखाड़े के कर्ताधर्ता श्रीमहंत होते हैं। इनके बाद अष्ट कौशल, थानापति व दो पंच होते हैं। इनके अलावा पांच सरदारों की नियुक्ति की जाती है। इसमें कोतवाल, भंडारी, कोठारी, कारोबारी और पुजारी होते हैं। आवाहन अखाड़ा में शामिल होने से पहले व्यक्ति को मन, कर्म और वचन से शुद्ध होना पड़ता है। संन्यास मिलने के बाद गुरु की सेवा सर्वोपरि होती है। कड़े अनुशासन होते हैं व्यक्ति को संसार के समस्त सुखों को त्यागना पड़ता है। जो ऐसा नहीं करता उसे अखाड़े से बाहर कर दिया जाता है। कड़ा अनुशासन होने के कारण अखाड़े में संतों की संख्या पहले की अपेक्षा कम है। मौजूदा समय 15 हजार के लगभग संत हैं। इसमें 12 हजार नागा संत हैं। महामंडलेश्वर सात हैं। स्थापना काल से आवाहन अखाड़ा सनातन धर्म की रक्षा के लिए संघर्षरत है। हमारे अखाड़ा के संतों ने मुगलों, अफगानियों और अंग्रेजों से युद्ध करके मठ-मंदिरों के साथ सनातन धर्मावलंबियों की रक्षा की है। अखाड़े में भिक्षा मांगना वर्जित है। हम इसे स्वाभिमान के विपरीत मानते हैं। भिक्षा मांगने वाले संत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है। नींव 547 ईस्वी में पड़ी माना जाता है कि आवाहन अखाड़ा की नींव 547 ईस्वी में पड़ी। महंत रत्ना गिरि, श्रीमहंत हंस दीनानाथ गिरि, श्रीमहंत मारिच गिरि, भगहरण पुरी, उदय पुरी, गणेश पुरी, चंदन वन, ओंकार वन, हीरा भारती आदि संतों ने मिलकर अखाड़े की नींव रखी। उस समय चार से दो से तीन सौ संतों का समूह था। आदिशंकराचार्य ने अखाड़े के स्वरूप को व्यापक किया। उन्हें भाला, त्रिशूल, फरसा चलाने में परांगत किया। तब अखाड़े से 15 से 20 हजार के लगभग नागा संत जुड़े। इसमें दो से तीन हजार संतों का अलग-अलग समूह बनाकर केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, बंगाल व उत्तर प्रदेश में भेजा गया, क्योंकि इन प्रदेशों में मतांतरण करने वालों की संख्या अधिक थी। उन्हें निर्देश दिया गया कि जिस क्षेत्र में जाएं वहां मूर्ति की स्थापना करके भजन-पूजन करें।
महाकुंभ में माला बेचने आई मोनालिसा फिल्म एक्ट्रेस बनने के बाद अब राजनीतिज्ञ गलियारों में भी फेमस होने निकल पड़ी है। महाकुंभ में गर्ल बंजारन मोनालिसा रातोंरात स्टार क्या बनी अब सियासी गलियारों में भी हलचल मचा रही है। मोनालिसा ने रविवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। सीएम से मिली मोनालिसा ने अपनी महत्वकांक्षी फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर का पहला चित्र जारी किया। मोनालिसा ने सीएम के साथ फोटो, वीडियो बनाए और उसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जारी किया। 3 तस्वीरें देखिए... मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म की पूरी यूनिट को शुभकामनाएं दीं। सभी के साथ फोटो शूट कराए। राज्य में फिल्म की शूटिंग पिछले पंद्रह दिनों से चल रही है। डॉयरेक्टर सरोज मिश्र ने दैनिक भास्कर बताया कि मोनालिसा के साथ फिल्म की पूरी यूनिट ने सीएम से मुलाकात कर फिल्म के बारे में जानकारी दी। उन्हें स्क्रिप्ट के बारे में बताया। सीएम ने बहुत खुशी जाहिर की। वायरल गर्ल मोनालिसा के साथ अभिनेता अभिषेक त्रिपाठी, अमित राव, दीपक सूथा, नागेश मिश्र, कशिश राजपूत, विष्णु दुबे के अलावा फिल्म के सह निर्माता पंजाब सिंह मजीठिया, अमित चौहान आदि उपस्थित थे। महाकुंभ गर्ल मोनालिसा हेलीकॉप्टर से घूम रही कभी महाकुंभ में पैदल माला बेचने वालीं मोनालिसा अब हेलिकॉप्टर से फिल्म की शूटिंग कर रही हैं। शनिवार को ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की उत्तराखंड में शूटिंग हुई। न्यू टिहरी में हेलिकॉप्टर के दृश्य फिल्माए गए। फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्र ने इंस्टाग्राम पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया। इसमें आगे की सीट पर पायलट और सनोज मिश्र बैठे दिख रहे हैं। सनोज वीडियो बना रहे हैं। पीछे मोनालिसा समेत 4 लोग बैठे हैं। मोनालिसा अपने को-एक्टर यानी हीरो के कंधे पर सिर रखकर सो रही हैं। ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ के डायरेक्टर सनोज मिश्र ने क्या कहा, पढ़िए...डायरेक्टर सनोज मिश्र ने दैनिक भास्कर से कहा- महाकुंभ को एक साल होने जा रहा है। महाकुंभ के दौरान मैंने महादेव की कृपा से यह संकल्प लिया था कि एक गरीब बंजारन लड़की मोनालिसा को एक्ट्रेस बनाऊंगा। यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था। मेरे विपक्षी वसीम रिजवी नहीं चाहते थे कि मेरा यह संकल्प पूरा हो। उन्होंने मेरी एक सहयोगी को बहकाकर मेरे खिलाफ रेप का आरोप लगवाया, जिस कारण मुझे जेल भी जाना पड़ा। विरोधियों को लगा कि अब मेरा काम खत्म हो गया है, लेकिन असल में वहीं से शुरुआत थी। जेल से बाहर आकर मैंने फिर से फिल्म बनानी शुरू की। आज फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ अपने लास्ट मूमेंट पर पहुंच चुकी है। इन दिनों इसकी शूटिंग देहरादून में चल रही है। मोनालिसा ने अपनी पहली हवाई यात्रा मेरे साथ की। पहली बार हेलिकॉप्टर में भी शूटिंग की गई। इस दौरान उनके साथ अभिनेता अभिषेक त्रिपाठी और नागेश मिश्र भी मौजूद थे। शूटिंग में बिजी हैं मोनालिसासनोज मिश्र ने कहा- मोनालिसा इस समय फिल्म की शूटिंग में बिजी हैं। मोनालिसा को साइकिल चलाना नहीं आता था। शूटिंग के दौरान उनके लिए नया साइकिल ट्रैक तैयार किया गया। रात-दिन की मेहनत के बाद मोनालिसा ने हिंदी पढ़ना-लिखना तो सीख लिया है। अब उसे अंग्रेजी बोलना सिखाया जा रहा है। शूटिंग के दौरान मोनालिसा को जख्मी दिखाया जाना था। ऐसे में चेहरे और मुंह के पास से खून दिखना था। जब मेकअप-मैन ने चेहरे पर खून लगाने की तैयारी की, तो वह डर गई। मैं समझाने लगा कि यह खून नहीं है, मगर वह नहीं मानी। लास्ट में पांच लीटर का कलर, केचप का बॉक्स दिखाया गया, जो खून की तरह लगता है, तब वह तैयार हुईं। फिल्म में आर्मी अफसर की बेटी बनी मोनालिसाफिल्म में मोनालिसा एक आर्मी ऑफिसर की बेटी का किरदार निभा रही हैं। फिल्म की कहानी के मुताबिक, मोनालिसा अपने आर्मी ऑफिसर पिता के लिए संघर्ष करती हैं। वह पिता की तरह ही आर्मी जॉइन करने का सपना देखती हैं। फिल्म में मोनालिसा के साथ अमित राव, दिनेश त्रिवेदी और अभिषेक त्रिपाठी भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। फिल्म के बारे में कहा जा रहा है कि यह सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जिसमें एक लव स्टोरी और बेटी के संघर्ष को दिखाया जाएगा। बता दें कि फिल्म की सिनेमैटोग्राफी साहिल अंसारी कर रहे हैं। फिल्म का म्यूजिक शेखर संतोष ने दिया है और गीत सनोज मिश्र ने लिखे हैं। अब जानिए कैसे मोनालिसा महाकुंभ में फेमस हुईं... मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं मोनालिसा मोनालिसा मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली हैं। मोनालिसा और उसका परिवार प्रयागराज महाकुंभ में माला बेचने के लिए गया था। अपनी आंखों और सादगी को लेकर वह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। तभी से उसके वीडियो काफी देखे जा रहे हैं। वो इतना फेमस हुईं कि उनकी तस्वीरों वाली टी-शर्ट तक बिकने लगीं। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मीडिया वाले और बहुत सारे लोगों से वह परेशान हो गई थी। उसकी तबीयत भी खराब हो गई थी। मोनालिसा ने कहा- मुझे वहां अच्छा लग रहा था, लेकिन मैं माला नहीं बेच पा रही थी। लोग मुझे घेर लेते थे। इससे परेशान होकर वहा महाकुंभ छोड़कर घर लौट गई थी। इसके बाद बॉलीवुड डायरेक्टर सनोज मिश्र ने मोनालिसा को फिल्म ऑफर कर दी और वह रातों-रात फेमस हो गईं। अब माघ मेले में वायरल होने पहुंचीं अफसाना और बासमती मोनालिसा की तरह फेमस होने के लिए माघ मेले में कई माला बेचने वाली लड़कियां आई हुई हैं। इनमें अफसाना और बासमती शामिल हैं। अफसाना, जो सिर्फ माला बेचती है और मोनालिसा की रिश्तेदार है। वहीं दूसरी बासमती है, जो माला और दातून दोनों बेचती है। अफसाना मध्यप्रदेश के खंडवा की रहने वाली है। अफसाना से कहा- मोनालिसा मेरी रिश्तेदार है। मौसी की बेटी है। मैं माघ मेले में मोनालिसा बनने नहीं आई हूं, बस माला बेचने आई हूं। अफसाना के साथ उसके माता-पिता भी माला बेच रहे हैं। दूसरी लड़की बासमती ने कहा- दिन भर लोग मेरा इंटरव्यू लेते रहते हैं। ऐसे में मेरा काम प्रभावित हो रहा है। मेरी मालाएं नहीं बिक पातीं। बासमती ने खुद भी गले में बड़ी बड़ी मालाएं पहन रखी हैं। नाक में तीन नथ और कान में कुंडल पहना रखा है। उसके चेहरे का मेकअप देखकर लोग प्रभावित हो रहे हैं। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें माघ मेले में आईं दो नई 'मोनालिसा':कजरारी आंखों वाली बासमती के साथ लोग रील बना रहे, अफसाना बोली- मेरी माला नहीं बिक रही महाकुंभ में फेमस हुई माला बेचने वाली मोनालिसा के बाद माघ मेले में 2 और लड़कियां चर्चा में हैं। ये दोनों भी माला बेचती हैं। इनमें पहली लड़की है अफसाना, जो सिर्फ माला बेचती है और मोनालिसा की रिश्तेदार है। वहीं, दूसरी बासमती है, जो माला और दातून दोनों बेचती है। पढ़ें पूरी खबर...
लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास होने का दावा किया जा रहा है। इसके अंदर डेवलपिंग का काम पूरा हो चुका है। एयरपोर्ट की तर्ज पर बने इस रेलवे स्टेशन को ऐसा लुक देने में 380 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यहां हमने पहुंचकर सभी सुविधाएं देखीं। कुछ यात्रियों से बात भी की। यात्रियों ने कहा- बहुत खूब बना है। स्टेशन का पूरा परिसर एयर कंडीशन्ड है, और यहां मेट्रो और एयरपोर्ट की तर्ज पर 26 लिफ्ट और 21 एस्केलेटर लगाए गए हैं। यात्रियों को आरामदायक यात्रा अनुभव देने के लिए वेटिंग रूम, कैफेटेरिया और वीआईपी लाउंज जैसी सुविधाएं हैं। यहां से गोड्डा, अयोध्या, दिल्ली के लिए ट्रेनें शुरू हैं। ऊपर क्लिक कर देखिए VIDEO... 3 तस्वीरें देखिए...
सोनीपत में नकली देसी घी के हाई-प्रोफाइल मामले में लापरवाही और कथित साठगांठ सामने आने के बाद गोहाना शहर थाना पुलिस पर बड़ी कार्रवाई हुई है। आरोपितों के नाम केस से बाहर रखने, निष्पक्ष जांच न करने और विभागीय पत्रों का जवाब न देने जैसे गंभीर आरोपों के चलते SHO और ASI को सस्पेंड कर दिया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिससे अब कार्रवाई के दायरे के और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।SHO और ASI पर गिरी गाजसोनीपत के गोहाना शहर थाना के SHO अरुण कुमार और ASI संदीप को निलंबित कर दिया गया है। तीन दिन पहले दोनों को लाइन हाजिर किया गया था, जिसके बाद आला अधिकारियों ने निलंबन की कार्रवाई की। आरोप है कि नकली देसी घी के मामले में न तो निष्पक्ष जांच की गई और न ही सभी संदिग्ध आरोपितों पर केस दर्ज किया गया। नकली वीटा घी मामले में जांच पर सवालयह कार्रवाई वीटा मार्का के नकली देसी घी की बरामदगी के मामले में हुई। अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि जांच के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों को जानबूझकर बचाया गया और उनके नाम केस में शामिल नहीं किए गए। निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय साठगांठ और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने पर पुलिस मुख्यालय ने सख्त कदम उठाया।एसआइटी गठित, अब नए सिरे से होगी जांचडीसीपी ने एसएचओ और एएसआइ के निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की आगे की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया है। इस टीम में गोहाना के एसीपी देवेंद्र, मोहाना थाना के एसएचओ मोहन सिंह, एसआइ जितेंद्र और साइबर सेल का एक सिपाही शामिल है। एसआइटी अब पूरे नेटवर्क और अन्य पुलिस कर्मियों की भूमिका की भी जांच करेगी।कैसे पकड़ा गया था नकली देसी घी10 दिसंबर 2025 को शहर थाना गोहाना की पुलिस ने खंदराई मोड़ के पास जींद के गुरुद्वारा कॉलोनी निवासी सुनील कुमार को अर्टिगा गाड़ी सहित गिरफ्तार किया था। गाड़ी से वीटा मार्का के 450 लीटर देसी घी के डिब्बे बरामद किए गए थे। जांच में यह घी नकली पाया गया था, जिस पर वीटा का मार्का लगाकर पैकिंग की गई थी।फैक्ट्री मालिक भी हुआ था गिरफ्तारमामले की कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने बाद में जींद के राजेंद्र नगर निवासी फैक्ट्री मालिक नंदकिशोर को भी गिरफ्तार किया था। आरोप है कि नकली देसी घी बनाने और सप्लाई करने का यह संगठित नेटवर्क था, जिसमें आगे और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। एफएसओ के पत्र का नहीं मिला जवाबखाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) बीरेंद्र यादव ने भी इस मामले में पुलिस को पत्र लिखकर आरोपितों के नाम और पते की जानकारी मांगी थी। विभागीय स्तर पर नोटिस जारी कर जांच आगे बढ़ाई जानी थी, लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी अरुण कुमार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया, जिससे संदेह और गहरा गया।तीसरे आरोपित की भी गिरफ्तारीपुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए इस मामले में तीसरे आरोपित जींद के श्याम नगर निवासी आनंद को भी गिरफ्तार कर लिया है। माना जा रहा है कि एसआईटी जांच में और नाम सामने आ सकते हैं।गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में सोनीपत के गांव बड़वासनी के पास भी नकली देसी घी से जुड़ा मामला सामने आया था। पुलिस ने बोलेरो पिकअप से शुद्ध देसी घी नाम से भरे 500-500 ग्राम के डिब्बे पकड़े थे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके पर सैंपल लेकर लैब भेजे थे, जिससे इस तरह के मामलों की कड़ी पहले से जुड़ी बताई जा रही है।कार्रवाई के दायरे के बढ़ने के संकेतएसआईटी के गठन के बाद माना जा रहा है कि नकली देसी घी के पूरे नेटवर्क के साथ-साथ पुलिस की भूमिका की भी परतें खुल सकती हैं। अधिकारियों की चुप्पी और जांच की दिशा पर अब सभी की नजर टिकी हुई है।
नमस्कार, कानपुर में कल (रविवार) की बड़ी खबरें… मेयर के बेटे बंटी पांडेय के विरोध में पार्षदों ने नगर निगम के गेट पर बैठकर अपने बाल मुंडवाने लगे। ये सूचना जैसे ही भाजपा के पदाधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने पार्षदों से तत्काल बात की। फिर संगठन के लोग पार्षदों को उठा ले गए। विरोध कर रहे पार्षदों को मांग पूरी होने का आश्वासन दिया। वहीं एक पैग ज्यादा शराब पीने पर भतीजे ने चाचा का ईंट से सिर कूचकर मर्डर कर दिया। DCM ने बाइक सवार मां-बेटे को रौंद दिया। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार कल की 10 बड़ी खबरें पढ़िए– 1. शौचालय के लिए खून से CM को पत्र लिखा:कानपुर में ‘संतलाल के हाता’ के लोगों ने प्रदर्शन किया, बोले- सीवर लाइन भी जरूरी कानपुर में वार्ड-37 के संतलाल का हाता में रहने वाले लोगों ने अब शौचालय के लिए मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखा है। सीएम योगी को पत्र लिखने के लिए लोगों ने पहले अपने शरीर से खून निकलवाया और फिर पत्र लिखा। जिसके बाद लोग इस पत्र को लेकर नगर निग पहुंचे और प्रदर्शन भी किया। इलाके के लोगों का कहना है कि शहर के बीचो बीच उनकी बस्ती है। नगर निगम के जलकल विभाग से महज 500 मीटर दूरी पर होने के बाद भी उनके पास मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। पढ़ें पूरी खबर 2. कानपुर में मां बनेंगे ट्रांसजेंडर:भाई और बहन भी बने, 7 हजार किन्नर गंगा यात्रा निकालेंगे; 15 दिन तक चलेगा कार्यक्रम कानपुर में अखिल भारतीय मंगल मूर्ति किन्नर कार्यक्रम हो रहा है। इसमें कश्मीर से कन्याकुमारी तक के करीब 7 हजार किन्नर शामिल होंगे। यह कार्यक्रम 15 दिनों तक चलेगा। 14वें दिन गंगा यात्रा निकाली जाएगी। के किन्नर समाज के लोग एकजुट हुए हैं। इस दौरान आपसी रिश्तों को नई पहचान दी जाती है, कोई बहन बनता है तो कोई मां-बेटी के पवित्र संबंध में बंधता है। कार्यक्रम के पहले दिन कलश यात्रा भी निकाली गई, जो धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक रही। पढ़ें पूरी खबर 3. कानपुर गैंगरेप पीड़िता बोली- यूट्यूबर ने मुंह दबाया:दरोगा ने पैर पकड़े, 45 मिनट तक दरिंदगी की; योगी ने अफसरों को लगाई फटकार मैं टॉयलेट के लिए घर के पीछे 200 मीटर दूर तालाब तक गई थी। वहां से कुछ दूर एक काले रंग की स्कॉर्पियो रुकी, 2 लोग उतरे और मुझे खींचकर गाड़ी के अंदर ले जाने लगे। वर्दी पहने शख्स ने मेरे पैर पकड़ लिए। जबकि दूसरे व्यक्ति ने मेरा मुंह दबा लिया, हाथ जकड़ लिए। मैं कुछ कर नहीं पा रही थी। खींचकर स्कॉर्पियो में लेकर गए, वर्दी पहना शख्स मुझे छोड़कर ड्राइविंग शीट पर बैठ गया। ये सब बताते हुए गैंगरेप पीड़िता थोड़ा ठहर जाती है, फिर संभलकर धीरे-धीरे आपबीती बताने लगती है। पढ़ें पूरी खबर 4. ‘बंटी टैक्स’ के विरोध में बाल मुंडवाने पहुंचे पार्षद:कानपुर में नगर निगम के सामने बैठे, संगठन के लोग उठाकर ले गए नगर निगम में पार्षदों और मेयर के बीच चल रहे विवाद में रविवार को अनोखा विरोध देखने को मिला। मेयर के बेटे बंटी पांडेय के विरोध में पार्षदों ने नगर निगम के बेट पर बैठकर अपने बाल मुंडवाने शुरू कर दिए। पार्षदों का कहना था कि हर दिन एक-एक पार्षद बाल मुंडवाएगा। नगर निगम के गेट पर चल रहे इस हंगामे की सूचना जैसे ही भाजपा के पदाधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने पार्षदों से तत्काल बात की। काफी देर मान मनौव्वल चलने के बाद जब संगठन ने पार्षदों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगे जल्द पूरी की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर 5. ठंड के बीच राहत भरी धूप, तापमान एक डिग्री गिरा:24 से 48 घंटे धूप देगी राहत, तेजस समेत 26 ट्रेनें देरी से आईं कानपुर शहर में रविवार सुबह कोहरा नहीं रहा। करीब 7 बजे ही धूप निकल आई। लेकिन, गलन बरकरार है। हालांकि कई दिनों बाद निकली बेहतर धूप ने आमजन को ठंड से राहत दी। हालांकि, शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 311 के करीब पहुंच गया, जिससे सांस लेने में लोगों को परेशानी हुई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 24-48 घंटे में मौसम इसी तरह का बना रहेगा। सीएसए की ओर से जारी मौसम रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान एक डिग्री और गिरकर 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 4.3 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान प्रदेश में शीर्ष से चौथे नंबर पर है। पढ़ें पूरी खबर 6. एक पैग ज्यादा शराब पीने पर चाचा का मर्डर:कानपुर में ईंट से कूचा सिर, खून देखकर भागा; पुलिस ने भेजा जेल कानपुर के कल्याणपुर नानकारी में एक पैग ज्यादा शराब पीने पर भतीजे ने चाचा का ईंट से सिर कूचकर मर्डर कर दिया। दोनों एक ही मोहल्ले के रहने वाले थे और युवक मृतक को चाचा कहता था। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मर्डर केस का खुलासा करते हुए आरोपी को अरेस्ट कर लिया। हत्यारोपी भतीजे को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। कल्याणपुर के नानकारी निवासी सोनू बाल्मीकि (30) बीते 7 जनवरी को घर से 200 मीटर की दूर मौजूद खाली प्लॉट में रक्तरंजित हालत में मिला था। अगले दिन सुबह क्रिकेट खेल रहे बच्चों ने घायल सोनू को पड़ा देखा, जिसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। पढ़ें पूरी खबर 7. कानपुर में बिजली विभाग के बाबू बेड पर मृत मिले:रात में खाना खाकर सोए, सुबह उठे नहीं; दरवाजा तोड़कर निकाला; हार्टअटैक की आशंका कानपुर के गोविंद नगर में बिजली विभाग के बाबू बेड पर मृत मिले। कन्नौज में तैनात 45 वर्षीय ब्रजेश कुमार यादव शनिवार रात खाना खाने के बाद घर में कमरे में सोने चले गए थे। रविवार सुबह काफी देर तक जब वह नहीं उठे तो परिजनों को शक हुआ। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया तो वह बिस्तर पर बेसुध पड़े थे। परिजन उन्हें कांशीराम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पढ़ें पूरी खबर 8. कनपुरिया गजक देशभर से मिठास का रिश्ता बना रही:हूलागंज की गलियों में तैयार हो रही 40 तरह की गजक, कई राज्यों में सप्लाई मकर संक्रांति और लोहड़ी के त्योहारों की रौनक के साथ ही कानपुर का प्रसिद्ध गजक बाजार खुशबू और मिठास से महक उठा है। हूलागंज और आसपास की गलियों में स्थित कारखाने और दुकानें इन दिनों चौबीसों घंटे गजक बनाने में जुटी हैं। यहां बनने वाली 40 से अधिक प्रकार की गजक देश के कोने-कोने में सप्लाई की जा रही है, जो कानपुर को ‘गजक का हब’ बनाती है। कारखानों में इन दिनों गुड़ को हथौड़ा से पीटने के बाद गजक बनाने का काम चल रहा है। किसी को मसालेदार गजक भा रही है तो किसी को ड्राईफ्रूट वाली पसंद है। पढ़ें पूरी खबर 9. कानपुर में DCM ने बाइक सवार मां-बेटे को रौंदा, मौत:बुआ के घर गमी में शामिल होने जा रहे थे, चाची गंभीर घायल कानपुर के सजेती थाना क्षेत्र के कैथा चौराहे के पास रविवार दोपहर डीसीएम ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार मां और बेटे की मौत हो गई। जबकि उनकी चाची गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने चाची को घाटमपुर सीएचसी पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर गंभीर हालत में उन्हें कानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर मां बेटे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पढ़ें पूरी खबर 10. 30 मिनट में मोबाइल-लैपटॉप ले गए चोर:छत के रास्ते दुकान में घुसे, सीसीटीवी में 2 आरोपी कैद हुए नवाबगंज थाना क्षेत्र चोरों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। शनिवार रात चोरों ने मेन जीटी रोड की दुकान में सेंधमारी कर मोबाइल, लैपटॉप समेत नकदी चोरी कर ले गए। अवासा विकास कल्याणपुर निवासी पीड़ित अजय बाजपेई की गीता नगर क्रासिंग के सामने बाजपेई एल्युमिनियम एंड प्लाईवुड नाम से दुकान हैं। दुकान फर्स्ट फ्लोर पर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि दुकान में तीसरी मंजिल में छत के रास्ते घुसे दो चोरों ने पूरी दुकान खंगाल डाली। पढ़ें पूरी खबर
लखनऊ में सुबह हल्की धुंध और कोहरे का असर है। पिछले 3 दिन की तरह आज भी तेज धूप निकलेगी। दिन में अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। दोपहर में समय में तेज धूप के चलते तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किए जाने के आसार हैं। ठंड की वजह से बंद किए गए सभी स्कूल खुल गए। सामान्य से अधिक रहा पारा रविवार को अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य तापमान से 3.1 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य तापमान से 1.4 डिग्री अधिक रहा है। दिन में मौसम साफ रहने के चलते पारा सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। कल से फिर से पड़ेगी सर्दी मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सुबह के समय में मौसम ठंडा बना रहेगा। इस दौरान हल्की धुंध और कोहरे का असर भी बना रहेगा। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते हवा की रफ्तार और दिशा बदली है। इसके चलते लखनऊ समेत आसपास के इलाकों में ठंड से राहत मिली है। अगले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे सर्दी का असर और घटेगा। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 12 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होगा और एक बार फिर उत्तर-पश्चिमी हवाएं सक्रिय होंगी। इससे तापमान में फिर 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
ग्वालियर में आज 2 हजार से अधिक शिक्षण संस्थानों में सामूहिक सूर्य नमस्कार किया जा रहा है। जिले में 2 लाख से अधिक विद्यार्थी और नागरिक सामूहिक सूर्य नमस्कार करेंगे। जिला मुख्यालय पर मुख्य कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिक्षानगर तानसेन नगर में आयोजित होगा। जिसमें जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी सहभागिता करेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन सभी शिक्षण संस्थाओं में एक साथ-एक संकेत पर किया जा रहा है। 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद की जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट के अलावा ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर रुचिका चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गेश कुंवर जाटव, उपाध्यक्ष प्रियंका सिंह घुरैया, जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी, जिला योग प्रभारी दिनेश चाकणकर सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी, विद्यार्थी एवं स्वयंसेवी व समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधिगण सहित गणमान्य नागरिक शामिल हो रहे हैं। विकासखंड स्तरीय हो रहे कार्यक्रम जिला योग प्रभारी दिनेश चाकणकर ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ-साथ जिले के सभी विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम किए जा रहे हैं। विकासखंड भितरवार में उत्कृष्ट भितरवार, डबरा में ग्लोबल इंटरनेशनल विकासखंड घाटीगांव के अंतर्गत बरई शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुरार ग्रामीण में शाउमावि संदीपनी बेरजा में विकासखंड स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सीएम के संदेश का होगा लाइव टेलीकास्टयुवा दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम सहित शिक्षण संस्थाओं में सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक आकाशवाणी से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रगीत वंदे-मातरम, स्वामी विवेकानंद का रिकार्डेड ऑडियो और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का प्रसारण किया जाएगा। जिसे एक साथ सभी छात्र उसको सुनेंगे और सामूहिक सूर्य नमस्कार करेंगे।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 12 जनवरी, दिन सोमवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें-
माता-पिता से नाराज होकर दिल्ली जाने के लिए निकली तीन नाबालिग लड़कियों को कानपुर में बरामद किया गया। तीनों लड़कियां बिहार से भागकर दिल्ली की ट्रेन में चढ़ गई थी। कंट्रोल रूम के जरिए नाबालिग लड़कियों की कानपुर आरपीएफ को दी गर्इ थी। नाबालिग की सूचना मिलने के बाद कानपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम एलर्ट हो गई और छात्राओं की खोजबीन शुरू की। जिसके बाद उन्हें सकुशल बरामद कर लिया गया। थाने में छात्राओं से पूछताछ करने के बाद बिहार पुलिस और उनके परिजनों को सूचना दी गई। स्टेशन पर घूम रही थी तीनों नाबालिग आरपीएफ इंस्पेक्टर एसएन पाटीदार ने बताया कि कंट्रोल रूम के जरिए उन्हें सूचना मिली कि बिहार से दिल्ली की ओर जाने वाली महाबोधी एक्सप्रेस में तीन नाबालिग लड़कियां सवार हैं। यह घर से भागकर आई हैं और बिहार के गया में इनकी गुमशुदगी का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। तीनों लड़कियों की आरपीएफ को फोटो भी भेजी गई। जिसके बाद आरपीएफ की टीम महाबोधी एक्सप्रेस के कानपुर आने पर जनरल कोच में उन्हें तलाशने लगी। यात्रियों को लड़कियों की फोटो दिखाई गई, लेकिन वह नहीं मिली। जिसके बाद बिहार से उनकी लोकेशन भेजी गई। लोकेशन से सर्च करने पर तीनों छात्राएं स्टेशन पर घूमती हुई मिली। तीनों माता-पिता से थी नाराज आरपीएफ ने तीनों लड़कियों को स्टेशन के कैंट साइट टिकट घर के पास से बरामद किया। जिसके बाद उन्हें थाने लाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि एक साथ पढ़ाई करती हैं। उन्होंने अपना नाम मुस्कान (14) पुत्री संतोष लोहानी, संध्या उर्फ स्नेहा (14) पुत्री संतोष पासवान और सानिया (13) पुत्री संतोष कुमार बताया। तीनों गया जिले की रहने वाली थी। घर से नाराज होकर वह निकली थी और दिल्ली जा रही थी। जिसके बाद आरपीएफ ने गया कोतवाली प्रभारी से संपर्क किया और छात्राओं की सूचना दी। जिसके बाद गया पुलिस और छात्राओं के परिजन कानपुर पहुंचे। जांच के बाद छात्राओं को बिहार पुलिस व उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। आरपीएफ थाना प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि छात्राओं को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। गया पुलिस से छात्राओं की सूचना मिली थी, जिसके बाद आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्राओं को बरामद कर लिया था।
बुलंदशहर में नगर पालिका द्वारा स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधा के लिए बनाए गए कई सार्वजनिक शौचालय बंद पड़े हैं। लाखों रुपए खर्च कर निर्मित इन शौचालयों के ताले सालों से नहीं खुले हैं, जिससे प्रतिदिन लगभग 50 हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दावा किया जा रहा है कि इन शौचालयों के रखरखाव और संचालन पर हर माह 20 से 25 हजार रुपए खर्च होते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। नगर पालिका क्षेत्र में लोगों की मांग और शासन के निर्देश पर ये शौचालय बनाए गए थे। इन शौचालयों के लिए न तो केयरटेकर तैनात किए गए हैं और न ही कई शौचालयों में पानी की व्यवस्था है। लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद, लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं, जैसे जर्जर इमारतों के किनारे, खाली प्लॉटों और सड़कों पर। कई शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन उन्हें चालू करने और संचालित करने की जिम्मेदारी केवल फाइलों तक सीमित है। नगर के मोती बाग स्थित अग्निशमन कार्यालय के पास बना शौचालय भी अभी तक चालू नहीं किया गया है। इसके कारण बड़ी संख्या में लोग खुले में शौच करने को विवश हैं, जिससे मोती बाग परिसर से गुजरने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। ठेली लगाने वाले राशिद ने बताया कि इस शौचालय में दो साल से कोई सुविधा नहीं है। कर्मचारी इसे ताला लगाकर बंद ही रखते हैं। लाल तालाब मंडी के शौचालय पर लटका ताला नगर के लाल तालाब सब्जी मंडी में व्यापारियों व लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय पर लंबे समय से ताला लटका हुआ है। स्थिति यह है कि शौचालय पर ताला होने के चलते व्यापारी व मंडी में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को भटकना पड़ता है, लेकिन नगर पालिका अधिकारियों ने इन शौचालयों के ताला खुलवाने के लिए कदम नहीं उठाया है। सब्जी व्यापारी सोनू ने बताया कि बनाए जाने के बाद शौचालय का ताला ही नहीं खोला गया है। ऐसे में व्यापारी बाजार के पीछे एक खाली प्लॉट में शौच के लिए मजबूर होते हैं। नुमाईश मैदान के शौचालय का नहीं खुला ताला नगर के नुमाईश मैदान में लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय का अधिकारी अभी तक ताला नहीं खुलवा सके हैं। करीब एक साल पहले बनाए गए शौचालय के निर्माण के दौरान लोगों को सुविधा का दावा किया गया था, लेकिन शौचालय में लगाई गई टंकी भी खराब हो चुकी है, परंतु लोगों के लिए इसे खोला ही नहीं गया है। जिसके चलते प्रतिदिन नुमाईश मैदान के आसपास दुकान लगाने वाले, सब्जी-फल विक्रेता योगेश कुमार ने बताया कि शौचालय केवल खानापूर्ति के लिए बनाया गया है, ताला लगा होने के कारण लोग खुले में शौच के लिए मजबूर हो रहे हैं। मुख्य बाजार के शौचालय पर भी नहीं ध्यान नगर के अंसारी रोड चौराहे के पास नगर पालिका ने शौचालय का निर्माण कराया था। दावा था कि बाजार में आने वाले लोगों व व्यापारियों को सुविधा मिलेगी, लेकिन शौचालय का निर्माण होने के बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकतर समय इस पर ताला लटका रहता है। कभी-कभार ताला खोला जाता है तो वहां न तो पानी की पर्याप्त सुविधा है और न ही हाथ साफ करने के लिए साबुन की। व्यापारी सोहेल ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही से योजनाओं के नाम पर केवल बंदरबांट हो रही है। अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका डा. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि शौचालयों की स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए बोर्ड बैठक से स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। शौचालयों में सुधार के लिए कुछ व्यवस्थाएं की गई थीं। जल्द ही सभी शौचालयों को चालू करा दिया जाएगा।
प्रयागराज के माघ मेले में 2 बड़े अस्थायी अस्पताल ‘गंगा’ व ‘त्रिवेणी’ संचालित हो रहे हैं। यह पूरी तरह से महाकुंभ में बने 100 बेड के अस्पताल की तर्ज पर बनाए गए हैं। इस अस्पताल को 24 घंटे संचालित किया जा रहा है। काली सड़क पर बांध के नीचे उतरते ही दिखेगा त्रिवेणी अस्पताल। यहां किस तरह की स्वास्थ्य सेवाएं श्रद्धालुओं को मिल रही है यह जानने के लिए हम अंदर पहुंचे। भले ही यह अस्थायी अस्पताल हो लेकिन यहां श्रद्धालुओं को एक ही छत के नीचे लगभग सभी सुविधाएं मिल रही है। बाहर पर्चा बनवाने पर मरीज काे संबंधित ओपीडी में जाना होता है। दवा के लिए बाहर बड़ा काउंटर बनाया गया है जहां दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। और अंदर जाने पर महिलाओं व पुरुषाें के लिए अलग अलग वार्ड बने हैं जहां मरीज भती हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अभी तक लगभग 25 हजार मरीजों का इलाज किया जा चुका है। एंबुलेंस के 24 घंटे चल रहा कंट्रोल रूम इस अस्पताल के राइट साइड में एक कक्ष एंबुलेंस कंट्रोल रूम के लिए बनाया गया है। यहां जियालाल यादव की मौजूदगी में टीम लगी हुई है। पूरे मेले में किस श्रद्धालु को कहां पर एंबुलेंस की जरूरत पड़ रही है वह सीधे यहीं से भेजी जा रही है। कितनी देरी में एंबुलेंस संबंधित श्रद्धालु के पास पहुंची इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेला सब-चार्ज डॉ. रावेंद्र सिंह कहते हैं, पहली बार यहां एक्स-रे कक्ष की भी व्यवस्था की गई है। किसी को भी यहां एक्स-रे की जरूरत पड़ती है तो उसे फ्री एक्सरे की सुविधा है। नर्सिंग स्टाफ व पैरामेडिकल की स्टूडेंट्स यहां पूरे भाव से मरीजों की सेवा में लगी हैं। प्रसव की भी सुविधा, पैथालॉजी में हो रही जांच गंगा और त्रिवेणी दोनों ही अस्पतालों में प्रसव की भी व्यवस्था की गई है। यहां गर्भवती महिलाओं के लिए लेबर रूम बनाया गया है साथ ही महिला चिकित्सक की भी तैनाती की गई है। ऐसी महिलाओं के प्रसव की सुविधा यहां पूरी तरह से फ्री है। इसके अलावा यहां पैथालॉजी भी है जहां पर मरीजों के ब्लड टेस्ट आदि की व्यवस्था है। पहली बार रिवर एंबुलेंस की भी सुविधा CMO डॉ. एके तिवारी माघ मेले में खुद रूके हुए हैं। वह बताते हैं कि माघ मेले में पहली बार रिवर एंबुलेंस की सुविधा हुई है। 2 रिवर एंबुलेंस यहां पानी में चल रही है। यदि स्नान के दौरान किसी भी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ती है तो तत्काल रिवर एंबुलेंस एक्टिव होगी।
रेवाड़ी में धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन कंवर सिंह यादव ने सोहना, दिल्ली और नन्दरामपुर बास रोड से अतिक्रमण हटाकर चौड़ा करने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है। जिसमें धारूहेडा में इन मार्गों की चौड़ाई 30-30 फुट करने की मांग की है। पत्र में कहा है कि इससे लोगों को जाम और प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी। गडकरी को लिखे पत्र में कहा गया है कि सोहना रोड नेशनल हाईवे 919 है। नंदरामपुर बास रोड भिवाड़ी इंडस्ट्री एरिया को जोड़ता है। नेशनल हाईवे 919 पर स्कूल के सामने फ्लाइओवर और पुलिस स्टेशन के पास लूप बनाने की मांग की हैं। धारूहेड़ा में एंट्री और एग्जिट के लिए भी फ्लाइओवर बनाने की मांग की है। ट्रैफिक आवाजाही का मुख्य मार्गचेयरमैन कंवर सिंह ने कहा कि मार्ग सोहना, पलवल, फरीदाबाद, भिवाड़ी और अलवर आने जाने का मुख्य रास्ता है। इन्हीं मार्गों से अधिकतर वाहन आवाजाही करते हैं। जिससे हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। फ्लाइओवर और लूप बनने से जाम से मुक्ति मिलेगी। अक्सर होते रहते हैं हादसेउन्होंने कहा कि यहां से पढ़ने वाले बच्चों का भी आना जाना होता है। बरसात के दिनों में यहां पानी भर जाता है। जाम के कारण भी परेशानी होती है। नेशनल हाईवे 48 और 919 पर फ्लाइओवर अब समय की मांग बन चुका है। मजबूरी में पकड़ने पड़ते हैं लिंक रोडकंवर सिंह ने कहा कि जब हाईवे पर अक्सर कई किलोमीटर लंबा जाम लगता रहता है। जिससे यहां काम करने वाले उद्यमियों और व्यापारियों को मजबूरी में गांव के रास्ते पकड़ने पड़ते है। हाईवे पर जाम लगने से प्रदूषण की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। इस बारे में पहले भी कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं।
नशे में धुत होकर मरीज और परिजन को पीटने के आरोप में निलंबित ASI राजेश मीणा के मामले में सियासी बवाल मचा हुआ है। अपने निलंबन को लेकर ASI ने वीडियो जारी कर भाजपा विधायक पर अवैध बजरी खनन के गंभीर आरोप लगाए थे। दूसरी तरफ विपक्ष भी प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हमलावर है। भास्कर ने इस मामले में पड़ताल की। आखिर 5 जनवरी की सुबह अवैध बजरी खनन को लेकर क्या विवाद हुआ था? उसी रात हॉस्पिटल के बाहर मारपीट की घटना का पूरा सच क्या है? पढ़िए- मंडे स्पेशल स्टोरी में… पीड़ित की आपबीती, ASI राजेश मीणा ने की थी मारपीटकेकड़ी सदर थाने का एएसआई राजेश मीणा 5 जनवरी से चर्चा में है। आरोप है कि 5 जनवरी की रात हॉस्पिटल के बाहर वह पिस्तौल लेकर मारपीट कर रहा था। राजेश मीणा के खिलाफ केकड़ी के सदर थाने में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उसको निलंबित कर दिया गया था। होटल में चाय पीते समय हमला कियाASI के खिलाफ मामला दर्ज करवाने वाले ओमप्रकाश गुर्जर (पीड़ित) बताते हैं- 5 जनवरी की रात 12.30 बजे मैं केकड़ी हॉस्पिटल में अपने भाई मनीष गुर्जर के साथ दिखाने आया था। चेकअप के बाद बाहर आकर होटल पर चाय पीने बैठे थे। उसी समय एक सफेद कार में 3 लोग आए। एक पुलिस की वर्दी में था और दो सिविल ड्रेस में थे। वर्दी में ASI राजेश मीणा था। आते ही मीणा ने हमें पकड़ा। हॉकी व डंडे से पीटने लगा। हम भागने लगे तो तीनों ने हमारी कार में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद वहां सिटी थाने से पुलिस फोर्स आ गई। पुलिस हमें पकड़कर थाने ले गई। पिस्टल से जान से मारने की धमकी दीथोड़ी देर बाद राजेश मीणा व उनके वहीं के दोनों साथी लड़के भी थाने आ गए। उन्होंने थाने के अंदर ही मेरे व मेरे भाई मनीष के साथ बहुत बुरी तरीके से मारपीट की। राजेश मीणा के पास पिस्टल थी, जिससे उसने हम दोनों भाइयों को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद दूसरे पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे तो हमें छोड़ा गया था। 2 सीसीटीवी फुटेज... मारपीट करता दिख रहा ASIओमप्रकाश गुर्जर (पीड़ित) ने अपने साथ हुई इस घटना से जुड़े दो सीसीटीवी वीडियो भी हमसे साझा किए। इनमें से एक वीडियो में ASI राजेश मीणा ओमप्रकाश की कार में तोड़फोड़ और कुछ लोगों के साथ मारपीट करता दिख रहा है। दूसरे वीडियो में वो अपने कथित साथियों के साथ हॉस्पिटल में भागता हुआ दिख रहा था। ओमप्रकाश ने दावा किया कि इस घटना से पहले वो राजेश मीणा से पहले कभी नहीं मिला था और न ही उसे जानता था। एडिशनल एसपी बोले- सरकारी पिस्टल लेकर लोगों से मारपीट, इसलिए किया सस्पेंडकेकड़ी के एडिशनल एसपी राजेश मील कहते हैं- अब तक की जांच में सामने आया है कि सदर थाने में पोस्टेड ASI राजेश मीणा ने सरकारी हॉस्पिटल के पास कुछ लोगों से मारपीट की। इसके बाद वापस थाने में भी कुछ नागरिकों से मारपीट की। मामले में FIR दर्ज हुई थी। उस पर कार्रवाई की जा रही है। इसी को देखते हुए फिलहाल ASI मीणा को सस्पेंड कर दिया गया है। अभी वो फरार है। टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। निलंबित ASI बोला- अवैध खनन पर कार्रवाई रोकने का था दबावभास्कर ने इस मामले में निलंबित ASI राजेश मीणा का भी पक्ष जाना और आरोपों पर सवाल जवाब किए सवाल : अवैध खनन को लेकर क्या कार्रवाई थी, जिसको लेकर आपने गंभीर आरोप लगाए हैं?राजेश मीणा : 5 जनवरी को मैं केकड़ी सदर थाने में ड्यूटी ऑफिसर तैनात था। उस दिन टीम लेकर एक मुजरिम को एस्कॉर्ट कर सरवाड़ थाने के एएसआई के सुपुर्द करने गया था। लौटते समय हमारे थानाधिकारी जगदीश चौधरी ने कॉल कर देवपुरा गांव में विवाद की सूचना दी थी। मैं सीधा देवपुरा पहुंचा। शिकायतकर्ता से मिला और उसके बताए अनुसार विवाद वाली लोकेशन पर गया। मौके पर दो जेसीबी अवैध खनन करती मिली और 4 ट्रैक्टर भी खड़े थे। इनमें से दो भरे हुए थे और 2 ट्रैक्टर खाली था। शिकायतकर्ता पक्ष की पाइपलाइन ट्रैक्टर से टूट गई थी। इसी को लेकर ये विवाद हुआ था। मैंने फोर्स बुलवाकर कार्रवाई शुरू कर दी थी। घटना के करीब 3.30 घंटे बाद सीआई जगदीश चौधरी मौके पर पहुंचे और शिकायतकर्ता की पत्नी को कहा- हम इन ट्रैक्टरों और जेसीबी को नहीं पकड़ेंगे। आपको शिकायत करनी है तो माइनिंग डिपार्टमेंट में करो। सीआई ने मुझ पर काफी प्रेशर बनाया और मेरी शिकायत विधायक शत्रुघ्न गौतम से कर दी। इसके बाद विधायक गौतम का मेरे पास फोन आया और उन्होंने मुझे सभी वाहनों को छोड़ने और कार्रवाई नहीं करने को लेकर धमकाया। मैंने इनकार कर दिया और प्राइवेट ड्राइवरों को बुलाकर सभी गाड़ियों को जब्त करते हुए थाने पहुंचाया था। सवाल : हॉस्पिटल के बाहर विवाद और मारपीट का क्या मामला था?जवाब : उसी रात करीब 10 बजे मैं अपनी प्राइवेट कार से जा रहा था। हॉस्पिटल के पास एक शख्स ने रुकवाया और मुझसे मदद मांगी। उससे बात करने के बाद मैं अलाव के लिए बाहर बैठ गया। तभी वहां दो लड़कों ने सिगरेट के कश मुझ पर छोड़ दिया और हमला कर दिया। इसके बाद जवाब में मैंने भी अपनी कार से हॉकी निकालकर जवाबी हमला किया था। सवाल : आपने थाने में भी पीड़ितों से मारपीट की?जवाब : मैं रात को थाने जाकर सो गया था। अगली सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकला था, तब सीओ हर्षित शर्मा कॉल कर मुझे मेडिकल के लिए थाने बुलाया। थाने पहुंचने पर सभी पुलिस अधिकारियों ने मुझे धमकाया। इसके बाद मैं घबराकर जैसे-तैसे वहां से बाहर निकल गया और अपने गांव की तरफ चला गया। पुलिस अधिकारी बोले- माइनिंग विभाग ने बताया सही जगह हो रहा था खननपुलिस अधिकारियों ने बताया कि माइनिंग टीम ने अपने वेरिफिकेशन में पाया कि पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी चार ट्रैक्टर और दो जेसीबी मशीन वैध खनन में लीजधारक के यहां पर काम कर रहे थे। इस संबंध में पुलिस को पत्र लिखकर इन सभी वाहनों को छोड़ने का लिखित अनुरोध भी किया था। इसके बाद वाहनों को रिलीज कर दिया गया था। थानाधिकारी बोले- ASI ने जो हरकतें की वो पुलिस में नहीं होतीसीआई जगदीश चौधरी ने बताया कि बजरी खनन पर कार्रवाई के दौरान मैंने जो भी किया वो कानून सम्मत था। हमने माइनिंग विभाग को जानकारी दी। मुझ पर किसी भी तरह का प्रेशर नहीं था। न ही मैंने किसी पर कोई प्रेशर बनाया। अगर ऐसा कुछ था तो वो (राजेश मीणा) पहले शाम को ही ये सब बता सकता था। अब जो सस्पेंशन का मामला है वो अलग है। रात में उसने जो हरकतें कीं, वो पुलिस में नहीं होती हैं। ऐसे में उसे उन्हीं हरकतों के लिए सस्पेंड किया गया है। मैंने जो भी कार्रवाई की है, वो कानून के तहत थी। ASI पहले भी हो चुका लाइनहाजिरनिलंबित ASI राजेश मीणा इससे पहले जनवरी 2025 में भी एक मामले में लाइनहाजिर हो चुका है। अजमेर जिले के सावर थाने में पोस्टिंग के दौरान अवैध ट्रैक्टरों को हनुमान नगर थाने से छुड़वाने को लेकर जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा को भी कॉल कर धमकाया था। इस संबंध में विधायक की शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन जहाजपुर सीओ नरेंद्र पारीक ने भीलवाड़ा एसपी को अजमेर जिले के सावर में तैनात हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा के खिलाफ रिपोर्ट बना कर भेजी थी। इसके बाद भीलवाड़ा एसपी ने वो रिपोर्ट अजमेर एसपी को भेजी। अजमेर SP ने मीणा को लाइनहाजिर कर दिया था। हनुमान नगर थाने के एसएचओ गणेश मीणा ने बताया कि पूरा मामला तो अब मुझे याद नहीं है, लेकिन ये सही है कि जनवरी 2025 में तब हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा ने विधायक गोपीचंद मीणा से बदतमीजी की थी। इसके बाद मैंने भीलवाड़ा एसपी को उसकी रिपोर्ट भेजी थी। विपक्ष ने भी लगाए थे गंभीर आरोपइस मामले को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट करते बीजेपी विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे। विधायक बोले- जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगाइस मामले में हमने विधायक शत्रुघ्न गौतम से मिले। उन्होंने ऑन कैमरा तो कोई बात नहीं की। लेकिन ये बताया कि उस दिन मेरे पास सूचना आई थी कि लीजधारक के यहां वैध कार्य कर रहे कुछ स्थानीय ग्रामीणों को हेड कॉन्स्टेबल (ASI प्रमोटेड) राजेश मीणा परेशान कर रहा है। इस पर मैंने पहले सीआई को कॉल किया और उसके बाद उसे भी कॉल कर निर्देश दिया था कि अगर कोई अवैध कार्य है तो आप कार्रवाई करो। वैध कार्य है तो ग्रामीणों पर पुलिसिया रौब मत दिखाना। वो बार-बार अवैध बजरी होने का दावा कर रहा था। मुझे राजस्थान की कानून-व्यवस्था में पूरा भरोसा है। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। --- केकड़ी ASI की यह खबर भी पढ़िए.... केकड़ी सदर थाने का हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड:मारपीट कर पिस्टल से फैलाई दहशत, कार में तोड़फोड़ की; सिटी थाने में मामला दर्ज अजमेर जिले के केकड़ी के सदर थाने में पोस्टेड हेड कॉन्स्टेबल राजेश मीणा को 5 दिन पहले सस्पेंड कर दिया गया था। आरोप है कि मीणा ने राजकीय हॉस्पिटल के सामने लोगों से मारपीट की और पिस्टल दिखाकर दहशत भी फैलाई थी। साथ ही कार में तोड़फोड़ कर थाने में भी मारपीट की थी। पढ़ें पूरी खबर...
उत्तर भारत की बफीर्ली हवाओं ने राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में बर्फ जमा दी है। रविवार को प्रदेश के कई इलाकों में पारा जमाव बिंदु और उससे भी नीचे चला गया। जैसलमेर, नागौर, सीकर जिलों के कई इलाकों में बर्फ जम गई।रविवार को फतेहपुर (सीकर) में न्यूनतम तापमान -2 और नागौर में -1 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हाड़ कंपाने वाली इस सर्दी का सितम अगले कुछ दिन और जारी रहने की संभावना है। आज (12 जनवरी) दो जिलों में सर्दी का रेड अलर्ट जारी किया गया है। 5 जिलों में ऑरेंज और 5 में येलो अलर्ट रहेगा। 14 और 15 जनवरी के बाद ही कुछ राहत मिलने की संभावना है। उधर, कड़ाके की ठंड के कारण जयपुर समेत 11 जिलों के स्कूलों में छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। साथ ही, कुछ जिलों में समय बदला गया है। रविवार को उदयपुर में घने कोहरे के कारण 7 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई थीं। यपुर- मुख्य जिला शिक्षाधिकारी मुकुल कविया ने प्री-प्राइमरी से 5वीं तक के बच्चों की 12 और 13 जनवरी अवकाश घोषित किया है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर जयपुर जिले में पहले से ही कलेक्टर द्वारा घोषित अवकाश रहेगा। सीकर- में 5वीं क्लास तक के बच्चों की छुट्टियां 17 जनवरी तक बढ़ा दी गई हैं। छठवीं से 12वीं क्लास तक के बच्चों का टाइम सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक कर दिया गया है। भरतपुर- 5वीं क्लास तक के बच्चों की 12 और 13 जनवरी की छुट्टी घोषित कर दी गई है। डीग- डीग में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों का 12 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है। हनुमानगढ़- नर्सरी से 8वीं कक्षा तक के बच्चों का 12 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है। 13 जनवरी को लोहड़ी का स्थानीय छुट्टी होने के कारण स्कूल अब 14 जनवरी को खुलेंगे। जालोर- प्री-प्राइमरी से 5वीं तक के स्टूडेंट्स की 12 से 14 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। नागौर- शीतलहर को देखते हुए 5वीं तक के बच्चों की 12 और 13 जनवरी को छुट्टी घोषित की गई है। जैसलमेर- पहली से 8वीं क्लास तक के बच्चों का 14 जनवरी तक अवकाश रहेगा। दौसा- एक से 8वीं कक्षा तक के बच्चों की 12 जनवरी को छुट्टी घोषित की गई है। इस दौरान स्टाफ का समय यथावत रहेगा। झुंझुनूं- क्लास 1 से 8वीं तक के बच्चों की 13 जनवरी तक छुट्टी घोषित की गई है। बाड़मेर- 12 जनवरी को 8वीं तक के बच्चों के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। अजमेर- कलेक्टर ने प्री- प्राइमरी से 12वीं तक के स्कूलों का टाइम सोमवार से 17 जनवरी तक सुबह 10 से शाम 4:00 बजे तक कर दिया है। बीकानेर- कलेक्टर ने अगले आदेश तक स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कर दिया है।आंगनबाड़ी का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा।
मौसम का हाल:उत्तरी हवा थमने से पारा 12.6 डिग्री; संक्रांति के बाद बढ़ेगी सर्दी
उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं की रफ्तार कम होने से सागर के मौसम ने पूरी तरह से यू-टर्न ले लिया है। शहर में कड़ाके की ठंड अब गायब होने लगी है और दिन-रात के तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। सागर अब ठंडे शहरों की सूची से बाहर होकर प्रदेश के उन टॉप-5 शहरों में शामिल हो गया है, जहां न्यूनतम तापमान सबसे अधिक दर्ज किया गया। रविवार को लगातार दूसरे दिन सागर प्रदेश के सबसे गर्म रात वाले शहरों में शुमार रहा। यहां न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से अधिक है। सुबह से खिली तेज धूप ने लोगों को राहत दी, लेकिन बीच-बीच में चली सर्द हवाओं ने हल्की सिहरन पैदा की। इसी कारण अधिकतम तापमान में शनिवार के मुकाबले 1 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज हुई और यह 27.1 डिग्री सेल्सियस पर आकर टिक गया। हवा के रुख में बदलाव का असर हवा में नमी पर भी साफ देखा गया। सुबह हवा में नमी की मात्रा 65% रही, जिससे हल्की धुंध और ओस का अहसास हुआ। वहीं शाम को नमी गिरकर 53% पर पहुंच गई, जिससे शाम के वक्त हवा में शुष्कता महसूस की गई।
आरोप : मां बोली बेटे की पीटकर हत्या, पुलिस आरोपी को बचा रही
डेढ़ माह पहले शहर के तिलकगंज क्षेत्र में युवक की सरेराह पीट-पीटकर हत्या के मामले में कोतवाली थाना पुलिस पर आरोपियों को बचाने के आरोप लग रहे हैं। इस संबंध में मृतक की मां ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों से कराने और हत्या में शामिल अन्य आरोपियों के नाम एफआईआर में जोड़ने की मांग की है। बंडा क्षेत्र के उल्दन गांव निवासी रमा चौबे पत्नी कुंजबिहारी चौबे ने एसपी से की शिकायत में बताया कि उनके बेटे सुशील चौबे के साथ तिलकगंज क्षेत्र में 25 नवंबर की रात करीब एक दर्जन लोगों की भीड़ ने बेरहमी से मारपीट की थी। मारपीट में आई चोटों से सुशील की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला का दावा है, बेटे सुशील ने मरने के पहले आरोपियों के नाम उन्हें बताए थे। उसका कहना था कि आरोपी कई दिनों से उसकी रैकी कर रहे थे। कोतवाली थाना पुलिस को बताया था कि हत्या के मामले में देवेश नाम के युवक का मुख्य रोल है, लेकिन पुलिस आरोपी का नाम एफआईआर में नहीं जोड़ रही है। महिला का आरोप है कि पुलिस ने मारपीट वाली जगह के महज 2 सीसीटीवी फुटेज निकाले, जिसमें एक वह वीडियो था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल आज सागर प्रवास पर
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल 12 जनवरी को सागर जिले के प्रवास पर रहेंगे। वह शाम 4 बजे बीना स्थित खेल ग्राउण्ड में आयोजित स्वर्गीय राकेश सिरोठिया स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 5 बजे वीबी-जी रामजी जनजागरण अभियान की बैठक और सायं 5.45 बजे छोटी टोली बैठक को संबोधित करेंगे। जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने प्रदेश अध्यक्ष के आगमन की तैयारियों को लेकर पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल बैठक कर तैयारियों के सम्बन्ध में चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
सीसीटीवी लगाने व बच्चों के विवाद में दो पक्षों में मारपीट
कोतवाली थानांतर्गत परकोटा इलाके में बच्चों को लेकर रविवार को दो पक्षों में विवाद हो गया। जमकर मारपीट हुई। तलवारें भी चलीं। विवाद में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार परकोटा क्षेत्र निवासी बादशाह मिस्त्री और पड़ोसी अख्तर अली के परिवार के बच्चों को लेकर कोई बातचीत हुई। जिसके बाद विवाद बढ़ गया। रविवार को दोनों परिवार के बीच फिर विवाद हुआ। लाठी-डंडे और तलवारों से मारपीट की गई। दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। अवैध गतिविधियों के चलते घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। शनिवार रात विवाद के बाद सीसीटीवी कैमरे तोड़ने का प्रयास किया गया था। दोनों पक्षों के घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल ने बताया कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया है।
पैरामेडिकल विद्यार्थियों को शुल्क भरने के लिए आज अंतिम दिन
सागर। बुंदेलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय सागर में शिक्षण सत्र 2024-2025 पैरामेडिकल पाठ्यक्रम (डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम) की स्वीकृत खाली सीटों पर चयनित अभ्यर्थियों को 12 जनवरी तक सुरक्षा निधि राशि एवं शैक्षणिक शुल्क स्वशासी शाखा में जमा करना है। इसके लिए 12 जनवरी का अंतिम दिन है। प्रवेश निश्चित करने के लिए सुरक्षा निधि राशि एवं शैक्षणिक शुल्क की रसीद की फोटोकॉपी के साथ सीट आवंटन पत्र व आधार कार्ड की फोटोकापी लगाना है। 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा की मूल अंकसूची/ जन्म प्रमाण पत्र, अंतिम वर्ष अंकसूची की मूल प्रति, मूल/ स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र की मूल प्रति सहित अन्य दस्तावेज जमा करने हैं।
इंदौर की घटना से सबक:जर्जर पाइपलाइन बदल प्रोजेक्ट के तहत शहर में 136 किमी नई लाइन डालेंगे
इंदौर में हाल ही में गंदे पानी के चलते 21 लोगों की मौत ने यहां के नगर निगम और पीएचई विभाग को सतर्क कर दिया है। इसके बाद शहर में जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू कर दिया है। पिछले 10 दिनों में नागझिरी कॉलोनी, आदर्शनगर सेक्टर बी, क्षीरसागर, पंवासा, सिंधी कॉलोनी और छत्री चौक सहित कई क्षेत्र व कॉलोनियों से गंदे पानी मिलने की शिकायतें आई थी। यहां के लोगों ने बताया कि कई जगह पानी पीने योग्य तक नहीं आ रहा है। कुछ लोग फिल्टर पानी का उपयोग कर रहे हैं। इन शिकायतों को देखते हुए पीएचई विभाग ने पिछले 10 दिनों में 133 जगह लाइन में लीकेज चिह्नित किए हैं। इनमें से 115 जगह पर सुधार भी करवाया है। साथ ही वाल्व मरम्मत, ओवरहेड टैंकों की सफाई और जलभराव स्थलों पर भी काम किया है। निगम द्वारा गंदे पानी की शिकायत करने हेल्पलाइन नंबर 9406801060 एवं 0734-2535300 भी जारी किए, जहां पिछले 10 दिन से लोग पानी से संबंधित अपनी शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। प्रभारी निगम आयुक्त के निर्देशानुसार इन शिकायतों का समाधान 24 से 48 घंटों में किया जा रहा है। कई जगहों पर समस्या बनी हुई है, क्योंकि वहां कि पाइपलाइन की हालत काफी खराब है। ऐसी जगह जैसे महाश्वेतानगर, पांड्याखेड़ी में नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। शहर की अधिकांश पाइपलाइन 1990 के दशक में डाली गई थी और अब जर्जर स्थिति में है। इसके अलावा शहर में लगातार हो रहे निर्माण कार्यों ने पाइपलाइन की स्थिति को और भी कमजोर कर दिया है। इस कारण नाली और मिट्टी का पानी जलप्रदाय की लाइन में मिलने खतरा बना हुआ है। 52 ओवरहेड टैंकों की जांच के बाद 40 साफ किए पीएचई विभाग के अनुसार पिछले 10 दिन में ही 133 चिह्नित मरम्मत व लीकेज के कार्य में से 115 पूरे कर लिए हैं। टीम ने सुबह से शाम तक कार्य करते हुए पाइपलाइन लीकेज ठीक की, वाल्व की मरम्मत की और ओवरहेड टैंकों की सफाई की। नगर निगम ने जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए 52 ओवरहेड टैंकों की जांच की, जिनमें से 40 टैंकों की सफाई हो चुकी, 12 का सफाई कार्य चल रहा है। हरियाखेड़ी से होंगे नए कनेक्शन, बनेगा विकल्प शहर को 34 साल बाद गंभीर डेम के विकल्प के रूप में हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट मिलेगा। 1113.07 करोड़ की लागत से बनने वाली यह योजना सिंहस्थ 2028 के दौरान 30 करोड़ श्रद्धालुओं और 2047 तक शहरवासियों की जल आवश्यकताओं को पूरा करेगी। प्रोजेक्ट में 49,000 नए कनेक्शन होंगे। लगभग 136 किलोमीटर नई क्लियर वॉटर पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 534 किलोमीटर वितरण नेटवर्क तैयार होगा। पांच जल शोधन संयंत्र और 17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे, जबकि 44 पुराने टैंकों को मजबूत किया जाएगा।
एसआईआर:2003 से 2025 की सूची का मिलान फिर भी नोटिस, जानकारी नहीं दी
दमदमा निर्वाचन आयोग की ओर से जारी नोटिसों को लेकर दमदमा क्षेत्र के कई मतदाता परेशान हैं। इन मतदाताओं का रिकॉर्ड पूरी तरह सही है। वे साल 2003 की मतदाता सूची से भी जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद नोटिस भेजे हैं। कारण यह है कि फॉर्म भरते समय उन्होंने 2003 की सूची की जानकारी की जगह 2025 की डिटेल भर दी। अब नोटिस मिलने के बाद उन्हें पोलिंग बूथ पर जाकर दस्तावेज जमा कराने पड़ रहे हैं। वार्ड 52 के पोलिंग बूथ क्रमांक 213 पर इसको लेकर मतदाताओं और मौजूद टीम के बीच काफी देर तक बहस हुई। मतदाताओं का आरोप है कि फॉर्म भरते समय उन्हें न तो सही जानकारी दी गई, न ही 2003 की सूची से मिलान कराया गया। इसी कारण उन्होंने 2025 की सूची की जानकारी भर दी। सेवानिवृत्त सहायक उप संचालक कृषि बीके शर्मा ने बताया कि परिवार के सभी 7 सदस्यों को नोटिस भेजा गया। जब उन्होंने 2003 की सूची देखी, तो उनकी मेपिंग हो गई। तीन सदस्यों की मेपिंग करवा दी गई है। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान न तो 2003 की सूची दिखाई गई, न ही बीएलओ ने इसकी जानकारी दी। पड़ोस में रहने वाले रजनीश जैन भी नोटिस मिलने के बाद परेशान होते रहे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र वशिष्ठ ने बताया जब उन्हें पुराने मतदाताओं को नोटिस मिलने की जानकारी मिली, तो वे खुद 2003 की सूची लेकर पोलिंग बूथ पहुंचे। वहां पहुंचे 28 लोगों का रिकॉर्ड 2003 की सूची में मिल गया। इससे साफ है कि सर्वे के दौरान मतदाताओं को 2003 की सूची की जानकारी नहीं दी गई। ^ सर्वे में 2003 की सूची से ही मेपिंग कराई जाना थी। यह लोगों को भी पता था और मेपिंग हुई। - संदीप सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
नमस्कार, कल की बड़ी खबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमनाथ मंदिर में पूजा करने से जुड़ी रही। उन्होंने कहा कि मंदिर को मिटाने के लिए कई आक्रांता आए, लेकिन वे खुद मिट गए। वहीं, दूसरी बड़ी खबर यूपी के काशी की है, जहां पुलिस कांग्रेसियों को घसीटकर गाड़ी में ले गई। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा की, डमरू बजाया, कहा- सोमनाथ तोड़ने वाले इतिहास के पन्नों में सिमटे PM मोदी गुजरात दौरे के दूसरे दिन सोमनाथ में शौर्य यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने रोड शो किया और डमरू बजाया। उनके आगे गुजरात पुलिस के 108 घोड़े भी यात्रा में शामिल हुए। इसके बाद PM ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। फिर उन्होंने जनसभा की। PM ने कहा कि सोमनाथ मंदिर में फहरा रही ध्वजा बता रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है। मोदी ने नेहरू का नाम लिए बिना निशाना साधा: PM ने नेहरू का नाम लिए बिना कहा कि जब सरदार पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। दरअसल, 1951 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के शामिल होने को लेकर जवाहरलाल नेहरू ने आपत्ति जताई थी। PM मोदी की 2 बड़ी बातें... पढ़ें पूरी खबर... 2. ट्रम्प को ईरान पर हमले का प्लान बताया गया, ईरान ने अमेरिका और इजराइल को धमकी दी ईरान में बीते दो हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान पर संभावित सैन्य हमले के विकल्पों की ब्रीफिंग दी है। लेकिन राष्ट्रपति ने अभी तक अंतिम फैसला नहीं लिया है। ट्रम्प ने एक पोस्ट में कहा, ‘ईरान आजादी की ओर देख रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।’ ईरान बोला- पलटवार करेंगे: ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उस पर हमला किया, तो वह अमेरिकी सैनिकों और इजराइल को निशाना बनाएगा। यह बयान संसद के लाइव सत्र के दौरान दिया गया, जहां सांसद 'डेथ टू अमेरिका' के नारे लग रहे थे। पढ़ें पूरी खबर... 3. काशी में NSUI अध्यक्ष को धक्का देकर गिराया, कांग्रेसियों को घसीटकर ले गई पुलिस काशी में 'वीबी जी राम जी' बिल के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय घेरने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका तो वे बैरिकेडिंग फांदने की कोशिश करने लगे। तभी पुलिस से उनकी धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सड़क पर घसीटा। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी का कंधा पकड़कर पुलिसवालों ने धक्का दे दिया, वह गिर पड़े। इसके बाद बचने के लिए भागे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस 10 गाड़ियों में 100 से ज्यादा कांग्रेसियों को भर ले गई। पढ़ें पूरी खबर... 4. प्रेमी संग भागी बेटी की हत्या कर लाश जलाई, कासगंज पुलिस ने पानी डालकर चिता बुझाई यूपी के कासगंज में प्रेमी संग भागी लड़की को उसके घरवालों ने पीट कर मार डाला। इसके बाद उसकी लाश जला दी। इसका पता चलते ही प्रेमी के भाई ने पुलिस को खबर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पानी डालकर चिता की आग बुझाई। इसके बाद बचे अवशेष निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। इस बीच लड़की के माता-पिता मौके से भाग निकले। लड़के-लड़की को घर वालों ने पीटा था ढोलना निवासी लड़की का घर से पास रहने वाले सचिन से अफेयर चल रहा था। वह नोएडा में रहकर नौकरी करता था। शुक्रवार को लड़की सचिन के साथ भाग गई थी। शनिवार शाम लड़की के घरवालों ने दोनों को आगरा से पकड़ा। इसके बाद गांव में लाकर दोनों की पिटाई की। इसी दौरान लड़की की मौत हो गई थी। पढ़ें पूरी खबर... 5. इंस्टाग्राम के 1.75 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक, नंबर और ईमेल डार्क वेब पर बिक रहे इंस्टाग्राम के 1.75 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का डेटा लीक हो गया है। एंटीवायरस सॉफ्टवेयर फर्म मालवेयरबाइट्स के मुताबिक, लीक डेटा में यूजरनेम, घर का पता, फोन नंबर, ईमेल एड्रेस शामिल हैं। ये डेटा डार्क वेब पर बिक रहा है और इससे फिशिंग या अकाउंट हैकिंग जैसे खतरे बढ़ सकते हैं। मेटा ने डेटा ब्रीच से इनकार किया: मेटा के प्रवक्ता ने कहा कोई डेटा ब्रीच नहीं हुआ। एक तकनीकी समस्या थी, जिसे ठीक कर दिया गया है। इंस्टाग्राम अकाउंट सुरक्षित हैं। दरअसल, भारत में इंस्टाग्राम के अक्टूबर 2025 तक सबसे ज्यादा यूजर्स 48 करोड़ यूजर्स हैं। यहां फेसबुक और वॉट्सऐप के भी 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं, जो मेटा का सबसे बड़ा बाजार है। पढ़ें पूरी खबर... 6. बुजुर्ग NRI कपल को 17 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा: ₹15 करोड़ लूटे, ठगों ने कहा- अकाउंट में ब्लैक मनी दिल्ली के बुजुर्ग NRI कपल को 17 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 15 करोड़ रुपए की ठगी की गई। बुजुर्ग महिला डॉ. इंदिरा तनेजा ने बताया कि उन्हें एक कॉल आया, जिसमें दावा किया कि उनके बैंक खातों में ब्लैक मनी है और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है। ठगों ने खुद को TRAI और ED का अधिकारी बताया था। पूरी घटना पढ़िए... बुजुर्ग महिला के मुताबिक, यह घटना 24 दिसंबर 2025 से शुरू हुई थी, जो 17 दिन तक चली। साइबर ठगों ने इस दौरान कभी 2 करोड़ रुपए, तो कभी 2.10 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए। 10 जनवरी को मामला तब सामने आया, जब ठगों ने बुजुर्ग दंपती को पास के पुलिस स्टेशन भेजा। ठगों ने कहा था कि आपके पैसे RBI के जरिए लौटाए जाएंगे और पुलिस को इसकी सूचना दी जा चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... ट्रैफिक कोन कलेक्ट कर बनाया रिकॉर्ड ब्रिटेन के डेविड मॉर्गन के पास ट्रैफिक कोन का अनोखा कलेक्शन है। 1986 में कोन के डिजाइन को लेकर कानूनी विवाद हुआ था, जिसके बाद केस जीतने के लिए उन्होंने अलग-अलग कोन जुटाए। फिर यही उनका शौक बन गया। 2000 में 137 कोन के साथ उन्होंने रिकॉर्ड बनाया था। अभी उनके पास 500 से ज्यादा ट्रैफिक कोन हैं, जो वर्ल्ड गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कन्या राशि वालों को ऑफिस में अधिकारियों की मदद मिलेगी, जिससे अटका काम सुलझेगा। तुला राशि वालों के काम समय पर पूरे होंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
कानूनी सेवाओं का डिजिटल हल:शहर के युवा ने शुरू किया ‘वकील नाउ’ लीगल सर्विस डिलीवरी प्लेटफॉर्म
घर में वकालत की चर्चा, बहस और फाइलों के बीच पले-बढ़े अमृतांश अग्रवाल ने बचपन से ही कानूनी पेशे को बहुत करीब से देखा। पिता सहित परिवार के अधिकतर सदस्य वकील हैं। घर में वकालत की चर्चा, बहस और फाइलों के बीच उनका बचपन बीता। इसी माहौल ने उन्हें कानून की पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने उज्जैन, इंदौर और दिल्ली में इंटर्नशिप की। इस दौरान उन्होंने देखा कि लोग सही वकील तक समय पर नहीं पहुंच पाते। देर से सलाह मिलने पर केस और उलझ जाते हैं। इसी समस्या ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया। पढ़ाई पूरी होते ही उन्होंने टेक्निकल टीम के साथ मिलकर करीब डेढ़ साल की मेहनत से 'वकील नाउ' नाम का ऑनलाइन लीगल सर्विस प्लेटफॉर्म तैयार किया। यह प्लेटफॉर्म आम लोगों, व्यापारियों और स्टार्टअप को सीधे मान्यता प्राप्त वकीलों से जोड़ता है। यहां ऑनलाइन सलाह, दस्तावेज तैयार करना और केस से जुड़ी जानकारी सुरक्षित तरीके से मिलती है। आज इस पोर्टल से कई लोग और वकील जुड़ चुके हैं। अमृतांश का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को समय पर सही कानूनी सलाह मिल सके। आमजन और वकीलों की दूरी कम करेगा सवाल : वकील नाउ को शुरू करने का उद्देश्य क्या है? यह एक ऑनलाइन लीगल सर्विस प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य आम लोगों को समय पर, सही और भरोसेमंद कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। यह जनता और वकीलों के बीच की दूरी को कम करेगा और कानूनी सेवाओं को सरल बनाएगा। सवाल : आम नागरिक इस पोर्टल का उपयोग कैसे कर सकते हैं? कोई भी गूगल पर वकील नाउ सर्च कर पोर्टल पर जा सकता है। मोबाइल पर ओटीपी के जरिए लॉगिन होगा। ऑनलाइन सलाह ली जा सकेगी। सवाल : इस प्लेटफॉर्म पर कौन-कौन सी कानूनी सेवाएं उपलब्ध हैं और इससे क्या लाभ होगा? इस प्लेटफॉर्म पर आमजन के लिए संपत्ति विवाद, जमानत, वसीयतनामा और विभिन्न कानूनी दस्तावेजों की तैयारी जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। वहीं बिजनेस और स्टार्टअप के लिए कानूनी सलाह, ट्रेडमार्क, कंपनी रजिस्ट्रेशन तथा टैक्स रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सुविधाएं भी दी जाती हैं। सवाल : वकीलों के लिए यह प्लेटफॉर्म कैसे लाभकारी है? इसका उद्देश्य वकीलों को आधुनिक टेक्नोलॉजी से जोड़कर उनके काम को आसान और व्यवस्थित बनाना है। सवाल : दस्तावेज और व्यक्तिगत जानकारी कितनी सुरक्षित है? पोर्टल पर अपलोड किए सभी दस्तावेज एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहते हैं। यूजर की जानकारी गोपनीय रहती है और संबंधित वकील तक ही सीमित होती है।
श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन का आठवां स्थापना दिवस रविवार शाम को शहर के नया गांव रोड स्थित एक होटल में मनाया गया। इस मौके सेमिनार आयोजित किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य सतोगुणी जातिय भाव के पॉइंट पर रखा गया। इसमें जाति भारतीय समाज की एक सच्चाई है, इसे पूरी तरह मिटाया नहीं जा सकता। जातिवाद गलत सोच है, जो समाज को तोड़ती है, इसे खत्म करना जरूरी है। जैसे विचार वक्ताओं ने रखे। उन्होंने कहा कि जब जाति के नाम पर घमंड, नफरत, भेदभाव और राजनीति होती है तब वही जातिवाद बन जाता है। उन्होंने कहा कि जाति नहीं, जातिवाद गलत है। सोच बदलनी है, समाज बचाना है। संगठन का उद्देश्य सेवा और राष्ट्रहित होना चाहिए। कार्यक्रम में सभी समाज के लोगों ने जाती बनाम जातिवाद पर अपने सकारात्मक विचार रखे। पूर्व सांसद पुष्प जैन ने कहा कि जाति से समाज का विघटन नहीं होता है। जातिवाद से समाज में विकृति होती है। इस विचार गोष्ठी में मूल सिंह भाटी पूर्व उपसभापति नगर निगम, त्रिलोक चौधरी, शिवराम जाट, भंवर राव, नवल किशोर रावल, महेश अवस्थी, राकेश परिहार, लूणसिंह सिंह राजपुरोहित, यशपाल सिंह हेमावास, मुकेश गोस्वामी, अशोक शर्मा, गजेंद्र सिंह मगरतालाब, नरपत सिंह गिरादडा, प्रताप सिंह निम्बली उड़ा, भगवान सिंह निम्बली उड़ा, सुल्तान सिंह मानपुरा, तेज सिंह खरिया सोढ़ा, नरेन्द्र सिंह बधाल, पर्वत सिंह भुनास, विक्रम सिंह भीटवाडा, महिपाल सिंह खुनीगुड़ा, मोहब्बत सिंह धींगाना, हीर सिंह लोड़ता, ओम सिंह खरिया सोढ़ा, कुंदन सिंह खेरवा, मनोहर सिंह निम्बली उड़ा, रूपेन्द्र सिंह, जितंद्र सिंह चेडा, शूरवीर सिंह खिन्दर, नरेन्द्र सिंह पावा, कुलदीप सिंह मगरतालाब, अजय पाल सिंह गुड़ा पृथ्वीराज, दिग्विजय सिंह कोलिवाड़ा सहित कई जने मौजूद रहे।
उज्जैन के लोग बेहद प्यारे और संवेदनशील हैं। यहां लोगों में अपनापन का भाव है। उज्जैन के खाने का टेस्ट भी अलग और स्वादिष्ट है। यहां मैंने पोहा, जलेबी, लौंग की सेव, खमण, कचोरी और समोसा टेस्ट किया है। दाल-बाटी खाने के लिए फिर उज्जैन आऊंगा। जाने-माने फिल्म अभिनेता और फूड ब्लॉगर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले आशीष विद्यार्थी ने भास्कर से विशेष चर्चा में यह बात कही। रविवार को उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में दर्शन किए। विद्यार्थी ने एक किस्सा साझा करते हुए बताया कि मैं 50 साल पहले अखिल भारतीय कालिदास समारोह में 10 वर्ष की आयु में नाटक 'उत्तर रामचरित' करने के लिए उज्जैन आया था। उस नाटक में मैंने लव की भूमिका निभाई थी, तभी से उज्जैन से मेरा लगाव है। भगवान श्री महाकालेश्वर की महिमा है कि मैं यहां आ पाया हूं। विद्यार्थी ने बताया कि मैं एक अभिनेता होने के साथ मोटिवेशनल स्पीकर, फूड ब्लॉगिंग के साथ कहानियां सहेजता हूं। लोगों के संघर्ष, उनके अनुभव आदि की कहानियों को औरों तक पहुंचा रहा हूं। उनका कहना है कि हमारे देश में कई कल्चर और बोलियां हैं। जब हम दूसरे कल्चर, बोलियों, खानपान, रिवाज आदि के बारे में जानते हैं तो हमें पता चलता है कि कई अलग-अलग तरीकों से भी सुखी रहा जा सकता है।
जज साहब! मेरा नाम पारस सोम है। मैं निर्दोष हूं और मुझे गलत फंसाया जा रहा है। मुझे बचा लीजिए। मैं 3 साल से रूबी के साथ रिलेशनशिप में हूं। हमारा रिश्ता सच्चा है। किडनैपिंग की कोई बात नहीं है। हम दोनों दोस्त हैं। रूबी अपनी मर्जी से आई थी। ये बातें पारस सोम ने स्पेशल सीजेएम विकास सावन की कोर्ट में कही, जिसने मेरठ में मां की हत्या कर बेटी को किडनैप कर लिया था। आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। जबकि रूबी को एसीजेएम- 2 नम्रता की कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे काउंसिलिंग के लिए भेजा गया है। इस पूरे मामले में आरोपी पारस के एडवोकेट बलराम सोम ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। उन्होंने कहा- मंगलवार को मैं पारस से मिलने जेल जाऊंगा। हम अपने क्लाइंट को इस तरह फंसने नहीं देंगे, पूरी सच्चाई सामने लाएंगे। रिश्ता तय होने पर दोनों ने भागने का प्लान बनायावहीं, कपसाड़ गांव में अगवा की गई रूबी के केस में नई कहानी सामने आई है। पकड़े गए युवक पारस के अनुसार, दोनों का 3 साल से अफेयर चल रहा था। हाल ही में रूबी का रिश्ता कहीं और तय हो गया था। इसके बाद दोनों ने घर से भागने का प्लान बनाया। पुलिस ने शनिवार देर शाम सहारनपुर से रूबी और पारस सोम को अरेस्ट किया था। इसके बाद दोनों को मेरठ लाया गया था। दरअसल, 8 जनवरी (गुरुवार) को लड़की मां सुनीता के साथ खेत जा रही थी। रास्ते में पारस ने उनको रोका। मां ने इसका विरोध किया तो पारस ने गाली-गलौज कर फरसे से हमला कर मां की हत्या कर दी। इसके बाद लड़की को अगवा करके दिल्ली ले गया। घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया। क्षेत्र का राजनीतिक माहौल और गरमा गया, जब परिवार ने मां का अंतिम संस्कार कराने से इनकार कर दिया था। हालांकि, काफी मान-मनौव्वल पर घरवाले वारदात के 30 घंटे बाद माने। इसके बाद अंतिम संस्कार हो सका। पढ़िए पारस रूबी को किडनैप करके कहां ले गया... कपसाड़ से खतौली, फिर दिल्ली और गुरुग्राम पहुंचे8 जनवरी को सबसे पहले पारस रूबी को लेकर अपनी रिश्तेदारी में खतौली ले गया। इसी दौरान रूबी को अपनी मां सुनीता की मौत की खबर मिली। इसके बाद दोनों दिल्ली चले गए। दिल्ली में एक होटल में रात बिताई। इसके बाद 9 जनवरी को गुरुग्राम में पारस अपने एक दोस्त के पास रुका। पारस मीडिया के जरिए गांव के हालात पर नजर रखे था। गांव का माहौल बिगड़ता देख वह रूबी को लेकर 9 जनवरी को गुरुग्राम से ट्रेन से सहारनपुर पहुंच गया। बहन के घर रुके, हरिद्वार जाते समय पकड़े गएसहारनपुर के टपरी गांव में पारस की बहन रहती है। बहन के घर ही दोनों ने शुक्रवार रात बिताई। शनिवार (10 जनवरी) को वे हरिद्वार जाने के लिए ट्रेन में सवार हुए। इसी दौरान पारस ने दूसरे यात्री के फोन से झोलाछाप डॉक्टर राजेंद्र को फोन कर अपने परिवार की जानकारी ली। राजेंद्र के पास ही पारस नौकरी करता था। उसका मोबाइल सर्विलांस पर था। कॉल मिलते ही मेरठ पुलिस ने हरिद्वार पुलिस से संपर्क किया। रुड़की में घेराबंदी कराई गई। हरिद्वार एसएसपी के निर्देश पर एसपी देहात फोर्स के साथ रुड़की रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां ट्रेन पहुंचते ही दोनों को हिरासत में ले लिया गया। शनिवार शाम 6:15 बजे हरिद्वार पुलिस ने हिरासत में लिया। मेरठ से एसपी सिटी की टीम मौके पर पहुंची। देर रात करीब 10:30 बजे दोनों को मेरठ ले आई। पुलिस कस्टडी में कबूला प्यार का मामलापुलिस कस्टडी में पारस सोम ने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई के दौरान तीन साल पहले रूबी से उसका प्रेम संबंध शुरू हुआ था। दोनों ने साथ भागने का फैसला आपसी सहमति से किया था। क्योंकि, परिवार रूबी की शादी कहीं और तय कर चुका था। उधर, पुलिस शनिवार देर रात तक हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी में जुटी रही। रुबी को आशा ज्योति केंद्र में महिला पुलिस की कस्टडी में रखा गया है। बताया जा रहा कि दोनों को सुनीता हत्याकांड में आरोपी बनाया जाएगा। रूबी के बयानों को आधार बनाते हुए मुकदमे में अन्य धाराएं बढ़ा दी जाएंगी। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए... अब पढ़िए शुक्रवार और शनिवार को क्या-क्या हुआ युवती दलित परिवार से है और आरोपी राजपूत समाज से, इसलिए राजनीतिक माहौल गरमा गया। सपा विधायक अतुल प्रधान शुक्रवार को गांव जा रहे थे तो पुलिस ने उनको रोक दिया, धक्का-मुक्की हुई। वह धरने पर बैठ गए। कई अन्य दलों के नेता भी गांव में पहुंचना शुरू हो गए। करीब ढाई घंटे के धरने के बाद प्रधान को पुलिस ने मिलने की इजाजत दी। पीड़ित परिवार से करीब 1 घंटे तक प्रधान ने बातचीत की। इसके बाद पंचायत भवन में पीड़ित पिता और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच प्रधान की मौजूदगी में वार्ता हुई। मेरठ के एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया- मेरठ के एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया- थाना सरधना में 8 जनवरी को जो घटना हुई थी। उसमें पुलिस ने 60 घंटों के अंदर आरोपी को अरेस्ट किया। अपहृता को सकुशल बरामद किया है। मुकदमा दर्ज हुआ है उसके अनुरुप पुलिस ने विवेचना की है। 10 से ज्यादा टीमें बनी थीं। 4 प्रदेशों के 7 जिलों में पुलिस टीमें भेजी गईं। एसएसपी ने बताया- मैनुअल मुखबिरी, इंटेलिजेंस, सर्विलांस के जरिए पुलिस ने इनको ट्रैक किया और बरामदगी की है। युवती का मेडिकल कराया गया। उसे कोर्ट के सामने पेश किया गया। जहां उसके बयान हुए हैं। साथ ही आरोपी को भी कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेजा गया है। बाकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। ---------------------ये खबर भी पढ़ें...चंद्रशेखर की गर्लफ्रेंड बोली- फर्जी नेता REEL बनाकर आ गया; मेरठ में सांसद के हाईवे पर दौड़ते, दीवार फांदते वीडियो पर कसा तंज मेरठ के कपसाड़ गांव में मां की हत्या करके दलित लड़की का अपहरण करने के मामले में सांसद चंद्रशेखर को पीड़ित परिवार से नहीं मिलने दिया गया। शनिवार को चंद्रशेखर आगे-आगे और पुलिस उनके पीछे-पीछे घूमती रही। लेकिन, चंद्रशेखर हाथ नहीं आए। पढ़िए पूरी खबर
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जिले के मेरगान निवासी युवा किसान यशपाल कुशवाह ने यह साबित कर दिया है कि नई सोच, नवाचार और निरंतर मेहनत से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है। उनके पिता पिछले 15 वर्षों से परंपरागत तरीके से मधुमक्खी पालन कर शहद उत्पादन कर रहे थे, लेकिन बाजार में शहद के उचित दाम नहीं मिलने के कारण आय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो पा रही थी। इस स्थिति को देखते हुए यशपाल ने पारंपरिक ढर्रे से हटकर कुछ नया करने का निर्णय लिया। उन्होंने शुरुआत में 500 मधुमक्खी बॉक्स खरीदे और शहद उत्पादन बढ़ाया, लेकिन इसके बाद भी जब बाजार में शहद के मनचाहे दाम नहीं मिले तो उन्होंने नई तकनीक अपनाने की ठानी। उन्होंने मधुमक्खियों द्वारा शहद के साथ पैरों में लाए जाने वाले परागकणों को एकत्र करना शुरू किया। इन परागकणों से उन्होंने सुपरफूड ‘बी पोलन’ तैयार किया। इस नवाचार के बाद उनके उत्पाद की मांग तेजी से बढ़ने लगी और बी पोलन को शहद की तुलना में करीब पांच गुना अधिक दाम मिलने लगे। इतना ही नहीं, जब कंपनियों ने शहद के उचित दाम नहीं दिए तो यशपाल ने स्वयं की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर ली। इससे स्थानीय बाजार में जहां पहले शहद का मूल्य करीब 100 रुपए प्रति किलो मिलता था,अब उन्हें 250 रुपए प्रति किलो तक मिल रहा है। वहीं बी पोलन स्थानीय बाजार में 500 रुपए प्रति किलो और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1000 से 1500 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। मधुमक्खी पालन का यह कार्य, जिसे पिता ने दो पेटियों से शुरू किया था,आज बढ़कर करीब 1200 बॉक्स तक पहुंच चुका है।इस नवाचार से यशपाल खुद आत्मनिर्भर बने हैं,साथ ही क्षेत्र के किसानों से परागकण खरीदकर उनकी अतिरिक्त आमदनी भी सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे मधुमक्खी पालक किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। मधुमक्खी पालन विशेषज्ञ डॉ. अशोक सिंह यादव के अनुसार बी पोलन मधुमक्खियों द्वारा फूलों से एकत्र किया गया पराग है, जिसे प्रकृति का संपूर्ण आहार माना जाता है। इसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, अमीनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और कमजोरी व थकान को दूर करने में सहायक है।ऐसे निकालते परागकण: बॉक्स को चारों ओर से बंद रखा जाता है उसमें एक छोटा छेद होता है। इस छेद पर विशेष जाली लगाई जाती है, जिसमें मधुमक्खियों द्वारा लाए गए परागकण जमा हो जाते हैं। एक बॉक्स से 10 से 15 दिनों में लगभग 100 ग्राम परागकण एकत्र होता है,जिसे फिल्टर कर बी पोलन तैयार किया जाता है।
यूप में SIR की ड्राफ्ट सूची 6 जनवरी को जारी हो चुकी है। प्रदेश में औसतन 18.70 फीसदी वोट कटे हैं। सबसे ज्यादा शहरी सीटों के राजनीतिक समीकरण गड़बड़ाए हैं। प्रदेश के सीएम योगी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और 13 मंत्रियों की विधानसभाओं में औसतन 97 हजार वोट घटे हैं। जबकि ग्रामीण सीटों पर औसतन 62 हजार वोट कटे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का दावा है कि शहरी सीटों पर SIR के बाद सबसे मुश्किल में भाजपा होगी। 106 शहरी सीटों में 84 पर भाजपा तो 2 पर सहयोगी दलों का कब्जा है। वहीं, सपा 20 सीटों पर काबिज है। सिलसिलेवार पढ़ते हैं कि शहरी सीटों में कहां सबसे अधिक वोट कटे हैं? ग्रामीण सीटों पर कहां सबसे अधिक वोट कटे हैं? यूपी की 403 सीटों पर SIR का कितना असरप्रदेश की 403 सीटों में भाजपा 255, सपा 106, अपना दल 13, रालोद 9, सुभासपा 6, निषाद पार्टी 5, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक व कांग्रेस 2-2, बसपा 1 सीट पर काबिज हैं। SIR के बाद प्रदेश में 2.88 करोड़ वोटर घटे हैं। शहर की 106 सीटों में सपा 20 पर तो अन्य पर एनडीए का कब्जा है। शहरी सीटों पर 9 से 41 फीसदी तक एनडीए विधायकों वाली सीटों पर वोट कटे हैं। यानी 39 हजार से लेकर 4 लाख तक भाजपा के कब्जे वाली सीटों पर SIR के बाद वोट कटे हैं। जबकि, सपा के कब्जे वाली सीटों पर 43 हजार से 1.82 लाख तक वोट कटे हैं। इसी तरह ग्रामीण की 297 सीटों की बात करें तो भाजपा के कब्जे वाली 173 सीटों पर 22 हजार से लेकर 1.29 लाख तक वोट कटे हैं। सपा के कब्जे वाली 86 सीटों पर 26 हजार से लेकर 90 हजार तक वोट कटे हैं। वहीं अपना दल की 13 सीटों पर 40 से लेकर 88 हजार तक, सुभासपा की 5 सीटों पर 50 से 71 हजार तक, निषाद की 5 सीटों पर 52 से 81 हजार तक, रालोद की 8 सीटों पर 46 से 64 हजार तक, जनसत्ता दल की दो सीटों पर 68 से 80 हजार तक, कांग्रेस की दो सीटों पर 52 से 56 हजार और बसपा की इकलौती सीट पर 51 हजार वोट कटे हैं। राजनीतिक जानकार हेमंत तिवारी कहते हैं- तात्कालिक रूप से देखें तो सत्तारूढ़ दल को सीधा नुकसान होता दिख रहा। अगर आप दो चुनावों को देखें 2017 के चुनाव की तुलना में 2022 के चुनाव में हार-जीत का मार्जिन काफी कम रहा। यही वजह रही कि भाजपाई 60 से अधिक सीटें 10 हजार से भी कम अंतर से जीती थी। शहरी सीटों में लखनऊ मध्य में सबसे ज्यादा 43% वोट कटेप्रदेश में टॉप-10 शहरी सीटों की बात करें, तो लखनऊ मध्य नंबर वन है। यहां करीब 43 फीसदी वोट कटे हैं। जबकि यहां जीत-हार का अंतर 2022 के विधानसभा चुनाव में महज 5 फीसदी था। इस सीट पर सपा के रविदास मेहरोत्रा विधायक हैं। टॉप-10 सीटों में एक साहिबाबाद की सीट है, जिसके विधायक सुनील शर्मा को SIR के बाद घटे 38 फीसदी वोटों की तुलना में 2022 के विधानसभा चुनाव में 45 फीसदी वोटों के मार्जिन से जीत मिली थी। इस सीट पर SIR के बाद सबसे अधिक लगभग 4 लाख वोटर कम हुए हैं। इस पर SIR से पहले 10.54 लाख वोटर थे। टॉप-10 की अन्य 9 सीटों पर जीत-हार का मार्जिन SIR में कम हुए वोटों से काफी कम है। मतलब यहां 2027 में जीत-हार का समीकरण बदल सकता है। शहरी सीटों में झांसी नगर में सबसे कम वोट कटेप्रदेश की 106 शहरी सीटों में सबसे कम वोट झांसी नगर में कटे। यहां 39 हजार 553 वोटर कम हुए हैं। ये कुल वोटों का लगभग 9 फीसदी है। जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के रवि शर्मा ने ये सीट 76 हजार 353 (30 प्रतिशत) वोटों के मार्जिन से जीती थी। शहरी क्षेत्र की सबसे कम वोटर कटने वाली सीट में सीएम योगी की सीट गोरखपुर शहर भी शामिल है। SIR के बाद यहां 62 हजार 152 वोटर कम हो चुके हैं। जबकि 2022 में यूपी के सीएम योगी ने ये सीट 1 लाख 3 हजार 390 वोटों के अंतर से जीती थी। कुंदरकी सीट पर 2022 के चुनाव में सपा का कब्जा था, लेकिन 2024 के उपचुनाव में ये सीट अब भाजपा के कब्जे में है। मुस्लिम बहुल इस सीट पर भाजपा की जीत ने सभी को चौंकाया था। ग्रामीण विधानसभाओं में औसत 62 हजार मतदाता घटेप्रदेश की 297 ग्रामीण विधानसभाओं में औसतन 62 (16.73%) हजार वोट कटे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 173 पर भाजपा, 86 पर सपा, 13 पर अपना दल, 8 पर रालोद, 5-5 पर सुभासपा व निषाद पार्टी, 2-2 पर कांग्रेस व जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और 1 सीट पर बसपा का कब्जा है। ग्रामीण क्षेत्रों की 10 विधानसभाओं में जहां सबसे अधिक वोट कटे हैं, वहां मौजूदा समय में भाजपा और सहयोगी दल के विधायक हैं। ग्रामीण क्षेत्र की टॉप-10 सीट, जहां सबसे अधिक वोट कटे हैं, वहां 9 पर भाजपा तो 1 पर अपना दल का कब्जा है। इन टॉप-10 सीटों पर औसतन 1 लाख वोट कटे हैं। ग्रामीण की इन सीटों में महाराजपुर से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, छिबरामऊ से अर्चना पांडे, चंदौसी से गुलाब देवी और आगरा ग्रामीण से बेबी रानी मौर्या विधायक हैं। 2022 में इन 10 सीटों पर जीत-हार के अंतर से अधिक वोट SIR में कट चुके हैं। इसी तरह ग्रामीण की वो 10 सीटें जहां सबसे कम वोटर कटे हैं, वहां भी 9 पर एनडीए के विधायक हैं। महज 1 सीट पर सपा का कब्जा है। सबसे कम वोट कटने वाली 10 सीटों में तीन ऐसी हैं, जहां जीत-हार के अंतर से अधिक वोट कट चुके हैं। तीनों सीटें भाजपा के कब्जे में हैं। सियासी जानकार कहते हैं कि यहां 2027 के चुनाव में राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें... न जेपी न राज नारायण, कलाम भी गायब, सपा PDA पंचांग में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का भी जिक्र नहीं नए साल के मौके पर सपा प्रदेश सचिव और अखिल भारतीय चौरसिया समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय चौरसिया ने समाजवादी पीडीए पंचांग जारी किया। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय पर इसका विमोचन किया। बताया गया कि इसमें तमाम महापुरुषों के जन्मदिन-पुण्यतिथि, समाजवादी विचारधारा और पीडीए से संबंध रखने वालों के जन्मदिन-पुण्यतिथि मौजूद है। इसे लेकर भाजपा ने सपा पर हमला किया कि इस पंचांग में 22 जनवरी की जिक्र नहीं है, जब 2024 में अयोध्या मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। पंचांग में मुस्लिम तुष्टीकरण किया गया है। पढ़ें पूरी खबर
अब वो अकेला नहीं था। सुबह काम पर निकलता और शाम को घर लौटकर उससे दिनभर की बातें करता। नोक-झोंक, हंसी-मजाक और चाय की चुस्कियां… सब कुछ किसी फिल्म के जैसा था। कभी-कभी उसे काम के सिलसिले में बाहर रुकना पड़ जाता था। तब वो अकेली रह जाती थी। घर में ऐसा कोई नहीं था, जिससे बातचीत करके टाइमपास कर सके। ये शिकायत धीरे-धीरे मन की गांठ बनती चली गई। जब ये गांठ खुली तो सामने उसके शरीर के तीन टुकड़े पड़े थे… खूनी शादी के पांचवें एपिसोड में आज लखनऊ के शिवा और मधु की कहानी। अकेलेपन से निजात के लिए शुरू हुई बातचीत पति के मर्डर की वजह बनी। भाई की वजह से उसकी कातिल बहन पकड़ी गई… साल 2013, बलरामपुर का माहौल शिवा के लिए पहले ही भारी था। पिता की सड़क हादसे में मौत के बाद घर की जिम्मेदारियां अचानक उस पर आ गई थीं। मां सदमे से उबर नहीं पाई। उनकी मानसिक स्थिति खराब होने लगी थी। इन्हीं हालातों के बीच शिवा लखनऊ की एक कंपनी में सेल्स मार्केटिंग की नौकरी कर रहा था। काफी जद्दोजहद के बाद उसे बलरामपुर और आसपास का इलाका मिला था, ताकि वो मां के करीब रह सके। इसी दौरान लखनऊ की मधु अस्थाना से उसका रिश्ता तय हुआ। शादी जल्द ही हो गई। नई शुरुआत की उम्मीद दोनों की आंखों में थी। शादी के बाद शिवा मां और पत्नी को लेकर लखनऊ आ गया। मुंहबोले मामा जनक राज ने रहीमनगर में अपना घर उन्हें रहने के लिए दे दिया। छत मिल गई थी, नौकरी थी, साथ में जीवनसाथी थी। नई शादी की खुशबू, नए सपने और भविष्य को लेकर उम्मीदें थीं। सब कुछ ठीक लग रहा था, जैसे जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही हो। एक शाम शिवा ऑफिस से लौटा। मधु ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ी तैयार हो रही थी। शिवा पीछे से गया। मुस्कुराते हुए बोला- “पता है मधु, जब से तुम मेरी जिंदगी में आई हो सब कुछ अपने-आप ठीक होने लगा है।” मधु शर्मा गई। नजरें झुकाकर बोली- “तुम भी ना… बेवजह ऐसी बातें करते रहते हो।” शिवा ने दोनों हाथों से उसके कंधे पकड़े और उसका चेहरा अपनी तरफ घुमाते हुए बोला- “बेवजह नहीं, दिल से कह रहा हूं।” अब शिवा अकेला नहीं था। शिवा को अब भी बलरामपुर जाना पड़ता था। वो सुबह काम पर निकलता और शाम को लौटकर मधु से दिनभर की बातें करता। नोक-झोंक, हंसी-मजाक और चाय की चुस्कियां… सब कुछ किसी फिल्म के जैसा लगता था। कभी-कभी शिवा को बलरामपुर में ही रुकना पड़ जाता था। तब मधु घर पर अकेली रह जाती था। सास की भी दिमागी हालत ठीक नहीं थी, जो उनसे ही बातचीत करके टाइमपास करे। ऐसे ही एक दिन शिवा बलरामपुर जाने की तैयारी कर रहा था। मधु उसे चुपचाप देखती रही। फिर धीरे से बोली- “तुम हर बार मुझे छोड़कर चले जाते हो।” शिवा ने अपना बैग ठीक करते हुए पूछा- “क्यों… क्या हुआ?” मधु उदास होकर बोली- “घर में अकेले रहना अच्छा नहीं लगता। सब सूना-सूना लगता है।” शिवा उसके पास गया। प्यार से उसका चेहरा अपने हाथों में लेकर बोला- “लेकिन काम भी तो जरूरी है न… नहीं जाऊंगा तो घर कैसे चलेगा।” मधु कुछ नहीं बोली, बस चुपचाप नजरें फेर लीं, लेकिन ये शिकायत धीरे-धीरे मन की गांठ बनती चली गई। वक्त के साथ शिकायत बढ़ने लगी। बातों की कमी झगड़ों का कारण बनने लगी। इसी बीच मधु दो बार मां बनने वाली थी। उम्मीदें जगीं, लेकिन घर आई खुशियां चौखट से ही लौट गईं। दोनों बार डिलिवरी के वक्त बच्चे की मौत हो गई। मां बनने सपना टूटा तो मधु के भीतर का दर्द और गहरा होता चला गया। शिवा की मौसी का घर भी पास ही था। उन्होंने एक लड़का गोद लिया था, नाम था नीरज। एक दिन नीरज अचानक शिवा के घर पहुंचा। शिवा कमरे में मधु के साथ बैठा बातें कर रहा था। शिवा ने नीरज को देखा तो खुश होकर बोला- “अरे नीरज, बहुत दिन बाद दिखाई दिए। इधर भी चक्कर लगाया करो यार… और क्या हालचाल हैं?” नीरज मुस्कुराते हुए कमरे के अंदर आ गया। बोला- “हां दादा, सब बढ़िया है।” दोनों बातचीत करते रहे। मधु चाय बनाने चली गई। वो चाय बनाकर लाई तो शिवा ने मधु की तरफ देखकर कहा- “मधु, नीरज सिर्फ मेरा भाई नहीं, दोस्त भी है।” मधु ने मुस्कुराकर चाय का कप नीरज को पकड़ाया। चाय की चुस्की लेते हुए नीरज बोला- “वाह भाभी, चाय तो बहुत बढ़िया बनाई है आपने।” मधु शिकायती लहजे में बोली- “चलो, किसी को तो अच्छी लगी। आपके भइया तो कभी तारीफ ही नहीं करते।” नीरज, शिवा को छेड़ते हुए बोला- “इतनी अच्छी पत्नी मिली है दादा आपको, तारीफ तो बनती है।” कुछ देर हंसी-मजाक के बाद नीरज चला गया। दो दिन बाद नीरज फिर शिवा के घर आया। इस बार शिवा घर पर नहीं था। कमरे का दरवाजा खोला तो सामने मधु थी, अकेली। नीरज- “नमस्ते भाभी, कैसी हैं आप?”मधु- “मैं ठीक हूं भइया, आप बताइए…।” नीरज कुर्सी पर बैठते हुए बोला- “दादा तो बाहर ही गए होंगे। अकेले रहना कितना खलता होगा आपको… मौसी का भी होना न होना बराबर ही है।” मधु ने बिना कुछ कहे बस सिर हिला दिया। दोनों बैठ गए। बातें लंबी होती चली गईं- घर, मोहल्ला, शिवा और अकेलापन। थोड़ी देर बाद नीरज बोला- “भाभी, ये मेरा नंबर रख लीजिए। कभी कुछ जरूरत पड़े तो बता दीजिएगा। या किसी से बातचीत करने का मन करे तो कॉल कर लीजिएगा।” मधु को नीरज की बातों से लगा, चलो कोई तो है जो उसे सुनता है। उसी रात मधु के नंबर पर एक कॉल आई। उधर से आवाज आई- “ भाभी मैं नीरज बोल रहा हूं।”मधु- “हां, बताइए।” नीरज- “ये मेरा नंबर है, सोचा याद दिला दूं। पता नहीं आपने नंबर सेव किया होगा या नहीं।” मधु हंसते हुए बोली- “मैं सेव कर लेती हूं।” फोन कट गया। अब नीरज का शिवा के घर आना-जाना बढ़ने लगा। मधु को भी नीरज की बातें अच्छी लगने लगीं। वो भी अब उसके आने का इंतजार करने लगी थी। इधर कुछ दिन बीत गए, लेकिन नीरज नहीं आया। एक दिन मधु ने नीरज को फोन किया। “हैलो नीरज… बहुत दिन हो गए, इधर आए नहीं।” नीरज- “कुछ काम में फंसा था।” मधु थोड़ा झिझकते हुए बोली- “आज घर आ जाओ… अच्छा नहीं लग रहा।” थोड़ी देर बाद नीरज आ गया। मधु चाय लेकर आई और चुहल करते हुए बोली- “इतने दिन से कहां गायब थे नीरज बाबू…” नीरज चुप रहा। मधु ने फिर कहा- “क्या हुआ… ” नीरज ने अचानक मधु का हाथ थाम लिया और धीमी आवाज में बोला- “नहीं… बस… आप मुझे अच्छी लगने लगी हैं।” मधु ने हाथ छुड़ा लिया। फिर घबराते हुए बोला- “म… मतलब?” नीरज- “मुझे आप अच्छी लगने लगी है या शायद… आपसे प्यार हो गया है मुझे…।” कुछ देर के लिए कमरे में सन्नाटा छा गया। दोनों चुप थे। थोड़ी देर बाद नीरज उठा और चला गया। उसके जाने के बाद मधु सोच में डूब गई- ‘उसे भी तो नीरज का आना, उसकी बातें… अच्छी लगने लगी थीं।’ तभी मधु का फोन बजा और उसका ध्यान बंटा। शिवा का फोन था। “मधु, आज मैं घर नहीं आ पाऊंगा। तुम अपना और मम्मी का ध्यान रखना।” शिवा की बात को सुनकर मधु को न गुस्सा आया और न ही उसने कोई शिकायत थी। उसका मन तो अब कहीं और भटक चुका था। कुछ देर बाद उसने हिम्मत करके नीरज को फोन किया। नीरज घर आया। मधु अलमारी से कुछ निकाल रही थी। इससे पहले कि वो कुछ कह पाती, नीरज ने उसे पीछे से अपने बाहों में जकड़ लिया। उस पल वक्त जैसे रुक गया। मधु सब कुछ भूल गई- डर, सही-गलत, दुनिया…। कमरे की लाइट बुझ गई और कहानी ने एक ऐसा मोड़ ले लिया, जहां से वापसी आसान नहीं थी। इधर, शिवा इन सब बातों से अनजान और बेखबर था। वो जब भी बाहर जाता मधु, नीरज को फोन करके बुला लेती और फिर आया वो दिन…। 16 अक्टूबर, 2016 करवाचौथ से तीन दिन पहले शिवा घर लौटा। मेन गेट खोलते ही बोला- “मधु…” कोई जवाब नहीं आया। शिवा ने बरामदे में जूते उतारे, बैग रखा और अंदर की ओर बढ़ा। तभी उसके बेडरूम से हल्की फुसफुसाहट की आवाज आई। शिवा कुछ देर रुक गया। उसने धीरे से दरवाजा खोलकर देखा और कुछ ही पल में उसकी दुनिया थम गई। मधु और नीरज एक साथ थे… उसके ही बेडरूम में। कुछ देर शिवा वहीं खड़ा रहा। फिर उसने झटके से कमरे का दरवाजा खोल दिया। मधु घबराकर पीछे हट गई और कांपती आवाज में बोली- “आप… आप गलत समझ रहे हैं।” शिवा ने गुस्से में मधु के मुंह पर दो-तीन तमाचे जड़ दिए। फिर बोला- “गलत… अपनी आंखों से देख रहा हूं मैं। मेरी पीठ पीछे तुम लोग ये सब…” फिर नीरज की तरफ गुस्से में देखते हुए बोला- “तू मेरे ही घर में, मेरी बीवी के साथ… ये सब कर रहा था। आज मैं तुम्हें नहीं छोड़ूंगा।” इतना कहकर शिवा ने नीरज की तरफ हाथ उठाया ही था कि नीरज ने शिवा को जोर से धक्का दे दिया। शिवा फर्श पर गिर पड़ा। नीरज के चेहरे पर अजीब सा डर था। मधु की तरफ देखकर बोला- “इसका काम तमाम करना पड़ेगा, वरना ये सबको बता देगा।” मधु ने भी हां में सिर हिलाया और शिवा की छाती पर चढ़कर बैठ गई। शिवा डर गया। वो बोला- “देखो, ऐसा मत करो… मधु तुम बात सुनो मेरी” लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी। मधु जोर से शिवा का गला दबाने लगी। नीरज ने शिवा के पैर पकड़ लिए। कुछ ही पलों में शिवा की आवाज घुटने लगी। वो छटपटा रहा था। टूटती आवाज में मधु का नाम लेने की कोशिश कर रहा था- “मअअअ…” और फिर सन्नाटा, शिवा की लाश फर्श पर पड़ी थी। आवाज के नाम पर सिर्फ घड़ी की टिक-टिक सुनाई दे रही थी। कुछ देर बाद मधु बुदबुदाई- “मैंने… मैंने ये क्या कर दिया… अब… अब क्या करेंगे?” मधु को अब अपने किए पर पछतावा हो रहा था। वो बौखला सी गई थी। नीरज ने उसे संभाला और बोला- “लाश को ठिकाने लगाना होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो जेल में सड़ना होगा।” कमरे का माहौल भारी था। शिवा की लाश फर्श पर पड़ी थी। इन सब बातों से अनजान शिवा की मां दूसरे कमरे में सो रही थी। दिमाग शांत करने के लिए मधु और नीरज घर से बाहर चले गए। करीब पांच घंटे बाद दोनों घर लौटे और लाश को ठिकाने लगाने का सोचने लगे। तभी नीरज ने कहा- “इसे सेप्टिक टैंक में डाल देते हैं, किसी को पता नहीं चलेगा। मधु को ये आइडिया ठीक लगा, लेकिन पूरी लाश टैंक में नहीं डाल सकते थे। दोनों ने फैसला किया कि बॉडी के टुकड़े करने होंगे। नीरज ने पूछा- “बांका रखा है क्या?” मधु ने हां में सिर हिलाया और स्टोर रूम से बांका उठा लाई। दोनों कमरे में गए, बॉडी फर्श पर पड़ी थी। ‘मौसेरे भाई’ नीरज ने पहला वार शिवा की गर्दन पर किया। एक झटके में सिर, धड़ से अलग हो गया। इसके बाद कमर पर कई वार किए, तब कहीं जाकर निचला हिस्सा अलग हुआ। बॉडी के तीन टुकड़े हो चुके थे। सभी टुकड़े अलग-अलग पॉलिथीन में पैक किए। आधी रात से ज्यादा हो चुकी थी। नीरज कमरे से बाहर आया। सैप्टिक टैंक का ढक्कन सील नहीं था। नीरज ने धीरे से ढक्कन हटाया। मधु एक पॉलिथीन लेकर बाहर आई। उसमें शिवा का सिर था। नीरज ने उसके हाथ से पॉलिथीन ली और टैंक में डाल दी। बाकी दो टुकड़े नीरज उठाकर लाया और टैंक में डाल दिए। इसके बाद कमरे में फैले खून को दोनों ने मिलकर साफ किया। फिर नीरज अपने घर चला और मधु कमरे में जाकर सो गई। सब कुछ नॉर्मल दिनों की तरह चल रहा था। 19 अक्टूबर, करवाचौथ का दिन… मोहल्ले में चहल-पहल थी। हर घर में औरतें सज-संवर रही थीं। सबकी निगाहें आसमान पर टिकी थीं, लेकिन चांद था कि निकलने का नाम नहीं ले रहा था। मधु ने भी व्रत रखा था। लाल साड़ी, बिंदी, सिंदूर, पांव में महावर कुछ वैसा ही, जैसा एक सुहागन अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती है। अचानक पटाखों की आवाज आने लगी। चांद निकल आया था। मधु ने पूजा की। सब कुछ नॉर्मल लग रहा था, जैसे कुछ हुआ ही न हो। दिन बीतने लगे… शिवा कई दिनों से ऑफिस नहीं पहुंचा। उसका फोन भी लगातार बंद आ रहा था। करीब एक महीने बाद, 10 नवंबर, 2016 मधु के पास उसके भाई मोहित का फोन आया। उसने पूछा- “दीदी… जीजा जी का फोन नहीं लग रहा है। कई दिन से कोशिश कर रहा हूं।” मधु ने आराम से जवाब दिया- “काम में बिजी होंगे या शायद नेटवर्क ही नहीं मिल रहा होगा।” मोहित- “लेकिन दीदी पहले तो ऐसा कभी नहीं हुआ। जीजा जी इतने दिन बिना बताए कहीं नहीं रहते।” मधु ने कुछ इधर-उधर की बात करके किसी तरह मोहित को समझा दिया। मोहित को कुछ ठीक नहीं लग रहा था। उसने तुरंत शिवा के मुंहबोले मामा जनकराज को फोन किया। वो लखनऊ के इंदिरानगर में रहते थे। “नमस्ते मामा जी, मोहित बोल रहा हूं…।” जनकराज- “हां मोहित, क्या हाल-चाल हैं?” मोहित- “मैं तो ठीक हूं मामा जी, लेकिन जीजा जी का कुछ पता नहीं चल रहा।” जनकराज- “क्या मतलब…?” मोहित- “वो कई दिन से घर नहीं लौटे हैं। ऑफिस भी नहीं गए, फोन भी बंद आ रहा है।” जनकराज- “अरे ये तो दिक्कत वाली बात है। मैं तो ट्रेन में हूं, राजस्थान जा रहा हूं। बांसवाड़ा में कुछ काम है। तुम ऐसा करो, तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराओ।” मोहित- “ठीक है मामा जी… मैं दीदी को लेकर साथ थाने चला जाऊंगा।” इतना कहकर उसने फोन रख दिया। मोहित ने मधु को फोन करके पुलिस में शिकायत दर्ज कराने को कहा तो वो घबरा गई। उसने मोहित से कहा- “तुम्हें आने की जरूरत नहीं है। मैं खुद थाने चली जाऊंगी।” इसके बाद भी मधु दो दिन तक थाने नहीं गई। जब उसे लगा कि बिना कंप्लेंट किए बात नहीं बनेगी, तब 12 नवंबर को मंडियांव थाने पहुंची। वहां बताया कि उसका पति शिवा सक्सेना कई दिनों से लापता है। दरोगा ने लिखित शिकायत देने को कहा, जिससे FIR दर्ज हो सके। मधु ने लिखित शिकायत नहीं दी और घर लौट आई। मोहित और जनकराज को फोन करके कह दिया कि कंप्लेंट दे दी है। दिन गुजरने लगे। जब भी किसी का फोन आता, मधु यही कह देती कि पुलिस जांच कर रही है। इधर नीरज का भी घर में आना-जाना जारी था। दोनों ने मान लिया था कि मामला इसी तरह निपट जाएगा। आखिरकार तीन महीने बाद जनकराज राजस्थान से लौटे। अगले दिन रहीमनगर वाले मकान पर पहुंचे और मधु से पूरी जानकारी ली। जब उन्होंने कंप्लेंट की कॉपी मांगी तो मधु बोली, कॉपी तो है ही नहीं। जनकराज थाने पहुंचे। पता चला कि मधु ने शिवा की गुमशुदगी के बारे में बताया था, लेकिन लिखित शिकायत नहीं दी थी। आखिरकार, 25 फरवरी, 2017 को जनकराज ने शिवा की मिसिंग कंप्लेंट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच की। शिवा का नंबर ट्रेस किया गया। पता चला शिवा कि आखिरी लोकेशन लखनऊ में ही थी। दरोगा नागेश मिश्रा ने मधु को थाने बुलाया, पूछताछ हुई। मधु की बातचीत से उन्हें कुछ शक हुआ। पड़ोसियों से पूछताछ हुई। एक ने बताया- “शिवा भइया तो कई महीने ने नहीं दिखे। करवाचौथ वाले दिन भाभी ने व्रत किया था, लेकिन भइया उस दिन भी नहीं थे।” पुलिस का शक बढ़ता जा रहा था। पति 4 महीने से गायब और मधु ने कोई कंप्लेंट ही नहीं कराई। पड़ोसियों ने नीरज के अक्सर घर आने की भी बात कही। पुलिस ने नीरज से पूछताछ की, लेकिन कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा। मधु के भाई मोहित को भी अपनी दीदी पर शक हो रहा था। वो जब भी उससे शिवा के बारे में पूछता था तो मधु यही कहती वो बाहर गया है। एक दिन वो मधु के घर पहुंचा। उसने बहन को पास में बैठाया और पूछा- “दीदी, सच-सच बताओ… आखिर हुआ क्या है?” मधु ने टालते हुए कहा- “मतलब… तुम कहना क्या चाह रहे हो?” मोहित- “अनजान मत बनो। तुम जानती हो मैं क्या पूछ रहा हूं। सच-सच बताओ जीजा कहां है?” मधु ने काफी देर इधर-उधर की बात की। जब उसे लगा कि वो घिर गई है तो बोली- “मैं सब बताती हूं, लेकिन तुम किसी से कहना मत। मैं और नीरज एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे। एक दिन उन्होंने हम दोनों को साथ देख लिया और फिर…” मोहित सन्न रह गया। “क्याआआआ… तब लाश… लाश कहां है?”मधु धीमी आवाज में बोली- “घर में ही है, सेप्टिक टैंक में…।”फिर मोहित की तरफ उम्मीद के साथ देखते हुए बोली- “तुम मेरा साथ दोगे न भाई?” मोहित बिना कुछ बोले बाहर निकल गया। वो सीधे थाने पहुंचा और पूरी सच्चाई पुलिस को बता दी। मधु को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन नीरज फरार हो चुका था। पुलिस ने जब पहली बार उससे पूछताछ की थी तो उसे लग गया था कि आज नहीं तो कल सच बाहर आ ही जाएगा। वो इससे पहले ही कहीं गायब हो चुका था। मधु ने शुरुआती आनाकानी के बाद सब कबूल कर लिया। इसके बाद बारी आई लाश रिकवर करने की। पुलिस नगर निगम की टीम के साथ शिवा के घर पहुंची। मकान के बाहरी हिस्से में बना सेप्टिक टैंक खोला गया। मोहल्लेवाले छतों से झांककर देख रहे थे। शिवा की लाश के टुकड़े बरामद हुए। 4 महीने बाद बॉडी ‘लोथड़ों’ में बदल चुकी थी। साल 2023, लखनऊ सेशन कोर्ट ने फैसला सुनाया। मधु को उम्रकैद हुई। उस पर 35 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया, जबकि नीरज अब तक फरार है। *** स्टोरी एडिट- कृष्ण गोपाल *** रेफरेंस जर्नलिस्ट- छोट लाल वर्मा, नवल कांत सिन्हा, आदित्य तिवारी भास्कर टीम ने सीनियर जर्नलिस्ट्स और केस से जुड़े जानकारों से बात करने के बाद सभी कड़ियों को जोड़कर ये स्टोरी लिखी है। कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी ली गई है।
एसआईआर पार्ट-2:हमारा सिस्टम बना नहीं, दूसरे जिलों ने जांच के लिए भेजे दस्तावेज, बढ़ रही पेंडेंसी
नो मैपिंग वाले 5 हजार 267 वोटरों ने जो दस्तावेज साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए हैं उनकी जांच ही चालू नहीं हो सकी है। अफसर नियुक्त होने के बाद भी जांच का सिस्टम नहीं बनने से ऐसी स्थिति बनी है। इसी कारण पेंडेंसी हर रोज बढ़ रही है। दूसरी तरफ मप्र व गोवा से कुछ दस्तावेज जांच के लिए ग्वालियर आ चुके हैं। वहीं नए नाम जुड़वाने या फिर संशोधन के लिए फॉर्म भर चुके आवेदनों का निराकरण न होने से प्रदेश स्तर पर नाराजगी जताई गई है। इनमें कुछ तो ऐसे हैं जिन्हें 45 दिन से ज्यादा हो गए हैं। गोवा में एक महिला ने प्रमाण के रूप में वहां सुनवाई के दौरान बहोड़ापुर के स्कूल से जारी टीसी दी। इसमें वर्ष 1976 में कक्षा-1 में प्रवेश और 9 साल बाद 1985 में कक्षा-3 पास करने का उल्लेख है। अफसर इसे संदिग्ध मान रहे हैं। अशोकनगर के कर्मचारी ने केंद्र सरकार का फोटो परिचय पत्र और उज्जैन, छिंदवाड़ा से दो अंक सूची भी जांच के लिए ग्वालियर आई हैं। इनमें एक कक्षा 8 की और दूसरी कक्षा 10 की। अधिकारियों ने कहा कि ये दस्तावेज संबंधित अधिकारियों के पास भेज दिए गए हैं। नहीं सुधरी फॉर्म डिस्पोजल, लॉजिकल एरर की स्थिति पिता के 2.36 लाख नाम मिसमैच: लॉजिकल एरर का आंकड़ा आज भी 3 लाख 21 हजार से अधिक है। इनमें सर्वाधिक 2 लाख 36 हजार 874 वोटर ऐसे हैं जिनके पिता के नाम मिस मैच हो गए हैं। बाकी में 44 हजार 269 पिता-पुत्र में 15 साल से कम अंतर और 10 हजार 819 पिता ऐसे हैं जिनकी उम्र में बच्चों से 50 साल से अधिक दिख रहा है। बीएलओ सहित पूरी टीम सुनवाई, फॉर्म समेटने में लगी है इसलिए यह पेंडेंसी कई दिन से स्थिर है। फॉर्म भरने के बाद भी नहीं जुड़े नाम: नए नाम जुड़वाने के 10 हजार 504 फॉर्म में से 80 फीसदी आज भी पेंडिंग हैं। दूसरी तरफ जेंडर रेशो बढ़ाने अफसर लगातार निर्देश दे रहे हैं। रविवार को भी वर्चुअल बैठक हुई। इसमें ग्वालियर विधानसभा में 995 और ग्वालियर दक्षिण में 798 फॉर्म ऐसे मिले हैं जिन्हें भरे हुए 45 दिन से ज्यादा हो गए हैं पर निराकरण नहीं हुआ है। अपर कलेक्टर सीबी प्रसाद ने कहा कि इनके निराकरण के लिए कहा गया है।
जेएएच में इलाज नहीं, रिसती छत से जंग...:कार्डियोलॉजी में मरीज और अटेंडेंट परेशान
जयारोग्य चिकित्सालय समूह (जेएएच) के कार्डियोलॉजी विभाग के पहली मंजिल में बने पुरुष वार्ड में छत से पानी टपक रहा है। यह पानी मरीजों के बेड पर आ रहा है, जिसके कारण वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पलंग नंबर-1 एक पर पानी टपकने के कारण मरीज और उसके अटेंडेंट रात भर परेशान होते रहे। उन्होंने कई बार बेड बदलने के लिए स्टाफ से कहा लेकिन बेड नहीं बदला। इसके बाद उन्होंने पलंग तो खिसका लिया लेकिन अटेंडेंट को पूरी रात खड़े होकर ही गुजारनी पड़ी। कार्डियोलॉजी की स्थिति यह है कि इन दिनों सभी बेड फुल हैं और मरीज को गैलरी तक में भर्ती करना पड़ रहा है। इस मामले में जेएएच के पीआरओ डॉ. मनीष चतुर्वेदी का कहना है कि वर्कशॉप प्रभारी अतर सिंह को निर्देश दिए जाएंगे कि वह कार्डियोलॉजी में जहां भी पानी टपक रहा है उसका पता लगाकर ठीक कराएं।
इंदौर में गंदा पानी पीने से 20 लोगों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इंदौर के पानी में फीकल कॉलीफार्म, ई-कोलाई, विब्रियो स्पीशीज और प्रोटोजोआ जैसे खतरनाक बैक्टीरिया मिले थे। इसी घटनाक्रम के बीच ग्वालियर नगर निगम की जांच व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। ग्वालियर में तिघरा बांध और बोरिंग से सप्लाई होने वाले पानी में कौन-सा बैक्टीरिया है, इसकी जांच की सुविधा नगर निगम की किसी भी लैब में नहीं है। नगर निगम की तीनों लैब केवल यह बता सकती हैं कि पानी में बैक्टीरिया मौजूद है या नहीं, लेकिन यह बैक्टीरिया किस प्रकार का है, इसकी पहचान संभव नहीं है। इसके लिए निगम को बाजार में संचालित एनएबीएल मान्यता प्राप्त निजी लैब पर निर्भर रहना पड़ता है। इंदौर की घटना के बाद नगर निगम ने शुद्ध पानी को लेकर एडवाइजरी जारी की है, जिसमें पानी उबालकर पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके लिए बकायदा रहवासी सोसाइटी में पोस्टर लगवा रही है। निगम के जानकारों का कहना है कि यदि एनएबीएल की सुविधा होती, तो जरूर बैक्टीरिया निकलकर सामने आएंगे। 48 घंटे लगते हैं बैक्टीरिया ट्रेस की रिपोर्ट आने में अभी निगम के पास मोतीझील स्थल लैब के अंदर बैक्टीरिया की मौजूदगी का 48 घंटे का टेस्ट लगता है। इसके लिए इंक्यूबेटर में पानी का सैंपल लेकर 48 घंटे के लिए रखते है। तब कहीं उसके रिजल्ट सामने आते है। इसके अलावा पानी के 11 प्रकार के टेस्ट लैब में हो रहे है। 5 जनवरी तक 260 सैंपल आ चुके है। उनकी रिपोर्ट ओके बता रहे हैं। इनमें एनपीएन बैक्टीरिया ट्रेस भी हो रहे है। एई कराए गंदे पानी की समस्या का निराकरणसभापति मनोज तोमर ने पिछले दिनों पार्षदों के साथ बैठक की। पार्षदों ने क्षेत्र मे व्याप्त गंदे पानी की समस्या से अवगत कराया और लिखकर भी दिया था। सभापति ने उक्त पत्र आयुक्त संघ प्रिय को दिया था। उस पर आयुक्त ने निर्देश सभी उपयंत्री और सहायक यंत्रियों को आदेश दिए हैं कि पार्षदों से समन्वय बनाकर दूषित पेयजल एवं सीवर समस्या का तत्काल निराकरण कराएं। उसकी रिपोर्ट 12 जनवरी को सुबह 11 बजे से पहले दी जाए। क्योंकि 12 जनवरी को प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट बैठक लेंगे। बैक्टीरियल टैस्ट की सुविधा नहींनगर निगम की लैब में बैक्टीरियल टेस्ट की सुविधा नहीं है। हां निगम के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर फिजिकल और कैमिकल टेस्ट की सुविधा है। वहीं सिविल वर्क निर्माण के सैंपल की लैब को जल्दी चालू कराया जाएगा।-संघ प्रिय, आयुक्त ननि
तेलंगाना के हनमकोंडा में लगभग 300 आवारा कुत्तों को मारे जाने के मामले में 9 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। 9 जनवरी को दायर शिकायत में पशु कल्याण कार्यकर्ताओं अडुलापुरम गौतम और फरजाना बेगम ने आरोप लगाया कि 6 जनवरी से तीन दिनों में शायमपेट और अरेपल्ली गांवों में 300 आवारा कुत्तों को मार दिया गया। कार्यकर्ताओं ने सरपंचों और ग्राम पंचायत सचिवों पर कुत्तों को जहर देने और बाद में शवों को गांवों के बाहरी इलाकों में फेंकने के लिए दो लोगों को काम पर रखने का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर, शायमपेट पुलिस स्टेशन में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की संबंधित धाराओं और अन्य लागू कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच जारी है। आज की अन्य बड़ी खबरें... करूर भगदड़ मामला: एक्टर विजय दिल्ली में CBI के सामने पेश होंगे करूर भगदड़ मामले में एक्टर और TVK प्रमुख विजय सोमवार को दिल्ली में CBI के सामने पेश होंगे। विजय की पार्टी ने सुरक्षा मांगी है। यह भगदड़ 27 सितंबर 2025 को करूर जिले के वेलुस्वामीपुरम में एक रैली के दौरान हुई थी। हादसे में 41 लोगों की जान चली गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। विजय की स्पीच के लिए बड़ी तादाद में लोग जमा थे। इसी दौरान भगदड़ मच गई थी।
ग्वालियर में रिटायर्ड रजिस्ट्रार के साथ बड़ी साइबर ठगी हुई है। ठगों ने खुद को IPS और CBI अधिकारी बताकर बुजुर्ग को फोन किया। मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर डराया और अपने जाल में फंसा लिया। ठगों ने बुजुर्ग को 31 दिन (16 नवंबर से 17 दिसंबर) डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने बुजुर्ग से 1.12 करोड़ रुपए अपने चार बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए। पैसे लेने के बाद ठगों ने मोबाइल नंबर बंद कर लिया। कुछ समय बाद बुजुर्ग ने मोबाइल पर डिजिटल अरेस्ट से जुड़े अन्य वीडियो देखे तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। 11 जनवरी को साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। ओल्ड खेड़ापति कॉलोनी निवासी बिहारीलाल गुप्ता (75) रिटायर्ड रजिस्ट्रार हैं। उनके एक बेटा और दो बेटियां हैं। बेटा विदेश में है, जबकि बेटियां ससुराल में हैं। घर में बिहारी लाल और उनकी पत्नी ही रहते हैं। TRAI अधिकारी बनकर किया पहला फोन... 16 नवंबर को ठगों ने पहला कॉल किया। ठग ने अपना नाम रोहित शर्मा और TRAI (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का अधिकारी बताया। ठग बोला- दिल्ली पुलिस के आदेश पर मोबाइल नंबर व आधार कार्ड बंद होने वाला है। वीडियो कॉल में वर्दी देख फंसते गए बुजुर्ग रोहित ने बुजुर्ग को डराते हुए कहा कि उनके खिलाफ अरेस्ट ऑर्डर जारी हो चुका है और थोड़ी देर में एक आईपीएस अधिकारी उनसे बात करेगा। कुछ देर बाद बुजुर्ग के वाट्सएप पर वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम नीरज ठाकुर बताया और वह पुलिस की वर्दी में था। नीरज ने कहा कि संदीप कुमार नाम का व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग केस में पकड़ा है, जिसने पूछताछ में बताया है कि उसने बिहारी लाल को 2 लाख रुपए दिए थे। उसी रकम से आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। यह सुनते ही बुजुर्ग घबरा गए। डराकर पूरी जानकारी निकलवाई : ठग ने बुजुर्ग को फोन काटने से मना किया और डराता रहा। उनकी निजी जानकारी, बैंक खाते, संपत्ति और म्यूचुअल फंड निवेश की पूरी जानकारी ली। इसके बाद गिरफ्तारी की धमकी दी। प्री-इन्वेस्टिगेशन का झांसा : ठगों ने कहा कि वे बुजुर्ग हैं, इसलिए उन्हें प्री-इन्वेस्टिगेशन का मौका दिया जाएगा। इसके लिए कथित सीबीआई अधिकारी प्रदीप सिंह को आवेदन देना होगा। ठगों ने आवेदन लिखवाकर वाट्सएप पर मंगवाया। ठग बोला- प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश हैं, यह जानकारी लीक नहीं होनी चाहिए वीडियो कॉल पर फर्जी अरेस्ट ऑर्डर दिखाया। ठगों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश हैं कि यह जानकारी लीक नहीं होनी चाहिए, वरना मनी लॉन्ड्रिंग केस में पकड़े गए संदीप की जांच प्रभावित होगी। RBI में पैसा जमा कराएंगे जांच के बाद मिल जाएगाआईपीएस अधिकारी की वर्दी पहने ठग ने कहा कि जांच के लिए उन्हें अपनी पूरी रकम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में जमा करानी होगी। जांच पूरी होने के बाद पैसा वापस मिल जाएगा। ठगों ने चार खातों में ट्रांसफर कराए 1.12 करोड़ठगों के कहने पर बुजुर्ग ने अपने एसबीआई खाते से 60 लाख रुपए, पत्नी के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 52 लाख रुपए चार अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए। आईसीआईसीआई बैंक 30 लाख, इंडसइंड बैंक 30 लाख, इंडसइंड बैंक (दूसरा खाता) 30 लाख और यूको बैंक में 22 लाख रुपए भेजे। ठगों ने कहा कि RBI द्वारा रकम और खातों की जांच की जा रही है और अगर पैसा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा नहीं होगा तो वापस कर दिया जाएगा। RBI की फर्जी रसीद भेजीपैसे ट्रांसफर होने के बाद ठगों ने वाट्सएप पर RBI की सील लगी फर्जी रसीद भी भेजी। इसके बाद अचानक फोन काट दिया गया। जब बुजुर्ग ने दोबारा कॉल किया तो सभी नंबर बंद मिले। ठग रोज पांच घंटे करते थे बातठगों ने 16 नवंबर से 17 दिसंबर तक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट रखा। रोज बुजुर्ग से वीडियो कॉल और फोन पर करीब पांच घंटे तक बात करते थे। वे इतना डराते थे कि बुजुर्ग किसी को कुछ बता ही नहीं पाए। बुजुर्ग ने बताया कि उन्हें हर समय गिरफ्तारी का डर सताता रहता था। सुबह होते ही ठगों का फोन आ जाता था और वे पूछते थे कि कहीं किसी को बताया तो नहीं। बुजुर्ग को डर था कि अगर उनकी गिरफ्तारी हुई तो समाज में उनकी बदनामी होगी। पुलिस-CBI बनकर कॉल करने वालों से रहें सतर्क साइबर क्राइम टीआई धर्मेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि कोई भी अधिकारी चाहे वह पुलिस, CBI, RBI, TRAI या अन्य सरकारी विभाग का हो फोन पर गिरफ्तारी या जांच के नाम पर पैसे जमा कराने को नहीं कहता। यदि डराने-धमकाने वाली कॉल आए तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर थाने में शिकायत करें।
जहां चाह, वहां राह...इस कहावत को मुरैना जिले के मेरगान निवासी प्रगतिशील किसान यशपाल कुशवाह ने चरितार्थ कर दिखाया है। कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेने के बाद यशपाल ने पारंपरिक खेती से हटकर मधुमक्खी पालन शुरू किया। उन्होंने 500 मधुमक्खी बॉक्स खरीदे और शहद उत्पादन किया, लेकिन बाजार में शहद के अपेक्षित दाम नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने निराश होकर मधुमक्खी पालन छोड़ने की बजाय कुछ नया करने का निर्णय लिया। यशपाल ने मधुमक्खियों द्वारा शहद के साथ पैरों में लाए जाने वाले पराग कणों को एकत्र करना शुरू किया और उससे सुपरफूड बी पोलन तैयार किया। बी पोलन को बाजार में शहद की तुलना में पांच गुना तक अधिक कीमत मिलने लगी। इससे मधुमक्खी पालन यशपाल के लिए लाभ का व्यवसाय बन गया। अब यशपाल न केवल अन्य किसानों को पराग कण संग्रह कर बी पोलन बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं, बल्कि उनसे पराग कण खरीद भी रहे हैं। इससे क्षेत्र के अन्य किसानों की आमदनी भी बढ़ी है। एक बॉक्स से 100 ग्राम कलेक्शन यशपाल ने बताया कि मधुमक्खी पालन के लिए खेतों में रखे गए बॉक्स को चारों ओर से बंद किया जाता है। केवल एक छोटा छेद छोड़ा जाता है, जिससे मधुमक्खियां अंदर जा सकें। उस छेद पर लगी विशेष जाली में मधुमक्खियों द्वारा लाए गए पराग कण जमा हो जाते हैं। एक बॉक्स से 10 से 15 दिन में लगभग 100 ग्राम पराग कण एकत्र हो जाता है। इन्हें सुखाकर और फिल्टर कर बी पोलन तैयार किया जाता है, जिसकी स्थानीय बाजार में कीमत करीब 500 रुपए प्रति किलो तक मिल रही है। वहीं, अंतराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत एक हजार से दो हजार रुपए किलो तक है। क्या है बी पोलन सुपरफूड मधुमक्खी पालन एक्सपर्ट डाॅ.अशोक सिंह यादव ने बताया कि बी पोलन सुपरफूड मधुमक्खियों द्वारा फूलों से एकत्र किया गया पराग होता है, जिसे प्रकृति का संपूर्ण आहार माना जाता है। मधुमक्खियां फूलों से पराग कण इकट्ठा कर उसमें अमृत और अपने विशेष एंजाइम मिलाकर छोटे दानों के रूप में छत्ते तक लाती हैं। इसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, अमीनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसकी खासियत यह है कि यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और कमजोरी व थकान दूर करने में सहायक होता है।
करनाल में ट्रैक्टर ने बच्ची को कुचला:पीजीआई में इलाज जारी,रेती से भरी ट्रॉली लेकर आया था ट्रैक्टर
करनाल के मधुबन की एक कॉलोनी में दोपहर के समय साइकिल पर खेल रही एक 5 साल की बच्ची को रेत से भरी ट्रॉली वाले ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर बेहोश हो गई। परिजन और पड़ोसियों ने तुरंत निजी वाहन से उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे बड़े अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल बच्ची का इलाज चंडीगढ़ के पीजीआई में चल रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइकिल पर खेलते समय हुआ हादसामधुबन की अशोक विहार कॉलोनी निवासी रामकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी ध्योती गांव गुलियाना निवासी बलराज की बेटी प्रीत कल दोपहर को कॉलोनी की गली में साइकिल चला रही थी। इसी दौरान एक ट्रैक्टर रेती से भरी ट्रॉली लेकर तेज रफ्तार में गली में आया और लापरवाही से चलाते हुए बच्ची के ऊपर चढ़ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पड़ोसी की मदद से पहुंचाया अस्पतालहादसे के बाद रामकुमार और उनके पड़ोसी धर्मबीर बच्ची को अपनी निजी गाड़ी में अर्पणा अस्पताल, मधुबन लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ज्यादा चोटें होने के कारण एमएलआर तैयार कर बच्ची को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार बच्ची का इलाज अभी भी पीजीआई में चल रहा है और उसकी हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। ट्रैक्टर का नंबर और रंग आया सामनेघटना के बाद कॉलोनी के लोगों से पूछताछ करने पर ट्रैक्टर की डिटेल सामने आई। बताया गया कि ट्रैक्टर महिंद्रा 265 मॉडल का है, जिसका रंग लाल है। चालक मौके से ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि सामने आने पर वह ट्रैक्टर और चालक को पहचान सकता है। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरूमधुबन थाने में मुख्य सिपाही कुलदीप ने शिकायत और अस्पताल से मिले कागजात के आधार पर बीती रात को मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि ट्रैक्टर और चालक की तलाश शुरू कर दी गई है और आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बच्ची के इलाज से जुड़े दस्तावेज और घटनास्थल से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जबलपुर की 2 नई तहसीलें पोड़ा और कटंगी की नई बिल्डिंगों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इन तहसील कार्यालय की जमीन पर मौजूद अतिक्रमण कारियों को हटा दिया गया है। इन्हें प्रशासन ने नोटिस जारी किया था। जिनमें कुछ ने खुद ही कब्जा हटा लिया, जबकि कुछ के निर्माण को बुल्डोजर से जमींदोज कर दिया गया। जिले में पोड़ा और कटंगी तहसीलें बढ़ाने के बाद अब कुल तहसीलों की संख्या 12 हो गई हैं। दो नई तहसील बन जाने से इसमें करीब 200 गांव जुड़ जाएंगे। इतना ही नहीं कई किलोमीटर चलकर मझौली और पाटन जाने की समस्या से भी ग्रामीणों को निजात मिलेगी। पोढ़ा गांव बनी तहसीलजबलपुर में पहले मझौली और पाटन समेत 10 तहसीलें थीं। पोढ़ा तहसील बन जाने से 99 गांव के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। दरअसल, मझौली से पोड़ की दूरी करीब काफी है। करीब 50 किलोमीटर सिहोरा होते हुए ग्रामीणों को मझौली अपने काम के लिए जाना होता है। खास तौर पर महिलाएं और बच्चे सहित किसान परेशान होते थे। इसी तरह से कटंगी में रहने वाले 100 से ज्यादा गांव के ग्रामीणों को अब 20 किलोमीटर का सफर तय करते हुए पाटन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वर्तमान में पोड़ा तहसील में ललित ग्वालवंशी और कटंगी तहसील में राजेश कौशिक तहसीलदार के पद पर पदस्थ हैं। कुछ ने खुद खाली किया घर, कुछ के जमींदोजकरीब 9 करोड़ रुपए की लागत से बन रही पोढ़ा तहसील की जमीन पर 12 से 15 अवैध रूप से घर बन गए थे। जिला प्रशासन ने यहां रहने वाले सभी परिवार वालों को यह कहते हुए नोटिस भी जारी किया कि जहां पर घर बनाए गए, यह आबादी की जमीन नहीं है। नोटिस के बाद कुछ ग्रामीणों ने घर खाली कर दिया तो कुछ लोगों के घर बुलडोजर की मदद से जमींदोज किया है। ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद शर्मा और उनके परिवार वालों की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने उर्मिला दाहिया के मकान में शिफ्ट किया है। पाेड़ा में ग्रामीणों को मिलेगी यह सुविधा पोड़ा तहसीलदार ललित ग्वालवंशी ने बताया कि शासन की तरफ से पोढ़ा को नई तहसील बनाया है। इसके बन जाने से मुख्य रूप से भू-राजस्व से जुड़े काम जमीन की खरीद-बिक्री, रिकॉर्ड का रखरखाव, लगान वसूली और जमीनी विवादों को निपटाना आसानी से होंगे। साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने, सरकारी योजनाओं को लागू करने, जनगणना और प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत कार्य और सर्टिफिकेट जारी हो सकेंगे। पोढ़ा के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को अब मझौली नहीं बल्कि नई तहसील से काम कराना होगा। पुरानी तहसीलों का काम होगा कमविधायक अजय विश्नोई का कहना है कि पोड़ा और कटंगी नई तहसील की बिल्डिंग निर्माण का काम शुरू हो गया है। इनके बन जाने से दूरदराज से आने वाले ग्रामीणों को राहत तो मिलेगी ही, इसके साथ ही पुरानी तहसील पाटन और मझौली यहां पर भी वर्क लोड कम होगा। प्रशासनिक अधिकारी अधिक से अधिक ग्रामीणों की समस्या का समाधान कर सकेंगे। अब जबलपुर में हैं 12 तहसीलजबलपुर जिले में 10 से बढ़कर 12 तहसील हो गई हैं। जिनमें जबलपुर, पनागर, पाटन, कुंडम, मझौली, सिहोरा, शहपुरा और बरगी प्रमुख नाम शामिल हैं, जो प्रशासनिक और राजस्व कार्यों के लिए जिले को विभाजित करते हैं।
इंदौर में दूषित पानी ने 21 लोगों की जान ले ली। अब भी कई लोग अस्पताल भर्ती हैं। कुछ लोगों की स्थिति नाजुक है। दूसरी तरफ, भागीरथपुरा में अभी भी लोगों में दूषित पानी का डर बना हुआ है। लोग आरओ, बोरिंग और बोतल के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। पानी को छानकर और उबालकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बीच, आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या कम ज्यादा हो रही है। 8 जनवरी को जहां आईसीयू में 10 मरीज थे। 10 जनवरी को ये आंकड़ा 11 तक पहुंच गया। वहीं, 11 जनवरी को आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या 13 हो गई। जबकि पिछले कई दिनों से 4 मरीज वेंटिलेटर पर बताए जा रहे हैं। 29 दिसंबर को जब कई लोग अस्पताल में भर्ती हुए तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ अस्पतालों में पहुंचे और मरीजों व उनके परिजनों से बातचीत की। देखते ही देखते दूषित पानी के कारण मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। एक के बाद एक कई लोगों की जान दूषित पानी के कारण चली गई। स्थिति ये है कि कई लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। कुछ लोग आईसीयू में इलाजरत है। 13 मरीज ICU में भर्ती, 3 एम्बुलेंस लगाई स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को बुलेटिन जारी किया। इसके मुताबिक 50 दलों ने भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे किया। 176 सदस्यों ने 924 घरों में ORS और जिंक की गोलियां दी। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जांचे भी की गई। इलाके में आज OPD में 13 मरीज डायरिया के आए, जिसमें से 1 को रेफर किया है। निगम आयुक्त ने किया इलाके का दौरारविवार को भी नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने भागीरथपुरा इलाके का दौरा किया। यहां पर चल रहे कामों को देखा। इलाके में टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की भी समीक्षा की। लगातार टीम के माध्यम से लोगों को पानी उबालकर, छानकर पीने के संबंध में अनाउंसमेंट करने, ड्रेनेज सीवरेज लाइन की सफाई करने, सफाई के बाद निकलने वाली गाद को तुरंत हटाने, मलेरिया टीम द्वारा नाला सफाई करने के लिए भी कहा है। इसके अलावा निगमायुक्त ने भागीरथपुरा के सभी बीट प्रभारी, उपयंत्री को अपनी-अपनी बीट में आने वाले सरकारी बोरिंग में क्लोरिनेशन काम करने के लिए कहा है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... 1. '10 दिन से वेंटिलेटर पर…कुछ नहीं बचा, सौंप दो साहब':इंदौर में दूषित पानी के मरीजों के परिजन की गुहार 2. इंदौर दूषित पानी से 21वीं मौत:एक और महिला ने दम तोड़ा, अभी भी 4 मरीज वेंटिलेटर पर, 11 आईसीयू में भर्ती 3. भागीरथपुरा के वो 3 जहरीले दिन, जिन्होंने छीनीं 20 जानें:पानी में थे बेहद बारीक कीड़े और बदबू...लोग पीते रहे 4. क्या हकीकत छिपा रहा इंदौर प्रशासन?:20 की जान गई, मुआवजा 18 को…सरकारी आंकड़े 4 पर सीमित क्यों? 5. बिना पोस्टमॉर्टम कई शवों का हुआ अंतिम संस्कार: भागीरथपुरा दूषित पानी से मौत कैसे होगी साबित6. हमें भी शुद्ध पानी उपलब्ध कराओ 'सरकार': भागीरथपुरा के दिव्यांगों की गुहार- हम बोल और सुन नहीं सकते
कटकमसांडी प्रखंड के डांड़ पंचायत अंतर्गत गोसी गांव की महिलाएं अब कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नवाचार की नई मिसाल पेश कर रही हैं। यहां परी सखी महिला मंडल की 11 सदस्याएं इंटर क्रॉपिंग (मिश्रित फसल पद्धति) के माध्यम से बहुफसली खेती का सफल मॉडल विकसित कर रही हैं। इससे न केवल आय के स्रोत बढ़े हैं, बल्कि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। समूह की सदस्य ममता देवी, साबो देवी, चिंता देवी, धनेश्वरी देवी और खगिया देवी सहित अन्य महिलाएं 5 एकड़ से अधिक भूमि में केला, अनानास, अमरूद, आम, पपीता जैसी फलदार फसलों के साथ-साथ पत्ता गोभी, आलू, शिमला मिर्च, प्याज, चना, मटर, फुलगोभी और पालक की खेती कर रही हैं। इंटर क्रॉपिंग से जमीन का बेहतर उपयोग महिलाओं का कहना है कि इंटर क्रॉपिंग से जमीन का बेहतर उपयोग होता है और एक ही खेत से अलग-अलग समय पर कई फसलों की पैदावार मिलती है। इससे जोखिम घटता है और आय में स्थिरता बनी रहती है। फलदार पौधे धीरे-धीरे पेड़ का रूप ले रहे हैं, जो भविष्य में दीर्घकालिक आमदनी का मजबूत आधार बनेंगे। साथ ही खेतों में हरियाली बढ़ने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। महिला किसानों का कहना है कि अब मिश्रित एवं वैज्ञानिक पद्धति अपनाने से नियमित आय प्राप्त हो रही है। प्याज की खेती बना वरदान मिश्रित खेती के तहत प्याज की खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।इससे प्रतिवर्ष किसानों में 50 हजार से एक लाख रुपए तक कि आमदनी हो रही है जिससे महिला किसान आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन रही और अपने जीवन स्तर को बेहतर बना रही है। परी महिला मंडल की अध्यक्ष ममता देवी ने महिलाओं को मिश्रित कृषि के लाभों से जागरूक किया और उन्हें समूह से जोड़कर आधुनिक व वैकल्पिक खेती की दिशा में अग्रसर किया। इससे महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। तकनीक की जानकारी देते हैं एक्सपर्ट इंटर क्रॉपिंग मॉडल को सफल बनाने में एचसीएल फाउंडेशन तथा लीड्स संस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। संस्था की ओर से समय-समय पर प्रशिक्षण, खेत भ्रमण एवं उन्नत कृषि तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इस मॉडल में फलदार पौधों के साथ सब्जी एवं नगदी फसलों का संयोजन किया गया है, जिससे हर मौसम में उत्पादन और आय का प्रवाह बना रहता है। जैविक खाद, प्राकृतिक नमी संरक्षण और फसल विविधता के कारण मिट्टी की उर्वरता भी सुरक्षित है। जानिए... कौन हैं आलोक वर्मा आलोक वर्मा लीड्स परियोजना कटकमसांडी के समन्वयक हैं। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य किसानों, विशेषकर महिला किसानों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है। इंटर क्रॉपिंग से उनकी आय में वृद्धि हो रही है। वे वैज्ञानिक कृषि पद्धति सीखकर अपने निर्णय स्वयं लेने लगी हैं। इससे उनके आत्मविश्वास में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। वे बराबर गांव के किसानों से संपर्क में रहकर उन्हें खेती की उन्नत तकनीक से अवगत कराते रहते हैं। उनका मानना है कि छोटे-छोटे किसानों की आय बढ़ाना मुख्य उद्देश्य है।
बिना मुंडेर के कुएं में गिरा तेंदुआ, वहीं गुर्राता रहा, 3 घंटे बाद सुरक्षित निकाला
शहर से लगे गांव जामनिया खुर्द में रविवार को एक तेंदुआ बिना मुंडेर के कुएं में गिर गया। वह कुएं में पत्थरों के बीच बैठकर गुर्राता रहा। ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी। टीम ने रेस्क्यू कर जाल व खटिया की मदद से तीन घंटे बाद तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने बताया तेंदुआ पहले पानी में छटपटाता रहा। फिर कुएं में पत्थरों के बीच जाकर बैठ गया। रेस्क्यू के बाद तेंदुए को प्राथमिक चिकित्सा परीक्षण के लिए चिड़ियाघर ले जाया गया। वन विभाग के अनुसार तेंदुए की उम्र करीब 2 से 3 साल के बीच है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। शिकार की तलाश में गिर गयावन अधिकारियों ने बताया कि बिना मुंडेर के खुले और असुरक्षित कुएं वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। जिस कुएं में वह गिरा उसकी पाल नहीं थी। संभवत: शिकार की तलाश में दौड़ते हुए या तेज चलते हुए वह सीधे कुएं में जा गिरा। तेंदुए, नीलगाय और अन्य जानवर अकसर कुएं में गिर जाते हैं। 5 साल में 66 तेंदुओं की जान बचाई डीएफओ प्रदीप मिश्रा के मुताबिक इंदौर वन मंडल में 2021 से 2025 के बीच 66 तेंदुओं सहित 337 वन्यजीवों का रेस्क्यू किया जा चुका है। रेस्क्यू के दौरान किसी भी तेंदुए की जान नहीं गई। रेस्क्यू की बढ़ती संख्या खतरे का नहीं, बल्कि बेहतर निगरानी और लोगों के बढ़ते भरोसे का संकेत है। 2025 में लगभग हर माह एक से दो तेंदुओं का रेस्क्यू किया। समय पर सूचना से हर बार बचाई तेंदुओं की जान
नीट के लिए एनटीए की एडवाइजरी:पहले अपडेट कराएं आधार-कैटेगरी सर्टिफिकेट
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 2026 में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एजेंसी ने उम्मीदवारों से कहा है कि आवेदन करने से पहले आधार कार्ड और कैटेगरी सर्टिफिकेट पूरी तरह अपडेट और सही करवा लें, ताकि फॉर्म भरते समय या बाद में किसी तरह की दिक्कत न आए। एनटीए के मुताबिक आधार कार्ड में उम्मीदवार का नाम, जन्मतिथि, फोटो और पता पूरी तरह सही होना चाहिए। नीट 2026: एनटीए से जुड़े सूत्रों के अनुसार नीट यूजी-2026 की परीक्षा 3 मई 2026 को कराई जा सकती है। परीक्षा देशभर में ऑफलाइन मोड में होगी।नीट के लिए ऑनलाइन आवेदन फरवरी के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। कैटेगरी सर्टिफिकेट पर खास जोरएक्सपर्ट डॉ. अवनीश पांडे ने बताया एनटीए ने एडवाइजरी में साफ किया है कि एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग श्रेणी में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास वैध और अपडेटेड कैटेगरी सर्टिफिकेट होना जरूरी है। पुराना या अमान्य सर्टिफिकेट होने पर अभ्यर्थी को सामान्य वर्ग में माना जाएगा। पिछले साल 23 लाख से ज्यादा आवेदननीट यूजी देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है। पिछले साल नीट यूजी में करीब 23 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए एनटीए ने पहले ही दस्तावेजों को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दे रही है।
मरीजों को राहत होगी:नया एमवायएच; 3 इमारतें, 1450 बेड, 500 बेड का नर्सिंग होस्टल भी
1450 बेड के नए एमवाय अस्पताल का स्वरूप अब पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। अस्पताल का लेआउट फाइनल कर दिया गया है और निर्माण से पहले मिट्टी परीक्षण तथा बाधक निर्माण हटाने का काम शुरू हो चुका है। नए अस्पताल में मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और इसे नेशनल हेल्थ मिशन की गाइडलाइन के अनुरूप तैयार किया जाएगा। लेआउट प्लान के अनुसार नया एमवाय अस्पताल तीन अलग-अलग इमारतों में बनाया जाएगा, जो आपस में कनेक्टेड रहेंगी। किस मंजिल पर कौन सा विभाग रहेगा, इसकी पूरी जानकारी बैठक के दौरान साझा की गई। नए भवन में वर्तमान में संचालित सभी प्रमुख विभागों को शामिल किया जाएगा, ताकि इलाज की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें। 773 करोड़ में बनेगा अस्पताल और नर्सिंग होस्टलएमवायएच अधीक्षक डॉ. अशोक यादव के अनुसार नए एमवाय अस्पताल के साथ 500 बिस्तरों का नर्सिंग होस्टल और पार्किंग सुविधा भी विकसित की जाएगी। पूरे प्रोजेक्ट के लिए 773.73 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। निर्माण कार्य मप्र भवन निर्माण निगम लिमिटेड भोपाल द्वारा डिजाइन एंड फोरम कंसलटेंट नई दिल्ली के तत्वावधान में किया जाएगा। एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार नए एमवाय अस्पताल को लेकर कॉलेज में सभी विभागाध्यक्षों और स्टाफ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मप्र भवन निर्माण निगम लिमिटेड भोपाल की ओर से डिजाइन एंड फोरम कंसलटेंट नई दिल्ली के मयंक अग्रवाल ने लेआउट प्लान का प्रेजेंटेशन दिया। इसमें भवन की संरचना, विभागीय व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। एमवायएच की ओपीडी में रोजाना चार हजार मरीज पहुंचते हैं इलाज करानेएमवाय अस्पताल की क्षमता 1150 से अधिक बेड की है, जहां विभिन्न गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाता है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब चार हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार डॉक्टरों ने भी मरीज सुविधाओं से जुड़े सुझाव दिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तहत रविवार को 251 से ज़्यादा बस्तियों में हिंदू सम्मेलन हुए। सम्मेलनों में 1 हज़ार से ज़्यादा कॉलोनियों के लाखों लोग शामिल हुए। दूधिया ग्राम में संघ के अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने कहा कि माँ दुर्गा के आठों हाथों में शस्त्र हैं और चरणों के नीचे महिषासुर पड़ा हुआ है। यह इस बात का परिचायक है कि हमारी मातृशक्ति प्रेम, दया व करुणा की मूर्ति तो है ही, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर वही दुर्गा का रूप लेकर धर्म की रक्षा कर सकती है। समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता में है तिलक स्कूल मैदान पर शुरुआत मंगलाचरण से हुई। मुनि श्री 108 पूज्यसागर महाराज ने कहा समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, चरित्र और संस्कारों में निहित होती है। आयोजन संयोजक राहुल जैन ने बताया कि 5 हज़ार से ज़्यादा लोग शामिल हुए। श्रीनगर बस्ती के आयोजन में संत अनादि सरस्वती ने समाज से जागृत होने की अपील करते हुए कहा बच्चों में जितने अच्छे संस्कार देंगे, देश उतना मजबूत होगा। स्वदेशी अपनाने का संदेश, इको फ्रेंडली उत्पाद दिखाए परदेशीपुरा स्थित केंद्र पर गाय के गोबर से निर्मित कलात्मक व इको फ्रेंडली उत्पादों की प्रदर्शनी चार प्रमुख स्थानों पर लगाई गई। रूपाली जैन ने बताया कि बड़ी संख्या में हिंदू परिवारों ने चार स्थानों पर उपस्थिति दर्ज करवाई और स्वदेशी अपनाने के संकल्प के साथ इन उत्पादों की सराहना की। कई स्थानों पर हुए सम्मेलन के आयोजन नंदबाग कॉलोनी, अहिल्यापुरी, अनुराग नगर, मूसाखेड़ी, अन्नपूर्णा नगर, निपानिया क्षेत्र सहित 100 से ज़्यादा स्थानों पर बड़े आयोजन हुए, जिनमें हज़ारों की संख्या में लोग परिवार सहित शामिल हुए।
भागीरथपुरा में 20 दिन बाद भी जल संक्रमण थमा नहीं है। तमाम प्रयासों के बाद भी रविवार को 15 से ज्यादा नए मरीज सामने आए। सभी में शुरुआती लक्षण उल्टी-दस्त के हैं। गुरुवार को लकवे का पहला केस सामने आया। डॉक्टरों के मुताबिक पीड़ितों में लिवर, किडनी के साथ-साथ न्यूरो सिस्टम पर अटैक का पहला मामला है। भागीरथपुरा की 70 वर्षीय देवकीबाई सीएचएल में भर्ती हैं। उन्हें लकवा आ गया है। बेटे बबलू ने बताया दूषित पानी पीने के बाद तबीयत बिगड़ी। डॉक्टरों ने बताया कि दिमाग की एक नस में ब्लॉकेज के कारण लकवे की स्थिति बनी है। 1 साल की बच्ची गंभीर स्थिति में थी, अब सुधारबॉम्बे अस्पताल में एक वर्षीय निहारिका गुरुवार से भर्ती है। उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायत के बाद उसे भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की हालत में अब सुधार है। उधर, कुल 42 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। 13 की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है। मरीजों के परिवहन के लिए तीन एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। 4 मरीज एक सप्ताह से वेंटिलेटर पर हैं। भास्कर एक्सपर्ट - डॉ. अर्चना वर्मा, सीनियर न्यूरोलॉजिस्टबुजुर्ग मरीजों में, जिनकी रक्त नलिकाओं में पहले से एथिरोस्क्लेरोसिस यानी वसा जमने की समस्या होती है, वहां लंबे समय तक डिहाइड्रेशन रहने से ब्लड प्रेशर गिर सकता है। इससे दिमाग तक पर्याप्त रक्त आपूर्ति नहीं हो पाती और ऐसे मरीजों में लकवे का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में डिहाइड्रेशन लकवे की प्रक्रिया को आसान बना सकता है, लेकिन यह कहना चिकित्सकीय रूप से सही नहीं है कि केवल उल्टी-दस्त या किडनी की बीमारी से ही लकवा हो गया। पानी की मेन लाइन बदलने में 20 दिन और लगेंगे इंदौर| भागीरथपुरा में पानी की जिस मेन लाइन में ड्रेनेज का पानी मिक्स हुआ था, उसे बदलने में 20 दिन और लगेंगे। 8 दिन से लगातार खुदाई और लाइन डालने का काम जारी है। पानी की इसी मेन लाइन के ऊपर से सीवर लाइन गुजर रही थी। जगह-जगह से क्षतिग्रस्त इस लाइन में सीवर का पानी मिल रहा था। मेन लाइन का काम पूरा होने के बाद ब्रांच कनेक्शन जोड़े जाएंगे। करीब 70 फीसदी इलाके में नई लाइन डालनी है, जिसमें डेढ़ से दो महीने लगेंगे। तब तक टैंकरों से पानी की व्यवस्था रहेगी। 6600 सरकारी बोरिंग हैं शहर में। इनमें से आधे का क्लोरीनेशन हो चुका है। 70 फीसदी क्षेत्र में नई लाइन डलेगी। 30 फीसदी क्षेत्र में जल्द शुरू होगी नल से सप्लाय नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा 30 फीसदी हिस्से में जल्द नलों से पानी की सप्लाय शुरू होगी। इसके लिए रोज कुछ समय के लिए टंकी से पानी छोड़ा जा रहा है। 70 फीसदी आबादी को टंकी से नियमित सप्लाय मिलने में अभी समय लगेगा।
एमपी के आधे से ज्यादा महापौर यह मानते हैं कि अफसर उनकी नहीं सुनते, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं हो पा रहा है। इंदौर में हाल ही में हुए भागीरथपुरा मामले ने इस बहस को और हवा दे दी है, जहां मेयर ने खुले तौर पर अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया था। दैनिक भास्कर ने जब प्रदेश के 16 नगर निगमों के महापौरों से उनके और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय को लेकर बात की, तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। इंदौर, छिंदवाड़ा, सतना, उज्जैन, रीवा और सिंगरौली जैसे बड़े शहरों के मेयरों ने खुलकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। वहीं, देवास, जबलपुर, ग्वालियर जैसे कुछ शहरों में तालमेल बेहतर दिखा। इस गंभीर सवाल पर भोपाल और खंडवा के महापौरों ने जवाब देना ही उचित नहीं समझा, यहां तक कि भोपाल की महापौर ने तो सवाल सुनते ही फोन काट दिया। पढ़िए रिपोर्ट वो 6 शहर जहां अफसरों से तालमेल नहीं 1.इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव- अधिकारी मेरी सुनते नहींदरअसल, मेयर पुष्यमित्र भार्गव का ये दर्द उस समय बाहर आया जब भागीरथपुरा त्रासदी को लेकर रेसीडेंसी कोठी में बैठक बुलाई गई थी। बैठक में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे भी मौजूद थे। मेयर ने संजय दुबे से कहा मैं किस काम का महापौर हूं। इसके लिए राजनीति में नहीं आया था। फैसलों का ही पालन नहीं हो रहा। अधिकारियों की वजह से काम प्रभावित हो रहा है। मैं ऐसे सिस्टम में काम नहीं कर सकता। आप मुख्यमंत्री तक यह संदेश पहुंचा दो। इस पर एसीएस दुबे ने कहा कि इंदौर नगर निगम को कुछ और अधिकारी दे देते हैं। इस पर महापौर ने कहा कि अधिकारियों की कमी नहीं है। जो अधिकारी हैं, वे ईमानदारी से काम कर लें तो स्थिति सुधर जाएगी। अधिकारी काम ही नहीं करना चाहते हैं। 2.छिंदवाड़ा महापौर विक्रम अहाके – अफसर सकारात्मक पहल नहीं करतेछिंदवाड़ा के महापौर विक्रम अहाके अधिकारियों के रवैये पर खुलकर अपनी निराशा जाहिर करते हैं। वे कहते हैं, मुख्यमंत्री जी चाहते हैं कि आम आदमी तक सुविधा पहुंचे, लेकिन नगर निगम एक स्वशासी संस्था है जिसका नियंत्रण महापौर और आयुक्त के हाथों में होता है। जिस गंभीरता से अफसरों को हमारी बातें सुनना चाहिए, उसमें कहीं न कहीं लापरवाही होती है। जनप्रतिनिधि जनता की भावनाओं को समझकर अपनी बात रखते हैं, लेकिन अधिकारी इसमें सकारात्मक पहल नहीं करते। अहाके तालमेल की कमी को विकास में सबसे बड़ा रोड़ा मानते हैं। उन्होंने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा, हाल ही में छिंदवाड़ा में एक सड़क दुर्घटना हुई। हमने नगर निगम के अधिकारियों से रोड डिवाइडर पर रिफ्लेक्टिव स्टिकर चिपकाने के लिए कहा था, लेकिन यह काम नहीं हुआ। 3 उज्जैन महापौर मुकेश टेटवाल – अधिकारियों को प्राथमिकता तय करनी चाहिएउज्जैन के महापौर मुकेश टेटवाल का मानना है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि वे सीधे जनता से जुड़े होते हैं। वे कहते हैं, मेरा मानना है कि किसी भी अधिकारी को जनप्रतिनिधि की सारी बातें सुनना चाहिए। अगर अधिकारी हमारे अनुसार कार्य नहीं करेंगे तो निश्चित रूप से अव्यवस्था पैदा होगी और इसका नुकसान जनता को भुगतना पड़ेगा। टेटवाल काम की प्राथमिकता तय करने पर जोर देते हैं। जब जनता की समस्याएं जैसे- सफाई, नाली चोक होना या गंदा पानी आना, हम अधिकारियों को बताते हैं, तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर यह तय करना चाहिए कि कौन सा काम तुरंत करना है। इसी सोच के साथ काम करने से जनता को तत्काल लाभ मिलेगा। 4 सतना महापौर योगेश ताम्रकार – कई बार अफसर सहयोग नहीं करतेसतना के महापौर योगेश ताम्रकार का अनुभव मिला-जुला है, लेकिन वे भी अधिकारियों के असहयोगात्मक रवैये को स्वीकार करते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि कई बार अधिकारी सहयोग नहीं करते। हालांकि, ऐसा हमेशा नहीं होता। मुझे महापौर बने तीन साल हो गए हैं। बहुत सारे विकास कार्य हुए हैं, लेकिन अधिकारियों में काम को टालने की प्रवृत्ति है। 5.सिंगरौली महापौर रानी अग्रवाल – अधिकारियों पर दबाव बनाना पड़ता हैआम आदमी पार्टी से सिंगरौली की महापौर रानी अग्रवाल का रुख थोड़ा आक्रामक है। उन्होंने कहा, अधिकारी कैसे नहीं सुनेंगे? अधिकारियों को सुनना पड़ेगा और वे मेरी सुनते भी हैं। हालांकि, वे यह भी मानती हैं कि यह आसानी से नहीं होता। कोआर्डिनेशन में समस्या है, पर अधिकारी काम करने के लिए हैं और महापौर का पद संवैधानिक है। यहां पर अधिकारियों पर काम करने के लिए दबाव बनाना पड़ता है। कई बार इसी वजह से मेरी और निगम कमिश्नर के बीच विवाद की स्थिति भी बनी, लेकिन मैं पूरे विश्वास के साथ काम कर रही हूं और अधिकारियों से काम करवा भी रही हूं। 6.रीवा महापौर अजय मिश्रा- इंदौर मेयर ने सही कहा, अधिकारी नहीं सुनतेरीवा मेयर अजय मिश्रा का कहना है कि इंदौर एमपी का सबसे बड़ा शहर है और वहां के मेयर पुष्यमित्र भार्गव हमारे महापौर संघ के अध्यक्ष भी है। महापौर संघ के साथ सरकार की चार-चार बैठकें हुईं। इसमें सीएम और नगरीय प्रशासन मंत्री भी शामिल थे। हर बार बैठक में कहा गया कि महापौर और मेयर इन काउंसिल को अधिकार देंगे। संघ ने मांग की थी कि जो स्थानीय स्तर पर काम होते हैं उसके नियम शिथिल किए जाए। अभी ऐसे नियम बने हैं कि निगम कमिश्नर तक फाइल जाएगी मेयर इन काउंसिल के जरिए, लेकिन निगम कमिश्नर इस फाइल पर निर्णय लेने के लिए बाध्य नहीं है। ऐसे में विकास काम प्रभावित होते हैं। इंदौर के मेयर ने गलत नहीं कहा, अधिकारी किसी की नहीं सुनते। 1.जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' – हमारा नगर निगम ऑटो की तरह हैजबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह एक अनूठा उदाहरण देते हैं। हमारा नगर निगम एक ऑटो की तरह है, जिसके तीन पहिए हैं- महापौर, नगर निगम कमिश्नर और नगर निगम अध्यक्ष। हम तीनों पहियों की तरह मिलकर काम करते हैं। हमारा गठबंधन, हमारी एमआईसी और हमारा पार्षद दल, सब एक मुट्ठी की तरह बंधकर काम करते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का भी पूरा सहयोग मिलता है। 2.ग्वालियर महापौर डॉक्टर शोभा सिकरवार – तालमेल के साथ काम करते हैंग्वालियर में कांग्रेस की महापौर होने के बावजूद, डॉ. शोभा सिकरवार का अनुभव सकारात्मक है। वे कहती हैं, इंदौर में भाजपा के महापौर हैं, फिर भी अधिकारी उनकी नहीं सुनते। ग्वालियर में तो कांग्रेस का महापौर है, लेकिन यहां ऐसी स्थिति नहीं है। हम अधिकारियों से तालमेल बना लेते हैं। ज्यादातर काम होते हैं। 3.रतलाम महापौर प्रहलाद पटेल – अधिकारियों पर महापौर की नकेल होनी चाहिएरतलाम के महापौर प्रहलाद पटेल नियंत्रण को महत्वपूर्ण मानते हैं। रतलाम में ऐसी स्थिति नहीं है। अधिकारियों को जो काम बोला जाता है, वे करते हैं। हां, स्टाफ की कमी है, लेकिन हमारा अधिकारियों पर पूरा कंट्रोल है। मैं रोज 4 घंटे नगर निगम में बैठता हूं। इंदौर में पानी की समस्या सामने आने के बाद हम सतर्क हो गए थे और हमने दो महीने पहले ही शहर की सभी टंकियों की सफाई करवा ली थी। देवास, मुरैना, सागर और कटनी में भी बेहतर तालमेल सवाल सुनते ही भोपाल महापौर ने काट दिया फोनदैनिक भास्कर ने जब भोपाल की महापौर मालती राय से संपर्क किया और इंदौर के मामले का हवाला देते हुए पूछा कि क्या भोपाल में भी ऐसी स्थिति बन रही है, तो उन्होंने कोई भी जवाब देने के बजाय तुरंत फोन काट दिया। खंडवा महापौर ने भी इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। एक्सपर्ट बोले- पावर गेम में जनता पिस रहीवरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक एन के सिंह कहते हैं कि मेयर और अधिकारियों के बीच तालमेल का अभाव हमेशा से ही रहा है। इनके बीच पावर की लड़ाई हमेशा से चलती रही है। यदि करप्ट मेयर या अफसर आ जाए तो फंड्स पर किसका कंट्रोल होगा? इसी बात की लड़ाई होती है। दूसरी वजह ये है कि नगरीय निकायों के लिए नियम तो बना दिए, लेकिन पावर सेंट्रलाइज्ड होता जा रहा है। चाहे वो केंद्र हो या राज्य सभी जगह ये हालात है। सीएम सेक्रेट्रिएट को देखें तो ये कभी इतना पावरफुल नहीं रहा। जब अफसर आते हैं, खासतौर पर आईएएस, वो तो सरकार के नुमाइंदे होते हैं वो नगर निगम के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते।
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण नयापुरा जीवन की फेल में रहने वाली 59 वर्षीय कमलाबाई की मौत हो गई। उल्टी-दस्त से पीड़ित महिला को प्राथमिक उपचार के बाद 7 जनवरी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आईसीयू में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके साथ ही भागीरथपुरा में बीमारी से मरने वालों की संख्या 22 हो गई है। मकान मालिक मनोज कुमार ने बताया कि कमलाबाई करीब एक माह पहले अपने पति तुलसीराम के साथ उनके मकान में रहने आई थी। दोनों पति-पत्नी मजदूरी करते थे। 6 जनवरी को महिला की तबीयत बिगड़ी थी। किडनी डिजीज से पीड़ित थीएमवायएच अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मृतका पहले से क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थी और आउटब्रेक से पहले उसे डायलिसिस की सलाह दी गई थी, लेकिन यह नियमित रूप से नहीं कराया गया। महिला को उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ भर्ती नहीं किया गया था, बल्कि बढ़ते हुए यूरेमिक सीजर के कारण भर्ती किया गया। यह मामला दूषित पानी से जुड़े आउटब्रेक से संबंधित नहीं माना जा सकता।
बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी जिले में जहां पानी की एक-एक बूंद कीमती है, वहां मछली पालन की कल्पना करना भी बेकार लगता है। लेकिन धोरीमन्ना पंचायत समिति के कोलियाना गांव के एक प्रगतिशील किसान कुंडा खान ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। कृषि विज्ञान केंद्र और मत्स्य विभाग से प्रशिक्षण लेकर कुंडा खान आज न केवल लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं, बल्कि इलाके के अन्य किसानों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं। कुंडा खान ने 2022 में मछली पालन का व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने 12 हजार वर्ग फीट में दो तालाब बनाकर काम शुरू किया। शुरुआत में सही बीज और तकनीक की कमी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र गुड़ामालानी और मत्स्य विभाग से संपर्क किया। वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर उन्होंने 30 हजार पंगेशियस फिंगर लिंग्स डाले और महज 6 महीने में 20 टन मछली का उत्पादन कर 7.40 लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा कमाया। आज कुंडा खान के पास 2.5 एकड़ क्षेत्र में 7 तालाब हैं और 10 अन्य युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं। कुंडा खां बताते है कि शुरूआत में काफी नुकसान हुआ था, लेकिन हार नहीं मानते हुए फिर से वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन किया तो सफलता मिली। दिल्ली व पंजाब में सबसे ज्यादा मछलियों की डिमांड, वहां के व्यापारी सीधे कुंडा खां से ही खरीद रहे कुंडा खान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके पास मछली खरीदने के लिए दिल्ली, गुजरात और पंजाब के व्यापारी सीधे बाड़मेर पहुंच रहे हैं। प्रजाति के अनुसार मछलियां 60 से 65 रुपए प्रति किलो के भाव से हाथों-हाथ बिक जाती हैं। वर्तमान में उनके पास 40 हजार मछलियां तैयार हो रही हैं, जिनकी बिक्री शुरू हो चुकी है। वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र गुड़ामालानी डॉ. बीएल मीणा ने बताया कि बाड़मेर जैसे शुष्क क्षेत्र में मछली पालन एक साहसिक कदम है। कुंडा खान ने साबित किया कि यदि सही तकनीक अपनाई जाए तो रेगिस्तान में भी नीली क्रांति संभव है। तिलेपिया व ग्रास कार्प के चारे का खर्च कम कुंडा खान के तालाबों में रोहू, कतला, तिलेपिया, पंगास और ग्रास कार्प जैसी मछलियों का उत्पादन हो रहा है। तिलेपिया और ग्रास कार्प प्रजाति की मछलियां घास खाती हैं, जिससे चारे का खर्च बहुत कम आता है। मछली के पाचन तंत्र से निकला अपशिष्ट बेहतरीन फर्टिलाइजर (खाद) का काम करता है, जिसका उपयोग अन्य फसलों की पैदावार बढ़ाने में किया जा रहा है। ये मछलियां मात्र 5 से 6 महीने में बिक्री के लिए तैयार हो जाती हैं।
नशे में धुत युवक पातालपानी की खाई में गिरा, पेड़ में अटका, बचाया
पातालपानी में रविवार शाम एक युवक नशे की हालत में 300 फीट गहरी खाई में गिर गया। गनीमत रही कि वह एक पेड़ पर अटक गया। वहां से वह धीरे-धीरे ऊपर आने लगा, लेकिन नशे के कारण बार-बार फिसलता रहा। प्रत्यक्षदर्शी नरेंद्र शर्मा के अनुसार, लोगों को शाम 6 बजे उसके बारे में पता चला। इसके बाद पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इससे जुड़े वायरल वीडियो में युवक संघर्ष करता दिखाई दे रहा है। बड़गोंदा थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले ने बताया देर रात 10:30 बजे उसे बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक वह बेहोश हो चुका था। फिलहाल उसका इलाज जारी है।
एमपी में खेती की लागत घटाकर किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव इस साल को कृषक कल्याण वर्ष के तौर पर मनाने जा रहे हैं।16 विभाग मिलकर इस टास्क पर काम करेंगे। जिससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ ही कृषि आधारित रोजगार बढ़ेंगे और फूड प्रोसेसिंग डेयरी, फिशरीज जैसे उद्योग भी बढ़ेंगे। रविवार 11 जनवरी को भोपाल के जंबूरी मैदान से सीएम ने इसकी औपचारिक शुरुआत की है। यह है सरकार की रणनीति सरकार का लक्ष्य है कि किसान केवल अन्नदाता न रहे, बल्कि उद्यमी, ऊर्जा दाता और एक्सपोर्टर भी बनें। इसी सोच के साथ “समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश” थीम पर आधारित यह अभियान शुरू किया गया है।सरकार ने खेती को पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़ाकर लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में रोडमैप तैयार किया है। मार्केटिंग प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर फोकसपिछले एक दशक में 16% से ज्यादा कृषि विकास दर हासिल कर चुके मध्यप्रदेश को अब वैश्विक कृषि मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की तैयारी है।सरकार उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मार्केटिंग, प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडिशन पर फोकस कर रही है। खेती को जोखिम से बाहर निकालने के लिए मौसम आधारित तकनीक, बीमा और अनुसंधान को केंद्र में रखा गया है। तीन बड़े कृषि अनुसंधान केंद्र बनेंगेकृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत राज्य में तीन प्रमुख रिसर्च हब स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों से फसल उत्पादकता, गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी विदेशों तक खेती देखने जाएंगे किसानकिसानों और कृषि से जुड़े अधिकारियों को वैश्विक नवाचारों से जोड़ने के लिए विदेश अध्ययन भ्रमण योजना शुरू की जाएगी। सिंचाई दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रेशराइज्ड वाटर माइक्रो इरीगेशन योजना लागू की जाएगी। वहीं प्रदेशभर में WINDS (वेदर इंफॉर्मेशन नेटवर्क डाटा सिस्टम) विकसित कर किसानों को सटीक मौसम पूर्वानुमान और कृषि सलाह उपलब्ध कराई जाएगी। बीमा योजना में उद्यानिकी फसलें भी शामिल होंगीखेती को जोखिम से सुरक्षित बनाने की दिशा में मौसम आधारित बीमा योजना के दायरे में अब उद्यानिकी फसलों को भी शामिल किया जाएगा। किसानों की जमीनी मदद को मजबूत करने के लिए कृषक मित्र–कृषक दीदी योजना को दोबारा शुरू किया जाएगा। आय के नए स्रोत खोलने के उद्देश्य से प्रदेश में कृषि पर्यटन की शुरुआत और गोपालन को प्रोत्साहन देने की कार्यवाही भी प्रस्तावित है। तिलहन किसानों को राहत देते हुए सरसों पर भावांतर योजना लागू की जाएगी। खाली पदों पर भर्ती होगीसंस्थागत मजबूती के तहत कृषि विभाग में द्वितीय और तृतीय श्रेणी के 1,348 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जबकि मंडी बोर्ड में 386 पदों पर सीधी भर्ती होगी। गुणवत्ता नियंत्रण को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश के सभी संभागों में बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन कर उन्हें NABL मान्यता दिलाई जाएगी। इसके साथ ही राज्य के 46 शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों में से 5 को मॉडल प्रक्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। कृषि-सब्जी मंडियों का मॉर्डनाइजेशन करेंगेकृषि विपणन को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश की चिन्हित कृषि उपज मंडी समितियों और सब्जी मंडियों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। नवाचार के रूप में कृषि उत्पाद निर्यात योजना लागू कर किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की तैयारी है। मृदा पोषण प्रबंधन के लिए प्रदेश में 3 माइक्रो न्यूट्रीएंट लैब स्थापित की जाएंगी। पर्यावरण संरक्षण और अतिरिक्त आय के उद्देश्य से नरवाई प्रबंधन के तहत अधिक से अधिक कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट (CBG) लगाए जाएंगे और पराली संग्रह के लिए एग्रीगेटर स्थापित किए जाएंगे। उद्यानिकी क्षेत्र के विस्तार पर भी सरकार का विशेष जोर रहेगा। वर्ष 2026-27 में उद्यानिकी रकबा 28.39 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 29.89 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है, यानी करीब 1.5 लाख हेक्टेयर की वृद्धि होगी। इसी अवधि में उद्यानिकी के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र को 1 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाया जाएगा। इंडस्ट्रियल समिट की तरह होंगे कार्यक्रम जनवरी 2026 फरवरी 2026 मार्च 2026 अप्रैल 2026 मई 2026 जून 2026 जुलाई 2026 अगस्त 2026 सितंबर 2026 अक्टूबर 2026 नवंबर 2026 10 दिशात्मक आयामों पर होगा काम पहला: कृषि बदलाव की बड़ी परियोजनाएं दूसरा: किसान आय वृद्धि एवं अपव्यय में कमी तीसरा: प्राकृतिक एवं जैविक कृषि चौथा : जल, मृदा एवं कृषि आदान का अनुकूलन 5वां: जलवायु, ऊर्जा एवं सततता 6वां: मूल्य-श्रृंखला, बाजार एवं किसान हिस्सेदारी 7वां: निर्यात, ब्रांडिंग एवं वैश्विक उपस्थिति 8वां: अनुसंधान, नवाचार एवं सशक्तिकरण 9वां: विरासत, संस्कृति एवं सॉफ्ट ब्रांडिंग 10वां: शासन, डिजिटल व्यवस्था एवं पारदर्शिता
फर्जी शस्त्र लाइसेंस:छह पर FIR , संदेही भी पकड़ाया
फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ये वे लोग हैं, जिनके नाम से फर्जी लाइसेंस जारी किए गए थे। पुलिस जब आरोपियों की तलाश में उनके पते पर पहुंची, तो सभी पते फर्जी निकले। कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आर्म्स शाखा प्रभारी रोहित सिंह भदौरिया ने देहात थाने में अजीत सिंह, गौरव सिंह भदौरिया, हेमंत राजेंद्र देवरे, राहुल दौलत पाटिल, जावेद अनवर और मो. राशिद के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। डीआईजी व एसपी डॉ. असित यादव ने जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। कलेक्टर किरोड़ीलाल मीना ने आर्म्स रिकॉर्ड की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों के जो पते लिखे थे, वह फर्जी हैं। इस मामले में अलग-अलग लोगों से पूछताछ की जा रही है। - मुकेश शाक्य, टीआई देहात थाना फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी जांच करेगी कि कहीं शासकीय रिकॉर्ड में कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई। इसके अलावा जांच के अन्य बिंदु भी हैं। - किरोड़ीलाल मीना, कलेक्टर
4 घंटे में 3 घटनाएं...:मांजे से ठेकेदार की मौत, 2 लोग गंभीर
इंदौर में चाइनीज मांजे से फिर जानलेवा हादसा हुआ। रविवार शाम करीब 5 बजे खजराना ब्रिज से तिलक नगर की ओर बाइक से उतर रहे 45 वर्षीय रघुवीर सिंह पिता भूरा सिंह धाकड़, निवासी ओम साईं विहार कॉलोनी, तिलक नगर की गर्दन मांजे से कट गई। राहगीरों ने उन्हें लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई। भाई शुभम धाकड़ ने बताया, रघुवीर की गर्दन 2.5 इंच तक कट गई। डोर रीढ़ की हड्डी तक पहुंच गई थी। टीआई मनीष लोधा के अनुसार रघुवीर दोपहर करीब 3 बजे रसोमा चौराहे के पास स्थित कंस्ट्रक्शन साइट पर काम देखने गए थे। लौटते समय हादसा हो गया। रविवार को ही जूनी इंदौर क्षेत्र में बाइक से जा रहा छात्र नरेंद्र जामोद भी चाइनीज मांजे की चपेट में आ गया। वह दोस्त अनिल चौहान के साथ बाइक से जा रहा था। नरेंद्र मूल रूप से धार का रहने वाला है और इंदौर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है। उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है और हालत गंभीर बताई जा रही है। एडिशनल डीसीपी जोन 2 अमरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने मांजा बेचने वाले और पतंग उड़ाने वाले पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट ब्रिज बना खतरनाक, दिनभर घायल हो रहे लोग भास्कर टीम जब खजराना ब्रिज पहुंची, तो दिनभर ब्रिज और आसपास के इलाकों में पतंगबाजी होती देखी गई। क्षेत्र की रहने वाली अनुपमा शर्मा ने बताया कि उनके पैर में डोर लपटने से अंगुली कट गई। रहवासी आरिफ हुसैन के अनुसार दिनभर कई वाहन चालक डोर के कारण परेशान होते दिखे और कुछ बाल-बाल बचे। पुलिस के मुताबिक 7 दिनों में 15 लाख रुपए से ज्यादा का मांजा जब्त किया है और चाइनीज मांजा बेचने वालों पर जिला बदर जैसी कार्रवाई भी की है। इसके बावजूद खजराना, छत्रीपुरा, कनाड़िया, एरोड्रम, मल्हारगंज और एमजी रोड इलाकों में चाइनीज मांजा चोरी-छिपे बिकने की बात सामने आ रही है। तीसरी घटना एरोड्रम थाना इलाके में एयरपोर्ट के सामने की है। यहां आशीष रघुवंशी निवासी स्कीम नंबर 51 का भी बाइक पर जाते समय चाइना मांझे से गला कट गया। उसे उपचार के लिए 60 फीट रोड के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ट्रेन लेट होने की स्थिति में जल्दबाजी में लिया गया एक गलत फैसला यात्रियों को आर्थिक और कानूनी दोनों स्तर पर भारी पड़ सकता है। भोपाल के एक रेल यात्री के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने यह साफ कर दिया है कि अगर ट्रेन देरी से चलने पर यात्री रेलवे के तय नियमों का पालन नहीं करता और सीधे टिकट कैंसिल कर देता है, तो न तो उसे पूरा रिफंड मिलेगा और न ही मानसिक क्षतिपूर्ति का कोई दावा टिक पाएगा। यह फैसला उन लाखों रेल यात्रियों के लिए अहम सबक है, जो ट्रेन लेट होते ही बिना प्रक्रिया समझे टिकट कैंसिल कर देते हैं। मामला भोपाल निवासी एक यात्री से जुड़ा है, जिसने सितंबर 2023 में भोपाल से नई दिल्ली के लिए आंध्रप्रदेश एक्सप्रेस में AC-2 श्रेणी का टिकट बुक किया था। निर्धारित समय पर पहुंचने के बजाय ट्रेन नई दिल्ली करीब तीन घंटे की देरी से पहुंची, जिससे यात्री की आगे की कनेक्टिंग यात्रा प्रभावित हो गई। नई दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस छूट जाने के बाद यात्री ने दोनों टिकट कैंसिल करा दिए। बाद में जब टिकट राशि का पूरा रिफंड नहीं मिला तो यात्री ने इसे रेलवे की सेवा में कमी बताते हुए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। हालांकि आयोग ने सुनवाई के बाद यह माना कि ट्रेन देरी से पहुंची थी, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यात्री ने उस स्थिति में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जो उसे नियमों के तहत करना चाहिए था। इसी आधार पर आयोग ने शिकायत खारिज करते हुए कहा कि केवल ट्रेन के लेट होने से ही रेलवे को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब यात्री स्वयं निर्धारित प्रक्रिया से हटकर कदम उठाए। बता दें कि यह फैसला हाल ही में कंज्यूमर आयोग की बैंच एक के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ला और प्रतिभा पांडे ने सुनाया। आयोग ने क्या कहाजिला उपभोक्ता आयोग ने शिकायत खारिज कर दी। आयोग का कहना था कि यात्री ने वह प्रक्रिया नहीं अपनाई, जो ट्रेन देरी की स्थिति में जरूरी होती है। आयोग के अनुसार, अगर ट्रेन तीन घंटे या उससे ज्यादा लेट हो तो यात्री को टिकट कैंसिल करने के बजाय TDR (टिकट डिपॉजिट रिसीट) दाखिल करनी चाहिए थी। टिकट स्वयं कैंसिल करने पर रेलवे द्वारा की गई कटौती नियमों के अनुरूप है, इसलिए इसे सेवा में कमी नहीं माना जा सकता। ये खबर भी पढ़ें... भोपाल रेलवे स्टेशन पर 'किलाबंदी भोपाल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को बिना टिकट यात्रा करने वालों को पकड़ने के लिए 'किलाबंदी' की गई। इस दौरान ऐसे 218 यात्री पकड़े गए, जिनके पास टिकट नहीं मिले। उनसे 1 लाख 21 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। भोपाल स्टेशन पर सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक दो सुपरवाइजर समेत 20 टिकट चेकिंग स्टाफ ने 'किलाबंदी' टिकट चेकिंग अभियान चलाया।पूरी खबर पढ़ें
डीग जिले के पहाड़ी ब्लॉक में मिड-डे-मील योजना में हुए 3 करोड़ 19 लाख 41 हजार 659 रुपए के घोटाले पर आखिरकार कार्रवाई शुरू हो गई है। दैनिक भास्कर द्वारा इस मामले को लगातार प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद अब जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई और आर्थिक वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जांच कमेटी ने इस मामले में दो डीईओ, दो सीबीईओ सहित कुल 11 अधिकारी-कर्मचारियों को दोषी ठहराया है। रिपोर्ट के अनुसार योजनाओं के संचालन में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं, नियमों की अनदेखी और कमजोर निगरानी के चलते यह बड़ा घोटाला सामने आया। दोषियों में डीईओ डीग, तत्कालीन डीईओ भरतपुर, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, लेखाधिकारी, एमडीएम प्रभारी, सीबीईओ पहाड़ी और एक कनिष्ठ सहायक शामिल हैं। भास्कर ने पहले दिन से इस घोटाले को सिलसिलेवार तरीके से प्रकाशित किया था। खबरों में न सिर्फ अनियमितताओं को उजागर किया गया, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। इसके बाद मामला शासन स्तर तक पहुंचा और जांच पूरी होने के एक साल बाद अब कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है। आयुक्तालय मिड-डे-मील योजना ने मामले को गंभीर मानते हुए संभागीय आयुक्त, भरतपुर को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला स्तर पर विशेष वसूली दल गठित किया जाएगा। जांच में दोषी पाए गए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को वसूली दल में शामिल नहीं किया जाएगा। अपात्र मदरसों और पोषाहार वितरकों पर भी शिकंजा कसेगा नियमों के विरुद्ध लाभ लेने वाले अपात्र मदरसों पर कार्रवाई के लिए राजस्थान मदरसा बोर्ड, जयपुर को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए हैं। पोषाहार वितरकों और संबंधित मदरसों से भी वसूली कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पहाड़ी में दर्ज एफआईआर संख्या 18/2025 में अब जांच रिपोर्ट के आधार पर और धाराएं जोड़ी जाएंगी। दोषियों और उनके परिवारजनों के बैंक खातों का विवरण भी एफआईआर में शामिल होगा। जिला पुलिस अधीक्षक को शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर गठित समिति पूरे मामले की निगरानी करेगी। दोषियों के बैंक खाते फ्रीज होंगे डीग के पीडी खाते में होगी जमा जिन बैंक खातों में सरकारी धन का अवैध ट्रांसफर पाया गया है, उन्हें तत्काल फ्रीज कराया जाएगा। सभी खातों की बैंकिंग और ऑडिट ट्रेल प्राप्त कर अभिलेखबद्ध की जाएगी। अपात्र और व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर की गई राशि की शत-प्रतिशत वसूली ब्याज सहित की जाएगी। वसूली गई राशि डीईओ (प्रारम्भिक) डीग के पीडी खाते में जमा होगी। योजनावार विवरण आयुक्तालय को भेजा जाएगा। कार्रवाई जीएफ एंड एआर नियम 170, नियम 14(3) और राजस्थान लोक मांग वसूली अधिनियम, 1952 के तहत होगी। अधिकारियों पर तय हुई विभागीय कार्रवाई, ग्रेच्युटी से वसूली होगी डीग डीईओ मनोज खुराना, रामेश्वर दयाल बंसल (तत्कालीन डीईओ भरतपुर), सुनील कुमार अग्रवाल व गोपाल सिंह कुन्तल अतिरिक्त डीईओ, हरमुख सिंह एएओ प्रथम, सुनील कुमार गोयल सेवानिवृत्त एमडीएम प्रभारी, दिवाकर शर्मा एमडीएम प्रभारी और भुवनेश बंसोरिया कनिष्ठ सहायक के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव भेजे जाएंगे। ब्लॉक पहाड़ी में नीलकमल गुर्जर (सेवानिवृत्त सीबीईईओ), गीता शेखावत (कार्यवाहक सीबीईईओ) और विमल कुमार शर्मा (कनिष्ठ सहायक) पर भी कार्रवाई होगी। वहीं, सेवानिवृत्ति कार्मिकों के पेंशन और ग्रेच्युटी से वसूली के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ऑर्केस्ट्रा की डांसर्स ने अश्लील डांस किए। लड़कियां अर्धनग्न होकर नाचती रहीं। मंच पर कपड़े उतारकर पब्लिक को प्राइवेट पार्ट्स दिखाती रहीं। कार्यक्रम में मौजूद SDM तुलसी दास मरकाम और पुलिसकर्मी पैसे लुटाते रहे। VIDEO भी बनाते नजर आए। SDM तुलसी दास मरकाम की मौजूदगी में अश्लील डांस के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इसके बाद गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने SDM तुलसी दास मरकाम को हटा दिया है। SDM के खिलाफ जांच कमेटी बनाई है। कमेटी से रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई के लिए फाइल कमिश्नर को भेजी जाएगी। वहीं SP वेदव्रत सिरमौर्य ने ऑर्केस्ट्रा डांसर्स से KISS लेने वाले और मस्ती करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। देवभोग थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक डिलोचन रावटे और आरक्षक शुभम चौहान और आरक्षक जय कंसारी को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही बाल संरक्षण आयोग ने भी जांच के निर्देश दिए हैं। पहले देखिए ये 3 तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला दरअसल, गरियाबंद के उरमाल में युवा समिति ने 6 दिवसीय ओपेरा (ऑर्केस्ट्रा) का आयोजन कराया था। मनोरंजन का हवाला देकर युवकों की समिति ने 29 दिसंबर 2025 को मैनपुर SDM तुलसी दास से कार्यक्रम की अनुमति ली थी। कार्यक्रम में ओडिशा के कटक स्थित जय दुर्गा ओपेरा की डांसर्स बुलाई गई थीं। कार्यक्रम में बार डांसर्स कपड़े उतार कर अश्लील डांस करती नजर आईं। डांस कार्यक्रम 8, 9 और 10 जनवरी को निर्धारित था। इसके लिए शहरभर में प्रचार-प्रसार कराया गया था। बार डांसर की फीस 60 हजार, एंट्री टिकट 200-400 कार्यक्रम में SDM, कई पुलिसकर्मी और गांववाले अलग-अलग दिन शामिल हुए। आयोजन के वीडियो अब सामने आए हैं। कार्यक्रम में समिति को रोजाना 1.20 लाख देना था। इसके अलावा अश्लील डांस के लिए अतिरिक्त डांसर बुलाए गए थे। बार डांसरों की एक दिन 60 हजार फीस तय थी। 200 से 400 से तक टिकट रखा गया था। वीडियो में SDM खुद वीडियो बनाते नजर आए। दूसरे वीडियो में 2 पुलिसकर्मी लड़कियों से खुलेआम किस करते हुए नजर आए। कार्यक्रम में SDM के लिए सीट आरक्षित थी 8 जनवरी को आयोजन में काफी भीड़ पहुंची थी। 9 जनवरी को SDM तुलसी दास इस आयोजन में शामिल हुए। आयोजकों ने उनके लिए आगे की सीट आरक्षित की थी। रात 11 से 3 बजे तक अश्लील डांस होता रहा। स्टेज पर अर्धनग्न अवस्था में डांसर प्रस्तुति देते रहे। पंडाल के अंदर भीड़ बेकाबू थी। अफसर, पुलिसकर्मी, जनप्रतिनिधि हर वर्ग के लोग पहुंचे थे। इनमें से कई लड़कियों पर पैसे उड़ाते रहे। कई ने लड़कियों को अपने पास बुलाकर अश्लीलता की। आयोजक गिरफ्तार, लेकिन मुचलके पर छोड़ दिया गया देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि एक स्थानीय युवक ने थाने में शिकायत कराई है। 10 तारीख को अश्लील आयोजन की लिखित शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर आयोजनकर्ता देवानंद राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू, हसन डाडा के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर मुचलके पर छोड़ दिया गया है। ....................... छत्तीसगढ़ की ये खबर भी पढ़ें... महिला बाउंसर्स ने युवक की शर्ट फाड़ी, खींचकर पीटा..VIDEO: कोरबा में महीने में दूसरी बार गुंडागर्दी; पीड़ित पर ही FIR, कंपनी बोली- नशे में था छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में महिला बाउंसरों ने युवक के कपड़े फाड़कर पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सामने आया है। घटना कुसमुंडा क्षेत्र में स्थित आउटसोर्सिंग कंपनी नीलकंठ के परिसर में हुई। पीड़ित युवक का कहना है कि कंपनी ने उसे प्रमोशन देने का वादा किया था, लेकिन नहीं दिया। पढ़ें पूरी खबर...
भागीरथपुरा में दूषित पानी से 21 से अधिक मौत के विरोध में कांग्रेस ने रविवार को शहर में न्याय यात्रा निकाली। बड़ा गणपति से राजबाड़ा तक निकली यात्रा में वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। पोस्टर लिए कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने निगम की लापरवाही को मौतों का कारण बताया। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने दोषियों पर केस, न्यायिक जांच और मृतकों के परिजनों को एक करोड़ मुआवजे की मांग की।
पहाड़ों में बर्फबारी के बाद मैदानी इलाके सर्द हवाओं से ठिठुर रहे हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में सबसे ज्यादा असर है। इन शहरों में दिन-रात दोनों ही ठंडे हैं। सोमवार सुबह घने कोहरे के साथ सर्द हवाओं से ठिठुरन बनी रही। अगले 4 दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। भोपाल और इंदौर में पारा 10 डिग्री से नीचे रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर-चंबल प्रदेश के सबसे ऊपरी हिस्से में है। इस वजह से ठंड का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया जिलों में देखा जा रहा है। रविवार को ग्वालियर में दिन का तापमान 21.5 डिग्री, दतिया में 20.1 डिग्री, श्योपुर में 21.4 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, रात में तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। इन्हीं जिलों में अगले चार दिन तक तेज ठंड रहेगी। बाकी जिलों में थोड़ी राहत मिल सकती है। ऊपरी हिस्से में ज्यादा कोहरासोमवार सुबह भी प्रदेश के ऊपरी हिस्से में कोहरे का असर ज्यादा देखा गया। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर में घना कोहरा रिकॉर्ड किया गया। वहीं, भोपाल, इंदौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रायसेन, शाजापुर, विदिशा, उज्जैन समेत 20 से अधिक जिलों में मध्यम कोहरा रहा। कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, पचमढ़ी दूसरा सबसे ठंडाप्रदेश में ठंड का दौर जारी है। शनिवार-रविवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में पारा 4.8 डिग्री रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी दूसरा सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में इंदौर का टेम्परेचर सबसे कम 7 डिग्री दर्ज किया गया। 20 से अधिक जिलों में कोहरा छाया। इस वजह से दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी, खजुराहो, नौगांव, मंडला, उमरिया, रीवा, राजगढ़, रायसेन, दतिया, मलाजखंड, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, खंडवा, सीधी, खरगोन और टीकमगढ़ में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। इधर, रविवार को अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। अगले चार दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान इसी तरह बना रहेगा। पिछले 15 दिनों से लेट आ रही ट्रेनेंनए साल में प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर है। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस में हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर ज्यादा रहेगा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौरइस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरीमौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
कैडेट खुद देख सकेंगे अपनी गलतियां, आत्मानुशासन व आत्मविश्वास बढ़ेगा
पुलिसिंग की पहचान सिर्फ वर्दी से नहीं, अनुशासन और प्रेजेंटेशन से होती है। इन्हीं बुनियादी क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मप्र पुलिस अकादमी भौंरी में ड्रिल नर्सरी की शुरुआत की गई है। यह प्रदेश की पुलिस अकादमियों में अपनी तरह की पहली व्यवस्था है। ड्रिल नर्सरी में बड़े शीशों के सामने तय ड्रिल प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, जहां प्रशिक्षु परेड और प्रेजेंटेशन का अभ्यास करते हैं। इस दौरान वे कदमों की ताल, शरीर की मुद्रा, हाथ-पैरों की मूवमेंट, सलामी, लाइन-अप और यूनिफॉर्म प्रेजेंटेशन को खुद देखकर अपनी गलतियों को पहचानते और सुधारते हैं। इसे ट्रेनिंग में सुधार आधारित प्रणाली के रूप में देखा जा रहा है, जिससे परेड का स्तर, अनुशासन और आत्मविश्वास बेहतर होता है। इसका शुभारंभ करते हुए डायरेक्टर मोहम्मद शाहिद अबसार ने कहा कि पुलिस अफसर के जीवन में अनुशासन, परेड, जनता से संवाद और संवेदनशील व्यवहार की अहम भूमिका होती है। इसलिए पड़ी ड्रिल नर्सरी की जरूरत हाल के वर्षों में पुलिस में बड़ी संख्या में भर्ती की प्रक्रिया लगातार जारी है। इतने बड़े बैच में हर प्रशिक्षु की छोटी-छोटी गलतियां पकड़ना प्रशिक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण था। साथ ही औपचारिक समारोहों, राष्ट्रीय परेड, पब्लिक प्लेटफॉर्म और कानून-व्यवस्था की स्थितियों में पुलिस की छवि अनुशासन और प्रस्तुति पर निर्भर करती है। इसलिए ड्रिल को ज्यादा प्रोफेशनल और आधुनिक बनाने की जरूरत महसूस हो रही थी। ड्रिल नर्सरी से प्रशिक्षकों पर पूर्ण निर्भरता कम होगी और स्व अध्ययन व स्व अनुशासन का भाव मजबूत होगा। मकसद यही है कि फील्ड में जाने से पहले पुलिस बल ज्यादा तैयार, आत्मविश्वासी और प्रोफेशनल बनकर निकले। इस व्यवस्था से कैडेट्स को कैसे मिलेगा फायदा बीएसएफ-एसएसबी में पहले लागू है ड्रिल नर्सरी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में ड्रिल नर्सरी जैसी व्यवस्था पहले से लागू है। यहां प्रशिक्षुओं को परेड, अनुशासन, स्टांस और मूवमेंट को परफेक्ट करने के लिए स्व-निरीक्षण आधारित ड्रिल का अभ्यास कराया जाता है। अब इसी मॉडल को मप्र में पहली बार भौंरी पुलिस अकादमी, भोपाल में लागू किया गया है।
मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिन युवा दिवस पर जबलपुर के लज्जा शंकर झा स्कूल में सामूहिक सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा सहित कई विधायक, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र शामिल होंगे। युवा दिवस पर सुबह 9 बजे से मॉडल स्कूल में सामूहिक सूर्य नमस्कार होगा। उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में विद्यार्थियों का मॉडल स्कूल के मैदान में एकत्रित होना शुरू होगा। वे योग एवं सूर्य नमस्कार हेतु निर्धारित स्थल पर अपेक्षित दूरी पर पंक्तिबद्ध होकर अपना स्थान लेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से होगा। मुख्य अतिथि एवं सभी आमंत्रित अतिथियों के स्वागत के बाद सुबह 9.30 बजे से आकाशवाणी के माध्यम से राष्ट्रगीत वंदेमातरम्, स्वामी विवेकानंद जी की वाणी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश के प्रसारण के पश्चात सूर्य नमस्कार और प्राणायाम होगा। सामूहिक सूर्य नमस्कार के जिला स्तरीय कार्यक्रम का समापन सुबह 10.30 बजे होगा। जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जी की जयंती युवा दिवस पर जिले की सभी शिक्षण संस्थाओं में भी सुबह 9 बजे से सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया जायेगा।
ब्लैकआउट से बचा भोपाल:चालू एक्स्ट्रा हाइटेंशन लाइन में की 220 केवी सिस्टम की मरम्मत
भोपाल की बिजली आपूर्ति को बिना किसी रुकावट के सुरक्षित बनाए रखने के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की भोपाल मेंटेनेंस टीम ने एक चुनौतीपूर्ण और तकनीकी रूप से जटिल कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस काम की खास बात यह रही कि पूरी मरम्मत बिजली सप्लाई चालू रहते हुए की गई। इसके बाद भी शहर के किसी भी हिस्से में सप्लाई प्रभावित नहीं हुई। दरअसल रविवार को सूखी सेवनिया स्थित 400 केवी सबस्टेशन के 220 केवी के मेन बस के आइसोलेटर के महत्वपूर्ण पार्ट क्षतिग्रस्त हो गए थे। सामान्य स्थिति में इसकी मरम्मत के लिए शटडाउन लेना पड़ता, लेकिन ऐसा करने पर भोपाल सहित आसपास के बड़े इलाकों में बिजली गुल होने का खतरा था। इस चुनौती को देखते हुए एमपी ट्रांसको ने हाई-टेक हॉट लाइन मेंटेनेंस तकनीक का सहारा लिया। कंपनी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रदीप राघव के नेतृत्व और कार्यपालन अभियंता अनुराग पंत और ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस भोपाल की विशेष रूप से प्रशिक्षित हॉट लाइन टीम ने यह काम किया। हॉट लाइन तकनीक से लाइव सिस्टम पर ऐसे किया हुआ सुधार राघव ने बताया कि टीम ने इन्सुलेटेड प्लेटफॉर्म पर बेयर हैंड तकनीक का उपयोग करते हुए, सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर 220 केवी आइसोलेटर जॉ को सफलतापूर्वक बदला। इस ऑपरेशन का नेतृत्व लाइन मेंटेनेंस स्टाफ जाधव पवार और मधुर मौसम ने किया। वहीं, 400 केवी सबस्टेशन भोपाल के सहायक अभियंता आर.के. गायकी और वरिष्ठ मेंटेनेंस कर्मी रणवीर सिंह का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा। समझें...क्यों था यह काम कठिन तकनीकी जानकारों के अनुसा220 केवी बस पर करीब 1000 मेगावाट का लोड था। दोनों 220 केवी मेन बस पर उस समय लगभग 1000 मेगावाट का लोड था, जो एक बस की सामान्य क्षमता से कहीं अधिक माना जाता है।यदि शटडाउन लिया जाता, तो भोपाल शहर के साथ-साथ कई अन्य क्षेत्रों में व्यापक बिजली संकट उत्पन्न हो सकता था। उपभोक्ताओं को यह फायदा हुआ यह सफलता तकनीकी दक्षता और त्वरित निर्णय का नतीजा एमपी ट्रांसको की यह सफलता उसकी तकनीकी दक्षता, त्वरित निर्णय क्षमता और प्रशिक्षित मानव संसाधन का प्रमाण है। हॉट लाइन मेंटेनेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से न केवल समय और संसाधनों की बचत होती है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बिना किसी परेशानी के निरंतर बिजली मिलती है। यह कार्य राजधानी भोपाल की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, मजबूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हरियाणा के गुरुग्राम में डिलीवरी बॉय फैसल इदरीसी की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है। परिवार का आरोप है कि फैसल की पत्नी उजमा के शादी से पहले किसी व्यक्ति के साथ अवैध संबंध थे। फैसल की लाश मिलने से पहले, उजमा और उसके मामा आफताब ने उसे पीटा था। फैसल ने यह बात शादाब को बताई थी। 8 जनवरी को फैसल का शव सेक्टर 37 में शनि मंदिर के पास मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि फैसल का पहले गला घोंटा गया, उसके दोनों हाथों की नसें काटीं, इसके बाद उसके चेहरे पर ईंट से वार किया गया। उसके हाथ-पैर बांधकर शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया और मिट्टी और मलबे से ढक दिया गया। जब शव मिला तो उस पर कीड़े चल रहे थे। सेक्टर 10 थाना पुलिस ने शादाब की शिकायत पर उजमा और उसके मामा आफताब के खिलाफ हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज किया है। दोनों फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पहले जानिए कौन है फैसल और उजमा से कैसे शादी हुई.... अब जानिए चचेरे भाई ने क्या आरोप लगाए.... समाजसेवा का शौक, कोरोना में ऑक्सीजन सिलेंडर ढोएशादाब ने बताया कि फैसल न केवल एक मेहनती युवक था, बल्कि उसे समाज सेवा का भी गहरा शौक था। कोरोना महामारी के भयावह दौर में जब लोग ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे थे, तब फैसल ने दिन-रात एक करके कई मरीजों की मदद की। उसने अपने स्तर पर ऑक्सीजन सिलेंडर जुटाए, उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया और कई जिंदगियां बचाईं। कानपुर के मीरपुर रेल बाजार में लोग उसकी नेकदिली की मिसाल देते हैं। जांच अधिकारी बोले- पुलिस हर एंगल से जांच कर रहीसेक्टर 10 थाने के जांच अधिकार संजय ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर पत्नी उजमा और आफताब के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। इसके साथ ही दूसरे एंगल पर भी जांच की जा रही है। अभी किसी को भी दोषी ठहराना जल्दबाजी होगा। फैसल मर्डर की मिस्ट्री जल्द ही सुलझा ली जाएगी।
पंजाब के लुधियाना में ऑनलाइन पेमेंट में फ्रॉड का बड़ा मामला पकड़ा गया है। इसमें डमी मोबाइल एप के जरिए पेमेंट की जाती है, जो मोबाइल पर तो पेमेंट सक्सेसफुल दिखा देता है लेकिन आगे दुकानदार के अकाउंट में नहीं जाती। एक दुकानदार की सतर्कता से ऐसा ही एक ठग पकड़ा गया। उसका मोबाइल भी दुकानदारों ने पकड़ लिया, जिसके बाद ठगी का पूरा राज खुला। ठग तो मौके से भाग निकला, लेकिन मोबाइल छोड़ गया। दुकानदारों ने इस बारे में पुलिस को कंप्लेंट की और मोबाइल भी सौंप दिया है। इस मामले ने सिर्फ मोबाइल में पेमेंट सक्सेसफुल देख सामान देने वाले दुकानदारों को चौकन्ना कर दिया है। पहले 2 पॉइंट में जानिए, कैसे पकड़ा गया ठग... अब जानिए, कैसे करते थे ठगी... किसी से 2 हजार, किसी से 4500 का सामान ठगाशॉपकीपर्स एसोसिएशन के प्रधान चंद्रकांत चड्ढा ने कहा कि जब सोनू सूद की दुकान पर यह ठगी पकड़ी गई तो और भी दुकानदार सामने आए। उन्होंने बताया कि घंटाघर में कपड़े का काम करने वाले दुकानदार जीवन कुमार अरोड़ा के साथ 1900 रुपए की ठगी हुई। गुरु कृपा गारमेंट के राजेश हैप्पी के साथ 3500 रुपए, घंटाघर में घड़ी की दुकान वाले दुकानदार आनंद प्रकाश के साथ 2000 रुपए और रेलवे स्टेशन के सामने कपड़े की दुकान वाले राहुल के साथ 4500 रुपए की ठगी हुई है। शाम को दुकानदार हिसाब-किताब करने बैठे तो इसके बारे में पता चलता था। पुलिस बोली- मोबाइल की जांच कर रहेइस बारे में थाना कोतवाली के SHO बलविंदर सिंह ने बताया कि दुकानदारों ने शिकायत दी है। एक मोबाइल भी पुलिस को दिया है। मोबाइल नंबर के आधार पर ठगी करने वाले का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए मोबाइल कंपनी से उसकी डिटेल मांगी है। मोबाइल में डमी एप और अन्य मामलों की जांच के लिए साइबर सेल को पत्र लिख दिया है। इस मोबाइल से कितने लोगों के साथ ठगी की गई है, इसका पता तभी लगेगा।
पत्रकार बता पुलिस से विवाद करने वाली युवती के खिलाफ मामला दर्ज
भोपाल में खुद को पत्रकार बताने वाली युवती के खिलाफ छोला मंदिर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। युवती के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, भोपाल के भानपुर इलाके में कलारी के पास पुलिस से बचकर भागे युवक की ट्रक की चपेट में मौत हो गई थी। जिसके बाद वहां मौजूद एक युवती ने पुलिसकर्मियों से जमकर विवाद किया था। युवती ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी। जिसके बाद पुलिस ने उस पर केस दर्ज किया है। घटना के बाद से ही युवती फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात पुलिस से बचने के लिए अमन साहू भागा था। इस दौरान वो ट्रक की चपेट में आ गया। जिसके बाद आरोपी आरती रजक मौके पर पहुंच गई। उसने वहां पहुंचते ही पुलिस को धमकियां देना शुरू कर दिया। साथ ही लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़काने की भी कोशिश की। युवती खुद भी हेलमेट नहीं पहने थी, जब पुलिस उसे हेलमेट के बारे में पूछती है, तो वो पुलिस के खिलाफ नारे लगाना शुरू कर देती है। इसके बाद मौके से चली जाती है।
भाई की हत्या करने वाला कैदी जेल के शौचालय में मृत मिला
केंद्रीय जेल भोपाल में हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी रमेश विश्वकर्मा की बाथरूम में गिरने से मौत हो गई। मृतक रमेश ने अपने जमीनी विवाद के चलते अपने भाई की हत्या कर दी थी। 16 मार्च 2022 को सीहोर जिला न्यायालय के तत्कालीन प्रधान जिला न्यायाधीश आर.एन. चंद ने रमेश को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तब से रमेश केंद्रीय जेल भोपाल में बंद था। गांधीनगर थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रमेश विश्वकर्मा (43) सीहोर जिले के इछावर का रहने वाला था। रविवार सुबह वह उठने के बाद बाथरूम गया था। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आया, तो अन्य कैदियों ने उसे चेक किया। तब उसकी बॉडी मिली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बाथरूम में गिरने से रमेश की मौत हुई है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उनके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे की थी भाई की हत्या 18 अक्टूबर 2020 को रमेश और उसके भाई रूपसिंह के बीच जमीन को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों में झड़प होने लगी। इसी दौरान रमेश ने अपनी जेब में रखा चाकू निकाल लिया। रमेश ने पहला चाकू का वार रूपसिंह के हाथ पर किया। फिर रमेश ने पेट में चाकू मार दिया। जिससे रूपसिंह बेहोश होकर वहीं गिर गया। रूपसिंह को अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने रूपसिंह को मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने रमेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब पूरे प्रदेश में शहरी इलाकों में पानी और सीवेज लाइन की जांच होगी। अभियान में घनी आबादी वाले और पुरानी सप्लाई वाले इलाकों में मौजूद पानी, सीवेज की पाइपलाइन और इंटरसेक्शन वाले क्षेत्रों की ऑनलाइन मैपिंग की जाएगी। निगम क्षेत्रों में सीवर लीकेज या ब्लॉकेज जांचने पाइपलाइन में रोबोट की मदद ली जाएगी। आयुक्त, नगरीय प्रशासन संकेत एस भोंडवे ने रविवार को वीसी से प्रदेश भर के अमले के साथ समीक्षा की। इसमें बताया गया कि इंदौर की घटना के बाद से अब तक प्रदेश भर में 1176 लीकेज दुरुस्त किए गए हैं, 7619 पानी के नमूनों की लेकर जांच हुई है और 684 जगहों पर ओवरहेड टैंक -भूजल स्रोतों की सफाई की गई है। कुल 1650 मरम्मत के का म हुए हैं। टेस्टिंग के लिए 704 लोगों को ट्रेनिंग दी गई है। लगभग 36 हजार किमी नेटवर्क लाइन की जियो टैगिंग हुई नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने अमृत रेखा ऐप में अब तक एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरी इलाकों (16 नगर निगम सहित) 22800 किमी पानी की और 13274 किमी सीवेज लाइन की जियो टैगिंग की जा चुकी है। भोपाल में लगभग 4500 किमी पानी तो 1770 किमी सीवेज लाइन है। प्रदेश के काफी इलाकों में घनी आबादी या पुरानी सप्लाई वाले क्षेत्रों में पानी, सीवेज लाइन और इनके इंटरसेक्शन वाली जगहों की ऑनलाइन मैपिंग हो चुकी है। तीनों ही क्षेत्र अलग-अलग रंगों से ऑनलाइन मैप में दिखेंगे। ये डाटा अभियान के तहत मैदानी अमले को दिया जाएगा। अभियान के अंत तक पूरे नेटवर्क की मैपिंग का लक्ष्य है। जल्द एक लाख से कम आबादी वाले निकायों में ये काम पूरा किया जाएगा। साथ ही पानी के सैंपल लेकर जियो टैग्ड फोटो अपलोड किये जाएंगे। वहीं, टंकियों की सफाई के बाद भी जियो टैग्ड फोटो अपलोड होंगे, सफाई की तारीख व उसका फोटो भी अपलोड करेंगे। 400 से अधिक शिकायतों का समाधान इंदौर की घटना सामने आने के बाद से बीते 10 दिनों में सीवर लाइन लीक और मेनहोल ओवरफ्लो की कुल 285 शिकायतें मिली, जिनमें से 134 का समाधान किया जा चुका है। पानी से जुड़ी 293 शिकायतें मिलीं जिनमें से 284 का समाधान कर दिया गया है। आयुक्त ने अमले को निर्देश दिए कि 31 मई तक चलने वाले अभियान के तहत गूगल शीट में मैदानी अमला रोजाना के कामों की रिपोर्ट डायरेक्टरेट को भेजेगा। अभी खुदाई करनी पड़ती है भविष्य में नगर निगम क्षेत्रों में सीवर और पानी की लाइन में लीकेज-ब्लॉकेज ढूंढने के लिए पाइपलाइन में छोटे रोबोट उतारे जाएंगे। अभी कोई भी गड़बड़ी ढूंढने के लिए 100 -200 मी खुदाई करनी पड़ती है। जलापूर्ति नेटवर्क में पानी की बर्बादी रोकने के लिए उपयोग हो रहे सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन (स्काडा) का नेटवर्क बढ़ेगा।
6 आइडिया सेलेक्ट, फाइनल राउंड आज, सीएम होंगे शामिल
रविवार से राजधानी में शुरू हुए मप्र स्टार्ट अप समिट में एग्री-टेक, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, हेल्थ-टेक, सस्टेनेबिलिटी एवं सेवा क्षेत्रों में अभिनव समाधानों वाले स्टार्टअप ने प्रेजेंटेशन (पिचिंग) दिए। जूरी द्वारा किए गए मूल्यांकन के बाद सर्वश्रेष्ठ 6 स्टार्टअप चुने गए। ये स्टार्टअप सोमवार को समिट के दूसरे दिन आयोजित होने वाले फाइनल पिचिंग राउंड में निवेशकों एवं विशेषज्ञों के समक्ष अंतिम प्रस्तुति देंगे। इस राउंड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप भी मौजूद होंगे। आयोजन में राज्य भर से लगभग 300 से अधिक स्टार्टअप से नामांकन मिले। प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों, वेंचर कैपिटल प्रतिनिधियों और वरिष्ठ इकोसिस्टम लीडर्स वाली जूरी ने बाजार क्षमता, स्केलेबिलिटी, वित्तीय व्यवहार्यता और समग्र प्रभाव जैसे मानकों पर इनका मूल्यांकन किया। शीर्ष 12 स्टार्टअप को पिचिंग सत्र में विचार रखने का मौका दिया गया था। शार्क' अमन ने बताया कैसे बना नंबर वन ऑडियो ब्रांड आयोजन में युवाओं को बोट लाइफस्टाइल के को-फाउंडर अमन गुप्ता से चर्चा का मौका मिला। शार्क टैंक के मशहूर जज गुप्ता ने 60 मिनट के संबोधन में अपनी सफलता की यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने सिटीबैंक और केपीएमजी जैसी कंपनियों में नौकरी छोड़कर देश का नंबर वन ऑडियो ब्रांड बनाने तक जद्दोजहद की। उन्होंने कहा कि यह उनकी भोपाल की तीसरी यात्रा है। यहां टैलेंट के साथ सरकार का सपोर्ट है और निवेश की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि एक साधारण आइडिया और कुछ लाख रुपयों से उन्होंने 'बोट' को 10 हजार करोड़ का ब्रांड बना दिया। उन्होंने टिप्स दिए कि ब्रांड नाम साधारण रखो और कहा कि पहले छोटी सफलता हासिल करो तो परिवार का सहयोग खुद मिलने लगेगा। गुप्ता ने कहा कि असफलता जितना सिखाती है, उतना कोई भी बड़ा बिजनेस स्कूल नहीं सिखा सकता।
लकड़ी से बनने वाले क्राफ्ट, फर्नीचर, प्लाइवुड, लैमिनेटेड विनियर लंबर (एलवीएल) से जुड़े वुड विनियर उद्योगों की स्थापना में अब वन विभाग रोड़ा नहीं बनेगा। वन विभाग की ओर से जिला स्तर पर डीएफओ इन उद्योगों को एनओसी जारी करेंगे। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत वन विभाग के एसीएस अशोक बर्णवाल ने इस संबंध में प्रदेश के सभी डीएफओ कार्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। जिला स्तर पर डीएफओ उद्योगों को एनओसी जारी करेंगे राज्य शासन की ओर से वन बल प्रमुख विजय कुमार अंबाड़े को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत वुड विनियर उद्योगों को एनओसी जारी करने के व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे। लेकिन, जब वन बल प्रमुख ने इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया तो एसीएस ने अपने स्तर से सीधे डीएफओ को निर्देश जारी कर दिए हैं। एसीएस की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि मप्र काष्ठ चिरान (विनियमन) अधिनियम, 1984 के तहत ऐसे उद्योग या प्रसंस्करण संयंत्र, जो स्थानीय प्रजातियों की लकड़ी के गोल लट्ठों का प्रयोग नहीं करते हैं और आरा-मशीनों का इस्तेमाल नहीं करते हैं। उनके लिए वन विभाग से लाइसेंस लेने में छूट प्रदान की जा सकती है। क्योंकि, ऐसे उद्योगों के लिए लाइसेंस लेना जरूरी नहीं माना गया है।
आज से संकल्प से समाधान अभियान, हितग्राहियों को दिलाएंगे योजनाओं का लाभ
सोमवार से प्रदेश में केंद्र और राज्य की योजनों का फायदा हितग्राहियों को दिलाने के लिए संकल्प से समाधान अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान 31 मार्च तक चलेगा। स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस पर शुरू होने वाले इस अभियान में ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय एवं जिला स्तर पर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने 4 चरणों में अभियान चलेगा। हितग्राहियों को लाभ दिलाने के अलावा ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में वार्ड स्तरीय समिति और आवेदन/शिकायतों के लिए दल बनेंगे, जिसका एक नोडल अधिकारी होगा। पूरी कार्यवाही सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल से होगी।
युवा लोक जनशक्ति पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, यश बने अध्यक्ष
युवा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने मध्य प्रदेश में अपनी प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। शनिवार को भोपाल के भोजपुर क्लब में आयोजित कार्यक्रम में यश तिवारी को युवा लोक जनशक्ति पार्टी, मध्य प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनके साथ अकबर बुखारी को प्रदेश उपाध्यक्ष, विजय तिवारी को प्रदेश महासचिव और निशिता सिंह को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय कुमार ठाकुर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पार्टी संस्थापक रामविलास पासवान की सामाजिक न्याय की विचारधारा को आगे बढ़ाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। ठाकुर ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ऐसे क्षेत्रों पर फोकस करेगी, जो भविष्य में प्रदेश की दिशा और दशा बदलने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष यश तिवारी ने कहा कि युवा लोक जनशक्ति पार्टी का फोकस युवाओं के रोजगार, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास और गरीब, महिला व वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि यह संगठन केवल राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और आत्मसम्मान की लड़ाई है। पार्टी जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक संगठन का विस्तार करेगी।
भाजपा के ही पार्षद बोले:बिना निगम की मिलीभगत के गायें कटना संभव नहीं
राजधानी के मॉडर्न स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने के मामले में अब शहर सरकार अपनों के ही बीच घिरने लगी है। भाजपा पार्षदों का भी कहना है कि बिना मिलीभगत के गायों का कटना संभव नहीं है। इस मुद्दे को वे 13 जनवरी यानी कल होने वाली परिषद की बैठक में जोर-शोर से उठाएंगे। भाजपा पार्षद भी हैरान हैं कि स्लॉटर हाउस को शुरू करने के लिए निगम ने इतनी गोपनीयता क्यों बरती। न तो परिषद को विश्वास में लिया और न ही शहर को बताया। भाजपा पार्षद अधिकारियों और कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलने की बात कर रहे हैं, लेकिन अभी खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि परिषद में ही इस मुद्दे पर चर्चा कराएंगे। सवाल: मांस 640 गायों के बराबर, फुटेज में 85 भैसें नजर आ रहीं हिंदू संगठनों ने 17 दिसंबर को स्लॉटर हाउस से निकला ट्रक पकड़ा था। इसमें 26 टन मांस मिला था। यह 640 गायों के मांस के बराबर था। निगम का दावा है कि उस दिन स्लॉटर हाउस में सिर्फ 85 भैसें थी। डॉक्टर ने भी इतनी ही भैंसों के काटे जाने की पुष्टि की थी। यही सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निगम ने पुलिस को सौंप दिए हैं। सवाल है कि गायों का मांस ट्रक में कहां से आया। ट्रक में इतना मांस कहां से आया, इसका जवाब कौन देगा शहर में गायें कटना बहुत गलत है। इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाना चाहिए। यह पूरा खेल बिना मिलीभगत के होना संभव नहीं है। परिषद की बैठक में हम इस पर गंभीर चर्चा और जांच की मांग रखेंगे।-पप्पू विलास, पार्षद वार्ड-34 पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंप दिए हैं। इसमें घटना के दिन 85 भैंसें दिख रही हैं। इसके बाद भी ट्रक में इतना माल कहां से आया इसकी जांच पुलिस कर रही है। पुलिस रिपोर्ट के बाद स्लॉटर हाउस को सील कर दिया गया है। पुलिस की पूरी जांच रिपोर्ट आते ही हम जिम्मेदारों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।-आरके सिंह, एमआईसी सदस्य, हेल्थ, स्वच्छ भारत मिशन प्रभारीइस पूरे मामले में कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहिए। हम इस मुद्दे को परिषद में उठाएंगे। इसके लिए पटल पर अपनी बात रखते हुए दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग करेंगे।-देवेंद्र भार्गव, भाजपा पार्षद वार्ड-12 निगम पर सवाल: गुपचुप संकल्प से कैसे दे दी गई हरी झंडीस्लॉटर हाउस को लेकर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फरवरी 2022 में टेंडर और जून में वर्क ऑर्डर मिलने के बाद, यह प्रोजेक्ट दो साल तक गुपचुप तरीके से चलता रहा। फिर इसे कब शुरू कर दिया गया, किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। परिषद की चर्चा में कभी नहीं आयाप्रशासक काल में शुरू हुए इस टेंडर को दो साल के भीतर कभी भी परिषद के सामने चर्चा के लिए नहीं लाया गया। अधिकारियों ने इसे पूरी तरह इन-हाउस मामला बनाकर रखा। कंपनी को मनमानी की दे दी छूट24 अक्टूबर 2025 को एमआईसी में समय सीमा बढ़ाने का एजेंडा लाया गया। इसके बाद संकल्प पारित कर कंपनी को अपनी सुविधा से काम शुरू करने की खुली छूट दे दी गई।
बल्क कॉलोनियों को निजी नल कनेक्शन:36 रुपए रोज का पानी 16 रुपए में मिलेगा!
शहर की 829 कॉलोनियों में रहने वाले करीब 69 हजार परिवारों को पानी के भारी-भरकम बिल से जल्द राहत मिल सकती है। नगर निगम इन कॉलोनियों में बिल्डर और सोसायटी के जरिए दिए जा रहे बल्क कनेक्शन की जगह व्यक्तिगत (निजी) नल कनेक्शन देने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्ताव पर 13 जनवरी को होने वाली नगर निगम परिषद की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। अभी बल्क कनेक्शन के कारण लोगों को रोजाना एक हजार लीटर पानी के लिए 36 रुपए से ज्यादा का खर्च उठाना पड़ता है। निजी कनेक्शन मिलने पर यह खर्च घटकर करीब 16 रुपए प्रतिदिन रह जाएगा। दरअसल, बल्क कनेक्शन में सोसायटी और कॉलोनाइजर अपने खर्च जोड़कर मनमाना पैसा वसूलते हैं। निजी कनेक्शन मिलने के बाद बिल सीधे नगर निगम से आएगा और चार्ज तय दरों पर ही लगेगा। इसके अलावा पानी से संबंधित शिकायतें भी नगर निगम हल करेगा। पानी के लिए कितनी राशि अभी कैसी है पानी सप्लाई व्यवस्था लोगों को सीधा फायदा होगा... निजी कनेक्शन मिलने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पानी का बिल लगभग आधा रह जाएगा। दूसरा, पानी सप्लाई में समस्या होने पर लोग सीधे नगर निगम में शिकायत कर सकेंगे। अभी सोसायटी और कॉलोनाइजर के विवादों के कारण निगम सीधे हस्तक्षेप नहीं करता, जिससे कई बार पूरी कॉलोनी की सप्लाई प्रभावित हो जाती है। नई व्यवस्था में हर उपभोक्ता सीधे निगम के दायरे में होगा। योजना पर कितना खर्च... बल्क कनेक्शन कॉलोनियों के लिए अलग से लाइन बिछानी होगी। योजना पर करीब 874 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। इन कॉलोनियों में कुल 68 हजार 821 मकान हैं और लगभग 3 हजार किमी पाइपलाइन बिछानी होगी। बल्क कनेक्शन वाली कॉलोनियों के रहवासियों को निजी नल कनेक्शन का विकल्प दिया जा सकता है। इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार है। परिषद से मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू किया जाएगा।-मनोज राठौर, एमआईसी सदस्य
चोरों की धमाल:10 दिन में 27 वारदातें, सर्वाधिक 10 प्रतापनगर क्षेत्र में, खुलास एक का भी नहीं
नए साल की शुरुआत के साथ ही चोरों ने शहर में उत्पात मचाया हुआ है। पुलिस लगातार इनकी धरपकड़ कर रही है, फिर भी वारदातों में कमी नहीं आ रही है। अब हिरणमगरी थाना क्षेत्र में देर रात केबिन में चोरी करने का प्रयास और डीपी से कॉपर वायर चोरी का मामला सामने आया। व्यापारी दीपक सिंह ने 6 महिलाओं के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कराया है। भास्कर ने नए साल के 10 दिनों के आंकड़ों की पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पिछले 10 दिन में शहर में 27 चोरियां हुई हैं। इनमें सूने मकान से जेवर-नकदी और वाहन जैसी चोरियां शामिल हैं। यानी दिन की औसत 2 से 3 चोरियां की गईं। खास बात यह है कि अब तक किसी भी मामले में चोर पकड़े नहीं गए हैं। लगातार हो रही चोरियों के बीच पुलिस गश्त पर भी सवाल उठ रहे हैं। चोरियों के मामले में सबसे आगे प्रतापनगर थाना क्षेत्र रहा। यहां 10 दिन में 6 वारदातें हुईं। फिर गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में 5, अंबामाता में 4, धानमंडी में 3, हिरणमगरी में 2 वारदातें हुईं। नाई, घंटाघर, सुखेर, सवीना, हाथीपोल, बड़गांव और डबोक में एक-एक वारदात सामने आई। सबसे ज्यादा 5-5 चोरियों साल के पहले व दूसरे दिन हुई। तीन जनवरी को 4, छह जनवरी को 3, चार जनवरी को 1 चोरी, 5, 7, 8, 9 जनवरी को 2-2, 4 और 10 जनवरी को एक-एक वारदात हुई। सर्वाधिक चोरियां घरों में 1 जनवरी : अंबामाता-नाई-धानमंडी में मकान में व हिरणमगरी में बाइक चोरी 2 जन. : घंटाघर-अंबामाता में मकान में व गोवर्धन विलास-सुखेर में में 3 बाइक चोरी 3 जन. : गोवर्धन विलास में बाइक, अंबामाता में मकान में चोरी, प्रतापनगर में मकान में व स्कूटी चोरी 4 जन. : प्रतापनगर में मकान में चोरी 5 जन. : प्रतापनगर-गोवर्धन विलास में मकान में चोरी 6 जन. : सवीना-धानमंडी-गोवर्धन विलास में में मकान में चोरी 7 जन. : प्रतापनगर-हाथीपोल में स्कूटी-बाइक चोरी 8 जन. : प्रतापनगर-अंबामाता में में बाइक चोरी 9 जन. : बड़गांव में बाइक, डबोक में मंदिर में चोरी 10 जन. : हिरणमगरी में डीपी से चोरी।
8 करोड़ के जमीन फर्जीवाड़ेमें भूमाफिया को जेल भेजा
गोविंदपुरा थाना पुलिस ने 8 करोड़ रुपए की 5 एकड़ जमीन के फर्जीवाड़े में भूमाफिया विजय श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने उसे अवधपुरी स्थित घर से पकड़ा। थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर के मुताबिक, दौलत राम मीणा की पत्नी की शिकायत पर 2023 में मामला दर्ज हुआ था। पोते शैलेंद्र मीणा ने बरखेड़ा पठानी की जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर विजय के जरिए बेच दी थी। विजय ने जमीन रिश्तेदार अमित सक्सेना के नाम खरीदी थी। विजय के खिलाफ अन्य मामले भी दर्ज हैं।
अगले महीने से भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) और मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के बीच हुए समझौते के तहत अब भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) लागू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। दावा है कि भोपाल में अगले 4-5 हफ्ते और इंदौर में 7-8 हफ्तों में डिजिटल टिकटिंग सिस्टम शुरू हो जाएगा। भोपाल में इसकी शुरुआत सुभाष नगर से एम्स स्टेशन के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर से की जा रही है। इस रूट पर ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है, इसलिए एएफसी की शुरुआत भी यहीं से हो रही है। यहां काम पूरा करने के बाद डीएमआरसी यही काम इंदौर में पूरा करेगा। इससे पहले भोपाल-इंदौर मेट्रो का एएफसी सिस्टम तुर्किये की एक कंपनी को दिया गया था, लेकिन नाम सामने आने के बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया। इसके बाद अब पूरा काम डीएमआरसी को सौंपा गया है। डीएमआरसी इस समय उपकरण खरीद, इंस्टॉलेशन प्लानिंग और वित्तीय अनुमोदन की प्रक्रिया में है। इंदौर-भोपाल मेट्रो का स्टेटस :इंदौर में करीब 5 किमी का प्रायोरिटी कॉरिडोर 5 स्टेशनों के साथ संचालित हो रहा है। इसके आगे के करीब 6 किमी हिस्से में 6 नए स्टेशन लगभग तैयार हैं। मेट्रो एमडी एस. कृष्णा चैतन्य के मुताबिक, इंदौर के अगले छह स्टेशनों के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) से अनुमोदन मिल चुका है। यानी तकनीक सुरक्षित है और ऑपरेशन के लायक है। अगले चरण में सीएमआरएस निरीक्षण का रास्ता साफ हो गया है। एक हफ्ते में दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। एएफसी से ये फायदा एएफसी यानी मेट्रो का पूरी तरह डिजिटल टिकटिंग और किराया वसूली सिस्टम है। इसमें नकद और पेपर टिकट पर निर्भरता कम होकर यात्रा स्मार्ट हो जाती है। इसमें क्यूआर कोड टिकटिंग, स्मार्ट कार्ड सिस्टम, ऑटोमेटिक गेट, टैप-इन/टैप-आउट, मोबाइल, यूपीआई और डिजिटल पेमेंट सपोर्ट, किराया ऑटो-कैलकुलेशन जैसी तकनीकी सुविधाएं होंगी।
अरेरा कॉलोनी में विराट हिंदू सम्मेलन आज, दोपहर 2 बजे से बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था
सोमवार दोपहर 2 बजे से अरेरा कॉलोनी स्थित ओल्ड कैम्पियन ग्राउंड में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन होना है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने आसपास की व्यवस्था में बदलाव किए हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास कई मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ेगा। इसे देखते हुए व्यावसायिक वाहन और सामान्य यातायात को दोपहर 2 बजे के बाद इन रास्तों पर प्रतिबंधित और परिवर्तित किया जाएगा। इन रूट पर जाने से बचें
आदिवासी अंचल के लिए संजीवनी:12 माह में 937 रोगी, 572 को नियमित इलाज, सिकल सेल केंद्र बना जीवन रक्षक
राजस्थान के आदिवासी अंचलों में लंबे समय से चुनौती बना सिकल सेल एनीमिया रोग अब नियंत्रित और प्रबंधित होने वाली स्थिति के रूप में सामने आ रहा है। बड़ी वजह है उदयपुर में स्थापित देश का दूसरा सिकल सेल कॉम्पिटेंस सेंटर, जो आदिवासी मरीजों के लिए उम्मीद, उपचार और जीवन की नई राह बनकर उभरा है। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से दिसंबर-2024 में शुरू यह केंद्र आज स्क्रीनिंग से लेकर विशेषज्ञ उपचार तक वन-स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में काम कर रहा है। यहां सिकल सेल की शीघ्र पहचान, नियमित फॉलोअप, दवाइयां, टीकाकरण और विशेषज्ञ परामर्श सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। अप्रैल 2025 से राज्य सरकार द्वारा सभी आयु वर्ग के मरीजों को भर्ती सुविधा अनिवार्य किए जाने के बाद उपचार का दायरा और व्यापक हुआ है। वर्ष 2025 में अब तक केंद्र में 365 मरीजों का उपचार हुआ। इनमें 18 वर्ष से कम आयु के 137 और 18 वर्ष से अधिक आयु के 60 मरीज शामिल हैं। इसी अवधि में 168 नए मरीजों की पहचान की गई। वर्ष 2022 से अब तक 572 मरीज नियमित फॉलोअप में हैं, जबकि कुल 937 मरीज इस केंद्र से जुड़ चुके हैं। एमबी अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन का कहना है कि लगातार टीम को भी बढ़ाया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि हर मरीज बेहतर जीवन जी सके। जब मौत से लौटे मरीज, तब दिखी केंद्र की ताकत केस 1 - बलराम को सिकल सेल चेस्ट सिंड्रोम के कारण गंभीर सांस की तकलीफ थी। 10 दिन वेंटिलेटर और 6 बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन के बाद उनकी जान बचाई जा सकी। वे अब नियमित फॉलोअप में हैं। केस 2 - ऋषभदेव निवासी महेश कटारा का हीमोग्लोबिन मात्र 2 ग्राम रह गया था। हेमोलिटिक क्राइसिस की स्थिति में 10 बार रक्त चढ़ाकर उन्हें नया जीवन दिया गया। अब वे भी फॉलोअप उपचार में हैं। जिलावार पहुंच ने बढ़ाया भरोसा उदयपुर (99), बांसवाड़ा (48), प्रतापगढ़ (14), डूंगरपुर (10) और सिरोही, पाली, बाड़मेर जैसे अन्य जिलों से आए 26 मरीजों का उपचार किया गया। यह दर्शाता है कि केंद्र न केवल उदयपुर, बल्कि पूरे दक्षिण राजस्थान के लिए रेफरल हब बन चुका है। मिशन 2047 : सिकल सेल मुक्त पीढ़ी की दिशा में कदमसिकल सेल एक आनुवंशिक विकार है। इसमें लाल रक्त कणिकाएं हंसिया के आकार की हो जाती हैं और रक्त प्रवाह में बाधा आती है। केंद्र सरकार के सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के तहत इस केंद्र का लक्ष्य केवल उपचार नहीं, बल्कि जन्म से ही रोकथाम, शत-प्रतिशत पहचान और समय पर इलाज से भविष्य में सिकल सेल मुक्त पीढ़ी का निर्माण है। इसके साथ केंद्र चिकित्सा शिक्षा और शोध कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पांच बेड से शुरुआत, अब 15, इलाज के लिए मजबूत फौज यह केंद्र बाल चिकित्सालय में बना है। शुरुआत में 5 बेड थे। इसे मई 2025 में विस्तार दिया गया। अब इमरजेंसी में 10 अतिरिक्त बेड हैं। अब तक 10 जिलों से 30 डॉक्टर व 600 से नर्सेज को प्रशिक्षण दिया गया है। इस मिशन को सफल बनाने में असिस्टेंट नोडल ऑफिसर डॉ. भूपेश जैन, नर्सिंग इंचार्ज ललित पारगी, फिजियोथेरेपिस्ट दर्शी, भावना जैन, राजेश्वरी, रेखा डामोर, उर्मिला गुर्जर और दीपेश का विशेष योगदान है।
सोयाबीन के बाद अब मप्र सरकार सरसों की खरीद में भी भावांतर योजना लागू करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के शुभारंभ पर इसका ऐलान किया। प्रदेश में सरसों का सालाना औसत उत्पादन एक लाख मीट्रिक टन है। पिछले साल मप्र सरकार ने 5950 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 50 हजार मीट्रिक टन सरसों एमएसपी पर खरीदी थी। ग्वालियर-चंबल, मालवा व बुंदेलखंड क्षेत्रों में सरसों की मुख्य पैदावार होती है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 के शुभारंभ पर किसानों ने राजधानी में 1101 ट्रैक्टरों की रैली निकाली। सीएम ने रैली में खुद ट्रैक्टर चलाया। मूंग में कीटनाशक, इसलिए उड़द-मूंगफली उगाएं मूंगफली - 7203उड़द - 7800MSP रु./क्विंटल सीएम ने किसानों से अपील की- कीटनाशकों के अधिक उपयोग वाली ग्रीष्मकालीन मूंग के बजाय उड़द और मूंगफली उगाएं। दो साल में गेहूं की एमएसपी 2700 रुपए तक करेंगे... सीएम ने कहा- हमने 5 साल में गेहूं की एमएसपी 2700/क्विंटल पहुंचाने का वादा किया है। 2600 पहुंचा दिया है। 2028 से पहले 2700 पहुंचा देंगे।
प्रगतिशील किसान:बंजर जमीन पर जैविक कार्बन बढ़ाने के लिए की ढेंचे की बुवाई
जालोर जिले के अनखोल गांव निवासी युवा किसान धनराज भंवरलाल राजपुरोहित ने अपने खेत में पैदावार बढ़ाने, जमीन का जैविक कार्बन बढ़ाने व खाद के लिए ढेंचा बोया। जैविक कार्बन से जमीन में नमी बनी रहती है। अब वह जीरा-सरसों सहित दूसरी फसलें ले पा रहे हैं।उत्पादन अच्छा हो रहा है और कीटनाशक दवाइयों का खर्चा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दो हेक्टेयर में सहजन की खेती भी करूंगा। भूमि क्षारीय के साथ-साथ बंजर होने लगी थी। इसका समाधान ढूंढने पर हरी खाद ढेंचा बोने का निर्णय लिया। मगर बीज नहीं था तो सुमेरपुर मंडी से मंगवाया। पहली बारिश होते ही 1 बीघा में बोया। 2 महीने में इसकी फसल तैयार हो गई। फिर इसे रोटोवेटर से मिट्टी में मिला दिया। इससे यह सड़कर खाद बन गया। इसी जमीन पर रबी में जीरा की बुवाई की। जीरे में कोई रोग भी नहीं लगा और उत्पादन भी ज्यादा मिला। आमतौर पर हमारे क्षेत्र में 1 बीघा में 4-5 बोरी जीरा होता है लेकिन हमारे खेत में 9 बोरी हुआ। दूसरे साल 4 बीघा में ढेंचा बोया। उसमें अभी सरसों बोया हुआ है। आसपास के गांवों के किसानों को भी बताया है कि ढेंचा से खाद बनाकर कम लागत में अच्छी फसल ली जा सकती है। किसान इसे अपनाएंगे तो यूरिया डालने की जरूरत नहीं रहेगी। हरी खाद के साथ गोमूत्र का छिड़काव भी कर रहे हैं। आसपास के 50 गांवों में पहली बार इसका प्रयोग किया है। यहां एक ही पानी देने पर बढ़िया उग गया।
जिंसी स्थित भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गायों का वध किए जाने और गोमांस मुंबई भेजे जाने के मामले में नगर निगम प्रशासन की सीधी भूमिका सामने आई है। दैनिक भास्कर को नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी वह पत्र मिला है, जिसके आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी। 17 दिसंबर 2025 को जारी इस पत्र में नगर निगम के पशु चिकित्सक डॉ. बेनीप्रसाद गौर ने प्रमाणित किया कि स्लॉटर हाउस में बीते करीब दो सप्ताह में 15 वर्ष से अधिक उम्र की 85 भैंसों का वध किया गया। इसके बाद मांस को फ्रोजन मीट के रूप में पैक कर मुंबई भेजने की अनुमति दी गई। हैरत की बात है कि इसी खेप से पुलिस ने जो सैंपल लिए, उनमें गोमांस की पुष्टि हुई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्लॉटर हाउस में या तो गायों का वध हुआ या फिर नगर निगम स्तर पर मांस के प्रकार को लेकर गलत प्रमाणन किया गया। सूत्रों के अनुसार 15 व 16 दिसंबर की रात दो अलग-अलग वाहनों से गायों के 160 बछड़े स्लॉटर हाउस लाए गए थे। ये वाहन बैतूल के रास्ते भोपाल पहुंचे थे। इन्हीं का 26 टन मांस मुंबई भेजा जा रहा था। 17 दिसंबर की रात हिंदू संगठनों ने पुलिस कंट्रोल रूम के पास कंटेनर रोका। गोमांस होने की आशंका पर हंगामा हुआ। तब जहांगीराबाद थाना पुलिस ने मांस के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। 1. गोमांस की आशंका थी, सैंपल लिए गए… फिर कंटेनर क्यों छोड़ा?कंटेनर में गोमांस की आशंका पर पुलिस ने सैंपल जांच के लिए भेजे, पर कंटेनर जब्त नहीं किया। यह नगर निगम के सुपुर्द कर दिया।निगम ने मांस रखने की व्यवस्था न होने का तर्क देकर कंटेनर जाने दिया, जबकि वह कूलिंग सिस्टम से लैस था।यदि कंटेनर जब्त होता तो स्लॉटर हाउस में काटी गई गायों का मांस मुंबई नहीं पहुंचता। 2. गाय कटी, जांच हुई, फिर भी पशु चिकित्सक को कैसे ‘पता नहीं’?नियमानुसार स्लॉटर हाउस में किसी भी मवेशी को काटने से पहले व काटे जाने के बाद नगर निगम के पशु चिकित्सक का परीक्षण अनिवार्य है। ऐसे में बिना जांचे डॉक्टर ने भैंस का प्रमाणपत्र जारी कैसे किया? डॉ. बेनीप्रसाद गौर ने पत्र में साफ लिखा है- ‘वध से पहले और बाद में निरीक्षण किया गया। मांस को मानव उपभोग के लिए फिट पाया गया।’ नगर निगम के डॉक्टर ने लिखकर दिया था कि भैंस का मांस है। सैंपल जांच के लिए दिए गए थे। कंटेनर नगर निगम के सुपुर्द किया गया था। उन्होंने कैसे जाने दिया, यह वही बताएंगे।'-मान सिंह चौधरी, थाना प्रभारी जहांगीराबाद जांच रिपोर्ट अभी हमने नहीं देखी है। पशु चिकित्सक ने भैंस लिखी है, यह भी जानकारी में नहीं है। डॉक्टर ने किस आधार पर पत्र जारी किया, इस पर कुछ नहीं कह सकता।'-हर्षित तिवारी, अपर आयुक्त, नगर निगम
उम्र नहीं होती है बाधा:87 साल के शेरसिंह ने बनाई सीनियर सिटीजन की युवा टोली, खेलों में 17 मेडल जीते
उम्र नहीं होती है बाधा, करने का कुछ हो ठोस इरादा… यह ध्येय वाक्य है 87 साल के शेरसिंह का। जिस उम्र में हड्डियां खटर-पटर करने लग जाती हैं और व्यक्ति बिस्तर में आराम की मुद्रा में आ जाता है, उस आयु में गांव उवार निवासी शेरसिंह खेल के मैदान में फिनिश लाइन को टच करने में उत्साहित रहते हैं। यही कारण है कि पिछले 10 साल में वह 100 मीटर दौड़, गोला फेंक, भाला फेंक, लॉन्ग जंप, हाई जंप आदि में 8 मेडल जीत चुके हैं। और उनकी टीम ने 17 मेडल जीते हैं। इसमें महिलाएं भी हैं, विशेषकर उनकी पत्नी 87 साल की विद्यादेवी और 57 साल की बेटी राजेंद्री। साठ का दशक पार कर चुके इन सीनियर सिटीजन का अब एक ग्रुप है, जो नियमित रूप से खेलता है और बुजुर्गों के लिए आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेता है। मसलन, हाल ही में अलवर में आयोजित प्रतियोगिता में 9 मेडल जीते। 87 वर्षीय शेरसिंह यद्यपि बालपन से कुश्ती और खेलों से जुड़े रहे, लेकिन यह शौकिया था। इंडियन स्टाइल की अखाड़ा कुश्तियों में भाग लेते और आयोजनों में शिरकत करते रहे हैं। उम्र चढ़ने के बाद थोड़ा विराम आया, किंतु सुबह-शाम की टहलना और कसरत जारी रही। इसी दौरान वर्ष 2017 में वह अपनी पौत्री शैफाली से मिलने दिल्ली गए थे। पास के स्टेडियम में सीनियर सिटीजन के लिए हाफ मैराथन हो रही थी, जिसे देखने पहुंचे। शेरसिंह बताते हैं कि पौत्री शैफाली ने प्रेरित किया, तो उन्होंने भी अपना नाम लिखवा दिया। दौड़ने का अभ्यास पहले से था ही, इसलिए मेडल जीत गए। यह टर्निंग पॉइंट था। इसके बाद 2018 में पिंकसिटी मैराथन जयपुर में हिस्सा लिया और लॉन्ग जंप में मेडल जीता। इसके बाद नासिक, पुणे और अलवर में मेडल जीते। शेरसिंह कहते हैं, यहां मेडल का ज्यादा महत्व नहीं है, मकसद जीवन के आखिरी पड़ाव में उत्साह और उमंग से जीना है। इसलिए वह पूजा-सेवा तक सीमित रहकर उम्र काट रहे लोगों को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। कोशिशें रंग ला रही हैं। उनकी टीम में 20 से ज्यादा बुजुर्ग हैं, जो खेलते हैं और अपनी नई पीढ़ी को प्रेरित करते हैं। इनमें दर्याबसिंह, फिल्मीराम, भिक्की सिंह, खजानसिंह, गिर्राजसिंह, हरिओम सरपंच आदि ने भी मैराथन, जेवेलिन थ्रो, लॉन्ग जंप, हाई जंप, डिस्कस थ्रो आदि में मेडल जीते हैं।
सीधी में स्थित संजय टाइगर रिजर्व का बफर क्षेत्र शहडोल जिले के ब्यौहारी वन क्षेत्र तक बढ़ाया जाएगा। बाघों की बढ़ती संख्या और उनके भ्रमण क्षेत्र को देखते हुए बफर में 79.61 वर्ग किमी नया वन क्षेत्र जोड़ने की तैयारी की गई है।इस प्रस्ताव को वन्यप्राणी शाखा के पीसीसीएफ शुभरंजन सेन ने मंजूरी दे दी है। वन विभाग ने प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य शासन को भेज दिया है। शासन से हरी झंडी मिलती है तो संजय रिजर्व का मौजूदा बफर क्षेत्र 861.931 वर्ग किमी से बढ़कर 941.54 वर्ग किमी हो जाएगा। वहीं रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1674.512 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 1754.12 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा।। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में डुबरी सेंचुरी के विस्तार के बाद संजय टाइगर रिजर्व का गठन किया गया था। उस समय 861.931 वर्ग किमी क्षेत्र को बफर घोषित किया गया था। इसमें 504.645 वर्ग किमी वन क्षेत्र और 357.285 वर्ग किमी राजस्व भूमि शामिल थी। वर्तमान में इसके बफर में चार फॉरेस्ट रेंज आती हैं। ब्यौहारी रेंज क्यों अहम?
मौसम का हाल:मकर संक्रांति के बाद 4 दिन बार मावठे के आसार
भोपाल समेत प्रदेशभर में मकर संक्रांति के बाद मौसम बदल सकता है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि 19 या 20 जनवरी से भोपाल, ग्वालियर-चंबल समेत कई इलाकों में बादल छा सकते हैं। मावठे के भी आसार हैं। अगले हफ्ते के मध्य में एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस के पहुंचने के संकेत हैं। इसके असर से पहाड़ों पर अच्छी बर्फबारी होगी और मप्र में मौसम बदलेगा। रविवार को भोपाल में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया। 24 घंटे में इसमें 0.8 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। इसके बावजूद यह सामान्य से 2.4 डिग्री कम रहा। दिन का अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो 0.4 डिग्री अधिक रहा। प्रदेश में ठंड का हालशहडोल जिले का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। हिल स्टेशन पचमढ़ी में 5.8 डिग्री और शिवपुरी में 6 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। नर्मदापुरम, मालवा और निमाड़ के ज्यादातर इलाकों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।
मनरेगा कानून के बदले नया कानून बीवी जी रामजी बनाने के खिलाफ रविवार को कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरी। प्रदेश मुख्यालय सहित सभी जिलों में पार्टी ने धरना दिया और पार्टी नेताओं ने एक दिन का उपवास रखा। पार्टी की ओर से चलाए जा रहे मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के अंतर्गत यह धरना व उपवास राजधानी में शहीद स्मारक पर रखा गया। इसमें प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी नेता, विधायक व कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी धरने का हिस्सा बने। गरीबों की रोजी-रोटी छीनी : डोटासरा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मनरेगा कानून को निरस्त कर केन्द्र की भाजपा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब की रोजी-रोटी छीनी है। कांग्रेस सरकार ने गरीब को उसका अधिकार दिया था। गरीब व्यक्ति की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई, परिवार पालने के साथ अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पाए। अब केन्द्र सरकार ने गरीबों को संबल प्रदान करने वाली मनरेगा को समाप्त कर दिया है। भाजपा के नेता कभी गरीब के साथ रहे ही नहीं, इसलिए इस योजना को बंद किया है। ऐसा प्रदर्शित कर रहे हैं कि कांग्रेस का विरोध नाम बदलने के कारण है, जबकि वास्तविकता यह है कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने पूरी योजना ही समाप्त कर दी। नई योजना के तहत न तो गरीब के लिए काम का अधिकार की गारंटी है, काम वहीं मिलेगा जहां केन्द्र सरकार आवंटित करेगी। भाजपा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनाव नहीं करवाए, जिस कारण प्रदेश का 3000 करोड़ रुपए की केन्द्र से मिलने वाली राशि लैप्स होने की कगार पर है। केंद्र ने गरीब के साथ अन्याय किया : जूली नेता प्रतिपक्ष जूली ने मुख्यमंत्री से प्रश्न किया कि प्रदेश की विपरीत आर्थिक स्थिति के बावजूद क्या राजस्थान की भाजपा सरकार मनरेगा के स्थान पर लागू नई योजना के तहत राज्य का 40 प्रतिशत हिस्सा वहन करने के लिए तैयार है, इस बता की जानकारी दें। यह अन्याय है, इसलिये केन्द्र सरकार को तुरंत गरीब कल्याण हेतु मनरेगा योजना को पुन: लागू करना चाहिए। भाजपा नेताओं को गरीब से सरोकार नहीं प्रदेश प्रभारी रंधावा ने कहा कि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी गरीबों की सुरक्षा के लिए बनाई गई मनरेगा को पुन: लागू कराने के लिए आन्दोलन कर रही है। भाजपा के नेताओं को गरीब से कोई सरोकार नहीं है, वे उद्योगपतियों के तो ऋण माफ कर देते हैं किन्तु गरीब कल्याण के लिए मनरेगा योजना चलाने के लिए उनके पास बजट देने की मंशा नहीं है।
देशभर में वांटेड और 20 साल से ठगी-रंगदारी की पुश्तैनी गैंग चलाने वाले राजू ईरानी को पुलिस रविवार को सूरत से भोपाल ले आई। निशातपुरा थाना पुलिस ने शाम 5:03 बजे उसे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 17 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पेशी के दौरान राजू मुस्कुराते हुए कोर्ट रूम में दाखिल हुआ और खुद को निर्दोष बताता रहा। विशेष न्यायाधीश तथागत याग्निक की कोर्ट में पेशी के दौरान सुरक्षा के चलते कोर्ट परिसर के गेट बंद रखे गए। राजू की ओर से रिमांड का विरोध किया गया, लेकिन कोर्ट ने पुलिस की मांग स्वीकार कर ली। जब पुलिस रिमांड के लिए उसे ले जाने लगी तो हंसते हुए राजू बोला- जल्द छूट जाऊंगा। शनिवार को राजू को सूरत क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।
भोपाल-नागपुर नेशनल हाईवे-46 पर बरेठा घाट में रविवार को तेज रफ्तार ट्राले ने सड़क किनारे खड़ी तीन कारों और एक बाइक को टक्कर मार दी। इनमें भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बेटे वरद खंडेलवाल की कार भी शामिल थी। हादसे में बाइक सवार एएसआई की पत्नी सुनीता भलावी की मौत हो गई, जबकि एएसआई चिमनलाल भलावी समेत 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के समय वरद खंडेलवाल कार में मौजूद नहीं थे। वे पहले ही दूसरी कार से भोपाल रवाना हो चुके थे। ड्राइवर खाली कार लेकर उन्हें लेने जा रहा था। एयरबैग खुलने से ड्राइवर को चोट नहीं आई।
आंजन धाम समिति ने पूर्व राज्यसभा सांसद को दिया महोत्सव में शामिल होने का नियंत्रण
लोहरदगा|आंजन धाम समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निश्चय वर्मा ने पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू को आगामी मां आंजन महोत्सव में सम्मिलित होने को लेकर निमंत्रण दिया। साथ ही महोत्सव की तैयारियों और उसके उद्देश्य पर विस्तृत चर्चा की। वहीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि मां आंजन महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह क्षेत्र की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का सशक्त प्रतीक है। यह महोत्सव वर्षों से लोगों को जोड़ने का कार्य करता आ रहा है। साथ ही समाज में आपसी भाईचारे और समरसता को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि पूर्व राज्यसभा सांसद की उपस्थिति से आयोजन को नई दिशा और प्रेरणा मिलेगी। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद ने निमंत्रण के लिए आंजन धाम समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने समिति द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और महोत्सव की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। वहीं उपस्थित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सच्चिदानंद चौधरी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। विधायक प्रतिनिधि निशीथ जयसवाल ने आयोजन को जनसहभागिता के साथ भव्य व सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने पर बल दिया।
लोहरदगा में आजसू पार्टी की बैठक, संगठन विस्तार और आंदोलन तेज करने पर मंथन
लोहरदगा|आजसू पार्टी की बैठक मुद्रिका बैंक्विट हॉल में रविवार को हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन विस्तार, पुराने सदस्यों को सक्रिय करने तथा नए कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ने को लेकर विचार-विमर्श करना रहा। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूरे झारखंड में भ्रष्टाचार और लूट का माहौल बना हुआ है, जिससे आम जनता त्रस्त है। ऐसी स्थिति में आजसू पार्टी एक बार फिर नए जोश और ऊर्जा के साथ जनता के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतरेगी। नेताओं ने कहा कि आजसू पार्टी की पहचान आंदोलन से जुड़ी रही है और वर्तमान परिस्थितियों में जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन ही एकमात्र प्रभावी विकल्प बचा है। बैठक के दौरान लोहरदगा में आजसू पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ एक वन भोज कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया, ताकि कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हो सके। इस अवसर पर केंद्रीय सचिव सूरज अग्रवाल, केंद्रीय महासचिव अंजू देवी, जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश भारती सहित विश्वनाथ उरांव, सरस्वती देवी, महेंद्र महतो, बबलू महतो, दिलीप साहू, चितरंजन उरांव, विनोद उरांव, परमेश्वर भगत, आदित्य, संजय कुजूर, आनंद राम, राजन मेहता, मीर आरिफ छोटू, आकाश यादव, हरि उरांव तथा जिला मीडिया प्रभारी सागर वर्मा सहित दर्जनों बूथ कमेटी के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
स्वास्थ्य जांच शिविर का 29 लोगों ने उठाया लाभ
लोहरदगा|सेवा भारती लोहरदगा के तत्वावधान में चुन्नीलाल उच्च विद्यालय परिसर में लगातार 187वें सप्ताह रविवार को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद यह शिविर सुबह 7:30 बजे से आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया। शिविर का शुभारंभ सेवा भारती के जिला अध्यक्ष दीपक सर्राफ, डॉ. कुमुद अग्रवाल, उपाध्यक्ष अवधेश मित्तल व सचिव संजय चौधरी ने किया। मौके पर कुल 29 लोगों ने विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच करवाई।

