इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री और डायवर्जन से जुड़े मामले में बलरामपुर के थोक दवा विक्रेता वरुण लाठ की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि दवा व्यापार का वैध लाइसेंस होना किसी व्यक्ति को एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई से स्वतः संरक्षण प्रदान नहीं करता। न्यायमूर्ति राजीव भारती की एकल पीठ ने यह आदेश बलरामपुर के तुलसीपुर थाने में दर्ज मुकदमे से संबंधित जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए पारित किया। रिकार्ड में गड़बड़ियां मिली थीं मामले के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा कराए गए निरीक्षण में अशोक मेडिकल स्टोर पर कोडीन आधारित 'कोडीवा' कफ सिरप की खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई थीं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि बड़ी मात्रा में कफ सिरप का कारोबार किया गया, लेकिन उसके समर्थन में आवश्यक अभिलेख और बिक्री संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। सरकारी अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि जांच के दौरान आवेदक वरुण लाठ की भूमिका कोडीन युक्त कफ सिरप के कथित अवैध नेटवर्क से जुड़ी पाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में संबंधित मात्रा व्यावसायिक श्रेणी की है, इसलिए एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के तहत जमानत पर कड़े प्रतिबंध लागू होते हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि वरुण लाठ लाइसेंस प्राप्त थोक दवा विक्रेता हैं और कोडीन युक्त दवाओं का कारोबार कानूनन कर सकते हैं। साथ ही उनके पास से कोई आपत्तिजनक बरामदगी नहीं हुई है और उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। हालांकि, न्यायालय ने उपलब्ध सामग्री और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बचाव पक्ष की दलीलों को इस स्तर पर स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने माना कि मामले की परिस्थितियों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत जमानत के लिए आवश्यक मानदंड पूरे नहीं होते हैं, जिसके बाद जमानत याचिका निरस्त कर दी गई।
गुरुग्राम पुलिस ने पालम विहार में परिवार को बंधक बनाकर हुई लूट का खुलासा किया है। इस मामले में 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार भी बरामद की है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के निवासी हैं यह घटना 4 जून की रात पालम विहार के सेक्टर-23 में हुई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 4 अज्ञात बदमाश उनके मकान की पीछे की खिड़की की लोहे की ग्रिल काटकर घर में घुस आए थे। बदमाशों ने शिकायतकर्ता की पत्नी और बेटी को बंधक बना लिया था। आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान लूटा आरोपियों ने परिवार से सोने-हीरे के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लिया। वारदात को अंजाम देने से पहले उन्होंने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस संबंध में पालम विहार थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को बजघेड़ा अंडरपास के पास द्वारका रोड से गिरफ्तार किया। इनकी पहचान हिलाल, मामो खान, मोहम्मद खैरुल अरमान और मोहम्मद मामन के रूप में हुई है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी अंडरपास में कूद गए थे, जिससे वे घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सभी आरोपी बांग्लादेश के निवासी पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पहले बड़े मकानों की रेकी करते थे और फिर चोरी, लूट और डकैती की वारदातों को अंजाम देते थे। ये सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के निवासी हैं और वारदात के बाद वापस भागने की योजना बना रहे थे, लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने उन्हें समय रहते पकड़ लिया। इन पर चोरी, डकैती, हत्या और गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। कोर्ट ने 3 दिन के रिमांड पर भेजे अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस ने मोहम्मद खैरुल शेख उर्फ अरमान और मोहम्मद मामुन को दोबारा गिरफ्तार किया। इसके बाद 14 जून को 4 अन्य आरोपियों कलीम उर्फ असलम, जावेद उर्फ राजा, मोहम्मद रज्जा उर्फ सानु और मोहम्मद आलमगीर को भी गिरफ्तार किया गया। जावेद की कार का इस्तेमाल वारदात में किया गया था, जबकि कुछ आरोपी बाहर रेकी कर रहे थे और अन्य घर के अंदर घुसे थे। पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस अब आरोपियों से अन्य वारदातों और उनके नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
इंदौर के जवाहर मार्ग पर सोमवार देर शाम एक फर्नीचर की दुकान में आग लग गई। तीन मंजिला दुकान में आग की लपटें ऊपर तक पहुंच गईं। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के मुताबिक, घटना शाम करीब साढ़े सात बजे की है। नंदलालपुरा के पास स्थित प्रिंस फर्नीचर की दुकान में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। आग पर काबू पाने के लिए तीन पानी के टैंकर भी बुलाए गए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद निचले हिस्से की आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया, लेकिन ऊपरी मंजिलों में आग बुझाने का काम देर रात तक जारी रहा। दोनों ओर का ट्रैफिक रोका आग की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि भी घटनास्थल पर पहुंचे। शुरुआत में लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से ऊपरी हिस्सों में फैल गई। आगजनी में लाखों रुपए का फर्नीचर जलकर खाक हो गया। क्षेत्र में फर्नीचर और फोम से जुड़े कई प्रतिष्ठान हैं। हालांकि, दमकल की टीम ने समय रहते आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया।
पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 17.50 लाख स्वीकृत:12 प्रार्थना पत्रों पर हुआ फैसला
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर प्रथम ने पीड़ित प्रतिकर आवेदन पत्रों के जल्द निस्तारण के लिए सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) जयपुर महानगर प्रथम के अध्यक्ष ब्रजेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर प्रथम के सचिव किशोर कुमार तालेपा ने बताया- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के मासिक एक्शन प्लान के तहत मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक में राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011 (यथा संशोधित 2015 एवं 2023) के अंतर्गत कुल 12 प्रार्थना पत्र विचारार्थ रखे गए। इन सभी मामलों पर विचार करने के बाद कुल 17 लाख 50 हजार रुपए की पीड़ित प्रतिकर राशि स्वीकृत की गई। बैठक में यह अधिकारी रहे उपस्थित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्राधिकरण के कई सम्मानित सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनमें आरती भारद्वाज (न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय क्रम-1), नुसरत बानो (न्यायाधीश, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण), पुलकित शर्मा (मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट), राजेन्द्र सिंह (अतिरिक्त जिला कलेक्टर, जयपुर शहर उत्तर), जिज्ञासा चौधरी (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जयपुर दक्षिण), राजेश शर्मा (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जयपुर पूर्व), नरेश कुमार सैन (उपाध्यक्ष, दी बार एसोसिएशन), उमेश चौधरी (महासचिव, दी बार एसोसिएशन) शामिल रहे। बैठक से पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया।
संभल में युवक की लोहे की रॉड से पीटकर हत्या:फोन पर बुलाकर वारदात, डेढ़ साल पहले दूसरी शादी की थी
संभल में युवक की लोहे की रॉड से पीटकर हत्या कर दी गई। घटना चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के बदायूं-मुरादाबाद रोड स्थित आईटीआई के पास सोमवार शाम को हुई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। युवक का शव करीब 25 मिनट तक खून से लथपथ जमीन पर पड़ा रहा। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। युवक की पहचान 35 साल के राजेश प्रजापति के रूप में हुई है। वह पावर हाउस की मडिया बदायूं चुंगी, चंदौसी कोतवाली का रहने वाला था। राजेश को शाम 6:15 बजे किसी ने फोन कर मिलने बुलाया था। जब वह बाइक से जा रहा था, तभी उस पर लोहे की रॉड से हमला किया। सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।स्थानीय लोगों ने पूरी वारदात देखी, लेकिन आरोपी की पहचान नहीं हो पाई और वह फरार हो गया। राजेश बदायूं चुंगी पर शराब के ठेके के पास नमकीन, बिस्किट, पेप्सी और गिलास की दुकान चलाता था। घटना की जानकारी मिलते ही चंदौसी कोतवाली और थाना बनियाठेर पुलिस मौके पर पहुंची। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) कुलदीप सिंह और सीओ चंदौसी विवेक जावला भी घटनास्थल पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के लिए रात 8:50 बजे फॉरेंसिक टीम ने भी मौका-ए-वारदात का मुआयना किया। राजेश प्रजापति ने दो शादियां की थीं। उसकी पहली पत्नी फूलवती (33) बदायूं चुंगी वाले घर में रहती है, जबकि दूसरी पत्नी ममता (37) थाना बनियाठेर क्षेत्र के मोहल्ला अशोक नगर में रहती है। राजेश ने डेढ़ साल पहले ममता से प्रेम विवाह किया था। वह तोताराम की पत्नी थी। राजेश के पहली पत्नी से तीन बच्चे हैं। इनमें माही (8), चिराग (6) और चंगू (3) हैं। ममता के पहले पति से दो बच्चे हैं। वे पिता के साथ रहते हैं। युवक की हत्या के बाद लोगों में ममता को भगाकर शादी करने के बाद से चल रही रंजिश में हत्या करने की चर्चा हो रही है। हालांकि पुलिस को अभी इस संबंध में कोई भी सुराग नहीं लगा है, पुलिस सभी पहलुओं पर गहराई के साथ जांच कर रही है। एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया, युवक के सिर में गहरी चोट लगी है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा रहे हैं। रिपोर्ट दर्ज करने के थाना पुलिस को निर्देश दिए हैं।
इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में सोमवार को मास्टर ऑफ जर्नलिज्म (एमजे) के मीडिया रिसर्च विषय की परीक्षा में हिंदी माध्यम के छात्रों को सिर्फ अंग्रेजी में प्रश्नपत्र बांट दिया गया। इससे परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मच गया और छात्रों ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई। परीक्षा केंद्रों पर मचा हड़कंप, अधिकारियों ने कराया हिंदी अनुवाद विश्वविद्यालय ने एमजे एक वर्षीय पाठ्यक्रम की परीक्षा पहले 2 जून से रखी थी, लेकिन बाद में टाइम टेबल में बदलाव किया गया। 9 जून से एमजे की परीक्षा शुरू हुई। सोमवार को मीडिया रिसर्च का चौथा पेपर दोपहर 2 से शाम 5 बजे वाले सत्र में हुआ। अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला व वाणिज्य महाविद्यालय को केंद्र बनाया गया, जहां परीक्षा देने आए विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र दिए गए। उसमें सिर्फ अंग्रेजी भाषा में प्रश्न पूछे गए। 100 अंक के इस पत्र में पांच प्रश्नों के जवाब विद्यार्थियों को देना था। प्रत्येक प्रश्न का विकल्प रखा गया, लेकिन हिन्दी माध्यम में प्रश्न नहीं पूछे गए। छात्रों ने दर्ज कराई आपत्ति इसे लेकर विद्यार्थियों ने केंद्राध्यक्ष को आपत्ति दर्ज कराई। तत्काल बाकी केंद्रों से भी विश्वविद्यालय कंट्रोल रूम में पेपर अंग्रेजी में आने के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने प्रश्नों का हिन्दी अनुवाद करके विद्यार्थियों को बताने के निर्देश दिए। यहां तक कि विद्यार्थियों को अपने माध्यम से प्रश्नों के जवाब लिखने को कहा गया। विद्यार्थियों का कहना था कि जब पाठ्यक्रम हिंदी माध्यम से पढ़ाया जा रहा है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी हिंदी में अध्ययन कर रहे हैं, तो परीक्षा का प्रश्न पत्र भी हिंदी में उपलब्ध न होना बड़ी चूक को दर्शाता है। जिम्मेदार अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास, जांच की बात कही सहायक कुलसचिव डॉ. विष्णु मिश्रा का कहना है कि केंद्रों से मौखिक शिकायत मिली है। इस संबंध में विद्यार्थियों से आवेदन नहीं मिला है। हालांकि, पूरे मामले को परीक्षा समिति के सामने रखा जाएगा। इस घटना में प्रश्न पत्र की छपाई को लेकर बड़ी लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि हिन्दी में प्रश्न नहीं पूछे गए। प्रिंटिंग के दौरान भी जिम्मेदारों ने प्रश्न पत्र पर ध्यान नहीं दिया है। पूरे मामले में अब विश्वविद्यालय की प्रिंटिंग प्रेस पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पेपर सेटर की पूरी गलती बताई जा रही है। मामले में प्रेस कंट्रोलर डॉ. अजय तिवारी का कहना है कि हिन्दी में प्रश्न पत्र नहीं आने की शिकायत सामने नहीं आई है। वैसे, पूरे प्रकरण में जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। पहले भी सामने आ चुकी है विश्वविद्यालय की गड़बड़ी यह पहली बार नहीं है जब विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी इसी विषय के प्रश्न पत्र को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई थी। उस समय 100 अंकों के प्रश्न पत्र की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शिक्षकों ने 50 अंकों के आधार पर किया था। उस दौरान भी विद्यार्थी काफी परेशान हुए थे। मामले के तूल पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय ने दोबारा विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया था।
राजगढ़ के प्रधानमंत्री शासकीय महाविद्यालय में एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई। सोमवार को छात्रों को एलएलबी के बजाय एलएलएम का प्रश्नपत्र वितरित कर दिया गया। जब विद्यार्थियों ने इस त्रुटि पर आपत्ति जताई, तो उन्हें बताया गया कि दोनों पाठ्यक्रमों का पाठ्यक्रम (सिलेबस) समान है। इसके बाद, संशय की स्थिति के बावजूद 42 छात्रों ने उसी प्रश्नपत्र के साथ परीक्षा दी। सेमेस्टर परीक्षा के दौरान की घटनायह घटना बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षाओं के दौरान हुई। सोमवार सुबह 9 से 12 बजे के बीच इंफॉर्मेशन ऑफ टेक्नोलॉजी विषय की परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद, छात्रों ने प्रश्नपत्र के शीर्ष पर 'एलएलएम' लिखा देखा, जिससे उनमें हड़कंप मच गया। कई विद्यार्थियों ने तुरंत कक्ष में मौजूद प्राध्यापकों और पर्यवेक्षकों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। छात्रों को बताया गया कि प्रश्नपत्र में पूछे गए प्रश्न उनके एलएलबी पाठ्यक्रम से मेल खाते हैं, इसलिए उन्हें उसी प्रश्नपत्र को हल करना होगा। सभी छात्रों ने फिर भी हल किए प्रश्नपत्रछात्र मनोज शर्मा ने बताया कि एलएलबी के छात्रों को एलएलएम का प्रश्नपत्र दिए जाने से परीक्षा कक्ष में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। विद्यार्थियों ने आशंका व्यक्त की कि यदि भविष्य में परिणाम या मूल्यांकन में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। हालांकि, परीक्षा बाधित न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी छात्रों ने दिए गए प्रश्नपत्र को हल किया।
इस्कॉन मंदिर में पुरुषोत्तम मास का समापन:गौरांग प्रभु ने भक्तों को श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाएं दीं
लखनऊ के श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में पुरुषोत्तम मास का समापन भक्ति और आध्यात्मिकता के संगम के साथ हुआ। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर गौरांग प्रभु ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, श्रीमद्भगवद्गीता और कृष्ण भावनामृत की शिक्षाएं दीं। अपने प्रवचन में गौरांग प्रभु ने पुरुषोत्तम मास को आत्मशुद्धि, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र माह में किए गए सत्कर्म और भगवान की भक्ति का विशेष फल मिलता है। उन्होंने भक्तों से प्रतिदिन श्रीमद्भगवद्गीता के कम से कम एक श्लोक का अध्ययन करने और हरे कृष्ण महामंत्र का नियमित जप करने का आग्रह किया। भगवान के प्रति समर्पण के महत्व के बारे में बताया गौरांग प्रभु ने जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मिक शांति और भगवान के प्रति समर्पण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उनके विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभावित किया। मंदिर परिसर भक्तिमय रहा और श्रद्धालु संदेश सुनते रहे। कार्यक्रम के अंत में मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने गौरांग प्रभु का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके विचारों से भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की नई ऊर्जा मिली है। अपरिमेय श्याम प्रभु ने उनसे भविष्य में भी लखनऊ आकर भक्तों को मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया। इस आयोजन में लखनऊ सहित आसपास के कई जनपदों से सैकड़ों भक्त शामिल हुए। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन, कीर्तन और नृत्य में भाग लिया। कार्यक्रम का समापन स्वादिष्ट प्रसादम वितरण के साथ हुआ।
कांग्रेस ने बदली प्रशिक्षण शिविर की तारीख:पहले 21 जून से था कार्यक्रम, अब 20 से शुरू होगा प्रशिक्षण
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले यह आवासीय प्रशिक्षण शिविर 21 से 30 जून तक प्रस्तावित था, लेकिन अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने नई तारीख जारी कर दी है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण शिविर 20 से 29 जून 2026 तक आयोजित होगा। कांग्रेस संगठन की ओर से जारी नई सूचना में सभी जिला एवं शहर कांग्रेस अध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे 20 जून की शाम 6 बजे तक रायपुर जिले के अभनपुर स्थित श्री आशुतोष-अलका अग्रवाल मंगल भवन, चांदी मोड़ पहुंचना सुनिश्चित करें। संगठन सृजन अभियान के तहत होगा प्रशिक्षण यह प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त किए गए जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के लिए आयोजित किया जा रहा है। शिविर में संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क, राजनीतिक रणनीति और कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले AICC ने 21-30 जून की तारीख तय की थी गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी पत्र में प्रशिक्षण शिविर 21 से 30 जून तक आयोजित करने की जानकारी दी गई थी। अब प्रदेश कांग्रेस संगठन की ओर से नई सूचना जारी कर कार्यक्रम को एक दिन पहले शुरू करने का फैसला लिया गया है। एक दिन के लिए आएंगे राहुल गांधी कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रशिक्षण शिविर में वरिष्ठ राष्ट्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पहले जारी पत्र में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के किसी एक दिन शिविर में पहुंचकर जिला अध्यक्षों को मार्गदर्शन देने का भी उल्लेख किया गया था। प्रदेश कांग्रेस संगठन इस प्रशिक्षण को आगामी चुनावी तैयारियों और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मान रहा है।
सतना जिले के रामपुर बघेलान बायपास स्थित एक शराब दुकान में जिला पंचायत सदस्य एकता सिंह के पति अनूप सिंह उर्फ अन्नू सिंह (मतहा) द्वारा कथित तौर पर हंगामा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सोमवार शाम करीब 6:30 बजे अन्नू सिंह अपने बेटे श्रेयस के साथ दुकान पहुंचे और मुफ्त शराब की मांग की। सेल्समैन द्वारा इनकार करने पर दोनों ने गाली-गलौज और मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। देखें घटनाक्रम की तीन तस्वीरें विवाद के बाद कार से कुचलने की कोशिश कीप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान अन्नू सिंह ने गुस्से में सेल्समैन को अपनी कार से कुचलने का प्रयास किया। उन्होंने कथित तौर पर वाहन को कई बार आगे-पीछे कर कर्मचारी की ओर दौड़ाया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, कर्मचारी किसी तरह बच निकलने में सफल रहा। ठेकेदार ने दर्ज कराई शिकायत शराब ठेकेदार की ओर से इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है। घटना का सीसीटीवी फुटेज और वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हंगामा साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में अब तक किसी ठोस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी का क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव है। हाल ही में उसके बेटे श्रेयस पर भी एक युवक पर चाकू से हमला करने का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। फिलहाल, वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रेलवे ट्रैक पर सोमवार को एक नाबालिग की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को निगरानी में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को आसपास के लोगों ने बताया है कि लड़की को ट्रैक पर खड़े देखा गया था। जिससे यह भी आशंका लगाई जा रही है कि उसने ट्रेन के सामने आकर खुदकुशी की हो। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस जांच कर रही है कि नाबालिग की मौत हादसा है या आत्महत्या। घर से निकलकर सीधे रेलवे ट्रैक पर पहुंची छात्राझांसी रोड थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि झांसी रोड में रेलवे ट्रैक पर एक नाबालिग लड़की का शव पड़ा हुआ है। लगता है जैसे लड़की की मौत ट्रेन की चपेट में आकर हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक नाबालिग की पहचान भूमि जाटव (16 वर्ष) पुत्री राजेश जाटव के रूप में हुई है, जो विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंधिया नगर की रहने वाली है। ऐसा पता लगा है कि वह घर से पैदल-पैदल निकली थी और घटना स्थल तक पहुंची थी। स्पेशल राहत ट्रेन की चपेट में आकर भूमि की मौत हुई है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर डेड हाउस पहुंचा दिया है। काफी देर तक पटरी पर घूमते देखी गई थी मृतकाजब पुलिस ने घटना स्थल के आसपास छानबीन की तो कुछ स्थानीय लोगों और चश्मदीदों ने पुलिस को बताया कि छात्रा काफी देर से पटरी के पास संदिग्ध हालत में घूम रही थी। जैसे ही सामने से तेज रफ्तार ट्रेन आती दिखी, वह अचानक ट्रैक के बीचों-बीच जाकर खड़ी हो गई। ट्रेन के टकराते ही मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना आत्महत्या तो वजह पर अभी भी 'सस्पेंस'आसपास रहने वाले लोगों ने जो जानकारी दी है, यदि पुलिस उसे सही मानती है तो मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। घटना के बाद मृतका के मोहल्ले में सनसनी फैल गई है। पुलिस के मुताबिक, मृतका के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। वह कक्षा 10वीं की छात्रा थी। इतनी कम उम्र में उसने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसे लेकर परिवार के लोग भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं और गहरे सदमे में हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह ने बताया कि ट्रेन से कटकर एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की की मौत के मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। प्राथमिक गवाहों के अनुसार, मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतका के परिजन से बातचीत की जा रही है और उनके मोबाइल रिकॉर्ड व सहेलियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है कि आखिर किस मानसिक तनाव या कारण के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में बन रहे सेई बांध टनल से अब बड़ा फायदा होने वाला है। अब वहां बहकर पानी गुजरात नहीं जाएगा। इससे पश्चिमी राजस्थान के 3 जिलों को भरपूर पानी मिलेगा। इस टनल के कार्य को लेकर पशुपालन, गोपालन, डेयरी और देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने निरीक्षण किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बहुप्रतीक्षित सेई बांध की टनल (सुरंग) की चौड़ाई बढ़ाने के चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। मंत्री कुमावत ने खुद टनल के भीतर जाकर निर्माण कार्य की प्रगति को देखा और अधिकारियों से अब तक हुए कार्य, बची हुई खुदाई और कंक्रीट लाइनिंग के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली। मंत्री कुमावत ने बताया कि सेई बांध से अतिरिक्त पानी को जवाई बांध तक पहुंचाने के लिए बनी 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग को चौड़ा करने के लिए सरकार ने बजट में कुल 100 करोड़ का प्रावधान किया है। पिछले तीन साल से चल रहे इस कार्य का करीब 95 फीसदी हिस्सा पूरा हो चुका है। अब केवल 90 मीटर टनल का कार्य बाकी है, जिसे आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट दिया गया है। श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा को लेकर दी हिदायत उन्होंने साफ किया कि पश्चिमी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही, उन्होंने टनल के अंदर काम कर रहे श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने की हिदायत दी। जल निकासी क्षमता होगी 4 गुना, 22 दिन में भरेगा जवाई बांध कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस टनल का विस्तार होने से पानी की निकासी क्षमता 328 क्यूसेक से बढ़कर 1376 क्यूसेक हो जाएगी। क्षमता 4 गुना बढ़ने से मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहकर गुजरात नहीं जाएगा। इससे पाली, सिरोही और जालोर जिलों को भरपूर पानी मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टनल की चौड़ाई कम होने के कारण सेई बांध से जवाई बांध तक पानी पहुंचने में 45 से 50 दिन का समय लगता है। लेकिन यह कार्य पूरा होने के बाद मात्र 22 दिन में ही जवाई बांध को 74 MCFT पानी मिलने लगेगा, जो इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। मारवाड़ के लिए संजीवनी है यह परियोजना सेई बांध और इसकी टनल मारवाड़ क्षेत्र, विशेषकर पाली जिले के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। कोटड़ा के सेई बांध से पानी को इस टनल के जरिए जवाई बांध में डाइवर्ट किया जाता है। जवाई बांध पाली और जोधपुर के कई इलाकों की प्यास बुझाता है। इंजीनियरों के अनुसार, वर्तमान में टनल की क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान सेई बांध का अतिरिक्त पानी बहकर गुजरात चला जाता है। टनल की चौड़ाई बढ़ने से पानी का प्रवाह (डिस्चार्ज क्षमता) तेजी से बढ़ेगा। मानसून का अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहने से बचेगा। जवाई बांध कम समय में और अधिक मात्रा में भरा जा सकेगा। पाली सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई संकट का स्थाई समाधान होगा। इको-टूरिज्म और सौंदर्यीकरण योजना कैबिनेट मंत्री कुमावत ने कहा कि अब इस बांध क्षेत्र को इको-टूरिज्म और स्थानीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत बांध की प्राकृतिक सुंदरता का उपयोग कर पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस दौरान किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, अनोप सिंह राठौड़, पूनम सिंह परमार, निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट के अध्यक्ष जगत सिंह, शिवराज सिंह बिठिया, सुमेरपुर नगर मंडल अध्यक्ष रविकांत रावल सहित कई लोग मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सहयोग से सोमवार को अशोक मार्ग स्थित इंदिरा भवन के अकादमी कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी पंजाबी भाषा और उसकी समृद्ध लिपि पर केंद्रित थी, जिसमें ‘पंजाबी लिपि की उत्पत्ति’ विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में विद्वानों ने गुरुमुखी लिपि के ऐतिहासिक विकास, सांस्कृतिक महत्व और आधुनिक समय में उसकी उपयोगिता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। संगोष्ठी में वरिष्ठ पंजाबी चिंतक सत्येंद्र पाल सिंह ने बताया कि पंजाबी भाषा के विकास के साथ उसकी लिपि का भी क्रमिक विकास हुआ। उन्होंने उल्लेख किया कि प्राचीन भारत की ब्राह्मी लिपि से कई क्षेत्रीय लिपियां विकसित हुईं, जिनमें से एक धारा से गुरुमुखी लिपि का विकास माना जाता है। पंजाब क्षेत्र में शारदा, टाकरी और लांडा जैसी लिपियां भी प्रचलित थीं, जिन्होंने पंजाबी लेखन परंपरा को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुरुमुखी आज पंजाबी भाषा की सबसे अधिक प्रचलित वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक नरेंद्र सिंह ने गुरुमुखी लिपि के विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गुरु अंगद देव जी ने पूर्व प्रचलित लिपियों को एक व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया। उस समय धार्मिक ग्रंथों के लेखन में सिद्धमात्रिका लिपि का व्यापक उपयोग होता था, लेकिन गुरु अंगद देव ने गुरुमुखी वर्णमाला को वैज्ञानिक ढंग से व्यवस्थित कर उसे एक नई पहचान दी। यही कारण है कि गुरुमुखी आज पंजाबी भाषा की सबसे अधिक प्रचलित और मान्य लिपि है। साहित्यिक कृतियों का संरक्षण गुरुमुखी लिपि का माध्यम नवयुग कन्या महाविद्यालय की दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष मेजर डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी भाषा की लिपि केवल लेखन का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह समाज की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं की संरक्षिका भी होती है। उन्होंने बताया कि गुरु ग्रंथ साहिब सहित अनेक धार्मिक और साहित्यिक कृतियों का संरक्षण गुरुमुखी लिपि के माध्यम से ही संभव हो पाया है।
हांसी में आंधी से दीवार गिरी, युवक की मौत:बेटा घायल, सब्जी की रेहड़ी लगाता था; 2 बच्चों का पिता
हरियाणा के हांसी में सोमवार को आए तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दीवार गिरने से एक युव की मौत हो गई, जबकि उनका 12 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान भाटिया कॉलोनी निवासी करीब 40 वर्षीय सोनू जांगड़ा और घायल की अभय के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, सोनू जांगड़ा त्रिकोणा पार्क के पास सब्जी-रोटी की रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार दोपहर तेज तूफान के समय, जिस पुरानी दीवार के सहारे उन्होंने अपनी रेहड़ी लगाई हुई थी, वह अचानक ढह गई। दीवार की चपेट में आने से सोनू और उनके बेटे अभय को गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों ने तुरंत दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। सोनू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हिसार के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायल अभय का उपचार जारी है। 2 बच्चों का पिता था सोनू मृतक सोनू का शव सोमवार शाम को हांसी के सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया। मृतक के भाई ने बताया कि सोनू अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं, जिनमें घायल अभय बड़ा बेटा है, जबकि छोटा बेटा अभी पढ़ाई कर रहा है। परिवार को उचित आर्थिक सहायता की मांग घटना की सूचना मिलने पर वार्ड-27 के पार्षद देवेंद्र मुवाल अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। भाजपा नेता रमेश ने भी परिवार को मुआवजा और हरसंभव सरकारी मदद उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। अस्पताल में जलभराव से गुजरना पड़ा इस दौरान सामान्य अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर भी सामने आई। जब परिजन सोनू जांगड़ा के शव को अस्पताल के शवगृह तक लेकर पहुंचे तो रास्ते में जलभराव होने के कारण उन्हें पानी से होकर गुजरना पड़ा। बारिश के बाद अस्पताल परिसर और शवगृह के आसपास पानी जमा होने से परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं अस्पताल परिसर के बाहर फैले अंधेरे ने भी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।
गोरखपुर के हरिओम नगर के वैष्णवी लॉन में प्रजापति स्वाभिमान एसोसिएशन की ओर से एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस प्रोग्राम में साल 2026 की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और टेक्निकल पढ़ाई की परीक्षाओं में 70% से अधिक नंबर लाने वाले प्रजापति समाज के लगभग 200 होनहार छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों के हाथों मेडल, सर्टिफिकेट, स्कूल बैग और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। महापुरुषों को याद कर हुई शुरुआत प्रोग्राम की शुरुआत दीप जलाकर और डॉक्टर बी.आर. अंबेडकर, डॉक्टर रत्नाप्पा कुम्हार और संतराम बी.ए. की तस्वीरों पर फूल चढ़ाकर की गई। इसके बाद संस्था के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथियों—ए.डी.जे. कमलापति प्रजापति, महंत बालक दास (अयोध्या), वीरेंद्र प्रजापति, छितेश्वर प्रजापति, डॉक्टर बरदानी प्रजापति, बालकिशुन प्रजापति और डॉक्टर उमाशंकर प्रजापति का माला पहनाकर स्वागत किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर डॉक्टर रामकोमल प्रजापति और चौधरी श्रीराम प्रजापति ने की, जबकि मंच का संचालन प्रभात और विनय प्रजापति ने संभाला। 'शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो पियेगा वही दहाड़ेगा' मंच से बोलते हुए प्रोफेसर डॉक्टर रामकोमल प्रजापति ने बच्चों से कहा कि वे एक मजबूत इरादे के साथ अपने बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जी-जान से जुट जाएं। वहीं महंत बालक दास ने शिक्षा की अहमियत बताते हुए कहा कि पढ़ाई के दम पर ही कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है, शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो पियेगा वही दहाड़ेगा। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजेश प्रजापति ने कहा कि आजादी के इतने साल बाद भी हमारा समाज मुख्य धारा से पीछे है। इसलिए बच्चों को पूरी लगन के साथ पढ़ाई करनी चाहिए ताकि सफलता जरूर मिले। इनके अलावा ए.डी.जे. कमलापति प्रजापति, इंजीनियर वीरेंद्र कुमार, डॉक्टर विकास चक्रधारी और कुंदन प्रजापति जैसे कई बड़े अधिकारियों और डॉक्टरों ने भी बच्चों का हौसला बढ़ाया। इन होनहार बच्चों को मिला सम्मान सम्मान पाने वाले बच्चों में मुख्य रूप से हाईस्कूल में खुशी प्रजापति, रोशनी, सुनैना, अभय, सृष्टि और रोहन प्रजापति। इंटरमीडिएट में अनुराग प्रजापति, संध्या, विद्या, स्तुति, अंशु और शिवम प्रजापति। हायर एजुकेशन में पल्लवी प्रजापति और मिताली प्रजापति शामिल हैं। पूरी टीम की मेहनत से सफल रहा प्रोग्राम इस पूरे आयोजन को कामयाब बनाने में प्रजापति स्वाभिमान एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक ओम प्रकाश प्रजापति के साथ उनकी पूरी टीम—विनय प्रजापति, राधेश्याम प्रजापति (टीचर), अजय प्रजापति, अंबिके प्रजापति, चंद्रभान प्रजापति (पार्षद), राधेश्याम प्रजापति (पत्रकार), इंजीनियर सुभाष प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, दुर्गा प्रसाद प्रजापति (बी.डी.ओ.), रामलखन प्रजापति, विवेश, संजय, अविनाश और असरफी लाल प्रजापति समेत सैकड़ों लोगों का अहम योगदान रहा।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के रजिस्ट्रेशन की मांग को खारिज करते हुए कहा कि संगठन न तो गुप्त है और न ही जनता की नजर से दूर काम करता है। भागवत ने कहा- बहुत सी ऐसी चीजें चल रही हैं जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है। संगठन के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। हम खुले मैदानों में काम करते हैं। लोगों को बुलाते हैं और उन्हें बताते हैं कि हम क्या करते हैं। उन्होंने संघ के रजिस्ट्रेशन के सवाल पर बताया कि जो लोग सरकार से फंड चाहते हैं, उन्हें रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है। वह होना ही चाहिए। लेकिन सरकार जानती है कि संघ का अस्तित्व है। दरअसल कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने RSS के 100 साल पूरे होने पर मोहन भागवत को लेटर लिखा था। खड़गे ने पूछा था- 100 साल का हिसाब बताएं। कानूनी दर्जा, फंडिंग और खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करें। भागवत ने और क्या कहा, 5 पॉइंट… खड़गे ने पूछा था- RSS 100 साल का हिसाब बताए कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोमवार को RSS के 100 साल पूरे होने पर बधाई देते हुए, मोहन भागवत को लेटर लिखकर संघ की कानूनी स्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा है। खड़गे ने RSS से कहा कि वह अपना रजिस्ट्रेशन कराए। अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करे और फंडिंग, आय, खर्च और संपत्ति के स्रोतों की जानकारी सार्वजनिक करे। उन्होंने तर्क दिया कि संगठन को पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही बनाए रखनी चाहिए। 13 जून को लिखे लेटर में प्रियांक ने सवाल किया कि जब नागरिकों, मजदूर संगठनों, NGO, ट्रस्ट, मंदिरों और कंपनियों से कानून का पालन करने, रजिस्ट्रेशन कराने और जानकारी देने की उम्मीद की जाती है, तो RSS को इससे छूट क्यों मिलनी चाहिए।
बलरामपुर। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने रविवार को जिले में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नशे की हालत में वाहन चलाने वाले पांच चालकों को पकड़ा गया। कुल 54 वाहनों के चालान किए गए और ₹1.51 लाख की शास्ति अधिरोपित की गई।अभियान के तहत जांच टीम ने ऐसे पांच वाहन चालकों को पकड़ा, जो शराब या अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चला रहे थे। सभी के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई। इस अभियान में विभिन्न यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 54 वाहनों के चालान किए गए। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर कुल ₹1,51,000 (एक लाख इक्यावन हजार रुपये) का जुर्माना लगाया गया।सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) बृजेश ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया था। चेकिंग के दौरान नशे में वाहन चलाने वालों के साथ-साथ अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई की गई।परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर लापरवाही और नशे की हालत में वाहन चलाना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने बताया कि ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे ताकि सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
इंदौर में मजदूरी का काम दिलाने का झांसा देकर महिला के चांदी के आभूषण हड़पने वाले आरोपी को चंदन नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 500 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, 12 जून 2026 की सुबह करीब 8 बजे एक महिला खजराना चौराहे पर मजदूरी के लिए खड़ी थी। इसी दौरान जितेंद्र राठौर उसके पास पहुंचा और उसे काम दिलाने की बात कही। आरोपी ने महिला को बताया कि चंदन नगर क्षेत्र के आगे स्थित एक जैन मंदिर में खाना बनाने का काम है, जहां प्रतिदिन 600 रुपए मजदूरी मिलेगी। महिला उसकी बातों में आ गई और जितेंद्र के साथ बाइक पर बैठकर चली गई। आरोपी पहले उसे सराफा क्षेत्र ले गया और बाद में चंदन नगर के आगे ग्राम सिंहासा पहुंचा। वहां उसने महिला से कहा कि मंदिर परिसर में गहने पहनकर काम करने की अनुमति नहीं है, इसलिए वह अपने आभूषण उतारकर उसे दे दे। महिला ने आरोपी पर विश्वास कर अपने चांदी के आभूषण उसे सौंप दिए। इसके बाद आरोपी मंदिर में बात करने का बहाना बनाकर वहां से फरार हो गया। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर महिला को ठगी का अहसास हुआ। उसने अपने पति को फोन कर घटना की जानकारी दी और बाद में डायल-112 पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनसे आरोपी की बाइक का नंबर मिल गया। इसके आधार पर पुलिस ने जितेंद्र पुत्र शिवनारायण राठौर, निवासी कृष्ण बाग कॉलोनी, जो वर्तमान में संस्कृति रॉयल बाग, राऊ में रह रहा था, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से महिला के करीब 500 ग्राम वजनी चांदी के कड़े और अन्य आभूषण बरामद कर लिए हैं।
प्रतापगढ़ के जहाजपुर क्षेत्र में 35 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक के परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते छह लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया है और जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान जहाजपुर निवासी बद्रीलाल मीणा (35) पुत्र कचरूलाल मीणा के रूप में हुई है। बद्रीलाल मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा है। मृतक की पत्नी शांतिबाई ने एसपी को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनका संबंधित आरोपियों से पुराना विवाद चल रहा था और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। शिकायत के अनुसार, 14 जून की रात करीब 11 बजे बद्रीलाल जब घर लौट रहे थे, तभी आरोपियों ने उनका रास्ता रोककर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी शव को घर के बरामदे में छोड़कर फरार हो गए। उन्होंने परिवार को धमकाने का आरोप भी लगाया है। शांतिबाई ने नन्दुड़ी पत्नी बाबूलाल, बाबूलाल पुत्र देवा, मांगुड़ी पत्नी देवीलाल, तेजा पुत्र बाबूलाल, आशाराम पुत्र भुवान और मन्नालाल पुत्र देवा, सभी निवासी जहाजपुर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली थानाधिकारी शंभूसिंह झाला ने बताया- सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। मृतक की पत्नी की शिकायत पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देवपुरी में अवैध प्लाटिंग पर निगम की कार्रवाई:बुलडोजर चलाकर सड़क काटी, निर्माण सामग्री भी जब्त
रायपुर में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम के जोन-10 की टीम ने देवपुरी स्थित वर्धमान नगर के पीछे करीब एक एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करते हुए वहां बनाई गई मुरुम सड़क को काट दिया। साथ ही मौके से निर्माण सामग्री भी जब्त की गई। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक बिना अनुमति प्लाटिंग कर जमीन को बेचने की तैयारी की जा रही थी। इसकी सूचना मिलने पर जोन-10 नगर निवेश विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। थ्री-डी मशीन से काटी गई अवैध सड़क निगम की टीम ने अवैध प्लाटिंग को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई मुरुम सड़क को थ्री-डी मशीन की मदद से काट दिया, ताकि जमीन की खरीदी-बिक्री और आगे के विकास कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों को विकसित होने से पहले रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। निर्माण सामग्री भी जब्त कार्रवाई के दौरान मौके पर रखी भवन निर्माण सामग्री को भी जब्त किया गया। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना वैधानिक अनुमति के की जा रही प्लाटिंग और निर्माण गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई जोन कमिश्नर मोनेश्वर शर्मा के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता गजाराम कंवर, सहायक अभियंता सुशील अहीर, उप अभियंता नवीन वर्मा और मनोज साहू सहित नगर निवेश विभाग की टीम मौजूद रही। नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी प्लॉट की खरीदारी से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें, ताकि अवैध कॉलोनियों में निवेश से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
बालोतरा, बिठूजा और जसोल क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में हुई अस्थायी कामबंदी के बाद प्रभावित मजदूरों के हितों की सुरक्षा को लेकर मजदूर संगठनों ने आवाज बुलंद की है। सोमवार को विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और श्रम विभाग को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित कामगारों के लिए मुआवजा, पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। जिलाधीश और श्रम विभाग को सौंपा संयुक्त ज्ञापन अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन फेडरेशन (एटक) से संबद्ध कपड़ा मजदूर यूनियन, लोडिंग एवं हमाल मजदूर यूनियन तथा मशराइज मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से जिलाधीश बालोतरा और श्रम विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के चलते बालोतरा, बिठूजा और जसोल क्षेत्र की कई औद्योगिक इकाइयों में अस्थायी रूप से कामकाज बंद हो गया है, जिससे हजारों श्रमिकों की आजीविका प्रभावित हुई है। 50 हजार मजदूरों और उनके परिवारों पर संकट मजदूर संगठनों का कहना है कि उद्योगों में कामबंदी के कारण करीब 50 हजार मजदूरों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दैनिक आय पर निर्भर रहने वाले श्रमिकों के लिए रोजगार बंद होने से परिवारों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित सभी कामगारों को श्रम कानूनों के तहत ले-ऑफ मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे इस कठिन समय में आर्थिक राहत प्राप्त कर सकें। पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की भी उठाई मांग ज्ञापन में केवल मुआवजे ही नहीं, बल्कि प्रभावित मजदूरों के पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। मजदूर नेताओं का कहना है कि जब तक उद्योगों में नियमित कामकाज शुरू नहीं होता, तब तक श्रमिकों के लिए अन्य रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसके साथ ही प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज जारी करने की मांग भी की गई है। सीईटीपी और प्रशासन की लापरवाही का लगाया आरोप एटक जिला महासचिव एडवोकेट हनुमान प्रजापत, लोडिंग एवं हमाल मजदूर यूनियन के अध्यक्ष गणपत जानी और मशराइज मजदूर यूनियन के सचिव सम्में खान ने वर्तमान स्थिति के लिए सीईटीपी, लघु उद्योग मंडल के पदाधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, जिसके परिणामस्वरूप उद्योगों में कामबंदी की स्थिति बनी और इसका सीधा असर हजारों मजदूरों पर पड़ा। राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रभावित कामगारों को जल्द राहत, मुआवजा और रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो सभी श्रमिक संगठन संयुक्त रूप से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने प्रशासन से मजदूरों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से श्रमिक संगठनों ने स्पष्ट किया कि मजदूरों की समस्याओं के समाधान तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
खैरथल तहसील की ग्राम पंचायत इस्माईलपुर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सालों से अवरुद्ध पड़े एक सार्वजनिक रास्ते को खुलवाया। यह रास्ता लंबे समय से बंद था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। शिविर में इस्माईलपुर निवासी मुंशरीफ पुत्र आसीन मेव ने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने खसरा संख्या 715 में दर्ज गैर-मुमकिन रास्ते पर अतिक्रमण कर उसे अवरुद्ध किए जाने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण उनके परिवार को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। एसडीएम सत्यवीर सिंह और तहसीलदार अभिषेक यादव ने शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल राजस्व टीम को मौके पर भेजकर रिकॉर्ड और स्थिति की जांच के निर्देश दिए। जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद तहसीलदार अभिषेक यादव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम, पटवारी सरजीत यादव, आईएलआर रूपसिंह बरेठ और ग्राम सरपंच मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने जेसीबी की सहायता से अवरुद्ध रास्ते को तुरंत खुलवाकर आमजन के लिए सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया। रास्ता खुलने के बाद ग्रामीणों ने राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने इस कार्रवाई को जनहित में महत्वपूर्ण बताया। शिविर में भूमि विवादों के समाधान के लिए भी कार्रवाई की गई। एसडीएम सत्यवीर सिंह और तहसीलदार अभिषेक यादव ने आपसी समझाइश से तीन प्रकरणों का निस्तारण किया। संबंधित पक्षों को मौके पर ही खाता विभाजन के आदेश दिए गए। राजस्व रिकॉर्ड शुद्धिकरण के 22 प्रकरण निपटाएइसके अतिरिक्त, राजस्व रिकॉर्ड शुद्धिकरण के 22 प्रकरणों का निपटारा किया गया। इससे किसानों और खातेदारों को राहत मिली। ग्रामीण सेवा शिविर में बिजली, कृषि, पशुपालन, सहकारिता और चिकित्सा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के प्रयास किए। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सरगुजा जिले के पथरई में रविवार को जमीन विवाद को लेकर किसान से मारपीट करने के बाद ट्रैक्टर चढ़ाकर उसकी हत्या के मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। मृतक और हत्यारे आपस में रिश्तेदार हैं। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मामला बतौली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम सिलमा में लगभग 6.30 एकड़ भूमि के नामांतरण और कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच पिछले कई वर्षों से राजस्व न्यायालय में विवाद चल रहा है। सिलमा निवासी होसराम पैकरा (60) और पथरई निवासी बजरंग पैकरा दोनों जमीन के मालिकाना हक का दावा कर रहे थे। मारपीट के बाद चढ़ाया था ट्रैक्टर रविवार को भुवनेश्वर पैंकरा, बजरंग, मनोज, रघुनंदन, बोधन, उमेश, कमली और प्यारी ट्रैक्टर लेकर विवादित भूमि में आकर धान बुआई करने पहुंचे थे। करीब 11ः30 बजे होंशराम उसका बेटा हेमंत पैंकरा व महेन्द्र पैंकरा के साथ मौके पर पहुंचे और बोआई से रोका तो भुवनेश्वर पैकरा एवं परिवाजनों ने होशराम से मारपीट की। उसके दोनों बेटे हेमंत और महेन्द्र ने बीचबचाव किया। तीनों की दूसरे पक्ष के लोगों ने डंडों एवं हाथ-मुक्के से जमकर पिटाई कर दी। आरोपी उमेश अपनी ट्रैक्टर तेज रफ्तार में चलाते हुए हेमंत को कुचलने के लिए पहुंचा। हेमंत मेड़ पर चढ़ गया तो मेड़ में खड़े होशराम को आरोपियों ने नीचे ढकेल दिया। खेत में गिरे होशराम पर उमेश ने दो बार ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे की उसकी मौके पर मौत हो गई। जेल भेजे गए सभी आरोपी गिरफ्तारघटना के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में भुवनेश्वर पैंकरा (80 वर्ष), बजरंग लाल (60 वर्ष), रघुनंदन पैंकरा (52 वर्ष), मनोज (35 वर्ष), उमेश (23 वर्ष), बोधन पैंकरा (37 वर्ष), कमलेश्वरी पैंकरा (60 वर्ष), प्यारी पैंकरा (50 वर्ष) शामिल हैं। सभी एक ही परिवार के हैं। थाना प्रभारी विवेक सेंगर ने बताया कि आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर दिया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत पर जेल भेज दिया गया है। यह था विवाद दरअसल, यह विवादित 6.30 एकड़ भूमि मूल रूप से कामेश्वरी नामक महिला के नाम पर दर्ज थी, जो मृतक होसराम की बड़ी मम्मी और मुख्य आरोपी बजरंग पैकरा की बुआ थीं।निःसंतान होने के कारण कामेश्वरी की सेवा-देखभाल होसराम ही करते थे, जिसके आधार पर उन्होंने वसीयत के जरिए जमीन पर अपना दावा किया था। दूसरी ओर, बजरंग पैकरा का परिवार भी इसी जमीन पर अपना हक जता रहा था।मामला जब राजस्व न्यायालय पहुंचा, तो तहसीलदार कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला होसराम के पक्ष में सुनाया। लेकिन इसके बाद जब दूसरे पक्ष ने एसडीएम कोर्ट में अपील की, तो वहां फैसला पलट गया और कोर्ट ने आरोपियों के हक में निर्णय दे दिया। इन दो अलग-अलग फैसलों ने दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
फर्रुखाबाद में सोमवती अमावस्या के अवसर पर गंगा स्नान के दौरान दो किशोर गहरे पानी में डूब गए। इनमें से एक को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश देर शाम तक जारी रही। यह घटना पांचाल घाट स्थित पैंटून पुल के पास हुई। लापता किशोर की पहचान 16 वर्षीय अंकित के रूप में हुई है। वह दिल्ली निवासी अमरचंद का बेटा है। अंकित अपनी ननिहाल मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के गांव तुर्कीपुर आया हुआ था। सोमवार को अंकित अपने मामा वीरेंद्र, नाना सुरेश, नानी महारानी देवी, छोटे भाई रोहन और बड़ी बहन साक्षी के साथ पांचाल घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंचा था। सभी लोग स्नान और पूजा-अर्चना कर रहे थे। दोपहर करीब 1 बजे अंकित अपने छोटे भाई रोहन के साथ दोबारा गंगा में नहाने गया। नहाते समय दोनों किशोर गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मौके पर मौजूद गोताखोरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रोहन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, अंकित तेज धारा में बह गया और लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से लापता किशोर की तलाश शुरू की। कादरीगेट थानाध्यक्ष कपिल चौधरी ने बताया कि दो लड़के गंगा में डूबे थे, एक को बचा लिया गया है और दूसरे की तलाश लगातार जारी है। देर शाम तक अंकित का पता नहीं चल सका था।
इंदौर के राजेंद्र नगर इलाके में सोमवार शाम एक निजी टैंकर ने साइकिल सवार चौकीदार को पीछे से टक्कर मार दी। चौकीदार घर से किराने का सामान लेने निकला था। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गया। राजेंद्र नगर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे की है। शिव सिटी के गेट के पास एक निजी टैंकर ने बी सिलिकॉन सिटी निवासी शंकर (35) पिता संघजी राठौर को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में शंकर की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और टैंकर को जब्त कर लिया। जानकारी के मुताबिक, शंकर चौकीदारी के साथ मजदूरी भी करता था। अमावस्या होने के कारण सोमवार को उसकी छुट्टी थी। पत्नी ललिता ने उसे किराने का सामान लाने के लिए 500 रुपए दिए थे। इसके बाद वह साइकिल लेकर घर से निकला था। शंकर के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं। परिवार मूल रूप से महाराष्ट्र के नंदूरबार का रहने वाला है। काम के सिलसिले में वे तीन साल पहले इंदौर आए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
करनाल के सेक्टर-6 में साई मंदिर वाली सड़क पर सोमवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से स्कूटी सवार 8 साल के बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी हाउस पहुंचाया और घायल महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। स्कूटी का बैलेंस बिगड़ने से हुआ हादसा जानकारी के अनुसार सोमवार शाम एक महिला अपने बच्चे के साथ स्कूटी पर साई मंदिर की ओर जा रही थी। इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली स्कूटी के पास से गुजर रही थी और उसके पीछे एक डंपर भी चल रहा था। अचानक ट्रैक्टर की साइड स्कूटी को लग गई, जिससे स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गई। बच्चा ट्रॉली के नीचे आया, मौके पर मौत स्कूटी गिरते ही बच्चा ट्रॉली की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं महिला सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसा होते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए, लेकिन लोगों की भीड़ देखकर ट्रैक्टर चालक फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला हालात घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। घायल महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भेज दिया गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और क्षतिग्रस्त स्कूटी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। खस्ताहाल सड़क बनी हादसे की वजह प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार साई मंदिर रोड पर लंबे समय से निर्माण कार्य चल रहा है। एक तरफ सड़क बंद होने के कारण दोनों दिशाओं का ट्रैफिक एक ही लेन से गुजर रहा है, जिससे रोजाना जाम और हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि अव्यवस्थित और खस्ताहाल सड़क के कारण ही यह हादसा हुआ है, जिसने एक मासूम की जान ले ली। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग स्थानीय लोगों ने बिना सुरक्षा इंतजाम के चल रहे निर्माण कार्य पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लापरवाह ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। पहचान नहीं हो पाई, जांच जारी सेक्टर-32-33 थाना प्रभारी जगदीश ने बताया कि हादसे में 8 साल के बच्चे की मौत हुई है और उसकी मां घायल है। अभी तक दोनों की पहचान नहीं हो पाई है। शिकायत मिलने के बाद आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
झालावाड़ जिले में एसडीएम पर पिस्टल तानने के 20 साल पुराने मामले में सजा काट रहे पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा ने स्थायी पैरोल मांगी है। पैरोल आवेदन पर समयबद्ध फैसला नहीं होने पर कंवरलाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस गणेश राम मीणा और जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर की खंडपीठ ने सोमवार को स्टेट पैरोल कमेटी को 7 दिन में पैरोल प्रार्थना पत्र पर फैसला लेने के लिए कहा। कंवरलाल मीणा की ओर से कहा गया कि करीब दो महीने से ज्यादा समय हो जाने के बाद भी स्टेट कमेटी ने पैरोल प्रार्थना पत्र पर निर्णय नहीं लिया है। याचिका में पैरोल नियमों को चुनौती देते हुए कहा था कि इसमें निर्णय लेने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं है। ऐसे में अधिकारियों को असीमित समय मिल जाता है, जो कैदी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है। कंवरलाल को तीन साल की सजा सुनाई गई थी। पिछले साल 21 मई को किया था सरेंडर दरअसल, करीब 20 साल पुराने मामले में एक मई 2025 को हाईकोर्ट ने विधायक की अपील को खारिज करते हुए अपीलेंट कोर्ट (एडीजे, अकलेरा, झालावाड़) के फैसले को बरकरार रखा था। अपीलेंट कोर्ट ने विधायक को राजकार्य में बाधा डालने, सरकारी अधिकारियों को डराने-धमकाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ कंवरलाल मीणा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद कंवरलाल मीणा ने 21 मई 2025 को झालावाड़ कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। वहीं विधानसभा स्पीकर ने उनकी सदस्यता भी समाप्त कर दी थी। 20 साल पहले SDM पर तान दी थी पिस्टल 3 फरवरी 2005 को झालावाड़ के मनोहर थाने से दो किलोमीटर दूर दांगीपुरा-राजगढ़ मोड़ पर गांव के लोगों ने खाताखेड़ी के उपसरपंच के चुनाव के संबंध में फिर से मतदान करवाने के लिए रास्ता रोक रखा था। सूचना पर तत्कालीन एसडीएम रामनिवास मेहता, प्रोबेशनर आईएएस डॉक्टर प्रीतम बी यशवंत और तहसीलदार रामकुमार के साथ मौके पर पहुंचे। वे लोगों को समझा रहे थे। करीब आधे घंटे बाद कंवरलाल मीणा अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर आया। उसने एसडीएम मेहता की कनपटी पर पिस्टल तानकर कहा कि दो मिनट में वोटों की गिनती फिर से कराने की घोषणा नहीं की तो जान से मार दूंगा। मेहता ने उससे कहा- इस तरह से जान जा सकती है, लेकिन दोबारा वोटों की गिनती की घोषणा नहीं हो सकती है। गांव के लोगों ने कंवरलाल को समझाया। इसके बाद उसने विभाग के फोटोग्राफर के कैमरे से कैसेट निकालकर तोड़ दिया और फिर जला दिया। कंवरलाल ने डॉक्टर प्रीतम का डिजिटल कैमरा भी छीन लिया। करीब 20 मिनट बाद कैमरा लौटाया। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने कंवरलाल मीणा को 2 अप्रैल 2018 को दोषमुक्त किया था। अपील कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए उसे दोषी करार दिया था।
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल (CGSOS) ने अगस्त-सितंबर 2026 की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी कर दिया है। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं 10 अगस्त 2026 से शुरू होंगी। हाईस्कूल की परीक्षाएं 10 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएंगी, जबकि हायर सेकेंडरी की परीक्षाएं 10 अगस्त से 29 अगस्त 2026 तक चलेंगी। छात्रों के लिए जरूरी निर्देश छात्रों के लिए सलाह परीक्षार्थी परीक्षा तिथि, विषय और समय का मिलान पहले से कर लें तथा प्रवेश पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार रखें, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बिजनौर डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में शाम 5 बजे कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तैनात आशा, एएनएम और जीएनएम को निर्धारित लक्ष्य आवंटित किए जाएं, ताकि शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बन सकें। जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर पात्र परिवारों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने आयुष्मान कार्ड निर्माण की नियमित समीक्षा और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग का मुख्य कार्य है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को पूर्ण मानक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय सहित जनपद के सभी सीएचसी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में आधारभूत सुविधाओं की कमी को तत्काल दूर करने के लिए कार्यवाही करने को भी कहा। बैठक में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण तथा बच्चों में कुपोषण की स्थिति की जांच की विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता, एंटी-स्नेक इंजेक्शन की उपलब्धता, आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान, आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड निर्माण और प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थियों के भुगतान की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्ण मानक के अनुसार क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और एमओआईसी (चिकित्सा अधिकारी प्रभारी) उपस्थित थे।
बागपत पुलिस ने बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में वांछित चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नजरुल पुत्र हुसैन अली के रूप में हुई है, जो झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहेट थाना क्षेत्र के छोटा कदम गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार, नजरुल के खिलाफ बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम के साथ-साथ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 79 के तहत मामला दर्ज था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक बागपत के निर्देश पर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, थाना एएचटी की टीम ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त की तलाश शुरू की। लगातार निगरानी और सघन चेकिंग के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने अभियुक्त से आवश्यक पूछताछ की और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बागपत पुलिस ने बताया कि बाल श्रम और बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
हरियाणा के पानीपत जिले के अंतर्गत आने वाले गांव बुआना लाखू में सोमवार को एक हादसा हो गया। यहां गांव के ही जोहड़ (तालाब) में भैंसों को नहलाने गए 44 वर्षीय एक व्यक्ति की पानी में डूबने के कारण मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुआना लाखू गांव का रहने वाला राकेश (44 वर्ष) दोपहर के समय अपनी भैंसों को पानी पिलाने और नहलाने के लिए गांव के जोहड़ पर लेकर गया था। भीषण गर्मी के कारण भैंसें तैरते हुए जोहड़ के काफी अंदर यानी गहरे पानी में चली गईं। जब राकेश ने भैंसों को जोहड़ से बाहर निकालने का प्रयास किया, तो वह खुद को संभाल नहीं पाया। भैंसों को खदेड़ने के चक्कर में राकेश का पैर फिसल गया या वह गहरे पानी के वीएच में चला गया, जिससे वह तालाब में डूब गया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, अस्पताल ले जाने से पहले तोड़ा दम जब राकेश पानी में डूबने लगा और जोहड़ के पास हलचल हुई, तो आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया। चीख-पुकार सुनकर खेतों और गांव से भारी संख्या में ग्रामीण जोहड़ की तरफ दौड़े। ग्रामीणों ने तुरंत पानी में छलांग लगाई और काफी मशक्कत के बाद राकेश को पानी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक राकेश के फेफड़ों में काफी पानी भर चुका था और उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन और ग्रामीण उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। स्थानीय पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई में जुटी हादसे की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने मृतक राकेश के शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के सामान्य अस्पताल भिजवा दिया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयानों के आधार पर इत्तेफाकिया दुर्घटना की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
दिल्ली सरकार द्वारा यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देते हुए राजधानी के 28 प्रमुख यमुना घाटों पर एक साथ “मां यमुना तट स्वच्छता अभियान” का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अभियान में 15,000 से अधिक नागरिकों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया अभियान के दौरान यमुना घाटों, नदी तटों, पहुंच मार्गों और आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों की व्यापक सफाई की गई। इस दौरान 116.6 मीट्रिक टन कचरे को एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा यमुना केवल एक नदी नहीं है, यह दिल्ली की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। इस अभियान में सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, राजस्व विभाग सहित कई विभागों ने संयुक्त रूप से इस अभियान को सफल बनाया। दिल्ली पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और डूसिब ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 8 ट्रैश स्किमर एवं वीड हार्वेस्टर, 28 नावें, 28 जेसीबी मशीनें, 84 पीडब्ल्यूडी मेंटेनेंस वैन, 28 हॉर्टिकल्चर वाहन, कचरा परिवहन वाहन तथा प्रत्येक स्थल पर आपात चिकित्सा सहायता के लिए एम्बुलेंस तैनात की गईं। 116.6 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया अभियान के दौरान एकत्र कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारित किया गया। सामान्य कचरे एवं निर्माण एवं विध्वंस (सीडी) अपशिष्ट का निर्धारित नियमों के तहत निपटान किया गया। पूजा सामग्री एवं खंडित मूर्तियों का पर्यावरण अनुकूल तरीके से विसर्जन सुनिश्चित किया गया। जलकुंभी एवं अन्य हरित अपशिष्ट को वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए निर्धारित ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट्स तक पहुंचाया गया। 'यमुना की सफाई कोई एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत संकल्प है' जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आगे कहा दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता और जनभागीदारी के विजन से प्रेरित होकर यमुना पुनर्जीवन के लिए लगातार कार्य कर रही है। यमुना की सफाई कोई एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत संकल्प है। यदि हम सभी यह निश्चय करें कि यमुना में कचरा नहीं जाएगा, तो यमुना को स्वच्छ बनने से कोई नहीं रोक सकता।
बरेली के सेंथल पट्टी में सोमवार सुबह करीब 11 बजे ब्रह्मदेव स्थल के पास एक तेज रफ्तार बाइक और साइकिल की आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में साइकिल सवार एक युवक व एक किशोर और बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। दिनदहाड़े हुए इस घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया और शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला... 'दर्शन कर घर लौट रहे थे सुरेंद्र और भानु' ग्राम मुड़िया बिसन सहाए के रहने वाले 18 वर्षीय सुरेंद्र और 13 वर्षीय किशोर भानु सोमवार सुबह साइकिल से सेंथल पट्टी स्थित ब्रह्मदेव स्थल पर दर्शन करने गए थे। सुबह करीब 11 बजे दर्शन करने के बाद दोनों साइकिल से वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक काल बनकर आई और उनकी साइकिल में सीधे जोरदार टक्कर मार दी। 'खंती में गिरी बाइक, एक ने मौके पर तोड़ा दम' यह टक्कर इतनी भीषण थी कि साइकिल सवार सुरेंद्र और भानु छिटककर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, टक्कर के बाद बाइक भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी खंती (गहरी खाई) में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार 21 वर्षीय पुष्पेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। खून से लथपथ घायलों की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भिजवाया, लेकिन इलाज के दौरान सुरेंद्र और भानु ने भी दम तोड़ दिया। 'रुद्रपुर में करता था सिलाई का काम, बहन से मिलने जा रहा था पुष्पेंद्र' जान गंवाने वाला बाइक सवार पुष्पेंद्र मूल रूप से थाना भोजीपुरा क्षेत्र के गांव टांडा इनयतुल्ला का रहने वाला था। उसके जीजा उमाशंकर ने बताया कि पुष्पेंद्र उत्तराखंड के रुद्रपुर में सिलाई का काम करता था और रविवार शाम को ही काम से छुट्टी लेकर घर वापस आया था। सोमवार सुबह वह पस्तौर गांव में अपनी एक बहन पुष्पा के घर से निकलकर दूसरी बहन कान्तिदेवी के घर (परेवा कुर्मियान) जा रहा था, तभी रास्ते में यह मनहूस हादसा हो गया। तीन मौतों के बाद से दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) सीमा में शामिल गांवों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर विधायक ने नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था का फायदा ग्रामीणों के बजाय भूमाफियाओं को अधिक मिल रहा है। विधायक कलेक्टर को एक आदिवासी परिवार के घर ले गए और उन्हें जमीनी हालात से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों और प्रशासनिक पेचीदगियों के कारण पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है। दरअसल, UDA की सीमा में शामिल किए गए ग्रामीण एवं आदिवासी अंचल के गांवों अलसीगढ़, पोपल्टी, फांदा, उंदरी खुर्द, चोकड़िया और नयागुड़ा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। उदयपुर ग्रामीण से भाजपा विधायक फूलसिंह मीणा ने सोमवार को जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल के साथ इन गांवों का दौरा कर मौके की स्थिति का जायजा लिया और यूडीए में शामिल किए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई। इन गांवों में आबादी दूर-दूर ढाणियों में बसा दौरे के दौरान विधायक मीणा ने जिला कलेक्टर को बताया कि संबंधित गांव आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां आबादी दूर-दूर ढाणियों में बसी हुई है। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों को बिना पर्याप्त अध्ययन के यूडीए सीमा में शामिल कर लिया गया, जबकि वर्तमान परिस्थितियों में इसका कोई औचित्य नहीं बनता। कलेक्टर ने इन गांवों को यूडीए सीमा से बाहर रखने की कही बात निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने विधायक से कहा कि मौके की स्थिति को देखते हुए ये क्षेत्र फिलहाल यूडीए में नहीं हो, इसके लिए आपकी बात पर विचार करते हुए बात पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गांव पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित हैं और यहां शहरी विकास की संभावनाएं निकट भविष्य में नजर नहीं आतीं। ऐसे में इन क्षेत्रों को यूडीए सीमा से बाहर रखने पर विचार करने पर बात रखी जाएगी। इन गांवों को नहीं भूमाफियाओं को मिलेगा फायदा विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि आदिवासी समुदाय आज भी प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक जीवनशैली के साथ जीवन यापन कर रहा है। अगर इन क्षेत्रों को यूडीए में रखा गया तो इससे ग्रामीणों को अपेक्षित विकास का लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि भूमाफियाओं को जमीनों की खरीद-फरोख्त का अवसर मिल जाएगा। शहरी सीमा विस्तार से ग्रामीणों की समस्याओं का नहीं होगा समाधान विधायक मीणा ने आशंका जताई कि इससे पहाड़ों और हरित क्षेत्रों को नुकसान पहुंचेगा और स्थानीय आदिवासी परिवार अपनी भूमि से बेदखल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचल के विकास के लिए सबसे पहले रोजगार, शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाना चाहिए। केवल शहरी सीमा विस्तार से ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। आदिवासी परिवार की स्थिति देख भावुक हुए अधिकारी दौरे के दौरान विधायक और जिला कलेक्टर ने एक आदिवासी परिवार के घर का भी दौरा किया। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय पाई गई। परिवार के पास उपयोग के लिए केवल कुछ बुनियादी बर्तन और रहने के लिए एक जर्जर झोपड़ी थी, जिसमें परिवार और उनकी बकरियां साथ रहती हैं। जानकारी दी गई कि वन विभाग से एनओसी और पट्टा नहीं मिलने के कारण परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहा है। पक्के आवास के अभाव में उन्हें जंगली जानवरों, विशेषकर लेपर्ड के हमले का भी लगातार खतरा बना रहता है। इस पर जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक राहत और कार्रवाई के निर्देश दिए। दौरे में गिर्वा के पूर्व प्रधान तख्तसिंह शक्तावत, मंडल अध्यक्ष सुनील चौधरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष दिनेश धायभाई, महामंत्री भगवती तेली, पोपल्टी सरपंच धर्मचंद मीणा, वरिष्ठ नेता कैलाश मीणा, मांगीलाल खराड़ी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
'डबल इंजन की सरकार...' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस वक्त यह वाक्य कहा था उस वक्त भले ही यह वाक्य आम नागरिकों-राजनेताओं को अजीब लगा हो अथवा समझ में ही न आया हो, लेकिन, पीएम मोदी इस वाक्य का दूरगामी परिणाम जानते थे। आज यह वाक्य देश के हर राज्य में गूंजता है। इस तरह के कई अद्भुत वाक्यों का आविष्कार करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकाल के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। सफलतापूर्वक इसलिए कहेंगे, क्योंकि जिन कामों को लेकर ये माना जा रहा था कि चाहे कुछ भी हो जाए, वो काम पूरे नहीं होंगे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वही काम तय समय सीमा में किए। इसमें राम राजा सरकार का अयोध्या मंदिर और धारा 370 को गिना जा सकता है। ये बातें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही हैं। उन्होंने आगे कहा कि ठीक इसी 'डबल इंजन' के डोज पर मध्यप्रदेश सरकार भी काम कर रही है। देश का हृदय प्रदेश कहा जाने वाला मध्यप्रदेश पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास की राह पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राज्य सरकार की समन्वित नीतियों, सुधारों और जन-कल्याणकारी योजनाओं ने राज्य को आर्थिक, औद्योगिक, कृषि और कई क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना से प्रेरित डबल इंजन सरकार का यह प्रयास एमपी को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर मजबूती से ले जा रहा है। चढ़ता आर्थिक विकास, बढ़ती निवेश की रफ़्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपी सरकार ने औद्योगिक निवेश को अपनी बड़ी प्राथमिकता दी है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और अनेक क्षेत्रीय सम्मेलनों के माध्यम से प्रदेश को जहां हजारों करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं, दिल्ली-नागपुर, अटल प्रगति एक्सप्रेस वे, नर्मदा एक्सप्रेस वे और इंदौर-पीथमपुर जैसे औद्योगिक गलियारों के तेजी से विकास ने मध्य प्रदेश में निवेश को बूस्टर डोज दी है। राज्य में निवेशकों को 500 वर्ग किलोमीटर से अधिक औद्योगिक भूमि बैंक, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और जल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस- वे,मालवा- निमाड़ - एक्सप्रेस- वे, अटल प्रगति पथ, बुंदेलखंड विकास पथ, मध्य भारत एक्सप्रेस- वे बनने से प्रदेश में कनेक्टिविटी को बड़ी रफ़्तार मिल रही है जिसके चलते निवेशकों की एमपी के प्रति रूचि बढ़ रही है। दुबई और स्पेन सरीखे देशों से भी बड़े निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश को मिल रहे हैं। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव और स्टार्टअप समिट 2026 ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को नई उड़ान दी है।एआई-आधारित शासन और सौर ऊर्जा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने दावोस में भी मध्यप्रदेश की वैश्विक पटल पर ब्रांडिंग की जिससे एमपी के प्रति ग्लोबल निवेशक आकर्षित हुए हैं। मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर हाल के वर्षों में औसतन 9-11% के आसपास रही है, जो कई राज्यों से बेहतर है। 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार जीएसडीपी लगभग 18.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं में एमपी का प्रदर्शन बेहतर मुख्यमंत्री ने कहा मोदी सरकार की मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसी अनेकों योजनाओं का लाभ मध्यप्रदेश को मिल रहा है। टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और एग्रीटेक क्षेत्रों में नई यूनिट्स स्थापित हो रही हैं, जिससे लाखों रोजगार सृजित हो रहे हैं। पीएम जन-धन योजना में मध्य प्रदेश में 4.69 करोड़ से अधिक खाते खुले जिससे डीबीटी के माध्यम से वित्तीय समावेशन को महजबूती मिली है। इसी तरह से प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के माधयम से मध्यप्रदेश में 89 लाख से अधिक कनेक्शन मिले जिससे महिलाओं को रसोई गैस के धुंए से मुक्ति मिली। केंद्र की मोदी सरकार के जल जीवन मिशन से भी मध्यप्रदेश में हर घर नल से जल का संकल्प साकार हुआ है जिससे प्रदेश के 1 करोड़ 11 लाख परिवार सीधे लाभान्वित हुए हैं। पीएम मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि योजना से उद्यमियों को मिली राहत उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों उद्यमियों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है। वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मध्यप्रदेश में इस योजना में जहां 32.41 लाख लाभार्थियों को ऋण वितरित किए गए वहीं वित्तीय वर्ष 202 -27 में यह आंकड़ा 4.82 लाख तक पहुंच चुका है। पीएम स्वनिधि योजना भी छोटे व्यापारियों के लिए बड़ा सहारा बनी। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के 15.87 लाख प्रकरणों में 2679.49 करोड़ रु का ऋण वितरण किया है। कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी विकास को मिली रफ़्तार मोहन युग में आज का मध्य प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश में विकास के सभी क्षेत्रों में हर दिन नवाचार हो रहे हैं। राज्य ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सड़क, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी में सुधार ने न केवल उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है, बल्कि गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाई है। स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आधुनिक शहरी प्रबंधन और स्वच्छता के मॉडल बनकर उभरे हैं। वहीं, नर्मदा घाटी विकास परियोजनाओं ने सिंचाई और जल संरक्षण में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। सड़क, बिजली और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं में भारी निवेश ने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा है। मोदी सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनाओं और मोहन सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजनाओं ने किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि यंत्रीकरण तथा फसल बीमा जैसी योजनाओं से किसानों को लाभ मिल रहा है जिसके परिणामस्वरूप कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। प्रदेश में डिजिटल कृषि सेवा से एक तरफ जहां किसान सशक्त हो रहे हैं, वहीं किसानों को मौसम, मंडी भाव , रोग कीट प्रदबंधान और ड्रोन स्प्रे की रियाल टाइम जानकारी मिल रही है। गौशालाओं को बढ़ावा देने, दूध उत्पादन दोगुना करने के प्रयास और कृषि प्रसंस्करण इकाइयों का विस्तार राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत कर रहा है। पीएम आवास योजना शहरी के माध्यम से हर जरूरतमंद को पक्का आवास दिया जा रहा है। एमपी के 9 लाख से अधिक आवास हितग्राहियों को इस योजना के माध्यम से आवास सौंपे गए हैं। साइबर तहसील जैसी डिजिटल पहल पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बेहतर कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की आयुष्मान भारत , पीएम जन मन और शिक्षा संबंधी योजनाओं के साथ राज्य सरकार के प्रयासों ने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा दी है। एमपी में बेहतर सेवाओं का लगातार इजाफा हो रहा है। उज्जैन में पहली मेडिसिटी और मेडिकल कॉलेज का जहां भूमि पूजन हो चुका है वहीं पीएम श्री एम्बुलेंस जैसी सेवा से कई मरीजों के जीवन में सवेरा हुआ है। इसी तरह से प्रदेश में एमबीबीएस की 5500 और स्नातकोत्तर की 2862 सीटों में वृद्धि हुई है। मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा में 3 नए अस्पतालों की स्वीकृति से जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही है। मोहन सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संकल्पित है। सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में HVP टीकाकरण अभियान में एमपी आज देश के शीर्षस्थ राज्यों में शामिल हुआ है। हवाई सेवाओं का विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए हवाई सेवाओं का व्यापक विस्तार शुरू किया है। मार्च 2024 में प्रधानमंत्री (पीएमश्री) पर्यटन वायु सेवा और पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा का शुभारंभ हुआ जो लोक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित है। यह योजना भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो जैसे आठ प्रमुख शहरों को जोड़ती है। यह विस्तार न केवल तीर्थयात्रियों की सुविधा बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है। मोहन के दौर का मध्यप्रदेश अब 'आकाशमार्ग से तीर्थयात्रा' का नया अध्याय लिख रहा है जो आस्था और आधुनिकता का अनूठा संगम है। सांस्कृतिक अभ्युदय से निकली नई राह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प को मध्यप्रदेश में पूरा करने की ओर हमारी सरकार मजबूती से कदम बढ़ा रही है। प्रदेश में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मोहन सरकार राम गमन पथ विकसित कर रही है। वहीं, चित्रकूट को भी अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। डॉ. मोहन यादव ने भगवान कृष्ण से जुड़े इन स्थलों को विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर भी आगे बढ़ रही है जिसे 'कृष्ण पाथेय' के रूप में जाना जा रहा है। इस योजना के तहत, राज्य में कृष्ण से जुड़े प्रमुख स्थलों का चयन किया गया है। सुशासन की पर्याय बनती मोहन सरकार सुशासन की प्रभावी नीतियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के कारण मध्यप्रदेश विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी पर आधारित शासन व्यवस्था ने राज्य को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिये सरकार दिन रात एक किए हुए हैं। सबका साथ,सबका विकास,सबका विश्वास तथा सबका प्रयास का नारा वंचितों के जीवन में सुधार लाने के उद्देश्य से अब मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों की आधारशिला ही बन चुका है। डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सुशासन की आदर्श अवधारणा को पूर्ण रूप से मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नक्सलवाद का अंत… डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित समय-सीमा से पहले ही प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया है। बालाघाट समेत प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों ने सघनता से इस अभियान को सफल बनाया है। यह उपलब्धि न केवल कानून-व्यवस्था की मजबूती दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और समृद्धि का आधार भी तैयार कर रही है। गरीब, युवा, किसान और महिला सबका विकास और कल्याण मोहन सरकार प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बताई गई चार जातियों- गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के विकास और कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। स्कूलों, कॉलेजों और कौशल विकास केंद्रों का विस्तार युवाओं को रोजगार योग्य बना रहा है। मध्यप्रदेश नई शिक्षा नीति को लागू करने, सकल पंजीयन दर बढ़ाने और खनिज क्षेत्र में देश में अव्वल रहा है। महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन और उद्यमिता कार्यक्रम राज्य में महिलाओं को समाज की मुख्यधरा से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। डॉ.मोहन यादव का नेतृत्व महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक आदर्श बनकर उभरा है। महिलाओं के सशक्तिकरण में लाड़ली बहना योजना और महिला स्वावलंबन मिशन जैसी योजनाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। मोहन के कार्यकाल में लाड़ली बहना योजना में मासिक सहायता 1250 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए हो गई है। सरकारी भर्ती में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण, लखपति दीदी मिशन ने महिलाओं को आज समाज की मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है। मोदी सरकार की दूरदर्शी नीतियों और मोहन सरकार के प्रभावी क्रियान्वयन ने मध्यप्रदेश प्रतिदिन विकास के नए आयाम छू रहा है। यह प्रगति न केवल आंकड़ों में है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के रूप में भी दिख रही है। निरंतर सुधार, निवेश और आमजन की शासन में सीधी भागीदारी से मध्यप्रदेश निश्चित रूप से मोदी सरकार के दौर में संवर रहा है। पीएम मोदी के विकसित भारत 2047 विजन के अनुरूप “विकसित मध्यप्रदेश, विकसित भारत” का सपना अब दूर नहीं है।
युवती के अपहरण-दुष्कर्म दोषी को 10 साल की सजा:बिजनौर कोर्ट ने 22 साल पुराने मामले में सुनाया फैसला
बिजनौर कोर्ट ने 22 साल पुराने एक मामले में युवती के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी सुरेश कुमार उर्फ सुरेंद्र को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला जज कमलदीप (एफटीसी संख्या 2) ने दोषी पर 85 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला हीमपुर क्षेत्र से जुड़ा है। एडीजीसी मुकुल राठौर ने बताया कि हीमपुर दीपा निवासी सुरेश कुमार उर्फ सुरेंद्र पुत्र नथवा ने एक गरीब मजदूर की बेटी को सतत शिक्षा केंद्र में सिलाई-कढ़ाई के काम पर रखने का झांसा दिया था। आरोपी ने युवती को नौकरी दिलाने का वादा किया, जबकि उसके पिता ने बताया था कि उनकी बेटी केवल पांचवीं पास है। आरोपी ने पांचवीं पास युवती के लिए आठवीं पास के फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए थे। घटना 16 अगस्त 2004 की है, जब आरोपी सुरेश कुमार युवती के घर आया। उसने युवती के काम के पैसे भुगतान कराने का बहाना बनाकर उसे बहला-फुसलाया। युवती के पिता ने अपनी बेटी और छोटे बेटे अनिल को आरोपी के साथ भेज दिया। शाम को जब अनिल घर लौटा, तो उसने बताया कि आरोपी उसकी बहन को कहीं और ले गया है। पिता ने अपनी बेटी की काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पीड़ित पिता ने इसकी सूचना थाने में दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच-पड़ताल करते हुए युवती को बरामद किया और मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए, जिसमें पीड़िता ने अपनी आपबीती बताई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपने बयानों में पुष्टि की कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। अदालत ने पेश किए गए सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और उसे यह सजा सुनाई।
मंडला में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता करने के बाद कार्यकर्ता रैली के रूप में भाजपा दफ्तर का घेराव करने निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास बैरिकेड्स लगाकर बीच में ही रोक दिया। इस दौरान गुस्साए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। साथ ही उन्होंने अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए अगरबत्ती जलाई और सरकार को सद्बुद्धि देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और नामांकन निरस्त करने के इस फैसले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के पूरी तरह खिलाफ बताया। संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने कहा कि कांग्रेस बेहद शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि वह संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर काम करवा रही है, जिसकी वजह से चुनाव आयोग अपनी निष्पक्ष भूमिका निभाने में नाकाम साबित हुआ है। अदालत की अनदेखी और जनता के बीच जाने का एलान डॉ. मर्सकोले ने आगे कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को निरस्त करने का कोई कानूनी या वैधानिक आधार नहीं था। यह कार्रवाई सिर्फ भाजपा की आपत्ति को ध्यान में रखकर की गई है, जबकि हैदराबाद की सत्र अदालत भी इस तरह की आपत्ति को पहले ही खारिज कर चुकी है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के रुख के बावजूद नामांकन रद्द करना लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस नेताओं ने साफ एलान किया कि वे इस नाइंसाफी के मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएंगे और लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को बचाने के लिए बड़ा जनजागरण अभियान चलाएंगे। पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच यह पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से खत्म हुआ।
सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सोमेन्द्र तोमर ने बागपत स्थित ऐतिहासिक पुरा महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ से जनकल्याण का आशीर्वाद मांगा। मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सोमेन्द्र तोमर ने श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया और कहा कि सनातन परंपराओं से जुड़े ऐसे पर्व समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा देने के साथ सामाजिक समरसता का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सोमेन्द्र तोमर ने स्वयं श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर प्रसाद वितरित किया। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयघोष और शिवभक्ति का माहौल बना रहा। कार्यक्रम में भोपाल प्रधान, सौरभ चौधरी, आयुष चपराना, मोहन गुर्जर, नरेश विश्वकर्मा, नवीन नेहरा, हरिओम अग्रवाल, वरुण राजपूत, आदित्य शर्मा, दीपक राणा, गुड्डू गगोल, मनुपाल बंसल, मनीष प्रजापति, रजनीश पंवार, नवीश कसाना, डॉ. विनोद, विकास भड़ाना, अंकित विकल, कमल जाटव, रविंद्र कुमार, सुनील वर्मा, नितिन कसाना, सुमित भड़ाना और राहुल कसाना सहित कई लोग मौजूद रहे।
जोधपुर में गर्मी में पानी के स्टोरेज और फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइप लाइनों के मेंटेनेंस और सफाई के कारण पानी की सप्लाई बाधित रहेगी। जोधपुर शहर के सभी फिल्टर हाउस से सभी क्षेत्रों में पानी की सप्लाई 17 जून को बंद रहेगी। पीएचईडी विभाग के एसई राजेंद्र मेहता ने बताया- जोधपुर शहर के कायलाना, चौपासनी और सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबंधित सभी क्षेत्रों में 17 जून को होने वाली जलापूर्ति 18 जून को की जाएगी। वहीं 18 जून को होने वाली जलापूर्ति 19 जून को की जाएगी। झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउसे से जुड़े क्षेत्र सरस्वती नगर और कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों एवं पाल बाइपास, शिल्पग्राम के आस-पास क्षेत्रों में 17 जून को सुबह 10 बजे तक की जाने वाली सप्लाई सामान्य रूप होगी। इन क्षेत्रों में 18 जून को होने वाली सप्लाई 19 जून को और 19 जून को की जाने वाली जलापूर्ति 20 जून को होगी।
मुरादाबाद में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत एक बड़ी कार्रवाई हुई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ-11) ने 2018 के ड्रग्स तस्करी के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 12 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर राज्य भर में गंभीर अपराधियों को जल्द सजा दिलाने के लिए 'ऑपरेशन कन्विक्शन' चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुरादाबाद जनपद के थाना भोजपुर से जुड़े इस पुराने मामले में अदालत का यह फैसला आया है।यह मामला वर्ष 2018 का है, जब भोजपुर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। अभियुक्त की पहचान शरीफ पुत्र भोला के रूप में हुई है, जो मुरादाबाद के थाना भोजपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम लखनपुरी का निवासी है। उसके खिलाफ पुलिस ने मुकदमा संख्या 267/2018 के तहत एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया था।मामले की विवेचना पूरी होने के बाद, मुरादाबाद पुलिस की पैरवी सेल ने कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा। सरकारी गवाहों और सबूतों को समय पर पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या 11 (ADJ-11) ने आरोपी शरीफ को दोषी पाया और उसे 12 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 1 लाख रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया।
सलूंबर नगर परिषद ने आमजन को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहरी सेवा शिविर-2026 का शुभारंभ किया। सोमवार को नगर परिषद सभागार में शुरू हुए इस शिविर के पहले ही दिन विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जनसमस्याओं का समाधान कर लोगों को राहत प्रदान की। शिविर का उद्घाटन सलूंबर विधायक शांता अमृतलाल मीणा, पूर्व देहात उपाध्यक्ष कैलाश गांधी, नगर मंडल अध्यक्ष विजेष मलवाड़ा और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रभुलाल जैन सहित कई जनप्रतिनिधियों ने किया। इस अवसर पर अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और पात्र लोगों तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। पट्टों से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण कियानगर परिषद आयुक्त के अनुसार, शिविर के पहले दिन ही नामांतरण और पट्टों से संबंधित कई प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा, पेंशन, पीएम स्वनिधि और जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े 30 से अधिक मामलों में कार्रवाई कर लाभार्थियों को राहत पहुंचाई गई। शिविर प्रभारी एवं कनिष्ठ अभियंता ने शिविर में उपलब्ध सेवाओं और उनकी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहेइस शिविर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, बिजली विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, चिकित्सा विभाग और आयोजना विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इन अधिकारियों ने आमजन को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने में सहायता की। 15 जुलाई तक लगेगा कैंपनगर परिषद प्रशासन ने बताया कि शहरी सेवा शिविर-2026 15 जुलाई 2026 तक नगर परिषद कार्यालय में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अधिकांश कार्य मौके पर ही संपादित किए जा सकेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि सरकारी सेवाएं आमजन के द्वार तक पहुंचें और प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का समयबद्ध लाभ मिल सके।
गुरुकुल में दाखिले के कुछ घंटे बाद छात्रा लापता:लखनऊ में रात में मोबाइल पर बात करने के बाद हुई गायब
लखनऊ के तालकटोरा क्षेत्र में संस्कृत गुरुकुल के उद्घाटन के पहले ही दिन एक 16 साल की छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। गुरुकुल संचालक और उनकी पत्नी ने पूरी रात छात्रा की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद मामले की सूचना छात्रा के पिता को दी गई। रविवार को पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। सुल्तानपुर के जयसिंहपुर कटरा निवासी सुधीर कुमार तिवारी अपनी पत्नी संगीता के साथ राजाजीपुरम एफ-ब्लॉक स्थित पाल तिराहा के पास रहते हैं। वे अपने घर पर ही संस्कृत गुरुकुल संचालित करते हैं। शनिवार को गुरुकुल के उद्घाटन के दौरान दक्षिण दिल्ली के गौतमपुर फेज-2, बदरपुर निवासी रिक्की अपनी 16 वर्षीय बेटी पलक का दाखिला कराने आए थे। दाखिले के बाद वह वापस दिल्ली लौट गए। नानी से बात करने के लिए मोबाइल लिया था सुधीर तिवारी के अनुसार, शनिवार रात करीब आठ बजे पलक ने अपनी नानी से बात करने के लिए संगीता का मोबाइल फोन लिया था। उसने करीब 45 मिनट तक बातचीत की। रात करीब 10 बजे सभी लोग सो गए। देर रात करीब 11:30 बजे जब पलक अपने बिस्तर पर नहीं मिली तो संचालक दंपती ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों को दी सूचना, बस-रेलवे स्टेशन पर भी खोजबीन छात्रा का कहीं पता नहीं चलने पर संचालक ने उसके पिता रिक्की को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद दंपती ने रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी उसकी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। रविवार को तालकटोरा थाने में छात्रा की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। हरियाणा के युवक से बातचीत की बात सामने आई तालकटोरा थाना प्रभारी कुलदीप दुबे ने बताया कि जांच के दौरान जानकारी मिली है कि छात्रा की बातचीत हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक युवक से होती थी। पुलिस छात्रा की तलाश कर रही है और विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल छात्रा के पिता की तरफ से कोई अलग तहरीर नहीं दी गई है।
मंडी गोबिंदगढ़ में नेशनल हाईवे पर रविवार रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। फ्लाईओवर (पुल) पर खराब हुई गाड़ी को ठीक कर रहे दो सगे भाइयों को एक तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों भाई पुल से करीब 20-22 फीट नीचे जा गिरे और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। मृतकों की पहचान गांव रामपुर (दोराहा) के रहने वाले जगदेव सिंह और उनके छोटे भाई हरजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों भाइयों के शवों को सिविल अस्पताल मंडी गोबिंदगढ़ के शवगृह (मर्च्युरी) में रखवा दिया है। परिवार अब हरजीत की पत्नी के कनाडा से भारत लौटने का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है। भाई की मदद करने पहुंचा था बड़ा भाई जानकारी के मुताबिक, दोनों भाई मेहनत-मजदूरी करके पानी की टंकियां बनाने का काम करते थे। रविवार रात छोटा भाई हरजीत सिंह 'टाटा एस' (छोटा हाथी) गाड़ी के पीछे पानी की टंकी जोड़कर दोराहा की तरफ लौट रहा था। यह टंकी गांव बगली खुर्द की पंचायत के लिए थी। रात करीब 10 बजे मंडी गोबिंदगढ़ के पास नेशनल हाईवे के पुल पर उसकी गाड़ी अचानक खराब हो गई। हरजीत ने मदद के लिए अपने बड़े भाई जगदेव सिंह को फोन किया। भाई की परेशानी सुनकर जगदेव तुरंत दूसरी बैटरी लेकर मौके पर पहुंच गया ताकि गाड़ी को दोबारा चालू किया जा सके। पुल से 22 फीट नीचे गिरे, मौके पर ही थमी सांसें दोनों भाई पुल की स्लैब पर बैठकर गाड़ी को ठीक करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के प्रभाव से दोनों भाई उछलकर पुल से करीब 22 फीट नीचे सड़क पर जा गिरे। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। 26 जून को कनाडा जाना था, बिखर गए परिवार के सपने इस हादसे ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। मृतक हरजीत सिंह की पत्नी इन दिनों कनाडा में हैं और हरजीत खुद भी आने वाली 26 जून को कनाडा जाने की तैयारी में था। परिवार विदेश जाने के सपने देख रहा था, जो इस हादसे के साथ ही टूट गए।
लुधियाना के ढिल्लों नगर इलाके में सोमवार को मोबाइल फोन को लेकर हुआ मामूली विवाद एक खूनी खेल में बदल गया। बहस के दौरान एक युवक की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मृतक की पहचान बसंत नगर (लोहारा) के रहने वाले 31 वर्षीय करनजीत सिंह के रूप में हुई है। बातचीत के दौरान बढ़ी कहासुनी, फिर हाथापाई पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर को करनजीत सिंह अपने चचेरे भाई गुरिंदर सिंह के साथ कहीं जा रहा था। जब वे ढिल्लों नगर पहुंचे, तो वहां उनकी मुलाकात अर्जुन नाम के युवक से हुई। किसी मोबाइल फोन की बात को लेकर करनजीत और अर्जुन के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि दोनों में हाथापाई होने लगी। पहले ईंट से हमला, फिर सीने में घोंपा चाकू करनजीत के भाई गुरिंदर सिंह ने दोनों का बीच-बचाव करने और उन्हें अलग करने की कोशिश की। आरोप है कि इसी बीच गुस्से में आकर अर्जुन ने पहले करनजीत पर ईंट से हमला करने की कोशिश की, लेकिन गुरिंदर ने करनजीत को बचा लिया। इसके तुरंत बाद आरोपी अर्जुन ने जेब से चाकू निकाला और सीधे करनजीत के सीने में घोंप दिया। मौके पर ही तोड़ा दम, आरोपी पहले से है चोर चाकू लगते ही करनजीत लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और गंभीर चोट के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना डाबा की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह (मोर्चरी) भिजवाया। थाना डाबा के एसएचओ परमदीप सिंह का कहना है कि शुरुआती जांच में हत्या की वजह मोबाइल का विवाद ही सामने आई है। वारदात के बाद आरोपी अर्जुन मौके से भाग गया था, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अर्जुन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और उस पर पहले भी चोरी का एक केस दर्ज है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
UP बोर्ड की 10वीं और 12वीं की कापियों की स्क्रूटनी का सोमवार को अंतिम दिन था। सोमवार देर शाम को अपर सचिव की ओर से चार दिन के लिए स्क्रूटनी की डेट बढ़ा दी गई है। अभी तक 15 जून ही अंतिम तिथि तय की गई थी लेकिन स्क्रूटनी का काम पूरा न होने के चलते अब यह डेट 19 जून कर दी गई है। दरअसल, वाराणसी के क्षेत्रीय कार्यालय में CCTV की निगरानी में यह काम चल रहा है। इसकी निगरानी चार सदस्यीय टीम लगातार कर रही है। स्क्रूटनी का काम पूरा होने के बाद जुलाई के अंत तक मार्कशीट उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय अपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि इसमें ऐसे छात्र-छात्राओं की कापियों की स्क्रूटनी कराई जा रही है जो अपने नंबर से असंतुष्ट थे। दरअसल, UP बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की ओर से स्क्रूटनी के आवेदन के लिए छात्रों को 23 अप्रैल से शुरू 17 मई तक का समय दिया गया था। 10वीं में 1600 व 12वीं में आए थे 9 हजार आवेदनअपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के अधीन 15 जिलों से हाईस्कूल में स्क्रूटनी के लिए 1600 और इंटरमीडिएट में 8890 छात्रों ने आवेदन किया था। बता दें कि इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षा में इस बार कुल 92,234 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें इंटरमीडिएट के 45,919 और हाईस्कूल के 46315 छात्र-छात्राएं थे। इनमें इंटरमीडिएट के 44186 और हाईस्कूल में 44177 ने परीक्षा दी। जबकि परीक्षा में इंटरमीडिएट में 35090 छात्र और हाईस्कूल के 40417 छात्र सफल रहे।
धार कृषि उपज मंडी में रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को कारोबार फिर से रफ्तार में लौट आया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान बड़ी संख्या में अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे। दिनभर खरीदी-बिक्री का दौर चलता रहा, जिसमें गेहूं और सोयाबीन की सबसे अधिक आवक दर्ज की गई। मंडी में गेहूं की 3099 बोरियां पहुंचीं। गेहूं का न्यूनतम भाव 2000 रुपए प्रति क्विंटल और अधिकतम भाव 2786 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। बड़ी मात्रा में आवक से मंडी में दिनभर किसानों और व्यापारियों की आवाजाही बनी रही। सोयाबीन के भाव 7550 रुपए तक पहुंचे सोयाबीन की 1808 बोरियों की आवक हुई। इसका न्यूनतम भाव 4358 रुपए प्रति क्विंटल रहा, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाली उपज को अधिकतम 7550 रुपए प्रति क्विंटल तक भाव मिला। मंडी में देसी चने की 38 बोरियां पहुंचीं। इसके भाव 5100 से 5550 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रहे। वहीं डालर चने की 61 बोरियों की आवक दर्ज की गई, जिसका भाव 3400 से 7100 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। मक्का की आवक रही कम मक्का की केवल 21 बोरियां मंडी में पहुंचीं। मक्का का न्यूनतम भाव 1925 रुपए और अधिकतम भाव 1984 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। मंडी व्यापारियों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम और बाजार की स्थिति के अनुसार आवक और भाव में बदलाव हो सकता है। किसान भी बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद के साथ लगातार अपनी उपज मंडी ला रहे हैं।
छत्तीसगढ़ लोकप्रिय रैपर और सिंगर एप्पी राजा उर्फ चेतन चांडक (32) का निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। रायपुर में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर सामने आते ही संगीत जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि, करीब 6 महीने पहले एप्पी राजा की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनके दोस्तों ने बताया था कि, एक ऑपरेशन के बाद उनके शरीर में खून की कमी हो गई थी। लगातार हीमोग्लोबिन गिरने के कारण उन्हें कमजोरी, चक्कर और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत थी। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था और उन्हें रक्त भी चढ़ाया जा रहा था। भानुप्रतापपुर के रहने वाले थे एप्पी राजा बस्तर के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के रहने वाले एप्पी राजा ने अपने दम पर छत्तीसगढ़ी रैप को नई पहचान दिलाई थी। कम उम्र से ही रैप गीत लिखने वाले एप्पी ने आर्थिक संघर्षों के बीच अपना सफर तय किया। परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें कुछ समय तक गुजरात के सूरत में नौकरी भी करनी पड़ी, लेकिन संगीत के प्रति उनका जुनून उन्हें फिर इसी क्षेत्र में वापस ले आया। 'टूरा भोको लोलो' से मिली पहचान एप्पी राजा को सबसे ज्यादा पहचान उनके चर्चित रैप सॉन्ग ‘टूरा भोको लोलो’ से मिली। यह गीत रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार छत्तीसगढ़ी संगीत प्रेमियों को नए गीत दिए। उनके अन्य चर्चित गीतों में ‘आ जा रे टुरी तोला रसगुल्ला खवाहु’, ‘छत्तीसगढ़ एंथम’ और ‘चो चो हस’ शामिल हैं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और शहीद भगत सिंह पर भी रैप गीत तैयार किए थे, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया। सोशल मीडिया पर भी थी जबरदस्त लोकप्रियता एप्पी राजा सोशल मीडिया पर भी बेहद लोकप्रिय थे। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 1.98 लाख फॉलोअर्स है। वहीं उनके यूट्यूब चैनल पर 5.95 लाख सब्सक्राइबर्स जुड़े हुए थे। उनके गीतों की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके यूट्यूब चैनल को अब तक 13 करोड़ 24 लाख से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। छत्तीसगढ़ी रैप को नई पहचान दिलाने वाले एप्पी राजा के गानों को प्रदेश के साथ-साथ देश-विदेश में रहने वाले छत्तीसगढ़ियों ने भी खूब पसंद किया। पंजाब से मिला था पहला बड़ा मौका साल 2015 में पंजाब की एक म्यूजिक कंपनी ने उनका रैप सुनकर उन्हें रिकॉर्डिंग का मौका दिया था। यहीं से उनके करियर को नई दिशा मिली। संघर्ष और मेहनत के दम पर एप्पी राजा ने खुद को छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित रैप कलाकारों में शामिल किया। उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसक, कलाकार और संगीत प्रेमी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ी संगीत जगत ने अपनी एक लोकप्रिय और युवा आवाज खो दी है। दिलचस्प है एप्पी के जिंदगी की कहानी - नक्सली प्रभावित जिले बस्तर के छोटे से कस्बे में रहने वाले एप्पी राजा का असली नाम चेतन चांडक है। वे 13-14 साल की उम्र से ही रैप साॅन्ग्स लिख रहे हैं। - तमाम मुश्किलों से गुजरते हुए उन्होंने 'टूरा भाेको लोलो' गाना कुछ साल पहले लिखा था, लेकिन तब उनके पास इसे रिकॉर्ड करने के लिए पैसे और रिसोर्स नहीं थे। - साल 2015 में उन्हें पंजाब के लुधियाना से एक म्यूजिक कपंनी का मेल आया कि आप अपना एक रैप रिकाॅर्ड कर भेजें। कंपनी को रैप की लाइन पसंद आ गई और उन्हें पंजाब बुला लिया गया। - वहीं ऐप्पी ने अपना गाना रिकाॅर्ड किया और इसे यू-ट्यूब पर रिलीज कर दिया। - गाना रिलीज हाेते ही इसे गजब का रिस्पॉन्स मिला। लोग सोशल मीडिया पर इसे शेयर करने लगे। - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गाने को पिछले दो महीने में करीब 7 लाख लोग यू-ट्यूब, फेसबुक और व्हाट्सऐप पर सुन चुके हैं। - एप्पी राजा को साल 2014 में MH-1 Channel ने गाने के लिए ऑफर दिया, जब उसने सबसे पहला रैप सांग डी-टू-बी गाया। - एप्पी ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन को लेकर भी रैप साॅन्ग 'ट्रिब्यूट टू डाॅ एपीजे अब्दुल कलाम' और सरदार भगत सिंह पर सच्चा वीर और स्वतंत्रता दिवस पर भी रैप सांग बनाया है। - ऐप्पी जब 11वीं क्लास में थे तो उनके पिता को हार्ट अटैक आया और वे बीमार रहने लगे। घर की माली हालत बिगड़ी तो मां ने सिलाई का काम शुरू किया। - ऐप्पी भी घर की मदद करने गुजरात के सूरत चले गए। वहां एक कपड़े की दुकान में काम करते थे। जहां उन्हें 3-4 हजार रुपए मिलते थे। - कुछ दिन काम किया, लेकिन मन नहीं लगा और वापस लौट आए। फिर माता-पिता के सपोर्ट से ही वे पहली बार करियर की तलाश में 2015 में पंजाब जा पाए। - पंजाब के एक सिंगर अक्स से मुलाकात हुई, जिन्होंने पंजाब बुलाकर आगे बढ़ने में मदद की। - वहां भी तंगी के चलते काफी मुश्किल होती थी। उनके गुरू और पंजाबी फिल्मों के म्यूजिक डायरेक्टर सरजीत शानू ने अपने स्टूडियो में रहने जगह दे दी। - मौका हाथ लगा तो पूरी रात स्टूडियो में मेहनत कर गाना बनाकर उसकी म्यूजिक कम्पोज करने लगे।
हरियाणा सिविल सेवा (HCS) भर्ती-2026 की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश दिए हैं कि वह भर्ती विज्ञापन की शर्तों के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम दोबारा तैयार कर जारी करे। हाईकोर्ट ने माना कि आयोग ने भूतपूर्व सैनिक (ESM), दिव्यांग भूतपूर्व सैनिक (DESM) और उनके आश्रितों को दी जाने वाली प्राथमिकता का लाभ प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में ही लागू कर दिया, जबकि यह व्यवस्था केवल अंतिम चयन प्रक्रिया के लिए निर्धारित थी। अदालत ने इसे भर्ती विज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन बताया। अभ्यर्थी की याचिका पर सुनवाई जस्टिस संदीप मौदगिल ने यह आदेश एक अभ्यर्थी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता ने 26 अप्रैल 2026 को हुई HCS प्रारंभिक परीक्षा में भाग लिया था और 4 मई को घोषित परिणाम को चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि आयोग ने उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग के दौरान विज्ञापन में तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया। साथ ही उत्तर कुंजी पर अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर भी उचित विचार नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने HPSC की दलील ठुकराई सुनवाई के दौरान HPSC ने दावा किया कि परिणाम राज्य सरकार की आरक्षण नीति और भर्ती विज्ञापन के अनुरूप घोषित किया गया है। आयोग का तर्क था कि आरक्षित वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए प्राथमिकता मानदंड लागू किए गए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि प्राथमिकता संबंधी प्रावधान केवल अंतिम चयन सूची और नियुक्ति के समय लागू किए जाने के लिए बनाए गए हैं। प्रारंभिक परीक्षा में इनका उपयोग करना नियमों के विपरीत है। विज्ञापन की शर्तों में बदलाव नहीं कर सकता आयोग कोर्ट ने कहा कि आयोग ने स्वयं स्वीकार किया है कि उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग के दौरान ESM और DESM श्रेणी के लिए निर्धारित प्राथमिकता नियम लागू किए गए थे।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि भर्ती विज्ञापन की धारा 17(15)(H) स्पष्ट रूप से प्रारंभिक चरण में ऐसी प्राथमिकता लागू करने की अनुमति नहीं देती। किसी नीति के उद्देश्य का हवाला देकर उसकी स्पष्ट भाषा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि HPSC जैसी संवैधानिक संस्था की जिम्मेदारी है कि वह विज्ञापन की सभी शर्तों का पालन करे। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद आयोग अपने स्तर पर नियमों में बदलाव या नई प्रक्रिया लागू नहीं कर सकता। उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली दलील खारिज हालांकि अदालत ने अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने संबंधी याचिकाकर्ता की मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना कि अभ्यर्थियों की आपत्तियां विषय विशेषज्ञों के पास भेजी गई थीं और विवादित प्रश्नों की दोबारा समीक्षा भी कराई गई थी। समीक्षा के बाद किसी अतिरिक्त संशोधन की आवश्यकता नहीं पाई गई। जानें…हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया हाईकोर्ट ने याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए HPSC को निर्देश दिया कि वह भर्ती विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप HCS-2026 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम दोबारा तैयार कर घोषित करे। साथ ही स्पष्ट किया कि ESM और DESM उम्मीदवारों से जुड़े प्राथमिकता नियम केवल अंतिम चयन प्रक्रिया में ही लागू किए जा सकते हैं।
टोहाना में करंट लगने से व्यक्ति की मौत:खेत में काम करते वक्त हुआ हादसा; 4 बेटियों का पिता था
फतेहाबाद जिले में टोहाना के गांव लोहाखेड़ा में सोमवार को खेत में काम करते समय एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय रामनिवास के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि रामनिवास सुबह खेत में काम करने गए थे। खेत में लगे ट्यूबवेल की मोटर के पास वे बिजली के तार की चपेट में आ गए, जिससे उन्हें करंट लगा। उनकी चीख सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद करवाई और रामनिवास को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। 4 बेटियों का पिता था मृतक रामनिवास रामनिवास मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी और 4 बेटियां हैं, जिनमें से 3 विवाहित हैं और सबसे छोटी बेटी अविवाहित है। इस घटना से परिवार पर गहरा दुख आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भोपाल के इस्टर्न पब्लिक स्कूल ने सोमवार को 8 बच्चों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) थमा दी। स्कूल खुलने के बाद बच्चों के अभिभावक उन्हें लेकर पहुंचे, लेकिन स्कूल प्रशासन ने गेट पर ही उन्हें टीसी देकर वापस घर भेज दिया। इसके बाद अभिभावक आनन-फानन में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। अभिभावकों का कहना है कि कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के लिखित आदेश के बावजूद बच्चों को टीसी दे दी गई। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी स्कूल के सामने प्रदर्शन किया। विवाद की शुरुआत अप्रैल 2026 में हुई थी। भीषण गर्मी के चलते जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव और छोटे बच्चों के लिए छुट्टियां घोषित करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन विभिन्न एक्टिविटी के नाम पर बच्चों को स्कूल बुला रहा था। इसका अभिभावकों ने विरोध किया था। आरोप है कि इसी से नाराज होकर स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को ईमेल भेजकर बच्चों को टीसी देने की बात कही थी। कलेक्टर के आदेश के बावजूद दी टीसी अभिभावकों का आरोप है कि कलेक्टर के आदेश के बाद भी बच्चों को टीसी दी गई है। एडीएम और शिक्षा अधिकारी ने लिखकर दिया था कि बच्चों को स्कूल से नहीं निकाला जाएगा, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया। एबीवीपी ने किया प्रदर्शन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्कूल में जिला संयोजक लोकेश तिवारी के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान परिषद के कार्यकर्ता विद्यालय प्रबंधन से चर्चा करने पहुंचे, लेकिन विद्यालय के प्राचार्य परिसर में मौजूद नहीं थे। लगभग दो घंटे तक कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्राचार्य विद्यालय पहुंचे। पूर्व में भी मिल चुकी हैं कई शिकायतें प्रदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि और जांच अधिकारी दिनेश शर्मा भी मौजूद रहें। उन्होंने बताया कि विद्यालय के संबंध में पूर्व में भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल द्वारा कई बार नियमों की अवहेलना की गई है। इस मामले की भी जांच की जा रही है उसके आधार पर कार्रवाई होगी। विद्यार्थी परिषद ने कलेक्टर और बैरागढ़ के तहसीलदार को ज्ञापन दिया और दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। जानिए, क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत अप्रैल 2026 में हुई, जब भोपाल में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव और छोटे बच्चों के लिए छुट्टियों के निर्देश जारी किए थे। अभिभावकों का आरोप है कि इसके बावजूद ईस्टर्न पब्लिक स्कूल ने आईबी असेसमेंट और अन्य गतिविधियों के लिए बच्चों को बुलाना जारी रखा। इसी दौरान कुछ अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चर्चा के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि इस ग्रुप के माध्यम से संस्थान के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा था। बाद में कई अभिभावकों को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया और कुछ दिनों बाद 8 बच्चों का प्रवेश समाप्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों ने कलेक्टर जनसुनवाई, जिला शिक्षा अधिकारी, सीएम हेल्पलाइन और अन्य मंचों पर शिकायत दर्ज कराई। मामला सार्वजनिक होने के बाद स्कूल और अभिभावकों के बीच विवाद लगातार बढ़ता गया। जानिए, पूरे विवाद की टाइम लाइन
कोटपूतली में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने चौथे दिन भी पेन डाउन हड़ताल जारी रखी। इस दौरान कर्मचारियों ने ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का पूर्णतया बहिष्कार किया। ये राज्यव्यापी आंदोलन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा है। कैडर रिव्यू, नोशनल बेनिफिट की मांगब्लॉक अध्यक्ष फूलाराम यादव ने बताया- पंचायती राज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में स्वतंत्र कार्य विभाजन, कैडर रिव्यू, नोशनल बेनिफिट, अंतर जिला स्थानांतरण, हार्ड ड्यूटी एलाउंस और अतिरिक्त पंचायत भत्ता शामिल हैं। आधे दिन का पेन डाउनआंदोलन के तीसरे चरण के तहत, 16 जून 2026 तक ग्राम पंचायत, ब्लॉक स्तर और जिला परिषद के सभी कार्यालयों में आधे कार्य दिवस के लिए पेन डाउन हड़ताल रखी गई है। इसी प्रदेश स्तरीय आह्वान पर ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का पूर्णतया बहिष्कार किया जा रहा है। कोटपूतली-बहरोड़ जिले की पंचायत समिति पावटा की उप शाखा में पेन डाउन हड़ताल पर रहे कर्मचारियों में सुनील भारद्वाज (अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी), सोहन सिंह चौहान (सहायक प्रशासनिक अधिकारी), साधूराम जाट, गिरीराज मौर्य, ममता कुमारी यादव (वरिष्ठ सहायक), संजीव आर्य, दीपक कुमार जांगिड़, हरिराम आर्य, मुकेश कुम्हार, महेंद्र कुमार, रामस्वरूप बंदरवाल, हरि सिंह चेलरवाल, अमित गौतम, अमिता मीणा, राजकविता वर्मा, पार्वती नेत्रीवाल, विद्या वर्मा, मो. इरशाद अली, कमलेश अकरानिया, खेमचंद कुमावत, रामरूप मीणा और शंकरलाल मीणा (कनिष्ठ सहायक) शामिल थे।
शाजापुर में नालों-पुलियाओं की सफाई शुरू:मानसून से पहले जलभराव रोकने चलाया विशेष अभियान
शाजापुर में आगामी मानसून के आगमन से पहले नगर पालिका परिषद ने विशेष स्वच्छता एवं सफाई अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य शहर के प्रमुख नालों और पुलियाओं की सफाई कर संभावित जलभराव की समस्या को रोकना है। यह अभियान नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन, उपाध्यक्ष संतोष जोशी, स्वास्थ्य सभापति दुष्यंत सोनी और मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र कुमार दीक्षित के निर्देशन में चलाया जा रहा है। स्वच्छता पर्यवेक्षक संजय पार्छे ने जानकारी दी कि बारिश में जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या अधिक रहती है, वहां जेसीबी मशीनों की मदद से नालों और पुलियाओं की गहन सफाई की जा रही है। इन क्षेत्रों में हुई सफाई अभियान के तहत बेरछा रोड स्थित नाला, डासी रोड की पुलिया, कृषि उपज मंडी क्षेत्र, बादशाह पुल, कच्चीवाड़ा नाला, बड़े पुल के नीचे का क्षेत्र, विजय नगर का नाला, वार्ड क्रमांक 24 और वार्ड क्रमांक 28 स्थित काशी नगर के नालों की सफाई की गई है। इसके अतिरिक्त, अन्य संवेदनशील स्थानों को भी चिन्हित कर वहां सफाई कार्य जारी है। नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान नागरिकों को जलभराव और गंदे पानी की समस्या से निजात दिलाना है। आने वाले दिनों में भी शहर के कई वार्डों में यह सफाई अभियान जारी रहेगा।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व, पुलिस विभाग और ग्राम पंचायत की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। इस अभियान के तहत लगभग डेढ़ एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई धमतरी जिले के गंगरेल बांध रोड के पास स्थित ग्राम बेंद्रा नवागांव में की गई। डेढ़ एकड़ में फैले अतिक्रमण को बुलडोजर की सहायता से ध्वस्त किया गया। इसमें टीना शेड से बनी झोपड़ियां और बाउंड्रीवॉल जैसे अस्थायी ढांचे और अन्य अवैध निर्माण शामिल थे। अभियान को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी हुई। कार्रवाई के दौरान राजस्व अधिकारी, पुलिस बल और ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने संबंधित व्यक्तियों को पूर्व में ही आवश्यक सूचना और निर्देश जारी कर दिए थे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में शासकीय भूमि की सुरक्षा और संरक्षण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा न करने और किसी भी अतिक्रमण की जानकारी संबंधित विभाग को देने की अपील की है।
जिले के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम नारायनपुरा में रास्ते के विवाद को लेकर एक ही परिवार लोगों में मारपीट हो गई। विवाद इस कदर बढ़ा कि मंझले भाई और उसके दो बेटों ने अपने ही बड़े और छोटे भाई पर लाठी और कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, नारायनपुरा निवासी बद्री सिंगरौली (60 वर्ष) और उनके बड़े भाई कृपाल सिंगरौली (70 वर्ष) का अपने मंझले भाई रामलाल से रास्ते को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। सोमवार, 15 जून को इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। रामलाल और उसके बेटों शिवदयाल और देवीदीन ने बद्री और कृपाल पर डंडे और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण हमले के दौरान मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने दोनों भाइयों को लहूलुहान हालत में देखकर तुरंत बीच-बचाव किया और मामला शांत कराया। ग्रामीणों की मदद से ही दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पवई ले जाया गया। दोनों घायलों की हालत गंभीर, पन्ना रेफर इस हमले में बड़े भाई कृपाल के सिर पर डंडे से गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं, छोटे भाई बद्री ने जब हमले को रोकने का प्रयास किया, तो उनके दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है, जिसके बाद पुलिस कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
वल्लभनगर उपखंड के खरसान गांव में पैंथर के दो शावकों ने गांव निवासी मोतीलाल पुरोहित के बछड़े का शिकार कर लिया है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पिछले कई दिनों से इन शावकों की गांव और खेतों के आसपास लगातार आवाजाही देखी जा रही थी। ग्रामीणों के अनुसार, पैंथर शावकों की मौजूदगी की सूचना पहले भी वन विभाग को दी गई थी। बछड़े के शिकार के बाद विभाग को दोबारा सूचित किया गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शावकों का आबादी क्षेत्र और खेतों के पास घूमना लोगों और पशुधन दोनों के लिए खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि वन विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो अन्य पशुओं पर भी हमले हो सकते हैं। उन्होंने किसी अप्रिय घटना या जनहानि की आशंका भी जताई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल टीम भेजकर क्षेत्र का सर्वेक्षण करने और शावकों को सुरक्षित पकड़कर वन क्षेत्र में छोड़ने की मांग की है। इस घटना के बाद गांव में भय का वातावरण है। ग्रामीण अपने पशुओं की निगरानी बढ़ा रहे हैं और बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप कर गांववासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए, विभाग को गंभीरता दिखाते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
खरगोन जिले के दगड़खेड़ी में भूमि रिकॉर्ड सुधार की मांग को लेकर 250 आदिवासी किसानों का धरना सोमवार को आठवें दिन भी जारी रहा। इस बीच धूलकोट ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामसभा में पेसा नियमों के तहत भूमि अभिलेखों की विसंगतियां दूर कराने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। ग्रामसभा में तय किया गया कि प्रस्ताव को मंगलवार को कलेक्टर के पास कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। ग्रामसभा में जुटे 1000 से अधिक आदिवासी ग्रामसभा में क्षेत्र के 1000 से अधिक आदिवासी शामिल हुए। बड़ी संख्या में महिला किसानों ने भी भागीदारी की। बैठक में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान को लेकर चर्चा की गई। भूमि के उपयोग पर रोक की अनुशंसा ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि जब तक भूमि अभिलेखों की विसंगतियों का निराकरण नहीं हो जाता, तब तक संबंधित भूमि का हस्तांतरण, आवंटन, अधिग्रहण, औद्योगिक उपयोग या किसी कंपनी तथा अन्य परियोजना के लिए उपयोग नहीं किया जाए। आठ दिन से जारी है धरना दगड़खेड़ी के आदिवासी किसान भूमि रिकॉर्ड में सुधार की मांग को लेकर पिछले आठ दिनों से धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि रिकॉर्ड में मौजूद विसंगतियों के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले रविवार को एसडीएम सत्येंद्र धरनास्थल पहुंचे थे। उन्होंने किसानों को बताया था कि दगड़खेड़ी की संबंधित जमीन शासकीय है और उससे जुड़ा औद्योगिक प्रस्ताव निरस्त किया जा चुका है। साथ ही भूमि का सर्वे और सीमांकन कराने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन भी दिया था।
दुर्ग जिले के अंडा थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक सड़क हादसे में सिविल ठेकेदार रोशन लाल साहू (38) की मौत हो गई। उन्हें तेज रफ्तार 407 वाहन ने टक्कर मार दी, जिसके बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, रिसामा गांव निवासी रोशन लाल साहू सिविल ठेकेदार थे और गांव व आसपास के क्षेत्रों में निर्माण कार्य का ठेका लेते थे। रविवार को वे अपने निजी काम से अंडा गांव गए थे। शाम करीब 5 बजे वे अपनी मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 07 LY 9538) से रिसामा लौट रहे थे। अंडा शराब भट्टी से आगे एक मोड़ पर विपरीत दिशा से आ रही लकड़ियों से लदी 407 वाहन (क्रमांक CG 07 CA 9645) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वाहन काफी तेज गति में था। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोशन लाल सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के तुरंत बाद ड्राइवर वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही घरवाले मौके पर पहुंचे और लोगों की मदद से वाहन की तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान पता चला कि दुर्घटना करने वाला वाहन अंडा क्षेत्र की एक आरा मिल का है। बताया गया कि ड्राइवर हादसे के बाद सीधे आरा मिल पहुंचा और वाहन में लदी लकड़ियां खाली कर दीं। घरवालों ने जब वाहन की जांच की, तो उसमें खून के छींटे और टक्कर के स्पष्ट निशान दिखाई दिए। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है। हादसा इतना गंभीर था कि मृतक के शरीर का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस ने घायल अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पीछे छूट गया पूरा परिवार रोशन लाल साहू अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटियां हैं। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक का माहौल है और लोगों ने आरोपी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बीमारी से परेशान महिला ने लगाया फांसी का फंदा दूसरी घटना अंडा थाना क्षेत्र के अछोटी गांव की है। यहां रहने वाली माहेश्वरी दिल्लीवार (48 वर्ष), पति अनिरुद्ध दिल्लीवार, ने घर के पास बने एक कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार घटना के समय घर में उनकी बेटी निशा और सास मौजूद थीं। उनके पति अनिरुद्ध दिल्लीबार समीपस्थ ग्राम तीरगा में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। पति ने कमरे में देखा तो उड़ गए होश शाम करीब 5:30 बजे जब अनिरुद्ध घर लौटे तो उन्होंने अपनी पत्नी के बारे में पूछा। इस पर उनकी मां ने बताया कि माहेश्वरी सड़क पार स्थित कोठार की ओर गई हैं। पति उन्हें बुलाने वहां पहुंचे तो कमरे के भीतर पत्नी को रस्सी के फंदे पर लटका देखा। उन्होंने तत्काल उपसरपंच और ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बीमारी से थीं परेशान, नहीं मिला सुसाइड नोट परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि माहेश्वरी लंबे समय से बीमारी से पीड़ित थी। बीमारी के कारण वे मानसिक रूप से परेशान रहती थी। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों ने भी किसी प्रकार के विवाद या संदेह से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने गौरेला विकासखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) डॉ. संजीव शुक्ला को उनके पद से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर उपेन्द्र सिंह ठाकुर को गौरेला का प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि, यह नियुक्ति प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए की गई है। नए प्रभारी बीईओ उपेन्द्र सिंह ठाकुर अब विकासखंड की शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेंगे। कार्यकाल लंबे समय से विवादों में रहा डॉ. संजीव शुक्ला का कार्यकाल लंबे समय से विवादों और शिकायतों से घिरा रहा था। उनके खिलाफ शिक्षा विभाग से जुड़े एरियर्स भुगतान, पेंशन प्रक्रिया और लंबित फाइलों के निपटारे में देरी जैसी शिकायतें सामने आती रही थीं। कथित अनियमितताओं, उनकी कार्यशैली को लेकर विभागीय कर्मचारियों और शिक्षकों में असंतोष भी था। हाल ही में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही दौरे के दौरान भी इस मामले को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई थीं। शासन के इस आदेश को गौरेला शिक्षा विभाग में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। नए प्रभारी बीईओ के पदभार संभालने के बाद विकासखंड की शिक्षा व्यवस्था में संभावित परिवर्तनों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बूंदी जिले में ट्रैप कार्रवाई की। टीम ने तीन फॉरेस्ट गार्डों को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वहीं एक अन्य फॉरेस्ट गार्ड को पूछताछ के लिए डिटेन किया गया है। आरोपी जेसीबी चलाने देने की एवज में परिवादी से 1 लाख रुपए महीना देने की डिमांड कर रहे थे। टीम ने आरोपी रूपाराम, रामावतार और विजेंद्र (फॉरेस्ट गार्ड) को बरदा डेम स्थित वन विभाग की चौकी पर रिश्वत लेते हुए पकड़ा। वहीं साबूलाल नामक फॉरेस्ट गार्ड को लक्ष्मीपुरा चौकी से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। रुपए नहीं देने पर मशीन जब्त की दी धमकी एसीबी एडिशनल कोटा एसपी विजय स्वर्णकार ने बताया- परिवादी ने एसीबी को शिकायत दी थी। वह ग्राम लक्ष्मीपुरा (बूंदी) में जेसीबी मशीन से खेत सुधार और खाद डालने का काम कर रहा था। 10 जून को वन विभाग के कर्मचारियों ने जेसीबी संचालित करने देने के बदले एक लाख रुपए प्रति महीने रिश्वत की मांग की और रकम नहीं देने पर मशीन जब्त करने की धमकी दी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया। जांच के दौरान आरोपियों द्वारा 50 हजार रुपए प्रतिमाह रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। सत्यापन के दौरान आरोपियों ने परिवादी से 5 हजार रुपए जबरन वसूल लिए। इसके बाद सोमवार को पुलिस निरीक्षक चंद्रकंवर की अगुवाई में टीम बरदा डेम स्थित वन विभाग चौकी पहुंची। जहां परिवादी से तीनों आरोपियों को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
बालाघाट में ट्रेडिंग के नाम पर सवा सौ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। वारासिवनी पुलिस की शिकायत पर सुनवाई न किए जाने से नाराज होकर निवेशकों ने सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। सोमवार को निवेशकों ने वारासिवनी के वारा सरपंच राजा अली, मुद्दसर अली, फरहान और उनके साथियों पर केस दर्ज करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। लगभग आधा दर्जन से अधिक पीड़ित निवेशक एसपी दफ्तर पहुंचे थे। पीड़ित नगेंद्र रंगारे ने बताया कि उन्होंने ट्रेडिंग के नाम पर सात लाख रुपए का निवेश किया था, जबकि उनके साथ आए अन्य निवेशकों की कुल राशि लगभग 60 लाख रुपए है। उनका दावा है कि वारासिवनी और आसपास के इलाकों में कुल मिलाकर करीब सवा सौ करोड़ रुपए का फ्रॉड किया गया है। महीने में 6% मुनाफे का लालच निवेशकों ने बताया कि उन्हें ट्रेडिंग कंपनी में पैसा लगाने पर हर महीने 6 प्रतिशत मुनाफा (रिटर्न) दिलाने का भरोसा दिया गया था। आरोपियों ने खुद गारंटी लेते हुए निवेशकों से मोटी रकम जमा करवाई, लेकिन अब जब निवेशक अपना पैसा वापस मांग रहे हैं, तो उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस की ढिलाई से निवेशकों में नाराजगी एक अन्य पीड़ित सुनील पिपरेवार ने कहा कि ट्रेडिंग के नाम पर चूना लगाने वालों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस की इस ढिलाई से सभी निवेशक परेशान और गुस्से में हैं। उन्होंने मांग की है कि पुलिस इस करोड़ों के घोटाले पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करे और निवेशकों की डूबी हुई राशि वापस करवाए।
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में प्रदेश के गन्ना मंत्री संजय गंगवार ने कहा- मामले की जांच जारी है और इसके लिए एसआईटी गठित की गई है। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। बरेली पहुंचे मंत्री से जब राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा- पूरी जांच होने दीजिए। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, वे सार्वजनिक होंगे। बिना रिपोर्ट के कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। सपा का पीडीए मतलब 'परिवार डेवलपमेंट एसोसिएशन' समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए संजय गंगवार ने कहा कि सपा का पीडीए वास्तव में परिवार डेवलपमेंट एसोसिएशन है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की पहचान गुंडागर्दी और परिवारवाद से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा- जहां सपाई दिखाई देते थे, वहां लोगों में भय का माहौल बन जाता था। यही वजह है कि समाजवादी पार्टी को अपना राजनीतिक एजेंडा बदलना पड़ा। सूर्या हत्याकांड पर विपक्ष को घेरा सूर्या हत्याकांड का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि गाजियाबाद में हुई घटना पर विपक्षी दलों की चुप्पी सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि जब यह घटना हुई, तब अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। गंगवार ने कहा-यदि किसी अपराधी के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई होती है तो विपक्ष को आपत्ति होती है, लेकिन निर्दोष लोगों की हत्या पर ये लोग मौन साध लेते हैं। प्रदेश संविधान से चलेगा, किसी बोर्ड के नियम से नहीं मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के अनुसार चल रहा है और आगे भी उसी के अनुसार चलेगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामलों में सरकार किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून का राज स्थापित हुआ है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मुस्लिम समाज से भी की अपील संजय गंगवार ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने बिना भेदभाव सभी वर्गों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। उन्होंने मुस्लिम समाज से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा- हम सबको साथ लेकर चलने में विश्वास करते हैं। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारी सरकार का मूल मंत्र है। 'हिंसक प्रवृत्ति छोड़नी होगी' देहरादून में युवक विनोद की हत्या का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि समाज में हिंसक प्रवृत्तियों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी और कानून का पालन सभी को करना होगा। फिर दोहराया- पीडीए नहीं, परिवार डेवलपमेंट एसोसिएशन मुरादाबाद में हुए पीडीए सम्मेलन पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी आज भी परिवारवाद से बाहर नहीं निकल पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर ही लगातार खींचतान और गुटबाजी देखने को मिलती है। उन्होंने कहा- समाजवादी पार्टी ने भले ही पीडीए का नया नारा दिया हो, लेकिन जनता जानती है कि इसका असली मतलब परिवार डेवलपमेंट एसोसिएशन ही है।
खैरथल-तिजारा जिले के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने ट्रेन संख्या 12249/12250 स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस का खैरथल रेलवे स्टेशन पर प्रायोगिक आधार पर ठहराव स्वीकृत कर दिया है। रेलवे बोर्ड से मिली मंजूरी के बाद अब इस महत्वपूर्ण ट्रेन का ठहराव खैरथल स्टेशन पर भी होगा, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। 16 जून से लागू होगा नया ठहराव रेलवे प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ट्रेन संख्या 12249 (एसएसबी-जेएसएम) स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस 16 जून 2026 से खैरथल रेलवे स्टेशन पर शाम 7:48 बजे पहुंचेगी और दो मिनट के ठहराव के बाद 7:50 बजे अपने निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना होगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 12250 (जेएसएम-एसएसबी) स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस 17 जून 2026 से सुबह 5:50 बजे खैरथल स्टेशन पहुंचेगी और 5:52 बजे प्रस्थान करेगी। अगले आदेश तक जारी रहेगा ठहराव रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह ठहराव फिलहाल प्रायोगिक आधार पर मंजूर किया गया है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। यात्रियों की संख्या और परिचालन व्यवस्था का आकलन करने के बाद रेलवे आगे इस संबंध में निर्णय लेगा। स्टेशन पर सूचना और घोषणाओं के निर्देश यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे अधिकारियों को स्टेशन परिसर में ठहराव संबंधी जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से नियमित घोषणाएं करने को भी कहा गया है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। खैरथल और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस के ठहराव से खैरथल, तिजारा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए अब दूसरे स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे समय की बचत होगी और यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। रेलवे के इस फैसले को क्षेत्र के लोगों और नियमित रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से इस ट्रेन के ठहराव की मांग की जा रही थी, जिसे अब स्वीकृति मिलने से यात्रियों में खुशी का माहौल है।
राजगढ़ जिले की खिलचीपुर पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मध्यप्रदेश और राजस्थान में सक्रिय यह गिरोह नशे की लत पूरी करने के लिए बाइक चोरी करता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी कीमत करीब 6.50 लाख रुपए बताई जा रही है। पूछताछ में वर्ष 2025 के एक लूट के मामले का भी खुलासा हुआ है। अस्पताल, बाजार और मंदिरों के बाहर से चुराते थे बाइक खिलचीपुर नगर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से लगातार मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। अस्पताल, बाजार और मंदिरों के बाहर खड़ी बाइकें चोरी हो रही थीं। बढ़ती वारदातों के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच शुरू की। राजस्थान और राजगढ़ से चार आरोपी गिरफ्तार थाना प्रभारी कमलसिंह गेहलोत ने बताया कि जांच के दौरान राजस्थान के झालावाड़ जिले के कोटड़ी निवासी राधेश्याम तंवर, घाटोली निवासी अनिल उर्फ कालूराम बसोड़, अकलेरा क्षेत्र के नयागांव भंडेरी निवासी तुलसीराम लोधा तथा राजगढ़ जिले के सण्डावता निवासी बबलू उर्फ बलवीरसिंह राजपूत को गिरफ्तार किया गया। नशे की लत पूरी करने के लिए करते थे चोरी पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे का खर्च निकालने के लिए सुनसान और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद बाइकें तीन से चार हजार रुपए में बेच देते थे। पांच बाइक खिलचीपुर क्षेत्र की निकलीं आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 12 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें खिलचीपुर थाना क्षेत्र से चोरी हुई पांच बाइकें भी शामिल हैं। बरामद वाहनों में हीरो स्प्लेंडर, स्प्लेंडर प्लस, एचएफ डीलक्स और सीडी डीलक्स जैसी मोटरसाइकिलें शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अन्य जिलों में भी वारदातों को अंजाम दे चुका है। पूछताछ में लूट के मामले का भी खुलासा पूछताछ के दौरान आरोपी राधेश्याम तंवर ने वर्ष 2025 में दर्ज एक लूट के प्रयास के मामले में अपनी भूमिका स्वीकार की। उसने अपने साथी मुकेश तंवर के साथ मिलकर एक व्यक्ति का पीछा कर उसका बैग छीनने की कोशिश की थी। विरोध करने पर पीड़ित के साथ मारपीट भी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने नई धाराएं जोड़ते हुए फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पहले से दर्ज हैं कई गंभीर मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चोरी, लूट, हत्या, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित कई गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। थाना प्रभारी कमलसिंह गेहलोत के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में थाना स्टाफ और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच इसे खिलचीपुर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस ने देश में हिन्दू-मुस्लिम राजनीति की शुरुआत बहुत पहले कर दी थी। वहीं अब केरल में कांग्रेस ने उस मुस्लिम लीग से समझौता किया, जिसने भारत का विभाजन करवाया। यह समझौता बताता है कि कांग्रेस मुस्लिम परस्त पार्टी है और मुस्लिम लीग की भाषा बोलती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं को इतिहास से सीख लेनी चाहिए। पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने दो बार प्रतिबंध लगाया, लेकिन दोनों बार मुंह की खानी पड़ी। 1948 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाया गया और 1975 में देश पर आपातकाल थोपा गया, लेकिन दोनों ही फैसले कांग्रेस पार्टी को झकमार कर वापस लेने पड़े। बता दें कि शनिवार को अशोक गहलोत ने जयपुर में मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी राजस्थान के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि बीजेपी राजनीतिक पार्टी होकर धर्म की राजनीति करती है, आज इंदिरा गांधी जैसी नेता होती तो बीजेपी पर बैन लगा देती। राहुल गांधी हार का शतक पूरा करें घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि अशोक गहलोत राहुल गांधी को अपना नेता मान रहे है, उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी 99 चुनाव हार चुकी है और हम चाहते हैं कि राहुल गांधी अपना शतक पूरा करें। देश को बांटने का काम करती है कांग्रेस पार्टी सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस देश को बांटने का काम करती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी बिना किसी भेदभाव के राष्ट्र विकास और राष्ट्र प्रथम की नीति पर काम कर रही है। केन्द्र सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं। जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना 13.45 लाख, उज्ज्वला योजना 37 प्रतिशत, मुद्रा योजना 36 प्रतिशत, पीएम किसान सम्मान निधि 33 प्रतिशत, स्किल इंडिया 22 प्रतिशत लाभ मुस्लिम वर्ग के लोगों को दिया है। इतना ही नहीं, 3 करोड़ अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजनाओं में से 1.63 करोड़ इस वर्ग के छात्र है। भाजपा सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र के साथ कार्य किया है। नीट का पेपर लीक नहीं, कॉम्प्रोमाइज हुआ राहुल गांधी के कोटा में स्टूडेंट्स से संवाद कार्यक्रम को लेकर घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि जिस नीट के पेपर को राहुल गांधी लीक बताकर घूम रहे हैं। वो नीट का पेपर लीक नहीं, कॉम्प्रोमाइज हुआ हैं। उन्होने कहा कि लीक का मतलब होता है कि पूरा पेपर आउट हो गया हो। जबकि इस पेपर के कुछ सवाल रटकर कुछ अन्य लोगों को बताए गए थे। ऐसे में पेपर का एक भाग कॉम्प्रोमाइज हुआ था। --------------- गहलोत के बयान से जुड़ी ये खबर पढ़िए… गहलोत बोले-इंदिरा गांधी होती तो बीजेपी पर बैन लगा देती:राजनीतिक पार्टी होकर धर्म की राजनीति करते हैं, राठौड़ ने कहा- गहलोत आकाओं को खुश करने के लिए बोलते जयपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये लोग धार्मिक धुव्रीकरण कर रहे हैं। इनकी सोच है कि हिंदुओं को हिंदुत्व के नाम पर भड़काओ और राज करो। अगर आज इंदिरा गांधी जैसी नेता पीएम होती तो बीजेपी पर बैन लगा देती। (पूरी खबर पढ़ें…)
बीजेपी की नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अर्चना गुप्ता पहली बार फतेहाबाद पहुंची। यहां उनका कई जगह स्वागत हुआ। जिला भाजपा कार्यालय में प्रमुख समारोह हुआ। समारोह में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा, पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली, पूर्व विधायक दुड़ाराम, पूर्व विधायक स्वतंत्र बाला समेत कई प्रमुख नेता और पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में डॉ.अर्चना गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार और संगठन में बहुत अच्छा तालमेल है। सीएम नायब सैनी उनके भाई हैं। बहन-भाई की जोड़ी और अच्छा काम करने का प्रयास करेंगे। सीएम मुस्कुराते-मुस्कराते कांग्रेसियों का सुपड़ा साफ कर चुके हैं। वे 24 घंटे जनता के लिए उपलब्ध रहते हैं। कार्यकर्ताओं के सम्मान में नहीं आएगी कोई कमी डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता ही संगठन की वास्तविक ताकत हैं। कार्यकर्ताओं का पार्टी के प्रति समर्पण, मेहनत और निष्ठा सबसे बड़ी शक्ति है। प्रदेशाध्यक्ष के रूप में वह कार्यकर्ताओं के सम्मान में कभी कोई कमी नहीं आने देंगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और जनता द्वारा दिया गया प्रेम, स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत है। संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता का सम्मान और योगदान सर्वाेपरि है। संगठन को और अधिक सशक्त बनाना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर मोदी और नायब सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा व सुशासन को समर्पित डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार के ये 12 वर्ष सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और जनविश्वास के स्वर्णिम वर्ष रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से करोड़ों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं। उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर जिला प्रभारी सुरेंद्र आर्य, पूर्व चेयरमैन वेद फूलां, प्रो.रविंद्र बलियाला, पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा, जिला परिषद प्रधान सुमन खीचड़ समेत कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर ओडिशा पुलिस ने छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर हथियार और विस्फोटकों के एक बड़े डंप का खुलासा किया है। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, आईईडी, ग्रेनेड और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है। मलकानगिरी जिला पुलिस मुख्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट वॉलंटियर फोर्स (DVF) की टीम ने सोमवार तड़के सिलाकोटा, परवासी और केसाकुड़ा के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया। यह क्षेत्र ओडिशा के मलकानगिरी जिले और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के दोरनापाल थाना क्षेत्र की सीमा से लगा हुआ है। जंगल में छिपाकर रखा था नक्सली डंप तलाशी अभियान के दौरान सुबह करीब 5:45 बजे जवानों को जंगल में छिपाकर रखा गया नक्सलियों का डंप मिला। सुरक्षा बलों ने मौके की घेराबंदी कर तलाशी ली, जिसमें बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। तीन स्टेन कार्बाइन समेत कई हथियार जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 स्टेन कार्बाइन, 1 देसी पिस्तौल, 1 एसबीएमएल गन, 1 बारह बोर बंदूक, 4 आईईडी, 20 यूबीजीएल ग्रेनेड, 53 कारतूस, स्नाइपर टेलीस्कोप, वायर, बैटरी और अन्य तकनीकी उपकरण जब्त किए हैं। विस्फोटक बनाने की सामग्री भी मिली बरामद सामग्री में विस्फोटक तैयार करने और हथियारों की मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह सामग्री माओवादियों द्वारा भविष्य की गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखी गई थी। क्षेत्र में जारी है सर्च ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। आशंका है कि जंगलों में अन्य स्थानों पर भी हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे गए हो सकते हैं। सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।
बड़वानी में युवा कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म निरस्त होने के विरोध में प्रदर्शन किया। सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे कार्यकर्ता श्री राम चौक पर इकट्ठा हुए और उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका। युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष सचिन यादव ने इस पूरी कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता की अनदेखी की गई है। यादव ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक सोची-समझी साजिश के तहत निरस्त किया गया है, जो लोकतंत्र की मूल भावना के पूरी तरह खिलाफ है। चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप कांग्रेस के प्रदेश सचिव गिरीश जायसवाल ने कहा कि इस प्रकार के फैसले जनतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करते हैं। उन्होंने साफ किया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस हर संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी। प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन के दौरान बड़वानी विधायक राजन मंडलोई, प्रदेश सचिव गिरीश जायसवाल, युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आदित्य (मोनू) गोयल, विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनड़े, बड़वानी विधानसभा युवक कांग्रेस अध्यक्ष सचिन (लालू) यादव, अरुण यादव, कांग्रेस जिला सचिव दीपक गेहलोद, रोहित यादव, करण दरबार, मनीष पुरोहित और विशाल यादव सहित कई अन्य कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में सोमवार को भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। इस बीच श्रीडूंगरगढ़ के पंचायत समिति भवन में दोपहर करीब 3 बजे कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने जनसुनवाई की। इस दौरान भाजपा विधायक ताराचंद सारस्वत और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी(RLP) के नेता विवेक माचरा के बीच बहस हो गई, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, माचरा ने कहा- श्रीडूंगरगढ़ में सरकार की ओर से ढाई साल पहले ट्रोमा सेंटर बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन वह अभी तक अधूरी है। जवाब में विधायक सारस्वत ने कहा- यह घोषणा ढाई साल पहले नहीं, जुलाई 2025 में हुई थी। आपने 3 साल डुबोये रखा, तब मर गए थे क्या? इस बात पर माचरा सहित अन्य मौजूद लोग भड़क गए। हालांकि कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। अब देखिए- घटना से जुड़ी 2 PHOTOS जनसुनवाई में पहुंचे थे आरएलपी नेताजानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे जनसुनवाई में स्थानीय लोगों का नेतृत्व करते हुए RLP नेता विवेक माचरा भी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने यहां ट्रोमा सेंटर बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन ढाई साल बाद भी वह अभी तक नहीं बना है। विधायक ने जवाब में कहा कि अभी 28 जुलाई 2025 को ही आश्वासन दिया गया था। ऐसे में ढाई साल कहां हो गए? इस पर साथ आए किसान ने कहा कि एक साल तो हो गया ना? विधायक सारस्वत ने कहा कि 3 साल डुबोये रखा था, तब मर गए थे क्या? यह जवाब सुन माचरा सहित अन्य लोग भड़क गए और कहा कि आप ऐसे नहीं बोल सकते कि हम मर गए क्या? विरोध तेज होते देख पुलिस ने माचरा को पीछे हटा दिया। कैबिनेट मंत्री बोले- हादसा दुखद, जल्द शुरू करेंगे मशीनरीकैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने मामला संभाला। उन्होंने माचरा को बातचीत के लिए फिर से आगे बुलाया। उन्होंने कहा कि श्रीडूंगरगढ़ में आज हुआ हादसा दुखद है। ट्रोमा सेंटर के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। न सिर्फ श्रीडूंगरगढ़, बल्कि लूणकरनसर सहित सभी क्षेत्रों में इस दिशा में काम चल रहा है। इसके बाद मामला शांत हुआ। चिकित्सा मंत्री भी दे चुके हैं विवादित बयानबता दें कि इससे पहले पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं के किडनी फेल होने के मामले में चिकित्सा मंत्री ने भी विवादित बयान दिया था। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने सवालों के जवाब देने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा को आमंत्रित करते हुए कहा था कि बताईये प्रसूताएं नाचते गाते आई थी या फिर बीमार। उनके इस बयान का कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है। ये खबर भी पढ़िए… डंपर-कार में भिड़ंत, पति-पत्नी और बेटी सहित 6 की मौत:बच्ची गंभीर घायल, गाड़ी के परखच्चे उड़े; तीर्थ स्थल के दर्शन कर लौट रहे थे हरियाणा बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में डंपर और कार की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है। हादसा श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में होटल नजद सिजराल के पास नेशनल हाईवे-11 पर दोपहर करीब 1:35 बजे हुआ। पूरी खबर पढ़िए
आगरा के शाहगंज स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त इनडोर मिनी स्टेडियम का निर्माण शुरू हो गया है। सोमवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विधि-विधान के साथ भूमि पूजन और शिलान्यास किया। करीब 4.92 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम शहर और आसपास के क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। भूमि पूजन के दौरान कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि आगरा में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें बेहतर संसाधन और मंच की आवश्यकता थी। यह मिनी स्टेडियम खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा और युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा। उन्होंने कहा कि यहां से तैयार होने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 492 लाख रुपये है। निर्माण कार्य के लिए पहली किस्त के रूप में 216 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। 27 अप्रैल 2026 से शुरू हुए निर्माण कार्य को 15 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPSCIDC) द्वारा कराया जा रहा है। स्टेडियम को आधुनिक स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें डबल हाइट मेन हॉल, मल्टीपरपज हॉल, खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम और टॉयलेट ब्लॉक, प्रशासनिक कक्ष, वर्क स्टेशन, उपकरण स्टोर और फर्स्ट एड रूम की व्यवस्था होगी। इसके अलावा दर्शकों के लिए सिटिंग एरिया, परिसर में इंटरलॉकिंग रोड, सीसी सुविधाएं तथा जलापूर्ति के लिए बोरिंग और सबमर्सिबल पंप की व्यवस्था भी की जाएगी। स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि स्टेडियम बनने के बाद बैडमिंटन, टेबल टेनिस और अन्य इनडोर खेलों के खिलाड़ियों को पूरे वर्ष अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद प्रभु दयाल कठेरिया, पूर्व महापौर इंद्रजीत आर्य, पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, रामनाथ गौतम सहित भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कार्यदायी संस्था के अभियंता और बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
सतना में सोमवार शाम भाजपा जिला कार्यालय के घेराव के दौरान पुलिस द्वारा किए गए वाटर कैनन के इस्तेमाल में युवा कांग्रेस अध्यक्ष वरुण गुर्जर का पैर टूट गया। प्रदर्शन के दौरान वे बैरिकेड फांदने की कोशिश कर रहे थे। राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। देखें तस्वीरें… भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन युवा कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन राजनीतिक दबाव में निरस्त किया गया है। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक सरकार होश में आओ, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो और लोकतंत्र की हत्या बंद करो जैसे नारे लगाए। भाजपा कार्यालय पहुंचने से पहले ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। मौके पर एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया, सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन चलाया जब कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे धकेला। इसी दौरान युवा कांग्रेस अध्यक्ष का पैर टूट गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और युवाओं के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और युवाओं के भविष्य के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए भरहुत नगर क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा।
खरगोन में मंगलवार को 11केवी गणेश मंदिर फीडर का रखरखाव किया जाएगा। इसके चलते शहर के 20 से अधिक क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती कुंदा नदी से लेकर एमजी रोड तक के इलाकों को प्रभावित करेगी। बिजली कंपनी के शहर सहायक यंत्री देवानंद मालवीय ने बताया कि यह बारिश से पहले किया जाने वाला एक अति आवश्यक रखरखाव कार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली कटौती के समय में आवश्यकतानुसार कमी या बढ़ोतरी की जा सकती है। रखरखाव के दौरान नवग्रह मंदिर क्षेत्र, जिला पंचायत, मुल्लानवाड़ी, किला कंपाउंड, रामपेठ मोहल्ला, सिद्ध माता मंदिर, विट्ठल मंदिर क्षेत्र, झंडा चौक, एमजी रोड, सराफा मार्केट, बाकी माता मंदिर एरिया, जमीदार मोहल्ला, भावसार मोहल्ला, खसखस वाड़ी, घोकपुरा, तलाई मार्ग और ब्रह्मणपुरी सहित फीडर से जुड़े सभी क्षेत्रों में बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।
कांकेर जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही धान बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को डीजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पर्याप्त ईंधन न मिलने से नाराज किसानों ने नेशनल हाईवे जाम कर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। आधुनिक खेती में ट्रैक्टर और अन्य उपकरणों के लिए डीजल महत्वपूर्ण है। डीजल की कमी के कारण किसान अपने खेतों की जुताई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे बुवाई में देरी हो रही है। किसान एक पेट्रोल पंप से दूसरे पेट्रोल पंप तक भटकने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इसके बाद गुस्साए किसानों ने नेशनल हाईवे-30 पर चक्काजाम कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन किसान पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराने की मांग की। एक एकड़ में 20 लीटर डीजल की जरूरत किसान मिलाप राम पटेल ने बताया कि जून माह में खेती की तैयारी शुरू होती है और ऐसे समय में डीजल न मिलने से किसानों को भारी नुकसान होगा। एक एकड़ भूमि की जुताई के लिए कम से कम 20 लीटर डीजल की आवश्यकता होती है, जो अभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। किसान रोशन नरेटी ने बताया कि वे सुबह से डीजल लेने आए हैं, लेकिन उन्हें अभी तक ईंधन नहीं मिल पाया है। ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो रही इस संबंध में पेट्रोल पंप संचालक हिमांशु कोठारी ने कहा कि ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो रही है। अभी खेती-किसानी का काम बढ़ गया है, जिसकी वजह से मांग में वृद्धि हुई है। भीड़ के कारण लोगों को लगता है कि डीजल नहीं मिल रहा है।
कोरबा के मानिकपुर इलाके में 6-7 जून 2026 की रात हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेंद्र साहू उर्फ कुनाल साहू को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने बोलेरो वाहन से कुचलकर चंद्रमणि रात्रे उर्फ दादू की हत्या की थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी उसी दिन बलगी में हुई डकैती की घटना में भी शामिल था। बदमाशों ने ASI के बेटे को बोलेरो से कुचला चंद्रमणि रात्रे उर्फ दादू को कुछ अज्ञात लोगों ने बोलेरो वाहन से टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक चंद्रमणि रात्रे एएसआई रामनारायण रात्रे के बेटे थे, जो यातायात विभाग में पदस्थ हैं। इस मामले को जल्द सुलझाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने अलग-अलग टीमें बनाई थीं। इन टीमों ने सीसीटीवी कैमरों की जांच, तकनीकी सबूत जुटाने और लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने 50 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज देखे और 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की। साथी के साथ मिलकर वारदात की बात स्वीकार की जांच के आधार पर आरोपी राजेंद्र साहू उर्फ कुनाल साहू (22 वर्ष), निवासी कड़ारी, थाना बाराद्वार, जिला सक्ती, को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपने साथी योगेंद्र बघेल उर्फ योगी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल बोलेरो वाहन (CG-12 BD-5025) भी जब्त कर लिया है। उसका फरार साथी योगेंद्र बघेल की तलाश जारी है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी उसी दिन थाना बांकीमोंगरा क्षेत्र के बलगी में हुई डकैती में भी शामिल था। इस डकैती मामले में पहले ही दो आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और दो अन्य की कार्रवाई जारी है। ………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. बदमाशों ने ASI के बेटे को बोलेरो से कुचला, VIDEO:कोरबा में रास्ता देने को लेकर हुआ था विवाद, 6 दिन बाद तोड़ा दम छत्तीसगढ़ के कोरबा में रास्ता देने को लेकर हुए झगड़े के बाद बोलेरो सवार लड़कों ने ASI के बेटे को कुचल दिया। घटना के 6 दिन बाद रायपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान चंद्रमणि रात्रे की मौत हो गई। घटना का CCTV भी सामने आया है। मामला बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
बुरहानपुर में एसपी आशुतोष बागरी के निर्देश पर सोमवार शाम पुलिस बल ने दो गांवों में फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च आगामी मोहर्रम पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया। नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल के नेतृत्व में थाना लालबाग के तहत ग्राम पातोंडा और बिरोदा में यह फ्लैग मार्च निकाला गया। इसमें थाना स्टाफ, कोटवारों और विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) ने संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। ग्राम बिरोदा में फ्लैग मार्च पंचायत से शुरू होकर पठानवाड़ी, इच्छापुर गली, मस्जिद के सामने, ज्योति बाई फुले चौक और महादेव गली से होते हुए पुनः ग्राम पंचायत बिरोदा पर समाप्त हुआ। इस फ्लैग मार्च में सिटी मजिस्ट्रेट राजेश पाटीदार, सीएसपी गौरव पाटिल, तहसीलदार प्रवीण ओहरिया, रक्षित निरीक्षक सुनील दीक्षित और थाना प्रभारी लालबाग अमित सिंह जादौन सहित अन्य अधिकारी और स्टाफ शामिल थे। बुरहानपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या भड़काऊ जानकारी साझा न करें। पुलिस ने चेतावनी दी कि ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के 18 जून को प्रस्तावित बैतूल दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था लागू की है। राष्ट्रपति के काफिले का रूट तय कर दिया गया है, जबकि शहर में भारी और मध्यम वाहनों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। आम नागरिकों और परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। हेलीपैड से स्टेडियम तक रहेगा वीवीआईपी रूटयातायात पुलिस के अनुसार राष्ट्रपति का काफिला मिलानपुर स्थित हेलीपैड से लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम तक जाएगा। वीवीआईपी रूट में मिलानपुर हेलीपैड, भारत भारती, सोनाघाटी फॉरेस्ट बैरियर, चक्कर रोड, कोतवाली चौक, गणेश मंदिर, कॉलेज चौक, पुलिस कंट्रोल रूम चौक और पुलिस पेट्रोल पंप शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 18 जून को सुबह 9 बजे से 10:15 बजे तक इस पूरे मार्ग को आम यातायात के लिए बंद रखा जाएगा। इस दौरान किसी भी प्रकार के वाहन को रूट पर चलने की अनुमति नहीं होगी। एंटी सबोटाज जांच के बाद भी रहेगा प्रतिबंधपुलिस अधिकारियों के अनुसार वीवीआईपी रूट पर एंटी सबोटाज जांच पूरी होने के बाद भी निर्धारित समय तक आम यातायात प्रतिबंधित रहेगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। भारी और मध्यम वाहनों की एंट्री पर रोकराष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए 18 जून को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बैतूल नगर सीमा में भारी एवं मध्यम वाहनों, ट्रैक्टर और ट्रॉलियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह व्यवस्था सुरक्षा और यातायात नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्थायातायात पुलिस ने गंज रेलवे स्टेशन क्षेत्र, मुलताई, इंदौर हाईवे और आमला रोड से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। इन मार्गों के माध्यम से वाहनों को गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर दबाव कम किया जा सके। अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारितकार्यक्रम में शामिल होने वाले वीआईपी, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है। वीआईपी वाहनों की पार्किंग शिवाजी चौक स्थित दक्ष केंद्र में रहेगी। वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पुलिस परेड ग्राउंड, रैन बसेरा चौक, गुरुद्वारा रोड और उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान सहित विभिन्न स्थानों को पार्किंग स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थामहाविद्यालयीन परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों के लिए विशेष वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं। शाहपुर, सारणी, आमला, मुलताई और इंदौर मार्ग से आने वाले परीक्षार्थियों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की सुविधा दी जाएगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित यातायात व्यवस्था का पालन करें और यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी प्राप्त कर लें।
हनुमानगढ़ में नशे में पकड़े 26 वाहन ड्राइवर:पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर की जांच, सभी वाहन किए सीज
हनुमानगढ़ में यातायात पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान के दौरान 26 वाहन ड्राइवर नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़े गए। पुलिस ने सभी ड्राइवरों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनके वाहनों को जब्त कर सीज कर दिया। यह अभियान शहर के प्रमुख मार्गों, व्यस्त चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर चलाया गया। पुलिस ने नाकाबंदी कर दोपहिया, तिपहिया और चौपहिया वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान ड्राइवरों की जांच के लिए ब्रेथ एनालाइजर मशीन का उपयोग किया गया। जांच में कई चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए मिले। यातायात पुलिस ने इन सभी वाहन चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की। अभियान में कुल 26 वाहन जब्त कर सीज किए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण है, और इसके खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यातायात शाखा प्रभारी अनिल चिन्दा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह चालक, उसके परिवार और सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के जीवन को भी खतरे में डालता है। उन्होंने बताया कि कई गंभीर सड़क हादसों का मुख्य कारण शराब पीकर वाहन चलाने की लापरवाही होती है। चिन्दा ने आमजन से अपील की कि वाहन चलाते समय सभी यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट और चारपहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का उपयोग करें। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया कि किसी भी परिस्थिति में शराब का सेवन करने के बाद वाहन न चलाएं। इस अभियान में एएसआई रामदयाल, एएसआई भंवर सिंह, हेड कांस्टेबल गुरतेज सिंह, वासुदेव सहित यातायात शाखा के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।
राज्य सभा सांसद सतीश पूनिया आज भरतपुर पहुंचे। उन्होंने जाट आरक्षण को लेकर कहा कि बीजेपी के कार्यकाल में पूरे प्रदेश के लोगों को आरक्षण का लाभ मिला था लेकिन, भरतपुर धौलपुर जिले के जाट समाज को संवैधानिक रूप से आरक्षण का लाभ नहीं पाया था। बाकी जिन लोगों को आंदोलन करना है मांग रखनी है लोकतंत्र में सभी को आजादी है। बीजेपी सरकार में पूरे प्रदेश को मिला था आरक्षण राज्य सभा सांसद सतीश पूनिया ने भरतपुर, धौलपुर और डीग जिले के जाट समाज को आरक्षण के लिए कहा कि बीजेपी ही ऐसी पार्टी है जिसने साल 1999 में अटल बिहारी वाजपेई की सरकार में पूरे प्रदेश के लोगों को आरक्षण का लाभ मिला। गांव के गरीब लोगों को उनका हक़ मिला। उस समय धौलपुर और भरतपुर का जाट समाज संवैधानिक रूप से आरक्षण की व्यवस्था में नहीं आ पाए। आंदोलन करना मांग रखने की सभी को आजादी सतीश पूनिया ने कहा कि लंबे समय से आरक्षण के लिए चर्चा हो रही है लेकिन, कुछ चीजें कानून और संवैधानिक के दायरे में हैं। जब तक उनका निस्तारण नहीं होता तब तक यह मानकर चलें कि सरकार इस पर विचार करेगी। मुझे लगता है कि हमें समय का इंतजार भी करना चाहिए। बाकी जिन लोगों को आंदोलन करना है मांग रखनी है लोकतंत्र में सभी को आजादी है। राहुल गांधी देश में रहते हैं और गहलोत प्रदेश में कांग्रेस पर हमला करते हुए सतीश पूनिया ने कहा की कांग्रेस पार्टी में दो ही भले आदमी हैं पहले राहुल गांधी और दूसरे अशोक गहलोत, राहुल गांधी देश में होते हैं और अशोक गहलोत प्रदेश में होते हैं। 25 जून वह तारीख है जो देश के आपातकाल के काले इतिहास को बताती है। अशोक गहलोत का धन्यवाद जनता भूलने जा रही थी उन्होंने याद दिला दिया। कांग्रेस कार्यकाल में लगा था आपातकाल यह वहीं इंदिरा गांधी और अशोक गहलोत हैं जिनके कार्यकाल में 1975 में आपातकाल लगा था। 19 महीने लोग जेल में रहे थे। यातनाएं हुई थी। उन्होंने ठीक किया लेकिन, उनको करेक्ट करना चाह रहा हूं कि राहुल गांधी लोकतंत्र संविधान की किताब लेकर घूमते हैं। देश को दुनिया में बदनाम करते हैं।
लखनऊ के इंटीग्रल विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय छात्र दीक्षांत समारोह-2026 का आयोजन किया गया। जिसमें 11 देशों के 124 अंतरराष्ट्रीय छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय के सेंट्रल ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह का आयोजन अंतरराष्ट्रीय कार्य निदेशालय (डीआईए) ने किया। समारोह में सबसे अधिक छात्र नाइजीरिया से शामिल हुए, जबकि ओमान, नेपाल, थाईलैंड, सीरिया, सूडान समेत कई देशों के विद्यार्थियों ने भी अपनी पढ़ाई पूरी की। ये छात्र इंजीनियरिंग, फार्मेसी, पब्लिक हेल्थ, साइंस, कंप्यूटर एप्लीकेशन, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन सहित 30 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रमों से जुड़े रहे। ये भी रहे मौजूद कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं संस्थापक प्रो. एस.डब्ल्यू. अख्तर ने की। इस अवसर पर प्रो-कुलाधिपति डॉ. सैयद नदीम अख्तर, अतिरिक्त प्रो-कुलाधिपति सैयद अदनान अख्तर, डॉ. निदा फातिमा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. अब्दुल रहमान खान और कुलसचिव प्रो. मोहम्मद हारिस सिद्दीकी मौजूद रहे। डिग्रियां परीक्षा नियंत्रक द्वारा प्रदान की गईं। इस दौरान प्रो.एस.डब्ल्यू.अख्तर ने कहा कि ज्ञान के एक छोटे से संकल्प से शुरू हुई यात्रा आज वैश्विक पहचान हासिल कर चुकी है। उन्होंने स्नातक छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे दुनिया के किसी भी हिस्से में रहें, इंटीग्रल विश्वविद्यालय परिवार का हिस्सा बने रहेंगे। समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को सम्मानित भी किया गया। विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 5 स्वर्ण पदक और 6 रजत पदक प्रदान किए गए।
पेटलावद तहसील के ग्राम मोहनकोट में स्थित अतिप्राचीन मां नंदर माता मंदिर के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर मुणियां समाज के सैकड़ों लोग एकजुट हुए। समाजजनों ने मंदिर के पारदर्शी प्रबंधन और विधिवत समिति गठन की मांग को लेकर एक रैली निकाली, जो तहसील कार्यालय पहुंची। उन्होंने एसडीएम के नाम तहसीलदार अनिल बघेल को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने बताया कि मोहनकोट स्थित नंदर माता मंदिर एक अतिप्राचीन स्थल है और यह शासकीय भूमि पर स्थित है। समाज का आरोप है कि वर्षों से चली आ रही परंपरा के विपरीत, वर्तमान में मंदिर का संचालन गांव की समिति के बजाय किसी व्यक्ति विशेष द्वारा किया जा रहा है। समिति गठन की मांग समाजजनों का कहना है कि मंदिर में आस्था रखने वाले हजारों श्रद्धालुओं की भावनाओं और चढ़ावे की राशि के पारदर्शी प्रबंधन के लिए एक विधिवत समिति का गठन अनिवार्य है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि झाबुआ जिला पूर्णतः जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है और यहां पेसा एक्ट (PESA Act) प्रभावी है। इस स्थिति में मंदिर के संचालन, संरक्षण एवं विकास के लिए एक स्थायी ट्रस्ट या कम से कम 21 सदस्यीय प्रबंधन समिति का गठन किया जाए। समाज ने सुझाव दिया है कि समिति में अध्यक्ष पद पर गांव का कोई बुद्धिजीवी व्यक्ति हो और सचिव के रूप में ग्राम पंचायत सचिव को जिम्मेदारी दी जाए, ताकि आय-व्यय का लेखा-जोखा पूरी तरह पारदर्शी रहे। इसके अतिरिक्त, मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान का हिसाब रखने के लिए ग्राम स्तरीय समिति का गठन हो तथा मंदिर परिसर में स्वच्छता, सामुदायिक भवन, सुलभ शौचालय और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं। प्रबंधन समिति या ट्रस्ट में प्रशासन के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की मांग की गई है ताकि कार्यप्रणाली निष्पक्ष रहे। मुणिया समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर में प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा यथावत जारी रहनी चाहिए। मुणिया परिवार और ग्राम मोहनकोट की समिति ने प्रशासन को सूचित किया है कि इस संबंध में ग्राम सभा द्वारा भी प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। समाज ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द उचित निर्णय लेने की अपील की है ताकि माँ नंदर माता मंदिर में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित ईदगाह बाड़ी इलाके में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब दो पक्षों के बीच चल रहे पुराने विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। विवाद के दौरान एक पक्ष ने युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दो गोलियां चलाई गईं, जिनमें से एक गोली युवक के सिर को छूते हुए निकल गई, जबकि दूसरी उसके कंधे में जा धंसी। गोली लगते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस के अनुसार घायल लक्ष्मण सिंह केवट पिता रतनलाल केवट ने छह लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि महादेव केवट, नरेश केवट, घनश्याम केवट, दीपू, गज्जू और धर्मेंद्र केवट ने एकराय होकर उस पर हमला किया। आरोपियों के पास धारदार हथियार भी थे और विवाद के दौरान फायरिंग की गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घायल लक्ष्मण केवट का कहना है कि आरोपी पिछले डेढ़ महीने से उसे लगातार परेशान कर रहे थे। कई बार जान से मारने और गोली मारने की धमकी भी दी गई थी। उसने पुलिस को पहले भी आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके अनुसार विवाद की जड़ मकरावदा डेम और शासकीय तालाब में मछली पकड़ने का मामला है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से तनाव बना हुआ था। वहीं दूसरे पक्ष के नरेश केवट निवासी पुरापोसर भी घायल हुए हैं। उनके सिर में गंभीर चोट आई है। नरेश का आरोप है कि वह अपने भाई के साथ घर लौट रहे थे, तभी लक्ष्मण पक्ष के लोगों ने उन्हें रोक लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। उन्होंने दावा किया कि फायरिंग उनके पक्ष से नहीं बल्कि विरोधी पक्ष के एक व्यक्ति ने की थी। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं और सभी को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल एक पक्ष की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। दूसरे पक्ष की ओर से भी आवेदन मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और फायरिंग में प्रयुक्त हथियार की तलाश भी की जा रही है। मछली पकड़ने के अधिकार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गोलियों तक पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है।
प्रयागराज के खुल्दाबाद में बेकरी कारोबारी की मौत के मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल भेजे गए उसके भाई-भाभी नफीस अंसारी और हुमा नफीसको अदालत से राहत मिल गई है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। 3 मार्च को हुई थी घटनामृतक की पत्नी ने खुल्दाबाद थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया था कि उनके पति परिवार के बेकरी कारोबार का संचालन करते थे। इसी बात को लेकर उनके जेठ, जेठानी जलते थे। एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने उनके कमरे में गुप्त कैमरा लगाकर निजी वीडियो और तस्वीरें खींचीं। फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर उनके पति को लगातार प्रताड़ित किया। कारोबार और संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से दबाव बनाया गया, जिससे परेशान होकर उन्होंने 3 मार्च को ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। आरोपी बोले- एक्सीडेंट में गई जानजमानत अर्जी में आरोपियों की ओर से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष का तर्क था कि मृतक की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि रेलवे लाइन पार करते समय हुई दुर्घटना थी। वह रोज की तरह बेकरी के लिए दूध लेने गए थे और उसी दौरान ट्रेन की चपेट में आ गए थे। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि परिवार के बीच किसी प्रकार का कारोबारी विवाद नहीं था और बेकरी का संचालन संयुक्त रूप से होता था। एफआईआर में लगाए गए आरोपों को मनगढ़ंत बताया गया। 14 अप्रैल को भेजे गए थे जेलअदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि घटना 3 मार्च की है, जबकि एफआईआर 13 अप्रैल को दर्ज कराई गई, यानी लगभग 40 दिन बाद। दोनों आरोपी 14 अप्रैल से न्यायिक अभिरक्षा में हैं और उनका कोई आपराधिक इतिहास भी अभियोजन प्रस्तुत नहीं कर सका। इन शर्तों पर मिली जमानतअदालत ने आदेश दिया कि दोनों आरोपी 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक-एक जमानती प्रस्तुत करने पर रिहा किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें यह अंडरटेकिंग देनी होगी कि वे सुनवाई की प्रत्येक तिथि पर स्वयं अथवा अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित रहेंगे, गवाहों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाएंगे और विचारण की कार्यवाही में पूरा सहयोग करेंगे।
शिमला पुलिस ने संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में दोनों शूटरों को आज (सोमवार को) गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों को हरियाणा के रोहतक में दबोचा। ASP शिमला अभिषेक ने सोमवार शाम को शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी जानकारी दी। एएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को कल कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी। उन्होंने बताया कि आरोपी एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला आए थे। अपनी पहचान छिपाने एवं पुलिस निगरानी से बचने के लिए इन्होंने अपने हरियाणा नंबर के वाहन में हिमाचल का फर्जी पंजीकृत नंबर एचपी-10 सीरीज लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर उक्त वाहन की वास्तविक पहचान स्थापित की तथा आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद हरियाणा झज्जर के दुजाना गांव के आशीष अहलावत (22) और रोहतक के सुनियारा खल फैसी निवासी दीपक (25) को गिरफ्तार किया। 2 पिस्तौल भी बरामद एएसपी ने बताया कि आरोपियों से घटना में इस्तेमाल दो पिस्तौल भी बरामद की गई। एएसपी से जब सवाल किया गया कि मनीषा मित्तल के भाई हिमांक मित्तल का इस मामले में क्या रोल है, क्योंकि मनीषा ने हर बार भाई पर ही गंभीर आरोप लगाए। इस पर एएसपी ने कहा कि इस मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के संबंध में जांच जारी है। सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। एएसपी ने बताया कि दोनों के खिलाफ पहले से भी हरियाणा में कई केस दर्ज है। फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल पर बुलाया, साक्ष्य जुटाए: ASP अभिषेक ने बताया कि हत्या के तत्काल बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से विभिन्न भौतिक एवं जैविक साक्ष्य एकत्रित किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों एवं अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए, सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया तथा डिजिटल साक्ष्यों का भी परीक्षण किया गया। इनकी जांच एवं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस द्वारा घटना में संलिप्त दोनों आरोपियों की पहचान की गई। शिमला में गोलियों से भूनने के बाद हुए थे फरार बता दें कि बीते शनिवार को शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के गेट पर मनीषा मित्तल की गोलियों से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मनीषा मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली थी। वह यहां अपनी बेटी के साथ रह रही थी। भाई के साथ चल रहा था विवाद मृतका मनीषा (42) का रोहतक के रहने वाले भाई हिमांक मित्तल के साथ स्कूल को लेकर विवाद चल रहा था। मीनाक्षी की हत्या से पहले का एक पुराना वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कह रही हैं कि हिमांक उसे मारने की धमकियां दे रहा है। 18 साल पहले हुई थी शादी, कोर्ट केस चल रहा मनीषा की शादी 18 साल पहले रेवाड़ी के डॉ. सुभाष के साथ हुई थी। उनकी लगभग 17 साल की एक बेटी है। उनके पति रेवाड़ी के सिविल अस्पताल में कार्यरत हैं। मनीषा का अपने पति के साथ भी विवाद चल रहा था। रेवाड़ी की फैमिली कोर्ट में केस चल रहा है।
धमतरी में अनियंत्रित हाइवा पुल पर चढ़ा:नहर में गिरने से बचा, क्रेन से उतारा गया
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक अनियंत्रित हाइवा नहर पर बने पुल के ऊपर चढ़ गया। यह हादसा भखारा थाना क्षेत्र में हुआ। गनीमत रही कि हाइवा नहर में गिरने से बच गया और पुल पर उस वक्त कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, हाइवा भखारा से भटगांव की ओर जा रहा था। अचानक वह नहर पार करने के लिए बने पुल के किनारे पर चढ़ गया। इससे हाइवा के एक तरफ के पूरे पहिए ऊपर उठ गए और वाहन असंतुलित होकर नहर में पलटने की स्थिति में आ गया। हादसे के समय पुल पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आसपास मौजूद लोग भी बाल-बाल बच गए। इस घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। बताया गया है कि हाइवा में चालक के अलावा कोई और मौजूद नहीं था। अनियंत्रित होने के बाद हाइवा को क्रेन की मदद से पुल से नीचे उतारा गया।
आवासीय बस्ती में चल रहा था रंगाई छपाई का धंधा:टीम को देख सामान पड़ोसी की छत पर फेंका, किया जब्त
पाली शहर के हैदर कॉलोनी में सोमवार को करवाई करते हुए टीम ने एक बंद मकान में रंगाई छपाई का गोरखधंधा पकड़ा। टीम को देख युवक ने पड़ोसी के मकान पर सामान फेंक दिया। जिसे जब्त करने की करवाई की गई। साथ ही वाशिंग मशीन सहित अन्य कुछ सामान एक कमरे में रख कर उसे सील किया है। जो अवैध रूप से रंगाई छपाई का काम आ रहा था। युवक के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज करने के लिए लिखा है। नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज ने बताया कि शहर के हैदर कॉलोनी में सीवरेज की होदी में रंगीन पानी आता हुआ टीम ने देखा तो जांच शुरू की। पड़ताल के दौरान हैदर कॉलोनी की एक गली में पहुंचे। जहां एक मकान पर ताला लगा मिला। ताला खोलने को बोला तो युवक एक बार तो आनाकानी करने लगा। ताला खुलवाकर देखा तो अंदर फर्श कलरफुल मिला। छत पर जाकर देखा तो पड़ोसी की छत पर रंगाई छपाई के काम आने वाले ड्रम सहित अन्य उपकरण मिले। जिसे जब्त करने की करवाई की गई। मामले में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कोतवाली थाने को लिखा। करवाई के दौरान नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम भी मौजूद रही।
सिक्किम राज्य के नंदोक शहर स्थित डेंटम ब्लॉक में विकसित प्रोबायोटिक कंसोर्टियम एप्लिकेशन के बारे में किसान प्रशिक्षण और प्रदर्शन के लिए किसान बैठक आयोजित की गई थी। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन (एनएमएचएस), पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय सरकार द्वारा वित्त पोषित परियोजना कार्य का हिस्सा है। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य और उद्देश्य जैविक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के तहत फसल उत्पादकता और मिट्टी के स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए प्रोबायोटिक कंसोर्टियम विकसित करने के लिए नवीन स्वदेशी माइक्रोबियल उपभेदों की स्क्रीनिंग करना है। प्रोबायोटिक कंसोर्टियम सिक्किम के डेंटम, उत्तरे, बेघा और नंदोक गांव की राइजोस्फीयर मिट्टी से लाभकारी सूक्ष्मजीवों के व्यापक अलगाव और लक्षण वर्णन के बाद विकसित हुआ है। जैव रासायनिक और आणविक लक्षण वर्णन के बाद, इन माइक्रोबियल उपभेदों का मूल्यांकन कई पौधों के विकास को बढ़ावा देने वाले लक्षणों के लिए किया गया था, जिसमें नाइट्रोजन स्थिरीकरण, अमोनिया उत्पादन, फॉस्फेट, पोटेशियम और जस्ता घुलनशीलता, पौधों के विकास हार्मोन (इंडोल-3-एसिटिक एसिड) का उत्पादन, साइडरोफोर उत्पादन और बायोकंट्रोल गतिविधियां शामिल हैं। डॉ. वर्मा और डॉ. सिंह के नेतृत्व वाली अनुसंधान टीम के अनुसार, संघ ने पौधों की वृद्धि, बायोमास संचय, पोषक तत्व ग्रहण, अनाज की उपज और समग्र मिट्टी के स्वास्थ्य को बढ़ाने की आशाजनक क्षमता दिखाई है। इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण बातें यह हैं कि मानव कल्याण के लिए चावल, मक्का और अन्य सब्जी फसलों में मैक्रो और सूक्ष्म पोषक तत्वों को बढ़ाने के लिए प्रोबायोटिक कंसोर्टियम बहुत प्रभावी होगा। इस प्रकार के जैविक उत्पाद का उपयोग मानव की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा ताकि मानव रोग जैसे पोषण की कमी - एनीमिया, गठिया, तंत्रिका संबंधी विकार और अन्य कई बीमारियों को दूर किया जा सके।
राजस्थान आदिवासी मीना सेवा संघ के जिलाध्यक्ष शिवजीराम मीना के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम सोमवार को कलेक्टर टोंक के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर पांचना बांध के कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में तत्काल पानी छोड़ने और हाईकोर्ट के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2006 से पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी का प्रवाह बंद होने के कारण हजारों किसान सिंचाई एवं पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। इस संबंध में किसानों द्वारा दायर जनहित याचिका एवं अवमानना याचिका पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने 1 मई 2026 को राज्य सरकार को कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक आदेशों की पालना नहीं होने से किसानों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि न्यायालय के आदेशों की शीघ्र पालना कर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो कमाण्ड क्षेत्र के किसान बीसलपुर बांध से जयपुर एवं अजमेर को होने वाली जलापूर्ति रोकने के लिए आंदोलन करने को मजबूर होंगे। युवाओं से आवाज उठाने की मांगसंघ ने यह भी कहा कि बांध में भूमि अवाप्ति के आधार पर किसी क्षेत्र विशेष का अधिकार बताना उचित नहीं है। सरकार को न्यायालय के आदेशों एवं स्थापित नियमों के अनुरूप कमाण्ड क्षेत्र के किसानों को उनका वैधानिक अधिकार दिलाना चाहिए। इस अवसर पर जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष कार्तिक मीना भी उपस्थित रहे। उन्होंने पांचना बांध को लेकर कहा कि युवाओं को जनहित के मुद्दों पर जागरूक होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने युवा शक्ति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठित एवं जागरूक युवा समाज के अधिकारों की रक्षा और जनआंदोलनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। मुख्यमंत्री से मांग की गई कि जनहित को ध्यान में रखते हुए पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में तत्काल पानी छोड़ा जाए और माननीय हाईकोर्ट के आदेशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित कर किसानों एवं आमजन को राहत प्रदान की जाए। ज्ञापन देने में आशाराम मीना, नीमलाल मीना, बंशीलाल मीना, शिवजीराम मीना, हनुमान मीना, पप्पूलाल मीना, श्योलाल मीना, रामओतार मीना, ब्रह्मानंद मीना, मोतीलाल मीना, रतनलाल मीना, प्रह्लाद मीना, तुलसीराम मीना, कन्हैयालाल मीना, रामकरण मीना, भरतलाल मीना, सुखलाल मीना, सावंतलाल मीना, नंदकिशोर मीना, चंद्रप्रकाश मीना, रामलाल मीना, महावीर मीना, जयसिंह मीना, कमलेश मीना, दिलखुश मीना आदि मौजूद थे।
कानपुर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र के क्योंना गांव में सोमवार शाम करीब 5 बजे चाय बनाते समय गैस सिलेंडर में लीकेज के कारण आग लग गई और जोरदार धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। इस घटना में घर का पूरा सामान जलकर राख हो गया, हालांकि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए। देखिए तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला... शिवराजपुर थाना क्षेत्र में सोमवार करीब 5 बजे चाय बनाते समय गैस सिलेंडर में लीकेज होने लगा देखेत देखते आग लग गई और जोरदार धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। घटना से घर का सारा सामान जल कर राख हो गया हालांकि परिवार के सभी लोग सुरक्षित हैं कोई जन हानी नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना ग्राम क्योंना के माजरा ईश्वरीपुरा निवासी राम मोहन तिवारी के 35 वर्षीय पुत्र लालाराम तिवारी के घर में हुई। सिलेंडर फटने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटनास्थल पर लोग इक्कठा हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल शिवराजपुर थाने को सूचना दी। थाना अध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने तुरंत पुलिस टीम को रवाना किया और फायर ब्रिगेड को भी सूचित किया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया,लेकिन तब तक घर का सारा सामान जल चुका था। सभी परिजनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रत्यक्षदर्शीयों रवि प्रताप,अमन, राकेश, अमित, बबलू, दिनेश आदि ने जानकारी देते हुए बताया की गांव निवासी लालाराम के घर की तरफ हुए एका एक शोर की आवाज पर मौके पर पहुंचे तो देखा कि घर के अंदर से धुएं का गुबार उठ रहा है। दरवाजे पर पहुंचकर घर के अंदर जाने का प्रयास किया तब तक सिलेंडर फटने से आग और तेज हो गई मौके पर फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर आग बुझाने का कार्य किया गया। थाना अध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने भी पुष्टि की कि घटना में घर के सभी सदस्य सकुशल सुरक्षित हैं।
तहसील चौराहा पर मुख्य पाइप लाइन टूटी:हजारों लीटर पानी सड़क पर व्यर्थ बहा, सुबह ही मरम्मत कर की थी
डूंगरपुर में तहसील चौराहा पर मुख्य पेयजल पाइपलाइन टूट गई। शाम को पानी की आपूर्ति शुरू होते ही हजारों लीटर पानी सड़क पर व्यर्थ बह गया। लगभग आधे घंटे तक पानी बहने के बाद आपूर्ति बंद की गई। यह घटना तब हुई जब आज सुबह ही टूटी हुई पाइपलाइन की मरम्मत की गई थी और गड्ढे को मिट्टी से भर दिया गया था। शाम को जैसे ही पानी छोड़ा गया, गड्ढे से पानी के गुबार निकलने लगे और देखते ही देखते पानी पूरे सड़क पर फैल गया। पानी सर्किट हाउस तक पहुंच गया। मुख्य सड़क से गुजर रहे लोग इतनी बड़ी मात्रा में पानी बहता देख हैरान रह गए। लगभग आधे घंटे तक पीने का पानी सड़क पर व्यर्थ बहता रहा, जिसके बाद जलदाय विभाग के कर्मचारियों ने आपूर्ति बंद की और पाइपलाइन की मरम्मत का काम फिर से शुरू कर दिया। गर्मियों के इन दिनों में शहर में पेयजल संकट गहराया हुआ है। लोगों को 2 से 3 या 5 दिनों में एक बार पानी की आपूर्ति मिल रही है। ऐसे में विभागीय लापरवाही के कारण हजारों लीटर पीने का पानी व्यर्थ बह जाना चिंताजनक है। सरकार जहां पानी बचाने के लिए 'वंदे गंगा जल अभियान' चला रही है, वहीं यह घटना सामने आई है। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) ने बताया कि पाइपलाइन को जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा।
गुरुग्राम पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर हुई 23.21 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विकास पांडे निवासी शिवपुरी, मध्य प्रदेश, वर्तमान में ग्वालियर और सुमित सेन निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। यह कार्रवाई साइबर अपराध थाना दक्षिण गुरुग्राम की पुलिस ने की है। पुलिस के अनुसार, 9 फरवरी 2024 को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता को वॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से शेयरों में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया था। ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे ठगों ने पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में लगभग 23 लाख 21 हजार रुपए ट्रांसफर करवाकर उसे साइबर ठगी का शिकार बनाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और साइबर अपराध थाना दक्षिण की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी गई रकम में से 3 लाख रुपए जिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, वह खाता सुभाष राठौड़ के नाम पर था। इस मामले में सुभाष राठौड़ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में पता चला कि सुभाष ने अपना बैंक खाता 25 हजार रुपए में विकास पांडे और सुमित सेन को दिया था। 50 हजार रुपए में बेचा बैंक खाता इसके बाद, विकास पांडे और सुमित सेन ने वही बैंक खाता 50 हजार रुपए में एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया। इस खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया था। गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से मिलने वाले निवेश संबंधी प्रस्तावों पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में दें।
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सोमवार शाम तेज रफ्तार बोलेरो सड़क किनारे 3 बार पलट गई। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में पति-पत्नी और 8 साल बच्चा भी शामिल है। हादसा मटकुली-पिपरिया मार्ग पर हुआ है। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान नर्मदापुरम के बंजारा ड्रीम निवासी प्रदीप धुर्वे (48), पत्नी ज्योति धुर्वे, बेटा अक्षत धुर्वे (8), समनापुर निवासी पंचम ठाकुर (55) और झिरपा करेर निवासी कुलदीप ठाकुर (40) शामिल हैं। तामिया से होशंगाबाद जा रहे थे। वहीं घायलों में समनापुर निवासी आकाश धुर्वे (25) और शरद उइके (21) शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए… तामिया से लौटते वक्त गई टीचर और पत्नी बेटे की जान हादसे में घायल शरद धुर्वे ने बताया- जीजा प्रदीप धुर्वे, बहन ज्योति धुर्वे, भांजे अक्षत की मौत हुई है। जीजा प्रदीप सेमरी प्राइमरी स्कूल में शिक्षक हैं। दोस्त की बुलेरो लेकर तामिया गए थे। मटकुली के पास ओवरटेक के दौरान बोलेरो पलट गई। बाइक सवार को बचाने के चक्कर में हादसा पिपरिया थाना प्रभारी मदनलाल पवार ने बताया- बोलेरो जीप तामिया से मटकुली की ओर जा रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार होने के कारण बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। शवों को पोस्टम़ॉर्टम के लिए भेजा गया हादसे में मृत सभी लोगों के शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह बाइक सवार को बचाने के प्रयास में बोलेरो का अनियंत्रित होकर पलटना सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

