रायपुर में पुलिस मुख्यालय नया रायपुर ने 526 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों (SI) की जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए पोस्टिंग आदेश जारी कर दिया है। सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को राज्य के अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया है, जहां वे फील्ड में पुलिसिंग की बारीकियां सीखेंगे। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में प्रशिक्षु SI के नाम और उनकी पदस्थापना वाले जिलों का उल्लेख किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान ये अधिकारी कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना, जनसंपर्क और थाने की कार्यप्रणाली से जुड़ी व्यवहारिक जानकारी हासिल करेंगे। अधिकारियों ने प्रशिक्षु SI को नसीहत देते हुए कहा कि फील्ड ट्रेनिंग पुलिस सेवा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसी दौरान एक अधिकारी को जनता से संवाद, संवेदनशील मामलों को संभालने और वास्तविक परिस्थितियों में निर्णय लेने का अनुभव मिलता है। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षुओं से अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की। उप निरीक्षकों के कामों की मॉनिटरिंग करेंगे अफसर बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। उन्हें थानों और पुलिस इकाइयों में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम करना होगा। पुलिस विभाग का मानना है कि व्यवहारिक प्रशिक्षण से प्रशिक्षु अधिकारियों को जमीनी स्तर पर पुलिसिंग समझने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में वे बेहतर तरीके से कानून व्यवस्था संभाल सकेंगे।
लखनऊ में नई विधानसभा का रास्ता साफ::सहारा सिटी की 245 एकड़ जमीन पर बनेगा विधानभवन कॉम्प्लेक्स
लखनऊ के गोमती नगर स्थित सहारा शहर की जमीन पर अब नई विधानसभा बनने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर शुक्रवार को मुहर लग गई, जब एलडीए ने विधानभवन कॉम्प्लेक्स की डिजाइन और प्लानिंग के लिए कंसल्टेंट व आर्किटेक्ट चयन हेतु टेंडर जारी कर दिया। एलडीए की ओर से जारी आरएफपी के अनुसार कंपनियां 23 मई से 21 जून तक आवेदन कर सकेंगी। कंसल्टेंट चयन के बाद डीपीआर तैयार होगी, जिसके आधार पर परियोजना की लागत और निर्माण अवधि तय की जाएगी। 245 एकड़ में बनेगा सत्ता का नया केंद्र जिस जमीन पर नया विधानभवन प्रस्तावित है, उसका कुल क्षेत्रफल 245 एकड़ है। इसमें 170 एकड़ जमीन नगर निगम की और 75 एकड़ एलडीए की है। यह वही जमीन है, जो पहले सहारा इंडिया को लीज पर दी गई थी। बताया जा रहा है कि केवल विधानसभा ही नहीं, बल्कि यहां सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास और अन्य सरकारी दफ्तरों को भी विकसित करने की तैयारी है। इसी वजह से टेंडर में “विधानभवन कॉम्प्लेक्स” शब्द का इस्तेमाल किया गया है। कई साल से चल रही थी तलाश सरकार लंबे समय से नई विधानसभा के लिए बड़े भूखंड की तलाश में थी। मगर शहर में इतनी बड़ी और उपयुक्त जमीन नहीं मिल पा रही थी। गोमती नगर की यह जमीन लोकेशन और कनेक्टिविटी दोनों लिहाज से बेहतर मानी जा रही है। शासन स्तर पर फैसला होने के बाद बीते कुछ महीनों में जमीन की पैमाइश और तकनीकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं, हालांकि तब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। लीज खत्म होने के बाद वापस मिली जमीन नगर निगम ने 1994 में सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड को 170 एकड़ जमीन 30 साल की लीज पर दी थी। शर्त थी कि यहां आवासीय कॉलोनी और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। नगर निगम का आरोप था कि कंपनी ने लीज की शर्तों का उल्लंघन किया। इसको लेकर वर्षों तक विवाद चलता रहा। पिछले साल 30 साल की अवधि पूरी होने के बाद नगर निगम ने लीज आगे नहीं बढ़ाई और जमीन वापस अपने कब्जे में ले ली। वहीं एलडीए ने भी अपनी 75 एकड़ जमीन पहले ही वापस ले ली थी। इसके बाद से यहां विधानसभा निर्माण की चर्चाएं तेज हो गई थीं। क्या बोले एलडीए वीसी एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि सहारा शहर की जमीन पर विधानभवन निर्माण के लिए कंसल्टेंट और आर्किटेक्ट चयन हेतु टेंडर जारी कर दिया गया है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्लानिंग पर काम शुरू होगा।
चंडीगढ़ नगर निगम में फर्जी एफडी मामले के बाद अब हाईमास्ट लाइट लगाने में नया घोटाला सामने आया है। सेक्टर-34, सेक्टर-35 स्लो कैरिज-वे, सेक्टर-48 नाइट फूड स्ट्रीट और ओपन एयर थिएटर में लगाए गए हाईमास्ट लाइट और बिजली के पोलों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी मिलने का दावा किया गया है। यह खुलासा नगर निगम के इलेक्ट्रिक विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) सनी ठाकुर की रिपोर्ट में हुआ है। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में कई तकनीकी खामियां बताते हुए संबंधित एजेंसी का बिल रोकने की सिफारिश की है। साइट पर लगा सामान घटिया निकला जेई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 20 अप्रैल को एजेंसी के गोदाम में डीडब्ल्यूसी पाइप का निरीक्षण किया गया था। वहीं से थर्ड पार्टी जांच के लिए सैंपल भी लिए गए थे। लेकिन बाद में जब साइट पर जाकर जांच की गई तो वहां लगाए गए पाइप गोदाम में दिखाए गए पाइपों से काफी घटिया गुणवत्ता के मिले। इसके बाद जेई ने मांग की कि जांच के लिए सैंपल सीधे साइट से लिए जाएं ताकि सही जांच हो सके। डेढ़ महीने बाद दी निरीक्षण की जानकारी रिपोर्ट में कहा गया कि 14 मार्च 2026 को फैक्ट्री में हाईमास्ट और केबल का निरीक्षण किया गया था, लेकिन इसकी जानकारी करीब डेढ़ महीने बाद दी गई। जेई का कहना है कि जब उन्होंने खुद थर्ड पार्टी जांच की मांग उठाई, उसके बाद ही उन्हें निरीक्षण की जानकारी दी गई। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि हाईमास्ट, डबल ड्रम विंच और मोटर के सीरियल नंबर या मॉडल नंबर तक दर्ज नहीं किए गए। ऐसे में यह साबित करना मुश्किल हो गया कि साइट पर लगाए गए उपकरण वही हैं या नहीं, जिनका फैक्ट्री में निरीक्षण किया गया था। लाइटों में जंग और खराब वेल्डिंग मिली सेक्टर-48 में लगाए गए हाईमास्ट लाइटों में कई तकनीकी कमियां मिली हैं। रिपोर्ट के अनुसार कई केबल तय मानकों के अनुसार नहीं थीं और कुछ केबल पतली गुणवत्ता की पाई गईं। हाईमास्ट पर गैल्वनाइजेशन खराब मिला और एक महीने के भीतर ही कई हिस्सों में जंग दिखाई देने लगी। वेल्डिंग की गुणवत्ता भी खराब पाई गई। जांच में क्रैक, गैप और कटिंग जैसी खामियां सामने आईं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जहां टेंडर में छह पोल मोटर लगाने की शर्त थी, वहां चार पोल मोटर लगा दी गई। इसके अलावा कई जरूरी उपकरण जैसे मैकेनिकल टार्क लिमिटर, रबर बफर, पीवीसी सुरक्षा व्यवस्था और मल्टी-पिन प्लग-सॉकेट भी साइट पर नहीं मिले। हाईमास्ट और मोटर पर पहचान तक नहीं जेई ने आरोप लगाया कि हाईमास्ट, विंच और मोटर पर कोई पहचान चिह्न या मार्किंग नहीं थी। इसके अलावा जरूरी टेस्ट रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं करवाई गईं। इनमें डबल ड्रम विंच की टेस्टिंग, हाईमास्ट की स्ट्रक्चरल टेस्टिंग और वेल्डिंग टेस्ट शामिल हैं। जेई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पूरे मामले की संयुक्त साइट जांच करवाई जानी चाहिए। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं होती, वह एजेंसी का बिल पास नहीं कर सकते। सबसे अहम बात यह है कि इस कंपनी को काम देने से पहले नगर निगम इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पश्चिम बंगाल के हुगली स्थित कंपनी प्लांट का दौरा कर चुके हैं। अधिकारियों ने वहां निरीक्षण के बाद संतुष्टि जताते हुए अपनी रिपोर्ट भी दी थी, जिसके बाद कंपनी को काम मिला। भाजपा उपाध्यक्ष ने उठाए सवाल भाजपा उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बबला ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। दिखाया कुछ गया और लगाया कुछ और जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इलाके में भी लाइटें बार-बार खराब हो रही हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बबला ने कहा कि जेई की शिकायत को गंभीरता से लेने की बजाय उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की एक पार्षद और नेता इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं।
हरदोई के अतरौली थाना क्षेत्र के नरोईया गांव में शुक्रवार की शाम दो भाइयों में बाइक ले जाने को लेकर पहले विवाद हुआ। फिर बड़े भाई ने बाइक में आग लगा दी। इससे नाराज छोटे भाई ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर अपने आपको आग के हवाले कर दिया। इसमें उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लिया है। नरोईया गांव निवासी गंगाराम की गांव के पास नरोईया पुलिया पर परचून और मिठाई की दुकान है। उनके चार पुत्र शेरू, साजन, विकास और निखिल थे, जिनमें निखिल सबसे छोटा था। गंगाराम की दो विवाहित पुत्रियां माहेश्वरी और मीरा भी हैं। गंगाराम 20 मई को तीर्थ यात्रा पर पूर्णागिरी गए थे। उनके पुत्र साजन और विकास बेंगलुरु में काम करते हैं, जबकि शेरू के साथ निखिल दुकान संभालता था। बताया गया है कि दुकान पर बोतल में पेट्रोल भी बेचा जाता था। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे छोटा भाई निखिल दुकान पर बैठा था। तभी बड़ा भाई शेरू गांव वाले घर से बाइक लेकर दुकान पर आया। वह कथित तौर पर नशे में धुत था और बाइक पुवायां ले जाने की जिद करने लगा। निखिल ने शेरू को नशे में देखकर बाइक ले जाने से मना कर दिया और कहा कि पिता ने बाइक ले जाने से मना किया है। बाइक ले जाने को लेकर दोनों भाइयों में कहासुनी हुई। जब निखिल ने बाइक नहीं दी, तो शेरू ने दुकान से पेट्रोल उठाकर बाइक पर छिड़क दिया और उसमें आग लगा दी। बाइक धू-धूकर जलने लगी। निखिल ने बाल्टी में पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन शेरू ने उसे रोक दिया। इसके बाद निखिल ने बाल्टी शेरू के सिर पर मार दी। इसके बाद, कथित तौर पर निखिल दुकान से 2बोतल पेट्रोल लाया। बाइक के पास आकर अपने ऊपर छिड़क लिया। इसमें वह गंभीर रूप से चला गया। उसको अतरौली सीएचसी ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने जुटाए हैं।थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में शेरू के शराब पिए होने की बात सामने आई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
जौनपुर में पेड़ से लटका मिला अधेड़ का शव:स्थानीय लोगों ने देखकर पुलिस को दी सूचना, जांच जारी
जौनपुर के बदलापुर कोतवाली क्षेत्र के खजुरन गांव में शुक्रवार शाम पीली नदी पुल के पास एक अधेड़ व्यक्ति का शव पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान खजुरन गांव निवासी करीब 55 वर्षीय बबलू पुत्र मुस्ताख के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर बदलापुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पेड़ से नीचे उतरवाकर जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक फूलचंद्र पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है तथा परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ जारी है।
सुशासन तिहार 2026 के तहत अभनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत टेकारी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों से जुड़े कुल 1766 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1201 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिली। शिविर में विधायक इन्द्रकुमार साहू, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम रवि सिंह और जनपद सीईओ दीपक ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों और मांगों की सुनवाई कर समाधान सुनिश्चित किया। दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल शिविर में मनरेगा अंतर्गत जॉब कार्ड निर्माण, श्रम कार्ड एवं नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की सुविधा दी गई। वहीं आवास योजना के हितग्राहियों को मकान की चाबी भी वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल और ट्राईसाइकिल वितरित कर उन्हें लाभान्वित किया। अधिकारियों ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाया जा रहा है।
अयोध्या जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसिंग को आमजन के लिए सुगम बनाने की दिशा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने थाना बाबा बाजार क्षेत्र के अंतर्गत अस्थाई नवीन पुलिस चौकी रेछ स्थापित करने का आदेश जारी किया है। इस नई चौकी के गठन से क्षेत्रीय ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी मामलों में त्वरित सहायता मिलने की उम्मीद है। पुलिस विभाग के अनुसार, इस नई चौकी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाना, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और आमजन को शीघ्र पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। क्षेत्रीय ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से स्थानीय स्तर पर पुलिस चौकी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पुलिस क्षेत्र अधिकारी आशीष निगम ने बताया कि नवीन चौकी रेछ के अंतर्गत कई गांवों को शामिल किया गया है। इनमें उमापुर, मीरमऊ घाट, कन्धई, शिवा का पुरवा, देवता का पुरवा, रेछ, बढ़ई का पुरवा, इमिलडिहा, बाबू का पुरवा, भुलामऊ, कलापुर, सरोतरमऊ, नया पुरवा, हरचन्दपुर, सीताशुक्ल पुरवा, नरायनपुर, मिश्री तिवारी का पुरवा तथा तकिया गांव शामिल हैं। इन गांवों के लोगों को अब छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए दूर स्थित थाने का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने एसएसपी के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि चौकी स्थापित होने से क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ेगी और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चौकी के संचालन के बाद क्षेत्र में गश्त व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
सिद्धार्थनगर में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को चारपाई से बांधकर उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने आरोप है। गंभीर रूप से झुलसे युवक को इलाज के लिए बस्ती के कैली अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया है। मामला डुमरियागंज थाना क्षेत्र के रेहरा गांव का है। पढ़िए पूरा मामला… ग्राम रेहरा निवासी घम्मल प्रसाद गौतम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके बेटे लालजी गौतम (28) की पत्नी पूजा गौतम (26) का फिरोज़ पुत्र मुख्तार निवासी ग्राम बगही बारी, थाना पीपीगंज गोरखपुर से प्रेम संबंध था। आरोप है कि फिरोज़ का लालजी के घर आना-जाना लगा रहता था। तहरीर के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10 बजे पूजा गौतम और फिरोज़ ने मिलकर लालजी गौतम को रस्सी से चारपाई पर बांध दिया। इसके बाद उस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरने से लालजी गंभीर रूप से झुलस गया। लालजी की चीख-पुकार सुनकर बाहर सो रहे उसके पिता और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई और 108 एंबुलेंस की मदद से उसे बेवा सीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे बस्ती स्थित कैली अस्पताल रेफर कर दिया। पड़ोसी महिला ने धुआं उठता देखकर सूचना दी बताया गया कि घटना के समय पिता घम्मल प्रसाद घर के बाहर सो रहे थे और उन्हें कम सुनाई देता है। पड़ोस की एक महिला ने घर से धुआं उठता देखा और उन्हें सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने फाटक तोड़कर घर में प्रवेश किया, जहां लालजी आग से झुलसी हालत में मिला। शुक्रवार को सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस क्षेत्राधिकारी बृजेश कुमार वर्मा और प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ अन्य जरूरी साक्ष्य भी जुटाए। घटना के बाद परिवार आर्थिक संकट से भी जूझ रहा है। परिजनों के अनुसार, मजदूरी कर परिवार चलाने वाले घम्मल प्रसाद के लिए बेटे का इलाज कराना मुश्किल हो रहा है। आर्थिक तंगी के कारण परिवार बस्ती से युवक को वापस घर ले आया। प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया- जिस मिट्टी के तेल से युवक को जलाया गया, वह पहले से घर में रखा हुआ था। पुलिस ने पत्नी पूजा गौतम और उसके प्रेमी फिरोज़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सलूंबर के जयसमंद पाल स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के जल आपूर्ति पंप हाउस के विद्युत स्टेशन में शुक्रवार को 230 KVA ट्रांसफॉर्मर में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि पास के विद्युत खंभों पर लगी जड़ियां और सूखी झाड़ियां भी जल उठीं। घटना के समय आसपास पर्यटकों की अनुपस्थिति के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू आग लगने की सूचना मिलते ही जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) और जलदाय विभाग के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, इस घटना में ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित इस घटना के कारण क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, जयसमंद हेडवर्क्स पर 230 KVA ट्रांसफॉर्मर के जलने से 23 मई 2026 को सलूंबर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित रहेगी। जलापूर्ति से प्रभावित होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में खेराड, चिबोड़ा, बस्सी झुंझवात, बस्सी सिंगावत, सेरिया और डाल सहित कई अन्य गांव शामिल हैं। इन जगहों पर आपूर्ति रहेगी बाधित शहर के भीतर, इंदिरा कॉलोनी ए/बी, बाईपास, चुंगी नाका, तुर्की दरवाजा, नागदा बाजार, पाल दरवाजा, गांधी चौक, सुथारवाड़ी, भावना गली, बड़ा नाका, भोईवाड़ा, खाई गली, पटेलवाड़ा, बरगद कॉलोनी और लोहार गली जैसे कई मोहल्लों में जलापूर्ति आंशिक या पूर्ण रूप से बाधित रहने की संभावना है।
मुजफ्फरनगर में शहर के सिटी सेंटर के पास शुक्रवार को एक युवती ने बीच सड़क पर ई-रिक्शा चालक की जमकर पिटाई कर दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आया है। वीडियो में युवती लगातार ई-रिक्शा चालक को थप्पड़ मार रही है। आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने खड़े दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग बीच-बचाव और युवती को शांत कराने की कोशिश करते भी नजर आए, लेकिन युवती काफी आक्रोशित दिखाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवती ई-रिक्शा में बैठकर कहीं जा रही थी। इसी दौरान ई-रिक्शा चालक पर युवती के साथ कथित छेड़छाड़ करने का आरोप लगा। आरोप है कि चालक की हरकत से नाराज युवती ने सड़क पर ही अपना आपा खो दिया और चालक की पिटाई शुरू कर दी। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में पहुंच चुका है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विवाद की असली वजह क्या थी।
नीमच के जीरन इलाके में बिजली के ट्रांसफार्मर से तेल चुराने वाले तीन युवकों पुलिस ने पकड़ लिया है। जीरन पुलिस और हर्कियाखाल चौकी की टीम ने मिलकर कार्रवाई की। इनके पास से चोरी का करीब 38 लीटर तेल मिला है, जिसकी कीमत लगभग 50 हजार रुपए बताई जा रही है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब 21 मई को पालसोडा गांव के एक किसान ने पुलिस को शिकायत दी। किसान ने बताया कि 20 मई की रात 8 बजे बदमाशों ने उसके खेत पर लगे ट्रांसफार्मर से तेल चोरी कर लिया था। पकड़े गए बदमाशों के नाम रामनिवास बंजारा (देवीपुरा), भरत बावरी और नागेश्वर उर्फ कान्हा बावरी (दोनों पालसोडा निवासी) हैं। चोरी का तेल मिला, आरोपी गए जेल पुलिस को इनके पास से एक नीली टंकी में भरा 38 लीटर तेल मिला है। पकड़े गए तीनों बदमाशों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन लोगों ने इलाके में और कहां-कहां ऐसी चोरियां की हैं।
अमेरिका से आएगा थ्री डी डोम:गोरखपुर की नक्षत्रशाला में लगेगा; 32.26 करोड़ है लागत
गोरखपुर की नक्षत्रशाला पूरी तरह से आधुनिक होगी। इसके लिए 32.26 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक थ्री डी डोम एवं अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण अमेरिका से डिस्पैच हो चुके हैं और जल्द ही गोरखपुर पहुंच जाएंगे। इस बदलाव के बाद नक्षत्रशाला में आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव होगा। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की ओर से वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण एवं महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क का निर्माण किया जा रहा है। GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने शुक्रवार को इस कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना को पूरी गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान आिकारियों ने बताया कि नक्षत्रशाला के अधुनिकीकरण के लिए थ्री डी डोम और उपकरण अमेरिका से जल्द ही यहां पहुंच जाएगा। महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क के निर्माण पर 15 करोड़ 62 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। जुलाई 2024 में यह काम शुरू हुआ था। अगस्त 2026 में इसे पूरा करना है। अब तक 8 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। यहां प्राचीन भारतीय विज्ञान, इनोवेशन लैब, फन साइंस, स्पेस साइंस और आउटडोर साइंस गैलरियों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।नक्षत्रशाला परिसर में प्लांटर, रैप, सीढ़ी, टिकट घर और सोवेनिर शॉर का काम भी पूरा हो गया है। GDA उपाध्यक्ष ने डायनोटोरियम का भी निरीक्षण किया। जांच के दौरान बताया गया कि नक्षत्रशाला का भाग एक एव तीन का 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एसी एवं चहारदिवारी का काम जारी है। अभियंताओं ने उन्हें बताया कि भाग दो के तहत थ्री डी डाम लगाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता किशन सिंह, अधिशासी अभियंता राकेश प्रताप आदि उपस्थित रहै।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और राजस्व हानि रोकने के लिए जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में जिला स्तरीय खनिज विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं अवैध खनन निगरानी समिति के सदस्यों ने भाग लिया। इसमें अवैध खनन, खनिजों के अवैध निर्गमन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अवैध खनन गतिविधि पर अंकुश लगाने का आरोप जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने पुलिस, वन, परिवहन और खनन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपसी समन्वय के साथ नियमित निगरानी रखते हुए अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। कलक्टर ने यह भी कहा कि अवैध खनन और अवैध निर्गमन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। पौधारोपण पर दिया बल कलेक्टर ने खनन पट्टाधारियों को निर्धारित नियमों और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए, साथ ही अधिकाधिक पौधारोपण पर बल दिया। उन्होंने समिति सदस्यों और पट्टाधारियों द्वारा उठाई गई व्यावहारिक समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने तथा प्राप्त सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जिला कलक्टर ने सीमा क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, लीज धारियों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र में ही खनन कार्य सुनिश्चित करने और सभी संबंधित विभागों को नियमित एवं प्रभावी साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने संभावित अवैध खनन क्षेत्रों में संयुक्त टीमों के माध्यम से नियमित निरीक्षण एवं निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। सहायक खनि अभियंता, खान एवं भू-विज्ञान विभाग, कोटपूतली (सदस्य सचिव) अमीचंद दुहारिया ने विभागीय गतिविधियों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान समिति सदस्यों ने भी विभिन्न सुझाव दिए। बैठक में डीटीओ सुनील सैनी, आरओ पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड राजकुमार सेहरा, वन अधिकारी तरुण कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मेरठ में इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (IRIA) मेरठ चैप्टर की ओर से 23 और 24 मई को डॉ. जी.एस. बाठला मिड टर्म CME 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “Healthy Baby – Healthy Liver” रखी गई है। दो दिवसीय इस आयोजन में देशभर के रेडियोलॉजिस्ट और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल होंगे। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार अरोड़ा ने बताया कि CME का मुख्य उद्देश्य लोगों को लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि फास्ट फूड, खराब लाइफस्टाइल, व्यायाम की कमी और शराब के सेवन के कारण लिवर रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम में लोगों को इन बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए जाएंगे। बिना बायोप्सी होगी लिवर की जांच 23 मई की शाम दिल्ली के प्रसिद्ध रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राहुल सचदेवा लिवर रोगों की शीघ्र पहचान और रोकथाम पर व्याख्यान देंगे। उन्होंने बताया कि फाइब्रोस्कैन जैसी आधुनिक तकनीक के जरिए बिना बायोप्सी के लिवर की स्थिति की सटीक जांच संभव है। इससे मरीज पर इलाज के असर का भी सही आकलन किया जा सकेगा। PCPNDT एक्ट पर भी होगी विशेष चर्चा CME में PCPNDT एक्ट को लेकर विशेष परिचर्चा भी आयोजित की जाएगी। इसमें डॉक्टर एक्ट के तहत छोटी क्लेरिकल गलतियों पर होने वाली कार्रवाई को लेकर अपनी चिंता जाहिर करेंगे। आयोजकों का कहना है कि मामूली त्रुटियों पर सेक्शन-23 लगाकर डॉक्टरों को अपराधी की तरह देखा जाता है। कार्यक्रम में एक्ट में सुधार की मांग भी उठाई जाएगी। कई प्रमुख हस्तियां रहेंगी मौजूद 24 मई को देशभर के विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देंगे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह, सीएमओ अशोक कटारिया, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आर.सी. गुप्ता, विधायक डॉ. अमित अग्रवाल, पूर्व सांसद डॉ. सरोजिनी अग्रवाल और मेयर हरिकांत अहलूवालिया भी मौजूद रहेंगे।
गोरखपुर में लक्ष्य स्पोर्ट्स एकेडमी की ओर से बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों के लिए निःशुल्क क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके लिए चयन ट्रायल 24 मई रविवार को सुबह 8 बजे से रेलवे क्रिकेट ग्राउंड पर होंगे। ट्रायल में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का पंजीकरण कल यानी शनिवार तक किया जाएगा। एकेडमी के सचिव डॉ. त्रिलोक रंजन ने बताया कि चयन ट्रायल में वही खिलाड़ी शामिल हो सकेंगे जिनकी आयु 31 मार्च तक 19 साल से कम हो। खिलाड़ियों का चयन अंडर-12, अंडर-16 और अंडर-19 आयु वर्ग में किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को पूरे साल राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों की देखरेख में निःशुल्क क्रिकेट प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर मंचउन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य शहर और आसपास के क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच और पेशेवर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य में जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। डॉ. त्रिलोक रंजन ने बताया कि चयन ट्रायल से पहले खिलाड़ियों के लिए निःशुल्क रजिस्ट्रेशन फॉर्म लक्ष्य क्रिकेट एकेडमी, रेलवे क्रिकेट ग्राउंड पर कल यानी शनिवार तक उपलब्ध रहेंगे। खिलाड़ियों से समय पर पहुंचकर ट्रायल में भाग लेने की अपील की गई है।
बरेली में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बारादरी पुलिस ने मिलिट्री इंटेलिजेंस और एसओजी टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकली बायोमेट्रिक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस को ग्राम डौहरा स्थित शिव मंदिर के सामने संचालित 'आव्या जन सेवा केंद्र' पर अवैध तरीके से आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर बारादरी पुलिस, मिलिट्री इंटेलिजेंस लखनऊ यूनिट बरेली और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। छापेमारी के दौरान केंद्र संचालक कोई वैध रजिस्ट्रेशन या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। मौके से अमित कुमार, ललित कुमार और भारत सिंह को गिरफ्तार किया गया। तीनों के खिलाफ आधार कार्ड अधिनियम की धारा 36 सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मौके से 67 आधार कार्ड, 18 आधार इनरोलमेंट फॉर्म, जाति, निवास और जन्म प्रमाण पत्र बरामद किए। इसके अलावा, दो लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगर प्रिंट स्कैनर, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और रबर से बने अंगूठों के क्लोन भी जब्त किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे उत्तराखंड के नानकमत्ता निवासी विक्रांत के संपर्क में आए थे, जिसने उन्हें फर्जी दस्तावेज बनाने का प्रशिक्षण दिया था। आरोपी एनीडेस्क एप्लिकेशन के जरिए सिस्टम एक्सेस करते थे और फिंगर प्रिंट स्कैनर तथा नकली अंगूठों की मदद से आधार अपडेट और अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी 'रानी प्रिंट' नामक एक पेड वेबसाइट का उपयोग कर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी बनाते थे। जांच के दौरान पुलिस टीम ने मौके पर ही एक फर्जी आधार कार्ड बनवाकर देखा, जिसमें ललित कुमार के नाम से तैयार दस्तावेज फर्जी पाए गए। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय होकर सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर रहा था। मामले की गहन जांच जारी है।
मेरठ में तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शेषनाथ पांडेय पर वक्फ बोर्ड भूमि घोटाले और छात्रवृत्ति फर्जीवाड़े का गंभीर आरोप है। जांच में सामने आया है कि उन्होंने जिलाधिकारी (DM) के फर्जी हस्ताक्षर कर करोड़ों की सरकारी जमीन वक्फ बोर्ड के नाम कर दी थी। इस भ्रष्टाचार के कारण वर्तमान जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रुहेल आजम को निलंबित किया गया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के सीओ जितेंद्र कालरा इस मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में पता चला कि शेषनाथ पांडेय ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर घोसीपुर गांव में स्थित करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि को तत्कालीन डीएम बी. चंद्रकला के फर्जी हस्ताक्षर से वक्फ बोर्ड के नाम कर दिया था। इसके अलावा, शेषनाथ पांडेय पर उस समय कई मदरसों को मान्यता देने और महिला छात्रावास बनाने के नाम पर भी भ्रष्टाचार करने का आरोप है। जांच में ये सभी आरोप साबित हो चुके हैं। इसी के चलते भाजपा सरकार आने के बाद शेषनाथ पांडेय को पहले निलंबित किया गया और फिर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। विश्व हिंदू महासंघ के राष्ट्रीय मंत्री विनोद कुमार ने इस मामले की शिकायत शासन से की थी, जिसके बाद एक जांच टीम गठित की गई। जांच में खुलासा हुआ कि तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और सहायक सर्वे आयुक्त वक्फ शेषनाथ पांडेय, तहसीलदार ओपी दुबे, कानूनगो नेतराम, एसडीएम चंद्र प्रकाश सिंह और तहसीलदार रमेश चंद्र यादव ने मिलकर घोसीपुरा की दो बीघा, सात बिस्सा, छह बिस्वांसी जमीन को पहले 'पीर मेला' के नाम दर्ज कराया। इसके बाद, सहायक सर्वे आयुक्त शेषनाथ पांडेय ने खुद ही जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन को वक्फ बोर्ड के नाम चढ़ा दिया। जांच में यह साबित होने के बाद देहली गेट थाने में तत्कालीन तहसीलदार भगत सिंह की तहरीर पर उपरोक्त सभी तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि, समाजवादी पार्टी के शासनकाल में 2016 में यह मुकदमा दर्ज होने के बावजूद, उसी वर्ष सरकारी दबाव में इसमें फाइनल रिपोर्ट (FR) लगा दी गई और कोई कार्रवाई नहीं हुई। विनोद कुमार का दावा है कि घोसीपुरा की इस जमीन की कीमत उस समय करोड़ों रुपये थी। शेषनाथ पांडेय ने मुस्लिम लोगों से पैसे लेकर इसे वक्फ के नाम कर मुस्लिमों को कब्जा दिला दिया था। उनका अनुमान है कि जब इस मामले की पूरी जांच होगी, तो यह घोटाला 100 करोड़ रुपये से भी अधिक का निकलेगा।
बरेली में श्री श्याम गुणगान महोत्सव:त्रिवटी नाथ मंदिर में नंदू जी महाराज देंगे भजनों की प्रस्तुति
बरेली में श्री श्याम परिवार द्वारा आयोजित श्री श्याम गुणगान महोत्सव को लेकर शहर में भक्तिमय माहौल है। वृंदावन धाम से प्रसिद्ध भजन गायक एवं कथावाचक नंद किशोर शर्मा 'नंदू जी महाराज' शुक्रवार शाम बरेली पहुंचे। गांधी नगर कॉलोनी स्थित एमबी इंटर कॉलेज के पास श्याम प्रेमियों ने उनका भव्य स्वागत किया। उनके स्वागत समारोह में ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और 'जय श्री श्याम' के जयकारों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि शनिवार को श्री त्रिवटी नाथ मंदिर में आयोजित होने वाले महोत्सव में नंदू जी महाराज बाबा श्याम के भजनों की प्रस्तुति देंगे। समिति के अनुसार, इस वर्ष महोत्सव को विशेष और आकर्षक बनाने के लिए भव्य श्याम दरबार सजाया जा रहा है। मुरलीवाला डेकोरेटर द्वारा कोलकाता से मंगाए गए विशेष फूलों से बाबा श्याम, बालाजी महाराज और गणेश जी का श्रृंगार किया जाएगा। प्रभु प्रिय छप्पन भोग और भजनों की अविरल धारा श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण होंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार शाम 7 बजे ज्योति प्रज्वलन के साथ होगा। इसके बाद राहुल जौहरी, अंकुश अग्रवाल और कुकी अरोड़ा गणेश वंदना, गुरु वंदना एवं हनुमान वंदना प्रस्तुत करेंगे। तत्पश्चात, कार्यक्रम की मुख्य प्रस्तुति नंदू जी महाराज द्वारा दी जाएगी। आयोजन समिति ने बताया कि महोत्सव में शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। स्वागत कार्यक्रम में नीरज अग्रवाल, अनुपम टेबड़ीवाल, विक्रम अग्रवाल, नवीन गोयल, बीएम सोनी, श्याम कृष्ण गुप्ता, समित अग्रवाल, रामऔतार प्रधान और प्रशांत गोयल सहित कई श्याम प्रेमी उपस्थित थे।
उदयपुर ग्रामीण के विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि बुझड़ा गांव में खेल मैदान की जमीन पर अतिक्रमण हो गए है। मैदान का सीमा जानकारी करने के साथ ही अतिक्रमण हटा कर वहां स्कूल मैदान विकसित किया जा सके। यह बात आज उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) के कमिश्नर अभिषेक खन्ना से ग्रामीण विधायक मीणा के साथ एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनको बताई। विधायक मीणा ने कहा कि बुझड़ा गांव में विद्यालय के खेल मैदान की जमीन की सीमा जानकारी के साथ उसके आसपास अवैध तरीके कर रखे अतिक्रमण को हटाए जाए। उन्होंने कहा कि इसे विद्यालय के खेल मैदान बनाने में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न नहीं हो और गांव में यह मैदान तैयार हो जाए। उन्होंने देवाली विद्यालय एवं खैल मेदान के लिये आवंटित जमीन के संबंध में आगे की अग्रिम कार्रवाई करने एवं उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की अन्य विभिन्न समस्याओं के निराकरण करने के लिये कहा। मीणा ने कमिश्नर से कहा कि पेराफेरी क्षेत्र में पीने के पानी की टंकियों के लिये जमीन आवंटित कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में जहां-जहां भी विभागीय कार्रवाई के अभाव में टंकिया नहीं लग सकी है वह समय पर लग सकें एवं ग्रामीणों को पीने का पानी आसानी से उपलब्ध हो सकें। विधायक ने कमिश्नर से कहा कि कुण्डाल में बरसों से जिस जमीन पर स्थानीय ग्रामीणों का कब्जा था उसको किसी अन्य को आवंटित करने की तैयारी है जिसके कारण यहां ग्रामीणों काफी रोष व्याप्त है। उन्होंने सरकार द्वारा स्वीकृत किये गये जीएसएस के लिये जमीन आवंटन के लिये चर्चा की। उन्होंने बताया कि उमरड़ा, डाकन कोटड़ा, सीसारमा, धोल की पाटी आदि के लिये विद्युत विभाग को जीएसएस बनाने के लिये जल्द जमीन आवंटन की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। इस अवसर पर यूडीए सचिव हेमेन्द्र नागर, भाजपा शहर जिला उपाध्यक्ष तख्तसिंह शक्तावत, सन्नी पोखरना, मण्डल अध्यक्ष सुनील चौधरी, भगवतीलाल तेली, दिनेश धायभाई, परविन्द्र सिंह, देवीलाल भगोरा, मोहन सिंह आदि उपस्थित थे।
लिव इन रिलेशन, तलाक जैसे मामलों में एक्शन को लेकर राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी के बीच राज्य सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी ने प्रदेश के नागरिकों से इसको लेकर सुझाव मांगे हैं। इस बीच यह साफ किया गया है कि मध्यप्रदेश के आदिवासियों के जनजीवन पर समान नागरिक संहिता लागू नहीं की जाएगी। सरकार अभी इस पर बिल्कुल भी फोकस नहीं करेगी। यहां बता दें कि यूसीसी लागू करने की सीएम डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इसका विरोध कर चुके हैं। सिंघार ने कहा है कि सरकार इसके जरिये आदिवासियों की परम्परा और संस्कृति पर हमला करना चाहती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में शुक्रवार को नागरिकों के सुझाव लेने के लिए एक वेबसाइट लांच कर दी है। इस दौरान सीएम यादव ने कहा कि हम सभी नागरिकों के हितों की सुरक्षा करते हुए UCC लागू करेंगे। आज 'समान नागरिक संहिता, मध्यप्रदेश' की वेबसाइट http://ucc.mp.gov.in लॉन्च की। इस पोर्टल पर आमजन 15 जून 2026 तक UCC को लेकर अपने सुझाव और मत दर्ज करा सकते हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि जनता का सुझाव मप्र के हर नागरिक को समानता, न्याय और सामाजिक सुरक्षा दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। वेबसाइट लांच करने के दौरान UCC की उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई सहित समिति के अन्य सदस्य भी वर्चुअली जुड़े। यह काम करेगी समिति, 60 दिन में देगी रिपोर्ट
गोरखपुर में बिजली कर्मचारियों के उत्पीड़न को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघर्ष समिति का कहना है कि भीषण गर्मी और लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच बिजली कर्मी दिन-रात मेहनत कर बिजली व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याएं सुनने के बजाय उन पर लगातार दबाव और कार्रवाई की जा रही है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि इस समय प्रदेश में बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। हर क्षेत्र में बिजली की खपत बढ़ी है, जिससे फॉल्ट और ओवरलोडिंग की समस्या भी बढ़ गई है। ऐसे समय में बिजली कर्मियों को लगातार ड्यूटी करनी पड़ रही है। कई कर्मचारी बिना आराम किए घंटों फील्ड में काम कर रहे हैं। कर्मचारियों की कमी से बढ़ रही परेशानीसमिति का कहना है कि पहले गर्मियों में अतिरिक्त संविदा कर्मियों और गैंग की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार उल्टा कर्मचारियों की संख्या कम कर दी गई है। सीमित स्टाफ के सहारे पूरी व्यवस्था चलाने की कोशिश की जा रही है। इससे कर्मचारियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ गया है। संघर्ष समिति ने कहा कि जल्दबाजी में फॉल्ट ठीक कराने और लगातार काम कराने की वजह से हादसों का खतरा बढ़ गया है। कई बिजली कर्मी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। समिति के अनुसार कर्मचारियों की कमी और संसाधनों की दिक्कत के बावजूद बिजली कर्मियों से चौबीसों घंटे निर्बाध सप्लाई बनाए रखने की उम्मीद की जा रही है। उपभोक्ताओं को भी हो रही परेशानीसमिति ने कहा कि बिजली विभाग के काम अलग-अलग हिस्सों में बांट दिए गए हैं। मेंटेनेंस, सप्लाई, बिलिंग और मीटरिंग अलग होने से आम लोगों को शिकायत करने में परेशानी हो रही है। कई बार उपभोक्ताओं को यह तक समझ नहीं आता कि किस विभाग से संपर्क करें। इसका गुस्सा फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों पर निकल रहा है। कई जगह कर्मचारियों के साथ अभद्रता और विवाद की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। जनता और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपीलसंघर्ष समिति ने जनता से अपील की है कि भीषण गर्मी में बिजली कर्मी लगातार काम कर रहे हैं, इसलिए उनका सहयोग किया जाए। साथ ही सांसदों और विधायकों से कर्मचारियों की समस्याएं सरकार तक पहुंचाने की मांग की गई है। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि गोरखपुर के उपखंड अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। समिति का कहना है कि उन्होंने कुछ आदेश मानने से इंकार किया था, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। संघर्ष समिति ने कहा कि इस मामले में बातचीत करने के बजाय सीधे कार्रवाई की गई, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के जैतपुरा कला गांव में किसान प्रेमसिंह दांगी की आत्महत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि किसान ने अपनी दूसरी पत्नी और उसके सगे भांजे के बीच चल रहे अवैध संबंधों से परेशान होकर फांसी लगा ली थी। इस मामले में पुलिस ने किसान की पत्नी और उसके भांजे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रेमसिंह दांगी ने 18-19 मई की रात गांव के बाहर कुएं के पास एक बोर के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। सूचना मिलने पर खिलचीपुर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में यह मामला सामान्य आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था। हालांकि, पुलिस की गहन पूछताछ और जांच आगे बढ़ने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि मृतक की दूसरी पत्नी और उसके सगे भांजे के बीच लंबे समय से अवैध संबंध थे। इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था, जिससे किसान मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान रहने लगा था। पुलिस ने ग्रामीणों और परिजनों के बयान भी दर्ज किए, जिससे आरोपों की पुष्टि हुई। खिलचीपुर थाना प्रभारी कमल सिंह चौहान ने बताया कि पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच अभी जारी है।
बागपत के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला 2019 का है। पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया था। पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर उसका मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। न्यायालय ने सभी गवाहों की गवाही और प्रस्तुत सबूतों के आधार पर आरोपी सलाऊ और इमरान को दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें 20-20 साल के कठोर कारावास के साथ-साथ प्रत्येक पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) नरेंद्र पवार ने बताया कि नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने सभी गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया है।
रोटरी मीन्स बिजनेस (RMB) जयपुर चैप्टर की ओर से आयोजित मेगा विजिटर डे (एमवीडी) शहर के बिजनेस और प्रोफेशनल समुदाय के लिए एक यादगार आयोजन साबित हुआ। श्याम नगर स्थित द फर्न हैबिटैट में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में 110 से अधिक बिजनेस ओनर्स, प्रोफेशनल्स, एंटरप्रेन्योर्स और करीब 60 से अधिक विजिटर्स ने भाग लिया। आयोजन को आरएमबी जयपुर चैप्टर के इतिहास की सबसे बड़ी और प्रभावशाली नेटवर्किंग मीटिंग बताया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों और विजिटर्स के स्वागत के साथ हुई। आयोजन के दौरान उत्साह और ऊर्जा से भरे माहौल ने सभी प्रतिभागियों को एक-दूसरे से जुड़ने, सीखने और नए व्यावसायिक अवसर तलाशने का मंच प्रदान किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन मयंक सिंघल ने प्रभावशाली अंदाज में किया। कार्यक्रम में आरएमबी जयपुर के चार्टर चेयरमैन एवं इंटरनेशनल वाइस चेयर अरविंद बत्रा ने लिंक्डइन प्रोफाइल को कैसे बेहतर बनाया जाए विषय पर विशेष सत्र लिया। उन्होंने बिजनेस प्रोफेशनल्स को डिजिटल ब्रांडिंग, प्रोफेशनल नेटवर्किंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिजनेस ग्रोथ बढ़ाने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उनके प्रेजेंटेशन को प्रतिभागियों ने काफी सराहा। इवेंट चेयर सिद्धार्थ माखरिया ने अपने बिजनेस से जुड़ी प्रस्तुति दी और विभिन्न उत्पादों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके प्रोडक्ट्स और प्रस्तुति की सराहना की। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण अनुकंपा ग्रुप की विशेष प्रस्तुति रही। आयोजन में स्पॉन्सर के रूप में जुड़े अनुकंपा ग्रुप ने कार्यक्रम को विशेष सहयोग प्रदान किया। एक विशेष इंटरैक्टिव सेशन में प्रतिभागियों ने अपनी विशेषज्ञताओं, बिजनेस क्षमताओं और नेटवर्क के माध्यम से एक-दूसरे की मदद करने के तरीकों पर चर्चा की। इस दौरान सहयोग, रेफरल नेटवर्किंग और बिजनेस ग्रोथ को लेकर विचार साझा किए गए।
मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी विदिशा शहर के बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष शिविर आयोजित कर रही है। 'संपर्क अभियान' के तहत यह शिविर कल (शनिवार) सुबह 10:30 बजे से एसएटीआई के सामने बीटीआई रोड पर लगाया जाएगा। विदिशा शहर जोन-2 द्वारा आयोजित इस शिविर में क्लस्टर क्रमांक-03 के अंतर्गत वार्ड 29 और 30 के उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों का मौके पर निराकरण किया जाएगा। इसमें बीटीआई रोड, शेरपुरा, मछली मार्केट, अहमदपुर चौराहा, खरीफाटक क्षेत्र, करैयाखेड़ा रोड, पीतलमिल चौराहा, बंटी नगर और इंडस्ट्रियल एरिया सहित आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ता शामिल हो सकेंगे। बिजली विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे शिविर में पहुंचकर बिल, लाइन, ट्रांसफार्मर, मीटर या अन्य विद्युत समस्याओं का समाधान कराएं। कंपनी का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवाएं प्रदान करना है। विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, 'संपर्क अभियान' का लक्ष्य उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। साथ ही, उपभोक्ताओं और विभाग के बीच सीधा संवाद स्थापित कर शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाना भी इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
हनुमानगढ़ के भादरा थाना क्षेत्र के गांव कलाना में शुक्रवार शाम करीब चार बजे एक मोबाइल दुकान पर फायरिंग हुई। इस घटना में दुकान पर बैठे दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर बाइक पर सवार होकर आए थे और घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गांव में स्थित श्याम मोबाइल दुकान पर दो युवक मौजूद थे। इसी दौरान बाइक पर आए दो अज्ञात बदमाशों ने अचानक उन पर गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घायल युवकों की पहचान कलाना निवासी मनीष (20) और संदीप (18) के रूप में हुई है। उन्हें तुरंत भादरा के उप जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को हिसार रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही भादरा थाना अधिकारी मानाराम बिश्नोई पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी करवाई और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। एएसपी गीता चौधरी ने भी मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। बैंक और दुकानों के कैमरों से हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल फायरिंग के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस आपसी रंजिश और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। देर शाम तक इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।
जालौन के उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर और तीमारदार के बीच हुए विवाद के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और तीमारदारों से अलग-अलग वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन गंभीरता से कार्य करेगा। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति में आईपीएस अधिकारी डॉ. इशांत सोनी, एडीएम प्रेमचंद तथा मेडिकल कॉलेज के एक वरिष्ठ डॉक्टर को शामिल किया गया है। यह समिति घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। डीएम ने कहा कि मरीजों, तीमारदारों और डॉक्टरों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मेडिकल कॉलेज में ऐसा माहौल तैयार किया जाएगा, जहां डॉक्टर बिना भय के अपनी ड्यूटी कर सकें और मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले सुझावों के आधार पर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी। वहीं, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि घटना के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से भी बातचीत की। डॉक्टरों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना गया है और उनके समाधान का आश्वासन दिया गया है। एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया और साइबर सेल को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। जांच में यह सामने आया है कि कुछ अराजक तत्व सोशल मीडिया के जरिए मामले को तूल देने और अभद्र भाषा का प्रयोग कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अस्थायी रूप से पीएसी भी तैनात की गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जोधपुर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में अगले चार दिन एसबीआई की सभी शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। शनिवार और रविवार को बैंक बंद रहेंगे, वहीं सोमवार और मंगलवार को कर्मचारियों की हड़ताल रहेगी। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने 25 और 26 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिसका जोधपुर में बैंक कर्मचारी समर्थन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध जताया है। समझौते के बावजूद मांगें लागू नहीं करने का आरोप इस अवसर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन, जयपुर सर्किल के महासचिव भवानी सिंह सोलंकी ने कहा- फेडरेशन की 16 सूत्रीय न्यायोचित मांगों पर पूर्व में द्विपक्षीय समझौते के तहत सहमति बन चुकी है। इसके बावजूद बैंक प्रबंधन द्वारा उन्हें अब तक लागू नहीं किया गया है। प्रबंधन की इस वादाखिलाफी के कारण कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है और इसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव ग्राहक सेवा पर भी पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पूर्णतः शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। भर्ती बंद होने से बढ़ा काम का बोझ, पहले भी जता चुके हैं विरोध रैली को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के जोधपुर डिप्टी जनरल सेक्रेटरी देवेन्द्र कुमार ने कहा- बैंक में मैसेंजर और आर्म्ड गार्ड की भर्ती लंबे समय से बंद पड़ी है। इसके कारण वर्तमान कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ रहा है और ग्राहक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी व्यावहारिक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी 25 और 26 मई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया जाएगा। इससे पहले भी बैंक कर्मचारी बैज धारण करने, ब्लैक मास्क पहनने, ट्विटर अभियान चलाने, लंच टाइम प्रदर्शन करने, डीएफएस (DFS) को हस्ताक्षरित मांग पत्र भेजने, प्रशासनिक कार्यालय के बाहर धरना देने और क्षेत्रीय सांसदों को ज्ञापन सौंपने जैसे विभिन्न शांतिपूर्ण माध्यमों से अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। जालोरी गेट से शुरू होकर वापस वहीं हुआ समाप्त लंबित मांगों की ओर सरकार और बैंक प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करने के लिए निकाला गया यह कैंडल मार्च जालोरी गेट स्थित स्टेट बैंक शाखा से शुरू हुआ। इसके बाद रैली जालोरी गेट चौराहा और शनिश्चर जी थान होते हुए वापस जालोरी गेट शाखा पर आकर संपन्न हुई। इस प्रदर्शन में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के घटक अन्य बैंकों के यूनियन पदाधिकारियों ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति देकर कर्मचारी एकता को मजबूती दी और धरने को संबोधित करते हुए संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया। इस अवसर पर कर्मचारी नेता संपत सिंह गहलोत, राजेन्द्र सिंह कछवाहा, निर्मल गहलोत, नेमीचंद गहलोत, मुकेश सांखला, गुलाब चंद चांगरा, अरुण चौधरी, हरिमोहन चारण, मुकेश चौहान, सपना सांखला और किरण सोलंकी सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
बैतूल जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिले युवक के शव का मामला हत्या का निकला। रानीपुर पुलिस ने 72 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए मृतक के पिता और छोटे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद शव को रेलवे पटरी पर फेंककर इसे हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी। पुलिस के अनुसार 18 मई को घोड़ाडोंगरी उप स्टेशन प्रबंधक से सूचना मिली थी कि ग्राम कोयलारी के पास रेलवे खंभा क्रमांक 823/1 के समीप एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा है। शुरुआती तौर पर मामला ट्रेन से गिरकर मौत का लग रहा था। सूचना मिलते ही रानीपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान नहीं होने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया और फोटो सोशल मीडिया व व्हाट्सएप समूहों में प्रसारित किए गए। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में डॉक्टर ने गला दबाने से मौत होने की आशंका जताई, जिसके बाद मामला संदिग्ध हो गया। पुलिस ने शव को फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया। अक्सर परिवार के साथ मारपीट करता थाअगले दिन मृतक की पहचान मेढ़ापानी निवासी अनेष पिता रामदयाल के रूप में हुई। विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि युवक की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंका गया था। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज की। विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतक के पिता रामदयाल से पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि अनेष शराब पीने का आदी था और अक्सर परिवार के साथ मारपीट करता था। घटना वाले दिन उसने घर में रखी गेहूं की चार बोरियां बेच दी थीं और परिवार के साथ विवाद किया था। इससे परेशान होकर परिवार के सदस्य गांव में अलग-अलग जगह छिप गए थे। पुलिस के मुताबिक रामदयाल खेत की टापरी में छिपा था, जहां अनेष उसे खोजते हुए पहुंच गया और विवाद करने लगा। इसी दौरान गुस्से में आकर रामदयाल ने गमछे से उसका गला घोंट दिया। मौत के बाद उसने अपने छोटे बेटे मनीष उइके की मदद से शव को बाइक पर रखकर रेलवे लाइन के पास फेंक दिया, ताकि मामला दुर्घटना लगे।
झालावाड़ जिले के घाटोली थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक युवक ने पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का आरोप लगाते हुए थाने के सामने ही सल्फास की गोलियां खा लीं। युवक की हालत बिगड़ने पर पहले अकलेरा अस्पताल और बाद में झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और युवक के बयान दर्ज किए। मामला लिव इन रिलेशनशिप विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। थाने के सामने खाई जहरीली गोलियां जानकारी के अनुसार, झरमोड़ी थाना बकानी निवासी मनीष बैरागी (30) पुत्र मनोहरलाल वैष्णव गुरुवार दोपहर घाटोली थाने पहुंचा था। मनीष का आरोप है कि अपने लिव इन रिलेशनशिप विवाद में रिपोर्ट दर्ज कराने आया था, लेकिन पुलिस उसकी शिकायत नहीं सुन रही थी। इससे परेशान होकर उसने कथित तौर पर थाने के सामने ही सल्फास की गोलियां खा लीं। तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती सल्फास खाने के कुछ देर बाद मनीष की तबीयत बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत अकलेरा अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर उसे झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। प्रेमिका ने आने से किया मना, थाने पर आकर खाया सल्फास झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने बताया कि मनीष ने अपनी प्रेमिका के नहीं आने पर थाना घाटोली के सामने आकर सल्फास की गोलियां खालीं। प्रेमिका अपनी बहन-जीजा के यहां घाटोली के गांव में रुकी हुई है। प्रेमिका ने युवक के साथ जाने से इनकार कर दिया था। इस बात से दुखी होकर युवक आज थाने के गेट के पास सल्फास खा लिया। उसे इलाज के लिए एसआरजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि युवक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। युवक पहले से शादीशुदा है, जो अपनी पत्नी से अलग रहता है। अस्पताल पहुंची पुलिस, बयान दर्ज घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची और युवक के बयान दर्ज किए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
बांदा शहर कोतवाली क्षेत्र के खुटला मोहल्ले में दोपहर में एक युवक की विद्युत ट्रांसफार्मर के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान खुटला मोहल्ला निवासी रशीद (35) के रूप में हुई है। परिजनों ने उसे तत्काल बांदा जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसकी मौत की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, रशीद एक विद्युत ट्रांसफार्मर को छूने के कारण करंट की चपेट में आ गया था। आशंका जताई जा रही है कि रशीद अपनी पत्नी के मायके से वापस न लौटने के कारण नाराज़ था। इसी नाराज़गी में उसने यह कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है। युवक की मौत की खबर से परिजनों में शोक का माहौल है। डॉक्टरों ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के कुशहा में सुशासन तिहार के दौरान विधायक रेणुका सिंह को निष्क्रिय बताए जाने का मामला राजनीतिक रंग ले रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया है। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने भाजयुमो जिला महामंत्री मनोज साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह घटना गुरुवार को सोनहत विकासखंड के कुशहा गांव में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान हुई। भाजयुमो नेता मनोज साहू ने सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कहा था कि भरतपुर-सोनहत क्षेत्र की विधायक रेणुका सिंह क्षेत्र का दौरा नहीं करती हैं। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने लिखित जवाब मांगा भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी द्वारा जारी नोटिस में मनोज साहू से लिखित जवाब मांगा गया है। नोटिस में सार्वजनिक मंच से पार्टी विधायक के खिलाफ बयानबाजी को अनुशासनहीनता माना गया है। पूर्व विधायक ने प्रतिक्रिया दी इस मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजयुमो नेता द्वारा सवाल उठाना गलत नहीं है। वह केवल भाजपा कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि क्षेत्र का एक स्थानीय नागरिक भी है और जनता की समस्याओं को सामने रखना उसका अधिकार है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। सुशासन तिहार के मंच से उठे इस बयान ने सत्ता पक्ष के भीतर की नाराजगी को भी उजागर कर दिया है।
मऊ के सदर विधायक अब्बास अंसारी एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। यह वीडियो इटौरा ग्राम सभा में आयोजित इंटरलॉकिंग सड़क के उद्घाटन और भूमि पूजन कार्यक्रम का है। इसमें विधायक अब्बास अंसारी को जूते पहनकर भूमि पूजन करते और नारियल तोड़ते हुए देखा जा सकता है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर हिंदू आस्था और धार्मिक परंपराओं के अपमान के आरोप लगाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विधायक अब्बास अंसारी सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद मऊ पहुंचे थे। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की थी। 21 मई को वह समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष रामधनी चौहान के निमंत्रण पर इटौरा गांव में विधायक निधि से कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी अवसर पर उन्होंने एक अन्य प्रस्तावित विकास कार्य के भूमि पूजन में भी हिस्सा लिया। वीडियो में दिख रहा है कि भूमि पूजन के दौरान विधायक ने जूते नहीं उतारे। आरोप है कि उन्होंने नारियल फोड़ते समय हाथ जोड़कर प्रणाम भी नहीं किया। दक्षिणा भी अपने सहयोगियों के माध्यम से दिलवाने को लेकर लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है।
उज्जैन जिले के महिदपुर रोड क्षेत्र में बोलेरो गाड़ी से करीब 19.50 लाख रुपए नकद मिलने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मामला आयकर विभाग को सौंप दिया है। वहीं अब पुलिस उन दो पत्रकारों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने पुलिस पहुंचने से पहले ही संदिग्ध वाहन को रोक लिया था। एसपी प्रदीप शर्मा ने साफ कहा है कि किसी वाहन को खुद रोककर जांच करना अवैधानिक है और इतनी बड़ी नकदी कहां से लाई जा रही थी तथा कहां ले जाई जा रही थी, इसकी भी विस्तृत जांच की जाएगी। पुलिस के अनुसार गुरुवार को महिदपुर रोड थाना पुलिस को दो पत्रकारों से सूचना मिली थी कि नागदा रोड स्थित शनि मंदिर के पास एक बोलेरो वाहन में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकदी ले जाई जा रही है। सूचना देने वाले पत्रकारों ने पुलिस पहुंचने से पहले ही वाहन को रोक रखा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल आयकर विभाग इंदौर को जानकारी दी और मौके पर पहुंची। वाहन की जांच में काले रंग का बैग मिला मौके पर पुलिस ने संदिग्ध बोलेरो वाहन क्रमांक MP-13-ZK-2554 की जांच की। वाहन चालक ने अपना नाम हरीश निवासी नागदा बताया, जबकि उसके साथ बैठे व्यक्ति ने अपना नाम सुनील उर्फ प्रदीप पोरवाल निवासी नागदा बताया। पूछताछ के दौरान सुनील के कब्जे से एक काले रंग का बैग मिला, जिसमें बड़ी मात्रा में नकदी रखी हुई थी। पुलिस ने दोनों पत्रकारों की मौजूदगी में वाहन और बैग की वीडियोग्राफी कराई। इसके बाद आयकर विभाग की टीम की मौजूदगी में सीसीटीवी निगरानी के बीच बैग खोलकर रकम की गिनती की गई। बैग में 500, 200 और 100 रुपए के कुल 4428 नोट मिले, जिनकी कुल कीमत 19 लाख 49 हजार 500 रुपए निकली। जमीन के सौदे से जुड़ी रकम पूछताछ में सुनील उर्फ प्रदीप पोरवाल ने बताया कि यह रकम गोल्डन केमिकल के मालिक गुलजारीलाल त्रिवेदी और अल्पेश जैन के बीच हुए जमीन के सौदे से जुड़ी थी। उसके अनुसार वह यह रकम नागदा से महिदपुर अल्पेश जैन को देने जा रहा था, लेकिन सौदा तय नहीं होने पर रकम वापस नागदा ले जाई जा रही थी। इस मामले में प्रदीप शर्मा ने कहा कि पुलिस से पहले वाहन रोकना और उसकी जांच करना अवैधानिक है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि पत्रकारों ने वाहन क्यों और किस आधार पर रोका। साथ ही नकदी के स्रोत और उसके उपयोग को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में सरधना सीट से पूर्व विधायक और भाजपा के फायरब्रांड नेता संगीत सोम ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। संगीत सोम ने शुक्रवार को एक सम्मेलन में समर्थकों के बीच मंच से कहा- हारकर भी आज भी मैं 100 विधायकों के बराबर हूं। सोम ने आगे कहा कि अब 2027 दूर नहीं है, इसलिए सभी लोग चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। पार्टी के कामों को आगे बढ़ाएं। कार्यकर्ता सम्मेलन में बोल रहे थे संगीत सोमगुरुवार को सरधना के तहसील रोड स्थित कुमार पैलेस में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा नेता संगीत सोम ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद भी वह सौ विधायकों के बराबर हैं और आज भी कार्यकर्ताओं के काम कराने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। सम्मेलन के दौरान संगीत सोम ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की स्मृति में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। पहले 100 मिलने आते थे, अब 200 लोग मिलते हैंसंगीत सोम ने कहा कि मैं धोखे की राजनीति नहीं करता। मैं धोखा नहीं देता हूं, मैं लोगों को यूज नहीं करता हूं। मैं लोगों को जातियों के नाम पर बांटता, लड़ाता नहीं हूं। मैं हमेशा लोगों को जोड़ने की राजनीति करता हूं। लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहता हूं। फिर कह रहा हूं सौभाग्यशाली हूं, साढ़े चार साल हो गए चुनाव हारे हुए, आज तक भी लोगों ने महसूस नहीं होने दिया, कि मैं चुनाव हार रहा हूं। क्योंकि पहले अगर 100 मिलने आते थे तो अब 200 आते हैं। पहले 200 आते थे तो अब 400 आते हैं। इसलिए फिर कह रहा हूं कि गलतफहमी में न रहें। मैं जीता हुआ भी 100 के बराबर था, हारा हुआ भी 100 से ऊपर रहा हूं। मैंने अपने साथियों के काम नहीं रुकने दिए। संगठन की मजबूती सबसे जरूरीसोम ने कहा कि संगठन की मजबूती ही किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत होती है और इसके लिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखना आवश्यक है। विकास कार्यों का भी किया उल्लेख संगीत सोम ने अपने विधायक कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को पहुंचाने का भी आह्वान किया। 2027 के चुनाव की तैयारी का दिया संदेश सम्मेलन में उन्होंने कार्यकर्ताओं से वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अभी से जुट जाने को कहा। उनका कहना था कि मजबूत संगठन और सक्रिय कार्यकर्ता ही चुनावी सफलता की नींव होते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे तथा संगठन को और मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक लेकर शहर एवं जिले की प्रमुख सड़कों को सुधारने, बिजली की व्यवस्था को दुरूस्त करने के सख्त निर्देश दिए। मंत्री राजेश अग्रवाल के समक्ष अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि डामरों की कीमतें बढ़ने के कारण ठेकेदार सड़क बनाने तैयार नहीं है, सड़कें नहीं बन पाएंगी। मंत्री ने बिजली व्यवस्था सुधारने पांच नए सब स्टेशन के लिए जमीन तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त डी.एन. कश्यप, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग सहित पीएचई के अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि अंतिम छोर के व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना शासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय अधिकारी अपने कर्त्तव्यों का गंभीरता से निर्वहन करें। बारिश पूर्व सड़क सुधार मुश्किल, अधिकारियों ने हाथ खड़े किए बैठक में मंत्री अग्रवाल ने जिले में सड़क व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सड़कों के सुधारीकरण, लंबित निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंत्री ने नेशनल हाईवे के ईई को शहर के सड़कों का जल्द सुधार कार्य कराने का निर्देश दिया। नेशनल हाईवे और पीडब्लूडी के अधिकारियों ने बताया कि डामरों की कीमतें ढाई से तीन गुना बढ़ गई हैं। ठेकेदार काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। बारिश के पूर्व हम काम करा पाएंगे, इसकी गारंटी नहीं है। मंत्री ने कहा कि डामर का काम नहीं हो सकता तो गड्ढे भरे जाएं। मंत्री ने मनेन्द्रगढ़ रोड में पीजी कॉलेज ग्राउंड के सामने जलभराव की स्थिति में सुधार हेतु मरम्मत कार्य कराने कहा। अधिकारियों ने बताया कि डीजल की किल्लत एवं डामर, इमलशन की कीमतें बढ़ने से सड़क निर्माण के कार्य बंद हैं। इसपर ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। पांच नए सब स्टेशन बनेंगे, जमीन दिलाने का निर्देश शहर एवं जिले में विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंत्री ने बिजली कटौती, ट्रांसफार्मर सुधार, लो-वोल्टेज की शिकायतों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि पांच सब स्टेशन बनाए जाने हैं, जिसके लिए राशि स्वीकृत है, लेकिन उन्हें जमीन नहीं दी जा रही है। मंत्री ने निगम आयुक्त को जल्द पांच सब स्टेशन के लिए स्थान चयन कर विभाग को दिए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा बारिश और गर्मी के मौसम को देखते हुए आपातकालीन टीम सक्रिय रहे। निगम की व्यवस्था दुरूस्त करने का निर्देश इस दौरान शहर में पेयजल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट तथा जल निकासी जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली गई। उन्होंने आगामी मानसून को देखते हुए जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियाँ करने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिया।मंत्री ने अवैध कब्जों पर आवश्यक कार्रवाई करने, किराया ना देने वाले दुकानों से वसूली करने कहा। मंत्री ने कहा कि शहर में ऐसे कई स्थान हैं जहां जर्जर भवनों को हटाकर शासकीय आवास बनाए जा सकते है, ऐसे स्थानों का चिन्हांकन करें। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के शेष निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
नाथद्वारा स्थित पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में इन दिनों अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के अवसर पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। अधिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष छठ के अवसर पर राजभोग दर्शन में श्रीजी प्रभु एवं लाडले लाल प्रभु को विशेष रूप से ‘कमल की मंडली’ में विराजित किया गया। ग्रीष्मकाल की तपन से शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से गर्भगृह को कमल पुष्पों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। प्रभु को गुलाबी मलमल के वस्त्र, छोर वाली पाग और मोतियों के हल्के आभूषणों से विशेष श्रृंगार धराया गया। सायंकालीन मनोरथ में 'खेलत में काको गुसइया' भाव पर आधारित विशेष झांकी में श्रीजी प्रभु ने ग्वाल-बाल सखाओं संग गेंद क्रीड़ा की लीला रची। प्रभु के प्रतिनिधि ठाकुर श्री मदन मोहन लाल प्रभु को मणि कोठा में विराजित कर वन में कंदुक क्रीड़ा के दर्शन कराए गए। गर्भगृह में ‘चितराम की गेंद खेलने की’ पिछवाई सजाई गई, जिसमें प्रभु और सखाओं की हर्षोल्लासपूर्ण गेंद क्रीड़ा का सुंदर अंकन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं लाडले लाल प्रभु को मयूर वन की पिछवाई और भव्य सज्जा के बीच चबूतरे पर विराजित कर विशेष मनोरथ किया गया। राग-भोग सेवा में पारंपरिक पदों के कीर्तन से प्रभु को रिझाया गया। इस दौरान देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने अलौकिक झांकियों के दर्शन कर जयकारे लगाए।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की ओर से बच्चों के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट समय पर जरूर कराएं। ऐसा नहीं करने पर आधार निष्क्रिय हो सकता है, जिससे बच्चों को सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। सहायक प्रबंधक आशुतोष ने बताया कि अभियान के तहत उन बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो 7 वर्ष और 17 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं, लेकिन अब तक उनका अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बच्चों के आधार में फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फोटो अपडेट कराना जरूरी होता है। कानपुर में लगाए जा रहे विशेष आधार शिविर बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट के लिए कानपुर में विशेष आधार शिविर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा अभिभावक बीएसएनएल कार्यालय, मॉल रोड स्थित आधार सेवा केंद्र जाकर भी यह प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों के आधार अपडेट की यह सेवा पूरी तरह निशुल्क है। समय पर अपडेट नहीं कराया तो हो सकती है परेशानी यूआईडीएआई के नियमों के अनुसार बच्चे के 5 वर्ष पूरे होने पर पहला और 15 वर्ष पूरे होने पर दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य है। समय पर अपडेट नहीं कराने पर आधार संख्या निष्क्रिय की जा सकती है। इससे बच्चों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में दिक्कत हो सकती है। स्कूल एडमिशन और स्कॉलरशिप के लिए जरूरी अधिकारियों ने बताया कि आधार अपडेट स्कूल में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं में पंजीकरण और डीबीटी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी है। इसलिए माता-पिता और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द करा लें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ लगातार मिलता रहे।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से आयोजित होने वाली सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी पूरी हो गई है। गोरखपुर में 25 केंद्रों पर 11 हजार 112 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार की शाम हुई बैठक में तैयारियों पर चर्चा की गई। एडीएम सिटी ने कहा कि पारदर्शी तरीके से परीक्षा संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एनेक्सी भवन में आयोजित बैठक में एडीएम सिटी न कहा कि पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक एवं दूसरी पाली की परीक्षा 2:30 से 4:30 बजे तक होगी।प्रशासन द्वारा 25 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जा रही है। जिससे परीक्षा की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और पर्यवेक्षकों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी।एडीएम सिटी ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था चेक कर ली जाए। परीक्षा शुरू होने से पहले भी उनकी जांच जरूर कर लें। परीक्षा केंद्रों पर बिजली, पेयजल, शौवालय और साफ-सफाई की व्यवस्था भी दुरुस्त रखी जाए। ट्रैफिक में न हो कोई व्यवधानएडीएम सिटी ने कहा कि परीक्षा के दिन शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा जाए। जिससे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पहुंचने में कोई परेशानी न हो। जरूरत पड़े तो रूट डायवर्जन किया जाए और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती हो। एडीएम सिटी ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय रखा जाए और सभी अधिकारी आपस में समन्वय बनाए रखें।
करनाल नगर निगम की टैक्स बकायादारों पर कार्रवाई:एक प्रॉपर्टी सील, दूसरे ने मौके पर जमा कराए ₹16 लाख
करनाल नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा के आदेशानुसार नगर निगम के प्रवर्तन दल ने शुक्रवार को संपत्ति कर डिफॉल्टर्स के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान नेशनल हाईवे स्थित एक सम्पत्ति को सील किया गया, जबकि एक सम्पत्ति मालिक ने सीलिंग कार्रवाई से बचने के लिए मौके पर ही सम्पत्ति कर जमा करवा दिया। निगमायुक्त ने बताया कि कार्रवाई के दौरान नेशनल हाईवे पर मौजूद एक सम्पत्ति पर करीब 11 लाख रुपए सम्पत्ति कर का बकाया था, जिसे नगर निगम में जमा न करवाने के चलते संबंधित सम्पत्ति को सील कर दिया गया। राशि जमा कराने पर एक को छोड़ा इसके अतिरिक्त नेशनल हाईवे पर ही स्थित एक अन्य सम्पत्ति पर जब नगर निगम का प्रवर्तन दल कार्रवाई के लिए पहुंचा, तो सम्बंधित सम्पत्ति मालिक द्वारा करीब 16 लाख रुपये सम्पत्ति कर मौके पर ही ऑनलाईन माध्यम से जमा करवा दिया गया। इसके चलते संबंधित सम्पत्ति को सील नहीं किया गया। सरकार की छूट का उठाएं लाभ नगर निगम आयुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से संपत्ति कर बकायादारों को विशेष राहत प्रदान की गई है। छूट के तहत यदि कोई संपत्ति मालिक 30 जून 2026 तक अपना बकाया संपत्ति कर एकमुश्त जमा करवाता है, तो उसे बकाया राशि पर वर्ष 2024-25 तक लगने वाले ब्याज की माफी का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस छूट का लाभ लेने के लिए संबंधित संपत्ति मालिक को अपनी प्रॉपर्टी आईडी का स्व-प्रमाणीकरण (सेल्फ सर्टिफिकेशन) करवाना अनिवार्य होगा। समय पर टैक्स जमा कराने की अपील निगमायुक्त ने संपत्ति मालिकों से अपील करते कहा कि वे समय रहते अपना संपत्ति कर जमा करवाएं, ताकि नगर निगम की ओर से की जाने वाली कार्रवाई से बचा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़े बकायादारों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
ईद उल अजहा पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए शुक्रवार शाम बुरहानपुर की नावरा चौकी में शांति समिति सदस्यों और ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान नावरा चौकी प्रभारी हेमेंद्र सिंह चौहान और नेपाननगर तहसीलदार जगदीश बिलगावे ने ग्रामीणों से सौहार्द बनाए रखने की अपील की। बैठक में नागरिकों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए क्यूआर कोड स्कैन सुविधा की जानकारी भी दी गई। बैठक में अपराध नियंत्रण के लिए प्रत्येक गांव में जनसहयोग से सीसीटीवी कैमरे लगवाने का भी अनुरोध किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। चौकी प्रभारी हेमेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि नावरा क्षेत्र के गांवों से शांति समिति सदस्यों को आमंत्रित कर त्योहार को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में क्यूआर कोड की नई व्यवस्था लागू हुई है, जिससे नागरिक किसी भी तरह की शिकायत बार कोड स्कैन कर दर्ज करा सकते हैं। इधर, बुरहानपुर एसपी आशुतोष बागरी ने आमजन के लिए एक अपील जारी की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, अपमानजनक और धार्मिक या जातिगत भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट प्रसारित न करें। ऐसी पोस्ट समाज में तनाव और अशांति फैलाती हैं। एसपी ने लोगों से ऐसी पोस्टों को शेयर, लाइक या फॉरवर्ड न करने का आग्रह किया। उन्होंने धार्मिक और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री से बचने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी। एसपी ने चेतावनी दी कि ऑनलाइन आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की सोशल मीडिया सेल और हर थाने में मॉनिटरिंग सेल भड़काऊ पोस्टों पर लगातार नजर रख रही है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में नगर निगम ने कान्हा हॉस्पिटल पर अलग-अलग जगह मेडिकल वेस्ट फेंकने को लेकर जुर्माना लगाया है। वहीं शंकर टाल मिल और दिलबहार होटल के संचालकों पर सड़क पर बाधा डालने के लिए भी कार्रवाई की गई है। नगर निगम ने सभी को आगे से ऐसा न करने की सख्त हिदायत दी है। नगर निगम की टीम शहर में अलग-अलग जगहों पर जांच के लिए निकली थी। इस दौरान पता चला कि कान्हा हॉस्पिटल मेडिकल वेस्ट को तय नियमों के अनुसार न निपटाकर शहर के अलग-अलग स्थानों पर फेंक रहा था। खुले में मेडिकल वेस्ट फेंके जाने से संक्रमण फैलने और लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा होने की आशंका थी। इस पर निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर हॉस्पिटल प्रबंधन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। शंकर टाल मिल और दिलबहार होटल पर भी कार्रवाई इसी अभियान के तहत सड़क बाधित करने वालों पर भी कार्रवाई की गई। सावित्री नगर रोड पर शंकर टिंबर द्वारा सड़क पर लकड़ियां रख देने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। इस पर संचालक पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं रेलवे स्टेशन रोड पर दिलबहार होटल के संचालक ने सड़क पर गिट्टी, बालू और निर्माण सामग्री फैला रखी थी, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा था। इस पर होटल संचालक पर 2 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। नियम उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रहेगी नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने व्यवसायियों, अस्पताल संचालकों व संस्थानों से अपील की है कि शहर को स्वच्छ व व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करें। मेडिकल वेस्ट, निर्माण मलबा या अन्य कचरा सार्वजनिक स्थानों पर न फेंके। साथ ही सड़क पर किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि जिले स्तर के अधिकारी जानबूझकर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को लागू नहीं कर रहे। यांत्रिक व तकनीकी कारणों से किसान परिवार पर आई अचानक विपत्ति में राहत देने से इंकार कर देते हैं और जब कोर्ट जिलाधिकारी को अपने आदेश का औचित्य बताने को कहती हैं तो बचाव के बजाय भुगतान कर देते हैं। कोर्ट ने कहा यह गंभीर प्रशासनिक विफलता है जिसके कारण कल्याणकारी योजना को ठीक से लागू नहीं किया जा रहा। यह सिस्टम की असफलता है। प्रमुख सचिव राजस्व को तलब किया कोर्ट ने प्रमुख सचिव राजस्व को 27 मई को जिलाधिकारी कौशाम्बी सहित तलब किया है और उन्हें कुछ सवालों का जवाब लाने को कहा है। कोर्ट ने पूछा- 1- प्रदेश में कृषक कल्याण योजना के तहत दावों के निपटारे व निगरानी का क्या कोई सिस्टम है। 2-जिलाधिकारी द्वारा बार बार तकनीकी या दाखिले में देरी पर दावा निरस्त करने का क्या कारण है। 3-सभी जिलाधिकारी एक जैसा काम करें इसके लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। 4-विपत्ति में आये परिवार को राहत से इन्कार पर सुधारात्मक उपाय क्या हैं। याचिका की अगली सुनवाई 27 मई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव तथा न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने श्रीमती सुनीता देवी की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। हर दिन याचिकाएं आ रहीं हैं कोर्ट ने कहा कि इस योजना को लेकर समय से निस्तारण या देरी से निस्तारण की भारी संख्या में याचिकाएं हर दिन आ रही। राज्य सरकार ने कमाऊ सदस्य की मौत पर अचानक संकट में आये किसान परिवार की मदद की कल्याणकारी योजना लागू की है, किंतु जिले स्तर के अधिकारियों के रवैये के कारण योजना का उद्देश्य विफल हो रहा।अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण लेकर काम नहीं करते। यह व्यक्तिगत गलती नहीं सिस्टम की विफलता कहीं जायेगी। जिस पर जिन योजना को लागू करने की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव राजस्व लखनऊ को मांगी गई जानकारी के साथ हाजिर होने का निर्देश दिया है।
कौशांबी में नाले में डूबने से मासूम की मौत:घर के बाहर खेलते समय हुआ हादसा, जांच जारी
कौशांबी जिले में एक तीन वर्षीय मासूम की नाले में डूबने से मौत हो गई। यह घटना मंझनपुर थाना क्षेत्र की स्थानीय नगर पालिका में हुई। बच्चा शुक्रवार शाम घर के बाहर खेल रहा था। जानकारी के अनुसार, राजकुमार का बेटा रौनक शाम करीब 6 बजे अन्य बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह घर के पास बने नाले में गिर गया और पानी में डूब गया। कुछ देर तक रौनक के दिखाई न देने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने खोजबीन की, जिसके बाद पुल के बगल में भरे पानी में मासूम का शव मिला। उसे तत्काल बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मासूम बेटे की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए, जिससे पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि लगभग छह महीने पहले भी इसी मोहल्ले में एक खुले नाले में डूबने से एक बच्ची की मौत हुई थी। सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
राजधानी रायपुर के चूनाभट्टी इलाके में रेलवे ट्रैक के पास मिले युवक की लाश के मामले में पुलिस ने गुत्थी सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि पुरानी रंजिश के चलते युवक की चाकू मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल चाकू और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के नाम कुणाल दीप और अरविंद बाघ उर्फ आशी बताए जा रहे हैं। यह मामला मामला गंज थाना इलाके का है। जानिए क्या है पूरा मामला 21 मई 2026 को थाना गंज क्षेत्र के डब्ल्यूआरएस अंडरब्रिज के ऊपर वॉल्टियर रेलवे लाइन के पास एक युवक का शव खून से लथपथ हालत में मिला था। सूचना मिलते ही एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना गंज पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जांच में मृतक की पहचान विशाल बाघ उर्फ बिट्टू निवासी जागृति नगर, थाना खमतराई के रूप में हुई। युवक के शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। सीसीटीवी फुटेज से मिला आरोपियों का सुराग पुलिस ने मामले की जांच की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में देवेन्द्र नगर निवासी कुणाल दीप को घटना के समय विशाल के साथ देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने कुणाल दीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने साथी अरविंद बाघ उर्फ आशी और एक नाबालिग के साथ मिलकर हत्या करने की बात स्वीकार की। आरोपी ने बताया कि मृतक से उसका पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में उन्होंने चाकू से हमला कर विशाल की हत्या कर दी। पुलिस ने अरविंद बाघ उर्फ आशी (20) और कुणाल दीप (19) समेत एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ थाना गंज में हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है।
मिर्जापुर में जनगणना-2027 के पहले चरण 'मकान सूचीकरण एवं मकान गणना' का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। इस चरण की शुरुआत मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर परिसर से की गई, जहां मंदिर भवन का सूचीकरण और गणना कार्य संपन्न हुआ। इस अवसर पर नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, विधान परिषद सदस्य विनीत सिंह और जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति में जनपद के विभिन्न चार्ज क्षेत्रों में मकान गणना का कार्य शुरू किया गया। जनगणना-2027 का यह पहला चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा। इसके लिए जनपद को चार ग्रामीण चार्ज (तहसील सदर, चुनार, लालगंज, मड़िहान) और चार नगरीय चार्ज (नगर पालिका परिषद मीरजापुर, चुनार, अहरौरा, नगर पंचायत कछवां) में बांटा गया है। गणना कार्य को सुचारु बनाने के लिए पूरे जनपद को 5129 मकान सूचीकरण ब्लॉकों (एचएलबी) में विभाजित किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक में औसतन 180 मकान शामिल हैं। इस कार्य के लिए 4599 प्रगणकों और 766 सुपरवाइजरों को तैनात किया गया है। पहले दिन जनपद में कुल 3166 मकानों की गणना की गई। प्रशासन ने जानकारी दी कि जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जा रही है। भारत सरकार ने इसके लिए स्वगणना पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा प्रदान की है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे पोर्टल पर पंजीकरण कर अपनी एसई आईडी सुरक्षित रखें और प्रगणक के आने पर उसे साझा करें। प्रशासन ने लोगों से जनगणना कार्य में सहयोग करने और सही जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, ताकि जनगणना-2027 को सटीक, पारदर्शी और आधुनिक बनाया जा सके।
हाईकोर्ट का जिप्सम के अवैध खनन पर फैसला:बालोतरा के 7 गांवों में नए परमिट जारी करने पर लगाई रोक
राजस्थान हाईकोर्ट ने बालोतरा जिले में खेत सुधार की आड़ में हो रहे कथित अवैध जिप्सम खनन के मामले में आदेश दिया है। कोर्ट ने पचपदरा तहसील के सात गांवों में नए जिप्सम परमिट जारी करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और न्यायमूर्ति डॉ. नूपुर भाटी ने जनहित याचिका सुमेर लाल शर्मा बनाम स्टेट ऑफ राजस्थान पर सुनवाई के दौरान दिया। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। जिन सात गांवों में नए परमिटों पर रोक लगाई गई है, उनमें वाजवास, भीमरलाई, सिणली जागीर, रिखरलाई, मेकरना, गोल और खार की ढाणी शामिल हैं। निरीक्षण रिपोर्ट में हुआ था अनियमितताओं का खुलासा याचिकाकर्ता सुमेर लाल शर्मा ने बताया- खान एवं भूविज्ञान विभाग उदयपुर के अतिरिक्त निदेशक (सतर्कता) धर्मेन्द्र लोहार द्वारा 24 अप्रैल 2026 को जारी निरीक्षण रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, 19 अप्रैल को भीमरलाई, वाजवास और खार की ढाणी क्षेत्र में जिप्सम परमिट स्थलों का निरीक्षण किया गया। इसमें पाया गया कि सतह से 3 मीटर की वैधानिक सीमा से अधिक गहराई तक खनन किया जा रहा था। कई स्थानों पर खनन की गहराई 6 मीटर तक पाई गई। इसके बाद संबंधित परमिट धारकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि खेत सुधार के नाम पर जारी परमिटों की आड़ में बड़े स्तर पर जिप्सम का अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा है। इसमें जिला प्रशासन बालोतरा और खनिज विभाग बाड़मेर के अधिकारियों की मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया गया है। पर्यावरण को हो रहा नुकसान-ग्रामीण ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अवैध खनन के कारण कृषि भूमि, पर्यावरण और भूजल स्तर को भारी नुकसान पहुंच रहा है। लगातार हो रहे गहरे खनन से खेत बर्बाद हो रहे हैं और आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरणीय संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा नए परमिटों पर रोक लगाए जाने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विपुल सिंघवी, देवेन्द्रसिंह राठौड़, भावित शर्मा और ऋतुराज देवल ने पक्ष रखा, जबकि सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता महावीर विश्नोई ने दलीलें पेश कीं।
रतलाम जिले के जावरा के औद्योगिक थाना अंतर्गत ग्राम रेवास में पंचायत सचिव की 65 वर्षीय मां की गुरुवार को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शुक्रवार दोपहर पीएम के बाद रतलाम से शव लेकर रोजाना फंटे के पास जावरा उज्जैन सड़क मार्ग के बीच रख चक्काजाम कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। दो घंटे तक चक्काजाम रहा। ग्राम रेवास निवासी तुलसीबाई (65) पति रतनलाल राठौर गुरुवार दोपहर 3 बजे पोते निलेश के खेत गई थीं। वे खेत की मेड़ पर घास काटने लगीं और पोता किसी काम से घर चला गया। शाम करीब 5 बजे निलेश फिर से खेत पर दादी तुलसीबाई को लेने गया तो उसने देखा कि मेड़ से नीचे तरफ वे मृत अवस्था में पड़ी थीं। उसने परिजन को सूचना दी। फिर बेटा अनोखीलाल राठौर, सागर राठौर और प्रहलाद तीनों तथा ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी। शव गांव ले गए फिर सड़क पर रखारात में ही शव को रतलाम मेडिकल कॉलेज में पीएम के लिए लाया गया। शुक्रवार सुबह पीएम हुआ। दोपहर बाद शव लेकर गांव पहुंचे। इसके पहले ग्रामीणों व परिजनों ने जावरा-उज्जैन मार्ग के रोजाना फंटा पर चक्काजाम कर दिया। जावरा एसडीएम सुनील जायसवाल, सीएसपी युवराजसिंह चौहान, एसडीओपी संदीप मालवीय पहुंचे। पुलिस बल तैनात किया। दोपहर 4 बजे गांव से शव लेकर चक्काजाम स्थल पर लाकर रख दिया। आरोपियों को पकड़ने व घटना की जांच की मांग करने लगे। चक्काजाम के कारण वाहनों की लाइन लग गई। अधिकारियों ने 48 घंटे में जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब 5 बजे परिजन व ग्रामीण माने। चक्काजाम खोला और शव लेकर रवाना हुए। चक्काजाम के दौरान गर्मी के कारण परिवार की महिलाएं भी बेसुध हो गई थीं, जिन्हें पानी पिलाया उसके बाद होश आया। रतलाम राठौर समाज जिलाध्यक्ष संजय चौहान ने बताया कि हमारी मांग है कि जिस तरह माताजी का शव मिला है, उससे अंदेशा है कि उनकी लूट के हिसाब से हत्या की है। पुलिस घटनाक्रम की जांच करे। 48 घंटे का समय दिया है। आंखों व मुहं से निकला था ब्लडवृद्धा की दोनों आंखों से और मुंह से ब्लड निकला हुआ था। एक पैर में चमड़ी छिलाने के निशान भी मिले। इस कारण परिजन ने हत्या की आशंका जताई थी। परिजनों का कहना था कि बदमाश कान से सोने की बाली ले गए तथा हत्या कर दी। हालांकि दोनों पैर में पायल और गले में मंगलसूत्र पहना था। परिजनों का कहना था कि लूट की नियत से हत्या कर दी और जब उन्होंने बदमाश को पहचान लिया होगा, इसलिए आंखें फोड़ दीं। रात में पुलिस व एफएसल टीम ने पहुंच कर जांच शुरू कर दी थी। मृतिका का एक बेटा पंचायत सचिवमृतका तुलसीबाई का बड़ा बेटा अनोखीलाल राजाखेड़ी ग्राम पंचायत में सचिव है। दूसरा बेटा सागर बड़ावदा में किराना दुकान संचालित करता है। जावरा सीएसपी युवराजसिंह चौहान ने बताया कि घटनाक्रम की जांच की ज रही है। पीएम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा।
आगर-मालवा जिले के घूरासिया गांव में सात महीने पहले हुई बच्चे की हत्या को लेकर अब राजनीति गरमा गई है। 13 साल के मासूम रवि सूर्यवंशी की मौत के मामले में पुलिस के अब तक कोई खुलासा न किए जाने से परिवार बेहद नाराज है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गौरीशंकर सूर्यवंशी पीड़ित परिवार के साथ कानड़ थाना पहुंचे। पुलिस अधिकारियों से मिले परिजन थाने पहुंचकर उन्होंने थाना प्रभारी आर.के. दांगी और एसडीओपी मोतीलाल कुशवाह से चर्चा की। इस दौरान परिजन ने पुलिस के सामने घटना से जुड़े कुछ अहम तथ्य भी रखे और जांच में तेजी लाने की मांग की। सात महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली गौरीशंकर सूर्यवंशी ने कहा कि पुलिस को यह साफ करना चाहिए कि गोली किसी शिकारी ने चलाई थी या किसी और ने। उन्होंने इसे सीधे तौर पर हत्या करार देते हुए कहा कि सात महीने का लंबा समय बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। परिवार को लग रहा है कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। आंदोलन की दी चेतावनी सूर्यवंशी ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही आरोपियों का पता नहीं लगाया गया और मामले का खुलासा नहीं हुआ, तो पीड़ित परिवार और समाज के लोग उग्र आंदोलन करेंगे। दिवाली के दिन हुई थी घटना यह दुखद घटना पिछले साल 18 अक्टूबर 2025 को दिवाली के दिन हुई थी। 13 वर्षीय रवि अपने घर के आंगन में खेल रहा था, तभी अचानक उसे गोली लग गई। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए इंदौर ले जाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। तब से लेकर आज तक परिवार इंसाफ की आस में भटक रहा है।
मेरठ मंडल आयुक्त सभागार में शुक्रवार को आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और सीएमआईएस के जरिए विभिन्न विभागों की योजनाओं, विकास कार्यों, परियोजनाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए और जिन विभागों की रैंकिंग कम है, वे सुधारात्मक कार्रवाई कर गुणवत्तापूर्ण काम करें। बढ़ती गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए आयुक्त ने स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में कंट्रोल रूम सक्रिय रखे जाएं और किसी भी शिकायत पर त्वरित रिस्पॉन्स टीम के माध्यम से तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य विभाग को जनजागरूकता अभियान चलाने, प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और अस्पतालों में जरूरी व्यवस्थाएं मजबूत रखने को कहा गया। बैठक में गौशालाओं में चारा, पानी, भूसा, साफ-सफाई और पशुओं के उपचार की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। सभी सीडीओ को लाभार्थीपरक योजनाओं की नियमित समीक्षा कर पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और डेटा फीडिंग समयबद्ध तरीके से पूरा कराने को कहा गया। आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती, भुगतान और संस्थागत प्रसव की प्रगति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ आमजन तक पहुंचना चाहिए।
भोपाल के तारा सेवनिया में 70 वर्षीय महिला की करंट लगने से मौत हो गई। महिला घर की छत पर झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान उनका हाथ घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गया। घटना 8 मई की है। इसके बाद से उनका चिरायु अस्पताल में इलाज चल रहा था। शुक्रवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए अधिकारियों को पहले आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। लाइन बदलने के लिए मांगे 50 हजार परिजनों के मुताबिक, लाइन हटाने के बदले 50 हजार रुपए मांगे गए थे। उन्होंने 20 हजार रुपए देने की बात कही थी, लेकिन अधिकारी नहीं माने। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंप दिया है। वहीं पूरे मामले की जांच कर रही है। अब जानिए करंट लगने पर क्या करें… जब किसी को करंट लगे तो सबसे जरूरी है घबराने के बजाय शांत रहकर समझदारी से काम लेना। सबसे पहले यह देखें कि व्यक्ति को अभी भी करंट लग रहा है या नहीं। अगर करंट जारी है तो सीधे उसे छूने की कोशिश न करें, वरना आपको भी झटका लग सकता है। पहले बिजली के सोर्स को बंद करें या लकड़ी जैसी किसी सूखी, नॉन-कंडक्टिव चीज से व्यक्ति को करंट से अलग करें। इसके अलावा कुछ और जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। इन्हें नीचे दिए गए ग्राफिक में समझाया गया है। ------------- ये खबर भी पढ़ें… करंट की चपेट में आई दूसरी की छात्रा की मौत:पांव में बिना चप्पल घर के बाहर खेल रही थी भोपाल के परवलिया इलाके में रहने वाली मासूम बिना चप्पल पहने घर के बाहर खेल रही थी। पड़ोस के घर की बिजली की लाइन का एक तार आंधी के कारण टूट कर जमीन पर गिरा हुआ था। जिस पर बच्ची का पांव लगते ही उसे करंट लग गया, अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पूरी खबर पढें…
सिरसा में नाबालिग से रेप मामले में दोषी युवक को 20 साल की सजा सुनाई गई है। मामले में आज शुक्रवार को डॉ. नरेश सिंघल की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा नाबालिग पीड़िता को दो लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का फैसला सुनाया है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता ऐलनाबाद के एक गांव की रहने वाली है और आरोपी युवक उसके रिश्तेदारी में हैं। यह मामला एक साल पुराना है। नाबालिग ने एक साल पहले बच्चे को भी जन्म दिया था, जो मामला काफी चर्चाओं में रहा था। इसके बाद यह मामला पुलिस के पास जा पहुंचा और इस पर सीडब्ल्यूसी ने संज्ञान लिया। मामले में सरकारी वकील अमित मेहता के अनुसार, साल 2025 में पुलिस को दी शिकायत में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने बताया कि वह 10वीं कक्षा में पढ़ती है और तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी है। उसकी जान-पहचान राजस्थान के युवक के साथ हुई थी, जो रिश्ते में उसकी मौसी का लड़का है। उसका उनके घर पर आना-जाना था। जून 2024 को वह उनके घर पर आया। उस समय उनके माता-पिता व परिवार किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। उसी वक्त उसके व उस मौसी के लड़के के बीच शारीरिक संबंध बने थे। उस समय वह गर्भवती हो गई थी। मार्च 2015 को उसने बच्चे को जन्म दिया और सिविल अस्पताल में डिलीवरी हुई थी।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर के पॉश इलाके से चोर ने बेहद शातिर तरीके से घर के बाहर खड़ी ब्रेजा कार चुराकर ले गए। कार मालिक को चोरी का पता भी तब चला, जब करीब डेढ़ घंटे बाद उसके मोबाइल पर ओवरस्पीड चालान का मैसेज आया। चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना शुक्रवार तड़के करीब 4:10 बजे हुई। ज्योति नगर के रहने वाले गुलाटी ट्रेडिंग कंपनी के संचालक मुकेश गुलाटी ने रोजाना की तरह अपनी सफेद रंग की ब्रेजा कार अपने घर के बाहर खड़ी की थी। गाड़ी में सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम लगा हुआ था, लेकिन लॉक खुलने की कोई आवाज तक आसपास किसी को सुनाई नहीं दी। बड़ी सफाई से खोला लॉक मुकेश गुलाटी ने बताया कि सुबह 4:10 बजे कुछ युवक इलाके में पहुंचे। उन्होंने बिना किसी हड़बड़ाहट के बड़ी सफाई से कार का लॉक खोला और कुछ ही मिनटों में गाड़ी लेकर फरार हो गए। परिवार के लोग सुबह उठे तो घर के बाहर से कार गायब मिली। पहले उन्हें लगा कि शायद किसी परिचित ने गाड़ी हटाई हो, लेकिन तभी मोबाइल पर आए मैसेज उनको चौंका गया। पानीपत में कटा ओवरस्पीड का चालान उनके मोबाइल पर सुबह करीब 5:40 बजे ओवरस्पीड चालान का मैसेज आया। चालान पानीपत के पट्टी कल्याण टोल प्लाजा के पास हुआ था। मैसेज देखकर सारा माजरा उनकी समझ में आ गया। उन्होंने तुरंत घर की सीसीटीवी फुटेज चेक की। फुटेज में चोर कार का लॉक खोकर उसे ड्राइव करके ले गए। 140 से ज्यादा स्पीड पर थी कार चालान के मैसेज में कार की स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा दर्ज हुई। चोर करीब डेढ़ घंटे के भीतर ही कार को कुरुक्षेत्र से करीब 93 किलोमीटर दूर तक पानीपत ले गए। फुटेज में साफ दिखा कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्हें किसी तरह का डर नहीं था। पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब टोल प्लाजा की फुटेज और चालान रिकॉर्ड के आधार पर चोरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार युवक को कुचला, मौत:पीछे दूसरी मोटरसाइकिल चल रहे भाई ने देखा मंजर
जोधपुर में तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। हादसा बासनी थाना क्षेत्र में एम्स अस्पताल के पास दाऊजी होटल तिराहे के पास शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे हुआ। तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी और अब्दुल रियाज (29) को कुचलता हुआ निकल गया। वहीं मृतक के चचेरे भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाकर जान लेने की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बासनी थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया- सरदारपुरा फर्स्ट बी रोड स्थित अंसारी बिल्डिंग निवासी अब्दुल अयाज ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार- उनका चचेरा भाई अब्दुल रियाज पिता अब्दुल रऊफ एम्स अस्पताल से डीजल शेड रोड की तरफ होते हुए घर की ओर लौट रहा था। उसी दौरान उसका दूसरा भाई जावेद भी अलग बाइक पर उसके ठीक पीछे चल रहा था। एम्स रोड से डीजल शेड रोड की तरफ जाते समय दाऊजी होटल तिराहे पर यह हादसा हुआ। टक्कर मारी और ऊपर से निकला डंपर रिपोर्ट के मुताबिक- तिराहे पर एक डंपर ड्राइवर ने तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए रियाज की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से रियाज सड़क पर गिर गया और डंपर उसे कुचलते हुए ऊपर से निकल गया। डंपर के पहिए के नीचे आने से रियाज की मौके पर ही मौत हो गई। पीछे बाइक पर चल रहे जावेद ने आंखों के सामने भाई की मौत का खौफनाक मंजर देखा। उसने तुरंत परिजनों को फोन पर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने दर्ज किया मामला हादसे की सूचना मिलने के बाद बासनी पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के भाई की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने डंपर ड्राइवर के खिलाफ सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने का मुकदमा दर्ज कर लिया। थानाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल कमलेश को सौंपी गई है।
बालाघाट के डेंजर रोड पर शुक्रवार शाम एक चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। गनीमत रही कि बैटरी से धुआं निकलता देख चालक और उसका साथी समय रहते कूद गए जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। चार्जिंग सेंटर से लौटते समय हुआ हादसा भटेरा निवासी केशव साहू अपने साथी के साथ गर्रा स्थित चार्जिंग सेंटर से स्कूटी ठीक कराकर लौट रहे थे। केशव ने बताया कि उन्होंने पिछले साल दीपावली पर यह सेकंड हैंड स्कूटी खरीदी थी। चार्जिंग में आ रही समस्या को सुधरवाकर लौटते समय करीब 6 बजे डेंजर रोड पर बैटरी से धुआं निकलने लगा, जिसके कुछ ही पलों बाद आग धधक उठी। बाल-बाल बचे स्कूटी सवार पीड़ित केशव साहू ने बताया कि आग लगने से पहले ही उन्होंने खतरे को भांप लिया था। जैसे ही बैटरी से धुआं उठा, दोनों ने तुरंत वाहन खड़ा किया और दूर भाग गए। यदि वे वाहन रोकने में देरी करते, तो गंभीर जनहानि हो सकती थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। आधे घंटे तक रुका ट्रैफिक सड़क के बीचों-बीच स्कूटी में लगी आग इतनी भीषण थी कि उसका धुआं करीब एक किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। सुरक्षा के लिहाज से सड़क के दोनों ओर वाहनों को रोक दिया गया, जिससे लगभग आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। पूरी तरह जलने के बाद केवल स्कूटी का ढांचा ही शेष बचा। बढ़ रही वाहनों में आग लगने की घटनाएं लोगों ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच जिले में वाहनों में आग लगने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में परसवाड़ा के खर्रा में भी एक एम्बुलेंस में आग लग गई थी, जिसमें महाराष्ट्र निवासी चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक तापमान और बैटरी ओवर हीटिंग ऐसे हादसों का मुख्य कारण हो सकते हैं। यह खबर भी पढ़ें… इंदौर में EV ब्लास्ट, एक साथ 7 चिताएं जलीं:घर के डिजिटल लॉक नहीं खुलने से 8 की मौत; इनमें एक बच्चा भी शामिल इंदौर में इलेक्ट्रिक कार टाटा पंच में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हुए। पढ़ें पूरी खबर
कानपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की 1534 बेटियों की शादी कराने का लक्ष्य तय किया गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने समीक्षा बैठक कर योजना की तैयारियों, आवेदन प्रक्रिया और सत्यापन कार्य का जायजा लिया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामूहिक विवाह समारोह को गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित और भव्य तरीके से आयोजित किया जाए, ताकि पात्र परिवारों को समय पर योजना का लाभ मिल सके। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए कानपुर नगर को 1534 विवाहों का लक्ष्य मिला है। अब तक कुल 542 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 509 आवेदन ग्रामीण क्षेत्रों से और 33 आवेदन शहरी क्षेत्रों से आए हैं। जिलाधिकारी ने सभी आवेदनों का समयबद्ध सत्यापन कराने के निर्देश दिए, ताकि चयनित जोड़ों का विवाह समय पर कराया जा सके। हर जोड़े पर 1 लाख रुपए खर्च करेगी सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर कुल 1 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें 60 हजार रुपए डीबीटी के जरिए सीधे कन्या के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। वहीं 25 हजार रुपए की गृहस्थी और वैवाहिक उपहार सामग्री दी जाएगी। इसके अलावा 15 हजार रुपए भोजन, पंडाल, फर्नीचर, बिजली, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाएंगे। नवविवाहित जोड़ों को मिलेगा गृहस्थी का सामान सरकार की ओर से नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का जरूरी सामान भी दिया जाएगा। इसमें साड़ी, कपड़े, चांदी की पायल-बिछिया, डिनर सेट, कुकर, कढ़ाही, ट्रॉली बैग, वैनिटी किट, सीलिंग फैन, आयरन प्रेस, कूलर, कंबल, गद्दा, तकिया और बेडशीट जैसी सामग्री शामिल रहेगी। इन परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम है। योजना के लिए कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और युवक की आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा और दिव्यांग महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। ऑनलाइन करना होगा आवेदन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, आय, जाति, निवास और आयु प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक तथा फोटो आवश्यक होंगे। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत है और किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कानपुर के रमईपुर स्थित जीएस महाविद्यालय में जागरूकता अभियान चलाया गया। भारतीय सेना की 137 सीईटीएफ बटालियन टीए 39 गोरखा राइफल्स गंगा टास्क फोर्स की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और एनसीसी कैडेट्स को जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और गंगा स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में जागरूकता अभियान के साथ पौधरोपण भी किया गया। छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और सेना के जवानों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। जैव विविधता संरक्षण पर दिया गया विशेष जोर कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ 55 एनसीसी बटालियन के कैडेट्स ने भी सक्रिय भागीदारी की। गंगा टास्क फोर्स के नायब सूबेदार रणवीर सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए जैव विविधता का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि जैव विविधता में विभिन्न जीव-जंतु, पौधे और उनके प्राकृतिक आवास शामिल होते हैं, जो पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वनों की कटाई और प्रदूषण को बताया बड़ा खतरा नायब सूबेदार रणवीर सिंह ने कहा कि वनों की कटाई, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी मानवीय गतिविधियों के कारण जैव विविधता पर लगातार नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने जैव विविधता को बचाने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण, प्रदूषण नियंत्रण, राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों के विस्तार तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग पर जोर दिया। साथ ही लोगों से प्रकृति संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में किया गया पौधरोपण कार्यक्रम के अंत में गंगा टास्क फोर्स के जवानों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। सभी ने पृथ्वी और जैव विविधता संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान महाविद्यालय प्रबंधक डॉ. पुनीत कटिहार, प्रधानाचार्य डॉ. संजीव सिंह, डॉ. सुनीता वर्मा, डॉ. आर.एस. शर्मा और 55 एनसीसी बटालियन से अजय कुमार तिवारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन गंगा टास्क फोर्स के कमान अधिकारी कर्नल रोहित श्रीवास्तव और कानपुर स्थित कंपनी कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल प्रफुल्लित कुमार वर्मा के निर्देशन में किया गया।
महासमुंद के बागबाहरा क्षेत्र के ग्राम कुसमी निवासी 23 वर्षीय युवक चितरंजन पटेल की इलाज के दौरान मौत के बाद ग्रामीणों और घरवालों ने कोमाखान थाना का घेराव किया। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही बरतने और आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना परिसर में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। सूचना मिलने पर बागबाहरा एसडीओपी अजय शंकर त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों को मामले में कड़ी कार्रवाई और हत्या की धारा जोड़कर जांच करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, ग्राम कुसमी निवासी चितरंजन पटेल (23) की गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक पिछले कई दिनों से गंभीर हालत में भर्ती था। उसकी मौत की खबर मिलते ही घरवालों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया। घरवालों का आरोप है कि युवक के साथ हुई गंभीर मारपीट के मामले में पुलिस ने शुरुआत से ही लापरवाही बरती। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण शुक्रवार दोपहर ग्रामीणों के साथ वे कोमाखान थाना पहुंचे और धरने पर बैठ गए। बताया जा रहा है कि चितरंजन अपने माता-पिता लीलाबाई और आशाराम पटेल के बजाय ग्राम बकमा में अपनी नानी के यहां रहता था। 15 अप्रैल को वह एक शादी समारोह में शामिल होने निकला था। इसी दौरान लामी के पास स्थित एक पोल्ट्री फार्म के करीब अवैध शराब कारोबार से जुड़े तीन लोगों ने उसे रोक लिया। किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो मारपीट में बदल गया। आरोप है कि तीनों आरोपियों ने चितरंजन की बेरहमी से पिटाई की और उसे लहूलुहान हालत में सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने घायल युवक को बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया था। मां बोली- पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया मृतक की मां लीलाबाई पटेल ने आरोप लगाया कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि युवक के पैर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट कोमाखान थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों पर केवल मामूली धाराएं लगाकर उन्हें छोड़ दिया। घरवालों का कहना है कि कई बार शिकायत और निवेदन करने के बाद भी पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से आरोपियों के हौसले बढ़ते गए और समय पर कार्रवाई न होने से युवक की जान चली गई। ग्रामीणों ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर शुरू में ही गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई कर दी जाती, तो आज यह स्थिति नहीं बनती। इलाज के दौरान युवक की मौत हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे महासमुंद रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां लंबे समय तक इलाज चलता रहा। हालत में सुधार नहीं होने पर दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन आखिरकार इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले को लेकर बागबाहरा एसडीओपी अजय शंकर त्रिपाठी ने कहा कि ग्रामीणों और परिजनों को समझाइश दी गई है। मामले में अब धारा 302 के तहत अपराध कायम कर आगे की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
गाजीपुर में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे बड़ा सड़क हादसा हो गया। पखनपुरा ईदगाह के पास यात्रियों से भरी एक निजी बस करीब 30 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। लोग जान बचाने के लिए बस की खिड़कियों से बाहर निकलने लगे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों की मदद से सभी यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे में एक यात्री की मौत हो गई। 24 घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। क्रेन से बस को पानी से बाहर निकलवाया गया। यात्रियों के मुताबिक जाम से बचने के चक्कर में बस को ड्राइवर बैक कर रहा था, तभी हादसा हो गया। मामला भांवरकोल थाना क्षेत्र का है। देखें हादसे की 3 फोटो… अब जानिए पूरा मामला… बस शाम 5 बजे गाजीपुर रौजा बस स्टैंड से बलिया जिले के भरौली के लिए निकली थी। भरौली के पास बिहार का बक्सर बॉर्डर पड़ता है। बस में करीब 50 यात्री सवार थे। गाजीपुर-बलिया नेशनल हाईवे-31 पर भारी जाम लगा हुआ था। चालक बस को बैक कर दूसरे रास्ते से निकालने की कोशिश कर रहा था। तभी बस का पिछला पहिया सड़क किनारे बने पानी भरे गहरे गड्ढे में चला गया और पूरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे। कई यात्रियों को बस की खिड़कियां तोड़कर बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस पहुंचने से पहले ही राहत कार्य शुरू कर दिया था। इस हादसे में करीब दो दर्जन यात्री घायल हुए हैं। सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं एक यात्री की मौत की सूचना मिल रही है, जबकि पानी में डूबे एक अन्य व्यक्ति की तलाश जारी है। घटना के बाद गाजीपुर-बलिया नेशनल हाईवे 31 पर करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। मौके पर मोहम्मदाबाद एसडीएम डॉ. हर्षिता तिवारी, एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर, मोहम्मदाबाद और भांवरकोल थाने की पुलिस टीम मौजूद रही।
सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मंत्री संपतिया उइके ने सिंगरौली महोत्सव के बहिष्कार को लेकर चल रहे सोशल मीडिया अभियान पर अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ कहा कि यह किसी पार्टी का नहीं बल्कि जनता का कार्यक्रम है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जिले को 514 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को जनता को सर्मपित करेंगे। शुक्रवार को सिंगरौली पहुंचीं प्रभारी मंत्री संपतिया उइके ने कहा कि जो लोग इस महोत्सव का बहिष्कार करने की बात कह रहे हैं, उन्हें भी इसमें शामिल होना चाहिए और जिले की खुशी का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने इसे सिंगरौली के गौरव का अवसर बताया। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' वाली चर्चाओं पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री भी आएंगे सिंगरौली जिले के स्थापना दिवस के मौके पर 23, 24 और 25 मई को तीन दिवसीय सिंगरौली महोत्सव मनाया जा रहा है। महोत्सव के पहले दिन यानी शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे जिले के विकास के लिए 514 करोड़ रुपए के कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे, जिससे क्षेत्र में नई सुविधाओं और तरक्की का रास्ता साफ होगा। सोशल मीडिया पर बहिष्कार की चर्चा पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बॉयकॉट सिंगरौली महोत्सव के नाम से कई पोस्ट शेयर की जा रही थीं। इसी पर मंत्री ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि यह उत्सव पूरी तरह जनता को समर्पित है। 24 मई 2008 को सिंगरौली को सीधी से अलग कर नया जिला बनाया गया था, जिसकी याद में हर साल यह आयोजन किया जाता है। तीन दिनों तक मनेगा जश्न यह महोत्सव तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रभारी मंत्री संपतिया उइके खुद मौजूद रहेंगी। जिले की स्थापना के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम और विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मंत्री ने विश्वास जताया कि विकास कार्यों की इतनी बड़ी सौगात मिलने से जिले की तस्वीर बदलेगी।
रोहतक जिले के सांपला ट्रिब्यूनल में गैर-सरकारी सदस्य राजेश खत्री ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उनकी नियुक्ति वरिष्ठ नागरिकों और माता-पिता के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इस अवसर पर सांपला की एसडीएम अंकिता पवार ने राजेश खत्री को उनकी नई जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उनका स्वागत किया। राजेश खत्री ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ वरिष्ठ नागरिकों एवं माता-पिता के अधिकारों व उनकी सुरक्षा के प्रति सदैव सजग रहेंगे। 3 साल के लिए गैर-सरकारी सदस्यों की नियुक्ति प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और माता-पिता के अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र, रोहतक और सांपला में गैर-सरकारी सदस्यों की नियुक्ति तीन साल के लिए की है। इसका लक्ष्य सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। पारिवारिक विवादों का होगा निपटारा सांपला मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल में एसडीएम चेयरमैन होंगे, जबकि राजेश खत्री और रमेश कुमार गैर-सरकारी सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। इन गैर-सरकारी सदस्यों के शामिल होने से पीड़ित लोगों को त्वरित न्याय मिलने की संभावना बढ़ गई है। स्थानीय और गैर-सरकारी सदस्यों की उपस्थिति से पारिवारिक विवादों का भी जल्द निपटारा हो सकेगा।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने आज रायपुर में प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक पर विरोध प्रदर्शन कर कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की गई। आप नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि 22 लाख से ज्यादा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। पार्टी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक बड़े स्तर की मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं है। हर बार पेपर लीक, फिर भी कार्रवाई नहीं प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में भी NEET पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में देशभर में 89 बार विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और 48 परीक्षाएं दोबारा करानी पड़ीं। आप नेताओं ने कहा कि लाखों छात्र सालभर मेहनत करते हैं, लेकिन एक रात में उनका भविष्य दांव पर लग जाता है। छात्रों की आत्महत्या का भी मुद्दा उठाया आम आदमी पार्टी ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं का भी मुद्दा उठाया। नेताओं ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गोवा और ग्वालियर में कई छात्रों ने तनाव और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण आत्महत्या कर ली। पार्टी नेताओं ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और उनके परिवारों में भारी मानसिक दबाव बना हुआ है। इसके लिए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय जिम्मेदार है। पंजाब सरकार के फैसले का किया जिक्र प्रदर्शन के दौरान पंजाब सरकार के फैसले का भी उल्लेख किया गया। नेताओं ने कहा कि पुनः परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए पंजाब सरकार ने 20, 21 और 22 जून को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने का फैसला लिया है। ये हैं आम आदमी पार्टी की मांगें - केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। - NEET पेपर लीक मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) बनाई जाए। - प्रभावित छात्रों को मुआवजा दिया जाए। - परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए।
हिसार जिले के बरवाला थाना क्षेत्र में रास्ता रोककर मारपीट करने, गंभीर चोटें पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। थाना बरवाला प्रभारी कर्मजीत के नेतृत्व में उप निरीक्षक राजवीर ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को काबू किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राहुल निवासी वार्ड नंबर 18 बरवाला तथा श्याम निवासी वार्ड नंबर 16 बरवाला के रूप में हुई है। पीड़ित बिजली बोर्ड में ठेकेदार पुलिस को दी शिकायत में अनिल निवासी वार्ड नंबर 1 बरवाला ने बताया कि वह बिजली बोर्ड बरवाला में ठेकेदारी का कार्य करता है। शिकायतकर्ता के अनुसार 8 मई 2026 की रात करीब साढ़े 9 बजे वह अपने साथी रवि और अक्षय के साथ बाइक पर सवार होकर मोती लुहार वाली गली में सब्जी और दूध लेने गया था। बाइक के आगे अड़ाई स्कूटी उन्होंने बताया कि जब वे कृष्ण डॉक्टर की दुकान के पास पहुंचे, तो स्कूटी पर सवार चार युवकों ने उनकी बाइक के आगे स्कूटी लगाकर रास्ता रोक लिया। विरोध करने पर एक युवक ने शराब के नशे में उसका गला पकड़ लिया और हाथापाई शुरू कर दी। इसके बाद आरोपियों ने अपने परिवार के अन्य 10 से 12 लोगों को मौके पर बुला लिया, जिनमें महिलाएं भी शामिल थी। लाठी-डंडों और ईंटों से हमला शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने लाठी-डंडों और ईंटों से हमला कर दिया। आरोप है कि राहुल उर्फ सांप ने गली से ईंट उठाकर उसके मुंह पर दे मारी, जिससे उसके सामने के ऊपर के तीन दांत टूट गए। हमले में उसके माथे और मुंह पर भी गंभीर चोटें आईं। न्यायिक हिरासत में भेजे दोनों आरोपी पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
कान्हा टाइगर रिजर्व में शुक्रवार से गर्मी के मौसम की गिद्धों की गिनती शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश वन विभाग के आयोजित 'गिद्ध गणना-2026' के दूसरे चरण के तहत यह काम 24 मई तक चलेगा। पहले ही दिन कान्हा के अलग-अलग इलाकों में कुल 306 गिद्ध देखे गए हैं, जो पर्यावरण के लिहाज से काफी अच्छे संकेत हैं। यह गणना कान्हा टाइगर रिजर्व के कोर और बफर जोन के साथ-साथ फेन वाइल्डलाइफ सेंचुरी के सभी 13 क्षेत्रों में की जा रही है। इसके लिए वन विभाग की टीम सुबह 5:30 बजे से ही जंगल के 182 अलग-अलग हिस्सों (बीटों) में तैनात हो गई थी। आंकड़ों को पूरी सटीकता से दर्ज करने के लिए विभाग के बनाए गए गरूण मोबाइल एप और डाटा शीट का इस्तेमाल किया जा रहा है। गिद्धों की संख्या में हुई बढ़ोतरी कान्हा के डिप्टी डायरेक्टर पी.के. वर्मा ने बताया कि पहले दिन दर्ज किए गए 306 गिद्धों में भारतीय गिद्ध और सफेद पीठ वाले गिद्ध शामिल हैं। यह संख्या पिछले रिकॉर्ड से काफी बेहतर है। इससे पहले फरवरी 2026 में हुई शीतकालीन गणना के दौरान कान्हा, किसली और सरही क्षेत्रों में 224 गिद्ध मिले थे। कान्हा में गिद्धों की अधिकतम संख्या अब तक 266 रही थी, लेकिन इस बार पहले ही दिन यह आंकड़ा पार हो गया है। पर्यावरण के लिए क्यों जरूरी हैं गिद्ध? जानकारों का मानना है कि गिद्धों की बढ़ती संख्या जंगल और आसपास के माहौल के लिए बहुत फायदेमंद है। गिद्ध मृत जानवरों को खाकर जंगल की सफाई करते हैं, जिससे बीमारियां नहीं फैलतीं और प्रकृति का संतुलन बना रहता है। भारत में गिद्धों की 9 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से ज्यादातर खत्म होने की कगार पर हैं। मध्यप्रदेश में इनमें से 7 प्रजातियां मिलती हैं, जबकि कान्हा में मुख्य रूप से किंग वल्चर, हिमालयन ग्रिफॉन और व्हाइट-बैक्ड गिद्ध जैसी प्रजातियां देखी जाती हैं। 24 मई तक जारी रहेगी गणना गिद्धों की गिनती का यह काम रविवार, 24 मई तक जारी रहेगा। इन तीन दिनों के दौरान जिस दिन गिद्धों की संख्या सबसे ज्यादा दर्ज की जाएगी, उसे ही अंतिम और सही आंकड़ा माना जाएगा। वन विभाग के मैदानी अमले को इसके लिए खास ट्रेनिंग भी दी गई है ताकि गणना में कोई चूक न हो।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने नियमों की अनदेखी करने और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के मामले में दो अलग-अलग दुकानों के फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. छोटेलाल गुर्जर के निर्देश पर कार्रवाई की गई। काली मिर्च में मिला 'मिनरल ऑयल'विभागीय टीम ने गुड़ागौड़जी के उदयपुरवाटी रोड़ पर शुभम जनरल स्टोर पर कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने इस दुकान से खुले में बेची जा रही काली मिर्च (लूज) का एक सैंपल (नमूना) लिया था। उसे जांच के लिए जयपुर लैब में भेजा गया। जांच में सामने आया कि काली मिर्च में 'मिनरल ऑयल' (खनिज तेल) मिला हुआ था, जो सेहत के लिए हानिकारक है। रिपोर्ट के आधार पर इस खाद्य पदार्थ को 'असुरक्षित' घोषित किया गया। इसके बाद डॉ. गुर्जर ने दुकान का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया और वहां काली मिर्च बेचने पर पूरी तरह रोक लगा दी। सरसों तेल में मिली गड़बड़ी, दुकान का लाइसेंस रद्दबुहाना इलाके में भी टीम ने कार्रवाई की। यहां राहुल किराना स्टोर से सरसों के तेल (लूज) का सैंपल लिया गया था। जयपुर लैब की जांच में सामने आया कि इस तेल की 'एसिड वैल्यू' तय मानकों से कई गुना ज्यादा थी, जो इंसानी स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। इसके अलावा, दुकानदार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों के खिलाफ जाकर खुले (लूज) रूप में सरसों का तेल बेच रहा था। इन दोनों बड़ी गलतियों के कारण राहुल किराना स्टोर का लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया गया है और दुकान में सरसों तेल की बिक्री पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है। मिलावटखोरों के खिलाफ जारी रखेंगे कार्रवाईसीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रहा है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि अगर किसी भी व्यक्ति को जिले में कहीं भी मिलावट होने की सही जानकारी है, तो वह बेझिझक स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दे। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
रोहतक में सद्भाव यात्रा के दौरान गांव भालौठ पहुंचे पूर्व सांसद व कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने कहा कि सद्भाव यात्रा का कल समापन किया जाएगा और गढ़ी सांपला किलोई में आज दूसरा दिन है। समापन समारोह में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को न्यौता दिया गया है, अब उनकी मर्जी है कि शामिल होंगे या नहीं। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि गुरुग्राम में राहुल गांधी यात्रा में शामिल हुए थे, जिसका बहुत भारी असर पड़ा है। एक बड़ा संदेश राहुल गांधी देकर गए कि इस प्रकार की यात्राएं कांग्रेस के युवाओं व नेताओं को हर प्रदेश में करनी चाहिए। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद देश में पहली सद्भाव यात्रा उनके द्वारा निकाली गई है, जिससे पार्टी को मजबूती मिली है। कॉकरोच पार्टी डिजिटल मीडिया की चीज बृजेंद्र सिंह ने कहा कि कॉकरोच पार्टी अभी डिजिटल मीडिया की एक चीज है। जब धरातल पर उतरकर कुछ करेंगे, तब की बात अलग है। अभी तो व्यंग्य स्वरूप एक चीज सामने आई है। लेकिन जिस प्रकार से लोग उनके साथ जुड़े है, उससे भाजपा के झूठ का पर्दाफाश हो गया है। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा पिछले 12 साल से राग अलाप रही है कि युवाओं को रोजगार दिया, प्रदेश की प्रगति की। कॉकरोच जनता पार्टी ने उसे पूरी तरह धराशाही कर दिया है। युवाओं ने भाजपा के झूठ की पोल खोलकर रख दी है। सीजेआई को नहीं करना चाहिए था कमेंट बृजेंद्र सिंह ने कहा कि युवाओं को कॉकरोच कहने वाला कमेंटी सीजेआई की तरफ से नहीं आना चाहिए था। आज युवाओं के लिए बेरोजगारी इतनी बड़ी समस्या है, जिसके लिए युवा खुद जिम्मेदार नहीं है। इसके लिए सरकार व व्यवस्था जिम्मेदार है। सीजेआई के लिए इस प्रकार के कमेंट करना शोभा नहीं देता। युवाओं का मजाक उड़ाया था, समर्थन तो सभी करेंगे बृजेंद्र सिंह ने कहा कि सीजेपी यानि कॉकरोच जनता पार्टी जो है वो वाकयी सीरियर पॉलिटिकल फोर्स बनना चाहती है या नहीं, यह आने वाला समय ही बताएगा। समर्थन तो इस बात का सभी करेंगे क्योंकि देश के युवाओं की बेरोजगारी मजबूरी है, उसका अगर कोई मजाक उड़ाएगा तो समर्थन सभी करेंगे। सूचना के तंत्र पर सरकार ने मार रखी चौकड़ी बृजेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं के लिए कोई काम नहीं किया। युवाओं का प्रदेश ही नहीं बल्कि देश से विदेशों में पलायन हो रहा है। कृषि की सुध लेने को सरकार तैयार नहीं है। सूचना के तंत्र पर सरकार ने चौकड़ी मार ली है। कॉकरोच जनता पार्टी भी उसी की अभिव्यक्ति है। कुछ नेताओं की कमी के कारण नहीं आ रही सरकार बृजेंद्र सिंह ने कहा कि 2024 में लोगों ने सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया था, लेकिन कांग्रेस नेताओं की कुछ कमी रही, जिसके कारण ऐसा परिवर्तन, जो लोग परोसकर दे रहे थे, वो नहीं बन पाई। सद्भाव यात्रा से पार्टी को मजबूती मिली है और इसकी तस्दीक राहुल गांधी खुद करके गए है। उन्हें फीड बैक है कि इस यात्रा का पार्टी को बहुत लाभ होगा।
संभल में गंगा एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ। आयशर कैंटर और स्कॉर्पियो गाड़ी की टक्कर में बनारस के एक युवक की मौत हो गई, जबकि मध्य प्रदेश के तीन अन्य युवक घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह हादसा शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे जनपद संभल की तहसील चंदौसी के थाना बहजोई क्षेत्र के गांव किसौली स्थित गंगा एक्सप्रेस-वे के 123वें चैनज पर हुआ। स्कॉर्पियो में सवार चार युवक मध्य प्रदेश के भोपाल से दिल्ली के रास्ते गंगा एक्सप्रेस-वे होते हुए अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। एक तेज रफ्तार आयशर कैंटर ने उनकी स्कॉर्पियो को ओवरटेक करते हुए टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गंगा एक्सप्रेस-वे पर कुछ देर के लिए यातायात थम गया। सूचना मिलते ही यूपीआईडी की एंबुलेंस (14449) मौके पर पहुंची। स्कॉर्पियो से चारों युवकों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। घायलों को उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया मृतक की पहचान 25 वर्षीय सिद्धार्थ जायसवाल पुत्र विजय जायसवाल, निवासी सुजाबाद, पदव, जिला बनारस के रूप में हुई है। घायलों में भोपाल, मध्य प्रदेश निवासी वरुण चौहान (24), पीयूष सिंह (22) और करन कुशवाह (25) शामिल हैं। सीएचसी बहजोई प्रभारी डॉ. सचिन वर्मा ने बताया कि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि तीन घायलों को उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। टक्कर के बाद आयशर कैंटर गंगा एक्सप्रेस-वे की साइड पट्टी तोड़ते हुए खाई में जा गिरा। हादसे की सूचना पर डायल 112 और स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के बाद कैंटर चालक मौके से फरार हो गया। इस हादसे के कारण हाईवे पर करीब 20 से 25 मिनट तक जाम की स्थिति रही, जिसे यूपीआईडी ने खाली कराकर यातायात सामान्य कराया।
परासिया के बहुचर्चित जहरीले कफ सिरप कांड में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले में आरोपी बनाए गए डॉक्टर एस.एस. ठाकुर की जमानत याचिका मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। मामले की सुनवाई एमसीआरसी क्रमांक 17066/2026 में जस्टिस प्रमोद अग्रवाल की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान मृतक बच्चों के परिजनों की ओर से अधिवक्ता संजय पटोरिया ने पक्ष रखते हुए जमानत का विरोध किया। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी डॉक्टर की जमानत याचिका निरस्त कर दी। बच्चों की मौत के बाद मचा था हड़कंप गौरतलब है कि परासिया क्षेत्र में जहरीले कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत और कई बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया था। घटना के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दवाइयों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। मामले में लापरवाही और कथित अनियमितताओं को लेकर डॉक्टर एस.एस. ठाकुर सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। इस कांड के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और दवा वितरण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। मामले को लेकर परासिया सहित आसपास के क्षेत्रों में मृतक बच्चों के परिजनों में लगातार आक्रोश बना हुआ है। परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मऊगंज कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार शाम ईदुज्जुहा पर्व की तैयारियों को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए नागरिकों से त्योहार को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने का आह्वान किया। माहौल बिगाड़ने वालों को सख्त चेतावनी कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले की परंपरा हमेशा से सौहार्दपूर्ण रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि त्योहार के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रशासन सख्ती से निपटेगा। अधिकारियों को प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली, पानी और साफ-सफाई के निर्देश बैठक में कलेक्टर ने संबंधित विभागों को पर्व के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति, शुद्ध पेयजल और मस्जिदों के आसपास विशेष साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए पुलिस को रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। समिति के सुझावों पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा शांति समिति के सदस्यों ने स्थानीय स्तर पर बिजली और पानी से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को इन समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का आदेश दिया। उन्होंने आमजन से अनुशासन बनाए रखने की अपील भी की। यह रहे उपस्थित बैठक में एसपी सुरेंद्र कुमार जैन, अपर कलेक्टर पी.के. पांडेय और संयुक्त कलेक्टर एपी द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने आश्वस्त किया कि पर्व को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं।
बस्ती में पलटा ट्रैक्टर, ड्राइवर की मौत:गन्ने के खेत में छतरी में फंसा था युवक, जांच जारी
बस्ती के परशुरामपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर में ट्रैक्टर पलटने से ड्राइवर की मौत हो गई। ककरा खुर्द गांव के पास अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर गन्ने के खेत में पलट गया, जिससे ड्राइवर उसकी छतरी में फंस गया। मृतक की पहचान छावनी थाना क्षेत्र के घोड़सरा तिवारी गांव निवासी रामसूरत यादव (26) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह हरनहवा से मखौड़ा की ओर जा रहे थे। ककरा खुर्द गांव के पास पहुंचते ही ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया। ट्रैक्टर सड़क किनारे विफई गांव के पास स्थित गन्ने के खेत में जा पलटा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर पलटने के बाद दोबारा सीधा हो गया, लेकिन इस दौरान रामसूरत यादव उसकी छतरी के बीच बुरी तरह फंस गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद ड्राइवर को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। थानाध्यक्ष विश्वमोहन राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
लखनऊ में आईटी सिटी में किसानों की निकली किस्मत:एलडीए ने 300 काश्तकारों को दिए 414 प्लॉट
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शुक्रवार को सुलतानपुर रोड स्थित आईटी सिटी योजना में लैंड पूलिंग नीति के तहत जमीन देने वाले किसानों और भू-स्वामियों को विकसित भूखंडों का आवंटन कर दिया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के प्लूटो ऑडिटोरियम में आयोजित लॉटरी प्रक्रिया के जरिए 300 काश्तकारों को कुल 414 प्लॉट मिले। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराई गई। लॉटरी की पर्चियां खुद किसानों के हाथों से निकलवाई गईं। जैसे-जैसे नाम घोषित होते गए, किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण यू-ट्यूब पर भी किया गया, जिससे कई लोग ऑनलाइन ही अपना नाम देखकर मौके पर पहुंच गए। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आईटी सिटी योजना करीब 3490 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है। जिन किसानों और भू-स्वामियों ने 10 अप्रैल 2026 तक अपनी जमीन का अनुबंध एलडीए के पक्ष में कराया था, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विकसित भूखंड आवंटित किए गए। अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल और सार्वजनिक व्यवस्था अपनाई गई। किसानों ने कहा- पहली बार इतनी साफ व्यवस्था दिखी लॉटरी में सफल रहे अमित कुमार राय ने कहा कि एलडीए की व्यवस्था काफी बेहतर रही। ऑनलाइन लाइव प्रसारण से लोगों को भरोसा मिला और पूरी प्रक्रिया खुली नजर आई। कई किसानों ने मौके पर ही एलडीए अधिकारियों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में एलडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी, विशेष कार्याधिकारी रवि नंदन सिंह और अर्जन विभाग के प्रभारी अधिकारी विपिन कुमार शिवहरे समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र में तेंदूपत्ता से भरे एक ट्रक में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरा ट्रक धू-धू कर जलने लगा। इस हादसे में लाखों रुपए मूल्य का तेंदूपत्ता और ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो गया। यह ट्रक सोनपुर समिति का तेंदूपत्ता लेकर कोयलीबेड़ा मार्ग से नारायणपुर की ओर जा रहा था। यह घटना 22 मई की दोपहर को हुई। रास्ते में अचानक ट्रक में आग लग गई, हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। कारणों की जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही कोयलीबेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक ट्रक और उसमें भरा तेंदूपत्ता पूरी तरह जल चुका था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
फतेहाबाद जिले के टोहाना में चंडीगढ़ रोड पर शुक्रवार को ई-रिक्शा और ऑटो ड्राइवरों के बीच सवारियों को लेकर मारपीट हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मारपीट के बाद आक्रोशित ई-रिक्शा ड्राइवरों ने चंडीगढ़ रोड जाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझा कर जाम खुलवाया। मारपीट में डांगरा निवासी ई-रिक्शा ड्राइवर जनक घायल हो गया। उसे नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। जनक पिछले सवा साल से ई-रिक्शा चला रहा है। ई-रिक्शा प्रधान टीटू ने बताया कि नए बस स्टैंड पर जगह को लेकर ऑटो और ई-रिक्शा ड्राइवरों के बीच अक्सर विवाद होता रहता है। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए रोडवेज विभाग को कई बार पत्र लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने समझा कर भीड़ को हटाया टीटू के अनुसार, शुक्रवार को जनक सवारियां लेकर जा रहा था, तभी यूनियन बैंक के पास ऑटो ड्राइवर सीताराम ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला कर दिया और उसकी पिटाई की। ई-रिक्शा ड्राइवरों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क जाम किया था। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर भीड़ को हटाया। साथियों ने उसे बुरी तरह पीटा घायल जनक ने आरोप लगाया कि सीताराम और उसके साथियों ने उसे बुरी तरह पीटा है। उसने सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शहर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्हें अस्पताल से घटना की सूचना मिली है। एक जांच अधिकारी मौके पर भेजा जाएगा और घायल के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहले भी हो चुका दोनों पक्षों में विवाद बता दें कि इससे पहले रेलवे स्टेशन पर भी दोनों पक्षों के बीच इसी तरह का विवाद हुआ था। उस समय रेलवे विभाग ने उचित व्यवस्था करके विवाद को सुलझाया था, लेकिन नए बस स्टैंड पर स्थिति अभी भी वैसी ही बनी हुई है। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि तीन लोग एक व्यक्ति को पकड़कर लाठी-डंडों और लोहे की राड से पीट रहे हैं। जिसके बाद भीड़ जमा हो गई और विवाद को सुलझाने का प्रयास किया। विवाद नहीं सुलझने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ई-रिक्शा ड्राइवरों को समझा कर जाम खुलवाया।
कानपुर में शुक्रवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एमएसएमई योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए और इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया। बैंकिंग समस्याओं को पेंडिंग न किया जाए। युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन उपलब्ध करवाया जाए। बैठक की शुरुआत कानपुर मंडलायुक्त एवं निदेशक उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन ने मंत्री धर्मपाल सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान विभाग की विभिन्न योजनाओं और उनकी प्रगति पर के बारे में जानकारी दी गयी। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी मार्जिन मनी योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और ओडीओपी सामान्य सुविधा केंद्र जैसी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में योजनाओं की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक लोग स्वरोजगार से जुड़ सकें। उन्होंने बैंकिंग स्तर पर आने वाली समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए। साथ ही सभी योजनाओं के लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने और अधिकतम रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में उत्तर प्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन नीति-2022, वर्ष 2026-27 के लक्ष्य और बजट प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान “सरदार वल्लभभाई पटेल औद्योगिक एवं एम्प्लायमेंट जोन” और “एक जनपद एक व्यंजन” योजना की प्रगति की जानकारी भी साझा की गई। बैठक में विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
शाजापुर में उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर वितरण में अनियमितता बरतने वाली 'मेसर्स नवीन गैस एजेंसी' पर प्रशासन और ऑयल कंपनी ने कार्रवाई की है। उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद हुई जांच में खामियां पाए जाने पर एजेंसी संचालक पर 17 लाख 84 हजार 390 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। दो चरणों में हुई जांच में खुली अनियमितताओं की पोल जिला आपूर्ति अधिकारी अंजु मरावी के अनुसार, बीपीसीएल के सेल्स ऑफिसर ने 4 मई और 19 मई 2026 को एजेंसी का औचक निरीक्षण किया था। जांच में यह पुष्टि हुई कि एजेंसी संचालक पंजीकृत उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने के बजाय अन्य लोगों को गैस की आपूर्ति कर रहा था। तय दाम से अधिक वसूली, रिकॉर्ड में हेराफेरी जांच दल ने पाया कि एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली जा रही थी। इसके अलावा, मौके पर स्टॉक और रिकॉर्ड में बड़ा अंतर मिला। एजेंसी परिसर में अनिवार्य सूचनाओं का प्रदर्शन न करना और रिकॉर्ड का सही संधारण न करना भी जुर्माने का मुख्य कारण बना। एमडीजी गाइडलाइन के तहत हुई दंडात्मक कार्रवाई अनियमितताओं के मामले में ऑयल कंपनी द्वारा पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर क्षेत्रीय प्रबंधक ने मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस (MDG) के तहत कार्रवाई करते हुए 17.84 लाख की पेनाल्टी लगाई है। उपभोक्ताओं की शिकायतों पर लिया संज्ञान यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही उन शिकायतों के बाद हुई है जिसमें उपभोक्ताओं ने बुकिंग के बावजूद सिलेंडर न मिलने और कालाबाजारी के आरोप लगाए थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
झुंझुनूं के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने शुक्रवार को एक ही दिन में रिकॉर्ड 35 मुकदमों की सुनवाई की। आयोग के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार मील ने निर्णय लिखवाकर तुरंत आदेश जारी कर दिए। दरअसल, उपभोक्ता आयोग में लंबे समय से लंबित इन 35 मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत की प्री-काउंसलिंग (आपसी समझाइश) के लिए न्याय टेबल पर रखा गया था। काफी समझाने के बाद भी जब दोनों पक्षों के बीच राजीनामा नहीं हो पाया, तो आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील और सदस्य प्रमेन्द्र कुमार सैनी की पीठ ने समय बर्बाद न करते हुए कड़ा रुख अपनाया। 2017 से लंबित मामलों का भी हुआ निपटारा राज्य आयोग के 26 फरवरी 2026 के परिपत्र (गाइडलाइन) के अनुसार दोपहर तक सभी पक्षों की बहस सुनी गई और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत शुक्रवार को ही सभी 35 मुकदमों का अंतिम निपटारा कर दिया गया। इनमें कई मामले जनवरी 2017 से लंबित थे, जिनके निपटारे से पुरानी पेंडेंसी भी खत्म हुई और उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली। बीमा कंपनियों और बैंकों के मामलों में भी सुनवाई पूरी इन मामलों में बीमा कंपनियों, बैंकों और सहकारी समितियों से जुड़े विवाद शामिल थे। वकीलों की ओर से समय-समय पर कई प्रार्थना पत्र देकर मामलों को टालने की कोशिश की गई, लेकिन आयोग ने सभी पक्षों की सुनवाई कर साक्ष्य लिए और अंतिम फैसला सुनाया। तेज न्याय व्यवस्था की दिशा में बड़ी पहल इस त्वरित कार्रवाई को फास्ट ट्रैक जस्टिस के सिद्धांत को जमीन पर उतारने की बड़ी पहल माना जा रहा है। आयोग ने इस वर्ष लंबित मामलों के निस्तारण का 500 प्रतिशत तक लक्ष्य पूरा करने का संकल्प भी व्यक्त किया है, जिससे न्याय व्यवस्था को और गति मिलने की उम्मीद है।
ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित के एक खदान के पानी से भरे गड्ढे में शुक्रवार शाम एक युवक का शव उतराता मिला। शुरुआती जांच में मामला सामान्य डूबने का नहीं लग रहा है। जब पुलिस ने शव को बाहर निकाला तो कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। मृतक की शर्ट के निचले दोनों छोर आपस में बंधे हुए थे और उसमें छोटे-छोटे पत्थर भरे गए थे। इसे देखकर पुलिस हत्या की आशंका जता रही है। शव काफी गल चुका है, जिसके कारण शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान स्पष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट ने भी पहुंचकर जांच की। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। शव पूरी तरह गला, स्पॉट पर पहुंचे फोरेंसिक एक्सपर्टचूंकि शव पानी में डूबा हुआ था, इसलिए वह पूरी तरह से गल चुका है। आशंका जताई जा रही है कि यह शव करीब दो से तीन दिन पुराना है। घटना की गंभीरता और मर्डर के पुख्ता संशयों को देखते हुए पुलिस ने तत्काल फोरेंसिक एक्सपर्ट कोकसिंह को जांच के लिए स्पॉट पर बुलाया। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल और शव के पास से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। शव के अत्यधिक गल जाने के कारण शरीर पर बाहरी चोट या घाव के निशान साफ तौर पर नजर नहीं आ रहे हैं, जिसके चलते मौत की सटीक वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मृतक की शिनाख्त के लिए खंगाले जा रहे रिकॉर्डबहोड़ापुर पुलिस के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। पुलिस जिले और आसपास के थानों में पिछले तीन-चार दिनों के भीतर दर्ज हुई गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है, ताकि युवक का सुराग लगाया जा सके। बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार ने बताया- खदान के गड्ढे से एक युवक का शव बरामद किया गया है। शव काफी गल चुका है, जिसकी अभी शिनाख्त नहीं हो सकी है। युवक की शर्ट के पल्ले बंधे थे और उसमें पत्थर भरे मिले हैं, जो घटना सामान्य नहीं होने की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल शव को डेड हाउस (मर्चुरी) पहुंचा दिया गया है। मृतक की पहचान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की कड़ियां साफ हो सकेंगी।
शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। पचीपुरा गांव के पास सड़क पर दौड़ते एक ट्रक में अचानक आग लग गई। ट्रक चालक को इसकी जानकारी तक नहीं थी। इसी दौरान पोहरी से बैराड़ जा रहे तहसीलदार अजय परसेड़िया की नजर जलते ट्रक पर पड़ी। उन्होंने तत्काल ट्रक को रुकवाकर बड़ी दुर्घटना टाल दी। घटना शुक्रवार शाम करीब 6:15 बजे की है। ट्रक बैराड़ से पोहरी की ओर जा रहा था। उसमें बैटरी वाले सेल भरे हुए थे। चलते ट्रक के पिछले हिस्से में अचानक आग लग गई, लेकिन चालक अनजान रहा और वाहन चलाता रहा। तहसीलदार ने देखीं आग की लपटें तहसीलदार अजय परसेड़िया ने ट्रक से धुआं और आग की लपटें निकलते देख तुरंत सतर्कता दिखाई। उन्होंने अपने वाहन से ट्रक को रुकवाया और मामले की सूचना संबंधित विभागों को दी। सूचना मिलने पर बैराड़ पुलिस, फायर ब्रिगेड और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। समय रहते आग बुझा दिए जाने से ट्रक के टायर और केबिन को बचा लिया गया। हालांकि ट्रक की आधी बॉडी और उसमें भरा आधा सामान जलकर खाक हो गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोरबा के सीएसईबी चौकी क्षेत्र स्थित कोहड़िया में 10 मई को सड़क किनारे मिली खून से सनी लाश के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जिस मामले की जांच हत्या मानकर कर रही थी, वह पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद आत्महत्या निकला। बसंत पटेल (37) की रक्तरंजित लाश सड़क किनारे झाड़ियों में मिली थी। घटनास्थल पर खून के धब्बे और शव घसीटने जैसे निशान मिलने से हत्या की आशंका जताई गई थी। टूटी बीयर बोतल से खुद पर किया हमला घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड टीम को मौके पर बुलाया था। घटनास्थल से एक टूटी हुई बीयर की बोतल भी बरामद हुई थी। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि पीएम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच में हत्या के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। जांच में सामने आया कि मृतक ने टूटी बीयर बोतल के धारदार कांच से खुद पर हमला किया था। डॉक्टरों और फोरेंसिक टीम ने चोटों की जांच के बाद पुष्टि की कि सभी घाव स्वयं पहुंचाए गए थे। मानसिक रूप से परेशान था मृतक पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बसंत पटेल मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और उनका इलाज चल रहा था। घटना के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, लेकिन किसी संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी नहीं मिली। इससे आत्महत्या की आशंका और मजबूत हुई। फैक्ट्री कर्मचारी था मृतक बसंत पटेल मूल रूप से मस्तूरी के सोनसरी गांव के निवासी थे। पिछले तीन वर्षों से वे सर्वमंगला बरमपुर में किराए के मकान में रह रहे थे और इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री में काम करते थे। 9 मई की सुबह वे काम पर जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटे। अगले दिन 10 मई की सुबह उनकी लाश कोहड़िया इलाके में मिली थी। मृतक शादीशुदा थे और उनके दो बच्चे हैं। बताया जा रहा है कि घटना से दो दिन पहले ही वे अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होकर गांव से कोरबा लौटे थे।
भिंड शहर की फल मंडी में शुक्रवार शाम जांच करने पहुंचीं फूड सेफ्टी अधिकारी रीना बंसल के साथ एक फल कारोबारी द्वारा अभद्रता और धमकी देने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान कारोबारी बिना लाइसेंस करोड़ों रुपए का कारोबार संचालित करता मिला। मामले की शिकायत कोतवाली थाने में की गई है। जानकारी के अनुसार फूड सेफ्टी अधिकारी रीना बंसल फल मंडी क्षेत्र में आम, केला और अंगूर कारोबारियों के गोदामों की जांच करने पहुंची थीं। इस दौरान टीम ने कारोबार से संबंधित दस्तावेज और फूड लाइसेंस की जानकारी ली। जांच के दौरान टीम सिद्ध बाबा फल सप्लायर के संचालक अरविंद रत्नाकर के गोदाम पहुंची। जब अधिकारी ने गोदाम की जांच और लाइसेंस संबंधी दस्तावेज मांगे तो कारोबारी भड़क गया। आरोप है कि कारोबारी ने महिला अधिकारी से कहा कि वह वर्षों से करोड़ों रुपए का कारोबार बिना लाइसेंस के कर रहा है और आज तक किसी अधिकारी की यहां आने की हिम्मत नहीं हुई। ट्रांसफर कराने की दी धमकी फूड सेफ्टी अधिकारी के मुताबिक समझाइश देने के बावजूद कारोबारी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता रहा। उसने कथित रूप से यह भी कहा कि उसकी पहुंच ऊंचे स्तर तक है और वह एक मिनट में ट्रांसफर तक करवा सकता है। रीना बंसल ने बताया कि कारोबारी लगातार गाली-गलौज करता रहा। जब बिना लाइसेंस कारोबार मिलने पर गोदाम सील करने की कार्रवाई की बात कही गई तो वह झगड़े पर उतारू हो गया। पूछताछ के दौरान कारोबारी ने खुद को बड़ा व्यापारी बताते हुए सालाना 7 करोड़ रुपए से अधिक कारोबार होने की बात भी कही। स्थिति बिगड़ती देख महिला अधिकारी वहां से लौट आईं और कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत आवेदन दिया। फूड सेफ्टी अधिकारी रीना बंसल ने बताया कि मामले की शिकायत कलेक्टर से भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्य में बाधा, अभद्रता और बिना लाइसेंस कारोबार संचालित करने को लेकर संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
छतरपुर जिले का नौगांव शुक्रवार को मध्यप्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर में सड़कें सूनी पड़ी रहीं, लोग घरों में कैद रहे और मोबाइल पर लगातार हीट वेव के अलर्ट आते रहे। भीषण गर्मी के बीच लोगों की उम्मीद सरकारी अस्पताल से थी, लेकिन नया सिविल अस्पताल खुद अव्यवस्थाओं और लापरवाही से जूझता नजर आया। करीब डेढ़ महीने पहले शुरू हुई करोड़ों रुपए की नई अस्पताल बिल्डिंग में मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर स्थित इमरजेंसी वार्ड में एसी चल रहे हैं, जिससे कुछ राहत महसूस होती है, लेकिन महिला और पुरुष वार्डों में गर्म हवा और उमस मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है। वार्डों में लगे कूलर बंद पड़े हैं और कई कूलरों में पानी तक नहीं है। मरीज और उनके परिजन हाथ से पंखा झलते नजर आए। गर्मी के कारण मरीज भर्ती होने से बच रहे अस्पताल स्टाफ ने भी माना कि ऊपर के वार्डों में अत्यधिक गर्मी होने के कारण मरीज भर्ती होने से बच रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच अस्पताल में ठंडी हवा तक की व्यवस्था नहीं होना सवाल खड़े कर रहा है। शाम होते ही अस्पताल में डॉक्टरों की कमी भी साफ नजर आई। इमरजेंसी में केवल एक डॉक्टर मौजूद मिले, जबकि बाकी अस्पताल लगभग डॉक्टर विहीन दिखाई दिया। स्टाफ के अनुसार कई डॉक्टर शाम के समय अस्पताल नहीं पहुंचते, जिससे मरीजों को मजबूरी में उनके घर तक जाना पड़ता है। इससे गंभीर मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी और बढ़ जाती है। अस्पताल में पीने के पानी की व्यवस्था भी बदहाल मिली। नया वाटर कूलर ठंडे पानी की जगह गर्म पानी दे रहा था। वहीं पुराने अस्पताल भवन में अब भी दो से तीन वाटर कूलर रखे हुए हैं। नई बिल्डिंग में जरूरी संसाधन पूरी तरह शिफ्ट नहीं हो पाए हैं। कई हफ्तों से बंद पड़ी लिफ्ट करोड़ों रुपए की लागत से बनी नई बिल्डिंग की लिफ्ट कई हफ्तों से बंद पड़ी है। मरीजों को स्ट्रेचर के सहारे सीढ़ियों से ऊपर ले जाना पड़ रहा है। बुजुर्ग मरीजों और उनके परिजनों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह गुटखे की पीक, धूल और गंदगी दिखाई दी। कुछ सप्ताह पहले नीति आयोग की टीम ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सफाई और व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई थी। रिपोर्ट में अस्पताल की हालत पर भी सवाल उठाए गए थे। सूत्रों के मुताबिक शाम के समय आने वाले कई डिलीवरी केस निजी अस्पतालों की ओर रेफर किए जा रहे हैं। इससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। प्रभारी बीएमओ डॉ. विक्रम यादव ने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को जल्द सुधारा जाएगा और डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी।
झाबुआ जिले के पेटलावद नगर में वरिष्ठ श्रावक शांतिलालजी गादिया का 61 दिनों के कठिन संथारा के बाद देवलोकगमन हो गया। उन्होंने जैन धर्म की प्राचीन परंपरा का पालन करते हुए अंतिम समय में 61 दिनों तक अन्न-जल का त्याग कर तप (अनशन) साधना की थी। उनकी अंतिम विदाई के दौरान पूरा नगर श्रद्धा में डूबा नजर आया। शांतिलालजी गादिया ने आचार्य महाश्रमण जी की प्रेरणा और संतों के मार्गदर्शन में यह कठिन संथारा साधना पूरी की। उनकी 61 दिनों की इस लंबी तपस्या को आध्यात्मिक शक्ति का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। जैसे ही उनके देवलोकगमन की खबर फैली, बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शनों के लिए पहुंच गए। सम्मान में बंद रहे व्यापारिक प्रतिष्ठान दिवंगत आत्मा के प्रति सम्मान और उनकी तपस्या के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए सकल जैन समाज सहित अलग-अलग धार्मिक संगठनों ने अपनी दुकानें बंद रखे। समाज के लोगों का कहना है कि यह शांतिलालजी की कठिन साधना के प्रति उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है। श्रद्धा के साथ निकली अंतिम यात्रा उनकी अंतिम यात्रा में तेरापंथ समाज, स्थानकवासी श्री संघ और मंदिर मार्गीय सहित जैन समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। यह यात्रा थांदला रोड से शुरू हुई और श्रद्धांजलि चौक व पुराने बस स्टैंड से होते हुए मुक्तिधाम पहुंची। रास्ते भर लोग इस महान तपस्वी को नमन करते रहे। बेटों ने दी मुखाग्नि मुक्तिधाम में उनके पुत्र पारस गादिया और अजित गादिया ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं और मुखाग्नि दी। महावीर समिति और पेटलावद के सकल जैन समाज ने इस महान तपस्वी की साधना को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
प्रदेश के स्वास्थ्य डायरेक्टर मैटरनिटी एंड हेल्थ (MCH) डॉ. रविंद्र कुमार ने रेवाड़ी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जिससे अस्पताल के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप गच गया। निरीक्षण के दौरान MCH डायरेक्टर व्यवस्था से नाखुश नजर आए। उन्होंने कहा कि आगे से गर्भवती महिलाओं को समय देने की बजाय तत्काल अल्ट्रासाउंड किया जाए। यदि किसी कारणवंश अस्पताल में ऐसा करना असंभव हो तो इसके लिए प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्रों से टाईअप किया जाए। उन्होंने कर्मचारियों की ड्यूटी से संबंधित रिकार्ड मुख्यालय में भेजने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारी कई सवालों का तो जवाब ही नहीं दे पाए। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्थाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए अस्पताल के निर्माण का जल्द शुरू होगा। इसके लिए सीएमओ और पीएमओ को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों का होगा रिव्यू उन्होंने रिकार्ड का निरीक्षण करने के बाद कहा कि कुछ कर्मचारी खाली बैठकर अपना टाइम पास कर रहे है। जबकि कुछ कर्मचारियों को जरूरत से ज्यादा काम सौंपा हुआ है। उन्होंने आउटसोर्स पर लगे कर्मचारियों का रिव्यू करने और जरूरत पड़ने पर कंपनी का ठेका रद्द करने के निर्देश दिए। लैब में भी मिली खामियां निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य निदेशक को लैब में भी खामियां मिली। जिन्हें तत्काल दूर करने को कहा। उन्होंने अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कार्यप्रणाली ठीक है, परंतु इसमें और अधिक सुधार की जरूरत है। जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को पूरा लाभ मिल सकेगा। इस मौके पर सीएमओ नरेंद्र दहिया व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कुछ विंग की जाएगी शिफ्ट MCH डायरेक्टर डॉ. रविंद्र कुमार ने कहा कि रेवाड़ी में नए अस्पताल का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। इसके लिए बिल्डिंग को खाली करने के लिए SNCU, डिलीवरी वार्ड, अल्ट्रासाउंड सर्विस को व्यवस्था के अनुसार दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट करने के निर्देश दिए है। जिससे अस्पताल का निर्माण शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला स्तर पर अस्पतालों में किसी प्रकार की खामी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री और हेल्थ मंत्री इसे लेकर गंभीर हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। कैबिनेट ने पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है। पेंशनर्स अब मोबाइल एप से फेस रिकग्नाइजेशन तकनीक से घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र दे सकेंगे। दिव्यांगों को पेंशन के लिए अब केवल एक बार ही सर्टिफिकेट देना होगा। कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक में पेट्रोल-डीजल बचाने पर चर्चा हुई। राजस्थान में 262 स्थानों पर 500 से ज्यादा ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। बैठक में राजस्थान की इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी गई। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राजस्थान की नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी है। डेटा सेंटर, लॉजिस्टक सेंटर्स को अब उद्योग का दर्जा मिलेगा। हर जिले की आर्थिक पहचान होगी। सेमीकंडक्टर इको सिस्टम, एआई को अपनी उद्योग नीति में शामिल किया है। कैबिनेट ने जेके सीमेंट को जैसलमेर में रेलवे ट्रैक बनाने के लिए 71 हेक्टेयर जमीन देने का फैसला किया है। यह जमीन डीएलसी की दोगुनी दर पर देने को मंजूरी दी है। डालमिया सीमेंट को जैसलमेर में 121 हेक्टेयर जमीन दोगुनी डीएलसी रेट पर दी जाएगी। पेंशनर्स अब घर बैठे मोबाइल एप से जीवन प्रमाण पत्र दे सकेंगे उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा-पेंशनर्स को अब ई मित्र या बैंक जाकर जीवन प्रमाण पत्र देने की बाध्यता नहीं रहेगी। पेंशनर्स अब मोबाइल एप से फेस रिकग्नाइजेशन तकनीक से घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र दे सकेंगे। कैबिनेट ने नई व्यवस्था लागू करने की मंजूरी दी है। नॉन गजटेड अफसर भी अब एसएसओ आईडी से जीवन प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। केवल एक गजटेड अफसर के हस्ताक्षर से ही पेंशन प्रमाणित करवानी होगी। कैबिनेट बैठक में सीएम भजनलाल शर्मा ने गर्मी के मौसम में सभी मंत्रियों को अपने प्रभाव वाले जिले में जाकर अथवा वीसी के जरिए बिजली-पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दिव्यांग पेंशन के लिए अब एक बार ही देना होगा सर्टिफिकेट दिव्यांग पेंशन के लिए दिव्यांगों को पहले हर तीन साल में सर्टिफिकेट देना होता था। अब केवल एक बार ही सर्टिफिकेट देना होगा। बार बार दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। जैसलमेर के घोटारू में सोलर कंपनी को 1198 हेक्टेयर जमीन आवंटन को मंजूरी सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कैबिनेट ने जमीन आवंटित करने की मंजूरी दी है। ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने कहा- रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए जैसलमेर जिले के घोटारू में 1198.33 हेक्टेयर जमीन आवंटित करने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही जैसलमेर की फतेहगढ़ तहसील में 106 हेक्टेयर जमीन, बाड़मेर के शिव के मुंगेरिय में 39 हेक्टेयर, बीकानेर के करणीसर भाटियान में 63.5 हेक्टेयर और बज्जू में 80 हेक्टेयर जमीन आवंटित की जाएगी। कैबिनेट और मंत्रिपरिषद में पेट्रोल-डीजल बचाने पर चर्चा उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा-फ्यूल बचाने को लेकर आज सीएम ने चर्चा की है। सीएम ने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए खुद पहल करने के अलावा जनता को भी प्रेरित करें। कुछ तरीके अपना सकते हैं, जिससे फ्यूल की बचत हो सकती है। इस पर आगे कुछ फैसले किए जा सकते हैं। पब्लिक ट्रासंपोर्ट सिस्टम को कैसे सुधारा जा सकता है, इसे कैसे मजबूत बनाया जाए इस पर चर्चा हुई है। राजस्थान में 500 से ज्यादा ईवी चार्जिंग स्टेशन लगेंगे ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने कहा-राजस्थान में 262 स्थानों पर 500 से ज्यादा ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। केंद्र सरकार के सहयोग से लगने वाले इन ईवी चार्जिंग स्टेशन के टेंडर जल्द जारी होंगे। राठौड़ बोले-प्रशासनिक जरूरत होने पर खोले जाते हैं तबादले तबादलों से बैन हटाने पर राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा-तबादलों को लेकर अलग-अलग विभाग सीएम से चर्चा करते हैं। विभागों को प्रशासनिक तौर पर जरूरत होती है तब तबादले खोले जाते हैं। सरकार निकाय-पंचायत चुनाव करवाने को तैयार निकाय और पंचायत चुनावों पर हाईकोर्ट के फैसले पर राज्यवर्धन ने कहा-सरकार चुनाव करवाने के लिए तैयार है। जब भी राज्य निर्वाचन आयोग तारीखों की घोषणा करेगा, हम चुनाव को तैयार हैं। इतना जरूर ध्यान रखना होगा कि इसमें किसी का प्रतिनिधित्व नहीं छूट जाए। कैबिनेट बैठक में पहुंचे मंत्रियों की तस्वीरें…
जयपुर में बदमाशों ने होटल में फायरिंग कर स्टाफ पर जानलेवा हमला किया। बाइक पर आए दो हमलवारों ने होटल स्टाफ को मारने के लिए चार राउंड फायर किए। यह वारदात गुरुवार रात करीब 10 बजे माउंट रोड स्थित होटल माउंट व्यू बीयर बार पर हुई। वहीं ब्रह्मपुरी थाना पुलिस के पीछा कर पकड़ने पर बाइक स्लीप होने से दोनों बदमाशों के पैर टूट गए। पुलिस ने इलाज के बाद शुक्रवार शाम दोनों बदमाशों गौतम सैन उर्फ गट्टू (19) निवासी गैटोर रोड ब्रह्मपुरी और रहीस (21) निवासी नाई की थड़ी जयसिंहपुरा खोर को अरेस्ट कर लिया। आरोपियों ने रिश्तेदार के साथ होटल स्टाफ के हुए विवाद पर फायरिंग करना कबूल किया। देसी कट्टे से किया था फायर डीसीपी (नॉर्थ) करन शर्मा ने बताया- मामले में आरोपी गौतम सैन और रहीस को अरेस्ट किया गया है। माउंट रोड स्थित होटल माउंट व्यू बीयर बार के स्टाफ मनोज कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि गुरुवार को वह होटल के काउंटर पर बैठे थे। रात करीब 10 बजे बाइक पर रहीस और गौतम आए। होटल के अंदर घुसकर दोनों ने देसी कट्टे से फायर किया। चार राउंड फायर करने के दौरान उसके कान के पास से गोली निकल दीवार में अलग-अलग जगह लगी। इसके बाद बाइक लेकर दोनों फरार हो गए। पुलिस ने पीछा किया तो आरोपियों की बाइक फिसली पुलिस टीम ने सूचना पर दोनों बदमाशों को पकड़ने के लिए दबिश दी। पुलिस टीम के पीछा करने के दौरान बाइक स्लीप होने पर दोनों बदमाशों के गिरने से पैर टूट गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों का हॉस्पिटल में इलाज करवाया। इसके बाद शुक्रवार शाम अरेस्ट किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रिश्तेदार पुष्पेन्द्र सिंह उर्फ जॉनी (24) निवासी खेड़ली अलवर हाल पर्वतपुरी ब्रह्मपुरी का 20 मई को बार के स्टाफ से विवाद हो गया था। बदला लेने की कहने पर उन्होंने फायरिंग की थी।
अयोध्या के मांझा बहरटा गांव में बालू खनन पट्टे पर अवैध खनन और ओवरलोडिंग के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सत्यनाम यादव के नाम आवंटित खनन पट्टे पर नियमों के विपरीत तय मानक से ज्यादा बालू का खनन, भंडारण और बिक्री की जा रही है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद खनन विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पट्टाधारक ने दो भंडारण अनुज्ञा (स्टोरेज लाइसेंस) भी ले रखी हैं, जबकि यूपी माइनर मिनरल कंसेशन रूल (UPMMCR) के तहत पट्टाधारक खुद स्टोरेज लाइसेंस लेने का पात्र नहीं होता। बताया गया कि 13 फरवरी को खनन विभाग की ओर से तीन हेक्टेयर क्षेत्र में खनन की अनुमति दी गई थी, लेकिन आरोप है कि निर्धारित सीमा से ज्यादा क्षेत्र में खनन कराया जा चुका है। तय सीमा से ज्यादा बालू डंप करने का आरोप शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, मौके पर 40 घन मीटर तक बालू डंप करने की अनुमति है, लेकिन वर्तमान में इससे कहीं ज्यादा बालू का भंडारण किया गया है। आरोप यह भी है कि डंपिंग के दौरान सुरक्षा और अन्य जरूरी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि खनन कार्य का संचालन रवी गौतम द्वारा कराया जा रहा है। आरोप है कि विभागीय मिलीभगत से अवैध खनन और ओवरलोडिंग का काम हो रहा है। हालांकि रवी गौतम ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि खनन से जुड़ी सभी शर्तों का पालन किया जा रहा है। जांच की बात कह रहा विभाग मामले को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं खनन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी। फिलहाल मामले में जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सके।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कार डिवाइडर से टकराई:उन्नाव में दो युवक गंभीर घायल, जिला अस्पताल रेफर
उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार शाम एक सड़क हादसा हो गया। देवखरी चौकी के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस दुर्घटना में कार सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ जनपद के कर्नलगंज निवासी 40 वर्षीय अमित (पुत्र राधेश्याम) और 32 वर्षीय मोहित (पुत्र सूरजपाल) लखनऊ से फर्रुखाबाद स्थित अपने घर लौट रहे थे। शाम करीब 6 बजे एक्सप्रेसवे पर देवखरी चौकी के निकट उनकी कार अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से जा टकराई, जिससे कार पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही यूपीडा टीम मौके पर पहुंची और कार में फंसे दोनों घायलों को बाहर निकाला। उन्हें तुरंत एंबुलेंस से बांगरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घटना की जानकारी फोन द्वारा घायलों के परिजनों को दे दी है। यूपीडा टीम ने क्षतिग्रस्त कार को मौके से हटवाकर एक्सप्रेसवे पर यातायात को सुचारु कर दिया है।
राजगढ़ में सरकारी बंगलों से चंदन के पेड़ चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया चंदन, पेड़ काटने के औजार और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक जब्त की गई है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1.15 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक गिरोह रात के अंधेरे में सरकारी परिसरों में घुसकर चंदन के पेड़ काटता था। सबसे पहले 5-6 मई की रात वन मंडलाधिकारी (DFO) के बंगले से चंदन का पेड़ चोरी हुआ था। इसके बाद 14-15 मई की रात रामलीला कॉलोनी स्थित जिला न्यायालय के प्रशासनिक अधिकारी शैलेंद्र जोशी के शासकीय आवास से भी चंदन का पेड़ काट लिया गया। वहीं 17 मई को एसडीएम बंगले से भी चंदन चोरी की वारदात सामने आई। लगातार हो रही घटनाओं से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। एसपी के निर्देश पर बनाई गई विशेष टीम लगातार हो रही चोरियों के बाद एसपी अमित कुमार तोलानी के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। एएसपी के.एल. बंजारे और एसडीओपी अरविंद सिंह राठौर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मंजू मखेनिया के नेतृत्व में पुलिस ने रात में निगरानी बढ़ाई। निगरानी के दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस टीम ने आरोपियों का पीछा किया और घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। तीन गिरफ्तार, दो आरोपी फरार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सरकारी परिसरों से चंदन के पेड़ काटकर सारंगपुर क्षेत्र में बेचते थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर रामलीला कॉलोनी के पीछे एक नाले और ग्राम चतरूखेड़ी में पुलिया के नीचे छिपाकर रखा गया चंदन बरामद किया। घटना में इस्तेमाल की गई हीरो HF डीलक्स बाइक भी जब्त कर ली गई है। पुलिस ने मामले में शाकिर अली, मुबारिक खां और अयान शेख को गिरफ्तार किया है। वहीं आजाद खां और बाबू खां अभी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
चंडीगढ़ में कार ने युवक को कुचला:मौके पर मौत, खंभे से टकराने पर ड्राइवर भी घायल; पुलिस जांच में जुटी
चंडीगढ़ के धनास स्थित श्रीनाथ सेल्स मार्बल मार्केट के पास शुक्रवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सड़क पार कर रहे एक युवक को तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे खंभे से जा टकराई। दुर्घटना में कार ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान कच्ची कॉलोनी धनास निवासी भिबाश कुमार के रूप में हुई है, जो मजदूरी का काम करता था। वहीं घायल ड्राइवर की पहचान पंजाब के गांव मस्तगढ़ निवासी सूरज कुमार के रूप में हुई है। युवक हवा में उछलकर दूर गिरा पुलिस को शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे कंट्रोल रूम से हादसे की सूचना मिली। इसके बाद सारंगपुर थाना पुलिस के एएसआई नसीब सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भिबाश कुमार सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान मुल्लांपुर की तरफ से आ रही तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक हवा में उछलकर काफी दूर जा गिरा। हादसे के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे खंभे से टकरा गई। टक्कर के कारण कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चालक सूरज कुमार भी घायल हो गया। घटना के बाद घायल युवक को पीसीआर वाहन की मदद से पीजीआई सेक्टर-12 ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सेक्टर-22 जा रहा था ड्राइवर पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शी पप्पू यादव निवासी धनास के बयान दर्ज किए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी चालक मुल्लांपुर की ओर से चंडीगढ़ आ रहा था और उसे सेक्टर-22 जाना था। बताया जा रहा है कि वह मोबाइल मार्केट में काम करता है। सारंगपुर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 281 और 125(ए) के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यूपी में शिक्षा मित्रों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। कई शिक्षा मित्रों ने सहायक शिक्षकों की तरह सेवा विस्तार देने की मांग शासन से की थी। इसके बाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों से सुझाव मांगे हैं। अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने 21 मई को औरैया, बस्ती, बलिया, कानपुर नगर, लखनऊ, रायबरेली, जौनपुर, गोंडा, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर समेत कई जिलों के बीएसए को पत्र भेजा है। इसमें 60 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षा मित्रों के सेवाकाल बढ़ाने पर राय मांगी गई है। यूपी में 1.43 लाख शिक्षा मित्र हैं। 1 अप्रैल से शिक्षा मित्रों का मानदेय मौजूदा सरकार ने 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपए कर दिया है। सहायक शिक्षकों की तर्ज पर मांगशिक्षा मित्रों की नियुक्ति आदेश में 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर रिटायरमेंट देने का जिक्र है। 26 शिक्षा मित्रों ने शासन को पत्र लिखा। उन्होंने तर्क दिया है कि सहायक शिक्षकों को भी पहले 60 वर्ष की आयु में रिटायर किया जाता था। शासन ने उन्हें सेवा विस्तार देते हुए अब 62 वर्ष की आयु में रिटायर करने का नियम बनाया है। शिक्षा मित्र भी सहायक शिक्षक की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में उनके रिटायरमेंट की आयु सीमा भी 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की जानी चाहिए। इन 26 शिक्षा मित्रों ने लिखा लेटरगोंडा से इमरा खातून, लखनऊ से अंजू द्विवेदी, उन्नाव से निजामुद्दीन, अंबेडकर नगर से कौशिल्या, जौनपुर से गायत्री सिंह, हाथरस से देवेंद्र कुमार, लखनऊ बीकेटी से सीमा मिश्रा ने शासन को लेटर लिखा है। इनके अलावा लखीमपुर खीरी से शारदा प्रसाद, गोंडा से रामनाथ सिंह, बदायूं से नाजिम अली, ललितपुर से शशि प्रभा, शाहजहांपुर से सुरेश चंद, कानपुर देहात से देवकी देवी, महाराजगंज से रामजतन प्रसाद, फिरोजाबाद से शांता देवी, मुरादाबाद से ईश्वर सिंह, जौनपुर से हिरावती, शिकोहाबाद से लाखन सिंह, गोंडा से उर्मिला, बदायूं से राजपाल, बस्ती से राजेंद्र, जौनपुर से राजेश कुमार, हमीरपुर से लालमन, औरैया से प्रेमवती और महाराजगंज से हरिप्रकाश शामिल हैं। इन शिक्षा मित्रों ने कहा कि उनकी तरह कई अन्य शिक्षा मित्र भी हैं, जो 60 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले हैं। जानिए यूपी की सियासत में शिक्षा मित्र कितने अहम? दरअसल, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एक शिक्षामित्र यूपी में 10 वोटरों पर असर डालता है। इस तरह 1.68 लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों से भाजपा करीब 17 लाख वोटर्स को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, भाजपा की कोशिश सरकारी स्कूलों के मर्जर पर उठ रहे सवालों की काट खोजने की है। वहीं, राजनीतिक जोखिम को भांपते हुए सपा इसके खिलाफ नैरेटिव सेट करने में जुटी है। 43 विधानसभा सीटों पर समीकरण बदलने की क्षमताशिक्षामित्र अपने परिवार और सामाजिक नेटवर्क के सहारे प्रदेश की 43 से ज्यादा सीटों पर निर्णायक असर रखते हैं। यूपी में शिक्षामित्र और अनुदेशकों की संख्या करीब 1.68 लाख है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक शिक्षामित्र अपने परिवार, रिश्तेदार और आस-पड़ोस के समेत 10 वोटर्स पर असर रखता है। इस हिसाब से शिक्षामित्र और अनुदेशकों का असर 16.80 लाख वोटर्स पर है। मतलब, हर विधानसभा सीट पर औसतन 4 हजार वोटर्स इनके प्रभाव वाले हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में करीब 43 ऐसी सीटें थी, जहां जीत-हार का मार्जिन 4 हजार से कम था। इनमें से 25 सीटों पर भाजपा, तो 18 पर सपा ने जीत दर्ज की थी। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बढ़ा हुआ मानदेय, बीमा और कैशलेश इलाज की सुविधा देकर भाजपा ने चुनाव से पहले ऐसी टक्कर वाली सीटों पर समीकरण दुरुस्त करने की कोशिश कर रही है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें- धनंजय के गढ़ में बेटा लॉन्च करने को तैयार बृजेश:पर्दे के पीछे से दो नेता कर रहे प्लानिंग; धनंजय कह चुके- मैं डरने वाला नहीं 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में अभी 8 महीने से ज्यादा का समय है। लेकिन, पूर्वांचल की सियासत में नई जंग छिड़ती दिख रही है। चर्चा है, बाहुबली नेता धनंजय सिंह के गढ़ जौनपुर में उनके विरोधी बृजेश सिंह एंट्री लेने वाले हैं। पढ़िए पूरी खबर

