हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र में 1.80 से 3.00 लाख तक आय वालों एससी बीसी परिवार के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति मिलने का रास्ता साफ कर दिया है। परिवार पहचान पत्र में अब 1.80 से तीन लाख तक आय वाले परिवारों की आय ढाई लाख रुपए मानी जाएगी। इसके लिए पात्र विद्यार्थी हर छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपना आवेदन कर सकते हैं। अधिकतर छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आय सीमा 2.50 लाख रुपए निर्धारित की गई है। ढाई लाख की आय का नहीं था प्रावधान परिवार पहचान पत्र में अब तक ढाई लाख आय का प्रावधान नहीं था। अब सरकार ने इस समस्या का समाधान करने के लिए परिवार पहचान पत्र में नया प्रावधान किया है। जिसमें 1.80 लाख से तीन लाख तक आय वाले सभी पात्र परिवारों की आय ढाई लाख रुपए मानी जाएगी। इसके लिए छात्रों के पास पहले से परिवार की आय का वैध प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। PPP आने के बाद से अटकी थी छात्रवृत्ति प्रदेश में परिवार पहचान पत्र लागू होने के बाद सरकार ने अधिकतर सरकारी योजनाएं को इससे जोड़ दिया। पीपीपी में 1.80 हजार से 3 लाख या इससे अधिक आय वाले एससी/बीसी विद्यार्थियों को सरकार की छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। जिससे पीपीपी लागू होने के कारण पिछले करीब पांच साल से हजारों एससी/बीसी छात्रों की छात्रवृत्ति अटकी हुई थी। हालांकि 1.80 लाख से कम आय वाले परिवारों के बचचों को इसका नियमित लाभ मिल रहा था। सरल पोर्टल पर ही मिलेगी सुविधा सरकार ने सरल पोर्टल पर ही आय “आय (हर-छात्रवृत्ति पोर्टल के अंतर्गत छात्रवृत्ति योजनाएँ)” श्रेणी के तहत जारी आय प्रमाण पत्र छात्रवृत्ति योजनाओं मान्य की हैं। अभी तक SARAL पोर्टल पर NSP आवेदन के लिए कोई अलग श्रेणी स्थापित नहीं की गई है। इसलिए इसी श्रेणी के अंतर्गत जारी आय प्रमाण पत्र को ही मान्य माना जाएगा। जिन विद्यार्थियों ने SARAL पोर्टल से आय प्रमाण पत्र बनवाया है, वे उसी प्रमाण पत्र का उपयोग करते हुए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) पर पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (PMS-SC एवं OBC) के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह प्रमाण पत्र NSP के माध्यम से प्रस्तुत किए गए आवेदनों के लिए पूरी तरह वैध माना जाएगा। इससे गरीब छात्रों को मिलेगा लाभ परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कॉडिनेटर सतीश खोला ने कहा कि सरकार ने अब पीपीपी में 2.50 की आय मान्य करने का प्रावधान किया है। इससे अब तक 1.80 लाख से तीन आय की आय वाले जिन परिवारों के एससी-बीसी विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित थे, उन्हें छात्रवृत्ति मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि कदम कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का मौका देने के लिए उठाया है। इससे हजारों छात्रों का फायदा होगा।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने समदड़ी-मुनाबाव रेलखंड पर एक बड़ा कार्य पूरा कर तिलवाड़ा-गोल सेक्शन में लंबे समय से लागू स्थाई स्पीड प्रतिबंध को हटा दिया है। ट्रैक में किए गए इस तकनीकी बदलाव के बाद अब इस रूट पर गाड़ियां 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगी। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि पहले इस कर्व (घुमाव) पर ट्रेनों की अधिकतम गति 95 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित थी। इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल (कर्षण) शाखा की टीम ने समन्वय स्थापित करते हुए कर्व के रि-अलाइनमेंट का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया। ट्रैक सुधार के बाद अब स्पीड लिमिट को बढ़ाकर 110 किमी प्रति घंटा कर दिया गया है। इससे इस सेक्शन में ट्रेनों का संचालन अधिक तेज, सुरक्षित और सुचारू होगा। ट्रैफिक ब्लॉक और तकनीकी कार्य की प्रक्रिया इस जटिल कार्य को अंजाम देने के लिए रविवार को दोपहर 1.35 बजे से शाम 7.05 बजे तक ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया था। ब्लॉक के दौरान रेलवे ट्रैक पर लगे चार ओवरहैड इक्विपमेंट (ओएचई) मास्ट हटाए गए और उनके फाउंडेशन को जेसीबी ब्रेकर की मदद से तोड़ा गया। इसके बाद डुओमैटिक मशीन से ट्रैक की गिट्टियों को व्यवस्थित (टैम्पिंग) कर लाइन का अलाइनमेंट सुधारा गया, जिससे ट्रैक पहले से अधिक मजबूत और संतुलित हो गया है। घुमाव कम होने से बढ़ा सुरक्षा का स्तर तकनीकी सुधार के तहत रेलवे ने कर्व नंबर-17 को 12.51 मीटर तक खिसकाया है। इस बदलाव से ट्रैक का घुमाव 3 डिग्री से घटकर 1.96 डिग्री रह गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार घुमाव कम होने से ट्रेनों के लिए इस हिस्से से गुजरना पहले के मुकाबले कहीं अधिक सुरक्षित और आसान हो गया है। ऐसे ट्रैक सुधार कार्यों से ट्रेनों की गति, सुरक्षा और समयपालन में सीधा सुधार होता है। डीआरएम ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि मंडल प्रशासन यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित रेल संचालन के लिए लगातार ट्रैक आधुनिकीकरण पर काम कर रहा है।
आईआरसीटीसी 17 से 22 अप्रैल तक जम्मू-कश्मीर की सैर कराने के लिए विशेष टूर पैकेज लेकर आया है। सोमवार को गोमतीनगर स्थित आईआरसीटीसी कार्यालय में इस टूर पैकेज को लॉन्च किया गया। मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि इस पैकेज के तहत यात्रियों को लखनऊ से श्रीनगर तक आने-जाने की व्यवस्था फ्लाइट से कराई जाएगी। यात्रा के दौरान यात्रियों के खानपान और ठहरने की व्यवस्था तीन सितारा होटल और हाउस बोट में की जाएगी, ताकि पर्यटक कश्मीर की खूबसूरती का पूरा आनंद ले सकें। कश्मीर की मशहूर जगहों का कराया जाएगा भ्रमण इस टूर पैकेज के तहत पर्यटकों को कश्मीर की कई प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर कराई जाएगी। इनमें डल झील, बर्फीले पहाड़, गोंडोला केबल कार (सीधे भुगतान के आधार पर), खिलनमर्ग, बेताब घाटी, चंदनबाड़ी, अरु घाटी, शंकराचार्य मंदिर, मुगल गार्डन, निशात बाग, चश्मेशाही, शालीमार गार्डन और हजरतबल दरगाह शामिल हैं। प्रति व्यक्ति इतना होगा पैकेज का खर्च आईआरसीटीसी के इस पैकेज में अकेले ठहरने पर प्रति व्यक्ति शुल्क 68,800 रुपये तय किया गया है। दो लोगों के एक साथ ठहरने पर प्रति व्यक्ति 52,300 रुपये और तीन लोगों के एक साथ ठहरने पर प्रति व्यक्ति 49,950 रुपये का पैकेज रखा गया है। यहां कर सकते हैं बुकिंग इस टूर पैकेज की बुकिंग गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन में आईआरसीटीसी कार्यालय से कराई जा सकती है। इसके अलावा आईआरसीटीसी की वेबसाइट irctctourism.com पर भी ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए 8287930911 और 8287930902 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 17 मार्च को उज्जैन में आयोजित विक्रम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह मे शामिल होंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम अनुसार राज्यपाल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को अन्य कार्यक्रमों में भी सम्मिलित होंगे।सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के 30 वां दीक्षांत समारोह का आयोजन मंगलवार सुबह 11 बजे होगा। विश्वविद्यालय के माधव भवन प्रशासनिक परिसर स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित होने वाले समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल मंगुभाई पटेल करेंगे। सीएम दीक्षांत समारोह के बाद शिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर के सामने त्रिवेणी विहार योजना स्थल पर 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि पूजन भी करेंगे। इस दौरान वे अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल और सीएम के साथ राज्यसभा सांसद राष्ट्रीय संत बालयोगी उमेशनाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया,सम्मानीय अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के 103 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 74 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 01 विद्यार्थी को डी-लिट की उपाधि प्रदान की जाएगी। दीक्षांत समारोह के बाद सीएम मोहन यादव उज्जैन शहर को 700 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों की सौगात देंगे। दोपहर 01 बजे से शिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर के सामने त्रिवेणी विहार योजना स्थल पर 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि पूजन करेंगे। गीता भवन का निर्माण 1 लाख वर्ग फीट पर त्रिवेणी विहार योजना में सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इस परियोजना अंतर्गत गीता भवन परिसर में आडिटोरियम 12700 वर्ग फीट, ई-लाईब्रेरी 3600 वर्ग फीट में निर्माण कार्य किया जाएगा। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा कियान्वित की जा रही नगर विकास योजनाओं एवं सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के अंतर्गत 662.46 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा।
करनाल के घरौंडा क्षेत्र में इंडो-इजराइल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र की तकनीक अब सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाई जा रही है। सरकार की योजना के तहत उत्कृष्टता केंद्र की तर्ज पर “विलेज ऑफ एक्सीलेंस” यानी उत्कृष्ट गांव का मॉडल शुरू किया गया है। इसके तहत घरौंडा के शाहजानपुर और फुरलक गांव को चुना गया है। दोनों गांवों में किसानों के खेतों पर सब्जियों की खेती नई तकनीक के साथ करवाई जा रही है और विशेषज्ञों की निगरानी में प्रयोग किए जा रहे हैं, ताकि आसपास के किसान भी आधुनिक खेती सीख सकें। दो गांवों में पांच-पांच किसानों के खेतों में लगाए गए डेमोइंडो-इजराइल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र (सीईवी) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घरौंडा के शाहजानपुर और फुरलक गांव को विलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में चयनित किया गया। दोनों गांवों में पांच-पांच किसानों को चुना गया। इन किसानों के खेतों में जो भी सब्जियां लगाई गई हैं, उन्हें उत्कृष्टता केंद्र के विशेषज्ञों की देखरेख में तैयार किया जा रहा है। खेतों में जब भी फ्रंट लाइन डेमोन्स्ट्रेशन (एफएलडी) किया जाता है, तब आसपास के लगभग 50 किसानों को भी मौके पर बुलाया जाता है। इसका उद्देश्य यह है कि दूसरे किसान भी नई तकनीक को समझें और अपने खेतों में उसे अपनाएं। जिन किसानों के खेतों में यह प्रदर्शन हो रहा है, वे खुद भी इन तकनीकों को सीखते हैं और आगे दूसरे किसानों को इसकी जानकारी देते हैं। पूरी फसल अवधि में एक्सपर्ट की रहती है निगरानीसीईवी की प्रोजेक्ट ऑफिसर डॉ. हर्षिता ने बताया कि दोनों गांवों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए चयनित किया गया है। इस दौरान किसान लगातार विशेषज्ञों के संपर्क में रहते हैं। यदि फसल में किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसका समाधान विशेषज्ञों की तरफ से ही बताया जाता है। उन्होंने बताया कि फसल की शुरुआत से लेकर कटाई तक विशेषज्ञ लगातार खेतों पर नजर रखते हैं। जब फसल पूरी तरह से तैयार होकर कटाई हो जाती है, तब किसानों से इसका रिव्यू भी लिया जाता है। साथ ही यह भी देखा जाता है कि नई तकनीक का किसानों की फसल पर कितना प्रभाव पड़ा। किसानों को मिल रहा मल्चिंग, ट्रैप और स्प्रे पंप का सहयोगविलेज ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत चयनित किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन के साथ-साथ कई जरूरी संसाधनों का सहयोग भी दिया जा रहा है। इसमें मल्चिंग शीट, कीट पकड़ने वाले ट्रैप, स्प्रे पंप और लो टनल जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इंसेक्ट ट्रैप में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट चिपक जाते हैं, जिससे फसल सुरक्षित रहती है। वहीं ज्यादा ठंड होने पर लो टनल फसल को ठंड से बचाने में मदद करती है। मल्चिंग शीट का इस्तेमाल फसल को जमीन के सीधे संपर्क से बचाने के लिए किया जाता है और इससे खेत में खरपतवार भी कम उगते हैं। विशेषज्ञ किसानों को इन सभी तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाते हैं ताकि फसल की गुणवत्ता बेहतर हो और किसानों की आय बढ़ सके। नई तकनीक से परंपरागत खेती को मिल रही मजबूतीडॉ. हर्षिता ने बताया कि जिन गांवों और किसानों को चुना गया है, वे पहले से ही सब्जियों की खेती कर रहे हैं और नई तकनीक अपनाने में रुचि रखते हैं। किसानों को किसी विशेष फसल लगाने के लिए नहीं कहा गया था। उन्होंने वही फसलें लगाई हैं जो वे पहले से उगाते आ रहे हैं। इनमें शिमला मिर्च जैसी सब्जियां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती में जब नई तकनीक का इनपुट मिलता है तो खेती ज्यादा बेहतर और लाभकारी बन जाती है। सेंटर के सभी एक्सपर्ट मिलकर कर रहे किसानों की मददघरौंडा सीईवी के हेड डीडीएच डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि विलेज ऑफ एक्सीलेंस एक बहुत ही अच्छा कंसेप्ट है। इसमें केवल एक विशेषज्ञ ही नहीं बल्कि सेंटर के सभी एक्सपर्ट मिलकर किसानों के संपर्क में रहते हैं। उन्होंने बताया कि जब भी किसान को फसल से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या आती है तो विशेषज्ञ उन्हें मार्गदर्शन देते हैं। इसके अलावा समय-समय पर खेतों का दौरा भी किया जाता है। उनका कहना है कि इस पहल से किसानों को नई तकनीकों से जुड़ने का मौका मिलेगा और वे अपने उत्पादन को बढ़ाकर बेहतर आय हासिल कर सकेंगे। वहीं जब दूसरे गांवों के किसान इन खेतों में हुए बदलाव को देखेंगे तो वे भी आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
कोलायत के मढ़ में क्ले-बजरी के 6 प्लॉट ऑक्शन किए जाएंगे जिससे खनन व्यवसाय पनपेगा और लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार को भी करोड़ों रुपए की आय होगी। वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद खनि अभियंता ने प्लॉट ऑक्शन के प्रस्ताव खान निदेशालय को भेज दिए हैं। भू वैज्ञानिकों ने कोलायत के मढ़ और डेह में क्ले, बजरी की खोज कर अभियंताओं को एरिया की जानकारी दी थी। दोनों स्थानों पर खनिज उपलब्धता से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर खनि अभियंता कार्यालय को भेज दी है जिसके आधार पर प्लॉटिंग की गई। एमई ने पटवारी से जमीन की जानकारी लेकर डिमार्केशन कराया और डेह में 12 और मढ़ में 6 प्लॉट तय किए। डेह के 12 प्लॉट की रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेज दी गई थी। मढ़ के लिए वन विभाग से एनओसी मिलने का इंतजार था। अब वन विभाग की एनओसी मिल गई है और सभी औपचारिकताएं पूरी कर खान निदेशालय को प्लॉट ऑक्शन करने के प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। सभी प्लॉट्स 4 हेक्टेयर के सरकारी भूमि पर हैं। अब निदेशालय स्तर पर प्लॉट ऑक्शन किए जाएंगे। इससे खनन व्यवसाय पनपेगा और लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार को भी करीब 10 करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद है। “मढ़ में क्ले-बजरी के 6 प्लॉट ऑक्शन करने के प्रस्ताव निदेशालय को भेज दिए हैं। निदेशालय स्तर पर ऑक्शन की कार्रवाई की जाएगी। - एमपी पुरोहित, खनि अभियंता
चंडीगढ़ सेक्टर-36ए के 67 वर्षीय निवासी ने प्रॉपर्टी विवाद में हुई हिंसक घुसपैठ के मामले में पुलिस पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत चंडीगढ़ पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी (PCA) में दे दी है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सेक्टर-36 पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने आरोपियों को बचाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया, सबूतों से छेड़छाड़ की और मामले की जांच को कमजोर किया। अदालत में इस केस की सुनवाई 21 अप्रैल 2026 को होगी। शिकायतकर्ता स्वर्णजीत सिंह सराओं ने बताया कि उन्होंने और उनके परिवार ने 25 जुलाई से 9 अगस्त 2024 के बीच कई बार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर चेतावनी दी थी कि कुछ लोग उनकी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर सकते हैं और परिवार को खतरा है। इसके बावजूद पुलिस ने कोई रोकथाम कार्रवाई नहीं की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मामले में गिरफ्तार एक आरोपी को बिना गैर-जमानती वारंट जारी किए और बिना अन्य कानूनी कार्रवाई किए यूनाइटेड किंगडम जाने दिया गया। गेट फांदकर घर में घुसे, मारपीट का आरोप शिकायत के अनुसार 28 अगस्त 2024 को कुछ लोग गेट फांदकर और ताले तोड़कर उनके घर में घुस आए। आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और उनकी बेटी को हथौड़े से धमकाया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पीसीआर टीम को स्थिति संभालने के लिए अपने हथियार तक निकालने पड़े। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस के सामने घटना होने के बावजूद उस समय कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बजाय सब-इंस्पेक्टर यशपाल कुंडू ने डीडीआर नंबर 48 में इसे सामान्य झगड़ा बताकर कलंद्रा दर्ज कर दिया। 3 हफ्ते बाद दर्ज हुई एफआईआर शिकायत में कहा गया है कि घटना के करीब 3 सप्ताह बाद 13 सितंबर 2024 को लगातार शिकायतें करने के बाद एफआईआर दर्ज की गई। हरलीन कौर, पिता मनजीत सिंह, निवासी सेक्टर-36ए, चंडीगढ़ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में हरलीन कौर सहित अन्य आरोपियों का भी जिक्र है। पुलिस ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं 329(4), 115(2), 351(2) और 351(3) के तहत दर्ज किया है। यह एफआईआर 13 सितंबर 2024 को थाना सेक्टर-36, चंडीगढ़ में दर्ज की गई। पुलिस जांच में लापरवाही के आरोप शिकायतकर्ता ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हमले और धमकी से जुड़े करीब 40 फोटो सबूत होने के बावजूद उन्हें केस रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया। इसके अलावा चार्जशीट में कई अहम गवाहों को भी शामिल नहीं किया गया, जिनमें वह पीसीआर अधिकारी भी शामिल है जिसने मौके पर हथियार निकाला था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी का बयान दर्ज किए बिना ही उसके नाम से बयान रिकॉर्ड में डाल दिया गया, जबकि उनका अपना विस्तृत बयान छोटा करके कई आरोपों को हटा दिया गया। स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग शिकायतकर्ता ने मांग की है कि मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच या एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही फरार आरोपी को गिरफ्तार करने, हमले में इस्तेमाल हथियार बरामद करने और ट्रायल कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए जाएं।
रोज़ा इफ्तार का आयोजन, भाईचारे का दिया संदेश
ग्राम पंचायत बरखेड़ा जागीर में रोज़ा इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में रोज़ा खोलने के लिए खजूर, फल सहित अन्य व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी। इफ्तार के समय सभी लोगों ने एक साथ रोज़ा खोला और आपसी भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। इस अवसर पर गांव के युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और आपसी प्रेम को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम के अंत में देश और समाज में शांति, अमन और खुशहाली के लिए दुआ की गई। इस अवसर पर टेंट वाले नवाब भाई, राशिद भाई, ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि तूफान सिंह अहिरवार, राजेश राजपूत, केसरी सिंह राजपूत, जगमोहन शर्मा, गोलू पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
मंडी प्रांगण में निशुल्क शिविर का आयोजन
अहमदपुर कस्बा| सोमवार को अहमदपुर कस्बा मंडी प्रांगण बाजार में बालाजी हॉस्पिटल विदिशा द्वारा फ्री निशुल्क बीपी, शुगर की जांच की गई अन्य बीमारियों का निशुल्क शिविर लगाया गया। इस दौरान ग्राम वासियों को फ्री निशुल्क परामर्श व दवाइयां वितरित की गईं। हॉस्पिटल के संचालक डां योगेश श्रीवास्तव ने बताया कि यह शिविर 12 बजे से 4 बजे तक लगाया गया। शिविर में आसपास के करीब 160 ग्रामीण जांच कराने पहुंचे।
भाजपा मंडल पथरिया का प्रशिक्षण वर्ग शुरू
भारतीय जनता पार्टी पथरिया मंडल का पंडित दीनदयाल उपाध्याय दो दिवसीय प्रशिक्षण महा अभियान का सोमवार को शाम 4 बजे शुभारंभ हुआ। जिसमें मंडल के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित हुए। प्रथम सत्र का शुभारंभ भारत माता ,पंडित दीनदयाल उपाध्याय,श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प माला अर्पण कर शुभारंभ किया प्रथम सत्र के वक्ता के रूप में पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश सोनी ने कार्यकर्ताओं को वैचारिक अनुष्ठान विषय पर अपने विचार रखे अध्यक्षा भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता अवतार सिंह रघुवंशी ने की ।
श्रीज्ञान यज्ञ कथा के लिए विदिशा में निकाली कलश यात्रा का स्वागत
विदिशा| श्रीज्ञान यज्ञ कथा के लिए शहर में सोमवार को धूमधाम से कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा पूरनपुरा चौराहा स्थित मंशापूर्ण श्री परमवीर हनुमान मंदिर से दोपहर 1 बजे शुरू हुई। महिलाएं सिर पर कलश लेकर चलीं। मंगल गीत गाए। मुख्य यजमान संजय प्रजापति जगद्गुरु नरेंद्राचार्य महाराज की चरण पादुकाएं सिर पर रखकर चले। पुरुष हाथों में ध्वज लेकर चले। जय श्रीराम के नारे लगाए। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, बच्चे शामिल हुए। यात्रा कथा स्थल मेवाराम प्रसाद मैरिज गार्डन पहुंची। श्रद्धालुओं ने उत्साह से स्वागत किया। कथा स्थल पर मुख्य यजमान संजय प्रजापति, प्रशांत खत्री, आशीष राजपूत ने सपत्नीक जगद्गुरु नरेंद्राचार्य महाराज की चरण पादुकाओं का पंडितों के सान्निध्य में विधिवत पूजन किया। इसके बाद महाआरती हुई। कथा में प्रवचनकर्ता भूषण रोहित मोडे ने कहा, मनुष्य का जीवन अन्य प्राणियों और जानवरों से श्रेष्ठ है। फिर भी मनुष्य दुखों को लेकर रोता रहता है। दुख के लिए लोगों, नौकरी, समाज को दोषी ठहराता है। मनुष्य जीवन का मुख्य उद्देश्य स्वयं पर ध्यान देना है। मनुष्य खुद को छोड़कर दूसरों के जीवन पर ध्यान दे रहा है। यही दुख का सबसे बड़ा कारण है।
बिजली चोरी रोकने गई टीम की सीढ़ी फेंकी, अधिकारी का कॉलर पकड़ा
भास्कर संवाददाता|विदिशा शहर के वार्ड नंबर 39 टीलाखेड़ी नई बस्ती में बिजली बिल वसूली और बिजली चोरी की जांच करने पहुंची बिजली कंपनी की टीम के साथ बदसलूकी हुई। मारपीट का प्रयास हुआ। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया। दोनों को सिविल लाइन थाने ले जाया गया। बिजली कंपनी के जोन-2 के एई शरद महोबिया ने बताया कि विभागीय टीम बकाया बिलों की वसूली और भौतिक सत्यापन के लिए क्षेत्र में पहुंची थी। टीलाखेड़ी नई बस्ती में रानी बाई के नाम पर करीब 68 हजार रुपए का बिजली बिल बकाया है। रानी बाई के पति का नाम अजब सिंह है। बकाया के कारण उनके घर की बिजली लाइन लगभग दो साल पहले काट दी गई थी। इसके बाद भी परिवार द्वारा चोरी से बिजली उपयोग की शिकायत मिल रही थी। मौके पर डीई अरविंद वर्मा भी मौजूद थे। 2 भाइयों ने कुल्हाड़ी से धमकाया, अभद्रता की रानी बाई के बेटे वकील पाल और यशपाल कुल्हाड़ी लेकर अधिकारियों को धमकाने लगे। आरोप है कि दोनों युवकों ने कर्मचारियों की लगाई सीढ़ी फेंक दी। एक अधिकारी का कॉलर पकड़ लिया। घर से कुल्हाड़ी निकाल कर्मचारियों को धमकाया। मारपीट का प्रयास किया। अधिकारियों ने तुरंत सीएसपी अतुल सिंह को फोन पर जानकारी दी। पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लिया। थाने में दोनों भाइयों ने माफी मांगी। कुछ दिनों में बकाया बिल जमा करने का आश्वासन दिया। मामले में थाने में शिकायत की गई। दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। बिजली कंपनी को शहर के जोन-1 से 25 करोड़ रुपए की वसूली करनी है। जोन-2 से 13.50 करोड़ रुपए की वसूली करनी है। 25 हजार से अधिक बकाया वालों के घर पहुंचकर कार्रवाई हो रही है।
बिना डायवर्सन चल रहा था पार्षद का मैरिज गार्डन, यादव गार्डन सील
भास्कर संवाददाता | विदिशा मार्च में राजस्व विभाग ने बकाया वसूली का अभियान तेज कर दिया है। बिना डायवर्सन शुल्क चुकाए संचालित हो रहे मैरिज गार्डन वालों को टारगेट किया जा रहा है। सोमवार को तहसीलदार प्रीती पंथी, नायब तहसीलदार निधि पटेल सहित राजस्व विभाग की टीम ने रामलीला मैदान से पुरानी मंडी बरईपुरा जाने वाले रोड पर संचालित मैरिज गार्डन पर कार्रवाई की। यहां बिना डायवर्सन शुल्क दिए चल रहे भाजपा पार्षद कपिल साहू के मैरिज गार्डन पर करीब एक लाख रुपए बकाया का नोटिस जारी किया गया। गार्डन को सील करने से पहले ही गार्डन संचालक ने प्रशासन से मोहलत ली। बकाया राशि जल्द जमा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद उनका गार्डन सील होने से बच गया। वहीं यादव मैरिज गार्डन को 72 हजार रुपए टैक्स बकाया होने पर सील कर दिया गया। 38 लाख का टैक्स वसूलना है राजस्व विभाग को रामलीला मैदान के पीछे स्थित यादव मैरिज गार्डन को डायवर्सन शुल्क बकाया होने पर सील कर दिया गया। यह गार्डन 8 वर्षों से बिना डायवर्सन के संचालित हो रहा था। यह शासन के नियमों का उल्लंघन कर रहा था। तहसीलदार निधि पटेल ने बताया कि विदिशा तहसील में लगभग 38 लाख रुपए की राजस्व वसूली लंबित है।
इलाज में लापरवाही से महिला की मौत मामले में तीन डॉक्टरों पर केस
इलाज में लापरवाही के चलते महिला की मौत के मामले में कोतवाली पुलिस ने 3 डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अब इस मामले में परिजनों के बयान दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज ने बताया कि जनवरी 2025 में ज्योति रघुवंशी नामक महिला संतानहीनता का इलाज कराने वर्मा हॉस्पिटल पहुंची थी। यहां इलाज में लापरवाही के चलते महिला की मौत हो गई थी। मौत से गुस्साए परिजनों ने सांची रोड पर वर्मा हॉस्पिटल के सामने चक्काजाम कर दिया था। तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. योगेश तिवारी ने वर्मा हॉस्पिटल को कुछ दिनों के लिए सील भी कर दिया था। इसके बाद इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच हुई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने 25 फरवरी को सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा की पत्नी और वर्मा हॉस्पिटल की संचालक डॉ. विधि वर्मा, जिला अस्पताल के गायनी डॉ. शरद कुशवाह और एनेस्थीसिया देने वाले डॉ. अंकित श्रीवास्तव के खिलाफ इलाज में लापरवाही की धारा 106/1 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
प्रदेश में सड़क हादसों को रोकने के लिए पहली बार आईजी-एसपी से लेकर पुलिस थानों के एसएचओ तक की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। पूरे साल का टारगेट तय किया गया है। इसके तहत पहले तीन माह में सड़क हादसों में 2 प्रतिशत, छह माह में 5 प्रतिशत और साल के अंत तक 10 प्रतिशत मौतों को कम किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों में एक्शन प्लान बनेगा। सड़क हादसों में मौत के मामले में राजस्थान देश में छठे स्थान पर है। इनमें राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर 60% से अधिक मौतें होती हैं। प्रदेश में तीन सालों में 35621 लोग जान गंवा चुके हैं। सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की दर हत्या, आत्महत्या और अन्य अस्वाभाविक मौतों से ज्यादा है। मरने वालों में ज्यादातर युवा और सक्रिय लोग हैं। पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीरता से लिया है। सड़क हादसों में मौतों को रोकने के लिए सालभर का टारगेट तय कर दिया गया है। इसके लिए प्रत्येक जिले में एक्शन प्लान बनाकर काम किया जाएगा। आईजी, एसपी, एएसपी, डीवाईएसपी, एसएचओ और ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। पुलिस मुख्यालय ने दुर्घटना होने पर एक घंटे में घायलों को अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वालों को 25,000 रुपए प्रोत्साहन राशि दिए जाने की जानकारी का भी प्रचार-प्रसार कर आमजन तक पहुंचाने के लिए कहा है। गुड सेमिरिटन योजना में यह प्रोत्साहन राशि दी जाती है। प्रदेश में तीन सालों के दौरान सड़क दुर्घटनाएं और उनमें मौतें वर्ष 2023 - राजस्थान में कुल 24,705 (लगभग 24,614) सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में 11,762 लोगों की मौत हुई। हादसों में जान गंवाने वालों में 24% युवा (18-25 वर्ष) शामिल थे। वर्ष 2024 - राज्य में सड़क हादसों का ग्राफ बढ़कर 24838 पहुंच गया। इनमें 11,790 लोगों की मौतें हुईं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर 4,168 मौतें दर्ज की गईं, जो कुल मौतों का एक बड़ा हिस्सा है। वर्ष 2025 - दुर्घटनाओं की कुल संख्या में थोड़ी कमी आई, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ गया। वर्ष-25 में 23,820 दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 12,069 लोगों की मौत हुई, जो वर्ष-24 की तुलना में लगभग 2.61% अधिक है। अधिकारियों को करने होंगे ये काम आईजी - हादसों का ऑडिट और रेंज रोड सेफ्टी प्लान, बॉर्डर चेकिंग, हाईवे पेट्रोलिंग विंग, आधुनिक उपकरणों की आपूर्ति, ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर, पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण, गोल्डन ऑवर रिस्पांस मॉनिटरिंग एसपी - जिला सड़क सुरक्षा कार्ययोजना, एक्सीडेंट डेटा का विश्लेषण और जीरो टॉलरेंस नीति, कलेक्टर के साथ समन्वय, ब्लैक स्पॉट में सुधार, स्मार्ट चालान प्रणाली, इमरजेंसी रिस्पांस, स्पेशल ट्रेनिंग, पुलिस थानों के एसएचओ की जवाबदेही, हेलमेट-सील्टबेल्ट कैंपेन एएसपी - साप्ताहिक समीक्षा और संसाधनों का वितरण, ब्लैक स्पॉट सुधार की निगरानी के लिए संयुक्त निरीक्षण, हाईवे सुरक्षा और रिफ्लेक्टर अभियान, सीसीटीवी और स्मार्ट टीवी प्रोजेक्ट, डेटा एनालिसिस, एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर लेन सिस्टम का पालन डीवाईएसपी - सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण और इंटेलीजेंट डिप्लॉयमेंट, रोड सेफ्टी कमेटी और इंजीनियरिंग रिपोर्ट, आकस्मिक चेकिंग, लक्ष्य निर्धारण, भ्रष्टाचार पर रोक, जन-जागरुकता कार्यक्रम, गोल्डन ऑवर मैनेजमेंट व ट्रोमा सेंटर कनेक्टिविटी, ई-चालान का अधिकतम प्रयोग और राशि में वृद्वि एसएचओ - रात के समय और खासकर वीकेंड पर ब्रेथ एनालाइजर के साथ तय प्वाइंट पर चेकिंग। लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन विभाग को भेजना, इंटरसेप्टर और स्पीड राडार गन से ओवर स्पीड वाहन चालकों पर कार्यवाही, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चालकों पर कार्यवाही, बिना सीट बेल्ट लगाए फोर व्हीलर चलाने वालों पर कार्यवाही, सड़कों के किनारे अवैध या नो-पार्किंग जोन में भारी वाहन खड़े करने वालों पर कार्यवाही, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वालों पर कार्यवाही, प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण हटाना और 60 पुलिस एक्ट में कार्यवाही, 3 सालों के रिकॉर्ड के मुताबिक ब्लैक स्पॉट चिह्नित करना, रोड इंजीनियरिंग में सुधार, थाने के पुलिसकर्मियों और सड़क किनारे स्थित ढाबों व दुकानदारों को फ़र्स्ट एड की ट्रेनिंग, एंबुलेंस व क्रेन वाहनों की उपलब्धता ट्रैफिक पुलिस - आईटीएमएस कैमरों के जरिए रेड लाइट जंप करने, ओवर स्पीड व नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ई-चालान, राष्ट्रीय व राज्यीय मार्गों पर इंटरसेप्टर से चेकिंग, बॉडी वार्न कैमरे से चेकिंग, नशे में और रॉन्ग साइड या तेज ड्राइविंग पर कार्यवाही, अत्यधिक दुर्घटना क्षेत्र चिह्नित करना, पीडब्ल्यूडी-एनएचएआई से सड़कों पर लाइनिंग, डिवाइडर और फुटपाथ की मरम्मत करवाना। “सड़क हादसे रोकना, मौतें कम करना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार और पुलिस मुख्यालय के भी दिशा-निर्देश हैं। इसके लिए चारों जिलों की पुलिस को खास तौर पर हाईवे पर अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। तेज गति और नशा करके वाहन चलाने वालों को पकड़ना जरूरी है। बड़े हादसे रोकने के लिए इस पर काम करेंगे।”- ओमप्रकाश, आईजी रेंज
पंजाबी सिंगर बब्बू मान गन कल्चर व हथियारों को प्रमोट करने वाले कई गीत गा चुके हैं। हालांकि अब वो ऐसे गीतों को गाने से परहेज करते हैं। बब्बू मान तो अब युवाओं को हथियारों से दूर देने के लिए प्रेरित करने लगे हैं। हाल ही में उन्होंने मलेरकोटला के लाइव शो में युवाओं को यहां तक कह दिया कि हथियार-परचे गानों में ही अच्छे लगते हैं, जेल में कोई अचार भी नहीं देता। पंजाब पुलिस ने इस क्लिप को अपने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड करके बब्बू मान को ब्रांड एंबेस्डर के तौर पर पेश किया है। पुलिस ने मान को एक 'पॉजिटिव इन्फ्लुएंसर' और ब्रांड एंबेसडर के तौर पर पेश करते हुए युवाओं को गन कल्चर से दूर रहने का संदेश दिया है। पुलिस का मकसद युवाओं को यह समझाना है कि अपराध की राह पर चलने का अंजाम सिर्फ बर्बादी है। एंटी गन कल्चर मुहिम को किया प्रमोट बब्बू मान ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ताकत को शिक्षा और रचनात्मक कार्यों की ओर मोड़ें। उन्होंने कहा कि असली बहादुरी समाज के लिए एक मिसाल बनने में है, न कि अपराध की दुनिया में नाम कमाने में। पंजाब पुलिस ने इस क्लिप के जरिए 'एंटी-गन कल्चर' मुहिम को प्रमोट करने की कोशिश की है, ताकि राज्य के युवा अपराध की चमक-धमक से प्रभावित होकर अपना भविष्य न बिगाड़ें। पुलिस ने सोशल मीडिया पर लिखी ये 2 अहम बातें… असल जिंदगी में हथियारों व परचों से दूर रहें: पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस क्लिप के साथ लिखा है कि एक पंजाबी गायक ने पंजाब की युवाओं को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि हथियारों और केस-मुकदमों (परचों) वाली बातें गानों में ही अच्छी लगती हैं, लेकिन इन्हें असल जिंदगी में नहीं अपनाना चाहिए। अपनी ऊर्जा को पॉजिटिव फील्ड में लगाएं: पुलिस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि बब्बू मान ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल और अच्छे कार्यों में लगाएं। युवा समाज के लिए एक सकारात्मक मिसाल बनें। बब्बू मान की वीडियो में कही गई बातें सिलसिलेवार जानिए... अच्छी किताबें पढ़ो, अच्छी बातें करो: पंजाबी सिंगर ने मलेरकोटला में एक लाइव शो में यूथ से कहा कि अच्छी किताबें पढ़ो और अच्छी बातें करें। गलत रास्ते पर न जाएं उससे कुछ हासिल नहीं होता। असले वाले गीत सुन के यहीं छोड़ दिया करें: बब्बू मान ने कहा कि असले वाले गीत सुन के यहीं छोड़ दिया करो। ये बातें तो सिर्फ गानों में ही अच्छी लगती हैं। इसे अपने दिल व दिमाम में में न उतारें और उस रास्ते पर न चलें। पर्चा होने पर बाप भी नहीं बुलाता: बब्बू मान ने शो के दौरान कहा कि जब पर्चा हो जाता है तो न घर में बाप बुलाता है और न ही पड़ोसी बात करता है। जेल होने पर अपने ही दूर हो जाते हैं और कोई सही तरीके से मिलता तक नहीं है। जेल में कोई अचार देने नहीं आता: बब्बू मान ने कहा कि पर्चे होने के बाद जेल होती है। जेल में कोई पंजीरी देने नहीं आता है। किसी को फोन करोगे कि भाई जरा अचार भेजे देते। उसके बाद दो ताने सुनने को मिलेंगे और कोई जेल में अचार देने नहीं आएगा। अपनों के लिए लड़ना सीखो: बब्बू मान ने वीडियो के अंत में कहा कि अपने लिए लड़ोगे तो तुम्हें तुम्हारा गांव ही जानेगा या तुम्हारा अहम जानेगा। अपनों के लिए लड़ोगे तो दुनिया जानेगी, सम्मान करेगी और सतकार देगी। अच्छे कर्म करो। गन कल्चर को लेकर पंजाब पुलिस की लेटेस्ट गाइडलाइंस …. हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन बैन: सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि), शादी-समारोहों, धार्मिक स्थलों या किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह वर्जित है। गानों में हिंसा पर रोक: ऐसे गाने जो हथियारों, हिंसा या गैंगस्टर कल्चर का ग्लोरिफाई करते हैं, उन पर सख्त पाबंदी है। गायक और प्रमोटर दोनों पर कार्रवाई हो सकती है। हथियारों के लाइसेंस की समीक्षा: राज्य में जारी सभी पुराने लाइसेंसों की समीक्षा की जा रही है। बिना ठोस कारण के हथियार रखना अब मुश्किल होगा। सोशल मीडिया पर नजर: पुलिस का साइबर सेल व सोशल मीडिया सेल समय-समय पर संदिग्ध लोगों के सोशल मीडिया प्रोफाइल चेक करते रहेंगे। जहां भी गन कल्चर को प्रमोट किया जा रहा हो उस पर कार्रवाई की जाती है। हाल ही में कुछ ऐसे मामले दर्ज भी हुए हैं। गन कल्चर प्रमोट करने पर कानूनी कार्रवाई और सजा BNS की धारा 223 के तहत एफआईआर: अगर कोई व्यक्ति गन कल्चर को प्रमोट करता है या हथियारों का प्रदर्शन करता है, तो उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 व सरकारी आदेश की अवहेलना करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इन धाराओं के तहत 1 से 6 महीने तक की सजा या जुर्माना हो सकता है। आर्म्स एक्ट की धारा 29 और 30: लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने पर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 29 व 30 के तहत पर्चा दर्ज किया जाता है। इसमें 6 महीने से 2 साल तक की जेल और भारी जुर्माना लग सकता है। साथ ही लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है। बब्बू मान के वे गीत जिनमें हथियारों का जिक्र रहा कब्जा : जमीनें जट्ट ना डाहंदे, वेख ले कर के कब्जा पांव बिंदी: पांव बिंदी तां चलदी ऐ, जदों जट्ट चोबरे चढ़दा पिस्टल: पिस्टल तां शौकीन ना, ओथे गबरू तंग नहीं करदे मिट्टी: मिट्टी दी बू आए, ओही रूह पंजाब दी दुश्मनी: दुश्मनी गबरूआं, ऐवें नहीं कट्टी जंदी
मैंने आर्मी में रहकर 21 साल देश की सेवा की। बॉर्डर पर भी तैनात रहा। दुश्मनों के सामने कभी भी पीछे नहीं हटा। कश्मीर और बर्फ में भी पैर नहीं डिगे। जवान का अपना सम्मान होता है। मैं बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। छुट्टी मांगी तो छुट्टी के दिन भी कॉल करके मुझे डांटा। उम्र में 14 साल छोटा बैंक मैनेजर तू-तड़ाक से बोले ये मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ। यह कहना है गाजियाबाद में पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजर अभिषेक शर्मा (34 साल) की हत्या करने वाले रविंद्र हुड्डा (48) का। रविंद्र जाट बिरादरी से है। 2018 में सेना से वीआरएस लिया था। रविंद्र ने कहा- बैंक मैनेजर का व्यवहार ठीक नहीं था, हमेशा डांटते थे। महिला कर्मचारी के सामने भी मुझे तेज आवाज में बुलाया जाता था। पढ़िए गार्ड ने पुलिस पूछताछ में क्या बताया… पहले पूरा घटनाक्रम जानिए…मैनेजर के सीने में मारी गोली गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में बलराम नगर में पंजाब एंड सिंध बैंक है। यहां बिहार के पटना के लखीपुर निवासी अभिषेक शर्मा (34 साल) बैंक के मैनेजर थे। अगस्त 2025 से वह इस शाखा में तैनात थे। सोमवार को करीब 1.45 बजे बैंक के गार्ड रविंद्र हुड्डा ने लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से मैनेजर के सीने में गोली मार दी। गोली की आवाज सुन बैंक में अफरा-तफरी मच गई। खून से लथपथ मैनेजर अभिषेक को बैंक कर्मचारी जीटीबी दिल्ली ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सीसीटीवी में आरोपी का बंदूक लिए बैंक से निकलते हुए वीडियो सामने आया है। पुलिस ने गार्ड रविंद्र और उसके नौकर शीशपाल को अरेस्ट कर लिया है। बंदूक बरामद कर ली है। रविंद्र बागपत के मंसूरपुर का रहने वाला है। गार्ड ने कहा-मैंनेजर ने मुझे कॉल करके धमकाया पुलिस जांच और बैंक के कर्मचारियों से पूछताछ में सामने आया है कि सोमवार को 9 बजकर 58 मिनट पर बैंक खोला गया, लेकिन उस समय तक गार्ड नहीं आया। मैनेजर अभिषेक शर्मा ठीक 10 बजे बैंक पहुंचे और अपने केबिन में काम करने लगे। 10 बजकर 10 मिनट पर बैंक मैनेजर ने गार्ड रविंद्र हुड्डा को कॉल की, लेकिन फोन नहीं उठा। एक मिनट बाद यानी 10 बजकर 10 मिनट पर दूसरी कॉल की। पैसा बढ़ाने की बात सिक्योरिटी कंपनी में करिएहत्यारोपी गार्ड रविंद्र ने पूछताछ में बताया- बैंक मैनेजर ने मुझे कॉल करके कहा- बैंक नहीं आया क्या? मैंने कहा, साहब शनिवार को मैं बताकर गया था कि सोमवार को मुझे छुट्टी चाहिए। इस पर मुझसे कहा कि पूरे महीने में 20 दिन छुट्टी चाहिए। महीने में जितने दिन भी बैंक खुलेगा उतने दिन आना होगा। मुझसे छुट्टी से कोई मतलब नहीं। बैंक मैनेजर मुझे तेज आवाज में तू तड़ाक से बोलने लगे। कहा काम नहीं करना तो मना कर दीजिए, लेकिन यह हरकत रोज रोज बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गार्ड ने आगे कहा कि साहब मेरी सैलरी भी कम है, मैं बागपत से रोज आता हूं, बैंक मैनेजर ने कहा कि बैंक आइए और यहां ड्यूटी करिए। पैसे बढ़ाने की बात अपनी सिक्योरिटी कंपनी में करिए। ‘मैं सारे दिन हुक्म नहीं सुन सकता था’रविंद्र ने कहा- मेरी उम्र 48 साल है। 2018 में मैं आर्मी से पेंशन पर आया। 21 साल मैंने देश की सेवा की है। मुझे कभी गार्ड साहब नहीं बोला जाता था। कहा जाता था कि ए.. रविंदर जरा इधर सुन। मैं गार्ड था तो सुरक्षा संभालता था। मैंने फरवरी के आखिरी सप्ताह में कहा कि साहब 17 हजार रुपए मेरे कम हैं, मेरे कुछ पैसे बढ़वा दो। इस पर मैनेजर ने कहा था कि सिक्योरिटी कंपनी में बात करना। हम थोड़ी सैलरी बढ़ाएंगे। …आज इसकी धमकी निकाल दी जाएगीरविंद्र ने पुलिस को बताया कि सोमवार को मुझे कॉल करके जो फटकार लगाई और कहा कि बैंक आकर ड्यूटी कर, यहीं से मेरा मूड बदल गया। मैंने अपने नौकर शीशपाल को साथ लिया और कहा कि बैंक में काम से चलना है। छुट्टी मांगी तो दी नहीं, ऊपर से बैंक मैनेजर धमका रहा है, आज इसकी धमकी निकाल दी जाएगी। हाफ पैंट टीशर्ट में बैंक पहुंचा गार्डबैंक कर्मचारियों ने बताया कि सोमवार दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर गार्ड बैंक की शाखा में दाखिल हुआ। वह हाफ पैंट और टी-शर्ट पहने हुए था। बैंक में पहुंचते ही मैनेजर ने कहा कि ड्रेस कहां है, यह क्या तरीका है, बैंक आने का? फिर कुछ मिनट तक बहस हुई। रविंद्र हुड्डा ने कहा- मैं ऊंची आवाज नहीं सुन सकता। मैंनेजर ने कहा कि ठीक है बाहर जाइए। इस पर गार्ड ने बैंक में रखी अपनी लाइसेंसी बंदूक उठाई और कहासुनी के बीच सीधे मैनेजर के सीने में गोली मार दी। मैनेजर गोली लगते ही खून से लथपथ हालत में चेयर पर गिर गए। उस समय गार्ड रविंद्र हुड्डा का साथी शीशपाल गेट पर खड़ा था। पुलिस ने अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर अपने कब्जे में ले ली। 12 बजकर 55 मिनट पर गार्ड बाहर निकला। शराब पीने का आदी है गार्डबैंक के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि गार्ड रविंद्र शराब पीने का आदी था। कई बार वह सुबह के समय लेट आता, तो छुट्टी भी ज्यादा लेता था। बैंक में एक ही गार्ड था। जिस दिन नहीं आता, तो बैंक मैनेजर कॉल करते थे। एक कर्मचारी ने बताया कि मैनेजर का व्यवहार हम सभी कर्मचारियों के प्रति ठीक रहता था, लेकिन गार्ड गलत समझता था। छुट्टी और सैलरी को लेकर ही गार्ड ने हत्या की है। गार्ड रविंद्र अपने गांव में खेती करता था, इससे पहले एक सिक्योरिटी कंपनी में बागपत में भी नौकरी कर चुका है। दिन में भी कई बार शराब पीकर गांव में घूमता था। गांव में रविंद्र का दो मंजिला आलीशान घर है, आर्मी से पेंशन आती है। कई बार वह कहता था कि शराब हमें मिलती है, तो पीते हैं। गांव में भी कई बार शराब पीकर झगड़ा कर चुका है। पता नहीं था कि मैनेजर पर फायर कर देगाघटना की जानकारी होने पर साहिबाबाद शाखा के मैनेजर दिनेश भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि बैंक मैनेजर अभिषेक शर्मा ने गार्ड को कॉल करके यह कहा था कि बैंक क्यों नहीं आए। इसके आगे की जानकारी नहीं है। बैंक में कैश काउंटर पर कैशियर ने पुलिस को बताया कि हमें बिल्कुल भी संदेह नहीं था कि यह गोली चला देगा। मैंनेजर से कहासुनी हुई तो बैंक के अंदर से बंदूक लाया और फायर कर दिया। जिसे बैंक की सुरक्षा के लिए रखा गया, वही कातिल बन गया। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… गाजियाबाद में छुट्टी नहीं देने पर बैंक मैनेजर की हत्या:ऑफिस के अंदर गार्ड ने सीने में गोली मारी, राइफल लेकर भागा गाजियाबाद में पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजर अभिषेक शर्मा (34 साल) की गार्ड ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह बिहार के रहने वाले थे। गार्ड रवींद्र कई दिनों से मैनेजर अभिषेक से छुट्टी मांग रहा था। सोमवार दोपहर करीब 1:45 बजे वह मैनेजर के पास पहुंचा। जहां छुट्टी को लेकर अभिषेक शर्मा से उसका विवाद हो गया। इसी बीच रवींद्र ने बंदूक से उनकी छाती पर गोली मार दी। अभिषेक लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गए। पढ़ें पूरी खबर
ग्वालियर नगर निगम ने दिल्ली की कंपनी को दी जिम्मेदारी शहर में केदारपुर लैंडफिल साइट पर लगे कचरे के पहाड़ों को खत्म करने के लिए नगर निगम 1200 टन (टीपीडी) क्षमता का फ्रेश सॉलेट वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट लगाने जा रहा है। लैंडफिल साइट पर अत्याधुनिक मशीन को लगाने और संचालन की जिम्मेदारी नई दिल्ली की एपेक्स अर्बन रिसोर्स मैनेजमेंट कंपनी को दी है। ये कंपनी इटली की एक कंपनी से भागीदारी कर 1200 टन (टीपीडी) की मशीन इटली से मंगाकर लगाएगी। 10 साल तक कंपनी संधारण और संचालन का खुद काम करेगी। बिजली का कनेक्शन नगर निगम कराकर देगा, फिर बिजली का बिल इस कंपनी को ही चुकता करना होगा। अभी नगर निगम की लैंडफिल साइट पर सिर्फ 100 टन टीपीडी क्षमता का प्लांट है। मूसीबत यह है कि यह प्लांट अधिकांश समय बंद ही रहता है। इसके कारण ही लैंडफिल साइट पर कचरे के पहाड़ दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं। इससे निजात दिलाने के लिए निगम ने इस काम को स्वीकृति दी है। निगम ने इस कंपनी को लेटर ऑफ ऑथराइजेशन (एलओए) जारी कर दिया है। 15 दिन के अंदर कंपनी को नगर निगम से अनुबंध करना है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले इस कंपनी ने इटली से आए एक्सपर्ट के साथ लैंडफिल साइट का निरीक्षण कर काम करने की इच्छा जाहिर की थी। अभी लैंडफिल साइट पर 11 लाख टन कचरा मौजूद निगम ने दयाचरण कंपनी को 6.03 लाख टन कचरा निपटान की जिम्मेदारी दी। कंपनी उक्त काम को पूरा नहीं कर पाई है। निगम के जिम्मेदारों का कहना है कि मौके पर 11 लाख टन कचरा मौजूद है। इसके साथ ही रोज औसतन 550 टन कचरा लैंडफिल साइट पर पहुंच रहा है। शहर के अंदर इसके अलावा 150-200 टन कचरा पड़ा ही रह जाता है। शेष कचरे को ग्वालियर नगर निगम के अलावा आसपास के नगर पालिका और परिषदों से एकत्रित करने की भी योजना है। 4.5 करोड़ खर्च होंगे... 10 साल संचालन करेगी कंपनी निगम इस पूरे प्रोजेक्ट में 4.5 करोड़ रुपए खर्च करेगा। 10 साल तक संचालन और संधारण के दौरान कंपनी कचरे की प्रोसेसिंग कर आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) तैयार करेगी। उसे कंपनी बाजार में बेच सकेगी। इससे निगम को कोई लेना-देना नहीं होगा। साल 2007 में लगा पहला कचरा निष्पादन प्लांट शहर के कचरे के निष्पादन के लिए 19 साल पहले साल 2007 में पहला कचरा निष्पादन प्लांट लगाया था। ये प्लांट एकेसी डेवलपमेंट ने लगाया था। यह प्रदेश का पहला प्लांट था। देखरेख के अभाव में प्लांट ठीक से नहीं चला। साल 2017 में निगम ने ईको ग्रीन कंपनी को जिम्मेदारी दी। वह प्लांट पर पहुंचने वाले कचरे से बिजली तक नहीं बना सकी। कचरे का निष्पादन करना भी बंद कर दिया था। अब तीसरी बाद प्लांट को जिंदा करने की प्लानिंग की गई है। 15 दिन में करना है अनुबंध, 120 दिन में डिजाइन हां, एलओए लेटर दिया है, कंपनी जल्द अनुबंध करेगी लैंडफिल साइट पर कचरे की प्रोसेसिंग का काम करने 4.5 करोड़ का टेंडर हो गया है। जिस कंपनी को काम दिया है, वह इटली की कंपनी से मिलकर अपनी मशीन लगाएगी। उसके बाद कचरे की प्रोसेसिंग कर आरडीएफ तैयार करेगी। हमने कंपनी को एलओए लेटर दे दिया है। एक सप्ताह में अनुबंध कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। - टी प्रतीक राव, अपर आयुक्त नगर निगम, ग्वालियर
नमस्कार, कल की बड़ी खबर ईरान से जुड़ी है, ईरान ने भारत से 3 जहाज छोड़ने की गुहार लगाई है। दूसरी खबर सनराइजर्स टीम में पाकिस्तानी खिलाड़ी को लेकर है। गावस्कर ने कहा- यह भारतीयों की जान से खिलवाड़ है। ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... 1. क्रिकेटर कुलदीप यादव का लखनऊ के होटल 'द सेंट्रम' में रिसेप्शन है। 2. संसद में बजट सत्र के दूसरे चरण का सातवां दिन है। 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हट सकता है। कल की बड़ी खबरें... 1. बंगाल में BJP की पहली लिस्ट, 144 नाम, सुवेंदु को ममता की दोनों सीटों भबानीपुर-नंदीग्राम से टिकट भाजपा ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 144 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भबानीपुर से टिकट दिया है। ये दोनों सीटें बंगाल की CM ममता बनर्जी की रहीं हैं। 2021 में सुवेंदु ने ममता को हराया था: सुवेंदु अधिकारी ने 2021 विधानसभा चुनाव में ममता को नंदीग्राम सीट से हराया था। नंदीग्राम में हार के बाद ममता भबानीपुर से उपचुनाव जीती थीं। भबानीपुर सीट TMC का मजबूत गढ़ मानी जाती है। ममता 2011 से 2021 तक लगातार यहां से विधायक रही हैं। भाजपा ने केरल में भी पहली लिस्ट जारी की: भाजपा ने बंगाल से पहले केरल में भी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। 140 में से 47 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी ने राज्य के भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को नेमोम सीट से मैदान में उतारा है। पूरी खबर पढ़ें... 2. दावा- ईरान ने भारत से 3 जब्त टैंकर छोड़ने को कहा, भारतीय जहाजों को रास्ता देने के बदले मांग की ईरान ने भारत से फरवरी में जब्त किए गए तीन टैंकर छोड़ने की मांग की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की बातचीत के दौरान यह मुद्दा उठा। भारत ने फरवरी में जब्त किए थे जहाज: भारत ने फरवरी में एस्फाल्ट स्टार, अल जाफ्जिया और स्टेलर रूबी नाम के तीन टैंकर जब्त किए थे। आरोप है कि इन जहाजों ने अपनी पहचान छिपाई और समुद्र में अवैध शिप-टू-शिप ट्रांसफर में हिस्सा लिया था। फिलहाल ये टैंकर मुंबई के पास लंगर डाले हुए हैं। होर्मुज से गुजरकर भारतीय जहाज तट पहुंचा: इस बीच सोमवार शाम भारत का LPG कैरियर जहाज शिवालिक होर्मुज स्ट्रेट से निकलकर भारत पहुंच गया है। दूसरा जहाज मंगलवार को गुजरात के तट पर आएगा। पूरी खबर पढ़ें… 3. माफिया की जमीनों पर शिक्षक-वकीलों के मकान बनेंगे, योगी बोले- माफिया को ब्याज चुकाना पड़ेगा CM योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश के 90 हजार शहरी लोगों को घर बनाने के लिए 900 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। इस दौरान CM ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि माफियाओं की जमीन पर अब आम आदमी के लिए मकान बनेंगे। माफियाओं को अपने किए का ब्याज चुकाना होगा। योगी ने कहा- हर जिले में माफियाओं का कब्जा: 2017 से पहले माफिया ने हर जिले में जमीनों पर कब्जा किया था। इनमें से कुछ खाली करा ली गई हैं। अभी भी बड़ी संख्या में जमीनों पर कब्जा है। उन्हें भी खाली कराएं और वहां गरीबों के लिए हाईराइज बिल्डिंग बनवाएं। डॉक्टर-वकील, पत्रकारों के लिए सस्ते मकान: साथ ही वहां अलग-अलग ग्रुपों जैसे- वकील, टीचर, डॉक्टर और पत्रकारों के लिए सस्ते मकान बनाएं। जरूरत पड़े तो उन माफिया की संपत्ति जब्त करो, उसी से ये निर्माण कराओ। आखिर माफिया जो शोषण किया है, उसकी भरपाई तो उसे करनी पड़ेगी। पूरी खबर पढ़ें… 4. गाजियाबाद में छुट्टी न देने पर बैंक मैनेजर की हत्या, ऑफिस के अंदर गार्ड ने सीने में गोली मारी गाजियाबाद में पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजर अभिषेक शर्मा (34 साल) की गार्ड ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह बिहार के रहने वाले थे। गार्ड रवींद्र कई दिनों से मैनेजर अभिषेक से छुट्टी मांग रहा था। छुट्टी न मिलने से नाराज था गार्ड: सोमवार दोपहर करीब 1:45 बजे रवींद्र मैनेजर के पास पहुंचा, जहां छुट्टी को लेकर अभिषेक शर्मा से उसका विवाद हो गया। इसी बीच रवींद्र ने बंदूक से उनकी छाती पर गोली मार दी। अभिषेक लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गए। अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा: बैंक में अचानक फायरिंग से लोग दहशत में आ गए। इसी बीच आरोपी गार्ड अपने एक अन्य साथी के साथ मौके से भाग निकला। बैंक स्टाफ ने मैनेजर को बाइक से दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। वारदात लोनी बॉर्डर के बलराम नगर इलाके की है। पूरी खबर पढ़ें… 5. राज्यसभा चुनाव- NDA ने हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 सीटों में 9 सीटें जीतीं हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए। बिहार की सभी पांचों सीटों पर NDA के प्रत्याशी विजयी रहे। ओडिशा की 4 सीटों में से 3 NDA और 1 BJD ने जीती। वहीं हरियाणा में एक सीट भाजपा और एक कांग्रेस के खाते में आई। कुल 37 सीटों पर चुनाव, इनमें 26 पर उम्मीदवार निर्विरोध जीते: चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव का ऐलान किया था। इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए, क्योंकि इन सीटों पर जितनी सीटें थीं उतने ही उम्मीदवार मैदान में थे। इसलिए यहां मतदान की जरूरत नहीं पड़ी। बाकी 11 सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग हुई। पूरी खबर पढ़ें... 6. गावस्कर बोले- PAK खिलाड़ी खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़, सनराइजर्स ने ब्रिटिश लीग में अबरार को खरीदा 13 मार्च को लंदन में हुए ऑक्शन में अबरार को ₹2.34 करोड़ में खरीदा गया था। ऑक्शन में काव्या मारन मौजूद थीं, जो सनराइजर्स की CEO हैं। जिनके पास IPL की सनराइजर्स हैदराबाद और साउथ अफ्रीका लीग (SA20) की टीम सनराइजर्स ईस्टर्न केप भी है। इंग्लैंड की लीग द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स के पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने पर सुनील गावस्कर ने आपत्ति जताई। गावस्कर ने कहा कि भारतीय मालिकों का पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़ जैसा है और ऐसे फैसलों से बचना चाहिए। इन पैसों से भारत के खिलाफ लड़ने के लिए हथियार खरीदे जाते हैं। गावस्कर ने कहा- पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने पर हैरानी सुनील गावस्कर ने कहा कि द हंड्रेड में किसी भारतीय मालिक वाली टीम द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने पर विवाद होना हैरान करने वाली बात नहीं है। मुंबई हमलों के बाद से भारतीय फ्रेंचाइजी मालिक आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं लेते रहे हैं। गावस्कर के मुताबिक जब पाकिस्तानी खिलाड़ी को फीस दी जाती है, तो वह अपने देश में टैक्स देता है और वह पैसा वहां की सरकार के पास जाता है। उन्होंने कहा कि वही पैसा हथियार खरीदने में इस्तेमाल हो सकता है और इससे भारतीय सैनिकों व नागरिकों को नुकसान पहुंच सकता है। पूरी खबर पढ़ें… 7. चांदी दो दिन में ₹20 हजार सस्ती होकर ₹2.48 लाख पर आई, सोना ₹2,685 गिरा 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,685 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 11,777 रुपए घटकर 2.48 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत 2.60 लाख रुपए किलो थी। अमेरिका-ईरान जंग का असर: अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना दो कारोबारी दिन में 4,589 रुपए और चांदी 19,590 रुपए सस्ती हुई है। इससे पहले 12 मार्च को सोना 1.60 लाख और चांदी 2.68 लाख पर थी। ऑल टाइम हाई से 1.33 लाख रुपए गिरी चांदी: 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 20,407 रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 46 दिन में चांदी 1.37 लाख रुपए सस्ती हो गई है। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: चारों धाम में गैर सनातनियों की एंट्री नहीं होगी: दैनिक भास्कर एप कॉन्क्लेव में बद्री-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष बोले- मोबाइल भी बैन रहेगा (पढ़ें पूरी खबर) 2. नेशनल: बंगाल में चुनाव से पहले मुख्य सचिव-DGP को हटाया: कोलकाता पुलिस कमिश्नर समेत 6 अधिकारी बदले; आयोग बोला- ये अफसर चुनाव से दूर रहेंगे (पढ़ें पूरी खबर) 3. नेशनल: ओडिशा-कटक के सरकारी हॉस्पिटल में आग, 10 मरीजों की मौत: 11 कर्मचारी भी झुलसे; मृतकों के परिजन को 25-25 लाख मुआवजा (पढ़ें पूरी खबर) 4. मौसम: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में लैंडस्लाइड, एक की मौत: भारी बर्फबारी में फंसे 235 लोगों को सेना ने बचाया; ओडिशा में बवंडर से 2 की जान गई (पढ़ें पूरी खबर) 5. इंटरनेशनल: जंग के बीच UAE में 19 भारतीय गिरफ्तार: फेक न्यूज फैलाने का आरोप; मौत की अफवाह के बीच कॉफी पीते दिखे नेतन्याहू (पढ़ें पूरी खबर) 6. बिजनेस: थोक महंगाई 12 महीने में सबसे ज्यादा: फरवरी में ये 2.13% पर पहुंची, खाने-पीने की चीजें और रोजाना जरूरत का सामान महंगा हुआ (पढ़ें पूरी खबर) 7. ऑस्कर अवॉर्ड्स: माइकल बी. जॉर्डन बेस्ट एक्टर: जेसी बकले बेस्ट एक्ट्रेस; लियोनार्डो की 'वन बैटल आफ्टर अनदर' को बेस्ट फिल्म समेत 6 पुरस्कार (पढ़ें पूरी खबर) 8. बॉलीवुड: सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’ अब ‘मातृभूमि’: टाइटल बदलने पर डायरेक्टर अपूर्व लाखिया बोले- फैसला अचानक नहीं, लंबे समय से चल रही थी चर्चा (पढ़ें पूरी खबर) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... नींबू-पानी पीने पर देना पड़ा गैस का चार्ज बेंगलुरु के एक कैफे में लेमोनेड के ऑर्डर पर 5% गैस क्राइसिस चार्ज लगाया गया। एक ग्राहक ने X पर बिल की फोटो शेयर की। दो ड्रिंक्स के लिए उसे 358 रुपए देने थे लेकिन CGST, SGST और 5% गैस क्राइसिस चार्ज के बाद उसे 374 रुपए देने पड़े। X पर बिल की फोटो शेयर होते ही यूजर्स ने कैफे की आलोचना की। लोगों ने सवाल पूछा कि नींबू पानी बनाने में आखिर कौन सी गैस इस्तेमाल होती है, जो इसके लिए 'क्राइसिस शुल्क' वसूला जा रहा है? पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर- ट्रम्प को चीन-जापान से मदद क्यों मांगनी पड़ी, क्या ईरान से हार रहा है अमेरिका; होर्मुज स्ट्रेट खुलवाना इतना मुश्किल क्यों 2. मंडे मेगा स्टोरी- क्या पूरे मिडिल ईस्ट पर नेतन्याहू की नजर: 'ग्रेटर इजराइल' क्या है, जिसके लिए ईरान जंग के बीच लेबनान पर कब्जा कर रहा इजराइल 3. ग्राउंड रिपोर्ट- ‘घर में रसोई गैस खत्म, इंडक्शन भी नहीं मिल रहा’: 400 से 500% बढ़ी डिमांड, चीन से 45 दिन में आएगा कच्चा माल 4. फिजिकल हेल्थ- क्या बुढ़ापे को रोक सकता है सेलेनियम: क्या है ये मिनरल, शरीर में करता ये 9 जरूरी काम, पूर्ति के लिए खाएं ये चीजें 5. जरूरत की खबर- आयरन डेफिशिएंसी के 12 संकेत: न करें इग्नोर, हो सकता है एनीमिया, इंफेक्शन, डाइट में शामिल करें रेड लीफी ग्रीन्स 6. ईरान में 15 दिन बाद भी सत्ता नहीं बदली: एक्सपर्ट बोले- ट्रम्प अकेले जंग नहीं रोक सकते, तेहरान के पास अभी भी खेल पलटने की ताकत करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
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यूपी के बागपत की रहने वाली प्रकाशी तोमर उर्फ शूटर दादी की रविवार को अचानक नाक की नस फट गई। खून बहने लगा। गश खाकर वह गिर पड़ीं। घरवाले उन्हें अस्पताल लेकर गए। अब उनकी हालत में सुधार है। प्रकाशी और उनकी जेठानी चंद्रो तोमर पर बॉलीवुड ने सांड की आंख फिल्म बनाई थी। VIDEO में देखिए घूंघट से गन तक, शूटर दादी की कहानी…
यूपी की 3 सीटों पर उपचुनाव 10 अप्रैल के बाद:SIR लिस्ट नहीं आने से हुई देरी; सपा बोली- भाजपा डर गई
यूपी की 3 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 10 अप्रैल के बाद हो सकते हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, SIR के बीच उपचुनाव नहीं कराए जा सकते। इसलिए फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद ही चुनाव हो सकते हैं। दरअसल, चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का ऐलान किया था। लेकिन, यूपी के उपचुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की थी। इससे चर्चा शुरू हो गई कि 3 सीटों के उपचुनाव टल गए हैं। जानकार कहते हैं कि आयोग के सामने 2 ऑप्शन हैं- पहला- 10 अप्रैल को आयोग SIR लिस्ट जारी करने के बाद चुनाव की तारीखें घोषित कर दे। दूसरा- चुनाव टल जाएं और 2027 के विधानसभा चुनाव में 3 रिक्त सीटें भरी जाएं। बता दें कि घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। फरीदपुर सीट पर BJP अपने मौजूदा विधायक डॉ. श्याम बिहारी के बेटे को टिकट देने का संकेत दे चुकी है। वहीं, सपा भी घोसी और दुद्धी सीटों पर सहानभूति कार्ड खेलते हुए विधायकों के परिवार के सदस्यों को ही कैंडिडेट बनाने की तैयारी कर रही है। दोनों सीटों पर सपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। क्या आयोग चुनाव टाल सकता है? 3 सीटों पर भाजपा और सपा के कौन से चेहरे दावेदारी कर रहे? भाजपा और सपा की 3 सीटों पर तैयारी क्या है? इस रिपोर्ट में पढ़ें… पहले उपचुनाव के नियम जानिए भारत निर्वाचन आयोग की नियमावली के तहत सीट खाली होने के 6 महीने में उपचुनाव करा लेना चाहिए। इसकी 2 शर्तें होती हैं- 1. विधानसभा सीट पर कार्यकाल 6 महीने से ज्यादा का बचा है, तो उपचुनाव कराए जाते हैं। 2. जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा- 151 के मुताबिक, सीट खासी होने पर आयोग को 6 महीने के अंदर उपचुनाव कराने चाहिए। अब भाजपा, सपा की तैयारियां पढ़िए BJP नेता बंगाल चुनाव में व्यस्त पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद संगठन BJP नेताओं को वहां प्रचार के लिए भेजने की तैयारी कर रहा है। इनमें CM योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के भी नाम शामिल हैं। पार्टी का निचला कैडर क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहा है। संभावित दावेदारों को भी संकेत दे दिया गया है कि वो लोगों के बीच पहुंचें और सियासी पकड़ मजबूत करें। सपा नेता एक्टिव, उपचुनाव जल्दी चाह रहेदूसरी तरफ, सपा के नेता तीनों सीटों पर उपचुनाव जल्दी करवाना चाहते हैं। माना जा रहा है कि 3 सीटों का उपचुनाव यूपी में 2027 के विधानसभा से पहले सेमीफाइनल की तरह होगा। चुनाव के नतीजे भले ही विधानसभा चुनाव पर ज्यादा असर नहीं डालेंगे। लेकिन, माहौल बनाने और बिगाड़ने के लिए भूमिका जरूर निभाएंगे। सपा नेताओं को अंदाजा है कि सवर्ण वोटर में भाजपा को लेकर नाराजगी है। 3 सीटों के चुनाव में सपा से फैक्टर को टेस्ट भी करना चाहती है। बसपा एक्टिव नहीं, अगर कैंडिडेट उतारे तो नुकसान सपा को चुनाव से पहले माना जा रहा है कि उपचुनाव में सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होगा। बसपा अगर मैदान में उतरती है, तो भाजपा के मुकाबले सपा को ज्यादा नुकसान कर सकती है। इस वक्त तीनों सीटों पर बसपा का कैडर एक्टिव नहीं दिख रहा। अब भाजपा, सपा नेताओं की बात BJP प्रदेश प्रवक्ता बोले- तीनों सीटों पर जीत पक्की भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हीरो बाजपेयी कहते हैं- भारत निर्वाचन आयोग उपचुनाव की तारीख तय करता है। भाजपा पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी। ये तय है कि दुद्धी और घोसी समेत तीनों सीटों पर भाजपा के कैंडिडेट ही जीतेंगे। जमीन पर हमारे कार्यकर्ता लोगों के बीच एक्टिव हैं। वे लगातार लोगों तक पहुंचकर भाजपा के शासन में हुए कामों के बारे में बता रहे हैं। सपा के नेता इनसिक्योर हो रहे हैं। सपा राष्ट्रीय प्रवक्ता बोले- BJP वालों को हार का डर सता रहासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई कहते हैं- भाजपा को अभी से हार का डर सताने लगा है। इसीलिए वह उपचुनाव नहीं कराना चाहती। दरअसल, पीडीए की बढ़ती ताकत से भाजपा परेशान है। उसे पता है कि अभी चुनाव कराया तो वह सारे साम-दाम- दंड-भेद करके भी जीत नहीं पाएंगे। यही वजह है कि 8 राज्यों में उपचुनाव हो रहे हैं, लेकिन यूपी में नहीं हो रहे। जबकि यहां तीन-तीन सीटें खाली हैं। 3 विधानसभा सीटों क्यों खाली हुईं, दावेदार कौन हैं? घोसी सीट सपा विधायक के निधन से खाली हुई मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट पर सपा के सुधाकर सिंह विधायक थे। उन्होंने यह सीट 2023 में सपा विधायक दारा सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में जीती थी। बाद में दारा सिंह चौहान सपा छोड़कर भाजपा में शामिल होकर मंत्री बन गए। उनके इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में सपा के सुधाकर सिंह ने 42 हजार 759 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी। सुधाकर सिंह के 20 नवंबर, 2025 को निधन के बाद फिर से यह सीट खाली हो चुकी है। सपा यहां सहानुभूति बटोरने के लिए सुधाकर सिंह के छोटे बेटे सुजीत सिंह का नाम घोषित कर चुकी है। भाजपा ने अभी कैंडिडेट डिक्लेयर नहीं किया है। दुद्धी सीट विजय सिंह गोंड के निधन से दूसरी बार उपचुनाव2022 के विधानसभा चुनाव में सोनभद्र की दुद्धी (आरक्षित सीट) से भाजपा जीती थी। लेकिन, विधायक रामदुलार गोंड को रेप केस में सजा के चलते यह सीट खाली हो गई। 2024 के उपचुनाव में विजय सिंह ने भाजपा के श्रवण गोंड को हराया था। सपा विधायक विजय सिंह गोंड का 8 जनवरी, 2026 को निधन हो गया था। सपा ने संकेत दिया है कि इस सीट से विजय सिंह गोंड के परिवार के ही सदस्य को टिकट देगी। वहीं, भाजपा उपचुनाव में विजय सिंह गोंड को चुनौती देने वाले श्रवण कुमार पर ही दांव लगाने की तैयारी में है। फरीदपुर डॉ. श्याम बिहारी को कार्डिएक अरेस्ट के बाद सीट खाली हुईबरेली की फरीदपुर (सुरक्षित) सीट से भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का 2 जनवरी, 2026 को निधन हो गया था। उन्हें कार्डिएक अरेस्ट हुआ था। 26 साल का बेटा ईशान ग्वाल दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रहा है। पार्टी सहानुभूति बटोरने के लिए पत्नी या बेटे पर दांव खेल सकती है। हालांकि, वहां से एबीवीपी के अध्यक्ष जवाहर लाल और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे संजय सिंह भी दांवा ठोक रहे हैं। जबकि सपा अपने पूर्व विधायक विजय पाल सिंह को फिर से मैदान में उतार सकती है। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें - अलीगढ़ सांसद बोले- मुसलमान क्या हमारी छाती पर चढ़ेंगे, सुबह 4 बजे से चिल्लाते हैं मकान इनको, राशन इनको, सिलेंडर इनको... सब कुछ तो सरकार इन्हें दे रही है। AIIMS से लेकर जिला अस्पताल तक चले जाओ, सारी सरकारी व्यवस्थाओं का फायदा सबसे ज्यादा मुसलमान ही ले रहा। इसके बाद अब क्या हमारी छाती पर चढ़ेंगे?'' यह बात अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम ने एक यूट्यूबर को दिए इंटरव्यू में कही। सांसद ने शहर के नुमाइश मैदान में ईद की नमाज की इजाजत मांगने और नमाजियों पर पुष्प वर्षा की मांग किए जाने पर भी नाराजगी जताई। पढ़िए पूरी खबर…
यूपी दरोगा भर्ती परीक्षा में अवसरवादी के लिए ‘पंडित’ ऑप्शन देने पर सियासत गरमा गई है। अब सवाल उठ रहा है कि जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी? भर्ती बोर्ड, बोर्ड के पूर्व अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में कोई बड़ा एक्शन हो, ऐसा नहीं लगता। न कंपनी ब्लैक लिस्ट होगी और न ही कोई अपराध बनेगा। हां, रिजल्ट भी समय पर जारी हो जाएगा। CM योगी ने पुलिस भर्ती बोर्ड से पूरी प्रक्रिया की जांच करने के लिए कहा था, लेकिन अभी तक एक्शन कुछ नहीं हुआ। दैनिक भास्कर ने दरोगा भर्ती परीक्षा कराने वाली एजेंसी के बारे में छानबीन की। देखा, ‘पंडित’ ऑप्शन रखने के 3 असली जिम्मेदार कौन हैं? पहला- भर्ती बोर्ड के चेयरमैन दूसरा- भर्ती बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक तीसरा- परीक्षा कराने वाली एजेंसी नियमावली 2008 में बनी, लीक से बचने के लिए सब कुछ गोपनीय रखायूपी पुलिस भर्ती बोर्ड से जुड़े अधिकारियों से बातचीत करने के बाद सामने आया कि 2008 में पहली बार भर्ती बोर्ड बनाया गया। उसी वक्त नियमावली भी तय हुई थी। इसमें पेपर सेट कराने से लेकर रिजल्ट आउट करने तक सभी कामों के लिए भर्ती बोर्ड और उसके अफसर ही जिम्मेदार बताए गए। उस वक्त भी पेपर सेट कराने और उसके पब्लिकेशन के लिए बाहरी एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाती थी। नियमावली में लिखा है- बोर्ड किस एजेंसी से पेपर सेट करवा रहा, ये गोपनीय रखा जाएगा। इसके टेंडर भी ओपन नहीं होंगे, बल्कि बोर्ड के अधिकारी एजेंसी सीधे चुनेंगे। अब यूपी दरोगा भर्ती परीक्षा में आए एक सवाल के ऑप्शन में ‘पंडित’ शब्द आने के बाद जिम्मेदार किसको माना जाए, इसकी चर्चा शुरू हो चुकी है। कहा जा रहा है, पेपर सेट होने के बाद किस अधिकारी की मॉनिटरिंग के बाद फाइनल होते हैं। बोर्ड के अधिकारियों से बात करने के बाद सामने आया कि ऐसी गड़बड़ियों के लिए चेयरमैन और परीक्षा नियंत्रक को जिम्मेदार ही नहीं माना जा रहा। ऐसा कैसे? हमने इसके लिए भर्ती बोर्ड के डीआईजी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज से बात की। वह कहते हैं- सवाल को लेकर जो विवाद पैदा हुआ है, उसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। मैं बताना चाहता हूं कि पुलिस भर्ती बोर्ड अपने पेपर खुद निर्धारित नहीं करता। ये काम गोपनीय संस्थाओं से करवाता है। पेपर लीक से बचने के लिए बोर्ड का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी पेपर को देख नहीं सकता। पेपर के सील्ड पैकेट सेंटर पर 2 अभ्यर्थियों की मौजूदगी में पहली बार खोले जाते हैं। जिस सवाल और उसके विकल्प को लेकर विवाद है, उसकी जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। क्या एजेंसी ब्लैक लिस्ट होगी?इस पूरे विवाद के बाद अभ्यर्थियों के दिमाग में सबसे बड़ा सवाल चल रहा है कि क्या परीक्षा कराने वाली एजेंसी ब्लैक लिस्ट की जाएगी? बोर्ड से जुड़े अधिकारी मानते हैं- ये इतना बड़ा मामला नहीं है कि इसमें परीक्षा कराने वाली एजेंसी को ही ब्लैक लिस्ट कर दिया जाए। पूर्व DGP सुलखान सिंह कहते हैं- तकनीकी रूप से इस सवाल में कोई गड़बड़ी नहीं है। इसे केवल तूल दिया जा रहा। इस सवाल को लेकर कोई अपराध बनता ही नहीं। इसका रिजल्ट भी समय पर दे दिया जाएगा। इस मामले में अभी भर्ती बोर्ड से कराई जा रही जांच की रिपोर्ट का इंतजार है। ऐसे में परीक्षा भी दोबारा कराए जाने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता। इतना जरूर होगा कि इस परीक्षा के बाद एक नई SOP बनाई जाएगी। इसमें किसी धर्म, जाति, संप्रदाय से जुड़े सवालों से परहेज करने के लिए कहा जाएगा, जिससे किसी की भावना आहत होती हो। पेपर सेट करने वाली एजेंसी कैसे तय होती है?भर्ती बोर्ड से जुड़े एक अधिकारी का कहना है- भर्ती बोर्ड परीक्षा के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाता है। इसमें देशभर की एजेंसियां हिस्सा लेती हैं। ये टेंडर ओपन नहीं होते। बोर्ड खुद ही ऐसी एजेंसियों को बुलाता है। फिर उनमें से किसी एक को चुन लेता है। पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह कहते हैं- पेपर तैयार करने की प्रक्रिया काफी गोपनीय होती है, क्योंकि ये काम भर्ती बोर्ड का नहीं होता। इसलिए भर्ती बोर्ड को भी नहीं पता होता कि परीक्षा में कौन-कौन से सवाल पूछे जा रहे हैं। एजेंसियां सवाल कैसे तैयार करती हैं?भर्ती बोर्ड में सेवाएं दे चुके एक अधिकारी कहते हैं- एजेंसियां विषय विशेषज्ञों को हायर करती हैं। अगर पेपर 100 सवाल का होगा, तो उनसे 200 सवाल लिए जाते हैं। अलग-अलग विशेषज्ञों से लिए गए सवालों को इकट्ठा करके 4 सेट पेपर तैयार किए जाते हैं। आमतौर पर 4 विषय- सामान्य हिंदी, सामान्य ज्ञान, संख्यात्मक एवं मानसिक योग्यता, कानून व संविधान से संबंधित सवाल तैयार किए जाते हैं। सवाल सिलेबस के अनुसार तय होते हैं। प्रश्न तैयार होने के बाद भी जांच की जाती है कि जो विकल्प दिए गए हैं, वह सही है या नहीं। कोई गलती या अस्पष्टता तो नहीं है। प्रिंटिंग के दौरान कैसे करते हैं सुरक्षा विवाद का केंद्र पंडित विकल्प वाला सवाल सवाल था- अवसर के अनुसार बदल जाने वाले के लिए एक शब्द चुनिए- विकल्प थे- सदाचारी, पंडित, अवसरवादी और निष्कपट। भर्ती बोर्ड से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि सवाल पूछा गया है। उसका विकल्प दिया गया है, न कि पर्यायवाची। हमेशा 3 विकल्प गलत होते हैं। ऐसे में पंडित शब्द को अवसरवादी से कैसे जोड़ा जा सकता है? हालांकि, विकल्प के रूप में पंडित को शामिल करने पर ब्राह्मण समाज, भाजपा के विधायकों और नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि 'पंडित' शब्द ज्ञान, विद्वानता और धार्मिक सम्मान से जुड़ा है। इसे अवसरवादी से जोड़ना समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। सियासत क्यों गरमाई? यह मामला भाजपा के लिए चुनौती बन गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, विधायक शलभमणि त्रिपाठी, पीएन पाठक, रमेश मिश्रा जैसे नेताओं ने इस सवाल पर आपत्ति जताई। इनमें से कुछ ने बयान दिए और कुछ ने सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर कार्रवाई की मांग की है। वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस कहते हैं- सियासत का कारण ये है कि सामान्य दिनों में ये प्रश्न आया होता, तो इग्नोर कर दिया जाता। यह सवाल ऐसे मौके पर आया है, जब पहले से ब्राह्मण अपनी अस्मिता पर चोट पहुंचाने की बात कर रहे हैं। मामला चाहे भाजपा विधायकों की बैठक के बाद मिली नोटिस का हो, यूजीसी का, घूसखोर पंडित का, शंकराचार्य का हो या बटुकों की चोटी पकड़ कर खींचने का। ऐसे में जब प्रश्नपत्र में ऐसा सवाल आया, तो डैमेज कंट्रोल करने के लिए पार्टी नेताओं ने ही विरोध शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री को पत्र लिखने लगे। मुख्यमंत्री ने भी तत्परता से निर्णय लेते हुए इसे गलत बताया और जांच के निर्देश दिए। यूपी में ब्राह्मणों की नाराजगी का सिलसिला ऐसे चला ----------------------- यह खबर भी पढ़ें- UP दरोगा भर्ती परीक्षा-अवसरवादी का ऑप्शन 'पंडित' देने पर विवाद, सीएम योगी ने कहा- जातीय कमेंट बर्दाश्त नहीं उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा में अवसरवादी के विकल्प में ‘पंडित’ ऑप्शन दिए जाने पर विवाद हो गया है। सीएम योगी ने सभी भर्ती बोर्ड को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा- जाति, धर्म को लेकर अमर्यादित टिप्पणी न की जाए। यह कतई बर्दाश्त नहीं है। बार-बार ऐसी गलती करने वालों को प्रतिबंधित किया जाए। पढ़िए पूरी खबर...
देश भर के राज्यों में पिछले दो दिनों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौरा जारी है। राजस्थान के कई हिस्सों में सोमवार को भी हल्की बारिश हुई। इसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान 3.7C गिरकर 26.9C दर्ज हुआ। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सोमवार रात झमाझम बारिश हुई। कई इलाकों में ओले भी गिरे। बिजनौर में तेज आंधी की वजह से पेड़ उखड़ गए। सहारनपुर में आंधी की वजह से टीन शेड गिरने से पूर्व प्रधान समेत 2 लोगों की मौत हो गई। इधर, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हुई। बर्फबारी के कारण गुरेज-बांदीपोरा रोड, सिंथन-किश्तवाड़ रोड और मुगल रोड बंद हो गई है। वहीं जोजिला दर्रे पर बर्फ जमने से श्रीनगर-लेह हाईवे भी बंद कर दिया गया। उत्तराखंड के चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार रात से भारी बर्फबारी हो रही है। इसके कारण श्री बद्रीनाथ धाम का मंदिर परिसर पूरी तरह बर्फ की मोटी चादर से ढक गया है। बर्फबारी के कारण केदारनाथ में तापमान -11C तक गिर गया। इससे पहले जनवरी में केदारनाथ धाम में तापमान -16C तक गिर गया था। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 18 मार्च- छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में कुछ जगहों पर गरज के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तराखंड में पर बिजली के साथ 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना है। 19 मार्च- हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में गरज के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। उत्तराखंड में कुछ जगहों पर 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का अलर्ट है।
नालियों में गोबर बहाने पर डेयरी संचालकों पर जुर्माना
नगर निगम अमले ने शहर को स्वच्छ रखने के लिए गंदगी फैलाने, अमानक पॉलीथिन के उपयोग और नालियों में गोबर बहाने पर जुर्माने की कार्रवाई की। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी वैभव श्रीवास्तव के अनुसार। वार्ड 46 में भैंस डेयरी संचालकों द्वारा नाली में गोबर बहाने पर 6500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वार्ड 43 में दुकानदारों से अमानक पॉलीथिन पर 2500 रुपये और अन्य स्थानों पर गंदगी फैलाने पर अलग-अलग जुर्माने लगाए गए। वार्ड 32 में खुले में कचरा फेंकने पर 2900 रुपए वसूले गए।
विवि सहायक कुलसचिव के हर एक पद के लिए 1000 उम्मीदवार, 17 मई को होगी परीक्षा
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की असिस्टेंट रजिस्ट्रार भर्ती परीक्षा के लिए रिकॉर्ड 12 हजार आवेदन हैं। कुल 12 पदों के लिए यह भर्ती प्रक्रिया होनी है। यानी हर एक पद के लिए 1 हजार दावेदार रहेंगे। एमपी पीएससी ने पिछले माह इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। 5 मार्च अंतिम तारीख थी। उसके बाद तीन हजार रुपए लेट फीस के साथ आवेदन लिए गए। पीएससी के अनुसार इसके लिए परीक्षा 17 मई को आयोजित की जाएगी। रिजल्ट करीब एक माह यानी जून तक आएगा। पीएससी लंबे समय पर यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार के पद भरने जा रहा है। हालांकि यह भी संभावना है कि पदों की संख्या परीक्षा के रिजल्ट आने से पहले बढ़ाई जा सकती है। पीएससी फिलहाल ओबीसी आरक्षण मामले के कोर्ट में होने के कारण 87-13 फॉर्मुले के तहत रिजल्ट घोषित कर रहा है। चयन सूची भी उसी आधार पर दी जा रही है। ऐसे में असिस्टेंट रजिस्ट्रार का एक पद होल्ड पर रहेगा। मुख्य भाग में शामिल 11 पदों की ही चयन सूची इंटरव्यू के बाद घोषित की जाएगी। वहीं प्रावधिक में 1 पद है। उसे होल्ड पर रखा जाएगा। असिस्टेंट रजिस्ट्रार भर्ती परीक्षा ऑब्जेक्टिव प्रश्नों पर आधारित होगी। यह ओएमआर शीट पर होगी। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, बरकतउल्ला, जीवाजी व रानी दुर्गावती सहित अन्य यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के 20 से ज्यादा पद खाली हैं।
भोपाल की 82 शराब दुकानों के टेंडर आज:₹1374 करोड़ रिजर्व प्राइस; 1 ग्रुप पहले ले चुका 5 ठेके
भोपाल की बाकी बची 82 शराब दुकानों के लिए आज, मंगलवार को टेंडर की प्रक्रिया होगी। 34 ग्रुप में बंटी इन दुकानों की रिजर्व प्राइज 1374 करोड़ रुपए से ज्यादा रखी गई है। 1 ग्रुप पहले ही 5 ठेके करीब 97 करोड़ रुपए में ले चुका है। बता दें कि भोपाल में कुल 87 कम्पोजिट शराब दुकानें हैं। इस बार ठेकों को 4 की बजाय 35 ग्रुप में बांटा गया है। ताकि, छोटे और नए लाइसेंस कारोबारी भी ठेके ले सके। हालांकि, शुरुआत में दो बार टेंडर की प्रक्रिया हो चुकी है, लेकिन बड़े ग्रुपों की मोनोपाली की वजह से वे नहीं जा सके। इस बीच ग्रुप की संख्या फिर बढ़ाई गई और ये 29 की जगह 35 कर दिए गए। रात तक साफ होगी तस्वीर34 ग्रुप को 82 शराब दुकानें अलॉर्ट की जाएगी। इसके लिए सुबह 10 बजे से प्रक्रिया शुरू होकर देर शाम तक चलेगी। जिसमें टेंडर भरने के साथ उन्हें कमेटी के सामने खोलने तक की प्रक्रिया शामिल हैं। निर्धारित आरक्षित मूल्य 1374.86 करोड़ रुपए है। टेंडर से पहले बैठक भी हुईटेंडर की प्रक्रिया से पहले सोमवार को सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय में उपायुक्त आबकारी संभागीय उड़नदस्ता भोपाल यशवंत बनौरा की अध्यक्षता और सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ की उपस्थिति में बैठक हुई। इसमें जिले के संभावित टेंडरदाता शामिल हुए। उनके साथ विचार-विमर्श किया गया और पुर्नगठित किए गए 34 ग्रुप के बारे में जानकारी दी गई। इस बार 20% बढ़ी ठेके की कीमतवित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए नीलामी की प्रक्रिया में ठेके 1193 करोड़ रुपए से ज्यादा में हुए थे, जो टारगेट से 11% यानी, 120 करोड़ रुपए अधिक थे। इस बार 1432 करोड़ रुपए रिजर्व प्राइस रखी गई है। बता दें कि वर्तमान मूल्य में 20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी कर आरक्षित मूल्य तय किया है। इसका असर अब समूहों की कीमतों पर दिखने लगा है। भोपाल में इस बार सबसे महंगा समूह पिपलानी का है। इसमें 4 दुकानें - पिपलानी, अयोध्या नगर, रत्नागिरी तिराहा और पटेल नगर हैं। 20 फीसदी आरक्षित मूल्य बढ़ने के बाद इस समूह की कीमत 127 करोड़ 77 लाख 60 हजार 551 रुपए हो गई है। इससे पहले वर्ष 2025-26 में इन दुकानों का वार्षिक मूल्य 106 करोड़ 48 लाख से ज्यादा था। इसी तरह बाग सेवनिया समूह की कीमत करीब 101 करोड़ से बढ़कर 121 करोड़ 89 लाख से ज्यादा हो गई है। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नीति में किए गए बदलावों के आधार पर ही ई-टेंडर के जरिए दुकानों का आवंटन होगा। छोटे समूह बनाए जाने से ज्यादा बोलीदाता सामने आएंगे व सरकार को फायदा मिलेगा। इससे नए लोगों को भी भागीदारी का मौका मिलेगा। 239 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगेविभाग की माने तो नई व्यवस्था से सरकार के खजाने में सीधे 238 करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगे। टेंडर फाइनल होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
मध्य प्रदेश में 18 मार्च से स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। इससे अगले 3 दिन तक प्रदेश के आधे जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी असर दिखेगा। इससे पहले सोमवार को पूरे प्रदेश में गर्मी का असर रहा। मंगलवार को भी तेज गर्मी रहेगी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रभावित करेगा। जिसका असर एमपी में भी देखने को मिलेगा। इसलिए 18, 19 और 20 मार्च को बारिश होने का अनुमान है। मार्च में पहली बार ऐसा सिस्टम मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होगा। जिसका असर लगातार 3 से 4 दिन तक बने रहने के संकेत हैं। ये सिस्टम प्रदेश के सभी हिस्सों से गुजरेगा। इस कारण कहीं बारिश, आंधी, गरज-चमक तो कहीं बादल छाए रहेंगे। अभी तीन सिस्टम, लेकिन असर नहीं मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और एक टर्फ की एक्टिविटी है, लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं है। इस वजह से सोमवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में गर्मी का असर बना रहा। प्रदेश में खरगोन सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, सिवनी, मंडला, टीकमगढ़, सागर और खजुराहो में पारा 37 डिग्री या इससे अधिक रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में जबलपुर में पारा सबसे ज्यादा 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री, ग्वालियर में 34.1 डिग्री और उज्जैन में 35 डिग्री दर्ज किया गया। अप्रैल-मई में चलेगी लू मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के दूसरे सप्ताह में नर्मदापुरम में लगातार 3 दिन तक तीव्र लू वाला मौसम रहा। मौसम विभाग ने बताया कि मार्च के आखिरी सप्ताह से लू का असर दिखाई देने लगेगा। मार्च में तीनों मौसम का असरमध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है, जबकि रात में 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में लगातार तीन दिन तक पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगेमौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। फरवरी में 4 बार ओले-बारिश हुईइस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भीउज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।
मध्य प्रदेश में LPG संकट बरकरार है। घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई जरूर ठीक हुई है, पर कमर्शियल की नहीं। ऑयल कंपनियों से कमर्शियल सिलेंडर ट्रकों में लोड जरूर हुए, लेकिन होटल-रेस्टोरेंट को सप्लाई नहीं की गई। अफसरों को सरकार से ऑर्डर मिलने का इंतजार है। ऐसे में प्रदेश के 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट में सोमवार को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलें। इधर, गैस की किल्लत को लेकर कांग्रेस पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन कर रही है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया, भौंरी स्थित डिपो से कमर्शियल सिलेंडर के ट्रक लोड हो रहे हैं, लेकिन फिलहाल होटल और रेस्टोरेंट को सिलेंडर देने के आदेश नहीं है। इसलिए सोमवार को अस्पताल, शैक्षणिक संस्थाएं, पुलिस, सेना-रेलवे कैंटिंग को ही सिलेंडर की सप्लाई की गई है। महाराष्ट्र में 70% सप्लाई, एमपी में भी होएमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया, एसोसिएशन को महाराष्ट्र के उपहार गृहों में 70 प्रतिशत रिलीफ यानी, सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं। एमपी में भी ये आदेश आ सकते हैं। फिलहाल सोमवार को कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिया गया। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। यदि इन्हें भी सिलेंडर मिलेंगे तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए 'ऑक्सीजन' मिलने जैसा रहेगा। पिछले 7 दिन से सप्लाई नहीं होने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन, डीजल भट्ठी के इंतजाम जरूर किए हैं, लेकिन यह बहुत ही खर्चिला है। इसलिए मेन्यू में बदलाव करने की गाइडलाइन जारी की। सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया। घरेलू गैस बुकिंग की 50% समस्या हुई कम गैस एजेंसी संचालकों की माने तो प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की बुकिंग की 50% समस्या खत्म हो गई है। भोपाल में सोमवार को 12 हजार से अधिक बुकिंग आई। हालांकि, पैनिक स्थिति ज्यादा है। यानी, लोग भविष्य में सिलेंडर न मिलने की समस्या आने पर अतिरिक्त सिलेंडर जमा कर रहे हैं। इधर, सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। राजधानी में ही सोमवार को करीब 50 सिलेंडर जब्त किए गए। गैस किल्लत को लेकर प्रदेश में प्रदर्शन का दौरगैस की किल्लत के चलते पूरे प्रदेश में प्रदर्शन का दौर भी जारी है। सोमवार को भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चाय की दुकान लगाई। नाले में पाइप लगाकर उससे निकलने वाली गैस से चाय बनाने की कोशिश की। प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए पोस्टर में लिखा था- कृपया मोदी जी की सलाह मानें। रसोई गैस के पीछे न भागें, गंदे नाले की गैस का उपयोग करें। मंदसौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ठेले पर गैस सिलेंडर रखकर रैली निकाली। प्रधानमंत्री के खिलाफ नरेंदर-सरेंडर के नारे लगाए।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
अगर आप अपना घर, दुकान या कोई कमर्शियल बिल्डिंग बनाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। मध्य प्रदेश श्रम विभाग ने निर्माण कार्यों को लेकर नियमों को और सख्त कर दिया है। अब किसी भी तरह का निर्माण कार्य शुरू करने से कम से कम 30 दिन पहले संबंधित क्षेत्र के लेबर इंस्पेक्टर को सूचना देना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर मकान मालिक या बिल्डर (नियोक्ता नियोजक) को 3 महीने की जेल या जुर्माना हो सकता है। पिछले सप्ताह श्रम विभाग ने राजधानी में अधिकारियों की बैठक कर प्रजेंटेशन दिया और इन नियमों और प्रावधानों को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए। वहीं क्रेडाई ने भी इन नए नियमों से अपने सभी बिल्डर्स को अवगत करा दिया है। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 10 लाख रुपए से ज्यादा की लागत से बनने वाले निजी मकान के निर्माण की सूचना श्रम विभाग को देना जरूरी होगी। कंस्ट्रक्शन कॉस्ट का एक फीसदी लेबर सेस यानी श्रमिक उपकर विभाग को देना होगा। वहीं हर प्रकार की कमर्शियल बिल्डिंग भले ही उसकी लागत एक लाख रुपए हो उसके निर्माण की सूचना देनी होगी। क्यों लिया गया यह फैसला? श्रम विभाग का कहना है कि हमारा मुख्य उद्देश्य कंस्ट्रक्शन साइट पर श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। श्रम विभाग के अनुसार, कई निर्माण स्थलों पर न तो सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है और न ही मजदूरों का पंजीयन किया जा रहा है। निर्माण शुरू करने से 30 दिन पहले नोटिस देना जरूरी भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 की धारा 46 के तहत यह कानूनी बाध्यता है। यदि आप कोई भी भवन या व्यावसायिक निर्माण शुरू करने जा रहे हैं, तो काम शुरू होने की तारीख से कम से कम 30 दिन पहले इसकी लिखित सूचना उस क्षेत्र के श्रम निरीक्षक (लेबर इंस्पेक्टर) को देनी होगी। इसमें निर्माण की प्रकृति, स्थान और संभावित मजदूरों की संख्या का विवरण होना चाहिए। सूचना न देने पर इसे नियमों का उल्लंघन मानकर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। 10 लाख से अधिक के निजी निर्माण पर 1% सेसनियमों के मुताबिक, सभी व्यावसायिक निर्माण कार्यों पर निर्माण लागत का 1% उपकर (सेस) जमा करना अनिवार्य है। इसके साथ ही, यदि आप अपना निजी मकान बना रहे हैं और उसकी निर्माण लागत 10 लाख रुपए से अधिक है, तो आपको भी यह 1% राशि मण्डल में जमा करानी होगी। यह पैसा सीधे तौर पर मजदूरों के कल्याण, उनकी चिकित्सा और बच्चों की शिक्षा जैसी सरकारी योजनाओं में उपयोग किया जाता है। श्रमिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के कड़े मानकनियोक्ता यानी मालिक या बिल्डर की यह जिम्मेदारी है कि वह निर्माण स्थल पर काम करने वाले हर मजदूर को सुरक्षा किट उपलब्ध कराए। इसमें मुख्य रूप से सिर की सुरक्षा के लिए हेलमेट, पैरों के लिए सुरक्षा जूते और हाथों के लिए दस्ताने। ऊंचाई पर काम करने के लिए सेफ्टी बेल्ट। साथ ही, मजदूरों की नियमित स्वास्थ्य जाँच और कार्यस्थल पर प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) की सुविधा देना भी अनिवार्य है। पोर्टल और मोबाइल ऐप पर अनिवार्य पंजीयन श्रम विभाग ने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 'श्रम सेवा पोर्टल' और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। नियोक्ताओं को अब ऑनलाइन माध्यम से निर्माण स्थल का पूरा विवरण देना होगा। इसमें: निर्माण स्थल की सटीक लोकेशन (जियो टैगिंग), कार्यरत कर्मचारियों और मजदूरों की कुल संख्या। मजदूरों के लिए उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाएं (पीने का पानी, शौचालय आदि)। यदि जानकारी में कोई बदलाव होता है, तो 2 दिन के भीतर पोर्टल पर उसे अपडेट करना भी जरूरी है। नियमों की अनदेखी पर जेल और लगेगा भारी जुर्माना यदि कोई नियोजक धारा 46 के तहत सूचना देने में विफल रहता है, तो अधिनियम की धारा 50 के तहत सख्त सजा का प्रावधान है। इसमें नियोक्ता को 3 महीने तक की जेल हो सकती है। 2000 रुपए तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में जेल और जुर्माना दोनों एक साथ भुगतने पड़ सकते हैं। इसके अलावा, निर्माण स्थल पर किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर यदि सुरक्षा मानकों में कमी पाई गई, तो अलग से कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। श्रम विभाग मजदूरों के लिए चला रहा 25 स्कीममप्र भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के जरिए श्रम विभाग श्रमिकों के लिए 25 योजनाएं चला रहा है। इनमें मजदूरों के बच्चों की शिक्षा के लिए श्रमोदय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। वहीं श्रमिक की सामान्य मौत पर दो लाख और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपए की अनुग्रह सहायता राशि दी जाती है। शहरों में नगर निगम के जरिए मिलता है उपकरबडे़ शहरों खासकर नगर निगम क्षेत्रों में श्रम विभाग को उपकर नगर निगम के जरिए मिलता है। जो लोग निर्माण शुरु कर रहे हैं वे नगर निगम से अनुमति लेने जाते हैं तो उसी दौरान एक फीसदी उपकर की राशि जमा हो जाती है। और बाद में नगर निगम श्रम विभाग को यह उपकर की राशि ट्रांसफर कर देता है। श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हमारा उद्देश्य निर्माण श्रमिकों के लिए कंस्ट्रक्शन साइट पर सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करना है। इसलिए अब निर्माण कार्यों को लेकर निगरानी तेज की जाएगी। नए नियम आए हैं हमने शेयर किए हैं: क्रेडाईक्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज सिंह मीक ने कहा कि रियल एस्टेट डेवलवपर लंबे समय से लेबर सेस नगर निगम की अनुमति लेते समय जमा करता रहा है। नए श्रम कानूनों के तहत अभी लेबर की सुरक्षा के लिए नए नियम आए हैं। इसके लिए विभाग ने अभी कार्यशाला आयोजित की थी उसमें क्रेडाई ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। जो भी दस्तावेज हमें मिले हैं वो अपने रियल एस्टेट डेवलपर्स के साथ शेयर किए हैं। क्रेडाई के जो डेवलपर हैं वो श्रमिकों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। इसके लिए हम लगातार ट्रेनिंग करते रहते हैं। क्रेडाई नेशनल के अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत हम नेशनल लेवल और भोपाल में श्रमिकों के स्किल डेवलपमेंट और उनकी सुरक्षा के लिए काम करते रहते हैं। श्रमिकों की सुरक्षा के लिए आधुनिक टूल्स उपलब्ध हैं उनकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। और निर्माण में शामिल संस्थाएं, डेवलपर्स उनका उपयोग करें। ये खबर भी पढ़ें.. एमपी में 'वर्किंग एज' में हो रही मौत मध्यप्रदेश में 60 साल से कम उम्र के मजदूरों की मौत के आंकड़ों ने सरकार की नींद उड़ा दी है। श्रम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में हर साल औसतन 60,000 से ज्यादा पंजीकृत श्रमिकों की मौत हो रही है । चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदेश में औसत आयु करीब 67 वर्ष है, लेकिन बड़ी संख्या में मजदूर अपनी कार्यशील आयु (18 से 60 वर्ष) के दौरान ही दम तोड़ रहे हैं।पूरी खबर पढ़ें
दुष्कर्म का आरोपी बरी, कोर्ट ने कहा -पीड़िता के बयान को परम सत्य नहीं माना जा सकता
मामला पुलिस थाना हजीरा का, 2 माह 23 दिन जेल में बंद रहा आरोपी युवक अश्लील फोटो वायरल करने का भी आरोप दुष्कर्म के आरोप में लगभग 83 दिन जेल में रहे युवक को ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश सिद्धि मिश्रा ने कहा कि किसी भी पीड़िता के बयानों को परम सत्य नहीं माना जा सकता। न्याय के लिए साक्ष्यों की विश्वसनीयता अनिवार्य है। कोर्ट ने समाज में आ रहे बदलावों का जिक्र करते हुए कहा - अक्सर देखा जा रहा है कि युवतियां पारिवारिक दबाव या रिश्तों में कड़वाहट आने पर सहमति से बनाए गए संबंधों को बलात्कार का नाम दे देती हैं, जो न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। मामला पुलिस थाना हजीरा का है, जहां युवती ने मार्च 2021 में युवक पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। पुलिस में दर्ज शिकायत में पीड़िता ने बताया कि आरोपी बलवीर उसके भाई का िमत्र है। दोनों एक दूसरे से फोन पर बात करते थे। आत्महत्या करने की धमकी देकर युवक ने उसे अपने कमरे पर बुलाया, फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। रिपोर्ट में युवक पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और अश्लील फोटो वायरल करने का भी आरोप लगाया। इन आधार पर किया बरी कोर्ट की टिप्पणी यह मामला बलात्कार का नहीं, बल्कि आरोपी से योजनाबद्ध तरीके से छुटकारा पाने का था, क्योंकि वह लगातार पीड़िता के संपर्क में था और शादी का दबाव बना रहा था।
सीरप की शीशियों की गिनती गलत निकली, आरोपी हुआ बरी
नशीली दवा के अवैध परिवहन के मामले में आरोपी सौरभ जैन को कोर्ट ने बरी कर दिया है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने सौरभ जैन को 5 दिसंबर 2018 को आनंद नगर चौराहे पर एक ऑटो में रखी 1020 बोतल कफ सिरप के साथ पकड़ा था, जिसके लिए वे 546 दिन जेल में रहे। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मामले के स्वतंत्र गवाह मुकर गए और जब्त माल की संख्या में भी विसंगति मिली, जहाँ जब्ती के समय 1020 बोतलें बताई गई थीं लेकिन मालखाना रजिस्टर में 1024 बोतलें दर्ज पाई गईं। न्यायालय ने विशेष रूप से अधिनियम की धारा 52ए के तहत नमूनों की प्रक्रिया में हुई आठ महीने की देरी और मालखाने से साक्ष्यों को बिना स्पष्ट अदालती आदेश के निकालने को संदिग्ध माना, जिससे साक्ष्यों की सुरक्षित अभिरक्षा की कड़ी टूट गई। इन विसंगतियों के आधार पर अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है।
भोपाल से विशाखापट्टनम भेजी जा रही दो लग्जरी कारों—बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज को कंटेनर में सुरक्षित पहुंचाने के बजाय रास्ते में उतारकर सैकड़ों किलोमीटर तक चलाने का मामला सामने आया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग भोपाल ने दोनों मामलों में लॉजिस्टिक कंपनी डीआरएस दिलीप रोड लाइंस लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग ने कहा कि ग्राहक की अनुमति के बिना वाहन को कंटेनर से निकालकर चलाना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। दोनों मामलों में कंपनी को परिवहन शुल्क लौटाने के साथ मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। बता दें कि यह दोनों गाड़ियां फरवरी 2025 में भोपाल से खरीदी गईं थीं, हाल ही कंज्यूमर आयोग ने इस मामले में फैसला सुनाया है। मामला-1: BMW कार 760 किमी चलाकर पहुंचाईपहला मामला नेशनल इनर्जी ट्रेडिंग एंड सर्विसेस लिमिटेड का है। कंपनी ने अपनी बीएमडब्ल्यू एम340आई एलसीआई एक्सड्राइव शेडो कार को भोपाल से विशाखापट्टनम भेजने के लिए डीआरएस दिलीप रोड लाइंस की सेवाएं ली थीं। इसके लिए 60 हजार रुपए का भुगतान किया गया और वाहन को कंटेनर के माध्यम से सुरक्षित पहुंचाने का आश्वासन दिया गया। बुकिंग के समय वाहन की मीटर रीडिंग करीब 3864 किलोमीटर थी। जब कार विशाखापट्टनम में डिलीवर हुई तो मीटर रीडिंग 4624 किलोमीटर पाई गई। जांच में सामने आया कि भोपाल से हैदराबाद तक वाहन कंटेनर में लाया गया, लेकिन उसके बाद कंपनी के कर्मचारियों ने बिना ग्राहक की अनुमति के कार को कंटेनर से उतारकर करीब 760 किलोमीटर सड़क मार्ग से चलाकर पहुंचा दिया। फास्टैग कटौती और ओडोमीटर रीडिंग से भी यह तथ्य स्पष्ट हुआ। मामला-2: मर्सिडीज भी 757 किमी चलाकर पहुंचाई दूसरा मामला केआरएस डायरेक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड की मर्सिडीज बेंज कार से जुड़ा है। इस कंपनी ने भी अपनी कार को भोपाल से विशाखापट्टनम भेजने के लिए उसी लॉजिस्टिक कंपनी की सेवाएं ली थीं और इसके लिए लगभग 60 हजार रुपए का भुगतान किया था। वाहन को कंटेनर के माध्यम से सुरक्षित पहुंचाने का दावा किया गया था। हालांकि डिलीवरी के समय मीटर रीडिंग देखकर मालिक को संदेह हुआ। जांच में सामने आया कि कार को हैदराबाद के पास कंटेनर से उतारकर करीब 757 किलोमीटर तक सड़क मार्ग से चलाकर विशाखापट्टनम पहुंचाया गया। इस पर वाहन मालिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और कंपनी को कानूनी नोटिस भी भेजा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंच गया। डिलीवरी पर बढ़ी मीटर रीडिंग से खुला मामला जब दोनों कारें विशाखापट्टनम में डिलीवर की गईं तो मालिकों को मीटर रीडिंग देखकर संदेह हुआ। बीएमडब्ल्यू की रीडिंग 3864 किमी से बढ़कर 4624 किमी हो गई थी, जबकि दूसरे मामले में भी सैकड़ों किलोमीटर की बढ़ोतरी सामने आई। जांच में पता चला कि भोपाल से हैदराबाद तक कारें कंटेनर में लाई गईं, लेकिन इसके बाद ट्रक ड्राइवर्स ने उन्हें कंटेनर से उतारकर करीब 757-760 किलोमीटर सड़क मार्ग से चलाकर विशाखापट्टनम पहुंचा दिया। फास्टैग कटौती और ओडोमीटर रीडिंग से भी यह तथ्य सामने आया। इसके बाद दोनों वाहन मालिकों ने पुलिस में शिकायत और कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा। कंपनी का तर्क: जुलूस के कारण उतारनी पड़ी कार सुनवाई के दौरान डीआरएस दिलीप रोड लाइंस की ओर से तर्क दिया गया कि हैदराबाद के पास रास्ते में जुलूस निकलने के कारण ट्रैफिक बाधित था और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए कारों को कंटेनर से उतारकर चलाना पड़ा। हालांकि आयोग ने माना कि ग्राहक की अनुमति के बिना ऐसा करना सेवा में कमी है और इसे उचित नहीं ठहराया जा सकता। दोनों मामलों में 2.20 लाख का भुगतान जिला उपभोक्ता आयोग भोपाल की पीठ ने दोनों मामलों में कंपनी को आदेश दिया कि दो माह के भीतर 60 हजार रुपए परिवहन शुल्क वापस करे। इसके अलावा 25 हजार रुपए सेवा में कमी के लिए, 20 हजार रुपए मानसिक कष्ट के लिए और 5 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में भुगतान करे। निर्धारित अवधि में राशि नहीं देने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। बता दें कि यह फैसला भोपाल कंज्यूमर आयोग की बैंच 1 के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल और सदस्या डॉक्टर प्रतिभा पांडेय ने सुनाया लग्जरी कारों की सर्विसिंग बेहद महंगी परिवादियों की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता रोहित शर्मा ने बताया कि दोनों कारें लग्जरी सेगमेंट की हैं और उनकी कीमत करीब एक-एक करोड़ रुपए के आसपास है। ऐसे वाहनों की सर्विसिंग सामान्य गाड़ियों की तुलना में कई गुना महंगी होती है। उन्होंने कहा कि करीब 13 हजार किलोमीटर पर सर्विसिंग होती है और इसकी लागत भी काफी अधिक रहती है। बिना अनुमति इतनी दूरी तक गाड़ी चलाना उपभोक्ता के साथ गंभीर लापरवाही है और जरूरत पड़ने पर मामले में आगे कानूनी विकल्प भी देखे जा सकते हैं। ये खबर भी पढ़ें… दिव्यांग युवती के प्लॉट का न विकास न मिला कब्जा भोपाल की आवासीय योजनाओं में देरी और अधूरे विकास को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। इसी कड़ी में जिला उपभोक्ता आयोग ने एयर सिटी आवासीय योजना से जुड़े एक मामले में भोपाल विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आयोग ने माना कि वर्षों तक भूखंड का विकास कार्य पूरा नहीं करना और कब्जा नहीं देना उपभोक्ता के अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।पूरी खबर पढ़ें
मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल इंदौर में बनने जा रहा है। यह हॉस्पिटल वर्तमान एमवाय हॉस्पिटल से भी बड़ा होगा। इससे बनाने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इंदौर में बनने वाले प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल का नाम न्यू एमवाय हॉस्पिटल रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1610 बेड वाले अत्याधुनिक टीचिंग हॉस्पिटल का प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है। इस हॉस्पिटल को तैयार करने के लिए प्रशासनिक रूप से 773.07 करोड़ रुपए की मंजूरी दी जा चुकी है। इंदौर में बनने वाले नए एमवाय हॉस्पिटल को तैयार करने में अनुमानित लागत लगभग 586.65 करोड़ रुपए आएगी। इसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। विधायक गोलू शुक्ला ने बताया कि एमवाय हॉस्पिटल हमारे मालवा निमाड़ की संजीवनी बूटी है। अब हम नया हॉस्पिटल 1610 बेड का बनाने जा रहे हैं। नए हॉस्पिटल बनाने का काम अब शुरू होने वाला है। दो से चार दिन में ही इसका काम शुरू हो जाएगा। तीन साल में अस्पताल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। दैनिक भास्कर में सबसे पहले देखिए ऐसा बनेगा न्यू एमवाय हॉस्पिटल… 81.5 एकड़ में बनकर तैयार होगा हॉस्पिटल3D विजुअलाइजेशन में अस्पताल देखने में बिल्कुल आधुनिक लग रहा है। सोलर पैनल, हरे-भरे गार्डन, फाउंटेन, वाइड प्लाजा, एंबुलेंस एंट्री और भव्य प्रवेश द्वार। MPBDC के जरिए यह ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट 81.5 एकड़ में बन रहा है। डीडीएफ कंसल्टेंट्स आर्किटेक्ट हैं और आयरन ट्रायंगल लिमिटेड ने इसको बनाने का ठेका लिया है। इस हॉस्पिटल को पूरा करने के लिए सरकार ने 36 महीने की समय सीमा तय की है। न्यू एमवाय के पास में मौजूद कई पुरानी इमारतें (ओल्ड क्वार्टर्स, कुछ ब्लॉक) तोड़े जाएंगी। वहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज, चाचा नेहरू हॉस्पिटल, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक, कैंसर हॉस्पिटल बरकरार रहेंगे इनका सिर्फ रिनावेशन कार्य किया जाएगा। प्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल होगा न्यू एमवायएमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन का यह प्लान है कि नया एमवाय हॉस्पिटल बनाया जाए। क्योंकि वर्तमान एमवाय में चौदह सौ पचास बेड है, जो की हमेशा ओवरलोडेड रहते हैं। पेशेंट की संख्या ज्यादा होने की वजह से लोड ज्यादा होने की वजह से एक नए अस्पताल की आवश्यकता है। जिसके तहत एक नई बिल्डिंग बनाई जा रही है।वर्तमान में एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रदेश में सबसे ज्यादा बिस्तरों की संख्या के साथ आज भी मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा अस्पताल है। अब यह नया एमवाय बन जाएगा तो हमारी क्षमता ओर अधिक हो जाएगी, जिससे हम दिल्ली और मुंबई के बराबर में खड़े हो जाएंगे।
वाराणसी में BHU के सर्जरी डिपार्टमेंट की जूनियर डॉक्टर द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जूनियर डाॅक्टरों ने मंगलवार को भी अस्पताल के डायरेक्टर का घेराव किया। अपनी मांगें उनके समक्ष रखी। डायरेक़्टर ने उनकी मांगें पूरी करने की बात कही लेकिन जूनियर डाॅक्टरों ने कहा, उन्हें यह आश्वासन मौखिक नहीं बल्कि लिखित में आदेश चाहिए। हालांकि जूनियर डाॅक्टरों और डायरेक़्टर के बीच हुई वार्ता असफल रही। जूनियर डॉक़्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अंबुज ने बताया कि यदि उनकी मांगों पर 24 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई की प्रक्रिया नहीं की जाती है, तो हम बीएचयू के रेजिडेंट डॉक्टर, अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा करेंगे तथा इमरजेंसी आईसीयू जैसी सेवाओं को छोड़कर अस्पताल की अन्य सेवाएं तत्काल प्रभाव से स्थगित कर देंगे। जूनियर डाक्टरों की यह है मांग इंसुलिन की ज्यादा डोज लेने के बाद बिगड़ी हालत घटना शुक्रवार की है। IMS BHU के सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर ने 100 यूनिट इंसुलिन इंजेक्शन की अधिक डोज ले ली थी इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। घटना के पीछे कुछ डॉक्टर्स व सीनियरों द्वारा उत्पीड़न किया जाना भी बताया गया है। हालांकि निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। वहीं, जूनियर डॉक्टर लगातार इस घटना के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली क्षेत्र के गांव सुरेहती जाखल में बंद पड़े एक मकान में चोरी का मामला सामने आया है। चोर मकान के ताले तोड़कर नकदी, पीतल-कांसे के बर्तन और CRPF में रहे अधिकारी के मेडल व ट्रॉफी चोरी कर ले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में सविता निवासी गांव सुरेहती जाखल ने बताया कि उनका मकान 28 फरवरी 2026 से बंद पड़ा था। बीती शाम को उनके भतीजे आकाशवीर मकान पर पहुंचे और मुख्य दरवाजा खोलकर अंदर गए तो देखा कि घर के ताले टूटे हुए थे। कमरे के अंदर रखे संदूक के ताले भी टूटे हुए थे और सामान बिखरा पड़ा था। ट्राफियां भी ले गया चोर सूचना मिलने पर सविता सुबह मकान पर पहुंची और जांच की तो पता चला कि घर से करीब 20 हजार रुपये नकद, पीतल की परात, कढ़ाई, बाल्टी, टोकनी, कांसे की थाली व कचौला, तांबे के दो लोटे, पीतल के दो लोटे, गैस चूल्हा और बिजली का चूल्हा गायब हैं। इसके अलावा उनके दिवंगत पति वीरेंद्र सिंह, जो CRPF में डिपार्टमेंटल कमांडेंट थे, के सभी मेडल और ट्रॉफियां भी चोरी हो गईं। पुलिस ने किया मामला दर्ज सूचना मिलने पर एएसआई अनिल कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने सविता की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को भी मौके पर बुलाया गया है।
हरियाणा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय द्वारा पीजी बॉन्ड पॉलिसी को लेकर स्टेकहोल्डर मीटिंग का नोटिस जारी किया गया है, जो एमबीबीएस छात्रों के लिए हैरान करने वाला है। पिछले कई महीनों से यूजी बॉन्ड पॉलिसी से प्रभावित छात्र सरकार से इसके क्रियान्वयन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश और रोडमैप की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। ऐसे समय में जब यूजी बॉन्ड पॉलिसी के तहत पहला बैच MBBS पूरा कर चुका है और अपने भविष्य को लेकर असमंजस में है, सरकार द्वारा पीजी बॉन्ड पॉलिसी पर चर्चा शुरू करना नीति निर्माण की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है। एमबीबीएस के साढे 5 साल पूरे कर चुके हजारों छात्र आज भी नौकरी, करियर और अपने मूल दस्तावेज़ों को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। नहीं कर पा रहे आवेदन संघ लोक सेवा आयोग संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा (UPSC Combined Medical Services) के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 है। लेकिन हरियाणा के कई एमबीबीएस छात्र आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनके आवश्यक मूल दस्तावेज़ अभी भी कॉलेजों की अभिरक्षा में हैं और उन्हें जारी नहीं किए जा रहे। पंजीकरण में आ रही बाधा इसी तरह हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज मेडिकल ऑफिसर परीक्षा पास करने वाले कई छात्रों को हरियाणा मेडिकल काउंसिल की स्थायी पंजीकरण प्रमाणपत्र जमा करने के लिए ई-मेल प्राप्त हुआ है। लेकिन आवश्यक दस्तावेज़ न मिलने के कारण वे पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
मोतीझील सब स्टेशन पर काम: शहर के बाजार और रिहायशी इलाकों में 7 घंटे तक बिजली रहेगी गुल
बिजली कंपनी 17 मार्च को सब स्टेशन का सर्किट ब्रेकर, आइसोलेटर और एसटीसी जैसे जरूरी काम कराएगा। इस कारण शहर में करीब चार घंटे बिजली गुल रहेगी। बिजली कंपनी मोतीझील सब स्टेशन पर 132 और 33 केवी में काम होगा। इस कारण 11 केवी और 33 केवी के चार फीडर बंद रहेंगे। इसी प्रकार शहर में एसटीसी और नगर निगम के काम चलते 4 फीडर बंद रहेंगे।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा मंगलवार को 12वीं कक्षा एवं डीएलएड की परीक्षा ली जाएगी। नकल रहित बोर्ड परीक्षा के लिए बोर्ड प्रशासन द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं 17 मार्च को संचालित होने वाली सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) गणित विषय एवं डीएलएड की परीक्षा में 50581 परीक्षार्थी/छात्र-अध्यापक शामिल होंगे। इससे पहले सोमवार को सेकेंडरी कक्षा की मुख्य विषयों की परीक्षा हुई। 10वीं के सामाजिक विज्ञान एवं डीएलएड की परीक्षा में अनुचित साधन के कुल 36 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी से 7 पर्यवेक्षक को कार्यभार मुक्त किया। वहीं सीनियर सेकेंडरी की परीक्षाएं 1 अप्रैल को संपन्न होने जा रही है। अब तक 256 नकलची पकड़े इधर, शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जा रही बोर्ड परीक्षाओं (10वीं एवं 12वीं कक्षा की परीक्षाओं) में अब तक कुल 256 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े जा चुके हैं। हालांकि शिक्षा बोर्ड ने नकल रहित परीक्षा करवाने के लिए दावा किया था। इसके अलावा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 50 कर्मचारियों को कार्यभार मुक्त भी किया जा चुका है। बता दें कि सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाओं के लिए प्रदेशभर में करीब 1431 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन परीक्षा केंद्रों पर लगभग 5 लाख 66 हजार 411 परीक्षार्थी प्रविष्ठ हो रहे हैं। जिसमें 2 लाख 96 हजार 593 लड़के व 2 लाख 69 हजार 818 लड़कियां शामिल हैं। 10वीं कक्षा की अंतिम परीक्षा 20 मार्च को व 12वीं कक्षा की अंतिम परीक्षा 1 अप्रैल को आयोजित की जाएगी।
दीनदयाल प्रसाद घर की रसोइयों पर इंधन का संकट खत्म नहीं हुआ है। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को उम्मीद थी कि थाली का आंकड़ा 2000 को पार कर जाएगा। लेकिन सिर्फ पांच सिलेंडर मिलने से सिर्फ 1304 भोजन की थाली अंतर राज्यीय बस स्टैंड की रसोई पर तैयार हुईं। यहां से भोजन को राजपायगा और इंटक मैदान में संचालित दीनदयाल प्रसाद घर पर पहुंचाया गया। दिन भर में उक्त तीनों स्थलों पर ही भोजन लोगों को मिल सका। पिछले चार दिन से दीनदयाल प्रसाद घर की रसोई पर इंधन का संकट मंडरा रहा है। नगर निगम के अधिकारियों को उम्मीद थी कि सोमवार को पर्याप्त सिलेंडर मिल जाएंगे। हालांकि ऐसा नहीं हो सका। सिलेंडर 5 ही मिले, इसलिए तीन रसोई में नहीं जला चूल्हा भास्कर इनसाइट इंटक, झांसी रोड पर रोज जाती थी चार गाड़ियां, वे सभी बंद हुई निगम की चार रसोई के अलावा शहर में चार स्थलों पर चार गाड़ियों में भोजन तैयार कर भेजा था। उनके माध्यम से जरूरतमंदों को सिर्फ पांच रुपए में थाली मिल जाती थी। इंधन संकट के चलते तीन रसोई इंटक मैदान, झांसी रोड बस स्टैंड और राजपायगा में चूल्हा नहीं जला है। वहीं चार रूट पर जाने वाली गाड़ी बंद हो गई हैं।
उदयपुर फाइल्स इफेक्ट भाजपा राजनीति:सीएम की अगवानी, सूची से शहर व देहात जिलाध्यक्षों के नाम काटे गए
चर्चित उदयपुर फाइल्स का इफेक्ट सोमवार को देखने को मिला। इसका गवाह बना डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट। जहां राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अगवानी करने के लिए चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, शहर विधायक ताराचंद जैन, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, एसपी योगेश गोयल और कलेक्टर नमित मेहता पहुंचे। लेकिन एयरपोर्ट पर अगवानी करने वालों में शहर भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह और देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली दिखाई नहीं दिए। इसे लेकर शहर में दिनभर चर्चा रही कि सीएम-प्रदेशाध्यक्ष की जिलाध्यक्षों से दूरी के सियासी मायने कहीं उदयपुर फाइल्स (शहर भाजपा नेत्री संग कुछ भाजपा नेताओं के कथित आपत्तिजनक वीडियो) कांड का इफेक्ट तो नहीं है? हालांकि, देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर का कहना है कि वे बेणेश्वर धाम में सीएम की सांसदों-विधायकों-जिलाध्यक्षों की बैठक में शामिल होने गए थे, इसलिए एयरपोर्ट पर नहीं पहुंच सके। शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा एयरपोर्ट पर 9 जनप्रतिनिधियों व शहर-देहात जिलाध्यक्षों सहित 11 लोगों की सूची सीएम-प्रदेशाध्यक्ष की अगुवानी के लिए भेजी थी, लेकिन एयरपोर्ट पर शहर जिलाध्यक्ष (गजपाल सिंह) व देहात जिलाध्यक्ष (पुष्कर तेली) के नाम काट दिए गए थे। इसलिए मौजूद नहीं रह सके। कुछ लोग झूठी अफवाहें फैलाने का काम कर रहे हैं। लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि मामला उदयपुर फाइल्स से ही जुड़ा है। अगर ऐसा नहीं होता तो एक दिन पहले रविवार को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की अगवानी के लिए भी सोमवार की तरह 11 नामों की सूची भेजी गई, जिसमें किसी के नाम नहीं काटे गए। लेकिन वही सूची जब सोमवार को एयरपोर्ट प्रबंधन के पास भेजी गई तो उसमें उदयपुर शहर और देहात जिला अध्यक्षों के नाम काट दिए गए। दोनों मिलने भी नहीं पहुंचे। एयरपोर्ट प्रबंधन को भेजी लिस्ट में बदलाव भास्कर के पास एयरपोर्ट प्रबंधन को भेजे गए पत्र की कॉपी है, जिसमें दोनों जिला अध्यक्षों, सांसदों, विधायकों सहित 11 नामों की सूची एडीएम प्रशासन जितेंद्र ओझा के हस्ताक्षर के साथ एयरपोर्ट प्रबंधन को भेजी गई थी। इसमें दोनों जिला अध्यक्षों के नामों के आगे क्रॉस का निशान लगाकर काट दिया गया, जिस पर टर्मिनल प्रबंधन की सील सहित हस्ताक्षर अंकित हैं। बता दें कि सोमवार को सीएम शर्मा उदयपुर होकर बेणेश्वर धाम, डूंगरपुर के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुए।
बुकिंग प्रक्रिया को धीमा कर बेशक गैस की किल्लत को कम दिखाया जा रहा हो। लेकिन हकीकत में ये किल्लत अब भी उतनी ही बनी हुई है। क्योंकि, ग्वालियर को अपेक्षाकृत सिलेंडर की सप्लाई नहीं मिल पा रही। एक तरफ जहां केंद्र सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर देने पर लगी रोक हटा दी। मगर ग्वालियर में अब भी इस पर प्रतिबंध ही लगाकर रखा गया है। जिसका नतीजा यह है कि खानपान के सभी सेंटर घरेलू सिलेंडरों को लेकर व्यापार कर रहे हैं। जिससे घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी बढ़ गई है। दूसरी तरफ खाद्य आपूर्ति विभाग और गैस कंपनियों के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले की गैस एजेंसियों के पास करीब 16 हजार घरेलू और 1400 कमर्शियल सिलेंडरों का स्टॉक मौजूद है। जिसमें से कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई अस्पताल व जरुरी सेवाओं के लिए दी जा रही है। रिफिलिंग सेंटर और चूल्हा दुकानों की जांच नहीं गैस को लेकर चल रही परेशानियों के बाद भी शहर में ऐसी दुकानों पर टीमें नहीं पहुंची हैं। जहां से गैस सिलेंडर बेचे जाते हैं। हजीरा में पटेल स्कूल के पास, चंद्रनगर, कॉलोनीपुरा,शील नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, गोल पहाडिया, ढोलीबुआ का पुल, गिरवाई चौकी के पीछे, गोवर्धन कॉलोनी, हुरावली आदि क्षेत्रों में ये दुकानें हैं। जिन पर लोग सिलेंडर मनमाने दामों में बेच रहे हैं। वहीं एजेंसी हॉकर्स भी कालाबाजारी कर कमर्शियल उपयोग करने वालों को घरेलू सिलेंडर दे रहे हैं। सिलेंडर आएंगे तभी मिलेगाकमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई के लिए गाइडलाइन तो आ गई है। लेकिन ग्वालियर के लिए झांसी से सिलेंडर नहीं आ पा रहे हैं। जिस कारण ये सप्लाई रोकी गई है। सिलेंडर आने के बाद इस सप्लाई को शुरू कर दिया जाएगा।- कल्पेश मौर्य, नोलि अधिकारी
अजब-गजब मामला:प्रेमी को ‘भाई’ बताकर ससुराल में रखा, फिर उसके साथ फरार
पति की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई, पुलिस को युवती का पता लगाने के निर्देश मप्र हाई कोर्ट में एक अजब-गजब मामला सुनवाई के लिए पहुंचा, जहां पति संदीप ने प|ी के प्रेमी संदीप पर गंभीर आरोप लगाए। याचिका में प|ी पर भी आरोप लगाए हैं। सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने प|ी को पेश करने का निर्देश दिया है। बता दें कि जिस युवक के साथ याची की प|ी कथित रूप से भागना बताई गई है, वह कुछ समय उसके साथ घर में भी रहा। तब प|ी ने युवक को मुंहबोला भाई बताया था। लगभग एक माह साथ में रहने के बाद दोनों भाग गए। एडवोकेट श्रीरतन निगम ने कोर्ट को बताया-संदीप का विवाह 2023 में हुआ था। उसके एक डेढ़ साल का बच्चा है, जबकि प|ी छह माह की गर्भवती भी है। जब युवक उसके घर पर आया तो प|ी ने बताया कि वह उसका मुंहबोला भाई है। इस पर किसी ने उसके साथ रहने पर आपत्ति नहीं जताई और वह लगभग एक माह साथ में ही रहा। बाद में पता चला कि उसकी आयु 18 साल है और प|ी का उसके साथ प्रेम प्रसंग है। 26 फरवरी से दोनों लापता हैं और फोन भी स्विच ऑफ है। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने पुलिस को प|ी का पता लगाने के लिए कहा है।
घर के बाहर बच्चे को ट्रक ने कुचला, पैर फ्रैक्चर
घर के बाहर खेल रहे 5 साल के बच्चे को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। बच्चे के दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। हादसे के बाद चालक भागने लगा, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। घटना गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के नारायण विहार गल्ला मंडी के पास की है। बंटी रावत (39) का छोटा बेटा आशिक 15 मार्च को घर के बाहर खेल रहा था। तभी ट्रक का पहिया उसके पैरों पर चढ़ गया। पिता की शिकायत पर पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बंटी रावत ने बताया कि बच्चे के दोनों पैर टूट गए हैं और वह दर्द से कराह रहा है। उन्होंने आरोपी चालक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्वालियर की सड़कें अब लोगों के लिए सुरक्षित नहीं रहीं। शहर और हाईवे पर रोज औसतन 5 सड़क हादसे हो रहे हैं। हर पांच में से एक व्यक्ति की मौत हो रही है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जनवरी से दिसंबर 2025 तक जिले में 1951 एक्सीडेंट हुए, जिनमें 377 लोगों की जान चली गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां लोगों को सबसे ज्यादा सुरक्षित होना चाहिए, उन्हीं जगहों के सामने तेज रफ्तार वाहन लोगों को कुचल रहे हैं। घरों के सामने, धार्मिक स्थलों के पास, कॉलेज-स्कूल और हाईवे के ढाबों के सामने भी हादसे हो रहे हैं। सिर्फ पांच तरह के स्पॉटों पर ही बीते एक साल में 98 लोगों की मौत अलग-अलग सड़क हादसों में हो चुकी हैं। कॉलेजों के सामने 11 लोगों ने तोड़ा दम, एकसाथ 5 दोस्तों की हुई थी मौत कॉलेजों के आसपास भी सड़कें खतरनाक साबित हो रही हैं। मालवा कॉलेज (सिरोल) के सामने ही 5 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा PGV कॉलेज (जनकगंज), IIITM (हजीरा), MITS (गोला का मंदिर), IHM (महाराजपुरा), MP सिटी कॉलेज (विश्वविद्यालय) और शुक्लाहारी कॉलेज (गिजोर्रा) के सामने एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। यानी कॉलेजों के सामने ही 11 लोग सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं। स्कूलों के आसपास 14 लोगों की जान गई स्कूलों के आसपास भी हादसों का खतरा कम नहीं है। पोट्टर स्कूल (झांसी रोड) और सिंध रोड स्कूल (डबरा) के पास दो-दो लोगों की मौत हुई। जबकि KV-4, पद्मा विद्यालय, सरकारी स्कूल (बहोड़ापुर), SHDM स्कूल, ब्लू हार्ट स्कूल (डबरा), DIPS और IPS स्कूल (डबरा जेल रोड) के पास एक-एक व्यक्ति की जान गई। कुल मिलाकर स्कूलों के आसपास 14 लोगों की मौत दर्ज हुई है। ढाबों और होटलों के सामने 22 लोगों की मौत हाईवे पर बने ढाबों और होटलों के सामने भी तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे बढ़ रहे हैं। पंजाब खालसा ढाबा (आंतरी) के सामने 2 लोगों की मौत हुई। याराना ढाबा, बाबा बघेल ढाबा, मामा ढाबा, महफिल पंजाब ढाबा, फौजी ढाबा, लक्ष्मण ढाबा, कृष्णा ढाबा, बिट्टू सरदार ढाबा, अशोक ढाबा, वाहेगुरु ढाबा, काके दा ढाबा और शेर-ए-पंजाब होटल के सामने एक-एक मौत हुई। धार्मिक स्थलों के सामने 51 लोगों की मौत मंदिर, आश्रम और गुरुद्वारों के सामने भी सड़कें सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक ऐसे स्थानों के सामने 51 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। इनमें शीतला माता मंदिर, सिद्ध बाबा मंदिर (बिलौआ) और काली माता मंदिर (घाटीगांव) के सामने 13 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा गणेश मंदिर, शनिदेव मंदिर गिरराज मंदिर टेकनपुर गुरुद्वारा के पास भी मौतें दर्ज हुई। संवेदनशील जगहों पर लगेंगे वाहन धीमे चलाएं बोर्डयातायात पुलिस सड़क हादसों को रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। 2024 की तुलना में 2025 में हादसों की संख्या कम हुई है, लेकिन मौत के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। घर, स्कूल, कॉलेज, धार्मिक स्थल और ढाबों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जहां हादसे और मौतें हुई हैं, वहां “वाहन धीमे चलाएं” के बोर्ड लगाए जा रहे हैं। साथ ही वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है कि वे वाहन नियंत्रित गति में चलाएं, ताकि खुद के साथ दूसरों की जान भी सुरक्षित रहे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नशे में वाहन न चलाएं और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। -अजीत सिंह चौहान, डीएसपी यातायात पुलिस
ग्वालियर-बलरामपुर एक्सप्रेस 18 को रद्द, बरौनी एक्सप्रेस 2 घंटे देरी से चलेगी
गोंडा–बुढ़वाल रेलखंड पर तीसरी लाइन के निर्माण कार्य के चलते कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। इसका असर ग्वालियर से चलने और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों पर भी पड़ेगा। रेलवे ने यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए पहले ही सूचना जारी की है। हालांकि ट्रेन रद्द होने से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। रेलवे के अनुसार ट्रेन नंबर 22199 ग्वालियर–बलरामपुर एक्सप्रेस 18 मार्च को रद्द रहेगी। इसी तरह वापसी में ट्रेन नंबर 22200 बलरामपुर–ग्वालियर एक्सप्रेस 19 मार्च को रद्द रहेगी। वहीं ट्रेन नंबर 11123 ग्वालियर–बरौनी एक्सप्रेस 19 मार्च को लगभग 120 मिनट यानी करीब दो घंटे की देरी से चलाई जाएगी। इसके अलावा ट्रेन नंबर 15046 ओखा–गोरखपुर एक्सप्रेस 8 और 15 मार्च को बदले हुए मार्ग से संचालित की गई। यह ट्रेन बाराबंकी, अयोध्या और मनकापुर होकर चलाई गई। रेलवे के अनुसार पहले भी कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया था। 11 मार्च को ग्वालियर–बलरामपुर एक्सप्रेस लखनऊ से बलरामपुर के बीच रद्द रही, जबकि 12 मार्च को बलरामपुर–ग्वालियर एक्सप्रेस बलरामपुर से लखनऊ के बीच रद्द रही। इन दोनों ट्रेनों को लखनऊ जंक्शन और आलमनगर के रास्ते संचालित किया था। हालांकि ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। जिन यात्रियों ने 18 और 19 मार्च को ग्वालियर-बलरामपुर व बलरामपुर-ग्वालियर एक्सप्रेस में रिजर्वेशन कराया है।
हाउसिंग बोर्ड: अटल कुंज में गड़बड़ी पर जो अफसर किए सस्पेंड, 84 दिन बाद बहाल
कोर्ट से भी नहीं मिली राहत लेकिन आयुक्त ने निलंबन आदेश को निरस्त करने के आदेश दिए हाउसिंग बोर्ड में अफसरों की मिलीभगत का नया मामला सामने आया है। बोर्ड के तत्कालीन आयुक्त राहुल हरिदास ने अटल कुंज प्रोजेक्ट में हेराफेरी करने के लिए जिन 2 अफसरों को दोषी पाते हुए सस्पेंड किया था। उनके उस आदेश को मौजूदा आयुक्त गौतम सिंह ने 84 दिन बाद 13 मार्च को निरस्त कर दिया है। सिंह ने आदेश में कहा है-इस मामले में भोपाल मुख्यालय में पदस्थ उपायुक्त एसके सुमन और ग्वालियर में सहायक यंत्री नीरू राजपूत को निलंबित करने संबंधी 19 दिसंबर 2025 के आदेश को निरस्त किया जाता है। निलंबन अवधि का निराकरण विभागीय जांच के निर्णय के साथ किया जाएगा। गौरतलब है कि डीडी नगर में प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया में बार-बार बदलाव के कारण प्रकरण उलझ गया। जिसके बाद ये मामला हाईकोर्ट गया और फिर मुख्यालय से इसमें जांच की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था। फिर नीरू नेकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप पत्र को चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने राहत नहीं दी।
गुप्तार घाट में मिली लाश की पहचान सोमवार देर शाम कोहना थानाक्षेत्र के रानी का बगीचा निवासी 29 वर्षीय सिद्धार्थ के रूप में हुई। सिद्धार्थ 12 मार्च को दोस्तों के साथ घूमने निकला था। गंगा बैराज में नहाने के दौरान वह डूब गया था, जिसके बाद सोमवार सुबह उसका शव गुप्तार घाट के किनारे पड़ा मिला। कुत्तों का झुंड शव को नोच कर खा रहे थे, यह देख घाट किनारे मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची फीलखाना पुलिस ने मामले की जांच कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह गुप्तार घाट किनारे एक शव मिला था, जिसे कुत्ते नोंच कर खा रहे थे। शव पूरी तरह से सड़ चुका था। पुलिस ने मामले की जांच कर शव की शिनाख्त न होने पर सोशल मीडिया का सहारा लिया। फिर वायरल फोटो के आधार पर शाम को कोहना थाना क्षेत्र के रानी का बगीचा में रहने वाला परिवार फीलखाना थाने पहुंचे और शव की शिनाख्त 29 वर्षीय सिद्धार्थ के रूप में की। परिजनों के मुताबिक, 12 मार्च दोस्तों के साथ घूमने निकला सिद्धार्थ गंगा स्नान के दौरान डूब गया था। गोताखोरों ने उसकी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं लग पाया था। एसीपी कोतवाली ने बताया कि शव की शिनाख्त परिजनों ने कर ली है। गुप्तार घाट में मिला शव डिकंपोज हो गया था।
मार्च के तीसरे सप्ताह में गर्मी से राहत मिली मार्च के मध्य में बढ़ती गर्मी के बीच अंचल में मौसम ने अचानक करवट ली है। आसमान में बादलों की आवाजाही और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण लोगों को लू जैसी गर्मी से फिलहाल राहत मिल गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बादलों का असर बना रहेगा, जिससे तापमान में तेज बढ़ोतरी की संभावना कम है और 20 मार्च तक लू जैसी गर्मी से अंचलवासियों को राहत के आसार हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान पिछले दिन की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 34.1 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में 2.9 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई और यह 17.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक है। मौसम में नमी का स्तर भी सामान्य से ज्यादा रहा। सुबह की आर्द्रता 72% जबकि शाम की 29% रही। पश्चिमी विक्षोभ का असर फिलहाल बादल छाए रहेंगेग्वालियर-चंबल संभाग की ओर नमी आ रही है, जिसके कारण बादल लगातार छाए हैं। अगले 24 घंटे में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से क्षेत्र में बादल छाए रह सकते हैं और तापमान में अत्यधिक बढ़ोतरी नहीं होगी। यानी लू जैसी गर्मी से अभी 20 मार्च तक राहत के आसार हैं। -दिव्या ई. सुरेंद्रन, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में चैत्र मास में लगने वाला चैत्र चौदस मेला श्रद्धा, भक्ति, परंपरा और कारोबार का अनूठा संगम है। इस ऐतिहासिक मेला छोटी इकोनॉमी को भी बूस्ट करता है। इस मेले से जुड़ा कारोबार कईं करोड़ रुपए का है। आज मंगलवार को चैत्र चौदस मेले का मुख्य स्नान होगा। इस मेले में सबसे बड़ी कड़ी तीर्थ पुरोहित और उनके यजमान हैं। पुरोहित और यजमान का संबंध पीढ़ी-दर-पीढ़ी चल रहा है। पुरोहित अपने यजमानों की वंशावली संभाले हुए हैं। पुरोहितों के मुताबिक, उनके पास 300 साल का रिकॉर्ड बही-पौथी में सुरक्षित दर्ज है। इसके पहले का रिकॉर्ड मुगल आक्रांताओं ने नष्ट कर दिया था। पूजा के बाद दिखाते वंशावली सरस्वती तीर्थ पर देश-विदेश से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान, तर्पण और पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं। पूजा-अर्चना के बाद पुरोहित अपने यजमान को उसके पूर्वजों की जानकारी देते हैं। इस सेवा के बदले में यजमान दान-दक्षिणा अर्पित करते हैं। यह दक्षिणा 1 रुपए से लेकर लाखों रुपए तक हो सकती है। हालांकि पुरोहित अपने यजमान से कोई मांग नहीं करते। अलग-अलग नाम से गद्दी इस तीर्थ पर पुरोहितों को गद्दी के नाम से जाना जाता है। यजमान इन गद्दी का नाम लेकर अपने पुरोहित तक पहुंचते हैं। यहां बड़ वाले, डफां वाले, फुलकारी वाले, सालिग्राम, बंसरी वाले, छतरी वाले, घड़ियां वाले, मोरथली वाले और राजपुरोहित (धौली हवेली) प्रमुख गद्दियां है। पुरोहितों को हरी पगड़ी वाले, नंबरदार जी, पचौली और अन्य नाम से भी पुकारा जाता है। डिजिटल युग में बही-पौथी पर विश्वास खास बात यह है कि इस डिजिटल युग में पुरोहित कंप्यूटर पर विश्वास नहीं करते, इसलिए परंपरा के मुताबिक बही-पौथी में यजमानों का रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है। तीर्थ पुरोहित विनोद शास्त्री ने बताया कि कंप्यूटर में वायरस आने से डेटा खराब हो सकता है। इसके अलावा डेटा चोरी होने का डर भी है।वॉट्सऐप से हो रहा मेल हालांकि पुरोहित अपने काम में मोबाइल का खूब इस्तेमाल करते हैं। यहां पुरोहितों के राम-राम पर्ची ग्रुप, तीर्थ पुरोहित ग्रुप और अन्य कई वॉट्सऐप ग्रुप बने हुए हैं। जैसे ही यजमान तीर्थ पर पहुंचे उनके नाम, गौत्र, पैतृक गांव और दादा-परदादा की जानकारी इन ग्रुप में भेजी जाती है। पुरोहित अपने इंडैक्स में जानकारी का मिलान कर यजमान तक पहुंच जाते हैं। बॉलीवुड की हस्तियां भी यजमान यहां पुरोहितों के पास कई बड़े कारोबारी, राजपरिवार, राजनैतिक और बॉलीवुड हस्तियों की वंशावली भी दर्ज है। तीर्थ पुरोहित विनोद बताते हैं कि पुरोहित का मतलब ही अपने यजमान का हित करना है। यह कमाई का साधन नहीं है, बल्कि सेवा का काम है। कईं पीढ़ियों से उनका यजमनों के साथ धार्मिक और भावनात्मक रिश्ता है। परंपरा और कारोबार का अनूठा संगममेले में होने वाला आर्थिक लेनदेन करोड़ों में रुपए में पहुंच जाता है। यजमान के लिए धार्मिक अनुष्ठान करने वाले ब्राह्मण को जहां दक्षिणा मिलती है, वहीं धार्मिक कर्म में लगने वाली सामग्री से कइयों की आजीविका चलती है। पूजा के बाद बीज वाला फल ले जाने की परंपरा है ताकि धन-धान्य व परिवार में वृद्धि हो। इसलिए तीर्थ पर फल बेचने वाले बैठे रहते हैं। इसके अलावा मेले में बर्तन, कपड़े, चारपाई, आटा, सूत, तेल, तिल, प्रसाद, दूध सहित अन्य सामग्री के लिए स्टॉल भी लगते हैं।
प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का लगातार दायरा बढ़ रहा है। राजस्थान में पिछले एक साल में 1352 शाखाएं बढ़ी हैं। प्रदेश में अब 12 हजार 109 शाखाएं लग रही हैं। वहीं 5 हजार 950 मिलन संचालित हो रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 7 हजार 910 स्थानों पर संगठनात्मक कार्य संचालित हो रहा है। जबकि पिछले साल (2024-25) प्रदेश में 6 हजार 839 स्थानों पर 10 हजार 757 शाखाएं और 5 हजार 311 मिलन संचालित हुए थे। प्रदेश में पिछले एक साल में 7175 हिंदू सम्मेलन हुए। इन सम्मेलनों में 76 लाख 30 हजार 965 लोगों की सहभागिता रही। इन हिंदू सम्मेलनों में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं शामिल हुई। इन सम्मेलनों में 35 लाख 03 हजार 278 पुरुष और 41 लाख 26 हजार 687 महिलाएं शामिल हुईं। क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल ने सोमवार को जयपुर स्थित सेवा सदन में हरियाणा के समालखा में हुई तीन दिवसीय (13 से 15 मार्च) अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विजयादशमी तक शाखाओं की संख्या ओर बढ़ाई जाएगी। इस दौरान उन्होंने जातीय जनगणना और दो से ज्यादा बच्चों को लेकर संघ के विचार भी साझा किए। अब संघ में तीन प्रांत की जगह होंगे पांच संभाग संघ के नए स्ट्रक्चर में अब राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा और बीकानेर पांच संभाग होंगे। प्रांत प्रचारक की जगह अब संभाग प्रचारक होंगे। कार्यक्षेत्र भौगोलिक आधार पर तय किया जाएगा। राज्य में अभी संघ का कार्य क्षेत्र तीन प्रांत जयपुर, जोधपुर और चित्तौड़गढ़ में विभाजित है। नई व्यवस्था लागू होने के साथ प्रांत प्रणाली समाप्त हो जाएगी। नए स्ट्रक्चर में राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू, उत्तरप्रदेश और पंजाब को मिलाकर एक क्षेत्र बनाया जाएगा। नए स्ट्रक्चर का मकसद छोटी इकाइयों पर ज्यादा फोकस करना है। लेह-अंडमान तक पहुंचीं नियमित शाखाएं डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि संघ अंडमान, अरुणाचल प्रदेश, लेह तथा दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंच चुका है, जहां नियमित रूप से शाखाएं संचालित हो रही हैं। देश के दूरस्थ क्षेत्रों में भी संघ कार्य के प्रति उत्साह दिखाई दे रहा है। अंडमान के नौ प्रमुख द्वीपों से 13 हजार से अधिक लोग सरसंघचालक की मौजूद में आयोजित हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए। अरुणाचल प्रदेश में 21 स्वधर्म सम्मेलनों में 37 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता रही। जातिगत जनगणना के नाम पर समाज को बांटा तो संघ विरोध करेगा रमेशचंद्र अग्रवाल ने कहा कि संघ का स्पष्ट मानना है कि अच्छे शासन, अच्छी प्रकार की योजनाएं बनाने के लिए जातिगत जनगणना होती है तो संघ को आपत्ति नहीं है। लेकिन जातिगत जनगणना के नाम पर समाज को बांटने वाले कोई भी प्रश्न होते हैं तो संघ उसका प्रतिकार करेगा। दो से ज्यादा संतान के प्रश्न पर अग्रवाल ने कहा कि हिंदू समाज की जनसंख्या घट रही है। न्यूनतम चार-पांच बच्चे भी चलेंगे।
नौबस्ता में दो युवकों ने कुत्ते को रस्सी से बांध कर घसीटने के बाद नहर में फेंक कर मार डाला। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसमें करीब 20 मीटर तक दो युवक कुत्ते को घसीटते हुए ले जाते दिख रहे हैं। घटना से जुड़े 2 फुटेज वायरल होने के बाद बेजुबानों के लिए काम करने वाली संस्था उम्मीद एक किरण संस्था के संस्थापक मयंक त्रिपाठी ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करवाई है। 13 मार्च की शाम का बताया जा रहा फुटेज मयंक त्रिपाठी ने बताया कि 13 मार्च की शाम करीब 5 बजे एक वीडियो वायरल हुआ। सीसीटीवी फुटेज में आवास विकास हंसपुरम निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू अपनी गली से कुत्ते को घसीटते हुए अपनी दुकान तक ले गया, इसके बाद दुकान में काम करने वाले एक लड़के को रस्सी दे देता है। जिसके बाद दूसरा युवक उसे घसीटते हुए पायनियर स्कूल के सामने नहर में ले जाकर फेंक देता है। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज वायरल होने के बाद जब मयंक मौके पर पहुंचे तो कुत्ते का शव उतराता मिला। इस पर आस पास लोगों से पूछताछ की तो लोगों ने पूरी घटना बताई। वीडियो में आरोपियों के चेहरे भी मिलान हुए तब पुलिस से शिकायत की। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है, जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
ईसर-गवर विवाह की रस्म में किया भगवान गणेश का पूजन
बाड़मेर | होलिका दहन के बाद चैत्र माह के आगमन के साथ सुहागिनों का पारंपरिक पर्व गणगौर महोत्सव इन दिनों माहेश्वरी महिला मंडल की ओर से माहेश्वरी पंचायत भवन संख्या-2 में आयोजित किया जा रहा है। सोमवार को गणगौर विवाह समारोह का शुभारंभ विनायक पूजन, पाठ बिठाई और मेहंदी रस्म के साथ किया गया। इस दौरान गवर की पाठ बिठाई कर वैवाहिक मंगल गीतों के बीच मेहंदी लगाई गई। कुमकुम पत्रिका लिखकर प्रथम निमंत्रण भगवान गणेश को भेजा गया। महिला मंडल सचिव शकुंतला मेहता ने बताया कि 16 दिवसीय गणगौर महोत्सव के अंतर्गत चैत्र कृष्ण पक्ष बारस को गौधूलि बेला में गवर-ईसर विवाह की रस्मों का श्रीगणेश किया गया। महोत्सव के अंतिम दिन पाटिया गंवर सवारी, बंदौली तथा ईसर-गंवर फेरा कार्यक्रम के साथ विवाह समारोह आयोजित होगा। कार्यक्रम में मंजू बिड़ला, विमला पुंगलिया, केशर डागा, आशा तापड़िया, किरण पुंगलिया सहित बड़ी संख्या में समाज की मातृशक्ति उपस्थित रही। मंगलवार शाम 4 बजे गणगौर स्थल पर हल्दी रस्म का आयोजन किया जाएगा।
हर उम्र के बच्चों के लिए होंगी विशेष गतिविधियां
डूंगरपुर| बच्चों को समर्पित एक खास आयोजन जल्द ही शहर में दस्तक देने जा रहा है। दैनिक भास्कर की मीडिया पार्टनरशिप व पीएम इंटरनेशनल स्कूल के सहयोग से किड्स कार्निवल-2026 का आयोजन होगा, जिसमें 0 से 10 वर्ष आयु तक के बच्चों के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रहेगा। रजिस्ट्रेशन को लेकर अभिभावकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इस किड्स कार्निवल में बच्चों के मनोरंजन के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को मंच देने के लिए कई रोचक खेल, प्रतियोगिताएं, एक्टिविटिज, वर्कशॉप्स, फूड जोन और फन जोन तैयार किए जा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन से दूर रखकर स्वस्थ, रचनात्मक और आनंदमय माहौल प्रदान करना है। प्रतिभागी बच्चों को आकर्षक गिफ्ट और प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे। अभिभावक क्यूआर कोड स्कैन कर आसानी से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। अॉफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए सुबह 8 से 12 बजे तक पीएम इंटरनेशनल स्कूल बोरी में संपर्क कर सकते हैं। आयोजन से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9680980322 और 9414104620 से संपर्क किया जा सकता है। 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए मिकी माउस जंपिंग, हेल्दी बेबी कॉन्टेस्ट, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, चेयर रेस सहित कई खेल होंगे। 6 से 10 वर्ष के बच्चों के लिए रैम्प वॉक, डांस प्रतियोगिता, लेमन-स्पून रेस, रस्साकशी, बॉटल बिलियर्ड्स, फ्रॉग रेस, ड्रॉइंग प्रतियोगिता जैसी कई गतिविधियां होंगी।
पेयजल संकट से निपटने हर जिले को 1 करोड़ तक आपात कार्यों की स्वीकृति
भास्कर संवाददाता| डूंगरपुर राजस्थान में आगामी गर्मियों के दौरान संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार ने अग्रिम तैयारियां शुरू कर दी हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) ने सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए वर्ष 2026 की ग्रीष्म ऋतु में आपातकालीन पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के लिए प्रति जिले अधिकतम 1 करोड़ रुपए तक के कार्य स्वीकृत करने की अनुमति दी है। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव पीएचईडी अखिल अरोड़ा ने आदेश जारी कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने जिले में उक्त कार्यो के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। पेयजल संकट वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने कुछ प्रमुख कार्यों की सूची भी जारी की है। इनमें खराब या पुरानी पंप व मोटर का प्रतिस्थापन, जल वितरण प्रणाली को सुचारु बनाए रखने के लिए पाइपलाइनों की मरम्मत या नई पाइपलाइन बिछाना, जल स्रोतों के सूखने या खराब होने की स्थिति में वैकल्पिक जल स्रोतों का निर्माण, पैनल, स्टार्टर और अन्य विद्युत उपकरणों का प्रतिस्थापन जैसे कार्य शामिल हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार कार्यों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, लेकिन कुल वित्तीय सीमा प्रति जिले 1 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होगी। साथ ही सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा, ताकि गर्मियों के दौरान आमजन को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। शहर और ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट न हो, इसके लिए जलदाय विभाग ने करीब 2 करोड़ 7 लाख रुपए का कंटिंजेंसी प्लान तैयार किया है। शहर की जल वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 35 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं जिले के 11 बड़े गांवों में पुरानी पाइप लाइनों की मरम्मत, लीकेज सुधार और अन्य जरूरी कार्यों पर 1 करोड़ 27 लाख रुपए खर्च होंगे। जिन गांवों में नलों से पानी नहीं पहुंच पा रहा है, वहां हैंडपंपों की मरम्मत और सुधार के लिए 45 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता गोपीचंद वर्मा ने बताया कि दूरदराज के उन गांवों को प्राथमिकता दी गई है, जहां पानी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। गर्मी के दौरान जलापूर्ति की निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
पति से झगड़े के बाद पत्नी ने खाया जहर, भर्ती
बांसवाड़ा| आंबापुरा थाना क्षेत्र के माला हाड़ा गांव निवासी एक महिला रीना ने सोमवार को पति राजेंद्र से झगड़े के बाद जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। महिला को उल्टियां होने पर परिजनों उसे स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसे बांसवाड़ा एमजी अस्पताल रेफर कर लिया। यहां महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है। थाना अधिकारी निर्भय सिंह राणावत के अनुसार महिला का एमजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। झगड़े की मूल वजह सामने नहीं आ सकी है। महिला की हालत में सुधार होने पर उसके बयान लिए जाएंगे। परिजनों ने पति-पत्नी के बीच आपसी कहासुनी बताई है।
मंडी फुल- सरसों की डिमांड बढ़ी:8 साल बाद एक ही दिन में आई 12 हजार क्विंटल सरसों
ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट में बाधा आने के कारण पाम, सोया व राइस तेलों का आयात घट गया है। खतरा होने के कारण कार्गोशिपों का बीमा बढ़ गया है। फलस्वरूप पाम 135 और सोया करीब 139 रुपए पहुंच गया है। चूंकि सरसों इन तेलों से बहुत बेहतर है। इसलिए सरसों तेल की डिमांड बढ़ गई है। सरसों तेल भी 139 रुपए पहुंच गया है। मंडी समिति के उपाध्यक्ष अमित गोयल का कहना है कि मौजूदा हालात में सरसों मजबूत हुई है। इसलिए सीजन में सरसों के भाव 6200 प्लस है। सोमवार को सरसों के भाव 6211 रुपए क्विंटल बोले गए। वैसे एमएसपी 6250 रुपए है, लेकिन किसान की उसमें रुचि नहीं है। इस कारण सोमवार को मंडी में रिकॉर्ड 25 हजार से ज्यादा कट्टे की आवक हुई। इससे मंडी के प्लाट और सड़कें सरसों से भरी पड़ी थी। उत्पादन में भी वृद्धि हुई युद्ध के बाद सरसों तेल के भाव 8 रुपए बढ़े युद्ध से पहले सरसों के भाव 131 रुपए थे, अब सरसों तेल का भाव 139 रुपए है, लेकिन जानकारों का कहना है कि भाव बढ़ सकते हैं। क्योंकि विदेशी तेलों की आवक कम है। चैंबर कामर्स के पूर्व अध्यक्ष अनिल अग्रवाल का कहना है कि जब तक ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी जहाजों के लिए नहीं खोलता तब तक पाम आयल में तेजी रह सकते हैं। स्टॉक कम है और स्थितियों को अभी सुधरने में वक्त लग सकता है। मौसम की अनुकूलता से सरसों में प्रतिशत ज्यादा इस साल मौसम की अनुकूलता के कारण बुबाई और उत्पादन के साथ तेल प्रतिशत भी ज्यादा है। नई सरसों में तेल प्रतिशत 41 से 44 प्रतिशत आ रहा है। इस साल 89.40 लाख हैक्टेयर में बुबाई हुई तथा औसत उत्पादन 1311 किलो प्रति हैक्टेयर है। उत्पादन 118.25 लाख टन माना जा रहा है। लाख हैक्टेयर में बुआई हुई। उत्पादन 118.25 लाख टन है। 50 रुपए एमएसपी खरीद है, लेकिन किसानों की रुचि नहीं। लाख टन पाम, सोया ऑयल आया फरवरी में। पिछले महीने से कम।
रामनवमी शोभायात्रा की तैयारी को लेकर बैठक
रांची | श्री सनातन महापंचायत रामनवमी शोभायात्रा को लेकर प्रेस क्लब में बैठक हुई। अध्यक्षता मुख्य संयोजक ललित नारायण ओझा ने की, संचालन सह संयोजक संजय कुमार जायसवाल ने किया। बैठक में मुख्य संरक्षक डॉ. आशा लकड़ा और रांची विधायक चंदेश्वर प्रसाद सिंह सहित सैकड़ों राम भक्त मौजूद थे। अखाड़ेधारी ने यात्रा व झांकियों में संभावित परेशानियों के बारे में केंद्रीय समिति को अवगत कराया। ओझा ने सभी अखाड़ेधारी से मुलाकात कर सहयोग का आश्वासन दिया। डॉ. आशा लकड़ा और चंदेश्वर प्रसाद सिंह ने रामनवमी जुलूस के दिन भक्तों को तपोवन मंदिर तक अस्त्र-शस्त्र लेकर पहुंचने का आह्वान किया।
शुक्ल योग में 19 से शुरू होगा चैत्र नवरात्र, पहले दिन तिथि क्षय का बन रहा संयोग
सिटी रिपोर्टर | रांची चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च यानी गुरुवार से होगी। इस बार शुक्ल योग में कलश स्थापना के साथ ही हिंदू नव संवत्सर-2083 प्रारंभ होगा। इस दिन को सबसे महत्वपूर्ण और पुनीत दिवस माना गया है, क्योंकि आज ही के दिन ब्रह्मा जी ने पूरे सृष्टि की रचना की थी। इस दिन जो वार पड़ता है उसी को वर्ष के राजा माना जाता है। इसलिए इस वर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति (गुरु) होंगे। वहीं, इस साल के मंत्री मंगल ग्रह होंगे। इसलिए इस संवत का नाम रौद्र रखा गया है। रौद्र नव संवत्सर को चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों वाला संवत माना गया है। चैत्र नवरात्र में मां का आगमन पालकी और विदाई हाथी पर होगी, जो अच्छी वर्षा और समृद्धि का संकेत है। खास बात यह है कि चैत्र नवरात्र के पहले दिन तिथि क्षय की स्थिित बन रही है। ऐसे में पहली तिथि छोटी होगी। ज्योतिषाचार्य प्रणव मिश्रा के अनुसार, 18 मार्च को अमावस्या प्रातः 07:30 बजे से प्रारंभ होगी, जो 19 मार्च को सुबह 06.40 बजे तक रहेगी। 19 मार्च को प्रतिपदा संध्या 05.24 बजे तक रहेगी। इस नवरात्र में कई पुण्यकारी और शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जो व्रत करने वालों के लिए सर्वोत्तम और शुभ फलदायी होगा। 26 मार्च को महाअष्टमी का व्रत रखा जाएगा। 27 मार्च को महानवमी मनाई जाएगी। {वृष लग्न मुहूर्त सुबह: 08:51 बजे से 10: 47 बजे तक {अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:32 बजे से 12:21 बजे तक {सिंह लग्न विजय मुहूर्त: संध्या 03:19 बजे से 05:33 बजे तक ज्योतिष शालिनी वैद्य ने बताया कि इस वर्ष चैत्र नवरात्र की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है। सामान्यतः चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के सूर्योदय से नवरात्र और हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है, लेकिन इस बार प्रतिपदा तिथि दोनों दिन सूर्योदय के समय उपलब्ध नहीं है। 19 मार्च को सूर्योदय के समय अमावस्या रहेगी और उसके बाद प्रतिपदा प्रारंभ होगी। यह तिथि अगले दिन यानी 20 मार्च को सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी। 19 और 20 मार्च दोनों दिन सूर्योदय के समय प्रतिपदा नहीं होगी। ऐसी स्थिति को तिथि क्षय कहा जाता है। निर्णय सिंधु के अनुसार जब तिथि का दोनों दिन उदयकाल में अभाव हो, तो पूर्व दिन को ग्रहण किया जाता है। इसी आधार पर 19 मार्च को ही नवरात्र शुरू होगा। 19 मार्च : स्नान दान की अमावस्या तथा प्रतिपदा तिथि, शुक्ल योग माता शैल पुत्री का ध्यान 20 मार्च : द्वितीया तिथि रेवती नक्षत्र, ब्रह्म योग। ब्रह्मचारिणी माता का ध्यान 21 मार्च : तृतीय, अश्विनी नक्षत्र, ऐंद्र योग, मां चंद्रघंटा की पूजा 22 मार्च : चतुर्थी भरणी नक्षत्र, रवि योग, माता कूष्मांडा का ध्यान 23 मार्च : पंचमी कृतिका नक्षत्र, रवि योग, स्कंद माता की पूजा 24 मार्च : षष्ठी रोहिणी नक्षत्र, प्रीति व रवि योग, मां कात्यायनी की पूजा 25 मार्च : सप्तमी, मृगशिरा नक्षत्र। आयुष्मान, माता कालरात्रि का ध्यान 26 मार्च : अष्टमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र, शोभन योग, महागौरी माता का ध्यान 27 मार्च : नवमी, पुनर्वसु नक्षत्र, संध्या से पुष्य नक्षत्र 05: 08 बजे से, रवि योग, यायीजय , सर्वार्थ सिद्धि योग, माता सिद्धिदात्री की पूजा होगी।
शिव मंडा पूजा समिति के अध्यक्ष बनाए गए राजकुमार, मंदिर के पुनर्निर्माण की योजना
रांची | शिव मंडा पूजा समिति, चुटिया की आम बैठक राम लखन जानकी स्मृति भवन में हुई। बैठक में मुख्य संरक्षक विजय कुमार साहू की अध्यक्षता में भव्य शिव मंदिर के पुनर्निर्माण का प्रारूप प्रस्तुत किया गया। मंदिर निर्माण का अनुमानित बजट लगभग 1 करोड़ रुपए रखा गया। वर्ष 2025-26 का लेखा जोखा सर्वसम्मति से पारित हुआ। बैठक में मंदिर के पुजारी पं. शंभू कुमार पांडे ने पूजन कार्यक्रमों की घोषणा की। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष राजकुमार महतो, कार्यकारी अध्यक्ष रवि गोप, महामंत्री प्रमोद गोप सहित अन्य पदाधिकारी चुने गए। सभी सदस्यों ने मिलकर धूमधाम से शिव मंडा पूजा आयोजन की प्रतिबद्धता जताई।
जेयूटी के 137 डिप्लोमा छात्रों को पढ़ाई के दौरान प्लेसमेंट
रांची | झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (जेयूटी) के अंतर्गत डिप्लोमा इंजीनियरिंग के 137 विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही उद्योग से जुड़ने का अवसर मिला है। विभिन्न कंपनियों में कैंपस चयन प्रक्रिया के तहत इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल शाखा के छात्रों का चयन किया है। प्लेसमेंट ड्राइव कुलपति प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह की पहल और मॉनिटरिंग में आयोजित किया गया। ट्रेनिंग अवधि के दौरान विद्यार्थियों को 22 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
जनजातीय विकास के लिए संवेदनशील संवाद जरूरी
रांची | डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के मानवशास्त्र विभाग द्वारा जनजातीय विकास हेतु सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील रणनीतिक विषय पर आयोजित दो दिनी नेशनल सेमिनार का समापन हो गया। विशेषज्ञों का कहना था कि समुदायों के विकास के लिए केवल नीतियां पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके साथ संवाद की ऐसी भाषा और रणनीति विकसित करना जरूरी है जो उनकी संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली के अनुरूप हो। आयोजन सचिव डॉ एसएम अब्बास ने बताया कि एसोसिएशन ऑफ डेवलपमेंट कम्युनिकेशन, अहमदाबाद और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल के सहयोग सेमिनार का आयोजन किया गया था। आदिवासी पहचान, स्वदेशी ज्ञान प्रणाली, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल समावेशन, स्वास्थ्य और शिक्षा पर करीब 100 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता करने वालों में डॉ. अभय सागर मिंज, डॉ. शशि किरण, डॉ. हसीन अख्तर, डॉ. जगदीप उरांव, डॉ. वीपी शर्मा, प्रो. रवींद्र वेमुला और डॉ. एसएम अब्बास शामिल हैं।
मानक पूरे नहीं तो नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता नहीं
हेल्थ रिपोर्टर| रांची राज्य में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। सोमवार को विभाग में नर्सिंग संस्थानों को अनापत्ति प्रमाणपत्र देने से संबंधित निष्पादन समिति की बैठक हुई । बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने की। बैठक में डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, संयुक्त सचिव सीमा कुमारी उदयपुरी, उपसचिव ध्रुव प्रसाद सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में राज्य के 61 नर्सिंग कॉलेजों द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए दिए गए आवेदनों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इन संस्थानों की स्थिति और दस्तावेजों पर विस्तार से चर्चा की। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि परिषद की बैठक 15 दिनों के भीतर आयोजित कर योग्य पाए जाने वाले संस्थानों को अनापत्ति प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। बैठक के दौरान कॉलेजों की आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों से पूछा कि संबंधित कॉलेज अपनी जमीन पर संचालित हैं या लीज पर, उनके पास कितनी जमीन है और भवन में कितने कमरे उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कॉलेजों के लिए जमीन की रसीद और शहरी क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स की स्थिति की भी जांच की जाए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जिन कॉलेजों को पहले अवसर दिया गया था, उन्हें अब तक अपना स्थायी भवन तैयार कर लेना चाहिए था। ऐसे मामलों में लीज या किराये की व्यवस्था के नवीनीकरण की स्थिति की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई संस्थान लगातार नियमों का पालन नहीं कर रहा है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियम उल्लंघन पर जुर्माना और निलंबन की चेतावनी : अपर मुख्य सचिव ने बताया कि विभाग ने विभिन्न प्रकार की कमियों के आधार पर जुर्माने की राशि तय की है। पहली बार उल्लंघन पर 25 हजार रुपये, दूसरी बार 50 हजार रुपये और तीसरी बार एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर संस्थान को निलंबित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई कॉलेज लगातार तीन वर्षों से प्रवेश ले रहा है, लेकिन निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहा है, तो उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर फिलहाल प्रवेश प्रक्रिया रोकने पर विचार किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अब अनापत्ति प्रमाणपत्र से संबंधित पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने सभी कॉलेजों को फैकल्टी की जानकारी ऑनलाइन प्रदर्शित करने, बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू करने और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया।
आईआईटी धनबाद में व्याख्यान देंगे डॉक्टर अभय
रांची | डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची के भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. अभय कृष्ण सिंह 23 मार्च 2026 को धनबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य व्याख्यान देंगे। यह सम्मेलन 22 और 23 मार्च को पर्यावरण विज्ञान एवं अभियंत्रण विभाग की ओर से आयोजित किया जा रहा है।
बारिश की बूंदें, कड़कती बिजली व ‘देवदास’ की तड़प, रंगमंच पर जीवंत हुई शरतचंद्र की कालजयी कृति
सुबह से ही तेज हवाएं, बारिश की बूंदा बांदी और शाम होते होते... एम्फीथिएटर को चुनौती देने वाली बिजली की कड़क। पेड़ों से बेशुमार झरते पत्तों के बीच खुले आसमान के शामियाने के नीचे शरतचंद्र चटोपाध्याय के पात्रों को जीवित होते देखना अद्भुत अनुभव। ऑड्रे हाउस के मुक्ताकाश मंच पर मूल बांग्ला उपन्यास ‘देवदास’ का हिंदी नाट्य रूपांतरण व मंचन रांची की टीम मैट्रिक्स ने प्रस्तुत किया। वैसे तो किसी भी उपन्यास के नाट्य रूपांतरण में कई खतरे होते हैं किंतु देवदास का नाट्य रूपांतरण शरतचंद्र की मूल बांग्ला कृति के समकक्ष लगा, क्योंकि इस नाट्य मंचन में भी असफल प्रेम व मानवीय दुर्बलताओं की अत्यंत पीड़ादायी कथा सामने उभर कर आ जाती है। प्रेम व आत्म-विनाश की एक अत्यंत मार्मिक कहानी का चित्रण निर्देशक अभिराज ने बहुत सुंदर तरीके से किया। नायक देवदास और नायिका पार्वती (पारो) के प्रेम के पीछे, जाति-भेद, प्रतिष्ठा, सामाजिक बंधेजों व अहंकार के तारों से बुनी जाल के कारण ही अधूरे असफल प्रेम की मार्मिक पीड़ा स्थापित होती है जो देवदास के देह के साथ ही अंत होती है। इस नाटक मे गणिका चंद्रमुखी के त्याग और पारो के स्वाभिमान के बीच देवदास का आत्मसंघर्ष व परिवारजनों के उलझनों को बहुत ही सरलता से मंच पर अवतरित किया गया। चूंकि मैं 1972 से ही रांची रंगमंच से जुड़ा हुआ हूं इसलिए बता सकता हूं कि रांची मे रंगमंच पर बहुत प्रयोग हुए। कई अमूर्त नाटकों के मंचन हुए। प्रयोगधर्मी नाटकों में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित नाटक ‘अमीबा’ जैसे नाटक की भी रचना और मंचन यहां हुआ। एक और द्रोणाचार्य, स्कंदगुप्त, अंधायुग, आषाढ़ का एक दिन जैसे गंभीर नाटकों का साक्षी रहा है रांची महानगर। अपनी सीमाओं में बंधे ये सभी मंचित नाटक अपने कालानुरूप समर्थ नाटक थे। देवदास के मंचन में भी वर्तमान तकनीकी व्यवस्थाओं के अनुरूप नए आयामों का उपयोग किया गया। जैसे, इसका टिकट ‘बुक माई शो’ के माध्यम से बेचना, एक भव्य डबल लेयर स्टेज तैयार करना, मंच पर आग और पानी दोनों का सुरक्षात्मक प्रयोग करना, कलर लाइट्स और पार्श्व संगीत-प्रभाव के साथ समन्वय स्थापित करना आदि। नाटकों से विमुख हुए दर्शकों को नाटक की ओर आकर्षित करने के आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल भी देवदास की एक खासियत रही जिसने ओटीटी, इंस्टाग्राम और विभिन्न सोशल मीडिया के कारण भटक गए दर्शकों को भी आकर्षित किया। अत्यंत खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में दर्शकों का आना नाटकों के भविष्य के लिए शुभ संकेत माना जा सकता है। टीम मैट्रिक्स के सभी कलाकारों ने अपनी क्षमता और अनुभव के अनुरूप चरित्रों को मंच पर जीवंत किया। पार्श्व ध्वनि, प्रकाश व्यवस्था पर निर्देशकीय सूझ बूझ का प्रभाव भी दिखा। प्रायः नए कलाकारों ने अपने चेहरे को साथी कलाकारों के चेहरे पर ही फोकस किया जिससे उनकी अभिव्यक्ति दर्शकों से छिपी रह गई। देवदास को बचपन में अपने कंधे पर बैठा कर खिलाने वाला घरेलू सेवक की उम्र अंत तक वैसी की वैसी रही किंतु देवदास बड़ा हो गया? बड़े नाटकों के अनेक मंचन की अपेक्षा होती है क्योंकि इसके पीछे अत्यधिक श्रम और साधन लगते हैं। टीम मैट्रिक्स के द्वारा प्रस्तुत नाटक रांची रंगमंच के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। नाटकों से विमुख हुए दर्शकों को नाटक की ओर आकर्षित करने के आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल भी देवदास की एक खासियत रही, जिसने ओटीटी, इंस्टाग्राम और विभिन्न सोशल मीडिया के कारण भटक गए दर्शकों को भी आकर्षित किया। आग लगी हुई साड़ी पहनी पारो डॉ. सुशील अंकन, नाट्य समीक्षक व फिल्म निर्देशक experienced by Drama
‘मां राजमणि सम्मान’ शकुंतला मिश्रा व वीणा श्रीवास्तव को मिलेगा
न्यू मोरहाबादी स्थित स्वाध्याय परिसर में 19 मार्च को साहित्य और संस्कृति का बड़ा समागम होने जा रहा है। हिंदी साहित्य संकल्प संधान पीठ के तत्वावधान में आयोजित ‘मां राजमणि सम्मान समारोह-2026’ में साहित्य जगत की नामचीन हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति डॉ. चंद्रकांत शुक्ल करेंगे। समारोह में विभिन्न भाषाओं के साहित्यकारों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए नवाजा जाएगा। शकुंतला मिश्रा (रांची)को नागपुरी साहित्य में महत्वपूर्ण अवदान के लिए ‘मां राजमणि स्यमंतकमणि सम्मान’ मिलेगा। वीणा श्रीवास्तव को हिंदी साहित्य में सृजन के लिए ‘लोकपूज्य रामछविला त्रिपाठी वाग्देवी सम्मान’ मिलेगा। जितेंद्र कुमार (आरा) को भोजपुरी साहित्य के लिए ‘शहीद श्रीराम तिवारी कौस्तुभमणि सम्मान’ मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रामनारायण तिवारी (विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी, पूर्वांचल विवि, गाजीपुर), विशिष्ट अतिथि डॉ. उमेश नन्द तिवारी (विभागाध्यक्ष, नागपुरी, रांची विवि) और डॉ. मीना शुक्ला (अध्यक्षा, संस्कृत विभाग, रांची विवि) मौजूद रहेंगे। सचिव दिव्येंदु त्रिपाठी ने बताया कि शहर के प्रबुद्ध बुद्धिजीवी शामिल होंगे। 19 को मोरहाबादी में आयोजन
3 दिवसीय बसंत मेले का आगाज आज से, मेयर करेंगी उद्घाटन
सिटी रिपेार्टर } अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला मंच रांची शाखा का 3 दिवसीय 18वां बसंत मेला महाराजा अग्रसेन भवन में 17 मार्च से आरंभ होगा। मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा, अध्यक्ष मधु सर्राफ, सचिव उर्मिला पाड़िया, शशि डागा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मंगलवार को मेले का उद्घाटन मेयर रोशनी खलखो दिन के 11 बजे करेंगी। मेले में 45 स्टॉल लगाए जा रहे हैं। हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित होंगे।
शराब घोटाला : एसीबी ने दाखिल नहीं की चार्ज शीट, आरोपी को बेल
शराब घोटाला में धराए नवीन केडिया से 5 दिन पूछताछ, फिर भेजा जेल रांची | शराब घोटाले में गिरफ्तार आरोपी कारोबारी नवीन केडिया को सोमवार को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पूर्व पांच दिनों की पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने पर एसीबी ने उसे एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया। एसीबी ने उससे 12 से 16 मार्च तक पूछताछ की। एसीबी ने फरार चल रहे छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी नवीन केडिया को गिरफ्तारी के बाद एसीबी कोर्ट में बुधवार को पेश किया था। आरोपी को व्हीलचेयर पर बैठाकर कोर्ट में पेश किया गया। एसीबी के मुताबिक, झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड की शराब की दुकानों को मैनपावर सप्लाई करने के लिए रखी गई दो प्लेसमेंट एजेंसियों की बैंक गारंटी फर्जी पाई गई। मारपीट मामले के आरोपी बंधु तिर्की सहित सात अन्य के बयान हुए दर्ज रांची | मारपीट करने समेत अन्य आरोपों में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की समेत सात आरोपियों के बयान सोमवार को कोर्ट में दर्ज हुए। एमपी/ एमएलए मामले के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत में बंधु तिर्की, तीन अंगरक्षकों के अलावा अमोद सिंह, मोहन सिंह और दिलीप का बयान दर्ज किया। वर्ष 2017 से जुड़े मामले में बंधु राज्य के मुख्य आयुक्त स्काउट गाइड के पद पर थे। आरोप है कि एक नंवबर को भारत स्काउट गाइड झारखंड के राज्य काउंसिल चुनाव में गड़बड़ी से संबंधित जांच की जा रही थी। जांच करने भारत स्काउट गाइड के प्रतिनिधि जिला शिक्षा कार्यालय परिसर पहुंचे थे। जांच में नरेश कुमार को प्रवेश नहीं करने दिया गया और अंगरक्षकों ने बैठक में जाने से रोका व मारपीट की थी। घटना को लेकर कोतवाली थाने में एक नवंबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रांची | शराब घोटाला मामले में जेल में बंद आपूर्तिकर्ता आरोपी मेसर्स मार्शल इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विसेज प्रालि.के निदेशक जगन तुकाराम देसाई को डिफॉल्ट जमानत का लाभ सोमवार को मिल गया। मामले में छह आरोपियों ने इसका लाभ उठाया है। मामले के अनुसंधान पदाधिकारी ने उसकी गिरफ्तारी के 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करने में पूरी तरह से विफल रहा, जिसका लाभ आरोपी को मिला। याचिकाकर्ता की ओर से समय सीमा 90 दिनों के बाद चार्जशीट दाखिल नहीं करने का हवाला देते हुए डिफॉल्ट बेल की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी। दाखिल याचिका पर एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत में सुनवाई हुई। रांची | झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 (14वीं जेपीएससी) में उम्र सीमा को लेकर चल रहे विवाद के बीच झारखंड हाईकोर्ट ने कट ऑफ तिथि और पीछे करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत में हुई। मधुसूदन सहित अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका में परीक्षा के लिए उम्र सीमा की कट ऑफ तिथि वर्ष 2018 करने की मांग की गई थी। अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं करते हुए याचिका खारिज कर दी। गौरतलब है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा से पहले उम्र सीमा को लेकर अभ्यर्थियों के बीच काफी विवाद हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए परीक्षा के लिए कट ऑफ तिथि को वर्ष 2022 कर दिया था।
तीन शिफ्ट में होगी सफाई, सरहुल व रामनवमी पर फ्री सिटी बस सेवा
सरहुल, ईद और रामनवमी को लेकर रांची नगर निगम व्यापक तैयारियों में जुट गया है। अपर प्रशासक संजय कुमार ने सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में स्वच्छता, विद्युत, इनफोर्समेंट, अभियंत्रण, हॉर्टिकल्चर और परिवहन शाखा के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में अपर प्रशासक ने स्वच्छता शाखा को तीन शिफ्ट में सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया। सभी 53 वार्डों में स्थित 298 सरना स्थलों/ अखड़ा, ईद के दौरान शहर के सभी ईदगाह व मस्जिदों और रामनवमी पर सभी मुख्य मंदिरों के आस-पास के एप्रोच रोड पर विशेष सफाई का निर्देश दिया। कूड़े का उठाव और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव का निर्देश दिया। सरहुल व रामनवमी पर शोभायात्रा वाले मार्गों की मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन से सफाई और पानी के छिड़काव का निर्देश दिया गया। शहर के सभी सुलभ शौचालय 24 घंटे निःशुल्क होंगे। सभी मॉड्यूलर टॉयलेट और पब्लिक टॉयलेट की विशेष सफाई की जाएगी। बैठक में सभी सहायक प्रशासक, नगर प्रबंधक, अभियंतागण, स्वच्छता समन्वयक, स्वच्छता अधीक्षक व अन्य कर्मी उपस्थित थे। सभी शाखाओं की जिम्मेदारी तय विद्युत शाखा : स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करें, शोभायात्रा वाले मार्गों, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों व ब्लैक स्पॉट्स को चिह्नित करते हुए प्रकाश की विशेष व्यवस्था। इनफोर्समेंट शाखा : सभी मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाए। यातायात बाधित करने वाले ठेला/ गुमटी या अन्य अतिक्रमण सामग्रियों को जब्त करें। रामनवमी के दिन शहर में मांस-मछली के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध रहेगा। नियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। अभियंत्रण शाखा : गड्ढों और अन्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिह्नित करते हुए उसे ठीक करें। खुली नालियों पर स्लैब ढंकना सुनिश्चित करें। सरहुल के पूर्व विभिन्न अखड़ा/ सरना स्थलों में आवश्यकतानुसार स्टोन डस्ट उपलब्ध कराएं। हॉर्टिकल्चर शाखा : शोभायात्रा मार्गों पर लटक रहे पेड़ों की शाखाओं की छंटाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि शोभायात्रा के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। परिवहन शाखा : सरहुल और रामनवमी के दौरान दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क सिटी बस सेवा शहर के विभिन्न रूट में चलाए, इसके लिए सभी रूट तय करें। ताकि लोगों को असुविधा न हो।
रांची के बिल्डर को फोन कर मांगी 5 करोड़ रु. की रंगदारी
रांची | कडरू स्थित ओल्ड एजी कॉलोनी में रहने वाले बिल्डर अजीत चौधरी से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई है। इस संबंध में बिल्डर ने अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। अजीत चौधरी कशिश डेवलपर्स लिमिटेड के संचालक हैं। साथ ही वे एक न्यूज चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। अजीत चौधरी ने बताया कि 14 मार्च की दोपहर करीब एक बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। इसके बाद आरोपी ने मैसेज भेजा और अलग-अलग नंबरों से लगातार कॉल कर उनसे 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। अपराधी ने सात दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर तय समय में पैसा नहीं मिला तो वह कहीं भी और कभी भी नुकसान पहुंचा सकता है। अरगोड़ा थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोविड के दौरान महेंद्र झा ने रांची में लिखा गांव का संस्मरण, मिला मैथिली का साहित्य अकादमी पुरस्कार
भास्कर खास साहित्य अकादमी पुरस्कार-2025 की घोषणा सोमवार को हुई। 24 मान्यता प्राप्त भाषाओं के लिए यह वार्षिक पुरस्कार दिए जाएंगे। इन पुरस्कारों में 8 कविता संग्रह, 4 उपन्यास, 6 कहानी संग्रह, 2 निबंध, एक साहित्यिक आलोचना, एक आत्मकथा और दो संस्मरण की पुस्तकें शामिल हैं। इस बार हिंदी और मैथिली के पुरस्कार संस्मरण के लिए दिए गए। मैथिली के लिए रांची के हरमू में रहने वाले 79 वर्षीय महेंद्र (झा) को ‘धात्री पात सन गाम’ के लिए पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई। संथाली में यह पुरस्कार ओडिशा की स्व. सुमित्रा सोरेन को कहानी संग्रह ‘मिड बिर्ना चेनने साओन इनाग सागई’ के लिए मिला। -पढ़ें पेज 11 भी लोगों ने किताब की तारीफ की, मेरे लिए यही असल पुरस्कार महेंद्र झा सहरसा कॉलेज से मैथिली के शिक्षक रहे हैं। वे संगहि विश्वविद्यालय में मानविकी के संकायाध्यक्ष रहे। इनकी 7 किताबें प्रकाशित हुई हैं। इस किताब को जिसने भी पढ़ा, इसकी भाषा-शिल्प की बहुत तारीफ की। इसकी समीक्षाएं भी बहुत अच्छी आईं, मेरे लिए तो यही असल पुरस्कार है। 2021 में रांची में बंद था तो गांव की याद आई और लिख डाला: महेंद्र मैं सुपौल का रहने वाला हूं। मैं कोविड के दौरान बेटी और दामाद के साथ उनके घर हरमू हाउसिंग कॉलोनी के एलआईजी में रह रहा था। घर में बंद था, तो गांव की बहुत याद आ रही थी। मैंने उन यादों को पंक्तिबद्ध करना शुरू किया। इस संस्मरण का नाम मैंने ‘धात्री पात सन गाम’ रखा। यानी आंवला के पत्तों जैसे छोटे-छोटे हमारे गांव हैं, लेकिन ये बहुत पवित्र हैं, बिल्कुल मां जैसे। ये गांव भले छोटे हैं, लेकिन इसकी मर्यादा आज भी जीवित है। इस किताब में गांव की यादें हैं, गांव के सीधे-सच्चे लोग हैं, गांव की महत्ता है, गांव के रोजगार, गांव की संस्कृति, गांव के देवी-देवता, खेती...सहित छोटी-बड़ी सारी चीजें इसमें मैंने डाली है।
रांची के रेस्टोरेंट कर्मी हत्याकांड के मुख्य शूटर को पुलिस ने धनबाद में गोली मारी, तीन हुए गिरफ्तार
एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में 7 मार्च की रात कुटियातू स्थित टीटोज फैमिली रेस्टोरेंट के कर्मी मनीष गोप की हत्या करने वाले मुख्य शूटर समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में करकेंद का हिस्ट्रीशीटर विक्की डोम, प्रिंस गैंग का मुख्य हैंडलर पलामू निवासी अमन सिंह उर्फ कुबेर और वासेपुर का अफजल उर्फ अमन शामिल हैं। विक्की डोम ने ही रेस्टोरेंट में घुसकर मनीष गोप को गोली मारी थी। रांची पुलिस की टेक्निकल टीम को रविवार को सूचना मिली थी कि कुबेर धनबाद में छिपा हुआ है। रांची पुलिस की टीम धनबाद पहुंची। इसी बीच जानकारी मिली कि छह अपराधी भागाबांध केंदुआडीह बस्ती के पास एक खंडहरनुमा मकान में हैं। वे बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर सोमवार की अहले सुबह करीब 4 बजे रांची और धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने पुलिस वाहन पर फायरिंग शुरू कर दी। शेष पेज 9 पर सुजीत के साथ मिलकर गैंग चला रहा प्रिंस खान, रंगदारी में 30% कमीशन मनीष हत्याकांड की जांच में गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। प्रिंस खान साहिबगंज जेल में बंद कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा के साथ मिलकर रंगदारी का गिरोह चला रहा है। कारोबारियों को टारगेट करने की रणनीति सुजीत सिन्हा के इशारे पर तैयार होती है, जबकि प्रिंस खान धमकी देकर रंगदारी मांगता है। रंगदारी की रकम का 30% हिस्सा कमीशन के तौर पर सुजीत सिन्हा को दिया जाता है। करीब 20% रकम शूटर और स्थानीय लायजनर को मिलती है। 50% प्रिंस खान रखता है।
कांके रोड पर निर्माणाधीन अपार्टमेंट की बाउंड्रीवाल धंसी, 2 मजदूर की मौत
रांची | गोंदा थाना क्षेत्र के कांके रोड स्थित एक निर्माणाधीन अपार्टमेंट में सोमवार शाम बड़ा हादसा हो गया। निर्माण कार्य के दौरान अचानक बाउंड्रीवाल धंस गई, जिसके मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान ठाकुरगांव थाना क्षेत्र के भांटबोड़या गांव निवासी उपेंद्र गिरी और सुनील महतो के रूप में हुई है। गोंदा थाना पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया। परिजनों को 10-10 लाख मुआवजे का आश्वासन हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिजन भी रिम्स पहुंचे। परिजनों ने निर्माण कार्य करा रही मीनू इनहेंस डेवलपर्स के प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वहीं, कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से बातचीत की। उन्हें ढांढस बंधाया। दोनों मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
फर्जीवाड़ा...सिलेंडर मिला नहीं, पर आया डिलीवरी का मैसेज
रांची| राजधानी में उपभोक्ताओं को बिना गैस सिलेंडर की डिलीवरी के सिलेंडर की डिलीवरी का मैसेज आ रहा है। पूजा शर्मा ने बताया कि 8 मार्च को उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनका गैस सिलेंडर डिलीवर कर दिया गया है। जबकि उक्त तिथि को उन्हें गैस मिला ही नहीं। इसकी शिकायत करने के लिए जब उन्होंने एजेंसी को फोन किया, तो किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। ऑफिस गई तो कर्मचारियों में से किसी ने रेस्पॉन्ड नहीं किया। पूजा शर्मा ने दैनिक भास्कर को अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि घर में गैस नहीं है। बुकिंग कर रही हूं तो मैसेज आ रहा है कि 8 मार्च को आपको सिलेंडर मिल गया है। अगली बुकिंग 3 अप्रैल से पहले नहीं हो सकती। मैं एक्स्ट्रा गैस नहीं मांग रही हूं, लेकिन मेरे नाम पर जब डिलीवर हुआ तो वह किसे दिया गया, यह जानना चाहती हूं। किशोरगंज के आनंद केसरी ने बताया कि बुकिंग के तीन दिन बाद उन्हें मैसेज आया कि उनका गैस डिलीवर हो चुका है। जबकि उन्हें उरांव गैस एजेंसी से गैस की डिलीवरी मिली ही नहीं। एजेंसी से बात करने पर कहा गया कि कल मिल जाएगा। कल-कल करते-करते एक हफ्ते बीत गए, पर गैस नहीं मिला। बुकिंग के 8 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं महेश कुमार कनोई ने बताया कि उन्होंने 8 दिन पहले बुकिंग कराई थी। उरांव गैस एजेंसी से कहा गया कि गैस की डिलीवरी घर पर होगी। लेकिन उन्हें डिलीवरी नहीं मिली। थक-हार कर वह रविवार को गैस के लिए लाइन में लगे। 4 घंटे लाइन में लगने के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिला। मेरी पीड़ा... गैस लेने में या बुकिंग कराने में आपको किसी भी प्रकार की परेशानी हो रही हो तो अपनी पीड़ा हमें भेजें। भास्कर बनेगा आपकी आवाज। वाट्सएप नंबर : 9431363003
राज्यपाल की मौजूदगी में मंत्रियों व विधायकों के सम्मान में रात्रि भोज
रांची | राज्यपाल संतोष गंगवार की उपस्थिति में सोमवार को लोक भवन, रांची के बिरसा मंडप में झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के उपलक्ष्य में मंत्रियों व विधायकों के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रवींंद्रनाथ महतो, मंत्री, विधायक व वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी शामिल हुए।
आर्यपुरी शिवपुरी महावीर मंडल के अध्यक्ष बने अमित
रांची | आर्यपुरी शिवपुरी महावीर मंडल, रातू रोड की बैठक श्री 108 पंचमुखी महावीर मंदिर परिसर में हुई। सर्वसम्मति से नई कमेटी का गठन किया गया। अमित यादव को मंडल का अध्यक्ष चुना गया। मुख्य संरक्षक के रूप में महेंद्र यादव, प्रदीप राय और ब्रजेश साहू को मनोनीत किया गया, जबकि संरक्षक मंडल में कई सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई। मोनू विश्वकर्मा और विश्वजीत जायसवाल महासचिव बनाए गए। 101 कार्यकारिणी सदस्यों का भी मनोनयन हुआ। रामनवमी पर मंदिर परिसर से अष्टमी की रात और रामनवमी के दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
श्री महावीर मंडल की बैठक में चुनावी खर्च पर चर्चा
रांची | श्री महावीर मंडल के नवनिर्वाचित और पूर्व पदाधिकारियों की बैठक हुई। सदस्यता नवीकरण व नॉमिनेशन से 1,17,379 रुपए आय हुई, जबकि चुनाव खर्च 88,715 रुपए रहा। बचत 28,664 रुपए नव निर्वाचित पदाधिकारियों को सौंप दी गई। पूर्व मंत्री शंकर प्रसाद ने सभी अखाड़ों से मंगलवारी शोभायात्रा धूमधाम से निकालने और महावीर चौक पहुंचाने का आग्रह किया। बैठक में कैलाश यादव, बिन्दुल वर्मा, शंकर प्रसाद सहित अन्य उपस्थित थे।
एक्युप्रेशर चिकित्सा शिविर में 30 लोगों का उपचार
रांची | चैंबर और डॉ. लालचंद बगड़िया एक्युप्रेशर संस्थान रांची द्वारा सोमवार को चैंबर भवन में नि:शुल्क स्वास्थ्य जागरूकता सह दिवसीय एक्युप्रेशर चिकित्सा शिविर लगाया गया। शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चला, जिसमें विभिन्न रोगों से ग्रसित लगभग 30 लोगों को एक्युप्रेशर चिकित्सा के माध्यम से उपचार व परामर्श प्रदान किया गया। शिविर का शुभारंभ चैंबर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, महासचिव रोहित अग्रवाल और संस्थान के अध्यक्ष रमा शंकर बगड़िया द्वारा गुरुजी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया।
सीसीएल में दावत-ए-इफ्तार आयोजित, भाईचारे का संदेश
रांची | सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस के गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर संगम सभागार में सोमवार शाम दावत-ए-इफ्तार का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में कर्मचारियों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश साझा किया। मुख्य वक्ता इस्लामिक स्कॉलर मौलाना मिस्बाही ने बताया कि पिछले 28 वर्षों से यह परंपरा जारी है और सीसीएल में सभी धर्मों का सम्मान होता है। उन्होंने रमजान में जरूरतमंदों की मदद करने की भी बात कही। मुख्य अतिथि निदेशक योजना एवं परियोजना अनुप हंजुरा ने सभी को रमजान की मुबारकबाद दी। कार्यक्रम में महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड की बैठक की गई
रांची | जीपीओ में केडी राय व्यथित की अध्यक्षता में आल इंडिया पोस्टल आरएमएस पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड की सोमवार को बैठक की गई। बैठक में चिंता व्यक्त की गई कि वैलिडेशन संशोधन के कारण पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर देश भर में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है और सुप्रीम कोर्ट में भी पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा याचिका दायर की गई है। बैठक में सीजीएचएस रांची में व्याप्त गड़बड़ी को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई।
पत्रकार प्रवीण सिन्हा का निधन, जताया शोक
रांची| भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा के भाई वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण सिन्हा के असामयिक निधन पर प्रदेश भाजपा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि यह पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति है। शोक व्यक्त करने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र त्रिपाठी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री व सांसद डॉ प्रदीप वर्मा, मनोज कुमार सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद दीपक प्रकाश समेत अन्य नेता शामिल हैं।
गैस एजेंसियों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग
रांची | मूलवासी सदान के केंद्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि झारखंड में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन एजेंसियां समय पर वितरण नहीं कर रही। इससे कालाबाजारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर की सरकारी कीमत 2040 रुपए है, जबकि बाजार में 3000-3500 रुपए में बिक रहा है। प्रसाद ने मांग की कि जिला प्रशासन गोदामों में स्टॉक की जांच करे और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि आम उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
हटिया श्रीरामनवमी शृंगार समिति की बैठक
रांची | श्रीरामनवमी श्रृंगार समिति, हटिया की बैठक शिव मंदिर हटिया चौक में संपन्न हुई। रामनवमी महोत्सव धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। मंगलवार को संध्या 7 बजे बजरंगबली के ध्वजा पूजन के साथ शुभारंभ होगा। शोभायात्रा का मुख्य मार्ग महावीर चौक में भव्य रूप से सजाया जाएगा। चौराहों पर महावीरी झंडे व फ्लेक्स लगाए जाएंगे। बैठक में राममनोज साहू, कार्तिक महतो, पारस प्रसाद, मनमोहन मिश्र, महावीर महतो, संजय कुमार मिश्र, भोला प्रसाद सोनी सहित अन्य उपस्थित थे।
हनुमान नगर में धर्म ध्वजा के साथ रुद्र महायज्ञ शुरू
रांची | लालपुर के हनुमान नगर स्थित नवनिर्मित शिव मंदिर परिसर में सोमवार सुबह भव्य ध्वजारोहण हुआ। श्री महाकाल महावीर मंदिर समिति ट्रस्ट के तत्वावधान में रुद्र महायज्ञ सह शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की शुरुआत हुई। पूर्व पार्षद अर्जुन यादव ने भक्तों के साथ क्षेत्र भ्रमण कर मंदिर विकास व महायज्ञ की सफलता के लिए सेवा का संकल्प लिया। आयोजन समिति के अनुसार 11 अप्रैल को शिव परिवार की भव्य प्राण-प्रतिष्ठा होगी।
रातू रोड से 6 वर्षों बाद निकलेगी शोभायात्रा
रांची | शिवपुरी महावीर मंडल रातू रोड के प्रांगण में अध्यक्ष सागर वर्मा व सहयोगियों का अभिनंदन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रामनवमी शोभायात्रा धूमधाम से होगी। कोरोना काल और सदस्य निधन के कारण 2020-2025 तक जुलूस नहीं निकल पाया था। इस वर्ष मंगलवारी व रामनवमी शोभायात्रा निकाली जाएगी। अध्यक्ष अमित यादव ने पिछले वर्षों में जुलूस न निकलने के कारण लाइसेंस नवीनीकरण में रुकावट का विवरण दिया।
बोकारो : स्टील कारोबारी से अमन साहू गैंग के नाम पर 5 करोड़ रंगदारी मांगी
कई जिलों में सक्रिय अमन साहू गैंग ने मां मेहर स्टील के संचालक रीतूडीह निवासी रितेश सिंह से 5 करोड़ की रंगदारी मांगी है। धमकी रविवार को दोपहर एक बजे उस वक्त मिला, जब रितेश दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर रांची आने वाले थे। वाट्सएप कॉल पर प्रकाश शुक्ला नाम के व्यक्ति ने रंगदारी की मांग की है। उसने राहुल दुबे, मयंक सिंह के आदेश पर रंगदारी देने को कहा है। मैसेज में रंगदारी नहीं देने पर रितेश सिंह, उनके सहयोगियों और परिवार वालों को उड़ाने की धमकी दी गई है। उसकी काली गाड़ी को लाल करने की बात भी मैसेज में की गई है। रितेश सिंह ने इस मामले को लेकर सिटी थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है।
रामनवमी शृंगार समिति कार्यालय का उद्घाटन
रांची | श्री रामनवमी शृंगार समिति के कार्यालय का सोमवार को यूथ क्लब भवन में भव्य उद्घाटन पूर्व सांसद प्रो. यदुनाथ पांडे ने किया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष बबलू यादव, मंत्री अजय वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष मयंक गिरी समेत पदाधिकारी, सदस्य और अपर बाजार के कई नागरिक मौजूद रहे। विशेष अतिथियों में पूर्व अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, जय सिंह यादव, कैलाश यादव, पूर्व पार्षद राजेश गुप्ता, राजन वर्मा, महावीर मंडल के अध्यक्ष सागर वर्मा व मंत्री निलेश यादव निक्की शामिल थे।
बिशुनपुर में शिविर आयोजित 11 यूनिट रक्त संग्रहित
भास्कर न्यूज|गुमला बिशुनपुर प्रखंड में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्थानीय युवाओं व नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया। इस अवसर पर कुल 11 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जिसे जरूरतमंद मरीजों के उपचार के लिए ब्लड बैंक में सुरक्षित रखा जाएगा। रक्तदान मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और इससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है। नागरिकों से अपील की गई कि वे आगे भी ऐसे शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए स्वैच्छिक रक्तदान करें।
भरनो में हाथियों ने दो घरों को किया ध्वस्त, फसलें रौंदी
भास्कर न्यूज|भरनो/गुमला प्रखंड के उत्तरी भरनो पंचायत अंतर्गत समसेरा जामटोली गांव में रविवार की रात जंगली हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। तीन हाथियों के इस झुंड ने न केवल दो ग्रामीणों के आशियाने उजाड़ दिए, बल्कि खेतों में लगी लहलहाती फसलों को भी तहस-नहस कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे जंगल की ओर से आए हाथियों ने सबसे पहले कैलाश गोप के घर पर हमला किया। हाथियों ने उनके किचन की दीवार को पूरी तरह ढहा दिया। दीवार गिरने से घर के भीतर रखे बर्तन मलबे में दबकर नष्ट हो गए और बिस्तर भी क्षतिग्रस्त हो गया। हमले के वक्त कैलाश गोप अपनी पत्नी और छोटे बच्चों के साथ घर में सो रहे थे। दीवार टूटने की आवाज सुनकर पूरा परिवार सहम गया और जान बचाने के लिए दूसरे कमरे में छिप गया। हाथियों के जाने के बाद ही परिवार के लोग बाहर निकल सके। कैलाश गोप के घर के बाद हाथियों का झुंड डहरू उरांव के घर पहुंचा। हाथियों ने मिट्टी के घर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और अंदर रखा अनाज चट कर गए। पीड़ित डहरू ने बताया कि यह दूसरी बार है जब हाथियों ने उनके घर को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा, किसान रवि गोप के खेत में लगी आलू और गेहूं की फसल को भी हाथियों ने रौंदकर बर्बाद कर दी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। प्रतिनिधियों ने लिया जायजा, मुआवजे की मांग: घटना की सूचना मिलते ही उत्तरी भरनो पंचायत की मुखिया मंजू देवी, समाजसेवी कपिल गोप, पूर्व उपप्रमुख एतवा उरांव और वन समिति अध्यक्ष बंधनू उरांव ने गांव का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। वन समिति अध्यक्ष ने सुरक्षा के लिहाज से कैलाश गोप को टॉर्च उपलब्ध कराई। ग्रामीणों और जन प्रतिनिधियों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों द्वारा किए गए नुकसान का अविलंब आकलन किया जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, गांव में हाथियों के प्रवेश को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा इंतजाम करने की भी अपील की गई है।

