यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय कानपुर पहुंचे हैं। थोड़ी ही देर में वह सचेंडी में गैंगरेप पीड़िता के घर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि 14 वर्षीय लड़की के साथ एक दरोगा ने रेप किया। उसके बाद पुलिस ने आरोपी दरोगा को भागने का मौका दिया। अजय राय ने कहा- केवल दिखावे के लिए आरोपी पर इनाम घोषित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ये रक्षक अब पूरी तरह भक्षक बन गए हैं। योगी सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। अजय राय ने कहा कि मैं आज कार्यकर्ताओं के साथ पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहा हूं। कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। दरोगा की चिट्ठी पर बरसे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षआरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्य ने मुख्यमंत्री और कानपुर पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की है। इस पर अजय राय ने कहा- जब आरोपी खुद इस मामले में सफाई दे रहा है, तो इससे साफ है कि सरकार और प्रशासन उसे बचाने में लगे हैं। फिलहाल पीड़िता को पुलिस घर से लेकर गई है। पीड़िता का भाई घर पर मौजूद नहीं है, जबकि पिता घर पर ही मौजूद बताए जा रहे हैं।
फतेहपुर जिले में मकर संक्रांति पर्व पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, ठंड से बचाव के लिए घाटों पर अलाव की व्यवस्था भी की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि शिवराजपुर, आदमपुर, भिटौरा, ओम घाट और नौबस्ता घाट जैसे प्रमुख गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी बल तैनात किया गया है। गंगा नदी में किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए प्रत्येक घाट पर बोट के साथ जवानों की एक टीम भी मुस्तैद है। पहले दो तस्वीरें देखिए... सुल्तानपुर घोष और हुसैनगंज थाना प्रभारी निरीक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पड़ने वाले गंगा घाटों का निरीक्षण किया। सुल्तानपुर घोष प्रभारी ने नौबस्ता घाट का, जबकि हुसैनगंज प्रभारी ने ओमघाट और पक्का घाट का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सुनिश्चित किया कि स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक ने स्नानार्थियों से अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी असुविधा की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करें।
मेले में टिकट विवाद पर युवक की पिटाई, VIDEO:मौत के कुएं के पास हुई घटना, दबंगों ने युवक को पीटा
सीतापुर के बिसवा कोतवाली क्षेत्र में आयोजित गुलजार शाह मेले के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मौत के कुएं पर टिकट को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। महज 150 रुपये के टिकट को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि मेला देखने आये युवक हर्ष को दबंगों ने लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक हर्ष ने मौत के कुएं का शो देखने के लिए टिकट खरीदा था। कार्यक्रम के दौरान किसी बात को लेकर आयोजकों और युवक के बीच कहासुनी हो गई। युवक ने जब टिकट के पैसे वापस मांगे तो आयोजकों और वहां मौजूद दबंगों का गुस्सा भड़क उठा। देखते ही देखते मौत के कुएं का कार्यक्रम बंद कर दिया गया और युवक की लात घुसो से पिटाई कर दी। मारपीट का मंजर इतना खौफनाक था कि मेले में मौजूद लोग सहम गए। आरोप है कि दबंगों ने युवक को घेरकर पीटा और उसे चोटें आईं। युवक की चीख-पुकार सुनकर जब उसके परिजन बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। इससे मेले में भगदड़ जैसे हालात बन गए। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। घायल युवक और उसके परिजनों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में भीड़ होने के बावजूद मौके पर पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गुलजार शाह मेले में पहले भी अव्यवस्थाओं की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन प्रशासन ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। इस घटना के बाद मेले में दहशत का माहौल है। फिलहाल बिसवा कोतवाली पुलिस का कहना है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
डीडवाना में संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने बजट घोषणाओं, फ्लैगशिप योजनाओं और विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में संभागीय आयुक्त ने जिले में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन, पेयजल एवं जलापूर्ति व्यवस्था, अवैध नल कनेक्शनों पर कार्रवाई और सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, पशुपालन विभाग की योजनाएं, संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का निस्तारण, शिक्षा विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयुष, उद्योग, महिला अधिकारिता, कृषि व उद्यान, विद्युत तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। राठौड़ ने अवैध नल कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई करने, संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बजट घोषणाओं से संबंधित भूमि आवंटन और निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही, फसल बीमा से जुड़े प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने और फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक से पहले, संभागीय आयुक्त राठौड़ ने जिला कलेक्टर कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व शाखा, संस्थापन अनुभाग, विकास एवं सामान्य अनुभाग, न्यायिक अनुभाग और चुनाव शाखा का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारियों से कार्यप्रणाली और प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक सुधारात्मक सुझाव दिए। इस अवसर पर जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत, अतिरिक्त जिला कलेक्टर मोहनलाल खटनावलिया, उपखंड अधिकारी विकास मोहन भाटी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। अब तय समय में शेष मानकों को पूरा करने की शर्त पर कंडीशनल एनओसी जारी किया जा सकता है। जिसके बाद उद्घाटन किया जा सकता है। हालांकि कॉमर्शियल फ्लाइट की उड़ान तभी भर सकती है जब काम पूरी तरह से हो जाएगा। बकास को मिली थी 25 कमियांब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बकास) ने पहले 25 सुरक्षा कार्यों की कमी पर आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें सीसीटीवी, चारदीवारी के पास वॉच टावर, कुछ सुरक्षा उपकरणों को बदलने समेत कई पाइंट शामिल थे। एयरपोर्ट प्रबंधन ने इनमें से अधिकांश कार्य पूरे कर लिए हैं। जबकि शेष कार्यों पर काम जारी है। जनवरी में बकास की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। तय समय पर काम पूरा करेअब तय समय में शेष मानकों को पूरा करने की शर्त पर कंडीशनल एनओसी जारी किया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक यह सर्टिफिकेट केवल उद्घाटन के लिए मान्य होगा। इसके लिए एयरपोर्ट प्रबंधन को एक सेल्फ अटैच प्रमाण पत्र देना होगा। इसके बाद ही डीजीसीए लाइसेंस जारी करेगा और कॉमर्शियल फ्लाइटें की अनुमति मिलेगी। फरवरी में हो सकता है उद्घाटनमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा था कि 15 जनवरी के बाद एयरपोर्ट का उद्घाटन किया जा सकता है। माना जा रहा है कि कंडीशनल एनओसी मिलने के बाद फरवरी में उद्घाटन किया जा सकता है।
लुधियाना में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है। ज्यूडिशियल बिल्डिंग को बम से उड़ाने का एक और धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। इंग्लिश ऑफिस को मिले इस मेल के बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर को घेर लिया है। एहतियातन वकीलों और स्टाफ को चैंबर से दूर रहने की हिदायत दी गई है।इस खबर को अपडेट किया जा रहा है...
गोंडा में नगर पालिका परिषद ने मनकापुर बस स्टॉप के पास सरकारी नजूल भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आज दूसरे दिन भी जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर पुलिस बल के साथ बुलडोजर का इस्तेमाल कर कई अस्थायी दुकानें और टीन शेड हटाए गए है। यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद की गई, जिन्होंने नजूल भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी दी थी। अभियान के दौरान, एक दर्जन से अधिक लोगों ने स्वयं अपने अतिक्रमण हटा लिए, जबकि शेष को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए है। गोंडा नगर पालिका परिषद के प्रभारी अधिशासी अभियंता विशाल कुमार ने बताया कि मनकापुर बस स्टॉप के पास सरकारी नजूल भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिली थीं। उन्होंने पुष्टि की कि कल देर शाम भी कार्रवाई की गई थी और आज फिर से बुलडोजर के माध्यम से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया है। अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस अतिक्रमण के कारण क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे अब लोगों को निजात मिलेगी और वाहनों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सकेगी। डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि किसी भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय लोगों की शिकायत मिली थी कि यहां पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है जिससे बुलडोजर के माध्यम से अवैध कब्जे को हटवाया गया है।
भीलवाड़ा के सिंधुनगर स्थित गुरुद्वारा में मकर संक्रांति से एक दिन पहले मंगलवार रात लोहड़ी पर्व मनाया गया। गुरुद्वारा परिसर में लोहड़ी जलाई गई, जिसके चारों ओर नवविवाहित जोड़ों, युवाओं और बच्चों ने भांगड़ा और गिद्दा नृत्य कर पर्व की खुशियां मनाईं। जलती हुई लोहड़ी के पास सभी ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और खुशियों का इजहार किया। ढोल की थाप पर पूरा गुरुद्वारा परिसर झूम उठा। शाम को सजे कीर्तन दीवान लोहड़ी पर्व को लेकर मंगलवार शाम को गुरुद्वारा में कीर्तन के दीवान सजाए गए। इस दौरान ज्ञानी करनैल सिंह और ज्ञानी सुखबीर सिंह ने गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। कीर्तन के माध्यम से गुरु की महिमा का गुणगान किया गया। इसके बाद सामूहिक अरदास की गई और गुरु का अटूट लंगर व प्रसाद वितरित किया गया। गुरबाणी की मधुर स्वर लहरियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। प्रसाद वितरण के बाद जली लोहड़ी कीर्तन और अरदास के बाद रात में गुरुद्वारा प्रांगण में विधिवत रूप से लोहड़ी जलाई गई। ढोल की थाप पर संगत ने पारंपरिक नृत्य किया। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दौरान संगत को गजक, रेवड़ी, मूंगफली और फुल्ले का प्रसाद वितरित किया गया। जलती लोहड़ी के पास नृत्य करने वालों में कई नवविवाहित जोड़े भी शामिल रहे, जिन्होंने इस अवसर को यादगार बना दिया। बच्चों और युवाओं में दिखा खास उत्साह लोहड़ी उत्सव में बच्चों और युवाओं की भागीदारी विशेष रही। किसी ने भांगड़ा किया तो किसी ने गिद्दा, वहीं कई परिवार अपने छोटे बच्चों के साथ लोहड़ी की परिक्रमा करते नजर आए। गुरुद्वारा परिसर में देर रात तक उल्लास और उमंग का माहौल बना रहा।
कुरावली कस्बे में स्थित रामदयाल माहौर वैश्य इच्छाधाम सोसाइटी द्वारा संचालित एक प्राचीन धर्मशाला की संपत्ति को फर्जी तरीके से बेचकर अपने परिजनों के नाम बैनामा कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत पांच लोगों ने इस संपत्ति को आवासीय मकान दर्शाकर यह धोखाधड़ी की है। इस घटना को लेकर वैश्य समाज में भारी आक्रोश है। इस मामले में वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमंत गुप्ता, आलोक गुप्ता, सर्वेश कुमार गुप्ता और उदय चौहान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वैश्य समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। पहले 2 तस्वीरें देखिए... प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो वैश्य समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगा। वैश्य समाज के सदस्यों का कहना है कि यह धर्मशाला समाज की वर्षों पुरानी धरोहर है, जिसका उपयोग सामाजिक, धार्मिक और सार्वजनिक कार्यों के लिए होता रहा है। आरोप है कि इस संपत्ति को जानबूझकर आवासीय मकान दिखाकर यह गंभीर अपराध किया गया है। इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार पूर्व ब्लॉक प्रमुख सतीश चंद्र यादव, पुत्र राममूर्ति यादव को बताया गया है। आरोपों के मुताबिक, सतीश चंद्र यादव ने अपनी पत्नी किसमेलता, पुत्रवधू ज्योति यादव, पुत्र शिवम यादव और रचित यादव (निवासी फर्दखाना, जीटी रोड, कुरावली) के नाम यह बैनामा कराया है। वैश्य समाज ने इसे आर्थिक और निजी लाभ कमाने के उद्देश्य से एक संगठित गिरोह द्वारा की गई साजिश करार दिया है। इस धर्मशाला प्रकरण में वैश्य समाज की ओर से 11 जनवरी को थाना कुरावली में अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है। समाज का आरोप है कि संबंधित परिवार दबंग किस्म का है और मामले को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है। वैश्य समाज ने मुख्यमंत्री से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मथुरा में मकर संक्रांति मनाई जा रही:श्रद्धालुओं ने यमुना स्नान कर पुण्य लाभ कमाया
मथुरा में मकर संक्रांति का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र यमुना नदी में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। ब्रजभूमि में मकर संक्रांति का विशेष धार्मिक महत्व है। तड़के सुबह से ही यमुना घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मथुरा के प्रसिद्ध विश्राम घाट पर भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालु यमुना स्नान के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते और दान-पुण्य करते देखे गए। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन यमुना स्नान और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के चलते श्रद्धालु रेवड़ी, मूंगफली, तिल, खिचड़ी, वस्त्र और अन्य जरूरतमंद वस्तुओं का दान कर रहे हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में खिचड़ी महोत्सव के आयोजन भी किए जा रहे हैं। सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा जगह-जगह भंडारे लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप खिचड़ी वितरित की जा रही है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए भक्त भी इन आयोजनों में उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं। मकर संक्रांति को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है। इसी कारण इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। प्रशासन की ओर से भी यमुना घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को तकनीकी और उच्च शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा 'पॉलिटेक्निक चलो अभियान' शुरू किया गया है। इस अभियान का लाभ अब लखीमपुर खीरी जनपद के विद्यार्थियों को भी मिलेगा। राजकीय पॉलिटेक्निक भानपुर एवं महसी में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा प्रदान की जाएगी। राजकीय पॉलिटेक्निक भानपुर एवं महसी के डायरेक्टर डॉ. सुबोध मिश्रा ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई आर्थिक स्थिति के कारण बाधित न हो। इसी सोच के तहत पॉलिटेक्निक संस्थानों में वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता से सशक्त बनाया जा रहा है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि निर्धन परिवारों के ऐसे बच्चे जिनमें प्रतिभा है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे पॉलिटेक्निक का फॉर्म भरने या प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने में असमर्थ रहते हैं, उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पात्र छात्रों का फॉर्म भरवाने से लेकर लखनऊ तक परीक्षा दिलाने की पूरी जिम्मेदारी संस्था स्वयं उठाएगी, और इसके लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पॉलिटेक्निक कॉलेजों में संचालित विभिन्न तकनीकी ट्रेडों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान, कौशल विकास और व्यवहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे भविष्य में उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। अभियान के तहत विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को चिन्हित कर इस योजना से जोड़ा जाएगा। प्रेसवार्ता में मौजूद सहयोगी दीपक पुरी और आलोक मिश्रा ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए आसपास के गांवों और कस्बों में जागरूकता कार्यक्रम, संपर्क अभियान और काउंसलिंग शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सकें।
बहराइच के पयागपुर थाना क्षेत्र में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जगदेव यादव की हत्या कर दी गई है। उनका शव खेत में मिला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कटहरी बाग, कोर्ट बाजार निवासी जगदेव यादव मंगलवार रात करीब 9 बजे खेत की रखवाली के लिए घर से निकले थे। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। उनके बड़े पुत्र और सभासद विष्णु यादव ने पिता से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद था। इसके बाद परिजनों ने तलाश शुरू की और जगदेव यादव खेत में मृत अवस्था में पाए गए। उन्हें तत्काल पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक, मृतक के सिर और आंख के पास धारदार व नुकीले हथियार से गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जो हत्या की ओर इशारा करते हैं। मृतक के पुत्र विष्णु यादव की शिकायत पर पयागपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना का शीघ्र खुलासा किया जाएगा और पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
रेवाड़ी में राजस्थान रोडवेज का अगला पहिया सड़क किनारे बने नाले में उतर गया। बस में सवार एक यात्री को चोटें आई। हालांकि स्पीड़ कम होने से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। हादसा मंगलवार-बुधवार रात दिल्ली जयपुर हाइवे पर गांव खरखड़ा के पास हुआ। सूचना के बाद धारूहेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। सर्विस रोड पर थी रोडवेज बस बताया जाता है कि रात को हाइवे पर एक ट्रक और बाइक की टक्कर हो गई। जिससे हाइवे पर लंबा जाम लग गया। राजस्थान रोडवेज की बस जयपुर से दिल्ली जा रही थी। ड्राइवर ने जाम से बचने के लिए बस को सर्विस रोड पर उतार दिया। अचानक गड्ढे में गिरा अगला टायर जब बस सर्विस रोड पर चल रही थी, उसी दौरान अचानक रोडवेज का अगला पहिया सर्विस रोड के साथ पानी निकासी के लिए बने नाले में जा गिरा। अचानक झटके के साथ बस रूकने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। नीचे उतरकर देखा तो बस की कंडक्टर साइड का अलगा टॉयर नाले में उतरा हुआ था। बड़ा हादसा होने से टला बताया जा रहा है कि हादसे के समय बस की स्पीड कम थी। जिस कारण ज्यादा जानमाल का नुकसान होने से टल गया। हालांकि तेज झटका लगने से बस में सवार एक यात्री को मामूली चोटें आई। सूचना के बाद धारूहेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। हाइवे पर अक्सर लगता है जाम दिल्ली जयपुर हाइवे पर अक्सर जाम लगता रहता है। कई बार तो जाम पांच से सात किलोमीटर तक लंबा हो जाता है। इससे वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता है। धारूहेड़ा नगर पालिका के चेयरमैन कंवर सिंह ने भी केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी को पत्र लिखकर हाइवे पर लगने वाले जाम से मुक्ति के लिए धारूहेड़ा में एग्जिट और एंट्री प्वाइंट पर ओवरब्रिज बनाने और सोहन, नंदरामपुर बॉस रोड को जोड़ा करने सहित कई मांगें रख चुके हैंं।
ब्रिटिश शासन काल से संचालित पब्लिक इंटर कॉलेज का दशकों पुराना बोर्ड परीक्षा केंद्र रद्द कर दिया गया है। यह निर्णय प्रधानाचार्य और प्रबंधन के बीच चल रहे विवादों के कारण लिया गया है। इस केंद्र के निरस्त होने से सैकड़ों छात्र-छात्राओं, विशेषकर लड़कियों और दिव्यांग परीक्षार्थियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ेगा। यदि प्रधानाचार्य बाबूराम सागर द्वारा समय रहते लिखे गए पत्र पर गंभीरता से विचार किया जाता, तो परीक्षा केंद्र बहाल होने की पूरी संभावना थी। हालांकि, प्रबंधक के साथ-साथ जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) स्तर पर भी इस महत्वपूर्ण पत्र को नजरअंदाज कर दिया गया। परीक्षा केंद्र निरस्त होने के बाद प्रधानाचार्य बाबूराम सागर द्वारा 19 दिसंबर 2025 को लिखा गया एक पत्र सामने आया है। इस पत्र में उन्होंने प्रबंधक को स्पष्ट रूप से सूचित किया था कि माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के लिए केंद्रों की सूची अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है, जिसमें पब्लिक इंटर कॉलेज का नाम शामिल नहीं है। इस घटनाक्रम के बाद कॉलेज के पुरातन छात्र एकजुट हुए। उन्होंने संस्थान में चल रहे आपसी विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी व्यक्त की। कॉलेज को बचाने के लिए एक समिति गठित करने पर भी चर्चा शुरू हुई, जिससे संस्थान की बदहाल स्थिति उजागर हुई। प्रधानाचार्य ने पत्र में यह भी उल्लेख किया था कि परीक्षा केंद्र निरस्तीकरण के विरुद्ध प्रत्यावेदन करना उनके स्तर से संभव नहीं है, क्योंकि केंद्र के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं। उन्होंने इस संबंध में प्रबंधक एवं डीआईओएस से आवश्यक कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई थी। प्रधानाचार्य ने न केवल प्रबंधक को पत्र भेजा, बल्कि उसकी प्रतिलिपि डीआईओएस को भी प्रेषित की, ताकि प्रशासनिक स्तर पर समय रहते कदम उठाए जा सकें, लेकिन किसी भी स्तर पर इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान नहीं लिया गया। डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि प्रबंधक और प्रधानाचार्य के बीच लंबे समय से चले आ रहे आपसी विवाद के कारण अव्यवस्थाएं बनी रहीं। प्रधानाचार्य द्वारा व्यवस्थाओं को लेकर कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन सुधार नहीं हो सका। यदि यह विवाद नहीं सुलझा, तो आने वाले वर्षों में भी कॉलेज के परीक्षा केंद्र बनने की संभावना नहीं रहेगी। उधर, प्रधानाचार्य बाबूराम सागर ने बताया कि जिले में बोर्ड परीक्षाओं की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 16 जनवरी को सभी परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक डीआईओएस के साथ प्रस्तावित है, जबकि फरवरी में परीक्षाएं प्रारंभ होनी हैं। ऐसे में अब नए सिरे से पब्लिक इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र घोषित किया जाना लगभग असंभव हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पहल होती, तो न तिथि निकलती और न ही केंद्र निरस्त होता। अब प्रत्यावेदन की अंतिम तिथि भी बीत चुकी है, जिससे इस वर्ष पब्लिक इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा केंद्र बहाल होने की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
दिन में गर्मी, सुबह-शाम ठंड:चित्तौड़गढ़ में मौसम का मिला-जुला रूप, अब मौसम साफ रहने की संभावना
बुधवार को चित्तौड़गढ़ में मौसम पूरी तरह साफ देखने को मिला। सुबह की शुरुआत तेज धूप के साथ हुई, जिससे लोगों को ठंड के बावजूद कुछ राहत महसूस हुई। आसमान में कहीं भी बादल नजर नहीं आए और कोहरे का भी कोई असर नहीं दिखा। हालांकि मौसम साफ रहने के बावजूद ठंड का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। रात और सुबह के समय ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे सर्दी का अहसास बना रहा। मंगलवार रात में बढ़ी ठंड की हल्की मार मंगलवार रात को चित्तौड़गढ़ में ठंडी हवाएं चलने के कारण न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। रात के समय सर्दी कुछ ज्यादा महसूस की गई, खासकर खुले इलाकों और गांवों में। वहीं, बुधवार सुबह के समय हवा में ठंडक बनी रही, हालांकि कोहरा नहीं छाया। मौसम के इस बदलाव से बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत महसूस हो रही है। ठंडी हवाओं के कारण लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सोमवार को अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा था। आंकड़ों से साफ है कि दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन रात का तापमान धीरे-धीरे नीचे जा रहा है। इसी कारण दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम ठंड का असर देखने को मिल रहा है। यह मौसम लोगों के लिए मिला-जुला अनुभव लेकर आ रहा है। हर दिन बदल रहा मौसम का मिजाज चित्तौड़गढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है। कभी सुबह कोहरा छा जाता है तो कभी दिन पूरी तरह साफ निकलता है। बीते कुछ दिनों से मौसम में स्थिरता नहीं है, जिससे लोगों को रोजाना अलग-अलग तरह की ठंड और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों, स्टूडेंट्स और नौकरी जाने वाले लोगों को भी मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करना पड़ रहा है। आगामी दिनों में बढ़ सकती है ठंड मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल चित्तौड़गढ़ में शीत लहर और कोहरे का कोई खास असर नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा। हालांकि न्यूनतम तापमान में थोड़ी और गिरावट आने की संभावना जताई गई है। ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में ठंड का असर और बढ़ सकता है।
घर में सो रही महिला पर नकाबपोश का हमला:ठाकुरद्वारा में गर्दन काटकर फरार हुआ बदमाश, पति भी घायल
ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के दुल्हापुर अमानताबाद गांव में सोमवार देर रात एक नकाबपोश बदमाश ने घर में सो रही महिला पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसकी गर्दन पर गहरा जख्म आया है, साथ ही हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें आई हैं। पीड़िता रुखसार ने बताया कि वह रात करीब ढाई बजे अपने कमरे में सो रही थी। इसी दौरान नकाबपोश हमलावर चुपचाप कमरे में घुस आया और बिना किसी चेतावनी के धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। महिला ने शोर मचाया और बचाव का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उस पर लगातार वार किए। महिला की चीखें सुनकर बरामदे में सो रहे उसके पति मौके पर पहुंचे। उन्होंने बदमाश को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया, जिससे वे भी घायल हो गए। इसके बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद घायल दंपती ठाकुरद्वारा थाने पहुंचे और पुलिस को लिखित शिकायत दी। पुलिस ने महिला को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा और उसका मेडिकल परीक्षण कराया। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
गोंडा जिले के बड़गांव स्थित उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक में धोखाधड़ी और घोटाले के मामले सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में बड़गांव शाखा के खाताधारक शिवेंद्र दुबे ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह और बैंक के अन्य अज्ञात कर्मचारियों-अधिकारियों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। शिवेंद्र दुबे, जो बहलोलपुर के निवासी हैं, ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने घर के लिए 9 लाख रुपए का होम लोन लिया था और नियमित रूप से किस्तें जमा कर रहे थे। कुछ समय बाद जब वे किस्त जमा करने गए, तो उन्हें पता चला कि तत्कालीन प्रबंधक पवन पाल सिंह और अन्य बैंक कर्मचारियों ने कथित तौर पर उनके लोन खाते में कूटरचना कर 31 लाख रुपए का लोन चढ़ा दिया है।शिकायत करने पर शाखा प्रबंधक ने इसे 'गलती' बताया। हालांकि, शिवेंद्र दुबे का आरोप है कि उन्हें बाद में पता चला कि इन लोगों ने कई अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की है। जब उन्होंने न्याय की मांग की, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और कहा गया कि वे पैसे के बल पर उन्हें जेल भिजवा देंगे या उनकी हत्या करवा देंगे। शिवेंद्र दुबे का आरोप है कि 9 लाख रुपए के होम लोन को 31 लाख रुपए दिखाकर, बाकी की रकम का गबन कर लिया गया है। इस मामले में धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गोंडा नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह को मामले की जांच सौंपी गई है, जिन्होंने छानबीन शुरू कर दी है। अभी कल ही 20 करोड रुपए के फर्जी लोन देने और घोटाले करने को लेकर कि 16 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। तो वही आज एक और मुकदमा तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह और बैंक के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किया गया है।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अनुज सिंह ने की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूल बस चालकों और हेल्परों का अनिवार्य रूप से चरित्र सत्यापन कराया जाए, साथ ही उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। स्कूल बसों की फिटनेस जांच अनिवार्यजिलाधिकारी ने जिले में संचालित सभी स्कूल बसों की फिटनेस जांच हर हाल में पूरी कराने पर जोर दिया। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में अनधिकृत रूप से मॉडिफाइड या इलेक्ट्रिक फिटिंग बदले हुए वाहनों का प्रयोग बच्चों के परिवहन में न किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और विद्यालय प्रबंधन को भी पूरी जिम्मेदारी निभानी होगी। रोडवेज बसें तय स्टॉपेज पर ही रुकेंगीमुरादाबाद रोडवेज अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बसें केवल निर्धारित स्टॉपेज पर ही रुकें। अनावश्यक स्थानों पर बसों के रुकने से यातायात बाधित होता है और आमजन को परेशानी होती है। ट्रैफिक पुलिस को नियम तोड़ने वाली बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और चालान करने के निर्देश दिए गए। यातायात नियम तोड़ने वालों पर चलेगा जागरूकता अभियानजिलाधिकारी ने नव युवकों द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी पर चिंता जताई। उन्होंने चालान की कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। नियम तोड़ने वालों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी और जागरूकता के उद्देश्य से उनकी वीडियो भी बनवाई जाएंगी। हाइवे और बिजली लाइनों पर भी दिए निर्देशबैठक में एनएचएआई अधिकारियों को राजमार्गों पर अवैध कट बंद कराने और हाइवे पर जलभराव व गंदगी की समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्युत विभाग को निष्प्रयोज्य हो चुकी विद्युत लाइनों को हटाने को कहा गया। बैठक में एडीएम सिटी ज्योति सिंह, एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद्र गंगवार, पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता कुलदीप संत, एआरटीओ प्रवर्तन आनंद निर्मल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हमीरपुर में महिला ने सुसाइड किया:मायके न भेजने से नाराज थी, पति गया था कोर्ट, एक साल का बेटा अनाथ
हमीरपुर जनपद के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के मुंडेरा गांव में एक 24 वर्षीय विवाहिता ने मायके न भेजे जाने से नाराज होकर जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा दिया है, हालांकि अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। मृतका मुंडेरा गांव की रहने वाली सुकन्या उर्फ सुदामा पत्नी शिवेंद्र पाल है। शिवेंद्र पाल गांव में स्थित अपने मकान में एक कोचिंग सेंटर संचालित करता है, जहां वह पत्नी के साथ पढ़ाने का कार्य करता था। परिजनों के अनुसार, मकर संक्रांति पर्व पर सुकन्या का भाई अमर उसे मायके ले जाने के लिए आया था, लेकिन किसी कारणवश ससुराल पक्ष की ओर से उसे मायके भेजने से इनकार कर दिया गया। इसी बात से नाराज़ होकर सोमवार शाम सुकन्या ने पास की एक दुकान से बालों में लगाने वाली डाई खरीदकर पी ली। पति शिवेंद्र ने बताया कि घटना के समय वह कोर्ट गया हुआ था। ज़हर खाने के बाद सुकन्या का भाई अमर उसे सुमेरपुर कस्बे के एक निजी अस्पताल लेकर गया, जहां इलाज के बाद उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ। इसके बाद वह उसे मायके चंद्रपुरवा ले गया, लेकिन घर पहुंचने के कुछ समय बाद फिर से हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। मृतका के भाई राम सिंह ने बताया कि सुकन्या की शादी दो वर्ष पूर्व हुई थी। वह अपने पीछे एक साल का बेटा अभय छोड़ गई है, जो मां के जाने से सहमा हुआ है और बार-बार उसे खोज रहा है। पति शिवेंद्र का कहना है कि आगामी 6 फरवरी को उसकी बहन की शादी है, जिसको लेकर सुकन्या काफी उत्साहित थी। वह शादी की खरीदारी के लिए लखनऊ या हमीरपुर जाना चाहती थी, लेकिन किसी कारणवश वह उसे खरीदारी नहीं करा सका, जिससे वह पहले से ही नाराज़ चल रही थी। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कटनी जिले के ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्रिंसिपल बृजलाल अहिरवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उन पर देश की न्यायपालिका और एक विशिष्ट समाज के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है। इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर और स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, प्रिंसिपल ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में कथित तौर पर माननीय हाईकोर्ट को 'नपुंसक' बताया गया था। इसके साथ ही उन्होंने ब्राह्मण समाज के खिलाफ भी आपत्तिजनक और विद्वेषपूर्ण टिप्पणियां की थीं। यह पोस्ट सार्वजनिक होते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत, प्रिंसिपल पर जांच के निर्देश मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान सागर शुक्ला ने कलेक्टर आशीष तिवारी को एक शिकायती पत्र सौंपा। इसमें प्रिंसिपल की बर्खास्तगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। कलेक्टर ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने बताया कि प्रिंसिपल के खिलाफ लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कोटा में तापमान में उतार चढ़ाव का दौर जारी है। बीते 24 घंटे में दिन का तापमान बढ़ा है। हालांकि की रात का पारा 8 डिग्री के आसपास दर्ज हुआ है। अधिकतम पारा बढ़ने से दिन में कोल्ड डे जैसी स्थिति खत्म हो गई है। जबकि रात में गलन बरकरार है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 18 जनवरी तक मौसम साफ रहने और तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई है। बुधवार सुबह शहर सहित ग्रामीण इलाकों में हल्का कोहरा छाया रहा। हालांकि 8 बजे करीब धूप निकली। लेकिन हल्के बादल छाए रहने से सूरज बादलों की ओट में छिपा रहा।सक्रांति के बाद ठंड से थोड़ी राहत की उम्मीद है। मंगलवार को कोहरा कम रहने व आसमान साफ होने से दिन में धूप निकली। जिसके के चलते अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई। अधिकतम तापमान 23.3 डिग्री व न्यूनतम तापमान 8 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। करीब 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। बीते चार दिन से अधिकतम पारा 20 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ है। धूप निकलने व पारा बढ़ने से दिन में सर्दी का असर कम रहा है।
मुरादाबाद में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। आज सुबह शहर का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे लोगों को भीषण ठंड का सामना करना पड़ा। सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही कम रही और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, आज अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 7 डिग्री के आसपास ही बना रहेगा। शहर में नमी का स्तर 43 प्रतिशत और वायुमंडलीय दबाव 1017 हेक्टोपास्कल दर्ज किया गया है। ठंडी हवाओं के कारण सुबह और देर शाम ठंड का असर अधिक महसूस हो रहा है, हालांकि दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल सकती है। बढ़ती ठंड के मद्देनजर, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने लोगों से सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव करने का आग्रह किया है। मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले दिनों में तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और ठंड का यह दौर अभी जारी रह सकता है।
अयोध्या में बर्फीली हवा ने गलन बढ़ाई:कोहरा न गिरने से गेहूं किसान चिंतित, पैदावार पर पड़ेगा असर
अयोध्या में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम साफ होने के बावजूद कड़ाके की ठंड जारी है, जिससे लोगों को अभी राहत नहीं मिल पा रही है। पिछले कई दिनों से तापमान में गिरावट देखी जा रही थी, जो 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। एक ओर जहां लोग ठंड से राहत की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किसान गेहूं की फसल को लेकर चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि यदि पर्याप्त ठंड और कोहरा नहीं पड़ेगा, तो गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है। रामकृपाल, देव प्रकाश, राममिलन मौर्य, वेद प्रकाश और दीनानाथ सिंह जैसे किसानों ने बताया कि इस बार अभी तक बारिश भी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि यदि पछुआ हवाएं तेज चलने लगीं, तो गेहूं की सिंचाई करना और भी मुश्किल हो जाएगा, जिससे फसल को नुकसान हो सकता है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्रा ने मौसम वेधशाला से प्राप्त आंकड़ों की जानकारी दी। उनके अनुसार, अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस (+0.6) और न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस (सामान्य) दर्ज किया गया है। सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम 86 प्रतिशत और न्यूनतम 72 प्रतिशत रही। हवा की गति 2.7 किलोमीटर प्रति घंटा और हवा की दिशा उत्तरी-पश्चिमी दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है। औसत तापमान सामान्य के आसपास रहेगा और हवा सामान्य गति से पश्चिमी दिशा में चलेगी।
CMO कार्यालय के संविदा कर्मी पर ठगी का आरोप:नौकरी दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये हड़पे, धमकी भी दी
पीलीभीत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के एक संविदा कर्मी पर नौकरी दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगा है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि संविदा कर्मी ने स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे यह रकम हड़पी। पीड़ित की शिकायत पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। बरेली के सुंदर नगर निवासी पीड़ित राम गौरव ने बताया कि सितंबर 2025 में वह अपने भाई का आयुष्मान कार्ड सही कराने पीलीभीत सीएमओ कार्यालय आए थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात संविदा कर्मचारी अरुण कुमार मौर्य (पुत्र रमाकांत मौर्य) से हुई। आरोप है कि अरुण ने खुद को विभाग में प्रभावशाली बताकर राम गौरव को स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर सरकारी नौकरी दिलाने का प्रलोभन दिया। पीड़ित राम गौरव आरोपी की बातों में आ गया और नौकरी की उम्मीद में अपनी जमा-पूंजी लगा दी। 9 अक्टूबर 2025 को आरोपी ने उससे 70 हजार रुपये की मांग की, जिसे राम गौरव ने दो किस्तों में चुकाया। पहली किस्त के 35 हजार रुपये ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर किए गए, जबकि शेष 35 हजार रुपये 'फोन पे' के माध्यम से दिए गए। राम गौरव एक छोटी फोटोस्टेट की दुकान चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं और उन्होंने यह रकम कर्ज लेकर जुटाई थी। महीनों इंतजार के बाद भी जब राम गौरव को न तो नौकरी मिली और न ही कोई आधिकारिक सूचना, तो उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि पैसे लौटाने के नाम पर संविदा कर्मी अरुण कुमार मौर्य उन्हें गुमराह करने लगा। जब पीड़ित ने बार-बार दबाव बनाया, तो आरोपी ने फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकी भी दी। ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित राम गौरव ने बैंक ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट और अन्य साक्ष्यों के साथ जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक/डीआईजी अभिषेक यादव को प्रार्थना पत्र सौंपा। पीड़ित ने मांग की है कि सरकारी दफ्तर की आड़ में भ्रष्टाचार करने वाले इस कर्मचारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उसके पैसे वापस दिलाए जाएं। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक को त्वरित जांच करा कर दोषी कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मथुरा में एक व्यक्ति की चाय की दुकान पर अचानक मौत हो गई। यह घटना गोवर्धन चौराहे के पास हुई, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि व्यक्ति बातचीत करते हुए अचानक गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, व्यक्ति चाय की दुकान पर अन्य लोगों से सामान्य बातचीत कर रहा था। बातचीत के दौरान वह आराम से खड़ा था और किसी तरह की कोई परेशानी नजर नहीं आ रही थी। इसी बीच, जब वह बैठने के लिए एक स्टूल उठाने का प्रयास करता है, तभी उसे अचानक दिल का दौरा पड़ा और वह संतुलन खोकर जमीन पर गिर गया। पास खड़ी एक महिला ने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह पूरी तरह जमीन पर गिर चुका था। महिला के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे उठाने का प्रयास किया। आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वायरल वीडियो में यह पूरी घटना मात्र 10 सेकंड के अंदर हुई। मृतक की पहचान कृष्णानगर के राधा नगर पुलिया के पास रहने वाले देवकीनंदन के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि देवकीनंदन गोवर्धन चौराहे पर स्थित एक अस्पताल में सर्दी का इलाज कराने आए थे। इलाज के बाद उन्हें चाय पीने की इच्छा हुई, जिसके बाद वह अस्पताल के पास स्थित चाय की दुकान पर चले गए थे। इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। वहीं, यह सीसीटीवी वीडियो लोगों को अचानक होने वाली मौतों को लेकर एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर रहा है।
अमरोहा जनपद में भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह भाटी पर एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। हसनपुर कोतवाली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए स्टंटबाजी के एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है। यह मामला 13 जनवरी का है, जब हसनपुर नगर के अतरासी अड्डे के पास संभल-गजरौला मुख्य मार्ग पर दिग्विजय भाटी का काफिला गुजर रहा था। आरोप है कि इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी गाड़ियों को लापरवाही और खतरनाक तरीके से चलाया। वीडियो में लोग चलती गाड़ियों की छतों पर बैठे और खिड़कियों से बाहर निकलकर स्टंट करते देखे गए। इस स्टंटबाजी के कारण मुख्य मार्ग बाधित हुआ, जिससे एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन भी जाम में फंसे रहे। कस्बा इंचार्ज राम प्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने एक वाहन (नंबर DL 12 CA 1076) की पहचान कर ली है, जबकि अन्य वाहनों और अज्ञात साथियों की तलाश जारी है। दिग्विजय सिंह भाटी के खिलाफ पिछले दो महीनों में यह चौथा मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे पहले, 4 दिसंबर को रहरा थाना क्षेत्र में एक बैंक मैनेजर के साथ मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। 18 दिसंबर को नेशनल हाईवे-9 पर फॉरच्यूनर से स्टंट करने पर 29 हजार रुपये का चालान किया गया था। इसके अतिरिक्त, 12 जनवरी को सैदनंगली थाने में एक दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को धमकाने के आरोप में भी उन पर केस दर्ज हुआ था। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
मध्यप्रदेश ने वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS) में देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। यह पोर्टल युवाओं को रिसर्च पेपर और एकेडमिक जर्नल्स पढ़ने की आसान सुविधा देता है। इस पोर्टल से छात्र फ्री में जर्नल्स और रिसर्च पेपर पढ़ सकते हैं। यह उन्हें रिसर्च और अन्य अकादमिक कामों में मदद करता है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए ONOS पोर्टल पर पंजीयन कराने में मध्यप्रदेश सबसे आगे है। प्रदेश के 617 उच्च शिक्षण संस्थानों ने अब तक पंजीयन कराया है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक है, जहां 480 संस्थानों ने पंजीयन कराया है। अलग-अलग चरणों में हुई योजना की प्रक्रिया योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में प्रथम चरण में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। दूसरे चरण में हर उच्चतर शिक्षण संस्थान में संस्था-वार नोडल अधिकारी तय किए गए। तीसरे चरण में संस्था के नोडल अधिकारी द्वारा प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन कर उनके लिए आईडी और पासवर्ड जनरेट किए गए। इसके बाद यूजर्स को आईडी और पासवर्ड के माध्यम से ONOS पोर्टल पर लॉगिन करना होता है। लॉगिन करने के बाद यूजर पोर्टल पर उपलब्ध शोध पत्रों और पुस्तकों को नि:शुल्क पढ़ सकते हैं। देश में 98.44 लाख यूजर, इसमें मध्यप्रदेश से 8.38 लाख विद्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्यापकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाएं और पुस्तकें एक ही जगह पर उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई ONOS योजना में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 30 प्रमुख प्रकाशनों के शोध पत्र और पुस्तकें पोर्टल पर आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं। पोर्टल पर डिजिटल शिक्षा का उपयोग करने के मामले में मध्यप्रदेश देशभर में सबसे आगे है। वर्तमान में देशभर में 98,44,813 विद्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्यापकों द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन ने बताया कि पोर्टल पर पंजीयन कराने के मामले में मध्यप्रदेश देशभर में सबसे आगे है। प्रदेश के 617 उच्च शिक्षण संस्थान अब तक पंजीयन करा चुके हैं। 8,38,166 से अधिक विद्यार्थी और शोधार्थी पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं। इस मामले में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। पोर्टल में पंजीयन कराने वाले टॉप 5 प्रदेश राज्य पंजीयन यूजर संख्या मध्यप्रदेश 617 8 लाख 38 हजार 166 कर्नाटक 478 3 लाख 54 हजार 310 राजस्थान 462 6 लाख 97 हजार 323 असम 344 4 लाख 26 हजार 155 छत्तीसगढ़ 342 2 लाख 91 हजार 409
हनुमानगढ़ में घना कोहरा, विजिबिलिटी शून्य:वाहनों की रफ्तार थमी, नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल खुले
हनुमानगढ़ में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई। इसके बावजूद नर्सरी से लेकर 8वीं कक्षा तक के स्कूल खुले रहे, जबकि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। शहर के कई इलाकों में सुबह से ही कोहरे की घनी चादर फैली हुई थी। दृश्यता इतनी कम थी कि वाहन चालकों को सड़क पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सामने से आ रहे वाहन या व्यक्ति मुश्किल से दिखाई दे रहे थे, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। आज रात का तापमान लगभग 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जबकि दिन के तापमान में भी वृद्धि दर्ज होने का अनुमान है। हालांकि, सुबह के समय कोहरे के कारण धूप स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दी। घने कोहरे और ठंड के बावजूद, बुधवार को नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूल अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खुले रहे। डेली वेदर फोरकास्ट के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिन का तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा और कोहरे का प्रभाव भी सीमित समय तक रहने की संभावना है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। पुलिस ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का उपयोग करने, धीमी गति से चलने और उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। किसानों को भी कोहरे के दौरान फसलों को पाले से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
बिजनौर में दो दिवसीय खेल प्रतियोगिता संपन्न:सांसद चंदन चौहान ने विजेताओं को पुरस्कार बांटे
बिजनौर के नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में मंगलवार को दो दिवसीय सांसद खेल स्पर्धा प्रतियोगिता का समापन हो गया। लोकसभा सांसद चंदन चौहान ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित कर इसका समापन किया। यह प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय और जिलाधिकारी बिजनौर के निर्देश पर आयोजित की गई थी। इस अवसर पर सांसद चंदन चौहान ने कहा कि इस प्रतियोगिता ने बिजनौर के युवाओं की प्रतिभा को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'खेलो इंडिया' पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे गांवों तक खेल का माहौल बन रहा है। सांसद चौहान ने आगे बताया कि रालोद नेता जयंत चौधरी के सहयोग से क्षेत्र में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि हार-जीत से बढ़कर उनका संघर्ष और अनुशासन है, और वे बिजनौर का गौरव तथा देश का भविष्य हैं। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) रणविजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन का एक दर्शन है। उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान युवाओं द्वारा दिखाए गए अनुशासन और समर्पण की प्रशंसा की। सीडीओ सिंह ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन खेल मैदानों की मरम्मत, नए उपकरण और कोचिंग सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बिजनौर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अधिक खिलाड़ी निकलेंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर डॉ. बीरबल सिंह (समाजसेवी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता), राजकुमार (जिला क्रीड़ा अधिकारी, बिजनौर) और हिमांशु (सहायक जिला खेल कार्यालय, बिजनौर) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समापन समारोह में निर्णायक मंडल के सदस्यों—चित्र चौहान, मोहम्मद यूनुस हुसैन, जितेंद्र कुमार, शबाब आलम, विशाल कुमार, अंशु चौधरी, पूजा देवी और अजीत सिंह—की निष्पक्ष भूमिका की सराहना की गई।
पुलिस मुठभेड़ में बदमाश को गोली लगी:दिबियापुर पुलिस ने दो बाइक चोरों को पकड़ा, भागते समय फिसली बाइक
दिबियापुर पुलिस ने कंचौसी मार्ग पर हुई एक मुठभेड़ के बाद दो बाइक चोरों को गिरफ्तार किया है। इस मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी। यह घटना 14 जनवरी 2026 को विझाई पुल के पास नहर पटरी पर हुई। पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी, तभी दो बाइक सवार पुलिस को देखकर भाग निकले। इसके कुछ देर बाद दो अन्य बाइक सवार व्यक्ति आए, जिन्होंने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। भागने के दौरान उनकी बाइक फिसल गई। पुलिस ने उनका पीछा किया, तो बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाई। पुलिस की गोली लगने से शिवम पाल पुत्र प्रमोद, निवासी कुतुबपुर, थाना फफूंद, के बाएं पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए दूसरे बदमाश की पहचान पनकी निवासी हर्ष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन बदमाशों के खिलाफ बाइक चोरी सहित 20 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम जांच कर रही है। पुलिस भागे हुए एक अन्य बदमाश की तलाश कर रही है और गिरफ्तार किए गए बदमाशों से पूछताछ जारी है।
पीलीभीत में घना कोहरा, विजिबिलिटी 10 मीटर से कम:तापमान में गिरावट से बढ़ी गलन, जनजीवन प्रभावित
पीलीभीत जनपद में बुधवार सुबह घना कोहरा और शीतलहर का प्रभाव देखा गया। हिमालयी क्षेत्रों से आ रही सर्द हवाओं और उच्च नमी के कारण पूरा जिला घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा। सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर 10 मीटर से भी कम रह गई, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बुधवार तड़के से ही घने कोहरे ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। नेशनल हाईवे-730 (पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग) और बरेली-पीलीभीत मार्ग पर दृश्यता बेहद कम होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हेडलाइट जलाने के बावजूद सामने का रास्ता देखना मुश्किल हो रहा था। कई वाहन चालक सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी कर कोहरा छंटने का इंतजार करते दिखे। कोहरे के कारण लंबी दूरी की बसें और मालवाहक ट्रक अपने निर्धारित समय से कई घंटे की देरी से चले। पिछले 24 घंटों के भीतर जिले के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को अधिकतम तापमान 18C के आसपास था, जो बुधवार को गिरकर 16C पर आ गया। न्यूनतम तापमान 6C से 7C के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री कम है। कृषि पर असरकृषि जानकारों का मानना है कि यह कोहरा और ओस गेहूं की फसल के लिए तो फायदेमंद है, लेकिन आलू और सरसों की फसल में 'झुलसा रोग' लगने का डर बढ़ गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों की निगरानी करें।मौसम विभाग का अनुमान: आने वाले 48 घंटों तक कोहरे का यह सितम जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने एनएचआई और पुलिस विभाग को निर्देशित किया है कि कोहरे के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित किया जाए।
सिरसा जिले के डबवाली में नगर परिषद द्वारा बनाए गए बस शेल्टरों पर नगर परिषद इनेलो चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा की फोटो पर कालिख पोतने का मामला पुलिस तक जा पहुंचा है। इसकी चेयरमैन ने डबवाली सिटी थाना पुलिस को शिकायत दी है और मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। इसका पता चलने पर पार्टी इनेलो कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी का माहौल है और बाद में उस पर अखबार लगा दिया गया। डबवाली से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल भी जानकारी लेने पहुंचे। उन्होंने भी चेयरमैन छाबड़ा से इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है और कहा कि इसकी जांच कराएंगे। डबवाली पुलिस की ओर से बस शेल्टर के आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पास के एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो उसमें एक लड़का वहां से गुजरता हुआ दिखाई दे रहा है। मगर धुंध अधिक होने के कारण उसमें साफ दिखाई नहीं दे रहा। पुलिस की ओर से तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, उक्त शरारती तत्व के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अन्य कैमरों की फुटेज खंगालकर उसका पता लगाया जाएगा। वहीं, इनेलो चेयरमैन का कहना है कि उन्होंने किसी का गलत नहीं किया। फिर भी किसी ने ये किया है तो गलत है। वह भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उसका पता लगाने में जुटे हैं। सिलसिलेवार जानिएं पूरा मामला डबवाली शहर में इन दिनों नए बस शेल्टरों पर एक तरफ नगर परिषद चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा और दूसरी तरफ वाइस चेयरमैन अमनदीप बांसल की फोटो लगी है। शेल्टरों पर 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत 'स्वच्छ डबवाली स्वच्छ हरियाणा' का नारा लिखा है। शरारती तत्वों ने चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा की फोटो पर कालिख पोत दी है। कुछ देर बाद चेयरमैन को पता चलने पर उनकी फोटो पर अखबार लगाकर उसे ढक दिया गया। ये मामला चर्चाओं में आ गया और फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो गई। अभी तक ये पता नहीं चला है किसने छेड़छाड़ की है। यह घटना चौटाला रोड स्थित सरकारी अस्पताल के बाहर बने एक बस शेल्टर पर हुई। शरारती तत्वों ने केवल चेयरमैन छाबड़ा की तस्वीर पर कालिख पोती है और वाइस चेयरमैन बांसल की तस्वीर और शहर के अन्य शेल्टरों पर लगी तस्वीरें सुरक्षित हैं। इस घटना को व्यक्तिगत रंजिश या राजनीतिक द्वेष का परिणाम माना जा रहा है। किसी के साथ रंजिश नहीं : चेयरमैन इस मामले में नगर परिषद चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा का कहना है कि इसकी डबवाली पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस जांच कर रही है और कुछ सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। उनमें फोटो साफ नहीं आ रही है। ये मामला पार्टी के संज्ञान में भी है। उनकी किसी के साथ रंजिश नहीं है और न ही किसी गलत या बुरा किया। किसी ने ऐसा किया है तो वो उसकी सोच पर निर्भर है।
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद स्थित 18 एसएसबी में आयोजित पांच दिवसीय एसएसबी टेस्ट में रक्षित जांगड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही प्रयास में एनडीए की परीक्षा पास कर चयन हासिल किया है। इस एसएसबी में कुल 135 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से मात्र 20 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। रक्षित जांगड़ा के स्कूल से एनडीए परीक्षा पास करने वाले कुल 20 छात्र थे, लेकिन एसएसबी के बाद अकेले रक्षित का ही अंतिम चयन हुआ। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि स्कूल और क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय है। रक्षित फिलहाल संस्कारम स्कूल में पीसीएम विषयों के साथ 12वीं कक्षा में पढ़ता है। शैक्षणिक उपलब्धियों में भी अव्वल रक्षित ने दसवीं कक्षा में 96 प्रतिशत अंक हासिल कर ब्रिगेडियर रणसिंह पब्लिक स्कूल में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह स्कूल के अलावा घर पर प्रतिदिन करीब आठ घंटे तक पढ़ाई करते था। परिवार का सहयोग बना सफलता की नींव रक्षित की सफलता में उनके परिवार का अहम योगदान रहा है। उनकी माता आशा रानी एक निजी कॉलेज में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं, जबकि पिता विकास शर्मा एक निजी एमएनसी कंपनी, गुरुग्राम में कार्य करते हैं। इसके साथ ही पिता पत्रकारिता के क्षेत्र में फ्रीलांसर के रूप में भी सक्रिय हैं। रक्षित के मार्गदर्शन में पिता और फूफा का विशेष योगदान रहा, वहीं दादी मां का स्नेह और प्रेरणा हमेशा उनके साथ रही। रक्षित के पिता ने बताया कि रात को पढ़ाई करते समय उसकी दादी विशेष ध्यान रखती थी। दादा का सपना पौते ने किया साकार रक्षित के दादा बलवान सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे। उनका सपना था कि उनका बेटा सेना में अधिकारी बने, लेकिन यह सपना उनके पौते रक्षित ने लेफ्टिनेंट बन पूरा कर दिखाया। रक्षित ने अपने दादा-दादी के सपनों को साकार कर परिवार का नाम रोशन किया है। वर्कआउट और अनुशासन रहा सफलता का मंत्र पिछले तीन वर्षों से रक्षित पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहा था। वह प्रतिदिन कम से कम एक घंटे वर्कआउट जरूर करता था। उनके पिता के अनुसार रक्षित सोशल मीडिया से दूर रहकर पूरी तरह अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहा। खेल, संगीत और व्यक्तित्व विकास पर भी फोकस रक्षित को खेलों में विशेष रुचि है, खासतौर पर माइंड गेम शतरंज (चेस) खेलना उन्हें पसंद है। इसके अलावा उन्हें संगीत से भी गहरा लगाव है और वह गिटार बजाने का शौक रखते हैं। यह सभी गतिविधियां उनके मानसिक संतुलन और व्यक्तित्व विकास में सहायक रहीं। एयरफोर्स मैराथन में भी लिया हिस्सा रक्षित दिसंबर माह में एयरफोर्स मैराथन में भी हिस्सा ले चुके हैं। इस दौरान एयर मार्शल से मुलाकात के अवसर पर उन्होंने एसएसबी और अफसर बनने को लेकर चर्चा भी की थी, जिसने उन्हें और अधिक प्रेरित किया। 5 सितंबर 2008 को हुआ जन्म, कम उम्र में बड़ी उपलब्धि 5 सितंबर 2008 को जन्मे रक्षित जांगड़ा ने कम उम्र में ही यह बड़ी उपलब्धि हासिल कर यह साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उसके पिता बताते हैं कि रक्षित हमेंशा अपने ऐम पर फोकस रखता रहा है और अब रक्षित का सिलेक्शन हुआ है जून जुलाई में वह जॉइनिंग करेगा।
सुल्तानपुर में एक सराफा दुकान से चार सोने की अंगूठियां चोरी होने का मामला सामने आया है। कुड़वार थाना क्षेत्र के गंजेहड़ी कस्बे में स्थित एक ज्वेलरी शॉप पर खरीदारी के बहाने पहुंचे एक अज्ञात महिला और पुरुष पर चोरी का आरोप लगा है। यह घटना भंडरा रोड पर स्थित 'पोली ज्वैलर्स' की दुकान पर दिनदहाड़े करीब 12 बजे हुई। दुकान मालिक वहीद अमिक के अनुसार, महिला और पुरुष ने पहले चांदी की अंगूठियां और पायल देखे। इसके बाद उन्होंने सोने की अंगूठियां दिखाने को कहा। पहले दो तस्वीरें देखिए... दुकानदार ने उन्हें चार सोने की अंगूठियां दिखाईं। कुछ देर तक अंगूठियां देखने के बाद, दोनों ने कहा कि वे 15 मिनट में वापस आएंगे। वे दुकान से चले गए और अपने साथ चार सोने की अंगूठियां भी ले गए। जब दुकानदार ने बाद में स्टॉक चेक किया, तो उसे चार सोने की अंगूठियां गायब मिलीं। उसने तुरंत आसपास और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें दोनों अज्ञात व्यक्तियों की तस्वीरें कैद हो गईं। पीड़ित दुकानदार वहीद अमिक ने कुड़वार थाने में तहरीर देकर अज्ञात महिला और पुरुष के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज करने और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ललितपुर में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट अभिनव सिंह की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है। मंगलवार को उसे जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्यायालय में पेश किया गया था। अभिनव सिंह पर अपने जीजा के नाम और डिग्रियों का उपयोग कर डॉक्टर बनने का आरोप है। अभिनव सिंह ने अमेरिका में रहने वाले अपने जीजा डॉ. राजीव गुप्ता के नाम और उनकी चिकित्सीय डिग्रियों का इस्तेमाल किया। वह खुद को डॉ. राजीव गुप्ता बताकर एनएचएम के माध्यम से ललितपुर में कार्डियोलॉजिस्ट के पद पर संविदा पर नियुक्त हुआ था। तीन साल तक उसने जिला अस्पताल और बाद में मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में काम किया। इस दौरान अभिनव सिंह ने चालीस हजार से अधिक मरीजों का इलाज किया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा अभिनव सिंह की बहन सोनाली सिंह ने 10 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराकर किया था। शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी को 12 दिसंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से अभिनव सिंह जेल में बंद है।
पहाड़ी में साइबर ठग गैंग का पर्दाफाश:4 बदमाश दबोचे, सस्ते सामान बेचने के बहाने करते थे ठगी
डीग में पहाड़ी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये ठग सस्ते दामों पर सामान बेचने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस ने इन ठगों को कठोल से संवलेर रास्ते पर स्थित उनके ठिकानों पर दबिश देकर पकड़ा। मौके से 4 मोबाइल फोन और 4 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इन मोबाइल फोन में विभिन्न सोशल मीडिया ऐप्स पाए गए, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जाता था। बरामद मोबाइल फोनों में लगभग 4 लाख रुपए के लेन-देन से संबंधित तथ्य भी मिले हैं। पकड़े गए ठग पुलिस की रडार से बचने के लिए जंगलों में बैठकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।पुलिस अब गिरफ्तार किए गए ठगों से गहनता से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस गिरोह में कितने अन्य लोग शामिल हैं और उन्होंने अब तक कितने रुपए की ठगी को अंजाम दिया है।
नाद-ब्रह्म शिल्प मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम:देवी गीत, भजन और साहित्यिक विमर्श से सजी शाम
प्रयागराज, उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित नाद-ब्रह्म शिल्प मेले का दूसरा दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और साहित्यिक विमर्श से गुलजार रहा। इस अवसर पर लोकगीत, देवी गीत, भजन और विचारों के संगम से सजी सांस्कृतिक संध्या में बड़ी संख्या में दर्शक उमड़े। सांस्कृतिक संध्या का आरंभ भानु प्रताप सिंह की देवी गीत प्रस्तुति से हुआ। उन्होंने मेरी नैया में लक्ष्मण राम, पिया वचवा के लतनि ढोलावल करु और कहके काली रंग कोयलिया जैसे गीतों से भक्तिमय वातावरण निर्मित किया। उनकी गायकी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात् वशिष्ठ मिश्रा ने अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने रघुराई हे रघुराई, हम कथा सुनाते, मोको कहाँ ढूंढें रे बंदे और रंग महल के दस दरवाजे जैसे भजनों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। आश्रया द्विवेदी ने देवी गीत लाल रंग सिंदुरुआ बा से अपनी प्रस्तुति शुरू की। उन्होंने हे गंगा मईया तोहे पिपरी चढ़ईबू, सईयां से कईदे मिलनवा, अहिए पिया परदेसिया, झुलवे झूलनवा ना और हमके मेलवा घुमाई द हमार सजना जैसे लोकप्रिय लोकगीतों को सशक्त शैली में प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक झूम उठे। इसी क्रम में आयोजित साहित्यिक संगोष्ठी में डॉ. रविनंदन सिंह ने माघ मेला: वसुधैव कुटुम्बकम के घोष का स्वर विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि कल्पवास भारतीय संस्कृति की एक प्रयोगशाला है, जहाँ जड़ और चेतन के समन्वय से मनुष्यता का पुनर्सृजन होता है। शिशिर सोमवंशी ने वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा को विश्व शांति और पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में आज और अधिक प्रासंगिक बताया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में जबावी बिरहा का भी आयोजन किया गया। इसमें श्याम लाल बेगाना, प्रियंका माधुरी, मुशर्रफ अली, विभव शंकर और सीमा ने लोकगीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने सभी कलाकारों को पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
मैहर शहर के ओवरब्रिज पर स्टंटबाजी के दौरान एक तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में कार चालक सहित दो लोग मामूली रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त कार रीवा पासिंग की है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर (MP 17 CC 0495) बताया जा रहा है। पुलिस के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, वाहन के ब्रेक फेल होने के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा और कार पलट गई। हादसे के समय कार में दो व्यक्ति सवार थे, जिन्हें हल्की चोटें आईं। दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए मैहर सिविल अस्पताल भेजा गया है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। कार चालक के खिलाफ मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों की मदद से पलटी हुई कार को सीधा किया गया, जिसके बाद ओवरब्रिज पर यातायात सामान्य हो सका। घटना के कारण कुछ समय के लिए ओवरब्रिज पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
प्रयागराज के नैनी और आलोपीबाग सहित विभिन्न इलाकों में लोहड़ी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। यह पर्व पंजाबी संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का प्रतीक है। गुरुद्वारा प्रांगणों और मोहल्लों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पवित्र अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। इस दौरान लोकगीतों की गूंज सुनाई दी और संगत ने अग्नि की परिक्रमा की। भांगड़ा और गिद्दा नृत्य ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। लोहड़ी की अग्नि में तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ी अर्पित किए गए। इन सामग्रियों को शीत ऋतु में जीवन देने वाली ऊर्जा के प्रति कृतज्ञता और नकारात्मकता के त्याग का प्रतीक माना जाता है। समाजसेवी सरदार पतविंदर सिंह ने बताया कि लोहड़ी केवल फसल या ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं है, बल्कि यह अग्नि, सूर्य और जीवन-मर्यादा से जुड़ा एक आध्यात्मिक प्रतीक है। यह पर्व जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाने का संदेश देता है। आलोपीबाग गुरुद्वारा में संध्याकालीन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष मत्था टेका और गुरबाणी पाठ, सिमरन, अरदास तथा हुकुमनामा श्रवण किया। इसके बाद संगत ने गुरु का प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान सर्वधर्म संगत ने नए धान के लावे, खीर, मक्का, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली पवित्र अग्नि को अर्पित कर परिक्रमा की। सभी ने सर्व समाज की समृद्धि की कामना की। गुरुद्वारा प्रधान परमजीत सिंह बग्गा ने कहा कि लोहड़ी ऊर्जा और ऊष्मा का पर्व है, जो परिवार और समाज में सकारात्मकता का संचार करता है। उन्होंने बताया कि यह सामाजिक संबंधों को मजबूत करने वाला उत्सव है, जिसका प्रभाव पूरे वर्ष बना रहता है। बेटियों की लोहड़ी मनाने की परंपरा ने पर्व की पवित्रता को और बढ़ाया है। सरदार पतविंदर सिंह ने जोर देकर कहा कि लोहड़ी का उद्देश्य बेटियों को समान सम्मान देना और समाज की नकारात्मक सोच को बदलना है। इस अवसर पर विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को बधाइयां देकर सौहार्द का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में परमिंदर सिंह बंटी, सुरेंद्र सिंह, सतनाम सिंह, ज्ञानी जसपाल सिंह, चरनजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग उपस्थित रहे।
लखनऊ में मकर संक्रांति के मौके पर जमकर पतंगबाजी होती है। पुराने लखनऊ में इसके सबसे अधिक शौकीन हैं। इसमें इंटरनेशनल खिलाड़ियों से लेकर आम लोग तक शामिल हैं। यही कारण है शहर की पतंग बाजारों की रौनक बढ़ गई है। इस साल डिजाइनर पतंगों की मांग इसमें सबसे अधिक है। अद्धी, स्टार, पट्टीदार, प्रिंट कागज, तिरंगा और चांद वाली पतंगों के दाम 8 से 25 रुपए है। 100 से 1 हजार रुपए तक में मांझा भरी चरखी मिल रही है। दरअसल, लखनऊ में पतंगबाजी का शौक नवाबों के जमाने से है। उस समय दीपावली के दूसरे दिन पतंगबाजी होती थी। मकर संक्रांति पर गुजरात और राजस्थान से आए लोगों ने पतंगबाजी शुरू की थी। धीरे-धीरे लखनऊ के लोग भी मकर संक्रांति पर पतंगबाजी करने लगे। लखनऊ में पतंगबाजी कब और कैसे शुरू हुई इसकी जानकारी के लिए भास्कर रिपोर्टर ने पतंग के शौकीनों और दुकानदारों से बात की तो यह जानकारी मिली। पतंग के शौकीनों ने बताया कि पहले चावल, बकरे खून और लोहे के बुरादे से मांझा तैयार होता था। अब चाइनीज मांझे का चलन बढ़ा है, जो खतरनाक होता है। उन लोगों ने पतंगबाजी में चाइनीज मांझे का प्रयोग नहीं करने की अपील की है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट... पहले दीपावली के दूसरे दिन होती थी पतंगबाजी लखनऊ में गंगा जमुनी तहजीब के तहत दीपावली के दूसरे दिन परवा पर दुकानें बंद होने की बहुत पुरानी परंपरा है। यह परंपरा नवाबों के समय से चली आ रही है। इस दिन नवाब सभी लोगों के साथ मिलकर गोमती नदी के किनारे पतंगबाजी करते थे। नदी के किनारे ही पकवान बनते थे। लोग पकवान का स्वाद लेते हुए पतंगबाजी का आनंद उठाते थे। इसे जमघट नाम दिया गया था। जब भीड़ बढ़ी तो लोग अपनी-अपनी छतों से पतंग उठाने लगे। मकर संक्रांति को लखनऊ में हुआ पतंग का शौक 76 साल के पतंगबाज अमरनाथ कौल बताते हैं कि मकर संक्रांति का पर्व गुजरात और राजस्थान के लोगों से यहां आया है। गुजरात और राजस्थान के लोग मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाते थे। उन लोगों को देखकर शहर के लोग भी इस दिन पतंगबाजी करने लगे। उनमें से एक मैं भी हूं। मेरे पास पतंगबाजी की इंडिया लेवल की 8 ट्राफियां हैं। बकरे के खून से बनाया गया मांझा अमरनाथ कौल बताते हैं कि नवाबों के समय में चीनी व्यापारी सिल्क का कपड़ा बेचने के लिए लखनऊ में आते थे। उस समय सिल्क के सामान की डिमांड बहुत थी। इसी दौरान व्यापारियों ने नवाब को सिल्क की पतंग दी। नवाब ने पतंग उड़ाई तो उन्हें मजा आया धीरे-धीरे इसमें पेंच लड़ाया जाने लगा, लेकिन इस दौरान धागा कट जाता था। तब किसी बुजुर्ग के बताने पर चावल, बकरे का खून और उसमें लोहे का बुरादा डालकर धागे पर लगाया गया। ऐसा करके पहला मांझा तैयार हुआ। इस तरह तैयार मांझे से पेंच लगाने में मजा आने लगा। इसके बाद लोहे की जगह शीशा आया। इस बीच पतंग भी सिल्क की जगह कागज की हो गई। धीमे-धीमे लखनऊ में पेच भी डेवलप की गई। लोग बोले लखनऊ की पतंगबाजी आपस में जोड़ती है अनूप गोयल ने बताया कि लखनऊ की टीम पतंगबाजी के लिए कहीं पर भी जाती है। चैंपियनशिप जीत कर आती है। नवाब आगा, जफर आगा सहित अन्य बड़े खिलाड़ी यहां से रहे हैं। लखनऊ की पतंगबाजी में खास बात यह है कि यह लोगों को जोड़ती है। वह बताते हैं कि एक बार सूखा पड़ा तो पतंग के नीचे सिक्का, नोट और चांदी का सिक्का लगाकर काटी जाती थी, जिससे पतंग लूटने पर लोगों को मदद मिलती थी। इस दौरान एक पतंग जानबूझ कर काटी जाती थी। आजादी के पहले का था वायरलेस साइमन गो बैक के नारे लगाकर कैसरबाग बरादरी में अधिवेशन के समय गिराई गई थी, लेकिन अंग्रेज पता नहीं कर पाते थे कि कौन पतंग उड़ा रहा था। उस समय यह वायरलेस मैसेज का काम करता था। अभी यहां मांझे पर चीनी मांझे के चलते ग्रहण लग गया गया है। पतंग के शौक पर आंख, हाथ और सिर का कॉम्बिनेशन होता है। हम लोग फिट हैं, देखिए 76 साल की उम्र में भी। हरदेव सिंह ने कहा कि पतंग लड़ाने का काम भाई चारा से होता है। दो टीम में हम लीग खेलते हैं। कई सालों से हम लोग शौकिया खेल रहे हैं। इसमें टाइमपास के साथ में खेल भी हो रहा है। शहर में 100 रुपए से चरखी और 8 रुपए से पतंग की शुरू हो रही कीमत लखनऊ में 100 रुपए से चरखी की कीमत की शुरुआत हो रही है। इसकी अधिकतम कीमत 1 हजार रुपए तक है। पतंग 8 रुपए से लेकर 25 रुपए तक हैं। दुकानदार हाजी सुबराती बताते हैं कि नवाब वजीर असफ-उद-दौला के दौर में लखनऊ की पहचान कहा जाने वाला रूमी दरवाजा बना। शानदार इमारतें बनवाने के अलावा नवाब को पतंग उड़ाने का भी शौक था। वह 'झुल-झुल पतंग' उड़ाते थे, जिसमें सोना-चांदी जड़े रहते थे। दीपावली पर खासतौर से वे झुल-झुल पतंग उड़ाते थे। पतंग कट कर जिस किसी के घर में गिरती, उसके परिवार की दीपावली का खर्च निकल जाता था। पतंग लूटने वाले को 5 रुपए इनाम मिलता था। अवध क्षेत्र में पतंगबाजी की शुरुआत भी नवाब असफ-उद-दौला ने की थी। समय के साथ सिर्फ एक चीज ही बदली है। अब दिवाली की अगली सुबह लखनऊ में पतंगें उड़ाई जाती हैं।
सतना के स्कॉलर होम कॉलेज पर प्रवेश प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने बीए एलएलबी में प्रवेश के नाम पर छात्रों से पूरी फीस वसूल ली, लेकिन बाद में उन्हें दाखिला नहीं दिया गया। इस मामले को लेकर ASAP (एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स) छात्र संगठन ने मंगलवार को कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। ASAP से जुड़ी छात्राएं मंगलवार को सिटी कोतवाली पहुंचीं और रात करीब 9 बजे तक धरने पर बैठी रहीं। संगठन का कहना है कि कई छात्र-छात्राओं ने पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान फीस जमा की, लेकिन जब परीक्षा से जुड़ी जानकारी लेने कॉलेज पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका प्रवेश हुआ ही नहीं है। इससे छात्रों का पूरा भविष्य अधर में लटक गया है। गलती छिपाने के लिए डिप्लोमा ऑफर कियामामले की जानकारी मिलने पर ASAP की सतना जिला प्रभारी अवनी सिंह बैस कार्यकर्ताओं के साथ कॉलेज पहुंचीं और प्राचार्य व स्टाफ से बातचीत की। संगठन का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने अपनी गलती छिपाने के लिए छात्रों को बीए एलएलबी के बजाय डिप्लोमा कराने का प्रस्ताव दिया, जिसे नियमों के खिलाफ बताते हुए छात्रों ने ठुकरा दिया। छात्र संगठन का यह भी आरोप है कि इससे पहले कॉलेज परिसर में किए गए शांतिपूर्ण विरोध के दौरान स्टाफ ने छात्र-छात्राओं के साथ अभद्र और अमर्यादित व्यवहार किया। आरोप है कि स्टाफ ने छात्रों पर शराब पीकर आने जैसे झूठे आरोप लगाए और कुछ छात्रों को पहचानने से भी इनकार कर दिया। प्रशासन ने आश्वासन के बाद भी नहीं की कार्रवाईछात्राओं के धरने के बाद सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राएं लौट गईं। संगठन ने बताया कि इससे पहले 27 नवंबर को भी सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन तब भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया ने जांच के लिए टीम गठित करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण मंगलवार को एक बार फिर छात्र संगठन ने आंदोलन तेज किया और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ इस तरह की अनियमितता न हो। वहीं, कॉलेज के डायरेक्टर राजीव सोई ने कहा कि यह मामला क्लर्कियल त्रुटि का है, जिसके कारण कुछ छात्रों का प्रवेश नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि जिन छात्रों का दाखिला नहीं हुआ है, उनकी पूरी फीस लौटाई जा रही है।
जोधपुर शहर में इन दोनों डॉग बाइट के मामले बढ़ने लगे हैं शहर के प्रमुख महात्मा गांधी हॉस्पिटल की बात की जाए तो रोजाना औसतन करीब 50 से अधिक लोग डॉग बाइट के शिकार होकर पहुंचने लगे हैं बीते करीब 12 दिनों की बात की जाए तो 600 से अधिक लोग बीते के शिकार हो चुके हैं जबकि पिछले तीन सालों के आंकड़ों की बात की जाए तो औसतन 30 से 35 लोग डॉग बाइट के शिकार होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से भी पहुंच रहे जोधपुर महात्मा गांधी हॉस्पिटल में डॉग बाइट को लेकर इलाज होता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी स्वास्थ्य केंद्र पर इससे संबंधित इलाज ही नहीं है। ऐसे में 70 से 100 किलोमीटर दूर तक के मरीजों को इंजेक्शन और टीका लगवाने के लिए जोधपुर आना पड़ता है। जबकि इन केंद्रों पर भी इलाज की व्यवस्था की जा सकती है। साल दर साल बढ़ता गया आंकड़ा जोधपुर में बीते तीन वर्षों की बात की जाए तो साल दर साल डॉग बाइट के आंकड़े बढ़ रहे हैं। जोधपुर के MGH में साल 2023 में जहां डॉग बाइट के 10 हजार 615 मामले आए, वहीं साल 2024 में 10968 और साल 2025 में 13 हजार 198 मामले सामने आ चुके हैं। डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉक्टर सावित्री शर्मा ने बताया कि इन दिनों सर्दियों के समय में डॉग बाइट के मामले बढ़ जाते हैं। यहां पर ग्रामीण क्षेत्रों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन सावधानी बरतने की भी जरूरत है उन्होंने बताया कि यदि कहीं पर भी डॉग बाइट हो तो घाव को 10 से 15 मिनट तक बहता पानी में धोना चाहिए इसके बाद जितना जल्दी हो सके मरीज को अस्पताल लाना चाहिए। जहां पर उसके एंटी रैबीज इंजेक्शन भी लगाए जा सके और उसका इलाज भी शुरू किया जासके। उन्होंने बताया कि कई बार लोग कुत्ते के काटने के समय घाव पर मिर्ची लगा देते हैं लेकिन यह घाव के लिए नुकसानदायक है, इसलिए इस तरह की भ्रांतियां में नहीं आना चाहिए और घाव पर मिर्ची लगाने की बजाय उसे बहता पानी से धोना चाहिए और जल्द से जल्द अस्पताल में मरीज को लेकर आना चाहिए जिससे कि उसका इलाज शुरू किया जा सके।
जयपुर में विवाहिता ने किया सुसाइड:कमरे में फंदे से लटकी मिली, 10 महीने पहले हुई थी शादी
जयपुर में मंगलवार शाम एक विवाहिता ने सुसाइड कर लिया। वह कमरे में फंदे से लटकी हुई मिली। 10 महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। दौलतपुरा थाना पुलिस ने FSL टीम की मदद से सबूत जुटाए। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए शव को कांवटिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। SHO (दौलतपुरा) सुनील गोदारा ने बताया- आंधी की रहने वाली मोनिका शर्मा (23) पुत्री गोपाल शर्मा ने सुसाइड किया है। अप्रैल-2025 में उसकी शादी फाइनेंस कंपनी में जॉब करने वाले विष्णु शर्मा निवासी ब्राह्मणों की ढाणी चौप दौलतपुरा से हुई थी। मंगलवार दोपहर को परिवार के सदस्य खेत पर गए हुए थे। पीछे से उसने अपने कमरे में साड़ी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। शाम करीब 6 बजे घर लौटने पर गेट अंदर बंद मिला। काफी आवाज लगाने के बाद भी गेट नहीं खोला। गेट तोड़कर अंदर जाने पर कमरे में मोनिका साड़ी के फंदे से लटकी मिली। सुसाइड की सूचना पर दौलतपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने FSL टीम की मदद से सबूत जुटाए। पुलिस ने मौका-मुआवना कर शव फंदे से नीचे उतारा। जिसके बाद पोस्टमॉर्टम के लिए कांवटिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया। पुलिस ने मृतका के पास किसी प्रकार का सुसाइड नोट मिलने की बात से इनकार किया है। पुलिस सुसाइड के कारण का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
हाईवे पर सांड टकराकर कार पर गिरा:मरीज को अस्पताल ले जा रहे प्रधान के परिजन बाल-बाल बचे
पीलीभीत जनपद में मंगलवार रात नेशनल हाईवे पर एक सड़क हादसा हुआ। थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के ग्राम गोरा के पास एक तेज रफ्तार कार से टकराकर सांड हवा में उछला और किनारे खड़ी दूसरी कार पर जा गिरा। इस घटना में ग्राम प्रधान के परिजन बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार, गोरा गांव के एक निवासी की तबीयत बिगड़ने पर ग्राम प्रधान नूर मोहम्मद ने अपनी निजी कार उपलब्ध कराई थी। प्रधान के छोटे भाई मरीज को लेकर पीलीभीत के एक अस्पताल जा रहे थे। हादसा भोपतपुर पेट्रोल पंप के पास हुआ। मरीज को ले जा रही कार को चालक ने परिजनों के कहने पर हाईवे के किनारे सुरक्षित खड़ा किया था। इसी दौरान पूरनपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात कार के सामने अचानक एक सांड आ गया। तेज रफ्तार कार से टक्कर लगने के बाद सांड कई फीट हवा में उछला और सीधे किनारे खड़ी ग्राम प्रधान की कार की छत पर जा गिरा। टक्कर की आवाज और सांड के गाड़ी पर गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सांड के वजन और टक्कर के प्रभाव से ग्राम प्रधान नूर मोहम्मद की कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और कार में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्राम प्रधान नूर मोहम्मद ने बताया, मेरे छोटे भाई मरीज को लेकर पीलीभीत जा रहे थे। रास्ते में सांड टकराकर हमारी कार पर आ गिरा। अल्लाह का शुक्र है कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बावजूद सभी लोग सुरक्षित हैं।
सड़क दुर्घटना में अज्ञात व्यक्ति की मौत:पुलिस कर रही शिनाख्त की कोशिश, मोर्चरी में रखवाया गया शव
गाजीपुर जनपद के नन्दगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पहाड़पुर हाईवे पर मंगलवार शाम एक सड़क दुर्घटना में एक अज्ञात व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया है और उसकी शिनाख्त के प्रयास कर रही है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। काफी प्रयासों के बावजूद मृतक की पहचान नहीं हो सकी। मृतक के पास से कोई भी ऐसा दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। मृतक ने सफेद कुर्ता, काला कोट और नीले रंग का हाई नेक पहना हुआ है। बुधवार को भी शव की पहचान के प्रयास जारी रहे। शिनाख्त न हो पाने की स्थिति में, समाजसेवी कुँवर वीरेन्द्र सिंह और कांस्टेबल जिलेश कुमार के सहयोग से अज्ञात मृतक के शव को मर्च्युरी रूम में सुरक्षित रखवाया गया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में मृतक की पहचान कराने का प्रयास कर रही है, ताकि परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की जा सके।
सीकर रोड स्थित नींदड़ आवासीय योजना में 8 से 16 जनवरी तक चल रही श्री राम कथा और 1008 कुण्डीय हनुमान महायज्ञ के बीच बुधवार को मकर संक्रांति के अवसर पर तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का 77वां जन्मदिन मनाया जाएगा। जयपुर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से संत-महंत, यजमान और श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। रामभद्राचार्य इन दिनों जयपुर में अपनी 1412वीं कथा कर रहे हैं।जन्मदिन समारोह में शामिल होने बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री, पतंजलि योगपीठ के योगगुरु रामदेव, साध्वी ऋतंभरा, रमणरेती गोकुल से कार्ष्णि पीठाधीश्वर गुरुशरणानंद और बद्रीनाथ धाम से बालक योगेश्वर दास जयपुर पहुंचेंगे। आयोजन के दौरान मुंबई की प्रसिद्ध गायिका मधुश्री भट्टाचार्य संगीतमय रामचरितमानस का पाठ करेंगी, जबकि शाम 6 बजे से पद्मश्री लोकगायिका मालिनी अवस्थी प्रस्तुति देंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आएंगी जयपुर जन्मदिन उत्सव में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी भी रहेगी। आयोजन समिति के अनुसार महायज्ञ के समापन अवसर पर 16 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जयपुर आऐंगी। 77 नदियों के जल से महाभिषेकजन्मदिन के अवसर पर यज्ञ स्थल पर एक हजार किलो लड्डुओं का केक काटा जाएगा। सुबह 11 बजे से दो किलोमीटर लंबी शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें जगद्गुरु रामभद्राचार्य बग्गी में सवार रहेंगे। शोभायात्रा में बैंड-बाजे के साथ हाथी और घोड़े भी शामिल होंगे। इसके अलावा यज्ञ स्थल पर पतंगबाजी उत्सव आयोजित किया जाएगा और 77 नदियों के जल से जगद्गुरु रामभद्राचार्य का महाभिषेक किया जाएगा।
धौलपुर के हर्षोल्लास के साथ मनाया लोहड़ी पर्व:सामूहिक अलाव के साथ दिखा परंपरा और भाईचारे का संगम
धौलपुर जिले के सैपऊ रोड क्षेत्र में मंगलवार शाम लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पारंपरिक पर्व पर स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक रूप से अलाव प्रज्ज्वलित कर लोहड़ी की रस्म निभाई। इस दौरान पारंपरिक गीतों और नृत्य के साथ खुशियां साझा की गईं। कार्यक्रम का आरंभ सूर्यास्त के बाद हुआ, जब लोगों ने लकड़ियां, उपले और अन्य सामग्री एकत्र कर अलाव जलाया। इसके बाद महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने परंपरागत फाग व लोकगीतों पर नृत्य किया। ढोल की थाप और लोकगीतों की धुन ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।पर्व को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। उन्होंने अलाव के चारों ओर परिक्रमा कर तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ी जैसी पारंपरिक वस्तुएं अर्पित कीं। लोहड़ी के अवसर पर पारंपरिक पकवानों का विशेष महत्व रहा। बुजुर्गों और महिलाओं ने तिल-गुड़ से बने व्यंजनों, मूंगफली, पॉपकॉर्न और मिष्ठान्न का आनंद लिया। लोगों ने एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं और सुख-समृद्धि की कामना की।स्थानीय निवासियों ने बताया कि ऐसे आयोजन सामाजिक मेलजोल को सुदृढ़ करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में सहायक होते हैं। इस आयोजन में स्थानीय प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं का भी सहयोग रहा। आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान रखा गया था। समाजसेवियों ने त्योहारों के माध्यम से आपसी भाईचारा, सौहार्द और एकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया।कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित नागरिकों ने सामाजिक एकता और भारतीय परंपराओं के संरक्षण का संकल्प लिया। सैपऊ रोड पर आयोजित यह लोहड़ी पर्व क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त संदेश भी बना।
निवाड़ी जिले के कुंवरपुरा गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प में घायल एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मंगलवार देर रात हुई इस मौत के बाद गांव में तनाव का माहौल है। घटना पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के कुंवरपुरा गांव की है। यहां जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि दोनों ओर से लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और लुहांगी से हमला किया गया। इस हिंसक मारपीट में तीन महिलाओं सहित कुल 10 लोग घायल हुए थे। सभी घायलों को पृथ्वीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। गंभीर रूप से घायल एक युवक को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। घायल महिला की इलाज के दौरान मौत घायल महिलाओं में विमलेश यादव (पत्नी रमेश यादव) की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। इस मामले में घायल पूनम यादव ने गांव के रूपराम, तिलक सिंह, बृजेंद्र यादव, सिंहराम और सतीश सहित अन्य पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पहले मारपीट का मामला दर्ज किया था, अब महिला की मौत के बाद धाराओं में वृद्धि की जा रही है। घटना के बाद गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात घटना की गंभीरता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।
गोंडा जिले की नगर कोतवाली पुलिस द्वारा पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए 25 हजार के इनामी आरोपी दौलत खान को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जेल में दौलत खान को क्वॉरेंटाइन बैरेक में रखा गया है और उसकी हर गतिविधि पर जेल प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है। पुलिस के अनुसार, दौलत खान अपने कुछ साथियों के साथ बरेली से गोंडा आया था और यहां किराए पर कमरा लिया था। वह दिन में फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता था इसी दौरान वह ज्वेलर्स की दुकानों को चोरी के लिए निशाना बनाता था। रात में कपड़ा बेचकर लौटने के बाद, वह अपने साथियों के साथ मिलकर उन ज्वेलर्स की दुकानों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। नगर कोतवाली पुलिस ने 22 दिसंबर को ठाकुरद्वारा में आशीष गुप्ता के यहां हुई चोरी, 24 दिसंबर को तिवारी बाजार में हुई चोरी और 6 जनवरी को मकार्थी गंज मोहल्ले में आशीष कौशल के ज्वेलर्स की दुकान में हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस दौलत खान के फरार साथियों की तलाश कर रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग भी हाथ लगे हैं, जिनकी जांच की जा रही है। दौलत खान पर चोरी के अलावा बलात्कार के भी मुकदमे दर्ज हैं और उसने उत्तराखंड में भी कई वारदातों को अंजाम दिया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत उसके खिलाफ कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। गोंडा नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मुठभेड़ के दौरान घायल होने पर उसका गोंडा मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया गया था। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में भी जानकारी जुटा रही है और उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
श्रीगंगानगर में पिछले 10 दिनों से कड़ाके की ठंड का कहर जारी है। शीतलहर और कोहरे के कारण न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे बना हुआ है। मंगलवार को दिन में तेज धूप खिली, जिससे आमजन को राहत मिली। हालांकि, सुबह के समय खेतों में जमकर पाला पड़ा जिससे फसलों के पत्तों पर ओस व बर्फ जमी हुई दिखाई दी। मौसम राडार स्टेशन, श्रीगंगानगर पर बुधवार सुबह न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री रिकार्ड किया गया। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री और अधिकतम 19.9 डिग्री रहा, जबकि सोमवार को न्यूनतम 1.4 डिग्री और अधिकतम 18.3 डिग्री दर्ज हुआ था। धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार- जिले में आगामी 4-5 दिन तक मौसम पूरी तरह ड्राई रहेगा। दिन में धूप खिलेगी और कोहरे की संभावना न के बराबर रहेगी। तापमान में 1-2 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, जो फसलों के लिए फायदेमंद है। धूप से सरसों, चना और हरी सब्जियों में पाले की मार की आशंका कम रहेगी। वहीं, 20 जनवरी से मौसम में बदलाव के आसार हैं। जिले में मावठ की संभावना जताई जा रही है। कड़ाके की ठंड और सर्दी के प्रकोप को देखते हुए जिले के सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। कलेक्टर डॉ. मंजू ने कक्षा नर्सरी से 8वीं तक छुट्टियां बढाने के आदेश जारी किए हैं। अब 14 से 15 जनवरी तक सभी स्कूलों में अवकाश होगा। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर दिया गया है।
प्रतापगढ़ के बिहारगंज बाजार में 17 जून को हुए गोलीकांड के फरार आठ आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। इन सभी पर अब 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पहले पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे अब आईजी प्रयागराज अजय कुमार मिश्र ने बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया है। यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के बिहारगंज बाजार का है। चचेरे भाइयों को गोली मारने के इस प्रकरण में अंतू थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर मस्सन अली निवासी आममऊ ककरहा सहित कुल 16 आरोपियों के खिलाफ नगर कोतवाल सुभाष यादव ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इस मामले में मस्सन अली समेत आठ आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। वहीं, इरशाद, हसन अली उर्फ सोनू, रियाज, नसीब, रिजवान, सहबान, नियाज और इरफान को पहले जमानत मिल गई थी। जमानत मिलने के बाद जैसे ही इन पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया, ये सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए। इनाम की राशि बढ़ने के बाद जिले की पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) भी इनकी तलाश में जुट गई है। पुलिस और एसटीएफ संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और तकनीकी सर्विलांस के जरिए इनकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रोहतक में सुनारिया रोड पर 29 कुत्तों के शव पड़े मिले थे, जिनके शरीर पर नसबंदी की सर्जरी करने के ताजा निशान मिले। पशु कल्याण संगठन एसएएस इंडिया के स्वयंसेवक अरविंद की शिकायत पर शिवाजी कॉलोनी थाना में नैन फाउंडेशन व नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पशु कल्याण संगठन एसएएस इंडिया के स्वयंसेवक अरविंद ने आरोप लगाया कि बेसहारा कुत्तों की नसबंदी का ठेका नगर निगम की तरफ से नैन फाउंडेशन को दे रखा है। नैन फाउंडेशन ने 29 कुत्तों की नसबंदी के लिए सर्जरी की, जिनकी मौत हो गई। कुत्तों के शरीर पर ताजा सर्जरी के निशान भी मिले। अरविंद ने नैन फाउंडेशन पर सामूहिक रूप से 29 कुत्तों की हत्या करने का आरोप लगाया और नैन फाउंडेशन व नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। साथ ही सबूतों को नष्ट करने का आरोप भी लगाया। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 5 किलोमीटर दूर पशु जन्म नियंत्रण केंद्र अरविंद ने कहा कि जिस स्थान पर कुत्तों के शव को डंप किया गया, उससे करीब 5 किलोमीटर दूर नैन फाउंडेशन का पशु जन्म नियंत्रण केंद्र है। मृत मिले कुत्तों के शरीर पर ताजा नसबंदी के निशान है। इससे साफ है कि कुत्तों की सर्जरी के तुरंत बाद मृत्यु हो गई, जो डॉक्टरों की लापरवाही को उजागर कर रहा है। कुत्तों के शवों का पोस्टमॉर्टम होना चाहिए। शवों को दफनाने की बजाय खुले में फेंका अरविंद ने बताया कि बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 का पूर्ण रूप से उल्लंघन किया गया है। कुत्तों के शवों को अवैध रूप से खुले में फेंका गया, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हुआ और यह स्पष्ट रूप से सबूत नष्ट करने व जवाबदेही से बचने के इरादे का संकेत देता है। गैरकानूनी नसबंदी करने का लगाया आरोपअरविंद ने नैन फाउंडेशन पर असुरक्षित, लापरवाही पूर्ण व गैर कानूनी नसबंदी करने का आरोप लगाया। अरविंद ने कहा कि नैन फाउंडेशन की कार्यशैली के कारण पहले भी कई स्थानों पर टेंडर रद्द किए गए है। कुत्तों के शवों व सर्जिकल कचरे का अवैध रूप से निपटान करने का प्रयास किया, क्योंकि शवों के पास ही सर्जरी का सामान भी मिला है। पशु जन्म नियंत्रण केंद्र का रिकॉर्ड किया जाए सीलस्वयंसेवक अरविंद ने कहा कि कुत्तों की सामूहिक हत्या करके शवों को फेंकने के मामले में केस दर्ज करके पुलिस को केंद्र का रिकॉर्ड सील करना चाहिए। साथ ही सबूतों से छेड़छाड़ या विनाश को रोकने के लिए पिछले 48-72 घंटों के एबीसी केंद्र और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज को जब्त करके सुरक्षित रखना चाहिए। 3 महीने से निगम को कर रहे शिकायत अरविंद ने बताया कि पिछले 3 महीने से नगर निगम को शिकायत कर रहे है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। निगम ने दो बार नोटिस जरूर नैन फाउंडेशन को भेजा है, लेकिन कार्रवाई नहीं की। इसी का परिणाम है कि 29 कुत्तों की सामूहिक हत्या की गई है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कीशिवाजी कॉलोनी थाना एसएचओ राकेश सैनी ने बताया कि उन्हें कुत्तों के शव पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और डॉक्टरों की टीम को बुलाया। पुलिस ने मामले में स्वयंसेवक अरविंद की शिकायत पर नैन फाउंडेशन व नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर के पटेल ब्रिज के नीचे बुधवार सुबह विधायक गोलू शुक्ला की बस में अचानक आग लग गई। आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ी को मौके पर बुलाया गया। फायर ब्रिगेड के मुताबिक, घटना करीब साढ़े नौ बजे की है। छोटी ग्वालटोली के आगे की ओर शुक्ला ब्रदर्स की बस में आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम को भेजा गया। आग के चलते बस से काफी लपटें निकलती दिखाई दीं। फायर ब्रिगेड के एसआई शोभाराम मालवीय के मुताबिक, एक टैंक पानी डालकर आग पर काबू पा लिया गया है। ड्राइवर अभी मौके पर नहीं मिला है। संभवतः बस को बाहर निकालने के दौरान ही उसमें शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसमें ड्राइवर तुरंत गाड़ी से उतरकर बाहर आ गया। बस में आग की तीन तस्वीरें देखिए
भिंड में किसान की गोली मारकर हत्या:भाई की रंजिश में गई जान; बचाने आए 11 साल के बेटे का सिर फोड़ा
भिंड के मौ थाना क्षेत्र के ग्राम सौरा में खेतों पर बने ट्यूबवैल पर 45 वर्षीय किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई से आरोपियों की पुरानी रंजिश बताई जा रही है। आरोपियों ने मृतक के 11 वर्षीय बेटे पर भी जानलेवा हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने मालनपुर निवासी दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, 45 वर्षीय राजकुमार उर्फ छुन्ना गुर्जर अपने परिवार के साथ गांव के बाहर खेत पर बने मकान में रहता था। घटना के वक्त वह अपने 11 वर्षीय बेटे शिवम के साथ खेत पर ही था। रात के समय मालनपुर निवासी रूपसिंह धोबी और लक्ष्मण सिंह धोबी वहां पहुंचे और घर पर हमला बोल दिया। दोनों ने राजकुमार को गालियां दीं। जब उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे बारी-बारी से दो गोलियां मार दीं। पिता को बचाने आए बेटे पर लाठी से वार घटना के दौरान राजकुमार का 11 साल का बेटा शिवम भी वहीं मौजूद था। जब बेटे ने अपने पिता को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसके सिर में डंडा मारकर जानलेवा हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। शव को रात में ही मौ कस्बे के पीएम हाउस में रखवाया गया है। जेल में हुई थी भाई से दोस्ती, फिर दुश्मनी में बदली स्थानीय लोगों के मुताबिक, मृतक राजकुमार का भाई रामवीर सिंह गुर्जर एक मामले में सेंट्रल जेल में बंद था। जेल में ही उसकी दोस्ती आरोपी रूप सिंह धोबी से हुई थी। दोनों के बीच लंबे समय तक दोस्ताना रहा, लेकिन बाद में किसी बात पर विवाद हो गया। बताया जाता है कि रात के समय आरोपी रूप सिंह और लक्ष्मण सिंह, रामवीर सिंह की तलाश में ही सौरा गांव पहुंचे थे। रामवीर के नहीं मिलने पर उनकी बहस उसके भाई छुन्ना से हुई और इसी रंजिश के चलते उन्होंने छुन्ना को गोली मार दी। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश मौ थाना टीआई रघुवीर सिंह मीणा ने बताया कि घटना की जानकारी लगते ही पुलिस देर रात घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने बॉडी जब्त कर ली है। दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपी मालनपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
गुरुग्राम में बाइक पर जा रही एक युवती को अश्लील इशारा करने का मामला सामने आया है। युवती ने बाइक रोक कर युवक को पकड़ लिया और थप्पड़ जड़ दिए। कुछ देर बाद राहगीर भी जमा हो गए और युवक की धुनाई कर डाली। युवक द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद उसे छोड़ दिया गया। युवती की बाइक पर लगे कैमरे में पूरी घटना कैद हो गई है। जिसमें रिकॉर्ड वीडियो को युवती ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवती बाइक पर जा रही थी, तभी एक ई-रिक्शा में बैठे युवक ने उसकी ओर गंदे इशारे करने शुरू कर दिए। जिससे युवती काफी आक्रोशित हो गई। युवती ने दिखाई हिम्मत युवती ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी बाइक रोकी, रिक्शा के पास जाकर मनचले को खींचकर सरे आम धुनाई शुरू कर दी। वीडियो में युवती गुस्से में चिल्लाते हुए युवक को थप्पड़ मारती और डांटती नजर आ रही है। धुनाई के बाद युवक ने मांगी माफी युवक बार-बार माफी मांगते हुए सॉरी, गलती से हो गया कहता दिख रहा है, लेकिन युवती ने उसे जमकर सबक सिखाया। उसने इस पूरी घटना का वीडियो अपने इंस्टाग्राम पेज पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हजारों लोग इसे शेयर कर युवती की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं।
जैसलमेर में पिछले कई दिनों से जारी 'हाड़ कंपाने वाली' शीतलहर के बीच मंगलवार और बुधवार को मौसम के मिजाज में आंशिक बदलाव देखा गया। बर्फीली हवाओं की रफ्तार थमने और दिन भर खिली धूप के कारण जिलेवासियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, राहत के बावजूद सर्दी का तीखा असर अब भी बरकरार है। मौसम के बदलाव को देखते हुए कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि आगामी चार दिनों तक मौसम साफ रहेगा और कोहरे या शीतलहर की कोई नई चेतावनी नहीं है। रात में राहत, दिन में ठंड बरकरार मंगलवार रात को न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे पारा 4.4 डिग्री तक पहुंच गया। इसके बावजूद यह सामान्य से 5.2 डिग्री नीचे है। वहीं, दिन का अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में 17 डिग्री का बड़ा अंतर बना हुआ है। किसानों की बढ़ी चिंता जिले में सोमवार सुबह शीतलहर का रौद्र रूप देखने को मिला था। अधिकांश इलाकों में झाड़ियों, गाड़ियों और खेतों में ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गई थीं। इस पाले के कारण रबी की मुख्य फसलों— जीरा, चना, सरसों, ईसबगोल और अरंडी को काफी नुकसान पहुंचा है। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि आगामी चार दिनों तक मौसम साफ रहेगा और कोहरे या शीतलहर की कोई नई चेतावनी नहीं है। इससे किसानों को थोड़ी उम्मीद जगी है। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: CMHO ने जारी की एडवाइजरी ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए CMHO डॉ. राजेंद्र पालीवाल ने जिले के सभी हॉस्पिटल में 'विशिष्ट कार्य योजना' लागू कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों को जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. पालीवाल की सलाह: क्या करें और क्या न करें चार दिन मौसम साफ रहेगा मौसम के बदलाव को देखते हुए कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि आगामी चार दिनों तक मौसम साफ रहेगा और कोहरे या शीतलहर की कोई नई चेतावनी नहीं है।
कैलारस कस्बे में एनएच 552 और पहाड़गढ़ रोड तिराहे पर मंगलवार देर शाम करीब तीन घंटे लंबा जाम लग गया। सबलगढ़, पहाड़गढ़ और मुरैना जाने वाले रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे एक एंबुलेंस समेत यात्री बसें, कार और लोडिंग ट्रक फंस गए। स्थिति यह रही कि जाम 4 किलोमीटर तक फैल गया और पुलिस प्रशासन ने तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचकर यातायात बहाल कराया। जाम का मुख्य कारण सड़क किनारे अतिक्रमण कर रखी अवैध गुमठियां हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने पिछले माह अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत इन गुमठियों को हटवा दिया था, लेकिन लोगों ने फिर से वहां गुमठियां जमा ली हैं। इस कारण रास्ता संकरा हो गया है और आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। मंगलवार शाम 6 बजे से लगे जाम ने धीरे-धीरे विकराल रूप ले लिया। जाम में फंसी एंबुलेंस, पुलिस नदारद जाम के दौरान कैलारस से मरीज को मुरैना अस्पताल ले जा रही एक 108 एंबुलेंस भी भीड़ में फंस गई। गनीमत रही कि मरीज गंभीर हालत में नहीं था, अन्यथा उसकी जान पर बन सकती थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने शुरुआत में जाम खुलवाने की सुध नहीं ली। जब जाम विकराल होता चला गया, तब करीब तीन घंटे बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और रास्ता साफ करवाया। 'पुलिस तिराहे पर रहे तो न लगे जाम' स्थानीय निवासी रघुवीर कोठारी और अरुण जाटव ने बताया कि कैलारस में जाम अक्सर लगता है और जब लगता है तो इसी तरह विकराल रूप लेता है। घंटों जाम लगने से यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोज परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चे स्कूल से आने में लेट होते हैं और कारोबार प्रभावित होता है। उनका कहना है कि नगर पालिका गुमठियां हटा नहीं पाई, कार्रवाई के बाद फिर अतिक्रमण हो गया। जाम लगने के घंटों बाद पुलिस आती है, इससे अच्छा पुलिस इस तिराहे पर तैनात रहे तो जाम ही नहीं लगेगा। तहसीलदार बोले- फिर हटाएंगे अतिक्रमण कैलारस तहसीलदार नरेश शर्मा ने कहा कि जाम की अक्सर स्थिति बनती है, इसलिए पूर्व में भी अतिक्रमण हटाओ मुहिम चलाकर सड़कें साफ करवाई थीं। अभी फिर से गुमठियां रखने की सूचना है, तो फिर कार्यवाही करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि आगे से ये गुमठियां न रखी जाएं। उन्होंने बताया कि पहाड़गढ़ होते हुए शिवपुरी जल्द पहुंच जाते हैं, इसलिए लोडिंग वाहन भी अधिकांश इसी रास्ते से जा रहे हैं, जो जाम का एक बड़ा कारण है।
बकरियों पर जंगली जानवर का हमला:वन विभाग ने डाला डेरा, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह, तेंदुए का भय
ललितपुर जिले के गौना रेंज स्थित ग्राम कुमरोल गांव में दो दिन पहले सोमवार की रात एक जंगली जानवर ने बाड़े में बंधी दो बकरियों को मार डालने के बाद से ग्रामणी भयभीत है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम दो दिन से मौके पर डेरा डाले हुए है । ग्रामीणों का मानना है कि यह हमला तेंदुए ने किया है, जो क्षेत्र में घूम रहा है। उपप्रभागीय वनाधिकारी, रेंज अधिकारी गौना और रेंज स्टाफ ने घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने आसपास के खेतों और रास्तों पर कॉम्बिंग ऑपरेशन भी चलाया। प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर वन अधिकारियों ने आशंका जताई है कि हमला 'लक्कड़भग्गा' (हाइना) ने किया है। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी। इस घटना के बाद उपप्रभागीय वनाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों, बच्चों और बुजुर्गों को रात में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। आवश्यक होने पर कम से कम दो लोगों के समूह में टॉर्च लेकर ही बाहर निकलने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए वन दरोगा की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम दिन-रात आसपास के क्षेत्रों में गश्त करेगी और वन्य जीव की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
इंदौर–अहमदाबाद फोरलेन पर स्थित कुक्षी चौकड़ी पर ओवरब्रिज निर्माण का काम शुरू हो गया है। लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की मांग के बाद अब यहां यातायात सुरक्षा को देखते हुए ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। फिलहाल पहले चरण में फोरलेन के दोनों तरफ सर्विस रोड का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, ताकि निर्माण के दौरान यातायात बाधित न हो। यह ओवरब्रिज परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इंदौर की निगरानी में बनाई जा रही है। निर्माण कार्य दिल्ली की एक एजेंसी को सौंपा गया है। सर्विस रोड बनने से भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहेगी और लोगों को जाम की परेशानी नहीं होगी। कुक्षी चौकड़ी पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के कारण ओवरब्रिज की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह ओवरब्रिज तैयार होने के बाद दुर्घटनाओं की संख्या कम होने की उम्मीद है। साथ ही राजगढ़ से कुक्षी आने-जाने वाले लोगों को सड़क पार करने में आसानी होगी। 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य NHAI के तकनीकी प्रबंधक आदित्य सुमन ने बताया कि ओवरब्रिज का निर्माण लगभग 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी सर्विस रोड और जमीन समतलीकरण का काम चल रहा है, इसके बाद मुख्य ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होगा। एक किलोमीटर लंबा होगा ओवरब्रिज ओवरब्रिज की कुल लंबाई करीब एक किलोमीटर होगी। यह फोरलेन स्थित एक निजी अस्पताल के पास से शुरू होकर मोहनखेड़ा रोड के अंडरब्रिज तक जाएगा। वहीं इसके पास बनने वाले अंडरपास की चौड़ाई लगभग 30 मीटर रखी गई है, जिससे भारी वाहन भी आसानी से निकल सकेंगे। सर्विस रोड के निर्माण के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद ली जा रही है। प्रशासन का कहना है कि ओवरब्रिज बनने के बाद क्षेत्र की यातायात व्यवस्था ज्यादा सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।
छिंदवाड़ा की कोतवाली पुलिस ने बुधवारी बाजार क्षेत्र में छापामार कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस ने यहां जितेंद्र मालवी, ओमप्रकाश मालवी और सुशील मालवी के ठिकानों से 65 रील चाइनीज मांझा बरामद किया है, जिसकी बाजार कीमत 30 से 35 हजार रुपए बताई गई है। हाईकोर्ट की सख्ती के बावजूद आरोपी चोरी-छिपे इसे बेच रहे थे। पुलिस ने सारा सामान जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी है। कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर देर रात यह कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी प्रतिबंधित मांझे को चोरी-छिपे 800 रुपए तक की दोगुनी कीमत पर बेच रहे थे। मुनाफे के लालच में दुकानदार राहगीरों और बाइक सवारों की जान जोखिम में डाल रहे थे, जबकि हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रोक लगाई है। एक महीने में 12 से ज्यादा हादसे बीते एक माह में छिंदवाड़ा जिले में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। हाल ही में दो बाइक सवार युवक इस खूनी धागे का शिकार बने थे। एक युवक के गले में 42 टांके आए, जबकि दूसरे युवक के गले में 13 टांके लगे। दोनों का निजी अस्पताल में इलाज जारी है। इससे पहले भी कई बच्चे और राहगीर घायल हो चुके हैं। दिखे तो पुलिस को दें सूचना पुलिस का कहना है कि चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अवैध गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं चाइनीज मांझा बिकता दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि किसी और की जिंदगी इस ‘मौत के धागे’ की भेंट न चढ़े।
अलीगढ़ में डिफेंस कॉरिडोर, एयरपोर्ट विस्तार, एक्सप्रेस-वे और बाईपास जैसी अहम सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। अधिग्रहण के नाम पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन (एडीएम) पंकज कुमार पर पद का दुरुपयोग कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा तथाकथित लोगों को व्यक्तिगत आर्थिक लाभ पहुंचाने का भी मामला शिकायती पत्र में है। भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने कमिश्नर अलीगढ़ से आवश्यक कार्रवाई कर जांच रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष न रखने का आरोप कौशलेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में बताया कि ग्राम जसरथपुर (तहसील कोल) सहित कई स्थानों पर आवंटित सरकारी भूमि को पूर्व में एसडीएम कोल, एडीएम, कमिश्नर और राजस्व परिषद के न्यायालयों ने नियमविरुद्ध बताते हुए निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां सरकार की ओर से कोई काउंटर एफिडेविट दाखिल नहीं किया गया। आरोप है कि जानबूझकर लापरवाही बरती गई। परिणामस्वरूप हाईकोर्ट ने सरकार के खिलाफ एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया। इसके बाद भी न तो अपील दाखिल की गई और न ही अभिलेखों का विधिवत परीक्षण किया गया। नामांतरण के लिए बनाया गया प्रशासनिक दबाव ग्राम पनैठी (गाटा संख्या 31) और ग्राम जसरथपुर (गाटा संख्या 79) की भूमि उन लोगों के नाम नामांतरित कराई गई जो पात्रता की श्रेणी में नहीं आते थे। कुछ जमीन असंक्रमणीय होने के बावजूद बिना अनुमति बेची गई। जबकि नियमानुसार राज्य सरकार में निहित होनी चाहिए थी। आरोप है कि एक अधिकारी द्वारा नामांतरण से मना करने पर दूसरे जूनियर अधिकारी को चार्ज देकर नियमविरुद्ध आदेश कराने की कोशिश की गई। सेवानिवृत्त लेखपाल पर भी गंभीर आरोप इस पूरे मामले में एक सेवानिवृत्त लेखपाल की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। आरोप है कि उन्होंने एडीएम प्रशासन के साथ मिलकर डीलिंग की रूपरेखा तैयार की। लेखपाल पर एडीए की जमीनों में फर्जीवाड़ा, आय से अधिक और बेनामी संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं, जिनमें नोएडा, गाजियाबाद और अलीगढ़ की जमीनें व कोठियां शामिल बताई गई हैं। नियमानुसार की गई है अधिग्रहण की कार्रवाई इस संबंध में एडीएम प्रशासन पंकज कुमार का कहना है कि शिकायत गलत की गई है। भूमि संबंधी सभी अधिग्रहण नियमानुसार किए गए हैं। किसी भी अधिकारी पर गलत काम के लिए दबाव नहीं बनाया गया है।
भगवान भास्कर (सूर्य) की आराधना का पर्व मकर संक्रांति इस साल दो दिन मनाया जा रहा है। पारंपरिक मान्यता के चलते बुधवार (14 जनवरी) को भी सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सेठानी घाट और विवेकानंद घाट समेत सभी घाटों पर पहुंचकर नर्मदा स्नान किया और पूजन-पाठ किया। हालांकि, धर्मशास्त्रों के अनुसार पर्व का मुख्य पुण्यकाल 15 जनवरी (गुरुवार) को रहेगा। रात 9.29 बजे से शुरू होगी संक्रांति बुधवार को मकर संक्रांति 14 जनवरी की रात 9.29 मिनट से शुरू होगी, जो 15 जनवरी की दोपहर 1.29 मिनट तक रहेगी। आचार्य पंडित सोमेश परसाई ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व का पुण्य और फल 15 जनवरी का स्नान करने और दान करने से ज्यादा मिलेगा। सूर्य के मकर राशि में आने से बढ़ा महत्व आचार्य ने बताया कि मकर संक्रांति पर सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में आते हैं। इसलिए इस उत्सव को मकर संक्रांति उत्सव कहा जाता है। सालों से 14 जनवरी को महापर्व मनाते हुए स्नान, दान और देव पूजन किया जाता रहा है, इसी मान्यता के चलते कुछ लोग आज भी संक्रांति मना रहे हैं। शुरू होंगे शुभ काम, गर्मी भी बढ़ेगी इस दिन से गर्मी भी तिल के समान बढ़ने लगती है। सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं, जिससे शुभ काम होने लगते हैं। पंडित परसाई के अनुसार, इस बार षटतिला एकादशी भी 14 जनवरी को रहेगी। इसलिए दो दिन उत्सव मनाया जा सकता है।
राजस्थान में सरकारी हॉस्पिटल (जिला हॉस्पिटल, उप जिला हॉस्पिटल, सैटेलाइट, सीएचसी, पीएचसी) में आने वाले मरीजों को सरकार फ्री दवाईयां दे रही है। इसके बावजूद कई डॉक्टर कमीशन के कारण अनिवार्य दवा सूची (EDL) से हटके दूसरे ब्रांड की दवाईया मरीजों को लिख रहे है। ऐसे डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी नोटिस जारी किया है। साथ ही सख्त हिदायत दी कि अगर इन निर्देशों के बाद भी कोई डॉक्टर बाहरी की दवा लिखता है और उसकी सूचना, शिकायत निदेशालय में आती है तो उसके खिलाफ राजस्थान सेवा नियम 1958 के तहत कार्यवाही की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक रवि प्रकाश शर्मा की तरफ से जारी आदेशों में बताया- कि सरकार प्रदेश के लोगों के लिए जरूरी दवाईयों को नि:शुल्क दवा योजना के तहत सभी राजकीय हॉस्पिटलों में फ्री उपलब्ध करवा रही है। अगर किसी हॉस्पिटल में फ्री दवा के स्टॉक में अगर दवाईयां खत्म हो गई तो उनको स्थानीय स्तर पर हॉस्पिटल प्रशासन खरीद करके मरीजों को फ्री उपलब्ध करवा रहा है। लेकिन संज्ञान में ये आ रहा है कि इतना सब होने के बावजूद कई जिलों में सरकारी हॉस्पिटलों में कार्यरत डॉक्टर वहां आने वाले मरीजों को बाहर की दवाईयां लिख रहे है। पीएचसी स्तर पर 500 से ज्यादा दवाईयां शामिल राज्य सरकार की तरफ से अभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) स्तर पर ही अनिवार्य दवाईयां सूची (EDL) के तहत 500 से ज्यादा दवाईयां सप्लाई करती है, जो मरीजों को दी जाती है। इसमें 80 से ज्यादा सर्जिकल दवाईयां है। इसके अलावा जिला हॉस्पिटल के स्तर पर 850 से ज्यादा दवाईयां EDL के तहत सप्लाई दी जाती है। जबकि सीएचसी स्तर पर 700 से ज्यादा और मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के स्तर पर 800 से ज्यादा दवाईयां दी जाती है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग (प्राविधिक शिक्षा) में वाइस प्रिंसिपल/सुपरिन्टेंडेंट-आईटीआई भर्ती में 222 अभ्यर्थियों को पात्रता जांच के लिए अस्थाई रूप से सम्मिलित किया गया है। आयोग द्वारा 10% से अधिक प्रश्नों में पांच विकल्पों में से कोई भी विकल्प नहीं भरने के कारण 15 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए अयोग्य घोषित किया गया। विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि यह सूची चयन प्रक्रिया में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों की अभ्यर्थिता सुनिश्चित करने के क्रम में केवल दस्तावेज सत्यापन के उद्देश्य से है। यह साक्षात्कार के लिए सफल अभ्यर्थियों की सूची नहीं है। साक्षात्कार के लिए अंतिम रूप से सफल अभ्यर्थियों की सूची दस्तावेज सत्यापन के पश्चात उक्त पद हेतु वांछित योग्यता अनुसार पात्र पाए गए अभ्यर्थियों में से जारी की जाएगी। उक्त विचारित सूची में अस्थाई रुप से सम्मिलित किए गए अभ्यर्थियों को विस्तृत आवेदन पत्र आयोग की वेबसाईट से डाउनलोड कर 02 प्रतियों में उसे पूर्ण रुप से भरकर मय समस्त शैक्षणिक / प्रशैक्षणिक, जाति एवं अन्य वांछित प्रमाण-पत्रों की फोटो प्रति के दिनांक 28 जनवरी 2026 सायं 6 बजे तक आवश्यक रुप से आयोग कार्यालय में भिजवाना होगा । आयोग द्वारा अभ्यर्थियों की पात्रता की जांच विज्ञापन की शर्तों / नियमों के अनुसार की जावेगी। पात्रता की समस्त शर्तें नियमानुसार पूर्ण नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता आयोग द्वारा रद्द कर दी जायेगी। बता दें कि कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग (प्राविधिक शिक्षा) में वाइस प्रिंसिपल/सुपरिन्टेंडेंट-आईटीआई के 36 पदों पर भर्ती निकाली गई थी।
पाली में देवरानी ने फोड़ा जेठानी का सिर:बच्चों के झगड़े के बाद हुआ विवाद, पीछे से किया हमला
पाली में बच्चों में हुई झगड़े ने उस समय बड़ा रूप ले लिया। जब गुस्साई देवरानी ने अपनी ही जेठानी के सिर पर लोहे के सरिए से हमला कर दिया। घटना में घायल जेठानी को इलाज के लिए हॉस्पिटल भर्ती करवाया गया है। पाली जिले के रानी थाना क्षेत्र के जवाली गांव की रहने वाली 30 साल की सलमा पत्नी इकबाल खान ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे पड़ोस में रहने वाली उसकी देवरानी की बेटी और उसकी बेटी में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस बात से नाराज होकर उसे देवरानी ने पीछे से आकर उस पर लोहे के सरिए से हमला कर दिया। उसने सिर और हाथ पर तीन-चार बार सरिए से वार किया। जिससे उसके सिर में चोट आई। इलाज के लिए परिजन उसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाए। घटना के वक्त उसका मैकेनिक पति शॉप पर गया हुआ था।
मकर संक्रांति के पर्व पर आज सीकर के लोगों को राहत मिली है। आज यहां पर कोल्ड वेव का अलर्ट नहीं है। सुबह केवल सीकर शहर में कई जगह हल्का कोहरा छाया रहा। वह भी धूप निकलने के बाद कम हो गया। अब आज मकर संक्रांति के पर्व पर पूरे दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। ऐसे में लोग जमकर पतंगबाजी कर सकेंगे। हालांकि आज सीकर के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री दर्ज किया गया है। जबकि इससे पहले यहां मंगलवार को न्यूनतम तापमान 3.5 और अधिकतम तापमान 23.6 डिग्री दर्ज किया गया था। मंगलवार को भी सीकर जिले के ज्यादातर इलाकों में मौसम पूरी तरह से साफ रहा था। मौसम एक्सपर्ट्स के अनुसार पहाड़ी इलाकों से चलने वाली ठंडी हवाओं के कमजोर पड़ने की वजह से आज सीकर जिले में कोल्ड वेव नहीं चल रही है। भले ही यहां पर तापमान में गिरावट हुई हो लेकिन मौसम साफ रहने से लोगों को तेज सर्दी से राहत मिलेगी। इधर जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा बताते हैं कि फिलहाल अगले 4 से 5 दिन सीकर जिले में कोल्ड वेव को लेकर कोई भी अलर्ट नहीं है। 24 घंटे के दौरान तो यहां तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। लेकिन गुरुवार से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। सीकर में पांच दिनों का न्यूनतम तापमान प्रदेश में कैसा है मौसम का हाल,पढ़िए यह खबर राजस्थान में बारिश का अलर्ट, आज चलेगी शीतलहर:दिन का तापमान बढ़ा, 4 दिन बाद फिर बदलेगा मौसम राजस्थान में कड़ाके की सर्दी से अब राहत शुरू हो गई। मौसम विभाग ने 14 जनवरी को 5 जिलों में सर्दी का यलो अलर्ट जारी किया है। कल से प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और शीतलहर से लाेगाें को राहत मिलेगी। वहीं, 19 जनवरी से प्रदेश में एक बार फिर से मौसम में बदलेगा। कई इलाकों में हल्की बारिश की भी संभावना है।(पूरी खबर पढ़ें)
सिवनी में सड़क किनारे बैठा दिखा बाघ:वाहन चालकों ने बनाया वीडियो; जंगली जानवरों से सतर्क रहने की अपील
सिवनी जिले के खवासा के पास खांडसा रोड स्थित नागदेव टेकरी क्षेत्र में मंगलवार देर रात सड़क किनारे एक बाघ दिखाई दिया। वहां से गुजर रहे वाहन चालक रुक कर देखने लगे। कई लोगों ने अपने वाहनों से बाघ का वीडियो भी बनाया। रात के सन्नाटे में गुजर रहे वाहन चालकों की नजर अचानक सड़क किनारे बैठे बाघ पर पड़ी। बाघ काफी देर तक सड़क किनारे एक पेड़ के पास शांत भाव से खड़ा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ ने कोई घबराहट नहीं दिखाई और उसका व्यवहार बेहद सहज था। बाघ की मौजूदगी से लोग रोमांचित हुए, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। कुछ देर बाद बाघ स्वयं जंगल की ओर चला गया। पेंच टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्र में अक्सर जानवरों की आवाजाही रहती नागदेव टेकरी और खांडसा रोड का यह इलाका पेंच टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा है, जहां दिन-रात लोगों की आवाजाही रहती है। जंगल से सटे होने के कारण यहां अक्सर जंगली जानवर दिखाई देते हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पेंच टाइगर रिजर्व और उससे जुड़े वन क्षेत्रों में बाघ, तेंदुआ, हिरण, सांभर, चीतल, जंगली कुत्ता (ढोल), भालू, गौर (भारतीय बाइसन), नीलगाय, चौसिंघा (चार सींग वाला मृग) और जंगली सूअर जैसे कई स्तनधारी जीव पाए जाते हैं। रात में सतर्क रहें, जंगली जानवरों से दूरी रखें वन अमले की ओर से लगातार गश्त की जाती है और आम नागरिकों से विशेषकर रात्रि के समय सतर्कता बरतने की अपील की जाती है। वन विभाग ने कहा है कि जंगली जानवरों को देखकर वाहन रोकना, शोर मचाना या उनके बहुत करीब जाना खतरनाक हो सकता है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि ऐसी स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। पेंच टाइगर रिजर्व में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, इसलिए जंगल से सटे सड़क मार्गों पर वन्य प्राणियों की मौजूदगी को देखते हुए सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।
दुर्ग जिले में युवती से रेप करने वाला तांत्रिक 2 महीने बाद पकड़ाया है। आरोपी हेमंत अग्रवाल (41) खुद को तांत्रिक बताकर परिवार के संपर्क में आया था। उसने समस्याएं दूर करने का दावा कर युवती को अपने प्रभाव में ले लिया। आरोपी ने शादी का झूठा भरोसा देकर युवती को पत्नी की तरह साथ रखा और उससे रेप कर अश्लील वीडियो बनाए थे। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। युवती के प्रेग्नेंट होने पर आरोपी ने उसका अबॉर्शन भी कराया था। 19 नवंबर 2025 को आरोपी दिनदहाड़े युवती को घर से उठाकर ले गया था। 21 नवंबर को पुलिस ने दोनों को बरामद किया, लेकिन आरोपी थाने से फरार हो गया था। 13 जनवरी 2026 को आरोपी बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा में दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने पहुंचा पुलिस के जाल में फंस गया। अब जानिए पूरा मामला पीड़िता के अनुसार, आरोपी खुद को तांत्रिक बताकर उनके परिवार के संपर्क में आया था। उसने समस्याएं दूर करने का दावा किया और धीरे-धीरे युवती को अपने प्रभाव में ले लिया। शादी का झूठा भरोसा देकर वह युवती को पत्नी की तरह साथ रखने लगा और उससे रेप करता रहा। आरोपी ने युवती के अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक शोषण किया। उसने आर्य समाज में युवती की मर्जी के बिना जबरन शादी करवाई। इस दौरान युवती दो-तीन बार गर्भवती हुई, लेकिन आरोपी ने दबाव डालकर जबरन गर्भपात कराया। दूसरे तांत्रिक से मिलने गया तो फंसा 19 नवंबर 2025 को आरोपी दिनदहाड़े युवती को घर से उठाकर कोंडागांव और दंतेवाड़ा ले गया, फिर रायपुर पहुंचा। 21 नवंबर को पुलिस ने दोनों को बरामद किया, लेकिन भिलाई-3 थाने से आरोपी मौका पाकर फरार हो गया था। दो महीने की फरारी के बाद अब वही तंत्र-मंत्र, जिस पर आरोपी खुद भरोसा करता था, उसकी गिरफ्तारी का कारण बना। आरोपी अमलेश्वर का रहने वाला है। जामुल थाना में अपराध क्रमांक 918/2025 धारा 85, 115(2), 64(2)(एम), 138, 351(3), 89 बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। तंत्र-मंत्र की दुनिया में उलझा फरार तांत्रिक आखिरकार अपने ही जैसे दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने की वजह से पुलिस के जाल में फंस गया। नाम बदलकर छिपा था आरोपी पुलिस ने आरोपी को बलौदाबाजार जिले के गीतपुरी इलाके से गिरफ्तार किया, जहां वह नाम बदलकर छिपा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का पैदल जुलूस निकाला और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। फरारी के दौरान आरोपी लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदल रहा था। मोबाइल फोन अधिकतर बंद रखता था, ताकि पुलिस उसे ट्रेस न कर सके। इसी बीच वह बारनवापारा के जंगलों में रहने वाले एक दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने और दवा लेने गया। पुलिस को इसी गतिविधि का इनपुट मिला था। 12 दिन का इंतजार, एक ही जगह डटे रहे सिपाही सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने उड़ीसा, बारनवापारा और बलौदाबाजार इलाके में उसकी तलाश में भटकती रही। दो पुलिसकर्मी लगातार कई दिनों तक एक ही लोकेशन पर सिविल ड्रेस में निगरानी करते रहे। पुलिस को पता था कि बैगा-तांत्रिक से मिलने के बाद आरोपी वापस जरूर लौटेगा। बारनवापारा के एक इलाके में दूसरे तांत्रिक से मिलने का इनपुट छोटा था, लेकिन पुलिस के लिए निर्णायक साबित हुआ। जामुल थाना पुलिस ने अंदाजा लगाया कि आरोपी जंगल से लौटकर गीतपुरी बलौदाबाजार जरूर आएगा। इसी इंतजार में पुलिस के जवान कई दिनों तक उसका इंतजार करते रहे। आखिरकार वह गीतपुरी आया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। .................... इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें... दूसरी पत्नी को मायके से जबरदस्ती उठा ले गया पति, VIDEO: बोली- तांत्रिक बनकर फंसाया, दुष्कर्म किया, गर्भपात कराया, शादीशुदा निकला तो अलग हो गई दुर्ग जिले के भिलाई में अपने पति से अलग रह रही एक महिला को उसके पति ने दिनदहाड़े फिल्मी अंदाज में जबरदस्ती घर से उठाकर ले गया। वह महिला को घर से खींचकर बाहर लाया और कार में जबरदस्ती बैठाकर फरार हो गया। पढ़ें पूरी खबर...
जयपुर में 15 जनवरी को होने वाली आर्मी डे परेड को तैयारियां पूरी हो चुकी है। ये पहला मौका है जब प्रदेश की राजधानी जयपुर में देश के जांबाज सैनिक परेड करते नजर आएंगे। पूरी दुनिया भारत की सैन्य ताकत को देखेगी। इसी परेड में स्कूली लड़कियों का एक बैंड भी शामिल होगा, जिसका संबंध राजस्थान से ही है। यह पहला मौका है जब स्टूडेंट बैंड आर्मी डे परेड में शामिल होगा। हालांकि यह बैंड पिछले 66 साल से लगातार दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह में अपनी प्रस्तुति देता आया है। राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस की परेड से लेकर आर्मी डे की परेड तक इस बैंक की यात्रा बहुत रोमांचकारी रही है। ये बैंड है झुंझुनूं जिले के पिलानी कस्बे की बिरला बालिका विद्यापीठ की छात्राओं का। बैंड में शामिल होने के लिए कड़ी योग्यताओं को पास करना होता है। इसके बावजूद इस बैंड से जुड़ना यहां की हर स्टूडेंट का सपना होता है। PHOTOS के जरिए छात्राओं की तैयारियां देखिए- 60 से ज्यादा धुनों पर देंगे प्रस्तुतिबैंड में शामिल छात्राएं 60 तरह की धुन बजा सकती हैं। इनके बैंड में इसमें तीन सेरेमोनियल स्टिक, दो सॉसाफोन, चार यूफोनियम, दो ट्रॉम्बोन, एक सैक्सोफोन और तीन क्लैरिनेट शामिल हैं। इसके अलावा एक सिंबल, दो बास ड्रम, चार साइड ड्रम और सबसे अधिक 19 ट्रम्पेट का उपयोग किया जाएगा। सीनियर अंडर ऑफिसर और बैंड लीडर आयुषी जैन ने बताया- मैं इस बैंड को लीड कर रही हूं। मेरे लिए यह बहुत गर्व का पल है। आर्मी डे परेड में मिली मुझे ये जिम्मेदारी एक बड़ी चुनौती का एहसास करवाता है। इस बैंड को लीड करना सिर्फ धुनों के साथ कदमों को तालमेल में रखना नहीं है। हमारे दिमाग में हमेशा यह बात रहती है कि 66 साल की इस बैंड की विरासत को सही तरीके से आगे बढ़ाना है। 7 डिग्री ठंड में रिहर्सल कर रही हैं छात्राएंबैंड की सार्जेंट अमिधा विकास तिवारी ने बताया- बिरला बालिका विद्यापीठ के हर स्टूडेंट का सपना होता है कि वो बैंड के लिए मार्चपास्ट कर सके। इस सपने को पूरा करने के लिए मुझे कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। सिलेक्शन के बाद भी जनवरी की 7 से 9 डिग्री ठंड में जी जान से मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में बैंड के सभी सदस्यों का अनुशासन ही उन्हें हौसला और प्रेरणा देता है। इस बैंड में टीम वर्क, 100 प्रतिशत डेडिकेशन और लगातार अभ्यास की बड़ी भूमिका होती है। बिरला शिक्षा न्यास के डायरेक्टर मेजर जनरल एसएस नायर ने बताया- विद्यापीठ में करीब 900 छात्राएं हैं। इनमें से 200 स्टूडेंट्स NCC यूनिट में शामिल हैं। 92 कैडेट्स बैंड की सदस्य हैं। 41 छात्राओं का ग्रुप इस बार आर्मी डे परेड में प्रस्तुति देगा। ये छात्राएं प्रैक्टिस करने के लिए 29 दिसंबर को जयपुर आ गईं थी। यहां ये छात्राएं तीन बैंड मास्टर सुधीर कुमार गौतम, दिव्या सिंह और आयुषी जैन की मॉनिटरिंग में मार्च पास्ट करेंगी। जबकि 51 छात्राओं वाला एक दूसरा ग्रुप 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने के लिए दिल्ली जा चुका है। रोजाना कड़ा अभ्यास, कहीं गलती की गुंजाइश नहींस्कूल के इस बैंड में शामिल होने के लिए छात्राओं को कड़ी योग्यताओं से गुजरना पड़ता है। इसके बाद चयन हो जाने पर रोजाना कड़ा अभ्यास किया जाता है। स्कूल की प्राचार्या अचला वर्मा ने बताया- यह बैंड पूरे देश में स्कूल की पहचान बन चुका है। इसीलिए छात्राओं का चयन भी कड़े मापदंडों पर होता है। सबसे पहले ये देखा जाता है कि क्या स्टूडेंट कड़े अभ्यास के लिए तैयार है। रोजाना दस से बारह घंटे अभ्यास करने की क्षमता होने पर ही कैडेट को चुना जाता है। इसके बाद एकेडमिक रिकॉर्ड, लंबाई और अन्य शारीरिक मापदंड भी देखे जाते हैं। चयनित छात्राओं को डेली स्कूल में प्रैक्टिस करनी होती है। 1960 से राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सापिलानी का यह बैंड 1960 से लगातार हर साल दिल्ली के इंडिया गेट पर होने वाले राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह में प्रस्तुति देता है। 1959 में देश में प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु पिलानी में स्कूल के एक कार्यक्रम में बतौर चीफ गेस्ट आए थे। स्कूल की एनसीसी कैडेट्स ने उनके सामने बैंड की प्रस्तुति दी। जिसे देखकर पंडित नेहरु ने उसी समय घोषणा की कि अगले साल के गणतंत्र दिवस पर यह बैंड नेशनल परेड में शामिल किया जाएगा। 1960 में यह बैंड पहली बार नेशनल परेड का हिस्सा बना। तब बैंड की टीम का नेतृत्व स्टूडेंट आशा लता झा ने किया था। तब से आज तक यह बैंड हर साल नेशनल परेड में शामिल होता आया है।
भिवानी में चला सफाई अभियान:अब हर सप्ताह चलाने का लिए प्रण, बोले- गांव के लोगों ने उठाया बीड़ा
भिवानी के गांव कितलाना में सनातन जन सेवा कल्याण समिति द्वारा मकर संक्रांति पर किया सामाजिक कार्य के तहत खेल मैदान की सफाई का कार्य किया गया। स्वच्छ भारत स्वच्छ ग्राम मिशन के तहत सामाजिक सफाई का कार्य किया गया। प्रधान विक्रम सिंह धायल ने कहा कि खेल मैदान की सफाई हमारा सामाजिक दायित्व है। स्वच्छ भारत स्वच्छ ग्राम के तहत कार्य किया गया यह पूर्ण रूप से निःशुल्क किया गया है। इसमें किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं ली गई है। इस अवसर पर सचिव विजेंद्र और सह सचिव दिनेश तथा समस्त सनातनी ग्रामवासियों ने हिस्सा लिया। इस अभियान के तहत साफ सफाई का दिया संदेश दिया। साथ ही प्रण लिया कि अब सनातन जन सेवा कल्याण समिति कितलाना द्वारा हर सप्ताह सामाजिक कार्य किए जाएंगे। जिसके तहत गांव में विभिन्न स्थानों की साफ-सफाई के साथ सामाजिक कार्य किए जाएंगे। सफाई और संरक्षण हम सभी का सामाजिक दायित्वइस अवसर पर प्रधान विक्रम धायल ने कहा कि खेल मैदान केवल मनोरंजन का स्थान नहीं, बल्कि युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास का केंद्र होता है। इसकी सफाई और संरक्षण हम सभी का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरा कार्य स्वच्छ भारत–स्वच्छ ग्राम अभियान की भावना से प्रेरित होकर किया गया है। इसमें किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं ली गई। यह अभियान पूरी तरह निःशुल्क और स्वैच्छिक रूप से संपन्न हुआ। समिति के सचिव विजेंद्र और सह-सचिव दिनेश ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने ग्रामवासियों से अपील की कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें और आने वाली पीढ़ी को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि स्वच्छ वातावरण से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
महाकाल मंदिर में बुधवार तड़के भस्म आरती में तीन सेलिब्रिटी शामिल हुए। साउथ फिल्म की अभिनेत्री ऐश्वर्या राज भकुनी सहित फिल्म और टीवी अभिनेता हितेन तेजवानी और गौरी प्रधान तेजवानी ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। महाकाल मंदिर में तड़के चार बजे होने वाली भस्म आरती में बॉलीवुड और टॉलीवुड के अभिनेता हितेन तेजवानी पत्नी गौरी के साथ महाकाल मंदिर पहुंचे, वहीं साउथ सिनेमा की अभिनेत्री ऐश्वर्या अपने परिवार के साथ भस्म आरती में शामिल हुईं। इस दौरान सभी ने नंदी हॉल में करीब दो घंटे तक बैठकर भगवान की आरती देखी। आरती के बाद सभी ने देहरी से भगवान महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। साउथ फिल्म इंडस्ट्री से आने वाली ऐश्वर्या राज भकुनी ने सम्राट, पृथ्वीराज, प्राइड सहित कसम तेरे प्यार की जैसी फिल्मों और धारावाहिकों में काम किया है। वहीं हितेन और गौरी तेजवानी दोनों कई टीवी सीरियल्स सहित फिल्मों में नजर आ चुके हैं। दोनों सास भी कभी बहू थी जैसे लोकप्रिय टीवी सीरियल का भी हिस्सा रहे हैं।
देश के सबसे लोकप्रिय टेलीविजन शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की शूटिंग जयपुर में चल रही है। मकर संक्रांति को सेलिब्रेट करते हुए विशेष एपिसोड की शूटिंग के लिए शो की पूरी टीम जयपुर की रंगीन संस्कृति और पतंगबाजी की परंपरा को कैमरे में कैद कर रही है। शो की टीम ने जयपुर के परकोटा क्षेत्र के हांडीपुरा इलाके में पतंगों की खरीदारी की, जहां कुछ सीन भी फिल्माए गए। शूटिंग के दौरान पत्रकार पोपटलाल का किरदार निभाने वाले अभिनेता श्याम पाठक बच्चों की टोली के साथ जगन्नाथ शाह के रास्ते स्थित पतंगवालों के मोहल्ले में नजर आए। जैसे ही स्थानीय लोगों को टीवी शो की शूटिंग की जानकारी मिली तो वहां भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपने चहेते कलाकारों की एक झलक के लिए उत्साहित दिखाई दिए। भीड़ में घिरे श्याम पाठक एक सीन की शूटिंग पूरी कर जब श्याम पाठक दुकान से बाहर निकले, तो वे भीड़ के बीच घिर गए। स्थिति को संभालते हुए शो की सिक्योरिटी टीम और बाउंसर्स ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान आसपास मौजूद लोग लगातार फोटो और वीडियो बनाने में लगे रहे, जिससे पूरा इलाका मेले जैसा नजर आया। शो में पतंगबाजी का कॉन्सेप्ट रखा गया शो के क्रिएटर असित कुमार मोदी भी जयपुर में मौजूद हैं और परकोटा क्षेत्र में शो के अहम दृश्य शूट करवा रहे हैं। मकर संक्रांति के खास एपिसोड में गोकुलधाम सोसायटी के सभी सदस्य पतंगबाजी करते नजर आएंगे। हर साल की तरह इस बार भी शो में पतंगबाजी का कॉन्सेप्ट रखा गया है, लेकिन खास बात यह है कि इस बार जयपुर की पारंपरिक पतंगबाजी और यहां का रंग-रूप दर्शकों को देखने को मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, शो के मेकर्स जयपुर की गलियों, छतों और बाजारों के साथ-साथ यहां की लोक संस्कृति को भी कहानी में पिरोने की तैयारी कर रहे हैं। जल्द ही प्रसारित होने वाले ये एपिसोड न केवल मनोरंजन से भरपूर होंगे, बल्कि जयपुर की पतंगबाजी की पहचान को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाएंगे।
बाघिन रिद्धि का शावक पेड़ पर चढ़ा:शावक को पेड़ पर चढ़ते देखकर रोमांचित हुए पर्यटक, वीडियो भी बनाए
रणथंभौर में इन दिनों बाघिन रिद्धि अपने शावकों को वाइल्ड लाइफ ट्रेनिंग दे रही है। बाघिन अपने बच्चों को शिकार करना और जंगल में जीवन जीने के तौर तरीके सीख रही है। इसी दौरान यहां कई रोमांचक नजरे भी देखने को मिल रहे हैं। ऐसा ही एक नजारा मंगलवार शाम को देखने को मिला। जब बाघिन का एक शावक पेड़ पर चढ़ता हुआ नजर आया। जिसे देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। शावकों को वाइल्ड लाइफ ट्रेनिंग दे रही है बाघिन दरअसल, रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन नंबर चार में पर्यटक मंगलवार शाम की पारी में सफारी पर गए थे। यहां पर्यटकों को मलिक तालाब के पास बाघिन रिद्धि व उसके शावकों के दीदार हुए थे। तभी बाघिन का एक शावक मलिक तालाब के किनारे पर पेड़ चढ़ता हुआ दिखाई दिया। शावक पेड़ पर करीब दस मिनट तक चढ़ा रहा। जिसके बाद शावक ने पेड़ से जमीन पर छलांग लगा दी। जिसे देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। इस पूरे वाकया को यहां मौजूद पर्यटकों ने अपने कैमरे कैद कर लिया। आपको बता दें बाघ बाघिन जब छोटे होते हैं तो पेड़ पर चढ़ जाते हैं, लेकिन जैसे जैसे उनका वजन बढ़ने लगता है, वह पेड़ पर चढ़ना बंद कर देते हैं। शावक के पेड़ पर चढ़ने के PHOTOS... 7 साल है बाघिन रिद्धि की उम्र बाघिन रिद्धि रणथंभौर नेशनल पार्क की सुप्रसिद्ध बाघिन है। जिसे वन विभाग की ओर से T-124 नंबर दिया गया है। बाघिन की उम्र लगभग 7 साल है। बाघिन रिद्धि का जन्म अक्टूबर/नवंबर 2018 में हुआ था। यह बाघिन ऐरोहेड (T-84) की बेटी है। बाघिन रिद्धि रणथंभौर के ज़ोन 3 और 4 में रहती है। बाघिन रिद्धि अब तक दो बार मां बन चुकी है। बाघिन अपने दूसरे लीटर (ब्यात) की दोनों संतानों को वाइल्ड लाइफ ट्रेनिंग दे रही है। बाघिन रिद्धि के दोनों शावकों की उम्र करीब ढाई साल है। जिन्हें देखकर यहां पर्यटक रोमांचित हो रहे हैं।
राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी मल्लार कोचा से लापता हुए मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका को रामगढ़ जिले के चितरपुर से बरामद कर लिया है। बच्चों के बरामद होने की जानकारी सबसे पहले बच्चों के माता-पिता को दी गई। जहां से बरामदगी हुई है, वहां से दो लोगों (एक पुरुष-एक महिला) को हिरासत में लिया गया है। बच्चों के साथ हिरासत में लिए गए लोगों को रामगढ़ एसपी कोठी लाया गया। जहां पूछताछ की गई। रांची पुलिस मुख्यालय की ओर से इसकी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। गुलगुलिया परिवार के पास थे बच्चे बच्चों को चितरपुर के पहाड़ी मंदिर क्षेत्र से बरामद किया गया है। बच्चों की बरामदगी में भूमिका निभाने वाले डब्ल्यू साव और सचिन ने बताया कि उन्हें बच्चों के गुलगुलिया (बंजारा) परिवार के पास होने की जानकारी मिली। इसके बाद बच्चों की तस्वीर उनके माता-पिता को दी गई। इसके बाद दोनों ने इसकी सूचना रजरप्पा पुलिस को दी। आज रजरप्पा पुलिस मौके पर पहुंच बच्चों को बरामद की। इसके बाद मौके से दो लोगों को हिरासत में लिया गया। 2 जनवरी को लापता हो गए थे बच्चे 2 जनवरी को 7 साल का अंश कुमार अपनी 6 साल की बहन अंशिका कुमारी के साथ घर से दुकान जाने के दौरान लापता हो गया था। घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं पुलिस के लिए भी यह मामला चुनौती बन गया था। बच्चों की तलाश में रांची पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। पहले जानकारी देने वाले के लिए 51 हजार रुपए इनाम की घोषणा की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दिया गया। पुलिस ने बच्चों की तस्वीर के साथ पोस्टर जारी कर आम लोगों से सहयोग की अपील भी की थी। एसएसपी के नेतृत्व में टीम को मिली बड़ी सफलता एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम को आखिरकार बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने दोनों लापता बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से सकुशल बरामद कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार तकनीकी साक्ष्य, स्थानीय इनपुट और लगातार की जा रही निगरानी के आधार पर बच्चों के ठिकाने का सुराग मिला। इसके बाद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चितरपुर में छापेमारी कर दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। परिजनों ने ली राहत की सांस, जांच जारी बच्चों की सकुशल बरामदगी की खबर मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली। वहीं इलाके में भी खुशी का माहौल देखा गया। पुलिस अब इस पूरे मामले में यह जांच कर रही है कि बच्चों को किस उद्देश्य से ले जाया गया था और इसके पीछे कोई गिरोह तो सक्रिय नहीं था। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। रांची पुलिस ने इस दौरान आम लोगों के सहयोग की भी सराहना की है। पुलिस के मुताबिक बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता थी। इसी वजह से पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी।
राजस्थान के पोकरण में गोवंश की हत्या को लेकर विवाद जारी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पोकरण और जैसलमेर को पाकिस्तान नहीं बनने देंगे। इस बीच कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी और बायतु विधायक हरीश चौधरी का कहना है- पोकरण में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि भोपाल (मध्यप्रदेश) में भी जब ऐसा ही विवाद हुआ तो जांच में गाय का मांस पाया गया। लेकिन वहां बीजेपी ने कोई विवाद नहीं किया। क्या भाजपा भोपाल में गोवंश का मांस मिलने के बाद मेयर, मुख्यमंत्री को संगठन से बाहर निकालेगी? पोकरण गोहत्या का आरोपी भी बीजेपी नेता है। बीजेपी संगठन के माध्यम से संस्कार देने की बात करती है। क्या इसी तरीके के संस्कार देती है? बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर है। यह इस पूरे घटनाक्रम में साफ दिख रहा है। चौधरी का दावा है कि आखिर में इन पूरे मामलों की जड़ बीजेपी से जुड़े लोगों तक क्यूं मिलती है? पशुओं के मांस का कारोबार करने वालों ने सबसे ज्यादा चंदा बीजेपी को दिया है। इसकी गहराई में जाना चाहिए। मध्य प्रदेश और राजस्थान में गोमांस को लेकर मुद्दे के बीच हरीश चौधरी ने भास्कर डिजिटल से खास बातचीत कीं। पढ़िए- पूरा इंटरव्यू सवाल- क्या गाय पर राजनीति होने के पीछे खास वजह है?जवाब- इस थार में हम लोग खेती से ज्यादा पशुपालन पर निर्भर है। चाहे वो हिंदु हो, या मुसलमान हो, किसी धर्म और जाति का हो। हम गाय को मां के सामान मानते है। पर दुर्भाग्य है पोकरण में एक मामला हुआ। गाय या बैल का मांस मिला। और उसकी जांच के दरम्यान सिर्फ भावनात्मक आधार के ऊपर विवाद करने की मंशा पोकरण जाना और गलत शब्दों का इस्तेमाल करना। थार का कोई भी व्यक्ति, जो घटित हुआ है उसे सही नहीं कहता है। किसी धर्म या जाति के आधार पर किसी को गलत सिद्ध करने की मंशा से प्रयास करो तो अलग बात है। यह देश में हो क्यूं हो रहा है। गहराई से हम आकलन करें तो कई बातें समझ में आएगी। मध्यप्रदेश के भोपाल में नगर निगम में बोर्ड, मेयर, एमएलए, एमपी, राज्य और केंद्र सरकार बीजेपी की है। वहां पर पशु के मांस की जांच होती है, तो गाय का मांस पाया जाता है। वहां पर आप किसी को भावनात्मक तौर पर किसी की भावना को भड़का नहीं सकते हो। वहां बीजेपी ने कोई विवाद नहीं किया। किसी भी स्तर पर वहां पर किसी ने कुछ भी नहीं किया। आखिर में इस पूरे मामलों की जड़ बीजेपी से जुड़े लोगों तक क्यूं मिलती है। पशुओं के मांस का कारोबार करने वालों ने सबसे ज्यादा चंदा बीजेपी को दिया। जिला बालोतरा के पचपदरा थाना इलाके के दूदवा मामले में कोई नहीं नहीं गया। वहां पर कितनी गायें या बैल खत्म हुए। गायों को हम मां नहीं मानते है। इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल वहां पर हुआ। क्या आपके पिता काट रहे थे। गाय के संपर्क में अम्मा और अब्बा जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है। पोकरण मामले में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा हैं। दूदवा मामले में किसी ने कोई बात नहीं की। पड़ोसी विधानसभा होने के नाते हमने कोई भी जातीय टकराव की बात नहीं की। बिल्कुल बायतु के नजदीक का गांव है। हमसे में किसी ने वहां पर जाकर कोई विवाद नहीं किया। किस जाति का है और किस धर्म का है। गलत कृत्य करने वाले व्यक्ति के कोई धर्म या जाति नहीं होती है। यह हम लोगों की परंपरा रही है। गलत और दोषी है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। मामले में एफआईआर दर्ज हुई है, पुलिस अपना काम कर रही है। हमने कोई विवाद नहीं किया। यह (बीजेपी) लगातार विवाद कर रहे हैं। डागरी मामले में विवाद किया। सच्चाई कोई भी वहां जाकर पता कर लें। गलत भावनात्मक बात करके या गलत शब्दों का प्रयोग करके थार की अपनायत पर प्रहार कर रहे है। यह बिल्कुल मंजूर नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं। सवाल- पोकरण में एक मस्जिद को भी गिराया, उसका पूर्व मंत्री साले मोहम्मद ने विरोध किया, आप क्या मानते हैं?जवाब- धर्म के आधार पर इस तरह का काम करते हो, स्वीकार्य नहीं है। हमारे यहां पर क्या श्मशान सब सही राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर है। मंदिर भी राजस्व के हिसाब से है। लंबे चौड़े भाषण (पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी) दे रहे थे, मैं जहां पर बैठा हूं, वहां से सामने दिख रहा है। उन्होंने निर्माण किया है। क्या तालाब पर निर्माण करने की उनके पास कानूनन तौर पर नियमों में प्रावधान है। पर विवाद किसी ने नहीं किया। इस तरह की भावना भड़का कर उसकी आड़ में आप कब्रिस्तान की दीवार ढहा रहे हो। यह मानवता नहीं है। सवाल- भाजपा नेता का कहना है कि हम पोकरण और जैसलमेर को पाकिस्तान नहीं बनने देंगे?जवाब- जैसलमेर और पोकरण न तो पाकिस्तान है और न ही होगा। यह भारत का अभिन्न हिस्सा था और रहेगा। कोई भी दुनिया की ताकत, जो व्यक्ति कह रहा है कि वो छोड़ो, इसको भारत से अलग नहीं कर सकती है। सिर्फ विवाद करने के लिए गलत भाषा का उपयोग करने के लिए इस तरीके की बातें कर रहे है। वो निदंनीय है। कौन पाकिस्तान बना रहा है। यह लोग जो मुस्लिम समाज के बारे में कह रहे हो, स्वेच्छा से जब हिंदुस्तान और पाकिस्तान अलग हुआ, तब इनके परिवार के लोगों ने निर्णय लिया कि हम भारत में रहेंगे। इनके परिवार के लोग यहां पर रहने के लिए सहमत नहीं थे, वो पाकिस्तान चले गए। एक परिवार में दो सगे भाई हिंदुस्तान में रहना है वो यहां पर रहे है। जिनको नहीं रहने था वो पाकिस्तान चले गए। भड़काने के लिए बहुत बातें कर देते है। सवाल- पोकरण विधायक कहना है कि मुझे पोकरण की जनता ने बुलाया है वो ही काम करूंगाजवाब- पोकरण की जनता ने प्रतिनिधित्व करने के लिए बुलाया है। संविधान व्यवस्था है, उसमें विधायक का जो कर्तव्य है। उनको निभाने के लिए पोकरण के मतदाताओं को मत देकर उनको जिताया है। मेरा अनुरोध है कि लोकतंत्र में जिस कार्य के लिए जनता ने विधायक बनाया है, उसको आप पवित्र ढंग से करों। आप पोकरण पूरे विधानसभा के विधायक हो। लोकतंत्र में जो मत देते हो उनके विधायक नहीं हो। ऐसी व्यवस्था नहीं है। पोकरण और राजस्थान का भला कैसे हो उसमें आप जो योगदान कर सकते हो वो काम करों। विवादों के माध्यम से विधायक कार्यकाल अगर पूरा करना चाहते हो यह संवैधानिक और लोकतांत्रिक दायित्व है। उसे पूरा नहीं कर रहे हो। सवाल- बीजेपी कार्यकर्ता पोकरण विधायक को बुलडोजर बाबा बोल रहे है, क्या मानते है?जवाब - सृजन करना मुश्किल है, विवाद करना आसान है। जेजेएम की जो व्यवस्था है, वो पूरी तरीके से चरमरा गई है। उसका समाधान कैसे हो, बिजली, शिक्षा के क्या हालात और स्थिर है। इनके संदर्भ में बात करनी चाहिए। इसके संदर्भ में योगदान हो वो करना चाहिए। सवाल- बाड़मेर बीजेपी नेता जैसलमेर में घटनाएं होने पर वहां क्यूं पहुंच जाते है?जवाब- यहां के नेता जैसलमेर से अपनायत नहीं रखते है। जैसलमेर में केवल विवाद करने के लिए जाते है। इनका रिश्ता दिल से जैसलमेर के लिए नहीं है। इतनी प्यारी जगह, प्यारे लोग है। वैचारिक तौर पर कोई बीजेपी, कांग्रेस या किसी और दल से जुड़ा होगा। पर जैसलमेर की परंपरा है इससे बेहतरीन लोग इस दुनिया में नहीं मिलेंगे। एक अपनापन है। रिश्ते के आधार पर नहीं जाते है। अपना निजी लक्ष्य हासिल करने के लिए जैसलमेर जाते है। जैसलमेर के भले के लिए नहीं जाते है। सवाल- पोकरण गो हत्या के पीछे बीजेपी कार्यकर्ता और नेता हीं निकलाजवाब- मैं केवल पोकरण के घटनाक्रम की बात नहीं कर रहा हूं। खुद बीजेपी के पदाधिकारी से कार्य कौन करवा रहा है। कहां से ट्रेनिंग मिल रही है। विवाद करने के लिए राजनीति मुद्दा बना रहे है। भोपाल मामले में भी भारतीय जनता पार्टी के लोग ही है। पोकरण में बीजेपी के लोग है। यह तो इतनी चर्चा में आया सही जांच हो गई, नहीं तो इसमें किसी को भी दोषी ठहराकर, किसी व्यक्ति के धर्म के आधार पर कुछ भी करवा दो। हमारे देश में मॉब लिंचिंग हुई है। सिर्फ धर्म के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति के साथ हुई है। पोकरण मामले में तो हमारे सामने नाम आ गया। बीजेपी से पार्षद और पदाधिकारी रहा है। बीजेपी संगठन के माध्यम से संस्कार देने की बात करती है। क्या इस तरीके के संस्कार है। जो करना बिल्कुल ही अलग है। दुनिया में कुछ और बताना। बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर है। इस पूरे घटनाक्रम में नजर आ रहा है। सवाल- पोकरण विधायक का कहना है कि गिरफ्तार बीजेपी कार्यकर्ता के खिलाफ संगठन कार्रवाई करेगा, क्या लगता हैं?जवाब- पोकरण विधायक से कहना चाहता हूं जो भोपाल के अंदर हुआ है क्या उस मेहर के खिलाफ बीजेपी ने कोई कार्रवाई करेगी। मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री को बीजेपी से निकालोंगे। मेयर को निकालोगे। मेरा यह सवाल है। पचपदरा दूदवा के अंदर गाय की मौत हुई है थी। उस समय वो कहां पर थे। उनकी आत्मा गाय के प्रति इतना प्रेम आज उमड़ रहा है। उस दिन वहां पर क्यूं नहीं आए। आपको दूदवा आने के लिए किसने रोका। इससे खुद का इस विषय आपके दिल का जुड़ाव और किसी और मंशा पर बहुत बड़ा प्रश्न खड़ा होता है। ---- ये खबर भी पढ़ें ... पोकरण में बीजेपी नेता की बाजार में कराई परेड,VIDEO:विधायक बोले- जो करेगा वो भरेगा, पार्टी और संत दरबार में कोई जगह नहीं जैसलमेर जिले के पोकरण के केलावा गांव में गोवंश की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपियों की बाजार में परेड निकाली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रविवार को 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। (पूरी खबर पढ़ें)
नीमच शहर में सिख समाज ने मंगलवार रात लोहड़ी का पर्व मनाया। यह आयोजन नपा कार्यालय के सामने स्थित गुरुद्वारे में सिख समाज विकास समिति के देखरेख में हुआ। देर शाम बड़ी संख्या में सिख समाजजन गुरुद्वारे में एकत्रित हुए और अरदास की। अरदास के बाद सभी समाजजन गुरुद्वारे के बाहर इकट्ठा हुए। ज्ञानी साजनसिंहजी ने विशेष अरदास कर लोहड़ी जलाई। इसके बाद नवविवाहित दंपत्तियों और जिन परिवारों में पहली संतान का जन्म हुआ था, उन्होंने लोहड़ी की परिक्रमा की। सिख समाज के अन्य परिवारों ने भी परिक्रमा कर लोहड़ी में फुल्ली, तिल्ली और अन्य सामग्री अर्पित की। लोहड़ी जलाने के बाद गुरुद्वारे में लंगर प्रसादी का आयोजन इस अवसर पर भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पवन पाटीदार भी सिख समाजजनों के साथ मौजूद रहे। लोहड़ी जलाने के बाद गुरुद्वारे में लंगर प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें सभी समाजजनों ने प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर सिख समाज विकास समिति के अध्यक्ष हरभजनसिंह सलूजा, सचिव सतपालसिंह छाबड़ा, कोषाध्यक्ष संदीपसिंह सलूजा, उपाध्यक्ष रघुवीरसिंह अरोरा, सह सचिव गगनदीपसिंह सलूजा, कार्यकारिणी सदस्य जोगेंद्रसिंह सलूजा और मीडिया प्रभारी मनदीपसिंह गौत्रा, हरजीतसिंह छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में सिख समाजजन उपस्थित रहे।
इंदौर के गांधी नगर इलाके में रहने वाले एक किसान ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार शाम को पत्नी और बच्चे जब खेत से लौटे, तो उन्होंने उसे फंदे पर लटका देखा। किसान खेत से लाइट सुधारने का कहकर घर आ गया था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। गांधीनगर पुलिस के अनुसार, जम्मूडी हप्सी में रहने वाले किसान अर्जुन (35), पुत्र रामरतन मकवाना ने मंगलवार को अपने घर में फांसी लगा ली। अर्जुन की पत्नी और बेटी करीब 7 बजे घर लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद था। बड़े भाई को बुलाया गया और दरवाजा खोलने पर अर्जुन की सांसें चल रही थीं। उसे गाड़ी से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अर्जुन के परिवार वालों ने बताया कि वह शुरू से खेती-किसानी करता था। उसका एक बेटा और एक बेटी है, जो घटना के समय पत्नी के साथ खेत पर थे। आसपास के लोगों ने भी शाम के समय उसे लाइट सुधारते हुए देखा था। अर्जुन के माता-पिता धार में रहते हैं, जहां उसकी मां का उपचार चल रहा है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शादी नहीं होने से था तनाव में, जहर खा लिया खुडैल के देवगुराड़िया में रहने वाले सचिन (38), पुत्र किशोर मालवीय ने अपने घर में जहर खा लिया। मंगलवार रात में तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। परिवार के लोगों ने बताया कि सचिन लांड्री का काम करता था। परिवार में एक बड़ा भाई और माता-पिता हैं। सचिन की काफी समय से शादी नहीं हो रही थी, जिसके चलते वह डिप्रेशन में था। दोपहर में उसने जहर लिया। जब परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे, तब उसने तनाव में जहर खाने की बात कही। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेले में आज (बुधवार को) सियासी अखाड़े सजेंगे। सियासी दल मुक्तसर की रैलियों से विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल फूंकेगे। आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी और खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल की पार्टी शिरोमणि अकाली दल वारिस पंजाब दे सियासी कॉन्फ्रेंस करेंगे। चारों पार्टियों ने अपनी-अपनी सियासी स्टेज सजाई हैं, वहीं कांग्रेस ने माघी मेले में सियासी स्टेज नहीं लगाई है। आम आदमी पार्टी की कॉन्फ्रेंस में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री भगवंत मान, पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया समेत पंजाब सरकार के सभी मंत्री व विधायक शामिल होंगे। वहीं, दूसरी तरफ अकाली दल की कॉन्फ्रेंस में पार्टी प्रधान सुखबीर बादल, हरसिमरत कौर समेत सीनियर लीडरशिप शामिल होंगे। भाजपा पहली बार अपनी सियासी कॉन्फ्रेंस करने जा रही है, जिसमें और कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू समेत कुछ केंद्रीय नेता शामिल होंगें। सियासी दलों ने झोंकी ताकत आम आदमी पार्टी समेत सभी राजनीतिक दलों ने रैलियों को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। राजनीतिक दल रैलियों में भीड़ जुटा पूरे पंजाब को अपनी ताकत का एहसास कराएंगे तथा पब्लिक को पंजाब में अपने जनाधार होने का संदेश देगे। आम आदमी पार्टी ने पंजाब भर के विधायकों को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं अकाली दल ने हर गांव से अपने कार्यकर्ताओं को रैली में आने को कहा है। उधर, भाजपा भी इस रैली में भीड़ जुटाकर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी दिखाने में जुटी है। राजनीतिक दलों का दावा, हजारों की तादाद में जुटेंगे लोग AAP ने पडाल में 50 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई हैं और उनके नेताओं का दावा है कि इसमें एक लाख से ज्यादा लोग रैली में पहुंचेंगे। वहीं अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल का दावा है कि माघी मेले की सियासी कॉन्फ्रेंस में एक लाख से ज्यादा अकाली कार्यकर्ता पहुंचेंगे। उन्होंने कहा है कि इस कॉन्फ्रेंस के जरिए विरोधियों को संदेश दिया जाएगा कि अकाली दल पूरी ताकत के साथ आगे आ गया है और विधानसभा चुनाव 2027 में सबसे आगे रहेगा। कांग्रेस ने बनाई दूरी, नहीं लगाया स्टेज वहीं, कांग्रेस की ओर से स्टेज नहीं लगाया गया है। कांग्रेस का इस सियासी मंच से दूर रहना मालवा में पार्टी की पकड़ ढीली होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, G-RAM-G के खिलाफ चल रही रैलियों, ‘मनरेगा बचाओ संघर्ष’ और कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी के चलते इस बार माघी पर सियासी कॉन्फ्रेंस नहीं करने का फैसला लिया गया है। बताया जा रहा है कि पार्टी के एक बड़े धड़े में इस फैसले को लेकर अंदरखाने नाराजगी है। कई नेता इसे मालवा जैसे निर्णायक इलाके में राजनीतिक अवसर गंवाने के तौर पर देख रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) भी नहीं करेगा कॉन्फ्रेंस इस बार माघी मेले पर सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ने भी सियासी कॉन्फ्रेंस से दूरी बना ली है। इससे पहले यह दल भी माघी मेले के मौके पर अपनी सियासी ताकत दिखाता रहा है।दो बड़े दलों की गैरमौजूदगी ने माघी मेले की सियासी चमक को फीका कर दिया है, जबकि आम आदमी पार्टी और भाजपा इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
पाली में फैक्ट्री मजदूर का हादसे में पैर टूटा:बाइक से घर जाते समय हाईवे पर ट्रेक्टर से टकराए
पाली में 50 साल का फैक्ट्री मजदूर मंगलवार शाम को फैक्ट्री से घर जाते समय हाईवे पर ट्रेक्टर से टकरा गया। हाईवे में उसके सिर में चोट आई और एक पैर फेक्चर हो गया। इलाज के लिए उन्हें हॉस्पिटल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। जानकारी के अनुसार पाली शहर के हाउसिंग बोर्ड निवासी 50 साल के उमाकांत पुत्र चिंतामणि हमेशा की तरह मंगलवार शाम को पूनायता औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्ट्री से छुट्टी होने पर हाईवे से होते हुए हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने घर के लिए बाइक लेकर निकले। इस दौरान हाईवे पर पूनायता बाइपास पर वे ट्रेक्टर से टकरा कर नीचे गिर गए। हादसे में उनका एक पैर फेक्चर हो गया और सिर-हाथ में भी चोटें आई। घटना की जानकारी मिलने पर सदर थाने से एएसआई राजेन्द्र चौधरी मौके पहुंचे और घायल को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर घायल के परिजन भी बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे और घायल को संभाला।
एसआरएन (स्वरूप रानी नेहरू) अस्पताल में हुई एक गंभीर मारपीट की घटना के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में दो रेजिडेंट डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह के निर्देश पर की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और रिपोर्ट आने तक दोनों डॉक्टरों को चिकित्सकीय और शैक्षणिक कार्यों से अलग रखा गया है। मामला 11 जनवरी की शाम का है, जब कौशांबी जिले के ऊंचाहार निवासी 55 वर्षीय सपत राम पेट में तेज दर्द की शिकायत के साथ एसआरएन अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने आंत फटने की आशंका जताते हुए तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी। आरोप है कि ऑपरेशन के लिए मरीज को करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। देर रात लगभग 12 बजे सर्जरी की गई, लेकिन तब तक संक्रमण फैल चुका था।इसी बीच मरीज की बेटी किरण ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन में देरी के कारण पिता की हालत गंभीर हो गई और उनके मुंह से झाग आने लगा। इससे गुस्साए परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच कहासुनी बढ़ गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। तकनीशियन छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच भी झड़प हुई, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जांच में सामने आया कि उस समय ड्यूटी पर तैनात कुछ तकनीशियन छात्र मौजूद नहीं थे। इस पर अस्पताल प्रशासन ने उनकी अनुपस्थिति दर्ज करने का निर्देश जारी किया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोनों सस्पेंड रेजिडेंट डॉक्टरों को प्राचार्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। एसआरएन अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह ने कहा कि कॉलेज और अस्पताल में अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने समय पर ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की थी, लेकिन तकनीशियन छात्रों के सहयोग न मिलने से देरी हुई। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मरीजों की सुरक्षा और समय पर इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा
जालोर के सायला थाना क्षेत्र के चौराऊ गांव में मंगलवार को एक युवक पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। शराब दुकान के बाहर कुर्सी पर बैठे युवक पर स्कॉर्पियो कार में सवार होकर आए 2-3 बदमाशों ने अचानक हमला कर दिया। मारपीट में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में रेफर किया गया है। स्कॉर्पियो से आए बदमाशों ने किया हमला पीड़ित के पिता आम्ब सिंह ने सायला थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि उनका पुत्र ललकार सिंह मंगलवार सुबह करीब 11 बजे चौराऊ स्थित शराब दुकान के बाहर कुर्सी पर बैठा था। इसी दौरान काले शीशे वाली स्कॉर्पियो में सवार होकर आए चौराऊ निवासी अशोक कुमार पुत्र तलसाराम राजपुरोहित सहित 4-5 लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी के हाथों में लाठी और लोहे की रॉड थी। आरोपियों ने आते ही ललकार सिंह पर हमला कर दिया। इस दौरान ललकार सिंह ने एक युवक का हाथ पकड़ लिया, लेकिन उसके साथ आए अन्य बदमाशों ने मिलकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने युवक को लात-घूंसे भी मारे, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। जबरन गाड़ी में डालने की कोशिश घटना के दौरान शराब दुकान पर मौजूद सेल्समैन वलफा राम ने बीच-बचाव कर युवक के परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही आम्ब सिंह मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि आरोपी उनके बेटे को जबरन गाड़ी में डालने की कोशिश कर रहे थे। पिता ने साहस दिखाते हुए बेटे को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सिर, कान और शरीर पर गंभीर चोटें परिवाद में बताया गया कि पूर्व रंजिश के चलते आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया और अपहरण की नीयत से हमला किया। हमले में ललकार सिंह के सिर, कान और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। साथ ही हाथ और पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर उसे आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया। पुलिस ने दर्ज किया मामला, तलाश जारी घटना के बाद पीड़ित पिता ने सायला थाने में लिखित रिपोर्ट दी। इस संबंध में सायला थानाधिकारी ने बताया कि पीड़ित परिवार की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) लव जिहाद और धर्मांतरण के तार दिल्ली बम धमाके से जुड़ रहे हैं। इस मामले के आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक के कनेक्शन दिल्ली बम धमाके की मुख्य आरोपी डॉ. शाहीन के भाई सहआरोपी डॉ. परवेज से मिले हैं। STF ने इस दिशा में अपनी जांच तेज कर दी है। इसी सिलसिले में STF की टीम मंगलवार को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। वहां जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़ा 13 साल का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। डॉ. रमीज और डॉ. परवेज ने इसी कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। इस वजह से STF का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी तरफ, STF ने लखनऊ पुलिस से अब तक की जांच की पूरी जानकारी मांगी है। इस मामले की जांच धर्मांतरण के बहुचर्चित मामले छांगुर बाबा प्रकरण की जांच करने वाले STF के डिप्टी एसपी प्रमेश शुक्ला कर रहे हैं। 13 साल के रेजिडेंट डॉक्टरों का रिकॉर्ड खंगालेगी STF STF की स्थानीय यूनिट के इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा और हेड कॉन्स्टेबल अंकित गुप्ता मंगलवार दोपहर एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा पहुंचे। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता से वर्ष 2012 से अब तक के सभी जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का विस्तृत विवरण मांगा है। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, रिकॉर्ड मिलने के बाद डॉ. रमीज की पूरी कुंडली तैयार की जाएगी, ताकि उसके संपर्कों, गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की पहचान की जा सके। जूनियर छात्रों के साथ हॉस्टल में रहता था जांच में सामने आया है कि डॉ. रमीज ने वर्ष 2012 में एसएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस में प्रवेश लिया था और 2018 तक पढ़ाई की। वह वर्ष 2013 से 2018 के बीच हॉस्टल में रहा। पीजी में चयन न होने के बावजूद वह जूनियर छात्रों के साथ हॉस्टल में ही रह रहा था। एसटीएफ इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस दौरान उसका किन-किन छात्रों से संपर्क रहा और उसका प्रभाव किस स्तर तक था। डॉ. परवेज से कनेक्शन और इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप एसटीएफ की जांच में एक अहम कड़ी डॉ. परवेज से जुड़कर सामने आई है। जिस वर्ष डॉ. रमीज ने एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था, उसी वर्ष दिल्ली बम धमाके के मामले में गिरफ्तार डॉ. परवेज ने यहां एमडी में दाखिला लिया था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर मेडिकल कॉलेज में ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नाम से एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया और इसके जरिए मुस्लिम छात्रों को संगठित करने के साथ टॉपर छात्राओं को फंसाकर मतांतरण की साजिश रची। एसटीएफ के डीएसपी प्रमेश शुक्ला को जांच की कमान केजीएमयू लव जिहाद और मतांतरण मामले की जांच एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश शुक्ला को सौंपी गई है। इससे पहले बलरामपुर में छांगुर के साम्राज्य को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभा चुके प्रमेश शुक्ला के नेतृत्व में टीम अब डॉ. रमीज के पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में उसके करीबियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। फरारी के दौरान संदिग्ध फंडिंग की जांच जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फरारी के दौरान डॉ. रमीज दिल्ली, उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी समेत कई स्थानों पर होटलों और परिचितों के यहां रुका था। इस दौरान उसके बैंक खातों में लाखों रुपए का लेन-देन हुआ। तफ्तीश में सामने आया है कि उसने एक युवक के खाते में पांच से सात लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। एसटीएफ जल्द ही खाता धारक से पूछताछ करेगी और यह भी जांच की जा रही है कि डॉ. रमीज को यह फंडिंग कहां से और किस मकसद से मिली? आगरा से लखनऊ तक सक्रिय हुई एसटीएफ केजीएमयू मामले की जांच मिलने के बाद एसटीएफ की गतिविधियां आगरा से लेकर लखनऊ तक तेज हो गई हैं। कॉलेज रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, बैंक ट्रांजैक्शन और पुराने संपर्कों को जोड़कर एसटीएफ एक-एक कड़ी को खंगाल रही है। अधिकारियों का दावा है कि जांच के अगले चरण में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं। पढ़िए क्या है पूरा मामला... पीड़ित महिला डॉक्टर ने सुसाइड की कोशिश की, तब सामने आया मामला पीड़ित महिला डॉक्टर KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रही है। 17 दिसंबर को उसने दवा की ओवरडोज लेकर सुसाइड की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 19 दिसंबर को उसे डिस्चार्ज किया गया। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रहे डॉ. रमीज ने बेटी को लव जिहाद में फंसाया। उस पर शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। जबकि, वह पहले से शादीशुदा है। फरवरी में वह हिंदू लड़की का धर्मांतरण कराकर उससे शादी कर चुका है। मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग में शिकायत की पीड़ित के पिता ने मामले की राज्य महिला आयोग और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद 22 दिसंबर को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़ित के साथ प्रेस वार्ता करके कार्रवाई का आश्वासन दिया। 24 दिसंबर को विशाखा कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद KGMU प्रशासन ने डॉ. रमीज को सस्पेंड करके परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दिया। आरोपी के खिलाफ के FIR भी दर्ज हो गई। 26 दिसंबर को कुलपति ने KGMU में कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई। आरोपी डॉ. के मां-बाप की संलिप्तता पाई गई है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। ------------ डॉ. परवेज से संबंधित खबर भी पढ़िए... डॉ. शाहीन पति से तलाक लेकर आतंकियों की कमांडर बनी:2 साल पहले फरीदाबाद शिफ्ट; लखनऊ में पिता बोले- बेटी आतंकी नहीं मेरी बेटी शाहीन मेडिकल कॉलेज में टॉपर थी। वह आतंकी नहीं हो सकती, मेरा दिल नहीं मानता। हमारी बेटी ने लोगों की सेवा में जिंदगी बिताई है। RDX मिलने की खबर सुनकर हम सकते में हैं। हमारी आखिरी बात करीब एक महीने पहले हुई थी। पूरी खबर पढ़ें -------------- धर्मांतरण मामले के आरोपी छांगुर से संबंधित खबर पढ़िए... छांगुर बोला- नसरीन से पूछो, संपत्तियां हमारी नहीं:दुबई ट्रिप और करोड़ों के लेनदेन पर ईडी को कर रहा गुमराह धर्मांतरण के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छागुंर बाबा को ईडी ने 5 दिन की रिमांड पर लिया है। मंगलवार को उससे विदेशी फंडिंग और संपत्तियों को लेकर पूछताछ की गई। छांगुर ईडी के अधिकांश सवालों पर चुप्पी साधे रहा, कुछ के गोलमोल जबाव दिए। पूरी खबर पढ़ें...
मकर संक्रांति पर्व के मद्देनजर कोतवाली पुलिस ने शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात्रि गश्त की। पुलिस ने प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों और नदी तटों पर निगरानी रखी, साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के प्रयास किए। पुलिस के अनुसार, त्योहारों के दौरान कुछ असामाजिक तत्व शांति भंग करने का प्रयास करते हैं। मकर संक्रांति पर बैनगंगा नदी और अन्य सरोवरों के तटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। बाजारों में भी खरीदारी के कारण लोगों की आवाजाही अधिक रहती है, जिससे यातायात बाधित होने की आशंका रहती है। संक्रांति पर्व पर कोतवाली पुलिस ने रात्रि पेट्रोलिंग की कोतवाली थाना प्रभारी सतीश कुमार तिवारी ने बताया कि संक्रांति पर्व के मद्देनजर थाना स्टाफ ने रात्रिकालीन रोड पेट्रोलिंग की। इस दौरान शहर के महत्वपूर्ण चौराहों, बाजार क्षेत्रों और नदी तटों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया गया। पुलिस ने सड़क किनारे अव्यवस्थित खड़े वाहनों को हटवाया और दुकानदारों को अपनी दुकानों के सामने वाहन खड़े न करने की समझाइश दी, ताकि यातायात सुचारु रहे। वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित स्थानों पर वाहन खड़ा करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की गई। पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील विशेष रूप से बैनगंगा नदी के तटों पर आने-जाने वाले लोगों और वाहन चालकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। थाना प्रभारी ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी आपराधिक गतिविधि या असामाजिक तत्व के हंगामा की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्व के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली पुलिस की इस पहल का शहरवासियों ने स्वागत किया है, जिससे पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की उम्मीद बढ़ी है।
कोटा में चाइनीज मांझे से आधा दर्जन लोग घायल:एक महीने में 80 पक्षी हुए चोटिल, हेल्पलाइन नंबर जारी
मकर संक्रांति का त्योहार आज मनाया जा रहा है, लेकिन पतंगबाजी कई दिनों से चल रही है। इन पतंगों को उड़ाने में ज्यादातर चाइनीज मांझे का इस्तेमाल हो रहा है, जो न सिर्फ लोगों को घायल कर रहा है, बल्कि पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले डेढ़ महीने में लगभग 80 पक्षी घायल हो चुके हैं और दो कबूतरों की मौत हो गई है। वहीं, आधा दर्जन से ज्यादा लोग भी चोटिल हुए हैं। पहले पतंग उड़ाने में साधारण धागा या सामान्य मांझा इस्तेमाल होता था, लेकिन अब रंग-बिरंगी और आकर्षक डिजाइन वाली पतंगों के साथ चाइनीज मांझा ज्यादा आम हो गया है। यह मांझा उड़ाने वाले के हाथों को नुकसान पहुंचाता है और आसमान में उड़ते पक्षियों के पंख काटकर उन्हें घायल कर देता है। साथ ही पतंग कटने पर उसके साथ सड़क पर लटकने वाला चाइनीज मांझा राह चलते लोगों की गर्दन, आंख, नाक तक को घायल कर रहा है। शहर में पिछले कई दिन से इस तरह की घटनाएं हो रही है। नगर निगम व पुलिस की ओर से चाइनीज मांझे की धरपकड़ का अभियान भी चलाया हुआ है। उसके बाद भी यह बाजार में चोरी छिपे बिक रहा है। साथ ही लोग इसका उपयोग भी कर रहे हैं। ह्यूमन हेल्पलाइन करवा रही घायल पक्षियों का उपचारह्यूमन हेल्पलाइन की टीम पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझे से घायल पक्षियों को रेस्क्यू करके जिला पशु हॉस्पिटल पहुंचा रही है और उनका उपचार करवा रही है। ह्यूमन हेल्पलाइन के अध्यक्ष मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से मांझे की वजह से घायल पक्षियों का रेस्क्यू लगातार जारी है। गंभीर रूप से घायल पक्षियों को मोखापाड़ा स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय में इलाज के लिए भेजा जा रहा है। ठीक होने के बाद उन्हें खुले आसमान में छोड़ दिया जाता है। दिसंबर और जनवरी में शहर में करीब 80 पक्षियों के घायल होने की सूचनाएं हेल्पलाइन पर आई हैं। विशेष हेल्पलाइन नंबर जारीमनोज जैन ने बताया कि घायल पक्षियों की सूचना के लिए एक सप्ताह के लिए विशेष हेल्प लाइन नम्बर 7231015030 जारी किया गया है। साथ ही तीन एम्बुलेंस रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल होंगी। जिनमें एक चार पहिया व दो स्कूटर एम्बुलेंस शामिल है। एक दिन पहले दो लोग हुए घायलकोटा में मंगलवार को दो अलग-अलग घटनाओं में बाइक सवार एक बच्चा और बुजुर्ग चाइनीज मांझे से घायल हो गए। इससे बुजुर्ग के गले तो बच्चे के गाल पर कट लग गया। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। केशवपुरा फ्लाईओवर पर जाते समय बाइक सवार बुजुर्ग की चाइनीज मांझे से गर्दन पर कट लग गया। बुजुर्ग को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर जाया गया, जहां उनकी गर्दन में टांके लगाए गए हैं। संजय नगर इलाके में एक बच्चे के गाल पर चाइनीज मांझे से कट लग गया। करीब 8 साल का बच्चा पिता के साथ बाइक पर बैठकर संजय नगर जा रहा था। बच्चा बाइक पर आगे बैठा था। अचानक मांझा से उसका गाल कट गया।
फांसी लगाने जा रही महिला को पुलिस ने बचाया:सूचना मिलने पर पेड़ से नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया
आलीराजपुर में बरझर पुलिस ने मंगलवार देर रात तत्परता दिखाते हुए एक महिला की जान बचाई, जो अज्ञात कारणों से आम के पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाने का प्रयास कर रही थी। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया, लेकिन पुलिस की सूझबूझ और कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, देर रात किसी ग्रामीण ने महिला को पेड़ पर चढ़ा देख इसकी सूचना बरझर पुलिस चौकी को दी। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक शिवा तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। महिला पेड़ की ऊंचाई पर बैठी थी और आत्मघाती कदम उठाने की स्थिति में थी। पुलिस ने महिला को सुरक्षित उतारकर अस्पताल भेजा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला से बातचीत शुरू की और उसे समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद पुलिस कर्मियों ने महिला को सुरक्षित तरीके से पेड़ से नीचे उतारा। इसके बाद महिला को तत्काल प्राथमिक इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला के आत्महत्या के प्रयास के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने महिला के परिजनों को भी सूचना दे दी है। इस घटना में बरझर पुलिस की तत्परता से एक अनमोल जान बच सकी, जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की है।
पेंड्रा और अमरकंटक क्षेत्र में मकर संक्रांति के अवसर पर भी कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। दिनभर ठंडी हवाएं चलने से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पेंड्रा और अमरकंटक दोनों ही स्थानों पर न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान औसत से 8 डिग्री सेल्सियस कम है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 15 डिग्री सेल्सियस था, यानी इस बार 9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। 15 जनवरी को ठंड और बढ़ने का अनुमान शीतलहर के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में हिचकिचा रहे हैं, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक ऐसा ही ठंडा मौसम बने रहने की संभावना है। 15 जनवरी को ठंड और बढ़ने का अनुमान है। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, अलाव जलाने और गर्म भोजन करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी ठंड से बचाव के लिए स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता बरतने की अपील की है।
सिरसा में आज बुधवार को परम संत बाबा भूमण शाह महाराज का 278वां मांघी मेला मनाया जा रहा है। इस मेले में दूर-दूर से श्रद्धालु बाबा भूमण शाह की समाधि पर माथा टेकने और आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। इसे लेकर बाबा भूमण शाह मल्लेवाला डेरा और संगर साधा स्थित बाबा भूमण शाह डेरे में प्रोग्राम रखा गया है। मेले का शुभारंभ हवन पूजा के साथ किया गया। इस दौरान डेरे के अंदर अखंड पाठ, खेल कार्यक्रम और मेडिकल कैंप भी आयोजित होंगे। जानकारी के अनुसार, डेरा बाबा भूमण शाह मल्लेवाला (सिरसा, हरियाणा) एक प्रसिद्ध उदासी संत परंपरा का आध्यात्मिक केंद्र है। इसकी स्थापना 18वीं सदी में महान संत बाबा भूमण शाह ने की थी, जिन्होंने प्रेम, शांति और समानता का संदेश दिया। जानिएं भूमण शाह के बारे में जानकारी बाबा भूमण शाह ने कुतुब-कोट गांव (जो अब डेरा है) में कीर्तन और मुफ्त लंगर की परंपरा शुरू की थी। इस परंपरा को गुरु गोबिंद सिंह ने आशीर्वाद दिया था। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद, उनके अनुयायियों ने इस डेरे को भारत में स्थापित किया, जो आज भी आध्यात्मिक सेवा और सामुदायिक कल्याण के लिए जाना जाता है। बाबा भूमण शाह का जन्म 1687 में बीहोलपुर, पाकिस्तान में हुआ था। वह एक उदासी संत थे जिन्होंने अपना जीवन ईश्वर के स्मरण और सेवा में समर्पित किया। उन्होंने प्रेम, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, सार्वभौमिक भाईचारे और धार्मिक सहिष्णुता का प्रचार किया। उनके अनुयायियों में हिंदू, सिख और मुस्लिम सभी शामिल थे। बाबा भूमण शाह ने कुतुब-कोट (वर्तमान डेरा) में कीर्तन और निःशुल्क लंगर की प्रथा स्थायी रूप से स्थापित की थी, जिसे गुरु गोबिंद सिंह ने आशीर्वाद दिया था। उनका निधन 1762 ई. में हुआ, जिसके बाद उनके शिष्य महंत निर्मल चंद ने डेरे का कार्यभार संभाला। विभाजन के बाद सिरसा में स्थापना देश के विभाजन के बाद बाबा भूमण शाह का मूल गाव पाकिस्तान में चला गया और उनके हिंदू अनुयायियों को भारत आना पड़ा। सिरसा में नया डेरा: उत्तरी भारत में, विशेषकर सिरसा (हरियाणा) में उनके अनुयायियों ने डेरा बाबा भूमण शाह (मल्लेवाला) को स्थापित किया, जहां उनके आदर्शों और परंपराओं को आज भी जीवित रखा जाता है। डेरे का वर्तमान स्वरूप:-डेरा बाबा भूमण शाह आज भी शांति, एकता और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने का कार्य करता है। यह विभिन्न समुदायों के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है और आध्यात्मिक सेवा के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय है। सिरसा में मनाया गया लोहड़ी व मकर संक्राति पर्व इधर, लोहड़ी और मकर संक्राति पर सिरसा में अपने घरों या बाहर प्रोग्राम किए गए। सभी ने एक-दूसर के साथ मिलकर त्योहार मनाया। रात को लोहड़ी पर्व मनाया और सुबह मकर संक्राति पर आग जलाकर अलाव किया। वहीं गोबिंद कांडा ने तारा बाबा कुटिया में अपने लोगों के साथ लोहड़ी पर्व मनाया।
सतना जिले की मझगवां तहसील के सालिकपुर गांव में राजस्व भूमि पर संचालित एक अवैध हीरा खदान पर राजस्व टीम ने दबिश दी। इस दौरान मौके से एक पोकलेन मशीन और एक ट्रैक्टर जब्त किया गया। यह खदान उत्तर प्रदेश के कलिंजर कटरा के प्रधान राजेंद्र रजक द्वारा पांच एकड़ सरकारी जमीन पर चलाई जा रही थी। सिंहपुर-कलिंजर रोड के किनारे कौहारी से दो किलोमीटर अंदर जंगल के बीच सालिकपुर गांव में यह खदान स्थित थी, जहां पहुंचने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं था। अधिकारियों को आता देख, मिट्टी खनन और परिवहन में लगे दो दर्जन से अधिक श्रमिक पोकलेन और ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर भाग गए। जब्त किए गए वाहनों को कौहारी पंचायत के सरपंच भैयालाल को सुपुर्द किया गया है। मौके पर उत्तर प्रदेश के कलिंजर कटरा का प्रधान राजेंद्र रजक मिला, जो अवैध तरीके से हीरा खदान का संचालन कर रहा था। राजेंद्र रजक के बयान भी दर्ज किए गए हैं। सरकारी जमीन पर संचालित हो रही थी खदानशासकीय जमीन पर अवैध हीरा खदान संचालित किए जाने की रिपोर्ट मझगवां एसडीएम को भेजी गई है। एसडीएम कार्यालय से यह जानकारी आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर कार्यालय को भेजी जाएगी। मझगवां एसडीएम को बरौंधा सर्किल के यूपी सीमा से लगे कौहारी पंचायत के सालिकपुर गांव की शासकीय आराजी नंबर 21/1 के करीब पांच एकड़ जमीन में अवैध खदान की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर ने बरौंधा सर्किल के नायब तहसीलदार डॉ. सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में एक टीम गठित की थी। टीम में राजस्व निरीक्षक रजनीश वर्मा, पटवारी स्वप्रिल तिवारी, आलोक द्विवेदी, अजय करण पाण्डेय और मनीष पांडेय सहित कई अन्य सदस्य शामिल थे। बताया कि राजेंद्र कई सालों से खदान चला रहे हैं, आज तक कोई नहीं आया। यह पहला मौका है जब कोई ठोस कार्यवाही हुई है। जंगल के बीच राजस्व की जमीन से हीरा निकालने के लिए करीब 5 एकड़ जमीन को खोदा गया। मिट्टी की धुलाई के लिए पानी की पिट और हीरा की बिनाई का काम किया जाता है। काम में लगाए गए थे बिना नंबर के वाहन मौके पर जब्त किए गए पोकलेन मशीन और ट्रैक्टर में किसी भी प्रकार का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं था। इन दोनों वाहनों के चेचिस नंबर लिए गए हैं। पोकलेन मशीन का चेचिस नंबर 13 जी 2096 और ट्रैक्टर का चेचिस नंबर डब्ल्यूएसटीके 304271098 है। इन दोनों वाहनों को जब्त किया गया है।इस मामले में एसडीएसम मझगवां महिपाल सिंह गुर्जर ने बताया कि बरौंधा सर्किल के सालिकपुर गांव में हीरा की अवैध खदान के संचालन की सूचना मिली थी। टीम बना कर जांच के लिए भेजा गया। मौके पर कई वाहन भी जब्त किए गए हैं। आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर कार्यालय में प्रकरण भेजा जा रहा है।
आप लोगों को खाटू श्याम के दर्शन करने हैं। भीड़ ज्यादा है। वीआईपी टिकट लेना ही आपके लिए फायदेमंद होगा। वैसे मैं कम रुपयों में आपको वीआईपी दर्शन करवा सकता हूं, मेरा यहां अच्छा जुगाड़ है... ये शब्द है एक ऐसे जालसाज के, जो लोगों को पहले भरोसे में लेता है, फिर रोजगार या अन्य माध्यम के लिए लोन दिलाने का कहकर नया खाता खुलवाता है। इन खातों को साइबर ठगों तक पहुंचा देता है, जिसमें लाखों का ट्रांजैक्शन हाेता है और एक अनजान आम इंसान उलझ जाता है। भिंड पुलिस ऐसे ही पांच लोगों को गिरफ्तार कर राजस्थान से लाई है। ये सभी मीडिएटर का काम करते थे। ये जरूरतमंदों को खोजकर लोन दिलाने, नया बैंक खाता खुलवाने या सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। इनका नेटवर्क केवल भिंड तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश के साथ ही राजस्थान तक फैला हुआ है। साइबर ठगी के पांच आरोपियों ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं। पूछताछ में दो ऐसे व्यक्तियों के नाम उजागर हुए हैं, जिनमें एक उमरी क्षेत्र का निवासी है, जबकि दूसरा इटावा का रहने वाला है। इन दोनों ने 15 से अधिक बेरोजगार युवाओं को अपने झांसे में लेकर उनके नाम से नए बैंक खाते खुलवाए। खातों की पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड और नए मोबाइल नंबर सहित पूरी जानकारी साइबर ठगों को सौंप दी गई। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को दुबई समेत अन्य देशों तक ट्रांसफर करने में किया जाता है। पुलिस ने पूछताछ के बाद इन एजेंटों की तलाश शुरू कर दी है। दैनिक भास्कर ने पुलिस के साथ ही पीड़ितों से बात की, पढ़िए रिपोर्ट... दैनिक भास्कर की टीम उन लोगों तक पहुंची है, जिन्होंने बेरोजगार युवाओं को लोन दिलाने के नाम पर नए खाते खुलवाए और उनकी जानकारी साइबर ठगों को दी। इनमें उमरी क्षेत्र का रहने वाला छोटू यादव भी शामिल है। आरोप है कि इसी युवक ने फरियादी मनदीप सोनी का बैंक खाता खुलवाया और उसकी समस्त बैंक डिटेल साइबर ठगों को उपलब्ध कराई। फरियादी मनदीप सोनी के खाते के जरिए ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से 56 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी की गई। यह पूरी राशि विदेश, विशेषकर दुबई तक ट्रांसफर की गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। खाटू श्याम के 100 रुपए में वीआईपी दर्शन करवाया, फिर लोन के नाम पर ठगीभिंड के रहने वाले मनदीप सोनी कहते हैं- मैं ठगों के झांसे में आ गया था। उन्होंने पहले भगवान के वीआईपी दर्शन सस्ते में करवाए, हमारा भरोसा जीता, फिर बड़े लोन का लालच देकर बैंक अकाउंट का दुरुपयोग किया। पीड़ित मनदीप सोनी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि वह एक मोबाइल शाॅप में काम करता है। सालभर पहले वह दोस्तों के साथ राजस्थान स्थित खाटू श्याम के दर्शन करने गया था। भीड़ ज्यादा थी, हमें लगा दर्शन में काफी वक्त लग जाएगा। इसी दौरान हमारी मुलाकात संजय नामक युवक से हुई। उसने हमसे कहा- मैं जल्दी दर्शन करवा सकता हूं, वह भी सस्ते में। उसने 500 रुपए वाले वीआईपी दर्शन मात्र हमें 100 रुपए में करवा दिए। दर्शन के बाद हम बाहर आए और संजय के साथ कुछ वक्त बिताया। बातों-बातों में उसने हमारा भरोसा जीता। उसने दावा किया कि उसका नेटवर्क बहुत ऊपर तक है। पुलिस, अधिकारियों से लेकर बड़े नेताओं तक। हम सबसे से उसने यह पता किया कि हम काम क्या करते हैं। मैंने उससे कहा मैं मोबाइल बिजनेस में उतरना चाहता हूं। उसने कहा कि वह रोजगार के लिए भी बड़ा लोन दिला सकता है। मनदीप ने बताया कि मैं, मोबाइल शॉप में काम की जगह खुद अपनी मोबाइल शॉप ओपन करना चाहता हूं, इसलिए मुझे भी रुपयों की जरूरत है। संजय ने कहा- हो जाएगा। हमने उसकी बातों को सीरियस नहीं लिया और अपने घर लौट आए। कुछ दिन बाद संजय का फोन आया। इसके बाद एक-दो दिन में फोन आने लगे। उसने लोन की बात कही। एक दिन तो कहा- लोन का कोटा खत्म होने वाला है 8-10 सीटें बची हैं, लेना है तो जल्दी अप्लाई कर लो। यदि यहां नहीं आ पा रहे हो तो मेरे बंदे भिंड में ही बैंक अकाउंट खुलवा देंगे। इसके बाद छोटू यादव ने मुझसे संपर्क किया। इतना ही नहीं उसने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में मेरा नया अकाउंट खुलवा दिया। अकाउंट खुलवाते समय नई सिम भी एक्टिव करवा दी। उसने कहा- पहले 1 लाख रुपए आएंगे। 2 से 3 महीने में शेष राशि मिल जाएगी। मैंने उनकी बातों पर भरोसा कर लिया। एक दिन रुपयों का स्टेटस चेक करने मैं बैंक चला गया। मैंने सीधे मैनेजर से संपर्क किया। मैनेजर ने अकाउंट चेक किया और खाते से हो रहे भारी लेन-देन को लेकर सवाल किए। मैंने बताया कि मैं मोबाइल शॉप पर नौकरी करता हूं। इस पर मैनेजर ने मुझे बहुत गौर से देखा और कुछ देर मेरे बारे में पूछता रहा। मेरी बातों को सुनकर उन्हें शक हुआ। उन्होंने कहा- तुम्हें पता है तुम्हारे खाते में कुछ ही महीनों में 57 लाख रुपए का लेनदेन हुआ है। ये पैसे कहां आए हैं, तुम्हें इसकी जानकारी है क्या। मैंने नहीं में जवाब दिया। इस पर उन्होंने कहा- अकाउंट का गलत इस्तेमाल हो रहा है और तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी। मनदीप ने उमरी थाना प्रभारी टीआई शिवप्रताप सिंह राजावत को पूरे मामले की जानकारी दी। पीड़ित ने बताया कि उसके दो साथियों समेत 6 लोगों के खातों का उपयोग रोजगार के नाम पर आरोपियों ने लोन दिलाने के बहाने किया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। फिलहाल छोटू यादव और अभिषेक के मोबाइल फोन बंद हैं। भाई का अकाउंट भी खुलवाया मनदीप के छोटे भाई बद्री प्रसाद सोनी ने बताया कि मैं एक दुकान पर काम करता हूं। मनदीप को एक व्यक्ति ने लोन दिलवाने का कहा। उसके दस्तावेज भी ले लिए। बातचीत में वह भला इंसान लगा। उसने हमारा भरोसा जीता। मनदीप का सबकुछ सही हो रहा था, इसी कारण मैंने भी दुकान खोलने के लिए लोन लेने के लिए उसे अपने दस्तावेज दे दिए। करीब पांच माह पहले मेरा भी नया खाता खुल गया। भाई ने मोबाइल शॉप के नाम से लोन लेने का प्रस्ताव तैयार किया था और मैंने दुकाल खोलने के लिए प्रस्ताव बनवाया था। एजेंट छोटू के माध्यम से खाते खुलवाकर सभी आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए गए। बाद में जब मनदीप को अपने साथ ठगी होने का संदेह हुआ, तो उसने मेरे खाते की भी जांच करवाई। जांच में सामने आया कि खाते में 28 लाख से अधिक की राशि का लेन-देन हुआ है। उमरी पुलिस के अनुसार बद्री प्रसाद सोनी का खाता भी फ्रीज है। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि दूसरे राज्य की पुलिस द्वारा इस खाते की जानकारी जुटाई जा रही है, इस कारण इसे फ्रीज किया गया है। तीसरा युवक भी आया झांसे में भिंड के ही रहने वाले मोबाइल दुकान संचालक चेतन श्रीवास्तव ने बताया कि उसे पता चला था कि कुछ लोग आसानी से लोन दिलवा रहे हैं। इसी भरोसे पर मैंने मनदीप सोनी के माध्यम से नया बैंक खाता खुलवाया और एजेंट छोटू के जरिए उसका उपयोग करने के लिए दे दिया। बाद में मनदीप को पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हो गई है। इस बात की जानकारी उसने मुझे दी।। मैंने अपने खाते की जानकारी जुटाई तो पता चला लाखों का हेरफेर हुआ, पर साइबर ठगों पहले ही खाते को खाली कर दिया। हालांकि अब मेरा वह खाता फ्रिज बता रहा है। प्रारंभिक जानकारी अनुसार मेरे खाते से करीब 35 लाख का ट्रांजैक्शन हुआ है। मैंने पुलिस को इसकी शिकायत की है। मास्टर माइंड दुबई से चला रहे नेटवर्कउमरी थाना प्रभारी टीआई शिवप्रताप सिंह राजावत ने बताया कि 27 दिसंबर 2025 को भिंड की उमरी थाना पुलिस ने मानदीप सोनी समेत जिले के 15 लोगों के अकाउंट लेकर लाखों रुपए ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले पांच आरोपी पकड़े थे। ये पांच आरोपी मीडिएटर हैं जो कि भिंड के उमरी में छोटू यादव व अभिषेक सिंह नाम युवकों से अकाउंट कलेक्ट करते थे। पांचों आरोपियों को पुलिस सीकर से भिंड लेकर आई हैं। फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर जब पुलिस ने तकनीकी और दस्तावेजी जांच शुरू की, तो एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी आपस में दोस्त हैं और लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग व फर्जी लोन के नाम पर साइबर ठगी की गतिविधियों में शामिल रहे हैं। टीआई राजावत के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी केवल मीडिएटर की भूमिका निभा रहे थे। पूछताछ में सामने आया है कि इनके ऊपर बैठे मास्टर माइंड दुबई में रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। यह गिरोह अलग-अलग जिलों से बैंक अकाउंट एकत्र करता है और उनका उपयोग ठगी की रकम के लेन-देन के लिए करता है। नेटवर्क में एक थर्ड पर्सन सक्रिय रहता है, जिसका काम जरूरतमंद युवाओं को लोन या रोजगार का लालच देकर उनके नाम से बैंक अकाउंट खुलवाना और फिर उन्हें गिरोह तक पहुंचाना होता है। यह भी पढ़े- 10 से 15 हजार में बिकते हैं बैंक अकाउंट मोबाइल पर खेले जाने वाले तीन पत्ती और लूडो किंग जैसे गेम्स मनोरंजन लगते हैं, लेकिन इनके पीछे करोड़ों की साइबर ठगी का नेटवर्क काम कर रहा है। इस नेटवर्क की सबसे मजबूत कड़ी हैं वे बैंक अकाउंट, जो 10 से 15 हजार रुपए में खरीदे जाते हैं। पढ़े पूरी खबर...
रायपुर के चिंगरी नाला की समस्या को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सवाल उठाया हैं। 13 जनवरी को आकाश ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और साफ कहा कि नगर निगम स्थायी समाधान की बजाय सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। नाले से कचरा निकलवाया जा रहा है, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर वही हो जाते हैं। आकाश तिवारी ने बताया कि चिंगरी नाला के स्थायी समाधान के लिए दिसंबर 2024 में डीपीआर तैयार कर राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद भी जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो 11 मार्च 2025 को नगर निगम आयुक्त द्वारा करीब 11 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दोबारा स्वीकृति के लिए भेजा गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक इस पर कोई मंजूरी नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद यह प्रस्ताव क्यों अटका हुआ है। खानापूर्ति काम करने का आरोप नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रस्ताव लंबित रहने के कारण निगम सिर्फ नाले की ऊपरी सफाई तक सीमित है, जिसे वे खानापूर्ति करार देते हैं। उन्होंने कहा कि स्थायी समाधान के लिए नाले की दीवार की ऊंचाई बढ़ाना, डायवर्जन और तकनीकी सुधार जरूरी हैं, लेकिन इस दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं हो रहे हैं। STP प्लांट को देशभर में 4-स्टार रैंकिंग उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले कार्यकाल में लगाए गए एसटीपी प्लांट को देशभर में 4-स्टार रैंकिंग मिली थी, जिसके चलते रायपुर नगर निगम को प्रोत्साहन स्वरूप 8 करोड़ 75 लाख रुपए की राशि मिली थी। इस राशि का उपयोग चिंगरी नाला में स्क्रीनिंग वॉल और अन्य स्थायी कार्यों के लिए किया जा सकता था, लेकिन नगर निगम ने उस अवसर को भी गंवा दिया। महापौर के दौरे के बाद सिर्फ सफाई हुई आकाश तिवारी ने कहा कि कुछ दिन पहले महापौर ने भी चिंगरी नाला का दौरा किया था, लेकिन उसके बाद भी सिर्फ कचरा हटाने की कार्रवाई हुई। स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि चिंगरी नाला की अनदेखी सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। मौके पर नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद थे, जिनके सामने नेता प्रतिपक्ष ने साफ कहा कि जब तक 11 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलती, तब तक चिंगरी नाला की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

