मुख्य सचिव अनुराग जैन के एक्सटेंशन कार्यकाल में गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को आईएएस बनने का मौका मिल सकता है। इसके लिए मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग ने कवायद शुरू की है। इसके लिए सीएम की भी रजामंदी बताई जा रही है। चालू साल में राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस बनने के लिए कुल संभावित पदों की संख्या 11 बताई जा रही है। उधर इस जानकारी के बाद राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर इसके लिए लामबंद होने लगे हैं और मुख्य सचिव से विरोध जताने की तैयारी में जुट गए हैं। प्रदेश में 11 साल बाद एक बार फिर गैर-राजपत्रित अधिकारियों को IAS बनने का मौका मिल सकता है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के निर्देश पर राज्य प्रशासनिक सेवा से IAS चयन की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले वर्ष 2015 में राज्य प्रशासनिक सेवा के 4 अधिकारियों को IAS बनाया गया था। ये अधिकारी श्रीकांत पांडेय (पंजीयन और मुद्रांक विभाग), संजय गुप्ता (जेल विभाग), शमीमुद्दीन (तकनीकी शिक्षा विभाग) तथा मंजू शर्मा (वित्त और लेखा सेवा विभाग) हैं जिन्हें आईएएस सिलेक्ट किया गया था। बाद में डीओपीटी ने इन अधिकारियों को वर्ष 2007 बैच का आईएएस कैडर इयर दिया था। प्रमोशन में 15% पद रहते हैं रिजर्व गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को आईएएस बनने के लिए जो प्रमोशन प्रक्रिया तय है उसमें स्वीकृत पदों में से 15 प्रतिशत पद राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए आरक्षित रहते हैं। चयन प्रक्रिया के तहत अधिकारियों की स्क्रूटनी, सीनियरिटी, एसीआर और इंटरव्यू के आधार पर नाम तय किए जाते हैं। मुख्य सचिव ने अफसरों से कहा कि अन्य विभागों में भी श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करना जरूरी है, इसलिए इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जा रहा है। सीएस के पहले कार्यकाल में नहीं मिला था मौका अनुराग जैन ने एमपी के मुख्य सचिव की कमान अक्टूबर 2024 से संभाली थी और सितंबर को उनका रिटायरमेंट था। इस कार्यकाल के दौरान भी गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों ने इसके लिए प्रयास किए थे लेकिन तब उनकी सुनवाई नहीं हुई थी। इस बार अब जबकि सीएस एक साल के एक्सटेंशन के अंतर्गत मुख्य सचिव की सेवाएं दे रहे हैं तो उन्होंने गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को प्रोत्साहित करने के लिए इन्हें भी डीपीसी में शामिल करने के संकेत दिए हैं।
सागर के शाहगढ़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट के पास गोली मारकर नर्स की हत्या कर दी गई। आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की है। मृतक की पहचान दीपशिखा चढ़ार के रूप में हुई है। वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स थी। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
भोपाल के पिपलानी इलाके में 14 वर्षीय छात्र अंश साहू की आत्महत्या के बाद जो तस्वीर सामने आ रही है, वह केवल एक हादसे की नहीं, बल्कि बच्चों को घेरते जा रहे ऑनलाइन गेमिंग के खतरनाक दबाव की है। बातचीत में सामने आया है कि अंश जिस ऑनलाइन गेम 'फ्री फायर' का आदी था, उसमें जीत से ज्यादा ‘दिखने’ की होड़ थी, बेहतर हथियार, चमकदार स्किन, महंगे कैरेक्टर और ऑनलाइन रुतबा। परिवार के मुताबिक अंश पहले से ही उस गेम को खेल रहा था। एक महीने पहले उसकी मोबाइल आदत को देखते हुए घरवालों ने अंश से मोबाइल ले लिया गया था, ताकि पढ़ाई पर ध्यान दे सके। इसके बाद वह सामान्य व्यवहार करता रहा। न नींद में कमी, न चिड़चिड़ापन, न पढ़ाई में कमी यही वजह है कि घरवालों को किसी बड़े खतरे का अंदेशा नहीं हुआ। दादा के मोबाइल से निकले 28 हजार रुपए, तब खुला राज अंश के मामा भोला साहू बताते हैं कि कुछ समय पहले दादा के मोबाइल खाते से करीब 28 हजार रुपए कट गए थे। शुरुआत में अंश ने पैसे खर्च करने से इनकार किया, लेकिन बैंक स्टेटमेंट सामने आने के बाद पता चला कि रकम ऑनलाइन गेम में खर्च हुई थी। परिवार का कहना है कि उस वक्त बच्चे को समझाया गया, डांट-फटकार नहीं की गई। इसके बाद उसने दोबारा मोबाइल इस्तेमाल नहीं किया। मामा के अनुसार, यह गेम बच्चों को लगातार यह अहसास देता है कि अगर आप ज्यादा पैसा खर्च करेंगे तो आप ज्यादा ‘प्रो’ दिखेंगे। बेहतर गन, बेहतर स्किन और ज्यादा ताकत यही इस गेम की दुनिया है। खेल रहा था फ्री फायर गेमघटना के समय मृतक के माता-पिता पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, जबकि बच्चा नहाने और कपड़े बदलने के लिए घर लौटा था। एएसआई सुरेश कुमार के अनुसार, बच्चा इससे पहले नाना के घर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद था और वहीं से सीधे घर आया था। पुलिस को परिजनों से जानकारी मिली है कि बच्चा मोबाइल पर फ्री फायर (Free Fire) नाम का ऑनलाइन गेम खेलता था। इसी गेम को लेकर उसे पहले भी घर में समझाइश दी गई थी। हालांकि मोबाइल या गेम को लेकर घर में किसी तरह के बड़े विवाद या झगड़े की बात सामने नहीं आई है। पुलिस के मुताबिक बच्चे का व्यवहार सामान्य था । ‘प्रो’ दिखने की होड़, पैसे नहीं तो बेचैनी गेम खेलने वालों के मुताबिक ऑनलाइन गेम में कोई सीधा टास्क सिस्टम नहीं होता, लेकिन मानसिक दबाव जबरदस्त होता है। खिलाड़ी को हर वक्त अपग्रेड चाहिए। हथियार चमके, कैरेक्टर अलग दिखे, सामने वाला प्रभावित हो। अगर पैसे नहीं हैं तो बेचैनी बढ़ती है। यही बेचैनी धीरे-धीरे नशे जैसी बन जाती है। एक गेमर के अनुसार, लोग इसमें हजारों नहीं, लाखों रुपए तक खर्च कर देते हैं। कम उम्र के बच्चों के लिए यह दबाव और भी खतरनाक हो जाता है, क्योंकि वे यह समझ नहीं पाते कि वर्चुअल रुतबा असल जिंदगी से अलग है। टॉपर छात्र, नेशनल लेवल स्केटर, जीते कई मेडल अंश के मामा ने बताया अंश केवल एक मोबाइल गेम खेलने वाला बच्चा नहीं था। वह पढ़ाई में टॉपर था। स्केटिंग में नेशनल लेवल तक खेल चुका था। उसके पास अनेक गोल्ड मेडल थे। परिवार का कहना है कि अंश शांत, समझदार और अनुशासित बच्चा था। माता-पिता से उसके संबंध सामान्य और सकारात्मक थे। मोबाइल को लेकर कोई बड़ा विवाद या झगड़ा सामने नहीं आया। घटना वाले दिन क्या हुआ घटना वाले दिन परिवार नाना की तेरहवीं से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने गया था। अंश पहले वहां मौजूद था। इसके बाद नहाने के लिए घर लौटा। उसी दौरान अंश ने मां का मोबाइल लिया और गेम खेला। कुछ ही देर बाद, जब परिवार लौटकर आया, तो अंश फंदे पर लटका मिला। ये खबर भी पढ़ें… मोबाइल गेमिंग की लत के शिकार स्टूडेंट ने लगाई फांसी भोपाल में मोबाइल गेमिंग की लत के चलते 14 साल के स्टूडेंट ने खुदकुशी कर ली। परिजन को आशंका है कि ऑनलाइन गेम में दिए गए टास्क को पूरा करने के लिए बच्चे ने आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल, पुलिस जांच में जुटी है। मामला पिपलानी थाने की श्रीराम कॉलोनी का है।पूरी खबर पढ़ें
भोपाल के अरेड़ी में बुधवार को अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई की गई। 2 कॉलोनी में जेसीबी की मदद से बाउंड्रीवॉल तोड़ दी गई, जबकि सड़कें उखाड़ दी। ये अवैध तरीके से डेवलप हो रही थी। अरेड़ी हुजूर तहसील में शामिल हैं। यहां पर पिछले कुछ दिन से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इसके चलते बुधवार को एसडीएम विनोद सोनकिया के निर्देशन में अतिरिक्त तहसीलदार वृत-2 अतुल शर्मा ने राजस्व निरीक्षक प्रेमनारायण पराजपति, पटवारी विशाल शर्मा और अयोध्या नगर थाना पुलिस के साथ कार्रवाई की। एसडीएम सोनकिया ने बताया कि हरिदेव लेक सिटी और सियाराम सिटी पर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई की 3 तस्वीरें… सड़कें भी उखाड़ीइन कॉलोनियों में सीमेंट क्रांकीट की सड़कें भी बना दी गई थी। वहीं, मुर्रम-बोल्डर से बनी सड़कें भी उखाड़ दी गई। एसडीएम सोनकिया ने बताया कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
प्रदेश में इसी माह 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 चीते लाए जाएंगे। केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय चीतों के एमपी लाए जाने में राज्य सरकार को पूरा सहयोग देगा। इसको लेकर केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के बीच बैठक में व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा हुई है। इसके अलावा एमपी में पर्यटन विकास को लेकर भी चर्चा की गई है। सीएम ने दिल्ली प्रवास के दौरान आधा दर्जन केंद्रीय मंत्रियों के साथ मुलाकात की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने संसद भवन में केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद कहा कि आज नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री यादव के साथ प्रदेश में पर्यटन विकास, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर डिटेल चर्चा हुई है। इसमें खासतौर पर असम से जंगली भैंसा लाने की प्रक्रिया तथा इस वर्ष 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 चीतों के आगमन को लेकर भी आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाओं पर भी बात हुई है। सीएम यादव ने यह भी कहा कि नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ किसान कल्याण और गेहूं उपार्जन, भंडारण व्यवस्था को लेकर बैठक हुई है। इसमें एमपी से होने वाले गेहूं के उपार्जन के लिए बकाया दिए जाने और हर साल की तरह इस साल भी अन्य राज्यों से अधिक गेहूं की खरीदी करने पर डिस्कसन किया गया है। सीएम यादव की दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह के साथ भी मुलाकात और वस्त्र उद्योग लगाने को लेकर बैठक हुई है। साथ ही मुख्यमंत्री केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से भी मिले हैं। केंद्रीय नेताओं के साथ नए प्रदेश संगठन महामंत्री पर भी डिस्कसन सीएम मोहन यादव और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दोनों ही आज दिल्ली में हैं। इस दौरान सीएम यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल की पार्टी के केंद्रीय नेताओं के साथ भी बीजेपी के नए प्रदेश संगठन महामंत्री के नाम को लेकर भी चर्चा होने की सूचना है। अभी इसका प्रभार क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के पास है लेकिन स्थायी जिम्मेदारी को लेकर चल रही कयासबाजी में शामिल नामों को ही मौका मिलेगा या कोई नया चेहरा सामने आएगा। इसका निर्णय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को करना है। इसलिए प्रवास के दौरान इस पर भी चर्चा की गई है। दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले समय में प्रदेश में निगम मंडल में नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार भी होना है, इसलिए भी केंद्रीय नेताओं के साथ चर्चा की जा रही है।
पीथमपुर नगर पालिका में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों को लेकर सीएमओ निशिकांत शुक्ला ने वार्ड दरोगाओं के साथ समीक्षा बैठक की। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सीएमओ ने काम में लापरवाही बरतने वाले 11 सफाई कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का आखिरी नोटिस थमा दिया है। बैठक में उन कर्मचारियों की लिस्ट तैयार की गई जो लंबे समय से बिना बताए काम से गायब चल रहे थे। विकास, मुस्कान, सागर बाई सहित कुल 11 सफाई कर्मियों को अंतिम 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है। सीएमओ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि काम में सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें तत्काल सेवा मुक्त कर दिया जाएगा। माइक्रोप्लान से होगी वार्डों की सफाई सीएमओ ने सभी वार्ड दरोगाओं को निर्देश दिए कि वे माइक्रोप्लान बनाकर अपने-अपने इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि सफाई के काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दरोगाओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने अधीन आने वाले कर्मचारियों से तय योजना के मुताबिक काम करवाएं। पीथमपुर को अव्वल बनाने का लक्ष्य बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर पालिका को बेहतर रैंकिंग दिलाना था। सीएमओ ने कहा कि शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए पूरी टीम को एकजुट होकर काम करना होगा। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारी रूपेश कुमार सूर्या और स्वच्छता टीम के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
राजस्थान से भागकर आए एक नाबालिग बच्चे को गुना में बरामद किया गया है। वह हॉस्टल में रहता था, लेकिन वहां नहीं रहना चाहता था। वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था। इसलिए भागकर आ गया। मिली जानकारी के अनुसार RPF गुना से SJPU गुना को सूचना प्राप्त हुई कि अजमेर–कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन में गुना रेलवे स्टेशन पर लगभग 12 साल का एक बच्चा लावारिस अवस्था में मिला है। सूचना पर SJPU की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे से बातचीत कर काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने बताया कि वह जिला टोंक (राजस्थान) के एक हॉस्टल में रहकर कक्षा 5वीं का छात्र है, परंतु वह हॉस्टल में नहीं रहना चाहता था। इसलिए मानसिक रूप से परेशान होकर वह बिना बताए हॉस्टल से निकलकर ट्रेन में बैठ गया और गुना पहुंच गया। बच्चे द्वारा पता और मोबाइल नंबर नहीं बता पाने पर SJPU एवं RPF की संयुक्त टीम द्वारा राजस्थान पुलिस से समन्वय स्थापित किया गया। इससे जानकारी प्राप्त हुई कि थाना सिटी कोतवाली, जिला भीलवाड़ा में बालक की गुमशुदगी पर अपराध क्रमांक 40/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। इसके बाद सिटी कोतवाली भीलवाड़ा पुलिस से संपर्क कर बालक के गुना में सुरक्षित होने की सूचना दी गई। साथ ही बालक के पिता से भी संपर्क स्थापित कर उन्हें आवश्यक दस्तावेजों सहित गुना बुलाया गया। बच्चे के पिता और सिटी कोतवाली भीलवाड़ा से आरक्षक अजय चौधरी के गुना पहुंचने पर SJPU एवं RPF की संयुक्त टीम द्वारा बालक को विधिवत बाल कल्याण समिति (CWC) गुना के माध्यम से सकुशल उसके पिता और भीलवाड़ा पुलिस के सुपुर्द किया गया। इस कार्यवाही में SJPU से अनिल सिंह तोमर, RPF से उपनिरीक्षक जोगिंदर सिंह, ASI मान सिंह और बाल कल्याण समिति गुना से अध्यक्ष नीरू शर्मा, सदस्य सुधाकर शर्मा, अनुसुइया रघुवंशी, रविन्द्र रघुवंशी और रेणु मिश्रा की भूमिका रही।
केंद्र सरकार ने लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब देश के सभी सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के लिए अपनी कुल खरीदारी का 25 प्रतिशत हिस्सा MSME इकाइयों से खरीदना अनिवार्य होगा। इस कदम से छोटे उद्यमियों को सीधा बाजार मिलेगा और उनके कारोबार में वृद्धि होगी। यह जानकारी फजलगंज स्थित MSME विकास संस्थान में आयोजित दो दिवसीय 'MSME एक्सपो' के दौरान साझा की गई। संस्थान के निदेशक विष्णु वर्मा ने बताया कि यह निर्णय केंद्र सरकार की 'पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी' के तहत छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लिया गया है। इस एक्सपो में कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के 21 जिलों के उद्यमियों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में 82 से अधिक स्टाल लगाए गए थे, जहां उद्यमियों ने अपने उत्पादों और कौशल का प्रदर्शन किया। निदेशक विष्णु वर्मा ने यह भी बताया कि हर साल फरवरी में ऐसी प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य 'क्रेता-विक्रेता सम्मेलन' के माध्यम से एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां सरकारी कंपनियां अपनी आवश्यकताएं बता सकें और छोटे उद्यमी उन मांगों को पूरा करने के लिए सीधे संपर्क स्थापित कर सकें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर टी. रजनीश (DGQA) ने उद्यमियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में MSME इकाइयों का 30 प्रतिशत योगदान है। उन्होंने विभिन्न स्टालों का दौरा किया और स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। एक्सपो के दौरान विशेषज्ञों ने उद्यमियों को व्यापार बढ़ाने के आधुनिक तरीके सिखाए। क्लस्टर डेवलपमेंट, जेम (GeM) पोर्टल, मार्केटिंग और पैकेजिंग की जानकारी उद्यमियों को दी गई। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त उद्योग सुनील कुमार, फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव सहित कई अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बुधवार को संस्थान में विशेष बायर-सेलर मीट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उद्यमियों को सीधे बड़े ऑर्डर्स मिलने की संभावना है।
महाराजगंज। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (सुआक्टा) का चुनाव महाराजगंज के जवाहरलाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस चुनाव में डॉ. शशिकांत राव अध्यक्ष और डॉ. त्रिलोकी नाथ महामंत्री चुने गए। विश्वविद्यालय से संबद्ध चार जिलों महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती और संतकबीरनगर के 10 अशासकीय महाविद्यालयों के 198 मतदाताओं में से 189 ने मतदान किया। अध्यक्ष पद के लिए हीरालाल रामनिवास पीजी कॉलेज, खलीलाबाद के डॉ. शशिकांत राव ने अपने ही कॉलेज के विनय कुमार सिंह को 7 मतों से हराया। डॉ. शशिकांत राव को 98 मत मिले, जबकि विनय कुमार सिंह को 91 मत प्राप्त हुए। महामंत्री पद पर शिवहर्ष पीजी कॉलेज, बस्ती के डॉ. त्रिलोकी नाथ ने एपीएन पीजी कॉलेज, बस्ती के प्रो. राजेंद्र बौद्ध को 8 मतों के अंतर से पराजित किया। डॉ. त्रिलोकी नाथ को 98 मत और प्रो. राजेंद्र बौद्ध को 90 मत मिले। संयुक्त मंत्री पद के लिए एपीएन पीजी कॉलेज, बस्ती के डॉ. महेंद्र कुमार सोनी ने शिवहर्ष पीजी कॉलेज, शोहरतगढ़ के डॉ. अरविंद त्रिपाठी को 29 मतों से हराया। डॉ. सोनी को 113 मत मिले, जबकि डॉ. त्रिपाठी को 68 मत प्राप्त हुए। मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि उपाध्यक्ष पद पर डॉ. विपिन यादव, महिला उपाध्यक्ष पद पर डॉ. किरण देवी, सह मंत्री पद पर देवेंद्र पाठक, तथा फुफुक्टा प्रतिनिधि पद पर डॉ. उमेश चंद तिवारी और डॉ. रमेश कुमार का निर्वाचन पहले ही निर्विरोध हो चुका था। चुनाव से पहले शिक्षक संघ का अधिवेशन आयोजित किया गया, जिसमें प्रांतीय पदाधिकारी और विश्वविद्यालय स्तर के पर्यवेक्षक मौजूद रहे। सहायक चुनाव अधिकारियों के साथ-साथ महाविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। नवनिर्वाचित महामंत्री डॉ. त्रिलोकी नाथ और उपाध्यक्ष डॉ. विपिन यादव ने शिक्षक हितों की रक्षा का संकल्प लिया। अंत में, मुख्य चुनाव अधिकारी ने सभी विजयी और निर्विरोध चुने गए पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और सफल चुनाव संपन्न कराने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
राज्य में एनीमिया मुक्त गर्भावस्था सुनिश्चित करने के लिए एक पूर्व-निर्धारित योजना के तहत पांच जिलों में एक दिवसीय फेरिक कार्बोक्सिमाल्टोज (FCM) मास ड्राइव का आयोजन किया गया। इस अभियान के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं, जिसमें कुछ जिलों ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सिरोही जिले ने इस अभियान में राज्य में पहला स्थान हासिल किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दिनेश खराड़ी और आरसीएचओ (RCHO) डॉ. रितेश सांखला के नेतृत्व में उनकी टीम ने एक ही दिन में 1466 गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन लगाए। इसी क्रम में, अजमेर जिले में 664, झालावाड़ में 453, जालौर में 299 और करौली जिले में 194 गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन दिए गए। हालांकि, कई अन्य जिलों में यह अभियान अपेक्षा के अनुरूप सफल नहीं हो पाया, और वहां बहुत कम संख्या में एफसीएम इंजेक्शन लगाए जा सके। एफसीएम इंजेक्शन उन गर्भवती महिलाओं को लगाया जाता है जो खून की कमी (एनीमिया) से पीड़ित हैं और जिनका हीमोग्लोबिन स्तर 5.6 से 9.9 ग्राम के बीच है। एफसीएम का एक इंजेक्शन लगने के बाद लगभग एक महीने में महिला के शरीर में खून की मात्रा 2 से 3 ग्राम तक बढ़ जाती है। इससे गर्भवती महिला की कमजोरी, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याओं में स्पष्ट सुधार देखने को मिलता है। आवश्यकता पड़ने पर दूसरा एफसीएम इंजेक्शन 4 से 6 हफ्ते के अंतराल के बाद लगाया जा सकता है। महिलाओं से एक माह बाद लिया गया फीडबैक भी काफी सकारात्मक बताया गया है। अब तक राज्य में कुल 1,28,865 एफसीएम इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं, जबकि 4 लाख गर्भवती महिलाओं तक यह सुविधा पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। सभी जिलों से अपील की गई है कि वे इस तरह के विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को लाभ पहुँचाएँ, ताकि एनीमिया मुक्त गर्भावस्था और सुरक्षित मातृत्व का लक्ष्य पूरा किया जा सके। सरकार के निर्देशों के अनुसार, यह इंजेक्शन केवल दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं को ही लगाया जा रहा है, जिससे इलाज पूरी तरह सुरक्षित रहे। इस उपलब्धि पर राज्य स्तर पर सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी, आरसीएचओ डॉ. रितेश सांखला एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी गई।
गोंडा जिले में सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में तरबगंज तहसील क्षेत्र की जगदीशपुर ग्राम पंचायत में एक सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया है।प्रशासन ने बुलडोजर का इस्तेमाल कर एक फूस के मकान को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद जमीन खाली न करने पर की गई है। कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं, उनका कहना है कि बड़े कब्जों पर कार्रवाई नहीं होती, जबकि छोटे मकानों को तोड़ा जा रहा है। तरबगंज के एसडीएम विश्वामित्र सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति को कई बार नोटिस जारी की गई थी, लेकिन उसने फूस का मकान नहीं हटाया, जिसके बाद जेसीबी से यह कार्रवाई की गई। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यह एक अस्थायी ढांचा था और कब्जा करने वाले के पास पहले से ही अपना मकान है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर कहीं भी अवैध कब्जा होने पर कार्रवाई की जाएगी और सोशल मीडिया पर सवाल उठाने वालों को सच्चाई जाननी चाहिए।
शास्त्री नगर स्थित पोद्दारों की बगीची में 14 फरवरी को होने वाले विराट हिन्दू सम्मेलन के लिए बुधवार को पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संतोषदास की बगीची के संत मस्तगिरि महाराज उपस्थित रहे। संत मस्तगिरि महाराज ने सभी सनातन प्रेमियों से इस विराट हिन्दू सम्मेलन में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इन सम्मेलनों का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों में हिंदू धर्म के संस्कारों और शिक्षा का बीजारोपण करना है। आयोजन के लिए बस्ती के प्रत्येक हिन्दू घर में पीले चावल और निमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे। महाराज ने जातिगत विभेदों और राजनीतिक वैमनस्यताओं से ऊपर उठकर सम्मेलन में शामिल होने पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्र को जीवन में प्रथम स्थान पर रखने का संदेश भी दिया। संत मस्तगिरि महाराज ने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि हमने भारत की पावन देवभूमि पर जन्म लिया है, जहां सबके कल्याण की मंगलकामना करने वाली और पूरी पृथ्वी को अपना कुटुम्ब मानने वाली सर्वश्रेष्ठ सनातन हिन्दू संस्कृति है। आयोजन समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश ताम्रायत ने सभी कार्यकर्ताओं से इस आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया। इस मौके पर मदनलाल कम्मा, सीताराम बबेरवाल, किशनलाल गहलोत, मोहनलाल बबेरवाल, कैलाश चौधरी, वासुदेव चाकलान, देवकिशन सोनी, किशनलाल जांगिड़, गोपाल दर्जी, जगनाराम सोडा, विकास कौशिक, निलेश कुमार इंदौरिया, रवि इंदौरिया, महेश शर्मा, केसर देवी, ताराचंद शर्मा, मनोज सारस्वत, महेश कुमार लुंडीया, सुरेश सेवदा, नवरत्न महर्षि, नवरत्न कम्मा, हिमांशु मालपुरिया, चंद्रकला देवी, राजेश्वरी देवी और सरोज देवी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
भदोही के चौरी थाना क्षेत्र के परसीपुर रेलवे स्टेशन के पास बुधवार को चेन्नई से छपरा जा रही गंगा कावेरी एक्सप्रेस ट्रेन से गिरने से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी 50 वर्षीय लक्ष्मी के रूप में हुई है। वह अपने पति श्रीनिवास के साथ आंध्र प्रदेश से वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए जा रही थीं। महिला का शव डीह कोईरौना गांव के निकट एक गड्ढे में मिला। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही चौरी चौकी प्रभारी नथुनी सिंह और उपनिरीक्षक रमेश कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पति ने वाराणसी में दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस ने बताया कि महिला के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें थीं। शुरुआती तौर पर महिला की पहचान नहीं हो सकी, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। महिला के ट्रेन से गिरने की जानकारी उनके साथ यात्रा कर रहे पति श्रीनिवास को नहीं हुई। ट्रेन जब वाराणसी पहुंची, तब उन्हें पत्नी के लापता होने का पता चला। उन्होंने वाराणसी पीआरबी कंट्रोल रूम में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। वाराणसी जीआरपी कंट्रोल रूम ने जीआरपी चौकी भदोही को गंगा कावेरी एक्सप्रेस से एक महिला के लापता होने की सूचना दी। स्थानीय पुलिस और जीआरपी भदोही ने वाराणसी जीआरपी से संपर्क कर घटना की जानकारी साझा की। मृतका के बेटे श्रीराम ने फोटो देखकर अपनी मां की पहचान की। लोगों का मानना है कि महिला संभवतः बाथरूम गई होगी, जहां संतुलन बिगड़ने से वह ट्रेन से नीचे गिर गई। उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर मृतका के पति श्रीनिवास चौरी थाना पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत मात्र 20 दिनों में 108 गुमशुदा लोगों को दस्तयाब किया है। यह अभियान 11 जनवरी से 30 जनवरी तक चलाया गया, जिसका निर्देशन जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने किया। यह अभियान अलावा पुलिस अधीक्षक, गजेंद्र सिंह जोधा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विशेष महिला अपराध अनुसंधान यूनिट प्रतापगढ़, बलबीर सिंह के मार्गदर्शन में संचालित हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में गुमशुदा महिला और पुरुषों की तलाश करना था। 13 पुरुष और 95 महिलाओं को ढूंढा दस्तयाब किए गए 108 गुमशुदा लोगों में 13 पुरुष और 95 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस टीमों ने गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के जोधपुर, पाली, जयपुर, उदयपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से इन व्यक्तियों को ढूंढा। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस अभियान के लिए सभी थानों में गुमशुदाओं की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गईं। प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा पहले से उपयोग की जा रही एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को इस अभियान में लागू किया गया, जिसे पुलिस मुख्यालय द्वारा पूरे राज्य में भी लागू किया गया था। इस एसओपी के तहत, अनुसंधान अधिकारियों ने गुमशुदाओं के परिजनों और मित्रों से संपर्क कर जानकारी जुटाई। आसूचना, तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सहायता से गुमशुदाओं की तलाश की गई। छोटी सादड़ी थाने की पुलिस ने सबसे ज्यादा लोगों को ढूंढा अभियान के दौरान, थाना छोटी सादड़ी ने सबसे ज्यादा 14 महिला और 1 पुरुष गुमशुदा को दस्तयाब किया। इसके अतिरिक्त, थाना सालमगढ ने 1 पुरुष और 9 महिला, थाना प्रतापगढ़ ने 5 पुरुष और 9 महिला, थाना पीपलखूंट ने 3 पुरुष और 8 महिला, थाना सुहागपुरा ने 1 पुरुष और 7 महिला गुमशुदा को ढूंढा। थाना अरनोद और घण्टाली ने 7-7 महिला, थाना देवगढ़ ने 6 महिला, थाना पारसोला ने 1 पुरुष और 6 महिला, थाना रठांजना ने 2 महिला, थाना केसरियावद ने 3 महिला, थाना जलोदा जागीर, कोटड़ी, धोलापानी ने 4-4 महिला, थाना धरियावद ने 1 पुरुष और 3 महिला, तथा थाना धमोत्तर ने 2 महिला गुमशुदा को दस्तयाब किया।
बागपत में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री जशंवत सैनी ने भाजपा जिला कार्यालय में केंद्रीय बजट 2026-27 पर पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने बजट को जनकल्याणकारी और दूरदर्शी बताया। मंत्री सैनी ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाला एक दूरदर्शी विजन डॉक्यूमेंट है। राज्यमंत्री जशंवत सैनी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आमजन की सुविधाओं को प्राथमिकता दी है। सरकार ने नवाचार, आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और समावेशी विकास को अपनी नीतियों का केंद्र बिंदु बनाया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 इसी सोच का स्पष्ट प्रतिबिंब है, जिसे किसान, युवा, महिलाएं, उद्यमी और मध्यम वर्ग सहित समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मंत्री सैनी ने आधारभूत संरचना को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए इसमें ऐतिहासिक निवेश का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में इन्फ्रास्ट्रक्चर बजट 2 लाख करोड़ रुपये था, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर अब 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह निरंतर और मजबूत निवेश देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बजट में सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और नगरीय विकास जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश का प्रावधान है, जिससे बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और आमजन के जीवन स्तर में सुधार होगा। मंत्री सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय, पूर्व जिलाध्यक्ष सूरजपाल सिंह, जिला अभियान संयोजक डॉ. विनय त्यागी, जिला मीडिया प्रभारी पवन शर्मा सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शहडोल जिले के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में एक भालू के शावक की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना तब उजागर हुई जब हाल ही में हुई बाघों की मौत को लेकर मीडिया ने वन विभाग से जवाब मांगा। चरवाहे पर हमले के बाद भड़की थी भीड़ वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 28 जनवरी की है। कोटिगढ़ के जंगलों में मवेशी चरा रहे एक चरवाहे पर मादा भालू ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष था। जब घायल चरवाहे को अस्पताल भेजा गया, उसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर भालू को खोजने और उसे सबक सिखाने के लिए जंगल की ओर निकल पड़े। बेजुबान शावक पर उतारा गुस्सा जंगल की तलाश के दौरान ग्रामीणों को मादा भालू तो नहीं मिली, लेकिन उसका लगभग दो महीने का नन्हा शावक दिखाई दे गया। आरोप है कि भीड़ में शामिल एक सनकी व्यक्ति ने हाथ में ली कुल्हाड़ी से उस मासूम शावक पर जोरदार हमला कर दिया। वार इतना घातक था कि नन्हे शावक ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, घटना 28 जनवरी की है, लेकिन वन विभाग ने इसे दबाए रखा। जब बुधवार को जिले में हुई दो बाघों की संदिग्ध मौतों के संबंध में अधिकारियों से सवाल पूछे गए, तब जाकर इस शावक की हत्या का मामला सार्वजनिक हुआ। गश्त और सुरक्षा व्यवस्था फेल पर्यावरण प्रेमियों ने बताया कि जयसिंहनगर क्षेत्र में लगातार हो रहे वन्यजीवों के शिकार और उनकी मौत ने विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का कुल्हाड़ी लेकर जंगल में घुस जाना और शावक की हत्या कर देना यह दर्शाता है कि वन कर्मियों की गश्त केवल कागजों तक सीमित है। इस मामले में लापरवाह वन अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया- मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और शावक के शव का पोस्टमार्टम कराकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज विभाग ने हरदोई के प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) विनय कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कार्यों में शिथिलता, अनुशासनहीनता और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अनदेखी के गंभीर आरोपों के बाद की गई है। निदेशक अमित कुमार सिंह ने निलंबन का आदेश जारी किया। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि जनपद हरदोई में डिजिटल लाइब्रेरी (बाल एवं किशोर पुस्तकालय) की स्थापना का कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं किया गया। इसके अलावा, आर.जी.एस.ए. (RGSA), स्वच्छ भारत मिशन (SBM) और अंत्येष्टि स्थल निर्माण सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विभागीय योजनाओं में प्रगति बेहद खराब पाई गई। सिंह पर विभागीय समितियों के कार्यों में रुचि न लेने और अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने का भी आरोप सिद्ध हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 1999 के तहत विनय कुमार सिंह के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। देवीपाटन मंडल के उपनिदेशक (पंचायत) गिरीश चन्द्र रजक को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान विनय कुमार सिंह पंचायतीराज निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध रहेंगे। नियमों के अनुसार, उन्हें निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, बशर्ते वह किसी अन्य व्यवसाय या सेवा में संलग्न न हों।
सिवनी में कैंप में 108 मरीजों की कैंसर की जांच:एक शख्स को डॉक्टर ने कीमोथेरेपी करवाने की सलाह दी
सिवनी जिला अस्पताल में कैंसर के प्रति जागरूकता और जांच के लिए बुधवार को विशेष शिविर लगाया गया। एनसीडी क्लीनिक और महिला ओपीडी के जरिए आयोजित इस शिविर में 200 से ज्यादा लोगों ने अपना चेकअप करवाया। महिला ओपीडी में कुल 98 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन हुआ। लेडी डॉक्टरों की टीम ने महिलाओं की जांच की, जिसमें 7 महिलाओं के बच्चेदानी के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) की विशेष जांच की गई। अच्छी बात यह रही कि किसी भी महिला में कैंसर के लक्षण नहीं पाए गए। विशेषज्ञ डॉक्टर्स ने दी सलाह कैंसर विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र कुमार परते ने एनसीडी क्लीनिक में आए 108 मरीजों की जांच की। जांच के दौरान एक मरीज को जिला अस्पताल में ही कीमोथेरेपी करवाने की सलाह दी गई। डॉक्टरों ने मरीजों को समझाया कि नशा छोड़ने, अच्छे खान-पान और कसरत से कैंसर जैसी बीमारी से बचा जा सकता है। अस्पताल की टीम का सहयोग शिविर को सफल बनाने के लिए अस्पताल के स्टाफ और नर्सिंग छात्राओं ने पंजीयन से लेकर जांच तक में मदद की। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य यही था कि लोग बीमारी के शुरूआती दौर में ही जांच करवाएं ताकि समय पर इलाज मिल सके।
अब्बास अंसारी केस, मुख्य गवाह नहीं पहुंचा कोर्ट:आचार संहिता उल्लंघन मामले में अब 11 फरवरी को सुनवाई
विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में बुधवार को सुनवाई टल गई। मुख्य गवाह और तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज सिंह के अदालत में उपस्थित न होने के कारण अब अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी। पंकज सिंह इस मामले के प्रमुख गवाह हैं। उन्हें अदालत में पेश होना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। वर्तमान में पंकज सिंह गोरखपुर जनपद के थाना तिवारीपुर में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। यह पूरा मामला वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान अब्बास अंसारी तय सीमा से अधिक गाड़ियों का काफिला लेकर प्रचार करने निकले थे। यह घटना दक्षिण टोला थाना क्षेत्र की है। चुनाव आयोग की शिकायत पर तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज कुमार सिंह ने 12 फरवरी 2022 को अब्बास अंसारी के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 133, 177 और 188 के तहत केस दर्ज किया था। बीते 21 जनवरी 2022 को मऊ कोर्ट ने अब्बास अंसारी के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 133 के तहत आरोप तय किए थे। हाल ही में मऊ कोर्ट के आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अब्बास अंसारी के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा अब केवल धारा 133 के अंतर्गत ही चलेगा।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में दो बच्चों की महिला ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर अपने पति को मार डाला। पत्नी अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहना चाहती थी। दोनों ने छिपकर शादी भी कर ली थी। इस वजह से पत्नी ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। प्लानिंग के तहत बॉयफ्रेंड ने उसे बलरामपुर बुलाया। जब वो वहां पहुंचा तो बॉयफ्रेंड ने धोखे से खुरपी से उसके सिर पर हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी ने उसके शव को नदी के दूसरे किनारे ले जाकर रेत के नीचे गाड़ दिया। इसके बाद आरोपी ने प्रधान आरक्षक के मोबाइल और अन्य सामग्री को छिपा दिया था। इसके बाद वो नार्मल तरीके से रह रहा था। जांच में पुलिस ने महिला और उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह मामला थाना बलरामपुर क्षेत्र के ग्राम सतिसेमर का है। पहले देखिए वारदात से जुड़ी 3 तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला दरअसल, मामला 29 जनवरी 2026 का है, जब कुछ ग्रामीण शाम को ग्राम सतिसेमर के पास सेंदुर नदी की ओर गए थे। इस दौरान उन्होंने शव देखा और पुलिस की सूचना दी। इसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने देखा कि शव काफी सड़ा-गला हुआ था, इसलिए तुरंत पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने थाना बलरामपुर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव के सिर पर गंभीर चोटें पाया गया, जिससे पुलिस ने उसकी हत्या की पुष्टि की। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में प्रधान आरक्षक था जांच के बाद 31 जनवरी 2026 को शव की पहचान 51 वर्षीय विश्वनाथ केरकेट्टा के रूप में हुई। जोकि रायगढ़ के थाना लैलूंगा ग्राम सालियापारा का रहने वाला था। जांच में पता चला कि विश्वनाथ छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में प्रधान आरक्षक के पद पर दंतेवाड़ा में तैनात था। शव की पहचान होने के बाद थाना बलरामपुर में अपराध दर्ज किया गया और जांच शुरू हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी ने विशेष टीम बनाकर मामले की जांच शुरू की। टीम ने तकनीकी सबूत और पूछताछ के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की। जांच में पता चला कि यह मामला लव अफेयर से जुड़ा है। प्रधान आरक्षक ने की थी दूसरी शादी करीब 10-12 साल पहले विश्वनाथ जब बलरामपुर में पोस्टेड था। तब उसने क्लॉस्टिका केरकेट्टा (31 वर्ष) से शादी कर ली थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं। विश्वनाथ ने क्लॉस्टिका से दूसरी शादी की थी। इसके बाद विश्वनाथ ने 2024 में बच्चों की पढ़ाई को लेकर क्लॉस्टिका को रायपुर में शिफ्ट कर दिया था। तब से क्लॉस्टिका रायपुर में रह रही थी। फेसबुक से बॉयफ्रेंड की पहचान, फिर की छिपकर शादी इससे पहले 2023 में क्लॉस्टिका की फेसबुक के जरिए विवेक टोप्पो (31 वर्ष) नाम के युवक से संपर्क हुआ, जो पहले से शादीशुदा था। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई। दोनों के बीच संबंध बन गए। 2023 में दोनों ने तातापानी मंदिर में छिपकर शादी कर ली। विश्वनाथ को इन दोनों की शादी के बारे में पता चला गया। इसके बाद विश्वनाथ की क्लॉस्टिका और विवेक के साथ आए दिन झगड़ा हो रहता था। क्लॉस्टिका अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहना चाहती थी। इसीलिए इन दोनों ने मिलकर विश्वनाथ की हत्या का प्लान बनाया। विवेक के बुलावे पर विश्वनाथ छुट्टी लेकर बलरामपुर पहुंचा इसके बाद विवेक ने विश्वनाथ की हत्या के लिए प्लानिंग के तहत बलरामपुर बुलाया। विवेक के बुलावे पर विश्वनाथ छुट्टी लेकर 12 जनवरी को दंतेवाड़ा से बलरामपुर के सतिसेतर स्थित घर पहुंचा। विवेक ने 14 जनवरी 2026 को विश्वनाथ को मैसेज कर सेंदुर नदी के किनारे बुलाया। जैसे ही विश्वनाथ वहां पहुंचा तो विवेक ने धोखे से लोहे की खुरपी से उसके सिर पर वार कर दिया। इस हमले में विश्वनाथ की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद विवेक ने शव को नदी के दूसरे किनारे ले गया और रेत में गाड़ दिया। वहीं, विवेक ने विश्वनाथ की पहचान न हो सके इसलिए उसका मोबाइल और बैंक पासबुक, आधार कार्ड जैसे दस्तावेज छिपा दिया। वारदात के बाद किसी को शक न हो इसलिए वो नार्मल तरीके से रह रहा था। गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाईपुलिस को सबूत मिलने के बाद आरोपी विवेक टोप्पो और क्लॉस्टिका केरकेट्टा को गिरफ्तार किया गया। दोनों को 3 फरवरी 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस की प्रतिक्रियापुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर ने बताया कि मामले का पर्दाफाश तेज और सही जांच के कारण संभव हुआ। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी और अपराधियों को न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार मनरेगा बचाओ महासंग्राम के तहत जिला कांग्रेस कमेटी (देहात) की ओर से आज कलेक्ट्रेट पर देहात जिलाध्यक्ष ओर पूर्व मंत्री रामलाल जाट के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन विधेयक को वापस लेने व मनरेगा को मूल स्वरुप में बहाल करने की मांग करते हुए ज्ञापन दिया। एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया भीलवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी देहात के जिला अध्यक्ष और पूर्व राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने बताया कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना को बचाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने सभी वरिष्ठ नेता,जिला अध्यक्ष,ब्लॉक अध्यक्ष,कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आमजन को लेते हुए एकदिवसीय कलेक्ट्रेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया है। आमजन को जागरूक किया जाएगा मनरेगा योजना में जो बदलाव किया है उसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार वापस ले अन्यथा हम लोगों को जागरूक करेंगे,ज्ञापन करेंगे , प्रदर्शन करेंगे ताकि लोगों की हक की जो गारंटी थी वह उन्हें मिल सके जो इन्होंने खत्म किया है।इसके बाद अगला कदम हम इस आंदोलन को जन जागरण अभियान मनाएंगे जन-जन तक इस योजना को लेकर जागरूकता पहुंचाएंगे। तकनीक के नाम पर लोगों को योजना से दूर किया जा रहा तकनीक के नाम पर लोगों को इस योजना से दूर किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी को अगर रोक लगानी है तो अडानी पर लगाए जिस तरह राजस्थान की जमीन सौर ऊर्जा के नाम पर बेची जा रही है सारे टेंडर चाहे ईआरसीपी का हो या फिर कोई और बड़ा टेंडर हो। 100 करोड़ से ऊपर सभी टेंडर एक ही व्यक्ति को जा रहे हैं। गुजरात मॉडल के नाम से जा रहे हैं क्या यह गुजरात मॉडल है क्या। आज के समय में 22% लोगों की पेंशन नहीं आ रही है यह कहां की गारंटी है कहां के नेता है। इस योजना में राम का नाम नहीं नाम बदलने की बात को लेकर जाट ने कहा की अगर यह राम का नाम लेते तो हमें कोई एतराज नहीं थी लेकिन इन्होंने इसमें विकसित भारत गारंटी किया है और कांग्रेस ने रोजगार गारंटी किया है। इस पूरी योजना में कहीं भी राम जी का नाम नहीं है अच्छा होता अगर भारतीय जनता पार्टी राम जी का नाम लाते तो कांग्रेस कभी विरोध नहीं करती।
लखनऊ में पतंग के मांझे ने ली जान:खून से लतपत युवक को ड्रामा में भर्ती कराया गया, इलाज के दौरान मौत
लखनऊ में प्रतिबंध के बावजूद पतंग के खतरनाक मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को राजधानी में मांझे की चपेट में आकर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। गले की नसें कटने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे ट्रामा सेंटर ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हैदरगंज ओवरब्रिज पर हुआ दर्दनाक हादसायह दर्दनाक हादसा लखनऊ के हैदरगंज ओवरब्रिज पर हुआ। बाइक से गुजर रहे मोहम्मद शोएब के गले में अचानक पतंग का मांझा फंस गया। मांझा इतना तेज और धारदार था कि शोएब की गर्दन की नसें कट गईं और मौके पर ही खून बहने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया।ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान तोड़ा दमगंभीर हालत में मोहम्मद शोएब को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। इलाज के दौरान शोएब की मौत हो गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।दुबग्गा का रहने वाला था 33 वर्षीय शोएबमृतक की पहचान 33 वर्षीय मोहम्मद शोएब के रूप में हुई है, जो दुबग्गा इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। वह रोजमर्रा के काम से कहीं जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। अचानक हुई इस घटना से परिजन सदमे में हैं।खाला बाजार थाना क्षेत्र का मामला, जांच में जुटी पुलिसमामला लखनऊ के खाला बाजार थाना क्षेत्र का है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद खतरनाक मांझा कहां से और कैसे इस्तेमाल किया जा रहा था मांझे पर प्रतिबंध बेअसर, प्रशासन पर उठे सवाललगातार हो रही मौतों के बावजूद पतंग के मांझे पर लगाए गए प्रतिबंध की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आए दिन हो रहे हादसों से साफ है कि अवैध और खतरनाक मांझे की बिक्री व इस्तेमाल पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
उज्जैन में बुधवार को आर्थिक अपराध अनुसंधान (EOW) के पुलिस अधीक्षक समर वर्मा के सरकारी आवास परिसर में एक युवती घुस गई। उसने खुद को कार में बंद कर लिया। घटना का खुलासा तब हुआ जब वह अचानक कार का हॉर्न बजाने लगी। आवाज सुनकर स्टाफ बाहर आया तो देखा कि एक युवती कार के अंदर से खुद को लॉक करके बैठी हुई थी। जब उसे बाहर निकालकर पूछताछ की तो वह पहले काफी देर तक मौन रही। बाद में अपने बयान बदलती रही। इस पर एसपी वर्मा ने माधव नगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को हिरासत में ले लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता चल सके। माधव नगर थाना प्रभारी राकेश भारती ने बताया कि युवती के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
संभल में 9 साल पुरानी चुनावी रंजिश के चलते ग्राम प्रधान की सास और राशन डीलर प्रेमवती की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 12 नामजद और 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के बाद से गांव में तनाव है, जिसके मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है। यह घटना संभल जिले की गुन्नौर तहसील के बबराला थाना क्षेत्र के पहलवाड़ा गांव की है। 30 जनवरी, शुक्रवार रात को प्रधानी की चुनावी रंजिश के कारण गांव में पथराव और फायरिंग हुई थी। इसमें ग्राम प्रधान मीरा देवी की 62 वर्षीय सास प्रेमवती (पत्नी राजेंद्र) को सीने में गोली लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस दौरान प्रधान पद के प्रत्याशी सुभाष के पक्ष से देवेश भी घायल हुआ था, उसके कान को गोली छूकर निकल गई थी। पुलिस ने इस मामले में प्रधान पद के प्रत्याशी सुभाष पुत्र रामबाबू को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मृतक प्रेमवती के बेटे पवन की पत्नी मीरा देवी पिछले दो बार से पहलवाड़ा गांव की प्रधान हैं। पुलिस ने पवन की शिकायत पर नीतीश कुमार, सुभाष पुत्र रामबाबू, मनीष, वीरेश पुत्र राजवीर सिंह, रामबाबू पुत्र मुकुट सिंह, वीरपाल, बलराम पुत्र आसाराम, लाखी पुत्र बलराम, गिरीश पुत्र जुगेंद्र, राजवीर सत्यपाल पुत्र मलखान, नीरज पुत्र वीरपाल सहित 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी सौरभ त्यागी ने पुष्टि की कि सुभाष पुत्र रामबाबू को कोटेदार महिला की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तारी बीएनएस की धारा 191(2), 191(3), 190, 115(2), 118(1), 103(1), 109(1), 352 और 125(b) के तहत की गई है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। राशन डीलर पक्ष समाजवादी पार्टी और आरोपी पक्ष भाजपा खेमे का बताया जा रहा है। गुन्नौर के सपा विधायक रामखिलाड़ी यादव ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में प्रधान पक्ष की तरफ से घायल लोगों का पहुंचकर हाल-चाल जाना था। उन्होंने कहा था कि सत्ताधारी नेता लाठी डंडों और सरकार के बल पर अपने प्रधान बनाना चाहते हैं। वहीं बीजेपी की ओर से इस मामले में कोई भी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है।
नुक्कड़ नाटक से दिया बालिका शिक्षा का संदेश:चिकानी, किथूर, कोलगांव में लाडो योजना की जानकारी दी
किशनगढ़बास में महिला अधिकारिता विभाग ने ग्राम पंचायत चिकानी के सरकारी विद्यालय में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। ग्राम साथिन जिन्नी कुमारी ने बताया कि यह नाटक चिकानी, किथूर, कोलगांव, जाजोर और घासोली ग्राम पंचायतों में प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण और छात्रों को बालिका शिक्षा, बाल विवाह की रोकथाम और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच का संदेश देना था। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विभाग की लाडो योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इस दौरान बालिकाओं को 'बाल-विवाह मुक्त राजस्थान' बनाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता यादव ने भी बच्चों को 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का संदेश दिया। कार्यक्रम में ग्राम साथिन, कार्यकर्ता, ग्राम सचिव और बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।
ललितपुर में अपर जिला मजिस्ट्रेट अंकुर श्रीवास्तव ने 4 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक के लिए बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय आगामी बोर्ड परीक्षाओं और विभिन्न त्योहारों के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि, 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं, 2 मार्च को होली, 4 मार्च को भाई दूज, 21 मार्च को ईद-उल-फितर, 26 मार्च को रामनवमी और 31 मार्च को महावीर जयंती जैसे प्रमुख आयोजन हैं। इस दौरान कुछ अवांछनीय तत्वों द्वारा सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की आशंका जताई गई है। आदेश के अनुसार, किसी भी स्थान पर पाँच या उससे अधिक व्यक्ति समूह के रूप में एकत्रित नहीं हो सकेंगे। सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति, पार्टी या संगठन किसी तरह का प्रदर्शन नहीं करेगा। जिले की सीमाओं में कोई भी व्यक्ति अस्त्र, शस्त्र, लाठी, डंडा, चाकू, भाला आदि लेकर नहीं चलेगा। शादी-विवाह आदि में शस्त्र से फायर करना या किसी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलना भी प्रतिबंधित है। हालांकि, यह प्रतिबंध शासकीय ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों और लाठी के संबंध में अपंग व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान या धार्मिक स्थल पर ऐसा भाषण या वक्तव्य (मौखिक या लिखित) जारी नहीं करेगा, जिससे किसी धर्म, जाति, संप्रदाय या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचे। धार्मिक स्थलों का प्रयोग राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा और न ही ऐसा कोई कृत्य किया जाएगा, जिससे सामाजिक, धार्मिक या जातिगत द्वेष की भावना उत्पन्न हो। मदिरा या अन्य मादक पदार्थों का सेवन कर जुलूसों और सार्वजनिक आयोजनों में प्रवेश वर्जित है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के लिए स्थापित परीक्षा केंद्रों पर 100 मीटर की परिधि में परीक्षार्थी, परीक्षक, कक्ष निरीक्षक और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
लखनऊ में 'स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम' संगोष्ठी:युवाओं को डिजिटल लत के प्रति जागरूक किया
लखनऊ में स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम' विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय 'स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम' था। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लखनऊ महानगर और एनएसएस आईटी कॉलेज, सीतापुर रोड के सहयोग में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जागरूक करना था। संगोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही ने मुख्य वक्ता की भूमिका निभाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईटी कॉलेज के निदेशक प्रो. विनीत कंसल ने की, जबकि कुंवर ग्लोबल स्कूल के निदेशक पार्थ सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। स्वागत अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, अभाविप महानगर उपाध्यक्ष विजय लोधी और महानगर मंत्री सरिता पांडे भी मंच पर मौजूद थे। चेतावनी दी कि स्मार्टफोन एक सुविधा है मुख्य अतिथि स्वांत रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि प्राचीन काल में कुश्ती और तलवारबाजी जैसी गतिविधियां मनोरंजन और शक्ति प्रदर्शन का माध्यम थीं। उन्होंने चेतावनी दी कि स्मार्टफोन एक सुविधा है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग डिजिटल एडिक्शन का कारण बन रहा है, जिससे मानसिक तनाव, नींद की कमी और आंखों की समस्याएं बढ़ रही हैं। रंजन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रशिक्षण का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 'मोबाइल पार्किंग' की व्यवस्था होती है, ताकि कार्यकर्ता एकाग्रता से सीख सकें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख किया, जिन्होंने युवाओं को खेलकूद के लिए प्रेरित किया ताकि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का विकास हो सके। 1986 की शिक्षा नीति का जिक्र किया मुख्य वक्ता प्रो. राज शरण शाही ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वतंत्रता के बाद से भारत को 'विश्व गुरु' के रूप में पुनः स्थापित करने की आकांक्षा रही है। उन्होंने बताया कि प्राचीन भारत अपनी उत्कृष्ट शिक्षा प्रणाली और ज्ञान परंपरा के कारण विश्व का मार्गदर्शक था। उन्होंने 1986 की शिक्षा नीति का जिक्र किया, जिसने तकनीक को शिक्षा का साधन माना था, न कि मंजिल। प्रो. शाही ने स्मार्टफोन को दोधारी तलवार बताते हुए कहा कि यदि इसका उपयोग अनुशासन के साथ किया जाए तो यह लाभदायक है, अन्यथा हानिकारक।
फर्रुखाबाद जनपद में गांव पापियापुर के पास दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को लोहिया अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद एक गंभीर घायल को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य तीन घायलों का उपचार जारी है। घायलों में मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव नीमकरोरी निवासी 30 वर्षीय टीटू और 35 वर्षीय राजू शामिल हैं। टीटू दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं और हाल ही में घर लौटे थे। बुधवार को कोर्ट में तारीख के बाद वह बाइक से घर वापस जा रहे थे। रास्ते में उन्हें राजू मिले, जो अपने साले के बेटे के अंतिम संस्कार से पांचाल घाट से लौट रहे थे। दोनों एक ही बाइक से गांव जा रहे थे। दूसरी बाइक पर कन्नौज जनपद के भज्जन पूर्वा निवासी 25 वर्षीय जयवीर और हरदोई जनपद के गांव गदनपुर निवासी 17 वर्षीय सुधीर सवार थे। सुधीर ने बताया कि जयवीर उनके जीजा हैं। सुधीर की बहन किरन की शादी 8 फरवरी को है और वे मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में शादी का कार्ड बांटकर वापस लौट रहे थे। दोनों बाइकें गांव पापियापुर के पास आपस में टकरा गईं। इस दुर्घटना में चारों युवक घायल हो गए। लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि टीटू को पैर में गंभीर चोट आई है और वह टूट गया है, जिसके चलते उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
लखनऊ में पतंग के मांझे से युवक की मौत:हैदरगंज ओवरब्रिज की घटना, बाइक से जा रहा था
लखनऊ में जानलेवा पतंग के मांझे ने एक और जिंदगी छीन ली। हैदरगंज ओवरब्रिज पर बाइक से जा रहे युवक के गले में अचानक मांझा फंस गया। जिससे उसकी गर्दन की नसें कट गईं। गंभीर हालत में उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान दुबग्गा के रहने वाले मोहम्मद शोएब (33) के रूप में हुई है। हादसे में गले से अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई और डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा घटना खाला बाजार थाना क्षेत्र की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शहर में पतंग के चाइनीज और धारदार मांझे से पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। जो लगातार लोगों की जान का खतरा बन रहा है।
आगरा में 15 साल पुराने हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी को हाईकोर्ट से राहत मिली है। आजीवन कारावास की सजा काट रहे आरोपी की अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। मामला थाना हरीपर्वत क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 1 जून 2010 को बिजेंद्र सिंह निवासी नगला धनी के पुत्र हरीश की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में संजू बहादुर पुत्र वीर बहादुर निवासी धनी की नगरिया, विजय नगर और उसके साथियों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे के दौरान एक आरोपी के नाबालिग होने पर उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी गई थी। वहीं, एक आरोपी के अदालत में पेश न होने पर उसे फरार घोषित किया गया था। दो अन्य आरोपियों की पत्रावली अलग कर दी गई थी। लंबी सुनवाई के बाद एडीजे-1 अदालत ने 7 मार्च 2025 को आरोपी संजू बहादुर को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपी ने अपने अधिवक्ता नीरज पाठक के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। हाईकोर्ट ने अपील और जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत मंजूर कर रिहाई के आदेश दिए हैं।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को अशोकनगर के पिपरई पहुंचे। उन्होंने यहां 32 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 'सांदीपनि सीएम राइज स्कूल' का उद्घाटन किया। उन्होंने चंदेरी में शिशु मंदिर का उद्घाटन किया। साथ ही माधव महाविद्यालय में अपने पिता स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण कर नई माधव साइंस कॉलेज बिल्डिंग का लोकार्पण किया। सिंधिया ने कहा कि यह विद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के सपनों और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। पिपरई का यह स्कूल ग्रामीण बच्चों को महानगरों के समान संसाधन और अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इन स्कूलों का नाम 'सांदीपनि' रखने को सार्थक बताया, क्योंकि महर्षि सांदीपनि भगवान श्रीकृष्ण के गुरु थे। सिंधिया ने बताया कि 32 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाला यह परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान, गणित और भाषा के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं तथा नवीन शिक्षण संसाधन उपलब्ध होंगे। व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थी तकनीकी और व्यावहारिक कौशल प्राप्त कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे सकें। पूर्व, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने चंदेरी में 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित शिशु मंदिर का उद्घाटन किया। उन्होंने माधव महाविद्यालय परिसर में अपने पिता स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण किया और नई माधव साइंस कॉलेज भवन का लोकार्पण भी किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और क्षेत्र की विरासत को सम्मान देना है। संस्कारवान, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना ही मकसद केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार दिलाना नहीं, बल्कि संस्कारवान, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। इस विद्यालय में बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा जाएगा, ताकि वे ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण की भी मजबूत नींव प्राप्त कर सकें। पिछले एक दशक में भारत की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लागू ‘नई शिक्षा नीति’ (NEP) विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इसी स्कूल से भविष्य के डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, उद्यमी और देश का नेतृत्व करने वाले कर्णधार निकलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार में प्रदेश में नौनिहालों की शिक्षा को लेकर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आयोजन की कुछ तस्वीरें…
केंद्रीय बजट के प्रचार-प्रसार को लेकर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। उन्होंने खंडवा में जिला स्तरीय प्रेसवार्ता कार्यक्रम कर केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट के बारे में जानकारी दी। मंत्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा के क्षेत्र को महत्व देते हुए बजट में प्राथमिकता दी गई हैं। इस बजट को लेकर जन-जन तक जाएंगे। ताकि, झोपड़ी-झोपड़ी और खोपड़ी-खोपड़ी तक यह बात पहुंच सकें। एम्स खुलने से मेडिकल टूरिज्म बढ़ेगा, विदेशी आएंगेमंत्री विजय शाह ने कहा कि दुनिया के हर देश में, चाहे यूरोप हो। वहां मेडिकल दवाइयां, ऑपरेशन महंगे हैं। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान को मेडिकल हब के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने संकल्प लिया है कि हिंदुस्तान के हर जिले मे मेडिकल कॉलेज खुलेगा। एम्स खोल रहे है और अब आयुर्वेदिक एम्स खुलने जा रहे है। ताकि दुनिया के लोग, जो अपने देश में इलाज नहीं करवा पा रहे है, वो हिंदुस्तान में आकर इलाज करा पाएं। यहां इलाज कराने आएंगे तो टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इसे हमने मेडिकल टूरिज्म का नाम दिया है। केवल टूरिज्म नहीं, इलाज भी कराओ और घूमो भी। इससे विदेशी पैसा आएगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जाति, धर्म से उठकर हर जिले में खुलेंगे छात्रावासमंत्री शाह ने बताया कि, हिंदुस्तान के हर जिले में अब छात्रावास खुलेंगे। जाति, समाज से ऊपर उठकर यानी एसटी, एससी, ओबीसी के अलावा सामान्य वर्ग की बेटियों के लिए भी यह सुविधा होगी। 100 सीटर हो या 500 सीटर, जैसी डिमांड होगी, उस स्तर पर छात्रावास खोले जाएंगे। ताकि, बेटियों को बड़े शहरों में सुरक्षित माहौल में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध हो सकें। इसके अलावा स्पोर्ट्स पर फोकस किया जा रहा है। खेलों इंडिया के जरिऐ खेलों को महत्व दे रहे है। सोलर पंप से किसानों को सहूलियत होगीकेंद्रीय बजट को लेकर मंत्री विजय शाह ने जानकारी दी कि, कृषि क्षेत्र में पशुपालन के अलावा इस बार सोलर पावर को बढ़ावा दे रहे हैं। उदाहरण के तौर पर छोटे किसानों को 5 हजार हॉर्स पॉवर का मोटर पंप चलाने में बिजली देना होता है। खर्च ज्यादा होता है, सिंचाई में समस्या आती है। इसलिए महज 10 प्रतिशत राशि जमा करके 90 फीसदी अनुदान या सब्सिडी पर किसानों को सोलर पंप मिलेगा। जिससे कि अब ट्रांसफार्मर नहीं जलेगा, औरकिसान के पास बिल नहीं आएगा। बिजली की बचत होगी और सिंचाई में सुविधा होगी। रेलवे कॉरिडोर, लखपति दीदी जैसी स्कीमें भी गिनाईमंत्री विजय शाह ने बजट के हवाले से देश में 7 रेलवे कॉरिडोर बनाए जाने की बात कहीं। कहा कि अब 160 की स्पीड से ट्रेनें चलेगी, इससे समय और पैसे की बचत ही नहीं होगी बल्कि यह दूरदर्शीय सोच की परिकल्पना है। पर्यटन के क्षेत्र में नेशनल पार्क विकसित किए जा रहे है। विदेश यात्रा के लिए भी टैक्स कम किए गए है। शहरी विकास पर जोर देने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में लखपति दीदीयों के लिए मार्ट स्कीम चलाई जाएगी।
मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हरदा में प्रदर्शन किया। संघ ने फसल गिरदावरी के लिए लागू जियो फेंस तकनीक में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को उजागर करते हुए इसे स्थगित करने की मांग की। इसके साथ ही अन्य लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग भी उठाई गई। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर उपप्रांताध्यक्ष राजीव जैन और जिलाध्यक्ष अनुराग करोलिया के नेतृत्व में पटवारियों ने संयुक्त कलेक्टर सतीश राय को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन प्रमुख सचिव राजस्व एवं आयुक्त भू-अभिलेख के नाम था, जिसमें पटवारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों का उल्लेख किया गया। सरकारी ऐप और संसाधनों की कमी से काम प्रभावितसंघ ने बताया कि गिरदावरी के लिए उपयोग में लिया जा रहा सरकारी ऐप रियल टाइम डेटा से अपडेट नहीं है। इसके अलावा पटवारियों को कार्य के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। अभी तक पटवारियों को मोबाइल फोन तक प्रदान नहीं किए गए, जिससे डिजिटल कार्य बाधित हो रहा है। सर्वेयरों को मानदेय नहीं, बढ़ा पटवारियों पर बोझपटवारी संघ ने बताया कि पिछले लगभग तीन वर्षों से सर्वेयरों से गिरदावरी का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। इसी कारण सर्वेयर कार्य नहीं कर रहे हैं और गिरदावरी का पूरा भार पटवारियों पर आ गया है। जहां एक सर्वेयर के लिए अधिकतम 1000 खसरों की गिरदावरी का प्रावधान है, वहीं वर्तमान में पटवारियों को अपने हल्कों के गांवों में 5 से 10 हजार खसरों की गिरदावरी स्वयं करनी पड़ रही है। खसरा आधारित जियोटैग गिरदावरी संभव नहींसंघ का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में खसरों की खसरा आधारित जियोटैग गिरदावरी करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए मांग की गई है कि पटवारी आईडी से खसरा आधारित जियोटैग हटाकर ग्राम स्तर पर गिरदावरी करवाने की व्यवस्था लागू की जाए। फार्मर आईडी में आ रही कई व्यावहारिक दिक्कतेंजिलाध्यक्ष अनुराग करोलिया ने फार्मर आईडी बनाने में आ रही समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फार्मर आईडी पटवारियों के अलावा सीएससी सेंटर और एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी बनाई जा रही है, जिनके लिए भुगतान भी किया जा रहा है। इसके बावजूद शासन द्वारा पटवारियों पर इस कार्य को लेकर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। फार्मर आईडी प्रणाली में बताई गई विसंगतियांपटवारी संघ ने फार्मर आईडी सिस्टम में कई तकनीकी और प्रशासनिक विसंगतियां गिनाईं, जिनमें कई खातेदारों और सहखातेदारों का अन्य स्थानों पर निवास पोर्टल पर त्रुटिपूर्ण डेटा आईडी बन जाने के बाद भी खसरों का पेंडिंग सूची में दिखना कई खसरों का पोर्टल पर उपलब्ध न होना किसान के आधार से मोबाइल नंबर लिंक न होना ओटीपी नहीं मिलने या किसानों द्वारा ओटीपी नहीं देने की समस्याशामिल हैं। अनावश्यक दबाव और कार्रवाई बंद करने की मांगसंघ ने मांग की कि इन सभी समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए और इस कार्य को लेकर पटवारियों पर अनावश्यक दबाव या कार्रवाई कर उन्हें प्रताड़ित न किया जाए। ज्ञापन में पटवारी संघ ने वेतन-भत्तों, आबादी सर्वे के लंबित मानदेय का भुगतान करने तथा नवीन पटवारियों को न्यायालय के आदेशानुसार शत-प्रतिशत वेतन देने की मांग भी रखी है।
गाजीपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा आयोजित बीएड विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं बुधवार को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संपन्न हो गईं। 27 जनवरी से 4 फरवरी तक चली इन परीक्षाओं के दौरान कुल 64 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए। अंतिम दिन भी 9 परीक्षार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया, जिन्हें तत्काल रस्टीकेट कर दिया गया। अंतिम दिन, बुधवार को कुल 2182 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 2120 उपस्थित रहे, जबकि 62 अनुपस्थित पाए गए। परीक्षा दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई थी। गाजीपुर स्थित इस केंद्र पर कुल 23 बीएड महाविद्यालयों के परीक्षार्थी शामिल हुए थे। परीक्षाओं की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय पुलिस बल, प्रांतीय सुरक्षा दल और आंतरिक उड़ाका दल द्वारा परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई। स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि परीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से लगातार समन्वय स्थापित किया गया था। परीक्षार्थियों को मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, पर्स या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं थी। नकल करते पकड़े गए परीक्षार्थियों पर विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की गई। आंतरिक उड़ाका दल में प्रोफेसर डॉ. सुजीत कुमार सिंह, प्रोफेसर डॉ. संजय चतुर्वेदी, डॉ. श्रवण कुमार शुक्ल, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. गोपाल सिंह यादव और डॉ. अर्मिता सिंह शामिल थे।
डूंगरपुर जिले में 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत चौरासी थाना पुलिस ने लूट के एक मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने करावाड़ा नदी के पुल के पास हुई मोबाइल और नकदी लूट के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लूटा गया मोबाइल फोन और 500 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। चौरासी थाने के सीआई भंवर सिंह राठौड़ ने बताया कि गोरदा निवासी विजयपाल ने 2 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 1 फरवरी 2026 की रात करीब 7:30 बजे, जब वह अस्पताल में भर्ती अपनी भाभी को टिफिन देकर लौट रहा था, तब करावाड़ा नदी के पुल पर दो अज्ञात युवकों ने उसे रोका। आरोपियों ने विजयपाल को लात मारकर गिरा दिया और घसीटकर नदी की ओर ले गए। वहां उन्होंने चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उनका वन प्लस मोबाइल फोन और कवर में रखे 500 रुपए छीनकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने गहन छानबीन शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखी। जांच के दौरान पुलिस ने पाडला माना रोत निवासी राहुल रोत (19) और राजेश रोत (20 वर्ष) को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने लूट की वारदात को कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल फोन और नकदी बरामद कर ली है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है।
श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने बुधवार को विजयपुर और कराहल विकासखंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जहां एक ओर करोड़ों की लागत से बन रहे स्वास्थ्य केंद्र की गुणवत्ता परखी, वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया। कलेक्टर ने कराहल में बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए 'जेंडर रिसोर्स सेंटर' का शुभारंभ करते हुए शिक्षा को ही तरक्की का एकमात्र रास्ता बताया। परीक्षार्थियों को दिया 'सफलता का मंत्र' कलेक्टर अर्पित वर्मा रघुनाथपुर स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने 10वीं और 12वीं के छात्रों से सीधा संवाद किया। 10 फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बच्चों से कहा कि परीक्षा को बोझ न समझें। तनाव के कारण अक्सर बच्चे अपनी काबिलियत के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाते, इसलिए शांत मन और पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में बैठें। उन्होंने स्कूल की आईटी लैब का भी मुआयना किया और बच्चों को कंप्यूटर में दक्ष बनने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य सेवाओं और निर्माण कार्य का जायजा लिया विजयपुर के ओछापुरा में कलेक्टर ने निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निरीक्षण किया। 2 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस अस्पताल भवन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित एजेंसी को हिदायत दी कि काम जल्द पूरा करें ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। कराहल में जेंडर रिसोर्स सेंटर का शुभारंभ शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए कलेक्टर ने कन्या शाला कराहल में 'जेंडर रिसोर्स सेंटर' का फीता काटकर उद्घाटन किया। 'रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट' के सहयोग से शुरू हुए इस केंद्र का उद्देश्य आदिवासी सहरिया बालिकाओं में आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है। कराहल ब्लॉक के 74 स्कूलों में इस तरह के 11 केंद्र स्थापित किए गए हैं। ये सेंटर बालिकाओं को उनके अधिकारों, करियर और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगे। शिक्षा से ही दूर होंगी सामाजिक कुरीतियां इस अवसर पर कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नवाचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य कराहल क्षेत्र में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना प्रशासन की प्राथमिकता है। शिक्षा के जरिए ही हम समाज में फैली पुरानी कुरीतियों को खत्म कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये रिसोर्स सेंटर भविष्य में बालिकाओं के लिए एक सुरक्षित और मार्गदर्शक स्थान साबित होंगे
कानपुर के सेन में एक मजदूर का शव मैदान में संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था, देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मजदूर की मौत होने की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मजदूर की मौत की वजह स्पष्ट हो गई है। सेन पश्चिम पारा इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मजदूर की मौत की वजह स्पष्ट हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मजदूर की मौत हार्ट अटैक आने से हुई है। परिजनो ने शव को विधि विधान के साथ कब्रिस्तान में दफनाकर अंतिम संस्कार कर दिया है। जाने क्या है, पूरा मामला... घाटमपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी 45 वर्षीय मोहर अली उर्फ भूरा पुत्र मासूम अली प्रतिदिन की तरह सोमवार की सुबह मजदूरी करने के लिए निकले थे, देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। देर रात परिजनो के फोन पर एक ऑटो चालक का फोन आया कि, ये बेहोशी की हालत में है। इन्हें रमईपुर चौराहे से ले जाओ इसके बाद से मजदूर का फोन नहीं उठा। परिजनो ने थाने पहुंचकर सूचना दी थी, मंगलवार सुबह मजदूर का शव सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के न्योरी के पास स्थित कैटल कालोनी के पास मजदूर का शव पड़ा मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल पर जांच पड़ताल कराने के साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था, परिजनो ने पुलिस से हत्या की आशंका जताई थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मौत होने की पुष्टि हुई है।
तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौत:कन्नौज में आमने सामने से हुई भिड़ंत, चालक वाहन सहित फरार
कन्नौज में तालग्राम-छिबरामऊ मार्ग पर बुधवार शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई। यह दुर्घटना केसरी नगला के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार वाहन ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान एटा जिले के जसरतपुर थाना क्षेत्र के नगला उम्मेदपुर निवासी उपेंद्र (पुत्र नेत्रपाल) के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालग्राम पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 32 मौतों को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इंदौर पहुंचकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने इस त्रासदी को प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सीधे तौर पर 'सिस्टम का फेल्योर' करार दिया है। प्रेस से चर्चा करते हुए श्रीनेत ने कहा कि एक तरफ सरकार 'विकसित भारत' के बड़े-बड़े दावे कर रही है। दूसरी तरफ देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में लोग जहरीला पानी पीकर जान गंवा रहे हैं। सरकार नागरिकों को बुनियादी जरूरत यानी साफ पानी तक मुहैया नहीं करा पा रही है, तो विकास की बातें बेमानी हैं। जल जीवन मिशन के बजट पर उठाए सवाल सुप्रिया श्रीनेत ने आंकड़ों का हवाला देते हुए 'जल जीवन मिशन' की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया। आरोप लगाया है कि योजना के लिए आवंटित 68,000 करोड़ रुपए के बजट में से अब तक केवल 17,000 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए हैं। सरकार जनता की मूलभूत सुविधाओं पर पैसा खर्च करने के बजाय सिर्फ कागजी योजनाओं में व्यस्त है। इंदौर जैसी घटनाएं नोएडा और गुजरात में भी हो चुकी हैं, लेकिन सिस्टम ने कोई सबक नहीं लिया। कांग्रेस प्रवक्ता ने रखी 3 मांगें.. इंदौर की छवि पर लगा दाग देश के सबसे स्वच्छ शहर के एक इलाके में एक साथ इतनी मौतों ने नगर निगम और पीएचई (PHE) विभाग की पोल खोल दी है। कांग्रेस अब इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सरधना में एसओजी का एक्शन:बॉम्बे डाइंग और डिकोर कंपनी के नाम पर बिक रही नकली चादरें बरामद
सरधना में बुधवार को एसओजी टीम ने बॉम्बे डाइंग व डिकोर कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई दुकानों और गोदामों पर छापेमारी की। इस दौरान बड़ी मात्रा में नकली चादरें बरामद की गईं। अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार कुछ व्यापारी बॉम्बे डाइंग और डिकोर कंपनी के नाम व लोगो का दुरुपयोग कर नकली चादरें बाजार में बेच रहे थे। कंपनी को इसकी शिकायत मिलने पर एसओजी टीम को सूचना दी गई। इसके बाद एसओजी और कंपनी प्रतिनिधियों ने एक साथ विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापे मारे। छापेमारी के दौरान दुकानों और गोदामों से भारी मात्रा में नकली चादरें बरामद की गईं, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है। टीम ने संबंधित दुकानदारों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नकली चादरों की सप्लाई आसपास के जिलों में भी की जा रही थी। एसओजी प्रभारी ने बताया कि मामला कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन से जुड़ा है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। देर शाम तक छापेमारी और जांच की कार्रवाई जारी रही।
पानीपत के बापौली थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी नवाब में एक 27 वर्षीय युवक की उसके ही खेत में रोटावेटर से कुचला हुआ शव मिलने से सनसनी फैल गई। शुरुआत में यह मामला एक हादसा लग रहा था, लेकिन परिजनों ने पुराने जमीनी विवाद के चलते हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने तीन नामजद लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मोहित (27) सुबह करीब 10:30 बजे अपना ट्रैक्टर लेकर खेत में काम करने गया था। जब वह दोपहर तक घर वापस नहीं लौटा, तो चिंतित परिजन उसे ढूंढते हुए खेतों में पहुंचे। वहां का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। मोहित का शव रोटावेटर की चपेट में आने के कारण क्षत-विक्षत हालत में पड़ा था। FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और FSL की टीम मौके पर पहुंची। दोनों टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह वास्तव में एक दुर्घटना है या किसी साजिश का हिस्सा। हादसा या सोची-समझी हत्या? मृतक मोहित के परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरोपियों के साथ उनका काफी समय से जमीनी विवाद चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि मोहित की हत्या करने के बाद उसे 'हादसा' दिखाने के लिए रोटावेटर से कुचला गया है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर 3 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अविवाहित था मृतक परिजनों ने बताया कि मोहित अभी अविवाहित था। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीण जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
सीतापुर में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुजीता कुमारी बुधवार को सीतापुर पहुंचीं, जहां उन्होंने सदर तहसील सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 19 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आई पीड़ित महिलाओं ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। सदस्या ने सभी महिलाओं को आश्वस्त किया कि हर पीड़ित महिला को न्याय दिलाना महिला आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर उत्पीड़न सहित अन्य गंभीर मामलों को महिला आयोग के समक्ष रखा। कई पीड़िताओं ने अपनी शिकायतें लिखित रूप में भी सौंपीं। सुजीता कुमारी ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय कर शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने एक शिकायतकर्ता महिला को कंबल प्रदान करते हुए आर्थिक सहायता भी दी। सदस्या सुजीता कुमारी ने कहा कि महिला आयोग एक वैधानिक संस्था है, जो प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए सतत कार्य कर रही है। आयोग द्वारा समय-समय पर जनसुनवाई, जागरूकता कार्यक्रम एवं निरीक्षण अभियान चलाए जाते हैं, ताकि महिलाओं की समस्याओं को समझकर उनका त्वरित समाधान किया जा सके।उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाने का आह्वान किया। इसके उपरांत सदस्या सुजीता कुमारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसेंडी का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजकीय यूनानी चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया, जहां तीन महिलाओं की गोद भराई कराई गई तथा एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया गया। इसके अलावा ब्लॉक परसेंडी में जन-जागरूकता चौपाल आयोजित कर लोगों की समस्याएं सुनी गईं और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परसेंडी का निरीक्षण कर संबंधित को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रिया पटेल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
गोरखपुर में लक्ष्य स्पोर्ट्स एकेडमी की ओर से ग्यारहवीं आल इंडिया प्राइज मनी लक्ष्य चैम्पियंस ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन 22 फरवरी से 1 मार्च तक किया जाएगा। यह प्रतियोगिता मंडल क्रिकेट संघ से सम्बद्ध और उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ से मान्यता प्राप्त है। प्रतियोगिता को प्रदेश की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि वाली लीग आधारित टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता माना जा रहा है। लक्ष्य स्पोर्ट्स एकेडमी के अध्यक्ष डाक्टर राजेश यादव और सचिव डाक्टर त्रिलोक रंजन ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रतियोगिता के सभी मैच रेलवे क्रिकेट ग्राउंड पर कराए जाएंगे। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 8 प्रमुख टीमें हिस्सा लेंगी, जो लक्ष्य चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए आपस में मुकाबला करेंगी। लीग फॉर्मेट में खेले जाएंगे मुकाबले यह प्रतियोगिता सफेद गेंद और रंगीन किट में 20-20 ओवरों की होगी। सभी 8 टीमों को 2 पुल में बांटा जाएगा। हर पुल की टीमें आपस में लीग मैच खेलेंगी। लीग चरण के बाद प्रत्येक पुल से दो-दो बेहतर टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी और फिर फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। आयोजन को सुचारु और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए तकनीकी समिति सहित कई कमेटियों का गठन किया गया है। टीमों का पुल निर्धारण और मैचों का संचालन अम्पायरों और तकनीकी समिति की देखरेख में किया जाएगा। विजेता को 3 लाख-उपविजेता को 2 लाख रुपए प्रतियोगिता की विजेता टीम को 3 लाख रुपए नकद और लक्ष्य चैम्पियंस ट्रॉफी दी जाएगी। उपविजेता टीम को 2 लाख रुपए नकद और ट्रॉफी मिलेगी। इसके अलावा पूरे टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को 21 हजार रुपए नकद दिए जाएंगे। सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज को 11-11 हजार रुपए नकद और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। हर मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को पूर्व पत्रकार स्वर्गीय योगेश्वर सिंह की स्मृति में मैन ऑफ द मैच का नकद पुरस्कार और ट्रॉफी दी जाएगी। BCCI नियमों के अनुसार होंगे मैच प्रतियोगिता का आयोजन BCCI के नियमों के तहत कराया जाएगा। BCCI के अम्पायरों के पैनल से मैच कराए जाएंगे। पिछले सालों की तरह इस बार भी थर्ड अंपायर की व्यवस्था रहेगी, जो कैमरों के जरिए रन आउट सहित अन्य फैसलों में मदद करेगी।
सिंगरौली जिले के गुरहर पहाड़ में प्रस्तावित सोने की खदान को लेकर बुधवार को सिलफोरी में जनसुनवाई हुई। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मौजूदगी में हुई इस बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखीं। मेसर्स कुंदन गोल्ड माइंस प्राइवेट लिमिटेड यहां 149 हेक्टेयर से ज्यादा इलाके में खनन की तैयारी में है। अरबों के खजाने का अनुमान परियोजना के आंकड़ों के मुताबिक, इस खदान से हर साल करीब 0.13 मिलियन टन सोने का अयस्क निकालने की योजना है। अनुमान है कि यहां 35 सालों तक खनन चलेगा, जिससे कुल 39.2 टन सोना निकल सकता है। मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से इस सोने की कुल कीमत करीब 2 लाख 74 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा आंकी गई है। ग्रामीणों ने जताई चिंता जनसुनवाई के दौरान इलाके के लोगों ने पर्यावरण, पानी के संकट और विस्थापन को लेकर अपनी शंकाएं जाहिर कीं। ग्रामीणों का सबसे ज्यादा जोर रोजगार और जमीन के बदले मिलने वाली सुविधाओं पर रहा। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि वे पर्यावरण के नियमों का पूरा पालन करेंगे और स्थानीय लोगों को नौकरी में प्राथमिकता देंगे। प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान आए सभी सुझावों और आपत्तियों को दर्ज कर लिया गया है। इस पूरी रिपोर्ट को अब आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। इस खनन परियोजना से जिले में बड़े निवेश और विकास की उम्मीद जताई जा रही है।
कौशांबी में मानदेय बढ़ोतरी और समय पर भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को जनपद की रसोइयों ने जोरदार प्रदर्शन किया। रसोइयां कल्याण समिति के बैनर तले हजारों रसोइयों ने पहले डायट मैदान में बैठक की, इसके बाद जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व समिति के जिलाध्यक्ष उमा शंकर सरोज ने किया। जिलाध्यक्ष उमा शंकर सरोज ने बताया कि जनपद में करीब 3400 रसोइयां कार्यरत हैं, जिन्हें वर्तमान में मात्र 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच इस राशि में जीवन-यापन करना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि रसोइयां अपने परिवार का भरण-पोषण तो दूर, खुद का गुजारा भी नहीं कर पा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान रसोइयों ने सरकार से मांग की कि अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर कम से कम 10,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए। साथ ही शिक्षामित्रों की तरह रसोइयों को भी 10 माह के बजाय 11 माह का मानदेय दिया जाए, क्योंकि उनसे कार्य पूरे 11 माह लिया जाता है। रसोइयों ने यह भी आरोप लगाया कि उनका मानदेय 4–5 महीने बाद एक साथ दिया जाता है, जबकि अन्य विभागों के कर्मचारियों को हर माह 1 से 7 तारीख के बीच भुगतान हो जाता है। उन्होंने मांग की कि रसोइयों का मानदेय भी प्रत्येक माह समय से उनके खाते में भेजा जाए। इसके अलावा रसोइयों ने एप्रिन, ग्लव्ज और हेड कवर के लिए निर्धारित 400 रुपये सीधे उनके व्यक्तिगत खातों में देने की मांग की। उनका आरोप है कि अब तक न तो यह राशि मिली है और न ही सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों द्वारा अतिरिक्त कार्य कराए जाने का मुद्दा भी प्रदर्शन के दौरान उठाया गया। प्रदर्शन के बाद रसोइयों ने एसडीएम सदर एसपी वर्मा को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कुल पांच प्रमुख मांगें रखी गईं और चेतावनी दी गई कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों की नौकरी में वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) बहुत अहम होती है। इसी में लिखी कुछ पंक्तियां पदोन्नति, पोस्टिंग और करियर की दिशा तय कर देती हैं, लेकिन अगर ACR में प्रतिकूल टिप्पणी आ जाए, तो कर्मचारी के पास जवाब देने के सीमित ही रास्ते होते हैं।अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इसी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है। हाईकोर्ट ने इस अपारदर्शी क्षेत्र में हस्तक्षेप करते हुए हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव से यह स्पष्टीकरण देने को कहा है कि गृह विभाग प्रतिकूल सेवा टिप्पणियों के विरुद्ध दया याचिकाओं पर किस कानूनी आधार पर विचार करता है और निर्णय लेता है। क्या है पूरा मामला? याचिकाकर्ता ने 22 अप्रैल, 2017 से 1 अगस्त, 2017 तक की अवधि के लिए अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में दर्ज प्रतिकूल टिप्पणियों के साथ-साथ 20 मार्च, 2023 को महेंद्रगढ़ के पुलिस अधीक्षक द्वारा उनके अभ्यावेदन को खारिज किए जाने को चुनौती दी थी। उनका इससे पहले का अभ्यावेदन भी 5 अप्रैल, 2019 को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, दक्षिण रेंज, रेवाड़ी द्वारा खारिज कर दिया गया था।याचिका लंबित रहने के दौरान, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 28 मई, 2025 के एक आदेश द्वारा प्रतिकूल टिप्पणियों को हटा दिया और याचिकाकर्ता की एसीआर ग्रेडिंग को औसत से नीचे से अच्छा में अपग्रेड कर दिया।यहां पढ़िए हाईकोर्ट की इस मामले में क्या टिप्पणी... इसलिए खारिज की याचिका इस पूरे घटनाक्रम पर ध्यान देते हुए, जस्टिस बंसल ने याचिकाकर्ता की इस दलील को दर्ज किया कि सरकार द्वारा 28 मई, 2025 को पारित आदेश के मद्देनजर, याचिका निष्प्रभावी हो गई है। राज्य के वकील ने कहा कि वे इस दलील का खंडन करने में असमर्थ हैं। न्यायमूर्ति ने कहा, दोनों पक्षों के बयान के बाद याचिका निष्प्रभावी हो जाने के कारण खारिज की जाती है। हाईकोर्ट ने उठाए ये सवाल मामले को बंद करने से पहले, न्यायालय ने एक व्यापक प्रशासनिक प्रश्न उठाया जिसके निहितार्थ व्यक्तिगत मामले से परे थे। यह देखते हुए कि सेवा नियमों के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रतिकूल टिप्पणियां दर्ज की गई थीं, पीठ ने यह स्पष्टीकरण मांगना उचित समझा कि गृह विभाग ने ऐसी प्रविष्टियों के विरुद्ध दया याचिकाओं पर विचार करने और निर्णय लेने का अधिकार कैसे ग्रहण किया। इन बिंदुओं पर देना होगा स्पष्टीकरणहाईकोर्ट ने “यह न्यायालय गृह विभाग, भारत सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश देना उचित समझता है।” न्यायमूर्ति ने निष्कर्ष निकाला, कि हरियाणा को आज से चार सप्ताह के भीतर न्यायालय की रजिस्ट्री में एक हलफनामा दाखिल करना होगा, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा दर्ज की गई प्रतिकूल टिप्पणियों के खिलाफ दया याचिका किस प्रावधान के तहत स्वीकार्य है और गृह विभाग द्वारा उस पर निर्णय लिया जा सकता है।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के 'मेरा युवा भारत' धार के माध्यम से सरदारपुर में दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं संपन्न हुईं। यह आयोजन शासकीय मॉडल हाई स्कूल सरदारपुर में किया गया, जिसमें 180 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। जिला युवा अधिकारी दीर्घा राजावत के मार्गदर्शन में राणा बख्तावर सिंह युवा मंडल ने इन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। इसमें कबड्डी (पुरुष वर्ग), खो-खो (महिला वर्ग), 200 मीटर दौड़ (महिला एवं पुरुष वर्ग), लंबी कूद (महिला एवं पुरुष वर्ग) सहित कई अन्य खेल शामिल थे। कार्यक्रम में सरदारपुर थाना प्रभारी अनिल जाधव, प्राचार्य कामेश सतपुड़ा, सुरेंद्र सांकला, जितेंद्र रावत और उप निरीक्षक नवलसिंह बघेल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। थाना प्रभारी जाधव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से मोबाइल के बजाय प्रतिदिन एक घंटा खेल के लिए निकालने का आग्रह किया, जिससे उनका भविष्य और फिटनेस दोनों बेहतर हो सकें। ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताओं में सरदारपुर तहसील के 180 से अधिक खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पुरुष 200 मीटर दौड़ में अश्विन यादव प्रथम और भव्य द्वितीय रहे। महिला 200 मीटर दौड़ में आशा ने प्रथम तथा सारंगी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कबड्डी में सरदारपुर टीम विजेता और रिंगनोद टीम उपविजेता रही। लंबी कूद में विश्वास ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि महिला लंबी कूद में भूमिका भाटी प्रथम रहीं। महिला खो-खो में सरदारपुर टीम विजेता बनी। सभी विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन राहुल सिंदल ने किया और जितेंद्र पंवार ने आभार व्यक्त किया। इस आयोजन को सफल बनाने में शुभम डामोर, मुकेश बघेल, विशाल और भारत सहित अन्य स्वयंसेवकों का सहयोग रहा।
रालोद के दिग्गज नेता कृष्ण कुमार हितैषी का निधन:75 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता और चौधरी चरण सिंह के विश्वासपात्र सहयोगी रहे कृष्ण कुमार हितैषी का मंगलवार को 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से रालोद कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। कृष्ण कुमार हितैषी रालोद के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने पार्टी की तीन पीढ़ियों के साथ काम किया। वह चौधरी चरण सिंह के दौर से राजनीति में सक्रिय थे और उनके बाद चौधरी अजित सिंह तथा वर्तमान रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी के साथ भी पूरी निष्ठा से जुड़े रहे। संगठन में अनुशासन और वफादारी के लिए उनकी अलग पहचान थी। हितैषी के पिता स्व. सुमैरचंद हितैषी भी चौधरी चरण सिंह के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। बचपन से ही राजनीति से जुड़े कृष्ण कुमार हितैषी ने देहात की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई और पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती दी। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी और बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कृष्ण कुमार हितैषी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें पार्टी का भरोसेमंद सिपाही बताया और परिवार के प्रति संवेदना जताई। परिजनों के अनुसार, दिल्ली स्थित अकबर रोड रालोद कार्यालय में कृष्ण कुमार हितैषी की आजीवन एंट्री थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने कई बार उन्हें पत्र लिखकर सम्मानित किया और क्षेत्रीय कार्यक्रमों में मंच पर विशेष सम्मान दिया। कृष्ण कुमार हितैषी अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे और तीन बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। बड़ा बेटा अरविंद कांत हितैषी रोहटा में व्यवसाय से जुड़ा है और रालोद की युवा टीम में सक्रिय है। दूसरा बेटा सुदीप पशु चिकित्सक है, जबकि छोटा बेटा राहुल यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल है। उनके निधन के बाद श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। एससी-एसटी आयोग सदस्य नरेंद्र खजूरी, वरिष्ठ अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह, एडवोकेट धर्मेंद्र कुमार, नसीब सैफी, सुनील रोहटा, भाकियू नेता चमन प्रधान, जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, विधायक गुलाम मोहम्मद समेत कई राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।
देवरिया के दीनानाथ पाण्डेय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को 46वें वार्षिक क्रीड़ा समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समारोह का उद्घाटन अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आनंद कुमार पाण्डेय, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने किया। उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने मुख्य अतिथि का बैज अलंकरण, माल्यार्पण, स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। क्रीड़ा प्रभारी डॉ. अनीता सिंह ने सभी प्राध्यापकों और कर्मचारियों को कैप प्रदान कर उनका स्वागत किया। प्राचार्य ने अपने स्वागत भाषण में खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल छात्राओं के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के लिए महत्वपूर्ण हैं। छात्राओं ने अनुशासित मार्च पास्ट कर अतिथियों को सलामी दी। इसके बाद मुख्य अतिथि और प्राचार्य ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया और छात्राओं को खेलों में अनुशासन बनाए रखने की शपथ दिलाई। गत वर्ष की विजेता माला गोड़ ने मशाल दौड़ लगाकर समारोह में उत्साह का संचार किया। एएसपी आनंद कुमार पाण्डेय ने कहा कि क्रीड़ा समारोह छात्राओं की प्रतिभा निखारने और टीम भावना व आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त मंच है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने खेलों में सहभागिता को हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण बताया, जो व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होती है। प्रतियोगिताओं के परिणामों में, 100 मीटर दौड़ में बीए प्रथम वर्ष की ऋद्धि यादव ने प्रथम, रीनू यादव ने द्वितीय और कशिश चौहान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रिले रेस में बीए प्रथम वर्ष की ऋद्धि यादव, रानू यादव, प्रियंका यादव और आकांक्षा यादव की टीम विजेता रही, जबकि बीए द्वितीय वर्ष की अंजू बरगाह, पलक यादव, खुशी गुप्ता और प्रियांशु यादव की टीम उपविजेता बनी। कबड्डी प्रतियोगिता में बीए प्रथम वर्ष की टीम विजेता और बीए तृतीय वर्ष की टीम उपविजेता घोषित हुई।
बारां जिले में कुल 111 स्कूलों को जर्जर घोषित किया गया था। इनमें से 62 स्कूलों को अब तक जमींदोज कर दिया गया है। शेष 49 जर्जर स्कूलों को 8 फरवरी तक गिराने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के आदेश पर गठित एक तकनीकी समिति ने सर्वे के बाद इन स्कूलों को जर्जर घोषित किया था। समिति ने प्रारंभिक शिक्षा के 100 और माध्यमिक शिक्षा के 11 स्कूलों को जर्जर पाया। इनमें से प्रारंभिक शिक्षा के 60 और माध्यमिक शिक्षा के 2 स्कूल अब तक गिराए जा चुके हैं। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गैंदा लाल रैगर ने इस संबंध में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इसमें जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, सहायक अभियंता, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा बारां और कनिष्ठ अभियंताओं को शेष विद्यालयों को 8 फरवरी तक जमींदोज करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, एसडीआरएफ द्वारा विद्यालयों की मरम्मत के लिए स्वीकृत राशि से गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य अविलंब करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सतना जिले के शिवराजपुर स्थित दहलान धाम में बुधवार से धार्मिक अनुष्ठान और हनुमंत कथा की शुरुआत हुई। बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने राष्ट्र और धर्म को इंसान की दो आंखों के समान बताया। उन्होंने कहा कि एक आंख के बिना व्यक्ति काना कहलाता है। पंडित शास्त्री ने यह बात तब कही जब उनसे राष्ट्र और धर्म में से किसे बड़ा होने का सवाल पूछा गया। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि हिंदुत्व को सबसे बड़ा खतरा उन हिंदुओं से है, जो धर्मनिरपेक्षता का चोला ओढ़े घूम रहे हैं। राष्ट्र के लिए धर्म की आवश्यकता पर, उन्होंने कहा कि जिस प्रकार तन ढंकने के लिए वस्त्र आवश्यक हैं, उसी प्रकार राष्ट्र के लिए धर्म। पन्ना-सतना जिले की सीमा पर स्थित शिवराजपुर गांव पहुंचने पर बागेश्वर धाम सरकार का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने गांव की प्रशंसा करते हुए कहा कि जंगल में बसे इस गांव में भी मंगल है। पंडित शास्त्री ने बताया कि 5 फरवरी को कथा स्थल पर एक घंटे का दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा, और 6 फरवरी को हनुमंत कथा का समापन होगा। मुंबई के उद्योगपति रुद्र प्रताप त्रिपाठी द्वारा आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान 15 फरवरी तक चलेगा। हनुमंत कथा के बाद, 7 फरवरी से 15 फरवरी तक श्रीमद् भागवत महापुराण का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रयागराज धाम वाशिम, महाराष्ट्र के पुजारी निर्मल कुमार शुक्ला कथा व्यास के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, इस अनुष्ठान में रुद्र महायज्ञ का भी आयोजन होगा, जिसमें 18 पुराण, 6 शास्त्र और महामृत्युंजय जाप के साथ महा रुद्राभिषेक अनुष्ठान शामिल है। 16 फरवरी को भंडारे के साथ इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा।
फतेहाबाद जिले के गांव भट्टू कलां में रामसरा रोड स्थित एक घर में ढाई वर्षीय मासूम की कूंड में गिरने से मौत हो गई। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। जानकारी के अनुसार, सिरसा जिले के गांव बप्पा निवासी प्रेम कुमार का ढाई वर्षीय बेटा रजत अपनी मां महेंद्रों देवी के साथ अपने ननिहाल भट्टू कलां में मामा सतू के घर आया हुआ था। मंगलवार शाम को रजत घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान खेलते-खेलते वह अचानक आंगन में बने पानी स्टोर टैंक (कूंड) में गिर गया। परिजनों को जब घटना का पता चला तो उन्होंने तुरंत बच्चे को पानी से भरे कूंड से बाहर निकाला और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भट्टू कलां लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। माता पिता का इकलौता था बेटा बताया जा रहा है कि रजत अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। परिजनों ने बिना कोई पुलिस कार्रवाई के ही बुधवार को बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।
हरदोई में 120 साल पुराने नुमाइश मेले के अवसर पर भगवान श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई। उत्तर प्रदेश सरकार के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने भगवान के स्वरूपों की आरती उतारकर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। मेला कमेटी के संयोजक रामप्रकाश शुक्ला के नेतृत्व में यह शोभायात्रा नुमाइश चौराहा स्थित रामलीला कमेटी से शुरू हुई। बारात में दर्जनों झांकियां, सुसज्जित रथ, बैंड-बाजे और हाथी-घोड़े शामिल थे, जो आकर्षण का केंद्र रहे। बारात नुमाइश चौराहा से सोल्जर बोर्ड चौराहा, सिनेमा चौराहा, रेलवे गंज, बड़ा चौराहा, मुन्ने मियां चौराहा और अस्पताल तिराहा सहित शहर के सभी प्रमुख मार्गों से गुजरी। इस दौरान शहर में जगह-जगह श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने बारात का स्वागत किया। दीवानी न्यायालय गेट पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जे.पी. त्रिवेदी और अधिवक्ता संजीव अवस्थी के नेतृत्व में वकीलों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का अभिनंदन किया। शहरवासियों ने छतों से फूल बरसाए। मेला संयोजक रामप्रकाश शुक्ला ने बताया कि यह आयोजन पिछले सवा सौ सालों से जारी है। सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। देर रात तक उत्सव का माहौल बना रहा।
सीतापुर में युवक का शव पेड़ से लटका मिला:पानी की टंकी पर करता था मजदूरी, पुलिस जांच में जुटी
सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के अमिरता गांव में एक मजदूर का शव बुधवार को गांव के बाहर एक पेड़ से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में शव को नीचे उतरवाया और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में प्रेम-प्रसंग का मामला सामने आया है, जिसकी पुलिस पड़ताल कर रही है। मृतक की पहचान मकड़ेरा गांव निवासी मुकेश (24) के रूप में हुई है। उसके पिता रामसेवक पासी ने बताया कि मुकेश करीब तीन माह से अमिरता गांव में जल जीवन मिशन द्वारा बनाई जा रही पानी की टंकी पर मजदूरी कर रहा था। रामसेवक पासी के अनुसार, बुधवार को उन्हें मुकेश का शव लटके होने की सूचना मिली। अमिरता पहुंचने पर उन्होंने देखा कि गांव के दक्षिण-पश्चिम स्थित एक खेत में शहतूत के पेड़ से मुकेश का शव उसके मफलर से लटका हुआ था। उसके पैरों में चप्पल नहीं थी और सीने पर सरसों के फूलों के अवशेष चिपके थे, जिससे लग रहा था कि वह सरसों के खेत से गुजरा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन भी जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। नेरी-नेवादा चौकी प्रभारी विनोद सिंह ने बताया कि फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा किया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। मृतक के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला है। परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने बारां में जिलाध्यक्ष अमृत छजावा के नेतृत्व में जिला कलेक्टर से मुलाकात कर विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। संघ के उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि बारां जिले में इस वर्ष गेहूं, चना और सरसों की पर्याप्त बुवाई हुई है। हालांकि, खरीद पोर्टल पर किसानों का पंजीयन नहीं हो पा रहा है, क्योंकि जमाबंदी और जन आधार में मिलान नहीं हो रहा है, जिससे पंजीयन की संख्या काफी कम है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष अतिवृष्टि के कारण खरीफ की पूरी फसल नष्ट हो गई थी, जिससे किसानों को नाममात्र का उत्पादन मिला और भारी आर्थिक नुकसान हुआ। कम पंजीयन के कारण किसानों की फसल खरीद होना असंभव लग रहा है। संघ ने सरकार से गेहूं खरीद मूल्य बढ़ाने की भी मांग की। पदाधिकारियों के अनुसार चुनाव के समय सरकार ने 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किया था, जबकि पिछले वर्ष 2585 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीद हुई थी। इस वर्ष भी केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है, जिससे किसानों को दोहरा नुकसान होगा। संघ ने 200 रुपए बोनस देकर 2785 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद की मांग की। इसके अतिरिक्त किसानों ने अपनी फार्मर आईडी को पुरानी आईडी के साथ जोड़ने की मांग की, जो बाद में ऑनलाइन हुई थी। जिला कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि 1.78 लाख पंजीकृत किसानों में से 1.26 लाख को आपदा राहत राशि मिल चुकी है, और शेष किसानों को भी जल्द मुआवजा दिलाया जाएगा। संघ ने परवन वृहद सिंचाई परियोजना के धीमी गति से चल रहे कार्य पर भी चिंता व्यक्त की और इसे शीघ्रता से पूरा करने की मांग की। इस पर जिला कलेक्टर ने परियोजना के कार्य में तेजी लाने का आश्वासन दिया। छीपाबडौद, कवाई के 80 गांव, खानपुर के 5 गांव, इन 85 गांवों को 18 हजार हैक्टेयर भूमि को महलपुर डेम से पानी दिया जाए। कृषि जिंस को धर्म कांटे से तोलने, बरनी और डूबराज डेम से नाहरगढ क्षेत्र को पानी देने की मांग की। बारां जिले के खरीद केंद्र अटरू, कवाई, मोठपुर, अर्डांद, बारां तहसील में बामला कोयला, किशनगंज में नाहरगढ, भंवरगढ, जलवाडा, शाहाबाद में कस्बाथाना, छीपाबडौद में हरनावदा, अजनावर, सारथल,छबडा में जैपला, अंता में बडवा, जयनगर, मांगरोल में रायथल में केंद्र खोलने की मांग की है। वार्ता व ज्ञापन देने के दौरान अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य कैलाश गंदोलिया, प्रांत अध्यक्ष शंकरलाल नागर, संभाग मंत्री भूपेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा, जिला मंत्री देवकिशन नागर, शत्रुघ्न यादव, उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद में महिला आयोग की सदस्य सुनीता सैनी ने फतेहगढ़ स्थित विकास भवन सभागार में जनसुनवाई की। इस दौरान महिला उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से संबंधित कुल 9 शिकायतें प्राप्त हुईं। जनसुनवाई के बाद उन्होंने जिला महिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनसुनवाई में आए सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए, सुनीता सैनी ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्राप्त 9 शिकायती प्रार्थना पत्रों को संबंधित थानों में भेज दिया गया है और उनके शीघ्र निस्तारण के आदेश दिए गए हैं। जनसुनवाई के दौरान, अधिकारियों ने अपना परिचय दिया और योजनाओं की स्थिति के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पीड़िताओं की समस्याओं को सुना गया। एक महिला ने अपने बेटे और बहू द्वारा पिटाई किए जाने की शिकायत की, जबकि अन्य शिकायतें भी दर्ज की गईं। जनसुनवाई के बाद, सदस्य सुनीता सैनी आवास विकास स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला महिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने महिला वार्ड में भर्ती प्रसूताओं से बातचीत की और उन्हें मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। फर्रुखाबाद आते समय, महिला आयोग की सदस्य ने कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र में स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र का भी दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तमिलनाडु और झारखंड के वन अधिकारियों की टीम ने दो दिनों का अध्ययन दौरा किया। इस दौरे का मुख्य मकसद बांधवगढ़ में चल रहे गौर पुनर्स्थापन कार्यक्रम को समझना था, ताकि इसी तर्ज पर झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व में भी गौरों को बसाया जा सके। झारखंड और दक्षिण भारत से आए अधिकारियों के दल ने कल्लावाह वन परिक्षेत्र का दौरा किया। यहां सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से लाकर रखे गए 27 गौरों के लिए बनाए गए विशेष बाड़े की बनावट और उनकी सुरक्षा के इंतजामों को देखा। अधिकारियों ने गौरों के व्यवहार, उनकी निगरानी की तकनीक और उनके लिए तैयार किए गए चारागाहों की बारीकी से जानकारी ली। बारहसिंगा और बाघ प्रबंधन का जायजा दल ने सिर्फ गौर ही नहीं, बल्कि बारहसिंगा और बाघों के लिए बनाए गए 'इनक्लोजर' का भी अवलोकन किया। इसके साथ ही बांधवगढ़ की सफारी व्यवस्था, टिकट बुकिंग सिस्टम, गाइड मैनेजमेंट और वन्यप्राणी बचाव के लिए अपनाई जाने वाली आपातकालीन प्रणालियों को भी समझा। विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव दो दिवसीय इस प्रशिक्षण दौरे में पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक और विशेषज्ञों सहित 15 सदस्यीय दल शामिल था। बांधवगढ़ के वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और प्रोजेक्ट रिसर्चर अरुण गोराठी ने तकनीकी और वैज्ञानिक जानकारियां साझा कीं। इस भ्रमण का उद्देश्य पलामू और दक्षिण भारत के अन्य जंगलों में गौर पुनर्स्थापन कार्यक्रम को मजबूती से लागू करना है।
एडीएम पर अभद्रता का आरोप, ग्राम सचिवों का धरना:बागपत विकास भवन में प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग
बागपत में ग्राम सचिवों ने बुधवार को बागपत के विकास भवन परिसर में धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन एडीएम पर एक ग्राम सचिव के साथ कथित अभद्रता के आरोप को लेकर किया गया। धरना ग्राम अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष जोनी चौधरी की अध्यक्षता में दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुआ। ग्राम सचिवों का आरोप है कि कार्यालय कार्य के दौरान संबंधित एडीएम ने एक ग्राम सचिव के साथ अपमानजनक व्यवहार किया और मर्यादाहीन भाषा का प्रयोग किया। इस घटना से आक्रोशित ग्राम सचिवों ने इसे कर्मचारियों के सम्मान के खिलाफ बताया। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषी अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। संघ अध्यक्ष जोनी चौधरी ने कहा कि ग्राम सचिव प्रशासन की रीढ़ हैं। यदि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जाएगा तो कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने प्रशासन से कर्मचारियों की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। धरना प्रदर्शन के कारण विकास भवन में कुछ समय के लिए कामकाज प्रभावित हुआ, जिससे आम जनता को भी परेशानी हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। फिलहाल, ग्राम सचिव संघ अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है। उन्होंने प्रशासन द्वारा जांच और कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त करने की बात कही है। अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
कैथल में ट्रेन की चपेट में आया युवक, मौत:अभी तक पहचान नहीं, गांव बरोट में हुआ हादसा
कैथल में ट्रेन की चपेट में आने से करीब 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह हादसा गांव बरोट के खेतों से होकर गुजर रही रेल लाइन पर हुआ। हालांकि अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन जीआरपी पुलिस युवक की पहचान का प्रयास कर रही है। टीम को किसानों ने सूचना दी जीआरपी पुलिस से जांच अधिकारी सीमा रानी ने बताया कि उनकी टीम को दोपहर के समय सूचना मिली थी कि गांव बरोट में एक युवक के ट्रेन की चपेट में आ गया है। इससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई है। आसपास के किसान खेतों में जा रहे थे, जिन्होंने इस संबंध में सूचना दी। अस्पताल में पहुंचाया शव इस पर उनकी टीम मौके पर पहुंच गई और मृतक युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि यह युवक जींद-कुरुक्षेत्र वाली ट्रेन की चपेट में आया है। जो कुरुक्षेत्र की ओ जा रही थी। पहचान का किया जा रहा प्रयास सीमी रानी ने बताया कि युवक के पास अभी ऐसा कोई दस्तावेज भी नहीं मिला है, जिससे उसकी पहचान की जा सके। कल युवक का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा और उसकी पहचान का प्रयास किया जाएगा। मामले की लगातार जांच की जा रही है।
अशोकनगर में एक 55 वर्षीय व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान कबीर रोड स्थित जगदंबा कॉलोनी निवासी रामकृष्ण पुत्र लीलाधर शर्मा के रूप में हुई है। यह घटना बुधवार को मोहल्ले से कुछ दूरी पर हुई, जब वे मेमो ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में रामकृष्ण शर्मा का पर एवं चेहरा बुरी तरह से फट गया, जिसके कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर बाद मोहल्ले के एक व्यक्ति ने उन्हें रेलवे ट्रैक पर पड़ा देखा और पहचान कर परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने पर परिजन और देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों ने बताया कि रामकृष्ण शर्मा दोपहर के समय घर से कबीर रोड स्थित मंदिर जाने की बात कहकर निकले थे। घर से निकलने के लगभग एक घंटे बाद ही यह हादसा हो गया। हालांकि, वे रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचे, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति ने लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में जनसुनवाई की। इस दौरान महिला उत्पीड़न से संबंधित 12 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में दूर-दराज से आई महिलाओं की समस्याओं को सुना गया। प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए सदस्य प्रजापति ने गुणवत्तापूर्ण, प्राथमिकता के आधार पर और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। पिछली जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा भी की गई। लंबित शिकायतों के निस्तारण में देरी पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों और केंद्र/राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। अंजू प्रजापति ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला अपराधों की रोकथाम के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। जनसुनवाई के अवसर पर पुलिस क्षेत्राधिकारी, महिला थानाध्यक्ष, प्रोबेशन कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
अलवर ट्रैफिक थाना पुलिस की स्टंट वाली थार कार व बुलेट बाइक पर पैनी नजर है। बुधवार को 2 थार कार घोड़ा फेर चौराहे के आसपास से जब्त की है। पिछले 3 दिनों में करीब 9 कार जब्त की है। आगे भी स्टंट कार वालों कार निगाह रहेगी। नाबालिग व बिना लाइसेंस के कार दौड़ाने वालों पर पुलिस की नजर है। ट्रैफिक थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि बुधवार को सुबह सूचना मिली कि घोड़ाफेर चौराहे के समीप दो थार गाड़ियां जिसमें कुछ युवा बैठकर स्टंट कर रहे है। मौके पर पहुंचे और दोनों गाड़ियों को जप्त कर थाने ले आए। जिनका चालान बना दिया। इसके अलावा पावर बाइक ओर बुलेट भी जप्त करने का क्रम जारी है। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक पुलिस ने अब ब्लैक शीशे वाली कारों को जब्त करना शुरू कर दिया है। कई कारों से के शीशों से काली फिल्म को हटाया है। जिसका चलन पिछले दिनों बढ़ा है। यह सामने आने के बाद कार्यवाही शुरू कर दी है।
बिजनौर में जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कीटनाशक एवं उर्वरक विक्रेताओं की कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में यह आयोजन 'धरती माता बचाओ अभियान' के तहत रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग पर केंद्रित था। इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी कीटनाशक और उर्वरक विक्रेताओं को फार्मर रजिस्ट्री कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुकान पर आने वाले किसानों से उनकी फार्मर रजिस्ट्री संख्या पूछें और यदि वे पंजीकृत हैं तो बिल में यह संख्या अवश्य अंकित करें। यदि किसी किसान ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है, तो विक्रेता उन्हें इसके लाभ बताएं और जल्द से जल्द पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करें। इससे किसान सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उठा सकेंगे। जिलाधिकारी ने कृषि अधिकारी को एक तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया, जिससे फार्मर रजिस्ट्री के लिए विक्रेताओं द्वारा किए गए कार्य की दैनिक प्रगति का आकलन किया जा सके। उन्होंने विक्रेताओं को केवल अच्छी गुणवत्ता वाले उर्वरक और कीटनाशक बेचने तथा नकली उत्पादों से बचने की भी हिदायत दी। जसजीत कौर ने चेतावनी दी कि यदि नकली खाद या कीटनाशक बेचने की कोई शिकायत प्रमाणित होती है, तो संबंधित विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान कृषि निदेशक घनश्याम सिंह ने कृषि क्षेत्र में तकनीक के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक का बेहतर उपयोग मानव जीवन के लिए आवश्यक है और किसानों को अपनी उपज व आय बढ़ाने के लिए इसका प्रशिक्षण लेना चाहिए। उन्होंने 'धरती माता बचाओ अभियान' को सफल बनाने में योगदान देने का भी आह्वान किया।
डिंडौरी जिले के करंजिया में नेशनल हाईवे पर लगने वाले बाजार को अब नई जगह शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार को जनपद पंचायत सभाकक्ष में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में एसडीएम राम बाबू देवांगन ने व्यापारियों के साथ इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में करीब 200 छोटे-बड़े दुकानदार शामिल हुए, जिन्होंने बाजार शिफ्टिंग को लेकर अपनी शर्तें और सुझाव प्रशासन के सामने रखे। हाईवे पर सुरक्षा और जाम से मिलेगी मुक्ति नेशनल हाईवे पर बाजार लगने के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और यातायात भी प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन बाजार को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहता है। एसडीएम ने व्यापारियों को बताया कि क्षेत्र में दो-तीन स्थानों पर सरकारी जमीन उपलब्ध है, जहां बाजार को व्यवस्थित रूप से बसाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई निजी व्यक्ति इस नेक काम के लिए जमीन दान करना चाहता है, तो प्रशासन उनका सम्मान करेगा। व्यापारियों ने मांगी 5 एकड़ जमीन और सुविधाएं बैठक में व्यापारियों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें प्रमुखता से रखीं। व्यापारी दिलीप ताम्रकार ने कहा कि सभी दुकानदार शिफ्ट होने को तैयार हैं, लेकिन प्रशासन कम से कम 5 एकड़ जमीन आरक्षित करे। व्यापारियों की मांग है कि नई जगह पर बिजली, पानी, शेड और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें कारोबार करने में कोई परेशानी न हो। टैक्स वसूली और अनुबंध पर उठे सवाल चर्चा के दौरान दुकानदारों ने स्थानीय ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। व्यापारी सुनील राय ने आरोप लगाया कि वर्तमान बाजार में ठेकेदार द्वारा मनमाने ढंग से टैक्स वसूला जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि ग्राम पंचायत और ठेकेदार के बीच क्या कॉन्ट्रैक्ट हुआ है, इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है? व्यापारियों ने मांग की है कि नई जगह पर टैक्स की दरें पारदर्शी और उचित होनी चाहिए। प्रशासन और व्यापारियों के बीच बनी सहमति एसडीएम राम बाबू देवांगन और नायब तहसीलदार शैलेष गौर ने व्यापारियों की मांगों को सुनकर आश्वासन दिया कि नई जगह पर सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। जल्द ही चिन्हित की गई जमीनों का मौका-मुआयना किया जाएगा और व्यापारियों की सहमति से अंतिम फैसला लिया जाएगा। इस बैठक में सरपंच सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
श्रावस्ती के भिनगा स्थित 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने बुधवार को सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, बहराइच के लगभग 250 छात्रों और 18 शिक्षकों के लिए एक शस्त्र प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता 62वीं वाहिनी के कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण ने की। प्रदर्शनी में छात्रों को सशस्त्र सीमा बल द्वारा उपयोग किए जाने वाले विभिन्न हथियारों की जानकारी दी गई। उन्हें इन हथियारों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और सुरक्षा पहलुओं से अवगत कराया गया। छात्रों ने काफी रुचि दिखाई और प्रशिक्षकों से कई प्रश्न पूछे, जिनके उत्तर सरल और व्यावहारिक तरीके से दिए गए। इस अवसर पर उप कमांडेंट सोनू कुमार ने छात्रों को भारतीय सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) और अन्य पुलिस बलों में उपलब्ध विभिन्न पदों, उनके दायित्वों और भर्ती प्रक्रिया के बारे में बताया। इसका उद्देश्य छात्रों में राष्ट्रसेवा के प्रति उत्साह और जागरूकता बढ़ाना था। 62वीं वाहिनी ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सुरक्षा बलों की भूमिका से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें देशभक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक होते हैं। वाहिनी ने इस आयोजन को युवाओं में सुरक्षा बलों के कार्यों की समझ और राष्ट्रभक्ति की भावना बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम का समापन छात्रों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों के साथ हुआ। उपस्थित अधिकारियों और शिक्षकों ने छात्रों के अनुशासन और जिज्ञासा की सराहना की। इस अवसर पर स्कूल के व्यवस्थापक आशीष अग्रवाल, उप कमांडेंट पीयूष सिन्हा, गोबर्धन पुजारी, सहायक कमांडेंट राहुल भरत माली और अन्य अधिकारीगण भी मौजूद थे। सभी ने ऐसे कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरणा के लिए उपयोगी बताया।
जोधपुर में अवैध बजरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कमिश्नरेट सीएसटी और लूणी पुलिस ने 4 डंपर, एक स्विफ्ट कार जब्त की है। पुलिस ने 7 लोगों को भी गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अवैध बजरी के परिवहन और एस्कॉर्टिंग में शामिल लोगों के खिलाफ की गई है। पुलिस के अनुसार, पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र में निकलने वाली नदी में अवैध बजरी का खनन किया जा रहा था। सूचना मिलने पर लूणी पुलिस और सीएसटी प्रभारी महाराज ने टीम के साथ दबिश दी और अवैध बजरी से भरे 4 डंपर और एक स्विफ्ट कार को जब्त कर लिया। पुलिस ने अवैध बजरी से भरे डंपरों की सूचना खनिज विभाग जोधपुर को भी दी है। जांच में पता चला कि लूणी थाना क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के चलते अवैध खननकर्ताओं ने रोहट, पाली में जेसीबी लगाकर अवैध बजरी का खनन शुरू कर दिया था। वे डंपरों से बजरी लाकर ऊंचे दामों पर जोधपुर शहर में सप्लाई कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने इन 7 लोगों को किया गिरफ्तार (1) विकास (21) निवासी सियागो का बास गुडा विश्रोईंयान, पुलिस थाना विवेक विहार, जोधपुर। (2) नरेश उर्फ महेश(29) निवासी सियागो की ढाणी, गुडा विश्रोईयान, पुलिस थाना विवेक विहार , जोधपुर। (3) रोशन(33) निवासी गुडा विश्नोईयान, पुलिस थाना विवेक विहार, जोधपुर। (4) पीरु खान(32) निवासी गुडा विश्रोईयान, पुलिस थाना विवेक विहार, जोधपुर। (5) निर्मल(29)निवासी धिगाणा, पुलिस थाना लूणी, जोधपुर। (6) श्रवण (19) निवासी गुडा विश्नोईयान, पुलिस थाना विवेक विहार, जोधपुर। ( 7) महेन्द्र,निवासी गुडा विश्नोईयान, पुलिस थाना विवेक विहार, जोधपुर।
अजमेर में बुधवार को यूथ कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन किया गया। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बजरंगगढ़ चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पुतला जलाकर विरोध किया। यूथ कांग्रेस ने संसद में चीन नीति को लेकर आवाज उठा रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी का माइक बंद करने का आरोप लगाया। यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहित मल्होत्रा ने बताया कि भारत के पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद की पुस्तक में चीन द्वारा भारतीय सीमा में टैंक घुसपैठ के गंभीर घटना का स्पष्ट उल्लेख है। पुस्तक के अनुसार जब सेना ने तत्काल निर्णय की आवश्यकता बताई तब राजनीतिक नेतृत्व की ओर से स्पष्ट निर्देश नहीं मिले और देश के प्रधानमंत्री ने चुप्पी साध ली और चीनी सेना के हमारे भारत देश की और बढ़ते कदमों को नजर अंदाज कर दिया। यह एक चिंतन जनक विषय है। मल्होत्रा ने कहा कि इस मुद्दे को जब संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उठाया तो लोकतंत्र की हत्या करते हुए उनका माइक बंद कर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चीन के सामने सरकार ने डर के कारण चुप्पी साधी हुई है। यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतंत्र दोनों पर सीधा हमला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विषय पर देश के सामने स्पष्ट जवाब दें संसद में चर्चा से भागना बंद करें और देश की जनता के समक्ष आकर पुरी सेना और जनता से इस कृत्य की माफी मांगनी चाहिए। इसके विरोध में आज यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का पुतला जलाया है।
मुल्लापुर दाखा के इलाके के खेतों और ईंट भट्ठों पर लगातार हो रही चोरियों से परेशान किसानों और भट्ठा मालिकों ने खुद मोर्चा संभालते हुए दो चोरों को रंगे हाथ दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों ने कबूला है कि वे अपनी नशे की तलब को पूरा करने के लिए छोटी-बड़ी चोरियां करते थे। शिवा ब्रिक भट्ठा के मालिक मनोज कुमार ने बताया कि पिछले काफी समय से उनके भट्ठे और आसपास के खेतों को निशाना बनाया जा रहा था। चोर कभी कीमती मोटर कभी बिजली की तारें तो कभी लोहे के औजार उड़ा ले जाते थे। रोजाना के नुकसान से तंग आकर स्थानीय किसानों और भट्ठा कर्मियों ने गुप्त रूप से इलाके में निगरानी बढ़ा दी थी। दिनदहाड़े वारदात: भट्ठे का सामान समेटते पकड़े गए बुधवार को जब किसान भट्ठे के पास खेतों में काम कर रहे थे तभी उन्होंने दो संदिग्ध युवकों को बंद पड़े भट्ठे से सामान उठाते देखा। किसानों ने बिना देरी किए घेराबंदी की और दोनों को मौके पर ही धर दबोचा। पकड़े जाने के वक्त उनके पास से चोरी का सामान भी बरामद हुआ। पूछताछ में बड़ा खुलासा: कबाड़ी को बेचते थे सामान पकड़े गए आरोपियों ने पुलिसिया पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे सामान चोरी कर सीधे मुल्लापुर के एक स्थानीय कबाड़ी को बेच देते थे। उससे मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल वे नशा खरीदने के लिए करते थे। चोरी का मुख्य कारण नशे की लत है। जानकारी देते हुए एएसआई नरेंद्र शर्मा दाखा पुलिस स्टेशन आरोपी सामान बेचकर मिलने वाले पैसों से तुरंत नशा खरीदते थे। अब उस कबाड़ी की भी तलाश की जा रही है जो चोरी का माल खरीदता था।
बदायूं में ईंट-भट्ठे की मजदूरी के विवाद में हुए हमले में घायल वासुदेव की मौत हो गई है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य नामजद आरोपी अभी फरार हैं। यह घटना हजरतपुर थाना क्षेत्र के ग्योति गांव की है। मृतक वासुदेव का भांजा सर्वेश ईंट-भट्ठे पर लेबर ठेकेदारी का काम करता है। आरोप है कि गांव के राजेंद्र, राजीव कुमार, ओमपाल, विजय, अशोक और अमन लंबे समय से सर्वेश पर रुपये देने का दबाव बना रहे थे। 25 जनवरी की शाम वासुदेव और उनके भांजे सर्वेश गांव में आयोजित भंडारे से दावत खाकर घर लौट रहे थे। रास्ते में आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने कथित तौर पर शराब पीने के लिए रुपये मांगे और मना करने पर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड तथा फरसे से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह दोनों को हमलावरों से बचाया। परिजनों ने घायलों को उपचार के लिए म्याऊं सीएचसी पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वासुदेव की हालत में सुधार न होने पर परिवार उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज ले गया। वहां 2 फरवरी को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, सर्वेश का इलाज अभी भी जारी है। वासुदेव की मौत के बाद उनके भाई की तहरीर पर पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। थानाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर में कुत्ते के काटने से महिला की मौत:डॉक्टर ने रेबीज एंटीडोज से मना किया, एक माह बाद गई जान
ग्वालियर में कुत्ते के काटने से एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिला को लगभग एक माह पहले कुत्ते ने काटा था, जिसके बाद उसे रेबीज का एंटीडोट नहीं दिया गया। परिजनों ने नगर निगम और डॉक्टर की लापरवाही का आरोप लगाया है। यह घटना गिरवाई थाना क्षेत्र के सिकंदर कंपू दाने की बगिया की है। गिरवाई थाना क्षेत्र की दाने की बगिया निवासी किरण लालवानी करीब एक माह पहले घर से बाहर गई थीं। इसी दौरान घर के पास एक आवारा कुत्ते ने उन्हें काट लिया था। किरण ने सिंधी कॉलोनी में एक डॉक्टर से टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया था। डॉक्टर ने किसी दूसरे इंजेक्शन से इनकार किया था परिजनों के अनुसार, डॉक्टर ने उन्हें बताया था कि अब किसी और इंजेक्शन की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, एक माह बाद किरण की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें हाइड्रोफोबिया हो गया। उन्हें 1000 बिस्तर वाले अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही और रेबीज एंटीडोज न दिए जाने के कारण किरण की मौत हुई है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक महिला के बेटे कपिल लालवानी ने बताया कि उनकी मां को कुत्ते के काटने के बाद सिंधी कॉलोनी में डॉक्टर माधवानी के पास ले जाया गया था। डॉक्टर ने टिटनेस का इंजेक्शन लगाने के बाद रेबीज एंटीडोज की आवश्यकता से इनकार कर दिया था। मां को तड़पते हुए देखा, अस्पताल में भर्ती करवाया कपिल का कहना है कि उनकी मां की तबीयत कुछ दिनों से लगातार बिगड़ रही थी। उनके पैर काम करना बंद हो गए थे और वे पानी और हवा से भी डरने लगी थीं। जब उन्हें इलाज के लिए एक हजार बिस्तर वाले अस्पताल में भर्ती करवाया गया, तो वह लगातार चिल्ला रही थीं। इस घटना का वीडियो अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों के पास भी है। कपिल ने आरोप लगाया कि यह घटना नगर निगम और उस आरएमपी डॉक्टर की लापरवाही के कारण हुई। उनका कहना है कि नगर निगम की अनदेखी की वजह से आवारा कुत्ते लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। साथ ही, उस आरएमपी डॉक्टर पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने एंटीडोट लगाने से इंकार किया। कपिल ने कहा, जिस तरह मैंने अपनी मां को तड़पते हुए देखा, कोई और उसे ना देखे। महिला हाइड्रोफोबिया से पीड़ित एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन के लेब टेक्नीशियन अशोक आर्य ने बताया कि लगभग एक महीने पहले एक महिला को कुत्ते ने काटा था, लेकिन उन्होंने एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया था। इसके कारण उन्हें हाइड्रोफोबिया हो गया। अशोक आर्य ने बताया कि उन्हें एक डोज देने के बाद मैडिसन विभाग में भेजा गया। उनकी हालत बेहद गंभीर थी और उन्हें पानी और हवा से डर लग रहा था। ग्वालियर में डॉगबाइट के मामले बढ़े ग्वालियर में डॉगबाइट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, रोजाना 200 से 300 केस सामने आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर लोग आवारा कुत्तों के काटने की वजह से घायल होकर एंटीडोट के लिए शहर के सरकारी अस्पतालों में पहुंचते हैं। इन मामलों में कई लोग गंभीर स्थिति में भी पहुंचते हैं, जिससे स्वास्थ्य और सुरक्षा की गंभीर चिंता पैदा हो रही है।
पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में बुधवार को एक ही नंबर की दो कारें सामने आई। जिसे देखकर पुलिस के भी होश उड़ गए। दोनों कार सवार बांगड़ हॉस्पिटल में भर्ती अपने रिश्तेदार के पास आए थे। बांगड़ हॉस्पिटल चौकीप्रभारी सब इंस्पेक्टर अनूपसिंह ने बताया कि मामला ध्यान में आते ही दोनों गाड़ियों के मालिकों को चौकी बुलाया। दोनों की आरसी, इंजन नंबर और चेसिस नंबर चेक किए। जिसमें से एक कार के इंजन नंबर और चेसिस नंबर आरसी से मेल नहीं खा रहे थे। ऐसे में उस कार को जब्त किया। वहीं मामले में आरटीओ से भी कार के बारे में जानकारी मांगी ताकि पता चल सके कि यह फर्जी नंबर की कार चोरी की है या अन्य कोई मामला है। जिसकी कार के दस्तावेज सही पाएं गए उसकी कार को पुलिस ने रिलीज कर दिया। मामले में जांच जारीमामल में कोतवाली थाने के सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह का कहना है कि कार को फिलहाल जब्त कर चौकी के पास खड़ी करवाई है और मामले की जांच शुरू कर दी है। ताकि पता लगाया जा सके कि कार मालिक ने अपनी कार पर फर्जी नंबर प्लेट क्यों लगाई। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि पूरा मामला क्या है।
जिला पटवारी संघ ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदेश संगठन के आह्वान पर सौंपे गए इस ज्ञापन में पटवारियों को कार्य के दौरान आ रही तकनीकी, प्रशासनिक और वेतन संबंधी समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई। संघ ने बताया कि पटवारी पूरी निष्ठा से शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं। हालांकि, जियो टैग गिरदावरी, फार्मर आईडी, सीएम हेल्पलाइन और वेतन विसंगतियों के कारण उन्हें अनावश्यक दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पटवारियों ने जियो टैग गिरदावरी को अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि सर्वेयरों को मानदेय का भुगतान न होने से वे कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे गिरदावरी का पूरा भार पटवारियों पर आ गया है। एक पटवारी को 5 से 10 हजार खसरों की जियो टैग गिरदावरी करनी पड़ रही है, जो व्यवहारिक नहीं है, इसलिए ग्राम स्तर पर गिरदावरी का प्रावधान करने की मांग की गई। ज्ञापन में नवोदित पटवारियों को नियुक्ति दिनांक से 100 प्रतिशत वेतन देने और लंबित एरियर का शीघ्र भुगतान करने की मांग प्रमुख रही। संघ ने बताया कि इस संबंध में हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा भी आदेश पारित किए जा चुके हैं, इसके बावजूद अब तक शासन स्तर पर अमल नहीं हुआ है। पटवारियों ने सीएम हेल्पलाइन से उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन, अपात्र या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों को भी सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कर दबाव बनाया जाता है। ऐसी शिकायतों को फोर्स क्लोज करने और संतुष्टि के नाम पर प्रताड़ना बंद करने की मांग की गई। संघ ने यह भी कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना का 99 प्रतिशत कार्य पटवारियों द्वारा पूरा किया जा चुका है। उन्होंने मांग की कि अन्य राज्यों की तरह यह कार्य कृषि विभाग को सौंपा जाए, ताकि पटवारियों को तकनीकी शिकायतों से राहत मिल सके। इसके साथ ही स्वामित्व योजना, कृषि संगणना, लघु सिंचाई संगणना, ई-बस्ता प्रिंट और ऑनलाइन कार्यों के लंबित मानदेयों का भुगतान शीघ्र करने की मांग भी ज्ञापन में की गई। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज बघेल का कहना है कि पटवारी शासन की रीढ़ हैं, लेकिन लगातार बढ़ते काम और तकनीकी खामियों के कारण काम करना मुश्किल हो रहा है। शासन को समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए। तहसील अध्यक्ष विपुल शर्मा का कहना था कि सीएम हेल्पलाइन और फार्मर आईडी जैसी प्रक्रियाओं में सुधार नहीं हुआ तो जमीनी स्तर पर काम प्रभावित होगा।
रोहतक में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी शमशेर सिंह खरक ने संसद परिसर के मकर द्वार पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आचरण की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उन्हें संसदीय गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का न कोई ज्ञान है और न ही वो सम्मान करना जानते हैं। शमशेर सिंह खरक ने कहा कि देश की सबसे बड़ी पंचायत में गद्दार जैसे शब्दों का प्रयोग न केवल निंदनीय है, बल्कि कांग्रेस की हताश और अहंकारी मानसिकता को भी उजागर करता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को सार्वजनिक रूप से गद्दार कहना कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोध का ठप्पा लगाने जैसा गंभीर आरोप है। दल बदलना नहीं गद्दारी शमशेर सिंह खरक ने कहा कि संसद परिसर जैसे गरिमामय स्थल पर इस प्रकार की भाषा का प्रयोग पूरी तरह अस्वीकार्य और विपक्ष के नेता के पद को शोभा नहीं देता। कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि क्या दल बदलना गद्दारी है? यदि ऐसा है, तो कांग्रेस को अपने इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए, जहां अनेक नेता समय-समय पर दल बदल चुके हैं। मुद्दों पर बहस करने में विफल हुए राहुल गांधी शमशेर खरक ने कहा कि राहुल गांधी मुद्दों पर बहस करने में विफल हो चुके हैं, इसलिए व्यक्तिगत अपमान और अपशब्दों को राजनीति का हथियार बना रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष का पद संयम, जिम्मेदारी और परिपक्वता की अपेक्षा करता है, लेकिन राहुल गांधी बार-बार इस भूमिका में असफल नजर आ रहे हैं। भाजपा भाषा की गिरावट की राजनीति नहीं करती। संसद बहस का मंच, गाली गलौच का नहीं शमशेर खरक ने कहा कि संसद बहस का मंच है, गाली-गलौज का नहीं। लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब असहमति भी मर्यादा के दायरे में व्यक्त की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व को अपनी भाषा और आचरण पर आत्ममंथन करना चाहिए, क्योंकि देश की जनता सब देख और समझ रही है।
रामपुर में चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनुराग सिंह ने हाल ही में नगर कोतवाली परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें तीनों कोतवाली के प्रभारी, पतंग उड़ाने वाले और मांझा बेचने वाले दुकानदार शामिल हुए। बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि चाइनीज मांझा बेचने या इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इसे घातक बताते हुए आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। एएसपी अनुराग सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि चाइनीज मांझा अत्यंत खतरनाक है, जिससे अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण या उपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई दुकानदार इसे बेचते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एएसपी सिंह ने दुकानदारों से अपील की कि वे स्वयं चाइनीज मांझा न बेचें और यदि कोई इसकी मांग करता है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पतंग उड़ाने वालों को भी जागरूक करते हुए कहा गया कि वे अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें। बैठक में नगर कोतवाली के कोतवाल ओंकार सिंह, सिविल लाइंस कोतवाली के कोतवाल संजीव कुमार और गंज कोतवाली के कोतवाल पवन शर्मा मौजूद रहे। इनके अलावा, पतंग और मांझा बेचने वाले दुकानदारों तथा पतंगबाजों सहित चार दर्जन से अधिक लोग शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों को निगरानी और कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रामपुर को चाइनीज मांझे से मुक्त करना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चिड़ियावासा में बुधवार को वार्षिकोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। वहीं विद्यालय की उप प्राचार्य रजनी पारगी ने भामाशाह के रूप में मिसाल पेश करते हुए विद्यालय के 650 छात्र-छात्राओं को 'कृष्ण भोग' (प्रसादी) कराया। मंच से मिले बोर्ड परीक्षा में सफलता के टिप्स समारोह के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक हरिकृष्ण आचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नियमित अध्ययन ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने आगामी परीक्षाओं के लिए छात्रों का मार्गदर्शन किया। अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य विजयकृष्ण वैष्णव और विशिष्ट अतिथि एसीबीओ संदीप त्रिवेदी व हेमंत भट्ट ने छात्र-छात्राओं को तनाव मुक्त रहकर परीक्षा में अच्छे अंक लाने के खास टिप्स साझा किए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिखी देशभक्ति की झलक कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक देशभक्ति गीत और लोक नृत्य प्रस्तुत किए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। ये रहे उपस्थित: समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में अशोक पंड्या, जितेंद्र पंड्या, तोलाराम निनामा, प्रमोद पंड्या, हेमंत पंड्या, राजू सारेल और उमेश अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मनीष पटेल एवं प्रवीणा पंड्या ने किया। जबकि आभार उप प्राचार्य रजनी पारगी ने व्यक्त किया।
कटनी के स्लीमनाबाद ग्राम में बुधवार सुबह बस स्टैंड के पास स्थित पवन ज्वेलर्स में आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। दुकान के साथ-साथ मकान के ऊपरी कमरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में लाखों रुपए की गृहस्थी, नकदी और कीमती सामान जलकर राख हो गया। डेढ़ घंटे बाद पहुंची दमकल टीमप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह दुकान से धुआं उठता देख स्थानीय लोगों ने शोर मचाया और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। नकदी, जेवर और गृहस्थी जलकर खाकदुकान और मकान के मालिक नारायण दास सोनी ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें घर का सामान बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिला। दुकान में रखी करीब एक लाख रुपए नकदी, लाखों रुपए के जेवर, फर्नीचर, कूलर और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। इस आग में उनकी सालों की जमापूंजी खत्म हो गई। बिजली कंपनी पर लगाए गंभीर आरोपपीड़ित नारायण दास सोनी ने घटना के लिए सीधे तौर पर बिजली कंपनी को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में बिजली के खंभों पर तार बेहद अव्यवस्थित हालत में लगे हुए हैं। इस समस्या की शिकायत वे पहले भी कई बार विभाग से कर चुके थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण ही उन्हें इतना बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।
बदायूं में कैंसर दिवस पर गोष्ठी आयोजित:डॉक्टरों ने बताए कारण, तंबाकू से दूर रहने की अपील की
बदायूं में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर मेडिकल सर्विस सोसाइटी (MSS) और युवा सद्भावना मंच ने अल्फारिया हॉस्पिटल में एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में डॉ. इत्तेहाद आलम ने बताया कि विश्व कैंसर दिवस का उद्देश्य कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इसकी रोकथाम, पहचान और उपचार को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बीड़ी, पान, गुटखा, सिगरेट, तंबाकू, शराब, खराब खानपान, दूषित पर्यावरण और प्रदूषण जैसे कैंसर के मुख्य कारणों से दूर रहने पर जोर दिया। डॉ. अजीत पाल सिंह ने कैंसर से बचाव के लिए स्वस्थ आहार अपनाने की सलाह दी, जिसमें विभिन्न प्रकार के फल, हरी सब्जियां, दालें और प्रोटीन युक्त भोजन शामिल हों। उन्होंने यह भी बताया कि यदि शरीर में कोई गांठ, ऐसा घाव जो ठीक न हो रहा हो, वजन कम होना या अन्य असामान्य बदलाव दिखें तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। डॉ. संजीदा आलम ने स्तन कैंसर को महिलाओं में सबसे आम कैंसर में से एक बताया। उन्होंने समझाया कि स्तन कैंसर तब होता है जब स्तन की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर बनाती हैं, जो अक्सर दर्द रहित गांठ के रूप में महसूस होती है। डॉ. अतिया अकरम ने कैंसर के प्रमुख लक्षणों के बारे में जानकारी दी। युवा सद्भावना मंच के अध्यक्ष सुबोध यादव ने सभी से कैंसर के कारणों से दूर रहने की अपील की। इस कार्यक्रम में सुबोध यादव, गौरव कुमार, नौशाद अली, इसराइल अली, आसिफ अब्बासी, कंचन, हिना, शिवम, अरिस, बच्चन अली खान और ओमप्रकाश सहित कई लोग मौजूद रहे।
उच्च शिक्षा और सामाजिक संतुलन को प्रभावित करने वाले प्रस्तावित यूजीसी कानून (एक्ट) के खिलाफ अब झुंझुनूं जिले का सवर्ण समाज मुखर हो गया है। बुधवार को शहर के पीरू सिंह सर्किल स्थित एक' रेस्टोरेंट में सवर्ण समाज जिला झुंझुनूं के बैनर तले एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया या इसमें जरूरी संशोधन नहीं किए, तो सवर्ण समाज पूरे देश में बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा। वफादारी को कमजोरी न समझे सरकार प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज दशकों से भाजपा का परंपरागत वोट बैंक रहा है और हर चुनाव में मजबूती के साथ पार्टी के साथ खड़ा रहा है। लेकिन, प्रस्तावित यूजीसी एक्ट समाज के हितों पर कुठाराघात है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी भावनाओं की अनदेखी की गई, तो आगामी चुनावों में समाज अपना राजनीतिक रुख बदलने से भी परहेज नहीं करेगा। सामाजिक और शैक्षिक संतुलन पर खतरे की आशंका समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यूजीसी के नए प्रस्तावित प्रावधान उच्च शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक समरसता के खिलाफ हैं। इससे न केवल परंपरागत अधिकारों का हनन होगा, बल्कि उच्च शिक्षण संस्थानों में योग्यता और निष्पक्षता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। एकजुटता: ब्राह्मण, राजपूत, अग्रवाल एवं जैन समाज सहित सभी सवर्ण संगठनों ने एकजुट होकर विरोध का संकल्प लिया। मांग: केंद्र सरकार तुरंत इस कानून को वापस ले या समाज के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर आवश्यक संशोधन करे।
बिलासपुर में लोगों की गुम हुई अमानत लौटाने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अर्पण अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए 100 कीमती मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। बरामद मोबाइल की कीमत लगभग 2 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस द्वारा लगातार प्रयास करते हुए हर माह लगभग 100 गुम मोबाइल ढूंढकर नागरिकों को लौटाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में इस माह भी तकनीकी जांच और फील्ड अभियान के जरिए मोबाइल बरामद कर वितरण किया गया। मोबाइल प्राप्त करने के लिए करीब 160 लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे। चलाया जा रहा विशेष खोज अभियानएसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर गुम मोबाइल संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी एसीसीयू और जिले के सभी थानों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार कर तकनीकी जानकारी के आधार पर खोजबीन की गई, जिसके परिणामस्वरूप एक माह के भीतर 100 मोबाइल बरामद किए गए। अन्य जिलों और राज्यों से भी मिले मोबाइलसीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि, पुलिस जांच में कई मोबाइल राज्य के दूरस्थ जिलों और अन्य प्रदेशों में सक्रिय पाए गए। ऐसे मामलों में अलग-अलग टीम बनाकर बरामदगी की कार्रवाई जारी है, ताकि सभी गुम मोबाइल उनके मालिकों तक लौटाए जा सकें। कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियरे, प्रभारी एसीसीयू हेमंत आदित्य और साइबर एक्सपर्ट उप निरीक्षक प्रभाकर तिवारी ने लोगों को वर्तमान समय में बढ़ रही साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी। डिजिटल अरेस्ट, वीडियो कॉल ठगी और फर्जी कस्टमर केयर से सतर्क रहने की अपीलपुलिस अधिकारियों ने डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन (वीडियो कॉल के माध्यम से), व्हाट्सएप डीपी बदलकर ठगी, बिटकॉइन, टूरिज्म प्लान, कस्टमर केयर के नाम पर ठगी, ऑनलाइन लोन एप सहित अन्य तरीकों से होने वाली ठगी से बचने के उपाय साझा किए।
मऊ रेलवे अस्पताल में रेल प्रशासन द्वारा एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में एन.ई. रेलवे मजदूर यूनियन, मेंस कांग्रेस के सदस्यों और अन्य रेल कर्मचारियों सहित कुल 21 लोगों ने रक्तदान किया। वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके मऊ आगमन पर एन.ई. रेलवे मजदूर यूनियन, मऊ शाखा के शाखा मंत्री राजेश सिंह ने बुके देकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कर्मचारियों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपा गया। रक्तदान शिविर के बाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुनीत राव और श्री राजेश सिंह ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया। रक्तदान करने वालों में एन.ई. रेलवे मजदूर यूनियन के शाखा मंत्री राजेश सिंह और कोषाध्यक्ष बी.के. पाण्डेय प्रमुख थे। यह रक्तदान शिविर जिला चिकित्सालय मऊ के ब्लड बैंक के मेडिकल ऑफिसर डॉ. हेमंत शर्मा की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
प्रतापगढ़ शहर में एमडी ड्रग फैक्ट्री से जुड़ी एक अवैध इमारत को नगर परिषद ने ध्वस्त कर दिया है। किराणा दुकान और अनाज गोदाम की आड़ में संचालित फैक्ट्री का खुलासा हाल ही में हुआ था। नगर परिषद की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अवैध निर्माण और नशे के कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बुलडोजर से अवैध बिल्डिंग गिराई शहर कोतवाल शंभु सिंह ने बताया कि पुलिस कार्रवाई के बाद भवन की जांच की गई। इसमें सामने आया कि जिस इमारत में एमडी फैक्ट्री चल रही थी, वह पूरी तरह अवैध रूप से निर्मित थी। इसके निर्माण के लिए न तो कोई अनुमति ली गई थी और न ही नगर परिषद के नियमों का पालन किया गया था। इसके बाद नगर परिषद की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से अवैध भवन को जमींदोज कर दिया। बता दे कि कोतवाली पुलिस ने 1 फरवरी को इस इमारत में संचालित एमडी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पानी की टंकी के पास स्थित किराणा दुकान और अनाज गोदाम में अवैध रूप से मादक पदार्थ एमडी का निर्माण किया जा रहा है। दबिश के दौरान पुलिस ने मौके से 106 ग्राम एमडी, लगभग 114 किलो 750 ग्राम केमिकल,7 प्लास्टिक जरीकेन और ड्रग निर्माण में प्रयुक्त पूरा सेटअप बरामद किया था। हालांकि आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिनकी तलाश अभी भी जारी है।आज की बुलडोजर कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन की सक्रियता को लेकर चर्चा है। लोगों का मानना है कि ऐसी त्वरित और कठोर कार्रवाई से शहर में नशे के नेटवर्क पर प्रभावी रोक लग सकेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध निर्माण और मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े किसी भी ठिकाने पर इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।
औरैया जिले के लालपुर थाना क्षेत्र फफूंद में एक 55 वर्षीय व्यक्ति ने मुर्गी फार्म हाउस में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना बीती रात ककोर स्थित जिला मुख्यालय के पीछे हुई। मृतक की पहचान नागेंद्र उर्फ गुड्डन के रूप में हुई है। नागेंद्र उर्फ गुड्डन पिछले कई वर्षों से कैंसर की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। अपनी बीमारी के कारण वे मानसिक रूप से काफी परेशान रहते थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। मृतक नागेंद्र के दो बेटे हैं, रोहित और मोहित। रोहित शादीशुदा हैं। उनकी दो बेटियां भी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। घटना के बाद परिजनों में शोक का माहौल है। इस मामले में फफूंद थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि उन्हें अभी तक इस घटना के संबंध में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। न ही किसी परिजन द्वारा उन्हें सूचित किया गया है।
कुशीनगर में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था के अध्यक्ष विजय बहादुर चौधरी (थारू) पर गोंड जाति के खिलाफ असंवैधानिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। संघ ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चौधरी के मूल निवास और नागरिकता की जांच तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। संघ के जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड ने बताया कि विजय बहादुर चौधरी ने 22 जनवरी 2026 को नेपाल के थारू समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में गोंड जाति के खिलाफ टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को एक ज्ञापन भेजा था। संघ का आरोप है कि यह टिप्पणी पूरी तरह असंवैधानिक और भ्रामक है। गोंड ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 दिसंबर 1977 को एक शासनादेश जारी कर गोंड जाति पर लगे सभी क्षेत्रीय प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया था। इस शासनादेश में पूरे प्रदेश में निवास करने वाले गोंड समुदाय को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। संघ ने यह भी बताया कि 1977 के शासनादेश के बाद भी, समाज कल्याण विभाग ने 1987, 2005, 2010, 2020 और 2021 में कई बार निर्देश जारी किए। इन निर्देशों में मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों से कहा गया था कि प्रदेश में निवास करने वाली गोंड जाति और उसकी उपजातियों को जाति प्रमाण पत्र सहित सभी संवैधानिक अधिकार बिना किसी बाधा के प्रदान किए जाएं। ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख है कि हाल ही में मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था द्वारा गोंड समुदाय के प्रमाण पत्रों को लेकर दाखिल की गई रिट याचिका (संख्या 120/2026) को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने 29 जनवरी 2026 को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में जारी गोंड जाति के सभी अनुसूचित जाति/जनजाति प्रमाण पत्र पूरी तरह वैध हैं। अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा है कि विजय बहादुर चौधरी द्वारा भेजे गए ज्ञापन को तत्काल निरस्त किया जाए। इसके साथ ही, उनके मूल निवास और नागरिकता की गहन जांच कराई जाए तथा असंवैधानिक टिप्पणी के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। संघ ने की गई कार्रवाई से संगठन को अवगत कराने की भी मांग की है।
मध्य प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष अचानक भोपाल आए हैं। संतोष के भोपाल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दिल्ली में हैं। भोपाल में बीजेपी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री की अगवानी की। इसके बाद प्रदेश कार्यालय में बीएल संतोष की मौजूदगी में संगठनात्मक बैठक हुई, जिसमें पार्टी के शीर्ष पदाधिकारी फिजिकल और वर्चुअल रूप से शामिल हुए। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने प्रदेश कार्यालय पहुंचने के बाद सबसे पहले पार्टी कार्यालय में प्रदेश के बजट को लेकर बनाई गई रंगोली को देखा और उसकी सराहना की। इसके बाद वे बैठक में शामिल हुए। बताया जाता है कि दिल्ली से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी वर्चुअली बैठक से जुड़े। बीएल संतोष ने इस दौरान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ केंद्रीय बजट के प्रचार-प्रसार और वीबी जी रामजी योजना के प्रचार-प्रसार को लेकर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मंडल और विधानसभा स्तर पर जाकर इसका प्रचार-प्रसार किया जाए। कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने का काम किया जाए। हितानंद शर्मा की मां का स्वास्थ्य जानने भी गए प्रदेश कार्यालय पहुंचने से पहले बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने बीजेपी के पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की माताजी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। वे अस्पताल पहुंचे और हितानंद शर्मा व परिजनों से उनकी माताजी के स्वास्थ्य को लेकर चर्चा की। गौरतलब है कि हितानंद शर्मा की माताजी गंभीर रूप से बीमार हैं और उनका इलाज चल रहा है।
गाजीपुर में महिला आयोग की जनसुनवाई:11 में से 6 मामलों का मौके पर निस्तारण, एक की विदाई
गाजीपुर में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव ने महिलाओं से जुड़े मामलों की जनसुनवाई की। इस दौरान कुल 11 प्रकरण सामने आए, जिनमें से 6 आवेदनों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। एक मामले में समझौते के बाद महिला की विदाई भी कराई गई। यह जनसुनवाई लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस/निरीक्षण गृह में आयोजित की गई थी। इसमें महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और पति द्वारा मारपीट जैसे विभिन्न मामलों की सुनवाई पुलिस तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। सुनवाई के दौरान सुनीता श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा और उत्पीड़न से न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं और बालिकाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। आयोग में आने वाले प्रत्येक प्रकरण का गहन विश्लेषण कर संबंधित अधिकारियों के सहयोग से समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है। शेष बचे मामलों में महिला आयोग की सदस्य ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान क्षेत्राधिकारी सदर, महिला थाना प्रभारी नीतू मिश्रा, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सोनी, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के 3 किलोमीटर के दायरे में कैंसर पीड़ित ज्यादा मिले हैं। जेपी नगर, कैंची छोला और काजी कैंप में कुल गैस प्रभावित 21 हजार 276 लोगों में से कैंसर के 334 मरीज हैं। नई पीड़ी में भी कैंसर के लक्षण मिले हैं। बुधवार को यह आंकड़े गैस पीड़ितों को लेकर काम और इलाज करने वाले संभावना ट्रस्ट क्लिनिक ने बुधवार को जारी किए। विश्व कैंसर दिवस के मौके पर संभावना ट्रस्ट क्लिनिक ने मीडिया को जानकारी दी। जिसमें बताया कि वर्ष 1984 के यूनियन कार्बाइड हादसे से प्रभावित आबादी में कैंसर की दर, अपीड़ित आबादी की तुलना में लगभग 13 गुना ज्यादा है। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि गैस पीड़ित महिलाओं की अपेक्षा गैस पीड़ित पुरुषों में कैंसर की दर अधिक है। यह भी देखा गया है कि गैस पीड़ित आबादी में खून, फेफड़े और गले के कैंसर की दर सबसे ज्यादा है। साल 1996 में स्थापित संभावना ट्रस्ट क्लिनिक भोपाल में यूनियन कार्बाइड हादसे के पीड़ितों को मुफ्त इलाज मुहैया कराता है। क्लिनिक की सामुदायिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण यूनिट के सदस्य राधेलाल नापित ने बताया, हमने 21 हजार 276 गैस पीड़ितों और 25 हजार 528 अपीड़ित व्यक्तियों के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी इकट्ठा की है। जिनकी आय और शिक्षा समान है। कैंसर का आंकड़ा उन सभी लोगों का है, जिन्हें साल 1992 और 2012 के बीच कैंसर का पता चला था। हमारे पास कैंसर वाले लगभग सभी व्यक्तियों के मेडिकल रिकॉर्ड की कॉपी हैं। फेफेड़े, गले के कैंसर मरीज अधिक मिलेट्रस्ट की ही फरहत जहां ने बताया, गैस पीड़ित आबादी में कैंसर की दर प्रति 1 लाख पर 1569.84 है। वहीं अपीड़ित आबादी में यह प्रति 1 लाख पर 117.52 है। गैस पीड़ित पुरुषों में कैंसर की दर 14.92 गुना ज्यादा है, जबकि गैस पीड़ित महिलाओ में यह 12.22 गुना अधिक है। सर्वे टीम के एक अन्य सदस्य चंद्रशेखर साहू ने बताया, यूनियन कार्बाइड हादसे के पीड़ितों में कुछ तरह के कैंसर ज्यादा आम थे। हम पाते हैं कि गैस पीड़ित आबादी में खून के कैंसर की दर अपीड़ित आबादी की तुलना में 21.6 गुना ज्यादा है। इसी तरह, फेफड़े और गले के कैंसर की दर अपीड़ित आबादी की तुलना में क्रमशः 28.78 और 33.86 गुना ज्यादा सामने आई है। इन इलाकों में सर्वेटीम की सदस्य संतोष क्षत्रिय ने बताया, गैस पीड़ित लोगों की जानकारी जयप्रकाश नगर, कैंची छोला, काजी कैंप और यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 3 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाकों के निवासियों से इकट्ठा किया गया। वहीं, गैस से अपीड़ित लोगों की जानकारी अन्ना नगर, भीम नगर और वल्लभ नगर के निवासियों से ली गई थी, जो यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 8 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर हैं। यहां कुल 25 हजार 528 गैस पीड़ितों में से 30 में कैंसर के लक्षण है।
बुलंदशहर में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेस-वे को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार शाम 5 बजे आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा समाप्त होने के बाद अब जल्द ही प्रभावित गांवों में भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह एक्सप्रेस-वे कुल 55 गांवों की जमीन पर बनाया जाएगा। इसमें बुलंदशहर जिले की सदर, स्याना, सिकंदराबाद, खुर्जा और शिकारपुर तहसीलों के 46 गांव तथा जेवर तहसील के 9 गांव शामिल हैं। परियोजना के लिए लगभग 8,700 किसानों की 677 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, जिसके लिए प्रशासन ने 1500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने से पहले प्रशासन ने किसानों से आपत्तियां मांगी थीं। निर्धारित समय सीमा तक कुल 106 किसानों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इनमें से अधिकतर आपत्तियां जमीन के मुआवजे और उसकी श्रेणी से संबंधित हैं। बुधवार शाम 5 बजे के बाद अब कोई नई आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। यह लिंक एक्सप्रेस-वे बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेस-वे से शुरू होकर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे और जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक सीधा संपर्क प्रदान करेगा। इसके निर्माण से पश्चिम उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और दिल्ली-एनसीआर तक की यात्रा सुगम हो जाएगी।
कोटपूतली कॉलेज में संविदा नियुक्तियों का विरोध:राज-सीईएस योजना की वर्तमान व्यवस्था पर जताई आपत्ति
राजकीय पन्ना देवी मोरीजावाला कन्या कॉलेज कोटपूतली में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक संघ, राजस्थान (उच्च शिक्षा की महाविद्यालय इकाई) द्वारा आज CES (राजसेश) महाविद्यालयों की वर्तमान संकल्पना एवं संचालन व्यवस्था के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्राध्यापकों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के विपरीत बताया विरोध के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि Raj-CES योजना के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के विपरीत है। इन महाविद्यालयों में स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव, अपर्याप्त अधोसंरचना एवं संसाधन, शोध एवं नवाचार की संभावनाओं का न होना तथा संविदा एवं अस्थायी नियुक्तियों पर आधारित अध्यापन व्यवस्था राज्य की उच्च शिक्षा को गुणवत्ता, बहुविषयकता एवं अकादमिक निरंतरता से दूर ले जा रही है।
कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील के डीघ गांव स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में 36वां वार्षिकोत्सव संपन्न हुआ। मंगलवार को रामचरित मानस के अखंड पाठ से शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान का बुधवार को विधिवत समापन किया गया। उत्सव के दौरान मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम कन्याओं को भोजन कराकर प्रसाद वितरण की शुरुआत हुई। इसके बाद क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। मार्ग से गुजर रहे यात्री वाहनों के लोग भी रुककर संकट मोचन हनुमान के दर्शन करते दिखे और भंडारे का प्रसाद पाया। अखंड रामायण पाठ के विश्राम के बाद पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और जय बजरंगबली के उद्घोष से मंदिर परिसर गूंजता रहा। ग्रामीणों के अनुसार, यह आयोजन पिछले 35 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। पंडित राजकुमार द्विवेदी ने मंत्रोच्चारण के बीच हवन-पूजन कराया, जिसके बाद भगवान हनुमान की महाआरती संपन्न हुई। इस दौरान प्रसाद वितरण व व्यवस्था में हरिओम मिश्र, राजेश शुक्ल, शत्रुमर्दन मिश्रा, श्रवण कुमार मिश्र, अश्वनी शुक्ल, रूपकिशोर तिवारी, देवेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, विश्वनाथ तिवारी, कृपाशंकर मिश्र, गोविंद मिश्र, गणेश मिश्र, ठाकुर देवेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अंकित शुक्ल, सोनू तिवारी, अभिषेक मिश्र, नितिन शुक्ल, विशाल यादव, बउअन यादव, देवप्रकाश मिश्र, विवेक द्विवेदी, सजीवन लाल यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय सहयोग किया।
एसपी संकल्प शर्मा ने किया बदलाव:कई चौकी इंचार्जों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल, कुछ पुलिस लाइन भेजे गए
लखीमपुर खीरी। पुलिस अधीक्षक खीरी संकल्प शर्मा ने जनहित में कई उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में तत्काल प्रभाव से बदलाव किया है। उन्होंने इस संबंध में स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। चौकी प्रभारी मढ़ियाघाट थाना मैगलगंज उपनिरीक्षक झारिया सिंह और चौकी प्रभारी कस्बा मोहम्मदी थाना मोहम्मदी उपनिरीक्षक मुईन अहमद खां को पुलिस लाइन स्थानांतरित किया गया है। वहीं, पुलिस लाइन से उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह को कस्बा मोहम्मदी थाना मोहम्मदी का नया चौकी प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार दूबे को पुलिस लाइन से प्रभारी चौकी मढ़ियाघाट थाना मैगलगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, चौकी प्रभारी सकंटा देवी थाना कोतवाली सदर उपनिरीक्षक सतेन्द्र कुमार वर्मा को चौकी प्रभारी नकहा थाना खीरी भेजा गया है। चौकी प्रभारी नकहा थाना खीरी उपनिरीक्षक गौरव कुमार को सकंटा देवी थाना कोतवाली सदर का चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी पत्रांक सीए-ए-19/2026 दिनांक 23 फरवरी 2026 के तहत सभी संबंधित अधिकारियों को इन आदेशों का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

