एसपी कौशांबी हलफनामा दाखिल करें-हाईकोर्ट:खुदकुशी के लिए उकसाने के अपराध की विवेचना प्रगति बताएं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एस पी कौशांबी को 2024 में दर्ज एफ आई आर की विवेचना की प्रगति की जानकारी के साथ हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।और याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 23 मार्च नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर तथा न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने शिवपाल यादव उर्फ सिप्पल की याचिका पर दिया है। तालाब में मिली थी अजय की लाश याची के 20 वर्षीय पुत्र अजय उर्फ नाटू की लाश 26 अगस्त 2024 को तालाब में मिली थी, उसे इस बात की आशंका है कि उसके बेटे को आत्महत्या करने के लिए, प्रभु पासी, लक्ष्मण पासी, डोडो पासी, पप्पू बेहना व अंकुर खटिक ने उत्प्रेरित किया है।, थाना पिपरी, जनपद कौशांबी में एफ आई आर दर्ज की गई। अभी तक सिर्फ दो अभियुक्तों लक्ष्मण पासी व पप्पू पासी को पुलिस ने 18.नवंबर .2024 को गिरफ्तार किया व उनके विरुद्ध 08.जनवरी.2025 को आरोप पत्र दाखिल किया है। अन्य अभियुक्तों को न तो गिरफ्तार किया और न ही उनके खिलाफ कोई पुलिस रिपोर्ट दाखिल की गई।याची अधिवक्ता ने कहा कि 2024 में दर्ज एफ आई आर की निष्पक्ष विवेचना किये जाने का आदेश पारित किया जाय।
रंगपंचमी की सुबह स्कॉर्पियो ने मारी थी टक्कर:100 से ज्यादा कैमरे देखने के बाद पकड़ाया आरोपी ड्राइवर
छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में रंगपंचमी की सुबह तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में पुलिस ने फरार स्कॉर्पियो चालक को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी चकमा देने के लिए अलग-अलग जगह से गाड़ी को भगाकर ले गया था। दो दिन तक लगातार सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची है। छत्रीपुरा पुलिस के मुताबिक रंगपंचमी की अलसुबह सिलावटपुरा गणेश मंदिर के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे खड़े तनवीर खान (19) और उसके दोस्त फैजान मंसूरी (22) को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल यूनिक अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान तनवीर की मौत हो गई थी। वहीं फैजान घायल था। इस मामले में पुलिस ने स्कॉर्पियो के ड्राइवर शाहरुख पुत्र सलीम लोहार निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि रमजान के चलते सेहरी के समय कई युवक घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वहां से गुजरी और दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया था। खुद भी सेहरी के लिए पहुंचा था शाहरुख ने पूछताछ में बताया कि वह ग्रीन पेलेस कॉलोनी में रहने वाली व्यक्ति की गाड़ी चलाता है। रविवार को वह दो लोगों को लेकर सेहरी के लिए बंबई बाजार आया था। यहां से वापस जाते समय उसे नींद का झोंका आ गया। वह हादसे के बाद घबरा गया। इसके बाद स्कॉर्पियो को भगाकर वहां से ले गया। दोस्त ने किया था पीछा,100 से ज्यादा फुटेज देखे हादसे के बाद तनवीर ओर फैजान के दोस्त इरफान ने गगवाल,फूटी कोठी,महूनाका से होते हुए फूटी कोठी और चंदन नगर चौराहे तक पीछा किया था। इसके बाद आरोपी ने स्कॉर्पियो धार रोड की तरफ मोड़ दी थी। इरफान हादसे के बाद गाड़ी के नंबर नहीं देख पाया था। पुलिस के जवान धमेन्द्र,भूपेन्द्र और अरूण ने करीब 100 से ज्यादा कैमरो के फुटेज देखे ओर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने टक्कर मारने वाली स्कॉर्पियो भी जब्त कर ली है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग़लत रिमांड के लिए पीलीभीत में नियुक्त संबंधित रिमांड मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगा है और विवेचक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति जयकृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने मोहम्मद हारून की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर उसके अधिवक्ता जीके दीक्षित एवं अनुराग त्रिपाठी और सरकारी वकील को सुनकर याची के मामले में सर्वोच्च न्यायालय उच्च न्यायालय के विधि सिद्धांत का अनुपालन न करने पर दिया है। गिरफ्तारी मेमो और रिमांड आदेश निरस्त कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए गिरफ्तारी मेमो और रिमांड आदेश निरस्त कर दिया है। मामला पीलीभीत के जहानाबाद थाने का है, जहां अभियुक्त मोहम्मद हारून की गिरफ्तारी हुई थी और रिमांड मजिस्ट्रेट ने रिमांड का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह माना कि याची की गिरफ्तारी विधि सिद्धांत के अनुसार नहीं की गई थी। याची की ओर से अधिवक्ता जीके दीक्षित एवं अनुराग त्रिपाठी ने तर्क दिया कि उमंग रस्तोगी के केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय में अवधारित किया गया है कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने पर अरेस्ट मेमो में गिरफ्तारी के आधार से संबंधित कॉलम स्पष्ट रूप से उल्लिखित किए जाने चाहिए लेकिन याची के मामले में अरेस्ट मेमो में गिरफ्तारी के आधार से संबंधित कोई कॉलम पुलिस महानिदेशक के 25 जुलाई 2025 एवं गत तीन फरवरी के सर्कुलर के अनुरूप नहीं है इसलिए अरेस्ट मेमो और रिमांड ऑर्डर दोनों ही अवैधानिक है तथा निरस्त किए जाने योग्य है। कोर्ट ने कहा तत्काल रिहाई हो साथ ही याची को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। कोर्ट ने याची की तत्काल रिहाई और पीलीभीत के एसपी को विवेचक के खिलाफ विभागीय जांच कार्यवाही करने और अगली सुनवाई तक अनुपालन का हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही रिमांड मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगा है कि उमंग रस्तोगी केस में इस हाईकोर्ट और मिहिर राजेश शाह केस में सुप्रीम कोर्ट के प्रतिपादित सिद्धांतों के बारे में यदि उन्हें नहीं जानकारी है तो क्यों नहीं है और ऐसा रिमांड आदेश उन्होंने कैसे कर दिया।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में जल्द ही बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने मंगलवार को परिवहन निगम मुख्यालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने बताया कि इस माह के अंत तक 3060 चालकों और 3614 परिचालकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पहले से चल रही है। बस संचालन सुधारने पर जोर परिवहन मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में चालक और परिचालक भर्ती होने से बसों के संचालन में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में बसों का संचालन कम है या आय में गिरावट की शिकायतें मिल रही हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। क्षेत्रीय अधिकारियों को चेतावनी दयाशंकर सिंह ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में बसों की संख्या कम होने या संचालन में लापरवाही के कारण राजस्व प्रभावित हो रहा है, वहां के क्षेत्रीय प्रबंधक और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक जवाबदेह होंगे। ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बसों की खरीद प्रक्रिया तेज करने के निर्देश बैठक में बजट की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि परिवहन निगम को मिले बजट का शत-प्रतिशत उपयोग किया जाए। साथ ही नई बसों की खरीद प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक क्षेत्रों में बस सेवा उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव परिवहन अर्चना अग्रवाल, परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह, विशेष सचिव परिवहन केपी सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंत्री को बस संचालन और वित्तीय स्थिति से जुड़ी प्रगति की जानकारी भी दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली दंगे में शामिल चार आरोपियों को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने आशू, अज़मल राफी, नईम कुरैशी और मो साजिद की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया है। याचिकाओं में प्राथमिकी रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई थी। तौकीर रज़ा के ऐलान पर हुआ था दंगामामला 26 सितंबर 2025 का है। मौलाना तौकीर रज़ा के आह्वान पर काफी लोग युवाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज़ करने के विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए थे। भीड़ में मौजूद कुछ लोग सर तन से जुड़ा का नारा लगाने लगे। पुलिस के मना करने पर भीड़ उत्तेजित हो गई और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। ईट, पत्थर और लाठी डंडों से पुलिस पर हमला हुआ तथा पेट्रोल बम फेंके एवं फायरिंग भी की गई। घटना को लेकर बारादरी थाने के एसएचओ धनंजय पांडेय ने 28 नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ किया है। आरोपियों ने कहा-घटना में शामिल नहीं थेयाचियों का कहना था कि वे घटना में शामिल नहीं थे। उन्हें रंजिश कारण मुकदमे में झूठा फंसाया गया है। कुछ याचियों का कहना था कि वे घटना के समय किसी अन्य स्थान पर थे। भीड़ में किसी की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने मनमाने तरीके से याचियों को मुकदमे में फंसा दिया। याचिका का विरोध करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि घटना काफी गंभीर है। आरोपियों ने पुलिस पर जानलेवा हमला किया। देश विरोधी नारे लगाए और कानून व्यवस्था को पूरी तरह छिन्न भिन्न कर दिया। कोर्ट ने घटना की गंभीरता को देखते हुए चारों आरोपियों की याचिकाएं खारिज़ कर दीं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा मित्रों की सेवा नियमित करने के मामले में राज्य सरकार को निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के जागो व श्रीपाल केस में दिये गये फैसले के आधार पर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि 115 याचीगण अपना अलग अलग प्रत्यावेदन तीन हफ्ते में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा उ प्र लखनऊ को देंगे और वह दो माह में विचार कर सहायक अध्यापक के पद पर शिक्षा मित्रों के नियमितीकरण मामले में फैसला लेंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की एकलपीठ ने तेज बहादुर मौर्य व 114 अन्य शिक्षा मित्रों की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर कहना था कि याचीगण बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा मित्र के रूप में वर्षों से कार्यरत हैं।लंबी सेवा को देखते हुए उन्हें सहायक अध्यापक के रूप में नियमित किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश व केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आदेश 11 जून 25 के अनुसार याचीगण नियमित किए जाने के हकदार हैं। सरकार की तरफ से कहा गया कि ऐसे ही मामले में विशेष अपील हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। यह सरकार का नीतिगत मामला है।कोर्ट को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। याची अधिवक्ता ने कहा कि बदली परिस्थितियों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में याचीगण नियमित होने के हकदार हैं। विचार किया जाना चाहिए। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को दो माह में निर्णय लेने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सैंट्रो कार चोरी के आरोपी की जमानत मंजूर करते हुए रिहाई का आदेश दिया है। कोर्ट ने पुलिस की आपराधिक इतिहास की गलत सूचना देने के कारण 15 दिन बाद जमानत मंजूर होने व इतने समय तक जेल में रहने के लिए आरोपी को 50 हजार रूपये मुआवजा पाने का हकदार माना है और राज्य सरकार को एक माह में भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने अलीगढ़ निवासी फुरकान की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए दिया है। संबंधित जांच अधिकारी ने एजीए को याची के खिलाफ 12 आपराधिक मामले होने की जानकारी दी थी जबकि अभियुक्त के वकीलों का कहना था कि सिर्फ पांच मामलों का आपराधिक इतिहास है।जिसका खुलासा किया गया है। जांच अधिकारी की लापरवाही से गलती हुई याची का कहना था कि वह एफआईआर में नामजद नहीं है। कार चोरी का आरोप बरामदगी को लेकर लगाया गया है। पुलिस चार्जशीट दायर कर चुकी है। अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है। जमानत पर रिहा होने पर वह आदेश का पालन करेगा। कोर्ट ने कहा, अभिलेखों के अवलोकन से यह भी स्पष्ट है कि जांच अधिकारी की ओर से कोई दुर्भावना नहीं थी, लेकिन उनकी लापरवाही के कारण गलती हुई। कोर्ट के 23 फरवरी के आदेश के अनुपालन में नवीन अरोरा, एडीजी (तकनीकी सेवाएं) वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि सीसीटीवीएनएस के माध्यम से किसी भी आरोपित का आपराधिक इतिहास पता लगाना बहुत आसान है। कोर्ट ने कहा, प्रतिवादी ने सूचित किया है कि संयुक्त निदेशक (अभियोजन) इलाहाबाद उच्च न्यायालय को आईसीजेएस के माध्यम से केस डायरी प्राप्त करने की सुविधा दी गई है, लेकिन उन्होंने अपने कार्यालय में कर्मचारियों की कमी के कारण इस सुविधा का लाभ उठाने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग की बेहतर सुविधा बहाल करने का भी आदेश दिया है।
भोपाल में गर्भ में बच्चे का लिंग पता लगाने पर रोक से जुड़े पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) भोपाल और पीसीपीएनडीटी एक्ट के समुचित प्राधिकारी ने तीन डॉक्टरों और एक डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में परिवाद दायर किया है। आरोप है कि इन लोगों ने सोनोग्राफी से जुड़े जरूरी दस्तावेजों का सही तरीके से रिकॉर्ड नहीं रखा और एक्ट के नियमों का पालन नहीं किया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद पहले संबंधित केंद्रों की मान्यता निरस्त की गई और मशीनें सील की गईं। अब मामले को अदालत में ले जाकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कोर्ट के आदेश के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस चलेगा। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत दायर परिवाद में एयरपोर्ट रोड गांधीनगर स्थित न्यू लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक मोहम्मद दानिश अली और रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ईशांत जाटव को आरोपी बनाया है। इसके अलावा एक अन्य मामले में मार्वल अस्पताल के संचालक डॉ. विशाल श्रीवास्तव और डॉ. कृति श्रीवास्तव को भी आरोपी बनाया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कराया है। हालांकि, कोर्ट ने तीनों चिकित्सकों एवं डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक को जमानत दे दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवाद में दिए गए विवरण एवं तथ्यों के आधार पर जांच जारी रहेगी। पहले ही रद्द की जा चुकी थी मान्यता स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन संस्थानों की गतिविधियां पहले से ही संदिग्ध पाई गई थीं। जांच में एक्ट के नियमों का उल्लंघन मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने संबंधित संस्थाओं की मान्यता पहले ही निरस्त कर दी थी। मंगलवार को सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा खुद जिला एवं सत्र न्यायालय में पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ परिवाद पत्र प्रस्तुत किया। अदालत के आदेश के बाद अब सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी। निरीक्षण में मिली थीं कई गड़बड़ियां इस साल 22 जनवरी को सीएमएचओ कार्यालय की निरीक्षण टीम ने मार्वल अस्पताल में संचालित सोनोग्राफी सेंटर की जांच की थी। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। सबसे बड़ी गड़बड़ी यह मिली कि यहां फॉर्म-एफ का सही तरीके से संधारण नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा एएनसी रजिस्टर में भी प्रविष्टियां ठीक ढंग से दर्ज नहीं की गई थीं। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए टीम ने जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए और सोनोग्राफी मशीन को सील कर दिया था। न्यू लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर में भी नियमों की अनदेखी न्यू लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच में भी कई खामियां मिली थीं। यहां खाली एफ-फॉर्म पर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ईशांत जाटव के सील और साइन पाए गए। इसके अलावा एएनसीफॉर्म और एफ-फॉर्म भी अधूरे भरे हुए मिले। यह स्थिति पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन मानी गई। इसके बाद सीएमएचओ ने डॉ. ईशांत जाटव को नोटिस जारी कर उनके द्वारा सोनोग्राफी करने पर रोक लगा दी थी। साथ ही सेंटर की पीसीपीएनडीटी मान्यता भी निरस्त कर दी गई थी। लिंग चयन पर रोक के लिए सख्त कानून स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पीसीपीएनडीटी एक्ट का उद्देश्य भ्रूण के लिंग की जांच और उसके आधार पर होने वाले भ्रूण हत्या जैसे अपराधों को रोकना है। इस कानून के तहत सोनोग्राफी से जुड़े हर परीक्षण का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है। नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित डॉक्टर और संस्थान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।
मध्य प्रदेश सरकार ने कलेक्टरों से कहा है कि रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के कदम उठाएं और स्टॉक की समीक्षा करें। होटल, मॉल, बल्क एलपीजी सिलेंडर उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्रियों को फिलहाल सिलेंडर नहीं दिए जाएंगे। इसकी भी रिपोर्ट कलेक्टर लेंगे। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन भी पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और निगरानी के लिए कर दिया है। इस समिति में डिप्टी सीएम देवड़ा के अलावा खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप शामिल किए हैं। समिति के सदस्य अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग रश्मि अरुण शमी होंगी। यह समिति आवश्यकतानुसार बैठक कर केंद्र सरकार से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर नागरिकों के हित में किए जाने वाले उपायों की समीक्षा करेगी। खाद्य विभाग ने कलेक्टरों को लिखा पत्र खाड़ी देशों में युद्ध के हालातों को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में कॉमर्शियल कैटेगरी के एलपीजी गैस उपयोग को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने प्रदेश में वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए एलपीजी की आपूर्ति और वितरण को प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए उपलब्धता तय करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टरों को दिए निर्देश में कहा है कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों द्वारा यह जानकारी दी गई है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण आयात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए कुछ अस्थायी कदम उठाए हैं। खाद्य आयुक्त ने दिए ये निर्देश कमर्शियल उपयोग के लिए नहीं मिलेंगे सिलेंडर सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल चिकित्सालय और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं जैसे होटल, मॉल, बल्क एलपीजी उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्रियों को कमर्शियल एलपीजी (Bulk और Packed) की आपूर्ति नहीं की जाएगी। स्टॉक की समीक्षा करेंगे कलेक्टर साथ ही सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे जिला स्तर पर खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर एलपीजी के स्टॉक और आपूर्ति की समीक्षा करें। बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं के साथ भी बैठक आयोजित कर उन्हें उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने और आवश्यकतानुसार वैकल्पिक ईंधन स्रोत अपनाने की सलाह देने को कहा है।
लखनऊ में गोमतीनगर के लोहिया पथ स्थित नेहरू एन्क्लेव कॉलोनी को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने औपचारिक रूप से नगर निगम को हैंडओवर कर दिया है। अब कॉलोनी के रखरखाव, सड़क, पार्क और स्ट्रीट लाइटों की जिम्मेदारी पूरी तरह नगर निगम संभालेगा। एलडीए ने बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम को करीब 12 करोड़ 50 लाख रुपये भी दिए हैं। पेपरमिल वार्ड की इस कॉलोनी में करीब 50 हजार की आबादी रहती है। लंबे समय से यहां जलभराव, टूटी इंटरलॉकिंग और खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या बनी हुई थी। नगर निगम को हैंडओवर के बाद इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है। बारिश में जलभराव से मिलेगी राहत नेहरू एन्क्लेव में बरसात के दौरान जलभराव बड़ी समस्या रही है। कई जगह नालों की क्षमता कम होने और ड्रेनेज सिस्टम अधूरा होने से बारिश का पानी गलियों में भर जाता है। नगर निगम ने इसे दूर करने के लिए करीब 11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें नालों की मरम्मत, चौड़ीकरण और जरूरत वाले स्थानों पर नए ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कराया जाएगा। चीफ इंजीनियर महेश वर्मा के मुताबिक, ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त होने से बरसात के दौरान जलभराव की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकेगी। इंटरलॉकिंग सड़कें भी सुधरेंगी कॉलोनी के कई हिस्सों में इंटरलॉकिंग सड़कें और फुटपाथ क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कहीं सड़क धंस गई है तो कहीं इंटरलॉकिंग टूटने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। प्रस्ताव में इन सड़कों की मरम्मत और मजबूती का प्रावधान भी किया गया है, जिससे कॉलोनी की आंतरिक सड़कों की हालत बेहतर होगी। पार्कों के विकास पर ₹50 लाख खर्च कॉलोनी के पार्कों को भी विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए करीब 50 लाख रुपये का बजट तय किया गया है। इस राशि से पार्कों में सिविल कार्य, हरियाली बढ़ाने, बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्ट्रीट लाइटें होंगी ठीक नेहरू एन्क्लेव के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइटें खराब हैं या पर्याप्त रोशनी नहीं मिलती। नगर निगम इन लाइटों की मरम्मत कराने के साथ जरूरत के अनुसार नई स्ट्रीट लाइटें भी लगाएगा, जिससे रात के समय सुरक्षा और आवागमन बेहतर हो सकेगा। 1993 में शुरू हुई थी नेहरू एन्क्लेव योजना करीब 50 हजार आबादी को मिलेगा लाभ ड्रेनेज सुधार पर ₹11 करोड़ का प्रस्ताव पार्कों के विकास के लिए ₹50 लाख का बजट
मंदसौर की शिवना नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के उद्देश्य से चल रहे शिवना शुद्धिकरण अभियान के तहत मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक विपिन जैन विभिन्न स्थलों का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान ग्राम बादरी के पास स्थित बांध पर कुछ ग्रामीणों आपत्ति जताई और थोड़ी देर के लिए बहस की स्थिति बन गई। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया और किसी प्रकार का बड़ा विवाद सामने नहीं आया। दरअसल, विधायक विपिन जैन की अगुवाई में शिवना शुद्धिकरण अभियान वर्ष 2025 में शुरू किया गया था। इस अभियान में विभिन्न सामाजिक संगठन, कांग्रेसजन तथा आम नागरिक भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और शिवना नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। जहां-जहां पानी रुक रहा, वहां किया जा रहा निरीक्षणअभियान के तहत नदी में जहां-जहां पानी का प्रवाह रुक रहा है या गंदा पानी मिल रहा है, उन स्थानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में विधायक विपिन जैन ग्राम बादरी के पास स्थित बांध क्षेत्र पहुंचे थे, जहां वे यह देख रहे थे कि नदी में गंदा पानी किन-किन स्थानों से मिल रहा है और पानी के प्रवाह में कहां बाधा आ रही है। निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने यह समझ लिया कि विधायक बांध को तोड़ने के उद्देश्य से आए हैं। इसी बात को लेकर कुछ लोगों ने पानी निकासी के मुद्दे पर विरोध जताया और बहस शुरू हो गई। हालांकि बाद में लोगों को समझाया गया कि निरीक्षण केवल नदी के प्रवाह और प्रदूषण के स्रोतों को देखने के लिए किया जा रहा है। समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हो गई। रपट और बांध के सुधार की भी कही बातनिरीक्षण के दौरान वहां मौजूद लोगों ने पहले से क्षतिग्रस्त बांध को दुरुस्त कराने की मांग भी रखी। इस पर विधायक ने बताया कि जहां रपट है वहां भी सुधार की आवश्यकता है और इसे लेकर आगे कार्रवाई की जाएगी। वीडियो वायरल होने के बाद विधायक ने कहामंगलवार दोपहर की इस घटना का वीडियो रात में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद दैनिक भास्कर ने विधायक विपिन जैन से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि शिवना नदी में जहां-जहां पानी रुक रहा है, वहां उसे आगे निकालने का प्रयास किया जा रहा है। छोटी पुलिया के पास ठेकेदार से बात कर रास्ता खुलवाया गया है। वहीं रेलवे पुलिया के पास भी पानी रुका हुआ था, जहां रेलवे के ठेकेदार से कहकर पाइप डलवाया गया और पानी की निकासी करवाई गई। शिवना में बने दो डेम, पानी आगे बढ़ाने की कोशिशविधायक ने बताया कि शिवना नदी पर दो डेम भी बने हुए हैं। ऐसे में प्रयास किया जा रहा है कि जहां तक संभव हो पानी का प्रवाह आगे बढ़े और नदी में ठहराव न रहे, ताकि सफाई अभियान प्रभावी तरीके से चल सके। “कुछ लोग नहीं चाहते कि शिवना शुद्ध हो”विधायक विपिन जैन ने कहा कि मौके पर कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि बांध पहले से टूटा हुआ है और आसपास के लोग उसे ठीक कराने की मांग कर रहे थे। इस दौरान एक-दो लोग अलग तरह से बात करने लगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते कि शिवना नदी पूरी तरह शुद्ध हो, लेकिन अभियान लगातार जारी रहेगा।
कोटा में नाबालिग की हत्या:सड़क पर चाकू मारे, छाती व बगल में घाव लगे
कोटा के उद्योग नगर थाना इलाके में नाबालिग की चाकू मार कर हत्या का मामला सामने आया है। घटना देर रात 10 बजे के आसपास की है। सूचना पुलिस मौके पर पहुंची है। शव को मोर्चरी में शिफ्ट करवाया जा रहा है। फिलहाल हत्या का कारण सामने नहीं आया है। मृतक युवक 11 वीं का छात्र था। उसके सीने व बगल में चाकू के घाव लगे है। घटना प्रेम नगर चौथ माता मंदिर के पास की है। उद्योग नगर थाना सीआई जितेंद्र सिंह ने बताया कि चौथ माता मंदिर के पास दो तीन लड़कों में आपस में झगड़ा हुआ था। जिसमें चाकूबाजी में एक 17वर्षीय लड़का घायल हुआ था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआती जानकारी में पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। अभी परिजनों ने शिकायत नहीं दी। बॉडी को मोर्चरी में शिफ्ट करवाया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है। ये खबर भी पढ़े-11वीं की छात्रा ने फंदा लगाकर किया सुसाइड:पढ़ाई का कहकर कमरे में रुकी, पड़ोस में भाई की शादी में गई थी मां कोटा में 11वीं क्लास की छात्रा ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। 17 साल की छात्रा कमरे में अकेली थी। उसकी मां घर के पास में ही अपने भाई की शादी में गई थी। घटना अनंतपुरा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह 11 से दोपहर 12 बजे के बीच की है। पुलिस ने न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल सुसाइड के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना क्षेत्र में एक दोस्त की बारात में शामिल होने आए दो युवक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। यह घटना मंगलवार रात लगभग 9:30 बजे लच्छीपुर-रानीगंज पट्टी मार्ग पर स्थित श्री साईं पैलेस के सामने हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय सड़क किनारे कई लोग बारात के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ-जा रहे थे। इसी दौरान पट्टी की तरफ से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। ट्रक ने सड़क के किनारे खड़े दो युवकों को जोरदार टक्कर मारी और उन्हें रौंदता हुआ निकल गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया। घायलों की पहचान अमेठी जनपद के शिवपुर मोहैय्या निवासी इंद्रजीत वर्मा (28) पुत्र रमेश वर्मा और सूरज वर्मा (29) पुत्र जयराम वर्मा के रूप में हुई है। दोनों युवक आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं और अपने गांव के साथी रोहित प्रजापति की बारात में शामिल होने के लिए प्रतापगढ़ आए थे। रोहित प्रजापति की बारात लच्छीपुर स्थित श्री साईं पैलेस में आई थी। बताया जा रहा है कि दोनों युवक अपने कुछ अन्य दोस्तों के साथ लच्छीपुर बाजार से वापस लौटते समय श्री साईं पैलेस के पास रानीगंज-पट्टी मार्ग पर सड़क किनारे खड़े होकर बातचीत कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पुलिस ने बताया कि फरार ट्रक और उसके चालक की तलाश की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रयागराज में मंदिर में चोरी का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। काली शर्ट और जींस पहने एक युवक हाथ में झोला लेकर पहुंचता है। वह इधर उधर देखता है फिर मंदिर में घुस जाता है। इसके बाद आराम से मंदिर के अंदर रखा दानपात्र तोड़ता है। पूरे मंदिर परिसर में घूम घूम कर ऐसी चीजें तलाशता है जिसे चोरी कर ले जाया जा सके। सीसीटीवी सामने आने के बाद पुलिस युवक की पहचान में जुट गई है। मामला धूमनगंज थाना क्षेत्र के शकुंतला कुंज कॉलोनी में बने राम जानकी मंदिर का है। सोमवार तड़के 3:17 बजे मंदिर में घुसे एक युवक ने दान पेटिका में चढ़ावे के रुपये और अन्य सामान उड़ा दिया। सीसीटीवी में नजर आता है कि युवक लोहे के रॉड से दान पेटिका तोड़ते तोड़ता है। फिर आराम से रुपये निकालता है। सुबह स्थानीय लोग मंदिर पहुंचते हैं तो चोरी का पता चलता है। इसके बाद भीड़ जुट जाती है और विरोध जताया जाता है। मंदिर समिति की ओर से धूमनगंज थाने में सूचना दी जाती है। पुलिस मौके पर पहुंच पूछताछ करती है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
कुशीनगर पुलिस ने जन शिकायतों के निस्तारण (IGRS) में लगातार पांचवीं बार प्रदेश में पहला स्थान हासिल करने का दावा किया है। हालांकि, जिले में कई फरियादियों का कहना है कि उनकी शिकायतें अभी भी पूरी तरह से हल नहीं हुई हैं। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह उपलब्धि फरवरी 2024 में प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के आधार पर मिली है। शासन द्वारा IGRS पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का मूल्यांकन समयबद्धता और गुणवत्ता के मापदंडों पर किया जाता है। बताया गया है कि फरवरी माह में IGRS पोर्टल पर प्राप्त सभी शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण किया गया। कुल 1100 शिकायतों पर फीडबैक लिया गया, जिनमें से 1048 आवेदकों ने अपनी समस्या का समाधान होने की पुष्टि की। इससे कुशीनगर पुलिस का संतुष्टि प्रतिशत लगभग 95.27 रहा। इसके अतिरिक्त, 1065 आवेदकों से पुलिस अधिकारियों ने सीधे संपर्क कर फीडबैक लिया, जिससे संपर्क का प्रतिशत 96.82 रहा। जनपद के अधिकांश थानों को शिकायत निस्तारण में 100 अंक प्राप्त हुए हैं, हालांकि कुछ थानों को अपेक्षाकृत कम अंक मिलने का भी उल्लेख किया गया है। इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने भविष्य में भी जन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, जिले के कई फरियादियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर अभी भी कई शिकायतों का समाधान पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है, और उन्हें मुकदमा दर्ज कराने के लिए जिला मुख्यालय तक दौड़ना पड़ता है।
मड़ावरा में शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन:परिजन 2 घंटे तक गिरफ्तारी की मांग पर अड़े, पुलिस ने समझाया
ललितपुर के मड़ावरा में मंगलवार शाम एक व्यक्ति के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर आक्रोशित परिजनों को शांत कराया, जिसके बाद वे अंतिम संस्कार के लिए सहमत हुए। जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात मड़ावरा कस्बे के साबिर कॉलोनी निवासी 36 वर्षीय गोविंद पुत्र मन्नू रायकवार ने जहर खा लिया था। मंगलवार सुबह परिजनों ने उसे अचेत अवस्था में पाया और तुरंत मड़ावरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने गोविंद की आत्महत्या का कारण जमीनी विवाद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गोविंद इस विवाद के कारण लंबे समय से परेशान था। मृतक की पत्नी ऊषा की तहरीर पर मड़ावरा पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मंगलवार शाम करीब 7 बजे पोस्टमार्टम के बाद गोविंद का शव मड़ावरा पहुंचा। परिजन शव को आरोपियों के घर के सामने रखने पर अड़ गए और सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्रधिकारी आरके श्रीवास्तव और मड़ावरा प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन जारी रखा। पुलिस द्वारा काफी समझाने और आश्वासन देने के बाद भी परिजन लगभग दो घंटे तक अपनी मांग पर अड़े रहे। रात करीब 9 बजे वे शांत हुए, जिसके बाद पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए मृतक के घर पहुंचाया। महरौनी के पुलिस क्षेत्रधिकारी रक्षपाल सिंह ने बताया कि आत्महत्या के इस मामले में परिजनों द्वारा कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। मड़ावरा थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गाजीपुर में गोआश्रय स्थलों की व्यवस्था और हरे चारे की बुवाई में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पशुपालन विभाग के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और पशु चिकित्साधिकारी सदर का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई संतोषजनक स्पष्टीकरण मिलने तक जारी रहेगी। जिलाधिकारी ने यह निर्देश रायफल क्लब सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक के दौरान दिए। बैठक में उन्होंने गोआश्रय स्थलों के संचालन और गोवंशों के भरण-पोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी। बैठक में जिलाधिकारी ने गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के लिए चारागाह की भूमि पर हरे चारे की बुवाई की प्रगति की समीक्षा की। जनपद में इसकी प्रगति अत्यंत कम पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अभियान चलाकर एक सप्ताह के भीतर चारागाह की जमीन पर नेपियर घास लगवाएं। इसके अतिरिक्त, गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा और चोकर की व्यवस्था मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने को भी कहा गया। जिलाधिकारी ने उन गोआश्रय स्थलों पर तत्काल साइलेज की व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए, जहां हरा चारा उपलब्ध नहीं है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को विकास भवन में कंट्रोल रूम स्थापित कर प्रतिदिन गोआश्रय स्थलों की निगरानी करने के लिए भी निर्देशित किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद कुमार शाही, नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गौतम सहित सभी उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, नगर पालिका व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
महोबा में नाले में डूबकर किशोर की मौत:खेत में जाते समय पैर फिसलने से हुआ हादसा
महोबा के पसवारा गांव में नाले में डूबने से किशोर की मौत हो गई। किशोर शौच के लिए खेत पर गया था। तभी गहरे पानी में गिर गया। परिजनों को नाले के किनारे उसके जूते मिलने के बाद घटना का पता चला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना खन्ना थाना क्षेत्र के पसवारा गांव की है। जानकारी के अनुसार, जागे का 14 वर्षीय पुत्र अपने माता-पिता के साथ खेत पर काम करने गया था। दोपहर के समय वह शौच के लिए खेत के पास बह रहे नाले की ओर गया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, नाले के पास की जमीन फिसलन भरी थी। संभवतः संतुलन बिगड़ने के कारण किशोर गहरे पानी में गिर गया। काफी देर तक किशोर के वापस न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। तलाश करने पर जब वह नहीं मिला, तो परिजन नाले की ओर गए। नाले के किनारे उसके जूते रखे देखकर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों की मदद से नाले में तलाश करने पर किशोर का शव पानी के भीतर मिला। शव बाहर निकाले जाने के बाद परिवार में दुख का माहौल छा गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह डूबने का मामला लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
मुरैना जिले के रामपुरकलां थाना क्षेत्र के ग्राम जरौली में ट्रैक्टर ट्रॉली के किराए के विवाद को लेकर एक युवक और उसकी गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मंगलवार को शिकायत के बावजूद थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित दंपती एसपी की जनसुनवाई में पहुंचे, जहां एडिशनल एसपी के निर्देश के बाद एफआईआर दर्ज की गई। पीड़ित सोनू कुशवाह, निवासी ग्राम जरौली ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उसने गांव के ही राघवेंद्र कुशवाह उर्फ बड़े कुशवाह को ट्रैक्टर की ट्रॉली किराए पर दी थी। एक साल से अधिक समय बीतने के बाद जब उसने ट्रॉली और किराया वापस मांगा तो आरोपी ने देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि 8 मार्च की शाम करीब 7 बजे राघवेंद्र कुशवाह अपने साथियों भूपेंद्र कुशवाह, संदीप कुशवाह, रघुराज कुशवाह और आकाश कुशवाह के साथ सोनू के घर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। इस दौरान सोनू की गर्भवती पत्नी आरती कुशवाह बीच-बचाव करने पहुंची, तो आरोप है कि भूपेंद्र कुशवाह ने उसके पेट में लात मार दी, जिससे उसे दर्द होने लगा। 112 पर कॉल के बाद भी नहीं पहुंची पुलिसपीड़ित सोनू का कहना है कि घटना के दौरान उसने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन मौके पर पुलिस नहीं पहुंची। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ रामपुरकलां थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसपी जनसुनवाई में पहुंचा पीड़ित परिवारमुख्य आरोपी राघवेंद्र कुशवाह उर्फ बड़े कुशवाह का नाम पुलिस की गुंडा सूची में भी शामिल बताया जा रहा है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़ित दंपती एसपी की जनसुनवाई में पहुंचे और एडिशनल एसपी से शिकायत की। एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप ने रामपुरकलां थाना प्रभारी एएसआई ए.के. वर्मा को फोन पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद भी दंपती को थाने में काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान गर्भवती महिला को पेट में दर्द होने लगा और वह थाने में ही लेट गई। करीब तीन घंटे से अधिक इंतजार के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोपी को किया राउंडअपसबलगढ़ एसडीओपी और प्रशिक्षु आईपीएस राजकृष्ण ने बताया कि गर्भवती महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को राउंडअप कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा आरोपी की तलाश में कार्रवाई की जा रही थी। उन्होंने कार्रवाई में देरी होने से इनकार कर दिया।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल का मतदान कल से:लखनऊ हाईकोर्ट में 11 से 15 मार्च तक चलेगा मतदान
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव के लिए लखनऊ में मतदान 11 मार्च से शुरू होगा। यह मतदान हाईकोर्ट परिसर में 15 मार्च तक चलेगा। इससे पहले, लखनऊ जिले में यह चुनाव 27 और 28 जनवरी को निर्धारित था। हालांकि, 27 जनवरी को मतदान के पहले दिन गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद चुनाव को अनिश्चित काल के लिए रद्द कर दिया गया था। पिछली घटनाओं को देखते हुए, इस बार मतदान दो दिनों के बजाय पांच दिनों तक चलेगा। प्रत्येक दिन मतदान अधिवक्ताओं के रजिस्ट्रेशन वर्ष के अनुसार संपन्न कराने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था मतदाताओं को किसी भी कठिनाई से बचाने के लिए की गई है। उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में बार काउंसिल का चुनाव कई चरणों में 30 और 31 जनवरी को ही संपन्न हो चुका है।
राजधानी लखनऊ में साहित्य और कविता का खूबसूरत संगम देखने को मिला, जब काव्यांगन साहित्यिक मंच की लखनऊ इकाई की ओर से साहित्यिक संध्या और प्रत्यक्ष काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कवियों और रचनाकारों का जमावड़ा लगा, जहां सभी ने अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ कर साहित्यिक माहौल को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार मनोरमा लाल ने की। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में रश्मि शरद और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रीमा सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कवियों ने हास्य- व्यंग्य रचनाएँ सुनाई कार्यक्रम का शुभारंभ गिरिराज किशोर द्वारा प्रस्तुत वाणी वंदना से हुआ। उनकी प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को साहित्यिक और आध्यात्मिक ऊष्मा से भर दिया। इसके बाद एक के बाद एक कवियों ने मंच संभाला और अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।कार्यक्रम का संचालन पूर्णिमा भसीन और संदीपिका दीक्षित ने किया। उनकी सधी हुई शब्द शैली और आत्मीय अंदाज ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाए रखा। कार्यक्रम के अंतिम चरण में अंतरराष्ट्रीय हास्य कवि सर्वेश अस्थाना की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा में चार चांद लगा दिए।अंत में अध्यक्ष मनोरमा लाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में साहित्य की महत्ता के बारे में बताया। संचालन समिति की ओर से पूर्णिमा भसीन ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। ये लोग शामिल हुए काव्य पाठ करने वाले रचनाकारों में पंकज सिंह, रश्मि सिंह, संध्या सिंह, गिरिराज किशोर शर्मा, नेहा सक्सेना, मंजूषा श्रीवास्तव, गरिमा लखनवी, मीनाक्षी शुक्ला, ललिता सेंगर, पूजा श्रीवास्तव, रीता जैन, मधु जैन और डॉ. अंजना मिश्रा शामिल रहे। सभी रचनाकारों ने अपनी सृजनात्मक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और सभागार में तालियों की गूंज सुनाई देती रही।
उन्नाव में ट्रक ने एक बाइकसवार युवती को कुचल दिया। इस हादसे में युवती की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। युवती बाइक से एक वैवाहिक कार्यक्रम से लौट रही थी। तभी सड़क किनारे खड़ी कार का चालक ने दरवाजा खोल दिया, जिससे बाइक टकरा गईं। जिससे युवती सड़क पर गिर गई। उसी समय पीछे से आ रहे ट्रक ने युवती को कुचल दिया। युवती की बॉडी ट्रक के पहिए में फंस गई। ट्रक युवती के शव को 50 मीटर घसीट ले गया। हादसे में बाइक चला रहे युवती के चाचा व चचेरी बहन घायल हो गए। हादसा होते ही घटनास्थल पर भीड़ लग गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। यह घटना सफीपुर कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार रात को हुई। खबर से जुड़ी देखिए दो तस्वीरें… मृतका की पहचान 24 वर्षीय युवती प्रज्ञा पाण्डेय की मौत हो गई। वह अपने सोनू पाण्डेय और चचेरी बहन आदया के साथ एक वैवाहिक कार्यक्रम से लौट रही थी। तभी लवकुश गेस्ट हाउस के पास हरदोई-उन्नाव मार्ग पर एक कार का दरवाजा खुलने से वह बाइक से गिर गई। तभी पीछे से आ रही ट्रक ने प्रज्ञा को कुचल दिया। ट्रक प्रज्ञा को करीब 50 मीटर तक घसीटता चला गया। बाद में ट्रक को रोककर उनके क्षत-विक्षत शव को बाहर निकाला गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने ट्रक और कार दोनों को कब्जे में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रज्ञा पाण्डेय सुशील पाण्डेय की पुत्री थीं। उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया है। उनके पिता सुशील पाण्डेय, मां और दो भाइयों का बुरा हाल है।
लखनऊ के ठाकुरगंज में 15 साल की किशोरी चांदनी की मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस ने हत्या की धारा हटाकर मामले को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में तरमीम कर आरोपी को मंगलवार को जेल भेज दिया है। मायापुरम निवासी मजदूर गुल्ला की बेटी चांदनी का शव रविवार सुबह घर से 200 मीटर दूर रहने वाली ऊमा अग्रवाल के घर में पंखे से साड़ी के फंदे के सहारे लटका मिला था। चांदनी ऊमा के घर घरेलू काम करती थी और वहीं रहती थी। घटना के बाद परिवार ने ऊमा के बेटे राघव पर दुराचार के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। गवाहों का इंतजाम करने को बोला चांदनी के रिश्तेदार ने बताया सोमवार को पुलिस ने चांदनी के माता-पिता के बयान दर्ज किए थे। उनका आरोप है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मांगने पर पुलिस रिपोर्ट देने के बजाय उनसे और गवाहों का इंतजाम करने को बोल रही है। मामले में इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ओमवीर सिंह चौहान ने बताया कि पीड़ित पक्ष के लोग गवाही देने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। जिससे मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बिसरा रिपोर्ट आने का इंतजार पुलिस के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर पहले दर्ज हत्या के मुकदमे को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में तरमीम किया गया है। साथ ही बिसरा रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। मंगलवार को आरोपी राघव को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और गुणवत्तापूर्ण बनाए जाने के लिए कदम बढ़ाए गए हैं। प्रयागराज के दो अस्पतालों और सैन्य अस्पताल के बीच एमओयू साइन हुआ है। जिसके माध्यम से आमजन को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी। यह जानकारी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दी। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस तरह के एमओयू हस्तांतरित किए जाएंगे। प्रदेश के हर व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण इलाज हमारी प्राथमिकता। मंगलवार को विधानसभा सचिवालय में आहूत बैठक में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जानकारी दी कि प्रयागराज के दो चिकित्सालयों में आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स आधारित सुपर स्पेशिलिटी सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु अपर निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं (प्रयागराज मंडल) एवं निदेशक, छावनी चिकित्सालय (कैंटोनमेंट हॉस्पिटल), प्रयागराज के मध्य मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैण्डिंग हस्ताक्षरित हुआ है। 108 शैय्या युक्त छावनी चिकित्सालय (कैंटोनमेंट हॉस्पिटल) प्रयागराज में 20 शैय्या युक्त इन्टेन्सिव केयर यूनिट तथा वेंटिलेटर्स, डायलीसिस यूनिट एवं विभिन्न जांच सुविधाओं से युक्त ऑटोमेटेड पैथोलॉजी लैबोरेट्री की सुविधा उपलब्ध है। इस चिकित्सालय को वर्ष 2022 एवं 2024 में रक्षा मंत्री अवार्ड भी प्राप्त हुआ है। महाकुंभ-2025, प्रयागराज के दौरान छावनी सामान्य चिकित्सालय के द्वारा महाकुंभ क्षेत्र के सेंट्रल हॉस्पिटल तथा सेक्टर-24 में क्रियाशील किए गए सब-सेंट्रल हॉस्पिटल में विशेषज्ञ इंटेंसिव केयर यूनिट सुविधाएं प्रदान की गई थीं। जिसके अंतर्गत 700 से अधिक गंभीर रोगियों का उपचार चिकित्सालय द्वारा तैनात किए गए चिकित्सा दल द्वारा किया गया था। एमओयू के अनुसार इन उपकरणों तथा मानव संसाधनों का प्रयोग जनपद प्रयागराज के तेजबहादुर सप्रू चिकित्सालय (बेली चिकित्सालय) एवं मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन चिकित्सालय) में आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स बेस्ड सुपर स्पेशिलिटी इन्टेन्सिव केयर यूनिट्स की स्थापना एवं क्रियाशीलता हेतु किया जाएगा। इन चिकित्सा इकाइयों में उक्त आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स बेस्ड सुपर स्पेशिलिटी इन्टेन्सिव केयर यूनिट्स के माध्यम से क्रिटिकल केयर, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी तथा गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इंटेंसिव केयर यूनिट्स का समन्वय 'हब एवं स्पोक' मॉडल के अंतर्गत टेलीमेडिसिन सेटअप से किया जाएगा। कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल, प्रयागराज केंद्रीय हब के रूप में कार्य करते हुए रिमोट आई0सी0यू0 मॉनीटरिंग के उपयोग कर मेदांता सुपर स्पेशिलिटी चिकित्सालय, मैक्स हॉस्पिटल तथा सनराइज सोसाइटी फॉर विमेन डेवलपमेंट, नोएडा के साथ समन्वय करते हुए आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स बेस्ड टेलीमेडिसिन का प्रयोग रोगियों की रियल टाइम मॉनीटरिंग तथा विशेषज्ञों के द्वारा इंटरवेंशन हेतु किया जाएगा। ओपीडी में विशेषज्ञों की होगी तैनाती डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रत्येक चिकित्सा ईकाई पर प्रति सप्ताह दो विशेषज्ञ ओपीडी सत्र विशेषज्ञों की स्थलीय उपस्थिति रहेगी। आईसीयू की मॉनीटरिंग हेतु दो इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर्स, छह स्टाफ नर्सेज तथा चार पैरामेडिकल स्टाफ भी दिन-रात उपलब्ध रहेंगे। उच्च पैरामीटर्स की शैयाएं, हाई डिपेंडेंस यूनिट (एचडीयू) के साथ दस बाईपैप मशीन, एडवान्स्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टेलीमेडिसिन यूनिट, दिन और रात इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सुविधा के साथ क्रिटिकल केयर सपोर्ट और साथ ही मानव संसाधन तथा और जो अत्याधुनिक उपकरण कैंटोनमेंट जनरल चिकित्सालय, प्रयागराज के पास उपलब्ध हैं, संबंधित चिकित्सालयों को दो वर्षों की अवधि हेतु निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इन दो वर्ष के दौरान चिकित्साकर्मियों को निरंतर प्रशिक्षण एवं तकनीकि क्षमता में भी दक्ष बनाया जाएगा। 1.4 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ एमओयू के अनुसार चिकित्साकर्मियों को एंडोस्कोपी तथा कोलोनोस्कोपी, 2डी इकोकार्डियोग्राम तथा कार्डियक इमरजेंसीज, ईईजी, न्यूरोलॉजिकल निदान, आईसीयू में नेफ्रोलॉजी ट्रॉमा का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एमओयू के माध्यम से प्रयागराज मण्डल की लगभग 1.4 करोड़ की आबादी को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित घोष, महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. पवन कुमार अरुण, विशेष सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण धीरेन्द्र सिंह सचान, नोडल अधिकारी डॉ. विकासेंदु अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
रेप केस में सजायाफ्ता आसाराम मंगलवार शाम अयोध्या पहुंचा। वह सरयू तट पर घूमा। इस दौरान तमाम लोग उसके सामने हाथ जोड़ते नजर आए। आसाराम ने कहा, भगवान रामलला के दर्शन करूंगा, इसलिए यहां आया हूं। आसाराम ने कहा, भारत में कई ऐसे तीर्थ स्थान हैं, जहां प्राण त्यागने या जाने मात्र से मनुष्य का कल्याण होता है। शास्त्रों में सात मोक्षदायी स्थान बताए गए हैं। इनमें अयोध्या, मथुरा, माया (हरिद्वार), काशी, कांची, अवंतिका और पुरी हैं। मानव शरीर में वात, कफ और पित्त तीन दोष होते हैं और तीर्थ स्थलों पर जाने से इन दोषों का प्रभाव कम होता है। शास्त्रों में अयोध्या को पहला स्थान है। मथुरा में रहने वाला व्यक्ति चाहे साधु के वेश में रहा हो, लेकिन साधु का दायित्व न निभाया हो, फिर भी वहां मृत्यु होने पर उसे नरक नहीं जाना पड़ता है। आसाराम 11 मार्च को रामलला के दर्शन करेगा। इसके अलावा वह राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी मिलेगा। आसाराम लक्ष्मण किला में रुका है। सरयू तट स्थित इस आचार्य पीठ में आसाराम का आवास भी सरयू के बेहद करीब है। आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को 6 महीने की जमानत दी थी। इसके आधार पर 6 नवंबर को आसाराम को गुजरात हाई कोर्ट से भी 6 महीने की अंतरिम जमानत मिल गई थी। गुजरात हाईकोर्ट में आसाराम की ओर से जमानत की याचिका पर सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को 6 महीने के लिए जमानत दी है। वे हृदय से संबंधित बीमारी से पीड़ित हैं। सरयू तट पर 300 मीटर तक पैदल घूमेआसाराम मंगलवार दोपहर 3 बजे झुनकी घाट से सद्गुरु कुटी तक पैदल घूमा। फिर कार से लक्ष्मण किला गया। यहां पर आराम किया। शाम करीब 6 बजे लक्ष्मण किला से बाहर निकला। यहां से सरयू तट पहुंचा। करीब 300 मीटर तक पैदल घूमा। इस दौरान उसके अनुयायियों ने उनके पैर छुए। बताया जा रहा है कि आसाराम हुनमानगढ़ी का भी दर्शन करना चाहता था। मगर वहां सीढ़ियां अधिक होने के कारण नहीं जाएगा। अब पढ़िए आसाराम को उम्रकैद क्यों हुई भूत-प्रेत का साया बताकर लड़की से आश्रम में रेप कियायूपी में शाहजहांपुर में रहने वाला एक परिवार आसाराम का अनुयायी था। परिवार की नाबालिग लड़की आसाराम के छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) स्थित आश्रम में 12वीं की पढ़ाई कर रही थी। साल-2013 की बात है। एक दिन लड़की क्लास में बेहोश हो गई। बाबा के साधक ने उस पर भूत-प्रेत का साया बताया और कहा कि इसका इलाज आसाराम बापू ही करेंगे। इसके बाद 14 अगस्त, 2013 को लड़की को छिंदवाड़ा से करीब 1 हजार किलोमीटर दूर जोधपुर के मनई आश्रम में ले जाया गया। 15 अगस्त, 2013 की रात कुटिया में रसोइया एक गिलास दूध लेकर आया। इसके बाद आसाराम ने लड़की से रेप किया। इस वारदात के 5 दिन बाद यानी 20 अगस्त, 2013 को पीड़ित लड़की ने दिल्ली पुलिस में FIR दर्ज कराई। इसमें पीड़ित लड़की ने बताया कि आसाराम ने उससे ओरल सेक्स करने को कहा और गलत तरीके से भी छुआ। दिल्ली के निर्भया रेप केस की वजह से उस वक्त तक रेप-छेड़खानी के नए कानून लागू हो चुके थे। इसलिए आसाराम पर नए कानून के तहत कठोर धाराएं लगीं। 31 मार्च, 2013 को इस मामले में आसाराम गिरफ्तार हो गया। 25 अप्रैल, 2018 को जोधपुर की अदालत ने इस मामले में दोषी आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तभी से आसाराम सेंट्रल जेल जोधपुर में बंद है। इतने साल में आसाराम पहली बार पैरोल पर बाहर आया है। 7 जनवरी, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल बेस पर उसको 31 मार्च, 2025 तक जमानत दी थी। फिर राजस्थान और गुजरात हाईकोर्ट से मिली थी राहतजोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को आसाराम को बढ़ती उम्र और लगातार गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इलाज के लिए 6 महीने की अंतरिम जमानत दी थी। इसी आदेश के आधार पर 6 नवंबर को गुजरात हाईकोर्ट ने भी रेप के एक अन्य मामले में उसे जमानत दे दी थी। लेकिन, उसमें आसाराम के साथ तीन पुलिसकर्मी रखने और समूह में साधकों से नहीं मिलने की शर्त भी थी। इन दोनों शर्तों को हटाने के लिए आसाराम की ओर से दोबारा गुजरात हाईकोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। …………………. ये खबर भी पढ़िए- 'आसाराम को कोई बीमारी नहीं':यूपी की रेप विक्टिम के पिता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, बोले- बाहर रहने से जान का खतरा यूपी की रहने वाली रेप पीड़िता के पिता आसाराम की जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। पिता ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें आसाराम को इलाज के लिए 6 महीने की जमानत मिली है। पीड़िता के पिता ने कहा, आसाराम पूरी तरह स्वस्थ है। उसे कोई बीमारी नहीं है। वह ऋषिकेश से लेकर महाराष्ट्र तक घूम रहा है। पिता ने कहा, उसे आम कैदियों की तरह जेल में ही इलाज मिलना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर
राज्य में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर प्रदेशभर के अधिवक्ता आंदोलन की तैयारी में हैं। मप्र राज्य बार कौंसिल ने भोपाल में आंदोलन की रूपरेखा तय करते हुए सरकार से जल्द निर्णय लेने की चेतावनी दी है। भोपाल में स्टेट बार कौंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता की अध्यक्षता में आंदोलन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ताओं की लंबित मांगों पर चर्चा करते हुए तय किया गया कि पहले चरण में प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर समस्याओं के निराकरण की मांग करेगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि राज्य सरकार द्वारा अधिवक्ताओं की न्यायोचित मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो मध्यप्रदेश के करीब डेढ़ लाख अधिवक्ता स्टेट बार कौंसिल की आंदोलन समिति के बैनर तले भोपाल में अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे। आंदोलन के लिए सात सदस्यीय समिति गठितआंदोलन के संचालन के लिए भोपाल के अधिवक्ता प्रियनाथ पाठक की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति आंदोलन की रणनीति तैयार कर सरकार से संवाद करेगी। बैठक में समिति के सदस्य एवं मीडिया प्रभारी खालिद हफीज, भोपाल जिला अभिभाषक संघ की सहसचिव सोनल नायक, होशंगाबाद जिला अभिभाषक संघ के सचिव मनोज जराठे, सहसचिव सुरेंद्र सिंह राजपूत, छतरपुर जिला अभिभाषक संघ के सचिव अनिल द्विवेदी और जबलपुर के प्रशांत दुबे सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। इसके अलावा भोपाल जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष दीपक खरे, सचिव मनोज श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष बृजबिहारी रघुवंशी, पुस्तकालय अध्यक्ष सुधीर दुबे, जयदीप सक्सेना, मप्र मंत्रालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता सहित कई अधिवक्ताओं ने बैठक में भाग लिया।
भोपाल में रंगपंचमी की रात 55 लाख की लूट:चाकू अड़ाकर बदमाशों ने दो भाइयों को बनाया निशाना
राजधानी में रंगपंचमी की रात एक बड़ी लूट की वारदात सामने आई है। शामला हिल्स थाना क्षेत्र में स्मार्ट सिटी रोड पर बदमाशों ने दो भाइयों को रोककर चाकू की नोक पर 55 लाख रुपए लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक चूनाभट्टी निवासी दिव्यांग बरोट अपने भाई के साथ कार से जा रहे थे। दोनों प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं। सोमवार देर रात करीब 9:30 बजे जब वे स्मार्ट सिटी रोड से चूनाभट्टी की ओर जा रहे थे, तभी पीछे से स्कूटी और दूसरी गाड़ी में आए बदमाशों ने उनकी कार के सामने वाहन अड़ा दिया। चाकू दिखाकर छीनी नकदी बदमाशों ने चाकू दिखाकर दोनों भाइयों को धमकाया और उनके पास रखी नकदी से भरा बैग छीन लिया। बताया जा रहा है कि बैग में करीब 55 लाख रुपए थे। वारदात के बाद आरोपी तेजी से मौके से फरार हो गए। घटना 7 तारीख की रात की बताई जा रही है, जबकि इसकी सूचना पीड़ितों ने 8 मार्च को पुलिस को दी। शिकायत मिलने के बाद शामला हिल्स पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। हवाला एंगल की भी जांच पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इतनी बड़ी रकम किस लेनदेन से जुड़ी थी। प्रारंभिक तौर पर यह रकम प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ी बताई जा रही है, हालांकि हवाला एंगल की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा। शामला हिल्स क्षेत्र में पहले भी इस तरह की लूट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा करने का दावा पुलिस ने किया है।
मेरठ में भैसाली मेट्रो स्टेशन पर चेकिंग के दौरान सोने के साथ दो युवकों को पकड़ा गया है। दोनों युवक सोना बेचने के बाद मेट्रो से मोदीनगर जा रहे थे। इसी दौरान दोनों को पकड़ लिया गया। युवक अमृतसर के बताये जा रहे हैं। मौके पर जीएसटी और इनकम टैक्स अफसरों को बुलाया गया है जो जांच कर रही है। तीन तस्वीरें देखें… एक नजर डालते हैं वरदात पर पंजाब के अमृतसर निवासी अजय और विजय सराफा कारोबारी हैं। दोनों सगे भाई हैं। दोनों सोने के जेवर तैयार कर शहर शहर सप्लाई करते हैं। मंगलवार को दोनों मेरठ आए थे। अमृतसर से दिल्ली स्टेशन उतरे और वहां से मेट्रो में बैठकर मेरठ आ गए। यहां कई कारोबारियों को माल देने के बाद दोनों मोदीनगर जाने की तैयारी करने लगे। भैसाली मेट्रो स्टेशन पर पकड़ा सोना अजय और विजय को भैसाली मेट्रो स्टेशन से मोदीनगर के लिए मेट्रो पकड़नी थी। विजय ने एंट्री करने से पहले बैग एक्सरे मशीन में रखा और खुद चेकिंग कराने लगे। विजय की जेब में सोने वाला पैकेट था जो चेकिंग के दौरान पकड़ लिया गया। इसके बाद SSF CO राजीव यादव और इंस्पेक्टर सचिन कुमार पहुंच गए। रोने लगा विजय, सीने में हुई दर्द की शिकायत SSF द्वारा पकड़े जाने और सोना जब्त होता देख विजय रोने लगा। मौके पर मौजूद व्यापारियों ने उन्हें शांत किया। कुछ देर बाद ही विजय को सीने में जलन और दर्द की शिकायत होने लगी। आनन फानन में विजय को बैठाकर पानी पिलाया गया। काफी देर विजय सीना पकड़े घूमता रहा। GST की टीम को भी बुलाया गया सूचना मिलते ही स्टेशन के अफसर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जीएसटी और आयकर डिपार्टमेंट के अफसरों को भी बुला लिया। कुछ देर में दोनों विभागों की टीम भी पहुंच गई और छानबीन में जुट गई। फिलहाल टीम जांच कर रही है। व्यापारी नेता जीतू नागपाल भी मौके पर पहुंचे हैं जिनका कहना है कि अजय और विजय के पास GST और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। 4 घंटे तक हुई दोनों भाइयों से पूछताछ GST के जॉइंट कमिश्नर अमित पाठक और GST के सचल दल तृतीय की प्रभारी अंकिता पांडेय ने अजय और विजय से पूछताछ की। इसके बात दोनों भाइयों से अलग अलग भी पूछताछ की गई। टीम ने विजय के पास से मिला सोना जब्त कर लिया और कागजी कार्यवाही शुरू कर दी। आगे की कार्यवाही सुबह की जाएगी। सोने के वजन के साथ ही कार्यवाही बढ़ेगी। कागजी कार्यवाही के बाद साथ ले गएरात करीब 12 बजे तक स्टेशन पर कार्यवाही चली। सोने का पूरा विवरण तैयार कराने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उस पर विजय और अजय के अलावा GST व SSF स्टॉफ के गवाह के तौर पर हस्ताक्षर कराये गए। सुबह GST की टीम दोबारा अजय-विजय से बात करेगी। सोने का वजन भी कराया जायेगा। फिलहाल टीम दोनों को साथ ले गई है। अफसर बोले- वजन के बाद तय होगी कीमत GST के ज्वाइंट कमिश्नर अमित पाठक ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि जो कागज इन दोनों भाईयों के पास मिला है, उस पर सोने का वजन तकरीबन 570 ग्राम है लेकिन मौके से सोना कम मिला है। पहले इस सोने का वजन कराया जाएगा। फिर अन्य बातों पर पूछताछ की जाएगी।
पन्ना जिले के रैपुरा-मोहन्द्रा मार्ग पर बिलपुरा के पास मंगलवार शाम, 10 मार्च को सामान से भरा एक डंपर पलट गया। ड्राइवर ने कूद कर जान बचाई। इस हादसे की वजह से सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और रास्ता पूरी तरह जाम हो गया। प्रत्यक्षदर्शी शैलेन्द्र यादव ने बताया चालक और हेल्पर का पता नहीं पाया है। शायद दोनों भाग गए हैं। जानकारी के मुताबिक, निर्माण सामग्री (मटेरियल) से भरा यह डंपर टिकरिया मोड़ और बिलपुरा के बीच अचानक बेकाबू होकर पलट गया। डंपर ठीक सड़क के बीचों-बीच गिरा, जिससे आने-जाने का रास्ता बंद हो गया। अच्छी बात यह रही कि डंपर की चपेट में कोई दूसरी गाड़ी या इंसान नहीं आया। लगा लंबा जाम, यात्री परेशान हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई और आवाजाही ठप हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी खबर पुलिस और प्रशासन को दी। जाम में फंसे मुसाफिरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। क्रेन की मदद से रास्ता साफ करने की कोशिश मौके पर पहुंची पुलिस ने गांव वालों की मदद से डंपर को हटाने का काम शुरू किया। भारी-भरकम क्रेन मंगवाई गई है ताकि डंपर को किनारे कर जल्द से जल्द रास्ता खुलवाया जा सके और ट्रैफिक फिर से शुरू हो सके।
डीग में ट्रैक्टर पलटने से युवक की मौत:पिकअप बचाने के चक्कर में हादसा, एक घायल
डीग-बरई रोड पर मंगलवार रात एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा रेलवे फाटक के आगे पिकअप गाड़ी को बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हुआ। मृतक की पहचान निगोही निवासी 25 वर्षीय सचिन पुत्र मंगतू के रूप में हुई है। उसके साथ भूपेंद्र पुत्र डोरी लाल भी था। दोनों डीग से सरसों बेचकर अपने गांव निगोही लौट रहे थे। मंगलवार रात करीब 8 बजे डीग-बरई रोड स्थित रेलवे फाटक से आगे यह घटना हुई। पिकअप गाड़ी को बचाने के प्रयास में उनका ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सचिन की मौके पर ही मौत हो गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए डीग चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया है। घायल भूपेंद्र को प्राथमिक उपचार के लिए डीग चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। सचिन के परिवार में 2 भाई हैं। उसका छोटा भाई तेजपाल अमरावती में एक निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि सचिन गांव निगोही में रहकर खेती-बाड़ी का काम संभालता था। घटना की सूचना मिलने पर खोह थाने के एएसआई जयसिंह डीग अस्पताल पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई की। अस्पताल में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
स्कूली छात्र से मारपीट का VIDEO:सिवनी में दलसागर तालाब के पास युवकों ने लात-घूसे मारे
सिवनी के कोतवाली थाना क्षेत्र में दलसागर तालाब के पास एक स्कूली छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो मंगलवार, 10 मार्च की रात को सोशल मीडिया पर पोस्ट हुआ, जिसमें कुछ युवक एक छात्र को पीटते और गालियां देते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह घटना मंगलवार दोपहर की है, जब कुछ लड़कों ने एक छात्र को घेरकर उसके साथ हाथापाई की। मौके पर मौजूद किसी शख्स ने इस पूरी वारदात का वीडियो बना लिया। मिशन स्कूल का छात्र बताया जा रहा पीड़ित शुरुआती जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र मिशन अंग्रेजी माध्यम स्कूल का विद्यार्थी लग रहा है। हालांकि, अब तक छात्र या उसके परिवार की तरफ से थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है, लेकिन पुलिस ने वीडियो के आधार पर खुद ही एक्शन लेना शुरू कर दिया है। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। छात्र की स्कूल ड्रेस से उसके स्कूल की पहचान की जा रही है। पुलिस फिलहाल मारपीट करने वाले युवकों और पीड़ित छात्र, दोनों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया है कि पहचान होते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नागौर में एक किसान ने बेटी की शादी में अनोखी पहल की है। पिता ने पारंपरिक बर्तनों और घरेलू सामान की जगह बेटी को खेती के काम आने वाला ट्रैक्टर भेंट किया। शादी में आए बारातियों के साथ- साथ वेटर्स को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हेलमेट भेंट किए। रियां बड़ी क्षेत्र के किसान हनुमान राम माली की बेटी सरोज की शादी 9 मार्च की रात्रि को अमरपुरा(पाली) निवासी किसान ओमप्रकाश के बेटे रविंद्र से हुई। दूल्हा रविंद्र भी पिता के खेती के काम में हाथ बंटाता है। हनुमान राम माली का कहना है- आजकल हर घर में बर्तन, फ्रिज, टीवी और कूलर जैसे सामान पहले से ही मौजूद होते हैं। ऐसे में शादी में अनावश्यक खर्च करने के बजाय ऐसा सामान देना बेहतर है, जो जीवन और काम दोनों में उपयोगी हो। इसी सोच के साथ उन्होंने बेटी को ट्रैक्टर देने का फैसला लिया। पहले देखिए- शादी के समारोह की 2 तस्वीरें शर्त रखी कि शादी में हेलमेट पहनकर ही आएमाली ने बारातियों के सामने यह शर्त भी रखी कि दुपहिया वाहन से आने वाले सभी बाराती हेलमेट पहनकर आएं। शादी समारोह में उन्होंने बारातियों को हेलमेट भेंट करते हुए अपील की कि वे रोजाना दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करें और अपने परिवार व समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें। 111 बारातियों के साथ साथ वेटर्स को भी बांटे हेलमेटदुल्हन के चाचा विशनाराम ने बताया कि बारात ब्यावर के अमरपुरा से आई थी, जो रियां बड़ी से 25 किमी दूर है। 111 बरातियों के साथ साथ शादी में लगे वैटर्स को मिलाकर 151 हेलमेट बांटे गए। दुल्हन के भाई हंसराज सामरिया, लोकेश माली कहना था कि सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान सिर्फ इसलिए चली जाती है क्योंकि वे हेलमेट नहीं पहनते। उन्होंने जोर दिया कि यदि शादी जैसे सामाजिक अवसरों पर भी इस तरह के संदेश दिए जाएं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। दुल्हन सरोज वर्तमान में एमएससी एमएड है, जबकि दूल्हा रविंद्र बीएससी बीएड है और वर्तमान में अपने पिता की खेती का काम संभाल रहा है। दूल्हे के पिता ओम प्रकाश खेती से जुड़े हुए हैं। दुल्हन के पिता हनुमान राम सामरिया अपने क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से शकरकंद, गन्ना और पपीता की खेती के लिए पहचाने जाते हैं। इस मौके पर कैलाश राम, सुरेश, महेंद्र, विशनाराम सैनी, बाबूलाल माली, रामनिवास माली, महावीर सहित सैकड़ों माली समाज के लोग शामिल रहे।
नरसिंहपुर में हाईवे पर तेंदुए का शव मिला:वाहन की टक्कर से मौत की आशंका, 3 साल का था
नरसिंहपुर-सागर नेशनल हाईवे 44 पर झिराघाटी के पास मंगलवार रात एक तेंदुए का शव मिला है। तेंदुआ सड़क की उस लेन पर पड़ा था जो सागर से नरसिंहपुर की ओर जाती है। घटना की खबर डायल 112 के जरिए पुलिस को मिली, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सुआतला थाना प्रभारी प्रियंका केवट ने बताया कि डायल 112 पर सूचना मिली थी कि झिराघाटी के पास किसी एक्सीडेंट में एक 'चीता' घायल हो गया है। जब पुलिस की टीम वहां पहुंची, तो पता चला कि वह एक तेंदुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी। इसके तुरंत बाद वन विभाग को जानकारी दी गई। 3 साल का था नर तेंदुआ बरमान वन परिक्षेत्र अधिकारी एचएल बिसेन के मुताबिक, मारा गया तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब 3 साल के आसपास है। शुरुआती जांच में यही लग रहा है कि किसी तेज रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी जान चली गई। जंगल से निकलकर पार कर रहा था रोड अंदेशा जताया जा रहा है कि तेंदुआ सागर और नरसिंहपुर जिले की सीमा पर लगे जंगल से निकलकर सड़क पार कर रहा होगा, तभी वह किसी गाड़ी की चपेट में आ गया। वन विभाग की टीम ने मौके की बारीकी से जांच की है और मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा एक्सप्रेसवे के लंबित कार्यों को जल्द पूरा कर उसे संचालन के लिए तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण के कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। सीएम ने मंगलवार को सीएम आवास पर आयोजित बैठक में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की तीव्र आर्थिक प्रगति के लिए मजबूत अवसंरचना आधार अत्यंत आवश्यक है और किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों को इन परियोजनाओं के लिए भूमि क्रय की प्रक्रिया को जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। ताकि एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार प्रदेश में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संतुलित विकास को नई गति देगा। यूपीडा के अधिकारियों ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे का मुख्य कैरिजवे निर्माण पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी शेष कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे कर एक्सप्रेसवे को शीघ्र संचालन के लिए तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री को बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव पर भी कार्य प्रगति पर है। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के लिए हाल ही में प्रोविजनल एरोड्रम लाइसेंस प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। ग्रेटर नोएडा में विकसित किए जा रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं नोएडा के चिल्ला एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना के संबंध में उन्होंने निर्माण गुणवत्ता और अनुबंध शर्तों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। सिंचाई क्षेत्र की समीक्षा में मध्य गंगा नहर परियोजना (स्टेज-2) तथा एरच सिंचाई परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाएं किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। ऊर्जा क्षेत्र में रिहंद-ओबरा क्षेत्र में प्रस्तावित पंप स्टोरेज परियोजना, तापीय विद्युत परियोजनाओं में पर्यावरणीय उन्नयन तथा झांसी में प्रस्तावित 100 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। लखनऊ में वृंदावन योजना के अंतर्गत प्रस्तावित एग्ज़ीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर तथा कुकरेल क्षेत्र में प्रस्तावित नाइट सफारी परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यटन और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, इन्हें प्राथमिकता दी जाए। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा करते हुए जून तक यह कार्य पूरा कर लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकतानुरूप अतिरिक्त मैनपॉवर लगाया जाए। बैठक में अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े मार्गों के चौड़ीकरण तथा बस्ती जनपद में घाघरा नदी के तटबंध सुरक्षा परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नोडल अधिकारियों की तैनाती करते हुए सभी संबंधित विभागों को इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल योजना, लखनऊ स्थित 300 बेड के कैंसर अस्पताल, तथा ‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के अंतर्गत अत्यंत गरीब परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है तथा युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए उद्यमियों के प्रशिक्षण दिलाये जाने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास परियोजनाएं केवल अवसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निवेश, रोजगार और नागरिकों के जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन का आधार बनती हैं। इसलिए सभी विभाग समन्वित और लक्ष्य-उन्मुख दृष्टिकोण के साथ परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
बूंदी जिले के इंदरगढ़ थाने में पुलिस कस्टडी में एक पॉक्सो आरोपी की मौत से हड़कंप मच गया। आरोपी की मंगलवार को मौत के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार करवर निवासी दिनेश सैनी को तीन दिन पहले पॉक्सो मामले में इंदरगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने थाना परिसर में ही आत्महत्या कर ली। इसके बाद पुलिस उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए कोटा के एमबीएस हॉस्पिटल लेकर पहुंची, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया। बूंदी सैनी समाज के जिला अध्यक्ष चौथमल सैनी ने आरोप लगाया- पुलिस ने दिनेश सैनी के साथ टॉर्चर और मारपीट की। इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। लोगों का आरोप- पुलिस की लापरवाही से हुई मौतमाली समाज के संभागीय अध्यक्ष महावीर सुमन ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मृतक गरीब परिवार से था। पुलिस की लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है। उन्होंने मांग की कि पूरे इंदरगढ़ थाना स्टाफ को सस्पेंड किया जाए। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा, पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र नागर सहित लाखेरी थाना पुलिस का जाप्ता इंदरगढ़ थाने पहुंच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए कोटा के एमबीएस अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया है। वहीं मामले को लेकर जब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो किसी भी अधिकारी ने फोन रिसीव नहीं किया।
बूंदी जिले के इंद्रगढ़ पुलिस थाने में एक युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। युवक को 3 दिन पहले पुलिस ने पोक्सो के मामले में गिरफ्तार किया था। मंगलवार को पुलिस हिरासत में उसकी मौत की सूचना के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने थाने का घेराव कर लिया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। लोगों का फूटा आक्रोशमृतक को नाबालिग लड़की को भगाने के मामले में इंद्रगढ़ पुलिस ने 3 दिन पहले पोक्सो के मामले गिरफ्तार किया था। मंगलवार शाम करीब 6 बजे की घटना बताई गई है। युवक की मौत की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और सैनी समाज के सैकड़ों लोग पुलिस थाने पर एकत्रित हो गए। करीब 200-250 लोगों ने थाने का घेराव कर लिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ करीब 3 घंटे से ज्यादा समय तक नारेबाजी की। परिजनों में भारी रोष व्याप्त है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए इंद्रगढ़ पुलिस थाने के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पिता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोपमृतक युवक के पिता ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा एक लड़की को लेकर भाग गया था, इसके बाद 3 दिन से वो थाने में बंद था, लेकिन पुलिस ने उसे जेल नहीं भेजा, अगर बंद था तो जेल क्यों नहीं भेजा।मृतक युवक जयपुर में प्राइवेट कंपनी में काम करता था। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारीघटना की जानकारी मिलने पर एएसपी उमा शर्मा, लाखेरी डीएसपी नरेंद्र कुमार नागर, लाखेरी थाना प्रभारी सुभाष चंद्र और इंद्रगढ़ थानाधिकारी राम लाल मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।इधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का पता लगाना जरूरी है। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा, जिससे मौत के सही कारणों का खुलासा हो सके।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मंगलवार को एमपी में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एक हिस्से को 4-लेन डेवलप करने की मंजूरी दी है। यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर लगभग 3,839.42 करोड़ रुपए की लागत से पूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एनएच752D पर बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सेक्शन के फोर लेन निर्माण की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। निर्माण कार्य 24 महीनों में पूरा करने का टारगेट कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने एनएच-752डी के बदनावर–पेटलावद–थांदला–टिमरवानी सेक्शन पर 80.45 किलोमीटर लंबे 4-लेन कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दी है। परियोजना का निर्माण कार्य 24 महीनों में पूरा करने का टारगेट रखा गया है। इस कॉरिडोर से उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के टिमरवानी इंटरचेंज से सीधा संपर्क मिलेगा। इस 4-लेन परियोजना के पूरे होने के बाद यात्रा अवधि में एक घंटे की कमी आ जाएगी। बताया गया कि उज्जैन–बदनावर का 70.40 किमी लंबा हिस्सा पहले ही 2-लेन से 4-लेन में अपग्रेड किया जा चुका है। वहीं बदनावर–टिमरवानी खंड वर्तमान में 5.5 मीटर चौड़ा इंटरमीडिएट लेन है, जिसकी ज्योमेट्री खराब है और यहां वाहनों की गति केवल 20–50 किमी प्रति घंटा रहती है। इसको अपग्रेड करने से उज्जैन से टिमरवानी इंटरचेंज तक 80–100 किमी प्रति घंटा की गति वाले सीधे 4-लेन मार्ग की सुविधा मिल जाएगी। आवागमन के लिए छोटा मार्ग, कुंभ में मिलेगी मदद बताया गया कि टिमरवानी-थांदला-पेटलावद-बदनावर-उज्जैन कॉरिडोर गुजरात और महाराष्ट्र से उज्जैन आने वाले यातायात के लिए सबसे छोटा मार्ग है। टिमरवानी–बदनावर खंड के उन्नयन से अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यातायात सुचारु होगा। साथ ही अप्रैल 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान बढ़ने वाले यातायात को संभालने में भी मदद मिलेगी। इससे यात्रा समय, ट्रैफिक जाम और संचालन लागत में कमी आएगी। सीएम बोले- सीधी फोर लेन कनेक्टिविटी मिलेगी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह कॉरिडोर उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के टिमरवानी इंटरचेंज तक सीधी फोर लेन कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह एक महत्वपूर्ण प्रकल्प होगा। इससे जहां इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन और देवास के औद्योगिक केंद्रों तक पहुंच सुगम होगी। वहीं, धार एवं झाबुआ जिले का समग्र आर्थिक विकास भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह स्वीकृति इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि इससे सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं का आवागमन अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर पीठ ने याचिकाकर्ता नीता कंवर द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त रूख अपनाया है। जज ने प्रथम दृष्टया कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का मामला मानते हुए कंटेम्प्ट याचिका को एडमिट कर लिया और चारों प्रतिवादियों को सख्ती से रिटर्नेबल नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें पंचायती राज के प्रिंसिपल सेक्रेट्री जोगाराम, टोंक कलेक्टर कल्पना अग्रवाल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी परशुराम धानका और वरिष्ठ RAS अधिकारी त्रिलोक मीणा शामिल है। वकील ने कहा- कोर्ट के आदेशों की अवहेलना हुई याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता बलराम जाखड़ ने उच्च न्यायालय में पैरवी करते हुए कहा कि माननीय हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में पारित आदेश के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा उसका पालन नहीं किया गया, जो कोर्ट के आदेशों की स्पष्ट अवमानना है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को नोटिस जारी कर अगली तिथि तक के निर्देश दिए हैं। प्रशासक के पद से हटाने पर कोर्ट में दी थी चुनौतीनीता कंवर को पंचायत समिति निवाई की नटवाड़ा के प्रशासक पद से गत दिनों हटा दिया गया था, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और तथ्यों को देखते हुए राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी थी और नीता कंवर को तत्काल प्रभाव से पद पर बहाल करने का निर्देश दिया था। लेकिन यहां प्रशासन ने उन्हें ज्वॉइन नहीं करने दिया। इसको लेकर वकील बलराम जाखड़ ने कहा- कोर्ट का आदेश सर्वोपरि है। सरकार और प्रशासन द्वारा जानबूझकर कोर्ट के स्टे ऑर्डर और बहाली के निर्देशों को दरकिनार करना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह न्यायपालिका की गरिमा का अपमान भी है। इसके चलते गत दिनों अवमानना याचिका दायर की थी। इस पर आज सुनवाई हुई।
छिंदवाड़ा जिले के चांद थाना क्षेत्र के अंतर्गत परसगांव सर्रा के पास कुलबहरा नदी में मंगलवार शाम एक युवक का शव बरामद हुआ है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। मंगलवार शाम कुलबहरा नदी में शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव की शिनाख्त के प्रयास किए। प्राथमिक जांच में मृतक की पहचान नीलकंठी कला निवासी 40 वर्षीय अरुण मालवी के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से नदी से बाहर निकाला गया शव घटना की जानकारी मिलते ही चांद थाना प्रभारी राकेश बघेल अपनी पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से सुरक्षित बाहर निकलवाया और पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा मौत के कारणों का खुलासा पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
UP ATS ने आगरा से एक पाकिस्तानी जासूस पकड़ा है। आरोपी भारतीय नौसेना (नेवी) में लांस नायक है। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI (Inter-Services Intelligence) के लिए जासूसी कर रहा था। आरोपी ने ISI एजेंट को देश के युद्धपोतों की तस्वीरें और डिटेजी भेजी हैं। इसकी पुष्टि उसके पास मिले दस्तावेजों से हुई। लांस नायक ने बैंक खाते से ISI एजेंट को पैसे भी ट्रांसफर किए थे। ATS ने आरोपी को आगरा में कागारौल से दबोचा है। केरल में तैनात था लांस नायक लकीआरोपी लांस नायक आदर्श कुमार उर्फ लकी आगरा में कागारौल थाना क्षेत्र के चीतपुर गांव का रहने वाला है। इस समय उसकी तैनाती दक्षिणी नेवल कमांड, कोच्चि (केरल) में थी। ATS को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि लकी पाकिस्तानी एजेंसी ISI को भारत से जुड़ी अहम जानकारियां भेज रहा है। मंगलवार को लकी को पकड़ा गया। उससे पूछताछ की गई। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की जांच की गई, जिसमें उसके जासूस होने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी पता चला कि लकी ने ISI एजेंटों को अपने बैंक खाते से पैसे भी भेजे थे। साथ ही बेहद संवेदनशील सूचनाएं साझा की गईं। एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। एजेंसियां अब यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं इस जासूसी नेटवर्क में और लोग तो शामिल नहीं हैं। तो क्या रवींद्र की तरह हनीट्रैप का शिकार हुआ लकी?पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी अक्सर हनीट्रैप में फंसाकर लोगों से जासूसी करवाती है। एक साल पहले आगरा के रवींद्र कुमार को ATS ने जासूसी के आरोप में दबोचा था। वह फेसबुक के जरिए नेहा शर्मा नाम की महिला के संपर्क में आया था। रवीेंद्र कुमार ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की गोपनीय दस्तावेज ISI के लिए काम करने वाली महिला को भेज रहा था। जिसमें ड्रोन, गगनयान प्रोजेक्ट व अन्य गोपनीय जानकारी/ स्क्रीनिंग कमेटी का कॉन्फिडेंशियल लेटर मिला था। एजेंसी को शक है कि लांस नायक लकी भी हनीट्रैप का शिकार हुआ है। जांच की जा रही है। आगरा से कब- कब पकड़े गए जासूस? 14 मार्च 2025: रवींद्र कुमार (ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारी) किसने पकड़ा: यूपी ATS आरोप: पाकिस्तान की महिला हैंडलर के हनीट्रैप में फंसकर रक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी भेजना। 14 मार्च 2025: रवींद्र कुमार का एक सहयोगी भी हिरासत में आरोप: ISI हैंडलर को संवेदनशील सूचनाएं साझा करने में मदद। 27 सितंबर 2023: शैलेश कुमार किसने पकड़ा: यूपी ATS आरोप: फेसबुक के जरिए ISI हैंडलर से संपर्क कर सेना से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी साझा करना। सभी केस में एक पैटर्न ▪️ अधिकतर मामलों में सोशल मीडिया (Facebook/WhatsApp) के जरिए संपर्क▪️ कई मामलों में हनीट्रैप या पैसों का लालच▪️ निशाना अक्सर रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े कर्मचारी या संवेदनशील जानकारी रखने वाले लोग ------------------- यह खबर भी पढ़िए:- बरेली में मंदिर के सेवादार ने सुसाइड किया, पिता बेहोश:आखिरी VIDEO में बोला- प्रेमिका से तंग आ चुका हूं; मेरी मौत के 4 जिम्मेदार बरेली में प्राचीन धोपेश्वरनाथ मंदिर के सेवादार विजय राठौर ने मंगलवार को सुसाइड कर लिया। जान देने से पहले विजय ने 32 मिनट का एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। विजय राठौर ने वीडियो में अपने टूटे दिल, प्रेमिका, उसके परिवार और पुलिस से मिली तकलीफों की कहानी सुनाई है। विजय बार-बार कहते नजर आए कि अब उनके पास सहने की ताकत नहीं बची। वह कई महीनों से मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं। रात-रात भर सो नहीं पाते। अब वह अपनी जिंदगी खत्म करने जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
फरीदाबाद जिले की बल्लभगढ़ विधानसभा सीट से विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री पंडित मूलचंद शर्मा द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान उठाए गए एक सवाल के बाद प्रशासन ने भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में नगर निगम ने बल्लभगढ़ निवासी राजकुमार यादव के खिलाफ सिटी थाना बल्लभगढ़ में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338, 340 और 61 (धोखाधड़ी से संबंधित धाराएं) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि राजकुमार यादव ने सरकारी भूमि को अपने नाम दिखाकर कब्जा करने की कोशिश की। यह करोड़ों रुपए कीमत की जमीन बल्लभगढ़ के मिल्क प्लांट रोड स्थित एक निजी स्कूल के साथ लगती बताई जा रही है। विधायक बोले गलत काम मंजूर नहीं इस कार्रवाई पर विधायक मूलचंद शर्मा ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि वह सार्वजनिक मंचों से लगातार कहते रहे हैं कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे नहीं होने दिए जाएंगे और अब उसी दिशा में कार्रवाई भी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है या किसी की मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास जरूरी विधायक ने कहा कि अगर सरकारी जमीनों से कब्जे नहीं हटाए गए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास योजनाएं बनाना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए सरकारी संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराना बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि इससे पहले भी विधायक मूलचंद शर्मा की पहल पर बल्लभगढ़ के सिटी पार्क को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया जा चुका है। इसके अलावा त्रिखा कॉलोनी, फ्रेंड्स कॉलोनी, दशहरा मैदान, प्राचीन पथवारी माता मंदिर, दौलत कॉलोनी, सेक्टर-63 ऊंचा गांव और गुलाब सिंह सैनी सामुदायिक भवन के पास की सरकारी जमीनों से भी अवैध कब्जे हटवाए जा चुके हैं।
नईगढ़ी थाना प्रभारी लाइन हाजिर:मऊगंज एसपी ने कोर्ट के निर्देश नहीं मानने पर कार्रवाई की
मऊगंज एसपी दिलीप सोनी ने नईगढ़ी थाना प्रभारी गोविंद प्रसाद तिवारी को लाइन हाजिर कर दिया है। यह कदम ड्यूटी में लापरवाही बरतने और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेशों की अनदेखी करने की वजह से उठाया गया है। मंगलवार शाम को जारी आदेश के मुताबिक, जबलपुर हाई कोर्ट ने रमेश कुमार तिवारी बनाम मध्य प्रदेश शासन के एक मामले में कुछ जरूरी निर्देश दिए थे। इन निर्देशों का पालन कराने की जिम्मेदारी नईगढ़ी थाना प्रभारी गोविंद प्रसाद तिवारी की थी, लेकिन उन्होंने कोर्ट के आदेश को गंभीरता से नहीं लिया। अनुशासनहीनता और लापरवाही का मामला एसपी ऑफिस से जारी लेटर में साफ कहा गया है कि कोर्ट के आदेशों का पालन न करना ड्यूटी के प्रति लापरवाही और घोर अनुशासनहीनता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने उन्हें तुरंत प्रभाव से थाने से हटाकर रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) मऊगंज भेज दिया है। सख्त संदेश देने की कोशिश सब इंस्पेक्टर गोविंद प्रसाद तिवारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत पुलिस लाइन पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएं।
भारतीय जनता पार्टी चांदपोल मंडल, जयपुर द्वारा कार्यकर्ता गोष्ठी और होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। गंगा माता मंदिर स्टेशन रोड पर समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में कानून मंत्री जोगाराम पटेल मुख्य अतिथि रहे। वहीं राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की। इसके साथ ही विधायक गोपाल शर्मा ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। कार्यक्रम में शहर बीजेपी अध्यक्ष अमित गोयल, विधानसभा प्रत्याशी चन्द्रमनोहर बटवाड़ा सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन चांदपोल मंडल के अध्यक्ष कपिल गुर्जर के नेतृत्व में किया गया।
एटीएस (ATS) ने आगरा के एक युवक को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी भारतीय नौसेना में लांस नायक के पद पर तैनात है। उस पर संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने का आरोप है। एटीएस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि एक व्यक्ति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारत से जुड़ी अहम जानकारियां भेज रहा है। इस इनपुट के आधार पर यूपी एटीएस की सर्विलांस टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि भारतीय नौसेना में लांस नायक के पद पर तैनात आगरा के कागारौल चीतपुर गांव निवासी आदर्श कुमार उर्फ लक्की पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था। ISI एजेंटों को अपने बैंक खाते से पैसे भी भेजे थेजांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने पाकिस्तान स्थित ISI एजेंटों को अपने बैंक खाते से पैसे भी भेजे थे। साथ ही रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील सूचनाएं साझा की गईं। एटीएस की गहन जांच में इन तथ्यों की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। केरल में भारतीय नौसेना में तैनात था आदर्श पकड़ा गया आरोपी आदर्श कुमार उर्फ लक्की (24) पुत्र बलवीर सिंह वर्तमान में केरल में भारतीय नौसेना में तैनात था। एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सोमवार (10 मार्च) को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले को देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए एजेंसियां अब यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं इस जासूसी नेटवर्क में और लोग तो शामिल नहीं हैं। एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। एजेंसियां अब यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं इस जासूसी नेटवर्क में और लोग तो शामिल नहीं हैं। तो क्या रवींद्र की तरह हनीट्रैप का शिकार हुआ लकी? पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी अक्सर हनीट्रैप में फंसाकर लोगों से जासूसी करवाती है। एक साल पहले आगरा के रवींद्र कुमार को ATS ने जासूसी के आरोप में दबोचा था। वह फेसबुक के जरिए नेहा शर्मा नाम की महिला के संपर्क में आया था। रवीेंद्र कुमार ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की गोपनीय दस्तावेज ISI के लिए काम करने वाली महिला को भेज रहा था। जिसमें ड्रोन, गगनयान प्रोजेक्ट व अन्य गोपनीय जानकारी/ स्क्रीनिंग कमेटी का कॉन्फिडेंशियल लेटर मिला था। एजेंसी को शक है कि लांस नायक लकी भी हनीट्रैप का शिकार हुआ है। जांच की जा रही है। आगरा से कब- कब पकड़े गए जासूस? 14 मार्च 2025: रवींद्र कुमार (ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारी) किसने पकड़ा: यूपी ATS आरोप: पाकिस्तान की महिला हैंडलर के हनीट्रैप में फंसकर रक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी भेजना। 14 मार्च 2025: रवींद्र कुमार का एक सहयोगी भी हिरासत में आरोप: ISI हैंडलर को संवेदनशील सूचनाएं साझा करने में मदद। 27 सितंबर 2023: शैलेश कुमार किसने पकड़ा: यूपी ATS आरोप: फेसबुक के जरिए ISI हैंडलर से संपर्क कर सेना से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी साझा करना। सभी केस में एक पैटर्न ▪️ अधिकतर मामलों में सोशल मीडिया (Facebook/WhatsApp) के जरिए संपर्क ▪️ कई मामलों में हनीट्रैप या पैसों का लालच ▪️ निशाना अक्सर रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े कर्मचारी या संवेदनशील जानकारी रखने वाले लोग ------------------- यह खबर भी पढ़िए:- बरेली में मंदिर के सेवादार ने सुसाइड किया, पिता बेहोश:आखिरी VIDEO में बोला- प्रेमिका से तंग आ चुका हूं; मेरी मौत के 4 जिम्मेदार बरेली में प्राचीन धोपेश्वरनाथ मंदिर के सेवादार विजय राठौर ने मंगलवार को सुसाइड कर लिया। जान देने से पहले विजय ने 32 मिनट का एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। विजय राठौर ने वीडियो में अपने टूटे दिल, प्रेमिका, उसके परिवार और पुलिस से मिली तकलीफों की कहानी सुनाई है। विजय बार-बार कहते नजर आए कि अब उनके पास सहने की ताकत नहीं बची। वह कई महीनों से मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं। रात-रात भर सो नहीं पाते। अब वह अपनी जिंदगी खत्म करने जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
निवाड़ी जिले में अवैध कॉलोनियों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। बिना अनुमति के धड़ल्ले से प्लॉट काटकर जमीन बेचने वाले पांच कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई की गई। कलेक्टर कोर्ट ने इन सभी को नोटिस भेजकर 17 मार्च को पेश होने का फरमान सुनाया है। जांच में पता चला कि इन लोगों ने न तो कॉलोनाइजर का लाइसेंस लिया था और न ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) से कोई मंजूरी ली थी। नियमों को ताक पर रखकर, बिना किसी सरकारी परमिशन के जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े कर बेच दिए गए, जो कि सीधा-सीधा कानून का उल्लंघन है। इन लोगों को थमाया गया नोटिस प्रशासन ने जिन पांच मामलों में कार्रवाई की है, वे ये हैं- चंद्रपाल यादव (झांसी): ओरछा के फुटेरा गांव में बिना लाइसेंस प्लॉटिंग करने का आरोप। रेणु सिंह राठौर (जेर): पृथ्वीपुर में करीब 11 अलग-अलग खसरा नंबरों की जमीन पर अवैध तरीके से प्लॉट बेचने का मामला। बिजयकांत और उदयकांत सोनी (पृथ्वीपुर): करगुवा गांव की भारी-भरकम जमीन पर अवैध कॉलोनी काटने का आरोप। शैलेंद्र सिंह यादव (झांसी): ओरछा में करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन पर बिना मंजूरी के प्लॉटिंग। लक्ष्मीनारायण नामदेव (झांसी): ओरछा की जमीन पर बिना किसी परमिशन के टुकड़े कर बेचने का आरोप। 17 मार्च को पेशी, वरना होगी सख्त कार्रवाई एसडीएम की जांच में इन सभी को नियमों का दोषी पाया गया है। कलेक्टर कोर्ट ने साफ कह दिया है कि अगर ये लोग 17 मार्च 2026 को अपने कागजों के साथ हाजिर नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ एकतरफा सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इन जमीनों को फिर से पुराने हाल में लाने (अवैध निर्माण ढहाने) की तैयारी भी कर सकता है।
छावनी परिषद की मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में छावनी क्षेत्र के तीनों मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। परिषद ने इस समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) से जवाब मांगने का निर्णय लिया है। जल्द ही छावनी कार्यालय में एनसीआरटीसी के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी। परिषद ने अपने स्तर पर भी आसपास पार्किंग व्यवस्था विकसित करने पर विचार करने का फैसला किया है। बैठक में ब्रिगेडियर और छावनी परिषद के अध्यक्ष निखिल देशपांडे, मुख्य अधिशासी अधिकारी जाकिर हुसैन, विधायक अमित अग्रवाल और मनोनीत पार्षद सतीश शर्मा उपस्थित रहे। बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। टैंक चौराहे का नाम 'अटल चौक' रखने पर सहमति बनी। सदर बाजार में सड़क, फुटपाथ और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। लंबे समय से चली आ रही शौचालय की मांग को पूरा करने और पार्किंग समस्या के समाधान के लिए एक समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया। सीएबी स्कूल में कुछ समय से बंद पड़ी पार्किंग को फिर से शुरू किया जाएगा। इसके लिए 2.56 लाख रुपये का पार्किंग ठेका आवंटित किया गया है। गांधी बाग में कैफेटेरिया, पार्किंग और मरम्मत सहित पूर्ण संचालन का ठेका 76 लाख रुपये में तीन साल के लिए आवंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त, कैंट रेलवे स्टेशन की पार्किंग का ठेका 5.68 लाख रुपये में छोड़ा गया है।
नीमच शहर में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष और पार्षद पति मोनू लोक्स पर एक ठेला चलाने वाले युवक से 'हफ्ता' वसूली और उसे परेशान करने के आरोप लगे हैं। मंगलवार को पीड़ित स्वप्निल गट्टानी ने कैंट थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। स्वप्निल गट्टानी का कहना है कि मोनू लोक्स पिछले चार महीने से उनसे हर महीने 3,000 रुपए 'गुंडा टैक्स' मांग रहे थे। स्वप्निल का यह ठेला कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन के ठीक बाहर लगता है। विवाद और बिजली का कनेक्शन काटा पीड़ित के अनुसार, विवाद 6 मार्च की शाम को तब बढ़ा जब मोनू लोक्स अपने बेटे के साथ दुकान पर पहुंचे और ग्राहकों के सामने गाली-गलौज की। आरोप है कि उन्होंने दबंगई दिखाते हुए कहा कि नगर पालिका की यह जमीन हमारी है, यहां वही खड़ा होगा जिसे हम चाहेंगे। जब स्वप्निल ने विरोध किया, तो आरोपी ने दुकान की बिजली का कनेक्शन काट दिया और तार भी उखाड़ ले गए। परिवार की मजबूरी और ऑडियो स्वप्निल ने बताया कि उनकी मां कैंसर से पीड़ित हैं और घर का खर्च इसी छोटी सी दुकान से चलता है। आरोप है कि पैसे न देने पर मोनू लोक्स ने नगर पालिका कर्मचारियों से साठगांठ कर दुकान की रसीद में नाम तक बदलवा दिया ताकि उन्हें वहां से हटाया जा सके। पीड़ित ने पुलिस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी दी है, जिसमें रुपयों की मांग की बात कही जा रही है। मोनू लोक्स ने आरोपों को नकारा वहीं, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोनू लोक्स ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि राजनीति में ऐसे आरोप लगते रहते हैं और उन्होंने कोई पैसा नहीं मांगा है। लोक्स के मुताबिक, ठेला चालक वहां अवैध काम कर रहा था और बिजली मांग रहा था, जिसे मना करने पर वह अब झूठी शिकायत कर रहा है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मथुरा में युवक ने सुसाइड किया:घर में दुपट्टे के फंदे से लटका मिला शव, पुलिस कर रही जांच
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र स्थित आकाश विहार कॉलोनी में मंगलवार को एक युवक का शव कमरे में दुपट्टे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के दमोह जिले के निवासी सरवन के रूप में हुई है। वह मथुरा में मजदूरी करता था और आकाश विहार कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। पड़ोसियों को कमरे में संदिग्ध स्थिति का आभास होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी। सूचना मिलते ही तारसी चौकी प्रभारी नितिन राठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर युवक का शव दुपट्टे से लटका पाया। शव को नीचे उतारकर घटनास्थल की जांच की गई। जांच के दौरान मृतक के सामान से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट की लिखावट इतनी अस्पष्ट है कि उसे ठीक से समझ पाना मुश्किल हो रहा है, जिससे आत्महत्या के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। थाना हाईवे प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस सुसाइड नोट की लिखावट को समझने का प्रयास कर रही है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगा।
उदयपुर की बड़गांव थाना पुलिस ने बुजुर्ग की जमीन हड़पने को लेकर उसका किडनैप कर मारपीट करने के मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी किताब चौधरी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से एक आपराधिक गिरोह बनाकर षड़यंत्र पूर्वक भोले-भाले लोगों की जमीन चिन्हित कर रजिस्ट्रियां करवाकर धोखाधड़ी कर रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि ये काम किशन मेघवाल निवासी नान्देश्मा सायरा और सुरेश मेघवाल निवासी सुहावतों का गुड़ा के कहने पर किया गया था। अब पुलिस किशन मेघवाल और सुरेश मेघवाल सहित वारदात में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। इस गिरोह ने बुजुर्ग रामा गमेती निवासी हलेला की जमीन की रजिस्ट्री करवाने के कागजात पहले से तैयार करवा लिए थे। जिसके तहत रामा गमेती की पूर्व से रैकी की। वह कहां जाता है और कहां आता है। 8 मार्च 2026 को रामा गमेती पनघट पर पानी लेने गए, तभी कार सवार आरोपियों ने उनको किडनैप कर लिया था। इसके बाद उन्हें लेकर फरार हो गए। उनके साथ मारपीट की और रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाया। इसी बीच पुलिस एक्टिव हो गई। जिसके बाद आरोपी उन्हें जंगल में छोड़कर फरार हो गए। इन आरोपियों को किया गिरफ्तारआरोपी मुकेश गमेती पिता मांगीलाल, अशोक बंजारा पिता भंवरलाल, दीपचन्द्र पिता लक्ष्मीलाल, सुरेश पिता लोगर गमेती, पुष्कर पिता मेघाजी गमेती, विजय पिता लालुराम गमेती, प्रकाश पिता तख्ताराम गमेती, प्रवीण पिता पन्नालाल मेघवाल, दिलीप कुमार पिता मोहनलाल गमेती को गिरफ्तार किया है। बुजुर्ग की जमीन हड़पना चाहते थे बदमाशथानाधिकारी किताब देवी ने बताया कि बुजुर्ग रामा गमेती (65) को बदमाश कार में डालकर लेकर गए थे। रामा गमेती अपने घर से कुछ दूरी पर पानी भर रहा था। इस दौरान एक कार में सवार कुछ लोग पहुंचे। उन्होंने कार से उतरते ही मारपीट करना शुरू कर दिया और बुजुर्ग को कार में पटककर ले गए। आस-पास मौजूद लोगों ने शोर मचाया लेकिन बदमाश भाग गए। परिजनों के अनुसार-आरोपियों ने कार में बैठाकर भी उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए फर्जी रजिस्ट्री का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, परिवार के अन्य सदस्यों को भी खत्म कर देने की धमकी दी गई। हालांकि कुछ देर बाद आरोपी रामा गमेती को एक सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो गए थे। घटना के बाद परिजनों ने बड़गांव थाने में लिखित रिपोर्ट दी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस के अनुसार बदमाशों की नजर बुजुर्ग की जमीन पर थी और जबरन फर्जी रजिस्ट्री कराना चाहते हैं। समय पर पुलिस एक्टिव हो गई, जिस वजह से बदमाशों का प्लान फेल हो गया।
चंदौली के धीना थानाक्षेत्र के सिकठा गांव में मंगलवार शाम पेट्रोलियम पाइपलाइन सुरक्षा पर एक मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को पेट्रोलियम पाइपलाइन से जुड़ी संभावित दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक करना और आपात स्थिति में राहत व बचाव कार्यों की जानकारी देना था। मॉक ड्रिल के दौरान इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि पाइपलाइन से तेल रिसाव, आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता बरतना आवश्यक है। अधिकारियों ने जोर दिया कि यदि कहीं तेल की गंध आए, जमीन से तेल निकलता दिखाई दे या पाइपलाइन के आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए। ग्रामीणों से अपील की गई कि पाइपलाइन से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर तत्काल 112 नंबर डायल करके पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें। ऐसा करने से समय रहते कार्रवाई करके किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सकेगा। इस दौरान दमकल विभाग की टीम ने आग लगने की स्थिति में बचाव और नियंत्रण के उपायों का प्रदर्शन किया। टीम ने आग बुझाने वाले उपकरणों के उपयोग की जानकारी भी दी और बताया कि ऐसी स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखना तथा प्रशासन को तुरंत सूचना देना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। जागरूकता कार्यक्रम में इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल और प्रशासन से जुड़े कई अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें सुमन कुमार, राकेश कुमार, मोहम्मद गुफार हुमायूं, कुनाल कुमार, राजीव रंजन, विजय प्रताप सिंह, प्रेमप्रकाश उपाध्याय, वीर बहादुर सिंह, मनोज कुमार सिंह, राजीव रंजन सिंह, अनंत कुमार त्रिपाठी, पारसनाथ, रूपेश कुमार, रोहित कुमार, अवधेश कुमार मौर्य, प्रियांशु कुमार और अश्विनी कुमार सिंह शामिल थे।
मिर्जापुर पुलिस ने मंगलवार को गैंग लीडर शैलेश सिंह की लगभग 15 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया। यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर की गई। पुलिस के अनुसार यह कदम अपराध की रोकथाम और हिस्ट्रीशीटर व गैंग लीडरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश सरकार की माफिया और अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। कुर्की की कार्रवाई के दौरान एसडीएम अनेग सिंह , प्रभारी निरीक्षक वेद प्रकाश पाण्डेय, प्रभारी निरीक्षक बालमुकुंद मिश्रा, थानाध्यक्ष राजेश राम और थानाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा सहित पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम मौजूद रही। पुलिस के मुताबिक थाना मड़िहान थाना पर दर्ज मुकदमा गैंगस्टर अधिनियम के तहत गैंग लीडर शैलेश सिंह पुत्र गुलाब सिंह निवासी ददरा गांव द्वारा अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित किया गया था। इनमें ग्रामसभा राजगढ़, थाना राजगढ़, तहसील मड़िहान तहसील स्थित आराजी संख्या 45ख (रकबा 33.038 हेक्टेयर) और ग्राम ददरा सक्तेशगढ़, थाना राजगढ़, तहसील मड़िहान स्थित आराजी संख्या 255 (रकबा 0.5690 हेक्टेयर) की भूमि शामिल है। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शैलेश सिंह के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 2006 में हत्या के प्रयास और साजिश का मामला, 2022 में धोखाधड़ी, अपहरण व एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमे और 2023 में गैंगस्टर एक्ट का मामला प्रमुख हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 1 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। भर्ती के लिए आवेदन joinindianarmy.nic.in के माध्यम से 13 फरवरी 2026 से लिए जा रहे हैं। 17 वर्ष 6 माह से 21 वर्ष तक के युवा पात्र इस भर्ती प्रक्रिया में 17 वर्ष 6 माह से 21 वर्ष तक आयु वर्ग के युवा आवेदन करने के पात्र हैं। पद के अनुसार न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास से लेकर स्नातक या डिप्लोमा उत्तीर्ण तक निर्धारित की गई है। जिले के युवाओं को आवेदन प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए ब्लॉक स्तर पर व्यवस्था की गई है। आवेदन में मदद के लिए ब्लॉक स्तर पर व्यवस्था अभ्यर्थी रोजगार कार्यालय, नगरीय निकाय, पॉलिटेक्निक कॉलेज, शासकीय महाविद्यालय, शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), जनपद पंचायत और नगर पंचायतों में जाकर ऑनलाइन आवेदन से संबंधित जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर भर्ती प्रक्रिया का लाभ उठाएं।
नूंह जिले में एटीएम काटने के आरोपी को पकड़ने आई मेघालय पुलिस की कार्रवाई के दौरान फायरिंग हो गई। आरोपी को छुड़ाने की कोशिश के बीच हुई इस घटना में एक युवक के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। यह घटना मंगलवार शाम करीब 6 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, मेघालय में एटीएम काटने की वारदात में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए मेघालय पुलिस की एक टीम नूंह जिले के वाजिदपुर गांव पहुंची थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव में दबिश देकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को अपने साथ लेकर जा रही थी। ग्रामीणों ने आरोपी को छुड़ाने प्रयास किया बताया गया है कि जब पुलिस टीम आरोपी को लेकर सिकरावा-भादस रोड से गुजर रही थी, तभी कुछ ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी को रोक लिया। ग्रामीणों ने आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने का प्रयास किया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने की फायरिंग स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग कर दी। इसी दौरान सिकरावा-भादस रोड पर पूर्व सरपंच जुहूरखा के घर के सामने अपनी दुकान पर वेल्डिंग का काम कर रहे तारीफ (उम्र 22 वर्ष) के पैर में गोली लग गई। गोली लगने से युवक घायल गोली लगने से तारीफ घायल होकर गिर पड़ा। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। तारीफ शादीशुदा है और उसका एक छोटा बच्चा भी है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने रोड को जाम कर नारेबाजी की। वहीं, मेघालय पुलिस आरोपी को अपने साथ लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
बड़वानी जिला मुख्यालय के करी रोड पर मंगलवार शाम अपर कलेक्टर के ड्राइवर मंसाराम केसकर (56) की जान चली गई। वे अंजड़ से अपनी बाइक पर सवार होकर एनवीडीए कॉलोनी स्थित अपने घर लौट रहे थे, तभी करी रोड पर किसी अनजान वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। वहां से गुजर रहे लोगों ने जब उनकी तलाशी ली, तो पास मिले आधार कार्ड से उनकी पहचान हो सकी। पता चला कि वे अपर कलेक्टर के ड्राइवर थे। सिर में लगी थी चोट हादसे की खबर मिलते ही उनके परिवार को जानकारी दी गई। उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी। पुलिस कर रही है तलाश पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस उस वाहन का पता लगाने की कोशिश कर रही है जिसने बाइक को टक्कर मारी थी। मृतक का पोस्टमार्टम बुधवार सुबह किया जाएगा।
किताबों की खुशबू, कविता की गूंज और संस्कृति का रंग… राजधानी में इस बार लखनऊ पुस्तक मेला कुछ अलग अंदाज़ में नजर आने वाला है। चारबाग स्थित रवीन्द्रालय के मुख्य लॉन में 10 दिवसीय यह मेला 13 मार्च से शुरू होगा और 22 मार्च तक चलेगा। खास बात यह है कि मेले में प्रवेश पूरी तरह मुफ़्त रहेगा। आयोजकों ने इस बार मेले की थीम ‘विकसित भारत–विकसित प्रदेश’ (विजन-2047) रखी है। हजरतगंज स्थित रॉयल कैफे में प्रेस वार्ता में आयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि लखनऊ कला और संस्कृति का शहर है और यहां साहित्यिक आयोजनों को लेकर लोगों में खास उत्साह रहता है। हाल ही में दिल्ली में हुए विश्व पुस्तक मेले में उमड़ी भीड़ से भी आयोजकों को काफी प्रेरणा मिली है।मेले का उद्घाटन 13 मार्च को शाम 5 बजे होगा। मेला रोज़ सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। मेले के आयोजन में यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का भी सहयोग मिल रहा है। नई तकनीक की किताबें और डिजिटल प्रकाशन इस बार मेले में नई तकनीक से छपी किताबों के साथ डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रकाशन उत्पाद भी देखने को मिलेंगे। इसके अलावा स्टेशनरी, शिक्षकों और स्कूलों के लिए उपयोगी शैक्षिक सामग्री के भी स्टॉल लगाए जाएंगे।‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर युवा कलाकार 15 फीट लंबे कैनवस पर सामूहिक चित्र बनाएंगे। इस विशेष कला प्रस्तुति का संयोजन कलाकार भूपेन्द्र करेंगे।मेले में देश के कई बड़े प्रकाशक और वितरक अपने स्टॉल लगाएंगे। 60 स्टॉल और कई साहित्यिक कार्यक्रम करीब 60 स्टॉल वाले इस मेले में पुस्तक विमोचन, साहित्य चर्चा, कहानी-वाचन, काव्य पाठ,कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन होगा। बच्चों और युवाओं के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे जाएंगे।मेला निदेशक आकर्ष चंदेल के मुताबिक, यहां आने वाले लोगों को लेखकों और कवियों से सीधे मिलने और बातचीत करने का मौका मिलेगा। साथ ही स्थानीय लेखकों की किताबों के लिए भी विशेष स्टॉल रहेगा।उत्तर प्रदेश ओलम्पिक संघ के पदाधिकारी टीपी हवेलिया ने बताया कि मेले में हर खरीदार को किताबों पर कम से कम 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
आगरा में अभाविप का होली मिलन:हवन क्रिया के साथ राधा-कृष्ण की झांकी और फूलों की हुई बरसात
आगरा में राजामंडी स्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ब्रज प्रांत कार्यालय पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें फूलों की फुहार और कलाकारों की प्रस्तुति से आनंदमय वातावरण में समारोह भव्यता एवं दिव्यता के साथ संपन्न हुआ। समारोह की शुरुआत हवन क्रिया से हुई, जिसमें समस्त कार्यकर्ताओं ने मंत्रोच्चारण और लोक कल्याण की कामनाओं के साथ भाग लिया। इसके बाद सांस्कृतिक नृत्य हुए, जिसमें राधा-कृष्ण के स्वरूप ने नृत्य कर जमकर सभी के साथ फूलों की होली खेलकर रंगोत्सव के पावन पर्व की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। अभाविप की मान्यता है कि बिना अराजकता एवं हुडदंग के भी सद्भाव के साथ होली का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जा सकता है। क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज नीखरा ने हवन कुंड में प्रथम आहुति अर्पित कर पूजन का शुभारंभ किया और कहा कि होली का त्योहार भक्त प्रहलाद के ईश्वर की प्रति अनन्य भक्ति और बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है। समारोह में महानगर मंत्री शिवांग खंडेलवाल, महानगर अध्यक्ष डॉ राजेश कुशवाह, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एम एल सी विजय शिवहरे, महानगर अध्यक्ष भाजपा राजकुमार गुप्ता, rss प्रांत कार्यालय प्रमुख बादाम सिंह, अभाविप प्रांत संगठन मंत्री अनुज ठाकुर सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हनुमना के सेठ रघुनाथ प्रसाद कॉलेज परिसर में मंगलवार को जिला स्तरीय मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर से आए 200 से अधिक जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार और निकाह की रस्मों के साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुआ विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के जोड़ों ने अपने-अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किया। शासन की इस जनकल्याणकारी योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जोड़ों को वैवाहिक बंधन में जोड़ा गया। शासन की ओर से दिए उपहार योजना के प्रावधानों के अनुसार, सभी नवविवाहित जोड़ों को शासन की ओर से उपहार सामग्री दी गई। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की। संजय कुमार जैन सहित अन्य वक्ताओं ने इस योजना को गरीब परिवारों के लिए अत्यंत सहायक बताया। यह रहे उपस्थित समारोह में डॉ. राजेंद्र मिश्रा, गोविंद नारायण तिवारी और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अतिथियों ने नवदंपतियों पर पुष्पवर्षा कर उन्हें सुखद भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस आयोजन ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया और शाम तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और परिजन शामिल हुए।
इटावा जिले के भरथना बिधूना रोड पर मंगलवार शाम उस समय अफरा तफरी मच गई, जब सती मंदिर के पास सड़क किनारे खड़ी एक मारुति ओमनी कार में अचानक शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। कार में सीएनजी किट लगी होने के कारण आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेज थी कि कार के टायर धमाकों के साथ फटने लगे और आसपास के लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए। सूचना मिलने पर दमकल और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, उठीं ऊंची लपटें जानकारी के मुताबिक एक दुकान के बाहर खड़ी मारुति ओमनी कार में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते कार में आग लग गई। कार में सीएनजी किट लगी होने के कारण आग तेजी से फैल गई और गैस सिलेंडर की पाइपलाइन फटने से कार से ऊंची ऊंची लपटें उठने लगीं। इससे आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। धमाकों के साथ फटे टायर, लोग दहशत में आग इतनी भयंकर थी कि कार के चारों टायर तेज धमाके के साथ फट गए। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए और अपने घरों से बाहर निकल आए। आग की लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं, जिससे आसपास के घरों में रहने वाले लोग काफी डर गए और इलाके में कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। दमकल ने 26 मिनट में पाया काबू कार में आग लगते ही दुकान मालिक अपनी दुकान बंद कर वहां से चला गया, जबकि कार चालक भी मौके से गायब हो गया। घटना की सूचना मिलने पर दमकल टीम और थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने मुहल्ले के लोगों की मदद से करीब 26 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि कार पूरी तरह जल चुकी है और चेसिस नंबर व नंबर प्लेट के आधार पर कार मालिक की तलाश की जा रही है। साथ ही आग लगने के वास्तविक कारण की भी जांच की जा रही है।
एटा में आलू के बीज के बकाया भुगतान को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। इस विवाद में लाठी-डंडे चले। जिसमें कई लोग घायल हो गए। घटना का एक वीडियो मंगलवार को सामने आया है। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया है। दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग के आरोप में कार्रवाई की है। मामला जलेसर कोतवाली क्षेत्र के सकरा-मकसूदपुर गांव का है। जानकारी के अनुसार, मकसूदपुर निवासी सब्बीर पुत्र सद्दीक ने आगरा के वर्मा कोल्ड स्टोरेज से करीब 80 हजार रुपये का आलू का बीज खरीदा था। इस खरीद में सकरा निवासी हरेंद्र कुमार पुत्र राजबहादुर ने गारंटर की भूमिका निभाई थी। बीज के भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण सोमवार को कोल्ड स्टोरेज मैनेजर प्रेमचंद काका (निवासी वोनई, आगरा), हरेंद्र और अन्य लोग आमने-सामने आ गए। शुरुआती कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई, जिसमें सब्बीर के परिजन और दूसरे पक्ष के सदस्य भी शामिल हो गए। इस संघर्ष में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। घायलों में सकरा निवासी सोनू पुत्र कैलाश चंद, बृजेश पुत्र पुष्पेंद्र, गौरव पुत्र राकेश और परवेज अली पुत्र मुख्तयार अली सहित अन्य शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा। जलेसर के क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि घटना उनके संज्ञान में है, लेकिन दोनों पक्षों की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने शांति भंग के आरोप में दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की है।
लुधियाना थाना मोती नगर के अधीन आती एच.एल. कॉलोनी (वार्ड नंबर 26) में बेखौफ लुटेरों का आतंक देखने को मिला है। यहाँ शाम के समय अपनी मेहनत की कमाई समेट कर घर जाने की तैयारी कर रहे एक कुल्चे वाले को दो बाइक सवार नकाबपोश लुटेरों ने अपना शिकार बनाया। पूरी वारदात गली में लगे एक CCTV कैमरे में कैद हो गई है बातों में उलझाया, फिर किया जानलेवा हमला मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित कुल्चे वाला शाम के समय अपनी रेहड़ी पर किसी ग्राहक के लिए कुल्चे तैयार कर रहा था। इसी दौरान एक मोटर साइकिल पर सवार दो युवक वहाँ पहुँचे। लुटेरों ने पहले उसे अपनी बातों में उलझाया ताकि किसी को शक न हो। जैसे ही कुल्चे के पैसे देने वाली महिला घर के अंदर गई लुटेरों ने कुल्चे वाले पर अचानक हमला कर दिया और उसकी जेब में रखी दिनभर की कमाई छीन ली। हमला इतना जोरदार था कि पीड़ित वहीं जमीन पर गिर पड़ा और लुटेरे मोटर साइकिल पर सवार होकर रफूचक्कर हो गए। CCTV फुटेज खंगाल रही है पुलिस CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह लुटेरों ने पहले रेहड़ी के पास रुककर रेकी की और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दिया। इलाका निवासियों में रोष वार्ड नंबर 26 के निवासियों का कहना है कि इलाके में चोरी और लूटपाट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। दिन-दिहाड़े एक गरीब मेहनत कश के साथ हुई इस लूट के बाद रेहड़ी-फड़ी वालों में डर का माहौल है। पुलिस का पक्ष: थाना मोती नगर पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और CCTV फुटेज के आधार पर बाइक के नंबर और आरोपियों के हुलिए की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुल्तानपुर में समाज कल्याण विभाग के कनिष्ठ सहायक ग्रेड-3 अभिषेक गिरी पर एक विशेष समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक व्हाट्सएप स्टेटस लगाने का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर स्टेटस का स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद मुस्लिम समुदाय में नाराजगी फैल गई है। वायरल स्क्रीनशॉट में अभिषेक गिरी के नाम से पोस्ट किए गए व्हाट्सएप स्टेटस में आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है। इस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक सरकारी कर्मचारी द्वारा ऐसी टिप्पणी सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है। यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अभिषेक गिरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। कई उपयोगकर्ताओं ने प्रशासन से इस प्रकरण की जांच कर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की अपील की है। अभिषेक गिरी पहले भी विवादों में रहे हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से संबंधित कथित अनियमितताओं के मामले में उनके खिलाफ बल्दीराय थाने में एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई थी। हालांकि, उस मामले में आगे की कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। वर्तमान में, वायरल व्हाट्सएप स्टेटस को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, समाज कल्याण अधिकारी अमित सिंह ने बताया है कि यह मामला उनके संज्ञान में है और आरोपी के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई की जा रही है। समुदाय विशेष के लोगों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।
आशुतोष ब्रह्मचारी पर हुए हमले के मामले में फेसबुक पर जिम्मेदारी लेने वाली स्वाति अघोरी ने एक बार फिर उन्हें लेकर पोस्ट किया है। स्वाति अघोरी ने फेसबुक के जरिए आशुतोष महाराज को चेतावनी देते हुए लिखा हैअब आमना सामना होगा। अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराने के बाद सुर्खियों में आए आशुतोष महाराज पर रविवार को चलती ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ था। घटना के कुछ घंटों बाद फेसबुक पर “डॉ. स्वाति अघोरी” नाम की प्रोफाइल से इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। इस पोस्ट के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा था कि उनके सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्वाति अघोरी, अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य मुकुंदानंद की गर्लफ्रेंड है। अब इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वाति अघोरी ने फेसबुक पर एक और पोस्ट कर आशुतोष महाराज को चुनौती दी है। अपने पोस्ट में उसने लिखा है- IT Act, 2000 की धारा 66D एवं 67A तैयार हो जाओ। आशुतोष तुमने हमे मुकुंदानंद की गर्लफ्रेंड बोला है। अब आमना सामना होगा। धर्म की जय अधर्म का नाश हो। देखिए पोस्ट…. जानिए आशुतोष महाराज पर हमले मामले में कैसे हुई स्वाति अघोरी की एंट्रीरविवार को सुबह 5 बजे चलती ट्रेन में आशुतोष महाराज पर जानलेवा हमला हुआ। उनकी नाक काटने की कोशिश हुई। खून से लथपथ आशुतोष महाराज ने बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाई। हमले के 5 घंटे बाद करीब 10 बजे डॉ. स्वाति अघोरी नाम के फेसबुक अकाउंट से हमले की जिम्मेदारी ली गई। थोड़ी देर बाद दूसरा पोस्ट आया, लिखा- सत्य सनातन धर्म की जय हो, गौ माता राष्ट्र माता का संकल्प पूरा होकर रहेगा। जो बीच में आएगा आदिशक्ति के क्रोध से नहीं बचेगा। बाद में हमले की जिम्मेदारी वाला पोस्ट डिलीट कर दिया गया। रात करीब 8 बजे एक और पोस्ट की गई। इस बार लिखा था- लगता है अब चर्चा में आ गई हूं। ये हमें गिरफ्तार करने आए हैं। धर्म के लिए गिरफ्तारी क्या, सूली पर चढ़ जाऊं, चलिए साहब। गिरफ्तारी इसलिए, क्योंकि शंकराचार्य जी का समर्थन करती हूं। गौ माता राष्ट्र माता के आंदोलन में सम्मिलित होने से रोका जा रहा है। धर्म के लिए हर त्याग लेने का संकल्प लिया है। अब उस फेसबुक अकाउंट के बारे में जानिए अकाउंट असली या फेक? 5 वजहों से बढ़ा शक
ग्वालियर में मंगलवार को एक मैरिज गार्डन में उस समय हंगामा मच गया, जब विदा के समय दुल्हन ने दूल्हे के साथ जाने से इनकार कर दिया। अचानक दुल्हन के इस व्यवहार के बाद दूल्हे व दुल्हन पक्ष आश्चर्य में पड़ गए। वर पक्ष ने जब दुल्हन पक्ष पर दबाव बनाया तो दुल्हन ने बताया कि उसे अभी पता लगा है कि दूल्हे का पिछले डेढ़ साल से किसी शादीशुदा महिला से अफेयर चल रहा है। इसलिए मैं उसके साथ जाकर अपनी जिंदगी खराब करना नहीं चाहती हूं। घटना कंपू स्थित बालाजी मैरिज गार्डन की है। दुल्हन के मना करने पर वहां हंगामा हो गया। पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्ष को समझाया। दोनों पक्ष ने आपस में बातचीत की। तय हुआ कि दोनों एक दूसरे पर किया गया खर्च वापस करेंगे। इसके बाद बारात लौट गई। पुलिस का कहना है कि आपस में बातचीत के बाद मामला सुलझ गया है। शिकायत की जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। नाका चंद्रबनी निवासी युवती की शादी गुढ़ी गुढ़ा का नाका निवासी गिर्राज कुशवाह के साथ 9 मार्च को होना तय हुई थी। शादी का कार्यक्रम कंपू क्षेत्र स्थित बालाजी गार्डन में हुआ। फेरे सहित सभी रस्म पूरी होने के बाद मंगलवार दोपहर जब दुल्हन की विदाई की तैयारी चल रही थी। तभी अचानक दुल्हन ने हंगामा खड़ा कर दूल्हे से शादी करने से इनकार करते हुए जाने से मना कर दिया। जब शादी से इनकार करने की वजह परिवार और ससुराल वालों ने पूछी तो उसने बताया कि लगन-फलदान के एक दिन पहले उसके होने वाले पति गिर्राज की राजस्थान निवासी प्रेमिका पूजा का फोन उसके (दुल्हन) पास आया था। जिसने गिर्राज के साथ पिछले डेढ़ साल से रिलेशन में होने की बात कही थी। गिर्राज की प्रेमिका का कहना है कि गिर्राज से एक डेढ़ साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। वह उसे धोखा दे रहा है, शादी के बाद तुमको छोड़ देगा। उस समय तो उसे लगा कि कोई हमारा रिश्ता तुड़वाना चाहता है, लेकिन शादी के दौरान उसे पता लगा कि गिर्राज उस महिला से बातचीत करता है तो उसने दूल्हे से ही पूछ लिया। उसने भी इस बात को स्वीकार किया। उसने देखा कि दूल्हा अपनी प्रेमिका से बातचीत करता है, जिससे दुल्हन को दूल्हे से विश्वास उठ गया। दूल्हे ने स्वीकारी अपनी गलतीदुल्हन ने बताया कि दूल्हे की प्रेमिका पहले से ही शादीशुदा है। वह अपने पति को छोड़कर अलग रह रही है। इस बात को लेकर जब दुल्हन ने दूल्हे से बातचीत की तो दूल्हा यही बोलता रहा कि उसका कोई उस महिला से लेना-देना नहीं है। जब यह मामला दोनों पक्ष थाने लेकर पहुंचे तो थाने पर दूल्हे ने इन सारी बातों को सही बताते हुए कुबूल कर लिया और फिर सारी सच्चाई बता दी। सीएसपी इंदरगंज रोबिन जैन ने बताया- शादी के बाद दुल्हन ने दूल्हे के साथ जाने से इनकार कर दिया है। बिना दुल्हन के बारात वापस चली गई है। दुल्हन को शादी में पता लगा कि पति का एक शादीशुदा महिला से संबंध है। बातचीत में दोनों में आपसी अलग होने के लिए समझौता हो गया है। किसी भी पक्ष ने कोई शिकायत नहीं की है।
गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने आज भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है रिश्वतखोरी के आरोप में दर्जीकुंआ चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील कुमार पाल को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें कल ही लाइन हाजिर किया गया था। सीओ सदर की जांच रिपोर्ट आने के बाद देर शाम यह कार्रवाई की गई। एसपी ने सीओ सदर शिल्पा वर्मा को मामले की पूरी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद सुनील कुमार पाल को निलंबित किया गया है। उपनिरीक्षक सुनील कुमार पाल पर आरोप है कि उन्होंने दौलतपुर गांव के गुलाम हैदर को एक न्यायालय द्वारा जारी वारंट के सिलसिले में चौकी पर बुलाया था। गुलाम हैदर को 6 घंटे तक चौकी पर बैठाए रखने के बाद छोड़ने के लिए 15,000 रुपये की मांग की गई। गुलाम हैदर ने खुद को छुड़ाने के लिए अपनी पत्नी के जेवर गिरवी रखकर 15,000 रुपये सुनील कुमार पाल को दिए थे। पैसे मिलने के बाद ही उन्हें चौकी से जाने दिया गया था। इस घटना से परेशान होकर गुलाम हैदर ने एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में उन्होंने रोते हुए बताया था कि कैसे उन्होंने अपनी पत्नी के जेवर गिरवी रखकर रिश्वत दी और अगर ऐसा ही चलता रहा तो वह आत्महत्या कर लेंगे। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुनील कुमार पाल के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
बारात जा रही तेज रफ्तार कार पलटी, 6 घायल:कुशीनगर में शीशा तोड़कर बाहर निकाला, सभी जिला अस्पताल रेफर
कुशीनगर जनपद के खड्डा तहसील क्षेत्र में एक बारात के दौरान तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर तीन बार पलट गई। हादसे में दूल्हे के रिश्तेदार सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की तत्परता से घायलों को कार से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। जानकारी के अनुसार, नौतार जंगल के मोनिया टोला गांव से बुधवार शाम करीब 7 बजे बारात परिछावन के बाद महाराजगंज के लिए रवाना हुई थी। बारात में शामिल वाहन पहले खड्डा पेट्रोल पंप पर रुके, जहां तेल भरवाया गया। इसके बाद काफिला परतावल की ओर आगे बढ़ा। दूल्हे की गाड़ी आगे चल रही थी, जबकि बस और अन्य वाहन पीछे थे। इसी दौरान दूल्हे की फुआ के लड़के अभिमन्यु साहनी अपनी कार से बारात में शामिल होकर जा रहे थे। अभिमन्यु बिहार राज्य के मधुबनी निवासी बताए जा रहे हैं और शादी में शामिल होने नौतार जंगल आए थे। उनकी कार में पड़ोस की चार लड़कियां और अन्य परिजन सवार थे। बताया जा रहा है कि खड्डा से तेल भरवाने के बाद जैसे ही कार मठिया चौराहे के पास पहुंची, उसी समय तेज रफ्तार के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोड़ के पास चालक स्टीयरिंग नियंत्रित नहीं कर पाया, जिससे कार सड़क पर ही तीन बार पलटते हुए कई मीटर तक घिसटती चली गई। स्थानीय लोगों ने शीशा तोड़कर बाहर निकाला हादसे की आवाज सुनते ही मठिया चौराहे पर मौजूद लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। लोगों ने शीशा तोड़कर सभी घायलों को बाहर निकाला। वही उसी रास्ते आ रहे लक्ष्मीपुर पढ़ारहवा के ग्राम प्रधान आनंद चौहान पहुंचे जब उन्होंने देखा कि उसके गांव के निवासी विजय साहनी उस घटना में घायल है तो तत्काल एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी । लोगो द्वारा एंबुलेंस में बैठा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तुर्कहा ले जाया गया जहां इलाज के सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है ।
गोरखपुर कैंट-भटनी रेल खंड पर स्थित देवरिया सदर और नूनखार स्टेशनों के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के लिए ब्लॉक दिए जाने के कारण रेलवे प्रशासन ने कई ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए हैं। इन बदलावों के तहत कुछ ट्रेनें निरस्त की गई हैं, जबकि कई का मार्ग परिवर्तित किया गया है। कुछ ट्रेनों का आंशिक समापन (शॉर्ट टर्मिनेशन) और आंशिक प्रारंभ (शॉर्ट ओरिजिनेशन) भी किया गया है। देवरिया सदर और भटनी रेलवे स्टेशन के बीच होने वाले इस ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य के चलते 11 और 12 मार्च को चलने वाली गाड़ी संख्या 55056 और 55055 गोरखपुर-छपरा-गोरखपुर सवारी गाड़ी निरस्त रहेगी। इसी प्रकार, गाड़ी संख्या 15103 गोरखपुर-बनारस एक्सप्रेस 11 मार्च को और गाड़ी संख्या 15104 बनारस-गोरखपुर एक्सप्रेस 12 मार्च को निरस्त कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, कई ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया है। बरौनी से 11 और 12 मार्च को चलने वाली गाड़ी संख्या 02563 बरौनी-नई दिल्ली विशेष गाड़ी तथा दरभंगा से चलने वाली गाड़ी संख्या 02569 दरभंगा-नई दिल्ली विशेष गाड़ी अपने निर्धारित मार्ग सीवान-भटनी-गोरखपुर कैंट के बजाय सीवान-थावे-कप्तानगंज-गोरखपुर कैंट के रास्ते चलाई जाएंगी। इसी क्रम में, 11 मार्च को कटिहार से चलने वाली गाड़ी संख्या 15707 कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस भी परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। नई दिल्ली से 10 और 11 मार्च को चलने वाली गाड़ी संख्या 02564 नई दिल्ली-बरौनी विशेष गाड़ी और गाड़ी संख्या 02570 नई दिल्ली-दरभंगा विशेष गाड़ी का मार्ग भी बदला गया है। ये ट्रेनें गोरखपुर कैंट-भटनी-सीवान के स्थान पर गोरखपुर कैंट-कप्तानगंज-थावे-सीवान मार्ग से चलेंगी। वहीं, 11 मार्च को चलने वाली गाड़ी संख्या 15034 लखनऊ जंक्शन-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस और गाड़ी संख्या 15033 पाटलिपुत्र-लखनऊ जंक्शन एक्सप्रेस का मार्ग भी परिवर्तित किया गया है। परिवर्तित मार्ग से चलने वाली इन ट्रेनों को कप्तानगंज, पड़रौना और थावे स्टेशनों पर दो मिनट का अस्थायी ठहराव दिया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने कुछ ट्रेनों के आंशिक संचालन की भी व्यवस्था की है। गाड़ी संख्या 20103 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-भटनी एक्सप्रेस 10 और 11 मार्च को गोरखपुर में ही अपनी यात्रा समाप्त करेगी। जबकि, गाड़ी संख्या 20104 भटनी-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस 11 और 12 मार्च को गोरखपुर से चलाई जाएगी। इसी तरह, गाड़ी संख्या 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस भटनी तक ही आएगी और गाड़ी संख्या 19490 गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस भटनी से संचालित होगी। इसके अलावा, गाड़ी संख्या 15129 गोरखपुर कैंट-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस और गाड़ी संख्या 15130 वाराणसी सिटी-गोरखपुर कैंट एक्सप्रेस का संचालन भी भटनी तक सीमित रहेगा।
मंडला के टिकरिया थाना क्षेत्र के नारायणगंज स्थित बालई नदी में डूबे युवक का 24 घंटे बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। सोमवार दोपहर हुई इस दुर्घटना के बाद से एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, किंतु युवक का सुराग नहीं मिला है। नहाते समय गहरे पानी में जाने से हादसा लापता युवक की पहचान सुभाष भलावी (28), निवासी पिंडरई देवलापार, जिला नागपुर (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। सुभाष नेशनल हाईवे-30 के निर्माण कार्य में श्रमिक के तौर पर कार्यरत था। सोमवार को काम समाप्त करने के बाद वह साथियों के साथ नदी में नहाने गया था, जहां गहराई अधिक होने के कारण वह पानी में समा गया। एसडीआरएफ टीम ने चलाया सघन तलाशी अभियान घटना की सूचना मिलते ही टिकरिया थाना प्रभारी प्रदीप पांडे और एसडीआरएफ प्रभारी सुरेश बंसोड़ के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मंगलवार को सुबह से शाम तक गोताखोरों ने नदी के विभिन्न हिस्सों में युवक की तलाश की, लेकिन अंधेरा होने तक सफलता हाथ नहीं लगी। बुधवार सुबह से फिर होगा रेस्क्यू पुलिस ने घटना की जानकारी नागपुर में रह रहे युवक के परिजनों को दे दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि बुधवार सुबह एक बार फिर नए सिरे से नदी में तलाशी अभियान चलाया जाएगा। वर्तमान में पुलिस और रेस्क्यू दल घटना स्थल पर मुस्तैद हैं।
बिजनौर जिले के नहटौर क्षेत्र से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां शादी की शहनाइयों की गूंज सन्नाटे और सिसकियों में बदल गई। जिस घर से मंगलवार को बेटी की डोली उठनी थी, वहां अब मायूसी का मंजर है। दुल्हन के हाथों की रची मेहंदी अभी सूखी भी नहीं थी कि दूल्हे के गायब होने की खबर ने परिवार के अरमानों पर पानी फेर दिया। तैयारियां पूरी थीं, बस बारात का था इंतजार ग्राम करीमपुर मुबारक निवासी जयप्रकाश सिंह ने अपनी पुत्री का विवाह चांदपुर क्षेत्र के ग्राम चहेली निवासी एक युवक के साथ तय किया था। मंगलवार, 10 मार्च को बारात आनी थी। घर में उत्सव का माहौल था, मेहमानों के लिए पकवान बन रहे थे और पिता अपनी लाडली को विदा करने की अंतिम तैयारियों में जुटे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। ऐन वक्त पर दूल्हा गायब, खुशियां बनीं कोहराम जैसे-जैसे बारात का समय नजदीक आता गया, वधू पक्ष की धड़कनें बढ़ती गईं। जब काफी देर होने के बाद भी बारात नहीं पहुंची, तो परिजनों ने वर पक्ष से संपर्क साधा। वहां से मिली खबर ने सबके पैरों तले जमीन खिसका दी—दूल्हा सुबह से ही घर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब था। यह सुनते ही शादी वाले घर में चीख-पुकार मच गई। लाल जोड़े में सजी-धजी दुल्हन के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिता की पीड़ा: इज्जत भी गई और जमा-पूंजी भी पीड़ित पिता जयप्रकाश सिंह ने रुंधे गले से बताया कि उन्होंने अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई बेटी के सुनहरे भविष्य के लिए इस शादी में झोंक दी थी। बारात न आने से उन्हें न केवल भारी आर्थिक चपत लगी है, बल्कि समाज में भी उनकी प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है। पुलिस की कार्रवाई पीड़ित परिवार ने इस मामले में थाना नहटौर में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुट गई है। हल्का दरोगा संयम यादव के अनुसार, पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छोटे सिंह हत्याकांड, दो सगे भाइयों को उम्रकैद:बिजनौर कोर्ट ने 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
बिजनौर की नगीना अदालत ने लगभग दो साल पुराने छोटे सिंह हत्याकांड में दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला जज अनुपम सिंह ने हत्या का दोषी पाए जाने पर यह फैसला सुनाया। दोषियों पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) क्षितिज अग्रवाल ने बताया कि यह घटना 25 फरवरी 2024 को नगीना देहात क्षेत्र के अजूपूरा रानी उर्फ नया गांव में हुई थी। शिवकुमार की पत्नी किरण ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, वह अपने पति शिवकुमार और ससुर छोटे सिंह के साथ खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान गांव के अमर सिंह और नरपाल (पुत्र रमेश), देवेंद्र (पुत्र कोमल) और कर्मेंद्र (पुत्र ओमपाल) लाठी-डंडे और लोहे का सब्बल लेकर खेत पर पहुंचे। उन्होंने छोटे सिंह पर सब्बल से हमला कर दिया। जब शिवकुमार अपने पिता को बचाने दौड़े, तो हमलावरों ने उन पर भी जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। पास के खेतों से लोगों को आता देख आरोपी धमकी देते हुए जंगल की ओर भाग गए। इस हमले में छोटे सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने घटना के अगले दिन ही आरोपी अमर सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में अमर सिंह ने बताया कि मृतक छोटे सिंह के बेटे शिवकुमार के उसकी पत्नी रूपा से अवैध संबंध थे। अमर सिंह ने रूपा और शिवकुमार को आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। उसने अपनी पत्नी को डांटा और उसके परिजनों से शिकायत भी की थी। इस घटना से व्यथित होकर रूपा ने वारदात से सात महीने पहले आत्महत्या कर ली थी। अमर सिंह ने बताया कि वह तब से ही मानसिक रूप से परेशान था। छोटे सिंह ने भी अमर सिंह का अपमान किया था, जिससे वह बदला लेने की फिराक में था। मौका मिलते ही उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार नहर के किनारे खड़े पेड़ के पास से बरामद कराया और उन्हें जेल भेज दिया। इस घटना में दो अन्य आरोपियों को क्लीन चिट देकर दोनों भाइयों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। लोक अभियोजक ने मामले से जुड़े 10 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। मंगलवार को अदालत ने अपना निर्णय सुनते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण साधनों, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण पर प्रभावी रोक लगाना है। मंत्रिपरिषद ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े मामलों को न्यायालय से वापस लेने के लिए गठित उपसमिति की अनुशंसा पर 13 मामलों को न्यायालय से वापस लेने को मंजूरी दी है। परीक्षा में नकल रोकने के लिए नया कानून और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनेगा। सोलर और बायोगैस संयंत्रों पर अनुदान तय पंजीयन पर अतिरिक्त उपकर शुल्क खत्म कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है। इसके तहत संपत्ति पंजीयन पर लगने वाला अतिरिक्त उपकर शुल्क समाप्त कर दिया जाएगा। यह उपकर साल 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए लगाया गया था, लेकिन योजना बंद होने के कारण इसे हटाने का फैसला लिया गया। नगर और ग्राम निवेश कानून में संशोधन मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ नगर और ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है, जिससे राज्य में नगरीय और ग्रामीण नियोजन व्यवस्था को अपडेट किया जाएगा। गृह निर्माण मंडल अधिनियम में संशोधन कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके जरिए आवास विकास से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनेगा कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। इस मंडल के गठन के बाद राज्य शासन के विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय, चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा और चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। परीक्षा में नकल रोकने के लिए नया कानून कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ लोक भर्ती और व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना है। भू-राजस्व संहिता में संशोधन मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। क्रिकेट अकादमी के लिए 5 एकड़ जमीन कैबिनेट ने राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को 5 एकड़ राजगामी भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया है। इस जमीन पर अत्याधुनिक क्रिकेट मैदान और क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा। ………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… बजट सत्र में पेश हो सकता है धर्मांतरण संशोधन-विधेयक: 9 राज्यों की स्टडी से बना ड्राफ्ट, धर्म बदलने से 60 दिन पहले देनी होगी जानकारी छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है। 20 मार्च तक चलने वाले सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस सत्र में एक हजार से अधिक प्रश्न लगाए गए हैं। 12 से ज्यादा विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। इनमें धर्मांतरण संशोधन विधेयक भी सदन में पेश होने की संभावना जताई जा रही है। पढ़ें पूरी खबर…
अलवर पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली से चोरी कर अलवर लाई जा रही एक पिकअप को बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अलवर सुधीर चौधरी ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय काबले शरण गोपीनाथ और वृत्ताधिकारी उत्तर शहर अंगद शर्मा के सुपरविजन में वैशाली नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली कि अरावली विहार फ्लैटों के पीछे डूंगर फार्म हाउस के पास एक सफेद रंग की पिकअप खड़ी है, जिसमें दो युवक बैठे हुए हैं। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने वाहन के कागजात मांगे, लेकिन आरोपी कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। कड़ी पूछताछ में दोनों ने पिकअप को दिल्ली से चोरी कर अलवर में बेचने के लिए लाना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी आजाद (25) और तौफिक (30) निवासी महराना, थाना बरसाना जिला मथुरा (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर पिकअप जब्त कर ली। मामले में आगे की जांच जारी है।
हरदोई नगर पालिका परिषद के शहीद उद्यान में पार्क विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ 13 लाख 8 हजार रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिली है। यह स्वीकृति 'पार्कों का निर्माण एवं विकास (उपवन) योजना' के तहत दी गई है। इस परियोजना के अंतर्गत शहीद उद्यान (गाटा संख्या-854) में मियावाकी वन के लिए वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पार्क में जिम उपकरण स्थापित किए जाएंगे, पाथ-वे का निर्माण होगा और बच्चों व बुजुर्गों के बैठने के लिए बेंचों की व्यवस्था की जाएगी। इस विकास कार्य के लिए 113.08 लाख रुपये की शत-प्रतिशत धनराशि एकमुश्त जारी करने का निर्णय लिया गया है। इससे पार्क का विकास होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और शहरवासियों को बेहतर मनोरंजन व स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा का आभार व्यक्त किया गया है। हरदोई में विकास कार्यों को गति देने के लिए उनके सहयोग की सराहना की गई। नगर क्षेत्र में हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण किया जाएगा, जिससे कम समय में घना वन विकसित हो सकेगा। हरदोई के विधायक नितिन अग्रवाल के प्रयासों की भी सराहना की जा रही है, जिनके प्रयासों से यह योजना स्वीकृत हुई है। शहरवासियों ने इस स्वीकृति को हरदोई के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
जींद जिले के सफीदों में स्थित एक स्मॉग कलर फैक्ट्री में आग लगने की घटना में 2 और घायल महिलाओं की मौत हो गई। अब मरने वाली महिलाओं की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। इस हादसे में 18 से 20 लोग घायल हुए थे, बाकी घायलों इलाज चल रहा है। वहीं इस केस में नामजद दूसरे आरोपी सफीदों निवासी रामकरण गर्ग को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड लिया है। पुलिस के अनुसार, आग लगने के दिन 4 महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद इलाज के दौरान 5 और महिलाओं ने दम तोड़ दिया। जिससे कुल मृतकों की संख्या 9 हो गई। मृतक महिलाओं की पहचान गांव सिंहपुरा निवासी राजबाला सैनी (50) और कमलेश (58) के रूप में हुई है। राजबाला ने पानीपत के निजी अस्पताल और कमलेश ने रोहतक पीजीआई में इलाज के जौरान दम तोड़ दिया। आग लगने का कारण फैक्ट्री के अंदर किसी धूम्रपान वाली वस्तु का इस्तेमाल बताया जा रहा है। इस मामले में फैक्ट्री मालिक राकेश और रामकरण गर्ग निवासी सफीदों, को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने 4 से 5 अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। फैक्ट्री में आग लगने से अब तक 9 महिलाओं की मौत पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि 7 मार्च को सफीदों पुलिस को फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि एक मकाननुमा फैक्ट्री में भीषण आग लगी हुई थी और उसका मुख्य गेट बंद था। तत्काल फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस को बुलाया गया। संयुक्त प्रयासों से आग पर काबू पाया गया। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान फैक्ट्री के अंदर से कई लोग गंभीर रूप से झुलसी हुई अवस्था में मिले, जिन्हें एम्बुलेंस की सहायता से सामान्य अस्पताल सफीदों और पीजीआईएमएस रोहतक पहुंचाया गया। फैक्ट्री मालिक को पुलिस कर चुकी गिरफ्तार यह फैक्ट्री रिहायशी इलाके के बीच में स्थित थी और इसमें सुरक्षा संबंधी कोई उपकरण भी नहीं थे, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। गुड्डी के पुत्र विजय के बयान पर थाना सिटी सफीदों में धारा 287, 288, 106(1), 125, 143(3) भारतीय न्याय संहिता (BNS), धारा 5 विस्फोटक अधिनियम और बंधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके फैक्ट्री के मालिक राकेश और रामकरण गर्ग निवासी सफीदों को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया।
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार को स्पाइसजेट की पुणे जाने वाली उड़ान में करीब साढ़े पांच घंटे की देरी हुई। दोपहर से रात तक हवाई अड्डे पर फंसे सैकड़ों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरलाइन स्टाफ द्वारा सही जानकारी न मिलने और बार-बार समय बदलने से नाराज कुछ यात्रियों ने थोड़ी देर के लिए हंगामा किया। स्पाइसजेट की उड़ान संख्या SG-526 का वाराणसी से निर्धारित प्रस्थान समय दोपहर 2:55 बजे था। सुरक्षा जांच और अन्य औपचारिकताओं के लिए अधिकांश यात्री दोपहर 1:00 बजे ही टर्मिनल पहुंच गए थे। घंटों इंतजार के बाद भी उड़ान की स्थिति स्पष्ट न होने पर यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। यात्रियों ने आरोप लगाया कि एयरलाइन स्टाफ ने उन्हें लंबे समय तक अंधेरे में रखा। ऐन वक्त पर गेट नंबर भी बदल दिया गया, जिससे बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को विशेष परेशानी हुई। कुछ यात्रियों ने इस दौरान वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी साझा किए। दरअसल, पुणे से वाराणसी आने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट (SG-525) भी मंगलवार को अपने निर्धारित समय से काफी देरी से उड़ी थी। तकनीकी और ऑपरेशनल कारणों से यह विमान शाम 5:09 बजे पुणे से रवाना होकर शाम 7:00 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचा। इसके बाद, यही विमान रात 8:30 बजे पुणे के लिए वापस उड़ान भर सका। इस पूरी देरी का खामियाजा उन यात्रियों को भुगतना पड़ा जो दोपहर से ही भूखे-प्यासे एयरपोर्ट पर फंसे हुए थे। उड़ान में देरी का असर हवाई अड्डे के बाहर इंतजार कर रहे परिजनों पर भी पड़ा। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि देरी ऑपरेशनल कारणों से हुई थी और यात्रियों की असुविधा को देखते हुए उनके लिए नाश्ते का इंतजाम किया गया था।
मऊ जिले के कोपागंज थाना क्षेत्र के शाहूपुर उर्फ बाबूपुर गांव में सोमवार रात एक बारात में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब दूल्हे ने दुल्हन की कटी हुई उंगली देखकर शादी से इनकार कर दिया। देर रात तक चले विवाद के बाद पंचायत की मध्यस्थता से समझौता हुआ और मंगलवार सुबह विवाह संपन्न कराया गया। यह बारात गाजीपुर जनपद के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के गंगौली गांव से बाबूपुर गांव आई थी। बारातियों का स्वागत किया गया और भोजन के बाद जयमाला की रस्म भी पूरी हुई। विवाह की अगली रस्मों के लिए जब दूल्हा-दुल्हन मंडप में बैठे, तभी दूल्हे की नजर दुल्हन के हाथ की कटी हुई उंगली पर पड़ी। दूल्हे ने इसे 'छांगुर' बताते हुए शादी करने से इनकार कर दिया। इस अचानक इनकार से बारात में अफरा-तफरी मच गई और कुछ बाराती वापस जाने लगे। दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे को रोका, जिससे विवाद और बढ़ गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान दूल्हे को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया और गांव के लोगों की मौजूदगी में एक पंचायत बुलाई गई। ग्राम प्रधान और दोनों पक्षों के परिजनों के बीच लंबी बातचीत और समझाइश हुई। काफी देर तक चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इसके बाद मंगलवार सुबह शादी की रस्में फिर से शुरू की गईं और दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लेकर विवाह संपन्न किया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। ग्रामीणों ने पंचायत की सूझबूझ की सराहना की, जिससे दोनों परिवारों की प्रतिष्ठा बनी रही। कोपागंज थाना पुलिस ने इस मामले में किसी भी शिकायत की जानकारी होने से इनकार किया है।
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ इलाके के आदर्श नगर एरिया सेक्टर-61 के पास रेलवे लाइन के नजदीक जंगल में मंगलवार शाम एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव की हालत बेहद खौफनाक थी। मृतक युवक के दोनों पैरों को लावारिस जानवरों ने बुरी तरह नोच खाया था, जिससे शरीर का नीचे का हिस्सा काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो चुका था। बता दे कि आसपास के लोगों ने जब जंगल में शव को पड़ा देखा और जानवरों को उसे नोचते हुए पाया तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए फरीदाबाद के बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। दिल्ली का रहने वाला था जांच के दौरान मृतक की पहचान दिल्ली के दरियागंज निवासी आबीर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आबीर स्क्रैप का कारोबारी था और अपने काम के सिलसिले में दिल्ली सहित एनसीआर के कई इलाकों में आता-जाता रहता था। 7 मार्च को परिजनों ने दर्ज करवाई थी रिपोर्ट पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, दिल्ली के चांदनी महल थाने में 7 मार्च को आबीर की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने बताया था कि वह घर से निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी। हत्या की जताई गई आशंका मंगलवार को डायल 112 पर पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर-61 के पास रेलवे लाइन के नजदीक जंगल में एक युवक का शव पड़ा हुआ है और लावारिस जानवर उसे नोच रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मौके पर जांच करने पर पता चला कि युवक के दोनों हाथ कपड़े से बंधे हुए थे, जिससे हत्या की आशंका और भी गहरा गई है। कई दिन पुराना हो सकता शव पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि शव करीब दो से तीन दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत खराब होने के कारण यह आशंका भी जताई जा रही है कि युवक की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को यहां लाकर फेंक दिया गया। मामले की जांच में जुुटी पुलिस फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है और आसपास के क्षेत्रों में भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि इस घटना की सच्चाई सामने आ सके।
लखनऊ के नाका और गाजीपुर थानाक्षेत्र में दो युवकों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नाका में होटल के कमरे में बिहार से आए युवक का शव गमछे के फंदे से लटकता मिला है। वहीं गाजीपुर इलाके में चिड़ियाघर के कर्मचारी ने कमरे में फांसी लगा ली। परिवारीजनों को सूचना देकर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। बिहार बिशनपुर निवासी अवनीश कुमार (28) शनिवार रात करीब 3ः30 बजे चारबाग इलाके में स्थित आर्शीवाद होटल के कमरा नंबर 103 में रूका था। सोमवार रात होटल कर्मी अंशू तिवारी कमरे का किराया लेने पहुंचा था। कई बार खटखटाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उसने होटल मालिक और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो गमछे के फंदे से पंखे के सहारे अवनीश का शव लटक रहा था। कमरे से मिले आधार कार्ड के जरिए पुलिस ने मृतक की पहचान कर परिवारीजनों को सूचना दी। पुलिस का कहना है कि माता-पिता की मौत के बाद से अवनीश डिप्रेशन में था। वहीं गाजीपुर थानाक्षेत्र में मंगलवार दोपहर 28 साल के युवक ने फांसी लगा ली। मुबारकपुर बालाजी मंदिर के पीछे सैरपुर निवासी उपेंद्र (अप्पू) (28) पुत्र रास बिहारी सी-ब्लॉक इलाके में दोस्त के साथ किराए के मकान में रहता था। उपेंद्र चिड़ियाघर में नौकरी करता था। सोमवार दोपहर करीब 1 दरवाजा अंदर से बंद करके गमछे से पंखे के सहारे सुसाइड कर लिया। मौके से पहुंची पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर बुलाया। मौके पर पहुंचे पिता ने बताया दो महीने पहले किसी लड़की से बातचीत बंद हो गई थी। इसके बाद परेशान रहता था। वहीं सैरपुर से ऑफिस दूर होने की वजह से इंदिरा नगर में रह रहा था। पिता ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
मऊगंज जिले में एक डॉक्टर पर शादी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। युवती का कहना है कि डॉक्टर ने उससे शादी की और फिर उसे छोड़कर फरार हो गया। बाद में खुलासा हुआ कि आरोपी डॉक्टर पहले से ही शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। सोहागी के चिराव निवासी डॉ. अरविंद कुमार गोंड नईगढ़ी के महेवा और सोहागी के बड़ागांव में अपना क्लीनिक चलाता था। पीड़िता इलाज कराने वहां पहुंची थी, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और जान-पहचान बढ़ गई। मांग भरकर की थी शादी आरोप है कि मार्च 2025 में डॉक्टर युवती को अपनी चाची के घर ले गया। वहां उसने खुद को कुंवारा बताया और शादी का प्रस्ताव रखा। युवती के मान जाने पर उसने मांग में सिंदूर भरकर शादी कर ली। इसके बाद दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे। राज खुला तो हो गया फरार धोखाधड़ी का पता तब चला जब युवती 26 फरवरी को अपने गांव से वापस लौटी। उसने देखा कि डॉक्टर अपना क्लीनिक और कमरा समेटकर गायब हो चुका है। बाद में उसे पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे भी हैं। पीड़िता ने पहले नईगढ़ी थाने में शिकायत की थी, लेकिन वहां सुनवाई न होने पर मंगलवार को वह एसपी (SP) कार्यालय पहुंची। एसपी दिलीप सोनी ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
सीधी जिले के रामपुर नैकिन में मंगलवार शाम एक तेज रफ्तार बल्कर हादसे का शिकार हो गया। ग्राम हत्था के पास हुए इस एक्सीडेंट में बल्कर का ड्राइवर घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। हादसा शाम करीब 6 बजे का है। बल्कर सीधी से रीवा की तरफ जा रहा था। जब वह हत्था गांव के मोड़ पर पहुंचा, तो अचानक सामने से एक बाइक आ गई। बाइक सवार को बचाने की कोशिश में ड्राइवर ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया और बल्कर सड़क से नीचे उतरकर जा घुसा। ड्राइवर को आई चोटें हादसे में ड्राइवर रोशन खान घायल हो गया। शोर सुनकर पास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े और ड्राइवर को गाड़ी से बाहर निकाला। उसे फौरन अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी शेषमणि मिश्रा ने बताया कि गनीमत रही कि ड्राइवर को ज्यादा गंभीर चोटें नहीं आई हैं। फिलहाल उसे प्राथमिक इलाज दिया जा रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
महोबा बाजार से टाटीबंध तक हटाए 30 ठेले-गुमटियां:नगर निगम की टीम ने 15 अवैध दुकानों को भी तोड़ा
राजधानी में सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम जोन-8 की टीम ने महोबा बाजार चौक, टाटीबंध चौक और बिलासपुर मुख्य मार्ग के किनारे अभियान चलाकर करीब 30 अवैध ठेले और गुमटियां हटाईं, वहीं 15 अवैध दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई भी की गई। नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अभियान का नेतृत्व जोन-8 की जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने किया। इस दौरान कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता अमन चंद्राकर, अनुराग पाटकर, उप अभियंता लोचन चौहान, अबरार खान, नगर निवेश विभाग की टीम, टीम प्रहरी और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। सड़क किनारे लगा रखा था अतिक्रमण नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक जोन-8 क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-21 शहीद भगत सिंह वार्ड और वार्ड क्रमांक-1 वीर सावरकर नगर में लंबे समय से सड़क किनारे अवैध ठेले, गुमटियां और अस्थायी दुकानें लगाई जा रही थीं। अभियान के दौरान महोबा बाजार चौक से टाटीबंध चौक तक और टाटीबंध चौक से बिलासपुर मुख्य मार्ग तक सड़क किनारे लगाए गए करीब 30 ठेले और गुमटियां हटाई गईं। टीन और त्रिपाल से बनाई गई थी दुकानें निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ लोगों ने सड़क किनारे टीन और त्रिपाल की मदद से स्थायी रूप से दुकानें बना ली थीं। इन्हें अवैध मानते हुए निगम की टीम ने मौके पर ही करीब 15 दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई की। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कार्रवाई नगर निगम का कहना है कि सड़क किनारे अतिक्रमण की वजह से अक्सर यातायात जाम की स्थिति बन जाती थी, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी को देखते हुए निगम की टीम ने अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया और सड़क को खाली कराया। आगे भी जारी रहेगा अभियान नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सड़क किनारे अवैध रूप से दुकान या ठेला लगाने वालों को पहले ही हटाने की चेतावनी दी गई है। नियमों का पालन नहीं करने पर सामान जब्त करने और सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
सलूम्बर नगर परिषद में ई-निविदा प्रक्रिया के तहत डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) जमा कराने को लेकर विवाद हो गया। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि उन्हें डीडी जमा करने से रोका जा रहा था और एक पुल निर्माण कार्य के लिए दबाव बनाया जा रहा था। नगर परिषद परिसर में हुआ हंगामाइस घटना के बाद परिषद परिसर में हंगामा हुआ। ठेकेदारों ने इसे निविदा प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। बाद में नगर परिषद आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई और ठेकेदारों से नियमानुसार डीडी जमा करवाई गई। ये है विवादविवाद नगर परिषद में प्रशासक काल के दौरान प्रस्तावित विकास, निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों से संबंधित है। इससे पहले परिषद ने एक ई-निविदा जारी की थी, जिसमें केवल एक ठेकेदार ने आवेदन किया था। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासक ने उस निविदा को रद्द कर दिया था। इसके बाद, परिषद प्रशासन ने 26 फरवरी को नया आदेश जारी कर 27 फरवरी को 12 विभिन्न निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए लगभग 6 करोड़ 80 लाख रुपए की नई ई-निविदा जारी की। डीडी जमा कराने से रोकने का आरोपनिविदा प्रक्रिया के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन करने वाले ठेकेदारों को 10 मार्च को परिषद कार्यालय में अपनी डीडी जमा करनी थी। इसी दिन, आरोप है कि नगर के दो व्यक्ति परिषद कार्यालय पहुंचे और ठेकेदारों को डीडी जमा करने से रोकने का प्रयास किया। उन पर एक विशेष पुल निर्माण कार्य के लिए दबाव बनाने का भी आरोप है। इस घटना के बाद परिषद परिसर में तनाव बढ़ गया और ठेकेदारों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ठेकेदारों का आरोप है कि कुछ लोग प्रशासनिक व्यवस्था का लाभ उठाकर निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह का दबाव और हस्तक्षेप अनुचित है और यह विकास कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। आयुक्त ने बातचीत कर शांत कराया मामलामामले की सूचना मिलते ही नगर परिषद आयुक्त गणपत लाल खटीक परिषद कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ठेकेदारों और संबंधित पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद सभी ठेकेदारों को बुलाकर उनकी डीडी नियमानुसार जमा करवाई गई और निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। आयुक्त ने ठेकेदारों से अपील करते हुए कहा-वे किसी भी दलाल या बिचौलियों के संपर्क में न आएं और किसी के दबाव में आकर कोई निर्णय न लें। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से दबाव बनाने या निविदा प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का प्रयास करता है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके। आयुक्त ने बताया-सूचना मिलते ही नगर परिषद पंहुचा। उसके बाद वाह सभी ठेकेदारों और संबंधित पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत किया। उसके पश्चात सभी ठेकेदारों को बुलाकर उनकी डीडी नियमानुसार जमा करवाई गई और निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
झांसी नगर निगम में मंगलवार शाम पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। नगर आयुक्त की कार्यप्रणाली से नाराज पार्षद निगम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकारिणी की बैठक में पास किए गए प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रदर्शन कर रहे पार्षदों ने अपर नगर आयुक्त और सहायक नगर आयुक्त को भी कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया। पार्षदों ने साफ कहा कि पहले शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कराई जाए, उसके बाद ही अधिकारी कार्यालय में आकर बैठें। पार्षदों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर अमल नहीं हुआ तो बुधवार से नगर निगम कार्यालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा और अधिकारियों को दफ्तर में बैठने नहीं दिया जाएगा।दरअसल करीब दो महीने पहले नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक में पार्षदों ने शहर में बढ़ते अतिक्रमण, अवैध होर्डिंग, सड़कों और नालियों की बदहाल स्थिति समेत कई मुद्दे उठाए थे। इसके साथ ही नगर निगम के 60 वार्डों में विकास कार्य तेज कराने के प्रस्ताव भी पास किए गए थे। पार्षदों का आरोप है कि इन प्रस्तावों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पार्षदों ने कहा कि शहर में जगह-जगह अतिक्रमण के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मुख्य मार्गों पर अवैध कब्जों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए यह भी आरोप लगाया कि निरीक्षण के लिए नगर निगम अधिकारियों को रोजाना लगभग 30 लीटर डीजल दिया जाता है, ताकि वे शहर में जाकर समस्याओं का जायजा ले सकें। लेकिन इसके बावजूद अधिकारी फील्ड में नहीं जा रहे हैं और अधिकतर समय दफ्तर में ही बिताते हैं। पार्षदों का कहना है कि जब अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर समस्याओं का निरीक्षण ही नहीं कर रहे हैं तो फिर उन्हें गाड़ी और डीजल देने का क्या औचित्य है। धरने के दौरान जब अपर नगर आयुक्त और सहायक नगर आयुक्त कार्यालय पहुंचे तो पार्षदों ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया और अंदर जाने से मना कर दिया। पार्षदों ने कहा कि जब तक अतिक्रमण हटाने और अवैध होर्डिंग के खिलाफ कार्रवाई शुरू नहीं होती, तब तक अधिकारियों को कार्यालय में बैठने नहीं दिया जाएगा।धरने के दौरान नगर निगम के लगभग सभी वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। उन्होंने एकजुट होकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि अगर जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
झाबुआ जिले के करड़ावद में शीतला सप्तमी के मौके पर दो दिनों का मेला शुरू हुआ, जिसमें पहले ही दिन 50 से ज्यादा गांवों के लोग ढोल-मादल की थाप पर थिरकते हुए पहुंचे। भगोरिया पर्व खत्म होने के बाद यहां बिल्कुल वैसा ही 'मिनी भगोरिया' जैसा माहौल देखने को मिला। मेले में राजनीति का रंग भी जमा। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों ने अपनी-अपनी गेर (जुलूस) निकाली। कांग्रेस की गैर में पूर्व विधायक वालसिंह मेडा और अन्य नेता ढोल की थाप पर नाचते नजर आए। वहीं, मेले का उद्घाटन जनपद अध्यक्ष रमेश सोलंकी और मंडल अध्यक्ष संजय कहार ने किया। पुरानी परंपरा और भारी भीड़ सरपंच रामसिंग सिंगाड़ ने बताया कि यह सालों पुरानी परंपरा है जिसे निभाने के लिए दूर-दराज के गांवों से लोग यहां आते हैं। मेले में महिलाओं और बच्चों की भी बड़ी भीड़ रही। लोगों की सुरक्षा के लिए तहसीलदार, थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। मेले के खास आकर्षण मेले में रौनक बढ़ाने के लिए कई तरह की दुकानें सजी थीं- बड़े झूले और चकरी आकर्षण का केंद्र रहे। बर्फ के गोले, श्रृंगार का सामान और टैटू गुदवाने वालों के पास भीड़ दिखी। लड़कों में फैंसी चश्मे खरीदने और लड़कियों में सजने-संवरने का खासा उत्साह रहा। प्रशासन और ग्राम पंचायत ने श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि मेला शांति से संपन्न हो सके।
खंडवा के जावर थाना क्षेत्र के ग्राम बेनपुरा डोंगरी में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे खेत में लगी भीषण आग से दो किसानों की पकी हुई गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में करीब 150 से 200 क्विंटल गेहूं नष्ट हो गया। इस हादसे में किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार अयाज खान पिता मेहमूद खान के खेत में अचानक आग भड़क उठी। खेत में काम कर रहे मजदूरों और ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें पड़ोसी किसान अहमद खान पिता रजाक खान के खेत तक पहुंच गईं और वहां की फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि अयाज खान के करीब 7 एकड़ खेत में खड़ी गेहूं की फसल में से लगभग 100 क्विंटल और अहमद खान के खेत में करीब 50 क्विंटल गेहूं जलकर नष्ट हो गया। हाईटेंशन लाइन से स्पार्किंग की आशंकाआग लगने का सटीक कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन में स्पार्किंग हुई थी। सूखी गेहूं की फसल में चिंगारी गिरते ही आग भड़क उठी और तेज हवा के कारण तेजी से फैल गई। ग्रामीणों ने बाल्टियों से बुझाने की कोशिश कीघटना के समय गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण घरों से बाल्टी-बाल्टी पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। खेत में काम कर रहे मजदूरों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। एक घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आगसूचना मिलने पर जावर थाना प्रभारी की टीम मौके पर पहुंची। वहीं खंडवा से फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी रवाना की गईं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक अधिकांश फसल जल चुकी थी। कटाई से पहले ही जल गई फसलआगजनी के बाद राजस्व विभाग के पटवारी और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का पंचनामा तैयार किया। पीड़ित किसानों का कहना है कि उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी थी और एक-दो दिन में कटाई शुरू होने वाली थी। पीड़ित किसान अयाज खान ने भावुक होकर कहा, “सालभर की मेहनत मिट्टी में मिल गई। लाखों का नुकसान हो गया। अब परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा, समझ नहीं आ रहा।” किसानों ने मांगी राहत और जांचग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत राशि, फसल बीमा सहायता और खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की दूरी बढ़ाने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों के पास से गुजरने वाली बिजली लाइनों की नियमित जांच जरूरी है, क्योंकि सूखी फसल के समय छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जिला प्रशासन ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आगजनी की घटनाओं से किसानों को बार-बार भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसलिए प्रशासन को फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
गोंडा जिले में देहात कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गोंडा-लखनऊ राज्यमार्ग पर माधवपुर राय के पास आज देर शाम 6.30 बजे हुए एक सड़क हादसे में 3 वर्षीय मासूम सूर्यांश सिंह की मौत हो गई। लखनऊ से गोंडा की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार पिकअप ने सूर्यांश को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सूर्यांश मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल इलाज के लिए बालपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि सूर्यांश अपने पिता संतराम सिंह के साथ अपने फूफा शेर सिंह और बुआ चांदनी सिंह को सवारी पर बैठाने के लिए माधवपुर राय आए थे। फूफा और बुआ को दिल्ली जाना था, जिसके लिए परिवार के लोग उन्हें छोड़ने आए थे। गोंडा देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बच्चे की मौत हुई है। परिजनों द्वारा तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार के लोग अपने कुछ रिश्तेदारों को सवारी गाड़ी पर बैठने के लिए लेकर के आए हुए थे और उन्हीं के साथ यह सूर्यांश भी आया था। रिश्तेदारों को बैठने के दौरान यह अचानक थोड़ा सड़क के तरफ चला गया और इसी दौरान तेज रफ्तार पिकअप नहीं से टक्कर मार दी थी जिससे घायल होकर इसकी मौत हो गई है।
DDU में नेशनल सेमिनार:GST के भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई, टैक्स एक्सपर्ट्स, CA ने दी जानकारी
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) के सहयोग से जीएसटी पर आयोजित नेशनल सेमिनार दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान कुल 182 रिसर्च पेपर की प्रेजेंट किया गया। इस दिन तीसरे और चौथे सेशन का आयोजन किया गया। तीसरे तकनीकी सेशन का सब्जेक्ट “GST: इंडस्ट्री आधारित दृष्टिकोण” रहा। जबकि चौथे सेशन में GST के भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रोग्राम में विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के विशेषज्ञ, टैक्स एक्सपर्ट्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, रिसर्चर्स और स्टूडेंट्स ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। उद्योगों पर जीएसटी के प्रभाव का एनालिसिस किया गया तीसरे में 59 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। इस सत्र के सत्र समन्वयक प्रो. अनिल कुमार यादव और सह-समन्वयक डॉ. राहुल मिश्रा थे। सत्र की अध्यक्षता प्रो. अखिल मिश्रा (वाणिज्य विभाग, बीएचयू, वाराणसी) और प्रो. आकाश अग्रवाल (आर.ई. कॉलेज, कन्नौज) ने की। इस सत्र के विशेषज्ञ वक्ता सी.ए. गौरव अग्रवाल रहे। सत्र में प्रस्तुत शोध-पत्रों में एमएसएमई, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, ई-कॉमर्स, निर्यात, पर्यटन, एफएमसीजी सहित विभिन्न उद्योगों पर जीएसटी के प्रभाव का विश्लेषण किया गया। विशेषज्ञ वक्ता सी.ए. गौरव अग्रवाल ने जीएसटी की उपलब्धियों, वर्तमान चुनौतियों और कर प्रणाली में पारदर्शिता और अनुपालन बढ़ाने की आवश्यकता की जानकारी दी। GST के भविष्य की संभावनाएं पर हुई चर्चा तकनीकी सत्र–IV का विषय “GST के भविष्य की संभावनाएं” था, जिसमें 48 शोध-पत्रों की प्रस्तुति हुई। इस सत्र के सत्र समन्वयक प्रो. मनीष कुमार श्रीवास्तव तथा सह-समन्वयक डॉ. अंशु गुप्ता थे। सत्र की अध्यक्षता प्रो. नीरज शुक्ला (वाणिज्य विभाग, KMCL विश्वविद्यालय, लखनऊ) तथा प्रो. दीपक बाबू (वाणिज्य संकाय अध्यक्ष, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय) ने की। इस सत्र के विशेषज्ञ वक्ता सुनील जायसवाल (AC, SGST) और सी.ए. दीपक गुप्ता रहे। विशेषज्ञों ने जीएसटी प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वचालन, पारदर्शिता तथा सरल व्यवसाय-अनुकूल ढांचे के विकास पर बल दिया। संगोष्ठी का समापन सत्र महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ में आयोजित हुआ। इस अवसर पर वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. एस. वी. पाठक ने स्वागत भाषण के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. जे. वी. वैषम्पायन (पूर्व कुलपति, CSJM कानपुर विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी), मुख्य अतिथि प्रो. संजीत कुमार गुप्ता (कुलपति, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया) के साथ उदित नारायण सिंह (S.B. Enforcement) उपस्थित रहे। जीएसटी से टैक्स में पारदर्शिता बढ़ती प्रो. जे. वी. वैषम्पायन ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य के संचालन में कराधान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने जीएसटी को एक महत्वपूर्ण कर सुधार बताते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ती है, कर चोरी कम होती है और देश के बाजार को मजबूती मिलती है। मुख्य अतिथि प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि केवल विषयों को पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक रूप से लागू करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ज्ञान का वास्तविक उद्देश्य उसे समाज और अर्थव्यवस्था के विकास में व्यवहारिक रूप से उपयोग करना है। 'जीएसटी के नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक'वहीं उदित नारायण सिंह (S.B. Enforcement) ने अपने संबोधन में कहा कि जीएसटी के नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपभोक्ताओं से प्रत्येक खरीद पर बिल लेने की अपील करते हुए कहा कि इससे कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ती है और देश के विकास में आम नागरिक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इनको मिला बेस्ट पेपर अवॉर्ड समापन सत्र में प्रत्येक तकनीकी सत्र से एक-एक श्रेष्ठ शोध-पत्र को “Best Paper Award” से सम्मानित किया गया, जिसमें तकनीकी सत्र–I प्रीति यादव,तकनीकी सत्र–II आंचल, तकनीकी सत्र–III डॉ. पूर्णिमा मिश्रा, तकनीकी सत्र–IV में अपर्णा गुप्ता सम्मानित हुई। कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ. अभिषेक कुमार ने सेमिनार की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंशिका मिश्रा ने किया। वहीं तकनीकी सत्रों का संचालन और मार्गदर्शन प्रो. ए. के. गुप्ता और डॉ. अंशु गुप्ता के नेतृत्व में संपन्न हुआ। सेमिनार के सफल आयोजन में कॉमर्स डिपार्टमेंट के प्रोफेसर्स, सहायक प्रोफेसर्स, बैंकिंग व इंश्योरेंस विभाग के शिक्षकों और विभाग के शोधार्थियों के सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
राजस्थान में खेलों के समग्र विकास और युवाओं को बेहतर अवसर देने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मंगलवार को राजस्थान विधानसभा में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, जयपुर विधेयक 2025 प्रस्तुत किया। इस दौरान खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहां की इस विश्वविद्यालय की स्थापना से राज्य में एक मजबूत और आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम विकसित होगा, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, वैज्ञानिक सहयोग और करियर के नए अवसर मिल सकेंगे। विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए राठौड़ ने कहा कि आज किसी खिलाड़ी की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत मेहनत पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि इसके पीछे विशेषज्ञों की पूरी टीम काम करती है। इनमें कोच, फिजियोथेरेपिस्ट, न्यूट्रिशनिस्ट, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग एक्सपर्ट और परफॉर्मेंस एनालिस्ट जैसे विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए खेल क्षेत्र में प्रोफेशनल ट्रेनिंग और रिसर्च के लिए ऐसे संस्थानों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि आधुनिक खेलों में विज्ञान, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। AI आधारित डेटा एनालिसिस और वीडियो एनालिटिक्स के जरिए खिलाड़ियों के प्रदर्शन और तकनीक का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है, जिससे उनकी क्षमता को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है। खेल मंत्री ने कहा कि खेल अब केवल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा करियर सेक्टर बन चुका है। इसमें स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, कोच, फिजियोथेरेपिस्ट, ट्रेनर, एनालिस्ट, स्पोर्ट्स मैनेजर और स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट जैसे कई नए अवसर तेजी से उभर रहे हैं। प्रस्तावित विश्वविद्यालय इन सभी क्षेत्रों में प्रशिक्षित प्रोफेशनल तैयार करेगा। राठौड़ ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में नई प्राथमिकता मिली है। वहीं भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार राज्य में खेल अवसंरचना को मजबूत करने और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रस्तावित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को एक समेकित स्पोर्ट्स एजुकेशन इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें स्पोर्ट्स साइंस, स्पोर्ट्स कोचिंग, फिजिकल एजुकेशन, स्पोर्ट्स मेडिसिन, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, स्पोर्टS टेक्नोलॉजी और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे अलग-अलग अकादमिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे। इनके माध्यम से अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और रिसर्च प्रोग्राम संचालित होंगे, जिससे खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रोफेशनल भी तैयार किए जा सकेंगे। राठौड़ ने कहा कि राजस्थान की धरती ने शूटिंग, कुश्ती, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और कबड्डी जैसे खेलों में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। यह विश्वविद्यालय राज्य के युवाओं को ऐसा मंच प्रदान करेगा, जहां से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकेंगे।
बरेली की विश्व प्रसिद्ध जरी-जरदोजी कला पर युद्ध के काले बादल मंडरा रहे हैं। ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने बरेली मंडल के करीब 10 लाख कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। रमजान और ईद के इस पीक सीजन में, जहां करोड़ों का कारोबार होता था, वहां आज सन्नाटा पसरा है। अनुमान के मुताबिक, युद्ध की वजह से अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार चौपट हो चुका है। गल्फ देशों में सबसे ज्यादा डिमांड, एयरपोर्ट और कारखानों में फंसा मालबरेली की नक्काशीदार जरदोजी की सबसे ज्यादा मांग दुबई, ईरान, तुर्की और सऊदी अरब जैसे गल्फ देशों में रहती है। रमजान के दौरान यहां से भारी तादाद में ऑर्डर मिलते हैं, लेकिन युद्ध के कारण लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो गई है। आलम यह है कि तैयार माल या तो कारखानों में डंप पड़ा है या फिर एयरपोर्ट पर फंसा हुआ है। पूरी सप्लाई चेन हुई ध्वस्त, कच्चा माल देने वालों के भी फंसे पैसेसैलानी मार्केट के जरी कारोबारी शारिक के मुताबिक, यह केवल एक उत्पाद का नहीं बल्कि पूरी चेन का संकट है। कपड़ा सूरत से आता है और जरी का मटेरियल दिल्ली से मंगाया जाता है। जब तैयार माल आगे नहीं बिक रहा, तो कारीगरों को भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। मंडल में करीब 7.5 लाख रजिस्टर्ड और कुल मिलाकर 10 लाख से ज्यादा कारीगर इस काम से जुड़े हैं, जिनके घरों में इस बार ईद की खुशियां फीकी रहने की आशंका है। हज और ईद के सीजन पर लगा 'युद्ध' का ग्रहणव्यापारियों का कहना है कि यह समय हज और ईद की तैयारियों का होता है, जिसमें बरेली की कढ़ाई वाले कपड़ों की विदेशों में भारी मांग रहती है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और व्यापारिक मार्गों पर युद्ध के असर ने इस पूरे सीजन को बर्बाद कर दिया है। न केवल बड़े निर्यातक, बल्कि छोटे मजदूर और मटेरियल सप्लायर भी इस आर्थिक तंगी की चपेट में आ गए हैं।
करनाल के निसिंग क्षेत्र की एक राइस मिल में रहने वाले कर्मचारी ने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार सुबह जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आया और दरवाजा भी अंदर से बंद मिला तो साथियों को शक हुआ। साथी कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो वह पंखे से लटका हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करनाल भेज दिया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वह किसी बात को लेकर परेशान चल रहा था। पश्चिम बंगाल का रहने वाला था मृतक की पहचान 28 वर्षीय हंसार अली के रूप में हुई है। वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला था और पिछले करीब 5 साल से निसिंग की इसी राइस मिल में काम कर रहा था। मिल कर्मचारी दिलबर ने बताया कि हंसार अली का अपनी पत्नी से कुछ साल पहले तलाक हो चुका था और वह यहां अकेला ही रह रहा था। पूर्व पत्नी से बातचीत के कारण परेशान था दिलबर के अनुसार हंसार अली की अपनी पूर्व पत्नी से फिर से बातचीत चल रही थी। इसी बात को लेकर वह पिछले तीन-चार दिनों से काफी परेशान दिखाई दे रहा था। साथियों को अंदेशा है कि इसी मानसिक तनाव के कारण उसने यह कदम उठाया हो सकता है। रात को ड्यूटी पर थे रूममेट, सुबह लौटे तो अंदर से बंद मिला कमरा बताया गया है कि हंसार अली के साथ दो अन्य कर्मचारी भी उसी कमरे में रहते थे, लेकिन वे रात के समय ड्यूटी पर गए हुए थे। मंगलवार सुबह जब वे ड्यूटी से लौटकर कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो अन्य मजदूरों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर जाने पर हंसार अली पंखे से फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करनाल भेज दिया। थाना प्रभारी श्रीभगवान ने बताया कि हंसार अली के आत्महत्या करने की सूचना मिली थी और वह मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से ई-टिकट बनाने वाले एक युवक को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गिरफ्तार किया है। आरोपी यात्रियों से प्रति व्यक्ति 200 रुपए लेकर मोबाइल के जरिए ई-टिकट बनाता था। उसे तत्काल टिकट काउंटर से बाहर निकलते ही पकड़ा गया। आरपीएफ सेटलमेंट टीम को पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कोई व्यक्ति मोबाइल से फर्जी ई-टिकट बना रहा है। इन सूचनाओं के आधार पर आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज और मैन्युअल निगरानी बढ़ा दी थी। बेरोजगारी को बताया कारण निगरानी के दौरान, रेलवे स्टेशन के आरक्षण कार्यालय के बाहर से एक युवक को अवैध रूप से तत्काल टिकट बेचते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान ग्राम घुटिया निवासी 30 वर्षीय जयकिशन यादव के रूप में हुई है। अधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरपीएफ सेटलमेंट टीम को यह भी शिकायतें मिली थीं कि कुछ युवक तत्काल टिकट के समय रिजर्वेशन काउंटर पर सक्रिय रहते हैं। इसी क्रम में जयकिशन यादव को तीन-चार दिनों से लगातार काउंटर पर संदिग्ध अवस्था में देखा जा रहा था। रविवार सुबह जैसे ही वह तत्काल टिकट लेकर बाहर निकला, आरपीएफ टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह बेरोजगारी के कारण यात्रियों से प्रति व्यक्ति 100 से 200 रुपए अतिरिक्त लेकर टिकट बनाता था। पूछताछ में नहीं मिला वैध लाइसेंस पूछताछ के दौरान युवक के पास से 2,070 रुपए मूल्य का आगे की तारीख का स्लीपर श्रेणी का तत्काल टिकट बरामद हुआ। जब उसके मोबाइल की जांच की गई, तो उसकी व्यक्तिगत आईआरसीटीसी आईडी पर 12 अन्य ई-टिकट मिले, जिनकी कुल कीमत 9,999.30 रुपए थी। आरोपी के पास वैध लाइसेंस नहीं होने के कारण आरपीएफ ने साइबर क्राइम की मदद से उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

