कोटा ग्रामीण के सिमलिया थाना क्षेत्र में खेत पर काम कर रही एक युवती की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। युवती का 2 दिनों से एमबीएस अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन सोमवार रात उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसने दम तोड़ दिया। मृतका के बड़े भाई सोनू केवट ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से कैथून का रहने वाला है, लेकिन उन्होंने सिमलिया क्षेत्र में करीब 6 से 7 बीघा जमीन मुआवजे पर ले रखी है, जहां तरबूज और ककड़ी की खेती की जा रही है। 30 मई की सुबह परिवार के सदस्य खेत पर ककड़ी और खरबूजे तोड़ने का काम कर रहे थे। इसी दौरान 27 वर्षीय रेखा के पीछे गर्दन पर एक जहरीले सांप ने काट लिया। सांप के काटते ही रेखा अचेत होकर खेत में गिर पड़ी। परिजनों ने तुरंत सांप को मारकर एक डिब्बे में बंद कर लिया और रेखा को उपचार के लिए एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों ने अस्पताल में डॉक्टरों को सांप भी दिखाया ताकि उचित इलाज किया जा सके। अस्पताल में रेखा का इलाज लगातार चल रहा था, लेकिन सोमवार रात अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर सिमलिया थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया। मंगलवार को परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने बताया कि रेखा की सगाई हो चुकी थी और अगले वर्ष उसकी शादी होने वाली थी। उसकी असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है। सिमलिया थाने के कांस्टेबल सोनू मीणा ने बताया कि खेत पर काम के दौरान सांप के काटने से युवती घायल हुई थी। उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि युवती को जिस सांप ने काटा था वह कॉमन करेट (Common Krait) प्रजाति का अत्यंत विषैला सांप है। यह प्रजाति मुख्य रूप से रात के समय सक्रिय रहती है और अक्सर अंधेरे में लोगों पर हमला करती है। कॉमन करेट का जहर न्यूरोटॉक्सिक (Neurotoxic) होता है, जो सीधे मानव शरीर के तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है। इसके काटने के बाद शरीर की मांसपेशियां कमजोर पड़ने लगती हैं, सांस लेने में परेशानी होती है और समय पर उपचार नहीं मिलने पर जान का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि यह भारत के सबसे खतरनाक विषैले सांपों में से एक माना जाता है।
अलवर शहर के मनुमार्ग स्थित इनकम टैक्स वकील घनश्याम दास गुप्ता के घर वर्ष 2018 में हुई डकैती के मामले में करीब आठ साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। एडीजे कोर्ट संख्या-3 ने मामले में दो मुख्य आरोपियों को दोषी मानते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास और 1 लाख 1 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सरकारी वकील अजीत यादव ने बताया कि 13 दिसंबर 2018 को शाम करीब 7:40 बजे चार बदमाश मनुमार्ग स्थित घनश्याम दास गुप्ता के घर में घुस आए। इनमें से दो के हाथों में बंदूकनुमा हथियार थे। घर में प्रवेश करते ही बदमाशों ने अधिवक्ता और उनकी पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। पत्नी को बचाने आए घनश्याम दास गुप्ता के सिर पर हथियार से वार किया गया, जिससे उनके सिर से खून बहने लगा। बदमाशों ने दंपती के साथ मारपीट करते हुए नकदी और आभूषणों के बारे में पूछताछ की। आरोपियों ने दोनों के मुंह पर टेप लगाकर हाथ पीछे बांध दिए और बंदूक की नोक पर उनसे घर में रखी कीमती वस्तुओं की जानकारी ली। इस दौरान एक आरोपी ने किसी पुराने मामले में 20 लाख रुपए फीस लेने की बात कहते हुए रकम के बारे में पूछा, जिस पर पीड़ित ने ऐसी किसी राशि से इनकार किया। इसके बाद बदमाशों ने महिला के पहने हुए सोने के आभूषण उतरवा लिए। साथ ही घर में रखी कई सोने की चेन, अंगूठियां, चांदी के सिक्के, चांदी के बर्तन, पाजेब, दर्जनों घड़ियां, करीब तीन लाख रुपए नकद, एचपी का लैपटॉप, बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड समेत लाखों रुपए का सामान लूट लिया। वारदात के बाद आरोपी दंपती को घर के स्टोर रूम में बंद कर फरार हो गए। जाते-जाते उन्होंने घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। कुछ समय बाद दंपती ने किसी तरह खुद को मुक्त किया और पड़ोसियों तथा पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद मंगलवार को एडीजे कोर्ट संख्या-3 ने आरोपी विक्की उर्फ विकास और रवि को डकैती और अन्य संबंधित धाराओं में दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 1 लाख 1 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, वारदात में शामिल अन्य पांच आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
जवाहर बाग कांड के 10 साल पूरे:एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के परिवार ने शहीद का दर्जा देने की मांग की
मथुरा के जवाहर बाग हिंसा की 10वीं बरसी पर तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि घटना के एक दशक बाद भी उनके पति को आधिकारिक रूप से शहीद का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि समाज और कानून व्यवस्था की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अधिकारी को अब तक वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक हकदार हैं। अर्चना द्विवेदी ने कहा कि उनके पति ने कर्तव्य निभाते हुए उपद्रवियों का डटकर सामना किया और वीरगति प्राप्त की। हर वर्ष उनकी बरसी पर नेता और प्रशासनिक अधिकारी श्रद्धांजलि देने आते हैं तथा परिवार को सम्मान दिलाने का आश्वासन भी देते हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। 2 जून 2016 को हुई थी खूनी हिंसा गौरतलब है कि 2 जून 2016 को मथुरा के जवाहर बाग में रामवृक्ष यादव के नेतृत्व वाले 'स्वाधीन भारत सुभाष सेना' समूह ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद जब पुलिस और प्रशासन अतिक्रमण हटाने पहुंचा तो उपद्रवियों ने पुलिस बल पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हिंसक घटना में तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और फरह थानाध्यक्ष संतोष कुमार यादव की मौत हो गई थी। पूरे घटनाक्रम में दो पुलिस अधिकारियों समेत कुल 29 लोगों की जान गई थी। मृतकों में 27 सत्याग्रही भी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। सम्मान की मांग फिर हुई तेज जवाहर बाग कांड की दसवीं बरसी पर अर्चना द्विवेदी के बयान के बाद एक बार फिर इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले अधिकारियों को अब तक आधिकारिक शहीद का दर्जा क्यों नहीं मिला। स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि जिन पुलिस अधिकारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना कानून व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया, उनके बलिदान का सम्मान केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले में शीघ्र निर्णय लेकर दिवंगत अधिकारियों को उचित सम्मान प्रदान किया जाए। परिवार को अब भी फैसले का इंतजार अर्चना द्विवेदी का कहना है कि उनके परिवार को आज भी उस सम्मानजनक निर्णय का इंतजार है, जिसकी उम्मीद उन्हें वर्षों से दिलाई जाती रही है। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की अपील की है।
सत्र 2015-16 से 2019-20 के बीच प्रमोट हुए करीब 8 हजार प्रधानाचार्य आज भी अपनी प्रमोशन तिथि दर्ज होने का इंतजार कर रहे हैं। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (प्रधानाचार्य) का कहना है कि प्रमोशन तिथि दर्ज नहीं होने से वेतन निर्धारण की जांच में प्रधानाचार्यों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसे लेकर परिषद ने सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 8 जून को शिक्षा निदेशालय बीकानेर का घेराव किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। एडीएम को सौंपा ज्ञापन, मुख्यमंत्री तक पहुंचाई मांगराजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (प्रधानाचार्य) जिला शाखा टोंक ने मंगलवार को शिक्षा मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा विभाग और निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर के नाम अलग-अलग ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामरतन सौकरिया को सौंपे। ज्ञापन में सत्र 2015-16 से 2019-20 तक प्रमोट हुए प्रधानाचार्यों की प्रमोशन तिथि दर्ज करने की मांग की गई है। मंत्री के निर्देशों के बावजूद काम अधूराप्रधानाचार्यों का कहना है कि शिक्षा मंत्री द्वारा कई बार निर्देश दिए जाने और शासन स्तर से आदेश जारी होने के बावजूद प्रमोशन तिथि दर्ज करने का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि यह मामला लंबे समय से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर में लंबित पड़ा है, जिससे प्रधानाचार्य वर्ग में नाराजगी बढ़ रही है। 1970 प्रधानाचार्यों को मिला लाभ, 8 हजार अब भी वंचितजिला मंत्री निपुण सक्सेना ने बताया कि इस अवधि में प्रमोट हुए प्रधानाचार्यों में से केवल 1970 प्रधानाचार्यों की प्रमोशन तिथि दर्ज की गई है। इनमें 1410 प्रधानाध्यापक पद से और 560 प्राध्यापक पद से प्रमोट प्रधानाचार्य शामिल हैं, जो सत्र 2017-18 में पदोन्नत हुए थे। इनके लिए 1 अप्रैल 2017 की प्रमोशन तिथि दर्ज करने के आदेश 7 दिसंबर 2022 को जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 3 मार्च 2015 को वित्त विभाग ने 4999 प्रधानाचार्य पदों की स्वीकृति दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद करीब 8 हजार प्रधानाचार्य आज भी इस लाभ से वंचित हैं। वेतन जांच में हो सकता है आर्थिक नुकसानसक्सेना ने बताया कि वित्त विभाग द्वारा 5 मई को जारी परिपत्र और निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान के 22 मई के आदेश के अनुसार विभागीय कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की दोबारा जांच की जानी है। ऐसे में जिन प्रधानाचार्यों की प्रमोशन तिथि दर्ज नहीं हुई है, उन्हें वित्तीय नुकसान होने की आशंका है। 7 दिन का समय, फिर होगा धरना-घेरावपरिषद ने मांग की है कि सात दिन के भीतर सभी लंबित मामलों में प्रमोशन तिथि दर्ज कर प्रधानाचार्यों को लाभ दिया जाए। ऐसा नहीं होने पर 8 जून को शिक्षा निदेशालय बीकानेर के बाहर एक दिवसीय धरना और घेराव किया जाएगा। संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। ये रहे मौजूदज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष कुम्माराम चौधरी, जिला मंत्री निपुण सक्सेना, कृष्ण गोपाल, उमा हाड़ा, विनोद शर्मा, कैलाश चंद्र मीणा, किशनलाल मीणा, चन्द्रप्रकाश विजय, महेश दाधीच, प्रेमलता सिंह, महेश शर्मा, राजाराम मीणा सहित अन्य प्रधानाचार्य शामिल रहे।
महोबा में 21 वर्षीय किसान ने की आत्महत्या:कर्ज और बहन की शादी के बोझ से परेशान था
महोबा जिले के चरखारी कोतवाली क्षेत्र में आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों से परेशान एक युवा किसान ने आत्महत्या कर ली। करहरा खुर्द गांव निवासी 21 वर्षीय अरविंद पाल का शव उसके खेत में पेड़ से लटका मिला। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार, अरविंद परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और साहूकारों के कर्ज के साथ-साथ अपनी छोटी बहन की शादी की जिम्मेदारी को लेकर लंबे समय से मानसिक तनाव में था। इसी दबाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। बताया गया कि अरविंद के पिता का निधन वर्ष 2005 में हो गया था। इसके बाद से वह अपनी मां, पत्नी, दो बहनों और एक वर्षीय पुत्री गुड़िया का पालन-पोषण चार बीघा खेती और मजदूरी के सहारे कर रहा था। परिवार के मुताबिक, वर्ष 2020 में बड़ी बहन क्रांति की शादी के लिए अरविंद ने साहूकारों से करीब तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था। उसे उम्मीद थी कि अच्छी फसल होने पर वह कर्ज चुका देगा, लेकिन लगातार फसल खराब होने के कारण आर्थिक संकट गहराता चला गया और कर्ज का बोझ बढ़ता गया। इसी बीच उस पर 18 वर्षीय छोटी बहन रचना की शादी की जिम्मेदारी भी आ गई। परिजनों का कहना है कि कर्ज और बहन की शादी की चिंता ने उसे लगातार मानसिक दबाव में रखा। मृतक के मामा के बेटे राकेश और चाचा लाल सिंह ने बताया कि अरविंद अक्सर कर्ज चुकाने और बहन की शादी को लेकर चिंतित रहता था। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। घटना की सूचना मिलने पर चरखारी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि युवक की आत्महत्या की सूचना मिलने पर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में सीबीएन चित्तौड़गढ़ सेल की टीम ने एक कार्रवाई करते हुए चित्तौड़गढ़-निम्बाहेड़ा हाईवे स्थित ओछड़ी टोल नाके के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से 101.720 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद किया है। तस्कर ने डोडाचूरा को ट्रॉली में लदे पत्थरों के नीचे छिपा रखा था ताकि जांच के दौरान किसी को शक न हो सके, लेकिन सीबीएन की सतर्कता के चलते उसका यह प्रयास सफल नहीं हो पाया। टीम ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। खुफिया सूचना के आधार पर बिछाया जाल सीबीएन अधिकारियों को पहले से सूचना मिली थी कि राजस्थान नंबर का एक ट्रैक्टर निम्बाहेड़ा क्षेत्र से बड़ी मात्रा में अवैध डोडाचूरा लेकर निकलने वाला है। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और उसे संभावित मार्ग पर निगरानी के लिए भेजा गया। टीम ने ओछड़ी टोल नाके के आसपास लगातार नजर रखी और संदिग्ध गाड़ियों की जांच शुरू की। इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली टीम की नजर में आया, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उसे रोक लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिसके बाद अधिकारियों को उस पर और ज्यादा शक हुआ। पत्थरों की आड़ में छिपाया गया था नशे का जखीरा सीबीएन अधिकारियों ने चालक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि ट्रॉली में लदे पत्थरों के नीचे अवैध डोडाचूरा छिपाकर रखा गया है। इसके बाद सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए वाहन को सीबीएन कार्यालय लाया गया, जहां विस्तृत तलाशी ली गई। जांच के दौरान ट्रॉली में रखे पत्थरों को हटाया गया तो उनके नीचे पांच कट्टे मिले। जब इन कट्टों की जांच की गई तो उनमें कुल 101.720 किलोग्राम डोडाचूरा भरा हुआ मिला। इतनी बड़ी मात्रा में डोडाचूरा मिलने के बाद अधिकारियों ने पूरे माल को जब्त कर लिया। आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी कार्रवाई के बाद सीबीएन ने एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। बरामद डोडाचूरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया गया है, जबकि गाड़ी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
गौरेला के ज्योतिपुर स्थित ऐतिहासिक डिसाइपल चर्च परिसर में सदियों पुराने पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चर्च की वर्तमान और पूर्व कमेटियां इस मामले में खुलकर आमने-सामने आ गई हैं। जहां एक पक्ष इसे चर्च की 'धरोहर बचाने की मजबूरी' बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे 'अवैध कटाई का खेल' करार देते हुए गंभीर आरोप लगा रहा है। चर्च कमेटी के पूर्व अध्यक्ष आरआर टुडू ने वर्तमान अध्यक्ष प्रफुल्ल जेम्स और प्रॉपर्टी कमेटी के प्रमुख अलकेश चौबे पर आरोप लगाए हैं। टुडू के अनुसार, मसीही समाज की पूरी तरह अनदेखी करके परिसर में मौजूद करीब 100 साल पुराने हरे-भरे पेड़ों को कटवाया जा रहा है। उन्होंने अंदेशा जताया है कि इन बेशकीमती लकड़ियों का गलत इस्तेमाल करने के उद्देश्य से इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। आंधी से गिरे पेड़ों की हो रही सफाई आरोपों पर पलटवार करते हुए वर्तमान अध्यक्ष प्रफुल्ल जेम्स ने इन्हें 'विरोधी राजनीति' से प्रेरित बताया है। उन्होंने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि लगभग 10 दिन पहले क्षेत्र में आई तेज आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ टूटकर धराशायी हो गए थे, परिसर में केवल उन्हीं गिरे हुए पेड़ों की सफाई कराई जा रही है। ऐतिहासिक इमारत को बचाने के लिए काटना पड़ा पेड़ अध्यक्ष जेम्स ने बताया कि आंधी के दौरान एक विशाल पेड़ चर्च की 125 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत पर गिर गया था, जिससे भवन को लगातार नुकसान पहुंच रहा था। परिसर और इमारत की सुरक्षा के मद्देनजर उस पेड़ को काटना बेहद अनिवार्य हो गया था। इसके अलावा आंधी से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हर्रु और महुआ के पेड़ों को ही परिसर से हटाया गया है। प्रफुल्ल जेम्स ने इस पूरी स्थिति के बारे में स्थानीय प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय को लिखित सूचना देने का दावा किया है। स्वामी आत्मानंद विद्यालय सेमरा बना पर्यावरण चैंपियन गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, सेमरा को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित “पर्यावरण चैंपियन अवार्ड 2026” के लिए चुना गया है। यह राष्ट्रीय सम्मान भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, नई दिल्ली के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) की “नमामि गंगे परियोजना” के तहत प्रदान किया जा रहा है। विद्यालय को 01 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून (उत्तराखंड) में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य विद्यालय ने गंगा की सहायक नदियों के संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान जैसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य किया है। इन प्रयासों में विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्टाफ सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं का सामूहिक योगदान रहा, जिससे इस संस्था ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। अधिकारियों का मिला निरंतर मार्गदर्शन जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के मार्गदर्शन, प्रेरणा ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके सहयोग से विद्यालय ने शैक्षणिक, पर्यावरणीय दोनों दायित्वों को प्रभावी ढंग से पूरा किया है। प्राचार्य के नेतृत्व में हरित परिसर का निर्माण विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र कुमार तिवारी (राष्ट्रपति पुरस्कृत, लेखक, पर्यावरणविद्) के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर निर्माण, जल संरक्षण के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित की है। उन्होंने संदेश दिया है कि “पर्यावरण संरक्षण केवल दायित्व नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।” मिला विशेष तकनीकी सहयोग अक्षय नामदेव, उनकी टीम के सक्रिय सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन से विद्यार्थियों ने पर्यावरणीय गतिविधियों में महत्वपूर्ण भागीदारी की है। इसी सामूहिक प्रयास के चलते आज पूरे जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमका है।
शहर में सीएम ग्रिड रोड योजना अंतर्गत दूसरे फेज की सभी पांच सड़कें सीसी रोड होंगी। इन सड़कों को बनाने में व्हाइट टॉपिंग कांक्रीट का इस्तेमाल किया जाएगा। सीसी रोड बनाने का उद्देश्य सड़कों को मजबूत रखा है। बारिश शुरु होते ही नगर निगम की ओर से निर्माण कार्य शुरु होने की संभावना है। इन सड़कों पर फुटपाथ व यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम चल रहा है। यह सड़कें बनेंगी सीसी दूसरे फेज में पांच सड़कों को निर्माण चल रहा है। इन पांच सड़कों में स्वरुप नगर मटका तिराहे से कंपनी बाग चौराहे तक 22.02 करोड़, नौबस्ता बंबा से कर्रही तक 28.28 करोड़, दीप सिनेमा तिराहे से सोटे बाबा मंदिर तक 33.48 करोड़, लाल बंगला रोड से जेके फस्र्ट चौराहे तक 39.47 करोड़ व गुरुदेव सिनेमा से चिड़ियाघर तक 47.04 करोड़ से सड़कें बनेंगी। पहले फेज में बन रहीं यह सड़कें पहले फेज की पांच सड़कों में बगिया क्रासिंग से केसा आफिस तक बन रही सड़क डामर रोड बनेगी। इसके अलावा अन्य चार सड़कों की ऊपरी परत सीमेंट की होगी। यह भी ऊपर से देखने में सफेद दिखेंगी। इन सड़कों में एनएच 19 राजाराम चौराहा होते हुए नमक फैक्ट्री चौराहे से हमीरपुर रोड, बर्रा बाईपास कर्रही रोड से रामबाग तिराहा होते हुए हमीरपुर मुख्य मार्ग, बाबा कुटी चौराहे से अलंकार गेस्ट हाउस व घंटाघर चौराहे से परेड होते हुए ग्रीनपार्क जाने वाली रोड शामिल हैं। पहले फेज की पांचों सड़कों को 149.15 करोड़ की लागत से बनवाया जा रहा है। लंबे समय तक रहेंगी टिकाऊ नगर निगम के चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी ने बताया कि दूसरे फेज की सभी पांच सड़कें व्हाइट टापिंग की होंगी। इसके अलावा पहले फेज की चार सड़कों की ऊपरी परत सीमेंट बेस होगी। यह सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रहेंगी।
अयोध्या जिले में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद का अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रशासन की ओर से जनपद में 68 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है। खरीद प्रक्रिया 15 जून तक जारी रहेगी। अब तक जिले में निर्धारित लक्ष्य का लगभग 90 प्रतिशत गेहूं खरीदा जा चुका है। जिला विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि अयोध्या जनपद को इस वर्ष 19,500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके सापेक्ष अब तक 4,700 किसानों से 17,575 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी क्रय केंद्रों पर खरीद कार्य नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मौसम खराब रहने और बारिश होने के कारण किसान अपने गेहूं को क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंचा सके थे, जिससे खरीद की रफ्तार कुछ प्रभावित हुई। हालांकि मौसम साफ होने के बाद किसान फिर से बड़ी संख्या में क्रय केंद्रों पर पहुंचने लगे हैं और खरीद प्रक्रिया में तेजी आई है। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि किसानों को गेहूं बिक्री के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान किया जा रहा है। भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद के लिए पर्याप्त मात्रा में बोरियां उपलब्ध हैं और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। प्रशासन का प्रयास है कि 15 जून तक अधिक से अधिक किसानों का गेहूं खरीदा जाए और निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण किया जा सके। किसानों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी क्रय केंद्र पर पहुंचकर समय रहते गेहूं की बिक्री करें, ताकि उन्हें एमएसपी का लाभ मिल सके और खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।
नरसिंहपुर जिले के करेली नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 9 में मंगलवार को रहवासियों ने चक्काजाम कर दिया। यह प्रदर्शन नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण हटाकर परिवारों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की कार्रवाई के विरोध में किया गया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने करेली को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर बैठकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारी महिलाओं के अनुसार, लगभग 18 से 20 परिवार पिछले 35 वर्षों से इस भूमि पर निवास कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें इसी स्थान पर भूमि का पट्टा दिया जाए। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं में जहां लोग रह रहे हैं, वहीं उन्हें पट्टा देने का प्रावधान है, लेकिन नपा प्रशासन उन्हें जबरन हटाने का प्रयास कर रहा है। महिलाओं ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वर्षों से बसे स्थान को छोड़ना उनके लिए मुश्किल है। इसी मांग को लेकर उन्होंने सड़क जाम कर प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। दूसरी ओर, नगर पालिका प्रशासन ने बताया कि जिस भूमि पर ये परिवार रह रहे हैं, वहां एक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित है। इस परियोजना का टेंडर जारी हो चुका है और जुलाई माह से निर्माण कार्य शुरू होना है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए वार्ड क्रमांक 1 में वैकल्पिक स्थान चिन्हित किया है और उन्हें वहां स्थानांतरित होने के निर्देश दिए हैं। एक साल से लगातार दे रहे सूचना मुख्य नपा अधिकारी (सीएमओ) श्रीकांत पाटर ने बताया है कि संबंधित परिवारों को पिछले एक वर्ष से लगातार सूचनाएं दी जा रही हैं। बारिश का मौसम नजदीक होने के कारण प्रशासन जल्द से जल्द स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करना चाहता है, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस घटना के कारण सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। फिलहाल, प्रशासन और प्रभावित परिवारों के बीच इस मामले को लेकर बातचीत जारी है।
रायबरेली के राही ब्लॉक परिसर में चार दिवसीय विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने किया। यह प्रदर्शनी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के नौ वर्षों और राज्य सरकार के बारह वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना है। इसका लक्ष्य विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना भी है, ताकि वे इनका लाभ उठा सकें। प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश की प्रगति को आंकड़ों के माध्यम से दर्शाया गया है। सरकारी दावों के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 2 एक्सप्रेसवे थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 9 संचालित और 13 निर्माणाधीन हो गई है। इसी तरह, 2017 से पूर्व संचालित 4 एयरपोर्ट्स की संख्या अब 17 संचालित और 7 निर्माणाधीन एयरपोर्ट्स तक पहुंच गई है। इन विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को विभिन्न पोस्टरों और बैनरों के माध्यम से जनता के सामने प्रस्तुत किया गया है। जिला प्रशासन ने प्रदर्शनी स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा, जिसमें पुलिस बल मुस्तैद दिखाई दिया।
मेहताब नगर में दो माह से पेयजल संकट:महिलाओं ने नगर निगम में प्रदर्शन कर समाधान की मांग की
फिरोजाबाद के मेहताब नगर लाइनपार में पिछले दो माह से गहराए पेयजल संकट से परेशान महिलाओं ने सोमवार को नगर निगम में प्रदर्शन किया। वार्ड संख्या-42 स्थित इस क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाएं पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर अधिकारियों से शिकायत करने पहुंचीं। महिलाओं का आरोप है कि क्षेत्र में पिछले दो महीने से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। इस कारण निवासियों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे गर्मी के मौसम में उनकी परेशानी और बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम अधिकारियों को बताया कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने जोर दिया कि जल संकट के कारण सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। महिलाओं ने नगर आयुक्त और संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। नगर निगम अधिकारियों ने महिलाओं की शिकायतें सुनीं और उन्हें समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
दक्षिण हरियाणा के सूखाग्रस्त बालसमंद क्षेत्र में नहरी पानी की वर्षों पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर प्रयास तेज हो गए हैं। क्षेत्र के किसानों, ग्रामीण और सामाजिक प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल 3 जून को चंडीगढ़ में हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी से मुलाकात करेगा। इस बैठक में क्षेत्र की सिंचाई और पेयजल संकट से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बालसमंद, बुड़ाक, डोभी, सुंडावास, बांडाहेड़ी, खारिया, सरसाना, बासड़ा और भिवानी रोहिल्ला सहित आसपास के कई गांव लंबे समय से नहरी पानी की कमी और लगातार गिरते भूजल स्तर की समस्या से जूझ रहे हैं। यह क्षेत्र दशकों से सूखे की मार झेल रहा है। किसान कुरड़ाराम नम्बरदार, जगदीश लौरा, अनिल शर्मा, अनिल लौरा, पवन, बलवान सैनी और वीरेंद्र पुनिया जैसे स्थानीय प्रतिनिधियों ने बताया कि पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध न होने के कारण खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही, कई गांवों में पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। पूर्व कृषि मंत्री ने दिया था आश्वासन ग्रामीणों का कहना है कि नहरी पानी की यह मांग नई नहीं है। पूर्व कृषि मंत्री स्वर्गीय चौधरी सुरेंद्र सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान लाडवी नहर को बालसमंद क्षेत्र से जोड़ने का आश्वासन दिया था। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि इस योजना के पूरा होने से सूखाग्रस्त इलाके को बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन उनके असामयिक निधन के बाद यह योजना अधूरी रह गई। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी पर टिकी हैं। उनका मानना है कि यदि इस योजना को आगे बढ़ाया जाता है, तो यह स्वर्गीय चौधरी सुरेंद्र सिंह के अधूरे सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। ग्रामीणों का अनुमान है कि इस योजना के लागू होने से बालसमंद क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों की हजारों एकड़ कृषि भूमि को पर्याप्त सिंचाई जल मिल सकेगा। साथ ही, क्षेत्र की पेयजल समस्या दूर होने के साथ भूजल स्तर में भी सुधार आने की उम्मीद है। सीसवाला हेड पर 200 क्यूसेक पानी देने की मांग प्रतिनिधिमंडल के सदस्य पारस लौरा ने बताया कि मंत्री के समक्ष प्रमुख मांग रखी जाएगी कि राजस्थान जाने वाली यमुना जल परियोजना से सीसवाला हेड पर कम से कम 200 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जाए। इससे क्षेत्र की सिंचाई और पेयजल समस्या के स्थायी समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके अलावा लाखपुल से डोभी गौशाला तक प्रस्तावित 17 क्यूसेक क्षमता की पुरानी पाइपलाइन योजना के स्थान पर लाडवी से बालसमंद और सरसाना तक पक्की नहर अथवा उच्च क्षमता की नई पाइपलाइन के निर्माण की मांग भी रखी जाएगी।
मुजफ्फरनगर में नई सड़क पर एक महीने में उगी घास:गुणवत्ता पर सवाल, मंडलायुक्त से जांच की मांग
मुज़फ़्फ़रनगर में पीनना-सलेमपुर सड़क के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ गए हैं। गांव पीनना निवासी किसान एवं समाजसेवी सुमित मलिक ने सहारनपुर मंडलायुक्त को शिकायत भेजकर लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित इस सड़क की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लगभग तीन किलोमीटर लंबी यह सड़क करीब एक माह पहले ही बनी थी। इसके बावजूद, सड़क की सतह पर कई स्थानों पर घास उग आई है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। शिकायतकर्ता सुमित मलिक का कहना है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया है और निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया गया है। उन्होंने करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस सड़क में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क के दोनों किनारों पर मजबूती के लिए की जाने वाली ईंटों की स्पोर्टिंग कई स्थानों पर नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, रजवाहे की पुलिया और अंडरपास के आसपास के कुछ हिस्से अधूरे छोड़ दिए गए हैं, जहां आवश्यक निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है। सुमित मलिक ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में 6 अप्रैल और 1 मई 2026 को भी संबंधित अधिकारियों से शिकायत की थी। हालांकि, उनकी शिकायतों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद निर्माण में गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं। मंडलायुक्त को भेजी गई शिकायत में मांग की गई है कि सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराई जाए। यदि जांच में गुणवत्ता में कमी या वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, सड़क की कमियों को दूर कर उसे मानक के अनुरूप बनवाया जाए।
फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र में मंगलवार को एक दुकान को लेकर सास-बहू के बीच विवाद हो गया। मामला बढ़ने पर थाना उत्तर के मुख्य गेट के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मथुरा नगर निवासी पूनम यादव ने आरोप लगाया कि उनके ससुराल पक्ष के लोग उन्हें दुकान खाली कराने का दबाव बना रहे हैं। पूनम का कहना है कि वह उक्त दुकान में कैंटीन संचालित कर अपने दो छोटे बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। उनके परिवार में चार वर्षीय पुत्र और 11 माह की एक पुत्री है। पूनम यादव के अनुसार, विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और दुकान में रखा फ्रिज भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के साथ उनका न्यायालय में पहले से मुकदमा चल रहा है और दुकान खाली होने की स्थिति में उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके पांच भाई हैं, लेकिन सभी अपने-अपने परिवारों की जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं। ऐसे में वह अपने बच्चों के पालन-पोषण और जीवनयापन के लिए स्वयं संघर्ष कर रही हैं। सूचना मिलने पर थाना उत्तर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाते हुए दोनों पक्षों की बात सुनी। थाना प्रभारी निरीक्षक अंजीश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि रक्षाबंधन पर बहनों को राज्य परिवहन की बसों में सफर की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को आज भी आवागमन के लिए लोडिंग वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। नई व्यवस्था शुरू होने से आम नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। रक्षाबंधन पर बहनें कर सकेंगी बसों में सफर विधानसभा में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों के घर राज्य परिवहन की बसों से यात्रा कर सकेंगी। आदिवासी क्षेत्रों में आवागमन होगा आसान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों, विशेषकर आदिवासी इलाकों में पर्याप्त परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लोगों को लोडिंग वाहनों से सफर करना पड़ता है। सुगम परिवहन सेवा शुरू होने के बाद इन क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकेगा। राज्य परिवहन की भूमिका महत्वपूर्ण डॉ. यादव ने कहा कि राज्य परिवहन आम नागरिकों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार एक ओर आधुनिक और बेहतर सड़कों का निर्माण कर रही है, वहीं दूसरी ओर नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य परिवहन व्यवस्था को बंद करने की शुरुआत कांग्रेस शासनकाल में हुई थी। अब जब गांवों तक सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच चुकी हैं, तो बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया था। दूसरे राज्यों से भी जोड़ा जाएगा नेटवर्क मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के भीतर ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के साथ भी बेहतर बस संपर्क स्थापित किया जाए, ताकि लोगों को सुगम और सुलभ परिवहन सुविधा मिल सके।
जयपुर ग्रामीण में भाजपा नेता की सोमवार रात गला रेतकर हत्या कर दी गई। वह कबाड़ गोदाम में खून से लथपथ हालत में पड़े मिले थे। मनोहरपुरा थाना पुलिस ने FSL टीम की मदद से सबूत जुटाए है। शव को निम्स हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। परिजनों के साथ ग्रामीण आज सुबह मनोहरपुर थाने पहुंचे और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया। रामवतार असवाल स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे। परिजनों को गोदाम में लहूलुहान हालत में मिले SHO (मनोहरपुर) सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि मनोहरपुर कस्बे में रहने वाले अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रामवतार असवाल उर्फ पप्पू (55) की हत्या की गई है। मनोहरपुर बस स्टैंड के पास उनका कबाड़ का गोदाम है। वे सोमवार रात को गोदाम पर थे। प्रथमदृष्टया सामने आया है कि इस दौरान करीब 7:30 बजे एक व्यक्ति गोदाम पर आया था। वह धारदार हथियार से गला रेतकर भाग गया। काफी देर तक घर नहीं आने पर परिजन गोदाम पहुंचे। तब वे लहूलुहान हालत में पड़े मिले। उन्हें निम्स हॉस्पिटल ले जाकर पुलिस को सूचना दी गई। वहीं डॉक्टरों ने चेक करने के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। CCTV फुटेज खंगालने जुटी पुलिस मनोहरपुर थाना पुलिस ने सोमवार रात करीब 12:30 बजे FSL टीम को मौके पर बुलाकर सबूत जुटाए। बीजेपी नेता की हत्या का पता चलने पर परिचित सहित ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस ने गोदाम और उसके आस-पास जांच के लिए घेराबंदी कर CCTV फुटेज खंगाले।
भिवानी जिले के लोहारू शहर में वाल्मीकि चौक पर गंदे पानी के नाले के निर्माण कार्य में हो रही देरी और लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में रोष बढ़ गया है। निर्माण कार्य के दौरान पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद लोहारू के एसडीएम मनोज दलाल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। बता दें कि, पुराने नाले को तोड़कर नए नाले का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन धीमी गति के कारण क्षेत्रवासियों को आवागमन सहित विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग दादरी, सतनाली और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों और राहगीरों द्वारा उपयोग किया जाता है, और इसी रास्ते पर दो श्मशान घाट भी हैं। खुदाई के दौरान पाइपलाइन हुई क्षतिग्रस्त सोमवार को खुदाई के दौरान पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बाधित हुई और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों ने इस संबंध में प्रशासन को अवगत कराया था। लोगों को हो रही समस्याओं की सूचना मिलने पर एसडीएम मनोज दलाल ने निर्माणाधीन नाले का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण, मजबूत और शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। एसडीएम बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं मंगलवार को एसडीएम मनोज दलाल ने स्पष्ट किया कि नाले के निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। एसडीएम ने क्षतिग्रस्त हुई पानी की पाइपलाइन को भी तत्काल दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए। एसडीएम ने यह भी भरोसा दिलाया कि जब तक गंदे पानी के नाले का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक वह स्वयं समय-समय पर मौके का निरीक्षण करते रहेंगे। उनके इस कदम के बाद क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि अब निर्माण कार्य में तेजी आएगी और उन्हें जल्द राहत मिलेगी।
अजमेर की पुष्कर घाटी में अवैध होर्डिंग्स की भरमार है। जिम्मेदार सरकारी महकमों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यही कारण है कि दिनों दिन इन होर्डिंग की संख्या बढ़ती जा रही है। गत दिनों हुए हादसों के बाद भी प्रशासन ने सुरक्षा उपाय करने में रूचि नहीं दिखाई। यहां हर मोड व सड़क किनारे प्रचार-प्रसार के लिए नियम विरूद्ध लगाए होर्डिग्स से हादसों की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि पुष्कर घाटी में बीते दिनों हुए हादसे के बाद गत 23 मई को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को पुष्कर घाटी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाने के निर्देश दिए थे। इसमें घाटी क्षेत्र में यातायात संकेतक, चेतावनी बोर्ड, गति नियंत्रण उपाय एवं निगरानी व्यवस्था को भी और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो। फोटोज में देखें लगाए गए होर्डिंग्स… हाल ही में हुए पुष्कर घाटी हादसों की ये खबरें भी पढे़ं…. 1… 200 फीट गहरी खाई में गिरी बस,दो महिलाओं की मौत:31 घायल, कपड़ों से रस्सी बनाकर बाहर निकाला, कंधों पर उठाकर लाए; इंश्योरेंस-फिटनेस हो चुका खत्म अजमेर में सवारियों से भरी बस 200 फीट नीचे खाई में गिर गई। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई। 31 लोग घायल हो गए। पुष्कर जा रही बस में 33 लोग सवार थे। वे पीसांगन (अजमेर) में मायरा भरने जा रहे थे। इस दौरान पुष्कर घाटी में बस बेकाबू हो गई। हादसा पुष्कर से करीब 3 किलोमीटर पहले रविवार दोपहर करीब 12 बजे हुआ। पूरी खबर पढें 2… तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने तीन-बाइक सवारों को मारी टक्कर,1 मौत:पुष्कर घाटी पर अटकी गाड़ी; 3 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया पुष्कर से अजमेर की ओर आ रही तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने तीन बाइक को टक्कर मार दी। इसमें बाइक सवारों को फॉर्च्यूनर गाड़ी ने काफी दूर तक घसीटा। टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित फॉर्च्यूनर गाड़ी खाई की तरफ गिरते-गिरते बची। हादसे में बाइक सवार 4 घायलों को अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भिजवाया गया। जहां एक की डेथ हो गई। वहीं फॉर्च्यूनर सवार लोग पहाड़ी की तरफ भाग गए। वहीं पुलिस को गाड़ी से भारी मात्रा में शराब की बोतलें बरामद हुई। पूरी खबर पढें
डीएम घनश्याम मीणा ने उन्नाव में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए 5 आरोपियों को छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई है, क्योंकि ये आरोपी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए और शांति व्यवस्था के लिए खतरा बन रहे थे। जिला बदर किए गए आरोपियों में रसूलपुर थाना बेहटा मुजावर निवासी आशीष सिंह उर्फ छोटू पुत्र अशोक सिंह, रामबख्श खेड़ा थाना अचलगंज निवासी रंजीत पुत्र कमल किशोर, बनवा थाना सफीपुर निवासी महिप पुत्र मोहम्मद कलीम, कटहा नारायणपुर थाना गंगाघाट निवासी विशाल पुत्र देवी दिन और कुशहरी थाना सोहरामऊ निवासी शिवम पुत्र प्रकाश लोध शामिल हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन सभी व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों की जांच के बाद, जिलाधिकारी ने पाया कि इनकी गतिविधियां जनसामान्य की सुरक्षा, शांति व्यवस्था और कानून व्यवस्था के लिए हानिकारक हैं। इसी आधार पर इन्हें छह माह के लिए उन्नाव जनपद की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है। जिला बदर आदेश लागू होने के बाद, संबंधित आरोपी बिना सक्षम अनुमति के जनपद की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। आदेश का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग को भी इन व्यक्तियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि ऐसी कार्रवाई से अपराधियों में कानून का भय पैदा होगा और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सक्रिय हैं। एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि जिला बदर की कार्रवाई अपराध नियंत्रण का एक प्रभावी उपाय है, जिससे असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगता है। और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग मिलता है।
शहडोल जिले के ब्योहारी तहसील कार्यालय में सहायक खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति को मंगलवार को रीवा लोकायुक्त टीम ने ₹75,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर सरकारी मकान से जुड़े एक प्रकरण को निपटाने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है। लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, बाणसागर निवासी रमेश प्रसाद रजक ने शिकायत की थी। रमेश प्रसाद रजक नगर परिषद खांड की उपाध्यक्ष सुधा रजक के पति हैं। उनकी शिकायत थी कि सरकारी मकान से संबंधित मामले को सुलझाने और उस पर से कब्जा हटाने के नाम पर सहायक खंड लेखापाल उनसे रिश्वत की मांग कर रहा था। दूसरी किश्त लेते पकड़ाया शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त टीम ने एक जाल बिछाया। तय योजना के तहत मंगलवार को शिकायतकर्ता रमेश प्रसाद रजक आरोपी लल्लू प्रजापति को रिश्वत की दूसरी किश्त के रूप में ₹75,000 देने पहुंचे। जैसे ही आरोपी ने यह राशि ली, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। 35 हजार ले चुका था बताया गया है कि आरोपी लल्लू प्रजापति इस मामले में शिकायतकर्ता से पहले ही ₹35,000 ले चुका था। शेष राशि के लिए वह लगातार दबाव बना रहा था। लोकायुक्त टीम ने गिरफ्तार सहायक खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। गौरतलब है कि ब्योहारी क्षेत्र में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर हाल के दिनों में लगातार कार्रवाई हो रही है। करीब 15 दिन पहले भी लोकायुक्त टीम ने एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। यह लगातार दूसरी कार्रवाई है।
कानपुर की दादानगर इंडस्ट्री 50 फीसदी खत्म हो गई है। बीते 5 दशक में ऐसा कभी इंडस्ट्री की ऐसी हालत नहीं हुई। फैक्ट्री मालिक मजबूर हैं कि वो कारोबार बंद कर दें। बीते तीन महीनों में जिस तरह से युद्ध के बाद वैश्विक हालात हुए हैं, उससे पेट्रोल, डीजल और गैस का संकट हुआ। इससे तो हालात खराब हुए ही और अब मजदूरों को भड़काने का काम किया जा रहा है, जिससे वे प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे इंडस्ट्री पर संकट और भी बढ़ गया है। ये कहना है कानपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव इस्टेट लिमिटेड के चेयरमैन विजय कपूर का। अब पढ़िए दैनिक भास्कर से चेयरमैन ने जो इंडस्ट्री के हालात बताएविजय कपूर ने कहा कि कानपुर की 50 फीसदी इंडस्ट्री खत्म हो गई है। सिर्फ दादानगर इंडस्ट्री एरिया में ही 2500 फैक्ट्री हैं। इसे बचाने के लिए सरकार को आगे आना होगा। क्योंकि जिस तरह की ग्लोबल स्थितियां बनी हैं, युद्ध का असर इंडस्ट्री पर पड़ा है।कपूर ने कहा 13 अप्रैल से जब नया श्रम कानून लागू हुआ, प्रशासन का हस्तक्षेप बढ़ गया। हमें इसे लागू करने में कोई दिक्कत नहीं है। पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि प्रशासन आकर दबाव बनाकर लागू कराए।कर्मचारियों और फैक्ट्री वालों के बीच तो 40-50 साल के संबंध होते हैं। उनके साथ सुख-दुख का रिश्ता होता है। हम खुद अपने लेबर को अपनों की तरह रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को भी इस पर ध्यान देना चाहिए कि उन ऑफिसों में संविदा कर्मियों को श्रम कानून का लाभ सबसे पहले दिया जाना चाहिए। उसके बाद फैक्ट्री पर लागू किया जाना चाहिए। हमें इसे लागू करने में कोई दिक्कत नहीं है। पहले से ही इंडस्ट्री पर संकट है। बीते 3-4 महीनों से युद्ध के कारण किसी भी इंडस्ट्री को गैस नहीं मिल पा रही है। बड़ा नुकसान हुआ है, कच्चा माल भी महंगा हो गया। इसके बाद पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ गए। बिजली और टैक्स की समस्या से पहले ही इंडस्ट्री के लोग परेशान हैं। मुझे लगता है कि इंडस्ट्री का इससे खराब समय कभी नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लेबर प्रदर्शन कर रहे हैं, कुछ गलत तत्व मजदूरों को भड़का रहे हैं। इससे इंडस्ट्री पर तो असर होगा ही, साथ ही इससे राजस्व का भी नुकसान हो सकता है। कर्मचारियों को भड़काया जा रहा है कि नोएडा में 35 रूपाए हजार मिल रहे हैं। यहां ऐसी स्थिति तो नहीं है, इससे तो फैक्ट्री बंद करने के अलावा कोई चारा नहीं है। अब पढ़िए ऑल इंडिया टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के यूपी चेयरमैन ने जो कहाबलराम नरूला ने बताया कि सूखी हुई जड़ को खत्म करने जैसी इंडस्ट्री की हालत है। पहले ही मजदूरों के प्रदर्शन से लोग परेशान हैं, ग्लोबल जो हालात रहे उसकी मार झेल ही रहे हैं। इंडस्ट्री रहेगी तो ही लेबर है, लेबर है तो ही इंडस्ट्री है। लेकिन कठिन परिस्थिति में हालात संभालने की जरूरत है।सरकार से मांग है कि इंडस्ट्री की जो हालत है, उस पर ध्यान दे और इस दौर में इंडस्ट्री को उबारने की जरूरत है।
प्रयागराज में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने का मामला सामने आया है। गंगापार के सोरांव थाना क्षेत्र के नसरतपुर गांव में मंगलवार को यह घटना हुई। कांग्रेस कमेटी के मंडल अध्यक्ष विनोद वर्मा द्वारा संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर पब्लिक स्कूल के अंदर लगी अंबेडकर प्रतिमा को तोड़ा गया है। अराजक तत्वों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रतिमा टूटने से आक्रोश बढ़ गया। स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने नारेबाजी कर हंगामा किया। सूचना पाकर सोरांव एसीपी श्याम जीत प्रमिला सिंह व सोरांव थाने की फोर्स नसरतपुर गांव पहुंच गई। पुलिस ने लोगों को समझा कर मामला शांत कराया। ग्रामीणों की मांग है कि प्रतिमा को खंडित करने वाले दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। पुलिस अधिकारियों ने तत्काल नई प्रतिमा मंगवाई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से नई प्रतिमा स्थापित कर दी, इससे लोगों का गुस्सा शांत हो गया। गांव के ही मनोज पासी का कहना है कि एक वर्ष पूर्व भी मूर्ति को खंडित कर दिया गया था। इसके संबंध में सोराव थाने पर अभियोग पंजीकृत कराया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रतिमा लगवा दी गई है। मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार नायक ने मंगलवार को डीग जिले का दौरा किया। उन्होंने अधिक मास के अवसर पर आयोजित बृज चौरासी कोस परिक्रमा में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परिक्रमा मार्ग पर जनसेवा कार्यों में भी भाग लिया। जिला कलेक्टर डीग मयंक मनीष भी उनके साथ मौजूद रहे। अध्यक्ष नायक ने डीग के फायर स्टेशन स्थित सहायता एवं स्वागत केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध जनसुविधाओं का जायजा लिया और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिक्रमार्थियों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों की उपलब्धता और प्राथमिक उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी ली। चिकित्सा दल को 24 घंटे मुस्तैदी से सेवाएं देने के निर्देशउन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीषण गर्मी और पदयात्रा को देखते हुए चिकित्सा दल 24 घंटे मुस्तैदी से अपनी सेवाएं सुनिश्चित करें। इस मौके पर अध्यक्ष नायक ने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की सेवा करने का अवसर मिला है, जो इस चौरासी कोस की यात्रा पर हैं। उन्होंने इसे वास्तविक सनातन धर्म का संदेश बताया, जहां श्रद्धालु कठिनाइयों की परवाह किए बिना परिक्रमा कर रहे हैं।इस दौरान नायक ने अपने हाथों से परिक्रमार्थियों को जलपान और प्रसाद वितरित कर जनसेवा की।
बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने विकास भवन सभागार में सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक की। इस दौरान विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया। जनवरी से अब तक के चार माह की रैंकिंग में कई विभागों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। समीक्षा में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त योजना, ग्राम्य विकास, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), जननी सुरक्षा योजना, महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण अभियान और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की रैंकिंग 'सी' श्रेणी में पाई गई। इसके अतिरिक्त, कृषि विभाग के प्रीमियम आईडी, पंचायती राज विभाग और नई सड़कों के निर्माण कार्य की रैंकिंग 'बी' श्रेणी में दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण योजनाओं की रैंकिंग अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं और अगली समीक्षा तक अपनी रैंकिंग को 'ए' श्रेणी में लाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर काम करें। डीएम ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और जिले की सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में सुधार लाने के लिए कहा।
फतेहाबाद की सदर थाना पुलिस ने जमीन विवाद को लेकर मारपीट एवं जान से मारने की धमकी देने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गांव भूथन कलां निवासी हंसराज के रूप में हुई।सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि गांव भूथन कलां निवासी मान सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसने गांव भूथन कलां में लगभग 7 एकड़ भूमि खरीदी हुई है। 17 मई को वह खेत में बुवाई करवाने के बाद ट्रैक्टर से घर लौट रहा था। इसी दौरान कुछ व्यक्तियों ने उसका रास्ता रोक लिया और जमीन संबंधी रंजिश के चलते उसके साथ मारपीट की। लाठियों से हमला कर पहुंचाई चोट शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने लाठियों से हमला कर उसे चोटें पहुंचाईं। वहीं आरोपी हंसराज ने तलवार लहराते हुए दोबारा खेत में आने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर राहगीरों ने डायल-112 पर सूचना दी, जिसके बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उसे बयान देने के लिए फिट घोषित किए जाने पर उसके बयान दर्ज किए गए। विभिन्न धाराओं के तहत किया था केस दर्ज एसएचओ ने बताया कि इस संबंध में सदर थाना फतेहाबाद में 18 मई को बीएनएस की धारा 191(2), 190, 115(2), 126(2) व 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी हंसराज को काबू कर लिया। मामले में अन्य नामजद आरोपियों की संलिप्तता की जांच जारी है।
केले से भरे ट्रक ने लोडिंग ऑटो को मारी टक्कर:यातायात हुआ प्रभावित, नेशनल हाईवे-52 पर हुआ हादसा
शाजापुर कोतवाली थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-52 पर एचपी बाबू पेट्रोल पंप के पास मंगलवार सुबह करीब 10 बजे एक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार ट्रक ने आगे चल रहे तीन पहिया लोडिंग ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। ट्रक में कच्चे केले भरे हुए थे, जो सड़क पर बिखर गए। लोडिंग ऑटो रिक्शा में भरी ईंटें भी सड़क पर फैल गईं। इस घटना से मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 पर तैनात प्रधान आरक्षक पवन शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत कार्य शुरू कराया और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया, जिससे मार्ग पर आवागमन सुचारु हो सका। जानकारी के अनुसार, कच्चे केले से भरा ट्रक इंदौर से ग्वालियर की ओर जा रहा था, जबकि लोडिंग ऑटो रिक्शा शाजापुर से पनवाड़ी की तरफ जा रहा था। इसी दौरान ट्रक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और ऑटो रिक्शा को पीछे से टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई। दुर्घटना में केवल वाहनों और सामान का नुकसान हुआ है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सरकारी शराब दुकानों में सुरक्षा गार्डों की भर्ती के लिए 35 हजार और नई वर्दी के नाम पर 15-15 हजार रुपए वसूले जाने का आरोप है। इस वसूली का कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, वसूली से परेशान होकर सभी दुकानों के गार्डों ने जिला आबकारी अधिकारी को पत्र लिखकर BIS सुरक्षा कंपनी के अधिकारियों पर जबरन पैसे ऐंठने का आरोप लगाया है। शिकायत में कंपनी को CSMCL से ब्लैक लिस्ट करने की मांग की गई है। आबकारी अधिकारी को सौंपे गए आवेदन के अनुसार BIS सुरक्षा कंपनी के फील्ड ऑफिसर बृजराज सिंह चौहान हर गार्ड से 15 हजार रुपए मांग रहे हैं। पैसे नहीं देने पर और 40 हजार से 60 हजार रुपए देने का दबाव बनाया जा रहा है। गार्डों का कहना है कि उन्हें धमकी दी गई है कि अगर 7 दिनों के भीतर पैसे नहीं दिए तो मैनपावर कंपनी बदल दी जाएगी, उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी ने कंपनी से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा गया है। BIS कंपनी को दी गई सुरक्षा की जिम्मेदारी दरअसल, सरकारी शराब दुकानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी BIS कंपनी को दी गई। ऐसे में पूर्व में सुपरवाइजर रहे प्रेम कुमार साहू को भी गार्ड के पद पर तैनात किया गया है। वह सभी पुराने गार्डों को अच्छी तरह जानता है। ऐसे में फील्ड ऑफिसर बृजराज सिंह चौहान और पूर्व फील्ड ऑफिसर दुर्गेश कुमार साहू प्रेम कुमार पर वसूली के दबाव बना रहे हैं। प्रेम कुमार ने मामले की शिकायत भी आबकारी विभाग से की है। आरोप है कि जो गार्ड पैसे देने का विरोध कर रहे हैं, उनसे दबावपूर्वक वीडियो बनवाया जा रहा है जिसमें वे अपनी मर्जी से पैसे देने की बात कह रहे हैं। इसी बीच एक गार्ड ने बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग कर ली, जिसे सबूत के तौर पर उच्च अधिकारियों को सौंपा गया है। आर्थिक संकट में सुरक्षाकर्मी, दूसरी बार दिया आवेदन सुरक्षा गार्डों का कहना है कि महीने भर की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें बमुश्किल 10 से 15 हजार रुपए वेतन मिलता है, जिससे वे अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में यदि वर्दी के नाम पर ही 15 हजार रुपए वसूल लिए जाएंगे, तो उनके घरों का खर्च चलाना नामुमकिन हो जाएगा। आवेदन में लिखा है कि 22 मई 2025 को भी इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मजबूर होकर अब दूसरी बार आवेदन दिया गया है। गार्डों ने मांग की है कि भ्रष्टाचार में लिप्त BIS सुरक्षा कंपनी को तत्काल हटाया जाए। भर्ती के लिए 35 हजार की मांग, आबकारी अधिकारी ने शुरू की जांच वायरल ऑडियो में यह बात सामने आई है कि नई भर्ती के लिए लोगों से 30 से 35 हजार रुपए लेकर उन्हें काम पर रखा जा रहा है। ऑडियो में कंपनी के अधिकारी आबकारी विभाग के बड़े अफसरों से अपनी ऊंची पहुंच, जान-पहचान का दावा कर रहे हैं। इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी आशा सिंह ने बताया कि उन्हें सुरक्षा गार्डों की शिकायत मिल चुकी है। शिकायत को गंभीरता में लेते हुए सुरक्षा कंपनी से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ……………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रायपुर कलेक्ट्रेट की मल्टीलेवल-पार्किंग में अवैध वसूली: निगम ने टेंडर नहीं दिया,निजी लोग काट रहे रसीद; केबिन में मिली शराब और बिना सील का आर्म्स-लाइसेंस रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में अवैध वसूली, शराबखोरी और संदिग्ध गतिविधियों का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद सोमवार को रायपुर नगर निगम के उड़नदस्ता और पुलिस टीम ने संयुक्त छापेमारी की। जांच में पता चला कि निगम ने इस पार्किंग के लिए कोई वैध टेंडर जारी नहीं किया था। पढ़ें पूरी खबर…
श्रीगंगानगर में ब्लॉक व शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से अनेक मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर नारेबाजी की और राज्य सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। कार्यकर्ता महंगाई, पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों, गेहूं की एमएसपी पर खरीद न होने, शहर में लगातार हो रही चोरियों, नशे की खुली बिक्री और बरसात में डूबते शहर जैसे मुद्दों को लेकर आक्रोशित नजर आए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य अंकुर मगलानी ने कहा- राज्य सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है। जिला प्रशासन न तो शहर की मूल समस्याओं पर ध्यान दे रहा है और न ही अव्यवस्थाओं को दूर करने की कोई कोशिश कर रहा है। शहर की बिगड़ती हालत के लिए भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी भी जिम्मेदार है। मिगलानी ने कहा- पिछले दो महीनों में हुई चोरी की घटनाओं का सात दिन के अंदर खुलासा नहीं हुआ तो सभी थानों का घेराव किया जाएगा। शुरुआत कोतवाली से होगी। शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धर्मपाल झोरड़ ने कहा- लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। देहात ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्याम पुनियानी ने नगर निकाय और पंचायती राज चुनाव न कराने की सरकार की हठधर्मिता की आलोचना की और शहर में फैली अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सभी समस्याओं के तुरंत समाधान की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो कांग्रेस और बड़ा तथा कड़ा आंदोलन छेड़ेगी। इस मौके पर जिला प्रमुख दुलाराम इंदलिया, मनोज भिड़ासरा, अशोक डागला, बलराज पब्बी, सहित सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बुरहानपुर में मंगलवार को AIMIM सहित कई मुस्लिम संगठनों और समाज के लोगों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर सृजन श्रीवास्तव को सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में AIMIM के जिला अध्यक्ष एडवोकेट जहीर उद्दीन शेख, मुस्लिम विकास परिषद के सदस्य और कुछ पार्षद भी शामिल थे। इन संगठनों ने गाय को राष्ट्रीय पशु के साथ-साथ 'राष्ट्रीय माता' घोषित करने की भी मांग की है। AIMIM के जिला अध्यक्ष एडवोकेट जहीर उद्दीन शेख ने बताया कि आजादी के बाद से ही साधु-संत लगातार गाय को राष्ट्रीय पशु और माता घोषित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इसे अब तक अनदेखा किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय मुसलमानों ने हिंदुओं की भावनाओं और साधु-संतों की मांग का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया है। शेख ने आगे कहा कि पिछले कुछ समय से कुछ लोग इसका राजनीतिक लाभ उठा रहे हैं, जिससे मुस्लिम, दलित और आदिवासियों की मॉब लिंचिंग की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं से बार-बार तनाव बढ़ता है और कानून-व्यवस्था बिगड़ती है, जो एक स्वस्थ राष्ट्र के लिए हानिकारक है। डिप्टी कलेक्टर सृजन श्रीवास्तव ने बताया कि ज्ञापन सौंपने के लिए कुछ संगठन आए थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्ञापन को उचित कार्रवाई के लिए आगे भेजा जाएगा।
फतेहाबाद जिले के टोहाना में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 50 हजार रुपए बरामद किए गए हैं। गांव रत्ताथेह निवासी सतबीर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि अमन उर्फ गोल्डी सैनी और आशा राम उर्फ आशु ने उन्हें पंजाब एक्साइज विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने 2021 में उनसे अलग-अलग किस्तों में 5 लाख रुपए लिए थे, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए। एक आरोपी पहले ही पकड़ा जा चुका शिकायत की जांच के बाद 28 जुलाई 2024 को थाना शहर में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच अधिकारी पवन ने बताया कि इस मामले में चंडीगढ़ रोड निवासी अमन कुमार उर्फ गोल्डी सैनी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान डांगरा रोड स्थित डीएवी स्कूल के पास रहने वाले आशा राम उर्फ आशु की संलिप्तता भी सामने आई। पुलिस ने मंगलवार को आशु को डांगरा रोड से गिरफ्तार किया। उसके पास से 50 हजार रुपए नकद बरामद हुए हैं। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के अनुसार, आरोपी पहले कोर्ट के पास फोटोस्टेट की दुकान चलाता था। पुलिस कर रही आरोपी से पूछताछ पुलिस अब आरोपी को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों से शेष रकम की वसूली और इस ठगी में शामिल अन्य व्यक्तियों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
कानपुर में दादा नगर स्थित रुपानी चप्पल कंपनी के बाहर मजदूरों ने हंगामा किया है। मजदूरों की मांग है, हमको सरकार से जारी गाइडलाइन के अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है। मजदूरों को रूपानी चप्पल फैक्ट्री में जारी गाइडलाइन के अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है। जबकि नाइट और ओवर टाइम का अलग से कोई पाईउसा नहीं दिया जाता है। जब हम लोग अपनी मांग बताते है, तो नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इस फैक्ट्री के अंदर पानी, कूलर इत्यादि की व्यवस्था नहीं है। मजदूर ने बताया- ये बात हम लोग अपने सुपरवाइजर को एक सप्ताह से बता रहे है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जबकि ओवर टाइम का पैसा नहीं मिलता है। यहां हम लोगों से 12 घण्टे काम कराया जाता है। हम लोगों को PF और ESI का लाभ भी नहीं मिल रहा है। कानपुर में पिछले 16 दिनों में 15 से ज्यादा देश की कई बड़े कंपनियों के कर्मचारी वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर प्रदर्शन कर चुके है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। सोमवार को सैकड़ों कर्मचारी रूपानी कंपनी गेट के बाहर इकठ्ठे हो गए। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर लंबे समय से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई बार शिकायत और मांग पत्र देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के कारण कंपनी का कामकाज भी प्रभावित हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. खबर अपडेट की जा रही है...
सीधी में जनसुनवाई में साइकिल से आए कलेक्टर:जमीन पर जानी लोगों की समस्याएं, मोबाइल चलाते रहे कर्मचारी
सीधी जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था में एक विरोधाभासी दृश्य सामने आया। जहां जिले के कलेक्टर विकास मिश्रा आम लोगों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनते दिखे, वहीं अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी कुर्सियों पर आराम फरमाते और मोबाइल फोन चलाते नजर आए। कलेक्टर विकास मिश्रा ने जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों और फरियादियों के बीच बैठकर सीधे संवाद स्थापित किया। उनका यह व्यवहार एक संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी की छवि को दर्शाता है, जो आमजन से सीधा जुड़ाव स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे। इसके विपरीत, सभागार में मौजूद कई अधिकारी और कर्मचारी कुर्सियों पर बैठे रहे। कुछ तो जनसुनवाई के दौरान अपने मोबाइल फोन में व्यस्त दिखाई दिए, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि उन्हें आमजन की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। हैरानी की बात यह भी रही कि कलेक्टर विकास मिश्रा स्वयं साइकिल चलाकर कलेक्ट्रेट से जिला पंचायत सभागार पहुंचे। वहीं, अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी महज कुछ सौ मीटर की दूरी तय करने के लिए भी चारपहिया वाहनों का उपयोग करते नजर आए। उल्लेखनीय है कि रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद पहले ही अधिकारियों को अनावश्यक रूप से चारपहिया वाहनों का उपयोग कम करने की सलाह दे चुके हैं। जनसुनवाई के दौरान कई अधिकारियों और कर्मचारियों के गले में परिचय-पत्र (आईडी कार्ड) भी नहीं दिखाई दिए। जबकि कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालय एवं संस्थान में प्रवेश के दौरान परिचय-पत्र अनिवार्य रूप से धारण करें। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे आयोजित इस जनसुनवाई में इन निर्देशों की खुली अनदेखी देखने को मिली, जिसने शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के पोचरी गांव निवासी मिथुन मंडल की धनबाद-गया रेलखंड स्थित पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय गिरकर मौत हो गई। यह घटना तब हुई, जब मिथुन मंडल भुसावल से मुंबई-हावड़ा मेल ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, मिथुन मंडल गुजरात में ट्रांसमिशन लाइन से संबंधित कंपनी स्टार लाइट में सीनियर सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। भुसावल से मुंबई-हावड़ा मेल ट्रेन से घर लौटते समय पारसनाथ स्टेशन पर उतरते वक्त उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़े। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर बेको पूर्वी पंचायत के पूर्व मुखिया टेकलाल चौधरी पारसनाथ स्टेशन पहुंचे और मामले की जानकारी ली। डुमरी विधायक जयराम महतो भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी घटना का जायजा लिया। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और प्रशासन से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। मिथुन मंडल की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार पर गहरा प्रभाव पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि मिथुन मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे, जो परिवार के भरण-पोषण के लिए गुजरात में नौकरी करते थे। इस घटना के बाद पोचरी गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
महराजगंज में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर के पास ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक ट्रक चालक ने हाईवोल्टेज ड्रामा किया। ओवरलोड ट्रक सीज होने से नाराज चालक ने ट्रक में लगी लोहे की तार से आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, सोनौली क्षेत्र में पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ओवरलोड वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक को जांच के लिए रोका गया। जांच में वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलता पाया गया, जिसके बाद नियमानुसार ट्रक को सीज कर दिया गया। कार्रवाई से नाराज चालक ने अपना आपा खो दिया और सड़क पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ट्रक पर चढ़ गया और ट्रक में लगी लोहे की तार को अपने गले में बांधकर जान देने की धमकी देने लगा। चालक की इस हरकत को देखकर आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। पुलिस ने चालक को शांत कराने का प्रयास किया और काफी समझाने-बुझाने के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक लिया गया। इस घटना के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर भीड़ जुटने और चालक के विरोध प्रदर्शन के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। बाद में पुलिस ने भीड़ को हटाकर यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया। सोनौली बॉर्डर के पास हुई इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है तथा चालक से पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
बुरहानपुर जिले में 15 दिनों के भीतर आदिवासी क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति दूसरी बार सामने आई है। ग्राम पंचायत मालवीर के अंतर्गत आने वाले जामठी गांव की पलास पानी और रामलाल आदिवासी फलिया के लगभग 50 परिवारों के 200 लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले धुलकोट क्षेत्र से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। इन फलियाओं के ग्रामीण प्रतिदिन 2 किलोमीटर दूर और 150 फीट गहरी पहाड़ियों से पानी लाने को मजबूर हैं। इस दुर्गम रास्ते पर कई बार लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों को छोटी नदी का गंदा पानी और झरनों का बदबूदार पानी ही उपलब्ध हो पाता है, जिसका उपयोग वे पीने, नहाने और कपड़े धोने के लिए करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गंदा पानी पीने से बीमारियों का खतरा बना रहता है। पलास पानी और रामलाल फलिया के लोगों को नल जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीण रेम सिंग ने बताया कि उन्होंने ग्राम पंचायत मालवीर के सरपंच और सचिव को कई बार इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। इस संबंध में मालवीर पंचायत के सरपंच भूरसिंह मंगा ने बताया कि एक साल पहले दो कुओं के लिए पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने वन विभाग को अनुमति के लिए पत्र लिखा है, लेकिन एक साल से अनुमति जारी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि वन विभाग के कर्मचारी एक बार नपती के लिए आए थे, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। वहीं, बुरहानपुर के एसडीओ अजय सागर ने कहा कि वन विभाग के नियमानुसार अतिक्रमण क्षेत्र में अनुमति नहीं मिलती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी पट्टेधारी किसान को अनुमति की आवश्यकता हो, तो वह दी जा सकती है। वन विभाग के अनुसार, ये दोनों फलिया अतिक्रमण क्षेत्र में आते हैं। देखें तस्वीरें
सरयू में डूबे युवकों की मौत पर बड़ा खुलासा:साथियों के भागने से नहीं मिल सकी समय पर मदद
बस्ती के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम रखिया के चांदपुर घाट पर सरयू नदी में डूबकर जान गंवाने वाले दो युवकों की मौत को लेकर नया खुलासा सामने आया है। गांव में चर्चा है कि घटना के समय उनके साथ थोड़ी दूरी पर मौजूद युवक यदि हिम्मत दिखाते या तत्काल आसपास मौजूद लोगों को सूचना देते तो संभवतः दोनों की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन दोनों को डूबता देख उनके साथी घबराकर मौके से भाग गए, जिससे बचाव कार्य शुरू होने में देरी हो गई। गौरतलब है कि सोमवार को गांव निवासी सूरज चौधरी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग चांदपुर घाट पहुंचे थे। इसी दौरान गांव के मनोज कन्नौजिया (25) और वीरेंद्र चौधरी (20) पांच अन्य युवकों के साथ सरयू नदी में स्नान कर रहे थे। नहाते समय दोनों युवक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, दोनों युवकों को संकट में देख उनके साथ मौजूद अन्य युवक घबरा गए और बिना किसी को सूचना दिए वहां से चले गए। काफी देर बाद जब घटना की जानकारी लोगों को हुई तो खोजबीन शुरू की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और गोताखोरों ने देर रात तक चले अभियान के बाद दोनों शवों को नदी से बाहर निकाला। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में स्नान के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है, वहीं किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल मदद के लिए आवाज उठानी चाहिए। लोगों का मानना है कि समय पर सूचना मिलती तो शायद यह हादसा दो परिवारों की खुशियां न छीनता।
चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित मशहूर रैपर बादशाह के क्लब पर मंगलवार सुबह प्रशासन की बिल्डिंग ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, क्लब संचालकों को भवन नियमों के उल्लंघन को लेकर कई बार नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बाद बिल्डिंग ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और सीलिंग की कार्रवाई की। प्रशासन के मुताबिक, क्लब में भवन संबंधी नियमों और स्वीकृत नक्शे से जुड़े कुछ उल्लंघनों को लेकर लंबे समय से मामला चल रहा था। बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद संतोषजनक जवाब और अनुपालन नहीं मिलने पर आखिरकार क्लब को सील करने का फैसला लिया गया। यह वही क्लब है, जो इससे पहले भी एक बड़े विवाद के कारण चर्चा में आ चुका है। क्लब के बाहर हुए धमाकों की जिम्मेदारी सोशल मीडिया के जरिए गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा की ओर से लिए जाने की बात सामने आई थी। सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में दावा किया गया था कि क्लब संचालकों से कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी मांगी गई थी और मांग पूरी नहीं होने पर धमाके किए गए। हालांकि, उस मामले की जांच सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस द्वारा की गई थी। अब एक बार फिर यह क्लब प्रशासनिक कार्रवाई के चलते चर्चा में आ गया है। इस खबर को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं……
शहडोल में मंगलवार दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे जिलेवासियों को बड़ी राहत मिली। करीब आधे घंटे की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। ग्रामीण अंचलों में हुई इस बारिश से किसानों को भी राहत मिली है। जिले के कई गांवों में खेतों को पर्याप्त नमी मिली, जिससे खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों को लाभ होने की उम्मीद है। किसानों के अनुसार, यह बारिश धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए महत्वपूर्ण है। कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बनी हालांकि, शहर में हुई इस पहली तेज बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी। कई प्रमुख मार्गों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। नालियों की पर्याप्त सफाई न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले दो से तीन हफ्ते के भीतर मध्य प्रदेश में सक्रिय होने की संभावना है। शहडोल और आसपास के क्षेत्रों में मानसून आमतौर पर जून के तीसरे हफ्ते तक पहुंच जाता है। वर्तमान में बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के कारण गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। किसानों को मानसून और अच्छी वर्षा की उम्मीद शहडोल जिले में सामान्यतः लगभग एक हजार मिलीमीटर वार्षिक वर्षा दर्ज की जाती है। पिछले वर्ष भी जिले में सामान्य के आसपास बारिश हुई थी, जिससे खरीफ फसलों को अच्छा लाभ मिला था। इस वर्ष भी किसानों को समय पर मानसून और अच्छी वर्षा की उम्मीद है।
सीतापुर के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित 11वीं वाहिनी पीएसी के आवासीय परिसर में बीती 29 मई की रात उस हड़कंप मच गया जब एक पुरुष दरोगा ने महिला दरोगा के सरकारी आवास पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। आरोपी ने कथित तौर पर आवास का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया, जिसके बाद महिला अधिकारी ने खुद को घर के भीतर बंद कर किसी तरह अपनी जान बचाई। जानकारी के अनुसार, आरोपी दरोगा आशीष चंद्र दुबे वर्तमान में लखनऊ स्थित शक्ति भवन में गोपनीय पद पर तैनात हैं। रविवार देर रात वह 11वीं वाहिनी पीएसी परिसर स्थित महिला दरोगा के सरकारी आवास पर पहुंचे और वहां विवाद करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने आवास का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने की भी कोशिश की। घटना से घबराई महिला दरोगा ने तत्काल पीएसी के सेनानायक को सूचना दी। सूचना मिलते ही पीएसी अधिकारियों सहित क्विक रिस्पांस टीम (QRT) मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। टीम ने आरोपी दारोगा आशीष चंद्र दुबे को हिरासत में ले लिया। एएसपी आलोक सिंह ने बताया कि महिला दरोगा की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपी दरोगा को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। घटना के बाद पीएसी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। मामले को लेकर पुलिस विभाग में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फतेहाबाद जिले में सीआईए टोहाना पुलिस ने नशा तस्करों पर शिकंजा कसते हुए गुप्ता कॉलोनी निवासी संजय उर्फ संजू को 6.88 ग्राम हेरोइन और 10 हजार 800 नशीले कैप्सूल समेत रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से तस्करी में इस्तेमाल की जा रही गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। सीआईए प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी संजय नई बाईपास रोड स्थित लोहा नहर पुल के पास नशीले पदार्थों की डिलीवरी देने की फिराक में खड़ा था। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर छापेमारी की और आरोपी को मौके से दबोच लिया। गाड़ी की तलाशी लेने पर मिले नशीले कैप्सूल के बॉक्स तलाशी के दौरान संजय की जेब से 6.88 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। वहीं, उसकी गाड़ी की जांच करने पर 36 बॉक्स में 10 हजार 800 नशीले कैप्सूल मिले। प्रत्येक बॉक्स में सैकड़ों कैप्सूल थेघ्। पूछताछ में आरोपी इन दवाइयों के संबंध में कोई वैध लाइसेंस या खरीद-बिक्री का बिल पेश नहीं कर सका। पुलिस ने हेरोइन, नशीली कैप्सूल और वाहन को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में 31 मई को थाना शहर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21बी, 61 व 85 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि संजय यह नशीला सामान कहां से प्राप्त करता था और आगे किसे सप्लाई करता था। उसके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है। सीआईए प्रभारी ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
झालावाड़ जिले के मंडावर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद में युवक की हत्या का मामला सामने आया है। घटना सोमवार सुबह साढ़े 9 बजे की बासकाडी गांव की है। बताया जा रहा है कि हमलावर भी मृतक के रिश्तेदार हैं। दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते हमलावरों ने प्रदीप (30) पर लाठी, डंडे व सरिए से हमला कर हाथ पैर तोड़ दिए। घायल हालात में प्रदीप को इलाज के लिए कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लाया गया। आज सुबह साढ़े 5 बजे प्रदीप की मौत हो गईं। खेत में ट्रैक्टर चला रहे युवक के हाथ पैर तोड़े मामा सुरेंद्र ने बताया कि प्रदीप तीन दिन पहले ही अपने गांव से करीब 2 किमी दूर नाना के गांव कुआबाउ गया था। सोमवार सुबह नाना के खेत में ट्रैक्टर चला रहा था। प्रदीप के पिता प्रहलाद व छोटा मामा नरेंद्र खेत में बने कमरे में खाना खा रहे थे। उसी समय प्रदीप को अकेला पाकर 4-5 आरोपियों ने उसे घेर लिया। उसे खेत में पटककर लाठी डंडे व सरिए से ताबड़तोड़ वार किए। प्रदीप का मोबाइल, चांदी के कड़े, सोने का ताबीज खोल लिया। प्रदीप को अधमरी हालात में छोड़कर फरार हो गए। जैसे ही नाना खेत पर आए। प्रदीप की हालत देखकर जोर जोर से चिल्लाए। आवाज सुनकर जीजा प्रहलाद व छोटा भाई नरेंद्र मौके पर पहुंचा। घायल प्रदीप को इलाज के लिए झालावाड़ लाए। वहां से कोटा रेफर किया। आज तड़के उसकी मौत हो गईं। सुरेंद्र ने बताया कि जीजा प्रहलाद व उनके काका बाबा के बच्चों के बीच कब्जे की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। रिश्तेदारों ने प्रदीप पर ताबड़तोड़ हमला किया। जिस कारण उसके हाथ पैर में जगह जगह फ्रेक्चर हुआ। सीने में अंदरूनी चोट लगी प्रदीप के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी 5 साल की है प्रदीप के पिता ने दूर के रिश्तेदार नरेश, बलराम, रमेश बलराम, रामराज के खिलाफ मंडावर थाने में शिकायत दी है।
विहिप अध्यक्ष बोले- कट्टर मानसिकता समाज के लिए खतरा:कहा- धार्मिक पहचान के आधार पर हिंसा चिंता की बात
राजसमंद में विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने गाजियाबाद में नाबालिग सूरज चौहान की हत्या सहित देश में हाल के समय में हुई कई हिंसक घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद, दिल्ली, उदयपुर और महाराष्ट्र की घटनाओं में एक जैसी प्रवृत्ति दिखाई देती है। उनके अनुसार धार्मिक पहचान के आधार पर होने वाली हिंसा चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कट्टर मानसिकता समाज के लिए खतरा बनती जा रही है और ऐसी सोच के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कई घटनाओं का किया जिक्र आलोक कुमार ने कहा कि गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में बकरीद पर दोस्त बनकर बुलाए गए 17 साल के सूरज चौहान की हत्या, दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान युवक की हत्या, उदयपुर में छात्र देवराज पर हमला और महाराष्ट्र में उमेश कोल्हे हत्याकांड जैसी घटनाओं में एक जैसी प्रवृत्ति देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि इन मामलों में धार्मिक पहचान के आधार पर हिंसा और असहिष्णुता सामने आई है। अगर किसी युवक को केवल उसके हिन्दू होने के कारण निशाना बनाया जाता है तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। समाज के लिए बताया चिंता का विषय विहिप अध्यक्ष ने कहा कि ऐसी घटनाएं बताती हैं कि कट्टर सोच समाज के अलग-अलग स्तरों तक पहुंच रही है। इसे समय रहते रोकना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंसा और डर फैलाने वाली मानसिकता का आज के समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को केवल कानून व्यवस्था का मामला मानना काफी नहीं है। इसके पीछे काम कर रही सोच के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है। वैचारिक समर्थन देने वालों पर भी सवाल आलोक कुमार ने कहा कि अपराध करने वाले लोगों के साथ-साथ उन्हें वैचारिक समर्थन देने वाले लोग भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कुछ तथाकथित सेक्युलर समूहों और राजनीतिक दलों पर ऐसे मामलों में चुप रहने का आरोप लगाया। उन्होंने समाज, धार्मिक नेताओं और सरकारों से कट्टरता के खिलाफ साफ और सख्त रुख अपनाने की अपील की। साथ ही हिन्दू समाज से संगठित और जागरूक रहने का आह्वान किया। धर्मांतरण और घर वापसी पर भी बोले मेवाड़ क्षेत्र में धर्मांतरण और घर वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर आलोक कुमार ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद इस दिशा में बड़ा अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसके परिणाम दिखाई देंगे और इस अभियान को और तेज किया जाएगा।
रीवा के ऐतिहासिक महामृत्युंजय किला स्थित शिव मंदिर में पवित्र पुरुषोत्तम मास के अवसर पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लग गया, जिससे पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' और महामृत्युंजय मंत्र के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना की। रुद्राभिषेक और विशेष पूजन का दौरधार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस विशेष मास में शिव उपासना, जप, तप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसी आस्था के साथ दूर-दराज के गांवों से पहुंचे श्रद्धालु भगवान शिव को जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र अर्पित कर रहे हैं। मंदिर में दिनभर रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र के अनवरत जाप का क्रम चल रहा है। आध्यात्मिक लाभ और श्रद्धालुओं के अनुभवपुजारी वनस्पति प्रसाद (मंदिर के मुख्य पुजारी) ने बताया कि इस मास का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। मंदिर में पूरे महीने विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे भक्तों को उच्च आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। अमित शुक्ला (श्रद्धालु) ने बताया कि वे हर वर्ष इस पवित्र महीने में भगवान शिव का जलाभिषेक करने विशेष रूप से यहां आते हैं और इसे अपने परिवार की खुशहाली के लिए आवश्यक मानते हैं। संगीता तिवारी (श्रद्धालु) का विश्वास है कि महामृत्युंजय की कृपा से जीवन की कठिन राहें आसान होती हैं। मंदिर परिसर में कदम रखते ही उन्हें अद्भुत मानसिक शांति की अनुभूति होती है। अनवरत भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरणबढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। कतारों को व्यवस्थित रखने के साथ-साथ परिसर में लगातार भजन-कीर्तन की प्रस्तुतियां हो रही हैं और भक्तों के लिए बड़े पैमाने पर प्रसाद वितरण का सिलसिला चल रहा है।
गाजियाबाद के लोनी में 44 साल के दूध व्यापारी ओंकार उर्फ ओमन की लाश 72 घंटे बाद भी नहीं मिली। वारदात को आज चौथा दिन है, गाजियाबाद पुलिस के एक हजार जवान लाश तलाशने में जुटे हैं। इन घटना में 3 हमलावरों को अरेस्ट कर लिया है, जबकि अन्य 5 पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। सोमवार को एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय केशव कुमार चौधरी और डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी भी भारी फोर्स के साथ लोनी पहुंचे। दूध व्यापारी ओंकार भाजपा के लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर के गांव का है, वहीं हमलवार भी इसी गांव के हैं। हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारीं लोनी थाना क्षेत्र के गनौली गांव निवासी 44 वर्षीय ओंकार उर्फ ओमन 31 मई की सुबह करीब 8 बजे बाइक से पशुओं का चारा लेने लोनी जा रहे थे। उनकी दूध की डेयरी है। इसी दौरान खड़खड़ी अंडरपास के पास दूध व्यापारी पर कार सवार हमलावरों ने गोलियां दाग दीं। जहां डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी मौके पर पहुंचे, पुलिस को मौके से 10 से 12 खोखे मिले, परिजनों का कहना है कि हमलावर कार से आए थे और गोली मारने के बाद लाश को अपने साथ ले गए। थाना प्रभारी को चुके हैं सस्पेंड इस पूरी घटना ने कानून व्यवस्था को चुनौदी दी, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की बाद में DCP ग्रामीण, ACP लोनी सहित भारी पुलिस बल भी घटनास्थल पर पहुंचे, पुलिस ने आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाए और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके बाद लोनी बार्डर थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी को 31 मई को सस्पेंड कर दिया गया। एक ही गांव के हैं हमलावर ओंकार के बड़े भाई सुरेंद्र ने बताया कि गांव के रहने वाले प्रिंस और कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। आरोप है कि 21 मई को दूसरे पक्ष के लोगों ने ओंकार के बेटे देवांश का पीछा किया था। इसकी शिकायत लोनी कोतवाली में दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो यह घटना नहीं होती। अभी तक की जांच में सामने आया है हमलावर लाश को ले गए हैं। एक हजार जवान लाश तलाश रहे गाजियाबाद पुलिस के एक हजार पुलिस के जवान लाश तलाश रहे हैं। एक दिन पहले बागपत पुलिस भी यहां तैनात रही। एडिशनल पुलिस कमिश्नर, डीसीपी ग्रामीण् सुरेंद्रनाथ तिवारी, 3 एसीपी, एडिशनल डीसीपी पीयूष सिंह, क्राइम ब्रांच भी लगी है। पुलिस ने गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली बार्डर और हापुड़ में भी दबिश दी। लेकिन दूध व्यापारी की लाश नहीं मिली। इस मामले में पुलिस ने गौरव नागर निवासी बदालपुर नोएडा, और लोनी के गनौली निवासी गौपाल, सौरभ, गौरव और माेहित पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जबकि 3 आरोपी बिजेंद्र, आजाद और अजब सिंह अरेस्ट हो चुके हैं, हमलावरों की आखिरी लोकेशन नोएडा के बादलपुर में ट्रेस की गई थी। विधायक बोले पुलिस कठोर कार्रवाई करे भाजपा से लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि 3 आरोपियों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। अन्य जो फरार हैं उन पर इनाम घोषित किया है। पुलिस इस मामले में कठोर से कठोर कार्रवाई करे। सरकार की मंशा के अनुसार पुलिस अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करे।
कानपुर से लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेनों के टर्मिनल स्टेशन बदले गए है। लखनऊ कानपुर के बीच प्रतिदिन 5000 लोग प्रतिदिन सफर करते है। इनमें अधिकतर छात्र, नौकरी इत्यादि करने वाले लोग हैं। लखनऊ रेलवे स्टेशन पर ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक के चलते कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। जबकि कुछ ट्रेनों के टर्मिनल बदले गए हैं, कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से निरस्त किया गया है और जबकि कई ट्रेनों के रूट बदले गए है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार कानपुर सेंट्रल-लखनऊ मेमू ट्रेन 64214, 2 से 4 जून तक लखनऊ जंक्शन के बजाय लखनऊ (NER) तक संचालित की जाएगी। वहीं लखनऊ-कानपुर सेंट्रल मेमू ट्रेन 64203, 3 से 5 जून तक लखनऊ जंक्शन (NER) से चलाई जाएगी। यशवंतपुर-लखनऊ एक्सप्रेस 22683, 1 जून को उतरेटिया स्टेशन तक ही जाएगी, जबकि लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस 22684, 4 जून को उतरेटिया से रवाना होगी। इसके अलावा कानपुर सेंट्रल-लखनऊ मेमू 64212, 2 से 4 जून तक मानक नगर स्टेशन तक चलाई जाएगी और लखनऊ-कानपुर सेंट्रल मेमू 64255 मानक नगर स्टेशन से संचालित की जाएगी। रेलवे ब्लॉक के कारण कई ट्रेनों का मार्ग भी बदला गया है। आनंद विहार टर्मिनल-नाहरलगुन एक्सप्रेस, ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस और आनंद विहार टर्मिनल-मऊ एक्सप्रेस को लखनऊ के बजाय ऐशबाग और बादशाहनगर रेलवे स्टेशन से चलाया जाएगा। वहीं आनंद विहार टर्मिनल-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस तथा लोकमान्य तिलक टर्मिनल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस को कानपुर सेंट्रल-प्रयागराज मार्ग से संचालित किया जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी प्राप्त करने की अपील की है। यात्री अधिक जानकारी के लिए रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क कर सकते है।
लुधियाना में बिजली घर में लूट की नीयत से घुसे बेखौफ बदमाशों पर बिजली कर्मचारी भारी पड़ गया। कर्मचारी ने न सिर्फ बदमाशों का मुकाबला किया बल्कि अपनी जान की परवाह न करते हुए दोनों को दबोच लिया। पकड़े गए शातिर लुटेरों से पुलिस ने एक रिवॉल्वर भी बरामद की है। जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात सोमवार देर रात करीब 12:30 बजे की है। जनता नगर इलाके में स्थित बिजली घर के गेट के पास एक बिजली मुलाजिम ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान सुनसान माहौल का फायदा उठाकर दो अज्ञात लुटेरे वहां पहुंचे। लुटेरों ने कर्मचारी को अकेला देख लूट की नीयत से उस पर अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। चीख-पुकार सुन घबराए लुटेरे बदमाशों के अचानक हुए हमले से सहमने के बजाय बिजली कर्मचारी ने सूझबूझ और बहादुरी दिखाई। उसने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। कर्मचारी की चीख-पुकार और आक्रामक तेवर देखकर दोनों बुरी तरह घबरा गए। खुद को फंसता देख बदमाशों ने भागने की कोशिश की। इकट्ठा हुए लोग, पिटाई के बाद पुलिस के हवाले आधी रात को बिजली घर से आई आवाजें सुनकर आसपास के स्थानीय लोग तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने बिजली मुलाजिम की बहादुरी देख उसका साथ दिया और दोनों लुटेरों को चारों तरफ से घेरकर काबू कर लिया। गुस्साई भीड़ ने मौके पर ही दोनों बदमाशों की जमकर धुलाई (सुताई) कर दी। पुलिस ने आरोपियों को कस्टडी में ले लिया घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को अपनी कस्टडी में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से एक अवैध रिवॉल्वर भी बरामद की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी लुधियाना में और कितनी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
तिरुपति से रक्सौल के बीच धनबाद होकर नियमित ट्रेन का परिचालन सोमवार 1 जून को शुरू हो गया। इससे धनबाद के लोगों को दक्षिण भारत के साथ बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी आदि उत्तर बिहार के शहरों लिए एक नई ट्रेन मिल गई। 17433 तिरुपति-रक्सौल हर सोमवार सुबह 8:15 बजे खुलेगी और बुधवार को भोर में 3:50 बजे धनबाद होती हुई शाम 5 बजे रक्सौल पहुंचेगी। वापसी में 17434 रक्सौल-तिरुपति हर गुरुवार को भोर में 3:15 में खुलक शाम 4:15 बजे धनबाद और फिर शनिवार को सुबह में 9:30 बजे तिरुपति पहुंचेगी। अभी सभी क्लास में टिकट उपलब्ध इस ट्रेन में जनरल, स्लीपर, 3 एसी और 2 एसी के कोच होंगे। ट्रेन में टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। अभी सभी क्लास में टिकट उपलब्ध हैं। यह ट्रेन गुंटकल, सिकंदराबाद, गोंदिया, दुर्ग, झारसुगुड़ा, राउरकेला, रांची, बोकारो स्टील सिटी, धनबाद, चितरंजन, जसीडीह, झाझा, बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी के रास्ते चलेगी। धनबाद से तिरुपति का भाड़ा स्लीपर में 875 रुपए और थर्ड एसी में 2220 रुपए होगा। वहीं, धनबाद से रक्सौल जाने के लिए स्लीपर में 330 रुपए और थर्ड एसी में 880 रुपए देने होंगे।
प्रयागराज में सपाई सड़क पर उतरे, जमकर नारेबाजी:पेपर ली, महंगाई समेत अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा
नीट परीक्षा के बाद अब उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लेखपाल भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रतियोगी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद अब राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर खुलकर मैदान में उतर आए हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेशभर में तहसील स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में संगम नगरी प्रयागराज में भी समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय की ओर कूच कर गए। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान कथित पेपर लीक मामले के अलावा डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतें, महंगाई, महिला उत्पीड़न और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रही है, जिसके कारण लाखों प्रतियोगी छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से युवाओं का विश्वास व्यवस्था से उठता जा रहा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां पैदा कर रही है, जिससे दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं को रोजगार के अवसरों से दूर रखा जा सके। प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल-डीजल समेत आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है। समाजवादी पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीरता नहीं दिखाती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे तथा स्थिति पर नजर बनाए रखी।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया सदस्यता अभियान शुरू किया:युवाओं और आम लोगों को पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य
कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग ने युवाओं और आम लोगों को पार्टी से जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत सोशल मीडिया का उपयोग किया जाएगा। इसी क्रम में मंगलवार को शाजापुर में दोपहर 12 बजे एक पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष और शाजापुर जिले के प्रभारी अश्विन कुमार ने अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं और आम लोगों को कांग्रेस संगठन से जोड़ना है। अश्विन कुमार ने बताया कि यह अभियान 1 जून से 30 जून तक चलेगा। इसमें सभी जिलों में पत्रकार वार्ताओं के माध्यम से जानकारी देना, गूगल फॉर्म के जरिए ऑनलाइन आवेदन एकत्र करना, आवेदनों की जांच करना और कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग की ओर से आवेदकों के साक्षात्कार लेकर परिणाम जारी करना जैसी प्रक्रियाएं शामिल होंगी। इनको करेंगे शामिल इस अभियान के तहत कांग्रेस का सोशल मीडिया विभाग उन लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास करेगा जो सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। इनमें लेखक, डिजाइनर, संपादक, कार्टूनिस्ट, ब्लॉगर, मोटिवेशनल स्पीकर, सोशल वर्कर और मनोरंजन कलाकार जैसे इन्फ्लुएंसर्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, महिलाओं और मीडिया क्षेत्र में कार्यरत लोगों को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा। पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिसनोरिया और इरशाद नागौरी भी मौजूद रहे।
अवैध खनन पर कार्रवाई 18 जगहों पर छापेमारी:रेत, गिट्टी, मिट्टी और ईंट के अवैध परिवहन में 14 वाहन जब्त
कोरबा। जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। खनिज विभाग के दो उड़नदस्ता दलों ने रेत, गिट्टी, मिट्टी और ईंट के अवैध परिवहन में संलिप्त 14 वाहनों को जब्त किया है। जब्त वाहनों में 7 ट्रैक्टर भी शामिल हैं। यह कार्रवाई कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश और उप संचालक खनिज प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित विशेष जांच अभियान के तहत की गई। 18 क्षेत्रों में एक साथ दबिश खनिज विभाग की टीमों ने सीतामढ़ी, बरमपुर, छुराकछार, झोराघाट, कूचापारा, मौहरा, औराभाठा, डुडगा, चाकागुड़ा, कनबेरी, कुदुरमाल, गीतारी, चिचोली, कटबितला, भैंसामुड़ा, भिलाईखुर्द, सुहागपुर और भैसमा सहित 18 क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर बिना वैध अनुमति के खनिजों का उत्खनन और परिवहन करते वाहन पकड़े गए, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया। थानों और जांच नाकों में रखे गए वाहन जब्त किए गए सभी वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए दर्री थाना, बाल्कोनगर थाना तथा खनिज जांच नाका रामपुर, कटघोरा और उरगा में सुरक्षा अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग ने बताया कि संबंधित वाहन मालिकों और संचालकों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। अवैध खनन पर सख्त रुख खनिज विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य जिले में अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करना और शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोकना है। विभाग ने स्पष्ट किया कि अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर बोले- प्राकृतिक संसाधनों की लूट बर्दाश्त नहीं कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि जिले के प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अवैध खनन की जानकारी खनिज विभाग को देने की अपील की है। प्रशासन ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, ताकि नागरिक ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल दे सकें।
कौशांबी के महेवाघाट थाना क्षेत्र के मंगलवार को घोघपुर गांव में घरेलू विवाद के चलते एक महिला की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। यह घटना मंगलवार सुबह करीब सात बजे सामने आई, जब ग्राम प्रधान ने महेवाघाट थाने को सूचित किया। उन्होंने बताया कि गांव निवासी शिव भोला निषाद ने अपनी 45 वर्षीय पत्नी माया देवी की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया, साक्ष्य जुटाए और पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा कर परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि रात के समय पति ने अपनी पत्नी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कौशांबी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया है। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की है।
शिवपुरी में कट्टे की नोक पर लूट:नकाबपोश बदमाशों ने छीनी नकदी और सोने की अंगूठी; समारोह से लौट रहा था
शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक व्यक्ति से कट्टे की नोक पर लूट की वारदात सामने आई है। नकाबपोश बदमाशों ने पीड़ित का रास्ता रोककर हथियारों के बल पर नकदी और आभूषण छीन लिए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। खाईखेड़ा निवासी बद्रीप्रसाद जाटव (48) रात करीब 8 बजे कोलारस के पनवाड़ी गांव में एक विवाह समारोह से अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सड़ नदी पुल के पास लाल रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने पहचान छुपाने के लिए अपने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे। कनपटी पर कट्टा अड़ाकर छीनी अंगूठी और नकदीआरोपियों ने बद्रीप्रसाद को घेरकर उनकी कनपटी पर कट्टा अड़ा दिया और जान से मारने की धमकी दी। खौफ के कारण पीड़ित ने अपनी जेब में रखे 1 हजार रुपए नकद और हाथ में पहनी सोने की अंगूठी बदमाशों के हवाले कर दी। इसके बाद बदमाशों ने उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया और पास की झाड़ियों में फेंक कर, उन्हें कुछ देर वहीं खड़े रहने की चेतावनी देते हुए भाग निकले। ग्रामीणों की मदद से खोजा फोनवारदात के बाद पीड़ित किसी तरह सड़ रोड पहुंचे और वहां रहने वाले श्रीलाल जाटव को पूरी आपबीती बताई। इसके बाद श्रीलाल और अन्य ग्रामीणों के साथ वे वापस मौके पर लौटे और अपने नंबर पर कॉल किया, जिससे घंटी बजने पर झाड़ियों में गिरा फोन बरामद हो गया। पीड़ित ने थाने में आवेदन देकर सख्त कार्रवाई और माल बरामदगी की गुहार लगाई है।
फरीदाबाद में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर एक ओर जहां लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर सक्रिय नजर आए, वहीं दूसरी ओर उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। चौथी मंजिल निर्माण को लेकर लंबे समय से बंद पड़े विभागीय पोर्टल की समस्या लेकर पहुंचे बिल्डर्स को राहत दिलाने के लिए उन्होंने तुरंत अधिकारियों से बातचीत की। साथ ही एनआईटी-3 क्षेत्र में अवैध धार्मिक स्थलों को हटाए जाने के मामले में कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही राजनीति पर भी नाराजगी जताई। दरअसल, ग्रेटर फरीदाबाद, ग्रीनफील्ड कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी और HSVP सेक्टरों के कई बिल्डर्स सोमवार देर शाम केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कार्यालय पहुंचे थे। बिल्डर्स ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरुग्राम को छोड़कर फरीदाबाद सहित अन्य जिलों में चौथी मंजिल निर्माण की अनुमति दिए जाने के बावजूद करीब 35 दिनों से विभाग का ऑनलाइन पोर्टल नहीं खुला है। इस कारण निर्माण कार्यों की मंजूरी और अन्य प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे बिल्डर्स और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फोन कर अधिकारियों को दिए निर्देश बिल्डर आशीष गुप्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पोर्टल तुरंत खुल जाना चाहिए था, लेकिन विभागीय स्तर पर देरी होने से निर्माण कार्य अटक गए हैं। कृष्णपाल गुर्जर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही संबंधित उच्च अधिकारियों से फोन पर बातचीत की और जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों से बात हो चुकी है, अगले दो से तीन दिनों के भीतर पोर्टल खोल दिया जाएगा, जिससे बिल्डर्स और संपत्ति मालिकों को राहत मिलेगी। इस दौरान कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार है, जहां लोगों की समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लिया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की संस्कृति लटकाना, भटकाना और अटकाना रही है, जहां लोगों की फाइलें वर्षों तक लंबित रहती थीं और उन्हें समय पर मंजूरी नहीं मिलती थी। जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से काम कर रही है। कृष्णपाल बोले- विकास कार्यों में बांधा डालने वालों के लिए जगह नहीं एनआईटी-3 क्षेत्र में अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई पर कांग्रेस नेताओं द्वारा मौके पर पहुंचकर विरोध जताने और बयानबाजी करने के सवाल पर भी केंद्रीय मंत्री ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति चोर मचाए शोर जैसी हो गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फरीदाबाद में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और विकास कार्यों में बाधा डालने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। चाहे कोई भी धर्म या समुदाय क्यों न हो, यदि कोई अवैध निर्माण सड़क, आवागमन या विकास परियोजनाओं में रुकावट बनेगा तो उसे हटाया जाएगा। कानूनी तरीके से हटेगा अतिक्रमण : गुर्जर उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य फरीदाबाद को बेहतर सड़क संपर्क, आधुनिक सुविधाओं और विकास परियोजनाओं से जोड़ना है। रैपिड मेट्रो, नई सड़कें और अन्य विकास योजनाओं के लिए जहां भी अवैध अतिक्रमण बाधा बनेंगे, उन्हें कानून के अनुसार हटाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक सरकारी जमीनों पर कब्जों को बढ़ावा दिया, जबकि वर्तमान सरकार शहर को व्यवस्थित और विकसित बनाने के लिए काम कर रही है। कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि मोदी और नायब सैनी सरकार में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को गलत काम करने के लिए दबाव नहीं डाला जाता, बल्कि ईमानदारी और नियमों के अनुसार काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद के विकास में बाधा बनने वाले किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शहर के विकास के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जाते रहेंगे।
कानपुर देहात में बढ़ी मौसमी बीमारियां:जिला अस्पताल में सैकड़ों मरीज, डॉक्टरों ने दी बचाव की सलाह
कानपुर देहात में लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। कभी तेज धूप और भीषण गर्मी तो कभी ठंडी हवाएं और बादलों की आवाजाही लोगों को बीमार बना रही है। इसके चलते मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह होते ही जिला अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं। अस्पताल परिसर में इतनी भीड़ उमड़ रही है कि कई बार लाइनें मुख्य गेट के बाहर तक पहुंच जाती हैं। ओपीडी में डॉक्टरों के सामने मरीजों की लंबी फेहरिस्त देखने को मिल रही है। चिकित्साधिकारी डॉ. ए.पी. सिंह के अनुसार, मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। खासकर डायरिया, बुखार, उल्टी और पेट से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉ. सिंह ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है।उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि गर्मी के मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें। खीरा, तरबूज, पपीता और गन्ने के रस जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। इसके साथ ही उन्होंने अत्यधिक मसालेदार और भारी भोजन से बचने की सलाह दी है। घर से बाहर निकलते समय छाता, गमछा या सिर को ढकने वाले किसी साधन का उपयोग करने की अपील भी की है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और संतुलित खानपान अपनाकर गर्मी और बदलते मौसम से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।
दलित महिला की जमीन पर कब्जे की कोशिश:चित्रकूट में विरोध करने पर दबंगों ने की बेरहमी से पिटाई
चित्रकूट जिले में एक दलित महिला पर उसकी जमीन पर अवैध कब्जे का विरोध करने पर हमला किया गया। यह घटना पहाड़ी थाना क्षेत्र के कलवारा बुजुर्ग गांव के मजरा धोबी पुरवा में हुई। पीड़िता अंजू के अनुसार, बीते दिनों देर रात करीब 12 बजे कुछ लोग उसकी भूमि पर जबरन मिट्टी डालकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। जब महिला ने अपनी जमीन बचाने के लिए इसका विरोध किया, तो आरोप है कि उन लोगों ने उस पर हमला कर दिया। अंजू ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से उसकी बेरहमी से पिटाई की। महिला का कहना है कि उसका गला दबाया गया और उसे तब तक पीटा गया जब तक वह बेहोश नहीं हो गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उसके कपड़े फाड़ दिए, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उसके गले से करीब 25 हजार रुपये का मंगलसूत्र भी छीन लिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायल महिला को पहाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं और अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम (SC/ST Act) के तहत मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उन्हें छोड़ दिया गया है। महिला का पति विदेश में रहता है और वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ घर पर अकेली है। अंजू का कहना है कि आरोपी लगातार उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, जिससे उसका पूरा परिवार दहशत में है। उसने चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना पूरी कर ली गई है और इसे न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में जियो स्टार के अधिकारी ने सिटीनेट के संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। सिटीनेट द्वारा इंटरनेट आधारित टीवी (IPTV) के जरिए कॉपीराइट चैनलों के अवैध प्रसारण का आरोप है। मामले में बैकुंठपुर पुलिस ने सिटी नेट इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के संचालक राजीव पंजियारा के खिलाफ IT एक्ट एवं BNS की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, जियो स्टार के इन्वेस्टीगेटर दीपक कुमार ने कोतवाली बैकुंठपुर थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई कि जियो स्टार कंपनी अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हाट स्टार भी संचालित करती है तथा कई टेलीविजन चैनलों एवं ऑडियो-विजुअल कृतियों में विशिष्ट कॉपीराइट एवं ब्रॉडकास्टिंग रिप्रोडक्शन अधिकार रखती है। कंपनी को कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के अंतर्गत अपने चैनलों एवं ओटीटी सामग्री के प्रसारण, सार्वजनिक संप्रेषण, पुनः प्रसारण, स्ट्रीमिंग, उपलब्ध कराने एवं व्यावसायिक उपयोग के विशिष्ट वैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। शिकायत में दीपक कुमार ने बताया है कि इंटरनेट एवं आईपी टीवी प्रोवाइडर कंपनी सिटी नेट इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जियो स्टार के कॉपीराइट के चैनलों का बिना वैद्य लाइसेंस या अनुमति के किया जा रहा है। इसकी जांच 24 मई 2026 को की गई। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संकलित एवं रिकॉर्ड किए गए। जांच के दौरान आईपीटीवी एप्लिकेशन के माध्यम से कई मनोरंजन, खेल, फिल्म और बच्चों के दर्जनों चैनलों का अवैध पुनः प्रसारण पाया गया। सिटी नेट के संचालक के खिलाफ FIR दर्ज जियो स्टार कंपनी के कॉपीराइट सामग्री का IPTV माध्यम से अनधिकृत पुनः प्रसारण किया जाना पाए जाने पर कोतवाली बैकुंठपुर पुलिस ने सिटी नेट इंफ्रा के संचालक राजीव पंजियारा के विरुद्ध BNS धारा 303, 314 तथा कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धाराओं 63, 65 एवं 65 के तहत अपराध दर्ज किया है। सिटी नेट इंफ्रा के द्वारा बैकुंठपुर सहित अंबिकापुर, सूरजपुर, रायपुर सहित अन्य शहरों में इंटरनेट सेवा प्रदान की जाती है। साथ ही आईपीटीवी ऐप के माध्यम से इंटरनेट टीवी का संचालन किया जाता है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को 60 नए SI (उप निरीक्षक) मिले हैं। बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इन सभी अधिकारियों को अब व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए शहर के कई थानों में पदस्थ किया गया है। रायपुर पुलिस कमिश्नर ने इसके लिए पदस्थापना आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार, नए SI को कानून-व्यवस्था, अपराध जांच और पुलिसिंग के व्यावहारिक अनुभव के लिए अलग-अलग थानों में तैनात किया गया है। सबसे अधिक तीन-तीन SI की पदस्थापना खम्हारडीह, खमतराई, कबीर नगर, गोलबाजार, मोहदापारा, कोतवाली, सिविल लाइन, टिकरापारा, पंडरी, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, डीडी नगर, उरला, तेलीबांधा, आमानाका, आजाद चौक और गंज थानों में की गई है। वहीं गुढ़ियारी, मुजगहन, सरस्वती नगर और देवेंद्र नगर थानों में दो-दो SI को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। नए अधिकारियों को अनुभवी पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करने का अवसर मिलेगा। जिससे वे पुलिस कार्यप्रणाली, अपराध अनुसंधान और जनता से जुड़ी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। प्रशिक्षण अवधि नए SI के लिए बेहद महत्वपूर्ण पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह प्रशिक्षण अवधि नए SI के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। इस दौरान उन्हें थाना संचालन, अपराध नियंत्रण, शिकायतों के निराकरण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बारीकियों की जानकारी दी जाएगी। रायपुर कमिश्नरेट में 60 नए SI की तैनाती से पुलिस बल को मजबूती मिलेगी और थानों में कार्यभार का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। साथ ही आम जनता को भी पुलिस सेवाओं का अधिक प्रभावी लाभ मिलने की उम्मीद है। देखिए लिस्ट
शिवपुरी में युवक ने खाया सल्फास:इलाज के दौरान मौत, पुलिस बोली- कारणों का नहीं हुआ खुलासा
शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के पीपरघार गांव में 18 वर्षीय एक युवक ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान पीपरघार गांव निवासी गोविंद धाकड़ (18) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गोविंद ने सोमवार शाम अज्ञात कारणों से सल्फास की गोलियां खा ली थीं। जहरीला पदार्थ खाने के कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उसे तत्काल शिवपुरी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया। हालांकि, गंभीर हालत के कारण सोमवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल, गोविंद द्वारा यह आत्मघाती कदम उठाने के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। मेडिकल चौकी पुलिस को सूचना मिलते ही उन्होंने मर्ग कायम किया। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और युवक के आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
किशनगढ़बास में कोल्ड ड्रिंक्स से भरा ट्रक पलटा:टायर फटने से हादसा, ड्राइवर गंभीर रूप से घायल
किशनगढ़बास में भिवाड़ी-करौली मेगा हाईवे संख्या-25 पर मंगलवार को एक कोल्ड ड्रिंक्स से भरा ट्रक पलट गया। खुराना गार्डन के पास हुए इस हादसे में ट्रक का टायर फटने से वह अनियंत्रित हो गया। दुर्घटना के बाद कोल्ड ड्रिंक्स के कैरेट सड़क पर बिखर गए, जिससे लंबा जाम लग गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात सुचारु कराया। अलवर से भिवाड़ी की ओर जा रहा था ट्रक प्रत्यक्षदर्शी मनोज सैनी के अनुसार, ट्रक अलवर से भिवाड़ी की ओर जा रहा था। अचानक तेज धमाके के साथ ट्रक का टायर फट गया। टायर फटने के बाद ट्रक सड़क किनारे एक खंभे से टकराया और फिर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक चालक अफरोज (45), निवासी मंढा, हरियाणा, और जुनैद, निवासी किथुर गांव, अलवर, घायल हो गए। दोनों घायलों को तुरंत किशनगढ़बास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद अफरोज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अलवर रेफर कर दिया गया। कोल्ड ड्रिंक्स के कैरेट सड़क पर बिखरे ट्रक पलटने से उसमें लदे कोल्ड ड्रिंक्स के कैरेट सड़क पर बिखर गए। इससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित हुई और दोनों ओर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से सड़क से माल हटवाकर यातायात सामान्य किया। किशनगढ़बास थाने के सहायक उप निरीक्षक कृष्ण यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु करने का कार्य किया। दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।
मऊ में 4 थानाध्यक्षों का तबादला:प्रमेंद्र कुमार सिंह बने नगर कोतवाली के नए प्रभारी
मऊ जिले में पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस क्रम में जिले के चार थानाध्यक्षों का तबादला करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस कदम को जिले में बेहतर पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जारी आदेश के अनुसार, घोसी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार सिंह को मऊ नगर कोतवाली का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, कोपागंज थानाध्यक्ष रविन्द्र नाथ राय को घोसी कोतवाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, रामपुर थानाध्यक्ष रोहन राकेश सिंह को कोपागंज थाने का नया प्रभारी बनाया गया है। उप निरीक्षक सुनील कुमार सरोज, जो अब तक खिरीबाग चौकी प्रभारी थे, उन्हें रामपुर थाने की कमान दी गई है। यह फेरबदल नगर कोतवाल अनिल कुमार सिंह के गाजीपुर स्थानांतरण के बाद किया गया है। अनिल कुमार सिंह ने लगभग तीन वर्षों तक मऊ नगर कोतवाल के पद पर कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों का खुलासा किया और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया, जिससे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिली। मऊ नगर कोतवाली जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रमेंद्र कुमार सिंह की कार्यशैली पर लोगों की निगाहें टिकी हैं। नए थाना प्रभारियों से भी अपराध नियंत्रण और जनता के बीच बेहतर पुलिसिंग की उम्मीद की जा रही है। पुलिस विभाग के इस प्रशासनिक बदलाव को आगामी समय में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
बलरामपुर में सड़क हादसा, बाइक सवार की मौत:तेज रफ्तार पिकअप ने मारी टक्कर, 1की मौके पर मौत
बलरामपुर रामानुजगंज जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत फूलीडूमर चौक के पास देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। तेज रफ्तार सब्जी से लदे एक पिकअप वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान तारकेश्वरपुर निवासी श्यामलाल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन युवक को लगभग 10 से 15 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। गंभीर चोटों के कारण श्यामलाल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पिकप उत्तरप्रदेश जा रहा था हादसे की सूचना मिलते ही बसंतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटना में शामिल पिकअप वाहन वाड्रफनगर से उत्तर प्रदेश के बनारस की ओर सब्जियां लेकर जा रहा था। जाँच होने के बाद कार्रवाई की जाएगी पुलिस ने पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बन रही एक सड़क के निर्माण कार्य में वन भूमि के अतिक्रमण और दर्जनों हरे पेड़ों को काटने का मामला सामने आया है। इस संबंध में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत जुर्म प्रतिवेदन संख्या 03/2026 दर्ज किया गया है। मामले के सामने आने के बाद सड़क निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया गया है। यह सड़क प्रखंड क्षेत्र के पकलो से मोरियो मालपहाड़ी गांव तक 1550 मीटर लंबी बननी है। इसका निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल पाकुड़ द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण के शुरुआती चरण में ही विभाग या संवेदक ने बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के वन भूमि पर अतिक्रमण किया और दर्जनों पेड़ों को जड़ सहित उखाड़ दिया या काट दिया। पेड़ों के नष्ट होने की पुष्टि अमड़ापाड़ा वन प्रक्षेत्र के प्रधान वनरक्षी ने कार्यस्थल का मुआयना किया। उन्होंने पेड़ों के नष्ट होने और विभिन्न प्लॉट नंबरों में जमीन के अतिक्रमण की पुष्टि की। इसके परिणामस्वरूप, भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के तहत संवेदक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस संबंध में डीएफओ सौरभ चंद्रा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि अमड़ापाड़ा रेंज में सड़क निर्माण के दौरान बिना एनओसी के कई पेड़ काटे गए और वन भूमि को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि प्रधान वनरक्षी द्वारा जांच की गई और उनकी जानकारी के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया है। ग्रामीण कार्य विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को भी नोटिस जारी किया गया है। जाने-अनजाने में पेड़ काटे गए: कार्यपालक अभियंता वहीं, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता एतवारी मंडल ने कहा कि जाने-अनजाने में पेड़ काटे गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क निर्माण शुरू होने से पहले वन सीमांकन के कोई प्रतीक चिन्ह नहीं थे, इसलिए वन भूमि की सही स्थिति और मात्रा की पुष्टि नहीं हो पाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक विधिवत वन अधिकार समिति का गठन नहीं हो जाता और वन विभाग से नियमानुसार एनओसी नहीं मिल जाती, तब तक सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद रहेगा।
इंदौर के देवास नाका चौराहे पर ट्रैकमैन वाल्व के अचानक खराब होने के कारण इलाके में पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। जानकारी मिलने पर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल, अपर आयुक्त आशीष पाठक व निगम के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और वहां की स्थिति देखी। पानी की सप्लाई प्रभावित यहां पर वाल्व सुधारने का काम शुरू कर दिया गया है। वाल्व सुधार के कारण कई टंकियों से होने वाली पानी की सप्लाई अस्थायी रूप से प्रभावति रहेगी। इनमें स्कीन नंबर 114 पार्ट -1, स्कीम नंबर 78, राजीव आवास विहार, लोहा मंडी, स्कीम नंबर 113, स्कीम नंबर 136, स्कीम नंबर 78 स्लाइस -1, स्कीम नंबर 78 स्लाइस 2 शामिल है। एक्स्ट्रा टैंकर लगाए, निर्देश भी दिए संबंधित विभाग इस खराबी को जल्द दूर करने के लिए जरूरी कार्रवाई कर रहा है। सुधार काम पूरा होने के बाद पानी की सप्लाई वापस सामान्य रूप से शुरू की जाएगी। हालांकि वाल्व खराब होने के कारण नगर निगम यहां एक्स्ट्रा टैंकर लगाकर पानी की सप्लाई कर रही है। कई टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पाईं कल आंधी तूफान के कारण आए फाल्ट के चलते महेश्वर में पंप शटडाउन होने के कारण कुछ टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पाई है, लेकिन इन जगहों पर सामान्य पानी की सप्लाई प्रभावित नहीं होगी, इन जगहों पर भी निगम की टीम को यदि कही जरूरत पड़ती है तो टैंकर से सप्लाई करने के लिए कहा गया है। इधर, निगम ने जनता से अपील की है कि वे पानी का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करें और डिपार्टमेंट का सहयोग करें।
निशांत शर्मा को मिला श्रेष्ठ एनजीओ सम्मान:इंदौर में सुशील दोषी ने किया सम्मानित, टूंडला को गौरव
फिरोजाबाद के टूंडला निवासी और दयाल सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष निशांत शर्मा को समाजसेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। उन्हें मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित इम्पैक्ट इंडिया समिट-2026 के दौरान श्रेष्ठ एनजीओ सम्मान पुरस्कार-2026 से नवाजा गया। यह सम्मान समारोह 31 मई को आयोजित किया गया था। इसमें देशभर की सामाजिक एवं धर्मार्थ संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। निशांत शर्मा को उनके जनकल्याणकारी कार्यों के लिए विशेष पदक, स्मृति चिन्ह, सम्मान-पत्र और सम्मान दुपट्टा भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध क्रिकेट कमेंटेटर सुशील दोषी ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया। दयाल सेवा फाउंडेशन के माध्यम से निशांत शर्मा लंबे समय से जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक जागरूकता और मानव सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय हैं। उनके नेतृत्व में यह संस्था समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और नीति-निर्माताओं ने शिरकत की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना था। निशांत शर्मा को मिला यह सम्मान न केवल टूंडला बल्कि पूरे फिरोजाबाद जनपद के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने उनकी इस सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि समर्पण और निस्वार्थ सेवा का परिणाम हमेशा सम्मान के रूप में सामने आता है। सम्मान प्राप्त करने के बाद निशांत शर्मा ने इसे क्षेत्रवासियों, सहयोगियों और दयाल सेवा फाउंडेशन की पूरी टीम को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें समाजहित में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।
वाराणसी में सीवर लाइन विवाद में मारपीट, 4 घायल:लाठी-डंडे चले, चार लोगों के खिलाफ की गई नामजद शिकायत
वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र में सीवर लाइन जोड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट में चार लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। मामले में चार लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत की गई है। अब विस्तार से पढ़िए… जानकारी के अनुसार, एक पक्ष का युवक सोमवार सुबह सीवर लाइन में पाइप जोड़ने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले लोगों ने इसका विरोध करते हुए पाइप जोड़ने से मना कर दिया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि संबंधित सीवर लाइन सरकारी है और उसमें स्थानीय निवासियों को कनेक्शन जोड़ने का अधिकार है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि अमन, कबीर, रजत और नरेश समेत अन्य लोगों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में चार लोग घायल हो गए, जिनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पहले भी हो चुका है विवाद स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले भी विभिन्न मुद्दों को लेकर विवाद हो चुका है। इस बार सीवर लाइन में पाइप जोड़ने को लेकर तनाव बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर जुट गए और बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस कर रही जांच दुर्गाकुंड चौकी और भेलूपुर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ की और घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सलखापुर स्टेशन पर अंडरपास की मांग:जौनपुर-प्रयागराज रेलवे लाइन पर ग्रामीणों ने डीएम को दिया पत्र
जौनपुर के परियावा सलखापुर गांव के निवासियों ने मंगलवार को जिलाधिकारी सैमुअल पाल को एक पत्र सौंपा। इसमें जौनपुर-प्रयागराज रेलवे लाइन पर स्थित सलखापुर स्टेशन के दक्षिण दिशा में एक अंडरपास पुलिया के निर्माण की मांग की गई है। ग्रामीणों ने जान-माल के जोखिम का हवाला देते हुए तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है। ग्रामीणों के अनुसार, सलखापुर रेलवे स्टेशन के दक्षिण में घनी आबादी है। अधिकांश ग्रामीणों के मकान रेलवे लाइन के पश्चिम में स्थित हैं, जबकि उनके खेत और कृषि भूमि रेलवे लाइन के पूर्व में अधिक हैं। इस भौगोलिक स्थिति के कारण उन्हें अक्सर रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है। वर्तमान में सलखापुर स्टेशन के दोनों ओर क्रॉसिंग के पास दो नई रेल लाइनें बिछाई जा रही हैं। इन पटरियों पर ट्रेनों का संचालन अत्यधिक तीव्र गति से होता है। ऐसे में रेलवे लाइन के आर-पार जाने के लिए कोई सुरक्षित अंडरपास न होने के कारण ग्रामीणों के लिए जान-माल का खतरा बना रहता है। रेलवे लाइन के पूर्व दिशा में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सलखापुर बाजार स्थित है। वहीं, पश्चिम दिशा में स्टेट बैंक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। इन स्थानों तक पहुँचने के लिए भी स्थानीय लोगों को रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पूर्व सांसद श्याम सिंह यादव ने पहले भी सलखापुर स्टेशन के दक्षिण में किलोमीटर 39/14 पर अंडरपास निर्माण के लिए पत्राचार किया था। हालांकि, मंडल रेल प्रबंधक, उत्तर रेलवे, लखनऊ द्वारा उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।
गुरुग्राम जिले में सोहना के नागरिक अस्पताल के करीब 19 कर्मचारियों के मोबाइल फोन हैक होने का मामला सामने आया है। इनमें से कुछ फोन पूरी तरह लॉक हो गए हैं, जबकि कई का महत्वपूर्ण डेटा भी गायब हो गया। बताया जा रहा है कि हैकर इन हैक किए गए मोबाइल फोन का दुरुपयोग कर रहा है। महिला कर्मचारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अश्लील तथा आपत्तिजनक संदेश भेजे जा रहे हैं, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया है। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। सोहना सिटी थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है। एक डॉक्टर द्वारा मोबाइल फोन मांगने के बाद हुए हैक कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में कार्यरत एक चिकित्सक द्वारा मोबाइल फोन मांगने के बाद कई फोन हैक या लॉक हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद कई मोबाइल फोन अचानक बंद हो गए, लॉक हो गए या उनका डेटा खुद ही गायब हो गया। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। स्टाफ कर्मचारियों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल के एसएमओ डॉ. रणविजय सिंह ने कहा है कि कर्मचारियों की सुरक्षा और गोपनीय जानकारी की रक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कराई जाएगी और साइबर अपराध से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि फोन वास्तव में हैक हुए हैं या किसी अन्य तकनीकी कारण से प्रभावित हुए हैं।
चूरू में सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ रिटायर्ड पुलिसकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मंत्री की बर्खास्तगी की मांग करते हुए जिला कलेक्टर और एसपी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में, पुलिसकर्मियों ने मंत्री दक के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। 'मंत्री को मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए'रिटायर्ड एसपी केशर सिंह शेखावत ने कहा कि सहकारिता मंत्री ने अपने पद की गरिमा का उल्लंघन करते हुए पुलिसकर्मियों के लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मंत्री को मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। यह विरोध प्रदर्शन सहकारिता मंत्री गौतम दक के एक ऑडियो सामने आने के बाद शुरू हुआ है। इस ऑडियो में मंत्री पुलिसकर्मियों के लिए अपमानजनक और भद्दी भाषा का प्रयोग करते हुए सुने गए थे। इस घटना के बाद मंत्री दक के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था और उन्हें चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ा था।
गोरखपुर में बुटीक में लगी आग:धू- धू कर जले 50 से ज्यादा सलवार-सूट, शादी का लहंगा भी राख हुआ
गोरखपुर में मंगलवार की सुबह करीब 4 बजे एक बुटीक में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। जिससे दुकान में सिलने के लिए रखी 50 से ज्यादा लड़कियों के सलवार सूट जल गए। इतना ही नहीं शादी का कई लहंगा भी जलकर खाक हो गया। आग की लपटों और धुंए को देखकर स्थानीय लोगों में अफरा- तफरी मच गई। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और फॉयर ब्रिगेड को दी। जानकारी मिलते ही बुटीक के ओनर भी मौके से पहुंचे। बताया जा रहा है कि करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना में लगभग 3 से 4 लाख का नुकसान हुआ है। जानिए पूरा मामला...जानकारी के मुताबिक पंडित हरिहर प्रसाद दूबे रोड पर शुक्ला गैस एजेंसी के बगल में स्थित ज्योति बुटीक में मंगलवार की सुबह 4 बजे के आस- पास आग लगने से अफरा- तफरी मच गई। आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। CCTV कैमरे में देखकर आग का पता चला घासी कटरा के रहने वाले बुटीक के ओनर महताब आलम अंसारी ने बताया कि दुकान के पास रहने वाले परिवार के एक सदस्य उस समय कुछ काम से जगे थे। इसी दौरान उनकी नजर CCTV कैमरे की फुटेज पर गया। उन्होंने देखा कि सामने की दुकान से आग की लपटें निकल रही हैं। धुंए से आस-पास का एरिया भरा हुआ है। वे घबरा गए। तुरंत बाहर निकलें और परिवार के अन्य सदस्यों को जगाया। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कैंट पुलिस और फायर ब्रिग्रेड को दी। पहले खुद आग बुझाने की कोशिश की। शोर सुनकर आस-पास रहने वाले अन्य लोग भी जुट गए। साथ ही दुकान के ओनर को भी फोन करके बुलाया गया। बंद शटर से आग की लपटें देख सहमे लोग पीड़ित महताब आलम के अनुसार जब वे घटना स्थल पर पहुंचे तो देखा कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच चुकी है और आग बुझाने में लगे हुए है। उन्होंने बताया कि दुकान के अंदर आग इतनी भयंकर लगी कि टीम ने शटर उठाने से पहले अंदर की आग बुझाने की पूरी कोशिश की गई। इस दौरान लंबी- लंबी लपटों को देखकर लोग सहम गए। उधर आग फैल न जाए उसके लिए जल्दी से जल्दी बिजली भी कटवाया गया। लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिर दुकान खुली। दुकान खुलते ही मालिक के होश उड़ें इतने देर में अंदर रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया था। जिसे देखकर मालिक के होश उड़ गए। 6 सिलाई मशीनों के साथ करीब 3 से 4 लाख का सामान बर्बाद हो गया। पीड़ित का कहना है कि सिलने के लिए आए ज्यादातर कपड़ें लगन के थे। जिसमें लहंगा से लेकर विदाई का ब्लाउज और 50 से ज्यादा सलवार- सूट शामिल था। भरपाई करने की चिंता बढ़ी महताब ने बताया कि दुकान में जो नुकसान हुआ वो तो हुआ ही लेकिन सबसे ज्यादा चिंता इस बात है कि कस्टमर्स का बहुत जरुरी कपडा बर्बाद हो गया। किसी के शादी का सेट खराब हो गया तो किसी का पूरा कपड़ा ही जल गया। उसकी भरपाई कैसे करूंगा। उन्होंने बताया कि ज्यादातर कस्टमर समझ जा रहे हैं लेकिन कई ऐसे भी हैं जो बहुत नाराज हो रहे हैं। मेरे पास कोई जवाब नहीं है। उन्हें क्या कहूं। कहा से कपड़ें लाकर दूंगा।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने नदियों और पर्यावरण प्रदूषण को लेकर सख्ती दिखाई है। डिवीजन बेंच ने शराब बनाने वाली फैक्ट्रियों की जांच कर 30 दिनों में रिपोर्ट देने कहा है। सुनवाई के दौरान शासन ने दावा किया है कि, अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की है। जिसमें शिवनाथ और खारून नदी में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य मिला है। दरअसल, दैनिक भास्कर की खबर पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की है। इस मामले में राज्य शासन और पर्यावरण प्रदूषण मंडल से जवाब मांगा था। शपथ पत्र में यह दावा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सचिव और फैक्ट्रियों की तरफ से शपथ पत्र दिया गया है। जिसमें पर्यावरण मंडल ने दावा किया कि अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की है। जांच में शिवनाथ और खारून नदी में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य मिला है। फैक्ट्रियों की तरफ से क्या कहा गया ? वहीं भाटिया डिस्टिलरीज ने प्रकाशित रिपोर्ट को आधारहीन बताते हुए दावा किया कि उनका प्लांट जीरो लिक्विड डिस्चार्ज पर काम करता है। बाहर कोई केमिकल युक्त पानी नहीं बहाया गया। पर्यावरण मंडल ने कोर्ट को बताया कि, नियमों का लगातार उल्लंघन करने पर वेलकम डिस्टिलरीज को पहले बंद करने का आदेश दिया गया था। 54.60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था। हाल ही में हुई जांच में भी वहां ऑनलाइन प्रदूषण मॉनिटरिंग सिस्टम बंद मिला और हवा में प्रदूषण की मात्रा तय मानकों से अधिक पाई गई। अब कोर्ट कमिश्नर करेंगे जांच इसके बाद हाईकोर्ट ने शपथ पत्र में दी गई जानकारी की हकीकत जानने के लिए एडवोकेट वैभव शुक्ला और अपूर्व त्रिपाठी को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है। दोनों पर्यावरण मंडल के अफसरों के साथ मिलकर तीनों डिस्टिलरी यूनिट्स का संयुक्त निरीक्षण करेंगे। डिस्टिलरी प्रबंधनों को निर्देश दिया गया है कि वे जांच में पूरा सहयोग करें। कोर्ट कमिश्नर को 30 दिनों के भीतर अपनी सीलबंद संयुक्त रिपोर्ट सौंपनी होगी।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद स्थित मिवान स्टील लिमिटेड प्लांट में मंगलवार सुबह भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि इसकी लपटें और आसमान में उठता काले धुएं का घना गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा। घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे प्लांट परिसर से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और प्लांट के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक नजर आने लगा। 5 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही रायपुर, मंदिर हसौद और आसपास के क्षेत्रों से दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त फायर ब्रिगेड वाहनों को भी बुलाया गया। करीब 5 घंटे तक चले राहत और बचाव अभियान के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। इस दौरान पानी और फोम का लगातार उपयोग कर आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोका गया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा कारणों से प्लांट के आसपास बैरिकेडिंग कर क्षेत्र को सील कर दिया गया और लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई। जनहानि नहीं, नुकसान का आकलन जारी इस आगजनी में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, जो राहत की बात रही। हालांकि आग से प्लांट को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। नुकसान का वास्तविक आंकलन जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। आग के कारणों की जांच शुरू फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विशेषज्ञों की टीम को आग लगने के कारणों की पड़ताल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सागर की मकरोनिया थाना पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर एक लोडिंग वाहन (क्रमांक MP-13-D-4698) से अवैध रूप से ले जाई जा रही 10 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की है। इस जब्त वाहन पर शहर की नामचीन 'होटल पैराडाइज' का नाम दर्ज है। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम को अपनी ओर आता देख चालक वाहन को मौके पर ही लावारिस छोड़कर रफूचक्कर हो गया। यह संदिग्ध लोडिंग गाड़ी सोमवार को मुख्य शहर से रवाना होकर मकरोनिया चौराहा पार करते हुए बहेरिया रोड की ओर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने घेराबंदी की और बीच रास्ते में गाड़ी को रोककर जब उसके पिछले हिस्से की तलाशी ली, तब आबकारी एक्ट के उल्लंघन का यह मामला उजागर हुआ। स्रोत और ठिकाने का पता लगाने में जुटी पुलिसमकरोनिया थाना प्रभारी रविंद्र सिंह चौहान ने बताया कि केस दर्ज कर फरार आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अब इस बिंदु पर सघन पड़ताल कर रही है कि अंग्रेजी शराब की यह खेप कहां से उठाई गई थी और इसकी फाइनल डिलीवरी कहां होनी थी। वाहन पर होटल का नाम लिखे होने के संबंध में भी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
आगरा की सड़कों पर 4 फीट तक पानी भरा:बारिश से 55 जगहों पर तालाब बनीं, घर और दुकानों के अदंर घुसा पानी
एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने आगरा नगर निगम के नाला सफाई अभियान की पोल खोल दी। सोमवार देर रात हुई बारिश के बाद 55 जगहों पर जलभराव हो गया। घर और दुकानों में पानी घुस गया। सारा सामान खराब हो गया। 7 घंटे तक सड़कों पर पानी भरा रहा। खेरिया मोड, अलबतिया रोड, केदार नगर रोड पर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। अलबतिया रोड किनारे की दुकानों में पानी भर गया। इनमें रखा सारा सामान खराब हो गया। आवास विकास सेंट्रल पार्क और पुलिस चौकी के पास स्थित मार्केट में 4-4 फीट तक पानी घुस गया। पानी निकालने के लिए लोग घंटों मशक्कत करते रहे। जलभराव की 3 तस्वीरें… आवास विकास स्थित रेस्टोरेंट संचालक बशीर ने बताया-सुबह जब वे अपने रेस्टोरेंट आए तो इसमें लगभग 2 से 3 फीट तक पानी भरा हुआ था। रेस्टोरेंट के अंदर रखा सारा सामान खराब हो गया। ऐसा ही हाल राजामंडी बाजार के व्यापारियों का रहा। इनकी दुकानों में पानी भर गया। आगरा नगर निगम में 18 बड़े और 410 छोटे नाले हैं। पिछले दिनों नगर निगम ने दावा किया था कि मानसून से पहले सभी नालों की सफाई कर दी गई है। मगर, सोमवार रात को हुई बारिश के बाद शहर में हुए जलभराव ने नाला सफाई अभियान की पोल खोल दी। रात 2 बजे से सुबह 9 बजे तक सड़कों पर पानी भरा रहा। इन जगहों पर हुआ जलभरावखेरिया मोड़, बिजलीघर रेलवे पुल के नीचे, रामबाग, नराइच, राजपुर चुंगी, इंदिरा नगर, अलबतिया रोड, सुभाष नगर, मारुति एस्टेट, मानस नगर, आवास विकास सेंट्रल पार्क रोड, आवास विकास सेक्टर-4, सौ फीट रोड पृथ्वीनाथ फाटक, मदिया कटरा, तोता का ताल, मेंटल हॉस्पीटल रोड, राजामंडी, बागअंता, हाईवे, धनौली, सोहल्ला, शिवाजी मार्केट आदि जगहों पर जलभराव हुआ।
इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र स्थित जैन मंदिर में 3 मई की रात हुई बड़ी चोरी की वारदात में पुलिस को सफलता मिली है। एरोड्रम और तेजाजी नगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में फरार चल रहे तीन और आरोपियों को मंगलवार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई कुछ मूर्तियां भी बरामद की गई हैं। तेलंगाना से दबोचे गए आरोपी डीसीपी जोन-1 नरेन्द्र रावत के निर्देशन में गठित टीम ने इस मामले में लगातार कार्रवाई करते हुए तेलंगाना के नांदेड़ क्षेत्र से लखन, दीपक चौहान और रामबाबू को गिरफ्तार किया है। आरोपी महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में छिपते हुए तेलंगाना पहुंचे थे। पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस कर लगातार निगरानी कर रही थी। सटीक सूचना मिलने पर टीम ने दबिश देकर तीनों को पकड़ लिया। जमीन में गाड़ रखी थीं चोरी की मूर्तियां पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की गई मूर्तियों और अन्य सामान को जमीन में छिपाकर रखने की जानकारी दी। पुलिस ने बताए गए स्थान से मूर्तियां बरामद कर ली हैं। मामले में अन्य सामान की बरामदगी के लिए भी पूछताछ जारी है। पहले महिला सहित चार आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार इस मामले में पुलिस ने 13 मई को ललित चौहान, विशाल केवट, ओमप्रकाश चौहान और गीताबाई मकवाना को गिरफ्तार किया था। इनमें तीन आरोपी खरगोन जिले के निवासी हैं, जबकि गीताबाई तेजाजी नगर क्षेत्र की रहने वाली है। आरोपियों से मिली थी फरार साथियों की जानकारी पहले गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में लखन और उसके साथियों के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि चोरी की गई शेष मूर्तियां और कलश फरार आरोपियों के पास हैं। इसके बाद पुलिस ने तलाश तेज करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया। सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान मंदिर में हुई चोरी की घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर पूरे गिरोह तक पहुंचने में सफलता हासिल की। मामले में आगे की जांच जारी है।
जेईई-एडवांस के रिजल्ट के बाद अब स्टूडेंटस में सबसे बड़ी उत्सुकता कॉलेज और ब्रांच के चयन की है। हर स्टूडेंट अच्छी आईआईटी के साथ मनपसंद ब्रांच चाहता है। वहीं आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी व जीएफटीआई में प्रवेश के लिए जोसा काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। काउंसलिंग प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। स्टूडेंट्स को जोसा काउंसलिंग में 138 संस्थानों की 900 से ज्यादा प्रोग्रामों की च्वाइस फिलिंग का अवसर एक बार ही दिया गया है। जानिए-रैंक वाइज कौनसी ब्रांच और कॉलेज मिलने की संभावना रैंक अंडर 100- एजुकेशन एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि ऐसे स्टूडेंटस जिनकी ऑल इंडिया रैंक अंडर 100 है, उन्हें टॉप आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली, कानपुर, मद्रास में कम्प्यूटर साइंस मिलने की संभावना है। स्टूडेंटस की फर्स्ट च्वाइस देखें तो आईआईटी मुम्बई सीएस ब्रांच रहती है, जो कि टॉप 61 पर क्लॉज हो जाती है। इसके बाद दूसरी प्राथमिकता दिल्ली सीएस को स्टूडेंट देते हैं। तीसरी प्राथमिकता में कानपुर और मद्रास की कम्प्यूटर साइंस ब्रांच को दी जाती है। 100 से 500 रैंक के बीच दिल्ली, कानपुर की एमएनसी, एआई , डाटा साइंस चारों आईआईटी की इलेक्ट्रीकल, खड़गपुर की सीएस मिल सकती है। 500 से 1000 के बीच रैंक पर बीएचयू, रुड़की, हैदराबाद, गुवाहाटी की सीएस, मुम्बई, दिल्ली, कानपुर की कोर ब्रांच मिलने की संभावना है। 1000 से 4000 के बीच रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को गांधी नगर, इंदौर, रूपड़, मंडी, जोधपुर, धनबाद, पटना, भुवनेश्वर में कम्प्यूटर साइंस एवं मुम्बई, दिल्ली, कानपुर, खड़गपुर आईआईटी में कम्प्यूटर साइंस के अतिरिक्त अन्य ब्रांचें मैकेनिकल, कैमिकल, सिविल, एयरोस्पेस, प्रोडक्शन आदि मिलने की संभावना रहती है। 4000 से 8000 के बीच रैंक पर रुड़की, गुवाहाटी, खड़गपुर, हैदराबाद, वाराणसी में सिविल, कैमिकल, मेटलर्जी एवं मुम्बई, दिल्ली, कानपुर, मद्रास में लोअर ब्रांचेंज, पलक्कड़, तिरुपति, गोवा, धाड़वाड़, भिलाई, जम्मू में सीएस मिलने की संभावना बन सकती है। 8000 से 12000 के बीच रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को रोपड़, मंडी, इंदौर, गांधीनगर, जोधपुर, भुवनेश्वर, पटना, धनबाद में कोर ब्रांच के अतिरिक्त अन्य ब्रांचों के साथ-साथ पुराने सात आईआईटी में बॉयलोजिकल साइंस, नेवल आर्किटेक्चर, माइनिंग इंजीनियरिंग, पॉलीमर साइंस, सिरेमिक इंजीनियरिंग जैसी ब्रांचें मिलने की संभावना रहती है। 12 से 17 हजार के बीच रैंक प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को नई आईआईटी जैसे पलक्कड़, तिरुपति, गोवा, धाड़वाड़, भिलाई, जम्मू की अन्य ब्रांचें मिलने की संभावना रहती है। आईआईटी की ब्रांच मिलने की संभावनाएं कैटेगरी अनुसार चेंज होती है। साथ ही छात्राओं को दिए गए 20 प्रतिशत फी-मेल पूल कोटे से आईआईटी में ब्रांच मिलने की संभावनाएं काफी पीछे की रैंक तक बन जाती है। आईआईटी-एनआईटी प्रवेश के लिए 2 जून से जोसा काउंसलिंग परिणाम जारी होने के बाद आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी व जीएफटीआई में प्रवेश के लिए जोसा काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। काउंसलिंग प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इस साल जोसा काउंसलिंग से 23 आईआईटी, 32 एनआईटी, 26 ट्रिपलआईटी एवं 56 जीएफटीआई में प्रवेश दिया जाएगा। काउंसलिंग प्रक्रिया 2 जून से 24 जुलाई के बीच पांच राउण्ड्स में होगी। स्टूडेंटस 2 से 11 जून शाम 5 बजे से जोसा काउंसलिंग वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन एवं कॉलेज च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे। 13 जून को पहले राउण्ड का सीट आवंटन होगा। ऐसे फिल करें कॉलेज और ब्रांच च्वाइस स्टूडेंट्स को जोसा काउंसलिंग में 138 संस्थानों की 900 से ज्यादा प्रोग्रामों की च्वाइस फिलिंग का अवसर एक बार ही दिया गया है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा कॉलेजों के विकल्प को अपनी प्राथमिकता के घटते क्रम में भरें। स्टूडेंट लास्ट ईयर की कॉलेजों की ओपनिंग और क्लोजिंग रैंकों को देखते हुए कॉलेजों को चुनने के ट्रेंड का अनुमान लगा सकते हैं। अपनी रैंक के अनुसार- पिछले सालों की क्लोजिंग रैंक से नीचे की रैंक वाले कॉलेज ब्रांचों को भी अपनी रुचि अनुसार कॉलेज प्राथमिकता सूची के क्रम में शामिल करें। जोसा काउंसलिंग के दिए गए बिजनेस रूल के अनुसार सभी स्टूडेंट्स को उनकी रैंक के अनुसार भरी हुई कॉलेज सीट आवंटन में सबसे पहला सीट आवंटन ओपन रैंक पर ही किया जाएगा। ओपन रैंक पर सीट नहीं मिलने पर कैटेगिरी वाले स्टूडेंट्स को उनकी कैटेगिरी रैंक के अनुसार कॉलेज सीट आवंटित की जाएगी।
गुमला में भारतमाला परियोजना के तहत काम कर रहे मजदूरों ने बकाया मजदूरी का भुगतान न होने पर शिवालया कंस्ट्रक्शन के कार्यालय परिसर में एचआर मैनेजर के साथ मारपीट की। यह घटना बकाया भुगतान को लेकर तीखी नोकझोंक के बाद हुई, जिसमें ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से जुड़ी कंपनी ने उनसे काम तो कराया, लेकिन मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। कंपनी प्रबंधन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया उनका कहना है कि भुगतान के लिए कई बार मांग करने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। आक्रोशित ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। ग्रामीण गंगा सिंह ने बताया कि वे सभी भूमि सिक्योरिटी मैनेजमेंट कंपनी के माध्यम से भारतमाला परियोजना में नाइट गार्ड के रूप में कार्यरत थे। काम करने के बावजूद कई लोगों का मेहनताना अभी तक बकाया है। उन्होंने विशिष्ट रूप से बताया कि विराज सिंह का 20 दिन, पंकज पांडेय का 23 दिन, महादेव महतो का 21 दिन, सूरज सिंह का 58 दिन, गणेश सिंह का 34 दिन, प्रीतम कुमार का 28 दिन, गंगा सिंह का 54 दिन, रामकुमार गुप्ता का 53 दिन, लुईस मिंज का 52 दिन और अमर सिंह का 20 दिन का भुगतान लंबित है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।
फतेहाबाद में 5 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए 1 जुलाई तक को योग्यता तिथि माना जाएगा। यानी कोई नागरिक 1 जुलाई को 18 साल का होगा, तो वह अपना वोट बनवाकर एसआईआर में शामिल हो सकेगा। एसआईआर अभियान को लेकर डीसी डॉ.विवेक भारती ने मीडिया के साथ जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हरियाणा में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि माना गया है। यानी जो नागरिक इस तारीख तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, वे अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकेंगे। अभियान का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना और गलत, डुप्लीकेट या अपात्र नामों को हटाकर मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल नाम काटने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मतदाता सूची के वैज्ञानिक शुद्धिकरण का अभियान है। 15 जून से घर-घर आएंगे बीएलओअभियान के तहत 15 जून से 14 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर एनुमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे और उन्हें वापस एकत्रित करेंगे। इसी दौरान नए मतदाताओं का पंजीकरण किया जाएगा तथा निधन, स्थान परिवर्तन या अन्य कारणों से अपात्र हो चुके मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दे सकेंगे आपत्तियांकार्यक्रम के अनुसार 21 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इनके निस्तारण के बाद 22 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
पाली में सोमवार शाम को मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल ने एक आदेश जारी कर बांगड़ हॉस्पिटल और एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में लगे 35 नर्सिंगकर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया। इसके बाद मंगलवार सुबह संविदा पर लगे सभी नर्सिंगकर्मी एक साथ बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी पीड़ा बताई। इस दौरान नर्सिंगकर्मी केसरसिंह ने बताया- वे साल 2022 से और उनकी पत्नी सुनिता कंवर साल 2023 से बांगड़ हॉस्पिटल में नर्सिंगकर्मी लगे हुए थे। सैलेरी महज आठ हजार थी। सोचा की स्थाई हो जाएंगे। इस उम्मीद से कम सैलेरी में भी हम दोनों काम करते रहे, लेकिन अब एक आदेश निकालकर हमें कार्यमुक्त कर दिया गया। ऐसे में हम बेरोजगार हो गए है। हमारा एक छोटा बच्चा भी है। मेरी उम्र 35 साल हो गई है ऐसे में अब हमें रोजगार कौन देगा। शहर छोड़कर यहां किराए पर रहे, अब बेरोजगार जालोर की रहने वाली भानूप्रिया ने बताया कि वह और उनके पति नारायणलाल दोनों यहां संविदा पर नर्सिंगकर्मी लगे हुए थे। हमारा सलेक्शन होने पर जालोर छोड़कर पाली आकर किराए के मकान में रहे। दो बच्चे है। एक आदेश के बाद हमें कार्यमुक्त कर दिया गया है। अब दोनों पति-पत्नी बेरोजगार हो गए है। ऐसे में हम बच्चों को कैसे पालेंगे। चार महीनों से सैलेरी नहीं मिली विरोध कर रही कृष्णा शर्मा ने बताया कि 150 नर्सिंगकर्मी संविदा पर लगे हुए है। पहली लिस्ट में 35 जनों को कार्य मुक्त किया गया है। जल्द ही शेष लोगों को भी हटा दिया जाएगा। चार महीने से सैलेरी बकाया है। पीएफ भी नहीं कटता था। 15-15 हजार रुपए का सभी से डीडी लिया लेकिन वह भी वापस नहीं मिला। नए नर्सिंगकर्मियों ने ज्वाइंन किया इस मामले में बांगड़ हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. कैलाश परिहार ने बताया- मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दिलीप सिंह चौहान ने एक आदेश जारी कर संविदा पर 35 नर्सिंगकर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया है। उनकी जगह नए भर्ती हुए नर्सिंगकर्मियों ने ज्वाइंन कर लिया है। हॉस्पिटल का किसी तरह का काम प्रभावित नहीं होगा।
रायपुर के जोन-8 के पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड क्रमांक-2 की एकता कॉलोनी में पिछले 10 दिन से पानी सप्लाई प्रभावित है। इलाके के रहवासियों ने जल संकट को लेकर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी से शिकायत की है। आरोप है कि गैस पाइपलाइन बिछाने के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जिसके बाद से कॉलोनी में पानी नहीं पहुंच रहा है। एकता कॉलोनी के रहवासियों ने बताया कि, भीषण गर्मी में पानी नहीं मिलने से दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। लोगों को पीने के पानी और घरेलू इस्तेमाल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों ने कहा कि, वे रोज कमाने-खाने वाले लोग हैं और पानी की समस्या के कारण काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं। कई जगह पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त शिकायत मिलने के बाद नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने जोन-8 की जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल से चर्चा की। निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में गैस पाइपलाइन डालने का काम कर रही एससीजी कंपनी की खुदाई के दौरान कई जगह पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है। पाइपलाइन में लीकेज और मिट्टी भराव के कारण पानी सप्लाई बाधित हो गई है। जल्द पाइपलाइन सुधारने के दिए निर्देश आकाश तिवारी ने निगम अधिकारियों से जल्द पाइपलाइन सुधारने की मांग की। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में लोगों के लिए गैस पाइपलाइन से ज्यादा जरूरी पेयजल है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कर पानी सप्लाई बहाल करने के निर्देश दिए। ज्ञापन सौंपने वालों में लता यादव, राधा साहू, कमलावती, रिंकी शर्मा, प्रेमीन बाई, सुमन देवी, उषा सिंह, राजेश्वरी सिंह, रविंद्र कुमार साहू, योगेश्वर लहरे, आरती बाई, महेंद्र मिश्रा, जानकी साहू, सुनीता पंडित समेत बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी मौजूद रहे।
जयपुर में दिन दहाड़े 2 स्कूटी सवार युवतियों को चलती स्कूटी पर लूटने का मामला सामने आया है। बाइक सवार बदमाशों ने स्कूटी का पीछा कर दोनों सहेलियों को गिरा दिया, जिससे दोनों सहेलियां बेहोश हो गई। घटना रविवार दोपहर 2.30 बजे शिप्रापथ थाना इलाके की है। घायल सहेलियों ने इलाज के बाद शिप्रापथ थाने में बदमाशों के खिलाफ सोमवार दोपहर एफआईआर दर्ज करवाई। हेड कॉन्स्टेबल राजेश ने बताया कि मानसरोवर की रहने वाली प्राची शर्मा (27) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार प्राची अपनी सहेली मनप्रीत के साथ घर से सांगानेर जाने के लिए निकली थी। दोनों सहेलियां स्कूटी से मानसरोवर स्थित श्रेयांस पैराडाइज के पास से जा रही थी, तभी पीछा कर रहे बाइक सवार बदमाशों ने झपट्टा मारा और पीछे बैठी प्राची का पर्स छीनकर ले गए। छीना-झपटी में उनकी स्कूटी बेकाबू होकर स्लीप हो गई। दोनों सहेलियां स्कूटी सहित रोड पर गिरकर घायल हो गई। घायल सहेलियों ने जैसे तैसे खुद को संभालते हुए प्राइवेट हॉस्पिटल में अपना इलाज कराया। इसके बाद थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि लूटे गए पर्स में करीब 10 हजार रुपए व जरूरी डॉक्यूमेंट्स रखे थे। पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी खंगालकर बदमाशों की तलाश कर रही है।
केबल में फॉल्ट, शाजापुर की जलापूर्ति ठप:पूरे शहर में पानी की आपूर्ति बाधित; सप्लाई बहाल करने की मांग
शाजापुर शहर के बेरछा रोड स्थित सांपखेड़ा गांव में इंटेकवेल पंप की विद्युत केबल में सोमवार रात अचानक फॉल्ट आ गया। तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार को शहर की जलप्रदाय व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। विद्युत आपूर्ति बाधित होने से इंटेकवेल से पानी की सप्लाई नहीं हो सकी, जिससे पूरे नगर में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया। नगर में वर्तमान में एक दिन छोड़कर जल वितरण किया जा रहा है। ऐसे में निर्धारित दिन पर पानी की आपूर्ति न होने से कई क्षेत्रों के नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अनेक मोहल्लों में लोगों को पेयजल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। नागरिकों का कहना है कि पहले से ही सीमित अंतराल में जलापूर्ति होने के कारण सप्लाई बाधित होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। पानी की सप्लाई बहाल करने की मांग स्थानीय नागरिक कमल ने बताया कि नियमित जलापूर्ति न होने से आमजन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द समस्या का समाधान कर पानी की सप्लाई बहाल करने की मांग की। नगर पालिका के जलकर सभापति प्रेम यादव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इंटेकवेल की विद्युत केबल में फॉल्ट आने के कारण जलप्रदाय प्रभावित हुआ है। फॉल्ट को सुधारने के लिए इंदौर से विशेषज्ञ टीम और आवश्यक सामग्री मंगवाई गई है। कर्मचारी लगातार सुधार कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि तकनीकी समस्या का शीघ्र निराकरण कर शहर में नियमित जलप्रदाय बहाल किया जाएगा।
बूंदी के नैनवां कस्बे के वार्ड नंबर 17 में गांधी पार्क के पास एक टीचर के सूने मकान में चोरी हो गई। चोर ताला तोड़कर करीब 20 हजार रुपए के चांदी के गहने ले गए।जानकारी के अनुसार, शिक्षक अंकुर शर्मा बीमारी के इलाज के लिए कोटा गए हुए थे। इसी दौरान चोरों ने उनके सूने मकान को निशाना बनाया। सूचना मिलते ही थानाधिकारी सहदेव मीणा मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।पुलिस चोरों की तलाश कर रही है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। बढ़ती चोरियों से लोगों में रोषशहर में लगातार हो रही चोरी की वारदातों से लोगों में रोष और भय का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस से रात की गश्त बढ़ाने की मांग की है।हालांकि, पुलिस ने इससे पहले हुई कुछ चोरी की वारदातों का खुलासा भी किया है और आरोपियों से चोरी का माल बरामद किया है।
उमरिया जिले के मानपुर विकासखंड के ग्राम बेल्दी में साधक सुरेश पंडा नौतपा की भीषण गर्मी के बीच कठोर अग्नि तपस्या कर रहे हैं। सनातन परंपरा में अग्नि तपस्या को एक कठिन आध्यात्मिक साधना माना जाता है, जिसमें साधक धधकती अग्नि के सामने बैठकर तप करता है। सुरेश पंडा ने बताया कि वे हर वर्ष की तरह इस बार भी जनकल्याण, प्रकृति संरक्षण, गौ रक्षा तथा विश्व शांति और खुशहाली की कामना के लिए यह तपस्या कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह अनुष्ठान 3 जून को संपन्न होगा। तपस्या के दौरान सुरेश पंडा प्रतिदिन तेज धूप और धधकते अग्नि कुंड के बीच लगभग चार घंटे तक साधना करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वे क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से यह तप कर रहे हैं। इस तपस्या को देखने और दर्शन करने के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सुरेश पंडा सुबह शुद्ध जल से स्नान के बाद विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ तपस्या शुरू करते हैं। वे दिनभर साधना और पूजा-अर्चना में लीन रहते हैं। श्रद्धालु इसे आस्था का प्रतीक मानकर बड़ी संख्या में दर्शन के लिए आ रहे हैं। नौतपा की भीषण गर्मी के बीच की जा रही यह कठोर साधना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। श्रद्धालु इसे जनकल्याण, भाईचारे और विश्व शांति के लिए एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान के रूप में देख रहे हैं।
गोरखपुर में शादी के 2 महीने बाद पत्नी ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाया है। दुल्हन ने आरोप लगाया कि शादी के बाद ससुराल गई। पहली ही रात पति मेरे पिता का गालियां दे रहा था। जबकि मेरे पिता ने 99 लाख रुपये शादी में खर्च कर दिए। मैंने पति को गाली देने से मना किया। तब उन्होंने मेरे ऊपर हाथ छोड़ दिया। विरोध करने के बाद भी मुझे मारपीटकर जबरन पति ने सुहागरात मनाई। धमकी दी कि रोज ऐसे ही संबंध बनाना पड़ेगा। बात नहीं मानोगी तो जान से मार दूंगा। वहीं मेरे ससुर गंदी हरकतें करने लगे थे। वह मेरे कमरे में घुस आते हैं। सोए रहने पर मुझे छूते हैं। मैंने जागकर विरोध किया तो वह बोले कि मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ, घर में सभी इज्जत करेंगे। दूसरी तरफ ससुराल में देवर भी मुझे गंदी नजर से देखते हैं। कमरे में आकर मेरे साथ जबरदस्ती करने की भी कोशिश की। मेरे चिल्लाने पर भागे। पति और सास से शिकायत करने पर वह उल्टे मुझे ही मारने पीटने लगते हैं। अब ससुराल से और पैसे लाने की डिमांड भी कर रहे हैं। गोरखनाथ थाने में महिला की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास, ससुर और देवर के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… गोरखनाथ इलाके की 25 साल की युवती ने बताया कि 10 दिसंबर 2025 को शाहपुर के लड़के से मेरी इंगेजमेंट हुई थी। शहर के बड़े लॉन से सारा कार्यक्रम हुआ था। इसके बाद 7 मार्च 2026 को राजेंद्र नगर के एक रिजार्ट में मेरी शादी हुई। मेरे पिता ने शादी में करीब 99 लाख 88 हजार रुपये खर्च किए। शादी के अगले दिन 8 मार्च को विदा होकर शाहपुर स्थित ससुराल पहुंची। वहां पर बहुभोज का कार्यक्रम हुआ। इसके बाद से ही ससुराल वाले मुझे पहले दिन से ही ताना मारने लगे। रात के समय पति कमरे में आकर बोले कि तुम्हारे बाप ने मेरी बेइज्जती कर दी। मेरे विरोध करने पर मुझे मारा-पीटा। मेरे मना करने के बाद भी जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद गाली देते हुए धमकी भी दिए कि इसी तरह प्रतिदिन संबंध बनाना पड़ेगा, वरना जान से मार दूंगा। अगले दिन सुबह होते ही सास-ससुर चार पहिया की डिमांड करने लगे। पति से इस बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि जो कह रहे हैं,उसे पूरा कर दो। वरना परेशान रहोगी। कमरे में आ गया देवर, बैड टच किया युवती ने बताया कि 11 मार्च को पति कहीं बाहर गए थे। तभी मेरे कमरे में देवर आए। वह पहले तो इधर-उधर की बात किए। इसके बाद मुझे बैड टच करने लगे। मना किया तो जबरदस्ती करने लगे। मेरे चिल्लाने पर कमरे से भागे। देवर बाहर जाकर सास से बोले कि खाना लेकर गया था, भाभी डरकर चिल्लाने लगीं। मेरे बेड पर आ गए ससुर युवती ने बताया कि ससुराल में हर दिन एक नई परेशानी मेरे सामने आ रही थी। मेरी समझ में नहीं आ रहा था क्या करूं। 12 मार्च ससुराल में कोई नहीं था। मैं अपने कमरे में सोई थी। तभी ससुर मेरे कमरे आए, मेरे बेड पर बैठकर मुझे छूने लगे। ससुर की हरकत देखकर चिल्लाने लगी। तब ससुर ने बोला कि घर में कोई नहीं है। मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ, तुमको घर में कोई कुछ नहीं बोलेगा। सभी इज्जत करेंगे। इतना कहकर मेरे साथ जबरदस्ती करने लगे। तभी मेरी सास घर आ गई, तब ससुर कमरे से भागे। कमरे में बैठकर मैं रो रही थी। सास आईं, उन्होंने कहा कि तैयारी करो, 14 मार्च को तुम्हारे मायके जाने का दिन तय किया है। घर जाकर चार पहिया और मुंबई में फ्लैट लेने के लिए पैसे का इंतजाम करके आना। मैंने पति से से भी ससुर और देवर की हरकतों के बारे में बताया। लेकिन वह उल्टा मुझे ही डांटने लगे। मेरे पति मुंबई की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। 14 मार्च को मायके गई, फिर वापस ससुराल आई। ससुराल वालों ने पूछा कि पैसे लाई हो, मेरे मना करने पर मुझे मारने पीटने लगे। इसके बाद 11 मई को मेरे मायके वाले घर पर आए। इस दौरान दहेज को लेकर उन्हें खूब गालियां दी गई। इसके बाद ससुराल वालों ने मिलकर मुझे भी घर से निकाल दिया। इस संबंध में गोरखनाथ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि युवती ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
बीजापुर जिले के भैरमगढ़ में पीने के पानी की समस्या को लेकर वार्डवासी नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि, सीएमओ अमृतलाल नागेश अपने एसी चैंबर में रील्स देखते रहे और उन्होंने परेशान वार्डवासियों से मुलाकात नहीं की। यह घटना शनिवार रात आए तेज आंधी-तूफान के बाद हुई, जिसने इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित कर दी है। आंधी-तूफान के कारण कई बिजली के खंभे और पेड़ टूट गए। जिससे वार्ड नंबर-7 (रानी दुर्गावती वार्ड) और वार्ड नंबर-8 (महात्मा गांधी वार्ड) में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। वार्डवासियों का कहना है कि दो दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण उन्हें खरीदकर पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। दो दिन से बिजली गुल, पानी की समस्या वार्डवासियों ने बताया कि, पहले सरकारी बोरिंग से पानी मिल जाता था, लेकिन नगर पालिका ने उसमें मोटर लगा दिया है। बिजली न होने के कारण अब यह मोटर काम नहीं कर रहा है। बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने से पिछले दो दिनों से बिजली भी गुल है। इन्हीं समस्याओं को लेकर वे सीएमओ से गुहार लगाने पहुंचे थे। चैंबर में बैठकर रील्स देखने में व्यस्त थे सीएमओ जब लगभग 50 से अधिक वार्डवासी नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे, तो सीएमओ अमृतलाल नागेश अपने चैंबर में सोफे पर बैठे रील्स देखने में व्यस्त थे। उन्होंने मिलने आए लोगों को वीडियो बनाने से भी मना किया। सीएमओ के मुलाकात न करने पर नाराज वार्डवासी निराश होकर अपने घरों को लौट गए। नगर पंचायत में 15 वार्ड हैं, लेकिन पानी की आपूर्ति के लिए केवल दो टैंकर उपलब्ध हैं। दो पानी के टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा इस संबंध में नगर पंचायत भैरमगढ़ के सीएमओ अमृतलाल नागेश ने भास्कर को बताया कि, आंधी-तूफान की वजह से बिजली के खंभे और पेड़ टूटकर गिरे हैं। उन्होंने कहा कि पानी की आपूर्ति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और उनके पास मौजूद दो पानी के टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है।
उदयपुर में फलासिया थाना क्षेत्र के कोल्यारी में 55 लाख की चोरी के मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी रमेश वडेरा ने जेवरात गिरवी रख दिए। रिमांड पर चल रहे आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि सोना-चांदी के जेवरात उसने और उसके अन्य दो साथियों ने आपस में बांट लिए थे। उसके हिस्से में जो जेवरात आए। वह उसने किसी व्यापारी को गिरवी रख दिए थे। थानाधिकारी फेलीराम ने बताया कि आरोपी 4 दिन की रिमांड पर है। उसकी निशानदेही पर माल बरामद किया जाएगा। साथ ही अन्य दो साथियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि चोरी के इस खुलासे में पुलिस हाईवे मोबाइल टीम के जवान पप्पूलाल की मुख्य भूमिका रही है। पप्पूलाल ने चोरी के कई इनपुट हासिल किए और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपी की पहचान कीं। सोना-चांदी के जेवरात और नकदी ले गए थे चोर 18 मई 2026 को प्रार्थी शेरसिंह पिता भगवत सिंह राजपूत ने थाने में रिपोर्ट दी थी, जिसमें बताया कि 17 मई को उसके घर में अज्ञात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया। वह और उसकी पत्नी उदयपुर किसी काम से गए थे, जबकि उसका बेटा और उसकी पत्नी कमरे में सो रहे थे। अज्ञात चोरों ने मौका पाकर रात में घर के पीछे से घुसकर तीनों कमरों के ताले तोड़े, फिर अलमारी का लॉकर तोड़कर सोना-चांदी के जेवरात और नकदी चुरा ली। सुबह जब बेटा और उसकी पत्नी उठे तो चोरी का पता लगा। इनपुट: दुष्यंत पूर्बिया,झाड़ोल
बुरहानपुर जिले के खकनार थाना क्षेत्र स्थित हसिनाबाद गांव में सोमवार शाम भीषण आग लग गई। तेज आंधी और हवा के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे पांच मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इस घटना में एक ट्रैक्टर, एक मोटरसाइकिल और खेती का रोटर भी जल गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय गांव में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। उसी दौरान तेज आंधी चल रही थी, जिसके कारण आग पलभर में तेजी से फैल गई। ग्रामीणों ने बाल्टी और पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ियां भी देर से मौके पर पहुंचीं, तब तक पांचों मकान पूरी तरह जल चुके थे। ग्रामीणों ने बताया कि घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और नकदी भी आग की भेंट चढ़ गए, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। खकनार तहसीलदार जितेंद्र अलावा ने बताया कि सूचना मिलने पर वे शाम 6 बजे मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवारों को शासन की गाइडलाइन के अनुसार राहत राशि प्रदान की जाएगी।
जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार सुबह राजस्व विभाग में पदस्थ एक राजस्व निरीक्षक को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्व निरीक्षक एक व्यापारी से जमीन के सीमांकन के बदले एक लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे उसके घर के बाहर रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। मटर प्लांट के लिए खरीदी जमीन का होना था सीमांकन जानकारी के अनुसार जबलपुर निवासी व्यापारी रोहित जैन ने अपने साथियों के साथ ग्राम क्लोन, तहसील शहपुरा में मटर प्लांट स्थापित करने के लिए जमीन खरीदी थी। जमीन का नामांतरण हो चुका था, लेकिन सीमांकन की प्रक्रिया बाकी थी। इसके लिए उन्होंने शहपुरा में पदस्थ राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी से संपर्क किया। दस्तावेज पूरे करने के बाद मांगे एक लाख रुपए व्यापारी का आरोप है कि सभी दस्तावेज देखने के बाद राजस्व निरीक्षक ने कुछ कमियां बताईं, जिन्हें पूरा कर दिया गया। इसके बावजूद सीमांकन करने के बदले एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग की गई। रोहित जैन का कहना है कि पिछले करीब दो माह से वह सीमांकन के लिए चक्कर लगा रहे थे, लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर काम टाल दिया जाता था। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल परेशान होकर व्यापारी ने लोकायुक्त एसपी को लिखित शिकायत दी। शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार को आरोपी ने रतन कॉलोनी स्थित अपने निवास के पास शिकायतकर्ता को रुपए लेकर बुलाया था। घर के बाहर 80 हजार रुपए लेते हुए धराया पूर्व निर्धारित योजना के तहत व्यापारी ने आरोपी को 80 हजार रुपए दिए। जैसे ही उसने रकम स्वीकार की, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी लोकायुक्त निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत की जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद ट्रैप कार्रवाई कर राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
गुना जिले के भौंरा गिर्द निवासी एक युवक ने अशोकनगर स्थित अपनी ससुराल में हुए विवाद और कथित मारपीट से क्षुब्ध होकर जहर खा लिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान सोमवार रात उसकी मौत हो गई, जिसके बाद मंगलवार सुबह शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। मृतक अपनी पत्नी को वापस लिवाने गया था। मृतक अमीन खान के चचेरे भाई सलमान ने बताया कि सोमवार शाम अमीन अशोकनगर से लौटकर गुना आया था। वह यहां नानाखेड़ी क्षेत्र में अपने चाचा की टैक्सी में बैठा था, तभी उसे अचानक उल्टियां होने लगीं। चाचा द्वारा पूछताछ किए जाने पर अमीन ने अत्यधिक मानसिक तनाव में होने की बात कही और बताया कि उसने सल्फास की दो गोलियां खा ली हैं। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया था। 9 साल पहले हुई थी शादी, भाई ने लगाया प्रताड़ना का आरोपघटना को लेकर मृतक के भाई ने ससुर और सालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि ससुराल वालों ने अमीन के साथ न सिर्फ बर्बरता से मारपीट की, बल्कि उसकी पत्नी को भी साथ भेजने से साफ इनकार कर दिया था, जिससे वह गहरे सदमे में आ गया था। परिजनों के मुताबिक अमीन की शादी करीब 9 वर्ष पहले हुई थी और उनका एक बच्चा भी है। स्थानीय पुलिस अब इस मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है।

