पलवल में उधार के पैसे मांगे, परिवार पर हमला:लाठी-डंडों से पीटा, 3 लोग गंभीर घायल, 8 आरोपियों पर FIR
पलवल जिले के बागपुर गांव में उधार दिए 2 लाख रुपए वापस मांगने पर एक परिवार पर हमला कर दिया गया। ताऊ के परिवार के 8 सदस्यों ने लाठी-डंडों से पीटकर 3 लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने 8 महिला-पुरुषों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चांदहट थाना प्रभारी हरी किशन ने बताया कि बागपुर निवासी ओमप्रकाश ने शिकायत दर्ज कराई है। ओमप्रकाश के अनुसार, उन्होंने अपने ताऊ के बेटों मनोज और धर्मेंद्र को 2 लाख रुपए उधार दिए थे। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने बहस शुरू कर दी। घर में घुसकर किया हमला शिकायत में कहा गया है कि रात करीब 8 बजे धर्मेंद्र, मनोज, योगेश, रामु, राहुल, राजवती, विनीता और ऊषा लाठी-डंडे व अन्य हथियार लेकर ओमप्रकाश के घर के बाहर आ गए। उन्होंने उनका रास्ता रोककर ओमप्रकाश के पिता बंशी, बहन सरोज और भाई साहिल पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। जान से मारने की धमकी देकर आरोपी फरार झगड़े का शोर सुनकर पड़ोसी इकट्ठा होने लगे, जिसके बाद आरोपी परिवार को जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और चांदहट थाना की बागपुर पुलिस चौकी को सूचित किया गया। पुलिस ने ओमप्रकाश की लिखित शिकायत पर सभी 8 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
देवरिया में शादी के 10 दिन बाद ही युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर उसकी नवविवाहिता पत्नी सदमे में अपने मायके लौट गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान छपिया गांव, थाना खामपार निवासी सुनील कुशवाहा (28) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सुनील का विवाह 1 मई को संपन्न हुआ था और उसकी पत्नी 3 मई को ससुराल आई थी। परिवार में शादी की खुशियां अभी पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुई थीं कि यह दुखद घटना घट गई। बताया जा रहा है कि सोमवार को सुनील किसी काम से भाटपाररानी क्षेत्र की ओर गया था। इसी दौरान पकड़ी बाबू चौराहे के पास वह सड़क हादसे का शिकार हो गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के कारण उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। सुनील की मृत्यु की खबर जब उसकी नवविवाहिता पत्नी को मिली, तो वह गहरे सदमे में आ गई। बाद में मायके पक्ष के लोग उसे अपने साथ लेकर चले गए। गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है। भाटपाररानी थाना पुलिस ने सूचना पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि शादी के कुछ ही दिनों बाद युवक की मृत्यु से पूरा गांव स्तब्ध है।
शिवपुरी शहर के फिजीकल थाना क्षेत्र के ढीमर मोहल्ला डांडा काली माई रोड पर पालतू कुत्ते को पीटकर घायल करने और विरोध करने पर पड़ोसियों द्वारा घर में तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। पीड़ित महेश बाथम ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। महेश बाथम पिता तुलाराम बाथम ने बताया कि उन्होंने अपने पालतू कुत्ते को बचपन से पाला है। उनका दावा है कि कुत्ते ने आज तक किसी को नहीं काटा। इसके बावजूद, पड़ोस में रहने वाली सोना पत्नी मुन्ना बाथम ने कुत्ते को लेजम से मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोप है कि कुत्ते पर उबला हुआ पानी डालकर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। महेश का आरोप है कि इस घटना का विरोध करने पर सोना, उसके बेटे नीरज और रवि सहित अन्य लोगों ने उनके घर की छत और पाटौर पर पत्थर फेंके। इस दौरान पाटौर, मुख्य गेट और घरेलू सामान में तोड़फोड़ की गई। साथ ही, पीड़ित के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़ित ने बताया कि घटना के समय वह मजदूरी करने गए हुए थे और उनकी पत्नी घर पर मौजूद थीं। उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना की रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। कई बार थाने में शिकायत करने के बावजूद सुनवाई न होने पर उन्होंने एसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
पन्ना में 'बच्चा चोर' समझकर हरियाणा के तीन श्रद्धालुओं को लोगों ने पीट दिया। घटना रविवार की दोपहर नचने गांव स्थित चौमुखनाथ मंदिर की है। इसका वीडियो सोमवार को सामने आया। सलेहा थाना प्रभारी के अनुसार तीनों लोग अपनी कार से चौमुखनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। मंदिर परिसर के पास वे कुछ बच्चों से सामान्य बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों को उन पर संदेह हुआ। उन्होंने 'बच्चा चोर' होने की अफवाह फैला दी। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं की कार पर लाठी-डंडों से हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ को हमलावर होते देख दो श्रद्धालु मौके से भागने में सफल रहे, लेकिन एक व्यक्ति भीड़ के हत्थे चढ़ गया। भीड़ ने उसे बेरहमी से पीटा। बच्चा चोर जैसी बात सामने नहीं आई सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने उग्र भीड़ के बीच से घायल श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाला। उसे अस्पताल में भर्ती कराया। सलेहा थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्चा चोर गिरोह जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। यह केवल एक अफवाह थी। पुलिस ने 4 से 5 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने महेंद्र सिंह पिता जय सिंह (55) वर्ष निवासी करनाल की शिकायत पर मामला दर्ज किया है।
बसपा झंडा पैरों से रौंदने का आरोप कार्यकर्ताओं में आक्रोश:एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग
इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के लखना कस्बे में बहुजन समाज पार्टी के झंडे के अपमान का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। आरोप है कि महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने बसपा का झंडा उतारकर उसे पैरों से रौंद दिया। घटना से नाराज बसपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिलाध्यक्ष नरेन्द्र कुमार जाटव के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। पार्टी पदाधिकारियों ने इसे बहुजन समाज की भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। सोमवार को बसपा कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि 9 मई 2026 को लखना कस्बे में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इसी दौरान वहां लगा बहुजन समाज पार्टी का झंडा कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उतार दिया गया। झंडे पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर, बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के चित्र अंकित थे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि झंडा उतारने के बाद उसे पैरों से रौंदकर महापुरुषों का अपमान किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में पदाधिकारी कार्रवाई की मांग को लेकर एकत्र हो गए। बसपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र कुमार जाटव ने कहा कि यह घटना केवल एक राजनीतिक दल के झंडे का अपमान नहीं है, बल्कि बहुजन समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर समाज में तनाव और वैमनस्य पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी कार्यकर्ता आगे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान बसपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया गया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और राजनीतिक दल भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
सवाई माधोपुर बजरिया सब्जी मंडी के पास सिंचाई विभाग की दीवार के नजदीक स्थित आवंटित दुकान संख्या 16 पर पेड़ कटाई के दौरान एक गरीब महिला की दुकान टूटने का मामला सामने आया है। दुकान मालिक कुसुम पत्नी नाथू सिंह ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण कार्य से जुड़े लोगों ने बिना सुरक्षा इंतजाम और बिना पूर्व सूचना दिए दुकान के सामने स्थित बड़े नीम के पेड़ को काट दिया। जिससे पूरा पेड़ उसकी दुकान पर गिर गया। हादसे में दुकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई तथा अंदर रखा परचून का सामान भी नष्ट हो गया। महिला बोली, तीन बेटी और दिव्यांग पति की जिम्मेदारी पीड़िता कुसुम सिंह ने बताया कि वह अपने दिव्यांग पति और तीन बेटियों का पालन-पोषण इसी दुकान से करती थी। यह दुकान ही परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन थी। घटना के दौरान जब उसने और उसकी पुत्री रजनी ने सामान बचाने का प्रयास किया तो मौके पर मौजूद लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की की। पीड़िता का आरोप है कि उन्हें धमकाते हुए कहा गया कि “ऊपर से पेड़ आगे गिरेंगे, यहां से हट जाओ वरना जान चली जाएगी।”कुसुम ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने दबंगई दिखाते हुए कहा कि “जो करना है कर लो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” शिकायत में निर्माण एजेंसी से जुड़े लोगों, ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। कार्रवाई नहीं होने पर धरने पर बैठी महिलापीड़िता ने एसपी और जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, अवैध पेड़ कटाई की जांच करवाने तथा नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि उसकी दुकान मुख्यमंत्री योजना के तहत विधिवत आवंटित दुकान संख्या 16 है, इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से कथित रूप से “रोड पर दुकान क्यों लगा रखी है” जैसी टिप्पणी किए जाने से वह मानसिक रूप से आहत हुई है।न्याय नहीं मिलने से परेशान पीड़िता अब धरने पर बैठ गई है। उसका कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, अधिकारियों की भूमिका की जांच, अभद्र व्यवहार करने वालों पर मुकदमा और नुकसान का मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
नीमच में आधी रात जीव हत्या की आशंका:सड़क पर लगी खून की धार, CCTV फुटेज में संदिग्ध ऑटो दिखा
नीमच शहर के कैंट थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक संदिग्ध घटना सामने आई है। बंगला नंबर 55 के पास सड़क पर खून के धब्बे मिलने से जीव हत्या की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में एक अज्ञात टेम्पो चालक पर बेसहारा जीव, संभवतः गौ-वंश, की हत्या का आरोप लगा है। घटना के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में गौ-सेवक कैंट थाने पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आवेदन सौंपा। गौ-सेवक मितेश अहीर ने बताया कि रात करीब 3 बजे चर्च की दीवार के पास एक तीन पहिया टेम्पो खड़ा था। वहां मौजूद व्यक्ति किसी जीव के साथ हिंसक कृत्य कर रहा था। आसपास के रहवासियों की नींद खुलने और हलचल देखने पर चालक घबरा गया और तेजी से वाहन लेकर भाग निकला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भागते हुए टेम्पो से सड़क पर खून की धार गिर रही थी। सोमवार सुबह गौ-सेवक और पुलिस मौके पर पहुंचे, जहां सड़क पर खून के ताजा धब्बे और वाहन के टायरों के निशान मिले। रहवासियों ने बताया कि इस इलाके में रात के समय कई बेसहारा गायें बैठती हैं। आशंका है कि अंधेरे का फायदा उठाकर किसी जीव को निशाना बनाया गया है। मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें संदिग्ध टेम्पो तेजी से भागता हुआ दिखाई दे रहा है। गौ-सेवा समिति ने पुलिस को सौंपे आवेदन में स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने 3 दिनों के भीतर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की पहचान करने की मांग की है। समिति ने आरोपियों पर जीव हत्या की धाराओं में मामला दर्ज करने को कहा है। यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई, तो शहर के गौ-सेवक और हिंदू संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। संदिग्ध ऑटो की तलाश नीमच कैंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि उन्हें रहवासियों से सूचना मिली थी, जिसके बाद तत्काल टीम को मौके पर भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की तलाश जारी है। थाना प्रभारी ने मामले में जल्द ही खुलासा करने का आश्वासन दिया है।
अयोध्या में जगह-जगह उपवन स्थापित कर अयोध्या को रामायणकालीन वृक्षों से आच्छादित किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री नगरोदय योजना के तहत डिजिटल लाइब्रेरी भी खोली जाएगी। इस संबंध में महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी एवं नगर आयुक्त श्री जयेंद्र कुमार ने निर्देश दिए हैं। वह नगर निगम के अधिकारियों के साथ नगर में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। महापौर ने कहा कि नगर क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर से छोटा एवं बड़ा दोनों श्रेणी के उपलब्ध स्थानों का चयन कर लिया जाये और वहां रामायण कालीन वृक्षों को रोपा जाए। इसके लिए जैन मंदिरों के आसपास जमीन तलाशने का भी निर्देश उन्होंने दिया। नगर आयुक्त ने हीट एक्शन प्लान के मुताबिक अति संवेदनशील नौ वार्डों में इस योजना के तहत विशेष फोकस करने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में बताया गया कि नगर क्षेत्र में मियावाकी पद्धति के दो उपवन स्थापित किए गए हैं।बैठक में मुख्यमंत्री नगरोदय योजना के तहत डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए छात्रों के बहुलता वाले इलाकों वशिष्ट कुंड, चित्रगुप्त, मलिकपुर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी आदि वार्डों में जगह तलाश करने का भी निर्देश दिया गया। तय किया गया कि नगर निगम निधि से नगर के पांच छोटे तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर उनकी वेरीकेटिंग कराई जाएगी और वहां जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। नगर आयुक्त ने समीक्षा के दौरान कहा कि जिन निर्माण कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है, उनके भुगतान को भी समय से सुनिश्चित करा दिया जाय। उन्होंने कार्य में जानबूझकर छह माह से अधिक विलंब करने वाले ठेकेदारों को चिन्हित कर नोटिस दिए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्मार्ट सिटी योजना के तहत निर्मित चार स्कूलों का लोकार्पण स्कूल खुलते ही कराने को कहा। भजन संध्या स्थल के पास पार्किंग एवं शौचालय के निर्माण की योजना को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया। समीक्षा बैठक में पाया गया कि स्वीकृत पांच तालाबों का निर्माण कार्य चल रहा है, इस परियोजना को समय से पूरा कराने की हिदायत दी गई।बैठक में मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें पाया गया कि 32 निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि बाकी 30 परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने को कहा गया। सीएम ग्रिड योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के 25 कार्य पूर्ण पाए गए। बताया गया कि सीवरेज एवं जल निकासी के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत दो कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं, जबकि दो कार्य सीवर लाइन के कारण बाधित हैं। समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, मुख्य अभियंता सिविल पुनीत कुमार ओझा के अलावा संबंधित विभागों के अभियंता एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल एजुकेशन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बेसिक शिक्षा विभाग प्रतिबद्ध है। उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट एवं पीएम श्री विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के स्टूडेंट्स को खान एकेडमी प्लेटफॉर्म के माध्यम से गणित और विज्ञान की डिजिटल पढ़ाई से जोड़ा जा रहा है। जारी निर्देशों के अनुसार सभी विद्यालयों को साप्ताहिक समय सारिणी में गणित एवं विज्ञान के दो कालांश आईसीटी लैब में निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी नियमित रूप से खान एकेडमी पर अभ्यास कर सकें। इससे बच्चों की अवधारणात्मक समझ मजबूत होगी और तकनीक आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा। सेशन रेगुलर करने पर जोरविभाग ने शैक्षिक सत्र 2026-27 की तैयारियों के तहत विद्यार्थियों के पंजीकरण और अकाउंट एक्टिवेशन की प्रक्रिया भी समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए संबंधित हैंडबुक भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे शिक्षक और विद्यालय प्रशासन को तकनीकी प्रक्रिया समझने में सुविधा होगी। बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों में स्वयं सीखने की क्षमता विकसित होगी, साथ ही गणित और विज्ञान जैसे विषयों में उनकी रुचि और दक्षता भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री योगी बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संदीप सिंह जी के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजगढ़ जिले के कई गेहूं खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था और धीमे उठाव की शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासन अब सख्त हो गया है। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि खरीदी व्यवस्था में लापरवाही अब सीधे कार्रवाई तक पहुंचेगी। कलेक्टर ने धीमी गति से गेहूं उठाव वाले और टीसी (ट्रांसपोर्ट चालान) जनरेट न करने वाले केंद्रों के अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्र किसानों के लिए परेशानी का कारण नहीं बनने चाहिए। बैठक में बैरसिया, बरेड, आदलहेड़ा, आसरेटा पंवार और सुस्तानी जैसे खरीदी केंद्रों की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। कई केंद्रों पर गेहूं का समय पर उठाव न होने से स्टॉक बढ़ने लगा है, जिससे किसानों को तौल और परिवहन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने अधिकारियों को तत्काल अतिरिक्त मजदूर लगाने और प्रत्येक खरीदी केंद्र पर तीन से अधिक कांटे चालू रखने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य तौल प्रक्रिया में तेजी लाना और किसानों की लंबी लाइनें खत्म करना है। उन्होंने यह भी साफ किया कि गेहूं खरीदी से लेकर परिवहन और उठाव तक हर व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि किसी केंद्र पर किसानों को अनावश्यक इंतजार करना पड़ा या काम में ढिलाई मिली, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 23 मई को गविष्ठी गौरक्षार्थ यात्रा के तहत कौशांबी के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करेंगे। यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ माता के सम्मान और संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाना बताया गया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कौशांबी में पदयात्रा करेंगे और रात्रि विश्राम भी करेंगे। यह जानकारी ‘गविष्ठी गौरक्षार्थ यात्रा’ के कौशांबी जिला प्रभारी सचिन द्विवेदी ने सोमवार को मंझनपुर स्थित जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा वर्ष 1966 में शुरू किए गए गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। द्विवेदी ने बताया कि पिछले वर्ष प्रयागराज महाकुंभ में आयोजित महायज्ञ में 2 करोड़ 78 लाख आहुतियां दी गई थीं, जबकि महाराष्ट्र में आयोजित गौ प्रतिष्ठा महायज्ञ में 3 करोड़ 68 लाख आहुतियां अर्पित की गईं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के तहत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गौ ध्वज स्थापित किए गए हैं। साथ ही उन्होंने इस आरोप का खंडन किया कि आंदोलन की ओर से सरकार से संवाद नहीं किया गया। उनके अनुसार प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों और विभिन्न राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों के पास भेजा गया था, लेकिन गौ माता की प्रतिष्ठा के लिए किसी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने 17 मार्च को लखनऊ के रामलीला मैदान में प्रस्तावित सभा को प्रशासन द्वारा रोके जाने का भी उल्लेख किया। प्रेस वार्ता में आंदोलन के नेताओं ने यह भी घोषणा की कि वे उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रहे हैं। उनका दावा है कि वे सरकार बनाने और बदलने की क्षमता रखते हैं।
कानपुर के वार्ड 98 स्थित माहेश्वरी मोहाल इलाके में जर्जर सड़क से लोगों को जल्द निजात मिलेगी। सोमवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाली नई सड़क का शिलान्यास किया। इस सड़क के निर्माण से कमला टावर से मंशा देवी मंदिर तक जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को गड्ढों से मुक्ति मिलेगी। लंबे समय से खराब पड़ी इस सड़क के निर्माण के लिए 15वें वित्त आयोग से बजट को मंजूरी मिली है। परियोजना की कुल लागत 19 लाख 60 हजार रुपये निर्धारित की गई है। महापौर ने पूरे विधि-विधान से भूमि पूजन कर नारियल फोड़ा और निर्माण कार्य का शुभारंभ कराया। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। कमला टावर से मंशा देवी मंदिर तक का यह मार्ग काफी व्यस्त रहता है। मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और राहगीरों को उखड़ी हुई सड़क के कारण आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। भूमि पूजन के दौरान स्थानीय लोगों ने महापौर को इलाके की अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया, जिस पर महापौर ने शहर के हर वार्ड में मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने को अपनी प्राथमिकता बताया। भूमि पूजन के बाद महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है, लेकिन जनता के पैसे का सही उपयोग होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही या घटिया सामग्री का इस्तेमाल पाया गया, तो संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर पार्षद और क्षेत्रीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेक्टर 2 में सेटबैक के खिलाफ महिलाओं का धरना पिछले एक महीने से जारी है। हालांकि बीच में दो बार उन्होंने इसे स्थागित भी किया लेकिन अब पिछले पांच दिनों से वह फिर से जारी है। इसके साथ ही पिछले 7 दिनों से सेक्टर चार की महिलांए भी धरने पर बैठी हुई हैं। दोनों जगह पर बैठी महिलाओं की मांग सिर्फ यही है कि आवास विकास अपने नोटिस वापस ले और हम सेटबैक नहीं देंगे। इसी प्रकरण के चलते सोमवार को सेक्टर 2 में धरना दे रही महिलाओं ने एक प्रेस वार्ता की और अपनी आगे की रणनीति बताते हुए पहले क्या- क्या हुआ वह भी बताया और मांग पूरी न होने पर पह क्या कर सकती हैं इस पर भी चर्चा की। मंत्री जी की बढ़ी जिम्मेदारी धरने पर बैठी राधा गुप्ता ने प्रस वार्ता में कहा कि जब नारी शक्ति के कदम मंत्री सोमेंद्र तोमर के घर पर पड़े तो उसके बाद ही उनकी और तरक्की हुई है। यह बात मंत्री जी को समझना चाहिए और अब उनका दायित्व हमारे मकानों को बचाने के प्रति और ज्यादा बढ़ गया है। उन्हें अब और ज्यादा प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री जी से अब वह और ज्यादा मजबूती से हमारा पक्ष रख सकते हैं। हमारा भी हक है खुशी मनाना धरने पर बैठी शीतल पूजानी ने कहा कि सोमेंद्र तोमर को नए दायित्व मिलने पर भाजपाइयों ने लड्डू बाटकर जश्न मनाया। हम उनसे पूछना चाहते हैं क्या यह हमारा हक नहीं है कि हम भी उनके इस सुख में शामिल हो। मंत्री जी हमें भी न्याय दिलाए और अपनी खुशी में शामिल करें। हम भी चाहते हैं कि हम भी आपके इस सुख में शामिल हो लेकिन हम यह चाहते हैं कि हमें भी हमारा घर व्यापार दिलांए ताकि हम भी ख़ुशी मना सके। लोकेश खुराना दे जवाब धरने पर बैठी महिलाओं ने कहां की हम लोकेश खुराना से भी इस बात का जवाब जानना चाहते हैं कि हम भी उनकी माताएं बहने ही हैं फिर उन्होंने हमारे साथ ऐसा क्यों किया। उनके कारण आज हमें एक महीने से यहां बैठना पड़ रहा है । हमारा कोई यहां इतना बड़ा व्यापार नहीं चलता था छोटे-छोटे रोजगार के माध्यम से हम अपना परिवार यहां रह कर पाल रहे थे। हम इस बात का उनसे जवाब चाहते हैं कि वह इसका जवाब दें कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि वह हमारे बीच नहीं आ सकते हैं तो हम उनके पास जाने के लिए तैयार है।
पुजारी और किशोर से जुड़े वीडियो पर विवाद:ग्रामीण बोले- साजिश के तहत फंसाया गया, निष्पक्ष जांच हो
नागौर में मंदिर के पुजारी और नाबालिग किशोर से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद मामला गरमा गया है। घटना को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पुजारी के समर्थन में ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों ने एसपी को दिए ज्ञापन में बताया कि पुजारी पिछले करीब एक वर्ष से गांव के मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने उन्हें बदनाम करने और फंसाने के उद्देश्य से साजिश रची है। ज्ञापन में दावा किया गया कि एक नाबालिग बच्चे को मोबाइल देकर बिना जानकारी के वीडियो बनवाया गया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
ओरछा के राजाताल में जंगल में लगी आग:खेतों की ओर फैली; फायर ब्रिगेड बुझाने का कर रही प्रयास
निवाड़ी जिले की ओरछा तहसील के राजाताल इलाके में सोमवार शाम जंगल में भीषण आग लग गई। सूखे पत्तों और भीषण गर्मी के कारण आग तेजी से खेतों की ओर फैलने लगी, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। यह आग राजाताल और रामनगर के बीच स्थित जंगल क्षेत्र में भड़की। आसपास का क्षेत्र सूखा होने के कारण लपटें तेजी से फैलती चली गईं और बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय निवासी स्वप्नेश कुशवाहा ने बताया कि आग करीब दो घंटे से लगी हुई है और धीरे-धीरे खेतों की तरफ बढ़ रही है। इससे किसानों में चिंता का माहौल बन गया है। दमकल कर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे हुए हैं ताकि लपटें आसपास के खेतों और आबादी वाले क्षेत्र तक न पहुंच सकें। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक नई पहल की है। विश्वविद्यालय परिसर में नवस्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 'आनंदम' के तहत पहला निःशुल्क सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य परामर्श शिविर शुरू किया गया। यह शिविर कुलपति प्रो. वंदना सिंह के संरक्षण में विश्वविद्यालय और 'नई सुबह' संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। वाराणसी से आए वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. अजय तिवारी ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच विकसित करने के व्यावहारिक तरीके बताए। डॉ. तिवारी ने मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण बताया और समय पर संवाद व परामर्श की आवश्यकता पर जोर दिया। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने विश्वविद्यालय और 'नई सुबह' संस्था के बीच विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते के तहत छात्रों को 24x7 टेली-मानस काउंसलिंग सेवा मिलेगी, साथ ही प्रत्येक माह वरिष्ठ मनोवैज्ञानिकों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में निःशुल्क भौतिक परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे। आज आयोजित पहले शिविर में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से खुलकर चर्चा की। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस पहल को छात्रों के सर्वांगीण विकास और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
छतरपुर जिले के बकस्वाहा थाना अंतर्गत बम्हौरी चौकी के ग्राम खमरिया में महिलाओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार की महिलाएं सोमवार को घायल अवस्था में छतरपुर एसपी ऑफिस पहुंचीं और पुलिस सहित गांव के कुछ लोगों पर घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाया। महिलाओं का कहना है कि बकस्वाहा थाने में उनकी शिकायत नहीं सुनी गई, इसलिए उन्हें एसपी ऑफिस आना पड़ा। पीड़िता उर्मिला लोधी ने शिकायत में बताया कि रविवार रात करीब 10:30 बजे उसका देवर बेगप्रताप उर्फ चिंटू सिंह पुराने लेन-देन के पैसे मांगने गांव के ही निरपत सिंह लोधी के घर गया था। इसी दौरान निरपत सिंह, उसके बेटे बृजेश और सुरेंद्र सिंह ने चिंटू के साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंची उसकी सास रामबाई के साथ भी मारपीट की गई। पुलिस पर भी लगाए मारपीट के आरोपउर्मिला का आरोप है कि सूचना देने पर बम्हौरी चौकी से पांच पुलिसकर्मी गांव पहुंचे, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उन्होंने निरपत सिंह के परिवार के साथ मिलकर उनके घर में घुसकर महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। मारपीट में वह स्वयं उर्मिला, उसकी सास रामबाई, देवरानी वंदना और देवर चिंटू घायल हुए हैं। शिकायत में हाथ की हड्डी टूटने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा अवैध शराब का कारोबार किया जाता है, जिसके कारण पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उनका कहना है कि रातभर 112 पर कॉल करने के बावजूद कोई मदद नहीं मिली। टीआई बोले- पुलिस पर लगाए आरोप गलतमामले में बकस्वाहा थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि दोनों पक्ष एक ही परिवार के सदस्य हैं और परिवार में 14 मई को शादी का कार्यक्रम होना है। उनके मुताबिक, चिंटू सिंह शराब के नशे में विवाद करने पहुंचा था, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई। टीआई ने कहा कि सूचना मिलने पर पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची थी, लेकिन बाद में पुलिस पर ही मारपीट के आरोप लगा दिए गए। उन्होंने पुलिस पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि “भला पुलिस किसी के घर में घुसकर मारपीट कैसे कर सकती है।”
कोटा के सिमलिया में अतिक्रमण तोड़ा:मेन बाजार में कई मकान-दुकानें चपेट में आई , लोगों ने नाराजगी जताई
कोटा के सिमलिया कस्बे में मुख्य बाजार के दोनों ओर प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान एलएनटी (LT) और जेसीबी मशीनों की मदद से कई पक्के मकानों और दुकानों के आगे के हिस्सों को तोड़ दिया गया। प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कई परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है, वहीं व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इधर, प्रशासन का तर्क है कि यह मामला पिछले 2 साल से स्थायी लोक अदालत में विचाराधीन था। अदालत के आदेशानुसार अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट पेश करनी थी, जिसके चलते यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। । 200 अतिकर्मियों को चिन्हित किया, कई बार नोटिस दिया उपखंड अधिकारी दीगोद दीपक महावर ने बताया स्थायी लोक अदालत में पेश याचिका के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। कोर्ट में अतिक्रमण तोड़कर रिपोर्ट पेश करनी थी। करीब 200 अतिकर्मियों को चिन्हित किया गया। उन्हें कई बार नोटिस दिए गए। हाल ही में 2 मई को आखिर बार नोटिस दिया गया था। मेन बाजार में दोनों साइड पर किसी ने रेंप बनाकर, टिन शेड लगाकर, मकान, दुकान, सीढ़िया, दीवार बनाकर अतिक्रमण किया हुआ था। कुछ लोगों ने मकान के आगे का हिस्सा निकाल रखा था। उसे जेसीबी व एलएनटी मशीन से तोड़ा। अतिक्रमण की कार्रवाई सुबह साढ़े 9 बजे से शुरू हुई जो शाम 5 बजे तक जारी रही। कार्रवाई में सिमलिया थाना पुलिस व लाइन से 70-75 जवान मौजूद रहे। 'जनहित के नाम पर बदले की कार्रवाई' जिला परिषद सदस्य और मूल याचिकाकर्ता गीता मेघवाल ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2024 में उन्होंने स्थायी लोक अदालत में जनहित याचिका केवल नाले की सफाई, अवैध निर्माण हटाने और बारिश में बाढ़ जैसे हालातों से राहत दिलाने के लिए लगाई थी। लेकिन प्रशासन ने इस याचिका का सहारा लेकर इसे व्यापक 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' का रूप दे दिया। गीता मेघवाल का आरोप है कि सड़क के सेंटर से 40-40 फीट तक पक्के मकानों को मशीनों से ध्वस्त करना न तो नियोजित है और न ही न्यायसंगत। 'सरकारी भवनों को बचाया, गरीबों पर चला पीला पंजा' इस कार्रवाई में प्रशासन पर पक्षपात और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने के आरोप भी लग रहे हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार, कई निजी दुकानों और यहाँ तक कि सरकारी स्कूलों की दीवारों को धराशायी कर दिया गया, लेकिन वहीं 40 फीट के दायरे में आने वाले सहकारी भवन को प्रशासन ने हाथ तक नहीं लगाया। आरोप है कि प्रशासन सरकार और रसूखदारों के दबाव में काम कर रहा है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। बेघर हुए परिवार और ठप हुआ व्यापार प्रशासन की इस कार्रवाई से प्रभावित स्थानीय लोगों और व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था या उचित समय दिए दुकानों को तोड़े जाने से उनका व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवार बेघर हो गए हैं। स्थानीय जनता ने मांग की है कि प्रशासन को केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निष्पक्ष जांच और राहत प्रदान करनी चाहिए। इधर याचिकाकर्ता एवं जिला परिषद सदस्य गीता मेघवाल ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए हैं। गीता मेघवाल ने कहा साल 2024 में उन्होंने स्थाई लोक अदालत में जनहित याचिका लगाई थीएलएनटी जिसमें सिमलिया कस्बे में मुख्य सड़क व मुख्य सरकारी नाले पर हो रहे अतिक्रमण व अवैध निर्माण को हटाने व बारिश के दौरान कस्बे में बनने वाले बाढ़ जैसे हालात, समय पर नाला सफाई और निचली बस्तियों को राहत दिलाने की मांग की गई थी। लेकिन प्रशासन ने इसे व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान का रूप दे दिया। सड़क के सेंटर से दोनों ओर 40-40 फीट तक निर्माण तोड़े जा रहे हैं और बड़ी बड़ी मशीनों से लोगों के पक्के मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है। वर्तमान में जिस प्रकार से कार्रवाई की जा रही है वह नियोजित और न्यायसंगत नहीं लग रही है। उन्होंने प्रशासन पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई करने के आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि कई दुकानों और सरकारी स्कूलों की दीवारों को तोड़ा गया, जबकि सहकारी भवन भी 40 फीट दायरे में आने के बावजूद उसे नहीं हटाया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन सरकार के दबाव में कार्रवाई कर रहा है। इधर कार्रवाई से प्रभावित लोगों में भारी नाराजगी है। व्यापारियों का कहना है कि बिना पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को तोड़े जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आमजन और व्यापारियों को राहत देते हुए निष्पक्ष और मानवीय दृष्टिकोण से कार्रवाई की।
डूंगरपुर में मोबाइल टावर से आरआरयू मशीन चोरी के मामले का खुलासा हुआ है। वरदा थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी की गई आरआरयू मशीन और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की है। वरदा थानाधिकारी मोहम्मद रिजवान खान और उनकी टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र के रणोली गांव स्थित इंडस मोबाइल टावर से आरआरयू मशीन चोरी होने की शिकायत दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दो आरोपियों को पकड़ा। इनकी पहचान कन्हैयालाल डोडियार (25) और राजेंद्र परमार (24) निवासी चारवाड़ा, थाना सागवाड़ा के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी कन्हैयालाल एक निजी कंपनी में एयरटेल मोबाइल टावरों पर ड्यूटी इंजीनियर (एफएमई) के हेल्पर के रूप में काम करता था। टावरों पर चढ़ने और तकनीकी कार्यों का अनुभव होने के कारण उसने पहले भी विभिन्न गांवों में लगे मोबाइल टावरों से आरआरयू मशीनें चोरी की थीं। आरोपी ने अपने साथी राजेंद्र के साथ मिलकर 6 मई 2026 को रणोली स्थित इंडस टावर से मशीन चुराई थी। इस दौरान उन्होंने आसपास के लोगों को खुद को टावर कर्मचारी बताकर गुमराह किया और मशीन लेकर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
अमेठी की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पूजा साहू ने विकासखंड जगदीशपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कठौरा में निर्माणाधीन वृहद स्थाई गोवंश संरक्षण केंद्र और लोशनपुर स्थित अस्थाई गोवंश संरक्षण केंद्र का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता और गति बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। कठौरा में निर्माणाधीन वृहद गौशाला का कार्य दो संस्थाओं, यूपी आरएनएसएस और यूपी सीएलडीएफ, द्वारा किया जा रहा है। सीडीओ ने मौके पर उपस्थित दोनों संस्थाओं के सहायक अभियंताओं प्रशांत कुमार और भूपेंद्र कुमार को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूरी तरह मानक और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कार्य की गति बढ़ाते हुए इसे युद्ध स्तर पर पूर्ण करने को कहा। निरीक्षण के दौरान, सीडीओ ने सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंशों के प्रति सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गोपाल कृष्ण शुक्ल और खंड विकास अधिकारी जगदीशपुर कमलेश कुमार को निर्देशित किया कि गौशालाओं की क्षमता के अनुसार तत्काल संरक्षण अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मार्गों पर कोई भी निराश्रित गोवंश नहीं दिखना चाहिए। लोशनपुर स्थित अस्थाई केंद्र के निरीक्षण के दौरान, कई गोवंश बिना इयर टैगिंग के पाए गए, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने तत्काल सभी गोवंशों की टैगिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नए आने वाले निराश्रित गोवंशों की 24 घंटे के भीतर टैगिंग की जाए और उनकी गणना पशु रजिस्टर में अंकित की जाए। अपूर्ण अभिलेखों को तत्काल अद्यतन करने के निर्देश भी दिए गए।
शिवगंज शहर के कॉलेज रोड पर केनरा बैंक के पास एक निजी प्लॉट पर निर्माण कार्य के नाम पर सालों पुराने विशालकाय नीम के पेड़ काट दिए गए। लगभग तीन वर्षों से खड़े इन हरे-भरे पेड़ों को आरी और कटर मशीन से धराशायी कर दिया गया। इस घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में बिना अनुमति पेड़ों की कटाई और अवैध निर्माण का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की ओर से समय पर सख्त कार्रवाई न होने से ऐसे मामलों को बढ़ावा मिल रहा है। सूचना मिलने पर तहसीलदार आसुराम, आरआई और पटवारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौका फर्द तैयार कर घटना से संबंधित जानकारी जुटाई। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई थी। शहरवासियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और अधिक पौधारोपण के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिवगंज में निर्माण कार्यों की आड़ में हरे-भरे वृक्षों की कटाई जारी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बिना अनुमति पेड़ काटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि शहर की हरियाली को बचाया जा सके। शिवगंज तहसीलदार आसुराम ने बताया कि यह मामला नगर पालिका क्षेत्र का होने के कारण नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को इस संबंध में कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। शिवगंज में अवैध बोरवेल खुदाई जारी, नियमों की अनदेखी शिवगंज शहर के न्यू नेहरू नगर गली नंबर-1 में बिना किसी स्वीकृति के बोरवेल खुदाई का मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन, नगरपालिका और जलदाय विभाग को इसकी सूचना दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे क्षेत्र में अवैध बोरवेल खुदाई धड़ल्ले से जारी है।राजस्थान सरकार भू-जल संरक्षण के लिए सख्त नियम लागू कर रही है। राजस्थान भू-जल (संरक्षण एवं प्रबंधन) प्राधिकरण विधेयक 2024 के तहत बिना अनुमति बोरवेल खोदना दंडनीय अपराध है। नियमों के अनुसार, बोरवेल या ट्यूबवेल की खुदाई से पहले संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य है।नियमों के पहले उल्लंघन पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। दोबारा नियम तोड़ने पर 6 माह तक की जेल और 1 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। अवैध खुदाई पर रोक लगाने के लिए ड्रिलिंग मशीनों का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य किया गया है। इन सख्त नियमों के बावजूद शिवगंज में जिम्मेदार विभाग 'देखो और जाने दो' की नीति पर चलते दिख रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता है, तो शहर में भू-जल स्तर पर गंभीर असर पड़ सकता है। क्षेत्रवासियों ने अवैध बोरवेल खुदाई तुरंत रुकवाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में शिवगंज तहसीलदार आसु राम राणा ने बताया कि बोरवेल की खुदाई उनके क्षेत्राधिकार से बाहर और नगर पालिका क्षेत्र में हुई है। उन्होंने नियमानुसार कार्रवाई के लिए अधिशासी अधिकारी (ईओ) को सूचित कर दिया है।
अनूपपुर कलेक्टर कार्यालय परिसर में जुलूस, आमसभा और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से कार्यालयीन व न्यायालयीन कार्यों में बाधा की संभावना को देखते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हर्षल पंचोली ने सोमवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा-163 के तहत ये आदेश जारी किए। इन आदेशों के तहत, कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर परिसर को ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। कोई भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या आंदोलनकारी व्यक्ति परिसर में ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग नहीं कर पाएगा। यह प्रतिबंध परिसर और उससे लगे 100 मीटर के दायरे में लागू रहेगा। ज्ञापन सौंपने के लिए भी नियम तय किए गए हैं। व्यक्ति या संगठन कार्यकर्ताओं को कलेक्टर कार्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर ही शांतिपूर्ण ढंग से और कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपना होगा। किसी भी दल, संगठन या आंदोलनकारी व्यक्ति को जुलूस, आमसभा, नारेबाजी या ज्ञापन सौंपने से कम से कम तीन दिन पहले अनुविभागीय अधिकारी अनूपपुर से लिखित अनुमति लेनी होगी। सभी गतिविधियां निर्धारित स्थल पर ही की जाएंगी। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश अगले दो माह तक प्रभावी रहेगा।
शहडोल जिले के पपौंध थाना क्षेत्र के ग्राम बरा घाटी टोला में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे में एक मकान की दीवार तोड़कर घर में प्रवेश किया और लाखों के सोने-चांदी के जेवर सहित नगदी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बरा घाटी टोला निवासी कमलेश साकेत अपने परिवार के साथ रात में घर के अंदर सो रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने घर के पिछले हिस्से को निशाना बनाया। चोरों ने पहले कच्ची दीवार में सेंध लगाई और फिर कमरे के भीतर पहुंचकर अलमारी व बक्सों को खंगाल डाला। आरोपियों ने घर में रखे सोने-चांदी के जेवर, नगदी और अन्य कीमती सामान चुरा लिया। सुबह जब परिवार के लोग जागे तो कमरे का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा मिला और दीवार टूटी हुई थी। पीड़ित परिवार ने बताया कि शादी और घरेलू जरूरतों के लिए रखी गई रकम भी चोर ले गए, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। सूचना मिलने पर पपौंध थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की है तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। वारदात को देखते हुए पुलिस को संदेह है कि चोरी करने वाले आरोपियों ने पहले घर की रेकी की थी और सुनसान रात का फायदा उठाकर घटना को अंजाम दिया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि रात में पुलिस गश्त बढ़ाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द खुलासे का दावा कर रही है।
कन्नौज एक्सप्रेस-वे के किनारे एक ज्वैलर्स का शव मिला है। मृतक के गर्दन और सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं। पत्नी ने अपने पति के चार दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। मृतक की पहचान तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर मोहल्ला निवासी मनोज यादव के रूप में हुई है। जिनकी उमरायपुरवा गांव में ज्वैलरी की दुकान थी। रविवार शाम को मनोज की दुकान पर कुछ दोस्त आए और उन्हें गोवा गांव में एक दावत में चलने के लिए कहा। मनोज ने शाम 6 बजे अपने भतीजे हर्षवर्धन को घर भेज दिया और दोस्तों के साथ दावत में चले गए। वह अपनी दुकान की ज्वैलरी भी साथ ले गए थे, जिसे वह प्रतिदिन घर लाते और ले जाते थे। रात करीब 11 बजे पुलिस ने मनोज की पत्नी सोनी यादव को फोन कर बताया कि उनके पति घायल और बेहोशी की हालत में सड़क किनारे पड़े मिले हैं। उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा है। सोनी यादव परिजनों के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचीं, जहां उन्हें मनोज मृत अवस्था में मिले। सोमवार सुबह पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे दुर्घटना मानकर कार्रवाई शुरू की है। सोनी यादव ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके पति को दोस्त दावत के बहाने बुलाकर ले गए और उन्हीं ने उनकी हत्या कर शव फेंक दिया। उन्होंने बताया कि मनोज की गर्दन पर चोट के निशान थे। पत्नी ने यह भी बताया कि मौत के बाद कोई भी दोस्त मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचा और मनोज के पास से कोई ज्वैलरी भी नहीं मिली।
इंदौर के द्वारकापुरी में एक महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। सोमवार दोपहर परिजनों ने उसे फंदे पर लटके देखा। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों को जानकारी दी। मायके पक्ष के लोगों ने पति और सास पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। द्वारकापुरी पुलिस के मुताबिक, मृतका गौरी (22) पत्नी राहुल, निवासी सूर्यदेव नगर की रहने वाली थी। पति ने दोपहर में बेटी के रोने पर पत्नी गौरी को आवाज लगाई, लेकिन जब पत्नी ने जवाब नहीं दिया तो पति राहुल ने कमरे में जाकर देखा। वहां गौरी फंदे पर लटकी मिली। परिवार के लोगों ने बताया कि सोमवार को गौरी ने जींस पहनी थी। इसे लेकर सास शारदा ने उसे डांटा था। इस बात से वह नाराज हो गई। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। घटना के समय उसका पति मोबाइल चला रहा था, जबकि बच्ची हॉल में खेल रही थी। मायके पक्ष के लोगों ने बताया कि गौरी को उसका पति राहुल और सास शारदा प्रताड़ित करते थे। उसे दहेज की बातों को लेकर भी ताने मारे जाते थे। गौरी की शादी को डेढ़ साल हो गया था। उसका पति काफी समय से कामकाज भी नहीं कर रहा था। इसके चलते दोनों के बीच विवाद होते रहते थे। हालांकि, आरोपों के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के माध्यम से बलिया जिले के माटीकला शिल्पकारों को निःशुल्क पगमिल मशीनें वितरित की जाएंगी। यह पहल पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और उनके कार्य को आसान बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। जिले के लिए कुल 06 पगमिल मशीनों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना का लाभ केवल उन्हीं शिल्पकारों को मिलेगा जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के अंतर्गत बैंक से ऋण प्राप्त किया है। पात्र एवं इच्छुक शिल्पकार UP Mati Kala Board Portal पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 25 मई 2026 तय की गई है। आवेदन करते समय आवेदकों को फोटो, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र तथा राशन कार्ड की छायाप्रति अपलोड करनी होगी। ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी मूल प्रति को अपलोड किए गए दस्तावेजों एवं आधार कार्ड की छायाप्रति के साथ संलग्न कर 30 मई 2026 तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, रामपुर उदयभान, बलिया में जमा करना अनिवार्य होगा। इस संबंध में जानकारी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संस्कृति गुप्ता ने दी।
चंदौली में सोमवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मुलाकात की। इस दौरान सिंचाई विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी मौजूद रहे। किसानों ने चंद्रप्रभा और गड़ई नदी की खुदाई में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। किसानों ने मांग की कि नदियों की नियमित सफाई न होने के कारण धान की फसलें बर्बाद हो जाती हैं और उन्हें हर साल बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। उन्होंने नदियों की तत्काल खुदाई और सफाई की मांग की। भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह ने बताया कि चंद्रप्रभा और गड़ई नदी की सफाई के लिए शासन से टेंडर जारी हो चुका है। हालांकि, सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण अभी तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी बताया कि 'नमामि गंगे' परियोजना के तहत गंगा की सहायक नदियों की खुदाई के लिए अलग से अनुमति लेनी होती है, जिसके कारण कुछ देरी हुई है। अधिकारियों की शासन स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी सिंह ने कहा कि टेंडर होने के बावजूद काम शुरू न होने से किसानों का धैर्य टूट रहा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों से बातचीत के बाद चार दिन के भीतर नदियों की खुदाई और सफाई का कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही हुई, तो संबंधित अधिकारियों की शासन स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। राणा प्रताप सिंह ने बताया कि विभागीय मंत्री के साथ-साथ प्रमुख सचिव स्तर से भी नदियों की खुदाई के कार्य की निगरानी की जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नदियों की खुदाई होने से बबुरी क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इस दौरान संतोष कुमार गुप्ता, शरदचंद्र तिवारी, सामू भरद्वाज, सुनील गुप्ता, संतीष सिंह, अवध बिहारी सिंह, गोविंद सिंह, उपेंद्र नारायण सिंह, भरथरी सिंह और दीपक कुमार सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।
कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 12 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे काशीपुर-गहरा मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे पीछे से टक्कर मार दी। किशोर अपने नाना के लिए खेत पर खाना लेकर जा रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक किशोर की पहचान सनी राजपूत के रूप में हुई है, जो सेऊ भुरऊ गांव निवासी विनोद राजपूत का पुत्र था। विनोद राजपूत दिल्ली में मोजा बनाने वाली कंपनी में कार्यरत हैं। सनी करीब 15 दिन पहले अपनी मां अंशू और छोटे भाई ऋषभ के साथ ननिहाल गहरा गांव आया हुआ था। हादसा उस समय हुआ जब सनी पैदल ही गहरा गांव से काशीपुर की ओर जा रहा था। गिट्टी-सीमेंट लादकर गहरा से काशीपुर जा रहे मिलन पुत्र बुधलाल के स्वराज ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर का पीछा कर उसे रायपुर गांव के पास पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, ट्रैक्टर चालक मौके से फरार होने में सफल रहा। घटना की सूचना मिलते ही सनी की मां अंशू, भाई ऋषभ, नाना इंद्रपाल, मामा रंजीत और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। बेटे को मृत देखकर मां अंशू बेहोश हो गईं और होश आने पर दहाड़ें मारकर रोने लगीं। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह ने दुखी परिजनों को समझा-बुझाकर सड़क मार्ग से हटाया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि परिजनों से तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखीमपुर खीरी जिले की गोला तहसील में सोमवार को झाऊपुर और अहिरनपुर के बीच एक सड़क दुर्घटना हुई। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति झाऊपुर मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान अहिरनपुर के पास एक अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार दोनों व्यक्तियों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। अहिरनपुर निवासी राधेश्याम यादव ने बताया कि यह हादसा उनकी आँखों के सामने हुआ। उनके अनुसार, टक्कर मारने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने गति और बढ़ा दी और मौके से बांकेगंज की ओर फरार हो गया। राधेश्याम ने यह भी बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली काफी तेज रफ्तार में थी। सूचना मिलने पर बांकेगंज चौकी प्रभारी और एक दीवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों शवों को बांकेगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
अम्बेडकरनगर में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन:महिला आरक्षण बिल पारित न होने पर विपक्ष का विरोध
अंबेडकरनगर में भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने सोमवार को सपा सांसद लालजी वर्मा के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने विपक्षी सांसदों पर संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने देने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की और विधेयक को जल्द लागू करने की मांग की। पूर्व राज्यमंत्री विद्यावती राजभर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता सांसद लालजी वर्मा के आवास पर पहुंचीं। उनके हाथों में तख्तियां और विरोधी नारे लिखे पोस्टर थे। भाजपा नेत्री विद्यावती राजभर ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक सभी वर्गों और दलों की महिलाओं के हित में है। उन्होंने बताया कि यदि यह विधेयक पारित हो जाता, तो राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलते। भाजपा महिला मोर्चा की नेताओं ने आरोप लगाया कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर विपक्ष ने महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का अपमान किया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जो दल महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, वही संसद में महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने से पीछे हट जाते हैं। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि पार्टी महिला सम्मान के मुद्दे पर सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले नेताओं का जनविरोध तेज किया जाएगा।
मैहर में सोमवार को दवा दुकानदारों की मीटिंग हुई, जिसमें ऑनलाइन दवा बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ जमकर गुस्सा फूटा। दुकानदारों ने फैसला लिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर 20 मई को देशभर में होने वाली हड़ताल में शामिल होंगे और अपनी दुकानें बंद रखेंगे। मां शारदा यात्री निवास में हुई इस मीटिंग में जिलेभर के दवा व्यापारी जुटे। सतना जिला संघ के अध्यक्ष पंडित दीनदयाल तिवारी और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि बड़े-बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-फार्मेसी बिना किसी जांच-परख के दवाएं बेच रहे हैं। इससे न सिर्फ लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है, बल्कि नियम-कायदों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। 20 मई को रात भर बंद रहेंगे मेडिकल स्टोर दवा व्यापारियों का कहना है कि बड़ी कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर बाजार बिगाड़ रही हैं, जिससे छोटे दुकानदारों का धंधा चौपट हो रहा है। इसके विरोध में फैसला लिया गया है कि 19 मई की रात 12 बजे से लेकर 20 मई की पूरी रात तक जिले के सभी मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। यानी पूरे 24 घंटे तक दवाओं की बिक्री नहीं होगी। सिविल अस्पताल के सामने प्रदर्शन की तैयारी सिर्फ दुकानें बंद करना ही नहीं, बल्कि 20 मई को सुबह 11 बजे सभी दवा व्यापारी सिविल अस्पताल के सामने जुटेंगे और अपनी आवाज बुलंद करेंगे। इस बैठक का संचालन नीरज गर्ग ने किया और सभी व्यापारियों से एकजुट होकर इस बंद को सफल बनाने की अपील की गई। मीटिंग के आखिर में राम भगत त्रिपाठी ने सभी का शुक्रिया अदा किया।
कोटपूतली में आरजीएचएस योजना के निजीकरण (इंशोरेंस मोड) के विरोध में कर्मचारी महासंघ द्वारा कल, 12 मई को जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान शव यात्रा निकाली जाएगी और चिकित्सा मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। इसके अलावा, 15 से 25 मई तक चिकित्सा मंत्री के राजकीय दौरों का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। कोटपूतली-बहरोड़ संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिला संयोजक बाबूलाल गुर्जर ने बताया कि आरजीएचएस योजना का वार्षिक खर्च 2021-22 में 600 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 तक 4300 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने इस बेतहाशा वृद्धि का मुख्य कारण योजना की निगरानी में कमी बताया। गुर्जर के अनुसार, 4300 करोड़ रुपए की इस योजना के संचालन और निगरानी के लिए राज्य स्तर पर केवल 34 कर्मचारियों और अधिकारियों का दल गठित है। रोजाना लगभग 50 हजार कर्मचारी इलाज के लिए जाते हैं और उनकी टीआईडी जेनरेट होती है। इतने कम कर्मचारियों द्वारा लगभग 10 हजार मेडिकल संस्थानों, अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स की चिकित्सा सेवाओं की निगरानी करना असंभव है, जिसके कारण बिना उचित सत्यापन के करोड़ों रुपए के बिलों का भुगतान किया जाता है। कोटपूतली-बहरोड़ संयुक्त महासंघ के कर्मचारी नेताओं, जिनमें दिनेश शर्मा, लेखराम गुर्जर, रामकुंवार यादव, बुधराम कसाना, प्रकाश गुर्जर, रामावतार, मालीराम, प्रताप सिंह सैनी, राजेश यादव, श्योराम गुर्जर, रणवीर, जयद्रथ यादव, अंजू यादव, दिनेश हथवाला, कमल गुर्जर और साधुराम जाट शामिल हैं, ने स्पष्ट किया कि यदि इंश्योरेंस कंपनियां प्रभावी निगरानी से भ्रष्टाचार और गलत खर्च पर अंकुश लगा सकती हैं, तो सरकारी कर्मचारी भी यह कार्य कर सकते हैं। उन्होंने इसके लिए 500 कर्मचारियों-अधिकारियों की एक अलग स्टाफ सेल बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार योजना का निजीकरण करने का प्रयास करती है, तो प्रदेश भर के कर्मचारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
फतेहपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने महिला आरक्षण बिल संसद में पारित न होने के विरोध में प्रदर्शन किया। सोमवार को दूसरे दिन खागा विधानसभा की महिला कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के बाहर धरना दिया और नारेबाजी की। महिला कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों पर महिला विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया। यह प्रदर्शन छह दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसमें भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने संसद और राजनीति में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग उठाई। भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री सुशीला मौर्य ने कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महिला आरक्षण बिल पेश किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियों ने इस बिल का विरोध कर इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे उनकी महिला विरोधी सोच सामने आती है। सुशीला मौर्य ने आगे कहा कि भाजपा महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, जबकि विपक्ष केवल दिखावटी राजनीति कर रहा है। प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बिल को जल्द लागू करने की मांग की। इस मौके पर महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष ज्योति प्रवीण, अंजू शर्मा, साधना मिश्रा और राधा देवी सहित कई अन्य महिलाएं उपस्थित थीं।
कमिश्नर अनिल ढींगरा ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि जहां भी नाला निर्माण हो रहा है, उसके आसपास बैरिकेडिंग जरूर की जाए। यदि कोई नाले में गिरा तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर सोमवार को नगर निगम सभागार में महापौर के साथ बरसात में जलजमाव से बचाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले सभी निर्माण कार्य पूरे कर लें। उन्होंने कहा कि सभी कार्यदायी विभाग स्वयं समीक्षा करके जो भी समस्या आ रही है, उसका समाधान बरसात से पहले कर लिया जाए। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोड़धोइया नाले क काम जल्द पूरा कर लिया जाए। सभी कार्यदायी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग निर्माण कार्य स्थलों का निरीक्षण करें और स्वयं बैरिकेडिंग की जांच कर लें। यह जरूर देखें कि कहीं कोई बैरिकेडिंग क्षतिग्रस्त स्थिति में तो नहीं है। यदि क्षतिग्रस्त हो तो उसे ठीक कराया जाए। कमिश्नर ने सिंचाई विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दियाक हर्बर्ट बांध के रेगुलेटर के निर्माण कार्य को 10 दिन में पूरा करा लिया जाए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, सीएनडीएस सहित विभिन्न विभाग जो निर्माण कार्य करा रहे हैं, वहां मिट्टी की खुदाई के समय सुरक्षा के सभी प्रबंध किया जाए। कमिश्नर ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बरसात से पहले तरकुलानी रेगुलेटर की मशीनों की जांच करा लें।
फर्रुखाबाद में सोमवार को नवाबगंज विकासखंड के गांव बरा केशव से तीन दर्जन से अधिक किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने गांव में चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की। किसानों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में बताया कि उनके मौजे में पिछले 30-35 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई पूरी नहीं हुई है। इससे छोटे किसानों को काफी परेशानी हो रही है। किसानों का आरोप है कि बरा केशव गांव में बड़े काश्तकारों ने ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर रखा है। वे चुनावी कारणों से चकबंदी प्रक्रिया पूरी नहीं होने देना चाहते। गांव में न तो कोई चकमार्ग है और न ही ग्राम समाज की जमीन कब्जा मुक्त हो पा रही है। चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराने की मांग किसानों ने बताया कि दबंगों के कारण चकबंदी नहीं हो पा रही है, जबकि गांव में इसकी अत्यधिक आवश्यकता है। इस स्थिति से गांव में काफी तनाव है। उन्होंने जल्द से जल्द चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की। इस दौरान राजेंद्र सिंह, सहदेव सिंह, सुरेंद्र सिंह, अजय कुमार, ध्रुव कुमार सिंह, रमेश राज, राजेश सिंह, विजय सिंह, बृजेश कुमार, सुजीत सिंह, मुन्नू बाबू, संजय, सत्येंद्र, रामबाबू, सुलेमान, अभिलेख, उदय प्रताप और अंगद सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
देवरिया जनपद में जनगणना-2027 के तहत मकान स्व-जनगणना प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। प्रशासन और प्रशिक्षकों की टीमें इस अभियान को लेकर जागरूकता तेज कर रही हैं। यह स्व-जनगणना कार्यक्रम 7 मई को शुरू हुआ था और 21 मई तक चलेगा। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर गणना का कार्य करेंगे। स्व-जनगणना को सफल बनाने के लिए फील्ड ट्रेनर गांव-गांव पहुंच रहे हैं। वे लोगों को डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी दे रहे हैं। फील्ड ट्रेनर डॉ. गोविंद मिश्रा, शिशिर राय, अरविंद कश्यप और मयंक पांडे की टीम प्रधानों, स्कूलों और कॉलेजों के माध्यम से लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित कर रही है। जागरूकता कार्यक्रमों में आमजन को बताया जा रहा है कि स्व-जनगणना पोर्टल पर 33 बिंदुओं से संबंधित जानकारी कैसे भरनी है। टीम द्वारा घर-घर संपर्क कर लोगों को मोबाइल और ऑनलाइन प्रक्रिया समझाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वयं अपनी गणना कर सकें। फील्ड ट्रेनर डॉ. गोविंद मिश्रा ने बताया कि स्व-गणना के लिए सबसे पहले पोर्टल पर मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। फॉर्म भरने और सबमिट करने के बाद एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक है। सत्यापन की प्रक्रिया में इसी यूनिक आईडी का उपयोग किया जाएगा। वहीं, फील्ड ट्रेनर शिशिर राय ने जानकारी दी कि फॉर्म जमा होने के बाद मोबाइल नंबर और परिवार के मुखिया के नाम में संशोधन संभव नहीं होगा। हालांकि, इसके अलावा अन्य जानकारियों में बाद में सुधार किया जा सकेगा। स्व-जनगणना अभियान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग डिजिटल माध्यम से स्वयं अपनी जनगणना पूरी करें, जिससे यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बन सके।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा.. इंदौर में 5 बसों में आग लगी, 4 धमाके हुए...VIDEO इंदौर के नवलखा इलाके में खड़ी 5 बसों में आग लग गई। इसकी लपटें करीब 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं। सूचना मिलते ही दो दमकल मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के दौरान 4 धमाके भी सुनाई दिए। पूरी खबर यहां पढ़ें… इंदौर में लेडी कॉन्स्टेबल से कहा- सिंगल हो, साथ चलोगी? इंदौर में रात को सड़कों पर घूम रही लेडी कॉन्स्टेबल से एक मनचले ने छेड़छाड़ कर दी। पैदल जा रही कॉन्स्टेबल के पास एक्टिवा सवार युवक आया और बोला- सिंगल हो क्या, साथ चलोगी? दरअसल, इंदौर में महिला अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस अभियान चला रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें... हल्दी से दुल्हन के होंठ सूजे, दूल्हा वेंटिलेटर पर बाजार में बिक रही मिलावटी हल्दी शादियों की खुशियों में जहर घोल रही है। इंदौर के सरकारी अस्पताल एमवाई (MYH) में हाल ही में ऐसे मामले सामने आए, जहां हल्दी की रस्म के दौरान दूल्हा-दुल्हन गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। पूरी खबर यहां पढ़ें... इंदौर में संत रामपाल के वीडियो प्रवचन पर बवाल इंदौर के बेटमा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम खतेड़िया में संत रामपाल के वीडियो प्रवचन को लेकर विवाद हो गया। रविवार को धार्मिक परंपराओं पर की जा रही टिप्पणियों का विरोध करने पहुंचे लोगों और प्रवचन सुन रहे समूह के बीच जमकर मारपीट हुई। पूरी खबर यहां पढ़ें... इंदौर में तीन दिनों से खूब सता रही गर्मी इंदौर में इन दिनों अभी भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। पिछले तीन दिनों से दिन का तापमान 41 डिग्री के पार रिकॉर्ड हो रहा है। दिन में तपिश से लोग हलाकान है। रविवार को दिन के साथ रात में भी गर्मी ने खूब सताया। सोमवार सुबह से ही मौसम साफ है और धूप चढ़ने के साथ गर्मी का असर बढ़ रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें... इंदौर में बाइक नहीं रोकी तो लाठी से पीटा इंदौर के सिमरोल थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बाइक से घर लौट रहे एक युवक पर तीन बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने पहले उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन बाइक नहीं रोकने पर चलती गाड़ी पर लाठी से हमला कर दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें... देश में पहली बार सांकेतिक भाषा मध्यस्थता से मिला न्याय मूक-बधिर दंपती से जुड़े विवादों में सुलह और न्याय दिलाने के उद्देश्य से साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट्स की मदद से इंसाफ मिलने का एक अनुकरणीय केस हुआ है। देश में यह मामला देश का पहला ऐसा मामला है जिसमें मूक-बधिर दंपती का ऑनलाइन समझौता हुआ है। पूरी खबर यहां पढ़ें... इंदौर में बिना लाइसेंस चल रही आइसक्रीम फैक्ट्री इंदौर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने रविवार को दो आइसक्रीम निर्माण इकाइयों पर औचक कार्रवाई की। संयुक्त जांच दल ने निरीक्षण के दौरान कुल 10 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए। एक फैक्टरी का निर्माण कार्य बंद करा दिया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें... इंदौर के तिलक नगर में गैंगवार की आहट तिलक नगर में शनिवार शाम गोलीकांड की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। बदमाशों ने अमित जादौन पर फायरिंग कर दी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी अमित उर्फ बकरी राजावत और उसके साथी उत्तम की तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन दोनों फरार हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें... इंदौर में 20 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दो गिरफ्तार इंदौर क्राइम ब्रांच ने 20.78 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 2 लाख 10 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
अगर आप लंबे समय से धार्मिक यात्रा का मन बना रहे हैं, तो भारतीय रेलवे (IRCTC) आपके लिए एक शानदार मौका लेकर आया है। 'भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन' के जरिए अब कानपुर के श्रद्धालु भी 7 ज्योतिर्लिंगों और दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। खास बात यह है कि इस ट्रेन में चढ़ने और उतरने के लिए कानपुर रेलवे स्टेशन को भी स्टॉपेज बनाया गया है, जिससे शहरवासियों को अब लखनऊ या दिल्ली भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 12 जून से शुरू होगी 7 ज्योतिर्लिंगों की भक्ति यात्रा पहली यात्रा '7 ज्योतिर्लिंग दर्शन' के लिए 12 जून 2026 से शुरू होने जा रही है। 11 रात और 12 दिन के इस लंबे सफर में श्रद्धालुओं को उज्जैन के महाकालेश्वर और ओंमकारेश्वर, गुजरात के द्वारकाधीश, नागेश्वर और सोमनाथ के दर्शन कराए जाएंगे। इसके अलावा नासिक के त्रियंबकेश्वर, भीमाशंकर और संभाजी नगर के घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की यात्रा भी इसी पैकेज का हिस्सा होगी। यह ट्रेन योग नगरी ऋषिकेश से चलकर हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली और लखनऊ होते हुए कानपुर पहुंचेगी, जहाँ से शहर के यात्री इसमें सवार हो सकेंगे। किराया और सुविधाएं, रहने-खाने की चिंता से मुक्ति आईआरसीटीसी ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बजट के हिसाब से तीन अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। स्लीपर क्लास यानी इकोनामी श्रेणी में यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति खर्च 24,100 रुपए आएगा। वहीं, अगर आप 3AC यानी स्टैंडर्ड श्रेणी चुनते हैं तो 40,890 रुपए और 2AC यानी कम्फर्ट श्रेणी के लिए 54,390 रुपए प्रति व्यक्ति पैकेज रखा गया है। इस खर्च में ट्रेन यात्रा के साथ-साथ सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात का शुद्ध शाकाहारी भोजन, बसों द्वारा स्थानीय भ्रमण और होटलों में ठहरने की पूरी व्यवस्था शामिल है। दक्षिण भारत और ज्योतिर्लिंग दर्शन का एक और मौका जो लोग दक्षिण भारत की संस्कृति और वहां के भव्य मंदिरों को देखना चाहते हैं, उनके लिए दूसरी ट्रेन 29 जून 2026 को रवाना होगी। इस 12 दिवसीय यात्रा में तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम का रामनाथ स्वामी मंदिर, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी और मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे। हवाई सफर और इंटरनेशनल टूर के भी विकल्प ट्रेन के अलावा आईआरसीटीसी कानपुर के लोगों के लिए कई हवाई टूर पैकेज भी लेकर आया है। देश के भीतर कश्मीर, लद्दाख, अंडमान और केरल की सैर की जा सकती है, तो वहीं विदेशी दौरों के लिए भूटान, सिंगापुर-मलेशिया, नेपाल, बाली और वियतनाम जैसे देशों के आकर्षक विकल्प मौजूद हैं। इन सभी यात्राओं की बुकिंग 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर की जाएगी। इच्छुक लोग आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर अपनी सीट पक्की कर सकते हैं।
मैनपुरी में सामुदायिक शौचालयों में कार्यरत केयरटेकर महिलाओं ने सोमवार को अपने रुके हुए मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। जनकल्याण केयरटेकर संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं डीएम ऑफिस पहुंचीं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपा। शासन के आदेश के बावजूद जारी नहीं हुआ मानदेय ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जिले के कई ग्राम सचिव शासन के आदेशों के बावजूद केयरटेकरों का मानदेय जारी नहीं कर रहे हैं। संगठन ने बताया कि इस संबंध में कई बार शासन स्तर पर पत्राचार किया गया, लेकिन अधिकारियों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। महिलाओं ने उन सचिवों के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई की मांग की, जिनकी वजह से भुगतान रुका हुआ है। संगठन के विधिक सलाहकार सुशील कुमार ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों में कार्यरत महिलाओं को कई वर्षों से मानदेय नहीं मिला है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार ज्ञापन देने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही, बल्कि उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं इस बीच, संगठन की सदस्य सुनीता ने मारपीट का आरोप लगाया है। सुनीता के अनुसार, रविवार को उन्होंने समूह सखी विनीत चौहान से मानदेय के संबंध में बात की थी, जिसके बाद विवाद हुआ और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी कई बार इसी मुद्दे पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जा चुका है। पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद वह थाने भी गई थीं, लेकिन वहां उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगी। संगठन ने प्रशासन से इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लेने और उनके हित में तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
शहपुरा नगर में सोमवार को एक शिक्षक का बैग होटल से चोरी हो गया। बैग में 50 हजार रुपए रखे थे, जिसे एक युवक लेकर फरार हो गया। यह पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मालपुर निवासी शिक्षक सुघर बरमैया सोमवार सुबह करीब 11 बजे बैंक से 50 हजार रुपए निकालकर घर लौट रहे थे। शिक्षक ने बताया कि वे डिजिटल भुगतान का उपयोग नहीं करते और हर महीने वेतन नकद निकालते हैं। उन्होंने यह राशि अपने बेटे और बेटी की पढ़ाई के खर्च के लिए निकाली थी, जो क्रमशः डिंडोरी और जबलपुर में पढ़ रहे हैं। 2 तस्वीरें देखिए… होटल में पानी पीने रुके थे बैंक से निकलने के बाद शिक्षक कुछ देर तहसील कार्यालय गए। वहां से वे पैदल रेस्ट हाउस के सामने स्थित गुप्ता होटल पहुंचे। होटल में पानी पीने के दौरान उन्होंने अपना बैग पास में रख दिया। इसी बीच, एक युवक मौका देखकर बैग उठाकर भाग निकला। कैप पहने नजर आया आरोपी होटल संचालक के अनुसार, आरोपी युवक ने सिर पर कैप पहन रखी थी। घटना के बाद वह बाहर खड़ी काले रंग की बाइक पर बैठकर फरार हो गया। पुलिस को आशंका है कि आरोपी बैंक से ही शिक्षक की रेकी कर रहा था और मौका मिलते ही उसने वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है। एएसआई घसीटा राम रजक ने बताया कि शिक्षक की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
कोऑपरेटिव बैंक सचिव और AR के खिलाफ प्रदर्शन:ग्रामीणों ने खराब व्यवहार का आरोप लगाया, इस्तीफे की मांग
कोऑपरेटिव बैंक के सचिव विनय सिंह और एआर दीपक थरूजा के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने दोनों अधिकारियों पर खराब व्यवहार और ऋण ब्याज दर में वृद्धि का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए दोनों के इस्तीफे की मांग की है और कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। चेयरमैन संगठन के महामंत्री धर्मेंद्र मलिक के अनुसार, बड़ी संख्या में चेयरमैन और ग्रामीण कोऑपरेटिव बैंक पहुंचे थे। उनका कहना है कि ग्रामीणों को दिए गए ऋण पर ब्याज दर 7% कर दी गई है, जबकि मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, सहारनपुर और गाजियाबाद जैसे अन्य जिलों में यह दर केवल 3% है। सोमवार दोपहर को चेयरमैन और ग्रामीण ब्याज दर पर विरोध जताने के लिए कोऑपरेटिव बैंक गए थे। आरोप है कि इसी दौरान बैंक के सचिव विनय सिंह और एआर दीपक थरूजा ने चेयरमैन के साथ अभद्रता की और उन्हें बैंक से बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद सभी ग्रामीण और चेयरमैन एकत्र हुए और उन्होंने पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी (DM) और संभागीय रजिस्ट्रार (DR) से की। उनका कहना है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो उनका संगठन एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि चेयरमैन और ग्रामीणों के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है, क्योंकि ग्रामीण कोऑपरेटिव बैंक का एक बड़ा हिस्सा हैं। उनका मानना है कि यदि किसी नीति को लेकर आपत्ति है, तो उसका समाधान करना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन सचिव का व्यवहार अनुचित था।
बालाघाट के जटाशंकर त्रिवेदी कॉलेज में सोमवार से तीन दिनों का सेमिनार शुरू हो गया है। इसमें देश-विदेश से आए जानकार बच्चों को खेलकूद और अच्छी सेहत के फायदे बताएंगे। सांसद भारती पारधी ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने बच्चों को समझाया कि जैसे अर्जुन को सिर्फ चिड़िया की आंख दिख रही थी, वैसे ही हमें भी अपने गोल पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कामयाब होने वाले लोग अलग नहीं होते, बस वे अपनी काबिलियत का सही इस्तेमाल करते हैं। सांसद ने बच्चों को सलाह दी कि वे यहां बैठकर सिर्फ बातें न सुनें, बल्कि मन में आए सवाल भी पूछें। हालांकि, उन्होंने कार्यक्रम के टाइम को लेकर थोड़ी नाखुश भी दिखीं। विदेश से भी आए मेहमान आयोजन से जुड़े अनिल कुमार झरवड़े ने बताया कि यह प्रोग्राम 13 मई तक चलेगा। इसमें सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के लोग शामिल हो रहे हैं। पहले दिन जानकारों ने कहा कि आज के दौर में लोग मोबाइल में इतने खो गए हैं कि मैदान के खेल भूलते जा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि अगर फिट रहना है, तो खेल और योग को अपनी रोज की आदत बनाना ही होगा। ये लोग रहे मौजूद इस मौके पर छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. इंदिरा प्रसाद त्रिपाठी और कई दूसरे कॉलेजों के बड़े अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक ही बात कही कि आज के युवाओं को मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर समाज और अपनों के बीच समय बिताना चाहिए। प्रोफेसर्स और छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में पहले दिन का प्रोग्राम काफी अच्छा रहा।
शिवपुरी जिले के बदरवास में खाद वितरण व्यवस्था में अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं। किसानों को भीषण गर्मी और तेज धूप में घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। बदरवास के बीआरसी भवन पर खाद लेने पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन द्वारा न तो छांव और न ही पीने के पानी की कोई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसानों को खाद लेने के लिए पहले ऑनलाइन टोकन लेना अनिवार्य किया गया है। टोकन मिलने के बाद तय तारीख पर उन्हें खाद का भुगतान कर रसीद लेनी पड़ती है, जिसके बाद ही खाद मिल पाती है। किसानों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में किसान खाद लेने बीआरसी भवन पहुंचे, जहां उन्हें तेज धूप में लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ा। किसानों का आरोप है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा है। उनका कहना है कि शुरुआती दौर में ही हालात बिगड़ने लगे हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस मामले में कृषि विभाग बदरवास के एसएडीओ कल्लू कोली ने बताया कि फिलहाल खाद लेने आने वाले किसानों की संख्या बहुत अधिक नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में किसानों के बैठने के लिए छांव और पीने के पानी की व्यवस्था कर दी जाएगी।
औरैया में सदर कोतवाली क्षेत्र के दिबियापुर रोड स्थित सरकारी शराब गोदाम के बाहर एक ट्रक की केबिन में चालक का शव मिला है। पुलिस ने सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक चालक की पहचान बदायूं जिले के पसई निवासी कल्याण सिंह पुत्र राजपाल सिंह के रूप में हुई है। वह रविवार शाम को ट्रक में सरकारी देशी शराब लेकर औरैया आया था। शाम होने के कारण लेबर उपलब्ध न होने से शराब गोदाम पर नहीं उतारी जा सकी। इसके चलते चालक ने ट्रक को गोदाम के पास ही खड़ा कर दिया था। सोमवार सुबह उसका शव ट्रक की केबिन में पड़ा मिला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया सीओ सिटी अशोक कुमार ने बताया कि चालक का शव ट्रक की केबिन में मिला है। पुलिस को आशंका है कि उसकी मौत हार्ट अटैक या फूड प्वाइजनिंग से हुई है। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण की पुष्टि हो सकेगी।
अयोध्या में राम मंदिर परिसर का विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स को लेकर बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि परिसर में सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के लिए अत्याधुनिक संरक्षण प्रयोगशाला स्थापित की गई है। यह प्रयोगशाला इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर ऑफ आर्ट के सहयोग से तैयार की गई है। आईजीएनसीए के दो विशेषज्ञ अगले तीन वर्षों तक अयोध्या में तैनात रहेंगे और स्थानीय कर्मचारियों को संरक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे। इसका उद्देश्य राम मंदिर परिसर में मौजूद धरोहरों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है। हनुमान गैलरी अंतिम चरण में, 30 मई तक होगा काम पूरा नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि मंदिर परिसर में बन रही भव्य हनुमान गैलरी का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसे 30 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए तैयार किए जा रहे संग्रहालय को दिसंबर माह या उसके बाद खोलने की योजना है। संग्रहालय में राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी दुर्लभ जानकारियां और सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। 29 मई को होगा अगला ध्वजारोहण समारोह राम मंदिर परिसर में अगला ध्वजारोहण समारोह 29 मई को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी चंपत राय के नेतृत्व में की जा रही है। मंदिर परिसर में लगातार हो रहे विकास कार्यों से आने वाले समय में श्रद्धालुओं को और अधिक आधुनिक एवं बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हाथरस के सासनी कोतवाली चौराहे पर नामकरण और मूर्ति स्थापना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को कुशवाहा समाज के सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन ओसी कलेक्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि सासनी कोतवाली चौराहे पर मौर्य वंश के महान शासक सम्राट अशोक की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए। इसके साथ ही वहां अशोक चक्र का निर्माण कराने और चौराहे का नाम बदलकर सम्राट अशोक चौराहा रखने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सम्राट अशोक ने देश में शांति, न्याय और मानवता का संदेश दिया था। इसलिए उनकी प्रतिमा स्थापित कर समाज को प्रेरणा देने का कार्य किया जाना चाहिए। विवाद लगातार बढ़ रहा है, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठन अपने-अपने महापुरुषों की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग कर रहे हैं। पिछले दिनों ब्राह्मण समाज के लोगों ने यहां भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी। कुशवाहा समाज के लोगों ने बताया कि वे इस मांग को विधायक और सांसद के सामने भी रख चुके हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश के मेघनगर स्थित श्री वनेश्वर मारुति नंदन हनुमान मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का दूसरा दिन आयोजित हुआ। मालवा के प्रसिद्ध संत पंडित कमल किशोर नागर ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जीवन दर्शन और पारिवारिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। पंडित नागर ने विशेष रूप से पिता की डांट के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिता की डांट को कभी बुरा नहीं मानना चाहिए, क्योंकि उसमें पुत्र के लिए वैसी ही दया छिपी होती है जैसी ईश्वर की अपने भक्तों के प्रति होती है। यह डांट वास्तव में एक सुरक्षा कवच और दया दृष्टि के समान है। उन्होंने मनुष्य को अपने हर कर्म को पूजा मानकर करने की सीख दी। संत नागर ने कहा कि जिस प्रकार बचपन में मां की उंगली पकड़कर चलते हैं, उसी तरह जवानी में किसी संत या महात्मा का सानिध्य प्राप्त कर उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जो व्यक्ति जीवनभर संतों का हाथ थामे रहता है, मृत्यु के समय परमात्मा स्वयं उसकी उंगली पकड़ते हैं। पारिवारिक मर्यादाओं पर बल देते हुए पंडित नागर ने कहा कि हमें कभी भी माता-पिता, गुरु और गोविंद की नजरों से नहीं गिरना चाहिए। उन्होंने बहुओं को सास की सेवा करने और पुत्रों को पिता के प्रति धैर्य रखने की भी सीख दी। कथा के दौरान संत नागर ने आयोजन समिति के प्रमुख और समाजसेवी श्री सुरेश चंद्र पूरणमल जैन की सराहना की। उन्होंने कहा कि जैन समाज से होने के बावजूद श्री जैन जिस तरह सनातन धर्म के इतने बड़े आयोजन करवा रहे हैं, वह वंदनीय है। नागर जी ने इस पुनीत कार्य के लिए उन्हें विशेष रूप से साधुवाद दिया। इस धार्मिक आयोजन में थांदला, रायपुरिया, अलीराजपुर और रंभापुर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति के सदस्यों, जिनमें सुरेश चंद्र पूरणमल जैन, सीमा जैन, राजेश रिंकू जैन और मंदिर के महंत दिलीप दास जी महाराज शामिल हैं, ने भक्तों से प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक कथा श्रवण करने और उसके बाद भंडारे में प्रसादी ग्रहण करने का आग्रह किया है।
मौलाना रज़वी ने मुस्लिम समाज को दिया संदेश:'डर की राजनीति' छोड़ 2027 से पहले नई रणनीति बनाने की अपील
उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी के एक खुले पत्र ने मुस्लिम राजनीति के भीतर एक नई बहस छेड़ दी है। मौलाना ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि अब मुस्लिम समाज को “भय और असुरक्षा” की राजनीति से बाहर निकलना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि लंबे समय से एकतरफा राजनीतिक समर्थन देने के बावजूद मुस्लिम मुद्दों पर मजबूती से आवाज क्यों नहीं उठाई गई। खास तौर पर अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के रवैये पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी मुस्लिम मुद्दों पर खुलकर बोलने से बचती रही है। मौलाना के पत्र का सबसे अहम पहलू यह है कि उन्होंने सीधे तौर पर “वोट बैंक राजनीति” पर चोट की है। उनका कहना है कि चुनाव के समय भाजपा का डर दिखाकर मुस्लिम वोट हासिल किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद समुदाय के मुद्दे प्राथमिकता में नहीं रहते। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की राजनीति बदल चुकी है और अब मुस्लिम समाज को केवल भावनात्मक नारों से आगे बढ़कर राजनीतिक हिस्सेदारी और नेतृत्व पर ध्यान देना चाहिए। मौलाना रज़वी ने उलमा, बुद्धिजीवियों, डॉक्टरों, प्रोफेसरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से मिलकर नई रणनीति बनाने की अपील की है। राजनीतिक जानकार इसे मुस्लिम समाज के भीतर “स्वतंत्र राजनीतिक सोच” को बढ़ावा देने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से मुस्लिम वोट मुख्य रूप से भाजपा विरोधी राजनीति के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा है। लेकिन मौलाना के इस पत्र ने यह संकेत दिया है कि अब समुदाय के भीतर यह सवाल उठने लगा है कि क्या केवल भाजपा को रोकना ही राजनीतिक लक्ष्य होना चाहिए, या फिर शिक्षा, प्रतिनिधित्व, सुरक्षा और आर्थिक हिस्सेदारी जैसे मुद्दों पर भी नई राजनीतिक दिशा तय की जानी चाहिए। पत्र में मुलायम सिंह यादव द्वारा नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने की कामना और योगी आदित्यनाथ व अखिलेश यादव की मुलाकातों का जिक्र कर मौलाना ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि राजनीतिक दलों के बीच अंदरूनी समीकरण अलग हो सकते हैं, इसलिए मुस्लिम समाज को अपनी रणनीति खुद तय करनी चाहिए।
शाहजहांपुर में तिलहर विधानसभा क्षेत्र के किसानों को खाद की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सोमवार को भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा ने जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह से मुलाकात की। उन्होंने किसानों की समस्याओं से अवगत कराते हुए क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की। विधायक सलोना कुशवाहा ने बताया कि तिलहर विधानसभा क्षेत्र में किसानों को इस समय खाद नहीं मिल पा रही है। खाद की कमी के कारण किसानों को खेती के कार्यों में परेशानी हो रही है, जिससे समय पर बुवाई और फसलों की देखभाल प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र की कई सहकारी समितियों और खाद केंद्रों पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही है। इसके चलते किसानों को घंटों लंबी लाइनों में लगने को मजबूर होना पड़ रहा है। विधायक ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि यदि जल्द ही खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई, तो किसानों की फसल उत्पादन क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में खाद की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को खाद उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए।
बारां में बैंक की कार्रवाई से नाराज स्वयं सहायता समूह की बुजुर्ग महिलाएं सोमवार को शहर के कोर्ट परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। महिलाएं अपने बैंक खाते चालू करवाने और बकाया लोन हटाने की मांग कर रही थीं। महिलाओं ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक फतेहपुर प्रबंधन पर आरोप लगाया कि लोन चुकाने के बावजूद उनके खाते सीज कर दिए गए हैं और बकाया राशि बताई जा रही है। इस कार्रवाई के कारण उनकी पेंशन और मजदूरी की राशि नहीं निकल पा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामा के बाद अधिकारियों की समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन पर महिलाएं टंकी से नीचे उतरीं। महिलाओं ने बताया कि वे जनजागृति महिला स्वयं सहायता समूह का संचालन करती थीं, जो पोषाहार सप्लाई का कार्य करता था। करीब 20 साल पहले समूह ने बैंक से 2 लाख रुपए का लोन लिया था। समूह बंद होने के बाद 8 महिलाओं ने राशि जुटाकर लगभग 5 साल पहले 2.70 लाख रुपए बैंक में जमा करवा दिए थे। इसके बावजूद, महिलाओं का आरोप है कि बैंक ने करीब 6 महीने पहले उनके खाते सीज कर दिए। घटना की सूचना पर तहसीलदार दशरथ मीणा और कोतवाली सीआई हीरालाल पुनिया मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि बैंक प्रबंधन से जानकारी लेकर मामले का समाधान करवाया जाएगा।
बाजना कस्बे में अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर:मुख्य मार्गों से टिन शेड और पक्के निर्माण ध्वस्त
मथुरा के नोहझील थाना क्षेत्र स्थित बाजना कस्बे में सोमवार को प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। नगर पंचायत और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मुख्य बाजार और प्रमुख मार्गों से सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटवाया। इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से कई स्थानों पर लगे टिन-शेड, चबूतरे और सड़क तक बढ़ाए गए पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया गया। अभियान शुरू होते ही अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदारों ने प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया था। लंबे समय से सड़क किनारे बढ़ते अवैध अतिक्रमण के कारण कस्बे की मुख्य सड़कें संकरी हो गई थीं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती थी और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। प्रशासन ने सड़क की पैमाइश कर सरकारी भूमि को चिन्हित किया और इसी आधार पर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि कस्बे की सड़कों को उनके मूल स्वरूप में वापस लाना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि लोगों को सुगम यातायात की सुविधा मिल सके। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सड़कों और सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि दोबारा अतिक्रमण किया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब कस्बे में जाम और अव्यवस्था की समस्या में कमी आएगी।
मुरैना के बानमौर और नूराबाद औद्योगिक क्षेत्र में संचालित टायर रिफिल और तेल निकालने वाली फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त वेस्टेज सांक और आसन नदी में छोड़े जाने का मामला सामने आया है। इससे दोनों नदियों का पानी दूषित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गर्मी में नदी का पानी पीने वाले पशु-पक्षियों की लगातार मौत हो रही है। सोमवार को भी दूषित पानी पीने से तीन मोर और दो गायों की मौत हो गई। घटना से नाराज ग्रामीणों ने मोरों के शव रखकर नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और फैक्ट्रियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। केमिकल वेस्टेज से दूषित हो रहीं नदियां ग्रामीणों के अनुसार नूराबाद और बानमौर क्षेत्र में संचालित टायर से तेल निकालने वाली फैक्ट्रियों में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) नहीं है। फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त वेस्टेज सीधे सांक और आसन नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे नदी का पानी लगातार दूषित होता जा रहा है। गर्मी के चलते क्षेत्र के पशु-पक्षी नदी का पानी पीकर प्यास बुझाते हैं, लेकिन दूषित पानी पीने से उनकी मौत हो रही है। सोमवार को तीन मोर और दो गाय मृत मिले। ग्रामीण बोले- शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं चक्का जाम में शामिल ग्रामीण योगेंद्र मावई ने बताया कि दूषित पानी से हर रोज पशु-पक्षियों की मौत हो रही है। प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन फैक्ट्रियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्रियां लगातार केमिकल युक्त वेस्टेज नदी में छोड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तीन मोरों और दो गायों की मौत के बाद मजबूरी में हाईवे जाम करना पड़ा, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। एडीएम अश्वनी कुमार रावत ने बताया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल युक्त वेस्टेज के कारण नदी का पानी दूषित होने और पशु-पक्षियों की मौत की शिकायत मिली है। पानी के सैंपल की जांच कराई जाएगी। साथ ही फैक्ट्रियों की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डूंगरपुर के ओबरी थाना क्षेत्र के राजपुर गांव में एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की पत्नी की लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी। वारदात सोमवार सुबह उस समय हुई, जब महिला का पति काम से बाहर गया हुआ था। आरोपी ने कमरे में घुसकर महिला के सिर पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई, जबकि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पति के बाहर जाते ही कमरे में घुसा आरोपी ओबरी थानाधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि राजपुर गांव निवासी शांतिलाल भगोरा पिछले करीब 20 सालों से बाहर मजदूरी करता था। वह पिछले पांच महीने से गांव में ही रह रहा था। उसका छोटा भाई जीवतराम एक फाइनेंस कंपनी में काम करता है। सोमवार सुबह जीवतराम काम के सिलसिले में बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ चला गया था। उसके घर से निकलते ही बड़ा भाई शांतिलाल छोटे भाई के कमरे में पहुंच गया। वहां उसने जीवतराम की पत्नी प्रमिला पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। सिर पर वार से मौके पर ही मौत बताया जा रहा है कि आरोपी ने प्रमिला के सिर पर लगातार वार किए। महिला की चीख-पुकार सुनकर घर के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गंभीर चोट लगने से प्रमिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलते ही ओबरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए और हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड समेत अन्य सबूतों की जांच की। पीहर पक्ष ने किया हंगामा घटना की जानकारी मिलते ही मृतका प्रमिला का पीहर पक्ष भी राजपुर गांव पहुंच गया। परिजनों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई और मौके पर हंगामा किया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब कई घंटों तक समझाइश के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सागवाड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं पुलिस ने आरोपी जेठ शांतिलाल को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, उसने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। पुलिस हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद या अन्य कारणों की जांच कर रही है। फिलहाल ओबरी थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बदायूं के एचपीसीएल कांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप को शासन के निर्देश पर फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बदायूं जेल से स्थानांतरित किया गया। हालांकि, उसके परिवार के अन्य सदस्य फिलहाल बदायूं जेल में ही बंद हैं। प्रशासनिक आधार पर यह कार्रवाई की गई है। बताया गया कि अजय प्रताप के परिवार के कई सदस्य बदायूं जेल में बंद हैं, जिसके चलते उनकी गतिविधियों को संदिग्ध माना जा रहा था। इस संबंध में प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी, जिसके बाद स्थानांतरण का आदेश जारी किया गया। जेलर कुंवर रणंजय सिंह ने इसकी पुष्टि की है। गोली अभी भी उसकी टांग में फंसी है अजय प्रताप के खिलाफ हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की गई थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस मुठभेड़ में उसकी टांग में गोली लगी थी। इसके बाद उसका आगरा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया था। बताया जा रहा है कि गोली अभी भी उसकी टांग में फंसी हुई है। उनकी गतिविधियों पर प्रशासन की विशेष नजर मामले में अजय के दोनों भाई केशव और चंद्रशेखर ने कुछ दिन पहले कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। वहीं, उसके पिता राजेश सिंह को भी दो दिन पूर्व गिरफ्तार किया गया था। परिवार के कई सदस्यों के जेल में होने के कारण प्रशासन उनकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखे हुए था। गौरतलब है कि 12 मार्च को मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में जीएम सुधीर गुप्ता और एजीएम हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अजय प्रताप को गिरफ्तार किया था। बाद में असलाह बरामदगी के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में उसकी दोनों टांगों में गोली लगी थी।
इटावा के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को एक ग्रामीण ने कीटनाशक दवा पीने का प्रयास किया। ग्रामीण का आरोप है कि राशन कार्ड कटने की शिकायत करने के बाद ग्राम प्रधान पुत्र लगातार उसे धमकियां दे रहा था। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने युवक के हाथ से दवा की बोतल छीनकर उसे बचाया। बाद में पुलिस ने ग्रामीण को समझा बुझाकर थाने ले जाया गया पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है। राशन कार्ड कटने को लेकर विवाद बसरेहर क्षेत्र के ग्राम किल्ली सुल्तानपुर निवासी रविंद्र कुमार पुत्र रामऔतार ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसका आरोप है कि गांव के प्रधान पुत्र केशव ने रंजिश के चलते उसका राशन कार्ड कटवा दिया। जब उसने इसकी शिकायत अधिकारियों से की तो आरोपी पक्ष नाराज हो गया। रविंद्र का कहना है कि 13 अप्रैल को उसके साथ मारपीट भी की गई और शिकायत वापस न लेने पर गांव छोड़ने या जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप पीड़ित का आरोप है कि उसने मामले की शिकायत थाना बसरेहर पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। रविंद्र के अनुसार, कार्रवाई न होने से आरोपी लगातार उसे प्रताड़ित कर रहे थे। इससे वह मानसिक तनाव में रहने लगा था और डर की वजह से मजदूरी करने भी नहीं जा पा रहा था। उसने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई है और परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सीओ सिटी ने दिए जांच के निर्देश घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने युवक को कब्जे में लेकर उससे पूरे मामले की जानकारी ली। सीओ सिटी अभय नारायण राय ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ राशन कार्ड बनवाने के लिए संबंधित बीडीओ और लेखपाल को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही थाना पुलिस को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। सरकार की अनदेखी के रवैये को देखते हुए हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर हड़ताल 14 मई तकबढ़ा दी गई है। ऐसे में अगले तीन दिन और शहरी क्षेत्रों से निकायों के सफाई कर्मचारी कचरा नहीं उठाएंगे। राज्य में फिलहाल 14 हजार टन से अधिक कचरा सड़कों पर ही पड़ा है। हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने बताया की हड़ताल को अभी तीन दिन और बढ़ाया गया है। फिलहाल अनिश्चितकालीन हड़ताल नहीं की गई है। सरकार कर्मचारियों की सुन नहीं रही है, मजबूरी में उन्हें ये रास्ता अख्त्यार करना पड़ रहा है। संघ बोला- अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मजबूर कर रहे वार्ता और मांगें पूरी करने का लगातार समय दे रहे हैं लेकिन सरकार बार-बार में अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मजबूर कर रही है। कर्मचारी संघ ने यह भी एलान किया कि कॉलोनियों में जनता के बीच जाकर सरकार की वादा खिलाफी को लेकर जनसंपर्क करेंगे। इससे पहले हरियाणा के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल को चार दिन बढ़ाया था। SC बस्तियों में जाकर करेंगे जनसंपर्क संघ ने यह भी निर्णय लिया है कि अब अनुसूचित समाज की बस्तियों में जनसंपर्क करके हड़ताल को और मजबूत बनाया जाएगा। दमकल कर्मचारियों के समर्थन में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व महासचिव मांगेराम तिगरा ने सरकार को चेतावनी दी कि सरकार मांगों का समाधान करें। शास्त्री ने हरियाणा सरकार पर सफाई एवं दलित विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा है कि सरकार ने प्रदेश के सफाई कर्मचारियों को हड़ताल करने के लिए मजबूर किया है।
झांसी में PRD जवान ने सुसाइड कर लिया। रविवार को वह घर पर थे, जबकि पत्नी दूसरे वाले घर पर गई थी। थोड़ी देर बाद पत्नी लौटकर आई तो पति फंदे पर लटके थे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजन सुसाइड के कारणों की जानकारी नहीं दे पाए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के आरी गांव की है। 26 साल से सर्विस में थे मृतक का नाम गंगाराम पाल (48) पुत्र लालाराम सिंह पाल था। वह सीपरी बाजार के आरी गांव के रहने वाले थे। मृतक के भाई राजेश पाल ने बताया कि मेरे भाई गंगाराम लगभग 26 सालों से पीआरडी जवान थे। फिलहाल उनकी पोस्टिंग सीपरी बाजार थाने में थी और बूढ़ा पुल के पास तैनाती थी। रविवार को वह घर पर थे। दोनों बेटे घर के बाहर गए थे। पत्नी भी दूसरे वाले घर पर गई थी। थाड़ी देर बाद लौटकर आई तो कमरा अंदर से बंद था। आवाज लगाने पर भी दरवाजा नहीं खोला तो आसपास के लोगों को बुलाया। किसी तरह दरवाजा खोलकर अंदर गए तो भाई गमछे से फंदा बनाकर लटका हुआ था। घर में मातम छाया गंगाराम की मौत के बाद घर में मातम छाया है। गंगाराम के दो बेटे 26 साल का मौसम और 22 साल का अंशुल है। दोनों ही प्राइवेट जॉब करते हैं। पत्नी इंद्रा देवी हाउस वाइफ है। गंगाराम की मौत के बाद पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। सीपरी बाजार थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे ने बताया कि आज पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। परिजन सुसाइड के कारणों की जानकारी नहीं दे पाए। पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।
खंडवा रोड स्थित तक्षशिला कैंपस में स्थित आईआईपीएस परिसर में सोमवार को पुलिस पहुंची। पुलिस ने यहां से दो युवकों को पकड़ा। मामला पुराने विवाद से जुड़ा है, जिसमें पुलिस को इनकी तलाश थी। पुलिस वक्त रहते नहीं पहुंचती तो आज भी यहां झगड़ा हो जाता। मामले में भंवरकुआं टीआई संतोष दूधी ने बताया कि मामला पुराने विवाद से जुड़ा हुआ है। 30 अप्रैल को केशव पाटीदार नामक युवक के साथ मारपीट हुई थी, जिसमें वह घायल हुआ था। शिकायत पर मामला दर्ज कर दो लड़कों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि इस मामले में दो छात्र सक्षम चौहान और रितेश राजपूत एग्जाम देने पहुंचे हैं। आज उनकी एमबीए की आखिरी परीक्षा है, जिसके बाद वे यहां से भाग सकते थे। वहीं, जिसके साथ मारपीट की घटना हुई थी, वे भी यहां पर इकट्ठा हो गए थे। इस पर पुलिस बल तुरंत मौके पर भेजा गया और स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए दोनों को गिरफ्तार किया गया। अभाविप के महानगर मंत्री बोले-हमारा कोई कार्यकर्ता मौजूद नहीं था इधर, सोशल मीडिया पर एक छात्र को अभाविप से जुड़ा होना बताया जा रहा था, जबकि इस मामले में अभाविप के महानगर मंत्री देवेश गुर्जर ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों को पुलिस ने पकड़ा है, वे अभाविप से जुड़े हुए नहीं हैं। इस साल आईआईपीएस की कार्यकारिणी घोषित ही नहीं की गई है। मौके पर अभाविप का कोई भी कार्यकर्ता मौजूद नहीं था।
न्यू नोएडा 209.11 वर्गकिमी में बसाया जाएगा। इसके लिए आपसी सहमति से जमीन ली जाएगी। पहले फेज में 37 गांव को लिस्ट किया गया है। इसमें 24 गांव बुलंदशहर के और 13 गांव गोतमबुद्ध नगर के है। किसानों से बातचीत और फाइलिंग प्रोसेस के लिए 3 तहलीसदारों को नियुक्त किया जाएगा। पैरीफेरल के पास प्राधिकरण का अस्थाई ऑफिस खोला जाएगा। प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर ने बताया कि मुआवजा की दर 4300 प्रति वर्गमीटर है। इसके अलावा 3800 रुपए प्रतिवर्गमीटर और 7 प्रतिशत विकसित प्लाट है। किसानों से आपसी सहमति से ही जमीन ली जाएगी। इसलिए दो कैटेगरी बनाई गई है। बातचीत का सिलसिला इसी महीने शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 18 अक्टूबर 2024 के बाद का निर्माण पूरी तरह से अवैध माना जाएगा। इसके लिए सेटलाइट इमेज का सहारा लिया जाएगा। साथ ही जो निर्माण बाद में हुआ उसे आबादी में नहीं माना जाएगा। ऐसे में उसका कोई भी मुआवजा नहीं मिलेगा। एक-एक गांव की जमीन लेने के बाद पैरीफेरल बनाने का प्रस्ताव भी है। बुलंदशहर के ये गांव शामिल बिरोंडी फौलादपुर, बिरोंडी तेजपुर, चोला, डिमरी आदिलपुर, गोपालपुर, हृदयपुर, जोखाबाद, कैथरा, कनवरा, काड़ू, किशनुपर, लुहाकर, मुरादाबाद, नगलाबरोधा, नवादा, राजरमपुर, राजपुर खुद्र, सबदलपुर सलेमपुर कायस्थ, सनवाली, शाहपुर कालन, सेरपुर, सिकरा गौतमबुद्ध नगर के ये गांव शामिलआनंदपुर, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, बील अकबरपुर, छायसा, दया नगर, गिरिराजपुर, कोट, मिलक खंडेरा, नगला कामरू, नगला न्यानसुख, नेकरामपुर उर्फ विशनुपर, फूलपुर, सैंथली। मास्टर प्लान अप्रूवल के बाद सैटेलाइट इमेजअक्टूबर 2024 में डीएनजीआईआर का मास्टर प्लान 2024 को अप्रूव किया गया। इस नए शहर को 209 वर्ग किमी में बसाया जाएगा। इसके लिए अक्टूबर 2024 की सैटेलाइट इमेज ली जाएगी। इस महीने तक जितना निर्माण किया गया है उसे वैद्य माना जाएगा। इसके बाद का निर्माण अवैध माना जाएगा। यदि प्राधिकरण से अनुमति नहीं ली गई है तब। इमेज में इन पाइंट को किया गया शामिल चार फेज में बनेगा डीएनजीआईआरन्यू नोएडा (डीएनजीआईआर) 209.11वर्गकिमी में यानी 20 हजार 911.29 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। इस मास्टर प्लान को चार फेज में पूरा किया जाएगा। 2023-27 तक इसके 3165 हेक्टेयर को विकसित किया जाएगा। इसी तरह 2027 से 2032 तक 3798 हेक्टेयर एरिया को विकसित किया जाएगा। इसके बाद 2032-37 तक 5908 हेक्टेयर और अंत में 2037-41 तक 8230 हेक्टेयर जमीन को विकसित करने का प्लान है। इससे पहले यहां जमीन अधिग्रहण और मुआवजा के लिए रेट तय किए जाएंगे।
हरदोई में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिलाध्यक्ष शराफत अली के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। ज्ञापन में महिला उत्पीड़न रोकने और बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। सपा कार्यकर्ता सोमवार दोपहर नगर पालिका स्थित जिला कार्यालय पर एकत्रित हुए। वहां से वे नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट में सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली ने पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी, अनिल वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष पदमराग सिंह यादव पम्मू, डॉ. नीलू सत्यार्थी, अखिलेश पाठक और डॉ. अरुण मौर्य सहित कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कुल 17 सूत्रीय मांगें रखी गईं, जिनमें महिला उत्पीड़न और महंगाई पर नियंत्रण मुख्य थे। प्रमुख मांगों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराने, महिलाओं को सम्मान निधि प्रदान करने, बुजुर्गों के सम्मान को बनाए रखते हुए सरकारी योजनाएं बनाने, महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर अंकुश लगाने और एसआईआर प्रक्रिया द्वारा छूटे हुए मतदाताओं को वोटर लिस्ट से जोड़ने की मांग शामिल थी। अन्य मांगों में ग्रामीण मजदूरों को साल भर रोजगार से जोड़ने, बघौली रेलवे स्टेशन पर जनता एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित करने, लोगों की स्मार्ट मीटर से संबंधित समस्याओं का समाधान करने और महंगी शिक्षा को समाप्त कर 'एक देश एक शिक्षा' प्रणाली लागू करने की बात कही गई। इसके अतिरिक्त, हरदोई शहर में सीवर लाइन डलवाने और पानी की समुचित व्यवस्था करने की भी मांग की गई। ज्ञापन में शहर में लग रहे जाम का स्थायी विकल्प खोजने, लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली वंदे भारत ट्रेन का ठहराव हरदोई रेलवे स्टेशन पर कराने और ग्राम प्रधानों व जिला पंचायत के चुनाव निर्धारित समय सीमा पर कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस अवसर पर अजय पाल, रामज्ञान गुप्ता, सीमा यादव, फूलचंद वर्मा, अजीम हैदर, राहुल गुप्ता, अकील अंसारी, विमल प्रकाश मिश्रा, प्रदीप यादव, रामलली, अमित अवस्थी, गजेंद्र सिंह, छत्रपाल और उपेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शाहजहांपुर में बंद मकान में चोरी का खुलासा:आरोपी गिरफ्तार, 11 हजार 500 रुपए नकद और गहने बरामद हुए
शाहजहांपुर पुलिस ने दो दिन पहले निगोही थाना क्षेत्र में एक बंद मकान में हुई चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से चोरी की गई साढ़े 11 हजार रुपये की नकदी और आभूषण बरामद किए गए हैं। दरअसल, दो दिन पूर्व निगोही थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाया था। चोरों ने घर के अंदर कमरे का ताला और बक्से के ताले तोड़कर नकदी व आभूषण चोरी कर लिए थे। अगले दिन सुबह जब मकान मालिक घर लौटे तो उन्हें चोरी की घटना का पता चला। इस घटना के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की और मामले के खुलासे के लिए एक टीम गठित की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि डींग गांव की तरफ से एक संदिग्ध व्यक्ति बाइक पर चोरी की घटना को अंजाम देने आ रहा है। उसके पास चोरी के जेवर और वारदात में इस्तेमाल होने वाले औजार भी हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने डींग गांव के पास घेराबंदी की। जैसे ही आरोपी वहां से गुजरा, पुलिस ने पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान निगोही थाना क्षेत्र के पतराजपुर गांव निवासी नरेश के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से साढ़े 11 हजार रुपये की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की घटना को स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया है। एसपी ने संबंधित अधिकारियों को अन्य लंबित घटनाओं का भी जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं।
फर्रुखाबाद में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला पूर्ति विभाग, पूर्ति निरीक्षक और नगर पालिका परिषद की एक संयुक्त टीम ने शहर में दो प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान इन दुकानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल होता पाया गया, जिसके बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। टीम ने सबसे पहले गोलाई स्ट्रीट के पास स्थित एक समोसा दुकान पर छापा मारा। जांच में पाया गया कि दुकान के भीतर घरेलू सिलेंडरों को पाइप के माध्यम से जोड़कर खाद्य सामग्री तैयार की जा रही थी। परिसर से कई घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर भी बरामद हुए। अधिकारियों के अनुसार, घरेलू गैस कनेक्शन के जरिए सिलेंडर मंगाकर उनका उपयोग व्यापारिक गतिविधियों में किया जा रहा था। इस मामले में दुकान संचालक कृष्ण मुरारी गुप्ता के खिलाफ कोतवाली फर्रुखाबाद में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने लाल मिठाई भंडार का निरीक्षण किया। यहां भी घरेलू गैस सिलेंडरों से मिठाइयां बनाई जा रही थीं। मौके से पांच घरेलू सिलेंडर बरामद किए गए, जिन्हें जब्त कर अधिकृत गैस एजेंसी की निगरानी में सौंप दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाली गैस का व्यावसायिक प्रयोग नियमों के विरुद्ध है। इस मामले में भी दुकान संचालक के खिलाफ थाना कादरीगेट में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा। दोनों कारोबारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
भिवानी के थाना सिविल लाइन पुलिस ने अपनी पत्नी व सास पर तेजधार हथियार से हमला करने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्जे से एक डंडा, एक दरांती व एक ई-रिक्शा बरामद की है। हिसार की नई अनाज मंडी भारत नगर निवासी महिला ने थाना सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 21 अप्रैल को वह अपनी मां के साथ सेक्टर-13 भिवानी स्थित अपने रिश्तेदार के घर आई हुई थी। इसी दौरान उसका पति दीपक वहां आया और उसे अपने साथ चलने के लिए कहने लगा। जब महिला ने उसके साथ जाने से मना किया तो आरोपी गुस्से में आ गया। आरोपी पहले अपने ई-रिक्शा से एक डंडा लेकर आया और अपनी पत्नी सोनिया पर हमला कर दिया। जब उसकी मां ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो आरोपी वापस ई-रिक्शा में गया और वहां से एक दरांती लेकर आया। आरोपी ने दरांती से अपनी पत्नी सोनिया व उसकी मां पर कई वार किए तथा जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया। दोनों घायल महिलाओं को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। महिला की शिकायत पर थाना सिविल लाइन भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। महिला विरुद्ध अपराध में तत्परता से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी को सेक्टर-13 भिवानी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को थाना सिविल लाइन भिवानी के अंतर्गत पुलिस चौकी सेक्टर-13 इंचार्ज एएसआई विजय कुमार ने अपनी टीम के साथ गिरफ्तार किया। हिसार का रहने वाला आरोपीगिरफ्तार आरोपी की पहचान हिसार के बरवाला हाल भारत नगर नई सब्जी मंडी हिसार निवासी दीपक पुत्र रोशन के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपी से वारदात में प्रयोग किया गया ई-रिक्शा, एक डंडा व एक दरांती बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हिसार में ई-रिक्शा चलाने का काम करता है तथा शराब पीने का आदी है। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी व सास पर तेजधार हथियार से हमला किया था। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया।
देवरिया की 29 ग्राम पंचायतों में सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायतें की वर्ष 2020-21 की ऑडिट रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कई ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा संयुक्त रूप से वित्तीय अनियमितता किए जाने का उल्लेख है। इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए, संबंधित ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन को भेजे गए प्रस्ताव में बताया गया है कि ऑडिट के दौरान करोड़ों रुपये की अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग से संबंधित आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इन मामलों में उत्तर प्रदेश पंचायती राज नियमावली-1947 के नियम-258 के तहत नोटिस जारी किए जाएंगे। ऑडिट रिपोर्ट में गौरीबाजार, भाटपाररानी, लार, बनकटा, सलेमपुर, बरहज, तरकुलवा और रुद्रपुर विकास खंड की ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इनमें कई पंचायतों में लाखों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई है। सबसे अधिक 45.76 लाख रुपये की आपत्ति भाटपाररानी विकास खंड के करौंदा ग्राम पंचायत में दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, जगहत्था में 37.74 लाख, जैतपुरा में 35.88 लाख और बनकटा के इंदरवा ग्राम पंचायत में 35.50 लाख रुपये की अनियमितता का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में यह भी सिफारिश की गई है कि संबंधित ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्रवाई की जाए। जिला प्रशासन इन मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे की विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
पानीपत की एडिशनल सेशन जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अम्बरदीप सिंह की अदालत ने गैंगरेप के एक मामले में फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस केस की सबसे बड़ी खास बात यह रही कि मुकदमे के दौरान पीड़िता अपने बयानों से मुकर गई थी, लेकिन वारदात के समय दरिंदों द्वारा बनाई गई वीडियो ही उनकी सजा का सबसे पुख्ता आधार बनी। ये था मामला मामला 24 अप्रैल 2024 का है, जब अंबाला कैंट निवासी एक महिला अपने पति के साथ जीटी रोड पर खड़ी थी। तभी एक टेम्पू में सवार दो युवक, सुमित और रोहित वहां आए। उन्होंने पति-पत्नी को छोड़ने के बहाने टेम्पू में बिठाने का प्रयास किया और विरोध करने पर पति के साथ मारपीट कर महिला को जबरन अगवा कर लिया। आरोपी महिला को मच्छरोली गांव के खेतों में बने एक कमरे में ले गए, जहां दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वीडियो बनाना पड़ा भारी हैरान करने वाली बात यह थी कि दुष्कर्म के दौरान आरोपियों ने अपने मोबाइल से महिला की 5 वीडियो भी बनाई थीं। वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुमित और रोहित को गिरफ्तार किया और उनके पास से मोबाइल फोन बरामद किया। साइबर लैब में जांच के दौरान मोबाइल से गैंगरेप की वो पांचों वीडियो बरामद हो गईं, जो बाद में अदालत में सबसे बड़ा सबूत साबित हुईं। पीड़िता के मुकरने पर भी मिली सजा ट्रायल के दौरान पीड़िता ने आरोपियों की पहचान करने से इनकार कर दिया और अपने बयानों से मुकर गई। अक्सर ऐसे मामलों में आरोपी बच निकलते हैं, लेकिन पानीपत पुलिस ने ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए। मोबाइल से मिली वीडियो और FSL मधुबन से प्राप्त DNA रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अपराध इन्हीं दोनों ने किया था। न्यायाधीश अम्बरदीप सिंह ने माना कि वीडियो और वैज्ञानिक सबूत इतने पुख्ता हैं कि पीड़िता के मुकरने से केस की गंभीरता कम नहीं होती ।
अजमेर में किसानों की समस्याओं को लेकर सोमवार को किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। विकास चौधरी ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में फसल मुआवजे में देरी, एमएसपी खरीद केंद्रों पर अव्यवस्थाएं, चना पंजीकरण पोर्टल बंद होने, कृषि बिजली कटौती और खाद-बीज की कमी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। विधायक ने कहा- अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें खराब हो चुकी हैं। गिरदावरी और बीमा क्लेम की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद बड़ी संख्या में किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। प्रशासन से 7 दिन में लंबित भुगतान कराने की मांग की। ज्ञापन में एमएसपी खरीद केंद्रों पर बारदाने की कमी, तुलाई में देरी और किसानों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें भी उठाई गईं। भीषण गर्मी में किसान लाइन में खड़े रहने को मजबूर विधायक ने कहा- भीषण गर्मी में किसान कई-कई दिन तक खरीद केंद्रों पर लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। खरीद केंद्रों पर पारदर्शी व्यवस्था और तुलाई के तुरंत बाद भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा चना पंजीकरण पोर्टल बंद होने से हजारों किसानों के पंजीकरण नहीं हो पाने का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक ने पोर्टल तुरंत दोबारा शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि किसान मजबूरी में अपनी उपज बिचौलियों को कम दामों में बेच रहे हैं। ज्ञापन में अघोषित बिजली कटौती और दोपहर में दी जा रही कृषि बिजली सप्लाई पर भी नाराजगी जताई गई। किसानों के लिए सुबह के समय नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई। वहीं आगामी सीजन को देखते हुए सहकारी समितियों में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
पिता ने 5 साल के बेटे को गला दबाकर मारा:फरीदाबाद में खुद भी लगाई फांसी; छाती पर बंधा मिला बच्चा
फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में रविवार को एक युवक ने अपने ही 5 साल के मासूम बेटे को खिलाने-पिलाने के बहाने अपने साथ घर ले जाकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने बच्चे के शव को अपनी छाती से रस्सियों के सहारे बांध लिया और खुद पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। परिवार से अलग रहता था सागर पुलिस को दी शिकायत में गांव दयालपुर निवासी रूपचंद ने बताया कि उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा भारत अविवाहित है, जबकि छोटा बेटा सागर शादीशुदा था। सागर की पत्नी सपना और उनका 5 वर्षीय बेटा रक्षित था, जो नर्सरी कक्षा में पढ़ाई करता था। रूपचंद ने बताया कि सागर का स्वभाव काफी झगड़ालू था। वह अक्सर परिवार के लोगों के साथ मारपीट करता था। इसी वजह से करीब एक साल पहले वह अपनी पत्नी मंजू, बेटे भारत, बहू सपना और पोते रक्षित के साथ गांव मच्छगर में किराए के मकान में रहने लगे थे, जबकि सागर दयालपुर स्थित अपने घर में अकेला रहता था। हफ्ते में बेटे को घुमाने ले जाता था सागर पेशे से ड्राइवर था और ज्यादातर शनिवार और रविवार को ही परिवार से मिलने आता था। जब भी वह घर आता था तो अपने बेटे रक्षित को कुछ समय के लिए अपने साथ दयालपुर ले जाता था। रविवार सुबह करीब 9 बजे सागर मच्छगर पहुंचा और घर में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बेटे को खिलाने-पिलाने और घुमाने के लिए लेकर गया इसके बाद वह अपने बेटे रक्षित को यह कहकर अपने साथ ले गया कि वह उसे खिलाने-पिलाने और घुमाने के लिए दयालपुर ले जा रहा है। परिजनों के अनुसार दोपहर के समय सागर ने दयालपुर स्थित अपने घर में पहले बेटे रक्षित का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने बच्चे के शव को रस्सी के सहारे अपनी छाती से बांध लिया और कमरे में लगे पंखे से फंदा लगाकर खुद भी आत्महत्या कर ली। छाती पर बंधा मिला बेटे का शव देर शाम तक जब सागर ने बच्चे को वापस नहीं छोड़ा और उसका फोन भी नहीं उठा तो परिवार के लोग चिंतित हो गए। इसके बाद परिजन गांव दयालपुर स्थित उसके घर पहुंचे। वहां मकान का मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। पड़ोसियों की मदद से सीढ़ी लगाकर घर के अंदर प्रवेश किया गया। जब कमरे का दरवाजा भी अंदर से बंद मिला तो उसे तोड़कर अंदर देखा गया। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी लोग सन्न रह गए। सागर पंखे से रस्सी के सहारे फंदे पर लटका हुआ था और मासूम रक्षित उसकी छाती से रस्सी से बंधा हुआ था। बच्चे की गर्दन पर गला दबाने के निशान थे और उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे शव घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और सीन ऑफ क्राइम टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से रस्सी, 2 मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। प्रारंभिक जांच में मामला पहले बेटे की हत्या और उसके बाद आत्महत्या का माना जा रहा है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की आगे जांच की जा रही है।
झालावाड़ में सोमवार को 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत जिला स्तरीय कार्यक्रम राज राजेश्वर मंदिर बारहद्वारी, मंगलपुरा में आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लेकर भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक विरासत के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। यह कार्यक्रम सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने और मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट और विद्युत रोशनी से सजाया गया था, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजन स्थल पर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की एक विशेष श्रृंखला आयोजित की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव का रुद्राभिषेक और विधिवत पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और सामूहिक मंत्र जाप से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनुराग भार्गव, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राम सिंह मीणा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी पवन पाटीदार सहित अन्य अधिकारियों और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। शिव भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। इस अवसर पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। साथ ही, जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी श्रद्धालुओं ने देखा। जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल और बैठक व्यवस्था सहित सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे। इस विशेष आयोजन के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
बुलंदशहर में पंचायत प्रतिनिधियों का पांच वर्षीय कार्यकाल रविवार रात 12 बजे समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही जिले के 946 ग्राम प्रधानों, 16 ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा। कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों और स्थानीय निकायों के संचालन की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। शासन के निर्देशों के अनुसार, ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव प्रशासक की भूमिका निभाएंगे। वहीं, ब्लॉक स्तर पर संबंधित उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। जिला पंचायत के संचालन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। नई पंचायतों के गठन और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक यही व्यवस्था लागू रहेगी। पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने से गांवों में विकास कार्यों और योजनाओं के संचालन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई ग्राम प्रधानों ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन लंबित कार्यों को पूरा करने और जरूरी फाइलों के निस्तारण में व्यस्तता दिखाई। पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में दस्तावेजों के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जिले में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। संभावित दावेदार गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क साधने में जुट गए हैं। आगामी पंचायत चुनाव में कई नए चेहरे मैदान में उतर सकते हैं, जबकि मौजूदा प्रतिनिधि भी दोबारा अपनी किस्मत आजमाने की तैयारी में हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी विकास कार्य प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे। सरकारी योजनाओं और आवश्यक सेवाओं का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कोई बाधा न आए।
कांति कपूर कॉलेज में स्मार्ट क्लास शुरू:इनर व्हील क्लब ने छात्राओं को दी डिजिटल शिक्षा की सुविधा
बरेली के कांति कपूर गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू की गई है। इनर व्हील क्लब ऑफ बरेली साउथ ने शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में यह पहल की है। क्लब ने कॉलेज में एक एंड्रॉयड डिजिटल एलईडी बोर्ड स्थापित किया है। इससे छात्राओं को अब आधुनिक और इंटरैक्टिव तरीके से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। सोमवार को एक कार्यक्रम में स्मार्ट क्लास का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर एलईडी बोर्ड के माध्यम से कई शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन हुआ, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डिजिटल माध्यम से पढ़ाई और प्रतियोगिताओं का अनुभव पाकर छात्राओं में काफी उत्साह देखा गया। क्लब अध्यक्षा ने बताया कि विद्यालय में लंबे समय से स्मार्ट क्लास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। क्लब ने इस कमी को दूर करने का प्रयास किया है, ताकि छात्राएं आधुनिक तकनीक के साथ बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण क्लब की प्राथमिकताओं में शामिल है। तकनीक आधारित शिक्षा से छात्राओं की सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होगी, जिससे वे डिजिटल युग की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगी। कार्यक्रम में क्लब की सचिव, कोषाध्यक्ष और कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने छात्राओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की इस पहल को समाज के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
बदायूं में एक शादी समारोह के दौरान नृतकियों के अश्लील डांस का वीडियो सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने देर रात मौके पर पहुंचकर कार्यक्रम बंद करवा दिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। यह घटना मूसाझाग क्षेत्र के ग्राम कथरा खगेई की है। बताया जा रहा है कि एक घर में शादी समारोह के दौरान मनोरंजन के लिए नृतकियां बुलाई गई थीं। वहां तख्त लगाकर और डीजे बजाकर डांस कराया जा रहा था, जिसे देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। किसी ने इस डांस का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति पर सवाल उठाए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने रात में ही मौके पर पहुंचकर कार्यक्रम रुकवा दिया। मूसाझाग के एसएचओ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सहारनपुर में फर्जी प्लॉट कारोबार से करोड़ों की ठगी:गिरोह पर धमकी-जबरन कब्जे के आरोप, SSP से शिकायत
सहारनपुर में फर्जी प्रॉपर्टी कारोबार के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक संगठित गिरोह पर फर्जी प्लॉट, नकली दस्तावेज और बनावटी सौदों के जरिए लोगों को ठगने का आरोप है। सोमवार को थाना मंडी और कोतवाली देहात क्षेत्र के कई पीड़ितों ने SSP से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों का आरोप है कि यह गिरोह लंबे समय से लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये हड़प चुका है। गिरोह के सदस्य खुद को बड़े प्रॉपर्टी कारोबारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। मोहल्ला मुफ्ती निवासी मोहम्मद मुआज ने शिकायत में बताया कि अदनान, मुजयन, आसिफ, सोनू और उनके साथियों ने उन्हें बेहट रोड स्थित गंगोत्री विहार में एक प्लॉट दिखाया। फर्जी खतौनी, आधार कार्ड और पैन कार्ड दिखाकर उनसे लाखों रुपये का निवेश कराया गया। बाद में जांच करने पर पता चला कि प्लॉट पहले से किसी अन्य महिला के नाम दर्ज था और सभी दस्तावेज फर्जी थे। मुआज का आरोप है कि गिरोह ने उनसे 20 लाख रुपये से अधिक की रकम ठग ली। इसी तरह महेश्वरी खुर्द निवासी सलीम ने भी इसी गिरोह पर नौ लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। सलीम के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी मालिक खड़े कर प्लॉट का सौदा कराया। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। एक अन्य पीड़ित मोहम्मद परवेज ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गिरोह ने उन्हें न केवल फर्जी प्लॉट दिया, बल्कि दबाव बनाकर उनके खुद के प्लॉट पर भी कब्जा करने की कोशिश की। परवेज ने बताया कि विरोध करने पर उन्हें अगवा कर मारपीट की गई और जबरन कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तनाव और मारपीट के कारण उनके ससुर को दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। कई अन्य पीड़ितों ने भी एसएसपी से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी और जबरन वसूली जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
जोधपुर ग्रामीण में सुसाइड का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 10वीं के एक छात्र 12वीं में पढ़ने वाले अपने दोस्त की फोटो हाथ पर चिपकाकर सुसाइड कर लिया। मौके पर दोस्त के नाम लिखा एक नोट भी मिला है। इसमें लिखा- आप लंबे समय से बात नहीं कर रहे हो भईया, प्लीज मैं आपके बिना नहीं रह सकता। घटना बालेसर थाना क्षेत्र की है। बालेसर थानाधिकारी मूलसिंह भाटी ने बताया- मृतक की पहचान 17 साल के युवक के पूर में हुई है। जो सरकारी स्कूल में पढ़ता था। प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया- मृतक रविवार दोपहर करीब 3 बजे घर का सामान लेने के लिए दुकान पर गया था। फिर वापस लौट आया था। इसके बाद शाम करीब साढ़े चार बजे वह फिर से घर से निकला। लेकिन वापस नहीं आया। रविवार शाम करीब साढ़े 6 बजे स्कूल परिसर में पेड़ पर फंदे से लटकता शव मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। परिजनों का संदेह दूर करने के लिए खंगाले सीसीटीवी रविवार शाम करीब 6:30 बजे गांव के ही कुछ बच्चों ने फंदे पर लटके नाबालिग को देखा। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। रात को इसकी जानकारी मिलने पर बालेसर पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने शुरुआत में किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए शव को नीचे उतारने से इनकार कर दिया। परिजनों ने फलोदी से अपने रिश्तेदार और गांव के सरपंच के लौटने का इंतजार करने का आग्रह किया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। फुटेज में छात्र अकेले ही स्कूल की तरफ आता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद परिजनों का संदेह दूर हुआ और वे शांत हुए। चार पेज का पत्र और गहरी भावनात्मक पीड़ा सोमवार सुबह ग्रामीणों की मौजूदगी में पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतारा। तलाशी के दौरान छात्र की जेब से 17 जनवरी 2026 की तारीख का लिखा चार पेज का एक लेटर बरामद हुआ। साथ ही हाथ पर दोस्त का फोटो भी चिपका मिला। लेटर में नाबालिग ने अपने सीनियर दोस्त के लिए लिखा- आप लंबे समय से बात नहीं कर रहे हो भईया, प्लीज मैं आपके बिना नहीं रह सकता। आपको एक महीने का समय दिया, लेकिन आप नहीं बोले। आप नहीं बोलोगे तो मैं मर जाऊंगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा पुलिस ने इस लेटर को अहम सबूत मानते हुए जब्त कर लिया है। छात्र की मौत के बाद गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस और ग्रामीणों की समझाइश के बाद सोमवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। कंटेंट-विजुअल सहयोग: रामसिंह, बंबोर
बुलंदशहर में किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने उप निबंधक (कोऑपरेटिव) कार्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलेभर से आए सैकड़ों किसानों ने सहकारी समितियों द्वारा लंबित सब्सिडी भुगतान की मांग की और सरकार व समितियों के खिलाफ नारेबाजी की। किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव चंद्रपाल सिंह ने बताया कि सहकारी समितियों से ऋण लेने वाले किसानों से 7 प्रतिशत ब्याज लिया जाता है, जिसमें से 4 प्रतिशत राशि सब्सिडी के रूप में वापस की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2025-26 में किसानों से पूरा ब्याज वसूला गया, लेकिन वर्ष समाप्त होने के बाद भी सब्सिडी की राशि नहीं लौटाई गई, जिससे करोड़ों रुपये अटक गए हैं। अब वर्ष 2026-27 के लिए भी 7 प्रतिशत ब्याज वसूला जा रहा है, जिससे किसानों में रोष है। माकपा के जिला सचिव जगवीर भाटी ने एक अन्य मुद्दे पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रही है। खुले बाजार में उर्वरकों की कालाबाजारी हो रही है और किसानों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। खाद के साथ अनावश्यक उत्पाद भी जबरन बेचे जा रहे हैं। किसान सभा ने उप निबंधक को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कई मांगें शामिल थीं। इनमें वर्ष 2025-26 की सब्सिडी का तत्काल भुगतान, ऋण पर ब्याज दर 7 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत करना, समितियों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना, कालाबाजारी रोकना और फाइल नवीनीकरण के नाम पर अवैध वसूली बंद कराना प्रमुख थीं। उप निबंधक ने किसानों को जल्द ही सब्सिडी भुगतान कराने का आश्वासन दिया। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष जगवीर सिंह ने की। इस दौरान मेघराज सोलंकी, मीरपाल सिंह, मूलचंद सिंह, अनिल कुमार, अमरपाल सिंह, हरिओम सिंह, श्रीपाल सिंह, यशपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
रीवा के सबसे व्यस्त और अहम मार्गों में शामिल अमहिया रोड का चौड़ीकरण प्रोजेक्ट एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई योजना अब लगातार बदलते प्रस्तावों और प्रशासनिक सुस्ती के कारण विवाद का विषय बनती जा रही है। पहले सड़क को 22 मीटर चौड़ा करने की बात कही गई थी, लेकिन अब प्रस्ताव घटकर 12 मीटर तक पहुंच गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक सड़क चौड़ीकरण का जमीनी काम शुरू नहीं हो पाया है, जबकि बिजली पोल शिफ्टिंग पर ही करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च की तैयारी हो रही है, लेकिन सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। जाम और हादसों से परेशान लोग अमहिया रोड लंबे समय से जाम, अव्यवस्थित यातायात और सड़क हादसों की समस्या से जूझ रहा है। चौड़ीकरण की घोषणा के बाद लोगों को उम्मीद थी कि यातायात व्यवस्था सुधरेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी, लेकिन लगातार बदलते नक्शों और धीमी प्रक्रिया ने पूरे प्रोजेक्ट की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 22 से 18 और अब 12 मीटर तक पहुंचा प्रस्ताव स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन के पास स्पष्ट कार्ययोजना नहीं है। पहले 22 मीटर, फिर 18 मीटर और अब 12 मीटर चौड़ीकरण की बात सामने आने से लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है। उनका कहना है कि मामला बैठकों और कागजी कार्रवाई तक सीमित होकर रह गया है। प्रशासन अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि सड़क की चौड़ाई लगातार कम क्यों की जा रही है और निर्माण कार्य आखिर कब शुरू होगा। रोजाना लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं से आम लोग लगातार परेशान हैं। आयुक्त बोले- विभागों में समन्वय जारी नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन ने बताया कि अमहिया मार्ग चौड़ीकरण को लेकर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय प्रक्रिया जारी है। बिजली पोल शिफ्टिंग और तकनीकी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
बालोतरा जिला कलेक्टर सभागार में सोमवार को जनगणना 2027 के स्व-गणना अभियान में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने वाले प्रगणकों और सुपरवाइजरों को सम्मानित किया गया। जिला कलक्टर सुशील कुमार यादव ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्य की सराहना की। कार्य प्रणाली पर की विस्तार से चर्चा इस अवसर पर आयोजित बैठक में जिला कलक्टर यादव ने प्रगणकों और सुपरवाइजरों से स्व-गणना पूर्ण करने में आने वाली चुनौतियों, प्रशिक्षण व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्य में मैदानी स्तर पर कार्यरत कार्मिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। स्व गणना के काम के बारे में बताया प्रगणकों और सुपरवाइजरों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और नागरिकों के सहयोग से स्व-गणना कार्य सहजता से पूरा किया गया। उन्होंने आमजन को प्रक्रिया समझाने के साथ उनकी शंकाओं का समाधान भी किया, जिससे जनगणना के प्रति जागरूकता बढ़ी। जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्लान जिला कलक्टर सुशील कुमार यादव ने जोर दिया कि जनगणना के आंकड़े भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों की आधारशिला होते हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी कार्मिकों से आगामी चरणों में भी इसी समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारी, प्रगणक, सुपरवाइजर और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
सुलतानपुर में सोमवार को भारतीय संस्कृति, आस्था और श्रद्धा के प्रतीक 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन किया गया। इस दौरान पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम, पूजन-अर्चन और एक कलश यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा नगर अध्यक्ष रीना जायसवाल और नगर उपाध्यक्ष मंजू तिवारी सहित कई महिलाओं ने विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया। इसके उपरांत पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार से शिव मंदिर, सीता कुंड घाट तक कलश यात्रा निकाली गई। 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में ज्योतिर्लिंग कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य शैलेन्द्र प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), डीसी एनआरएलएम के.डी. गोस्वामी, भाजपा नगर अध्यक्ष, नगर उपाध्यक्ष, महिला मोर्चा अध्यक्ष और अपना दल जिलाध्यक्ष राकेश वर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी ने विधान परिषद सदस्य का स्वागत किया, जबकि जिला पर्यटन/सूचना अधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को पुष्पगुच्छ भेंट किया। कृषि विभाग के तारकेश्वर ने मंच का संचालन किया। कार्यक्रम में एलईडी डिस्प्ले के माध्यम से वाराणसी में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के ज्योतिर्लिंग कार्यक्रम और गुजरात के सोमनाथ मंदिर परिसर से प्रधानमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। संस्कृति विभाग में पंजीकृत कलाकार राहुल पाण्डेय ने शिव तांडव और भजनों सहित अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सभागार में मौजूद सभी अतिथियों और आमजन को प्रसाद वितरित किया गया। मुख्य अतिथि की अनुमति से सभी का धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
बलरामपुर डीएम ने राप्ती नहर का निरीक्षण किया:खरीफ सीजन से पहले टेल तक पानी पहुंचाने के निर्देश
बलरामपुर में खरीफ सीजन से पहले किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने हरैया सतघरवा क्षेत्र में राप्ती मुख्य नहर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने किलोमीटर 45 से 50 के बीच नहर से संचालित कुलाबों और गुलों की स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी हाल में किसानों को पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नहरों में जमी सिल्ट और गंदगी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि कुलाबों की सिल्ट सफाई समय पर पूरी की जाए, ताकि नहर का पानी अंतिम छोर (टेल) तक बिना बाधा पहुंच सके और किसानों को सिंचाई संकट का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने खरझार पहाड़ी नाले पर सिंचाई विभाग द्वारा प्रस्तावित परियोजना का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र के असिंचित इलाकों को सिंचाई सुविधा से जोड़ने के लिए विशेष परियोजना तैयार कर तेजी से कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय किसानों और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सिंचाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। किसानों ने कई स्थानों पर पानी अंतिम छोर तक न पहुंचने की समस्या बताई, जिस पर डीएम ने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी के निर्देश दिए। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने स्पष्ट किया कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए सिंचाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त पानी मिल सके। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता राप्ती नहर संतोष कुमार, अधिशासी अभियंता चितौड़गढ़ बंधा सहित सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
राजस्थान में मूल निवास बनाने के लिए सरकार ने नए सिरे से प्रावधान लागू किए हैं। मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए कलेक्टर, एसडीएम (उपखंड अधिकारी), सहायक कलेक्टर और तहसीलदार को अधिकृत किया है। गृह विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। अब 10 साल या इससे ज्यादा समय से किराए के मकान में रहने वालों के भी मूल निवास प्रमाण-पत्र बन सकेंगे। इसके अलावा, जिनके माता-पिता राजस्थान सरकार में 3 साल से नौकरी में हैं, वे खुद और उनके बच्चे भी मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के पात्र होंगे। मूल निवास प्रमाण-पत्र बनाने से पहले अब आवेदक से शपथ पत्र (एफिडेविट) लेने के साथ-साथ 2 जिम्मेदार लोगों से भी अनुशंसा (सिफारिश) का प्रमाण-पत्र लिया जाएगा। सांसद, विधायक, गजेटेड ऑफिसर, जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्य, सरपंच, ग्राम सचिव, पटवारी, मेयर, नगरपालिका अध्यक्ष, सभापति, पार्षद, सरकारी कर्मचारी या पुलिस बीट प्रभारी में से किन्हीं 2 के प्रमाण-पत्र आवेदन के साथ लगाने होंगे। गृह विभाग ने अफसरों को 2 जिम्मेदार लोगों के प्रमाण-पत्र साथ लगाने के निर्देश दिए हैं। 10 साल से राजस्थान में रहने पर मिलेगा मूल निवासगृह विभाग के अनुसार, मूल निवासी वह माना जाएगा, जिसके माता-पिता राजस्थान के मूल निवासी हों या उसके माता-पिता राजस्थान में 10 साल या उससे ज्यादा समय से रह रहे हों। मूल निवास प्रमाण-पत्र बनाने के लिए एसडीएम (SDM) या तहसीलदार के ऑफिस में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ दस्तावेज लगाने होंगे। यदि माता-पिता राजस्थान के मूल निवासी हैं, तो आवेदन के साथ अपना बर्थ सर्टिफिकेट (जन्म प्रमाण-पत्र) और माता-पिता का मूल निवास प्रमाण-पत्र लगाना अनिवार्य होगा। 10 साल या ज्यादा समय से मकान तो भी मूल निवासी 10 साल या इससे ज्यादा समय से राजस्थान में खुद का मकान हो तो मूल निवास प्रमाण-पत्र बनाने के पात्र होंगे। आवेदक का या उसके माता-पिता का राजस्थान में 10 साल या इससे ज्यादा अवधि में मकान हो तो आवेदक और उसके माता-पिता का वोटर आईडी,आधार कार्ड,पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई अन्य फोटो पहचान पत्र साथ लगाना होगा। राजस्थान में शादी होने पर मैरिज सर्टिफिकेट लगाना होगा दूसरे राज्यों की महिलाएं, जो राजस्थान की मूल निवासी नहीं हैं, लेकिन राजस्थान के मूल निवासी से शादी करने के बाद पति के साथ यहां रहती हैं, उन्हें राजस्थान की मूल निवासी माना जाएगा। बाहरी राज्यों की महिलाओं को शादी के बाद राजस्थान का मूल निवास प्रमाण-पत्र बनाने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट के साथ पति का मूल निवास प्रमाण-पत्र, वोटर आईडी, आधार कार्ड सहित कोई भी पहचान कार्ड साथ लगाना होगा। राजस्थान का मूल निवास प्रमाण-पत्र बनाने के लिए बाहरी राज्यों की महिलाओं को पीहर का मूल निवास प्रमाण-पत्र सरेंडर करना होगा, आवेदन के साथ सरेंडर का शपथ-पत्र देना होगा। सरकारी नौकरी तो 3 साल बाद बन सकेगा मूल निवास राजस्थान सरकार या सरकारी उपक्रमों में अगर कोई तीन साल से नौकरी कर रह रहा है तो खुद और उसके बच्चे मूल निवास प्रमाण-पत्र बनाने के पात्र होंगे। आवेदन के साथ सरकारी नौकरी का डॉक्यूमेंट लगाना होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा एक साल तक सोना न खरीदने की बात कहे जाने के बाद कानपुर के सराफा कारोबारियों में आक्रोश है। अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास परिषद के अध्यक्ष पुष्पेंद्र जायसवाल ने कहा कि हमारे सांसद विधायक की तनख्वाह व सिक्योरिटी में जो गाड़ियां चलती हैं। उसमें डीजल पेट्रोल लगता है वह बंद होना चाहिए। सांसदों व विधायकों को मिलने वाला रेलवे पास, संसद भवन में कैंटीन में खाना, फ्री फोन, हवाई जहाज की यात्रा यह सब चीजों को बंद की जाएं। मेरा पीएम से कहना है कि सोना न खरीदने की बात से सराफा व्यवसाइयों के सामने संकट आ गया है। इसके अलावा सोना हमारी काफी मामलों में मदद करता है। पोस्टर किया गया जारी इसके अलावा शहर के सराफा कारोबारियों ने एक पोस्टर जारी किया है। जारी किए गए पोस्टर में सोना खरीदने से होने वाले फायदों को बताया गया है। सराफा कारोबारी इस पोस्टर को सोशल मीडिया पर जमकर वायरल कर रहे हैं। वायरल पोस्टर में लिखा है कि इमरजेंसी में सोना ही काम आएगा और सोना क्यों खरीदें। श्री सराफा कमेटी धोबी मोहाल के उपाध्यक्ष मोहित वर्मा ने कहा कि सोने का दामों में लगातार हो रहे उतार चढ़ावों से सराफा कारोबारी परेशान हैं। पीएम की सोना न खरीदने की अपील से ज्वैलरी सेक्टर में भूचाल आएगा। मंदी का मार पड़ेगी ऐसे में सराफा व्यवसायी कहां जाएं। हम लोगों ने पोस्टर ने जारी करके बताया है सोना सुख में शोभा बढ़ाए और दुख में हाथ बटाए। शास्त्री नगर में व्यापारियों ने की बैठक अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास परिषद की ओर से सोमवार को शास्त्री नगर में एक बैठक बुलाई गई। बैठक में व्यापारियों ने कहा कि सोने को हिंदुस्तान के स्त्री धन के रूप में देखा जाता है। प्रधानमंत्री से निवेदन है की सर्वप्रथम वह चीन से आने वाले सामानों आयात पर प्रतिबंध लगाए। किसी का रोजगार बंद नहीं किया जा सकता घरों में पड़े सोने को बाहर निकालने के लिए मजबूती के साथ गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम लानी चाहिए। ताकि सोने की आयत की जरूरत ही ना पड़े। प्रधानमंत्री का यह एक तुगलगी फरमान बैठक में व्यापारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री को लोगों से सिगरेट और शराब छोड़ने की अपील करनी चाहिए। प्रधानमंत्री का यह एक तुगलगी फरमान है जो कि किसी भी कीमत पर सराफा व्यवसाईयों को स्वीकार नहीं है। बैठक में शीलू वर्मा, पंकज वर्मा, वेद गुप्ता, मनोज वर्मा, दुर्गेश सोनी और सर्वेश वर्मा आदि लोग सम्मिलित हुए। वोट के रुप में मिलेगा जवाब पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस मध्य जोन के प्रदेश अध्यक्ष आनंद प्रकाश वर्मा ने कहा कि पीएम के सोना न खरीदने के बयान के बाद बीजेपी से जुड़े स्वर्णकार समाज के लोगों को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। पीएम के इस बयान का जवाब स्वर्णकार समाज चुनाव में वोट के रुप में देगा।
मेरठ में शास्त्री नगर क्षेत्र के 815 भूखंड स्वामियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार आवास विकास द्वारा कॉर्मशियल गतिविधियां बंद करने और नियम अनुसार सेटबैक छोड़ने का आदेश दिया था। इसके बाद सेक्टर 2 की महिलाएं धरने पर बैठ गई थी, पिछले 7 दिनों से सेक्टर 4 में भी महिलाओं का धरना चल रहा है लेकिन अन्य जगहों पर भू स्वामियों ने सेटबैक छोड़ना शुरू कर दिया है। सेक्टर 2 और सेक्टर 4 दोनों में ही ज्यादातर मकान 40 मीटर क्षेत्र के हैं इसलिए उन्होंने सेटबैक छोड़ने से मना कर दिया है। हालांकि बाकियों ने जिनके प्रतिष्ठान 50 मीटर से ज्यादा में बने हैं उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना शुरू कर दिया है। सेंट्रल मार्केट के आसपास चारों ओर लोग अपने प्रतिष्ठानों को सेटबैक के अनुसार तैयार करने के लिए दोस्त करना शुरू कर चुके हैं। याचिका हो चुकी है दायर सांसद अरुण गोविल द्वारा दिए गए वकील के द्वारा सेक्टर 2 के लोगों के हित में पैरवी करते हुए याचिका दायर हो गई है। इसके बाद भी महिलाओं का कहना है कि इतना काफी नहीं है उनको पूरे मामले का लिखित में आश्वासन चाहिए कि उनके मकान सेटबैक के अनुसार नहीं टूटेंगे। सलमान खुर्शीद द्वारा भी लड़ा जाएगा केसपूर्व कानून मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने भी सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के केस को निशुल्क लड़ने के लिए आश्वासन दे दिया है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन ने उनसे मुलाकात की थी और व्यापारियों की समस्या बताई थी। जिसके बाद उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की स्थिति बेहद खराब है जिस साधन से उनका परिवार चलता था वही बंद हो चुका है इसलिए वह उनकी भैरवी मुफ्त में करेंगे। दरअसल यह पूरा प्रकरण 860 संपत्तियों का था। इनमें से एक काध्वस्तीकरण हो चुका है और 44 संपत्तियां सीलिंग कार्रवाई की चपेट में आ चुकी हैं। इसके बाद अब आवास विकास द्वारा 815 संपत्तियों को नोटिस दिए गए हैं। अब जानिए कुल मकानों का क्षेत्र860 संपत्तियों में मकानों की संख्या 630 50 मीटर तक के 249 मकान - 51 से 100 मीटर तक के 222 मकान 101 से 150 मीटर तक के 68 मकान 151 से 300 मीटर तक के 80 मकान 301 से 500 मीटर तक के 10 मकान 501 से 1200 मीटर तक के 01 मकान 860 संपत्तियों में 230 आवासीय प्लॉट 1 से 50 मीटर का 1 प्लॉट - 51 से 100 मीटर के 17 प्लॉट 101 से 150 मीटर के 6 प्लॉट 151 से 300 मीटर के 124 प्लॉट - 301 से 500 मीटर के 78 प्लॉट 501 मीटर से बड़े 4 प्लॉट
पाकुड़ मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के लखीनारायणपुर गांव में सियार के हमले से एक पांच वर्षीय बच्चा घायल हो गया। बच्चे का नाम जुबैर शेख है और उसका इलाज किया गया है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। यह घटना सोमवार को हुई, जब जुबैर शेख सोया हुआ था। सियार ने उस पर हमला कर दिया। बच्चे के चिल्लाने पर उसके परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद सियार वहां से भाग गया। बच्चे के पिता सदीकुल शेख ने बताया कि हमले में जुबैर के गर्दन और चेहरे पर चोटें आई हैं।लखीनारायणपुर गांव में सियार का आतंक लगातार बढ़ रहा है। बीते शुक्रवार को भी सियार के हमले में तीन माह की एक बच्ची की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य बच्ची घायल हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि सियार गांव के पास एक कब्रिस्तान में सैकड़ों की संख्या में रहते हैं। सियार ने कई बकरियों को भी अपना निशाना बनाया है ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय सियार का आतंक बढ़ जाता है। वे मवेशियों पर भी हमला करने से नहीं चूकते हैं। सियार ने कई बकरियों को भी अपना निशाना बनाया है, जिससे गांव के लोग काफी परेशान हैं। इधर, सोमवार को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री मिसफिका हसन ने गांव का दौरा किया और घायल बच्चे का हालचाल जाना। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि वन विभाग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। मिसफिका हसन ने वन विभाग के अधिकारियों से मिलकर इस समस्या के ठोस समाधान पर चर्चा करने की बात कही।
प्रतापगढ़ पुलिस ने मनोहरगढ़ गांव में हत्या के एक मामले में वांछित अभियुक्त रामलाल मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। रामलाल मीणा जिले के टॉप-10 वांछित अपराधियों में शामिल था। मामला 3 मई 2026 को देवगढ़ निवासी भेरुलाल मीणा ने दर्ज कराया था। जान से मारने की नीयत से किया था हमला रिपोर्ट के अनुसार, 2 मई 2026 को भेरुलाल अपने दोस्तों आनंद मीणा और दिलीप मीणा के साथ बाइक से मनोहरगढ़ गए थे। वहां रामा मीणा और उसके परिजनों ने दिलीप मीणा को जान से मारने की नियत से लात-घूंसों से मारपीट की, जिससे वह बेहोश हो गया। इलाज के दौरान महाराणा भूपाल चिकित्सालय उदयपुर में घायल दिलीप पिता सांवारिया मीणा की मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थाना स्तर पर अलग-अलग टीमें गठित की गईं और वांछित आरोपियों की तलाश शुरू की गई। बांसवाड़ा से मोबाइल फोरेंसिक टीम बुलाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया और साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस को देखकर पेड़ पर चढ़ा आरोप पुलिस टीम को सूचना मिली कि वांछित आरोपी रामलाल (26) गांव के पास जंगल में छिपा हुआ है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मनोहरगढ़ के आसपास के जंगल में तलाशी अभियान चलाया। आरोपी रामलाल जंगल से निकलकर पुलिस को देखकर भागने लगा। वह जाम्बुखेड़ा गांव, कोटड़ी थाना सर्किल में करीब 60 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़कर छिप गया। पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से आरोपी को समझा-बुझाकर नीचे उतारा और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
देवास पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का सोमवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक युवक की शादी कराने का झांसा देकर उसके परिवार से 2 लाख रुपए की ठगी की थी। शादी के अगले ही दिन दुल्हन फरार हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 18 हजार 500 रुपए भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, फरियादी जानकीलाल पुवाडिया निवासी देवास ने नाहर दरवाजा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे अमन की शादी नहीं हो रही थी। इसी दौरान ईटावा, देवास निवासी अंतरसिंह ने अमन की शादी कराने का भरोसा दिलाया और इसके लिए करीब 2 लाख रुपए खर्च होने की बात कही। राजगढ़ ले जाकर सीमा से कराईइसके बाद, फरियादी को राजगढ़ जिले के जीरापुर ले जाया गया, जहां उनकी मुलाकात सीमा यादव और उसकी कथित मौसी गीताबाई से हुई। रिश्ता तय होने के बाद, 6 मई को सीमा को देवास लाकर लिखापढ़ी के बाद अमन से शादी करवा दी गई। शादी के बदले आरोपियों ने फरियादी से 2 लाख रुपए नकद लिए थे। हालांकि, शादी के अगले ही दिन रात में दुल्हन सीमा यादव घर से फरार हो गई। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। दुल्हन समेत 6 आरोपी पकड़े गएमामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी आलोक सोनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर राजगढ़ और इंदौर से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। दुल्हन को देवास से ही पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में दुल्हन सीमाबाई (21, निवासी उमरिया जिला), गीताबाई (निवासी जीरापुर, जिला राजगढ़), अतरसिंह (निवासी ईटावा, देवास), कमल मालवीय (निवासी सांवेर, इंदौर जिला), फारूक मंसूरी (निवासी जीरापुर, राजगढ़) और कमल उर्फ दिलीप (निवासी बोरखेड़ा, उज्जैन) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 लाख 18 हजार 500 रुपए जब्त किए हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। कार्रवाई में पुलिसकर्मियों गणेशलाल जटिया, राकेश बौंरासी, कमल झोडिया, नितेश द्विवेदी, यशवंत, भगवान, वासुदेव, अनिता, नवदीप, विकास, अनिता, देविका, कशक, खुशबू एवं सायबर सेल देवास से प्रभारी सायबर सेल देवास शिवप्रताप सिंह सेंगर, सचिन चौहान का विशेष योगदान रहा।
जांजगीर-चांपा जिले में धान खरीदी केंद्रों पर धान शॉर्टेज के मामलों में कंप्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ दर्ज एफआईआर का विरोध हो रहा है। कंप्यूटर ऑपरेटर संघ ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर न्यायोचित हस्तक्षेप की मांग की है। संघ ने ज्ञापन में बताया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सहकारी समितियों और खरीदी केंद्रों के माध्यम से होता है। इस प्रक्रिया में धान खरीदी प्रभारी, समिति प्रबंधक, समिति अध्यक्ष, नोडल अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी और भंडारण प्रभारी जैसे कई प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार होते हैं। बीना सबूत के तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों पर FIR कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका केवल तकनीकी कार्य और ऑनलाइन डेटा एंट्री तक सीमित होती है। ऑपरेटरों का आरोप है कि जिले के विभिन्न खरीदी केंद्रों में धान की कमी के मामलों में बिना किसी प्रत्यक्ष साक्ष्य के तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई से कंप्यूटर ऑपरेटरों में भय और मानसिक तनाव का माहौल है। किसान पंजीयन,टोकन एंट्री,पोर्टल संचालन और रिपोर्ट प्रिंट के अधिकार ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कंप्यूटर ऑपरेटरों के पास न तो कोई वित्तीय अधिकार होते हैं और न ही उन्हें धान के भौतिक सत्यापन, सुरक्षा या स्टॉक प्रबंधन की जिम्मेदारी दी जाती है। उनका कार्य केवल किसान पंजीयन, टोकन एंट्री, पोर्टल संचालन और रिपोर्ट प्रिंट करने तक सीमित है। इसके बावजूद उन्हें आरोपी बनाए जाने पर संघ ने सवाल उठाए हैं। ऑपरेटर संघ ने शासन से मांग की है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए और वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही, कंप्यूटर ऑपरेटरों की कार्य-जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने और एक साल तक सोने की खरीद से बचने की अपील पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना का भाजपा ने तीखा जवाब दिया है। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने फेसबुक पोस्ट में नेता प्रतिपक्ष को मूर्ख करार देते हुए कहा कि उन्हें अपने पूर्वजों का भी ज्ञान नहीं है। मंत्री पटेल ने बिना राहुल गांधी का नाम लिए (नेता प्रतिपक्ष के संदर्भ में) लिखा: ऐसा मूर्ख नेता प्रतिपक्ष अभी तक नहीं हुआ है, जिसको अपने पूर्वजों का भी ज्ञान नहीं है, जिसको अपनी पार्टी की सरकारों के द्वारा की गई अपीलों का ज्ञान नहीं है। कांग्रेस सरकारों के दिए उदाहरण नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कांग्रेस शासनकाल की पुरानी अपीलों का हवाला देते हुए कहा- एक समय का खाना छोड़ दो, अपना सोना और धन सरकारी खजाने में दान करें, बचत करो और अतिरिक्त टैक्स दो, पैसे पेड़ पर नहीं लगते जैसी अपीलें कांग्रेस सरकारों ने ही की थीं। अनुभवहीन लोग सोने की चम्मच लिए पैदा हुए मंत्री पटेल ने आगे लिखा कि वे उन पुरानी अपीलों की तत्कालीन परिस्थितियों को समझते हुए उनकी आलोचना नहीं कर रहे, लेकिन अनुभवहीन, सोने की चम्मच लिए पैदा हुए और पारिवारिक कब्जे के कारण पद पर विराजमान नेता प्रतिपक्ष की टिप्पणी उनके ही पूर्वजों का अपमान है। पीएम मोदी की अपील क्या थी? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते 10 मई को हैदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नागरिकों से आर्थिक संयम और सादगी की अपील की। पीएम ने पब्लिक से अपील करते हुए कहा था कि कम से कम एक साल तक अनावश्यक या डिस्क्रिशनरी सोने की खरीदारी टालें। गैर-जरूरी विदेश यात्राएं, वेकेशन या डेस्टिनेशन वेडिंग एक साल के लिए स्थगित करें। देश में ही पर्यटन और शादियां करें। वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दें, ऑनलाइन मीटिंग्स करें, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें, कारपूलिंग करें, इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ें। राहुल ने क्या लिखा था? प्रधानमंत्री के बयान पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा- मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न खरीदें, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि खुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब कम्प्रोमाइज्ड PM के बस की बात नहीं।
बीकानेर कलेक्टर निशांत जैन ने सोमवार को एसडीएम राजकीय जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को समस्त व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने विशेष रूप से हीट वेव और हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की। जिला कलेक्टर ने सबसे पहले अस्पताल के आपातकालीन वार्ड का निरीक्षण किया और यहां भर्ती मरीजों तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल के आउटडोर और पंजीयन काउंटर का अवलोकन करते हुए मरीजों और उनके परिजनों के बैठने के लिए अतिरिक्त बेंच लगाने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नेत्र एवं ईएनटी ओपीडी की व्यवस्थाएं भी देखीं और वहां उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। जिला कलेक्टर ने प्रसूति वार्ड और संस्थागत प्रसव से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके अलावा इमरजेंसी वार्ड से जुड़े रिकॉर्ड और मरीजों को दी जा रही सेवाओं का फीडबैक भी लिया। उन्होंने दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं निःशुल्क जांच सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की। जिला कलेक्टर विभिन्न वार्डों में पहुंचे और मरीजों से सीधे बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया। भीषण गर्मी को देखते हुए जिला कलेक्टर ने हीट वेव वार्ड का निरीक्षण किया और यहां सभी जरूरी दवाइयों एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में अस्पताल परिसर में शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रहनी चाहिए। इस दौरान जिला कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में नगर निगम द्वारा संचालित श्री अन्नपूर्णा रसोई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां प्रतिदिन बनने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और बैठने की व्यवस्था की जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष ने जिला कलेक्टर को अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका की 13 मई को होने वाली मतगणना की तैयारियों को जिला प्रशासन ने अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मतगणना के लिए लगाई जाने वाली टेबल की सुरक्षा के लिए बनाए जाने वाले अस्थाई ढांचे की जालियां कॉलेज पहुंच चुकी हैं। रेवाड़ी की मतगणना सेक्टर-18 महिला कॉलेज 14 टेबल पर 7 राउंड और धारूहेड़ा के वोटों की गिनती खरखड़ा कॉलेज में 4 टेबल पर 7 राउंड पर मतगणना होगी। EVM को दोनों जगह बनाए गए स्टॉग रूम में कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया है। उम्मीदवार भी ईवीएम की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए हैं। कॉलेज गेट पर बनाया पुलिस पोस्ट ईवीएम की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कॉलेज के गेट पर पुलिस पोस्ट बना दिया है। जहां कॉलेज में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की एंट्री की जा रही है। स्टॉग रूम के आसपास किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है। कॉलेज परिसर में स्टाँग रूम की तरफ जाने वाले रास्ते पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। पूरी तरह से कम्प्यूरीकृत होगी प्रक्रिया रेवाड़ी में 14 टेबल पर 7 राउंड और धारूहेड़ा में 4 टेबल पर 7 राउंड पर मतगणना होगी। मतगणना की पूरी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि रेवाड़ी नगर परिषद के सामान्य पर्यवेक्षक जगनिवास और धारूहेड़ा नगर पालिका के तरुण कुमार पावरियां, रिटर्निंग अधिकारी धारूहेड़ा एवं एसडीएम सुरेश कुमार, सीटीएम जितेंद्र कुमार, जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देशवाल व नायब तहसीलदार चुनाव अजय कुमार मौजूद रहेंगे। जानिए किस बूथ पर कितना मतदान विश्वकर्मा स्कूल बूथ-1 में 1050 में से 697, बूथ-2 में 1080 में से 826, बूथ-3 में 1020 में से 748, बूथ-4 में 1078 में से 735, उमा भारती स्कूल बूथ-5 में 1050 में से 758, बूथ-6 में 1080 में से 714, बूथ-7 में 890 में से 537, जैन स्कूल बूथ-8 में 1050 में से 693, बूथ-9 में 1080 में 724, बूथ-10 में 1257 में से 834, अंबेडकर भवन बूथ-11 में 1110 में से 677, बूथ-12 में 1140 में से 755, बूथ-13 में 1140 में से 781, बूथ-14 में 1246 में से 809 मतदाताओं ने मतदान किया। घीसा की ढ़ाणी प्राइमरी स्कूल बूथ-15 में 1350 में से 871, बूथ-16 में 1380 में से 989, बूथ-17 में 1238 में से 858, केएलपी कॉलेज बूथ-18 में 1170 में से 906, बूथ-19 में 1115 में से 786, पंजाबी धर्मशाला बूथ-20 में 1290 में से 980, बूथ-21 में 1320 में से 851, बूथ-22 मे 1277 में से 803, ठाकुर दास स्कूल वार्ड-23 में 1230 में से 787, बूथ-24 में 1260 में से 867, बूथ-25 में 1187 में से 770 मतदाताओं ने मतदान किया। सनातन धर्मशाला बूथ-26 में 1290 में से 857, बूथ-27 में 1320 में से 888, ठठेरान धर्मशाला बूथ-28 में 1320 में से 978, बूथ-29 में 1253 में से 796, सैनी स्कूल बूथ-30 में 1170 में से 882, बूथ-31 में 1140 में से 718, बूथ-32 में 1074 में से 767, एसएसए ऑफिस बूथ-33 में 1290 में से 613, बूथ-34 में 1260 में से 820, बूथ-35 में 1260 में से 732, स्टेडियम बूथ-36 में 1050 में से 703, बूथ-37 में 1080 में से 840, बूथ-38 में 1350 में से 996 मतदाताओं ने वोट डाले। डीपीएस सनसिटी बूथ-39 में 870 में से 657, बूथ-40 में 848 में से 621, कन्या स्कूल बूथ-41 में 1230 में से 899, बूथ-42 में 1200 में से 918, बूथ-43 में 1172 में से 784, बाल स्कूल बूथ-44 में 1170 में से 819, बूथ-45 में 1140 में से 799, बूथ-46 में 1140 में से 755, बूथ-47 में 1140 में से 684, बूथ-48 में 1163 में से 783, बूथ-49 में 1170 में से 782, बूथ-50 में 1110 में से 792 मतदाताओं ने वोटिंग की।
दौसा के सिकराय कस्बे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर श्मशान ले जा रहे थे, लेकिन रास्ता बंद मिला। इसके बाद ग्रामीण नाराज हो गए और शव लेकर एसडीएम ऑफिस पहुंच गए। मामला जिले के सिकराय उपखण्ड क्षेत्र के कालवान गांव स्थित प्रजापतों की ढाणी का है। ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए एसडीएम नवनीत कुमार ने मौके पर मानपुर थाना इंचार्ज और तहसीलदार को भेजकर रास्ता खुलवाने के निर्देश दिए हैं। एम्बुलेंस में लेकर पहुंचे शवप्रजापतों की ढाणी निवासी गिरिराज प्रजापत(60) की रविवार की रात मौत हो गई। वे लंबे समय से बीमार थे। सोमवार की दोपहर करीब 2 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर श्मशान घाट के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ता बंद मिलने से वे श्मशान स्थल तक नहीं पहुंचे सके। इसके कारण अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका। इससे गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव को एंबुलेंस में रखकर करीब 3 बजे सिकराय एसडीएम ऑफिस पहुंच गए और धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। एसडीएम नवनीत कुमार ने ग्रामीणों से समझाइश की। एसडीएम ने तहसीलदार हेमेंद्र और मानपुर थाना इंचार्ज सतीश को मौके पर भेजकर रास्ता खुलवाने के निर्देश दिए। ग्रामीण बोले- रास्ते पर अतिक्रमण किया, लोग परेशान हो रहेफिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम गांव में किसान से बातचीत कर रास्ता खुलवाने के प्रयास में जुटी है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता खोलने के बाद ही अंतिम संस्कार करेंगे। ग्रामीणों का कहना है- श्मशान के रास्ते का विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी कई बार इसे लेकर प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन अब तक स्थाई समाधान नहीं कर पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता 4 साल से आम रास्ते के तौर पर रिकॉर्ड में आवंटित है। इसके बाद भी एक पक्ष ने उसमें पानी छोड़ रखा है, जिससे ग्रामीण श्मशान तक नहीं पहुंच पाते है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थाई रास्ता नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
शाजापुर शहर के भाजपा कार्यालय के पास रहने वाले दीपक जाटव की जहरीले पदार्थ के सेवन के बाद इलाज के दौरान सोमवार सुबह मौत हो गई। दीपक ने रविवार रात करीब 9 बजे जहरीली दवा का सेवन किया था। हालत बिगड़ने पर उसे पहले शाजापुर में प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद गंभीर स्थिति में इंदौर रेफर किया गया। सोमवार को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। जहरीला पदार्थ पीने से पहले दीपक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तीन भावुक स्टोरी पोस्ट की थीं। इनमें से एक स्टोरी में लिखा था, “रो दोगे एक दिन ये सोचकर के था कोई जिद्दी सा चाहने वाला, पता नहीं कहां चला गया।” अन्य दो स्टोरी में भी इसी तरह के संदेश थे। मृतक के परिजन श्याम ने बताया कि दीपक हाल ही में अपने ससुराल में आयोजित शादी समारोह से शाजापुर लौटा था। घर लौटने के बाद उसकी पत्नी से फोन पर किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी,। इसके बाद उसने यह कदम उठाया। सोमवार को शव शाजापुर लाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।

