डीग जिले के महाराजा सूरजमल ब्रज विश्वविद्यालय में स्थाई लेक्चरर की कमी है। जिसके कारण यूनिवर्सिटी की कई प्रक्रिया अटकी हुई हैं। यूनिवर्सिटी में 19 विषयों की क्लास चल रही है। जिन्हें संविदा पर लगे लेक्चरर और गैस फ़ैकल्टी पढ़ा रहे हैं। स्थाई लेक्चरर की कमी के चलते स्टूडेंट का काफी नुकसान हो रहा है। स्थाई लेक्चरर की 13 पोस्ट लेकिन एक भी नहीं महाराजा सूरजमल ब्रज विश्वविद्यालय के कुलसचिव योगेंद्र भानु ने बताया कि हमारे यहां कुल 19 विषयों के विद्यार्थी हैं। जिसमें करीब 250 स्टूडेंट पढ़ाई करते हैं। यूनिवर्सिटी में सरकार द्बारा लेक्चरर की सेंशन पोस्ट कुल 13 हैं। इन पर स्थाई नियुक्ति एक भी नहीं है। विषयों को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 27 संविदा नियुक्ति की हुई हैं। संविदा पर लगे लेक्चरर और गैस फैकल्टी पढ़ा रहे 18 गैस फैकल्टी हैं जिन्हें कालांश आधार पर उन्हें मानदेय दिया जाता है। ऐसे लेक्चरर लगाए हुए हैं। ऐसे यूनिवर्सिटी में कुल 55 कॉन्टैक्ट बेस और गैस फैकल्टी लेक्चरर हैं। ऐसी कोई क्लास नहीं हैं जिसमें स्टूडेंट हैं और टीचर नहीं है। सभी क्लास सुचारु रूप से चल रहीं हैं। स्थाई लेक्चरर की कमी की वजह से प्रक्रिया अटकी अगर यूनिवर्सिटी में स्थाई स्टाफ होता तो, उससे एक अच्छा वातावरण बनता। UGC से हमें 2L और 12B लेने में सुविधा रहती है। यह दोनों ही प्रक्रिया स्थाई फैकल्टी के संभव नहीं हैं। UGC इसके लिए कम से कम 15 प्रतिशत स्थाई फैकल्टी की मांग करती है। यूनिवर्सिटी में 12B की प्रक्रिया स्थाई नियुक्ति की वजह से लंबित है। सरकार से प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द यूनिवर्सिटी में स्थाई नियुक्ति करवाई जाए।
सपा ने गैस सिलेंडर किल्लत पर प्रदर्शन किया:बहराइच में कालाबाजारी रोकने और समय पर आपूर्ति की मांग
बहराइच में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने आज गैस सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। यह प्रदर्शन समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष नंदेश्वर यादव के नेतृत्व में हुआ। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। जिलाध्यक्ष नंदेश्वर यादव ने कहा कि जनपद में लोगों को समय पर गैस की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इससे आम जनता के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े लोग भी काफी परेशान हैं। उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन से इस समस्या पर ध्यान देने, कालाबाजारी रोकने और लोगों को समय पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद, सभी कार्यकर्ताओं ने नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
झज्जर जिले में रसोई गैस के दुरुपयोग को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। शहर में लगातार छापेमारी के बाद अब विभागीय टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों की ओर रुख कर लिया है। इसी क्रम में कोसली रोड स्थित दो गांवों में विभाग की टीम ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करते हुए पांच घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान पाया गया कि कुछ दुकानदार और प्रतिष्ठान संचालक घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में कर रहे थे, जो कि नियमों का खुला उल्लंघन है। इस पर टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए सिलेंडरों को कब्जे में लिया और संबंधित लोगों को कड़ी चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए ही निर्धारित हैं और किसी भी स्थिति में इन्हें होटल, ढाबों या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। यदि भविष्य में भी इस तरह की शिकायतें मिलती हैं तो संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं टीम: अमरजीत खाद्य आपूर्ति विभाग के एएफएसओ अमरजीत कुमार ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं और जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आ रहा है, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, विभाग के इंस्पेक्टर रंजन यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह से सामान्य है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर फिलहाल अस्थायी रोक लगी हुई है, जिसके चलते कुछ स्थानों पर दिक्कत सामने आई है। हालांकि, जैसे ही यह प्रतिबंध हटेगा, कमर्शियल सिलेंडरों की डिलीवरी तुरंत शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और संयम बनाए रखें। झज्जर में रसोई गैस सिलेंडरों की कोई किल्लत नहीं है और सप्लाई सुचारू रूप से जारी है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान एएफएसओ अमरजीत कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर रंजन यादव, इंस्पेक्टर अजय कबलाना सहित विभाग की टीम मौजूद रही और विभिन्न प्रतिष्ठानों की गहन जांच की गई।
जिला जेल में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन की टीम ने भारी जाब्ते के साथ अचानक जेल के भीतर प्रवेश किया। जेल की सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जेल का औचक निरीक्षण किया गया। कलेक्टर अरुण गर्ग और एएसपी देवेंद्र रजावत के नेतृत्व में शुरू हुई यह कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। इस दौरान पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने जेल की एक-एक बैरक, कैदियों के सामान, जेल परिसर के खुले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों की सघन तलाशी ली। टीम ने विशेष रूप से मोबाइल फोन, मादक पदार्थ और धारदार हथियारों जैसे आपत्तिजनक सामानों की खोज की। जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने कहा कि हमने जेल की आंतरिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों का विस्तृत जायजा लिया है। तलाशी के दौरान कोई भी वर्जित सामग्री नहीं मिली है। क्लीन चिट: प्रशासन ने ली राहत की सांस दो घंटे की कड़ी मशक्कत और बारीकी से की गई जांच के बाद टीम को जेल परिसर से किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। वर्तमान में जेलों से जुड़ी खबरों के बीच, झुंझुनूं जेल में कुछ भी संदिग्ध न मिलना प्रशासन के लिए संतोषजनक रहा। तलाशी के बाद अधिकारियों ने जेल के रिकॉर्ड, बंदियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। सुरक्षा मानकों पर सख्त निर्देश निरीक्षण के बाद कलेक्टर अरुण गर्ग ने जेल प्रशासन को कड़े लहजे में निर्देश दिए। जेल की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमित अंतराल पर बैरकों की चेकिंग सुनिश्चित की जाए। जेल के भीतर अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। मौके पर मौजूद रहा भारी पुलिस जाप्ता इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान एएसपी देवेंद्र रजावत के साथ डिप्टी हरिसिंह धायल, जेलर और बड़ी संख्या में पुलिस के जवान मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने जेल प्रहरियों को बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश और मुलाकातों के दौरान विशेष सावधानी बरतने के सुझाव दिए।
अमेठी में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और घायलों को 'गोल्डन ऑवर' में त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर जिले में 'क्रिटिकल कॉरिडोर' पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत पुलिस की टीमें दुर्घटना संभावित इलाकों में तैनात रहेंगी। दुर्घटना होने पर ये टीमें तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाएंगी। इसके साथ ही, दुर्घटना के कारणों की गहन जांच भी की जाएगी। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से अमेठी पुलिस को अब और अधिक हाईटेक और मुस्तैद बनाया जाएगा। जिले के चार प्रमुख थानों - मोहनगंज, अमेठी, जगदीशपुर और गौरीगंज को इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। गठित 'क्रिटिकल कॉरिडोर टीम' अपने चिन्हित थाने के 20 किलोमीटर के दायरे में 24 घंटे सक्रिय रहेगी। इस टीम का मुख्य उद्देश्य केवल हादसे के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि दुर्घटना के कारणों की वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग स्तर पर समीक्षा करना भी है। इसका लक्ष्य भविष्य में उन 'ब्लैक स्पॉट्स' पर हादसों को रोकना है। प्रत्येक टीम में एक सब इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्स्टेबल और तीन कांस्टेबल तैनात किए गए हैं, जो आधुनिक उपकरणों और प्राथमिक चिकित्सा किट से लैस होंगे। यदि यह विजन अमेठी में सफल रहता है, तो इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने इस पायलट प्रोजेक्ट पर बात करते हुए कहा कि पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर जिले में चार क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों का गठन किया गया है, जिनमें अमेठी, मोहनगंज, जगदीशपुर और गौरीगंज शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक अध्ययन करना है, जिसके तहत यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना किन कारणों से हुई और इसमें क्या इंजीनियरिंग समाधान आवश्यक हैं। संबंधित थाना क्षेत्र में सभी दुर्घटनाओं की विवेचना यही टीम करेगी।
महराजगंज में 16 मार्च 2026 को मंत्री ओपी राजभर के कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाने के आरोप में गिरफ्तार किसान धर्मराज चौरसिया की रिहाई की मांग तेज हो गई है। जनहित किसान पार्टी ने मंगलवार को जनपद मुख्यालय पर इस गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामसुंदर दास ने जिलाधिकारी को एक पत्र सौंपकर धर्मराज चौरसिया को तत्काल रिहा करने की मांग की। पार्टी पदाधिकारियों ने धर्मराज चौरसिया को जेल भेजे जाने पर आक्रोश व्यक्त किया। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान कथित तौर पर मंत्री ओपी राजभर के इशारे पर धर्मराज चौरसिया के साथ मारपीट की गई और उन्हें गालियां दी गईं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके महापुरुष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद बैरिस्टर शिवदयाल चौरसिया तथा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कर अपमानित किया गया। जनहित किसान पार्टी का कहना है कि घटना में घायल हुए धर्मराज चौरसिया को न्याय दिलाने के बजाय पुलिस प्रशासन ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इससे कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। हालांकि, यह भी सामने आया है कि घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी जान बचाई थी। पार्टी ने मांग की है कि धर्मराज चौरसिया को तुरंत रिहा किया जाए और मारपीट तथा अभद्रता में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्टी ने यह भी बताया कि घटना का वीडियो विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल है, जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है।
ईरान- अमेरिका,इजराइल युद्ध में ओमान में हुए एक ड्रोन हमले में राजस्थान के सीकर जिले के विक्रम वर्मा (22) की मौत हो गई। घटना के चार दिन बाद आज विक्रम का शव गांव पहुंचा। मृतक खंडेला के अगलोई गांव का रहने वाला था। इससे पहले 4 मार्च को नागौर जिले के दलीप की मिसाइल अटैक में मौत हो गई। दलीप क्रूड ऑयल कंपनी के शिप पर जॉब करता था। 1 मार्च की सुबह ओमान के एक पोर्ट पर ईरान की मिसाइल उनके जहाज पर गिरी थी। आज, मंगलवार को मृतक का शव गांव पहुंचने पर अंतिम संस्कार किया गया। विक्रम वर्मा पुत्र बनवारी लाल वर्मा 23 फरवरी को मजदूरी के लिए ओमान गया था। वहां एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सड़क बनाने का काम कर रहा था। हमले से पहले विक्रम ने अपनी मां, मामा, मौसी और बहन से ग्रुप वीडियो कॉल किया था। बात करते समय विक्रम ने कहा- अच्छी तरह से हूं, खाना समय पर मिलता है और काम भी अच्छा है। इस दौरान विक्रम ने वहां के हालात पर चिंता जताई थी। मृतक के पिता बनवारी लाल ने बताया - घटना की जानकारी विक्रम की मां के मामा लड़का, जो ओमान में उसी कंपनी में दूसरी जगह काम करता था, ने दी। इसके बाद कंपनी ने ही बाॅडी भिजवाने की व्यवस्था की। मृतक विक्रम के परिवार में मां-पिता और तीन बहनें हैं। एक बहन की शादी चुकी है और दो बहनें विक्रम से छोटी है। विक्रम अपने परिवार का इकलौता सहारा था। वह घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से विदेश गया था।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में मंगलवार को वारुणी योग के अवसर पर गाड़गंगा नदी में कैवल्य योग आश्रम द्वारा दूसरा अमृत स्नान आयोजित किया गया, जिसमें 501 मीटर लंबी चुनर यात्रा निकाली गई और शांतिपूर्ण तरीके से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नदी में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। सुबह करीब 10:30 बजे बड़े मेला ग्राउंड से 501 मीटर लंबी चुनर यात्रा की शुरुआत हुई। संत डॉ. रघुनाथानंद अवधूत जी महाराज एक सुसज्जित रथ पर सवार होकर निकले। महिलाएं और श्रद्धालु 501 मीटर लंबी चुनर थामे राजगढ़ रोड से बड़े पुल स्थित नदी तट तक पहुंचे। नाव पर सवार होकर संत ने कराया स्नान गाड़गंगा नदी तट पर संत रघुनाथानंद अवधूत जी विशेष रूप से तैयार की गई नाव में सवार हुए। मेवाड़े मांझी समाज द्वारा संचालित यह नाव अभयपुर मार्ग की दिशा में नदी में प्रवेश कर गई। संत ने माइक से वारुणी योग का महत्व बताते हुए मंत्रोच्चारण के साथ दूसरे अमृत स्नान की शुरुआत की। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नदी में लगाई डुबकी स्नान की शुरुआत होने के बाद महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने नदी में आस्था की डुबकी लगाई। आयोजन को लेकर सुबह से ही गाड़गंगा नदी के तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। सैकड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने और जयकारों से पूरा क्षेत्र धार्मिक आस्था से सराबोर दिखाई दिया। सुरक्षा के लिए एसडीईआरएफ और पुलिस तैनात इस बड़े धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीम नाव के साथ नदी में मुस्तैद रही। 2 अप्रैल को होगा तीसरा और अंतिम अमृत स्नान कैवल्य योग आश्रम के अनुसार, वारुणी पर्व पर आयोजित यह इस वर्ष का दूसरा अमृत स्नान था। तीसरा और अंतिम अमृत स्नान चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर 2 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इस आगामी स्नान को लेकर श्रद्धालुओं के बीच अभी से काफी उत्सुकता देखी जा रही है। देखिए और भी तस्वीरें…
फफूंद थाना क्षेत्र के एक गांव में मूंग की फसल की बुवाई करवाने आए एक किसान की घर में तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान गोविंद नगर निवासी 35 वर्षीय शिवकांत दुबे के रूप में हुई है। वह देर शाम को फफूंद थाना क्षेत्र के मिश्रीपुर गांव में अपनी मूंग की फसल की बुवाई के लिए आए थे। रात में वह गांव के अपने घर में सो गए। सुबह 10 बजे तक जब वह नहीं जागे, तो उनके चचेरे भाई राहुल दुबे उन्हें जगाने गए। शिवकांत दुबे बेहोश मिले, जिसके बाद राहुल उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने शिवकांत दुबे को मृत घोषित कर दिया। उनके चचेरे भाई ने बताया कि शिवकांत शराब पीकर घर आए थे और बेहोशी की हालत में चारपाई पर लेटे थे। मृतक के परिवार में एक पांच वर्षीय पुत्र आयांश है। शिवकांत खेती-किसानी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। इस संबंध में थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि शव का पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु का वास्तविक कारण स्पष्ट हो जाएगा।
सुल्तानपुर में कांग्रेस ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर मनरेगा मजदूरों और संविदा कर्मियों के लंबित भुगतान को लेकर प्रदर्शन किया। पार्टी ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा, जिसमें तत्काल भुगतान और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मनरेगा के तहत काम करने वाले लगभग एक करोड़ परिवारों को पिछले 75 दिनों से मजदूरी नहीं मिली है। राज्य में मनरेगा का लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। इसके अतिरिक्त, मनरेगा योजना लागू करने वाले ग्राम रोजगार सेवकों सहित लगभग 40,000 संविदा कर्मियों को भी पिछले आठ महीने से मानदेय नहीं मिला है। इस वित्तीय संकट के कारण गरीब जॉब कार्ड धारक और रोजगार सेवक प्रभावित हुए हैं। ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की है कि मनरेगा के तहत कार्यरत एक करोड़ मजदूर परिवारों को 75 दिनों का लंबित भुगतान तुरंत किया जाए। साथ ही, 40 हजार संविदा कर्मियों और रोजगार सेवकों के आठ महीने का बकाया मानदेय भी दिलाया जाए। पार्टी ने यह भी मांग की कि मनरेगा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान न करने वाले सरकारी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति इन मांगों को पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को आवश्यक आदेश जारी करेंगे। प्रदर्शन में हौसिला भीम, रणजीत सलूजा, हामिद राइनी, मोहसिन सलीम, मानस तिवारी, सलाउद्दीन हाश्मी, अनवर शाही, ओम प्रकाश सिंह, निकिलेश सरोज और राहुल तिवारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राजनांदगांव पुलिस ने आनलाइन ठगी के एक बड़े मामले में पीड़ित को 85 लाख की रकम वापस कराई है। जिले में यह ऐसा पहला मामला है, जिसमें इतनी बड़ी रकम वापस हुई है। पीड़ित से आरोपियों ने 1 करोड़ 14 लाख ठग लिए थे। ये पूरा स्कैम आनलाइन इन्वेंस्टमेंट के नाम पर चल रहा था। यह मामला डोंगरगांव थाना क्षेत्र का है। संत रविदास गोस्वामी वार्ड निवासी विपिन कुमार गोस्वामी को 'पॉलीस फाइनेंस लिमिटेड' नामक एक ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए ठगा गया था। तकनीकी मध्य से 397 खातों को फ्रीज कर मिली सफलता जालसाजों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से किस्तों में कुल 1,14,52,000 रुपए जमा करा लिए थे। धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित ने तत्काल थाना डोंगरगांव में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और एएसपी कीर्तन राठौर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक ट्रांजेक्शनों की गहन जांच की। इसके तहत कुल 397 संदिग्ध बैंक खातों को साइबर पोर्टल के माध्यम से तत्काल होल्ड कराया गया। ठगी गई राशि के रूट का पता लगाने के लिए सीडीआर विश्लेषण का सहारा लिया गया। आरोपियों की तलाश में एक टीम को मुंबई भी रवाना किया गया। पुलिस के सतत प्रयासों और बैंक खातों को 'लीन' (होल्ड) कराने के परिणामस्वरूप, ठगी गई कुल राशि में से 85 लाख सुरक्षित कर लिए गए। राजनांदगांव पुलिस प्रशासन ने बताया, जिले में पहली बार साइबर फ्रॉड के मामले में इतनी बड़ी रिकवरी हुई है। राजनांदगांव पुलिस की अपील
सतना में सोमवार दोपहर शासकीय कन्या महाविद्यालय के गेट के सामने बाइक पर बैठकर संदिग्ध हरकतें कर रहे 22 वर्षीय युवक को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसका वीडियो मंगलवार को सामने आने के बाद पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर एक युवक अपनी बाइक पर गर्ल्स कॉलेज गेट के सामने सड़क पर काफी देर तक पालथी मारकर बैठा था। इस दौरान वह कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं को लगातार संदिग्ध तरीके से देख रहा था। युवक की इन गतिविधियों से आसपास मौजूद लोगों को उस पर संदेह हुआ और वहां असहजता का माहौल बन गया। किसी ने वीडियो बनाकर पुलिस को भेजा इसी बीच वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने युवक की हरकतों का वीडियो बनाकर पुलिस को भेज दिया। मंगलवार को यह वीडियो सामने आने के बाद सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रावेन्द्र द्विवेदी ने तुरंत एक पुलिस टीम मौके पर भेजी। पुलिस टीम जब कॉलेज के बाहर पहुंची तो युवक अपनी बाइक पर ही लेटा हुआ पाया गया। पूछताछ में नहीं बता सका संतोषजनक कारण पुलिस की पूछताछ में युवक कॉलेज गेट के सामने लंबे समय तक बैठने का कोई भी संतोषजनक कारण नहीं बता सका। पुलिस ने उसकी पहचान डढ़िया, रामपुर बाघेलान निवासी 22 वर्षीय नीलेश्वर सिंह के रूप में की है।पुलिस ने युवक को तुरंत हिरासत में ले लिया और उसे सिटी कोतवाली थाने ले आई। पुलिस ने न्यायालय में किया पेश थाने लाने के बाद पुलिस ने युवक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे सक्षम न्यायालय में पेश किया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में आगे भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी की अजगरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक त्रिभुवन राम का कहना है कि उन्होंने अपने क्षेत्र में सड़कों, पुल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं पर सबसे ज्यादा काम कराया है। पूर्व में लोक निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश के प्रमुख अभियंता रह चुके त्रिभुवन राम का दावा है कि अजगरा को आदर्श विधानसभा बनाने का उनका संकल्प है। चोलापुर को स्मार्ट टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने विकास कार्यों, अपने चार साल के कामकाज और आगामी चुनाव को लेकर खुलकर बात की। पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: अजगरा विधानसभा में अब तक जनता को क्या मिला?जवाब: अजगरा तीन अलग-अलग विधानसभाओं के हिस्सों को मिलाकर बनाई गई नई विधानसभा है, जो पहले उपेक्षित रही। पिछले कुछ वर्षों में यहां जो भी विकास कार्य दिखाई दे रहे हैं, वे इसी अवधि के हैं। सड़क, बिजली और पुल जैसे बुनियादी कामों पर लगातार ध्यान दिया गया है। एक नया पुल भी स्वीकृत होने जा रहा है, जो करीब 56 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और गाजीपुर के तेतारपुर को धौरहरा से जोड़ेगा। इसके अलावा दानगंज क्षेत्र के लिए करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से एक नया सब-स्टेशन स्वीकृत कराया गया है, जिस पर काम चल रहा है। मिनी स्टेडियम और उत्सव भवन जैसी परियोजनाएं भी शुरू होने वाली हैं। हमारा संकल्प है कि अजगरा को एक आदर्श विधानसभा के रूप में विकसित किया जाए। सवाल: पिछले चार सालों में किए गए कामों को आप 10 में से कितने नंबर देंगे?जवाब: विधायक के काम का असली मूल्यांकन तो जनता करती है। जनता हमारे काम से कितनी संतुष्ट है, यही सबसे महत्वपूर्ण है। अगर व्यक्तिगत तौर पर कहूं तो मैं अपने काम को 10 में 10 और 100 में 100 प्रतिशत मानता हूं, क्योंकि मैंने पूरी ईमानदारी से काम किया है। सवाल: आपकी विधानसभा में इन चार वर्षों में कौन-कौन से बड़े काम हुए?जवाब: बाबतपुर से बलई पट्टी होते हुए चौबेपुर तक की सड़क पहले काफी खराब थी और लोगों को बहुत परेशानी होती थी। वहां करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से रेल ऊपरगामी सेतु (आरओबी) बनाया गया है, जिसका जल्द उद्घाटन होने वाला है। इसके अलावा चोलापुर बाजार की सड़क के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए करीब 72 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत कराई गई है। हमारा संकल्प है कि चोलापुर को स्मार्ट टाउन के रूप में विकसित किया जाए और जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। सवाल: क्या आगे भी आप चुनाव मैदान में रहेंगे?जवाब: जब मैं लगातार काम कर रहा हूं और जनता के बीच हूं तो चुनाव भी जरूर लड़ूंगा। जनता ने ही मुझे विधायक बनाया है और जनता का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। सवाल: क्या आपको पार्टी से दोबारा टिकट मिलने का भरोसा है?जवाब: मुझे पूरा विश्वास है कि पार्टी मेरे काम और जनता की संतुष्टि को देखते हुए मुझे फिर से मौका देगी। भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के काम का मूल्यांकन करती है और मुझे भरोसा है कि पार्टी मुझ पर विश्वास बनाए रखेगी।
पीलीभीत के पूर्व सांसद और भाजपा नेता वरुण गांधी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद यह उनकी पहली मुलाकात है। वह परिवार के साथ पीएम से मिलने पहुंचे। मुलाकात के बाद वरुण गांधी ने X पर लिखा “आपके आभामंडल में अद्भुत पितृवत स्नेह और संरक्षण का भाव है। आपसे हुई भेंट इस विश्वास को और मजबूत करती है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक हैं।” लोकसभा चुनाव में उनकी मां मेनका गांधी भी सुल्तानपुर से हार गई थीं। तीन दशक में पहली बार मां-बेटे दोनों किसी सदन में नहीं हैं। इस मुलाकात के बाद उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी की चर्चा तेज हो गई है। एक दशक से संगठन में किनारे वरुण गांधी वरुण गांधी को 2013 में भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था। उन्हें उसी समय पश्चिम बंगाल का प्रभारी भी बनाया गया था। उस दौर में यूपी की राजनीति में वह प्रमुख चेहरा थे। सीएम पद के लिए भी उनका नाम चर्चा में रहता था। लेकिन, 2014 में नई कार्यकारिणी बनी और उन्हें जगह नहीं मिली। तब से अब तक, करीब एक दशक में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी गई है। माना जाता है कि सरकार और सिस्टम पर उनके बयानों की वजह से वह संगठन से दूर रहे।2009 में शुरुआत, 2014 में बदली सीटें राजनीतिक करियर की बात करें तो 2004 में उन्होंने मां मेनका गांधी के लिए प्रचार किया। वरुण गांधी ने 2009 में पीलीभीत से राजनीति में कदम रखा। 2009 में पीलीभीत से सांसद चुने गए। पहले ही चुनाव में उन्होंने 2.81 लाख वोटों से जीत दर्ज की। 2013 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। 2014 में भाजपा ने मां-बेटे की सीट बदल दी। वरुण को सुल्तानपुर और मेनका गांधी को पीलीभीत से टिकट मिला। सुल्तानपुर में भी वरुण ने बड़ी जीत हासिल की। पीलीभीत सीट को गांधी परिवार का मजबूत गढ़ माना जाता है। 2019 में फिर पीलीभीत से सांसद चुने गए। पेश से लेखक रहे हैं वरुण गांधी वरुण गांधी का जन्म 13 मार्च 1980 को हुआ। वह पेशे से राजनेता, कॉलमनिस्ट और राइटर हैं। उनकी पत्नी का नाम यामिनी राय चौधरी है। पिता संजय गांधी (दिवंगत) और मां मेनका गांधी हैं। उन्होंने लंदन विश्वविद्यालय से बी.एससी ऑनर्स की पढ़ाई की है।
कोटा में आयोजित 47वीं अखिल भारतीय विद्युत पावर लिफ्टिंग एवं बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में झालावाड़ के शाकिर हुसैन ने 66 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीता है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का उद्घाटन कोटा थर्मल के सामुदायिक भवन में हुआ था। शाकिर हुसैन जयपुर विद्युत वितरण निगम झालावाड़ के मीटर विंग में तकनीशियन-I के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि से झालावाड़ विद्युत निगम का नाम रोशन हुआ है। झालावाड़ में उनके आगमन पर मीटर विंग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया। शाकिर हुसैन ने इस अवसर पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों, स्वागत करने वाले रवि श्रृंगी, दिवाकर शर्मा, विनोद कुमार, बालमुकुंद और अन्य कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने झालावाड़ निवासी अपने कोच डॉक्टर संदीप निर्मल का भी विशेष धन्यवाद किया।इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा और गुजरात सहित कई राज्यों के विद्युत क्षेत्र के कार्मिक खिलाड़ियों ने भाग लिया।
साहिबगंज जिले के राधानगर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना उधवा कचहरी पुल से पियारपुर बाजार जाने वाली मुख्य सड़क पर सुबह करीब 7 बजे हुई। मिली जानकारी के अनुसार, चिप्स लदा स्वराज कंपनी का ट्रैक्टर उधवा पुल से पियारपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान कटहलबाड़ी बाजार निवासी 35 वर्षीय अनसारूल मोमिन अपनी हीरो कंपनी की स्प्लेंडर प्लस से उधवा चौक की ओर जा रहे थे। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गईतभी अचानक वे ट्रैक्टर की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इधर, हादसे के बाद ट्रैक्टर भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक के परिजनों के अनुसार, अनसारूल मोमिन मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में तीन पुत्रियां और एक पुत्र हैं। सूचना मिलते ही राधानगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।
करनाल में मेरठ रोड पर पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास देर रात एक युवक के साथ मारपीट कर उससे मोबाइल, सोने की अंगूठी और कैश छीन लिया गया। पीड़ित जब मंदिर के पास से गुजर रहा था, तभी पीछे से आए दो युवकों ने उस पर हमला कर दिया। आरोपी मारपीट के बाद उसका सामान छीनकर नमस्ते चौक की तरफ भाग गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। करनाल निवासी तरुण कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 15 मार्च की रात करीब 10:30 बजे वह मेरठ रोड पर पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास से जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आए दो अज्ञात युवकों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। दोनों ने उसके साथ मारपीट की और उसे डराकर उसका सामान छीन लिया। मोबाइल, अंगूठी और कैश लेकर फरार पीड़ित ने बताया कि हमलावर उसका मोबाइल, करीब 5 ग्राम वजन की सोने की अंगूठी और लगभग 12 हजार रुपए का कैश छीनकर भाग गए। उसका मोबाइल ओपो ए-5 एक्स मॉडल का सफेद रंग का था। वारदात के बाद आरोपी नमस्ते चौक की तरफ भाग गए। पुलिस ने केस दर्ज किया घटना के बाद तरुण कुमार ने 16 मार्च को थाना शहर पहुंचकर शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच पीएसआई दीपक कुमार कर रहे हैं। पुलिस जांच कर रही पुलिस का कहना है कि तरूण की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द ही पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
दिल्ली के उत्तम नगर में होली पर हुए तरुण खटीक हत्याकांड के विरोध में मंगलवार को देवास में समाजजनों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई, फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और पीड़ित परिवार को 2 करोड़ रुपए व सरकारी नौकरी देने की मांग की है। दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन दलित युवक तरुण खटीक की हत्या की घटना को लेकर देवास के नागरिकों में भारी आक्रोश है। मंगलवार को समाजजनों ने जिला कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है और इससे समाज में भय व आक्रोश का माहौल है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा और 2 करोड़ की मांग समाजजनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस हत्या के सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कठोरतम सजा दिलाई जाए। उन्होंने मांग की है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। पीड़ित परिवार का भविष्य सुरक्षित करने के लिए 2 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है। जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन समाज के सदस्य जितेंद्र दायमा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो समाज द्वारा आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। इससे पहले भी देवास में समाज जनों द्वारा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शहर में कैंडल मार्च निकाला जा चुका है।
कानपुर की घाटमपुर से अपना दल (एस) की विधायक सरोज कुरील का कहना है कि उन्होंने चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा किया है और क्षेत्र में विकास कार्य कराए हैं। उनका दावा है कि जनता का उन्हें भरपूर समर्थन मिला है और वह 2027 में फिर से इसी सीट से दावेदारी करेंगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने अपने कामकाज, अधूरे प्रोजेक्ट और आगामी चुनाव को लेकर विस्तार से बात की। पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: अपने विकास कार्यों को आप 10 में से कितने नंबर देंगी?जवाब: नंबर देना जनता का काम है। मैंने तो सिर्फ घाटमपुर की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया है। जो वादे किए थे, उन्हें पूरा किया। जनता का प्यार ही है कि लोग आज भी मेरे साथ खड़े हैं।मेरे हिसाब से विकास कार्यों में घाटमपुर को 10 में से 10 नंबर मिलने चाहिए। सरकार का भी मुझे पूरा सहयोग मिला, जिसकी वजह से क्षेत्र में कई काम हो सके। सवाल: सबसे महत्वपूर्ण काम आपने कौन सा कराया?जवाब: मेरी विधानसभा में जलभराव एक बड़ी समस्या थी। इसके समाधान के लिए नाले का निर्माण पास कराया, जिससे बारिश में पूरा घाटमपुर तालाब जैसा हो जाता था, अब लोगों को राहत मिलेगी। बच्चों के लिए स्टेडियम की मांग पूरी कराई, जो जल्द बनकर तैयार होगा। इसके अलावा कानपुर-सागर हाईवे किनारे बारातशाला की भी स्वीकृति मिली। हालांकि मुझे इस बात का मलाल है कि मैं अभी तक गरीब परिवारों के लिए आवास योजना का पूरा लाभ नहीं दिला पाई। अगर दोबारा मौका मिला तो यह काम प्राथमिकता से करूंगी। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जो आप अभी तक नहीं करा पाईं?जवाब: रामसारी में बंद पड़ी चीनी मिल को चालू कराने की कोशिश की, लेकिन गन्ने का उत्पादन कम होने की वजह से यह संभव नहीं हो सका। इसके बाद मैंने उस 98 हेक्टेयर जमीन पर डिफेंस कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव दिया। यूपीडा की टीम ने निरीक्षण भी किया, लेकिन मामला हाईकोर्ट में होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। अगर सरकार में रहे तो इसे डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित कराने का प्रयास करूंगी। सवाल: क्या 2027 में आप फिर से चुनाव लड़ेंगी?जवाब: मुझे घाटमपुर की जनता का बहुत प्रेम और स्नेह मिला है। मैंने अपने वादों को पूरा किया है, इसलिए मैं फिर से इस सीट से दावेदारी करूंगी। अगर जनता का आशीर्वाद मिला तो दोबारा जीतकर क्षेत्र का और विकास करूंगी। सवाल: क्या आपको दोबारा टिकट मिलेगा?जवाब: टिकट देना या न देना पार्टी हाईकमान का फैसला होता है। अगर मैंने अच्छा काम किया है तो मुझे टिकट जरूर मिलेगा। अगर मौका मिला तो मैं पूरी मजबूती से चुनाव लड़ूंगी। सवाल: लोगों का आपसे इतना जुड़ाव क्यों है?जवाब: घाटमपुर के लोगों का जो प्यार और स्नेह मिला है, उसे मैं कभी नहीं भूल सकती। मैं हमेशा लोगों के बीच रहने की कोशिश करती हूं। छोटे-बड़े हर कार्यक्रम में शामिल होती हूं और लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ी रहती हूं। यही वजह है कि लोगों का मुझसे जुड़ाव बना हुआ है।
करनाल में दुकान से 1.30 लाख रुपए चोरी:बाहर गया था दुकानदार, आसपास के CCTV खंगालने में जुटी पुलिस
करनाल शहर के जाटो गेट खेड़ा चौक क्षेत्र में एक दुकान से करीब 1 लाख 30 हजार रुपए चोरी होने का मामला सामने आया है। दुकानदार उस समय दुकान पर मौजूद नहीं था। इसी दौरान कोई अज्ञात व्यक्ति दुकान पर आया और नकदी चोरी कर फरार हो गया। शिकायत मिलने के बाद शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जाटो गेट खेड़ा चौक करनाल निवासी संदीप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी दुकान जाटो गेट खेड़ा चौक स्थित खेड़ा बाबा मंदिर के सामने है। दुकान का नाम विश्वकर्मा एंटरप्राइजेज है। 14 मार्च को उसकी दुकान से लगभग 1 लाख 30 हजार रुपए चोरी हो गए। दुकान पर मौजूद नहीं था दुकानदार दुकानदार ने बताया कि घटना के समय वह दुकान पर मौजूद नहीं था। इसी दौरान कोई अज्ञात व्यक्ति दुकान पर आया और मौका पाकर नकदी चोरी कर ले गया। चोरी की जानकारी मिलने के बाद उसने तुरंत पुलिस को शिकायत दी। दुकानदार संदीप धीमान ने पुलिस से चोरी हुई रकम बरामद कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच मामले की शिकायत मिलने के बाद शहर थाना करनाल में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच थाना शहर करनाल में तैनात एसआई गुलविन्द्र द्वारा की जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और आरोपी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही आसपास के सीसीटीवी कैमरों को भी चैक किया जाएगा, ताकि कोई सुराग मिल सके।
भिंडा गांव में केलूपोश मकान में लगी आग:3 मवेशी जिंदा जले, शॉट सर्किट से हुआ हादसा
डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के भिंडा गांव में शॉर्ट सर्किट के कारण एक केलूपोश मकान में आग लग गई। इस आगजनी में 3 मवेशी जिंदा जल गए।भिंडा गांव निवासी भेमा रावल के केलूपोश घर में शॉर्ट सर्किट से चिंगारी उठने के बाद आग तेजी से फैल गई। आग की चपेट में आने से एक भैंस, उसका बछड़ा और एक बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। भेमा रावल ने बताया कि उनका यह केलूपोश मकान 2 हिस्सों में बंटा था। अगले हिस्से में वे किराना की दुकान चलाते थे, जबकि पिछले हिस्से को मवेशी घर बनाया था। आग से मवेशियों के साथ-साथ घर में रखा भारी मात्रा में घास और अनाज भी जलकर राख हो गया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
रायबरेली में सड़क हादसे में बुजुर्ग की मौत:सड़क पार करते समय रौंदा, वाहन लेकर फरार हुआ चालक
रायबरेली के बछरावां थाना क्षेत्र में लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक सड़क हादसे में 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मंगलवार सुबह पहुरावा मजरे विशुनपुर गांव के पास सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। मृतक की पहचान सुंदरलाल (70) पुत्र देवली के रूप में हुई है, जो कोटवा थाना शिवगढ़ के निवासी थे। वह स्थानीय थाना क्षेत्र के पहुरावा मजरे विशुनपुर गांव में अपने भांजे भगवती प्रसाद (50) पुत्र छोटेलाल के साथ रहते थे। टक्कर के बाद घायल सुंदरलाल को परिजनों द्वारा तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी श्याम कुमार पाल ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, वही अज्ञात वाहन को आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से तलाशा जा रहा है।
मनरेगा मजदूरों को भुगतान नहीं:कांग्रेस ने बांदा में प्रदर्शन की चेतावनी दी
बांदा में जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें मनरेगा मजदूरों और ग्राम रोजगार सेवकों के बकाया भुगतान की तत्काल मांग की गई है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने बताया कि वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण मजदूरों का शोषण हो रहा है। बांदा सहित पूरे प्रदेश में मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों और ग्राम रोजगार सेवकों को कई महीनों से करोड़ों रुपये की धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है। इस स्थिति के कारण जनपद के असंख्य मनरेगा मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। कांग्रेस ने याद दिलाया कि मनरेगा जैसी योजना गरीबों के उत्थान के लिए कांग्रेस शासनकाल में शुरू की गई थी। जिला कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि जनपद में मनरेगा मजदूरों और ग्राम रोजगार सेवकों की रुकी हुई धनराशि तुरंत जारी की जाए। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आगामी दिनों में कांग्रेस पार्टी मजदूरों के हित में सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
पंचकूला के महेशपुर में लगभग 70 साल पुराने गोगा जी महाराज के मंदिर को तोड़ने के लिए PMDA की टीम पहुंची। लोगों के रोष प्रदर्शन के बावजूद अधिकारियों ने मंदिर पर हथौड़ा चलवाया और मंदिर को रास्ते से हटा दिया गया। पंचकूला के महेशपुर में मंगलवार को गोगा मंदिर को तोड़ने के लिए PMDA की टीम पहुंची तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि मंदिर के सभी वैध कागजात होने के बावजूद भी पीएमडी ने मंदिर को तोड़ने का नोटिस जारी कर दिया है। लोगों का सवाल है कि आखिर किसके दबाव में आकर यह नोटिस दिया गया। मुख्यमंत्री के पास भी गुहार लगाने पहुंचे थे, जहां उन्हें केवल आश्वासन मिला। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि किसी कारणवश मंदिर को हटाना आवश्यक है तो इसके लिए अलग से उचित स्थान उपलब्ध कराया जाए। कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई : PMDA अफसर इस कार्रवाई को लेकर पीएमडी के अधिकारी रूबी मोहन का कहना है यह कार्रवाई कोर्ट के निर्देश पर की गई है और यह कार्रवाई एनएचएम और पीएमडी ने मिलकर की है पहले भी कई बार लोगों को नोटिस दिया गया था इसके बाद यह कार्रवाई आज की गई है हर साल टूट रहे धार्मिक स्थल : हिंदु संगठन सनातन टास्क फोर्स राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट गिर्वेश राणा ने कहा कि जिस तरह की कार्रवाई की गई है, वैसी करवाई हर साल देखने को मिल रही है। पंचकूला में किसी न किसी धार्मिक स्थल पर पीला पंजा चल रहा है। उत्तर प्रदेश में भी मंदिर है,परंतु वहां पर भी इस तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं होती है।
दौसा जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। गैस एजेंसियों पर सिलेंडर लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्र की कई गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी लाइन देखने को मिली। लोगों को काफी देर इंतजार करने के बावजूद सिलेंडर मिलने को लेकर आशंकित नजर आए। मानपुर कस्बे में गैस एजेंसी पर बड़ी तादात में लोगों की भीड़ लगी रही। जहां धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पिछले कुछ दिनों से गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। प्रशासन से लोगों ने मांग की है कि गैस आपूर्ति को सुचारु किया जाए, ताकि आमजन को इस परेशानी से राहत मिल सके। वहीं एजेंसी संचालकों का कहना है कि अचानक मांग और सीमित उपलब्धता के चलते एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है। सप्लाई में देरी के कारण समस्या खड़ी हुई है।
फिरोजाबाद में भाजपा सरकार ने लगभग तीन साल के इंतजार के बाद नगर निकायों में मनोनीत पार्षदों और सभासदों की सूची जारी कर दी है। इस मनोनयन से फिरोजाबाद नगर निगम में भाजपा की स्थिति और मजबूत हुई है, जहां 10 पार्षद मनोनीत किए गए हैं। स्थानीय निकाय चुनाव मई 2023 में संपन्न हुए थे। 70 वार्डों वाले फिरोजाबाद नगर निगम में भाजपा के 32 पार्षद निर्वाचित हुए थे। इन 10 नए मनोनयन के साथ, निगम में भाजपा की कुल शक्ति बढ़ गई है। मनोनीत पार्षदों की सूची में उदय प्रताप सिंह का नाम भी शामिल है, जो पिछले बोर्ड में भी मनोनीत पार्षद रह चुके थे। हरीओम वर्मा, जो पांच बार सभासद रहे हैं, पिछली बार वार्ड परिसीमन के कारण चुनाव नहीं लड़ पाए थे, उन्हें भी मनोनीत किया गया है। पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से कई मंडल स्तर के पदाधिकारियों को भी मनोनयन दिया है। भाजपा ने इस प्रक्रिया में जातीय और सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा है, जिससे सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। फिरोजाबाद नगर निगम के लिए मनोनीत किए गए पार्षदों में शिलांत जैन (नई बस्ती), पंकज अग्रवाल (सरस्वती नगर), सूरजपाल, मनोरमा प्रजापति (हिमायूंपुर), केशवदेव शंखवार (शांतिनगर, जलेसर रोड), उदय प्रताप सिंह (कौशल्यानगर), दिलीप कठेरिया (सुहागनगर), हरीओम वर्मा (ओम नगर, शीतलखां रोड), मधुरिमा गुप्ता (सुहागनगर) और निर्मल शर्मा (ओम नगर) शामिल हैं। मेयर कामिनी राठौर ने सभी नवनियुक्त पार्षदों को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि वे शहर के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। अन्य नगर निकायों में भी सभासदों का मनोनयन किया गया है। नगर पालिका सिरसागंज के लिए योगेश कुशवाहा (इटावा रोड), संदीप पाल बघेल (कालोनी सोथरा रोड), केशव गुप्ता (पुराना बाजार), शिवा वाल्मीकि (भदेसरा) और लक्ष्मी पोरवाल (अहीर टोला) को मनोनीत किया गया है। नगर पालिका टूंडला में नीलम दिवाकर (नगला राधे), राहुल कुमार सिंह (अद्यैत भवन), दिनेश गुप्ता (बल्देव रोड), विजय प्रजापति (टूंडला) और महेंद्र झा (भर्रा नाला) को सभासद मनोनीत किया गया है। नगर पालिका शिकोहाबाद के मनोनीत सभासदों में सतीश यादव (खेड़ा), अनिल वर्मा (शिकोहाबाद), किरन राठौर (एटा रोड), सौनी गंभीर (कटरा मीरा बड़ा) और प्रिंस जैन (मिश्राना बड़ा बाजार) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, नगर पंचायत जसराना में सरला देवी, गोपाल शुक्ला और विकास राजपूत को मनोनीत किया गया है। नगर पंचायत फरिहा में सत्येंद्र भारद्वाज, क्षेत्रपाल सिंह और शोभारानी चौहान को मनोनयन मिला है। वहीं, नगर पंचायत एका के लिए धर्मेंद्र रावत, छोटू कठेरिया और राजकुमार शाक्य को सभासद मनोनीत किया गया है।
जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और विधिक संगठनों से जुड़े नागरिकों, छात्रों और अभिभावकों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नीतियों के समर्थन में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से उच्च शिक्षा में समान अवसर, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की गई। छात्रों ने कहा कि वे समाज के सभी वर्गों- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और सामान्य वर्ग- के छात्रों के शैक्षणिक भविष्य के प्रति समान रूप से चिंतित और प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने जोर दिया कि UGC भारत सरकार द्वारा स्थापित एक वैधानिक संस्था है, जिसका मुख्य लक्ष्य देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, समान अवसर, पारदर्शिता और शैक्षणिक मानकों को बनाए रखना है। ज्ञापन में UGC की नीतियों से होने वाले सर्वसामान्य लाभों पर प्रकाश डाला गया। इसमें बताया गया कि UGC सभी वर्गों के छात्रों को समान अवसर प्रदान करता है। इसके दिशा-निर्देश यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी छात्र के साथ जाति, वर्ग या आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव न हो, जिससे योग्य छात्रों को उच्च शिक्षा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। UGC की नीतियों के तहत आरक्षण एवं समावेशन की संतुलित व्यवस्था है। इसके माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अवसर मिलते हैं। साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) को 10 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त होता है, जिससे समाज के हर वर्ग की शिक्षा में भागीदारी सुनिश्चित होती है। ज्ञापन में छात्रवृत्ति, फेलोशिप और आर्थिक सहयोग के महत्व पर भी बल दिया गया। UGC की विभिन्न योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में सहायता करती हैं और प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करती हैं, जिससे ड्रॉप-आउट की समस्या कम होती है। इसके अतिरिक्त, UGC उच्च शिक्षण संस्थानों में मनमानी फीस पर नियंत्रण रखता है और निजी एवं डीम्ड विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, जिससे अभिभावकों और छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। अंत में, ज्ञापन में शिक्षा की गुणवत्ता और डिग्री की विश्वसनीयता को बनाए रखने में UGC की भूमिका को रेखांकित किया गया। UGC द्वारा निर्धारित नीतियां पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली और डिग्री की गुणवत्ता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
धनबाद के चिरकुंडा थाना क्षेत्र की तालडांगा हाउसिंग कॉलोनी में एक पत्रकार के घर लाखों की चोरी हुई है। अज्ञात चोरों ने पत्रकार प्रवीण चौधरी के घर को निशाना बनाया। यह घटना तब हुई, जब चौधरी अपने परिवार के साथ इलाज के लिए दिल्ली गए हुए थे। प्रवीण चौधरी 12 मार्च को दिल्ली गए थे और 17 मार्च को लौटने पर उन्होंने घर का मुख्य दरवाजा टूटा हुआ पाया। घर के अंदर सारा सामान बिखरा हुआ था। चोरों ने अलमारी तोड़कर उसमें रखी दो सोने की चेन, तीन जोड़ी सोने की बाली, दर्जनों चांदी के सिक्के और लगभग 30 हजार रुपए नगद चुरा लिए। चोरी हुई संपत्ति का अनुमानित मूल्य 5 से 6 लाख रुपए बताया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही घटना की सूचना मिलते ही चिरकुंडा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कॉलोनी में पहले भी चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी वारदातें सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। पुलिस फिलहाल मामले का खुलासा करने और चोरों को गिरफ्तार करने के लिए छानबीन कर रही है।
शहडोल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र में एक बेटे ने मामूली विवाद के चलते अपनी मां की गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपी शव को ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसका यह प्रयास विफल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना अमलाई के ईंटा भट्टा लखन दफाई में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को हुई। मृतका की पहचान 56 वर्षीय कुसुम बाई कोरी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसकी हत्या उसके बड़े बेटे संजय कोरी ने की है। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में केवल मां और बेटा ही मौजूद थे। ढाबे पर बना रहा था शव ठिकाने लगाने का प्लान प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी संजय का अपनी मां से किसी मामूली बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान गुस्से में आकर उसने मां का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी घर से निकलकर एक ढाबे में खाना खाने चला गया और वहां अपने कुछ साथियों से शव को ठिकाने लगाने की बात भी कही। इसी बीच, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक ने अपनी मां की हत्या कर दी है और शव को छिपाने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घर में महिला का शव बरामद कर लिया। पकड़ाने पर बोला- मां मारती थी ताना बाद में मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान से आरोपी संजय कोरी को भी हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी मां छोटी-छोटी बातों पर उसे परेशान करती थी, जिससे तंग आकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस के अनुसार, आरोपी नशे का आदी है और मजदूरी का काम करता है। परिवार का छोटा बेटा दूसरे राज्य में मजदूरी के लिए गया हुआ है, जबकि तीनों बेटियां भी घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थीं। आरोपी से पूछताछ जारी थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
मैनपुरी के भोगांव तहसील क्षेत्र के जमतरी गांव के ग्रामीणों ने आगामी चुनावों का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। उनका आरोप है कि गांव में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक यह समस्या हल नहीं होती, वे मतदान नहीं करेंगे। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में नालियों और पानी निकासी की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे गलियों में पानी भर जाता है और लोगों का आवागमन बाधित होता है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। अपनी मांगों को लेकर ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान 'जल निकासी नहीं तो वोट नहीं' और 'समस्या का समाधान नहीं, तो मतदान नहीं' जैसे नारे लगाए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। गांव के निवासी अरुण कुमार ने बताया कि पूरे गांव में जलभराव की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने मांग की कि इस जलभराव को गांव से बाहर निकाला जाए, क्योंकि इससे बीमारियां फैल रही हैं। कुमार ने यह भी बताया कि स्कूल जाने वाले बच्चों को इसी जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। यह समस्या पिछले दो से तीन सालों से बनी हुई है। रामावतार सिंह ने बताया कि पूरे रास्ते पर पानी भरा हुआ है और जो नाला खुदवाया गया था उसे पर भी रोक लगवा दी गई। उन्होंने बताया कि जल निकासी की व्यवस्था है नहीं है, जिस वजह से रोड पर पानी निकाल दिया जाता है, जिसके कारण पूरे गांव में जल भराव जैसी स्थिति बनी हुई है। बीमारियों से लेकर अन्य कहीं समस्याएं हो रही है। उनका कहना है कि आसपास के कई गांवों में विकास कार्य हुए हैं, लेकिन उनके गांव की बुनियादी समस्याएं अभी भी अनसुलझी हैं।ग्रामीणों ने कहा कि वे इस बार किसी भी राजनीतिक दल के वादों पर भरोसा नहीं करेंगे। उन्होंने दोहराया कि जब तक गांव में जल निकासी सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक वे मतदान प्रक्रिया से दूर रहेंगे।
अयोध्या शहर सटे माझा बरहटा और माझा तिहुरा गांव में आवास विकास परिषद की ओर से संचालित योजना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के जिला अध्यक्ष अरविंद यादव के नेतृत्व में मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर योजना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इस योजना के तहत वर्षों से बसे गरीब, दलित और वंचित परिवारों को हटाया जा रहा है, जबकि संपन्न वर्ग को बसाने की तैयारी की जा रही है। इससे गांवों में आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। किसान यूनियन ने यह भी कहा कि जिन स्थानों पर लंबे समय से पूजा-पाठ हो रहा है, वहां स्थित मंदिरों और बुद्ध विहार को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा क्षेत्र में संचालित विद्यालयों को बंद करने की योजना से बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने का खतरा जताया गया है। संगठन का आरोप है कि आवास विकास परिषद की ओर से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और आजीविका के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो सकता है। किसान यूनियन ने मांग की है कि योजना को तत्काल स्थगित किया जाए और किसी भी कार्रवाई से पहले ग्रामवासियों की सहमति तथा पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, विद्यालयों को बंद न करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इटावा जिला अस्पताल के महिला एवं शिशु वार्ड परिसर में कबरबिज्जू दिखाई देने की खबर से हड़कंप मच गया। स्टाफ और डॉक्टरों में डर का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय के महिला एवं शिशु वार्ड में जैसे ही कबरबिज्जू दिखने की सूचना फैली, स्टाफ में भय व्याप्त हो गया। यह जीव देखने में छोटे कुत्ते जैसा होता है, लेकिन व्यवहार में खतरनाक माना जाता है। खासकर नवजात बच्चों और महिलाओं वाले वार्ड में इसकी मौजूदगी को गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा है। सर्च ऑपरेशन में मिले पैरों के निशान घटना की जानकारी मिलते ही चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परितोष शुक्ला ने वन विभाग और वन्य जीव विशेषज्ञों को बुलाया। टीम ने मौके पर सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि कबरबिज्जू दिखाई नहीं दिया, लेकिन उसके पैरों के निशान मिलने से उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई। इसके बाद पूरे परिसर में सतर्कता बढ़ा दी गई। विशेषज्ञों ने बताया संभावित खतरा वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. आशीष त्रिपाठी के मुताबिक कबरबिज्जू मांसाहारी जीव होता है और कई बार कब्र खोदकर शवों को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान, खासकर महिला एवं शिशु वार्ड में इसकी मौजूदगी खतरे का संकेत है। अस्पताल प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा बढ़ाई सीएमएस डॉ. परितोष शुक्ला ने बताया कि स्टाफ द्वारा जीव देखे जाने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई। वार्ड के आसपास के इलाके को सुरक्षित किया गया है और कुछ हिस्सों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। निगरानी जारी, दोबारा सर्च की तैयारी अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा, ताकि किसी भी तरह के खतरे को टाला जा सके।
उज्जैन-नागदा मार्ग पर कार-ट्रक टक्कर:सांवरिया सेठ जा रहे 2 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल
उज्जैन-नागदा मार्ग पर उन्हेल टोल नाके से 5 किलो मीटर पहले मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार और ट्रक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार की आगे की सीट पर बैठे दो युवकों की मौत हो गई, जबकि पीछे बैठे दो युवा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को ग्लोबल और अवंति अस्पताल उज्जैन में भर्ती कराया गया है। घायलों को एक राहगीर ने अस्पताल पहुंचाया। जबकि एम्बुलेंस से शव अस्पताल लाए गए। घायलों में प्रवेश मारोठिया हैं, जिनके पैर में फैक्चर हुआ है। जबकि देवेंद्र को भी गंभीर चोट आई हैं। प्रवेश के अंकल सुनील शर्मा को उनके भाई ने फोन पर घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे अस्पताल पहुंचे। राहगीर ने पहुंचाया अस्पताल राहगीर नंद कुमार मिश्रा ने बताया कि वे ग्रेसिम कंपनी में इंजीनियर हैं और उज्जैन आ रहे थे। रास्ते में 20-25 गाड़ियां खड़ी थीं। एक्सीडेंट हुआ था पर कोई मदद नहीं कर रहा था। उन्होंने एक युवक को सीपीआर दिया पर उसकी जान नहीं बच पाई। उन्होंने बताया कि दो युवकों के शव एम्बुलेंस से भिजवाए और देवेंद्र को अपनी गाड़ी से लाकर ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया।
लखनऊ के नाका हिण्डोला थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना परिवारीजनों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि मृतक ई रिक्शा चलाता था और शराब पीने का आदी था। पुलिस के मुताबिक, रानीगंज स्थित कबीरदास का हाता निवासी हीरा लाल सोनकर ने थाने में सूचना दी कि उनके पुत्र अनिल सोनकर उर्फ गोलू (32) ने घर के पहली मंजिल पर बने कमरे की छत के कुंडे में दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना मिलते ही थाना नाका हिंडोला पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि अनिल विवाहित था। उसकी पत्नी का नाम अंजलि सोनकर है। वह तीन भाइयों में मझला था, बड़े भाई का नाम सुनील और छोटे का नाम छोटू है। मृतक ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। पुलिस ने प्रार्थना पत्र के आधार पर सूचना फौती दर्ज कर ली है और पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 के बरैठा टोल प्लाजा में हुई तोड़फोड़ का मंगलवार को सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। जिसमें सकड़ों की संख्या में मौजूद भीड़ पुलिस से बहस और उपद्रव करते नजर आ रही है। दरअसल, ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 के चौड़ीकरण की मांग को लेकर सोमवार को ग्वालियर-भिंड बॉर्डर स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। “नो रोड, नो टोल” आंदोलन के दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने टोल के कंट्रोल रूम में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की थी। उपद्रवियों ने बाहर आकर कंप्यूटर, CCTV कैमरे और सेंसर डिवाइस को भी नुकसान पहुंचाया। मामले का मंगलवार को सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। जिसके बाद महाराजपुरा थाना पुलिस ने भिंड के बसपा नेता रक्षपाल सिंह राजावत सहित 2-3 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि हंगामे के दौरान जब पुलिस अधिकारियों ने बसपा नेता को रोकने की कोशिश की, तो उसने टिप्पणी करते हुए कहा कि “क्या टोल वाले आपको पैसा देते हैं, जो मुझे रोक रहे हो?” वहीं बरैठा टोल के मैनेजर का कहना है कि तोड़फोड़ करने वाले लोगों की पहचान उन्हें है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे नेता हैं या नहीं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी है और उनकी तलाश जारी है। साधु-संतों ने की थी आंदोलन की शुरुआत ग्वालियर-भिंड-इटावा हाईवे को लेकर इन दिनों माहौल काफी गर्म है। पिछले दो-तीन वर्षों में इस मार्ग पर सैकड़ों लोगों की सड़क हादसों में जान जा चुकी है, जिसके चलते भिंड क्षेत्र से लगातार इसे सिक्स लेन बनाने की मांग उठ रही है। इस मांग की शुरुआत साधु-संतों ने की थी, जो अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है और दिन-ब-दिन तेज होती जा रही है। कुछ समय पहले व्यक्तिगत रंजिश के चलते बदमाशों ने ग्वालियर-भिंड बॉर्डर स्थित बरैठा टोल पर फायरिंग कर इस मुद्दे को और हवा दी थी। वहीं सोमवार को संत समाज और आम लोगों ने बरैठा टोल पर “नो रोड-नो टोल” आंदोलन करते हुए यज्ञ किया। हालांकि, इस दौरान टोल से वाहनों को बिना शुल्क निकाले जाने के बीच कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और उत्पात मचा दिया। हंगामे के दौरान टोल प्लाजा पर लगे कैमरे, सेंसर और कंप्यूटर में तोड़फोड़ की गई। यह हुआ है मामला दर्ज बरैठा टोल पर हुए हंगामे और तोड़फोड़ के मामले में महाराजपुरा थाना पहुंचकर टोल मैनेजर अमित सिंह राठौर ने पुलिस को बताया कि घटना दोपहर करीब 1:30 बजे की है। उस समय वह टोल के कंट्रोल रूम में मौजूद थे। इसी दौरान रक्षपाल सिंह राजावत नामक व्यक्ति अपने 2-3 साथियों के साथ वहां पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। उसने कहा कि उनकी गाड़ियों से टोल क्यों वसूला जा रहा है, जबकि उन्हें टोल फ्री किया जाना चाहिए। साथ ही धमकी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो कंप्यूटर और कैमरे तोड़ दिए जाएंगे। टोल मैनेजर द्वारा समझाने और रोकने का प्रयास करने पर रक्षपाल और उसके साथियों ने बाहर बूथ नंबर-2 पर पहुंचकर कंप्यूटर, कैमरे और सेंसर में तोड़फोड़ कर दी। पिछले विधासभा चुनाव में मिला था टिकिट जांच में सामने आया है कि जिस रक्षपाल सिंह राजावत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, वह बहुजन समाज पार्टी से जुड़ा नेता है। वर्ष 2023 में उसे भिंड विधानसभा सीट से पार्टी का टिकट भी मिला था और उसने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था, लेकिन नामांकन से पहले ही पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व ने प्रत्याशी बदल दिया था। बताया जा रहा है कि रक्षपाल सिंह राजावत मूल रूप से प्रॉपर्टी और रेत के कारोबार से जुड़ा है। साथ ही वह भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के विरोधी के रूप में भी जाना जाता है। आरोपियों की तलाश जारी पूरे मामले में महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि सोमवार को बरैठा टोल पर हुए आंदोलन के दौरान कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की थी। टोल मैनेजर की शिकायत पर रक्षपाल सिंह और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
फर्रुखाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 368 लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त के रूप में एक-एक लाख रुपये भेजे गए। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। यह योजना नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों को छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डूडा द्वारा 1 सितंबर 2024 को पांच वर्ष के लिए शुरू की गई थी। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए कुल 2.50 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में मिलती है, जिसमें पहली और दूसरी किस्त में एक-एक लाख रुपये और तीसरी किस्त में 50 हजार रुपये शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से राज्य भर के 90 हजार लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त की धनराशि भेजी। जिले में योजना के प्रथम चरण के तहत कुल 11,514 लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किए गए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों ने 100 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे। इसी के साथ, 368 लाभार्थियों के खातों में कुल 3.68 करोड़ रुपये की पहली किस्त हस्तांतरित की गई। इन 368 लाभार्थियों में फर्रुखाबाद शहर से एक, नगर पंचायत कमालगंज से 39, खिमसेपुर से 140, संकिसा से 80 और शमसाबाद से 108 लाभार्थी शामिल हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव, विधायक सुशील शाक्य, जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, डीडीओ श्याम कुमार तिवारी, पीओ डूडा एसडीएम गजराज सिंह यादव और नितिन सक्सेना सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
झालावाड़ में 15 घरेलू सिलेंडर किए जब्त:छत्रपुरा में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण, रिफिलिंग पर कार्रवाई
झालावाड़ जिले के भवानीमंडी स्थित ग्राम छत्रपुरा में अवैध गैस सिलेंडर के भंडारण और रिफिलिंग की सूचना पर रसद विभाग की टीम ने कार्रवाई की है। इस दौरान मौके से अवैध सिलेंडर जब्त किए गए। झालावाड़ के डीएसओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि संतोष कुमार पुत्र जानकीलाल की चाय की दुकान में घरेलू गैस के अवैध भंडारण और रिफिलिंग की जानकारी मिली थी। रसद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की, जिसमें घरेलू गैस के 15 सिलेंडर, 1 इलेक्ट्रिक मोटर, एक तोलकांटा और 5 रेगुलेटर पाइप जब्त किए गए। इस कार्रवाई में प्रवर्तन निरीक्षक राजपाल शामिल थे।डीएसओ ने बताया कि इन दिनों अवैध गैस रिफिलिंग और भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रसद विभाग की टीमें ऐसे स्थानों पर लगातार नजर रख रही हैं और सूचनाएं एकत्रित कर छापामार कार्रवाई कर रही हैं।
बैतूल-अमरावती स्टेट हाईवे पर मंगलवार को भैंसदेही विकासखंड की विजयग्राम पंचायत के नीमढाना गांव के ग्रामीणों ने पेयजल और सड़क निर्माण की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नीमढाना गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है और दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी के अलावा गांव की सड़कें भी बेहद खराब हालत में हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इन समस्याओं को लेकर कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। सरपंच-सचिव पर लापरवाही का आरोप ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि पंचायत कार्यालय में अक्सर ताला लगा रहता है और शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता। इसी नाराजगी के चलते कुछ दिन पहले ग्रामीण ट्रैक्टरों में भरकर झल्लार थाने पहुंचे थे और थाना प्रभारी को आवेदन सौंपा था। थाने में दिए गए इसी आवेदन में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर 17 मार्च को चक्काजाम करने की चेतावनी दी थी। एक बोरवेल करवाया, लेकिन स्थायी समाधान की मांग चेतावनी के बाद प्रशासन ने गांव में एक बोरवेल करवाया था, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है और पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। अब ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग पर भी अड़े हुए हैं और मंगलवार को बड़ी संख्या में विजयग्राम बस स्टैंड पर इकट्ठा होकर हाईवे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट किया कि जब तक पानी और सड़क का स्थायी समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
मुजफ्फरनगर। ककरौली थाना क्षेत्र में नीलगाय के शिकार के मामले में आरोपी भगवान दास ने मुजफ्फरनगर एसएसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वह अपने हाथ में अपना नाम लिखी तख्ती लेकर पहुंचा और खुद को निर्दोष बताते हुए गुहार लगाई। आरोपी ने मीडिया के सामने कहा कि वह अपराधी नहीं है, बल्कि शराब पीने के शौक ने उसे इस मुसीबत में डाल दिया। भगवान दास ने बताया कि 22 फरवरी को आनंद सैनी नामक युवक उसके पास शराब लेकर आया था। नशे की हालत में आनंद उसे बहला-फुसलाकर शिकार के बहाने ककरौली के जंगल ले गया। आरोपी के अनुसार, उसे रास्ते की जानकारी नहीं थी। आनंद ने उसकी सेंट्रो कार का इस्तेमाल किया और जंगल पहुंचकर नीलगाय पर दो गोलियां चलाईं। यह घटना 22 फरवरी की है, जब वन विभाग की सूचना पर ककरौली पुलिस ने जंगल की घेराबंदी की थी। पुलिस को देखते ही शिकारी अपनी सेंट्रो कार छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए थे। पुलिस ने मौके से मृत नीलगाय और कार बरामद की। कार के नंबर के आधार पर जब पुलिस भगवान दास तक पहुंची और उसके घर पर दबिश देना शुरू किया, तो वह डर गया और सीधे एसएसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण करने पहुंच गया। एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि ककरौली थाने में वन विभाग की ओर से अवैध शिकार की शिकायत दर्ज कराई गई थी। फरार अभियुक्तों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। कार मालिक भगवान दास ने खुद कार्यालय में पेश होकर जांच में सहयोग करने की बात कही है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और मुख्य आरोपी आनंद सैनी की तलाश की जा रही है। एसएसपी कार्यालय में तख्ती लेकर पहुंचे इस आरोपी को देखकर वहां मौजूद लोग और पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। फिलहाल, पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।
ईरान के साथ अमेरिका व इजराइल के चल रहे युद्ध का असर कानपुर की लेदर इंडस्ट्री पर पड़ने लगा है। पेट्रोल और डीजल के दाम पर सरकार भले ही नियंत्रण बनाए हो लेकिन लेदर इंडस्ट्री के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उपयोग में आने वाले केमिकल की कालाबाजारी और होल्डिंग शुरु हो गई है। चमड़ा बनाने की प्रक्रिया में उपयोग होने वाले केमिकल के दाम प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। कुछ के दाम तो दोगुने तक हो गए हैं। लेदर इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिशन की ओर से सीएम को पत्र लिखकर कालाबाजारी रोकने की मांग की है। अमोनियम सल्फेट का दाम हुआ दोगुना लेदर इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन के रीजनल चेयरमैन असद कमाल इराकी ने कहा कि वार का मेजर इंपैक्ट फ्यूल, गैस और ट्रांसपोर्टेशन पर आया है। अभी देश में सरकार की बेहतर नीतियों से पेट्रोल डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं। हालांकि बाजार में कालाबाजारी शुरु हो गई है। चमड़ा उद्योग में उपयोग में आने वाले केमिकल जैसे कि अमोनियम सल्फेट में गैस या ट्रांसपोर्टेशन में कोई असर नहीं पड़ा है। लेकिन इसके दाम दोगुने हो गए है। ऐसे सारे केमिकल में कालाबाजारी व होल्डिंग शुरु हो गई है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र पर दवाब आ गया है। ऐसा हुआ तो रोजगार पर असर पड़ेगा। फारेन एक्सचेंज आना बंद होगा और एक्सपोर्ट आर्डर आना बंद हो जाएगा। सीएम को पत्र लिखकर कालाबाजारी व होल्डिंग रोकने की बात कही गई है। कीमतों मे हो रही असामान्य वृद्धि सीएम को लिखे पत्र में एसोसिएशन की ओर से लिखा गया कि वर्तमान में एक बड़ी चिंता स्थानीय स्टाकिस्टों, आपूर्तिकर्ताओं और कुछ घरेलू कच्चे माल निर्माताओं द्वारा कालाबाजारी की जा रही है। चमड़ा रसायनों की कीमतों में असामान्य वृद्धि कर रहे हैं। यह वह केमिकल हैं जो कि न तो आयात किए जाते हैं। न ही आयातित कच्चे माल पर निर्भर हैं। इनके उत्पादन में गैस का उपयोग भी नहीं होता है। इसके अलावा भी केमिकल की कीमतों को बिना वजह के बढ़ाया जा रहा है। अनुचित लाभ उठा रहे असद कमाल इराकी ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ लोग वर्तमान स्थिति का अनुचित लाभ उठा रहे हैं। कीमतों को अचानक बढ़ाकर मुनाफा कमा रहे हैं। इनकी इन हरकतों से लेदर की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री परेशानी का सामाना कर रही है। सीएम को इस मामले पर हस्तक्षेप करके इस पर लगाम लगानी चाहिए।
एटा जिले के मलावन थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक सड़क हादसे में 32 वर्षीय युवक की मौत हो गई। सेंथ्री के रेस्ट एरिया के पास रोड क्रॉस करते समय एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल युवक सड़क पर लहूलुहान पड़ा मिला। राहगीरों की सूचना पर मलावन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे तत्काल एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान छछैना निवासी 32 वर्षीय अवनीश के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन एटा स्थित मोर्चरी पहुंचे। मृतक के बड़े भाई सुभाष चंद्र ने बताया कि अवनीश सोमवार देर रात ढाबे पर खाना खाने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली पर बैठकर आया था और रोड क्रॉस करते समय अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मलावन थाना प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है।
चित्रकूट जिले के पाठा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि क्षेत्र की कुल 78 ग्राम पंचायतों में से 61 में नियमित जलापूर्ति शुरू हो गई है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को घर-घर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि अब तक 46 ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने “हर घर जल” प्रमाणपत्र दिए हैं। पूरे पाठा क्षेत्र में 882 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके जरिए 11 क्लियर वाटर रिजर्वायर (CWR) और 28 ओवरहेड टैंक से विभिन्न ग्राम पंचायतों में पानी पहुंचाया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पाठा क्षेत्र में लगभग 20 हजार घरों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से अब तक करीब 18 हजार घरों को कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। इस व्यवस्था से क्षेत्र के लगभग 1 लाख 56 हजार 732 ग्रामीण सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे जल संकट की समस्या कम हुई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस महत्वाकांक्षी योजना को 30 अप्रैल 2026 तक पूरा कर लिया जाए। इससे पाठा क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि घर के पास स्वच्छ पानी मिलने से समय की बचत हो रही है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी कम होंगी। प्रशासन का मानना है कि यह योजना क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने इनामी दो कैंडिडेट को अरेस्ट किया है। सीनियर टीचर पोस्ट के लिए डमी कैंडिडेट मामले में दोनों आरोपियों को पकड़ा गया है। वह पिछले दो साल से पहचान छिपाकर फरारी काट रहे थे। एसओजी टीम गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- एसओजी में दिसम्बर-2023 में दर्ज सीनियर टीचर चीटिंग केस में आरोपी अशोक कुमार विश्नोई (29) पुत्र हनुमानाराम विश्नोई निवासी धोरीमन्ना बाड़मेर और विजय पाल सिंह (30) पुत्र जगदीश चन्द्र विश्नोई निवासी सांचौर जालौर को अरेस्ट किया गया है। पिछले दो साल से फरार आरोपी अशोक कुमार विश्नोई पर एसओजी की ओर से 5 हजार और आरोपी विजय पाल सिंह पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। एसओजी से बचने के लिए दोनों आरोपी अपनी पहचान व छिपने के ठिकाने बदलकर फरारी काट रहे थे। एसओजी टीम ने इनामी दोनों आरोपी कैंडिडेट को सोमवार रात दबिश देकर पकड़ा है। एसओजी की ओर से पूर्व में उनके साथियों को अरेस्ट कर जेसी भेजा जा चुका है। सीनियर टीचर की हुई थी परीक्षाराजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 की 24 दिसम्बर-2022 को सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान और विज्ञान विषय की परीक्षा हुई थी। 24 दिसम्बर-2022 को सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान की परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। परीक्षा को निरस्त कर 29 जनवरी-2023 की दोबारा परीक्षा हुई। डमी कैंडिडेट बैठाकर पास की एग्जामसीनियर टीचर भर्ती के लिए दो विषयों पर होने वाले परीक्षा में आरोपी अशोक कुमार विश्नोई ने अपनी जगह डमी कैंडिडेट बैठाया। सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय की परीक्षा में डमी कैंडिडेट हनुमानाराम पुत्र तेजाराम विश्नोई निवासी बागोडा जालौर ने दी। डमी कैंडिडेट हनुमानाराम जालौर के बिलड में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में सीनियर टीचर (सामजिक विज्ञान विषय) के पद पर था। एसओजी की ओर से 17 फरवरी-2026 को डमी कैंडिडेट बैठने के आरोप में हनुमानाराम को अरेस्ट किया गया। डमी कैंडिडेट बैठाकर आरोपी अशोक कुमार विश्नोई सीनियर टीचर के पद पर चयनित हो गया। वह पिछले दो साल से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद फरार आरोपी अशोक कुमार पर 5 हजार का इनाम रखा गया था। मेन कैंडिडेट की जगह था बैठाइसी तरह मेन कैंडिडेट सुरत राममीणा पुत्र रामलाल मीणा निवासी बामनवास सवाई माधोपुर ने भी दोनों विषयों की परीक्षा खुद नहीं दी। विज्ञान विषय की परीक्षा देने के लिए खुद की जगह डमी कैंडिडेट महीपाल विश्नोई पुत्र रामरख राम विश्नोई निवासी लोहावट फलौद को बैठाया था। डमी कैंडिडेट महिपाल विश्नोई को 17 फरवरी-2026 को अरेस्ट किया गया था। महिपाल विश्नोई कोटा के रंगबाडी में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में फोर्थ ईयर एमबीबीएस स्टूडेंट था। वहीं, सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय की परीक्षा डमी कैंडिडेट विजय पाल पुत्र जगदीश चन्द्र विश्नोई निवासी सांचौर जालौर ने दी थी। इसकी गिरफ्तार के लिए 10 हजार रुपए इनाम रखा हुआ था।
शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र के समोहा डैम से 16 मार्च को एक युवक का अपहरण करने वाले 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर अपहृत को सकुशल बरामद कर लिया है, जबकि 6 अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने बताया कि 16 मार्च 2026 को ग्राम बेरखेड़ा निवासी 22 वर्षीय बृजेश जाटव ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया था कि उसके परिचित जीतू कोली को समोहा डैम घुमाने के बहाने ले जाया गया था। वहां पहले से घात लगाए बैठे 10-11 बदमाशों ने कट्टे से हवाई फायर कर उसे जबरन एक अर्टिगा कार में डाला और फरार हो गए। थाना प्रभारी विनोद छावई के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए समोहा की पहाड़ियों से अपहृत जीतू को सुरक्षित निकाल लिया। पुलिस ने मामले में जसवंत उर्फ दीपक, इंदर सिंह उर्फ इंदल, विष्णु, अंशुल और रतन नामक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक स्प्लेंडर बाइक, 315 बोर का एक देशी कट्टा, एक खाली खोखा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। अहमदाबाद का 2 लाख रुपए का है विवाद पुलिस जांच में सामने आया है कि अपहरण की मुख्य वजह अहमदाबाद का 2 लाख रुपए का एक पुराना विवाद है। कुछ समय पहले जीतू कोली और मुख्य आरोपी दीपक अहिरवार अहमदाबाद में एक साथ नौकरी करते थे। इसी दौरान जीतू कोली से एक सड़क दुर्घटना हो गई थी और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। दीपक ने अपना लाइसेंस लगाकर बचाया था दीपक अहिरवार ने जीतू को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए लगभग 2 लाख रुपये में समझौता कर केस अपने ऊपर ले लिया था। दीपक ने अपना लाइसेंस लगाया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी जीतू ने उसे तय रकम नहीं लौटाई। कई बार पैसे मांगने पर भी रकम नहीं मिली, तो दीपक ने साथियों के साथ मिलकर इस अपहरण की साजिश रची। 6 फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी इंदर सिंह पर पहले से 4 और विष्णु पर 2 आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में फरार 6 अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई जारी है।
पेंड्रारोड में यौन उत्पीड़न के दो आरोपियों दो 10-10 साल की सजा सुनाई गई है। दोनों ने 2025 में अपने ही दोस्त को रोककर उसके साथ कुकृत्य किया और वीडियो भी बनाया। घटना 21 अप्रैल 2025 की रात करीब 8 बजे की है। पीड़ित अपने दोस्त के घर जा रहा था, तभी रास्ते में दोनों आरोपियों ने उसे जबरन रोका। वे उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुमन निकेतन चर्च के पीछे जंगल में ले गए। पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी वहां आरोपियों ने नाबालिग के साथ कुकृत्य किया और मोबाइल से उसका वीडियो भी बनाया। उन्होंने पीड़ित को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी और मारपीट भी की। पीड़ित की शिकायत पर गौरेला थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। घटना के 11 महीने के भीतर फैसलाविशेष अपर सत्र न्यायालय की जज ज्योति अग्रवाल ने आदेश उर्फ अंशु जॉन (कोरबा) और विकास मसीह उर्फ लाली (बलौदाबाजार) को पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत 10-10 साल की सजा सुनाई। साथ ही, दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। इस मामले में शासन की ओर से विशेष अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने पैरवी की। घटना के 11 महीने के भीतर आरोपियों के खिलाफ यह फैसला आया है।
मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपति की मौके पर ही मौत हो गई। गांव डांडेहार के सामने एक डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। मृतक दंपति की पहचान इटावा के भरथना क्षेत्र निवासी 50 वर्षीय ध्रुव चौहान और उनकी पत्नी संतोषी के रूप में हुई है। वे अपनी बहन के घर अलीगंज, एटा जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने सड़क जाम कर दी और एक अन्य डंपर को रोक लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया, जिस पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाने में सफल रही।
शामली के बहावड़ी गांव की पूर्व प्रधान बबली देवी के हिस्ट्रीशीटर पति विवेक उर्फ विक्की की हत्या के मामले में 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी प्रिंस अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में शामली, मेरठ और मुजफ्फरनगर सहित कई जनपदों में लगातार दबिश दे रही है। यह घटना एक सप्ताह पूर्व दोघट कस्बे में सतेंद्र की बेटी नेहा की शादी के दौरान हुई थी। बहावड़ी गांव से आई बारात में शामिल विवेक उर्फ विक्की पर फार्म हाउस की पार्किंग में पुरानी रंजिश के चलते ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं, जिससे उसकी मौत हो गई। इस दौरान विपिन समेत कई लोग बाल-बाल बचे। हत्या के बाद भागने की कोशिश कर रहा एक आरोपी यशवीर उर्फ रजत खेत में कटीले तारों में उलझकर गिर गया, जिसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। पुलिस ने रजत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, उसका चचेरा भाई प्रिंस, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है, अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हत्यारोपी प्रिंस की तलाश में पुलिस की टीमें शामली पुलिस के साथ मिलकर उसके रिश्तेदारों के ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। थानाध्यक्ष केवल सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक मुख्यालय में अज्ञात चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाया है। चोरों ने जेवरात और कैश पर हाथ साफ किया है। वारदात से पहले शातिरों ने बिजली मीटर का कनेक्शन ही काट दिया, जिससे आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए। मामला गुरुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक उत्तरा पटेल शेयर माइक्रो फाइनेंस बैंक गुरुर में मैनेजर हैं और मूल रूप से बिलासपुर के रहने वाले हैं, लेकिन जोगिया तालाब के पास किराए के मकान में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे अपने घर बिलासपुर गए थे। मकान का दरवाजा टूटा मिला मकान मालकिन पिंकी रानी चंद्राकर ने कॉल कर जानकारी दी कि मकान का दरवाजा टूटा हुआ है और चोरी हो चुकी है। सूचना मिलते ही मकान मालिक अपनी पत्नी निर्मला पटेल के साथ गुरुर पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि मुख्य दरवाजे के साथ-साथ अंदर के कमरे का दरवाजा भी टूटा हुआ था। अलमारी तोड़कर जेवरात ले उड़े चोर कमरे में रखी दोनों आलमारियों के लॉक और हैंडल तोड़े गए थे। चोरों ने अलमारी में रखे करीब 3 तोला सोने का हार, 3 नग सोने के लॉकेट और 25 तोला चांदी की पायल चोरी कर ली। बिजली कनेक्शन काटकर दिया वारदात को अंजाम प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोरों ने मकान के सूनेपन का फायदा उठाया। घटना से पहले बिजली मीटर का कनेक्शन काट दिया गया, जिससे सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर सके। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज गुरुर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 305 और 331(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नर्मदापुरम के आदमगढ़ क्षेत्र में मंगलवार सुबह 8 बजे एक मकान के आंगन में बैतूल निवासी 33 वर्षीय युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला, जिसके बाद पुलिस ने आधार कार्ड से उसकी पहचान कर मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। मंगलवार सुबह 8 बजे मकान मालिक बद्री प्रसाद शुक्ला सोकर उठने के बाद अपने घर के पीछे के आंगन में पहुंचे। वहां उन्होंने एक अनजान युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका देखा और घबराकर तुरंत पुलिस व पड़ोसियों को सूचना दी। जिस मकान परिसर में युवक का शव मिला है, उस मकान मालिक से मृतक की कोई जान-पहचान नहीं है। आधार कार्ड से हुई मृतक की पहचान सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना से एसआई विशाल नागवे और प्रधान आरक्षक चेतन मालवीय पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के पास मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान 33 वर्षीय हीराचंद पिता रामलाल जावरकर के रूप में की है। मृतक हीराचंद मूल रूप से गोरेगांव, तहसील आमला, जिला बैतूल का रहने वाला था। सुसाइड नोट नहीं मिला, परिजनों को दी सूचना आधार कार्ड से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों से संपर्क कर उन्हें घटना की सूचना दे दी है। पुलिस ने मौका स्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं, हालांकि वहां सुसाइड नोट जैसा कुछ नहीं मिला है। युवक ने खुद फांसी लगाई है या किसी ने उसे वहां लटकाया है, यह फिलहाल पुलिस की जांच का विषय है। एसआई बोले- मर्ग कायम कर लिया है पंचनामे के बाद शव को अस्पताल लाया गया है और परिजनों के आने के बाद ही उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। एसआई विशाल नागवे ने बताया, “मृतक का जहां शव मिला। वहां उसे कोई जानता पहचानता नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, वो यहां कैसे आया। इसकी जांच कर रहे है। मर्ग कायम कर लिया है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केंद्र में देश-विदेश के विद्वानों ने भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक विज्ञान और प्राचीन न्याय व्यवस्था पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस आयोजन में छह देशों से लगभग 200 मूर्धन्य विद्वान, विज्ञानी, शिक्षाविद, शोधकर्ता एवं विषय-विशेषज्ञ इनमें नासा के विज्ञानी भी शामिल हैं। प्रो. रमाकान्त पाण्डेय ने कहा - “ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या” के सिद्धांत की व्याख्या करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता बताई। उन्होंने ग्रामीण समाज में विद्यमान ज्योतिषीय ज्ञान को संरक्षित करने की बात कही। प्रो. सन्निधान सुदर्शन शर्मा ने कहा - प्राण और मानव शरीर की संरचना पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हृदय से 101 नाड़ियाँ निकलती हैं, जिनकी अनेक उपनाड़ियाँ होती हैं। प्राचीन भारतीय न्याय व्यवस्था पर विशेष चर्चा कार्यक्रम में भारतीय न्याय परंपरा पर भी विस्तार से विचार रखा गया। वक्ताओं ने बताया कि भारत में न्याय और निष्पक्षता की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। जहाँ पाश्चात्य विधि में प्राकृतिक न्याय को “जस नैचुरेल” से जोड़ा जाता है, वहीं भारतीय ग्रंथों में यह सिद्धांत पहले से विकसित रूप में मौजूद थे। बृहस्पति स्मृति और शुक्र नीति जैसे ग्रंथों में न्यायाधीशों के गुणों का विस्तृत वर्णन मिलता है। न्यायाधीशों के लिए सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता, धैर्य और समदृष्टि अनिवार्य मानी गई है। न्याय में पक्षपात के पाँच कारण—राग, लोभ, भय, द्वेष और निजी संपर्क—बताए गए हैं, जिनसे बचना आवश्यक है। तीन दिनों में होंगे 9 सत्र विनय पाण्डेय ने कहा - तीन दिनों के आयोजन में कुछ नौ सत्र होंगे, जिनमें वेदों में निहित विज्ञान के प्रमुख छह स्वरूपों यज्ञ विज्ञान, आयुर्विज्ञान, शब्दतत्त्व विज्ञान, गणित एवं भुवनकोश विज्ञान, पर्यावरण एवं जीवनदर्शन विज्ञान तथा विधि एवं प्रबंध विज्ञान विषयों पर चर्चा होगी। पहले के न्याय में स्पीडी ट्रायल होता था वक्ताओं ने यह भी बताया कि न्यायिक प्रक्रिया में त्वरित सुनवाई (स्पीडी ट्रायल), निष्पक्ष अवसर और स्वतंत्र सलाहकार प्रणाली को अत्यधिक महत्व दिया जाता था। यदि राजा अन्यायपूर्ण निर्णय लेने का प्रयास करता, तो सलाहकारों का कर्तव्य था कि वे उसका विरोध करें।
बड़वानी जिले की अंजड़ नगर परिषद में अक्षरधाम कॉलोनी के निवासियों ने मंगलवार सुबह 11:30 बजे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर धरना शुरू कर दिया। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि सड़क और नाली निर्माण सहित उनकी अन्य समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने नगर परिषद, कलेक्टर कार्यालय और सीएम हेल्पलाइन पर कई शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उनका यह भी आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन पर उनकी शिकायतों को फर्जी जानकारी देकर बंद कर दिया गया। इसी के विरोध में उन्होंने नगर परिषद के गेट पर तालाबंदी की है। धरना प्रदर्शन के दौरान नगर परिषद के सीएमओ रणजीत सिंह रावत गेट के अंदर थे, जबकि नगर परिषद अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती गेट के बाहर मौजूद थे। कॉलोनी के सैकड़ों लोग गेट पर बैठकर नारेबाजी कर रहे थे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कॉलोनीवासी दीपेश सिंह ठाकुर ने बताया कि वे अध्यक्ष के झूठे आश्वासनों से परेशान हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “हम 1 दिसंबर को आए थे, तब अध्यक्ष ने 15 दिन में कॉलोनी के टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी होने का आश्वासन दिया था। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ है।” शिकायत का जवाब झूठा दिया ठाकुर ने आगे बताया कि उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी, जिसका जवाब पूरी तरह से झूठा दिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वे अक्षरधाम कॉलोनी में सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन नगर परिषद श्रीराम कॉलोनी की रसीदों और PYC फॉर्म पूरा न होने की बात कर रही है। PYC फॉर्म पूरा करने की जिम्मेदारी नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षदों की होती है, न कि कॉलोनी के निवासियों की। भ्रमित जानकारी पर कार्रवाई करें प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मूलभूत सुविधाओं और समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उनका आरोप है कि आपसी लड़ाई के कारण नगर का विकास पूरी तरह से रोका जा रहा है, जिससे कॉलोनी के बच्चे और लोग परेशान हैं। अध्यक्ष या तो आप वर्क ऑर्डर दे दो या या अपने पद से इस्तीफा दे दो और साथ ही साथ नगर परिषद जो 25 से ज्यादा अक्षरधाम कॉलोनी की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर लगी है। उस पर गलत जानकारी देकर भ्रमित कर रहे हैं, उस पर भी कार्रवाई करें।
बाराबंकी जिले के फतेहपुर ब्लॉक में शिक्षा विभाग के एक अधिकारी द्वारा शिक्षकों को राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने का आदेश देने का मामला सामने आया है। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से यह निर्देश जारी किया। यह मामला कुर्सी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा के एक कार्यक्रम से जुड़ा है। बीईओ धर्मेंद्र प्रसाद ने 17 मार्च को प्रेरणा महाविद्यालय निदुरा में आयोजित 'शिक्षक संगोष्ठी' में विधायक की उपस्थिति का हवाला देते हुए शिक्षकों को अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया था। आदेश में कहा गया था कि विद्यालय में केवल एक अध्यापक को छोड़कर सभी की उपस्थिति अनिवार्य है। इतना ही नहीं, एक अन्य मैसेज में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी 'सेल्फी' बीईओ ग्रुप पर भेजने का निर्देश दिया गया था, ताकि उनकी उपस्थिति दर्ज की जा सके। इस आदेश के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। जिले के आला अधिकारियों और मीडिया के संज्ञान में आने पर खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र प्रसाद ने इसे 'मानवीय भूल' बताया। उन्होंने सफाई दी कि मैसेज में गलती हो गई थी जिसे अब संशोधित किया जा रहा है। हालांकि, इस घटना से परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन पूरी तरह ठप पड़ गया है, क्योंकि बड़ी संख्या में शिक्षक अपनी ड्यूटी छोड़कर कार्यक्रम में मौजूद हैं।
जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र में करंट लगने से एक 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना नदीगांव रोड स्थित पंचानन चौराहा पर हुई। मृतक की पहचान धर्मेंद्र पुत्र कल्याण सिंह, निवासी मंगरा, हाल निवासी पंचानन चौराहा के पास के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह धर्मेंद्र अपने घर में रखा कूलर हटा रहा था। इसी दौरान वह अचानक बिजली के करंट की चपेट में आ गया और कूलर से चिपक गया। हादसे के समय उसकी पत्नी घर की ऊपरी मंजिल पर खाना बना रही थी। लगभग आधे घंटे बाद जब वह नीचे आई, तो उसने पति को कूलर से चिपका हुआ पाया। उसने तुरंत शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। पड़ोसियों ने आवाज सुनकर मौके पर पहुंचकर तत्काल बिजली की आपूर्ति बंद की और युवक को कूलर से अलग किया। उसे तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे कोंच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रेफर कर दिया। हालांकि, सीएचसी पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बलरामपुर जिले के एक युवक को पांच माह पूर्व पागल कुत्ते ने काट लिया था। युवक अपना इलाज जड़ी-बूटी से करा रहा था। कुछ दिनों पूर्व वह बीमार पड़ा। हालत बिगड़ने पर युवक को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने युवक की मौत रैबीज फैलने के कारण होने की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले के ग्राम महाराजगंज निवासी रामजीत राम (35 वर्ष) को नवंबर 2025 में गांव में ही एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। रामजीत राम ने हॉस्पिटल जाने के बजाय अपना इलाज गांव में ही जड़ी-बूटी से कराया। घाट ठीक होने के बाद रामजीत को लगा कि वह ठीक हो गया है। हालत ठीक होने के बाद परिजनों ने भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया। पांच माह बाद हालत बिगड़ीरामजीत राम की तबीयत रविवार को बिगड़ गई। वह अजीब हरकत करने लगा तथा कुत्ते की आवाजें निकालने लगा। जब परिवार वालों को समझ में आया कि कुत्ते के काटने से उसकी तबीयत बिगड़ी है। परिजनों ने उसे रामानुजगंज हॉस्पिटल लेकर गए। डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर सोमवार को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान के दौरान देर शाम उसकी मौत हो गई। डाक्टरों ने रैबीज फैलने से युवक की मौत की पुष्टि की है। परिवार वालों के अनुसार पागल कुत्ते के काटने के बाद उसे एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगाया गया था। वे गांव में ही जड़ी बूटी से उसका इलाज कराते रहे। डेढ़ माह पूर्व भी हुई थी एक युवक की मौत डेढ़ माह पहले दरिमा के युवक की भी रैबीज फैलने से एक युवक की मौत हो गई थी। दरिमा इलाके एक युवक को कुत्ते ने काट लिया था। युवक को एंटी रैबीज का इंजेक्शन भी लगाया जा रहा था। तीन डोज उसे लग चुके थे। फिर उसे रैबीज का अटैक हुआ और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। कई माह बाद भी आ सकता है अटैक-डा. मिश्रा वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. सीके मिश्रा ने बताया कि रैबीज का असर कुछ दिन से लेकर कई माह बाद भी हो सकता है। रैबीज पीड़ित कुत्ते या जानवर के काटने के बाद तत्काल एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगाया गया तो रैबीज के वायरस फैलने लगते हैं। ये नर्व सिस्टम पर असर करता है। डा.सीके मिश्रा ने बताया कि रैबीज के लक्षण आने के बाद बचाव का कोई उपाय नहीं है। अर्थात मृत्यु शत प्रतिशत तय है। जबकि समय पर इंजेक्शन लग जाने के बाद शत प्रतिशत बचाव संभव है। सरगुजा के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के अभाव में कुत्तों के काटने के बाद झाड़फूंक कराने एवं जड़ी बूटी से इलाज कराने की प्रथा है जो जानलेवा बन जाती है। इससे बचने के लिए प्रचार प्रसार की जरूरत है।
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 16वें दिन राज्य में खराब पड़े चापाकलों का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। विधायक हेमलाल मुर्मू ने संतालपरगना, विशेषकर लिट्टीपाड़ा क्षेत्र की बदहाल स्थिति को सदन के सामने रखते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि इलाके में जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे अधिकांश चापाकल बेकार हो चुके हैं। ऐसे में सूखा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पेयजल कैसे मिलेगा, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस योजना पेश करने की मांग की। मामले पर जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्वीकार किया कि राज्य में जलस्तर गिरने से समस्या गंभीर हुई है। उन्होंने बताया कि झारखंड में कुल 69,916 चापाकल खराब पड़े हैं, जिनमें से केवल पाकुड़ जिले में ही 3,446 चापाकल खराब हैं। मंत्री ने कहा कि 44,906 चापाकलों की साधारण मरम्मत के लिए स्वीकृति दे दी गई है। कार्य प्रगति पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। जल्द राहत देने का प्रयास होगा। विपक्ष का हमला, पानी संकट पर जताई चिंता सरकार के जवाब से असंतुष्ट नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि चापाकलों की मरम्मत के लिए भी केंद्र पर निर्भरता बढ़ रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि जहां वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और गैस को लेकर संकट है, वहीं झारखंड में लोग पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए जूझ रहे हैं। इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सफाई देते हुए कहा कि मरम्मत के लिए केंद्र से पैसे मांगने की बात गलत है, राज्य सरकार ने खुद फंड जारी किया है। असंसदीय भाषा पर भी गरमाया माहौल इसी दौरान सदन में असंसदीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। विधायक नीरा यादव ने आरोप लगाया कि बार-बार आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग हो रहा है और विशेष रूप से समीर मोहंती का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही को छात्राएं भी देखती हैं, ऐसे में गलत संदेश जा रहा है। विवाद बढ़ने पर स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए आपत्तिजनक शब्दों को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। सुदिव्य सोनू ने विपक्ष की भावना को उचित बताया, वहीं संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने खेद जताते हुए माफी मांगी और कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। जेटेट अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, सरकार- विपक्ष आमने-सामने सदन में जेटेट अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड पात्रता परीक्षा की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब सरकार समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं करेगी तो युवा सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। मरांडी ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर कब तक सरकार पिछली सरकारों को दोष देती रहेगी, जबकि पिछले छह वर्षों से राज्य में यही सरकार है, फिर भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं हुआ। वहीं, सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि जेटेट परीक्षा के संबंध में हाईकोर्ट ने 31 मार्च तक का समय दिया है और सरकार न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले सिस्टम में खामियां थीं, लेकिन अब उसे दुरुस्त करने की दिशा में काम हो रहा है और परीक्षाएं समय पर कराई जाएंगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
उन्नाव के अचलगंज थाना क्षेत्र में दुर्गा ढाबा के पास एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। तेज रफ्तार डंपर ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान अंकित साहू के रूप में हुई है। वह उन्नाव से अपने घर गंगानगर लौट रहा था। अचलगंज क्षेत्र में दुर्गा ढाबा के पास पहुंचने पर पीछे से आ रहे एक डंपर ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अंकित गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के परिजन पहुंचे। परिजनों ने बताया कि अंकित साहू ज्वेलरी का काम करता था और अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। अंकित के परिवार में माता-पिता, एक बहन और दो भाई हैं। परिजनों ने बताया कि वह रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया। पुलिस ने अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी वाहन और चालक की पहचान की जा सके।
जींद जिले के पांडू पिंडारा गांव में एक परिवार के कई लोगों पर हथियारों से लैस बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। विवाद घर की बहू पर गलत नजर रखने के विरोध को लेकर शुरू हुआ। हमलावरों ने न केवल घर में घुसकर गंडासे से हमला किया, बल्कि गलियों और छतों से अंधाधुंध फायरिंग की। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में गोलियों के खोल बरामद किए हैं। थाना सिविल लाइन में केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। पांडू पिंडारा गांव के रहने वाले बलवान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। उसके बेटे अनिल की मौत हो चुकी है। उसकी पांचों बेटियां शादीशुदा हैं। उसका दोहता श्रवण उर्फ कूकी उसके पास रहता है। बलवान ने बताया कि उसका भतीजा विक्की भी साथ रहता है। सिलसिलेवार जाने पूरा मामला…यहां से शुरू हुआ विवाद: बलवान के अनुसार, गांव का ही मनजीत उनके परिवार की एक महिला पर गलत नजर रखता है। इसका विरोध करने पर 15 मार्च को दिन में उनकी आपस में बहस हुई थी। इसके बाद से ही मनजीत उनसे रंजिश रख रहा है। रात को बहाने से बाहर बुलाया: रात 10 बजे आरोपी महेंद्र और उसकी मां किताबों ने बातचीत के बहाने बलवान को घर से बाहर बुलाया। जैसे ही बलवान और उसकी पत्नी बाहर आए, वे गाली-गलौज करने लगे। इसके बाद कहासुनी बढ़ गई। गंडासे से हमला, भाई को लगा: इसी बीच मनजीत गंडासा लेकर आया और बलवान पर वार कर दिया। बचाव के दौरान गंडासा मनजीत के अपने ही भाई को जा लगा। इससे वे और ज्यादा गुस्सा हो गए। युवकों ने की अंधाधुंध फायरिंग: बलवान ने बताया कि मनजीत के साथ आए 5-6 अज्ञात युवक भी आए थे। उन युवकों में से एक ने बलवान पर फायर कर दिया। जान बचाने के लिए बलवान छत पर भागा। वहां से उसके दोहते और भतीजे ने अपने बचाव में ईंटें बरसाईं। छत से बरसाईं गोलियां: बताया गया कि हमलावर भागकर पास ही महेंद्र के मकान की छत पर चढ़ गए। वहां मनजीत ने पिस्तौल लेकर नीचे खड़े बनवान के परिवार के लोगों पर और ग्रामीणों पर कई राउंड फायर किए। महिलाएं भी डंडे लेकर आई: बलवान का आरोप है कि आरोपी पक्ष की महिलाएं सुनीता, दीक्षा और किताबो भी हाथों में डंडे लेकर उनको ललकार रही थीं और जान से मारने की धमकी दे रही थीं। गांव में पुलिस तैनात करनी पड़ीपांडू पिड़ारा में फायरिंग की सूचना मिलते ही पीएसआई (PSI) सचिन कुमार और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस को अलग-अलग गलियों और आरोपियों के मकान की छत से गोलियों के कुल 14 खाली खोल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। कई लोगों पर केस दर्ज पुलिस ने बलवान की शिकायत पर थाना सिविल लाइन जींद में आरोपी मनजीत, महेंद्र, सुरेंद्र, किताबो और अन्य महिलाओं सहित अज्ञात हमलावरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 190, 191(3), 333, 351(2) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना सिविल लाइन पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है। सीन ऑफ क्राइम टीम ने भी मौके का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं।
लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में मंगलवार सुबह डॉक्टरों और तीमारदार में मारपीट हो गई। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन लगाने से मरीज की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने तीमारदारों पर हंगामा करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। रजौली अनवरी बेहटा, गुडंबा निवासी लाल बहादुर (45) बुलेट मैकेनिक थे। उनके साले प्रदीप ने बताया कि सोमवार-मंगलवार की बीच रात करीब 3 बजे लाल बहादुर की तबियत खराब हो गई। उन्हें इलाज के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल लाया गया। इजेक्शन लगाते ही अचेत हो गया मरीज प्रदीप ने बताया कि इलाज शुरू होने बाद वे हाथ-पैर फेंकने लगे तो डॉक्टर ने इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद बोला गया कि वेंटीलेटर पर रखना पड़ेगा। मंगलवार सुबह 7 बजे तक कुछ नहीं किया। उनकी तबियत बिगड़ी तो बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और अचेत हो गए। इस पर परिवार के सदस्य घबराकर रोने-बिलखने लगे तो डॉक्टरों और गार्डों ने धक्का दे दिया, जिससे सब लोग बाहर गिर गए। इस दौरान धक्का-मुक्की हो गई। मामले में पुलिस का कहना है अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मरीज के तीमारदारों ने मारपीट-तोड़फोड़ की संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विक्रम सिंह ने बताया कि मरीज की हालत खराब थी और उसे इंट्यूबेट करने की जरूरत थी। इसके लिए घरवालों ने सुबह साढ़े पांच बजे लिखित में मना कर दिया था। हालत ज्यादा खराब होने पर साढ़े छह बजे इसकी सहमति दी, तब उसकी हालत खराब हो चुकी थी। तमाम कोशिश के बाद उसे बचाया नहीं जा सका। इसके बाद घरवालों ने मारपीट और तोड़फोड़ शुरू कर दी। सीसीटीसी फुटेज के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
रेल मंत्रालय ने ट्रेन संख्या 08185/08186 हटिया-दुर्ग-हटिया स्पेशल को 18641/18642 हटिया-दुर्ग-हटिया द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस के रूप में नियमित कर दिया है। ट्रेन नंबर 18641 हटिया से दुर्ग 2 अप्रैल से हर मंगलवार और गुरुवार को चलेगी। हटिया से ट्रेन राउरकेला, झारसुगुड़ा, रायगढ़, चंपा, बिलासपुर, रायपुर होते हुए अगले दिन सुबह दुर्ग पहुंचेगी। 18642 दुर्ग से हटिया-3 अप्रैल से हर बुधवार और शुक्रवार को चलेगी। ट्रेन में सामान्य, स्लीपर और वातानुकूलित कोच होंगे। नियमित होने से यात्रियों को सफर में आसानी और सुविधा मिलेगी।
उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए चालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान मोहनलाल (40) पुत्र जगन्नाथ के रूप में हुई है, जो ग्राम भेजवा मऊ शुक्ला खेड़ा, थाना बिहार के निवासी थे। मोहनलाल पेशे से मजदूर थे और भट्टे पर काम करते थे। वह ट्रैक्टर चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। जानकारी के अनुसार, मोहनलाल ट्रैक्टर लेकर किसी काम से जा रहे थे। एक्वाबाद के पास टोल टैक्स के नजदीक एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनके ट्रैक्टर में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोहनलाल गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के परिजन पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। इस घटना के बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें एक 11 वर्षीय बेटी और एक 14 वर्षीय बेटा शामिल हैं। परिवार के मुखिया की अचानक मौत से परिजनों पर आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
सीतापुर के मेजर ध्यान चंद्र स्टेडियम में खेल निदेशालय के तत्वाधान में जिला खेल कार्यालय द्वारा ओपन राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर.के. ने फीता काटकर किया। इस दौरान खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए खेल प्रेमियों और अधिकारियों की भी मौजूदगी रही। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जनपदों की कुल 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें मेजबान सीतापुर के अलावा बरेली, पीलीभीत, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, बस्ती, उन्नाव, हरदोई और गाजीपुर की टीमें शामिल हैं। प्रतियोगिता लीग नॉकआउट आधार पर आयोजित की जा रही है, जो आगामी पांच दिनों तक चलेगी। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला पीलीभीत और उन्नाव के बीच खेला गया, जिसमें दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। हालांकि पूरे मैच के दौरान कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी और मुकाबला बिना गोल के समाप्त हुआ। वहीं दूसरा मुकाबला मेजबान सीतापुर और कानपुर के बीच खेला गया, जो काफी रोमांचक रहा। मैच के 25वें मिनट में कानपुर की टीम ने शानदार तालमेल का प्रदर्शन करते हुए पहला गोल कर बढ़त बनाई। हालांकि सीतापुर की टीम ने जल्द ही वापसी करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। इसके बाद सीतापुर को कई मौके मिले, लेकिन खिलाड़ी उन्हें गोल में तब्दील नहीं कर सके। निर्धारित समय तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, जिसके बाद निर्णायक प्रक्रिया में कानपुर की टीम ने सीतापुर को हराकर जीत दर्ज की। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश में फुटबॉल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और खेलों के प्रति युवाओं को प्रेरित करना है। प्रतियोगिता के आगामी मुकाबलों को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
प्रयागराज के सरायइनायत में सरेराह फॉर्च्यूनर से आए लोगों और एक 30 साल की महिला के बीच मारपीट के बाद जमकर हंगामा हुआ। महिला का आरोप है कि उसे कार में खींचने की कोशिश की गई। विरोध पर मारापीटा गया। इससे पहले उसके एक साथी की भी पिटाई की गई। उधर पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में पैसों के लेनदेन का विवाद है। इसी को लेकर मारपीट हुई है। जांच पड़ताल की जा रही है। अस्पताल में काम करती हैमहिला मूल रूप से फूलपुर की रहने वाली है और मौजूदा समय में हनुमानगंज में रहती है। वह एक अस्पताल में नर्स का काम करती है। उसने आरोप लगाया, मेरा परिचित अभिषेक बेली अस्पताल में काम करता है। सोमवार दोपहर बाद तीन बजे के करीब वह घर लौट रहा था और इसी दौरान उसे कुछ लोगों ने जबरन रोक लिया। डराया-धमकाया और फिर उसके जरिए कॉल कर उसे हनुमानगंज बाजार बुलवाया। दो कार से आए थेवह चार बजे के करीब हनुमानगंज बाजार पहुंची तो वहां एक सफेद फॉर्च्यूनर और काले रंग की फ्रॉन्क्स कार से कुछ लोग मौजूद थे। उन लोगों ने उसे फॉर्च्यूनर में खींचने की कोशिश की। विरोध पर मारा पीटा। यह देख साथी अभिषेक ने किसी तरह उसे बचाया। तब तक आसपास के लोग भी जुट गए। महिला का आरोप है कि उसने थाने में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बोली-पहले कर चुका है छेड़खानीउसका यह भी आरोप है कि कार में खींचने व मारपीट करने वाला झूंसी का एक क्लीनिक संचालक है जिसके साथ कुछ अन्य लोग भी थे। वह आरोपी की क्लीनिक में पहले काम करती थी जहां उसने छेड़छाड़ की थी। इस पर उसने क्लीनिक छोड़ दिया। डीसीपी बोलेउधर इस मामले में डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया, दोनों पक्षों के बीच पैसों के लेनदेन का विवाद है। प्रारंभिक रूप से यह बात सामने आई है कि इसी विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष इकट्ठा हुए थे। वहां उनके बीच मारपीट हुई। मामले में दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दी गई है। जांच पड़ताल कराई जा रही है। फॉर्च्यूनर में खींचने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
हांसी में मंगलवार सुबह बस स्टैंड चौकी के पास वाहन चेकिंग अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक जब्त की। जांच में बाइक के इंजन, चेसिस और रजिस्ट्रेशन नंबर अलग-अलग पाए गए। पुलिसकर्मी नियमित चेकिंग कर रहे थे। तभी देवीलाल मार्केट के मुख्य गेट के पास खड़ी एक बाइक पर उनकी नजर पड़ी। बाइक के पास मौजूद दो युवक पुलिस को देखकर अचानक बाजार के अंदर चले गए, जिससे पुलिस को शक हुआ। फर्जी नंबर से चल रही थी बाइकपुलिस ने बाइक की जांच की तो पता चला कि उस पर अंकित नंबर फर्जी तरीके से दर्ज किया गया था। जब दोनों युवकों से बाइक के कागजात मांगे गए, तो उन्होंने वाहन से अपना संबंध होने से इनकार कर दिया। ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत एवीटी स्टाफ को सूचना दी और दोनों युवकों की पहचान शुरू की। प्रारंभिक जांच में वे महम क्षेत्र के पुट्टी समैण गांव के निवासी बताए गए हैं। इस दौरान एक युवक मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे को पुलिस ने पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी है। अभियान से अपराधियों पर बढ़ा दबावइस कार्रवाई में एसआई राजेश, एचजीएस सुनील, एसपीओ रणबीर और सिटी पुलिस के दिनेश की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में चल रहे वाहन चेकिंग अभियान से अपराधियों पर दबाव बढ़ा है। पुलिस ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
औरैया में युवक से की मारपीट:घर पर आकर लाठी-डंडों से हमला किया, तीन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
औरैया के अछल्दा थाना क्षेत्र के सुभानपुर गांव में एक युवक से मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुभानपुर निवासी संतोष सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 15 मार्च 2026 को सुबह करीब 10 बजे वह अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। तभी गांव के उमेश चंद्र, रामरतन और रामनारायण उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब संतोष सिंह ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ लात-घूंसों और डंडों से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित संतोष सिंह का आरोप है कि मारपीट के दौरान उमेश चंद्र ने उनके सिर पर डंडे से वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच उपनिरीक्षक राम नारायण को सौंपी गई है। थाना प्रभारी पंकज मिश्रा ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखीमपुर खीरी के उत्तर निघासन वन रेंज के बेनी पुरवा गांव में एक तेंदुए ने घर में बंधे बछड़े को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। यह तीसरी बार है जब तेंदुए ने इस क्षेत्र में गौवंशीय पशुओं को निशाना बनाया है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी रामकुमार यादव की निजी गौशाला में यह घटना हुई। बीती रात तेंदुआ गौशाला में घुस आया और एक बछड़े को मार डाला। मंगलवार सुबह जब परिवार के सदस्यों ने देखा, तो बछड़े का अधखाया और क्षत-विक्षत शव पड़ा था। आबादी क्षेत्र में तेंदुए की लगातार आमद से ग्रामीण भयभीत हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है। इससे पहले भी दो अन्य गौवंशीय पशुओं को तेंदुआ अपना निवाला बना चुका है, जिससे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचित किया। वन कर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों से वन्यजीवों के दिखने पर तुरंत सूचना देने और सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
करनाल जिले के कुटेल गांव में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष की माता के निधन के बाद 22 मार्च को रस्म पगड़ी का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में शांति पाठ और ब्रह्मभोज रखा गया है, जिसमें क्षेत्र के सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक लोग शामिल होंगे। इससे पहले निधन के बाद अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन की रस्में पूरी की जा चुकी हैं। शोक व्यक्त करने के लिए प्रदेश के कई बड़े नेता भी परिवार से मिलने पहुंचे थे। बीमारी के चलते 13 मार्च को निधन हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की माता प्रेम कौर कल्याण का 13 मार्च को बीमारी के कारण निधन हो गया था। उनके निधन से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। 14 मार्च को कुटेल गांव की शिवपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में सामाजिक, धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों के लोगों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। 16 मार्च को हरिद्वार में उनकी अस्थियां विसर्जित की गईं। इस दौरान परिवार के सदस्य मौजूद रहे और विधि-विधान से सभी रस्में पूरी की गईं। सीएम समेत कई नेताओं ने जताया शोक हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला सहित अन्य विधायक व अधिकारी भी अलग-अलग दिनों में शोक व्यक्त करने पहुंचे। परिवार के अनुसार 22 मार्च को कुटेल कल्याण फार्म हाउस में सुबह 11 बजे ब्रह्मभोज होगा। इसके बाद दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक शांति पाठ और रस्म पगड़ी आयोजित की जाएगी।
अशोकागार्डन थाना क्षेत्र के कैलाश नगर सेमरा में मोबाइल चोरी के शक में मारपीट में घायल हुए युवक की इलाज के दौरान सोमवार रात को मौत हो गई। मंगलवार को हमीदिया अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने युवक की गर्दन पर पीछे से चाकू से हमला किया था, जिससे उसकी गर्दन की नस कट गई थी। साथ ही परिवार ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में सही तरीके से कार्रवाई नहीं की गई और एफआईआर में घटनाक्रम को गलत तरीके से दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार घटना एक मार्च की शाम करीब 7 बजे की है। कैलाश नगर सेमरा निवासी 27 वर्षीय अंकित जोशी ड्राइवर था। उसी इलाके में रहने वाले उसके परिचित मोहित राव ने उस पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे अंकित के गर्दन और पेट में गंभीर चोट आई। घायल अंकित को पहले जेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया था। यहां उसका इलाज चल रहा था। करीब 15 दिन तक इलाज के बाद बीती रात उसकी मौत हो गई। परिजनों का दावा- पीछे से किया गया हमलामृतक के भाई शक्ति जोशी का कहना है कि मोहित राव ने उनके भाई पर मोबाइल चोरी का झूठा आरोप लगा रहा था। इस संबंध में बात करने अंकित उसके घर गया था। वहां आरोपी की बहन ने बताया कि मोबाइल उसके पास है और अंकित ने चोरी नहीं की है। इसके बाद अंकित आरोपी की मां से बात करने गया। इसी दौरान मोहित राव ने पीछे से गर्दन पर चाकू से वार कर दिया। शक्ति के अनुसार चाकू करीब ढाई इंच तक गर्दन में घुस गया था, जिससे गर्दन की नस कट गई और अंकित का शरीर सुन्न पड़ गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस पर पैसे लेकर आरोपी को छोड़ने का आरोपमृतक के भाई शक्ति जोशी ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। मृतक के भाई का आरोप है कि घटना के बाद जब 112 डायल पुलिस मौके पर पहुंची, तब आरोपी के मामा ने पुलिसकर्मियों को पैसे दिए और आरोपी को वहां से ले जाया गया। परिजनों का यह भी कहना है कि दर्ज की गई एफआईआर में घटनाक्रम को सही तरीके से नहीं लिखा गया है और इसमें अंकित पर ही मोबाइल चोरी का आरोप दर्शाया गया है, जबकि परिवार के मुताबिक ऐसा कुछ भी नहीं था। फिलहाल अशोकागार्डन थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रेलवे स्टेशन कोटा पर जीआरपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ अफीम का डोडा चूरा जब्त किया है। विशेष अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में कुल 48 किलो 370 ग्राम डोडा चूरा बरामद किया गया है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 7 लाख 25 हजार 550 रुपए बताई जा रही है। एडीजी सुष्मित विश्वास, आईजी रेलवे अजय पाल लांबा और एसपी जीआरपी अजमेर नरेन्द्र सिंह के निर्देश पर अवैध मादक पदार्थ, अवैध शराब और हथियारों की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत डीएसपी जीआरपी कोटा शकील अहमद खान के निर्देशन में जीआरपी थाना कोटा प्रभारी सोमेन्द्र कुमार के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सघन चेकिंग की जा रही थी। चार लावारिस बैग पड़े मिले डीएसपी शकील खान ने बताया- गश्त और चेकिंग के दौरान पुलिस टीम कोटा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर पहुंची, जहां प्लेटफार्म नंबर 1 पर टिकट निरीक्षक कार्यालय के पास टीनशेड के नीचे चार लावारिस बैग पड़े मिले। बैगों के बारे में यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ की गई। लेकिन कोई मालिक सामने नहीं आया। संदिग्ध स्थिति को देखते हुए पुलिस ने बैगों की तलाशी ली। डोडा चूरा भरा मिला तलाशी के दौरान चारों बैगों में अफीम का डोडा चूरा भरा मिला। पुलिस ने मौके पर ही गवाहों की मौजूदगी में जब्ती की कार्रवाई की। चारों बैगों से कुल 48 किलो 370 ग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद हुआ। इस मामले में अज्ञात तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जीआरपी भरतपुर को सौंपी गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर तस्करों की तलाश में जुटी है।
बालाघाट में 40 वर्षीय युवक ने की आत्महत्या:पत्नी काम पर गई थी, बेटी ने देखा शव
बालाघाट के वार्ड क्रमांक 13 गंगानगर में मंगलवार को महेश पिता ताराचंद खोब्रागढ़े (40) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की बेटी ने अपने पिता को फांसी पर लटका हुआ सबसे पहले देखा, जिसके बाद उसने पड़ोसियों को इसकी सूचना दी। घटना के समय महेश की पत्नी घरों में काम करने गई हुई थी। बताया जा रहा है कि महेश शराब के नशे में था और आशंका है कि इसी नशे की हालत में उसने यह कदम उठाया। हालांकि, आत्महत्या के पीछे का स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है। परिजन महेश को तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल चौकी पुलिस ने मृतक की तहरीर मिलने के बाद शव बरामद किया। पंचनामा कार्यवाही पूरी करने के बाद शव का पीएम करवाया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया। अस्पताल चौकी पुलिस ने बताया कि मामले में अग्रिम कार्यवाही कोतवाली पुलिस द्वारा की जाएगी।
बिलासपुर में तेज रफ्तार स्कूटी बेकाबू होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर खंभे से जा भिड़ी। इस हादसे में स्कूटी चला रहे प्रॉपर्टी डीलर की मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। यह घटना तारबाहर थाना क्षेत्र की है। दरअसल तालापारा का रहने वाला 29 वर्षीय मोहम्मद जैद खान रविवार रात दोस्तों के साथ हैवंस पार्क बार में पार्टी करने गया था। शराब पीने के बाद रात करीब 1 बजे बार बंद हुआ। इस दौरान नशा ज्यादा होने के कारण उसके दोस्त रितेश तोलानी ने जैद को बुलेट चलाने से मना कर अपनी स्कूटी दे दी। दोबारा बार पहुंचे युवक, वापस जाते समय हुआ हादसा बताया जा रहा है कि दोस्तों के साथ शहर में घूमने के बाद सभी रात करीब 2 बजे दोबारा बार पहुंचे, लेकिन वहां शराब नहीं मिली। इसके बाद जैद स्कूटी लेकर बस स्टैंड की ओर निकला। इस दौरान काफी तेज रफ्तार होने के कारण वह स्कूटी पर नियंत्रण नहीं रख पाया और हैवंस पार्क के सामने डिवाइडर को टक्कर मारते हुए बिजली खंभे से टकरा गया। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट आई। दोस्त रितेश तोलानी ने बताया कि जैद बहुत तेज रफ्तार में स्कूटी चला रहा था। अचानक वह संतुलन खो बैठा और खंभे से टकरा गया। प्रापर्टी डीलिंग करता था युवक पुलिस के मुताबिक जैद एफएम ग्रुप के लिए प्रॉपर्टी डिलिंग का काम करता था। दो साल पहले उसकी शादी हुई थी, लेकिन शादी के डेढ़ साल बाद पत्नी से विवाद होने लगा। पत्नी बच्चे के साथ मायके में जाकर रहने लगी। पत्नी के जाने के बाद जैद डिप्रेशन में था। फिलहाल पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है और मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुट गई है।
दिल्ली में हुए तरुण हत्याकांड की गूंज अब झुंझुनू जिले में भी सुनाई दे रही है। इस नृशंस हत्या के विरोध में आज खटीक पंचायत संस्था के बैनर तले समाज के सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों को फांसी देने और पीड़ित परिवार को उचित न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की। विरोध प्रदर्शन की शुरुआत शहर के खटीकन मोहल्ला स्थित मंदिर से हुई। यहां समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और वहां से एक रैली के रूप में रवाना हुए। हाथों में तख्तियां लिए और नारेबाजी करते हुए यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंची। प्रदर्शन के दौरान समाज के युवाओं और बुजुर्गों में दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली और घटना की क्रूरता को लेकर रोष व्यक्त किया। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन और प्रमुख मांगें खटीक पंचायत संस्था के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए। साथ ही, मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कठोरतम दंड और फांसी की सजा मिल सके। पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये का मुआवजा तुरंत जारी किया जाए। परिवार के भरण-पोषण और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। परिवार को मिल रही धमकियों और असुरक्षा के माहौल को देखते हुए पीड़ित परिवार के सभी सदस्यों को तत्काल पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
राजनांदगांव में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कई परिवारों के टूटे रिश्ते फिर से जुड़ गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस लोक अदालत में आपसी सुलह और समझाइश के माध्यम से वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी ने एक बार फिर साथ रहने का फैसला किया। लोक अदालत में पक्षकार बिना वकील और बिना किसी शुल्क के सीधे न्यायाधीश से बात कर अपना पक्ष रख सकते हैं। यह सालों तक चलने वाली कानूनी प्रक्रियाओं से मुक्ति दिलाकर समय की बचत करता है। इस लोक अदालत में दो प्रमुख मामले चर्चा का विषय रहे, जहाँ सुलह की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी पहला मामला दुर्गेश्वरी और सुरेश का था, जिनका विवाह 2022 में हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद दुर्गेश्वरी अपने मायके में रह रही थीं और भरण-पोषण के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं। लोक अदालत की पीठ ने बच्चों के भविष्य और परिवार के महत्व पर जोर दिया, जिसके बाद दोनों ने आपसी सहमति से फिर साथ रहने का निर्णय लिया। दूसरा मामला चंद्रकुमार और तारामती का था, जिनका विवाह 2012 में हुआ था। वे भी मतभेदों के कारण कोर्ट में थे। लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने कानूनी कार्यवाही समाप्त कर आपसी सहमति से सुलह कर ली। कानूनी पेचीदगियों में उलझने के बजाय बातचीत से समाधान निकालें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लोक अदालत की इस सफलता पर संतोष व्यक्त किया। प्राधिकरण ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य केवल मुकदमों का निपटारा करना नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव और शांति स्थापित करना है। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि कानूनी पेचीदगियों में उलझने के बजाय आपसी बातचीत से समाधान निकालें।
शाजापुर में चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारी:फूड जोन के स्थान को लेकर व्यापारियों में असंतोष
शाजापुर में चैत्र नवरात्रि के साथ ही शहर के प्रसिद्ध मां राज राजेश्वरी मंदिर परिसर में 15 दिवसीय मेले का शुभारंभ होगा। नगर पालिका प्रशासन मेले की तैयारियों में पूरी तरह जुटा हुआ है। मेला परिसर में झूले लगाए जा रहे हैं, वहीं 150 से अधिक दुकानों के लिए स्थान निर्धारित किया गया है। सभी दुकानों का आकार 7 बाय 7 फीट रखा गया है। परिसर को सुरक्षित बनाने के लिए सीमेंट कंक्रीट के बाद कोर कटिंग तकनीक से गड्ढे किए जा रहे हैं, ताकि संरचना को कोई नुकसान न पहुंचे। हालांकि, इस बार मेले में खाने-पीने की दुकानों के स्थान को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। नगर पालिका ने निर्णय लिया है कि सभी फूड स्टॉल अलग से बनाए गए फूड जोन में ही संचालित होंगे। इस फैसले का कई पुराने व्यापारियों ने विरोध किया है। वापस लौटना पड़ रहा कोटा (राजस्थान) से पिछले 40 वर्षों से दुकान लगा रहीं सीमा सोनी ने बताया कि फूड जोन में जगह कम होने के कारण वे दुकान नहीं लगा पा रहीं, जिससे उन्हें वापस कोटा लौटना पड़ रहा है। अन्य व्यापारियों ने भी स्थान आवंटन को लेकर असंतोष जताया है। समस्या का समाधान करेंगे इस संबंध में नगर पालिका सीएमओ भूपेंद्र कुमार दीक्षित ने कहा कि फूड जोन में ही सभी खाद्य दुकानों का संचालन होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मौके पर पहुंचकर व्यापारियों से चर्चा कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
करौली में प्रसिद्ध कैलादेवी आस्था धाम में चैत्र नवरात्रि के लख्खी मेले के दौरान इन दिनों पदयात्रियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। मंगलवार को जिला मुख्यालय सहित करौली-कैलादेवी मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई। सड़कें आस्था के रंग में रंगी नजर आईं, जहां दूर-दूर तक पदयात्रियों की कतारें जयकारों और लांगुरिया भजनों के साथ माता के दरबार की ओर बढ़ रही हैं। पदयात्रियों के जत्थों के लगातार आगे बढ़ने का सिलसिला अमावस्या तक जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद पैदल आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आएगी और वाहनों से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने लगेगी। वर्तमान में पूरा मार्ग भक्ति गीतों और जयकारों से गूंज रहा है। रास्ते में जगह-जगह लगे भंडारेश्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर कैलादेवी पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चे रिक्शा या कंधों पर, और वृद्धजन व्हीलचेयर के माध्यम से यात्रा कर रहे हैं। रास्ते में जगह-जगह भंडारे, विश्राम स्थल, स्नान की व्यवस्था और चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं। कई स्थानों पर पदयात्रियों को राहत देने के लिए फुट मसाज मशीनें भी उपलब्ध कराई गई हैं। श्रद्धालुओं के सेवा भावों में नहीं कोई कमीकरौली-हिण्डौन मार्ग स्थित पांचना बांध पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान कर अंजनी माता के दर्शन कर आगे बढ़ रहे हैं। सामाजिक और धार्मिक संगठन पदयात्रियों की सेवा में भोजन, नाश्ता और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।पदयात्रियों की भारी भीड़ के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। करौली से कैलादेवी तक 23 किलोमीटर का सफर तय करने में अब डेढ़ से दो घंटे का समय लग रहा है। पूरे मार्ग पर भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
छिंदवाड़ा शहर के श्री केसरी नंदन हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी अनिल मालवीय को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन पर जान से मारने और बम से उड़ाने की धमकी दी है, जिसके बाद पुजारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और साइबर सेल मामले की जांच कर रही है। पुजारी अनिल मालवीय ने बताया कि उनके पास एक अज्ञात कॉल आया था। कॉलर ने फोन पर अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। धमकी मिलने के बाद उन्होंने थाना कोतवाली और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। साइबर सेल कर रही आरोपी की तलाश पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने बताया कि धमकी भरे कॉल की जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान करने के प्रयास जारी हैं और जल्द ही उसे ट्रेस कर कार्रवाई की जाएगी। त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा की मांग आने वाले दिनों में रामनवमी और हनुमान जयंती जैसे बड़े धार्मिक आयोजन प्रस्तावित हैं। ऐसे में पुजारी को जान से मारने और मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुजारी अनिल मालवीय ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
मध्य प्रदेश में रहने वालों के लिए पेट्रोल भरवाना देश के अधिकांश राज्यों की तुलना में काफी महंगा सौदा साबित हो रहा है। राज्यसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा सोमवार को पेश किए गए ताजा आंकड़ों (11 मार्च 2026 तक) के विश्लेषण से पता चला है कि मध्य प्रदेश देश का चौथा ऐसा राज्य है जहां पेट्रोल की कीमतें सबसे अधिक हैं। राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत ₹106.52 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। एमपी के पड़ोसी राज्यों में 11 रुपए तक सस्ता बिक रहा पेट्रोल एमपी के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश (लखनऊ) में पेट्रोल केवल ₹94.69 और गुजरात (गांधीनगर) में ₹94.70 प्रति लीटर मिल रहा है। गुजरात, उत्तर प्रदेश की राजधानियों में पेट्रोल के रेट को देखें तो करीब 11 रुपए सस्ता पेट्रोल मिल रहा है। एमपी से सटे दूसरे पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ₹99.44 रुपए प्रति लीटर, महाराष्ट्र के मुंबई में ₹103.54 प्रति लीटर और राजस्थान में ₹104.72 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल मिल रहा है। देश में सबसे महंगा पेट्रोल बेचने वाले राज्यों में एमपी चौथा क्यों है इतना अंतर? पेट्रोलियम राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने सदन में बताया कि पेट्रोल और डीजल की अंतिम बिक्री कीमतों में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित उत्पाद शुल्क और संबंधित राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित वैट (VAT) शामिल होता है। अलग-अलग राज्यों में वैट की दरों, स्थानीय शुल्कों और माल ढुलाई (Freight) दरों में भिन्नता के कारण कीमतों में यह बड़ा अंतर दिखाई देता है । जीएसटी पर फिलहाल 'ब्रेक' आम जनता की मांग के बावजूद पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी (GST) के दायरे में लाने की योजना फिलहाल टल गई है। सरकार ने बताया कि जीएसटी परिषद ने अपनी 45वीं बैठक में इस मामले पर विचार तो किया था, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया है। महंगा डीजल बेचने वालों में एमपी 7वां राज्यमध्य प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है जहां डीजल के रेट सबसे ज्यादा हैं। महंगे डीजल के मामले में मध्य प्रदेश देश के टॉप 10 राज्यों की सूची में 7वें नंबर पर आता है। देश के उन टॉप-10 राज्यों के नाम जहां सबसे सस्ता पेट्रोल मिलता है देश के सबसे सस्ते डीजल वाले टॉप-10 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
'डीडवाना-कुचामन में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं':कलेक्टर बोलें— लोग अफवाहों पर ध्यान नहीं दे
डीडवाना-कुचामन जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने बताया है कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति हो रही है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि गैस सिलेंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता होने पर ही बुकिंग करवाएं। जिला प्रशासन घरेलू एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के अवैध संग्रहण और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए उपखंड स्तर पर विशेष प्रवर्तन जांच दलों के माध्यम से प्रभावी निगरानी कर रहा है।कलेक्टर ने यह भी बताया कि सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की औसत खपत की 20 प्रतिशत आपूर्ति बहाल कर दी है। इसमें शैक्षणिक संस्थान, हॉस्टल, कोचिंग संस्थान, मेडिकल संस्थान, अन्नपूर्णा रसोई, राजकीय कैंटीन और सहकारी डेयरियों को प्राथमिकता से गैस उपलब्ध कराई जाएगी। कंट्रोल रूम स्थापित कियागैस आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम (01580-294494) स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस कंट्रोल रूम 112 और उपभोक्ता मामलात विभाग के हेल्पलाइन नंबर 14435 पर भी सूचना या शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। 'जिले में पर्याप्त गैस उपलब्ध'जिला रसद अधिकारी उपेंद्र ढाका ने जानकारी दी कि जिले में 4150 सिलेंडरों की बुकिंग हुई थी, जिनमें से 3600 सिलेंडरों का वितरण उपभोक्ताओं को किया जा चुका है। साथ ही, विभिन्न गैस कंपनियों से 3900 सिलेंडरों का अतिरिक्त स्टॉक भी प्राप्त हुआ है, जिससे जिले में पर्याप्त गैस उपलब्ध है।उन्होंने यह भी बताया कि ऑयल कंपनियों के नियमानुसार ग्रामीण क्षेत्र में सिलेंडर प्राप्ति के 45 दिन बाद और शहरी क्षेत्र में 25 दिन बाद ही दोबारा गैस सिलेंडर की बुकिंग की जा सकती है। 19 सिलेंडर किए जब्तएलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए सोमवार को रसद विभाग की टीम ने कार्रवाई की। प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुल्हार, प्रवर्तन निरीक्षक विरेंद्र सिंह जाखड़ और मनीषा गुर्जर की टीम ने निंबी जोधा और रताऊ क्षेत्र में जांच अभियान चलाकर 7 स्थानों पर 19 गैस सिलेंडर जब्त किए। टीम ने एक गैस एजेंसी का भी निरीक्षण किया।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में पिछले 24 घंटे के भीतर 3 लोगों ने आत्महत्या कर ली। सर्वमंगला रेलवे ब्रिज पर फांसी के फंदे पर युवक की लाश मिली है। SECL कॉलोनी में कर्मचारी ने फांसी लगाकर जान दे दी। जमनीपाली में 35 वर्षीय युवक ने मौत को गले गया लिया। तीनों अलग-अलग थाना क्षेत्र की घटना है। पहली घटना मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र की है। मंगलवार सुबह एसईसीएल सेंट्रल वर्कशॉप में पदस्थ कर्मचारी ने जेपी कॉलोनी स्थित अपने क्वार्टर में फांसी लगाकर जान दे दी। जानकारी के अनुसार मृतक पिछले कुछ सालो से बीमारी से जूझ रहा था, उसकी पत्नी भी बीमार थी, दोनों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रेलवे ब्रिज पर फंदे से लटकती मिली लाश दूसरी घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। सर्वमंगला रेलवे ब्रिज पर करीब 25 फीट ऊंचाई पर एक युवक की फांसी के फंदे पर लटकती लाश मिलने से हड़कंप मच गया। राहगीरों की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, साथ ही रेलवे पुलिस भी जांच में जुट गई। सुबह हसदेव नदी के किनारे निस्तार के लिए पहुंचे लोगों ने ब्रिज की सीढ़ियों पर युवक को फंदे से लटका देखा। मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक ने किसी लड़की के दुपट्टे से फांसी लगाई। मौके से लड़की का रुमाल समेत कुछ अन्य सामान बरामद हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि देर रात युवक को एक युवती के साथ बस्ती में घूमते देखा गया था। इसके बाद सुबह यह घटना सामने आई। मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देखा जा रहा है। रेलवे आरपीएफ प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि मौके पर जांच की गई है, पहचान के प्रयास जारी हैं। युवक ने फांसी लगाकर दी जान तीसरी घटना दर्री थाना क्षेत्र के जमनीपाली की है। जहां 35 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान राकेश साहू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह एक दिन पहले ही अपने गांव से लौटकर घर आया था। घटना के कारणों का पता लगाने में पुलिस जुटी है। पुलिस कर रही जांच तीनों मामलों में पुलिस अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने का प्रयास जारी है।
कोडरमा के जयनगर थाना क्षेत्र के कन्द्रपडीह गांव के पास मंगलवार सुबह रेललाइन पर एक वृद्ध महिला का शव मिला। महिला की पहचान कोडरमा थाना क्षेत्र के चिगलावर गांव निवासी 68 वर्षीय अंजनी देवी के रूप में हुई है। आशंका है कि उनकी मौत किसी अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अंजनी देवी का रविवार शाम अपनी पौत्रवधू से किसी बात पर विवाद हुआ था। इसके बाद वे घर में बिना बताए गांव के पास खेतों की ओर चली गई थीं। मंगलवार सुबह गांव के एक व्यक्ति ने उन्हें खेतों में देखा और घर जाने को कहा। वे घर लौटीं, लेकिन फिर बिना किसी को बताए दोबारा निकल गईं। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी कद्रपड़ीह गांव के लोगों ने कोडरमा-धनबाद रेलखंड के पोल संख्या 285/19 के पास अंजनी देवी को घायल अवस्था में देखा। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलने पर जयनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। जयनगर थाना प्रभारी उमानाथ सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद सामने आया है। पुलिस के अनुसार, महिला के मानसिक रूप से बीमार होने की बात भी सामने आ रही है। चूंकि मृतका कोडरमा थाना क्षेत्र की निवासी थीं, इसलिए आगे की कार्रवाई कोडरमा पुलिस द्वारा की जाएगी।
मोहन यादव सरकार मार्च के महीने आज तीसरी बार कर्ज उठा रही है। दो अलग-अलग कर्ज 4100 करोड़ रुपए के लिए जा रहे हैं, जिसका भुगतान सरकार को बुधववार को होगा। इस तरह मार्च में सरकार द्वारा लिया गया कर्ज 16200 करोड़ रुपए तक पहुंच रहा है। तीन मार्च को होली पर 6300 करोड़ रुपए के चार अलग-अलग कर्ज लेने के बाद मोहन यादव सरकार ने 10 मार्च को 5800 करोड़ रुपए के तीन कर्ज लिए थे। वित्त विभाग द्वारा किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक सरकार आज फिर दो नए कर्ज ले रही है। पहला कर्ज 2100 करोड़ रुपए का 9 साल और दूसरा 2000 करोड़ रुपए का 15 साल की ब्याज अवधि के लिए लिया जा रहा है। इसका भुगतान सरकार को बुधवार को होने वाला है। इस तरह मार्च में 16200 करोड़ का कर्ज हो जाएगा। साथ ही चालू साल में लिया गया कर्ज 89000 करोड़ और सरकार पर कुल कर्ज 5 लाख 8 हजार करोड़ रुपए से अधिक पहुंच जाएगा। 10 मार्च को जो कर्ज लिया गया है उसमें 1900 करोड़ रुपए 10 साल के ब्याज पर तो 1700 करोड़ रुपए 14 साल और 2200 करोड़ रुपए 21 साल की अवधि के लिए हैं। केंद्र सरकार राज्यों को पूंजीगत खर्च बढ़ाने के लिए 50 साल का ब्याज-मुक्त कर्ज देती है। इसी कारण राज्य सरकार ने पहली तिमाही से ही अधिक उधारी ली। एमपी में योजनाओं, उद्योग और कृषि में निवेश के साथ ही पुराने कर्ज के मूलधन व ब्याज के भुगतान के लि ए भी बड़ी राशि की जरूरत है। होली पर लिए गए ये अलग-अलग कर्ज वित्त विभाग द्वारा किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक पिछले मंगलवार को लिए गए कर्ज में पहला लोन 1800 करोड़ का था जिसका भुगतान सरकार नौ साल में छमाही ब्याज के जरिए करेगी। इसी तरह दूसरा कर्ज 13 साल के लिए 1600 करोड़ रुपए का, तीसरा कर्ज 1300 करोड़ का 15 साल के लिए और चौथा कर्ज 1600 करोड़ रुपए का 23 साल के लिए लिया गया है। इस तरह कुल 6300 करोड़ का कर्ज लिया गया जो चालू वित्त वर्ष में लिए गए एक दिन के कर्ज में सर्वाधिक रहा है। 17 फरवरी को लिया था इतना कर्ज राज्य सरकार ने इसके पहले 17 फरवरी को चार कर्ज लिए थे। पहला कर्ज 1200 करोड़ रुपए का 8 साल के लिए है। दूसरा कर्ज 1400 करोड़ रुपए का 13 साल की अवधि के लिए है जबकि तीसरा कर्ज 1600 करोड़ रुपए का 19 साल तक के लिए है। चौथा कर्ज 1400 करोड़ रुपए का 23 साल की अवधि के लिए लिया गया है। इन सभी कर्जों की अदायगी हर छह माह में की जाएगी। 31 मार्च 2025 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष में प्रदेश का कुल कर्ज 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ रुपए था।
जयपुर के विश्वकर्मा इलाके में स्कॉर्पियो की चपेट में आने से एक ड्राइवर की मौत हो गई। रोड क्रॉस करते समय उसे स्कॉर्पियो टक्कर मारकर फरार हो गई। एक्सीडेंट थाना (वेस्ट) ने मंगलवार सुबह SMS हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस टक्कर मारकर भागी स्कॉर्पियो और उसके ड्राइवर की तलाश कर रही है। एक्सीडेंट थाना (वेस्ट) के हेड कॉन्स्टेबल महावीर ने बताया- हादसे में करौली के हिण्डौन सिटी निवासी मनोज कुमार अग्रवाल (51) ब्रदी प्रसाद की मौत हो गई। वह मुरलीपुरा रोड नंबर-2 पर किराए से रहकर नमकीन सप्लाई का टैम्पो चलाता था। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे वह विश्वकर्मा थाने के पास दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के सामने बीआरटीएस कॉरिडोर के बाद पैदल रोड क्रॉस कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसको अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर मारने के बाद लहूलुहान हालत में रोड पर पड़ा देखकर स्कॉर्पियो को ड्राइवर भागा ले गया। एक्सीडेंट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने गंभीर घायल मनोज को SMS हॉस्पिटल में एडमिट करवाया। इलाज के दौरान देर रात डॉक्टर्स ने उसे डेड घोषित कर दिया।
दमोह में युवक पर डंडे, चाकू से हमला:गली से निकलने पर विवाद; घायल ने पिता-पुत्र पर लगाया आरोप
दमोह कोतवाली थाना क्षेत्र के चैनपुरा मदरसा के पास सोमवार रात एक युवक पर डंडे और चाकू से हमला किया गया। घायल को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घायल युवक ने इस हमले का आरोप पिता और पुत्र पर लगाया है। पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। चैनपुरा निवासी जुबेर खान ने पुलिस को बताया कि सोमवार रात वह अपने घर जा रहे थे। गली में कुर्सी पर बैठे अय्यूब खान ने उन्हें रोका। जब जुबेर रुके, तो अय्यूब ने उन्हें धमकी दी, निकलने से मना किया और गाली-गलौज करते हुए डंडे से हमला कर दिया। जुबेर के अनुसार, अय्यूब के बेटे ने उन पर चाकू से हमला किया और मौके से फरार हो गया। परिजनों ने जुबेर को बचाया और तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली टीआई मनीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल जुबेर खान के बयान दर्ज किए और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
लखनऊ में मजदूर ने फांसी लगाकर जान दी:आम के पेड़ से लटकता मिला शव, पत्नी से हुआ था विवाद
लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में एक मजदूर ने आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी पहचान ग्राम रहोड़ा पुरवा (आईआईएम रोड) निवासी गौतम रावत (45) के रूप में हुई। उसका शव मंगलवार सुबह करीब 7:15 बजे गांव के बाहर आम के पेड़ से लटकता मिला। रात में हुआ था पत्नी से विवाद परिजनों के मुताबिक, गौतम रावत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके 6 बच्चे हैं। सोमवार रात उसका पत्नी से विवाद हुआ था, जिसके बाद वह घर से चला गया। इसके बाद उसने यह कदम उठा लिया। मृतक के तीन भाई हैं। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम न कराने के लिए लिखित में प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।
हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन से बनाते थे शिकार:फर्जी सिम भी बेचते थे, साइबर ठग गैंग का पर्दाफाश
डीग में साइबर ठग गैंग का पुलिस का पर्दाफाश करते हुए 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जुरहरा थाना पुलिस ने सौनोंखर गांव के पास इस कार्रवाई को अंजाम दिया। ये आरोपी खेतों में बैठकर देशभर के लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। जुरहरा थाना अधिकारी ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, ग्राम सौनोंखर की पुलिया के पास कुछ युवक संदिग्ध हालत में मोबाइल फोन के साथ बैठे थे। इस सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दबिश दी और मौके से मुफीद, आमिर, अनीस, सोहिल और खालिद नाम के पांच युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 2 एंड्रॉइड फोन और 14 फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए हैं। जांच में पता चला कि ये आरोपी 'सेक्सटॉर्शन' यानी वीडियो कॉल के जरिए लोगों को अश्लील जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। ये ठग न केवल खुद ठगी करते थे, बल्कि अन्य साइबर अपराधियों को भी ऊंचे दामों पर फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे। पुलिस इनके मोबाइल डेटा की जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
यूपी में रसोई गैस सिलेंडर के लिए अभी भी लंबी लाइन लगी है। कहीं एजेंसियों पर लंबी लाइन हैं, तो कहीं स्टॉक खत्म होने से लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कानपुर में इस बार अचानक 3 गुना बुकिंग बढ़ गई। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल 11 से 15 मार्च के बीच जिले में 1.76 लाख गैस सिलेंडरों की बुकिंग हुई थी, जबकि इस साल 2026 में 11 से 15 मार्च के बीच यह संख्या बढ़कर 4.90 लाख हो गई। गोंडा शहर और गांव की तस्वीर अलग रही। शहर की एजेंसियों पर जहां भीड़ कम है, वहीं ग्रामीण इलाकों में लंबी कतारें लगी हुई हैं। सुबह 5 बजे से लोग सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लग गए। ज्योति गैस सर्विस एजेंसी पर दो लोगों ने पीछे के रास्ते से बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। इस दौरान कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई, हंगामा हो गया। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया है। देवरिया में अब ऑनलाइन बुकिंग के बाद एजेंसी पर जाकर पर्ची कटवाना अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि पहले सीधे होम डिलीवरी मिल जाती थी। इस बदलाव के कारण एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं। रामपुर में केवाईसी अधूरी होने के कारण कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। घर-घर डिलीवरी बंद होने से लोगों को एजेंसी तक आना पड़ रहा है। रायबरेली के ऊंचाहार में गैस किल्लत को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। जामो गैस एजेंसी पर सुबह 6 बजे से ही सिलेंडर लेने के लिए करीब 200 मीटर लंबी लाइन लग गई थी। लेकिन सुबह 10 बजे एजेंसी खुलने के बाद स्टॉक न होने की बात कहकर इसे बंद कर दिया गया। इससे नाराज लोगों ने एजेंसी मैनेजर और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से नोकझोंक शुरू कर दी, जिससे कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। 3 तस्वीरें देखिए- सिलेंडर से जुड़ी अपडेट्स के लिए नीचे एक-एक ब्लॉग से गुजर जाइए…
नापतौल विभाग को फिर बम से उड़ाने की धमकी:RDX लगाने का ई-मेल, पुलिस ने कराई सर्चिंग
राजधानी में धमकी भरे ई-मेल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग के कार्यालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ई-मेल में दावा किया गया कि कार्यालय में ड्रोन के जरिए चार छोटे आरडीएक्स बम लगाए गए हैं, जो मंगलवार दोपहर 2 बजे फटेंगे। मेल में सभी कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकालने की बात भी लिखी गई थी। सूचना मिलते ही एमपी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और विभाग के कार्यालय में सर्चिंग कराई गई। सुरक्षा के लिहाज से कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया। एमपी नगर थाना प्रभारी जय हिंद शर्मा ने बताया कि धमकी भरे ई-मेल की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने पूरे कार्यालय की जांच कराई, लेकिन मौके पर कोई संदिग्ध वस्तु या बम नहीं मिला। फिलहाल पुलिस ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है। कार्यालय में एक दिन पहले भी इसी तरह का एक मेल आया था, जिसमें पुलिस की तलाशी तकनीकों की जांच करने की बात कही गई थी। पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच कर रही है।
भीलवाड़ा में पुराने शहर के सर्राफा बाजार गुलमंडी में मंगलवार को रंगतेरस के मौके पर जीनगर समाज कोड़ामार होली खेली गई। ये कोड़ामार होली वीरांगनाओं के बलिदान की याद में खेली जाती है और करीब 200 साल पुरानी परंपरा है। सुबह 12 बजे से कोड़ामार होली शुरू की गई,इसके लिए चार कड़ाव में 15 हजार लीटर पानी और 20 किलो रंग घोला गया।महिलाएं कड़ाव की सुरक्षा के लिए कपड़े से बने कोड़े लेकर खड़ी हुई और पुरुषों द्वारा डोलची से पानी फेंकने पर उन्हें कोड़े से जवाब दिया गया।कार्यक्रम दोपहर करीब दो बजे के बाद तक तक चलेगा और इस दौरान कड़ाव को कई बार पानी से भरा जाएगा। कपड़े के बने कोड़े से होती है पिटाई बैरवा मोहल्ला से हाथों में कोड़े लेकर महिलाएं गुलमंडी पहुंची,इससे पहले सुबह समाज की महिलाएं बैरवा मोहल्ला में एकत्र होकर ढोल की थाप पर हाथों में कपड़े से निर्मित कोड़े लेकर सामूहिक रूप से सर्राफा बाजार में कार्यक्रम स्थल पर पहुंची,जहां समाजजन ने उनका हंसी-ठिठोली के साथ स्वागत किया। डीजे पर डांस के बीच पड़ते हैं कोड़े इसके बाद कोड़ामार होली खेलने का क्रम शुरू हुआ, तेज डीजे पर फिल्मी गीतों ओर भजनों पर जमकर डांस किया गया,इस रोमांचक खेल में कई राउंड के बाद समापन की घोषणा की जाएगी।बाद में समाजजन ढोल की थाप पर डांस करते हुए समाज के नोहरे में पहुंचेंगे और नाश्ते के बाद घर लौट जाएंगे,शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। समाज उत्साह से शामिल होता है जीनगर समाज के कैलाश जीनगर के अनुसार, यह आयोजन महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ समुदाय में उत्साह और सहभागिता का प्रतीक बन चुका है।समाज के हर वर्ग बुजुर्ग, महिलाएं और युवा इस परंपरा में सक्रिय योगदान देते हैं।
प्रतापगढ़ में पुलिस ने नाकाबंदी तोड़कर भाग रही एक बोलेरो कैंपर पर फायरिंग की, जिसमें वाहन सवार एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और बोलेरो में सवार अन्य युवकों से पूछताछ जारी है। जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान कच्ची बस्ती निवासी कुंदन सिंह बंजारा के रूप में हुई है। कुंदन कुछ और लोगों के साथ देर रात करीब 3 बजे धरियावद क्षेत्र से सामान समेटकर प्रतापगढ़ लौट रहा था। कर्मोचनी नदी के पास पुलिस ने गाड़ी रोकने का प्रयास किया, लेकिन वाहन सवार भाग निकले। नाकाबंदी तोड़ भागे वाहन के नहीं रुकने पर पुलिस ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। भागते हुए युवकों ने देवगढ़ क्षेत्र में लगी नाकाबंदी भी तोड़ दी, जिसके बाद पुलिस के तीन-चार अन्य वाहन भी उनके पीछे लग गए। इ प्रतापगढ़ से लगभग 3 किलोमीटर पहले नर्सरी के पास पुलिस ने बोलेरो को घेर लिया। इस दौरान वाहन के टायर पंचर हो गए और गाड़ी की रफ्तार धीमी होकर रुक गई। तभी पीछे से आई पुलिस की गाड़ी से फायरिंग की गई, जिसमें चालक सीट के पास बैठे कुंदन सिंह को गोली लग गई। गोली उसके पैर और बांह में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। गाड़ी में सवार लोगों का कहना है कि वे केवल घबराकर भागे थे और दरी बेचने का काम करते हैं। घटना के बाद घायल कुंदन सिंह को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। उसकी हालत नाजुक होने के कारण उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया। इस दौरान उप पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा ने बताया कि नाकाबंदी तोड़कर भागने की सूचना मिलने पर कार्रवाई की गई और फायरिंग की गई। मामले की जांच जारी है।
श्रीराधा-मदनमोहनजी मंदिर में नई व्यवस्था:कैला देवी मेले को लेकर मंदिर दर्शन समय में किया गया बदलाव
करौली के श्रीराधा-मदनमोहनजी और श्रीराधा-गोपालजी मंदिरों में दर्शन के समय में बदलाव किया गया है। यह नई व्यवस्था 16 मार्च से लागू हो गई है। इसका मुख्य उद्देश्य चैत्र मास में लगने वाले कैला देवी मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक समय तक दर्शन की सुविधा प्रदान करना है। मंदिर ट्रस्ट प्रबंधक मलखान पाल और सहायक प्रबंधक भूपेंद्र पाल ने बताया कि सोल ट्रस्टी एवं पूर्व नरेश कृष्णचंद पाल के निर्देश पर यह बदलाव किया गया है। कैला देवी के चैत्र मेले में राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु करौली पहुंचते हैं, जिनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शन का समय बढ़ाया गया है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, पहले दोपहर 12 बजे होने वाले पट मंगल का समय अब एक घंटे बढ़ाकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया है। इसके साथ ही, संध्याकालीन दर्शनों के समय में भी आधा घंटे का परिवर्तन किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को अधिक समय तक दर्शन का लाभ मिल सके। प्रातःकालीन सेवा का समय: संध्याकालीन सेवा का समय:
लसूड़िया थाना क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर में पटाखे फोड़ने के विवाद में राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी रहे शिलोम जेम्स ने अपने पड़ोसियो से मारपीट कर दी। आरोप है कि भाईयों के साथ हमला किया और जान से मारने की धमकी देकर मौके से चले गए। इस मामले में शिलोम ने पहले लसूडिया थाने जाकर शिकायत की। दूसरे पक्ष ने टीआई से मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद शिलोम पर एफआईआर की गई। पुलिस के मुताबिक फरियादी सचिन वर्मा निवासी महालक्ष्मी नगर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 8 मार्च की रात करीब 11 बजे टी-20 क्रिकेट मैच खत्म होने के बाद वह अपने घर के सामने परिवार के साथ पटाखे फोड़ रहे थे। इसी दौरान वहां खड़ी कारों को लेकर शिलोम जेम्स ने आपत्ति जताई और अपशब्द कहे। सचिन के अनुसार जब उनके भाई सुमित ने अपशब्द कहने से रोका तो शिलोम जेम्स और उसके साथी विकास सोनी भड़क गए और दोनों भाइयों के साथ मारपीट करने लगे। लोगों ने छुड़ाया, जाते-जाते दी धमकी शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। आरोप है कि जाते-जाते दोनों आरोपी धमकी देकर गए कि दोबारा कुछ कहा तो जान से खत्म कर देंगे। इसके बाद शिलोम ने थाने में शिकायत कर दी। जब पुलिस ने जांच की तो मामला और कुछ निकला। शिलोम ने की थी मारपीट लसूड़िया टीआई तारेश सोनी ने बताया कि इस मामले में सभी के मेडीकल परीक्षण कराए गए। सचिन और सुमित उनसे मिले तो पूरे घटना की जानकारी दी और बताया कि शिलोम उन्हें राजा हत्याकांड का हवाला देकर धमका रहा था। इसके बाद उस पर कारवाई की गई। हत्यारों को दी थी पनाह, शिलांग पुलिस ने बताया था आरोपी शिलोम ने ग्वालियर के एक बिल्डर से उसकी बिल्डिंग ठेके पर ली थी। इस बिल्डिंग में उसने राजा रघुवंशी की पत्नी और हत्या की मुख्य आरोपी सोनम और उसके दोस्तों राज, आकाश और उनके साथियो को पनाह दी थी। शिलांग में हुए राजा रघुवंशी हत्याकांड में जब शिलांग पुलिस ने जांच की तो वह इंदौर के स्कीम नंबर 114 में पहुंचे। यहां पर शिलोम द्वारा फ्लैट किराए पर देने की बात सामने आई। शिलोम ने रुपए से भरा बैग भी गायब किया था। वहीं पिस्टल को नाले में फेंका था। पुलिस ने बाद में शिलोम को आरोपी बनाया था। उसे अपने साथ शिलांग ले गई थी। फिलहाल वह जमानत पर है।

