खरगोन के देवी अहिल्या उत्कृष्ट स्कूल में शताब्दी समारोह का आयोजन किया जा रहा है। स्कूल की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर 3 और 4 जनवरी को दो दिवसीय कार्यक्रम होगा। इसमें देश-विदेश से 1500 से अधिक पूर्व छात्र और 100 से ज्यादा शिक्षक-आचार्य शामिल होंगे, जिन्हें सम्मानित किया जाएगा। समारोह के दौरान स्कूल परिसर में देवी अहिल्या की प्रतिमा का अनावरण भी किया जाएगा। होलकर स्टेट के वंशज प्रिंस रिचर्ड होलकर 4 जनवरी को इस प्रतिमा का अनावरण करेंगे। देवी अहिल्या उत्कृष्ट स्कूल शताब्दी महोत्सव समिति से जुड़े दिनेश पटेल ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 3 जनवरी को पूर्व छात्रों का एकत्रीकरण होगा, जबकि 4 जनवरी को मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह स्कूल 100 साल पुराना है और आज भी इसमें पुराने स्तंभ और लकड़ी के खंभे मौजूद हैं। स्कूल पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहा है। इस समारोह का नेतृत्व पूर्व छात्र रवि जोशी, संजीव भटोरे और मनजीत सिंह चावला कर रहे हैं। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से भी पूर्व छात्र हिस्सा ले रहे हैं।
रेलवे लाइन किनारे अवैध बस्ती पर चला बुलडोजर:निराला नगर और डालीगंज इलाके में प्रशासन की सख्त कार्रवाई
राजधानी लखनऊ में रेलवे लाइन किनारे अवैध रूप से बसाई गई बस्ती पर एक बार फिर प्रशासन का बुलडोजर चला। लखनऊ के निराला नगर और डालीगंज इलाके में रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या-बांग्लादेशी बताए जा रहे लोगों की बस्ती को हटाने की कार्रवाई की गई। रेलवे भूमि से हटाया गया अवैध अतिक्रमण प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे लाइन के किनारे लंबे समय से अवैध कब्जा कर झोपड़ियां बनाई गई थीं, जिससे सुरक्षा और परिचालन दोनों पर खतरा बना हुआ था। कई बार नोटिस देने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद सख्त कदम उठाया गया। निराला नगर और डालीगंज में चला अभियान कार्रवाई निराला नगर और डालीगंज इलाके में की गई, जहां रेलवे ट्रैक के बेहद पास झुग्गी-झोपड़ियां बनी हुई थीं। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा और कानून व्यवस्था का हवाला प्रशासन का कहना है कि रेलवे लाइन के पास अवैध बस्तियां न केवल दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा हैं। इसी को देखते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
रेवाड़ी के डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि अधिकारी समाधान शिविर की शिकायतों को गंभीरता से निपटाएं। समाधान शिविर की शिकायतों में उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाधान शिविर की शिकायत रि-ओपन होती है तो संबधित अधिकारी की लापरवाही मानी जाएगी। स्वयं सीएम और वरिष्ठ अधिकारी करते हैं समीक्षा डीसी ने कहा कि समाधान शिविरों की शिकायतों के समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल की हर शुक्रवार को सीएम कार्यालय के उच्च अधिकारी समीक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री स्वयं भी समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग भी करते है और समय-समय पर समीक्षा बैठक करते हैं। मुख्यमंत्री ने वीसी से ली अधिकारियों की बैठक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को वीसी से अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों को समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का तत्परता से समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। शिकायतें लंबित न रखें अधिकारी डीसी ने कहा कि किसी भी रूप से शिकायत को लंबित न रखें। शिकायत के समाधान की अपडेट रिपोर्ट समाधान प्रकोष्ठ के पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। समाधान शिविर की शिकायतों में सिटिजन सेटिस्फेक्शन जरूरी है। शिविर की कोई भी शिकायत लंबित न रखें। जांच के बाद उसके बाद समाधान प्रकोष्ठ पर शिकायत के निवारण का सही विवरण दर्ज करें, जिससे की बार-बार शिकायतें रि-ओपन की नौबत न आए।
धार के मगजपुरा क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक विवाहिता को उसके पति और ससुराल पक्ष ने कथित तौर पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोपियों पर 10 लाख रुपए दहेज मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। महिला थाना धार में इस संबंध में शुक्रवार को मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 10 मई 2023 को मगजपुरा निवासी धीरज पिता दौलत राम लश्करी से हुई थी। शादी के समय पीड़िता के परिवार ने अपनी क्षमतानुसार दहेज दिया था। हालांकि, शादी के महज छह महीने बाद ही पति और ससुराल वालों की नीयत बदल गई और उन्होंने पीड़िता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पति, सास-ससुर पर प्रताड़ित करने का आरोपपीड़िता के अनुसार, पति धीरज, ससुर दौलत राम लश्करी और सास सुशीला लश्करी उस पर लगातार 10 लाख रुपए दहेज लाने का दबाव बनाने लगे। रकम न लाने पर उसके साथ आए दिन मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपियों ने उसे कई बार जान से मारने की धमकी दी। दहेज प्रताड़ना में पीड़िता की ननंद दिव्या पति राजेंद्र लश्करी, निवासी मगजपुरा, और प्रीति पति विजय यादव, निवासी देवास, भी शामिल थीं। पीड़िता के परिवार वालों ने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने उनकी बात नहीं सुनी। अंततः पीड़िता को घर से निकाल दिया गया। प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने महिला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर महिला थाना पुलिस ने आरोपी धीरज पिता दौलत राम लश्करी, सुशीला पति दौलत राम लश्करी, दिव्या पति राजेंद्र लश्करी और प्रीति पति विजय यादव के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। महिला थाना प्रभारी क्लेयर डामोर ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
फतेहाबाद शहर के मॉडल टाउन में पपीहा पार्क के पीछे थार गाड़ी बिजली के ट्रांसफॉर्मर से टकरा गई। इससे ट्रांसफॉर्मर नीचे गिर गया। साथ ही थार गाड़ी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस की डायल 112 टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। जानकारी के अनुसार, पिज्जा हट पर काम करने वाला शेखर नामक युवक थार गाड़ी को लेकर पपीहा पार्क की पिछली गली से जा रहा था। इसी दौरान सामने से स्कूटी सवार आ गया। इससे थार चला रहे युवक का संतुलन बिगड़ गया। उसने एकदम से एक्सीलेटर पर पांव दबा दिया। जिससे थार गाड़ी सीधे ट्रांसफॉर्मर में जा टकराई। इससे ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गया। थार गाड़ी को भी काफी नुकसान हुआ है। आगे का हिस्सा बुरी तरह डैमेज हो गया। वहीं, टायर भी फट गया। स्कूटी सवार बाल-बाल बच गया प्रत्यक्षदर्शी सुमित ने बताया कि थार की पहले तो स्पीड कम थी। मगर एकदम से स्कूटी दिखने पर स्पीड बढ़ गई और सीधे ट्रांसफाॅर्मर में जा लगी। इस दौरान स्कूटी सवार और एक महिला भी बाल-बाल बच गए। थार चला रहा युवक अनट्रेंड बताया जा रहा है। बिजली निगम को भी हुआ हजारों का नुकसान यहां लगा ट्रांसफॉर्मर टूटने की सूचना बिजली निगम प्रबंधन को भी दी गई। ट्रांसफॉर्मर टूटने के कारण बिजली निगम को भी हजारों रुपए का नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही बिजली कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद जेई धर्मपाल मौके पर पहुंचे। जेई ने बताया कि नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
चंदौली बजाज शोरूम से 4.50 लाख नकद चोरी:घटना सीसीटीवी में कैद, कैश काउंटर से रकम चुराई
चंदौली जिला मुख्यालय के संजय नगर वार्ड स्थित बजाज बाइक एजेंसी 'स्कूटर हाउस' में गुरुवार-शुक्रवार की मध्य रात्रि के बाद अज्ञात चोरों ने 4.50 लाख रुपए से अधिक की नकदी चोरी कर ली। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। दुकान के संचालक अमित सिंह उर्फ हलचल ने बताया कि चोरों ने कैश काउंटर से यह रकम चुराई। 'स्कूटर हाउस' संजय नगर वार्ड में बजाज बाइक की पुरानी दुकान, शोरूम और वर्कशॉप के रूप में संचालित है। संचालक अमित सिंह के अनुसार, चोरों ने पहले दुकान के पिछले हिस्से का शटर तोड़ने का प्रयास किया। जब वे इसमें सफल नहीं हुए, तो शटर के ऊपर मौजूद खाली जगह से दुकान के अंदर घुस गए। इसके बाद उन्होंने शोरूम के काउंटर में रखे 4.50 लाख रुपए से अधिक की नकदी चुरा ली। सीसीटीवी फुटेज में चोर अपने चेहरे पर कपड़ा बांधे हुए दिखाई दे रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि जांच के बाद जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आबादी वाले क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना के बाद से स्थानीय लोग पुलिस की गश्त और कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
धमतरी में महिलाओं का नशा विरोधी अभियान:कई घरों से अवैध शराब बनाने की सामग्री जब्त कर नष्ट की गई
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के उमरगांव में महिलाओं ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान कई घरों से अवैध महुआ शराब बनाने की सामग्री जब्त कर नष्ट कर दी गई। गांव के जागरूक महिला-पुरुषों ने एकजुट होकर नशा मुक्ति को लेकर चेतावनी अभियान चलाया। उन्होंने उन घरों तक पहुंचकर जहां अवैध महुआ लहान (कच्ची शराब बनाने की सामग्री) रखी थी, उसे बाहर निकाला और मौके पर ही नष्ट कर दिया। अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों को भी तोड़ दिया गया। इस अभियान में गांव की महिलाओं ने अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि नशे के कारण होने वाली घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी और सामाजिक पतन के साथ-साथ बच्चों में बढ़ती नशाखोरी के खिलाफ यह कदम उठाना आवश्यक था। बैठक में लिया गया था फैसला महिलाओं ने जानकारी दी कि कुछ दिन पहले हुई आमसभा की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि गांव में शराब और गांजा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह भी तय हुआ कि जो भी इस सामाजिक बुराई को बढ़ावा देगा, उसके खिलाफ ग्राम स्तर पर सामूहिक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का मानना है कि नशा युवाओं को गलत राह पर ले जाकर पूरे समाज को खोखला कर रहा है, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उमरगांव की यह पहल अब आसपास के गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। नगरी एसडीओपी विपिन रंगारी ने इस नेक कार्य के लिए पूरे गांव के लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।
घने कोहरे से 45 ट्रेनें 8 घंटे तक लेट:कानपुर में यात्री परेशान, दिल्ली पुलिस भर्ती के छात्र भटके
कानपुर से गुजरने वाली अधिकतर ट्रेनें घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण अपने निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सकीं। ट्रेनों की धीमी गति के चलते प्लेटफार्मों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे उन्हें कड़ाके की ठंड में ठिठुरना पड़ा। इस दौरान, दिल्ली पुलिस भर्ती की परीक्षा देने आए कई छात्र भी भटकते नजर आए। उत्तरी भारत में घने कोहरे ने रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। कुल 45 ट्रेनें 3 से 8 घंटे की देरी से कानपुर पहुंचीं। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार लगातार धीमी रही, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर रूट की ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों को घंटों प्लेटफार्मों पर रुकना पड़ा। कई ट्रेनों के घंटों लेट होने से प्लेटफार्मों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। ठंड और कोहरे के बीच बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक घना कोहरा बने रहने की संभावना है। ऐसे में रेल और सड़क यात्रियों को सतर्क रहने और यात्रा से पहले समय की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। कोहरे का यह दौर फिलहाल यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा सकता है।
एडीएम एवं जिला परिषद प्रशासक ओमप्रकाश सहारण ने कोटपूतली में विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर परिषद कार्यालय परिसर में संचालित भू-अभिलेख शाखा, राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल के सामने सड़क निर्माण कार्य और शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। भू-अभिलेख शाखा कलेक्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान एडीएम सहारण ने कार्यव्यवस्था देखी और दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने संस्थापन शाखा, सांख्यिकी विभाग सहित विविध शाखाओं की पत्रावलियों का अवलोकन किया। उन्होंने बकाया प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही, उपस्थिति पंजिका की जांच कर बिना सूचना व अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा। निरीक्षण के दौरान, एडीएम सहारण ने राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल, कोटपूतली के सामने स्थित सर्विस रोड को अतिक्रमण-मुक्त कराकर किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच नगर परिषद कोटपूतली के जेईएन कृष्ण कुमार से करवाई। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और संबंधित अधिकारी नियमित रूप से कार्य की निगरानी सुनिश्चित करें। एडीएम ने यह भी कहा कि अस्पताल के आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए तथा पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाए। इसका उद्देश्य मरीजों एवं आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। शहर में सफाई व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान, फील्ड में सफाईकर्मियों के अनुपस्थित पाए जाने पर एडीएम ने संबंधित संवेदक को नोटिस जारी कर पाबंद करने के निर्देश नगर परिषद को दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नालियों की सफाई, सार्वजनिक स्थलों, शौचालयों एवं मार्गों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के लिए सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नगर परिषद में आमजन के लंबित परिवादों के शीघ्र निस्तारण हेतु विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रभावी रूप से कार्य करने को कहा, ताकि आमजन को त्वरित राहत मिल सके।
बागपत में दो युवक गिरफ्तार:चेकिंग के दौरान फर्जी नंबर प्लेट लगी चोरी की बाइक और तमंचा मिला
बागपत शहर कोतवाली पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की एक मोटरसाइकिल, एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक अवैध चाकू बरामद हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस शहर कोतवाली क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक मोटरसाइकिल को रोका, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। जांच में पता चला कि मोटरसाइकिल चोरी की थी और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलाया जा रहा था। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान कासिमपुर खेड़ी निवासी देवराज और आशीष के रूप में हुई है। इनके कब्जे से चोरी की गई फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल के साथ-साथ एक अवैध तमंचा और एक अवैध चाकू भी बरामद किया गया। शहर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि चेकिंग अभियान के दौरान दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की सतर्कता के कारण एक संभावित घटना को रोका जा सका। मामले की आगे की जांच जारी है।
साहिबगंज में शुक्रवार को यात्रियों से भरे एक ऑटो और तेल टैंकर की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में एक स्कूली बच्ची समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन बच्चों सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी यात्रियों को डाहूजोर चौक पर उतरना था हादसा बरहेट–बरहड़वा मुख्य पथ पर छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऑटो बरहेट से बरहड़वा की ओर जा रहा था, जबकि तेल टैंकर बरहड़वा से तेल खाली कर बरहेट की ओर लौट रहा था। सभी यात्री डाहूजोर चौक पर उतरने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। मृतकों की पहचान रांगा थाना क्षेत्र के बड़ा रांगा गांव निवासी 30 वर्षीय समरा साह, घटियारी गांव की 30 वर्षीय रंदनी सोरेन तथा डाहूजोर की 6 वर्षीय शांति हेम्ब्रम के रूप में हुई है। बताया गया कि रंदनी सोरेन बरहड़वा जा रही थी। इलाज में लापरवाही का आरोप हादसे में घायल लोगों का इलाज अलग-अलग स्थानों पर किया जा रहा है। घटना के बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित लोगों ने रांगा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पतना में तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर बरहड़वा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल के नेतृत्व में बरहड़वा व रांगा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए शव ले जाने से रोक दिया।
गाजियाबाद NH-9 पर तेज रफ्तार कार पलटी:चालक को हल्की चोट, लंबा जाम लगा
गाजियाबाद के नेशनल हाईवे-9 पर एबीएस कॉलेज के सामने एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। यह घटना थाना विजयनगर क्षेत्र में हुई, जिससे कुछ देर के लिए हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार तेज गति में थी और चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे वह सड़क पर पलट गई। हादसे के वक्त कार में सिर्फ चालक मौजूद था, जिसे हल्की चोटें आईं। गनीमत रही कि कोई अन्य वाहन इसकी चपेट में नहीं आया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत चालक को कार से बाहर निकाला। कार पलटने से नेशनल हाईवे-9 पर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करना शुरू किया। पुलिस ने क्रेन की सहायता से पलटी हुई कार को सड़क से हटवाया। काफी मशक्कत के बाद हाईवे को खाली कराया जा सका, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया।
लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में 20 साल के लड़के की मौत हो गई। मृतक की पहचान सचिन शर्मा के रूप में हुई है। वह हरदोई का रहने वाला था। यहां इलाके में सोलर पैनल लगाने का काम करता है। हंसखेड़ा स्थित सिंधी कॉलोनी में सुबह करीब 11 बजे सोलर पैनल लगाने जा रहा था। उसे एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने स्कूटी को टक्कर मार दी। वह घायल होकर वहीं गिर गया। मौके से ई-रिक्शा चालक फरार हो गया। सूचना मिलते ही पारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल सचिन को तत्काल लोक बंधु अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यहां किराए के मकान में रह रहा था पुलिस के अनुसार, हरदोई के शाहाबाद के सुरेंद्र शर्मा का बेटा सचिन लखनऊ में सोलर पैनल लगाता है। वह काम के सिलसिले में हंस खेड़ा क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस ने मौके से दुर्घटनाग्रस्त ई-रिक्शा को कब्जे में ले लिया है। उप निरीक्षक मुन्नालाल के अनुसार, मृतक के परिजन से अभी शिकायत नहीं मिली। शिकायत मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पंचायतनामा की कार्रवाई कर रही है पुलिस घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर बढ़ती लापरवाही और तेज रफ्तार वाहनों पर चिंता व्यक्त की है।
वाराणसी में युवक की मौत:रेलवे लाइन पार करते समय हुआ हादसा, परिजनों में शोक
वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मड़ाव गांव के पास रेलवे लाइन पार करते समय यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान 50 वर्षीय देवेंद्र के रूप में हुई है, जो पेशे से पान विक्रेता थे और अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। जानकारी के अनुसार, देवेंद्र शुक्रवार को किसी निजी कार्य से मड़ाव रेलवे लाइन की ओर गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह पटरी पार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। संभवतः कोहरे या ध्यान न दे पाने के कारण उन्हें आती हुई ट्रेन का अंदाजा नहीं लगा। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल भदवर पुलिस चौकी को इसकी जानकारी दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पान विक्रेता देवेंद्र की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजनों में शोक छा गया। परिवार के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे। देवेंद्र अपने परिवार के मुख्य सहारा थे, और उनके निधन से परिवार को गहरा आघात लगा है। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
हरियाणा में सिरसा से व कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव सांसद कुमारी को भाजपा ने लाडो लक्ष्मी योजना पर घेरने की कोशिश की है। कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार द्वारा लाडो लक्ष्मी योजना में किए गए संशोधन को लेकर सवाल उठाए थे। कुमारी सैलजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट की थी जिसमें उन्होंने लिखा कि लाडो लक्ष्मी योजना महिलाओं को सशक्त करने के लिए थी, लेकिन हरियाणा की भाजपा सरकार ने इसे अपमान और शर्तों का औजार बना दिया है। ₹2100 की मदद के लिए अब मां से उसके बच्चे के अंक मांगे जा रहे हैं। क्या गरीब मां की मेहनत और त्याग को 80% अंकों की कसौटी पर तौला जाएगा? यह नीति संवेदनशीलता नहीं, आंकड़ों की राजनीति है। महिलाओं को अधिकार चाहिए, परीक्षा नहीं। हम इस जनविरोधी निर्णय का विरोध करते हैं और इसके खिलाफ अपनी लड़ाई निरंतर जारी रखेंगे। सैलजा के इस पर बयान पर हरियाणा BJP ने पलटवार करते हुए कहा कि कृपया इस तरह तथ्यहीन और गुमराह करने वाली जानकारियों को साझा करने से बचें और विकसित भारत के साथ विकसित हरियाणा के निर्माण में हमारा सहयोग दें। भाजपा ने सैलजा की पोस्ट पर क्या जवाब दिया... सितंबर 2025 में शुरू की गई थी योजनापंडित दीनदयाल उपाध्याय के 109वें जन्मदिवस के अवसर पर सितंबर 2025 में लाडो लक्ष्मी ऐप का शुभारंभ किया गया था। इस ऐप पर 30 नवंबर तक 9 लाख 552 महिलाओं ने आवेदन किया, जिनमें से 7 लाख 1 हजार 965 महिलाएं पात्र पाई गई। 5 लाख 58 हजार 346 महिलाओं ने अपना आधार KYC पूरा किया। 1 लाख 43 हजार 619 महिलाओं का अभी वेरिफिकेशन पेंडिंग है। योजना सितंबर 2025 में योजना लॉन्च हुई और 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के मौके पर 2100 रुपए की मासिक किस्त DBT के जरिए मिली थी। दूसरी किस्त दिसंबर के प्रथम सप्ताह में जारी की गई थी।
हरदा शहर के लगभग 10 वार्डों में पेयजल पाइपलाइनें सालों से नालियों के बीच से गुजर रही हैं। इससे शहर की आधी आबादी दूषित पानी पीने को मजबूर है। यह स्थिति तब सामने आई है जब देश के स्वच्छ शहरों में शुमार इंदौर के भगीरथपुरा में दूषित पानी से 14 लोगों की मौत हो चुकी है। दैनिक भास्कर डिजिटल की पड़ताल में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि शहर के 35 वार्डों में से करीब 10 वार्डों में पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइनें सीधे नालियों से होकर गुजरती हैं। पूर्व और वर्तमान परिषदों ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया है, जिससे हजारों लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं। पाइपलाइन नालियों से हटाने की मांगखेड़ीपुरा मोहल्ले की महिलाओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए प्रशासन से तत्काल पाइपलाइनों को नालियों से हटाने की मांग की है। उन्होंने चिंता जताई कि यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो हरदा में भी इंदौर जैसी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। महिलाओं ने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। खेड़ीपुरा में एक दृश्य चौंकाने वाला था, जहां एक महिला ने नाली में पड़े खुले पाइप को उठाकर दूसरे पाइप से पानी भरा। मानपुरा, मिडिल स्कूल के सामने और इमलीपुरा सहित कई अन्य इलाकों में भी पेयजल पाइपलाइनें नालियों से गुजर रही हैं। शहरवासियों ने एक स्वर में इन पाइपलाइनों को नालियों से हटाने की मांग की है। नगर पालिका सीएमओ कमलेश पाटीदार ने बताया कि शहर के पुराने इलाकों के 10 वार्डों में पेयजल पाइपलाइनें नालियों से होकर गुजर रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस समस्या के समाधान के लिए 45 लाख रुपए का टेंडर प्रस्तावित किया गया है और जल्द ही इन पाइपलाइनों को हटाया जाएगा। देखिए तस्वीरें...
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से अब तक 15 लोगों की मौत के बाद इंदौर नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर निगम और अधिकारियों के बीच चल रही तनातनी के बीच यह मामला अब सियासी रूप ले चुका है। बीजेपी की कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने जहां अपनी ही सरकार और सिस्टम पर तीखी टिप्पणी की है, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इंदौर महापौर पुष्य मित्र भार्गव को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि जब आपकी नहीं चली तो पद पर बैठे-बैठे बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? उन्होंने इसे “पाप” करार देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में न तो कोई स्पष्टीकरण होता है और न ही बचाव। प्रायश्चित होगा या दंड। उमा भारती ने इससे पहले भी दूषित पानी से हुई मौतों को प्रदेश सरकार और पूरी व्यवस्था के लिए शर्मनाक बताया था। उन्होंने कहा कि जीवन की कीमत दो लाख रुपए नहीं हो सकती और पीड़ित परिवारों का दुख जिंदगीभर बना रहता है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ितों से माफी की मांग करते हुए इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए “परीक्षा की घड़ी” बताया। रेसीडेंसी कोठी बैठक में फूटा आक्रोश 1 जनवरी को रेसीडेंसी कोठी में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने प्रशासन पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विभाग के एसीएस संजय दुबे, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त दिलीप यादव और जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा मौजूद थे। महापौर ने आरोप लगाया कि एक ही अधिकारी को सारे काम सौंप दिए गए हैं, जबकि बाकी अधिकारी निष्क्रिय हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते और फैसलों का पालन नहीं हो रहा। उन्होंने यह संदेश मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात भी कही। बैठक में एसीएस दुबे ने कहा था कि दो-तीन और अधिकारी दे रहे हैं। सही से कार्य विभाजन किया जाए जिस पर महापौर ने कहा कि अधिकारियों की कमी नहीं है। सही तरह से कार्य विभाजन किया जाए, एक ही को सभी काम दे रखे हैं। इसके बाद जलकार्य समिति प्रभारी बबलू शर्मा ने कहा था कि अब तो हाथ उठाने की नौबत आ गई है। हालत खराब हैं। पार्षद कमल वाघेला ने कहा कि अधिकारियों का रवैया ऐसा है कि पार्षदों के साथ भी मारपीट हो सकती है। वहीं विधायक हार्डिया ने भी कहा कि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ‘एक्स’ पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा गया और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। उन्होंने सवाल उठाए कि लोगों की शिकायतों के बावजूद पानी की सप्लाई समय रहते बंद क्यों नहीं की गई। सीवर का पानी पीने की लाइन में कैसे मिला और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी। राहुल गांधी ने इसे जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए बीजेपी की “डबल इंजन” सरकार और लापरवाह प्रशासन को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। जवाबदेही की मांग तेज भागीरथपुरा में हुई मौतों के बाद अब प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है। सवाल यह है कि क्या इस मामले में सिर्फ बयानबाजी होगी या वास्तव में जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई भी देखने को मिलेगी। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... इंदौर में पानी में बैक्टीरिया से 15वीं मौत इंदौर में गंदे पानी से मौत के मामले में सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट भी हाईकोर्ट में पेश कर दी है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 6 जनवरी को सुनवाई की अगली तारीख तय की है। स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया है कि गंदे पानी से अबतक सिर्फ चार मौतें हुई हैं। दूसरी तरफ, 15 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। पढ़ें पूरी खबर...
झालावाड़ में स्थानीय निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने शुक्रवार को एक जनसंवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम मिनी सचिवालय, झालावाड़ में आयोग के सदस्य मोहन मोरवाल की अध्यक्षता में, जिला प्रमुख प्रेम बाई दांगी और जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की उपस्थिति में संपन्न हुआ। जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद कियाआयोग के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि आयोग के सदस्य मोहन मोरवाल ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, प्रबुद्धजनों और विभिन्न हितधारकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ओबीसी वर्ग से जुड़े सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर व्यापक प्रतिक्रिया (फीडबैक) प्राप्त किया गया। कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभूदयाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। सुझावों के आधार पर तैयार की जाएगी रिपोर्टआयोग सदस्य मोहन मोरवाल ने बताया कि आयोग सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों में ओबीसी वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति, उसके प्रभावों और वास्तविक स्थिति का पारदर्शी, प्रमाण-आधारित और अनुभवजन्य अध्ययन कर रहा है। जनसंवाद के माध्यम से प्राप्त सुझावों के आधार पर आयोग एक समग्र एवं तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा। इससे ओबीसी वर्ग को न्यायोचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। जनसवांद में आई कई सुझावजनसंवाद के दौरान द्वारका प्रसाद प्रजापत, मनोज गुर्जर, चंद्रप्रकाश लोधा, राजेंद्र कुमार, रामकिशन नागर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें जनसंख्या के अनुपात में ओबीसी को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने, मूल एवं अति पिछड़े वर्गों के संरक्षण, क्षेत्र की पाटीदार, सोंधिया, प्रजापति, सैन, लोधा, भाट, नागर, विश्वकर्मा, केवट सहित अन्य वंचित तबकों तक आरक्षण का लाभ पहुंचाने तथा क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप आरक्षण निर्धारण जैसे बिंदु शामिल थे। इसके अतिरिक्त, जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने, ओबीसी प्रमाण पत्र की समय सीमा बढ़ाने, क्रीमी लेयर हटाने और ओबीसी की साक्षरता में सुधार करने सहित विभिन्न प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। प्रतिभागियों ने आशा व्यक्त की कि आयोग की अनुशंसाओं से ओबीसी वर्ग का राजनीतिक सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ से वीसी के माध्यम से प्रदेशभर के जिलाधिकारियों के साथ समाधान शिविरों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विशेषकर लंबित व बार-बार री-ओपन होने वाली शिकायतों के बारे में संबंधित अधिकारियों से कारण जाने और उनका जल्द से जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। वहीं जिला के लोहारू उपमंडल के गांव बिसलवास और अहमदवास में बिजली पोल को शिफ्ट करवाने संबंधित समस्या का दूसरे ही दिन समाधान करने पर मुख्यमंत्री ने डीसी साहिल गुप्ता के साथ प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सराहना की। समीक्षा बैठक के दौरान डीसी साहिल गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समाधान शिविरों में आने वाली समस्याओं का पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करें। सीएम विंडो पोर्टल को हर रोज चैक करें तथा शिकायतों को अंडरटेक करें। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान से संबंधित एटीआर स्वयं साफ-साफ भरें। यदि संभव हो तो उससे संबंधित फोटो साथ लगाएं, ताकि समस्या री-ओपन ना हो। विशेषकर री-ओपन और लंबित समस्याओं पर ही चंडीगढ़ मुख्यालय पर समीक्षा होती है। नई ऊर्जा के साथ काम करें अधिकारी: डीसीडीसी ने बैठक के दौरान सभी जिलाधिकारियों से कहा कि वे नई ऊर्जा के साथ कार्य करें। काम में किसी प्रकार की लापरवाही ना बरतें और सावधानी से करें। जन समस्याओं को गंभीरता से लें। अधिकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें। दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से समाधान शिविरों में लंबित और री-ओपन होने वाली शिकायतों की समीक्षा की। सीएम ने निर्देश दिए कि अधिकारियों को समस्या के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। शिकायत मिलते ही उस पर कार्रवाई करना शुरू करें। अधिकारी शिकायत को एक-दूसरे के पास न भेजकर आपसी तालमेल के साथ काम करें।
चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर क्षेत्र स्थित कन्नौज गांव में गुरुवार को एक युवक की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। 27 दिसंबर को हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए दुर्गेश रेगर ने उदयपुर के एक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, वैसे ही लोगों में आक्रोश फैल गया। गुरुवार देर रात से लेकर शुक्रवार तक गांव का माहौल लगातार गरमाया रहा। एहतियात के तौर पर गांव और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। मामूली झगड़े से शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार पूरा मामला एक मामूली पारिवारिक विवाद से शुरू हुआ था, जो बाद में गंभीर हिंसा में बदल गया। 27 दिसंबर को दुर्गेश रेगर के घर में उसकी पत्नी के साथ आपसी कहासुनी और झगड़ा हो रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली शकील की मां बीच-बचाव करने पहुंची थीं। बातचीत के दौरान धक्का-मुक्की हो गई, जिसमें शकील की मां को चोट लग गई। इस घटना की जानकारी किसी ने फोन पर शकील को दी और बताया कि उसकी मां के साथ मारपीट हुई है। घर पहुंचकर किया जानलेवा हमला, गंभीर घायल सूचना मिलते ही शकील अपने 4-5 साथियों के साथ दुर्गेश के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां पहुंचते ही दुर्गेश पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया गया। हमले में दुर्गेश गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां से हालत गंभीर होने पर उदयपुर रेफर किया गया। उदयपुर में युवक करीब पांच दिन तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा, लेकिन गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद गांव में बाजार बंद दुर्गेश की मौत के बाद गांव में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को कन्नौज गांव के बाजार पूरी तरह बंद रहे। आक्रोशित ग्रामीणों ने चौराहों पर एक टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आसपास के गांवों से भी लोग कन्नौज पहुंचने लगे, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े प्रदर्शन कर रहे लोगों की मुख्य मांग है कि पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि मुख्य आरोपी युवक ने खुद को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है, लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन हुए अलर्ट स्थिति को संभालने के लिए भदेसर डिप्टी और एसडीएम मौके पर पहुंचे। तनाव को देखते हुए पुलिस लाइन सहित अन्य थानों से भी अतिरिक्त जाब्ता बुलाया गया है। पुलिस ने मृतक के परिजनों की नामजद रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है और कुछ युवकों को डिटेन भी किया गया है। फिलहाल गांव में पुलिस की कड़ी निगरानी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ के आरोपियों को जमानत मिल गई है। गुरुवार देर रात बजरंग दल के करीब आधे दर्जन कार्यकर्ता सेंट्रल जेल से बाहर निकले हैं। इन कार्यकर्ताओं के स्वागत के लिए बजरंग दल के सैकड़ो कार्यकर्ता जेल के बाहर मौजूद थे। इन कार्यकर्ताओं का जेल से बाहर निकलते ही माला पहनकर इनका स्वागत किया गया। फिर जमकर ढोल नगाड़े बजाकर नारा लगाया गया। वहां मौजूद कार्यकर्ताओं इन्हें अपने कंधों पर उठा लिया। फिर परिवार के लोगों ने इन कार्यकर्ताओं की आरती उतारी। इस दौरान बजरंग दल के कई पदाधिकारी भी स्वागत के लिए पहुंचे थे। इसे लेकर बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा है कि संगठन को अपने इन कार्यकर्ताओं पर गर्व है। जो धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए जेल गए थे। थाने के बाहर प्रदर्शन से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए... गिरफ्तारी के विरोध में 10 घंटे हुआ था प्रदर्शन बजरंग दल ने इन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में 27 दिसंबर को बड़ा प्रदर्शन किया था। जिसमें करीब 10 घंटे तक तेलीबांधा थाने के सामने सैकड़ो बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया था। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने के सामने सड़क पर हवन पूजन का कार्यक्रम किया था। देर रात पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं की सांकेतिक गिरफ्तारी की थी। अब जानिए 24 दिसंबर का मैग्नेटो मॉल में हुआ विवाद दरअसल, क्रिसमस से एक दिन पहले 24 दिसंबर छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई। आरोप है कि बजरंग दल के 30-40 कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर मॉल के अंदर घुसे। मॉल कर्मचारियों से धर्म और जाति पूछकर सामानों में तोड़फोड़ की गई। मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता ने बताया कि मॉल पूरी तरह बंद था। उन्होंने बंद का समर्थन भी किया था। इसके बावजूद 50 से 100 लोग जबरदस्ती मॉल में घुस आए। उनके हाथों में लाठी, हॉकी स्टिक थे। मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड ने बताया कि वे कर्मचारियों और मौजूद लोगों से पूछ रहे थे 'आप हिंदू हो या क्रिश्चियन?', आपकी जाति क्या है?' यहां तक कि आईडी कार्ड और बैच देखकर सवाल किए जा रहे थे। पुलिस के पहुंचने से पहले लाखों का नुकसान मार्केटिंग हेड के मुताबिक, वो लोग अग्रेसिव थे, डर था कहीं किसी को मार ना दे। यहां मौजूद कई स्टाफ रोने भी लगे थे। पुलिस के पहुंचने से पहले काफी चीजें डैमेज हो गई थीं। सब से कास्ट पूछ रहे थे। लग रहा था कि मार ही देंगे। इस तोड़फोड़ में मॉल को करीब 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि नुकसान से ज्यादा डर का माहौल बना। ऐसा लग रहा था कि हालात और बिगड़ सकते हैं। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कई चीजें तोड़ी जा चुकी थीं। CCTV में कैद हुई घटना, 40 लोगों पर केस दर्ज मैग्नेटो मॉल के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग हाथ में डंडे लेकर मॉल के अंदर घुसते हैं और हंगामा करते हैं। तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने 30 से 40 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 190, 191(2), 324(2) और 331(3) के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। ब्लिंकिट के ऑफिस में घुसकर भी की गुंडागर्दी इससे पहले बंद के दौरान रायपुर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ब्लिंकिट के ऑफिस में घुसकर कर्मचारियों को लाठी से पीटा था। एक कार्यकर्ता कर्मचारी को मारते हुए CCTV कैमरे में कैद हो गया। अंबुजा मॉल खाली कराया गया मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ की घटना के बाद विधानसभा रोड स्थित अंबुजा मॉल खाली कराया गया था। पुलिस की मौजूदगी में लोगों को बाहर निकाला गया। शाम के समय आने वाले लोगों को वापस लौटा दिया गया। किसी भी तरह की स्थिति से पहले ही मॉल के बाहर डंडे लेकर सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए गए थे। ............................... इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ बंद...रायपुर में मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़: बजरंग दल कार्यकर्ता ने ब्लिंकिट-कर्मी को पीटा, कांकेर में महिला का घर तोड़ा, लाठी-डंडे लेकर निकले हिंदू संगठन कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई हिंसा और कथित धर्म परिवर्तन के विरोध में कई सामाजिक संगठनों ने आज छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है। प्रदेशभर में बंद का असर दिखा। रायपुर, दुर्ग और जगदलपुर में स्कूल, दुकानें और कई कॉमर्शियल प्रतिष्ठान सुबह से बंद हैं। वहीं MCB जिले में बंद बेअसर रहा। पढ़ें पूरी खबर...
देश को 33 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व देने वाले एमपी छत्तीसगढ़ के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर इनकम टैक्स (पीसीसीआईटी) को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने रिटायरमेंट के लिए बना दिया है। एक साल में यहां चार अधिकारी पदस्थ हो चुके हैं और अभी भी जिस अधिकारी को यहां की पीसीसीआईटी बनाया गया है वे जयपुर में पदस्थ हैं और भोपाल में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। आयकर विभाग के एमपी-सीजी सर्किल के सबसे बड़े अधिकारी पीसीसीआईटी की यहां लंबे समय से स्थायी पदस्थापना नहीं हो पा रही है। इसका असर मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के कामकाज पर भी पड़ रहा है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सर्किल के भोपाल स्थित मुख्यालय में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (पीसीसीआईटी) के पद पर एक साल के दौरान चार अधिकारी तैनात किए गए, जो महज तीन से चार माह का कार्यकाल पूरा कर रिटायर हुए हैं। लंबा कार्यकाल न होने के कारण इनमें से कोई भी अधिकारी न तो राजस्व बढ़ाने को लेकर कोई बड़ी तैयारी कर सका और न ही रिकवरी बढ़ाने के प्रयासों को अमली जामा पहनाने की प्लानिंग करा सका। बुधवार को एमपी-सीजी सर्किल के पीसीसीआईटी ललित कृष्ण दहिया भी रिटायर हो गए। वे सितंबर माह में मुंबई से प्रमोट होकर भोपाल आए थे और तीन माह बाद ही 31 दिसम्बर को रिटायर हो गए। अब वित्त मंत्रालय ने एमपी-सीजी सर्किल में प्रभारी पीसीसीआईटी की नियुक्ति की है। इसकी जिम्मेदारी राजस्थान सर्किल के पीसीसीआईटी सुमीत कुमार को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। ऐसे चलती रही 2025 में एमपीसीजी में पदस्थापना व्यवस्था एमपी सीजी सर्किल में पदस्थ पीसीसीआईटी पुरषोत्तम त्रिपुरी एक जनवरी 2025 को पीसीसीआईटी बनाए गए थे। वे तीन माह का छोटा कार्यकाल पूरा कर 31 मार्च को रिटायर हो गए। इसके बाद 1 अप्रैल से नवरतन सोनी को पदस्थ किया गया। वे जुलाई में रिटायर हो गए। इसके बाद केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से 31 अगस्त तक इस पद का अतिरिक्त प्रभार यूपी की तत्कालीन पीसीसीआईटी अपर्णा करण को सौंप दिया, जो एकाध बार ही भोपाल आईं। फिर ललित कृष्ण दहिया ने 1 सितंबर से पीसीसीआईटी पद की जिम्मेदारी संभाली और वे भी चार माह के कार्यकाल के बाद रिटायर हो गए। अब एमपी सीजी सर्किल में आयकर विभाग का सबसे बड़ा पद फिर से अतिरिक्त प्रभार में चला गया है। उम्मीद है कि अगले माह तक भोपाल में पीसीसीआईटी के नए नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। रिकवरी और कलेक्शन पर असर विभाग में स्थायी अधिकारी न होने का असर उसके कामकाज पर होता है। आयकर विभाग का मूल काम टैक्स कलेक्शन और रिकवरी का है। इन हालातों में जो भी अफसर यहां आता है उसे स्थानीय कार्यप्रणाली को समझने और प्लानिंग बनाने में ही एक माह का समय बीत जाता है। इसके बाद जब तक रेवेन्यू के साथ रिकवरी बढ़ाने के प्रयास शुरू होते हैं, तब तक अफसर रिटायर हो जाता है। रेवेन्यू कलेक्शन और रिकवरी में इजाफे की सारी कोशिशें वापस ठंडे बस्ते में चली जाती हैं।
कोरबा में दो सड़क हादसे, 2 कारें भिड़ीं:एक में एयरबैग से बची जान, दूसरी में कार खंभे से टकराकर पलटी
कोरबा में गुरुवार को दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। दर्री थाना क्षेत्र में दो कारों की आमने-सामने की टक्कर हुई, जिसमें एयरबैग खुलने से तीन लोगों की जान बच गई। वहीं, बालको थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार बिजली के खंभे से टकराकर पलट गई, जिसमें दो लोग घायल हो गए। पहला हादसा दर्री थाना क्षेत्र के ओवरब्रिज पर दोपहर करीब 2 बजे हुआ। भाटापारा निवासी राहुल एक्का अपनी डिजायर (CG-12-BC-3147) से कोरबा आ रहे थे, तभी सामने से आ रही एक -तेज रफ्तार -डिजायर (CG-12-BT-7957) ने लापरवाही से चलाते हुए उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कोरबा से आ रही डिजायर की दिशा बदल गई और उसका एक पहिया अलग हो गया। दोनों कारों के इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, इस भीषण टक्कर के बावजूद, डिजायर में सवार तीन लोगों की जान एयरबैग खुलने के कारण बच गई और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। कार बेकाबू होकर बिजली के खंभे से टकराई दूसरा हादसा बालको थाना क्षेत्र के परसाभांठा मुख्य मार्ग पर हुआ। यहां एक तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर बिजली के खंभे से टकरा गई और पलट गई। कार में लगभग चार लोग सवार थे। हादसे के बाद कार में सवार लोग किसी तरह बाहर निकले। इस दुर्घटना में दो लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सुबह होने पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने बालको थाना पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार बाइक और कार सवार देखे जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
जगराओं (लुधियाना): जगराओं शहर में नशे के बढ़ते जाल और स्थानीय थाना सिटी पुलिस की कथित निष्क्रियता के बीच सीआईए (CIA) स्टाफ ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने नशे की तस्करी करने वाले एक बड़े तस्कर को भारी मात्रा में हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ड्राइवरी के पेशे की आड़ में पूरे लुधियाना जिले में नशे की सप्लाई करता था। 262 ग्राम हेरोइन के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार सीआईए स्टाफ को मिली गुप्त सूचना के आधार पर शेरपुरा चौक के पास नाकाबंदी के दौरान यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजीव कुमार उर्फ संजू (निवासी अगवाड़ खजावा बाजू, जगराओं) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से 262 ग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये है। इसके अलावा 1000 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। दाना मंडी के पास ग्राहकों का कर रहा था इंतज़ार जांच अधिकारी एसआई गुरसेवक सिंह ने बताया कि उन्हें सटीक सूचना मिली थी कि आरोपी नई दाना मंडी के पिछले गेट के पास ग्राहकों को नशे की खेप देने के लिए खड़ा है। पुलिस टीम ने तुरंत छापेमारी कर उसे काबू कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ड्राइवर है और इसी काम की आड़ में वह लंबे समय से तस्करी कर रहा था। अदालत ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल इस गिरफ्तारी के बाद शहर में चर्चा का बाजार गर्म है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जो काम सीआईए स्टाफ ने किया, वह स्थानीय थाना सिटी पुलिस की नजरों से कैसे बचा रहा? आखिर इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन शहर के भीतर कैसे पहुँच गई? पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन को खंगाल रही है ताकि इस पूरे सप्लाई नेटवर्क और तस्करी के पीछे बैठे बड़े 'मास्टमाइंड' तक पहुँचा जा सके।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज और राव नरबीर के बयान को लेकर सियासत शुरू हो गई है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने इसको लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, पिछले एक वर्ष में भाजपा की सरकार जो कांग्रेस की मेहरबानी से बनी है उन्होंने अपनी उपलब्धियां गिनवाई हैं। कागजों में विकास दिखाया गया कई घोटाले इस साल में हुए धान घोटाले के पीछे जो लोग थे उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। अनिल विज ने बयान दे कर बताया कि उनके विभाग में 1500 करोड़ का घोटाला हुआ है, सीएम को जानकारी दी है अगर उन्हें घोटाले का पता नही था तो वह किस बात के मंत्री हैं। शराब घोटाले पर सरकार ने कुछ नहीं किया चंडीगढ़ में अभय सिंह चौटाला ने कहा कि शराब घोटाला भी जैसे जांच करके डस्टबिन में डाल दिया वैसे ही इसको भी जांच करा के डस्टबिन में डाल देंगे। बारिश से जो किसानों की फसल खराब हुई उन किसानों को कैसे कमजोर किया जाए इस पर काम किया जा रहा है उनके खेतो से पानी नही निकाला गया , ना ही मुआवजा दिया गया।एसडीओ भर्ती में 90 फीसदी लोग बाहर के लगाए गए अगर बाहरी लोगों को नौकरी देनी है तो हरियाणा के बच्चे कहां जाएंगे। सरकार के मंत्री अधिकारियों को भ्रष्ट बता रहे अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इस सरकार के मंत्री राव नरवीर सिंह ने अपनी सरकार पर आरोप लगाया कि हमारे अधिकारी भ्रष्ट हैं, मंथली लेते हैं वो खुद मानते है कि भ्रष्टाचार की दलदल में लिप्त है। लाडो लक्ष्मी योजना में भी घोटाला हुआ है हर महीने 2100 रुपए देने की बात कही बाद में उसे किस्तों में देने की बात कही ताकि उस पैसे का ब्याज खाया जा सके। पूर्व डीजीपी ओपी सिंह के बयान पर बोले अभय हरियाणा पूर्व डीजीपी ओपी सिंह के बयान को लेकर अभय चौटाला ने कहा, पूर्व डीजीपी ने खुद यह माना था कि हमने इतने अपराधी पकड़ लिए हैं कि जेल में जगह नहीं है, मतलब साफ था कि कानून व्यवस्था सही नही थी। अजय चौटाला के बयान पर अभय चौटाला का बयान झूठ और लूट की दुकान बंद हो चुकी है उनका जिक्र न करें।पंजाब से जो फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी छोड़ा जा रहा है उससे हरियाणा का पानी पीने लायक नहीं है बीमारियां हो रही है कैंसर जैसी बीमारियां फैल रही है समस्त हरियाणा में यही हाल है।
पन्ना में 12 होटल-ढाबों से अवैध शराब जब्त:नववर्ष पर आबकारी विभाग का एक्शन; दो दिन चली कार्रवाई
पन्ना आबकारी विभाग ने नववर्ष के अवसर पर अवैध शराब परोसने वालों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। कलेक्टर ऊषा परमार के निर्देश और जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य के नेतृत्व में जिले के 12 होटल और ढाबों से अवैध शराब जब्त की गई। यह अभियान नववर्ष की पूर्व संध्या (31 दिसंबर) से 2 जनवरी की सुबह तक चला। सहायक जिला आबकारी अधिकारी शंभू दयाल सिंह जाटव के नेतृत्व में गठित टीमों ने अमानगंज, पवई, गुनौर, देवेंद्र नगर, अजयगढ़ और पन्ना शहर के आसपास के क्षेत्रों में होटल-ढाबों की सघन तलाशी ली। अमानगंज स्थित दादा दा ढाबा में मुन्ना चौरसिया के पास से 12 पाव गोवा व्हिस्की अंग्रेजी शराब, 10 पाव देसी मदिरा सादा और 5 बीयर जब्त की गईं। जब्त शराब की अनुमानित कीमत लगभग 3500 रुपए है। पवई थाना क्षेत्र के टेड़ी धार स्थित पंचवटी ढाबा से परसराम सेन के कब्जे से 22 पाव देसी मदिरा सादा और 14 पाव गोवा व्हिस्की अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3500 रुपए है। इसके अलावा, मिलौनीगंज पवई के दीक्षा रेस्टोरेंट से विफिल खटीक के पास से 2 बोतल किंगफिशर बीयर, 4 पाव इंपीरियल ब्लू व्हिस्की अंग्रेजी शराब और 12 पाव गोवा व्हिस्की अंग्रेजी शराब जब्त की गई। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 2600 रुपए बताई गई है। गुनौर में बुंदेला ढाबा से शिवम सिंह बुंदेला के कब्जे से 20 पाव गोवा व्हिस्की अंग्रेजी शराब और 10 पाव देसी मदिरा सादा जब्त की गई। मोनू राजा ढाबा से घसीटे ढीमर के कब्जे से 30 पाव देसी मदिरा सादा जब्त की गई। बायपास रोड पर जब्त की शराब पन्ना शहर में बायपास रोड स्थित यादव ढाबा से सहर्षदीप सेन के कब्जे से 6 बोतल किंगफिशर बीयर, 12 पाव देसी मदिरा सादा जब्त किए गए। हिल्स व्यू रेस्टोरेंट में अभिषेक साहू के कब्जे से 4 बोतल किंगफिशर बीयर, 10 पाव गोवा व्हिस्की अंग्रेजी शराब, 3 पाव इंपीरियल ब्लू व्हिस्की अंग्रेजी शराब, 2 पाव मैकडोनाल्ड व्हिस्की अंग्रेजी शराब जब्त की गई। अदिति रेस्टोरेंट से शिवम लोधी के कब्जे से 4 बोतल किंगफिशर बीयर, 4 पाव बैगपाइपर व्हिस्की अंग्रेजी शराब, 2 पाव ऑफिसर्स चॉइस व्हिस्की अंग्रेजी शराब, 4 पाव इंपीरियल ब्लू व्हिस्की अंग्रेजी शराब जब्त की गई। आगरा मोहल्ला से जावेद की दुकान से 20 पाव देसी मदिरा सादा और 10 पाव गोवा व्हिस्की अंग्रेजी शराब जब्त की गई। अजयगढ़ में लखन ढाबा से दशरथ गौंड और राजा भैया के कब्जे से देशी मदिरा सादा जब्त की गई। आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34 और 36 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
अशोकनगर बाईपास हादसा; स्कूटी सवार दंपती की मौत:भोपाल में इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ा, बेटी घायल
अशोकनगर के बाईपास रोड पर युगल सरकार मंदिर के सामने एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार युवक मोतीलाल बाल्मिक की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी विद्या बाई ने दूसरे दिन गुरुवार देर रात भोपाल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुर्घटना में उनकी 5 साल की बेटी बुलबुल भी घायल हुई है, जिसका इलाज जारी है। यह हादसा बुधवार शाम को हुआ, जब यादव कॉलोनी निवासी मोतीलाल बाल्मिक अपनी पत्नी विद्या बाई और बेटी बुलबुल के साथ बाजार से स्कूटी पर लौट रहे थे। युगल सरकार मंदिर के सामने रोड क्रॉस करते समय एक तेज रफ्तार कार ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। नगर पालिका में सफाई कर्मचारी थे मोतीलालहादसे में गंभीर रूप से घायल मोतीलाल की मौके पर ही मौत हो गई थी। उनकी पत्नी विद्या बाई को गंभीर हालत में भोपाल रेफर किया गया था, जहां गुरुवार देर रात उन्होंने भी दम तोड़ दिया। परिवार में अब केवल घायल बेटी बुलबुल बची है। मोतीलाल बाल्मिक नगर पालिका में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर यह दुर्घटना हुई, वह एक व्यस्त क्रॉसिंग है जहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग गुजरते हैं। सुरक्षा के लिहाज से यहां ब्रेकर नहीं बनाए गए हैं, जिसके कारण वाहन चालक तेज गति से निकलते हैं। पहले भी इस स्थान पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पीडब्ल्यूडी द्वारा ब्रेकर लगाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
बागपत हाईवे पर अतिक्रमण, गंदगी हटाई गई:किसान संगठन की चेतावनी के बाद NHAI ने की कार्रवाई
बागपत-मेरठ हाईवे पर डोला गांव के पास सड़क किनारे फैले अस्थाई अतिक्रमण और गंदगी को हटाया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम ने यह कार्रवाई किसान मजदूर संगठन की चेतावनी के बाद की। दरअसल, हाईवे किनारे गंदगी और अतिक्रमण के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई थी। किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नू मलिक ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए तीन दिन में कार्रवाई न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। इस चेतावनी के बाद NHAI के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलवाकर अस्थाई अतिक्रमण को हटवाया और गंदगी को साफ कराया। अधिकारियों ने अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी है कि दोबारा ऐसा करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि हाईवे किनारे सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
टीकमगढ़ में एक प्रधान आरक्षक ने सल्फास खाकर सुसाइड कर लिया। कोतवाली थाने में पदस्थ मोहनलाल चढ़ार की शुक्रवार सुबह झांसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। ड्यूटी से लौटने के बाद किया सुसाइड जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक मोहनलाल चढ़ार पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में रहते थे। गुरुवार को उनकी ड्यूटी बगाज माता मंदिर में लगाई गई थी। शाम को ड्यूटी से लौटने के बाद उन्होंने टीकमगढ़ के चकरा तिराहा के पास सल्फास खा लिया। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत टीकमगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। इलाज के दौरान झांसी में मौत झांसी में उपचार के दौरान मोहनलाल की मौत हो गई। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं। टीआई बोले-पूरे मामले की जांच की जा रही है कोतवाली थाना प्रभारी बृजेंद्र सिंह घोष ने बताया कि गुरुवार को मोहनलाल चढ़ार की ड्यूटी बगाज माता मंदिर में थी। ड्यूटी से लौटने के बाद उन्होंने चकरा रोड पर अज्ञात कारणों के चलते सल्फास खा लिया था। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
शामली में शुद्ध हवा की मांग:भाकियू ने बाहरी कूड़े पर प्रतिबंध के लिए डीएम को ज्ञापन सौंपा
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जनपद शामली की कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने बाहर से आने वाले कूड़े-कचरे पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। भाकियू नेताओं का आरोप है कि जिले की विभिन्न फैक्ट्रियों में RDF (रिफ्यूज-डेराइव्ड फ्यूल) के नाम पर बाहर से लाया गया कूड़ा-कचरा ईंधन के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। इसके कारण जनपद की हवा जहरीली होती जा रही है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि फैक्ट्रियों का दूषित जल नदी-नालों में छोड़ा जा रहा है, जिससे जानलेवा बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं। भाकियू ने RDF के नाम पर बाहर से आने वाले इस कूड़े-कचरे, जिसमें पॉलीथीन, प्लास्टिक, कपड़ा और कांच शामिल हैं, पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे सड़कों पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
मथुरा के वृंदावन में पत्नी के अफेयर से परेशान पति कोतवाली शिकायत करने पहुंचा तो उसका सामना पत्नी के आशिक से हो गया। जहां दोनों पक्षों में जमकर लात घूंसे चलने लगे। कोतवाली के गेट के पास हुए झगड़े को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और हल्का बल प्रयोग कर दोनों पक्षों के 5 लोगों को हिरासत में ले लिया। थाना के गेट पर भिड़े पति और आशिक वृंदावन कोतवाली पर पति पत्नी के अफेयर की शिकायत करने पहुंचे थे। यहां पत्नी और आशिक को देखकर भड़क गए। यहां दोनों में तकरार हो गई। तकरार ने कुछ ही देर में झगड़े का रूप ले लिया और दोनों तरफ से चलने लगे लात घूंसे। कोतवाली पर झगड़ा देख पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने किया शांत कोतवाली में हुई मारपीट को देख वहां मौजूद पुलिस कर्मी आग बबूला हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने दोनों को शांत करने का प्रयास किया लेकिन जब नहीं हटे तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर दोनों पक्षों को अलग किया। कोतवाली में गुरुवार की शाम हुई मारपीट का वीडियो शुक्रवार को वायरल हो गया। 14 साल पहले हुई थी शादी मांट की रहने वाली युवती की 2011 में मथुरा में फल की ढकेल लगाने वाले युवक से हुई। दोनों के दो बेटियां हुईं। पति पत्नी अपनी बेटियों के साथ खुशहाल रह रहे थे। 4 साल पहले पत्नी ने मथुरा के रहने वाले संजील के वृंदावन स्थित कारखाना पर नौकरी शुरू कर दी। 3 साल से अफेयर का आरोप पुलिस ने मारपीट के इस मामले में 5 लोगों को हिरासत में ले लिया। जहां पता चला कि पत्नी जिस पोशाक के कारखाना में काम करती थी उसका वहां किसी से 3 साल से अफेयर था। इसको लेकर पति पत्नी में क्लेश भी होती थी। जब कोई बात नहीं बनी तो दोनों पक्ष वृंदावन कोतवाली में शिकायत करने पहुंच गए। 5 को किया गिरफ्तार वृंदावन कोतवाली प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि कोतवाली के गेट पर मारपीट हुई थी। इस मामले में 5 लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। जिसमें संजील,रंजिल,दीपक,भूपेंद्र और खेमचंद को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
उन्नाव के बांगरमऊ थाना क्षेत्र के गहरपुरवा गांव में गुरुवार देर रात एक 15 वर्षीय किशोर ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान कौशल कुमार पुत्र मुनेश्वर के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, कौशल गुरुवार रात खाना खाने के बाद घर से निकला था। देर रात तक जब वह नहीं लौटा, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने खेत में नीम के पेड़ से उसका शव लटका देखा, जिसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजन ने हत्या का आरोप लगाया है ग्रामीणों की सूचना पर बांगरमऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। थाना प्रभारी अखिलेश ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता चल सके। परिजनों के अनुसार, कौशल सामान्य स्वभाव का था और किसी विवाद की जानकारी नहीं है। गांव में गमगीन माहौल है। पुलिस ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही आत्महत्या का वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा। यदि किसी भी तरह का दबाव, तनाव या अन्य कारण सामने आते हैं, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंदसौर जिले के धुंधड़का–बाबरेचा मगरे के पास देर रात लदूसा सांवलियाजी मंदिर के दर्शन के लिए पैदल जा रहे श्रद्धालुओं पर अज्ञात लोगों द्वारा पत्थरबाजी और मारपीट की गई। इस घटना में दो श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके सिर में चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर दलौदा और अफजलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पैदल दर्शन के लिए जा रहा था श्रद्धालुओं का जत्था जानकारी के अनुसार हतुनिया निवासी श्रद्धालुओं का एक जत्था लदूसा गांव स्थित सांवलिया सेठ मंदिर की चतुर्थ वर्षगांठ पर आयोजित मेले में शामिल होने और दर्शन के लिए पैदल जा रहा था। जैसे ही श्रद्धालु धुंधड़का-बाबरेचा मगरे के पास पहुंचे, वहां मौजूद कुछ स्थानीय निवासियों ने उन्हें रोक लिया और विवाद शुरू कर दिया। विवाद बढ़ते ही अचानक पत्थरबाजी और मारपीट शुरू हो गई। हमले में दो श्रद्धालु घायल हो गए, जिन्हें सिर में गंभीर चोटें आई हैं। श्रद्धालुओं का आरोप है कि हमलावरों ने उनके वाहनों में भी तोड़फोड़ की। किसी तरह जान बचाकर पहुंचे लदूसा हमले के बाद घायल श्रद्धालु किसी तरह जान बचाकर लदूसा पहुंचे और मंदिर समिति को पूरी घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना मिलने पर जब मंदिर समिति के पदाधिकारी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों के परिजनों द्वारा दोबारा अचानक पथराव कर दिया गया। इस हमले में पदाधिकारी और ग्रामीण भी घायल हो गए। पैदल भागकर बचाई जान पथराव के दौरान पदाधिकारी और ग्रामीणों को पैदल ही वहां से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। इसके बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। घटना की सूचना मिलने पर दलौदा और अफजलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने पांच संदिग्ध आरोपियों को राउंडअप किया है। सभी घायल अस्पताल में भर्ती सभी घायलों को धुंधड़का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। वहीं मगरे क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी समाज के लोग भी अस्पताल पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया है कि उन पर हमला लूटपाट की नीयत से किया गया। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का बयान दलौदा थाना प्रभारी शुभम व्यास ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं एसडीओपी कीर्ति बघेल ने कहा कि दर्शन के लिए जा रहे लोगों के साथ मारपीट की घटना हुई है, जिसमें दो लोग घायल हुए हैं। जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना बताया जा रहा है कि करीब दो साल पहले भी इसी स्थान पर लसूड़ावन के ग्रामीणों के साथ पत्थरबाजी की घटना हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे और कई दिनों तक तनाव की स्थिति बनी रही थी। लदूसा के ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पुलिस अधीक्षक से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे।
दुर्ग जिले के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में नए साल की रात एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया। गुटखा लेने घर से निकले युवक पर चार युवकों ने धारदार हथियार और डंडे से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित की पहचान सुधीर कोसले (22) के रूप में हुई है, जो बालाजी नगर, खुर्सीपार का निवासी है और ओम वायर कंपनी में मजदूरी करता है। उसने पुलिस को बताया कि 1 जनवरी की रात करीब 1:15 बजे वह महेश किराना दुकान से गुटखा लेने जा रहा था। आरोपियों ने सुधीर से पूछा गोल्डी का नाम सिंह आटा चक्की के पास पहुंचते ही आयुष और जीत नामक दो युवक बाइक से उसके पास आए। आरोपियों ने सुधीर से गोल्डी नामक व्यक्ति के बारे में पूछा। जब सुधीर ने उसे पहचानने से इनकार किया, तो कुछ ही देर में रोहण और सागर भी मौके पर पहुंच गए। चारों ने मिलकर हमला किया इसके बाद चारों ने मिलकर सुधीर पर हमला कर दिया। जीत ने डंडे से वार किया, जबकि आयुष ने धारदार लोहे की वस्तु से उसके सिर पर पांच-छह बार वार किए। हमले के दौरान, आरोपियों ने आज तो तुम्हें जान से मार देंगे कहते हुए सुधीर पर जानलेवा वार किए। सुधीर को अस्पताल में भर्ती कराया गया सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण सुधीर के सिर से खून बहने लगा। अपनी जान बचाने के लिए वह वहां से भागा, लेकिन कुछ दूर जाकर गिर गया। झगड़े की आवाज सुनकर सुधीर के पिता धर्मेंद्र कोसले, विकास शाह और रवि चौहान मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक सूचना कथन दर्ज उन्होंने गंभीर रूप से घायल सुधीर को आईएमआई अस्पताल खुर्सीपार में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है। अस्पताल में भर्ती घायल सुधीर कोसले से पूछताछ कर प्रारंभिक सूचना कथन दर्ज किया गया। आरोपियों के खिलाफ FIR प्रारंभिक बयान के आधार पर प्रथम दृष्टया हत्या के प्रयास का मामला पाया गया। शिकायत के आधार पर आरोपियों आयुष, जीत, रोहण और सागर, सभी निवासी खुर्सीपार, के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 109 एवं 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच में लिया गया है।
दिग्गज किसान नेता स्वर्गीय नाथूराम मिर्धा के पुत्र और नागौर के पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा का आज दोपहर जोधपुर स्थित मिर्धा फार्म पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र मनीष मिर्धा ने मुखाग्नि दी। भानुप्रकाश मिर्धा का कल (गुरुवार) सुबह निधन हो गया। वे 72 साल के थे। उनके पुत्र मनीष मिर्धा के अनुसार, भानु प्रकाश मिर्धा ने गुरुवार सुबह करीब 10:45 बजे अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। शुक्रवार को पारिवारिक सदस्यों में ज्योति मिर्धा, प्रेमप्रकाश, रिछपाल मिर्धा, भूराराम, तेजपाल, विजयपाल मिर्धा सहित परिवार के सदस्य जोधपुर स्थित मिर्धा फार्म पर मौजूद रहे। नागौर के पूर्व सांसद एवं किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी श्रद्धांजलि देने का यहां पहुंचे। राजनीतिक सफर: चाचा को हराकर नागौर में पहली बार खिलाया ‘कमल’ भानु प्रकाश मिर्धा का जन्म 27 मार्च 1953 को हुआ था। वे 11वीं लोकसभा के सदस्य रहे। वरिष्ठ किसान नेता नाथूराम मिर्धा के छोटे बेटे थे और पारिवारिक राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। सन् 1996 में अपने पिता नाथूराम मिर्धा के निधन के बाद खाली हुई नागौर सीट पर 1997 में हुए उपचुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। चुनाव में उन्होंने अपने ही चाचा और कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री रामनिवास मिर्धा को हराया था। इससे उस समय प्रदेश की राजनीति में बड़ी चर्चा हुई थी। वे मूल रूप से नागौर के रहने वाले थे और लंबे समय तक किसान व ग्रामीण हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय राजनीति में रहे। हालांकि, बाद में वे सक्रिय राजनीति से थोड़ा दूर हो गए थे। श्रीगंगानगर से गहरा नाता भानु प्रकाश मिर्धा का श्रीगंगानगर के प्रतिष्ठित सहारण परिवार से भी गहरा रिश्ता था। वे समाजसेवी व किसान नेता कृष्ण सहारण 'मदेरां', महेंद्र सहारण और साहबराम सहारण के बहनोई थे। उनके निधन पर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ क्षेत्र के किसान नेताओं ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके परिवार में पत्नी इंद्रा मिर्धा, पुत्र मनीष व भास्कर मिर्धा व दो पौत्रियां दिविजा व हिरण्या हैं।
करौली जिले में कार्यरत योग प्रशिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। राजस्थान योग प्रशिक्षक संघ करौली के बैनर तले, प्रशिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कार्य दिवस बढ़ाने, मानदेय में वृद्धि और सेवाओं के स्थायीकरण की मांग की गई है। यह ज्ञापन चिकित्सा विभाग के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (HWC, PHC एवं AAM) में कार्यरत योग प्रशिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए दिया गया। प्रशिक्षकों ने वर्तमान में मिल रहे 10 कार्यदिवसों को बढ़ाकर प्रति माह 30 दिन करने, मानदेय में वृद्धि करने और सेवाओं के स्थायीकरण की मांग की है। योग प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रधानमंत्री की आयुष्मान भारत योजना के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य लाइफस्टाइल से जुड़ी गंभीर बीमारियों की रोकथाम करना है। उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान में योग सत्र केवल 10 दिनों तक सीमित होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों को इस योजना का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। प्रशिक्षकों ने यह भी मांग की कि योग सत्रों की अवधि 10 दिन से बढ़ाकर 30 दिन की जाए और 31 मार्च के बाद भी इन सत्रों को नियमित रूप से जारी रखा जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संविदा नियमों के तहत उन्हें कैडर-2 में शामिल करने और आयुर्वेद योग प्रशिक्षकों के समान अधिकार देने की भी मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में योग प्रशिक्षक उपस्थित थे। करौली जिले में वर्तमान में 120 से अधिक योग प्रशिक्षक कार्यरत हैं।
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कथित बयान पर सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में कटनी जिले के बड़वारा में युवा कांग्रेस ने शुक्रवार को मंत्री विजयवर्गीय का पुतला फूंका और जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे बड़वारा थाना तिराहे पर हुआ। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ नारे लगाए। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एक ओर इंदौर में दूषित पानी के कारण बच्चों और नागरिकों की जान जा रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार के जिम्मेदार मंत्री असंवेदनशील बयान दे रहे हैं। उन्होंने सरकार पर जनता के स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल ने कहा कि भाजपा सरकार लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। इसराइल ने ऐसे मंत्री और मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर तुरंत इस्तीफा देने की मांग की। युवा कांग्रेस ने पुतला दहन के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी कि यदि जनता की बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही जारी रही, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास है। इस विरोध प्रदर्शन में बड़वारा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विकास निगम, युवा कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नए साल में सबसे पहले सरिस्का के जंगल में टहला की तरफ टाइगर ST-25 दिखा। वहीं सदर रेंज की तरफ टाइग्रेस ST-9 के दीदार हुए। लेकिन एक जनवरी को सबसे पहले टहला में टाइगर की शानदार साइटिंग रही। दिन में घना कोहरा होने के कारण एक जनवरी को सरिस्का के जंगल में सफारी का अलग आनंद रहा। वहीं दो जनवरी को मौसम पूरी तरह साफ हो गया। जिसके कारण सफारी करने आए टूरिस्ट ने दूर तक जंगल का आकर्षण देखा। हेलो टाइगर - नजदीक से देखा टूरिस्ट ने एक जनवरी को सरिस्का में जंगल में शाम की पारी में टाइगर को काफी नजदीक से देखा गया। टाइगर एसटी 25 को देख उसके वीडियो भी बनाए। एक टूरिस्ट ने काफी नजदी से वीडियो बनाते हुए कहा हैलो टाइगर। टाइगर ने भी एक बार रुककर टूरिस्ट की जिप्सी की तरफ देखा। उसके बाद आगे बढ़ गया। सदर रेंज की तरफ एसटी - 9 दिखी नए साल के पहले दिन सदर रेंज में टाइग्रेस एसटी 9 दिखी। लेकिन बहुत अच्छी साइटिंग नहीं हुई। पहली जनवरी को टाइगर एसटी 25 की जोरदार साइटिंग रही। दो जनवरी को भी सुबह की पारी में सैकड़ों टूरिस्ट सरिस्का पहुंचे हैं। पहली जनवरी को करीब 1000 से अधिक टूरिस्ट ने सरिस्का में सफारी की।
कानपुर के अर्मापुर में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारी के घर शातिर चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद घर में आग लगा दी। कर्मचारी शुक्रवार सुबह घर पहुंचे तो घर में पूरी गृहस्थी सुलगते हुए मिली। इसके बाद उन्होंने फायर ब्रिगेड और पुलिस को जानकारी दी। अर्मापुर थाने की पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज करके वारदात को अंजाम देने वालों को सीसीटीवी फुटेज से तलाश में लगी है। चोरी हुई और आग लगाई, पड़ोसियों को भनक तक नहीं मूलरूप से अलीगढ़ निवासी दीपक कुमार दुबे ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारी हैं। दीपक ने बताया कि नए साल के चलते 25 नवंबर को वह पत्नी किशोरी और दोनों बच्चों दिव्यांश व तेजस के साथ गांव गए थे। वह गुरुवार रात को कानपुर लौटे और सीधे स्टेशन से नाइट शिफ्ट करने के लिए ऑर्डिनेंस फैक्ट्री चले गए। शिफ्ट पूरी होने के बाद सुबह 10 बजे घर पहुंचे तो दंग रह गए। अर्मापुर स्टेट कैंपस स्थित घर में आग के चलते पूरी गृहस्थी जल चुकी थी और घर से धुआं उठ रहा था। उन्होंने मामले की जानकारी अर्मापुर थाना और फायर ब्रिगेड को दी। लेकिन आग पूरी तरह से शांत हो चुकी थी और फायर ब्रिगेड की टीम निरीक्षण करने के बाद लौट गई। अर्मापुर थाने की पुलिस मौके पर जांच करने पहुंची। दीपक दुबे ने बताया कि आग की चपेट में आने से उनकी लाखों की गृहस्थी जलकर खाक हो गई है। शातिर चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद घर में आग लगा दी। क्यों कि घर के मेन गेट का ताला टूटा हुआ था। इससे साफ है कि चोरी के बाद वारदात को अंजाम दिया है। इसके साथ ही घर में रखे आलमारी और बक्सों का भी ताला टूटा हुआ मिला। डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले में तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। एक टीम को चोरी व घर में आग लगाने के मामले का खुलासा करने के लिए गठित किया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा करके आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
दमोह पुलिस ने 540 गुम मोबाइल किए बरामद:1 करोड़ 8 लाख रुपए के सेट मिले; 251 मोबाइल लोगों को किए वापस
दमोह पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके धारकों को लौटाए हैं। साइबर सेल की मदद से कुल 540 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 8 लाख रुपए है। इनमें से 251 मोबाइल शुक्रवार को उनके मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी की उपस्थिति में ये मोबाइल फोन धारकों को वापस किए गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों ने दमोह पुलिस का आभार व्यक्त किया। एसपी सोमवंशी ने बताया कि इस वर्ष अब तक कुल 540 गुम मोबाइल फोन रिकवर किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों में लापरवाही के कारण अपने मोबाइल खो देते हैं या वे चोरी हो जाते हैं। एसपी ने नागरिकों को सलाह दी कि वे अपने मोबाइल फोन को सावधानीपूर्वक रखें, खासकर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में। उन्होंने आगे के जेबों में मोबाइल रखने और सतर्क रहने की बात कही ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
विदिशा जिले में कुपोषण उन्मूलन के लिए 'पोषण संजीवनी अभियान' चलाया जा रहा है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग यह अभियान संचालित कर रहा है। पिछले पांच महीनों में इस पहल के तहत 800 से अधिक बच्चे गंभीर कुपोषण की श्रेणी से बाहर आ चुके हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य अति गंभीर कुपोषित बच्चों को स्वस्थ जीवन प्रदान करना है। वर्तमान में जिले में लगभग 1449 बच्चे अति कुपोषित चिन्हित किए गए हैं। इन बच्चों को विशेष पोषण आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सुपोषण किट से बेहतर परिणाम जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीता लोढ़ा ने बताया कि परियोजना स्तर पर कुपोषित बच्चों की सूची बनाकर उन्हें 'सुपोषण किट' वितरित की जा रही है। बीते पांच महीनों में करीब 1200 गंभीर कुपोषित बच्चों को यह किट दी गई, जिससे लगभग 800 बच्चे गंभीर कुपोषण की श्रेणी से बाहर निकलने में सफल रहे हैं। सुपोषण किट में सूखा राशन पैकेट, मूंगदाल, मुरमुरा, बेसन, गुड़, पोहा, चावल, आटा, घी, मसाले, पौष्टिक लड्डू बनाने की सामग्री के साथ खिलौने और शिक्षण सामग्री शामिल है। एनआरसी में भर्ती बच्चों का उपचार करने के साथ-साथ उनके परिजनों को संतुलित आहार, साफ-सफाई और बच्चों की सही देखभाल के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। सामूहिक प्रयास से बढ़ रहा असर अभियान में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी और जागरूक नागरिक 'पोषण मित्र' बनकर कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गोद ले रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से विदिशा जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
अलवर की पोक्सो कोर्ट संख्या-2 ने 12 वर्ष से कम उम्र की नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कोल्ड्रिंक व टॉफी देने के बहाने नाबालिग को घर व अन्य स्थानों पर ले जाकर करीब 10 से 15 बार दुष्कर्म करने वाले 50 वर्षीय आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, कोर्ट ने 2 लाख रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिलाने की भी अनुशंसा की गई है। सरकारी वकील पंकज यादव ने बताया कि सजा के बिंदु पर आरोपी के वकील द्वारा न्यायालय से सजा में नरमी बरतने का निवेदन किया गया, जिसका सरकारी पक्ष ने कड़ा विरोध किया। इस पर पोक्सो कोर्ट-2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी ने खिलौनों से खेलने की उम्र की नाबालिग की मासूमियत का फायदा उठाकर जघन्य अपराध किया है। इस अपराध का प्रभाव न केवल तात्कालिक बल्कि पीड़िता के पूरे जीवन, उसके मन और मस्तिष्क पर पड़ेगा। पीड़िता के पिता ने 12 नवंबर 2024 को शहर के अरावली विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी ने उनकी 12 वर्ष से कम उम्र की बेटी को चीजें देने के बहाने बहला-फुसलाकर दुष्कर्म किया और बाद में डरा-धमकाकर बार-बार बुलाता रहा। आरोप है कि आरोपी ने करीब एक वर्ष के भीतर 10 से 15 बार बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। शुक्रवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद पोक्सो कोर्ट संख्या-2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए जुर्माना लगाया।
झारखंड के चतरा जिले के उदय कुमार ने इंजीनियरिंग की पारंपरिक धारणा को बदला है। पुणे की एक मल्टीनेशनल कंपनी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की नौकरी छोड़ने के बाद, वे अब अपने गांव लावालौंग के अंबाटांड में सब्जियों की खेती कर रहे हैं। यूट्यूब से सीखे उन्नत तरीकों का उपयोग कर उदय प्रतिदिन 10 से 15 हजार रुपए कमा रहे हैं। पॉलिटेक्निक और फिर बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद उदय को पुणे की एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी मिली थी। वे एसी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में क्वालिटी इंजीनियर के तौर पर कार्यरत थे। शहर की चकाचौंध और 26 हजार रुपए के मासिक वेतन से उदय का मन इस नौकरी में नहीं लगा। उन्होंने मात्र छह महीने में ही रिजाइन कर दिया और अपने पैतृक गांव लौट आए। प्रतिदिन अच्छा-खासा मुनाफा कमा रहे उदय गांव वापस आकर, उदय ने यूट्यूब को अपना गुरु बनाया और आधुनिक कृषि तकनीकों का गहन अध्ययन किया। आज, वे इन्हीं तकनीकों के दम पर सफल किसान बन गए हैं, जो मिट्टी से जुड़कर प्रतिदिन अच्छा-खासा मुनाफा कमा रहे हैं। उनकी यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कृषि और तकनीक के मेल से कुछ नया करना चाहते हैं। उदय ने बताया कि शहर में रहते हुए भी मन गांव की मिट्टी में अटका था। मुझे लगा कि इंजीनियरिंग की डिग्री सिर्फ नौकरी के लिए नहीं, बल्कि अपनी जमीन पर कुछ नया करने के लिए भी हो सकती है। मैंने तय किया कि मैं नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि खेती को ही करियर बनाऊंगा। गांव लौटने के बाद उदय के पास डिग्री तो थी, लेकिन खेती का अनुभव शून्य था। ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग और हाइब्रिड बीजों के बारे में जानकारी जुटाई उन्होंने यूट्यूब को अपना गुरु बनाया। ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग और हाइब्रिड बीजों के बारे में जानकारी जुटाई। हालांकि शुरुआत झटके के साथ हुई। तकनीकी जानकारी की कमी से पहली फसल में एक लाख का घाटा हुआ। उदय ने कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग ली और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ उठाया। सवा लाख का सिस्टम मात्र 15 हजार में लगवाया ड्रिप इरिगेशन तकनीक पानी की आवश्यकता को 75% तक कम कर देती है। पाइप के माध्यम से पानी सीधे पौधों की जड़ों तक जाता है, जिससे उर्वरक का सही उपयोग होता है और किसानों को सीधा फायदा मिलता है। उदय ने 3 एकड़ में मिर्च की खेती शुरू की। 90 फीसदी सरकारी सब्सिडी की मदद से सवा लाख का सिस्टम मात्र 15 हजार में लगवाया। जुलाई में रोपाई हुई और सितंबर से परिणाम सामने आने लगे। उनकी इस कामयाबी ने उनके माता-पिता के आंसुओं को मुस्कान में बदल दिया है। उदय के पिता भीम साव कहते हैं 'बेटा पुणे में था तो मन नहीं लगा। अब गांव में है तो हम बहुत खुश हैं। पहले जहां दो जून की रोटी मुश्किल थी, आज अच्छी आमदनी है। शुरू में लगा बेटा ने गलती कर दी, लेकिन जब फसल अच्छी हुई तो समझ आया कि उसका फैसला सही था। घर में अब खुशहाली है।' सालाना 9 से 10 लाख का शुद्ध मुनाफा कमा रहे आज उदय के पास अपनी जमीन के अलावा लीज पर कुल 20 एकड़ भूमि है। वह मिर्च के साथ पत्ता गोभी, मटर और टमाटर की खेती कर रहे हैं। इंटरक्रॉपिंग तकनीक से वे एक ही जमीन से दोगुना मुनाफा कमा रहे हैं। जहां कभी खेती में लागत निकालना मुश्किल था, अब उदय सालाना 9 से 10 लाख का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं।
इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की जान चली गईं। ऐसा ही खतरा भोपाल में भी मंडरा रहा है। शहर के कई इलाकों में दूषित पानी संबंधित शिकायतें सामने आ रही हैं। इसे लेकर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कमिश्नर को पत्र भी लिखा है, जिसमें श्यामला हिल्स, गंगानगर समेत कई इलाकों में दूषित पानी की सप्लाई और गंभीर खतरा होने की बात कही गई है। जकी ने कहा कि वह श्यामला हिल्स की निवासी हैं और यही पर रहती भी है। गंगा नगर, श्यामला हिल में पिछले कई दिन से नलों के माध्यम से जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह बेहद गंदा, बदबूदार और सीवेज के पानी से मिला हुआ है। यह पानी मानव उपभोग योग्य नहीं है, जिससे क्षेत्रवासियों के सेहत पर गंभीर खतरा बन गया है। उल्टी-दस्त, पेट संबंधी रोग, त्वचा रोग और अन्य संक्रामक बीमारियों की प्रबल आशंका बनी हुई है। इस बारे में पहले कई बार मौखिक शिकायतें कर चुकी हूं, लेकिन ठोस समाधान नहीं हुआ। ऐसे में खतरा बना हुआ है। तुरंत जांच कराने की मांगनेता प्रतिपक्ष जकी ने तुरंत जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बताया, गंगा नगर और श्यामला हिल्स क्षेत्र की तत्काल स्थल जांच कराई जाए। जो पानी सप्लाई हो रहा है, उसके सैंपल लिए जाए। समस्या दूर होने तक नगर निगम पानी का वैकल्पिक इंतजाम करें। जेपी नगर में सीवेज में पानी की लाइनेंइधर, जेपी नगर में पानी की लाइनें सीवेज में होना सामने आई है। इसे लेकर गैस पीड़ित संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम पानी की लाइनों की तत्काल जांच करें। महापौर दे चुकीं जांच के आदेशइंदौर में हुए मामले के बाद भोपाल में भी इंजीनियर ऐसी लाइनों को ढूंढ रहे हैं। महापौर मालती राय ने सब इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और सुपरवाइजरों को निरीक्षण करने को कहा है। वहीं, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री को नजर रखने को कहा है। जिससे पता चल सके कि कहीं दूषित पानी की सप्लाई तो नहीं की जा रही है। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट देने के आदेश भी दिए हैं। अब तक 500 से अधिक सैंपल लिए जा चुके हैं। कई जगहों पर मटमैले पानी की शिकायतजानकारी के अनुसार, कई जगहों पर एचएफए योजनाओं, जेएनएनयूआरएम, अवैध कॉलोनियों, झुग्गियों, हाउसिंग बोर्ड और बीडीए कॉलोनियों में सीवेज-पानी लाइनें आसपास ही है। वहीं, करोंद, ईदगाह हिल्स व 12 नंबर क्षेत्र की मल्टियों में वाल्व सीवेज में डूबे रहते हैं। इसके चलते नगर निगम कॉल सेंटर और सीएम हेल्पलाइन पर हर महीने गंदे पानी की औसत 10 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। ईदगाह हिल्स के वाजपेयी नगर, करोंद की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, रोशनपुरा और नीलबड़ की स्वास्तिक नगर कॉलोनी के रहवासियों ने भी गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत की है। लोगों का कहना है कि नलों से बदबूदार और मटमैला पानी आता है, जिसे इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। कांग्रेसी बोले-एक ही चैंबर से सप्लाईइंदौर मामले के बाद भोपाल में भी प्रशासन अलर्ट है। दूसरी ओर, कांग्रेसी भी गली-मोहल्लों में घूमकर स्थिति का पता लगा रहे हैं। गुरुवार को कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के साथ स्थानीय पार्षद एवं नागरिकों ने जल स्रोत का निरीक्षण किया था और नगर निगम से इस मामले में तुरंत एक्शन लेने की मांग की थी। शुक्ला ने आरोप लगाया है कि लंबे समय से इस मामले की शिकायत नगर निगम से की गई, लेकिन नागरिकों की सुनवाई नहीं हुई है। यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो भोपाल में भी इंदौर की तरह अनहोनी होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नरेला और करोंद इलाके के रहवासी क्षेत्रों में नगर निगम ने सीवेज बनाने के लिए चैंबर बनाए थे और बाद में वाटर सप्लाई लाइन भी इन्हीं में से निकाल दी। उस वक्त भी जनता ने इसका विरोध किया था, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो नगर निगम आयुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें... इंदौर में पानी में बैक्टीरिया से 15वीं मौत इंदौर में गंदे पानी से मौत के मामले में सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट भी हाईकोर्ट में पेश कर दी है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 6 जनवरी को सुनवाई की अगली तारीख तय की है। स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया है कि गंदे पानी से अबतक सिर्फ चार मौतें हुई हैं। दूसरी तरफ, 15 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। पूरी खबर पढ़ें...
भोपाल में नाबालिग का अपहरण कर रेप:आरोपी ने पीड़िता को बंधक बनाकर जबरन शादी की, गर्भपात भी कराया
भोपाल के हबीबगंज इलाके में एक किशोरी को किडनैप करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने पीड़िता से जबरन विवाह किया और उसके साथ रेप भी किया। इतना नहीं, कई महीनों तक पीड़िता को बंधक बनाकर अपने साथ रखा। जब पीड़िता गर्भवती हुई तो उसका गर्भपात भी करा दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी युवक के खिलाफ गुरुवार रात केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। सब इंस्पेक्टर संगीता काजले के मुताबिक 17 वर्षीय किशोरी मल्टी में रहती है। किशोरी की अतुल मरावी से 2024 में दोस्ती हुई थी। जुलाई 2024 में अतुल उसे बहला-फुसलाकर रायसेन जिले में स्थित अपने गांव ले गया। वहां दबाव डालकर किशोरी की नानी को बुलाया और परिवार की मौजूदगी में बाल विवाह कर लिया। इसके बाद उसके साथ रेप किया। अतुल लगातार उसका शोषण करता रहा तो वह गर्भवती हो गई। इसके बाद आरोपी युवक के परिजनों ने उसका गर्भपात भी करा दिया। बाद में उसकी नानी ने इलाज कराया। विवाद के बाद बालिका संप्रेक्षण गृह पहुंची किशोरी जुलाई 2025 में किशोरी के परिवार के लोगों की पड़ोस में ही रह रहे अतुल मरावी से झड़प हो गई थी। इस विवाद में अतुल को अधिक चोट लग गई थी। इसलिए पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने पीड़िता को भी आरोपी बनाया था, इसलिए पुलिस ने उसे बालिका संप्रेक्षण गृह विदिशा में रखा था। बालिका संप्रेक्षण गृह की काउंसलिंग में खुलासा बालिका संप्रेक्षण गृह विदिशा में किशोरी की बाल कल्याण समिति ने काउंसलिंग कराई तो पता चला कि आरोपी अतुल मरावी जुलाई 2024 में बहला-फुसलाकर अपने साथ रायसेन जिले के एक गांव ले गया था। दबाव बनाकर परिवार की मौजूदगी में शादी की किशोरी ने बताया कि रायसेन में आरोपी ने दबाव बनाकर पीड़िता की नानी को बुलाया और उसके साथ परिवार की मौजूदगी में बाल विवाह कर उसके साथ रेप किया। वह लगातार उसका शोषण करता रहा तो वह गर्भवती हो गई। इसके बाद आरोपी युवक के परिजनों ने उसका गर्भपात भी करा दिया। बाद में उसकी नानी ने इलाज कराया। काउंसलिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज किया।
अजमेर के हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र में एक युवक से 46 लाख रुपए की लूट का मामला सामने आया है। कार से आए तीन बदमाशों ने पीड़ित को मारने का प्रयास किया। बाद में कार से सूटकेस लेकर पुष्कर की तरफ भाग निकले। पीड़ित की ओर से करीब 11 दिन बाद थाने में शिकायत देकर मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस के अनुसार शक्ति नगर सुभाष नगर निवासी हरसिमरन सोढ़ी की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पीड़ित ने बताया- वह पुरानी मंडी में दुकान पर नौकरी करता है। 21 दिसंबर को उसके परिचित रवि ने फोन कर कहा कि वह बाहर खाना खाने जा रहा है। उसकी कुछ रकम संभालने के लिए बोला था। परिचित उसे एक सूटकेस में करीब 46 लाख रुपए देकर चला गया। कार रोकते ही लड़के डंडे लेकर आए पीड़ित ने बताया- वह सूटकेस लेकर कार में अपने परिचित के पास ज्ञान विहार चला गया। परिचित के घर के पास अपनी कार रोकी। तभी एक बोलेरो कैंपर पीछे से आई और गाड़ी में सवार तीन लड़के डंडे मारने के लिए आए। कार के दोनों साइड के कांच तोड़ दिए। गाड़ी की डिक्की से नगदी से भरा सूटकेस लेकर पुष्कर की तरफ भाग गए। उनका पीछा भी किया। बदमाशों के डर से पहले केस नहीं किया पीड़ित ने बताया- बदमाशों ने टक्कर मारने की कोशिश की। लेकिन बदमाश 46 लाख रुपए लेकर फरार हो गए। घटना से घबरा गया और बदमाशों द्वारा दी गई धमकी के कारण उस वक्त मुकदमा दर्ज नहीं करवाया। अब हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ 12 जनवरी को जयपुर में कर्मचारियों की 7 सूत्रीय मांगों को लेकर एक चेतावनी महारैली का आयोजन करेगा। इसी क्रम में, डूंगरपुर जिले में महासंघ ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के बाहर इस महारैली के पोस्टर का विमोचन किया। महासंघ के जिला अध्यक्ष हेमंत खराड़ी के नेतृत्व में पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए। इस दौरान उन्होंने 12 जनवरी को जयपुर में होने वाली महारैली के पोस्टर का विमोचन किया और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किया। जिला अध्यक्ष हेमंत खराड़ी ने बताया कि महासंघ लंबे समय से प्रदेश के कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने बताया कि महासंघ की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना, समय पर पदोन्नति, आठवें वेतनमान को केंद्र के अनुरूप लागू करना, तबादला नीति लागू करना और प्रदेश में लागू ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) से कोई छेड़छाड़ नहीं करना शामिल है। खराड़ी ने यह भी बताया कि 12 जनवरी को जयपुर में होने वाली इस चेतावनी महारैली में डूंगरपुर जिले से भी बड़ी संख्या में कर्मचारी भाग लेंगे और अपनी मांगों को बुलंद करेंगे।
कासगंज मे युवक का शव पेड़ से लटका मिला:परिजनो ने हत्या का आरोप लगाया, दो बच्चो की मां से था अफेयर
कासगंज के पटियाली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लाल वादरा में गुरुवार देर रात एक 22 वर्षीय युवक का शव आम के पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान रविकांत के पुत्र रजत के रूप में हुई है। परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित हत्या की आशंका जताई है। परिजनों के अनुसार, रजत गुरुवार देर रात शौच के लिए घर से निकला था। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आम के बगीचे में उन्हें रजत का शव एक मफलर के सहारे पेड़ से लटका मिला। परिजन तुरंत उसे दरियावगंज के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी पटियाली और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के ताऊ जगोत्तम ने शुक्रवार को आरोप लगाया है कि रजत का गांव की एक दो बच्चों की मां महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उन्होंने बताया कि महिला पहले भी रजत के साथ भाग चुकी थी और बाद में दो बार जबरन उसके घर में घुसने का प्रयास किया था। जगोत्तम के अनुसार, गुरुवार शाम को महिला के पिता ने रजत को इशारे से बुलाया था। इसके बाद रजत घर से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लेकर निकला और फिर उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि दबाव और साजिश के तहत की गई हत्या है। परिजनों ने बताया कि रजत पढ़ा-लिखा और मेहनती युवक था। उसने हाल ही में आर्मी में टेक्नीशियन का पेपर दिया था और रेलवे की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परिवार में तीन बहनें और एक छोटा भाई है। आगामी 14 फरवरी को उसकी बड़ी बहन मुस्कान की शादी होनी थी। बेटे की मौत से मां नीलम देवी सदमे में हैं। कोतवाली प्रभारी लोकेश भाटी ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
भरतपुर कलेक्ट्रेट में राजीविका के महिलाओं को 6 ट्रैक्टर दिए गए। सभी ट्रैक्टर को कलेक्टर कमर चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सभी ट्रैक्टर कस्टम हायर सेंटर (CHC) परियोजना भारत सरकार के कृषि किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से दिए गए हैं। इसका उद्देश्य आधुनिक कृषि यंत्र किसानों को किराए पर उपलब्ध करवाना है। किसान किराये पर ले सकेंगे कृषि मशीन कलेक्टर कमर चौधरी ने बताया कि कस्टम हायर सेंटर योजना के अंतर्गत यह केंद्र और राज्य की जॉइंट योजना है। इसके अंतर्गत गांव-गांव में कस्टम हायर सेंटर खोले जाते हैं। इसका उद्देश्य है की किसानों को गांव के लेबल पर कस्टम हायर सेंटर पर किराए पर मशीन मिल सके। जिससे किसान ट्रैक्टर, रोटावेटर ले सके। इससे किसानों को आसानी रहती है। जिन किसानों के पास खुद का ट्रैक्टर नहीं वह किसान कस्टम हायर सेंटर से किराए पर ले सकता है। 6 CLF को दिए गए ट्रैक्टर हर ट्रैक्टर के लिए 7 लाख की सब्सिडी और 3 लाख का इन्वेस्टमेंट है। 7 लाख की सब्सिडी सरकार ने एडवांस में दी थी। 6 CLF को पहले फेज में ट्रैक्टर दिए गए हैं। इसका उद्देश्य राजीविका की महिलाओं की इनकम बढ़ सके। क्योंकि यह ट्रैक्टर किराए पर दिए जा सकेंगे। साथ ही किसानों को मशीन आसानी से किराये पर मिल सके। आज उच्चैन, सेवर, कुम्हेर, भुसावर, बयाना, रूपवास CLF के लिए ट्रैक्टर दिए गए हैं। कृषि मशीनों का मालिकाना हक़ CLF का रहेगा कस्टम हायर सेंटर (CHC) परियोजना भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की महत्वपूर्ण योजना है। जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध करवाना है। यह योजना विशेष रूप से छोटे किसानों के लिए उपयोगी है। इस परियोजना में सरकार द्वारा 7 लाख की सब्सिडी दी जाती है और, कलस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) द्वारा 3 लाख का निवेश किया जा रहा है। कृषि के मशीनों के लिए उसकी खरीद और मालिकाना हक़ पूरा CLF के पास रहेगा।
रेवाड़ी में 20 कुमाऊं बटालियन का स्थापना दिवस प्रधान कैप्टन सुमेर सिंह की अध्यक्षता में सनसिटी में मनाया गया। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने अपने अनुभव सांझा करते हुए पूर्व सैनिकों की वीरता और अनुशासन की परंपरा को नमन किया। पूर्व सैनिकों ने राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया। देश की सीमाओं पर दिखाया साहस वक्ताओं ने कहा कि 20 कुमाऊं बटालियन ने देश की सीमाओं की रक्षा में सदैव अद्वितीय साहस और समर्पण का परिचय दिया है। समारोह का समापन राष्ट्रगान और देश सेवा के संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान बटालियन की उपलब्धियों, सैन्य परंपराओं और शहीद साथियों के बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। इन्होंने रखें विचार कैप्टन जगमाल सिंह, सूबेदार मेजर रामचंद्र यादव, सूबेदार वेद पाल, सूबेदार दयानंद, कैप्टन रामनिवास, सूबेदार मेजर कवर सिंह, कैप्टन रामचंद्र, हवलदार मुकेश, हवलदार रामफल, सिपाही अशोक कुमार, कैप्टन रणवीर सिंह, कैप्टन राजेश कुमार, सूबेदार बिरेंद्र सिंह ने अपने विचार रखे।
जबलपुर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर घसीटते हुए काफी दूर तक चला गया। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही गोराबाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार चालक की तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिला। घटना 31 दिसंबर (बुधवार) शाम की है, जिसका सीसीटीवी फुटेज शुक्रवार को सामने आया है। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात गोराबाजार थाना पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें पूरी दुर्घटना कैद हो गई। फुटेज के मुताबिक, 31 दिसंबर की शाम करीब 6 बजकर 25 मिनट पर बाइक सवार शहर से बिलहरी की ओर जा रहा था। जैसे ही वह गोराबाजार तिराहे पर सड़क पार कर रहा था, तभी तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। अच्छी बात यह रही कि बाइक सवार को गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि टक्कर लगते ही कार चालक मौके से फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने कार चालक की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। फिलहाल घायल युवक का इलाज निजी अस्पताल में जारी है।
औरैया के बिधूना कोतवाली क्षेत्र के बंथरा गांव में ब्लैकमेलिंग से परेशान एक महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर महिला को फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने तथा दीवार के सुराख से जहर देने का गंभीर आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, बंथरा निवासी जगराम प्रजापति की पत्नी सरोजनी (30) ने मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल बिधूना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान सरोजनी ने दम तोड़ दिया। गुरुवार देर शाम शव गांव पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। शुक्रवार को मृतका के पति जगराम और अन्य परिजन बिधूना कोतवाली पहुंचे। उन्होंने गांव के ही 24 वर्षीय सुखवेन्द्र पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों के मुताबिक, सुखवेन्द्र सरोजनी से बातचीत करता था, जिसकी जानकारी जगराम को लगभग दो माह पहले हुई थी। आरोप है कि सुखवेन्द्र ने सरोजनी के फोटो और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। परिजनों ने यह भी दावा किया है कि किसी ने कमरे की दीवार के सुराख के माध्यम से महिला को जहरीला पदार्थ दिया था, जिसे उसने खा लिया। जगराम और सरोजनी का विवाह वर्ष 2012 में अछल्दा क्षेत्र के बोंडेपुर निवासी रमेश चंद्र की पुत्री सरोजनी के साथ हुआ था। उनके चार बच्चे हैं, जिनके नाम रामजीत, राधा, प्रांशु और काव्या हैं। यह परिवार अलग रहता था। यह मामला पारिवारिक रिश्तों के एक अनोखे जुड़ाव को भी दर्शाता है, क्योंकि सरोजनी की दो अन्य बहनें सीमा और सीता भी जगराम के ही भाइयों के साथ ब्याही गई हैं। इस घटना के बाद से दोनों परिवारों में गहरा मातम और आक्रोश का माहौल है। मृतका के पति ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपी सुखवेन्द्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने शव के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
झालावाड़ में फार्मासिस्टों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को खून से 100 से अधिक पोस्टकार्ड भेजे हैं। वे नई स्थायी भर्ती विज्ञप्ति मेरिट प्लस बोनस के आधार पर जारी करने की मांग कर रहे हैं। फार्मासिस्टों ने बताया कि झालावाड़ जिले से कुल 100 से ज्यादा पोस्टकार्ड भेजे गए हैं। इन पोस्टकार्डों के माध्यम से उन्होंने राजस्थान सरकार से अपनी मांगें पूरी करने का आग्रह किया है। फार्मासिस्टों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो वे आगामी समय में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद, पूरे प्रदेश के फार्मासिस्ट जयपुर में एकत्रित होकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे और अपने आंदोलन को तेज करेंगे।
राजसमंद में छाया घना कोहरे:दोपहर तक नहीं निकली धूप, सड़कों पर रेंगते रहे वाहन
राजसमंद में घने बादल और कोहरे ने शुक्रवार को जनजीवन को खासा प्रभावित किया। सुबह से ही कोहरे की चादर छाई रहने से विजिबिलिटी बेहद कम रही, जिसके चलते सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। हालात ऐसे रहे कि दोपहर करीब 12 बजे तक धूप नहीं निकल सकी, जिससे ठंड का असर और तीखा हो गया। अचानक बढ़ी ठंड का असर शहर की रफ्तार पर भी पड़ा। सुबह के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और आम दिनों की तुलना में आवाजाही कम नजर आई। लोग आवश्यक काम निपटाकर जल्दी घर लौटते दिखाई दिए। कोहरे में लिपटी झील, बढ़ी खूबसूरती घने कोहरे के बीच राजसमंद झील का नजारा खासा आकर्षक नजर आया। नो-चोकी पाल पर मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे लोगों ने झील के धुंध में डूबे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। कोहरे के कारण गोमती–उदयपुर फोरलेन और राजसमंद–भीलवाड़ा फोरलेन पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। दुर्घटनाओं से बचने के लिए वाहन चालक हेडलाइट जलाकर चलते नजर आए।सुबह-सुबह दोपहिया वाहनों से दूध सप्लाई करने वाले लोगों को भी घने कोहरे और कड़ाके की ठंड में परेशानी झेलनी पड़ी।
रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला सिमडेगा जिले से है, जहां बुजगा निवासी 45 वर्षीय बुधु सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह घटना तब हुई, जब वे अपने सात वर्षीय बेटे के साथ दुकान से घर लौट रहे थे। एक अज्ञात तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुधु सिंह और उनके बेटे दोनों घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत बसिया रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने बुधु सिंह को मृत घोषित कर दिया। बाइक सवार भी घायल हो गया उनके सात वर्षीय बेटे को मामूली चोटें आईं, प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे घर ले गए। इस दुर्घटना में टक्कर मारने वाला अज्ञात बाइक सवार भी घायल हो गया है और उसका इलाज कोनवीर अस्पताल में चल रहा है। बसिया थाना के एसआई संजय कुमार सिंह ने बुधु सिंह के शव को कब्जे में लेकर शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक सात वर्षीय बेटा और एक 12 वर्षीय बेटी छोड़ गए हैं। बुधु सिंह खेती-बाड़ी का काम करते थे।
दलित महिला के आवासीय पट्टे पर कब्जा:दो माह से न्याय नहीं, प्रशासनिक अधिकारी पर दबाव का आरोप
अयोध्या जिले के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के बरईपारा गांव में एक दलित महिला के आवासीय पट्टे की जमीन पर जबरन कब्जा करने का मामला सामने आया है। पीड़ित सोनू ने कुमारगंज पुलिस और तहसील प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन उसे अब तक कोई समाधान नहीं मिला है। सोनू के अनुसार, वर्ष 2010 में बरईपारा गांव के गाटा संख्या 85 मि में 0.010 हेक्टेयर का आवासीय पट्टा उनकी मां मायावती के नाम आवंटित हुआ था। यह भूमि अयोध्या-रायबरेली हाईवे से सटी पश्चिम दिशा में स्थित है। उनकी मां ने इस पर नींव भी भरवाई थी, लेकिन उनकी मृत्यु हो गई। सोनू अब अपने ननिहाल से वापस आकर इस जमीन पर घर बनाना चाहते हैं। सोनू का आरोप है कि बगल में स्थित आनंदम होटल के मालिक शत्रुघ्न कौशल, जो एक प्रशासनिक अधिकारी भी हैं, अपनी दबंगई के बल पर उनकी पट्टे की जमीन हड़पना चाहते हैं। कौशल द्वारा इस पट्टे की भूमि पर जबरन मिट्टी डलवाई जा रही है। जब सोनू ने इसका विरोध किया, तो शत्रुघ्न कौशल के भाई सुदामा प्रसाद कौशल और उनके साथियों ने कथित तौर पर उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। सोनू ने बताया कि वह पिछले करीब दो माह से थाना और तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं से न्याय नहीं मिल रहा है।
अम्बेडकरनगर के अकबरपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में गुरुवार देर रात कानून-व्यवस्था के उल्लंघन का मामला सामने आया। महफ़िल कैफे के सामने कुछ युवाओं ने जन्मदिन मनाने के दौरान सड़क जाम कर दी। इस दौरान तेज़ डीजे पर देर रात तक तलवार लहराकर नृत्य किया गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में घंटों तक सड़क जाम रहने से यात्रियों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आवागमन बाधित होने से लोगों को काफी मुश्किलें हुईं, वहीं आसपास के घरों में रहने वाले लोग तेज़ आवाज़ से परेशान होते रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार घटना की जानकारी पुलिस को थी। इसके बावजूद, घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न तो डीजे बंद कराया गया और न ही सड़क को खाली कराया गया। इस निष्क्रियता से लोगों में यह संदेश गया कि ऐसे कृत्यों को अंजाम देने वाले युवाओं को पुलिस का कोई भय नहीं है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सड़क जाम, डीजे पर नृत्य, तलवार से केक काटना और तलवार लहराकर डांस करने के दृश्य स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका सवाल है कि यदि रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस तरह की अराजकता पर समय रहते कार्रवाई नहीं होगी, तो भविष्य में कानून-व्यवस्था कैसे कायम रहेगी।
डीडवाना शहर के गौरव पथ स्थित 33/11 केवी बिजलीघर में लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या पर विधायक यूनुस खान ने संज्ञान लिया है। उन्होंने विद्युत निगम की प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष आरती डोगरा को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। विधायक ने इस स्थिति को जनहित और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद गंभीर बताया। विधायक यूनुस खान ने अपने पत्र में बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र डीडवाना में यह बिजलीघर पिछले लगभग छह माह से जलभराव से जूझ रहा है। बिजलीघर परिसर और यार्ड में करीब दो फीट तक पानी भरा हुआ है, जिससे पूरा विद्युत तंत्र पानी में डूबा हुआ है। ट्रांसफॉर्मर, विद्युत उपकरण, पोल, हाई वोल्टेज वायर और अर्थिंग सिस्टम तक पानी में डूबे होने के कारण करंट फैलने, शॉर्ट सर्किट होने और किसी बड़े हादसे की प्रबल आशंका बनी हुई है। जलभराव के कारण फीडरों में बार-बार फॉल्ट आ रहे हैं, जिससे मेन वीसीबी ट्रिप हो जाता है और पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित होती है। इससे उपभोक्ताओं को भारी असुविधा हो रही है। साथ ही, यहां कार्यरत तकनीकी और संविदा कर्मियों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विधायक ने पत्र में उल्लेख किया कि पानी भरे होने के कारण बिजलीघर में रखरखाव और फॉल्ट सुधार कार्य करना अत्यंत कठिन हो गया है। कर्मचारियों को मजबूरी में सात फीट ऊंची दीवार पर चढ़कर या विद्युत पोल पर लटककर फॉल्ट ठीक करने जाना पड़ता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। यूनुस खान ने कहा कि विद्युत आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवा से जुड़ा यह विषय अत्यंत संवेदनशील है। उन्होंने जनहित एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजलीघर से पानी की तत्काल और स्थायी निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने इस दिशा में शीघ्र प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया।
सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर अंबाला मंडल की टीम ने व्यापक निरीक्षण किया। रेलवे अंबाला मंडल के डीआरएम विनोद भाटिया टीम के साथ सहारनपुर पहुंचे और स्टेशन के विभिन्न विभागों का बारीकी से जायजा लिया। डीआरएम के अचानक पहुंचने से रेलवे के स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मची रही। जानकारी के अनुसार, डीआरएम विनोद भाटिया शुक्रवार सुबह स्पेशल ट्रेन से सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पहुंचते ही उन्होंने अधिकारियों के साथ संक्षिप्त बैठक की और इसके बाद निरीक्षण के लिए टीमों का गठन किया। डीआरएम ने निरीक्षण के लिए अलग-अलग विभागों की टीमें बनाकर उन्हें स्टेशन परिसर और संबंधित कार्यालयों में भेज दिया। इस दौरान संचालन, बिजली, कॉमर्शियल और निर्माण विभाग की टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में रिकॉर्ड, व्यवस्थाएं और कार्यप्रणाली की जांच कर रहे है। निरीक्षण के दौरान संचालन विभाग में ट्रेनों के आवागमन, समयपालन और कोहरे के दौरान सुरक्षित परिचालन को लेकर विशेष ध्यान दिया गया। डीआरएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शीतलहर और घने कोहरे के मौसम में ट्रेनों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने सिग्नलिंग सिस्टम, पायलटों और गार्डों के लिए जारी दिशा-निर्देशों की भी समीक्षा की। बिजली विभाग की टीम ने स्टेशन पर विद्युत आपूर्ति, प्लेटफॉर्म लाइटिंग, पावर बैकअप और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की। वहीं कॉमर्शियल विभाग में टिकट काउंटर, यात्रियों की सुविधाएं, साफ-सफाई, पूछताछ काउंटर और खानपान स्टॉलों की स्थिति को परखा गया। यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए। निर्माण विभाग द्वारा अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन पर कराए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी डीआरएम ने देखी। प्लेटफॉर्म, यात्री शेड, प्रतीक्षालय, शौचालय, फुट ओवरब्रिज और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर दिया गया। डीआरएम ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान डीआरएम विनोद भाटिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर साफ-सफाई, समय पर ट्रेनों का संचालन और यात्रियों को सही जानकारी उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। अचानक हुए इस निरीक्षण से रेलवे प्रशासन में दिनभर हलचल बनी रही। स्थानीय अधिकारियों ने निरीक्षण को लेकर जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड प्रस्तुत किए। निरीक्षण के बाद डीआरएम ने टीम के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसे निरीक्षणों से व्यवस्थाओं में सुधार होता है और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं।
फर्रुखाबाद जनपद में एक 55 वर्षीय मजदूर सीढ़ी से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया। शुक्रवार को हुई इस घटना में मजदूर के सिर की हड्डी टूट गई, जिसके बाद उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। श्रृंगी रामपुर निवासी कालेश्वर शुक्ला नामक यह मजदूर शहर के बिर्राबाग में अपने परिवार के साथ रहते हैं। सिर से अत्यधिक खून बहा वह शुक्रवार सुबह कादरीगेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक निर्माणाधीन भवन में मजदूरी करने गए थे। बताया गया कि काम के दौरान वह सीढ़ियों से नीचे गिर गए, जिससे उनके सिर से अत्यधिक खून बहने लगा। उनके साथ काम कर रहे साथी उन्हें गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें सिर की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई। अत्यधिक खून बहने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें सैफई रेफर कर दिया। इस बीच, उनके साथ आए कुछ लोग मौके से चले गए, जिसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। मजदूर बेसमेंट में गिरा मजदूर बेसमेंट में गिरा सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे और गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एक निजी नर्सिंग होम ले गए। इस मामले में ठेकेदार का कहना है कि मजदूर बेसमेंट में गिरा था, जबकि अन्य लोगों के अनुसार वह सीढ़ी से नीचे गिरा था। मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है।
धौलपुर में हथियारों के साथ 3 बदमाश पकड़े:हत्या के मामले में 1 साल से फरार वारंटी भी दबोचा
धौलपुर में नववर्ष के अवसर पर अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दिहौली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से 3 आरोपियों को अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। इनमें एक हत्या के मामले में करीब 1 साल से फरार स्थायी वारंटी भी शामिल है। यह कार्रवाई धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान आईपीएस के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा आरपीएस और वृत्ताधिकारी वृत्त मनियां खलील अहमद आरपीएस के सुपरविजन में की गई। थानाधिकारी दिहौली छवी फौजदार ने टीम का नेतृत्व किया।
आगर मालवा में जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 1 के उपचुनाव की मतगणना शुक्रवार को डग रोड स्थित शासकीय आईटीआई कॉलेज में हुई। भाजपा नेता कालू सिंह सिसोदिया ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मथुराबाई मोहन सिंह (गुंदलावदा) को 2410 मतों से हराकर जीत दर्ज की।कालू सिंह सिसोदिया को 13,299 मत मिले मतगणना प्रक्रिया 13 टेबलों पर कुल 3 राउंड और 12 सब-राउंड में पूरी की गई। यह पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। प्राप्त मतों के अनुसार, कालू सिंह सिसोदिया को 13,299 मत मिले, जबकि मथुराबाई मोहन सिंह को 10,889 मत मिले।अन्य उम्मीदवारों में कैलाश पाटीदार को 6,240 मत और घनश्याम मेघवाल को 3,178 मत मिले। समर्थकों ने आतिशबाजी कर जाहिर की खुशी प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, उपचुनाव के परिणाम की औपचारिक घोषणा 5 जनवरी को जिला मुख्यालय से की जाएगी। जीत के बाद कालू सिंह सिसोदिया के समर्थकों ने आतिशबाजी कर खुशी व्यक्त की। इस चुनाव में पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह ने कालू सिंह सिसोदिया के समर्थन में सक्रिय रूप से प्रचार किया था, और जीत के बाद समर्थकों की ओर से उनका सम्मान भी किया गया।
गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-I (EOW-I) ने प्राइवेट लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने स्वयं को एक सफल व संपन्न फाइनेंसर बताकर पीड़ित का विश्वास जीता और अग्रिम ब्याज के नाम पर मोटी रकम ठग ली। इस संबंध में पुलिस ने वेनम राजू (उम्र-30 वर्ष, शिक्षा-MBA) निवासी लेजेंड कॉलेज के पास, कोम्पल्ली, जिला मलकानगिरी (तेलंगाना) को अरेस्ट किया है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को मलकानगिरी कोर्ट में पेश करके चार दिन के राहदारी रिमांड पर लिया है। हैदराबाद के फाइनेंसर से जुड़ा मामला 27 सितंबर 2023 को आर्थिक अपराध शाखा-I को शिकायत पुलिस थाना सदर में प्राप्त हुई, जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि यह ओरिएंट क्राफ्ट स्वेटर्स लिमिटेड का मालिक है और गारमेंट्स का व्यवसाय करता है। इसके व्यवसाय में वित्तीय संकट के चलते यह ब्याज पर लोन की तलाश कर रहा था।25 मई 2023 को इसे तरुण मनचंदा नामक व्यक्ति का कॉल आया, जिसने स्वयं को हरियाणा के एक फाइनेंसर विक्रम तथा हैदराबाद के फाइनेंसर नितिन गर्ग से जुड़ा बताया। इसके पश्चात 27 मई 2023 को नितिन गर्ग, तरुण मनचंदा व विक्रम इसके कार्यालय पहुंचे। 6 फीसदी ब्याज का लालच दिया जिन्होंने इसे 6% ब्याज दर पर 100 करोड़ रुपए तक का लोन दिलाने का आश्वासन दिया और इससे इसकी बैंक स्टेटमेंट, बायर प्रोजेक्शन आदि दस्तावेज मांगे तो 28 मई 2023 को इसने नितिन गर्ग को मांगे गए दस्तावेज सौंप दिए, फिर इसे हैदराबाद आकर मीटिंग करने के कहा तो यह 31 मई 2023 को नितिन व विक्रम के साथ हैदराबाद चला गया, जहां नितिन व विक्रम ने इसकी मुलाकात श्रीनिवास कंडोला से करवाई। एक हजार करोड़ रुपए तक के लोन समझौते दिखाए जिन्होंने इसको 01 हजार करोड़ रुपए तक के लोन समझौते दिखाकर इसको प्रभावित किया और इसको दो प्रकार के लोन दिलाने का प्रस्ताव रखा। एक लोन 02 करोड़ 50 लाख रुपए का अल्पकालिक लोन व दूसरा 40 करोड़ रुपए का दीर्घकालिक लोन (05–07 वर्ष के लिए, 06% ब्याज दर पर) बताया। आरोपियों ने शर्त रखी कि 40 करोड़ रुपए के लोन के लिए 02 करोड़ 50 लाख रुपए अग्रिम ब्याज के रूप में जमा करने होंगे। राशि का लेन-देन व ठगी03, 05 एवं 06 जून 2023 को इन लोगों ने इसके बैंक खाते में 02 करोड़ 25 लाख 23 हजार रुपए ट्रांसफर कराए गए, जिससे इसका विश्वास और मजबूत हो गया। इसके बाद 15 जून 2023 को हैदराबाद के एक होटल में मीटिंग के दौरान इसको समझौते के अनुसार 04 करोड़ 70 लाख 23 हजार रुपए RTGS के माध्यम से व्यक्तियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। 15 मिनट में 40 करोड़ का भेजे जाएंगे रुपए ट्रांसफर होने के बाद उक्त व्यक्तियों ने यह कहकर मीटिंग स्थल छोड़ दिया कि 15 मिनट में 40 करोड़ रुपए इसके बैंक खाते में आ जाएंगे, लेकिन इसके बाद वो सभी फरार हो गए। इस प्रकार इससे 02 करोड़ 45 लाख रुपए की ठगी की गई। शिकायत की जांच तथ्यों के आधार पर पुलिस थाना सदर, में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी गहन तकनीकी जांच एवं पुलिस सूत्रों की सहायता से आर्थिक अपराध शाखा-I की पुलिस टीम ने 30 दिसंबर 2025 को कोम्पल्ली, तेलंगाना से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में खुलासा किया प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि आरोपी वेनम राजू श्रीनिवास के साथ मिलकर फाइनेंस का काम करता है। इसने श्रीनिवास व अन्य साथियों के साथ मिलकर केस में शिकायतकर्ता को पहले अल्पकालिक लोन देकर विश्वास में लिया और बाद में 40 करोड़ रुपए के लोन का लालच देकर अग्रिम ब्याज के नाम पर 02 करोड़ 45 लाख रुपयों की ठगी कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि ठगी गई राशि में से 50 लाख रुपए इसके (आरोपी वेनम राजू) बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, जो इसके हिस्से की राशि थी। राहदारी रिमांड की अवधि पूर्ण होने के पश्चात आरोपी को गुरुग्राम कोर्ट में पेश करके पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस हिरासत के दौरान इसके अन्य फरार साथी आरोपियों की पहचान ठगी की गई राशि की बरामदगी संबंधित दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य अन्य संभावित ठगी मामलों की जांच की जाएगी।
गाजियाबाद में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए उनकी पीठ पर मशीन लगाने का मामला अब शासन तक पहुंच गया है। लखनऊ से अधिकारियों ने गाजियाबाद पुलिस अफसरों से पूरे मामले की जानकारी ली है। इसके बाद पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गोड के निर्देश पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था ने एसीपी को जांच दी है। यह है पूरा मामला SHO कौशाम्बी अजय शर्मा की टीम के साथ यह मशीन पुलिस लगा रही। उस मशीन के हवाले से पुलिसवाले दावा कर रहे हैं कि यह भारतीय नहीं, बांग्लादेशी है। हालांकि, युवक पुलिस के इस दावे को नकारते हुए खुद को बिहार के अररिया का निवासी बता रहा। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में कौशांबी थाना क्षेत्र के भोवापुर के पास स्लम एरिया का है। 23 दिसंबर को पीठ पर मशीन लगाकर नागरिकता जांचने की बात कौशांबी थाना को SHO अजय शर्मा ने कही। जहां मोबाइल को मशीन बताकर युवक की पीठ पर रखकर उससे सवाल कर रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद SHO की कार्यशैली पर सवाल हो रहे हैं। लोग इस तरीके की आलोचना कर रहे हैं। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर 'X' पर पोस्ट वीडियो पर जवाब देते हुए लिखा, 'अपराधों को रोकने के लिए पुलिस समय-समय पर झुग्गी-झोपड़ी और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले लोगों से पूछताछ करती है। उनकी जांच करती है। ऐसे ही कौशांबी पुलिस ने लोगों की पहचान के लिए उनके दस्तावेज देखे।' SHO बोले- मजाक में कहा सही बताओ सवाल: आप थाना प्रभारी हैं आपकी एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आई है। जवाब: वीडियो में मेरे साथ थाना पुलिस भी है। झुग्गियों में लोगों का सत्यापन कराया जा रहा था, जिसमें मेरा मकसद सिर्फ इतना था की तलाशी के दौरान सही बता सके कि आप कहां के रहने वाले हैं। सवाल: इस क्षेत्र में सत्यापन आखिर क्यों किया जा रहा है? जवाब: इसी क्षेत्र में पूर्व में भी पांच बांग्लादेशी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिन्हें पूर्व में जेल भेजा गया था। इसकी कौशांबी थाने में FIR भी दर्ज है, यहां जो भी झुगगी झोपड़ी में अलग-अलग लोग रह रहे हैं उनको लेकर ऊपर से निर्देश दिए गए जिनका सत्यापन कराया जा रहा है। सवाल: क्या कोई मशीन ऐसी है आपके पास जो नागरिकता चेक कर सकती है? जवाब: ऐसी कोई मशीन नहीं है, मैंने यह गलत तरीके में नहीं कहा था, मैं हंसते हुए बोल रहा था कि सही बताओ, नहीं तो मशीन बता देगी आप कहां के रहने वाले हो, मेरा मकसद सिर्फ इतना था। सवाल: आपने अभियान के दौरान बांग्लादेशी क्यों कहा? जवाब: पूर्व में इसी क्षेत्र से पांच बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार होकर जेल गए थे, जिस संबंध में थाने में पूर्व का मुकदमा दर्ज है। इसी को लेकर यह अभियान चलाया गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने जांच शुरू कराई कौशांबी थाने के SHO अजय शर्मा द्वारा तलाशी के दौरान बिहार के युवक को बांग्लादेशी बताने और मशीन से चेक करने की बात कहने वाले थाना प्रभारी के खिलाफ जांच शुरू। एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर वीडियो का संज्ञान लिया गया है। इस मामले में इंदिरापुरम एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव को जांच दी गई है। अब एसीपी का बयान पढ़िए एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक वायरल वीडियो संज्ञान में आया है। जिसकी जांच के क्रम में यह पाया गया कि वायरल वीडियो थाना क्षेत्र कौशांबी में स्थानीय पुलिस टीम के द्वारा किए जा रहे एरिया कांबिनेशन का है। एरिया कांबिनेशन के समय अस्थाई बस्ती और झुग्गी में रहने वाले निवासियों से पूछताछ और सत्यापन की प्रक्रिया की जा रही थी। इस दौरान थाना प्रभारी कौशांबी द्वारा वहां रह रहे निवासियों से वार्ता की जा रही है। इस संबंध में थाना प्रभारी कौशांबी को सख्त चेतावनी दी गई है कि ऐसी व्यवहार की भविष्य में पुनरावृत्ति ना हो सभी तथ्यों की जांच कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। ............ ये खबर भी पढ़िए यूपी में बूंदाबांदी, 4 दिन भयंकर ठंड पड़ेगी:30 जिलों में कोहरा, इटावा में ट्रक टकराए, ड्राइवर जलकर कंकाल हुआ उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर जारी है। शिमला, मनाली और नैनीताल जैसे हिल स्टेशनों से भी ज्यादा सर्दी पड़ रही है। इस बीच नए साल पर पश्चिमी यूपी में मथुरा, हाथरस, बदायूं और फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में हुई बूंदाबांदी ने ठिठुरन बढ़ा दी। प्रदेश में सीजन में पहली बार रात के वक्त न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पूरी खबर पढ़िए
पानीपत जिले के समालखा के गांव मानना की सरपंच रेखा देवी को विकास कार्यों और पंचायत भूमि को पट्टे पर देने में पाई गई गड़बड़ी के चलते जिला उपायुक्त कार्यालय की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) समालखा द्वारा की गई जांच के आधार पर की गई है, जिसमें सरपंच को दोषी पाया गया है। पंचायत ने 18 एकड़ भूमि की बोली लगाई नोटिस में दी गई जानकारी के अनुसार, पंचायत ने 18 एकड़ भूमि की बोली लगाई थी, लेकिन यह सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई। सरपंच पर इस 18 एकड़ भूमि की बोली के पैसे जब्त करने का आरोप है। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत की यह 18 एकड़ भूमि, जो पिछले कई वर्षों से पट्टे पर दी जा रही थी, उसे हाल में बनाए पट्टों में शामिल नहीं किया गया। न ही इसकी बोली लगाई, जबकि निरीक्षण के दौरान यह पूरी भूमि खेती के अधीन पाई गई है। प्लॉटों की रजिस्ट्री पहले ही हो चुकी जांच में यह भी सामने आया है कि खसरा नंबर 49/4-5 और 50/1 की लगभग तीन एकड़ भूमि ग्राम पंचायत द्वारा पट्टे पर दी गई है। जबकि रिकॉर्ड के अनुसार, यह भूमि महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना 2008 के तहत 100 वर्ग गज के प्लॉट काटने के लिए निर्धारित थी। इन प्लॉटों की रजिस्ट्री प्लॉट धारकों के नाम पहले ही हो चुकी है। जांच पड़ताल में पाया गया है कि सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग किया है। उनके खिलाफ हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बेवजह तंग कर पैसों की डिमांड को कैसे पूरा करें- सरपंच प्रतिनिधि इस संबंध में मनाना सरपंच प्रतिनिधि प्रवीण ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा बेवजह तंग कर पैसों की डिमांड की जा रही है, हमारे द्वारा पैसों की मांग पूरी नहीं करने पर उनके द्वारा शिकायत दी गई है। फिलहाल प्रशासन की जांच पूरी नहीं हुई है, जो कि अधर में अटकी हुई है। हमारे द्वारा गांव में सभी विकास कार्यों को ठीक प्रकार से करवाया गया है और आगे भी सभी विकास कार्यों को ठीक से ही करवाया जाएगा।
इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र में एक युवती को झांसे में लेकर होटल बुलाने और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता के अनुसार चार युवकों ने उसे बहाने से बुलाया और फिर होटल में उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। घटना के दौरान युवती के शोर मचाने पर आरोपी घबरा गए और उसे छोड़कर फरार हो गए। डरी-सहमी हालत में युवती किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों के साथ युवती थाने पहुंची, और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक युवती सहित चार युवकों के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास, नशीला पदार्थ देने, छेड़छाड़ सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। रेस्टोरेंट में खाने का कह होटल ले गई युवती भंवरकुआ थाना पुलिस के अनुसार गुरुवार को एक युवती थाने पहुंची और उसके साथ होटल में दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज कराया। पीड़िता ने बताया कि एक युवती सिमरन ने उसे झांसे में लेकर होटल बुलाया, जहां कुछ युवकों ने उसे नशा देकर उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। पुलिस ने इस मामले में अंकुश राठौर, जगदीश रतनावत, हर्षवर्धन वैद्य और बिहारी नामक युवकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। परिचित युवक ने कराई थी पहचान पीड़िता के मुताबिक उसका एक परिचित युवक राजा है, जिसने 31 दिसंबर को उसे सिमरन के साथ मार्केट जाने को कहा था। पीड़िता पहले कभी सिमरन से नहीं मिली थी, लेकिन राजा के कहने पर उसने अपनी मां से पूछा और साथ जाने को राजी हो गई। सिमरन ने उसे शनि धाम चौराहे पर बुलाया, लेकिन वहां पहुंचने पर वह नहीं मिली। कुछ देर बाद सिमरन का फोन आया और उसने राजबाड़ा बुलाया। जब पीड़िता वहां पहुंची तो सिमरन के साथ हर्ष और अंकुश मौजूद थे। इसके बाद सिमरन ने पहले रेस्टोरेंट में खाना खाने और फिर शॉपिंग करने की बात कही। कुछ देर बाद दो अन्य युवक बाइक से वहां पहुंचे। सभी लोग पीड़िता को विष्णुपुरी स्थित मूनलाइट होटल ले गए। वहां सिमरन ने यह कहकर टाल दिया कि अंदर रेस्टोरेंट है। होटल में पीड़िता का पहचान पत्र लेकर रख लिया गया और नाश्ते के साथ बीयर मंगवाई गई। जब पीड़िता ने आपत्ति जताई तो कहा गया कि थोड़ी देर में यहां से निकल जाएंगे। नींबू पानी के बहाने दिया नशीला पदार्थ कुछ समय बाद नींबू पानी के बहाने पीड़िता को नशीला पदार्थ पिलाया गया, जिससे उसे चक्कर आने लगे और वह असहज महसूस करने लगी। इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। जिस पर युवती ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर एक युवक ने उससे पूछा कि क्या वह अपनी मर्जी से आई है। पीड़िता ने साफ कहा कि सिमरन उसे झूठ बोलकर यहां लाई है। इसके बाद उसे कमरे से बाहर बैठा दिया गया। देर शाम आरोपी हर्ष उसे शनि धाम चौराहे पर छोड़ गया और धमकी दी कि किसी को कुछ न बताए। डरी-सहमी पीड़िता घर पहुंची और पूरी घटना अपनी मां को बताई। इसके बाद गुरुवार को पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की और सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने वर्ष 2025 में अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। पिछले वर्ष 2024 की तुलना में अपराध के आंकड़ों में स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई। पुलिस ने विभिन्न अभियानों और सख्त कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों पर प्रभावी शिकंजा कसा। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले के विभिन्न थानों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुल 99 मुकदमे दर्ज किए गए। इस दौरान लगभग 400 अपराधियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत साल भर में करीब 16 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की। इसके अतिरिक्त, 133 मामलों में गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई, जिससे असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगा। पुलिस की सक्रियता पूरे वर्ष जारी रही, जिसके तहत 50 बदमाशों के साथ मुठभेड़ हुई। इन मुठभेड़ों में कई अपराधी घायल हुए और उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत करीब 9 करोड़ रुपये का कैश और नशीले पदार्थों की बड़ी खेप बरामद की गई। 'मिशन शक्ति' अभियान के कारण महिला अपराधों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई, जो कानून व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक पहलू है। वर्ष 2025 प्रतापगढ़ पुलिस के लिए सफल रहा, हालांकि वर्ष 2026 नई चुनौतियां लेकर आया है। पुलिस के सामने अब अपराध के ग्राफ को और नीचे लाने तथा कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने की चुनौती है।
सिंगरौली जिले के बरगवां वन परिक्षेत्र में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का एक वीडियो सामने आया है। झुरही, देवरा और कोल्हा के जंगलों में बहुमूल्य खैर के पेड़ों की कटाई का यह वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इन इलाकों में लंबे समय से कीमती लकड़ियों की अवैध कटाई जारी है। हैरानी की बात यह है कि इन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए बीट गार्ड से लेकर अन्य चौकीदारों तक की तैनाती पहले से मौजूद है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद अवैध कटाई पर रोक नहीं लग पा रही है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है। वीडियो में जंगल के भीतर कटे हुए खैर के पेड़ और लकड़ी के ठूंठ स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं, जो बड़े पैमाने पर नुकसान की ओर इशारा करते हैं। 50 से ज्यादा पेड़ों की कटाई स्थानीय निवासी अनिल कुमार शाह ने दावा किया है कि झुरही, देवरा और कोल्हा के जंगलों में करीब 50 से अधिक खैर के पेड़ों की कटाई की जा चुकी है। उन्होंने आशंका जताई कि जंगल के भीतर और भी पेड़ काटे गए हो सकते हैं, जिनकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। खुद जाकर करेंगे जांच इस मामले में बरगवां रेंज के रेंजर विकास मिश्रा ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे और पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी। यदि अवैध कटाई में किसी गिरोह या व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देश के चर्चित रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के 17वें सीजन में बीजापुर में तैनात सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) में इंस्पेक्टर बिप्लव बिश्वास ने 1 करोड़ रुपए जीता है। वर्तमान में बीजापुर में पोस्टेड हैं। वे KBC सीजन-17 के दूसरे करोड़पति बने हैं। बिप्लव बिश्वास मूल रूप से झारखंड के रांची के रहने वाले हैं। उन्होंने ‘फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट’ राउंड जीतकर हॉटसीट तक का सफर तय किया। शो की शुरुआत में उन्होंने अमिताभ बच्चन से गले मिलने की इच्छा जाहिर की, जिसे बिग बी ने स्वीकार किया। बातचीत के दौरान बिप्लव ने जंगलों में अपनी तैनाती, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और साथी जवानों के बलिदान का जिक्र किया। उनके आत्मविश्वास, ज्ञान और समझदारी से खुश होकर अमिताभ बच्चन ने उन्हें पूरे परिवार के साथ अपने घर डिनर पर बुलाया है। बिना लाइफलाइन 5 लाख तक सही जवाब खेल के दौरान बिप्लव बिश्वास ने 5 लाख रुपए तक के सभी सवालों के जवाब बिना किसी लाइफलाइन के दिए। 12.50 लाख रुपए के सवाल पर उन्होंने ऑडियंस पोल का इस्तेमाल किया। जबकि 25 लाख रुपए के लिए संकेतसूचक (Ask the Expert) लाइफलाइन ली। वहीं 50 लाख रुपए के सवाल में उन्होंने 50-50 लाइफलाइन का सहारा लिया। 1 करोड़ के सवाल पर लिया तुरंत फैसला एक करोड़ रुपए के सवाल पर बिप्लव ने बताया कि प्रश्न सुनते ही उन्होंने तुरंत जवाब देने का निर्णय ले लिया था। उन्होंने ‘डी’ विकल्प चुना, जो सही साबित हुआ और इस तरह उन्होंने एक करोड़ रुपए की राशि जीत ली। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से जुड़ा सवाल 1 करोड़ रुपए के लिए उनसे पूछा गया सवाल था कि 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को फ्रांस से अमेरिका ले जाने वाले जहाज का नाम क्या था?' इस प्रश्न का सही उत्तर ‘इसेयर’ था। बिप्लव ने बताया कि उन्हें उस जहाज के स्टीयरमैन का नाम तक याद था, जिसकी वजह से उन्हें अपने उत्तर पर पूरा भरोसा था। ये हैं केबीसी- 17 के पहले करोड़पति उत्तराखंड के सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट और आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार ने केबीसी सीजन- 17 के पहले करोड़पति बने थे। 33 परीक्षाओं में असफलताओं का सामना करने के बावजूद, उन्होंने 2017 में यूपीएससी पास करने के लिए कड़ी मेहनत की और अब पंजाब में एएसपी के पद पर कार्यरत हैं। केबीसी (KBC) क्या है? कौन बनेगा करोड़पति (KBC) भारत का एक लोकप्रिय टीवी क्विज रियलिटी शो है। यह शो सामान्य ज्ञान पर आधारित होता है, जिसमें प्रतिभागी सवालों के सही जवाब देकर राशि जीतते हैं। शो की मेजबानी आमतौर पर अमिताभ बच्चन करते हैं। प्रत्येक सही जवाब पर इनाम राशि बढ़ती जाती है। प्रतिभागियों को मदद के लिए लाइफलाइन दी जाती हैं। (जैसे 50-50, ऑडियंस पोल, एक्सपर्ट से पूछें) ................................ यह खबर भी पढ़ें... 'कौन बनेगा करोड़पति' के मंच पर चमके दुर्ग के रोमशंकर:27 साल में लगाए 8.5 लाख पौधे, अमिताभ बच्चन बोले-अभिषेक-श्वेता के नाम पर लगाएंगे पौधे दुर्ग जिले के रहने वाले रोम शंकर यादव को 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) के मंच पर अभिनेता अमिताभ बच्चन ने सम्मानित किया। बिग बी ने उन्हें 'फोर्स फॉर गुड हीरोज' सम्मान से नवाजा। साथ ही बच्चन ने कहा कि वह भी अपने बच्चों के बर्थडे में उनके नाम पर पौधे लगाएंगे। पढ़ें पूरी खबर...
मैनपुरी में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षकों के समायोजन में कथित अनियमितताओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संगठन के जिलाध्यक्ष अरुण यादव ने पदाधिकारियों के साथ पहुंचकर जिलाधिकारी से समायोजन सूची को सार्वजनिक करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि समायोजन प्रक्रिया में कई विसंगतियां बरती गई हैं। कुछ विद्यालयों में वरिष्ठ शिक्षकों के स्थान पर कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन कर दिया गया है, जबकि नियम के अनुसार पहले वरिष्ठ शिक्षकों को हटाया जाना चाहिए। उदाहरण के तौर पर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुतुबपुर बुजुर्ग और उदनाडांडा (विकासखंड करहल) में यह अनियमितता देखी गई है। इसके अतिरिक्त, कुछ विद्यालयों में सरप्लस शिक्षक होने के बावजूद उन्हें वहीं कार्यरत रखा गया और समायोजन से मुक्त रखा गया। मैनपुरी नगर क्षेत्र में भी सरप्लस शिक्षकों को उनके वर्तमान विद्यालय में ही रोक दिया गया, जबकि उपलब्ध डेफिसिट विद्यालयों में उनका समायोजन नहीं किया गया। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला शिक्षकों को असुविधाजनक मार्गों पर स्थित विद्यालयों में समायोजित किया गया है। साथ ही, कुछ विद्यालयों में यू-डाइस पोर्टल पर अंकित छात्र संख्या विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं के कारण विद्यालय में कुल नामांकित छात्रों की वास्तविक संख्या से कम प्रदर्शित हो रही है। इस कारण ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों को सरप्लस न होते हुए भी सरप्लस चिन्हित कर लिया गया है, जबकि छात्र संख्या में इस अंतर के लिए संबंधित शिक्षक दोषी नहीं हैं। संगठन ने मांग की है कि विद्यालयों में वास्तविक छात्र संख्या के आधार पर ही शिक्षकों को सरप्लस चिन्हित किया जाए।
छिंदवाड़ा में परासिया रोड स्थित ग्राम मोहदई में शुक्रवार को एक किसान की स्कूटी में कोबरा सांप घुस गया। खेत से लौटे किसान मुरली सूर्यवंशी ने स्कूटी के टायर के पास सांप देखा था, जो बाद में गाड़ी के अंदर छिप गया। सांप को निकालने के लिए सर्प मित्र हेमंत गोदरेज को बुलाया गया। मौके पर स्कूटी खोलने के लिए टूल नहीं मिले, तो सर्प मित्र ने जोखिम उठाया। वह सांप के अंदर रहते हुए ही स्कूटी को 3 किलोमीटर चलाकर गैरेज तक ले गए, जहां उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर ग्राम मोहदई में किसान मुरली सूर्यवंशी खेत से काम करके लौटे थे। तभी उन्हें स्कूटी के टायर के पास कोबरा बैठा दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीणों ने सांप को भगाने की कोशिश की, लेकिन वह स्कूटी के अंदर घुसकर छिप गया। काफी देर इंतजार और तलाश के बाद भी जब सांप नहीं निकला, तो सर्प मित्र को सूचना दी गई। मौके पर टूल नहीं मिले तो रिपेयरिंग शॉप ले गएसूचना मिलते ही सर्प मित्र हेमंत गोदरेज करीब 20 मिनट में मौके पर पहुंच गए। उन्होंने स्कूटी के पार्ट खोलने की कोशिश की, लेकिन वहां जरूरी टूल उपलब्ध नहीं थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हेमंत ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने खुद स्कूटी चलाई और उसे करीब 3 किलोमीटर दूर एक रिपेयरिंग/सर्विसिंग दुकान तक पहुंचाया। मकैनिक ने स्कूटी खोली, तब निकला कोबरादुकान संचालक के पास उपलब्ध टूल की मदद से स्कूटी को खोला गया। काफी मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इसके बाद किसान और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सर्प मित्र बोले- गाड़ी चलाकर ले जानी पड़ीसर्प मित्र हेमंत गोदरेज ने बताया, 'किसान ने फोन पर सूचना दी थी। मौके पर पहुंचने पर टूल न मिलने के कारण गाड़ी को चलाकर सर्विसिंग दुकान तक ले जाना पड़ा। वहां टूल की मदद से स्कूटी खोलकर कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला गया।'
मंडला में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने नए साल पर 14 मेधावी छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं। यह कार्यक्रम शुक्रवार को जिला योजना भवन में हुआ। इसका मकसद दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से अध्ययन के लिए आने वाली छात्राओं को सुविधा देना है। क्षेत्रीय प्रबंधक बोले-बैंक अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करता है एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक आनंद कुमार ने बताया कि यह पहल दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से स्कूल-कॉलेज आने वाली मेधावी छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखकर की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय स्टेट बैंक केवल बैंकिंग सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करता है। बैंक अपने फायदे का एक हिस्सा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत समाज हित में खर्च करता है और साल भर इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन करता रहता है। कलेक्टर ने बैंक की पहल की सराहना की इस मौके पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने एसबीआई की इस पहल की सराहना की। छात्राओं ने भी इस कदम को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि पहले वे ऑटो से स्कूल आती थीं, लेकिन अब साइकिल मिलने से उन्हें ऑटो का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी। कार्यक्रम में कलेक्टर सोमेश मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शाश्वत सिंह मीणा, एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक आनंद कुमार सहित अन्य अधिकारी, छात्राएं और उनके पेरेंट्स उपस्थित रहे।
मैनपुरी में उत्तर प्रदेश बार काउंसलिंग चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मैनपुरी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सौरभ यादव ने यूपी बार काउंसलिंग के सदस्य पद के लिए अपनी उम्मीदवारी घोषित की है। अपनी उम्मीदवारी के बाद, सौरभ यादव ने मैनपुरी कलेक्ट बार एसोसिएशन में नवनियुक्त जिला अध्यक्ष दिनेश यादव से मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान अधिवक्ताओं से भी जनसंपर्क किया। सौरभ यादव उत्तर प्रदेश बार काउंसलिंग में सदस्य पद के लिए लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से संवाद करते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद वे मैनपुरी से अधिवक्ताओं की ताकत बनकर उनकी सभी मूल समस्याओं का समाधान करेंगे।
रोहतक में इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष डॉ. नफे सिंह ने भाजपा के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा पर जुबानी हमला किया है। नफे सिंह ने कहा कि रामचंद्र जांगड़ा को भाजपा के अलावा कोई नेता नहीं मानता। रामचंद्र जांगड़ा को छुटभैया कहते हुए नफे सिंह ने कहा कि चौधरी देवीलाल को देश ही नहीं, विदेशों में भी ताऊ की उपाधि दी गई, उन पर टिप्पणी करने से घटिया बात नहीं हो सकती। डॉ. नफे सिंह ने कहा कि चौधरी देवीलाल के समय कोई जातपात की बात ही नहीं होती थी। आज रामचंद्र जांगड़ा नहीं बोल रहा, बल्कि भाजपा सरकार की पॉलिसी है कि जब 6 माह या साल भर साइलेंट वातावरण हो जाए तो रामचंद्र जांगड़ा या राजकुमार सैनी को बोलने के लिए छोड़ देते है, जिससे प्रदेश का भाईचारा खराब हो। रोहतक, झज्जर व सोनीपत पर विशेष फोकस डॉ. नफे सिंह ने कहा कि इनेलो का रोहतक, झज्जर और सोनीपत पर विशेष फोकस है, क्योंकि रोहतक हरियाणा का केंद्र बिंदू है और हरियाणा की राजनीति में रोहतक से ही बदलाव होता है। इनेलो पार्टी भी रोहतक से ही सत्ता परिवर्तन की शुरुआत करने का प्रयास कर रही है। इनेलो जिलाध्यक्ष के भाई का हुआ अपहरण डॉ. नफे सिंह ने कहा कि पानीपत के जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई का अपहरण हो गया और उसकी गाड़ी पंजाब में टोल के पास मिली। लेकिन आज तक पुलिस आरोपियों को ट्रेस नहीं कर पाई। सरकार की मंशा ही नहीं लग रही कि क्राइम पर रोक लगाई जाए। आज भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। भाजपा केवल जातिपाति की राजनीति कर रही है। भूपेंद्र हुड्डा ने अमित शाह के दरबार में जनता के विश्वास को बेचा इनेलो नेता मंजीत कन्हेली ने भूपेंद्र हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा में कांग्रेस की मिलीभगत से तीसरी बार भाजपा सरकार बनी। जनता ने भूपेंद्र हुड्डा को सिर आंखों पर बैठाया और सरकार बनाने का विश्वास दिलाया था। लेकिन भूपेंद्र हुड्डा ने अमित शाह के दरबार में जाकर जनता के विश्वास को बेच दिया। मंजीत कन्हेली ने कहा कि आज प्रदेश में गुंडागर्दी अपने चरम पर है और व्यापारियों को धमकियां मिल रही है। आज लोगों ने अभय सिंह चौटाला को अपना नेता मान लिया है और आने वाले 2029 के चुनाव में कांग्रेस और भाजपा को सत्ता से बाहर करके इनेलो की सरकार बनाने का काम करेंगे।
प्रयागराज के होलागढ़ थाना क्षेत्र में पति ने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी। मायके वालों की तहरीर पर पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। यह घटना 1 जनवरी की रात को हुई। बालकरनपुर थाना क्षेत्र के सोरांव गांव में रहने वाले लाल बहादुर मौर्य की बेटी खुशबू (30) की शादी लगभग 10 साल पहले होलागढ़ के रहने वाले रजनीश मौर्य (35) से हुई थी। खुशबू और रजनीश के दो बच्चे तीन साल का बेटा रूद्र मौर्या और डेढ़ साल की बेटी खुशी है। परिजनों ने बताया कि रजनीश किसी और महिला से बातचीत करने लगा था, जिसके कारण खुशबू और रजनीश के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। इस मामले को लेकर मायके और ससुराल पक्ष के बीच कई बार पंचायत भी हुई, जिसमें दोनों को समझाकर साथ रहने की सलाह दी गई थी। साड़ी से गला घोंट दिया नए साल की 1 जनवरी की रात करीब 10 बजे रजनीश कहीं से घूमकर घर लौटा। पत्नी खुशबू ने उसे इस बात पर टोका, जिससे नाराज होकर पति ने खुशबू की साड़ी से उसका गला घोंट दिया और फिर शव को पंखे से लटका दिया। इस घटना की गवाह डेढ़ साल की मासूम बेटी खुशी है, जो पूछने पर घटना के बारे में बता रही है। उसका एक वीडियो भी सामने आया है। लाल बहादुर मौर्य ने बेटी की ससुराल पहुंचकर होलागढ़ थाने में दामाद रजनीश के खिलाफ बेटी की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक होलागढ़ वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है। पुलिस के अनुसार, शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। गुण-दोष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों का समायोजन करना बेसिक शिक्षा विभाग में कठिन रहा है। फिरभी अब तक जो भी समायोजन हुए हैं, उनको लेकर बहुत सवाल नहीं उठाए जा सके थे। लेकिन इस बार दिसंबर के अंतिम सप्ताह में जो सूची जारी की गई है, वह गंभीर सवालों से घिरी है। इस सूची के जारी होने के बाद से ही हंगामा मचा है। शिक्षक संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं और कई शिक्षकों ने लिखित रूप से अपना विरोध जताया है। सबसे बड़ी कमी यह है कि इस सूची में नियमों की एकरूपता ही नजर नहीं आती। एक ही जिले में अलग-अलग नियम नजर आ रहे हैं। पहले जहां सार्वजनिक रूप से काउंसिलिंग के जरिए सूची को अंतिम रूप दिया जाता था, वहीं इस बार बंद कमरे में सूची तैयार कर सीधे सार्वजनिक कर दी गई। इस सूची को जब शिक्षकों ने देखा तो उनके होश उड़ गए। इस सूची में प्रभावशाली शिक्षकों को बचाने का जतन भी नजर आता है। फिलहाल शिक्षक संगठन इसको लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। पहले जानिए किस तरह की कमियां नजर आ रही हैंअलग-अलग ब्लाकों में अलग-अलग नियम नजर आ रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के नियमों के मुताबिक जिस विद्यालय पर 150 छात्र से कम होंगे, वहां प्रधानाध्यापक का पद नहीं होगा। यानी यहां से यदि किसी सीनियर शिक्षक को समायोजित करना होगा तो वह प्रधानाध्यापक का कार्यभार देख रहा शिक्षक ही होगा। लेकिन भटहट ब्लाक में 150 से कम शिक्षक संख्या वाले स्कूल पर सबसे वरिष्ठ शिक्षक को छोड़ दिया गया और ब्रह्मपुर ब्लाक में सबसे वरिष्ठ यानी प्रधानाध्यापक का कार्यभार देख रही महिला शिक्षक को गैर ब्लाक में समायोजित कर दिया गया।एक महिला शिक्षक ने जिले के कैंपियरगंज ब्लाक में 2013 में ज्वाइन किया था लेकिन जब सूची आयी तो उसे 2009 में ज्वाइन दिखाकर सबसे वरिष्ठ बताकर समायोजित कर दिया गया। जबकि 2009 में उसकी ज्वाइनिंग महराजगंज जिले में थी और 2013 में अंतरजनपदीय स्थानांतरण के जरिए वह गोरखपुर आयी थीं। यानी इस जिले में उनकी ज्वाइनिंग 2013 से मानी जानी चाहिए। इसी विद्यालय पर उनसे सीनियर शिक्षक हैं और उनको बचा लिया गया। एक ब्लाक में छात्रों की संख्या के अनुपात में कई शिक्षक सरप्लस हैं लेकिन वहां के शिक्षकों को इस समायोजन से बाहर रखा गया है। किसी विद्यालय पर कुल 4 अध्यापक हैं तो वहांसरप्लस की सूची में 6 अध्यापक दिखा दिए और दो अध्यापकों को समायोजन में डाल दिया गया। यह भी आरोप लग रहे हैं कि पिछले एक सप्ताह में कुछ विद्यालयों की छात्र संख्या बदल दी गई, जिससे वहां कुछ शिक्षक बच सकें। किसी विद्यालय पर एक अध्यापक को सरप्लस दिखाया लेकिन समायोजन दो लोगों का कर दिया। एक सवाल यह भी उठ रहा है कि वरिष्ठता सूची का निराकरा किए बिना ही समायोजन कर दिया गया। अलग-अलग जिलों में अलग-अलग नियम है। किसी जिले ने वरिष्ठ शिक्षकों को समायोजित किया है तो कहीं जूनियर शिक्षकों को उनके विद्यालयों से हटाया गया है। बंद व एकल विद्यालय पर पहले नहीं तैनात हुए शिक्षकजुलाई 2025 में गैर जनपद से जो शिक्षक आए थे उन्हें बंद व एकल विद्यालयों पर समायोजित नहीं किया गया। इस समायोजन के पीछे बंद व एकल विद्यालयों पर शिक्षकों की संख्या बढ़ाने का तर्क दिया जा रहा है। शहर से सटे ब्लाकों के शिक्षकों को दूरस्थ ब्लाकों में भेजा गया है। कोर्ट जाने की तैयारी में शिक्षकइस समायोजन नीति के विरोध में कई शिक्षक कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। वे कई तरह की कमियां उजागर कर रहे हैं। बीएसए कार्यालय पर भी शिक्षक नेताओं का जमावड़ा लगा है। वे नियमों मे एक रूपता व इस सूची को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।
सीहोर के बुधनी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक घर में गैस लीकेज के कारण आग लग गई। यह घटना ओवरब्रिज के पास स्थित एक मकान में हुई, जहां एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई है। ओवरब्रिज के पास मकान में हुआ हादसा घटना बुधनी के ओवरब्रिज के पास स्थित एक मकान की है। बताया गया कि मकान में राजू नामक युवक अकेला रहता है। शुक्रवार सुबह अचानक उसके घर से तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग घबरा गए। धमाके के बाद स्थानीय लोगों ने दी पुलिस को सूचना धमाके की आवाज सुनते ही पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गया और स्थिति का जायजा लिया। बुधनी के एसडीओपी रवि शर्मा ने बताया कि राजू ने पुलिस को जानकारी दी है कि उसने हाल ही में नया गैस सिलेंडर चूल्हे से जोड़ा था। सिलेंडर से अत्यधिक गैस का रिसाव हो रहा था, जिससे उसका छोटा कमरा गैस से भर गया। लाइटर जलाते ही पूरे कमरे में फैली आग एसडीओपी के अनुसार, जब राजू ने लाइटर से गैस जलाने की कोशिश की, तो अचानक पूरे कमरे में आग फैल गई। आग की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गया। आग लगने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से झुलसे युवक को तुरंत उपचार के लिए क्षेत्र के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और राजू के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में गैस लीकेज को ही आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गैस सिलेंडर बदलते समय सावधानी बरतें और किसी भी तरह की गैस गंध महसूस होने पर तुरंत बिजली या आग जलाने से बचें।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक पति ने अपनी पत्नी का मर्डर कर दिया है। आरोपी पति सेतु चौहान (34 साल) को अपनी पत्नी पर दूसरे युवक से अफेयर का शक था। नए साल के पहले दिन 1 जनवरी 2026 की रात इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ जिसके बाद उसने लोहे के हथियार से पत्नी के गर्दन में मारकर मौत के घाट उतार दिया। मामला जूटमिल थाना क्षेत्र का है। आरोपी ने रात में बनसिया रोड पर घटना को अंजाम दिया और खुद थाना पहुंचकर मामले की जानकारी पुलिस को दी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। चरित्र संदेह को लेकर अक्सर झगड़ा होता था जानकारी के मुताबिक, पुसौर के नवापारा का रहने वाला सेतु चौहान (34 साल) पिछले कुछ समय से अपनी पत्नी निशा चौहान (30 साल) और दो बच्चों के साथ चमड़ा गोदाम में किराए के मकान में रह रहा था। उसे अपनी पर पत्नी पर चरित्र संदेह था। इसे लेकर उनके बीच कई बार बहस होती थी। जहां 1 जनवरी 2026 की रात इसी बात को लेकर दोनों के बीच फिर से विवाद हुआ। इसके बाद रात तकरीबन 8 बजे सेतु अपनी पत्नी को सांगीतराई से बनसिया रोड पर लेकर गया और वहां उसके गर्दन पर लोहे के कत्ते (बकरा-मुर्गा काटने का हथियार) से जोरदार मारा। इससे निशा खून से लथपथ में गिर गई और मौके पर उसकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देकर सेतु जूटमिल थाना पहुंचा और मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची जानकारी मिलते ही पुलिस के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजवाया। बताया जा रहा है कि सेतु को जेल काॅम्पलेक्स क्षेत्र में रहने वाले किसी युवक के साथ उसकी पत्नी का अफेयर होने का संदेह था। जिसके कारण उसने घटना को अंजाम दिया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही इस संबंध में जूटमिल थाना प्रभारी प्रशांत आहेर ने बताया कि रात की घटना है। आरोपी ने अपनी पत्नी पर चरित्र पर शंका में उसकी हत्या कर दी। फिलहाल मामले में पुलिस आरोपी के खिलाफ अपराध कायम कर आगे की कार्रवाई में जूट गई है। ................... इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें... बिहार के युवक ने रायपुर में पत्नी को मार डाला: फिर ट्रेन के आगे कूदकर कर ली आत्महत्या, 5 साल पहले की थी लव मैरिज रायपुर में मंगलवार की सुबह पति ने अपनी पत्नी को गला घोंटकर मार डाला। मर्डर के बाद पति ने रेलवे ट्रैक पर जाकर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। पत्नी का शव घर के सोफे पर मिला, जबकि पति का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर...
अंबाला कैंट क्षेत्र के टुंडला गांव में गुरुवार देर रात गैंगवार और रंजिश के चलते भारी तनाव फैल गया। भूप्पी राणा गैंग से जुड़े अमन सोनकर के करीब एक दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने एक किसान के घर पर हमला बोल दिया। इस दौरान बदमाशों ने सीधे किसान पर पिस्टल से फायरिंग की, लेकिन वह बाल-बाल बच गया। पंजोखरा थाना पुलिस को दी गई शिकायत में गांव टुंडला निवासी रणधीर सिंह ने बताया कि 1 जनवरी की रात करीब 10:30 बजे अमन सोनकर का फोन आया। अमन ने आरोप लगाया कि गांव के एक युवक ‘काडी’ ने उनके लड़के का बैग उठा लिया है। रणधीर ने आमने-सामने बैठकर बात करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन अमन ने अपने गुर्गों को भेज दिया। चार बाइक और तीन एक्टिवा पर सवार होकर आए सत्यम, शिवम, मोनू, आकाश, राजू और अन्य बदमाशों ने आते ही झगड़ा शुरू कर दिया। इसी बीच आरोपी सत्यम ने पिस्टल निकालकर रणधीर पर गोली चला दी। रणधीर ने फुर्ती दिखाते हुए खुद को बचाया, जिससे उसकी जान बच गई। कांच की बोतलें फेंककर खदेड़े हमलावरहमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे रुकने को तैयार नहीं थे। अपनी जान बचाने के लिए रणधीर और उसके साथियों ने घर में रखी कांच की बोतलें बदमाशों पर फेंकनी शुरू कीं। इसके बाद हमलावर मौके से भाग निकले। भागते समय बदमाश अपनी एक एक्टिवा और वह बैग वहीं छोड़ गए। पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों में रोषवारदात की सूचना मिलते ही पंजोखरा थाना पुलिस, सीआईए-1 और सीआईए-2 की टीमें मौके पर पहुंचीं और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने सत्यम, शिवम, मोनू समेत पांच नामजद और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। गांव के पूर्व सरपंच बिल्लू ने घटना पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि बदमाश अब गांवों के अंदर घुसकर तांडव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सुरक्षा चूक को लेकर वे जल्द ही परिवहन एवं ऊर्जा मंत्री अनिल विज और एसपी अंबाला से मुलाकात करेंगे। SHO बोले- आपसी झगड़े में चली गोलीथाना प्रभारी जय सिंह ने बताया, “आपसी झगड़े के बाद आरोपी सत्यम ने गोली चलाई है। पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।”
उमरिया जिले के चंदिया–खितौली–अतरिया मार्ग पर एक साल पहले बनी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। लोक निर्माण विभाग की सख्ती के बाद संबंधित ठेकेदार ने अब इसकी मरम्मत का कार्य कर दिया है। यह सड़क लगभग 3 किलोमीटर लंबी है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस सड़क का इतनी कम अवधि में खराब होना इसकी निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। दैनिक भास्कर में सड़क की खराब स्थिति को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया, जिसके परिणामस्वरूप मरम्मत कार्य शुरू हुआ। सड़क की खराब हालत की जांच हो रही लोक निर्माण विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह ने बताया कि सड़क की मरम्मत कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क इतनी जल्दी क्यों उखड़ गई, इसकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 5 साल तक सड़क की जिम्मेदारी ठेकेदार हैं।
रेवाड़ी जिले के बावल थाना क्षेत्र में चोरों ने चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने नांगल तेजू बस अड्डे सहित तीन अलग-अलग स्थानों पर स्थित 7 दुकानों और दो मंदिरों के दानपात्रों के ताले तोड़कर चोरी की। घटना से स्थानीय दुकानदारों में दहशत का माहौल है और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। दुकान से सामान और कैश चोरी जानकारी के अनुसार चोरों ने रात के समय बस अड्डे व रघुनाथपुरा के पास सात दुकानों के ताले तोड़े। इन दुकानों से लगभग ढाई लाख रुपए का सामान और नकदी चोरी की गई। इसके अलावा ढाणी अहीर स्थित शिव मंदिरों के दानपात्र को भी तोड़ा गया, जिनसे करीब 4 हजार रुपए की नकदी गायब मिली। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में तीन नकाबपोश चोर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। एक चोर कपड़े की दुकान में घुसकर अपने पुराने कपड़े उतारकर नए कपड़े पहनकर फरार हुआ। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस वारदात की सूचना मिलने पर बावल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है। घटना से स्थानीय दुकानदारों में भारी रोष है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में चोरियों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और पुलिस को अपनी गश्त बढ़ाने की आवश्यकता है।
लखनऊ एयरपोर्ट पर एअर इंडिया के एक विमान ने शुक्रवार को आसमान में 17 चक्कर काटे। घने कोहरे के कारण उसकी लैंडिंग नहीं हो पाई। आखिर में उसे दिल्ली के लिए डायवर्ट करना पड़ा। लखनऊ में बढ़े कोहरे की वजह से कई उड़ानें घंटों देरी से चल रही हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से सुबह 6:30 बजे लखनऊ पहुंचा एअर इंडिया एक्सप्रेस का विमान (IX-2171) घने कोहरे के कारण चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर नहीं उतर सका। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने कम दृश्यता के कारण इसे लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। लखनऊ से वापस दिल्ली डायवर्ट की गई एअर इंडिया एक्सप्रेस की यह उड़ा दिल्ली से लखनऊ सुबह 6:30 बजे पहुंचती है। इसके बाद यही सुबह 8 बजे रियाद रवाना होती है। लेकिन, आज इस घटना के चलते एअर इंडिया एक्सप्रेस का विमान (IX-189) रद्द कर दिया गया। ओमान एयर और फ्लाइनेस के विमान लेट इसके अतिरिक्त, मुंबई से रात 12:35 बजे लखनऊ पहुंचने वाली इंडिगो की उड़ान (6E-5264) लगभग 45 मिनट की देरी से पहुंची। रियाद से सुबह 9 बजे आने वाला फ्लाइनेस का विमान (XY-333) दोपहर 2:25 बजे तक पहुंचने की संभावना है। इसी तरह, झारसुगुड़ा से सुबह 10:15 बजे लखनऊ आने वाली स्टार एयर की उड़ान (S-5228) भी दोपहर 12:50 बजे पहुंची। लखनऊ से दम्माम के लिए सुबह 6:15 बजे उड़ान भरने वाला फ्लाइनेस का विमान (XY-897) दोपहर 3 बजे रवाना होगा। गुवाहाटी जाने वाली इंडिगो की उड़ान (6E-146) सुबह 7:55 बजे के बजाय डेढ़ घंटे देरी से रवाना हुई। मस्कट जाने वाली ओमान एयर की उड़ान (WY-266) सुबह 8:50 बजे की जगह 9:35 बजे रवाना हुई। इंडिगो और एअर इंडिया की उड़ानें भी देरी से उड़ी रियाद जाने वाली फ्लाइनेस की उड़ान (XY-334) सुबह 10 बजे के बजाय दोपहर 3:25 बजे रवाना होगी। किशनगढ़ जाने वाली स्टार एयर की उड़ान (XY-5223) सुबह 10:45 बजे के बजाय दोपहर 1:35 बजे उड़ान भरी। बेंगलुरु जाने वाली एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान (IX-2049) दोपहर 11:05 बजे की जगह 11:50 बजे रवाना हुई। दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान (6E-758) दोपहर 2:35 बजे के बजाय 3:40 बजे रवाना होगी। झारसुगुड़ा जाने वाली स्टार एयर की उड़ान (S-5229) शाम 5:25 बजे के बजाय रात 8:15 बजे रवाना होगी। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए... यूपी में 21 IAS का ट्रांसफर, इनमें 8 महिलाएं : योगी ने महिला IAS को दी अहम जिम्मेदारियां, 3 अफसर संभालेंगी राजस्व यूपी की योगी सरकार ने देर रात 8 महिला अफसरों समेत 21 IAS का ट्रांसफर किया है। इनमें ज्यादातर प्रमोशन पाए अफसर हैं, जिन्हें नई तैनाती मिली है। सचिव से प्रमुख सचिव बनने वाले दो और विशेष सचिव से सचिव बने कुछ अफसरों को भी नई तैनाती दी गई है। (पूरी खबर पढ़िए)
भिवानी में अनुसूचित जाति वर्ग के परिवार पर जानलेवा हमला करने और अभद्र जातिसूचक गालियां देने की घटना के 15 दिन बीतने के बाद अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी ना होने से आक्रोशित विभिन्न अनुसूचित जाति संगठनों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। शुक्रवार को दलित अधिकार मंच के जिला संयोजक सुखदेव सिंह पालुवास के नेतृत्व में एक पीड़ित प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को शिकायत दी। शिकायत सौंपते हुए सुखदेव सिंह पालुवास ने कहा कि 16 दिसंबर की शाम करीब साढ़े 7 बजे स्थानीय विद्या नगर स्थित शिवाजी मार्ग पर सैनिक गली के नजदीक निवासी बिजेंद्र कुमार के परिवार पर करीब 10 लोगों ने हमला कर दिया। हमलावर शराब के नशे में थे। उन्होंने बिना किसी उकसावे के बिजेंद्र कुमार, उनके बेटे अमन और उनकी पत्नी ममता के साथ मारपीट की। हमलावरों ने बिजेंद्र की 76 वर्षीय वृद्ध मां सावित्री देवी को भी नहीं बख्शा, जो हृदय रोग और सांस की बीमारी से पीड़ित हैं। आरोप है कि हमलावरों ने उनके पैर तोड़ दिए और मेंटल हैंड पंच का इस्तेमाल कर परिवार को गंभीर चोटें पहुंचाईं। एसपी से लगाई गिरफ्तारी की शिकायतएसपी को शिकायत सौंपते हुए सुखदेव सिंह पालुवास ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें सरेआम अश्लील और जातिसूचक गालियां दीं। इस घटना के तुरंत बाद सब्जी मंडी चौकी और औद्योगिक थाना भिवानी में मामला तो दर्ज करवा दिया था, लेकिन अभी तक दो सप्ताह बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। 27 दिसंबर को आरोपियों द्वारा सावित्री देवी को समझौता करने की धमकी भी दी गई। जिसके चलते वृद्ध महिला सावित्री देवी को मानसिक तनाव के चलते ब्रेन स्ट्रोक हो गया तथा अब वे शरीर के एक हिस्से से पैरालाइज हो गई। उन्होंने एसपी से गुहार लगाई कि एफआईआर में नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। इस अवसर पर अनिल कुमार, फूल सिंह इंदौरा, राजेराम, सूबेदार, महाबीर, बिजेंद्र, दयाकिशन आदि उपस्थित रहे।
फरीदाबाद जिले के सेक्टर-61 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। यहां सड़कों के किनारे बिछाई गई लो-टेंशन बिजली लाइन के तार अज्ञात चोर उखाड़कर ले गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपए बताई जा रही है। यह सेक्टर अभी तक बिजली निगम को नही सौंपा गया है। आदर्श नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिजली विभाग को नहीं सौंपा सेक्टर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के उपमंडल अधिकारी ज्ञानचंद शर्मा ने आदर्श नगर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि सेक्टर-61 में ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जा रहा है। जहां पर विभाग के द्वारा सड़कों के किनारे बिजली की लाइन लगाई थी। सेक्टर को अभी बिजली विभाग को नहीं सौंपा गया है। जिस कारण यहां पर कोई भी चौकीदार नहीं रहता है। चौकीदार न होने से वारदात ट्रांसपोर्ट नगर में चौकीदार ना होने के कारण चोर यहां लगाई बिजली की तारों को काटकर ले गए। जिसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने मौके पर जाकर देखा, तो पता चला कि खंभे तो खड़े हुए है, लेकिन उनसे बिजली के तार गायब है। चोरी किए तारों की कीमत करीब 18 लाख रूपए बताई गई है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस उपमंडल अधिकारी ज्ञानचंद शर्मा ने मामले की शिकायत आदर्श नगर थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी भी चोर को गिरफ्तार नही किया गया है। पुलिस के मुताबिक आस-पास के इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज को चैक किया जा रहा है, जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
कवर्धा जिले में 146 करोड़ रुपए की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर बनाया जाएगा। भोरमदेव मंदिर परिसर में मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ व सरोदा जलाशय तक एक सुव्यवस्थित कॉरिडोर बनेगा। नए साल के पहले दिन केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। शेखावत ने कहा कि छत्तीसगढ़ सतत आगे बढ़े और छत्तीसगढ़ का पर्यटन विकसित हो छत्तीसगढ़ की संस्कृति सुरक्षित और संरक्षित हो जिससे प्रदेश की एक अलग पहचान बने। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर का विकास किया जाएगा। भोरमदेव से बोड़ला तक सड़क चौड़ी होगी भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधायक भावना बोहरा शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के आग्रह पर भोरमदेव से बोड़ला तक सड़क चौड़ीकरण व नवीनीकरण कार्य की भी घोषणा की। भोरमदेव महोत्सव में कॉरिडोर को मिली थी स्वीकृति मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक हजार साल पुराने बाबा भोरमदेव के मंदिर विकास के लिए आज भूमिपूजन हुआ है जो बहुत ही हर्ष की बात है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि CM साय के प्रयास से लगातार यहां विकास हो रहा हैं। चैत्र माह के तेरहवीं तिथि को भोरमदेव महोत्सव का आयोजन किया जाता है। उसी समय कॉरिडोर की स्वीकृति मिली थी और आज भूमिपूजन भी सम्पन्न हो गया है।
जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र में एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पंचवटी नगर रोड नंबर-2 स्थित एक मकान में सलोनी मुखी नामक महिला का शव पंखे से लटका मिला। सलोनी की बड़ी बहन सारथी मुखी ने बताया कि सलोनी की शादी 2022 में उमंग मुखी से हुई थी। शादी के बाद से ही सलोनी गुमसुम रहती थी और पिछले दो साल से अपनी बहन के घर रह रही थी। बीती रात खाना खाने के बाद वह सोने गई थी, लेकिन सुबह उसका शव पंखे से झूलता मिला। घटना के बाद से उसका पति उमंग मुखी फरार है। सूचना मिलने पर सोनारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने पति की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमॉर्टम रुकवा दिया। पुलिस परिजनों को समझाने में जुटी है। सोनारी थाना प्रभारी मधुसूदन देव ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह फांसी का मामला लग रहा है। हालांकि, पति के फरार होने के कारण उस पर संदेह गहरा रहा है। पति की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। घटना के बाद से ससुराल वाले भी फरार बताए जा रहे हैं।
सैंपऊ में पशु बाड़े में आग:शॉर्ट सर्किट से 4 पशु जिंदा जले, किसान झुलसा
धौलपुर के सैंपऊ थाना क्षेत्र के मल्हेला (मढ़ा) गांव में शुक्रवार सुबह एक पशु बाड़े में आग लगने से चार पशु जिंदा जल गए। यह घटना शॉर्ट सर्किट के कारण हुई, जिसमें किसान गिरवर सिंह का दाहिना हाथ भी झुलस गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना 2 जनवरी 2026 को सुबह करीब 4:30 बजे हुई। आग इतनी भयंकर थी कि गिरवर सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के साथ-साथ पड़ोसियों के अथक प्रयासों के बावजूद उस पर काबू नहीं पाया जा सका। गनीमत रही कि आसपास बंधे लगभग 20 अन्य पशुओं को समय रहते खोलकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, आग की चपेट में आने से बाड़े में रखा घरेलू सामान और चार्ज पर लगा एक बड़ा मोबाइल भी जलकर राख हो गया।
कुम्हारी जिला पंचायत उपचुनाव में साहिल सिंह लोधी जीते:1102 वोटों से विजयी; आधिकारिक घोषणा 5 जनवरी को
दमोह जिले की हटा विधानसभा क्षेत्र के कुम्हारी जिला पंचायत सदस्य उपचुनाव की मतगणना गुरुवार को संपन्न हो गई। इसमें साहिल सिंह लोधी ने 1102 वोटों से जीत हासिल की। हालांकि, चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा 5 जनवरी को की जाएगी। यह उपचुनाव 29 दिसंबर को हुआ था, जिसमें कुल 15 प्रत्याशी मैदान में थे। मुख्य मुकाबला साहिल सिंह लोधी और भरत पटेल के बीच रहा। आठ राउंड में हुई मतगणना में साहिल सिंह को 6026 मत मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी भरत पटेल को 4924 मत प्राप्त हुए। साहिल सिंह ने 1102 वोटों के अंतर से यह उपचुनाव जीता। मतगणना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। जीत के बाद, मतगणना स्थल के बाहर साहिल सिंह लोधी के समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। यह मध्य प्रदेश का पहला पेपरलेस चुनाव था, जो 77 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। चुनाव कराना बड़ी चुनौती जिला निर्वाचन अधिकारी सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि यह चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने उप जिला निर्वाचन अधिकारी मीना मसराम और हटा एसडीएम राकेश मरकाम के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं के कारण चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो पाया।
धौलपुर के सैंपऊ थाना क्षेत्र में एक गोदाम पर अवैध कब्जे और सामान चोरी का मामला सामने आया है। पीड़ित त्रिलोक पाराशर ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है। पाराशर की शिकायत के अनुसार, पहली घटना 27 दिसंबर, 2025 को हुई थी। जितेंद्र तिवारी और उनके साथियों ने गोदाम के ताले तोड़कर उस पर अपना ताला लगा दिया। इस घटना की सूचना तत्काल थानाधिकारी को दी गई थी, जिन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद, 31 दिसंबर, 2025 को जितेंद्र तिवारी और उनके भाई धर्मेंद्र तिवारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर गोदाम में रखे कीमती सामान को चुराकर पास के प्रांगण में रखवा दिया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने गोदाम के अंदर कुछ सामान में आग लगा दी। इन घटनाओं के वीडियो और फोटो सबूत के तौर पर पीड़ित के पास उपलब्ध हैं। पाराशर ने बताया कि उन्होंने इस दूसरी घटना की जानकारी भी थानाधिकारी को दी थी। इसके बाद थानाधिकारी ने स्वयं मौके पर आकर वीडियोग्राफी भी करवाई थी। हालांकि, 31 दिसंबर, 2025 से लेकर अब तक उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित ने यह भी जानकारी दी कि जितेंद्र तिवारी के साथ उनका एक कोर्ट केस चल रहा था। 19 दिसंबर को जितेंद्र तिवारी यह केस जीत गया था। आरोप है कि केस जीतने के बाद, बिना किसी कोर्ट आदेश के, जितेंद्र और उसके भाइयों ने उनके सामान को चुराकर गोदाम पर कब्जा करने का प्रयास किया। पीड़ित का दावा है कि कई बार लिखित में सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से अपनी जान-माल की सुरक्षा, चोरी हुए सामान को वापस गोदाम में रखवाने और गोदाम पर पुनः अपने ताले लगवाने की मांग की है।
पीथमपुर में शुक्रवार सुबह 'पीथमपुर बचाओ समिति' के सदस्यों ने मौन विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आयशर चौराहे पर किया गया। प्रदर्शनकारी भोपाल गैस त्रासदी के रासायनिक कचरे से निकली 899 टन राख को शहर से हटाने की मांग कर रहे थे। समिति के कई सदस्य मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे थे। उनका कहना है कि एक साल पहले भोपाल गैस त्रासदी का 337 टन रासायनिक कचरा निष्पादन के लिए पीथमपुर लाया गया था। इसे पीथमपुर स्थित रामकी एनवायरो नामक कंपनी में तीन ट्रायल के बाद जलाया गया था। कंपनी में पड़ी 899 टन राख खतरा समिति के अनुसार, कचरा निष्पादन के बाद बची 899 टन राख अब भी रामकी कंपनी में रखी है, जो शहर के नागरिकों के लिए खतरनाक है। समिति के अध्यक्ष हेमंत हीरोले ने बताया कि माननीय न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार को इस राख को किसी अन्य स्थान पर दफनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन सरकार ने अब तक न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी की है। राख हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने का किया ऐलान अध्यक्ष ने आगे कहा कि इस राख में कई जहरीले रसायन तत्व अब भी मौजूद हैं, जिससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा बरकरार है। समिति ने सरकार से मांग की है कि इस राख को जल्द से जल्द पीथमपुर से अन्यत्र भेजा जाए। समिति इस विषय को लेकर जल्द ही माननीय उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर करेगी। पिछले साल 1 जनवरी को जब यह कचरा पीथमपुर लाया गया था, तब भी व्यापक विरोध हुआ था। इसके बाद आमरण अनशन और 3 जनवरी को पीथमपुर बंद का आह्वान किया गया था, जिससे शहर के कई हिस्सों में चक्काजाम हुआ था। उस समय दो युवकों ने पेट्रोल डालकर आग लगाने का भी प्रयास किया था। इस पीथमपुर बंद को रहवासियों का व्यापक समर्थन मिला था। ये खबर भी पढ़े... यूनियन कार्बाइड के कचरे का पीथमपुर से दिल्ली तक विरोध, सीएम बोले- इस पर राजनीति न करे भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का जहरीला कचरा नष्ट करने के लिए पीथमपुर लाया गया था। जिसे रामकी एनवायरो कंपनी में नष्ट करने की बात कही गई थी। इसे लेकर पीथमपुर से दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन किया था। लोगों और विभिन्न संगठनों ने कचरा यहां जलाए जाने के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। करीब 40 युवा तो अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। पढ़े पूरी खबर...

