ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को प्रस्तावित मेडिकल स्टोरों की हड़ताल को लेकर आगरा में केमिस्ट संगठनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। एक तरफ आगरा फार्मा एसोसिएशन ने ई-फार्मेसी के विरोध में मेडिकल स्टोर बंद रखने का ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर आगरा रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन ने हड़ताल से खुद को अलग करने का फैसला लिया है। संगठन का कहना है कि दवाएं आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आती हैं और मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराना उनकी पहली जिम्मेदारी है।आगरा रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि संगठन से जुड़े करीब 1400 मेडिकल स्टोर 20 मई को भी सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। एसोसिएशन ने कहा कि हड़ताल के कारण मरीजों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में मेडिकल स्टोर बंद रखना जनहित के खिलाफ होगा। संगठन ने साफ किया कि मरीजों को दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना ही उनका मुख्य उद्देश्य है।एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष ब्रह्मभट्ट ने कहा कि ई-फार्मेसी का मुद्दा अपनी जगह है, लेकिन मरीजों की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि संगठन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए हड़ताल में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। सभी सदस्य अपने मेडिकल स्टोर नियमित रूप से संचालित करेंगे, ताकि शहर में दवाओं की सप्लाई प्रभावित न हो।उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मेडिकल स्टोर को जबरन बंद कराने की कोशिश की गई तो इसकी शिकायत तत्काल पुलिस और प्रशासन से की जाएगी। संगठन ने प्रशासन से भी सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि मेडिकल सेवाएं सुचारु रूप से जारी रह सकें।बैठक में संस्थापक श्याम तिवारी, प्रेम सिंह राजावत, सतीश पाठक, कपिल बंसल, कृपांश बरौत समेत कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। बैठक में कहा गया कि संगठन का यह फैसला पूरी तरह मरीजों के हित और दवाओं की निर्बाध उपलब्धता को ध्यान में रखकर लिया गया है।
आगरा में मां-पिता ने बेटी को बोझ समझा। दोगुनी उम्र के युवक से शादी करा दी। बेटी ससुराल में उत्पीड़न पर भाग निकली। रिश्ते की दादी से गुहार लगाई। इसकी जानकारी पर परिजन पंचायत कर घर ले गए। एक बार फिर पीड़िता भाग निकली। इस बार दादी की मदद से महिला थाने पहुंचकर जान बचाने की गुहार लगाई। मामले में जांच के बाद मां-पिता सहित सात के खिलाफ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। थाना ताजगंज क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी ने पुलिस को बताया कि कक्षा तीन तक पढ़ी है। पिता जूता फैक्टरी में काम करते थे। तीन बहनों में दो की शादी हो चुकी है। तीन अप्रैल को मां और पिता उसे ईदगाह क्षेत्र में लेकर आए। वहां पहले से बुआ और उनकी सास मौजूद थे। उन्होंने नए कपड़े पहनने के लिए दिए और कहा कि तेरी शादी करा रहे हैं। शादी का विरोध करने लगी, तो मां-पिता ने धमकाना शुरू कर दिया। एत्माद्दौला क्षेत्र के रहने वाले आकाश से जबरन शादी करा दी। आकाश उसे अपने घर ले गया। उसका मानसिक शोषण किया जाने लगा। एक दिन आकाश की भाभी अर्चना ने बताया कि उसको मां-पिता और बुआ ने 50 हजार रुपये में बेचा है। वह कहने लगी कि विरोध करेगी तो उसे कहीं और बेचकर अपनी रकम वसूल लेंगे। इससे वो दहशत में आ गई। 10 दिन बाद मौका पाकर भाग निकली और रिश्ते की दादी के घर पहुंची। दादी ने पुलिस को बताया कि बेटी के मां-पिता को बुलाया। उनसे शादी का विरोध किया। वो मानने के लिए तैयार नहीं थे। इस पर रिश्तेदार आ गए। इस पर माता-पिता बेटी को घर ले गए। दो दिन घर में रखने के बाद पिता ने आकाश को बुला लिया। वो किशोरी को अपने साथ ले गया और फिर से उत्पीड़न किया जाने लगा। 21 अप्रैल को किशोरी एक बार घर से भाग आई। किशोरी ने तीन मई को महिला थाने आकर जानकारी दी। इस पर उसे एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने की पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर बयान दर्ज कराए गए। आरोपी घर से भाग निकले, पुलिस तलाश में लगी एडीसीपी हिमांशु गौरव ने बताया कि मारपीट, जान से मारने की धमकी, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 9 व 11 के तहत प्राथमिकी लिखी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम को लगाया गया है। वह घर से भाग गए हैं। पीड़िता का मेडिकल कराया गया है। इसमें उसके नाबालिग होने की पुष्टि हुई है। पीड़िता के कोर्ट में बयान भी दर्ज कराए गए हैं। इसके आधार पर प्राथमिकी में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की भी वृद्धि की गई है।
ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने इलाज में घोर लापरवाही बरतने के मामले में न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल पर भारी जुर्माना लगाया है। आयोग ने पाया कि अस्पताल में न तो विशेषज्ञ डॉक्टर थे और न ही वेंटिलेटर जैसे जीवन रक्षक उपकरण। उचित उपचार के अभाव में एक प्रसूता की मौत को आयोग ने 'सेवा में गंभीर कमी' माना है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन पर 3 लाख 12 हजार रुपए का हर्जाना लगाया है। क्या है पूरा मामला?डी.डी. नगर निवासी उदयभान शर्मा ने पत्नी अर्चना शर्मा को 30 सितंबर 2023 को प्रसव (डिलीवरी) के लिए इस अस्पताल में भर्ती कराया था। हॉस्पिटल में भर्ती करने के बाद अगले दिन सिजेरियन से डिलीवरी हुई, लेकिन उसके बाद अर्चना की तबीयत बिगड़ने लगी। अर्चना का ऑक्सीजन लेवल गिरकर 80 तक पहुंच गया और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिजन के बार-बार गिड़गिड़ाने के बावजूद अस्पताल ने न तो ऑक्सीजन दी और न ही समय पर उसे बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया। जब स्थिति हाथ से निकल गई, तब मरीज को कमला राजा अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान अर्चना की मृत्यु हो गई। जांच में खुले अस्पताल के काले कारनामेआयोग की सुनवाई के दौरान अस्पताल प्रबंधन के कई चौंकाने वाले झूठ पकड़े गए हैं। अस्पताल के बाहर डॉ. रेणू शर्मा के नाम का बोर्ड लगा था, लेकिन जांच में पता चला कि वे वहां मरीजों को देखती ही नहीं थीं। अस्पताल बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से चल रहा था। अस्पताल में वेंटिलेटर, सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम, ऑपरेशन थिएटर (OT) के उपकरणों को कीटाणुमुक्त करने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। आयोग का आदेश: ऐसे देना होगा हर्जानाआयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शर्मा और सदस्य रेवती रमण मिश्रा ने परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कुल 3 लाख 12 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति राशि तय की है जिसमें तीन लाख रुपए आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए देने होंगे। जबकि 10 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति, 02 हजार रुपए वाद व्यय (कानूनी खर्च) देने होंगे। यह पूरा हर्जाना 45 दिन में देना होगा। यदि समय पर हर्जाना नहीं दिया जाता है तो 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। आयोग की तीखी टिप्पणीआयोग ने स्पष्ट कहा कि यदि मरीज की स्थिति बिगड़ते ही उसे तुरंत उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर कर दिया जाता, तो शायद महिला की जान बच सकती थी। बिना विशेषज्ञ और बुनियादी सुविधाओं के अस्पताल चलाना मरीजों की जान से खिलवाड़ है।
प्रयागराज में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में एनआईसी सभागार में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने क्रिटिकल गैप योजना, विधायक निधि योजना, सांसद निधि योजना, पूर्वांचल विकास निधि योजना और त्वरित आर्थिक विकास योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। बैठक में अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण एस.पी. मिश्रा ने बताया कि क्रिटिकल गैप योजना 2024-25 के तहत 8 कार्यों में से 6 पूरे हो चुके हैं, जबकि एक कार्य प्रगति पर है और एक भूमि विवाद के कारण शुरू नहीं हो सका है। वहीं वर्ष 2025-26 में 25 कार्यों में से 18 पूरे हो चुके हैं और 6 कार्य अगले 15 दिनों में पूरे हो जाएंगे। एक कार्य स्थल विवाद के कारण लंबित है। जिलाधिकारी ने लंबित और विवादित कार्यों को जल्द शुरू कराने के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी विवादों का समाधान कर निर्माण कार्यों में तेजी लाएं। विधायक निधि योजना के तहत वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 222 कार्यों में 122 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 94 कार्य प्रगति पर हैं। 6 कार्य अभी शुरू नहीं हो सके हैं। इनमें एक कार्य में स्थल परिवर्तन और पांच कार्यों में धन वापसी की प्रक्रिया चल रही है। सांसद निधि योजना के अंतर्गत 48 कार्यों में से 22 पूरे हो चुके हैं और 26 कार्य निर्माणाधीन हैं। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन योजनाओं में धन वापसी होनी है, उसकी कार्रवाई शीघ्र करने को कहा। उन्होंने पूर्वांचल विकास निधि और त्वरित आर्थिक विकास योजना के कार्यों की भी समीक्षा करते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं की निविदाएं आमंत्रित की गई हैं, उन्हें जल्द खोला जाए और कार्य प्रारंभ कराए जाएं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विवादित परियोजनाओं में संबंधित उपजिलाधिकारी के साथ संयुक्त निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान कराया जाए। बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतोष कुमार, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण एस.पी. मिश्रा सहित कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
इलाहाबाद संग्रहालय में दिव्यांग बच्चों के लिए तैयार की गई ‘अनुभव वीथिका’ का अवलोकन जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य और संजय श्रीनेत ने किया। इस दौरान उन्होंने वीथिका के उद्देश्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। वीथिका में देश के 11 प्रमुख विरासत स्थलों और 10 वन्यजीवों की विशेष प्रतिकृतियां लगाई गई हैं। इन्हें ब्रेल लिपि, ऑडियो उपकरण और स्पर्श तकनीक की मदद से तैयार किया गया है, ताकि दिव्यांग बच्चे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को आसानी से समझ और महसूस कर सकें। मंडलायुक्त एवं संग्रहालय निदेशक सौम्या अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संग्रहालय की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद संग्रहालय देश के प्रमुख संग्रहालयों में शामिल है, जहां स्वतंत्रता आंदोलन, साहित्य, कला और पुरातत्व से जुड़ी कई महत्वपूर्ण धरोहरें सुरक्षित हैं। इस अवसर पर स्वामी रामभद्राचार्य जी को संग्रहालय की ओर से 19वीं शताब्दी की राजस्थानी शैली में बनी ‘राम विवाह’ चित्रकला भेंट की गई। उन्होंने वीथिका में स्थापित श्रीराम मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृतियों को स्पर्श कर उनका अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहल दिव्यांग बच्चों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास है, जो उनके आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी को बढ़ाएगा। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग छात्र हिमांशु ने गायन प्रस्तुति दी, जिसकी संजय श्रीनेत ने प्रशंसा की। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजू मिश्रा ने किया। आयोजन में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और संग्रहालय प्रशासन के अधिकारियों का विशेष सहयोग रहा। गौरतलब है कि ‘अनुभव वीथिका’ का उद्घाटन 6 मई को आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया था और यह वीथिका 16 मई तक संचालित की जाएगी।
एमपी में सरकार ने पांच दर्जन से ज्यादा नेताओं को निगम, मंडल, बोर्ड, प्राधिकरण और आयोगों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष बनाकर मंत्री का दर्जा दिया है। इन नेताओं की नियुक्ति के बाद अब सरकार इनकी ट्रेनिंग कराएगी। यह ट्रेनिंग 18 मई (सोमवार) को सुबह 9 बजे अटल बिहारी बाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल में होगी। मुख्यमंत्री खुद इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्घाटन करेंगे। यह प्रशिक्षण दोपहर 2 बजे तक चलेगा। 18 विभागों के अफसर रहेंगे मौजूद सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संबंधित 18 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी पूरे कार्यक्रम में शामिल होंगे। ये अधिकारी नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनके निगम-मंडलों के कामकाज, वित्तीय प्रबंधन, शासन प्रक्रियाओं, नीतियों तथा दायित्वों की विस्तृत जानकारी देंगे। खासतौर पर उन्हें दर्जा प्राप्त मंत्रियों के समकक्ष मिलने वाले अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। सीएम रहेंगे मौजूद कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार सुबह 9 से 10 बजे तक पंजीयन और स्वल्पाहार का आयोजन होगा। उसके बाद 10 बजे से 11 बजे तक मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उद्घाटन सत्र होगा। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग प्रस्तुतीकरण देंगे। अटल बिहारी बाजपेयी संस्थान भी अपना प्रस्तुतीकरण करेगा। दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक विभागवार अलग-अलग सत्रों में नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनके संबंधित विभाग के विशेषज्ञों द्वारा गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। अंत में भोजन और समापन होगा। अफसर देंगे प्रजेंटेशन सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने विभाग से संबंधित नवनियुक्त अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों को इस प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से शामिल होने के लिए सूचित करें तथा स्वयं भी विभाग से संबंधित प्रस्तुतीकरण के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहें। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 63 नवनियुक्त पदाधिकारी भाग लेंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नवनियुक्त गैर-सरकारी पदाधिकारियों को शासन की कार्यप्रणाली, कानूनी प्रावधानों, वित्तीय अनुशासन और अपने पद की जिम्मेदारियों से पूर्णतः अवगत कराने का उद्देश्य रखता है, ताकि वे शीघ्र ही अपने पदों पर प्रभावी ढंग से काम शुरू कर सकें। मुख्यमंत्री कार्यालय की पहल पर आयोजित यह कार्यक्रम निगम-मंडलों को और अधिक प्रभावी तथा पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
देवास जिले के टोंककला के पास गुरुवार को पटाखा फैक्ट्री में ब्लॉस्ट हो गया। इस मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। फैक्ट्री का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ और अंदर पटाखा बनाने का काम तेजी से चल रहा था। हादसे के समय यहां 600 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय को हिरासत में लिया है। अनिल के पास 15 किलो विस्फोटक रखने का लाइसेंस था, लेकिन मौके पर कई टन विस्फोटक से पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर अनिल मालवीय के सांसद के साथ फोटो भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें अनिल सांसद को मिठाई खिलाते हुए दिख रहे हैं। उसे सांसद का करीबी बताया जा रहा है। 6 महीने पहले ही फैक्ट्री की शुरुआत टोंककला के पास जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ, वह महज छह माह पहले ही शुरू हुई थी। बताया जा रहा है कि संचालक को पटाखों का बड़ा ऑर्डर मिला था, जिसे बारिश से पहले हर हाल में पूरा करना था। इसी वजह से बड़ी संख्या में मजदूर बुलाए गए थे। फैक्ट्री में उत्तर प्रदेश, बिहार और देवास के मजदूर काम कर रहे थे। इसके अलावा ठेकेदारों के जरिए और मजदूर बुलाने की तैयारी भी चल रही थी। बड़े पैमाने पर विस्फोटक रखकर पटाखे बनाए जा रहे थे। नियमों को ताक पर रखकर बना रहे थे पटाखे प्रदेश में विस्फोटक रखने को लेकर सख्त नियम हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इनका पालन नहीं किया गया। फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय ने 15 किलो विस्फोटक रखने का लाइसेंस ले रखा था। नियमों के तहत इतनी मात्रा से अधिकतम 600 किलो पटाखे बनाए और रखे जा सकते थे, लेकिन मौके पर टनों में विस्फोटक और तैयार पटाखे मिले। साफ है कि जिम्मेदार अफसरों ने कभी जांच तक नहीं की। नियमों के मुताबिक 15 किलो से अधिक विस्फोटक के लिए भोपाल से विशेष लाइसेंस लेना पड़ता है, जिसमें सुरक्षा इंतजामों से लेकर मजदूरों की संख्या तक के कड़े प्रावधान हैं। इसके बावजूद यहां छोटे लाइसेंस की आड़ में भारी मात्रा में विस्फोटक रखा गया और पटाखे बनाए जा रहे थे। निर्माण अधूरा, सुरक्षा इंतजाम नहीं सबसे बड़ा सवाल यह है कि फैक्ट्री का निर्माण पूरा हुए बिना लाइसेंस कैसे जारी कर दिया गया। क्या किसी अधिकारी ने यहां आकर सुरक्षा इंतजामों की जांच की थी? जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ, वह पूरी तरह तैयार भी नहीं थी। बाहर सिर्फ फेंसिंग की गई थी, जबकि अंदर के ब्लॉक अधूरे थे। नई मशीनें लगाई गई थीं और 50 से अधिक जगहों पर हाथों से पटाखे बनाए जा रहे थे। हालात यह थे कि सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं थी। न फर्स्ट एड, न इमरजेंसी इलाज और न ही आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था। नाबालिगों से भी कराया जा रहा था काम हादसे में घायल अधिकांश मजदूर बिहार के बताए जा रहे हैं। इनमें कई की उम्र 18 वर्ष से कम बताई जा रही है। ऐसे में श्रम विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।तहसीलदार, पटवारी और एसडीएम जैसे जिम्मेदार अधिकारी आखिर क्या कर रहे थे। विस्फोटकों के बीच मजदूर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के काम कर रहे थे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। तीन बीघा में फैली फैक्ट्री, छह ब्लॉकों में काम आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर टोंककला के पास स्थित यह फैक्ट्री करीब तीन बीघा क्षेत्र में फैली है। फैक्ट्री का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ था, इसके बावजूद यहां उत्पादन शुरू कर दिया गया। जिस ब्लॉक में धमाका हुआ वह करीब 50 फीसदी उड़ गया। वहीं अन्य छह ब्लॉकों में भी विस्फोटक से पटाखे बनाने का काम चल रहा था। सांसद से करीबी रिश्ते के पोस्ट वायरल हादसे के बाद पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय को हिरासत में लिया है। इस बीच सोशल मीडिया पर उसकी सांसद से करीबी दर्शाने वाली कई तस्वीरें और पोस्ट वायरल हो रही हैं, जिनमें देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी उन्हें मिठाई खिलाते नजर आ रहे हैं। हालांकि हादसे के बाद सांसद ने सोशल मीडिया पर दु:ख जताया, लेकिन फैक्ट्री में नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या संचालक को राजनीतिक संरक्षण हासिल था। लाइसेंस के सवाल पर कमिश्नर बोले-बाद का विषय फैक्ट्री किसके नाम पर थी, लाइसेंस में कितना विस्फोटक रखने की पात्रता थी? मीडिया के इन सवालों पर उज्जैन संभाग कमिश्नर आशीष सिंह ने सिर्फ इतना कहा कि पहले घायलों का इलाज करवा रहे हैं। वह बाद का विषय है। उन्होंने बताया कि सभी घायलों का इलाज प्राथमिकता है और ज्यादातर घायलों की हालत खतरे से बाहर है। यह खबरें भी पढ़ें एमपी में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 3 की मौत मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में धीरज, सनी और सुमित नाम के 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर जान बचाकर भागा, लौटा तो दोस्त जला पड़ा था:देवास फैक्ट्री ब्लास्ट पीड़ित बोला- सुबह साथ खाना खाया “इन्हें उठाओ…जल्दी बाहर लेकर चलो…कोई एंबुलेंस वाले को कॉल करो… इतने लोगों की यहां मौत हो गई…” देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद घटनास्थल पर यही चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। हादसे में जान गंवाने वाले सुमित के दोस्त ने कहा कि सुबह ही साथ में खाना खाया था। धमाके के बाद जान बचाकर भागा। लौटा तो दोस्त वहां जला पड़ा था। पढ़ें पूरी खबर
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि जानबूझकर की गई झूठी घोषणा और लापरवाही, अनदेखी या टेक्निकल रुकावट से हुई मानवीय गलती के बीच काफी अंतर है । इसलिए चयन प्राधिकारियों को इसे दुरुस्त करने के लिए व्यावहारिक और न्यायिक तरीका अपनाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने वशिष्ठ नारायण कुमार बनाम बिहार राज्य केस में कहा है कि ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म में हुई छोटी-मोटी और अनजाने में हुई गलतियों को इतना खतरनाक नहीं माना जा सकता कि वे किसी और तरह से योग्य अभ्यर्थी के लिए सही न हों। अनजाने में गलती हो सकती है कोर्ट ने कहा कि मामूली लिपिकीय गलतियों के लिए अभ्यर्थित निरस्त करना सही नहीं है। कोर्ट ने कहा कि जहां किसी अभ्यर्थी की बेसिक अर्हता पर कोई सवाल नहीं है और आन लाइन फार्म भरने में अनजाने में गलती हुई है जिसे ठीक किया जा सकता है, तो अभ्यर्थिता निरस्त नहीं की जा सकती। याची महिला है ,राजकीय स्कूलों में सहायक अध्यापक एल टी ग्रेड भर्ती में आनलाइन आवेदन भरा। जेंडर कालम में महिला के बजाय पुरुष लिख गया।उसका फोटोग्राफ भी लगा है। बाद में दुरुस्त करने की अर्जी भी दी। फिर भी उसका फार्म निरस्त कर दिया गया।16 मई से परीक्षा होने वाली है। शिवांगी की याचिका पर आदेश शिवांगी उपाध्याय की याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने याची को 16.मई.2026 को होने वाली परीक्षा में बैठने देने का निर्देश दिया है और कहा यदि मानवीय भूल जिसका उसे अनुचित लाभ नहीं मिलने वाला है ,उसके आधार पर परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया तो अपूरणीय क्षति होगी। याची ने आनलाइन आवेदन के समय गलती से महिला के बजाय पुरुष भर दिया।जिस पर उसकी अभ्यर्थिता निरस्त कर दी गई थी।जिसे याचिका में चुनौती दी गई थी। सरकारी वकील का कहना था कि आन लाइन आवेदन की गलती दुरुस्त करने की अवधि तय की गई थी।याची ने समय बीत जाने के बाद गलती सुधारने की अर्जी दी इसलिए उसे राहत पाने का अधिकार नहीं है। किंतु कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों को अपने विवेक का इस्तेमाल कर मानवीय भूल सुधारने का मौका देना चाहिए।
इंदौर के एक नामी स्कूल में समर कैंप के दौरान 13 साल की एक छात्रा ने शिक्षक पर बैड टच करने का आरोप लगाया है। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। फिलहाल महिला पुलिस और फीमेल स्टाफ की मौजूदगी में पूछताछ की जा रही है। मामले में अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। राजेंद्र नगर टीआई यशवंत बड़ोले ने बताया कि गुरुवार रात इलाके के एक निजी स्कूल में छेड़छाड़ की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। छात्रा के परिजन के अनुसार, स्कूल में 3 मई से समर कैंप चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विनोद नाम का शिक्षक छात्राओं के साथ अनुचित तरीके से बैड टच करता था। छात्रा ने इसकी जानकारी अपने परिवार को दी, जिसके बाद परिजन रात मे स्कूल पहुंचे और पुलिस को बुलाया। टीआई के मुताबिक, अभी किसी छात्रा से बातचीत नहीं हो सकी है। पूछताछ के लिए महिला स्टाफ को बुलाया गया है। थाने में फिलहाल किसी तरह की शिकायत नहीं आई थी।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने नगर परिषद अध्यक्षों के निर्वाचन से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए 20 से अधिक याचिकाओं को खारिज कर दिया। जस्टिस प्रणय वर्मा की सिंगल बेंच ने कहा कि अत्यधिक विलंब से दायर याचिकाओं में हस्तक्षेप करना उचित नहीं है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि कई नगर परिषद अध्यक्षों ने वैध राजपत्र अधिसूचना (गजट नोटिफिकेशन) जारी हुए बिना ही पदभार ग्रहण कर लिया और लंबे समय से अध्यक्ष पद का उपयोग कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि ऐसे अध्यक्षों को कार्य करने से रोका जाए और उनकी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां समाप्त की जाएं। गजट नोटिफिकेशन को लेकर उठे थे सवाल याचिकाओं में मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 19, 20 और 45 का हवाला देते हुए कहा गया था कि नगर परिषद अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद राजपत्र अधिसूचना जारी होना अनिवार्य है। बिना अधिसूचना कोई व्यक्ति विधिसम्मत तरीके से अध्यक्ष पद पर कार्य नहीं कर सकता। हालांकि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि जिन अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है, वे वर्ष 2022 से संबंधित हैं, जबकि याचिकाएं वर्ष 2026 में दायर की गई। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता इतने लंबे समय तक निष्क्रिय क्यों रहे, इसका कोई संतोषजनक कारण प्रस्तुत नहीं किया गया। रिट अधिकार विवेकाधीन, देरी पर राहत जरूरी नहीं हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत प्रदत्त रिट अधिकार विवेकाधीन होता है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक अपने अधिकारों के प्रति निष्क्रिय बना रहता है तो बाद में उसे राहत देना आवश्यक नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित नगर परिषद अध्यक्ष पिछले कई वर्षों में अनेक प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय ले चुके हैं। ऐसे में अब हस्तक्षेप करने से प्रशासनिक अव्यवस्था उत्पन्न हो सकती है। समय पर अधिकारों का इस्तेमाल भी जरूरी कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्याय केवल अधिकार प्राप्त करने का विषय नहीं है, बल्कि समय पर उन अधिकारों का उपयोग करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी आधार पर सभी याचिकाओं को अत्यधिक देरी से दायर माना गया और खारिज कर दिया गया। मामले में एडवोकेट विनय गांधी ने थांदला और मंडलेश्वर नगर परिषद अध्यक्षों की ओर से पैरवी की।
इंदौर के चर्चित भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में हुई 36 मौतों को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में दायर छह जनहित याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई हुई। हालांकि एक याचिका में पक्षकार बनाए गए निगम एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा बबलू, पार्षद कमल वाघेला और तत्कालीन अपर कमिश्नर रोहित सिसोनिया द्वारा नाम हटाने संबंधी आवेदन पर सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच में प्रस्तावित थी। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले याचिका दायर कर पक्षकार बनाया गया और अब नाम हटाने के आवेदन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि इसमें कोई अत्यावश्यक परिस्थिति नहीं है, इसलिए अब इस मामले में सुनवाई न्यायालयीन अवकाश के बाद की जाएगी। आवेदन में दलील; हमारी सीधे जिम्मेदारी नहीं एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा बबलू और पार्षद कमल वाघेला ने अपने आवेदन में कहा है कि भागीरथपुरा जल प्रदूषण प्रकरण में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका या जिम्मेदारी नहीं है। इसलिए उनका नाम याचिका से हटाया जाए। इसी प्रकार तत्कालीन अपर कमिश्नर व आईएएस अधिकारी रोहित सिसोनिया को भी याचिका में पक्षकार बनाया गया है। दिसंबर में शुरू हुआ था मौतों का सिलसिला गौरतलब है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में दिसंबर 2025 के आखिरी हफ्चे में दूषित पानी की आपूर्ति के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। इस मामले में 36 लोगों की मौत होने हुई है। पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट में कई जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। जल प्रदाय विभाग के मांगा खर्चों का रिकॉर्ड भागीरथपुरा हादसे के बाद नगर निगम के जलप्रदाय विभाग में पिछले वर्षों में हुए करोड़ों रुपये के खर्च भी जांच के दायरे में आ गए हैं। राज्य सूचना आयोग ने नगर निगम के जलप्रदाय विभाग को वर्ष 2018 से 2022 तक विभिन्न बजट मदों में किए गए भुगतान और खर्चों का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश पूर्व पार्षद दिलीप कौशल द्वारा मांगी गई जानकारी के संदर्भ में जारी किया गया है। आयोग ने निगम प्रशासन को 29 मई 2026 तक पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा है।
बेसिक शिक्षा निदेशक 18 मई को स्पष्टीकरण सहित तलब:हाईकोर्ट आधी-अधूरी जानकारी उपलब्ध कराने पर नाराज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा निदेशक उप्र लखनऊ को स्पष्टीकरण के साथ 18 मई को तलब किया है । यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सुशील कुमार सिंह की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची को बीएसए मऊ की तरफ से अनुभव प्रमाणपत्र जारी किया गया। प्रमाणपत्र की सत्यता को लेकर सवाल उठा। हाईकोर्ट ने निदेशक से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि डिस्पैच रजिस्टर में दर्ज नहीं है जारी प्रमाणपत्र और बी एस ए का कहना है कि उनके हस्ताक्षर नहीं है। देखना चाहिये कि क्या उचित है कोर्ट ने इस जानकारी को बिना विवेक का इस्तेमाल किए दिया गया माना कहा स्थापित कानून हैं कि डिस्पैच रजिस्टर में दर्ज न होने के आधार पर किसी के दावे को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के सुबोध कुमार प्रसाद केस का हवाला दिया।कहा निदेशक की दी गई जानकारी सही नहीं है। उस बी एस ए का नाम नहीं लिखा जिसने हस्ताक्षर किए थे और जिससे पूछताछ की गई थी। कोर्ट ने कहा निदेशक को जानकारी उपलब्ध कराने के पहले खुद देखना चाहिए कि जानकारी उचित है या नहीं। कोर्ट ने कहा ऐसे उच्च अधिकारी से उम्मीद की जाती है कि वह तथ्यों की गहन जांच करके आगे बढाये ।जिस पर कोर्ट ने अपने आचरण के स्पष्टीकरण के साथ बेसिक शिक्षा निदेशक को हाजिर होने का निर्देश दिया है।
गोरखपुर में पूर्व मंत्री का हथौड़े से सिर फोड़ा:ताबड़तोड़ वॉर कर घायल किया, घर के बाहर ही कर रहे थे वॉक
गोरखपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकलें पूर्व मंत्री गंगा प्रसाद निषाद पर घर के बाहर ही जानलेवा हमला होने से हड़कंप मच गया। आरोपियों ने सैंटरिंग में इस्तेमाल होने वाले हथौड़े से ताबड़तोड़ वार किया, जिससे उनके बाई आंख के ऊपर गंभीर चोट लगी। आनन- फानन में उन्हें चरगांवा सीएचसी ले जाया गया। जहां से डाक्टरों ने बीआरडी मेडिकल कालेज के नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार के मुताबिक लगभग 10 दिन पहले पड़ोसियों से विवाद हुआ था। जिसका बदला उन्होंने लिया। घटना के बाद पुलिस जांच जुटी है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। मामला गुलरिहा थाना क्षेत्र का है। जानिए पूरा मामला....जानकारी के मुताबिक खुटहन गांव के रहने वाले पूर्व मंत्री गंगा निषाद गुरुवार सुबह करीब 8 बजे घर के बाहर टहल रहे थे। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले श्रीभागवत निषाद, उनके बेटे अजय निषाद, विजय निषाद और कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे और हमला कर दिया। बेटे सुरेंद्र का आरोप है कि हमलावरों ने हथौड़ी से सिर पर ताबड़तोड़ कई वार किया। हमले में बाईं आंख के ऊपर गंभीर चोट लग गई। आवाज सुन कर जबतक परिजन बाहर निकलें तबतक हमलावर फरार हो गए। परिजनों के मुताबिक घायल मंत्री जमीन पर गिरे हुए थे। उनके सिर से ज्यादा खून निकल कर फर्श पोर फैल गया था। उन्हें इस हालत में देखकर अफरा-तफरी मच गई। आनन- फानन में चरगांवा सीएचसी ले जाया गया। जहां से डाक्टरों ने बीआरडी मेडिकल कालेज के नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया। मंत्री का इलाज चल रहा है। मकान की नींव को लेकर था पुराना विवादपरिवार का कहना है कि करीब 10 दिन पहले पड़ोसियों ने मकान की नींव से सटे गड्ढा खुदवाया था। पूर्व मंत्री ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि बारिश में उनका मकान गिर सकता है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में पिछले कई दिनों से कहासुनी हुई जिसके बाद से ही मनमुटाव चल रहा था, जो गुरुवार को हिंसक हमले में बदल गया। बेटे का आरोप है कि इसी विवाद के चलते ही पड़ोसियों ने हमला किया है। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई है। सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रदेश में 2003 के बाद बने बिजली संकट के बाद इससे उबरने के लिए सरकार द्वारा पॉवर जनरेशन करने वाली कम्पनियों ने मनमानी समझौते किए जा रहे थे। इसके चलते बिजली सप्लाई और डिमांड की स्थिति तो सुधरी, लेकिन कई ऐसे समझौते भी हुए जो सरकार के लिए फजीहत की वजह भी बने। स्थिति यह है कि वर्तमान में बिजली खरीद के लिए राज्य सरकार की पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी ने 1795 बिजली खरीद समझौते (पॉवर परचेजिंग एग्रीमेंट) कर रखे हैं। इसलिए अब सरकार ने तय किया है कि कैबिनेट की मंजूरी के बिना अब कोई भी पॉवर परचेजिंग एग्रीमेंट नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार इस समय बिजली के मामले में सरप्लस स्टेट में शामिल है। यहां सोलर एनर्जी ने सरकार की एनर्जी सेक्टर में मजबूती बढ़ाई है। इसे देखते हुए मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने निर्णय लिया है कि नए लांग टर्म और मिड टर्म बिजली खरीद समझौते (PPA) और बिजली आपूर्ति समझौते (PSA) मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही लागू किये जा सकेंगे। अब तक समझौते कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा अनुमोदित किए जाते थे, लेकिन अब सभी नए समझौतों के लिए कैबिनेट स्तर की मंजूरी लेना जरूरी होगा। बताया जाता है कि ऊर्जा विभाग और राज्य सरकार पहले से लगभग 1,795 छोटे, बड़े एवं लघु तथा लांग टर्म के बिजली खरीद समझौते कर चुका है। इसके चलते 26,012 मेगावाट की क्षमता के फलस्वरूप वर्तमान में प्रदेश में निर्बाध विद्युत सप्लाई पावर जनरेटिंग कम्पनी कर रही है। साथ ही मध्यप्रदेश एनर्जी सरप्लस राज्य के रूप में कार्य कर रहा है। इसलिए बदल रहे पॉलिसी पहले ऊर्जा मंत्री का लेंगे अनुमोदन, फिर कैबिनेट में लाएंगे प्रस्ताव अपर मुख्य सचिव ऊर्जानीरज मंडलोई ने बताया कि बोर्ड ने गहन विचार-विमर्श के बाद वर्तमान ऊर्जा की उपलब्धता और राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं की वर्तमान एवं भविष्य की व्यवस्था को देखते हुए यह निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि बोर्ड का यह प्रस्ताव ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के समक्ष रखा जाएगा। उसके बाद मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री की अनुमति प्राप्त करने के लिए भेजा जाएगा।
भोपाल की टीटी नगर थाना पुलिस ने संस्कृति बचाओ मंच और हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के खिलाफ सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने की एफआईआर दर्ज की। दरअसल तिवारी ने पिछले दिनों एक वीडियो को वायरल कर भोपाल शहर काजी मुश्ताक अली नदवी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे। इससे दो समुदायों के बीच तनाव के हालात बन गए थे। हाल ही में गोविन्दपुरा क्षेत्र में बजरंग दल कार्यकर्ताओं और एक मुस्लिम युवक के बीच हुई मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था। इस घटना के बाद चंद्रशेखर तिवारी ने एक नया वीडियो बनाकर सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम और फेसबुक) पर प्रसारित किया। आरोप है कि इस वीडियो में दिए गए वक्तव्य से दो समुदायों के बीच विरोधाभास उत्पन्न हुआ और गंभीर विवाद की स्थिति बन गई। भोपाल पुलिस आयुक्त ने शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 12 मई 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163(2) के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी। इस आदेश के बिंदु क्रमांक 02 में स्पष्ट उल्लेख है कि भोपाल शहर की सीमा के भीतर कोई भी व्यक्ति दूसरे समुदाय की भावनाओं के विपरीत न तो कोई कार्यक्रम आयोजित करेगा और न ही उत्तेजनात्मक भाषण देगा। चंद्रशेखर तिवारी द्वारा जारी किया गया वीडियो इस सरकारी आदेश का सीधा उल्लंघन माना गया है, क्योंकि इससे क्षेत्र में शांति भंग होने की आशंका पैदा हुई। रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रशेखर तिवारी ने अपने वीडियो में गोविन्दपुरा की घटना को 'लव जिहाद' करार दिया था। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरु शहर काजी को संबोधित करते हुए उत्तेजक बातें कहीं। वीडियो में समुदाय विशेष के पक्ष में खड़े होने की बात को लेकर दिए गए भड़काऊ भाषण के कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा था। तकनीकी माध्यमों से फैले इस वीडियो ने शहर के संवेदनशील इलाकों में दंगे जैसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना प्रबल कर दी थी।
लखनऊ में 29 साल से जल सेवा जारी:श्री दुर्गा जी मंदिर समिति भीषण गर्मी में दे रही राहत
लखनऊ में आषाढ़ माह की भीषण गर्मी के बीच, परिवर्तन चौराहा पर श्री दुर्गा जी मंदिर धर्म जागरण एवं सेवा समिति पिछले 29 वर्षों से नि:शुल्क जल सेवा प्रदान कर रही है। इस पहल से प्रतिदिन हजारों राहगीरों को राहत मिल रही है। समिति द्वारा संचालित यह सेवा प्रतिदिन सुबह से शुरू होकर मध्य रात्रि तक जारी रहती है। इसके तहत राहगीरों, रिक्शा चालकों, मजदूरों और आम नागरिकों को शीतल जल उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उन्हें चिलचिलाती गर्मी से काफी राहत मिलती है। जल सेवा के प्रभारी प्रदीप शुक्ला ने बताया कि श्री दुर्गा जी मंदिर, शास्त्रीय नगर में स्थित एक पौराणिक कुएं से विशेष रूप से जल लाकर वितरित किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि समिति का लक्ष्य केवल जल पिलाना नहीं है, बल्कि मानव सेवा के माध्यम से समाज में सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करना है।
लखनऊ में दो दिवसीय नाट्य समारोह शुरू:'एक बच्चे की डायरी' नाटक का मंचन
लखनऊ के गोमती नगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में दो दिवसीय नाट्य समारोह का शुभारंभ हुआ। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस समारोह की शुरुआत 'एक बच्चे की डायरी' नामक भावनात्मक नाटक के मंचन के साथ हुई। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को बच्चों की मानसिक दुनिया और पारिवारिक रिश्तों की संवेदनशील सच्चाई से रूबरू कराया। डॉ. करुणा पाण्डेय द्वारा लिखित और मुन्नी देवी द्वारा निर्देशित इस नाटक की कहानी समीर नामक एक बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है। आधुनिक जीवनशैली और ऊंची सोसायटी की चमक-दमक में उलझे उसके माता-पिता अपने बेटे की भावनाओं को समझ नहीं पाते। मां राज लगातार समीर की तुलना दूसरे बच्चों से करती है और उसे अपनी पसंद के अनुसार ढालना चाहती है। समीर अपनी भावनाएं एक डायरी में लिखने लगता है अकेलापन और दबाव झेल रहा समीर अपनी भावनाएं एक डायरी में लिखने लगता है। जब उसकी मां को यह डायरी मिलती है, तो उसे बेटे के भीतर छिपे दर्द और डर का एहसास होता है। यह कहानी संदेश देती है कि बच्चों को केवल सुविधाएं नहीं, बल्कि प्यार, अपनापन और समझ की आवश्यकता होती है। नाटक में यह भी दर्शाया गया कि परिवार में दादा-दादी जैसे बुजुर्गों की उपस्थिति बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अंत में मां अपनी गलती स्वीकार करती है और समीर का खोया हुआ बचपन फिर से मुस्कान के साथ लौट आता है। इन कलाकारों ने शानदार अभिनय किया मंच पर आदित्य शाक्य, लता बाजपेई, अनिल कुमार, अंशिका सक्सेना, प्रियंका भारती, दिव्यांश गुप्ता, कंचन शर्मा, निरुपमा राहुल, आरव, दिया भारती, आयुष शर्मा और राज नंदिनी वर्मा ने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।नाट्य समारोह की दूसरी संध्या में आज शंकर शेष द्वारा लिखित और मुन्नी देवी द्वारा निर्देशित हास्य नाटक 'टिल का ताड़' का मंचन किया जाएगा।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा के नतीजे घोषित होते ही दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), गोमती नगर विस्तार में जश्न का माहौल देखा गया। उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के सम्मान में विद्यालय परिसर में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मेधावी छात्रों को विद्यालय प्रबंधन की ओर से पुष्पगुच्छ और मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। उनकी सफलता का उत्सव मिठाइयां खिलाकर मनाया गया। छात्रों के चेहरों पर खुशी स्पष्ट दिखाई दे रही थी, वहीं अभिभावक भी अपने बच्चों की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे थे। स्कूल के छात्र ही उसकी असली पहचान विद्यालय की प्रधानाचार्या रूपम सलूजा ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्कूल के छात्र ही उसकी असली पहचान और ताकत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और लगन को अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बताया और सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में शिक्षकों और अभिभावकों ने भी छात्रों को शुभकामनाएं दीं। छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन, स्कूल के सकारात्मक माहौल और अभिभावकों के सहयोग को दिया। विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूल ने उन्हें केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता भी सिखाई है।
एस. विग्नेश शिशिर, जिन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती दी थी और उनके खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग उठाई थी, ने अब जेड प्लस सुरक्षा की मांग की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि शिशिर के इस प्रत्यावेदन पर तीन सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की खंडपीठ ने एस. विग्नेश शिशिर की याचिका को निस्तारित करते हुए पारित किया। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि विभिन्न संवेदनशील मामलों में याचिकाएं दायर करने के बाद उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा है और मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। उन्होंने न्यायालय से जेड प्लस सुरक्षा के साथ-साथ अपने आवास पर भी अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस.बी. पांडेय ने न्यायालय को सूचित किया कि याची द्वारा दिए गए प्रत्यावेदन पर अब तक कोई निर्णय लिया गया है या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। इस पर न्यायालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को निर्देश दिया कि इस मामले में तीन सप्ताह के भीतर उचित निर्णय लिया जाए। गौरतलब है कि इससे पहले 28 अगस्त 2025 को हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की सुरक्षा को लेकर अंतरिम राहत प्रदान की थी। तब न्यायालय ने केंद्र सरकार को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल का एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) 24 घंटे तैनात करने का आदेश दिया था।
लालकुर्ती थाना क्षेत्र में गुरुवार रात दो युवकों से मारपीट किए जाने के बाद बखेड़ा हो गया। काफी संख्या में लोग एकत्र होकर लालकुर्ती थाने पहुंचे और हंगामा कर दिया। हमले की आरोपी मुस्लिम समुदाय के युवक बताई जा रहे हैं जिनमें से एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी विनय गोपाल भोसले ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। एक नजर पूरे मामले पर लालकुर्ती में आफताब की कोठी के बाहर नॉनवेज की कुछ दुकाने हैं। गुरुवार देर रात यहां अमान, सोहेल, अमन ने अपने 10-12 साथियों के साथ मिलकर इसी क्षेत्र में रहने वाले शिवम, राहुल और सचिन को पीट दिया। जमकर लात-घूसे और बेल्ट चलीं, जिसमें राहुल के सिर में चोट लग गई। वारदात के बाद भागे आरोपीकुछ ही देर में लालकुर्ती में हिंदू-मुस्लिम विवाद का शोर मच गया। काफी संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता एकत्र होकर पहले आफताब की कोठी और फिर लालकुर्ती थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग शुरु कर दी। हंगामे की सूचना पर एसओ हरेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिसकर्मियों को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया। एक आरोपी को पुलिस ने दबोचा मारपीट करने वालों की तलाश में पुलिस ने कई जगह दबिश डाली, जिसमें एक आरोपी अमान को पकड़ लिया गया। पुलिस उसे लेकर थाने आ गयी। इसके बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हंगामा और तेज कर दिया। एसओ ने तहरीर लेकर कार्रवाई शुरु कर दी। हिंदू संगठन के लोग हुए एकत्र हिंदू युवकों से मारपीट किये जाने की सूचना पर अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही भी कार्यकर्ताओं के साथ लालकुर्ती थाने आ गये और घटना पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिन युवकों ने यह हमला किया है, वह अनैतिक कार्यों में लिप्त हैं। ऐसे लोगों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी जरूरी है। लेन देन के विवाद की रही सूचना एक तरफ जहां गाली गलौज के विरोध में मारपीट किये जाने का शोर था तो वहीं कुछ लोगों ने बताया कि दोनों पक्षों में रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। उसी में गाली गलौज हुई। मारपीट केवल चार से पांच लोगों के बीच हुई है। पुलिस फिलहाल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसपीसांप्रदायिक टकराव की सूचना मिलते ही एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले भी लालकुर्ती पहुंच गए। उस वक्त लालकुर्ती थाने के बाहर से लेकर अंदर तक भीड़ जमा थी। उन्होंने बजरंग दल महानगर संयोजक हिमांशु शर्मा से बात की। पूरी घटना को जानने के बाद एसओ को निर्देश दिये। साथ ही भरोसा दिलाया कि किसी भी दशा में आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। शुक्रवार को पुलिस उस क्षेत्र की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी जुटाकर आरोपियों को चिह्नित करेगी।
रामपुर के अपर जिलाधिकारी (राजस्व) संदीप कुमार वर्मा का शासन स्तर से तबादला कर दिया गया है। उन्हें आगरा में अपर जिलाधिकारी के पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन द्वारा जारी तबादला सूची में उनका नाम क्रमांक 70 पर दर्ज है। तबादले के बाद प्रशासनिक महकमे में चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल, रामपुर में उनके स्थान पर किस अधिकारी की तैनाती होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पीसीएस अधिकारी संदीप कुमार वर्मा ने करीब ढाई वर्ष पहले रामपुर में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यभार संभाला था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, राजस्व मामलों और प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। शहर में त्योहारों, वीआईपी कार्यक्रमों और संवेदनशील मौकों पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को संभालने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आम जनता की शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी वह लगातार सक्रिय रहे। रामपुर में सेवाकाल के दौरान ही उन्हें पदोन्नति मिली और शासन ने उन्हें अपर जिलाधिकारी पद की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद उन्होंने अपर जिलाधिकारी (राजस्व) के रूप में कार्यभार संभालते हुए राजस्व वसूली, भूमि विवादों के निस्तारण, सरकारी योजनाओं की समीक्षा और तहसील स्तरीय व्यवस्थाओं की निगरानी की। करीब ढाई वर्ष तक रामपुर में सेवाएं देने के बाद अब उनका तबादला आगरा कर दिया गया है। अब सभी की निगाहें शासन के अगले आदेश पर टिकी हैं कि रामपुर में नए अपर जिलाधिकारी (राजस्व) के रूप में किस अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
पीलीभीत के बीसलपुर क्षेत्र स्थित टिकरी टोल प्लाजा पर गुरुवार को टोल कर्मियों से मारपीट और एक कर्मचारी के अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया। वीआईपी लेन से वाहन निकालने को लेकर हुए विवाद में कुछ युवकों ने घटना को अंजाम दिया। हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अपहृत कर्मचारी को सुरक्षित बरामद कर लिया। थानाध्यक्ष संजीव शुक्ला ने बताया कि घटना 14 मई 2026 को शाम करीब 4:30 बजे हुई। टिकरी टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने सूचना दी कि कुछ युवक वीआईपी लेन से अपना वाहन जबरन निकालने का प्रयास कर रहे थे और विरोध करने पर मारपीट करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। जांच में पता चला कि आरोपियों ने टोल कर्मी राहुल तोमर, पुत्र उदयवीर सिंह निवासी बरेली, के साथ मारपीट की और उसे जबरन स्विफ्ट कार (UP 26 AX 5493) में बैठाकर फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल पीछा शुरू किया। पुलिस को पीछे आता देख आरोपी घबरा गए और राहुल तोमर को थाना बरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम पिपरा के पास नहर पटरी पर उतारकर भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान रोहित पटेल, राजकमल कश्यप, संतोष गंगवार उर्फ रिंकू, योगेन्द्र गंगवार और अंकुर गंगवार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित राहुल तोमर को सुरक्षित बरामद कर मेडिकल परीक्षण कराया गया है। घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
नाबालिग से छेड़छाड़ के दो दोषियों को सजा:एक को 5 साल, बाल अपचारी को 10 साल कारावास और जुर्माना
बिजनौर में पोक्सो एक्ट की विशेष सत्र न्यायाधीश कल्पना पांडेय ने नाबालिगों से छेड़छाड़ के मामले में दो दोषियों को सजा सुनाई है। आरोपी वसीम को पांच वर्ष कारावास और 37 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई, जबकि एक किशोर अपचारी को दस वर्ष कारावास और 67 हजार रुपये जुर्माने का दंड सुनाया गया। यह मामला दो नाबालिग बहनों के साथ घर में घुसकर छेड़छाड़ और अश्लीलता करने से संबंधित था। घटना 23 जुलाई 2022 को हुई थी। थाना नहटौर में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, वादी अपनी पत्नी के साथ अपनी बहन के घर किरतपुर क्षेत्र के एक गांव में गए थे। उस समय उनकी 17 और 15 वर्षीय बेटियां घर पर अकेली थीं। वादी की अनुपस्थिति में आरोपी वसीम और किशोर अपचारी उनके घर में घुस गए। उन्होंने दोनों बेटियों के साथ छेड़छाड़ की। किशोरियों द्वारा विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। जाते समय उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। विरोध के दौरान एक किशोरी के कपड़े भी फट गए थे। घर लौटने पर दोनों किशोरियों ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद वादी की ओर से वसीम और किशोर अपचारी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश कल्पना पांडेय ने मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी वसीम और किशोर अपचारी को दोषी पाया। इसके उपरांत उन्हें उपर्युक्त सजा सुनाई गई।
उदयपुर में कार मिनी ट्रक में घुसी, दो की मौत:अंबेरी पुलिया के पास रात को हुआ हादसा, मृतक झालावाड़ के
उदयपुर-गोगुंदा रोड पर शहर से सटे अंबेरी पुलिया पर एक मिनी ट्रक के पीछे एक कार घुस गई। हादसे में दो जनों की दर्दनाक मौत हो गई। पिंडवाड़ा हाईवे पर सुखेर थाना क्षेत्र के अंबेरी पुलिया के पास रात करीब सवा दस बजे 407 मिनी ट्रक के पीछे एक तेज रफ्तार कार घुस गई और भीषण हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मिनी ट्रक में टेंट के सामान थे और बेरियर पर जैसे ही उसने ब्रेक लगाया और पीछे से आ रही कार उसमें घुस गई। सूचना पर सुखेर थानाधिकारी भरत योगी मौके पर पहुंचे और इस बीच 108 एंबुलेंस भी वहां पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को कड़ी मशक्कत से कार के अंदर से बाहर निकाला। पुलिस ने दोनों शवों को जिला अस्पताल की मॉच्युरी में रखवाया और वहीं वहीं गंभीर घायल एक युवक को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। हादसे के वक्त मिनी ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया। सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि दोनों मृतकों के शव मॉच्युरी में मोर्चरी रखवा दिए है और उनकी शिनाख्त अभी नहीं हुई है। दोनों गाड़िया पुलिस ने जब्त कर ली है। कार सवार लोग झालावाड़ के रहने वाले है। इनपुट : गोपाल लोढ़ा
ग्वालियर में सूने मकानों को निशाना बनाने वाले चोरी गिरोह के खिलाफ इंदरगंज थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने अब चोरी के जेवर खरीदने वाले एक सराफा कारोबारी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 8 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। मामले में अब तक एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य फरार हैं। थाना प्रभारी दीप्ति तोमर के अनुसार, बृज बिहार कॉलोनी में हुई चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी आकाश माहौर से पूछताछ की गई थी। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी के जेवर उसने अपने साथी की मदद से सराफा कारोबारी विशाल सोनी को बेचे थे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने सराफा बाजार स्थित राजस्थान ज्वेलर्स पर दबिश देकर संचालक विशाल सोनी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी का माल खरीदने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने बरामद किए लाखों के जेवर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी कारोबारी के पास से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण जब्त किए। इनमें सोने की चेन, अंगूठियां, मंगलसूत्र, झुमके सहित कई कीमती गहने शामिल हैं। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जब्त किए गए गहने शहर की अन्य चोरी की वारदातों से जुड़े हैं या नहीं। नाबालिग करता था चोरी के माल का सौदा जांच में सामने आया है कि गिरोह के साथ एक 17 वर्षीय नाबालिग भी जुड़ा था। पुलिस के मुताबिक, वह चोरी के जेवर सराफा कारोबारियों तक पहुंचाने और सौदा कराने का काम करता था। पुलिस ने उसे पकड़कर किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी मामले में फरमान खान और विवेक प्रजापति अब भी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शहर की अन्य चोरी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।
ललितपुर के एडीएम अंकुर श्रीवास्तव का तबादला:गाजीपुर में तैनात दिनेश कुमार को एडीएम नियुक्त किया गया
ललितपुर में तैनात अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अंकुर श्रीवास्तव का शासन द्वारा गुरुवार शाम तबादला कर दिया गया। उनका स्थानांतरण मुरादाबाद जिले में किया गया है। वहीं, गाजीपुर में तैनात अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दिनेश कुमार को ललितपुर का नया अपर जिलाधिकारी बनाया गया है। बताया जा रहा है कि अंकुर श्रीवास्तव जुलाई 2023 में ललितपुर में तैनात किए गए थे। उन्होंने जिले में करीब 35 महीने तक अपनी सेवाएं दीं। शासन द्वारा उनका स्थानांतरण एक ही जिले में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के कारण किया गया है। अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव अपनी कार्यशैली के कारण लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहे। उनके पास कोई भी पीड़ित अपनी समस्या लेकर पहुंचता था तो वह तत्काल उसके समाधान और न्याय दिलाने के लिए सक्रिय हो जाते थे। पीसीएस अधिकारी बनने से पहले अंकुर श्रीवास्तव सीआरपीएफ में डिप्टी कमांडेंट के पद पर कार्यरत रह चुके हैं।
मथुरा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक माह से लापता युवक को उसके परिजन तलाशते रहे, जबकि पुलिस ने यमुना नदी से शव मिलने के बाद उसे अज्ञात मानकर अंतिम संस्कार कर दिया। पीड़ित परिवार ने बृहस्पतिवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। अजय नगर निवासी पिंकी ने बताया कि उनके पति पिंटू उर्फ कृष्णकांत कृष्णानगर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत थे। वह 17 अप्रैल को घर से बाहर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी तलाश की और थाना हाईवे में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों के अनुसार, पिंटू के लापता होने के कुछ ही घंटों बाद जमुनापार थाना पुलिस को यमुना नदी में एक शव मिला था। शव की पहचान न हो पाने के कारण पुलिस ने उसे अज्ञात मानते हुए पोस्टमार्टम कराया और तीन दिन बाद उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। इस संबंध में परिवार को कोई जानकारी नहीं दी गई। हाल ही में किसी माध्यम से परिजनों को पता चला कि यमुना से मिला शव संभवतः पिंटू का था। इस जानकारी के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। बृहस्पतिवार को परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने शव के बारे में जानकारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत मिली है। मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निवाड़ी जिले की ओरछा तहसील अंतर्गत बागन और जसवंतपुरा के बीच स्थित पहाड़ी पर गुरुवार देर शाम भीषण आग लग गई। चिलचिलाती गर्मी और सूखे पत्तों के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में दहशत फैल गई। तेज हवाओं ने आग को किया विकराल स्थानीय निवासियों के अनुसार, आग की शुरुआत सूखी झाड़ियों और पत्तों से हुई थी। तेज गर्मी और गर्म हवाओं के चलते लपटें तेजी से पहाड़ी के बड़े हिस्से में फैल गईं। आग लगने के कारण क्षेत्र में धुएं का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता भी प्रभावित हुई। इस आगजनी से बेशकीमती वन संपदा और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचने का अंदेशा है। दुर्गम पहाड़ी रास्ता बना बाधा सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। हालांकि, पहाड़ी और उबड़-खाबड़ इलाका होने के कारण दमकल वाहनों को आग के केंद्र तक पहुंचने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी मैनुअल तरीके से भी आग को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। आग बुझाने का प्रयास जारी जिले में बढ़ते तापमान और हीटवेव के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में ज्वलनशील पदार्थ न ले जाएं और आग दिखने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें। फिलहाल, दमकल और राजस्व विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आग बुझाने का प्रयास निरंतर जारी है।
लखनऊ में हजरतगंज थाने में विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंह समेत 4 लोगों पर FIR दर्ज हुई है। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह की पत्नी भानवी सिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है। भानवी सिंह ने आरोपियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की साझेदारी फर्म और उसकी संपत्तियां हड़पने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश के बाद FIR दर्ज हुई है। 2014 में मेसर्स सारंग इंटरप्राइजेज नाम से साझेदारी फर्म बनाई थी भानवी कुमारी सिंह का आरोप है कि उन्होंने मुंबई निवासी यशोधन शेट्टी के साथ मिलकर 10 फरवरी 2014 को मेसर्स सारंग इंटरप्राइजेज नाम से साझेदारी फर्म बनाई थी। फर्म का पंजीकरण लखनऊ स्थित फर्म निबंधक कार्यालय में कराया गया था। फर्म में दोनों साझेदारों ने करोड़ों रुपये का निवेश किया था और फर्म के नाम पर करीब पांच करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियां अर्जित की गईं। फर्म के दस्तावेजों में हेराफेरी करने का आरोप भानवी सिंह का आरोप है कि अमेठी निवासी MLC अक्षय प्रताप सिंह ने अपने साथियों रोहित कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह और रामदेव यादव समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्म के दस्तावेजों में हेराफेरी की। 5 नवंबर 2020 को फर्जी हस्ताक्षरों और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए खुद को फर्म का साझेदार दिखा दिया गया। अन्य लोगों को भी फर्म में साझेदार के रूप में शामिल करा लिया गया। फर्म का पंजीकृत पता भी बिना उनकी जानकारी के बदलकर गोमतीनगर स्थित एक निजी पते पर दर्ज करा दिया गया। निबंधक कार्यालय से कागज निकलवाने पर हुई जानकारी भावनी सिंह ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी तब हुई जब उन्होंने सितंबर 2022 में फर्म निबंधक कार्यालय से अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां निकलवाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने फर्जी शपथपत्र, दस्तावेज और हस्ताक्षरों के जरिए फर्म की संपत्तियों पर कब्जा करने की साजिश रची। भावनी सिंह का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने अक्षय प्रताप सिंह को आदतन अपराधी बताते हुए उनके खिलाफ कई गंभीर मामलों में संलिप्त होने का भी आरोप लगाया है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की 172वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी है। इस बैठक में एरोसिटी, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, हरनंदीपुरम आवासीय योजना और आधुनिक शहरी सुविधाओं से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं के माध्यम से गाजियाबाद को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के सबसे आधुनिक शहरों में शामिल करने की तैयारी की जा रही है। बैठक में राजनगर एक्सटेंशन के पास एरोसिटी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम परियोजना को लेकर एक अहम निर्णय लिया गया। यह बड़ा प्रोजेक्ट मोरटा, अटौर और मेवला अगरी की लगभग 200 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक आवासीय सेक्टर, कॉर्पोरेट कार्यालय, होटल, कन्वेंशन सेंटर, चौड़ी सड़कें, खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और मनोरंजन सुविधाएं शामिल होंगी। इस परियोजना के लिए लगभग 2813 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) और GDA मिलकर संयुक्त रूप से इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण करेंगे। इसमें दोनों की 50-50 प्रतिशत भागीदारी होगी। यह स्टेडियम भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों की मेजबानी करने में सक्षम होगा, जिससे खेल, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, बैठक में हरनंदीपुरम आवासीय योजना के दूसरे चरण को भी मंजूरी दी गई। भावापुर, मोरटा और शाहपुर निज मोरटा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के लिए लगभग 2179 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहां आधुनिक कॉलोनियां, पार्क, चौड़ी सड़कें, सीवर, ड्रेनेज सिस्टम, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। शहर में बढ़ती ऊंची इमारतों को देखते हुए अग्निशमन विभाग के लिए 102 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले आधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने का भी निर्णय लिया गया। इस खरीद के लिए 100 करोड़ रुपये पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं। बैठक में वेव सिटी और अन्य हाईटेक टाउनशिप परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाएगा। GDA का लक्ष्य है कि आने वाले समय में गाजियाबाद को एक आधुनिक, सुरक्षित और निवेश के लिए बेहतर शहर बनाया जाए।
न्यू आगरा में ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट में लगी आग:तेज धमाके के साथ फटी बैटरी, 24 ई-रिक्शा जले
आगरा के थाना न्यू आगरा क्षेत्र में गुरुवार तड़के आग लग जाने से करीब 24 ई रिक्शा जलकर राख हो गए। इस दौरान एक युवक के भी झुलस गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। फायर स्टेशन संजय प्लेस के अग्निशमन अधिकारी सोमदत्त सोनकर ने बताया कि कृष्णा बाग नगला हवेली दयालबाग में एक खाली प्लॉट पर दो साल से ई रिक्शा के लिए चार्जिंग प्वाइंट संचालित है। गुरुवार तड़के करीब चार बजे यहां पर धर्मवीर निवासी फरह, अनार सिंह निवासी एटा और पप्पू निवासी खंदारी व रमाशंकर निवासी सदर सो रहे थे। तभी अचानक यहां आग लग गई और आग लगने के बाद धमाके होने लगे। इससे पहले कि सो रहे लोग कुछ समझ पाते, आग विकराल होने लगी और सभी लोग बाहर निकलकर भागने लगे इस दौरान रमाशंकर झुलस गए। आग की चपेट में आगर करीब 24 ई रिक्शा जलकर राख हो गए। यह चार्जिंग प्वाइंट जयपुर हाउस निवासी धनीराम का बताया गया है। वह किराए पर जगह लेकर इसका संचालन कर रहे थे। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची जिन्होंने आग पर काबू पाया। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
भाजपा नेताओं से अभद्रता पर SSI मान सिंह लाइन हाजिर:सहारनपुर SSP ने की कार्रवाई, राजकुमार बने नए SSI
सहारनपुर में भाजपा नेताओं से विवाद के बाद नगर कोतवाली में तैनात एसएसआई मान सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसएसपी अभिनंदन ने गुरुवार शाम यह कार्रवाई की। उनकी जगह देहात कोतवाली के एसआई राजकुमार को नया एसएसआई नियुक्त किया गया है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह विवाद माधोनगर क्षेत्र के एक कारोबारी से जुड़ा है। उनके यहां काम करने वाले एक युवक पर धोखाधड़ी का आरोप लगा था। इसी मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रेमपाल कटारिया, भाजपा युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सागर कटारिया, नामित पार्षद राहुल झांब और राजेश वालिया नगर कोतवाली पहुंचे थे। आरोप है कि कोतवाली में तैनात एसएसआई मान सिंह ने भाजपा नेताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा नेताओं ने एसएसआई पर पैसे मांगने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया। विवाद बढ़ने पर कोतवाली परिसर में हंगामे जैसी स्थिति बन गई थी। विवाद की सूचना मिलते ही सीओ प्रथम रविकांत मौके पर पहुंचे। भाजपा महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई भी कोतवाली पहुंच गए। आरोप है कि विवाद के दौरान एसएसआई मान सिंह ने दो भाजपा पदाधिकारियों को मुंशी के कमरे में करीब आधे घंटे तक बैठाए रखा। बाद में सीओ रविकांत ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। भाजपा महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई ने बताया कि वे एक मामले में समझौते के लिए कोतवाली पहुंचे थे, जहां विवाद हो गया था। सीओ के आने के बाद मामला शांत हुआ। पूरे घटनाक्रम के बाद एसएसपी अभिनंदन ने सख्त रुख अपनाते हुए एसएसआई मान सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। बताया जा रहा है कि मान सिंह पहले भी कई विवादों को लेकर विभागीय चर्चाओं में रह चुके हैं।
सहारनपुर में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। थाना कोतवाली देहात पुलिस ने गुरुवार को एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया। उसके पास से 50 ग्राम अवैध स्मैक और 5450 रुपये नकद बरामद हुए हैं। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई सहारनपुर रेंज में डीआईजी अभिषेक सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा अभियान का हिस्सा है। एसएसपी के निर्देश पर थाना कोतवाली देहात पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चला रही है। थानाध्यक्ष देवेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम गुरुवार को क्षेत्र में गश्त और चेकिंग कर रही थी। शेखपुरा टपरी मिनी बायपास तिराहे के पास एक खाली प्लॉट से एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके पास से 50 ग्राम अवैध स्मैक और नकद राशि मिली। पूछताछ में उसकी पहचान फरमान उर्फ मोनू पुत्र इस्लाम, निवासी मोहल्ला भंगी चौक, शेखपुरा कदीम, थाना कोतवाली देहात के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपी फरमान ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से नशे का कारोबार कर रहा है। उसने बताया कि वह हरियाणा से एक अज्ञात व्यक्ति से स्मैक खरीदकर सहारनपुर में बेचता था। गिरफ्तारी के समय भी वह स्मैक की सप्लाई करने जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उसके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, फरमान पहले भी एनडीपीएस एक्ट और चोरी सहित तीन अन्य मामलों में जेल जा चुका है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक नरेंद्र भडाना, हेड कांस्टेबल गौतम सिंह, हेड कांस्टेबल बाबू सिंह और कांस्टेबल रजत शामिल थे।
हरदोई के सांडी थाना क्षेत्र में बैंक से लौट रही एक वृद्धा और उनके बेटे पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। बदमाश 2.10 लाख रुपये से भरा बैग और बेटे का मोबाइल छीनकर फरार हो गए। घटना बुधवार शाम हुई, जिसके बाद घायल वृद्धा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अपनी मां का इलाज करने के बाद गुरुवार को वृद्ध महिला के पुत्र ने सांडी थाने में शिकायती पत्र दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मल्लावां थाना क्षेत्र के मटियामऊ गांव निवासी 70 वर्षीय कुंवारा देवी अपने बेटे श्रीराम के साथ हरपालपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक से 2.10 लाख रुपये निकालकर लौट रही थीं। श्रीराम ने गुरुवार को सांडी थाने में घटना के संबंध में शिकायती पत्र दिया है। श्रीराम ने बताया कि उनकी मां कुंवारा देवी ने हरपालपुर थाना क्षेत्र के लमकन गांव निवासी विपिन पाल को कन्नौज बाईपास मार्ग पर स्थित अपना एक प्लॉट 5.10 लाख रुपये में बेचा था। विपिन पाल ने पहले 3 लाख रुपये दिए थे और शेष 2.10 लाख रुपये के लिए दो चेक दिए थे। बुधवार को मां-बेटे हरपालपुर बैंक से इन चेकों का भुगतान कराने गए थे। बैंक से 2.10 लाख रुपये निकालने के बाद वे बैग में रुपये रखकर हरपालपुर बस से सांडी तिराहा आए। फिर यहां से दोनों ऑटो में बैठ कर अपने घर जा रहे थे। सांडी तिराहे के पेट्रोल पंप के पास कुछ दूरी पर एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। बदमाशों ने कुंवारा देवी के हाथ से रुपयों से भरा बैग छीन लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्होंने श्रीराम का मोबाइल भी छीन लिया। श्रीराम ने अपनी घायल मां को तेरवा कुल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। सांडी के प्रभारी थानाध्यक्ष शुभम यादव ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कोंडागांव के अबुझमाड़ क्षेत्र में कभी नक्सल प्रभाव के कारण दहशत में रहने वाले दूरस्थ गांवों में अब बदलाव की तस्वीर दिखाई देने लगी है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) सुरक्षा अभियान के साथ-साथ ग्रामीणों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का काम भी कर रहा है। 41वीं वाहिनी ITBP ने नारायणपुर जिले के अतिसंवेदनशील गांव नेलांगुर, पदमकोट और बेडमाकोटी में “स्पेशल CAP प्रोजेक्ट 2025-26” के तहत विशेष सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके साथ आत्मीय संबंध स्थापित करना था। ग्रामीणों को दिए सिन्टेक्स वाटर टैंक कार्यक्रम के दौरान 41वीं वाहिनी के कमांडेंट बेनुधर नायक ने ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सिन्टेक्स वाटर टैंक वितरित किए। लंबे समय से पेयजल समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया। ग्रामीणों ने कहा कि स्वच्छ पानी की सुविधा मिलने से अब उन्हें काफी राहत मिलेगी और दैनिक जीवन आसान होगा। युवाओं को दिया नशामुक्ति का संदेश कार्यक्रम में युवाओं और ग्रामीणों के लिए नशा मुक्ति जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। कमांडेंट बेनुधर नायक ने नशे के दुष्प्रभावों और समाज पर पड़ने वाले उसके नकारात्मक असर की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। बच्चों संग खेलते नजर आए ITBP जवान कार्यक्रम का भावुक दृश्य तब देखने को मिला, जब ITBP जवानों ने नेलांगुर और पदमकोट कैंप में पढ़ने वाले बच्चों के साथ समय बिताया। जवानों ने बच्चों से पढ़ाई, सपनों और भविष्य को लेकर बातचीत की। इस दौरान बच्चों को स्टेशनरी सामग्री और खेलकूद के सामान भी वितरित किए गए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। जवानों ने बच्चों के साथ खेलकर उनका उत्साह और आत्मविश्वास भी बढ़ाया। सिर्फ सुरक्षा नहीं, विकास भी प्राथमिकता: कमांडेंट कमांडेंट बेनुधर नायक ने कहा कि ITBP केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के विकास और खुशहाली के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही बच्चों और युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जा सकती है।
महू के कोदरिया स्थित अन्नपूर्णा कॉलोनी में गुरुवार रात करीब 10 बजे एक युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बरामद कर पीएम के लिए सिविल अस्पताल भेजा है। ढोलक वादक था युवक मृतक की पहचान लक्की के रूप में हुई है, जो स्थानीय स्तर पर ढोलक बजाने का कार्य करता था। परिजनों और पड़ोसियों को घटना की जानकारी तब हुई जब उसने काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद तत्काल स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी गई। गेट तोड़कर घर में घूसी पुलिस महू कोतवाली थाना पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां युवक फंदे पर लटका हुआ मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है। मौके से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मृतक के परिजनों और मित्रों के बयान दर्ज कर घटना के पीछे की वजहों का पता लगा रही है।
मुरादाबाद-संभल रोड पर सड़क किनारे हवा और पंक्चर की दुकान चलाने वाले युवक की गुरुवार रात चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना मैनाठेर थाना क्षेत्र के डींगरपुर में रात करीब 9 बजे हुई। टायर पंक्चर के पैसे मांगने को लेकर हुए विवाद में ट्रक चालक ने दुकानदार पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने ट्रक चालक की पिटाई कर दी। पुलिस ने उसे भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। मृतक की पहचान इस्तेखार आलम (28) पुत्र मोहम्मद कय्यूम निवासी मुजफ्फरपुर, बिहार के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 5 वर्षों से डींगरपुर में सड़क किनारे टायर पंक्चर की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात इस्तेखार ने एक ट्रक का पंक्चर बनाया था। इसके बाद उसने ट्रक चालक से पंक्चर और हवा भरने के 500 रुपये मांगे। इसी बात को लेकर ट्रक चालक और इस्तेखार के बीच कहासुनी हो गई। केबिन से चाकू निकालकर गोदा आरोप है कि विवाद बढ़ने पर ट्रक चालक करीम पुत्र इस्माइल निवासी रामपुर ने ट्रक के केबिन से चाकू निकाल लिया और इस्तेखार पर कई वार कर दिए। चाकू लगने से इस्तेखार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना के दौरान मौके पर मौजूद इस्तेखार के भाई एहसान और साले मुशर्रफ परवेज ने बीच-बचाव कर किसी तरह आरोपी को रोका। घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ ने आरोपी चालक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल इस्तेखार व आरोपी चालक करीम को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान इस्तेखार की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ बिलारी समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले की जांच शुरू कर दी है।
महेश्वर के ग्राम आवलिया स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर बुधवार शाम डीजल न मिलने पर स्कार्पियो सवार तीन युवकों ने एक कर्मचारी के साथ मारपीट की। आरोपियों ने कर्मचारी को गाड़ी से कुचलने का प्रयास भी किया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने गुरुवार रात को सीसीटीवी और टोल प्लाजा के फुटेज के आधार पर मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। डीजल खत्म होने की बात पर भड़के आरोपी पीड़ित कर्मचारी सावन चौहान (25) ने बताया कि शाम करीब 4:20 बजे इंदौर-महू की ओर से काले रंग की स्कार्पियो (UP16AZ0770) पंप पर आई। पंप पर स्टॉक खत्म होने के कारण जब सावन ने डीजल डालने से मना किया, तो गाड़ी सवार युवक गाली-गलौज करने लगे। विवाद बढ़ने पर तीनों युवकों ने नीचे उतरकर सावन के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। देखें 3 तस्वीरें… अन्य कर्मचारियों के हस्तक्षेप के बाद भागे हमलावर मारपीट के दौरान जब पीड़ित ने मालिक को फोन करने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। सावन का आरोप है कि चालक ने उस पर गाड़ी चढ़ाकर कुचलने की कोशिश की। पंप के अन्य कर्मचारियों अजीत, शुभम और लखन के बीच-बचाव करने पर आरोपी गाड़ी लेकर मंडलेश्वर की ओर भाग निकले। पंप मालिक और पीड़ित की शिकायत पर केस मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9:30 बजे पेट्रोल पंप मालिक और पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(b), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। सीसीटीवी और टोल फुटेज से आरोपियों की पहचान आरोपियों की गाड़ी चोली टोल प्लाजा के कैमरों में कैद हुई है, जिससे उनकी लोकेशन मंडलेश्वर की ओर होने की पुष्टि हुई है। पुलिस उत्तरप्रदेश नंबर की गाड़ी के मालिक की जानकारी जुटा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि फुटेज के आधार पर शिनाख्त कर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लखनऊ के अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम ने पहली बार एक बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण लीवर ट्रांसप्लांट को सफलतापूर्वक अंजाम देकर मेडिकल क्षेत्र में नई मिसाल पेश की है। इस सर्जरी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि पूरे ऑपरेशन के दौरान 56 साल के मरीज को एक भी यूनिट खून (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) नहीं चढ़ाना पड़ा। गंभीर स्थिति में पहुंचे इस मरीज को सफल सर्जरी के बाद नई जिंदगी मिली है। आमतौर पर लीवर ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को 20 से 25 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ता है, लेकिन बेहतर रिकवरी के चलते इस मरीज को ऑपरेशन के महज 8वें दिन ही छुट्टी दे दी गई। अपोलो की लीवर ट्रांसप्लांट टीम ने पिछले 7 महीनों में 20 सफल लीवर ट्रांसप्लांट कर चुकी है।गंभीर कंडीशन में था मरीजयह मरीज उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले का रहने वाला है। अस्पताल आने पर उसकी हालत काफी गंभीर थी। मरीज का एमईएलडी स्कोर (MELD Score) 30 था। इसका अर्थ है कि मरीज का लीवर बेहद गंभीर स्थिति में था और उसे तुरंत लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत थी। मरीज की जान बचाने के लिए उसकी 45 वर्षीय पत्नी ने अपना लीवर डोनेट किया। सर्जरी के लिए नहीं थे पर्याप्त डोनरडॉ.अभिषेक यादव ने बताया कि आमतौर पर लीवर ट्रांसप्लांट में भारी मात्रा में ब्लड लॉस होता है। सामान्य तौर पर ऐसी सर्जरी में 2 से 3 लीटर तक खून बह सकता है, जिसके कारण मरीज को कई यूनिट खून चढ़ाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस केस में मरीज के लिए पर्याप्त ब्लड डोनर उपलब्ध नहीं थे। इसे देखते हुए टीम ने पहले से ही ब्लड लॉस को कम से कम रखने की रणनीति तैयार की थी। टीम ने बेहद सावधानी से ऑपरेशन किया और ब्लीडिंग को न्यूनतम रखा। नतीजा यह रहा कि पूरी सर्जरी बिना किसी ब्लड ट्रांसफ्यूजन के पूरी हो गई। मरीज अब स्वस्थ है और डिस्चार्ज होकर घर जाने की स्थिति में है।जटिल सर्जरी कर दिया नया जीवनउन्होंने आगे बताया कि पहले लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 8 से 10 यूनिट तक ब्लड की व्यवस्था करनी पड़ती थी, बिना खून चढ़ाए लीवर ट्रांसप्लांट करना एक बेहद दुर्लभ और जटिल प्रक्रिया है लेकिन एक्सपर्ट टीम और एडवांस सर्जिकल मैनेजमेंट की मदद से कई मामलों में यह संभव हो सकता है। उन्होंने बताया कि अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल में पिछले 7 महीनों में 20 सफल लीवर ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं जिनमें कुछ बेहद जटिल ट्रांसप्लांट भी शामिल हैं। सभी मरीज फॉलो अप में हैं और रिकवर कर रहे हैं ।इन डॉक्टरों की टीम ने किया ट्रांसप्लांटयह लीवर ट्रांसप्लांट अपोलो हॉस्पिटल लखनऊ के सीनियर डायरेक्टर और हेड लिवर ट्रांसप्लांट डॉ.अभिषेक यादव और डॉ.उत्कर्ष श्रीवास्तव और उनकी टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला मामले पर लंबे इंतजार के बाद कल (शुक्रवार) अहम फैसला आने वाला है। इस संभावित निर्णय को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच, धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने जिले के नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। कलेक्टर ने कहा कि भोजशाला मामला संवेदनशील है, इसलिए सभी नागरिक जिम्मेदारी से व्यवहार करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। कलेक्टर मीना ने विशेष रूप से सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट साझा न करें। प्रशासन सोशल मीडिया की हर गतिविधि पर नजर रख रहा है, और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलेभर के लोगों की निगाहें कल आने वाले इस महत्वपूर्ण फैसले पर टिकी हुई हैं। धरना, प्रदर्शन को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेशकलेक्टर राजीव रंजन मीना ने जिलेभर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत बिना अनुमति जुलूस, धरना, प्रदर्शन, पांच से अधिक लोगों की भीड़, हथियारों का प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक पोस्ट फैलाने पर प्रतिबंध रहेगा। पेट्रोल-डीजल को बोतल या कंटेनर में बेचने पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन ने होटल, लॉज संचालकों को आगंतुकों का रिकॉर्ड रखने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने के निर्देश दिए हैं। आदेश 5 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
बदायूं में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने भागीरथी कछला गंगा घाट पर पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। गुरुवार को आयोजित इस समारोह में कुल 2647.12 लाख रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखी गई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया है। उन्होंने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश, जिसे पहले बीमारू राज्य कहा जाता था, अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और अपराधी सलाखों के पीछे हैं। प्रदेश के निर्माण में नागरिकों से सहभागिता का आह्वान मंत्री ने बताया कि सरकार ने बेहतर कानून व्यवस्था, व्यापक विकास कार्य और सड़क, रेल व हवाई सेवाओं के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा करती है और विकसित भारत तथा विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में सभी नागरिकों से सहभागिता का आह्वान किया। केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि पर्यटन विभाग देश की सांस्कृतिक और पौराणिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि कछला गंगा घाट पर होने वाले विकास कार्यों से श्रद्धालुओं और आमजन को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने अपनी सांसद निधि से श्रद्धालुओं के हित में पहला कार्य कराने का भी उल्लेख किया। पौराणिक स्थलों का सौंदर्यीकरण भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने बदायूं में बाईपास, फोरलेन, रिंग रोड और रेलवे स्टेशन के कायाकल्प जैसे बड़े विकास कार्यों की प्रगति पर प्रकाश डाला। बिल्सी विधायक हरीश शाक्य ने कहा कि पर्यटन विभाग जिले के पौराणिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कर रहा है, जिससे सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल रही है। कार्यक्रम में वर्ष 2023-24 की 410.93 लाख रुपये लागत की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। वहीं, वर्ष 2025-26 की 2236.19 लाख रुपये लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ। इनमें कछला गंगा घाट, सहस्रबाहू तीर्थ, तपोसिद्ध बाबा की मढ़ी, बाबा देवास दास मंदिर, श्री रामचंद्र विराजमान मंदिर और बहादुर सिंह हनुमान बाबा आश्रम के पर्यटन विकास कार्य शामिल हैं। ये रहे मौजूदइस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
मथुरा के बलदेव क्षेत्र स्थित नया बांस, ततरोता गांव में गुरुवार को एक युवक की यमुना नदी में डूबने से मौत हो गई। 19 वर्षीय रविशंकर पुत्र झंगोला जाटव की शाम को सगाई होनी थी, लेकिन इस घटना से परिवार में मातम छा गया। रविशंकर चार बहनों का इकलौता भाई था। जानकारी के अनुसार, रविशंकर दोपहर बाद अपने दोस्तों गोलू और ठुल्लडी के साथ गाय को पानी पिलाने और नहलाने के लिए यमुना किनारे गया था। गर्मी अधिक होने के कारण तीनों दोस्त नदी में नहाने लगे। इसी दौरान रविशंकर गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव में डूबने लगा। दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह पानी में लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से तलाश अभियान शुरू कराया। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर यमुना में रविशंकर का शव उतराता हुआ मिला। परिजन रविशंकर को तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। रविशंकर अपने माता-पिता की चार बेटियों के बाद इकलौता और सबसे छोटा बेटा था। उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बहन अविवाहित है। गुरुवार शाम को रविशंकर की सगाई की तैयारियां चल रही थीं और रिश्तेदार आने वाले थे। परिवार के बुजुर्ग मूला ने बताया कि रविशंकर गाय चराने गया था और यमुना किनारे उसका पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। ग्रामीणों के अनुसार, रविशंकर सीधा-सादा और मिलनसार युवक था।
मथुरा में विवाहिता की मौत:मायके पक्ष ने पति समेत तीन पर जहर देकर हत्या का आरोप लगाया
मथुरा के छाता क्षेत्र स्थित शिव कॉलोनी में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान जयंती पत्नी सुनील के रूप में हुई है, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हुई। मायके पक्ष ने पति सुनील और उसके दो भाइयों पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने बताया कि जयंती की शादी 26 फरवरी 2009 को छाता के शिव कॉलोनी निवासी सुनील से हुई थी। उनके दो बेटे हैं। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर जयंती को प्रताड़ित किया जा रहा था। पति और अन्य ससुरालीजन अक्सर उसके साथ मारपीट करते थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहती थी। भाई बृजेश के अनुसार, मंगलवार को जयंती अपने बेटों के लिए लंच बॉक्स बना रही थी। इसी दौरान पति सुनील ने किसी बात पर उसके साथ मारपीट की। इस विवाद के बाद जयंती स्थानीय थाने भी गई थी। घटना की सूचना जयंती की बड़ी बहन ने फोन करके मायके पक्ष को दी। मारपीट के बाद जयंती की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे गंभीर हालत में केडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिन तक उसका इलाज चला। गुरुवार को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने फिर से दोहराया है कि जयंती को जहर देकर मारा गया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दुर्ग जिले के अंजोरा चौकी क्षेत्र स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड, रसमढ़ा में सिलिको मैंगनीज चोरी का मामला सामने आया है। कंपनी परिसर से 50 किलोग्राम सिलिको मैंगनीज गायब होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कंपनी के ही एक गाड़ी के ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। कंपनी के जनरल मैनेजर राधेश्याम पांडे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 12 मई की सुबह 6 बजे से 8 बजे के बीच कंपनी परिसर से एक बोरी सिलिको मैंगनीज चोरी हो गया था। कंपनी के चालक ने ही की चोरी जांच के दौरान पता चला कि चोरी की वारदात कंपनी में वाहन चालक के रूप में कार्यरत खिलेन्द्र कुमार साहू ने अंजाम दी थी। आरोपी चोरी किए गए सिलिको मैंगनीज को वाहन में रखकर कंपनी परिसर से बाहर ले जाने की कोशिश कर रहा था। अंजोरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 447/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पूछताछ में कबूला जुर्म मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने संदेही खिलेन्द्र कुमार साहू को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 50 किलो सिलिको मैंगनीज बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 10 हजार रुपए बताई गई है। घटना में इस्तेमाल वाहन भी जब्त पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल वाहन क्रमांक CG 07 B 5782 भी जब्त कर लिया है। वाहन की कीमत लगभग 4 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
PMEGP लोन ठगी गिरोह का पर्दाफाश:ग्रेटर नोएडा से 6 गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर देते थे झांसा
ग्रेटर नोएडा में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत सस्ती दरों पर सब्सिडी वाला होम और बिजनेस लोन दिलाने का झांसा देकर देश भर के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का बिसरख थाना पुलिस और साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि बिसरख पुलिस और साइबर सेल टीम ने मैन्युअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-1 स्थित कृष्णा काउंटी सोसायटी की टावर A की छत से छह आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मराज राठौर, रवि कुमार, किशन राठौर, अक्षय, किरन नायक और किरण बाबू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी मूल रूप से कर्नाटक के बीजापुर और विजयपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। वे ग्रेटर नोएडा में रहकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि आरोपी इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन चलाते थे। इन विज्ञापनों में कम ब्याज दर पर सरकारी योजना के तहत लोन दिलाने का दावा किया जाता था, ताकि बेरोजगार युवा, छोटे कारोबारी और जरूरतमंद लोग आसानी से उनके झांसे में आ जाएं। जैसे ही कोई व्यक्ति विज्ञापन पर क्लिक करता था, आरोपियों का मोबाइल नंबर सामने आ जाता था। इसके बाद गिरोह के सदस्य खुद को सरकारी योजना से जुड़े अधिकृत लोन अधिकारी बताकर बातचीत शुरू करते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लोगों को भरोसे में लेकर बताते थे कि पीएमईजीपी योजना के तहत उन्हें सब्सिडी आधारित होम लोन या व्यावसायिक लोन बेहद कम ब्याज दर पर दिलाया जाएगा। इसके बाद फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस, बीमा, एनओसी, जीएसटी और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई जाती थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रत्येक व्यक्ति से दो लाख से चार लाख रुपये तक वसूलते थे। रकम जमा होने के बाद या तो आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर देते थे या नए बहाने बनाकर ग्राहक को टालते रहते थे।
मंडला जिले के बिछिया में गुरुवार रात को आकाश ट्रेवल्स की एक यात्री बस के ब्रेक फेल हो गए। अनियंत्रित बस ढलान पर करीब आधा किलोमीटर तक उल्टी दिशा (रिवर्स) में दौड़ती रही। इसके बाद एक मोड़ पर बिजली की मुख्य लाइन के खंभे से टकरा गई। टक्कर के बाद बस सड़क किनारे स्थित एक गहरे गड्ढे में जाकर फंस गई। बस के अनियंत्रित होने से सड़क पर चल रहे वाहन चालकों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। देखें दो तस्वीरें… साईं तिराहे के पास बेकाबू हुई जानकारी के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे बस साईं तिराहे के पास अचानक बेकाबू हो गई थी। घटना के समय बस खाली थी, जिससे बड़ी जनहानि होने से बच गई। चालक ने घनी आवाजाही वाले मार्ग पर अन्य वाहनों और पैदल चल रहे लोगों को बचाने के लिए बस पर नियंत्रण रखने का प्रयास किया। बिजली लाइन और गड्ढे से टकराकर रुकी रिवर्स में दौड़ती हुई बस कल्याण आश्रम के समीप एक मोड़ पर बिजली की मुख्य लाइन के खंभे से टकरा गई। टक्कर के बाद बस सड़क किनारे स्थित एक गहरे गड्ढे में जाकर फंस गई, जिसके बाद उसकी रफ्तार रुकी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस घटना के दौरान एक बाइक सवार को मामूली चोटें आई हैं। हादसे की जांच कर रही पुलिस बिछिया थाना प्रभारी रंजीत सैयाम ने बताया कि हादसा घुटास चौराहे के पास हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर यांत्रिक खराबी और लापरवाही के पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
हरदोई के बिलग्राम में भागवत कथा की कलश यात्रा के दौरान गंगा घाट पर हादसा हो गया। गंगा स्नान करते समय पांच बच्चे तेज धार में बह गए। इनमें 14 वर्षीय संध्या की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक किशोर लापता है। तीन अन्य बच्चों को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मृतक संध्या म्योरा मोड़ निवासी रविशंकर की पुत्री थी। वह देवी मंदिर में आयोजित भागवत कार्यक्रम की कलश यात्रा में शामिल होने नोखेपुरवा गंगा घाट गई थी। स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चली गई और तेज बहाव में डूब गई। म्योरा निवासी राजेश का पुत्र ओम जी भी गंगा की धार में डूब गया, जिसकी तलाश जारी है। हादसे में डूब रहीं स्नेहा (12) पुत्री महेंद्र, सोनम (11) पुत्री सोनू और अंशी (14) पुत्री राकेश को मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बचा लिया। सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और गंगा में तलाशी अभियान चलाया। काफी प्रयासों के बाद संध्या का शव बरामद कर लिया गया। लापता किशोर ओम जी की तलाश में पुलिस रात में भी सर्च ऑपरेशन चला रही है। मृतक संध्या दो बहनों में दूसरे नंबर पर थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बिलग्राम सीएचसी पर रखवा दिया है।
यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम ने भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर डिकोय ऑपरेशन चलाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। अभियान का नेतृत्व पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. विपिन गोंदवाल ने किया। जानकारी के अनुसार टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकोय बनाकर आरोपियों के संपर्क में भेजा। शुरुआत में महिला को पांजूपुर क्षेत्र में बुलाया गया, जहां उसे कई घंटे इंतजार कराया गया। बाद में आरोपियों ने उसे यूपी के अंबेटा चांदपुर स्थित एक मकान पर पहुंचने के लिए कहा। बच्चे का लिंग बताने के लिए मांगे 30 हजार बताया जा रहा है कि वहां महिला का परीक्षण करने के बाद आरोपियों ने गर्भ में जुड़वा बच्चे होने की बात कही। साथ ही एक बच्चे का लिंग बताने के एवज में 30 हजार रुपये लिए गए। दूसरे बच्चे का लिंग बताने के लिए भी अलग से रकम मांगी गई। इसके बाद डिकोय महिला ने पूरी जानकारी पीएनडीटी टीम को दी। योजना के तहत टीम ने महिला को दोबारा आरोपियों के पास भेजा। आरोपी उसे यूपी के देवबंद क्षेत्र में एक स्थान पर लेकर पहुंचे, जहां पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, टैबलेट और वाई-फाई डिवाइस की सहायता से जांच की गई। इसी दौरान आरोपियों ने गर्भ में लड़का होने की जानकारी दी। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मशीनें भी कब्जे में लिए पहले से निगरानी कर रही टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवबंद के गांव बंधेड़ा निवासी अजीम तथा अंबेटा चांदपुर निवासी बीना उर्फ सुमन के रूप में हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से इस्तेमाल किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मशीनें भी कब्जे में ले ली हैं। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सोनभद्र में आंधी-तूफान से 4 लोगों की मौत:घर पर पेड़ की टहनी टूटकर गिरने से गई जान
सोनभद्र में बुधवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि जन-धन को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। प्रशासन के प्रारंभिक सर्वे में 81 घरों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा एक पशु की भी मौत हुई है। मृतकों में खड़ुई कला गांव निवासी महेंद्र कुमार (38) शामिल हैं, जिनकी बुधवार को आंधी-तूफान के दौरान मौत हो गई थी। दूसरी घटना सोनभद्र के रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के डोमरिया गांव की है। यहां रामविलास (51) अपने घर के पीछे कूड़ा इकट्ठा कर रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी में एक पेड़ उनके ऊपर गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कोन थाना क्षेत्र के हर्रा गांव के टोला बिलरुआ निवासी कमलावती (35) पत्नी रामनरेश बुधवार शाम करीब छह बजे पड़ोसी के घर से लौट रही थीं। तभी तेज हवा के चलते एक पेड़ उनके ऊपर गिर पड़ा। ग्रामीणों ने उन्हें पेड़ की डालियों के नीचे से निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। एक अन्य घटना रायपुर थाना क्षेत्र के पौनी गांव में हुई। यहां जितेंद्र (30) पुत्र कैलाश बुधवार शाम घर के पास खड़े थे, तभी तेज आंधी में पेड़ की मोटी टहनी टूटकर उन पर गिर गई। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र को वैनी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था। गुरुवार दोपहर उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। दोबारा अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
टी.टी. नगर एसडीएम कार्यालय की पहल:दो जरूरतमंदों को मिला आधार, छात्रा अब दे सकेगी बोर्ड परीक्षा
भोपाल के टी.टी. नगर एसडीएम कार्यालय में पहुंचे दो अलग-अलग मामलों में प्रशासनिक सहयोग, ई-गवर्नेंस टीम और यूआईडीएआई के समन्वय से आधार संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया। इनमें एक महिला को वर्षों पुराना आधार रिकॉर्ड मिला, जबकि एक छात्रा को आधार मिलने के बाद अब 10वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया। महिला का महाराष्ट्र से ट्रेस हुआ पुराना आधार पहला मामला एक महिला से जुड़ा था, जो लंबे समय से आधार कार्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण जरूरी काम नहीं कर पा रही थीं। कोविड काल के बाद उनके आवश्यक दस्तावेज ससुराल में रह गए थे। टी.टी. नगर एसडीएम डॉ. अर्चना शर्मा के मार्गदर्शन में ई-गवर्नेंस टीम और UIDAI के सहयोग से उनका पुराना रिकॉर्ड ट्रेस कर आधार उपलब्ध कराया गया। आधार मिलने के बाद छात्रा दे सकेगी बोर्ड परीक्षा दूसरा मामला “मुस्कान मिट्टी का घर” संस्था से जुड़ी एक छात्रा का था, जो पिछले एक वर्ष से आधार कार्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रही थी। मामला एसडीएम कार्यालय पहुंचने पर ई-गवर्नेंस टीम और यूआईडीएआई के समन्वय से नागपुर से बना उसका आधार रिकॉर्ड ट्रेस किया गया और छात्रा को उपलब्ध कराया गया। समन्वय से मिली राहत दोनों मामलों में प्रशासनिक सक्रियता, तकनीकी सहयोग और सही मार्गदर्शन से हितग्राहियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान संभव हो सका। आधार संबंधी अधिकृत जानकारी और सेवाओं के लिए नागरिक UIDAI की आधिकारिक सेवाओं का ही उपयोग करें।
मिर्जापुर में दुष्कर्म आरोपी को 12 साल की सजा:30 हजार रुपए लगाया जुर्माना, 4 साल बाद आया फैसला
मिर्जापुर में एक नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने आरोपी शाहिल उर्फ शेरू को 12 साल की साज सुनाई है। दोषी पर 30 हजार रुपए अर्थदंड लगाया है।यह मामला कटरा कोतवाली क्षेत्र के बड़ी बसही निवासी शाहिल उर्फ शेरू पुत्र जमील अहमद से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, 12 अप्रैल 2022 को कटरा कोतवाली में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस शिकायत के आधार पर कटरा कोतवाली पर संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान, पुलिस ने आरोपी शाहिल उर्फ शेरू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सनातन, विवेचक विनय कुमार राय, कोर्ट मुहर्रिर संजय सिंह चौहान, महिला मुख्य आरक्षी प्रज्ञा चतुर्वेदी और पैरोकार राजीव यादव ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने सभी आवश्यक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अपर सत्र न्यायाधीश सुनीता सिंह नागौर ने आरोपी को दोषी ठहराया। उन्होंने शाहिल उर्फ शेरू को 12 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को चार माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
उत्तर प्रदेश शासन ने बड़े स्तर पर पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। जारी सूची में 84 अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसी क्रम में बरेली के अपर जिलाधिकारी (नगर) सौरभ दुबे का तबादला कर दिया गया है। उन्हें बहराइच में मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) और उप संचालक चकबंदी बनाया गया है। वहीं, फतेहपुर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के पद पर तैनात अविनाश त्रिपाठी को बरेली का नया अपर जिलाधिकारी (नगर) नियुक्त किया गया है। वह जल्द ही बरेली पहुंचकर कार्यभार संभालेंगे। प्रशासनिक अनुभव का मिलेगा फायदा अविनाश त्रिपाठी को राजस्व और प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का फायदा बरेली महानगर की प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा। शासन की ओर से किए गए इस फेरबदल को प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने से जोड़कर देखा जा रहा है। बरेली समेत प्रदेश के कई जिलों में एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।
अयोध्या में संदिग्ध हालात में मिला युवक:जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत, शरीर पर कई जख्म
अयोध्या के बीकापुर कोतवाली क्षेत्र में एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिला। मामला मोतीगंज पुलिस चौकी अंतर्गत धर्मनपुर-बिड़ला मार्ग का है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीकापुर ले जाया गया। कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक विजय प्रताप तिवारी की मौजूदगी में घायल का प्राथमिक उपचार कराया गया। चिकित्सक डॉ. संत कुमार मौर्या ने युवक की हालत गंभीर देखते हुए भर्ती कर उपचार शुरू किया, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार घायल युवक की पहचान अभिषेक (32) पुत्र संजय निवासी तिवारीपुर, कोतवाली बीकापुर के रूप में हुई। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉ. संत कुमार मौर्या ने बताया कि युवक के पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे हमले की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद जिला अस्पताल में कई थानों की फोर्स और क्षेत्राधिकारी भी पहुंचे। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है।
बाराबंकी में पेड़ गिरने से दो की मौत:ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार थे दोनों, पुलिस ने शव बाहर निकाले
बाराबंकी के टिकैतनगर कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार रात हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। भेलसर-टिकैतनगर मार्ग पर मैदीपुर गांव के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर अचानक पेड़ गिरने से उस पर सवार दो व्यक्तियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह घटना रात करीब 8:30 बजे हुई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क से गुजर रही थी तभी सड़क किनारे खड़ा एक पेड़ अचानक उस पर गिर गया। दोनों व्यक्तियों को बचने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही टिकैतनगर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने मृतकों की पहचान खेतासराय निवासी मौकू लाल रावत पुत्र रामदास और मंगरौडा निवासी विकास पुत्र रामतेज के रूप में की है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि हादसे के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र स्थित कैला देवी मंदिर में गुरुवार देर शाम मंदिर के कब्जे को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को मेडिकल जांच के लिए भेजा है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना सेवा नगर रोड पर स्थित कैलादेवी मंदिर परिसर में हुई। बताया गया कि मंदिर के पुजारी रामगिरी का विवाद शशांक और हितांशु नामक युवकों से हुआ। पहले दोनों पक्षों के बीच मौखिक बहस हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घटना के बाद दोनों पक्ष पड़ाव थाने पहुंचे। पुलिस के अनुसार, इस विवाद में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। जानकारी मिली है कि मंदिर के कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा है और यह मामला कानूनी प्रक्रिया में भी है। हालांकि, पुलिस के समक्ष अभी तक कोई संबंधित दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
मनोज माथुर फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को जयपुर में 'मनोज माथुर जर्नलिज्म अवार्ड्स' के दूसरे संस्करण का आयोजन किया गया। सी-स्कीम स्थित एक होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे मुख्य अतिथि रही। मनोज माथुर फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं स्वर्गीय मनोज माथुर की धर्मपत्नी सुलक्षणा माथुर ने बताया कि समारोह में पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को 'मनोज माथुर जर्नलिज्म अवार्ड' से सम्मानित किया गया। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया श्रेणी में इंडिया टुडे ग्रुप के देवांकुर वाधवान, प्रिंट मीडिया श्रेणी में दैनिक भास्कर के अर्पित शर्मा, डिजिटल मीडिया श्रेणी में दैनिक भास्कर के सौरभ गृहस्थी और फोटो जर्नलिज्म श्रेणी में वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट पुरुषोत्तम दिवाकर को सम्मानित किया गया। मनोज माथुर ने पत्रकारिता के सिद्धांतों पर काम कियाकार्यक्रम को संबोधित करते हुए वसुंधरा राजे ने मनोज माथुर जर्नलिज्म अवार्ड को पत्रकारिता के क्षेत्र में एक सार्थक पहल बताया और इसके लिए मनोज माथुर फाउंडेशन को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि मनोज माथुर ने हमेशा पत्रकारिता के वास्तविक मूल्यों और सिद्धांतों के साथ कार्य किया। जिसका अनुसरण आज के पत्रकारों को भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकार का दायित्व खबर का सच सामने लाना है और उसमें व्यक्तिगत विचारों या पूर्वाग्रहों का समावेश नहीं होना चाहिए। राजे ने कहा कि निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। मंच पर नेटवर्क18 राजस्थान के एडिटर अमित भट्ट और टाइम्स ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर आशीष दत्ता भी उपस्थित रहे। इसके साथ ही कार्यक्रम में जयपुर सहित प्रदेशभर से आए पत्रकार भी मौजूद रहे।
ससुर के देहांत होने से सदमे में आई बहू को दो घंटे बाद ही ब्रेन हेमरेज हो गया। परिजन इलाज के लिए हॉस्पिटल ले गए। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। दो दिन में एक ही परिवार में ससुर और फिर उनकी बहू की अर्थी निकली तो पूरा गांव रो पड़ा। बोले कि ससुर को पिता मानकर सेवा की थी। तब जाकर 95 साल तक जिंदा रहे। घटना जोधपुर जिले के बासनी मनणा गांव की है। जहां 11 मई की शाम करीब 6 बजे 95 साल के अमृतसिंह का बीमारी के चलते देहांत हो गया। ससुर को पिता मानकर उनकी सेवा करने वाली 45 साल की बहू मंजू कंवर अपने ससुर की मौत से सदमे में आ गई। उनकी आंखों से आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। ससुर की अर्थी निकलते ही आया ब्रेन हेमरेज11 मई की देर शाम को अमृतसिंह की अंतिम यात्रा जोधपुर जिले के बासनी मनण गांव से निकली और उनका अंतिम संस्कार किया। इधर 45 वर्षीय मंजू कंवर को ब्रेन हेमरेज हो गया। परिजनों ने सोचा कि ज्यादा रोने से तबीयत बिगड़ गई। ऐसे में उन्हें सुला दिया लेकिन लेकिन वे बेहोश हो गई। ऐसे में उन्हें इलाज के लिए परिजन जोधपुर एमडीएम हॉस्पिटल ले गए। जहां उपचार के दौरान 12 मई की जोधपुर को उन्होंने भी प्राण त्याग दिए। 12 मई की शाम को उनकी अंतिम यात्रा भी गांव से निकाली गई। दो दिन में ससुर और फिर बहू की अर्थी एक ही घर से निकली तो सभी ग्रामणी की आंखों में आंसू थे। बोले कि मंजू कंवर ने अपने ससुर की बेटी बनकर सेवा की। उनकी मौत का सदमा सहन नहीं कर सकी। मृतका का पीहर पाली मेंमृतका 45 साल की मंजू कंवर का पीहर पाली जिले के धुरासनी गांव में है। उनके भाई नारायण सिंह और राजेन्द्रसिंह पाली शहर के सुंदर नगर में रहते है। बहन की अचानक मौत होने के चलते दोनों भाईयों का परिवार भी सदमे में है। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनकी लाडली बहन अब इस दुनिया में नहीं रही।
बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के डॉक्टरों ने चापड़ हमले में गंभीर रूप से घायल महिला की जान बचाई है। तखतपुर निवासी उषा दिवाकर (45) पर 6 अप्रैल को जानलेवा हमला हुआ था, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई थी। गंभीर हालत में उषा दिवाकर को सिम्स अस्पताल लाया गया। जांच में पता चला कि चोट और संक्रमण के कारण उनके दाहिने फेफड़े के बाहर पस जमा हो गया था। संक्रमण बढ़ने से उन्हें सांस लेने में गंभीर तकलीफ हो रही थी। डॉक्टरों ने पाया कि मरीज का दाहिना फेफड़ा लगभग पूरी तरह संक्रमित हो चुका था और लगातार पस निकल रहा था। मरीज की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए, जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। जटिल सर्जरी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का योगदान सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ओपी राय के नेतृत्व में डॉ. विनोद ताम्रकार, डॉ. कमलेश प्रसाद देवांगन और डॉ. सुनील पात्रे की टीम ने यह जटिल सर्जरी की। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति के मार्गदर्शन में डॉ. सुनीता जायसवाल, डॉ. नेहा दुबे और डॉ. शीतल दास ताम्रकार ने ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑपरेशन के बाद ICU में गहन निगरानी और उपचार ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने फेफड़े के बाहर जमा पस को सफलतापूर्वक निकाला और संक्रमित हिस्से का उपचार किया। इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज को पोस्ट-ऑप आईसीयू में डॉ. मधुमिता मूर्ति और उनकी टीम की देखरेख में रखा गया। करीब 15 दिनों तक उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर उपचार किया गया। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की लगातार निगरानी और देखभाल से मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। अब उषा दिवाकर स्वस्थ होकर घर लौट गई हैं। समय पर निर्णय और आधुनिक उपचार से मरीज को मिला नया जीवन सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि समय पर सही निर्णय, आधुनिक उपचार पद्धति और चिकित्सकों की सतर्कता के कारण मरीज को नया जीवन मिल सका। उन्होंने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि सिम्स आमजन को बेहतर एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सामूहिक प्रयासों से मिली बड़ी चिकित्सकीय सफलता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि यह सफलता सिम्स के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि गंभीर अवस्था में पहुंचे मरीज का सफल उपचार यह दर्शाता है कि सिम्स में अब जटिल सर्जरी और आपातकालीन सेवाओं के क्षेत्र में भी लगातार बेहतर कार्य किया जा रहा है।
यूपी की योगी सरकार ने गुरुवार देर शाम 84 पीसीएस अफसरों के ट्रांसफर कर दिए हैं। नियुक्ति विभाग के सचिव एम देवराज के अनुसार, इस प्रशासनिक फेरबदल में मुख्य रूप से अपर जिलाधिकारी (ADM) स्तर के अधिकारी हैं। इन्हें जिलों के विकास प्राधिकरण, नगर निगम और राज्य स्तरीय पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वाराणसी के एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा को सुल्तानपुर का मुख्य राजस्व अधिकारी बनाया गया है। आलोक कुमार 2024 में उस वक्त चर्चा में आए थे, जब उन्होंने वाराणसी में होटल मालिक जफर अली खान और उनके भाई खुर्शीद पर अपने सिर से हमला कर दिया था। झांसी के एडीएम वरुण कुमार पांडेय को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज का कुलसचिव नियुक्त किया गया है। ज्योत्सना यादव को खुर्जा-बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के सचिव पद से हटा दिया गया है। उन्हें अब अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ का कुलसचिव बनाया गया है। बरेली के एडीएम सिटी सौरभ दुबे का तबादला कर दिया गया है। उन्हें बहराइच में मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) और उप संचालक चकबंदी बनाया गया है। वहीं, फतेहपुर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के पद पर तैनात अविनाश त्रिपाठी को बरेली का अपर जिलाधिकारी (नगर) नियुक्त किया गया है। किसे कहां भेजा गया, पूरी ट्रांसफर लिस्ट देखिए… अधिकारियों के ट्रांसफर की वजह क्या है? सरकारी सूत्रों के अनुसार यह तबादला 3 साल का सामान्य कार्यकाल पूरा होने वाले अधिकारियों को नई पोस्टिंग देने के लिए किया गया है। कई अधिकारी विकास प्राधिकरण, नगर निगम और राज्य स्तर के विभागों में शिफ्ट हुए हैं, जिससे जिला प्रशासन के साथ-साथ शहरी विकास और अन्य विभागों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। शासन ने इस आदेश को तुरंत प्रभावी कर दिया है। सभी प्रभावित अधिकारियों को नए पद पर जल्द से जल्द जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं। 31 मई तक होंगे अधिकारियों के ट्रांसफर4 मई को योगी कैबिनेट ने 2026-27 के लिए नई तबादला नीति को मंजूरी दी थी। इसके तहत 16 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले 5 से 31 मई तक किए जाएंगे। जिले में तीन साल और मंडल में सात साल की नौकरी पूरी करने वाले अधिकारी-कर्मचारी ट्रांसफर की जद में आएंगे। इसमें सरकारी सेवा में रहने वाले दंपतियों को एक जगह तैनाती मिलेगी। दिव्यांगों और गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को राहत दी जाएगी। संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया, विभागों में कुल स्वीकृत पदों की तुलना में 20 फीसदी कर्मचारियों-अधिकारियों का तबादला किया जाएगा।…………………….. ये खबर भी पढ़ें… UP में पराग का दूध 2 रुपए महंगा हुआ:नए रेट 15 मई की शाम से लागू होंगे; एक दिन पहले अमूल ने भी बढ़ाए थे दाम अमूल के बाद अब यूपी की सबसे बड़े डेयरी ब्रांड पराग ने भी दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। नई दरें 15 मई की शाम से लागू होंगी। फुल क्रीम दूध का रेट 69 रुपए लीटर से बढ़ाकर 71 रुपए लीटर कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़िए…
कानपुर के कल्याणपुर में दबंग ने क्षेत्र में भोकाल दिखाने के लिए गली में लाल-नीली फ्लैशर लाइट लगा हूटर बजाते हुए गाड़ियों का काफिला निकाला। उसके बाद असलहे से फायरिंग की। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है। आरोपी की 2 तस्वीर देखिए… दबदबा बनाने के लिए दिखाई दंगई, अब पुलिस कर रही तलाश कल्याणपुर थाना क्षेत्र के पुराना शिवली रोड पर एक आकाश पाल नाम के युवक का जन्मदिन था। युवक ने क्षेत्र में दबंगई दिखाने के लिए अपने दोस्तों के साथ कई गाड़ियों का लाल नीली फ्लैसर लाइट लगा हूटर बजाते हुए काफिला निकाला। उसके बाद कार की बोनट पर रख मोबाईल से केक काटा। इतना ही नहीं युवक ने असलहे से फायरिंग की और असलहे के साथ वीडियो फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो फोटो वायरल होने पर पुलिस को मामले की जानकारी हुई। पुलिस युवक की तलाश में जुटी है। आकाश पाल नाम की आईडी पर अपलोड हुए वीडियो-फोटो पुलिस की जांच में पता चला की आकाश पाल नाम की इंस्टाग्राम व फेसबुक आईडी पर वीडियो फोटो अपलोड किए गए। पुलिस विकास पाल नाम के युवक का अपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है। बोले ट्रेनी आईपीएस- कल्याणपुर प्रभारी ट्रेनी आईपीएस सुमेंध मिलिंद जाधव ने बताया की युवक की तलाश की जा रही है। युवक ने अपने जन्मदिन के दौरान वीडियो फोटो अपलोड किया। जल्द ही युवक की तलाश कर कठोर कार्रवाई की जाएगी
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने विद्युत उपभोक्ताओं को बकाया बिलों के भुगतान में बढ़ी राहत का ऐलान किया है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ता अपने बकाये बिल का भुगतान आसान 10 किश्तों में कर सकेंगे। अन्य सभी श्रेणियों को तीन किश्तों में बिल जमा करने की सुविधा दी गई है। पहले एक नजर पूरी योजना पर स्मार्ट मीटर के कारण उपभोक्ताओं की एक बड़ी संख्या ऐसी रही जो अपने बिलों का भुगतान नहीं कर पाई। ऐसे में करोड़ों का बकाया शेष चल रहा है। इस बकाया बिल के भुगतान में उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत ना हो और विभाग को भी धनराशि मिल जाए, इसी को ध्यान में रखकर किश्तों में भुगतान की योजना बनाई गई है। इसमें 30 अप्रैल तक का बकाया भुगतान किश्त के रूप में किया जा सकेगा। यह बनाई गई किश्त की व्यवस्था पीवीवीएनएल की ओर से जो व्यवस्था तैयार की गई है, उसके तहत घरेलू उपभोक्ता 30 अप्रैल तक के अपने बकाये बिल का भुगतान 10 किश्तों में कर पाएंगे। इसके अलावा जितनी भी अन्य श्रेणी बचती हैं, उनको भी लाभ देने का निर्णय लिया गया है। अन्य श्रेणियां 3 किश्त यानि 40 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और 30 प्रतिशत में अपने बकाये बिल को जमा कर सकेंगी। शुक्रवार से शुरु होंगे मेगा कैंप उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ाने के लिए शुक्रवार से पीवीवीएनएल एक मेगा कैंप भी शुरु कर रहा है। यह कैंप अधिशासी अभियंता और उप खंड अधिकारी अपने अपने दफ्तर में लगवाएंगे। खुद ही वह इन कैंपो की निगरानी करेंगे। यहां आने वाली प्रत्येक शिकायत सुनी जाएगी और उसके निस्तारण का समय भी निर्धारित होगा। इन शिकायतों का कैंप में निराकरण पीवीवीएनल के एपीआरओ एचके सिंह ने बताया कि कैंप में स्मार्ट मीटर से जुड़ी हर शिकायत सुनी जाएगी और उसका निस्तारण होगा। इसके अलावा गलत बिल संशोधन, बिल रिवीजन, 1912 पर दर्ज शिकायतों का पारदर्शी तरीके से समाधान कराया जाएगा। यहां कैंप में स्मार्ट मीटर के उपयोग, बिजली की बचत आदि की भी जानकारी दी जाएगी।
गुना जिले के आरोन इलाके में सड़क हादसे में भाई बहन की मौत हो गई। भाई अपनी बहन को पेपर दिलाने आरोन कॉलेज लाया था। शाम को दोनों बाइक से वापस अपने गांव लौट रहे थे। तभी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, आरोन इलाके के महुआ खेड़ा के रहने वाले शिवानी कोरी (22) पिता विशन कोरी कॉलेज में पढ़ती थी। वह BA की छात्रा थी। वर्तमान में उसके पेपर चल रहे हैं। गुरुवार सुबह वह अपने छोटे भाई विपिन कोरी (18) के साथ पेपर देने गांव से आरोन कॉलेज आई थी। सिरसी ढिमरयाई रोड पर हुआ हादसापेपर देने के बाद शाम को दोनों भाई बहन बाइक से वापस अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही वे सिरसी ढिमरयाई रोड पर पहुंचे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के ग्रामीणों ने डायल 112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों को आरोन अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों के शव पोस्टमार्टम रूम में रखवा दिए गए हैं। मृतकों के परिवार वालों को सूचना दी गई है। शुक्रवार सुबह दोनों के शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र में एक रिटायर्ड एयरफोर्सकर्मी के बेटे ने अपने घर में आग लगा दी। इस घटना में लाखों रुपये का घरेलू सामान जलकर राख हो गया। तिवारीपुर बगिया निवासी रिटायर्ड एयरफोर्सकर्मी जयराज सिंह का बेटा रणवीर सिंह मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है। उसने घर में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पीआरवी कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी पुलिस को देखकर भड़क गया। उसने घर से कपड़े निकालकर पहली मंजिल में आग लगा दी। आग लगने से एसी, सोफा सहित लाखों रुपये का सामान जल गया। 2 तस्वीर देखिए… आग की सूचना मिलते ही एक दमकल मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। पीआरवी कर्मियों ने घटना की जानकारी जाजमऊ पुलिस को दी। पुलिस बल के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि आरोपी ने बाइक से पहुंचे दो पुलिसकर्मियों से अभद्रता की और उनकी बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, जाजमऊ पुलिस ने इस घटना को गलत बताया है। जाजमऊ थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि आग लगने की सूचना पर दमकल की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने बताया कि घर पर कोई मिला नहीं। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने गुरुवार रात बड़नगर के चिकली उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गेहूं की तौल प्रक्रिया की पारदर्शिता जांची और अधिकारियों को समय पर खरीदी पूरी करने तथा गेहूं का परिवहन तेज करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सिंह देर रात केंद्र पर पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने समिति प्रबंधक से तौल कांटों की संख्या और उनके संचालन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्लॉट बुकिंग के आधार पर आने वाले किसानों की तुलाई निर्धारित समयसीमा में ही पूरी की जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। कलेक्टर ने खरीदे गए गेहूं के तुरंत परिवहन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर अनावश्यक स्टॉक जमा न होने दिया जाए, जिससे भंडारण और सुरक्षा संबंधी समस्याएं न हों। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मौके पर मौजूद किसानों से भी सीधी बात की। किसान पदम सिंह आंजना ने बताया कि उन्होंने 14 मई का स्लॉट बुक किया था और उनकी तुलाई समय पर पूरी हो गई। कलेक्टर ने इसकी पुष्टि के लिए उनके तौले गए गेहूं का वजन दोबारा करवाया, जिसमें सब कुछ सही पाया गया। समिति प्रबंधक ने बताया कि चिकली उपार्जन केंद्र पर अब तक 665 किसानों से 39,365 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 10 करोड़ 33 लाख रुपए से अधिक का भुगतान भी किया गया है। केंद्र पर 900 से अधिक बारदाना उपलब्ध है, जिससे खरीदी प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है। केंद्र पर तौल का कार्य सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक लगातार जारी रहता है। कलेक्टर के निरीक्षण के समय भी रात में तुलाई का काम चल रहा था, जो केंद्र की सक्रियता को दर्शाता है।
डिंडौरी के अमरपुर जनपद क्षेत्र में गुरुवार को आयोजित मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह समारोह के दौरान अनूठी राजनीतिक सौहार्द की तस्वीर सामने आई। संदपिनी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में डिंडौरी के कांग्रेस विधायक ओमकार मरकाम ने शहपुरा के भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे का बारात की अगवानी के दौरान स्वागत किया। इस दौरान मरकाम ने धुर्वे को माला पहनाई, पान खिलाया और उन्हें अपनी गोद में उठा लिया। बाराती बनकर पहुंचे थे भाजपा विधायक समारोह में भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे दूल्हों की बारात लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। वहीं, कांग्रेस विधायक ओमकार मरकाम कन्या पक्ष की ओर से बारात का स्वागत कर रहे थे। दोनों विधायकों के बीच हुई इस आत्मीय मुलाकात का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। 166 जोड़ों का हिंदू और आदिवासी परंपरा से विवाह समारोह में कुल 166 नवविवाहित जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ हिंदू रीति-रिवाजों और आदिवासी परंपराओं के अनुसार वैवाहिक रस्में पूरी कीं। विवाह स्थल पर वर पक्ष को कुर्ता-पायजामा व सामग्री और वधू पक्ष को दुल्हन की ड्रेस व चुनरी दी गई। प्रत्येक जोड़े को 49 हजार रुपए का चेक दिया प्रदेश सरकार की योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 49 हजार रुपए का चेक दिया गया। समारोह को संबोधित करते हुए सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि सरकार हर वर्ग की बेटियों के विवाह के लिए मदद कर रही है। विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने बताया कि सरकार अब प्रति जोड़ा कुल 55 हजार रुपए की सहायता दे रही है। जनप्रतिनिधियों ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे ने दांपत्य जीवन की पवित्रता बनाए रखने का संदेश दिया। विधायक ओमकार मरकाम ने नवविवाहित जोड़ों से नशा और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान बारात पुलिस चौकी से निकली, जिसमें विधायक और बाराती नाचते हुए शामिल हुए।
भारतीय जनता पार्टी कानपुर उत्तर जिले की योजना बैठक बुधवार को नवीन मार्केट स्थित जिला भाजपा कार्यालय में जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मिशन 2027 को ध्यान में रखते हुए आगामी कार्यक्रमों की रणनीति बनाई गई तथा बूथ सत्यापन अभियान की समीक्षा की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि पार्टी आधुनिक योजनाओं और नई कार्यप्रणाली के साथ काम कर रही है। सभी कार्यकर्ताओं को समय के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने दायित्व केवल नाम के लिए नहीं दिया है, बल्कि नेतृत्व की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करते हुए जनमानस के बीच जाकर सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना ही कार्यकर्ताओं की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मंडल अध्यक्षों को निर्देश-प्रवासी और प्रभारी नियुक्त करें उन्होंने मंडल अध्यक्षों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शक्ति केंद्र पर जल्द से जल्द प्रवासी और प्रभारी नियुक्त किए जाएं। साथ ही बूथ स्तर पर भी दो वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को प्रवासी और प्रभारी बनाकर उनके नेतृत्व में चुनावी तैयारी की जाएगी। जिला अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से राष्ट्र सेवा की भावना के साथ पार्टी के लिए शत-प्रतिशत योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वैश्विक संकट को देखते हुए पेट्रोल-डीजल, ऊर्जा और फिजूल खर्ची पर नियंत्रण रखने की अपील की गई है, जिसे सभी को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल कर देश के विकास में योगदान देना चाहिए। बैठक में प्रमुख रूप से अवधेश सोनकर, अभिनव दीक्षित, अनुराग शर्मा, प्रमोद विश्वकर्मा, शिवांग मिश्रा, जन्मेजय सिंह, नवाब सिंह, सत्यम गुप्ता, सीमा एमबीए, धीरज बाल्मीकि, विनोद पाल, सुरेंद्र गुप्ता, रमिंदर सिंह रिंकू, पारस मदान, रीता पासवान, वास्ते त्रिपाठी, शालिनी कटियार, प्रशांत त्रिपाठी, जीतू कश्यप, राधा सैनी, रामजी गुप्ता, आशीष बाजपेई, सुरेश गुप्ता, पूनम कंवर, मंडल अध्यक्ष योगेश पांडे, इंद्रजीत खन्ना, दीपक शुक्ला, भानु प्रताप सिंह, शुभम दीक्षित, अश्वनी गौतम, अजय राय, प्रीति साहू, आशीष तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ग्वालियर की मुरार थाना पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जो कई महीनों से पुलिस को चकमा दे रहा था। आरोपी ने फरवरी माह में आर्मी कैंट क्षेत्र में एक सेना के जवान के घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। तकनीकी साक्ष्यों और कड़ी घेराबंदी के बाद पुलिस ने आरोपी को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। उसके खिलाफ मध्यप्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। फिलहाल पुलिस उसका आपराधिक रिकॉर्ड मंगा रही है और पूछताछ जारी है। आर्मी जवान के घर को बनाया था निशाना अतुल सोनी के अनुसार तेलंगाना निवासी आर्मी जवान नरेश बिचकुण्डा वर्तमान में मुरार आर्मी कैंट में पदस्थ हैं। 11 फरवरी 2026 की शाम वह अपनी पत्नी को स्कूटी चलाना सिखाने के लिए घर से बाहर गए थे। करीब डेढ़ घंटे बाद लौटने पर उन्होंने देखा कि घर का ताला टूटा हुआ है और अंदर से सोने का हार, अंगूठी, कान की बालियां, मोबाइल फोन और सीएसडी लिकर कार्ड चोरी हो चुका था। घटना के बाद सेना क्षेत्र में चोरी की वारदात होने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए थे। हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है आरोपी पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी की इस वारदात के पीछे अमरजीत शर्मा पुत्र विनोद शर्मा का हाथ है, जो मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर का रहने वाला है। आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात करता था। वह जिस राज्य में चोरी करता, वहां ज्यादा समय तक नहीं रुकता था, जिससे पुलिस उसे ट्रैक नहीं कर पाती थी। जयपुर में दबोचा गया आरोपी आरोपी की तलाश में ग्वालियर पुलिस की टीम कई राज्यों में लगातार दबिश दे रही थी। गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जयपुर में छिपा हुआ है। इसके बाद मुरार पुलिस की टीम राजस्थान पहुंची और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। अन्य वारदातों का भी खुलासा संभव पुलिस आरोपी को ग्वालियर लेकर आई है, जहां उससे रिमांड पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। सीएसपी अतुल सोनी ने बताया कि आरोपी सुनसान इलाकों और बंद घरों की पहले रेकी करता था, उसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम देता था। फिलहाल चोरी गया माल बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गोरखपुर में मैगी खाने से 11 लोग बीमार:उल्टी और सांस लेने में दिक्कत, जिला अस्पताल रेफर
गोरखपुर में मैगी खाने से 11 लोगों की तबीयत अचानक खराब हो गई। सभी लोगों ने पहले मैगी खाई और उसके बाद तरबूज खाया था। इसके कुछ देर बाद ही उन्हें उल्टी, दस्त और सांस लेने में परेशानी शुरू हो गई। हालत बिगड़ने पर परिजन सभी को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि मामला फूड पॉइजनिंग का हो सकता है, लेकिन सही वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी। फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मामले की जांच में जुटी हुई है। पूरा मामला बेलीपार थाना क्षेत्र के मलाव गांव का है। मैगी के बाद तरबूज खाया जानकारी के अनुसार, बेलीपार थाना क्षेत्र के मलाव गांव में बुधवार शाम एक परिवार के सभी सदस्यों ने पहले मैगी खाई। इसके कुछ ही देर बाद गांव में साइकिल पर तरबूज बेच रहे एक व्यक्ति से तरबूज खरीदकर खाया। अमरनाथ पांडेय की बेटी अन्नू के अनुसार, तरबूज खाने के बाद रात लगभग 3 बजे सभी सदस्यों को एक एक करके उल्टी आनी शुरू हो गई। एक ही गांव के 11 लोग बीमार बीमार पड़ने वालों में बैजनाथ पाण्डेय (68), उनके भाई अमर नाथ पाण्डेय (65), अमर नाथ की पत्नी शैल कुमारी (63), पुत्र अंशु पाण्डेय (26), पुत्री पूर्णिमा पाण्डेय (25), बलराम पाण्डेय के पुत्र वेदांत पाण्डेय (3) और हन्नू पाण्डेय (2) शामिल हैं। इनके अलावा गांव के लक्ष्मीकांत पाण्डेय की पुत्री नेहा पाण्डेय, रिश्तेदार जगदीश दुबे (78)और खजनी थाना क्षेत्र के पिपरा बनवारी निवासी रामपति त्रिपाठी के पुत्र सौरभ त्रिपाठी (25) भी प्रभावित हुए हैं। सभी मरीजों को सांस लेने में दिक्कत ऐसे में परिवार के सभी लोग घबरा गए आनन फानन में सभी सदस्यों को स्थानीय स्तर इलाज कराया गया किंतु हालत में सुधार न आने पर स्थानीय डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों ने बताया कि तरबूज खाने के बाद ही सभी की तबीयत बिगड़ने लगी थी, जिसमें उल्टी, दस्त और सांस लेने में परेशानी मुख्य लक्षण थे। गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद हालत चिंताजनक होने पर स्थानीय डॉक्टरों ने सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर सभी मरीजों की हालत देखकर उन्हें डाक्टरों ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया हैं। जिला अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की हालत खतरे से बाहर है सभी का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में हो रहा है। एसआईसी डॉ आरपी गौतम, सीएमएस डॉ वीके सुमन ने बताया कि मैगी खाने से सभी लोगों को दिक्कत हुई है। और जिला अस्पताल में सभी मरीजों का इलाज चल रहा है। गोरखपुर सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि मैगी के बाद तरबूज खाने से सभी लोग बिमार हुए थे, जिनमे से 9 लोगों का इलाज चल रहा है। उन्होने आगे बताया कि फूड पॉइजनिंग की वजह हो सकती है। जबकि पीड़ित परिवार के परिजनों ने बताया कि 11लोग की तबीयत खराब हुई थी।
झाबुआ के रानापुर नगर के मालीपुरा स्थित भगवान रणछोड़ राय मंदिर में गुरुवार को प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की 23वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। महोत्सव के सम्मान में माली समाज के नागरिकों ने दिनभर अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखकर भक्ति भाव प्रकट किया। विशेष श्रृंगार और मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण महोत्सव का प्रारंभ प्रातः भगवान रणछोड़ राय के विशेष अभिषेक और पूजन से हुआ। इस अवसर पर भगवान को विशेष रूप से तैयार चांदी की पोशाक पहनाई गई। पूजा-अर्चना के पश्चात विधि-विधान से मंदिर के शिखर पर नवीन ध्वजा चढ़ाई गई। नगर के प्रमुख मार्गों से निकली शोभायात्रा देर शाम मंदिर परिसर से भगवान की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। डीजे और ढोल-ताशों के साथ निकली यह यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। शोभायात्रा में पुरुष और महिलाएं भजनों पर नृत्य करते हुए शामिल हुए। महाआरती के बाद हुआ सामूहिक भोज यात्रा के पुनः मंदिर पहुंचने पर भगवान की महाआरती की गई। इसके उपरांत उपस्थित भक्तों को प्रसादी वितरित की गई। कार्यक्रम का समापन सामूहिक भोज के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने के लिए मंदिर समिति के सदस्यों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। देखें तस्वीरें…
रायपुर कोर्ट परिसर में पुलिस की रेड:100 जवानों ने की सरप्राइज चेकिंग, 8 संदेही समेत 2 आरोपी गिरफ्तार
राजधानी रायपुर के न्यायालय परिसर में गुरुवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सरप्राइज चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान में 100 से अधिक पुलिस जवान, एसीसीयू टीम और बम निरोधक दस्ता (BDS) शामिल रहा। चेकिंग के दौरान पुलिस ने 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया, जबकि दो युवकों के पास से चाकू बरामद होने पर उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। जानकारी के मुताबिक, डीसीपी सेंट्रल जोन और क्राइम के निर्देश पर न्यायालय की अनुमति से यह विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अचानक चेकिंग शुरू की। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों में शामिल तथा उपद्रव की आशंका वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। इन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस ने आशुतोष साहू उर्फ अमन, विराज सेन्द्रे, भुवनेश्वर चौधरी उर्फ बिट्टू, गोलू नेताम उर्फ कामता, पवन कोसरिया और दुन्नो कुल्हरिया सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की। सभी आरोपियों को थाना सिविल लाइन लाकर पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें संबंधित न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। दो युवकों के पास अवैध हथियार बरामद पुलिस की चेकिंग के दौरान दो युवकों के पास से अवैध हथियार मिले। पुलिस ने मयंक सोनी और विनोद सारथी के कब्जे से एक-एक चाकू बरामद किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस बोली- चेकिंग रहेगी जारी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल ने बताया कि न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह अभियान चलाया गया। कोर्ट परिसर में लगातार बढ़ रही भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए आगे भी इस तरह की आकस्मिक चेकिंग जारी रहेगी।
मऊगंज जिले के हनुमना जनपद की ग्राम पंचायत बलभद्रगढ़ में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ रीवा ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने पंचायत सचिव शरदचन्द्र गिरी को 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। सचिव पर पुलिया और पीसीसी रोड निर्माण के भुगतान के एवज में एक लाख रुपए मांगने का आरोप है। डीएससी सिग्नेचर और ओटीपी के लिए एक लाख मांगे फरियादी प्रकाश यादव, जो सरपंच पति हैं, ने 12 मई 2026 को निर्माण कार्यों के भुगतान के लिए आवेदन किया था। भुगतान प्रक्रिया पूरी करने के लिए सचिव के डीएससी सिग्नेचर और ओटीपी की आवश्यकता थी। आरोप है कि सचिव शरदचन्द्र गिरी ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के बदले एक लाख रुपए की मांग की थी। पहली किस्त लेते ही ईओडब्ल्यू ने पकड़ा शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू रीवा की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की। गुरुवार शाम जैसे ही सचिव ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए स्वीकार किए, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। ईओडब्ल्यू एसपी अरविंद ठाकुर ने बताया कि आरोपी सचिव पद का दुरुपयोग कर भुगतान रोकने की धमकी दे रहा था। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस आरोपी सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस ट्रैप दल में उप पुलिस अधीक्षक किरण किरो, निरीक्षक मोहित सक्सेना और उप निरीक्षक अभिषेक पाण्डेय सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। फिलहाल विभाग आरोपी के अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रहा है।
जौनपुर के जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया के साथ मुफ्तीगंज खंड विकास अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों और कार्यालय संचालन में गंभीर लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और सहायक विकास अधिकारी आईएसबी (एडीओ आईएसबी) के निलंबन की संस्तुति करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में बीडीओ विकास योजनाओं की प्रगति और क्षेत्र भ्रमण से संबंधित अद्यतन अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। कार्यालय परिसर में पिछले तीन वर्षों से प्रेरणा कैंटीन बंद मिली, जबकि निर्माणाधीन मीटिंग हॉल का कार्य भी अधूरा और रुका हुआ पाया गया। जिलाधिकारी ने पाया कि परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं थी और बोरिंग की स्थिति के संबंध में भी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। मनरेगा के तहत जॉब कार्ड और मानव दिवसों से संबंधित आंकड़े भी प्रस्तुत नहीं किए गए। कार्यालय परिसर में जगह-जगह गंदगी मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। गंभीर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को बीडीओ के खिलाफ चार्जशीट जारी करने और निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीओ पंचायत से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और आरआरसी से संबंधित जानकारी मांगी गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं एडीओ आईएसबी द्वारा भी विभागीय योजनाओं की संतोषजनक जानकारी न देने पर डीएम ने उनके निलंबन की संस्तुति करने और अग्रिम आदेश तक वेतन बाधित करने का निर्देश दिया। आईजीआरएस पटल के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने शासन स्तर से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा सेल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक पात्र लोगों को रोजगार से जोड़ने और मनरेगा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थिति पंजिका की भी जांच की और सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को समय से कार्यालय पहुंचकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कार्य में शिथिलता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शिता व गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने के आदेश भी दिए।
राजस्थान के 13 साल के फुटबॉलर अभिजोत का चयन रिलायंस फाउंडेशन फुटबॉल एकेडमी में हुआ। साथ ही, वह इस एकेडमी के लिए चुने जाने वाले राजस्थान के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले अभिजोत ने रीगल फुटबॉल एकेडमी से फुटबॉल का सीखा और फिर जयपुर एलीट फुटबॉल क्लब में प्रशिक्षण लेकर अपनी प्रतिभा को और धार दी। अभिजोत का यह चयन राजस्थान के फुटबॉल प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण है। उनकी सफलता निश्चित रूप से राज्य के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगी।
बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र में एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया है। ग्रामीणों ने युवक द्वारा विषैला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना गुरुवार सुबह लगभग 4 बजे पाठकपुरवा गांव के मजरा उदारपुरवा में हुई। मृतक की पहचान लगभग 30 वर्षीय राम प्रवेश पुत्र परिक्रमा यादव के रूप में हुई है। परिजनों ने सुबह उसे मृत अवस्था में देखा, जिसके बाद गांव में सूचना फैल गई। सूचना मिलने पर खैरीघाट पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, राम प्रवेश और उसकी पत्नी के बीच पिछले कुछ दिनों से अनबन चल रही थी। ग्राम प्रधान ने भी पुष्टि की है कि परिजनों ने युवक का शव संदिग्ध हालत में देखा था और ग्रामीणों ने विषैला पदार्थ के सेवन से मौत होने की आशंका व्यक्त की है। मृत्यु के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। खैरीघाट पुलिस मामले की सभी पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है।
अनुचित व्यवहार और खुले में शराब सेवन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उदयपुर पुलिस की कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने 5 बदमाशों को पकड़ा है। इनसे एक कार जब्त की है। एसपी डॉ अमृता दुहन ने बताया कि महिला सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कालिका पेट्रोलिंग यूनिट द्वारा 9 मई से डिकॉय आॅपरेशन किया जा रहा है। जिसमें सादा वस्त्रों और अद्श्य पुलिसिंग तकनीक के जरिए कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। इसमें पार्क, स्कूल-कॉलेज के आसपास, बस स्टेण्ड, भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल हैं। साथ ही ऐसी जगह भी, जहां महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ व चेन स्नेचिंग की संभावना रहती हो। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने घंटाघर और अंबामाता थाना क्षेत्र से 5 लोगों को अनुचित व्यवहार व सावर्जनिक स्थान पर शराब का सेवन करने वालों को स्थानीय थाने के सहयोग से डिटेन किया। अब तक 12 लोगों को अनुचित व्यवहार व शराब का सेवन करने के मामले मेें पकड़ा जा चुका है। एडिशनल एसपी सिटी उमेश ओझा के नेतृत्व में संवेदनशील स्थानों पर ये कार्रवाई जारी है।
सोनभद्र में आंधी-बारिश से तीन की मौत:परिजनों को 24 घंटे में मिली 4-4 लाख की सहायता राशि
सोनभद्र में बुधवार को आई तेज आंधी और हल्की बारिश के कारण तीन लोगों की मौत हो गई। तो वही 81 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। जिला प्रशासन ने इन दुखद घटनाओं पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत पहुंचाई। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर राज्य आपदा मोचक निधि से प्रत्येक मृतक के परिजन के खाते में 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि युद्धस्तर पर भेजी गई। यह कार्यवाही 24 घंटे के भीतर पूरी कर ली गई। जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए थे। इसका उद्देश्य पीड़ित परिवारों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना था ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। इसी क्रम में, उप जिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज ने मृतक महेंद्र के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें शासन द्वारा सभी अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उप जिलाधिकारी ओबरा ने मृतका कमलावती, पत्नी रामनरेश चेरो, निवासी ग्राम हर्रा, तहसील ओबरा के मामले में विशेष संवेदनशीलता दिखाई। मृतका के पति का बैंक खाता न होने के कारण तत्काल खाता खुलवाकर सहायता राशि भेजने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। बता दे कि आंधी और बारिश से जान गंवाने वालों में महेंद्र (33 वर्ष) पुत्र कल्लू, निवासी ग्राम खडुई, परगना विजयगढ़, तहसील रॉबर्ट्सगंज; रामविलास (55 वर्ष) पुत्र रामजनम, निवासी ग्राम डोमरिया, विजयगढ़, तहसील रॉबर्ट्सगंज; और कमलावती (40 वर्ष) पत्नी रामनरेश चेरो, निवासी ग्राम हर्रा, तहसील ओबरा शामिल हैं। जिलाधिकारी चर्चित गौड ने बताया बुधवार जो जिले में नुकसान हुआ था हम लोगों के यहां जिले में तीन लोगों की जनहानि होने की सूचना मिली थी और एक घायल होने की सूचना मिली है और पशु भी घायल होने की सूचना मिली थी इसके अलावा 81 मकान के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली इन सभी पर हम लोग प्रभावी तरीके से जो भी पात्र हैं उनको मुआवजा दिलाया जाएगा। जिला प्रशासन और तहसील की टीम इसके लिए लगी है जल्द से जल्द प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए जिला प्रशासन तैयार है जनपद प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने पर आमजन द्वारा सराहना की जा रही है।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते कई कॉलोनी में बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में तीन से साढ़े तीन घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 7:30 बजे से 10:30 यहां रहेगा पावरकट भाऊर बारा गांव सांखला नगर, हरि ओम नगर, सुंदर सिंह भंडारी योजना, योजना दीन दयाल उपाध्याय योजना, बाबा रामदेव नगर, तिरुपति रेजीडेंसी, हिम्मत नगर, गोकुल विहार, अंबेडकर भवन, मगल विहार, गणेश नगर। सुबह 8 से 11: 30 बजे तक यहां नहीं आएगी बिजली 11 केवी मानसरोवर फीडर से संबंधित क्षेत्र मानसरोवर, रूप रजत टाउनशिप, रवि नगर, शांत्ति विहार, शांति नगर, बालाजी नगर, अमरावती नगर, आदेश्वर नगर, गजानंद नगर, एवरग्रीन नगर, विश्वकर्मा नगर, मधुरम रॉयल होटल, मारुती धाम, भादू मार्केट पाल रोड। 11 केवी मंगलदीप फीडर से संबंधित क्षेत्र मंगलदीप एन्क्लेव, चिन्मय मिशन, सेंट जॉन्स स्कूल, गंगा विहार, थोरियों की ढाणी, सेंट जॉन्स स्कूल के पास स्थित फार्म हाउस। 11 केवी कस्तूरी फीडर से संबंधित क्षेत्र कस्तूरी ऑर्चिड, आशापूर्णा नगर, डीपीएस स्कूल, भवानी होटल, डीपीएस स्कूल के सामने का क्षेत्र। 11 केवी जुनावां की ढाणी फीडर से संबंधित क्षेत्र जुनावां की ढाणी, आशापूर्णा एन्क्लेव, आशापूर्णा प्लैटिनम, बेरा नगर, रॉयल एन्क्लेव, भवानी होटल, जुनावां कॉम्प्लेक्स, बायसा मंदिर, बीस दुकान, डर्बी कॉलोनी के पीछे का क्षेत्र, वीर तेजाजी कोलोनी, बाईपास रोड के आस-पास का क्षेत्र ।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में गुरुवार को एलएलबी के छात्रों ने जमकर हंगामा किया। छात्र परीक्षा फार्म सबमिशन न होने के कारण प्रवेशपत्र न मिलने से नाराज थे। नारेबाजी करते हुए छात्र प्रशासनिक भवन तक पहुंच और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान छात्रों और सुरक्षा कर्मचरियों के बीच तीखी बहस भी हुई। हालांकि मामला विवि प्रशासन के संज्ञान में आते ही तत्काल समाधान भी करा दिया। 15 मई से हैं दूसरे सेमेस्टर के एग्जाम सीएसजेएमयू से एफिलिएटेड लॉ कालेजों में एलएलबी की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। 15 मई से दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं हैं लेकिन कुछ छात्रों को एडमिट नहीं मिला था। छात्रों ने कॉलेज में पूछा तो उन्हें परीक्षा फॉर्म सबमिशन न होने की जानकारी मिली। कॉलेज से नहीं मिली जानकारी छात्रों का आरोप है कि कॉलेज की ओर से उन्हें परीक्षा फॉर्म सबमिशन की कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने पहले सेमेस्टर में ही फॉर्म भर दिया था। आक्रोशित छात्र विवि पहुंचे। एग्जाम कंट्रोलर राकेश कुमार ने बताया कि छात्रहित में परीक्षा फॉर्म सबमिशन के लिए पोर्टल खोल दिया।
बिलासपुर में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस विभाग ने महिला सुरक्षा से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निराकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने अधिकारियों को महिला संबंधी अपराधों के मामलों को 60 दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश बिलासपुर रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए गए, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, सक्ती और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही समेत कई जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें बिलासपुर के एसएसपी रजनेश सिंह, रायगढ़ के शशि मोहन सिंह, मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, कोरबा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी, सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जांजगीर-चांपा की पुलिस अधीक्षक निवेदिता पॉल, सारंगढ़ की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमीषा पाण्डेय और उप पुलिस अधीक्षक मंजूलता केरकेट्टा सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सख्ती छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रकरण क्रमांक Cr.M.P.No.-3112/2024 में पुलिस विभाग को महिला सुरक्षा और लंबित मामलों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसी के पालन में आईजी रामगोपाल गर्ग ने एक साल से अधिक पुराने मामलों को विशेष अभियान चलाकर खत्म करने के निर्देश दिए। महिला अपराधों के लिए तय हुआ टाइमलाइन आईजी ने अधिकारियों से कहा कि ITSSO (Investigation Tracking System for Sexual Offence) के तहत दर्ज महिला संबंधी अपराधों का निराकरण 60 दिनों के भीतर किया जाए। साथ ही पुराने लंबित मामलों को एक महीने के भीतर शून्य करने का लक्ष्य तय किया गया है। गंभीर अपराधों की होगी प्रकरणवार समीक्षा बैठक में लूट, डकैती, धोखाधड़ी, अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों की भी समीक्षा की गई। आईजी ने निर्देश दिए कि राजपत्रित अधिकारी स्वयं इन मामलों की प्रकरणवार समीक्षा करें और जल्द से जल्द न्यायालय में चालान पेश करें। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर आईजी रामगोपाल गर्ग ने फरार आरोपियों की सूची की समीक्षा कर उनकी जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बनने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा काफिले के साथ काशी आए। लखनऊ से चंद कारों से रवाना हुए राज्यमंत्री को कई कारों के काफिले ने जिले की सीमा पर रिसीव किया। वाराणसी एयरपोर्ट पर जगह-जगह काफिले में गाड़ियां बढ़ती गई और शहर में इंट्री करने से पहले 50 वाहनों का काफिला पीछे हो गया। राज्यमंत्री के काफिले से शहर का एक बड़ा हिस्सा जाम हो गया, वहीं मंत्री के पैदल उतरकर चलने के बावजूद काफिला बरकरार रहा। उधर, स्वागत के लिए कई लीटर डीजल खर्च करके बुलडोजर भी मंगवाए गए थे। जिनको स्टार्ट करके हाइड्रोलिक पंजे पर चढ़कर कार्यकर्ताओं ने राज्यमंत्री और काफिले पर पुष्पवर्षा की। वहीं राज्यमंत्री के स्वागत में बड़ी संख्या में लोग वाहनों के साथ शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा के नए नवेले राज्यमंत्री ने उनकी मंशा को पलीता लगा दिया। जहां प्रधानमंत्री की अपील पर खुद पीएम समेत गृहमंत्री, रक्षामंत्री और कई मुख्यमंत्रियों ने कारें घटा दी वहीं राज्यमंत्री हंसराज कारों का काफिला लेकर शहर में पहुंचे। हंसराज के स्वागत में कारों का काफिला नजर आया जिसके चलते अतुलानंद से लेकर तरना तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं । सैकड़ों वाहन मंत्री के काफिले के पीछे फंसे रहे और देर रात तक जूझते नजर आए। उधर, मंडुवाडही से BLW तक फूल मालाएं लदी कारों काफिले से जाम के हालात रहे। मीडिया को काफिले का फोटो वीडियो बनाता देखकर राज्यमंत्री हंसराज कार से उतर गए और काफिले की कारों को साइड में रोकने के लिए कहा लेकिन फिर भी कारों का काफिला साथ रहा। जगह-जगह स्वागत और बढ़ता रहा काफिला उत्तर प्रदेश सरकार के हालिया कैबिनेट विस्तार में राज्यमंत्री बनाए जाने के बाद हंसराज विश्वकर्मा के पहली बार वाराणसी पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर के अलग-अलग स्थानों पर भव्य स्वागत किया। जगह-जगह फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ उनका अभिनंदन किया गया। उनके स्वागत में बड़ी संख्या में चार पहिया वाहनों और समर्थकों का काफिला भी देखने को मिला, शहर में घुसते ही स्वागत करने वाले फिर अपनी कार से उनके काफिले में शामिल हो गए। जिसकी चर्चा अब पूरे शहर में हो रही है। पीएम ने की थी अपील देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi लगातार ईंधन बचाने, कार पूलिंग अपनाने और सरकारी काफिलों को सीमित रखने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके ही दल के मंत्री के स्वागत में सैकड़ों गाड़ियों का लंबा काफिला सड़कों पर उतर आया। स्थानीय लोगों और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ दिन पहले ही मंत्री बने हंसराज विश्वकर्मा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह समर्थकों से अपील करते दिखाई दिए थे कि उनके स्वागत में अनावश्यक रूप से गाड़ियों का काफिला न जोड़ा जाए और सादगी बनाए रखी जाए। लेकिन वाराणसी आगमन पर हालात इसके उलट नजर आए। बड़ी संख्या में वाहन और समर्थकों की भीड़ के चलते कई जगहों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। अब पुलिस, प्रशासन और भाजपा नेता खामोश हैं। वहीं हंसराज विश्वकर्मा का कहना है कि उनकी चंद कारें हैं बाकी कार्यकर्ता अपनी कार लेकर आए गए। सड़क पर जो काफिले के पीछे दिख रही हैं उसमें आम जनता की भी कारें हैं।
सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र में नौ वर्षीय बालक की मौत के बाद गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने पुलिस चौकी के समीप बिसवां-महमूदाबाद मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारी मृतक परिवार को मुआवजा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सूचना मिलते ही रेउसा, बिसवां समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों को घंटों समझाने का प्रयास शुरू किया। सदरपुर थाना क्षेत्र के हाजिया गांव से बुधवार शाम एक बारात जा रही थी। गांव निवासी रामचंद्र का नौ वर्षीय पुत्र विमल कुमार बारात में बज रहे डीजे को देखने पहुंचा था। इसी दौरान डीजे लादे डाले की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि हादसे के बाद घायल बालक को पास की झाड़ियों में फेंक दिया गया और किसी ने परिजनों को सूचना तक नहीं दी। कुछ देर बाद गांव के एक व्यक्ति ने झाड़ियों में बालक के पड़े होने की जानकारी परिवार को दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और गंभीर हालत में विमल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची बिसवां पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा था। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सीओ महमूदाबाद वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने लोगों को कार्रवाई और उचित सहायता का आश्वासन देकर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। करीब 2 घंटे तक चलते हंगामे के बाद परिजन शांत हुए हंगामा खत्म कर दिया।
पंचकूला की एक विशेष अदालत ने बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। पॉक्सो मामलों की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष दुआ ने 60 वर्षीय एक दुकानदार को मासूम बच्ची से छेड़छाड़ का दोषी ठहराया है। अदालत ने दोषी को पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10,000 रुपये का नकद जुर्माना भी लगाया है। यदि दोषी यह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे दो महीने की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। इस फैसले के बाद दोषी को सजा काटने के लिए अंबाला की सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। सीसीटीवी बंद कर बच्ची से करता था अश्लील हरकत यह पूरा मामला साल 2022 का है। एमडीसी थाना क्षेत्र में पीड़ित बच्ची की मां ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि जब उसकी 10 वर्षीय बेटी दुकान पर सामान लेने जाती थी, तो दुकानदार दुकान का सीसीटीवी कैमरा बंद कर देता था। चुप रहने के लिए पैसे और सामान की लालच देता था दुकानदार बच्ची के साथ अश्लील और गलत हरकतें करता था। वह बच्ची को चुप रखने और लालच देने के लिए पैसे और सामान का प्रलोभन भी देता था। मासूम बच्ची ने जब अपनी मां को इस घटना के बारे में बताया, तब जाकर यह पूरा मामला सामने आया।
हरदोई में कोतवाली देहात क्षेत्र के कोरिया गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। ईंट भट्ठे के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 11 वर्षीय सचिन कुमार की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और ईंट भट्ठे के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। कोरिया गांव निवासी सियाराम गौतम का बेटा सचिन कुमार अन्य बच्चों के साथ गांव के पास स्थित रेखा ब्रिक फील्ड के नजदीक खेलने गया था। खेलते-खेलते वह ईंट भट्ठे के पास खोदे गए एक गहरे गड्ढे तक पहुंच गया। बताया गया कि यह गड्ढा भट्ठे के लिए मिट्टी निकालने के लिए खोदा गया था, जिसमें बारिश और आसपास का पानी भर गया था। खेलते समय सचिन अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। काफी प्रयासों के बाद बच्चे को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम सदर मयंक कुंडू भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और तालाबनुमा गड्ढे तथा आसपास की स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम कुंडू ने बताया कि बच्चे की मौत डूबने से हुई है। एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। ईंट भट्ठे को सीज करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने यह भी बताया कि माइनिंग विभाग, प्रदूषण विभाग और प्रशासनिक स्तर से भी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गांव में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है।
बाराबंकी जनपद के टिकैतनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक हादसा हुआ। टिकैतनगर बारिनबाग रोड पर मैदीपुर गांव के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। यह घटना रात करीब 8:30 बजे हुई। पेड़ गिरने से ट्रैक्टर पर सवार दोनों व्यक्ति उसकी चपेट में आ गए और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। सूचना मिलते ही टिकैतनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान के प्रयास जारी हैं और मामले की जांच की जा रही है।
जोधपुर शहर में भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। शहर के बाहरी इलाकों के बाद अब भीतरी क्षेत्रों में भी जल संकट गहराने लगा है। गुरुवार को नागोरी गेट इलाके में महिलाओं ने पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया और सड़क पर बैठकर जलदाय विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन किला रोड गली नंबर 8 में हुआ, जहां स्थानीय महिलाओं ने बताया कि पिछले करीब दो महीनों से क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद समाधान नहीं हुआ और केवल आश्वासन ही मिले। परेशान होकर महिलाओं को आखिरकार सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। गर्मी में पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा महिलाओं का कहना है कि भीषण गर्मी में पानी के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है। कई घरों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही, जिससे घरेलू कामकाज और पीने के पानी की समस्या गंभीर हो गई है। टैंकर के जरिए पानी उपलब्ध कराने का दिया आश्वासन मौके पर पहुंचे जलदाय विभाग के जेईएन पंकज सैनी ने बताया कि इलाके के टेल एंड मकानों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। विभाग की ओर से जलापूर्ति सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिन घरों में पानी नहीं पहुंच रहा, वहां टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध करवाया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से शहर के अलग-अलग इलाकों में पानी की समस्या को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इससे पहले चांदणा भाखर, चांदपोल और डिगाड़ी क्षेत्रों में भी लोगों ने जल संकट को लेकर विरोध जताया था। अब नागोरी गेट क्षेत्र में प्रदर्शन किया गया है।
लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र में फायर स्टेशन के आवासीय परिसर में पेड़ गिर गया। जिसकी चपेट में चार मकान आ गए। वहाँ मौजूद लोगों के बीच अफरा तफरी मच गई। गनीमत रही घटना में कोई भी जनहानि नहीं हुई है।गुरुवार शाम करीब 7 बजे कई साल पुराना पेड़ अचानक से फायर स्टेशन के आवासीय परिसर में गिर गया। घटना के वक्त कई लोग परिसर में मौजूद थे। वहीं एक मकान के अंदर परिवार था। पेड़ गिरते ही मौके पर अफरा तफरी का माहौल हो गया। घर के अंदर मौजूद परिवार भाग कर बाहर आ गया। इसके बाद सभी लोग दूर खड़े हो गए। घटना में परिसर की दीवार सहित चार मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, हालांकि घटना में कोई भी जनहानि नहीं हुई है। वहां मौजूद लोगों का कहना है कई बार पत्राचार के माध्यम से शिकायत की गई थी लेकिन एक दो पेड़ काटे गए और बाकी छोड़ दिए गए। जिसकी वजह से आज हादसा हो गया। मौके पर पेड़ काटकर वहां से हटाया जा रहा है।
मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है। गुरुवार को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में लखनऊ, कानपुर और आगरा में मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच आसान बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में तय किया गया कि लखनऊ में 71, कानपुर में 24 और आगरा में 19 नए पार्किंग स्थलों को अंतिम रूप दिया गया है। इन पार्किंग स्थलों के लिए नगर निगम की ओर से निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे लोग निजी वाहन पार्क कर आसानी से मेट्रो का उपयोग कर सकेंगे। मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने के लिए नए ऑटो-टेम्पो रूट यात्रियों की अंतिम मील कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए नए ऑटो और टेम्पो सर्कुलर रूट भी तय किए गए हैं। लखनऊ में 29 नए रूट कानपुर में 50 नए रूट, आगरा में 27 नए रूटों पर नए स्टॉप भी बनाए जाएंगे ताकि लोगों को मेट्रो स्टेशन तक आने-जाने में परेशानी न हो। सरकारी कॉलोनियों से मेट्रो तक चलेगी शटल बस बैठक में प्रमुख सरकारी कॉलोनियों और कार्यालयों को नजदीकी मेट्रो स्टेशनों से जोड़ने के लिए चरणबद्ध तरीके से शटल बस सेवा शुरू करने पर सहमति बनी। इससे सरकारी कर्मचारियों और आम यात्रियों दोनों को राहत मिलेगी। सोशल मीडिया और डिजिटल बोर्ड से होगा प्रचार मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सोशल मीडिया, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और अन्य माध्यमों से लोगों को मेट्रो इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ऐप आधारित सेवाओं पर भी फोकस ने बताया कि UTU Mobility जैसे ऐप आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए अंतिम मील कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा ओला, उबर और रैपिडो जैसी सेवाओं के साथ भी समन्वय बढ़ाया जा रहा है। यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार ने कहा कि मेट्रो सेवाओं को अधिक जनसुलभ बनाने के लिए स्टेशन के आसपास पर्याप्त पार्किंग और बेहतर फीडर व्यवस्था जरूरी है। वहीं मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए।
बागपत पुलिस ने चोरी के आरोपी को किया गिरफ्तार:भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद
बागपत कोतवाली पुलिस ने चोरी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बागपत कस्बे की माता कॉलोनी निवासी सोएब पुत्र इसानू उर्फ इसामू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोएब लंबे समय से चोरी की घटनाओं में सक्रिय था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। आरोपी की तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी का सामान बरामद हुआ। इसमें एक टेबल फैन, एक जूसर मिक्सर, एक सीलिंग फैन, आठ सीलिंग फैन पंखुड़ियां, 21 एलईडी बल्ब, 20 कंसील्ड लाइट और चार पैकेट एमसीबी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद सामान की अनुमानित कीमत हजारों रुपये है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि चोरी के स्रोत और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों का पता लगाया जा सके। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि जनपद में अपराध और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यह गिरफ्तारी इसी अभियान का हिस्सा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और उसे न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है
अमूल के बाद अब यूपी की सबसे बड़े डेयरी ब्रांड पराग ने भी दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। नई दरें 15 मई की शाम से लागू होगी। फुल क्रीम दूध का रेट 69 रुपए लीटर से बढ़ाकर 71 रुपए लीटर कर दिया गया है। पराग के जीएम की तरफ से दूध का रेट बढ़ाए जाने को लेकर गुरुवार को निर्देश जारी कर दिया गया। फुल क्रीम, स्टैंडर्ड, सुपर स्टैंडर्ड, टोंड मिल्क और स्टैंडर्ड खुला दूध सभी के रेट में बढ़ोतरी की गई है। पराग डेयरी ने इससे पहले दूध के दाम मई 2025 में बढ़ाए थे। उस समय भी कंपनी ने दूध की कीमतों में 2 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की थी। अब करीब एक साल बाद फिर से पराग दूध के दाम बढ़ाए गए हैं। खबर अपडेट हो रही है…
लखनऊ में चला एलडीए का बुलडोजर:50 बीघा में बस रहीं 10 अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
लखनऊ में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लखनऊ विकास प्राधिकरण ने गुरुवार को बड़ा अभियान चलाया। काकोरी और दुबग्गा इलाके में करीब 50 बीघा जमीन पर विकसित की जा रहीं 10 अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई करते हुए निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। प्रवर्तन जोन-3 के जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह के मुताबिक, काकोरी थाना क्षेत्र के बरकटाबाद गांव में एलडीए की टीम ने छापेमारी की। यहां धनंजय तिवारी, उदय यादव, सुनील यादव, शिवानंद, मुन्ना, नागेंद्र, विनोद कुमार समेत अन्य लोगों द्वारा करीब 35 बीघा क्षेत्रफल में 6 अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थीं। टीम ने मौके पर सड़क, बाउंड्री और प्लॉटिंग से जुड़े निर्माणों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। वहीं प्रवर्तन जोन-7 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि दुबग्गा थाना क्षेत्र के मौरा, बरावन कला, शेखपुरवा प्रेमराज और हलवापुर गांवों में भी कार्रवाई की गई। यहां राधेश्याम, फकरूद्दीन, डॉ. इशहाक, मोहम्मद नदीम, शकील समेत अन्य लोगों द्वारा करीब 15 बीघा जमीन पर 4 अवैध प्लाटिंग की जा रही थीं। एलडीए की टीम ने इन्हें भी ध्वस्त कर दिया। एलडीए अधिकारियों का कहना है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और ले-आउट के विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।

