बुलन्दशहर में भूड़ चौराहे से तहसील तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण का कार्य वन विभाग की आपत्ति के कारण रुक गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से इस मार्ग का चौड़ीकरण किया जाना था, जिससे आम जनता को जाम से राहत मिलने की उम्मीद थी। योजना के तहत सड़क के दोनों ओर लगभग डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ीकरण और बीच में डिवाइडर का निर्माण प्रस्तावित है। हालांकि, वन विभाग ने संबंधित भूमि को अपनी संपत्ति बताते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है, जिससे यह परियोजना अधर में लटक गई है। तीन लाख से अधिक वाहन गुजरते यह मार्ग जनपद का एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, बदायूं, संभल और अमरोहा के लिए तीन लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। सड़क की वर्तमान चौड़ाई यातायात के भारी दबाव को संभालने में अपर्याप्त साबित हो रही है, जिसके कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है। चौड़ीकरण का कार्य पुनः शुरू लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि कार्य शुरू कराने के लिए वन विभाग को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) हेतु पत्र लिखा गया है। विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही आपत्ति का समाधान होने के बाद चौड़ीकरण का कार्य पुनः शुरू किया जा सकेगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क के चौड़ीकरण से यातायात सुगम होगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। हालांकि, विभागीय अड़चनों के कारण काम रुकना चिंता का विषय बना हुआ है।
बलरामपुर जिला अस्पताल में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सेंदुर गांव की निवासी कलेश्वरी (50) को 27 अप्रैल को पेट दर्द और बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। घटना बीती रात लगभग 12:30 बजे की है। कलेश्वरी के पति रामधनी और बेटी मंजू सिंह ने देखा कि वह बिस्तर पर नहीं थीं। परिजनों ने अस्पताल के बाथरूम और अन्य कमरों में उनकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिलीं। महिला छत से निचे गिरी मिली बाद में अस्पताल परिसर में नीचे तलाश करने पर कलेश्वरी गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल की छत से नीचे गिरी हुई मिलीं। परिजनों ने तत्काल उन्हें इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अंबिकापुर रेफर कर दिया। हालांकि, अंबिकापुर ले जाते समय रास्ते में ही कलेश्वरी की मौत हो गई। किन परिस्थितियों में हुई मौत जांच जारी:CMHO इस घटना से अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच कराई जा रही है। मामले को संदिग्ध मानते हुए सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
जौनपुर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर समाजवादी मजदूर सभा ने लाला बाजार में कार्यरत श्रमिकों को सम्मानित करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा ने की। राष्ट्रीय महासचिव अमित यादव मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय सचिव डॉ. अजय यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव विशाल कनौजिया ने किया। इस अवसर पर सादिक अली, रमाशंकर चौहान, धीरज सिंह, धीरेंद्र सिंह, राजबहादुर यादव और अच्छेलाल यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। सभी श्रमिकों का माल्यार्पण कर स्वागत और सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में मिष्ठान वितरण भी हुआ। मुख्य अतिथि अमित यादव ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि 8 घंटे कार्य का कानून श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हुए संघर्षों का परिणाम था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने उद्योगपतियों के हित में 12 घंटे काम लेने का कानून बनाकर मजदूरों के अधिकारों का हनन किया है। समाजवादी मजदूर सभा इस कानून का विरोध करती है। श्री यादव ने समाजवादी पार्टी की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी समाज के हर वर्ग को समान भागीदारी देने में विश्वास रखती है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ईंट भट्ठों पर काम करने वाली महिला श्रमिकों को संसद तक पहुंचाने के उद्देश्य से ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग उठाई है। समाजवादी मजदूर सभा ने मजदूर दिवस के अवसर पर हाल ही में हुए मजदूर आंदोलन में गिरफ्तार हुए श्रमिकों और मजदूर नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रमिकों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने और मजदूर विरोधी नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का संकल्प लिया।
हरदोई जनपद के सुरसा क्षेत्र में लेखपाल राजेश गुप्ता पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है। सुरसा थाना परिसर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पीड़ित पक्ष ने लेखपाल पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। मामले में नेवादा मजरा बील निवासी मुकेश यादव ने आरोप लगाया है कि जमीन से जुड़े कार्य के नाम पर लेखपाल द्वारा अवैध धनराशि की मांग की गई। आरोपों के समर्थन में एक वीडियो भी वायरल किया गया है, जिसे सुरसा थाना परिसर का बताया जा रहा है। वहीं, आरोपों पर सफाई देते हुए लेखपाल राजेश गुप्ता ने कहा कि मुकेश यादव और उसके कुछ साथी ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर रहे थे। इसकी कई बार शिकायतें मिली थीं, जिस पर राजस्व विभाग और पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में मुकेश यादव को धारा 13(1) के तहत पाबंद कराया गया था और एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। लेखपाल का कहना है कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर मुकेश यादव रंजिश मान रहा है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि बीते शनिवार थाना दिवस के दौरान उन्होंने मुकेश यादव से कुछ जरूरी दस्तावेज मांगे थे, जिस पर उसने आधार कार्ड और टीटी उपलब्ध कराई थी। उसी दौरान बनाए गए वीडियो को गलत तरीके से वायरल किया जा रहा है। राजेश गुप्ता ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल वायरल वीडियो और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर टिकी है। मामले की जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
मुजफ्फरनगर में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर शुक्रवार को कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुजफ्फरनगर डिपो के वर्कशॉप परिसर में हुआ, जिसमें ट्रैफिक, स्टेशन और कार्यशाला शाखा के सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। धरने की अध्यक्षता चंद्रशेखर और विनोद कुमार ने संयुक्त रूप से की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के अवैध संचालन पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने छोटी गाड़ियों की बढ़ती डग्गामारी पर भी चिंता जताई। कर्मचारियों का कहना था कि हाई-एंड निजी बसें परमिट की शर्तों का खुलेआम उल्लंघन कर रही हैं, जिससे उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। कर्मचारियों ने परिवहन निगम के निजीकरण और कार्यशालाओं को निजी हाथों में सौंपने की प्रस्तावित योजनाओं का भी कड़ा विरोध किया। उनका तर्क था कि इससे न केवल कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित होगा, बल्कि आम जनता भी सस्ती और सुगम परिवहन सेवाओं से वंचित हो जाएगी। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में दी गई आर्थिक सहायता के लिए आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही निगम के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई। धरने में कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगें भी रखीं। इनमें एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित करना, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में होने वाले घाटे की भरपाई सरकार द्वारा करना, संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्पष्ट सेवा नियमावली बनाना, नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, बकाया भत्तों का भुगतान और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि इन मांगों पर जल्द निर्णय न होने पर परिवहन व्यवस्था प्रभावित होगी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि 19 मई तक उनकी मांगों पर कोई संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो 20 मई को क्षेत्र स्तरीय विशाल धरना, प्रदर्शन और रैली आयोजित की जाएगी। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल होकर विरोध को और तेज करेंगे।
लोजपा (रामविलास) की जौनपुर में समीक्षा बैठक:विधायक अमित रानू बोले- यूपी में संगठन मजबूत करेंगे
जौनपुर में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सदस्यता अभियान सह समीक्षा बैठक गुरुवार शाम 4 बजे संपन्न हुई। इस बैठक में बिहार के बेलसंड विधानसभा के विधायक अमित रानू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्य अतिथि अमित रानू ने कहा कि अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए पार्टी पूरे प्रदेश में संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय रामविलास पासवान का जितना जनाधार बिहार में था, उतना ही उत्तर प्रदेश में भी था। रानू ने दावा किया कि यूपी के लोग भी उन्हें उतना ही प्रेम देते थे और हमारी पार्टी तथा हमारे नेता चिराग पासवान को पसंद करने वाले बहुत से लोग हैं। उन्होंने कहा कि जौनपुर में हमारा संगठन पूरी मजबूती के साथ खड़ा है, जिसमें बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक के कार्यकर्ता लगे हुए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिना चुनाव लड़े भी जिले में पार्टी मजबूत है और आने वाले दिनों में यह और सशक्त होगी। पार्टी का लक्ष्य राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान की सोच और विजन को उत्तर प्रदेश के धरातल पर उतारना है। पार्टी का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर यूपी में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराना है। इसका स्पष्ट उद्देश्य देश और प्रदेश में सभी को समान अधिकार दिलाना है, जिसमें महिलाओं को उनका उचित अधिकार, युवाओं को रोजगार, तथा सभी को स्वास्थ्य और शिक्षा उपलब्ध कराना शामिल है, जिससे देश का सर्वांगीण विकास हो सके। अमित रानू ने 'बूथ जीतो, चुनाव जीतो' के सिद्धांत पर बूथों को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने बताया कि 'लोजपा चली गांव की ओर' अभियान के तहत पार्टी कार्यकर्ता हर गांव तक जाकर लोगों को पार्टी के विजन और मिशन से अवगत कराएंगे और उन्हें पार्टी से जोड़ेंगे। उन्होंने पुष्टि की कि पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में गठबंधन होता है, तो सीटों का निर्धारण उसके आधार पर होगा। उन्होंने बताया कि लोजपा एनडीए के साथ गठबंधन में है और बिहार में उनके 19 विधायक हैं।
अजमेर संभाग के सबसे बड़े जेएलएन में 18 साल के स्टूडेंट का सफल ऑपरेशन किया गया। कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने करीब 9 घंटे तक ऑपरेशन करके स्टूडेंट के लेफ्ट पैर से गोली के 12 छरे निकाले। गोली लगने से स्टूडेंट के लेफ्ट पैर के पीछे जाग की तरफ स्वेलिंग हो गई थी। उसके पैर के पीछे की तीन नसें फट गई थी। स्टूडेंट का हार्ट बंद हो गया था। जिसे डॉक्टर ने सीपीआर देकर वापस शुरू किया। अब स्टूडेंट ठीक है जिसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। स्टूडेंट को किशनगढ़ में 11 अप्रैल को गोली लगी थी। शुक्रवार को इसकी जानकारी प्रिंसिपल डॉक्टर अनिल सामरिया, अधीक्षक डॉक्टर अरविंद खरे और उपाध्यक्ष डॉक्टर अमित यादव की ओर से दी गई। प्रिंसिपल डॉक्टर अनिल सामरिया ने बताया कि 12 अप्रैल को किशनगढ़ निवासी 18 साल का रेहान को परिजन जेएलएन अस्पताल में लेकर पहुंचे थे। जिसके लेफ्ट पैर पर गोली लगी हुई थी। बच्चे का बहुत खून बह गया था। शोक में चला गया था। CTVS डिपार्टमेंट के डॉक्टर तेजकरण सैनी के द्वारा अपनी देखरेख में लिया गया। अलग-अलग विभागों की टीम ने बच्चे को अटेंड किया था। बच्चा को एक बार बीच में सीपीआर तक देना पड़ गया था। बच्चा ठीक होने पर उसकी 9 घंटे की सर्जरी की गई। बच्चा अब ठीक है। 3 नसें फटने से हार्ट बंद हुआ, बीपी कम हुआ डॉक्टर तेजकरण ने बताया कि बच्चा एकदम शौक में था। गोली लगने से उसके लेफ्ट पैर के पीछे की तीन नसें फट गई थी। रेगुलर खून निकल रहा था और पैर सूज गया था। बीपी बिल्कुल कम हो गया था। हीमोग्लोबिन हाई हो गया था। अगर तुरंत इसे ठीक नहीं करते तो उसकी जान जा सकती थी। अगर 24 घंटे के अंदर पैर ठीक नहीं करते तो वह काटना पड़ता। इसी बीच बच्चे का हार्ट तक बंद हो गया था। सीपीआर देकर वापस शुरू किया गया। बाद में बच्चा जब नॉर्मल हुआ तो उसकी 9 घंटे की सर्जरी हुई। उसकी तीनों नसों को वापस ठीक किया गया। खेत में जंगली सूअर से हड़कंप मचा, बंदूक गिरने से गोली चली किशनगढ़ के गांव खतौली में रहने वाले 18 साल के रेहान ने बताया कि वह अपने गांव में खेत की रखवाली कर रहा था। तभी खेत में कुछ हलचल हुई। जंगली सूअर खेत में घुस गए थे। अपने आप को बचाने के लिए पास में बनी कोटड़ी के तरफ भागा तभी कोटडी के बाहर टंगी हुई बंदूक नीचे गिर गई। इसके बाद बंदूक चल गई और गोली उसके पैर पर आकर लग गई। उसके बाद परिवार उसे अस्पताल लेकर पहुंचा था।
डीग कोतवाली पुलिस ने अपने विशेष अभियान 'ऑपरेशन शिकंजा 2.0' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने विभिन्न मामलों में फरार चल रहे चार स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। यह अभियान फरार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पहली गिरफ्तारी बुधवार को रामवीर सिंह के नेतृत्व में हुई। पुलिस टीम ने गंभीर सड़क दुर्घटना के एक मामले में पिछले दो वर्षों से फरार चल रहे स्थाई वारंटी विजय सिंह पुत्र हरचंदी, निवासी पैगांव, थाना शेरगढ़, जिला मथुरा को पकड़ा। आरोपी के खिलाफ न्यायालय जेएम डीग में कोर्ट केस नंबर 1290/14 और एफआईआर नंबर 17/10 के तहत धारा 279, 337, 304ए आईपीसी में मामला दर्ज था। दूसरी कार्रवाई गुरुवार को उप निरीक्षक मंगतूराम के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने चोरी के मामले में फरार दिनेश पुत्र भगवान सिंह, निवासी पान्हौरी, थाना सदर डीग को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ कोर्ट केस नंबर 223/16 और एफआईआर नंबर 128/16 में धारा 457, 380 आईपीसी के तहत मामला दर्ज था। तीसरी कार्रवाई में राजवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अज्जू उर्फ अजरूद्दीन पुत्र गुज्जी, निवासी रुंध खोह, थाना खोह को गिरफ्तार किया। अज्जू के खिलाफ चोरी के मामले में कोर्ट केस नंबर 436/16 और एफआईआर नंबर 430/16 के तहत धारा 379 आईपीसी में मामला दर्ज था। चौथी कार्रवाई में हेड कांस्टेबल रामवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में फरार हारून पुत्र रहमान उर्फ इसराइल, निवासी उदाका, थाना कामां को दबोचा। हारून के खिलाफ कोर्ट केस नंबर 28/05 और एफआईआर नंबर 630/02 में धारा 332, 353, 307 आईपीसी तथा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज था। अभियान रहेगा जारीपुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन शिकंजा 2.0’ के तहत फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करना है।
राज्य सरकार ने एक मई से शुरू हुई जनगणना के पहले एमपी के उन शिक्षकों के हित में फैसला लिया है जिनकी ड्यूटी जनगणना या चुनाव के काम में लगी है। दिल्ली सरकार की तर्ज पर एमपी के शिक्षक संगठनों की डिमांड पर राज्य सरकार ने जनगणना और चुनाव ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अर्न लीव देने का फैसला किया है। ऐसे शिक्षकों के लिए शर्त यह होगी कि उन्हें अपने विद्यालय में ई अटेंडेंस जरूर लगाना होगा। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि शिक्षक संवर्ग के लोक सेवकों को विश्राम अवकाश के दौरान ड्यूटी के लिए बुलाए जाने पर अर्जित अवकाश की सुविधा दी जाएगी। निर्देश में कहा गया है कि विश्राम अवधि के दौरान शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य जैसे जनगणना, निर्वाचन आदि कामों के लिए समय समय पर कार्यभार सौंपा जाकर ड्यूटी के लिए बुलाया जाता है। ऐसी स्थिति में हमारे शिक्षक एप के माध्यम से ड्यूटी स्थल पर ई-अटेंडेंस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराया जाना जरूरी होगा। ई-अटेंडेंस लगाने वाले ऐसे शिक्षकों को विभाग की ओर से अर्जित अवकाश संचित किए जाने पर सरकार विचार करेगी। शिक्षक संगठनों ने की थी डिमांड एक मई से शुरू होने वाली जनगणना में मकानों की गणना ड्यूटी में तैनात किए जाने वाले शिक्षकों को महीने भर अवकाश नहीं मिलेगा, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग के कैलेंडर के अनुसार उन्हें एक मई से अवकाश स्वीकृत हैं। इस स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने वहां के शिक्षकों को अर्जित अवकाश की सुविधा देने के आदेश दिए हैं। इसके बाद शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने एमपी के शिक्षा विभाग से दिल्ली की तर्ज पर सुविधा की मांग की थी। संगठन के जरिए सरकार से डिमांड कर कहा गया था कि दिल्ली शासन की तर्ज पर मध्यप्रदेश शासन भी अवकाश अवधि में जनगणना कार्य में संलग्न शिक्षकों को अर्जित अवकाश प्रदान करने के आदेश शीघ्र जारी करे। यह भी कहा गया था कि मध्यप्रदेश के शिक्षकों से निरंतर गैर-शैक्षिक कार्य जैसे चुनाव, सर्वेक्षण एवं जनगणना कराए जाते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें न तो पर्याप्त अवकाश मिलता है और न ही अपेक्षित सम्मान दिया जाता है। ऐसे में संगठन की मांग है कि जनगणना एवं चुनाव ड्यूटी के बदले शिक्षकों को अर्जित अवकाश प्रदान किया जाए, जिससे उन्हें गैर-शैक्षिक कार्यों से राहत मिल सके तथा उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
सिंगरौली में अवैध रेत भंडारण पर तीसरा एक्शन:216 घन मीटर रेत जब्त, प्रशासन ने सख्ती का संदेश दिया
सिंगरौली जिले में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एक हफ्ते में कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने तीसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को 216 घन मीटर अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त की। यह कार्रवाई खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में की गई। इसमें सहायक खनि अधिकारी राम सुशील चौरसिया, राजस्व अमला और पुलिस चौकी सासन, थाना कोतवाली बैढ़न की टीम शामिल थी। टीम ने ग्राम सासन और टूसाखांड की सीमा पर स्थित रिहंद जलाशय के डूब क्षेत्र में दबिश देकर लावारिस हालत में रखी गई रेत को जब्त किया। जब्त की गई रेत को नियमानुसार रेत ठेकेदार को सुपुर्द कर दिया गया है। इस प्रकरण में खनिज नियमों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। यह बीते एक सप्ताह के भीतर खनिज और पुलिस विभाग द्वारा की गई तीसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसमें अवैध रेत भंडारण पकड़ा गया है। अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया, “अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।” प्रशासन की इन लगातार कार्रवाइयों से अवैध रेत कारोबारियों पर दबाव बढ़ा है।
आज से जनगणना-2027 का स्व-गणना चरण शुरू:नागरिक 15 मई तक ऑनलाइन भर सकेंगे विवरण, प्रशासन ने की अपील
हनुमानगढ़ जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत स्व-गणना (सेल्फ इन्यूमरेशन) प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने इस राष्ट्रीय कार्य के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन ने एक वीडियो संदेश जारी कर नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की है। कलेक्टर ने जानकारी दी कि भारत सरकार के निर्देशानुसार, जनगणना-2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 15 जून तक चलेगा। इस बार प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से स्व-गणना की सुविधा प्रदान की गई है, जिसके तहत नागरिक स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकते हैं। स्व-गणना के लिए वेब पोर्टल 1 मई से 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगा। नागरिक https://se.census.gov.in पर जाकर अपने परिवार का पूरा विवरण दर्ज कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया लगभग 15 से 20 मिनट में पूरी हो जाती है। सफल सबमिशन के बाद H से शुरू होने वाली 11 अंकों की SE ID जारी होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए नागरिकों को पहले राज्य का चयन कर लॉगिन करना होगा। इसके बाद परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर और वैकल्पिक ईमेल दर्ज करना होगा। ओटीपी सत्यापन के उपरांत आवास का विवरण भरते हुए डिजिटल मानचित्र पर घर का स्थान चिन्हित करना होगा। अंत में, प्रश्नावली भरकर कन्फर्म एंड सबमिट करने पर डेटा लॉक हो जाएगा। प्रशासन के अनुसार, जब प्रगणक घर-घर सर्वे के लिए आएंगे, तब नागरिकों को अपनी SE ID दिखानी होगी। इस ID के माध्यम से भरी गई जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। यदि SE ID उपलब्ध नहीं होगी, तो जानकारी दोबारा एकत्र की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से समय पर स्व-गणना प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है, ताकि यह राष्ट्रीय कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके और जनगणना-2027 को सफल बनाया जा सके।
हरियाणा सरकार ने भिवानी जिले की तृप्ति श्योराण को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का चेयरपर्सन नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को प्रदेश में बाल अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तृप्ति की इस नियुक्ति के बाद लोहारू क्षेत्र सहित भिवानी जिले में खुशी का माहौल है। महिला एवं बाल विकास विभाग के कमिश्नर एवं सचिव शेखर विद्यार्थी की ओर से इस बाबत लेटर जारी किया गया है। तृप्ति श्योराण भिवानी जिले के लोहारू क्षेत्र स्थित गांव गागड़वास की मूल निवासी हैं। वह स्वर्गीय चौधरी हरिपाल चौहान की बेटी हैं और एक प्रतिष्ठित परिवार से आती हैं। उनके परिवार का सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वह वरिष्ठ भाजपा नेता वरुण श्योराण की छोटी बहन हैं। लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जड़ी रहीं तृप्ति श्योराण लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं के कल्याण से संबंधित मुद्दों पर सक्रिय रूप से कार्य किया है। उनके अनुभव और संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना, उनके हितों को सुनिश्चित करना और उनके समग्र विकास के लिए कार्य करना है। तृप्ति श्योराण के नेतृत्व में आयोग से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और शोषण से मुक्ति जैसे मुद्दों पर प्रभावी कार्य करने की उम्मीद है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों ने जाहिर की प्रसन्नता उनकी नियुक्ति पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और आम नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। लोगों का मानना है कि तृप्ति श्योराण अपनी नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगी और बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए कई नई योजनाओं और पहलों को आगे बढ़ाएंगी। इसके साथ ही उनकी नियुक्ति को महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मजबूत कदम माना जा रहा है। एक महिला नेतृत्व के रूप में उनकी यह भूमिका समाज में सकारात्मक संदेश देगी और अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। स्थानीय लोगों ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस नियुक्ति से क्षेत्र को नई पहचान मिली है। लोगों को उम्मीद है कि तृप्ति श्योराण अपने कार्यकाल में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएंगी तथा प्रदेश में बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
लुधियाना जिले के जगराओं उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव अखाड़ा से मानूके को जोड़ने वाली मुख्य सड़क अपनी बदहाली के कारण लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन चुकी है। गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी यह सड़क अब 'हादसों की सड़क' के रूप में पहचानी जाने लगी है। प्रशासन की सुस्ती से नाराज ग्रामीणों और किसान संगठनों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। लोगों के मुताबिक सड़क की हालत इतनी जर्जर है कि दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ना आम बात हो गई है। आए दिन मोटरसाइकिल सवार इन गड्ढों के कारण गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि इस सड़क की खस्ताहालत के कारण अब तक कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं और अनगिनत वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। बारिश में निकलना हो जाता है मुश्किल बारिश के दिनों में यह सड़क किसी तालाब जैसी नजर आने लगती है। जलभराव के कारण सड़क के गहरे गड्ढे छिप जाते हैं, जो वाहन चालकों के लिए जानलेवा जाल बन जाते हैं। विशेषकर रात के समय इस मार्ग से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है। BKU (एकता डकौंदा) ने खोला मोर्चा इस समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) ने कड़ा रुख अपनाया है। यूनियन द्वारा पूर्व में दिया गया 10 दिन का अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बैठक की। हालांकि प्रशासन ने बैठक में और समय की मांग की है, लेकिन ग्रामीणों ने इसे टालमटोल की नीति करार देते हुए और इंतजार करने से साफ इनकार कर दिया है। चेतावनी: 'हफ्ते भर में काम शुरू न हुआ तो होगा चक्का जाम' यूनियन नेताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क निर्माण का कार्य जमीनी स्तर पर शुरू नहीं होता है, तो ग्रामीण बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। किसान संगठन और ग्रामीण मिलकर मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रशासन की होगी। ग्रामीणों का सवाल- क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार है? पीड़ित ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वे हर दिन डर के साये में सफर करने को मजबूर हैं। उन्होंने तीखे लहजे में प्रशासन से सवाल किया कि क्या सरकार और विभाग किसी बड़ी त्रासदी का इंतज़ार कर रहे हैं? ग्रामीणों ने मांग की है कि कागजी कार्रवाई छोड़कर तुरंत मौके पर सड़क मरम्मत का कार्य शुरू किया जाए ताकि बेशकीमती जानों को बचाया जा सके।
फतेहपुर में बोर्ड परीक्षा के दौरान संगठित नकल गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। थाना थरियांव पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त शिवकुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। मामला 27 फरवरी 2026 का है। पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, दानियालपुर में हाईस्कूल गणित की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान आंतरिक सचल दल ने गेट पर एक संदिग्ध परीक्षार्थी को पकड़ा। पूछताछ में वह फर्जी निकला, जिसके बाद कक्ष निरीक्षकों की सूचना पर जांच बढ़ाई गई। रुपयों का लालच देकर एग्जाम में बैठाया गया था जांच के क्रम में परीक्षा कक्षों में छापेमारी कर कुल पांच परीक्षार्थियों को अलग-अलग छात्रों की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। पकड़े गए आरोपियों ने लिखित बयान में स्वीकार किया कि उन्हें पैसों का लालच देकर और कुछ विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व दलालों के कहने पर परीक्षा में बैठाया गया था। इस पूरे मामले में मनोज कुमार (एकारी) और ज्ञानेन्द्र कुमार श्रीवास्तव सहित कई लोगों की भूमिका सामने आई है। आरोपी को कोर्ट भेजा गयापुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों के निवारण) अधिनियम 2024 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। गिरफ्तार अभियुक्त शिवकुमार पुत्र रामधनी (18) निवासी ग्राम सिरमी गढ़वा, थाना किशनपुर का रहने वाला है। अभियुक्त शिवकुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक अपराध सुरजीत कुमार और कांस्टेबल देवांश तिवारी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
झालावाड़ में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर रोडवेज परिसर में जिला ट्रेड यूनियन कौंसिल झालावाड़ ने एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान झंडारोहण किया गया और श्रमिकों ने केंद्र सरकार के श्रमिक विरोधी कोड रद्द करने की मांग उठाई। कार्यक्रम की शुरुआत रोडवेज एम्पलाइज यूनियन (एटक) द्वारा झंडारोहण से हुई। कौंसिल के महासचिव महेंद्र कुमार जैन ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद उपस्थित श्रमिकों ने मई दिवस जिंदाबाद, मजदूर एकता जिंदाबाद और श्रमिक विरोधी श्रमिक कोड रद्द करो जैसे नारे लगाए। सभा को संबोधित करते हुए कौंसिल के अध्यक्ष बच्चूलाल एडवोकेट ने कहा कि देश का मजदूर वर्ग आज जटिल परिस्थितियों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व पीढ़ियों के संघर्ष से प्राप्त श्रमिक अधिकारों को वर्तमान सरकार श्रम सुधारों के नाम पर लागू किए गए श्रमिक कोड के माध्यम से कमजोर कर रही है। उन्होंने श्रमिकों से एकजुट होकर आंदोलन चलाने का आह्वान किया। कौंसिल के महासचिव महेंद्र कुमार जैन ने भी मजदूर एकता को मजबूत करने पर जोर दिया। सभा को रोडवेज एम्पलाइज यूनियन (एटक) के सचिव महमूद अहमद, सेवानिवृत्त रोडवेज यूनियन के जिलाध्यक्ष लियाकत खान, वरिष्ठ पदाधिकारी छीतरलाल श्रंगी, बैंक यूनियन एआईबीईए के कोषाध्यक्ष प्रवीण माली और भूमि विकास बैंक सेवानिवृत्त यूनियन के सुनील कानावत सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में धर्मचंद जैन, राकेश शर्मा, सहदेव सिंह, युवराज सिंह, नानूराम लोधा, श्रीनाथ नरसल, हामिद, अब्दुल हनीफ, महावीर सिंह, महेंद्र गोयल, अहफाज अली, अयूब खान सहित बड़ी संख्या में रोडवेज कर्मी उपस्थित रहे। सभा का संचालन राजकुमार जैन ने किया और अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया। सभा में केंद्र सरकार से चार श्रम संहिताएं वापस लेने, भारतीय श्रम सम्मेलन बुलाने, विभिन्न संस्थानों में रिक्त पदों को भरने और वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग की गई। यह भी बताया गया कि मजदूर दिवस पर प्रत्येक कार्यस्थल पर वैतनिक अवकाश दिया जाता है और काम के लिए कोई दबाव नहीं बनाया जा सकता।
हापुड़ में बुद्ध पूर्णिमा पर निकली शोभायात्रा:लोगों ने गौतम बुद्ध के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया
हापुड़ में शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा गढ़ रोड स्थित दरोगा वाली गली से शुरू होकर मीनाक्षी रोड तक पहुंची। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर इसका स्वागत किया। कई स्थानों पर पानी की प्याऊ लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी और शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ शोभायात्रा में हिस्सा लिया। उन्होंने भगवान गौतम बुद्ध का आशीर्वाद भी लिया। इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने समस्त क्षेत्रवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म में आस्था रखने वालों का एक प्रमुख त्योहार है, जो वैशाख माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसी दिन गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनका महापरिनिर्वाण भी हुआ था। शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा पर्व हिंदू और बौद्ध दोनों ही धर्मों के लोग मनाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान बुद्ध के रूप में भगवान विष्णु के नौवें अवतार का जन्म हुआ था। इस अवसर पर पीसीसी सदस्य नरेश भाटी, जिला महासचिव गौरव गर्ग, शहर उपाध्यक्ष एजाज अहमद, शहर उपाध्यक्ष खुशनूद अली सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
झालावाड़ जिले के खंडिया क्षेत्र स्थित अंबेडकर कॉलोनी में कम वोल्टेज की समस्या से परेशान निवासियों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी के बीच बिजली के कम वोल्टेज के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी वासियों के अनुसार पिछले कई दिनों से बिजली का वोल्टेज इतना कम आ रहा है कि पंखे और अन्य घरेलू उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय निवासी रमेश, महेश और आशीष ने बताया कि इस वजह से दिन और रात दोनों समय गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। महेंद्र नामक एक अन्य निवासी ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं और कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग मोहल्ले में एकत्रित हुए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने जल्द से जल्द कम वोल्टेज की समस्या का समाधान करने की मांग की। कॉलोनी वासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। विरोध प्रदर्शन में घनश्याम रेगर, महेंद्र रेगर, कमल कोहली, पहलाद रेगर, मनीष बैरागी, जगदीश लोधा, मनीष रेगर, भरत लोधा, गायत्रीदेवी, किरणलता, मंजू रेगर, संजू गुर्जर, कमलाबाई, सुनीता बाई, शांति बाई, ज्योति रेगर सहित कई लोग शामिल रहे।
कौशांबी में घर में लगी आग, तीन गाय जलीं:परिवार ने भागकर बचाई जान, लाखों का सामान राख
कौशांबी के मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के चक थांबा गांव में देर रात एक घर में संदिग्ध परिस्थितियों में भीषण आग लग गई। इस घटना में घर का सारा सामान जलकर राख हो गया और तीन दुधारू गायों की भी मौत हो गई। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने भागकर अपनी जान बचाई। यह घटना बीती देर रात लगभग 2:00 बजे हुई, जब श्री कृष्णा पुत्र स्वर्गीय भैरव प्रसाद का परिवार घर के भीतर सो रहा था। आग की लपटें उठते ही परिवार के सभी सदस्य, जिनमें उनके तीन बेटे भी शामिल हैं (एक दिव्यांग), जान बचाकर बाहर भागे। आग इतनी भीषण थी कि बगल के घर में बंधी तीन दुधारू गायें भी इसकी चपेट में आ गईं और जलकर मर गईं। घर के भीतर रखा सारा घरेलू सामान, फर्नीचर और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुएं पूरी तरह से जलकर राख हो गईं, जिससे परिवार को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों को दे दी है। सुबह होते ही रिश्तेदारों और परिचितों का घर पर आना-जाना लगा हुआ है।
प्रतापगढ़ में करंट लगने से लाइनमैन की मौत:ट्रांसफार्मर ठीक करते समय हुआ हादसा, जांच में जुटी पुलिस
प्रतापगढ़ में करंट लगने से एक लाइनमैन की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार को कंधई थाना क्षेत्र में हुई, जब लाइनमैन ट्रांसफार्मर ठीक कर रहा था। मृतक की पहचान कंधई (मधुपुर) गांव निवासी बहादुर यादव (50) के रूप में हुई है। बहादुर यादव कंधई थाना क्षेत्र के मीरनपुर गांव में प्राथमिक विद्यालय के पीछे लगे ट्रांसफार्मर को ठीक करने के लिए अकेले ही चढ़े थे। इसी दौरान वे करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बहादुर यादव ट्रांसफार्मर पर लाइन ठीक कर रहे थे, तभी बिजली आपूर्ति चालू हो गई, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि काम शुरू करने से पहले बिजली का शटडाउन लिया गया था या नहीं। बताया गया है कि वह चिलबिला ईस्ट फीडर की लाइन पर काम कर रहे थे। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बिजली विभाग की संभावित लापरवाही की भी पड़ताल की जा रही है।
भदोही में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर कांग्रेस द्वारा एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सिंहपुर, ज्ञानपुर स्थित पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार दुबे 'राजन' के आवास पर हुआ। इसमें दर्जनों मजदूरों को अंगवस्त्र और मिठाई देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने जोर दिया कि उनके श्रम और समर्पण से ही समाज और राष्ट्र का निर्माण होता है। अंसारी ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा मजदूरों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करती रही है और भविष्य में भी उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार दुबे 'राजन' ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग समाज का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है और उनके बिना किसी भी विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस सम्मान समारोह में जिला उपाध्यक्ष राजेश्वर दुबे, त्रिलोकी नाथ बिंद, मृत्युंजय पांडे, महेश चंद मिश्रा, हरिश्चंद्र दुबे, विमल मालवीय, हरिश्चंद्र यादव, नितिन सिंह और पंकज दुबे सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
जानकीपुरम के साप्ताहिक बाजार पर हाईकोर्ट सख्त:एक महीने में हटाने या उचित स्थान पर शिफ्ट करने का आदेश
लखनऊ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जानकीपुरम सेक्टर-1 में सड़कों पर लगने वाले साप्ताहिक सब्जी बाजार पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने लखनऊ नगर निगम को निर्देश दिया है कि एक माह के भीतर इस बाजार को हटाया जाए या किसी उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 25 मई को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने संजय कुमार मित्तल व अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में बताया गया था कि हर बुधवार और शनिवार को निगम तिराहा और अर्जुन त्रिकोण पार्क के पास मुख्य सड़क पर बाजार लगने से यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है और क्षेत्र में गंदगी फैलती है। सुनवाई के दौरान, नगर निगम ने स्वीकार किया कि सड़क किनारे लगने वाले ठेले-खोमचे यातायात में बाधा डालते हैं। हालांकि, निगम का तर्क था कि सड़क का कुछ हिस्सा खाली रहता है, जिससे लोगों का आवागमन जारी रहता है। इस पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त रखना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि केवल कर वसूली करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिक सुविधाओं का ध्यान रखना भी आवश्यक है। कोर्ट ने नगर निगम को निर्देश दिया कि वह आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन और पुलिस की सहायता लेकर निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
जैसलमेर में कल आंधी व बारिश दे सकती है राहत:तपती सड़कों पर पसरा सन्नाटा, कल से बदलेगा मौसम
जैसलमेर में सूर्यदेव के तीखे तेवर ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। 44 डिग्री के टॉर्चर के बीच पूरा जिला भट्टी की तरह तप रहा है। पिछले कुछ दिनों की मामूली राहत के बाद अब तापमान के ग्राफ में आए उछाल ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है। प्रशासन ने हीटवेव की चेतावनी जारी की है, हालांकि शनिवार से सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ झुलसाती गर्मी से मामूली राहत की उम्मीद जगा रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने राहत की खबर देते हुए बताया कि 2 और 3 मई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से जिले के कई हिस्सों में तेज धूलभरी आंधी चलने के साथ लू के थपेड़ों के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इस बदलाव से पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे चिलचिलाती धूप से परेशान आमजन को कुछ सुकून मिलेगा। आज 45 डिग्री के पार जा सकता है पारा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को गर्मी का सितम और अधिक बढ़ने की आशंका है। गुरुवार को जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री दर्ज किया गया था, वहीं आज पारा 45 डिग्री की सीमा को लांघ सकता है। विभाग ने जैसलमेर के लिए हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है। कल से बदलेगा मिजाज: आंधी और बूंदाबांदी के आसार मौसम विशेषज्ञों ने राहत की खबर देते हुए बताया कि 2 और 3 मई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से शनिवार से मौसम के मिजाज में बदलाव आएगा। जिले के कई हिस्सों में तेज धूलभरी आंधी चलने के साथ लू के थपेड़ों के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इस बदलाव से पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे चिलचिलाती धूप से परेशान आमजन को कुछ सुकून मिलेगा।
जालौन के कोटरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में ग्राम कुरकुरु के 31 वर्षीय ग्राम प्रधान प्रवीण कुशवाहा उर्फ ओपी की मौत हो गई। यह घटना उनके छोटे भाई की शादी के दिन हुई। जिससे परिवार में खुशियां मातम में बदल गईं। जानकारी के अनुसार, प्रवीण कुशवाहा के छोटे भाई सत्यम कुशवाहा की शादी एट कस्बे के अवध पैलेस गेस्ट हाउस में थी। गुरुवार रात बारात पहुंची थी और देर रात तक वैवाहिक रस्में पूरी हो चुकी थीं। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे प्रवीण कुशवाहा को उनकी मां माया देवी ने गांव स्थित घर के सबमर्सिबल खराब होने की जानकारी दी। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई इसके बाद वे कार से गांव के लिए निकले। रास्ते में उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक नीम के पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और प्रवीण कुशवाहा को कार से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें तत्काल परिजनों को सूचित कर एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज झांसी भेजा गया। हालांकि, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। ग्राम प्रधान की मौत की खबर शादी समारोह तक पहुंचते ही वहां शोक छा गया। कुछ देर पहले जहां खुशियां थीं, वहीं अचानक मातम पसर गया। मृतक की पत्नी उर्मिला और पिता शंभू दयाल दुखद स्थिति में हैं। सूचना मिलने पर एट थाना प्रभारी शिवशंकर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना से परिवार और क्षेत्र में दुख का माहौल है।
ऑटो ड्राइवर से मारपीट कर लूट का खुलासा:पंजाब के चार आरोपी गिरफ्तार, नकदी-मोबाइल और ऑटो लूटा था
हनुमानगढ़ के संगरिया थाना क्षेत्र में ऑटो ड्राइवर से मारपीट कर लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने ड्राइवर को बंधक बनाकर उससे नकदी, मोबाइल और ऑटो लूटा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरदास सिंह (28), विजय (26) निवासी संगराणा, मुक्तसर, सन्नी (28) निवासी मुक्तसर और मनप्रीत सिंह (19) निवासी चौंतरा, मुक्तसर के तौर पर हुई है। इन सभी को केंद्रीय कारागृह बीकानेर से प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार किया गया है। मामले की रिपोर्ट 16 अप्रैल को सुरेशिया निवासी पृथ्वीराम ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 15 अप्रैल की रात को वह हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर सवारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान चार युवक उनके पास आए और धौलीपाल जाने के लिए ऑटो किराए पर लिया। रास्ते में आरोपियों ने उन्हें सिंहपुरा की ओर चलने को कहा। परिवादी के अनुसार, इंद्रपुरा रोही नहर के पास पहुंचने पर आरोपियों ने ऑटो रुकवाया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उन्हें नहर किनारे ले जाकर एक पेड़ से बांध दिया। आरोपियों ने उनकी जेब से 1500 रुपए नकद और मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ऑटो लेकर फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए संगरिया थाना प्रभारी अमर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, मानव खुफिया सूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच करते हुए आरोपियों का सुराग लगाया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है। इस कार्रवाई में एसआई केशव शर्मा, एएसआई देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल संजय कुमार और मनदीप सिंह शामिल रहे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर लूट की अन्य वारदातों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
शादी में दूल्हे को कार से दुल्हन को लाते आपने अक्सर देखा होगा, लेकिन खरखौदा में एक शादी ऐसी हुई जिसने पूरे इलाके का ध्यान खींच लिया। यहां किसान अनिल त्यागी के बेटे केशव त्यागी अपनी बारात हेलिकॉप्टर से लेकर हापुड़ के सिखेड़ा पहुंचे और अब अपनी दुल्हन को भी उसी ‘उड़नखटटोले’ से विदा कराकर घर लाए। 30 अप्रैल को केशव त्यागी हेलिकॉप्टर में सवार होकर सत्यवीर त्यागी स्टेडियम, खरखौदा से बारात लेकर सिखेड़ा (हापुड़) के लिए रवाना हुए थे। रात में विधि-विधान से उनका विवाह मानसी त्यागी, पुत्री उदित त्यागी, के साथ संपन्न हुआ। शुक्रवार सुबह 1 मई को दुल्हन की विदाई भी खास अंदाज में हुई। दुल्हन कार या डोली की जगह हेलिकॉप्टर से ससुराल पहुंची। हेलिकॉप्टर जैसे ही खरखौदा में उतरा, उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। केशव अपने परिवार में सबसे लाड़ले हैं। उनके चाचा हरीश त्यागी ने यह अनोखा तोहफा दिया। उन्होंने ही सुझाव दिया कि दुल्हन को कार से नहीं, हेलिकॉप्टर से लाया जाए। परिवार ने इस प्रस्ताव को तुरंत मान लिया, जिसके बाद हेलिकॉप्टर की बुकिंग और प्रशासनिक अनुमति ली गई। हेलिकॉप्टर से बारात और विदाई की खबर पूरे खरखौदा कस्बे ही नहीं, आसपास के गांवों में चर्चा का विषय बनी हुई है।जहां दुल्हन की एंट्री ने सभी को हैरान भी किया और उत्साहित भी।
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में 22 साल के युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। युवक एक स्कूल में चपरासी का काम करता था। शुक्रवार को बहन की चौथी लेने जाना था। इसके पहले घर में फंदे से लटका मिला। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। नेपियर रोड मुफ्तीगंज ठाकुरगंज निवासी आयुष कश्यप (22) पुत्र जुगल किशोर कश्यप गिरधारा सिंह इंटर कॉलेज में चपरासी की नौकरी करता था। पिता को दिखाई न देने वजह से उनकी जगह काम कर रहा था। जीजा आकाश कश्यप ने बताया गुरुवार शाम सबके साथ बैठे बातचीत की। इसके बाद कमरे में चला गया। रात करीब 2 बजे उसने फांसी लगा ली। छोटी बहन किसी काम से कमरे में पहुंची तो रस्सी के सहारे एंगल से लटकता मिला। जिसे देखकर बहन की चीख निकल गई। आनन फानन में उसे उतारकर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। 2 दिन पहले हुई थी बहन की शादीजीजा आकाश ने बताया 28 अप्रैल को बहन नैंसी की शादी किया था। शुक्रवार को सुबह के समय उसकी चौथी लेने जाना था। जिसकी तैयारी घर में चल रही थी। घर में काफी हंसी का माहौल था। आयुष भी काफी खुश था। अचानक से हुई घटना से पूरे घर में कोहराम मच गया। फांसी लगाने की वजह का पता नहीं चल पाया है। आयुष तीन बहनों में इकलौता भाई था। मामले में इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ओमवीर सिंह का कहना है शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। शिकायत के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
बड़वानी। किसानों की समस्याओं और चुनाव पूर्व किए गए वादों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत, 7 मई को प्रदेश के 7 प्रमुख स्थानों पर नेशनल हाईवे जाम किया जाएगा। इस आंदोलन की शुरुआत बड़वानी जिले से होगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नानेश चौधरी ने शुक्रवार को मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। रणनीति के अनुसार, मुरैना, ग्वालियर, शाजापुर, इंदौर, खलघाट और बड़वानी के सेंधवा सहित नेशनल हाईवे से जुड़े प्रमुख स्थानों पर चक्काजाम किया जाएगा। किसानों की लगातार मिल रही समस्याओं को देखते हुए कार्यक्रम संचालन के लिए वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बैठक में पूर्व गृहमंत्री और राजपुर विधायक बाला बच्चन भी शामिल हुए थे, जिन्होंने आंदोलन की रूपरेखा पर विचार साझा किए। नेशनल हाईवे से सटे जिलों के विधायक, विधानसभा प्रत्याशी और लोकसभा प्रत्याशियों को इस आंदोलन को सफल बनाने की कमान सौंपी गई है। नानेश चौधरी ने बताया कि आंदोलन की तैयारियों के लिए विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। जिला प्रभारी और एआईसीसी प्रभारी गांव-गांव जाकर व्यापक जनसंपर्क करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को चुनाव पूर्व किए गए वादों की याद दिलाने के लिए जनता के साथ खड़ा रहना आवश्यक है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष नानेश चौधरी ने मध्य प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकारों पर किसानों के साथ नाइंसाफी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश से हैं, फिर भी राज्य के किसानों के साथ सबसे अधिक अन्याय हो रहा है। चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ हो रही नाइंसाफी को तुरंत नहीं रोका गया, तो कांग्रेस 7 मई को आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे को जाम करने में किसानों के साथ मैदान में उतरेगी। सरकार ने नहीं निभाया वादा जिला अध्यक्ष ने कहा राज्य सरकार सिर्फ विज्ञापनों के जरिए किसान कल्याण वर्ष (2026) मना रही है, जबकि असलियत यह है कि किसान भारी कर्ज में डूबे हुए हैं और अपनी उपज का सही दाम पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ''मोहन यादव सरकार ने गेहूं के लिए 2,700 रुपए प्रति क्विंटल MSP का वादा किया था। लेकिन किसानों को 1,800 रुपए से 2,200 रुपए प्रति क्विंटल तक का रेट मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दावा करते हैं कि उन्होंने अपने लंबे शासन के दौरान मध्य प्रदेश में किसानों की इनकम आठ गुना बढ़ाई है, लेकिन उनके होम डिस्ट्रिक्ट सीहोर में किसानों की बुरी हालत ने इन दावों की पोल खोल दी है।''
बेटे ने जमीन विवाद में पिता की हत्या की:चापड़ से गर्दन पर किया वार, जमीन बेचने का कर रहा था विरोध
उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र के एक गांव में गुरुवार रात पारिवारिक विवाद के चलते एक बेटे ने अपने पिता की चापड़ से काटकर हत्या कर दी। यह घटना जमीन बेचने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। मृतक की पहचान बगहा मुस्तफाबाद निवासी 53 वर्षीय गंगाप्रसाद के रूप में हुई है। उनके चार बेटों में से दूसरे नंबर का बेटा धर्मेंद्र कुमार (35) आरोपी है। जानकारी के अनुसार, गंगाप्रसाद अपनी जमीन बेचना चाहते थे, जिसका धर्मेंद्र विरोध कर रहा था। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। चापड़ से वार कर हत्या कीग्रामीणों के मुताबिक, गुरुवार देर रात दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद धर्मेंद्र ने चापड़ से गंगाप्रसाद पर हमला कर दिया। हमले में गंगाप्रसाद की गर्दन पर गंभीर चोट आई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन हुआघटना की सूचना मिलते ही सोहरामऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी बेटे धर्मेंद्र की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर तलाश शुरू कर दी गई है। सोहरामऊ इंस्पेक्टर अरविंद पांडेय ने बताया कि यह मामला जमीन विवाद से संबंधित प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजिट के बाद लागू किए गए ऐप-आधारित नई प्रणाली का लागू होते ही काशीवासियों ने विरोध शुरू कर दिया है। आम जनता के साथ राजनीतिक दल भी इस व्यवस्था के विरोध में उतर आए हैं। इसके लिए सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन की रणनीति भी तैयार होने लगी है। कांग्रेस ने मंदिर सीईओ विश्वभूषण और एसडीएम शंभूशरण पर मंदिर को प्रयोगशाला बनाने का आरोप लगाया है, वहीं सपा ने धर्म और अस्था से खिलवाड़ करने और श्रद्धालुओं को बंधन में बांधने का आरोप लगाया है। अफसरों पर मनमानी करते हुए भक्तों की भावनाएं आहत करने की बात भी कही है। शुक्रवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में लागू की जा रही ऐप आधारित व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने इसे आस्था पर प्रहार बताते हुए कहा कि बाबा विश्वनाथ के दरबार को व्यापार का केंद्र बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसे काशी की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। बताया कि विश्व की प्राचीनतम जीवंत नगरी काशी की आस्था को प्रशासनिक आदेशों और डिजिटल बाधाओं में कैद करने की कोशिश की जा रही है। मंदिर मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं एसडीएम ने मंदिर को प्रयोगशाला बना दिया है और सनातन सभ्यता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आमजनता को काशीपुराधिपति से दूर करने की कोशिश है। यह फैसला बताता है कि प्रशासन को न काशी की परंपरा की समझ है और न ही भक्तों की भावनाओं का सम्मान।लगातार मंदिर परिसर और धाम क्षेत्र में बाजारीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। हर व्यवस्था को कमाई, नियंत्रण और दिखावे का साधन बनाया जा रहा है। धाम को कॉरपोरेट मॉडल बनाने का आरोप कांग्रेस ने कहा कि बाबा के धाम में दर्शन व्यवस्था कभी मोबाइल ऐप, पासवर्ड और तकनीकी जाल पर आधारित नहीं रही है। सदियों से श्रद्धा, विश्वास, परंपरा और सरलता ही प्रवेश का माध्यम रही है। लेकिन वर्तमान प्रशासन ने बाबा के दरबार को कॉरपोरेट मॉडल पर चलाने का प्रयास शुरू कर दिया है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी और एसडीएम अपनी सीमाएं भूल चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा छोड़कर अधिकारी स्वयं को बाबा के दरबार का मालिक समझ बैठे हैं। ऐप आधारित व्यवस्था सीधे-सीधे आम जनमानस,गरीबों, किसानों, मजदूरों, बुजुर्गों, महिलाओं, ग्रामीण श्रद्धालुओं और तकनीकी संसाधनों से दूर लोगों के खिलाफ षड्यंत्र है। श्रद्धालु घंटों लाइन में खड़े रहें, स्थानीय लोग परेशान हों, बुजुर्ग भटकते रहें, इससे प्रशासन को कोई सरोकार नहीं है। उन्हें केवल वीआईपी संस्कृति, चमक-दमक और धन उगाही की चिंता है।काशी के मूल निवासियों को बाबा से दूर करने की साजिश लंबे समय से चल रही है। अधिकारियों को हटाने की मांग, आंदोलन की चेतावनी जिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और जनविरोधी कार्यशैली के आरोप हैं, उन्हें तत्काल जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए।साथ ही काशीवासियों के लिए निर्धारित दर्शन द्वारों की समय सीमा तत्काल बढ़ाई जाए, स्थानीय नागरिकों के लिए सहज प्रवेश सुनिश्चित किया जाए और सरल दर्शन व्यवस्था बहाल की जाए। तुगलकी आदेश तत्काल वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस पार्टी, काशीवासी, संत समाज और बाबा के भक्त व्यापक जनआंदोलन करने को बाध्य होंगे। सड़कों से लेकर मंदिर मार्ग तक लोकतांत्रिक तरीके से विरोध होगा और इस जनविरोधी व्यवस्था को वापस लेने तक संघर्ष जारी रहेगा। काशी की पहचान उसकी आध्यात्मिक गरिमा, सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपरा, घंटों की ध्वनि, गंगा की आरती और बाबा विश्वनाथ की कृपा से है। इसे मोबाइल ऐप, प्रशासनिक अहंकार और बाजारी मानसिकता से नहीं चलाया जा सकता। जो लोग काशी की आत्मा को नहीं समझते, वे यहां की व्यवस्था भी नहीं समझ सकते। कांग्रेस पार्टी काशी की आस्था, संस्कृति, प्राचीनता और जनाधिकारों की रक्षा के लिए हर संघर्ष करेगी।
चित्तौड़गढ़ जिले में अवैध पेट्रोलियम पदार्थों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस और जिला रसद विभाग की संयुक्त टीम ने सदर थाना क्षेत्र में उदयपुर मार्ग पर स्थित भण्डारिया के पास दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पूरी योजना के साथ की गई, जिसमें दोनों विभागों ने मिलकर लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार को पकड़ने के लिए रणनीति बनाई थी। जब टीम मौके पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए, क्योंकि बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ अवैध रूप से जमा किया गया था। हजारों लीटर पेट्रोलियम और उपकरण जब्त छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से हजारों लीटर पेट्रोलियम पदार्थ बरामद किया। इसके साथ ही तेल निकालने और भरने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए गए, जिनमें पंप, पाइप और बड़े-बड़े ड्रम शामिल हैं। हालांकि अभी तक कानूनी कार्रवाई चल रही है। वही अधिकारियों द्वारा इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन इन उपकरणों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जा रहा था, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कारोबार काफी समय से बिना किसी रुकावट के चल रहा था। मौके पर मौजूद व्यवस्था से यह भी साफ हुआ कि यहां तेल को स्टोर करने और आगे सप्लाई करने की पूरी तैयारी रहती थी। दो आरोपी हिरासत में, जांच जारी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तुरंत दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया। ये दोनों इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने में अहम भूमिका निभा रहे थे। इसके अलावा एक टैंकर चालक की भूमिका भी सामने आई है, जो टैंकरों से तेल निकालकर इन गोदामों तक पहुंचाने का काम करता था। पुलिस अब इन सभी से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध पेट्रोलियम का स्रोत क्या था और इसे किन-किन जगहों पर सप्लाई किया जाता था। टैंकर चालकों की मिलीभगत से चलता था खेल प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि उदयपुर मार्ग पर बने ये गोदाम टैंकरों से तेल चोरी करने का मुख्य केंद्र बन गए थे। टैंकर चालक रास्ते में इन जगहों पर रुकते थे और गोदाम संचालकों के साथ मिलकर पेट्रोल और डीजल की चोरी करते थे। इसके बाद चोरी किया गया तेल कम कीमत पर गोदाम में बेच दिया जाता था, जिसे बाद में आगे सप्लाई किया जाता था। इस तरह यह पूरा नेटवर्क चोरी, भंडारण और सप्लाई की एक कड़ी के रूप में काम कर रहा था।
पार्लर में फंदे से लटकता मिला संचालिका का शव:संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत, पुलिस से जांच की मांग
संतकबीर नगर के खलीलाबाद स्थित मुस्तफा मार्केट में एक ब्यूटी पार्लर संचालिका का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। मृतका की पहचान 23 वर्षीय रानी साहिबा के रूप में हुई है, जो 'एंजल ब्यूटी पार्लर' का संचालन करती थीं। परिजनों ने बताया कि रानी साहिबा प्रतिदिन की तरह सुबह करीब 10 बजे बरदहिया बाजार स्थित मुस्तफा मार्केट में अपना पार्लर खोलने गई थीं। देर रात जब परिजनों ने उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो कॉल रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद परिजन पार्लर पहुंचे, जहां दरवाजा अंदर से बंद मिला। फंदे से लटका मिला शव दरवाजा तोड़ने के बाद परिजन अंदर दाखिल हुए। उन्हें तीसरी मंजिल की सीढ़ियों के पास रानी साहिबा का शव फंदे से लटका मिला। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल खलीलाबाद ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिजनों में शोक व्याप्त है। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बताया है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
रतिया क्षेत्र के गांव नंगल में दुकान के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद उस समय मातम में बदल गया, जब एक 46 वर्षीय दुकानदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान सतपाल सिंह के रूप में हुई है, जो गांव में ही किराने की दुकान चलाता था। परिजनों का आरोप है कि दूसरे पक्ष द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और धक्का-मुक्की किए जाने के कारण सतपाल की तबीयत बिगड़ी, जो अंततः जानलेवा साबित हुई। मृतक के भाई सुखदेव ने बताया कि सतपाल ने करीब 15 साल पहले 45 हजार रुपये में दुकान के लिए खाली जगह खरीदी थी। इसी जमीन को लेकर गांव के ही ओमप्रकाश के साथ कोर्ट में लंबे समय से मामला चल रहा था। सुखदेव का आरोप है कि हाल ही में ओमप्रकाश ने दावा किया कि कोर्ट का फैसला उसके पक्ष में आया है, लेकिन जब सतपाल ने कानूनी दस्तावेज मांगे, तो वह टालमटोल करने लगा और जबरन दुकान खाली करने का दबाव बनाने लगा। धमकाने और धक्का-मुक्की का आरोप परिजनों के अनुसार, बुधवार देर शाम ओमप्रकाश ने दुकान पर आकर सतपाल के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की की। इस घटना से सतपाल गहरे मानसिक तनाव में आ गए। विवाद यहीं नहीं थमा, गुरुवार सुबह करीब 6 बजे जब सतपाल दुकान की सफाई कर रहे थे, तब आरोपी पक्ष ने दोबारा वहां पहुंचकर उन्हें धमकाया। अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम लगातार मिल रही धमकियों और तनाव के कारण सतपाल की हालत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत रतिया के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत देखते हुए फतेहाबाद और फिर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार का एकमात्र सहारा थे सतपाल सतपाल सिंह अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनकी मृत्यु के बाद उनके तीन अविवाहित बच्चों और पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुखदेव ने बताया कि इस विवाद को सुलझाने के लिए पहले भी कई बार गांव में पंचायतें बुलाई गई थीं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। पुलिस कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत देकर ओमप्रकाश और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
बैतूल शहर का गंज रेलवे अंडरब्रिज निर्धारित समय से दो दिन पहले ही यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। यह अंडरब्रिज 1 मई 2026 को सुबह 8 बजे से सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए शुरू कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि थर्ड लाइन निर्माण कार्य के कारण इस अंडरब्रिज को 3 अप्रैल 2026 से बंद किया गया था। प्रारंभिक योजना के अनुसार, इसे लगभग 45 दिनों तक बंद रखा जाना था। पहले आंशिक रूप से खोला फिर सभी के लिए ओपननिर्माण कार्य पूरा होने के बाद, इसे 21 अप्रैल से आंशिक रूप से दोपहिया और हल्के वाहनों के लिए खोला गया था। अब शेष कार्य भी पूर्ण हो गए हैं, जिसके बाद इसे सभी वाहनों के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है। पहले इसके पूर्ण संचालन का लक्ष्य 3 मई निर्धारित किया गया था। अंडरब्रिज बंद रहने के दौरान रामनगर, गर्ग कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ रहा था। इससे यातायात का दबाव बढ़ गया था और आवागमन में अधिक समय लग रहा था। अब इसके पूरी तरह चालू होने से इन क्षेत्रों में यातायात सामान्य होने की उम्मीद है। रेलवे द्वारा अंडरब्रिज में थर्ड लाइन के तहत विस्तार और संरचनात्मक कार्य किए गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद, अब आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और व्यवस्थित होने की संभावना है।
बिना हेलमेट पहने 21 लोग पकड़े:विदिशा में 27 बाइक चालकों के चालान बनाए; हेलमेट चेकिंग अभियान
विदिशा में यातायात पुलिस ने गुरुवार शाम सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। सड़क सुरक्षा विशेष पखवाड़े के तहत चलाए गए इस अभियान में 27 दोपहिया वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई की गई, जिनमें से 21 बिना हेलमेट के पाए गए। यह अभियान विवेकानंद चौराहा से यातायात थाना मार्ग के बीच चलाया गया। कार्रवाई के दौरान 21 चालक बिना हेलमेट के वाहन चलाते पकड़े गए। इसके अतिरिक्त, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों और बिना नंबर प्लेट वाले दोपहिया वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। चेकिंग से बचने के लिए कई वाहन चालकों ने अपना रास्ता बदल लिया। पकड़े गए चालकों ने भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया। यातायात पुलिस की सूबेदार मेघा शर्मा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 26 अप्रैल से 10 मई तक पूरे प्रदेश में विशेष हेलमेट चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन कर अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
फतेहपुर में भाजपा नेता पर केस दर्ज:रेप के मुख्य आरोपी की मदद करने का है आरोप, 10 हजार रुपए दिए थे
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक युवती से दरिंदगी के मामले में नया मोड़ आया है। इस घटना के मुख्य फरार आरोपी बबलू सिंगरौर की मदद करने के आरोप में भाजपा नेता जुगेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना 25 अप्रैल को खागा कोतवाली क्षेत्र के जंगल में हुई थी। आरोपियों ने मंगेतर के सामने युवती को रोका, उसके साथ मारपीट की और फिर कथित तौर पर दरिंदगी की। इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी बबलू सिंगरौर घटना के बाद से फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। खागा कोतवाली में तैनात दरोगा जय प्रकाश सिंह की तहरीर पर भाजपा नेता जुगेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि जुगेश सिंह ने फरार आरोपी बबलू सिंगरौर को भागने में मदद करने के इरादे से ऑनलाइन माध्यम से 10 हजार रुपये उपलब्ध कराए। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और जुगेश सिंह की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद से विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिलने लगातार आ रहे हैं।
दुर्ग में खारुन नदी में गुरुवार शाम युवक की डूबने से मौत हो गई। रायपुर से अपने दोस्तों के साथ घूमने आया युवक नदी में नहाते समय गहरे पानी में चला गया था। घटना के बाद दोस्तों ने स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को सूचना दी। घटना अम्लेश्वर थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान मोहम्मद मोहिउद्दीन (19) निवासी मौदहापारा, रायपुर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मोहिउद्दीन अपने चार दोस्तों के साथ अम्लेश्वर घूमने आया था। शाम को सभी खारुन नदी में नहाने उतरे, तभी मोहिउद्दीन गहराई में चला गया और डूब गया। दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। घटना की सूचना मिलते ही अम्लेश्वर पुलिस मौके पर पहुंची। दुर्ग कंट्रोल रूम के माध्यम से एसडीआरएफ टीम को अलर्ट किया गया। एसडीआरएफ की टीम गुरुवार रात करीब 9 बजे घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन अंधेरा अधिक होने और नदी की जोखिमपूर्ण स्थिति के कारण रात में सर्चिंग अभियान शुरू नहीं किया जा सका। घटनास्थल से 30 मीटर दूर मिली लाश शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे एसडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। डीप डाइविंग एक्सपर्ट ओंकार और भानुप्रताप ने नदी में सर्चिंग की। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब 7 बजे युवक का शव घटनास्थल से लगभग 30 मीटर दूर पानी में मिला। एसडीआरएफ टीम ने शव को बाहर निकालकर अम्लेश्वर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी। एसडीआरएफ एनडीआरएफ कमांडेंट नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को तत्काल रवाना किया गया था। रात में परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण सर्चिंग रोकनी पड़ी, लेकिन सुबह व्यवस्थित तरीके से अभियान चलाकर शव बरामद कर लिया गया।
झालावाड़ के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्वास्थ्य जागरूकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जहां 600 बालिकाओं ने एक साथ ‘एचपीवी मुक्त झालावाड़’ बनाने का संकल्प लिया। पूरे विद्यालय परिसर में ‘सुरक्षित बेटी – स्वस्थ भविष्य’ के नारों की गूंज रही। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने एचपीवी टीकाकरण को बेटियों की सुरक्षा का मजबूत कवच बताते हुए अफवाहों से दूर रहने का संदेश दिया। स्वास्थ्य जागरूकता का बड़ा अभियान यह कार्यक्रम सीएमएचओ डॉ. साजिद खान के मार्गदर्शन तथा जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार नागर के निर्देशन में आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर और उससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना था। ‘एचपीवी टीका ही सबसे बड़ी सुरक्षा’ कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला नोडल अधिकारी एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभम गिरिराज पाटीदार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि एचपीवी टीके को लेकर समाज में कई तरह की अफवाहें फैलाई जाती हैं, लेकिन यह टीका पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। उन्होंने कहा कि यह टीका सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का एक सशक्त माध्यम है और हर बेटी के स्वस्थ भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। प्रिंसिपल ने बढ़ाया छात्राओं का हौसला विद्यालय की प्रिंसिपल वीणा रानी चौहान ने इस पहल को छात्राओं में स्वास्थ्य चेतना बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि बेटियों को जागरूक बनाना ही समाज को स्वस्थ बनाने का रास्ता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी भ्रम या अफवाह में न आएं और टीकाकरण को अपनाएं। 600 छात्राओं ने ली सुरक्षा प्रतिज्ञा कैंसर जागरूकता कार्यशाला के बाद डॉ. शुभम गिरिराज पाटीदार ने विद्यालय की 600 बालिकाओं को एक साथ एचपीवी सुरक्षा प्रतिज्ञा दिलाई। इस दौरान छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे खुद जागरूक रहेंगी और दूसरों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करेंगी। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बालिकाओं द्वारा लिया गया यह संकल्प पूरे आयोजन को जन-आंदोलन का रूप देता नजर आया। खुलकर पूछे सवाल, बढ़ा आत्मविश्वास कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने खुलकर अपने सवाल पूछे और टीकाकरण से जुड़ी जिज्ञासाओं का समाधान लिया। कई छात्राओं ने आत्मविश्वास के साथ आगे आकर टीका लगवाने की इच्छा जताई। जिन्होंने टीका लगवाया, उन्होंने साझा किए अनुभव जिन छात्राओं ने पहले ही एचपीवी टीका लगवा लिया था, उन्होंने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि टीका लगवाने के बाद उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। इससे अन्य छात्राओं का विश्वास और मजबूत हुआ तथा वे भी टीकाकरण के लिए प्रेरित नजर आईं। स्वस्थ भविष्य की ओर मजबूत कदम झालावाड़ में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। 600 बालिकाओं के इस संकल्प ने जिले में स्वास्थ्य जागरूकता की नई मिसाल पेश की है।
गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा ने शहर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने ओल्ड रेलवे रोड, न्यू रेलवे रोड और अतुल कटारिया चौक सहित कई प्रमुख चौक एवं मार्गों का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ एसई फैजल, एक्सईएन अमित गोदारा और जेई समेत संबंधित अधिकारी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान विधायक मुकेश शर्मा ने सड़क व्यवस्था, फुटपाथ निर्माण, ग्रीन बेल्ट विकास और सौंदर्यकरण की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को गुरुग्राम के प्रमुख मार्गों और चौक के नवीनीकरण, सौंदर्यकरण तथा विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। आधारभूत संरचना को मजबूत बनाना प्राथमिकता : मुकेश शर्मा विधायक ने कहा कि गुरुग्राम देश के प्रमुख विकसित शहरों में से एक है, इसलिए यहां की आधारभूत संरचना को मजबूत और आकर्षक बनाना प्राथमिकता है। उनका उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विशेष रूप से ओल्ड रेलवे रोड, न्यू रेलवे रोड और अतुल कटारिया चौक जैसे व्यस्त क्षेत्रों में सड़क सुधार, सुगम यातायात, स्वच्छता, हरित क्षेत्र विस्तार और सार्वजनिक सुविधाओं के उन्नयन पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। विधायक बोले- गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं विधायक शर्मा ने अधिकारियों को विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि शहर का सौंदर्यकरण नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर जीवनशैली से जुड़ा है। गुरुग्राम में जारी ये विकास कार्य शहर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं। सड़कों, फुटपाथों, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक सुविधाओं में हो रहे सुधार गुरुग्राम को एक अधिक विकसित, सुंदर और व्यवस्थित शहर के रूप में स्थापित करेंगे।
फरीदाबाद नगर निगम ने शहर में ग्रीन बेल्ट पर हो रहे अवैध कब्जों के खिलाफ निगम की कार्रवाही लगातार जारी है। इसी कड़ी में एनआईटी-3 क्षेत्र में निगम की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से ग्रीन बेल्ट पर किए गए अतिक्रमणों को हटाया। कार्रवाई के दौरान दुकानों और कंपनियों के बाहर बनाए गए अवैध रैंप तोड़े गए, साथ ही जाल लगाकर कब्जा की गई जमीन को भी मुक्त कराया गया। ग्रीन बेल्ट होगी पूरी तरह से कब्जा मुक्त नगर निगम कमिश्नर धीरेन्द्र खड़गटा ने बताया कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों के तहत की जा रही है। उन्होंने कहा कि शहर में जहां-जहां ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध कब्जे किए गए हैं, वहां लगातार अभियान चलाकर उन्हें हटाया जाएगा। जिन लोगों ने ग्रीन बेल्ट पर अवैध गेट या अन्य निर्माण कर रखे हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। नियम से बने मकानों पर कोई कार्रवाही नहीं कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जिन नागरिकों ने स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्माण किया है, उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह अभियान केवल अवैध कब्जों के खिलाफ है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि फरीदाबाद की सुंदरता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण न करें और नगर निगम के इस अभियान में सहयोग करें। निगम का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
सरगुजा जिले के रजपुरीकला में कई माह से राशन नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने देर रात 11 बजे जमकर हंगामा कर दिया। करीब 100 से अधिक ग्रामीणों ने सोसायटी के संचालक को बंधक बना लिया। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और संचालक को छुड़ाया। मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रजपुरीकला के ग्रामीणों को कई माह से पूरा राशन नहीं मिला है। तीन दिनों से ग्रामीण तड़के चार बजे से राशन लेने के लिए लाइन लगा रहे थे, लेकिन उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा था। माह के अंतिम दिन सुबह से लाइन लगाने वाले ग्रामीण देर रात तक राशन नहीं मिलने पर भड़क गए और सोसायटी संचालक हरिंद्र प्रसाद राजवाड़े को बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने कहा-कई माह से नहीं मिल रहा राशन हंगामें और सोसयटी संचालक को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने पर लखनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश देकर शांत कराया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें कई माह से पूरा राशन नहीं मिला है। पूरा अप्रैल माह बीत गया, लेकिन अप्रैल माह का राशन नहीं मिल सका। ग्राम के धनीराम प्रजापति ने बताया दुकान खोलने का समय निर्धारित नहीं है। ग्रामीणों को तीन माह से राशन नहीं मिल सका। ग्रामीणों को दुकान संचालक की लापरवाही के कारण राशन नहीं मिल पा रहा है। राशन दुकान संचालक 20 तारीख से दुकान खोलते हैं। हितग्राही विमला ने बताया कि तीन माह से उन्हें राशन नहीं मिला है। राशन खोलने का समय निर्धारित नहीं है। तीन माह से राशन नहीं मिला है, जबकि वे दो दिनों से सुबह 4 बजे से लाइन लगा रहे हैं। हितग्राही भुनेश्वरी ने बताया कि तीन दिनों से सुबह 4 बजे से लाइन लगा रहे हैं। हमें चावल नहीं मिल रहा है। दो माह का चावल नहीं मिला है। राशन दुकान संचालक की लापरवाही से चावल नहीं मिल सका है। समय पर दुकान नहीं खोला जाता, जिसके कारण उन्हें राशन नहीं मिल रहा है। नियमों की अनदेखी कर चला रहे दुकान राशन दुकान पूरे माह खोलने का नियम है। दुकान संचालक हरविंद्र प्रताप राजवाड़े दो जगह दुकान चलते हैं। उनका दावा है कि वे माह में 15 दिन दुकान खोलते हैं। आबंटन में दिक्कत के कारण राशन नहीं मिल पा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि राशन दुकान संचालक झूठ बोल रहा है। वह एक सप्ताह या 9 दिन से ज्यादा दुकान नहीं खोलता। लंबे समय से राशन दुकान संचालक की मनमानी झेल रहे ग्रामीणों में राशन नहीं मिलने से आक्रोश है। ग्रामीण इसकी शिकायत खाद्य विभाग से भी करेंगे। फिलहाल खाद्य अधिकारी का अधिकृत बयान नहीं मिल सका है।
अमरोहा में ऑटो और डंपर की आमने-सामने की टक्कर में चालक समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा अमरोहा-अतरासी मार्ग पर गांव सूदनपुर के पास हुआ। मृतक ऑटो से मेरठ मंडी से अंगूर उतारकर अमरोहा लौट रहे थे। अमरोहा नगर कोतवाली इलाके के मोहल्ला काला कुआं निवासी 38 वर्षीय नीरज पुत्र लल्लू सिंह और फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय पिंटू मेरठ मंडी अंगूर लेकर गए थे। अंगूर मंडी में उतारने के बाद दोनों ऑटो से अमरोहा वापस आ रहे थे। शुक्रवार तड़के अमरोहा से करीब आठ किलोमीटर पहले गांव सूदनपुर के पास सामने से आ रहे एक डंपर ने उनके ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई और शवों को ऑटो काटकर, तोड़कर बाहर निकाला गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है।
एटा में मामूली विवाद पर दो पक्षों में संघर्ष:6 लोग घायल, पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया
एटा जिले के बागवाला थाना क्षेत्र के नगला लोचन गांव में मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। इस घटना में लाठी-डंडे चले, जिसमें आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घायल अवस्था में दोनों पक्ष बागवाला थाने पहुंचे। पुलिस ने तत्काल घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया और मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। घायलों में एक पक्ष से आकाश (35) पुत्र दूरबीन सिंह और रहीश पाल (45) पुत्र रामनरेश शामिल हैं। दूसरे पक्ष से प्रवीण (30) पुत्र रतन सिंह, प्रवीण की पत्नी राजमल (28), जसवीर (35) पुत्र जमुना प्रसाद और रामनिवास घायल हुए हैं। एक पक्ष के संजेश ने बताया कि उनकी बहन की बारात आ रही थी, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर मारपीट की। संजेश के अनुसार, उनके पक्ष के चार लोग घायल हुए हैं। वहीं, दूसरे पक्ष के घायल रामनिवास ने जानकारी दी कि वे लोग अपनी दुकान बंद करके घर जा रहे थे, तभी इन लोगों ने उन्हें घेर कर पीटा। रामनिवास के मुताबिक, उनके पक्ष के दो लोग घायल हुए हैं। मामले पर बागवाला थाना प्रभारी ओ.पी. सिंह ने बताया कि दोनों पक्ष एक ही परिवार के हैं। उनके बीच किसी मामूली बात को लेकर विवाद हुआ और मारपीट हुई। उन्होंने यह भी बताया कि घायलों का मेडिकल परीक्षण करवा लिया गया है, लेकिन अभी तक कोई लिखित शिकायती पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पुलिस द्वारा मामले में कठोर कार्यवाही की जाएगी।
अंबाला के नारायणगढ़ थाना में लखनऊ निवासी कथित धर्मगुरु श्री 1008 महामंडलेश्वर योगी आनंद गिरी महाराज और उसके सहयोगी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। दोनों पर आरोप है विधवा महिला से उसके बेटे को केंद्र सरकार में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर 10 लाख 50 हजार रुपए और सोने के जेवरात हड़प लिए। एक जाली नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। साथ ही महिला को मानवाधिकार संस्था का अध्यक्ष पद दिया गया। 'मानवाधिकार संघ' की आड़ में महिला को फंसाया जानकारी अनुसार, काला अम्ब की शिवालिक कॉलोनी निवासी सुनीता रानी (विधवा) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सितंबर 2024 में उनकी बातचीत श्री 1008 महामंडलेश्वर योगी आनंद गिरी महाराज (निवासी लखनऊ) से हुई। आनंद गिरी ने खुद को 'मानवाधिकार सुरक्षा संघ' का संस्थापक बताया। उसने हरियाणा में अपना संगठन बढ़ाने की बात कहकर सुनीता रानी को संघ की महिला विंग का अध्यक्ष बना दिया, ताकि उनका विश्वास जीता जा सके। एएसओ पद का झांसा देकर वसूले ₹10.50 लाख सुनीता के अनुसार, दिसंबर 2025 में काला अम्ब में आयोजित एक रक्तदान शिविर में आनंद गिरी अपने सहयोगी मनीष मिश्रा के साथ मुख्य अतिथि बनकर आए और उनके घर पर रुके। आनंद गिरी ने सुनीता रानी से कहा कि उनका एक शिष्य दिल्ली में इंडिया गेट के पास बहुत बड़ी पोस्ट पर है। वह उनके छोटे बेटे ऋषभ बंसल को Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions में ASO के पद पर बिना परीक्षा के सीधे लगवा सकता है। इसके बदले में ₹10 लाख का खर्च बताया गया। महिला ने झांसे में आकर उसको 50,000 नगद शगुन के तौर पर तुरंत दे दिए। इसके बाद 5 लाख रुपए अपने एक परिचित धर्मबीर शेरगिल से उधार लेकर 29 दिसंबर 2025 को आनंद गिरी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए। महिला ने बताया कि इसके बाद 5 लाख रुपए और जिसमें ₹2.5 लाख रुपए बड़े बेटे की कंपनी के मालिक से उधार लिए और ढ़ाई लाख पुत्रवधू के खाते से फरवरी 2026 में ट्रांसफर किए। गाजियाबाद के फ्लैट में दिया फर्जी जॉइनिंग लेटर महिला ने बताया कि 16 जनवरी 2026 को आनंद गिरी ने उन्हें और उनके बेटे ऋषभ को गाजियाबाद स्थित अपने फ्लैट पर बुलाया। वहां उन्हें एक बंद लिफाफे में जॉइनिंग लेटर (पत्र क्रमांक- F.No PrCSC/1(20)(a)/JC/Estt./2025-26) दिया गया, जो पूरी तरह से सरकारी लग रहा था। सहयोगी मनीष मिश्रा ने ऋषभ से कुछ खाली फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाए और कहा कि किसी आईएएस/आईपीएस अधिकारी से इसे अटेस्टेड करवाकर 19 जनवरी तक जॉइनिंग करवा दी जाएगी। महिला के गहने तक उतरवा लिए उसने बताया कि 19 जनवरी बीत गई और जॉइनिंग नहीं हुई, तो आरोपियों ने और टालमटोल शुरू कर दी। मार्च में आरोपियों ने उसको दिल्ली बुलाया। वहां आनंद गिरी ने फोन बंद कर दिया। जब महिला गाजियाबाद स्थित फ्लैट पर पहुंची, तो बाबा ने कहा कि अधिकारी 5 लाख रुपए और मांग रहे हैं। महिला ने असमर्थता जताई तो मजबूरी का फायदा उठाकर आनंद गिरी ने उसकी स्वर्गीय माता के दिए हुए गहने 1 सोने की अंगूठी, 1 गले की चेन और 2 कानों की बालियां यह कहकर रख लिए कि कल जॉइनिंग हो जाएगी। नकली आधार कार्ड से खुली पोल, अब मिली धमकी सुनीता के अनुसार, जब उसको शक हुआ और वह दोबारा गाजियाबाद फ्लैट पर पहुंची, तो पता चला कि दोनों आरोपी 16 मार्च से ही फरार हैं। वहां मिले अन्य लोगों से आनंद गिरी का एक नकली आधार कार्ड भी बरामद हुआ। महिला ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी आनंद गिरी ने उन्हें फोन पर धमकाया कि- तुम्हारे पास गिने-चुने लोग हैं, मेरे पास लाखों लोगों का सहारा है, तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इतना ही नहीं, आरोपी ने मानवाधिकार संघ के व्हाट्सएप ग्रुप में महिला के खिलाफ बेहद अभद्र और अश्लील संदेश भी भेजे। पुलिस ने कई धाराओं में दर्ज किया केस महिला की शिकायत को जांच के लिए आर्थिक अपराध शाखा (EOW) अंबाला को भेजी गई। जांच में शिकायत सही पाई गई है। जांच में सामने आया कि आरोपी आनंद गिरी उर्फ आनंद पंडित और मनीष मिश्रा ने सरकारी नौकरी के नाम पर ₹10.50 लाख और गहने ठगे हैं और फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत थाना नारायणगढ़ में मुकदमा नंबर 155 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देवास के खजुरिया जागीर गांव में 55 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शुक्रवार सुबह सामने आई, जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम खजुरिया जागीर निवासी गिरधारी लाल (55 वर्ष) ने अज्ञात कारणों से खुदकुशी की। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उनकी पत्नी ने उन्हें घर की छत पर फंदे से लटका हुआ देखा। उन्होंने तत्काल परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी सूचना दी। परिजन गिरधारी लाल को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उनका पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया। रात को परिवार के साथ सोएमृतक के पुत्र उज्ज्वल चौहान ने बताया कि उनके पिता मटके बनाने का काम करते थे। गुरुवार रात को परिवार के सभी सदस्य भोजन करने के बाद सो गए थे। उज्ज्वल के अनुसार, रात करीब 3 बजे तक सब कुछ सामान्य था और उनके पिता सो रहे थे। उज्ज्वल ने यह भी बताया कि उनके पिता ने छत पर रस्सी बांधकर फांसी लगाई थी। उन्होंने कभी किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। हालांकि, कुछ साल पहले उन्होंने अपनी बहनों के विवाह के लिए कर्ज लिया था, जिसे चुकाना बाकी था, लेकिन वे इसे लेकर कभी चिंतित नहीं दिखे। जिला अस्पताल के डॉक्टर धर्मेंद्र प्रजापति ने बताया कि यह फांसी का मामला है और पोस्टमार्टम कर दिया गया है। घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। मौत की वजह भी पता करने की कोशिश की जा रही है।
धार-गुणावद रेलवे ओवरब्रिज चालू:सांसद सावित्री ठाकुर ने श्रमिकों से फीता कटवाकर ट्रैफिक शुरू कराया
धार में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर धार-गुणावद रेलवे ओवरब्रिज (ब्रिज क्रमांक 217) के तैयार हिस्से पर यातायात शुरू कर दिया गया है। इस ओवरब्रिज का उद्घाटन निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों ने फीता काटकर किया, जो एक अनूठी पहल रही। धार-महू लोकसभा क्षेत्र की सांसद और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने इस कार्यक्रम को श्रमिकों को समर्पित किया। उन्होंने आदिवासी मजदूरों से फीता कटवाकर ट्रैफिक का शुभारंभ करवाया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद ठाकुर ने कहा कि श्रमिक राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव हैं। उनके अथक परिश्रम से ही विकास के बड़े कार्य पूरे होते हैं। उन्होंने बताया कि ओवरब्रिज के शुरू होने से क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और व्यापारिक व सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। सांसद ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया। उन्होंने प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व की भी सराहना की। मंत्री ने इस अवसर पर श्रमिकों को मिठाई खिलाकर उनका सम्मान किया और उनके हाथों श्रीफल अर्पित करवाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रमिकों का सम्मान ही श्रमिक दिवस की असली सार्थकता है। सांसद ने यह भी बताया कि धार क्षेत्र में जल्द रेल सुविधा शुरू कराने के प्रयास जारी हैं। सांसद ने संबंधित अधिकारियों को शेष कार्य तय समयसीमा में पूरा करने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर धार विधायक नीना विक्रम वर्मा, ग्रामीणजन, बड़ी संख्या में श्रमिक और रेलवे विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस ओवरब्रिज के शुरू होने से क्षेत्र में जाम की समस्या कम होने और लोगों को आवाजाही में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
शादी समारोह में पति ने पत्नी को गोली मार दी। इसके बाद पति ने खुद के सीने में गोली मारकर सुसाइड कर लिया। मामला भरतपुर के रूपवास थाना क्षेत्र के सिंघावली गांव का शुक्रवार दोपहर करीब 12:15 बजे का है। आगरा (यूपी) निवासी राघवेंद्र (31) की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी पत्नी राधिका (28) गंभीर घायल हो गई। कमरा बंद कर किया फायर रूपवास थाना अधिकारी विनोद मीणा ने बताया- शुक्रवार को राधिका के चाचा की लड़की के लग्न का कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान राधिका और राघवेंद्र में कहासुनी हो गई। इसके बाद वह राधिका को कमरे में ले गया। कमरा बंद कर राघवेंद्र ने पहले राधिका को गोली मारी। फिर खुद के सीने पर फायर कर दिया। जैसे ही गोली की आवाज आई राधिका के परिजन कमरे की तरफ भागे। परिजन ने कमरे का गेट तोड़ा और दोनों को बाहर निकाला। तब तक राघवेंद्र की मौत हो चुकी थी। राधिका को गंभीर हालत में रूपवास हॉस्पिटल लेकर गए। पुलिस ने कमरे से हथियार को बरामद कर लिया है। पुलिस मौके पर पहुंचकर राधिका के परिजनों से पूछताछ कर रही है। दोनों के बीच क्या विवाद हुआ था, इसके बारे में राधिका के परिजनों को पता नहीं है। एक दिन पहले आई राधिका राधिका के परिजनों ने पुलिस को बताया कि राधिका 30 अप्रैल को ही घर आई थी। जबकि राघवेंद्र दोपहर करीब 12 बजे घर आया था। आते ही उसने राधिका को लग्न के कार्यक्रम से बुलाया और एक कमरे में ले गया। वहां उसने उसे गोली मार दी। राघवेंद्र खेतीबाड़ी करता था। राधिका और राघवेंद्र की शादी 4 साल पहले हुई थी। उनके 3 साल का बेटा है। खबर अपडेट की जा रही है…
बैतूल का कुकरु बनेगा नया पर्यटन हब:कलेक्टर ने रात्रि चौपाल में तैयार किया विकास प्लान
बैतूल जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल कुकरु को नई पहचान दिलाने के लिए प्रशासन ने पहल की है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने भैंसदेही क्षेत्र की कुकरु पंचायत में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कुकरु ब्रांड विकसित कर इसे आर्थिक और पर्यटन हब बनाने का रोडमैप भी प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने बताया कि कुकरु की प्राकृतिक सुंदरता और पारंपरिक संसाधनों का उपयोग कर इसे एक मजबूत स्थानीय ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाएगा। प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत लकड़ी से बने उत्पादों को कुकरु ब्रांड नाम से बाजार में लाने के निर्देश दिए गए। कोदो-कुटकी जैसे मिलेट्स, रबड़ी, मावा और मावा आधारित मिठाइयों को भी ब्रांडिंग के माध्यम से पहचान दिलाने पर जोर दिया गया। चौपाल में आजीविका को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर ने 135 स्व सहायता समूह की महिलाओं को बकरी पालन के लिए ऋण दिलाने के निर्देश दिए। आचार्य विद्यासागर योजना के तहत दुधारू पशुओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा गया। सीसीएल के माध्यम से कम ब्याज दर पर भैंस पालन को बढ़ावा देने की बात कही गई, जिससे कुकरु क्षेत्र डेयरी उत्पादन में भी पहचान बना सके। पेयजल समस्या को पर्यटन विकास में बाधा मानते हुए कलेक्टर ने इसके स्थायी समाधान के लिए परियोजना तैयार करने के निर्देश दिए। भौंडयाखुर्द से सिपना नदी का पानी लाने की योजना पर तेजी से काम करने को कहा गया। बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और आंगनवाड़ी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। सड़क सुरक्षा के लिए तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण हेतु रंबल स्ट्रिप्स लगाने के निर्देश दिए गए। सांस्कृतिक मंच निर्माण, पशुशेड योजना और आटा चक्की मशीन जैसी मांगों पर भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कुकरु को केवल पंचायत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे जिले के प्रमुख हिल स्टेशन और रूरल टूरिज्म मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां स्थानीय उत्पाद, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य मिलकर एक नई पहचान बनाएंगे।
रीवा में आज से डिजिटल जनगणना की शुरुआत:3700 कर्मचारी जुटे, 5000 नागरिकों ने किया स्व-पंजीयन
रीवा जिले में 1 मई से डिजिटल जनगणना अभियान का प्रथम चरण शुरू हो गया है। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में चल रहे इस अभियान का पहला चरण 20 मई तक संचालित होगा। जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रशासन ने 3700 कर्मचारियों की तैनाती की है। डिप्टी कलेक्टर आर.के. सिन्हा ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस माध्यम से की जा रही है। इससे न केवल कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के करीब 5000 नागरिकों ने स्वयं (सेल्फ) जनगणना के तहत अपना पंजीयन कर लिया है। स्व-जनगणना करने वाले प्रत्येक नागरिक को 12 अंकों का यूनिक आईडी नंबर जारी किया गया है। यदि जनगणना कर्मचारी उनके घर पहुंचते हैं, तो नागरिकों को केवल यह आईडी नंबर उपलब्ध कराना होगा। इससे दोबारा जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और डेटा का त्वरित सत्यापन हो सकेगा। प्रशासन के अनुसार यह डिजिटल जनगणना अभियान 1 मार्च 2027 तक चलेगा। निर्धारित तिथि की रात 12 बजे तक सभी आंकड़े सिस्टम में लॉक होकर अपलोड कर दिए जाएंगे, जिसके बाद किसी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा।
एक रात में पुलिस के हत्थे चढ़े आठ वारन्टी:अमेठी में मुकदमा दर्ज, पुलिस विधिक कार्यवाही में जुटी
अमेठी पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत आठ वारंटियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। सभी गिरफ्तार वारंटियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी के निर्देश पर जिले भर में अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बीती रात संग्रामपुर पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाकर एक महिला सहित कुल आठ वारंटियों को पकड़ा। इन सभी वारंटियों के खिलाफ विभिन्न मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार किए गए वारंटियों में भवसिंहपुर (कनू) निवासी जमील (75), मुन्नवर (43) और रसीद (65) शामिल हैं। इनके अतिरिक्त, रामापुर गडेरी निवासी राम प्रकाश (49), डेहरा पूरे शिवपाल निवासी भवानी (65), शुकुलपुर डेहरा थाना निवासी कृष्णदेव शुक्ला (82) और हरदेव शुक्ला (70) को भी पकड़ा गया है। डेहरा गांव की रीता (45) पत्नी छोटेलाल उर्फ सरजू भी गिरफ्तार वारंटियों में शामिल हैं। इस गिरफ्तारी अभियान में थाना प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम शामिल रही।
अलीगढ़ के अतरौली कोतवाली क्षेत्र के आलमपुर कायस्थान निवासी 32 वर्षीय नितिन कुमार का शव मिला। ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह 11 बजे सिखरना गांव के पास काली नदी में उतराता देखा। नितिन 29 अप्रैल की शाम से लापता था। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक और पुलिस टीम ने शव को नदी से बाहर निकलवाया। साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण किया। और लोगों से जांच-पड़ताल शुरू कर दी। परिजनों ने मानसिक तनाव के कारण नितिन द्वारा आत्महत्या करने की आशंका जताई है। वह तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। पहले देखिए 2 तस्वीरें… पत्नी के छोड़ने से तनाव में था भाई नितिन के भाई योगेश कुमार ने बताया कि नितिन की शादी 12 साल पहले वाजिदपुर निवासी शीतल से हुई थी। दो साल पहले पत्नी उसे और दोनों बच्चों को छोड़कर मायके चली गई थी, जिसके बाद से नितिन तनाव में रहने लगा था और नशे का आदी हो गया था। 29 अप्रैल की शाम को नितिन बिना बताए घर से निकल गया था। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। शुक्रवार सुबह 11 बजे खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने सिखरना के पास काली नदी में शव देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नदी से बाहर निकलवाया और उसकी शिनाख्त नितिन कुमार के रूप में की। फॉरेंसिक और पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्रित किए। नितिन अपने पीछे 8 साल और 6 साल के दो बेटे छोड़ गया है। थाना प्रभारी अंकित सिंह ने बताया कि- प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
जनगणना 2027: स्वगणना चरण आज से शुरू:15 मई तक ऑनलाइन भर सकेंगे अपनी जानकारी
डीडवाना में जनगणना 2027 के लिए स्वगणना (Self Enumeration) चरण आज, 1 मई से शुरू हो गया है। नागरिक 15 मई 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने सभी जिलेवासियों से इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि स्वगणना से प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी, साथ ही आंकड़ों की शुद्धता भी सुनिश्चित होगी। अधिकारियों के अनुसार, पोर्टल पर नाम, आयु, शिक्षा, व्यवसाय और परिवार के सदस्यों सहित अन्य आवश्यक विवरण आसानी से दर्ज किए जा सकते हैं। नागरिक मोबाइल या कंप्यूटर का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन कर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वगणना में भाग लेना नागरिकों की जिम्मेदारी है। इससे भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए सटीक डेटा उपलब्ध होगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए समय पर अपनी जानकारी दर्ज करने और दूसरों को भी प्रेरित करने का आग्रह किया है।
बलरामपुर में राप्ती नदी में डूबे दो बच्चे:एक किशोरी का शव डेढ़ किलोमीटर दूर मिला, दूसरे की तलाश जारी
बलरामपुर में राप्ती नदी में डूबने से दो बच्चों में से एक किशोरी की मौत हो गई, जबकि एक बालक अभी भी लापता है। यह घटना बेनीजोत गांव में हुई, जहां 14 साल की किशोरी और 6 साल का बच्चा नदी में नहाने गए थे। घटना बेनीजोत गांव की है। महेश शुक्ल के बेटे शनि (6 ) और चंदन शुक्ल की बेटी रोशी उर्फ हिमानी (14) अपने बड़े पिता दिलीप शुक्ल के साथ घूमने गए थे। लौटते समय वे नदी किनारे नहाने लगे और फिसलन के कारण गहरे पानी में बह गए। डेढ़ किलोमीटर दूर मिला किशोरी का शवघटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिजन और ग्रामीण तुरंत नदी किनारे पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों ने तत्काल खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद किशोरी रोशी का शव घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बेल्हा गांव के पास मिला। बालक शनि की तलाश अभी भी जारी है। बच्चे की तलाश में जुटी पुलिसइस हादसे से दोनों परिवारों में दुख का माहौल है। रोशी के पिता चंदन शुक्ल एमएलके पीजी कॉलेज में कार्यरत हैं और ढाबा भी चलाते हैं। वहीं, शनि के पिता महेश शुक्ल इंदौर में सिलाई का काम करते हैं और कुछ दिन पहले ही गांव आए थे। दोनों परिवार अपने बच्चों को लेकर चिंतित हैं। कोतवाली देहात पुलिस मौके पर मौजूद है और राहत-बचाव कार्य जारी है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन लापता बालक की तलाश में जुटे हुए हैं।
जींद पुलिस ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जिले में साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है, जहां पुलिस ने लगभग 98.40 लाख रुपए वापस लौटाए हैं। इसके अतिरिक्त, साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से 1.37 करोड़ रुपए से अधिक की राशि को होल्ड करवाया गया है। थाना साइबर क्राइम जींद के प्रभारी जगदीप सिंह ने बताया कि इस वर्ष कुल 1454 शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 37 लाख 81 हजार 179 रुपए की राशि को होल्ड किया गया। इस दौरान 22 मामलों में एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें से 12 मामलों को सफलतापूर्वक ट्रेस किया गया। होल्ड की गई राशि में से 98 लाख 40 हजार 416 रुपए पीड़ितों को कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस किए गए हैं। एसपी ने की लोगों से सतर्क रहने की अपील पुलिस अधीक्षक जींद कुलदीप सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से सतर्क रहें। उन्होंने विशेष रूप से 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे फर्जी तरीकों का उल्लेख किया, जिनके माध्यम से लोगों को डराकर पैसे ऐंठे जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिए इस प्रकार की कार्रवाई नहीं करती है। बैंकों में लागू होगा ड्यूल ओटीपी सिस्टम' साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस अधीक्षक जींद ने एक नई पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न बैंकों द्वारा जल्द ही 'ड्यूल ओटीपी सिस्टम' लागू किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में यह प्रणाली 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के खाताधारकों के लिए होगी। इस व्यवस्था के तहत, किसी भी वित्तीय लेन-देन के लिए ओटीपी मूल खाताधारक के साथ-साथ उनके किसी विश्वसनीय परिजन (जैसे बेटे या बेटी) के पास भी भेजा जाएगा। दोनों की पुष्टि के बाद ही लेन-देन को स्वीकृति मिलेगी। इसके अतिरिक्त, खाताधारकों के बैंक लेन-देन की सीमा भी निर्धारित की जाएगी।
गुमला में ट्रैक्टर-बाइक की टक्कर, एक की मौत:एक युवक गंभीर रूप से घायल, चालक वाहन छोड़कर हुआ फरार
गुमला जिले में गुरुवार देर रात एक ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना गुमला सदर थाना क्षेत्र के टैसेरा मोड़ के पास हुई। मृतक की पहचान अंबवा बेरटोली निवासी अरविंद खड़िया (32) के रूप में हुई है, जबकि घायल बंगरू पालकोट निवासी पैरू बिलुंग (30) है। जानकारी के अनुसार, अरविंद खड़िया पैरू बिलुंग को उसके घर बंगरू छोड़ने जा रहा था। टैसेरा मोड़ के पास सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर से उनकी बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। इधर, स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को गुमला सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान अरविंद खड़िया ने दम तोड़ दिया। पैरू बिलुंग की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्रवार को एसआई विनय कुमार महतो ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
इंदौर में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने सनसनी फैला दी। विजयनगर इलाके में एक बुजुर्ग महिला ने अपने ही बेटे पर घर से नकदी और जेवर चोरी करने का आरोप लगाया है, वहीं राजेंद्र नगर में बदमाश फ्लैट से दो छात्रों के लैपटॉप चुराकर फरार हो गए। विजयनगर थाना क्षेत्र के न्यू शीतल नगर में रहने वाली लक्ष्मीबाई (65) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि 28 अप्रैल की शाम वह एक शादी समारोह में गई थीं। वापस लौटने पर घर का गेट खुला मिला और अलमारी की चाबी भी लगी हुई थी। जांच करने पर करीब 65 हजार रुपए नकद, सोने-चांदी के आभूषण और बेटी रेणुका व उसके बच्चों के जरूरी दस्तावेज गायब मिले। महिला ने आरोप लगाया कि उसका बेटा जितेंद्र खोजे ही घर का ताला तोड़कर यह सामान ले गया। घटना के समय घर में उसका दूसरा बेटा भी मौजूद था। प्रेम प्रसंग में पहले भी कर चुका वारदात पुलिस के मुताबिक आरोपी जितेंद्र का एक शादीशुदा महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा है। इसी के चलते वह पहले भी घर में चोरी जैसी हरकत कर चुका है। बेटे की इन हरकतों से परेशान होकर मां ने गुरुवार को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। राजेंद्र नगर में छात्रों के लैपटॉप चोरी एक अन्य मामले में राजेंद्र नगर इलाके में बदमाशों ने एक फ्लैट को निशाना बनाया। उज्ज्वल सरैया और उसका दोस्त कुनाल नेगी, जो बीटेक के छात्र हैं, किराए के फ्लैट में रहते हैं। रात 3 बजे तक पढ़ाई करने के बाद सुबह जल्दबाजी में दरवाजा खुला रह गया। इसी दौरान चोर फ्लैट में घुसे और दोनों के लैपटॉप चोरी कर ले गए।
खुटेली में विवाहिता का शव फंदे पर मिला:मायके पक्ष ने हत्या और दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया
सीधी जिले के सिहावल जनपद की ग्राम पंचायत खुटेली में शुक्रवार सुबह एक 23 वर्षीय विवाहिता का शव घर में फंदे पर लटका मिला। मृतका की पहचान साधना विश्वकर्मा (पति पुष्पेंद्र विश्वकर्मा) के रूप में हुई है। मायके पक्ष ने हत्या और दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है। परिजनों की सूचना पर बहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी राजेश पांडे अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जायजा लिया। तहसीलदार इंद्रभान सिंह भी मौके पर मौजूद रहे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। मृतका के भाई शिवम विश्वकर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन की हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही साधना को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इस संबंध में कई बार विवाद भी हुए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने सुलझाया था। परिजनों ने प्रशासन से दो डॉक्टरों की टीम से पोस्टमार्टम कराने की मांग की है, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। मृतका की एक दो साल की बच्ची भी है। थाना प्रभारी राजेश पांडे ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बहरी अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में चकबंदी कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। पिछले तीन दिनों से कार्यालय बंद मिलने और संबंधित अधिकारियों के समय पर उपलब्ध न होने के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे परेशान एक युवती ने आज हंगामा किया। वहीं हंगामे के बाद पटवारी कार्यालय पहुंच गया। शहर की रहने वाली प्रीति अग्रवाल ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से लगातार चकबंदी कार्यालय आ रही हैं, लेकिन संबंधित पटवारी कृष्ण कुमार कार्यालय में नहीं मिल रहे। पहले दिन कार्यालय पहुंचने पर वहां मौजूद कर्मचारी ने फोन करने को कहा, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। तीन दिन से काट रही चक्कर दूसरे दिन भी स्थिति जस की तस रही। प्रीति के अनुसार, डेढ़ महीने से कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कभी कमेटी कार्यालय भेजा जाता है, तो कभी नए दस्तावेज बनवाने के निर्देश दिए जाते हैं। सभी आवश्यक कागजात तैयार करने के बाद भी संबंधित अधिकारी समय पर नहीं मिल रहे, जिससे उनका काम लंबित पड़ा है। समय पर नहीं पहुंचे अधिकारी प्रीति ने बताया कि पटवारी ने स्वयं 11 बजे आने का समय दिया था, लेकिन वह सुबह 10:30 बजे से इंतजार कर रही थी और अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचे। इससे लोगों में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर रोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यदि एक बार में स्पष्ट रूप से सभी आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया बता दी जाए, तो लोगों को बार-बार परेशान न होना पड़े। मामले की जांच होगी- DRO कार्यालय बंद मिलने और लगातार हो रही परेशानी से तंग आकर लोगों ने पहले तहसीलदार लच्छीराम से शिकायत की और बाद में जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) राकेश कुमार के समक्ष मामला उठाया। डीआरओ राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें एक महिला द्वारा शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में आंधी-बारिश के बाद निकली तेज धूप:फिर बदलेगा मौसम, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
प्रयागराज में पिछले दो दिनों तक चली तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद शुक्रवार सुबह मौसम पूरी तरह साफ हो गया। सुबह से ही तेज धूप निकलने के साथ गर्मी का असर फिर महसूस होने लगा है। हालांकि, धूप के साथ तेज हवाएं भी चल रही हैं, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी हुई है। बीते दो दिनों की बारिश के चलते शहर के तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई थी। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन अब धूप निकलने के साथ ही तापमान में दोबारा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दोपहर के समय गर्मी का असर फिर से तेज होने लगा है। वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने साफ किया है कि यह राहत अस्थायी है। विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें और खुले स्थानों पर जाने से बचें।
शाहजहांपुर में गुरुवार को हुए एक सड़क हादसे में पति-पत्नी और उनके दो बच्चों की मौत हो गई। पुवायां थाना क्षेत्र में बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार निगोही के रामनगर बगिया निवासी अरुण, उनकी पत्नी सीमा, बेटा नैतिक और बेटी दीक्षा ने दम तोड़ दिया। परिवार में 12 वर्षीय बेटी प्रयांशी अकेली बची है। शुक्रवार को पति पत्नी का एक चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। वही दोनो बच्चों के शवों को दफनाया गया। हादसे के बाद प्रयांशी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसने अपने माता-पिता और भाई-बहन को खो दिया है। बेटी बोली- मां कहकर गई थी दो दिन में वापस आ जाऊंगीप्रयांशी ने बताया कि उसकी मां घर आकर फ्रिज खरीदने वाली थीं। उसने कहा- मां ने कहा था कि बेटा परेशान न होना, दो दिन में वापस आ जाएंगे। प्रयांशी के पिता दो कट्टे गेहूं बेचकर शादी में गए थे। प्रयांशी को पहले बताया गया था कि उसके माता-पिता और भाई-बहन को बोतलें चढ़ाई जा रही हैं और वे ठीक हैं। हालांकि, गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे उसने फेसबुक पर अपने परिवार के दुर्घटना संबंधी वीडियो और तस्वीरें देखीं, जिसके बाद उसे सच्चाई का पता चला और वह फूट-फूटकर रोने लगी। परिजनों ने विधायक से कहा- बहू के जेवर नहीं मिलेपरिजनों ने भाजपा विधायक से मुलाकात कर बताया कि बहू (सीमा) के कोई भी जेवर नहीं मिले हैं। विधायक ने इंस्पेक्टर को इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवार को प्रयांशी की पढ़ाई से लेकर शादी तक की व्यवस्था कराने का आश्वासन भी दिया है। शुक्रवार को भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा ने परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि हर संभव मदद की जाएगी। परिजनों ने कहा कि सीमा शादी से लौट रही थी। वह जेवर पहने थी। लेकिन उसके पास एक भी जेवर नही मिला। विधायक ने फौरन इंस्पेक्टर से बात की। इंस्पेक्टर ने कहा कि हादसे के बाद जब वह मौके पर गए थे पहले से काफी लोग थे । उनको जेवर नही मिले। परिजनों ने विधायक से कहा कि शव जब पोस्टमार्टम हाउस पर गया तो वहां पर भी जेवर नही मिला। विधायक ने इंस्पेक्टर से कहा कि हादसे की पहली सूचना देने वाले से जानकारी करिए।वहीं उन्होंने एसडीएम से फोन लगाकर कहा कि पूरा परिवार खत्म हो गया। एक बेटी बची है। उसकी पढ़ाई लिखाई से लेकर उसकी शादी तक कि व्यवस्था सरकार की तरफ से कराना है। इसके लिए आप तैयारी शुरू कर दीजिए। जहां पर दिक्कत आए मुझे बताना।
कोटा में शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को पोर्टल पर स्व जनगणना भरी। निगम उपायुक्त की मौजूदगी में मंत्री दिलावर ने जनगणना का प्रोसेस पुरा किया। सभी सवालों का जवाब भरा। इस दौरान जनसुनवाई भी की। मीडिया से बातचीत में मंत्री दिलावर ने कहा- प्रदेश में बिना बिल्डिंग के चल रही 300 स्कूलों के निर्माण के लिए सरकार ने 410 करोड़ रुपए जारी किए हैं। इसमें कोटा जिले की 6 स्कूल भी शामिल हैं। जिले में 12 करोड़ से 6 स्कूलों में बिल्डिंग निर्माण किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की जर्जर स्कूलों में मरम्मत के लिए 2 हजार करोड़ जारी किए है। मंत्री ने बताया- अभियान चलाकर स्कूलों को पट्टे दिए जाएंगे। दिलावर बोले- बंगाल में बीजेपी की सरकार आएगी बंगाल में भाजपा की जीत का दावा करते हुए दिलावर ने कहा- बंगाल में बंपर वोटिंग हुई है। बदलाव की लहर चल रही थी, जो वोट में बदल गई। बीजेपी की सरकार आएगी। 4 मई को रिजल्ट आपके सामने आ जाएगा। श्रीगंगानगर में जनसुनवाई के दौरान विधायक जयदीप बिहाणी पर हुए हमले पर मंत्री दिलावर ने कहा- इस बारे में बाद में बात करेंगे। तालाब की पाल तोड़कर मिट्टी बेचने से जितना नुकसान हुआ, सब वसूल करेंगे कोटा जिले की जाखोड़ा पंचायत के तालाब की पाल तोड़कर मिट्टी बेचने के मामले में मंत्री दिलावर ने कहा- तत्कालीन सरपंच ने तालाब की पाल तोड़कर मिट्टी का खनन किया। तालाब का पानी निकल गया। बहुत नुकसान हुआ। जाखोड़ा के सरपंच (प्रशासक) को निलंबित कर दिया है। वहां दूसरे पंच को चार्ज देंगे। जितना नुकसान हुआ है। उसकी भरपाई तत्कालीन सरपंच (प्रशासक) से करेंगे। अभी नुकसान का आकलन किया जा रहा है। कितना पानी तालाब से निकला है। सब वसूल करेंगे। उन्होने कहा- साल 2022-23 के समय वो मंत्री नहीं थे। उस समय कांग्रेस की सरकार थी। तत्कालीन मंत्री व अधिकारियों ने इस बारे में क्या किया या नहीं किया। इस बारे में कुछ कहना नहीं चाहता। मेरे सामने जांच रिपोर्ट आई है। जांच रिपोर्ट के तथ्य बताते हैं, ये एक तरह से तालाब को नुकसान हुआ। कीमती पानी को बेकार में बहा दिया गया।
गाजियाबाद के थाना साहिबाबाद निवासी एक विवाहिता ने पति और ससुरालियों पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। कहा कि पति मुझे नींद की गोली देता था। आगे कहा कि मुझे ताला लगाकर बंद रखता था। पति अपने मामा के लड़के साथ सम्बंध बनवाता था। सास कहती थी कि तू शादी करके नहीं आई है, तू भागकर आई है। विवाहिता ने जेठ और पति के मामा के लड़के पर भी जबरन सम्बंध बनाने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने हाथ जोड़कर कहा कि मैं सीएम योगी से हाथ जोड़कर इंसाफ मांग रही हूं। बस मुझे इंसाफ दिला दो। युवती ने की है लव मैरिज 24 साल की युवती ने बताया कि चौकी शहीद नगर में शिकायत की है, लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी। जब इसमें अपने पति और सास से इस घटना की शिकायत किया तो सास ने कहा की शादी कर के नही आई है तेरे साथ ऐसे ही होगा। यही नही पीड़िता का आरोप है की नशे की गोली खिलाकर मेरे साथ ब्लात्कार किया जाता। किसी तरह से पीड़िता भाग कर अपने रिश्तेदार के घर पहुंची और परिवार के साथ पुलिस के साथ गई। पीड़िता ने हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। एसीपी साहिबाबाद अमित कुमार सक्सेना का कहना है कि पूरे मामले में जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। बेरहमी से मारा पीटा जाता पीड़िता ने कहा कि ससुराल में पति और और जेठ बंधक बनाकर मारपीट करते हैं। मुझे एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। पति नींद की गोलियां देता है। जब मैं विरोध करती हूं तो मुझे इस यातनांए दी जाती हैं।
कोरबा पुलिस ने एक अधिवक्ता के घर हुई लाखों की चोरी का खुलासा किया है। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लगभग 8 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। यह घटना 19 अप्रैल 2025 को पुरानी बस्ती कटघोरा निवासी अधिवक्ता राकेश पांडेय के सूने मकान में हुई थी। अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया था। चोरों ने 10 तोला सोना,नगद चुराए थे चोरों ने लगभग 10 तोला सोने के जेवरात, जिसमें रानी हार सेट, दो जोड़ी झुमके, एक सोने की चेन, दो नग चांदी की पायल और करीब 50 हजार रुपये नकद चुरा लिए थे। इस चोरी में एक बाइक का भी उपयोग किया गया था। पुलिस की टीम बानी गई मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर और एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने टीम का नेतृत्व किया।तकनीकी सबूर और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर अमित खांडे और गौतम कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस की कार्रवाई पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गए गहने, 3000 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की। जब्त किए गए सामान का कुल मूल्य लगभग 8 लाख रुपये है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अमित खांडे का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। कटघोरा पुलिस की अपील गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की टीमें अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। कटघोरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर से बाहर जाते समय अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखें, सीसीटीवी कैमरे चालू रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
ग्वालियर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की युगल पीठ ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के अधिकारों को लेकर अहम और ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थानों को अपने प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य के चयन का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है। राज्य सरकार इन संस्थानों पर वरिष्ठता आधारित नियम लागू करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती। सुनवाई के दौरान पीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में प्राचार्य की भूमिका केंद्रीय होती है, जो अनुशासन, प्रशासन और शिक्षा की गुणवत्ता को निर्धारित करता है। ऐसे में संस्थान को यह स्वतंत्रता होनी चाहिए कि वह अपनी आवश्यकता और योग्यता के आधार पर नेतृत्व का चयन करे, भले ही वह व्यक्ति वरिष्ठतम न हो। कोर्ट ने 25 अगस्त 2021 और 8 सितंबर 2021 को जारी उन सरकारी सर्कुलरों को अल्पसंख्यक संस्थानों पर लागू होने के मामले में निरस्त कर दिया, जिनमें वरिष्ठतम शिक्षक को ही प्रभारी बनाने का प्रावधान था। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि एक बार प्रबंधन द्वारा किसी योग्य व्यक्ति का चयन कर लिया जाए, तो उसकी उपयुक्तता पर सरकार या न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करेंगे। विदिशा से ग्वालियर तक की कानूनी जंग वरिष्ठ अधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी के मुताबिक, यह मामला विदिशा स्थित एसएसएल जैन पीजी कॉलेज से शुरू हुआ। कॉलेज की तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य डॉ. शोभा जैन के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रबंधन समिति ने डॉ. एसके उपाध्याय को प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया। हालांकि, शासन के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक ने इस फैसले को निरस्त करते हुए वरिष्ठता के आधार पर डॉ. अर्चना जैन को प्रभार सौंपने का आदेश जारी कर दिया। प्रबंधन ने इसे अपनी स्वायत्तता में हस्तक्षेप मानते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी। शुरुआत में सिंगल बेंच ने शासन के पक्ष में फैसला दिया, लेकिन अब ग्वालियर की युगल पीठ ने उस आदेश को पूरी तरह पलटते हुए प्रबंधन के अधिकार को सही ठहराया।
जयपुर में 18 साल पहले हुए सीरियल बम धमाकों के दौरान जिंदा बम मिलने के मामले में दो आतंकियों को फिलहाल हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया हैं। आंतकी मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद की स्टे एप्लीकेशन को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया हैं। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस भुवन गोयल की बैंच के दोनों आतंकियों को फिलहाल राहत देने से इनकार करने पर इन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा। बता दे कि 4 अप्रेल 2025 को जयपुर बम ब्लास्ट की विशेष कोर्ट ने सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 13 मई को 2008 को जयपुर में 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे। 9वां बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिला था। बम फटने के 15 मिनट पहले इसे डिफ्यूज कर दिया गया था। धमाकों में 71 लोगों की मौत हुई थी और 185 घायल हुए थे। आतंकियों ने कहा- 8 केस में हम बरी हो चुके है दोनों आतंकियों की ओर से कहा गया कि ब्लास्ट के 8 मामलों में ट्रायल कोर्ट ने हमें फांसी की सजा सुनाई थी लेकिन हाईकोर्ट ने उस सजा को रद्द करते हुए हमें बरी कर दिया था। जिंदा बम मिलने के मामले में भी वहीं सबूत और तथ्य अभियोजन की ओर से पेश किए गए हैं। जब समान मामलों में हमें बरी किया जा चुका है, तो फिर ट्रायल कोर्ट उन्हीं तथ्यों के आधार पर सजा कैसे दे सकता हैं? उन्होंने कहा कि हम लंबे समय से जेल में है। इस मामले की अपील पर सुनवाई में लंबा समय लगेगा, ऐसे में जमानत का लाभ दिया जाए। सरकार ने कहा-अतिरिक्त एविडेंस पेश किए सरकार की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश चौधरी, अधिवक्ता अमन अग्रवाल और नेहा गोयल ने कहा कि आतंकियों का मुख्य काम टैरर फैलाना होता है। इन लोगों ने ब्लास्ट दो न्यूज चैनल को मेल करके ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली थी। इस केस में हमने उस मेल को रिकवर करने सहित अतिरिक्त एविडेंस पेश किए हैं। जिनके आधार पर ट्रायल कोर्ट ने इन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। --- ये खबर भी पढ़िए- जयपुर धमाके-जिंदा बम केस में 4 आतंकवादियों को उम्रकैद:अफसोस की बजाय कोर्ट में हंसते रहे आतंकी; सीरियल ब्लास्ट में 71 लोगों की मौत हुई थी जयपुर में 17 साल पहले हुए सीरियल बम धमाकों के दौरान जिंदा बम मिलने के मामले में चार आतंकियों को मंगलवार को स्पेशल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। (पढ़िए पूरी खबर)
नर्मदापुरम जिले में गुरुवार शाम को अलग अलग दो हादसे में एक पुरुष और एक महिला मजदूर की मौत हो गई। पहली घटना हिरण खेड़ा की हैं। जहां शिवनारायन के खले में तीन महिला मजदूर कृषि उपकरण (पंखा मशीन) में गेहूं डाल छान रही थी। छानने के दौरान साड़ी महिला के गले में लिपटकर मशीन में जा फंसी। जिससे महिला प्रियंका पति सुजीत बारवे (26) मशीन से टकराई और उसके सिर फट गया। पंखा मशीन अचानक बंद देख साथ काम करने वाली उसकी मां और काकी सास ने मशीन तरफ देखा। जहां महिला खून से लतपथ हालत में दर्द से तड़प रही थी और उसकी साड़ी का कुछ हिस्सा मशीन में फंसा था। उसे तुरंत परिजन जिला अस्पताल नर्मदापुरम लेकर लाएं। जहां महिला मृत घोषित किया। जिसका शुक्रवार को पोस्टमार्टम हुआ। मोबाइल पर बात करते समय गिरी आकाशीय बिजली ग्राम पनवास के 37 साल के किसान की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना शाम करीब 6.30 बजे की है। मृतक कृपाराम अहिरवार और अरुण यादव दोनों सिगमी लिए खेत में मूंग फसल में पानी देने गए थे। शाम को दोनों लॉट रहे थे। अरुण यादव ने बताया कि शाम करीब 6.30 बजे मैं और अरुण खेत से घर की ओर जा रहे थे। कृपाराम मुझसे 20कदम पीछे था। तब तेज हवाओं के साथ अचानक से बिजली चमकी। मैंने आँखें बंद की। कुछ सेकंड बाद आँखें खोल पीछे पलटकर देखा तो कृपाराम जमीन पर गिर गया था। तुरंत उसे पास जाकर देखा। उसके कान के पास से हल्का खून बह रहा था, सांसे चल रही थी। अन्य लोगों को बुलाकर कृपाराम को नर्मदापुरम के निजी अस्पताल लाया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। कृपाराम अहिरवार के शव का भी शुक्रवार को पोस्टमार्टम हुआ। आकाशीय बिजली के दौरान बचाव करें
खन्ना के युवक की अमेरिका में मौत:हार्टअटैक आया, दो साल पहले गया था विदेश, स्टोर पर करता था काम
लुधियाना जिले के खन्ना के पास स्थित गांव घणगस के एक युवक की अमेरिका में मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। गांव घणगस निवासी 29 वर्षीय महक सिंह, बेहतर भविष्य की तलाश में 1 अप्रैल 2024 को कनाडा गया था और बाद में अमेरिका चला गया। अमेरिका के इंडियाना में वह एक स्टोर पर काम कर रहा था। मृतक के पिता उदय सिंह ने बताया कि उनकी बेटे से आखिरी बार 15 अप्रैल को बात हुई थी। उस समय महक सिंह ठीक था और परिवार की चिंता कर रहा था। महक की बुआ सुखविंदर कौर ने बताया कि 21 अप्रैल को भी महक से बातचीत हुई थी। वह सामान्य रूप से बात कर रहा था और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तैयारी के बारे में चर्चा कर रहा था। जिसके बाद परिजनों को 22 अप्रैल की सुबह परिवार को फोन पर महक सिंह की मौत की सूचना मिली। बताया जाता है कि हार्टअटैक आने से महक सिंह मौत हुई। केंद्र और पंजाब सरकार से मदद की अपील इस घटना के बाद परिवार के सामने महक का शव भारत लाने की चुनौती है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे शव को वापस लाने का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं। परिवार चाहता है कि महक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में हो। परिवार ने पंजाब और केंद्र सरकार से मदद की अपील की है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज मनजीत सिंह मदनीपुर ने भी परिवार के साथ दुख सांझा किया और सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए तथा महक के शव को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। पायल विधानसभा क्षेत्र से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि वे सीएम भगवंत मान के माध्यम से केंद्र सरकार से राबता करके महक का शव भारत लाने में पूरी मदद करेंगे। इस समय गांव घणगस का माहौल बेहद गमगीन है। हर आंख नम है और परिवार अपने लाडले की अंतिम झलक पाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
खाना बनाते वक्त गैस का पाइप फटा, महिला झुलसी:बचाने आए पति और देवर भी घायल हुए, रेगुलेटर में लीकेज था
अजमेर के लोहाखान-पीलीखान क्षेत्र में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर के पाइप में ब्लास्ट हो गया। इस दौरान रसोई में मौजूद महिला झुलस गई। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर बचाने के लिए महिला का पति और देवर पहुंचे तो वह भी झुलस गए। इसके बाद घर में हड़कंप मच गया। आग पर काबू पाया गया और घायलों को जेएलएन अस्पताल भिजवाया। जहां पति-पत्नी और देवर का इलाज जारी है। सूचना पर पहुंची सिविल लाइन थाना पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। सिविल लाइन थाने के एएसआई चंपालाल ने बताया- हादसे में लोहाखन निवासी तायबा(45), कमर अली(48), सलीम(48) घायल हुए हैं। जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। खाना बनाते समय हुआ हादसा घायलों की बहन रजिया बानो ने बताया- भाभी तायबा घर के अंदर किचन में खाना बना रही थी। रेगुलेटर में लीकेज था। गैस चालू करते ही पाइप में ब्लास्ट हुआ और आग लग गई। इससे भाभी झुलस गई। भाभी के चिल्लाने की आवाज सुनकर भाई कमर अली और सलीम बचाने के लिए दौड़े। बहन ने बताया- पहले आग पर काबू पाया गया। वहीं, भाभी की जान बचाते हुए दोनों भाई भी झूलस गए। इसके बाद तीनों को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। भर्ती करवाया गया। भाभी और दोनों भाइयों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
धौलपुर में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर ने निर्माणाधीन कोर्ट परिसर में यह शिविर लगाया, जिसका नेतृत्व सचिव रेखा यादव ने किया। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों तथा अध्यक्ष संजीव मागो के मार्गदर्शन में हुआ। शिविर का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। सचिव रेखा यादव ने बताया कि नालसा असंगठित क्षेत्र विधिक सेवा योजना 2015 के तहत दिहाड़ी मजदूर, निर्माण श्रमिक, घरेलू कामगार, कृषि मजदूर और रिक्शा चालक सहित असंगठित क्षेत्र के अन्य श्रमिकों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है। शिविर में श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी, सुरक्षित कार्यस्थल, निर्धारित कार्य घंटे, दुर्घटना की स्थिति में मुआवजे और अन्य श्रम कानूनों से संबंधित अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाएं, अनुसूचित जाति/जनजाति और जरूरतमंद व्यक्तियों को प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने की बात भी बताई गई। इस अवसर पर ई-श्रम कार्ड, श्रमिक बीमा और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। शिविर में उपस्थित श्रमिकों की समस्याओं को भी सुना गया, जिस पर सचिव ने संबंधित ठेकेदार को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। श्रमिकों को बताया गया कि वे किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी कॉल किया जा सकता है।
विदिशा के ग्रामीण इलाके में एक 15 वर्षीय किशोर की कुएं में गिरने से मौत हो गई। यह घटना करारिया थाना क्षेत्र के ग्राम अजीत पिपरिया में हुई। मृतक की पहचान गांव निवासी गोलू आदिवासी के रूप में हुई है। बकरी चराने गया, कुएं से पानी निकालते समय गिराजानकारी के अनुसार, गोलू आदिवासी बकरी चराने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान वह गांव में स्थित एक कुएं पर पानी पीने गया। पानी निकालते समय अचानक रस्सी टूट गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह कुएं में गिर गया। देर से मिली जानकारीजब गोलू काफी देर तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान वह कुएं में गिरा हुआ मिला। घटना की जानकारी देर से मिलने के कारण उसे समय रहते बचाया नहीं जा सका।सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से किशोर को कुएं से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में कराया जा रहा है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
ग्राम रथ अभियान से लक्ष्मी देवी को मिला पक्का घर:ब्यावर के बराखन में साकार हुआ सालों पुराना सपना
ब्यावर उपखण्ड के टॉडगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत बराखन में आयोजित ग्राम रथ अभियान के तहत एक जरूरतमंद परिवार को पक्का घर मिला है। ग्राम बराखन निवासी लक्ष्मी देवी (पत्नी शक्ति सिंह, रावत) का सालों पुराना पक्के घर का सपना इस अभियान के माध्यम से साकार हुआ। लक्ष्मी देवी अपने परिवार के साथ पहले एक कच्चे मकान में रहती थीं। बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने और दीवारों के कमजोर होने से उन्हें काफी परेशानी होती थी। परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती थी, जिससे जीवन यापन कठिन हो गया था। ग्राम रथ अभियान के अंतर्गत, कार्यक्रम प्रभारी और नायब तहसीलदार पन्ना सिंह के मार्गदर्शन में लक्ष्मी देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया। इस योजना के तहत उन्हें एक पक्का मकान आवंटित किया गया, जिसका गृह प्रवेश समारोह भी विधिवत संपन्न हुआ। अब लक्ष्मी देवी का परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में रह रहा है। लक्ष्मी देवी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया, पहले कच्चे मकान में बारिश के समय बहुत परेशानी होती थी। अब पक्का घर मिलने से जीवन आसान हो गया है। ग्राम रथ अभियान के माध्यम से मेरा काम हुआ, इसके लिए मैं सरकार का धन्यवाद करती हूं। यह घटना दर्शाती है कि सरकारी जनकल्याणकारी योजनाएं सही पात्रों तक पहुंचने पर उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती हैं।
पानीपत शहर के राज नगर इलाके में सरेआम गुंडागर्दी का मामला सामने आया। गली नंबर 3 स्थित एक मेडिकल स्टोर पर कुछ युवकों ने मामूली विवाद के बाद संचालक और उनकी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। बाइक पार्किंग को लेकर विवाद पीड़ित मेडिकल स्टोर संचालक के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 8 बजे वह अपनी दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान एक मरीज दवाई लेने के लिए आया और उसने अपनी बाइक दुकान के बाहर गली में खड़ी कर दी। आरोप है कि गली में ही खड़े कुछ युवक माफिश, सलमान, शाहरुख और शवीर बाइक खड़ी करने को लेकर गाली-गलौज करने लगे। समझाने पर संचालक और पत्नी को पीटा दुकान संचालक ने जब युवकों को समझाने का प्रयास किया कि बाइक मरीज की है और वह दवाई लेकर तुरंत हटा लेगा, तो आरोपी तैश में आ गए। उन्होंने अपने कुछ अन्य साथियों को बुला लिया और हथौड़े व डंडों से संचालक पर हमला कर दिया। पति को पिटता देख जब संचालक की पत्नी बीच-बचाव करने आई, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान महिला के साथ छेड़छाड़ का प्रयास भी किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। हथियार लहराते हुए आरोपी फरार शोर शराबा सुनकर जब पड़ोसी और आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे, तो आरोपी डंडे और हथौड़े लहराते हुए वहां से भाग निकले। भागते समय आरोपियों ने पीड़ित परिवार को भविष्य में जान से मारने की धमकी भी दी। आसपास के लोगों ने घायल दंपति को तुरंत नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
साइबर फ्रॉड पर बड़ी राहत, पुलिस ने लौटाए ₹8.24 लाख:प्रतापगढ़ में 28 शिकायतें निस्तारित
प्रतापगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी के पीड़ितों को बड़ी राहत प्रदान की है। जनपदीय साइबर सेल और साइबर क्राइम थाना टीम ने कुल 28 शिकायतों का निस्तारण करते हुए ₹8,24,164 की ठगी गई धनराशि पीड़ितों के बैंक खातों में वापस कराई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और संबंधित अधिकारियों के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। टीम ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर प्राप्त शिकायतों के साथ-साथ अन्य माध्यमों से मिली सूचनाओं की गहन जांच की, जिसके बाद यह सफलता मिली। पुलिस के मुताबिक, इन साइबर ठगी के मामलों में धोखेबाजों ने यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड जैसे माध्यमों का उपयोग किया था। पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई और तकनीकी जांच के कारण पीड़ितों की रकम को सफलतापूर्वक ट्रेस कर वापस लौटाया जा सका। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। ऐसा करने से समय रहते कार्रवाई की जा सकती है और ठगी गई धनराशि को सुरक्षित किया जा सकता है।
बालोतरा में एक 108 एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा बायतु से एक घायल मरीज को बालोतरा लाते समय बागुंडी के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस के सामने अचानक नीलगाय आ गई। मरीज के भाई लुंबाराम ने बताया- एंबुलेंस को उसके निर्धारित ड्राइवर की बजाय एक इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) चला रहा था। वाहन में कोई अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद नहीं था। मरीज के भाई लुंबाराम ने आरोप लगाया है कि EMT शराब के नशे में था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद जब प्राथमिक उपचार की मांग की गई, तो एम्बुलेंस में आवश्यक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध नहीं थी। उनके अनुसार, EMT ने कहा कि पट्टियां और अन्य सुविधाएं बालोतरा अस्पताल पहुंचने पर ही मिल पाएंगी। नाहटा अस्पातल से 200 मीटर पहले छोड़ी एंबुलेंस हादसे के बाद, EMT एम्बुलेंस को नाहटा अस्पताल से लगभग 200 मीटर पहले सड़क किनारे छोड़कर मौके से फरार हो गया। इससे मरीज के परिजनों में भारी आक्रोश है। घायल मरीज को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन गंभीर हालत को देखते हुए उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया है। परिजनों से की निष्पक्ष जांच की मांग परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रशासन का आरोपों से इनकार सीएमएचओ वांकाराम ने बताया कि बांगुड़ी के समीप अचानक नीलगाय आ जाने के कारण हादसा हो गया। दूसरे एंबुलेंस में समय लगा रहा था, इसलिए उसे एंबुलेंस में मरीज को बालोतरा अस्पताल लाया गया पायलट और एमटी दोनों साथ थे कोई शराब के नशे में नहीं था बात गलत है
धौलपुर के चित्रकूट धाम स्थित कैंथरी के शांतिधाम आश्रम, जानकी कुंड में शुक्रवार को वार्षिक प्रतिष्ठा उत्सव और महंताई संस्कार समारोह श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। संत स्वामी शांति दास महाराज के सानिध्य में उनके शिष्य माधव दास का वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत महंताई संस्कार कराया गया। दिगंबर अखाड़े द्वारा उन्हें महंत की उपाधि प्रदान की गई। समारोह में सातों अखाड़ों के निशान, संत-महंतों की उपस्थिति और भव्य शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। सुबह 9 बजे शुरू हुआ समारोह आयोजन की शुरुआत शुक्रवार सुबह 9 बजे संत-महंतों की उपस्थिति और सातों अखाड़ों के पवित्र निशानों के साथ हुई। आश्रम परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण धार्मिक आस्था और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हुआ महंताई संस्कार संत स्वामी शांति दास महाराज के सानिध्य में शिष्य माधव दास का महंताई संस्कार विधिवत संपन्न कराया गया। दिगंबर अखाड़े के संतों ने उन्हें महंत की उपाधि देकर आश्रम की नई जिम्मेदारी सौंपी। भंडारे में संतों और श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी सुबह 11 बजे विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें संत-महंतों और श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। भंडारे की तैयारियों के लिए सैंपऊ से आई हलवाइयों की टीम पिछले दो दिनों से पकवान और प्रसादी बनाने में जुटी हुई थी। नई कुटी में संतों का हुआ सम्मान महंताई संस्कार के अवसर पर संत माधव दास द्वारा निर्मित नई कुटी में पधारे संतों का दक्षिणा और वस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह ने आयोजन को और गरिमामय बना दिया। हाथी-घोड़े और बैंड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा समारोह के दौरान हाथी-घोड़े, बैंड-बाजों और अखाड़ों के निशानों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल बना दिया और श्रद्धालुओं ने जगह-जगह स्वागत किया। कई शहरों से पहुंचे श्रद्धालु इस अवसर पर काका गुरु रामकिशोर दास, सत्यदेव दास महाराज, राजेश भारद्वाज (आगरा), सरपंच राधेश्याम सिकरवार, पंचायत समिति सदस्य दिनेश परमार, जितेंद्र परमार, रामप्रकाश शर्मा (नोएडा) सहित धौलपुर, ग्वालियर, आगरा, दिल्ली समेत विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालु एवं शिष्यगण मौजूद रहे।
फतेहाबाद शहर के रतिया रोड पर स्थित गुरुनानकपुरा पुलिस चौकी के सामने उस समय सनसनी फैल गई, जब कंकाल की खोपड़ी मिली। इस कंकाल के सिर का ऊपरी हिस्सा मिला है। बाकी शरीर कोई भी अंग पास नहीं पड़ा मिला। इस भयावह स्थिति को देखते हुए मामला बेहद गंभीर और रहस्यमय बन गया है। गुरुनानकपुरा पुलिस टीम ने फोरेंसिक एक्सपर्ट बुलाकर मामले की पड़ताल शुरू की। आसपास के क्षेत्रों में भी जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि यह शव किसी पुरुष या युवक का है। शव के 15-20 दिन पुराना होने की भी संभावना जताई जा रही है। शिनाख्त नहीं होने के कारण अभी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। शव की जानकारी जुटाने का प्रयास गुरुनानकपुरा पुलिस चौकी इंचार्ज रमेश कुमार ने बताया कि फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। शव के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है।
आगर मालवा जिले के बड़ौद क्षेत्र में गेहूं खरीदी केंद्र पर बुद्ध पूर्णिमा के अवकाश के कारण तुलाई बंद होने से किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम कंकड़ेल के समीप स्थित सायलो गेहूं उपार्जन केंद्र पर शुक्रवार को तुलाई कार्य बिना पूर्व सूचना के बंद कर दिया गया था। जानकारी के अभाव में कई किसान अपनी उपज लेकर केंद्र पर पहुंचे। तुलाई बंद मिलने पर वे आक्रोशित हो गए और उन्होंने डग-बड़ौद मार्ग स्थित गोशाला के पास चक्काजाम कर दिया। किसान सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। चक्काजाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। किसानों ने आरोप लगाया कि वे पिछले कई दिनों से अपनी उपज लेकर केंद्र पर आ रहे हैं, लेकिन उचित व्यवस्थाओं के अभाव में उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रूप सिंह बेस पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाइश दी और अधिकारियों द्वारा तुलाई जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिससे यातायात सामान्य हो सका। इस संबंध में जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी एम.एल. मालवीय ने बताया कि कुछ किसानों का गेहूं पिछले दिन तुलाई से शेष रह गया था। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद उन किसानों का गेहूं तुलवाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुद्ध पूर्णिमा के कारण अवकाश था, लेकिन किसानों की परेशानी को देखते हुए यह समाधान निकाला गया है।
ललितपुर के तालबेहट थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ चाकू लगाकर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घर में सो रही महिला को आरोपी ने चाकू दिखाकर धमकाया और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। कोतवाली तालबेहट अंतर्गत एक गांव की 25 वर्षीय महिला ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि यह घटना 26 अप्रैल की रात की है। वह अपने घर पर सो रही थी, तभी गांव का निवासी गोलू उसके घर में घुस आया। आरोपी गोलू ने महिला के साथ गलत हरकतें शुरू कर दीं। जब महिला ने विरोध किया और चिल्लाने लगी, तो उसने चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी। धमकी से डरकर पीड़िता कुछ नहीं बोल पाई, जिसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गोलू ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने सुबह अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों के साथ पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर आरोपी गोलू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक तालबेहट मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
भोपाल के जाटखेड़ी में 20 से अधिक मकानों को तोड़े जाने का विरोध हो रहा है। इन परिवारों को प्रशासन ने नोटिस थमाए हैं, जबकि कांग्रेस इस मुद्दे पर परिवारों के स्थायी पुर्नवास की मांग कर रही है। कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला ने कहा कि स्थायी पुर्नवास न होने पर बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने बताया कि जाटखेड़ी में 20 से 30 साल पुरानी बस्ती है। यानी, परिवार इतने सालों से यहां रह रहे हैं। अब उन्हें अचानक बेदखल करने के नोटिस दिए गए। कुछ मकान तोड़ दिए गए हैं, लेकिन परिवारों को स्थायी तरीके से पुर्नवास नहीं किया गया। यदि जल्द ही स्थायी पुर्नवास नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसे लेकर मौके पर जाकर विरोध दर्ज कराया है। अफसरों से भी बात की है। झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ अध्यक्ष अनुज निकेश चौहान, जिलाध्यक्ष रोहित राजपूत भी मौजूद थे। परिवारों के ऊपर से अचानक छत छिन ली गई उन्होंने बताया, जिन गरीब परिवारों के पास पहले से ही सीमित संसाधन हैं, उनके सिर से अचानक छत छिन लेना बेहद निंदनीय है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इस तरह बेघर करना किसी भी संवेदनशील शासन-प्रशासन के लिए शर्मनाक स्थिति है। विकास के नाम पर गरीबों को उजाड़ना स्वीकार नहीं किया जा सकता। सड़क निर्माण के चलते मकान हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र में एक युवती ने अपने पूर्व प्रेमी पर घर में घुसकर जबरन दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया है। विरोध करने पर आरोपी ने मारपीट कर धमकी दी और फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। भाई-बहन के जाते ही घर में घुसा आरोपी पीड़िता के मुताबिक, उसके माता-पिता की मौत के बाद घर की जिम्मेदारी बड़ी बहन और भाई संभालते हैं। बुधवार सुबह दोनों काम पर निकले थे। इसी दौरान मोहल्ले में रहने वाला आरोपी राजा खान घर के बाहर घात लगाए बैठा था। सुबह करीब 10 बजे वह अचानक घर में घुस आया और युवती का गला दबाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करने लगा। युवती ने विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और गाली-गलौज की। पिटाई से उसके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। आरोप है कि जाते-जाते आरोपी ने धमकी दी कि उससे बात करनी पड़ेगी, वरना अंजाम बुरा होगा। पहले था प्रेम संबंध, शादी के बाद भी बना रहा दबाव पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2025 में उसने बीए पास किया है। पहले आरोपी से उसकी बातचीत होती थी, लेकिन आरोपी की शादी के बाद उसने संबंध खत्म कर दिए। इसके बावजूद आरोपी लगातार उस पर बात करने का दबाव बनाता रहा। परिवार में शिकायत के बावजूद वह उसे परेशान करता रहा। आरोपी एक बच्चे का पिता भी है। पुलिस ने दर्ज किया केस, गिरफ्तारी के प्रयास तेज घटना के बाद शाम को भाई-बहन के घर लौटने पर पीड़िता ने पूरी बात बताई। इसके बाद जाजमऊ थाने में शिकायत दी गई। थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर गुरुवार को केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फरीदाबाद के वार्ड नंबर 11 स्थित डबुआ क्षेत्र के ब्लॉक- ए में पिछले करीब 20 दिनों से सीवर ओवरफ्लो की समस्या ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। गली में सीवर का गंदा पानी जमा होने से इलाके के लोग बेहद परेशान हैं और उन्हें बदबू व गंदगी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। क्षेत्र के निवासी हिमांशु और रजनी ने बताया कि पिछले करीब 20 दिनों से उनके घरों के सामने सीवर का गंदा पानी भरा हुआ है। इस कारण पूरी गली में भयंकर बदबू फैल रही है और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे लोग उन्होंने कहा कि गली में इतना ज्यादा गंदा पानी जमा है कि कई परिवार घरों के अंदर ही कैद होकर रह गए हैं। बदबू के कारण लोगों का घरों में बैठना और भोजन करना तक मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है। सुबह जब बच्चे स्कूल जाने के लिए निकलते हैं तो उन्हें इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। हिमांशु और रजनी ने बताया कि, कई बार बच्चे फिसलकर पानी में गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े, जूते और स्कूल बैग तक खराब हो जाते हैं। इसके अलावा गली में एक बिजली का ट्रांसफार्मर भी लगा हुआ है, जिसके आसपास सीवर का पानी भरा हुआ है। ऐसे में वहां से गुजरते समय लोगों को करंट लगने का डर भी बना रहता है, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी हुई है। कई बाद शिकायत के बाद भी समाधान नहीं उन्होंने यह भी बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार वार्ड की पार्षद, विधायक और नगर निगम कार्यालय में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद पिछले 20 दिनों में समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि बार-बार सीवर ओवरफ्लो हो जाता है और उसका गंदा पानी गली में भर जाता है, लेकिन इसका कारण जानने और ठीक करने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की जा रही। समस्या को दूर करने के लिए काम शुरू : भड़ाना वहीं, वार्ड 11 की पार्षद बबीता भड़ाना के पति संदीप भड़ाना ने बताया कि ए ब्लॉक की गली में सीवर ओवरफ्लो की समस्या को दूर करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मशीन लगाकर सीवर लाइनों की सफाई कराई जा रही है और अगले 24 घंटे के भीतर गली में जमा सारा गंदा पानी निकाल दिया जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिल सकेगी।
देवरिया में युवक की ट्रेलर से टक्कर, मौत:बारात से लौटते समय हादसा, दुबई में पेंटर का काम करता था
देवरिया में भाई की बारात से लौट रहे एक युवक की सड़क हादसे में मृत्यु हो गई। गौरीबाजार-हाटा मार्ग पर एक अनियंत्रित ट्रेलर ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में युवक के जीजा बाल-बाल बच गए। मृतक की पहचान गौरीबाजार थाना क्षेत्र के पिपराबारी निवासी 35 वर्षीय आदित्य उर्फ जोखन पांडेय पुत्र रामसूरत पांडेय के रूप में हुई है। वह अपने छोटे भाई राहुल की बारात में कुशीनगर जिले के धर्मवली गांव गए थे। शुक्रवार सुबह आदित्य अपने जीजा ज्ञानेश्वर के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। सुबह करीब सात बजे गौरीबाजार-हाटा मार्ग पर हाटा कोतवाली क्षेत्र के देवकली के पास यह हादसा हुआ। गौरीबाजार की ओर से आ रहे एक ट्रेलर ने अनियंत्रित होकर उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण आदित्य गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। उनके जीजा ज्ञानेश्वर सुरक्षित बच गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि आदित्य उर्फ जोखन तीन भाइयों में मझले थे। वह दुबई में पेंटर का काम करते थे और परिवार का भरण-पोषण करते थे। छोटे भाई राहुल की शादी में शामिल होने के लिए वह मात्र छह दिन पहले ही दुबई से गांव लौटे थे। आदित्य अपने पीछे पत्नी प्रतिमा, मां ऊषा देवी और दो बेटे सार्थक (7) व अभि (5) को छोड़ गए हैं।
नाकाबंदी में SHO के सिर में मारी थी गोली:11 साल बाद कोर्ट ने 2 आरोपियों को 7-7 साल की सजा सुनाई
नाकाबंदी के दौरान पुलिस पर अंधाधुंध फायर करने और SHO के सिर पर गोली मारने के 11 साल पुराने मामले में बाड़मेर एससी-एसटी कोर्ट ने दो आरोपियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों को 7-7 साल की कठोर कारावास की सजा के साथ 50,500 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विशिष्ट न्यायाधीश डॉ. सरोज सींवर के सामने 21 गवाह और 35 डॉक्यूमेंट पेश किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद गुरुवार को कोर्ट ने दिनेश उर्फ दिनीया और श्रीराम उर्फ संजय को सजा सुनाई है। नशा तस्करी कर रहे थे, नाकाबंदी तोड़ भागे पब्लिक प्रोसिक्यूटर स्वरूपसिंह भदरू ने बताया- 15 अप्रैल, 2015 को दोषी दिनेश उर्फ दिनीया निवासी भूरटिया हाल बलदेव नगर बाड़मेर और नई बांड गुड़ामालनी निवासी श्रीराम उर्फ संजय मादक पदार्थ (डोडा पोस्त) से भरी पिकअप लेकर राजसमंद के रेल मगरा से दिवेर की ओर जा रहे थे। रेल मगरा थाने ने कंट्रोल रूम और दिवेर थाने को सूचना दी। दिवेर थानाधिकारी रमेश कविया पुलिस जाब्ते के साथ सातपालिया सर्किल पर रात को नाकाबंदी कर संदिग्ध गाड़ियों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान पिकअप गाड़ी में बैठे दिनेश और श्रीराम उस तरफ आए। नाकेबंदी और पुलिस को देखते ही दोनों पिकअप रिर्वस कर भागने की कोशिश करने लगे। अंधाधुंध फायरिंग में सिर में लगी गोली पुलिस को देखकर पहले दिनेश उर्फ दिनीया ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाब में दोनों को भागने से रोकने की कोशिश में पुलिस थानाधिकारी ने चार राउंड और जवान ने एक राउंड सामने से फायरिंग की। गाड़ी चला रहे श्रीराम के पास बैठे दिनेश ने पुलिस की जीप पर अंधाधुंध फायर किए। एक गोली कांच तोड़ते हुए थानाधिकारी रमेश कविया के सिर में लगी। इस दौरान मची अफरा–तफरी और अंधेरे का फायदा उठाकर दोनों पिकअप सहित कच्चे रास्ते से होते हुए हाईवे की तरफ फरार हो गए। ऑपरेशन कर SHO के सिर से निकाली गोली पुलिस स्टाफ ने गंभीर रूप से घायल SHO रमेश कविया को हॉस्पिटल भर्ती करवाया। यहां ऑपरेशन कर उनके सिर में फंसी गोली निकाली गई। मामले में दिवेर थाने के एएसआई जगदीशचंद्र की ओर से दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया। वादात के कुछ महीने बाद ही SHO पर गोली चलाने वाले दिनेश के खिलाफ बाड़मेर सदर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एक मामला दर्ज हुआ था। बाड़मेर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया। तब राजसमंद पुलिस ने दिनेश को प्रोडक्शन वाॅरंट पर गिरफ्तार किया था। राजसमंद पुलिस ने दोषियों पर हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट और पीडीपीपी एक्ट के तहत केस दर्ज किया। मामले की जांच करने के बाद चार्ज शीट पेश की गई। आरोपी पक्ष की ओर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया कि मैं बाड़मेर जेल में हूं। मेरी फाइल को राजसमंद से बाड़मेर कोर्ट में ट्रांसफर किया जाए। इसके बाद दोषियों पर बाड़मेर एससी-एसटी कोर्ट में ट्रायल चला। दोनों को 7-7 साल का कठोर कारावास बाड़मेर एससी-एसटी कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश डॉ. सरोज सींवर के समक्ष पब्लिक प्रोसिक्यूटर की ओर से 21 गवाह और 35 दस्तावेज–आर्टिकल पेश किए गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषियों को 7-7 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 50,500 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
कानपुर के रेउना थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना शाखा जनवारा के आगे कानपुर देहात बॉर्डर के पास मुगल रोड पर हुई, जहां पैदल सड़क पार कर रहे युवक को किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ घटना की जांच पड़ताल शुरू की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव निवासी 30 वर्षीय राकेश कुमार मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते है। रोज की तरह वह मजदूरी का काम करके वापस अपने घर लौट रहा था। तभी देर शाम वह जनपद सीमा के पास शाखा जनवारा के निकट मुगल रोड पार कर रहा था। इसी दौरान अचानक तेज गति से आए एक अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राकेश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े युवक को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेउना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है। रेउना थाना प्रभारी अनुज राजपूत ने बताया कि घटना जनपद की सीमा पर हुई है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि युवक किस काम से वहां आया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है, कि सड़क पार करते समय अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है और वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
बाइक सवार ने वृद्धा को मारी टक्कर, मौत:सिर के बल उछलकर नीचे गिरी, सिर में लगी चोट बनी मौत की वजह
पाली में 66 साल की एक वृद्ध महिला को रोड क्रॉस करते समय तेज रफ्तार से आ रहे बाइक सवार ने टक्कर मार दी। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट आई। हॉस्पिटल ले जाते हुए रास्ते में मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी। पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र के देवली ढाणी (आऊवा) निवासी 66 साल की कन्यादेवी पत्नी मगाराम चौधरी गुरुवार शाम करीब सात बजे पैदल रोड क्रॉस कर रही थी। इस दौरान तेज रफ्तार से आ रहे बाइक सवार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में वृद्धा उछलकर सिर के बल सड़क पर गिरी। जिससे सिर में गंभीर चोट आई। इलाज के लिए उसे मारवाड़ जंक्शन हॉस्पिटल परिजन ले गए। जहां हालत गंभीर होने के कारण पाली रेफर किया गया। लेकिन बीच रास्ते वृद्धा की मौत हो गई। परिजनों की रिपार्ट पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बलरामपुर जिले में पेट्रोल और डीजल की अवैध बिक्री पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। पेट्रोल पंपों पर ईंधन की आपूर्ति और बिक्री की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। खाद्य विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की ओर से संयुक्त रूप से निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि पेट्रोल की आपूर्ति में आई अस्थायी बाधा को दूर करने के लिए संबंधित तेल कंपनियों से समन्वय स्थापित किया गया है। अब जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सभी पंप संचालकों को निर्धारित दर पर ही पेट्रोल बेचने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि बोतलों में अवैध रूप से पेट्रोल बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जा रही है। हेल्पलाइन नंबर जारी आम जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अवैध बिक्री की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। संभावित आपूर्ति व्यवधानों की आशंकाओं को देखते हुए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। नागरिक ईंधन आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या, शिकायत या जानकारी के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष नंबर 92026-08795 पर संपर्क कर सकते हैं। दवा दुकानों की सघन जांच शुरू बलरामपुर जिले में 15 दिवसीय सघन जांच अभियान शुरू किया गया है। कलेक्टर राजेंद्र कटारा के मार्गदर्शन में यह अभियान “सही दवा, शुद्ध आहार यही है छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर चल रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधि व खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। यह अभियान 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक चलेगा। अभियान के तहत अब तक 6 कॉस्मेटिक दुकानों, 5 थोक औषधि विक्रेताओं, 11 खुदरा औषधि केंद्रों की सघन जांच की गई है। प्रशासन की टीम ने रामानुजगंज व बलरामपुर के विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इन दुकानों का किया गया निरीक्षण जांच में कॉस्मेटिक-ट्रेडर्स, जायसवाल मार्केटिंग, पिहू एजेंसी रामानुजगंज, राहुल ट्रेडर्स, महामाया श्रृंगार बलरामपुर शामिल रहे। थोक औषधि विक्रेताओं में शक्ति मेडिकल एजेंसी, शंकर मेडिकल एजेंसी बलरामपुर, सजल मेडिकल एजेंसी, विनायक ट्रेडर्स, श्याम केमिकल्स रामानुजगंज की जांच हुई। खुदरा औषधि केंद्रों में हिमांशु मेडिकल स्टोर, सिटी मेडिकल स्टोर, श्री जगन्नाथ मेडिकल स्टोर, गुड्डू मेडिकल स्टोर, प्रजापति मेडिकल स्टोर, सचिन मेडिकल स्टोर, पाठक दवा दुकान, अमित मेडिकल स्टोर, अंबिका मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया। बिल और दस्तावेजों की जांच जांच के दौरान अधिकारियों ने सभी दुकानों में क्रय-विक्रय बिलों की गहन जांच की। औषधि प्रशासन ने प्रतिष्ठानों को छत्तीसगढ़ राज्य में पंजीकृत थोक विक्रेताओं से ही औषधियां खरीदने, औषधि अनुज्ञप्ति मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। नागरिकों से अपील प्रशासन ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि केवल पंजीकृत मेडिकल स्टोर से चिकित्सक की पर्ची के आधार पर दवाइयां खरीदें। किसी भी समस्या की स्थिति में खाद्य औषधि प्रशासन को तुरंत सूचना देने को कहा गया है।
उन्नाव के अजगैन थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया से शुरू हुई एक दोस्ती का दुखद अंत सामने आया है। प्रतापगढ़ जनपद के वीरापुर निवासी 20 वर्षीय युवक अखिलेश गौतम की कथित तौर पर युवती और उसके परिजनों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस इस सनसनीखेज वारदात की गहन जांच में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले अखिलेश की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से अजगैन क्षेत्र की एक किशोरी से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे के साथ फोटो का आदान-प्रदान भी किया। आरोप है कि बाद में युवक उन्हीं निजी फोटो के आधार पर युवती को ब्लैकमेल करने लगा और उस पर मिलने का दबाव बनाने लगा। बताया जा रहा है कि लगभग 15 दिन पहले युवक ने युवती को मिलने के लिए बुलाया और मना करने पर फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इससे परेशान होकर युवती ने अजगैन कोतवाली में शिकायत भी दर्ज कराई थी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते युवक लगातार दबाव और धमकी देता रहा। आरोप है कि इसी से तंग आकर युवती के परिजनों ने एक साजिश रची। युवती के माध्यम से गुरुवार को अखिलेश को सोनिक रेलवे स्टेशन के पास बुलाया गया। युवक अपनी मां से दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकला और तय स्थान पर पहुंच गया। वहां से युवती के परिजन उसे बहाने से बाइक पर बैठाकर बंदरहा गांव के पास एक खेत में ले गए। आरोप है कि खेत में पहुंचने के बाद युवती, उसके पिता और भाई ने मिलकर युवक की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी शव को खेत में छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस ने युवती और उसके परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुक्रवार को मृतक की मां रेखा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे से पहले पैसे की मांग की गई थी। उन्होंने बताया कि एक लाख रुपये न देने पर बेटे को झूठे किडनैपिंग केस में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। उनका आरोप है कि बेटे को बहला-फुसलाकर बुलाया गया, संभवतः उसे नशीला पदार्थ पिलाया गया और फिर मिलकर उसकी हत्या कर दी गई। मां ने रोते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। परिजनों के अनुसार अखिलेश परिवार का सबसे बड़ा बेटा था और उसके तीन छोटे भाई हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है, जबकि उसके पिता दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिजनों ने यह भी बताया कि अखिलेश की नौकरी लगने वाली थी और 22 तारीख को ज्वाइनिंग होनी थी, जिससे परिवार को बड़ी उम्मीदें थीं। दही कोतवाली प्रभारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया - मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच विवाद की पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले रैपिडो चालक ने कर्ज से तंग आकर आत्महत्या कर ली। युवक ने प्राइवेट फाइनेंस कंपनी सहित कई अन्य लोगों से कर्ज ले रखा था। कर्ज नहीं चुकाने की हालत में लेनदार लगातार उसे परेशान कर रहे थे। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना बुधवार रात 10 बजे की बताई जा रही है। 45 वर्षीय उत्तम सिंह चौहान पिता सूर्य देव सिंह चौहान 610 क्वार्टर कोलार इलाके में रहते थे। वह मूल रूप से नरसिंहगढ़ के रहने वाले थे, बीते 10 महीने से कोलार इलाके में किराए से रह रहे थे और रैपिडो चालक के तौर पर काम कर रहे थे। उनकी पत्नी निर्मला चौहान ने बताया कि पति ने बजाज फाइनेंस से 15 लाख रुपए का लोन लेकर नरसिंहगढ़ में मकान बनाया था। इसके बाद से परिवार की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई। बमुश्किल पति किस्त चुका पाते थे। बीते कई महीनों से उनकी लोन की किस्त बाउंस हो रही थी। इससे वे तनाव में रहते थे, वहीं फाइनेंस कंपनी की ओर से लगातार किस्त चुकाने का दबाव बनाया जा रहा था। लिहाजा पति ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। पुलिस का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों के डिटेल बयानों के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। बेटे काम से नहीं लौटे, पत्नी डॉक्टर के पास गई थी मृतक के दो बेटे हैं दोनों ही प्राइवेट काम करते हैं। सुसाइड से पहले तक दोनों ही काम से घर नहीं लौटे थे। जबकि उनकी पत्नी चेकअप कराने के लिए एक डॉक्टर के पास गई थी। घर लौटी पत्नी ने कई बार आवाज दी जब गेट नहीं खुला तो बेटों को कॉल किया और पड़ोसियों की मदद से गेट को तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया। जहां पति का शव फंदे पर लटका दिखाई दिया।
फिरोजाबाद के थाना जसराना क्षेत्र में गुरुवार रात को एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनकी चार माह की बेटी शामिल हैं। यह परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। थाना जसराना अंतर्गत नगला पटिया पड़म निवासी अजय कुमार (27) अपनी पत्नी ओम श्री (24) और चार माह की बेटी तृषा के साथ गांव से एक रिश्तेदारी में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकले थे। रास्ते में उनकी गाड़ी जैसे ही मुख्य मार्ग पर पहुंची, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार अजय कुमार, उनकी पत्नी ओम श्री तथा मासूम तृषा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। थाना जसराना पुलिस भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने तीनों शवों को वाहन से निकलवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। हादसे के बाद कुछ देर के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडे ने बताया कि ट्रक की टक्कर से दंपति और उनकी बच्ची की मौत हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तथा दुर्घटना के संबंध में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने ट्रक चालक की तलाश भी शुरू कर दी है। उधर जैसे ही एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर गांव नगला पटिया पड़म पहुंची, वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर से कुछ देर पहले शादी में जाने की खुशियां निकल रही थीं, उसी घर में अब मातम पसरा हुआ है।
फिरोजाबाद पुलिस ने 106 गुम मोबाइल फोन बरामद किए:₹19 लाख कीमत के फोन, मालिकों को लौटाए गए
फिरोजाबाद पुलिस की सर्विलांस सेल और थाना पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर 106 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 19 लाख रुपये है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। यह विशेष अभियान एसएसपी आदित्य लांग्हे के निर्देशन में चलाया गया। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी साइबर अपराध के नेतृत्व में सर्विलांस टीम ने जनपद के सभी थानों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया। पुलिस ने सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर गुम हुए मोबाइलों की शिकायतों का परीक्षण कर तकनीकी सर्विलांस के माध्यम से कार्रवाई की। बरामद किए गए कुल 106 मोबाइलों में विभिन्न कंपनियों के फोन शामिल हैं। इनमें वीवो के सर्वाधिक 27, सैमसंग के 21, ओप्पो के 18, रियलमी के 11, रेडमी के 10, टेक्नो के 4, मोटोरोला के 4, वन प्लस के 4, पोको के 3, आईक्यूओओ के 2 तथा लावा और नोकिया के एक-एक मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित सीईआईआर पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कराने का एक प्रभावी माध्यम है। इस पोर्टल पर आवेदक स्वयं भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसके आधार पर पुलिस मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर बरामदगी की कार्रवाई करती है। दूरसंचार विभाग के अनुसार, सीईआईआर पोर्टल का मुख्य उद्देश्य खोए या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करना, ट्रैक करना और बरामद कराना है। जनपद में अब तक विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कुल 1276 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। पुलिस विभाग ने इस उपलब्धि को तकनीकी पुलिसिंग की एक बड़ी सफलता बताया है। मोबाइल बरामदगी के इस अभियान में निरीक्षक मुकेश कुमार, प्रभारी सर्विलांस, अपनी टीम के साथ सक्रिय रहे। इसके अतिरिक्त, जनपद के समस्त थाना प्रभारी और प्रभारी निरीक्षक भी अपनी-अपनी टीमों सहित इस कार्रवाई में शामिल थे।
मैनपुरी शहर में बुद्ध पूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पावर हाउस रोड स्थित गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज से एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ी एक दर्जन से अधिक झांकियां शामिल थीं। इन झांकियों में बच्चों को बुद्ध के स्वरूप में रथों पर बैठाया गया था। कार्यक्रम में समाज के कई गणमान्य नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इनमें पैक पैड के अध्यक्ष शाक्य प्रेम सिंह शाक्य, डॉ. वीरेंद्र शाक्य, आलोक शाक्य, महाराज सिंह शाक्य, डॉ. दिनेश शाक्य, सुनील कुशवाहा, ऋषि कुशवाहा, राहुल कुशवाहा और अखिलेश कुशवाहा प्रमुख थे। शोभायात्रा का आयोजन लालाराम शाक्य और पप्पू ने किया। इस भव्य शोभायात्रा में महिला, पुरुष, युवा और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आगरा रोड स्थित गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज पर पहुंचकर एक सभा में परिवर्तित हो गई और इसका समापन हुआ।

