बुलंदशहर में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जियाउर्रहमान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर उनके पिता इमामुद्दीन और रिश्तेदार रऊफ खान पर हुए जानलेवा हमले के आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने फरार अन्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी पर भी जोर दिया है। जियाउर्रहमान ने बताया कि यह घटना 11 मई 2026 को हुई थी। उनके पिता इमामुद्दीन एडवोकेट और रिश्तेदार रऊफ खान पर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। हालांकि, इस हमले में दोनों बाल-बाल बच गए। इस संबंध में थाना कोतवाली नगर में अपराध संख्या 478/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। समाज और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर उन्होंने आरोप लगाया कि नामजद आरोपी आपराधिक मानसिकता के हैं और लगातार भय व दबाव का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जियाउर्रहमान का कहना है कि ऐसे व्यक्तियों के पास शस्त्र लाइसेंस बने रहना समाज और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। जियाउर्रहमान ने एसएसपी से मांग की है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाएं और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 'ग्राम रथ अभियान' चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सरवीना-जवाजा पंचायत भवन में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भाजपा राजस्थान के प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व मंत्री भूपेंद्र सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर भूपेंद्र सैनी ने बताया कि राज्य सरकार कृषकों, पशुपालकों और ग्रामीण नागरिकों को योजनाओं का सीधा लाभ देने के लिए LED मोबाइल वैन आधारित जन-जागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस अभियान को अब 17 मई तक बढ़ा दिया गया है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा ग्रामीण इन योजनाओं से जुड़ सकें। सैनी ने बताया कि 'ग्राम' अभियान के तहत कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व, पंचायतीराज और ग्रामीण विकास सहित कुल 13 विभागों की योजनाओं की जानकारी प्रचार सामग्री के माध्यम से दी जा रही है। इसके अतिरिक्त कला जत्था के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के ज़रिए भी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। भूपेंद्र सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि अन्नदाता का सशक्तिकरण ही देश की समृद्धि का आधार है। उन्होंने ज़ोर दिया कि सरकार किसानों, पशुपालकों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सैनी ने ग्रामीणों और युवाओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शंकर सिंह रावत ने कहा कि 'ग्राम रथ अभियान' सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार का एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों और किसानों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर पूर्व सभापति नरेश कनौजिया, प्रधान गणपत सिंह जवाजा, मंडल अध्यक्ष संतोष रावत, प्रदीप सिंह, जय सिंह रावत, कुशाल सिंह रावत, पूर्व मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह रावत, देवेंद्र सिंह रावत, पूर्व प्रधान प्रभु सिंह रावत, तहसीलदार हनुत सिंह और विकास अधिकारी बलराम मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
गुरु नानक नगर ड्रेनेज पाइपलाइन पर सवाल:निवासियों ने नगर निगम से मांगी तकनीकी जानकारी
मथुरा के गुरु नानक नगर में प्रस्तावित ड्रेनेज पाइपलाइन परियोजना पर कॉलोनीवासियों ने सवाल उठाए हैं। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने नगर निगम से इस परियोजना की पूरी तकनीकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार, कॉलोनी पिछले लगभग दस वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रही है। बारिश के दौरान सड़कें और घर पानी में डूब जाते हैं, जिससे निवासियों को भारी परेशानी होती है। ऐसे में प्रस्तावित ड्रेनेज पाइपलाइन के कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में आशंका बढ़ गई है। आरडब्ल्यूए ने नगर निगम को भेजे गए पत्र में पाइपलाइन के रूट, निर्माण प्रक्रिया, पाइप का व्यास (डायमीटर), उपयोग की जाने वाली सामग्री, निरीक्षण चैंबर की दूरी और ड्रेनेज के स्लोप रेशियो जैसी विस्तृत तकनीकी जानकारियां साझा करने की मांग की है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि इन जानकारियों के बिना परियोजना की गुणवत्ता और उपयोगिता का आकलन करना संभव नहीं है। स्थानीय लोगों ने एक और चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि प्रस्तावित पाइपलाइन को न्यू बस स्टैंड के स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ने की योजना भविष्य में जलभराव की समस्या को और गंभीर बना सकती है। निवासियों का कहना है कि यदि ड्रेनेज का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण नहीं किया गया, तो बरसात में स्थिति और बिगड़ सकती है। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने नगर निगम से आग्रह किया है कि परियोजना की पूरी कार्ययोजना, ड्रॉइंग और लेआउट सार्वजनिक किए जाएं। उनका उद्देश्य है कि कॉलोनीवासी भी इस पर अपने सुझाव दे सकें और परियोजना का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो।
पानीपत की एडिशनल सेशन जज/फास्ट ट्रैक कोर्ट (POCSO) के न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी गला घोंटकर हत्या करने के दोषी शिव कुमार उर्फ योगेश को प्राकृतिक मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यानी दोषी अब अपनी आखिरी सांस तक जेल की सलाखों के पीछे ही रहेगा। दिवाली की रात मासूम को बनाया था शिकार बच्ची के परिवार की ओर से मामले की पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट मुनीष शर्मा ने बताया कि यह वारदात 24 अक्टूबर 2022 (दिवाली की शाम) की है। दोषी शिव कुमार, जो मूल रूप से यमुनानगर का रहने वाला है, पानीपत के पुराना औद्योगिक थाना क्षेत्र में किराए पर रहता था। बच्ची अपनी मौसी के घर दिवाली मनाने आई थी और गली में पटाखे चला रही थी। दोषी उसे पटाखे और खाने की चीजें दिलाने के बहाने अपने कमरे में ले गया। तंत्र-मंत्र और हैवानियत की इंतहा अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों और दोषी के इकबालिया बयान के अनुसार, उसने कमरे में पहले से ही काली माता की पूजा की सामग्री तैयार रखी थी। उसने मासूम बच्ची के साथ पहले तंत्र-मंत्र जैसी हरकतें कीं और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। अपनी पहचान छिपाने और पकड़े जाने के डर से उसने बच्ची की पजामी से ही उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। शव झाड़ियों में फेंककर खुद ढूंढने का नाटक करता रहा हैवानियत यहीं नहीं रुकी, दोषी ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर बच्ची के शव और चप्पलों को पास के एक खाली प्लॉट की झाड़ियों में फेंक दिया। अगले दिन वह परिवार के साथ मिलकर बच्ची को ढूंढने का नाटक भी करता रहा। जब पुलिस ने शव बरामद किया, तो वह डर के मारे कोलकाता भाग गया था, जहां से पुलिस ने उसे कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया। वैज्ञानिक साक्ष्यों ने दिलाई सजा पुलिस ने जांच के दौरान कमरे में मौजूद मंदिर के नीचे छिपे हुए खून से सने कपड़े और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए थे। एफएसएल (FSL) रिपोर्ट और डीएनए (DNA) प्रोफाइलिंग ने अदालत में आरोपी के खिलाफ सबसे पुख्ता सबूत का काम किया, जिससे उसे बच निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला।
श्मशान के रास्ते पर चला बुल्डोजर:कब्रिस्तान की दीवार तोड़ प्रशासन ने खोला मार्ग
बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के मुड़िया अहमदनगर गांव में श्मशान घाट के रास्ते को लेकर चल रहे वर्षों पुराने विवाद पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। मंगलवार को एसडीएम सदर और नायब तहसीलदार विदित कुमार की मौजूदगी में कब्रिस्तान के पास बनी अवैध बाउंड्रीवाल को बुल्डोजर से तोड़ा गया। इससे श्मशान घाट तक जाने का रास्ता खुल गया। कार्रवाई के दौरान गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा। ग्रामीणों का आरोप था कि श्मशान घाट तक जाने वाला पुराना रास्ता अवैध कब्जों और बाउंड्रीवाल बनाकर बंद कर दिया गया था। इस कारण अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने में ग्रामीणों को कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। ग्रामीण लंबे समय से प्रशासन से रास्ता खुलवाने की मांग कर रहे थे और कई बार प्रदर्शन भी कर चुके थे। मंगलवार को प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और पैमाइश के बाद अवैध निर्माणों पर बुल्डोजर चलाया। कब्रिस्तान के पास बनाई गई अवैध कॉलोनी के कुछ हिस्सों पर भी कार्रवाई की गई। बुल्डोजर चलते ही मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए राहत व्यक्त की। उनका कहना है कि अब गांव के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गांव में हुई इस कार्रवाई की चर्चा पूरे इलाके में बनी रही। कई लोग इसे प्रशासन की सख्ती का परिणाम मान रहे हैं, तो कुछ इसे ग्रामीणों के लंबे संघर्ष की जीत बता रहे हैं।
इंदिरापुरम में हरे पेड़ काटे गए:पार्षद ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित वार्ड-79 अभय खंड के सामने ग्रीन वैली-2 इलाके में दर्जनों हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर क्षेत्रीय पार्षद हरीश कड़ाकोटी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने कटे हुए पेड़ों को देखकर नाराजगी व्यक्त की और इसे पर्यावरण के साथ खिलवाड़ बताया। पार्षद हरीश कड़ाकोटी ने आरोप लगाया कि ग्रीन वैली-2 क्षेत्र में लंबे समय से लगभग 100 अवैध झुग्गियां मौजूद हैं। इन झुग्गियों को हटाने के लिए उन्होंने कई बार नगर निगम और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। कड़ाकोटी के अनुसार, नगर निगम के उद्यान विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारी और सुपरवाइजर इन अवैध झुग्गियों से लगातार वसूली कर रहे हैं। इसी कारण अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने दावा किया कि जानकारी जुटाने पर यह सामने आया कि अवैध कब्जों को बचाने के लिए ही धीरे-धीरे इलाके के हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पार्षद ने तत्काल जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और वन विभाग के डीएफओ सहित कई अधिकारियों को व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दी। हालांकि, घंटों बाद भी मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी गई। पार्षद हरीश कड़ाकोटी ने जोर देकर कहा कि पेड़ों की कटाई पर्यावरण कानूनों का सीधा उल्लंघन और एक दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद खुलेआम दर्जनों पेड़ काट दिए गए और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वह इस मामले को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।
सुल्तानपुर में 13 वर्षीय राजकुमार निषाद को मंगलवार को 'बाल वीरता पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने कलेक्ट्रेट सभागार में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। राजकुमार ने गोमती नदी में डूब रहे तीन किशोरों की जान बचाकर अदम्य साहस का परिचय दिया था। सम्मान समारोह में अधिकारियों ने राजकुमार के साहस और सूझबूझ की सराहना की। उन्हें प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस अवसर पर प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने राजकुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह घटना गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के अर्जुनपुर बेलहरी गांव के पास गोमती नदी में घटित हुई थी। कुलदीप (23) अपने गांव के मंजीत (15), कल्लू (13) और ओम लाल (15) के साथ मछली पकड़ने गए थे। नदी किनारे पहुंचने पर सभी ने नहाने का निर्णय लिया और गहरे पानी में चले गए, जहां वे डूबने लगे। इसी दौरान, पास में भैंस चरा रहे 13 वर्षीय राजकुमार निषाद ने उन्हें डूबते हुए देखा। उसने तत्काल दौड़कर मंजीत, कल्लू और ओम लाल को अथक प्रयासों से सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, कुलदीप का वजन अधिक होने के कारण राजकुमार उसे बचाने में असमर्थ रहा। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने स्थानीय गोताखोरों की सहायता से कुलदीप का शव नदी से बरामद किया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर जयसिंहपुर ब्लॉक प्रमुख राहुल शुक्ला गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और राजकुमार को आर्थिक सहायता प्रदान की। ब्लॉक प्रमुख ने राजकुमार की मां को भी सम्मानित किया और घोषणा की कि बच्चे की शिक्षा का संपूर्ण खर्च वहन किया जाएगा।
मिर्जापुर की कोतवाली शहर पुलिस ने फर्जी बैनामा कर जमीन हड़पने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन का अवैध तरीके से बैनामा कराने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, यह मामला 19 अक्टूबर 2025 को सामने आया था। जिगना थाना क्षेत्र के खैरा गांव निवासी रमाशंकर पाण्डेय ने कोतवाली शहर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि खैरा निवासी हौसिला प्रसाद पाण्डेय ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी जमीन का बैनामा करा लिया। पीड़ित की तहरीर के आधार पर कोतवाली शहर थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू करते हुए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई तेज की गई। विवेक जावला के नेतृत्व और दया शंकर ओझा के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने 12 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर आरोपी हौसिला प्रसाद पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की आगे की विवेचना जारी है।
NEET का पेपर लीक होने के बाद रद्द होने पर अलवर के स्टूडेंट्स में गुस्सा भी है और संतोष भी। छात्रों का कहना है कि रद्द नहीं होता तो चीटिंग करने वाले पास हो जाते। अब दुबारा एग्जाम होगा तो मेहनत करने वाले ही पास होंगे। पेपर लीक होने के बाद रद्द करना सही है। अलवर की छात्रा कनिष्का सैनी ने कहा कि नीट एग्जाम रद्द सही हुआ है। लीक होने से कटऑफ अधिक जाती। लेकिन तैयारी करने वालों को बड़ा नुकसान हो जाता। मेरा पेपर भी अच्छा हुआ था। पेपर लीक होने से परेशानी भी होगी। मैं दो साल से तैयारी कर रही थी। पेपर भी ठीक हुआ था। छात्र अथर्व खंडेलवाल ने कहा कि पेपर लीक हुआ है तो रद्दा होना चाहिए। कैपेपल को कम कॉलेज मिलेगा। पैसे देकर अच्छा कॉलेज लेने वाल रुक जाएंगे। मेरा पेपर भी अच्छा हुआ था। लीक होने पर कटऑफ हाई जाती है। छात्र विनय ने कहा कि पहले दुख हुआ। पेपर लीक हुआ तो सही भी हुआ है। मेहनत करने वालों के हाथ से कॉलेज चला जाता है। लेकिन अब मेहनत करने वालों को ही मिल सकेगी। अब फिर से मेहनत करनी होगी। समय व पैसा दोनों खराब हो गया। पेपर लीक नहीं होना चाहिए। कचरा है वो साइड हो जाएंगे। पढ़ने वालों को कॉलेज मिल सकेगा। छात्रा शिवानी ने कहा कि नीट का एग्जाम अच्छा हुआ था। लीक हुआ तो रद्द होना जरूरी था। ईमानदारी से एग्जाम देने वालों को सही परिणाम मिलना जरूरी था। एनटीए का फैसला सही है। छात्रा लक्षिता ने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि अच्छे कॉलेज में एडमिशन हो जाएगा। लेकिन अब पेपर लीक होने के बाद नीट रद्द हो गया। अब री नीट होगा। सरकार ने सही निर्णय किया है। रद्द नहीं होता तो चीटिंग करने वालों को फायदा हो जाता। अब नहीं हो सकेगा।
सहारनपुर में मुख्यमंत्री पर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में कश्यप क्रांति एकता मिशन के प्रदेश उपाध्यक्ष अनुज कश्यप को पुलिस ने हिरासत में लिया था। मंगलवार को सहारनपुर कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अनुज कश्यप ने पुलिस-प्रशासन,भाजपा नेताओं और शामली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। थाना सदर बाजार पुलिस ने अनुज कश्यप के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के बाद कश्यप समाज में भारी आक्रोश देखा गया। देर रात बड़ी संख्या में समाज के लोग थाना सदर बाजार पहुंचे और अनुज कश्यप की रिहाई की मांग करते हुए हंगामा किया। मंगलवार को कोर्ट में पेशी के दौरान भी भीड़ जुटी और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। बाद में कोर्ट ने अनुज कश्यप को जमानत दे दी। जमानत पर बाहर आने के बाद अनुज कश्यप ने शामली जिले के गांव जसाला निवासी मोनू कश्यप की हत्या के मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोनू कश्यप को बेरहमी से पीटा गया,उसकी टांग काटी गई और शव रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया था,लेकिन पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या साबित करने की कोशिश की थी। अनुज कश्यप ने आरोप लगाया कि कश्यप समाज और संगठन के दबाव के बाद ही धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाकी आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है और राजनीतिक दबाव के कारण जांच प्रभावित हो रही है। उन्होंने एक एमएलसी और स्थानीय नेताओं पर हत्यारों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। अनुज कश्यप ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बिना किसी ठोस कारण के रात में उनके घर दबिश दी और उन्हें थाने लाकर पूरी रात बैठाए रखा। उनका कहना था कि उन्होंने अपने बयान को लेकर पहले ही स्पष्टीकरण दे दिया था, इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने इस कार्रवाई को तानाशाही बताते हुए कहा कि यह समाज की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कश्यप समाज पर अत्याचार हुआ तो पूरा समाज एकजुट होकर सड़क पर उतरेगा। उन्होंने मोनू कश्यप हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और पांच बीघा जमीन देने की मांग की। साथ ही कहा कि समाज अब राजनीतिक तौर पर भी जवाब देने की तैयारी कर चुका है।
मथुरा में सड़क हादसे में महिला की मौत:अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, पति गंभीर रूप से घायल
मथुरा के थाना फरह क्षेत्र में आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार महिला की मृत्यु हो गई। इस घटना में महिला का पति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा रैपुराजाट चौकी के पास तब हुआ जब दंपती दिल्ली से फिरोजाबाद लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, फिरोजाबाद के आजाद नगर निवासी राजदीप अपनी पत्नी रेखा देवी के साथ बाइक से दिल्ली से अपने घर लौट रहे थे। रैपुराजाट चौकी के समीप पहुंचने पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रेखा देवी की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि राजदीप गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही रैपुराजाट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल राजदीप को तत्काल उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। अज्ञात वाहन की पहचान के लिए राजमार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने बताया कि जल्द ही वाहन और चालक की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना की सूचना मिलने पर मृतका के परिजन भी मथुरा पहुंच गए। परिवार में इस आकस्मिक मृत्यु से गहरा दुख है। इलाके में भी इस घटना को लेकर गंभीर माहौल है।
बागपत डीएम अस्मिता लाल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने भीषण गर्मी को देखते हुए सभी गौ आश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए पर्याप्त छाया, स्वच्छ पेयजल और चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने गोवंशों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और पशु चिकित्सकों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण की व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। डीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि गौ आश्रय स्थलों पर चारा, भूसा और अन्य आवश्यक सामग्री का स्टॉक रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट किया जाए। साथ ही, सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुसार गौ संरक्षण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने की चेतावनी दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीत कुमार उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अरविंद कुमार त्रिपाठी और जिला विकास अधिकारी राहुल वर्मा सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
बदायूं के दातागंज रोड स्थित श्रीमद ब्रह्मदत्त गौशालाधाम में बेसहारा गोवंशों के लिए 24 घंटे पेयजल की ऑटोमैटिक व्यवस्था शुरू की गई है। इस नई प्रणाली से गोवंश अपनी प्यास लगने पर स्वयं पानी पी सकेंगे। गोमाता जल सेवा का उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि गौमाता की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं होती है। उनके अनुसार, देशी गौमाता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से चिलचिलाती गर्मी में भी गोवंश को 24 घंटे पीने का पानी उपलब्ध रहेगा, जिससे ब्रह्मदत्त गौशाला धाम गौ सेवा का एक अद्वितीय केंद्र बन गया है। गोमाताओं के लिए इस जल सेवा की व्यवस्था करने वाले अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि उनका परिवार गौशाला धाम से कई वर्षों से जुड़ा है। उन्होंने यहां आकर वृंदावन जैसा अनुभव होने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान धाम में भूसा सेवा करने वाले परिवारों को भी सम्मानित किया गया। श्री राधा रसिक विहारी मंडल बदायूं के सूर्यप्रकाश और उनकी भक्त मंडली ने मधुर भजन प्रस्तुत किए, जिसका उपस्थित भक्तजनों ने आनंद लिया। गोपालक सचिन भारद्वाज यशोधन ने गौशाला धाम का उद्देश्य भावी पीढ़ी में गौसेवा के संस्कारों को जीवित रखना बताया। इस अवसर पर शशि गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, अजय गुप्ता, सुभाष चंद्र गुप्ता, के एल गुप्ता, संजीव राधा प्रकाश, प्रेमप्रकाश अग्रवाल, इन्द्रेश रस्तोगी, उमेश रस्तोगी, प्रमोद राधा गोयल, अनिल जटवानी, रूपेंद्र सिंह लाम्बा, शरद सक्सेना, अमलेश गुप्ता, अशोक नारंग, मनीष जैन, आर. के. उपाध्याय, नीरज सक्सेना सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मऊगंज में पाडर गांव में 10 लाख की चोरी:बारात में गया था परिवार, लौटने पर घर का ताला टूटा मिला
मऊगंज थाना क्षेत्र के पाडर गांव में बीती रात एक सूने घर में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोर घर से नकदी, सोने-चांदी के जेवरात और अन्य सामान लेकर फरार हो गए। घटना के समय परिवार बारात में शामिल होने गया हुआ था। ताला तोड़कर घर में घुसे चोर जानकारी के अनुसार पाडर निवासी वंशपती लोनिया अपने परिवार के साथ बाहर गए थे। इसी दौरान चोरों ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। चोर घर में रखी पेटियां और अटैचियां भी अपने साथ ले गए। जंगल में मिला टूटा सामान सुबह जब परिवार घर लौटा तो ताला टूटा मिला और सामान बिखरा पड़ा था। तलाश करने पर घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में टूटी हुई पेटियां और अटैचियां मिलीं। आशंका है कि चोर नकदी और जेवर निकालने के बाद बाकी सामान वहीं फेंककर फरार हो गए। करीब 10 लाख का नुकसान पीड़ित वंशपती लोनिया ने बताया कि चोर करीब 1 लाख 95 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान ले गए हैं। उन्होंने कुल नुकसान 10 लाख रुपये से अधिक बताया है। घटना की सूचना मिलने के बाद मऊगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जंगल से मिले सामान को जब्त कर साक्ष्य जुटाए हैं। अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
मंगलवार को मथुरा में नगर निगम की जनसुनवाई आयोजित की गई। नगर आयुक्त जग प्रवेश की अध्यक्षता में भूतेश्वर स्थित कार्यालय में लोगों की समस्याएं सुनी गईं। वृंदावन जोनल कार्यालय में अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक और सिटी जोन में अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने भी शिकायतें सुनीं। जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। नगर आयुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए। भूतेश्वर जोन में कुल 9 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें 4 स्ट्रीट लाइट, 2 राजस्व और 2 सफाई व्यवस्था से संबंधित थीं। अधिकारियों ने मौके पर ही लाइट से जुड़ी 3 शिकायतों का समाधान कर दिया। वृंदावन जोन में 6 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 2 निर्माण कार्य, 1 अतिक्रमण और 2 टैक्स संबंधी थीं। वहीं, सिटी जोन में लाइट व्यवस्था से संबंधित 1 शिकायत मिली, जिसका तुरंत निस्तारण किया गया। जनसुनवाई में अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह, सहायक नगर आयुक्त राकेश कुमार त्यागी, कल्पना सिंह चौहान, अनुज कौशिक, अधिशासी अभियंता निर्माण अमरेंद्र गौतम, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी नरेंद्र यादव, सहायक अभियंता जल हेमेंद्र गौतम और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामगोपाल सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और काशी टोलवेज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े भदोही के लालानगर टोल प्लाजा स्टाम्प वाद में डीएम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पाया कि टोल संचालन के लिए हुए ‘कन्सेशन एग्रीमेंट’ पर भारी मात्रा में स्टाम्प शुल्क की कमी थी, जिसके बाद करोड़ों रुपये की वसूली का आदेश दिया गया। यह मामला 20 जून 2025 को सहायक महानिरीक्षक निबंधन की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया था। जांच में 18 मार्च 2023 को हुए उस एग्रीमेंट की समीक्षा की गई, जिसके तहत कंपनी को भदोही स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग खंड पर 15 वर्षों तक टोल वसूली, संचालन, प्रबंधन और रखरखाव का अधिकार दिया गया था। 100 रुपए का स्टाम्प शुल्क जमा किया कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह समझौता भारतीय स्टाम्प अधिनियम के तहत पट्टा विलेख की श्रेणी में आता है। एग्रीमेंट की कुल वित्तीय राशि 31 अरब 44 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई, जिस पर 62 करोड़ 88 लाख रुपये स्टाम्प शुल्क देय था। हालांकि, केवल 100 रुपए का स्टाम्प शुल्क जमा किया गया था। अदालत ने 62,87,99,900 रुपए की कमी स्टाम्प शुल्क राशि ब्याज सहित वसूलने का आदेश दिया है। इसके अलावा, कमी राशि का 10 प्रतिशत यानी 6,28,79,990 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। 55 टोल प्लाजा की स्टाम्प ड्यूटी जांच शुरू निर्णय में Rewa Tollway Private Limited vs State of Madhya Pradesh सहित कई न्यायिक दृष्टांतों का उल्लेख किया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि टोल वसूली से जुड़े कन्सेशन एग्रीमेंट भारतीय स्टाम्प अधिनियम के तहत पट्टा माने जाएंगे। इस फैसले को प्रदेश के सबसे बड़े स्टाम्प वादों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, भदोही में यह मुकदमा दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश में लगभग 55 टोल प्लाजा से जुड़े अनुबंधों की भी स्टाम्प ड्यूटी जांच शुरू हुई थी। माना जा रहा है कि यह निर्णय प्रदेशभर में लंबित समान मामलों पर भी प्रभाव डालेगा।
ग्रेटर नोएडा की फोम कंपनी में भीषण आग:दमकल की 3 गाड़ियों ने पाया काबू, कोई हताहत नहीं
ग्रेटर नोएडा में एक फोम कंपनी के परिसर में भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। आग कंपनी के स्क्रैप और सूखे घास-फूस में लगी थी, जो काफी भीषण थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल की तीन गाड़ियों को बुलाया गया। दमकलकर्मियों ने आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझा दिया। आग लगने के बाद कंपनी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। एहतियात के तौर पर वहां काम कर रहे कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया। जिला दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि दादरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत डीएमआरसी फोम कंपनी के प्लॉट नंबर एच-1 में आग लगने की सूचना मिली थी। उन्होंने पुष्टि की कि आग कंपनी के स्क्रैप और घास-फूस में लगी थी। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
खेत में मोटर तार जोड़ते समय किसान की मौत:बरेली के हाफिजगंज में करंट लगने से हुआ हादसा
बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के अहमदाबाद गांव में खेत में मोटर के तार जोड़ते समय एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी किसान अवधेश सुबह अपने खेत पर सिंचाई के लिए मोटर के तार लगा रहे थे। इसी दौरान अचानक तार में करंट दौड़ गया और अवधेश उसकी चपेट में आ गए। तेज करंट लगने से वह मौके पर ही गिर पड़े। आसपास मौजूद ग्रामीण जब तक उन्हें बचाने पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस की स्थानीय टीम और बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, बिजली विभाग की टीम यह जांच कर रही है कि हादसा तकनीकी खराबी से हुआ या सुरक्षा में लापरवाही के कारण।
भरतपुर में शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम बदला। तेज धूल भरी आंधियां चलने लगी और, बारिश शुरू हो गई। हल्की बूंदाबांदी के बाद बारिश रुक गई। दोपहर 3 बजे तेज धूप निकली हुई थी। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश और तेज हवा चलने की चेतावनी दी थी। दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस हुआ दर्ज मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.1 आंका गया। इसके अलावा 5.6KM प्रति घंटा के हिसाब हवाएं चली। दोपहर 3 बजे तक मौसम गर्माहट थी। अचानक से मौसम बदला और, धूल भरी आंधी चलने लगी। बादल गरजने लगे। जिसके बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब 5 मिनट बाद बारिश बंद हो गई। कई इलाकों में तेज हवा के साथ हुई बारिश मौसम विभाग ने पहले ही बारिश और आंधी की चेतावनी दी थी। देर शाम या रात में भी बारिश, आंधी चलने की संभावना है। शाम को मौसम बदलने के बाद तापमान में गिरावट आई और, मौसम ठंडा हो गया। शहर में कई जगह तेज हवा के साथ बारिश पड़ी।
मथुरा पुलिस ने 2 करोड़ के 527 गुम मोबाइल बरामद:सीईआईआर पोर्टल की मदद से मालिकों को वापस सौंपे गए फोन
मथुरा पुलिस की सर्विलांस सेल ने सीईआईआर पोर्टल का उपयोग कर 527 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत 2 करोड़ रुपये है। मंगलवार को पुलिस ने ये फोन उनके मालिकों को सौंप दिए। पुलिस के मुताबिक, 26 जनवरी 2026 से 11 मई 2026 के बीच जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में मोबाइल गुम होने की शिकायतें दर्ज की गई थीं। सर्विलांस सेल ने शिकायतों के आधार पर सीईआईआर पोर्टल की सहायता ली। टीम ने सीमावर्ती राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर मोबाइलों को ट्रेस किया और बरामद किया। बरामद किए गए मोबाइलों में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों के श्रद्धालुओं के फोन भी शामिल हैं, जो मथुरा-वृंदावन दर्शन के लिए आए थे। बरामद किए गए मोबाइलों में सर्वाधिक 207 फोन वृंदावन थाना क्षेत्र से मिले। पर्यटन थाना से 37, कोतवाली से 35, कोसीकलां से 33, छाता से 27 और गोवर्धन से 25 मोबाइल भी बरामद हुए। अन्य थाना क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में फोन बरामद किए गए। एसपी क्राइम श्वेता यादव ने जानकारी दी कि कुल 527 बरामद मोबाइलों में से 279 फोन पहले ही संबंधित थानों के जरिए उनके मालिकों को सौंप दिए गए थे। मंगलवार को शेष 248 मोबाइल उनके स्वामियों को वितरित किए गए। उन्होंने गुम हुए मोबाइलों की तलाश में सभी थाना प्रभारियों के सहयोग की सराहना की।
हरदोई में सड़क हादसे में छात्रा की मौत:स्कूल से लौटते समय वाहन ने टक्कर मारी, इलाज के दौरान तोड़ा दम
हरदोई के पिहानी क्षेत्र में मंगलवार को एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार छात्रा की मौत हो गई। छात्रा अपने चचेरे भाई के साथ स्कूल से घर लौट रही थी, तभी अज्ञात चौपहिया वाहन ने टक्कर मार दी। उसे गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिहानी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान पिहानी थाना क्षेत्र के हुल्लापुर सरेहजू गांव निवासी रामवीर यादव की 14 वर्षीय बेटी कोमल यादव के रूप में हुई है। कोमल कस्बे के ताहिर पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा थी। उसका चचेरा भाई जितिन भी उसी विद्यालय में पढ़ता है। मंगलवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद कोमल और जितिन स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे। वाजिदनगर के आगे पहुंचते ही एक तेज रफ्तार चौपहिया वाहन ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे में कोमल यादव गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई जितिन भी चोटिल हुआ। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और परिजनों को सूचना दी। घायल छात्रा को आनन-फानन में पिहानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। सीएचसी में डॉक्टरों ने जांच के बाद कोमल को मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत की खबर सुनकर परिवार में मातम छा गया। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दुर्घटना करने वाले अज्ञात वाहन की तलाश तेज कर दी है। ताहिर पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा की मौत से विद्यालय में भी शोक का माहौल है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में कृषि शिक्षा और प्रसार कार्य संबद्धीकरण के कारण प्रभावित हो रहा है। कृषि महाविद्यालयों और कृषि ज्ञान केंद्रों के लिए नियुक्त वैज्ञानिक और शिक्षक कई वर्षों से विश्वविद्यालय मुख्यालय से संबद्ध हैं। दर्जनों शिक्षकों का अपने मूल तैनाती स्थलों से मोहभंग हो गया है। इसके अतिरिक्त, डीन, डायरेक्टर और विभागाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी विश्वविद्यालय के कर्मचारी वर्षों से जमे हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन संबद्ध शिक्षकों को उनके मूल तैनाती स्थलों पर वापस भेजने के संबंध में निष्क्रिय बना हुआ है। दावों के बावजूद, इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे अवैध रूप से संबद्ध शिक्षकों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल रहा है। सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक संबद्धीकरण के नाम पर वेतन तो अपने मूल कृषि महाविद्यालयों से ले रहे हैं, लेकिन अध्यापन के बजाय विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों में कार्य कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, आजमगढ़ के कोटवा कृषि महाविद्यालय में 400 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं और दो दर्जन शिक्षकों की नियुक्ति है, पर पढ़ाई कुछ ही शिक्षकों के भरोसे चल रही है। कीट विज्ञान में डॉ. समीर कुमार, मृदा विज्ञान में डॉ. राबिन चौधरी, उद्यान एवं वानिकी में डॉ. यश्मिता, क्रॉप फिजियोलॉजी में डॉ. आलोक सिंह तथा कृषि प्रसार में डॉ. एन.आर. मीणा व डॉ. पीयूषा सिंह जैसे शिक्षक प्रभावी रूप से कुमारगंज विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं, जबकि वे कोटवा से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। अधिष्ठाता डॉ. धीरेंद्र कुमार सिंह लगातार संबद्धीकरण निरस्त कर शिक्षकों को वापस भेजने के लिए पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विश्वविद्यालय में रिक्त पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, ऐसे में संबद्ध शिक्षकों के लिए कोई पद उपलब्ध नहीं है। यही स्थिति कृषि ज्ञान केंद्रों की भी है, जहां कई कर्मचारी 20 वर्षों से विश्वविद्यालय मुख्यालय से संबद्ध हैं और उन्होंने अपने केंद्रों का दौरा तक नहीं किया है। इसके अलावा, वरिष्ठता को दरकिनार कर कनिष्ठों को विभागाध्यक्ष और अधिष्ठाता बना दिया गया है।
नीमच में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उप-पंजीयक कार्यालय को नवीन तहसील भवन में स्थानांतरित करने के प्रशासन के निर्णय का विरोध हो रहा है। मंगलवार को नीमच रियल एस्टेट ब्रोकर्स ग्रुप, जिला सर्विस प्रोवाइडर और पंजीयन अधिवक्ता संघ ने संयुक्त रूप से कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। संगठनों ने जनसुनवाई में तहसीलदार संजय मालवीय को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नवीन तहसील कार्यालय के पीछे आवंटित दो छोटे कमरों में रजिस्ट्रार ऑफिस का संचालन संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इन कमरों में जगह की भारी कमी है और पार्किंग जैसी गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न होंगी। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को बताया कि नीमच जिला बनने के बाद से यह कार्यालय छह से सात बार अपना स्थान बदल चुका है। कोरोना काल के बाद से इसकी व्यवस्थाएं अस्थिर बनी हुई हैं। उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान में जिला पंजीयक (कलेक्टर ऑफ स्टाम्प) और लोक सेवा केंद्र जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय मुख्य कलेक्ट्रेट परिसर में ही स्थित हैं। रजिस्ट्रार ऑफिस को दूर ले जाने से आम जनता और पक्षकारों को एक ही काम के लिए दो अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होगी। सबसे गंभीर समस्या वरिष्ठ नागरिकों और असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए होगी। जो स्ट्रेचर या एम्बुलेंस के माध्यम से रजिस्ट्री कराने आते हैं, उनके लिए नवीन स्थान पहुंच से बाहर और असुविधाजनक साबित होगा। अधिवक्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि उनके बैठने के स्थान और सभी आवश्यक संसाधन वर्तमान परिसर में ही व्यवस्थित हैं। इन्हें अचानक छोटे कमरों में स्थानांतरित करना संभव नहीं होगा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि जनहित को देखते हुए स्थानांतरण के इस आदेश पर तुरंत रोक लगाई जाए। वैकल्पिक रूप से, कार्यालय को कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर ही किसी बड़े हॉल या उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। इससे सरकारी राजस्व का काम सुचारु रूप से चलता रहेगा और जनता को अनावश्यक कष्ट नहीं उठाना पड़ेगा।
NEET-2026 (NATIONAL ELIGIBILITY CUM ENTRANCE TEST) पेपर लीक के बाद मेरठ में नीट अभ्यर्थियों के बीच गुस्सा और निराशा साफ दिखाई दे रही है। री-नीट की खबर के बाद छात्र, उनके माता-पिता और कोचिंग संचालक सभी परेशान हैं। छात्रों का कहना है कि महीनों की मेहनत और मानसिक तैयारी के बाद अब दोबारा उसी फेज में लौटना आसान नहीं है। वहीं कोचिंग संचालकों ने इसे NTA(National Testing Agency) की बड़ी विफलता बताया है। मेरठ के NEET अभ्यर्थी भानु मदान ने कहा कि NTA छात्रों पर तो बेहद सख्त सिक्योरिटी लागू करता है, लेकिन पेपर की सुरक्षा में हर बार फेल हो जाता है। उन्होंने कहा, एग्जाम सेंटर पर छात्रों के कॉलर तक चेक किए जाते हैं। कई जगह बच्चों के पॉकेट तक फाड़कर देखे गए, चप्पल तक उतरवा ली गईं, लेकिन इतनी सिक्योरिटी के बाद भी पेपर लीक हो जाता है। एग्जाम के बाद दोबारा उसी मानसिक स्थिति में जाकर तैयारी करना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि NTA हर बार दावा करता है कि इस बार पेपर पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, लेकिन लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आगे कहा की छात्रों का मनोबल टूट रहा है। 2024 में भी पेपर लीक हुआ था और अब फिर वही स्थिति बन गई है। यह कोई छोटा एग्जाम नहीं है, लाखों बच्चों का भविष्य इससे जुड़ा होता है। NEET अभ्यर्थी आरव भारद्वाज ने कहा कि पेपर लीक होने से हजारों छात्रों की मेहनत मिट्टी में मिल गई। उन्होंने कहा की मैंने लगातार दो साल मेहनत की थी ताकि डॉक्टर बन सकूं, लेकिन अब फिर से सब शुरू से करना पड़ेगा और डर है कि अब री-नीट में पेपर इतना कठिन कर दिया जाएगा कि कटऑफ गिर जाएगी और छात्रों को नुकसान होगा। आरव ने कहा कि NTA परीक्षा केंद्रों पर कलावे और छोटी-छोटी चीजें तक उतरवा लेता है, लेकिन पेपर को सुरक्षित नहीं रख पाता। उन्होंने कहा, बच्चों ने महंगी कोचिंग ली, दिन-रात मेहनत की, लेकिन अब सब बेकार होता दिख रहा है। NTA को इसका जवाब देना चाहिए। अभ्यर्थी लक्ष्य भोला ने कहा कि 3 मई को परीक्षा देने के बाद सभी छात्र मानसिक रूप से रिलैक्स हो चुके थे लेकिन अब अचानक कहा जा रहा है कि री-नीट होगा। हमने एग्जाम के बाद पढ़ाई बंद कर दी थी, जो पढ़ा था वह भी अब काफी हद तक भूल चुके हैं। दोबारा उसी फ्लो में आना बहुत मुश्किल है। लक्ष्य ने कहा कि इसमें छात्रों की कोई गलती नहीं है, लेकिन सजा उन्हें भुगतनी पड़ रही है। लक्ष्य ने यह भी कहा की अगर अब 15-20 दिन बाद परीक्षा होती है तो हम वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे जैसा 3 मई को किया था। कई छात्रों के सामने अब करियर बदलने या ड्रॉप लेने जैसी स्थिति बन गई है। वहीं मेरठ के कोचिंग संचालक करमवीर सिंघल ने इसे NTA का बड़ा फेलियर बताते हुए कहा कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने कहा, NTA न तो पेपर का स्तर सही रख पा रहा है और न ही सुरक्षा। बच्चे पहले ही तनाव में रहते हैं कि कहीं पेपर लीक न हो जाए। हर साल ऐसी घटनाएं सामने आने से छात्रों का रुझान भी कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के बाद छात्र और अभिभावक राहत महसूस कर रहे थे, लेकिन अचानक री-नीट की स्थिति आने से सभी फिर तनाव में आ गए हैं।
मुजफ्फरनगर के सारदेन पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए मिशन शक्ति और साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर बुलिंग जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। छात्राओं को विशेष रूप से आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। देखें, 4 तस्वीरें… पुलिस टीम ने बच्चों को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी और डिजिटल युग में सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में मिशन शक्ति टीम ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर विश्व रतन और प्रधानाचार्या धारा रतन ने एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ का स्वागत करते हुए उन्हें पौधा भेंट किया। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने ऐसे कार्यक्रमों को बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम के अंत में, एसपी क्राइम ने विद्यार्थियों से अनुशासित जीवन अपनाने, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मिर्जापुर में 20 मई को बंद रहेंगी दवा दुकानें:ऑनलाइन बिक्री के विरोध में डीएम को ज्ञापन सौंपा
मिर्जापुर में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को सभी दवा दुकानें बंद रहेंगी। दवा विक्रेता समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार द्विवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय संस्था ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) लगातार केंद्र सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग कर रही है। उनका कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से दवा बिक्री में ड्रग एक्ट के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। कंपनियां बेहद कम कीमतों पर दवाएं बेच रही प्रमोद कुमार द्विवेदी ने कहा कि नियमानुसार दवा बिक्री की प्रत्येक प्रक्रिया में फार्मासिस्ट की उपस्थिति और सरकारी निगरानी आवश्यक है, लेकिन ऑनलाइन कंपनियों में यह व्यवस्था लगभग न के बराबर है। इसके अतिरिक्त, बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां बेहद कम कीमतों पर दवाएं बेच रही हैं, जिससे स्थानीय दवा व्यापारियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। राष्ट्रव्यापी बंदी में शामिल होने का निर्णय समिति पदाधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण AIOCD ने 20 मई को देशभर में दवा दुकानों की बंदी का आह्वान किया है। मिर्जापुर के दवा व्यापारियों ने भी इस राष्ट्रव्यापी बंदी में शामिल होने का निर्णय लिया है। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि वे अपने स्तर से केंद्र सरकार को यहां के दवा व्यापारियों की नाराजगी और उनकी मांगों से अवगत कराएं। इस दौरान पंकज केशरी, रंजीत मौर्य, संजय कुमार गुप्ता, सुशील कुमार, जय प्रकाश सेठ, अखिलेश मिश्र तथा मनीष कुमार सहित अन्य दवा दुकानदार मौजूद रहे।
बुरहानपुर में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक अधिवक्ता ने बक्शिश (उपहार) में मिली संपत्ति के कथित अवैध नामांतरण की शिकायत की। उन्होंने कलेक्टर से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला कलेक्टर द्वारा अपंजीकृत बक्शिश वाली संपत्तियों के नामांतरण पर प्रतिबंध के बावजूद सामने आया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि कलेक्टर ने अपंजीकृत बक्शिश वाली संपत्तियों और अवैध कॉलोनियों के छोटे भूखंडों के नामांतरण पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। यह प्रतिबंध वर्ष 2022 से लागू है। इसके बावजूद, ऐमागिर्द खसरा नंबर 412-2 (रकबा 0.1520 हेक्टेयर कृषि भूमि) में से भूमि स्वामी ने शेख अजीज पिता शेख रोशन, नवाब अहमद पिता शेख रोशन व अन्य को एक हजार रुपए के स्टाम्प पर अपंजीकृत मौखिक बक्शिश दी थी। वर्तमान में शेख अजीज और अन्य इस भूमि पर रहते हैं। आरोप- अपंजीकृत जमीन का नामांतरण हुआअधिवक्ता शेख हनीफ ने जनसुनवाई में शिकायत करते हुए कहा कि नायब तहसीलदार बुरहानपुर द्वारा 25 जून 2024 को इस अपंजीकृत बक्शिश वाली भूमि का नामांतरण कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांतरण के बाद रिकॉर्ड में अजीज पिता रोशन, नवाब पिता रोशन की जगह 'सुधा विरुद्ध किशन लाल' दर्ज है, जबकि भूमि खसरे में दर्ज नहीं है। अधिवक्ता ने इसे फर्जीवाड़ा बताते हुए गहन जांच की मांग की। जनसुनवाई में अन्य शिकायतें भी आईं। इच्छापुर निवासी नजमा बी हसन ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनका नाम सूची में होने के बावजूद उन्हें पंचायत के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। नजमा बी ने सरपंच और सचिव पर अभद्र व्यवहार का आरोप भी लगाया। इसके अतिरिक्त, कुछ लोगों ने आजाद नगर निवासी अख्तर उद्दीन पिता रियाज उद्दीन और मुमताज उद्दीन पिता चिराग उद्दीन के खिलाफ सरकारी जमीन पर अवैध कॉलोनी काटने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि खसरा नंबर 390 (रकबा 0.3880) पर अवैध रूप से कॉलोनी काटी जा रही है। उन्होंने इस मामले की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की।
देवरिया की एक नाबालिग छात्रा द्वारा वृंदावन में एक धार्मिक समागम के दौरान किए गए खुलासे के बाद एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। छात्रा ने आरोप लगाया था कि युवक ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया और उससे कई बार पैसे भी ऐंठे। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना अप्रैल महीने की है, जब देवरिया निवासी छात्रा अपनी मां के साथ स्वामी अनिरुद्धाचार्य के समागम में शामिल होने वृंदावन पहुंची थी। छात्रा ने वहां अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसके स्कूल के कुछ छात्र लड़कियों को बहला-फुसलाते हैं। उसने विशेष रूप से आरोपी आशिक अंसारी पर आरोप लगाया कि उसके कहने पर उसने घर से पैसे चुराकर उसे दिए थे। छात्रा ने यह भी दावा किया कि युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ गलत संबंध बनाए। समागम के दौरान स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने छात्रा को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने अभिभावकों और समाज से बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें सतर्क रहने के लिए प्रेरित करने की अपील भी की। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन से मामले की गहन जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की। विधायक की पहल के बाद देवरिया पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार, 10 मई को प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना बरियारपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी आशिक अंसारी, पुत्र इमामुद्दीन अंसारी, निवासी चकमाधो उर्फ मठिया, बरियारपुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है और सभी संबंधित पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। सदर विधायक डा. शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा ऐसे जेहादी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बागपत में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत:ग्रामीणों ने डीएम ऑफिस पहुंच कर कार्रवाई की मांग की
बागपत में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। मंगलवार को मुकुंदपुर गांव के मोहित कुमार सहित कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह जमीन ग्राम समाज और सार्वजनिक उपयोग के लिए है। कुछ लोग इस पर अवैध रूप से निर्माण कार्य कराने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि पहले भी प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवाया था, लेकिन उसके बाद दोबारा कब्जे की कोशिशें शुरू हो गईं। इस अवैध निर्माण के कारण गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकारी भूमि पूरी तरह से अवैध कब्जे में चली जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने की भी मांग की। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निवाड़ी जिले में मंगलवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। जिले के बीजौर क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, वहीं टेहरका इलाके में भी तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई है और वातावरण में ठंडक घुल गई है। बीजौर में ओलावृष्टि और टेहरका में तेज हवाएं बीजौर क्षेत्र में दोपहर को अचानक बादलों की गड़गड़ाहट के साथ ओले गिरे, जिससे सड़कों और खेतों में पानी भर गया। इसी तरह टेहरका क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। पिछले कई दिनों से पारा चढ़ने के कारण लोग परेशान थे, जिनके लिए यह बारिश सुकून लेकर आई है। मौसमी बीमारियों को लेकर प्रशासन ने किया अलर्ट मौसम में आए इस आकस्मिक बदलाव के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने की चेतावनी दी है। तापमान में उतार-चढ़ाव से सर्दी, खांसी, वायरल और बुखार जैसी समस्याओं के फैलने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने आमजन से बदलते मौसम में सतर्क रहने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
मैनपुरी पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ नष्ट किए हैं। 'ऑपरेशन दहन' के तहत 129 मामलों में जब्त किए गए लगभग 1472 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों का विनिष्टीकरण किया गया। इनकी अनुमानित कीमत 10 करोड़ 68 लाख रुपए से अधिक बताई गई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर नशा मुक्त समाज अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देशन में, गांजा, स्मैक, चरस, डोडा, डायजापाम और हेरोइन जैसे विभिन्न नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली, दन्नाहार और घिरोर के कुल 129 मुकदमों में बरामद ये मादक पदार्थ न्यायालय के आदेश और एनडीपीएस एक्ट की धारा 52A की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नष्ट किए गए। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 1458.123 किलोग्राम गांजा, 270 ग्राम स्मैक, 1257 ग्राम चरस, 8.575 किलोग्राम डोडा, 3.596 किलोग्राम डायजापाम और 615 ग्राम हेरोइन शामिल थी। वहीं पूरी प्रक्रिया गडेरी स्थित ग्रीन हाउस वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में संपन्न हुई। यहां पर्यावरण सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए हाई कैपेसिटी इंसीनरेटर मशीन का उपयोग कर इन नशीले पदार्थों को भस्म किया गया। विनष्टीकरण की यह कार्रवाई सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह की मौजूदगी और गठित ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में की गई। इस दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया- मैनपुरी पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन दहन' के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जनपद में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
सुल्तानपुर में एक प्रोफेसर और उनके पति के संयुक्त बैंक खाते से साइबर ठगों ने लगभग 21 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। यह घटना पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की KNIT शाखा में हुई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली नगर के विनोवापुरी निवासी रत्नाकर सिंह और उनकी पत्नी किरण सिंह, जो KNIPSS में प्रोफेसर हैं, का PNB की KNIT शाखा में एक संयुक्त खाता है। धोखाधड़ी से पहले उनके खाते में कुल 21 लाख रुपये जमा थे। पीड़ितों ने बताया कि 29 अप्रैल 2026 को अज्ञात साइबर ठगों ने उनके खाते से 20,70,000 रुपये निकाल लिए। इतनी बड़ी राशि निकाले जाने के बावजूद उन्हें समय रहते इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। रत्नाकर सिंह को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब वे एटीएम से पैसे निकालने गए और उन्हें 'लो बैलेंस' का संदेश मिला। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर उन्हें ज्ञात हुआ कि उनकी जीवन भर की जमा पूंजी निकाल ली गई थी। इसके तुरंत बाद उन्होंने साइबर थाने को सूचित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। निरीक्षक सुरेश कुमार वर्मा को इस मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
अजमेर के आदर्श नगर स्थित मुकुंद नगर क्षेत्र में नया शराब ठेका खुलने के विरोध में मंगलवार को क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं और पुरुषों ने मुख्य सड़क पर धरना देकर रास्ता जाम कर दिया और प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने आरोप लगाया कि रातों-रात इलाके में नया शराब ठेका खोल दिया गया, जबकि क्षेत्र में पहले से ही एक शराब का ठेका संचालित है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तुरंत ठेका बंद कराने की मांग की। सूचना मिलने पर आदर्श नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से समझाइश की। इसके बाद मामला शांत हुआ। क्षेत्र निवासी श्वेता जैन ने बताया कि नए शराब ठेके से महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ठेका खुलने के बाद महिलाओं का रात में बाहर निकलना और वॉक करना मुश्किल हो जाएगा। अगर जल्द ठेका बंद नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं भाजपा नेता देवेंद्र सिंह शेखावत ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग ने विवादित जमीन पर शराब ठेका अलॉट किया है। उन्होंने कहा कि जमीन पर स्टे होने के बावजूद अवैध तरीके से ठेका आवंटित किया गया, जिसके विरोध में लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, ब्यावर ने राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी, विशेषज्ञ सेवाओं के अभाव और मरीजों के साथ कथित लापरवाही को लेकर रोष व्यक्त किया है। कांग्रेस प्रतिनिधियों ने अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भेजा, जिसमें तत्काल उच्चस्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और अस्पताल की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि अमृतकौर चिकित्सालय ब्यावर के साथ-साथ अजमेर, पाली, राजसमंद, नागौर और भीलवाड़ा सहित आसपास के पांच जिलों के लाखों गरीब और ग्रामीण मरीजों का प्रमुख सहारा है। हालांकि, वर्तमान में अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाएं बदहाल स्थिति में हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है, जिसके कारण प्रमुख ऑपरेशन लगभग बंद पड़े हैं। मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है, जहां उन्हें आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ता है। सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, गायनोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक, रेडियोलॉजिस्ट, पेडियाट्रिशियन और मेडिसिन विशेषज्ञों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। ज्ञापन में ट्रॉमा सेंटर की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई गई है। आरोप है कि 8-8 घंटे तक सर्जन, ऑर्थोपेडिक और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं रहते, जिससे दुर्घटना पीड़ित मरीजों को गंभीर परेशानियां होती हैं। एनेस्थीसिया विभाग में विशेषज्ञों की कमी के कारण ऑपरेशन थिएटर भी प्रभावित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त अस्पताल में एमआरआई मशीन का अभाव है और पुरानी सीटी स्कैन मशीन बार-बार खराब होती रहती है। रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में भी देरी होती है। महिलाओं और बच्चों के उपचार को लेकर भी गंभीर अव्यवस्थाओं के आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होता है, तो वे आंदोलन करेंगे और चिकित्सालय का घेराव करेंगे। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि अस्पताल की स्थिति की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की संयुक्त समिति गठित की जाए, जो 7 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करे। साथ ही 15 दिनों के भीतर रिक्त विशेषज्ञ पदों पर नियुक्तियां करने, नई एमआरआई एवं आधुनिक सीटी स्कैन मशीन लगाने, ट्रोमा सेंटर, आईसीयू और लेबर रूम को 247 पूर्ण रूप से संचालित करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करने की मांग रखी गई है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई और 30 दिनों में अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार दिखाई नहीं दिया, तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ा जनआंदोलन और चिकित्सालय घेराव किया जाएगा।
पलवल जिले में लेनदेन को लेकर हुए विवाद में फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना में तीन लोग गोली लगने से घायल हुए थे। सीआईए हथीन और बहीन थाना पुलिस फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। सीआईए हथीन प्रभारी पीएसआई दीपक गुलिया ने बताया कि आलीमेव गांव में विवाद की शुरुआत 9 मई की सुबह हुई थी। पीड़ित शाहिद के चाचा अब्दुल सलाम आरोपी मकसूद से अपने पैसे मांगने गए थे। आरोप है कि मकसूद ने पैसे देने से इनकार कर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। घर में घुसकर बरसाई थी गलियां इसी रंजिश के चलते 10 मई की सुबह करीब 6:30 बजे आरोपियों ने हथियारों के साथ पीड़ित के घर पर हमला कर दिया। शिकायतकर्ता शाहिद के मुताबिक, आरोपी इकबाल, मकसूद, वसीम, वकार और अन्य ने घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। मुख्य आरोपी मकसूद ने काशिफा पर सीधी गोली चलाई, जो उसके सीने के नीचे लगी। काशिफा के गिरने के बाद अरशद ने उसकी जांघ में दूसरी गोली मारी। वसीम द्वारा चलाई गई गोली अब्दुल सलाम के बाजू में लगी, जबकि वकार ने हामिद के सिर को निशाना बनाकर गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। 8 लोगों के खिलाफ दी थी शिकायत घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पथराव करते हुए और जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से 12 बोर का एक खाली कारतूस बरामद किया है। बहीन थाना पुलिस ने शाहिद की शिकायत पर मकसूद, वसीम, वकार, सोहेल, अरशद, अख्तर, इकबाल और फैसल सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। सीआईए हथीन और बहीन थाना पुलिस ने ज्वाइंट ऑप्रेशन के तहत हमला करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम आलीमेव गांव निवासी वकार और सोहेल है। पुलिस का कहना कि फरार चल रहे आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बलरामपुर में लगातार आंधी-तूफान और खराब मौसम के कारण विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसे लेकर जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने एक्शन मोड में आते हुए विकास खंड गैसड़ी के ग्राम पुरैना में बिजली व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दैवीय आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुए विद्युत पोल डीएम ने निर्देश दिए कि आंधी-तूफान और अन्य दैवीय आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुए विद्युत पोल तथा अन्य संरचनाओं का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए। उन्होंने मरम्मत कार्य को युद्धस्तर पर पूरा कर बिजली आपूर्ति को पूरी तरह सुचारू करने का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फॉल्ट सुधार में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक शिकायत का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने नियमित पेट्रोलिंग और फॉल्ट डिटेक्शन सिस्टम को मजबूत करने के भी निर्देश दिए, ताकि तकनीकी खराबियों की पहचान समय पर हो सके और उपभोक्ताओं को लंबी बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। क्षेत्र में कम वोल्टेज की समस्या पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल इस समस्या का समाधान करने का निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को केवल बिजली ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त वोल्टेज वाली आपूर्ति मिलनी चाहिए। कर्मचारी सक्रियता से कार्य करें लाइनमैनों और क्षेत्रीय अवर अभियंता (जेई) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि सभी कर्मचारी सक्रियता से कार्य करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जहां भी लापरवाही या उदासीनता पाई जाएगी, संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अभियंता विद्युत सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में एक धार्मिक प्रतीक चिन्ह को लेकर विवाद गहरा गया है। शिवसेना ने चेतावनी दी है कि यदि 14 मई को सुबह 10 बजे तक जिलाधिकारी आवास के सामने गंदगी के बीच स्थित सनातन धर्म के इस प्रतीक को नहीं हटाया गया, तो उनके कार्यकर्ता स्वयं उसे सम्मानपूर्वक हटाकर किसी पवित्र स्थान पर स्थापित करेंगे। शिवसेना नेता मनोज सैनी ने एक बैठक में बताया कि लगभग पांच दिन पहले शिवसेना की युवा शाखा ने इस मुद्दे पर धरना प्रदर्शन किया था। उस समय प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। जिला अध्यक्ष लोकेश सैनी ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीक के आसपास लगातार कूड़ा डाला जा रहा है और गंदगी फैलाई जा रही है, जो अस्वीकार्य है। उन्होंने इसे आस्था से जुड़ा विषय बताया, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बैठक में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि तय समय तक प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो 14 मई को दोपहर 12 बजे शिवसेना कार्यकर्ता मौके पर पहुंचेंगे। वे प्रतीक चिन्ह को सम्मानपूर्वक हटाएंगे और वहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों की तस्वीरें भी लगाएंगे, ताकि जिम्मेदार लोगों को स्थिति का अहसास हो सके।
कानपुर देहात में मंगलवार को जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में एक दिवसीय रोजगार मेला और करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मेले में निजी क्षेत्र की दो कंपनियों ने 85 युवाओं का प्रारंभिक चयन किया। मेले में दि इंडिया थर्मिट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और ग्रोफास्ट फर्टिलाइजर लिमिटेड जैसी कंपनियों ने भाग लिया। लगभग 110 अभ्यर्थियों ने विभिन्न पदों के लिए साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान अभ्यर्थियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। उन्हें रोजगार के विभिन्न अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। रोजगार मेले को सफल बनाने में जिला सेवायोजन कार्यालय के अनुज यादव, तेज प्रताप सत्यार्थी, पुनीत और समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
जयपुर के जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित ‘पेटेंट पिच मिशन 2026’ में स्कूली स्टूडेंट्स के आइडिया और इनोवेशन देखने लायक थे। स्कूल स्तर के छात्रों ने ऐसे इनोवेटिव और समाज उपयोगी प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए, जिन्हें देखकर विशेषज्ञ भी प्रभावित नजर आए। कई प्रोजेक्ट्स ऐसे रहे, जिन्हें भविष्य में पेटेंट के लिए उपयुक्त माना गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को कम उम्र से ही रिसर्च, इनोवेशन और बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के प्रति जागरूक करना था। खास बात यह रही कि पहली बार किसी यूनिवर्सिटी ने स्कूल स्तर के छात्रों को पेटेंट और इनोवेशन की प्रक्रिया से जोड़ने की पहल की। कार्यक्रम में भारत सरकार के पेटेंट एंड डिजाइन विभाग के असिस्टेंट कंट्रोलर डॉ. जितेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों को सरल भाषा में पेटेंट, कॉपीराइट और इनोवेशन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “नई सोच रखने के लिए उम्र मायने नहीं रखती। अगर किसी समस्या का अनोखा समाधान आपके पास है, तो वह भविष्य का बड़ा इनोवेशन बन सकता है। ज्वेलरी जैसी दिखने वाली सुरक्षा डिवाइस बनी आकर्षण का केंद्र कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा छात्रों की ओर से तैयार किए गए “सेंट्रा प्रोडक्ट इकोसिस्टम” की रही। यह महिलाओं और युवाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक स्मार्ट वियरेबल सुरक्षा सिस्टम है। इस प्रोजेक्ट के तहत छात्रों ने ऐसे पेंडेंट और ब्रेसलेट डिजाइन किए, जो देखने में सामान्य ज्वेलरी जैसे लगते हैं, लेकिन आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा उपकरण के रूप में काम कर सकते हैं। एनेस्थीसिया बेस्ड पेंडेंट यह स्मार्ट पेंडेंट किसी खतरे की स्थिति में एक्टिव होकर सामने वाले व्यक्ति को अस्थायी रूप से कमजोर या असंतुलित करने में मदद कर सकता है। इसे खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इलेक्ट्रिक पल्स ब्रेसलेट यह डिवाइस हाथ में पहनने वाला स्मार्ट ब्रेसलेट है, जो खतरा महसूस होने पर हल्का इलेक्ट्रिक पल्स जनरेट कर हमलावर को रोकने में मदद कर सकता है। छात्रों ने बताया कि इसका उद्देश्य आत्मरक्षा को आसान और तुरंत प्रभावी बनाना है। इन प्रोजेक्ट्स की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इन्हें आधुनिक तकनीक और फैशन दोनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया, ताकि लोग इन्हें आसानी से इस्तेमाल कर सकें। सुनामी आने से पहले अलर्ट देगा स्मार्ट सिस्टम कार्यक्रम में शाश्वत, अन्वय और सौम्या की टीम द्वारा तैयार किया गया “स्मार्ट सुनामी डिटेक्शन सिस्टम” भी आकर्षण का केंद्र बना। यह सिस्टम सेंसर आधारित तकनीक पर काम करता है। समुद्र में होने वाली असामान्य गतिविधियों और पानी के दबाव में बदलाव को पहचानकर यह संभावित सुनामी का पहले से अलर्ट दे सकता है। इतना ही नहीं, यह सिस्टम लोगों को सुरक्षित रास्तों और रेस्क्यू पॉइंट्स की जानकारी भी देने में सक्षम होगा। छात्रों ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सही समय पर सूचना मिलना हजारों लोगों की जान बचा सकता है। इसी सोच के साथ यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया।्र डायलिसिस प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश छात्रों की ओर से प्रस्तुत “मिनीलिसिस” प्रोजेक्ट ने भी विशेषज्ञों का ध्यान खींचा। यह एक ऐसा कॉन्सेप्ट मॉडल है, जिसका उद्देश्य डायलिसिस प्रक्रिया को छोटा, सस्ता और अधिक सुविधाजनक बनाना है। छात्रों ने बताया कि वर्तमान समय में डायलिसिस उपचार काफी महंगा और समय लेने वाला होता है। ऐसे में उनका प्रयास है कि भविष्य में मरीजों को पोर्टेबल और कम लागत वाली सुविधा मिल सके। इस प्रोटोटाइप को स्वास्थ्य क्षेत्र में संभावित उपयोग के लिहाज से काफी सराहा गया। 80 में से 60 आइडियाज पेटेंट योग्य जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने कहा कि आज केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्याओं का समाधान देने वाली सोच विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर बड़ा इनोवेशन एक छोटे आइडिया से शुरू होता है। अगर छात्र कम उम्र से रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ेंगे, तो भारत वैश्विक स्तर पर इनोवेशन हब बन सकता है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में छात्रों द्वारा प्रस्तुत करीब 80 आइडियाज में से 60 को पेटेंट के लिए उपयुक्त पाया गया है। यूनिवर्सिटी इन छात्रों की पेटेंट फाइलिंग प्रक्रिया में भी मदद करेगी। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने इस पहल के तहत स्कूल स्तर पर भी आईपीआर (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स) सेल विकसित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य छात्रों को शुरुआत से ही क्रिएटिव सोच, रिसर्च और बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें समाज की समस्याओं को समझकर समाधान खोजने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को हुई NEET परीक्षा रद्द कर दी है। जांच में सामने आया है कि पेपर नासिक से लीक हुआ था। राजस्थान एसओजी ने नासिक में एक पेपर सप्लायर को डिटेन कर लोकल पुलिस को सौंप दिया। 4 दिन से एसओजी के 150 पुलिसकर्मी व अधिकारी ट्रैक करने में जुटे थे कि पेपर कहां से लीक हुआ। सबसे पहले एसओजी ने सीकर से कुछ बड़े सेंटर मालिकों से पूछताछ की। पूछताछ में पेपर की जानकारी मिली। इसके बाद पेपर का लिंक तलाशना शुरू किया गया। सीकर और जयपुर में कई नामी कोचिंग में सर्च के बाद एसओजी की टीम गुरुग्राम पहुंची। वहां से नासिक का लिंक मिला। नासिक में एसओजी ने नीट पेपर के सप्लायर को डिटेन कर लोकल पुलिस के सुपुर्द किया। एसओजी को ये भी पता चला कि उस व्यक्ति को भी किसी और ने पेपर दिया था। हालांकि नासिक पुलिस ने अभी तक मामले में कोई डिटेल शेयर नहीं की है। बड़े स्तर पर होगी गिरफ्तारियां एसओजी की जांच में सामने आया है कि पेपर मनचाहे रेट पर बांटा गया था। नासिक के बाद यह पेपर केरल, देहरादून, गुरुग्राम, जम्मू-कश्मीर, बिहार, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में अलग-अलग माध्यम से पहुंचाया गया। एसओजी के पास कई नामजद लोगों के खिलाफ सबूत है कि उन्होंने पेपर खरीदा और मनचाही रेट पर आगे बेचा। किसने किस रेट पर पेपर खरीदकर बेचा, इसकी जांच अब सीबीआई करेगी। मामले में बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां होंगी। डिटेन लोगों को सीबीआई को देगी एसओजी एसओजी ने चार दिन के ऑपरेशन में करीब 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की,जिस के बाद कुछ लोगों को रिलीज कर दिया। अभी भी एसओजी के पास 15 से 18 लोग हैं, जो पेपर लीक में शामिल थे। आज सीबीआई की टीम इन आरोपियों को लेकर सीबीआई मुख्यालय जाएगी। आगे की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें… NEET रद्द, स्टूडेंट्स बोले-जेईई की तरह हो:BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा-हमारे यहां पेपर लीक नहीं हुआ; राजस्थान में करीब 2 लाख ने दिया था एग्जाम 3 मई को हुई NEET 2026 परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने रद्द कर दी। राजस्थान के 27 जिलों के 611 केंद्रों पर परीक्षा हुई थी। इन केंद्रों के लिए 2.09 लाख अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे। करीब 2 लाख स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया था। (यहां पढ़ें पूरी खबर) NEET रद्द-एग्जाम से 2 दिन पहले मिले 120 हूबहू सवाल:राजस्थान में कोचिंग स्टूडेंट्स को मिला था गेस पेपर, महाराष्ट्र से हुआ था लीक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को हुई NEET 2026 रद्द कर दी है। पेपरलीक की आशंका के कारण परीक्षा कैंसिल हुई है। दरअसल, राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं के कई स्टूडेंट्स को एग्जाम से 2 दिन पहले गेस पेपर मिला था। दावा किया जा रहा है कि इस पेपर के 120 से ज्यादा सवाल ओरिजनल पेपर में भी आए थे। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
मैनपुरी के शहर कोतवाली क्षेत्र में जमीन और रास्ते के विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। नगला रते मोहल्ले के निवासी राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि विपक्षी पक्ष उनके निजी रास्ते पर जबरन जल निकासी पाइप डालकर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इस मामले में पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। राजेंद्र सिंह के अनुसार, उनके परिवार में करीब 50 वर्ष पहले जमीन और मकान का बंटवारा हो चुका था और विवादित रास्ता उनके हिस्से में आता है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पहले न्यायालय में मामला भी चल चुका है, जिसका फैसला उनके पक्ष में आया था। पीड़ित का आरोप है कि 4 मई 2026 की शाम विपक्षी पक्ष के कई लोग उनके रास्ते पर पहुंचे और पानी निकालने के लिए पाइप डालने की नीयत से खुदाई शुरू कर दी। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद मामला शांत हुआ। राजेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की सूचना डायल 112 पर देने के बावजूद मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि विपक्षी पक्ष पहले भी कई बार जमीन पर कब्जे का प्रयास कर चुका है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मारपीट के वीडियो को लेकर पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि वह वीडियो वर्तमान घटना का नहीं, बल्कि करीब चार साल पुराना है। उनका आरोप है कि पुराने वीडियो को दोबारा वायरल कर दबाव बनाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर मामले की जांच की मांग की गई है।
गुन्नौर-पवई मार्ग पर भीषण सड़क हादसा:शॉपिंग से लौट रहे तीन दोस्तों में एक की मौत, दूसरा गंभीर
पन्ना जिले के गुन्नौर थाना क्षेत्र में गुन्नौर-पवई मार्ग पर मंगलवार, 12 अप्रैल को एक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर गिरने से तीन दोस्त घायल हो गए। इस दुर्घटना में 36 वर्षीय एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। बाइक चालक को कोई चोट नहीं आई। जानकारी के अनुसार, ग्राम मड़ैयन निवासी हरिचरण लुनिया (36), आशाराम लुनिया (40) और हक्के लुनिया (38) गांव में होने वाली एक शादी के लिए खरीदारी करने गुन्नौर गए थे। खरीदारी के बाद वापस लौटते समय पवई-गुन्नौर मार्ग पर उनकी बाइक की रफ्तार तेज हो गई, जिससे संतुलन बिगड़ गया और वे हादसे का शिकार हो गए। मृतक हरिचरण के पिता राम गुलाम ने बताया कि बाइक अनियंत्रित होते ही चालक हक्के लुनिया कूद गया, जिससे वह सुरक्षित बच गया। हालांकि, पीछे बैठे हरिचरण और आशाराम बाइक समेत सड़क पर गिर गए। उन्हें सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने हरिचरण लुनिया को मृत घोषित कर दिया, जबकि आशाराम लुनिया का उपचार जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मामला दर्ज कर लिया है। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
पेटलावद मंडी में लहसुन-प्याज की आवक बढ़ी:व्यापारी गोदाम, हम्माल और महंगे बारदान से परेशान
पेटलावद कृषि उपज मंडी में लहसुन और प्याज की आवक में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मंडी संचालन शुरू होने के बाद पेटलावद और आसपास के कई गांवों जैसे भामल, रायपुरिया, रामगढ़, सागड़िया, रामनगर, बामनिया, रूपगढ़, झकनावदा, मेलपाडा, अनंतखेड़ी, बावड़ी, चारनपुरा, झवालिया और बनी से किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को मंडी में 20 अनुबंध हुए, जिसके तहत 298 क्विंटल प्याज की बिक्री हुई। प्याज का भाव 105 रुपये से 1075 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। सोमवार को लहसुन और प्याज के कुल 37 अनुबंध हुए, जिसमें लगभग 443 क्विंटल उपज की आवक दर्ज की गई। बाजार भाव की बात करें तो प्याज 101 रुपये से 1051 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका, जिसका मॉडल भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल रहा। वहीं, लहसुन के बाजार में तेजी देखी गई। इसका न्यूनतम भाव 2000 रुपये और अधिकतम 8500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा, जबकि औसत मॉडल भाव 3250 रुपये दर्ज किया गया। हालांकि, आवक बढ़ने के साथ ही मंडी में कई व्यवहारिक समस्याएं भी सामने आ रही हैं, जो व्यापार को प्रभावित कर रही हैं। व्यापारियों के अनुसार, पर्याप्त गोदामों का अभाव सबसे बड़ी चुनौती है। इससे उपज को सुरक्षित रखने में कठिनाई हो रही है। इसके अतिरिक्त, मंडी में हम्मालों की भारी कमी है, जिससे लोडिंग और अनलोडिंग के काम में देरी हो रही है। आर्थिक मोर्चे पर, व्यापारी प्लास्टिक के दामों में बढ़ोतरी से परेशान हैं। बारदान महंगा होने के कारण पैकेजिंग की लागत बढ़ गई है। इन चुनौतियों के बावजूद, मंडी में किसानों की गहमागहमी बनी हुई है और नीलामी की प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी है।
जौनपुर के मां शीतला चौकियां धाम में बढ़ती भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन ने चार पहिया वाहनों का प्रवेश रोक दिया है। मंगलवार को वाहनों को मुख्य मेला मार्ग से डायवर्ट किया गया, जिसके विरोध में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि इस नई व्यवस्था से उनकी आजीविका पर संकट आ गया है। यातायात पुलिस ने बड़ागर स्कूल तिराहे के पास बैरियर लगाकर शीतला चौकियां धाम जाने वाले पुराने मुख्य मार्ग से चार पहिया वाहनों को सोनकर बस्ती चौकीपुर होते हुए मंदिर के पीछे के रास्ते भेजा। इस बदलाव के कारण मुख्य मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही घट गई, जिससे महंगूपुर क्षेत्र में सन्नाटा छा गया। दुकानदारों ने श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आने पर गहरा रोष व्यक्त किया। नानक यादव, देवानन्द, अनुराग श्रीवास्तव, रवि शास्त्री, देवानन्द मौर्य, विशाल, आशीष, जवाहर, सौरभ, सुनील मौर्य सहित कई दुकानदारों ने बताया कि उनके पास यात्रियों के लिए पर्याप्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध है, फिर भी प्रशासन वाहनों को मुख्य मार्ग पर आने की अनुमति नहीं दे रहा है। उन्होंने इस कदम को अपनी जीविका के लिए बड़ा खतरा बताया। मंगलवार सुबह से ही बैरियर लगाकर वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया था। इसके बाद श्रद्धालु बैरियर से आगे पैदल ही चौकियां धाम मंदिर तक दर्शन के लिए पहुंचे। इस संबंध में थानाध्यक्ष केके सिंह ने बताया कि यह नई व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
ग्वालियर थाटीपुर थाना क्षेत्र के विवेक नगर (मेला ग्राउंड) में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए करीब 11 लाख रुपए के माल पर हाथ साफ कर दिया। मकान मालिक अपने बीमार पिता और दादा को देखने मुरैना गए थे। इसी दौरान बदमाशों ने ताला तोड़कर नकदी और जेवर समेट लिए। मकान मालिक के रिश्ते में दादा मुरैना के जौरा से विधायक रह चुके हैं, जबकि मां भी सरपंच रह चुकी हैं। घटना बीते तीन दिन में हुई है। घटना का पता सोमवार रात को लौटने पर लगा है। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। शहर के थाटीपुर थाना स्थित विवेक नगर निवासी 20 वर्षीय चंद्रप्रताप सिंह सिकरवार के दादा उम्मेद सिंह जौरा मुरैना से पूर्व विधायक हैं। चंद्रप्रताप ने पुलिस को बताया कि उनके पिता और दादा की तबीयत खराब थी, जिन्हें देखने के लिए वह 7 मई को मुरैना गए थे। जब वह 11 मई की रात वापस लौटे, तो घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए; अलमारियां खुली पड़ी थीं और सामान बिखरा हुआ था। उन्हें समझते देर नहीं लगी कि चोरों ने घर में वारदात की है। चोरों ने हर रूम व किचन तक में छानबीन की है। अलमारी के लॉक टूटे मिले हैं। तत्काल चोरी की सूचना थाटीपुर थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल के बाद चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। क्या-क्या ले गए चोर? पूर्व विधायक का परिवार है पीड़ित चोरी का शिकार हुआ यह परिवार रसूखदार पृष्ठभूमि से है। चंद्रप्रताप के दादा उम्मेद सिंह बना जौरा क्षेत्र के पूर्व विधायक हैं, जबकि उनकी मां पहाड़गढ़ की पूर्व सरपंच रह चुकी हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने की जांच घटना स्थल पर पुलिस की एफएसएल (FSL) टीम, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस विवेक नगर और मेला ग्राउंड रोड पर आसपास लगे CCTV कैमरे भी खंगाल रही है ताकि चोरों के आने-जाने के रास्ते का पता चल सके। टीआई थाटीपुर विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया पीड़ित चंद्रप्रताप सिंह की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। कुछ संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली है, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
झालावाड़ जिले के असनावर में बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को ध्यान में रखते हुए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां महात्मा गांधी गवर्नमेंट स्कूल और राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल में 'गुड टच एवं बैड टच' विषय पर यह जागरूकता कार्यक्रम अक्षय पात्र फाउंडेशन की टीम ने चलाया। कार्यक्रम में छात्रों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में जानकारी देकर सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें समझाया गया कि वे किसी भी गलत व्यवहार की पहचान कैसे करें और स्वयं को सुरक्षित कैसे रखें। टीम के प्रबंधक अहलकर सिंह पवार, प्रोडक्शन इंचार्ज ज्ञान सिंह गुर्जर और डिस्ट्रीब्यूशन इंचार्ज राकेश पाटीदार ने बच्चों को सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया। उन्होंने छात्रों को ऐसी स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देने की सलाह दी।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने नीट परीक्षा रद्द होने के बाद राज्य सरकार और एसओजी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने कहा कि नीट पेपरलीक मामले में सरकार ने बदनामी के डर से कार्रवाई नहीं होने दी। एनटीए ने छात्रों की शिकायतों के बाद बिना एफआईआर दर्ज हुए पेपर रद्द कर दिया। एसओजी ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की, एसओजी की यह निगेटिव अप्रोच है। पूरे देश में राजस्थान एसओजी की बदनामी हो रही है कि मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया,क्यों नहीं रिपोर्ट भेजी। गहलोत ने कहा- यह मैं दावे से कह सकता हूं एसओजी ने यह फैसला कर लिया था कि मामले को आउट नहीं करना है, जहां तक मुझे सूचना मिल रही है उसमें यही फैसला था। एसओजी ने जानबूझकर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की? आप बिना मुकदमा दर्ज किया इंवेस्टिगेशन कैसे कर सकते हो। उनकी नियत में खराबी है इसलिए जानबूझकर एफआईआर नहीं की। इतने दिन हो गए, अब एनटीए ने पेपर रद्द कर दिया, अब तो इनकी आंखें खुलनी चाहिए। पूरे प्रदेश की बदनामी हुई है। जहां-जगह कोचिंग इंस्टिट्यूट खड़े होते हैं वहां के नाम तो हमेशा आते हैं। बाकी तो सच्चाई सामने आएगी तब बता सकते हैं कौन दोषी है। एसओजी को किसने आदेश दिए कि एफआईआर दर्ज मत करो गहलोत ने कहा- राज्य सरकार को तो पहले ही सूचना मिल गई थी एसओजी ने अरेस्ट करना शुरू कर दिया था। कहते हैं पेपर यहीं छपा है। राजस्थान सरकार को तो आगे बढ़कर कार्रवाई कनी थी, यह उनकी ड्यूटी थी, वो पहल करते, भारत सरकार को सूचित करते और उसके बाद में कोई फैसला होता तो ज्यादा ग्रेसफुल होता। इन्होंने छुपाया क्यों ? एसओजी को किसने आदेश दिए कि एफआईआर दर्ज मत करो। यह मालूम पड़ना चाहिए कि क्यों सरेंडर किया गया। परीक्षा के अगले ही दिन शिकायत कर दी थी लेकिन परवाह नहीं की गहलोत ने कहा- नीट परीक्षा 3 मई को हुई थी, छात्रों ने अगले ही दिन पेपरलीक की शिकायतें कर दीं लेकिन पुलिस ने परवाह नहीं की। छात्रों ने एनटीए को लिखा और एनटीए ने डीजीपी को सूचना दी कि उनके पास शिकायतें आई हैं, तब एसओजी को मामला दिया, 20-30 लोगों को अरेस्ट कर लिया लेकिन क्या कारण था कि एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। सरकार ने बदनामी के डर से आगे कार्रवाई नहीं करने दी गहलोत ने कहा- राजस्थान सरकार ने शायद बदनामी के डर से मामले में आगे कार्रवाई नहीं करने दी। एसओजी जैसी संस्था में असमंजस पैदा हो गया कि कार्रवाई आगे बढ़ानी है या नहीं। 2024 से नीट पेपरलीक हो रहा है। पेपर लीक के राज्यों में जो गैंग बन गए हैं इससे हमारे युवा पीढ़ी बहुत दुखी है। राजस्थान में पेपर आउट हो गया। यह बहुत बड़ी चुनौती के रूप में हमारे सामने है। राष्ट्रीय स्तर पर संगठित गैंग बन गई हैं इन्हें खत्म करने के लिए कदम उठाने चाहिए। चुनाव जीतने के अलावा पपेरलीक पर भी ध्यान लगाए मोदी सरकार गहलोत ने कहा- मोदी सरकार का केवल चुनाव जीतने पर ही ध्यान है, पेपरलीक की घटनाओं को रोकने के लिए भी उन्हें ध्यान देना चाहिए, केंद्रीय एचआरडी मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चाहिए कि वह इस पर ध्यान दें कि पेपर आउट क्यों हो रहे हैं? ---------- ये खबर भी पढ़िए… जूली बोले- कोर्ट की निगरानी में हो नीट पेपरलीक जांच:नेता प्रतिपक्ष ने कहा- सीबीआई पर अब देश की जनता को भरोसा नहीं रहा नीट परीक्षा का पेपर रद्द होने के बाद पेपरलीक की जांच सीबीआई को सौंपने के मामले में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना साधा। जूली ने कहा कि नीट पेपरलीक की शिकायतों के बावजूद राजस्थान पुलिस, एसओजी ने अब तक केस दर्ज क्यों नहीं किया, इसे पेपरलीक क्यों नहीं माना ? (पूरी खबर पढ़ें…)
सहारनपुर के जनकपुरी थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर जनकपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। मृतका की पहचान पंत विहार निवासी रश्मि पत्नी परवीन कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम ऑपरेशन से उसकी डिलीवरी हुई थी, जिसमें उसने एक बच्ची को जन्म दिया। यह उसका पहला बच्चा था। परिवार में बच्ची के जन्म की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई। परिजनों के मुताबिक डिलीवरी के बाद रात में महिला को नारियल पानी पिलाया गया। इसके कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। आरोप है कि रात करीब 11 बजे से उसकी हालत लगातार खराब होती रही, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। तड़के करीब 2 बजे महिला की मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते सही उपचार दिया जाता तो रश्मि की जान बच सकती थी। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि ऑपरेशन के बाद महिला की हालत पर सही तरीके से निगरानी नहीं रखी गई। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। अस्पताल पक्ष का कहना है कि महिला की मौत हार्ट अटैक आने से हुई है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत बिगड़ने पर उसे बचाने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। जानकारी के मुताबिक रश्मि को पहले दिन जांच के बाद घर भेज दिया गया था। बाद में शाम को दोबारा अस्पताल लाया गया, जहां ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराई गई। सुबह अचानक उसे घबराहट की शिकायत हुई और देखते ही देखते उसकी हालत गंभीर हो गई। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद बिना किसी कानूनी कार्रवाई के परिजन शव को अपने साथ घर ले गए। नवजात बच्ची पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है। जनकपुरी थाना पुलिस का कहना है कि मामले में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। यदि परिजनों की ओर से शिकायत दी जाती है तो जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देश में बढ़ती आर्थिक चुनौतियों और निवेश के तौर पर सोने की खरीद पर लगाम लगाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को लेकर आगरा के सराफा कारोबारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। शहर के बड़े ज्वैलर्स जहां इसे देशहित में लिया गया फैसला मानते हुए पीएम के समर्थन में खड़े दिखाई दिए। वहीं सराफा व्यापार से जुड़े कुछ लोगों ने आशंका जताई कि इसका सबसे ज्यादा असर छोटे कारीगरों और लघु व्यापारियों पर पड़ सकता है। कारोबारियों का कहना है कि शादी-विवाह और पारंपरिक जरूरतों के लिए सोने की खरीदारी जारी रहेगी, लेकिन निवेश के उद्देश्य से होने वाली खरीद पर असर पड़ेगा। बाजार पहले से मंदी में, छोटे कारीगरों पर संकट: नितेश अग्रवाल सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने कहा कि सराफा बाजार पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री की इस अपील से बाजार पर और असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आगरा में करीब 15 हजार छोटे कारीगर और लघु स्तर पर काम करने वाले लोग सराफा कारोबार से जुड़े हैं। यदि बाजार में गिरावट बढ़ी तो सबसे ज्यादा परेशानी इन्हीं लोगों को होगी और उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। नितेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए था कि निवेश के लिए सोना खरीदने से बचें, लेकिन पूरी तरह सोना न खरीदने की अपील से व्यापारियों में चिंता बढ़ी है। निवेश के लिए सोना खरीदने से मना किया गया: तनिष्क ज्वेलर्स एमजी रोड स्थित तनिष्क ज्वेलर्स के मालिक अनुराग बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज्वेलरी खरीदने के लिए नहीं, बल्कि निवेश के तौर पर सोना खरीदने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग जो गोल्ड बार और बिस्किट निवेश के लिए खरीदते हैं, उनके लिए यह संदेश दिया गया है। अनुराग बंसल ने कहा कि इसका ज्वेलरी कारोबार पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। जिन परिवारों में शादी है, वहां सोने की खरीदारी होती रहेगी। उन्होंने कहा कि सोना भारतीय संस्कृति में महिलाओं के श्रृंगार का अहम हिस्सा है और इसकी मांग हमेशा बनी रहेगी। देशहित में सरकार के साथ खड़े हैं व्यापारी: दीन दयाल ज्वेलर्स दीन दयाल ज्वेलर्स के मालिक दीन दयाल अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का उनके कारोबार पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर कुछ असर पड़ता भी है तो व्यापारी देशहित में उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सराफा व्यापारी हमेशा सरकार और देश के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी रहेंगे। उनके मुताबिक आर्थिक मजबूती के लिए यदि सरकार कोई कदम उठाती है तो व्यापारी उसका समर्थन करेंगे।
राजधानी जयपुर के आमेर क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक निजी बस हॉस्पिटल का स्टाफ लेकर जा रही तेज रफ्तार बस ने आरजे 60 एस के 4932 हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल को ऐसी भीषण टक्कर मारी कि एक वर्ष की मासूम बच्ची की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई,जबकि उसके माता-पिता समेत परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई दुर्घटना का भयावह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार मजदूरी करने मोटरसाइकिल से कूकस जा रहे थाअचरोल पुलिस चौकी सहायक उप निरीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि चंदवाजी निवासी शेर सिंह अपने परिवार के साथ मजदूरी करने के लिए मोटरसाइकिल से कूकस जा रहे था। परिवार रोजाना की तरह काम की तलाश में निकला था। लेकिन रास्ते में काल बनकर आई तेज रफ्तार बस ने उनकी जिंदगी बदल दी। निजी बस हॉस्पिटल का स्टाफ लेकर जा रही बस तेज गति में थी। इसी दौरान गलत दिशा में कट से बस ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। वही टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल बस के नीचे जा घुसी और परिवार सड़क पर दूर जा गिरा। हादसे में 10 महीने की मासूम सकीना पुत्री शेर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार हादसा इतना दर्दनाक था कि मासूम बच्ची का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की रूह कांप उठी हादसे के बाद कुछ देर के लिए पूरा क्षेत्र स्तब्ध रह गया। घटना की सूचना मिलते ही अचरोल पुलिस चौकी सहायक उप निरीक्षक संतोष कुमार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। वही पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। मजदूरी पर निकला था परिवार मातम में बदला सफरबताया जा रहा है कि परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और रोजाना मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता है सुबह काम की उम्मीद लेकर निकला परिवार कुछ ही पलों में हादसे का शिकार हो गया मासूम बेटी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है। दुर्घटना के बाद सड़क पर लोगों की भारी भीड़हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा स्थानीय लोगों ने बस चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण बताया। अचरोल पुलिस चौकी सहायक उप निरीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं बस को जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये लोग हुए घायलसड़क हादसे में घायल संतरा देवी पत्नी शेर सिंह जाति बंजारा उम्र 30 साल निवासी चीताणु चंदवाजी,शकीना पुत्री शेर सिंह उम्र 1 वर्ष, सपना पुत्री शेर सिंह उम्र 8 साल, शेर सिंह पुत्र मांगीलाल जाति बंजारा निवासी चीताणु चंदवाजी और इंदिरा देवी पत्नी कैलाश चंद जाती बंजारा उम्र 50 वर्ष निवासी आंधी पुलिस थाना आंधी जिला जयपुर ग्रामीण को बिएसटी होस्पीटल अचरोल भेजा गया।
मेरठ: हीटवेव से बचाव के उपाय जारी:जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जनहित में जारी किए निर्देश
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सूर्य कान्त त्रिपाठी ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मेरठ ने वर्तमान वर्ष 2026 में हीटवेव (लू) की आपदा से निपटने के लिए जनहित में कई उपाय जारी किए हैं। प्राधिकरण ने सलाह दी है कि घर से बाहर निकलते समय गमछा, टोपी, चश्मा और छाते का प्रयोग करें। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और कड़ी धूप से बचें। पर्याप्त मात्रा में तरल पेय पदार्थ जैसे छाछ, लस्सी, नमक-चीनी का घोल, नींबू पानी और आम के पने का सेवन करें। प्यास न लगने पर भी बार-बार पानी पिएं। निर्जलीकरण से बचने के लिए ओआरएस घोल का उपयोग करें और यात्रा करते समय पानी हमेशा साथ रखें। संतुलित, हल्का और नियमित भोजन करें। घर की छत पर चूने या सफेद रंग का पेंट करें। जहां तक संभव हो, घर में ही रहें और सूर्य के सीधे संपर्क से बचें। खाना बनाते समय खिड़कियां और दरवाजे खुले रखें, तथा रात को भी खिड़कियां खुली छोड़ें। जिन खिड़कियों और दरवाजों से गर्म हवा आती है, उन पर एल्युमिनियम पन्नी, गत्ते या काले पर्दे जैसे रिफ्लेक्टर लगाएं। वृद्धों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें। अधिक परिश्रम के बीच में आराम भी करें। जानवरों को छाया में बांधें और उन्हें पर्याप्त पानी पिलाएं। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को सुनें और तापमान में होने वाले परिवर्तनों के प्रति सतर्क रहें। लू लगने के लक्षणों को पहचानें: यदि कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी महसूस हो, मांसपेशियों में ऐंठन हो या चक्कर आएं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़ों से पोंछें या शरीर पर पानी का स्प्रे करें। आराम न मिलने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाएं। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। प्राधिकरण ने कुछ बातों से बचने की भी सलाह दी है। अधिक गर्म चाय, कॉफी और शराब जैसे पेय पदार्थों का सेवन न करें। अधिक तेज धूप में बाहर न निकलें और अधिक गर्मी या धूप में व्यायाम न करें। धूप में खड़े वाहनों में बच्चों और पालतू जानवरों को न छोड़ें।अधिक प्रोटीन वाले और बासी खाद्य पदार्थों से बचा जाए।
शहडोल जिले में अवैध पेड़ कटाई के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति की पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई। यह घटना मंगलवार को गोहपारू थाना क्षेत्र के चोरमरा गांव में हुई, जहां 60 वर्षीय हीरा लाल साहू की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार, चोरमरा गांव में कुछ लोग पेड़ काट रहे थे। इसी दौरान एक विशालकाय पेड़ हीरा लाल साहू पर गिर गया। पेड़ के नीचे दबने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथियों के बचाने के प्रयास विफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही गोहपारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से जंगलों में अवैध कटाई जारी है। उनका आरोप है कि संबंधित वन विभाग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले जैतपुर थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की घटना हुई थी, जिसमें अवैध कटाई के दौरान एक व्यक्ति की पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई थी। इन लगातार हो रहे हादसों के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
डीग जिले की कामां विधायक नौक्षम चौधरी ने ग्राम पंचायत लाडलाका में 'ग्राम रथ अभियान' के तहत जनसंपर्क किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। 'ग्राम रथ यात्रा' के माध्यम से ग्रामीणों को बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान सम्मान निधि और महिला कल्याण सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया। यह अभियान राज्य सरकार के 'सुशासन की ओर बढ़ते कदम' पहल का हिस्सा है। 'हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है प्राथमिकता'विधायक नौक्षम चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और किसानों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभियान के दौरान विधायक ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित अपनी परेशानियां विधायक के सामने रखीं।विधायक ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
झज्जर में केमिस्ट शॉप फायरिंग केस:नाबालिग समेत 2 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अब भी फरार
झज्जर शहर के पुराने बस स्टैंड के सामने स्थित लालचंद कॉलोनी में केमिस्ट शॉप के बाहर हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। हालांकि वारदात का मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। मामले को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में झज्जर के डीसीपी क्राइम शुभम ने गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि घटना में शामिल एक नाबालिग और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। डीसीपी क्राइम ने बताया कि पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि एक-दो दिनों के भीतर मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले का खुलासा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही संभव हो पाएगा। गौरतलब है कि 5 मई को एक केमिस्ट शॉप के बाहर बाइक सवार नकाबपोश युवकों ने फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी थी। घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस इस मामले को लेनदेन विवाद से जोड़कर देख रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात के दौरान बाइक गिरफ्तार किए गए नाबालिग द्वारा चलाई जा रही थी, जबकि दूसरे आरोपी ने घटना को अंजाम देने में सहयोग किया। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में किन्नरों के दो गुटों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। करीब छह महीने से जारी इस विवाद के बीच मंगलवार को महक किन्नर ने अपने समर्थकों के साथ पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया। महक किन्नर ने कहा कि कुछ लोग उनके खिलाफ गलत बातें फैलाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और वह हर आरोप का जवाब सबूतों के साथ देने को तैयार हैं। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल जांच करवाने की भी बात कही। वसूली का कोई आरोप नहीं महेंद्रगढ़ में मंगल मुखी अखाड़ा नारनौल, महेंद्रगढ़ से जुड़ी महक किन्नर ने पत्रकार वार्ता में बताया कि वह पिछले 15 से 20 वर्षों से महेंद्रगढ़ शहर और आसपास के इलाकों में शांतिपूर्ण और ईमानदारी से काम कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि आज तक उन पर जबरन वसूली या किसी अन्य तरह का कोई आरोप नहीं लगा है। 2007 में हुआ था समझौता महक किन्नर के अनुसार, 25 अगस्त 2007 को एक लिखित समझौता (एग्रीमेंट) हुआ था। यह समझौता बुलबुल किन्नर और रानी बामणी किन्नर के बीच हुआ था, जिसमें बुलबुल किन्नर ने महेंद्रगढ़ जिले के इलाके का पूरा अधिकार रानी बामणी किन्नर को सौंपा था। इस एग्रीमेंट पर दोनों पक्षों की तस्वीरें, हस्ताक्षर और फरीदकोट, बठिंडा, कोलकाता, करनाल, नारनौल और फतेहाबाद के किन्नर समाज के वरिष्ठ सदस्यों सहित कई गवाहों के हस्ताक्षर भी हैं। उन्होंने इसे अपना कानूनी हक बताया। रचना का असली नाम रोहतास पत्रकारों से बातचीत में महक किन्नर ने दावा किया कि जिस व्यक्ति को “रचना” के नाम से महेंद्रगढ़ का जिम्मा दिया गया है, उसका असली नाम रोहतास है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह गोहाना के पास का रहने वाला एक शादीशुदा व्यक्ति है, जिसके बच्चे भी हैं। महक ने कहा कि वह मीडिया, प्रशासन और जनता के सामने इस संबंध में सबूत पेश कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह गलत के खिलाफ आवाज उठाती रहेंगी, भले ही इसके लिए उन्हें किसी भी परेशानी का सामना क्यों न करना पड़े।
बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) करौली ने मंगलवार को सामान्य चिकित्सालय के नवीन भवन स्थित एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान समिति ने वहां भर्ती एक लावारिस नवजात बालिका के स्वास्थ्य का जायजा लिया। समिति ने इसके बाद सखी वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और स्टाफ की उपस्थिति की जानकारी ली। एसएनसीयू वार्ड प्रभारी डॉ. महेंद्र मीणा ने समिति को बताया कि नवजात बालिका संक्रमण और कम वजन के कारण कमजोर थी। हालांकि, चिकित्सकों की निगरानी में उपचार के बाद उसकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बालिका जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दी जाएगी। समिति के सदस्यों ने चिकित्सालय के नवीन भवन में स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का भी दौरा किया। यहां उन्होंने रह रही बालिकाओं की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और स्टाफ की उपस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारी मौके पर उपस्थित पाए गए। सेंटर के काउंसलर ने महिलाओं एवं बालिकाओं को दी जाने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। समिति ने सेंटर की व्यवस्थाओं, विशेषकर सफाई व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को संतोषजनक पाया। इस निरीक्षण के दौरान जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अनिल शर्मा, सदस्य फजले अहमद, दिलीप कुमार मीणा और महिला सदस्य फरीदा शाह मौजूद रहे।
नूंह एसपी आधी रात को सड़कों पर उतरे:पुलिस गश्त और नाकाबंदी का जायजा लिया, वाहनों को रोक कर की चेकिंग
नूंह जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. अर्पित जैन ने सोमवार की देर रात विशेष रात्रि निरीक्षण अभियान चलाया। उन्होंने देर रात तक जिले के थानों, पुलिस चौकियों और नाकों का औचक दौरा कर पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जहां कुछ स्थानों पर ड्यूटी में लापरवाही पाई गई, वहीं मुस्तैदी से कार्य कर रहे पुलिसकर्मियों की सराहना भी की गई। एसपी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सुरक्षा इंतजामों का लिया जायजा उन्होंने गश्त व्यवस्था, नाकाबंदी, वाहन चेकिंग और अन्य सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की उपस्थिति, सतर्कता और कार्यप्रणाली की गहनता से जांच की गई। पुलिस वाहनों, रिकॉर्ड रजिस्टरों और अन्य आवश्यक उपकरणों की भी जांच की गई। एसपी ने अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। अभियान के तहत जिलेभर में कई स्थानों पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। ओवरलोड वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी गई। अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई। एसपी बोले- कानून तोड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं एसपी ने स्पष्ट किया कि नूंह जिले में कानून तोड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने दोहराया कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी सख्ती से लागू की जाएगी। इसी अभियान के दौरान, इआरवी-485 टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वाहन तलाशी अभियान में दो चोरी की बाइकों के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया। टीम की इस तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से एसपी डॉ. अर्पित जैन ने मौके पर ही उनकी सराहना की। जिला पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, बेहतर कार्य करने वाली इस टीम को विभागीय नियमों के तहत सम्मानित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा घोषित 12वीं कक्षा के रिजल्ट में यमुनानगर जिले का प्रदर्शन प्रदेश में औसत रहा। जिले ने पूरे हरियाणा में 13वां स्थान हासिल किया। यमुनानगर का कुल पास प्रतिशत 85.48 फीसदी दर्ज किया गया, जो प्रदेश के ओवरऑल रिजल्ट 84.67 फीसदी से थोड़ा बेहतर रहा। बोर्ड आंकड़ों के अनुसार जिले से 9759 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 8342 विद्यार्थी पास हुए। वहीं 1138 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई, जबकि 279 विद्यार्थी परीक्षा में असफल रहे। दो वर्षों के मुकाबले थोड़ा सुधार अगर पिछले वर्षों के परिणामों पर नजर डालें तो जिले के रिजल्ट में इस बार सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2025 में जिले का पास प्रतिशत 84.21 फीसदी रहा था, जबकि 2024 में यह 85.12 फीसदी दर्ज किया गया था। ऐसे में 2026 में 85.48 फीसदी परिणाम के साथ जिले ने पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। ओपन स्कूल 12वीं फ्रेश परीक्षा में यमुनानगर का प्रदर्शन कमजोर रहा। जिले का कुल पास प्रतिशत 35.96 फीसदी दर्ज किया गया। यहां 712 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से केवल 256 विद्यार्थी पास हो सके। वहीं प्राइवेट परीक्षार्थियों के रिजल्ट में जिले का पास प्रतिशत 56.57 फीसदी रहा। प्राइवेट कैटेगरी में 99 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 56 विद्यार्थी पास हुए।
अशोकनगर में प्रेमजाल में फंसाकर 1.30 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले गिरोह से मंगलवार को पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने ठगी के पैसों से आलीशान जीवन जिया और 'पाप न लगे' इसके लिए देश-विदेश के मंदिरों में दान-पुण्य भी किया। कोतवाली पुलिस की रिमांड में आरोपी आकाश चौहान और उसकी पत्नी आयुषी चौहान ने स्वीकार किया कि उन्होंने ठगी की रकम से लाखों के सोने-चांदी के जेवर खरीदे थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह की मास्टरमाइंड आयुषी चौहान चांदी की चप्पलें पहनती थी और उसके पास चांदी का पर्स भी था। पुलिस ने आरोपियों के घर से अब तक लगभग 70 लाख रुपए की संपत्ति और लग्जरी सामान बरामद किया है। इससे पहले महिंद्रा थार रॉक्स, स्कूटी और अन्य वस्तुएं जब्त की जा चुकी हैं। इंस्टाग्राम से युवती को प्रेमजाल में फंसायापुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम के माध्यम से एक युवती को प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया। खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर पीड़िता से करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की वसूली की गई। इस मामले में एक तांत्रिक युवती, एक टैटू आर्टिस्ट सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी ठगी के पैसों से असम, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और नेपाल तक घूमने जाते थे। वे अपनी थार गाड़ी से मंदिरों में दर्शन करने पहुंचते और वहां भंडारे व दान-पुण्य का आयोजन करते थे। पाप न लगे इसलिए नेपाल तक में भंडारा करायाआरोपियों ने पुलिस को बताया कि गलत तरीके से कमाए गए पैसों से 'पाप न लगे', इसलिए वे जगह-जगह भंडारे करवाते थे। उन्होंने नेपाल में भी एक भंडारा आयोजित किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवर, चांदी की चप्पलें और पर्स, आईफोन, एप्पल लैपटॉप, एक लाख रुपए का फ्रिज, वॉशिंग मशीन, अलमारी, ड्रेसिंग टेबल, महंगी घड़ियां और अन्य घरेलू सामान जब्त किया है। मोबाइल-लैपटॉप एफएसएल जांच के लिए भेजाकोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं। आशंका है कि इनमें अन्य युवतियों और लोगों के वीडियो भी हो सकते हैं। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और पेमेंट गेटवे की जांच कर रही है। हर ट्रांजेक्शन की पड़ताल की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य लोगों को भी इसी तरह ब्लैकमेल कर ठगी का शिकार तो नहीं बनाया गया। फिलहाल चारों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और मामले में आगे भी कई खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। आरोपियों के पास से 1.50 लाख रुपए भी जब्क किए हैं। पुलिस का कहना है यह सामान पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दिलवाने के लिए भी कोर्ट में पेश करेंगे। यह भी पढ़ें… इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर युवती से डेढ़ करोड़ की ठगी:क्राइम ब्रांच अफसर बनकर धमकाते रहे आरोपी अशोकनगर में सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में आदित्य सिंह तोमर, आयुषी चौहान, आकाश चौहान और आर्यन सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदे गए सोने-चांदी के जेवर, थार रॉक्स कार, स्कूटी, मोबाइल, लैपटॉप और नकदी बरामद की गई है। पूरी खबर पढ़िए…
कलेक्टर ने उमरिया जिले को जल अभाव ग्रस्त घोषित किया:पेयजल संकट की आशंका, नलकूप खनन पर रोक
उमरिया जिले में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी राखी सहाय ने पूरे जिले को जल अभाव ग्रस्त घोषित कर दिया है। इस आदेश के तहत, तत्काल प्रभाव से नए निजी हैंडपंप और ट्यूबवेल खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, स्टॉप डैम, चेक डैम, नदियों और तालाबों के पानी का सिंचाई के लिए उपयोग भी अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि जिले की सामान्य औसत वर्षा 1215.70 मिमी है। वर्ष 2024-25 में 1036.5 मिमी और वर्ष 2025-26 में 1373.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जो सामान्य से 157.90 मिमी अधिक है। इसके बावजूद, गर्मी का मौसम शुरू होते ही पेयजल स्रोतों का जल स्तर तेजी से गिरने लगा है। आगामी समय में गंभीर पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह आदेश मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत जारी किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में जल स्तर को सुरक्षित रखना और पेयजल व्यवस्था को बाधित होने से बचाना है। निजी नलकूप और हैंडपंप खनन पर प्रतिबंध इसी कारण आवश्यक बताया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए जाने वाले नलकूप खनन इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
6 साल की बच्ची से रेप का मामला:दोषी को आजीवन कारावास, 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
सलूंबर की पॉक्सो कोर्ट ने 6 साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है। दोषी को न्यायाधीश रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना 12 दिसंबर 2024 की सेमारी थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। दोषी पीड़िता के गांव का ही रहने वाला था। विशेष लोक अभियोजक रणजीत पुर्बिया ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। सुनवाई के दौरान 13 गवाहों और 35 लिखित और भौतिक साक्ष्यों को कोर्ट में पेश किया गया, जिनके आधार पर दोष सिद्ध हुआ। जिस पर अंतिम सांस तक आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
बड़वानी जिले के राजपुर में लोकायुक्त के तीन डॉक्टरों की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन सहित विभिन्न चिकित्सा संगठनों ने प्रदर्शन किया। संगठनों ने SDM को ज्ञापन देकर लोकायुक्त की इस कार्रवाई को 'षड्यंत्रपूर्वक' बताते हुए नाराजगी व्यक्त की। विरोध स्वरूप क्षेत्र के मेडिकल स्टोर्स, डॉक्टर्स और लैब संचालकों ने कुछ समय के लिए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। कमीशन सिस्टम के आरोपों को बताया निराधार ज्ञापन में चिकित्सा संगठनों ने दावा किया कि राजपुर क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कमीशन सिस्टम संचालित नहीं होता है। पदाधिकारियों ने डॉक्टरों को कमीशन दिए जाने की बातों को आधारहीन और चिकित्सा क्षेत्र की छवि धूमिल करने वाला कृत्य बताया। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। 25 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए थे तीन डॉक्टर उल्लेखनीय है कि हाल ही में लोकायुक्त इंदौर की इकाई ने राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या सांई और संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोहर गोदारा को कुल 25,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई थी। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपील चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सामूहिक रूप से इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है। संगठनों ने स्पष्ट किया कि बिना तथ्यों की पुष्टि के की गई ऐसी कार्रवाइयों से सरकारी डॉक्टरों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
कलेक्टर शीला दाहिमा ने मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम में ग्रामीण समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षाकाल को देखते हुए ग्राम पंचायतों को नालों की साफ-सफाई कर पानी निकासी की व्यवस्था सुगम बनाने को कहा। इस दौरान कुल 212 आवेदन प्राप्त हुए। ग्राम इच्छापुरा निवासी जुगराज सुमन ने नाले की सफाई न होने के कारण जलभराव की समस्या संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर कलेक्टर ने सभी ग्राम पंचायतों को समय रहते नालों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ग्राम घूघस के ग्रामीणों ने श्यामपुर से घूघस तक कैनाल रोड निर्माण की मांग की। कलेक्टर ने ईई पीडब्ल्यूडी को इसका प्रस्ताव तैयार कर भोपाल भेजने के निर्देश दिए। ग्रामीणों के अनुसार, श्योपुर से श्यामपुर तक सड़क बन चुकी है, और घूघस तक सड़क बनने से बड़ापुरा, केवल का पुरा, मांगरोल का पुरा, राठौरपुरा, माता का पुरा और दीनबंधु का पुरा सहित कई गांवों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। कई मामलों का निराकरण मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के तहत भी कई मामलों का निराकरण किया गया। ग्राम बगवाज निवासी शाकीब अली को उनके पिता की दुर्घटना में मृत्यु पर चार लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई। इसी तरह, ग्राम जमूदी निवासी पातीराम कुशवाह की पत्नी की करंट लगने से हुई मृत्यु के मामले में भी चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई। किसान सम्मान निधि इसके अतिरिक्त, पीएम किसान सम्मान निधि से संबंधित आवेदनों पर पात्र किसानों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। बलावनी निवासी पदम सिंह बंजारा की दो भैंसों की करंट लगने से हुई मौत के मामले में एमपीईबी अधिकारियों को पात्रता परीक्षण कर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए। ग्राम हनुमानखेड़ा की पेयजल समस्या के समाधान के लिए पीएचई विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए।
लखनऊ के चिनहट इलाके में युवती को कार से अगवा कर मारपीट की गई। उसके साथ रेप की कोशिश हुई। विरोध करने पर आरोपियों ने कार से कुचलकर जान लेने का प्रयास किया। युवती ने डॉयल 112 पर कॉल करके अपनी जान बचाई। युवती की शिकायत पर चिनहट थाने में 2 नामजद और 3 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। दोस्त के घर जा रही थी युवती गोमतीनगर निवासी युवती के मुताबिक, 9 मई की रात वह अपनी दोस्त के घर हिम सिटी पार्ट-2 जा रही थी। रात करीब 10:45 बजे बाबा हॉस्पिटल मटियारी के पास अभय सिंह, धनंजय सिंह राठौर और उनके 3 अज्ञात साथियों ने उसे रोककर कार से अगवा कर लिया। बेरहमी से पीटकर कार से कुचलने की कोशिश की पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की और रेप का प्रयास किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। कार चढ़ाकर कुचलकर मारने का प्रयास किया। युवती ने बताया कि उसने तत्काल डायल-112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। इस पर आरोपी उसे छोड़कर भागे। भागते समय आरोपियों ने शिकायत करने पर परिवार समेत गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना में उसे काफी चोट आई है। युवती की शिकायत पर अभय सिंह, धनंजय सिंह राठौर और उनके 3 साथियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, रेप का प्रयास, जानलेवा हमला और धमकी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। युवती ने कारवाई और सुरक्षा की मांग की है।
झालावाड़ के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर पर मंगलवार को नर्सिंग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के सभी छात्र और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सों के समर्पण, सेवा और करुणा को सम्मानित करना था। इस दौरान कार्यक्रम सहायक सुरेंद्र जांगिड़ ने कहा कि नर्सों को बिना थके, बिना रुके दूसरों के स्वास्थ्य के लिए खुद को समर्पित करना चाहिए। नर्सिंग शिक्षिका लक्ष्मी वर्मा ने छात्राओं को फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन, कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभावी स्वभाव के बारे में बताया। उन्होंने जिक्र किया कि कैसे नाइटिंगेल रात में लैंप लेकर घायलों का उपचार करती थीं। नर्सों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है नर्सिंग डेशिक्षिका पिंकी वाडिया ने कहा कि यह दिन उन सभी नर्सों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है, जो अपने समर्पण, सेवा और करुणा से अनगिनत लोगों का जीवन बेहतर बनाती हैं। वाडिया ने जोर दिया कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है, जहां नर्स मरीज के दर्द को समझती है और उसकी देखभाल करती है। इस दौरान संस्थान द्वारा एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में फ्लोरेंस नाइटिंगेल के नर्सिंग में योगदान और उनके जीवन से संबंधित जानकारी दी गई। नर्सिंग अध्यापक जतिन उपाध्याय भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और इसे सफल बनाने में सहयोग किया। मानव सेवा के प्रति हर समय तैयार रहने का आह्वानसीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन को सेवा, त्याग और करुणा का सर्वोच्च उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि नाइटिंगेल न केवल नर्सों के लिए, बल्कि पूरे मानव समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने सभी नर्सिंग छात्राओं को मानव सेवा के प्रति हर समय तैयार रहने का आह्वान किया।
टीकमगढ़ के सरकारी कॉलेज में मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने बाबू नितिन मिश्रा को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई कॉलेज के ही एक रिटायर्ड स्वीपर के बेटे की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता देवेंद्र वाल्मीकि ने बताया कि उसके पिता हरिकिशन वाल्मीकि कॉलेज में स्वीपर थे और हाल ही में रिटायर हुए हैं। उनके एरियर, अर्जित अवकाश और समयमान वेतनमान के भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने के बदले बाबू 2 लाख रुपए की मांग कर रहा था। इसके अलावा, देवेंद्र को कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपए अलग से मांगे गए थे। जाल बिछाकर बाबू को पकड़ा देवेंद्र 50 हजार रुपए की पहली किस्त 7 मई को ही दे चुका था। मंगलवार को जैसे ही वह 1 लाख रुपए की दूसरी किस्त लेकर कॉलेज की तालकोठी शाखा पहुंचा और बाबू नितिन मिश्रा को पैसे थमाए, लोकायुक्त निरीक्षक कमल सिंह की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। प्राचार्य और स्टाफ पर भी वसूली के आरोप देवेंद्र ने लोकायुक्त के सामने आरोप लगाया है कि इस भ्रष्टाचार में सिर्फ बाबू अकेला नहीं है। उसने कॉलेज प्राचार्य केसी जैन, सुनील चौरसिया और जयप्रकाश दीक्षित के नाम लेते हुए कहा कि इन सभी की मिलीभगत से रिश्वत का यह खेल चल रहा था। लोकायुक्त की कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस ने बाबू नितिन मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब शिकायतकर्ता के प्राचार्य और अन्य कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों की भी गहराई से जांच कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, चंडीगढ़ की सीनियर नर्सिंग ऑफिसर पूनम वर्मा को नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किया। पूनम शर्मा पिछले 25 वर्षों से नर्सिंग क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं। कोविड काल के दौरान उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में मरीजों की देखभाल करते हुए कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी निभाई। इसके अलावा ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियानों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वहीं, एएलएस/बीएएलएस (ALS/BLS) प्रशिक्षण, और आईसीयू (ICU) संचालन में उत्कृष्टता के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है इन चौदह हस्तियों को सम्मानित किया गया इस पुरस्कार का उद्देश्य उन नर्सों के समर्पण, साहस और सेवा भावना को सम्मान देना है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी मानव सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। समारोह में कुल 14 नर्सिंग कर्मियों को सम्मानित किया गया, जिनमें लद्दाख की कुलविंदर पाड़ी, महाराष्ट्र की उज्ज्वला महादेव सोयम, मिजोरम की लालन थांगी नामटे, सिक्किम की मधुमाला गुरुंग, उत्तराखंड की पूजा परमार राणा, पश्चिम बंगाल की गीता कर्माकर, चंडीगढ़ की पूनम वर्मा, दादर एवं नगर हवेली वदमन-दीव की दीपा बीजू, दिल्ली के डॉ. श्रवण कुमार ढाका, गोवा की रक्षा रूपो पर्वतकर, कर्नाटक की कविता जगन्नाथ, केरल की मंजू मोल वीएस, लक्षद्वीप की आयशा बीबी के, तमिलनाडु के प्रोफेसर डॉ. आर. शंकर शमुगम तथा सैन्य नर्सिंग सेवा की मेजर जनरल लिसम्मा पीवी शामिल रहीं। नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखी पूनम वर्मा ने आईसीयू एसओपी (ICU SOP) विकास और क्लीनिकल उत्कृष्टता में महत्वपूर्ण योगदान दिया । पूनम ने नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी और जीएनएम से लेकर बीएससी, एमएससी व अन्य डिप्लोमा कोर्स पूरे किए। कई रिसर्च प्रोजेक्ट्स में योगदान देने के साथ वह बेसिक लाइफ सपोर्ट की इंस्ट्रक्टर भी रहीं और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देती रही हैं। लक्ष्य सर्टिफिकेशन के तहत लेबर रूम और आईसीयू की एसओपी टीम में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। पूनम वर्मा के पति सुलेमान भी पीजीआई में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर हैं।
करौली में ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) द्वारा ‘अनुभव से सीखें’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल के तहत युवाओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया। MY Bharat के उपनिदेशक पंकज यादव के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में युवाओं ने उचित मूल्य की दुकान पर राशन वितरण व्यवस्था, ई-पॉश मशीन के संचालन और स्टॉक प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं ने उचित मूल्य की दुकान का प्रत्यक्ष भ्रमण किया। उन्होंने राशन वितरण प्रक्रिया की बारीकियों को समझा, जिसमें ई-पॉश मशीन का संचालन, लाभार्थियों का सत्यापन, स्टॉक का प्रबंधन और उपभोक्ताओं को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी शामिल थी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खाद्य सुरक्षा प्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था। इसका लक्ष्य उन्हें सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम बनाना था। प्रशिक्षण के उपरांत युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को राशन कार्ड से संबंधित सुविधाओं, खाद्य अधिकारों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देकर जागरूक भी किया। इस पहल के माध्यम से युवाओं का प्रशासनिक व्यवस्थाओं से सीधा जुड़ाव उन्हें अधिक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने में सहायता करता है। ‘अनुभव से सीखें’ कार्यक्रम के तहत, युवा अब सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
छिंदवाड़ा: जिले में ग्रामीण और इको-टूरिज्म को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। इंटरनेशनल टीवी सीरीज़ “रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड” की शूटिंग के लिए स्पेन की टीम जिले के पर्यटन ग्रामों में पहुंची। तीन दिन तक चली शूटिंग में विदेशी टीम ने सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति और ग्रामीण जीवन को कैमरे में कैद किया। देशी परंपराओं को 80 देशों में दिखाया जाएगाटीम ने खास तौर पर पातालकोट में आयोजित आदिवासी विवाह की पारंपरिक रस्मों की शूटिंग की। इसके अलावा ग्रामीण पर्यटन गतिविधियों, स्थानीय खानपान, लोक परंपराओं और प्राकृतिक स्थलों को भी डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा बनाया गया। बताया गया कि यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और स्पेन फिल्म कमीशन के बीच हुए एमओयू का हिस्सा है। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय फिल्म शूटिंग और ग्रामीण पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इस डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण करीब 80 यूरोपीय देशों में किए जाने की योजना है। टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से पूरी शूटिंग की योजना हुई तैयारमध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी के नेतृत्व और अपर प्रबंध संचालक अभय अरविंद बेडेकर के मार्गदर्शन में पूरी शूटिंग की योजना तैयार की गई। स्पेन से आए जुआन मार्टिनेज फ्रूटोस, एडुआर्डो निसा वाज़क्वेज़ और लुइस पेसेरो ज़ाम्ब्रानो की टीम ने टूरिज्म बोर्ड के प्रतिनिधियों और होम-स्टे परियोजना से जुड़े अधिकारियों के सहयोग से शूटिंग पूरी की। ग्रामीणों ने विदेशी टीम का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। टीम के सदस्यों ने कहा कि फिल्म के जरिए मध्य प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन और आदिवासी संस्कृति को दुनिया भर के पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बिलासपुर में इसी माह रिटायर हो रहे सिविल लाइन थाना प्रभारी को एसएसपी रजनेश सिंह ने हटा दिया है। उन्हें सरकंडा सीएसपी ऑफिस में पोस्टिंग दी गई है। उनकी जगह सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट को सिविल लाइन थाने भेजा गया है। जबकि, सरकंडा सीएसपी ऑफिस में पदस्थ निरीक्षक अभय बैस को सिरगिट्टी थाने की जिम्मेदारी दी गई है। एसएसपी रजनेश सिंह ने कानून व्यवस्था बनाने के लिए प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसके तहत तीन निरीक्षकों के तबादला करते हुए नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं, जिनका प्रभाव तत्काल लागू कर दिया गया है। सरकंडा सीएसपी ऑफिस में पदस्थापना जारी आदेश के अनुसार 31 मई को सेवानिवृत्त होने वाले सिविल लाइन टीआई एसआर साहू को सरकंडा सीएसपी ऑफिस में पदस्थापना दी गई है। अफसरों का कहना है कि सिविल लाइन थाना वीआईपी माना जाता है, यहां काम से ज्यादा मैनेजमेंट जरूरी है। यही वजह है कि किशोर केंवट को समझने के लिए शहर के महत्वपूर्ण थाने का प्रभार पहले ही सौंप दिया गया है। प्रमोशन के चलते किया इंकार माना जा रहा था कि एसएसपी ऑफिस में शिकायत सेल में पदस्थ निरीक्षक निलेश पांडेय को सिविल लाइन थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी जा रही थी। लेकिन, उनका प्रमोशन डीएसपी के पद पर होने वाला है। प्रमोशन के समय में उन्होंने वीआईपी थाना जाने के लिए तैयार नहीं हुए। लिहाजा, उनकी जगह सिरगिट्टी टीआई किशोर केंवट को एडजेस्ट किया गया है। दूसरी बार कामयाब हुए अभय अभय बैस पिछले एक साल से सिरगिट्टी थाना जाने के लिए जुगाड़ जमा रहे थे। पिछली बार एसएसपी रजनेश सिंह ने आदेश भी जारी कर दिया था। लेकिन, किशोर केंवट थाना छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। कहा जा रहा है कि तब वे अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब हो गए। यही वजह है कि आदेश जारी होने के बाद भी अभय बैस सिरगिट्टी में जॉइन नहीं कर पाए। ऐसे में अब अभय बैस ने फिर से नया पैंतरा अपनाया, जिसमें उन्हें कामयाबी मिल गई है और एसएसपी ने पदस्थापना आदेश भी जारी कर दिया है।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने प्राईवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों को कम दर वाले आकर्षक उपचार पैकेज दिखाकर बाद में अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूलने की प्रथा पर कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इस तरह की “भ्रामक पैकेजिंग” अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने हरियाणा के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी सूचीबद्ध अस्पतालों की पैकेज दरों का स्वयं या संबंधित सिविल सर्जनों के माध्यम से सत्यापन कराया जाए। यदि कोई अस्पताल नीति का उल्लंघन करता पाया गया तो उसका लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी। मरीज को उसकी भाषा में समझानी होगी पूरी लागत हाईकोर्ट ने कहा कि इलाज की अनुमानित लागत मरीज या उसके परिजनों को उनकी समझ की सरल भाषा में स्पष्ट रूप से बताई जाए। केवल मुद्रित फार्म पर हस्ताक्षर करवाना पर्याप्त नहीं माना जाएगा। सस्ता पैकेज दिखाकर बाद में वसूली पर रोक हाईकोर्ट ने कहा कि मरीजों को आकर्षित करने के लिए पैकेज दरों को कृत्रिम रूप से कम दिखाना और बाद में आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए अलग से शुल्क जोड़कर अंतिम बिल बढ़ाना पूरी तरह अनुचित है और इसे तत्काल रोका जाए। तीन महीने में अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय ने पूरी प्रक्रिया को लागू करने और अनुपालन रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की है। न्यायमूर्ति बरार ने कहा कि चिकित्सा सेवा एक गरिमामय क्षेत्र है और राज्य की नीतियों में यह गरिमा झलकनी चाहिए। यदि करुणा पर वाणिज्य हावी हो जाए तो ऐसी नीति कल्याणकारी नहीं रह जाती। जान बचाने वाली प्रक्रियाओं का खर्च भी प्रतिपूर्ति योग्य अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मरीज की जान बचाने के लिए “आवश्यकता और आपातकाल” के तहत कोई प्रक्रिया की गई है, तो उसका खर्च सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुरूप प्रतिपूर्ति के योग्य होगा। राज्य केवल इस आधार पर भुगतान से इनकार नहीं कर सकता कि वह प्रक्रिया मूल पैकेज में शामिल नहीं थी।
शिकायतें लेकर एसपी के पास पहुंचे लोग:झूठे केस, जमीन कब्जे, गाली-गलौज पर कार्रवाई की मांग
नरसिंहपुर में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में जिलेभर से लोग अपनी विभिन्न समस्याओं और विवादों को लेकर पहुंचे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों में झूठे मामलों में फंसाने, जमीन पर अवैध कब्जा करने, धमकी देने और गाली-गलौज जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। करेली तहसील के मिडली निवासी ऋषिराम विश्वकर्मा ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पैतृक रूप से लकड़ी का काम करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बरमान खुर्द स्थित विश्वकर्मा मंदिर समिति के कुछ सदस्यों ने उन्हें अवैध सागौन लकड़ी के मामले में फंसाया है। ऋषिराम के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 को वन विभाग ने मंदिर परिसर से सागौन लकड़ी जब्त की थी। शिकायत में कहा गया है कि इसी दौरान समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें काम का ठेका देने के बहाने बुलाया और मंदिर पहुंचाकर वन विभाग के सामने दबाव बनाया। उन पर लकड़ी को मंदिर के पुजारी की बताने के लिए मजबूर किया गया, जिसके बाद वन विभाग ने उन्हीं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। ऋषिराम ने खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच और दर्ज प्रकरण को निरस्त करने की मांग की है। वहीं, गोटेगांव तहसील के खानापुर निवासी अहवरन सिंह लोधी ने एसपी को दिए आवेदन में नरसिंहपुर निवासी प्रिंस विश्वकर्मा पर अपनी जमीन के लगभग 930 वर्गफुट क्षेत्र पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया। लोधी ने बताया कि जब उन्होंने कब्जा हटाने की बात कही, तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आवेदक ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति दबंग और राजनीतिक प्रभाव वाला है, जिससे वह भयभीत हैं। उन्होंने पुलिस से अवैध कब्जा हटाने और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसी क्रम में, स्टेशनगंज निवासी साधना सेन ने करेली निवासी लोकेश गुप्ता और रमेश गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आवेदिका ने बताया कि उन्होंने दो लाख रुपये उधार लिए थे, लेकिन आरोपी उनसे तीन लाख रुपये लौटाने का दबाव बना रहे हैं। साधना सेन ने आरोप लगाया कि पैसे लौटाने के लिए समय मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की, बदनाम करने की धमकी दी और उनके कार्यस्थल व घर पहुंचकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को समझाइश देने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीण अंचलों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में ग्राम रथ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में उत्साहपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीण योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं और उनका लाभ उठा रहे हैं। एलईडी वैन के जरिए किया योजनाओं का प्रचार प्रसार इसी क्रम में मंगलवार को सलूंबर विधानसभा क्षेत्र के ओडा, बगुरवा, अदवास और जावद गांवों में एलईडी वैन के माध्यम से योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया। ग्राम रथों के इन गांवों में पहुंचते ही ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला और कार्यक्रम स्थलों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। 13 विभागों की योजनाओं को डिजिटल माध्यम के बताया इन कार्यक्रमों के दौरान 13 विभागों की प्रमुख योजनाओं का डिजिटल माध्यम से जीवंत प्रसारण किया गया। साथ ही, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का संदेश भी ग्रामीणों को सुनाया गया, जिसमें उन्होंने आमजन से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम हुए स्थानीय लोक कलाकारों ने गीत, भजन और नुक्कड़ नाटकों के जरिए योजनाओं की जानकारी को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने ग्रामीणों का मनोरंजन करने के साथ-साथ योजनाओं के लाभ और आवेदन प्रक्रिया को भी सरल भाषा में समझाया। एक साथ विशेष सुझाव पेटिका रखी गई विभागीय अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित मार्गदर्शिका एवं प्रचार सामग्री वितरित कर जागरूक किया। ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ग्राम रथ के साथ एक विशेष सुझाव पेटिका भी रखी गई, जिसमें ग्रामीणों ने अपने सुझाव और फीडबैक दर्ज कराए। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर उसे लाभ से जोड़ना है। ग्राम रथ अभियान में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व, पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग की सहभागिता है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक रथ में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से योजनाओं की ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति की व्यवस्था की गई है, जिससे कृषकों, पशुपालकों और अन्य ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी मिल रही है।
गोंडा जिले के कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के बयान पर पलटवार किया है। स्टालिन ने कहा था कि सनातन लोगों को बांटता है और अलग-थलग करता है, इसलिए इसे खत्म कर देना चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण सिंह ने स्टालिन को 'रावण और हिरण्यकश्यप का वंशज' बताया। बृजभूषण सिंह ने कहा कि सनातन को हर युग में चुनौती मिली है, चाहे वह सतयुग हो, त्रेता, द्वापर या कलियुग। उन्होंने स्टालिन जैसे लोगों को 'आसुरी शक्तियां' बताते हुए कहा कि सनातन ही सत्य है और इसे कोई मिटा नहीं सकता। उन्होंने यह भी कहा कि ये 'थोड़े से बचे हुए' लोग जल्द ही समाप्त हो जाएंगे। वहीं, विनेश फोगाट के गोंडा आने और उन पर लगाए गए आरोपों के संबंध में भी बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, मेरे लिए ये जो रायता फैलाकर गई हैं देवी जी, हम उसी को निपट रहे हैं इस समय कोर्ट में। कुश्ती प्रतियोगिताओं के आयोजन और खिलाड़ियों के खेलने पर उन्होंने कहा कि यह वर्तमान भारतीय कुश्ती संघ (WFI) का विषय है। पूर्व WFI अध्यक्ष के रूप में अपने अनुभव का हवाला देते हुए बृजभूषण ने कहा कि WFI कभी किसी खिलाड़ी को खेलने से नहीं रोकती, क्योंकि यह खिलाड़ियों के लिए ही बनी है। उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी को रोका गया होगा, तो उसका कारण भी बताया गया होगा।
बालाघाट। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीण अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे। इस दौरान कुल 80 शिकायतें दर्ज की गईं, जिन पर अधिकारियों ने संबंधित विभागों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। बालाघाट जनपद क्षेत्र की टेकाड़ी पंचायत से आए ग्रामीणों ने पिपरटोला में निवासरत 60 आदिवासी परिवारों के लिए पट्टे की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि ये परिवार तीन पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक भूमि का पट्टा नहीं मिला है। इसी पंचायत के युवा तारा कावरे ने गांगुलपारा पर्यटन क्षेत्र में वन विभाग द्वारा पर्यटकों से वसूले जा रहे शुल्क में पंचायत की हिस्सेदारी की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि पर्यटन शुल्क से पंचायत को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि क्षेत्र में गड्ढे और सुविधाओं का अभाव है। पंचायत के पास विकास कार्य कराने के लिए कोई मद नहीं है। जनसुनवाई में कालीमाटी गांव से पहुंची महिलाओं ने पेयजल संकट की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है, जिससे उन्हें एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वारासिवनी तहसील के यमेंद्र गौतम अपने भाई धर्मेंद्र गौतम के प्रवेश को लेकर सांदीपनि विद्यालय, वारासिवनी के प्राचार्य से शिकायत करने पहुंचे। यमेंद्र ने बताया कि धर्मेंद्र ने सरस्वती शिशु मंदिर, वारासिवनी से कक्षा 10वीं 76 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की है और अब वह सांदीपनि विद्यालय में पढ़ना चाहता है। हालांकि, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य ने निजी स्कूलों से आए विद्यार्थियों को प्रवेश देने से इनकार कर दिया। इसी तरह का एक अन्य मामला अनुज मानेश्वर का भी था, जो सांदीपनि विद्यालय, वारासिवनी में कक्षा 9वीं में प्रवेश लेना चाहते थे।
प्रदेश के स्कूलों में अब राजस्थानी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाना जरूरी होगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को निर्देश दिया कि प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा में राजस्थानी भाषा को शामिल करें। इसे लेकर सरकार से 30 सितंबर तक पालना रिपोर्ट मांगी गई हैं। बता दें कि पदम मेहता व अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिस पर जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सरकार को निर्देश दिया है। कोर्ट ने सरकार को कहा- वह नीति बनाकर प्रदेश की सम्पूर्ण शैक्षणिक व्यवस्था में राजस्थानी भाषा को शामिल करें। राजस्थानी भाषा, जो अत्यंत समृद्ध ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखती है, उसे पहले ही कई विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में मान्यता एवं स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। कोर्ट में दोनों पक्षों का तर्क याचिकाकर्ता का तर्क- करोड़ों लोग राजस्थानी भाषा बोलते हैं सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिकाकर्ताओं ने कहा कि राजस्थानी भाषा करोड़ों लोगों की ओर से बोली जाती है और उसका समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक इतिहास है। इसके बावजूद अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को मान्यता दिए जाने के बावजूद राजस्थानी भाषा को REET परीक्षा ढांचे या शिक्षण माध्यम के रूप में शामिल नहीं किया गया। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि राजस्थान विधानसभा ने 25 अगस्त 2003 को ही एक प्रस्ताव पारित कर राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की अनुशंसा की थी। सरकार ने कहा-हम परीक्षण कर रहे हैं सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने कहा कि यह विषय राज्य सरकार के नीतिगत निर्णय से संबंधित है और सरकार उचित समय पर उपयुक्त निर्णय लेगी। राज्य सरकार ने कोर्ट के सामने स्पष्ट किया कि उसने कभी यह रुख नहीं अपनाया कि राजस्थानी भाषा को शैक्षणिक व्यवस्था में शामिल करना गलत या अस्वीकार्य है। राज्य सरकार ने पूर्व में अपने जवाब में यह भी कहा था कि वर्तमान में राजस्थानी भाषा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के स्वीकृत पाठ्यक्रम ढांचे का हिस्सा नहीं है। इसी कारण इसे REET में शामिल नहीं किया गया। कार्यवाही के दौरान राज्य ने यह भी अवगत कराया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर पहले से विचार चल रहा है और मातृभाषा में शिक्षा एवं क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने से संबंधित कार्यों का चरणबद्ध तरीके से परीक्षण किया जा रहा है।
बदायूं के नेहरू मेमोरियल शिव नारायण दास पी.जी. कॉलेज में मंगलवार को प्रोफेसर प्रशांत कोहली ने पुनः प्राचार्य पद का कार्यभार ग्रहण किया। वे इससे पहले जून 2021 से अगस्त 2022 तक भी महाविद्यालय के प्राचार्य पद का दायित्व सफलतापूर्वक निभा चुके हैं। वर्तमान में प्रो. कोहली महाविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। महाविद्यालय प्रबंधन ने उन पर पुनः विश्वास व्यक्त करते हुए आशा जताई है कि उनके नेतृत्व में महाविद्यालय की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक गतिविधियाँ और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी होंगी। प्रबंधन ने यह भी कहा कि प्रो. कोहली के कार्यकाल में छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे महाविद्यालय की निरंतर प्रगति सुनिश्चित हो सके। कार्यभार ग्रहण समारोह के अवसर पर प्रोफेसर आशीष कुमार सक्सेना ने प्रो. प्रशांत कोहली को औपचारिक रूप से कार्यभार सौंपते हुए महाविद्यालय की उन्नति के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान प्रो. शिवराज कुमार, प्रो. बी.एन. शुक्ला, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. रामस्वारथ, डॉ. सत्यम मिश्र, डॉ. नंद गोपाल, डॉ. विक्रांत उपाध्याय, डॉ. लक्ष्य चौधरी, संदीप नायक, प्रदीप चौरसिया, डॉ. अक्षत अशेष एवं रवि कुमार सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मऊ में HPV वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा:सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु बालिकाओं के टीकाकरण पर जोर
मऊ जनपद में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा बैठक हुई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजय गुप्ता की अध्यक्षता में यह बैठक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ आयोजित की गई। इसमें एचपीवी वैक्सीन के महत्व, सुरक्षा और अभियान की रणनीति पर विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन बालिकाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाने में बेहद प्रभावी है। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों से अपील की कि वे विद्यालय स्तर पर अभिभावकों और छात्राओं को जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित हो सके। बैठक में वैक्सीनेशन अभियान में विद्यालयों की भूमिका, छात्राओं की सूची तैयार करने, अभिभावकों से समन्वय स्थापित करने और टीकाकरण से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष चर्चा हुई। प्रधानाचार्यों को अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। जेएसआई (JSI) के स्टेट टेक्निकल ऑफिसर संदीप श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की ट्रेनिंग दी, जबकि आर.आर. कंसल्टेंट रोहित कुमार सिंह ने एचपीवी वैक्सीन के रखरखाव के बारे में जानकारी दी। इस कार्यक्रम का आयोजन जेएसआई संस्था के सहयोग से किया गया था। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विद्यालयों के प्रधानाचार्य, ए.आर.ओ., बी.पी.एम. और डी.ई.ओ. सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आगरा में यमुना में डूबे हाथरस के युवक-युवती:जन्मदिन मनाने के बाद नहाते समय हादसा, 6 लोग डूबे थे
आगरा के बल्केश्वर घाट पर मंगलवार सुबह यमुना नदी में डूबने से चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में हाथरस के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव कुंजलपुर के एक युवक और एक युवती शामिल हैं। यह हादसा एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद नदी में नहाते समय हुआ। हादसे में जान गंवाने वालों में गांव कुंजलपुर की 19 वर्षीय महक पुत्री कालीचरण और 22 वर्षीय कान्हा पुत्र रिंकू उर्फ आकाश शामिल हैं। इनके अलावा, आगरा के दो अन्य लोगों की भी मृत्यु हुई है। कुल छह लोग नदी में डूब गए थे, जिनमें से चार को बचाया नहीं जा सका। सादाबाद क्षेत्र के गांव कुंजलपुर से कुछ लोग एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने आगरा आए थे। समारोह के बाद वे सभी यमुना नदी में नहाने पहुंचे, जहां यह दुखद घटना हुई। नदी के तेज बहाव और गहरे पानी में जाने से यह हादसा हुआ। मृतक महक अपने भाई अंशु पुत्र कालीचरण और अन्य परिजनों के साथ सोमवार शाम करीब पांच बजे रिश्तेदारी में आयोजित जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गई थी। कालीचरण की पांच संतानें हैं, जिनमें चार बेटियां और एक बेटा अंशु है। महक उनकी तीसरी बेटी थी। कान्हा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता रिंकू उर्फ आकाश, जो एक वाहन चालक थे, की लगभग नौ महीने पहले हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। रिंकू के दो बेटे थे, जिनमें से अब कान्हा की भी इस हादसे में मौत हो गई है। घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मोहाली के थाना सदर खरड़ पुलिस ने एक युवती की शिकायत पर दो युवकों के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज किया है। आरोप लगाया है कि उसे नौकरी और किराये के फ्लैट का झांसा देकर एक फ्लैट में ले जाया गया, जहां उसके साथ गैंगरेप हुआ। पीड़िता राजस्थान की रहने वाली है और ब्यूटी पार्लर का काम करती है। उसके पिता बीमार रहते हैं। वर्ष 2024 में वह चंडीगढ़ आई थी, जहां उसकी पहचान मोहाली निवासी एक युवती से हुई थी। 4 मई 2026 को वह अपनी बड़ी बहन के साथ काम की तलाश में मोहाली दोस्त के पास आई थी। जिसने बताया कि खरड़ में किराये के मकान सस्ते हैं और नौकरी आसानी से मिल सकती है। किराये के मकान की तलाश में पहुंची थी युवती 6 मई 2026 को दोपहर करीब 2 बजे पीड़िता खरड़ में नौकरी और किराये के मकान की तलाश में पहुंची। शाम करीब 6 बजे वह सेक्टर 124 में खड़ी थी, तभी एक बाइक सवार युवक वहां आया और उससे बातचीत शुरू की। युवक ने अपना नाम अशोक बताया। युवती ने उसे बताया कि वह काम की तलाश में है, जिसके बाद दोनों ने मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान किया। अशोक ने उसे नौकरी व फ्लैट दिलाने का आश्वासन दिया। अशोक उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर अमेजन सिटी, खरड़ स्थित अपने फ्लैट में ले गया। वहां उसका दोस्त जय सिंह पहले से मौजूद था। फ्लैट में अशोक ने युवती को कोल्ड ड्रिंक दी, जिसे पीने के बाद वह बेहोश हो गई। 7 मई की सुबह जब उठी तो उसे अपने शरीर में दर्द था और उसके कपड़े उतरे हुए थे। बहाना बनाकर निकली युवती घर में जय सिंह मौजूद था और कुछ देर बाद अशोक भी वहां आ गया। पीड़िता का आरोप है कि अशोक और जय सिंह ने उसकी इच्छा के विरुद्ध उसे अगली पूरी रात भी फ्लैट में रखा और उसके साथ गैंगरेप किया। 8 मई को सुबह करीब 10 बजे युवती ने अपनी बहन को फोन कर पूरी घटना बताई। वह मां की बीमारी का बहाना बनाकर आरोपियों के चंगुल से निकली। रैपिडो के जरिए वह दोपहर करीब 1 बजे मोहाली स्थित अपनी बहन के पास पहुंची और पुलिस को शिकायत दर्ज कराई।
जींद में सट्टेबाजी पर पुलिस का छापा, एक गिरफ्तार:पर्ची और कैश बरामद, घर के बाहर लगवा रहा था सट्टा
जींद जिले में CIA स्टाफ सफीदों की टीम ने एक सट्टेबाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 14 हजार रुपए से अधिक सट्टा राशि बरामद हुई है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सफीदों के गौशाला रोड निवासी रमेश उर्फ बहुल्ला के रूप में हुई है। CIA स्टाफ सफीदों के राधेश्याम ने बताया कि उनकी एक टीम पुरानी चुंगी सफीदों क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि रमेश उर्फ बहुल्ला अपने घर के बाहर सट्टा लगवा रहा है। सूचना मिलते ही सीआईए सफीदों की टीम ने तुरंत छापा मारा और आरोपी को मौके से काबू कर लिया। सट्टा पर्ची और 14 हजार कैश बरामद नियमों के अनुसार तलाशी लेने पर आरोपी के पास से सट्टा पर्ची और 14 हजार 100 रुपए की सट्टा राशि बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ थाना शहर सफीदों में हरियाणा सार्वजनिक जुआ अधिनियम 2025 की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। जींद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई अवैध गतिविधि या सट्टा खाईवाल दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
जालौन जनपद में यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के किनारे एक आधुनिक होल्डिंग एरिया और डम्पिंग यार्ड का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य ओवरलोड, जब्त और अवैध परिवहन में पकड़े गए वाहनों के सुरक्षित संचालन और पार्किंग की समस्या को दूर करना है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना ग्राम डकोर, परगना एवं तहसील उरई क्षेत्र में सर्विस रोड के किनारे विकसित की जाएगी। इस पर लगभग 1 करोड़ 61 लाख 99 हजार रुपये की लागत आएगी। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने प्रस्तावित स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में जब्त और ओवरलोड वाहनों को सुरक्षित रूप से खड़ा करने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। इसके कारण प्रशासन को कई बार सड़क किनारे वाहनों को खड़ा करना पड़ता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित होल्डिंग एरिया बनने के बाद जब्त वाहनों को व्यवस्थित ढंग से रखने की सुविधा मिलेगी। इससे सड़क किनारे होने वाली अनियोजित पार्किंग पर रोक लगेगी और एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु एवं सुरक्षित बन सकेगी। उन्होंने इस परियोजना को प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया, जो भविष्य में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियंत्रण को नई मजबूती प्रदान करेगी। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग सीडी-3 के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से भूमि समतलीकरण कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा होना चाहिए। साथ ही, परियोजना के प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि आधुनिक होल्डिंग एरिया और डम्पिंग यार्ड बनने से प्रशासन को अवैध परिवहन एवं ओवरलोडिंग के विरुद्ध कार्रवाई करने में भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, वाहनों के सुरक्षित रखरखाव की बेहतर व्यवस्था विकसित होने से कानून व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, तहसीलदार श्रीश मिश्रा, लेखपाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित
डीग में धूल भरी आंधी से लोग परेशान:तेज हवाओं और बरसात से तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली राहत
डीग जिले में मंगलवार दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव आया। आसमान में छाए धूल के गुबार और अचानक चली तेज ठंडी हवाओं ने लोगों को चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत पहुंचाई है। इसके बाद कई क्षेत्रों में जोरदार बरसात हुई। दोपहर बाद जिले के विभिन्न इलाकों में धूल भरी आंधी चली, जिससे सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई। आंधी के कुछ समय बाद आसमान में काले बादलों ने डेरा डाल लिया और कई क्षेत्रों में जोरदार बरसात शुरू हो गई। सुबह से ही पारा 42C के ऊपर बना हुआ था। शाम होते-होते मौसम में आई इस तब्दीली से तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, आर्द्रता बढ़ने के कारण हल्की उमस का अहसास बना रहा।
पीथमपुर के युवा नेता राजेश असोलिया को कांग्रेस झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अनुशंसा पर की गई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय ने नियुक्ति पत्र जारी किया है। युवक कांग्रेस में निभा चुके हैं जिम्मेदारियां राजेश असोलिया पहले भी युवक कांग्रेस में कई पदों पर काम कर चुके हैं। पार्टी ने उनके संगठनात्मक अनुभव और कार्यकर्ताओं से जुड़ाव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ संगठन का वह हिस्सा है, जो आम लोगों और वंचित वर्गों के बीच काम करता है। नेताओं ने दी बधाई नियुक्ति के बाद नगर के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजेश असोलिया को बधाई दी। वरिष्ठ नेता सुरेश पटेल, नितिन पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष पप्पू असोलिया, महेश पथरिया और सुधाकर महाजन सहित अन्य लोगों ने इसे संगठन के लिए अच्छा फैसला बताया। संगठन मजबूत करने पर रहेगा फोकस राजेश असोलिया ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और संगठन को मजबूत करने पर उनका फोकस रहेगा। इस नियुक्ति के बाद पीथमपुर की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। शहर अध्यक्ष का पद खाली होने के कारण संगठन में जल्द नई नियुक्तियों की संभावना भी जताई जा रही है।
कटनी। मंगलवार को कटनी कलेक्ट्रेट में बाणसागर परियोजना से विस्थापित आदिवासी परिवारों ने भू-अधिकार पट्टे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ये परिवार विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बरनमोहनगवा नई बस्ती से आए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें जल्द मालिकाना हक नहीं मिला, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। छोटू कोल ने बताया कि एक महीने पहले हजारों विस्थापितों ने इटमा, बदेरा और कुदरी गांवों से 70 किलोमीटर की पदयात्रा कर जिला मुख्यालय का घेराव किया था। तब जिला प्रशासन ने गांवों का निरीक्षण कर पात्रता के अनुसार पट्टे आवंटित करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, एक माह बीत जाने के बाद भी कोई राजस्व अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा। नई बस्ती में रह रहे 500 से अधिक परिवारों को आज भी दोबारा बेदखल होने का डर सता रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, वे दशकों से इस जमीन पर काबिज हैं, लेकिन उनके पास कोई कानूनी दस्तावेज नहीं है। पट्टे न होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है और वे अपने घरों को स्थायी रूप भी नहीं दे पा रहे हैं। उन्हें आशंका है कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते विकास के नाम पर उन्हें फिर से विस्थापित किया जा सकता है। आदिवासियों ने स्पष्ट किया कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। छोटू कोल ने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें भू-अधिकार पत्र नहीं मिल जाते, तब तक यह लड़ाई चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी। अधिकारियों ने ज्ञापन लेने के बाद उचित जांच और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। हालांकि, ग्रामीण अब ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ टास्क फोर्स की बैठक:एडीएम ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा
बूंदी में एडीएम रामकिशोर मीणा की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही बैठक हुई। यह बैठक जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देशन में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को हुई। इसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स, जिला महिला कल्याण समाधान समिति, सखी वन-स्टॉप सेंटर प्रबंधक समिति और अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, संरक्षण और महिला सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष रूप से चर्चा हुई। योजनाओं की प्रगति की दी जानकारीसहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग भैरू प्रकाश नागर ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और उनकी प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बूंदी जिले के विभिन्न ब्लॉकों में संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्रों द्वारा दी जा रही परामर्श, सहायता और संरक्षण सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। महिला सशक्तिकरण पर दिया जोरबैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम मीणा ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं और बालिकाओं तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा विभागीय कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने को कहा। बैठक में उपनिदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं ऋचा चतुर्वेदी, जिला उद्योग अधिकारी शुभकरण, शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक धनराज मीणा, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हुकुमचंद जाजोरिया एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी विपुल शुक्ला, पारूल शर्मा, आदित्य सिंह एवं महिला अधिकारिता विभाग की सुपरवाइजर प्रीति बंशीवाल, प्रमिला, सूचना सहायक राशि श्रृंगी, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र से विनिता अग्रवाल, सलोनी शर्मा, सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक हिना शर्मा, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र से छाया सक्सेना, प्राची, साधना श्रृंगी, रीना चित्तौड़ा मौजूद रहे।
सतना जिले के लिए यह गौरव की बात है कि सतना मार्शल आर्ट एकेडमी के 12 खिलाड़ियों का चयन 12वीं राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 के लिए हुआ है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता कल (13) से 15 मई तक दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित होगी, जहां ये खिलाड़ी मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव डॉ. संदीप भारती ने बताया कि चयनित सभी खिलाड़ी राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के पदक विजेता हैं। इस प्रतियोगिता का आयोजन ओलंपिक संघ एवं ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं 'गोल्डन गर्ल' अस्मि भारती भी मध्य प्रदेश युवा खेल विभाग की ओर से राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी। खिलाड़ियों के चयन से जिले के खेल जगत में उत्साह का माहौल है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ियों में अध्ययन भारती, स्नेहा पयासी, मेघा सिंह, कृष्णा कुशवाहा, प्रांशी कुशवाहा, शुभी पाण्डेय, शिवानी मिश्रा, रिदम सोनी, कीर्ति सोनी, अनुष्का मिश्रा, वेदांशिका चौहान एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अस्मि भारती शामिल हैं।
नमस्कार,ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. पारा 43 डिग्री पर पहुंचा, दोपहर में निकली कूलर वाली बारात भीषण गर्मी के बीच इंदौर में एक अनोखी बारात लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। सयाजी होटल पहुंची इस बारात में लंबा शामियाना लगाया गया था, जिसके दोनों ओर 20 से ज्यादा जंबो कूलर लगाए गए थे। पढ़ें पूरी खबर... 2. धार भोजशाला में अंतिम सुनवाई पूरी, फैसला रिजर्व मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में चर्चित भोजशाला प्रकरण की सुनवाई मंगलवार को पूरी हुई। करीब दो घंटे से ज्यादा सुनवाई चली। मामले में सभी पक्षों के तर्क हो चुके हैं और भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) ने भी अपने तर्क मजबूती से रखे। पढ़ें पूरी खबर... 3. पानी नहीं मिलने से रहवासियों ने फोड़े मटके गर्मी बढ़ने के साथ इंदौर में पानी का संकट गहराने लगा है। मंगलवार को विकास नगर इलाके में पानी की समस्या से परेशान रहवासियों ने सड़क पर चक्काजाम किया और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने खाली मटके फोड़े और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। पढ़ें पूरी खबर… 4. सोनम की जमानत पर सुनवाई आगे बढ़ी चर्चित ‘हनीमून मर्डर केस’ में आज मेघालय हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। इस मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को निचली अदालत से मिली जमानत को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि हाईकोर्ट उनकी जमानत बरकरार रखता है या फिर दोबारा हिरासत में भेजने का आदेश देता है। पढ़ें पूरी खबर... 5. नवलखा से बसें नहीं हटी तो होगा आंदोलन नवलखा इलाके में बसों में सोमवार को आग लग गई। इस घटना के बाद अब नगर निगम के एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा ने 12 दिनों का अल्टीमेटम दे दिया है। उनका कहना है कि यदि बसों को यहां से नहीं हटाया गया, तो वे रहवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे। पढ़ें पूरी खबर... 6. बारिश के पहले होगा ट्रेजर टाउन रोड का काम बारिश के पहले ट्रेजर टाउन रोड का काम पूरा किया जाएगा। इसके लिए महापौर ने अधिकारियों को काम को तेजी से पूरा करने के लिए कहा है। मंगलवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा सहित अन्य अधिकारियों के साथ वार्ड 78 में पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर... 7. पार्लर संचालिका को लात-घूंसों से पीटा विजयनगर थाना क्षेत्र में एक पार्लर संचालिका के साथ मारपीट और बदनाम करने के मामले में पुलिस ने सोमवार को एक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर... 8. आरोपी बोला- शादी करो वरना फोटो वायरल कर दूंगा बाणगंगा में रहने वाली एक कॉलेज छात्रा ने अपने परिचित युवक पर एआई की मदद से फोटो एडिट कर बदनाम करने और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर... 9. सराफा में दलालों के बीच विवाद, ग्राहक को लेकर हाथापाई सराफा बाजार में मंगलवार दोपहर दो दलालों के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष सड़क पर विवाद और हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पढ़ें पूरी खबर... 10. ऑटो में बैठाकर बड़नगर के व्यापारी को लूटा परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में बड़नगर से खरीदारी करने आए एक स्टोर्स कर्मचारी के साथ लूट की वारदात हो गई। बदमाश ऑटो में बैठाकर उसे सुनसान इलाके में ले गए और रुपयों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में करीब 1 लाख 70 हजार रुपए रखे हुए थे। पढ़ें पूरी खबर...
लुधियाना के टिब्बा रोड स्थित रॉयल कॉलोनी (कूड़े के डंप के पास) 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक 13 वर्षीय बच्चे ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान रवि के रूप में हुई है जो अपने 4 भाइयों में सबसे छोटा था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार रवि जैन पब्लिक स्कूल का छात्र था। घटना वाले दिन दोपहर करीब 3 बजे उसके पिता गंगाराम जो स्टीम प्रेस का काम करते हैं खाना खाकर काम पर गए थे। सोमवार देर रात करीब 11 बजे जब पिता वापस आए तो रवि बाहर खेल रहा था। उस दौरान रवि ने अपने पिता से मोबाइल खराब होने की बात भी कही थी। कुछ देर बाद जब पिता फिर से बाहर किसी काम से गए तो पीछे से रवि घर के अंदर दाखिल हुआ और लोहे की पाइप के सहारे चुन्नी से फंदा लगाकर लटक गया। जब पिता वापस लौटे और कमरा अंदर से बंद पाया तो दरवाजा तोड़ने पर अंदर का देख उनका छोटा बेटा फंदे से झूल रहा था। भावुक पिता शव लेकर बैठे रहे हादसे के बाद पिता ने बेटे के शव को फंदे से उतारा और गहरे सदमे में वहीं बैठे रहे। उन्होंने रात में ही अपने जानकारों को सूचना दी, लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी सुबह दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। परीक्षा के कारण नहीं गया था गांव परिजनों ने बताया कि रवि के 2 बड़े भाई दिल्ली में काम करते हैं जो खबर मिलते ही सुबह तक लुधियाना पहुंच गए। वहीं एक भाई फैक्ट्री में काम करता है। रवि की मां कुछ दिन पहले ही गांव गई थी। जाते समय मां ने रवि को साथ चलने के लिए कहा था लेकिन रवि ने यह कहकर मना कर दिया था कि उसके पेपर आने वाले हैं और वह पढ़ाई करना चाहता है। किसी को अंदाजा नहीं था कि पढ़ाई के प्रति इतना गंभीर रहने वाला बच्चा ऐसा कदम उठा लेगा। जांच में जुटी पुलिस पुलिस प्रशासन के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और न ही अभी तक आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता चल सका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के बयानों के आधार पर धारा मामले की बारीकी से जांच की जा रही है
नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को जिला पंचायत सदस्य शिवा राजपूत ने युवाओं के साथ पहुंचकर अवैध शराब बिकने की शिकायत की। कलेक्टर सोमेश मिश्रा से शिवा राजपूत ने कहा ग्राम डोलरिया और आसपास के गांव में दबाव बनाकर ठेकदार अवैध शराब का कारोबार कर रहा है। जिला पंचायत सदस्य ने ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग कीजिला पंचायत सदस्य ने बताया कि गांव के नौजवानों को शराब की लत लगाकर, मजदूरों को रुपए उधार देकर शराब का अवैध कारोबार चल रहा है। कलेक्टर मिश्रा से निवेदन किया कि शराब का अवैध कारोबार करने वाले ठेकेदार और लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई हो। बुजुर्ग बोले- बहु ने घर से निकालाइसी प्रकार पथरौटा के 66 साल के बुजुर्ग रजनीकांत महालहा ने बहु के कब्जे से उनका मकान दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा मेरे बेटे की शादी 11 मई 2013को हुई थीं। बहु बेटा के बीच संबंध ठीक न होने से तलाक के लिए कोर्ट में केस चल रहा है। इस बीच कुछ महीने से बहु ने पथरौटा वाले मकान से हमें बाहर निकाल दिया और बहु ने उस पर कब्जा कर लिया। उन्होंने बताया मैं किडनी एवं हार्ट पेशेंट हूं। पूर्व में भी हार्ट अटैक आ चुका है एवं अभी 20 जनवरी 2026 को सभी के परेशान करने के कारण पुनः दूसरी बार हार्ट अटैक आया था। बेटे के साथ किराए के मकान में रहने को मजबूरजनवरी में ही मेरा ऑपरेशन हुआ। खुद का मकान होने के बावजूद मैं, मेरा बेटा किराए के मकान में रहने को मजबूर है। साहब… बहु से कब्जा हटवाकर मेरा मकान मुझे दिलवा दो। कलेक्टर मिश्रा ने समस्या सुनने के बाद उन्हें वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। महिला बोली- गलत ऑपरेशन से बिगड़ा हाथ पिपरिया के हथवास की रहने वाली महिला रेखा अहिरवार फैक्चर बंधे हालत में कलेक्टर के पास पहुंची और कहा कि साहब मेरी यह स्थिति लापरवाही से किए ऑपरेशन की वजह से हुई है। जिस कारण एक साल बाद भी मेरा हाथ ठीक नहीं हो पाया। पीड़ा बताते हुए महिला रेखा अहिरवार की आंखों से आंसू निकल आए। महिला ने रोते हुए कहा कि 17 मई 2025 को गिरने के कारण सीधे हाथ की हड्डी टूट गई थी, इलाज के लिए नर्मदापुरम के मीना फ्रेक्चर हॉस्पिटल नर्मदापुरम में भर्ती हुई। जहां एक ऑपरेशन कर रॉड डाली गई। मुझे करीब 12-15 टांके आएं। ऑपरेशन के बाद 3-4 दिन बाद में मेरी की छुट्टी कर दी गई। 1 माह बाद चेकअप के लिए हॉस्पिटल आई तो मेरे हाथ की कोहनी से रॉड 2 इंच बाहर निकलीं थी। डॉ. के द्वारा कहा गया कि आपके हाथ की हड्डी जुड़ी नहीं, दूसरा ऑपरेशन होगा। कलेक्टर ने शिकायत की जांच कराने निर्देश दिएडॉ. की लापरवाही के वजह से मेरे हाथ में रॉड को ठीक तरीके से नहीं डाला गया, जो कि कोहनी से बाहर निकल रही थी। बाद एवं खून बह रहा था। उन्होंने दूसरा ऑपरेशन किया, बावजूद हाथ आज तक नहीं सुधर पाया है। लापरवाही की वजह से मेरा एक हाथ खराब हो गया है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर मिश्रा ने सीएमएचओ प्रतिनिधि को बुलाकर शिकायत की जांच कराने के निर्देश दिए।

