विधान परिषद की वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीट के लिए मंगलवार को पहड़िया मंडी स्थित सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। इससे 34 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।
काशी में तीन से पांच नवंबर तक होने वाली छठवीं संस्कृति संसद में देशभर के करीब तीन हजार साधु-संत जुटेंगे। इनमें विद्वान, वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, युवा और कलाकारों के साथ बलूचिस्तान के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 2027 की बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों की सूची सोमवार की देर शाम जारी कर दी गई। परिषद की वेबसाइट पर सूची अपलोड होते ही हर कोई केंद्र की जानकारी में लग गया।
वाराणसी: 11.72 लाख रुपये साइबर ठगी के आरोपी को मिली जमानत, खाते से 12 लाख की ठगी; आया था फोन
जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने बीमा पर बोनस देने का झांसा देकर 11.72 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में आरोपी रंजन कुमार की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
पहड़िया मंडी में खंड स्नातक व शिक्षक निर्वाचन का मतगणना स्थल त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में है। आउटर कॉर्डन, इनर कॉर्डन और आइसोलेशन कॉर्डन बनाया गया है।
रेलवे में स्टेशन मास्टर के 15 पद बढ़े, अब 1265 पद
अजमेर| रेलवे में स्टेशन मास्टर भर्ती के पदों की संख्या 15 बढ़ाकर 1265 कर दी गई है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन सोमवार देर रात से शुरू हो गए। आवेदन की अंतिम तारीख 25 नवंबर 2026 है। आरआरबी मुंबई में सबसे ज्यादा 177 पद हैं, जबकि आरआरबी अजमेर के हिस्से में 61 पद आए हैं। मालदा में सबसे कम 4 और मुजफ्फरपुर में 14 पद हैं। आरआरबी ने एक दिन पहले 1250 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। अब पदों की संख्या बढ़ाकर 1265 कर दी गई है।
दंगल: काशी और भोपाल के पहलवानों के बीच 80 हजारी दंगल बराबरी पर छूटा, गाजीपुर ने दिल्ली को हराया
शरद पूर्णिमा पर वीरलोरिक व्यायामशाला गौराकला की ओर से सोमवार को विराट कुश्ती दंगल में 50 से ज्यादा जोड़ी पहलवानों ने अपने दांव-पेच दिखाए।
रेलवे सेक्शन कंट्रोलर परीक्षा की आंसर-की जारी, आपत्ति 3 तक
अजमेर| रेलवे भर्ती बोर्ड ने सेक्शन कंट्रोलर भर्ती परीक्षा की आंसर-की जारी कर दी है। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र, अपने दर्ज उत्तर और उत्तर कुंजी देखने के साथ आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। सीईएन 03/2026 के तहत अभ्यर्थी 3 नवंबर शाम 5 बजे तक आरआरबी की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। सेक्शन कंट्रोलर के वेतन स्तर-6 के पदों के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) 12 और 13 अक्टूबर को ली गई थी। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित समय दिया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद किसी भी आपत्ति को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को प्रत्येक आपत्ति के लिए 50 रुपए और लागू बैंक सेवा शुल्क देना होगा। आपत्ति सही पाए जाने पर बैंक शुल्क काटकर राशि उसी खाते में लौटाई जाएगी। भुगतान डेबिट-क्रेडिट कार्ड, यूपीआई, पे कार्ड और निर्धारित नेट बैंकिंग विकल्पों से किया जा सकेगा।
भवन निर्माण में अब नौ इंच की ईंटों की जगह छह इंच के कंक्रीट ब्लॉक का उपयोग बढ़ रहा है। इससे अधिक कारपेट एरिया, कम लागत और बेहतर फिनिशिंग जैसे कई फायदे मिलते हैं।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव का परिणाम मंगलवार को देर रात तक आ जाने की संभावना है। इस परिणाम से भाजपा व सपा की प्रतिष्ठा तो जुड़ी ही हुई है, भाजपा के बागी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी, भाजपा व शर्मा गुट के कई पदाधिकारियों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हे। इन सभी लोगों की नजरें मतगणना पर गड़ी रहेंगी। भाजपा से इस चुनाव की तैयारी करने वाले डा. संजयन त्रिपाठी को जब निराशा मिली तो उन्होंने सपा का दामन थाम लिया। उनके आने से सपा आक्रामक हो गई तो भाजपा की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। भाजपा से बागी होकर किसी नेता का सपा में जाना और चुनाव जीतना, भाजपा के लिए काफी अपमानजनक होता, इसलिए पार्टी ने अपनी पूरी ताकत लगा दी। पार्टियों के साथ ही कुछ नेताओं की व्यक्तिगत रूप से भी इस चुनाव परिणाम के साथ प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। विनय शंकर तिवारी, डा. संजयन को पार्टी ज्वाइन कराने गए थे। यदि संजयन की जीत होती है तो विनय शंकर तिवारी का कद और बढ़ जाएगा। यदि जीत नहीं मिली तो ब्राह्मणों के सपा के साथ जाने की चर्चाओं को झटका लगेगा। विनय शंकर तिवारी के साथ ही भाजपा से बगावत करने वाले पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के लिए भी यह परीक्षा की घड़ी है। सबसे ज्यादा नजरें भाजपा से ही स्नातक क्षेत्र के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह पर टिकी हैं। मुख्यमंत्री के मंच पर बैठने की बात को लेकर हुए कथित अपमान के बाद से वह भाजपा से नाराज चल रहे हैं। शुरू में उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट करके मतदान के दिन अपमान का बदला लेने के लिए वोट देने की अपील की थी। हालांकि जब मतदान में दो दिन बचे रह गए तो वह खुद ही मैदान में उतर गए।स्नातक व शिक्षक, दोनों का निर्वाचन क्षेत्र एक बराबर है। ऐसे में देवेंद्र सिंह के समर्थन से संजयन की राह आसान होने की बात कही जा रही है। लेकिन परिणाम का देवेंद्र सिंह को भी बेसब्री का इंतजार है। यह जीत-हार उनके राजनीतिक भविष्य की ओर भी इशारा करेगा। देवेंद्र सिंह व उनके समर्थकों ने संजयन को जिताने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा। इसलिए इस चुनाव में सबसे अधिक प्रतिष्ठा देवेंद्र सिंह की जुड़ी है।
नीले-ड्रम वाली मुस्कान को साहिल के परिवार ने बहू माना:फांसी की सजा से बचाने के लिए एक ही वकील किया
मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में फांसी की सजा पाई मुस्कान को उसके प्रेमी साहिल का परिवार बचाने के लिए सामने आया है। हाईकोर्ट में साहिल-मुस्कान की फांसी की सजा माफ कराने के लिए एक ही वकील ने याचिका दाखिल की है। साहिल के परिवार की तरफ से किए गए वकील सुशील शुक्ला ही मुस्कान के लिए भी पैरवी करेंगे। उन्होंने दोनों की ओर से एक ही याचिका 23 अक्टूबर को दाखिल की है। इसमें पहले साहिल और उसके नीचे मुस्कान रस्तोगी का नाम लिखा है। जिस तरह साहिल के वकील ही मुस्कान के लिए हाईकोर्ट में पैरवी करेंगे, उससे माना जा रहा है कि साहिल के परिवार ने मुस्कान को बहू मान लिया है। साहिल का परिवार लगातार जेल में उससे मिलने आ रहा है। साहिल का छोटा भाई दिव्यांश शुक्ला, नानी और उसके चाचा मिलने आते हैं। जबकि, हत्या के बाद 18 महीनों में मुस्कान से मिलने आज तक उसके मायके या ससुराल से कोई नहीं आया। जेल अधीक्षक बोले- साहिल के परिवार ने ही मुस्कान के लिए वकील किया मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने कहा- साहिल के परिवार ने ही मुस्कान का केस लड़ने के लिए वकील किया है। पहले मुस्कान ने जेल प्रशासन से अपने लिए वकील करने की इच्छा जताई थी। उसके लिए सरकारी वकील देने की तैयारी चल रही थी। लेकिन, बाद में उसने सरकारी वकील लेने से इनकार कर दिया। मुस्कान ने ही बताया कि साहिल के वकील ही उसका केस भी लड़ेंगे। हाईकोर्ट के सीनियर वकील सुशील शुक्ला ही दोनों का केस लड़ रहे हैं। वही दोनों की फांसी माफी के लिए हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे हैं। मुस्कान-साहिल की स्कूल से दोस्ती, शादी के बाद करीब आए मुस्कान और साहिल उर्फ मोहित की लव स्टोरी वैसे तो ब्रह्मपुरी के विवेकानंद स्कूल से शुरू हुई थी। इसी स्कूल में दोनों 8वीं तक साथ पढ़ते थे। दोनों दोस्त थे, एक-दूसरे को पसंद करते थे। इसके बाद दोनों अलग हो गए। कभी नहीं मिले। फिर मुस्कान ने सौरभ से शादी कर ली। 2019 में साहिल दोबारा मुस्कान से स्कूल के वॉट्सएप ग्रुप के जरिए मिला। दोनों में दोबारा दोस्ती हुई। सौरभ विदेश में रहता था। मुस्कान मेरठ में अकेली रहती थी। सौरभ के शराब पीने के कारण मुस्कान परेशान रहती थी। इसलिए वो साहिल के ज्यादा करीब आ गई। साहिल भी मुस्कान को पाना चाहता था। इसलिए उसने उसे नशा कराना शुरू कर दिया। मुस्कान की बेटी ज्यादातर नानी के घर रहती थी। इसलिए मुस्कान बेफिक्र होकर साहिल के साथ घूमती थी। उसे अपने घर बुलाती थी। दोनों की प्रेम कहानी का पता मुस्कान के घरवालों को भी नहीं था। बाद में सौरभ को दोनों की लव स्टोरी के बारे में पता चला। केवल 9वीं तक पढ़ी है मुस्कान मुस्कान की मां कविता ने बताया कि वह केवल 9वीं तक पढ़ी है। उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता था। वो कुछ और ही दिमाग की लड़की थी। उसने खुद ही कह दिया था कि मुझे आगे नहीं पढ़ना है। सजा से पहले मुस्कान के माता-पिता ने पुलिस को लिखकर भी दिया था कि मुस्कान को जो चाहे सजा दें, हम उससे न तो कभी मिलेंगे। न हम उसकी सजा माफी के लिए कोई कदम उठाएंगे। मुस्कान अपनी बड़ी बेटी से मिलना चाहती है, लेकिन आज तक उसके मम्मी-पापा ने मिलवाया नहीं। उन्होंने मीडिया के सामने साफ कहा कि मुस्कान हमारे लिए मर चुकी है। वो उसकी छाया भी बच्ची पर नहीं पड़ने देंगे। ऐसे में मुस्कान के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपना निजी वकील हायर करने की थी। लेकिन, अब साहिल के वकील सुशील शुक्ला ही उसके केस की पैरवी करेंगे। पड़ोसियों को बताया था, साहिल मेरा भाई है मुस्कान-सौरभ जहां किराए पर रहते थे, वहीं मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की थी। वहां रहने वाले पड़ोसियों को भी इस हत्याकांड की जानकारी 18 मार्च, 2025 को हुई। पड़ोसियों ने बताया था कि ये लोग यहां किराए पर रहते थे। पीहू नानी के घर पर रहती थी। मुस्कान किसी से बात नहीं करती थी। साहिल उसके घर अक्सर आता-जाता था। घर में केवल ऑनलाइन फूड डिलीवरी देने वाले लड़के आते थे। बाकी साहिल अक्सर डिब्बे और बैग लेकर मुस्कान के घर आता था। पड़ोसियों को मुस्कान ने बताया था कि साहिल उसका भाई है। घर से उसके लिए खाना लाता है। मुस्कान ने साहिल की मृत मां के नाम से स्नैपचैट अकाउंट बनाया ये तीनों मैसेज मुस्कान के हैं, जो उसने साहिल को किए थे। मेरठ पुलिस ने मुस्कान के स्नैपचैट अकाउंट से 136 मैसेज रिकवर किए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि मुस्कान ने साहिल की मां और बहन के फर्जी अकाउंट बनाए थे। इन अकाउंट से वह बार-बार साहिल को मैसेज भेजती थी। वह जानती थी कि साहिल तंत्र-मंत्र पर भरोसा करता है। उसने मुस्कान से कहा भी था कि वह मां की आत्मा से बात करता है। इसी का फायदा उठाकर वह साहिल की मां के फर्जी अकाउंट से उसे मैसेज करती थी। साहिल ने मुस्कान का हाथ पकड़कर सौरभ की हत्या करवाई पुलिस की जांच में सामने आया था कि साहिल सौरभ का सिर और कटे हुए हाथ लेकर अपने कमरे पर आया था। पूछताछ में मुस्कान ने पुलिस को बताया था कि उसने ही साहिल से कहा था कि तुम्हें ही सौरभ का वध करना होगा, तभी हम नई जिंदगी शुरू कर पाएंगे। साहिल ने मुस्कान के हाथों पति की हत्या कराई। साहिल ने मुस्कान को पहले सौरभ के सीने पर बैठाया। फिर उसे किचन से चाकू लाकर दिया। चाकू पकड़ने का तरीका बताया। कहा कि ये चाकू सौरभ के दिल में 3 बार घुसाओ। जब मुस्कान चाकू नहीं चला पाई तो साहिल ने उसके हाथ पकड़कर चाकू दिल में 3 बार घोंपकर हत्या करवाई। सौरभ की हत्या के बाद दोनों हिमाचल में पार्टी करते रहे साहिल-मुस्कान, सौरभ की हत्या करने के बाद शिमला, कसोल, मनाली घूमने चले गए। वहां वो 15 दिन रहे। यहां उन्होंने होली मनाई, जमकर नशा किया और पार्टियां की थीं। लौटने के बाद जब केस खुला और मुस्कान जेल गई, तो वो प्रेग्नेंट निकली थी। दोनों 5 से 17 मार्च तक हनीमून मनाते रहे। ये अलग-अलग जगहों पर होटलों में रुकते, डांस करते और अय्याशी करते रहे। फांसी की सजा सुनाते वक्त जज बोले- मुस्कान-साहिल की सोच हवसभरी 14 अक्टूबर, 2026 को जब मेरठ जिला कोर्ट में जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने मुस्कान-साहिल को फांसी की सजा सुनाई थी। उन्होंने कहा था- मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का कोई पछतावा नहीं है। अपराध के बाद दोनों का व्यवहार उनकी घिनौनी सोच और हवस को दिखाता है। अपने ही घर में पति की हत्या करना, शव के टुकड़े करना और सबूत छिपाने का तरीका समाज की अंतरात्मा को झकझोरने वाला है। मुस्कान और साहिल के सुधरने और समाज की मुख्यधारा में लौटने की संभावना नहीं है। ऐसे में उन्हें सजा में राहत देने का कोई कारण नहीं बनता। मुस्कान ने परिवारों की मर्जी के खिलाफ बचपन के प्रेमी सौरभ राजपूत से लव मैरिज की थी। शादी के बाद उसका स्कूल के पुराने प्रेमी साहिल से फिर संबंध बन गया। इसी रिश्ते के चलते मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या कर दी। शव को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में छुपा दिया ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- मथुरा में बहन की हत्या करके लाश दफनाई, हिंदू युवक से लव-मैरिज करने से नाराज था मथुरा में दूसरे धर्म के युवक से लव मैरिज करने पर भाई ने बहन की गला दबाकर हत्या कर दी। उसके बाद शव को दफना दिया। पति ने राजस्थान से पत्नी को फोन किया तो उसका फोन बंद मिला। 15 दिन तक काफी कोशिश के बाद भी जब उससे सम्पर्क नहीं हो पाया तो उसने पत्नी के घरवालों से फोन करके उसके बारे में पूछा। पढ़ें पूरी खबर...
स्टेशन पर डिजिटल गाइड बताएंगे प्लेटफॉर्म, आरओबी-लिफ्ट की दिशा
रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद अब यात्रियों को प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट या फुट ओवरब्रिज का रास्ता पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अजमेर रेल मंडल चार स्टेशनों पर डिजिटल मार्गदर्शक लगाने जा रहा है। ये हाईटेक कियोस्क स्टेशन का नक्शा दिखाने के साथ यात्रियों को प्लेटफॉर्म और दूसरी सुविधाओं तक पहुंचने का रास्ता बताएंगे। इस प्रोजेक्ट पर 1.08 करोड़ खर्च होंगे। अजमेर, उदयपुर, आबू रोड और फालना स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, पोर्च, टिकट काउंटर और आसपास ये कियोस्क लगाए जाएंगे। जनवरी 2027 से यह सुविधा मिलने की संभावना है। देश में इस तकनीक का प्रयोग सबसे पहले नागपुर में किया गया था। अब उत्तर-पश्चिम रेलवे में इसे लागू किया जा रहा है। यात्री कियोस्क की स्क्रीन से जानकारी लेने के साथ उस पर लगे क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करके भी रास्ता देख सकेंगे।
पंचायत चुनाव: दूसरे चरण में 552 बूथों पर वोटिंग कल
पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 552 बूथों पर मतदान होगा। इसके लिए मतदान दल मंगलवार को रवाना होंगे। माखूपुरा स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में सुबह 8 बजे से मतदान कार्मिकों का द्वितीय प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण के बाद दल मतदान सामग्री और ईवीएम लेकर संबंधित मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगे। दूसरे चरण में अजमेर ग्रामीण (आंशिक), बड़ल्या, सिलोरा, अरांई व भिनाय पंचायत समितियों में मतदान होगा। सरपंच-वार्ड पंच के चुनाव 29 को: सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए 29 अक्टूबर को नामांकन होंगे। इन पदों के लिए 30 अक्टूबर को मतदान और मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। उप सरपंच का निर्वाचन 31 अक्टूबर को होगा। जिला प्रमुख का चुनाव परिणाम 25 नवंबर, उप जिला प्रमुख का 26 नवंबर, प्रधान का 27 नवंबर और उप प्रधान का 28 नवंबर को घोषित होगा।
एलिवेटेड रोड (रामसेतु) के नीचे सड़क की चौड़ाई पहले ही कम है। ऐसे में बनाए जा रहे डिवाइडर और टू-व्हीलर पार्किंग स्टैंड लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। कहीं दो पिलरों के बीच आधा डिवाइडर बनाया गया है, तो कहीं कट के नाम पर आधी जगह खुली छोड़ दी गई है। कुछ कट से यू-टर्न लेने के लिए वाहनों को अतिरिक्त घूमना पड़ता है, जिससे जाम और टकराने का खतरा बढ़ रहा है। कचहरी रोड से मार्टिंडल ब्रिज तक और गांधी भवन से फव्वारा सर्किल की ओर रामसेतु के नीचे बन रहे डिवाइडर पौधरोपण के लिए भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। त्योहारी सीजन में बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि डिवाइडर की चौड़ाई और कट तय करने से पहले उनसे राय नहीं ली गई। पार्किंग की व्यवस्था भी सवालों में है। रामसेतु के नीचे दोपहिया वाहनों की पार्किंग की बात कही जा रही है, लेकिन मौके पर कार, ऑटो और टेंपो भी खड़े हैं। कई जगह नो-पार्किंग के बोर्ड लगे होने के बावजूद वाहन खड़े दिखाई देते हैं। ऐसे में निर्धारित पार्किंग व्यवस्था और उसके पालन पर सवाल उठ रहे हैं।
कभी लीकेज कभी ट्रिपिंग से लड़खड़ाई सप्लाई, शहर को 2 दिन में 111 MLD पानी कम मिला
शहर में पहले से 72 घंटे के अंतराल पर हो रही जलापूर्ति अब कई कॉलोनियों में 80 घंटे तक पहुंच गई है। बीसलपुर की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज और बिजली ट्रिपिंग से सप्लाई बार-बार प्रभावित हो रही है। शनिवार से सोमवार तक तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अजमेर के कई इलाकों में पानी नहीं पहुंचा। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता भुवनेश्वर अग्निहोत्री के अनुसार, मंगलवार से सप्लाई सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा। बीसलपुर-अजमेर परियोजना की 1500 एमएम पीएससीसी पाइपलाइन में थड़ौली पंप हाउस के पास शनिवार दोपहर 1 बजे लीकेज मिला। मरम्मत के लिए दोपहर 1:15 बजे लिया गया शटडाउन सोमवार सुबह 4:15 बजे खत्म हुआ। इस दौरान पांच जगह लीकेज ठीक किए गए। इसके बावजूद शनिवार को 35 एमएलडी और 25 अक्टूबर को 76 एमएलडी पानी की आपूर्ति कम हुई। दो दिन में कुल 111 एमएलडी पानी कम मिला। इसका असर अजमेर के अलावा ब्यावर, किशनगढ़ और नसीराबाद के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों पर भी पड़ा।
दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निगम (एमसीडी) सड़कों की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने जा रहा है। इसके तहत राजधानी की सड़कों पर 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें (एमआरएसएम) तैनात की जाएंगी।
लेक्चरर भर्ती: विभिन्न विषयों की मुख्य सूची जारी
अजमेर | आरपीएससी द्वारा लेक्चरर (आयुष विभाग) भर्ती - 2025 के अंतर्गत संहिता (मौलिक सिद्धांत), कौमारभृत्य, पंचकर्म, शलाक्य तंत्र एवं स्वस्थवृत्त विषय के पदों के लिए मुख्य सूची जारी की गई है। इन विषयों के पदों हेतु जारी विचारित सूची में अस्थायी रूप से शामिल अभ्यर्थियों की पात्रता जांच का कार्य संबंधित विभाग द्वारा किया गया। पात्रता जांच एवं दस्तावेज सत्यापन उपरांत संहिता (मौलिक सिद्धांत), कौमारभृत्य, पंचकर्म, शलाक्य तंत्र के 1-1-1-1 एवं स्वस्थवृत्त विषय के 2 अभ्यर्थियों को मुख्य सूची में सफल घोषित किया गया है।
दिवाली पर रोशनी से निखरेगा अजमेर,बाजारों में भी सजेंगे झूमर-लाइटिंग गेट
अजमेर| नगर निगम के नए बोर्ड की पहली दिवाली पर शहर को रोशनी से सजाने की तैयारी है। इस बार चौपाटी जैसे प्रमुख स्थलों के साथ मुख्य बाजारों को भी सजावट से जोड़ने की योजना है। झूमरों के साथ लाइटिंग गेट बनाकर बाजारों का लुक बदलने की तैयारी की जा रही है। निगम प्रशासन पहली बार रामसेतु के नीचे भी आकर्षक लाइटिंग करेगा। इसके लिए निगम की पुरानी बिल्डिंग के सामने काम शुरू हो गया है। गांधी भवन और रामप्रसाद घाट पर भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आनासागर चौपाटी और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों को भी सजाया जाएगा। सुभाष उद्यान को नया रूप देने के लिए निगम की इलेक्ट्रिक विंग अलग-अलग जगहों पर सजावट के विकल्प तलाश रही है। जयपुर की तर्ज पर शहर को रोशनी से सजाने की योजना है। महापौर अनामिका शर्मा का फोकस इस बार दिवाली की तैयारियों पर है। इससे पहले दशहरे पर रावण दहन से पहले लेजर शो के जरिए रामायण और ड्रोन से विकास यात्रा दिखाई गई थी।
रेलवे की एनटीपीसी सहित कई प्रमुख भर्तियों का सिलेबस एक जगह, स्टेशन मास्टर का अलग
अजमेर | रेलवे भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अब कई प्रमुख पदों का सिलेबस एक ही दस्तावेज में मिल सकेगा। रेलवे भर्ती बोर्ड ने एनटीपीसी सहित प्रमुख भर्तियों के पाठ्यक्रम एक जगह उपलब्ध कराए हैं। हालांकि, स्टेशन मास्टर भर्ती का सिलेबस इस दस्तावेज में शामिल नहीं है। स्टेशन मास्टर की भर्ती इस बार नई है और इसके लिए पहली बार परीक्षा होगी। इस पद का सिलेबस अलग से जारी विस्तृत विज्ञापन में दिया गया है। अभ्यर्थी उसी के आधार पर तैयारी कर सकते हैं। आरआरबी अजमेर की वेबसाइट पर उपलब्ध 38 पेज के दस्तावेज में विभिन्न भर्तियों के सिलेबस व उनसे संबंधित केंद्रीकृत भर्ती अधिसूचनाएं शामिल हैं। अभ्यर्थी संबंधित भर्ती का सिलेबस देख सकेंगे। हालांकि, उन्हें आधिकारिक अधिसूचना में दिए पाठ्यक्रम व परीक्षा पैटर्न से इसका मिलान करना होगा।
महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय ने संबद्ध निजी महाविद्यालयों की संबद्धता शर्तों की पालना को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विद्या परिषद की विशेष बैठक में निर्णय लिया गया कि निर्धारित शर्तों की पालना के लिए महाविद्यालयों को दो माह का समय दिया जाएगा। शर्तें पूरी नहीं करने वाले महाविद्यालयों को अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा तथा आगामी शैक्षणिक सत्र से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से संभाग के करीब 350 निजी महाविद्यालयों की संबद्धता अभिवृद्धि के लंबित प्रकरण प्रभावित हो सकते हैं। कुलगुरु प्रो. नरसी राम बिश्नोई की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संबद्धता व्यवस्था, शुल्क निर्धारण और परीक्षा प्रणाली में संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। परिषद ने तय किया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में दो माह के भीतर निर्धारित शर्तों की पालना करने वाले महाविद्यालयों की शैक्षणिक सत्र 2025-26 तक की संबद्धता अभिवृद्धि के लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा। हालांकि, न्यायिक प्रकरण इस निर्णय के दायरे से बाहर रहेंगे। विद्या परिषद ने संबद्धता शुल्क को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के समान करने तथा शोध शुल्क का पुनर्निर्धारण करने का निर्णय लिया। इससे विश्वविद्यालय की शुल्क व्यवस्था में बदलाव होगा। परीक्षा प्रणाली में संशोधन के लिए बनेगी समिति राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सेमेस्टर प्रणाली की परीक्षा व्यवस्था को अधिक तर्कसंगत बनाने के लिए परीक्षा की समयावधि और प्रश्नपत्र प्रणाली में संशोधन पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही अंतिम वर्ष के सेमेस्टर में शेष प्रश्नपत्रों की पूरक परीक्षा तथा स्वयंपाठी विद्यार्थियों से लिए जाने वाले महाविद्यालय प्रायोगिक शुल्क के उपयोग संबंधी दिशा-निर्देशों की समीक्षा भी होगी। इन विषयों पर सुझाव देने के लिए समिति गठित की जाएगी। समिति की अनुशंसाओं पर निर्णय लेने के लिए कुलगुरु को अधिकृत किया गया है। विशेषज्ञों की अस्थायी नियुक्ति नीति को मिली अनुशंसा विश्वविद्यालय में विजिटिंग, संविदा, मानद शिक्षकों एवं प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की अस्थायी नियुक्तियों के लिए तैयार नीति एवं दिशा-निर्देश-2026 को भी विद्या परिषद ने अनुशंसित किया। इस व्यवस्था के तहत विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के लिए निर्धारित नीति के अनुसार आगे की प्रक्रिया संचालित की जा सकेगी। 5 लाख की एफडीआर बनवाना अनिवार्य विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों को एंडोमेंट फंड के तहत पांच लाख रुपये की एफडीआर बनानी होगी। यह एफडीआर विश्वविद्यालय के कुलसचिव और संबंधित महाविद्यालय के संयुक्त नाम से न्यूनतम पांच वर्ष की अवधि के लिए बनानी होगी। इस निर्णय के माध्यम से संबद्धता संबंधी वित्तीय प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, पारदर्शिता और नियमों की पालना सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। संबद्धता एवं परीक्षा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। विद्या परिषद की बैठक में संबद्धता नियमों की पालना, शैक्षणिक गुणवत्ता और परीक्षा प्रणाली में सुधार संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है।प्रो.नरसी राम बिश्नोई, कुलगुरु, एमजीएस यूनिवर्सिटी
Kangra News: दौड़ लगाकर युवाओं ने दिया नशामुक्ति का संदेश
नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से सोमवार को जयसिंहपुर में एंटी-चिट्टा मैराथन का आयोजन किया गया।
यूपी में सोमवार को गद्दी बनाम कुर्सी की जंग दिखी। पहले योगी ने कहा- अखिलेश यादव को एक बार विरासत में सत्ता मिली, लेकिन अब दोबारा सत्ता में आने का सपना छोड़ देना चाहिए। विरासत में गद्दी मिल सकती है, बुद्धि नहीं। बाद में अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा- मैं कोई साधु-संत नहीं हूं। मुझे जनता की सेवा के लिए कुर्सी चाहिए। ऊपर क्लिक कर VIDEO देखिए…
शिवपुर के पिसौर गांव में पशु कारोबारी राजेश पटेल की गोली मारकर हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने के मामले में छोटे बेटे शिवम और उसके दोस्त रमेश उर्फ बादशाह को शिवपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया।
रामलीला मैदान में विपक्ष की हुंकार, BJP का पदयात्रा से पलटवार
एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली और BJP का देशव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर सियासी जंग को तेज कर रहे हैं.
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में ‘अपनी जनता पार्टी’ के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य खुद को साबित करना चाहते हैं। कांग्रेस से गठबंधन का ऐलान कर चुके स्वामी ने 12 सीटें मांगी थीं। सोर्स बताते हैं कि 10 सीटों पर सहमति बन चुकी है, बस शर्त होगी कि ये सभी प्रत्याशी कांग्रेस के सिंबल पर लड़ेंगे। खुद स्वामी प्रसाद मौर्य, उनके बेटे उत्कृष्ट मौर्य भी कांग्रेस के ‘पंजे’ पर ही चुनाव में उतरेंगे। अपनी वफादारी साबित करने के लिए बहुत जल्द स्वामी अपनी बेटी डॉ. संघमित्रा को कांग्रेस में शामिल कराने जा रहे हैं। वह बिल्सी से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य कांग्रेस के लिए कितने फायदेमंद होंगे? वो कौन-सी 10 सीटें हैं, जो स्वामी प्रसाद मौर्य ने मांगी हैं? यूपी की राजनीति में मौर्य वोटर्स कितने प्रभावी हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… उत्तर प्रदेश की राजनीति में स्वामी प्रसाद मौर्य की अपनी एक अलग पहचान है। बसपा से राजनीति शुरू करने वाले स्वामी 5 बार के विधायक रह चुके हैं। 4 बार बसपा के टिकट पर, तो 1 बार भाजपा से विधानसभा पहुंचने में सफल रहे। उनका जन्मस्थान तो प्रतापगढ़ है, लेकिन परिवार पड़ोस के रायबरेली जिले की ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में रहता है। कांग्रेस के लिए कितने फायदेमंद होंगे स्वामी यूपी में मौर्य-कुशवाहा की उप-जातियों में कोइरी, शाक्य, सैनी, काछी शामिल हैं। प्रदेश में इन अति पिछड़ी जातियों का समूह 6 से 15% हिस्सेदारी रखता है। आगरा, बरेली, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, मऊ, कुशीनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, बदायूं, फर्रुखाबाद, चंदौली, देवरिया, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, प्रयागराज, कौशांबी और बुंदेलखंड के कई जिलों में इनकी अच्छी-खासी आबादी है। खुद स्वामी प्रसाद मौर्य के परिवार का दबदबा कुशीनगर, प्रतापगढ़, रायबरेली और बदायूं जिले तक फैला है। अभी इस समाज का ज्यादातर समर्थन भाजपा को मिला हुआ है। खुद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य इसी समाज से आते हैं। इसके अलावा अमरपाल मौर्य, बेबीरानी मौर्य समेत कई बड़े नेता मौजूदा समय में भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। हालांकि, स्वामी प्रसाद मौर्य की भी इस समाज में अपनी अलग पैठ है। जब वे बसपा की राजनीति में सक्रिय थे, तो इस समाज का बड़ा समर्थन बसपा को मिला था। अब कांग्रेस के साथ गठबंधन के ऐलान से स्वामी प्रसाद मौर्य के जरिए कांग्रेस को भी इस समाज का समर्थन मिलने की उम्मीद है। खासकर ऐसी मौर्य-कुशवाहा बहुल सीटों पर, जहां भाजपा की ओर से दूसरी जातियों को प्रत्याशी बनाया जाए। कांग्रेस वहां से मौर्य-कुशवाहा समाज के उम्मीदवार मैदान में उतारती है। स्वामी का हिंदू विरोधी होना क्या कांग्रेस के लिए खतरा बनेगा? वरिष्ठ पत्रकार योगेश मिश्रा के मुताबिक, स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयान के चलते ही सपा उनसे दूर हुई थी। यही कारण है कि वह वाया कांग्रेस इस महागठबंधन का हिस्सा बनना चाहते हैं। यूपी में आज की तारीख में मौर्य सांसद सबसे ज्यादा सपा के पास हैं। इसी तरह विधायक सबसे ज्यादा भाजपा के पास हैं। ऐसे में ये समाज इन दोनों दलों को छोड़कर किसी तीसरे के साथ जा सकती है, यह मुश्किल है। स्वामी प्रसाद मौर्य की राजनीति हिंदू विरोधी रही है। वो सीधे हिंदू देवी-देवताओं को गाली देते हैं। जबकि, मौर्य समाज यादव के बाद दूसरा शाकाहारी समाज है। वो सनातन को मानने वाला वर्ग है। ऐसे में खुद उन्हें मौर्य समाज का कितना समर्थन मिलेगा, इस पर भी सवाल है। आज के दौर में जब पूरी राजनीति सनातन के इर्द-गिर्द सिमट चुकी है, तो ऐसे हिंदू विरोधी को साथ लेना कांग्रेस के समझ पर भी सवाल उठाता है। कांग्रेस से गठबंधन में स्वामी ने 12 सीटें मांगी, ये 10 मिलीं कांग्रेस से जुड़े सोर्स बताते हैं कि स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से पहले 12 सीटें मांगी गई थीं। इनमें से 10 सीटों की सूची उनकी ओर से सौंपी गई है। इन सीटों में रायबरेली की ऊंचाहार, कुशीनगर जिले की पडरौना व फाजिलनगर, प्रतापगढ़ सदर, प्रयागराज की फाफामऊ, बदायूं की बिल्सी, झांसी जिले की मऊरानीपुर व बबीना, जालौन जिले की कालपी, फिरोजाबाद की टूंडला और महोबा जिले की चरखारी सीटें शामिल हैं। कुशीनगर की पडरौना से खुद स्वामी प्रसाद मौर्य 3 बार के विधायक रह चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में वे फाजिलनगर से चुनाव लड़ चुके हैं। इसी तरह ऊंचाहार की सीट उन्होंने अपने बेटे उत्कृष्ट मौर्या के लिए मांगी है। 2017 का विधानसभा चुनाव वो भाजपा से लड़ चुके हैं। तब करीबी अंतर से मनोज पांडे से चुनाव हार गए थे। वहीं, बिल्सी से अपनी बेटी डॉ. संघमित्रा मौर्य को चुनाव लड़ाने की तैयारी में हैं। यह सीट बदायूं लोकसभा क्षेत्र में आती है। बदायूं से संघमित्रा 2019 में सांसद रह चुकी हैं। इन 10 सीटों का समीकरण भी समझ लीजिए स्वामी प्रसाद मौर्य कांग्रेस से 10 विधानसभा सीटें मांग रहे हैं। इनमें ज्यादातर सीटें ऐसी हैं, जहां अभी भाजपा के विधायक हैं। 2 सीटें ऐसी हैं, जहां 2022 में सपा के विधायक जीते थे। लेकिन, अब वे भाजपा में शामिल हो चुके हैं। मतलब ऊंचाहार और कालपी को छोड़ दें, तो सपा के कब्जे में 8 सीटें नहीं हैं। यही कारण है कि स्वामी प्रसाद मौर्य इन 10 सीटों की मांग कांग्रेस से कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से इन सीटों को देने की सहमति भी बन चुकी है। बशर्ते स्वामी प्रसाद मौर्य समेत सभी प्रत्याशी कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव में उतरें। पिता की बगावत पर भी भाजपा नहीं छोड़ी, अब क्यों संघमित्रा छोड़ रहीं 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। उस समय संघमित्रा के सामने राजनीतिक दुविधा की स्थिति बनी थी। पिता के भाजपा से अलग होने के बावजूद उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी और भाजपा में बनी रहीं। इसके बावजूद 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला। उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी। प्रदेश कार्यकारिणी की टीम में जगह मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वहां भी मौका नहीं मिला। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी जगह नहीं मिली। जिस बिल्सी से वो विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं, वहां पहले से भाजपा के विधायक हैं। ऐसे में साफ है कि अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए वो ऐसे दल के साथ जाएं, जहां से टिकट मिलने की गारंटी हो। बदायूं से लोकसभा का टिकट भी पिता स्वामी प्रसाद मौर्य की बदौलत मिला था। अब पिता की बार्गेनिंग के चलते बिल्सी की सीट संघमित्रा को मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए उन्हें नवंबर में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता लेनी होगी। सोर्स बताते हैं कि इस पर सहमति बन चुकी है। वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल कहते हैं- संघमित्रा मौर्य भाजपा में रहते हुए कभी खुलकर पार्टी के साथ खड़ी नजर नहीं आईं। उनके बयानों में अक्सर असमंजस की स्थिति दिखती रही। पिता स्वामी प्रसाद मौर्य लगातार पार्टियां बदलते रहे हैं। बिल्सी सीट से ही क्यों संघमित्रा को चुनाव लड़ाना चाहते हैं स्वामी संघमित्रा मौर्य के बिल्सी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह सीट बदायूं लोकसभा क्षेत्र में आती है। फिलहाल, यहां भाजपा के हरीश चंद्र शाक्य विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। बिल्सी में दलित, मुस्लिम, शाक्य-मौर्य, क्षत्रिय और ब्राह्मण मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जाती है। स्थानीय अनुमान के मुताबिक, यहां दलित मतदाता करीब 20% और मुस्लिम मतदाता लगभग 18% हैं। इसके अलावा मौर्य-कुशवाहा, यादव, लोध और वैश्य समुदाय के मतदाता भी चुनावी समीकरण प्रभावित कर सकते हैं। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें- राहुल-अखिलेश जोड़ी की काट निकालने लखनऊ आ रहे अमित शाह, सीट बंटवारा बड़ी चुनौती विधानसभा चुनावों को लेकर अमित शाह की एक सेट रणनीति रही है। वे चुनाव से 4 से 6 महीने पहले एक्टिव होते हैं और भाजपा के खिलाफ चल रही हवा को पलटकर रख देते हैं। यूपी विधानसभा चुनाव में करीब 4 महीने बाकी हैं। राहुल-अखिलेश की जोड़ी ने इस चुनाव को मुश्किल बना दिया है। अब अमित शाह 30-31 अक्टूबर को लखनऊ आ रहे हैं। वे इस जोड़ी का तोड़ कैसे खोजेंगे? यूपी एक्सप्लेनर में पढ़िए…
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति पाने का अवसर है। नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप (NMMS) परीक्षा-2026 के माध्यम से राजस्थान के 5471 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपए की छात्रवृत्ति मिलेगी। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 30 अक्टूबर से शुरू होंगे और अंतिम तिथि 30 नवंबर निर्धारित की गई है। परीक्षा 20 दिसंबर को आयोजित होगी। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन जारी रखने पर चार वर्ष तक छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस अवधि में प्रत्येक विद्यार्थी को कुल 48 हजार रुपए मिल सकेंगे। राशि का भुगतान सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। राजस्थान के लिए निर्धारित 5471 छात्रवृत्तियों के लिए चयन जिला मेरिट और श्रेणीवार वर्गीकरण के आधार पर होगा। परीक्षा में दो भाग होंगे। मानसिक योग्यता परीक्षण (एमएटी) में 90 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनसे विद्यार्थियों की तर्कशक्ति और आलोचनात्मक सोच का आकलन होगा। सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक जरूरी परीक्षा में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे, जबकि एससी-एसटी वर्ग के लिए न्यूनतम 32 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। दिव्यांग अभ्यर्थियों को नियमानुसार 3 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। चयन के लिए निर्धारित न्यूनतम अंकों के साथ मेरिट में स्थान प्राप्त करना भी जरूरी होगा।
अर्नब तूफान की वजह से यूपी का मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, 29 से 31 अक्टूबर तक पूर्वांचल और अवध में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। हैरत की बात यह है कि अर्नब तूफान यूपी तक पहुंचेगा ही नहीं, फिर भी यहां के मौसम में जबरदस्त बदलाव होगा। आंध्र प्रदेश के तट से टकराने वाला तूफान 1000 किमी दूर यूपी को कैसे प्रभावित करेगा? मौसम में क्या बदलाव होंगे? जानेंगे आज यूपी एक्सप्लेनर में… सवाल 1: अर्नब तूफान आंध्र प्रदेश में आएगा, तो यूपी का मौसम कैसे बदलेगा? जवाब: तूफान एक बहुत बड़ा विशाल मौसमी चक्र होता है, जिसका व्यास सैकड़ों किलोमीटर तक फैला होता है। भले ही मुख्य तूफान का केंद्र (आई) आंध्र प्रदेश के तट पर हो, लेकिन उसके विशाल बादल और हवाएं (विंड फीडर्स) बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी खींचते हैं। आगे बढ़ते हुए यह रास्ते में आने वाले इलाकों की हवाओं का रुख बदल देता है। यही वजह है कि समुद्र तट से काफी दूर होने के बावजूद नमी भरे बादल यूपी तक खिंचे चले आते हैं। सवाल 2: यूपी के मौसम में क्या बदलाव आएगा?जवाब: तट से टकराने के बाद अर्नब तूफान की ताकत कम होने लगेगी। अंदरूनी इलाकों से होते हुए अर्नब तूफान उत्तर दिशा की ओर बढ़ेगा। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा होते हुए यूपी तक पहुंचेगा। हालांकि, यूपी पहुंचने तक यह काफी कमजोर हो चुका होगा। फिर भी इस तूफान में नमी की मात्रा बहुत ज्यादा होगी। इस वजह से 29 से 31 अक्टूबर तक पूर्वी यूपी और अवध के इलाकों में भारी बारिश होगी। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं और आंधी चल सकती है। प्रयागराज, वाराणसी, बलिया, मिर्जापुर और चंदौली जैसे पूर्वांचल के 15 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। लगातार बारिश और घने बादलों की वजह से तापमान में भारी गिरावट आएगी, जिससे मौसम में अचानक ठंडक बढ़ जाएगी। मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में 6 से 8C तक की गिरावट आएगी। सवाल 4: अर्नब तूफान की वजह से यूपी में क्या नुकसान हो सकता है?जवाब: अर्नब तूफान की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को होगा। यह अक्टूबर का आखिरी हफ्ता है। इस समय धान की फसल पक चुकी है और काटी जा रही है। इसके साथ ही गेहूं, आलू, सरसों की बुवाई की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में बेमौसम बारिश और तेज हवाएं किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकती हैं। धान को सबसे ज्यादा नुकसान: धान की फसल इस समय पूरी तरह पककर तैयार है या कटकर खेतों में पड़ी है। तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) से धान के पौधे खेतों में बिछ जाएंगे। अगर कटे हुए धान पानी में डूब गए, तो दाने काले पड़ जाएंगे और सड़ने लगेंगे। सब्जियां और बागवानी: गोभी, टमाटर, मिर्च जैसी हरी सब्जियों की नर्सरी और खेतों में जलभराव होने से पौधे गल जाएंगे। इसके अलावा, तेज हवाओं से केले और पपीते के पेड़ों के टूटने या गिरने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। आलू, सरसों की बुवाई में देरी: जो किसान इन दिनों गेहूं, सरसों या अगेती आलू की बुवाई करने वाले थे, खेतों में पानी भरने के कारण वे कम से कम 10 से 15 दिनों तक बुवाई नहीं कर पाएंगे। इससे रबी का पूरा सीजन लेट हो सकता है। अर्नब तूफान को लेकर IMD और कृषि विभाग ने किसानों के लिए खास गाइडलाइन जारी की है… फसल की तुरंत कटाई और सुरक्षित भंडारण: अगर आपकी धान या मक्के की फसल 80 से 85% तक पक चुकी है, तो 28 अक्टूबर से पहले उसकी कटाई कर लें। काटी गई फसल को खुले खेतों या खलिहानों में न छोड़ें। उसे किसी पक्के शेड या ऊंचे स्थान पर रखकर मजबूत तिरपाल से अच्छी तरह ढंक दें। खेतों से पानी निकालने का इंतजाम: सब्जियों, बागवानी और धान के खेतों में पानी जमा नहीं होने दें। इसके लिए खेतों के कोनों पर नालियां पहले से तैयार कर लें। अगले 3-4 दिन खेत में किसी भी तरह की खाद, कीटनाशक का छिड़काव न करें और न ही सिंचाई करें। बीमा: अगर तूफानी बारिश से फसल का नुकसान होता है, तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करने वाले किसान 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर 14447 पर अपनी शिकायत जरूर दर्ज कराएं। जिससे समय पर मुआवजा मिल सके। सवाल 4: चक्रवात कैसे बनता है? जवाब: समुद्र का पानी गर्म होने से इसके ऊपर मौजूद हवा भी गर्म होकर ऊपर उठने लगती है। इससे खाली हुई जगह भरने के लिए आसपास की ठंडी हवा उस तरफ बढ़ने लगती है। सवाल 5: पहले आए तूफानों का यूपी पर क्या असर हुआ था? जवाब: पिछले सालों में समुद्र तट से टकराकर यूपी तक पहुंचे चक्रवाती तूफानों ने मुख्य रूप से बेमौसम भारी बारिश, बाढ़ जैसी स्थिति और खेती को भारी नुकसान पहुंचाया है। चूंकि यूपी चारों तरफ जमीन से घिरा राज्य है, इसलिए यहां 150 किमी/घंटे की सीधी विनाशकारी हवाएं तो नहीं आतीं। लेकिन, तूफानों के बचे हुए बादलों के सिस्टम जब यहां पहुंचते हैं, तो वह जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर देते हैं। चक्रवात मोंथा (अक्टूबर, 2025): यह एक भीषण चक्रवात था, जो बंगाल की खाड़ी से उठकर आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। मोंथा तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तर प्रदेश पहुंचा था। वाराणसी, गोरखपुर, जौनपुर और सुल्तानपुर जैसे जिलों में तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश हुई थी। नुकसान: खेतों में कटी रखी धान की फसल पानी में डूब गई, जिससे अनाज काला पड़ गया और बाजार में उसकी कीमत आधी रह गई थी। चक्रवात फंगल (नवंबर-दिसंबर, 2024): यह तमिलनाडु और पुदुचेरी के पास समुद्र तट से टकराया था। दक्षिण भारत में तबाही मचाने के बाद, इसके बादलों का एक बड़ा हिस्सा उत्तर की तरफ बढ़ा। यूपी में पहले से मौजूद पश्चिमी विक्षोभ से टकरा गया था। इससे पूरे लखनऊ, कानपुर, बरेली, आगरा और नोएडा में अचानक कड़ाके की ठंड बढ़ गई थी। दिसंबर की शुरुआत में घने कोहरे और ठंडी हवाओं (शीतलहर जैसी स्थिति) का दौर चला था। कई जिलों में बूंदाबांदी भी हुई, जिससे दिन का तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री तक गिर गया था। फायदा/नुकसान: यह बारिश और ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हुई थी। लेकिन, आम जनजीवन और यातायात को कोहरे व ठंड के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। चक्रवात दाना (अक्टूबर, 2024): यह तूफान बंगाल की खाड़ी से उठा और ओडिशा तट से टकराया था। फिर झारखंड के रास्ते पूर्वांचल में दाखिल हुआ था। इससे प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली और मिर्जापुर में 3 दिनों तक बारिश हुई थी। नुकसान: लगातार रिमझिम बारिश और हवाओं से धान की फसल खेतों में गिर गए, जिससे फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। साथ ही, अगेती आलू और सरसों की बुवाई में 10 दिनों की देरी हो गई थी। --------------------------------------------- ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें… भारी बारिश के बाद क्या ठंड भी कड़ाके की होगी, गीजर, ब्लोअर का मार्केट कैसा रहेगा मौसम विभाग का अनुमान था कि इस साल यूपी में कम बारिश होगी। कई जिलों में सूखे जैसे हालात होंगे। जुलाई-अगस्त में ऐसी ही स्थिति रही, लेकिन सितंबर आते-आते मौसम पलट गया। अब आम आदमी अनुमान लगा रहा है कि लगातार बारिश की वजह से इस साल सर्दियां जल्दी आ जाएंगी। इस साल हाड़ कंपा देने वाली सर्दी पड़ेगी या सामान्य रहेगी? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में…
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में फर्जीवाड़े का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति करीब 17 साल तक दूसरे डॉक्टर के नाम पर सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज करता रहा। इतना ही नहीं, वह ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) जैसे जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर भी रहा। जांच में सामने आया कि डॉ. सुनील कुमार सिंह के नाम से नौकरी करने वाला व्यक्ति असल में रीवा निवासी शिवकुमार पांडे है।उसने दूसरे डॉक्टर के नाम, शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल कर सरकारी नौकरी हासिल की थी।दैनिक भास्कर ने इस मामले को 'एक नाम-दो डॉक्टर, सरकारी अस्पताल में 15 साल से फर्जी इलाज' शीर्षक से उजागर किया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तर पर जांच समिति गठित की।जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर बालाघाट जिले के बिरसा थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। अब पुलिस उसकी तलाश कर रही है। साथ ही, फर्जी तरीके से नौकरी हासिल कर अर्जित की गई संपत्ति का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। असली डॉक्टर देवास में, हमनाम बालाघाट में करता रहा नौकरीलोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश और बालाघाट के सीएमएचओ डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया के प्रतिवेदन के मुताबिक, असली डॉ. सुनील कुमार चिकित्सा अधिकारी (PGMO) के पद पर देवास जिले में पदस्थ हैं। दूसरी ओर, शिवकुमार पांडे ने उनके नाम, शैक्षणिक योग्यता और रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और संविदा चिकित्सक के रूप में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी हासिल कर ली।आरोपी ने कई वर्षों तक बिरसा और दमोह क्षेत्र में काम किया। इस दौरान वह प्रभारी बीएमओ जैसे पद पर भी रहा। इतने लंबे समय तक सरकारी व्यवस्था में काम करने के बावजूद उसकी पहचान उजागर नहीं हुई। उसने अपने गृह जिले को लेकर भी अलग-अलग जानकारियां दीं। कभी मुरैना, तो कभी रीवा और बालाघाट से जुड़ी जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में सामने आई।सबसे गंभीर पहलू यह है कि एक ही डॉक्टर के नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग जिलों में नौकरी किए जाने का मामला वर्षों तक विभागीय जांच और निगरानी के दायरे से बाहर रहा। 2024 में शिकायत हुई, फिर कैसे मिल गई क्लीनचिट?इस मामले में विभागीय जांच की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। वर्ष 2024 में भी बिरसा में पदस्थ डॉ. सुनील सिंह की डिग्री को लेकर शिकायत की गई थी। उस समय जांच हुई, लेकिन आरोपी को क्लीनचिट दे दी गई।अब सवाल उठ रहा है कि जब शिकायत पहले ही सामने आ चुकी थी, तो उस समय दस्तावेजों का सही तरीके से सत्यापन क्यों नहीं किया गया?क्या जांच के दौरान देवास में पदस्थ मूल डॉक्टर के रिकॉर्ड से आरोपी के दस्तावेजों का मिलान कराया गया था? क्या स्वास्थ्य संचालनालय की स्थापना और वेतन संबंधी प्रक्रिया में एक ही नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर दो व्यक्तियों के नौकरी करने का पता नहीं चल सका? या फिर आरोपी को विभाग के कुछ प्रभावशाली अधिकारियों का संरक्षण हासिल था? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।वर्ष 2024 में शिकायत की जांच करने वाले तत्कालीन बालाघाट सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडे ने अपनी कार्रवाई का बचाव किया है। उनका कहना है कि उस समय शिकायत डॉ. सुनील सिंह की डिग्री को लेकर आई थी। इसके बाद उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर डिग्री के सत्यापन के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया गया था।उनके मुताबिक, मेडिकल कॉलेज की ओर से बताया गया था कि सुनील सिंह नाम का व्यक्ति वहां का छात्र रहा है और उसने पढ़ाई पूरी की है। इसी आधार पर आरोपी को क्लीनचिट दे दी गई थी। भास्कर की खबर के बाद भोपाल स्तर पर हुई जांचभास्कर डिजिटल पर दस्तावेजों के साथ खबर प्रकाशित होने के बाद मामला उच्च स्तर तक पहुंचा। इसके बाद भोपाल में राज्य स्तरीय जांच समिति गठित की गई। जांच में बालाघाट में डॉ. सुनील कुमार सिंह के नाम से नौकरी करने वाले व्यक्ति की पहचान शिवकुमार पांडे के रूप में सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक, उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिए शासकीय सेवा हासिल की थी। इसके बाद बिरसा थाने में मामला दर्ज कराया गया।अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने नौकरी हासिल करने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। फर्जीवाड़े में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं और इतने वर्षों तक वह विभागीय सत्यापन से कैसे बचता रहा। गांव में फोटो दिखाया तो लोगों ने पहचान लिया असली नाम बिरसा थाने में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम रीवा जिले के बड़ागांव पहुंची।यहां स्थानीय लोगों को डॉ. सुनील सिंह की तस्वीर दिखाई गई, तो उन्होंने उसकी पहचान शिवकुमार पांडे के रूप में की।बिरसा थाना प्रभारी विजय कैन के मुताबिक, ग्रामीणों ने बताया कि तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति डॉ. सुनील सिंह नहीं, बल्कि स्वर्गीय रामलखन पांडे का बेटा शिवकुमार पांडे है। लोगों ने पुलिस को यह भी जानकारी दी कि शिवकुमार गांव में कम ही आता है और उसका एक मकान रीवा शहर के खुटेही क्षेत्र में भी है।इसके बाद पुलिस खुटेही स्थित मकान नंबर 12/789 पहुंची। वहां आरोपी का बेटा और बेटी मिले। पुलिस ने जब उन्हें तस्वीर दिखाई, तो उन्होंने भी व्यक्ति की पहचान अपने पिता शिवकुमार पांडे के रूप में की।पुलिस के मुताबिक, बच्चों ने बताया कि उनके पिता बालाघाट में डॉक्टर के रूप में काम करते हैं। हालांकि, पुलिस की दबिश के दौरान आरोपी घर पर नहीं मिला। FIR दर्ज, संपत्ति का ब्योरा जुटा रही पुलिसप्रभारी बीएमओ डॉ. नरेश मारन की शिकायत पर पुलिस ने शिवकुमार पांडे के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 340(2) और 336(3) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस आरोपी की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जुटा रही है। इसके लिए रीवा की गुढ़ और हुजूर तहसीलों को पत्र भेजे गए हैं, ताकि नियमानुसार कुर्की की कार्रवाई की जा सके।बालाघाट के एडिशनल एसपी डॉ. नितेश भार्गव ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें जुटी हैं। वह अपने स्थायी पते से फरार है। उस पर इनाम घोषित किया गया है। इनाम के पोस्टर रीवा पुलिस को सौंपने के साथ ही अलग-अलग जगहों पर चस्पा किए गए हैं।भास्कर ने किया था खुलासा एक नाम-दो डॉक्टर, सरकारी अस्पताल में 15साल से फर्जी इलाज: एक बिना डॉक्टरी पढ़े ही कर रहा नौकरी, स्वास्थ्य विभाग अनजान इस शीर्षक से भास्कर ने दैनिक भास्कर एप पर खबर पब्लिश की थी। उस खबर को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-https://dainik.bhaskar.com/X8X2jXblv2b?ref=MjA3NDAyMTE4NTY0NzIyNjg4MA%3D%3D
मेरठ की ट्रांसपोर्ट नगर रोड होगी फोरलेन, ट्रकों के लिए बनेगी अलग सर्विस रोड
मेरठ की ट्रांसपोर्ट नगर रोड को सीएम ग्रिड योजना के तहत चार लेन का बनाया जाएगा, जिसमें ट्रकों के लिए अलग सर्विस रोड भी होगी। शुरुआती विरोध के बाद, जनप्रतिनिधियों और ट्रांसपोर्टरों की सहमति से 33 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू होगा।
यूपी एमएलसी चुनाव मतगणना आज: 11 सीटों पर वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू, शाम तक आएंगे नतीजे
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों (पांच स्नातक, छह शिक्षक) के लिए मंगलवार सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी।
अब डिजिटल होगी सम्राट की कैबिनेट मीटिंग, टैबलेट और लैपटॉप के साथ दिखेंगे बिहार के मंत्री
बिहार मंत्रिमंडल की बैठकें अब तकनीक से जुड़ेंगी, जिससे मंत्रियों को एजेंडे और प्रस्तावों के लिए कागजी फाइलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
सड़क पर नीलगाय आने से दंपती व दो बच्चे घायल
गढ़वा | कांडी थाना क्षेत्र के सोनपुरा गांव के समीप रविवार देर शाम सड़क पर अचानक नीलगाय कूद जाने से मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें मोटरसाइकिल सवार दंपती व उनके दो बच्चे घायल हो गए। घायलों में कांडी थाना क्षेत्र के बरवाडीह गांव निवासी 33 वर्षीय प्रदीप शर्मा, उसकी पत्नी 30 वर्षीय रेणु देवी, नौ वर्षीय पुत्री रितु कुमारी व सात वर्षीय पुत्र सुभाष शर्मा शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, प्रदीप शर्मा अपनी पत्नी व बच्चों के साथ खुटहेरिया गांव स्थित रिश्तेदारी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सोनपुरा गांव के समीप अचानक नीलगाय उनकी मोटरसाइकिल के सामने कूद गई। इससे मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई।
धनतेरस-दिवाली पर एमो इलेक्ट्रिक बाइक की खरीद पर त्योहारी ऑफर
बोकारो | धनतेरस और दीपावली के अवसर पर एमो इलेक्ट्रिक बाइक की ओर से ग्राहकों के लिए विशेष त्योहारी ऑफर पेश किया गया है। इसके तहत ग्राहकों को बाइक की खरीद पर त्योहारी ऑफर पर सीधी छूट दी जा रही है। शोरूम प्रबंधन के अनुसार, ग्राहक टोकन राशि देकर अपनी पसंदीदा बाइक बुक करा सकते हैं। नेहा ने बताया कि यह ऑफर सीमित अवधि के लिए है। उन्होंने ग्राहकों से समय रहते योजना का लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर संजय कुमार प्रजापति, सुनील कुमार और रवि उपस्थित रहे। कंपनी के अनुसार, यह ऑफर बोकारो जिले की पिंड्राजोरा, चास, बोकारो मुख्य शहर, ललपनिया और तुपकाडीह शाखाओं में उपलब्ध है। ग्राहक इन शोरूमों में जाकर बाइक की टेस्ट राइड भी ले सकते हैं।
बीएसएल में स्किल-नेक्स्ट कार्यशाला आयोजित, पाठ्यक्रमों पर किए मंथन
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बीएसएल के ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग में पीएम-सेतु योजना के तहत नए आईटीआई पाठ्यक्रमों की पहचान एवं निर्धारण के लिए स्किल-नेक्स्ट कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य उद्योगों की वर्तमान एवं भावी कौशल आवश्यकताओं का आकलन कर उनके अनुरूप रोजगारोन्मुखी आईटीआई पाठ्यक्रमों के विकास की संभावनाओं पर चर्चा करना था। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) ने किया। उन्होंने युवाओं की रोजगार क्षमता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए उभरती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने पर जोर दिया। वहीं, सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) ने बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुसार आईटीआई पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण को आवश्यक बताया।राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के प्रतिनिधियों ने पीएम-सेतु योजना एवं बोकारो क्लस्टर के संदर्भ में मौजूदा आईटीआई ट्रेडों और प्रशिक्षण क्षमताओं पर चर्चा की। इस दौरान उद्योगों की वर्तमान एवं भविष्य की कौशल आवश्यकताओं की जानकारी दी गई।
बीटीपीएस में सतर्कता जागरुकता सप्ताह का शुभारंभ, अधिकारियों को दिलाई शपथ
भास्कर न्यूज | बोकारो थर्मल बोकारो ताप विद्युत केंद्र (बीटीपीएस) में सतर्कता जागरुकता सप्ताह-2026 की शुरुआत दीप प्रज्वलन और शपथ ग्रहण के साथ हुई। संयंत्र परिसर स्थित बिरसा मुंडा भवन के भूतल सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान मधुकर श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपमहाप्रबंधक अजय कुमार केश, सौविक धारा, राजीव शील, अखिलेंदु सिंह, डॉ. सुमन कुमार झा, अभिजीत दुले, सुरजीत सिंह और परियोजना सतर्कता अधिकारी उज्ज्वल विश्वास ने दीप प्रज्ज्वलन में भाग लिया। इसके बाद परियोजना प्रधान मधुकर श्रीवास्तव ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में, जबकि वरिष्ठ प्रबंधक (यांत्रिकी) एवं परियोजना सतर्कता अधिकारी उज्ज्वल विश्वास ने अंग्रेजी में सतर्कता की शपथ दिलाई। सभी ने कार्यस्थल पर सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन सहायक नियंत्रक (यांत्रिकी) एवं आयोजन समिति के सदस्य दीनानाथ शर्मा ने किया। उन्होंने संथानम समिति के गठन से लेकर केंद्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना तक के इतिहास की जानकारी दी।
मगदा गौड़ महासंघ की बैठक में निबंधन व नियमावली पर किया गया विचार-विमर्श
चाईबासा| मगदा गौड़ महासंघ की बैठक वर्ल्ड जिंजर रेस्टोरेंट में हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष राजेश गोप ने की। इस दौरान महासंघ के निबंधन पर चर्चा की गई। नियमावली पर भी विस्तार से बात हुई। इसके अलावा समिति का पुनर्गठन और सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। सभी प्रखंडों में सक्रिय सदस्य बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। सोनाराम को मगदा गौड महासंघ केंद्रीय समिति का मीडिया प्रभारी बनाया गया। अगली बैठक 15 नवंबर को तय की गई।
कुमारडुंगी के युवक ने कुल्हाड़ी से मार की चरवाहे की हत्या, शव झाड़ी में फेंका
भास्कर न्यूज़| नोवामुंडी जेटेया थाने के पोखरपी में रविवार देर रात, कुमारडुंगी क्षेत्र के रहने वाले गुलाय खंडाइत ने करीब 18 वर्षीय चरवाहे कानू लागुरी की चाकू और कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। मौके पर पहुंची जेटेया पुलिस ने सड़क किनारे झाड़ी के भीतर नाली से शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से खून के धब्बे लगे चाकू और कुल्हाड़ी जब्त कर थाने ले आई है। जेटेया थाने में मकान मालिक मुगा लागुरी के फर्द बयान पर आरोपी युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। उसे न्यायिक हिरासत में लेकर चाईबासा कोर्ट भेज दिया गया है। मृतक कानू लागुरी की गर्दन, सिर और चेहरे पर कुल्हाड़ी के वार के निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे। मकान मालिक मुगा लागुरी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसने गांव के गरीब बच्चे कानू लागुरी को बचपन से ही पाल-पोषकर बड़ा किया था। उसे बैलों को चराने की जिम्मेदारी दे रखी थी। हाल ही में कुमारडुंगी थाना क्षेत्र का रहने वाला गुलाय खंडाइत पोखरपी गांव आया था। वह घटना के एक सप्ताह पहले मुगा लागुरी के घर पर आया था। मुगा लागुरी ने पूछताछ में बताया कि उनकी बड़ी बेटी भुवनेश्वर में पढ़ाई करती है। रविवार को स्कूल में आयोजित पेरेंट्स मीटिंग में शामिल होने के लिए वह अपनी पत्नी अनिता लागुरी के साथ भुवनेश्वर गए थे। घर में उनके चरवाहे कानू लागुरी और कुमारडुंगी के गुलाय खंडाइत को घर की रखवाली के लिए छोड़ गए थे। घटना की खबर उन्हें भुवनेश्वर से घर लौटने के दौरान रास्ते में मिली। गांव के मुंडा कुशल लागुरी ने बताया कि सोमवार सुबह ग्रामीणों की सूचना पर जेटेया थाना पुलिस को घटनास्थल पर बुलाया गया। उसने बताया कि आरोपी युवक ने घटना को अंजाम देने के बाद घटनास्थल पर गिरे खून के धब्बों पर धान की भूसी डाल दी थी। घटना के बाद चाकू और कुल्हाड़ी घटनास्थल पर ही छोड़ दी थी। उसके बाद पास में धान कूटने की मशीन के पास खटिया बिछाकर वह गहरी नींद में सो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवक को नींद से जगाया व थाने ले गई। घटना स्थल की जांच करती पुलिस।
धनतेरस तक बनकर तैयार होंगे प. सिंहभूम जिले में 101 पंचायत भवन
भास्कर न्यूज| चाईबासा जिला समाहरणालय स्थित सभागार में सोमवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सविता टोपनो सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विकसित भारत ग्राम योजना, विभिन्न आवास योजनाओं तथा पंचायती राज विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग की राशि से संचालित योजनाओं की प्रखंडवार एवं बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजनाओं की वर्तमान प्रगति, राशि के व्यय, मानव दिवस सृजन, आवास निर्माण की स्थिति, पंचायत सचिवालयों के सुदृढ़ीकरण, कार्यों के समयबद्ध निष्पादन से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। मौके पर डीसी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने प्रखंड में संचालित योजनाओं की प्रतिदिन समीक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी से कार्यों में तेजी आएगी। उपायुक्त ने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों, समन्वयकों एवं कार्यक्रम पदाधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में संचालित योजनाओं का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के साक्ष्य के रूप में जियो-टैग युक्त तस्वीरें अनिवार्य रूप से ली जाएं। पंचायती राज विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग की राशि से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पंचायत सचिवालयों के सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आगामी धनतेरस के अवसर पर जिले के 101 पंचायत भवनों का पुनः लोकार्पण किया जाना है। इसके मद्देनजर सभी संबंधित पदाधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक कार्यों को पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों को मिलने वाले मानदेय भुगतान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आगामी 1 नवंबर तक सितंबर माह के मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, दीपावली से पूर्व अक्टूबर माह के मानदेय का भुगतान भी नियमानुसार सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि अपने निर्धारित मुख्यालय में निवास नहीं करने वाले प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों, सहायक अभियंताओं एवं कनीय अभियंताओं से कारण-पृच्छा की जाए। इसके अतिरिक्त 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत आवंटित राशि का 50 प्रतिशत से कम व्यय करने वाले प्रखंड समन्वयकों से भी स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। आवास योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लाभुकों को किश्तवार भुगतान के अनुरूप आवास निर्माण की प्रगति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केवल राशि का भुगतान पर्याप्त नहीं है। आवास निर्माण कार्य भी उसके अनुरूप निर्धारित समय सीमा में पूरा होना चाहिए।
पेसा एक्ट के बीच छह हाट पर बड़ा सवाल, ग्राम सभा का हक या जिला परिषद की बंदोबस्ती...
भास्कर न्यूज |सरायकेला सरायकेला-खरसावां जिले में छह ग्रामीण हाट-बाजारों की बंदोबस्ती को लेकर ग्रामसभा और जिला परिषद के अधिकारों पर विवाद उभर गया है। जिला परिषद कार्यालय ने निविदा सूचना संख्या 03/2026-27 जारी कर इन बाजारों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू की है। दूसरी तरफ झारखंड पेसा एक्ट 2026 में बाजारों के नियंत्रण और प्रबंधन में ग्रामसभा की भूमिका का प्रावधान है। इसी आधार पर निविदा प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। निविदा के दायरे में खरसावां हाट बाजार, कांड्रा हाट बाजार, चांडिल हाट बाजार, रुगड़ी एवं सिंतु (मिलन चौक) हाट बाजार, गोराडीह, भिमरी एवं बागनी हाट बाजार, और सीनी, माटलीमुरुप एवं आमदा हाट बाजार शामिल हैं। इन बाजारों की बंदोबस्ती के लिए जिला परिषद की तैयारी के बाद यह मुद्दा प्रशासनिक प्रक्रिया से आगे बढ़कर स्थानीय स्वशासन और कानून के क्रियान्वयन से जुड़ गया है। पेसा एक्ट 2026 के अध्याय-16 में ग्रामसभा को अपने क्षेत्र के बाजारों, मेलों और पारंपरिक जतरा के नियंत्रण एवं प्रबंधन में सक्षम बनाने की बात कही गई है। साझा बाजारों के प्रबंधन के लिए ग्रामसभाओं के माध्यम से बाजार समिति गठित करने का भी प्रावधान है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बंदोबस्ती से पहले संबंधित ग्रामसभाओं से सहमति या विचार-विमर्श किया गया या नहीं। निविदा प्रक्रिया में ग्रामसभा की भूमिका क्या होगी, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीण हाट-बाजार केवल राजस्व वसूली का विषय नहीं हैं। इनसे किसानों, छोटे व्यापारियों, पशुपालकों और स्थानीय समुदायों की आजीविका जुड़ी रहती है।
राजनगर में पूजा पंडाल का एसपी ने किया उद्घाटन
राजनगर| राजनगर मुख्य बाजार में श्री श्री सार्वजनिक लक्ष्मी पूजा कमेटी की ओर से आयोजित लक्ष्मी पूजा पंडाल का उद्घाटन रविवार को एसपी मनोज स्वार्गियारी एवं रुंगटा स्टील प्लांट चालियामा के एवीपी गिरधारी लाल पारीक ने संयुक्त रूप से नारियल फोड़कर एवं फीता काटकर किया। उद्घाटन के साथ ही पूजा पंडाल में भक्तिमय माहौल बन गया। इस दौरान उन्होंने मां लक्ष्मी के चरणों में मत्था टेककर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। एसपी मनोज स्वार्गियारी ने कहा कि मां लक्ष्मी की पूजा श्रद्धा, भक्ति और आपसी सौहार्द के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में मनाएं। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने तथा पूजा के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था कायम रखने की अपील की। एसपी ने कहा कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह तत्पर है। यदि कहीं कोई गैरकानूनी गतिविधि होती है या शांति भंग करने का प्रयास किया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना मिलने पर पुलिस नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करेगी। उन्होंने पूजा कमेटी के सदस्यों एवं स्थानीय लोगों से प्रशासन का सहयोग करने तथा लक्ष्मी पूजा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अपनी भागीदारी निभाने का आग्रह किया। मौके पर राजनगर थाना प्रभारी सोनू कुमार, शिवचरण महतो, हीरालाल सतपथी, लालू आदित्य, राकेश सतपथी, पप्पू राय, संदीप मोदक, अनिल महतो, राहुल सतपथी, दीनबंधु प्रधान, दीपक प्रामाणिक, चित्रश्वर कुंभकार समेत पूजा कमेटी के सदस्य एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।
उदालखाम में धूमधाम से हुई मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना
सरायकेला| खरसावां प्रखंड के उदालखाम एवं रेलवे कॉलोनी राजखरसावां-अमदा में धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की पूजा धूमधाम से की गई। इस अवसर पर शाम को आकर्षक पंडालों में मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित की गई। विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। उदालखाम में भव्य पंडाल का निर्माण किया गया। मां लक्ष्मी की पूजा की गई। वहीं, रात्रि में मां लक्ष्मी की महिमा पर आधारित भजन प्रस्तुत किए गए। भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने मां लक्ष्मी से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। पूजा को सफल बनाने में सहदेव महतो, मधुसूदन महतो, मनसा महतो, बीरबल महतो, राखी महतो, राजाराम महतो, राधिका महतो सहित अन्य लोगों का सराहनीय योगदान रहा।
टाटा मोटर्स के लर्न एंड अर्न कार्यक्रम के तहत 19 युवा साक्षात्कार के लिए चयनित
नोवामुंडी| नोवामुंडी कॉलेज स्थित स्किल डेवलपमेंट सेंटर में शनिवार को टाटा मोटर्स लिमिटेड के लर्न एंड अर्न कार्यक्रम के तहत चयन प्रक्रिया का आयोजन किया गया। इस अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन के सहायक प्रबंधक शुभम, मॉडल करियर सेंटर जमशेदपुर के मोबिलाइजेशन ऑफिसर रोशन कुमार ओझा और टाटा मोटर्स से संबद्ध क्वेस के एचआर रिक्रूटर बाल किशोर मौजूद थे। चयन प्रक्रिया में कुल 35 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इनमें से 19 अभ्यर्थियों को मुख्य साक्षात्कार के लिए चयनित किया गया। यह पहल क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान करने और उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
स्थानीय फुटबॉल प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का देती हैं मौका : निरल पूर्ति
भास्कर न्यूज| चाईबासा नव युवक संघ देवघर की ओर से आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में मझगांव के विधायक निरल पूर्ति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रतियोगिता के फाइनल में बासिला धनीपाट, ओडिशा ने 1–0 से दिरिगो, झारखंड को हराकर विजेता बना। तीसरे स्थान पर लोवाहातु, कुमारडूंगी रहा। चौथे स्थान पर हेसेल, कोटा की टीम रही। अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व विधायक निरल पूर्ति ने खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोल्हान क्षेत्र में फुटबॉल के प्रति लोगों में काफी उत्साह है। फुटबॉल सीजन में जगह-जगह प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। इससे स्थानीय लोगों का मनोरंजन होता है। खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच मिलता है। विधायक ने खिलाड़ियों से स्थानीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने अपने खेल को निखारने के लिए मेहनत करने को कहा। उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाने के लिए भी प्रेरित किया। मौके पर समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मानकी- मुंडा, बड़ी संख्या में ग्रामीण, खेलप्रेमी उपस्थित थे।
डांडिया नाइट... जायंट्स ग्रुप ऑफ चाईबासा सहेली के कार्यक्रम में किया गया रैम्प वॉक
भास्कर न्यूज | चाईबासा जायंट्स ग्रुप ऑफ चाईबासा सहेली द्वारा 25 अक्टूबर की संध्या को सनशाइन रेस्टोरेंट में डांडिया नाइट का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं रैम्प वॉक प्रतियोगिता की निर्णायक प्राइड मिसेज इंडिया 2026 आशिमा कुमार थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मां दुर्गा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात डांडिया रैम्प वॉक प्रतियोगिता आयोजित की गई। यह कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। प्रतिभागियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा, व्यक्तित्व, आकर्षक अंदाज का प्रदर्शन किया। उन्होंने रैम्प वॉक भी किया। चाईबासा की प्रतिभागियों के शानदार प्रदर्शन से आशिमा कुमार काफी प्रभावित हुईं। उन्होंने महिलाओं के आत्मविश्वास, उत्साह की सराहना की। उन्होंने रैम्प वॉक से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए। प्रतियोगिता में आर्या ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। रिद्धि पांडे प्रथम रनर-अप रहीं। जागृति राठौर द्वितीय रनर-अप रहीं। वहीं, रिमझिम पसारी को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गुम हुए 48 मोबाइल फोन बरामद
भास्कर न्यूज| चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस ने गुम हुए 48 मोबाइल फोन की बरामदगी के बाद सोमवार को वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए लगातार तकनीकी अनुसंधान और कार्रवाई की गई। इस अभियान के तहत कुल 48 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रशिक्षु आईपीएस राजकुमार जयराजू ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) पूजा कुमारी के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थाना प्रभारियों के सहयोग से मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता मिली। बरामद सभी मोबाइल फोन प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी राजकुमार जयराजू, एएसपी अभियान राहुल देव बड़ाईक, पुलिस उपाधीक्षक पूजा कुमारी ने वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। लंबे समय से अपने गुम मोबाइल फोन की तलाश कर रहे धारकों को जब उनके फोन वापस मिले, तो सभी ने खुशी जाहिर की। उन्होंने पश्चिमी सिंहभूम पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षु आईपीएस राजकुमार जयराजू ने कहा कि यह अभियान जनता के विश्वास और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। खरसावां। खरसावां वन क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। रविवार रात लाल बाजार गांव में एक जंगली हाथी घुस आया। हाथी ने नव प्राथमिक विद्यालय लाल बाजार को निशाना बनाया। आधी रात करीब 12 से 1 बजे के बीच स्कूल परिसर में प्रवेश कर उसने रसोईघर का दरवाजा तोड़ दिया। इसके बाद स्कूल कार्यालय की खिड़की तोड़कर अंदर रखे सामान तक पहुंचने की कोशिश की। इसी दौरान हाथी ने बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए रखा एक बोरा चावल खा लिया। सुबह स्कूल खुलने पर नुकसान का पता चला। घटना के बाद ग्रामीणों और विद्यालय से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ी है। ग्रामीणों ने रात में सतर्क रहने और हाथियों के पास न जाने की अपील की है। सरायकेला। राजनगर प्रखंड स्थित बनकटी गांव में खेल मैदानों को नशामुक्त बनाने की पहल शुरू की गई है। आदिवासी किसान क्लब ने पंचायत से प्रखंड स्तर तक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। मुखिया निमाई सोरेन के नेतृत्व में 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होने वाली फुटबॉल व अन्य खेल प्रतियोगिताओं में नशे की बिक्री और खपत पर रोक लगाने की योजना है। नशा सेवन कर प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को अनुमति नहीं दी जाएगी। क्लब अध्यक्ष देव कुमार सोरेन और सचिव सालखान हेंब्रम ने बताया कि ग्रामीणों की बैठक में सहमति से फैसला हुआ। सोमवार को प्रतिनिधिमंडल ने शंकर सोय के साथ अनुमंडल कार्यालय जाकर प्रशासन से सहयोग मांगा।
आईडीटीआर में मना सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम
सरायकेला। इंडो डेनिश टूल रूम (आईडीटीआर), जमशेदपुर में आज सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के महाप्रबंधक रवीन्द्र कुमार एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी अंजन कुंडू की उपस्थिति में कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण तथा अपने कार्यों में ईमानदारी, पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा बनाए रखने की शपथ ली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में ईमानदारी और कानून के शासन का पालन करेंगे, न तो रिश्वत लेंगे और न ही रिश्वत देंगे। साथ हीं, भ्रष्टाचार से संबंधित किसी भी गतिविधि के प्रति सजग रहेंगे तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ करेंगे। इस अवसर पर महाप्रबंधक रवीन्द्र कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से अपने आचरण में नैतिक मूल्यों को अपनाने और ईमानदारी को प्राथमिकता देने की अपील की।
चार माह से मानदेय नहीं तो बैठक का किया बहिष्कार
भास्कर न्यूज | सरायकेला जिला शिक्षा विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को पिछले चार महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भुगतान में लगातार हो रही देरी से नाराज कर्मचारियों ने सोमवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इस संबंध में कर्मचारियों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र सौंपकर मानदेय नहीं मिलने के कारण उत्पन्न समस्याओं से अवगत कराया और बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पहले से ही काफी कम मानदेय मिलता है। ऐसे में लगातार चार महीने तक भुगतान नहीं होने से घर का खर्च चलाना और परिवार की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। दुर्गापूजा और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान भी मानदेय नहीं मिलने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। आर्थिक तंगी के कारण कर्मचारी मानसिक तनाव से भी गुजर रहे हैं, जिसका असर उनके पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है। आउटसोर्सिंग कर्मियों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से जल्द मानदेय भुगतान कराने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि नियमित रूप से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने विभाग से इस समस्या पर गंभीरता से विचार करते हुए बकाया मानदेय का जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
अंतरराष्ट्रीय कलाकार दिवस पर रजतेंदु कला निकेतन की ओर से ग्राम मुकुंदपुर में छऊ चौपाल का आयोजन
भास्कर न्यूज | सरायकेला अंतरराष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर रजतेंदु कला निकेतन, सरायकेला की ओर से ग्राम मुकुंदपुर में छऊ चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों और युवाओं को सरायकेला छऊ नृत्य की उत्पत्ति, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, महत्त्व और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया गया। कार्यक्रम के माध्यम से लोककला के संरक्षण का संदेश दिया गया। इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। छऊ चौपाल में गुरु रजतेंदु रथ और गुरु स्वीटी पटनायक (कुसुमी पटनायक) ने ग्रामीणों को छऊ नृत्य की विशिष्ट शैली, शारीरिक मुद्राओं, भाव-भंगिमाओं, भारतीय संस्कृति में इसके महत्त्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छऊ केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है। यह लोकजीवन, परंपरा, अनुशासन और सांस्कृतिक पहचान का जीवंत प्रतीक है। इसकी विशिष्ट नृत्य शैली और पारंपरिक प्रस्तुतियां भारतीय लोककला की समृद्धि को दर्शाती हैं। दोनों गुरुओं ने ग्रामीणों और युवाओं से इस अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने छऊ नृत्य सीखने की अपील की। उन्होंने इसकी परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोककलाओं का संरक्षण तभी संभव है। समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पहचानना होगा। युवा पीढ़ी को इनके संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। कार्यक्रम में नारायण पढ़िये, अवंतिका हेम्ब्रम, आशा पूर्ति, वृंदा पूर्ति, विकास, मुकेश, सिलानी, टूना पूर्ति सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे। रजतेंदु कला निकेतन की ओर से संचालित छऊ चौपाल ग्रामीण क्षेत्रों में कला-संस्कृति के प्रचार-प्रसार, युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि कलाकारों का संरक्षण ही कला और सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखने का आधार है।
मां लक्ष्मी हर परिवार में सुख-समृद्धि लाएं : केपी सोरेन
भास्कर न्यूज | राजनगर राजनगर प्रखंड के जुमाल पंचायत स्थित रोड़ाकोचा गांव में मां लक्ष्मी पूजा का आयोजन चल रहा है। पूजा को लेकर गांव में उत्सव का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में झामुमो के वरिष्ठ नेता प्रो. कालीपद सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। झामुमो केंद्रीय सदस्य विशु हेंब्रम विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। आयोजन की शुरुआत फीता काटकर की गई। प्रो. कालीपद सोरेन ने कहा कि गांव में वर्षों से हर साल लक्ष्मी पूजा धूमधाम से होती रही है। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सामाजिक एकता और भाईचारा मजबूत करने वाला बताया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मरीजों को अस्पताल लाने-ले जाने में हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। इस पर प्रो. कालीपद सोरेन ने कहा कि सांसद जोबा माझी के माध्यम से निजी एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी, ताकि आपात स्थिति में दूरदराज के ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचने में सुविधा मिल सके।्र पूजा-अर्चना के बाद मंगलवार को प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम रखा गया है। इस दौरान सिबिल देवगम, धानु टुडू, सुखलाल मुर्मू, श्रीराम तांती सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
ग्रामीण कला दलों के नृत्य- गान से सजेगा कार्यक्रम
भास्कर न्यूज | सरायकेला सरायकेला में 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस बार आयोजन में डीजे या साउंड सिस्टम का इस्तेमाल नहीं होगा। कार्यक्रम पूरी तरह पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ किया जाएगा। आयोजन में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले ग्रामीण कला दल शामिल होंगे। वे पारंपरिक नृत्य और लोकगीत प्रस्तुत करेंगे। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य की लोकसंस्कृति और ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देना है। तैयारियों को लेकर जिला परिषद सदस्य शंभू मंडल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, विभिन्न क्षेत्रों के दलों की भागीदारी और आयोजन को सुचारू बनाने पर चर्चा की गई। प्रतिभागी सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं और समन्वय को लेकर सुझाव भी दिए। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ खेलकूद प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। आयोजकों का कहना है कि इससे ग्रामीण युवाओं को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और आपसी मेलजोल बढ़ेगा। आयोजन में पारंपरिक नृत्य-गान, लोकगीत और ग्रामीण दलों की प्रस्तुतियों को प्रमुखता दी जाएगी।
धान पर बोनस बढ़ाने की तैयारी:किसानों को 84 रुपए की जगह मिलेंगे 109 रुपए प्रति क्विंटल
अन्नदाता को राहत...सामान्य धान 2550 व ग्रेड-ए 2570 रु. में बिकने की उम्मीद, आज कैबिनेट में आ सकता है यह प्रस्ताव झारखंड के किसानों के लिए अच्छी खबर है। धान खरीद पर उन्हें मिलनेवाला बोनस बढ़ेगा। इसे 84 रु. से बढ़ा कर 109 रुपए करने का प्रस्ताव है। मंगलवार को होनेवाली कैबिनेट की बैठक में यह प्रस्ताव पारित हो सकता है। वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपए प्रति क्विंटल और ग्रेड ‘ए’ धान का 2,461 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इस प्रस्ताव के अनुसार सामान्य धान पर कुल 2,550 रुपए प्रति क्विंटल और ग्रेड ‘ए’ धान पर 2,570 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार किसानों को प्रति क्विंटल 25 रुपए का अतिरिक्त लाभ मिल सकेगा। इस बार 40 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के अनुसार 109 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भुगतान के लिए 43 करोड़ 60 लाख रुपए की संभावित राशि का आकलन किया गया है। इस राशि की स्वीकृति के लिए योजना प्राधिकृत समिति के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। विभाग ने राज्य के सभी 24 जिलों के लिए धान खरीद की जिला-वार योजना भी तैयार की है। दिसंबर माह से धान खरीद की तैयारी, प्रशासन तैयारियों में जुटाजामताड़ा जिले में दिसंबर से संभावित धान खरीद को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले को दो लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य मिला था। ई-उपार्जन पोर्टल के अनुसार, जिले में 1,95,365.91 क्विंटल यानी लगभग 97.68 प्रतिशत लक्ष्य के करीब धान की खरीद हुई थी। इस सरकारी व्यवस्था के तहत कुल 2793 किसानों ने अपना धान बेचा था, जिसके एवज में पोर्टल पर लगभग 47.86 करोड़ रुपए के भुगतान का आंकड़ा दर्ज है। प्रशासन इस बार भी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। लैंपस चयन, राइस मिलों की टैगिंग और भंडारण व्यवस्था में सुधारदिसंबर से शुरू होने वाली धान अधिप्राप्ति को लेकर प्रशासन प्रखंडवार लैंपस, पैक्स और एफपीओ के चयन के साथ राइस मिलों की टैगिंग की प्रक्रिया में तेजी से जुटा हुआ है। इस बार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने केंद्र सरकार के एनएफएसए सेंट्रल पूल के लिए 19.60 लाख क्विंटल तथा झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लिए 19,79,412 क्विंटल धान की आवश्यकता का अनुमान लगाया है। इस प्रकार कुल आवश्यकता 39,39,412 क्विंटल होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए लक्ष्य को 40 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है।
गालूडीह थाना परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जमीन विवाद में कार्रवाई नहीं होने से नाराज बड़ाखुर्शी गांव निवासी पद्मावती सिंह ने जहर खा लिया। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़िता ने थाना प्रभारी अंकु कुमार के समक्ष पुलिस की सुस्त कार्यशैली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने शंभु महतो, शिवशंकर महतो और जगदीश महतो सहित 12 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि जमीन विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट, दुर्व्यवहार और बदसलूकी की गई थी। महिला के अनुसार, शिकायत के बावजूद पुलिस न तो आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है और न ही मामले में एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं जोड़ रही है। इसी उपेक्षा से क्षुब्ध होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। मालूम हो कि यह विवाद पायरागुड़ी गांव स्थित एनएच-33 किनारे 5 एकड़ 74 डिसमिल रैयती जमीन को लेकर महतो और भूमिज समुदाय के बीच लंबे समय से चला आ रहा है।
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में सोनारी की निर्मला कर्मकार को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल पहुंचने पर भी तत्काल चिकित्सीय सहायता नहीं मिली। परिणामस्वरूप, उन्हें करीब 20 मिनट तक टेंपो के अंदर ही तड़पना पड़ा और अंततः वाहन के अंदर ही उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। बताया जाता है कि डोबो पुल के पास प्रसव पीड़ा अचानक तेज होने के बाद पति दुर्गा कर्मकार उन्हें लेकर तुरंत एमजीएम अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल पहुंचने तक नवजात का आधे से अधिक शरीर बाहर आ चुका था। लेकिन मुख्य गेट पर होमगार्ड के जवान तैनात होने के बावजूद समय पर कोई मदद नहीं मिली। पति असमंजस में थे कि वे दर्द से कराह रही पत्नी को संभालें या अस्पताल के भीतर स्वास्थ्यकर्मियों की तलाश करें। करीब 20 मिनट के बाद सूचना मिलने पर डॉक्टर ने तीन नर्सों को मौके पर भेजा। नर्सों ने टेंपो में ही बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और प्रसूता को व्हीलचेयर से अंदर ले जाया गया। गनीमत यह रही कि जच्चा और बच्चा दोनों की स्थिति फिलहाल सामान्य है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक में साझा की अद्यतन स्थिति झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत नोटिसों की सुनवाई और मामलों के निष्पादन की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सोमवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर 26 अक्टूबर तक की अद्यतन स्थिति साझा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के साथ सूची को शुद्ध, समावेशी और त्रुटिरहित बनाना निर्वाचन आयोग की प्राथमिकता है। इसके लिए राजनीतिक दलों का सहयोग आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एईआरओ) ने सुनवाई के बाद मामलों का निष्पादन कर उन्हें ईसीआईनेट पर अपलोड किया है। आंकड़ों के अनुसार, तीन श्रेणियों में निष्पादन और अपडेशन की प्रगति अलग-अलग रही। बताया गया कि नो मैपिंग’ के 27.72% और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी ( तर्कसंगत विसंगति) के 44.75% मामलों का निष्पादन किया गया। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिलों और विधानसभा क्षेत्रों के प्रदर्शन से संबंधित रिपोर्ट राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत लंबित मामलों का निष्पादन और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करना आगे की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। नो मैपिंग के 27.72% मामले निष्पादित नो मैपिंग श्रेणी में कुल 14,04,033 मामलों में से 3,89,248 का निष्पादन कर ईसीआईनेट पर अपलोड किया गया है। इस श्रेणी में निष्पादन की प्रगति 27.72 प्रतिशत है, जबकि 10,14,785 मामले लंबित हैं। लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी में कुल 45,49,961 मामलों में से 20,35,968 का निष्पादन और अपडेशन किया गया है। यहां प्रगति 44.75 प्रतिशत है तथा 25,13,993 मामले शेष हैं। वहीं, अन्य श्रेणी में कुल 1,61,65,853 मामलों में से 1,38,80,904 का निष्पादन किया जा चुका है। इस श्रेणी में प्रगति 85.87 प्रतिशत है, जबकि 22,84,949 मामले लंबित हैं। विधानसभा क्षेत्रों में भी अलग-अलग स्थिति लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी में लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र में 98.57 प्रतिशत, चक्रधरपुर में 98.48 प्रतिशत, जगन्नाथपुर में 95.20 प्रतिशत, मझगांव में 94.45 प्रतिशत और चाईबासा में 93.76 प्रतिशत निष्पादन दर्ज किया गया। वहीं, गोड्डा में 9.21 प्रतिशत, रांची में 10.07 प्रतिशत, पाकुड़ में 10.12 प्रतिशत, महागामा में 12.41 प्रतिशत और हटिया में 14.41 प्रतिशत प्रगति रही। नो मैपिंग श्रेणी में चक्रधरपुर में 85.47 प्रतिशत, जगन्नाथपुर में 73.68 प्रतिशत, लोहरदगा में 67.92 प्रतिशत, भवनाथपुर में 58.09 प्रतिशत और मझगांव में 54.41 प्रतिशत निष्पादन हुआ। छतरपुर में 1.91 प्रतिशत, हुसैनाबाद में 2.26 प्रतिशत, पांकी में 2.56 प्रतिशत, कोडरमा में 4.49 प्रतिशत और राजमहल में 7.04 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई। जिलावार आंकड़ों में लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों का प्रदर्शन बेहतर जिलावार आंकड़ों के अनुसार, लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी में लोहरदगा 98.57 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा। पश्चिमी सिंहभूम में 94.78 प्रतिशत, गुमला में 80.57 प्रतिशत, सिमडेगा में 70.02 प्रतिशत और देवघर में 65.64 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हुआ। इस श्रेणी में गोड्डा 19.46 प्रतिशत, पाकुड़ 20.69 प्रतिशत, गढ़वा 23.51 प्रतिशत, रांची 23.81 प्रतिशत और साहिबगंज 24.37 प्रतिशत के साथ निचले स्थानों पर रहे। नो मैपिंग श्रेणी में लोहरदगा में 67.92 प्रतिशत और पश्चिमी सिंहभूम में 60.12 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हुआ। गढ़वा में 48.98 प्रतिशत, सिमडेगा में 47.97 प्रतिशत और बोकारो में 39.90 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई।
गली-गली फैला नशे का कारोबार:ब्राउन शुगर मांगी तो तस्कर बोला... 600 रुपए दीजिए, अभी लाकर देते हैं
भास्कर ने खुफिया कैमरे में कैद की डील… राजधानी में नशे का अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है। हरमू फल मंडी से आगे नदी किनारे दिनदहाड़े ब्राउन शुगर बेची जा रही है। भास्कर रिपोर्टर खरीदार बनकर पहुंचा और ब्राउन शुगर मांगी तो तस्कर ने कहा- 600 रुपए दीजिए, अभी पुड़िया लाकर देते हैं। इसी दौरान महज 15 मिनट में सात ग्राहक पहुंचे। इनमें चार टुकटुक, दो स्कूटी और एक पैदल आया था। ग्राहक पैसे इकट्ठा कर एक युवक को नदी किनारे झाड़ियों में भेजते और वह पुड़िया लेकर लौट आता। पूरी गतिविधि भास्कर रिपोर्टर ने खुफिया कैमरे में कैद की है। नदी किनारे सुनसान सड़क के पास झाड़ियों में सप्लायर ग्राहकों का इंतजार कर रहे थे। यहां ब्राउन शुगर की छोटी पुड़िया 600 से 1200 रुपए तक में उपलब्ध थी। वहीं, हरमू के आनंदपुरी चौक स्थित किराना दुकान में 50 और 100 रुपए की पुड़िया में गांजा बेचा जा रहा था। इसकी रिकॉर्डिंग भी खुफिया कैमरे में कैद की गई। हरमू फल मंडी के पास नदी किनारे झाड़ियों में बिक रही ब्राउन शुगर, 15 मिनट में 7 ग्राहक ने पुड़िया खरीदी ब्राउन शुगर तस्कर से बातचीत 25 प्वाइंट वाला माल नहीं है, दूसरी जगह से दिला देंगे रिपोर्टर : पाउडर है क्या? तस्कर : हां है ना, पैसा दीजिए लाकर दे रहे हैं। रिपोर्टर: कितना देना होगा? तस्कर : 600 रुपए।रिपोर्टर : कौन सा माल है? तस्कर : आपको कौन सा चाहिए, 25 प्वाइंट चाहिए क्या? रिपोर्टर: हां वही चाहिए। तस्कर : वो माल यहां नहीं है, आपको दूसरी जगह से दिलवा देंगे, लेकिन उसमें से थोड़ा हमको भी पिलाना होगा।रिपोर्टर: रहने दीजिए, 600 रुपए वाला ही ले आइए। तस्कर : लेकर आ रहे हैं। 600 से 1200 रुपए में ब्राउन शुगर की पुड़िया; 50 से 100 रु. में बिक रहा गांजा - गांजा बेच रहे दुकानदार से बात 50 रु. पुड़िया है गांजारिपोर्टर : कौन सा माल है? दुकानदार : कौन सा चाहिए? रिपोर्टर : बताओ कितना वाला है। दुकानदार :100 और 50 रु. वाला है।रिपोर्टर : और कौन-कौन सा माल है? दुकानदार: और कोई नहीं, यही है। रिपोर्टर : पाउडर भी है क्या? दुकानदार: वो सब नहीं रखते हैं। नोट: बातचीत और खरीदारों का वीडियो भास्कर के पास है। रिपोर्टर ने कानूनी दायरे में रहते हुए सिर्फ बात की, कोई खरीदारी नहीं की। शहर के इन इलाकों में सप्लाई : विद्यानगर, हरमू, नदी ग्राउंड, फल मंडी, किशोरगंज, मछली चौक, धुर्वा, सिठियो, जगन्नाथपुर, हिनू, डोरंडा, इदरीश कॉलोनी, नामकुम समेत अन्य इलाकों में ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री हो रही है। कांटाटोली के बिल्डर ग्राउंड में भी ब्राउन शुगर की बिक्री की जानकारी मिली है। यहां चिंटू खान को कथित सरगना बताया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद पार्क, डीआईजी मैदान और अरगोड़ा स्थित निगम पार्क में भी नशे की गतिविधियां बढ़ने की शिकायतें हैं। अरगोड़ा थाना प्रभारी ने कहा- जब तक बड़े तस्कर पकड़े नहीं जाएंगे, नशे की बिक्री नहीं रुकेगी आपके इलाके में लगातार ब्राउन शुगर की बिक्री की खबरें सामने आ रही हैं? थानेदार : मैं जब से इस थाने में आया हूं, दस से अधिक तस्करों को पकड़ कर जेल भेज चुका हूं। उन पर केस भी किया गया है। ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थ की बिक्री रुक क्यों नहीं रही है? - जब तक बड़े तस्कर पकड़े नहीं जाएंगे, इसकी बिक्री रुकने वाली नहीं। जो भी पैडलर पकड़े जाते हैं, उनके पास 5 से 10 पुड़िया ब्राउन शुगर होता है। इनके नेटवर्क को तोड़ना जरूरी है। कौन लोग हैं, जो इसे बढ़ावा दे रहे हैं? - बाहर से माल आता है, यहां छोटे पैडलर इसकी सप्लाई करते हैं। जो पीते हैं, वे भी इसकी चेन में जुड़ जाते हैं और सप्लाई करने लगते हैं। कई तस्करों को पकड़ कर पुलिस जेल भेज चुकी हैनशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री करने वालों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। सफलता भी मिली है। कई तस्करों को जेल भेजा गया है। सोमवार को भी गोंदा थाना क्षेत्र से एक पैडलर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। - पारस राणा, सिटी एसपी 10.45 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ रात 10 बजे युवक गिरफ्तार घर से स्कूटी में ब्राउन शुगर की डिलीवरी देने निकला था प्रशांत सिंह, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने न सिर्फ उसके मंसूबे को फेल किया, बल्कि प्रशांत को गिरफ्तार कर जेल भेजने में भी सफल रही। यह मामला गोंदा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी मिली है कि रविवार की रात करीब 10:05 बजे छापेमारी और गश्ती के दौरान डैम के पास एक संदिग्ध स्कूटी सवार की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे रोक लिया। पूछताछ में उसकी पहचान प्रशांत सिंह, निवासी गांधीनगर फेज-1, ब्लॉक डायमंड, गोंदा, रांची के रूप में हुई। डीएसपी के समक्ष ली गई तलाशी के दौरान आरोपी के ट्राउजर के बाएं पॉकेट से रबर में लिपटा प्लास्टिक का पैकेट बरामद हुआ, जिसमें ब्राउन शुगर होने की पुष्टि ड्रग टेस्टिंग किट से हुई। डीएसपी संजीव कुमार बेसरा ने बताया कि आरोपी युवक के पास से करीब 10.45 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त किया गया।
ट्रेनों में लंबी वेटिंग और कन्फर्म टिकट नहीं मिलने से परेशान यात्रियों के लिए रांची से बेंगलुरु की सीधी एसी बस सेवा 10 अक्टूबर से शुरू हो गई है। श्यामली परिवहन की यह बस खादगढ़ा बस स्टैंड से शाम छह बजे रवाना होती है। रायपुर, नागपुर और हैदराबाद होते हुए करीब 44 घंटे में बेंगलुरु पहुंचती है। बस में सिटिंग और स्लीपर दोनों तरह की सीटें उपलब्ध हैं। केयरटेकर गुलशन सिंह ने बताया कि सिटिंग का सामान्य किराया 2500 रुपए और स्लीपर का 3500 रुपए तक है। भारतबेंज की इस बस में चार-व्हील एयर सस्पेंशन के साथ नाश्ता, पीने का पानी, कंबल और बायो-टॉयलेट की सुविधा है। फिलहाल बेंगलुरु का हवाई किराया करीब 10 हजार रुपए है। वहीं, ट्रेन के थर्ड एसी का किराया करीब 2000 और स्लीपर का 700 रुपए है, लेकिन ट्रेनें फुल चल रही हैं। इसी तरह 27 से 30 अक्टूबर के बीच दिल्ली का हवाई किराया करीब 8000 रुपए है। सफर में मिलेंगी ये सुविधाएं बेंगलुरु जाने वाली बस में सिटिंग व स्लीपर मिलाकर कुल 46 सीटों की व्यवस्था बताई गई है। स्टाफ सीटों को छोड़कर 44 यात्रियों की बुकिंग ली जाती है। यात्रियों को सफर के दौरान नाश्ता, पीने का पानी, कंबल और बायो-टॉयलेट की सुविधा मिलती है। रांची से दिल्ली के लिए भी सीधी एसी बस सेवा : रांची से दिल्ली के लिए भी श्यामली परिवहन की सीधी बस सेवा इसी माह चार अक्टूबर से शुरू की गई है। यह एसी बस भुवनेश्वर से आती है और रांची के रामपुर स्थित रिंग रोड से यात्रियों को लेकर दिल्ली जाती है। रांची से सुबह करीब 7.30 बजे आगे के सफर पर रवाना होती है। रांची में बस से जुड़े गुलशन सिंह ने बताया कि दिल्ली पहुंचने में 25 घंटे लगते हैं। किराया दो हजार और स्लीपर का 3,000 रु. है। बस संचालक बोले- बस सेवा बेहतर विकल्प साबित होगी श्यामली परिवहन के मालिक अरुण घोष ने कहा कि रांची से बेंगलुरु के बीच सीधी एसी बस सेवा यात्रियों के लिए शुरू की गई है। ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी होती है, ऐसे में यह बस सेवा बेहतर विकल्प साबित होगी। हम देशभर में बस सेवाएं चला रहे हैं।
चारा घोटाला:झारखंड हाईकोर्ट में लालू की अपील पर आज से रोजाना सुनवाई, देवघर ट्रेजरी से जुड़ा है मामला
झारखंड हाईकोर्ट में चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की अपील पर सोमवार को आंशिक सुनवाई हुई। जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने बताया कि मंगलवार से चारा घोटाले के आरसी 64ए/1996 से संबंधित अपील पर नियमित सुनवाई शुरू होगी। यह मामला देवघर कोषागार से अवैध निकासी से जुड़ा है। सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इस मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। पिछली सुनवाई के दौरान अपीलकर्ताओं और सीबीआई के अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा था कि बहस से पहले पेपर बुक तैयार करना जरूरी है। अदालत ने पाया था कि निचली अदालत का रिकॉर्ड काफी बड़ा है, इसलिए उसकी हार्ड कॉपी सभी पक्षों को देना संभव नहीं है। -शेष पेज 13 पर
कांग्रेस ऑफिस घेरने निकली भाजपा को पुलिस ने रोका, दोनों दलों का शक्ति प्रदर्शन
पीएम मोदी के पिता के खिलाफ खरगे की टिप्पणी पर सियासी संग्राम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर सोमवार को राजधानी में सियासी संग्राम छिड़ा रहा। रांची महानगर, रांची पूर्वी व पश्चिमी जिला भाजपा के संयुक्त तत्वावधान में पार्टी ने प्रदर्शन किया। भाजपा के नेता और कार्यकर्ता जिला स्कूल परिसर में एकत्र हुए और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने निकले। जैसे ही वे कांग्रेस कार्यालय के पास पहुंचे, पहले से मुस्तैद भारी संख्या में पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। बैरिकेडिंग के दोनों ओर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता शक्ति प्रदर्शन करते रहे। दोनों ओर से नारेबाजी होती रही। दोनों पक्षों के बीच गहमागहमी और नोकझोंक से माहौल गरमा गया। हालांकि पुलिस ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे के करीब नहीं आने दिया। करीब दो घंटे तक यहां नारेबाजी के बाद भाजपा कार्यकर्ता लौट आए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे गलत भाषा बोल रहे हैं। कांग्रेस अब राजनीतिक दल के बजाय माफिया गैंग बन गया है। कांग्रेस पर वैचारिक दिवालियापन हावी हो चुका है। देश की जनता इस तरह की अशोभनीय राजनीति को करीब से देख रही है। समय आने पर जनता इसका जवाब देगी। भाजपा नेताओं ने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादा और सम्मान से समझौता स्वीकार नहीं है। पीएम मोदी के दिवंगत पिता के प्रति की गई टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा और सार्वजनिक जीवन की गरिमा से जुड़ा है। कांग्रेस लगातार मर्यादा का उल्लंघन करती रही है। उन्होंने कहा कि खरगे इसके लिए माफी मांगे। बैरिकेडिंग के पास डटे थे कांग्रेसी, कहा-हम डरने वाले नहीं प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के नेता-कार्यकर्ता लाठियां लेकर बैरिकेडिंग के पास जमा थे। उन्होंने कहा कि वे डरने वाले नहीं हैं। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री से जुड़े ‘50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’ और ‘कांग्रेस की विधवा’ जैसे बयानों को लेकर सवाल उठाना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है। पीएम के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना राजनीतिक साहस और विपक्ष का सवाल उठाना अपराध, यह दोहरा मापदंड कब तक चलेगा। भाजपा को बताना चाहिए कि जब विपक्ष के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल होता है, तब उसकी नैतिकता कहां सो जाती है। कांग्रेस उसी भाषा पर सवाल उठाती है तो भाजपा को मिर्ची क्यों लगती है। कांग्रेस की टिप्पणी अशोभनीय, यह हताशा का प्रतीक : बाबूलाल नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खरगे की टिप्पणी अशोभनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रधानमंत्री की नीतियों की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन उनके दिवंगत पिता को घसीटना और उनपर इस तरह की अशोभनीय टिप्पणी करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। कांग्रेस की इस हरकत से पूरे देश में आक्रोश है। इसके पहले भी प्रधानमंत्री की मां को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की गई थी। दरअसल कांग्रेस 12 साल से केंद्र और कई राज्यों में सत्ता से बाहर है। यह कांग्रेस की इसी हताशा-निराशा का प्रतीक है।
झारखंड हाईकोर्ट सख्त:वकील अनुष्का मौत मामले की जांच अब डीएसपी रैंक के अधिकारी करेंगे
हजारीबाग की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत के मामले में अब डीएसपी रैंक के वरिष्ठ अधिकारी अनुसंधान करेंगे। सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अंडरटेकिंग देकर यह जानकारी दी। पहले मामले की जांच एसआई कर रहे थे। जस्टिस रंगोन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने जांच में तेजी लाने और अगली सुनवाई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को सुबह 11:30 बजे होगी। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अनुष्का की मौत को संदिग्ध बताते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई। प्रार्थी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि घटना के तीन घंटे के भीतर मृतका का दो बार पोस्टमार्टम कराया गया था। इससे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मृतका का पैर जमीन को छू रहा था। शरीर पर चोट के निशान थे। -शेष पेज 13 पर पति की गिरफ्तारी के लिए रांची में कैंडल मार्च अनुष्का की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी पति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को रांची में कैंडल मार्च निकाला गया। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाले गए इस मार्च में परिजन और झारखंड मानवाधिकार संघ के सदस्य शामिल हुए। उन्होंने आरोपी पति को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की।
पर नियमावली नहीं, काम अटका झारखंड के विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा की व्यवस्था बदलने के लिए नया कानून लागू कर दिया गया, लेकिन उसे जमीन पर उतारने वाले नियम-परिनियम अब तक नहीं बने हैं। झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 को 28 अप्रैल को लागू किया गया था। 27 अक्टूबर को इसके लागू होने के छह महीने पूरे हो जाएंगे। इसके बावजूद नियुक्ति, प्रोन्नति, सेवा शर्तों, प्रशासनिक निकायों और शिकायत निवारण की व्यवस्था को व्यावहारिक रूप से लागू करने के लिए जरूरी परिनियम विश्वविद्यालयों को नहीं भेजे गए हैं। इससे नए कानून के प्रावधानों को लागू करने का रास्ता स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। पांच बड़ी समस्याएं, जिनका समाधान परिनियमों में 1 प्रोन्नति की प्रक्रिया: विश्वविद्यालयों में शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित पात्रता पूरी करने के बाद प्रोन्नति के लिए आवेदन करते हैं। इसमें सेवा अवधि, शैक्षणिक उपलब्धियों, कार्य मूल्यांकन और अन्य मानकों की जांच होती है। नई व्यवस्था में इन प्रक्रियाओं को अधिनियम के अनुरूप चलाने के लिए स्पष्ट परिनियम जरूरी हैं। असर... निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बाद प्रोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों और कर्मचारियों के मामले प्रभावित हो सकते हैं। देरी से पदनाम, वेतनमान और करियर में प्रगति पर असर पड़ सकता है। 2 नई नियुक्तियां: नए अधिनियम में विश्वविद्यालयों के अफसरों, शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए विश्वविद्यालय सेवा आयोग की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य नियुक्तियों के लिए संस्थागत ढांचा तैयार करना है। हालांकि, आयोग के गठन के साथ उसके संचालन, अधिकार क्षेत्र, सदस्यों की नियुक्ति और चयन प्रक्रिया को भी स्पष्ट करना होगा। असर: शिक्षकों के 60% रिक्त पदों को भरना बुनियादी जरूरत है। पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से कक्षाओं, शोध निर्देशन, विद्यार्थियों के मूल्यांकन और विभागीय गतिविधियों पर दबाव बढ़ सकता है। 3 सेवा शर्तें और स्थानांतरण: नया अधिनियम विश्वविद्यालयों के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों से जुड़ी व्यवस्था में भी बदलाव करता है। इसके तहत राज्य सरकार को पद सृजन, वेतन निर्धारण, स्थानांतरण और प्रतिनियुक्ति जैसे विषयों पर अधिकार दिए गए हैं। इन प्रावधानों को लागू करने में परिनियमों की अहम भूमिका होगी। असर: नियुक्ति की प्रक्रिया, पदस्थापन, स्थानांतरण की परिस्थितियों और प्रतिनियुक्ति के लिए जरूरी अनुमति जैसे सवालों का जवाब परिनियमों से ही स्पष्ट होगा। 4 विश्वविद्यालयों के बोर्ड और समितियां : विश्वविद्यालयों के विभिन्न बोर्डों, समितियों और संस्थागत निकायों की संरचना और कार्यप्रणाली परिनियमों से स्पष्ट होगी। अधिनियम में प्रशासनिक, शैक्षणिक और वित्तीय अधिकारों से जुड़े प्रावधान हैं। इन्हें व्यवहार में लागू करने के लिए संबंधित परिनियम जरूरी हैं। असर: बोर्ड-समितियां शैक्षणिक नीतियों, पाठ्यक्रम, प्रशासनिक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके प्रभावी संचालन के लिए सदस्यों के चयन, बैठक बुलाने की प्रक्रिया और अधिकार स्पष्ट होने चाहिए। 5 शिकायतों का निपटारा : विश्वविद्यालयों में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की शिकायतों के निपटारे के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। नए अधिनियम में शिकायत निवारण से जुड़ी समितियों और न्यायाधिकरण की व्यवस्था का प्रावधान है। इनके गठन और संचालन की प्रक्रिया स्पष्ट करने के लिए भी संबंधित परिनियमों की जरूरत होगी। असर: परिनियम नहीं होने से यह स्पष्ट नहीं होगा कि शिकायत कहां दर्ज कराई जाए, किस प्राधिकारी को उस पर विचार करने का अधिकार होगा, संबंधित पक्षों को पक्ष रखने का अवसर कैसे मिलेगा और शिकायत के निपटारे की समय-सीमा क्या होगी।
हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने के लिए चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी। केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पहले चरण में टाटानगर से हावड़ा को चौथी लाइन से जोड़ने की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इस व्यस्त रेलमार्ग पर अतिरिक्त लाइन बनने से ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। वे सोमवार को टाटानगर-खातीपुरा एक्सप्रेस के ऑनलाइन उद्घाटन के दौरान संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रेलवे देश में आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1,300 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। बड़े और व्यस्त स्टेशनों के आसपास उपग्रह स्टेशन भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि नई ट्रेनें चलाई जा सकें। उन्होंने बताया कि टाटानगर से जयपुर के लिए ट्रेन चलाने की मांग करीब 10 साल से हो रही थी। जयपुर स्टेशन पर अधिक व्यस्तता और पुनर्विकास कार्य के कारण यह सेवा शुरू नहीं हो पा रही थी। खातीपुरा में उपग्रह स्टेशन तैयार होने के बाद अब यह ट्रेन शुरू की गई है। रेलमंत्री ने बताया कि झारखंड में गोविंदपुर, गोड्डा, लोहरदगा, रामगढ़ और मुरी में नए स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं, टाटानगर स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। स्टेशन के पुनर्विकास और नई रेल लाइन जैसी योजनाओं से क्षेत्र में रेलवे की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है। गंगासागर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांगकार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने गंगासागर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग रखी। फिलहाल कोलकाता के सियालदह स्टेशन से दक्षिण शाखा की लोकल ट्रेन से काकद्वीप या नामखाना जाना पड़ता है। नामखाना गंगासागर पहुंचने के लिए अंतिम रेलवे स्टेशन है। इसके आगे रेल संपर्क उपलब्ध कराने की मांग की गई। शुभेंदु अधिकारी ने हावड़ा, लिलुआ और खड़गपुर के रेलवे डिपो का विस्तार करने, उन्हें आधुनिक बनाने और रेल कारखाना स्थापित करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकेंगे। ... खड़गपुर से झारसुगुड़ा तक चौथी लाइन को मिल चुकी है स्वीकृति हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग पर खड़गपुर से झारसुगुड़ा तक 367 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन बनाने की मंजूरी रेल मंत्रालय पहले ही दे चुका है। इस परियोजना पर 6,528 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह रेल लाइन पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के आठ जिलों से होकर गुजरेगी। इसमें पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस रेलखंड पर परिचालन का दबाव अधिक है। यहां रेल क्षमता का उपयोग 118% तक पहुंच चुका है। चौथी लाइन बनने से ट्रेनों के आवागमन में सहूलियत मिलेगी और रेलमार्ग पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के परिचालन में सुधार की उम्मीद है।
चार्जशीट में खुलासा:श्वेता ने लीक किया था जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी का रिजल्ट
267 अभ्यर्थियों की सूची में बिहार के 146, यूपी के 82 और हरियाणा के 14 अभ्यर्थियों के नाम, टीडीपीएल कर्मचारी के वॉट्सएप पर भेजी गई थी सूची जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी में धांधली की परतें लगातार खुल रही हैं। सीआईडी की चार्जशीट से चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। चार्जशीट के मुताबिक पीटी का रिजल्ट आधिकारिक तौर पर जारी होने से पहले ही लीक हो गया था। जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता ने यह रिजल्ट परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के कर्मचारी उस्मान को वॉट्सएप पर भेज दिया था। इसमें 267 अभ्यर्थियों की सूची थी, जिनमें बिहार के 146, उत्तर प्रदेश के 82 और हरियाणा के 14 सफल अभ्यर्थियों के नाम थे। सीआईडी की 97 पन्नों की चार्जशीट में 14 पन्ने केवल 82 प्रकार की जब्ती सूची (सीजर लिस्ट) से भरे हैं। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा मामला परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज, ओएमआर शीट और अधिकारियों व सिंडिकेट के बीच हुए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के तकनीकी विश्लेषण पर आधारित है। सीआईडी ने कहा है कि रिजल्ट लीक करने और ओएमआर में हेराफेरी करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों और बिचौलियों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जानिए...चार्जशीट में सीआईडी ने क्या-क्या खुलासे किए स्ट्रॉन्ग रूम से मिली बिना सील ओएमआर शीट...सीआईडी के मुताबिक जेपीएससी के स्ट्रॉन्ग रूम में 14वीं सिविल सेवा पीटी की बिना सील ओएमआर शीट और उसका वीडियो फुटेज मिला है। वहीं टीडीपीएल के लालपुर स्थित अवैध दफ्तर से सर्वर और हार्ड डिस्क बरामद हुआ है। डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने के भी सबूत मिले हैं। तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांगते का आईफोन आई-डेस्टिनी स्टोर में फॉर्मेट कराया गया और उनके घर से डेल का एक टूटा लैपटॉप भी मिला। जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एफएसएल जांच के लिए भेजे गए...जांच एजेंसी के मुताबिक रैकेट के मुख्य सूत्रधार अभय कुमार तिवारी के पास से 5.50 लाख रुपए, लैपटॉप व मोटोरोला का फोन मिला है। उसके द्वारा संचालित प्रकाश रेसिडेंसी और सागर पैलेस के आईडीएफसी बैंक खातों की केवाईसी व वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं। सह अभियुक्त धर्मेंद्र कुमार को बुलेट बाइक खरीदने के लिए दी गई रकम, टीडीपीएल कर्मियों के एयर टिकट और अधिकारियों के परिजनों की यात्राओं के भुगतान को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाए गए हैं। जब्त उपकरणों को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है। ख्यांगते के अध्यक्ष बनते ही शुरू हो गई थी मनमानी...चार्जशीट के मुताबिक ख्यांगते ने अध्यक्ष का पदभार संभालते ही नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया था। इसमें उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और गोपनीय शाखा के कर्मचारी सोनू कुमार मुख्य सहयोगी की भूमिका में थे। तत्कालीन सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य के निजी सहायक ब्रज कुमार राम ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी बिंसिस को काम दिलाने के लिए ख्यांगते के मिजोरम स्थित घर पर 2.50 लाख रुपए पहुंचाए थे। ख्यांगते व श्वेता के बीच 304 बार हुई थी बातचीत सीआईडी द्वारा विशेष अदालत में पेश किए गए कॉल डिटेल रिकॉर्ड में श्वेता गुप्ता और अन्य आरोपियों के बीच बातचीत का विस्तृत ब्योरा भी सामने आया है। जांच एजेंसी के मुताबिक यह बातचीत सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से परे संगठित तालमेल की ओर इशारा करती है। इस रिकॉर्ड के मुताबिक 7 जून 2025 से 15 जुलाई 2026 के बीच श्वेता गुप्ता और एल ख्यांगते के बीच 304 बार बातचीत हुई। वहीं श्वेता की टीडीपीएल के स्कैनिंग प्रभारी प्रदीप कुमार से 19 मार्च 2026 से 14 जुलाई 2026 के दौरान 74 बार बातचीत हुई। टीडीपीएल के कर्मचारी हेमंत वर्मा के साथ भी 16 जनवरी 2026 से 20 जुलाई 2026 के बीच 44 बार बातचीत की पुष्टि हुई है।
जनगणना 2027 के दूसरे चरण का काम 16 नवंबर से शुरू हो जाएगा। इसके लिए गणना प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। इस प्रशिक्षण शिविर में गणना प्रगणकों और सुपरवाइजरों को पढ़ाया जा रहा है कि भारत 1946 में आजाद हुआ था। जबकि देश के बच्चे-बच्चे को यह पता है कि स्वतंत्रता 15 अगस्त 1947 में मिली थी। यह गलती प्रगणकों को दी गई अनुदेश पुस्तिका में है। यह अकेली गलती नहीं है। पुस्तिका में दर्ज है कि भारत व पाकिस्तान के बीच 1964 में युद्ध हुआ था। इसके साथ ही बांग्लादेश की मुक्ति 1972 में हुई थी। जबकि सही तथ्य यह है कि भारत व पाकिस्तान के बीच युद्ध अप्रैल से सितंबर 1965 तक हुआ था और बांग्लादेश की मुक्ति 16 दिसंबर 1971 को हुई थी। सभी जनगणना प्रगणकों को जनसंख्या गणना के लिए अनुदेश पुस्तिका दी गई है। इसी के अनुसार उन्हें पढ़ाया जा रहा है। प्रगणकों को मिली इस किताब में कई गलतियां हैं। इसके पेज नंबर 49 पर यह गलतियां की गई हैं। सवाल यह है कि इतने बड़े कार्य के लिए जो पुस्तिका छपवाई गई, उसमें इतनी बड़ी गलती कैसे छप गई। इसे मिस प्रिंट भी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि हर घटना के साथ कोष्ठक में उसका वर्ष लिखा गया है और एक नहीं बल्कि तीन-तीन गलतियां की गई हैं। पूरी किताब में कितनी गलतियां होंगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इन गलतियों पर कोई प्रगणक खुलकर कुछ बोल नहीं रहा है लेकिन सभी प्रगणकों में इसकी खूब चर्चा है। जानिए इन तथ्यों की जरूरत जनगणना की किताब में क्यों पड़ी दरअसल इस बार जनगणना में नागरिक की आयु लिखना भी जरूरी है। नई पीढ़ी के लोगों को अपने जन्मतिथि के बारे में जानकारी है। लेकिन बुजुर्ग लोगों में से अधिकतर को इसकी जानकारी नहीं है। जिसके जन्मतिथि की जानकारी नहीं होगी, उसे इतिहास की प्रमुख घटनाओं के वर्ष के बारे में बताकर उसके अनुसार जन्म का वर्ष जानने का प्रयास होगा। यदि जन्म का वर्ष ज्ञात नहीं है और कुल आयु पता है तो उसे दर्ज करने को कहा गया है। इससे जन्मवर्ष खुद पता चल जाएगा। लेकिन उस परिस्थिति में जब न तो जन्मतिथि ज्ञात थी और न ही उम्र का पता था तो कुछ प्रश्नों के माध्यम से महीने व वर्ष का अनुमान लगाने को कहा गया है। ऐसे व्यक्ति से यह पूछना होगा कि उनके जन्म के समय कोई युद्ध हुआ था, बाढ़ आयी थी, कोई और आपदा थी, सरकार में बदलाव आया था, भूकंप था आदि। यदि इनमें से किसी बात का जिक्र वे करते हैं तो उससे उनकी उम्र का पता लग जाएगा। लेकिन उदाहरण के लिए जो ऐतिहासिक घटनाएं दी गई हैं, उनमें से तीन प्रमुख घटनाओं से जुड़े तथ्य गलत हें। इन तथ्यों को लेकर मतगणना स्थल पर खूब चर्चा रही। प्रगणकों में इस बात की चर्चा है कि यह गलती कहां से हुई। किताबें प्रगणकों तक पहुंच गईं, कोई चेक करने वाला नहीं था।
30 तक अधिकारियों के अवकाश पर लगाई रोक:तूफान सक्रिय, जिले में 28 और 29 को बारिश का ऑरेंज अलर्ट
भास्कर न्यूज | बालोद चक्रवाती तूफान अर्नब सक्रिय होेने की वजह से जिले मंे 28 और 29 अक्टूबर को बारिश होने का अनुमान लगाकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार की सुबह 8.30 बजे यह तूफान पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 580 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित था। तूफान आगे बढ़ने के बाद दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में भी बारिश होने की संभावना है। चक्रवाती तूफान के प्रभाव से जिले में 27 से 29 अक्टूबर तक भारी से अति भारी बारिश और तेज हवा चलने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने आदेश जारी किया है। कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार जिले में 27 से 30 अक्टूबर तक सभी कार्यालय प्रमुखों और विभागीय अधिकारियों- कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस दौरान कलेक्टर की अनुमति के बिना कोई भी अधिकारी- कर्मचारी अवकाश पर नहीं जा सकेगा। साथ ही मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक रहेगी। अपर कलेक्टर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संभावित खराब मौसम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए अधिकारी- कर्मचारियों की उपलब्धता जरूरी है इसलिए सभी कार्यालय प्रमुखों और विभागाध्यक्षों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की प्रतिलिपि जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदारों और जिला कार्यालय की संबंधित शाखाओं को भेजी गई है। खाड़ी में समुद्र गर्म व हवा में नमी इसलिए तूफान मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार अर्नब चक्रवात के सक्रिय होने की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में समुद्र का गर्म होना, हवा में नमी और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियां हैं। गर्म समुद्र से पानी का वाष्पीकरण बढ़ता है। इससे वातावरण में नमी और ऊर्जा मिलती है, जो चक्रवात को मजबूत बनाने में मदद करती है। इसके अलावा कई स्थितियों के एक साथ बनने से यह तूफान सक्रिय हुआ है।
करंट लगाकर ससुर की हत्या बहू और प्रेमी को मिली उम्रकैद
बालोद| जिला न्यायालय के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता उपाध्याय गौर ने डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम खड़ेनाडीह में मनोहर निर्मलकर की हत्या मामले में आरोपी गीता बाई निर्मलकर (30) और लेखराम निषाद (42) को उम्रकैद से दंडित किया। इस मामले में न्यायालय ने उपलब्ध सबूत और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर दो आरोपियों को दोषी ठहराया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत आजीवन कारावास तथा 100-100 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। धारा 61(2) के तहत भी आजीवन कारावास और 100 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं धारा 238 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और 100 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया। 17 जुलाई 2025 को ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि गांव में मनोहर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।
सिंचाई के लिए छोड़ा पानी, 12 साल में दूसरी बार एक माह में तांदुला का जलस्तर 8.50 फीट घटा
बालोद| एक माह में तांदुला बांध का जलस्तर 8.50 फीट कम हो चुका है। 26 सितंबर को ओवरफ्लो के बाद तांदुला बांध का जलस्तर 40 फीट पर पहुंच गया था। 26 अक्टूबर को जलस्तर 31.50 फीट था। 2014 से लेकर अब तक 12 साल में दूसरी बार ऐसी स्थिति बनी, जब 8.50 फीट पानी सिंचाई के लिए छोड़ा गया। इसके पहले 2018 में ऐसी स्थिति बनी थी। सिंचाई विभाग बेमेतरा डिविजन के ईई एचएल साहू ने बताया कि बेरला, दुर्ग क्षेत्र के किसानों की मांग पर 2119 क्यूसेक पानी छोड़ रहे हैं।
जिनकी मन्नत पूरी हुई वे आज चढ़ाएंगे मिट्टी के घोड़े
भास्कर न्यूज | बालोद जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम डेंगरापार में मंगलवार को देव दशहरा पर्व पर हरदेवलाल बाबा मंदिर में छत्तीसगढ़ सहित 4 प्रदेशों के लोग घोड़े की मूर्तियां चढ़ाने के लिए पहुंचेंगे। क्रॉस प्रक्रिया के तहत यहां भक्तों की मनोकामना पूरी कराने हर मंगलवार को मंदिर व ग्रामीण विकास समिति के 5 पंच प्रमुख अर्जी विनती करते हैं। आज भी यह प्रक्रिया सुबह से देर रात तक चलेगी। देव दशहरा के विशेष मौके पर यहां पहुंचकर श्रद्धालु देव दशहरा पर सुबह से देर शाम तक कतार में लगकर मिट्टी से बनी घोड़े की मूर्ति चढ़ाते हैं। मिट्टी के घोड़ों, पारंपरिक वाद्य और सेवा गीतों के बीच 300 साल पुरानी परंपरा को ग्रामीण निभाते आ रहे हैं। मंदिर समिति के अनुसार किसी के हाथ में मनोकामना पूरी होने की खुशी होगी तो कोई नई मन्नत लेकर बाबा के दरबार पहुंचेगा। सालभर प्रदेशभर के लोग यहां पहुंचते हैं। जिसके बाद मनोकामना पूरी होने पर घोड़े की मूर्ति चढ़ाते हैं। घोड़े की मूर्ति चढ़ाने का रिवाज निभाया जाता है। 15 गांव के ग्रामीण, बैगा देव दशहरा मनाकर बरसों पुरानी परंपरा निभाते है। डेंगरापार में रावण का पुतला दहन नहीं करते डेंगरापार में रावण का पुतला दहन नहीं कर 15 गांव के ग्रामीण लगभग 300 साल से देव दशहरा पर्व मनाकर परंपरा निभाते हुए घोड़े की मूर्ति चढ़ाते हैं। हरदेवलाल बाबा मंदिर में अनोखा दशहरा मनाने की परंपरा ग्रामीण बरसों से निभाते आ रहे हैं। जब से देव दशहरा शुरू हुआ है, तब से ही घोड़े की मूर्ति चढ़ाने का रिवाज भी शुरू हुआ है। जो अब तक जारी है। इस संबंध में किवदंती है कि यहां मांगी गई मनोकामना पूरी होने के बाद हरदेव लाल को उनकी सवारी यानी घोड़ा चढ़ाने के लिए भक्त यहां पहुंचते हैं।
28-29 को बारिश संभव, धान फसल पर संकट के बादल, किसान चिंतित हुए
कबीरधाम के वनांचल में किसान इन दिनों दोहरी चिंता से जूझ रहे हैं। खेतों में धान की कटाई शुरू हो गई है। 28 और 29 अक्टूबर को बारिश की संभावना ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। पोलमी, भेड़ागढ़ और कामठी क्षेत्र में कई खेतों में धान की फसल अब भी हरी और अधपकी खड़ी है। ऐसे में किसान असमंजस में हैं कि फसल पकने का इंतजार करें या मौसम बिगड़ने की आशंका के बीच कटाई की तैयारी तेज करें। जिन किसानों ने कटाई शुरू कर दी है, उन्हें कटी फसल को बारिश से बचाने की चिंता सता रही है। वनांचल में धान कटाई का काम धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। किसान खेतों में पहुंचकर फसल की स्थिति देख रहे हैं। कई खेतों में धान पकने लगा है और कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि कुछ खेतों में बालियां अभी हरी हैं। ऐसे में सभी खेतों में एक साथ कटाई संभव नहीं है। किसान फसल की स्थिति देखकर ही कटाई का फैसला ले रहे हैं। बारिश हुई तो कटी फसल को बचाने की चुनौती खेतों से धान काटने के बाद उसे सुखाना, मिंजाई करना और सुरक्षित रखना जरूरी होता है। बारिश होने पर खेत में रखी कटी फसल भीग सकती है। धान में नमी बढ़ने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा है।
पीजी कॉलेज में जिला स्तरीय चैंपियनशिप 3 नवंबर को
कवर्धा| विकसित भारत युवा संसद 2027 के तहत जिला स्तरीय युवा संसद चैंपियनशिप 3 नवंबर को शासकीय पीजी कॉलेज कवर्धा में होगी। मेरा युवा भारत और पीजी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में युवा एक राष्ट्र, एक चुनाव विषय पर अपने विचार रखेंगे। इसमें 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकेंगे। आयु की गणना के लिए 17 अगस्त 2026 कट-ऑफ तिथि निर्धारित है। प्रत्येक प्रतिभागी को बोलने के लिए तीन मिनट मिलेंगे। विषय की समझ, विचारों की स्पष्टता, संवाद शैली और समय-सीमा के आधार पर मूल्यांकन होगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अवसर मिलेगा। पोर्टल पर पंजीयन कराएं।
अर्थशास्त्र के मॉडल उत्तर पर दावा-आपत्ति 28 तक
कवर्धा| छग कर्मचारी चयन मंडल ने राज्य पात्रता परीक्षा (SET-26) के पेपर-II अर्थशास्त्र के मॉडल उत्तर अपनी वेबसाइट पर जारी कर दिए हैं। अभ्यर्थी मॉडल उत्तरों पर प्रमाण सहित दावा-आपत्ति 28 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक दर्ज करा सकते हैं। मंडल की वेबसाइट cgssb.cgstate.gov.in पर पंजीकृत मोबाइल नंबर, पासवर्ड से लॉगिन कर दावा-आपत्ति टैब में आवेदन करना होगा।
प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और जनसमर्थन से कांग्रेस असहज है
भास्कर न्यूज | कवर्धा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने सोमवार को सिग्नल चौक पर प्रदर्शन किया। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खरगे का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखने और प्रधानमंत्री पद की गरिमा का सम्मान करने की मांग की। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष स्तर के नेता की ओर से इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है। कांग्रेस के नेता लगातार प्रधानमंत्री और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रहे हैं। देश का युवा ऐसी राजनीतिक भाषा को स्वीकार नहीं करेगा। भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष पीयूष सिंह ने कहा कि कांग्रेस के नेता पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करते रहे हैं। प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और जनसमर्थन से कांग्रेस असहज है और इसी वजह से उसके नेता मर्यादा भूलकर बयान दे रहे हैं। लोकतंत्र में सरकार की आलोचना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक विरोध और व्यक्तिगत टिप्पणी के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है। पीयूष ने कांग्रेस नेतृत्व से बयान पर आत्ममंथन करने और जनता से माफी मांगने की मांग की। प्रदर्शन में भाजयुमो जिला महामंत्री अमित चंद्रवंशी, जिला उपाध्यक्ष सौरभ सिंह, अशवन साहू, नितिन चंद्रवंशी, अजय ठाकुर, सुदर्शन कुंभकार, योगेश चंद्रवंशी, सानू साहू, रिंकेश वैष्णव, राजेंद्र शर्मा, संजय मिश्रा, दीना मल्लाह, केसरी चंद सोनी, अनिल साहू मौजूद रहे।
कवर्धा में 28 अक्टूबर को जिला स्तरीय रोजगार मेला
कवर्धा| जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र की ओर से 28 अक्टूबर को जिला स्तरीय रोजगार मेला लगने जा रहा है। इसके लिए निजी प्रतिष्ठानों और संस्थाओं जैसे स्कूल, अस्पताल, कंप्यूटर संस्थान, बीमा, माइक्रो फाइनेंस, सेल्स, फैब्रिकेशन और सिक्योरिटी सहित अन्य क्षेत्रों के लिए भर्ती होगी। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के फोन नंबर 07741-299344 पर संपर्क कर सकते हैं।
कबड्डी के बहाने पहुंची पुलिस, 27 टीमों के बीच मुकाबले के साथ साइबर ठगी से बचने की सीख
ग्रामीण युवाओं को खेल से जोड़ने और गांवों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कबीरधाम पुलिस ने कबड्डी प्रतियोगिता को जनसंपर्क का माध्यम बनाया। रेंगाखार थाना क्षेत्र के ग्राम पंडरिया बहेराखार में दो दिन तक चले आयोजन में 27 टीमों ने हिस्सा लिया। मैदान में मुकाबले देखने 200 से अधिक ग्रामीण पहुंचे। विभिन्न गांवों से आई टीमों ने प्रतियोगिता में अपना दमखम दिखाया। इसी दौरान पुलिस ने खिलाड़ियों को खेल सामग्री दी और जन चौपाल लगाकर साइबर ठगी, यातायात नियमों और आपसी विवादों को कानूनी तरीके से सुलझाने की जानकारी दी। पुलिस की यह पहल खेल के जरिए ग्रामीणों और युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश है। सामुदायिक (कम्युनिटी) पुलिसिंग के तहत यह आयोजन किया गया। इससे पहले सीमावर्ती अन्य गांवों में भी पुलिस ने खेल के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने और ठगी से बचने जागरूक किया है। खैरागढ़ की टीम चैंपियन पंडरिया-सी दूसरे स्थान पर प्रतियोगिता में टीमों के बीच कड़े मुकाबले हुए। खैरागढ़ की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। पंडरिया-सी दूसरे, झलमला तीसरे और पंडरिया-बी चौथे स्थान पर रही। विजेता टीमों को सम्मानित किया गया। पुलिस ने खिलाड़ियों को खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिले और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले। संवाद करके गांव में शांति बनाए रखने में सहयोग मांगा पुलिस ने ग्रामीणों से जमीन और आपसी विवादों को कानून के दायरे में सुलझाने की अपील की। साथ ही किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल थाने में देने कहा। आयोजन में खेल सामग्री वितरण और जनचौपाल को एक साथ जोड़कर पुलिस ने ग्रामीणों से संवाद किया। इसका उद्देश्य युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्क करना रहा।
जिला स्तरीय युवा उत्सव 29 अक्टूबर को मनाएंगे
कवर्धा| खेल एवं युवा कल्याण विभाग जिला स्तरीय युवा उत्सव 29 अक्टूबर को सुबह 10 बजे शारदा संगीत कॉलेज कवर्धा में मनाएगा। इसमें युवा नौ विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। प्रतियोगिता में 15 से 29 वर्ष के प्रतिभागी और 18 से 40 वर्ष के संगतकार शामिल हो सकेंगे। विधाओं में विकसित भारत चैलेंज ट्रैक, लोक नृत्य, लोकगीत, चित्रकला, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक, क्रिएटिव यूथ रील चैलेंज, पारंपरिक वेशभूषा और रॉकबैंड शामिल हैं। रॉकबैंड प्रतियोगिता केवल राज्य स्तर पर होगी। प्रत्येक प्रतिभागी एक ही विधा में हिस्सा ले सकेगा।
नवरात्रि में पहाड़ की झांकी में लगे बारदाने ठंड से बचाएंगे गोवंश को
भास्कर न्यूज | कवर्धा नवरात्रि में झांकी का पहाड़ बनाने के लिए जिन बारदानों (बोरों) का इस्तेमाल किया गया था, पर्व खत्म होने के बाद वे बेकार पड़े थे। अब इन्हीं बोरों से रामा गोधाम बोड़ला में गोवंश को ठंडी हवा से बचाने का इंतजाम किया गया है। बोड़ला के युवाओं और गौसेवकों ने पुरानी सामग्री को फेंकने के बजाय दोबारा इस्तेमाल करने की पहल की। बीच पारा समिति से 2,200 रुपए में बोरे खरीदकर गोधाम के खुले शेड के खिड़की-दरवाजों पर पर्दे लगाए गए हैं। रविवार सुबह गौसेवकों ने करीब दो घंटे श्रमदान कर यह काम पूरा किया। ठंड के मौसम में मवेशी अब सुरक्षित रहेंगे। बोरों को फेंकने के बजाय इस तरह से सदुपयोग नवरात्रि के दौरान बीच पारा समिति ने झांकी में पहाड़ का दृश्य तैयार करने के लिए बोरों का इस्तेमाल किया था। पर्व खत्म होने के बाद इन बोरों को दूसरे काम में लगाने का विचार सामने आया। गौसेवक सोहन के सहयोग से समिति से ये बोरे 2,200 रुपए में खरीदे गए।
विभाग ने लगाया पिंजरा, बकरा बांधा, फिर भी नहीं पहुंचा तेंदुआ
कवर्धा शहर में तेंदुए की तलाश 48 घंटे से जारी है, लेकिन वन विभाग को अब तक उसका सुराग नहीं मिला है। मठपारा के लकड़ी टाल में शनिवार रात 11:16 बजे तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में दिखा था। इसके बाद वन विभाग ने कानन पेंडारी और बालोद से ट्रैप केज (पिंजरा) मंगाए। रविवार रात करीब 11:30 बजे लकड़ी टाल के पास पिंजरे में बकरा बांधकर रखा गया, लेकिन तेंदुआ उसमें नहीं फंसा। सोमवार सुबह वन अमले को पिंजरे में बकरा सुरक्षित मिला। इसके बाद पिंजरा हटाकर वन काष्ठागार (डिपो) में रख दिया गया। तेंदुए की तलाश में सबसे बड़ी परेशानी शहर के भीतर फैली घनी झाड़ियां हैं। मठपारा में तेंदुआ जहां कैमरे में दिखा था, उसके पास तालाब और उससे लगा पोखर है। इनके आसपास भी घनी झाड़ियां हैं। ऐसे में इन जगहों पर तेंदुए के छिपे होने की आशंका है। तेंदुए की तलाश के बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक तस्वीरें और वीडियो भी प्रसारित हो रहे हैं। कुछ पोस्ट में वास्तविक स्थान की तस्वीर के साथ एआई से बनाई या एडिट की गई तेंदुए की तस्वीर जोड़ी जा रही है। इससे लोगों में भ्रम फैल रहा है और वन विभाग, पुलिस तथा जिला प्रशासन को परेशानी हो रही है। वन विभाग के पास अपना भी एक लोहे का पिंजरा है, जो काष्ठागार में पेड़ के नीचे रखा हुआ है। यह पिंजरा जंग खा चुका है, पहिए जाम हैं। भोरमदेव अभयारण्य की अधीक्षक अनिता साहू ने बताया कि सोमवार को वन्यप्राणियों के रेस्क्यू के लिए नया पिंजरा मंगाया हैं। यह परिवहन में भी सुविधाजनक है।
एमपी के दो गांजा तस्करों को 3-3 साल का कठोर कारावास, जुर्माना
बाइक की सीट के नीचे 11.180 किलो गांजा छिपाकर मध्यप्रदेश के जबलपुर ले जा रहे दो आरोपियों को कवर्धा की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 3-3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) योगिता विनय वासनिक की अदालत ने दोनों पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक संदीप केशरी के अनुसार मामला 3 अगस्त 2024 का है। सजा पाने वालों में जैनेन्द्र सिंह चौधरी (38), पिता योगेश सिंह, निवासी शंकर वार्ड नरसिंहपुर और राज लोधी (19), पिता तेजबल, निवासी ग्राम पावला शामिल हैं। चिल्फी थाना प्रभारी ने कार्रवाई की थी।
चलती ईवी स्कूटी में अचानक लगी आग, कूदकर बचे 2 सवार
कवर्धा| कवर्धा में सोमवार को जगन्नाथ मंदिर के पास चलती ईवी स्कूटी में अचानक आग लग गई। स्कूटी में आग लगने का पता चलने पर उसमें सवार दो लोगों ने सूझबूझ दिखाई और कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में आग ने पूरी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। स्कूटी में आग लगने की घटना देखकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर जमा हो गए। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। आग लगने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।
एग्रीस्टैक की बाध्यता हटाने और पानी के लिए हुंकार
जांजगीर के कचहरी चौक में कृषक चेतना मंच के संयोजक स्व. ठा. राजशेखर सिंह की श्रद्धांजलि सभा के लिए जिलेभर से एकजुट हुए किसानों ने क्षेत्र की गंभीर कृषि समस्याओं को लेकर हुंकार भरी है। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम के माध्यम से कलेक्टर के नाम एक 9 सूत्रीय मांग पत्र ज्ञापन के रूप में सौंपा। किसानों का कहना है कि सरकार तत्काल नीतिगत दिशा-निर्देश जारी कर इन समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करे, ताकि अन्नदाताओं को आने वाले दिनों में भारी आर्थिक व तकनीकी परेशानियों का सामना न करना पड़े। कचेहरी चौक में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में कृषक जुटे। कार्यक्रम की शुरुआत कृषक चेतना मंच के संस्थापक व संयोजक स्व. ठा. राजशेखर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित किसान नेताओं ने कहा कि स्व. राजशेखर सिंह जीवनभर किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहे। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एग्रीस्टैक पोर्टल की बाध्यता हटाई नहीं गई और रबी फसलों के लिए सिंचाई के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो जिले का किसान आंदोलन के रास्ते पर चलने को बाध्य होगा।
पीएम पर कथित टिप्पणी के विरोध में भाजयुमो का प्रदर्शन, पुतला दहन किया
भास्कर न्यूज | जांजगीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने सोमवार को जांजगीर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष अम्बेश जांगड़े के नेतृत्व में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौक पर खड़गे का पुतला दहन कर कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री पद की गरिमा के सम्मान की मांग उठाई। भाजयुमो जांजगीर मंडल अध्यक्ष सोनू यादव सहित बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति भाषा की मर्यादा बनाए रखना प्रत्येक राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। प्रदर्शन के दौरान कचहरी चौक पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया और पुतला दहन कर कांग्रेस की कथित बयानबाजी के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गुलाब सिंह चंदेल, नंद चौधरी, नंदिनी राजवाड़े, धनंजय सिंह, आशुतोष गोस्वामी, रजनी सत्तू साहू, पंकज अग्रवाल, लक्ष्मी चंद देवांगन, पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, राकेश रूपवानी, अनिल शर्मा, पुष्पेंद्र निर्मलकर, देवव्रत उपाध्याय, संतोषी सिंह, दिग्विजय सिंह, अभिषेक पांडे, ललित कश्यप, शिव चमन सिंह ठाकुर, दिनेश राठौर, छबि कश्यप, रोहित कुलदीप यादव, कमल राठौर, चुनीलाल राठौर, गोलू दूबे, प्रदीप राठौर, गजेंद्र सिंह, मनोज सोनवानी, निहाल व अन्य शामिल रहे।
करियर काउंसलिंग, विद्यार्थियों को दिया मार्गदर्शन
भास्कर न्यूज | जांजगीर गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, जांजगीर में शनिवार को करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के विभिन्न विकल्पों, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों और भविष्य की करियर संभावनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सही विषय और पाठ्यक्रम चुनने में मार्गदर्शन देना तथा उनके भविष्य की योजनाओं को स्पष्ट दिशा प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में पारुल विश्वविद्यालय, वडोदरा, एमिटी विश्वविद्यालय, आईटीएम विश्वविद्यालय, के.के. मोदी विश्वविद्यालय और कलिंगा विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि शामिल हुए। पारुल विश्वविद्यालय की ओर से प्रदीप गुप्ता, एमिटी विश्वविद्यालय से अजीत सिंह और अनुज शुक्ला, आईटीएम विश्वविद्यालय से सुरेश कुमार साहू और मिथलेश कुमार ध्रुव, के.के. मोदी विश्वविद्यालय से मोहसिन खान तथा कलिंगा विश्वविद्यालय से राशि टाटिया ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संस्थानों के पाठ्यक्रमों, शैक्षणिक सुविधाओं, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धा के दौर में केवल अच्छे अंक प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों के लिए अपनी रुचि, क्षमता और प्रतिभा को पहचानना जरूरी है। इन्हीं आधार पर सही करियर का चयन करने से भविष्य में अवसर मिल सकते हैं। विशेषज्ञों ने विषय चयन, पाठ्यक्रमों की उपयोगिता, व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
पुनारद बने मां शीतला सेवा समिति के नए कोषाध्यक्ष
मां शीतला हरदेव लाल सेवा समिति में पुनारद साहू को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। समिति अध्यक्ष पूरन लाल साहू की अनुशंसा पर उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई। सदस्यों ने उम्मीद जताई कि वे अपनी जिम्मेदारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन करेंगे और समिति की आर्थिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के साथ धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
मरकाडीह में आज से 6 नवंबर तक अखंड नवधा रामायण
जांजगीर| जिले के ग्राम मरकाडीह भाठापारा धुरकोट में नवयुवक नवधा रामायण सेवा समिति 31वें वर्ष अखंड नवधा रामायण का आयोजन कर रही है। शुरुआत मंगलवार, 27 अक्टूबर को कलश यात्रा से होगी। समापन 6 नवंबर को हवन होगा। आयोजन में मानस मंडलियां रामायण पाठ करेंगी। भजन-कीर्तन होगा। भगवान राम के आदर्शों का गुणगान होगा। मानस मंडलियों के लिए प्रतियोगिता भी रखी गई है। चयन 27 अक्टूबर से 4 नवंबर तक होगा। फाइनल मुकाबला 5 नवंबर को होगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मंडलियों को प्रथम पुरस्कार 15,001 रुपए मिलेगा। द्वितीय पुरस्कार 13001 रुपए होगा। तृतीय पुरस्कार 11001 रुपए होगा। अलग-अलग श्रेणियों में भी पुरस्कार दिए जाएंगे।
39.41 लाख के काम में 46 बिजली खंभे बिना शिफ्ट किए निर्माण शुरू
भास्कर न्यूज | जांजगीर शहर में बीटीआई चौक नहर पुल से खोखसा ओवरब्रिज तक सड़क पर डिवाइडर का निर्माण शुरू हो गया है। योजना और मौके की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। काम का मकसद यातायात व्यवस्थित करना है। सड़क हादसों पर रोक लगाना है। कई जगह ऐसी स्थिति दिख रही है, जो आगे चलकर राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बन सकती है। नहर पुल से मॉल तक करीब 50 मीटर के दायरे में दो मिडिल कट बनाए जा रहे हैं। करीब 1.31 किमी लंबे मार्ग पर सड़क किनारे करीब 46 बिजली के खंभे हैं। इन्हें शिफ्ट किए बिना ही निर्माण शुरू कर दिया गया। कई जगह खंभों के साथ ट्रांसफार्मर भी लगे हैं। पेड़ों के ठूंठ भी नहीं हटाए गए हैं। डिवाइडर बनने के बाद सड़क की उपयोगिता, वाहनों की आवाजाही, सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। दो साल पहले डीएमएफ मद से सड़क के दोनों ओर सीसी रोड बनाकर चौड़ाई बढ़ाई गई थी। इसके बाद भी सुबह और शाम इस मार्ग पर यातायात का दबाव रहता है। अब सड़क के बीच डिवाइडर बनाया जा रहा है। मिडिल कट की संख्या, उनकी स्थिति, बिजली के खंभों की मौजूदगी को ध्यान में रखकर निर्माण नहीं हुआ, तो वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। बीटीआई चौक से खोखसा आरओबी तक का मार्ग चांपा शहर, जिला अस्पताल, कलेक्ट्रेट की ओर आने-जाने वालों के लिए अहम है। सड़क के आसपास अस्पताल, मैरिज हॉल, ऑटो सेंटर, शोरूम, शॉपिंग मॉल, पेट्रोल पंप, होटल, दुकानें चलती हैं। यहां आने वाले वाहनों को सड़क पर प्रवेश, बाहर निकलने के लिए जगह चाहिए। मिडिल कट का स्थान सही नहीं रहा, बिजली के खंभे सड़क की चौड़ाई घटाते रहे, तो पीक आवर्स में दबाव बढ़ सकता है। सुबह-शाम जाम लग सकता है। बीटीआई चौक नहर पुल से खोखसा आरओबी तक 1310 मीटर में डिवाइडर और आरसीसी नाली का निर्माण होना है। प्रारंभिक निविदा राशि 50.88 लाख रुपए रखी गई थी। अनुबंधित लागत 39.41 लाख रुपए तय हुई। ठेका बिलासपुर के विनोद कुमार मित्तल को मिला है। कार्यादेश 9 जुलाई 26 को जारी हुआ। समय-सीमा 120 दिन रखी गई है। निर्माण पूरा होने के बाद पांच साल तक गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी अनुबंध के अनुसार ठेकेदार की तय की गई है। लोक निर्माण विभाग, चांपा संभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, ठेकेदार को 9 जुलाई को कार्य प्रारंभ करने का आदेश जारी किया गया था। अनुबंध के मुताबिक कार्यादेश मिलने के बाद निर्माण स्थल पर जरूरी मशीनरी और श्रमिकों की व्यवस्था कर काम शुरू किया जाना था। निर्माण पूरा करने के लिए चार महीने यानी 120 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। हालांकि, काम शुरू होने में देरी हुई है। अब निर्माण के दौरान बिजली के खंभों और मिडिल कट की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में तय समय-सीमा में काम पूरा करने के साथ सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर ध्यान देना भी जरूरी है। यातायात प्रभारी उदयन बेहार ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर के साथ उन्होंने रविवार को डिवाइडर को देखा है। जहां माल के सामने जहां कट छोड़ा है, उससे वाहन के क्रॉस होने से हादसे का डर है। ऐसे में सब इंजीनियर को वहां जगह नहीं छोड़ने कहा है। दैनिक भास्कर की टीम ने सोमवार को बीटीआई चौक नहर पुल से खोखसा आरओबी तक सड़क की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर बिजली के खंभे सड़क के काफी नजदीक दिखाई दिए। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सामने ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। शंकर नगर कॉलोनी के आसपास पुराने बिजली के खंभे भी सड़क के करीब हैं। नहर पुल के पास केरा रोड की ओर जाने वाले मोड़ पर भी खंभा मौजूद है। ऐसे में डिवाइडर निर्माण पूरा होने से पहले बिजली के खंभों की स्थिति, मिडिल कट की उपयोगिता और वाहनों की सुरक्षित आवाजाही का आकलन करना जरूरी है। जहां जगह छोड़ी, वह हादसे का कारण बन सकता है: बेहार देरी से शुरू हुआ था निर्माण काम में नियमों की अनदेखी बीटीआई चौक-खोखसा ओवरब्रिज तक कई जगह परेशानी
कागजों में भोरा तालाब का गहरीकरण, मौके पर सिर्फ चूने की लाइन
भास्कर न्यूज | जांजगीर ग्रामीण इलाकों में जल संरक्षण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रहे है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ताजा मामला ग्राम पंचायत भुईगांव का है, जहां भोरा तालाब में चल रहे मिट्टी खुदाई कार्य में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और गुणवत्ता से समझौते के गंभीर आरोप सामने आए हैं। तालाब में निर्धारित मापदंडों को ताक पर रखकर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गड़बड़ी के आरोपों पर जब पंचायत के मुख्य स्तंभों से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी मढ़कर अपना पल्ला झाड़ लिया। स्थानीय स्तर पर मिल रही शिकायतों के मुताबिक, भोरा तालाब की खुदाई में तकनीकी मानकों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। तालाब को निर्धारित गहराई तक खोदने के बजाय केवल ऊपरी सतह से हल्की-हल्की मिट्टी निकालकर कार्य पूरा दिखाया जा रहा है। जलभराव क्षमता बढ़ाने के लिए लंबाई, चौड़ाई और गहराई का जो स्वीकृत पैमाना होता है, उसे पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। कार्यस्थल का नियमित मूल्यांकन न किए जाने के कारण ठेका पद्धति की तरह काम कराया जा रहा है, जो मनरेगा नियमों के सख्त खिलाफ है। 1. स्थल निरीक्षण और खुदाई की वास्तविक माप: तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर तालाब की खुदाई की वास्तविक गहराई, लंबाई और चौड़ाई का मापन करे। साथ ही, स्वीकृत प्राक्कलन और नक्शे के अनुसार मिट्टी की खुदाई हुई है या नहीं, इसकी जांच की जाए। 2. माप पुस्तिका का मिलान: उप अभियंता द्वारा माप पुस्तिका में दर्ज खुदाई की मात्रा का मौके पर किए गए वास्तविक कार्य से मिलान किया जाए। रिकॉर्ड और भौतिक माप में अंतर मिलने पर उसकी जांच की जाए। 3. मजदूर उपस्थिति एवं मस्टर रोल: मनरेगा पोर्टल पर दर्ज मजदूरों की दैनिक उपस्थिति का वास्तविक कार्यस्थल पर काम करने वाले मजदूरों की संख्या से मिलान किया जाए। साथ ही, फर्जी हाजिरी या अनियमित उपस्थिति दर्ज किए जाने की आशंका की जांच हो। 4. भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की स्क्रूटनी: मस्टर रोल, मजदूरी भुगतान के रिकॉर्ड और कार्य की प्रगति से संबंधित प्रमाणों का सत्यापन किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि भुगतान वास्तविक उपस्थिति और किए गए कार्य के अनुरूप हुआ है। 5. कार्ययोजना की वैधता: यह सत्यापित किया जाए कि तालाब खुदाई का कार्य ग्राम पंचायत की अनुमोदित विकास योजना (जीपीडीपी) में शामिल है या नहीं। भुईगांव के भोरा तालाब में मनरेगा के तहत चल रहे मिट्टी खुदाई कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवालों के बीच जिम्मेदारों के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। सरपंच उर्मिला केवट ने कहा कि तालाब खुदाई के कामकाज की पूरी जानकारी रोजगार सहायक को होगी। वहीं, रोजगार सहायक शांति देवी पंकज ने कहा कि सारा काम सरपंच के कहने पर हो रहा है और बाकी जानकारी वही दे पाएंगी। दोनों के बयानों से कार्य की निगरानी और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन 5 बिंदुओं पर टिकी है जांच की सुई ग्राम सरपंच और रोजगार सहायक आमने-सामने
100 का नकली नोट देते पकड़ाए 2 युवक
हसौद क्षेत्र के बजरंग चौक में शुक्रवार 23 अक्टूबर की शाम करीब 7.30 बजे एक डेलीनीड्स दुकान पर नकली नोट चलाने की कोशिश का मामला सामने आया है। दुकान संचालक को नोट पर संदेह होने के बाद स्थानीय लोगों ने दो युवकों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। युवकों के पास से 1100 रुपए के संदिग्ध नकली नोट मिलने का दावा किया गया है। हालांकि, थाना प्रभारी ने इस संबंध में जानकारी होने से इनकार किया है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक होंडा एक्टिवा (सीजी 13 एजे 9089) से पहुंचे थे। उन्होंने गोड़धोवा तालाब के पास स्कूटी खड़ी की और बजरंग चौक स्थित दुकान से 20 रुपए का बिस्कुट खरीदा। भुगतान के लिए 100 रुपए का नोट देने पर दुकानदार को उसके कागज और लिखावट पर संदेह हुआ। जांच करने पर नोट नकली होने की आशंका जताई गई। इसके बाद मौके पर भीड़ जुट गई और लोगों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया। तलाशी में 500 रुपए के दो और 100 रुपए का एक नोट मिलने की बात कही गई है। इस तरह कुल 1100 रुपए के संदिग्ध नोट बरामद होने का दावा है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पकड़े गए युवक सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर कहरापारा के निवासी बताए गए हैं। आरोप यह भी है कि पुलिस ने कुछ ही घंटों में उन्हें छोड़ दिया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। थाना प्रभारी विंटन साहू ने बताया कि शुक्रवार को वे क्षेत्र में हुए हत्या के मामले में व्यस्त थे। उन्हें नकली नोट के साथ युवकों के पकड़े जाने की जानकारी नहीं है। ऐसे में मामले में पुलिस की कार्रवाई और संदिग्ध नोटों की जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
शहर की सड़कों पर काला धुआं उगल रहे अनफिट वाहन, राहगीर परेशान
जांजगीर | शहर के अंदर अनफिट वाहन बेखौफ फर्राटे भर रहे हैं। सोमवार की सुबह शारदा चौक से नेताजी चौक की ओर जा रही एक बड़ी गाड़ी से भारी मात्रा में काला धुआं निकलता दिखाई दिया। गाड़ी के पीछे चल रहे दोपहिया वाहन चालकों और अन्य राहगीरों को इस धुएं के बीच से गुजरने पर मजबूर होना पड़ा। सड़क पर पूरी तरह फैले इस काले धुएं के कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहनों से निकलने वाले धुएं में मौजूद हानिकारक प्रदूषक तत्व सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ा सकते हैं, और लंबे समय तक इस प्रकार के प्रदूषण के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
कॉलेज में चला नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम
मालखरौदा | कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा, नवा रायपुर के निर्देश पर शासकीय वेदराम महाविद्यालय में छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान एवं भारत माता वाहिनी योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराकर नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा। मुख्य वक्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मालखरौदा के आयुष मेडिकल अधिकारी डॉ. लक्ष्मीनारायण कुर्रे ने नशे की लत से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान बताए और विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. यू.एन. जायसवाल ने की। डॉ. कौशिल्या मैत्री ने कहा कि नशा स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ परिवार की खुशहाली और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। राजकुमार कुर्रे ने विद्यार्थियों से समाज में जागरूकता अभियान का संदेशवाहक बनने की अपील की। लेखराम कोसरिया ने मानसिक स्वास्थ्य पर नशे के दुष्प्रभाव बताए, वहीं डॉ. योगेश प्रसाद बघेल ने युवाओं को खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने की सलाह दी। ज्योति नेताम ने नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक प्रयासों और महिला संगठनों की भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वासुदेव एक्का ने किया। क्रीड़ा अधिकारी रूपेश आदित्य सहित शिक्षक-कर्मचारी मौजूद रहे।
बाबूलाल डनसेना महासभा के आजीवन सदस्य नियुक्त
मालखरौदा| भारतीय कलचुरी जायसवाल समवर्गीय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार राय ने ग्राम छपोरा के बाबूलाल डनसेना को आजीवन सदस्य बनाया। बाबूलाल डनसेना 1966 से भाजपा से जुड़े हैं। वे पिछले 40 साल से जायसवाल कलार समाज से जुड़े हैं। समाज के आर्थिक विकास और उत्थान के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इसी काम के आधार पर उन्हें सामाजिक दायित्व में आजीवन सदस्य बनाया गया। बाबूलाल डनसेना ने कहा कि समाज को नई दिशा देने के लिए आगे रहकर काम करने की पूरी कोशिश करेंगे। यही उनका उद्देश्य है।
राधा वल्लभ मंदिर में शरद पूर्णिमा पर भजन-कीर्तन
नगर पंचायत नरियरा में शरद पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। श्री राधा वल्लभ मंदिर परिसर में रात्रि जागरण का आयोजन हुआ, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की आराधना और मां लक्ष्मी का पूजन किया गया। शास्त्रीय संगीत साधकों की प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन गूंजते रहे। इस दौरान महिला, पुरुष और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शरद पूर्णिमा के अवसर पर पारंपरिक रूप से दूध और चावल से खीर तैयार की गई और उसे खुले आसमान के नीचे चंद्रमा की चांदनी में रखा गया। बाद में श्रद्धालुओं ने खीर को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। मंदिर में आयोजित संगीत कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने राग-ताल के साथ भक्ति गीत प्रस्तुत किए। हारमोनियम, तबला, मंजीरा और खंजरी की संगत ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। राजकुमार साहू ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन से कार्यक्रम की शुरुआत की। उनकी प्रस्तुति कहरवा ताल में निबद्ध रही, जिसमें बजरंग राठौर ने तबले पर संगत दी। इसके बाद बसंत यादव ने राग पहाड़ी में ‘कान्हा रे कान्हा’ भजन प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में भी बजरंग राठौर ने तबले पर साथ दिया। आदित्य नारायण पाण्डेय ने ‘दुर्गे भवानी’ भजन सुनाकर मां दुर्गा की आराधना की। कार्यक्रम में तीनताल और कहरवा ताल की विविधता भी देखने को मिली। ‘मंद-मंद मुस्कनिया’ और ‘कन्हैया ले चल’ जैसे भक्ति गीतों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।

