...

झारखंड में बदला मौसम का मिजाज: रांची, धनबाद समेत 9 जिलों में मूसलाधार बारिश और वज्रपात का 'येलो अलर्ट', जानें IMD की बड़ी चेतावनी

झारखंड में मॉनसून की रफ्तार पकड़ते ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) रांची ने राज्य के 9 प्रमुख जिलों में भारी वर्षा, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली (वज्रपात/ठनका) गिरने की आशंका जताते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम का यह रुख बना रहेगा।इन 9 जिलों में बारिश और वज्रपात का सबसे ज्यादा खतरामौसम केंद्र रांची की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य की राजधानी रांची समेत आसपास के जिलों में घने बादलों का डेरा जमा हुआ है। विशेष रूप से रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग और चतरा जिलों में मौसम विभाग ने 'येलो अलर्ट' जारी कर आम जनता को सावधान रहने की ताकीद की है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने, निचले शहरी इलाकों में जलभराव होने और स्थानीय नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने का जोखिम जताया गया है।झारखंड के प्रमुख जिलों में तापमान और संभावित मौसमजिला (District)संभावित मौसम (Forecast)अधिकतम तापमान (C)न्यूनतम तापमान (C)रांची (Ranchi)मूसलाधार बारिश व वज्रपात29C23Cधनबाद (Dhanbad)भारी बारिश और तेज हवाएं31C25Cबोकारो (Bokaro)गरज-चमक के साथ वर्षा30C24Cजमशेदपुर (Jamshedpur)हल्की से मध्यम बौछारें32C26Cहजारीबाग (Hazaribagh)आंधी व मध्यम वर्षा28C22Cबंगाल की खाड़ी में बना चक्रवातीय सिस्टम: क्यों तेज हुई बारिश?मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) और ओडिशा-पश्चिम बंगाल सीमा पर चक्रवाती हवाओं की सक्रियता के चलते मॉनसून ट्रफ लाइन झारखंड के ऊपर से होकर गुजर रही है। इस मानसूनी तंत्र की वजह से वायुमंडल में भारी मात्रा में नमी आ रही है, जो स्थानीय स्तर पर बादलों के निर्माण को बढ़ावा दे रही है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के अनेक हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है।वज्रपात से जनहानि की आशंका: राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी की एडवाइजरीझारखंड में मॉनसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरना एक गंभीर चुनौती बन जाता है। हालिया मानसूनी दौर में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में ठनका गिरने से जान-माल के नुकसान की खबरें सामने आई हैं। इसे देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:बारिश या आंधी के समय किसान और मजदूर खेतों में खुले स्थानों पर रहने से बचें।किसी भी स्थिति में ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या धातु के ढांचों के नीचे शरण न लें।वज्रपात की गड़गड़ाहट सुनते ही किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर के अंदर चले जाएं।आंधी-पानी के दौरान बिजली के उपकरणों के इस्तेमाल से परहेज करें और गीली दीवारों से दूर रहें।किसानों और कृषि क्षेत्र पर मानसूनी बारिश का असरझारखंड में चालू मॉनसून सीजन में अब तक औसत से कम वर्षा दर्ज की जा रही थी। ऐसे में अगस्त के महीने में शुरू हुआ यह मानसूनी स्पैल राज्य के किसानों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है। धान की रोपनी (Paddy Sowing) का काम जो पानी की किल्लत की वजह से रुका पड़ा था, उसमें अब तेजी आने लगी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मानसूनी बारिश आगामी दिनों में भी इसी तरह जारी रहती है, तो सुखाड़ की आहट झेल रहे गढ़वा, पलामू और चतरा जैसे जिलों के खेतों को भी संजीवनी मिल जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Aug 2026 10:06 am